विकिपीडिया awawiki https://awa.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8_%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE MediaWiki 1.46.0-wmf.26 first-letter मीडिया खास बातचीत यूजर यूजर बातचीत विकिपीडिया विकिपीडिया बातचीत फाइल फाइल बातचीत मीडियाविकी मीडियाविकी बातचीत खाँचा खाँचा बातचीत मदद मदद बातचीत श्रेणी श्रेणी बातचीत TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk यूक्रेन का इतिहास 0 9725 34907 2026-04-30T13:48:14Z Anushka10patel 4219 ''''यूक्रेन का इतिहास'''' कय साथे नँवा पन्ना बनावा गय 34907 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' 6k8ycp1ewaf9zearplqsqikswj1mrc6 34908 34907 2026-04-30T13:48:53Z Anushka10patel 4219 34908 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास'''यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे। gd8i12073a3h1pgyut1uxn5q63yvha8 34909 34908 2026-04-30T13:49:24Z Anushka10patel 4219 34909 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे। j67qp1xolp6x2t48kzlgecnikysu3im 34910 34909 2026-04-30T13:49:52Z Anushka10patel 4219 34910 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन। o8qtbcwfs9jehsatw7ytethvrb2rzm0 34911 34910 2026-04-30T13:50:17Z Anushka10patel 4219 34911 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई। fw43ppqtgkl8kfme8pgywufq0z6k5x3 34912 34911 2026-04-30T13:50:31Z Anushka10patel 4219 34912 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई। 5xx3dntbdectgw35g1y1g1axohu2k6k 34913 34912 2026-04-30T13:50:53Z Anushka10patel 4219 34913 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन। cqdxmok7ke2dj0644hxcdggni6ron1v 34914 34913 2026-04-30T13:51:17Z Anushka10patel 4219 34914 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। 6k8txdmrknfski17csqc9ub30xmrn8z 34915 34914 2026-04-30T13:51:34Z Anushka10patel 4219 34915 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। fj4ovm6omjqpcyy2peuejlw2bbr2ttm 34916 34915 2026-04-30T13:51:52Z Anushka10patel 4219 34916 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। sppgobx0z1b3ahwlr6vox18dpms2ev3 34917 34916 2026-04-30T14:00:42Z Anushka10patel 4219 34917 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] mvxjt66t4ek2jbhsgrmscdz2xz7z2r7 34918 34917 2026-04-30T14:01:00Z Anushka10patel 4219 34918 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] 28i6ogge126nz020l5po6uimpeuhx04 34919 34918 2026-04-30T14:01:32Z Anushka10patel 4219 34919 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] l8rltcjd3wiroyb6ps5w3qhtuewej27 34920 34919 2026-04-30T14:03:33Z Anushka10patel 4219 34920 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] l4zkxy3dwbvzivqp4xinvk158bypdg0 34921 34920 2026-04-30T14:03:50Z Anushka10patel 4219 34921 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] t0uurqjaaspjfnalbg2lzotwuv5qx8q 34922 34921 2026-04-30T14:05:07Z Anushka10patel 4219 34922 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] 77rb7zvgfgkczu2a395nbscgf6ftecj 34923 34922 2026-04-30T14:06:57Z Anushka10patel 4219 34923 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] hu7bmf8d8cj0m7cvu0g190hhz8l5ycq 34924 34923 2026-04-30T14:08:20Z Anushka10patel 4219 34924 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] l8sg160vzmu6rboyh8d3bw1dvsm6tf5 34925 34924 2026-04-30T14:09:05Z Anushka10patel 4219 34925 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] aao7rr341w9bdss11pgbrw2o6lptgoa 34926 34925 2026-04-30T14:09:25Z Anushka10patel 4219 34926 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। हैब्सबर्ग साम्राज्य क अधीन करीब 24 लाख यूक्रेनी लोग पूर्वी गैलिसिया मा रहत रहे, जौन मा लगभग 95% किसान रहे अउर बाकी पुजारी परिवार। गैलिसिया क कुलीन वर्ग जियादातर पोलिश या पोलिश-प्रभावित यूक्रेनी रहे। एह इलाका क विकास रूसी शासन वाले यूक्रेन से पीछे रहा अउर ई यूरोप क सबसे गरीब क्षेत्रन मा गिनल जात रहा। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] 1wdrdok6n4mlq44721sohc9gey3q0v8 34927 34926 2026-04-30T14:09:44Z Anushka10patel 4219 34927 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। हैब्सबर्ग साम्राज्य क अधीन करीब 24 लाख यूक्रेनी लोग पूर्वी गैलिसिया मा रहत रहे, जौन मा लगभग 95% किसान रहे अउर बाकी पुजारी परिवार। गैलिसिया क कुलीन वर्ग जियादातर पोलिश या पोलिश-प्रभावित यूक्रेनी रहे। एह इलाका क विकास रूसी शासन वाले यूक्रेन से पीछे रहा अउर ई यूरोप क सबसे गरीब क्षेत्रन मा गिनल जात रहा। उन्नीसवीं सदी मा राष्ट्रीय चेतना तेज़ी से बढ़े लाग। पढ़े-लिखे वर्ग (बुद्धिजीवी) धीरे-धीरे कुलीन वर्ग से हटके आम लोग अउर किसानन मा बढ़े लाग। ऊ लोग राष्ट्र निर्माण क प्रक्रिया शुरू किहिन, जउन मा राष्ट्रीय अधिकार अउर सामाजिक न्याय क माँग शामिल रही, लेकिन जारवादी शासन जल्दी एह आंदोलन क दबा दिहिस। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] svnll8o7xyak979l2ilfxk9etqencah 34928 34927 2026-04-30T14:10:08Z Anushka10patel 4219 34928 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। हैब्सबर्ग साम्राज्य क अधीन करीब 24 लाख यूक्रेनी लोग पूर्वी गैलिसिया मा रहत रहे, जौन मा लगभग 95% किसान रहे अउर बाकी पुजारी परिवार। गैलिसिया क कुलीन वर्ग जियादातर पोलिश या पोलिश-प्रभावित यूक्रेनी रहे। एह इलाका क विकास रूसी शासन वाले यूक्रेन से पीछे रहा अउर ई यूरोप क सबसे गरीब क्षेत्रन मा गिनल जात रहा। उन्नीसवीं सदी मा राष्ट्रीय चेतना तेज़ी से बढ़े लाग। पढ़े-लिखे वर्ग (बुद्धिजीवी) धीरे-धीरे कुलीन वर्ग से हटके आम लोग अउर किसानन मा बढ़े लाग। ऊ लोग राष्ट्र निर्माण क प्रक्रिया शुरू किहिन, जउन मा राष्ट्रीय अधिकार अउर सामाजिक न्याय क माँग शामिल रही, लेकिन जारवादी शासन जल्दी एह आंदोलन क दबा दिहिस। 1848 क क्रांति क बाद, यूक्रेनी लोग “सुप्रीम रूथेनियन काउंसिल” बनाइन अउर स्वायत्तता (आत्म-शासन) क माँग किहिन। एह समय पहिलका यूक्रेनी भाषा क अखबार “ज़ोरिया हाल्यित्स्का” भी शुरू भा। 1861 मा दास प्रथा (सर्फडम) खत्म होय से यूक्रेनी समाज पर गहरा असर परा, काहे कि करीब 42% लोग किसान-दास रहे। लेकिन उन्नीसवीं सदी क आख़िर मा भारी कर, तेजी से बढ़त जनसंख्या अउर जमीन क कमी क कारण किसानन क हालत खराब होत गई। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] l6o9rc5ueasngoj2cqcnijedh9hdoo8 34929 34928 2026-04-30T14:10:33Z Anushka10patel 4219 34929 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। हैब्सबर्ग साम्राज्य क अधीन करीब 24 लाख यूक्रेनी लोग पूर्वी गैलिसिया मा रहत रहे, जौन मा लगभग 95% किसान रहे अउर बाकी पुजारी परिवार। गैलिसिया क कुलीन वर्ग जियादातर पोलिश या पोलिश-प्रभावित यूक्रेनी रहे। एह इलाका क विकास रूसी शासन वाले यूक्रेन से पीछे रहा अउर ई यूरोप क सबसे गरीब क्षेत्रन मा गिनल जात रहा। उन्नीसवीं सदी मा राष्ट्रीय चेतना तेज़ी से बढ़े लाग। पढ़े-लिखे वर्ग (बुद्धिजीवी) धीरे-धीरे कुलीन वर्ग से हटके आम लोग अउर किसानन मा बढ़े लाग। ऊ लोग राष्ट्र निर्माण क प्रक्रिया शुरू किहिन, जउन मा राष्ट्रीय अधिकार अउर सामाजिक न्याय क माँग शामिल रही, लेकिन जारवादी शासन जल्दी एह आंदोलन क दबा दिहिस। 1848 क क्रांति क बाद, यूक्रेनी लोग “सुप्रीम रूथेनियन काउंसिल” बनाइन अउर स्वायत्तता (आत्म-शासन) क माँग किहिन। एह समय पहिलका यूक्रेनी भाषा क अखबार “ज़ोरिया हाल्यित्स्का” भी शुरू भा। 