विकिपीडिया awawiki https://awa.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8_%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE MediaWiki 1.47.0-wmf.15 first-letter मीडिया खास बातचीत यूजर यूजर बातचीत विकिपीडिया विकिपीडिया बातचीत फाइल फाइल बातचीत मीडियाविकी मीडियाविकी बातचीत खाँचा खाँचा बातचीत मदद मदद बातचीत श्रेणी श्रेणी बातचीत TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk मेघालय 0 3501 36568 33278 2026-08-18T00:37:56Z InternetArchiveBot 1072 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 36568 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement <!-- See Template:Infobox settlement for additional fields and descriptions --> | name = मेघालय | native_name = | native_name_lang = | image_skyline = File:Light after Darkness.jpg | image_caption = [[चेरापुंजी]], पूर्वोत्तर भारत का सर्वाधिक प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण, मेघालय में स्थित है एवं एक कैलेण्डर वर्ष में विश्व की सर्वाधिक वर्षा का कीर्तिमान धारण करता है। | type = [[भारत के राज्य|राज्य]] | image_seal = Seal_of_Meghalaya.svg | seal_alt = | image_map = IN-ML.svg | map_alt = | map_caption = | image_map1 = | map_caption1 = | coor_pinpoint = शिलाँग | coordinates = {{coord|25.57|91.88|region:IN-AS|display=inline,title}} | coordinates_footnotes = | subdivision_type = राष्ट्र | subdivision_name = {{flag|भारत}} | established_title = स्थापना | established_date = 1 april 1970{{ref|cap|†}} | parts_type = [[भारत के जिले|जिले]] | parts_style = para | p1 = [[मेघालय के जिलों की सूची|११]] | seat_type = राजधानी | seat = [[शिलांग]] | seat1_type = सबसे बडा शहर | seat1 = शिलांग | government_footnotes = | leader_title = [[मेघालय के राज्यपालों की सूची|राज्यपाल]] | leader_name = | leader_title1 = [[मेघालय के मुख्यमंत्रियों की सूची|मुख्य&nbsp;मन्त्री]] | leader_name1 = | leader_title2 = [[मेघालय विधान सभा|विधान सभा]] | leader_name2 = [[एकसदनीय]] (६० क्षेत्र) | leader_title3 = [[१४वीं लोक सभा|संसदीय निर्वाचन क्षेत्र]] | leader_name3 = [[राज्य सभा]] १ <br /> [[लोक सभा]] २ | leader_title4 = [[उच्च 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blank_info_sec2 = <nowiki>75.84% (२४वां]])</nowiki><ref name="census2011.co.in"/> | blank1_name_sec2 = {{nowrap|[[आधिकारिक भाषा]]}} | blank1_info_sec2 = [[गारो भाषा|गारो]] एवं [[खासी भाषा|खासी भाषाएं]]<ref name=langoff>{{cite web |url=http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM47thReport.pdf |title= Report of the Commissioner for linguistic minorities: 47th report (July 2008 to June 2010)|pages=84–89 |publisher=Commissioner for Linguistic Minorities, Ministry of Minority Affairs, Government of India |accessdate=16 February 2012}}</ref> | website = [http://meghalaya.gov.in meghalaya.gov.in] | footnotes = {{ref|cap|†}} इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्संगठन) अधिनियम १९७१ के अन्तर्गत १९७१ में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला }} '''मेघालय''' ({{IPAc-en|UK|m|eɪ|ˈ|g|ɑː|l|ə|j|ə}}, {{IPAc-en|US|ˌ|m|eɪ|g|ə|ˈ|l|eɪ|ə}}) [[पूर्वोत्तर भारत]] क एक राज्य हौ जेकर शाब्दिक अर्थ बदरन क घर होत है। २०१६ के हिसाब से इहां क जनसंख्या ३२,११,४७४ हौ<ref name=":2">{{cite web|url=http://pib.nic.in/archieve/others/2014/mar/d2014031002.pdf|title=Fact sheet on meghalaya|date=March 10, 2014|accessdate=September 12, 2014}}</ref> एवं विस्तार २२,० वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र मा बा, जेकर लम्बाई से चौडाई अनुपात लगभग ३:१ क है।<ref name="ibef">[http://www.ibef.org/download/Meghalaya-110313.pdf मेघालय] इण्डिया ब्राण्ड इक्विटी फ़ाउण्डेशन, ्भारत (२०१३) {{अंग्रेज़ी}}</ref> राज्य के दक्खिन छोर [[मयमनसिंह विभाग|मयमनसिंह]] अउर [[सिलहट विभाग|सिलहट]] बांग्लादेशी विभागों से लागत है, पच्छुँ ओरी [[रंगपुर विभाग|रंगपुर]] बांग्लादेशी भागि अउर उत्तरों अउर पूरब ओरी भारतीय राज्य [[असम]] से घिरा ब। राज्य कीन राजधानी [[शिलांग]] हौ। भारत में [[ब्रिटिश राज]] के समयि तत्कालीन ब्रिटिश शाही अधिकारियों द्वारा एहेका "'''पूर्व का स्काटलैण्ड"''' संज्ञा दई गईल रहा।<ref name="akrl">आर्नोल्ड पी. कामिन्स्की एवं रॉजर डी. लॉन्ग (२०११), [[इण्डिया टुडे]]: एन एन्साय्क्लोपीडिया ऑफ़ लाइफ़ इन रिपब्लिक [ ''An Encyclopedia of Life in the Republic'',] {{ISBN|978-0313374623}}, पृष्ठ॰ ४५५-४५९</ref> मेघालय पहले असम राज्य क भाग रहा, २१ जनवरी १९७२ क असम के [[खासी एवं जयंतिया पहाड़ियाँ|खासी]], [[गारो पहाड़ियाँ|गारो]] अउर [[जयन्तिया हिल्स जिला|जैन्तिया]] पर्वतीय जिलों के काटकर नयका राज्य मेघालय अस्तित्व में लाया गया। इहाँ की आधिकारिक भाषा [[अंग्रेजी]] बा। एकरे अलावा अन्य मुख्यतः बोलल जाय वाली भासाओं में [[खासी भाषा|खासी]], [[गारो भाषा|गारो]], [[प्नार भाषा|प्नार]], [[बियाट भाषा|बियाट]], [[हाजोंग|हजोंग]] अउर [[बंगाली भाषा|बांग्ला]] आवत हैं। एकरे अलावा इहाँ हिन्दी भी कहूँ कहूँ बोली जात है जेकर बोलन वाले मुख्यतः शिलांग मा मिल्हें। भारत के अन्य राज्यों से अलगै इहाँ [[मातृवंशीय]] प्रणाली चलत है, जे मा वंशावली मां (महिला) के नाम से चलत है अउर सबसे छोट लइकी आपण मई बाबू क देखभाल करत है अउर उहे उनकर सभै सम्पत्ति पावत है।<ref name="akrl" /> इ राज्य भारत का [[आर्द्रता|आर्द्रतम]] क्षेत्र हौ, जहां वार्षित औसत वर्षा {{convert|12000|mm|in|abbr=on}} दर्ज हुआ ब।<ref name="ibef" /> राज्य क ७०% से ढेर क्षेत्र वनाच्छादित हौ।<ref name="Meghalaya and Its Forests">[http://www.megforest.gov.in/megfor_extent_forest.htm Meghalaya and Its Forests] Government of Meghalaya (2012); Quote – total forest area is 69.5%</ref> राज्य मा मेघालय [[उपोष्णकटिबंधीय]] वन पर्यावरण क्षेत्रों का विस्तार है, यहां के पर्वतीय वन उत्तर से दक्षिण के अन्य निचले क्षेत्रों के [[उष्णकटिबन्धीय जलवायु|उष्णकटिबन्धीय वनों]] से पृथक हैं। ये वन [[स्तनधारी]] पशुओ, पक्षियों तथा वृक्षों की [[जैव विविधता|जैवविविधता]] के मामलों में विशेष उल्लेखनीय हैं। मेघालय में मुख्य रूप से कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था(''अग्रेरियन'') है जिसमें वाणिज्यिक वन उद्योग का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है। यहां की मुख्य फ़सल में [[आलू]], [[चावल]], [[मक्का]], [[अनानास|अनान्नास]], [[केला]], [[पपीता]] एवं [[दालचीनी]], [[हल्दी]] आदि बहुत से [[मसाला|मसाले]], आदि हैं। सेवा क्षेत्र में मुख्यतः अचल सम्पत्ति एवं बीमा कम्पनियां हैं। वर्ष २०१२ के लिये मेघालय का [[सकल घरेलू उत्पाद|सकल राज्य घरेलू उत्पाद]] {{INRConvert|16173|c}} अनुमानित था। राज्य भूगर्भ सम्पदाओं की दृष्टि से खनिजों से सम्पन्न है किन्तु अभी तक इससे सम्बन्धित कोई उल्लेखनीय उद्योग चालू नहीं हुए हैं।<ref name="akrl" /> राज्य में लगभग {{convert|1,170|km|mi|abbr=on}} लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग बने हैं। यह बांग्लादेश के साथ व्यापार के लिए एक प्रमुख लाजिस्टिक केंद्र भी है।<ref name="ibef" /> == नामकरण == मेघालय<ref name=":0">{{cite web|url=http://www.oxforddictionaries.com/definition/english/Meghalaya|title=ऑक्स्फ़ोर्ड शब्दकोश में अंग्रेज़ी में मेघालय का अर्थ [Definition of Meghalaya in English from the Oxford Dictionary]|last=|first=|date=|work=[[ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20120819033857/http://oxforddictionaries.com/definition/english/Meghalaya|archive-date=19 August 2012|dead-url=|accessdate=1 April 2015|url-status=dead}}</ref> शब्द का शब्दिक अर्थ है: [[बादल|मेघों]] का आलय या घर।<ref name=":1">{{cite web|url=http://dictionary.reference.com/browse/Meghalaya|title=Meghalaya &#124; Define Meghalaya at Dictionary.com|date=2014-07-14|website=Dictionary.reference.com|accessdate=2017-02-27}}</ref> यह [[संस्कृत]] मूल से निकला है। इस शब्द की व्युत्पत्ति [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] में भूगोल विभाग के प्राध्यापक एमेरिटस [[शिवप्रसाद चटर्जी|डॉ॰एस पी॰चटर्जी]] द्वारा की गई थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.mapsofindia.com/meghalaya/history.html|title=इससे पूर्व कि भूलें [Lest we forget]|last=|first=|date=१० जून २०१८|website=Meghalaya times.com| language = en|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref> इस नाम पर आरम्भ में इसके नाम पर काफ़ी विरोध हुआ, क्योंकि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की भांति, जिनके नाम उनके निवासियों से संबंधित थे, जैसे [[मिज़ोरम]]: [[मिज़ो]] जनजाति, [[नागालैण्ड]]: नागा लोग, [[असम]]: असोम या [[अहोम]] लोग के नाम पर है; किन्तु मेघालय शब्द से स्थानीय गारो, खासी या जयंतिया जनजातियों का नाम कहीं सम्बन्धित नहीं होता है। किन्तु कालान्तर में इसे अपना लिया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.quora.com/Who-gave-the-name-Meghalaya|title=मेघालय नाम किसने दिया? [Who gave the name Meghalaya?]|last=लाँग|first=श्न्गेन|date=२८ नवंबर २०१७|website=quora.com| language = en|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref> == इतिहास == ;'''प्राचीन''' अपने अन्य पड़ोसी पूर्वोत्तर-भारतीय राज्यों के साथ ही, मेघालय भी पुरातात्त्विक रुचि का केन्द्र रहा है। यहां लोग [[नवपाषाण युग]] से निवास करते आ रहे हैं। अब तक खोजे गए नवपाषाण स्थल प्रायः ऊंचे स्थानों पर मिले हैं, जैसे यहां के खासी और गारो पर्वत एवं पड़ोसी राज्यों में भी। यहां नवपाषाण शैली की [[झूम कृषि|झूम कृषि शैली]] अभी तक अभ्यास में है। यहां के हाईलैण्ड पठार खनिज सम्पन्न मृदा के साथ साथ प्रचुर वर्षा होने पर भी बाढ़ से रोकथाम करने में सहायक होते हैं।<ref>MANJIL HAZARIKA, [https://dx.doi.org/10.5334/aa.06104 Neolithic Culture of Northeast India: A Recent Perspective on the Origins of Pottery and Agriculture], Ancient Asia 1:25-44</ref> मानव इतिहास में मेघालय का महत्त्व धान की फ़सल के घरेलु व्यावसायीकरण से जुड़ा हुआ है। चावल के उद्गम से जुड़े प्रतिस्पर्धी सिद्धांतों में आयन ग्लोवर के सिद्धांत के अनुसार, "भारत २०,००० से अधिक पहचान वाली प्रजातियों के साथ घरेलु चावल की सबसे बड़ी विविधता का केंद्र है और पूर्वोत्तर भारत घरेलु चावल की उत्पत्ति का इकलौता क्षेत्र है जो सबसे अनुकूल है।" <ref>Glover, Ian C. (1985), Some Problem Relating to the Domestication of Rice in Asia, In Recent Advances in Indo-Pacific Prehistory (Misra, VN. and P. Bellwood Eds.), {{ISBN|978-8120400153}}, Oxford Publishing, pp 265-274</ref> मेघालय की पहाड़ियों में की गयी सीमित पुरातात्विक शोध सुझाती है कि यहां मानव का निवास प्राचीन काल से रहा है। भारत २०,००० से अधिक पहचान वाली प्रजातियों के साथ घरेलु चावल की सबसे बड़ी विविधता का केंद्र है और उसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र घरेलु चावल की उत्पत्ति का अकेला सबसे अनुकूल क्षेत्र है। ;आधुनिक इतिहास मेघालय का गठन असम राज्य के दो बड़े जिलों संयुक्त खासी हिल्स एवं जयन्तिया हिल्स को असम से अलग कर २१ जनवरी, १९७२ को किया गया था। इसे पूर्ण राज्य का दर्जा देने से पूर्व १९७० में अर्ध-स्वायत्त दर्जा दिया गया था।<ref name="meghis">[http://megassembly.gov.in/origin_and_growth.htm History of Meghalaya State] Government of India</ref> १९वीं शताब्दी में ब्रिटिश राज के अधीन आने से पूर्व गारो, खासी एवं जयन्तिया जनजातियों के अपने राज्य हुआ करते थे। कालान्तर में ब्रिटिश ने १९३५ में तत्कालीन मेघालय को असम के अधीन कर दिया था।<ref name="akrl3">Arnold P. Kaminsky and Roger D. Long (2011), India Today: An Encyclopedia of Life in the Republic, {{ISBN|978-0313374623}}, pp. 455-459</ref> तब इस क्षेत्र को ब्रिटिश राज के साथ एक सन्धि के तहत अर्ध-स्वतंत्र दर्जा मिला हुआ था। १६ अक्तूबर १९०५ में [[लॉर्ड कर्ज़न]] द्वारा [[बंगाल का विभाजन (1905)|बंगाल के विभाजन]] होने पर मेघालय नवगठित प्रान्त पूर्वी बंगाल एवं असम का भाग बना। हालांकि इस विभाजन के १९१२ में वापस पलट दिये जाने पर मेघालय असम का भाग बना। ३ जनवरी १९२१ को भारत सरकार के १९१९ के अधिनियम की धारा ५२ए के अनुसरण में, ''गवर्नर-जनरल-इन-काउन्सिल'' ने मेघालय के खासी राज्य के अलावा अन्य सभी क्षेत्रों को पिछड़े क्षेत्र घोषित कर दिया था। इसके बाद, ब्रिटिश प्रशासन ने भारत सरकार के अधिनियम १९३५ के तहत इसे अधिनियमित किया। इस अधिनियम के अन्तर्गत पिछाड़े क्षेत्रों को दो श्रेणियों,- अपवर्जित एवं आंशिक अपवर्जित में पुनर्समूहीकृत किया। १९४७ में स्वतंत्रता के समय, वर्तमान मेघालय में असम के दो जिले थे और यह क्षेत्र असम राज्य के अधीन होते हुए भी सीमित स्वायत्त क्षेत्र था। १९६० में एक पृथक पर्वतीय राज्य की मांग उठने लगी।<ref name="meghis" /> १९६९ के असम पुनर्संगठन (मेघालय) अधिनियम के अन्तर्गत मेघालय को स्वायत्त राज्य बनाया गया। यह अधिनियम २ अप्रैल १९७० को प्रभाव में आया और इस तरह असम से मेघालय नाम के एक स्वायत्त राज्य का जन्म हुआ। भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के अनुसार इस स्वायत्त राज्य के पास एक [[मेघालय विधानसभा|३७ सदस्यीय विधान सभा]] बनी। १९७१ में संसद ने पूर्वोत्तर पुनर्गठन अधिनियम पास किया जिसके अन्तर्गत्त मेघालय को २१ जनवरी १९७२ को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ और अपनी स्वयं की मेघालय विधान सभा बनी।<ref name="meghis" /> == भूगोल == {{मुख्य|मेघालय का भूगोल}}[[फाइल:Meghalaya Abode of the Clouds India Nature in Laitmawsiang Landscape.jpg|thumb|left|मेघालय भारत का पर्वतीय एवं सर्वाधिक वर्षा वाला राज्य है। मेघालय शब्द का अर्थ ही मेघों का गृह है। ऊपर लाइटमावसियांग भूभाग कोहरे और मेघों में लिपटा दिखाई दे रहा है।]] मेघालय पूर्वोत्तर भारत की [[सात बहनों वाले राज्य]] में से एक है। यह एक पर्वतीय राज्य है जिसमें [[घाटी|घाटियों]] और [[पठार|पठारों]] तथा ऊंची-नीची भूमि वाले क्षेत्र हैं। यहाँ पर भूगर्भीय सम्पदा भी प्रचुर उपलब्ध है। यहां मुख्यतः [[आर्कीअन|आर्कियन पाषाण संरचनाएं]] हैं। इन पाषाण शृंखलाओं में [[कोयला]], [[चूना पत्थर]], [[यूरेनियम]] और [[सिलीमैनाइट|सिलिमैनाइट]] जैसे बहुमूल्य [[खनिजों की सूची|खनिजों]] के भण्डार हैं। मेघालय में बहुत सी नदियां भी हैं जिनमें से अधिकांश वर्षा आश्रित और मौसमी हैं। * गारो पर्वतीय क्षेत्र की कुछ महत्त्वपूर्ण नदियां हैं: गनोल, दारिंग, सांडा, बाड्रा, दरेंग, सिमसांग, निताई और भूपाई। * पठार के पूर्वी (जयन्तिया) एवं मध्य भागों (खासी) में ख्री, दिगारू, [[उमियम झील|उमियम]], किन्शी (जादूकता), माओपा, उम्नगोट और मिन्डटू नदियां हैं। दक्षिणी खासी पर्वतीय क्षेत्र में इन नदियों द्वारा गहरी गॉर्ज रूपी घाटियां एवं ढेरों नैसर्गिक जल प्रपात निर्मित हुए हैं। [[फाइल:Tea Plantation Agriculture in Meghalaya India on the way to Shillong.jpg|thumb|मेघालय में कृषि भूमि पर्वतीय है।]] पठार क्षेत्र की ऊंचाई {{convert|150|m|abbr=on}} से {{convert|1961|m|abbr=on}} के बीच है। पठार के मध्य भाग में [[खासी पर्वतमाला]] के भाग हैं जिनकी ऊंचाई अधिकतम है। इसके बाद दूसरे स्थान पर जयन्तिया पर्वतमाला वाला पूर्वी भाग आता है। मेघालय का उच्चतम स्थान शिलाँग पीक है, जहां बड़ा वायु सेना स्टेशन है। यह खासी पर्वत का भाग है और यहां से शिलांग शहर का मनोहारी एवं विहंगम दृश्य दिखाई देता है। [[शिलाँग पीक|शिलांग पीक]] की ऊंचाई {{convert|1961|m||abbr=on}} है। पठार के पश्चिमी भाग गारो पर्वत में है और अधिकतर समतल है। गारो पर्वतमाला का उच्चतम शिखर [[नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान|नोकरेक पीक]] है जिसकी ऊंचाई {{convert|1515|m||abbr=on}} है। === जलवायु === {{seealso|मेघालय की जलवायु}} कुछ क्षेत्रों में वार्षिक औसत वर्षा {{convert|12000|mm|in|abbr=on}} के साथ मेघालय पृथ्वी पर आर्द्रतम स्थान अंकित है।<ref>{{cite web|url=http://www.huffingtonpost.com/2013/07/30/wettest-place-on-earth-india-mawsynram_n_3675254.html|title=The Wettest Place On Earth: Indian Town Of Mawsynram Holds Guinness Record For Highest Average Annual Rainfall|author=Ammu Kannampilly|publisher=Huffington Post|date=July 31, 2013|accessdate=August 16, 2013}}</ref> पठार का पश्चिमी भाग, जिसमें गारो पर्वतों के निचले भाग आते हैं वर्ष पर्यन्त उच्च तापमान में रहता है। ऊंचाईयों वाले शिलांग एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में प्रायः कम तापमान रहता है। इस क्षेत्र का अधिकतम तापमान यदा कदा ही {{convert|28|C|F}} से ऊपर जाता होगा,<ref>{{cite web | url=http://megipr.gov.in/basic_facts.htm | title=Basic facts of Meghalaya | accessdate=13 January 2012 | url-status=dead | archiveurl=https://web.archive.org/web/20120120204955/http://megipr.gov.in/basic_facts.htm | archivedate=20 January 2012 | df=dmy-all }}</ref> जबकि शीतकालीन उप-शून्य तापमान यहां सामान्य हैं।[[फाइल:Cherrapunji.jpg|thumb|170px|left|चेरापुञ्जी में एक साइनबोर्ड।]] राजधानी शिलांग के दक्षिण में खासी पर्वत स्थित सोहरा ([[चेरापूंजी]]) कस्बा एक कैलेण्डर माह में सर्वाधिक वर्षा का कीर्तिमान धारक है, जबकि निकटवर्ती [[मौसिनराम]] ग्राम वर्ष भर में विश्व की सर्वाधिक वर्षा का कीर्तिमान धारक है।<ref>{{cite web|url=http://wmo.asu.edu | title=Global Weather & Climate Extremes|publisher=[[World Meteorological Organisation]]|accessdate=2010-09-25}}</ref> === वन्य जीवन === {{multiple image | direction = vertical | align = right | width = 170 | footer = मेघालय के वनों में पक्षियों की ६६० प्रजातियों<ref name=avibase/> एवं अन्य वन्यजीवों की ढेरों प्रजातियों का निवास है। मोर (ऊपर) एवं हूलॉक जिब्बॉन (गोरिल्ला) (नीचे) मेघालय में पाये जाते हैं।<ref>[http://megtourism.gov.in/wildlife.html मेघालय में वन्य जीवन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140301163028/http://megtourism.gov.in/wildlife.html |date=2014-03-01 }}:मेघालय सरकार, {{अंग्रेज़ी }}</ref> | image1 =Grey Peacock-Pheasant.jpg | image2 =Female Hoolock Gibbon.jpg }} राज्य का लगभग ७०% से अधिक भाग वनाच्छादित है, जिसमें से {{convert|9496|km2|mi2|abbr=on}} सघन प्राथमिक उपोष्णकटिबंधीय वन हैं।