विकिपीडिया anpwiki https://anp.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.46.0-wmf.21 first-letter मीडिया विशेष वार्ता यूजर यूजर वार्ता विकिपीडिया विकिपीडिया वार्ता फाईल फाईल वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता मदद मदद वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता TimedText TimedText talk मोड्यूल मोड्यूल वार्ता Event Event talk कंप्यूटर 0 691 22886 22721 2026-03-30T23:41:27Z InternetArchiveBot 123 Rescuing 2 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 22886 wikitext text/x-wiki == ''' पीजीडीसीए कम्प्यूटर कोर्स क्या होता हैं? ''' == दोस्तों पीजीडीसीए कोर्स को जानने से पहले यह जान लेते हैं कि पीजीडीसीए का फुल फॉर्म क्या होता है। PGDCA का फुल फॉर्म Post Graduate Diploma in Computer Application होता हैं। PGDCA कोर्स एक ऐसा कोर्स होता हैं जिसे आप Graduation के बाद कर सकते है। यह कोर्स एक साल का पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा कोर्स होता हैं जिनमे दो सेमेस्टर होते है। दोस्तो PGDCA कोर्स को आप किसी भी स्ट्रीम यानी B.A, B.Sc, B.COM, B.Ca, B.Tech या किसी भी ग्रेजुएशन प्रोग्राम के बाद कर सकते हैं। PGDCA एक ऐसा [https://www.techcomputergyde.xyz/2024/01/Difference-Between-PGDCA-and-DCA-Course-in-Hindi.html ''' Read more'''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240130034509/https://www.techcomputergyde.xyz/2024/01/Difference-Between-PGDCA-and-DCA-Course-in-Hindi.html |date=2024-01-30 }} दोस्तों आपको जानकारी के लिए बता दें की PGDCA कोर्स करने के लिए न्यूनतम योग्यता तय की गई है। इस डिप्लोमा कोर्स को करने के लिए आप 10वी और 12वी पास होने के साथ-साथ आपका किसी भी फील्ड से 3 साल का ग्रेजुएशन कंप्लीट होना चाहिए। दोस्तो यदि आप भी [https://www.techcomputergyde.xyz/2024/01/Difference-Between-PGDCA-and-DCA-Course-in-Hindi.html '''Read more'''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240130034509/https://www.techcomputergyde.xyz/2024/01/Difference-Between-PGDCA-and-DCA-Course-in-Hindi.html |date=2024-01-30 }} [[फाईल:Computer home station.jpg|thumb|right|250px|घर में मेज पर रखा हुआ एक [[व्यक्तिगत संगणक| निजी संगणक]]]] संगणक]]]] == ''' डेटाबेस से आप क्या समझते हैं - (What is Database in Hindi)''' == दोस्तों आपको बता दे की डेटाबेस कई सारे डेटा का एक समूह होता है। इन डाटा को डेटाबेस में एक व्यवस्थित तरीके से स्टोर किया जाता है, ताकि जब भी जरूरत पड़ने पर इन्हें आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। इसके लिए किसी भी Software या प्रोग्राम का उपयोग किया जाता हैं। जिस तरह Microsoft office Excel में डाटा को स्टोर करने के लिए एक Table का उपयोग करते है जिसे हम [https://www.techcomputergyde.xyz/2024/01/Database-se-Aap-kya-Samajhte-Hain.html '''Read more'''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240120024912/https://www.techcomputergyde.xyz/2024/01/Database-se-Aap-kya-Samajhte-Hain.html |date=2024-01-20 }} == ''' बेसिक कंप्यूटर कोर्स में क्या क्या सिखाया जाता हैं '''== दोस्तों आपको बता दें कि इंडिया में कंप्यूटर से संबंधित कोर्सों की कमी नहीं है लेकिन जितने भी कंप्यूटर कोर्स है उन्हें Work और प्रयोग के आधार पर अलग अलग कैटेगरी में बाटा गया है। जिसमे से एक कोर्स BCC होता हैं जिसे आज के इस लेख में आप विस्तार से जानेंगे। दोस्तो BCC का पूरा नाम Basic Computer Course होता हैं। इस कोर्स को उन लोगो के लिए तैयार किया गया है। [https://www.techcomputergyde.xyz/2024/01/Basic-Computer-Course-Me-Kya-Kya-Sikhaya-Jata-Hai.html '''Read more'''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240119082406/https://www.techcomputergyde.xyz/2024/01/Basic-Computer-Course-Me-Kya-Kya-Sikhaya-Jata-Hai.html |date=2024-01-19 }} {{Infobox|title = आधुनिक संगणक |image = <div style="white-space:nowrap;"> [[फाईल:Acer Aspire 8920 Gemstone.jpg|x81px|लैपटॉप]][[फाईल:Columbia Supercomputer - NASA Advanced Supercomputing Facility.jpg|x81px|नासा की एक प्रयोगशाला मे रखा हुआ कोलम्बिया सुपर संगणक]][[फाईल:Intertec Superbrain.jpg|x81px]]<br />[[फाईल:2010-01-26-technikkrempel-by-RalfR-05.jpg|x79px]][[फाईल:Thinking Machines Connection Machine CM-5 Frostburg 2.jpg|x79px]][[फाईल:G5 supplying Wikipedia via Gigabit at the Lange Nacht der Wissenschaften 2006 in Dresden.JPG|x79px]]<br />[[फाईल:DM IBM S360.jpg|x77px]][[फाईल:Acorn BBC Master Series Microcomputer.jpg|x77px]][[फाईल:Dell PowerEdge Servers.jpg|x77px]]}} '''[https://careerscourses.blogspot.com/2023/12/blog-post.html कंप्यूटर - कंप्यूटर क्या है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20231210170452/https://careerscourses.blogspot.com/2023/12/blog-post.html |date=2023-12-10 }}''' '''कंप्यूटर - कंप्यूटर क्या है :''' कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो डेटा को स्वीकार करने, संग्रहीत करने, संसाधित करने और डेटा को परिणामों में परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। इसमें संग्रहीत तथ्यों को शीघ्रता एवं सटीकता से संसाधित करने की क्षमता है, जिसके कारण इसे "तेज़ कैलकुलेटर" भी कहा जाता है। '''कंप्यूटर के प्रकार''' '''सुपर कंप्यूटर :''' ये कंप्यूटर सबसे तेज़ और सबसे शक्तिशाली होते हैं और आमतौर पर बड़ी गणना या वैज्ञानिक क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं। वे अत्यंत विशिष्ट कार्यों, जैसे जलवायु मॉडलिंग, अंतरिक्ष अनुसंधान और अन्य बड़े और जटिल कार्यों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। '''मेनफ्रेम कंप्यूटर''' : ये बड़े और महत्वपूर्ण कार्यों जैसे बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, विमानन प्रबंधन और बड़े संगठनों के डेटा केंद्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। '''नेटवर्क कंप्यूटर :''' ये कंप्यूटर अन्य कंप्यूटरों और उपकरणों के साथ संचार करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इनमें संग्रहीत डेटा को साझा करने की क्षमता है, और इन्हें इंटरनेट के माध्यम से आपस में जोड़ा जा सकता है। '''वाणिज्यिक कंप्यूटर :''' यह एक नई तकनीक है जो क्वांटम यांत्रिकी का उपयोग करती है। ये क्वैबिट का उपयोग करते हैं, जो शास्त्रीय बिट्स की तुलना में एक ही समय में कई राज्यों में हो सकते हैं, जिससे उनकी क्षमता बढ़ जाती है। '''एम्बेडेड कंप्यूटर :''' ये कंप्यूटर अन्य उपकरणों में सुरक्षित रूप से स्थापित होते हैं और आमतौर पर मोबाइल फोन, ऑटोमोबाइल और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विशिष्ट कार्यों के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। '''क्वांटम डोट कंप्यूटर :''' यह भी एक नई तकनीक है जिसमें क्वांटम डॉट्स का उपयोग किया जाता है। इन्हें नैनोस्केल परिप्रेक्ष्य से डिज़ाइन किया गया है और इनमें बहुत अधिक संख्या में क्वांटम बिट्स हो सकते हैं। '''ह्यूमनोइड रोबोटिक्स :''' इनमें मानव जैसी प्रकृति रखने की क्षमता होती है और इन्हें मानव कौशल का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि वे आत्मनिर्भर होकर काम कर सकें। इस प्रकार के कंप्यूटर विभिन्न उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं और प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ, नए और उन्नत मॉडल बनाए जा रहे हैं। '''माइक्रो कंप्यूटर''' : ये हमारे भौतिक उपयोग के लिए होते हैं, जैसे पर्सनल कंप्यूटर, लैपटॉप और टैबलेट। ये आमतौर पर व्यक्तिगत उपयोग के लिए होते हैं और गेमिंग, शिक्षा और व्यावसायिक क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं। '''मिनी कंप्यूटर :''' इन्हें विभिन्न व्यावसायिक कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जैसे कि विनिर्माण, वित्त और अन्य उद्योगों में उपयोग किया जाता है। '''वर्गीकृत कंप्यूटर :''' इसमें व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए बनाए गए कंप्यूटर शामिल हैं, जैसे डेस्कटॉप कंप्यूटर और लैपटॉप। ये आम तौर पर कार्यालय उपयोग, गेमिंग और मनोरंजन के लिए होते हैं। [https://careerscourses.blogspot.com/2023/12/blog-post.html '''Read More'''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20231210170452/https://careerscourses.blogspot.com/2023/12/blog-post.html |date=2023-12-10 }} '''कंप्यूटर''' (आरू नाम - '''संगणक''', '''कंप्यूटर''', '''परिकलक'''<ref name="HindiName">[http://computerhindi.blogspot.com/2009/02/21.html वैज्ञानिक तथा तकनीकी शव्दावली आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना प्रौद्योगिकी शब्दावली]</ref>) वस्तुतः एगो अभिकलक यंत्र (programmable machine) छेकै जे देलौ गेलो गणितीय आरू तार्किक संक्रिया सीन क क्रम सँ स्वचालित रूप सँ करै मँ सक्षम छै । एकरा [[अंकगणित|अंक गणितीय]], तार्किक क्रिया सिनी आरू दोसरौ बहुत्ते प्रकार के गणना सिनी क सटीकता सँ पूरा करै लेली योजनाबद्ध तरीकाँ सँ निर्देशित करलौ जाबै सकै छै । चूंकि कोय भी कार्य योजना क पूरा करै लेली निर्देशो के क्रम बदललो जाबै सकै छै, ऐ लेली सँ एक सँ जादा तरह के कार्यवाही क अंजाम दियै सकै छै। ई निर्देशन क ही कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग कहै छै आरू संगणक [[कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा]] के मदद सँ उपयोगकर्ता के निर्देशो क समझै छै। यांत्रिक संगणक दशकों सँ मौजूद छेलै मतरकि आयकल अभिकलित्र सँ आशय मुख्यतः बीसमो सदी के मध्य मँ विकसित होलो विद्दुत चालित अभिकलित्र सँ छै । तबे सँ अखनी तलक ई आकार मँ क्रमशः छोटो आरू संक्रिया केरो दृष्टि सँ अत्यधिक समर्थ होतें गेलो छै। अबै अभिकलक घड़ी के अन्दर समाबै सकै छै आरू[[विद्युत कोष| विद्दुत कोष]] सँ चलैलो जाबै सकै छै। निजी अभिकलक केरो विभिन्न रूप जेना कि [[सुवाह्य संगणक]], टैबलेट आरनि रोजमर्रा केरो जरूरत बनी गेलो छै। परंपरागत संगणकों मँ एगो केंद्रीय सञ्चालन इकाई ([[सीपीयू]]) आरू सूचना भन्डारण वास्तें [[संगणक स्मृति| स्मृति]] होय छै। सञ्चालन इकाई अंकगडित व तार्किक गणना सिनी क अंजाम दै छै आरू एगो अनुक्रमण व नियंत्रण इकाई स्मृति मँ रखलो निर्देशो के आधार पर सञ्चालन केरो क्रम बदलै सकै छै। परिधीय या सतह पे लगे उपकरण किसी बाहरी स्रोत से सूचना ले सकते है व कार्यवाही के फल को स्मृति में सुरक्षित रख सकते है व जरूरत पड़ने पर पुन: प्राप्त कर सकते हैं। [[एकीकृत परिपथ]] पर आधारित आधुनिक संगणक पुराने जमाने के संगणकों के मुकबले करोडो अरबो गुना ज्यादा समर्थ है और बहुत ही कम जगह लेते है| <ref>पुराने संगणक जैसे की [[Colossus computer|कोलोसस]] और [[एनिअक]] प्रति छ्ण ५ से १०० क्रिया कलाप कर सकता था। एक आधुनिक “[[उत्पाद|बिकने वाला”]] [[माइक्रोप्रोसेसर]] (२००७ तक) प्रति छ्ण अरबों क्रिया कलाप कर सकते है, और इनमे से अधिकतर कार्य पहले के संगणकों के द्वारा किये जाने वाले कार्यो की तुलना में कही ज्यादा कठिन और उपयोगी होते हैं। {{Cite web|url=http://www.intel.com/cd/channel/reseller/asmo-na/eng/products/mobile/processors/core2duo_m/feature/index.htm|title=Intel Core2 Duo Mobile Processor: Features|प्रकाशक=Intel Corporation|accessdate=20 June 2009}}</ref> सामान्य संगणक इतने छोटे होते है कि [[मोबाइल फ़ोन]] में भी समा सकते है और [[मोबाइल कम्प्यूटिंग| मोबाइल संगणक]] एक छोटी सी [[विद्युत कोष]] (बैटरी) से मिली ऊर्जा से भी काम कर सकते है। ज्यादातर लोग “संगणकों” के बारे मे यही राय रखते है की अपने विभिन्न स्वरूपों में व्यक्तिगत संगणक सूचना प्रौद्योगिकी युग के नायक है। हालाँकि सन्निहित संगणक जो की ज्यादातर उपकरणों जैसे कि [[आंकिक श्रव्य वादक| एम.