1861 मा दास प्रथा (सर्फडम) खत्म होय से यूक्रेनी समाज पर गहरा असर परा, काहे कि करीब 42% लोग किसान-दास रहे। लेकिन उन्नीसवीं सदी क आख़िर मा भारी कर, तेजी से बढ़त जनसंख्या अउर जमीन क कमी क कारण किसानन क हालत खराब होत गई। फिर भी, स्टेपी इलाका बहुत उपजाऊ रहा—ई दुनिया क लगभग 20% गेहूं अउर साम्राज्य क 80% चीनी (शुगर) उत्पादन करत रहा। बाद मा औद्योगीकरण शुरू भा, अउर 1866 मा पहिली रेलवे लाइन बनाइ गई। धीरे-धीरे यूक्रेन क अर्थव्यवस्था साम्राज्य क व्यवस्था मा पूरी तरह जुड़ गई अउर शहरन क विकास तेज होइगा। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] 89i9cu1iagbo3gcvk4qfy0u188nq0ns 34930 34929 2026-04-30T14:11:17Z Anushka10patel 4219 34930 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। हैब्सबर्ग साम्राज्य क अधीन करीब 24 लाख यूक्रेनी लोग पूर्वी गैलिसिया मा रहत रहे, जौन मा लगभग 95% किसान रहे अउर बाकी पुजारी परिवार। गैलिसिया क कुलीन वर्ग जियादातर पोलिश या पोलिश-प्रभावित यूक्रेनी रहे। एह इलाका क विकास रूसी शासन वाले यूक्रेन से पीछे रहा अउर ई यूरोप क सबसे गरीब क्षेत्रन मा गिनल जात रहा। उन्नीसवीं सदी मा राष्ट्रीय चेतना तेज़ी से बढ़े लाग। पढ़े-लिखे वर्ग (बुद्धिजीवी) धीरे-धीरे कुलीन वर्ग से हटके आम लोग अउर किसानन मा बढ़े लाग। ऊ लोग राष्ट्र निर्माण क प्रक्रिया शुरू किहिन, जउन मा राष्ट्रीय अधिकार अउर सामाजिक न्याय क माँग शामिल रही, लेकिन जारवादी शासन जल्दी एह आंदोलन क दबा दिहिस। 1848 क क्रांति क बाद, यूक्रेनी लोग “सुप्रीम रूथेनियन काउंसिल” बनाइन अउर स्वायत्तता (आत्म-शासन) क माँग किहिन। एह समय पहिलका यूक्रेनी भाषा क अखबार “ज़ोरिया हाल्यित्स्का” भी शुरू भा। 1861 मा दास प्रथा (सर्फडम) खत्म होय से यूक्रेनी समाज पर गहरा असर परा, काहे कि करीब 42% लोग किसान-दास रहे। लेकिन उन्नीसवीं सदी क आख़िर मा भारी कर, तेजी से बढ़त जनसंख्या अउर जमीन क कमी क कारण किसानन क हालत खराब होत गई। फिर भी, स्टेपी इलाका बहुत उपजाऊ रहा—ई दुनिया क लगभग 20% गेहूं अउर साम्राज्य क 80% चीनी (शुगर) उत्पादन करत रहा। बाद मा औद्योगीकरण शुरू भा, अउर 1866 मा पहिली रेलवे लाइन बनाइ गई। धीरे-धीरे यूक्रेन क अर्थव्यवस्था साम्राज्य क व्यवस्था मा पूरी तरह जुड़ गई अउर शहरन क विकास तेज होइगा। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] engh9lpp7qlohbsfvo3zs0lydmuxu2n 34931 34930 2026-04-30T14:12:23Z Anushka10patel 4219 34931 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। हैब्सबर्ग साम्राज्य क अधीन करीब 24 लाख यूक्रेनी लोग पूर्वी गैलिसिया मा रहत रहे, जौन मा लगभग 95% किसान रहे अउर बाकी पुजारी परिवार। गैलिसिया क कुलीन वर्ग जियादातर पोलिश या पोलिश-प्रभावित यूक्रेनी रहे। एह इलाका क विकास रूसी शासन वाले यूक्रेन से पीछे रहा अउर ई यूरोप क सबसे गरीब क्षेत्रन मा गिनल जात रहा। उन्नीसवीं सदी मा राष्ट्रीय चेतना तेज़ी से बढ़े लाग। पढ़े-लिखे वर्ग (बुद्धिजीवी) धीरे-धीरे कुलीन वर्ग से हटके आम लोग अउर किसानन मा बढ़े लाग। ऊ लोग राष्ट्र निर्माण क प्रक्रिया शुरू किहिन, जउन मा राष्ट्रीय अधिकार अउर सामाजिक न्याय क माँग शामिल रही, लेकिन जारवादी शासन जल्दी एह आंदोलन क दबा दिहिस। 1848 क क्रांति क बाद, यूक्रेनी लोग “सुप्रीम रूथेनियन काउंसिल” बनाइन अउर स्वायत्तता (आत्म-शासन) क माँग किहिन। एह समय पहिलका यूक्रेनी भाषा क अखबार “ज़ोरिया हाल्यित्स्का” भी शुरू भा। 1861 मा दास प्रथा (सर्फडम) खत्म होय से यूक्रेनी समाज पर गहरा असर परा, काहे कि करीब 42% लोग किसान-दास रहे। लेकिन उन्नीसवीं सदी क आख़िर मा भारी कर, तेजी से बढ़त जनसंख्या अउर जमीन क कमी क कारण किसानन क हालत खराब होत गई। फिर भी, स्टेपी इलाका बहुत उपजाऊ रहा—ई दुनिया क लगभग 20% गेहूं अउर साम्राज्य क 80% चीनी (शुगर) उत्पादन करत रहा। बाद मा औद्योगीकरण शुरू भा, अउर 1866 मा पहिली रेलवे लाइन बनाइ गई। धीरे-धीरे यूक्रेन क अर्थव्यवस्था साम्राज्य क व्यवस्था मा पूरी तरह जुड़ गई अउर शहरन क विकास तेज होइगा। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] cjm3ab0td1fgy7ibuzu4fl3takv2etp 34932 34931 2026-04-30T14:19:49Z Anushka10patel 4219 34932 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। हैब्सबर्ग साम्राज्य क अधीन करीब 24 लाख यूक्रेनी लोग पूर्वी गैलिसिया मा रहत रहे, जौन मा लगभग 95% किसान रहे अउर बाकी पुजारी परिवार। गैलिसिया क कुलीन वर्ग जियादातर पोलिश या पोलिश-प्रभावित यूक्रेनी रहे। एह इलाका क विकास रूसी शासन वाले यूक्रेन से पीछे रहा अउर ई यूरोप क सबसे गरीब क्षेत्रन मा गिनल जात रहा। उन्नीसवीं सदी मा राष्ट्रीय चेतना तेज़ी से बढ़े लाग। पढ़े-लिखे वर्ग (बुद्धिजीवी) धीरे-धीरे कुलीन वर्ग से हटके आम लोग अउर किसानन मा बढ़े लाग। ऊ लोग राष्ट्र निर्माण क प्रक्रिया शुरू किहिन, जउन मा राष्ट्रीय अधिकार अउर सामाजिक न्याय क माँग शामिल रही, लेकिन जारवादी शासन जल्दी एह आंदोलन क दबा दिहिस। 1848 क क्रांति क बाद, यूक्रेनी लोग “सुप्रीम रूथेनियन काउंसिल” बनाइन अउर स्वायत्तता (आत्म-शासन) क माँग किहिन। एह समय पहिलका यूक्रेनी भाषा क अखबार “ज़ोरिया हाल्यित्स्का” भी शुरू भा। 1861 मा दास प्रथा (सर्फडम) खत्म होय से यूक्रेनी समाज पर गहरा असर परा, काहे कि करीब 42% लोग किसान-दास रहे। लेकिन उन्नीसवीं सदी क आख़िर मा भारी कर, तेजी से बढ़त जनसंख्या अउर जमीन क कमी क कारण किसानन क हालत खराब होत गई। फिर भी, स्टेपी इलाका बहुत उपजाऊ रहा—ई दुनिया क लगभग 20% गेहूं अउर साम्राज्य क 80% चीनी (शुगर) उत्पादन करत रहा। बाद मा औद्योगीकरण शुरू भा, अउर 1866 मा पहिली रेलवे लाइन बनाइ गई। धीरे-धीरे यूक्रेन क अर्थव्यवस्था साम्राज्य क व्यवस्था मा पूरी तरह जुड़ गई अउर शहरन क विकास तेज होइगा। '''बीसवीं सदी (1917–1933) क यूक्रेन''' इतिहासकार पॉल कुबिसेक क अनुसार, 1917 स 1920 क बीच कई अइसन इकाई बनिन जवन स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य बने क कोशिश करत रहिन। लेकिन ई समय बहुत अव्यवस्थित रहा—इहां क्रांति, अंतरराष्ट्रीय अउर गृह युद्ध, अउर मजबूत केंद्रीय सत्ता क कमी रही। आज क यूक्रेन वाला इलाका मा कई गुट सत्ता खातिर लड़त रहिन, अउर सब लोग अलग यूक्रेनी राज्य बनावे क पक्ष मा न रहिन। आखिरकार, यूक्रेन क स्वतंत्रता बहुत कम समय तक टिक पाई, काहे कि ज्यादातर यूक्रेनी इलाका सोवियत संघ मा शामिल होइ गवा अउर पश्चिमी यूक्रेन क बाकी हिस्सा पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया अउर रोमानिया मा बंट गवा। कनाडाई विद्वान ओरेस्ट सुबतेल्नी कहत हइन कि 1919 मा यूक्रेन पूरी तरह अराजकता मा डूब गवा रहा। आधुनिक यूरोप क इतिहास मा शायद कउनो देश अइसन न रहा जवन इत्तना ज्यादा अराजकता, भीषण गृह संघर्ष अउर सत्ता क पूरा पतन देखिस होय। एह समय यूक्रेन क धरती पर छः अलग-अलग सेना—यूक्रेनी, बोल्शेविक, श्वेत सेना, एंतांत (फ्रांसीसी), पोलिश अउर अराजकतावादी—लड़त रहिन। कीव एक साल से कम समय मा पाँच बेर हाथ बदलिस। शहर अउर इलाका अलग-अलग मोर्चन क कारण एक-दूसर से कट गइन। बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग टूट गवा रहा। भूख से परेशान लोग शहर छोड़के खाना क खोज मा गांव क ओर चल गइन। 1917 स 1921 तक चले यूक्रेनी स्वतंत्रता युद्ध क दौरान कई अल्पकालिक राज्य बनिन, जइसे मखनोवश्चिना, यूक्रेनी जन गणराज्य, यूक्रेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य अउर पश्चिमी यूक्रेनी जन गणराज्य। लेकिन ई सब राज्य ज्यादा दिन तक टिक न पाइन अउर अंत मा ज्यादातर इलाका सोवियत संघ मा समाहित होइ गवा, जबकि पश्चिमी यूक्रेन पोलैंड क हिस्सा बनिगा। 1930 स 1933 क बीच सोवियत अकाल, जवन “होलोडोमोर” क नाम से जानल जात बा, लाखन लोगन क जान ले लिहिस। मरन वाला लोगन मा अधिकतर यूक्रेनी रहे—न केवल यूक्रेन मा, बल्कि क्यूबान अउर पुरान डॉन कोसैक इलाका मा भी। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] 9rbod9rl1u6ivmxugle8kgqly77ofir 34933 34932 2026-04-30T14:23:27Z Anushka10patel 4219 34933 wikitext text/x-wiki [[File:Topographic map of Ukraine (with borders and towns).svg|300px|thumb|यूक्रेन का स्थलाकृतिक मानचित्र]] '''यूक्रेन का इतिहास''' यूक्रेन क इतिहास हजारन बरिस पुरान हउवे, जउनकर जड़ पोंटिक स्टेपी स जुड़ल बाटे।ई इलाका ताम्रपाषाण अउर कांस्य युग के फइलाव, भारोपीय लोगन के आवागमन अउर घोड़ा के पालतू बनावे क मुख्य केंद्र रहल हउवे।प्राचीन समय मा ई इलाका स्किथिया क हिस्सा रहल, फेर बाद मा एहिजा गोथ, हूण अउर स्लावी जनजातियन आके बसिगइन।दक्खिन यूक्रेन मा यूनानी अउर रोमन लोगन उपनिवेश बसाइन, जउनसे एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनिगई।यूक्रेन क इतिहास लिखित रूप मा तब आवा जब मध्ययुगीन राज्य कीवन रुस क स्थापना भई।द्नीपर यूक्रेन मा पोलान जनजाति कीवन रुस राज्य क आयोजक के रूप मा काम किहिन।ऊ लोग 9वीं सदी मा अपने अउर अपनी धरती क नाम “रुस” रखे लागिन। ई शब्द संभवतः वरंगियन लोगन स आयल हउवे, जउन खुद एह राज्य क नींव डारिन। यूक्रेन उ समय यूरोप क सबसे ताकतवर अउर उन्नत देसन मा से एक बनिगा। कीवन रुस क पतन उच्च मध्य युग मा सुरू भा। ई पतन कियवन राजन के राजगद्दी खातिर आपसी लड़ाई-झगड़ा क कारण भा। एह सब क दौरान दक्खिन यूक्रेन पर तुर्कन के हमला होत रहा। तेरहवीं सदी मा कीवन रुस मंगोल आक्रमणकारियन द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दिहल गा। एहसे केंद्र द्नीपर इलाका छोड़के बाकी यूक्रेन तबाह होइगा। बाद मा रूथेनिया (गैलिसिया-वोल्हिनिया) क साम्राज्य, राजा डैनियल क नेतृत्व मा, कीवन रुस क उत्तराधिकारी बनिगा। == आधुनिक इतिहास== '''सत्रहवीं अउर अठारहवीं सदी क यूक्रेन''' अठारहवीं सदी क बीच मा, 1768/1769 क किसान विद्रोह अउर पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क बंटवारा क बाद, “यूक्रेन” एक राष्ट्र क रूप मा उभरै लाग अउर यूक्रेनी लोगन मा राष्ट्रीय पहचान विकसित होय लाग। गैलिसिया ऑस्ट्रियन साम्राज्य क हिस्सा बनिगा, जबकि बाकी यूक्रेन रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। जउने समय दाहिने किनारे वाला यूक्रेन 1793 तक पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क अधीन रहा, उहै समय बाएं किनारे वाला यूक्रेन 1667 मा (एंड्रुसोवो क संधि के तहत) रूसी साम्राज्य मा शामिल होइ गवा। 1672 मा पोडोलिया पर तुर्की उस्मानी साम्राज्य क कब्जा होइ गवा, जबकि कीव अउर ब्रात्स्लाव पर हेटमैन पेट्रो डोरोशेंको क नियंत्रण रहा, जब तक 1681 मा ई इलाका भी तुर्कन क कब्जा मा न चला गवा। बाद मा 1699 क कार्लोवित्स संधि क तहत ई इलाका फेर से पोलिश–लिथुआनियन राष्ट्रमंडल क पास लौट गवा। ज्यादातर यूक्रेन, कैथरीन महान क शासन मा, रूसी साम्राज्य क अधीन आ गवा। 1783 मा क्रीमियन खानत क रूस मा विलय होइ गवा, जउन 1778 मा क्रीमिया से ईसाई लोगन क पलायन क बाद भा। 1793 मा पोलैंड क दूसरे बंटवारा क दौरान दाहिने किनारे वाला यूक्रेन भी रूस मा शामिल होइ गवा। यूक्रेनी लेखक अउर बुद्धिजीवी लोग यूरोप क दूसर देशन मा उठत राष्ट्रवाद से प्रेरित भए। लेकिन रूस, अलगाववाद क डर से, यूक्रेनी भाषा अउर संस्कृति क बढ़ावा देवे पर कड़ा रोक लगा दिहिस, यहाँ तक कि ओकर उपयोग अउर पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिहिस। रूस क “रसीकरण” अउर “पैन-स्लाववाद” क नीति क कारण कई यूक्रेनी बुद्धिजीवी पश्चिमी यूक्रेन क ओर चल गइन, जबकि कुछ लोग पैन-स्लाविक या रूसी पहचान अपनाय लिहिन। '''उन्नीसवीं सदी क यूक्रेन''' अलेक्ज़ेंडर प्रथम (1801–1825) क शासन मा यूक्रेन मा रूसी मौजूदगी मुख्य रूप से शाही सेना अउर प्रशासन तक सीमित रही। लेकिन निकोलस प्रथम (1825–1855) क समय तक रूस यूक्रेन मा एक केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित कर दिहिस। 1830 क नवंबर विद्रोह क दबावे क बाद, जारवादी शासन दाहिने किनारे वाला यूक्रेन मा “रसीकरण” क नीति लागू किहिस। हैब्सबर्ग साम्राज्य क अधीन करीब 24 लाख यूक्रेनी लोग पूर्वी गैलिसिया मा रहत रहे, जौन मा लगभग 95% किसान रहे अउर बाकी पुजारी परिवार। गैलिसिया क कुलीन वर्ग जियादातर पोलिश या पोलिश-प्रभावित यूक्रेनी रहे। एह इलाका क विकास रूसी शासन वाले यूक्रेन से पीछे रहा अउर ई यूरोप क सबसे गरीब क्षेत्रन मा गिनल जात रहा। उन्नीसवीं सदी मा राष्ट्रीय चेतना तेज़ी से बढ़े लाग। पढ़े-लिखे वर्ग (बुद्धिजीवी) धीरे-धीरे कुलीन वर्ग से हटके आम लोग अउर किसानन मा बढ़े लाग। ऊ लोग राष्ट्र निर्माण क प्रक्रिया शुरू किहिन, जउन मा राष्ट्रीय अधिकार अउर सामाजिक न्याय क माँग शामिल रही, लेकिन जारवादी शासन जल्दी एह आंदोलन क दबा दिहिस। 1848 क क्रांति क बाद, यूक्रेनी लोग “सुप्रीम रूथेनियन काउंसिल” बनाइन अउर स्वायत्तता (आत्म-शासन) क माँग किहिन। एह समय पहिलका यूक्रेनी भाषा क अखबार “ज़ोरिया हाल्यित्स्का” भी शुरू भा। 1861 मा दास प्रथा (सर्फडम) खत्म होय से यूक्रेनी समाज पर गहरा असर परा, काहे कि करीब 42% लोग किसान-दास रहे। लेकिन उन्नीसवीं सदी क आख़िर मा भारी कर, तेजी से बढ़त जनसंख्या अउर जमीन क कमी क कारण किसानन क हालत खराब होत गई। फिर भी, स्टेपी इलाका बहुत उपजाऊ रहा—ई दुनिया क लगभग 20% गेहूं अउर साम्राज्य क 80% चीनी (शुगर) उत्पादन करत रहा। बाद मा औद्योगीकरण शुरू भा, अउर 1866 मा पहिली रेलवे लाइन बनाइ गई। धीरे-धीरे यूक्रेन क अर्थव्यवस्था साम्राज्य क व्यवस्था मा पूरी तरह जुड़ गई अउर शहरन क विकास तेज होइगा। '''बीसवीं सदी (1917–1933) क यूक्रेन''' इतिहासकार पॉल कुबिसेक क अनुसार, 1917 स 1920 क बीच कई अइसन इकाई बनिन जवन स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य बने क कोशिश करत रहिन। लेकिन ई समय बहुत अव्यवस्थित रहा—इहां क्रांति, अंतरराष्ट्रीय अउर गृह युद्ध, अउर मजबूत केंद्रीय सत्ता क कमी रही। आज क यूक्रेन वाला इलाका मा कई गुट सत्ता खातिर लड़त रहिन, अउर सब लोग अलग यूक्रेनी राज्य बनावे क पक्ष मा न रहिन। आखिरकार, यूक्रेन क स्वतंत्रता बहुत कम समय तक टिक पाई, काहे कि ज्यादातर यूक्रेनी इलाका सोवियत संघ मा शामिल होइ गवा अउर पश्चिमी यूक्रेन क बाकी हिस्सा पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया अउर रोमानिया मा बंट गवा। कनाडाई विद्वान ओरेस्ट सुबतेल्नी कहत हइन कि 1919 मा यूक्रेन पूरी तरह अराजकता मा डूब गवा रहा। आधुनिक यूरोप क इतिहास मा शायद कउनो देश अइसन न रहा जवन इत्तना ज्यादा अराजकता, भीषण गृह संघर्ष अउर सत्ता क पूरा पतन देखिस होय। एह समय यूक्रेन क धरती पर छः अलग-अलग सेना—यूक्रेनी, बोल्शेविक, श्वेत सेना, एंतांत (फ्रांसीसी), पोलिश अउर अराजकतावादी—लड़त रहिन। कीव एक साल से कम समय मा पाँच बेर हाथ बदलिस। शहर अउर इलाका अलग-अलग मोर्चन क कारण एक-दूसर से कट गइन। बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग टूट गवा रहा। भूख से परेशान लोग शहर छोड़के खाना क खोज मा गांव क ओर चल गइन। 1917 स 1921 तक चले यूक्रेनी स्वतंत्रता युद्ध क दौरान कई अल्पकालिक राज्य बनिन, जइसे मखनोवश्चिना, यूक्रेनी जन गणराज्य, यूक्रेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य अउर पश्चिमी यूक्रेनी जन गणराज्य। लेकिन ई सब राज्य ज्यादा दिन तक टिक न पाइन अउर अंत मा ज्यादातर इलाका सोवियत संघ मा समाहित होइ गवा, जबकि पश्चिमी यूक्रेन पोलैंड क हिस्सा बनिगा। 