<ref name="Meghalaya and Its Forests"/> मेघालयी वन एशिया के प्रचुरतम वनस्पति निवासों में से एक हैं। इन वनों को भरपूर वर्षा उपलब्ध रहती है और यहां प्रचुर मात्रा में वनस्पति एवं वन्य जीव अपनी विविधता के संग मिलते हैं। मेघालय के वनों का एक लघु भाग भारत के पवित्र वृक्षों (''सैक्रेड ग्रोव्स'') के नाम से जाना जाता है। प्राचीन वनों के कुछ छोटे भाग हैं जिन्हें समुदायों द्वारा सैंकड़ों वर्षों से धार्मिक एवं सांस्कृत विश्वास के कारण संरक्षित किया जाता रहा है। ये वन भाग धार्मिक कृत्यों हेतु रक्षित रहते हैं और किसी भी प्रकार के शोषण से सुरक्षित रखे जाते हैं। इन पवित्र ग्रोव्स में बहुत से दुर्लभ पादप एवं पशु आते हैं। पश्चिम गारो हिल्स में [[नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान|नोकरेक बायोस्फ़ेयर रिज़र्व]] एवं दक्षिण गारो हिल्स में [[बलफकरम राष्ट्रीय उद्यान|बालफकरम राष्ट्रीय उद्यान]] को मेघालय के सर्वाधिक जैवविविधता बहुल स्थलों में गिना जाता हैं। मेघालय में तीन वन्य जीवन अभयारण्य हैं: [[नोंगखाइलेम वन्य जीवन अभयारण्य|नोंगखाईलेम]], सिजू अभयारण्य एवं [[बाघमारा, मेघालय|बाघमारा अभयारण्य]], जहां कीटभोजी [[घटपर्णी]] (''पिचर प्लांट'') ''नेपेन्थिस खासियाना'' का पौधा मिलता है जिसे स्थानीय भाषा में "''मे'मांग कोकसी''" कहते हैं। यहां के मौसम और स्थलीय स्थितियों में विविधता के कारण मेघालय के वनों में पुष्पों की प्रजातियों का बाहुल्य है। इनमें परजीवी, [[अधिपादप]], रसभरे पौधों और झाड़ियों की बड़ी विविध प्रजातियां मिलती हैं। यहां की सबसे महत्वपूर्ण वृक्ष किस्मों में से दो हैं साल का पेड (''शोरिया रोबस्टा)'' और टीक (''टेक्टोना ग्रैंडिस'') हैं। मेघालय फल, सब्जियों, मसालों और औषधीय पौधों की ढेरों किस्म का घर है। मेघालय अपने विभिन्न प्रकार के ३२५ से अधिक किस्मों के [[ऑर्किड|ऑर्किड्स]] के लिए भी प्रसिद्ध है। इनमें से सर्वाधिक पाई जाने वाली किस्में खासी पर्वतों के मासस्माई, माल्मलुह और सोहरारीम जंगलों में पाई जाती है। . [[फाइल:Nepenthes khasiana.jpg|170px|thumb|left|[[नेपेन्थिस खासियाना]]]] मेघालय में स्तनधारियों, पक्षियों, सरीसृपों एवं कीट, कृमियों की भी अनेक किस्में पायी जाती हैं।<ref>Choudhury, A. U. (2003) "Meghalaya's vanishing wilderness". ''Sanctuary Asia'' 23(5): 30–35</ref> स्तनधारियों की महत्त्वपूर्ण प्रजातियों में हाथी, भालू, लाल पाण्डा,<ref>Choudhury, A. U. (1996) "Red panda in Garo Hills". ''Environ'' IV(I): 21</ref> सिवेट, नेवले, [[रासू]], कृंतक, गौर, जंगली भैंस,<ref>Choudhury, A. U. (2010) ''The Vanishing Herds: the wild water buffalo''. Gibbon Books, Rhino Foundation, CEPF & COA, Taiwan, Guwahati, India</ref> हिरण, जंगली सूअर और कई [[नरवानर गण]] और साथ ही चमगादड़ की प्रचुर प्रजातियां भी मिलती हैं। मेघालय की चूनापत्थर गुफाएँ जैसे सीजू की गुफाओं में देश की कई लुप्तप्राय एवं दुर्लभ चमगादड़ प्रजातियां मिलती हैं। यहां के लगभग सभी जिलों में ''हूलॉक जिब्बन'' भी दिखाई देता है।<ref>Choudhury, A. U. (2006) "The distribution and status of hoolock gibbon, Hoolock hoolock, in Manipur, Meghalaya, Mizoram and Nagaland in Northeast India". ''Primate Conservation'' 20: 79–87</ref> यहाँ के सामान्यतया पाये जाने वाले सरीसृपों में छिपकलियां, मगरमच्छ और कछुए आते हैं। मेघालय में बड़ी संख्या में सर्पों की प्रजातियां मिलती हैं, जिनमें अजगर, कॉपरहैड, ग्रीन ट्री रेसर, नाग, कोरल स्नेक तथा [[वाइपरिडाए|वाइपर्स]] भी आते हैं।<ref>Zoological Survey of India, Fauna of Meghalaya: Vertebrates, Part 1 of Fauna of Meghalaya, Issue 4, Government of India (1995)</ref> मेघालय के वनों में पक्षियों की ६६० प्रजातियां मिलती हैं जिनमें से अधिकांश हिमालय की तलहटी क्षेत्रों, तिब्बत एवं दक्षिण-पूर्वी एशिया की स्थानिक हैं। यहां पायी जाने वाली पक्षी प्रजातियों में से ३४ विश्वव्यापी लुप्तप्राय (एनडेन्जर्ड) प्र्जाति सूची एवं ९ [[लुप्तप्राय प्रजातियां|लुप्तप्राय प्रजाति]] सूची में आती हैं।<ref name=avibase>[http://avibase.bsc-eoc.org/checklist.jsp?region=INneml&list=howardmoore Birds of Meghalaya] Avibase (2013)</ref> मेघालय में प्रायः दिखाई देने वाली पक्षी प्रजातियों में फैसियनिडी, एनाटिडी, पोडिसिपेडिडी, सिकोनाईडी, थ्रेस्कियोर्निथिडी, आर्डेडी, पेलिकनिडी, फैलाक्रोकोरैसिडी, एन्हिन्जिडी, फ़ैल्कोनिडी, एसिपिट्रिडी, ओटिडिडी, आदि बहुत सी किस्में हैं।<ref name=avibase/> इन प्रत्येक किस्म में बहुत सी प्रजातियां हैं। [[धनेश|ग्रेट इण्डियन हॉर्नबिल]] मेघालय का सबसे बड़ा पक्षी है। अन्य क्षेत्रीय पक्षियों में [[सलेटी मयूर-तीतर]], बड़े भारतीय तोते (''इण्डियन पैराकीट''), हरे कबूतर एवं ब्लू जे पक्षी आते हैं। <ref>Choudhury, A.U. (1998) ''Birds of Nongkhyllem Wildlife Sanctuary & adjacent areas''. The Rhino Foundation for Nature in North East India, Guwahati, India. 31pp.</ref> मेघालय २५० से अधिक तितलियों का भी गृह स्थान है जो भारत में पायी जाने वाली कुल प्रजातियों का लगभग एक-चौथाई है। == जनसांख्यिकी == ===जनसंख्या=== {{India census population|1951=606000|1961=769000|1971=1012000|1981=1336000|1991=1775000|2001=2319000|2011=2964007|title=जनसंख्या वृद्धि|estimate=|estyear=|estref=|footnote=स्रोत: भारत जी जनगणना<ref name="Census Population">{{cite web | url = http://indiabudget.nic.in/es2006-07/chapt2007/tab97.pdf | title = Census Population | work = Census of India | publisher = Ministry of Finance India | accessdate = 2008-12-18 | format = PDF | archive-date = 2008-12-19 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081219073658/http://indiabudget.nic.in/es2006-07/chapt2007/tab97.pdf | url-status = dead }}</ref>}} * स्थानीय जातियां २०११:{{citation needed|date=June 2014}} ** [[खासी]]: 34% ** [[गारो]]: 30.5% ** [[खासी एवं जयंतिया पहाड़ियाँ|जयन्तिया]]: 18.5% ** [[बंगाली लोग|बंगाली]]: 7.5% ** [[नेपाली संस्कृति|नेपाली]]: 3.5% ** [[हैजोंग]]: 1.2% ** [[बियाट भाषा|बियाट]]: 1.1% ** कोच: 1.0% ** [[तीवा भाषा|तीवा (लालुंग)]]: 0.9% ** [[राभा]]: 0.8% ** [[कुकी जनजाति|कूकी]]: 0.5% ** शेख: 0.3% ** अन्य: 0.2% मेघालय की जनसंख्या का अधिकांश भाग [[जनजाति|जनजातीय]] लोग हैं। इनमें खासी सबसे बड़े समूह हैं, इसके बाद गारो और फ़िर जयन्तिया लोग आते हैं। ये उन लोगों में से थे जिन्हें अंग्रेज लोग "पहाड़ी जनजाति" कहा करते थे। इनके अलावा अन्य समूहों में बियाट, कोच, संबंधित राजबोंगशी, बोरो, हाजोंग, दीमासा, कुकी, लखार, तीवा (लालुंग), करबी, राभा और नेपाली शामिल हैं। जनगणना२०११ की प्रावधानिक रिपोर्ट के अनुसार, सभी सात उत्तर-पूर्वी राज्यों में से मेघालय में २७.८२% की उच्चतम, दशक की जनसंख्या वृद्धि दर्ज की गई। २०११ तक मेघालय की जनसंख्या २९,६४,००७ हो जाने का अनुमान है; जिसमें से १४,९२,६६८ महिलाएं एवं १४,७१,३३९ पुरुष होने का अनुमान है। भारत की २०११ की जनगणना के अनुसार, राज्य में लिंग अनुपात प्रति १००० पुरुषों पर ९८६ महिलाएं रहा जो राष्ट्रीय औसत ९४० से कहीं अधिक है। यहां का शहरी महिला लिंगानुपात ९८५ ग्रामीण लिंगानुपात ९७२ से अधिक है।<ref name="census2011.co.in" /> === कार्मिक जनसंख्या === मेघालय की कुल जनसंख्या में से १,१८५,६१९ लोग कार्यसाधक गतिविधियों में संलग्न हैं। ७७.७% कार्यकर्त्ता अपने इन कार्यों को मुख्य कार्य बताते हैं (६ माह या अधिक से संलग्न) जबकि २२.३% लोग आंशिक रूप से (६ माह से कम) हैं। इन ११,८५,६१९ कार्यकर्त्ताओं में से ४,११,२७० कृषक रूप में (स्वामी या सह-स्वामी) संलग्न हैं, जबकि १,१४,६४२ कार्यकर्त्ता कृषक मजदूर रूप में संलग्न हैं। {| class="wikitable" ! !कुल !पुरुष !स्त्री |- |कुख्य कार्यकर्त्ता |921,575 |585,520 |336,055 |- |कृषक |411,270 |2,805 |167,465 |- |कृषक मजदूर |114,642 |70,460 |44,182 |- |घरेलू उद्योग |11,969 |6,459 |5,510 |- |अन्य मजदूर |383,694 |264,796 |118,898 |- |आंशिक मजदूर |264,044 |118,189 |145,855 |- |अकार्यशील |1,781,270 |788,123 |993,147 |} === धर्म === {{Pie chart|thumb=right|caption=मेघालय में धर्म (२०११)<ref name="census2011">{{cite web|title=Population by religion community – 2011|url=http://www.censusindia.gov.in/2011census/C-01/DDW00C-01%20MDDS.XLS|website=भारत की जनगणना, २०११|publisher=The Registrar General & Census Commissioner, India|archiveurl=https://web.archive.org/web/20150825155850/http://www.censusindia.gov.in/2011census/C-01/DDW00C-01%20MDDS.XLS|archivedate=25 August 2015}}</ref>|label1=[[ईसाई]]|color1=DodgerBlue|value1=74.59|label2=[[हिन्दू]]|color2=Orange|value2=11.52|label3=[[इस्लाम]]|color3=Green|value3=4.39|label4=[[सिख]]|color4=DarkKhaki|value4=0.10|label5=[[बौद्ध]]|color5=Yellow|value5=0.33|label6=[[जैन]]|color6=Brown|value6=0.02|label7=[[:w: Tribal religions in India|जनजातीय धर्म]]|color7=Chartreuse|value7=8.70|label8=अन्य|color8=Gray|value8=0.35}}मेघालय भारत के उन तीन राज्यों में से एक है जहां ईसाई बाहुल्य है। यहाँ की लगभग ७५% जनसंख्या ईसाई धर्म का अनुसरण करती है जिनमें प्रेस्बिटेरियन, [[बैप्टिस्ट चर्च|बैपटिस्ट]] और [[कैथोलिक धर्म|कैथोलिक]] आम संप्रदायों में आते हैं। मेघालय में लोगों का धर्म उनकी जाति से निकटता से संबंधित है। गारो जनजाति के ९०% और खासी जनजाति के लगभग ८०% लोग ईसाई है, जबकि हजोंग जनजाति के ९७% से अधिक, कोच के ९८.५३% और राभा जनजातियों के ९४.६०% लोग हिंदू हैं। २००१ की जनगणना के अनुसार मेघालय में रहने वाली ६,८९,६३९ गारो जनसंख्या में से अधिकांश ईसाई हैं, और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले कुछ लोग ही सोंगसेरेक धर्म का पालन करते हैं। ११,२३,४९० खासी लोगों में से अधिकांश ईसाई थे, २,०२,९७८ स्वदेशी नियाम खासी / शॉनोंग / नियाम्त्रे, १७,६४१ हिंदू थे और २,९७७ मुस्लिम थे। मेघालय में कई कम जनसंख्या वाली जनजातियां भी हैं, जिनमें हाजोंग (३१,३८१ - ९७.२३% हिंदू), कोच (३१,३८१ -९८.५३% हिंदू), राभा (२८,१५३ - ९४.६०% हिंदू), मिकिर (११,३९९ - ५२% ईसाई और ३०% हिंदू) शामिल हैं, तीवा (लालंग) (८,८ - ९६.१५% ईसाई) और बियाट (१०,०८५ - ९७.३०% ईसाई)। स्वदेशी से ईसाईयत को धर्मान्तरण ब्रिटिश काल में १९वीं शताब्दी से आरम्भ हुआ। १८३० में ''[[अमेरिकन बापटिस्ट फ़ारेन मिशनरी सोसायटी]]'' पूर्वोत्तर में सक्रिय हुई और स्वदेशी से इनका धर्मान्तरण ईसाईयत को किये जाने की प्रक्रिया आरम्भ हुई। <ref>Johnson, R. E. (2010), A Global Introduction to Baptist Churches, Cambridge University Press, {{ISBN|978-0521877817}}</ref> कालान्तर में उन्हें चेरापुञ्जी, मेघालय तक अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार करने का प्रस्ताव भी मिला किन्तु पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण उन्होंने मना कर दिया। वैल्श प्रेसबाईटेरियन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और चेरापुञ्जी मिशन क्षेत्र में कार्य आरम्भ कर दिया। १९०० के आरम्भ तक प्रोटेस्टैण्ट ईसाई मिशन भी मेघालय में सक्रिय होने लगे थे। विश्व युद्ध के आरम्भ होने के कारण यहां के प्रचारकों को इस कार्य को छोड़ कर यूरोप एवं अमेरिका में अपने घरों को लौटने पर बाध्य होना पड़ा। यही वह काल था जब [[कैथोलिक धर्म|कैथोलिकन]] मत ने मेघालय व पडोसी क्षेत्रों में अपनी जड़ें फ़ैलानी आरम्भ की थीं। २०वीं श्ताब्दी में [[यूनियन क्रिश्चियन कालेज, मेघालय|यूनियन क्रिश्चियन कालेज]] ने बड़ापानी, शिलांग में अपना संचालन शुरू किया। वर्तमान में प्रेसबाईटेरियन और कैथोलिक ही यहां के सर्वाधिक प्रचलित ईसाई मत हैं।<ref>Amrit Kumar Goldsmith, ''THE CHRISTIANS IN THE NORTH EAST INDIA: A HISTORICAL PERSPECTIVE'', Regional Organizer of Churches' Auxiliary of Social Action, Regional Headquarters at Mission Compound, Satribari, Guwahati</ref> === भाषाएं === राज्य की आधिकारिक एवं सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा अंग्रेजी है।<ref>{{cite web|url=http://megtourism.gov.in/aboutmeghalaya.html|title=पर्यटन विभाग, मेघालय सरकार - मेघालय के बारे में [About Meghalaya]|last=|first=|date=२१ जनवरी १९७२|website=|publisher=Megtourism.gov.in|language=en|script-title=|archive-url=https://web.archive.org/web/20090515025823/http://megtourism.gov.in/aboutmeghalaya.html|archive-date=2009-05-15|dead-url=|accessdate=2010-07-18|url-status=dead}}</ref> इसके अलावा यहां की अन्य प्रधान भाषाएं हैं [[खासी भाषा|खासी]] और [[गारो भाषा|गारो]]। खासी (जिसे खसी, खसिया या क्यी भी कहते हैं) [[ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं]] के मोन-ख्मेर परिवार की एक शाखा है। २००१ की भारतीय जनगणना के अनुसार खासी भाषा को बोलने वाले ११,२८,५७५ लोग मेघालय में रहते हैं। खासी भाषा के बहुत से शब्द की इण्डो-आर्य भाषाएं जैसे नेपाली, बांग्ला एवं असमिया से लिये गए हैं। इसके अलावा खासी भाषा की अपनी कोई लिपि नहीं है और यह भारत में अभी तक चल रही मोन-ख्मेर भाषाओं में से एक है। गारो भाषा का [[तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार]] की सदस्य [[कोच भाषा|कोच]] एवं [[बोड़ो भाषा|बोडो भाषाओं]] से निकट सामीप्य है। गारो भाषा अधिकांश जनसंख्या द्वारा बोली जाती है और इसकी कई बोलियां प्रचलित हैं, जैसे [[आम्वी भाषा|अबेंग]] या अम्बेंग,<ref>{{cite web|url=http://www.westgarohills.gov.in/people.htm|title=The People|date=|publisher=Westgarohills.gov.in|archiveurl=https://web.archive.org/web/20100528205013/http://westgarohills.gov.in/people.htm|archivedate=28 May 2010|url-status=dead|accessdate=2010-07-18|df=dmy-all}}</ref> अटोंग, अकावे (या अवे), मात्ची दुआल, चोबोक, चिसक मेगम या लिंगंगम, रुगा, गारा-गञ्चिंग एवं माटाबेंग। इनके अलावा मेघालय में बहुत सी अन्य भाषाएं भी बोली जाती हैं, जैसे [[प्नार भाषा]] पश्चिम एवं पूर्वी जयन्तिया पर्वत पर पर बहुत से लोगों द्वारा बोली ज्ती हैं। यह भाषा खासी भाषा से संबंधित है। अन्य भाषाओं के अलावा वार जयन्तिया (पश्चिम जयन्तिया पर्वत), मराम एवं लिंगंगम (पश्चिम खासी पर्वत), वार पिनर्सिया (पूर्वी खासी पर्वत), के लोगों द्वारा बहुत सी बोलियां भी बोली जाती हैं। री-भोई जिले के तीवा लोगों द्वारा तीवा भाषा बोली जाती है। मेघालय के असम से लगते दक्षिण-पूर्वी भागों में बसने वाले बड़ी संख्या में लोगों द्वारा [[बियाट भाषा]] बोली जाती है। [[नेपाली भाषा]] राज्य के लगभग सभी भागों में बोली जाती है। विभिन्न जातीय और जनसांख्यिकीय समूहों में अंग्रेजी एक समान भाषा के रूप में बोली जाती है। शहरी क्षेत्रों में अधिकतर लोग अंग्रेजी बोल सकते हैं; ग्रामीण निवासियों की क्षमता में भिन्नता मिलती है।{{Pie chart|thumb=right|caption=२००१ में मेघालय में भाषाएं<ref name=langoff/><ref name="Census of India">{{cite web |url=http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/parta.htm |title=Distribution of the 22 Scheduled Languages |work=Census of India |publisher=Registrar General & Census Commissioner, India |year=2001 |accessdate=4 January 2014}}</ref><ref name="censusindia.gov.in">{{cite web |url=http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_data_finder/A_Series/Total_population.htm |title=Census Reference Tables, A-Series – Total Population |work=Census of India |publisher=Registrar General & Census Commissioner, India |year=2001 |accessdate=4 January 2014}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/partb.htm |title=Census of India – Language tools |website=Censusindia.gov.in |date= |accessdate=2017-02-27}}</ref>|label1=खासी|value1=47.05|color1=#E0FFC0|label2=गारो|value2=31.41|color2=#AAF0D1|label3=बंगाली|value3=8.01|color3=#FFA07A|label4=नेपाली/गोरखी|value4=2.25|color4=#E18E96|label5=हिन्दी|value5=2.16|color5=#FFCBA4|label6=मराठी|value6=1.67|color6=orange|label7=असमिया|value7=1.58|color7=#F0E0F0|label8=हैजोंग|value8=1.06|color8=#8FBC8F|label9=कुकी|value9=0.43|color9=Maroon|label10=अन्य|value10=6.58|color10=DarkGray}} {| class="wikitable" ! colspan="3" |मेघालय में भाषाएं<ref name="langoff" /><ref>Percentages for the [http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/Statement3.htm India's 2001 census]</ref> |- !भाषा !भाषा परिवार !भाग |- |खासी |[[ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं|ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाएं]] |४७.०५% |- |गारो |[[तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार]] |३१.४१% |- |[[बंगाली भाषा|बंगाली]] |[[हिन्द-आर्य भाषाएँ|हिंद-आर्य]] |८.०१% |- |[[नेपाली भाषा|नेपाली/गोरखी]] |हिंद-आर्य |२.२५% |- |[[Hindi|हिन्दी]] |हिंद-आर्य |२.१६% |- |[[मराठी भाषा|मराठी]] |हिंद-आर्य |१.६७% |- |[[असमिया भाषा|असमिया]] |हिंद-आर्य |१.५८% |- |[[हैजोंग लोग|हैजोंग]] |हिंद-आर्य |१.०६% |- |[[बियाट भाषा|बियाट]] |[[तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार]] |१.०१% |- |[[तीवा भाषा|तीवा (लालंग)]] |तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार |१.०२% |- |[[राभा]] |तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार |०.९७% |- |[[कोच भाषा|कोच]] |तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार |०.९०% |- |[[कुकी भाषाएँ|कुकी]] |तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार |०.% |} == जिले == [[फाइल:Aerial_view_of_Shillong_Meghalaya_India.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Aerial_view_of_Shillong_Meghalaya_India.jpg|अंगूठाकार|264x264पिक्सेल|राज्य की राजधानी, शिलांग का विहंगम दृश्य।]]मेघालय में वर्तमान में ११ जिले हैं।<ref>[http://meghalaya.gov.in:8080/megportal/district_details Districts of Meghalaya] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140607034735/http://meghalaya.gov.in:8080/megportal/district_details|date=7 June 2014}} Government of Meghalaya</ref> '''जयन्तिया हिल्स मंडल:''' *[[पश्चिम जयन्तिया हिल्स जिला|पश्चिम जयन्तिया हिल्स]] ([[जोवाई]]) *[[पूर्व जयन्तिया हिल्स जिला|पूर्व जयन्तिया हिल्स]] ([[खलीहृयत]])<p>'''खासी हिल्स मंडल'''</p> *[[पूर्वी खासी हिल्स जिला|पूर्वी खासी हिल्स]] ([[शिलांग]]) *[[पश्चिम खासी हिल्स जिला|पश्चिम खासी हिल्स]] ([[नोंग्स्टोइन]]) *[[दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिला|दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स]] ([[मावकिर्वाट]]) *[[री भोई जिला]] ([[नोंगपो]]ह) <b>गारो हिल्स मंडल:</b> *[[उत्तर गारो हिल्स जिला|उत्तर गारो हिल्स]] ([[रेसुबेलपाड़ा]]) *[[पूर्वी गारो हिल्स जिला|पूर्वी गारो हिल्स]] ([[विलियमनगर]]) *[[दक्षिण गारो हिल्स जिला|दक्षिण गारो हिल्स]] ([[बाघमारा, मेघालय]]) *[[पश्चिम गारो हिल्स जिला|पश्चिम गारो हिल्स]] ([[तुरा]]) *[[दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिला|दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स]] ([[अम्पति]] '''जयन्तिया हिल जिला''' २२ फ़रवरी १९७२ को सृजित किया गया था। इसका कुल भौगोलिक क्षेत्रफ़ल {{convert|3819|km2|mi2}} है और {{2001ज}} यहां की जनसंख्या २,९५,६९२ है। यहां का जिला मुख्यालय [[जोवाई]] में स्थित है। जयन्तिया हिल्स जिला राज्य में [[कोयला|कोयले]] का सबसे बड़ा उत्पादक जिला है। जिले भर में कोयले की खानें दिखाई देती हैं। इसके अलावा यहां [[चूना पत्थर|चूनेपत्थर]] का खनन भी वृद्धि पर है क्योंकि [[सीमेंट|सीमेण्ट]] उद्योग यहां जोरों पर है और उसमें चूनेपत्थर की ऊंची मांग है। हाल के कुछ वर्षों में ही इस बड़े जिले को दो छोटे जिलों: '''[[पश्चिम जयन्तिया हिल्स जिला|पश्चिम जयतिया]]''' एवं '''[[पूर्व जयन्तिया हिल्स जिला|पूर्वी जयन्तिया हिल्स]]''' में बांट दिया गया था। '''पूर्वी खासी हिल्स जिले''' को खासी हिल्स में से २८ अक्तूबर १९७६ को निकाल कर नया जिला बनाया गया था। जिले का विस्तार {{convert|2748|km2|mi2}} में है और {{2001ज}} यहां की जनसंख्या ६,६०,९२३ है। ईस्ट खासी हिल्स जिले का मुख्यालय राज्य की राजधानी [[शिलांग]] में है। [[चित्र:Vendor of Pineapples - Srimangal - Sylhet Division - Bangladesh (12949890523).jpg|अंगूठाकार|मेघालय से लगे [[सिलहट जिला|सिल्हट जिले]] में एक अनानास विक्रेता]] '''री-भोइ जिले''' की स्थापना ईस्ट खासी जिले को विभाजित कर ४ जून १९९२ को हुई थी। री-भोई जिले का कुल क्षेत्रफ़ल {{convert|2448|km2|mi2}} है और {{2001ज}} यहां की कुल जनसंख्या १,९२,७९५ है। जिले का मुख्यालय [[नोंगपोह]] में है। यहां की भूमि पर्वतीय है और वनाच्छादित है। री-भोई जिला अपने [[अनानास|अनानासों]] के लिये प्रसिद्ध है और राज्य में अनानास का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है।