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[[Special:Contributions/Ganpat mourya|Ganpat mourya]] ([[User talk:Ganpat mourya|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
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== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
</div>
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=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
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=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
</div>
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
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6534015
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2026-03-28T16:15:27Z
~2026-19336-02
917463
/* Mera Facebook account 2012 se hai main politician Pradhanmantri Modi ji ka prachar karta hun rail bhi banata Hun Facebook se 24 ghante mein 8 ghanta Joda rahata hun lekin mujhe koi abhi tak Paisa nahin Mila Hai mujhe Paisa kaise milega Facebook se kamai kaise kar sakta hun please help u */ नया अनुभाग
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wikitext
text/x-wiki
{{/शीर्ष}}
<!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। -->
== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
</div>
</div>
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=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
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=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
</div>
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
== Mera Facebook account 2012 se hai main politician Pradhanmantri Modi ji ka prachar karta hun rail bhi banata Hun Facebook se 24 ghante mein 8 ghanta Joda rahata hun lekin mujhe koi abhi tak Paisa nahin Mila Hai mujhe Paisa kaise milega Facebook se kamai kaise kar sakta hun please help u ==
p mera Facebook per panch account hai 2012 Se juda hun rail bhi banata Hun video bhi banata hun politics ka prachar bhi karta hun Pradhanmantri Modi ji ka bhi prachar karta hun lekin mujhe abhi tak ek rupaye nahin mila please Facebook se Paisa kaise milta Hai Meri Meri help kijiye [[विशेष:योगदान/~2026-19336-02|~2026-19336-02]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-19336-02|वार्ता]]) 16:15, 28 मार्च 2026 (UTC)
j7mk798595t10w0qsah2gwtnqwnkic5
6534016
6534015
2026-03-28T16:20:47Z
~2026-19336-02
917463
/* Mera Facebook account 2012 se hai main politician Pradhanmantri Modi ji ka prachar karta hun rail bhi banata Hun Facebook se 24 ghante mein 8 ghanta Joda rahata hun lekin mujhe koi abhi tak Paisa nahin Mila Hai mujhe Paisa kaise milega Facebook se kamai kaise kar sakta hun please help u */ उत्तर
6534016
wikitext
text/x-wiki
{{/शीर्ष}}
<!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। -->
== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
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=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
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</div>
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=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
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=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
== Mera Facebook account 2012 se hai main politician Pradhanmantri Modi ji ka prachar karta hun rail bhi banata Hun Facebook se 24 ghante mein 8 ghanta Joda rahata hun lekin mujhe koi abhi tak Paisa nahin Mila Hai mujhe Paisa kaise milega Facebook se kamai kaise kar sakta hun please help u ==
p mera Facebook per panch account hai 2012 Se juda hun rail bhi banata Hun video bhi banata hun politics ka prachar bhi karta hun Pradhanmantri Modi ji ka bhi prachar karta hun lekin mujhe abhi tak ek rupaye nahin mila please Facebook se Paisa kaise milta Hai Meri Meri help kijiye [[विशेष:योगदान/~2026-19336-02|~2026-19336-02]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-19336-02|वार्ता]]) 16:15, 28 मार्च 2026 (UTC)
:main Facebook per 15 sal Se juda hun lekin mujhe abhi tak ₹1 nahin mila please Paisa kaise milega help kijiye Indian rupiece kaise milega Meri help kijiye 9049 765 201 Naam Hai Ram Singh b Patel dusra Naam Hai Ram Singh Patel [[विशेष:योगदान/~2026-19336-02|~2026-19336-02]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-19336-02|वार्ता]]) 16:20, 28 मार्च 2026 (UTC)
pp2zplsuq85hwjqln55yy0yb5ur84ob
6534017
6534016
2026-03-28T16:21:28Z
Tanbiruzzaman
753836
[[Special:Contributions/~2026-19336-02|~2026-19336-02]] ([[User talk:~2026-19336-02|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:SM7|SM7]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
6533920
wikitext
text/x-wiki
{{/शीर्ष}}
<!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। -->
== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
</div>
</div>
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=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
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=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
</div>
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
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2026-03-28T21:00:39Z
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/* विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं */ नया अनुभाग
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wikitext
text/x-wiki
{{/शीर्ष}}
<!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। -->
== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
</div>
</div>
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
</div>
</div>
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
</div>
</div>
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
== विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं ==
नमस्ते,
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी ।
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂
अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है ।
आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST
आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक]
अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]]
कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें ।
धन्यवाद !
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम
-[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC)
qbugtx3mkw1xizi8xfmwv1vjk8541m2
6534066
6534057
2026-03-28T23:43:40Z
108manoj.rj
917497
/* धार रेलवे स्टेशन */ नया अनुभाग
6534066
wikitext
text/x-wiki
{{/शीर्ष}}
<!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। -->
== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
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=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
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</div>
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=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
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=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
== विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं ==
नमस्ते,
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी ।
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂
अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है ।
आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST
आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक]
अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]]
कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें ।
धन्यवाद !
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम
-[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC)
== धार रेलवे स्टेशन ==
धार रेलवे स्टेशन [[सदस्य:108manoj.rj|108manoj.rj]] ([[सदस्य वार्ता:108manoj.rj|वार्ता]]) 23:43, 28 मार्च 2026 (UTC)
h30v6659fhxhvoo3efik8b8mgchxp67
6534067
6534066
2026-03-28T23:48:16Z
108manoj.rj
917497
/* धार रेलवे स्टेशन */ नया अनुभाग
6534067
wikitext
text/x-wiki
{{/शीर्ष}}
<!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। -->
== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
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=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
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=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
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=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
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We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
== विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं ==
नमस्ते,
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी ।
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂
अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है ।
आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST
आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक]
अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]]
कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें ।
धन्यवाद !
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम
-[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC)
== धार रेलवे स्टेशन ==
धार रेलवे स्टेशन [[सदस्य:108manoj.rj|108manoj.rj]] ([[सदस्य वार्ता:108manoj.rj|वार्ता]]) 23:43, 28 मार्च 2026 (UTC)
== धार रेलवे स्टेशन ==
धार रेलवे स्टेशन [[सदस्य:108manoj.rj|108manoj.rj]] ([[सदस्य वार्ता:108manoj.rj|वार्ता]]) 23:48, 28 मार्च 2026 (UTC)
6f6edjsjynu4qgcg3q04ciyu7bx0iac
6534095
6534067
2026-03-29T02:07:47Z
DreamRimmer
651050
[[Special:Contributions/108manoj.rj|108manoj.rj]] ([[User talk:108manoj.rj|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:Gnoeee|Gnoeee]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
6534057
wikitext
text/x-wiki
{{/शीर्ष}}
<!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। -->
== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
</div>
</div>
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
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=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
</div>
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
== विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं ==
नमस्ते,
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी ।
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂
अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है ।
आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST
आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक]
अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]]
कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें ।
धन्यवाद !
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम
-[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC)
qbugtx3mkw1xizi8xfmwv1vjk8541m2
बुद्धदेव भट्टाचार्य
0
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2026-03-29T06:22:53Z
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox officeholder
| name = बुद्धदेव भट्टाचार्य
| native_name = {{lang|bn|বুদ্ধদেব ভট্টাচার্য}}
| image = Buddhadeb Bhattacharjee in 2006.jpg
| caption = बुद्धदेव भट्टाचार्य
| birth_date = {{Birth date and age|1944|3|1|df=y}}
| birth_place = [[कलकत्ता]], बंगाल, ब्रितानी भारत
| residence = पाम एवेन्यू, [[कलकत्ता]]
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| constituency1 =
| office1 = [[पश्चिम बंगाल के मुख्यमन्त्रियों की सूची|पश्चिम बंगाले के ७वें मुख्यमंत्री]]
| term_start1 = ६ नवम्बर २०००
| term_end1 = १३ मई २०११<ref>{{cite web |publisher=बिजनेस स्टैंडर्ड |url=http://www.business-standard.com/india/news/mamata-to-take-over-as-bengal-cmfriday-/135376/on |title=Mamata to take over as Bengal CM on Friday |trans-title=ममता शुक्रवार को बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी |date=१६ मई २०११ |accessdate=८ मार्च २०१५ |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20121012112345/http://www.business-standard.com/india/news/mamata-to-take-over-as-bengal-cmfriday-/135376/on |archive-date=12 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref>
| predecessor1 = [[ज्योति बसु]]
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| party1 = [[मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
| constituency2 = जाधवपुर
| office2 = विधायक
| term_start2 = १९८७
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| predecessor2 = [[शंकर गुप्ता]]
| successor2 = मनीष गुप्ता
| party2 = [[मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
| religion =
| alma_mater = [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]]
| website =
| footnotes =
| date = २७ जनवरी
| year = २००७
| source = [http://www.cpim.org/ माकपा आधिकारिक जालस्थल]
| signature = Buddhadeb Bhattacharjee signature.jpg
}}
'''बुद्धदेव भट्टाचार्य''' ({{lang-bn|বুদ্ধদেব ভট্টাচার্য}}; १ मार्च १९४४, - 8 अगस्त 2024) भारतीय राजनीतिज्ञ तथा [[पश्चिम बंगाल]] के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे। वे [[मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]] के [[पोलित ब्यूरो]] सदस्य भी रहे। वे २००० से २०११ तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे। वो [[जाधवपुर विधानसभा]] क्षेत्र से १४ मई २०११ तक विधायक रहे। २४ वर्षों तक विधायक रहने के बाद वो अपनी ही सरकार के पूर्व मुख्य सचिव मनीष गुप्ता से १६,६८४ मतों से पराजित हो गये थे।<ref name="hindustantimes1">{{cite web|title=Buddhadeb loses at Jadavpur constituency |trans-title=बुद्धदेव जाधवपुर निर्वाचन क्षेत्र से पराजित |url=http://www.hindustantimes.com/Buddhadeb-loses-at-Jadavpur-constituency/Article1-697161.aspx |publisher=हिन्दुस्तान टाइम्स |date=१३ मई २०११ |archiveurl=https://web.archive.org/web/20141206223520/http://www.hindustantimes.com/india-news/kolkata/buddhadeb-loses-at-jadavpur-constituency/article1-697161.aspx |archivedate=६ दिसम्बर २०१४}}</ref> वो अपने ही विधानसभा क्षेत्र से हारने वाले पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री हैं। उनसे पहले [[प्रफुल चन्द्र सेन]] १९६७ में अपने ही निर्वाचन क्षेत्र से हारे थे।<ref>{{cite web |title=Buddhadeb loses from Jadavpore |trans-title=बुद्धदेव जाधवपुर से पराजित |url=http://in.news.yahoo.com/buddhadeb-loses-jadavpore-114750853.html |date=१३ मई २०११ |publisher=आईएएनएस |accessdate=८ मार्च २०१५ |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20141204060706/https://in.news.yahoo.com/buddhadeb-loses-jadavpore-114750853.html |archive-date=4 दिसंबर 2014 |url-status=dead }}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
भट्टाचार्य का जन्म ब्रिटिश राज के दौरान 1 मार्च 1944 को कलकत्ता में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके दादा, कृष्णचंद्र स्मृतितीर्थ, एक [[संस्कृत]] विद्वान थे, जिन्होंने पुरोहित दर्पण नामक एक पुरोहिती पुस्तिका की रचना की थी, जो पश्चिम बंगाल के बंगाली हिंदू ब्राह्मणों के बीच आज भी लोकप्रिय है। बुद्धदेव के पिता, नेपालचंद्र, पुरोहिती में शामिल नहीं हुए थे और हिंदू धार्मिक सामग्री बेचने के लिए समर्पित पारिवारिक प्रकाशन, सारस्वत पुस्तकालय से जुड़े थे।<ref>{{Citation|title=THE RITUAL:|date=2020-07-21|url=https://doi.org/10.2307/j.ctv131bwmg.10|work=Becoming the Buddha|pages=77–121|publisher=Princeton University Press|access-date=2025-08-11}}</ref>कवि सुकांत भट्टाचार्य नेपालचंद्र के चचेरे भाई थे। शैलेंद्र सरकार विद्यालय के पूर्व छात्र, बुद्धदेव ने कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में बंगाली साहित्य का अध्ययन किया और बंगाली (ऑनर्स) में बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे दमदम स्थित आदर्श शंख विद्या मंदिर विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत हो गए।<ref>{{Citation|title=Shephard, Jonathan, (born 20 March 1949), Chief Executive, Autism West Midlands, 2010–16|date=2007-12-01|url=https://doi.org/10.1093/ww/9780199540884.013.u4000727|work=Who's Who|publisher=Oxford University Press|access-date=2025-08-11}}</ref><ref>{{Citation|last=Ray|first=Rabindra|title=The Communist Party of India (Marxist–Leninist)|date=2012-04-05|url=https://doi.org/10.1093/acprof:oso/9780198077381.003.0005|work=The Naxalites and their Ideology|pages=109–159|publisher=Oxford University Press|access-date=2025-08-11}}</ref><ref>{{Cite journal|last=Rajan|first=Sreenivas|date=2012|title=Rediff: Innovation in India|url=https://doi.org/10.2139/ssrn.2056197|journal=SSRN Electronic Journal|doi=10.2139/ssrn.2056197|issn=1556-5068}}</ref>
== राजनीतिक करियर ==
'''प्रारंभिक करियर (1966-1971):'''भट्टाचार्य 1966 में माकपा के प्राथमिक सदस्य के रूप में पार्टी में शामिल हुए। खाद्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के अलावा, उन्होंने 1968 में वियतनाम के मुद्दे का भी समर्थन किया। 1968 में, उन्हें माकपा की युवा शाखा, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन का राज्य सचिव चुना गया, जिसका बाद में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया में विलय हो गया। वे 1981 तक इस पद पर रहे, जब उनके बाद बोरेन बसु ने कार्यभार संभाला। प्रमोद दासगुप्ता ने उनका मार्गदर्शन किया।<ref>{{Citation|title=Shephard, Jonathan, (born 20 March 1949), Chief Executive, Autism West Midlands, 2010–16|date=2007-12-01|url=https://doi.org/10.1093/ww/9780199540884.013.u4000727|work=Who's Who|publisher=Oxford University Press|access-date=2025-08-11}}</ref><ref>{{Citation|last=Ray|first=Rabindra|title=The Communist Party of India (Marxist–Leninist)|date=2012-04-05|url=https://doi.org/10.1093/acprof:oso/9780198077381.003.0005|work=The Naxalites and their Ideology|pages=109–159|publisher=Oxford University Press|access-date=2025-08-11}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{commons category|Buddhadeb Bhattacharjee|बुद्धदेव भट्टाचार्य}}
*[https://web.archive.org/web/20120806191331/http://cpim.org/node/1550 माकपा जालस्थल पर जीवनी लेख]
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{{Persondata <!-- मेटाडाटा: [[विकिपीडिया:व्यक्तिगत आँकड़े]] देखें। -->
| NAME = भट्टाचार्य, बुद्धदेव
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| DATE OF BIRTH = १ मार्च १९४४
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| PLACE OF DEATH =
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{{DEFAULTSORT:भट्टाचार्य, बुद्धदेव}}
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[[श्रेणी:भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राजनीतिज्ञ]]
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दिलीप कुमार
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{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
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| death_date = {{death date and age|2021|7|7|1922|12|11|df=yes}}<ref>{{cite news |title=Dilip Kumar Passed Away' |url=https://bollywoodgaliyara.com/hindi/dilip-kumar-sahab-passed-away-leaving-behind-his-memories-a/cid3496964.htm |access-date=7 July 2021 |work=Bollywood Galiyara |date=7 July 2021 |language=hi |archive-date=7 जुलाई 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210707032541/https://bollywoodgaliyara.com//hindi/dilip-kumar-sahab-passed-away-leaving-behind-his-memories-a/cid3496964.htm |url-status=dead }}</ref>
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'''दिलीप कुमार''' ([[11 दिसंबर]], [[1922]] - 7 जुलाई, 2021) <ref name="bhaskarnews">{{cite web| url=http://www.news.oneindia.in/2008/05/07/sardar-singh-named-captain-pargat-is-manager-of-indian-hockey-team-1210171096.html| title=कभी पैसे के पीछे नहीं भागे दिलीप, पाकिस्तान भी दे चुका है सर्वोच्च सम्मान| publisher=[[दैनिक भास्कर]]| date=12 दिसंबर 2014| accessdate=06 फ़रवरी 2015| archive-url=https://web.archive.org/web/20141021014636/http://news.oneindia.in/2008/05/07/sardar-singh-named-captain-pargat-is-manager-of-indian-hockey-team-1210171096.html| archive-date=21 अक्तूबर 2014| url-status=dead}}</ref>; (जन्म का नाम: '''मुहम्मद यूसुफ़ ख़ान'''), [[हिन्दी सिनेमा|हिन्दी फ़िल्मों]] के एक प्रसिद्ध [[अभिनेता]] थे जो भारतीय संसद के उच्च सदन [[राज्य सभा]] के सदस्य रह चुके है। दिलीप कुमार को [[भारत]] तथा [[विश्व|दुनिया]] के सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं में गिना जाता है, उन्हें दर्शकों द्वारा 'अभिनय सम्राट' के नाम से पुकारा जाता है, वे [[भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन|आज़ादी]] से लेकर ६० के दशक तक भारत के सबसे लोकप्रिय अदाकार थे। वे [[हिन्दी सिनेमा|हिंदी सिनेमा]] के आज तक के सबसे कामयाब अदाकार हैं। उनके फ़िल्मों की कामयाबी दर लगभग अस्सी (८०) फ़ीसदी से ऊपर रही है छह दशकों के कार्यकाल में।<ref>"The best box office record for a star(male or female) in hindi films is held by the legendary Dilip Kumar." {{Cite web|url=http://boxofficeindia.com/|title=Welcome to your web site|date=2005-06-03|website=web.archive.org|access-date=2022-11-15|archive-date=14 अक्तूबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20061014183630/http://www.boxofficeindia.com/sept2006youaskedit.htm|url-status=bot: unknown}}* "Based on purely box office record Dilip Kumar stands way ahead as his is by far the best box office record with 80% of his films being successes and nearly 50% outright hits."
* {{Cite web|url=https://www.addatoday.com/2020/05/top-hit-and-success-ratio-of-bollywood.html?m=1|title=Top Hit and Success Ratio of Bollywood Actors - All Time List - Boxofficeindia, Box Office India, Box Office Collection, Bollywood Box Office, Bollywood Box Office|website=www.addatoday.com|access-date=2022-11-15}}</ref> उन्हें दुनिया में पहली बार परदे पर 'मेथड एक्टिंग' को इजाद करने का श्रेय भी दिया जाता है जिसके कारण वे तमाम पीढ़ियों के अदाकार के प्रेरणाश्रोत रहे।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.thequint.com/entertainment/before-brando-there-was-dilip-kumar|title=Before Brando, There Was Dilip Kumar|last=Mazumder|first=Ranjib|date=2015-12-11|website=TheQuint|language=en|access-date=2022-11-15}}</ref> दिलीप कुमार को भारत का दूसरा एवं तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान [[पद्म विभूषण]] और [[पद्म भूषण]] प्राप्त है । उन्हें [[पाकिस्तान]] का सर्वोच्च नागरिक सम्मान [[निशान-ए-इम्तियाज़]] भी प्राप्त है।<ref name="bhaskarnews" /> अभिनेेत्री और निर्माता [[देविका रानी]] ने उन्हें फिल्मों में काम दिया और उन्हीं के सुझाव पर उन्होंने अपना ''स्टेज नाम'' 'दिलीप कुमार' रखा। इसका एक कारण उस वक्त तक [[सिनेमा]] की बदनाम स्थिति थी और पिता का डर भी था। <ref name=":1">{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/how-yusuf-khan-became-dilip-kumar-7393568/|title=How Yusuf Khan became Dilip Kumar|date=2021-07-07|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-11-15}}</ref>
अपने करियर के शुरुआती वर्षों में कई सफल त्रासद या दु:खद भूमिकाएं करने के कारण उन्हें [[मीडिया (संचार)|मीडिया]] में 'ट्रेजिडी किंग' भी कहा जाता था। [[व्यापार विश्लेषण|व्यापार विश्लेषकों]] के अनुसार उनकी बहुत सी फ़िल्में इसलिए भी कामयाब हुईं क्योंकि जनता सिर्फ़ उनकी [[अभिनय|अदाकारी]] देखने आया करती थी फिर चाहे उन [[चलचित्रों]] में खास मनोरंजन के तत्व ना भी हों। इस प्रकार के वाक्या और किसी भी अदाकार के साथ नही हुएं हैं। उन्होंने बहुत सी बड़े पैमाने पर कामयाब फ़िल्मों में अदाकारी की है जो आजतक सबसे सफल चलचित्रों में गिनी जातीं हैं जैसे ''[[मुग़ल-ए-आज़म]]'' (१९६०), [[गंगा जमना|''गंगा जमना'']] (१९६१), इत्यादि। उन्होंने अपने करियर के दूसरे पड़ाव में भी कई अत्यंत कामयाब फिल्में दीं जब वह वृद्ध किरदार की भूमिका में भी प्रमुख किरदार निभा रहे थे। ऐसा वाक्या भी उनके अतिरिक्त किसी अदाकार के साथ नहीं हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://www.boxofficeindia.com/report-details.php?articleid=6255|title=Legend Dilip Kumar Passes Away At 98 - Box Office India|website=www.boxofficeindia.com|access-date=2022-11-15}}</ref> उन्होंने फिल्मों में अदाकारी को [[रंगमंच]] से अलग किया और उसे नई परिभाषा दी जिसका प्रभाव उनके बाद के [[कलाकार|कलाकारों]] पर रहा।<ref name=":0" /> १९९८ में आई ''[[किला (1998 फ़िल्म)|किला]]'' उनके करियर की आखिरी फ़िल्म थी। उन्हें वर्ष १९९४ में भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार [[दादासाहेब फाल्के पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया। अपने अभिनय और भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार लाने के लिए उन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ''निशान-ए-इम्तियाज़'' दिया गया जिसे प्राप्त करने वाले वे इकलौते भारतीय हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.bbc.com/news/world-asia-india-28289542|title=Indian media: Dilip Kumar's Pakistan home a heritage site - BBC News|date=2017-03-28|website=web.archive.org|access-date=2022-11-15|archive-date=28 मार्च 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170328051932/http://www.bbc.com/news/world-asia-india-28289542|url-status=bot: unknown}}</ref>
==आरंभिक जीवन ==
दिलीप कुमार के जन्म का नाम मुहम्मद युसुफ़ खान था। उनका जन्म [[ब्रिटिश भारत के प्रेसिडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत]] के [[पेशावर]] (अब [[पाकिस्तान]] मे) में हुआ था। उनके पिता [[मुंबई]] आ बसे थे, जहाँ उन्होने हिन्दी फ़िल्मों में काम करना शुरू किया। उन्होंने [[देविका रानी]] के कहने पर अपना नाम उस समय (यूसुफ खान) से (दिलीप कुमार) रख लिया ।<ref name=":1" />
== करियर ==
उनकी पहली फ़िल्म 'ज्वार भाटा' थी, जो [[1944]] में आई।<ref name="bhaskarnews" />[[1949]] में बनी फ़िल्म [[अंदाज़]] की सफलता ने उन्हे प्रसिद्धी दिलाई, इस फ़िल्म में उन्होने [[राज कपूर]] के साथ काम किया। दिदार ([[1951]]) और देवदास ([[1955]]) जैसी फ़िल्मो में दुखद भूमिकाओं के मशहूर होने के कारण उन्हे ''ट्रेजिडी किंग'' कहा गया। मुगले-ए-आज़म ([[1960]]) में उन्होने मुग़ल राजकुमार जहांगीर की भूमिका निभाई। यह फ़िल्म पहले श्वेत और श्याम थी और [[2004]] में रंगीन बनाई गई। उन्होने [[1961]] में [[गंगा जमुना]] फ़िल्म का निर्माण भी किया, जिसमे उनके साथ उनके छोटे भाई नासीर खान ने काम किया। 1970, 1980 और 1990 के दशक में उन्होने कम फ़िल्मो में काम किया। इस समय की उनकी प्रमुख फ़िल्मे थी: विधाता ([[1982]]), दुनिया ([[1984]]), कर्मा ([[1986]]), इज्जतदार ([[1990]]) और सौदागर ([[1991]])। [[1998]] में बनी फ़िल्म किला उनकी आखरी फ़िल्म थी। उन्होने [[रमेश सिप्पी]] की फ़िल्म शक्ति में [[अमिताभ बच्चन]] के साथ काम किया। इस फ़िल्म के लिए उन्हे [[फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार]] भी मिला। वे आज भी प्रमुख अभिनेताओ जैसे शाहरूख खा़न के प्रेरणास्रोत्र है।
कुमार की पहली फिल्म 1944 में आई ज्वार भाटा थी, जिसपर किसी का ध्यान नहीं गया। दो और असफल फिल्मों के बाद, यह उनकी चौथी फिल्म जुगनू (1947) थी, जिसमें उन्होंने नूरजहाँ के साथ अभिनय किया, जो बॉक्स ऑफिस पर उनकी पहली बड़ी हिट बन गई। उनकी अगली प्रमुख हिट 1948 की फ़िल्में शहीद और मेला थीं। जुगनू और शहीद दोनों अपने-अपने रिलीज के वर्ष की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्में थीं।
उन्हें 1949 में महबूब खान की अंदाज़ के साथ एक अभिनेता के रूप में उनकी सफल भूमिका मिली, जिसमें उन्होंने राज कपूर और नरगिस के साथ अभिनय किया। अपनी रिलीज़ के समय, अंदाज़ तब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फ़िल्म थी, जब तक कि उसी वर्ष कपूर की बरसात ने इसका रिकॉर्ड नहीं तोड़ा। शबनम बॉक्स ऑफिस पर एक और हिट थी जिसे 1949 में भी रिलीज़ किया गया था।
===1950 का दशक: निर्णायक वर्ष===
कुमार ने 1950 के दशक में जोगन (1950), बाबुल (1950), दीदार (1951), तराना (1951), दाग (1952), अमर (1954), उरण खटोला (1955), इंसानियत (1955), देवदास (1955), नया दौर (1957), यहुदी (1958), मधुमती (1958) और पैघम (1959) जैसी कई बॉक्स ऑफिस हिट फिल्मों में प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं। इनमें से कई फिल्मों ने "ट्रेजेडी किंग" के रूप में उनकी स्क्रीन छवि स्थापित की। कई दुखद भूमिकाएँ निभाने के कारण कुमार को कुछ समय के लिए अवसाद का सामना करना पड़ा और अपने मनोचिकित्सक की सलाह पर उन्होंने हल्की-फुल्की भूमिकाएँ भी निभाईं। महबूब खान के बड़े बजट की फिल्म आन ने टेक्नीकलर में शूट की जाने वाली उनकी पहली फिल्म थी जिसे लंदन में भव्य प्रीमियर के साथ पूरे यूरोप में व्यापक रूप से प्रदर्शित किया गया था। आन उस समय घरेलू स्तर पर और विदेशों में सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म थी। आज़ाद (1955) में एक चोर के रूप में और कोहिनूर (1960) में एक शाही राजकुमार के रूप में उन्हें हल्की भूमिकाओं के साथ और भी सफलता मिली। इस समय तक, उन्होंने अपने पात्रों द्वारा बोली जाने वाली पंक्तियों को असंख्य भाव और अर्थ देते हुए अपने संवादों को गुनगुनाने की अपनी विशिष्ट शैली विकसित कर ली थी।
वह फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार (दाग के लिए) जीतने वाले पहले अभिनेता थे और उन्होंने इसे और सात बार जीता। उन्होंने [[वैजयंतीमाला]], [[मधुबाला]], [[नरगिस]], [[निम्मी]], [[मीना कुमारी]] और [[कामिनी कौशल]] सहित कई शीर्ष अभिनेत्रियों के साथ लोकप्रिय ऑन-स्क्रीन जोड़ी बनाई। 1950 के दशक में उनकी 9 फिल्मों को दशक की शीर्ष 30 सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में स्थान दिया गया था।
1950 के दशक में, कुमार प्रति फिल्म ₹1 लाख (2020 में ₹90 लाख या US$120,000 के बराबर) चार्ज करने वाले पहले भारतीय अभिनेता बने।
===1960 का दशक: मुगल-ए-आज़म और फिल्म निर्माण में उद्यम===
1960 में, उन्होंने के. आसिफ की बड़े बजट की ऐतिहासिक फिल्म मुगल-ए-आज़म में शहज़ादा सलीम की भूमिका निभाई, जो 15 वर्षों तक भारतीय फिल्म इतिहास में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म थी, जब तक कि 1975 की फिल्म शोले ने इसे पीछे नहीं छोड़ दिया। यदि मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया जाता है, तो मुगल-ए-आज़म 2010 के दशक की शुरुआत में सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म थी, जो 2011 में ₹1000 करोड़ से अधिक के बराबर थी।
फिल्म को मूल रूप से ब्लैक एंड व्हाइट में शूट किया गया था, जिसमें केवल दो गाने और क्लाइमेक्स के दृश्य रंगीन थे। इसकी मूल रिलीज़ के 44 साल बाद, 2004 में इसे पूरी तरह से रंगीन और नाटकीय रूप से फिर से रिलीज़ किया गया और एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।
1961 में, कुमार ने गंगा जमुना में अपने भाई नासिर खान के साथ शीर्षक भूमिकाएँ निभाते हुए लिखा, निर्मित और अभिनय किया। कुमार ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी सिटीजन्स के तहत फिल्म का निर्माण किया और यह उनके द्वारा निर्मित एकमात्र फिल्म थी। फिल्म को हिंदी में दूसरी सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, बोस्टन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पॉल रेवरे सिल्वर बाउल, प्राग में चेकोस्लोवाक कला अकादमी से विशेष सम्मान डिप्लोमा और कार्लोवी वेरी इंटरनेशनल फिल्म महोत्सव में विशेष पुरस्कार मिला।
1962 में, ब्रिटिश निर्देशक डेविड लीन ने उन्हें अपनी फिल्म लॉरेंस ऑफ अरेबिया (1962) में "शेरिफ अली" की भूमिका की पेशकश की, लेकिन कुमार ने फिल्म में प्रदर्शन करने से इनकार कर दिया। भूमिका अंततः मिस्र के अभिनेता [[उमर शरीफ]] के पास गई। कुमार ने अपनी बहुत बाद में जारी आत्मकथा में टिप्पणी की, "उन्हें लगा कि उमर शरीफ ने इस भूमिका को उनसे कहीं बेहतर तरीके से निभाया है जो वे खुद कर सकते थे।" परियोजना रद्द होने से पहले, कुमार को एक फिल्म में [[एलिजाबेथ टेलर]] के साथ एक प्रमुख भूमिका के लिए भी विचार किया जा रहा था, जिस पर लीन काम कर रहे थे।
उनकी अगली फिल्म लीडर (1964) बॉक्स ऑफिस पर औसत से कम कमाई करने वाली थी। इस फिल्म की कहानी लिखने का श्रेय भी कुमार को ही दिया गया। उनकी अगली फिल्म दिल दिया दर्द लिया (1966), वहीदा रहमान के साथ थी। 1967 में, कुमार ने हिट फिल्म राम और श्याम में जन्म के समय अलग हुए जुड़वा बच्चों की दोहरी भूमिका निभाई। 1968 में, उन्होंने मनोज कुमार और वहीदा रहमान के साथ आदमी में अभिनय किया, जो बॉक्स ऑफिस पर औसत कमाई करने वाली फिल्म थी। उसी वर्ष, उन्होंने वैजयंतीमाला के साथ संघर्ष में अभिनय किया।
===1970 का दशक===
1970 के दशक में कुमार के करियर में गिरावट आई और 1970 की फिल्म गोपी उनकी एकमात्र बॉक्स ऑफिस सफलता थी। इस फिल्म ने उनकी पत्नी सायरा बानो के साथ देखा गया। उसी वर्ष, उन्हें उनकी पहली और एकमात्र बंगाली फिल्म सगीना महतो में फिर से जोड़ा गया। 1972 में, उन्होंने एक बार फिर दास्तान में जुड़वां भाइयों के रूप में दोहरी भूमिकाएँ निभाईं, जो बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।
सगीना महतो का एक हिंदी रीमेक, जिसका शीर्षक सगीना था, 1974 में उन्हीं कलाकारों के साथ बनाई गई थी, जिन्होंने अपनी भूमिकाओं को दोहराया था। 1976 में, उन्होंने बैराग में एक पिता और जुड़वां बेटों के रूप में ट्रिपल भूमिकाएँ निभाईं, जो बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रही। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से [[एम जी रामचंद्रन]] के प्रदर्शन को [[एंगा वीट्टू पिल्लई]] में [[राम और श्याम]] में उनकी भूमिका से बेहतर माना। वह बैराग में अपने प्रदर्शन को राम और श्याम की तुलना में बहुत अधिक मानते हैं। हालांकि बैराग और गोपी में उनके प्रदर्शन को समीक्षकों द्वारा सराहा गया, लेकिन उन्होंने 1970 से 1980 तक अभिनेता राजेश खन्ना और संजीव कुमार के लिए प्रमुख भूमिकाओं में अभिनय करने के लिए कई फिल्म प्रस्ताव खो दिए। उन्होंने 1976 से 1981 तक फिल्मों से पांच साल का अंतराल लिया।
===1980 का दशक: पुनरुत्थान===
1981 में, उन्होंने एक चरित्र अभिनेता के रूप में परिपक्व बुजुर्ग भूमिकाएँ निभाते हुए फिल्मों में वापसी की। उनकी वापसी वाली फिल्म स्टार-जड़ित ऐतिहासिक महाकाव्य क्रांति थी जो साल की सबसे बड़ी हिट थी। [[मनोज कुमार]], [[शशि कपूर]], [[हेमा मालिनी]] और [[शत्रुघ्न सिन्हा]] सहित कलाकारों की टुकड़ी के साथ दिखाई देने पर, उन्होंने ब्रिटिश शासन से भारत की स्वतंत्रता के लिए एक क्रांतिकारी लड़ाई के रूप में शीर्षक भूमिका निभाई। क्रांति के बाद के चरण में, कुमार ने विधाता (1982), शक्ति (1982), दुनिया (1984), आदि जैसी फिल्मों की एक श्रृंखला में "एंग्री ओल्ड मैन" की भूमिका निभाने के लिए खुद को फिर से मजबूत किया। 1982 में, उन्होंने विधाता के साथ पहली बार निर्देशक [[सुभाष घई]] के साथ काम किया, जिसमें उन्होंने [[संजय दत्त]], [[संजीव कुमार]] और [[शम्मी कपूर]] के साथ अभिनय किया। विधाता साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी। उस वर्ष बाद में उन्होंने [[रमेश सिप्पी]] की शक्ति में [[अमिताभ बच्चन]] के साथ अभिनय किया, जो बॉक्स ऑफिस पर औसत कमाई करने वाली थी, लेकिन उन्हें समीक्षकों की प्रशंसा मिली और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए उनका आठवां और अंतिम फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 1984 में, उन्होंने [[अनिल कपूर]] के साथ [[यश चोपड़ा]] की मशाल में अभिनय किया, जो बॉक्स ऑफिस पर विफल रही, लेकिन उनके प्रदर्शन को समीक्षकों द्वारा सराहा गया। वह दुनिया (1984) में [[ऋषि कपूर]] और धर्म अधिकारी (1986) में [[जितेंद्र]] के साथ भी दिखाई दिए।
सुभाष घई की एक्शन फिल्म कर्मा अभिनेत्री [[नूतन]] के साथ पहली बार देखा गया हालांकि उन्हें 1950 के दशक में शिकवा नामक एक अधूरी फिल्म में भी जोड़ा गया था। उन्होंने 1989 की एक्शन फिल्म कानून अपना अपना में फिर से नूतन के साथ अभिनय किया, जिसमें संजय दत्त भी नज़र आये।
===1990 का दशक: निर्देशन की शुरुआत और अंतिम फिल्में===
1990 में, उन्होंने एक्शन थ्रिलर इज्जतदार में [[गोविंदा]] के साथ सह-अभिनय किया। 1991 में, कुमार ने सौदागर में साथी दिग्गज अभिनेता [[राज कुमार]] के साथ अभिनय किया, निर्देशक सुभाष घई के साथ उनकी तीसरी और आखिरी फिल्म थी। 1959 में आई पैघम के बाद राज कुमार के साथ यह उनकी दूसरी फिल्म थी। सौदागर कुमार की अंतिम सफल फिल्म थी। 1994 में, उन्होंने फिल्मों में उनके योगदान के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड जीता।
1991 में, निर्माता सुधाकर बोकाडे, जिन्होंने पहले इज्जतदार में कुमार के साथ काम किया था, ने कलिंग नामक एक फिल्म की घोषणा की, जो कुमार के निर्देशन की पहली फिल्म होगी, जब उन्होंने कथित तौर पर गंगा जमुना (1961) और दिल दिया दर्द लिया (1967) का निर्देशन किया था। कुमार को [[राज बब्बर]], [[राज किरण]], अमितोज मान और [[मीनाक्षी शेषाद्री]] सहित कलाकारों के साथ शीर्षक भूमिका में अभिनय करने के लिए भी तैयार किया गया था। कई वर्षों तक विलंबित रहने के बाद, कलिंग को अंततः 1996 में बंद कर दिया गया और 70% फिल्मांकन पूरा हो गया।
1998 में, कुमार ने बॉक्स ऑफिस फ्लॉप किला में अपनी आखिरी फिल्म प्रदर्शित की, जहां उन्होंने एक दुष्ट जमींदार के रूप में दोहरी भूमिका निभाई, जिसकी हत्या कर दी गई और उसके जुड़वां भाई के रूप में जो उसकी मौत के रहस्य को सुलझाने की कोशिश करता है।
===2000s-2021===
2001 में, कुमार [[अजय देवगन]] और [[प्रियंका चोपड़ा]] के साथ असर - द इम्पैक्ट नामक फिल्म में दिखाई देने वाले थे, जिसे कुमार के गिरते स्वास्थ्य के कारण स्थगित कर दिया गया था। वह अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान के साथ सुभाष घई की युद्ध फिल्म मदर लैंड में भी दिखाई देने वाले थे, लेकिन खान द्वारा इस परियोजना को छोड़ने का फैसला करने के बाद इस फिल्म को भी बंद कर दिया गया था।
उनकी क्लासिक फ़िल्में मुग़ल-ए-आज़म और नया दौर क्रमशः 2004 और 2008 में पूरी तरह से रंगीन और सिनेमाघरों में फिर से रिलीज़ हुईं। एक अप्रकाशित फिल्म जिसे उन्होंने शूट किया था और आग का दरिया शीर्षक से पूरा किया था, 2013 में एक नाटकीय रिलीज के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन आज तक रिलीज नहीं हुई है।
कुमार 2000 से 2006 तक भारत की संसद के ऊपरी सदन राज्य सभा के सदस्य थे। उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित किया गया था। कुमार ने अपने MPLADS फंड के एक महत्वपूर्ण हिस्से का उपयोग बैंडस्टैंड प्रोमेनेड और बांद्रा में लैंड्स एंड पर बांद्रा किले में उद्यानों के निर्माण और सुधार के लिए किया।
==व्यक्तिगत जीवन==
तराना की शूटिंग के दौरान कुमार को मधुबाला से प्यार हो गया था। वे सात साल तक रिश्ते में रहे लेकिन नया दौर अदालत के मामले में कुमार ने मधुबाला और उसके पिता के खिलाफ गवाही दी, जिससे उनका रिश्ता खत्म हो गया। मुगल-ए-आजम (1960) के बाद उन्होंने फिर कभी साथ काम नहीं किया। 1950 के दशक के उत्तरार्ध में, वैजयंतीमाला को पत्रिकाओं द्वारा कुमार से जोड़ा गया, जिन्होंने उनके साथ किसी भी अन्य अभिनेत्री की तुलना में सबसे अधिक अभिनय किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके बीच शानदार ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री हुई। अपने होम प्रोडक्शन गंगा जमना (1961) के लिए काम करते हुए, कुमार ने कथित तौर पर साड़ी के उस शेड को चुना जिसे वैजयंतीमाला हर दृश्य में पहनती थी।
[[चित्र:Dilip Kumar Saira Banu still2.jpg|thumb|सायरा बानो के साथ दिलीप कुमार]]
दिलीप कुमार ने अभिनेत्री [[सायरा बानो]] से [[1966]] में विवाह किया। सायरा बचपन से ही अपने पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार से विवाह करना चाहती थीं। विवाह के समय दिलीप कुमार 44 वर्ष और सायरा बानो 22 वर्ष की थीं। [[1981]] में कुछ समय के लिए असमा रहमान से दूसरी शादी भी की थी। असमा हैदराबाद की रहने वाली थीं। दिलीप कुमार की मुलाकात उनसे एक क्रिकेट मैच के दौरान उनकी बहनों ने कराई थी। वर्ष [[2000]] से [[2006]] तक वे राज्य सभा के सदस्य रहे। [[1980]] में उन्हें सम्मानित करने के लिए मुंबई का शेरिफ घोषित किया गया। [[1991]] में [[भारत सरकार]] ने उन्हें तीसरे सर्वाेच्च नागरिक सम्मान [[पद्म भूषण]] और [[2015]] में दूूसरे सर्वाेच्च नागरिक सम्मान [[पद्म विभूषण]] से सम्मानित किया। [[1995]] में उन्हें [[दादासाहेब फाल्के पुरस्कार|दादा साहेब फाल्के पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया। [[1998]] में उन्हे पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान [[निशान-ए-इम्तियाज़]] भी प्रदान किया गया।<ref>{{Cite web|url=http://hindi.webdunia.com/bollywood-article/दिलीप-कुमार-की-जीवनी-का-विमोचन-देखें-फोटो-114061000021_1.htm|title=दिलीप कुमार की जीवनी का विमोचन (देखें फोटो)|last=ताम्रकर|first=समय|website=hindi.webdunia.com|language=hi|access-date=2021-07-09}}</ref>
==मृत्यु==
दिलीप कुमार का 7 जुलाई 2021 को 98 वर्ष की आयु में सुबह 7:30 बजे हिंदुजा अस्पताल, मुंबई में निधन हो गया। लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। वह टेस्टिकुलर कैंसर और फुफ्फुस बहाव के अलावा कई उम्र से संबंधित बिमारियों से पीड़ित थे। महाराष्ट्र सरकार ने उसी दिन जुहू मुस्लिम कब्रिस्तान में राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार को मंजूरी दी।
अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] ने एक ट्वीट में कहा कि कुमार को एक सिनेमाई किंवदंती के रूप में याद किया जाएगा, जबकि राष्ट्रपति [[राम नाथ कोविंद]] ने कहा कि "उन्हें उपमहाद्वीप में प्यार किया गया था"। [[पाकिस्तान]] के प्रधानमंत्री [[इमरान खान]] ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और शौकत खानम मेमोरियल कैंसर अस्पताल के लिए एक ट्वीट में धन जुटाने के उनके प्रयासों को याद किया। [[अफगानिस्तान]] के पूर्व राष्ट्रपति [[हामिद करजई]] और [[बांग्लादेश]] की प्रधानमंत्री [[शेख हसीना]] ने भी कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