पी.३ वादक]], [[वायुयान]] व खिलौनो से लेकर [[औद्योगिक मानव यन्त्र]] में पाये जाते है लोगो के बीच ज्यादा प्रचलित है। कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो डेटा को स्वीकार करता है, उसे प्रोसेस करता है और नतीजे प्रदान करता है। यह मानकीकरण करने, जाँचने, संग्रहीत करने, संपादित करने, संचालित करने, और स्थानांतरित करने के लिए उपयोग होता है। कंप्यूटर तकनीकी में एक प्रमुख उपकरण है और आधुनिक जीवन में हमारे दैनिक कार्यों को सुविधाजनक बनाने में मदद करता है। कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो डेटा को स्वीकार करता है, उसे प्रोसेस करता है और परिणाम प्रदान करता है। यह तीन मुख्य घटकों से बना है: हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और उपयोगकर्ता। कंप्यूटर के हार्डवेयर घटक में वे भौतिक तत्व शामिल होते हैं जो कंप्यूटर को शक्ति देते हैं और संचालित करते हैं। इसमें प्रोसेसर, मेमोरी, स्टोरेज डिवाइस, इनपुट डिवाइस (जैसे कीबोर्ड और माउस) और आउटपुट डिवाइस (जैसे मॉनिटर और प्रिंटर) शामिल हैं। हार्डवेयर निर्देशों को क्रियान्वित करने और डेटा में हेरफेर करने के लिए जिम्मेदार है। सॉफ्टवेयर प्रोग्राम और निर्देशों को संदर्भित करता है जो कंप्यूटर को बताता है कि क्या करना है। इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज शामिल हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के संसाधनों का प्रबंधन करता है और एक यूजर इंटरफेस प्रदान करता है, जबकि एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर विशिष्ट कार्य करता है, जैसे वर्ड प्रोसेसिंग या ग्राफिक डिजाइन। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज प्रोग्रामर को सॉफ्टवेयर बनाने और कंप्यूटर को फॉलो करने के लिए निर्देश लिखने की अनुमति देती हैं। उपयोगकर्ता कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करता है और विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं का उपयोग करता है। उपयोगकर्ता डेटा इनपुट कर सकते हैं, कमांड दे सकते हैं और कंप्यूटर से आउटपुट या परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। कंप्यूटर आधुनिक जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं, जिनका उपयोग शिक्षा, व्यवसाय, विज्ञान, कंप्यूटर ग्राफिक्स, कंप्यूटर नेटवर्किंग और इंटरनेट जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। कंप्यूटर सूचना प्रसंस्करण, डेटा भंडारण, हेरफेर और संचार करने में सक्षम हैं। वे अपनी गति, सटीकता और निरंतर प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ, कंप्यूटर छोटे, अधिक शक्तिशाली और उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुलभ होने के लिए विकसित हुए हैं, जिससे उनका व्यापक उपयोग और समाज के विभिन्न पहलुओं पर प्रभाव पड़ा है। ==शब्द व्युत्पत्ति== '''कंप्यूटर''' शब्द का प्रथम प्रयोग वर्ष १६१३ में अंग्रेज लेखक रिचर्ड ब्रेथवेट की पुस्तक '"द यंग मैन ग्लीनिंग्स"' में पाया गया। ''मैंने समय के सबसे सही '''कम्प्यूटरों''' को और धरा पे जन्मे सर्वोत्तम अंक गणितज्ञ को पढ़ा है।'' <ref> ''I haue read the truest computer of Times, and the best Arithmetician that euer breathed, and he reduceth thy dayes into a short number.'' [[:en: Computer#Etymology| अंग्रेजी version]] {{Cite web|url=http://courses.ischool.berkeley.edu/i103/f07/slides/HofI07_Computers.pdf|title=द यंग मैन ग्लीनिंग्स|author=रिचर्ड ब्रेथवेट|publisher = अज्ञात|accessdate=22 February 2015}}</ref> यह उस व्यक्ति के बारे में बताता है जो गड़नाएँ (computations) करता था, तभी से यह शब्द २०वी शताब्दी के मध्य तक इस सन्दर्भ मे हूबहू प्रयोग होता आ रहा है। उन्नीसवी शताब्दी के अंत से इस शब्द ने और ज्यादा व्यवहारिक रूप ले लिया, यानी की वो यन्त्र जो गड़नाएँ करता है। '''संगणक''' व '''अभिकलित्र''' नाम <ref name="HindiName"/> भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी किये गए हैं| == इतिहास== {{मुख्य | संगणन हार्डवेयर का इतिहास}} === बीसवीं शताब्दि से पहले के संगणक उपकरण === [[फाईल:Os_d%27Ishango_IRSNB.JPG|thumb|right|100px|[[इशांगो कि हड्डी]]]] [[यांत्रिक रेखीय संगणक| यांत्रिक रेखीय (एनालॉग) संगणकों]] का प्रादुर्भाव प्रथम शताब्दी में होना शुरू हो गया था जिन्हे बाद में मध्यकालीन युग में खगोल शास्त्रीय गणनाओ के लिए इस्तेमाल भी किया गया। यांत्रिक रेखीय संगणकों को [[द्वितीय विश्व युद्ध|द्धितीय विश्व युद्ध]] के दौरान विशेषीकृत सैन्य कार्यो में उपयोग किया गया। इसी समय के दौरान पहले विद्दुतीय [[डिजिटल सर्किट| अंकीय परिपथ]] वाले संगणको का विकास हुआ। प्रारम्भ में वो एक बड़े कमरे के आकार के होते थे और आज के आधुनिक सैकड़ों [[व्यक्तिगत संगणक |निजी संगणकों]] <ref>१९४६ में , ENIAC को लगभग १७४ किलोवॉट बिजली की जरूरत होतो थी। इसकी तुलना में, एक आधुनिक [[लैपटॉप]] संगणक को लगभग ३० वॉट बिजली की जरूरत होती है मतलब लगभग ६००० गुना कम। {{Cite web|url=http://www.upenn.edu/computing/provider/docs/hardware/powerusage.html|title=ऍप्रोक्सिमेट डेस्कटॉप & नोटबुक पॉवर यूज़ेज|publisher: पेंसिलवेनिया विश्वविद्दालय|accessdate=20 June 2009}}</ref> के बराबर बिजली का उपभोग करते थे। पहली इलेक्ट्रॉनिक अंकीय संगणक यूनाइटेड किंगडम और [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में 1940 और 1945 के बीच विकसित किया गया। गण्नाऍ करने के लिये यन्त्रो का इस्तेमाल हज़ारो वर्षो से होता आ रहा है खासकर उग्लियो से गिनती करने वाले उपकरणो का। शुरुवाती गणन यन्त्र सम्भवत: [[मिलान छड़ी| वो लकड़ी जिस पर गिनती के लिये दांत खोदे गये हो]] या [[:en:Tally_stick | मिलान छड़ी]] का एक रूप थी। बाद में [[उर्वर अर्धचंद्र| मध्य पूर्व में उपजाऊ भूमि के एक भौगोलिक क्षेत्र]] जो की आकार में अर्द्ध चंद्र जैसा दिखता है में अभिलिेखो को रखने के लिए ''कॅल्क्युली'' (मिटटी के गोले, शंकु) का इस्तेमाल होता रहा जो की अधपके और खोखले मिटटी के बर्तनो में रखा होता था। इनका उपयोग सामान की गिनती (अधिकतर पशुधन व अनाज) दर्शाने के लिए किया जाता था। <ref>[http://sites.utexas.edu/dsb/ डेनिस स्क्मान्त-बेस्सेरत|1981] के अनुसार, इन मिट्टी के बर्तनो में निशान होते थे जिनका कुल जोड स्थानान्तरित हो रहे सामान की गिनती होती थी। इस तरह से ये बर्तन किसी बही-खाते का काम करते थे। इन बर्तनो को खुल्कर टूटने से बचाने के लिए पहले निशान कि छाप बर्तन के बाहर बना दी जाती थी, फिर गिनती के लिए छाप के आकार को उस शैली के मोहर पर निकाल लिया जाता था और अंत में निकाले हुए चिन्हों को क्रमानुसार संख्याओं के तरह उपयोग किया जाता था। यही अंक अन्तत: संख्या के रूप मे साम्ने आए। अंततोगत्वा ([https://web.archive.org/web/20120130084757/http://www.laits.utexas.edu/ghazal/Chap1/dsb/chapter1.html स्क्मान्त-बेस्सेरत के आकलन के अनुसार इसे ४००० वर्ष लगे।]) गिनती की संख्या बताने के लिए जितने चिन्हों की जरूरत होती थी वो बर्तनों के बाहर बने होते थे, और मिट्टी के ये बर्तन बाद मे गिनती के चिन्ह बने हुए मिट्टी की गोलियो के रूप मे विकसित हुए।</ref><ref>{{Citation|first=एलेनॉर|last=रौब्सन|year=२००८|title=प्राचीन इराक में गणित {{En}}|publisher=|isbn=978-0-691-09182-2}}. p.5: इराक़ में प्राथमिक लेखा पद्धति के साथ उत्पाद विशिश्ट की गणना प्रतिरूप प्रणाळी के लिए ३२००–३००० ईसा पूर्व में कॅल्क्युली का उपयोग। संतुलित लेखा-बही ३०००–२३५० ईसा पूर्व तक प्रयोग होना शुरु हो गई थी और एक [[सेक्साजेसिमल संख्या प्रणाली]] २३५०–२००० ईसा पूर्व तक इस्तेमाल होना शुरु हो गई थी।</ref> [[गिनती की छड़े| गिनती की छड़ों]] का उपयोग इसका एक उदहारण है। [[फाईल:Abacus 6.png|thumb|left|[[स्वन पन]] (इस गिनतारे पर प्रदर्शित हो रही संख्या है ६,३०२,७१५,४०८)]] शुरुवात में [[गिनतारा| गिनतारे]] का उपयोग अंकगणितीय कार्यो के लिए होता था। जिसे आज हम [[रोमन गिनतारा]] कहते है उसका उपयोग २४०० ईसा पूर्व के प्रारम्भ में [[बेबीलोनिया|बेबीलोनिआ]] में हुआ था। तब से अब तक गड़ना व हिसाब लगाने के लिए कई अन्य गणन् पट्टियो व गोलियो का आविश्कार हो चुका है। एक मध्ययुगीन युरोपीय [[गडना घर| गड़ना घर]] में मेज पर चितकबरे कपडे को रख दिया जाता था और कुछ विशेष नियमो के अनुसार उसपर मोहरों को चलाकर पैसे जोड़ने के लिए एक साधन के तौर पे इस्तेमाल किया जाता था। [[फाईल:NAMA Machine d'Anticythère 1.jpg|thumb|प्राचीन यूनानी रूपरेखा वाले [[एंटीकाईथेरा प्रक्रिया]] १५० से १०० ईसा पूर्व के समय के दुनिया के सबसे पुराने रेखीय संगणक हैं।]] डेरेक जे. डी-सोला के अनुसार [[एंटीकाईथेरा प्रक्रिया]] को शुरुवाती यान्त्रिक [[अनुरूप अभिकलित्र]] माना जाता है।<ref>[https://web.archive.org/web/20080428070448/http://www.antikythera-mechanism.gr/project/general/the-project.html ''The Antikythera Mechanism Research Project''], एंटीकाईथेरा प्रक्रिया अनुसन्धान परियोजना. Retrieved 1 July 2007.</ref> इसे खगोलिय स्थितियो की गडना के लिये बनाया गया था। इसे [[एंटीकाईथेरा]] के युनानी द्धीप के [[एंटीकाईथेरा भग्नावशेष]] मे १९०१ मे खोज गया था।