<ref>{{Cite web|url=http://www.novamining.com/knowledgebase/mining-database/state-wise-data/meghalaya/|title=मेघालय|last=|first=|date=२००२|website=नोवामाइनिंग . काम|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180721102848/http://www.novamining.com/knowledgebase/mining-database/state-wise-data/meghalaya/|archive-date=2018-07-21|dead-url=|access-date=|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://explorers.zizira.com/pineapple-production-technology-meghalaya-farmers/|title=Pineapple Production Technology A New Venture for Meghalaya’s Farmers|last=संगमा|first=एलीशा|date=२०१६|website=ज़िज़ीरा . काम|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180721073157/http://explorers.zizira.com/pineapple-production-technology-meghalaya-farmers/|archive-date=2018-07-21|dead-url=|access-date=|url-status=dead}}</ref><p>'''पश्चिम खासी हिल्स जिला''' राज्य का सबसे बड़ा जिला है औ इसका क्षेत्रफ़ल {{convert|5247|km2|mi2}} है और {{2001ज}} जिले की जनसंख्या २,९४,११५ है। यह जिला खासी हिल्स जिले से काटकर २८ अक्तूबर १९७६ को बनाया गया था। जिले का मुख्यालय [[नोंग्सटोइन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|नोंगस्टोइन]] में है।</p>'''ईस्ट गारो हिल्स जिले''' की स्थापना १९७६ में की गयी थी और इसकी जनसंख्या २००१ की जनगणना अनुसार २,४७,५५५ है। इस जिले का विस्तार {{convert|2603|km2}} में है। जिले का मुख्यालय [[विलियमनगर]] में है जिसे पहले सिमसानगिरि बोला जाता था। नोंगलबीबरा जिले का एक कस्बा है जहां बड़ी संख्या में कोयले की खानें हैं। यहां से राष्ट्रीय राजमार्ग ६२ द्वारा कोयला [[गोवालपारा जिला|ग्वालपाड़ा]] और जोगीघोपा को भेजा जाता है।<p>'''पश्चिम गारो हिल्स जिला''' राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित है और इसका भौगोलिक विस्तार {{convert|3714|km2|mi2}} में है। २००१ की जनगणनानुसार जिले की जनसंख्या ५,१५,८१३ है और जिले का मुख्यालय [[तुरा]] में है।</p><p>'''द्क्षिण गारो हिल्स जिला''' १८ जून १९९२ को तत्कालीन पश्चिम गारो हिल्स जिले को विभाजित कर बनाया गया था। जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र {{convert|1850|km2|mi2}} है और वर्ष २००१ की जनगणनानुसार यहां की जनसंख्या ९९,१०० है। जिले का मुख्यालय [[बाघमारा, मेघालय|बाघमारा]] में है।</p>वर्ष २०१२ के स्थितिनुसार राज्य में [[मेघालय के जिले|११ जिले]], [[मेघालय के नगर|१६ नगर व कस्बे]] और अनुमानित ६,०२६ ग्राम थे।<ref name="ReferenceA">{{cite web|url=https://meghalaya.gov.in:8443/megportal/department/38|title=Meghalaya State Portal|date=31 March 2011|publisher=Meghalaya.gov.in:8443|archiveurl=https://archive.is/20121218171849/https://meghalaya.gov.in:8443/megportal/department/38|archivedate=18 December 2012|url-status=dead|accessdate=2012-11-09|df=dmy-all}}</ref> ==शिक्षा== {{Main|मेघालय में शिक्षा}} [[चित्र:IIM, Shillong.jpg|पाठ=|अंगूठाकार|[[भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग]]]] मेघालय में विद्यालय राज्य सरकार, निजी संगठनों एवं धार्मिक संस्थानों द्वारा संचालित होते हैं। शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी ही है। अन्य भारतीय भाषाएं जैसे असमिया, बंगाली, हिन्दी, गारो, खासी, मीज़ो, नेपाली और उर्दु वैकल्पिक विषयों की श्रेणी में पढ़ाई जाती हैं। माध्यमिक शिक्षा की शिक्षा बोर्ड्स से सम्बद्ध है जैसे [[काउंसिल ऑफ इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्ज़ामिनेशंस]] (''आईसीएसई''), [[केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड]] (''सीबीएसई''), [[राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान]] (''ओपन स्कूल'') और [[मेघालय शिक्षा बोर्ड]]। १०+२+३ शिक्षा पद्धति के अन्तर्गत्त, माध्यमिक शिक्षा पूर्ण होने के उपरान्त विद्यार्थी प्रायः २ वर्ष कनिष्ठ महाविद्यालय (''जूनियर स्कूल)'' में शिक्षण लेते हैं जिसे ''प्री-युनिवर्सिटी'' कहते हैं, या फ़िर उच्चतर माध्यमिक शिक्षा सुविधा वाले किसी मेघालय शिक्षा बोर्ड या केन्द्रीय शिक्षा बोर्ड से सम्बद्ध विद्यालय में प्रवेश लेते हैं। विद्यार्थी तीन में से किसी एक विधा को चुनते हैं: कला, वाणिज्य या विज्ञान। दो वर्ष का कार्यक्रम सफ़लतापूर्वक पूर्ण करने के उपरान्त विद्यार्थी किसी सामान्य या व्यावसायिक स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। === विश्वविद्यालय === {{div col|colwidth=20em}} * [[सीएमजे विश्वविद्यालय]], [[शिलांग]] * [[भारतीय चार्टर्ड वित्तीय विश्लेषक संस्थान]] विश्वविद्यालय, मेघालय * [[महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, मेघालय]], [[नोंगपोह]] * मार्टिन लूथर क्रिश्चियन युनिवर्सिटी, मेघालय * [[पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय]] (नेहू), [[शिलांग]] * टेक्नो ग्लोबल युनिवर्सिटी, मेघालय * [[प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन विश्वविद्यालय]], मेघालय * [[विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय]] (यूएसटीएम), मेघालय * विलियम कैरी युनिवर्सिटी, मेघालय {{div col end}} === महाविद्यालय === {{कालम|2}} * *अचेंग रांगमानपा कालेज, महेन्द्रगंज *डॉन बास्को कालेज, तुरा *नार्थ ईस्ट एड्वेण्टिस्ट कालेज, थाडलास्केन *कियांग नांगबाह गवर्नमेंट कालेज, जोवाई *एड लबान कालेज, शिलांग *लेडी कियाने कालेज, शिलांग *नोंगतलांग कालेज, नोंगतलांग<li>नोंगस्टोएन कालेज, नोंगस्टोएन</li> *री-भोई कालेज, नोंगपोह *सेंट एन्थोनी कालेज, शिलांग *सेंट एड्मंड कालेज, शिलांग *सेंट मैरी कालेज, शिलांग *शंकरदेव कालेज, शिलांग *सेंग खासी कालेज, शिलांग *शिलांग कालेज<li>शिलांग कामर्स कालेज *सोहरा गवर्नमेंट कालेज, चेरापुंजीड कालेज, शिलांग</li><li></li> *[[:en:Tikrikilla_College|टिकरीकिल्ला कालेज]] *तुरा गवर्नमेंट कालेज, तुरा *वूमेन्स कालेज, शिलांग </div> [[चित्र:NEHU campus, Mawlai, Shillong.jpg|अंगूठाकार|[[पूर्वोत्‍तर पर्वतीय विश्‍वविद्यालय]] नया परिसर, [[मवलाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|मवलाई]] शिलांग ]] इनके अलावा बहुत से अन्य संस्थान जैसे: * [[भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग]], * [[रीजनल इन्स्टीट्यूट आफ़ साइंस एण्ड टेक्नोलाजी]], * [[:en:North_Eastern_Indira_Gandhi_Regional_Institute_of_Health_and_Medical_Sciences|नार्थ ईस्ट इंदिरा गांधी रीजनल इन्स्टीट्यूट आफ़ हैल्थ एण्ड मेडिकल साइंसेज]], * [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,मेघालय|राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], * इंडियन इन्स्टीट्यूट आफ़ प्रोफ़ैशनल स्टडीज, * [[राष्ट्रीय फैशन टेक्नालॉजी संस्थान]] एवं * [[पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान|राष्ट्रीय आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान]] भी राज्य में स्थित हैं। == सरकार एवं राजनीति == {{Main|मेघालय सरकार|मेघालय विधान सभा}}मेघालय के वर्तमान राज्यपाल गंगा प्रसाद राज्य के प्रमुख हैं।<ref name="ndtv17">{{cite news|url=https://www.ndtv.com/india-news/president-approves-appointment-of-5-governors-1-lieutenant-governor-1757018|title=President Kovind Appoints 5 New Governors, Tamil Nadu Gets Its Own After A Year|last1=Nair|first1=Arun|date=30 September 2017|publisher=New Delhi Television}}</ref> === राज्य सरकार === मेघालय विधान सभा में वर्तमान में ६० सदस्य होते हैं। मेघालय राज्य के दो प्रतिनिधि [[लोक सभा]] हेतु निर्वाचित होते हैं, प्रत्येक एक [[शिलांग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|शिलांग]] और एक [[तुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|तुरा]] निर्वाचन क्षेत्र से। यहां का एक प्रतिनिधि राज्य सभा में भी जाता है। राज्य के सृजन से ही यहां [[गुवाहाटी उच्च न्यायालय|गौहाटी उच्च न्यायालय]] का अधिकार क्षेत्र रहा है। १९७४ से ही गौहाटी उच्च न्यायालय की एक सर्किट बेञ्च यहां स्थापित है। मार्च २०१३ में [[मेघालय उच्च न्यायालय]] को गौहाटी उच्च न्यायालय से विलग कर दिया गया और अब राज्य का अपना उच्च न्यायालय है। === स्थानीय स्व-सरकार === [[फाइल:NE_Autonomous_divisions_of_India.svg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:NE_Autonomous_divisions_of_India.svg|अंगूठाकार|भारत के पूर्वोत्तरीय स्वायत्त मण्डल]]राष्ट्र की ग्रामीण जनता को स्थानीय स्व-सरकार उपलब्ध कराने हेतु [[भारतीय संविधान]] में प्रायोजन किये गये हैं। इनके अनुसार [[पंचायती राज|पंचायती राज संस्थान]] की स्थापना की गयी है। पूर्वोत्तर राज्यों के भिन्न रीति रिवाजों एवं मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए, क्षेत्र के लिये एक अलग राजनीतिक एवं प्रशासनिक ढांचे का निर्माण किया गया है{{citation needed|date=June 2014}} क्षेत्र की कुछ जनजातियों की अपनी पारम्परिक राजनीतिक प्रणालियां हैं। इनके चलते यह महसूस किया गया कि पंचायती राज प्रणाली यहां लागू की जाने से विवाद उत्पन्न करेगी। [[गोपीनाथ बोरदोलोई]] की अध्यक्षता में बनी एक उपसमिति की सिफ़ारिशों को संविधान में संलग्न किया गया। इसके तहत मेघालय सहित पूर्वोत्तर के कई ग्रामीण क्षेत्रों में [[स्वायत्त जिला परिषद|स्वायत्त जिला परिषदों]] का गठन कर उनका अपना संविधान लागू किया गया। मेघालय में ऐसी एडीसी परिषदें निम्न हैं:<ul><li>[[खासी हिल आटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउन्सिल|खासी हिल ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउन्सिल]]</li><li>[[गारो हिल आटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउन्सिल|गारो हिल ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउन्सिल]] </li><li>[[जयन्तिया हिल आटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउन्सिल|जयन्तिया हिल ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउन्सिल]] </li></ul> == अर्थ व्यवस्था == {{main|मेघालय की अर्थव्यवस्था}}मेघालय में मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में ही लगभग मेघालय की दो-तिहाई जनशक्ति कार्यरत है। हालांकि इस क्षेत्र का राज्य की एनएसडीपी में योगदान मात्र एक-तिहाई ही है। राज्य में कृषि की कम उत्पादकता का प्रमुख कारण गैर-टिकाऊ कृषि परम्पराएं हैं। इन्हीं कारणों से कृषि में जनसंख्या के बड़े भाग के संलग्न होने के बावजूद भी राज्य को अन्य भारतीय राज्यों से भोजन आयात करना पड़ता है।{{citation needed|date=June 2014}} बुनियादी ढांचे की बाधाओं ने राज्य की अर्थव्यवस्था को भारत के बाकी भागों के मुकाबले उस तेजी से उच्च आय की नौकरियां सृजित करने से रोक रखा है। मेघालय का वर्ष २०१२ का [[सकल घरेलू उत्पाद|सकल राज्य घरेलू उत्पाद]] वर्तमान मूल्यों पर {{INRConvert|16173|c}} अनुमानित था।<ref name="pcindia3">[http://planningcommission.nic.in/plans/finres/fr_2013_14/fr_meghalaya1314.pdf मेघालय] [[भारत का योजना आयोग|योजना आयोग]], [[भारत सरकार]] (मई २०१४) {{अंग्रेज़ी}}</ref><ref name="pcindia">[http://planningcommission.nic.in/plans/finres/fr_2013_14/fr_meghalaya1314.pdf Meghalaya] Planning Commission, Govt of India (May 2014)</ref><ref name="pcindia"/> २०१२ में [[भारतीय रिज़र्व बैंक|भारतीय रिजर्व बैंक]] के अनुसार, राज्य की लगभग १२% जनसंख्या गरीबी की रेखा से नीचे थी जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में १२.५% एवं शहरी क्षेत्रों में ९.३% जनसंख्या गरीबी की रेखा से नीचे थी।<ref>{{cite web|url=http://www.rbi.org.in/scripts/PublicationsView.aspx?id=15283|title=See 3rd table set for 2012 in Table 162, Number and Percentage of Population Below Poverty Line|year=2013|publisher=Reserve Bank of India, Government of India|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140407102043/http://www.rbi.org.in/scripts/PublicationsView.aspx?id=15283|archivedate=7 April 2014|url-status=dead|accessdate=April 20, 2014|df=}}</ref> === कृषि === [[फाइल:Tea_Plantation_Agriculture_in_Meghalaya_India_on_the_way_to_Shillong.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Tea_Plantation_Agriculture_in_Meghalaya_India_on_the_way_to_Shillong.jpg|अंगूठाकार|मेघालय में शिलांग को जाते मार्ग के निकट चाय के बाग।]]मेघालय मूलतः एक कृषि प्रधान राज्य है जिसकी ८०% जनसंख्या अपनी आजीविका हेतु पूर्ण रूपेण कृषि पर ही निर्भर है। मेघालय के कुल भौगोलिक क्षेत्रफ़ल का लगभग १०% कृषि में प्रयोग किया जाता है। राज्य में कृषि प्रायः आधुनिक तकनीकों के अभाव या अति-सीमित प्रयोग के साथ होती है जिसके परिणामस्वरूप कम उत्पादन और कम उत्पादकता ही हाथ आती है। अतः इन कारणों से कृषि में लगी अधिकांश जनसंख्या के बावजूद भी राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि उत्पादन का योगदान कम है, और कृषि में लगी अधिकांश जनसंख्या गरीब ही रहती है। खेती वाले क्षेत्र का एक भाग यहां की परंपरागत स्थानांतरण कृषि, जिसे स्थानीय भाषा में लोग [[झूम कृषि]] कहते हैं, के तहत है। मेघालय में वर्ष २००१ में २,३०,००० टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ था। [[धान]] यहां की मुख्य [[खाद्यान्न|खाद्यान्न फ़सल]] है जो राज्य के कुल खाद्यान्न उत्पादन का ८०% उत्तरदायी है। इसके अलावा अन्य महत्त्वपूर्ण खाद्यान्नों में [[मक्का]], [[गेहूं]] और कुछ अन्य अनाज एवं [[दाल|दालें]] भी उगायी जाती हैं। इनके अलावा यहां [[आलू]], [[अदरख]], [[हल्दी]], [[काली मिर्च|काली मिर्च,]] [[सुपारी]], [[तेजपत्ता]], [[पान]], शार्ट स्टेपल सूत, सन, मेस्ता, [[सरसों]] और [[कैनोला]] का भी उत्पादन किया जाता है। धान और मक्का जैसे प्रधान खाद्य फ़सलों के अलाव मेघालय बागों की फ़सलों जैसे सन्तरों, [[नींबू]], [[अनानास]], [[अमरूद]], [[लीची]], [[केला|केले]], [[कटहल]] और कई फ़ल जैसे [[आड़ू]], [[आलू बुख़ारा|आलूबुखारे]] एवं [[नाशपाती]] के उत्पादन में भी योगदान देता है।<ref name="Horticulture Crops">[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/horticulture_crops.aspx Horticulture Crops] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141119223536/http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/horticulture_crops.aspx |date=2014-11-19 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref>[[फाइल:Agriculture_in_Kukon_Meghalaya_India.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Agriculture_in_Kukon_Meghalaya_India.jpg|अंगूठाकार|कुकोन, मेघालय में कृषि]]अनाज और मुख्य खाद्यान्न उत्पादन यहां की कुल कृषि भूमि का ६०% घेर लेता है। १९७० के दशक के मध्य में उच्चोत्पादन देने वाली फ़सल की किस्मों के प्रयोग आरम्भ किये जाने से खाद्यान उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार आया था। धान की उच्चोत्पादन वाली किस्मों जैसे मसूरी, पंकज, आईआर-८, आरसीपीएल<ref>[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/rice.aspx Rice] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161221115007/http://megagriculture.gov.in/public/crops/rice.aspx |date=2016-12-21 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref> एवं अन्य बेहतर किस्मों की शृंखला-विशेषकर आईआर-३६ जो रबी के मौसम के अनुकूल है, के प्रयोग से एक बड़ी सफ़लता प्राप्त की गयी, जिसके उप्रान्त वर्ष में तीन फ़सलें बोई जाने लगी थीं। [[भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद]] द्वारा धान की शीत सहिष्णु किस्मों जैसे मेघा-१ एवं मेघा-२ के विकास कर यहां प्रयोग किये जाने से पुनः बड़ी सफ़लता मिली थी। परिषद के शिलांग के निकट उमरोई स्थित पूर्वोत्तर क्षेत्र केन्द्र द्वारा इन किस्मों को १९९१-९२ में उच्च ऊंचाई क्षेत्रों के लिए विकसित की गयी थी, जहां तब तक कोई उच्चोत्पादन किस्म नहीं होती थीं। आज राज्य यह दावा कर सकता है कि धान उत्पादन के कुल क्षेत्र का लगभग ४२% क्षेत्र उच्चोत्पादन किस्मों द्वारा रोपा जाता है और इनकी औसत उत्पादकता {{convert|2300|kg/ha|abbr=on}} है। ऐसा ही हाल मक्का और धान उत्पादन के लिये भी रहा है जहां एचवाईवी के प्रयोग किये जाने से उत्पादन १९७१-७२ में {{convert|534|kg/ha|abbr=on}} से {{convert|1218|kg/ha|abbr=on}} [[मक्का]] और गेहूं {{convert|611|kg/ha|abbr=on}} से {{convert|1490|kg/ha|abbr=on}} हो गया।<ref>[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/food_grains.aspx Food grains] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140301011048/http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/food_grains.aspx |date=2014-03-01 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref> [[कैनोला]], [[सरसों]], [[अलसी]], [[सोयाबीन]],[[अरण्डी]] और [[तिल]] जैसे [[तिलहन]] यहां लगभग {{convert|100|km2|abbr=on}} पर उगाए जाते हैं। कैनोला और सरसों यहां के सबसे महत्वपूर्ण तिलहन हैं,<ref>[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/oil_seeds.aspx Oil Seeds] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131010052401/http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/oil_seeds.aspx |date=2013-10-10 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref> जो यहां के लगभग ६.५ हजार टन के कुल तिलहन उत्पादन के दो-तिहाई से अधिक भाग देते हैं। कपास, सन और मेस्टा जैसी फ़सलें ही यहां की मुख्य नकदी फसलों में आती हैं और गारो पर्वत में उगाए जाते हैं।<ref>[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/fibre_crops.aspx Fibre Crops] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131009002901/http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/fibre_crops.aspx |date=2013-10-09 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref> हाल के वर्षों में इनके उत्पादन में गिरावट आयी है जो इनको बोई जाने वाली कृषि भूमि में होती कमी से भी दिखाई देता है। मेघालय की जलवायु यहां फ़ल, सब्जियों, पुष्पों, मसालों, [[मशरूम]] जैसी फ़लदार फ़सलों के अलावा चिकित्सकीय पौधों की विभिन्न किस्मों की उपज में बहुत सहायक है।<ref name="Horticulture Crops" /> ये उच्च मूल्य फ़सल आंकी जाती हैं, किन्तु घरेलु उपयोगी फ़सलों की अत्यावश्यकता यहां के किसानों को इनकी खेती अपनाने से रोकती है। कुछ मुख्य फ़लदार फ़सलों में यहां रसीले फ़ल, [[अनानास]], [[पपीता|पपीते]] और [[केले]] आते हैं। इनके साथ साथ ही बड़ी मात्रा में यहां सब्जियां जैसे [[फ़ूलगोभी]], [[बंदगोभी]] और [[मूली]], आदि भी उगायी जाती हैं। पूरे राज्य भर में [[सुपारी]] के बाग खूब दिखायी देते हैं, विशेषकर [[राष्ट्रीय राजमार्ग ४०|गुवाहाटी से शिलांग राजमार्ग]] के किनारे के क्षेत्र में। इनके अलावा अन्य उद्यान फ़सलें जैसे [[चाय]], [[कॉफ़ी]] और [[काजू]] यहां काफ़ी समय बाद पहुंचे किन्तु अब इनका प्रचलन भी बढ रहा है। [[मसाले|मसालों]], पुष्पों और मशरूमों की बड़ी किस्मों का उत्पादन राज्य भर में किया जाता है। <p></p> === उद्योग === [[फाइल:Cement_Plant_MCL.