1930 स 1933 क बीच सोवियत अकाल, जवन “होलोडोमोर” क नाम से जानल जात बा, लाखन लोगन क जान ले लिहिस। मरन वाला लोगन मा अधिकतर यूक्रेनी रहे—न केवल यूक्रेन मा, बल्कि क्यूबान अउर पुरान डॉन कोसैक इलाका मा भी। ==बाहरी कड़ियाँ== * [http://eudocs.lib.byu.edu/index.php/History_of_Ukraine:_Primary_Documents यूक्रेन का इतिहास: प्राथमिक दस्तावेज़ (वेबलिस्ट)] * [https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Gazetteer/Places/Europe/Ukraine/_Topics/history/home.html यूक्रेन का इतिहास]: 10 सम्पूर्ण पुस्तकें [[श्रेणी:Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] 9g75yukdvxcn8e7bmpyqqeol9uzvcpx यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण 0 9726 34934 2026-04-30T14:43:53Z Anushka10patel 4219 ''''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-...' कय साथे नँवा पन्ना बनावा गय 34934 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। aolxzxretnxd7adr3o193sgiy78l0t8 34935 34934 2026-04-30T14:45:12Z Anushka10patel 4219 34935 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। gk9eynu58mm3bn2hnwntu6qr59hzr3c 34936 34935 2026-04-30T14:45:35Z Anushka10patel 4219 34936 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। 9i4sqqhi7xfhqqgzw7pwdxgxn14knlk 34937 34936 2026-04-30T14:46:58Z Anushka10patel 4219 34937 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। 7b0jcadlw7gnmjcgfayvk4u3zaaw126 34938 34937 2026-04-30T14:47:21Z Anushka10patel 4219 34938 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। 24f5valvao5o0rxuanb6lcoxs2xmbah 34939 34938 2026-04-30T14:48:02Z Anushka10patel 4219 34939 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। nhco2i93nhcjri35oillze2ve1n5tb5 34940 34939 2026-04-30T14:48:33Z Anushka10patel 4219 34940 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== barlxcoltju08kpunyxbe2vmr7zyrje 34941 34940 2026-04-30T14:49:04Z Anushka10patel 4219 34941 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' pc1kjuumqm6a5635bml4uwh6caozlgz 34942 34941 2026-04-30T14:50:26Z Anushka10patel 4219 34942 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। sm8dyqjx5vcyv7r8m5egpxfn28gvu58 34943 34942 2026-04-30T14:50:41Z Anushka10patel 4219 34943 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। swyajnc4757jvmzx853cvntumjpl02q 34944 34943 2026-04-30T14:51:02Z Anushka10patel 4219 34944 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। 5dr1pdgt71xp72kziay6lall4gce5kf 34945 34944 2026-04-30T14:51:21Z Anushka10patel 4219 34945 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। fynzt9h9qwuwd3qzynch5qpsc2gbucf 34946 34945 2026-04-30T14:52:35Z Anushka10patel 4219 34946 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। er3krkwjtaut64e4whrm3594ij25hb8 34947 34946 2026-04-30T14:53:30Z Anushka10patel 4219 34947 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही। lnnzpbo9ihcj5qgmmduc8dvq9i1m906 34948 34947 2026-04-30T14:53:46Z Anushka10patel 4219 34948 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। 7kofuyyloqk7t8b33tbrgv4f9sv0v77 34949 34948 2026-04-30T14:54:02Z Anushka10patel 4219 34949 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा। 30998mdmtbqvxuczh0kykpw7lkx3ijz 34950 34949 2026-04-30T14:54:21Z Anushka10patel 4219 34950 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। ljmfpvdyct2wi8vyu2j79y7hbl8bshw 34951 34950 2026-04-30T14:54:58Z Anushka10patel 4219 34951 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा। mdrwlvcahx7tdwfiuspgwadnpquif9y 34952 34951 2026-04-30T14:56:06Z Anushka10patel 4219 34952 wikitext text/x-wiki डनिप्रो क शहर प्रशासन जून 2015 मा अनुमान लगाइस कि करीब 80 सड़कन, तटबंधन, चौक अउर बुलेवार्डन क नाव बदले के पड़ी।'''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। npfx42ttw0w81fyjhx0mvvvprae8gau 34953 34952 2026-04-30T14:57:12Z Anushka10patel 4219 34953 wikitext text/x-wiki डनिप्रो क शहर प्रशासन जून 2015 मा अनुमान लगाइस कि करीब 80 सड़कन, तटबंधन, चौक अउर बुलेवार्डन क नाव बदले के पड़ी।'''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 7oxxtsafphfsfz91r52u5coi8wqgmth 34954 34953 2026-04-30T14:58:27Z Anushka10patel 4219 34954 wikitext text/x-wiki डनिप्रो क शहर प्रशासन जून 2015 मा अनुमान लगाइस कि करीब 80 सड़कन, तटबंधन, चौक अउर बुलेवार्डन क नाव बदले के पड़ी।'''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। kaqe06awje3cn5dj9det7nx4jsfiggc 34955 34954 2026-04-30T15:09:16Z Anushka10patel 4219 34955 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी aa49f7m0wlug7p27y9vklmgk2mdn5nn 34956 34955 2026-04-30T15:10:22Z Anushka10patel 4219 34956 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 723zclztdfhfvw2b56u0j6x6uleztym 34957 34956 2026-04-30T15:11:08Z Anushka10patel 4219 34957 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। 4yc9ghiofydvu2ycws4zbl9j25954o7 34958 34957 2026-04-30T15:11:25Z Anushka10patel 4219 34958 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। 0k0xmku6kcxd7fsm516r92sjqfzqlnm 34959 34958 2026-04-30T15:11:43Z Anushka10patel 4219 34959 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। r679px4kmcnk0kdcmx1oe4tlrnz0te1 34960 34959 2026-04-30T15:12:24Z Anushka10patel 4219 34960 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। jtjw75glr9t693hcn80to3yyayemt0p 34961 34960 2026-04-30T15:12:40Z Anushka10patel 4219 34961 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। pzy9m348dpzm7lbv9ba3agp9r1omo43 34962 34961 2026-04-30T15:13:55Z Anushka10patel 4219 34962 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। dt14yio2quplhl1k4pnrdedra25dpjo 34963 34962 2026-04-30T15:14:23Z Anushka10patel 4219 34963 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 6msi9kyyce5wnzhwn8m8r851qtxcg8h 34964 34963 2026-04-30T15:15:13Z Anushka10patel 4219 34964 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। 7073ubbxkuasicraz2e5w8nz0ngervz 34965 34964 2026-04-30T15:15:54Z Anushka10patel 4219 34965 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। hb1fjbmyh2b9p4kiyirxs8vchhpwps9 34966 34965 2026-04-30T15:17:00Z Anushka10patel 4219 34966 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” ailkz2vwr27idd9deshxv5b6qvjd39r 34967 34966 2026-04-30T15:17:28Z Anushka10patel 4219 34967 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” dh2mve4a7rinuupbpq0crstix8ziolj 34968 34967 2026-04-30T15:18:17Z Anushka10patel 4219 34968 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। 0iu86y3jswfeddbf3gbrpi0p0yw30w3 34969 34968 2026-04-30T15:18:51Z Anushka10patel 4219 34969 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। 