== पुरस्कार ==
=== फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार ===
* [[1983]] - [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] - [[शक्ति (1982 फ़िल्म)|शक्ति]]
* [[1968]] - [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] - [[राम और श्याम (1967 फ़िल्म)|राम और श्याम]]
* [[1965]] - [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] - [[लीडर (1964 फ़िल्म)|लीडर]]
* [[1961]] - [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] - [[कोहिनूर (1960 फ़िल्म)|कोहिनूर]]
* [[1958]] - [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] - [[नया दौर (1957 फ़िल्म)|नया दौर]]
* [[1957]] - [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] - [[देवदास (1955 फ़िल्म)|देवदास]]
* [[1956]] - [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] - [[आज़ाद (1955 फ़िल्म)|आज़ाद]]
* [[1954]] - [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] - [[दाग (1952 फ़िल्म)|दाग]]
* [[2014]] - [[किशोर कुमार सम्मान]] - अभिनय के क्षेत्र में
== यह भी देखें ==
* [[दिलीप कुमार अभिनीत फिल्मे]]
==सन्दर्भ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category}}
* {{IMDb name}}
* [[रॉटेन टमेटोज़]] पर [https://www.rottentomatoes.com/celebrity/dilip_kumar दिलीप कुमार]
* [[बॉलीवुड हँगामा]] पर [https://www.bollywoodhungama.com/celebrity/dilip-kumar/ दिलीप कुमार]
{{दादासाहेब फाल्के पुरस्कार}}
{{फ़िल्मफ़ेयर लाइफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार}}
{{फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:1922 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:२०२१ में निधन]]
[[श्रेणी:दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता]]
[[श्रेणी:हिन्दी अभिनेता]]
[[श्रेणी:हिन्दी सिनेमा]]
[[श्रेणी:राज्यसभा सदस्य]]
[[श्रेणी:किशोर कुमार सम्मान प्राप्तकर्ता]]
[[श्रेणी:पद्म विभूषण धारक]]
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नरसिंहपुर ज़िला
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राजनीति से संबंधित जानकारी
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{{ज्ञानसन्दूक प्रांत
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[[File:Narsinghpur railway station- - 1.jpeg|thumb|270px| नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन]]
'''नरसिंहपुर ''' भारतीय राज्य [[मध्य प्रदेश]] का एक [[ज़िला|जिला]] है। जिले का मुख्यालय [[नरसिंहपुर]] है। इसमें चार विधानसभा क्षेत्र आते हैं जो नरसिंहपुर, तेंदूखेड़ा, गाडरवारा और गोटेगांव हैं।मध्य प्रदेश के मध्य में स्थित नरसिंहपुर 5000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला राज्य का प्रमुख जिला है। उत्तर में [[विन्ध्याचल]] और दक्षिण में [[सतपुड़ा]] की पहाड़ियों से घिरे नरसिंहपुर पर प्रकृति खूब मेहरबान हुई है। पवित्र [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] नदी जिले की खूबसूरती में वृद्धि करती है। प्राचीन काल में यहां अनेक वंशों ने शासन किया था। महान वीरांगना रानी दुर्गावती के काल में यह स्थान काफी चर्चित रहा था। हीरापुर के राजा हृदय शाह लोधी व माने गांव के रुद्र प्रताप सिंह स्वतंत्रता आंदोलन में सेनानी रह चुके यहां अनेक ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल हैं।मृृगन्नाथ धाम राजमार्ग, नरसिंह मंदिर, ब्राह्मण घाट, जोटेश्वर आश्रम और दमारू घाटी यहां के लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं।
जिले की प्रमुख व्यावसायिक फसलें सोयाबीन और गन्ना हैं, [6] जो बड़ी मात्रा में उत्पादित होती हैं और आय का एक प्रमुख स्रोत हैं। मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर सोयाबीन का सबसे बड़ा उत्पादक है। सोयाबीन का उपयोग तेल निकालने के लिए और गन्ने का उपयोग चीनी और गुड़ के लिए किया जाता है। मध्य प्रदेश के गन्ना उत्पादन में अकेले नरसिंहपुर का योगदान लगभग 80% है। जाहिर तौर पर करेली (तहसील) भारत की सबसे बड़ी गुड़ मंडी है। पिछले दशक में चीनी उद्योग ने उल्लेखनीय प्रगति देखी है।<ref>{{Cite web|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Narsinghpur#cite_ref-:0_5-6|title=Narsinghpur}}</ref>
== '''ऐतिहासिक पृष्ठभूमि''' ==
नरसिंहपुर जिला क्षेत्र अपने भीतर अस्तित्व के प्राचीनतम प्रमाण छुपाये हुये है । जो विभिन्न पुरातात्विक खोजों से समय समय पर उजागर होते रहे हैं । जिले के गजेटियर में उल्लेखित पुरातात्विक प्रमाणों के अनुसार जिले के गाडरवारा से दूर भटरा नामक ग्राम में 1872 में पाषाण युग के जीवाश्म युक्त पशु और बलुआ पत्थर से निर्मित उपकरण प्राप्त हुये हैं । अन्य खोज अभियानों में देवाकछार, धुवघट, कुम्हड़ी, रातीकरार और ब्रम्हाण घाट आदि स्थलों में प्रागेतिहासिक अवशेष मिले हैं । बिजौरी ग्राम के समीप चिन्हित शैलामय एवं नक्कासीदार चट्टानी गुफायें भी जिले के अस्तित्व को प्राचीनतम काल से जोड़ते हैं । ब्रम्हाण घाट से झांसी घाट के बीच नर्मदा के तटवर्ती खोज अभियानों में मिले स्तनधारी जीवाश्म तथा पुरातात्विक औजारों के अवशेष जिले को प्रागेतिहासिक इतिहास से जोड़ते हैं ।
अनुकृतियों के अनुसार इस क्षेत्र का संबंध रामायण और महाभारत काल की घटनाओं से रहा है । पौराणिक संदर्भो के अनुसार ब्रम्हाण घाट वह स्थल है जहां सृष्टि के रचियता ब्रम्हा ने पवित्र नर्मदा के तट पर यज्ञ सम्पन्न किया था । चांवरपाठा विकास खंड के बिल्थारी ग्राम का प्राचीन नाम बलि स्थली " कहा जाता है । इसे राजा बलि का निवास स्थान माना जाता है ।
महाभारत काल में बरमान घाट के सत्धारा पर पाण्डवों द्वारा नर्मदा की धारा को एक ही रात में बांधने के प्रयत्न का उल्लेख पुराणों में हुआ है । सत्धारा के निकट भीम कुण्ड, अर्जुन कुण्ड आदि इसी को ईंगित करते हैं । कहा जाता है कि पाण्डवों ने वनवास की कुछ अवधि यहां बिताई थी । सांकल घाट की गुफा आदि गुरू शंकराचार्य के गुरूदेव के अध्ययन एवं साधना से जुड़ी है ।
जिले का बरहटा ग्राम महाभारत काल के विराट नगर का अवशेष माना जाता है । यहीं कदम कदम पर मिलतीं पाषाण मूर्तियां और कलात्मक अवशेष से इस किवदंती को बल मिलता है । बचई के निकट पड़ी मानवाकार पाषाण शिला को कीचक" से जोड़ा जाता है । जिले के बोहानी क्षेत्र को पृथ्वीराज कालीन वीरचरित नायकों आल्हा-ऊदल के पिता जसराज व चाचा बछराज का गढ़ माना जाता है । अनेक ऐतिहासिक प्रमाणों खुदाई में प्राप्त प्राचीन वस्तुओं तथा उल्लेखों से जिले का संदर्भ प्राचीन काल से जोड़ने वाले तथ्य और अनुकृतियां बहुतायत में हैं । पर इतिहास ग्रंथों तथा ऐतिहासिक अभिलेखों द्वारा जिले के प्रामाणिक इतिहास की श्रृंखला दूसरी शताब्दी के इतिहास से मिलती है ।
==== सातवाहन काल ====
दूसरी शताब्दी में इस क्षेत्र पर सातवाहन शासकों का अधिपत्य था । चौथी शताब्दी में यह गुप्त साम्राज्य के अधीन रहा जब समुद्र गुप्त ने मध्य भारत क्षेत्र तथा दक्षिण तक अपने साम्राज्य की सीमायें स्थापित करने में सफलता पाई । छठी शताब्दी में पेदीराज्य के कुछ संकेत मिलते हैं । पर लगभग 300 वर्षो तक का काल पुन: अंधेरों में खोया हुआ है । नौवीं शताब्दी में क्षेत्र कलचुरी शासन (हैहय) के स्थापित होने का उल्लेख प्राप्त है । कलचुरी राजवंश की राजधानी नर्मदा किनारे माहिष्मती नगरी थी जो आगे चलकर त्रिपुरी में स्थापित हो गई । कलचुरी राज्य के गोमती से नर्मदा घाट तक फैले होने का विवरण इतिहास ग्रंथों में सुरक्षित है । कलचुरी सत्ता के पतन के पश्चात इस क्षेत्र पर आल्हा-ऊदल के पिता व चाचा के संरक्षण का उल्लेख मिलता है । जिनने बोहानी को अपना राज केन्द्र बनाया उनके पश्चात लगातार चार शताब्दियों तक यह क्षेत्र राजगौड़ वंश के साम्राज्य का अंग रहा ।
==== राजगौड़ वंश ====
इस शासन की स्थापना से जिले में नये व्यवस्थित शांतिपूर्ण एवं खुशहाली का दौर प्रारंभ होता है । इस राजवंश के उदय का श्रेय यादव राव (यदुराव) को दिया जाता है । जिनने चौदहवीं शताब्दी के अंतिम वर्षो में गढ़ा कटंगा में स्थापित किया और एक महत्वपूर्ण शासन क्रम की नींव डाली । इसी राजवंश के प्रसिद्ध शासक संग्राम शाह (1400-1541) ने 52 गढ़ स्थापित कर अपने साम्राज्य को सुदृढ़ बनाया । नरसिंहपुर जिले में चौरागढ़ (चौगान) किले का निर्माण भी उसने ही कराया था जो रानी दुर्गावती के पुत्र वीरनारायण की वीरता का मूक साक्षी है । संग्राम शाह के उत्तराधिकारियों में दलपति शाह ने सात वर्ष शांति पूर्वक शासन किया । उसके पश्चात उसकी वीरांगना रानी दुर्गावती ने राज्य संभाला और अदम्य साहस एवं वीरता पूर्वक 16 वर्ष (1540-1564) शासन किया । सन् 1564 में अकबर के सिपहसलार आतफ खां से युद्ध करते हुये रानी ने वीरगति पाःथ्द्यर्; । नरसिंहपुर जिले में स्थित चौरागढ़ एक सुदृढ़ पहाड़ी किले के रूप में था जहां पहुंच कर आतफ खां ने राजकुमार वीरनारायण को घेर लिया और अंतत: कुटिल चालों से उसका बध कर दिया । गढ़ा कटंगा राज्य पर 1564 में मुगलों का अधिकार हो गया गौंड़, मुगल, और इनके पश्चात यह क्षेत्र मराठों के शासन काल में प्रशासनिक और सैनिक अधिकारियों तथा अनुवांशिक सरदारों में बंटा हुआ रहा । जिनके प्रभाव और शक्ति के अनुसार ईलाकों की सीमायें समय समय पर बदलती रहती थीं । जिले के चांवरपाठा, बारहा, सांःथ्द्यर्;खेड़ा, शाहपुर, सिंहपुर, श्रीनगर और तेन्दूखेड़ा इस समूचे काल में परगानों के मुख्यालय के रूप में प्रसिद्ध रहे ।
==== भोंसले शासक ====
सन् 1785 में माधो जी भोसले ने 27 लाख रूपये में मण्डला और नर्मदा घाटी को प्राप्त कर लिया जो राधो जी भोसले/भोपाल नबाब/पिंडोरी सरदारों आदि की खींचतान और सैन्य शासन के क्रूर दबाब में डूबता उतराता रहा । इसे संकटो और अस्थिरता का कौल कहा जा सकता है । जिसमें लूटपाट के साथ क्षेत्र की जनता का जबरजस्त शोषण हुआ । अंतत: 1817 में ब्रिटिश शासन के अंतर्गत आ गया ।
==== स्वतन्त्रता संग्राम ====
ब्रिटिश अधिपत्य के कठोर शिकंजे में रहने के वावजूद जिले में आजादी की तड़प जन मानस में सदैव कौंधती रही । 1857 में चांवरपाठा और तेन्दूखेड़ा पुलिस स्टेशनों पर बिद्रोही सैनानियों ने अधिकार कर लिया । मदनपुर के गौड़ प्रमुख डेलन शाह के नेतृत्व में आजादी के लिये विप्लव का शंखनाद हुआ । 1858 में डेलन शाह को पकड़ लिया जाकर फांसी पर लटका दिया गया । 1857 के पहले स्वतंत्रता संघर्ष को कुचलकर ब्रिटिश सम्राट अपनी जडें जमाने में सफल होता रहा ।
==== कांग्रेस आंदोलन ====
1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के पश्चात जिले में आजादी के लिये आंदोलन की चिनगारी सदैव प्रज्वलित रही - लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, सुभाष चंद्र वोस प्रभूति नेताओं की प्रेरणा और नेतृत्व में जिले में स्वतंत्रता के लिये आंदोलन का जोश पूर्ण वातावरण रहा । जिले के नेताओं में गयादत्त, माणिकचंद कोचर, चौधरी शंकर लाल, ठाकुर निरंजन सिंह, श्याम सुंदर नारायण मुशरान आदि के नेतृत्व में जिले से बड़ी संख्या में आंदोलन कारी सक्रिय रहे । इसी एकता एवं उत्साह को भंग करने के लिये ब्रिटिश शासन ने 1932 में जिले को पुन: तोड़कर होशंगावाद जिले में मिला दिया गया । परंतु इससे आंदोलन और सत्याग्रह के उत्साह मे कोई शिथिलता नहीं आई । 1942 में चीचली मे सत्याग्राही जुलूस पर हुये गोली चालन में मंशाराम और गौरादेवी शहीद हो गये । सैंकडों आंदोलन-कारियों ने दमन चक्र को हंसते हंसते झेला और ब्रिटिश शासन के विरूद्ध त्याग और वलिदान की अनूठी परम्परा कायम की ।
== भूगोल ==
नरसिंहपुर की स्थति है {{coord|22.95|N|79.2|E|}}<ref>{{Cite web |url=http://www.fallingrain.com/world/IN/35/Narsimhapur.html |title=Falling Rain Genomics, Inc - Narsimhapur |access-date=6 फ़रवरी 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080211203143/http://www.fallingrain.com/world/IN/35/Narsimhapur.html |archive-date=11 फ़रवरी 2008 |url-status=dead }}</ref> पर। यहां कीऔसट ऊम्चाई है 347 मीटर (1138 फीट)।
=== जलवायु ===
जलवायु के आधार पर यह नर्मदा घाटी भाग में हैं। यह जिला कर्क रेखा के अधिक नजदीक हैं। जिससे इस क्षेत्र में ग्रीष्म ऋतु अत्यधिक गर्म एवं शीत ऋतु साधारण ठण्डी रहती हैं।
(मार्च-जून) अधिकतम 45.4 डिग्रीसें. न्यूनतम 9.4डिग्रीसें.
(जुलाई-अक्टूबर) अधिकतम 13.5डिग्रीसें. न्यूनतम 39 डिग्रीसें.
(नवम्बर-फरवरी) अधिकतम 3.2 डिग्रीसें. न्यूनतम 35.4 डिग्रीसें.
=== वर्षा ===
नरसिंहपुर जिला औसत से अधिक वर्षा (125 सेमी- 150 सेमी) वाले क्षेत्र में आता हैं ।
=== नदी ===
नर्मदा नदी जिले में प्रमुख नदी हैं जो कि लगभग 160 किमी हैं झांसीघाट, मुआर घाट, ब्रम्हकुण्ड, महादेव पिपरिया जबरेश्वर महादेव का सिद्ध स्थान बरमानघाट, लिंगा घाट, पटना-घघरौला घाट, बिलथारी घाट, ककरा घाट, हीरापुर घाट,टिमरावन घाट (सिद्धेश्वर महादेव मंदिर) हैं। नर्मदा नदी के बाद शक्कर, शेर, सनेर, ऊमर, वारूरेवा आदि नदीयाँ हैं। टोनघाट जलप्रपात शेर नदी पर हैं जो कि गोटेगाँव तहसील में स्थति हैं। जो कि जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी हैं। सिंचाई नदीयों, तालाबों एवं नलकूपों के अलावा रानी अवन्ती बाई सागर (बरगी परियोजना) नहर द्धारा जिले में जल उपलब्ध कराया जा रहा हैं। जिलें में 50-60 प्रतिशत शुद्ध सिंचित क्षेत्र हैं।
जिले में छछली एवं मध्यम काली मृदा पायी जाती हैं। मुख्य फसल गन्ना, तुअर दाल, सोयाबीन, चावल, मसूर आदि हैं।जिले का कलमतहार क्षेत्र एशिया का सबसे उपजाऊ क्षेत्र है। गाडरवारा मुख्य रूप से तुवार (अरहार) दालों के लिए प्रसिद्ध है जिला स्तर पर कृषि खेतों में, मिट्टी प्रयोग प्रयोगशालाएं हैं। जहां किसानों को कीटनाशकों, सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी मार्गदर्शन मिलते हैं।
=== वन सम्पदा ===
जिलें का 26.55 प्रतिशत क्षेत्र वन हैं । वनों में सागौन, बाँस, तेंदुपत्ता आदि एवं आम, महुआ, आचार, खैरी आदि से भरा पड़ा हैं। वन्य जीव में बंदर, नील गाय, हिरण, खरगोश मिलतें हैं।
=== खनिज ===
जिले में प्रमुख खनिज सोप स्टोन, डोलोमाइट, फायर क्ले, लाइम स्टोन हैं। मुरम व नर्मदा नदी की रेत का उपयोग निर्माण कार्य में किया जाता हैं।
=== प्रमुख उद्योग ===
चीनी / गन्ने से गुड़:
कई जगहों पर गुड़ गन्ने के सभी हिस्सों से तैयार किया गया है। गुड़ मंडी के लिए करेली बहुत प्रसिद्ध है नरसिंहपुर और गाडरवारा में चीनी मिलें हैं
बीड़ी उद्योग:
यह काम मुख्य रूप से नरसिंहपुर, गाडरवारा, गोटेगांव में किया जाता हैं।
दाल मिल्स:
तुवार (अरहर) दाल मुख्य रूप से नरसिंहपुर और गाडरवारा में तैयार कि जाती हैं
तेल मिल्स:
जिलें में कई तेल मिल हैं जहां सोया बीन, मूंगफली और तिल्ली तेल निकाले जाते हैं।
== प्रमुख आकर्षण ==
'''<big>गाडरवारा</big>'''
गाडरवारा से 15 किमी कि दुरी पर स्थित ग्राम मोहपानी के पास स्थित बहुत खोबसूरत जगह जिसे छोटे जबलपुर नाम से जाना जाता है लोगो का कहना है कि अंग्रेजो के ज़माने का स्थित एक पुल और गुफाय है यहाँ एक नदी है जो गर्मी के दिनों में भी नहीं सूखती है उसके आगे '''रानी दहार''' नाम कि जगह है यहाँ पर राजा रानी का निबास था इस लिए रानी दहार नाम से जाना जाता है
=== चौरागढ़ (चौगान) किला ===
<div class="rellink relarticle mainarticle">मुख्य लेख : [[चौरागढ़ किला]]</div>गोंड शासक संग्राम शाह ने इस किले को 15वीं शताब्दी में बनवाया था। यह किला गाडरवाड़ा रेलवे स्टेशन से लगभग 19 किमी. दूर है। वर्तमान में प्रशासन की उपेक्षा के कारण किला क्षतिग्रस्त अवस्था में पहुंच गया है। किले के निकट ही नोनिया में 6 विशाल प्रतिमाएं देखी जा सकती हैं।
=== नरसिंह मंदिर ===
नरसिंहपुर का यह प्राचीन मंदिर जबलपुर से लगभग 84Km दूर है। मंदिर को 18वीं शताब्दी में '''राजा नरसिंह विजय बहादुर निजाम सिंह''' के सेनापति जाट सरदार ने बनवाया था। मंदिर में विष्णु के अवतार भगवान नरसिंह की सपाट प्रतिमा स्थापित है।
=== ब्राह्मण घाट(बरमान घाट) ===
नर्मदा नदी के मणि सागर पर बना यह घाट नरसिंहपुर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में है। भगवान ब्रह्मा की यज्ञशाला, रानी दुर्गावती मंदिर, हाथी दरवाजा और वराह मूर्ति यहां के मुख्य आकर्षण हैं। मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के अवसर पर यह स्थान संगीत और रंगों से जीवंत हो उठता है।
=== झोतेश्वर् आश्रम ===
यह आश्रम परमहंसी गंगा आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। नरसिंहपुर का यह लोकप्रिय आध्यात्मिक केन्द्र संत जगतगुरू शंकराचार्य जोतेश और द्वारकाधीश पीठाधेश्वर सरस्वती महाराज से संबंधित है। कहा जाता है कि उन्होंने काफी लंबे समय तक ध्यान लगाया था। सुनहरा राजाराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर यहां का मुख्य आकर्षण है। जोटेश्वर मंदिर, लोधेश्वर मंदिर, हनुमान टेकरी और शिवलिंग यहां के अन्य पूज्यनीय स्थल हैं। बसंत पंचमी के मौके पर यहां सात दिन तक समारोह आयोजित किया जाता है।
=== डमरु घाटी ===
डमरू घाटी नरसिंहपुर का एक पवित्र स्थल है। गाडरवारा रेलवे स्टेशन से यह घाटी ५. किमी. की दूरी पर है। घाटी की मुख्य विशेषता यहां के दो शिवलिंग है। यहां बड़े शिवलिंग के भीतर एक छोटा शिवलिंग बना हुआ है। हर बर्ष महाशिवरात्रि पर 7 दिन यहाँ मेला लगता है
=== बचई ===
इस प्राचीन नगर की खुदाई से अनेक ऐतिहासिक इमारतों का पता चला है। इतिहास की किताबों और दूसरी शताब्दी की हस्तलिपियों में इस स्थान का उल्लेख मिलता है। बचई के निकट ही बरहाटा एक अन्य ऐतिहासिक स्थल है।
=== बिलथारी ===
प्रारंभ में बालीस्थली के नाम से मशहूर यह नरसिंहपुर का एक छोटा-सा गांव है। यह स्थान महाभारत से भी संबंधित माना जाता है। कहा जाता है कि पांडवों ने अपने वनवास का कुछ समय यहां व्यतीत किया था।
=== श्रीधाम ===
स्वामी स्वरूपानंद सरश्वती महाराज ने गोटेगाव का नाम झोतेश्वर धाम के कारण श्रीधाम कर दिया। झोतेश्वर श्रीधाम से 16 k.m. पर है। यह आश्रम परमहंसी गंगा आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। नरसिंहपुर का यह लोकप्रिय आध्यात्मिक केन्द्र संत जगतगुरू शंकराचार्य जोतेश और द्वारकाधीश पीठाधेश्वर सरस्वती महाराज से संबंधित है। कहा जाता है कि उन्होंने काफी लंबे समय तक ध्यान लगाया था। सुनहरा राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर यहां का मुख्य आकर्षण है। जोटेश्वर मंदिर, लोधेश्वर मंदिर, हनुमान टेकरी , क्रिष्ण मंदिर , विचार शिला और शिवलिंग यहां के अन्य पूज्यनीय स्थल हैं। बसंत पंचमी के मौके पर यहां सात दिन तक समारोह आयोजित किया जाता है।
=== पीपरपानी (कंजई) ===
गोटेगाँव तहसील में जबलपुर रोड पर कंजई गाँव से 3 K.M. अंदर पीपरपानी गाँव है वास्तव मे ये पीपरपानी की माता के नाम पर रखा गया है। यहां पर पीपरपानी माता की सर्वकामना सिद्धि मढिया है जहां नवरात्रि के अवसर पर माँ के दर्शन और मनोकामनाये माँगी जाती हैं। माता के परम भक्त स्व.जमना प्रसाद कुशवाहा जी के स्वर्गवास होने के बाद उनके चेले श्री परशराम कुशवाहा जी ने माता की भक्ति की और जन समूह की जड़ी-बूटियो और माता की कृपा से पीड़ितों और जानवरों का इलाज किया करते हैं। इनके अलावा यहां पर बघेण नदी कालांतर में बाघन नदी के नाम से जानी जाती थी इसके किनारे पर दो बड़े टीले है जिसे 1. पीली कगार 2. हथियागढ की कगार कहा जाता है। कहते हैं कि पीली कगार पर भूतो का डेरा है, गाँव वाले भूतो से रूबरू होने का दावा किया करते हैं, पर इसका कोई साक्ष्य नहीं है। और हथियागढ की कगार पर कहा जाता है; कि, बहुत पहले हाथियों का झुंड इस से गिर कर मर गया था। जिसके कारण इसका नाम हथियागढ कहा जाता है। भिरभी दौनो कगार बेहद डरावनी और रोचक है।
हाथी नाला जलप्रपात
जिला मुख्यालय से करीब 50 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हाथी नाला जलप्रपात बरसात के मौसम में सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है,,,,
माना जाता है कि दिनेश पेंटर मुराछ जब अपने साथियों के साथ हाथी नाला देखने गए थे तो उन्होंने हाथी नाला के छायाचित्र अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किए थे उसके बाद यह जलप्रपात चर्चा में आया था
=== सिद्धेश्वर महादेव मंदिर टिमरावन ===
टिमरावन का सिद्धेश्वर महादेव मंदिर अपने आप में शान्ति को समेंटे हुए प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक हे जहाँ से नर्मदा नदी का वेहत मनोरम दृश्य देखने को मिलता है। यहाँ के मंदिर के साथ साथ गांव के चारों दिशाओं में शिव मंदिर,कृष्ण मंदिर,दुर्गा मंदिर एवं दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर होने से गांव को एक दिव्यमई स्वरुप प्रदान करते हे।
== आवागमन ==
; वायु मार्ग
[[जबलपुर विमानक्षेत्र]] यहां का नजदीकी एयरपोर्ट जो नरसिंहपुर से करीब 84 किमी. दूर है। देश के अनेक शहर इस एयरपोर्ट से वायुमार्ग द्वारा जुड़े हैं।
; रेल मार्ग
नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन मुंबई-हावडा रूट का प्रमुख स्टेशन है। इस रूट पर चलने वाली ट्रेनें नरसिंहपुर को देश के अन्य शहरों से जोड़ती हैं।जिले में रेल्वे ट्रेक की लम्बाई लगभग 105 किमी हैं
कुल स्टेशनों की संख्या 11 हैं जिसमें 3 मुख्य स्टेशन हैं जहाँ सुपर फास्ट ट्रेनों के स्टॉपेज हैं 5 ऐसे स्टेशन हैं जहाँ सिर्फ पैसेन्जर ट्रेनों के स्टॉपेज हैं और ऐसे 3 से स्टेशन हैं जहाँ सिर्फ एक्सप्रेस वपैसेन्जर ट्रेनों के स्टॉपेज है
{| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed"
|+नरसिंहपुर जिलें की स्टेशन
!क्र
!स्टेशन का नाम
!स्टेशन कोड
!दूरी
|-
|1
|विक्रमपुर
|BMR
|0
|-
|2
|श्रीधाम
|SRID
|12
|-
|3
|करकबेल
|KKB
|28
|-
|4
|बेलखेड़ा
|BELD
|32
|-
|5
|घाटपिंडरई
|GPC
|37
|-
|6
|नरसिंहपुर
|NU
|43
|-
|7
|करेली
|KY
|59
|-
|8
|करपगाँव
|KFY
|68
|-
|9
|बोहानी
|BNE
|75
|-
|10
|गाडरवारा
|GAR
|87
|-
|11
|सालीचौका रोड
|SCKR
|101
|}
; सड़क मार्ग
{{main|चौरागढ़ किला}}
नरसिंहपुर सड़क मार्ग द्वारा जबलपुर, छिंडवाडा, सिवनी, होशंगाबाद, देवरी, सागर आदि शहरों से जुड़ा हुआ है। जिलें से उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर NH-26 के माध्यम से बरमान, करेली नरसिंहपुर, मुगवानी से गुजरता हैं। बरमान के पास राजमार्ग चौराहा हैं जहाँ से NH- 26 तथा NH-12 गुजरते हैं।राज्य के अनेक शहरों से यहां के लिए बसें चलती हैं।
== जनसंख्या ==
2011 में, नरसिंहपुर की जनसंख्या 1,091,854 थी, जिसमें पुरुष और महिला क्रमशः 568,810 और 523,044 थे। <ref>{{Cite web|url=https://www.census2011.co.in/census/district/319-narsimhapur.html|title=Narsimhapur District - Population 2011-2024}}</ref>
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20110525083846/http://www.bundelkhanddarshan.com/bundelkhand-district/82.html Narsinghpur on Bundelkhand Darshan]
{{मध्य प्रदेश के जिले }}
१००% साक्च्हर्त
[[श्रेणी:मध्य प्रदेश के जिले]]
[[श्रेणी:नरसिंहपुर ज़िला|*]]
चीचली, चावरपाठा, गोटेगांव करेली नरसिंहपुर एवं सांईखेड़ा
li1nngpzebtrqgz6wq57ibj7w0obug2
शाहबानो प्रकरण
0
7973
6534150
6519492
2026-03-29T06:41:08Z
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Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5
6534150
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox court case|name=मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम|court=[[भारत का उच्चतम न्यायालय]]|date decided={{start date|df=yes|1985|04|23}}|full name=मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम और अन्य|citations=1985 (1) SCALE 767; 1985 (3) SCR 844; 1985 (2) SCC 556; AIR 1985 SC 945|judges=[[वाई वी चंद्रचूड़|यशवंत विष्णु चंद्रचूड़]], रंगनाथ मिश्रा, डीए देसाई, ओ चिन्नप्पा रेड्डी, [[ई एस वेंकटरमैय्या]]|number of judges=5|decision by=वाय॰ वी॰ चन्द्रचूड़ ([[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायधीश]])|prior actions=आपराधिक पुनरीक्षण क्रमांक 320 वर्ष 1979, [[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय]]|opinions=एक महिला को [[दण्ड प्रक्रिया संहिता, १९७३ (भारत)|भारतीय दंड संहिता]] के धारा 125 के अनुसार भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार है क्योंकि यह संहिता एक आपराधिक कानून है न कि दीवानी कानून।|LawsApplied=दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), [[भारत में मुसलमानी व्यक्तिगत कानून|मुसलमानी व्यक्तिगत कानून (शरियत) 1937]], [[भारतीय दण्ड संहिता]]}}
'''''मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो एवं अन्य''''' (1985)<ref>{{Cite web|url=https://article51a.in/wp-content/uploads/Shah-Bano-Begum-Case.pdf|title=Judgement Copy|website=article51a.in|access-date=9 फ़रवरी 2026|archive-date=11 जुलाई 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240711094243/https://article51a.in/wp-content/uploads/Shah-Bano-Begum-Case.pdf|url-status=dead}}</ref> भारत में एक आपराधिक मुकदमा था जिसे आमतौर पर '''शाह बानो मामला''' के नाम से जाना जाता है। इसके परिणाम के तौर पर [[भारत का उच्चतम न्यायालय|उच्चतम न्यायालय]] ने [[इंदौर]] की एक पीड़ित तलाकशुदा मुस्लिम महिला शाह बानो बेगम को [[भरणपोषण|गुजारा भत्ता]] (एलिमनी) देने के पक्ष में फैसला सुनाया था। शाह बानो के पति मोहम्मद अहमद खान ने सन् 1978 में उसे तलाक दे दिया था।<ref name="hindu2003">{{cite web|url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/the-shah-bano-legacy/article27789644.ece|title=The Shah Bano legacy|date=10 अगस्त 2003|work=[[द हिन्दू]]|language=en|trans-title=शाह बानो की विरासत|archive-url=https://web.archive.org/web/20240216130523/https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/the-shah-bano-legacy/article27789644.ece|archive-date=16 फ़रवरी 2024|access-date=|url-status=live}}</ref>
[[ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड]] और [[जमीयत उलेमा-ए-हिन्द]] ने इस फैसले को रद्द करवाने के लिए एक अभियान चलाया। इस मामले में महिला के पक्ष में आये फैसले की मुसलमानों ने आलोचना की जिनमें से कुछ ने [[क़ुरआन|क़ुरान]] का हवाला देकर दिखाया कि यह फैसला इस्लामी कानून के खिलाफ था।{{sfn|The politics of autonomy : Indian experiences|2005|p=60-61}}{{sfn|Inscribing South Asian Muslim women|2008|p=357}}{{sfn|On violence: a reader|2007|p=262-265}}{{sfn|Inscribing South Asian Muslim women|2008|p=357}} इसने [[भारत में धर्म|भारत में अलग-अलग धर्मों]] के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की सीमा के बारे में विवाद खड़ा कर दिया।{{sfn|T.P. Jindal|1995|p=57}}<ref name="indianexpress1">{{cite web|url=http://www.indianexpress.com/news/flashback-to-shah-bano-case-as-muslim-woman-wins-alimony-battle/520469/|title=Flashback to Shah Bano case as Muslim woman wins alimony battle|date=23 सितम्बर 2009|work=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|language=en|trans-title=शाहबानो मामले की यादें ताज़ा हुईं, जब एक मुस्लिम महिला ने गुज़ारा भत्ता की लड़ाई जीती|access-date=7 मई 2013}}</ref> उस समाय भारत में [[राजीव गांधी]] के नेतृत्व में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार थी। इस सरकार ने संसद में [[मुस्लिम स्त्री (विवाह विच्छेद पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 1986|मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 1986]] पारित किया जिससे उच्चतम न्यायाल का फैसला कमजोर हो गया और मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को अपने पूर्व पति से तलाक के बाद केवल 90 दिन (इस्लामी कानून में इसे [[इद्दत]] अवधि कहते हैं) तक गुजारा भत्ता पाने के अधिकार के रूप में सीमित कर दिया।<ref name="hindu2003" /><ref name="indianexpress1" />{{sfn|On violence: a reader|2007|p=262-265}} इस अधिनियम ने महिला के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसके रिश्तेदारों या [[केन्द्रीय वक्फ परिषद|वक़्फ़ परिषद्]] पर डाल दिया। इस कानून को भेदभावपूर्ण माना क्योंकि इसने मुस्लिम [[भारत में महिलाएँ|महिलाओं]] को धर्मनिरपेक्ष कानून के तहत उपलब्ध बुनियादि भरण-पोषण के अधिकार से वंचित कर दिया था।<ref name="hindu2003" /> हालांकि बाद में ''डेनियल लतीफी बनाम भारत संघ'' (2001) मामला और ''शमीमा फारूकी बनाम शाहिद खान'' (2015) जैसे मामलों में उच्चतम न्यायालय ने अधिनियम की व्याख्या इस तरह से की कि मामले की वैधता सुनिश्चित हो सके एवं परिणामस्वरूप शाहबानो मामले के निर्णय को बरकरार रखा गया। मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम 1986 को रद्द कर दिया गया।<ref name="hindu2003" /><ref>{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/SC-Right-to-maintenance-of-a-wife-absolute-Section-125-of-CrPC-applicable-on-divorced-women/articleshow/46833908.cms|title=SC: Right to maintenance of a wife absolute, Section 125 of CrPC applicable on divorced women|date=7 April 2015|website=[[The Times of India]]}}</ref> ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड सहित कुछ मुस्लिम समूहों ने तलाकशुदा मुस्लिम महिला के भरण-पोषण के अधिकार को पूर्ण बनाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का समर्थन किया।<ref>{{cite web|url=http://indianexpress.com/article/cities/lucknow/need-law-to-ensure-minimum-interference-in-minorities-affairs-says-aisplb/|title=Need law to ensure minimum interference in minorities' affairs, says AISPLB|date=21 अप्रैल 2015|website=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|language=en|trans-title=अल्पसंख्यकों के मामलों में कम से कम दखलअंदाजी सुनिश्चित करने के लिए कानून की जरूरत है, एआईएसपीएलबी ने कहा}}</ref><ref>{{cite web|url=http://scroll.in/article/730642/arif-mohammad-khan-on-shah-bano-case-najma-heptullah-was-key-influence-on-rajiv-gandhi|title=Arif Mohammad Khan on Shah Bano case: 'Najma Heptullah was key influence on Rajiv Gandhi'|date=30 मई 2015|website=स्क्रॉल डॉट इन|language=en|trans-title=शाह बानो मामले पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा: 'नजमा हेपतुल्ला का राजीव गांधी पर अहम असर था'}}</ref><ref>{{cite web|url=http://articles.economictimes.indiatimes.com/2015-04-08/news/60943154_1_uniform-civil-code-muslim-women-ucc|title=Arif Mohammad Khan welcomes Supreme Court's ruling on Section 125|date=8 अप्रैल 2015|website=[[द इकॉनोमिक टाइम्स]]|language=en|trans-title=आरिफ मोहम्मद खान ने धारा 125 पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया|archive-url=https://web.archive.org/web/20150424224806/http://articles.economictimes.indiatimes.com/2015-04-08/news/60943154_1_uniform-civil-code-muslim-women-ucc|archive-date=24 अप्रैल 2015|url-status=dead}}</ref>
== पृष्ठभूमि ==
== इन्हें भी देखें ==
* [[आरिफ़ मोहम्मद ख़ान|आरिफ मोहम्मद खान]]
* [[प्रधानमंत्री (टीवी सीरीज)]]
* [[इस्लाम में तलाक़|इस्लाम में तलाक]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
[[श्रेणी:भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख प्रकरण]]
[[श्रेणी:भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय]]
158f1fzc2b9v11vrtdt281aohmikw23
शशि कपूर
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| name = शशि कपूर
| image = ShashiKapoor.jpg
| caption = 2010 में कपूर का एक चित्र
| birthname = बलबीर राज कपूर
| birth_date = {{Birth date|1938|03|18|df=yes}}
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| birth_place = [[कोलकाता|कलकत्ता]], [[बंगाल प्रेसीडेंसी]], [[ब्रिटिश राज|ब्रितानी भारत]]
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| spouse = [[जेनिफर केंडल]]<br> (1958–1984; देहांत तक)
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| other_names =
| parents = [[पृथ्वीराज कपूर]]<br>रामसरनी कपूर
| relatives = [[कपूर परिवार]] देखें
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}}
'''शशि कपूर''' (जन्म: 18 मार्च, 1938, निधन : 04 दिसम्बर 2017)<ref>Film Beat ''http://www.filmibeat.com/celebs/shashi-kapoor/biography.html/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160615001959/http://www.filmibeat.com/celebs/shashi-kapoor/biography.html |date=15 जून 2016 }}</ref> [[हिन्दी]] फ़िल्मों के एक [[अभिनेता]] थे।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Shabana-Azmi-was-a-crazy-fan-of-Shashi-Kapoor/articleshow/46672280.cms?utm_source=toimobile&utm_medium=Twitter&utm_campaign=referral|title=Shabana Azmi was a 'crazy' fan of Shashi Kapoor|access-date=5 दिसंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20180101201729/https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Shabana-Azmi-was-a-crazy-fan-of-Shashi-Kapoor/articleshow/46672280.cms?utm_source=toimobile&utm_medium=Twitter&utm_campaign=referral|archive-date=1 जनवरी 2018|url-status=live}}</ref> शशि कपूर हिन्दी फ़िल्मों में लोकप्रिय कपूर परिवार के सदस्य थे।<ref>{{cite web|url=http://www.thehindu.com/entertainment/movies/an-actor-a-gentleman-and-a-man-of-integrity/article21336313.ece|title=Shashi Kapoor: an actor, a gentleman and a man of integrity|access-date=10 दिसंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171210233742/http://www.thehindu.com/entertainment/movies/an-actor-a-gentleman-and-a-man-of-integrity/article21336313.ece|archive-date=10 दिसंबर 2017|url-status=live}}</ref> वर्ष २०११ में उनको भारत सरकार ने पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया।<ref name=autogenerated1>{{cite news | url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/Brajesh-Mishra-Azim-Premji-Montek-in-list-of-128-Padma-awardees/articleshow/7361816.cms | title=Brajesh Mishra, Azim Premji, Montek in list of 128 Padma awardees | work=The Times Of India | location=India | access-date=26 जनवरी 2016 | archive-url=https://archive.today/20120716120734/http://timesofindia.indiatimes.com/india/Brajesh-Mishra-Azim-Premji-Montek-in-list-of-128-Padma-awardees/articleshow/7361816.cms | archive-date=16 जुलाई 2012 | url-status=live }}</ref>
वर्ष २०१५ में उनको २०१४ के [[दादासाहेब फाल्के पुरस्कार]] से सम्मानित किया।<ref>{{cite web|title=Actor Shashi Kapoor chosen for Dadasaheb Phalke Award for 2014|url=http://netindian.in/news/2015/03/23/00033083/actor-shashi-kapoor-chosen-dadasaheb-phalke-award-2014|website=NetIndian|accessdate=23 March 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150327002018/http://netindian.in/news/2015/03/23/00033083/actor-shashi-kapoor-chosen-dadasaheb-phalke-award-2014|archive-date=27 मार्च 2015|url-status=dead}}</ref> इस तरह से वे अपने पिता [[पृथ्वीराज कपूर]] और बड़े भाई [[राज कपूर|राजकपूर]] के बाद यह सम्मान पाने वाले कपूर परिवार के तीसरे सदस्य बन गये।
== व्यक्तिगत जीवन ==
शशि कपूर का असली नाम बलबीर राज कपूर था। इनका जन्म जाने माने अभिनेता [[पृथ्वीराज कपूर]] के घर पर हुआ।<ref>{{cite web|title=Biography for Shashi Kapoor|url=http://www.imdb.com/name/nm0004434/bio|access-date=26 जनवरी 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160315211253/http://www.imdb.com/name/nm0004434/bio|archive-date=15 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> अपने पिता एवं भाइयो के नक़्शे कदम पर चलते हुए इन्होने भी फ़िल्मो में ही अपनी तक़दीर आजमाई। शशि कपूर ने ४० के दशक से ही फ़िल्मो में काम करना शुरू कर दिया था। उन्होंने कई धार्मिक फ़िल्मो में भूमिकाये निभाई। इन्होने मुंबई के डॉन बोस्को स्कूल से पढ़ाई पूरी की। पिता पृथ्वीराज कपूर इन्हें छुटिट्यो के दौरान स्टेज पर अभिनय करने के लिए प्रोत्साहित करते रहते थे। इसका नतीजा रहा कि शशि के बड़े भाई [[राज कपूर|राजकपूर]] ने उन्हें '[[आग]]' (१९४८) और '[[आवारा (1951 फ़िल्म)|आवारा]]' (१९५१) में भूमिकाएं दी। आवारा में उन्होंने राजकपूर ([[जय रुद्]]) बचपन का रोल किया था। ५० के दशक मे पिता की सलाह पर वे गोद्फ्रे कैंडल के थियेटर ग्रुप 'शेक्स्पियाराना' में शामिल हो गए<ref>{{Cite web |url=http://entertainment.in.msn.com/gallery.aspx?cp-documentid=5085357&page=5 |title=Retiring Room: Shashi Kapoor – 5 |access-date=26 जनवरी 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131224100145/http://entertainment.in.msn.com/gallery.aspx?cp-documentid=5085357&page=5 |archive-date=24 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> और उसके साथ दुनिया भर में यात्राये की।
इसी दोरान गोद्फ्रे की बेटी और ब्रिटिश अभिनेत्री [[जेनिफर केंडल|जेनिफर]] से उन्हें प्रेम हुआ और मात्र २० वर्ष की उम्र में १९५० में विवाह कर लिया।
शशि कपूर ने गैर परम्परागत किस्म की भूमिकाओ के साथ सिनेमा के परदे पर आगाज किया था। उन्होंने सांप्रदायिक दंगो पर आधारित [[धर्मपुत्र (1961 फ़िल्म)|धर्मपुत्र]] (१९६१) में काम किया था। उसके बाद [[चार दीवारी]] और [[प्रेमपत्र]]<ref>{{Cite web |url=http://www.bollymood.com/celebrities/biography/shashi-kapoor |title=Biography<!-- Bot generated title --> |access-date=26 जनवरी 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120330215928/http://www.bollymood.com/celebrities/biography/shashi-kapoor |archive-date=30 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> जैसी ऑफ बीत फ़िल्मो में नजर आये। वे [[हिन्दी सिनेमा|हिंदी सिनेमा]] के पहले ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने हाउसहोल्डर और शेक्सपियर वाला जैसी अंग्रेजी फ़िल्मो में मुख्या भूमिकाये निभाई। वर्ष १९६५ उनके लिए एक महत्वपूर्ण साल था। इसी साल उनकी पहली जुबली फ़िल्म '[[जब जब फूल खिले]]' रिलीज हुई और [[यश चोपड़ा]] ने उन्हें भारत की पहली बहुल अभिनेताओ वाली हिंदी फ़िल्म 'वक्त' के लिए कास्ट किया। बॉक्स ऑफिस पर लगातार दो बड़ी हिट फ़िल्मो के बाद व्यावहारिकता का तकाजा यह था की शशि कपूर परम्परागत भूमिकाये करे, लेकिन उनके अन्दर का अभिनेता इसके लिए तैयार नहीं था। इसके बाद उन्होंने '[[ए मत्तेर ऑफ़ इन्नोसेंस]]' और '[[प्रीटी परली ६७]]' जसी फ़िल्मे की. वहीँ [[हसीना मन जाएगी]], [[प्यार का मोसम]] ने उन्हें एक चोकलेटी हीरो के रूप में स्थापित किया। वर्ष १९७२ की फ़िल्म [[सिथार्थ]] के साथ उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय सिनेमा के मंच पर अपनी मोजुदगी कायक राखी. ७० के दसक में शशि कपूर सबसे व्यस्त अभिनेताओ में से एक थे। इसी दसक में उनकी '[[चोर मचाये शोर]]', [[दीवार]], [[कभी - कभी]], [[दूसरा आदमी]] और '[[सत्यम शिवम् सुन्दरम]]' जैसी हिट फ़िल्मे रिलीज हुयी. वर्ष १९७१ में पिता पृथ्वीराज की मृत्यु के बाद शशि कपूर ने जेनिफर के साथ मिलकर पिता के स्वप्न को जरी रखने के लिए मुंबई में [[पृथ्वी थियेटर]] का पुनरूथान किया।
[[अमिताभ बच्चन]] के साथ आई उनकी फ़िल्मो [[दीवार (1975 फ़िल्म)|दीवार]], कभी - कभी, त्रिशूल, सिलसिला, नमक हलाल, दो और दो पंच, शान ने भी उन्हें बहुत लोकप्रियता दिलवाई।<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/shashi-kapoor-the-charmer-of-hindi-films-was-also-a-vanguard-of-parallel-cinema/articleshow/62000075.cms?utm_source=twitter.com&utm_medium=Social&utm_campaign=ETTWMain|title=Shashi Kapoor: The charmer of Hindi films was also a vanguard of parallel cinema|access-date=10 दिसंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171210233603/https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/shashi-kapoor-the-charmer-of-hindi-films-was-also-a-vanguard-of-parallel-cinema/articleshow/62000075.cms?utm_source=twitter.com&utm_medium=Social&utm_campaign=ETTWMain|archive-date=10 दिसंबर 2017|url-status=live}}</ref> १९७७ में इन्होने अपनी होम प्रोडक्सन क. 'फ़िल्म्वालाज' लॉन्च की।<ref>{{Cite web |url=http://entertainment.in.msn.com/gallery.aspx?cp-documentid=5085357&page=7 |title=Retiring Room: Shashi Kapoor – 7 |access-date=26 जनवरी 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131224153852/http://entertainment.in.msn.com/gallery.aspx?cp-documentid=5085357&page=7 |archive-date=24 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref>
== फिल्मी सफर ==
4 दिसंबर 2017 को शशि कपूर का मुंबई में निधन हो गया।
== प्रमुख फिल्में==
{| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin: 1em 1em 1em 0; background: #f9f9f9; border: 1px #aaa solid; border-collapse: collapse; font-size: 95%;"
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष !! फ़िल्म !! चरित्र !! टिप्पणी
|-
|1998 || [[साइड स्ट्रीट्स (1998 फ़िल्म)|साइड स्ट्रीट्स]]|| विक्रम राज ||
|-
|1994 || [[विवेकानन्द (1994 फ़िल्म)|विवेकानन्द]]|| ||
|-
|1993 || [[इन कस्टडी (1993 फ़िल्म)|इन कस्टडी]]|| || अंग्रेजी फ़िल्म
|-
|1991 || [[अकेला (1991 फ़िल्म)|अकेला]]|| पुलिस कमिश्नर ||
|-
|1990 || [[रईसज़ादा (1990 फ़िल्म)|रईसज़ादा]]|| ||
|-
|1989 || [[ऊँच नीच बीच]]|| ||
|-
|1989 || [[फर्ज़ की जंग (1989 फ़िल्म)|फर्ज़ की जंग]] || इंस्पेक्टर विक्रम ||
|-
|1989 || [[जायदाद (1989 फ़िल्म)|जायदाद]] || वकील मल्होत्रा ||
|-
|1989 || [[मेरी ज़बान (1989 फ़िल्म)|मेरी ज़बान]] || राजा विजय सिंह ||
|-
|1989 || [[तौहीन (1989 फ़िल्म)|तौहीन]] || ||
|-
|1988 || [[हम तो चले परदेस (1988 फ़िल्म)|हम तो चले परदेस]] || ||
|-
|[[:श्रेणी:1987 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1987]] || [[सिंदूर (1987 फ़िल्म)|सिंदूर]] || प्रोफेसर विजय चौधरी ||
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|[[:श्रेणी:1987 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1987]] || [[नाम-ओ-निशान (1987 फ़िल्म)|नाम-ओ-निशान]] || ||
|-
|[[:श्रेणी:1987 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1987]] || [[अंजाम (1987 फ़िल्म)|अंजाम]] || ||
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|[[:श्रेणी:1987 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1987]] || [[प्यार की जीत (1987 फ़िल्म)|प्यार की जीत]] || ||
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|[[:श्रेणी:1986 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1986]] || [[न्यू देहली टाइम्स (1986 फ़िल्म)|न्यू देहली टाइम्स]] || ||
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|[[:श्रेणी:1986 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1986]] || [[स्वाती (फ़िल्म)|स्वाति]] || ||
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|[[:श्रेणी:1986 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1986]] || [[इल्ज़ाम (1986 फ़िल्म)|इल्ज़ाम]] || ||
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|[[:श्रेणी:1986 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1986]] || [[बेटी (1986 फ़िल्म)|बेटी]] || ||
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|[[:श्रेणी:1985 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1985]] || [[बेपनाह (1985 फ़िल्म)|बेपनाह]] || रवि मल्होत्रा ||
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|[[:श्रेणी:1985 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1985]] || [[अलग अलग (1985 फ़िल्म)|अलग अलग]] || ||
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|[[:श्रेणी:1985 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1985]] || [[पिघलता आसमान]] || सूरज ||
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|[[:श्रेणी:1985 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1985]] || [[भवानी जंकशन (1985 फ़िल्म)|भवानी जंकशन]] || भवानी प्रताप ||
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|[[:श्रेणी:1985 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1985]] || [[आँधी तूफान (१९८५ फ़िल्म)|आँधी तूफान]] || इंस्पेक्टर रंजीत सिंह ||
|-