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Cement_Plant_MCL.jpg|अंगूठाकार|एमसीएल सीमेण्ट संयंत्र का दृश्य। यह थैंग्स्काई, पोस्ट लुम्श्नौङ्ग, जयन्तिया हिल्स में स्थित है।]]मेघालय में प्राकृतिक सम्पदा का बाहुल्य है। इनमें [[कोयला]], [[चूनापत्थर]], [[सिलीमैनाइट|सिलिमैनाइट]], [[चीनी मिट्टी]] और [[ग्रेनाइट]] आते हैं। मेघालय भर में वृहत स्तर के वनाच्छादन, समृद्ध जैव विविधता और प्रचुर जल सोत हैं। यहां निम्नस्तरीय औद्योगिकीकरण एवं अपेक्षाकृत खराब बुनियादी ढांचा राज्य की अर्थव्यवस्था के हित में इन प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के लिए बाधा के रूप में कार्य करता है। हाल के वर्षों में ९०० एमटीडी(''मीट्रिक टन प्रतिदिन'') से अधिक उत्पादन क्षमता वाले दो बड़े सीमेंट निर्माण संयंत्र जयन्तिया हिल्स जिले में लुम्श्नौंग और नौङ्ग्स्निङ्ग में लगे हैं एवं इस जिले में उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाले चूना पत्थर के समृद्ध भण्डार का उपयोग करने के लिए कई और निर्माण प्रक्रिया में हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.google.co.in/search?rlz=1CAACBA_enIN791IN792&ei=MhNhW_-MIouMvQTDj5fQBw&q=largest+cement+factory+in+jaintia+hills&oq=largest+cement+factory+in+jaintia+hills&gs_l=psy-ab.3...20323.30747.0.31865.8.8.0.0.0.0.431.1347.2-2j1j1.4.0....0...1c.1.64.psy-ab..4.0.0....0.VzwlTBcs9EM|title=जयन्तिया हिल्स में अन्तिम सीमेण्ट फ़ैक्ट्री [largest cement factory in jaintia hills]|last=्खोज|first=गूगल|date=|website=www.google.co.in|language=en|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=2020-02-22}}</ref> === विद्युत अवसंरचना === [[फाइल:Mawphlang_Dam_Reservoir_Meghalaya_India.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Mawphlang_Dam_Reservoir_Meghalaya_India.jpg|अंगूठाकार|मेघालय में प्रचुर मात्रा में अविकसित जलविद्युत संसाधन उपलब्ध हैं। ऊपर मावफ़्लांग पनविद्युतबांध जलाशय का चित्र है।]]मेघालय के ऊंचे पर्वतों, गहरी घाटियों और प्रचुर वर्षा के कारण यहां बड़ी मात्रा में अप्रयुक्त [[जलविद्युत ऊर्जा|जलविद्युत]] क्षमता संचित है। यहां की मूल्यांकित उत्पादन क्षमता ३००० मेगावाट से अधिक है। राज्य में वर्तमान स्थापित क्षमता १८५ मेगावाट है, किन्तु राज्य स्वयं ६१० मेगावॉट का उपभोग करता है, अर्थात दूसरे शब्दों में, यह बिजली आयात करता है।<ref>[http://meecl.nic.in/demand.htm Demand for power in Meghalaya] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140713120902/http://meecl.nic.in/demand.htm|date=13 July 2014}} Meghalaya Energy Corporation Limited</ref> राज्य की आर्थिक वृद्धि के साथ साथ ही बिजली की बढ़ती मांग भी जुडी है। राज्य में जलविद्युत से उत्पन्न बिजली निर्यात करने एवं उससे मिलने वाली आय से अपनी आंतरिक विकास योजनाओं के लिए आय अर्जित करने की पर्याप्त क्षमता है। राज्य में भी कोयले के भी बड़े भण्डार हैं, जो कि यहां [[तापविद्युत प्रभाव|ताप विद्युत]] संयंत्र की संभावना को भी बल देते हैं। बहुत सी परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। नंगलबीबरा में प्रस्तावित ताप-विद्युत परियोजना के प्रचालन में आने पर ७५१ मेगावाट विद्युत अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है। पश्चिम खासी हिल्स में एक २५० वॉट की परियोजना लगाने का भी प्रस्ताव है। राज्य सरकार अपना विद्युत उत्पादन २०००-२५०० मेगावॉट तक वर्धन करने का लक्ष्य रखता है जिसमें से ७००-९८० मेगावॉट ताप-विद्युत होगी तथा १४००-१५२० मेगावॉट जल-विद्युत होंगीं। राज्य सरकार ने अपने क्षेत्र में निजी क्षेत्र के निवेश में तेजी लाने हेतु एक साझा लागत वाले [[सार्वजनिक-निजी साझेदारी]] मॉडल की रूपरेखा तैयार की है।<ref>[http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf State Planning] Govt of Meghalaya, pp 129-130</ref> विद्युत उत्पादन, परिवर्तन और वितरण मेघालय एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपा गया है, जिसे बिजली आपूर्ति अधिनियम १९४८ के तहत गठित किया गया था। वर्तमान में पांच जल विद्युत स्टेशन और एक मिनी जल विद्युत संयंत्र हैं जिसमें उमियम हाइडल परियोजना, उमट्रू हाइडल परियोजना, माइंट्डू-लेशका-१ हाइडल परियोजना और सनपानी माइक्रो हाइडल (एसईएसयू) परियोजना सम्मिलित हैं। भारत की [[भारत की पंचवर्षीय योजनाएँ|१२वीं पंचवर्षीय योजना]] में, राज्य में अधिक जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने का एक प्रस्ताव है जो इस प्रकार से हैं: {{कालम|2}} # किन्शी (४५० मेगावॉट), # उमंगी -१ (५४ मेगावॉट), # उमियम-उमत्रु-वी ३६ मेगावॉट), # गणोल (२५ मेगावॉट) , # माफू (१२० मेगावॉट), # नोंगकोलाइट (१२० मेगावॉट), # नोंगना (५० मेगावॉट), # रंगमो (६५ मेगावॉट), # उमंगोट (२६० मेगावॉट), # उमदुना (५७ मेगावॉट), # मित्तु-लेशका-२ (६०), # सेलिम (१७० मेगावॉट) और # मावेली (१४० मेगावॉट)।<ref>{{cite web|url=http://www.cea.nic.in/|title=Central Electricity Authority|date=|website=Cea.nic.in|accessdate=2017-02-27|archive-date=2019-03-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20190309115717/http://cea.nic.in/|url-status=dead}}</ref></div> इनमें से जेपी समूह ने खासी पर्वत में किन्शी और उमंगोट परियोजनाओं के निर्माण के लिए बीड़ा उठाया है।.<ref>[http://www.jalindia.com/hydropower.htm Hydro Power] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140408042645/http://jalindia.com/hydropower.htm|date=8 April 2014}} Jaypee Group (2010)</ref> === शिक्षा अवसंरचना === [[फाइल:St_edmunds_school.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:St_edmunds_school.jpg|अंगूठाकार|सेंट एड्मण्ड्स विद्यालय, शिलांग]]{{Main|मेघालय में शिक्षा}}मेघालय की साक्षरता {{2001ज}} दर ६२.५६ है जिसके साथ यह भारत का २७वां साक्षर राज्य है। यह दर २०११ में ७५.५ तक पहुंच गयी। वर्ष २००६ के आंकड़ों के अनुसार यहाँ ५८५१ प्राथमिक विद्यालय, १७५९ माध्यमिक विद्यालय एवं ६५५ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं। {| class="wikitable" ! !मेघालय<ref>{{Cite web|url=https://www.censusindia.co.in/states/meghalaya|title=भारतीय जनगणना २०११ - मेघालय, धर्म, साक्षरता, लिंगानुपात|last=|first=|date=|website=www.censusindia.co.in|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20190203143800/https://www.censusindia.co.in/states/meghalaya|archive-date=2019-02-03|dead-url=|access-date=2019-02-03|url-status=dead}}</ref> !भारत |- |महिला |72.89% |64.63% |- |पुरुष |75.95% |80.88% |- |कुल |74.% |72.98% |} २००८ में, ५,१८,००० विद्यार्थी प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे थे और २,३२,००० उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे थे। राज्य अपने विद्यालयों में गुणवत्ता, पहुंच, बुनियादी ढांचे और शिक्षकों के प्रशिक्षण का ध्यान रखता है और उत्तरदायी है।<ref>[http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf State योजना: मेघालय सरकार]:[Planning:Govt of Meghalaya], पृ॰ १५४-१५५ (२०१०) (अंग्रेज़ी में)</ref> शिलांग स्थित उच्च शिक्षा संस्थान भी हैं जैसे [[भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग|भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (''आईआईएम'') एवं [[विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय|प्रौद्योगिकी एवं प्रबन्धन विश्वविद्यालय]] (''यूएसटीएम'') जो प्रथम भारतीय विश्वविद्यालय है जिसने [[क्लाउड कम्प्यूटिंग|क्लाउड कम्प्यूटिंग अभियान्त्रिकी]] को अध्ययन के क्षेत्र में स्थान दिया है। आईआईएम शिलांग राष्ट्र के सर्वोच्च श्रेणी के प्रबन्धन संस्थानों में से एक है।<ref>{{Cite news|url=http://www.theshillongtimes.com/2017/04/06/iim-shillong-ranked-21st-among-management-institutes/|title=IIM Shillong Ranked 21st Among Management Institutes [आईआईएम शिलांग को प्रबन्धन संस्थानों में २१वां दर्जा मिला]|last=|first=|date=६ अप्रैल २०१७|work=द शिलांग टाइम्स|access-date=१ अगस्त २०१८|archive-date=2018-08-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20180801064407/http://www.theshillongtimes.com/2017/04/06/iim-shillong-ranked-21st-among-management-institutes/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.mbauniverse.com/mba-ranking/2017|title=MBA Ranking 2017 - Check MBA Ranking, Fees, Placement {{!}} MBAUniverse.com [एमबीए रैंकिंग २०१७|last=|first=|date=|website=www.mbauniverse.com| language = en|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=2018-08-01}}</ref> === स्वास्थ्य अवसंरचना === राज्य में १३ सरकारी औषधालय, २२ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, ९३ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं ४०८ उप-केन्द्र हैं। यहाँ ३७८ चिकित्सक, ८१ भेषजज्ञ, ३३७ स्टाफ़ नर्सें एवं ७७ लैब तकनीशियन हैं। राज्य सरकार द्वारा [[तपेदिक]], [[कुष्ठ रोग]], [[कैंसर]] और [[मनोविकार|मानसिक रोग]] के उपचार हेतु एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। हालांकि मृत्यु दर में लगातार गिरावट आयी है किन्तु राज्य के स्वास्थ्य विभाग के स्थिति पत्र (''स्टेटस पेपर'') के अनुसार जीवन प्रत्याशा में सुधार और स्वास्थ्य सम्बन्धी बुनियादी ढांचे में पर्याप्त वृद्धि के अभाव में राज्य की जनसंख्या का लगभग ४२.३% भाग स्वास्थ्य देखरेख से अभी भी अछूता है। यहां बहुत से अस्पताल निर्माणाधीन हैं, जो सरकारी व निजी दोनों ही प्रकार के हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार से हैं: सिविल अस्पताल, गणेश दास अस्पताल, के जे पी सायनोड अस्पताल, [[पूर्वोत्तर इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थान]] (एन.ई.आई.जी.आर.आई.एच.एम.एस), [[पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान|नार्थ ईस्ट इन्स्टीट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद]] (''एनईआईएएच''), आर.पी चेस्ट अस्पताल, वुडलैण्ड अस्पताल, नज़ारेथ अस्पताल एवं क्रिश्चियन अस्पताल, आदि। * == शहरी क्षेत्र == *'''नगर पालिकाएं:''' [[शिलांग]], [[तुरा]], [[जोवाई]] *'''नगर बोर्ड:'''[[विलियमनगर]], [[रेसुबेलपाड़ा]], [[बाघमारा, मेघालय|बाघमारा]] *'''छावनी बोर्ड:''' [[शिलांग छावनी]] ([[उमरोई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|उमरोई]] ) *'''कस्बा समितियां:''' [[नोंग्सटोइन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|नोंग्सटोइन]]''',''' [[नोंगपोह]],[[मैरांग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|मैरांग]] *'''जनगणना नगर:''' [[मवलाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|मवलाई]] , [[मैडानार्टिंग]], [[नोंगथईममाय विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|नोंगथम्माय]], [[नोंगमाइनसोंग|नोंगमइनसोंग]], [[पिन्थोरुमख्रा|पिन्थोरउम्ख्रा]], [[चेरापूंजी|सोहरा/चेरापुंजी]] [[पिनुर्सला]] *<b>छोटे कस्बे:</b> [[खलीहृयत]], [[मावकिर्वाट]], [[अम्पति]] *<b>शिलांग शहरी समूह के तहत क्षेत्र:</b> [[शिलांग]], [[शिलांग छावनी]]/[[उमरोई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|उमरोई]], [[मवलाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|मावलाई]], [[मैडानार्टिंग]], [[नोंगथिम्माई|नोंगथम्माइ]], [[नोंगमइनसोंग]], [[पिन्थोरुमख्रा]]। === शहरी क्षेत्रों का नया प्रस्ताव === <ul><li><b>नगर महापालिका: 1</b> [[शिलांग]] ([[शिलांग छावनी|शिलांग छावनी,/उमरोई,]] [[मवलाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|मवलाई]] , [[मदनर्टिंग]], [[नोंगथिम्माई]], [[नोंगमइनसोंग]], [[पिन्थोरुमख्रा]] सहित)</li><li>'''नगरपालिकाएं: 3''' तुरा, जोवाई, विलियमनगर'''।'''</li><li>'''नगर बोर्ड: 9''' [[रेसुबेलपाड़ा|रेसुबेलपाडा]]''',''' [[बाघमारा]], नोइंगस्टोइन, नोंगपोह''', [[मैडानार्टिंग]],''' [[नोंगथाइमाय]], [[नोंगमिनसोंग]], [[पिन्थोरुमख्रा]], आदि</li><li>'''कस्बा समितियां: 1''' [[पिनर्स्ला|पिनुर्स्ला]]</li></ul> == संस्कृति एवं समाज == {{मुख्य|मेघालय की संस्कृति एवं समाज}} मेघालय की मुख्य जनजातियां हैं खासी, गारो और जयन्तिया। प्रत्येक जनजाति की अपनी संस्कृति, अपनी परम्पराएं, पहनावा और अपनी भाषाएं हैं। === सामाजिक संस्थान === [[फाइल:Khasi_Girls.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Khasi_Girls.jpg|अंगूठाकार|खासी कन्याएं]]मेघालय के अधिकांश लोग और प्रधान जनजातियां मातृवंशीय प्रणाली का अनुसरण करते हैं, जहां विरासत और वंश महिलाओं के साथ चलता है। कनिष्ठतम पुत्री को ही सारी संपत्ति मिलती है और वही बुजुर्ग माता-पिता और किसी भी अविवाहित भाई बहन की देखभाल भी किया करती है।<ref name="akrl3"/> कुछ मामलों में, जहां परिवार में कोई बेटी नहीं है या अन्य कारणों से, माता-पिता किसी और बेटी को नामांकित कर सकते हैं जैसे कि अपनी पुत्रवधू को, और घर के उत्तराधिकार और अन्य सभी संपत्तियों का अधिकार उसे ही मिलता है। खासी और जयन्तिया जनजाति के लोग पारम्परिक मातृवंशीय प्रणाली का पालन करते जिसमें ''खुन खटदुह (अर्थात कनिष्ठतम पुत्री)'' घर की सारी सम्पत्ति की अधिकारी एवं वृद्ध माता-पिता की देखभाल की उत्तरदायी होती है। हालांकि पुरुष वर्ग, विशेषकर मामा इस सम्पत्ति पर परोक्ष रूप से पकड बनाए रहते हैं, क्योंकि वे इस सम्पत्ति के फ़ेरबदल, क्रय-विक्रय आदि के सम्बन्ध में लिये जाने वाले महत्त्वपूर्ण निर्णयों में सम्मिलित होते हैं। परिवार में कोई पुत्री न होने की स्थिति में खासी और जयन्तिया (जिन्हें सिण्टेंग भी कहा जाता है) में ''आइया रैप आइङ्ग'' का रिवाज होता है, जिसमें परिवार किसी अन्य परिवार की कन्या को दत्तक बना कर अपना लेता है, और इस तरह वह ''का ट्राई आइङ्ग'' (परिवार की मुखिया) बन जाती है। इस अवसर पर पूरे समुदाय में धार्मिक अनुष्ठान होते हैं व उत्सव मनाया जाता है।<ref>Philip Richard Thornhagh Gurdon (1914), {{Google books|Jys1AQAAIAAJ|The Khasis}}, McMillan & Co., 2nd Edition, pp 85-87</ref> गारो वंश प्रणाली में, सबसे छोटी पुत्री को स्वतः रूप से परिवार की संपत्ति विरासत में मिलती है, यदि एक और पुत्री का नाम माता-पिता द्वारा नहीं निर्धारित किया जाता है। उसके बाद उसे ''नोकना, अर्थात "''घर के लिए" नामित किया जाता है। यदि किसी परिवार में कोई बेटियां नहीं हैं, तो चुनी हुई पुत्रवधू (''बोहारी'') या एक दत्तक पुत्री (''डरागता'') को घर में रखते हैं और उसे ही गृह सम्पत्ति मिल जाती है। मेघालय में विश्व की सबसे बड़ी जीवित मातृवंशीय संस्कृति प्रचलन में है। === पारम्परिक राजनीतिक संस्थान === तीनों प्रधान जनजातियाँ, खासी, गारो एवं जयन्तिया समुदायों के अपने अपने पारम्परिक राजनीतिक संस्थान हैं जो सैंकड़ों वर्षों से चलते चले आ रहे हैं। ये राजनीतिक संस्थान गांव स्तर, कबीले स्तर और राज्य स्तर जैसे विभिन्न स्तरों पर काफी विकसित और कार्यरत हैं।.<ref name="prtg66">Philip Richard Thornhagh Gurdon (1914), {{Google books|Jys1AQAAIAAJ|The Khasis}}, McMillan & Co., 2nd Edition, pp 66-75</ref> खासियों की पारम्परिक राजनीतिक प्रणाली में प्रत्येक कुल या वंश की अपनी स्वयं की परिषद होती है जिसे '''''दोरबार कुर''''' कहते हैं और यह वंश के मुखिया की अध्यक्षता में संचालित होती है। यह परिषद या दोरबार वंश के आंतरिक मामलों की देखरेख करती है। इसी प्रकार प्रत्येक ग्राम की एक स्थानीय सभा होती है जिसे '''''दोरबार श्वोंग''''' कहते हैं, अर्थात ग्राम परिषद। इसका संचालन भी ग्राम मुखिया कीअध्यक्षता में होता है। अन्तर-ग्राम मुद्दों पर निकटवर्ती ग्राम के लोगों से गठित एक राजनीतिक इकाई निर्णय लेती है। स्थानीय राजनीतिक इकाइयाँ '''''रेड्स''''' कहलाती हैं और ये सर्वोच्च राजनीतिक संस्थान साइमशिप के अधीन कार्य करती हैं। ये साइमशिप बहुत सी रे्ड्स का संघ होती है और इनका साईम या सीईएम (राजा) के नाम से जाना जाने वाला एक निर्वाचित प्रमुख होता है।<ref name="prtg66" /> साइम ने एक निर्वाचित राज्य विधानसभा के माध्यम से खासी राज्य पर शासन करते हैं जिसे दरबार हिमा के नाम से जाना जाता है। सीईएम के पास उनके मंत्रियों से गठित एक मंत्रिमण्डल होता है जिनकी राय व सलाह से वह अपनी कार्यपालक का उत्तरदायित्त्व पूर्ण करता है। । इनके राज्य में कर एवं चुंगियां भी वसूली जाती हैं और करों को पिनसुक तथा टोल को क्रोंग कहा जाता था। क्रोंग राज्य का प्रधान आय स्रोत हुआ करती है। २०वीं शताब्दी के आरम्भ में राजा दखोर सिंह यहां का साइम हुआ करता था।<ref name="prtg66" /> <table class="wikitable floatright" style="text-align: center;" data-ve-attributes="{&quot;style&quot;:&quot;text-align: center;&quot;}"><tr><th>मेघालय उत्सव <ref name="dacmegh">[http://megartsculture.gov.in/festivals.htm Festivals of Meghalaya] The Department of Arts and Culture, Govt of Meghalaya (2010)</ref> </th><th>स्थानीय कैलेण्डर माह </th><th>वैदिक कैलेण्डर माह </th><th>ग्रेगोरियाई कैलेण्डर माह </th></tr><tr><td>Den'bilsia</td><td>Polgin</td><td>फाल्गुन</td><td>फ़रवरी</td></tr><tr><td>A'siroka</td><td>Chuet</td><td href="Oxford Dictionary">चैत्र</td><td>मार्च</td></tr><tr><td>A' galmaka</td><td>Pasak</td><td>वैशाख</td><td>अप्रैल</td></tr><tr><td>Miamua</td><td>Asal</td><td>आषाढ</td><td>जून</td></tr><tr><td>Rongchugala</td><td>Bado</td><td>भाद्र</td><td>अगस्त</td></tr><tr><td>Ahaia</td><td>Asin</td><td>अश्विन</td><td>सितम्बर</td></tr><tr><td>Wangala</td><td>Gate</td><td>कार्तिक</td><td>अक्तूबर</td></tr><tr><td>क्रिस्मस</td><td>पोसी</td><td>पौष</td><td>दिसम्बर</td></tr><tr><td></td><td></td><td>माघ</td><td>जनवरी</td></tr></table>जयन्तिया लोगों में भी त्रिस्तरीय राजनीतिक प्रणाली होती है जो खासी लोगों के लगभग समान ही होती है और इसमें भी रेड्स और साइम हुआ करते हैं।<ref>Philip Richard Thornhagh Gurdon (1914), {{Google books|Jys1AQAAIAAJ|The Khasis}}, McMillan & Co., 2nd Edition</ref> रेड्स की अध्यक्षता डोलोइस करते हैं जो रेड्स स्तर पर कार्यपालक एवं रीति रिवाजों के साथ देख रेख किया करते हैं। प्रत्येक निर्वाचित स्तर की अपनी परिषद या दरबार हुआ करते हैं। गारो समूह परम्परागत राजनीतिक प्रणाली में, गारो ग्रामों के एक समूह का एक राजा हुआ करता है जिसे '''''ए-किंग''''' कहते हैं। ए-किंग '''''निक्माज़''''' के अधीन कार्य करता है। यह निक्मा गारों लोगों की एकमात्र राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्राधिकारी होता है और यही सब न्यायिक और विधायी कार्य भी किया करता है। ये विभिन्न निक्माज़ विभिन्न ए-किंग्स के मुद्दों को सुलझाने हेतु मुल कर कार्य किया करते हैं। गारो लोगों के बीच कोई सुव्यवस्थित परिषद या दरबार नहीं हुआ करते हैं।{{citation needed|date=June 2014}} === उत्सव एवं त्योहार === [[फाइल:Dance_of_Meghalaya.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Dance_of_Meghalaya.jpg|अंगूठाकार|मेघालय के नृत्य]] ;खासी नृत्य खासी जीवन की संस्कृति का मुख्य रिवाज है, और ''राइट्स आफ़ पैसेज'' का एक भाग भी है। नृत्यों का आयोजन श्नोंग (ग्राम), रेड्स(ग्राम समूह) और हिमा(रेड्स का समूह) में किया जाता है। इनके उत्सवों में से कुछ हैं: का शाद सुक माइनसिएम, का पोम-ब्लांग नोंगक्रेम, का शाद शाङ्गवियांग, का-शाद काइनजो खास्केन, का बाम खाना श्नोंग, उमसान नोंग खराई और शाद बेह सियर।'''