2oe0xrh5knjv7uuhn6ee2ukix02udnt 34970 34969 2026-04-30T15:20:20Z Anushka10patel 4219 34970 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। quflaosuqib80d20y50rc5u7bwm88bf 34971 34970 2026-04-30T15:20:38Z Anushka10patel 4219 34971 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। fgnc0o6ofjkdy9fjgimr6bddoxcshre 34972 34971 2026-04-30T15:20:58Z Anushka10patel 4219 34972 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 31mgq6wepkiqya52qqe233sggegeeeb 34973 34972 2026-04-30T15:21:38Z Anushka10patel 4219 34973 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। p2b6ldhht5kq28z4c3lxrf4fgfhehd3 34974 34973 2026-04-30T15:22:45Z Anushka10patel 4219 34974 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। ==यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार == jljnfh4n6c9g4ux2o1io04th157nfw1 34975 34974 2026-04-30T15:24:36Z Anushka10patel 4219 34975 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। rh59w15dhv4r57nxpdl22t1qsrfq617 34976 34975 2026-04-30T15:25:24Z Anushka10patel 4219 34976 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 7ylgqjg94omodr01531v22oeo4g1de0 34977 34976 2026-04-30T15:25:40Z Anushka10patel 4219 34977 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। tqx62givvlwrvkrx4h15rm5toc7wbt4 34978 34977 2026-04-30T15:25:56Z Anushka10patel 4219 34978 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। fq721f840mbtjjb2z4yquhtb2ffzx33 34979 34978 2026-04-30T15:26:32Z Anushka10patel 4219 34979 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == g8a3324xjm4x7m7itcv53qksvwcf8gb 34980 34979 2026-04-30T15:28:13Z Anushka10patel 4219 34980 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” gylx8pl5qun0yomn3gt8i1460vloaqm 34981 34980 2026-04-30T15:29:01Z Anushka10patel 4219 34981 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। knijamc98gwxgi0ki9fx6r0b4bbdo5t 34982 34981 2026-04-30T15:29:29Z Anushka10patel 4219 34982 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। elv99i0hsb6qqec15v1himsxnc4tfe5 34983 34982 2026-04-30T15:30:01Z Anushka10patel 4219 34983 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 2vpzxw01nnh3gkxsgk8n4bvi3hll36o 34984 34983 2026-04-30T15:32:06Z Anushka10patel 4219 /* परिणाम */ 34984 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। q8bnv6wv245kvq2v7ra7tscftj9hvfa 34985 34984 2026-04-30T15:32:22Z Anushka10patel 4219 /* परिणाम */ 34985 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। re7pb2okgd60hjyn5gcy161ub2ncsxi 34986 34985 2026-04-30T15:33:43Z Anushka10patel 4219 /* परिणाम */ 34986 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। l8lb9c7hcs3h7fr4qqegaqrofpjbmx2 34987 34986 2026-04-30T15:34:26Z Anushka10patel 4219 /* परिणाम */ 34987 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। hnotg59dy45obmzawmagng3ulzqvcr6 34988 34987 2026-04-30T15:35:07Z Anushka10patel 4219 /* परिणाम */ 34988 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि कीव मा मदरलैंड स्मारक क ढाल पर अबहिन मौजूद सोवियत हथौड़ा अउर हंसिया क देश क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार हटावल जाए चाही अउर ओकर जगह यूक्रेनी त्रिशूल लगावल जाए चाही, जवन बाद मा 2023 मा कइल गवा। क्रोपिवनित्स्की, यूक्रेन मा चेका क स्मृति, 2023 यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान, यूक्रेन भर मा कई लेनिन क मूर्तियन, जवन यूक्रेनी लोग पहिले कइ बरिस मा हटा दिहले रहिन, रूस नियंत्रित इलाकन मा रूसियन लोगन द्वारा फिर से स्थापित कइल गइन। m2c1vtbq82wkouv20i3g3wtu42hlep4 34989 34988 2026-04-30T15:35:43Z Anushka10patel 4219 34989 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि कीव मा मदरलैंड स्मारक क ढाल पर अबहिन मौजूद सोवियत हथौड़ा अउर हंसिया क देश क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार हटावल जाए चाही अउर ओकर जगह यूक्रेनी त्रिशूल लगावल जाए चाही, जवन बाद मा 2023 मा कइल गवा। क्रोपिवनित्स्की, यूक्रेन मा चेका क स्मृति, 2023 यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान, यूक्रेन भर मा कई लेनिन क मूर्तियन, जवन यूक्रेनी लोग पहिले कइ बरिस मा हटा दिहले रहिन, रूस नियंत्रित इलाकन मा रूसियन लोगन द्वारा फिर से स्थापित कइल गइन। == मतदान== emj18np5tgoz72cbi4it525uvaa79an 34990 34989 2026-04-30T15:36:33Z Anushka10patel 4219 /* मतदान */ 34990 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि कीव मा मदरलैंड स्मारक क ढाल पर अबहिन मौजूद सोवियत हथौड़ा अउर हंसिया क देश क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार हटावल जाए चाही अउर ओकर जगह यूक्रेनी त्रिशूल लगावल जाए चाही, जवन बाद मा 2023 मा कइल गवा। क्रोपिवनित्स्की, यूक्रेन मा चेका क स्मृति, 2023 यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान, यूक्रेन भर मा कई लेनिन क मूर्तियन, जवन यूक्रेनी लोग पहिले कइ बरिस मा हटा दिहले रहिन, रूस नियंत्रित इलाकन मा रूसियन लोगन द्वारा फिर से स्थापित कइल गइन। == मतदान== नवंबर 2016 क एक सर्वेक्षण मा देखावल गवा कि 48% उत्तरदातन यूक्रेन मा कम्युनिस्ट विचारधारा पर प्रतिबंध क समर्थन किहिन, 36% एकर खिलाफ रहिन अउर 16% अनिर्णीत रहिन। एहमें ई भी देखावल गवा कि 41% उत्तरदातन देस मा लेनिन क सभे स्मारक हटावे क पहल क समर्थन किहिन, जबकि 48% एकर खिलाफ रहिन अउर 11% अनिर्णीत रहिन। 8 अप्रैल 2022 तक, समाजशास्त्रीय समूह “रेटिंग” क एक सर्वेक्षण अनुसार 76% यूक्रेनी रूसी आक्रमण क बाद सोवियत संघ अउर रूस स जुड़ल नाव वाले सड़कन अउर दूसर वस्तुअन क नाम बदले क पहल क समर्थन करत रहिन। l3koxsyi7dshvd6yp9c5xxxvhqwtnzp 34991 34990 2026-04-30T15:38:23Z Anushka10patel 4219 34991 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि कीव मा मदरलैंड स्मारक क ढाल पर अबहिन मौजूद सोवियत हथौड़ा अउर हंसिया क देश क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार हटावल जाए चाही अउर ओकर जगह यूक्रेनी त्रिशूल लगावल जाए चाही, जवन बाद मा 2023 मा कइल गवा। क्रोपिवनित्स्की, यूक्रेन मा चेका क स्मृति, 2023 यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान, यूक्रेन भर मा कई लेनिन क मूर्तियन, जवन यूक्रेनी लोग पहिले कइ बरिस मा हटा दिहले रहिन, रूस नियंत्रित इलाकन मा रूसियन लोगन द्वारा फिर से स्थापित कइल गइन। == मतदान== नवंबर 2016 क एक सर्वेक्षण मा देखावल गवा कि 48% उत्तरदातन यूक्रेन मा कम्युनिस्ट विचारधारा पर प्रतिबंध क समर्थन किहिन, 36% एकर खिलाफ रहिन अउर 16% अनिर्णीत रहिन। एहमें ई भी देखावल गवा कि 41% उत्तरदातन देस मा लेनिन क सभे स्मारक हटावे क पहल क समर्थन किहिन, जबकि 48% एकर खिलाफ रहिन अउर 11% अनिर्णीत रहिन। 8 अप्रैल 2022 तक, समाजशास्त्रीय समूह “रेटिंग” क एक सर्वेक्षण अनुसार 76% यूक्रेनी रूसी आक्रमण क बाद सोवियत संघ अउर रूस स जुड़ल नाव वाले सड़कन अउर दूसर वस्तुअन क नाम बदले क पहल क समर्थन करत रहिन। ==बाहरी लिंक == * [http://infolight.org.ua/thememap/dekomunizaciya-2015-sela#6.00/47.216/33.648 Interactive map of settlements that need to be renamed]. {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220227103333/http://infolight.org.ua/thememap/dekomunizaciya-2015-sela#6.00/47.216/33.648 |date=27 February 2022 }} {{in lang|uk}}. p42vlbe5m0sk47flyzwbgfgibflcc9d 34992 34991 2026-04-30T15:38:52Z Anushka10patel 4219 /* बाहरी लिंक */ 34992 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि कीव मा मदरलैंड स्मारक क ढाल पर अबहिन मौजूद सोवियत हथौड़ा अउर हंसिया क देश क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार हटावल जाए चाही अउर ओकर जगह यूक्रेनी त्रिशूल लगावल जाए चाही, जवन बाद मा 2023 मा कइल गवा। क्रोपिवनित्स्की, यूक्रेन मा चेका क स्मृति, 2023 यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान, यूक्रेन भर मा कई लेनिन क मूर्तियन, जवन यूक्रेनी लोग पहिले कइ बरिस मा हटा दिहले रहिन, रूस नियंत्रित इलाकन मा रूसियन लोगन द्वारा फिर से स्थापित कइल गइन। == मतदान== नवंबर 2016 क एक सर्वेक्षण मा देखावल गवा कि 48% उत्तरदातन यूक्रेन मा कम्युनिस्ट विचारधारा पर प्रतिबंध क समर्थन किहिन, 36% एकर खिलाफ रहिन अउर 16% अनिर्णीत रहिन। एहमें ई भी देखावल गवा कि 41% उत्तरदातन देस मा लेनिन क सभे स्मारक हटावे क पहल क समर्थन किहिन, जबकि 48% एकर खिलाफ रहिन अउर 11% अनिर्णीत रहिन। 