<ref>पढे: https://web.archive.org/web/20120930075951/http://www.world-mysteries.com/sar_4.htm "एंटीकाईथेरा की खोज" </ref> इसे १०० ईसा पूर्व के समय का पाया गया। ऐसा माना जाता है कि एंटीकाईथेरा प्रक्रिया जैसी जटिलता वाले यन्त्र अगले १००० वर्षो तक मिलने मुश्किल है। प्राचीन और मध्ययुगीन कालों में खगोलीय गणनाओं के निष्पादन के लिए कई [[अनुरूप अभिकलित्र|एनालॉग कंप्यूटरों]] का निर्माण किया गया था। इनमें शामिल हैं प्राचीन ग्रीस की एंटिकिथेरा प्रक्रिया और एस्ट्रॉलैब (लगभग 150-100 ईसा पूर्व), जिन्हें आम तौर पर सबसे प्रारंभिक ज्ञात यांत्रिक एनालॉग कंप्यूटर माना जाता है।<ref>{{Harvnb|Lazos|1994}}</ref> एक या अन्य प्रकार की गणनाओं के निष्पादन के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले यांत्रिक उपकरणों के अन्य प्रारंभिक संस्करणों में शामिल हैं प्लेनिस्फेयर और अबू रेहान अल बिरूनी (Abū Rayhān al-Bīrūnī) (लगभग 1000 ईसा पश्चात्) द्धारा आविष्कृत अन्य यांत्रिक संगणन उपकरण; अबू इसहाक इब्राहिम अल ज़र्काली (Abū Ishāq Ibrāhīm al-Zarqālī) (लगभग 1015 ईसा पश्चात्) द्वारा आविष्कृत इक्वेटोरियम और यूनिवर्सल लैटिट्यूड-इंडिपेंडेंट एस्ट्रोलेबल; अन्य मध्ययुगीन मुस्लिम खगोलविदों और इंजीनियरों के खगोलीय एनालॉग कंप्यूटर; और सोंग राजवंश के दौरान सू सोंग (लगभग 1090 ईसा पश्चात्) का खगोलीय क्लॉक टावर। अल जजारी द्वारा 1206 में आविष्कृत एक खगोलीय घड़ी को सबसे पहला [[प्रोग्रामिंग|प्रोग्राम योग्य]] रेखीय संगणक माना जाता है।<ref name="Ancient Discoveries">{{Citation|title=[[प्राचीन आविश्कार]], एपिसोड ११: एन्सिएंट रोबोट्स|publisher=[[हिस्ट्री (टीवी चैनल)|हिस्ट्री चैनल]]|url=http://www.youtube.com/watch?v=rxjbaQl0ad8|accessdate=2008-09-06}}</ref> यह राशि चक्र, सूर्य और चंद्रमा की कक्षाओं को दर्शाती थी, इसमें एक अर्द्ध-चंद्राकार सूचक एक संपूर्ण प्रवेश द्वारा से होकर गुजरती थी जिसके कारण हर [[घंटा|घंटे]] पर स्वचालित द्धार खुल जाते थे<ref> हावर्ड आर. टर्नर (1997), ''साइंस इन मेडिएवल इस्लाम: एन इलस्ट्रेटेड इंट्रोडक्शन'', पृष्ठ 184, टेक्सास विश्वविद्द्यालय के प्रेस, आई०एस०बी०एन० 0-292-78149-0</ref><ref name="Hill2">{{Citation|title= "मेकैनिकल इंजीनियरिंग इन दी मेडिएवल नियर ईस्ट"|author=डोनाल्ड रूटलेज हिल|publisher=''साइंटिफिक अमेरिकन''|accessdate=1991-05-01}}, पृष्ठ 64-9. (सीएफ. डोनाल्ड रूटलेज हिल, [https://web.archive.org/web/20071225091836/http://home.swipnet.se/islam/articles/HistoryofSciences.htm मैकेनिकल इंजीनियरिंग])</ref> और पांच [[रोबोट|रोबोटिक]] संगीतकार जो एक [[पनचक्की|पानी के पहिये (वाटर व्हील)]] से जुड़े कैमशाफ्ट द्वारा संचालित [[उत्तोलक|लीवरों]] द्वारा मारे जाने पर संगीत बजा दिया करते थे। दिन और रात की लंबाई को वर्ष भर में दिन और रात की बदलती लंबाइयों के लिए उपयुक्त बनाने के क्रम में हर दिन फिर से प्रोग्राम किया जा सकता है।<ref name="Ancient Discoveries"/> == अभिकलित्र केरऽ भाग == [[फाईल:Personal computer, exploded.svg|right|thumb|250px|निजी अभिकलित्र (पीसी) के प्रमुख भाग]] एक अभिकलित्र (संगणक) निम्नलिखित चार भागों से मिलकर बनता है : निविष्ट यंत्र , संसाधन यंत्र , निर्गम यंत्र और भंडारण यंत्र । (युक्ति को यंत्र भी कहा जता है।) === निविष्ट यंत्र === * '''निविष्ट यंत्र ''' उन उपकरणों को कहते हैं जिसके द्वारा निर्देशो और आंकडों को संगणक मे भेजा जाता है। जैसे- कुन्जी पटल (की-बोर्ड), [[माउस]], जॉयस्टिक, ट्रैक बाल आदि। *# '''कीबोर्ड''' *# [[माउस]] *# '''माइक्रोफ़ोन''' या माइक *# '''क्रमवीक्षक''' (स्कैन्नर), '''अंकीय कैमेरा''' *# '''टच-स्क्रीन''', '''टच-पैद''' === केंद्रीय प्रक्रमन इकाई=== * '''केंद्रीय प्रक्रमन इकाई ([[सीपीयू]])''', संसाधन युक्ति या विचार युक्ति - यह अभिकलित्र की मूल संक्रियात्मक इकाई है जो आगम उपकरणों द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुरूप कार्य कर उसे निर्गत इकाई को भेजती है। इसके तीन भाग होते हैं: *# '''बही या पंजी (रजिस्टर)''' - सबसे पहले जिन आंकड़ों या सूचनाओं पर काम करना होता है, उन्हें अभिकलित्र स्मृति से बही में अंकित किया जाता है। अलग अलग प्रक्रियाओं के लिए अलग अलग बही होते हैं आंकिक एवं तर्क इकाई की संक्रिया के बाद सूचनाएं पुनः बही में दर्ज होती हैं और वापस स्मृती में भेजी जाती हैं। *# '''आंकिक एवं तर्क इकाई''' - यह इकाई बही में दर्ज सूचनाओं पर निर्देशों के अनुसार कार्य करती है तथा परिणाम को पुनः उपयुक्त बही में दर्ज कर देता है। *# '''नियन्त्रण इकाई''' - यह केंद्रिय प्रसाधन इकाई की सभी क्रियाओं का नियंत्रण करती है। जैसे कि स्मृति से सूचनाएं बही में वहाँ से आंकिक एवं तर्क इकाई में, वापस बही में तथा वहाँ से स्मृति में वापस जाने की प्रक्रिया पर यह इकाई नियंत्रण रखती है। === सूचना भंडारण उपकरण === [[फाईल:SODIMM 64MB SDRAM.JPG|right|thumb|250px|पीसी में प्रयुक्त 64MB एसडीरैम (SDRAM)]] * '''सूचना भंडारण उपकरण''' या सुरक्षण उपकरण - यह अभिकलित्र में प्रयुक्त सूचनाएं सहेजती है॥ *# '''अल्‍पकालिक भंडारण उपकरण''' - कम समय तक सूचना के भंडारण के लिये *## '''यादृच्छिक अभिगम स्‍मृति''' या [[रैम (RAM)|रैंडम एक्सैस मैमोरी (रैम)]] *## '''पठन स्‍मृति''' या रीड ओन्ली मेमोरी (रौम) *# '''दीर्घकालिक भंडारण उपकरण''' - लंबे समय तक सूचना के भंडारण के लिये *## '''[[हार्ड ड्राइव]]''' या हार्ड डिस्क *## '''हटाये जा सकने वाला भंडारण उपकरण''' *### '''नम्यिका ''' (फ्लॉपी डिस्क) *### '''कॉम्पैक्ट डिस्क''' (सीडी) *### '''अंकीय वीडियो डिस्क''' (डीविडी) *### चपला स्मृति भंडारण युक्ति या [[फ्लैश मेमोरी|फ्लैश मेमोरी स्तोरेज डिवाइस]] *#### '''[[यूऍसबी फ्लैश ड्राइव]]''' या फ्लैश मेमोरी ड्राइव *#### '''[[मैमोरी कार्ड|फ्लैश मेमोरी कार्ड]]''' या [[मेमोरी स्टिक|फ्लैश मेमोरी स्तिक]] *### '''[[ब्ल्यू-रे डिस्क]]''' === निर्गम यंत्र === * '''निर्गम यंत्र ''' (आउटपुट डिवाइस)- इसमें वे सभी उपकरण शामिल हैं जिनसे प्रसाधित सूचनाएं या सामग्री मानवीय उपयोगी उत्पाद के रूप में बाहर आती हैं॥ जैसे- *# '''प्रदर्शक''' (मॉनिटर) - इसकी सहायता से प्रसाधित सामग्री दृश्य रूप में प्रकट होती है॥ *#* '''स्क्रीन''' स्क्रीन पर चित्र य चल्चित्र प्रकत होते है। ये प्रदर्शक से जुडा होता है। *# '''मुद्रक'''- इसकी सहायता से निर्गत सामग्री को कागज़ पर मुद्रित किया जाता है। इसे अन्ग्रेजी भाषा मे प्रिनटर भी कहते है। *# '''भोंपू''' - इसे स्पीकर भी कह्ते है, जैसा कि नाम से ही पता चलता है, ये आवाज निकालने का काम करता है। इस्का उपयोग अभिकलित्र मे चालू किसी भि प्रक्रिया से उत्पन्न आवाज को उप्योगकर्ता तक पहुचाने के लिये किया जाता है। == अभिकलित्र केरऽ प्रकार == अभिकलित्र का मुख्य कार्य दिये गये आंकड़े को जमा कर उसपर दिए गए निर्देशों के अनुरूप काम कर परिणाम देना है॥ कार्यक्षमता के आधार पर इसे निम्नलिकित श्रेणियों मे बाँटा गया है- सुपर संगणक, मेनफ्रेम संगणक मिनी संगणक, एव माइक्रो संगणक आदि। सुपर संगणक इनमें सबसे बडी श्रेणी होती है, तथा माइक्रो संगणक सबसे छोटी। *'''[[महासंगणक|सुपर संगणक]]''' सबसे तेज गति से कार्य करने वाले संगणक होते हैं। वह बहुत अधिक डाटा को काफी कम समय में इंफार्मेशन में बदलने में सक्षम होते हैं। इनका प्रयोग बड़े-बड़े कार्य करने में होता है, जैसे मौसम की भविष्यवाणी, डाटा माइनिंग, जटिल सिमुलेशन, मिसाइलों के डिजाइन आदि। इनमें अनेक [[माइक्रोप्रोसेसर]] ('''MICROPROCESSOR''') [एक विशेष छोटी मशीन जो कम्प्यूटिंग के कार्य को काफी आसानी से तथा बहुत ही कम समय में कर सकने में सक्षम होती है।] लगे होते हैं। किसी जटिल गणना को कम समय में पूरा करने के लिये बहुत से '''प्रोसेसर''' एकसाथ (पैरेलेल) काम कराने पडते हैं। इसे '''पैरेलेल प्रोसेसिंग''' कहा जाता है। इसके अन्तर्गत जटिल काम को छोटे-छोटे टुकडों में इस प्रकार बाँटा जाता है कि ये छोटे-छोटे कार्य एक साथ अलग-अलग प्रोसेसरों द्वारा स्वतन्त्र रूप से किये जा सकें। *'''[[मेनफ्रेम संगणक]]''', सुपर संगणक से कार्यक्षमता में छोटे परंतु फिर भी बहुत शक्तिशाली होते हैं। इन कम्प्यूटरों पर एक समय में २५६ से अधिक व्यक्ति एक साथ काम कर सकते हैं। अमरीका की आईबीएम कंपनी (INTERNATIONAL BUSINESS MACHINE CORPORATION) मेनफ्रेम कंप्युटरों को बनाने वाली सबसे बडी कंपनी है। *'''[[मिनी संगणक]]''' मेनप्रेम कंप्यूटरों से छोटे परंतु माइक्रो कम्प्यूटरों से बडे होते हैं। *'''माइक्रो संगणक ([[पर्सनल संगणक]])''' सबसे छोटे होते हैं तथा इन्हीं को वैयक्तिक संगणक या पर्सनल संगणक भी कहा जाता है। इसका प्रथम संस्करण १९८१ में विकिसित हुआ था, जिसमे ८०८८ [[माइक्रोप्रोसेसर]] प्रयुक्त हुआ था। :* मेज़ के ऊपर संगणक ([[डेस्कटॉप]]) :* गोद के ऊपर संगणक ([[लैपटॉप]]) :* हथेली के ऊपर संगणक ([[पाल्म्टॉप]]) - स्मार्टफोन, संगीत खिलाड़ी (म्यूजिक प्लयेर), वीडियो खिलाड़ी (वीडियो प्लेयर) :* [[टैबलेट संगणक]] == अभिकलित्र के गुण == संगणक हमारे द्वारा दिये जाने वाले हर कार्य को बखूबी करने में सक्षम होते हैं। इनके कुछ गुण इस प्रकार हैं : ;गति संगणक काफी तेज गति से कार्य करते हैं, जब हम संगणक के बारे में बात करते हैं, तो हम मिनी सेकेन्ड, माइक्रो सेकेन्ड में बात नही करते, बल्कि हम 10-12 सेकेन्ड में एक कम्पयूटर कितना कार्य कर लेता है, इस रूप में उसकी गति को आँकते हैं। ; न उबना संगणक कभी भी उबते (बोर) नहीं हैं और यही इनका सबसे अच्छा गुण है, क्योंकि यह एक यंत्र हैं, इसलिये ये काफी दिनों तक बिना किसी शिकायत के कार्य करने में सक्षम होते हैं। ; स्मरण करने या संग्रह की क्षमता एक सामान्य संगणक भी एक बार दिये गये निर्देश को काफी समय तक स्मरण रखने मे सक्षम होता है, तथा जब भी आवश्यकता पडे़, उसे फिर से लिखा और भरा जा सकता है। == उपयोग == * [[ईमेल]] * [[सहयोग]] * जानकारी संजोना * [[लेखांकन]] * [[शब्द संसाधक|शब्द संसाधन]] * पुस्तक प्रकाशन * सामग्री प्रवंधन * वैज्ञानिक अनुसंधान तथा विकास * [[दूरसंचार]] * शिक्षा प्रसार * [[सिमुलेशन]] (Simulation) * [[संगणक सहाय्यित डिजाइन]] (Computer Aided Design / CAD) * [[संगणक सहाय्यित डिजाइन एवं ड्राफ्टिंग]] (Computer Aided Design and Drafting / CADD) == अभिकलन भाषा == अभिकलित्र जिस भाषा को समझता है उसे द्विआधारी भाषा कहते हैं। वास्तव में यह यंत्र केवल विद्युत धारा के चालू या बंद होने को ही समझता है॥ विद्युत प्रवाह होने एवं रुकने को 0 या 1 के जरिए व्यक्त किया जाता है। इसलिए इसपर कोइ काम करने के लिए इसे इस भाषा में निर्देश या सूचना देना होता है। === यंत्र भाषा === शुरूआती दिनों में अभिकलित्र को सीधे द्विआधारी भाषा में निर्देश या सूचना दी जाती थी। यंत्र से सीधा संपर्क रहने के कारण इसे यंत्र भाषा (मशीन लैंगुएज) भी कहा जाता था। इस तरह से निर्देश या सूचना देने की यह प्रक्रिया काफी जटिल थी। === संयोजन भाषा === यंत्र भाषा की जटिलता को कम करने के लिए संयोजक (असेंबलर) की सहायता ली गई। यह ऐसा प्रोग्राम था जो कुछ खास शब्दों को द्विआधआरी संकेतों के समूह में बदल देता था। इस भाषा में प्रत्एक प्रक्रिया के लिए एक सरल शब्द चुन लिए गए थे। इससे द्विआधारी संकेत समूह के बजाय केवल संकेत शब्द लिखकर काम हो जाता था॥ इस संकेतों द्वारा संयोजित तथा संयोजक की सहायता से काम करने वाली भाषा को संयोजन भाषा (असेंबली लैंगुएज) कहा गया। === उच्च स्तरीय भाषाएँ (High Level Language) === असेम्बली लेंगवेज के आने से संगणक प्रोग्रामर्स को सुविधा जरूर मिली, किन्तु इसके लिए प्रोग्रामर को संगणक के हार्डवेयर, तथा इसकी कार्य प्रणाली का सम्पूर्ण ज्ञान होना आवश्यक होता था। अतः अब और भी सरल भाषायों का विकास किया गया, जिन्हें उच्च स्तरीय भाषा कहा गया। इनमे से कुछ प्रमुख आरंभिक भाषाए [[कोबोल]] (COBOL), बेसिक (BASIC), सी (C) थी।<br /> उच्च स्तरीय भाषायों या हाई लेवल लेंगवेजों को मशीन भाषा में परिवर्तित करने के लिए संकलक (Compiler) और व्याख्याता (Interpreter) की जरूरत पड़ती है।<br /> '''संकलक या [[कंपाइलर]]''' उच्च स्तरीय भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को स्थायी रूप से मशीन भाषा में परिवर्तित करता है, जबकि '''व्याख्याता या इंटरप्रेटर''' एक एक पंक्ति करके परिवर्तित करता है।<br /> == संदर्भ == {{Reflist|}} == हिन्न॑ भी देखऽ == * [[अभिकलन]] (Computing) * [[माइक्रोप्रोसेसर]] * [[सॉफ्टवेयर]] * [[प्रोग्रामन भाषाएँ]] (Programming languages) * [[प्रचालन तंत्र]] (आपरेटिंग सिस्टम) * [[एनालॉग संगणक]] * [[क्रमानुदेशन]] (प्रोग्रामिंग) * [[संगणक विज्ञान]] (computer science) == बाहरी कड़ी == * [https://web.archive.org/web/20151017070231/http://www.baljeetuppal.com/ कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग बुक्स हिंदी में (डाउनलोड करे पीडीएफ फॉर्मेट में)] * [http://books.google.co.in/books?id=XiNQArOSB60C&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान एवं यूसर गाइड] (गूगल पुस्तक ; लेखक - राम बंसल विज्ञानाचार्य) * [http://books.google.co.in/books?id=USyHd_nt_kIC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=true कम्प्यूटर कोश] (गूगल पुस्तक ; लेखक - डॉ राजेश्वर गंगवार) * [https://web.archive.org/web/20150915160446/http://tdil.mit.gov.in/ggs/e-Pustak(HTML)/e-pustak/E-pus/funda/funda_main.htm कम्प्यूटर इ-पुस्तिका] - संगणक के बारे में सरल, सम्यक और सम्पूर्ण जानकारी * [http://www.coilnet.bitmesra.net/Articles/Basics/CompBasics1-1.html कम्प्यूटर का प्रारंभिक परिचय]{{Dead link|date=October 2023 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }} * [http://www.itinhindi.org/ITMAINBOOK/reindex.htm कम्प्यूटर, प्रोग्रामन एवं सूचना]{{Dead link|date=October 2023 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }} * [http://www.electroniki.com/ आपके लिए '''इलेक्ट्रानिकी'''] - इलेक्ट्रॉनिकी, कम्प्यूटर विज्ञान एवं नई तकनीक की पत्रिका * [https://web.archive.org/web/20150117232051/http://www.tiiciiitm.com/profanurag/epustak/epustak/places/cp.php कम्प्यूटर परिचय] (अटल विहारी वाजपेयी सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, ग्वालियर) [[श्रेणी:संगणक]] [[श्रेणी:संगणक अभियान्त्रिकी]] [[श्रेणी:तकनीकी और अभियान्त्रिकी]] * [https://www.truthideas.in/computer-ka-full-form-kya-hai-in-hindi/ कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230602113917/https://www.truthideas.in/computer-ka-full-form-kya-hai-in-hindi/ |date=2023-06-02 }} - कंप्यूटर के प्रकार, कंप्यूटर का इतिहास, कंप्यूटर की विशेषताएँ * [https://www.utubepathshala.in/2023/05/computer-development-and-design.html कम्प्यूटर का विकास एवं संरचना]{{Dead link|date=July 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }} 3zad6n60zp9ewjxbpq7w2x3iid3avj3 नागपुर 0 1573 22888 22781 2026-03-31T00:20:35Z InternetArchiveBot 123 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 22888 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक अवस्थापन | name = नागपुर | settlement_type = [[शहर]] | image_skyline = Night at Sitabuldi Nagpur.jpg | image_seal = Seal_of_nagpur_city.jpg | pushpin_map = India | latd = 21.15 | latNS = N | longd = 79.09 | longEW = E | pushpin_label_position = left | coordinates_display = inline,title | subdivision_type = देश | subdivision_name = [[भारत]] | subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] | subdivision_name1 = [[महाराष्ट्र]] | subdivision_type2 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] | subdivision_name2 = [[नागपुर जिला|नागपुर]] | population_as_of = 2011 | population_total = 2405665 | population_metro = 2497777 | population_footnotes = <ref name="pop">{{Cite web |title=City Census 2011 |url=https://www.census2011.co.in/city.php |access-date=2026-01-15 |website=www.census2011.co.in}}</ref> | timezone1 = [[भारतीय मानक समय|आइएसटी]] | utc_offset1 = +5:30 | website = {{URL|www.nmcnagpur.gov.in/hi.html}} | footnotes = }} '''नागपुर''' ([[अंग्रेज़ी]]: Nagpur, [[मराठी]]: नागपूर) [[महाराष्ट्र]] राज्य केरऽ एगो प्रमुख शहर छेकै । नागपुर भारत केरऽ मध्य में स्थित छै । महाराष्ट्र की इस उपराजधानी की जनसंख्या २४ लाख (१९९८ जनगणना के अनुसार) है। नागपुर भारत का १३वा व विश्व का ११४ वां सबसे बड़ा शहर हैं। नागपुर की लगभग आधी आबादी मराठी भाषा बोलती है। यह नगर संतरों के लिये काफी मशहूर है। इसलिए इसे लोग संतरों की नगरी भी कहते हैं। हाल ही में इस शहर को देश के सबसे स्वच्छ व सुदंर शहर का इनाम मिला है। नागपुर भारत देश का दूसरे नंबर का ग्रीनेस्ट (हरित शहर) शहर माना जाता है। बढ़ते इन्फ्रास्ट्रकचर की वजह से नागपुर की गिनती जल्द ही महानगरों में की जायेगी। नागपुर, एक जिला है व ऐतिहासिक विदर्भ (पूर्व महाराष्ट्र का भाग) का एक प्रमुख शहर भी। नागपुर शहर की स्थापना गोण्ड राज्य ने की थी। फिर वह राजा भोसले के उपरान्त मराठा साम्राज्य मे शामिल हो गया। १९वी सदी मैं अंग्रेज़ी हुकुमत ने उसे मध्य प्रान्त व बेरार की राजधानी बना दिया। आज़ादी के बाद राज्य पुनर्रचना ने नागपुर को महाराष्ट्र की उपराजधानी बना दिया। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसी राष्ट्रवादी संघटनाओ का एक प्रमुख केंद्र है। == नाम == [[फाईल:Nag River reflecting urban pollution.jpg|thumb|left|नाग नदी। माना जाता है की नागपुर का नाम इसी नदीं के आधार पर पड़ा था।]] नागपुर का नाम नाग नदी से रखा गया है। यह नदी नागपुर के पुराने हिस्से से गुज़रती है। नागपुर महानगर पालिका के चिन्ह पर नदी और एक नाग है। नागपुर संत्रो के लिये मशहूर है और उसे संत्र नगरी भी कहा जाता है। और नागपुर मे नाग साप बहुत पाया जाता था इस कारण से नागपुर का नाम नागपुर रख गया। == इतिहास == नागपुर शहर की स्थापना देवगड़ (छिंदवाड़ा) के शासक गोंड वंश के राजा ने की थी | संतरे की राजधानी के रूप में विख्यात नागपुर महाराष्ट्र का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। पर्यटन की दृष्टि से यह महाराष्ट्र के अग्रणी शहरों में शुमार किया जाता है। यहां बने अनेक मंदिर, ऐतिहासिक इमारतें और झील यहां आने वाले सैलानियों के केन्द्र में होते हैं। इस शहर से बहने वाली नाग नदी के कारण इसका नाम नागपुर पड़ा। नागपुर की स्थापना देवगढ़ के गौंड राजा बख्त बुलंद शाह ने 1703 ई. में की थी। यह शहर 1960 तक मध्य भारत राज्य की राजधानी था। 1960 के बाद यहां की मराठी आबादी को देखते हुए इसे महाराष्ट्र के जिले के रूप में शामिल कर लिया गया। 9890 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले इस जिले में 13 तहसील और 1969 गांव शामिल हैं। == भूगोल == नागपुर का स्थान २१°०६' उत्तर अक्षांश, ७९° ०३' पूर्व रेखांश है। {{climate chart |नागपुर |12.4|28.6|10 |15.0|32.1|12 |19.0|36.3|18 |23.9|40.2|13 |27.9|42.6|16 |26.3|37.8|172 |24.1|31.5|304 |23.6|30.4|292 |22.9|31.8|194 |19.8|32.6|51 |14.9|30.4|12 |12.1|28.2|17 |source=[http://www.worldweather.org/066/c00533.htm World Weather Information Service] |float=right |clear=left }} == पर्यटन स्थल == === अंबाजारी झील === शहर के पश्चिमी हिस्से में स्थित यह झील 15.4 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। चारों ओर से खूबसूरत बगीचों से घिरी इस झील में नौकायन का आनंद लिया जा सकता है। झील के संगीतमय फव्वारे इस झील की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। झील के साथ ही एक बेहद खूबसूरत बगीचा है जिसे नागपुर के सबसे सुंदर स्थलों में शामिल किया जाता है। === बालाजी मंदिर === सेमीनरी पहाड़ियों के सुरमय वातावरण में भगवान वेंकटेश बालाजी का यह मंदिर बना हुआ है। मंदिर की अद्भुत वास्तुकारी देखने और आध्यात्मिक वातावरण की चाह में उत्तर और दक्षिण भारत से हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं का यहां आगमन होता है। मंदिर परिसर में भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा भी स्थापित है, जिसे देवताओं की सेना का सेनापति कहा जाता है। === पोद्दारेश्वर राम मंदिर === इस मंदिर का निर्माण राजस्थान के पोद्दार परिवार के श्री जमुनाधर पोद्दार ने 1923 ई. में करवाया था। मंदिर में भगवान राम और शिव की प्रतिमाएं स्थापित हैं। सफेद संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर से बने इस मंदिर में खूबसूरत नक्कासी की गई है। राम नवमी को होने वाली राम जन्मोत्सव शोभायात्रा के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। === दीक्षाभूमि === पश्चिमी नागपुर में रामदास पीठ के निकट दीक्षाभूमि स्थित है। इसी स्थान पर 14 अक्टूबर 1956 को भारत रत्‍न डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर ने अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। तब से यह स्थान बौद्ध तीर्थस्थल के तौर पर जाना जाता है। इस स्थान पर एक मेमोरियल भी बना हुआ है। सांची के स्तूप जैसी एक शानदार इमारत का यहां निर्माण किया गया है जिसे बनवाने में 6 करोड़ रूपये खर्च हुए थे। इस इमारत के प्रत्येक खंड में एक साथ 5000 भिक्षु ठहर सकते हैं। === अदासा === यह नागपुर का एक छोटा-सा गांव है। यहां अनेक प्राचीन और शानदार मंदिर देखे जा सकते हैं। यहां के गणपति मंदिर में भगवान गणेश की एकल शिलाखंड से बनी प्रतिमा स्थापित है। अदासा के समीप ही एक पहाड़ी में तीन लिंगों वाला भगवान शिव को समर्पित मंदिर बना हुआ है। माना जाता है कि इस मंदिर के लिंग अपने आप भूमि से निकले थे। === रामटेक === इस स्थान को