<ref name="dacmegh" /> ;जयन्तिया जयन्तिया हिल्स के लोगों के उत्सव अन्य जनजातियों की ही भांति उनके जीवन व संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। ये प्रकृति और अपने लोगों के बीच सन्तुलन एवं एकजुटता को मनाते हैं। जयन्तिया लोगों के उत्सवों में से कुछ हैं: बेहदियेनख्लाम, लाहो नृत्य एवं बुआई का त्योहार।<ref name="dacmegh" /> ;गारो गारों लोगों के लिये उत्सव उनके सांस्कृतिक विरासत का भाग हैं। ये अपने धार्मिक अवसरों, प्रकृति और मौसम और साथ ही सामुदायिक घटनाएं जैसे झूम कृषि अवसरों को मनाते हैं। गारों समुदाय के प्रमुख त्योहारों में डेन बिल्सिया, वङ्गाला, रोंगचू गाला, माइ अमुआ, मङ्गोना, ग्रेण्डिक बा, जमाङ्ग सिआ, जा मेगापा, सा सट रा चाका, अजेयोर अहोएया, डोरे राटा नृत्य, चेम्बिल मेसारा, डो'क्रुसुआ, सराम चा'आ और ए से मेनिया या टाटा हैं जिन्हें ये बडी चाहत से मनाया करते हैं।<ref name="dacmegh" /> ;हैजोंग हैजोंग लोग अपने पारम्परिक त्योहारों के साथ साथ हिन्दू त्योहार भी मनाते हैं। गारो पर्वत की पूरी समतल भूमि में हैजोंग लोगों का निवास है, ये कृषक जनजाति हैं। इनके प्रमुख पारम्परिक उत्सवों में पुस्ने, बिस्वे, काटी गासा, बास्तु पुजे और चोर मगा आते हैं। ;बियाट बियाट लोगों के कई प्रकार के त्योहार एवं उत्सव होते हैं; नल्डिंग कूट, पम्चार कूट, लेबाङ्ग कूट, फ़वाङ्ग कूट, आदि। हालांकि अपने भूतकाल की भांति अब ये नल्डिंग कूट के अलावा इनमें से कोई त्योहार अब नहीं मनाते हैं। नल्डिंग कूट (जीवन का नवीकरण) हर वर्ष जनवरी के माह में आता है और तब ये लोग गायन, नृत्य और पारम्परिक खेल आदि खेलते हैं। इनका पुजारी - थियांपु चुङ्ग पाठियान नामक देवता की अर्चना कर के उससे इनकी खुशहाली एवं समृद्धि को इनके जीवन के हल पहलु में भर देने की प्रार्थना करता है। === आध्यात्मिकता === दक्षिण मेघालय में मावसिनराम के निकट मावजिम्बुइन गुफाएं हैं। यहां गुफा की छत से टपकते हुए जल में मिले चूने के जमाव से प्राकृतिक बना हुआ एक शिवलिंग है। १३वीं शताब्दी से चली आ रही मान्यता अनुसार यह [[हाटकेश्वर]] नामक शिवलिंग जयन्तिया पर्वत की गुफा में रानी सिंगा के समय से चला आ रहा है।{{sfn|Roy|1981|p=139}} जयन्तिया जनजाति के दसियों हजारों सदस्य प्रत्येक वर्ष यहां हिन्दू त्योहार शिवरात्रि में भाग लेते हैं एवं जोर शोर से मनाते हैं।{{sfn|Roy|1981|p=132}}<ref>Sudhansu R. Das, [http://www.thehindubusinessline.com/todays-paper/tp-opinion/vibrant-meghalaya/article1644477.ece Vibrant Meghalaya] The Hindu (2008)</ref> === जीवित जड सेतु === [[फाइल:Living_root_bridges,_Nongriat_village,_Meghalaya.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Living_root_bridges,_Nongriat_village,_Meghalaya.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|278x278पिक्सेल|दोहरा जीवित जड़ सेतु, नोंग्रियाट ग्राम, मेघालय।]]मेघालय में [[जीवित जड़ सेतु|जीवित जड पुलों]] का निर्माण भी मिलता है। यहां ''[[रबर वृक्ष|फ़ाइकस इलास्टिका]]'' (भारतीय रबर वृक्ष) की हवाई जडों को धीरे धीरे जोड कर सेतु तैयार किये जाते हैं। ऐसे सेतु मावसिनराम की घाटी के पूर्व में पूर्वी खासी हिल्स के क्षेत्र में एवं पूर्वी जयन्तिया हिल्स जिले में भी मिल जाते हैं। इनका निर्माण खासी एवं जयन्तिया जनजातियों द्वारा किया जाता रहा है<ref name=":03">{{Cite news|url=https://www.riluk.com/living-root-bridge-symbol-benevolence/|title=The Living-Root Bridge: The Symbol Of Benevolence|date=2016-10-10|work=Riluk|access-date=2017-09-11|language=en-US|archive-date=2017-09-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20170908021245/https://www.riluk.com/living-root-bridge-symbol-benevolence/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://livingrootbridges.com/|title=The Living Root Bridge Project|website=The Living Root Bridge Project|language=en-US|access-date=2017-09-11}}</ref> ऐसे सेतु शिलांग पठार के दक्षिणी सीमा के साथ लगी पहाडी भूमि पर भी मिल जाते हैं। हालांकि ऐसी संस्कृतिक धरोहरों में से बहुत से सेतु अब ध्वंस हो चुके हैं, जो भूस्खलन या बाढ की भेंट चढ गये या उनका स्थान अधिक मजबूत आधुनिक स्टील सेतुओं ने ले लिया।<ref>{{Cite news|url=https://livingrootbridges.com/threats-to-meghalayas-botanical-architecture/|title=Why is Meghalaya’s Botanical Architecture Disappearing?|date=2017-04-06|work=The Living Root Bridge Project|access-date=2017-09-11|language=en-US|archive-date=2017-09-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170911204634/https://livingrootbridges.com/threats-to-meghalayas-botanical-architecture/|url-status=dead}}</ref> {{-}} == परिवहन == [[फाइल:State_Highway_5_Cherapunjee_Meghalaya_India.jpg|अंगूठाकार|State Highway 5 near Cherapunjee, Meghalaya]] [[फाइल:Shillong_Bypass_road.jpg|अंगूठाकार|शिलांग बायपास मार्ग|220px]] १९४७ में [[भारत का विभाजन|भारत के विभाजन]] से पूर्वोत्तर की मूल अवसंरचना को काफ़ी धक्का पहुंचा जिसका एक कारण यह भी था कि इस क्षेत्र का मात्र २% भाग ही देश के शेष हिस्से से लगता था। भूमि का एक बहुत ही संकरा सा भाग पूर्वोत्तर को मुख्यभूमि में [[सिलीगुड़ी|सिलिगुड़ी गलियारे]] के द्वारा [[पश्चिम बंगाल]] से जुड़ा हुआ है। मेघालय भूमि से घिरा राज्य है जहां दूर दूर तक छोटी बडी बस्तियां व आबादी बसी हुई है। अतः यहां परिवहन का एकमात्र साधन सडक ही है। हालांकि राजधानी शिलांग सडकों द्वारा भली भांति जुडी हुई है, अधिकांश अन्य भाग इस मामले में पीछे ही हैं। राज्य की सडकों का एक बड़ा भाग अभी भी कच्चा ही है। मेघालय में अधिकांश आवाजाही निकटवर्ती राज्य असम की राजधानी गुवाहाटी से ही होती है जो शिलांग से १०३ किमी पर स्थित है। गुवाहाटी समूचे देश से नियमित रेल और वायु सेवा द्वारा भली प्रकार से जुडा हुआ है।</p>जब मेघालय को १९७२ में असम से काट कर एक स्वायत्त राज्य के रूप में अलग किया गया था, तब इसे १७४ किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग सहित २७८६.६८ किमी की कुल सडकें विरासत में मिली थीं। तब राज्य का सडक घनत्व १२.४२ वर्ग किमी प्रति १०० वर्ग किमी राज्य क्षेत्रफ़ल था। २००४ तक के आंकड़ों के अनुसार कुल सडक लम्बाई ९३५० किमी तक पहुंच गयी थी, जिसमें ५,८५७ किमी पक्की व पेव्ड भी थी। मार्च २०११ तक के आंकडों के अनुसार सडक घनत्व ४१.६९ वर्ग किमी पहुंच चुका था, हालांकि इस मामले में मेघालय राष्ट्रीय औसत ७४ किमी प्रति १०० वर्ग किमी से नीचे ही रहा। राज्य के लोगों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेघालय लोक सेवा आयोग (मेघालय पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेण्ट) वर्तमान सडकों एवं सेतुओं के सुधार और उन्नयन हेतु निरन्तर प्रयासरत है एवं अनेक कदम उठा रहा है।<ref name="ReferenceA"/> === सड़क मार्ग === मेघालय में सडक जाल की कुल लम्बाई {{convert|7633|km|mi}} किमी है, जिसमें से {{convert|3691|km|mi}} किमी [[तारकोल]] की सडक है एवं शेष {{convert|3942|km|mi}} किमी सडक रोड़ी की है। मेघालय राज्य असम में [[सिल्चर]], मिजोरम में [[आईजोल]] और त्रिपुरा में [[अगरतला]] से राष्ट्रीय राजमार्गों से भली-भांति जुड़ा हुआ है। बहुत सी निजी बसें एवं टैसी संचालक गुवाहाटी से शिलांग यात्रियों को लाते ले जाते हैं। यह मार्ग लगभग ढाई घंटे का है। शिलांग से मेघालय के सभी प्रधान नगरों, पूर्वोत्तर की अन्य राजधानियों एवं असम के नगरों के लिये दिवस एवं रात्रि बस सेवाएं उपलब्ध हैं। === रेल मार्ग === मेघालय में रेलमार्ग का एकमात्र मार्ग {{rws|मेहंदीपत्थर}} तक है जहां से गुवाहाटी तक नियमित रेल सेवा चलती है। यह सेवा ३० नवंबर २०१४ को आरम्भ हुई थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.pmindia.gov.in/hi/news_updates/मेंहदीपत्थर-मेघालय-से-गु/|title=मेंहदीपत्थर, मेघालय से गुवाहाटी के बीच पहली रेल सेवा के मौके पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य का मूल पाठ|last=|first=|date=२९ नवंबर २०१४|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.telegraphindia.com/1141130/jsp/frontpage/story_19105595.jsp#.VIEWp8lBFd4|title=Meghalaya rail dream on track|date=30 November 2014|publisher=telegrapfindia.com|accessdate=2017-02-23}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.narendramodi.in/hi/pms-remarks-at-the-flagging-off-of-the-first-train-from-mendipathar-meghalaya-to-guwahati-6948|title=मेंहदीपत्‍थर, मेघालय से गुवाहाटी के बीच पहली रेल सेवा के मौके पर प्रधानमंत्री|last=|first=|date=२९ नवंबर २०१४|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref> राज्य में एक औपचारिक पर्वतीय रेल चेरा कम्पनीगंज स्टेट रेलवे पहले चला करती थी। शिलांग से {{convert|103|km|mi}} पर {{Rws|गुवाहाटी}} निकटतम रेलवे स्टेशन है जो पूर्वोत्तर क्षेत्र को [[ब्रॉड गेज|ब्रॉडगेज]] लाइन द्वारा देश के शेष भाग से जोड़ा करता है। गुवाहाटी से रेलवे लाइन को बायर्नीहाट ({{convert|20|km|mi}}) तक जोड़ने का प्रस्ताव विचाराधीन है जो आगे शिलांग तक विस्तृत की जायेगी। [[चित्र:Shillong Airport terminal building 4.jpg|अंगूठाकार|शिलांग विमानक्षेत्र प्रवेश]] === वायु मार्ग === राज्य की राजधानी शिलांग का [[शिलांग विमानक्षेत्र|विमानक्षेत्र]] [[उमरोई हवाई अड्डा|उमरोई]] में स्थित है। यह शिलांग मुख्य शहर से {{convert|30|km|mi}} पर गुवाहाटी-शिलांग राजमार्ग पर स्थित है। इसका नया टर्मिनल भवन {{INRConvert|30|c}} की लागत से बना है जिसका उद्घाटन जून २०११ में हुआ था।<ref>{{cite news|url=http://economictimes.indiatimes.com/news/news-by-industry/transportation/airlines-/-aviation/shillong-airports-new-terminal-to-open-on-saturday/articleshow/8948403.cms|title=Shillong airport's new terminal to open on Saturday|date=22 June 2011|accessdate=20 August 2014|publisher=[[The Economic Times]]|archive-date=12 April 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120412000151/http://economictimes.indiatimes.com/news/news-by-industry/transportation/airlines-/-aviation/shillong-airports-new-terminal-to-open-on-saturday/articleshow/8948403.cms|url-status=dead}}</ref> [[एअर इंडिया क्षेत्रीय]] अपनी उड़ान शिलांग विमानक्श्झेत्र से कोलकता तक प्रतिदिन भरता है। एक हैलीकॉप्टर सेवा भी शिलांग से गुवाहाटी और तुरा के लिये चलती है। [[तुरा]] के निकट बाल्जेक विमानक्षेत्र २००८ में प्रचालन में आया था।<ref>[http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf State Planning] Govt of Meghalaya, pp 153-154 (2010)</ref> [[भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण]] इसकी देख रेख कर रहा है। प्राधिकरण विमानक्षेत्र को एटीआर ४२ एवं एटीआर ७२ सीटर के लिये विकसित कर रहा है। असम में अन्य निकटवर्ती विमानक्षेत्रों में [[लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई अन्तरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र|बोरझार, गुवाहाटी विमानक्षेत्र]]('''IATA: GAU''') शिलांग से लगभग {{convert|124|km|mi}} पर स्थित है। == पर्यटन == {{main|मेघालय में पर्यटन}}बहुत पहले विदेशी पर्यटकों को उन क्षेत्रों में प्रवेश पूर्व अनुमति लेनी होती थी, जिनसे मिल कर अब मेघालय बना है। हालांकि प्रतिबन्ध १९५५ में हटा लिए गए थे। राज्य के पर्वतों, पठारी ऊंची-नीची भूमि, कोहरे व धूंध से भरे इलाकों और नैसर्गिक दृश्यों आदि को देखते हुए मेघालय की तुलना [[स्कॉट्लैण्ड|स्कॉटलैण्ड]] से की जाती रही है और इसे पूर्व का स्कॉटलैण्ड (''स्कॉटलैण्ड ऑफ़ द ईस्ट'') भी कहा गया है।<ref name="akrl3"/> राज्य में देश के सबसे घने प्राथमिक वन उपस्थित हैं और इस कारण से यह भारत के सबसे महत्त्वपूर्भ पारिस्थित्तिक क्षेत्रों में से एक गिना जाता रहा है। मेघालयी उपोष्णकटिबंधीय वनों में पादप एवं जीव जगत की वृहत किस्में पायी जाती है। राज्य में २ राष्ट्रीय उद्यान एवं ३ वन्य जीवन अभयारण्य हैं।[[फाइल:Elephanta_Falls.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Elephanta_Falls.JPG|अंगूठाकार|''ऍलीफ़ैण्ट फ़ाल्स'' प्रपात]]मेघालय बहुत से साहसिक पर्यटन जैसे पर्वतारोहण, रॉक क्लाइम्बिंग, ट्रेकिंग, हाइकिंग, गुफा भ्रमण एवं जल-क्रीड़ा के अवसर भी प्रदान करता है। राज्य में कई ट्रेकिंग मार्ग भी उपलब्ध हैं जिनमें से कुछ में तो दुर्लभ जानवरों से भी सामना संभव होता है। उमियम झील में जल क्रीड़ा (''वॉटर स्पोर्ट्स'') परिसर हैं, जहां ''रो-बोट्स, पैडलबोट्स'', सेलिंग नौकाएं, ''क्रूज-बोट'', ''वॉटर स्कूटर'' और ''स्पीडबोट'' जैसी सुविधाएं हैं भी मिलती हैं। [[चेरापुंजी]] पूर्वोत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में से एक है। यह राजधानी शिलांग से दक्षिण दिशा में स्थित है तथा एक मनोहारी प्राकृतिक अवलोकन वाले सड़क मार्ग द्वारा यह राजधानी शिलांग से जुड़ा हुआ है। <p>चेरापुंजी के निकटस्थ ही [[जीवित जड़ सेतु]] पर्यटकों के लिये आकर्षण हैं।<ref>{{Cite news|url=http://www.cherrapunjee.com/living-root-bridges/|title=Living Root Bridges|work=Cherrapunjee|access-date=2017-09-11|language=en-US}}</ref> प्रसिद्ध दोहरा जड़ीय सेतु अन्य बहुत से इस प्रकार के सेतुओं सहित पर्यटकों को स्तंभित कर देने वाला आकर्षण है। इस प्रकार के बहुत से सेतु [[नोंगथिम्माई|नोंगथिम्मई]], माइन्टेंग एवं [[टाइनरोंग]] में मिल जाते हैं।<ref name="The Living Root Bridge Project">{{Cite news|url=https://livingrootbridges.com/root-bridges-of-the-umiam-river-basin/|title=Root Bridges of the Umiam River Basin|date=2017-04-27|work=The Living Root Bridge Project|access-date=2017-09-11|language=en-US}}</ref> जड़ सेतु मिलने वाले अन्य स्थानों में मावैलनोंग के पर्यटन ग्राम के निकट रिवाई ग्राम, पायनर्सिया और विशेषकर [[पश्चिम जयन्तिया हिल्स जिला|पश्चिम जयन्तिया हिल्स जिले]] के रांगथाइल्लाइंग एवं मावकिरनॉट गाँव हैं, जहाँ निकटवर्ती गांवों में बहुत से जड़ सेतु देखने को मिल जाते हैं।<ref name=":03"/></p>[[फाइल:Umiam_Lake,_Shillong,_Meghalaya,_India.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Umiam_Lake,_Shillong,_Meghalaya,_India.jpg|अंगूठाकार|पूर्वोत्तर की बड़ी झील, [[उमियम झील]], शिलांग, मेघालय।]]<dl><dt>जलप्रपात एवं नदियाँ</dt></dl>राज्य के प्रमुख एवं [[:श्रेणी:मेघालय के जलप्रपात|प्रसिद्ध जलप्रपातों]] में [[एलिफैंट जलप्रपात|एलिफ़ैण्ट फ़ॉल्स]], शाडथम प्रपात, वेइनिया प्रपात, [[बिशप जलप्रपात|बिशप प्रपात]], [[नोहकलिकाइ|नोहकालिकाई प्रपात]], [[लांगशियांग जलप्रपात|लांगशियांग प्रपात]] एवं [[स्वीट जलप्रपात|स्वीट प्रपात]], [[क्रिनोलाइन जलप्रपात]], [[काइनरेम जलप्रपात]], [[नोहस्गिथियांग जलप्रपात]], [[बीदों जलप्रपात]], [[मार्गरेट जलप्रपात]] और [[स्प्रैड इगल जलप्रपात]] कुछ हैं। इनके अलावा यहाँ विशेषकर मॉनसून के काल में ढेरों झरने मिलते हैं। [[मावसिनराम]] के निकट स्थित [[जकरेम]] के गर्म जल के झरने में औषधीय एवं चिकित्सकीय गुण पाये जाने की मान्यता है।<ref>{{Cite web|url=http://megtourism.gov.in/jakrem.html|title=Jakrem: Department of Tourism, Government of Meghalaya|website=megtourism.gov.in|language=en|access-date=2018-09-16|archive-date=2018-09-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20180918061054/http://megtourism.gov.in/jakrem.html|url-status=dead}}</ref><p></p>पश्चिम खासी हिल्स जिले में स्थित [[नोंगखनम द्वीप]] मेघालय का सबसे बड़ा एवं एशिया का दूसरा सबसे बड़ा नदी द्वीप है।<ref>{{Cite web|url=http://megtourism.gov.in/nongkhnum.html|title=नोंगखनम: पर्यटन विभाग, मेघालय सरकार []|last=|first=Department of Tourism, Government of Meghalaya|date=|website=megtourism.gov.in|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180730064217/http://megtourism.gov.in/nongkhnum.html|archive-date=2018-07-30|dead-url=|access-date=2018-08-09|url-status=dead}}</ref> यह नोंगस्टोइन से १४ किमी॰ दूर स्थित है। यह द्वीप किन्शी नदी के फान्लियान्ग और नाम्लियान्ग नदियों में विभाजित हो जाने से बना है। रेतीली तटरेखा वाली फान्लियान्ग नदी बहुत ही सुन्दर झील बनाती है। इसके आगे आगे जाते हुए फान्लियान्ग नदी एक गहरी घाटी में गिरने से पूर्व एक ६० मी॰ ऊँचे जलप्रपात से गिरती है। यह प्रपात शादथम फ़ॉल्स नाम से प्रसिद्ध है। [[चित्र:Mawphalang Sacred forests Stone henge 24.jpg|अंगूठाकार|पवित्र वन में पुरातन काल में धार्मिक आयोजन पूर्व तैयारी का स्थल।]] ==== पवित्र वृक्ष ==== {{मुख्य|मावफलांग पवित्र वन}} मेघालय अपने पवित्र वृक्षों के लिये भी प्रसिद्ध है। ये वन, उद्यान या प्राकृतिक सम्पदा का छोटा या बड़ा भाग होते हैं, जिन्हें स्थानीय लोग कई पीढियों से किसी स्थानीय देवता को समर्पित कर उसके प्रतीक के रूप में पूजते रहे हैं। ये प्राचीन काल से मान्यता रही है और इनके अनुसार इन वृक्षों में पवित्र आत्मा का निवास होता है। ऐसे स्थान भारत पर्यन्त मिल जाएंगे और इनका अनुरक्षण एवं देखभाल स्थानीय लोग करते हैं, तथा इनकी पत्तियों व अन्य भागों को या इनमें निवास करने वाले जीव जन्तुओं को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाना या तोड़ना निषेध होता है। ''मावफ्लांग सैकरेड फ़ॉरेस्ट'' ([[मावफलांग पवित्र वन]]) जिसे "लॉ लिंगडोह" भी कहा जाता है, मेघालय के सैकरेड फ़ॉरेस्ट्स में से एक है। यह शिलाँग से लगभग २५ कि॰मी॰ पर [[मावफलांग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|मावफलांग]] में स्थित है। यह एक नैसर्गिक दश्य वाला पवित्र स्थान है जहां पवित्र रुद्राक्ष भी मिल जाते हैं।<ref>[http://ecoheritage.cpreec.org/viewsacdetail.php?$mFJyBfK$MOIb-B5vugEjzLdzxFAXZ List of Sacred Groves in Meghalaya] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150602134727/http://ecoheritage.cpreec.org/viewsacdetail.php?$mFJyBfK$MOIb-B5vugEjzLdzxFAXZ |date=2015-06-02 }} Government of Meghalaya (2011)</ref> ==== ग्रामीण क्षेत्र ==== मेघालय का ग्रामीण जीवन एवं ग्राम पूर्वोत्तर की पर्वतीय जीवनशैली का दर्शन कराते हैं। ऐसा एक गांव भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित है, जिसे मावलिन्नॉंग कहते हैं। इसके बारे में पत्रिका डिस्कवर इण्डिया में विस्तृत लेख निकला था।<ref name="megtourism_eco">[http://megtourism.gov.in/ecodestination.html Eco Destination] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111209012830/http://megtourism.gov.in/ecodestination.html |date=2011-12-09 }}, Department of Tourism, Government of Meghalaya</ref> यह गांव पर्यटन के लिये जाना जाता है और यहां एक जीवित जड़ सेतु, हाइकिंग ट्रेल और चट्टान संरचनाएं हैं।{{multiple image |direction=vertical|align=right|width=|footer=उमियम झील (ऊपर) एवं शिलाँग के निकट दृश्य।|image1=Umiam Lake - by Vikramjit Kakati.png|image2=Near Shillong Meghalaya India.jpg}} ==== झील==== मेघालय में बहुत से प्राकृतिक एवं कृत्रिम झीलें व सरोवर हैं। गुवाहाटी-शिलाँग राजमार्ग पर स्थित [[उमियम झील]] (जिसे बड़ापानी झील भी कहते हैं: उम=बड़ा+यम =पानी) यहां आने वाले पर्यटकों के लिये एक बड़ा आकर्षण है। मेघालय में बहुत से उद्यान भी हैं, थांगखरान्ग पार्क, ईको पार्क, बॉटैनिकल गार्डन एवं लेडी हैदरी पार्क इनमें से कुछ हैं। शिलांग से ९६ कि॰मी॰ दूर स्थित [[डॉकी]] बांग्लादेश का द्वार है। यहां से मेघालय और बांग्लादेश सीमा के कुछ सर्वोच्च पर्वतों के नैसर्गिक दृश्य दिखाई देते हैं। [[बलफकरम राष्ट्रीय उद्यान]] अपने प्राचीन आवास और दृश्यों के साथ यहां का एक प्रमुख आकर्षण है।