|[[:श्रेणी:1984 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1984]] || [[ज़मीन आसमान (1984 फ़िल्म)|ज़मीन आसमान]] || ||
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|[[:श्रेणी:1984 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1984]] || [[यादों की ज़ंजीर (1984 फ़िल्म)|यादों की ज़ंजीर]] || ||
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|[[:श्रेणी:1984 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1984]] || [[पाखंडी (1984 फ़िल्म)|पाखंडी]] || ||
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|[[:श्रेणी:1984 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1984]] || [[घर एक मन्दिर (1984 फ़िल्म)|घर एक मन्दिर]] || ||
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|[[:श्रेणी:1984 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1984]] || [[उत्सव (1984 फ़िल्म)|उत्सव]] || ||
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|[[:श्रेणी:1983 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1983]] || [[बंधन कच्चे धागों का (1983 फ़िल्म)|बंधन कच्चे धागों का]] || प्रेम कपूर ||
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|[[:श्रेणी:1982 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1982]] || [[सवाल (1982 फ़िल्म)|सवाल]] || इंस्पेक्टर रवि मल्होत्रा ||
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|[[:श्रेणी:1982 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1982]] || [[विजेता (1982 फ़िल्म)|विजेता]] || विनोद ||
|-
|[[:श्रेणी:1982 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1982]] || [[वकील बाबू (1982 फ़िल्म)|वकील बाबू]] || शेखर कुमार ||
|-
|[[:श्रेणी:1982 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1982]] || [[नमक हलाल]] || राजा ||
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|[[:श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1981]] || [[बेज़ुबान (1981 फ़िल्म)|बेज़ुबान]] || ||
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|[[:श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1981]] || [[कलयुग (1981 फ़िल्म)|कलयुग]] || ||
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|[[:श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1981]] || [[एक और एक ग्यारह (1981 फ़िल्म)|एक और एक ग्यारह]] || ||
|-
|[[:श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1981]] || [[बसेरा (1981 फ़िल्म)|बसेरा]] || बलराज कुमार ||
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|[[:श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1981]] || [[क्रोधी (1981 फ़िल्म)|क्रोधी]] || ||
|-
|[[:श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1981]] || [[सिलसिला (1981 फ़िल्म)|सिलसिला]] || शेखर मल्होत्रा ||
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|[[:श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1981]] || [[क्रांति (1981 फ़िल्म)|क्रांति]] || शक्ति ||
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|[[:श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1981]] || [[मान गये उस्ताद (1981 फ़िल्म)|मान गये उस्ताद]] || ||
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|[[:श्रेणी:1980 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1980]] || [[काली घटा (1980 फ़िल्म)|काली घटा]] || प्रेम ||
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|[[:श्रेणी:1980 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1980]] || [[दो और दो पाँच (1980 फ़िल्म)|दो और दो पाँच]] || ||
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|[[:श्रेणी:1980 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1980]] || [[गंगा और सूरज (1980 फ़िल्म)|गंगा और सूरज]] || ||
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|[[:श्रेणी:1980 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1980]] || [[स्वयंवर (1980 फ़िल्म)|स्वयंवर]] || ||
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|[[:श्रेणी:1980 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1980]] || [[शान (फ़िल्म)|शान]] || रवि कुमार ||
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|[[:श्रेणी:1980 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1980]] || [[नीयत (1980 फ़िल्म)|नीयत]] || ||
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|[[:श्रेणी:1979 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1979]] || [[काला पत्थर (1979 फ़िल्म)|काला पत्थर]] || ||
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|[[:श्रेणी:1979 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1979]] || [[गौतम गोविन्दा (1979 फ़िल्म)|गौतम गोविन्दा]] || इंस्पेक्टर गौतम ||
|-
|[[:श्रेणी:1979 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1979]] || [[सुहाग (1979 फ़िल्म)|सुहाग]] || किशन कपूर ||
|-
|[[:श्रेणी:1979 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1979]] || [[एहसास (1979 फ़िल्म)|एहसास]] || अनिल साहनी ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[अतिथि (1978 फ़िल्म)|अतिथि]] || आनन्द ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[हीरालाल पन्नालाल (1978 फ़िल्म)|हीरालाल पन्नालाल]] || हीरालाल ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[मुकद्दर (1978 फ़िल्म)|मुकद्दर]] || ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[तृष्णा (1978 फ़िल्म)|तृश्णा]] || विनोद सिन्हा ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[अपना कानून (1978 फ़िल्म)|अपना कानून]] || ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[सत्यम शिवम सुन्दरम]] || रंजीत ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[दो मुसाफ़िर (1978 फ़िल्म)|दो मुसाफ़िर]] || ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[आहूति (1978 फ़िल्म)|आहूति]] || ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[त्रिशूल (फ़िल्म)|त्रिशूल]] || शेखर गुप्ता ||
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|[[:श्रेणी:1978 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1978]] || [[जुनून (1978 फ़िल्म)|जुनून]] || जावेद ख़ान ||
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|[[:श्रेणी:1977 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1977]] || [[हीरा और पत्थर (1977 फ़िल्म)|हीरा और पत्थर]] || ||
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|[[:श्रेणी:1977 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1977]] || [[चक्कर पे चक्कर (1977 फ़िल्म)|चक्कर पे चक्कर]] || रवि कुमार ||
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|[[:श्रेणी:1977 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1977]] || [[फरिश्ता या कातिल (1977 फ़िल्म)|फरिश्ता या कातिल]] || ||
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|[[:श्रेणी:1977 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1977]] || [[मुक्ति (१९७७ फ़िल्म)|मुक्ति]] || कैलाश शर्मा ||
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|[[:श्रेणी:1977 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1977]] || [[ईमान धर्म (१९७७ फ़िल्म)|ईमान धर्म]] || मोहन कुमार सक्सेना ||
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|[[:श्रेणी:1977 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1977]] || [[चोर सिपाही (1977 फ़िल्म)|चोर सिपाही]] || ||
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|[[:श्रेणी:1976 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1976]] || [[फकीरा (1976 फ़िल्म)|फकीरा]] || ||
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|[[:श्रेणी:1976 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1976]] || [[आप बीती (1976 फ़िल्म)|आप बीती]] || रंजीत ||
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|[[:श्रेणी:1976 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1976]] || [[कभी कभी (1976 फ़िल्म)|कभी कभी]] || विजय खन्ना ||
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|[[:श्रेणी:1976 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1976]] || [[शंकर दादा (1976 फ़िल्म)|शंकर दादा]] || शंकर दादा ||
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|[[:श्रेणी:1976 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1976]] || [[बजरंगबली (1976 फ़िल्म)|जय बजरंग बली]] || ||
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|[[:श्रेणी:1976 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1976]] || [[नाच उठे संसार (1976 फ़िल्म)|नाच उठे संसार]] || ||
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|[[:श्रेणी:1975 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1975]] || [[दीवार (1975 फ़िल्म)|दीवार]] || रवि वर्मा ||
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|[[:श्रेणी:1975 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1975]] || [[सलाखें (1975 फ़िल्म)|सलाखें]] || राजू/चंदर ||
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|[[:श्रेणी:1975 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1975]] || [[अनाड़ी (1975 फ़िल्म)|अनाड़ी]] || ||
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|[[:श्रेणी:1975 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1975]] || [[प्रेम कहानी (1975 फ़िल्म)|प्रेम कहानी]] || ||
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|[[:श्रेणी:1975 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1975]] || [[चोरी मेरा काम (1975 फ़िल्म)|चोरी मेरा काम]] || भोलानाथ ||
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|[[:श्रेणी:1974 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1974]] || [[चोर मचाये शोर (1974 फ़िल्म)|चोर मचाये शोर]] || विजय शर्मा ||
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|[[:श्रेणी:1974 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1974]] || [[मिस्टर रोमियो (1974 फ़िल्म)|मिस्टर रोमियो]] || रमेश सक्सेना ||
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|[[:श्रेणी:1974 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1974]] || [[रोटी कपड़ा और मकान]] || मोहन बाबू ||
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|[[:श्रेणी:1974 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1974]] || [[पाप और पुण्य (1974 फ़िल्म)|पाप और पुण्य]] || ||
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|[[:श्रेणी:1973 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1973]] || [[आ गले लग जा (1973 फ़िल्म)|आ गले लग जा]] || प्रेम ||
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|[[:श्रेणी:1972 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1972]] || [[जानवर और इंसान]] || ||
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|[[:श्रेणी:1971 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1971]] || [[शर्मीली]] || कप्तान अजीत कपूर ||
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|[[:श्रेणी:1970 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1970]] || [[बॉम्बे टॉकीज़ (1970 फ़िल्म)|बॉम्बे टॉकीज़]] || विक्रम ||
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|[[:श्रेणी:1970 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1970]] || [[अभिनेत्री (1970 फ़िल्म)|अभिनेत्री]] || शेखर ||
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|[[:श्रेणी:1970 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1970]] || [[सुहाना सफ़र (1970 फ़िल्म)|सुहाना सफ़र]] || ||
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|[[:श्रेणी:1969 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1969]] || [[एक श्रीमान एक श्रीमती (1969 फ़िल्म)|एक श्रीमान एक श्रीमती]] || ||
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|[[:श्रेणी:1969 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1969]] || [[जहाँ प्यार मिले (1969 फ़िल्म)|जहाँ प्यार मिले]] || ||
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|[[:श्रेणी:1969 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1969]] || [[प्यार का मौसम]] || सुंदर/सुनिल/प्यारेलाल ||
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|[[:श्रेणी:1969 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1969]] || [[कन्यादान (1969 फ़िल्म)|कन्यादान]] || ||
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|[[:श्रेणी:1967 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1967]] || [[आमने सामने (1967 फ़िल्म)|आमने सामने]] || ||
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|[[:श्रेणी:1966 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1966]] || [[नींद हमारी ख़्वाब तुम्हारे (1966 फ़िल्म)|नींद हमारी ख़्वाब तुम्हारे]] || ||
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|[[:श्रेणी:1966 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1966]] || [[प्यार किये जा (1966 फ़िल्म)|प्यार किये जा]] || अशोक वर्मा ||
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|[[:श्रेणी:1965 में बनी अंग्रेजी फ़िल्म|1965]] || [[शेक्सपियर वाला (1965 फ़िल्म)|शेक्सपियर वाला]] || संजू || अंग्रेजी फ़िल्म
|-
|[[:श्रेणी:1965 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1965]] || [[वक़्त (1965 फ़िल्म)|वक्त]] || मुन्ना/विजय कुमार ||
|-
|[[:श्रेणी:1964 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1964]] || [[बेनज़ीर (1964 फ़िल्म)|बेनज़ीर]] || अनवर ||
|-
|[[:श्रेणी:1962 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1962]] || [[मेहेंदी लगी मेरे हाथ (1962 फ़िल्म)|मेहेंदी लगी मेरे हाथ]] || दीपक ||
|-
|[[:श्रेणी:1961 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1961]] || [[धर्मपुत्र (1961 फ़िल्म)|धर्मपुत्र]] || दिलीप राय ||
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|[[:श्रेणी:1952 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1952]] || [[मोरद्वाज (1952 फ़िल्म)|मोरद्वाज]] || ||
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|[[:श्रेणी:1951 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1951]] || [[आवारा (1951 फ़िल्म)|आवारा]] || ||
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|[[:श्रेणी:1950 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1950]] || [[संग्राम (1950 फ़िल्म)|संग्राम]] || ||
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|[[:श्रेणी:1950 में बनी हिन्दी फ़िल्म|1950]] || [[समाधि (1950 फ़िल्म)|समाधि]] || ||
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|}
== नामांकन और पुरस्कार ==
* २०११ - पद्म भूषण<ref name=autogenerated1 />
* २०१५ - दादासाहेब फाल्के पुरस्कार<ref>{{cite news|title=Shashi Kapoor chosen for the prestigious Dada Saheb Phalke Award|url=http://ibnlive.in.com/news/shashi-kapoor-to-receive-the-prestigious-dada-saheb-phalke-award/535723-8-66.html|accessdate=23 March 2015|work=IBNLive|archive-date=24 मार्च 2015|archive-url=https://archive.today/20150324085940/http://ibnlive.in.com/news/shashi-kapoor-to-receive-the-prestigious-dada-saheb-phalke-award/535723-8-66.html|url-status=dead}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{कपूर ख़ानदान}}
{{दादासाहेब फाल्के पुरस्कार}}
{{श्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार}}
{{फ़िल्मफ़ेयर लाइफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार}}
{{फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार}}
[[श्रेणी:1938 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता]]
[[श्रेणी:हिन्दी अभिनेता]]
[[श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजेता]]
[[श्रेणी:श्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार विजेता]]
[[श्रेणी:२०१७ में निधन]]
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जामा मस्जिद, दिल्ली
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2026-03-28T19:01:54Z
The Sorter
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wikitext
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{{for|अन्य जामा मस्जिदों|जामा मस्जिदों की सूची}}
{{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत
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|caption= जामा मस्जिद, 2008
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'''मस्जिद-ए-जहाँनुमा''', जिसे आमतौर से '''जामा मस्जिद''' के नाम से जाना जाता है, [[पुरानी दिल्ली]] में स्थित [[भारत]] के सबसे बड़ी [[मस्जिदों]] में से एक है।'''<ref name="JM">{{cite web|url=http://www.culturalindia.net/monuments/jama-masjid.html|title=Jama Masjid, Delhi|date=n.d.|publisher=Cultural India website|archive-url=https://web.archive.org/web/20231205153101/https://www.culturalindia.net/monuments/jama-masjid.html|archive-date=5 December 2023|access-date=19 May 2017|url-status=dead}}</ref>''' इसे 1644 और 1656 के बीच [[मुग़ल साम्राज्य|मुग़ल]] सम्राट [[शाह जहाँ]] द्वारा निर्मित किया गया था तथा इसके पहले [[इमाम]] अब्दुल ग़फूर शाह बुख़ारी थे। मुग़ल राजधानी [[शाहजहानाबाद]] में स्थित, यह मुग़ल सम्राटों की शाही मस्जिद होती थी। जामा मस्जिद भारत पर मुग़ल सत्ता को दर्शाता था। यह ब्रिटिश काल के दौरान भी एक महत्तवपूर्ण स्थल था। मस्जिद आज तक सक्रिय है और यह दिल्ली के सबसे विख्यात स्थलों में से एक है। इसे [[भारत के राष्ट्रीय महत्व के स्थापत्य की सूची|राष्ट्रीय महत्तव के स्मारकों]] की सूची में शामिल किया गया है।<ref name="ASI MNI">{{Cite web|url=http://asi.nic.in/alphabetical-list-of-monuments-delhi/|title=List of Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains of Delhi|work=[[Archaeological Survey of India]]|access-date=2018-10-02}}</ref>
== नाम ==
इस मस्जिद के दो नाम हैं। पुराना नाम, ''मस्जिद-ए-जहाँनुमा'' (अर्थ: "मस्जिद जो विश्व को दर्शाता है"), शाह जहाँ द्वारा दिया गया था, जो संभवतः [[जाम-ए-जमशेद|''जाम-ए-जहाँनुमा'']] का उल्लेख है। दूसरा नाम ''[[जामा मस्जिद]]'' ज़्यादा सामान्य है, जो विश्व के ऐसे अन्य मस्जिदों को भी कहा जाता है।{{Sfn|Aziz|2017|p=18}}{{Sfn|Aziz|2017|p=16-17}}
== अवस्थिति ==
[[चित्र:Old_Delhi_market,_Jama_Masjid.jpg|अंगूठाकार|जामा मस्जिद के सामने हाट]]
मस्जिद [[शाहजहानाबाद]] (वर्तमान पुरानी दिल्ली) में स्थित है। मस्जिद के सामने स्थित [[लाल क़िला]] और [[सुनहरी मस्जिद, चाँदनी चौक|सुनहरी मस्जिद]] हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/delhi-news/shahjahanabad-how-a-planned-city-came-undone/story-z7Gg3imYzCjCQQP3CBuZCO.html|title=Shahjahanabad: How a planned city came undone|date=2018-01-27|work=[[Hindustan Times]]|language=en|access-date=2021-09-12}}</ref> पुरानी दिल्ली का एक मुख्य केन्द्र होने के नाते, जामा मस्जिद [[चाँदनी चौक]] जैसे विभिन्न हाटों से घिरी हुई है।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=102}} इसके बग़ल में स्थित स्वतंत्रता कार्यकर्ता [[मौलाना आज़ाद]] का मक़बरा है।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=114}}
== इतिहास==
=== निर्माण और मुग़ल काल ===
मुग़ल सम्राट शाह जहाँ ने 1650 और 1656 के बीच मस्जिद को शाहजहानाबाद के उच्चतम स्थान पर निर्मित किया। इसका निर्माण लगभग 5,000 श्रमिकों द्वारा किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.britannica.com/place/Jami-Masjid-mosque-Delhi-India|title=Jama Masjid of Delhi|last=Lews|first=Robert|website=Britannica}}</ref><ref name="Asher">{{cite book|title=The New Cambridge History of India: Architecture of Mughal India|author=Asher, Catherine B.|publisher=[[Cambridge University Press]]|year=1992|isbn=978-0-521-26728-1|page=193}}</ref><ref name=":2">{{Cite web|url=https://archnet.org/sites/1571|title=Jama Masjid (Delhi)|website=Archnet}}</ref> विविध कार्यबल में भारतीय, अरब, तुर्क और यूरोपीय लोग थे। निर्माण का पर्यवेक्षण वज़ीर सादुल्ला ख़ान और शाह जहाँ के घर के प्रबंधक फ़ाज़िल ख़ान द्वारा किया गया था। उस समय निर्माण की लागत दस लाख रुपये थी।<ref name="Ur-Rahman">{{Cite book|url=https://www.indianculture.gov.in/rarebooks/history-jama-masjid-and-interpretation-muslim-devotions|title=History of Jama Masjid and interpretation of Muslim devotions|last=Ur-Rahman|first=Aziz|year=1936|isbn=}}</ref>{{rp|8–9}} मस्जिद का उद्घाटन 23 जुलाई 1656 को [[बुख़ारा]] से सैयद अब्दुल ग़फ़ूर शाह बुख़ारी द्वारा ने किया। शाह जहाँ ने उन्हें मस्जिद का [[शाही इमाम]] बनाया।<ref>Dalrymple, p.252</ref>
यह मस्जिद शाह जहाँ के अंतिम स्मारकों में से एक थी। इसके निर्माण के बाद, यह मुग़ल सम्राटों की शाही मस्जिद रही। जुमा की नमाज़ के समय, सम्राट [[ख़ुतबा]] पढ़ते थे। इस प्रकार यह मस्जिद भारत पर मुग़ल शासन का प्रतीक था। यह शाहजहानाबाद के निवासियों के लिए एक महत्तवपूर्ण केन्द्र भी था, जहाँ सब वर्गों के विविध लोग बातचीत कर सकते थे।{{Sfn|Aziz|2017|p=18}}{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=92-93}} 1757 को, ख़ुतबे को अफ़ग़ानी शासक [[अहमद शाह दुर्रानी]] के नाम में पढ़ा गया था, जिन्हें [[आलमगीर द्वितीय]] ने दिल्ली में बुलाया था।<ref>''[https://books.google.com.au/books/about/Marathas_and_Panipat.html?id=TmU9AAAAMAAJ&redir_esc=y Marathas and Panipat]'' by Hari Ram Gupta (1961) pg. 326</ref>
=== ब्रिटिश काल ===
[[चित्र:Eastern_gate_of_the_Jami_Masjid_at_Delhi,_India._Coloured_aq_Wellcome_V0050460.jpg|अंगूठाकार|245x245पिक्सेल|जामा मस्जिद का पूर्वी द्वार, [[थॉमस डैनियल]] द्वारा चित्रित (1795)]]
ब्रिटिश ने 1803 को शाहजहानाबाद पर क़ब्ज़ा किया। मुग़ल सम्राट मस्जिद के अनुष्ठानिक प्रमुख रहें, किन्तु उनकी सत्ता काफ़ी घट चुकी थी।{{Sfn|Aziz|2017|p=19}}{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=106}} शहर में ब्रिटिश नीति लोगों के लिए अनुकूल थी; ब्रिटिश ने जामा मस्जिद की मरम्मत यहाँ तक कि जीर्णोद्धार भी करवाया।{{Sfn|Aziz|2017|p=19}} दिल्ली के दूसरी मस्जिदों जैसे, यह मस्जिद समाजिक और राजनीतिक चर्चा का स्थान रहा; उदाहरणार्थ, मुसलमानों और ईसाइयों के बीच धार्मिक और दार्शनिक बहसें होती थी।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=94}}
[[1857 की क्रांति]] इस काल में एक महत्तवपूर्ण घटना थी। क्रांति से शहर में रहने वाले कई ब्रिटिश व्यक्तियों की मृत्यु हुई और ब्रिटिश सत्ता निर्बल हो गई थी।{{Sfn|Aziz|2017|p=19}} इससे मुग़ल साम्राज्य का भी अंत हुआ। ब्रिटिश ने माना की इस क्रांति के पीछे मुसलमान थे, जिन्होनें दिल्ली की मस्जिदों में इसे भड़काया।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=95}} उसी वर्ष जब ब्रिटिश ने शाहजहानाबाद में अपनी सत्ता को पुनःस्थापित किया, उन्होनें अनेक मस्जिदों को ढाया और बची हुई मस्जिदों में मुसलमानों की जमात पर प्रतिबंध लगाया। जामा मस्जिद को ज़ब्त किया गया था। इसे कई बार नष्ट करने पर विचार किया गया था, किन्तु बाद में ब्रिटिश ने इसका प्रयोग अपने सिख और यूरोपीय सिपाहियों के लिए बैरक के तौर से किया। यह मस्किद का अनादर था; अज़ीज़ मानते हैं की यह शहर के मुस्लिम निवासियों की भावनाओं का अपमान करने के लिए जानबूझकर किया गया था।{{Sfn|Aziz|2017|p=20-21}}
ब्रिटिश के यह निर्णय के बढ़ते आक्रोश हेतु इस मस्जिद को 1862 में खोला गया था। इस बार कई शर्तें लागू की गई थी; मस्जिद का प्रयोग केवल धार्मिक मक़सद के लिए वैध था और ब्रिटिश गश्त आवश्यक थी। इन शर्तों को लागू रखने के लिए जामा मस्जिद प्रबंधन समिति (JMMC) को स्थापित किया गया था।{{Sfn|Aziz|2017|p=24-27}}{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=93}}
हालाँकि मुग़ल साम्राज्य भंग हो चुका था, मस्जिद विभिन्न मुस्लिम शासकों का संरक्षण पाया। 1886 को, [[रामपुर के नवाब]] ने मस्जिद की मरम्मत के लिए 1,55,000 रुपये दान किया। 1926 को, [[हैदराबाद के निज़ाम]] ने भी 1 लाख रुपये दान किया।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=103-104}}
[[चित्र:Jama_Masjid,_Delhi,_watercolour,_1852.jpg|अंगूठाकार|252x252पिक्सेल|[[उर्दू बाज़ार]] से जामा मस्जिद का दृश्य, 1852]]
ब्रिटिश शासन के विरुद्ध अशांति 1911 से दिल्ली की मस्जिदों में शुरू हुई। नियमों के विरुद्ध, मस्जिद का प्रयोग राजनीतिक कार्य के लिए किया जाने लगा। जबकि ब्रिटिश सार्वजनिक स्थानों पर गश्त करके ऐसे कार्यों को रोक सकते थे, जामा मस्जिद धार्मिक स्थल होने के नाते दोनों विधि (धार्मिक बंदोबस्ती अधिनियम, 1863) दिल्लीवालों की भावनाओं द्वारा ऐसे वार्यवाही से संरक्षित था।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=96-97}} उनके बीच बढ़ती तनाव के बावुजूद, हिन्दुओं अक्सर मुसलमानों के साथ औपनिवेशिक विरोधी एकता व्यक्त करने के लिए मस्जिद के अंदर इकट्ठा होते थे।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=111}}
=== उत्तर औपनिवेशिक काल ===
जामा मस्जिद भारत के स्वतंत्रता के बाद भी एक राजनैतिक प्रतीक रहा। स्वतंत्रता कार्यकर्ता [[मौलाना आज़ाद]] ने 23 अक्टूबर 1947 को गुरुवार के नमाज़ के समय भाषण दिया। देश के विभाजन से दिल्ली में बड़े जनसंख्या प्रवास हुए थे। आज़ाद ने दिल्ली के मुसलमानों को भारत में रहने का निवेदन किया और उनको विश्वास दिलाया कि भारत उनकी मातृभूमि थी।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=113-114}}
1948 को, हैदराबाद के अंतिम [[हैदराबाद के निज़ाम|निज़ाम]], [[मीर उस्मान अली ख़ान]] से मस्जिद के फ़र्श के एक चौथाई भाग की मरम्मत के लिए 75,000 रुपये का दान माँगा गया था। निज़ाम ने उसके बजाय 3 लाख रुपये का दान दिया, और कहा कि फ़र्श का तीन चौथाई भाग पुराना नहीं दिखना चाहिए।<ref>{{cite web|url=https://medium.com/@hyderabadhistoryproject/remembering-mir-osman-ali-khan-on-his-51st-death-anniversary-3aaf53430998|title=Remembering Mir Osman Ali Khan on his 51st death anniversary|date=February 24, 2017|work=Medium corporation|access-date=June 17, 2018}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/the-last-nizam-of-hyderabad-was-not-a-miser/article17367987.ece|title=Surviving aides say Mir Osman Ali Khan donated generously for social causes, but did not like to spend on himself|date=February 25, 2017|work=[[The Hindu]]|access-date=June 18, 2018}}</ref>
मस्जिद [[अयोध्या विवाद|बाबरी मस्जिद विवाद]] से संबंधित होने के लिए भी जाना जाता है। 1986 को मस्जिद के शाही इमाम [[अब्दुल्ला बुख़ारी]] ने इस विवाद के बारे में कई भाषण दिए, जिनमें वह हिन्दुओं को दिया गया समर्थन की निंदा की और मुसलमानों की भावनाओं को भड़काएँ। एक बार इस कारण पुरानी दिल्ली में दंगे और झड़पें भड़क उठीं। 1987 में, जामा मस्जिद में बाबरी मस्जिद विवाद से संबंधित एक प्रमुख शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। 28 मई 1987 को, देश भर में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और दंगों के बीच, सरकार के आक्रोश में जामा मस्जिद इमाम द्वारा बंद एवं काले कपड़े से सजाई गई थी। यह निर्णय इस्लामी नेतृत्व के बीच बहुत विवादास्पद था।<ref name="ahmed">{{Cite journal|last=Ahmed|first=Hilal|date=2013|title=Mosque as Monument: The Afterlives of Jama Masjid and the Political Memories of a Royal Muslim Past|url=https://doi.org/10.1080/02666030.2013.772814|journal=South Asian Studies|volume=29|pages=52–55, 56|doi=10.1080/02666030.2013.772814|s2cid=85512513|url-access=subscription}}</ref>
=== आधुनिक काल ===
[[चित्र:Jama_Masjid,Delhi,India_05.jpg|अंगूठाकार|248x248पिक्सेल|मस्जिद के गुंबद से दिल्ली का दृश्य। अपने इतिहास के दौरान जामा मस्जिद दिल्ली का प्रतीक रहा है।]]
[[चित्र:People_offering_Namaz_on_the_occasion_of_Id-Ul-Zuha,_at_Jama_Masjid,_in_New_Delhi_on_August_12,_2019_(1).jpg|अंगूठाकार|[[बक़रीद]] में मुसलमान नमाज़ पढ़ते, 2019]]
जामा मस्जिद दिल्ली की मुख्य मस्जिद है।<ref name=":02" /> शहर के मुसलमान वहाँ जुमे की नमाज़ और [[ईद उल-फ़ित्र|ईद]] जैसे त्यौहारों के लिए जाते है। मस्जिद एक प्रमुख [[पर्यटन स्थल]] भी है, और अपना आय ज़्यादातर विदेशियों के दौरे से पाती है।<ref name="ahmed2" />
मस्जिद का प्रयोग राजनीतिक कार्य के लिए आज भी किया जाता है। उदाहरणार्थ, 2001 को, [[9/11 हमले|9/11 हमलों]] के बाद, मस्जिद में अफ़ग़ानिस्तान पर अमेरिकी बमबारी के विरुद्ध प्रदर्शन किए गए थे।{{Sfn|Rajagopalan|2016|p=116}} 2019 को, वहाँ [[नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, २०१९|नागरिकता संशोधन अधिनियम]] हेतु सामुहिक विरोध प्रदर्शन हुए थे।<ref>{{Cite news|url=https://telanganatoday.com/thousands-protest-against-citizenship-law-near-jama-masjid|title=Thousands protest against citizenship law near Jama Masjid|date=|work=Telangana Today|access-date=}}</ref>
==== नवीकरण ====
2006 को, मस्जिद की मरम्मत की अत्यावश्यकता थी, जिसके बाद [[सऊदी अरब]] के राजा [[शाह अब्दुल्ला|अब्दुल्ला]] ने उसकी लागत उठाने का प्रस्ताव किया। इमाम ने कहा कि उन्हें यह प्रस्ताव सीधे सऊदी अधिकारियों से मिला था, किंतु उन्होंने उनको [[भारत सरकार]] से मिलने के लिए कहा था।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/4581056.stm|title=Saudi offer to fix Delhi mosque|date=4 January 2006|work=[[BBC News]]|access-date=23 March 2015}}</ref> हालाँकि [[दिल्ली उच्च न्यायालय]] ने कहा कि इस मामले के पास कुछ "क़ानूनी महत्तव" नहीं है और इमाम कोई "विशेष साम्या" नहीं दी गई थी।
अनेक प्रशासनिक रुकावटों के कारण, मस्जिद की नवीकरण की एक परियोजना को दशक 2000 की शुरुआत से रोका गया है।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/delhi-news/jama-masjid-restorations-plans-for-delhi-s-grand-old-mosque-put-on-fast-track/story-dQDFtjfKwXJDvQdP1892MK.html|title=Jama Masjid: Restorations plans for Delhi's grand old mosque put on fast track|date=|work=[[Hindustan Times]]|access-date=}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/Lack-of-funds-holds-up-Jama-Masjid-refurbishment/article16836616.ece|title=Lack of funds holds up Jama Masjid refurbishment|date=8 January 2010|work=[[The Hindu]]|access-date=}}</ref>[[चित्र:Jama_Maszid.jpg|अंगूठाकार|500px|ईद के समय मस्जिद]]
==== 2006 जामा मस्जिद बमबारियाँ ====
{{main|2006 जामा मस्जिद बमबारियाँ}}
14 अप्रैल 2006, जुमे की नमाज़ों के तुरंत बाद मस्जिद में दो विस्फोट हुए। स्पष्ट नहीं हो पाया कि विस्फोट कैसे हुए। हताहतों में से, एक व्यक्ति बुरे तरह से घायल थे, जबकि आठ अन्य लोग। इमाम [[अहमद बुख़ारी]] ने कहा, "हमारे लोगों के बीच ग़ुस्सा है लेकिन में उन्हें शांत रखने की कोशिश कर रहा हूँ"।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/4910028.stm|title=Nine hurt in Delhi mosque blast|date=14 April 2006|work=[[BBC News]]|access-date=23 March 2015}}</ref>
==== 2010 जामा मस्जिद आक्रमण ====
{{main|2010 जामा मस्जिद आक्रमण}}
15 सितंबर 2010 को, मोटरसाइकिल पर बैठे बंदूक़धारियों ने मस्जिद के तीसरे द्वार के पास खड़े बस पर गोली चलाई, जिससे दो ताइवानी पर्यटक घायल हुए।<ref>{{cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/world-south-asia-11361549|title=Tourists shot near Delhi mosque|date=19 September 2010|work=[[BBC News]]|access-date=19 May 2017}}</ref> हमले के बाद, पुलिस ने पूछताछ के लिए 30 व्यक्तियों को हिरासत में लिया और अपराध के स्थल को घेर लिया था।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/north/story/4-terrorists-involved-in-jama-masjid-firing-intelligence-sources-82374-2010-09-19|title=4 terrorists involved in Jama Masjid firing: Intelligence sources|date=20 September 2010|work=India Today|access-date=10 April 2015}}</ref>
नवंबर 2011 को, [[दिल्ली पुलिस]] ने [[इंडियन मुजाहिदीन|भारतीय मुजाहिदीन]] (IM) के छह सदस्यों को गिरफ़्तार किया, जिन्हें जामा मस्जिद दुर्घटना के साथ-साथ [[2010 पुणे बमबारी|पुणे बमबारी]] के पीछे भी माना जा रहा था। स्रोतों ने कहा की समूह के 'नेता' इमरान ने मस्जिद के बाहर खड़ी गाड़ी में बम लगाया था।<ref>{{cite web|url=http://ibnlive.in.com/news/delhi-6-indian-mujahideen-operatives-arrested/207114-3.html|title=6 arrested for Pune blast, Jama Masjid attack|work=IBN Live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111201183929/http://ibnlive.in.com/news/delhi-6-indian-mujahideen-operatives-arrested/207114-3.html|archive-date=1 December 2011|access-date=10 April 2015|url-status=dead}}</ref> सितंबर 2013 को कहा गया था कि समूह के एक नेता [[यासीन भटकल]] के साथ असदुल्ला अख़्तर को एक महीने पहले गिरफ़्तार किया गया था और उन्होंने स्वीकार कर लिया था कि वे पाकिस्तानी फ़रार अपराधी वक़ास के साथ हमला किया। यासीन ने कहा कि हमले का आदेश IM के मुखिया रियाज़ भटकल ने दिया, क्योंकि इमाम "आधे नंगे" पर्यटकों को मस्जिद के अंदर आने दिया।<ref>{{cite web|url=http://www.hindustantimes.com/newdelhi/cops-got-wrong-man-for-jama-masjid-attack-bhatkal/article1-1122253.aspx|title=Cops got wrong man for Jama Masjid attack: Bhatkal|date=|work=[[Hindustan Times]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20150425123019/http://www.hindustantimes.com/newdelhi/cops-got-wrong-man-for-jama-masjid-attack-bhatkal/article1-1122253.aspx|archive-date=25 April 2015|access-date=10 April 2015|url-status=dead}}</ref>
== वास्तुकला ==
जामा मस्जिद दिल्ली में शाह जहाँ की नई राजधानी [[शाहजहानाबाद]] का भाग होता था। इसके निर्माण के समय, यह भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे बड़ी मस्जिद थी। शाह जहाँ ने कहा कि इसे [[फ़तेहपुर सीकरी]] की [[जामा मस्जिद, फतेहपुर सीकरी|जामा मस्जिद]] के अनुरूप निर्मित किया गया था, और इसे आँगन और बाहरी अभिकल्प में देखा जा सकता है। हालाँकि, मस्जिद का आंतरिक भाग [[आगरा]] की [[जामा मस्जिद, आगरा|जामा मस्जिद]] को दर्शाता है।<ref name="Asher2" />{{rp|202}} मस्जिद ज़्यादातर [[लाल बलुआ पत्थर|लाल बलुए पत्थर]] से बनी है, और इसमें अन्य मस्जिदों से ज़्यादा श्वेत संगमरमर है। काला संगमरमर भी एक सजावट है।<ref name=":22">{{Cite web|url=https://archnet.org/sites/1571|title=Jama Masjid (Delhi)|website=Archnet}}</ref><ref name="Asher2" />{{rp|250}} अरबी और फ़ारसी सुलेख मस्जिद के विभिन्न स्तहों में प्रकट हैं।<ref name=":22" /><ref name="Asher2" />{{rp|202}}<ref name=":03" />
एक पहाड़ी पर निर्मित होने के नाते, मस्जिद शहर से 10 m ऊँचे चबूतरे पर स्थित है।<ref name=":22" /><ref name=":03" /> परिसर [[मक्का (शहर)|मक्का]] की ओर पश्चिम की दिशा में स्थित है।<ref name=":03" /> इसके पास में एक शाही महाविद्यालय, शाही औषधालय और एक मदरसा होता था, लेकिन वे 1857 के विद्रोह के दौरान नष्ट हो गए थे।{{Sfn|Aziz|2017|p=17-18}}
=== द्वार ===
[[File:Visitor at Jama entrance.jpg|thumb|पूर्वी (मुख्य) द्वार]]
मस्जिद के दो द्वार हैं। मुख्य द्वार, जो तीन-मंज़िला पूर्वी द्वार है, मस्जिद का शाही प्रदेश होता था, जिससे केवल सम्राट और उनके सहयोगियों अंदर आ सकते थे। दूसरे दो प्रदेश उत्तरी और दक्षिणी द्वार हैं, जो दो मंज़िले हैं और जहाँ आम लोग जाते थे।<ref name=":2" /><ref name=":3">{{Cite book |last1=Alfieri |first1=Bianca Maria |title=Islamic Architecture of the Indian Subcontinent |last2=Borromeo |first2=Federico |publisher=Lawrence King Publishing |year=2000 |isbn=978-1-85669-189-5 |pages=248}}</ref> हर द्वार के सामने तीन क़दम वाली सीढ़ी है, जहाँ नमाज़ की मुद्राएँ श्वेत रंग से चिह्नित हैं।<ref name=":2" />
== शाही इमाम ==
शाह जहाँ की इच्छा भारत की सबसे महान मस्जिद बनाने की थी। वह यह भी चाहते थे कि उस मस्जिद के इमाम साम्राज्य के सबसे बड़े धार्मिक नेता होंगे। इस प्रकार जामा मस्जिद के इमाम को शाही इमाम की उपाधि दी गई। [[औरंगज़ेब]] के राज से सभी मुग़ल सम्राटों को दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम द्वारा ताज पहनाया गया था।<ref>{{cite book |last1=Hajianfard |first1=Ramin |title=Building of the Jama Masjid in Delhi (1650-1656) |date=2016 |publisher=CA, ABC-CLIO |location=Santa Barbara |isbn=978-1610695664 |page=784 }}</ref>
सारे शाही इमाम मस्जिद के पहले इमाम, सैयद अब्दुल ग़फ़ूर शाह बुख़ारी, के वंशज हैं, जिन्हें शाह जहाँ द्वारा चुना गया था।<ref name="Ur-Rahman"/>{{rp|34–35}} वर्तमान इमाम के होने वाले उत्तराधिकारी को नायब इमाम कहा जाता है।<ref name=ahmed/> शाही इमामों का उपनाम बुख़ारी है, क्योंकि उनकी वंशावली [[बुख़ारा]] से है।
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! सं. !! नाम !! उपाधि !! शुरू !! अंत !! कार्यकाल
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|align=center| {{nts|1}} || अब्दुल ग़फ़ूर शाह बुख़ारी || ''इमाम-उस-सुल्तान'' ||align=center|{{start date|1656|07|23|df=y}} ||align=center| ||align=right|
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|align=center| {{nts|2}} || अब्दुल शकूर शाह बुख़ारी || ||align=center| ||align=center| ||align=right|
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|align=center| {{nts|3}} || अब्दुल रहीम शाह बुख़ारी || ||align=center| ||align=center| ||align=right|
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|align=center| {{nts|4}} || अब्दुल ग़फ़ूर शाह बुख़ारी द्वितीय || ||align=center| ||align=center| ||align=right|
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|align=center| {{nts|6}} || अब्दुल करीम शाह बुख़ारी || ||align=center| ||align=center| ||align=right|
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|align=center| {{nts|8}} || मीर अहमद अली शाह बुख़ारी || ||align=center| ||align=center| ||align=right|
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|align=center| {{nts|9}} || मोहम्मद शाह बुख़ारी || ||align=center| {{start date|1892|10|16|df=y}} ||align=center| ||align=right|
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|align=center| {{nts|10}} || अहमद बुख़ारी || ''शम्स-उल-उलमा'' ||align=center| ||align=center| ||align=right|
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|align=center| {{nts|11}} || हमीद बुख़ारी || ||align=center| {{start date|1942|02|20|df=y}} ||align=center| {{end date|1973|07|08|df=y}} ||align=right| {{age in years and days|1942|02|20|1973|07|08}}
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! colspan="6" |स्रोत:<ref>{{Cite web|date=अक्टूबर 15, 2008|title=इमाम बुख़ारी की वंशावली|url=http://twocircles.net/2008oct15/imam_bukhari_s_family_tree.html}}</ref><ref name="Ur-Rahman"/>{{rp|34–35}}
|}
== गैलरी ==
<div style="text-align: center;">
<gallery>
Image:JMasjid_01.jpg|मुख्य प्रवेश
File:Main entrance from inside, Jama Masjid, Delhi.jpg|अन्दर से मुख्य प्रवेश
File:Iron door of the main entrance, Jama Masjid, Delhi.jpg|मुख्य प्रवेश का लोहे का दरवाज़ा
Image:Jama Masjid, Domes, Delhi, India.jpg|बीच की गुम्बद
Image:Jama Masjid, Domes and minarets, Old Delhi, India.jpg|मीनारें
Image:JMasjid_04.jpg|महराबें
File:Detail of the entrance, Jama Masjid, Delhi.jpg|प्रवेश द्वार
Image:JMasjid_05.jpg|अन्दर से मुख्य प्रवेश
Image:JMasjid_06.jpg|अन्दर का भाग, महराबें
File:Jama Masjid, Prayer area and interior arches, Delhi, India.jpg|महराबें
Image:JMasjid_07.jpg|मुख्य महराब
Image:Jama Masjid, Arcades, Delhi, India.jpg|मस्जिद से लाल क़िले का दृश्य
Image:The_old_mosque_jama_masjid_in_delhi.jpg|जामा मस्जिद का एक दृश्य
</gallery>
</div>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में इस्लाम]]
* [[भारत में मस्जिदों की सूची]]
== संदर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{commonscat|Jama Masjid, Delhi|जामा मस्जिद, दिल्ली}}
* {{wikivoyage|Jama Masjid}}
* [https://web.archive.org/web/20090214094125/http://www.ianandwendy.com/slideshow/OtherTrips/India/Delhi/Jama%20Masjid Pictures of the Jama Masjid in Delhi]
* [https://web.archive.org/web/20070927132442/http://www.new-delhi-india.info/tourist-attractions/jama-majid/ Jama Masjid]
* {{Flickr-inline|jamamasjid}}
* [http://maps.google.com/maps?ll=28.65075,77.233071&q=28.65075,77.233071&spn=0.002401,0.00537&t=h Satellite picture by Google Maps]
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|title=जामा मस्जिद
|list =
{{भारत में मस्जिदें}}
{{मुगल }}
{{दिल्ली के मुख्य स्थल}}
}}
[[श्रेणी:दिल्ली में पुरातात्विक स्मारक]]
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें]]
[[श्रेणी:दिल्ली में राष्ट्रीय महत्तव के स्मारक]]
[[श्रेणी:भारत में गुंबद वाली मस्जिदें]]
[[श्रेणी:भारत में मीनार वाली मस्जिदें]]
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[[श्रेणी:मुग़ल मस्जिदें]]
[[श्रेणी:भारत में सुन्नी मस्जिदें]]
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शूद्र
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text/x-wiki
'''शूद्र''' भारत में [[हिन्दू वर्ण व्यवस्था]] के [[चार वर्ण]]ों में से एक है। शूद्र वर्ण की सनातन धर्म में विभिन्न कालखण्दों में क्या स्थिति थी, इस पर बहुत मतभेद है।
[[भीमराव आम्बेडकर|बी आर अम्बेडकर]]<ref>{{cite book|last1=Dr. B.R. Ambedkar|first1=|title=Who were the Shudras?|date=1949|publisher=Thackers|location=Bombay}}</ref><ref>{{citation|last1=Karmarkar|first1=A.P.|title=Review: Who were the Shudras? by Bhimrao Ramji Ambedkar|date=1946|journal=Annals of the Bhandarkar Oriental Research Institute |volume=30 |issue=1-2 |pages=158–160 |jstor=41784527}}</ref> द्वारा लिखित पुस्तक '''''हु वज़ द शूद्रस?''''' में [[ऋग्वेद]], [[महाभारत]] और अन्य [[वैदिक धर्म|प्राचीन वैदिक धर्मग्रंथों]] का हवाला देते हुए वे कहते हैं कि शूद्र मूल रूप से आर्य नही थे।<ref>http://www.ambedkar.org/ambcd/38A.%20Who%20were%20the%20Shudras%20Preface.htm#PRE</ref><ref>http://www.ambedkar.org/ambcd/38C2.%20Who%20were%20the%20Shudras%20PART%20II.htm#a11</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[वर्ण]]
* [[हिन्दू वर्ण व्यवस्था|वर्ण व्यवस्था]]
* [[भीमराव आम्बेडकर|बी आर अम्बेडकर]]
* [[जाति]]
* [[अस्पृश्यता|अछूत]]
* [[दलित]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://books.google.co.in/books?id=ym4ZWiOxHSgC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false शूद्रों का प्राचीन इतिहास] (गूगल पुस्तक ; लेखक - रामशरण शर्मा)
*[http://literature.awgp.org/akhandjyoti/1958/October/v2.12 वास्तविक ब्राह्मण और शूद्र कौन है?]