रामटेक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां भगवान राम और उनकी पत्‍नी सीता के पवित्र चरणों का स्पर्श हुआ था। यहां की पहाड़ी के शिखर पर भगवान राम का मंदिर बना हुआ है, जो लगभग 600 साल पुराना माना जाता है। रामनवमी पर्व यहां बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। संस्कृत कवि कालिदास के मेघदूतम में इस स्थान को रामगिरी कहा गया है। इसी स्थान पर उन्होंने मेघदूतम की रचना की थी। पहाड़ी पर कालिदास का समर्पित एक स्मारक भी बना हुआ है। === खेकरानाला === नागपुर से 55 किलोमीटर दूर खेकरानाला में एक खूबसूरत बांध बना हुआ है। यहां के मनोरम और शांत वातावरण में सुकून के कुछ पल गुजारने के लोग आते रहते हैं। खेकरानाला का स्वस्थ और हरा-भरा वातावरण पिकनिक के लिए भी बहुत अनुकूल माना जाता है। === मरकड === वेनगंगा नदी के बांए तट पर स्थित मरकड एक धार्मिक स्थल के रूप में लोकप्रिय है। संत मार्कडेंय के नाम पर इस जगह का नाम पड़ा। यहां लगभग 24 मंदिरों का समूह है। माना जाता है कि यहां के शिवलिंग की मार्कडेंयने पूजा की थी। यहां के मंदिरों की वास्तुकारी खजुराहो के मंदिरों से मिलती है। Gopil === नागरधन === नागरधन एक महत्वपूर्ण प्रागैतिहासिक नगर है। शैल साम्राज्य के राजा नंदवर्धन को इस नगर का मूल संस्थापक माना जाता है। नागरधन में भोंसलों द्वारा स्‍थापित एक किला है जिसकी दीवारें ईंटों से बनी हुई हैं। यहां एक वन्यजीव अभयारण्य भी है। यहां जंगली जानवरों को खुले में विचरण करते देखा जा सकता है। गौर यहां का मुख्य आकर्षण है। साथ ही सांभर, हिरन और अन्य बहुत से जीवों को देखा जा सकता है। === नवेगांव बांध === नवेगांव बांध को विदर्भ के सबसे लोकप्रिय फॉरेस्ट रिजॉर्ट में शुमार किया जाता है। यहां साहसिक खेलों के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। इस बांध को 18वीं शताब्दी की शुरूआत में कोलू पटेल कोहली ने बनवाया था। यहां की पहाड़ियों के बीच एक बेहद खूबसूरत झील भी बनी हुई है। नवेगांव बांध के वाचटॉवर से यहां के वन्यजीवों की गतिविधियां देखी जा सकती हैं। यहां एक डीयर पार्क भी बना हुआ है। === सेवाग्राम === महात्मा गांधी ने 1933 में सेवाग्राम आश्रम स्थापित किया था। यहां उन्होंने अपने जीवन के 15 वर्ष व्यतीत किए थे। कहा जाता है कि इस स्थान पर महात्मा गांधी समाज सेवा के विविध कार्यक्रम संपन्न करते थे। इसी कारण इसे सेवाग्राम कहा जाता है। यहां के यात्री निवास में लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। === सीताबल्डी किला === यह किला दो पहाड़ियों पर बना है। किले को 1857 में एक ब्रिटिश अफसर ने बनवाया था। तब से यह किला नागपुर आने वाले सैलानियों को लुभा रहा है। == शिक्षा और वानिज्ञ == नागपुर में लगभग 100 से भी अधिक अभियांत्रीकी (इंजीनियरिंग) महाविद्यालय है। नागपुर विश्‍वविद्यालय महाराष्‍ट्र का एक बहुत बड़ा विश्‍वविद्यालय है। == आवागमन == [[फाईल:NagpurAirport.JPG|thumb|200px|नागपुर का [[डॉ॰बाबासाहब अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] में भारत का सबसे व्यस्‍त एअर ट्रैफिक कांट्रोल रूम है।]] ;वायु मार्ग [[डॉ॰बाबासाहब अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] जिसे [[सोनेगांव एयरपोर्ट]] भी कहते हैं, यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है जो सिटी सेंटर से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। इस घरेलू एयरपोर्ट से देश के कई शहरों के लिए फ्लाइटें हैं। ;रेल मार्ग [[नागपुर जंक्शन]] रेलवे स्टेशन राज्य का एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है। [[मुंबई]], [[दिल्ली]], कोलकाता, [[चेन्नई]], [[कोल्हापुर]], [[पुणे]], [[अहमदाबाद]], [[हैदराबाद]], [[वाराणसी]], [[गोरखपुर]], [[भुवनेश्‍वर]], [[त्रिवेन्द्रम]], [[कोचीन]], [[बंगलुरू]], [[मंगलौर]], [[पटना]], [[इंदौर]] और ''सीतामढ़ी''<ref>{{Cite web|title=Sitamarhi To Nagpur Trains, Time Table, Distance Between & Travel Time|url=https://www.trainspnrstatus.com/trains/sitamarhi-nagpur|website=www.trainspnrstatus.com|access-date=2026-02-02|language=en|archive-date=2024-12-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20241218153124/https://www.trainspnrstatus.com/trains/sitamarhi-nagpur}}</ref> आदि शहरों से यहां के लिए सीधी ट्रेनें हैं। यह मध्‍य रेल का एक बहुत बड़ा और व्‍यस्त डिविशण (भाग) है। ;सड़क मार्ग [[राष्ट्रीय राजमार्ग 6]] और 7 नागपुर को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ता है। [[मुंबई]], [[संभलपुर]], [[कोलकाता]], [[वाराणसी]] और [[कन्याकुमारी]] जैसे शहरों से यहां सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है। नागपुर में सीटी बस का सेवा भी उपलब्‍ध है जो शहर में लोगों को शहर में एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाता है। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} {{महाराष्ट्र के जिले}}{{भारत के मिलियन+ नगर}}{{महाराष्ट्र}} [[श्रेणी:शहर]] [[श्रेणी:महाराष्ट्र के शहर]] r87khl5ojcsdqwo5fn4926ove0gjcud योहान गुटेन्बर्ग 0 2454 22889 22121 2026-03-31T01:12:15Z InternetArchiveBot 123 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 22889 wikitext text/x-wiki {{Short description|German inventor and craftsman (c. 1393 – 1406 – 1468)}} {{Redirect|Gutenberg|the Bible|Gutenberg Bible|5=Gutenberg (disambiguation)}} {{Pp-semi-protected|small=yes}} {{Use British English|date=March 2022}} {{Use dmy dates|date=November 2021}} {{Infobox person | image = Mainz Gutenbergdenkmal 2016 (cropped).jpg | caption = ''[[Gutenberg Monument]]'' by [[Bertel Thorvaldsen]], erected 1837.{{Efn|No contemporary depictions survive.{{Sfn|Wagner|2000|p=58}}}} | birth_name = Johannes Gensfleisch zur Laden zum Gutenberg | birth_date = {{Circa|1393 – 1406}} | birth_place = [[Mainz]], [[Free City of Mainz]], [[Holy Roman Empire]] | death_date = 3 February 1468 (aged 61–75) | death_place = Mainz, Free City of Mainz, Holy Roman Empire | known_for = Inventing the [[printing press]]<br>Introducing [[movable type]] to Europe | occupation = {{Hlist|Inventor|[[Artisan|craftsman]]}} |name=जॊहान्स गुटेनबर्ग}} '''जॊहान्स जेन्सफ्लाईश जुर लाडेन जुम गुटेनबर्ग (<small>[[जर्मन भाषा|जर्मन]]:</small> Johannes Gensfleisch zur Laden zum Gutenberg )''' {{efn|{{IPA|de|joˈhanəs ˈɡɛnsflaɪ̯ʃ tsuːɐ̯ ˈlaːdn̩ tsʊm ˈɡuːtn̩bɛʁk}}; {{IPAc-en|lang|ˈ|ɡ|uː|t|ən|b|ɜr|ɡ}}}} ({{circa|1393 – 1406}} – 3 February 1468) (लगभग c1393-1406 - 3 फरवरी 1468) एगो '''जर्मन आविष्कारक''' आरू '''[[कारीगर]]''' छेलै, जे '''[[चल-टाइप केरौ छपाई मशीन]] (मूवेबल-टाइप प्रिंटिंग प्रेस)''' केरौ आविष्कार करलकै।पुर्बी एशिया मँ चल-अचल प्रकार केरौ छपाई पहिलै सं उपयोग मँ छेलै, लेकिन गुटेनबर्ग केरौ प्रिटिंग प्रेस <ref>{{harvnb|Duchesne|2006|p=83}}; {{harvnb|Man|2002|pp=112–115}}: {{quote|Chinese paper was suitable only for calligraphy or block-printing; there were no screw-based presses in the east, because they were not wine-drinkers, didn't have olives, and used other means to dry their paper.}} ''[[Encyclopædia Britannica]]'' 2006: "Printing": {{quote|The second necessary element was the concept of the printing press itself, an idea that had never been conceived in the Far East.}}</ref> केरौ आविष्कार सँ [[छपाई]] केरौ गति बहुत तेज होय गेलै। प्रिटिंग प्रेस बाद में पूरा दुनिया मँ फैललै,{{sfn|Füssel|2019|p=7}} आरू एक सूचना क्रांति (information revolution) लानलकै, जेकरा सँ यूरोप भर मँ साहित्य के अभूतपूर्व (unprecedented) रूप सँ बड़ पैमाना प प्रसार (mass-spread) भेलै।ओकरो [[पुनर्जागरण]], [[सुधार]], आरू [[मानवतावादी]] आंदोलन के विकास पर गहरो प्रभाव पड़लो छेलै। गुटेनबर्ग के प्रिंटिंग में बहुत योगदान छै, जेकरा मँ '''चल-टाइप केरौ [[भारी मात्रा मँ उत्पादन]]''' करै लेली एगो प्रक्रिया केरौ आविष्कार शामिल छै; किताब छापै {{sfn|Sivulka|1998|p=5}} लेली '''तेल-आधारित [[स्याही]]''' केरौ उपयोग; '''समायोज्य सांचा''' <ref>{{cite web|url=http://www.fonts.com/content/learning/fontology/level-4/influential-personalities/gutenbergs-invention|title=Gutenberg's Invention - Fonts.com|website=Fonts.com|access-date=23 October 2020|archive-date=28 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200928060115/https://www.fonts.com/content/learning/fontology/level-4/influential-personalities/gutenbergs-invention|url-status=live}}</ref> (molds); '''यांत्रिक चल-टाइप''' (mechanical movable type); आरू वू जमाना केरौ कृषि [[स्क्रू प्रेस]] <ref>{{cite web|url=http://www.livescience.com/2569-gutenberg-changed-world.html|title=How Gutenberg Changed the World|work=Live Science|last=Whipps|first=Heather|date=26 May 2008|access-date=23 October 2020|archive-date=23 October 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201023223404/https://www.livescience.com/2569-gutenberg-changed-world.html|url-status=live}}</ref>(agricultural screw presses) जैसनो '''काठ केरौ छपाई मशीन''' (wooden printing press) केरौ आविष्कार शामिल छै। गुटेनबर्ग के टाइप बनाबै के तरीका मँ, परम्परागत रूप सँ, [[टाइप धातु के एगो मिश्रधातु]] आरू ढलाई लेली एगो [[हाथ के साँचो]] शामिल मानलो जाय छै। ई मिश्रधातु [[सीसा]] (lead), [[टीन]] (tin), आरू [[सुरमा]] (antimony) के मिश्रण होतै जे अपेक्षाकृत कम तापमान पर पिघलै छेलै, जेकरा सँ जल्दी आरू कम खर्च मँ ढलाई हुअय सकै, बढ़िया सँ ढलै छेलै, आरू एगो मजबूत टाइप बनबै छेलै।{{sfn|Lyons|2011|p=56}} हुनकरो प्रमुख कृति, [[गुटेनबर्ग बाइबिल]], बाइबिल के पहिलो छपलो संस्करण छेलै आरू एकरा अपनो उच्च सौंदर्य आरू तकनीकी गुणवत्ता लेली सराहलो गेलो छै। गुटेनबर्ग क॑ अक्सर [[मानव इतिहास]] केरौ सबस॑ प्रभावशाली लोगो म॑ एक मानलो जाय छै आरू हुनकौ याद म॑ पूरा दुनिया म॑ उत्सव मनैलो गेलो छै। हुनकौ जन्म केरौ ५००वीं बरसी मनाबै लेली, १९०० ई. म॑ हुनकौ मायस्थान [[मैन्ज]] म॑ [[गुटेनबर्ग म्यूजियम]] केरौ स्थापना करलो गेलो छेलै। १९९७ म॑ [[टाइम लाइफ]] न॑ गुटेनबर्ग केरौ आविष्कार क॑ दोसरो सहस्राब्दी केरौ सबस॑ महत्वपूर्ण आविष्कार मानलकै। <ref>{{Cite book|editor=Friedman, Robert|date=1998|title=The Life Millennium: The 100 Most Important Events & People of the Past 1000 Years|url=https://archive.org/details/lifemillennium1000frie/mode/1up|publisher=Life Books, Time Inc.; distributed by Bulfinch Press|page=[https://archive.org/details/lifemillennium1000frie/page/165/mode/1up 166]|isbn=978-0-8212-2557-8|access-date=20 March 2024}}</ref> == जीवन आरू कैरियर == === शुरूआती जीवन === [[File:Gensfleisch family coat of arms.png|thumb|upright=.8|[[Coat of arms]] of the Gensfleisch family, from the ''Register of Fiefs of Frederick I'' (1461){{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/35/mode/2up 35]}}]] जोहानिस गुटेनबर्ग केरौ जनम '''[[राइन]]''' नदी केरौ किनारे बसलो एगो धनी शहर '''[[मैन्ज]]''' (जेकरा '''आब [[जर्मनी]]''' कहलौ जाय छै) मँ '''चौदहमी आरू पंद्रहमी सदी केरौ बीच''' मँ होलो छेलै।