<ref>Choudhury, A.U. (2008) Balpakram –Meghalaya's heritage IBA. ''Mistnet'' 10 (4): 11–13</ref> गारो पर्वत पर स्थित [[नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान]] में भरपूर वन्य जीवन मिलता है जिसकाअपना ही आनन्द है।<ref>चौधरी, ए.यू. (2010) नोकरेक नेशनल पार्क – an IBA in Meghalaya. ''Mistnet'' 11 (1): 7–8</ref> ==== गुफाएं ==== मेघालय में अनुमानित ५०० प्राकृतिक चूनापत्थर एवं बलुआपत्थर की गुफाएं हैं, जो राज्य भर में फ़ैली हुई हैं। इनमें से उपमहाद्वीप की अधिकांश सबसे लम्बी और सबसे गहरी गुफाएं हैं। इनमें क्रेम लियाट प्रा सबसे लम्बी और सायन्रियांग पामियंग सबसे गहरी गुफा है। ये दोनों ही जयन्तिया पर्वत में स्थित है। बहुत से देशों जैसे यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, आयरलैंड एवं संयुक्त राज्य से ढेरों गुफा प्रेमी यहां दशकों से आते रहते हैं और इन गुफाओं में अन्वेषण करते रहते हैं। ==== जीवित जड़ सेतु ==== {{मुख्य|जीवित जड़ सेतु}} मेघालय अपने जीवित जड़ सेतुओं के लिये भी प्रसिद्ध है। ये एक प्रकार के निलंबन सेतु होते हैं जिनका निर्माण रबड़ के पेड़ की जड़ों एवं मूलों को आपस में गूंथ कर आमने सामने के नदी तटों के आरपार किया जाता है। ऐसे सेतु चेरापुंजी, नोंगतलांग, कुडेंग रिम एवं कुडेंग थिम्माई गांवों में देखने को मिल जाते हैं। इस प्रकार का एक दोहरा सेतु नोंग्रियाट ग्राम में मिलता है।[[फाइल:Living_root_bridge_HS.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Living_root_bridge_HS.jpg|अंगूठाकार|मेघालय के नोंग्रियाट में एक दोहरे तल वाला जीवित जड़ सेतु।|पाठ=]]<gallery widths="180" heights="150" mode="packed-hover"> चित्र:Shillong golf course2.jpg|शिलाँग गोल्फ़ कोर्स, भारत के पुरातनतम गोल्फ़ कोर्स में से एक। चित्र:Nohkalikai Falls.JPG|नोहकालिकाई प्रपात चित्र:Expedition is in progress in Meghalayan Caves.jpg|मेघालय में बहुत सी चूनापत्थर गुफाएँ हैं। ऊपर वाली जयन्तिया पर्वत में स्थित है। </gallery><p>मेघालय में अन्य पर्यटक आकर्षण इस प्रकार से हैं:</p> *'''जाकरेम''': शिलाँग से ६४ कि॰मी॰ दूर गंधक मिश्रित गर्म जल के स्रोतों वाला स्वास्थ्य लाभाकारी एक रिज़ॉर्ट है। इसके जल में आयूष्य गुण बताये जाते हैं। *'''रानीकोर''': शिलाँग से १४० कि॰मी॰ दूर यह नैसर्गिक दृश्यों की भूमि है। रानीकोर मेघालय का मछली पकड़ने का प्रसिद्धतम स्थान है जहाँ कार्प एवं मीठे जल की अन्य मछलियां प्रचुर मात्रा में मिलती हैं। *'''[[डॉकी]]''': शिलाँग से ९६ कि॰मी॰ दूर यह सीमावर्ती क्षेत्र है जहाम से बांग्लादेश अवलोकन किया जा सकता है। वसंत ऋतु में यहां की उम्नगोट नदी में रंगीन नाव उत्सव भी यहां का एक आकर्षण है। *'''[[डैन थ्लेन प्रपात|क्शाएद डैन थ्लेन प्रपात]]''': यह सोहरा के निकट स्थित है। खासी भाषा में इसका शाब्दिक अर्थ है वह स्थान जहाँ एक कल्पित दैत्य को मार दिया गया था। इस थ्लेन नामक दैत्य को मारे जाने के कुल्हाड़ी के चिह्न आज भी जैसे के तैसे दिखाई देते हैं। *<b>डियेनजियेई शिखर</b>: शिलाँग पठार के पश्चिम में स्थित डियेंगजियेई शिखर शिलाँग पीक से मात्र २०० मी॰ ही छोटा है। इस पर्वत के शिखर पर एक बड़ा प्याले के आकार का गड्ढा है जिसे एक विलुप्त प्रागैतिहासिक ज्वालामुखी का क्रेटर बताया जाता है। *<b>ड्वार्कसुइड</b>: पथरीले व रेतीले तटों वाला एक चौड़ा सुन्दर सरोवर है जो उमरोई-भोरिम्बॉन्ग मार्ग पर चलने वाली जलधारा के निकट बना है। इसे ड्वार्कसुइड या डेविल्स डोरवे अर्थात शैतान का द्वार भी कहा जाता है। *'''कायलांग रॉक''': मैरांग से ११ कि॰मी॰ पर स्थित लाखों वर्ष पुराना एक सीधा सपाट लाल पत्थर का शिखर है। इसकी ऊंचाई सागर सतह से ५४०० फ़ीट है। *'''सै[[मावफलांग पवित्र वन|करेड फ़ॉरेस्ट मावफ़लांग]]''': शिलाँग से २५ कि॰मी॰ दूर स्थित मावफ़्लांग में पवित्रतम सैकरेड ग्रोव है। प्राचीन काल से संजोये व सुरक्षित रखे गये इस ग्रोव में पादप जगत की प्रचुर किस्में, शताब्दियों से जमी हुई धरण की मोटी पर्तें एवं वृक्षों पर [[अधिपादप|अधिपादपों]](''एपिफ़ाइट्स'') की भारी वृद्धि मिलती हैं। इन अधिपादपों में [[सूरण कुल]], [[पाइपर्स]], [[फ़र्न]] एवं [[ऑर्किड|ऑर्किड्स]] की किस्में मिलती हैं। == प्रमुख मुद्दे == राज्य के प्रमुख मुद्दों में बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों का प्रवेश, हिंसा की घटनाएं, राजनीतिक अस्थिरता, खेतों के लिये काट कर जलाने की प्रथा के चलते वनों की अवैध कटाई आते हैं। स्थानीय निवासी खासियों और बांग्लादेशी मुसलमानों के बीच झड़पों एवं हिंसा की अनेक वारदातें होती रहती हैं। === अवैध आप्रवासन === बांग्लादेश की सीमा से लगते हुए राज्यों में अवैध अप्रवासन एक प्रमुख मुद्दा बन गया है - पश्चिम में पश्चिम बंगाल, उत्तर में मेघालय और असम, पूर्व में त्रिपुरा, मणिपुर एवं मिज़ोरम। भारतीय अर्थ-व्यवस्था के उन्नत होने के कारण लाखों बांग्लादेशी यहां घुसपैठ करते रहे हैं।इन बांग्लादेशी प्रवासियों का यहां घुसपैठ करने का मुख्य उद्देश्य वहां की हिंसा, गरीबी, बेरोजगारी और साथ ही इस्लामिक बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे धार्मिक अत्याचार से बचाव ही होता है। मेघालय में दर्जनों राजनीतिक एवं नागरिक स्मूहों व दलों की लम्बे समय से यह मांग रही है कि इस घुसपैठ पर रोक लगायी जाए या कम से कम इसे नियन्त्रित स्तर तक ही अनुमत किया जाए अन्यथा इससे इन राज्यों की अर्थ एवं कानून व्यवस्था पर बुरा प्रभाव व अवांछित भार पड़ता है।<ref>Palash Ghosh, [http://www.ibtimes.com/indias-2014-elections-narendra-modi-says-some-illegal-immigrants-bangladesh-are-better-others India's 2014 Elections: Narendra Modi Says Some Illegal Immigrants From Bangladesh Are Better Than Others] International Business Times, NY Times, (2014)</ref> बांग्लादेश और मेघालय की सीमा लगभग ४४० किलोमीटर लम्बी है जिसमें से ३५० कि॰मी॰ पर बाड़ लगी हुई है, किन्तु सीमा की लगातार अन्वरत गश्त संभव नहीं है अतः इसमें घुसपैठ की संभावनाएं हैं। इसे पूर्णतया बाड़ लगाने एवं प्रवेश को अनुमति या अनुज्ञा पत्र द्वारा नियन्त्रित करने के प्रयास जारी हैं।<ref>V Singh, [http://indianexpress.com/article/india/politics/mha-asks-meghalaya-to-speed-up-border-fencing-work/ MHA asks Meghalaya to speed up border fencing work] Indian Express (April 16, 2014)</ref> तत्कालीन मुख्य मंत्री मुकुल संगमा ने अगस्त २०१२ में केन्द्र सरकार को पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में हो रही अवैध घुसपैठ को नियन्त्रण से बाहर होने से पूर्व पर्याप्त प्रयास करने की मांग की थी।<ref>{{cite web|url=http://economictimes.indiatimes.com/news/politics/nation/meghalayas-congress-cm-mukul-sangma-too-rings-alarm-on-influx-of-illegal-migrants/articleshow/15432673.cms|title=Meghalaya's Congress CM Mukul Sangma too rings alarm on influx of illegal migrants|date=10 August 2012}}</ref> === हिंसा === वर्ष २००६ से २०१३ के अन्तराल में शून्य से २८ नागरिक प्रतिवर्ष मेघालय( या शून्य से १ व्यक्ति प्रति १ लाख व्यक्ति) में मारे गये थे, जिन्हें राज्य के प्राधिकारियों द्वारा आतंक-संबंधी साभिप्राय हिंसा ्में वर्गीकृत किया गया है।<ref>[http://www.satp.org/satporgtp/countries/india/database/index.html Meghalaya Violence Statistics, India Fatalities 1994-2014] SATP (2014)</ref> विश्व की साभिप्राय हिंसा के कारण होने वाली मत्यु की औसत वार्षिक दर हाल के वर्षों में ७.९ प्रति १ लाख व्यक्ति रही है।<ref name="gede">[http://www.genevadeclaration.org/fileadmin/docs/GBAV2/GBAV2011-Ch2-Summary.pdf Global Burden of Armed Violence] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924021451/http://www.genevadeclaration.org/fileadmin/docs/GBAV2/GBAV2011-Ch2-Summary.pdf |date=2015-09-24 }} Chapter 2, Geneva Declaration, Switzerland (2011)</ref> आतंक-संबन्धी हत्याएं प्रायः जनजातीय समूहों में और बांग्लादेशी प्रवासियों का विरोध करते हुए होती रही हैं। राजनीतिक संकल्प और वार्ता के साथ-साथ, विभिन्न ईसाई संगठनों ने भी हिंसा को रोकने और समूहों के बीच चर्चा की प्रक्रिया में सहायक होने के लिए पहल की है।<ref>SNAITANG, R. (2009), Christianity and Change among the Hill Tribes of Northeast India, Christianity and Change in Northeast India (Editors: Subba et al), {{ISBN|978-8180694479}}, Chapter 10</ref>[[फाइल:Jhum_cultivation_in_Nokrek_Biosphere_Reserve_Meghalaya_India_Northeast_India_2004.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Jhum_cultivation_in_Nokrek_Biosphere_Reserve_Meghalaya_India_Northeast_India_2004.jpg|अंगूठाकार|Jhum cultivation, or cut-and-burn shift farming, in Nokrek Biosphere Reserve of Meghalaya.]] === राजनीतिक अस्थिरता === <p>राज्य की स्थापना के बाद से यहां २३ सरकारें बन चुकी हैं, जिनका औसत कार्यकाल १८ माह से कम ही है। मात्र ३ सरकारें ३ वर्ष से अधिक चली हैं। इस राजनीतिक अस्थिरता का दुष्प्रभाव राज्य की अर्थ-व्यवस्था पर पड़ता रहा है।<ref>{{cite web|url=http://megplanning.gov.in/report/vision2030/chapter2.pdf|title=Participatory Planning and Inclusive Governance|website=Megplannnig.gov.in\accessdate=2017-02-27|format=PDF}}</ref> हालांकि हाल के वर्षों में राजनीतिक स्थिरता में वृद्धि दिखाई दे रही है और आशा है कि ये राज्य के लिये लाभदायक होगी। २००८ में चुनी गयी सरकार के ५ वर्ष पूरे होने पर अन्तिम विधान सभा २०१३ में चुनी गयी थी जिसका कार्यकाल प्रगति पर है।<ref>{{cite web|url=http://ceomeghalaya.nic.in/electionconducted/mla2013/mla-election-2013.htm|title=Official Website of the Election Department, Government of Meghalaya, India|date=|website=Ceomeghalaya.nic.in|accessdate=2017-02-27}}</ref></p> === झूम कृषि === {{मुख्य|झूम कृषि}}<p>मेघालय में झूम कृषि अर्थात वृक्ष ''काटो एवं जलाओ'' और कृषि भूमि पाओ -- का अभ्यास पुरातन समय से चलता आ रहा है।<ref name="skr">SANKAR KUMAR ROY, Aspects of Neolithic Agriculture and Shifting Cultivation, Garo Hills, Meghalaya, Asian Perspectives, XXIV (2), 1981, pp 193-221</ref> यह यहां की लोककथाओं के द्वारा सांस्कृतिक रूप से स्थानीय लोगों की कृषि शैली में बस चुका है। इस लोककथा के अनुसार वायु के देवता ने ओलावृष्टि एवं तूफ़ान के देवता के साथ मिलकर आकाशीय वृक्ष (देवताओं के वृक्ष) को झकझोड़कर हिला दिया जिससे उसके बहुत से बीज पृथ्वी पर आ गिरे और एक ''दो’ अमिक'' नामक पक्षी ने उन्हें खेतों में बो दिया। ये असल में धान के बीज थे। ईश्वर ने इस तरह से मानव को धान के बीज देकर इन्हें झूम कृषि के निर्देश दिये, साथ ही ये भी कहा कि प्रत्येक फसल पर अपनी उपज का एक भाग मुझे समर्पित किया करोगे। </p><p>मेघालय के गारो पर्वतों की एक अनु लोककथा के अनुसार ''बोने-निरेपा-जाने-नितेपा'' नामक व्यक्ति ने ''मिसि-कोकडोक'' नामक एक शिला के निकट की भूमि को साफ़ करके वहां धान और बाजरे की खेती की और अच्छी उपज पायी। तब उसने यह तकनीक अन्य लोगों को भि बतायी, और वर्ष के प्रत्येक माह का नाम इस कृषि के एक चरण के नाम पर रख दिया, इससे स्थानीय लोगों को इसके नाम का अभ्यास सरल रूप से सुलभ हो जाये।<ref>Mazumdar, Culture Change in Two Garo Villages, Calcutta: Anthropological Survey of India (1978)</ref></p>आधुनिक काल में यह स्थानांतरण वाली कृषि परम्परा मेघालय की जैवविविधता के लिये बड़ा खतरा बन गयी है।<ref>Ramakrishnan, P. S. (1992), Shifting agriculture and sustainable development: an interdisciplinary study from north-eastern India, Parthenon Publishing Group, {{ISBN|1-85070-383-3}}</ref> २००१ के एक उपग्रह चित्र के चित्र से ज्ञात होता है कि ये स्थानांतरण कृषि जारी है और सघन वनों के क्षेत्र, संरक्षित जीवमंडलों से भी इसके कारण छंटते जा रहे हैं। <ref>Roy, P. S., & Tomar, S. (2001), Landscape cover dynamics pattern in Meghalaya, International Journal of Remote Sensing, 22(18), pp 3813-3825</ref> झूम कृषि न केवल प्राकृतिक जैवविविधता के लिये खतरा है, बल्कि ये कृषि का न्यून-उपज वाला हानिकारक तरीका है। मेघालय में अधिकांश जनसंख्या के कृषि पर आधारित होने के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए ये माना जा रहा है कि ये यहां के लिये एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा है।<ref>Saha, R., Mishra, V. K., & Khan, S. K. (2011), Soil erodibility characteristics under modified land-use systems as against shifting cultivation in hilly ecosystems of Meghalaya India, Journal of Sustainable Forestry, 30(4), 301-312</ref><ref>Pakrasi, K., Arya, V. S., & Sudhakar, S. (2014), Biodiversity hot-spot modeling and temporal analysis of Meghalaya using Remote sensing technique, International Journal of Environmental Sciences, Vol 4, Number 5, pp 772-785</ref> स्थानांतरण कृषि केवल भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में ही नहीं की जाती, वरन दक्षिण-पूर्व एशिया में भर में इसका चलन है।<ref>Spencer, J. E. (1966), Shifting cultivation in southeastern Asia (Vol. 19), University of California Press, {{ISBN|978-0520035171}}</ref> == मीडिया == राज्य में कुछ प्रमुख मीडिया पत्र इस प्रकार से हैं:{{citation needed|date=June 2014}} *''मेघालय टाइम्स:'' मेघालय टाइम्स अभी नया नया आरम्भ हुआ अंग्रेज़ी समाचार पत्र है। यह तेजी से बढ़ता हुआ पत्र है और इसकी लोकप्रियता राज्य भर में बहुत कम समय में ही फ़ैल गयी है। *''सालन्टेनी जानेरा'': सालन्टेनी जानेरा राज्य का प्रथम गारो दैनिक समाचार पत्र है। *''शिलाँग समय'': ्शिलाँग समय राज्य का प्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र है। *शिलाँग टाइम्स: शिलाँग टाइम्स राज्य के सबसे पुराने अंग्रेज़ी समाचार पत्रों में से एक है। *''द मेघालय गार्जियन:'' द मेघालय गार्जियन राज्य के सबसे पुराने समाचार पत्रों में से एक है। पिछले कई वर्षों में राज्य में बहुत से सामयिक, साप्ताहिक और दैनिक पत्र आरम्भ हुए हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार से हैं: * ''द तुरा टाइम्स:'' द तुरा टाइम्स तुरा से प्रकाशित होने वाला प्रथम अंग्रेज़ी दैनिक है। * ''सालन्टिनी कु’रान्ग:'' सालन्टिनी कु’रान्ग तुरा टाइम्स का गारो संस्करण है। प्रिंगप्रांगिनी आस्की गारो भाषा का नवीनतम प्रकाशित समाचार पत्र है। * ''यू नोंगसैन हिमा'':यू नोंगसैन हिमा खासी भाषा का सबसे पुराना प्रकाशित पत्र है। इसकी स्थापना १९६० में हुई थी। वर्तमाण में यह राज्य का सर्वाधिक परिचालित दैनिक पत्र है। (एबीसी जुलाई - दिसम्बर २०१३) राज्य में प्रकाशित साप्ताहिक रोजगार समाचार पत्र: * ''शिलाँग वीकली एक्स्प्रेस'': साप्ताहिक समाचार पत्र जिसका आरम्भ २०१० में हुआ था। * ''एक्लेक्टिक नॉर्थईस्ट''<ref>{{Cite web|url=http://eclecticnortheast.in/|title=Eclectic NorthEast &#124; Latest News from Northeast India.|website=Eclectic Northeast|accessdate=28 मार्च 2019|archive-date=2019-03-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20190328031942/http://eclecticnortheast.in/|url-status=dead}}</ref> == इन्हें भी देखें == {{portal|भूगोल|<!--Eurasia-->|एशिया|दक्षिण एशिया|भारत|मेघालय}} *[[पूर्वोत्तर भारत में पर्यटन]] *[[पूर्वोत्तर भारत]] *[[पूर्वोत्तर भारतीय खाना]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} <references responsive="" /><ref>{{Cite web|url=https://www.lifepage.in/|title=Career Counseling|last=|first=|date=|website=|archive-url=https://web.archive.org/web/20190901101144/https://www.lifepage.in/|archive-date=2019-09-01|dead-url=|access-date=|url-status=dead}}</ref> == ग्रन्थसूची == *{{cite book|title=एक जनजाति संक्रमण में [A Tribe in Transition]|last=रॉय|first=हीरा लाल देब|publisher=कॉस्मो|year=१९८१|isbn=|location=|pages=|language=|ref=harv}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Commons category}}{{Wikivoyage}} ;सरकारी *{{आधिकारिक|http://meghalaya.nic.in/}} *[http://meghalaya.gov.in/ मेघालय सरकार] आधिकारिक जालस्थल *[http://megtourism.gov.in/&#x20;आधिकारिक&#x20;पर्यटन&#x20;जालस्थल&#x20;-&#x20;मेघालय&#x20;सरकार मेघालय पर्यटन विभाग] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180520090200/http://megtourism.gov.in/ |date=2018-05-20 }}: आधिकारिक जालस्थल ;सामान्य जानकारी *[https://www.britannica.com/place/Meghalaya मेघालय] ब्रिट्टैनिका विश्वकोश में प्रविष्टि *{{dmoz|Regional/Asia/India/Meghalaya|Meghalaya}} *{{osmrelation-inline|2027521}} *{{Geographic location |Centre=मेघालय|North=[[असम]]|Northeast=|East=[[असम]]|Southeast={{flagicon|बांग्लादेश}} [[सिल्हट विभाग]]|South={{flagicon|बांग्लादेश}} [[ढाका विभाग]]|Southwest=|West={{flagicon|बांग्लादेश}} [[रंगपुर विभाग]]|Northwest=}}{{मेघालय मा शैक्षणिक संस्थान}} {{पूर्वोत्तर भारत}} {{States and territories of India}}{{Authority control}} {{मेघालय}} {{भारत कय राज्य अउर संघ राज्यक्षेत्र}} [[श्रेणी:मेघालय]] [[श्रेणी:भारत कय राज्य]] 90e4mg11p1d2rq1pautihpueh886u5q हनुमान चालीसा 0 8085 36569 35693 2026-08-18T01:13:32Z InternetArchiveBot 1072 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 36569 wikitext text/x-wiki {{Infobox religious text | name = हनुमान चालीसा | image = File:Hanuman Chalisa 4x3.jpg | caption = | author = [[गोस्वामी तुलसीदास]] | title_orig = | religion = [[हिन्दू धर्म]] | translator = | illustrator = | cover_artist = | country = [[भारत]] | language = [[अवधी]] | subject = हनुमान चालीसा रामचरितमानस | genre = [[भक्ति]] | Shlok = ४० | website = | publisher = | pub_date = | english_pub_date = | media_type = | pages = | isbn = | oclc = | dewey = | congress = | preceded_by = | followed_by = }} '''हनुमान चालीसा''' अवधी मा लिखित याक काव्यकृति आय, जेहिमा प्रभु श्री [[राम]] के महान भक्त [[हनुमान]] जी के गुण अउर कार्यन का [https://hanumanchalisas.com/ चालीस चौपाइन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240924140228/https://hanumanchalisas.com/ |date=2024-09-24 }} मा वर्णन कीन गा है।<ref name="Google 2021 s937">{{cite web | title=Google Books | website=Google | date=19 July 2021 | url=https://www.google.co.in/books/edition/Hanuman_Chalisa_%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8_%E0%A4%9A/kdRfzwEACAAJ?hl=en | access-date=27 January 2024}}</ref> या याक छोटिके रचना है, जेहिमा पवनपुत्र श्री हनुमान जी के सुंदर स्तुति प्राप्त होति है। यहिमा बजरंगबली जी का भावपूर्ण वंदन तो कीनै गा है, साथै प्रभु श्रीरामजी के व्यक्तित्त्वौ का सरल शब्दन मा उक्यारा गा है। 