8 अप्रैल 2022 तक, समाजशास्त्रीय समूह “रेटिंग” क एक सर्वेक्षण अनुसार 76% यूक्रेनी रूसी आक्रमण क बाद सोवियत संघ अउर रूस स जुड़ल नाव वाले सड़कन अउर दूसर वस्तुअन क नाम बदले क पहल क समर्थन करत रहिन। ==बाहरी लिंक == * [http://infolight.org.ua/thememap/dekomunizaciya-2015-sela#6.00/47.216/33.648 Interactive map of settlements that need to be renamed]. iba7eiugzw0dzu34wkeku06lpz2vmam 34993 34992 2026-04-30T15:42:16Z Anushka10patel 4219 34993 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि कीव मा मदरलैंड स्मारक क ढाल पर अबहिन मौजूद सोवियत हथौड़ा अउर हंसिया क देश क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार हटावल जाए चाही अउर ओकर जगह यूक्रेनी त्रिशूल लगावल जाए चाही, जवन बाद मा 2023 मा कइल गवा। क्रोपिवनित्स्की, यूक्रेन मा चेका क स्मृति, 2023 यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान, यूक्रेन भर मा कई लेनिन क मूर्तियन, जवन यूक्रेनी लोग पहिले कइ बरिस मा हटा दिहले रहिन, रूस नियंत्रित इलाकन मा रूसियन लोगन द्वारा फिर से स्थापित कइल गइन। == मतदान== नवंबर 2016 क एक सर्वेक्षण मा देखावल गवा कि 48% उत्तरदातन यूक्रेन मा कम्युनिस्ट विचारधारा पर प्रतिबंध क समर्थन किहिन, 36% एकर खिलाफ रहिन अउर 16% अनिर्णीत रहिन। एहमें ई भी देखावल गवा कि 41% उत्तरदातन देस मा लेनिन क सभे स्मारक हटावे क पहल क समर्थन किहिन, जबकि 48% एकर खिलाफ रहिन अउर 11% अनिर्णीत रहिन। 8 अप्रैल 2022 तक, समाजशास्त्रीय समूह “रेटिंग” क एक सर्वेक्षण अनुसार 76% यूक्रेनी रूसी आक्रमण क बाद सोवियत संघ अउर रूस स जुड़ल नाव वाले सड़कन अउर दूसर वस्तुअन क नाम बदले क पहल क समर्थन करत रहिन। ==बाहरी लिंक == * [http://infolight.org.ua/thememap/dekomunizaciya-2015-sela#6.00/47.216/33.648 Interactive map of settlements that need to be renamed]. *[https://www.kyivpost.com/ukraine-politics/almost-half-residents-ukraine-want-decommunization.html Almost half of residents of Ukraine want decommunization ] gfvixhdwoqvjgv53y54h8skq8reazqp 34994 34993 2026-04-30T15:46:15Z Anushka10patel 4219 34994 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि कीव मा मदरलैंड स्मारक क ढाल पर अबहिन मौजूद सोवियत हथौड़ा अउर हंसिया क देश क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार हटावल जाए चाही अउर ओकर जगह यूक्रेनी त्रिशूल लगावल जाए चाही, जवन बाद मा 2023 मा कइल गवा। क्रोपिवनित्स्की, यूक्रेन मा चेका क स्मृति, 2023 यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान, यूक्रेन भर मा कई लेनिन क मूर्तियन, जवन यूक्रेनी लोग पहिले कइ बरिस मा हटा दिहले रहिन, रूस नियंत्रित इलाकन मा रूसियन लोगन द्वारा फिर से स्थापित कइल गइन। == मतदान== नवंबर 2016 क एक सर्वेक्षण मा देखावल गवा कि 48% उत्तरदातन यूक्रेन मा कम्युनिस्ट विचारधारा पर प्रतिबंध क समर्थन किहिन, 36% एकर खिलाफ रहिन अउर 16% अनिर्णीत रहिन। एहमें ई भी देखावल गवा कि 41% उत्तरदातन देस मा लेनिन क सभे स्मारक हटावे क पहल क समर्थन किहिन, जबकि 48% एकर खिलाफ रहिन अउर 11% अनिर्णीत रहिन। 8 अप्रैल 2022 तक, समाजशास्त्रीय समूह “रेटिंग” क एक सर्वेक्षण अनुसार 76% यूक्रेनी रूसी आक्रमण क बाद सोवियत संघ अउर रूस स जुड़ल नाव वाले सड़कन अउर दूसर वस्तुअन क नाम बदले क पहल क समर्थन करत रहिन। ==बाहरी लिंक == * [http://infolight.org.ua/thememap/dekomunizaciya-2015-sela#6.00/47.216/33.648 Interactive map of settlements that need to be renamed]. *[https://ratinggroup.ua/research/ukraine/vosmoy_obschenacionalnyy_opros_ukraina_v_usloviyah_voyny_6_aprelya_2022.html Eighth National Poll: Ukraine in War Conditions (April 6, 2022)] *[https://www.kyivpost.com/ukraine-politics/almost-half-residents-ukraine-want-decommunization.html Almost half of residents of Ukraine want decommunization ] [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] rldswjrsncsp5ym3lxalc6wm3crm1ag 34995 34994 2026-04-30T15:52:38Z Anushka10patel 4219 34995 wikitext text/x-wiki [[File:Protesters are about to hammer down the head of the overthrown V.I. Lenin monument. December 8, 2013.jpg|thumb]] '''यूक्रेन में साम्यवाद-विरोधीकरण''' यूक्रेन मा डी-कम्युनाइजेशन क शुरुआत 1991 मा सोवियत संघ क विघटन क समय भई, अउर ओकर बाद ई धीरे-धीरे बढ़त गई। 2014 क गरिमा क्रांति अउर रूस-यूक्रेन युद्ध क शुरुआत क बाद, यूक्रेनी सरकार अइसन कानूनन क मंजूरी दिहिस, जवन साम्यवादी चिन्हन क साथे-साथ नाजी चिन्हन पर भी रोक लगावत रहिन, काहे कि दूनों विचारधारा क तानाशाही मानल गवा। 15 मई 2015 का, राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको अइसन कानूनन क एक समूह पर हस्ताक्षर किहिन, जवन सोवियत साम्यवादी स्मारकन (दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन क छोड़के) क हटावे अउर सोवियत साम्यवादी नेता लोगन क नाव पर रखल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू कइले रहा। ओ समय, एहकर मतलब रहा कि 22 सहर अउर 44 गांवन क नया नाव दिहल जाए। 21 नवंबर 2015 तक, नगरपालिकन क एह लागू करे क अधिकार मिल गवा। अगर ऊ लोग ई काम न कर पाइन, त क्षेत्रीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर तबहूँ कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नया नाव दे सकत रही। एह कानून क उल्लंघन करे पर मीडिया पर रोक लग सकत रही अउर पाँच स दस बरिस तक क जेल सजा भी हो सकत रही। रूस-यूक्रेन संघर्ष क शुरुआती चरणन मा, ओलेक्ज़ांडर टुर्चिनोव आरोप लगाइन कि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी देस मा प्रोरशियन अलगाववादी अउर रूस क समर्थित बलन क मदद करत रही। जुलाई 2015 मा, आंतरिक मंत्रालय कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस, अउर ई भी कहिस कि ऊ यूक्रेन मा कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खतम करे खातिर न्यायालयी कार्रवाई जारी रखत बा। दिसंबर 2015 तक, एह पार्टीयन पर प्रतिबंध लगा दिहल गवा, काहेकि ऊ यूक्रेन क संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता क उल्लंघन, राज्य क हिंसक तरीका स गिरावे खातिर उकसावे, अउर रूस समर्थित बलन क समर्थन करे मा शामिल रहीं। यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा चुनौती दिहिस। 2016 तक, 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदली गवा (या त उनके पुरान ऐतिहासिक नाव फेर से बहाल कइके, या नया नाव देके)। एहके साथे, 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर कम्युनिस्ट नेता लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। == इतिहास== '''प्रारंभिक अनौपचारिक सुधार''' सोवियत संघ क टूटे अउर 1991 मा यूक्रेन क आजादी मिले क बाद, यूक्रेन मा एक अनौपचारिक डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) क प्रक्रिया शुरू भई। (सत्यापन विफल) पहिले सोवियत संघ क बाल्टिक देशन अउर सोवियत संघ क बाहर वारसॉ पैक्ट देशन मा ई प्रक्रिया बहुत जादा कड़ाई अउर साफ तौर पर लागू कइली गई। 1991 मा सोवियत संघ स आजादी मिले क बाद, यूक्रेन क पहिले राष्ट्रपति लेओनिड क्रावचुक भी 1990 क दशक क शुरुआत मा “सोवियतीकरण खत्म करे” क मकसद स कई आदेश जारी किहिन। आगे आवत सालन मा, भले धीरे-धीरे, यूक्रेन मा सोवियत नेता लोगन क ऐतिहासिक स्मारक हटावल जाए लागिन। ई प्रक्रिया पश्चिमी यूक्रेन मा, पूर्वी यूक्रेन क मुकाबले कहीं जादा तेजी स बढ़ी, काहेकि उहां औद्योगिक विकास जादा रहा अउर लोगन क भाषा मुख्य रूप स रूसी रही। डी-कम्युनाइजेशन क कानून 2002, 2005, 2009, 2011 अउर 2013 मा यूक्रेनी संसद मा प्रस्तावित भइन, लेकिन इनमें स कवनो कानून पारित न होइ पाइस। '''यूरोमेडियन के बाद के सुधार''' यूक्रोमाइडान क दौरान अउर ओकर बाद, 8 दिसंबर 2013 का कीव मा लेनिन क मूर्ति गिराए जाए क साथे, कई लेनिन स्मारक अउर मूर्तियन प्रदर्शनकारी लोगन द्वारा हटाई गइन या नष्ट कइ दिहल गइन। अप्रैल 2014 मा, यूक्रेन मा औपचारिक अउर राष्ट्रीय स्तर पर डी-कम्युनाइजेशन क प्रक्रिया शुरू होखे स एक बरिस पहिले ही, स्थानीय प्रशासन कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर जगहन क नाव हटावे अउर बदले क काम शुरू कइ दिहिस, जइसे कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क मा। 