{{sfn|Wagner|2000|p=58}}{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/25/mode/2up 25]}} उनकर '''ठीक-ठीक जनम बरिस मालुम नयँ छै'''; एकरा बाद के दस्तावेज के आधार प जे ई बताबै छै कि ओ '''1420 तक वयस्क''' भ गेल छेलै, विद्वानऽ सबकर अनुमान '''1393 सँ 1406''' के बीच रहलौ छै।{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/29/mode/2up 29]}}{{efn|Due to minimal extant documentation, identifying Gutenberg's exact year of birth is impossible.{{sfn|Wagner|2000|p=83}} Most modern scholars give a range of slightly differing dates for Gutenberg's birth year, including 1394–1406,{{sfn|Ing|1988|p=27}} 1394–1404,{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/25/mode/2up 25]}} 1394–1406,{{sfn|Wagner|2000|p=83}} and 1393–1403.{{sfn|Füssel|2019|pp=10–11}}}} The year 1400 is commonly assigned to Gutenberg, "for the sake of convenience".{{sfn|Ing|1988|p=27}} Tradition also holds his birthdate to be on the [[Nativity of Saint John the Baptist|feast day of Saint John the Baptist]], 24 June, since children of the time were often named after their birthday's [[patron saint]].{{sfn|Füssel|2019|p=11}} There is no verification for this assumption, since the name "Johannes"—and variants such as "Johann", "Henne", "Hengin" and "Henchen"—was widely popular at the time.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/29/mode/2up 29]}} In full, Johannes Gutenberg's name was 'Johannes Gensfleisch zur Laden zum Gutenberg', with "Laden" and "Gutenberg" being adopted from the family's residences in Mainz.{{sfn|Ing|1988|p=27}} The latter refers to the ''Hof zum Gutenberg'', a large and now destroyed [[Gothic architecture|Gothic]]-style residence inherited by Gutenberg's father.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/32/mode/2up 32]}} Gutenberg probably spent his earliest years at the manor, which existed beside [[St. Christoph's Church, Mainz|St. Christoph's]].{{sfn|Wagner|2000|p=58}}{{efn|Local tradition holds that Gutenberg's baptism took place at [[St. Christoph's Church, Mainz|St. Christoph's]], albeit without documentary evidence.{{sfn|Man|2002|p=29}}}} His father Friele Gensfleisch zur Laden was a [[Patrician (post-Roman Europe)#German cities of the Holy Roman Empire|patrician]] and merchant, likely in the [[Cloth merchant|cloth trade]].{{sfn|Füssel|2019|p=11}} Friele later served among the "master of the accounts" for the city and was a {{lang|de|[[Münzmeister|Münzerhausgenossenschaft]]}} ({{lit.|minting house cooperative}}), a part of the [[Mint (facility)|mint]]'s companionship.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/30/mode/2up 30]}}{{efn|The extent of Friele's actual involvement in the city's finances and trade of [[precious metal]] is unknown; the roles may have been largely ceremonial.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/30/mode/2up 30]}}}} In 1386 Friele married his second wife, Else Wyrich, the daughter of a shopkeeper; Johannes was probably the youngest of the couple's three children, after his brother Friele ({{abbr|b.|born}} {{circa|1387}}) and sister Else ({{abbr|b.|born}} {{circa|1390–1397}}).{{sfn|Kapr|1996|pp=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/29/mode/2up 29–30]}}{{efn|Gutenberg had a half sister, Patze, from his father's earlier marriage to an otherwise unknown woman.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/30/mode/2up 30]}}}} Scholars commonly assume that the marriage of Friele to Else, who was not of patrician lineage, complicated Gutenberg's future.{{sfn|Wagner|2000|p=60}} Because of his mother's commoner status, Gutenberg would never be able to succeed his father at the mint;{{sfn|Kapr|1996|pp=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/30/mode/2up 30–31]}} according to the historian {{ill|Ferdinand Geldner|de}} this disconnect may have disillusioned him from high society and encouraged his unusual career as an inventor.{{sfn|Wagner|2000|pp=60, 84}}{{efn|The historian Sabina Wagner notes that Geldner's theory is "the opinion of many Gutenberg biographers", though not all.{{sfn|Wagner|2000|p=60}} The biographer {{ill|Andreas Venzke|de}} has instead suggested that the disconnect inaugurated a life-long sense of determination.{{sfn|Venzke|1993|p=37}} Wagner herself consider's the fact that Gutenberg was the youngest son as more impactful than his social standing.{{sfn|Wagner|2000|p=60}}}} The patrician ({{lang|de|Patrizier}}) class of Mainz—the Gutenbergs included—held a privileged socioeconomic status, and their efforts to preserve this put them into frequent conflict with the younger generations of [[guild]] ({{lang|de|Zünfte}}) craftsmen.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/38/mode/2up 38]}}{{sfn|Wagner|2000|pp=50–61}} A particularly violent conflict arose in February 1411 amid an election dispute, and at least 117 patricians fled the conflict in August.{{sfn|Füssel|2019|p=11}}{{sfn|Kapr|1996|pp=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/38/mode/2up 38–39]}} Friele left, presumably with the Gutenberg family, and probably stayed in the nearby [[Eltville]] since Else had inherited a house on the town walls there.{{sfn|Füssel|2019|p=11–12}}{{sfn|Kapr|1996|pp=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/38/mode/2up 38–39]}} The [[archbishop]] mediated a peace between the rival parties, allowing the family to return to Mainz later that Autumn.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/39/mode/2up 39]}} The situation remained unstable and the rise of hunger riots forced the Gutenberg family to leave in January 1413 for Eltville.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/39/mode/2up 39]}} ===शिक्षा=== No documents survive concerning Gutenberg's childhood or youth.{{sfn|Wagner|2000|p=60}} The biographer {{ill|Albert Kapr|de}} remarked that "most books on Gutenberg pass over this period with the remark that not a single fact is known".{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/36/mode/2up 36]}} As the son of a patrician, education in reading and arithmetic would have been expected.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/37/mode/2up 37]}} A knowledge of [[Latin]]—a prerequisite for universities—is also probable, though it is unknown whether he attended a Mainz parish school, was educated in [[Eltville]] or had a private tutor.{{sfn|Wagner|2000|pp=60–61}} Gutenberg may have initially pursued a religious career, as was common with the youngest sons of patricians, since the proximity of many churches and monasteries made it a safe prospect.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/37/mode/2up 37]}} It has been speculated that he attended the {{ill|Stift St. Viktor vor Mainz|de|lt=St. Victor's}} south of Mainz (near {{ill|Mainz-Weisenau|de|lt=Weisenau}}), as he would later join their brotherhood.{{sfn|Füssel|2019|p=11}} It was the site of a well-regarded school and his family had connections there, though his actual attendance remains speculative.{{sfn|Wagner|2000|p=61}} He is assumed to have studied at the [[University of Erfurt]], where there is a record of the enrollment of a student called Johannes de Altavilla in 1418—Altavilla is the Latin form of Eltville am Rhein.{{sfn|Wagner|2000|pp=61–62}} Nothing is now known of Gutenberg's life for the next fifteen years, but in March 1434, a letter by him indicates that he was living in Strasbourg, where he had some relatives on his mother's side. He also appears to have been a goldsmith member enrolled in the Strasbourg [[militia]]. In 1437, there is evidence that he was instructing a wealthy tradesman on polishing gems, but where he had acquired this knowledge is unknown. In 1436/37 his name also comes up in court in connection with a broken promise of marriage to a woman from Strasbourg, Ennelin.