*[https://sudhirvyas.word_press.com/2015/09/10/%E0%A4%B6%E0%A5%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%A5%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%A8/ इस्लाम एवं ब्रिटिशकाल की पैदाइश '''जन्मना जातिप्रथा''']{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }}
*[http://jayvijay.co/2015/01/27/%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-2/ वेद और शूद्र-2]
*[http://aryamantavya.in/manu-ke-mat-men-shudra/#comment-8523 मनु के मत में शूद्र अछूत नहीं]{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:जाति]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
[[श्रेणी:वर्णव्यवस्था]]
[[श्रेणी:भारतीय उप जातियाँ]]
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महावीर
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2026-03-29T08:49:58Z
Ahinsa jain
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text/x-wiki
[[File:Bhagwan Mahaveer.jpg|thumb|भगवान महावीर की जन्म भूमि क्षत्रियकुंड जमुई]]
{{जैन तीर्थंकर
| subheader = '''चौबीसवें [[तीर्थंकर]]'''
| अन्य नाम = वीर, वर्धमान
| पूर्व_तीर्थंकर = [[पार्श्वनाथ]]
| शिक्षाएं = अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकान्तवाद
| वंश = ज्ञातिय
| पिता = [[राजा सिद्धार्थ]]
| माता = [[त्रिशला]]
| एतिहासिक_काल = ल॰ ५९९ – ५२७ ई॰पू॰
| च्यवन =
| च्यवन_स्थान =
| जन्म = चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
| जन्म_स्थान = क्षत्रियकुंड, [[वैशाली]] के निकट
| दीक्षा =
| दीक्षा_स्थान =
| केवल_ज्ञान =
| केवलज्ञान_स्थान =
| मोक्ष = कार्तिक कृष्ण अमावस्या
| मोक्ष_स्थान = [[पावापुरी]], जिला [[नालंदा]], [[बिहार]]
| रंग = [[स्वर्ण]]
| चिन्ह = [[सिंह]]
| ऊँचाई = [[६|6]] फीट ([[७|7]] हाथ)
| आयु = [[७२|72]] वर्ष
| वृक्ष =
| यक्ष = मातंग
| यक्षिणी = सिद्धायिका
| प्रथम_गणधर = [[गौतम गणधर]]
| गणधरों_की_संख्य = ११
}}
भगवान '''महावीर''' (Mahāvīra) [[जैन धर्म]] के चौंबीसवें ([[२४|24]]वें) [[तीर्थंकर]] थे। भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार वर्ष पहले (ईसा से 599 वर्ष पूर्व), [[वैशाली]] गणराज्य के क्षत्रियकुंड में क्षत्रिय परिवार हुआ था। तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गये। 12 वर्षो की कठिन तपस्या के बाद उन्हें [[केवलज्ञान]] प्राप्त हुआ जिसके पश्चात् उन्होंने [[समवशरण]] में ज्ञान प्रसारित किया। 72 वर्ष की आयु में उन्हें [[पावापुरी]] से [[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]] की प्राप्ति हुई। इस दौरान महावीर स्वामी के कई अनुयायी बने जिसमें उस समय के प्रमुख राजा [[बिम्बिसार]], कुणिक और [[चेटक]] भी शामिल थे। जैन समाज द्वारा महावीर स्वामी के जन्म दिवस को [[महावीर-जयंती]] तथा उनके मोक्ष दिवस को [[दीपावली]] के रूप में धूम धाम से मनाया जाता है। कार्तिक शुक्ल एकम को निर्वाण लाडू चढ़ाया जाता हैं।
जैन ग्रन्थों के अनुसार समय–२ पर धर्म तीर्थ के प्रवर्तन के लिए तीर्थंकरों का जन्म होता है, जो सभी जीवों को आत्मिक सुख प्राप्ति का उपाय बताते है। तीर्थंकरों की संख्या चौबीस ही कही गयी है। भगवान महावीर वर्तमान [[अवसर्पिणी]] काल की चौबीसी के अंतिम तीर्थंकर थे और हिंसा, पशुबलि, जात-पात का भेद-भाव जिस युग में बढ़ गया, उसी युग में भगवान महावीर का जन्म हुआ। उन्होंने दुनिया को सत्य,अहिंसा का पाठ पढ़ाया। तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक गुण बताया।उन्होंने दुनिया को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो है– [[अहिंसा]], [[सत्य]], [[अपरिग्रह]], अचौर्य ([[अस्तेय]]) ,[[ब्रह्मचर्य]]। उन्होंने [[अनेकांतवाद|अनेकांतवाद,]] [[स्यादवाद]] और [[अपरिग्रह]] जैसे अद्भुत महाव्रती सिद्धान्त दिए। महावीर के सर्वोदयी तीर्थों में क्षेत्र, काल, समय या जाति की सीमाएँ नहीं थीं। भगवान महावीर का आत्म धर्म जगत की प्रत्येक आत्मा के लिए समान था। दुनिया की सभी आत्मा एक-सी हैं इसलिए हम दूसरों के प्रति वही विचार एवं व्यवहार रखें जो हमें स्वयं को पसन्द हो। यही महावीर का 'जियो और जीने दो' का सिद्धान्त है।
== जीवन ==
=== जन्म ===
भगवन महावीर का जन्म ईसा से 599 वर्ष पहले वैशाली गणतंत्र के कुण्डग्राम में [[इक्ष्वाकु वंश]] के क्षत्रिय [[राजा सिद्धार्थ]] और रानी [[त्रिशला]] के यहाँ चैत्र शुक्ल तेरस को हुआ था। {{Citation needed}} ग्रंथों के अनुसार उनके जन्म के बाद राज्य में उन्नति होने से उनका नाम वर्धमान रखा गया था।
जैन ग्रंथों के अनुसार, २३वें तीर्थंकर [[पार्श्वनाथ]] जी के निर्वाण ([[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]]) प्राप्त करने के २५० वर्ष बाद इनका जन्म हुआ था।
===विवाह===
इनका विवाह यशोदा नामक सुकन्या के साथ सम्पन्न हुआ था और कालांतर में प्रियदर्शिनी नाम की कन्या उत्पन्न हुई जिसका युवा होने पर राजकुमार जमाली के साथ विवाह हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://jainqq.org/explore/001854/201|title=Search, Seek, and Discover Jain Literature.|last=JaineLibrary|first=Anish Visaria|website=jainqq.org|access-date=2024-10-14}}</ref>
== तपस्या ==
{{main|भगवान महावीर का साधना काल}}
भगवान महावीर का साधना काल १२ वर्ष का था।{{sfn|Pannalal Jain|2015|p=466}} दीक्षा लेने के उपरान्त भगवान महावीर ने [[जिनकल्पी श्रमण]] की कठिन चर्या को अंगीकार किया। श्वेतांबर सम्प्रदाय जिसमें साधु श्वेत वस्त्र धारण करते है के अनुसार भी महावीर दीक्षा उपरान्त कुछ समय छोड़कर निर्वस्त्र रहे और उन्होंने केवल ज्ञान की प्राप्ति भी [[जिनकल्पी]]अवस्था में ही की। अपने पूरे साधना काल के दौरान महावीर ने कठिन तपस्या की और मौन रहे। इन वर्षों में उन पर कई ऊपसर्ग भी हुए जिनका उल्लेख कई प्राचीन जैन ग्रंथों में मिलता है।
== केवल ज्ञान और उपदेश ==
{{see also|जैन धर्म में भगवान}}
जैन ग्रन्थों के अनुसार [[केवल ज्ञान]] प्राप्ति के बाद, भगवान महावीर ने उपदेश दिया। उनके ११ गणधर (मुख्य शिष्य) थे जिनमें प्रथम [[इंद्रभूति गौतम|इंद्रभूति]] थे।
===पाँच व्रत===
* '''सत्य''' ― सत्य के बारे में भगवान महावीर स्वामी कहते हैं, हे पुरुष! तू सत्य को ही सच्चा तत्व समझ। जो बुद्धिमान सत्य की ही आज्ञा में रहता है, वह मृत्यु को तैरकर पार कर जाता है।
* '''अहिंसा''' – इस लोक में जितने भी त्रस जीव (एक, दो, तीन, चार और [[पंचेंद्रीय (जैन)|पाँच इंद्रीयों वाले जीव]]) है उनकी हिंसा मत कर, उनको उनके पथ पर जाने से न रोको। उनके प्रति अपने मन में दया का भाव रखो। उनकी रक्षा करो। यही अहिंसा का संदेश भगवान महावीर अपने उपदेशों से हमें देते हैं।
*'''अचौर्य''' - दुसरे के वस्तु बिना उसके दिए हुआ ग्रहण करना जैन ग्रंथों में चोरी कहा गया है।
* '''अपरिग्रह''' – आवश्यक चीजों के उपयोग ही किया जाए।
* '''ब्रह्मचर्य''' - महावीर स्वामी ब्रह्मचर्य के बारे में अपने बहुत ही अमूल्य उपदेश देते हैं कि ब्रह्मचर्य उत्तम तपस्या, नियम, ज्ञान, दर्शन, चारित्र, संयम और विनय की जड़ है। तपस्या में ब्रह्मचर्य श्रेष्ठ तपस्या है।
[[जैन मुनि]], [[जैन साध्वी]] इन्हें पूर्ण रूप से पालन करते है, इसलिए उनके महाव्रत होते है और [[श्रावक]], श्राविका इनका एक देश पालन करते है, इसलिए उनके अणुव्रत कहे जाते है।
;[[क्षमा]]
क्षमा के बारे में भगवान महावीर कहते हैं- 'मैं सब जीवों से क्षमा चाहता हूँ। जगत के सभी जीवों के प्रति मेरा मैत्रीभाव है। मेरा किसी से वैर नहीं है। मैं सच्चे हृदय से धर्म में स्थिर हुआ हूँ। सब जीवों से मैं सारे अपराधों की क्षमा माँगता हूँ। सब जीवों ने मेरे प्रति जो अपराध किए हैं, उन्हें मैं क्षमा करता हूँ।'
वे यह भी कहते हैं 'मैंने अपने मन में जिन-जिन पाप की वृत्तियों का संकल्प किया हो, वचन से जो-जो पाप वृत्तियाँ प्रकट की हों और शरीर से जो-जो पापवृत्तियाँ की हों, मेरी वे सभी पापवृत्तियाँ विफल हों। मेरे वे सारे पाप मिथ्या हों।'
;[[धर्म]]
धर्म सबसे उत्तम मंगल है। अहिंसा, संयम और तप ही धर्म है। महावीरजी कहते हैं जो धर्मात्मा है, जिसके मन में सदा धर्म रहता है, उसे देवता भी नमस्कार करते हैं।
भगवान महावीर ने अपने प्रवचनों में धर्म, सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, क्षमा पर सबसे अधिक जोर दिया। त्याग और संयम, प्रेम और करुणा, शील और सदाचार ही उनके प्रवचनों का सार था।
== मोक्ष ==
[[File:Jal Mandir.The Jain Temple at Pawapur,.jpg|right|thumb|270px|पावापुरी में स्थित जल मंदिर।]]
तीर्थंकर महावीर का केवली काल ३० वर्ष का था। उनके के संघ में १४००० साधु, ३६००० साध्वी, १००००० श्रावक और ३००००० श्रविकाएँ थी। भगवान महावीर ने ईसापूर्व 527, 72 वर्ष की आयु में बिहार के [[पावापुरी]] (राजगीर) में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण ([[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]]) प्राप्त किया। पावापुरी में एक जल मंदिर स्थित है जिसके बारे में कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहाँ से महावीर स्वामी की देह का अग्निसंस्कार किया गया।
== वर्तमान में ==
महावीर की अहिंसा केवल सीधे वध को ही हिंसा नहीं मानती है, अपितु मन में किसी के प्रति बुरा विचार भी हिंसा है। वर्तमान युग में प्रचलित नारा 'समाजवाद' तब तक सार्थक नहीं होगा जब तक आर्थिक विषमता रहेगी। एक ओर अथाह पैसा, दूसरी ओर अभाव। इस असमानता की खाई को केवल भगवान महावीर का '[[अपरिग्रह]]' का सिद्धांत भर सकता है। अपरिग्रह का सिद्धांत कम साधनों में अधिक संतुष्टि पर बल देता है। यह आवश्यकता से ज्यादा रखने की सहमति नहीं देता है।
भगवान महावीर के अनुयायी उनके नाम का स्मरण श्रद्धा और भक्ति से लेते है, उनका यह मानना है कि महावीर ने इस जगत को न केवल मुक्ति का संदेश दिया,अपितु मुक्ति की सरल और सच्ची राह भी बताई। भगवान महावीर ने आत्मिक और शाश्वत सुख की प्राप्ति हेतु [[अहिंसा|अहिंसा धर्म]] का उपदेश दिया।
== साहित्य ==
[[कल्पसूत्र]]
== पुरातत्व ==
<gallery>
File:Thirakoil-mahaaveerar.JPG|350px|तमिल नाडु, थिराकोइल
File:7th - 12th century Mahavira flanked by 24 Tirthankaras in Cave 4, Badami Jain cave temple Karnataka.jpg|350px|भगवान महावीर और अन्य २३ तीर्थंकर (बादामी गुफा, कर्नाटक)
</gallery>
भगवान महावीर की कई प्राचीन प्रतिमाओं के देश और विदेश के संग्रहालयों में दर्शन होते है। महाराष्ट्र के एल्लोरा गुफाओं में भगवान महावीर की प्रतिमा मौजूद है। कर्नाटक की बादामी गुफाओं में भी भगवान महावीर की प्रतिमा स्थित है।
==इन्हें भी देखें==
* [[केवली]]
* [[जय जिनेन्द्र]]
* [[जैन धर्म में भगवान]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[[जैन धर्म]] भगवान महावीर एवं जैन दर्शन- महावीर सरन जैन (2013) लोक भारती प्रकाशन इलाहाबाद ( प्रयागराज) ISBN : 978 - 81-8031-080 -9
{{जैन विषय}}
[[श्रेणी:धर्म]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
[[श्रेणी:जैन धर्म]]
[[श्रेणी:तीर्थंकर]]
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2026-03-29T10:18:01Z
Ahinsa jain
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साहित्य
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wikitext
text/x-wiki
[[File:Bhagwan Mahaveer.jpg|thumb|भगवान महावीर की जन्म भूमि क्षत्रियकुंड जमुई]]
{{जैन तीर्थंकर
| subheader = '''चौबीसवें [[तीर्थंकर]]'''
| अन्य नाम = वीर, वर्धमान
| पूर्व_तीर्थंकर = [[पार्श्वनाथ]]
| शिक्षाएं = अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकान्तवाद
| वंश = ज्ञातिय
| पिता = [[राजा सिद्धार्थ]]
| माता = [[त्रिशला]]
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| यक्ष = मातंग
| यक्षिणी = सिद्धायिका
| प्रथम_गणधर = [[गौतम गणधर]]
| गणधरों_की_संख्य = ११
}}
भगवान '''महावीर''' (Mahāvīra) [[जैन धर्म]] के चौंबीसवें ([[२४|24]]वें) [[तीर्थंकर]] थे। भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार वर्ष पहले (ईसा से 599 वर्ष पूर्व), [[वैशाली]] गणराज्य के क्षत्रियकुंड में क्षत्रिय परिवार हुआ था। तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गये। 12 वर्षो की कठिन तपस्या के बाद उन्हें [[केवलज्ञान]] प्राप्त हुआ जिसके पश्चात् उन्होंने [[समवशरण]] में ज्ञान प्रसारित किया। 72 वर्ष की आयु में उन्हें [[पावापुरी]] से [[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]] की प्राप्ति हुई। इस दौरान महावीर स्वामी के कई अनुयायी बने जिसमें उस समय के प्रमुख राजा [[बिम्बिसार]], कुणिक और [[चेटक]] भी शामिल थे। जैन समाज द्वारा महावीर स्वामी के जन्म दिवस को [[महावीर-जयंती]] तथा उनके मोक्ष दिवस को [[दीपावली]] के रूप में धूम धाम से मनाया जाता है। कार्तिक शुक्ल एकम को निर्वाण लाडू चढ़ाया जाता हैं।
जैन ग्रन्थों के अनुसार समय–२ पर धर्म तीर्थ के प्रवर्तन के लिए तीर्थंकरों का जन्म होता है, जो सभी जीवों को आत्मिक सुख प्राप्ति का उपाय बताते है। तीर्थंकरों की संख्या चौबीस ही कही गयी है। भगवान महावीर वर्तमान [[अवसर्पिणी]] काल की चौबीसी के अंतिम तीर्थंकर थे और हिंसा, पशुबलि, जात-पात का भेद-भाव जिस युग में बढ़ गया, उसी युग में भगवान महावीर का जन्म हुआ। उन्होंने दुनिया को सत्य,अहिंसा का पाठ पढ़ाया। तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक गुण बताया।उन्होंने दुनिया को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो है– [[अहिंसा]], [[सत्य]], [[अपरिग्रह]], अचौर्य ([[अस्तेय]]) ,[[ब्रह्मचर्य]]। उन्होंने [[अनेकांतवाद|अनेकांतवाद,]] [[स्यादवाद]] और [[अपरिग्रह]] जैसे अद्भुत महाव्रती सिद्धान्त दिए। महावीर के सर्वोदयी तीर्थों में क्षेत्र, काल, समय या जाति की सीमाएँ नहीं थीं। भगवान महावीर का आत्म धर्म जगत की प्रत्येक आत्मा के लिए समान था। दुनिया की सभी आत्मा एक-सी हैं इसलिए हम दूसरों के प्रति वही विचार एवं व्यवहार रखें जो हमें स्वयं को पसन्द हो। यही महावीर का 'जियो और जीने दो' का सिद्धान्त है।
== जीवन ==
=== जन्म ===
भगवन महावीर का जन्म ईसा से 599 वर्ष पहले वैशाली गणतंत्र के कुण्डग्राम में [[इक्ष्वाकु वंश]] के क्षत्रिय [[राजा सिद्धार्थ]] और रानी [[त्रिशला]] के यहाँ चैत्र शुक्ल तेरस को हुआ था। {{Citation needed}} ग्रंथों के अनुसार उनके जन्म के बाद राज्य में उन्नति होने से उनका नाम वर्धमान रखा गया था।
जैन ग्रंथों के अनुसार, २३वें तीर्थंकर [[पार्श्वनाथ]] जी के निर्वाण ([[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]]) प्राप्त करने के २५० वर्ष बाद इनका जन्म हुआ था।
===विवाह===
श्वेतांबर मत अनुसार इनका विवाह यशोदा नामक सुकन्या के साथ सम्पन्न हुआ था और कालांतर में प्रियदर्शिनी नाम की कन्या उत्पन्न हुई जिसका युवा होने पर राजकुमार जमाली के साथ विवाह हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://jainqq.org/explore/001854/201|title=Search, Seek, and Discover Jain Literature.|last=JaineLibrary|first=Anish Visaria|website=jainqq.org|access-date=2024-10-14}}</ref>
== तपस्या ==
{{main|भगवान महावीर का साधना काल}}
भगवान महावीर का साधना काल १२ वर्ष का था।{{sfn|Pannalal Jain|2015|p=466}} दीक्षा लेने के उपरान्त भगवान महावीर ने [[जिनकल्पी श्रमण]] की कठिन चर्या को अंगीकार किया। श्वेतांबर सम्प्रदाय जिसमें साधु श्वेत वस्त्र धारण करते है के अनुसार भी महावीर दीक्षा उपरान्त कुछ समय छोड़कर निर्वस्त्र रहे और उन्होंने केवल ज्ञान की प्राप्ति भी [[जिनकल्पी]]अवस्था में ही की। अपने पूरे साधना काल के दौरान महावीर ने कठिन तपस्या की और मौन रहे। इन वर्षों में उन पर कई ऊपसर्ग भी हुए जिनका उल्लेख कई प्राचीन जैन ग्रंथों में मिलता है।
== केवल ज्ञान और उपदेश ==
{{see also|जैन धर्म में भगवान}}
जैन ग्रन्थों के अनुसार [[केवल ज्ञान]] प्राप्ति के बाद, भगवान महावीर ने उपदेश दिया। उनके ११ गणधर (मुख्य शिष्य) थे जिनमें प्रथम [[इंद्रभूति गौतम|इंद्रभूति]] थे।
===पाँच व्रत===
* '''सत्य''' ― सत्य के बारे में भगवान महावीर स्वामी कहते हैं, हे पुरुष! तू सत्य को ही सच्चा तत्व समझ। जो बुद्धिमान सत्य की ही आज्ञा में रहता है, वह मृत्यु को तैरकर पार कर जाता है।
* '''अहिंसा''' – इस लोक में जितने भी त्रस जीव (एक, दो, तीन, चार और [[पंचेंद्रीय (जैन)|पाँच इंद्रीयों वाले जीव]]) है उनकी हिंसा मत कर, उनको उनके पथ पर जाने से न रोको। उनके प्रति अपने मन में दया का भाव रखो। उनकी रक्षा करो। यही अहिंसा का संदेश भगवान महावीर अपने उपदेशों से हमें देते हैं।
*'''अचौर्य''' - दुसरे के वस्तु बिना उसके दिए हुआ ग्रहण करना जैन ग्रंथों में चोरी कहा गया है।
* '''अपरिग्रह''' – आवश्यक चीजों के उपयोग ही किया जाए।
* '''ब्रह्मचर्य''' - महावीर स्वामी ब्रह्मचर्य के बारे में अपने बहुत ही अमूल्य उपदेश देते हैं कि ब्रह्मचर्य उत्तम तपस्या, नियम, ज्ञान, दर्शन, चारित्र, संयम और विनय की जड़ है। तपस्या में ब्रह्मचर्य श्रेष्ठ तपस्या है।
[[जैन मुनि]], [[जैन साध्वी]] इन्हें पूर्ण रूप से पालन करते है, इसलिए उनके महाव्रत होते है और [[श्रावक]], श्राविका इनका एक देश पालन करते है, इसलिए उनके अणुव्रत कहे जाते है।
;[[क्षमा]]
क्षमा के बारे में भगवान महावीर कहते हैं- 'मैं सब जीवों से क्षमा चाहता हूँ। जगत के सभी जीवों के प्रति मेरा मैत्रीभाव है। मेरा किसी से वैर नहीं है। मैं सच्चे हृदय से धर्म में स्थिर हुआ हूँ। सब जीवों से मैं सारे अपराधों की क्षमा माँगता हूँ। सब जीवों ने मेरे प्रति जो अपराध किए हैं, उन्हें मैं क्षमा करता हूँ।'
वे यह भी कहते हैं 'मैंने अपने मन में जिन-जिन पाप की वृत्तियों का संकल्प किया हो, वचन से जो-जो पाप वृत्तियाँ प्रकट की हों और शरीर से जो-जो पापवृत्तियाँ की हों, मेरी वे सभी पापवृत्तियाँ विफल हों। मेरे वे सारे पाप मिथ्या हों।'
;[[धर्म]]
धर्म सबसे उत्तम मंगल है। अहिंसा, संयम और तप ही धर्म है। महावीरजी कहते हैं जो धर्मात्मा है, जिसके मन में सदा धर्म रहता है, उसे देवता भी नमस्कार करते हैं।
भगवान महावीर ने अपने प्रवचनों में धर्म, सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, क्षमा पर सबसे अधिक जोर दिया। त्याग और संयम, प्रेम और करुणा, शील और सदाचार ही उनके प्रवचनों का सार था।
== मोक्ष ==
[[File:Jal Mandir.The Jain Temple at Pawapur,.jpg|right|thumb|270px|पावापुरी में स्थित जल मंदिर।]]
तीर्थंकर महावीर का केवली काल ३० वर्ष का था। उनके के संघ में १४००० साधु, ३६००० साध्वी, १००००० श्रावक और ३००००० श्रविकाएँ थी। भगवान महावीर ने ईसापूर्व 527, 72 वर्ष की आयु में बिहार के [[पावापुरी]] (राजगीर) में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण ([[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]]) प्राप्त किया। पावापुरी में एक जल मंदिर स्थित है जिसके बारे में कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहाँ से महावीर स्वामी की देह का अग्निसंस्कार किया गया।
== वर्तमान में ==
महावीर की अहिंसा केवल सीधे वध को ही हिंसा नहीं मानती है, अपितु मन में किसी के प्रति बुरा विचार भी हिंसा है। वर्तमान युग में प्रचलित नारा 'समाजवाद' तब तक सार्थक नहीं होगा जब तक आर्थिक विषमता रहेगी। एक ओर अथाह पैसा, दूसरी ओर अभाव। इस असमानता की खाई को केवल भगवान महावीर का '[[अपरिग्रह]]' का सिद्धांत भर सकता है। अपरिग्रह का सिद्धांत कम साधनों में अधिक संतुष्टि पर बल देता है। यह आवश्यकता से ज्यादा रखने की सहमति नहीं देता है।
भगवान महावीर के अनुयायी उनके नाम का स्मरण श्रद्धा और भक्ति से लेते है, उनका यह मानना है कि महावीर ने इस जगत को न केवल मुक्ति का संदेश दिया,अपितु मुक्ति की सरल और सच्ची राह भी बताई। भगवान महावीर ने आत्मिक और शाश्वत सुख की प्राप्ति हेतु [[अहिंसा|अहिंसा धर्म]] का उपदेश दिया।
== साहित्य ==
* [[उत्तरपुराण]] के ७४वे पर्व में [[महावीर के पूर्व भव]] और अंतिम भगवान रूप जन्म का विस्तृत वर्णन है।
* [[कल्पसूत्र]]
== पुरातत्व ==
<gallery>
File:Thirakoil-mahaaveerar.JPG|350px|तमिल नाडु, थिराकोइल
File:7th - 12th century Mahavira flanked by 24 Tirthankaras in Cave 4, Badami Jain cave temple Karnataka.jpg|350px|भगवान महावीर और अन्य २३ तीर्थंकर (बादामी गुफा, कर्नाटक)
</gallery>
भगवान महावीर की कई प्राचीन प्रतिमाओं के देश और विदेश के संग्रहालयों में दर्शन होते है। महाराष्ट्र के एल्लोरा गुफाओं में भगवान महावीर की प्रतिमा मौजूद है। कर्नाटक की बादामी गुफाओं में भी भगवान महावीर की प्रतिमा स्थित है।
==इन्हें भी देखें==
* [[केवली]]
* [[जय जिनेन्द्र]]
* [[जैन धर्म में भगवान]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[[जैन धर्म]] भगवान महावीर एवं जैन दर्शन- महावीर सरन जैन (2013) लोक भारती प्रकाशन इलाहाबाद ( प्रयागराज) ISBN : 978 - 81-8031-080 -9
{{जैन विषय}}
[[श्रेणी:धर्म]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
[[श्रेणी:जैन धर्म]]
[[श्रेणी:तीर्थंकर]]
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6534226
6534199
2026-03-29T11:16:01Z
Ahinsa jain
904432
संदर्भ जोड़े
6534226
wikitext
text/x-wiki
[[File:Bhagwan Mahaveer.jpg|thumb|भगवान महावीर की जन्म भूमि क्षत्रियकुंड जमुई]]
{{जैन तीर्थंकर
| subheader = '''चौबीसवें [[तीर्थंकर]]'''
| अन्य नाम = वीर, वर्धमान
| पूर्व_तीर्थंकर = [[पार्श्वनाथ]]
| शिक्षाएं = अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकान्तवाद
| वंश = ज्ञातिय
| पिता = [[राजा सिद्धार्थ]]
| माता = [[त्रिशला]]
| एतिहासिक_काल = ल॰ ५९९ – ५२७ ई॰पू॰
| च्यवन =
| च्यवन_स्थान =
| जन्म = चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
| जन्म_स्थान = क्षत्रियकुंड, [[वैशाली]] के निकट
| दीक्षा =
| दीक्षा_स्थान =
| केवल_ज्ञान =
| केवलज्ञान_स्थान =
| मोक्ष = कार्तिक कृष्ण अमावस्या
| मोक्ष_स्थान = [[पावापुरी]], जिला [[नालंदा]], [[बिहार]]
| रंग = [[स्वर्ण]]
| चिन्ह = [[सिंह]]
| ऊँचाई = [[६|6]] फीट ([[७|7]] हाथ)
| आयु = [[७२|72]] वर्ष
| वृक्ष =
| यक्ष = मातंग
| यक्षिणी = सिद्धायिका
| प्रथम_गणधर = [[गौतम गणधर]]
| गणधरों_की_संख्य = ११
}}
भगवान '''महावीर''' (Mahāvīra) [[जैन धर्म]] के चौंबीसवें ([[२४|24]]वें) [[तीर्थंकर]] थे। भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार वर्ष पहले (ईसा से 599 वर्ष पूर्व), [[वैशाली]] गणराज्य के क्षत्रियकुंड में क्षत्रिय परिवार हुआ था। तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गये। 12 वर्षो की कठिन तपस्या के बाद उन्हें [[केवलज्ञान]] प्राप्त हुआ जिसके पश्चात् उन्होंने [[समवशरण]] में ज्ञान प्रसारित किया। 72 वर्ष की आयु में उन्हें [[पावापुरी]] से [[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]] की प्राप्ति हुई। इस दौरान महावीर स्वामी के कई अनुयायी बने जिसमें उस समय के प्रमुख राजा [[बिम्बिसार]], कुणिक और [[चेटक]] भी शामिल थे। जैन समाज द्वारा महावीर स्वामी के जन्म दिवस को [[महावीर-जयंती]] तथा उनके मोक्ष दिवस को [[दीपावली]] के रूप में धूम धाम से मनाया जाता है। कार्तिक शुक्ल एकम को निर्वाण लाडू चढ़ाया जाता हैं।
जैन ग्रन्थों के अनुसार समय–२ पर धर्म तीर्थ के प्रवर्तन के लिए तीर्थंकरों का जन्म होता है, जो सभी जीवों को आत्मिक सुख प्राप्ति का उपाय बताते है। तीर्थंकरों की संख्या चौबीस ही कही गयी है। भगवान महावीर वर्तमान [[अवसर्पिणी]] काल की चौबीसी के अंतिम तीर्थंकर थे और हिंसा, पशुबलि, जात-पात का भेद-भाव जिस युग में बढ़ गया, उसी युग में भगवान महावीर का जन्म हुआ। उन्होंने दुनिया को सत्य,अहिंसा का पाठ पढ़ाया। तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक गुण बताया।उन्होंने दुनिया को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो है– [[अहिंसा]], [[सत्य]], [[अपरिग्रह]], अचौर्य ([[अस्तेय]]) ,[[ब्रह्मचर्य]]। उन्होंने [[अनेकांतवाद|अनेकांतवाद,]] [[स्यादवाद]] और [[अपरिग्रह]] जैसे अद्भुत महाव्रती सिद्धान्त दिए। महावीर के सर्वोदयी तीर्थों में क्षेत्र, काल, समय या जाति की सीमाएँ नहीं थीं। भगवान महावीर का आत्म धर्म जगत की प्रत्येक आत्मा के लिए समान था। दुनिया की सभी आत्मा एक-सी हैं इसलिए हम दूसरों के प्रति वही विचार एवं व्यवहार रखें जो हमें स्वयं को पसन्द हो। यही महावीर का 'जियो और जीने दो' का सिद्धान्त है।
== जीवन ==
=== जन्म ===
भगवन महावीर का जन्म ईसा से 599 वर्ष पहले वैशाली गणतंत्र के कुण्डग्राम में [[इक्ष्वाकु वंश]] के क्षत्रिय [[राजा सिद्धार्थ]] और रानी [[त्रिशला]] के यहाँ चैत्र शुक्ल तेरस को हुआ था।{{sfn|Jain|2011|p=460}} ग्रंथों के अनुसार उनके जन्म के बाद राज्य में उन्नति होने से उनका नाम वर्धमान रखा गया था।
जैन ग्रंथों के अनुसार, २३वें तीर्थंकर [[पार्श्वनाथ]] जी के निर्वाण ([[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]]) प्राप्त करने के २५० वर्ष बाद इनका जन्म हुआ था।
===विवाह===
श्वेतांबर मत अनुसार इनका विवाह यशोदा नामक सुकन्या के साथ सम्पन्न हुआ था और कालांतर में प्रियदर्शिनी नाम की कन्या उत्पन्न हुई जिसका युवा होने पर राजकुमार जमाली के साथ विवाह हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://jainqq.org/explore/001854/201|title=Search, Seek, and Discover Jain Literature.|last=JaineLibrary|first=Anish Visaria|website=jainqq.org|access-date=2024-10-14}}</ref>
== तपस्या ==
{{main|भगवान महावीर का साधना काल}}
भगवान महावीर का साधना काल १२ वर्ष का था।{{sfn|Pannalal Jain|2015|p=466}} दीक्षा लेने के उपरान्त भगवान महावीर ने [[जिनकल्पी श्रमण]] की कठिन चर्या को अंगीकार किया। श्वेतांबर सम्प्रदाय जिसमें साधु श्वेत वस्त्र धारण करते है के अनुसार भी महावीर दीक्षा उपरान्त कुछ समय छोड़कर निर्वस्त्र रहे और उन्होंने केवल ज्ञान की प्राप्ति भी [[जिनकल्पी]]अवस्था में ही की। अपने पूरे साधना काल के दौरान महावीर ने कठिन तपस्या की और मौन रहे। इन वर्षों में उन पर कई ऊपसर्ग भी हुए जिनका उल्लेख कई प्राचीन जैन ग्रंथों में मिलता है।
== केवल ज्ञान और उपदेश ==
{{see also|जैन धर्म में भगवान}}
जैन ग्रन्थों के अनुसार [[केवल ज्ञान]] प्राप्ति के बाद, भगवान महावीर ने उपदेश दिया। उनके ११ गणधर (मुख्य शिष्य) थे जिनमें प्रथम [[इंद्रभूति गौतम|इंद्रभूति]] थे।
===पाँच व्रत===
* '''सत्य''' ― सत्य के बारे में भगवान महावीर स्वामी कहते हैं, हे पुरुष! तू सत्य को ही सच्चा तत्व समझ। जो बुद्धिमान सत्य की ही आज्ञा में रहता है, वह मृत्यु को तैरकर पार कर जाता है।
* '''अहिंसा''' – इस लोक में जितने भी त्रस जीव (एक, दो, तीन, चार और [[पंचेंद्रीय (जैन)|पाँच इंद्रीयों वाले जीव]]) है उनकी हिंसा मत कर, उनको उनके पथ पर जाने से न रोको। उनके प्रति अपने मन में दया का भाव रखो। उनकी रक्षा करो। यही अहिंसा का संदेश भगवान महावीर अपने उपदेशों से हमें देते हैं।
*'''अचौर्य''' - दुसरे के वस्तु बिना उसके दिए हुआ ग्रहण करना जैन ग्रंथों में चोरी कहा गया है।
* '''अपरिग्रह''' – आवश्यक चीजों के उपयोग ही किया जाए।
* '''ब्रह्मचर्य''' - महावीर स्वामी ब्रह्मचर्य के बारे में अपने बहुत ही अमूल्य उपदेश देते हैं कि ब्रह्मचर्य उत्तम तपस्या, नियम, ज्ञान, दर्शन, चारित्र, संयम और विनय की जड़ है। तपस्या में ब्रह्मचर्य श्रेष्ठ तपस्या है।
[[जैन मुनि]], [[जैन साध्वी]] इन्हें पूर्ण रूप से पालन करते है, इसलिए उनके महाव्रत होते है और [[श्रावक]], श्राविका इनका एक देश पालन करते है, इसलिए उनके अणुव्रत कहे जाते है।
;[[क्षमा]]
क्षमा के बारे में भगवान महावीर कहते हैं- 'मैं सब जीवों से क्षमा चाहता हूँ। जगत के सभी जीवों के प्रति मेरा मैत्रीभाव है। मेरा किसी से वैर नहीं है। मैं सच्चे हृदय से धर्म में स्थिर हुआ हूँ। सब जीवों से मैं सारे अपराधों की क्षमा माँगता हूँ। सब जीवों ने मेरे प्रति जो अपराध किए हैं, उन्हें मैं क्षमा करता हूँ।'
वे यह भी कहते हैं 'मैंने अपने मन में जिन-जिन पाप की वृत्तियों का संकल्प किया हो, वचन से जो-जो पाप वृत्तियाँ प्रकट की हों और शरीर से जो-जो पापवृत्तियाँ की हों, मेरी वे सभी पापवृत्तियाँ विफल हों। मेरे वे सारे पाप मिथ्या हों।'
;[[धर्म]]
धर्म सबसे उत्तम मंगल है। अहिंसा, संयम और तप ही धर्म है। महावीरजी कहते हैं जो धर्मात्मा है, जिसके मन में सदा धर्म रहता है, उसे देवता भी नमस्कार करते हैं।
भगवान महावीर ने अपने प्रवचनों में धर्म, सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, क्षमा पर सबसे अधिक जोर दिया। त्याग और संयम, प्रेम और करुणा, शील और सदाचार ही उनके प्रवचनों का सार था।
== मोक्ष ==
[[File:Jal Mandir.The Jain Temple at Pawapur,.jpg|right|thumb|270px|पावापुरी में स्थित जल मंदिर।]]
तीर्थंकर महावीर का केवली काल ३० वर्ष का था। उनके के संघ में १४००० साधु, ३६००० साध्वी, १००००० श्रावक और ३००००० श्रविकाएँ थी। भगवान महावीर ने ईसापूर्व 527, 72 वर्ष की आयु में बिहार के [[पावापुरी]] (राजगीर) में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण ([[मोक्ष (जैन धर्म)|मोक्ष]]) प्राप्त किया। पावापुरी में एक जल मंदिर स्थित है जिसके बारे में कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहाँ से महावीर स्वामी की देह का अग्निसंस्कार किया गया।
== वर्तमान में ==
महावीर की अहिंसा केवल सीधे वध को ही हिंसा नहीं मानती है, अपितु मन में किसी के प्रति बुरा विचार भी हिंसा है। वर्तमान युग में प्रचलित नारा 'समाजवाद' तब तक सार्थक नहीं होगा जब तक आर्थिक विषमता रहेगी। एक ओर अथाह पैसा, दूसरी ओर अभाव। इस असमानता की खाई को केवल भगवान महावीर का '[[अपरिग्रह]]' का सिद्धांत भर सकता है। अपरिग्रह का सिद्धांत कम साधनों में अधिक संतुष्टि पर बल देता है। यह आवश्यकता से ज्यादा रखने की सहमति नहीं देता है।
भगवान महावीर के अनुयायी उनके नाम का स्मरण श्रद्धा और भक्ति से लेते है, उनका यह मानना है कि महावीर ने इस जगत को न केवल मुक्ति का संदेश दिया,अपितु मुक्ति की सरल और सच्ची राह भी बताई। भगवान महावीर ने आत्मिक और शाश्वत सुख की प्राप्ति हेतु [[अहिंसा|अहिंसा धर्म]] का उपदेश दिया।
== साहित्य ==
* [[उत्तरपुराण]] के ७४वे पर्व में [[महावीर के पूर्व भव]] और अंतिम भगवान रूप जन्म का विस्तृत वर्णन है।
* [[कल्पसूत्र]]
== पुरातत्व ==
<gallery>
File:Thirakoil-mahaaveerar.JPG|350px|तमिल नाडु, थिराकोइल
File:7th - 12th century Mahavira flanked by 24 Tirthankaras in Cave 4, Badami Jain cave temple Karnataka.jpg|350px|भगवान महावीर और अन्य २३ तीर्थंकर (बादामी गुफा, कर्नाटक)
</gallery>
भगवान महावीर की कई प्राचीन प्रतिमाओं के देश और विदेश के संग्रहालयों में दर्शन होते है। महाराष्ट्र के एल्लोरा गुफाओं में भगवान महावीर की प्रतिमा मौजूद है। कर्नाटक की बादामी गुफाओं में भी भगवान महावीर की प्रतिमा स्थित है।
==इन्हें भी देखें==
* [[केवली]]
* [[जय जिनेन्द्र]]
* [[जैन धर्म में भगवान]]
==सन्दर्भ==
<references/>
=== स्रोत ===
* {{cite book|last=Jain| first=Pannālāl |title=गुणभद्राचार्य जी विरचित उत्तर पुराण|publisher=भारितय ज्ञानपीठ |date=2011}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[[जैन धर्म]] भगवान महावीर एवं जैन दर्शन- महावीर सरन जैन (2013) लोक भारती प्रकाशन इलाहाबाद ( प्रयागराज) ISBN : 978 - 81-8031-080 -9
{{जैन विषय}}
[[श्रेणी:धर्म]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
[[श्रेणी:जैन धर्म]]
[[श्रेणी:तीर्थंकर]]
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व्लादिमीर पुतिन
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2026-03-29T00:34:53Z
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox officeholder
| birth_name = Vladimir Vladimirovich Putin
| name = व्लादिमीर पुतिन
| native_name = {{Nobold|Владимир Путин}}
| native_name_lang = ru
| image = Владимир Путин (2025-05-22) cropped.jpg
| alt =
| caption = '''2025 में पुतिन'up''
| office1 = [[रूस के राष्ट्रपति]]
| primeminister1 = विक्टर जुबकोव<br>[[दिमित्री मेदवेदेव]]
| term_start1 = 7 मई 2012
| term_end1 =
| predecessor1 = दिमित्री मेदवेदेव
| successor1 =
| primeminister2 = मिखाइल कास्यानोव<br>मिखाइल फ्रदकोव<br>विक्टर जुबकोव
| term_start2 = 7 मई 2000
| term_end2 = 7 मई 2008<br><small>कार्यवाहक: 31 दिसम्बर 1999 – 7 मई 2000
| predecessor2 = [[बोरिस येल्तसिन]]
| successor2 = [[दिमित्री मेदवेदेव]]
| office3 = रूस के प्रधानमंत्री
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| deputy3 = इगोर शुवलोव
| term_start3 = 8 मई 2008
| term_end3 = 7 मई 2012
| predecessor3 = विक्टर जुबकोव
| successor3 = विक्टर जुबकोव
| president4 = [[बोरिस येल्तसिन]]
| deputy4 = विक्टर ख्रिस्तेन्को<br>मिखाइल कास्यानोव
| term_start4 = 9 अगस्त 1999
| term_end4 = 7 मई 2000<br><small>कार्यवाहक: 9 अगस्त 1999 – 16 अगस्त 1999
| predecessor4 = सर्गेई स्टेपाशिन
| successor4 = मिखाइल कास्यानोव
| office5 = संयुक्त रूस पार्टी नेता
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| predecessor5 = बोरिस ग्रीज़लोव
| successor5 = [[दिमित्री मेदवेदेव]]
| office6 = संघीय सुरक्षा सेवा के निदेशक
| president6 = [[बोरिस येल्तसिन]]
| term_start6 = 25 जुलाई 1998
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| predecessor6 = निकोलाय कोवालेव
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| birth_date = {{birth date and age|1952|10|7|df=y}}
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| death_place =
| net_worth = $40–70 बिलियन<ref name=nlk />
| party = [[सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी]] <small>(1975-1991)</small><br>नास दोम<small>(1995–1999)</small><br>एकता (येदिन्स्त्वो)<small>(1999–2001)</small><br>[[निर्दलीय (राजनेता)|निर्दलीय]] <small>(1991–1995; 2001–2008)</small><br>संयुक्त रूस (येदिनय रसिया)<small>(2008–वर्तमान)</small>
| otherparty = पीपल'स फ्रंट फॉर रूस <small>(2011–वर्तमान)</small>
| spouse = {{marriage|ल्यूडमिला पुतिन|1983|2014}}<ref>{{cite news| url=http://www.usatoday.com/story/news/nation-now/2014/04/02/vladimir-putin-divorce/7210689/ | work=यूएसए टुडे | first1=कूपर | last1=एलेन | title=Putin divorce finalized, Kremlin says |trans-title=पुतिन का तलाक अन्तिम अवस्था में: क्रेमलिन| date=२ अप्रैल २०१४| language = en}}</ref>
| children = मारिया<br>येकटेरिना
| religion = [[रूसी पारम्परिक ईसाई|रूसी पारम्परिक]]
| alma_mater = सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी
| signature = Putin signature.svg
| website = {{URL|http://eng.putin.kremlin.ru|putin.kremlin.ru}}
| allegiance = {{flag|सोवियत संघ}}
| branch = [[केजीबी]]
| serviceyears = 1975–1991
| rank = [[लेफ्टिनेंट कर्नल]]
| awards = [[File:Orden of Honour.png|40 px|link=आर्डर ऑफ़ ऑनर (रूस)]]
}}
'''व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन''' ({{audio-ru|Влади́мир Влади́мирович Пу́тин|ru-Putin.ogg}}) (जन्म: 7 अक्टूबर 1952) [[रूस|रूसी]] राजनीतिज्ञ हैं। वे 7 मई 2012 से रूस के राष्ट्रपति हैं तथा 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में 76% वोट हासिल करने के पश्चात अगले कार्यकाल के लिए भी निर्वाचित हुए हैं। इससे पहले सन् 2000 से 2008 तक [[रूस के राष्ट्रपतियों की सूची|रूसी संघ के राष्ट्रपति]] तथा 1999 से 2000 एवं 2008 से 2012 तक रूस के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान वे रूस की संयुक्त रूस पार्टी के अध्यक्ष भी थे।