9 अप्रैल 2015 का, यूक्रेनी संसद डी-कम्युनाइजेशन (साम्यवाद-विरोधीकरण) से जुड़ल कानून पास किहिस। ई कानून दूसरी यात्सेन्युक सरकार द्वारा पेश कइल गवा रहा, जेमे “कम्युनिस्ट अउर राष्ट्रीय समाजवादी तानाशाही व्यवस्थन” क प्रतीकन क बढ़ावा देवे पर रोक लगावल गइ रही।एह बिल क मुख्य प्रावधानन मा से एक ई रहा कि सोवियत संघ क शासन व्यवस्था क “अपराधी” मानल गवा अउर ओकरा एक अइसन व्यवस्था बतावल गवा जवन “राज्य आतंक नीति” अपनवले रही। ई कानून कम्युनिस्ट प्रतीकन अउर प्रचार क इस्तेमाल पर रोक लगावत बा, अउर साथे ही राष्ट्रीय समाजवाद अउर ओकर मूल्यन से जुड़ल सभ प्रतीकन अउर प्रचार पर भी प्रतिबंध लगावत बा, साथे ही यूक्रेन मा नाजी या फासीवादी समूहन क कवनो गतिविधि पर भी रोक लगावत बा।ई प्रतिबंध स्मारकन, जगहन अउर सड़कन क नाव पर लागू होइला। हालांकि, ई प्रतिबंध दूसर विश्व युद्ध क स्मारकन पर लागू नइखे होत, अउर न ही ओह स्थिति मा जब प्रतीक कवनो कब्रिस्तान मा स्थित होखत होइ। साम्यवादी विचार व्यक्त करे क अवैध नइखे बनावल गवा।[2] लेकिन साम्यवादी प्रतीकन पर प्रतिबंध क कारण सैकड़न मूर्तियन हटाई गइन, सड़कन क नाम-पट बदल दिहल गइन, अउर कई बसल जगहन क नाव भी बदली गइन, जेमे यूक्रेन क कुछ सबसे बड़ शहर, जइसे कि डनिप्रो, भी शामिल रहा।ह्रोमाड्स्के.टीवी क मैक्सिम एरिस्टावी अप्रैल 2015 क अंत मा अनुमान लगाइन कि पूरा देस मा नाव बदले क लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर होई। एह कानून 1917 स 1991 तक (जवन समय सोवियत संघ क रहा) “यूक्रेनी आजादी क संघर्ष” मा हिस्सा लेवे वाला वेटरन लोगन क खास कानूनी दर्जा भी दिहिस। ओही दिन, संसद एक अउर कानून पास किहिस, जवन राष्ट्रीय शब्दावली मा “महान पैट्रियॉटिक युद्ध” क जगह “दूसर विश्व युद्ध” (1939 स 1945) क अवधि अपनाइस (पहिले 1941–45 मानल जात रहा), जवन एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव रहा। 15 मई 2015 का, यूक्रेन क राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर हस्ताक्षर किहिन। एहसे कम्युनिस्ट स्मारकन क हटावे अउर कम्युनिस्ट थीम से जुड़ल सार्वजनिक जगहन क नाव बदले खातिर छह महीना क अवधि शुरू भई। '''यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानून लागू होइला, लेकिन खाली एह तक सीमित नइखे बा:''' * सोवियत संघ क झंडा *यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक अउर सोवियत संघ क 14 दूसर गणराज्यन क झंडा, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क झंडा *सोवियत संघ अउर ओकर घटक गणराज्यन क राज्य चिह्न, साथे ही पूर्वी यूरोप अउर विदेश क समाजवादी देशन क राज्य चिह्न *सोवियत संघ अउर गणराज्यन क राष्ट्रगान *लाल सितारा *हथौड़ा अउर हंसिया *व्लादिमीर लेनिन, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेडॉन्ग, किम इल सुंग अउर चे ग्वेवारा क छवियन *सोवियत सैन्य वर्दी ई कानून 20 मई 2015 का होलोस उक्राइनी मा प्रकाशित कइले गइन; एहसे ऊ आधिकारिक रूप स अगिला दिन लागू होइ गइन। 3 जून 2015 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान 22 सहर अउर 44 गांवन क एक सूची प्रकाशित किहिस, जवनकर नाव फेर से बदलल जाए के रहा। एह जगहन मा से ज्यादातर डोनबास क्षेत्र, पूर्वी यूक्रेन मा रहीं; बाकी मध्य यूक्रेन अउर दक्षिण यूक्रेन मा स्थित रहीं। डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क तहत, नगरपालिकन क 21 नवंबर 2015 तक ओह जगहन (बस्ती/इलाका) क नाव बदले क समय दिहल गवा जवन उनकर शासन मा आवत रहीं। जवन जगहन क नाव न बदल पाइल, ओह खातिर प्रांतीय प्रशासन क 21 मई 2016 तक नाव बदले क समय दिहल गवा। अगर ओ तारीख के बाद भी कउनो बस्ती आपन पुरान नाव बनाए राखिस, त यूक्रेन क मंत्रिपरिषद ओह बस्ती क नाव खुद बदल सकत रही। 24 जुलाई 2015 क एक आदेश मा, जवन डी-कम्युनाइजेशन कानूनन पर आधारित रहा, यूक्रेन क आंतरिक मंत्रालय यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी स चुनाव मा भाग लेवे क अधिकार छीन लिहिस। मंत्रालय ई भी कहिस कि ऊ न्यायालयी कार्रवाई (जवन जुलाई 2014 मा शुरू भई रही) जारी रखत बा, ताकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टीयन क पंजीकरण खत्म कइल जा सके। 3 सितंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत) पर प्रतिबंध लगा दिहिस; दूनों पार्टीयन अपील न किहिन। अक्टूबर 2015 मा, ओडेसा मा लेनिन क एक मूर्ति क बदल के स्टार वार्स क खलनायक डार्थ वाडर क मूर्ति बना दिहल गइन। 16 दिसंबर 2015 का, कीव क जिला प्रशासनिक न्यायालय न्याय विभाग क दावा पूरा तरह स मान लिहिस, अउर यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क गतिविधियन पर प्रतिबंध लगा दिहिस। पार्टी एह प्रतिबंध क खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय मा अपील किहिस। मार्च 2016 मा, लेनिन, फेलिक्स जेरज़िन्स्की अउर सर्गेई किरीव क मूर्तियन, साथे ही एक कोम्सोमोल स्मारक, पूर्वी सहर ज़ापोरिज़्ज़िया मा हटाई गइन या नीचे उतार दिहल गइन। दनीपर जलविद्युत स्टेशन (जवन पहिले लेनिन डैम क नाव स जानल जात रहा) क ओर देखत मूर्ति, यूक्रेन मा बचल सबसे बड़ लेनिन क मूर्ति रही। 19 मई 2016 का, यूक्रेनी संसद यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके “ड्नीप्रो” रखे खातिर वोट किहिस।विभिन्न जगहन क नाव बदले वाला कानून 20 मई 2016 का हस्ताक्षर कइके लागू कइ दिहल गवा। जुलाई 2016 मा, यूक्रेनी संसद घोषणा किहिस कि क्रीमिया मा जगहन क नया नाव, जवन 2014 मा रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा कइले क बाद से पूरी तरह रूसी नियंत्रण मा बा, “क्रीमिया स्वायत्त गणराज्य अउर सेवास्तोपोल क अस्थायी रूप से कब्जा कइल इलाकन क यूक्रेन क सामान्य अधिकार-क्षेत्र मा वापस आवे पर लागू होइंगे।” मई 2017 मा, 46 यूक्रेनी सांसदन, जिनमें ज्यादातर विपक्षी ब्लॉक पार्टी क सदस्य रहिन, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय मा अपील किहिन कि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क असंवैधानिक घोषित कइल जाए। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि “तानाशाही शासन क प्रतीकन क हटाए क संदर्भ मा साम्यवाद-विरोधीकरण वास्तव मा पूरा हो चुकल बा।” हालांकि उनकर अनुसार कीव सहर अबहिन पीछे रह गवा रहा। फरवरी 2019 मा, यूक्रेन क केंद्रीय चुनाव आयोग (साम्यवादी पार्टी क नेता) पेत्रो सिमोनेन्को क 2019 क राष्ट्रपति चुनाव खातिर उम्मीदवारी पंजीकरण से इंकार क दिहिस, काहेकि यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी क विधान, नाव अउर प्रतीक 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार नइखे रहत। सिमोनेन्को एह फैसले क खिलाफ अपील किहिन, लेकिन अपील अदालत केंद्रीय चुनाव आयोग क निर्णय क पुष्टि क दिहिस। प्रस्ताव रखल गवा कि ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र क नाव बदलके “सिचेस्लाव” रखल जाए। 16 जुलाई 2019 का, यूक्रेन क संवैधानिक न्यायालय 2015 क यूक्रेनी डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क बरकरार रखिस। 7 नवंबर 2020 का, गाँव माला रोहान मा, स्कूल क इमारत क मुख से यूक्रेनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक क प्रतीक हटाई दिहल गवा। '''यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद सुधार''' 27 अप्रैल 2022 का (यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान), कीव क पीपुल्स फ्रेंडशिप आर्च क नीचे 27 फीट (8 मीटर) ऊँच सोवियत काल क कांस्य प्रतिमा, जवन रूसी-यूक्रेनी दोस्ती क प्रतिनिधित्व करत रही, क कीव क मेयर विताली क्लिचको क आदेश पर हटाई दिहल गवा। 