<ref name=museum>{{cite web|title=Gutenberg und seine Zeit in Daten (Gutenberg and his times; Timeline)|url=http://www.mainz.de/gutenberg/zeitgutb.htm|publisher=[[Gutenberg Museum]]|access-date=24 November 2006|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20061222075141/http://www.mainz.de/gutenberg/zeitgutb.htm|archive-date=22 December 2006}}</ref> Whether the marriage actually took place is not recorded. Following his father's death in 1419, he is mentioned in the inheritance proceedings. ===प्रिंटिंग प्रेस=== {{Further|Global spread of the printing press}} {{quote box | width = 220px | align = right | bgcolor = #c6dbf7 | quote = What was written to me about that marvelous man [Gutenberg] seen at Frankfurt {{sic}} entirely true. I have not seen complete bibles but only a number of [[Paper quire|quires]] of various books [of the Bible]. The script is extremely neat and legible, not at all difficult to follow [You] would be able to read it without effort, and indeed without glasses |source = Future pope [[Aeneas Sylvius Piccolomini|Pius II]] in a letter to Cardinal [[Juan Carvajal (cardinal)|Carvajal]], March 1455{{sfn|Raven|Proot|2020|p=137}} }} Around 1439, Gutenberg was involved in a financial misadventure making polished metal mirrors (which were believed to capture holy light from religious relics) for sale to pilgrims to [[Aachen]]: in 1439 the city was planning to exhibit its collection of relics from [[Charlemagne|Emperor Charlemagne]] but the event was delayed by one year due to a severe flood and the capital already spent could not be repaid. <!-- When the question of satisfying the investors came up, Gutenberg is said to have promised to share a "secret". It has been widely speculated that this secret was the idea of printing with [[movable type]]. Also around 1439–40, the [[Dutch people|Dutch]] [[Laurens Janszoon Coster]] came up with the idea of printing.<ref>{{cite book|last=Burke|first=James|author-link=James Burke (science historian)|title=Connections|publisher=[[Macmillan Publishers]]|year=1978|location=London|page=101|isbn=0-333-24827-9}}</ref> Legend has it that the idea came to him "like a ray of light".<ref name=universe>{{cite book|author=Burke, James|title=The Day the Universe Changed|publisher=[[Little, Brown and Company]]|year=1985|location=[[Boston]], Toronto|isbn=0-316-11695-5|url=https://archive.org/details/dayuniversechang00burk}}</ref> [SEE TALK PAGE FOR REASON THIS WAS COMMENTED OUT ~Dapperedavid --> Until at least 1444 Gutenberg lived in [[Strasbourg]], most likely in the [[Saint Arbogast|St. Arbogast]] parish. It was in Strasbourg in 1440 that he is said to have perfected and unveiled the secret of printing based on his research, mysteriously entitled ''Aventur und Kunst'' (enterprise and art). It is not clear what work he was engaged in, or whether some early trials with printing from movable type were conducted there. After this, there is a gap of four years in the record. In 1448, he was back in Mainz, where he took out a loan from his brother-in-law Arnold Gelthus, possibly for a printing press or related paraphernalia. By this date, Gutenberg may have been familiar with [[Intaglio (printmaking)|intaglio]] printing; it is claimed that he had worked on copper [[engraving]]s with an artist known as the [[Master of Playing Cards]].{{sfn|Wagner|2000|pp=65–66}} By 1450, the press was in operation, and a German poem had been printed, possibly the first item to be printed there.{{sfn|Wagner|2000|p=74}} Gutenberg was able to convince the wealthy moneylender [[Johann Fust]] for a loan of 800 [[guilder]]s. [[Peter Schöffer]], who became Fust's son-in-law, also joined the enterprise. Schöffer had worked as a [[scribe]] in Paris and is believed to have designed some of the first [[typeface]]s. Gutenberg's workshop was set up at [[Humbrechthof]], a property belonging to a distant relative. It is not clear when Gutenberg conceived the Bible project, but for this, he borrowed another 800 guilders from Fust, and work commenced in 1452. At the same time, the press was also printing other, more lucrative texts (possibly [[Latin]] grammars). There is also some speculation that there were two presses: one for the pedestrian texts and one for the Bible. One of the profit-making enterprises of the new press was the printing of thousands of [[indulgence]]s for the church, documented from 1454 to 1455.<ref>{{cite web|last1=Kelley|first1=Peter|title=Documents that Changed the World: Gutenberg indulgence, 1454|url=http://www.washington.edu/news/2012/11/16/documents-that-changed-the-world-gutenberg-indulgence-1454/|website=UW Today|publisher=University of Washington|access-date=28 April 2015}}</ref> In 1455, Gutenberg completed his ''42-line Bible'', known as the [[Gutenberg Bible]]. About 180 copies were printed, three quarters on paper, and the rest on [[vellum]].{{sfn|''The Oxford Companion to German Literature''|2005|loc=§ para. 2}}<ref>{{Cite book |last=International Federation of Library Associations and Institutions. Rare Books and Manuscripts Section |title=Early printed books as material objects |date=2010 |publisher=De Gruyter |others=Bettina Wagner, Marcia Reed, IFLA Rare Books and Manuscripts section |isbn=978-3-11-025530-0 |location=Berlin |oclc=732957497}}</ref> === मुकदमा === Some time in 1456, there was a dispute between Gutenberg and Fust, in which Fust demanded his money back, and accused Gutenberg of misusing the funds. Gutenberg's two rounds of financing from Fust, totaling 1,600 guilders at 6% interest, now amounted to 2,026 guilders.{{sfn|Hessels|1911}} Fust sued at the archbishop's court. A legal document, from November 1455, records that there was a partnership for a "project of the books," the funds for which Gutenberg had used for other purposes, according to Fust. The court decided in favor of Fust, giving him control over the Bible printing workshop.<ref>[https://books.google.com/books?id=jLnPi5aYoJUC&dq=-%22gave%20him%20possession%22%20court%20Fust%20Bible%20printing%20workshop%20-wikipedia&pg=PA88 Information Revolutions in the History of the West, Leonard Dudley 2008, p.88]</ref> Thus, Gutenberg was effectively bankrupt, but it appears he retained, or restarted, a printing shop and participated in the printing of a Bible in the town of [[Bamberg]] around 1459, for which he seems at least to have supplied the type. But since his printed books never carry his name or a date, it is difficult to be certain. It is possible the large [[Catholicon (1286)|''Catholicon'' dictionary]], printed in Mainz in 1460 or later, was executed in his workshop, but there has been considerable scholarly debate.<ref>[https://books.google.com/books?id=CMZKDwAAQBAJ&dq=Catholicon%201460%20mainz&pg=PA155 Incunabula in Transit, People and Trade, by Lotte Hellinga, 2018, p.155]</ref> Meanwhile, the Fust–Schöffer shop was the first in Europe to bring out a book with the printer's name and date, the ''[[Mainz Psalter]]'' of August 1457, and while proclaiming the mechanical process by which it had been produced, it made no mention of Gutenberg. {{Gallery| | align = center | height = 200 | File:Berlin 1840 Celebration Medal 400th Anniversary Johannes Gutenberg's Printing Press Invention, obverse.jpg|Celebration medal by [[:de:Friedrich Anton König|Friedrich Anton König]] in 1840, the 400th anniversary of Johannes Gutenberg's printing press invention, [[Obverse and reverse|obverse]] | File:Berlin 1840 Celebration Medal 400th Anniversary Johannes Gutenberg's Printing Press Invention, reverse.jpg|The [[Obverse and reverse|reverse]] of the medal: Johannes Gutenberg in his workshop, sitting in front of his printing press | File:Johannes Gutenberg.jpg|A 17th-century copper engraving depiction of Gutenberg }} === बाद केरो जीवन === In 1462, during the devastating [[Mainz Diocesan Feud]], Mainz was sacked by [[Archbishop]] [[Adolph II of Nassau|Adolph von Nassau]]. On 18 January 1465, Gutenberg's achievements were recognized by Archbishop von Nassau.{{sfn|Kapr|1996|pp=259–260}} He was given the title ''Hofmann'' (gentleman of the court). This honor included a [[stipend]] and an annual court outfit, as well as 2,180 litres of grain and 2,000 litres of wine tax-free.{{sfn|Sumner|2009|p=}} Gutenberg died in 1468 and was buried likely as a [[Third order|tertiary]] in the [[Franciscans|Franciscan]] church at Mainz.{{sfn|Wagner|2000|pp=82–83}} This church and the cemetery were later destroyed, and Gutenberg's grave is now lost.{{sfn|Sumner|2009|p=}} In 1504, he was mentioned as the inventor of [[typography]] in a book by Professor Ivo Wittig. It was not until 1567 that the first portrait of Gutenberg, almost certainly an imaginary reconstruction, appeared in Heinrich Pantaleon's biography of famous Germans.{{sfn|Sumner|2009|p=}} == बाहरी कड़ी == * [https://www.mainz.de/microsite/gutenberg-museum/splash-page.php/?language=e English homepage of the Gutenberg-Museum Mainz] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240123003219/https://www.mainz.de/microsite/gutenberg-museum/splash-page.php/?language=e |date=23 January 2024 }}, Germany. * [https://web.archive.org/web/20080725195235/http://hrc.utexas.edu/exhibitions/permanent/gutenberg/project/ The Digital Gutenberg Project] [[श्रेणी:वैज्ञानिक]] [[श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन]] 21c7bkslhx1dzda2t3e9o04ahi6znhp जुबिन गर्ग 0 5691 22887 22733 2026-03-31T00:04:04Z InternetArchiveBot 123 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 22887 wikitext text/x-wiki '''जुबिन गर्ग''' ({{Lang-en|Zubeen Garg}}; १८ नवम्बर १९७२ – १९ सितम्बर २०२५) [[असम]], [[भारत]] के एक प्रसिद्ध [[गायक]] रहथुन। ओ एक [[संगीत निर्देशक]], [[गीतकार]], [[संगीतकार]], [[फिल्म अभिनेता]], निर्माता, [[निर्देशक]], वादक, [[कवि]] आरू [[सामाजिक कार्यकर्ता]] सेहो रहथुन।