'चालीसा' शब्द का मतलब है,'चालीस' (४०) का', काहे कि ई स्तुति मा ४० छंद हैं (परिचय के दुइ दोहन का छाँड़ि के)। हनुमान चालीसा भगवान हनुमान जी का प्रसन्न करै खातिर उनके भक्तन द्वारा गाई जाए वाली प्रार्थना है, जेहिमा कुल ४० पंक्ती हैं, यही के मारे ई प्रार्थना का हनुमान चालीसा कहा जात है। हनुमान चालीसा के रचइता गोस्वामी[[तुलसीदास]] जी हैं। श्री हनुमान चालीसा का नियमित रूप ते पाठ करै ते जीवन मा भय ते मुक्ति मिलति है अउर हर मनोकामना पूरी होति है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा मा चमत्कारी शक्तिन का वर्णन है, यहिका पाठ करै ते हनुमंत कृपा सदा बनी रहति है। वैसे तो या पूरे भारत मा मशहूर है लेकिन ख़ास कइके उत्तर भारत मा बहुतै चर्चित है। लगभग सबै हिन्दू यहिका कण्ठस्थ करति हैं । सनातन धर्म मा हनुमान जी का वीरता, भक्ति अउर साहस का प्रतिमूर्ति माना जात है। शिव जी के रुद्रावतार माने जाय वाले हनुमान जी के बजरंगबली, पवनपुत्र, मारुतीनन्दन, केसरी नन्दन, महावीर आदि नामन से जाना जात है। मान्यता है कि हनुमान जी अजर अमर हैं। हनुमान जी का रोज ध्यान करै अउर उनके मन्त्र जाप करै ते मनुष्य का सब डॆरु दूर होइ जात है। हनुमान चालीसा के पाठ ते भय दूर होत है, सब कलेश मिटति हैं। यहिके गंभीर भावन पर विचार कइके मन मा श्रेष्ठ ज्ञान के साथ भक्तिभाव जागृत होत है । शनिवार के दिन बजरंगबली के पूजा आराधना करै ते भक्तन का संकट ते मुक्ति मिलत है <ref name="Amar Ujala 2022 b531">{{cite web | title=Hanuman Chalisa Lyrics And Benefits: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से दूर होती हैं इस तरह की पांच परेशानियां | website=Amar Ujala | date=14 June 2022 | url=https://www.amarujala.com/photo-gallery/spirituality/religion/hanuman-chalisa-chant-benefits-hanuman-chalisa-lyrics-in-hindi-rules-in-the-worship-of-hanuman-ji-hanuman-chalisa-in-hindi-shri-hanuman-chalisa-path-in-hindi | language=hi | access-date=27 January 2024}}</ref> अउर हर मनोकामना पूर्ण होति है। शनिवार के दिन हनुमान चालीसा के पाठ का विशेष महत्व है। आप मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ कइ सकत हौ। मंगलवार या शनिवार का यो पाठ करै ते आप का आध्यात्मिक शांति अउर सुख के प्राप्ति होति है।<ref>{{Cite web|url=https://hanumanchalisahindilyrics.com/|title=Hanuman Chalisa in Hindi|date=2024-03-23|website=hanuman chalisa|access-date=2024-03-03}}</ref> हनुमान चालीसा का पाठ करै ते जीवन के सब दुख संकट अउर दंद-फंद दूर होइ जाति हैं। मान्यता है कि हनुमान जी के भक्तन पर [https://hanumanchalisa.download/ शनिदेवौ] कृपा बरसावत हैं. [[शनिवार]] के दिन हनुमान चालीसा पढ़ै ते शनि के साढ़ेसाती अउर ढैया का प्रकोप कम होत है। [[File:Goswami Tulsidas Awadhi Hindi Poet.jpg|thumb|गोस्वामी [[तुलसीदास]]]] [[File:Hanuman Chalisa at Hanuman Jayanti.jpg|thumb|[[हनुमान]] जन्मोत्सव के अवसर पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पढ़त श्रद्धालु]] ==इतिहास== एक बार [[अकबर]] गोस्वामी जी का अपने दरबार मा बुलाएसि अउर भगवान श्री राम ते परिचय करवावै क कहिस। तब तुलसीदास जी कहिन कि भगवान श्री राम केवल अपने भक्तन का दर्शन देति हैं । यो सुनिके अकबर गोस्वामी तुलसीदास का जेल मा डारि दिहिस। जेल मा रहै के समय गोस्वामी जी अवधी भासा मा हनुमान चालीसा लिखिन। जइसेहे हनुमान चालीसा लिखै क काम पूरा भा, पूरे फतेहपुर सीकरी मा बाँदर घेरि के हमला कइ दीन्हेनि। बँदरन के आतंक का र्‍वाकै मा अकबर के सेना नाकाम रही। तब अकबर एक मंत्री कै सलाह मानि के तुलसीदास जी का जेल ते रिहा कइ दिहिन। जइसेहर तुलसीदास जी का जेल ते छुड़ावा गा, बंदर इलाका छोड़ि दिहिन। यहि अद्भुत प्रसंग के बाद गोस्वामी तुलसीदास कै ख्याति दूर-दूर तक फैलिगै औ उइ एक महान संत औ कवि के रूप मा जाने जाय लाग। रामचरितमानस सहित उनके कामन का हिंदू धर्म मा बहुत सम्मान अउर उत्साह के साथ पढ़ा जात है! == लोकप्रिय संगीत == हनुमान चालीसा सबते महत्वपूर्ण हिन्दू धार्मिक ग्रंथन मा ते एक है अउर यहिका कइयो लोकप्रिय भजन, शास्त्रीय अउर लोक गायकन द्वारा गावा गा है। [https://hanumanchalisa.download/hariharan-shree-hanuman-chalisa-lyrics-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%9a/ हरिओम शरण] का हनुमान चालीसा रूपांतरण, मूल रूप ते १९७४ मा ग्रामोफोन कंपनी ऑफ इंडिया द्वारा जारी कीन गा रहै अउर १९९५ मा सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज द्वारा फिरते जारी कीन गा, सबसे लोकप्रिय है, अउर नियमित रूप ते पूरे उत्तर भारत के मंदिरन अउर घरन मा बजावा जात है। हनुमान चालीसा गावै वाले लोकप्रिय गायक लोगन मा कर्नाटिक गायक एम एस सुब्बलक्ष्मी, लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर, एस पी बालासुब्रह्मण्यम, शंकर महादेवन, अनुराधा पौडवाल, कैलाश खेर, सुखविंदर सिंह, सोनू निगम, अउर उदित नारायण शामिल हैं। हनुमान चालीसा का अमिताभ बच्चन बीस अन्य गायक लोगन के साथ कोरस मा गाइनि। या रिकार्डिंग २०११ मा श्री हनुमान चालीसा एल्बम के भाग के रूप मा जारी कीन गै रहै औ नवंबर २०११ के दौरान रिलीज म्यूजिक लेबल द्वारा अभूतपूर्व प्रतिक्रिया प्राप्त कीन गए। हरिहरन द्वारा गाई गै हनुमान चालीसा कै याक प्रस्तुति नवंबर २०२३ मा ३.५ बिलियन व्यूज पार करे वाला पहिल भक्ति गीत अउर यूट्यूब पर सबते जादा द्याखा जाए वाला वीडियो बनि गै। ==पाठ== ई रचना मा तेतालीस छंद हैं – दुइ परिचयात्मक दोहा, चालिस चौपाई, अन्त मा एक दोहा। पहिल परिचयात्मक दोहा 'श्री' शब्द ते शुरू होत है, जेहिमा शिव का संदर्भित कीन गा है, जिनका हनुमान जी के गुरु के रूप मा माना जात है। हनुमान के शुभ रूप, ज्ञान, गुण, शक्ति अउर वीरता का वर्णन पहिली दस चौपाइन मा कीन गा है। ग्यारह ते बीस चौपाई मा हनुमान जी के राम जी की सेवा मा कीन गे कर्मन का वर्णन कीन गा है, ग्यारहवीं ते पन्द्रहवीं चौपाई, लक्ष्मणजी का पुनर्जीवित करै मा हनुमानजी के भूमिका का वर्णन करती हैं।<ref name="p538">{{cite web | title=Jagadguru Rambhadracharya | website=jagadgururambhadracharya.org | date=4 March 2016 | url=http://jagadgururambhadracharya.org/works/hcm/chaupai14.php | archive-url=https://web.archive.org/web/20140203053410/http://jagadgururambhadracharya.org/works/hcm/chaupai14.php | archive-date=3 February 2014 | url-status=dead | access-date=31 March 2025}}</ref>। इक्कीसवीं चौपाई मा तुलसीदास हनुमान जी के कृपा (अनुवाद दिव्य कृपा) के जरूरत का वर्णन कीन्हेनि हैं। अंत मा तुलसीदास हनुमान जी का सूक्ष्म भक्ति से अभिवादन करत हैं अउर उनते अपने हृदय अउर भक्तन के हृदय मा निवास करै का अनुरोध करति हैं। समापन दोहा मा फिर ते हनुमानजी ते राम, लक्ष्मण अऊर सीता क साथ लइके हृदय मा निवास करै का अनुरोध करति हैं। == दोहा == : ''श्रीगुरु चरण सरोज रज निज मनु मुकुर सुधारि । : ''बरनऊ रघुवर विमल जसु जो दायकु'' ''फल चारि ।।'' :''बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौ पवन कुमार । :''बल बुद्धि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार ।।'' == चौपाई == :जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । :जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥ :राम दूत अतुलित बल धामा । :अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥२॥ :महावीर विक्रम बजरंगी । :कुमति निवार सुमति के संगी ॥३॥ :कंचन बरन बिराज सुबेसा । :कानन कुंडल कुँचित केसा ॥४॥ :हाथ वज्र औ ध्वजा बिराजे । :काँधे मूँज जनेऊ साजे ॥५॥ :शंकर सुवन केसरी नंदन । :तेज प्रताप महा जग वंदन ॥६॥ :विद्यावान गुणी अति चातुर । :राम काज करिबे को आतुर ॥७॥ :प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया । :राम लखन सीता मनबसिया ॥८॥ :सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा । :बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥९॥ :भीम रूप धरि असुर संहारे । :रामचंद्र के काज सवाँरे ॥१०॥ :लाय संजीवन लखन जियाए । :श्री रघुबीर हरषि उर लाए ॥११॥ :रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई । :तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥१२॥ :सहस बदन तुम्हरो जस गावै । :अस कहि श्रीपति कंठ लगावै ॥१३॥ :सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । :नारद सारद सहित अहीसा ॥१४॥ :जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते । :कवि कोविद कहि सके कहाँ ते ॥१५॥ :तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा । :राम मिलाय राज पद दीन्हा ॥१६॥ :तुम्हरो मंत्र विभीषण माना । :लंकेश्वर भये सब जग जाना ॥१७॥ :जुग सहस्त्र जोजन पर भानू । :लील्यो ताहि मधुर फ़ल जानू ॥१८॥ :प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही । :जलधि लाँघि गए अचरज नाही ॥१९॥ :दुर्गम काज जगत के जेते । :सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥२०॥ :राम दुआरे तुम रखवारे । :होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥२१॥ :सब सुख लहै तुम्हारी सरना । :तुम रक्षक काहू को डरना ॥२२॥ :आपन तेज सम्हारो आपै । :तीनहूं लोक हाँक ते काँपै ॥२३॥ :भूत पिशाच निकट नहि आवै । :महावीर जब नाम सुनावै ॥२४॥ :नासै रोग हरे सब पीरा । :जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥२५॥ :संकट तें हनुमान छुडावै । :मन क्रम वचन ध्यान जो लावै ॥२६॥ :सब पर राम तपस्वी राजा । :तिनके काज सकल तुम साजा ॥२७॥ :और मनोरथ जो कोई लावै । :सोइ अमित जीवन फल पावै ॥२८॥ :चारों जुग परताप तुम्हारा । :है परसिद्ध जगत उजियारा ॥२९॥ :साधु संत के तुम रखवारे । :असुर निकंदन राम दुलारे ॥३०॥ :अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता । :अस बर दीन जानकी माता ॥३१॥ :राम रसायन तुम्हरे पासा । :सदा रहो रघुपति के दासा ॥३२॥ :तुम्हरे भजन राम को पावै । :जनम जनम के दुख बिसरावै ॥३३॥ :अंतकाल रघुवरपुर जाई । :जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई ॥३४॥ :और देवता चित्त ना धरई । :हनुमत सेई सर्व सुख करई ॥३५॥ :संकट कटै मिटै सब पीरा । :जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ॥३६॥ :जै जै जै हनुमान गोसाई । :कृपा करहु गुरु देव की नाई ॥३७॥ :यह सतबार पाठ कर जोई । :छूटहि बंदि महा सुख होई ॥३८॥ :जो यह पढ़े हनुमान चालीसा । :होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥३९॥ :तुलसीदास सदा हरि चेरा । :कीजै नाथ हृदय मँह डेरा ॥४०॥ '''।। दोहा ।।''' :''पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप ।'' :''राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ॥'' '''|| सियावर रामचन्द्र की जय ||''' '''|| पवनसुत हनुमान की जय ||''' '''|| उमापति महादेव की जय ||''' '''|| सभा पति तुलसीदास की जय ||''' '''|| वृंदावन विहारी लाल की जय ||''' '''|| हर हर हर महादेव शिव शम्भो शंकरा ||''' अर्थ: हे पवन पुत्र! तुम संकट हरै वाले अउर मंगल करै वाले हौ। राम, सीता अउर लक्ष्मण का साथ लइके हमरे ह्रदय मा निवास करो। जय श्री राम ==सन्दर्भ== {{reflist}} [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] [[श्रेणी:हनुमान]] 8ynhhsxnbgxlvngkr2eo6hwo64zs5wx मिताली राज 0 9560 36567 34557 2026-08-18T00:37:13Z InternetArchiveBot 1072 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 36567 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricketer | name = मिताली राज | female = true | image = Mithali Raj with Padma Shri Award (cropped).jpg | caption = मिताली २०१५ में [[पद्मश्री]] प्राप्त करतीं | birth_date = {{birth date and age|1982|12|03|df=y}}<ref>{{cite web |url=https://www.timesnownews.com/sports/cricket/article/twitterati-pour-in-wishes-for-india-womens-odi-skipper-mithal-raj-as-she-turns/522275 |title=Mithali Raj turns 37, Twitterati pours wishes for India's women's ODI skipper |website=www.timesnownews.com |date=3 December 2019 |access-date=13 August 2022 |archive-date=7 March 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230307202644/https://www.timesnownews.com/sports/cricket/article/twitterati-pour-in-wishes-for-india-womens-odi-skipper-mithali-raj-as-she-turns/522275 |url-status=live}}</ref> | birth_place = [[जोधपुर]], [[राजस्थान]], भारत | batting = दांए हाथ | bowling = दायां हाथ लेग स्पिन|लेग ब्रेक | role = [[बल्लेबाजी (क्रिकेट)|टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज]] | international = true | internationalspan = १९९९ - २०२२ | country = भारत | testdebutagainst = इंगलैंड | testdebutdate = १४ जनवरी | testdebutyear = २००२ | lasttestagainst = ऑस्ट्रेलिया | lasttestdate = ३० सितंबर | lasttestyear = २०२१ | testcap = ५६ | odidebutagainst = आयरलैंड | odidebutdate = २६ जून | odidebutyear = १९९९ | lastodidate = २७ मार्च | lastodiyear = २०२२ | lastodiagainst = दक्षिण अफ्रीका | odicap = ५६ | odishirt = ०३ | T20Idebutagainst = इंग्लैंड | T20Idebutdate = ५ अगस्त | T20Idebutyear = २००६ | lastT20Iagainst = इंग्लैंड | lastT20Idate = ९ मार्च | lastT20Iyear = २०१९ | T20Icap = ९ | club1 = [[Andhra women's cricket team|आंध्रा ]] | year1 = १९९६/९७–१९९८/९९ | club2 = [[एयर इंडिया]] | year2 = १९९९/२००० | club3 = [[Railways women's cricket team|रेलवेज]] | year3 = {{nowrap|२०००/०१–२०२१/२२}} | club4 = [[IPL Supernovas|सुपरनोवास]] | year4 = २०१८ | club5 = [[IPL Velocity|वेलोसिटी]] | year5 = २०१९ - २०२२ | columns = 3 | column1 = [[Women's Test cricket|टेस्ट]] | matches1 = १२ | runs1 = ६९९ | bat avg1 = ४३ . ६८ | 100s/50s1 = १ / ४ | top score1 = २१४ | deliveries1 = ७२ | wickets1 = ० | bowl avg1 = – | fivefor1 = – | tenfor1 = – | best bowling1 = – | catches/stumpings1 = १२/– | column2 = [[Women's One Day International|ओडिआई]] | matches2 = २३२ | runs2 = 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डब्ल्यूओडी मा सबसे अधिक आधा शतक लगावै का रिकॉर्ड भी उनके पास है। उ २००५ अऊर २०१७ मा आईसीसी महिला वनडे विश्व कप के फाइनल मा भारत के कप्तान रहीं। उ टी-२० मा २,००० रन बनावै वाली पहिली भारतीय रहीं अऊर २०० वनडे खेलै वाली पहिली महिला रहीं। २०२१ मा, उ महिला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मा अग्रणी रन-स्कोरर बनीं। राज ने ८ जून २०२२ का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेवे के घोषणा किहिन। ==प्रारंभिक जीवन== उनका जनम ३ दिसम्बर १९८२ का [[राजस्थान]] के [[जोधपुर]] मा एक तमिल परिवार मा भा रहा। इनके पिता का नाम दोराई राज और मां का नाम लीला राज है। उनके पिता भारतीय वायुसेना मा एयरमैन (वारंट ऑफिसर) रहे। उ १० वर्ष के उमर मा क्रिकेट खेलै लाग। उ हैदराबाद के कीस हाई स्कूल फॉर गर्ल्स मा पढ़ाई किहिन। अपनी माध्यमिक शिक्षा के लिए, उ सिकंदराबाद के कस्तूरबा गांधी जूनियर कॉलेज फॉर वुमेन मा पढ़ाई किहिन। जब उ स्कूल मा रहीं, तब उ अपने बड़े भाई से क्रिकेट कोचिंग लेय लाग। अबहीं तक वहिके शादी नाय भै बाय। उ एक भरतनाट्यम नर्तकी अहै। == घरेलू करियर== राज घरेलू चैम्पियनशिप के लिए रेलवे मा सम्मिलित होए से पहिले पूर्णिमा राव, अंजुम चोपड़ा अऊर अंजू जैन के साथे [[एयर इंडिया]] के लिए खेलिन। उ महिला टी २० चैलेंज मा सुपरनोवा (सुपरनोवा ) अऊर वेलोसिटी (वेलोसिटी ) के लिए खेलिन हैं। == अंतर्राष्ट्रीय करियर == राज टेस्ट अऊर वनडे दुइनौ फॉर्मेट मा भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किहिन। साल के उमर मा, उनका 1997 के [[महिला क्रिकेट विश्व कप]] के लिए संभावित सूची मा शामिल कीन गा रहा, लेकिन अंतिम दल मा शामिल नाहीं भवा। उ [[आयरलैंड]] के खिलाफ आपन वनडे डेब्यू किहिन, 114 रन बनाइन, अऊर 2001-02 मा लखनऊ मा [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ आपन टेस्ट डेब्यू किहिन। अगस्त 2002 का, 19 साल के उमर मा, उ महिला टेस्ट क्रिकेट मा सबसे अधिक व्यक्तिगत स्कोर के तत्कालीन विश्व कीर्तिमान बनाइन; उ 214 रन बनाइन, जे कैरन रोल्टन के 209* के का कीर्तिमान पार करिन। 2002 के महिला क्रिकेट विश्व कप के दौरान उ अस्वस्थ रहीं। 2005 मा, उ भारत का दक्षिण अफ्रीका मा अपने पहिला महिला क्रिकेट विश्व कप फाइनल मा पहुंचाइन। उ [[इंग्लैंड]] मा टेस्ट अऊर सीरीज जीत तक टीम का भी नेतृत्व किहिन, अऊर अगस्त 2006 मा बिना एक मैच हारे भारत का [[एशिया कप]] खिताब दिलाइन। बाद मा, राज 2017 महिला क्रिकेट विश्व कप मा भारत के कप्तान रहीं, जहां टीम उपविजेता रही। राज एक दाहिने हाथ के बल्लेबाज अऊर अंशकालिक लेग-ब्रेक गेंदबाज हैं। उनका 2003 मा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित कीन गा रहा। उ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मा कईयो मील के पत्थर हासिल किहिन हैं, जेहिमा डब्ल्यूओडी (महिला वनडे) (2017) मा 5,500 रन बनावै वाली दूसर खिलाड़ी बनब अऊर उहै साल बाद मा 6,000 रन बनावै वाली पहिली खिलाड़ी बनब शामिल है। उ वनडे अऊर टी-20 दुइनौ फॉर्मेट मा सबसे ज्यादा मैचन मा भारत के कप्तानी करिन हैं। दिसम्बर 2017 मा, उनका आईसीसी महिला वनडे टीम ऑफ द ईयर मा शामिल कीन गा रहा। वेस्टइंडीज मा आयोजित 2018 आईसीसी महिला विश्व टी-20 के लिए भारत के टीम मा भी शामिल कीन गै रहीं।<ref name="e868">{{cite web | title=Indian women cricketer and successful Captain | website=Suger Mint | date=23 July 2020 | url=https://sugermint-com.translate.goog/biography-of-mithali-raj/?_x_tr_sl=en&_x_tr_tl=hi&_x_tr_hl=hi&_x_tr_pto=tc | access-date=31 March 2026}}</ref> ==मिताली राज : पुरस्कार== {| class="wikitable" |+ !'''वर्ष''' !'''पुरस्कार''' |- |२०२१ |खेल रत्न पुरस्कार<ref name="x622">{{cite web | last1=Khera | first1=Lokesh | last2=Hindi | first2=India TV | title=मिताली राज ने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद कही ये बात | website=India TV Hindi | date=14 November 2021 | url=https://www.indiatv.in/sports/cricket-mithali-raj-said-this-after-being-honored-with-major-dhyan-chand-khel-ratna-award-823236 | language=hi | access-date=31 March 2026}}</ref> |- |२०१७ |विस्डेन द्वारा दुनिया मा अग्रणी महिला क्रिकेटर<ref name="a516">{{cite web | title=Mithali Raj Biography in Hindi | website=From Yuti's Desk | date=22 February 2022 | url=https://www.shrutimundada.com/2022/02/mithali-raj-biography-in-hindi.html | language=hi | access-date=31 March 2026 | archive-date=17 February 2026 | archive-url=https://web.archive.org/web/20260217024112/https://www.shrutimundada.com/2022/02/mithali-raj-biography-in-hindi.html | url-status=dead }}</ref> |- |२०१७ |बीवीसी के १०० सबसे प्रेरणादायक महिलाओं के सूची<ref name="f461">{{cite web | title=Mithali Raj named in BBC's 100 Most Inspirational Women list 2017 | website=The Indian Express | date=27 September 2017 | url=https://indianexpress-com.translate.goog/article/sports/cricket/mithali-raj-features-on-bbcs-100-most-inspirational-women-list-2017-4864084/?_x_tr_sl=en&_x_tr_tl=hi&_x_tr_hl=hi&_x_tr_pto=tc | access-date=31 March 2026}}</ref> |- |२०१७ |वोग स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ द ईयर<ref name="e821">{{cite web | title=Status Pending | website=Black Hat | date=16 January 2025 | url=https://blackhattalent.com/status-pending/ | access-date=31 March 2026}}</ref> |- |२०१७ |युवा खेल उत्कृष्टता आइकन पुरस्कार<ref name="a286">{{cite web | last=Goyal | first=Shikha | title=Mithali Raj Biography: Birth, Age, Early Life, Cricket Career, Records, Awards, Retirement | website=Jagranjosh.com | date=1 June 2022 | url=https://www.jagranjosh.com/general-knowledge/mithali-raj-biography-1647080423-1 | access-date=31 March 2026}}</ref> |- |२०१५ |पद्म श्री<ref name="z388">{{cite web | title=Padma Shri Award to Railway Sportsperson | website= Press Information Bureau | url=https://www.pib.gov.