पुतिन ने 16 साल तक सोवियत संघ की गुप्तचर संस्था केजीबी में अधिकारी के रूप में सेवा की, जहाँ वे लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक पदोन्नत हुए। 1991 में सेवानिवृत्त होने के पश्चात उन्होंने अपने पैतृक शहर [[सेंट पीटर्सबर्ग]] से राजनीति में कदम रखा। 1996 में वह मास्को में राष्ट्रपति [[बोरिस येल्तसिन]] के प्रशासन में शामिल हो गए, एवं येल्तसिन के अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा दे देने के कारण 31 दिसम्बर 1999 को रूस के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने। तत्पश्चात, पुतिन ने वर्ष 2000 और फिर 2004 का राष्ट्रपति चुनाव जीता। रूसी संविधान के द्वारा तय किये गए कार्यकाल सीमा की वजह से वह 2008 में लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े होने के लिए अयोग्य थे। 2008 में [[दिमित्री मेदवेदेव]] ने राष्ट्रपति चुनाव जीता और प्रधानमंत्री के रूप में पुतिन को नियुक्त किया। सितंबर 2011 में, कानून में बदलाव<ref>{{cite web|title=Putin claims to support term limits as he readies to take helm for 3rd time|trans-title=|language=en|author=नतालया वसिल्येवा|url=http://www.chinapost.com.tw/international/2012/04/12/337618/Putin-claims.htm|publisher=द चाईना पोस्ट|date=12 अप्रैल 2012|accessdate=१० मई २०१४|archive-date=28 अगस्त 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140828204922/http://www.chinapost.com.tw/international/2012/04/12/337618/Putin-claims.htm|url-status=dead}}</ref> के परिणामस्वरूप राष्ट्रपति पद के कार्यकाल की अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल हो गयी, एवं पुतिन ने 2012 में राष्ट्रपति पद के लिए एक तीसरे कार्यकाल की तलाश में चुनाव लड़ने करने की घोषणा की, जिसके चलते कई रूसी शहरों में बड़े पैमाने पर [[2011 रूसी विरोध|विरोध प्रदर्शन]] हुए। मार्च 2012 में उन्होंने यह चुनाव जीता और वर्तमान में 6 वर्ष के कार्यकाल की पूर्ति कर रहे हैं।<ref>{{cite news|url=http://en.rian.ru/russia/20120304/171708401.html |title=Putin Hails Vote Victory, Opponents Cry Foul|trans-title=पुतिन की भारी मतों से जीत, विपक्ष ने बेईमानी का आरोप लगाया |agency=आरआईए नोवोस्ती |accessdate=7 मई 2014| language = en}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.theworldreporter.com/2012/03/elections-in-russia-world-awaits-for.html|title=Elections in Russia: World Awaits for Putin to Reclaim the Kremlin|trans-title=रूस में चुनाव: विश्व को पुतिन द्वारा पुनः रूसी सरकार बनाने का इंतज़ार|author=संस्कार श्रीवास्तव|date=मार्च 2012|publisher=द वर्ल्ड रिपोर्टर|accessdate=7 मई 2014|language=en|archive-date=9 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191009110037/https://www.theworldreporter.com/2012/03/elections-in-russia-world-awaits-for.html|url-status=dead}}</ref> 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में 76% वोट हासिल करने के पश्चात वे अगले कार्यकाल के लिए भी निर्वाचित हुए हैं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के रूप में पुतिन के पहले कार्यकाल (1999-2008) के दौरान, वास्तविक आय में 2.5 गुणा वृद्धि हुई, वास्तविक पारिश्रमिक में तीन गुणा से अधिक वृद्धि हुई; बेरोजगारी और गरीबी आधी से काम हो गयी, एवं रूसियों द्वारा आत्म-मूल्यांकित जीवन संतुष्टि में काफी बढ़ोतरी हुई।<ref name="challenges_p12">{{cite book|editors=ऐन्डर्स असलुंड, सर्गेई गुरीव, एंड्र्यू सी॰ कुखिन्स|title=Russia After the Global Economic Crisis|trans-title=वैश्विक आर्थिक संकट के बाद रूस |chapter=Challenges Facing the Russian Economy after the Crisis [आर्थिक मंदी के बाद रूसी अर्थव्यवस्था का समस्याओं से सामना]|last1=गुरीव|first1=सर्गेई|last2=त्सय्वीन्सकी |first2=आलेह|publisher=पीटरसन इंस्टिट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स; सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एण्ड इंटरनेशनल स्टडीज; न्यू इकोनोमिक स्कूल|year=2010|isbn=9780881324976|pages=12–13|language=ru}}</ref> पुतिन के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल को आर्थिक वृद्धि के दौर के रूप में देखा जाता है: रूसी अर्थव्यवस्था में लगातार आठ साल तक संवृद्धि हुई, क्रय-शक्ति समता में 72% की वृद्धि एवं संज्ञात्मक [[सकल घरेलू उत्पाद]] में 6 गुणा वृद्धि देखने को मिली।<ref name="challenges_p12"/><ref name=nbc>{{cite news|title=Russians weigh Putin's protégé|trans-title=|agency=एसोसिएटेड प्रेस |location=मॉस्को|date=3 मई 2008|url=http://www.msnbc.msn.com/id/24443419/print/1/displaymode/1098/|accessdate=7 मई 2014| language = en}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.imf.org/external/pubs/ft/weo/2008/01/weodata/weorept.aspx?pr.x=52&pr.y=13&sy=1992&ey=2007&scsm=1&ssd=1&sort=country&ds=.&br=1&c=922&s=NGDPD%2CPPPGDP&grp=0&a=GDP |title=GDP of Russia from 1992 to 2007|trans-title=१९९२ से २००७ तक का रूस का सकल घरेलू उत्पाद|publisher=[[अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष]]|accessdate=१० मई २०१४}}</ref><ref name=stats>{{cite news |url=http://en.rian.ru/analysis/20080301/100381963.html |title=Russia's economy under Vladimir Putin: achievements and failures |trans-title=रूस की अर्थव्यवस्था व्लादिमीर पुतिन के अधीन: उपलब्धियां और विफलतायें |agency=आर॰आई॰ए॰ नोवोस्ती |accessdate=7 मई 2014 |language=en |archive-date=13 सितंबर 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130913020517/http://en.rian.ru/analysis/20080301/100381963.html |url-status=dead }}</ref><ref name=russiaprofile>{{cite web|url=http://russiaprofile.org/politics/a1187177738.html|title=Putin's Economy – Eight Years On|trans-title=पुतिन की अर्थव्यवस्था: आठवाँ वर्ष चालु|publisher=रसिया प्रोफाइल|date=१५ अगस्त २००७|accessdate=१० मई २०१४|language=en|archive-date=24 अक्तूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111024211354/http://russiaprofile.org/politics/a1187177738.html|url-status=dead}}</ref>
== प्रारम्भिक जीवन ==
पुतिन का जन्म 7 अक्टूबर 1952 को सोवियत संघ के रूसी गणराज्य के लेनिनग्राद (वर्तमान [[सेंट पीटर्सबर्ग]], रूस) में हुआ।<ref>{{cite web|title=Biography: VLADIMIR PUTIN |trans-title=जीवनी: व्लादिमीर पुतिन|url=http://premier.gov.ru/eng/premier/biography.html |publisher=रूस सरकार |archiveurl=https://web.archive.org/web/20100514164020/http://premier.gov.ru/eng/premier/biography.html |archivedate=१४ मई २०१०}}</ref> उनके पिता का नाम व्लादिमीर स्पिरिदोनोविच पुतिन (1911–1999) और माता का नाम मारिया इवानोव्ना शेलोमोवा (1911–1998) था। उनकी माँ फैक्टरी मजदूर एवं पिता सोवियत नेवी में कार्य करते थे उसकी माता एक कारखाने में काम करती थीं। उनके पिता 1930 के दशक में पनडुब्बी बेड़े में सेवा करते थे और [[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध]] के दौरान शत्रु को घात लगाकर हमला करनेवाले दस्ते में भर्ती हो गए। युद्ध के बाद उन्होंने एक कारखाने में फोरमैन के रूप में काम किया। व्लादीमिर अपने परिवार में तीसरे बच्चे थे और उनेके दो बड़े भाइयों की बाल अवस्था में ही मृत्यु हो गई थी। सन् 1975 में पुतिन ने लेनिनग्राद राजकीय विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर केजीबी में काम करना शुरू किया जिसे वह सन् 1991 तक करते रहे।
== केजीबी जीवन ==
सन् 1975 में पुतिन ने लेनिनग्राद राजकीय विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और उसके बाद उन्होंने [[केजीबी]] में काम करना शुरू किया। केजीबी में थोड़े ही समय में उन्हें लेनिनग्राद में विदेशियों और वाणिज्यिक दूतावास के अधिकारियों की निगरानी का कार्य मिला।<ref name=hoffman>{{cite news|first=डेविड |last=हॉफ़मान |url=http://www.washingtonpost.com/wp-srv/inatl/longterm/russiagov/putin.htm|title=Putin's Career Rooted in Russia's KGB|work=द वांशिगटन पोस्ट |date=३० जनवरी २०००|accessdate=९ जून २०१४| language = en}}</ref>
== राजनीतिक जीवन ==
=== सेंट पीटर्सबर्ग में प्रशासन कार्य (1990–1996) ===
सन् 1990 में पुतिन को लेनिनग्राद के मेयर अनातोली सब्चाक के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने अपना राजनीतिक कैरियर यहीं से शुरू किया। 28 जून 1991 को वे [[सेंट पीटर्सबर्ग]] महापौर कार्यालय की विदेश संबंध समिति के प्रमुख बने, जहाँ उन्हें अंतरराष्ट्रीय संबंधों और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की ज़िम्मेदारी मिली। पुतिन की अध्यक्षता में यह समिति व्यापार उद्यमों का पंजीकरण भी करती थी।
1994 से 1996 तक, पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में कई अन्य राजनीतिक और सरकारी पदों पर कार्य किये।<ref name=30bio>{{cite web |url=http://gazeta.lenta.ru/daynews/09-08-1999/30bio.htm |title=Владимир Путин: от ассистента Собчака до и.о. премьера |trans-title=व्लादिमीर पुतिन: सहायक से अन्तरीम प्रधानमंत्री तक |publisher=गज़ेता डॉट आरयू |language = ru|date=९ अगस्त १९९९|accessdate=१० मई २०१४}}</ref>
=== मास्को में प्रारंभिक कैरियर (1996–1999) ===
{{मुख्य|रूसी चेचन युद्ध}}
[[File:RIAN archive 100306 Vladimir Putin, Federal Security Service Director.jpg|thumb|upright|संघीय सुरक्षा सेवा (एफ॰ एस॰ बी॰) के निदेशक के रूप में पुतिन, 1 जनवरी 1998]]
1996 में, मेयर अनातोली सब्चाक के चुनाव हारने के बाद उन्हें मॉस्को बुला लिया गया, जहाँ वे राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन के प्रशासन कार्यालय में काम करने लगे। मार्च 1997 तक वह इस पद पर बने रहे।<ref>{{cite web |title=Продукты полураспада |url=http://www.itogi.ru/Paper2006.nsf/Article/Itogi_2006_11_19_01_5543.html |trans-title=उत्पाद अर्ध-क्षय आयु |language=ru |author=अलेग आदनकलेनको |date=20 सितम्बर 2006 |accessdate=9 जून 2014 |archive-date=7 अक्तूबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081007063156/http://www.itogi.ru/Paper2006.nsf/Article/Itogi_2006_11_19_01_5543.html |url-status=dead }}</ref>
26 मार्च 1997 को राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने पुतिन को राष्ट्रपति प्रशासन का उप प्रमुख नियुक्त किया, जहाँ वह मई 1998 तक बने रहे। इसके साथ ही 1998 जून तक वह राष्ट्रपति संपत्ति प्रबंधन विभाग के मुख्य नियंत्रण निदेशालय के प्रमुख भी थे।<ref name=Vlast>{{cite book|last=प्रिबीलोव्स्की |first=व्लादिमीर|title=Власть-2010 (60 биографий)|trans-title=शक्ति-२०१० (६० जीवनी)|year=2010|publisher=पैनोरमा|isbn=978-5-94420-038-9|pages=132–139|url=http://scilla.ru/works/knigi/vlast2010.pdf|authorlink=:en:Vladimir Pribylovsky|location=मास्को|language = ru|chapter=व्लादिमीर पुतिन}}</ref> 25 मई 1998 में पुतिन को संघीय सुरक्षा सेवा, एफ॰ एस॰ बी॰ (के॰जी॰बी॰ के उत्तराधिकारी एजेंसियों में से एक) के प्रमुख के पद पर नियुक्त किया गया। वह 1 अक्टूबर 1998 को रूसी संघ के सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और फिर 29 मार्च 1999 को परिषद के सचिव बने।
=== प्रधानमंत्री का पद (1999) ===
9 अगस्त 1999 को, व्लादिमीर पुतिन की नियुक्ति तीन प्रथम उप-प्रधानमंत्रियों में से एक के रूप में हुई और बाद में उसी दिन राष्ट्रपति [[बोरिस येल्तसिन]] ने उन्हें रूसी संघीय सरकार के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया।<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/not_in_website/syndication/monitoring/415278.stm |title=Text of President Yeltsin's speech |trans-title=राष्ट्रपति येल्तसिन के भाषण का पाठ |accessdate=11 मई 2014 |date=9 अगस्त 1999 |publisher=बीबीसी न्यूज़}}</ref> एक टेलीविज़न संबोधन में राष्ट्रपति येल्तसिन ने पुतिन को अपने उत्तराधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया। उसी दिन, पुतिन ने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए की अपनी सहमती जताई।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/europe/415087.stm |title=Yeltsin redraws political map|trans-title=येल्तसिन ने राजनीतिक पैमाने को पुनः निर्मित किया |publisher= बीबीसी न्यूज़|date= 10 अगस्त 1999|accessdate=11 जून 2014| language = en}}</ref>
16 अगस्त को, स्टेट ड्यूमा ने पुतिन के पक्ष में 233 वोट देकर, जो कि साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 226 से अधिक थे, प्रधानमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/europe/422001.stm |title=Yeltsin's man wins approval |trans-title=येल्तसिन के आदमी ने अनुमोदन जीता |publisher=बीबीसी न्यूज़ |date=16 अगस्त 1999 |accessdate=22 जून 2013| language = en}}</ref> इसी के साथ वे अट्ठारह महीनों के अंदर रूस के पांचवें प्रधानमंत्री बने। शुरुआत में उन्हें येल्तसिन के समर्थक के रूप में देखा जाता था, एवं बोरिस येल्तसिन के अन्य प्रधानमंत्रियों की तरह, पुतिन ने अपने मंत्रियों का चयन खुद नहीं किया। उनका मंत्रिमंडल राष्ट्रपति प्रशासन द्वारा निर्धारित किया गया।<ref>{{cite book|author=रिचर्ड साकवा|title=Putin: Russia's choice|trans-title=पुतिन: रूस की पसंद|year=2008|page=20| language = en|isbn= 978-0415407663}}</ref>
इस बीच रूस चेचन्या में रूस से अलगाव की लड़ाई चल रही थी। रूसी सैनिकों ने चेचन्या पर जल्द नियंत्रण कर लिया। पुतिन की कानूनी व्यवस्था की समर्थ छवि एवं चेचन्या में कड़े रूख़ के कारण उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ी।
हालांकी औपचारिक रूप से वे किसी भी पार्टी के साथ जुड़े नहीं थे, पुतिन ने नवगठित यूनिटी पार्टी<ref>{{cite web |url=http://www.nupi.no/cgi-win/Russland/polgrupp.exe?Unity |title=Political groups and parties: Unity |trans-title=राजनीतिक समूह और दल: एकता |archiveurl=https://web.archive.org/web/20010702200941/http://www.nupi.no/cgi-win/Russland/polgrupp.exe?Unity |archivedate=2 जुलाई 2001 |access-date=6 मई 2014 |url-status=live }}</ref> के प्रति अपना समर्थन जताया। इस पार्टी ने दिसंबर 1999 में हुए ड्यूमा चुनावों में लोकप्रिय मत का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा (23.3%) जीता था। बदले में पार्टी ने भी उनका समर्थन किया।
=== कार्यवाहक राष्ट्रपति (1999-2000) ===
[[File:Putin and Yeltsin cropped.jpg|thumb|left|[[बोरिस येल्तसिन|येल्तसिन]] के बगल में राष्ट्रपति पद की शपथ लेते पुतिन, मई 2000]]
31 दिसम्बर 1999 को राष्ट्रपति येल्तसिन ने समय से पहले ही अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया एवं रूस के संविधान के अनुसार, पुतिन को रूस के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने।
उसी दिन उन्होंने अपने पहले आदेश पर हस्ताक्षर किया, जिसके अनुसार यह सुनिश्चित किया गया की "निवर्तमान राष्ट्रपति और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी"।<ref name=Time.com-POTY2007>{{cite web|author=आदि इग्नेशियस |url= http://content.time.com/time/specials/2007/personoftheyear/article/0,28804,1690753_1690757_1690766-4,00.html |title=Person of the Year 2007: A Tsar Is Born|trans-title=वर्ष २००७ का व्यक्ति: एक ज़ार (रूसी राजा) का जन्म |publisher=टाइम मैगज़ीन |page= 4 |date=19 दिसम्बर 2007|accessdate= 11 जून 2014 | language = en}}</ref> बाद में, 12 फ़रवरी 2001 को, पुतिन ने इस आदेश से मिलते-जुलते संघीय कानून पर हस्ताक्षर किया जिसने 1999 में दिए गए आदेश की जगह ली।
येल्तसिन के इस्तीफे के परिणामस्वरूप तीन महीनों के भीतर राष्ट्रपति चुनाव आयोजित किये गए, जिसमें पुतिन ने पक्ष में 52.94 प्रतिशत मत लेकर जीत हासिल की।<ref name=elections-history>{{cite web|url=http://www.ria.ru/vybor2012_infographics/20120309/590825026.html |title=История президентских выборов в России|trans-title=रूस के राष्ट्रपति चुनाव का इतिहास |publisher=आरआईए नोवोस्ती |date=9 मार्च 2012 |accessdate=11 जून 2014|language = ru}}</ref>
=== राष्ट्रपति के रूप में पहला कार्यकाल (2000-2004) ===
पुतिन ने 7 मई 2000 को राष्ट्रपति कार्यालय सम्भाला। उन्होंने वित्त मंत्री मिखाइल कास्यानोव को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया।
पुतिन ने राष्ट्रपति पद संभालने के लगभग तुरंत बाद उन तथाकथित बड़े व्यवसायियों और अरबपतियों के विरुद्ध संघर्ष शुरू कर दिया जो देश की राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। पुतिन के शासनकाल में रूस को कई बड़ी आर्थिक सफलताएँ हासिल हुईं। उनके कार्यकाल के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक विकास दर 6.5 प्रतिशत थी। रूस पर जो विदेशी ऋण था, उसमें कमी आई और विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई। [[यूरोपीय संघ]] और [[संयुक्त राज्य अमरीका]] के साथ रूस के संबंध को मजबूत बनाने, [[नाटो]] के साथ सहयोग की शुरुआत शुरू करने और रूस को [[विश्व व्यापार संगठन]] का सदस्य बनाने के लिए गए प्राथमिक कदमों में पुतिन को कामयाबी हासिल हुई।
इस अवधि के दौरान पुतिन की छवि बिगाड़ने वाली कुछ घटनाएँ भी घटीं। पनडुब्बी 'कुर्स्क' के डूबने की घटना को संवेदनशील ढंग से न संभाल पाने के कारण उनकी आलोचना हुई।<ref name=Kursk>{{cite web|url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/europe/1487112.stm |title=Spectre of Kursk haunts Putin|trans-title=कुर्स्क के काले साये का पुतिन नें शिकार किया |publisher=[[बीबीसी न्यूज़]]|date= 12 अगस्त 2001|accessdate=11 जून 2014| language = en}}</ref> अगस्त 2000, को इस पनडुब्बी के डूबने से जब उसमें सवार 118 नाविक मारे गए थे, तो पुतिन अपनी छुट्टी बीच में छोड़कर वापस नहीं आए थे। छुट्टी से वापस लौटने के कई दिनों बाद ही उन्होंने घटना स्थल का दौरा किया।<ref name=Kursk /> 2002 में, जब चेचन आतंकवादियों ने मास्को के एक संगीत थिएटर पर कब्ज़ा कर लिया तो आतंकवादियों के विरुद्ध विशेष कार्रवाई करते समय 129 दर्शक मारे गए थे। पुतिन के आलोचकों का कहना है कि उस कार्यवाही के दौरान आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया गया था और क्रेमलिन द्वारा वास्तविक जानकारी को आम लोगों से छिपाकर रखा गया था। तब रूसी प्रेस में और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कईयों ने चेताया कि इस घटना से राष्ट्रपति पुतिन की लोकप्रियता को गंभीर रूप से नुकसान होगा। इसके बावजूद, घेराबंदी के समाप्त होने के कुछ समय बाद ही इन अटकलों को गलत साबित करते हुए, रूसी राष्ट्रपति पुतिन की सार्वजनिक स्वीकृति रेटिंग ने रिकॉर्ड स्तर छुआ – रूस की 83% जनता पुतिन और इस घटना के संभालने के उनके तरीके से संतुष्ट थी।<ref>{{cite web|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/europe/2565585.stm |title=Moscow siege leaves dark memories|trans-title=मास्को घेराबंदी की अंधेरी यादें |publisher= बीबीसी न्यूज़|date= 16 दिसम्बर 2002|accessdate=11 जून 2014| language = en}}</ref>
2003 में, चेचन्या में एक जनमत संग्रह आयोजित किया गया जिसमें एक नए संविधान को अपनाया गया। इस संविधान के अनुसार चेचन्या को रूस का हिस्सा घोषित किया गया। चेचन्या में संसदीय चुनावों और एक क्षेत्रीय सरकार की स्थापना के साथ हालात धीरे-धीरे स्थिर हो गए।<ref>{{cite news |url=http://news.independent.co.uk/europe/article2331993.ece |title=Can Grozny be groovy? |trans-title=क्या ग्रोज़्नी संधि कर सकते हैं? |work=द इंडिपेंडेंट |date=6 मार्च 2007 |archivedate=1 अक्तूबर 2007 |archiveurl=https://archive.today/20071001081959/http://news.independent.co.uk/europe/article2331993.ece |location=लंदन |language=en |access-date=7 मई 2014 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.hrw.org/campaigns/russia/chechnya/ |archiveurl=https://web.archive.org/web/20061121224006/http://www.hrw.org/campaigns/russia/chechnya/ |archivedate=21 नवम्बर 2006 |title=Human Rights Watch Reports, on human rights abuses in Chechnya|trans-title=चेचन्या में मानवाधिकार हनन पर ह्यूमन राइट्स वॉच की रपट |publisher=ह्यूमन राइट्स वॉच}}</ref>
=== राष्ट्रपति के रूप में दूसरा कार्यकाल (2004–2008) ===
[[File:Victory Day Parade 2005-5.jpg|thumb|2005 में [[लाल चौक]] पर विजय दिवस परेड के मौके पर पर बोल रहे पुतिन]]
सन् 2004 में 71 प्रतिशत मतों के साथ पुतिन दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित हुए।<ref name=elections-history /> सितम्बर 2004 में आतंकवादियों ने बेसलान में स्थित एक स्कूल में 1,100 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया। इस घटना में सैकड़ों लोगों की मृत्यु हुई। घटना के बाद पुतिन ने कई व्यापक प्रशाशनिक कदम उठाये।
रूस में मीडिया की स्वतंत्रता के खिलाफ व्यापक पैमाने पर कार्यवाही करने के लिए पश्चिम जगत एवं रूसी उदारवादियों ने पुतिन की आलोचना की। 7 अक्टूबर 2006 को एना पॉलिटकोव्स्काया, एक पत्रकार जिन्होंने चेचन्या में रूसी सेना के अनुचित आचरण व भ्रष्टाचार को उजागर किया था, की उनकी ही इमारत की लॉबी में गोली मारकर हत्या कर दी गयी। पॉलिटकोव्स्काया की मौत पर पश्चिमी मीडिया ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी और पुतिन पर देश के नए स्वतंत्र मीडिया की रक्षा करने में नाकाम रह पाने के आरोप लगाये।<ref>{{cite news |url=http://comment.independent.co.uk/columnists_m_z/joan_smith/article1822204.ece |title=Putin's Russia failed to protect this brave woman – Joan Smith |trans-title=जोयन स्मिथ: पुतिन का रूस इस बहादुर महिला को सुरक्षा देने में असफल रहा |work=द इंडिपेंडेंट |date=9 अक्टूबर 2006 |accessdate=11 जून 2014 |location=लन्दन |language=en |archive-date=27 सितंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070927201301/http://comment.independent.co.uk/columnists_m_z/joan_smith/article1822204.ece |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.democracynow.org/article.pl?sid=06/10/09/1358259|title=Anna Politkovskaya, Prominent Russian Journalist, Putin Critic and Human Rights Activist, Murdered in Moscow|trans-title=प्रमुख रूसी पत्रकार, पुतिन समालोचक और मानवाधिकार कार्यकर्ता अन्ना पॉलिटकोव्स्काया की मॉस्को में हत्या|publisher=डेमोक्रेसी नाउ|date=9 अक्टूबर 2006|accessdate=11 जून् 2014|language=en|archive-date=14 नवंबर 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20071114163923/http://www.democracynow.org/article.pl?sid=06%2F10%2F09%2F1358259|url-status=dead}}</ref>
12 सितंबर 2007 को पुतिन ने प्रधानमंत्री मिखाइल फ्राडकोव के अनुरोध पर सरकार भंग कर दी। विक्टर जुबकोव को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।
=== प्रधानमन्त्री के रूप में दूसरा कार्यकाल (2008–2012) ===
{{मुख्य|रूसी जॉर्जियाई युद्ध}}
रूसी संविधान मुताबिक पुतिन लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। सन् 2008 में राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन ने दिमित्री मेदवेदेव का समर्थन किया, जिन्होंने अपनी ओर से वचन दिया कि यदि वह चुनाव जीतेंगे तो वह पुतिन को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति करेंगे। मेदवेदेव 70.28 प्रतिशत मतों के साथ चुनाव भारी बहुमत से जीत गए और उन्होंने अपना वचन पूरा करते हुए पुतिन को प्रधानमंत्री बना दिया।<ref>{{cite web|url=http://www.nytimes.com/2008/05/09/world/europe/09russia.html |title=Putin Is Approved as Prime Minister|trans-title= पुतिन प्रधानमंत्री के रूप में अनुमोदित |url=http://www.nytimes.com/2008/05/09/world/europe/09russia.html?_r=0|publisher= न्यूयॉर्क टाइम्स |date=9 मई 2008 |accessdate= 11 जून 2014|author=सी॰जे॰ चिवेर्स | language = en}}</ref> उसके बाद पत्रकारों ने इन दोनों नेताओं द्वारा बनाए गए सत्ता तंत्र को एक "राजनीतिक जोड़ी की सत्ता" का नाम दिया था।
इस बीच रूसी अर्थव्यवस्था पर [[2000 के दशक के उत्तरार्द्ध की आर्थिक मंदी|उत्तरार्द्ध की आर्थिक मंदी]] का गहरा असर पड़ा, एवं पश्चिमी क्रेडिट और निवेश के प्रवाह में रुकावटें आने लगीं। इसी समय 2008 का दक्षिण ओसेशिया युद्ध भी हुआ। युद्ध में रूस ने [[नाटो]] सहयोगी [[जॉर्जिया]] को हरा दिया और परिणामवश यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ रूस के रिश्तों में तनाव आ गए।
रूस के स्थिरीकरण कोष में संचित एक बड़े वित्तीय भंडार, एवं कुशल प्रबंधन के कारण संकट से निपटने और तत्पश्चात मध्य 2009 के बाद से आर्थिक वृद्धि के दौर की शुरआत करने में देश को सहायता मिली। संकट से निपटने लिए गए उठाये गए कदमों की [[विश्व बैंक]] ने नवंबर 2008 की रूस आर्थिक रिपोर्ट में प्रशंसा भी की।<ref name=worldbankreports>{{cite web |url=http://web.worldbank.org/WBSITE/EXTERNAL/COUNTRIES/ECAEXT/RUSSIANFEDERATIONEXTN/0, contentMDK:20888536~menuPK:2445695~pagePK:1497618~piPK:217854~theSitePK:305600,00.html |title=Russian Economic Reports |trans-title=रूसी आर्थिक रपट |publisher=वर्ल्ड बैंक |date=10 नवम्बर 2009 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20100411130322/http://web.worldbank.org/WBSITE/EXTERNAL/COUNTRIES/ECAEXT/RUSSIANFEDERATIONEXTN/0, |archivedate=11 अप्रैल 2010 |8= |access-date=28 मार्च 2022 |url-status=live }}</ref>
24 सितंबर 2011 को मास्को में संयुक्त रूस कांग्रेस में राष्ट्रपति मेदवेदेव ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वह ख़ुद राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े नहीं होंगे और इस पद के लिए पुतिन के दावे का समर्थन करेंगे।
4 दिसम्बर 2011 को आयोजित हुए संसदीय चुनावों में राष्ट्रपति समर्थक सत्तारूढ़ पार्टी "संयुक्त रूस" को लगभग 50 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इसके तुरंत बाद, मास्को और रूस के अन्य शहरों में चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा की गई कथित धांधलियों के खिलाफ सड़कों पर हुए [[2011 रूसी विरोध|विरोध प्रदशनों]] में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया। यह पुतिन के समय का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था। प्रदर्शनकारियों ने पुतिन और संयुक्त रूस की आलोचना की और चुनाव परिणाम के विलोपन की मांग की।<ref name=GuardLive>{{cite web|url= http://www.guardian.co.uk/global/2011/dec/10/russia-elections-putin-protest |title=Russian election protests – follow live updates|trans-title= रूसी चुनाव में विरोध प्रदर्शन |publisher=द गार्डियन|date=10 दिसम्बर 2011|author=डेविड बैटली|accessdate=11 जून 2014| language = en}}</ref> बदले में पुतिन के समर्थकों द्वारा कई रैलियां आयोजित की गयी, जो कि विरोध प्रदर्शनों से अधिक व्यापक थीं।<ref>{{cite web|url=http://www.politonline.ru/comments/10432.html |title=Как митинг на Поклонной собрал около 140 000 человек|trans-title=पोक्लोनया में एक रैली के रूप में लगभग १४००० लोग इकट्ठे |publisher=पोलित ऑनलाइन |date=4 फ़रवरी 2012 |accessdate=11 जून 2014|language = ru}}</ref>
=== राष्ट्रपति के रूप में तीसरा कार्यकाल (2012–2018)===
{{मुख्य|रूस-यूक्रेन युद्ध}}
4 मार्च 2012 को पुतिन ने 63.6% मतों के साथ 2012 का राष्ट्रपति चुनाव पहले ही दौर में जीत लिया।<ref name=elections-history/> चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए मतदान केन्द्रों में [[वेबकैम]] के उपयोग सहित अन्य प्रयास प्रचारित किये गए थे, हालांकि रूसी विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनाव का आलोचना करते हुए प्रक्रिया में अनियमितताओं के होने का आरोप लगाया।<ref>{{cite web|title=Russia’s presidential election marked by unequal campaign conditions, active citizens’ engagement, international observers say|url=http://www.osce.org/odihr/elections/88661|publisher=ओएससीई (यूरोप में सुरक्षा और सहयोग के लिए संगठन)|date=5 मार्च 2012|accessdate=11 जून 2014| language = en}}</ref>
राष्ट्रपति पद के प्रचार अभियान के तुरंत बाद पुतिन-विरोधी प्रदर्शन हुए। इसमें से 21 फ़रवरी का [[पुस्सी रायट|पुस्सी रायट विरोध]] और उसका अनुगामी मुक़दमा सबसे कुख्यात रहा।<ref>{{cite news| url=http://www.guardian.co.uk/music/2012/aug/17/pussy-riot-sentenced-prison-putin | work=द गार्डियन | first=मिरियम | last=एल्डर | title=Pussy Riot sentenced to two years in prison colony over anti-Putin protest | date=17 अगस्त 2012 | location=लंदन| language = en}}</ref> इसके अलावा, 6 मई को पुतिन की वापसी के विरोध में मास्को में हुई एक रैली में पुलिस के साथ टकराव में अस्सी लोग घायल हुए<ref>{{cite web|url=http://lenta.ru/news/2012/05/10/more/ |title=СК пересчитал пострадавших полицейских во время "Марша миллионов"|trans-title=यूके पुलिस ने "लाखों की दौड़" में अपराधियों को गिना |publisher=लेंता डॉट आरयू| date=10 मई 2012|accessdate=11 जून 2014|language = ru}}</ref> और 450 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच हुए इस टकराव के विरोध में उस दिन लगभग 8,000-20,000 लोग जमा हुए।<ref name=vz-provocation>{{cite web|url= http://vz.ru/politics/2012/5/6/577272.html|title= Провокация вместо марша |trans-title=दौड़ के स्थान पर उत्तेजना |publisher=विज़ डॉट आरयू |accessdate=11 जून 2014|date=6 मई 2012|language = ru|author=इवान एफिनेगोनव}}</ref><ref name="Russian police battle anti-Putin protesters">{{cite news|url=http://www.reuters.com/article/2012/05/06/us-russia-protests-idUSBRE8440CK20120506|title=Russian police battle anti-Putin protesters|agency=रायटर्स|accessdate=11 जून 2014|date=6 मई 2012|language=en|archive-date=18 नवंबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151118082821/http://www.reuters.com/article/2012/05/06/us-russia-protests-idUSBRE8440CK20120506|url-status=dead}}</ref>
राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले दिन, पुतिन ने 14 फरमान जारी किए, जिसमें से एक में रूसी अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक लक्ष्यों का विस्तार में वर्णन किया गया। अन्य फरमान शिक्षा, आवास, कुशल श्रम प्रशिक्षण, यूरोपीय संघ के साथ संबंधों, रक्षा उद्योग, अंतर-जातीय संबंधों और अन्य नीति क्षेत्रों से सम्बंधित थे जो कि राष्ट्रपति अभियान के दौरान पुतिन द्वारा जारी किये गए थे।<ref>{{cite web |url=http://larouchepac.com/node/22623 |title="Putin Inaugurated; States Intention for Russia to Be "Center of Gravity for the Whole of Eurasia", May 8, 2012 |publisher=लारोचेपक डॉट कॉम |accessdate=11 जून 2014 |date=8 मई 2012 |language=en |archive-date=31 जुलाई 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130731192357/http://larouchepac.com/node/22623 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://voiceofrussia.com/2012_05_07/74079067/ |title="Putin decrees EU closeness policy", Voice of Russia, May 7, 2012 |publisher=रेडियो रूस |date=7 मई 2012 |accessdate=11 जून 2014 |language=en |archive-date=25 जून 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140625131307/http://voiceofrussia.com/2012_05_07/74079067/ |url-status=dead }}</ref>
2012 और 2013 में, पुतिन और संयुक्त रूस पार्टी ने सेंट पीटर्सबर्ग, अर्चँगेल्स्क और नोवोसिबिर्स्क में समलैंगिक, उभयलिंगी और ट्रांसजेंडर समुदायों के खिलाफ और सख्त कानून बनाने का समर्थन किया। जून 2013 में राज्य ड्यूमा में "समलैंगिक प्रचार" के खिलाफ एक कानून (जो कि रेनबो ध्वज जैसे प्रतीकों और समलैंगिक सामग्री युक्त प्रकाशित कृतियों पर प्रतिबंध लगाता है) पास किया गया।<ref name="BBC-LGBT">{{cite web|url=http://www.bbc.co.uk/russian/russia/2013/06/130611_duma_gay_propaganda.shtml?print=1|title=Госдума приняла закон о "нетрадиционных отношениях"|publisher=बीबीसी रसिया|date=11 जून 2013|accessdate=11 जून 2014|archiveurl=https://www.webcitation.org/6HJ6j62nr?url=http://www.bbc.co.uk/russian/russia/2013/06/130611_duma_gay_propaganda.shtml?print=1|archivedate=11 जून 2013|language=ru|url-status=live}}</ref><ref name="RBC-LGBT">{{cite web|url=http://www.rbc.ru/rbcfreenews/20130611172814.shtml?print|title=ГД приняла закон об усилении наказания за пропаганду гомосексуализма среди подростков|publisher=आरबीसी|date=11 जून 2013|accessdate=11 जून 2014|archiveurl=https://www.webcitation.org/6HJ6l84Me?url=http://www.rbc.ru/rbcfreenews/20130611172814.shtml?print|archivedate=11 जून 2013|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|title = Discrimination in Russia: Arrests for Violation of St. Petersburg Anti-Gay Law|trans-title= रूस में भेदभाव: सेंट पीटर्सबर्ग विरोधी समलैंगिक कानून के उल्लंघन के लिए गिरफ्तार|url = http://www.spiegel.de/international/world/two-arrested-in-st-petersburg-for-violating-city-s-new-anti-gay-law-a-826199.html|date = 6 अप्रैल 2012|accessdate = 11 जून 2014|publisher = स्पीगेल ऑनलाइन| language = en}}</ref><ref>{{cite web|title = Russian parliament backs ban on "gay propaganda"|trans-title = रूसी संसद ने "समलैंगिक प्रचार" पुनः प्रतिबंधित किया|url = http://www.reuters.com/article/2013/01/25/us-russia-gay-idUSBRE90O0QT20130125|date = 25 जनवरी 2013|author = गैब्रिएला बकज़िंस्का और अलीस्सा डी कार्बोनेल|accessdate = 11 जून 2014|language = en|archive-date = 26 नवंबर 2015|archive-url = https://web.archive.org/web/20151126050435/http://www.reuters.com/article/2013/01/25/us-russia-gay-idUSBRE90O0QT20130125|url-status = dead}}</ref><ref>{{cite web|title = Russia moves to enact laws against 'homosexual propaganda'|trans-title= रूस 'समलैंगिक प्रचार' के खिलाफ कानून बनाना करने के लिए कदम|url = http://www.foxnews.com/world/2013/01/21/russia-moves-to-enact-anti-gay-laws/d|date = 21 जनवरी 2013|accessdate = 11 जून 2014|publisher = फॉक्स न्यूज़| language = en}}</ref>रूस के के इस कानून पर अंतरराष्ट्रीय जगत में उठे सवालों का जवाब देते हुए पुतिन ने कहा कि यह कानून केवल "बाल यौन शोषण और समलैंगिकता के प्रचार पर प्रतिबंध" लगाता है। उन्होंने कहा कि [[2014 शीतकालीन ओलंपिक]] को देखने आए समलैंगिक आगंतुकों को "बच्चों से अलग रहना चाहिए" और रूस में समलैंगिकों के खिलाफ किसी प्रकार के सामाजिक भेदभाव के होने से इनकार किया।<ref>{{cite news | url= http://www.independent.co.uk/news/world/europe/vladimir-putin-i-know-some-people-who-are-gay-were-on-friendly-terms-9070363.html | title= Vladimir Putin: 'I know some people who are gay, we're on friendly terms' | work=द इंडिपेंडेंट | first=टॉमस | last=जिवंदा | date=19 जनवरी 2014 | accessdate=11 जून 2014 | location=लंदन|trans-title= व्लादिमीर पुतिन: 'मैं कुछ समलैंगिक लोगों को जानता हूँ, हम अनुकूल शर्तों पर हैं'| language = en}}</ref> उन्होंने खेल के दौरान उभयलिंगी आइस स्केटर आइरीन वुस्ट को सबके सामने गले लगाया।<ref>{{cite web|url=http://www.ad.nl/ad/nl/1421/Nederland/video/detail/3593997/De-knuffel-van-Poetin-en-Wust-die-iedereen-wil-zien.dhtml |title=De knuffel van Poetin en Wüst die iedereen wil zien |language=nl |publisher=एडी डॉट एनएल |date=10 फ़रवरी 2014 |accessdate=11 जून 2014|trans-title= वुस्ट और पुतिन का आलिंगन हर कोई देखना चाहता है}}</ref>
===राष्ट्रपति के रूप में चौथा कार्यकाल (2018–2024)===
2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन ने 76% वोट से अधिक के साथ जीत हासिल की है, अत: वह अपना राष्ट्रपति के रूप में चौथा कार्यकाल रहा।<ref>{{Cite web |url=https://khabar.ndtv.com/news/world/vladimir-putin-registered-big-victory-in-russias-central-election-to-became-presidents-again-1825518 |title=चुनाव में रिकॉर्ड जीत के साथ ही चौथी बार रूस के राष्ट्रपति बने व्लादिमिर पुतिन |access-date=19 मार्च 2018 |archive-date=19 मार्च 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180319035215/https://khabar.ndtv.com/news/world/vladimir-putin-registered-big-victory-in-russias-central-election-to-became-presidents-again-1825518 |url-status=dead }}</ref> जो मई 2018 तक था।
'''राष्ट्रपति के रूप में पांचवा कार्यकाल (2024–2030)'''
2024 में राष्ट्रपति के लिए 15-17 मार्च को सम्पन चुनाव में पुतिन को 87.97% वोट मिले एवं विरोधी निकोले खरीतोनोव को 4% वोट मिले।
== व्यक्तिगत जीवन ==
=== परिवार ===
[[File:First ladies.jpg|thumb|left|राष्ट्रपति [[जॉर्ज बुश]] की पत्नी लौरा बुश एवं ल्यूडमिला पुतिना साथ में, मॉस्को 2003]]
28 जुलाई 1983 को पुतिन ने कैलिनिनग्राद में जन्मीं लेनिनग्राद स्टेट यूनिवर्सिटी की एक स्नातक छात्र और पूर्व उड़ान परिचर, ल्यूडमिला ष्क्रेबनेवा से शादी की। 1985-1990 के बीच वे एक साथ जर्मनी में रहे। जर्मन संघीय खुफिया सेवा के अभिलेखागारों के मुताबिक, इस बीच एक जर्मन जासूस पुतिना से दोस्ती कर ली। पुतिना ने पुतिन के ऊपर उन्हें पीटने और प्रेम संबंधों रखने के आरोप लगाये।<ref name="Wife beating">{{cite news
| url = http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/europe/russia/8865545/Vladimir-Putin-a-wife-beater-and-philanderer-documents-allege.html
| title = Vladimir Putin 'a wife beater and philanderer', documents allege
| work = The Daily Telegraph
| date = 2 नवम्बर 2011
| accessdate = 19 मई 2012
| location = London
| first = Matthew
| last = Day
}}</ref>
इसके बाद पुतिना को राष्ट्रपति पुतिन के साथ बहुत कम देखा गया और [[डेली मेल]] और अन्य अखबारों<ref name="Divorce rumours">{{cite news