1 अगस्त 2023 का कीव मा मातृभूमि स्मारक (जवन द्वितीय विश्व युद्ध मा यूक्रेन क इतिहास क राष्ट्रीय संग्रहालय क हिस्सा हउवे) से सोवियत प्रतीक हटाई दिहल गवा। ओकर जगह पर यूक्रेनी त्रिशूल पूरा तरह से 24 अगस्त 2023 का स्थापित कइल गवा (यूक्रेन क स्वतंत्रता दिवस पर)। स्मारक क नाव भी बदलके “मातृ-यूक्रेन” रख दिहल गवा। 24 अक्टूबर 2023 का राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की अधिनियम संख्या 8263 पर हस्ताक्षर किहिन, जवन यूक्रेन मा शहरी प्रकार क बस्तियन क अवधारणा क समाप्त क दिहिस। एह अधिनियम क मकसद “यूक्रेन क प्रशासनिक अउर क्षेत्रीय प्रणाली क कुछ मुद्दन क समाधान प्रक्रिया क सोवियतकरण हटावे” रहा। 30 जनवरी 2024 का, लविव क्षेत्र क राज्यपाल कहिन कि ई क्षेत्र यूक्रेन मा पहिला क्षेत्र बा जवन अपने सभे साम्यवादी काल क स्मारक हटाई दिहिस। ==आलोचना == 18 मई 2015 का, OSCE चिंता जताइस कि ई कानून यूक्रेन मा प्रेस क स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकत बा। OSCE ई भी खेद प्रकट किहिस कि एह कानूनन क बारे मा नागरिक समाज क सार्वजनिक बहस मा हिस्सा लेवे क अवसर नइखे मिलल। खारकिव मानवाधिकार संरक्षण समूह मई 2015 मा कहिस कि ई कानून “कई यूक्रेनी लोगन द्वारा रखल विचारन क सार्वजनिक अभिव्यक्ति क प्रभावी रूप से अपराध बनावत बा।” 18 दिसंबर 2015 का, वेनिस आयोग कहिस कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कानून यूरोपीय परिषद क कानूनन क अनुरूप नइखे बा। आयोग खास तौर पर कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध लगावे क फैसले क आलोचना किहिस। अप्रैल 2015 मा, रूस क सांसद लोगन दावा किहिन कि कम्युनिस्ट अउर नाजी प्रतीकन क एक स्तर पर रखब “निराशाजनक” बा, अउर रूस समर्थित अर्धसैनिक बल एह कानून क निंदा किहिन। उ समय क नेता अउर स्वयंघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक क प्रमुख अलेक्ज़ेंडर ज़ाखार्चेंको फरवरी 2016 क अंत मा कहिन कि जब नाम बदले गवा सहर “हमरे अधिकार क्षेत्र मा लौटिहें”, त ओह सहरन क फेर से उनके पुरान (डी-कम्युनाइजेशन से पहिले वाले) नाव पर रखल जाई। फरवरी 2022 मा यूक्रेन क घटनन क संबंध मा अपने संबोधन मा पुतिन दावा किहिन कि यूक्रेन क डी-कम्युनाइजेशन कवनो तरह स तर्कसंगत नइखे, काहेकि “आधुनिक यूक्रेन क निर्माण कम्युनिस्ट रूस, अउर खास तौर पर लेनिन द्वारा कइल गवा रहा।” बीबीसी क विटाली चेर्वोनेनको नोट किहिन कि पुतिन क ई बयान गलत रहा, काहेकि 1917–1920 मा स्वतंत्र यूक्रेनी राज्य क गठन क प्रयास भइल रहा अउर कीव मा लेनिन क बोल्शेविक सरकार क साथ युद्ध भी भइल रहा, जवन यूक्रेन क बोल्शेविक रूस मा शामिल करे क उद्देश्य रखत रहा। == परिणाम== 16 दिसंबर 2015 से यूक्रेन मा तीन कम्युनिस्ट पार्टीयन पर प्रतिबंध बा—यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी, यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी (नवीनीकृत), अउर मजदूर अउर किसानन क कम्युनिस्ट पार्टी। एह प्रतिबंध क खिलाफ खाली यूक्रेन क कम्युनिस्ट पार्टी अपील किहिस; लेकिन एहसे अदालत द्वारा पार्टी पर प्रतिबंध लगावे क निर्णय लागू न होइ पाइस। हालांकि, अप्रैल 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून मा अइसन धारा बा जवन न्याय मंत्रालय क ई अधिकार देत बा कि ऊ कम्युनिस्ट पार्टी क चुनाव मा भाग लेवे स रोक सकै। यूक्रेन मा 1991 मा 5,500 लेनिन क स्मारक रहिन, जवन दिसंबर 2015 तक घटके 1,300 रह गइन। फरवरी 2014 (जब 376 स्मारक हटाए गइन) से नवंबर 2015 तक 700 से अधिक लेनिन स्मारक हटाए या नष्ट कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेन क राष्ट्रीय स्मृति संस्थान घोषणा किहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क दौरान कुल 1,320 लेनिन स्मारक ध्वस्त कइ दिहल गइन। 16 जनवरी 2017 का, यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान कहिस कि डी-कम्युनाइजेशन क कारण 51,493 सड़कन, चौराहन अउर “दूसर सुविधन” क नया नाव दे दिहल गवा। जून 2016 तक 19 रायन, 27 शहरी जिला, 29 सहर, 48 शहरी प्रकार क बस्ती, 119 ग्रामीण बस्ती अउर 711 गांवन क नाव बदल दिहल गवा। यूक्रेन क चौथा सबसे बड़ा सहर ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क नाव बदलके ड्नीप्रो रख दिहल गवा। यूक्रेन क दूसरा सबसे बड़ा सहर खार्किव मा फरवरी 2016 क शुरुआत तक 200 से अधिक सड़कन, 5 प्रशासनिक रायन, 4 पार्क अउर 1 मेट्रो स्टेशन क नाव बदल दिहल गवा। 2016 मा कुल मिलाके 51,493 सड़कन अउर 987 सहर अउर गांवन क नाव बदल दिहल गवा, 25 रायन क नाव बदला गवा, अउर 1,320 लेनिन क मूर्तियन अउर 1,069 दूसर साम्यवादी व्यक्ति लोगन क मूर्तियन हटाई गइन। कुछ गांवन मा लेनिन क मूर्तियन क पैसे बचावे खातिर “गैर-साम्यवादी ऐतिहासिक व्यक्तियन” मा बदल दिहल गवा। सबसे प्रमुख उदाहरणन मा से एक ओडेसा मा लेनिन क मूर्ति रही, जवन बाद मा डार्थ वेडर क मूर्ति मा बदल दिहल गवा। फरवरी 2019 मा, द गार्जियन रिपोर्ट किहिस कि चेर्नोबिल निषेध क्षेत्र मा लेनिन क दू मूर्ति यूक्रेन मा बचल अंतिम दू लेनिन मूर्ति रहिन, अगर यूक्रेन क अधिकार क्षेत्र स बाहर कब्जा कइल इलाकन क न गिनल जाए। जनवरी 2021 मा “रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी” तीन छोटका (यूक्रेनी नियंत्रित) गांवन मा तीन बची हुई लेनिन मूर्तियन क पता लगाइस। ओही समय जनवरी 2021 मा, पूर्व रूसी अंतरिक्ष यात्री अउर वर्तमान मा रूसी स्टेट ड्यूमा क यूनाइटेड रूस पार्टी क सदस्य वेलेंटिना तेरेशकोवा क नाम पर यूक्रेन मा अबहिन भी 24 सड़कन क नाम रहत रहा (जेमे 6 सड़क रूस द्वारा कब्जा कइल यूक्रेन क हिस्सन मा रहिन), जबकि 2015 क डी-कम्युनाइजेशन कानून क अनुसार इ सब क नया नाम रखल जाय क चाही। ई सब 2022 मा नया नाम दिहल गवा। यूक्रेन मा अंतिम लेनिन मूर्ति (अलगाववादियन द्वारा कब्जा कइल या रूस द्वारा नियंत्रित इलाकन क छोड़के) 27 जनवरी 2021 का ओडेसा ओब्लास्ट क इस्त्राइल रायन, स्टारी ट्रॉयनी मा ध्वस्त कइ दिहल गवा। यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान क निदेशक वोलोदिमिर व्याट्रोविच फरवरी 2018 मा कहिन कि कीव मा मदरलैंड स्मारक क ढाल पर अबहिन मौजूद सोवियत हथौड़ा अउर हंसिया क देश क डी-कम्युनाइजेशन कानूनन क अनुसार हटावल जाए चाही अउर ओकर जगह यूक्रेनी त्रिशूल लगावल जाए चाही, जवन बाद मा 2023 मा कइल गवा। क्रोपिवनित्स्की, यूक्रेन मा चेका क स्मृति, 2023 यूक्रेन पर रूस क आक्रमण क दौरान, यूक्रेन भर मा कई लेनिन क मूर्तियन, जवन यूक्रेनी लोग पहिले कइ बरिस मा हटा दिहले रहिन, रूस नियंत्रित इलाकन मा रूसियन लोगन द्वारा फिर से स्थापित कइल गइन। == मतदान== नवंबर 2016 क एक सर्वेक्षण मा देखावल गवा कि 48% उत्तरदातन यूक्रेन मा कम्युनिस्ट विचारधारा पर प्रतिबंध क समर्थन किहिन, 36% एकर खिलाफ रहिन अउर 16% अनिर्णीत रहिन। एहमें ई भी देखावल गवा कि 41% उत्तरदातन देस मा लेनिन क सभे स्मारक हटावे क पहल क समर्थन किहिन, जबकि 48% एकर खिलाफ रहिन अउर 11% अनिर्णीत रहिन। 8 अप्रैल 2022 तक, समाजशास्त्रीय समूह “रेटिंग” क एक सर्वेक्षण अनुसार 76% यूक्रेनी रूसी आक्रमण क बाद सोवियत संघ अउर रूस स जुड़ल नाव वाले सड़कन अउर दूसर वस्तुअन क नाम बदले क पहल क समर्थन करत रहिन। ==बाहरी लिंक == * [http://infolight.org.ua/thememap/dekomunizaciya-2015-sela#6.00/47.216/33.648 Interactive map of settlements that need to be renamed]. *[https://ratinggroup.ua/research/ukraine/vosmoy_obschenacionalnyy_opros_ukraina_v_usloviyah_voyny_6_aprelya_2022.html Eighth National Poll: Ukraine in War Conditions (April 6, 2022)] *[https://www.kyivpost.com/ukraine-politics/almost-half-residents-ukraine-want-decommunization.html Almost half of residents of Ukraine want decommunization ] [[श्रेणी:̝Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026]] 4p3fzqk5zribuq7u7a5dyj5nm1uwb1c