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=118142&reg=3&lang=2 | ref={{sfnref| Press Information Bureau }} | access-date=31 March 2026}}</ref> |- |२००३ |अर्जुन पुरस्कार<ref name="r720">{{cite web | title=Mithali Raj | website=Motivational Speakers in India | date=1 March 2024 | url=https://outstandingspeakersbureau.in/speakers/mithali-raj/ | access-date=31 March 2026}}</ref> |} ==सन्दर्भ== kxfoyud4vokdhn267e25ba983n42hro किंजल डेव 0 9658 36566 34728 2026-08-18T00:08:55Z InternetArchiveBot 1072 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 36566 wikitext text/x-wiki '''किंजल दवे''' (जन्म 24 नवंबर 1998) एक [[भारतीय]] गायिका हैं जे [[गुजरात|गुजराती]] संगीत उद्योग मा अपने काम के लिए जानी जात हैं। किंजल ने कम उम्र से गाना गाना शुरू करिन अऊर 2017 मा अपने हिट गीत "चार बंगड़ी वाली गाड़ी" से प्रसिद्धि प्राप्त किहिन। तब से, उ कईयो लोकप्रिय गीत रिलीज किहिन अऊर भारत अऊर विदेश मा कईयो कार्यक्रमन मा आपन प्रस्तुति दिहिन। <ref>https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/gujarati/music/aishwarya-majmudar-kinjal-dave-and-others-celebrate-pre-navaratri-in-abroad/photostory/93802306.cms?picid=93802438</ref>किंजल अपने पारंपरिक गुजराती लोक संगीत के लिए जानी जात हैं अऊर संगीत उद्योग मा अपने योगदान के लिए कई पुरस्कार जीत चुकी हैं।<ref>https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/gujarati/movies/news/kinjal-dave-receives-an-award-at-12-gauravvanta-gujarati-award-function/articleshow/70330997.cms</ref> ==जीवनी== दवे का जन्म 24 नवंबर 1998 को गुजरात के पाटन के पास एक गांव जेसंगपुरा में हुआ था।<ref>https://www.instagram.com/p/B5SCnBggk8_/</ref> उ आपन गुजराती गीत "जोनाडियो" से संगीत जगत मा पदार्पण किहिन।<ref>https://www.divyabhaskar.co.in/news/UGUJ-PAT-OMC-LCL-gujarati-singer-kinjal-dave-got-engaged-in-her-village-gujarati-news-5854480-PHO.html</ref> डेव 2016 मा रिलीज भए अपने चार्टबस्टर गीत "चार चार बंगादीवाली गाड़ी" से प्रमुखता से आगे बढ़िन। उ, उनके प्रकाशक आरडीसी मीडिया अऊर स्टूडियो सरस्वती स्टूडियो पर रेड रिबन एंटरटेनमेंट अऊर कार्तिक पटेल (जेका काठियावादी किंग के रूप मा भी जाना जात है), ऑस्ट्रेलिया के एक गुजराती गायक, कॉपीराइट के उल्लंघन के लिए मुकदमा चलावा गा रहा। पटेल दावा किहिन कि ई गीत उनके मूल गीत के प्रतिलिपि है जेहिमा मामूली बदलाव कीन गा है। डेव के गाना के रिलीज से तीन महीना पहिले उनकर गाना यूट्यूब पै अपलोड कीन गा रहा।<ref>https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/gujarati/music/im-glad-my-songs-are-promoting-gujarati-culture-kinjal-dave/articleshow/66147178.cms</ref> डेव ने दावा किहिन कि ई 2014 मा मनुभाई रबारी द्वारा लिखा गा एक मूल गीत है। जनवरी 2019 मा, अहमदाबाद वाणिज्यिक अदालत डेव का जब तक केस सुलझ न जाय तब तक गीत का उपयोग करै से रोक दिहिस। गुजरात हाईकोर्ट एक महीना बाद ई रोक का हटा दिहिस। अप्रैल 2019 मा, अहमदाबाद वाणिज्यिक अदालत ने अधिकार क्षेत्र के मुद्दा का हवाला देत हुए मामला खारिज कइ दिहिस। सितंबर 2019 मा अहमदाबाद सिविल कोर्ट द्वारा ताजा कॉपीराइट उल्लंघन नोटिस जारी कीन गा रहा। डेव के प्रकाशक आरडीसी मीडिया अऊर सरस्वती स्टूडियो ने कॉपीराइट उल्लंघन का स्वीकार किहिन अऊर अपने प्लेटफार्म से गीत का हटावै पर सहमत होइ गें, जेहिसे डेव अकेले केस का बचाव करत रहें।<ref>https://www.ahmedabadmirror.com/char-bangdi-song-kinjal-dave-issued-copyright-notice/71283440.html</ref> इनके अन्य गुजराती गीतन मा "चार चार बंगड़ी वाली गाड़ी", "आमे गुजराती लेरी लाला", "छोटे राजा", "घाटे तो घाटे जिंदगी", "जय अध्याशक्ति आरती" अऊर "धन छे गुजरात" अऊर "माखन चोर" शामिल हैं।<ref>https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/gujarati/movies/news/a-look-at-five-dhollywood-singers-from-kinjal-dave-to-manish-joshi-and-their-real-life-partners/photostory/74714463.cms</ref> उ 2018 के गुजराती फिल्म दादा हो डिकरी से आपन अभिनय के शुरुआत किहिन। <ref>https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/gujarati/music/kinjal-dave-all-set-for-a-silver-screen-debut/articleshow/66497782.cms</ref>2019 मा भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बनीं।<ref>https://deshgujarat.com/2019/07/23/gujarati-singer-kinjal-dave-joins-bjp/</ref> ==पुरस्कार== 2019 मा, उ 12 वें गौरवंत गुजराती पुरस्कार मा गौरवशाली गुजराती पुरस्कार प्राप्त किहिन। 2020 मा, उनका संगीत श्रेणी मा फीलिंग्स प्राइड ऑफ इंडिया अवार्ड मिला।<ref>{{Cite web |url=https://www.feelingsmultimedia.com/wp-content/uploads/2019/01/KINJAL-DAVE.jpg |title=Archive copy |access-date=2026-03-31 |archive-date=2024-12-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241216040424/https://www.feelingsmultimedia.com/wp-content/uploads/2019/01/KINJAL-DAVE.jpg |url-status=dead }}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:जीवित मनई]] [[श्रेणी:गुजरात से गायक]] [[श्रेणी:21वीं सदी कै भारतीय महिला गायिका]] 6eynr7t5dvwar6u9ysor310u9ypribt आशा भोसले 0 10376 36565 36561 2026-08-18T00:00:56Z InternetArchiveBot 1072 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 36565 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | honorific_suffix = | image = Ashaji.jpg | image_size = | alt = | caption = 2015 मा भोसले | birth_name = आशा मंगेशकर | birth_date = {{Birth date|1933|09|08|df=y}} | birth_place = गोआर, सांगली राज्य, ब्रिटिश भारत (वर्तमान [[महाराष्ट्र]], भारत) | death_date = {{Death date and age|2026|04|12|1933|09|08|df=y}} | death_place = [[मुंबई]], महाराष्ट्र, भारत | occupation = {{flatlist| * पार्श्वगायिका * अभिनेत्री }} | years_active = 1943–2026 | mother = | father = [[दीनानाथ मंगेशकर]] | spouse = गणपतराव भोसले<br />(वि. 1949; मृत्यु 1966)<br />{{marriage|[[आर. डी. बर्मन]]|1980|1994|reason=died}} | children = 3 (जिनमा वर्षा भोसले शामिल हैं) | family = [[मंगेशकर परिवार]] औ माणिक्य राजवंश (ससुराल) | relatives = | works = | awards = [[List of awards and nominations received by Asha Bhosle|पूर्ण सूची]] | honours = [[दादासाहेब फाल्के पुरस्कार]] (2000)<br /> [[पद्म विभूषण]] (2008)<br /> [[बंग विभूषण]] (2018)<ref>{{cite web|url=https://www.jagonews24.com/international/news/428839|title='বঙ্গবিভূষণ' পুরস্কার পেলেন আশা ভোঁসলে, সমরেশ, প্রসেনজিৎ|date=22 May 2018|access-date=26 September 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20240202143434/https://www.jagonews24.com/international/news/428839|archive-date=2 February 2024|website=jagonews24.com|language=bn|trans-title=Banga Bibhushan for Asha Bhosle, Samaresh, Prasenjit and others}}</ref><br /> [[महाराष्ट्र भूषण]] (2021) | module = {{Infobox musical artist|embed=yes | background = solo_singer | genre = {{flatlist| * [[फ़िल्मी]] * [[कव्वाली]]<ref name="auto"/> * [[ग़ज़ल]]<ref>{{Cite web|url=https://gaana.com/album/the-golden-collection-memorable-ghazals-and-geets-asha-bhosle|title=Asha Bhosle Songs: The Golden Collection – Memorable Ghazals And Geets – Asha Bhosle MP3 Urdu Songs by Asha Bhosle|access-date=9 February 2022|website=Gaana}}</ref> * [[लोक संगीत|लोक]] * [[भजन]]<ref>{{Cite web|url=https://www.saregama.com/artist/asha-bhosle_816/bhajan_33722/songs|title=Asha Bhosle Bhajan songs – Download Bhajan MP3 Song of Asha Bhosle|website=Saregama.com|access-date=9 February 2022}}</ref> * [[पॉप संगीत|पॉप]]<ref>{{Cite web|url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/entertainment/bollywood/happy-birthday-asha-bhosle-some-lesser-known-facts-about-the-queen-of-indie-pop/articleshow/77986495.cms|title=Happy Birthday Asha Bhosle: Some lesser-known facts about the Queen of Indie Pop – Mumbai Mirror|website=Mumbaimirror.indiatimes.com|access-date=9 February 2022}}</ref> * [[भारतीय शास्त्रीय संगीत|शास्त्रीय]]<ref name="auto">{{Cite web|url=https://www.rediff.com/movies/special/85-unforgettable-asha-bhosle-songs/20180907.htm|title = 85 UNFORGETTABLE Asha Bhosle songs|website=Rediff.com}}</ref> * [[गुरबाणी]]<ref>"Gurbani Shabad By Asha Bhonsale Music Playlist: Best Gurbani Shabad By Asha Bhonsale MP3 Songs on Gaana.com" https://gaana.com/playlist/amp/dr-joginder-singh-chhabra-gurbani-shabad-by-asha-bhonsale.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240703212720/https://gaana.com/playlist/amp/dr-joginder-singh-chhabra-gurbani-shabad-by-asha-bhonsale.html |date=2024-07-03 }}</ref> * [[नज़रुल गीति]]<ref>{{Cite AV media |title=Nazruli Geeti by Asha Bhosle |url=https://open.spotify.com/album/5ZeiUIWeXGFWJzxfsRo9Hw |type=Album |language=Bengali |url-status=live |publisher=Super Cassettes Industries Private Limited |year=2002 |access-date=2026-04-14 |via=Spotify}}</ref><ref>{{Cite AV media |title=Nazrul Geeti Vol-2 by Asha Bhosle |url=https://open.spotify.com/album/3NF54wlhzTZfP4q0GEglau |type=Album |language=Bengali |url-status=live |publisher=Super Cassettes Industries Private Limited |year=1996 |access-date=2026-04-14 |via=Spotify}}</ref> * [[रबीन्द्र संगीत]]<ref>{{Cite web|url=https://gaana.com/playlist/anupam-28-asha-bhosle-rabindra-sangeet|title=Playlist ASHA BHOSLE RABINDRA SANGEET on Gaana.com|website=Gaana|access-date=9 February 2022}}</ref> }} | instrument = गायन }} }} '''आशा भोसले''' (जन्म '''मंगेशकर'''; 8 सितंबर 1933 - 12 अप्रैल 2026) याकै भारतीय पार्श्व गायिका अउर अभिनेत्री रहैं। उइ मुख्य रूप ते भारतीय सिनेमा मा काम कीन्हेनि। बहुमुखी प्रतिभा की धनी, आशा जी का हिंदी सिनेमा की सबते महान अउर प्रभावशाली गायिकन मा एक के रूप मा जाना जात है। आठ दशक ते ऊपर के अपने करियर मा, उइ तमाम भारतीय भाषन मा फिल्म अउर एल्बम खातिन गीत रिकॉर्ड कीन्हेनि अउर दुइ ग्रैमी नामांकनन के अलावा दुइ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चारि बीएफजेए पुरस्कार, अठारा महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार, नौ फिल्मफेयर पुरस्कार सहित एक लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड अउर सात फिल्म फेयर पुरस्कार जीतेनि।<ref>{{Cite web |title=The Unending Monsoon: A Chinese Journalist’s Appreciation Of The Indian Singer Asha Bhosle |url=https://www.eurasiareview.com/15042026-the-unending-monsoon-a-chinese-journalists-appreciation-of-the-indian-singer-asha-bhosle-oped/ |access-date=3 August 2026 |website=Eurasiareview.com}}</ref> 2000 मा, उनका सिनेमा के क्षेत्र मा भारत के सबते बड़े पुरस्कार दादासाहेब फाल्के पुरस्कार ते सम्मानित कीन गा। 2008 मा, उनका भारत सरकार देश के दूसर सबते बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण ते सम्मानित कीन्हेसि। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स 2011 मा उनका संगीत इतिहास मा सबते जादा रिकॉर्ड कीन गे कलाकार के रूप मा स्वीकार कीन्हेसि। भोसले पार्श्वगायिका लता मंगेशकर की छोटी बहिनी रहैं अउर प्रसिद्ध मंगेशकर परिवार ते संबंधित रहैं। अपनी सोप्रानो आवाज रेंज <ref>{{Cite web |last=Mr. 55 |date=10 May 2012 |title=Bollywood's Beloved Sopranos: Lata and Asha's Highest Notes |url=https://mrandmrs55.com/2012/05/10/bollywoods-beloved-sopranos-lata-and-ashas-highest-notes/ |access-date=30 April 2018 |website=Classic Bollywood Revisited |publisher=Mr. and Mrs. 55}}</ref> के बरे प्रसिद्ध अउर बहुमुखी प्रतिभा ते सम्पन्न,<ref name="britannica">{{Cite book|title=Encyclopaedia of Hindi Cinema|last=Gulzar|last2=Nihalani, Govind|last3=Chatterji, Saibal|publisher=Popular Prakashan|year=2003|isbn=81-7991-066-0|pages=532–533}}</ref> उनके कामन मा फिल्मी संगीत, पॉप, गजल, भजन, पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, कव्वाली अउर रबीन्द्र संगीत शामिल रहै। [[हिन्दी|हिंदी]] के अलावा, उइ 20 ते अधिक भारतीय अउर विदेशी भाषन मा गाएनि। 2013 मा, उइ फिल्म ''माई'' मा एक अभिनेत्री के रूप मा अपन शुरुआत कीन्हेनि, अउर अपने प्रदर्शन पर आलोचकन के प्रशंसा प्राप्त कीन्हेनि। 2006 मा, उइ कहिन कि उइ अपने करियर मा 12,000 ते अधिक गीत रिकॉर्ड कीन्हेनि हैं।<ref>( {{Cite web |last=Jyothi Venkatesh |title=Asha Bhosle: Sa Re Ga Ma... |url=http://www.vashi2panvel.com/Navi-Mumbai-News/item/196/catid/26 |url-status=usurped |archive-url=https://web.archive.org/web/20071020024238/http://www.vashi2panvel.com/Navi-Mumbai-News/index.php?arr=item%2F196%2Fcatid%2F26 |archive-date=2007-10-20 |access-date=2006-05-03 |publisher=Vashi2Panvel.com |df=dmy-all |quote=I would like to state humbly that I am the only singer who has sung the maximum number of songs&nbsp;– 12,000. If you sing one song a day, you can humanly sing 365 songs a year and 3650 songs in ten years. In around 60 years of my career I could sing 12,000 songs because there were times I had sung even four songs a day.}}</ref><ref name="who'swho" /> <ref>{{Cite web |last=Raju Bharatan |date=23 August 2006 |title=How fair were they to Mohammed Rafi?: Page 7 |url=http://specials.rediff.com/movies/2006/aug/23sld7.htm |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20070530020617/http://specials.rediff.com/movies/2006/aug/23sld7.htm |archive-date=30 May 2007 |access-date=2007-04-28 |website=[[Rediff.com]] |quote=Asha Bhosle, in fact, occupies pride of place --- she is all set to complete 13,000 songs. And that must rate as the highest in Indian cinema&nbsp;– Guinness or no Guinness.}}</ref> == पुरस्कार == [[फाइल:Asha_Bhosle_at_18th_Annual_Colors_Screen_Awards_2012.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| 2012 मा अठरवहें वार्षिक कलर्स स्क्रीन अवार्ड्स मा आशा भोसले ]] === राष्ट्रीय सम्मान === {{Flag|भारत}}: ** [[फाइल:Padma_Vibhushan_Ribbon.svg|50x50पिक्सेल]]भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण (2008) * 2018 मा, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उनका बंग बिभूषण ते सम्मानित कीन गा। * 2021 मा, भोसले का महाराष्ट्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र भूषण ते सम्मानित कीन गा। <ref>{{Cite web |date=26 March 2021 |title=Asha Bhosle to be honoured with 'Maharashtra Bhushan |url=https://www.thehindu.com/entertainment/asha-bhosle-to-be-honoured-with-maharashtra-bhushan/article34165808.ece |publisher=thehindu.com}}</ref> === फिल्मफेयर पुरस्कार === आशा भोसले 18 नामांकनन मा सात फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल प्लेबैक अवार्ड जीत चुकी हैं। उइ 1967 अउर 1968 मा अपनि पहिल दुइ पुरस्कार जीतेनि। (मंगेशकर 1969 के बाद नई प्रतिभन का बढ़ावा देय खातिन पुरस्कार नामांकन ते अपनक बाहेर कइ लीन्हेनि रहैं)। 1979 मा पुरस्कार पावै के बाद, भोसले अपनी बड़ी बहिन का अनुकरण कीन्हेनि अउर अनुरोध कीन्हेनि कि आगे ते नामांकन के बरे उनके नाम पर विचार न कीन जाय। यहिके बावजूद, भोसले अब तक की सबते अधिक बार ई पुरस्कार की विजेता हैं, अलका याग्निक के साथै साथ। बाद मा उनका 1996 मा ''रंगीला'' खातिन एक ''विशेष पुरस्कार'' अउर 2001 मा फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दीन गा। निम्नलिखित उनके फिल्मफेयर पुरस्कारन के सूची है: ==== फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ महिला प्लेबैक पुरस्कार ==== * 1967: "गरीबों की सुनो" ( ''दस लाख'', 1966) * 1969: "परदे में रहने दो" ( ''शिकार'', 1968) * 1972: "पिया तू अब तो आजा" ( ''कारवां'', 1971) * 1973: " दम मारो दम " ( ''हरे राम हरे कृष्ण'', (1971) * 1974: "होने लगी है रात" ( ''नैना'', 1973) * 1975: "चैन से हमको कभी" ( ''प्राण जाए पर वचन न जाए'', 1974) * 1979: "ये मेरा दिल" ( ''डॉन'', 1978) ==== विशेष पुरस्कार ==== * 1996– विशेष पुरस्कार ( ''रंगीला'', 1995) ==== आजीवन उपलब्धि पुरस्कार ==== * 2001– फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड === राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार === भोसले का दुइ बार सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला: * 1981: ''दिल चीज़ क्या है'' ( ''उमराव जान'' ) * 1986: ''मेरा कुछ समान'' ( ''इजाज़त'' ) === आइफा पुरस्कार === सर्वश्रेष्ठ महिला प्लेबैक आईआईएफए पुरस्कार * 2002: "राधा कैसे न जले" ( ''लगान'' ) === ग्रैमी === भोसले बहुत कम भारतीय कलाकारन मा सामिल हैं जिनका ग्रैमी पुरस्कारन मा नामित कीन गा है। * 39वाँ ग्रैमी पुरस्कार - 1997 - सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम खातिन ग्रैमी पुरस्कार - अली अकबर खान के ''विरासत'' (नामांकित) * 48 वा ग्रैमी पुरस्कार - 2006 - सर्वश्रेष्ठ समकालीन विश्व संगीत एल्बम खातिन ग्रैमी पुरस्कार - ''यू'व स्टोलन माइ हार्ट'' (नामांकित) === अन्य पुरस्कार === भोसले अन्य कइयो पुरस्कार जीतेनि हैं, जेहिमा शामिल हैं: * 1987: नाइटिंगेल ऑफ एशिया अवार्ड ( [[भारत|इंडो]] - [[पाकिस्तान|पाक]] एसोसिएशन, यूके)। * 1989: लता मंगेशकर पुरस्कार ( [[मध्य प्रदेश]] सरकार)। <ref name="Awards to Asha" /> * 1997: स्क्रीन वीडियोकॉन पुरस्कार (एल्बम ''जानम समझाकरो'' के बरे)। <ref name="Awards to Asha" /> * 1997: एमटीवी पुरस्कार (एल्बम ''जानम समझाकरो'' के बरे)। <ref name="Awards to Asha" /> * 1997: चैनल वी पुरस्कार (एल्बम ''जानम समझाकरो'' के बरे)। <ref name="Awards to Asha" /> * 1998: दयावती मोदी पुरस्कार। * 1999: लता मंगेशकर पुरस्कार ( [[महाराष्ट्र]] सरकार ) * 2000: सिंगर अव द मिलेनियम ( दुबई )। * 2000: ज़ी गोल्ड बॉलीवुड अवार्ड ( त''क्षक'' -''मुझे रंग दे'' खातिन)। * 2001: एमटीवी पुरस्कार ( ''काम्बख्त इश्क'' खातिन)। * 2002: बीबीसी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (यूके के प्रधानमंत्री [[टोनी ब्लेयर]] द्वारा प्रस्तुत)। * 2002: सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक गायिका - महिला ज़ी सिने पुरस्कार ( ''लगान-'' ''राधा कैसे न जले'' )। * 2002: हॉल ऑफ फेम - ज़ी सिने विशेष पुरस्कार । * 2002: सानसुई मूवी अवार्ड ( ''लगान'' -''राधा कइसे न जले'')। * 2003: भारतीय संगीत मा उत्कृष्ट योगदान खातिन स्वालय येसुदास पुरस्कार । <ref name="Awards to Asha" /> * 2004: फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा ''लिविंग लीजेंड अवार्ड'' । * 2005: एमटीवी इमीज, ''आज जाने की ज़िद न करो'' खातिन सर्वश्रेष्ठ महिला पॉप एक्ट। * 2005: संगीत मा सबते स्टाइलिश। [[श्रेणी:Articles with hCards]] ==संदर्भ== a73q563sb1qxns75y2pjdaw2scgk5cf