<ref name="xobdo">{{cite web | url=http://www.xobdo.org/asm/%E0%A6%9C%E0%A7%81%E0%A6%AC%E0%A6%BF%E0%A6%A8%20%E0%A6%97%E0%A6%BE%E0%A7%B0%E0%A7%8D%E0%A6%97 | title=जुबिन गर्ग | publisher=xobdo.org | accessdate=19 January 2013 }}{{Dead link|date=October 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> ओ असमिया, हिन्दी, बंगला, बोडो, राजबंशी, चायबागानी, हाजोंग, मिशिंग, कार्बी, गारो, राभा, डिमासा, देउरी, नेपाली, भोजपुरी, उर्दू, ओड़िया, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी आरू अंग्रेजी जइसन ४० भाषा में गीत गैलथुन। {{Infobox person | bgcolour = lightgray | name = जुबिन गर्ग | image = Zubin Garg Live performance (cropped).jpg | caption = २०२५ में जुबिन गर्ग | image_size = 300px | birth_date = १८ नवंबर १९७२ | background = solo_singer | birth_name = जुबिन बरठाकुर | alias = {{hlist|गोल्डी<ref>{{cite web|last=Goswami|first=Darshana|title=The wonder boy called Goldie|website=Thumbprint NE|date=2025-09-22|url=https://thumbprintmag.in/single_post.php?id=the-wonder-boy-called-goldie|access-date=2025-09-22}}{{Dead link|date=December 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref>|असम के दिलकश गायक|लुइतकंठ|हैमिंग सम्राट|जुबिन दा<ref>{{cite news |last1=Baruah |first1=Sukrita |date=19 September 2025 |title=Zubeen da, voice of a generation, who listened to his own conscience|url=https://indianexpress.com/article/india/zubeen-da-voice-of-a-generation-who-listened-to-his-own-conscience-10259892/ |work=The Indian Express |access-date=20 September 2025}}</ref>|सोनटी}} | birth_place = तुरा, [[मेघालय]], [[भारत]] | death_date = १९ सितंबर २०२५ (५२ वर्ष) | death_place = सिंगापुर जनरल अस्पताल, बुकित मेराह, सिंगापुर <ref>{{cite web|title=Singer Zubeen Garg died in Singapore while swimming, not during scuba diving: report|website=The Hindu|date=2 Oct 2025|url=https://www.thehindu.com/news/national/singer-zubeen-garg-died-in-singapore-while-swimming-not-during-scuba-diving-report/article70117336.ece/|access-date=5 Oct 2025}}</ref><ref>{{cite news |title=Zubeen Garg is No More – Pratidin Time |url=https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/zubeen-garg-is-no-more-10479313 | access-date=19 September 2025 |work=Pratidin Time |date=19 September 2025 |language=en}}</ref> | genre = {{hlist|असमीया लोकगीत|[[रॉक संगीत]]|[[बिहू]]|फिल्म संगीत|भारतीय लोक-संगीत}} | occupation = {{hlist|गायक|पाश्र्वगायक|संगीत निर्देशक|संगीतकार|गीतकार|संगीत संयोजक|फिल्म अभिनेता|फिल्म निर्देशक|फिल्म निर्माता|वादक|कवि|सामाजिक कार्यकर्ता}} | instrument = {{hlist|कीबोर्ड|गिटार|तबला|मैंडोलिन|ढोलक|पर्कशन}} | nationality = भारतीय | ethnicity = [[असमिया लोग|असमिया]] | label = {{hlist|एन.के. प्रोडक्शन|सोनी म्यूज़िक|मैग्नासाउंड रिकॉर्ड्स|यूनिवर्सल म्यूज़िक ग्रुप|टाइम्स म्यूज़िक|टी-सीरीज़|ज़ी म्यूज़िक कंपनी|इरोज़ नाउ|सारेगामा|एस.वी.एफ.|सुरिंदर फिल्म्स|इस्के मूवीज़|इको म्यूज़िक|ध्वनि रिकॉर्ड्स|जुबिन गर्ग म्यूज़िक|अपून रिकॉर्ड्स|ए.सी. मल्टीमीडिया|जॉलीवुड नाउ म्यूज़िक}} | years_active = 1992 – 2025 | spouse = गरिमा शैक्या गर्ग | birth_name = जुबिन बरठाकुर | work = [[जुबिन गर्ग द्वारा रिकॉर्ड किए गए गीतों की सूची]] }} १९९२ में जुबिन के पहिल एल्बम ''अनामिका'' प्रकाशित भेल।<ref name="futuresounds">{{cite web | url=http://www.futuresounds.in/store/anamika/ | title=Zubeen's debut album Anamika | publisher=futuresounds.com | accessdate=4 September 2015}}</ref> ओहि के बाद उ पेशेवर संगीत के दुनिया में जुड़ गेलथुन।<ref name="onlinesivasagar">{{cite web | url=http://onlinesivasagar.com/music/zubeen-garg.html | title=About Zubeen Garg | publisher=onlinesivasagar.com | accessdate=19 January 2013 | archive-date=7 June 2009 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090607014040/http://onlinesivasagar.com/music/zubeen-garg.html }}</ref> २००५ में बंगाली फिल्म ''शुधु तुमि'' के लेल उ श्रेष्ठ संगीत निर्देशक के पुरस्कार पएलथुन। [[हिन्दी फिल्म]] ''गैंगस्टर'' के गीत ''या अली'' के लेल २००६ में उ ''ग्लोबल इंडियन फिल्म अवार्ड'' आरू ''स्टारडस्ट अवार्ड'' में ''श्रेष्ठ पार्श्व गायक (पुरुष)'' के पुरस्कार जीतलथुन। ओहि के अलावा अंग्रेजी-खासी फिल्म ''Echoes of Silence'' के लेल उ [[राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार]] से सम्मानित भेलथुन।<ref name="gomolo">{{cite web | url=http://www.gomolo.com/awards-won-by-zubeen-garg/6236 | title=Awards won by Zubeen Garg | publisher=gomolo.com | accessdate=4 September 2015 | archive-date=8 October 2015 | archive-url=https://web.archive.org/web/20151008042606/http://www.gomolo.com/awards-won-by-zubeen-garg/6236 }}</ref> २०१४ में असमिया संगीत में नया धार लावे के लेल उ “रेनेसां असम पुरस्कार” से सम्मानित भेलथुन। २०२४ में [[मेघालय]] विज्ञान आ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उकरा मानद डी.लिट. उपाधि देलक। २०२५ में उ भूपेन हजारिका पुरस्कार से भी सम्मानित भेलथुन। जुबिन गर्ग बहु-वाद्य वादक रहथुन। उ ढोल, गिटार, तबला, कीबोर्ड, मैंडोलिन, हारमोनिका आ हारमोनियम सब बजावथुन। उ असम के सबसँ अधिक पारिश्रमिक पावे वाला गायक में से एक रहथुन। उकरी ३३ साल के संगीत यात्रा में उ करीब ४० भाषा में ३८,००० से अधिक गीत रिकॉर्ड केलथुन।<ref>{{cite news|title=Thousands of fans bid adieu to Zubeen at Guwahati stadium|url=https://www.thehindu.com/entertainment/music/singer-zubeen-gargs-body-arrives-at-guwahati-airport-thousands-gather-to-get-last-glimpse/article70076293.ece|access-date=23 September 2025|work=[[The Hindu]]|date=21 September 2025}}</ref> १९ सितम्बर २०२५ के दिन सिंगापुर में जुबिन गर्ग के मृत्यु हो गेल। == बाहरी कड़ी == {{Commons category|Zubeen Garg|जुबिन गर्ग}} * {{IMDb name|0958276}} == संदर्भ == 8gp9zeds13p5k11r6fjty4xfhq2jgh5 विक्टोरिया बागिन्स्काया 0 5829 22890 22875 2026-03-31T01:35:53Z InternetArchiveBot 123 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 22890 wikitext text/x-wiki '''विक्टोरिया इलिव्ना बागिन्स्का-गुर्जी''' (लगभग विक्टोरिया इलिनिच्ना बागीन्स्काया; जन्म गुर्दजिक; ३० जून १९२६, क्रास्नोडार, यूएसएसआर – ७ जनवरी २०१२, रूसी संघ) एक सोवियत आरू रूसी लेखिका, शिक्षिका, क्रीमचाक लोकगीत आरू गीत कs संग्रहकर्ता, जीवित क्रीमचाक भाषा कs आखिरी वक्ता सिनी में से एक थी। ==जीवनी== विक्टोरिया बागिन्स्काया के जन्म क्रिमीया के इल्या याकौलेविच आरू वेरा पेट्रोव्ना गुरझी के परिवार में भेलै, जे 1921 के अकाल वर्ष में केरच (क्राइमिया) से क्रास्नोडार आयलै। 1974 में अखिल सोवियत साहित्यिक निबंध प्रतियोगिता “हमरऽ दिन के शिक्षक”, [[शिक्षक]] अखबार के 50वीं वर्षगांठ पर समर्पित में (पहिला पुरस्कार) जीतला के बाद हुनका सोवियत संघ में लोकप्रिय "शिक्षक अखबार" में सहयोग करे खातिर आमंत्रित करल गेलै। बी. बागिन्स्की के गैर-मानक पाठ, शिक्षा के तकनीक आरू तरीका, निबंध, उपन्यास आदि के बारे में लेख हाल तक शिक्षक अखबार में छापल गेलै।<ref>''V. Baginskaya'nın ilk şiir seçkisi I. Varavva'nın önsözüyle "İyi Yol"''</ref> 250 सऽ बेसी लेख अखिल संघ आरू क्षेत्रीय पत्रिका मँ प्रकाशित होलौ: पत्रिका “स्कूल मँ साहित्य”, “साहित्य पाठ”, “परिवार आरू स्कूल”, “लोगऽ कऽ दोस्ती”, “सोवियत महिला” (बाद मँ “महिला दुनिया”), “प्रकृति आरू आदमी”, “[[विज्ञान]] आरू जीवन” आरू बहुत कुछ; केन्द्रीय अखबार मँ: “नास्तवनित्सकाया”, “प्रावदा”, “हुदोक” आरू दूसर प्रकाशन। विक्टोरिया बागिन्सकाया सर्वश्रेष्ठ निबंध के लेल पाँच साहित्यिक प्रतियोगिता के विजेता छेकै: अंतर्राष्ट्रीय (दुई प्रथम आरू एक तृतीय पुरस्कार), अखिल संघ (पहिलऽ आरू तेसरऽ पुरस्कार)।<ref>https://www.ug.ru/02.30/t10.htm</ref> ==रचनात्मकता आरू सिद्धि== गुर्द्जी परिवार के सातो सदस्य, जे क्रीमिया से दूर रहै छेलै, घर मँ क्रिमियाई बोलै छेलै, क्रिमियाई गाना जानै छेलै, क्रिमचाक के गाना, कहावत आरू कहनी, कहानी आरू मिथक के रक्षा करै छेलै आरू लोकप्रिय बनाबै छेलै, राष्ट्रीय रीति-रिवाज आरू परंपरा क नै भूलै छेलै।<ref>''Baginskaya I. Victoria Baginskaya-Gurji, Kırımçak kimliği için savaşıyor. Pontus-Kafkas Çalışmaları Merkezi''.</ref> 1960 के दशक के शुरुआत मँ बेगिन्सका यूएसएसआर के राज्य संग्रहालय नृवंशविज्ञान मँ 12 क्रिमियाई गाना भेजलकै - मूल मँ आरू रूसी मँ अपन अनुवाद के साथ। संग्रहालय संस्थान एकरा संग्रहालय के बढ़ावा देय लेली परिषद के सदस्य के रूप मँ स्वीकार करलकै।<ref>{{Cite web |title=Archive copy |url=http://tldrify.com/12k1 |access-date=2026-03-27 |archive-date=2025-04-18 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250418092807/http://tldrify.com/12k1 }}</ref> 1983 मँ अखबार प्रावदा मँ वी. बेगिन्सकाया के लेख "मैं स्रोत से संबंधित छियै", प्रकाशित भेलै जहाँ ऊ पहलो बार अपन लोग के बारे मँ बोललकै आरू क्रिमचाक के लोग के रचनात्मकता क बचाबै के जरूरत प जोर देलकै। बेगिन्सकाया 100 गाना, 230 कहावत, दृष्टांत, परी कथा आरू कहावत जमा करलकै, एकरा रूसी मँ अनुवाद करलकै, लेकिन एकरा दशक तक प्रकाशित करना संभव नै रहै। 2003 मँ बेगिन्सकाया, अपन पति आरू बेटा के मदद से, अपन खर्च प संग्रह "क्रिमचाक के लोक गाना आरू कहावत" के 100 प्रति प्रकाशित करै मँ कामयाब रहलै। संग्रह लोककथा प्रेमी क उपहार मँ देल गेलै। ई किताब क संयुक्त राज्य अमेरिका के लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस द्वारा सूचीबद्ध करल गेलै ह।<ref>https://www.ug.ru/issue/?action=topic&toid=1480</ref> बेगिन्सकाया अलेक्जेंडर पुश्किन के कविता संग्रह के क्रिमचाक भाषा मँ अनुवाद करलकै। विक्टोरिया बेगिन्सकाया आई.के. ऐवाज़ोव्स्की के पेंटिंग के एक लघु प्रति बनैलकै, ऊ कुछ लेखक के रचना के पेंटिंग बनैलकै (ए.एन. टॉल्स्टॉय, "एलिटा"; ए.आर. बेलेयव, "एम्फीबियन मैन" आरू अन्य)। साहित्यिक शैली मँ ऊ विज्ञान कथा कविता आरू लघु कहानी ("संपर्क", "कॉलिंग", आदि) मँ विशेषज्ञता हासिल करलकै।<ref>https://web.archive.org/web/20160529045059/http://picasaweb.google.com/lh/photo/wXe6o3HKEW-SqNW4Qc7A3Q?feat=directlink</ref> ==संदर्भ== {{Reflist}} [[श्रेणी:1926 मँ जनमल]] [[श्रेणी:2012 मँ मुअल]] [[श्रेणी:क्रिम्चक]] [[श्रेणी:रूसी लोककथाकार]] hyxqtjp201g3asnn9crkp7tixid1cey