| url = http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/europe/russia/8071134/Vladimir-Putin-and-wife-spark-divorce-rumours-with-photo-shoot.html
| title = Vladimir Putin and wife spark divorce rumours with photo shoot
| work = The Daily Telegraph
| date = 18 अक्टूबर 2010
| accessdate = 19 मई 2012
| location = London
| first = Andrew
| last = Osborn
}}</ref><ref name="Cloistered wife">{{cite news
| url = http://www.guardian.co.uk/world/2012/feb/27/vladimir-putin-cloistered-wife-rumours
| title = Will Vladimir Putin's voting chances be hurt by 'cloistered wife' rumours?
| work = द गार्डियन
| date = 27 फ़रवरी 2012
| accessdate = 19 मई 2012
| location = London
| first = Miriam
| last = Elder
}}</ref> में दोनों के अलग होने की अटकलें लगने लगी।<ref name="Divorce rumours"/><ref name="Cloistered wife"/><ref name="Family">{{cite news
| url = http://www.dailymail.co.uk/news/article-2133820/Lyudmila-Putina-Is-Vladimir-Putins-affair-spy-Anna-Chapman-reason-wife-seen.html
| title = Mystery of Russia's missing First Lady: Is Putin's 'affair' with spy Anna Chapman the reason Lyudmila is never seen in public... or is she just locked away in a monastery?
| newspaper = Daily Mail
| date = 23 अप्रैल 2012
| accessdate = 10 मई 2012
| location = London
}}</ref>समाचार पत्रों द्वारा पुतिन को जिमनास्ट [[अलीना काबायेवा]]<ref name="Divorce rumours"/><ref name="Cloistered wife"/> और पूर्व जासूस [[अन्ना चैपमैन]]<ref name="Family"/><ref>{{cite news
| first = Harry de
| last = Quetteville
| title = Vladimir Putin 'to wed Olympic gymnast half his age'
| url = http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/1895905/Vladimir-Putin-%27to-wed-Olympic-gymnast-half-his-age%27.html
| work = The Daily Telegraph
| date = 17 अप्रैल 2008
| accessdate = 17 अप्रैल 2008
| location = London
}}</ref> सहित अन्य महिलाओं के साथ जोड़ा गया है। हालांकि, इन अफवाहों का पुतिन ने खंडन किया है।<ref>{{cite news
| title = Putin denies tabloid report that plans to marry former champion gymnast
| url = http://www.iht.com/articles/ap/2008/04/18/europe/EU-GEN-Italy-Putin-Gymnast.php
| work = International Herald Tribune
| date = 18 अप्रैल 2008
| accessdate = 18 अप्रैल 2008
| archiveurl = https://web.archive.org/web/20080429201936/http://www.iht.com/articles/ap/2008/04/18/europe/EU-GEN-Italy-Putin-Gymnast.php
| archivedate = 29 अप्रैल 2008
| url-status = dead
}}</ref><ref>{{cite news
| url = http://www.independent.co.uk/news/europe/a-president-the-gymnast-and-marriage-rumours-that-wont-go-away-811244.html
| title = A president, the gymnast and marriage rumors that won't go away
| author = Shaun Walker, in [[The Independent]], quoting [[Moskovski Korrespondent]]
| accessdate = 18 अप्रैल 2008
| location = London
| date = 18 अप्रैल 2008
}}</ref> व्लादिमीर पुतिन और उनकी पत्नी ल्यूडमिला ने, 6 जून 2013 को शादी टूटने की घोषणा करने के साथ उनके रिश्ते पर सालों से चल रही अटकलों को भी विराम दिया। क्रेमलिन ने 2 अप्रैल 2014 को इस बात की पुष्टि की कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 30 साल की उनकी पत्नी ल्यूडमिला से तलाक को अंतिम रूप दे दिया है।
पुतिन और उनकी पत्नी की दो बेटियां हैं – मारिया पुतिना (जन्म:लेनिनग्राद, सोवियत संघ, 28 अप्रैल 1985) और येकातेरिना पुतिना (जन्म:ड्रेसडेन, पूर्वी जर्मनी, 31 अगस्त 1986)। उनकी बेटियां पूर्वी जर्मनी में पली-बड़ी और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति तक उन्होंने मास्को में स्थित जर्मन स्कूल से शिक्षा प्राप्त की।
=== निजी संपत्ति और निवास ===
[[File:Putin palace construction.jpg|thumb|right|"पुतिन का महल", जो कथित तौर पर उनके लिए बनाया गया है।]]
2007 के विधायी चुनाव के दौरान जारी किये गए आंकड़ों के मुताबिक पुतिन के पास बैंक खातों में लगभग 37 लाख [[रूसी रूबल]] ($ 150,000 अमरीकी डालर), सेंट पीटर्सबर्ग में एक निजी 77.4 {{convert|77.4|m2|adj=on|sqft|sp=us}} अपार्टमेंट, सेंट पीटर्सबर्ग बैंक के 260 शेयर और पिता से विरासत में मिले 1960 के दशक के दो युग वोल्गा एम21 गाड़ियां हैं। 2012 में पुतिन ने 36 लाख रूबल ($ 113,000) की आय की घोषणा की।<ref name="Yachts">{{cite news | url=http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/vladimir-putin/9503469/Vladimir-Putin-the-Russian-presidents-life-of-four-yachts-and-58-aircraft.html | title=Vladimir Putin: the Russian president’s 'life of four yachts and 58 aircraft’ | work=The Daily Telegraph | accessdate=28 अगस्त 2012 | location=London | first=Tom | last=Parfitt | date=28 अगस्त 2012}}</ref>
कुछ रूसी विपक्षी नेताओं और पत्रकारों द्वारा किये गए अपुष्ट दावों के मुताबिक पुतिन की कई रूसी कंपनियों में उत्तरोत्तर स्वामित्व<ref>[http://www.wps.ru/en/pp/story/2007/03/12.html Gennadi Timchenko: Russia's most low-profile billionaire] ''Sobesednik'' № 10, 7 मार्च 2007</ref><ref name=Guardian_40bn>{{cite news|url=http://www.guardian.co.uk/world/2007/dec/21/russia.topstories3|title=Putin, the Kremlin power struggle and the $40bn fortune|work=द गार्डियन|date=21 दिसम्बर 2007|last=Harding|first=Luke|accessdate=18 अगस्त 2008|location=London}}</ref> के माध्यम से हिस्सेदारी है, एवं वे एक विशाल संपत्ति (70 बिलियन<ref name=Is>{{cite news|title=Is Vladimir Putin the richest man on earth?|url=http://www.news.com.au/money/money-matters/is-vladimir-putin-the-richest-man-on-earth/story-e6frfmd9-1226727457378|newspaper=[[News.com.au]]|date=26 सितंबर 2013|access-date=11 मई 2014|archive-date=8 दिसंबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131208183550/http://www.news.com.au/money/money-matters/is-vladimir-putin-the-richest-man-on-earth/story-e6frfmd9-1226727457378|url-status=dead}}</ref>) के मालिक हैं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मंत्री के रूप में, मास्को क्रेमलिन और [[व्हाइट हाउस]] के आलावा, पुतिन ने देश भर में कई सरकारी आवासों का इस्तेमाल किया है। अगस्त 2012 में नेमत्सोव ने 20 बंगलों एवं महलों की सूची जारी की, जिनमें से 9 पुतिन की सत्ता के 12 वर्षों के दौरान बनाये गए थे। इसके अलावा, प्रस्कोवीवका गांव के पास इतालवी शैली का एक विशाल हवेली निर्माणाधीन है। करीब 1 अरब अमरीकी डालर की लागत से बन रही इस ईमारत को "पुतिन के महल" करार दिया गया है। सरकारी जमीन पर बन रही इस हवेली में 3 हैलीपैड एवं राज्य निधि से वित्त पोषित एक निजी सड़क है और क्रेमलिन गार्ड सेवा की वर्दी पहने अधिकारी यहाँ पहरा देते हैं। माना जाता है कि इसे पुतिन के निजी इस्तेमाल के लिए बनाया गया है।<ref name="Putin's palace">{{cite news | url=http://www.bbc.co.uk/news/magazine-17730959 | title=Putin's palace? A mystery Black Sea mansion fit for a tsar | publisher=BBC | date=4 मई 2012|accessdate=4 मई 2012}}</ref>
=== भाषाएँ===
[[रूसी]] के अलावा, पुतिन [[जर्मन]] बोलते हैं। उनका परिवार भी घर में जर्मन में ही बातचीत करता था।<ref>{{cite web|last=Wagner|first=Hans|url=http://www.eurasischesmagazin.de/artikel/?artikelID=20060504|title=Das Konfliktpotential mit den USA wächst (German)|date=30 जून 2006|accessdate=29 मार्च 2007}}</ref>राष्ट्रपति बनने के बाद माना जाता है कि उन्होंने [[अंग्रेजी]] सीखी। बुश जैसे अंग्रेजी के देशी वक्ताओं के साथ उन्हें सीधे अंग्रेजी में बातचीत करते देखा जाता है, हालांकि औपचारिक वार्ता के लिए वह अब भी दुभाषियों का सहारा लेते हैं। पुतिन ने 2003 में [[बकिंघम पैलेस]] में राजकीय रात्रिभोज के दौरान महारानी [[एलिजाबेथ द्वितीय]] की मां की मृत्यु पर अपनी संवेदना प्रकट करते हुए पहली बार सार्वजनिक रूप से अंग्रेजी में बात की।<ref>{{cite news|url=http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4188/is_20030625/ai_n11400868|title=Putin treated royally on historic London visit|publisher=Findarticles.com|date=25 जून 2003|accessdate=2 मार्च 2010|first=Jane|last=Wardell|archive-date=15 सितंबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100915181248/http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4188/is_20030625/ai_n11400868/|url-status=dead}}</ref>2013 में एक साक्षात्कार में, सर्गेई इवानोव के क्रेमलिन चीफ ने उजागर किया कि पुतिन कभी-कभी स्विडिश में भी बातचीत करते हैं।<ref>[http://www.themoscowtimes.com/news/article/kremlin-chief-of-staff-surprised-but-not-alarmed-by-navalny/486872.html Kremlin Chief of Staff Surprised but Not Alarmed by Navalny], The Moscow Times, 2 अक्टूबर 2013.</ref>
== महत्वपूर्ण निर्णय ==
=== 2000 चेचन्या में दूसरा युद्ध ===
{{मुख्य|रूसी चेचन युद्ध}}
[[File:Fosse commune de Saadi-Kotar.jpg|thumb|220px|एक रूसी सैनिक मारे गए चेचन नागरिकों के शवों के ऊपर खड़ा है]]
1999-2000 में पुतिन ने स्वतंत्र चेचन गणराज्य के खिलाफ दूसरा युद्ध छेड़ने में रूस का नेतृत्व किया था। रूसी सेना शांतिपूर्ण चेचन लोगों के जातीय सफाए और चेचन्या की राजधानी ग्रोज़्नी के पूर्ण विनाश का दोषी है।
=== 2008 में जॉर्जिया पर रूसी आक्रमण ===
{{मुख्य|रूसी जॉर्जियाई युद्ध}}
[[File:File-Georgia 2008 war 02.jpg|thumb|220px|रूसी बमबारी के बाद जॉर्जियाई शहर गोरी में आवासीय इमारतों में से एक]]
[[File:Refugees from south ossetia-alagir.jpg|thumb|220px|जॉर्जिया से शरणार्थियों का समूह]]
2008 से 2012 तक पुतिन ने रूसी सरकार का नेतृत्व किया, तथा दिमित्री मेदवेदेव के साथ पदों की अदला-बदली की, जैसा कि कई विश्लेषकों का मानना है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नकल की जा सके, लेकिन वास्तव में वे देश पर शासन करते रहे।2008 में, रूस ने जॉर्जिया पर आक्रमण किया, 20% क्षेत्र पर कब्जा कर लिया और रूसी सेना और संघीय सुरक्षा सेवा के नियंत्रण में दक्षिण ओसेशिया के कब्जे वाले क्षेत्र में जातीय सफाई की।
=== क्रीमिया का अधिग्रहण, 2014 ===
{{मुख्य|२०१४ की युक्रेन क्राँति एवं क्रीमिया संकट|रूस-यूक्रेन युद्ध}}
निकटवर्ती देश युक्रेन में चल रही अशाँति के दौरान 26 फ़रवरी 2014 को हथियारबंद रूस समर्थकों ने यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप में संसद और सरकारी इमारतों पर कब्जा कर लिया।<ref>{{cite web| url= http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/31115001.cms| title= हथियाबंद प्रदर्शनकारियों के कब्जे में यूक्रेन की सरकारी बिल्डिंग| publisher= नवभारत टाईम्स| date= 27 फ़रवरी 2014| accessdate= 4 मार्च 2014}}{{Dead link|date=मार्च 2022 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> २ मार्च को रूस की संसद ने भी राष्ट्रपति पुतिन के यूक्रेन में रूसी सेना भेजने के निर्णय का अनुमोदन कर दिया।<ref name="nbt-army">http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/europe/putin-gets-russian-parliament-approval-to-attack-ukraine/articleshow/31232126.cms{{Dead link|date=मार्च 2022 |bot=InternetArchiveBot }} रूसी संसद ने दी यूक्रेन में आर्मी भेजने की इजाजत</ref>इसके पीछे तर्क दियागया कि वहां रूसी मूल के लोग बहुतायत में हैं जिनके हितों की रक्षा करना रूस की जिम्मेदारी है।<ref name="nbt-7mar14">{{cite web| url= http://hindi.economictimes.indiatimes.com/india/national-india/---/articleshow/31552938.cms| title= रूस के साथ खड़ा है भारत| publisher= नवभारत टाईम्स| date= 7 मार्च 2014| accessdate= 7 मार्च 2014| archive-date= 15 मार्च 2014| archive-url= https://web.archive.org/web/20140315235400/http://hindi.economictimes.indiatimes.com/india/national-india/---/articleshow/31552938.cms| url-status= dead}}</ref> दुनिया भर में इस संकट से चिंता छा गई और कई देशों के राजनयिक अमले हरकत में आ गए।<ref>{{cite web | url=http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/europe/World-scrambles-as-Russia-tightens-grip-on-Crimea/articleshow/31348485.cms | title=यूक्रेन संकट : दुनिया बोली रुको रूस | date=3 मार्च 14 | access date=8 मई 14 }}{{Dead link|date=मार्च 2022 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> 6 मार्च को [[क्रीमिया]] की संसद ने [[रूस|रूसी संघ]] का हिस्सा बनने के पक्ष में मतदान किया।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ibnlive.in.com/news/117047/2 |title=आईबीएन खबर |access-date=8 मई 2014 |archive-date=12 मार्च 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140312000711/http://khabar.ibnlive.in.com/news/117047/2 |url-status=dead }}</ref>जनमत संग्रह के परिणामों को आधार बनाकर 18 मार्च 2014 को क्रीमिया को रूसी फेडरेशन में मिलाने के प्रस्ताव पर [[रूस]] के राष्ट्रपति [[व्लादिमीर पुतिन]] ने हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही क्रीमिया रूसी फेडरेशन का हिस्सा बन गया है।<ref>[https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0#.E0.A4.9C.E0.A5.80-8_.E0.A4.B6.E0.A4.BF.E0.A4.96.E0.A4.B0_.E0.A4.AC.E0.A5.88.E0.A4.A0.E0.A4.95_.E0.A4.B0.E0.A4.A6.E0.A5.8D.E0.A4.A6_.E0.A4.95.E0.A5.80_.E0.A4.97.E0.A4.AF.E0.A5.80 क्रीमिया को रूसी फेडरेशन में मिलाने के प्रस्ताव पर पुतिन ने किए हस्ताक्षर]एन॰डी॰ टीवी इंडिया</ref> उल्लेखनीय है, कि क्रीमिया 18वीं सदी से रूस का हिस्सा रहा है लेकिन 1954 में तत्कालीन रूसी नेता ख्रुश्चेव ने यूक्रेन को भेंट के तौर पर क्रीमिया दिया था।<ref name="nbt-7mar14"/>
=== 2022 में शुरू हुए आक्रमण के दौरान शांतिपूर्ण यूक्रेनी आबादी के खिलाफ आतंक ===
{{मुख्य|राशिज़्म}}
[[File:Russian MT-LB in Ukraine marked "Z".jpg|thumb|220px|Z चिह्नित रूसी सैन्य उपकरण]]
[[File:Refugee civilians in Mariupol.jpg|thumb|220px|2022 में मारियुपोल में रूसी गोलाबारी से बचने के लिए यूक्रेनी बच्चे घरों के तहखानों में छिप गए]]
[[File:Kherson State University after Russian shelling, 2024-03-28 (01).jpg|thumb|220px|खेरसॉन स्टेट यूनिवर्सिटी को रूसी बमबारी का सामना करना पड़ा। यह शहर रूसी संघ के कब्जे वाला एकमात्र क्षेत्रीय केंद्र था, और रूसी वापसी और कब्जे की समाप्ति के बाद, जब रूसियों ने नीपर नदी पर एक बांध उड़ा दिया, तो शहर अस्थायी रूप से जलमग्न हो गया।]]
[[File:Okhmatdyt after Russian attack, 2024-07-08 (01).webp|thumb|220px|रूसी हवाई हमले के बाद कीव में ओखमाटदित बच्चों के अस्पताल की इमारत]]
व्लादिमीर पुतिन का सबसे प्रसिद्ध कथन: "रूस की सीमाएं कहीं भी समाप्त नहीं होतीं" (रूसी: '''Границы России нигде не заканчиваются'''). पकड़े गए यूक्रेनी सैनिकों के साथ अमानवीय व्यवहार के अलावा, पुतिन की व्यक्तिगत पहल पर, गंभीर अपराध किए गए, मुख्यतः यूक्रेनी नागरिकों के विरुद्ध। 2022 में किए गए सबसे प्रसिद्ध अपराध ये हैं: [[बूचा हत्याकांड]] [[मारियूपोल की घेराबंदी]]।तथाकथित निस्पंदन शिविरों की एक प्रणाली भी बनाई गई, जहां रूसी सेना और विशेष सेवाओं ने यूक्रेनी नागरिकों को उनके यूक्रेनी समर्थक विचारों और कब्जे के प्रतिरोध के लिए यातना दी, यूक्रेनी प्रतीकों वाले टैटू काट दिए।यूक्रेनी भाषी नागरिकों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, को यातना देने और उनकी हत्या करने के मामले दर्ज किए गए - माता-पिता के साथ उनके बच्चों के सामने बलात्कार किया गया और उन्हें गोली मार दी गई, तथा बच्चों को रूस भेज दिया गया और अनाथालयों में भेज दिया गया।रूसी-यूक्रेनी युद्ध के दौरान, 8 जुलाई, 2024 को, व्लादिमीर पुतिन के व्यक्तिगत आदेश पर, [[ओहमादित अस्पताल पर हमला|रूसी सशस्त्र बलों ने यूक्रेनी शहरों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला किया और जानबूझकर देश के मुख्य बच्चों के ऑन्कोलॉजी अस्पताल को नष्ट कर दिया]]।इसके अलावा, उनके शासनकाल के दौरान, रूस के सभी गैर-रूसी लोगों (लगभग 100 राष्ट्रों) और रूस द्वारा कब्जा किए गए क्षेत्रों का [[रूसीकरण]] तेज हो गया <ref>{{Cite web |url=https://www.bbc.com/news/world-europe-61208404 |title='You can’t imagine the conditions' — Accounts emerge of Russian detention camps |archive-date=2022-05-18 |access-date=2024-09-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518223022/https://www.bbc.com/news/world-europe-61208404 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.huffpost.com/entry/filtration-camps-russia-ukraine-war_n_624ac8b9e4b0e44de9c485ea |title=Mariupol Women Report Russians Taking Ukrainians To 'Filtration Camps' |archive-date=2022-05-21 |access-date=2024-09-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220521032436/https://www.huffpost.com/entry/filtration-camps-russia-ukraine-war_n_624ac8b9e4b0e44de9c485ea |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.theguardian.com/world/2022/jun/12/ukrainians-who-fled-to-georgia-reveal-details-of-russias-filtration-camps |title=Ukrainians who fled to Georgia reveal details of Russia’s ‘filtration camps’ |archive-date=2022-07-18 |access-date=2024-09-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220718081707/https://www.theguardian.com/world/2022/jun/12/ukrainians-who-fled-to-georgia-reveal-details-of-russias-filtration-camps |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.newyorker.com/ |title=Russia’s «Filtration Camps» in Eastern Ukraine |archive-date=2009-11-27 |access-date=2024-09-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091127184826/http://www.newyorker.com/ |url-status=live }}</ref>।
=== पुतिन के राष्ट्रपति काल में रूस में मानवाधिकार उल्लंघन ===
{{मुख्य|रूसीकरण}}
पुतिन ने नियमित रूप से राष्ट्रपति चुनावों के परिणामों में हेराफेरी की और आपराधिक तत्वों तथा रूस की संघीय सुरक्षा सेवा की मदद से अपने राजनीतिक विरोधियों को खत्म किया।उनके शासन के सबसे प्रसिद्ध पीड़ित अलेक्जेंडर लिट्विनेंको (2006 में मारे गए) थे, जिन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे पुतिन ने रूस की संघीय सुरक्षा सेवा में काम करते हुए, पूरे रूस में इमारतों को उड़ा दिया और साथ ही साथ फर्जी खबरें बनाईं, इसे चेचेन द्वारा आतंकवादी हमलों के रूप में पेश किया और इस बहाने [[रूसी चेचन युद्ध|रूस ने चेचन्या के खिलाफ दो युद्ध शुरू किए]]<ref>[https://zona.media/article/2024/10/08/navalnaya «Кто бы знал, что фамилия будет людей превращать в нелюдей». История украинки Ирины Навальной, приговоренной к 8 годам по делу о теракте]</ref>।दूसरे राजनेता बोरिस नेम्त्सोव (जिनकी 2015 में हत्या कर दी गई) थे, जिन्होंने यूक्रेन में रूसी आक्रामकता के खिलाफ आवाज उठाई थी। यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति ने बोरिस नेम्त्सोव को "रूस का देशभक्त और यूक्रेन का घनिष्ठ मित्र" कहा था।
[[File:Vladimir Putin (2022-02-24).jpg|thumb|200px|वीडियो से एक दृश्य जिसमें व्लादिमीर पुतिन 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण शुरू करने की घोषणा करते हैं, जिसे आधिकारिक तौर पर "सैन्य विशेष अभियान" कहा जाता है क्योंकि संविधान के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति को सैन्य विशेष अभियानों के दौरान हताहतों की संख्या को छिपाने का अधिकार है।]]
[[File:Ceremony of consecration of the Main temple 15.jpg|thumb|200px|रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की हत्या पुतिन के आदेश पर की गई।इस मंदिर का उपयोग अक्सर रूसी अधिकारियों द्वारा यूक्रेन के प्रति घृणा भड़काने वाले सैन्य और अंधराष्ट्रवादी प्रचार के लिए मुखपत्र के रूप में किया जाता है और रूसी नागरिकों के कुछ समूह]]
[[File:Boris Nemtsov at the Moscow rally at the Bolotnaya square 10 Dec 2011.jpg|thumb|200px|बोरिस नेमत्सोव, एक प्रसिद्ध रूसी विपक्षी और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार]]
[[File:Навальный 13.jpg|thumb|200px|[[अलेक्सी नवलनी]]।रूसी विपक्षी नेता। भ्रष्टाचार विरोधी फाउंडेशन को रूस में प्रतिबंधित कर दिया गया था, और पुतिन के अपराधों को उजागर करने में शामिल इसके कई कर्मचारियों को संघीय सुरक्षा सेवा द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था और मार दिया गया था।]]
और तीसरे थे एलेक्सी नवलनी (2024 में मृत्यु हो गई) और उनके संगठन फोंड फाइट अगेंस्ट करप्शन के सदस्य, जो भ्रष्टाचार विरोधी जांच और अन्य देशों में रूसी युद्ध अपराधों की जांच के लिए जाने जाते हैं।इसके अलावा, [[बूचा हत्याकांड]] के दौरान नवलनी के एक दूर के रिश्तेदार की हत्या कर दी गई थ।यूक्रेनी इरिना नवलनया को भी रूसी कब्जे वाले क्षेत्र में 8 साल की जेल की सजा सुनाई गई, सिर्फ इसलिए कि उसका अंतिम नाम नवलनया है <ref>{{Cite web |url=https://www.moscowtimes.ru/2022/04/19/ubitii-v-buche-mestnii-zhitel-okazalsya-rodstvennikom-alekseya-navalnogo-a19656 |title=Убитый в Буче местный житель оказался родственником Алексея Навального |access-date=30 अगस्त 2025 |archive-date=22 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422191612/https://www.moscowtimes.ru/2022/04/19/ubitii-v-buche-mestnii-zhitel-okazalsya-rodstvennikom-alekseya-navalnogo-a19656 |url-status=dead }}</ref> <ref>[https://novayagazeta.eu/articles/2023/11/16/khudozhnitsu-sashu-skochilenko-prigovorili-k-7-godam-kolonii-po-delu-ob-antivoennykh-tsennikakh-news Художницу Сашу Скочиленко приговорили к 7 годам колонии по делу об антивоенных ценниках]</ref>।
युवा रूसी कलाकार दशा स्कोचिलेंको को यूक्रेन के समर्थन में युद्ध-विरोधी चित्र बनाने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया और जेल भेज दिया गया।इसके अलावा, निज़नी नोवगोरोड माध्यमिक विद्यालय के दो युवाओं को उनके ही शिक्षक ने युद्ध-विरोधी बयान देने के कारण सुरक्षा सेवाओं के हवाले कर दिया और बाद में उन्हें किशोर हिरासत केंद्र भेज दिया गया।कुल मिलाकर, रूस में पुतिन के शासन के दौरान, हजारों नाबालिगों को राजनीतिक कारणों से और यूक्रेन के समर्थन में उनके रुख के कारण जेल में डाल दिया गया है।दशा मोस्कलेवा नाम की एक छोटी लड़की का मामला भी व्यापक रूप से जाना जाता है, जिसने रूसी अपराधों की पृष्ठभूमि के खिलाफ, यूक्रेन के समर्थन में एक युद्ध-विरोधी चित्र बनाया, जिसके बाद उसके पिता को सताया गया और 2 साल की जेल की सजा सुनाई गई<ref>{{Cite web |url=https://zmina.info/ru/news-ru/v-rossii-direktor-shkoly-donesla-silovikam-na-vospitannikov-za-razgovor-na-kuhne-o-vojne-v-ukraine/ |title=В России директор школы донесла силовикам на воспитанников за разговор на кухне о войне в Украине |access-date=30 अगस्त 2025 |archive-date=19 सितंबर 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240919083950/https://zmina.info/ru/news-ru/v-rossii-direktor-shkoly-donesla-silovikam-na-vospitannikov-za-razgovor-na-kuhne-o-vojne-v-ukraine/ |url-status=dead }}</ref> <ref>[https://meduza.io/news/2024/10/15/otets-mashi-moskalevoy-narisovavshey-antivoennyy-risunok-vyshel-na-svobodu-ego-prigovorili-k-dvum-godam-kolonii-po-delu-o-diskreditatsii-armii Отец Маши Москалевой, нарисовавшей антивоенный рисунок, вышел на свободу. Его приговорили к двум годам колонии по делу о «дискредитации» армии]</ref>।
रूस में युद्ध-विरोधी कार्यकर्ताओं को मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हुए क्रूरता से सताया जाता है। इस तरह, 2022 की शरद ऋतु में, मॉस्को के एक युवक, आर्टेम कमार्डिन, के घर में रूस की संघीय सुरक्षा सेवा रूस की संघीय सुरक्षा सेवा और पुलिस के कर्मचारी एक युद्ध-विरोधी कविता के लिए घुस आए। उन्होंने उसे और उसकी प्रेमिका को बेरहमी से पीटा और उसकी प्रेमिका के सामने उसे डंबल से बलात्कार किया। इस घटना के बाद, पीड़ित युवक को "रूसी सेना के बारे में फर्जी खबरें" (वास्तव में, रूस द्वारा आधिकारिक तौर पर नकारे गए यूक्रेन में रूसी सैन्य अपराधों को स्वीकार करने के लिए) के आरोप में जेल में डाल दिया गया <ref>[https://ovd.info/persons/artem-kamardin Артем Камардин]</ref>।
=== भ्रष्टाचार ===
[[File:Митинг 23 января 2021 года в Санкт-Петербурге.jpg|thumb|200px|रूस में नवलनी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन]]
रूस के कई विपक्षी नेता, जिनमें सबसे प्रसिद्ध बोरिस नेम्त्सोव और अलेक्सी नवलनी हैं, ने पुतिन पर सरकारी धन की बड़े पैमाने पर चोरी का आरोप लगाया था। अलेक्सी नवलनी की टीम द्वारा पुतिन के महल पर किए गए जांच ने रूस में 100 मिलियन से अधिक बार देखा गया।पुतिन और उनके साथियों द्वारा धन शोधन और भ्रष्टाचार की योजनाओं के कारण रूसी स्वास्थ्य सेवा में गिरावट आई और 2010 के दशक में हर साल हजारों रूसी बच्चे राजधानी के बाहर रूस के क्षेत्रों में घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं के कारण मर गए<ref>[https://tvrain.tv/teleshow/here_and_now/lpr-524268 /«Без риска попасть под дубинки»: зачем либертарианцы подали заявку на митинг за Навального после отказа ФБК от акций]</ref>।
=== रूस के नागरिकों के बीच नफरत भड़काना पुतिन ===
[[File:Novokuznetsk psychiatric hospital №12.jpg|thumb|200px|रूस में नियमित अस्पताल]]
के शासनकाल के दौरान, किसी भी सामान्य व्यक्ति को सोशल मीडिया पर टिप्पणी के लिए जेल में डाला जा सकता है, जिसमें एक भी अक्षर हो, विशेष रूप से उन टिप्पणियों के लिए जो सत्ता परिवर्तन या यूक्रेन के खिलाफ सैन्य आक्रमण को रोकने की मांग करती हों। इससे रूसी समाज अधिक बंद और दुनिया से अलग-थलग हो गया है, साथ ही लाखों रूसियों का मानसिक स्वास्थ्य भी बिगड़ गया है। पुतिन की सरकार यूक्रेन, यूरोप, और अमेरिका के साथ-साथ अपने कुछ नागरिक समूहों के प्रति नफरत भड़काने के लिए मीडिया का उपयोग करती है, जो रूस में यूएसएसआर और स्टालिन के पंथ की वास्तविक वापसी में प्रकट होता है, जो 1932-1933 के अकाल और बड़े पैमाने पर दमन के लिए भी जिम्मेदार था। रूस में अधिकांश मीडिया पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण में है, और स्वतंत्र मीडिया को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है और विदेशी एजेंट के रूप में चिह्नित किया गया है<ref>{{Книга|ссылка=https://www.google.com/books/edition/Putin_s_Dark_Ages/9kXZzwEACAAJ?hl=en|автор=Dina Khapaeva|заглавие=Putin's Dark Ages: Political Neomedievalism and Re-Stalinization in Russia|год=2024|издательство=Routledge, Taylor & Francis Group|страниц=275|isbn=978-1-032-57148-5}}</ref>।
== सम्मान एवं पुरस्कार ==
* सितम्बर 2006 में, फ्रांस के राष्ट्रपति [[ज़्याक शिराक]] ने व्लादिमीर पुतिन को दोनों देशों के बीच मित्रता बढ़ाने में उनके योगदान के लिए उन्हें फ्रांस के सबसे उच्चतम सम्मान, लीजन ऑफ ऑनर के ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया। यह सम्मान आमतौर पर फ्रांस के बहुत करीब माने जाने वाले राज्यों के प्रमुखों को दिया जाता है।<ref>{{In lang|fr}} [http://www.dailymotion.com/video/xhvhv_chirac-decore-poutine Video Chirac décore Poutine]</ref>
* 2007 में, ''टाइम'' पत्रिका ने पुतिन को ''पर्सन ऑफ द ईयर'' नामित किया।
* 12 फ़रवरी 2007 को [[सऊदी अरब|सऊदी]] बादशाह अब्दुल्ला ने पुतिन को सऊदी अरब के शीर्ष नागरिक अलंकार, किंग अब्दुल अजीज पुरस्कार से सम्मानित किया।<ref>Atul Aneja [http://www.hindu.com/2007/02/20/stories/2007022002561100.htm Putin goes calling on the Saudis] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070223061501/http://www.hindu.com/2007/02/20/stories/2007022002561100.htm |date=23 फ़रवरी 2007 }}. द हिन्दू। 20 फ़रवरी 2007</ref>
* 10 सितंबर 2007 को [[संयुक्त अरब अमीरात]] के राष्ट्रपति खलीफा बिन जायद अल नहयान ने संयुक्त अरब अमीरात के शीर्ष नागरिक पुरस्कार, आर्डर ऑफ़ जायद से पुतिन को सम्मानित किया। .<ref>[http://top.rbc.ru/politics/10/09/2007/117887.shtml Putin Receives Top UAE's Decoration, Order of Zayed], Rbc.ru, 10 सितम्बर 2007</ref>
* दिसंबर 2007 में एक प्रभावशाली और सम्मानित रूसी व्यापार साप्ताहिक, एक्सपर्ट मैगज़ीन ने पुतिन को ''पर्सन ऑफ द ईयर'' नामित किया।<ref>{{cite web |url=http://expert.ru/expert/2007/48/chelovek_goda/ |title=Глобальный игрок. ''Expert'' magazine. № 48 (589) 24 दिसम्बर 2007 |publisher=Expert.ru |accessdate=7 मई 2014 |archive-date=23 जनवरी 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140123025544/http://expert.ru/expert/2007/48/chelovek_goda/ |url-status=dead }}</ref>
* 5 अक्टूबर 2008 को चेचन राष्ट्रपति रमजान कदयरोव के आदेश के अनुसार [[चेचन्या|चेचन्या गणराज्य]] की राजधानी, ग्रोज्नी की मध्य सड़क का नाम विक्टरी एवेन्यू से बदलकर व्लादिमीर पुतिन एवेन्यू रख दिया गया।<ref>[http://lenta.ru/news/2008/10/05/street/ В Грозном появился проспект имени Путина] Lenta.ru</ref>
* फरवरी 2011 में [[किर्गिस्तान]] की संसद ने [[तियाँ शान]] पहाड़ों में से एक शिखर का नाम व्लादिमीर पुतिन पीक रखने का निर्णय लिया।<ref>[http://lenta.ru/news/2011/02/17/name/ Парламент Киргизии присвоил горной вершине имя Путина]. Lenta.ru. 17 फ़रवरी 2011</ref>
* 15 नवम्बर 2011 को चीन इंटरनेशनल पीस रिसर्च सेंटर ने 2011 में नाटो द्वारा लीबिया पर बमबारी का विरोध करने, एवं 1999 में चेचन्या में युद्ध में जाने के निर्णय के लिए पुतिन को कन्फ्यूशियस शांति पुरस्कार से सम्मानित किया।<ref name=bbc2011>{{Cite news|url=http://www.bbc.co.uk/news/world-asia-china-15750979|title=Vladimir Putin in China Confucius Peace Prize fiasco|date=15 नवम्बर 2011|accessdate=7 मई 2014|publisher=बीबीसी}}</ref>
* 2011 में, बेलग्रेड विश्वविद्यालय ने पुतिन डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया।
* 2024 की शुरुआत में, पुतिन के आदेश पर रूसी खुफिया सेवाओं द्वारा जहर दिए जाने के बाद उनके मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एलेक्सी नवलनी की मृत्यु हो गई और रूस लौटने पर उन्हें संबंधित झूठे आरोपों में दोषी ठहराया गया।नवलनी की मृत्यु तक, व्लादिमीर पुतिन ने अपने प्रतिद्वंद्वी को नाम से नहीं पुकारा, बल्कि उन्हें "यह नागरिक" या "यह व्यक्ति" कहना पसंद किया।
* [[अलेक्सी नवलनी]] माना जाता है कि पुतिन को सबसे ज्यादा डर इसी व्यक्ति से लगता है।
== वृत्तचित्र फिल्में ==
2023 में, यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय और कुछ रूसी विशेषज्ञों के समर्थन से एक वृत्तचित्र फिल्म "राशिज़्म का एनाटॉमी" (यूक्रेनी में "Анатомія Рашизму") बनाई गई थी, जिसमें न केवल रूसी आक्रमण के दौरान किए गए अपराधों का वर्णन किया गया है, बल्कि आधुनिक रूसी इतिहास में अन्य युद्धों, जैसे जॉर्जिया पर आक्रमण और चेचन गणराज्य के खिलाफ रूस के दो युद्धों, साथ ही व्लादिमीर पुतिन के शासनकाल में निर्मित आधुनिक रूसी राजनीतिक विचारधारा की उत्पत्ति और उनके राजनीतिक शासन के आधार और मार्गदर्शन करने वाले सिद्धांतों को भी दर्शाया गया है। इस फिल्म को यूक्रेन में बनी सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र माना गया है और इसे रूस में प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है <ref>[https://blog.poltava.to/pustovgar/17788/ Анатомія рашизму | Документальний цикл «Остання війна»]</ref>।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
[[एशेलोन]]
== बाहरी कड़ियाँ==
*[http://hindi.ruvr.ru/2012/01/16/63944831/ रेडियो रूस ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140506080745/http://hindi.ruvr.ru/2012/01/16/63944831/ |date=6 मई 2014}} (व्लदीमिर पुतिन)
*[http://putin.kremlin.ru/ व्लादिमीर पुतिन का व्यक्तिगत जालस्थल] <small><b>(रूसी में)</b></small>
*[http://kremlin.ru/ रूस के राष्ट्रपति का आधिकारीक जालस्थल] <small><b>(रूसी में)</b></small>
[[श्रेणी:रूस के राष्ट्रपति]]
[[श्रेणी:1952 में जन्मे लोग]]
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एन्ट्रॉपी
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[[उष्मागतिकी|ऊष्मागतिकी]] में, '''एन्ट्रॉपी''' एक भौतिक राशि है जो सीधे मापी नहीं जाती बल्कि गणना (कैल्कुलेशन) द्वारा इसका मान निकाला जाता है। इसका प्रतीक '''S''' है। किसी [[निकाय]] की कुल [[ऊर्जा]] का वह भाग जिसे उपयोग में नहीं लाया जा सकता (दूसरे शब्दों में, ''[[कार्य (भौतिकी)|कार्य]] में नहीं बदला जा सकता''), उस निकाय की एन्ट्रॉपी कहलाती है। एण्ट्रॉपी की गणितीय परिभाषा नीचे दी गयी है। [[जर्मनी]] के गणितज्ञ एवं भौतिकशास्त्री [[रुडॉल्फ क्लासिअस]] ने १८५० के दशक में एन्ट्रॉपी की संकल्पना दी और उसका यह नाम दिया। १८७७ में [[लुडविग बोल्ट्जमान]] ने एन्ट्रॉपी की [[प्रायिकता]] पर आधारित परिभाषा दी।
==परिचय==
[[ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम|ऊष्मागतिकी उष्मागतिकी के द्वितीय नियम]] द्वारा भी एक नए [[अवधारणा|संकल्पना]] (कॉसेप्ट) का समावेश होता है। यह एंट्रापी की संकल्पना है।
# एन्ट्रॉपी एक [[भौतिक राशि]] है, जिसकी गणना की जा सकती है।
# मोटे तौर पर यह किसी ऊष्मागतिक निकाय के अव्यवस्था (disorder) की माप है।
# किसी विलगित निकाय की एण्ट्रॉपी समय के साथ बढती ही रहती है, कभी घटती नहीं है। (''अविलगित निकायों की एंट्रॉपी घट सकती है।'')
# एंट्रॉपी, निकाय के स्टेट का एक [[फलन]] है।
# एण्ट्रॉपी एक [[विस्तारात्मक तथा अविस्तारात्मक गुणधर्म|विस्तारात्मक गुण]] (extensive properties) है।
==परिभाषा==
ऊष्मागतिकीय रूप से व्युत्क्रमणीय किसी निकाय के लिये एन्ट्रॉपी में परिवर्तन (Δ''S'') निम्नलिखित सम्बन्ध द्वारा पारिभाषित है-
:<math>\Delta S = \int \frac{dQ_\text{rev}}T</math>,
जहाँ ''T'' निकाय का [[ऊष्मागतिक तापक्रम|परम ताप]] है, ''dQ'' निकाय को दी गयी ऊष्मा है।
एण्ट्रॉपी की यह परिभाषा कभी-कभी 'व्यष्टिगत परिभाषा' (macroscopic definition) कहलाती है। ध्यान दें कि यह 'एण्ट्रॉपी में परिवर्तन' ( Δ''S'') की परिभाषा है, न कि कुल एण्ट्रॉपी ('''S''') की। एण्ट्रॉपी की संकल्पना बहुत उपयोगी पायी गयी है और इसकी कई अन्य परिभाषाएँ और भी हैं। आगे चलकर निरपेक्ष एण्ट्रॉपी (''absolute'' entropy ''S'') की परिभाषा भी की गयी जो [[सांख्यिकीय यांत्रिकी]] पर आधारित है या [[ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम|ऊष्मागतिकी के तृतीय नियम]] पर।
यदि किसी प्रक्रिया में ताप अपरिवर्तित हो (समतापी प्रक्रम) तो
: <math>S_2 - S_1 = \begin{matrix} \cfrac{Q_{1 \to 2}}{T} \end{matrix}</math>>
==उपयोग==
===मूलभूत ऊष्मागतिक सम्बन्ध===
: <math>dU = T dS - P dV</math>
===आदर्श गैस के लिये ===
एन्ट्रॉपी की उपरोक्त परिभाषा तथा [[आदर्श गैस]] के समीकरण का उपयोग करते हुए निम्नलिखित सम्बन्ध निकाला जा सकता है-
:<math> \Delta S = \Delta (c_V \ln p + c_p \ln V) \,</math>
या,
:<math> \Delta S = \frac {nR}{\gamma-1}\Delta (\ln p+ \gamma \ln V)</math>
जहाँ <math>\gamma = \frac{c_p}{c_V} \,</math> ( = 5/3 एकपरमाणुक गैस के लिये, तथा 7/5 द्विपरमाणुक गैस के लिये)
==एन्ट्रॉपी की सांख्यिकीय व्याख्या==
१८९० से १९०० की कालावधि में [[ऑस्ट्रिया|आस्ट्रिया]] के भौतिकशास्त्री लुडविग बोल्ट्जमान और अन्य वैज्ञानिकों ने [[सांख्यिकीय यांत्रिकी]] का विकास किया। इसने एन्ट्रॉपी की संकल्पना को बहुत
प्रभावित किया। एन्ट्रॉपी और ऊष्मागतिकीय प्रायिकता में निम्नलिखित सम्बन्ध दिया गया है-
:<math>S = k \cdot \ln \Omega</math>,
जहाँ S एन्ट्रॉपी है, k बोल्ट्जमान नियतांक है, Ω निकाय के सभी सम्भव सूक्ष्म-स्टेट्स (microstates) की संख्या है।
== ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम ==
[[ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम|ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम]] के अनुसार, सामान्य रूप से, एक प्रणाली की कुल एन्ट्रापी किसी अन्य प्रणाली की एन्ट्रापी को बढ़ाने के अतिरिक्त कम नहीं होती है। अतः, अपने वातावरण से अलग एक प्रणाली में, उस प्रणाली की एन्ट्रापी में कमी नहीं होती है। इसके पश्चात् यह पता चलता है कि गर्मी ठंडे वस्तु में कार्य के अनुप्रयोग के बिना ठंडे वस्तु से गर्म वस्तु में प्रवाहित नहीं हो सकती है। द्वितीय, एक चक्र पर काम करने वाले उपकरण के लिए एकल तापमान जलाशय से शुद्ध कार्य का उत्पादन करना असम्भव है-शुद्ध कार्य के उत्पादन के लिए एक गर्म जलाशय से एक ठंडे जलाशय में गर्मी के प्रवाह की आवश्यकता होती है, अथवा एक एकल विस्तारित जलाशय जो एडियाबेटिक शीतलन से गुजरता है, जो एडियाबेटिक कार्य करता है। नतीजतन, एक [[शाश्वत गति]] यन्त्र की कोई सम्भावना नहीं है। इसके पश्चात् एक निर्दिष्ट प्रक्रिया में एन्ट्रापी की वृद्धि में कमी, जैसे कि रासायनिक प्रतिक्रिया, का मतलब है कि यह ऊर्जावान रूप से अधिक कुशल है।
==इन्हें भी देखें==
*[[ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम]]
*[[रुडॉल्फ क्लासिअस]]
[[श्रेणी:भौतिकी]]
[[श्रेणी:एन्ट्रॉपी|*]]
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[[उष्मागतिकी|ऊष्मागतिकी]] में, '''एन्ट्रॉपी''' एक भौतिक राशि है जो सीधे मापी नहीं जाती बल्कि गणना (कैल्कुलेशन) द्वारा इसका मान निकाला जाता है। इसका प्रतीक '''S''' है। किसी [[निकाय]] की कुल [[ऊर्जा]] का वह भाग जिसे उपयोग में नहीं लाया जा सकता (दूसरे शब्दों में, ''[[कार्य (भौतिकी)|कार्य]] में नहीं बदला जा सकता''), उस निकाय की एन्ट्रॉपी कहलाती है। एण्ट्रॉपी की गणितीय परिभाषा नीचे दी गयी है। [[जर्मनी]] के गणितज्ञ एवं भौतिकशास्त्री [[रुडॉल्फ क्लासिअस]] ने १८५० के दशक में एन्ट्रॉपी की संकल्पना दी और उसका यह नाम दिया। १८७७ में [[लुडविग बोल्ट्जमान]] ने एन्ट्रॉपी की [[प्रायिकता]] पर आधारित परिभाषा दी।
==परिचय==
[[ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम|ऊष्मागतिकी उष्मागतिकी के द्वितीय नियम]] द्वारा भी एक नए [[अवधारणा|संकल्पना]] (कॉसेप्ट) का समावेश होता है। यह एंट्रापी की संकल्पना है।
# एन्ट्रॉपी एक [[भौतिक राशि]] है, जिसकी गणना की जा सकती है।
# मोटे तौर पर यह किसी ऊष्मागतिक निकाय के अव्यवस्था (disorder) की माप है।
# किसी विलगित निकाय की एण्ट्रॉपी समय के साथ बढती ही रहती है, कभी घटती नहीं है। (''अविलगित निकायों की एंट्रॉपी घट सकती है।'')
# एंट्रॉपी, निकाय के स्टेट का एक [[फलन]] है।
# एण्ट्रॉपी एक [[विस्तारात्मक तथा अविस्तारात्मक गुणधर्म|विस्तारात्मक गुण]] (extensive properties) है।
==परिभाषा==
ऊष्मागतिकीय रूप से व्युत्क्रमणीय किसी निकाय के लिये एन्ट्रॉपी में परिवर्तन (Δ''S'') निम्नलिखित सम्बन्ध द्वारा पारिभाषित है-
:<math>\Delta S = \int \frac{dQ_\text{rev}}T</math>,
जहाँ ''T'' निकाय का [[ऊष्मागतिक तापक्रम|परम ताप]] है, ''dQ'' निकाय को दी गयी ऊष्मा है।
एण्ट्रॉपी की यह परिभाषा कभी-कभी 'व्यष्टिगत परिभाषा' (macroscopic definition) कहलाती है। ध्यान दें कि यह 'एण्ट्रॉपी में परिवर्तन' ( Δ''S'') की परिभाषा है, न कि कुल एण्ट्रॉपी ('''S''') की। एण्ट्रॉपी की संकल्पना बहुत उपयोगी पायी गयी है और इसकी कई अन्य परिभाषाएँ और भी हैं। आगे चलकर निरपेक्ष एण्ट्रॉपी (''absolute'' entropy ''S'') की परिभाषा भी की गयी जो [[सांख्यिकीय यांत्रिकी]] पर आधारित है या [[ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम|ऊष्मागतिकी के तृतीय नियम]] पर।
यदि किसी प्रक्रिया में ताप अपरिवर्तित हो (समतापी प्रक्रम) तो
: <math>S_2 - S_1 = \begin{matrix} \cfrac{Q_{1 \to 2}}{T} \end{matrix}</math>>
==उपयोग==
===मूलभूत ऊष्मागतिक सम्बन्ध===
: <math>dU = T dS - P dV</math>
===आदर्श गैस के लिए ===
एन्ट्रॉपी की उपरोक्त परिभाषा तथा [[आदर्श गैस]] के समीकरण का उपयोग करते हुए निम्नलिखित सम्बन्ध निकाला जा सकता है-
:<math> \Delta S = \Delta (c_V \ln p + c_p \ln V) \,</math>
या,
:<math> \Delta S = \frac {nR}{\gamma-1}\Delta (\ln p+ \gamma \ln V)</math>
जहाँ <math>\gamma = \frac{c_p}{c_V} \,</math> ( = 5/3 एकपरमाणुक गैस के लिये, तथा 7/5 द्विपरमाणुक गैस के लिये)
==एन्ट्रॉपी की सांख्यिकीय व्याख्या==
१८९० से १९०० की कालावधि में [[ऑस्ट्रिया|आस्ट्रिया]] के भौतिकशास्त्री लुडविग बोल्ट्जमान और अन्य वैज्ञानिकों ने [[सांख्यिकीय यांत्रिकी]] का विकास किया। इसने एन्ट्रॉपी की संकल्पना को बहुत
प्रभावित किया। एन्ट्रॉपी और ऊष्मागतिकीय प्रायिकता में निम्नलिखित सम्बन्ध दिया गया है-
:<math>S = k \cdot \ln \Omega</math>,
जहाँ S एन्ट्रॉपी है, k बोल्ट्जमान नियतांक है, Ω निकाय के सभी सम्भव सूक्ष्म-स्टेट्स (microstates) की संख्या है।
== ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम ==
[[ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम|ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम]] के अनुसार, सामान्य रूप से, एक प्रणाली की कुल एन्ट्रापी किसी अन्य प्रणाली की एन्ट्रापी को बढ़ाने के अतिरिक्त कम नहीं होती है। अतः, अपने वातावरण से अलग एक प्रणाली में, उस प्रणाली की एन्ट्रापी में कमी नहीं होती है। इसके पश्चात् यह पता चलता है कि गर्मी ठंडे वस्तु में कार्य के अनुप्रयोग के बिना ठंडे वस्तु से गर्म वस्तु में प्रवाहित नहीं हो सकती है। द्वितीय, एक चक्र पर काम करने वाले उपकरण के लिए एकल तापमान जलाशय से शुद्ध कार्य का उत्पादन करना असम्भव है-शुद्ध कार्य के उत्पादन के लिए एक गर्म जलाशय से एक ठंडे जलाशय में गर्मी के प्रवाह की आवश्यकता होती है, अथवा एक एकल विस्तारित जलाशय जो एडियाबेटिक शीतलन से गुजरता है, जो एडियाबेटिक कार्य करता है। नतीजतन, एक [[शाश्वत गति]] यन्त्र की कोई सम्भावना नहीं है। इसके पश्चात् एक निर्दिष्ट प्रक्रिया में एन्ट्रापी की वृद्धि में कमी, जैसे कि रासायनिक प्रतिक्रिया, का मतलब है कि यह ऊर्जावान रूप से अधिक कुशल है।
==इन्हें भी देखें==
*[[ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम]]
*[[रुडॉल्फ क्लासिअस]]
[[श्रेणी:भौतिकी]]
[[श्रेणी:एन्ट्रॉपी|*]]
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रोहित शर्मा
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Better explanation
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक क्रिकेटर
| name = रोहित शर्मा
| image = Prime Minister Of Bharat Shri Narendra Damodardas Modi with Shri Rohit Gurunath Sharma (Cropped).jpg
| caption = शर्मा सन् 2024 मे
| fullname = रोहित गुरुनाथ शर्मा
| birth_date = {{Birth date and age|1987|4|30|df=yes}}
| birth_place = [[नागपुर]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]]
| family = <!-- only add notable family members -->
| heightm = 1.71
| batting = दाएँ हाथ से
| bowling = दाएँ हाथ से ऑफ़ ब्रेक
| role = बल्लेबाज
| Nickname = पाव शर्मा
| international = true
| internationalspan = 2007–वर्तमान
| country = भारत
| testdebutdate = 6 नवम्बर
| testdebutyear = 2013
| testdebutagainst = वेस्ट इंडीज
| testcap = 280
| lasttestdate = 7 मार्च
| lasttestyear = 2025
| lasttestagainst = ऑस्ट्रेलिया
| odidebutdate = 23 जून
| odidebutyear = 2007
| odidebutagainst = आयरलैंड
| odicap = 168
| lastodidate = 09 मार्च
| lastodiyear = 2025
| lastodiagainst = न्यूजीलैंड
| odishirt = 45
| T20Idebutdate = 19 सितंबर
| T20Idebutyear = 2007
| T20Idebutagainst = इंग्लैंड
| T20Icap = 17
| lastT20Idate = 29 june
| lastT20Iyear = 2024
| lastT20Iagainst = दक्षिण अफ्रीका
| T20Ishirt = 45
| club1 = [[मुंबई क्रिकेट टीम|मुंबई]]
| year1 = 2006/07–वर्तमान
| club2 = [[डेक्कन चार्जर्स]]
| year2 = 2008–2010
| clubnumber2 = 45
| club3 = [[मुंबई इंडियंस]]
| year3 = 2011–वर्तमान
| clubnumber3 = 45
| columns = 4
| column1 = [[टेस्ट क्रिकेट|टेस्ट]]
| column2 = [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|वनडे]]
| column3 = [[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय|टी२० अं]]
| column4 = [[प्रथम श्रेणी क्रिकेट|एफसी]]
| matches1 = 52
| matches2 = 260
| matches3 = 149
| matches4 = 110
| runs1 = 3,677
| runs2 = 10,615
| runs3 = 3,853
| runs4 = 8,365
| bat avg1 = 46.54
| bat avg2 = 49.14
| bat avg3 = 31.32
| bat avg4 = 53.62
| 100s/50s1 = 10/16
| 100s/50s2 = 32/55
| 100s/50s3 = 5/29
| 100s/50s4 = 26/34
| top score1 = 212
| top score2 = 264
| top score3 = 123
| top score4 = 309*
| deliveries1 = 383
| deliveries2 = 598
| deliveries3 = 68
| deliveries4 = 2,153
| wickets1 = 2
| wickets2 = 9
| wickets3 = 1
| wickets4 = 24
| bowl avg1 = 112.00
| bowl avg2 = 58.00
| bowl avg3 = 113.00
| bowl avg4 = 48.08
| fivefor1 = 0
| fivefor2 = 0
| fivefor3 = 0
| fivefor4 = 0
| tenfor1 = 0
| tenfor2 = 0
| tenfor3 = 0
| tenfor4 = 0
| best bowling1 = 1/26
| best bowling2 = 2/27
| best bowling3 = 1/22
| best bowling4 = 5/41
| catches/stumpings1 = 51/–
| catches/stumpings2 = 92/–
| catches/stumpings3 = 58/-
| catches/stumpings4 = 94/-
| date = 13 नवंबर 2023
| source = {{URL|https://www.espncricinfo.com/india/content/player/34102.html|ईएसपीएन क्रिकइन्फो}}
}}
रोहित गुरुनाथ शर्मा (जन्म 30 अप्रैल 1987) एक भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं और खेल के सभी प्रारूपों में भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैं।[3] दाएं हाथ के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में, उन्हें व्यापक रूप से सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाजों (ओपनर्स) में से एक माना जाता है। वह घरेलू क्रिकेट में मुंबई का और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व करते हैं। शर्मा 2007 टी20 विश्व कप और 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमों के सदस्य थे, और 2024 टी20 विश्व कप तथा 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के विजेता कप्तान थे।उनके नेतृत्व में मुंबई इंडियंस टीम ने 5 खिताब जीते हैं।<ref>{{cite news|title=Rohit Sharma profile and biography, stats, records, averages, photos and videos|url=http://www.espncricinfo.com/india/content/player/34102.html|accessdate=24 फरवरी 2022|work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|language=en}}</ref>
उन्होंने अपने [[टेस्ट क्रिकेट|टेस्ट कैरियर]] की शुरुआत [[वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम|वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम]] के खिलाफ 09 नवम्बर 2013 को [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] <ref>{{cite news|last1=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|टाइम्स ऑफ़ इंडिया]]|title="Eden special for me, says Rohit Sharma"|url=http://timesofindia.indiatimes.com/west-indies-in-india-2013/top-stories/Eden-special-for-me-says-Rohit-Sharma/articleshow/25390032.cms|accessdate=28 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170820022233/http://timesofindia.indiatimes.com/west-indies-in-india-2013/top-stories/Eden-special-for-me-says-Rohit-Sharma/articleshow/25390032.cms|archive-date=20 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref> मैदान पर खेलकर की थी उस मैच में रोहित ने 177 रनों की पारी खेली थी, उन्होंने 108 वनडे मैचों के बाद टेस्ट मैच खेला था। जबकि [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय]] क्रिकेट कैरियर की <ref>{{cite web|last1=क्रिकबज़|title="Rohit Sharma - the 'brothaman' is feted on twitter"|url=http://www.cricbuzz.com/cricket-news/66648/rohit-sharma-the-brothaman-is-feted-on-twitter|accessdate=28 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160818150045/http://www.cricbuzz.com/cricket-news/66648/rohit-sharma-the-brothaman-is-feted-on-twitter|archive-date=18 अगस्त 2016|url-status=dead}}</ref>शुरुआत 23 जून 2007 को [[आयरलैण्ड क्रिकेट टीम]] के विरुद्ध की थी। इनके अलावा रोहित ने अपने [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|ट्वेन्टी-ट्वेन्टी]] में अपना पहला मैच 19 सितम्बर 2007 को [[इंग्लैंड क्रिकेट टीम]] के खिलाफ खेला था।
13 नवम्बर 2014 को [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] मैदान पर [[श्रीलंका क्रिकेट टीम|श्रीलंकाई टीम]] के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए '''264''' रनों की पारी खेलकर [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में एक मैच में सबसे अधिक रन अर्थात सर्वोच्च स्कोर बनाकर नया कीर्तिमान कायम किया है। रोहित शर्मा एक दिवसीय क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी है। रोहित शर्मा क्रिकेट इतिहास में पहले ऐसे बल्लेबाज है जिन्होंने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक, [[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय|ट्वेन्टी-२० अन्तरराष्ट्रीय]] में दिया 5 शतक''''' है। उनकी कप्तानी में भारत ने 2018 में [[२०१८ एशिया कप|एशिया कप]] और [[निदास ट्रॉफी 2018|निदास ट्रॉफी]] जीती।<ref>{{cite web|url=https://www.timesnownews.com/sports/cricket/article/revealed-why-bcci-appointed-rohit-sharma-as-vice-captain-of-the-test-team/701889|title=Revealed: Why BCCI appointed Rohit Sharma as vice-captain of the Test team}}</ref>
[[फ़ोर्ब्स]] इण्डिया 2015 के भारत के 100 शीर्ष प्रसिद्ध व्यक्तियों में शर्मा को 8वाँ स्थान मिला। [[महेंद्र सिंह धोनी|महेन्द्र सिंह धोनी]] और [[गौतम गंभीर|गौतम गम्भीर]] के बाद अपनी टीम को आईपीएल खिताब दिलाने वाले तीसरे कप्तान हैं। [[२०१८ एशिया कप]] में रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी मिली और फाइनल मैच में [[बांग्लादेश क्रिकेट टीम|बांग्लादेश]] को हराकर खिताब भी जीता।<ref>{{cite web|url=https://www.sportsamrath.com/top-5-t20i-batsmen-with-the-most-sixes/|title=सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज|date=01 सितम्बर 2024|website=sportsamrath|accessdate=01 सितम्बर 2024|url-status=live}}</ref>
2022 मे श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने नया कीर्तिमान बनाया , वह T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने | <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/cricket/story/rohit-sharma-most-runs-in-t20-cricket-record-virat-kohli-martin-guptill-ind-vs-sl-lucknow-t20-tspo-1417588-2022-02-24/?utm_source=Wikipedia_wp|title=Rohit Sharma: रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने, विराट कोहली भी पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-16}}</ref>
रोहित टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा बार 51+ स्कोर करने वाले खिलाड़ी हैं| उन्होंने ये रिकॉर्ड २०२१ में न्यूजीलैंड के खिलाफ कोलकाता में अपने नाम किया था | इसी दौरान रोहित शर्मा ने टी-20 इंटरनेशनल में अपने 200 से ज्यादा छक्के पुरे करने वाले दुनिया के एक मात्र खिलाड़ी बने हैं
 रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ODI World Cup 2023 में उपविजेता रही और T-20 2024 में भारत विश्व विजयी बनी ।
<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/cricket/story/rohit-sharma-record-most-sixes-in-t20-internationals-most-runs-virat-kohli-ind-vs-nz-tspo-1360635-2021-11-21|title=Ind Vs Nz, Rohit Sharma: कैप्टन रोहित का जलवा...इस मामले में कोहली से भी आगे निकले, छक्के जड़ने में भी कमाल|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-23}}</ref>
==Autobiography==
रोहित शर्मा का जन्म [[भारतीय]] राज्य [[महाराष्ट्र]] के [[नागपुर]] ज़िले के ''बंसोड़'' क्षेत्र में ३० अप्रैल १९८७ को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनकी माता पूर्णिमा शर्मा जो [[विशाखपट्नम|विशाखापट्नम]] से है।<ref>{{cite web|title=Telugu connection to Twenty20 World Cup|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-andhrapradesh/telugu-connection-to-twenty20-world-cup/article1916899.ece|publisher= [[द हिन्दू]]|accessdate=२८ जनवरी २०१७}}</ref> जबकि इनके पिता गुरुनाथ शर्मा जो किसी परिवहन कम्पनी में देखभाल करने वाले (caretaker) है। शर्मा का लालन पालन [[डोम्बिवली|बोरीवली]] में उनके दादा और चाचा के साथ हुआ था क्योंकि उनके पिता की आय काफी कम थी।<ref name=attra/><ref name=promise>{{cite web|title=Rohit’s kept his promise|url=http://archive.indianexpress.com/news/rohit-s-kept-his-promise/276142/0|publisher=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20171119055808/http://archive.indianexpress.com/news/rohit-s-kept-his-promise/276142/0|archive-date=19 नवंबर 2017|url-status=live}}</ref><ref name=attra>{{cite web|title=Forthcoming attraction|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/339913.html|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170906000805/http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/339913.html|archive-date=6 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> इनका एक छोटा भाई भी है जिसका नाम विशाल शर्मा है।<ref name=promise/>
रोहित ने सन् १९९९ में अपने चाचा की आय से एक [[क्रिकेट|क्रिकेट कैम्प]] में खेलना आरम्भ किया था।उस समय रोहित के कोच दिनेश लाड थे और उन्होंने कहा था कि तुम अपनी विद्यालय को बदल कर ''स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल'' में आ जाओ क्योंकि लाड वहीं पर कोच के पद पर कार्यरत थे इस कारण रोहित को क्रिकेट खेलने में ज्यादा सुविधा मिल सके।
उस समय रोहित को उस विद्यालय में जाने का मौका नहीं मिल पाया था और तब उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए भी मांग की थी।<ref name=attra/> बाद में रोहित ने अपने क्रिकेट कैरियर की शुरुआत एक ''ऑफ़ स्पिनर'' के तौर पर की थी लेकिन बाद में लाड ने शर्मा को सलाह दी की तुझमें [[बल्लेबाज़|बल्लेबाज]] की काबिलियत ज्यादा है इसलिए एक अच्छा बल्लेबाज बनने का प्रयास करो, तब रोहित आठवें नम्बर पर बल्लेबाजी करते थे और लाड ने बाद में इनको ''ओपनिंग'' करने के लिए भेजना शुरू किया। जैसे ही रोहित ने बल्लेबाजी में मुख्य कदम रखा और पहली बार ओपनिंग की उस मैच में अपना पहला शतक जड़ा था।<ref>{{cite web|title=द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ रोहित शर्मा...|url=http://www.abplive.in/sports/the-untold-story-of-rohit-sharma-104963|publisher=एबीपी लाइव|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170417023626/http://www.abplive.in/sports/the-untold-story-of-rohit-sharma-104963|archive-date=17 अप्रैल 2017|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.nayaindia.com/sports/wavin-made-rohit-sharma-its-brand-ambassador-465576.html|title=Wavin ने रोहित शर्मा को बनाया अपना Brand Ambassador|work=NayaIndia|access-date=15/07/2024|archive-date=15 जुलाई 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240715131513/https://www.nayaindia.com/sports/wavin-made-rohit-sharma-its-brand-ambassador-465576.html|url-status=dead}}</ref>
==कैरियर==
===घरेलू क्रिकेट===
रोहित शर्मा ने अपने [[एलाइट समूह क्रिकेट सूची|लिस्ट ए क्रिकेट]] की शुरुआत मार्च २००५ में वेस्ट जॉन की तरफ से खेलते हुए सेंट्रल जॉन के खिलाफ [[देवधर ट्रॉफी]] में [[ग्वालियर]] में की थी। <ref>{{cite web|title=Deodhar Trophy:Central Zone v West Zone at Gwalior, 25 February 2006|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/264826.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=25 February 2006|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20071101014257/http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/264826.html|archive-date=1 नवंबर 2007|url-status=dead}}</ref> उसके बाद उसी प्रतियोगिता के एक मैच में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी की और महज १२३ गेंदों पर जबरदस्त १४२ रन बनाए यह मैच नार्थ जॉन के खिलाफ [[उदयपुर]] में खेला गया था।<ref>{{cite web|title=Vidyut and Rao power South to big win|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/239442.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=3 March 2006|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20071211211318/http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/239442.html|archive-date=11 दिसंबर 2007|url-status=dead}}</ref> इस शतक से रोहित को काफी फायदा हुआ।<ref name="selection">{{cite web|title='I was expecting the call-up' – Rohit Sharma|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/256094.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=9 August 2006|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20060821123647/http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/256094.html|archive-date=21 अगस्त 2006|url-status=dead}}</ref>इसके बाद [[अबू धाबी]] में भारत ए की तरफ से खेलते हुए हुए रोहित ने शानदार प्रदर्शन किया और बाद में ''चैंपियंस ट्रॉफी'' के लिए ३० सदस्य टीम में चुना गया।<ref name="selection"/> हालांकि अंतिम सदस्य टीम में रोहित को जगह नहीं मिल पायी थी इसके बाद इन्होंने अपने [[रणजी ट्रॉफी]] शुरुआत की और बाद में एन के पी सेल्व चैलेंज ट्रॉफी में भी चुने गए।<ref name="selection"/>
[[File:Rohit Sharma fielding.jpg|thumb|upright|left|रोहित शर्मा क्षेत्ररक्षण के लिए अभ्यास]]
शर्मा ने [[एलाइट समूह क्रिकेट सूची|लिस्ट ए क्रिकेट]] के बाद [[प्रथम श्रेणी क्रिकेट]] की शुरुआत भारत ए के लिए न्यूजीलैंड ए के खिलाफ जुलाई २००६ में [[चार्ल्स डार्विन|डार्विन]] में की थी।<ref>{{cite web|title= Top End Series:India A v New Zealand A at Darwin, 11–14 July 2006|url= http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/246723.html|publisher= [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date= July 2006|accessdate= २८ जनवरी २०१७|archive-url= https://archive.today/20130120040227/http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/246723.html|archive-date= 20 जनवरी 2013|url-status= dead}}</ref> इन्होंने [[रणजी ट्रॉफी]] कैरियर की शुरुआत [[मुम्बई]] क्रिकेट टीम के लिए २००६/०७ में की थ।<ref name="revival">{{cite web|first=Sidharth|last=Monga|title=Leaders of a revival|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/279084.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=6 February 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://archive.today/20130408054711/http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/279084.html|archive-date=8 अप्रैल 2013|url-status=dead}}</ref> उस दौरान रोहित ने [[गुजरात]] टीम के खिलाफ २६७ गेंदों पर शानदार २०५ रन बनाए थे।<ref name="revival"/> रोहित ने फाइनल मुकाबले में बंगाल के खिलाफ अर्द्धशतक से [[मुम्बई]] प्रतियोगिता में बना रहा।<ref>{{cite web|title=Ranji Trophy Super League final:Mumbai v Bengal at Mumbai, 2–5 February 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/263126.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=February 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20071011200039/http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/263126.html|archive-date=11 अक्तूबर 2007|url-status=dead}}</ref>
अक्तूबर २०१३ में [[अजीत आगरकर|अजीत अगरकर]] ने संन्यास ले लिया था और रोहित [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[मुंबई इंडियंस|मुम्बई इंडियन्स]] टीम के कप्तान बन गए और अब तक सबसे सफल कप्तान है। रोहित के लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण २०१३-१४ के सीजन में [[मुम्बई]] टीम का कप्तान नियुक्त किया गया।
===अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट===
रोहित शर्मा को नियमित ओवरों के खेल में २००७ में [[भारतीय क्रिकेट टीम]] ने [[आयरलैण्ड]] का दौरा किया उसमें शामिल किया गया था। इसके बाद इन्होंने अपने [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट कैरियर की शुरुआत बेलफास्ट में [[आयरलैण्ड क्रिकेट टीम|आयरलैण्ड टीम]] के खिलाफ की, हालांकि उस मैच में इनको बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिल पाया था।<ref>{{cite web|title=Only ODI:Ireland v India at Belfast, 23 June 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/293071.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=23 June 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080423080630/http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/293071.html|archive-date=23 अप्रैल 2008|url-status=dead}}</ref>
लेकिन आखिरकार रोहित ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए २० सितम्बर २००७ को [[२००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०]] में [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ जबरदस्त ४० गेंदों पर ५० रन बनाए।<ref name="IndVSA">{{cite web|title=ICC World Twenty20 24th Match, Group E:India v South Africa at Durban, 20th September 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/287876.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=20 September 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080207190824/http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/287876.html|archive-date=7 फ़रवरी 2008|url-status=dead}}</ref> और उस मैच में जीत भी मिली थी जिसके कारण भारत प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचा था। उस मैच में [[भारतीय क्रिकेट टीम|भारतीय टीम]] ने महज ६१ रनों पर ४ विकेट खो दिए बाद में कप्तान [[महेंद्र सिंह धोनी]] के साथ मिलकर ८५ की भागीदारी की और भारत कुल ५ विकेट खोकर १५३ रनों तक पहुँच पाया था।<ref name="IndVSA"/> साथ ही उस मैच का ''मैन ऑफ़ द मैच'' भी रोहित को चुना गया था।<ref name="IndVSA"/> बाद में उसी विश्व ट्वेन्टी २० के [[२००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २० फाइनल|फाइनल]] मुकाबले में [[पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम|पाकिस्तान टीम]] के खिलाफ मात्र १६ गेंदों पर ३० रनों की पारी खेली थी।<ref>{{cite web|title=ICC World Twenty20-final:India v Pakistan at Johannesburg, 24th September 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/287879.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=24 September 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080129145327/http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/287879.html|archive-date=29 जनवरी 2008|url-status=dead}}</ref>
१८ नवम्बर २००७ को [[राजस्थान]] के [[जयपुर]] के [[सवाई मान सिंह स्टेडियम|सवाई मानसिंह स्टेडियम]] पर [[पाकिस्तान]] के खिलाफ रोहित शर्मा ने अपना पहला [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में अर्द्धशतक लगाया।<ref>{{cite web|title=Pakistan in India ODI Series-5th ODI:India v Pakistan at Jaipur, 18th November 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/297805.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=18 November 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080123192816/http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/297805.html|archive-date=23 जनवरी 2008|url-status=dead}}</ref> और बाद में २००७-०८ की कॉमनवेल्थ बैंक श्रृंखला के लिए १६ सदस्य टीम में चुने गए जो [[ऑस्ट्रेलिया]] में होने वाली थी।<ref>{{cite web|title=Ganguly dropped as selectors focus on youth|url=http://content-ind.cricinfo.com/cbs/content/story/332389.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=20 January 2008|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20081229225123/http://content-ind.cricinfo.com/cbs/content/story/332389.html|archive-date=29 दिसंबर 2008|url-status=dead}}</ref> वहां उस श्रृंखला में इन्होंने ३३.५७ की औसत से कुल २ अर्द्धशतकों की मदद से २३५ रन बनाए जिसमें फाइनल मुकाबले में [[सिडनी]] में शानदार ६६ रनों की पारी खेली।<ref>{{cite web|title=Most runs-Commonwealth Bank Series, 2007/08|url=http://stats.cricinfo.com/cbs/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3160;type=tournament|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20100610025410/http://stats.cricinfo.com/cbs/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3160;type=tournament|archive-date=10 जून 2010|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=Commonwealth Bank Series-1st Final:India v Australia at Sydney, 2nd March 2008|url=http://content-ind.cricinfo.com/cbs/engine/current/match/291371.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=2 March 2008|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080421195440/http://content-ind.cricinfo.com/cbs/engine/current/match/291371.html|archive-date=21 अप्रैल 2008|url-status=dead}}</ref> यह कॉमनवेल्थ श्रृंखला रोहित के लिए बहुत अच्छी रही।
हालांकि, उनकी वनडे के प्रदर्शन में बाद में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उसके मध्यक्रम स्थिति में [[सुरेश रैना]] ने जगह ले ली।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/tri-bdesh2010/content/story/441139.html|title=Tendulkar opts out of Bangladesh tri-series|date=25 December 2009|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Cricinfo staff|quote=Rohit, 22, who was dropped from India's ODI squad after an extended run of disappointing scores in limited-overs cricket, last played in the West Indies in July and was pushed aside by Virat Kohli...|archive-url=https://web.archive.org/web/20160919065857/http://www.espncricinfo.com/tri-bdesh2010/content/story/441139.html|archive-date=19 सितंबर 2016|url-status=live}}</ref>
दिसम्बर २००९ में इन्होंने [[रणजी ट्रॉफी]] के एक मैच में तिहरा शतक लगाया था जिसके कारण चयनकर्ताओं सोचने पर मजबूर कर दिया<ref>{{cite web|title=Rohit Sharma Scored a Triple Century in the Ranji Trophy|url=http://sportzwiki.com/cricket/rohit-sharma-scored-a-triple-century-in-the-ranji-trophy;type=tournament|publisher=स्पोर्टज़ विकी|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20150117220755/http://sportzwiki.com/cricket/rohit-sharma-scored-a-triple-century-in-the-ranji-trophy|archive-date=17 जनवरी 2015|url-status=dead}}</ref> और फिर बाद में इनको त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए [[बांग्लादेश]] में वनडे टीम में वापस बुलाया गया था क्योंकि उस समय [[सचिन तेंदुलकर]] को आराम दिया गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/tri-bdesh2010/content/story/441139.html|title=Tendulkar opts out of Bangladesh tri-series|date=25 December 2009|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Cricinfo staff|archive-url=https://web.archive.org/web/20160919065857/http://www.espncricinfo.com/tri-bdesh2010/content/story/441139.html|archive-date=19 सितंबर 2016|url-status=live}}</ref> हालांकि, [[विराट कोहली]] और [[सुरेश रैना]] अंतिम एकादश में इनसे पहले चयन किया गया था, लेकिन उनको भारत के पांच मैचों में से किसी में नहीं खेल पाए थे।
फ़रवरी २०१० में रोहित शर्मा को [[भारतीय क्रिकेट टीम|भारतीय टेस्ट टीम]] के लिए बुलाया गया था क्योंकि उस दौरान [[वी वी एस लक्ष्मण]] चोट से जूझ रहे थे इस कारण शर्मा को अपना पहला टेस्ट मैच खेलना का मौका दिया गया। लेकिन बाद में बल्लेबाज के बजाय बल्लेबाज और विकेटकीपर दोनों के लिए [[रिद्धिमान साहा]] को शामिल किया।
रोहित ने अपना पहला वनडे शतक २८ मई २०१० को [[ज़िम्बाब्वे क्रिकेट टीम]] के खिलाफ बनाया था उस मैच में इन्होंने ११४ रनों की पारी खेली थी। और बाद में अगले ही मुकाबले ३० मई २०१० को त्रिकोणीय श्रृंखला में [[श्रीलंका]] के खिलाफ एक और शतक लगा दिया था उस मैच में रोहित ने [[नाबाद]] ११० रन बनाए थे।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/zim-tri2010/content/story/461152.html|title=Taylor and Ervine seal terrific win|date=28 May 2010|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Sidharth Monga|archive-url=https://web.archive.org/web/20170421034618/http://www.espncricinfo.com/zim-tri2010/content/story/461152.html|archive-date=21 अप्रैल 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/zim-tri2010/content/story/461337.html|title=Rohit's second ton seals comfortable win|date=30 May 2010|accessdate=2014-02-25|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Sriram Veera|archive-url=https://web.archive.org/web/20170202212302/http://www.espncricinfo.com/zim-tri2010/content/story/461337.html|archive-date=2 फ़रवरी 2017|url-status=live}}</ref>
इनको [[२०११ क्रिकेट विश्व कप]] में भारतीय टीम में जगह नहीं दी गई थी।<ref>{{cite web |title=No Rohit Sharma in World Cup squad|url=http://www.espncricinfo.com/icc-cricket-world-cup-2011/content/story/497102.html?CMP=chrome|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=२८ जनवरी २०१७}}</ref>
लेकिन [[इंडियन प्रीमियर लीग]] के बाद २०११ में [[वेस्ट इंडीज़ संघ|वेस्टइंडीज़]] दौरे के लिए इनको टीम में चुना गया उस समय टीम में कई दिग्गजों को आराम दिया था जिसमें [[सचिन तेंदुलकर]], [[वीरेन्द्र सहवाग|वीरेंद्र सहवाग]] कप्तान [[महेंद्र सिंह धोनी]] थे जबकि [[गौतम गंभीर]] और [[युवराज सिंह]] दोनों चोटों से जूझ रहे थे।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/516872.html|title=Tendulkar, Yuvraj, Gambhir out of entire WI tour|date=27 May 2011|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=ESPNcricinfo staf|archive-url=https://web.archive.org/web/20171007122358/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/516872.html|archive-date=7 अक्तूबर 2017|url-status=live}}</ref> इस कारण तब उस दौरे में [[सुरेश रैना]] को कप्तानी सौंपी गई थी। लेकिन रोहित ज्यादा कुछ नहीं कर पाये और केवल टी२० में २३ गेंदों पर २६ रन बना सके थे। हालांकि उस मैच में भारत को जीत भी मिली थी।
फिर बाद में वनडे श्रृंखला में रोहित ने अच्छी शुरुआत की और पहले ही मुकाबले में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए [[नाबाद]] ७५ गेंदों पर ६८ रनों की पारी खेली जिसमें ४ चौके और १ छक्का भी लगाया और साथ ही ''मैच का सर्वोच्च खिलाड़ी'' भी चुना गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/518690.html|title=Rohit helps India prevail in battle of attrition|date=6 June 2011|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Sidharth Monga|archive-url=https://web.archive.org/web/20170517204235/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/518690.html|archive-date=17 मई 2017|url-status=live}}</ref> तीसरा वनडे मैच जो कि सर विवियन रिचर्ड्स मैदान पर खेला गया था उस मैच में रोहित शर्मा ने ९१ गेंदों पर उम्दा बल्लेबाजी करते हुए ९१ रन बनाए थे। उस मैच में भारत के ६ विकेट मात्र ९२ रनों पर गिर गए थे बाद में [[रोहित शर्मा]] ने [[हरभजन सिंह]] के साथ मिलकर अच्छी भागीदारी की और भारत को मैच जीताने में सफल हुए।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/518690.html|title=Rohit Sharma outdoes Andre Russell's heroics|date=11 June 2011|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Sidharth Monga|archive-url=https://web.archive.org/web/20170517204235/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/518690.html|archive-date=17 मई 2017|url-status=live}}</ref> रैना की कप्तानी में उस समय रोहित ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और पहली बार वनडे में ''मैन ऑफ़ द सीरीज'' के विजेता बने।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/engine/match/489225.html?innings=2;page=1;view=commentary|title=5th ODI: West Indies v India at Kingston, Jun 16, 2011 | Cricket Commentary | ESPN Cricinfo|publisher=[[ईएसपीएन]]|quote=Rohit Sharma is the Man of the Series. Rohit: "Was important...|access-date=28 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924232814/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/engine/match/489225.html?innings=2;page=1;view=commentary|archive-date=24 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref> इनकी अच्छी फॉर्म आगे चलती रही और एक बार फिर ''मैन ऑफ़ द सीरीज'' बने लेकिन इस बार भारत की सरजमी पर और वो भी विंडीज के खिलाफ।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/engine/match/489225.html?innings=2;page=1;view=commentary|title=5th ODI: India v West Indies at Chennai, Dec 11, 2011 | Cricket Commentary | ESPN Cricinfo|publisher=[[ईएसपीएन]]|quote=Rohit Sharma is the Man of the Series. He says, "I didn't want...|access-date=28 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924232814/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/engine/match/489225.html?innings=2;page=1;view=commentary|archive-date=24 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref> फिर बाद में रोहित को २०११–१२ सीरीज में शामिल किया गया।
२०१३ की चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए एक नया शीर्ष क्रम का बल्लेबाज ढूंढा गया और वह था [[शिखर धवन]] <ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/icc-champions-trophy-2013/content/story/633951.html|title=No Gambhir, Yuvraj for Champions Trophy|date=4 May 2013|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=ESPNcricinfo staff|archive-url=https://web.archive.org/web/20170709000745/http://www.espncricinfo.com/icc-champions-trophy-2013/content/story/633951.html|archive-date=9 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref> इस तरह भारत को रोहित शर्मा के साथ [[शिखर धवन]] जैसा खिलाड़ी मिला। और भारत के इन सालामी बल्लेबाजों की वजह से भारत ''२०१३ की चैम्पियन्स ट्रॉफी'' भी जीत सका था। रोहित की अच्छी फॉर्म जारी रही और फिर २०१३ में [[ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम|ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम]] को भारत बुलायी गयी, इस श्रृंखला में रोहित ने एक मैच में १४१ रन [[जयपुर]] में बनाये थे हालांकि उस मैच में आउट हो गए थे लेकिन एक अन्य मैच [[बंगलौर|बैंगलोर]] में १५८ गेंदों पर २०९ बनाकर भारतीय टीम का नया रिकॉर्ड बनाया साथ ही मैच में अकेले रोहित ने १६ छक्के लगाकर [[ऑस्ट्रेलिया]] के [[शेन वॉटसन]] के लगाए १५ छक्कों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था और वनडे की एक पारी में किसी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड बना दिया।
[[File:2015 CWC I v UAE 02-28 Sharma (01) (cropped).JPG|thumb|शर्मा ऑस्ट्रेलिया में [[२०१५ क्रिकेट विश्व कप]] के दौरान]]
नवम्बर २०१३ में [[सचिन तेंदुलकर]] की विदाई वाली श्रृंखला में रोहित को खेलने का मौका मिला था और इन्होंने अपना पहला मैच [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] मैदान पर [[वेस्ट इंडीज़ संघ|वेस्टइंडीज़]] के खिलाफ खेला गया था और उस मैच में १७७ रन बनाकर दूसरे सबसे सफल खिलाड़ी बन गए जिन्होंने पहले टेस्ट में शतक लगाया। अब तक भारत के कुछ ही ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच शतक लगाया जिसमें रोहित भी शामिल है। ये आगे बढ़ते रहे और [[मुम्बई]] के [[वानखेड़े स्टेडियम]] पर नाबाद १११ रन बनाए और तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने जिन्होंने लगातार शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों में शतक लगाया हो, इससे पूर्व १९९६ में [[सौरव गांगुली]] ने [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] के खिलाफ और [[मोहम्मद अजहरुद्दीन]] ने १९८४ में लगातार दो मैचों में शतक ठोके थे।
२०१० में रोहित शर्मा दुनिया के ऐसे पहले बल्लेबाज बन गए जिन्होंने [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] मैचों में २५० से ज्यादा रन बनाए हो और साथ ही दो बार दोहरे शतक लगाए हो। इन्होंने एक बार फिर [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] पर कारनामा किया और [[श्रीलंका]] टीम के खिलाफ २६४ रनों की पारी खेली थी और पूरे क्रिकेट जगत को दंग कर दिया था। इससे पूर्व भारत के ही [[वीरेन्द्र सहवाग|वीरेंद्र सहवाग]] का सर्वाधिक २१९ रनों का स्कोर था।<ref name=":0">{{Cite web|url = http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/216972.html|title = Records / One-Day Internationals / Batting records / Most runs in an innings|date = |accessdate = २८ जनवरी २०१७|work = [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|archive-url = https://web.archive.org/web/20121109164828/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/216972.html|archive-date = 9 नवंबर 2012|url-status = live}}</ref><ref name="ODI264">{{cite web |title=Rohit Sharma: India batsman hits highest ever ODI score |url=http://www.bbc.co.uk/sport/0/cricket/30038630 |publisher=बीबीसी स्पोर्ट्स |date=13 November 2014 |accessdate=२८ जनवरी २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20151013034953/http://www.bbc.co.uk/sport/0/cricket/30038630 |archive-date=13 अक्तूबर 2015 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.mid-day.com/articles/rohit-sharma-creates-history-sets-new-odi-records-at-eden/15763176|title=Rohit Sharma creates history, sets new ODI records at Eden|date=17 November 2014|work=मिड डे|accessdate=२८ जनवरी २०१८|archive-url=https://web.archive.org/web/20161219190817/http://www.mid-day.com/articles/rohit-sharma-creates-history-sets-new-odi-records-at-eden/15763176|archive-date=19 दिसंबर 2016|url-status=live}}</ref>
०२ अक्तूबर २०१५ को [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ टी२० मैच में एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम, [[धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश]] में शानदार बल्लेबाजी करते १०६ रनों की पारी खेली थी इसके साथ ही रोहित दूसरे भारतीय ऐसे खिलाड़ी बन गए जिन्होंने [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|ट्वेन्टी-ट्वेन्टी]] क्रिकेट में शतक लगाया हो, इससे पूर्व यह कारनामा [[सुरेश रैना]] के नाम था। इसके साथ ही रोहित ऐसे पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए जिन्होंने सभी प्रारूपों में शतक लगाये हो। फिर ११ अक्तूबर दौरे का पहला वनडे मैच खेला गया जिसमें १३३ गेंदों का सामना करते हुए १५० रन बनाए थे हालांकि वह मैच भारत अफ्रीका के ३०३ रनों का पीछा करते हुए हारी थी। फिर बाद में एक अन्य श्रृंखला जो [[ऑस्ट्रेलिया]] में हुई थी वहां पर रोहित ने एक बार फिर लगातार दो शतक लगाए और श्रृंखला के अंतिम मैच में ९९ रनों की पारी खेली थी।<ref>{{cite news|title=Rohit, de Villiers hold their own in Kanpur furnace|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/928019.html|accessdate=23 October 2015|work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20160402210719/http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/928019.html|archive-date=2 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> रोहित वनडे के अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने तीन दोहरे शतक लगाए हैं। उन्होंने आखिरी दोहरा शतक १३ दिसंबर २०१७ को श्रीलंका के खिलाफ कप्तान रहते हुए बनाया।<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/on-this-day-in-2017-rohit-sharma-blasted-his-3rd-double-ton-in-odis/articleshow/88250329.cms|title=On this day in 2017: Rohit Sharma blasted his 3rd double ton in ODIs {{!}} Cricket News - Times of India|last=Dec 13|first=ANI / Updated:|last2=2021|website=The Times of India|language=en|access-date=2022-04-06|last3=Ist|first3=11:56}}</ref>
2021 में रोहित शर्मा ने टी-20 वर्ल्ड कप खेलते हुए टी-20 इंटरनेशनल में अपने तीन हज़ार रन पूरे किए थे | <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/t20-world-cup-2021/story/t20-world-cup-rohit-sharma-record-3-thousand-runs-in-t20i-virat-kohli-tspo-1354040-2021-11-09|title=T20 WC: रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, इस मामले में अब सिर्फ कोहली से पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-23}}</ref>
२७ फरवरी २०२२ को रोहित शर्मा [[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में [[पाकिस्तान क्रिकेट टीम]] के [[शोएब मलिक]] को पछाड़ते हुए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने।<ref>{{cite news |title=IND vs SL: रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, सबसे ज्यादा टी-20 खेलने के मामले में पाकिस्तान के शोएब मलिक को पछाड़ा |url=https://www.aajtak.in/sports/cricket/story/rohit-sharma-most-t20i-played-by-a-player-shoaib-malik-rohit-in-india-vs-sri-lanka-t20-records-tspo-1419207-2022-02-27 |accessdate=27 फरवरी 2022 |work=[[आज तक]] |language=hi}}</ref>
== इंडियन प्रीमियर लीग ==
रोहित शर्मा [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में सफल खिलाड़ियों में से एक है और ये अन्तिम गेंद पर छक्के से जीताने में काफी क्षमता रखते है। अब तक इनके नाम आईपीएल में एक शतक और एक तिकड़ी भी है। रोहित शर्मा ने पहली बार २००८ आईपीएल में ७५०,००० यूएस डॉलर के लिए [[डेक्कन चार्जर्स]] के लिए हस्ताक्षर किया था।<ref>{{cite news|title=Dhoni tops Indian auction bidding|url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/cricket/7252238.stm|publisher=बीबीसी|date=20 February 2008|accessdate=२९ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20101015061026/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/cricket/7252238.stm|archive-date=15 अक्तूबर 2010|url-status=live}}</ref> ये [[२००८ इंडियन प्रीमियर लीग]] में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने ३६.७२ की औसत से कुल ४०४ रन बनाए थे।<ref>{{cite web|title=Most runs:Indian Premier League, 2007/08|url=http://stats.cricinfo.com/ipl/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3519;type=tournament|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|year=2008|accessdate=२९ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20100918021510/http://stats.cricinfo.com/ipl/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3519;type=tournament|archive-date=18 सितंबर 2010|url-status=live}}</ref> इस कारण इनको २००८ आईपीएल में कुछ मैचों में ''ऑरेन्ज कैप'' पहनने का मौका भी मिला था।
रोहित शर्मा जब [[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|२०११ इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[रिकी पोंटिंग]] ने आईपीएल से संन्यास लिया था तब से [[मुंबई इंडियंस|मुम्बई इंडियन्स]] टीम के कप्तान है और आईपीएल के शीर्ष तीन कप्तानों में गिने जाते है। रोहित २००८ से २०१० तक [[डेक्कन चार्जर्स]] के लिए खेले थे जबकि २०११ से अब तक [[मुंबई इंडियंस|मुम्बई इंडियन्स]] के लिए खेल रहे है जिसमें ५ बार टीम को विजेता भी बनाया है।
रोहित शर्मा आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर्स की लिस्ट में नंबर-2 पर हैं उन्होंने अब तक 214 मैच खेले हैं | उनसे आगे महेंद्र सिंह धोनी हैं जिन्होंने अब तक 221 मैच खेले हैं | <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/ipl-2022/story/rohit-sharma-most-matches-in-ipl-records-dinesh-karthik-virat-kohli-dc-vs-mi-ipl-2022-tspo-1435707-2022-03-27|title=IPL 2022 Rohit Sharma: रोहित शर्मा ने अपने नाम किया ये स्पेशल रिकॉर्ड, विराट कोहली अभी भी पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-23}}</ref>
रोहित शर्मा ने आईपीएल में अब तक 214 मैच में 31.24 औसत से 5624 रन बनाये है जिसमे उनका 1 शतक भी शामिल है | <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/ipl-2022/story/rohit-sharma-most-matches-in-ipl-records-dinesh-karthik-virat-kohli-dc-vs-mi-ipl-2022-tspo-1435707-2022-03-27|title=IPL 2022 Rohit Sharma: रोहित शर्मा ने अपने नाम किया ये स्पेशल रिकॉर्ड, विराट कोहली अभी भी पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-23}}</ref>
18 अप्रैल 2024 को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेलते हुए रोहित शर्मा ने एक साथ दो उपलब्धि हासिल कीं। मैच में उतरते ही वे आईपीएल में 250 मैच खेलने वाले एमएस धोनी के बाद दूसरे खिलाड़ी बने। साथ ही, रोहित शर्मा ने आईपीएल में बल्लेबाजी करते हुए 6500 रन पूरे किए।<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/cricket/story-rohit-sharma-became-sixer-king-of-mumbai-indians-in-ipl-history-in-his-250th-game-also-complete-6500-runs-9796814.html|title=रोहित बने एमएस धोनी के बाद 250 मैच खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी}}</ref>
===आईपीएल के संस्करणों में===
{| class="wikitable" style="text-align:center;" width:"100%"
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!colspan=11|रोहित शर्मा की आईपीएल में बल्लेबाजी की स्थिति
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! style="width:40px;"|साल !! style="width:200px;"|टीम !! style="width:30px;"|पारियां !! style="width:50px;"|रन !! style="width:40px;"|सर्वोच्च !! style="width:50px;"|औसत !! style="width:50px;"|स्ट्राईक रेट !! style="width:40px;"|100 !! style="width:40px;"|50 !! style="width:30px;"|चौके !! style="width:30px;"|छक्के
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| 2008 || rowspan=3|{{Cr-IPL|decc|R}}<ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/ipl/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3519;type=tournament | title=Indian Premier League, 2007/08 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20120508230944/http://stats.espncricinfo.com/ipl/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3519%3Btype%3Dtournament | archive-date=8 मई 2012 | url-status=live }}</ref><ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/ipl2010/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=5319;type=tournament | title=Indian Premier League, 2009/10 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20120425003427/http://stats.espncricinfo.com/ipl2010/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=5319%3Btype%3Dtournament | archive-date=25 अप्रैल 2012 | url-status=live }}</ref><ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/ipl2009/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=4801;type=tournament | title=Indian Premier League, 2009 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20120510061019/http://stats.espncricinfo.com/ipl2009/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=4801%3Btype%3Dtournament | archive-date=10 मई 2012 | url-status=live }}</ref>|| 12 || 404 || 76* || 36.72 || 147.98 || 0 || 4 || 38 || 19
|-
| 2009 || 16 || 362 || 52 || 27.84 || 114. || 0 || 1 || 22 || 18
|-
| 2010 || 16 || 404 || 73 || 28.85 || 133.77 || 0 || 3 || 36 || 14
|-
| 2011 || rowspan="9" |{{Cr-IPL|mumb|R}}<ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=5969;type=tournament | title=Indian Premier League, 2011 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20120428043247/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=5969%3Btype%3Dtournament | archive-date=28 अप्रैल 2012 | url-status=live }}</ref><ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=6680;type=tournament | title=Indian Premier League, 2012 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20130703081739/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=6680%3Btype%3Dtournament | archive-date=3 जुलाई 2013 | url-status=live }}</ref> || 14 || 372 || 87 || 33.81 || 125.25 || 0 || 3 || 32 || 13
|-
| 2012 || 16 || 433 || 109* || 30.92 || 126.60 || 1 || 3 || 39 || 18
|-
| 2013 || 19 || 538 || 79* || 38.42 || 131.54 || 0 || 4 || 35 || 28
|-
| 2014 || 15 || 390 || 59*|| 30 || 129.13 || 0 || 3 || 31 || 16
|-
|2015
|16
|482
|98*
|34.42
|144.74
|0
|3
|41
|21
|-
|2016
|14
|489
|85*
|44.45
|132.88
|0
|5
|49
|16
|-
|2017
|17
|333
|67
|23.78
|121.97
|0
|3
|31
|09
|-
|2018
|14
|286
|94
|23.83
|133.02
|0
|2
|25
|12
|-
|2019
|15
|405
|67
|28.83
|128.57
|0
|2
|52
|10
|-
| colspan="2" |'''2008–2019 कुल'''<ref name="total">{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=117;type=trophy | title=Indian Premier League / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20160521010601/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=117;type=trophy | archive-date=21 मई 2016 | url-status=live }}</ref>|| 188 || 4898 ||'''109*'''||'''31.60'''||'''130.82'''||'''1'''||36|| 431 ||'''194'''
|}
==निजी जीवन==
[[File:Rohit Sharma with Ritika Sajdeh (cropped).jpg|thumb|रोहित और रीतिका सजदे अपनी सगाई के दौरान]]
अप्रैल २०१५ में रोहित शर्मा ने अपनी स्पोर्ट्स मैनेजर रितिका सजदेह से सगाई की थी और बाद में १३ दिसम्बर २०१५ को दोनों ने शादी कर ली।<ref>{{Cite news|url = http://www.ibtimes.co.in/photos/rohit-sharma-ritika-sajdeh-wedding-pictures-5117-slide-35293|title = Rohit Sharma and Ritika Sajdeh wedding Pictures|last = |first = |date = December 14, 2015|work = |access-date = २९ जनवरी २०१७|via = |archive-url = https://web.archive.org/web/20170606215229/http://www.ibtimes.co.in/photos/rohit-sharma-ritika-sajdeh-wedding-pictures-5117-slide-35293|archive-date = 6 जून 2017|url-status = live}}</ref>
==कीर्तिमान==
*०२ अक्तूबर २०१५ को रोहित शर्मा दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने जिन्होंने [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|ट्वेन्टी-ट्वेन्टी]] में शतक लगाया और साथ ही टी२० में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने खिलाड़ी भी बन गए। उस मैच में इन्होंने ६६ गेंदों पर १०६ रनों की पारी खेली थी। बाद में इनका रिकॉर्ड [[के एल राहुल|लोकेश राहुल]] ने [[वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम|वेस्टइंडीज टीम]] के खिलाफ २७ अगस्त २०१६ को ११०[[नाबाद|*]] बनाकर तोड़ दिया।<ref>{{cite web | url=https://www.thequint.com/sports/2016/08/27/in-stats-india-lose-t20-but-rahul-binny-msd-enter-record-books-dhoni-virat-kohli-kl-rahul-west-indies | title=In Stats: India Lose T20 But Rahul, Binny, MSD Enter Record Books | work=क्विंट | accessdate=३० जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20161023013147/https://www.thequint.com/sports/2016/08/27/in-stats-india-lose-t20-but-rahul-binny-msd-enter-record-books-dhoni-virat-kohli-kl-rahul-west-indies | archive-date=23 अक्तूबर 2016 | url-status=dead }}</ref> इससे पहले [[सुरेश रैना]] ने भारत की ओर से टी२० में शतक लगाया था।
* १३ नवम्बर २०१४ को रोहित [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने [[श्रीलंका]]ई टीम के खिलाफ [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] मैदान पर २६४ रनों की पारी खेली थी। इनके अलावा इन्होंने वनडे क्रिकेट में दो बार दोहरे शतक लगाने का भी रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले इन्होंने २०९ रनों की पारी खेली थी।<ref name=":0" />
* शर्मा ने [[शेन वॉटसन]] का एक मैच में ''छक्कों और चौकों से सबसे ज्यादा'' रन लेने का रिकॉर्ड भी तोड़ा। इन्होंने कुल १८६ रन छक्कों और चौकों से लिए।<ref>{{cite web|title=Most runs from fours and sixes in an innings|url=http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/283133.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|accessdate=३० जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20161125102135/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/283133.html|archive-date=25 नवंबर 2016|url-status=live}}</ref>
* रोहित [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में एक मैच में सबसे ज्यादा ३३ चौके लगाकर पहले नम्बर पर है जिन्होंने सबसे ज्यादा चौके लगाए।<ref>{{Cite web|url = http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/284017.html|title = Records / One-Day Internationals / Batting records / Most fours in an innings|date = |accessdate = ३० जनवरी २०१७|work = [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|publisher = |last = |first = |archive-url = https://web.archive.org/web/20150223091738/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/284017.html|archive-date = 23 फ़रवरी 2015|url-status = live}}</ref>
* ११ अक्तूबर २०१५ को इन्होंने [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ १५० रन बनाकर [[कानपुर]] में एक वनडे मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
* रोहित शर्मा के नाम एक वनडे में सबसे ज्यादा १६ छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम है।<ref>{{cite web|title=Most sixes in an innings|url=http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/283127.html|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३० जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303005852/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/283127.html|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=live}}</ref>
* इनके नाम [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में एक तिकड़ी भी है।<ref name="IPL2009.hatTrick">{{cite web|title=Sharma heroics ensure Deccan win|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2009/content/story/403244.html|author=Siddhartha Talya|date=6 May 2009|accessdate=३० जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20161226035538/http://www.espncricinfo.com/ipl2009/content/story/403244.html|archive-date=26 दिसंबर 2016|url-status=live}}</ref>
* १२ जनवरी २०१६ को इन्होंने [[ऑस्ट्रेलिया]] में जाकर [[पर्थ]] क्रिकेट मैदान पर [[ऑस्ट्रेलिया]] के खिलाफ [[नाबाद]] १७१ रनों की पारी खेलकर किसी मेहमान टीम के खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले एक वनडे में [[विव रिचर्ड्स|विवियन रिचर्ड्स]] के नाम नाबाद १५३ रन थे।<ref>{{Cite web|title = Rohit's big hundreds, Australia's big chases|url = http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/content/story/961515.html|website = [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|access-date = ३० जनवरी २०१७|archive-url = https://web.archive.org/web/20160115052212/http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/content/story/961515.html|archive-date = 15 जनवरी 2016|url-status = live}}</ref>
* किसी द्विपक्षीय श्रृंखला में इन्होंने सबसे ज्यादा वनडे में ४९१ रन बनाए जो २०१३-१४ में [[ऑस्ट्रेलिया]] के खिलाफ बनाए थे।<ref>{{Cite web|title = Most runs in bilateral series|url = http://www.crictracker.com/most-runs-in-a-bilateral-series-in-odi/5/|access-date = 30 जनवरी 2017|archive-url = https://web.archive.org/web/20160924052642/http://www.crictracker.com/most-runs-in-a-bilateral-series-in-odi/5/|archive-date = 24 सितंबर 2016|url-status = dead}}</ref>
*वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ५० छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए।
*वह एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने एकदिवसीय इतिहास में तीन दोहरे शतक लगाए हैं।
*वे दोहरा शतक बनाने के लिए वीरेंद्र सहवाग के बाद दूसरे कप्तान बने।
*रोहित ने सचिन तेंदुलकर के सबसे अधिक छक्के (४० छक्के) का रिकॉर्ड कैलेंडर वर्ष में ४१ छक्कों के साथ तोड़ दिया
*१३ दिसंबर, २०१७ को रोहित ने [[श्रीलंका]] के खिलाफ अपने करियर के तीसरे ओडीआई दोहरे शतक और मोहाली में किसी भी खिलाड़ी का सर्वोच्च स्कोर दर्ज करने के लिए श्रीलंका के खिलाफ २०८ रन बनाए।
*२२ दिसंबर २०१७ को, [[श्रीलंका क्रिकेट टीम|श्रीलंका]] के खिलाफ, रोहित ने अपने कैरियर का दूसरा टी-२० अंतर्राष्ट्रीय में शतक लगाया और साथ ही इन्होंने [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|टी२० अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट]] में संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक बनाया। इन्होंने यह शतक सिर्फ ३५ गेंदों पर पूरा किया, इनसे पहले अफ्रीका के [[डेविड मिलर]] ने भी इतनी ही गेंदों पर शतक पूरा किया था।
*मई २०२०को इंडियन प्रीमियर लीक में पांचवा आईपीएल खिताब जीतने वाले इकलौते कप्तान बने है|
*१४ अप्रैल २०२४ को रोहित टी20 क्रिकेट में 500 छक्के जड़ने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। वह इस आंकड़े को छूने वाले कुल पांचवें प्लेयर हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/cricket/story-mi-vs-csk-rohit-sharma-created-history-after-hitting-500-sixes-becomes-the-second-player-in-the-world-to-achieve-this-feat-9768092.html|title=500 छक्के जड़ने वाले टी20 क्रिकेट के प्रथम भारतीय}}</ref>
==अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक==
{{Main|रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शतकों की सूची}}44
==पुरस्कार==
===टेस्ट क्रिकेट===
====मैन ऑफ़ द मैच पुरस्कार====
{| class="wikitable" style="width:95%; margin-left:10px"
|-
! style="background:cyan; color:black;"|क्रम सं॰
! style="background:cyan; color:black;"|श्रृंखला
! style="background:cyan; color:black;"|संस्करण
! style="background:cyan; color:black;"|मैच में प्रदर्शन
! style="background:cyan; color:black;"|परिणाम
|- style="background:white;"
| 1
| पहला टेस्ट – [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2013-14|वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा]] टेस्ट श्रृंखला
| 2013/14
| पहली पारी: 177 (301 गेंदे: 23x4 1x6) <br> दूसरी पारी: DNB; 1
| {{cr|IND}} पारी और 51 रनों से जीता<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/india-v-west-indies-2013-14/engine/match/676525.html |title= India vs. West Indies, Eden Gardens, Kolkata, ३१ जनवरी २०१७ |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20161212171039/http://www.espncricinfo.com/india-v-west-indies-2013-14/engine/match/676525.html |archive-date= 12 दिसंबर 2016 |url-status= live }}</ref>
|}
====मैन ऑफ़ द सीरीज़====
{| class="wikitable" style="width:95%; margin-left:10px"
|-
! style="background:cyan; color:black;"|क्रम सं॰
! style="background:cyan; color:black;"|श्रृंखला
! style="background:cyan; color:black;"|संस्करण
! style="background:cyan; color:black;"|मैच में प्रदर्शन
! style="background:cyan; color:black;"|परिणाम
|- style="background:white;"
| 1
| [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2013-14|वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा]] टेस्ट श्रृंखला
| 2013/14
| 288 रन औसत से 288.00 ; 2 शतक.
| {{cr|IND}} ने 2–0 से श्रृंखला जीती<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/676519.html |title= West Indies in India Test Series, 2013 |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20161210173017/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/676519.html |archive-date= 10 दिसंबर 2016 |url-status= live }}</ref>
|}
===वनडे क्रिकेट===
====मैन ऑफ़ द मैच====
{| class="wikitable" style="width:100%; margin-left:10px"
|-
! style="background:cyan; color:black;" |क्रम सं॰
! style="background:cyan; color:black;" |बनाम
! style="background:cyan; color:black;" |जगह
! style="background:cyan; color:black;" |दिनांक
! style="background:cyan; color:black;" |मैच में प्रदर्शन
! style="background:cyan; color:black;" |परिणाम
|- style="background:White;"
| 1
| {{cr|SRI}}
| [[क्वींस स्पोर्ट्स क्लब]], [[बुलावायो]]
| 30 मई 2010
| 101* (100 गेंदे: 6x4, 2x6); 1 रन आउट;
| {{cr|IND}} की 7 विकेट से जीते<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/452147.html |title= Zimbabwe Triangular Series, 2010 – 2nd match |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170617120457/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/452147.html |archive-date= 17 जून 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 2
| {{cr|WIN}}
| [[क्वींस पार्क ओवल]], [[पोर्ट ऑफ स्पेन]]
| 6 जून 2011
| 68* (75 गेंदे: 3x4, 1x6); 1 कैच
| {{cr|IND}} की 4 विकेट से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/489221.html |title= India in West Indies ODI Series, 2011 – 1st ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170611182501/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/489221.html |archive-date= 11 जून 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 3
| {{cr|WIN}}
| [[बाराबती स्टेडियम]], [[कटक]]
| 29 नवम्बर 2011
| 72 (99 गेंदे: 3x4, 1x6); 2–0–8–0
| {{cr|IND}} की 1 विकेट से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/536929.html |title= West Indies in India ODI Series, 2011 – 1st ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170711165938/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/536929.html |archive-date= 11 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 4
| {{cr|AUS}}
| [[सवाई मान सिंह स्टेडियम|सवाई मानसिंह स्टेडियम]], [[जयपुर]]
| 16 अक्तूबर 2013
| 141* (123 गेंदे: 17x4, 4x6)
| {{cr|IND}} की 9 विकेट से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/647251.html |title= Australia in India ODI Series, 2013 – 2nd ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20140107123245/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/647251.html |archive-date= 7 जनवरी 2014 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 5
| {{cr|AUS}}
| [[एम चिन्नास्वामी स्टेडियम]], [[बंगलौर|बैंगलोर]]
| 2 नवम्बर 2013
| 209 (158 गेंदे: 12x4, 16x6)
| {{cr|IND}} की 57 रनों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/647261.html |title= Australia in India ODI Series – 7th ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170716222203/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/647261.html |archive-date= 16 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 6
| {{cr|SRI}}
| [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]], [[कोलकाता]]
| 13 नवम्बर 2014
| 264 (173 गेंदे: 33x4, 9x6)
| {{cr|IND}} की 153 रनों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/792295.html |title= Sri Lanka in India ODI Series, 2014 – 4th ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170719172052/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/792295.html |archive-date= 19 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 7
| {{cr|BAN}}
| [[मेलबॉर्न क्रिकेट ग्राउंड]], [[मेलबॉर्न]]
| 19 मार्च 2015
| 137 (126 गेंदे: 14x4, 3x6)
| {{cr|IND}} की 109 रनों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/656485.html |title= ICC Cricket World Cup, 2015 – 2nd quarter final |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170711173530/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/656485.html |archive-date= 11 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 8
| {{cr|AUS}}
| [[द गाबा]], [[ब्रिस्बेन]]
| 15 जनवरी 2016
| 124 (127 गेंदे: 11x4, 3x6)
| {{cr|IND}} की 7 विकेटों से हार<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/engine/match/895809.html |title= India tour of Australia, 2nd ODI: Australia v India at Brisbane, Jan 15, 2016 |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20161122040726/http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/engine/match/895809.html |archive-date= 22 नवंबर 2016 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 9
| {{cr|BAN}}
| [[एजबेस्टन क्रिकेट मैदान]], [[बर्मिंघम]]
| 15 जून 2017
| 123* (129 गेंदें: 15x4, 1x6)
| {{cr|IND}} की 9 विकेटों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/icc-champions-trophy-2017/engine/match/1022373.html |title= ICC Champions Trophy, 2nd Semi-final: Bangladesh v India at Birmingham, Jun 15, 2017 |access-date= 15 दिसंबर 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170720090123/http://www.espncricinfo.com/icc-champions-trophy-2017/engine/match/1022373.html |archive-date= 20 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 10
| {{cr|AUS}}
| [[विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम]], [[नागपुर]]
| 1 अक्टूबर 2017
| 125 (109 गेंदें: 11x4, 5x6)
| {{cr|IND}} की 7 विकेटों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/series/17974/scorecard/1119500/india-vs-australia-5th-odi-aus-in-ind-2017-18/ |title= 5th ODI (D/N), Australia tour of India at Nagpur, Oct 1 2017 |access-date= 15 दिसंबर 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20171212135707/http://www.espncricinfo.com/series/17974/scorecard/1119500/India-vs-Australia-5th-ODI-aus-in-ind-2017-18/ |archive-date= 12 दिसंबर 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 11
| {{cr|NZ}}
| [[ग्रीन पार्क स्टेडियम|ग्रीन पार्क]], [[कानपुर]]
| 29 अक्टूबर 2017
| 147 (138 गेंदें: 18x4, 2x6)
| {{cr|IND}} की 6 रनों से जीत<ref>{{citeweb|url=http://www.espncricinfo.com/series/18029/game/1120092/India-vs-New-Zealand-3rd-ODI-nz-in-ind-2017-18-2017-18|title=3rd ODI (D/N), New Zealand tour of India at Kanpur, Oct 29 2017|publisher=ESPNcricinfo|accessdate=29 October 2017}}</ref>
|- style="background:white;"
| 12
| {{cr|SRI}}
| [[पीसीए स्टेडियम]], [[अजीतगढ़|मोहाली]]
| 13 दिसम्बर 2017
| 208* (153 गेंदें: 13x4, 12x6) ; 1 कैच
| {{cr|IND}} की 141 रनों से जीत<ref>{{citeweb|url=http://www.espncricinfo.com/series/18074/scorecard/1122727/india-vs-sri-lanka-2nd-odi-sl-in-india-2017-18|title=2nd ODI (D/N), Sri Lanka tour of India at Chandigarh, Dec 13 2017 |publisher=ESPNcricinfo|accessdate=13 December 2017}}</ref>
|- style="background:white;"
| 13
| {{cr|RSA}}
| [[सेंट जॉर्ज पार्क]], [[पोर्ट एलिज़ाबेथ]]
| 13 जनवरी 2018
| 115 (126 गेंदें: 11x4, 4x6) ;
| {{cr|IND}} की 73 रनों से जीत<ref>{{citeweb|url=http://dilsedeshi.com/biography/rohit-sharma-wife-family-biography-in-hindi/|title=Rohit sharma, Wife, Family, Biography in hindi |publisher=dilsedeshi|accessdate=14 jan 2018}}</ref>
|}
====प्लेयर ऑफ़ द सीरीज पुरस्कार====
{| class="wikitable"
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">#
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">श्रृंखला
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">संस्करण
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">मैच में प्रदर्शन
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">परिणाम
<!--! style="text-align: left; background: #C0C0C0;"|<span style="color:black;">तथ्य -->
|- style="background:white;"
| 1
| [[भारतीय क्रिकेट टीम का वेस्टइंडीज दौरा 2011|भारत का वेस्टइंडीज दौरा]]
| 2010/11
| 257 रन औसत के साथ 128.50 ; 3 अर्द्धशतक. (5 मैचों में)
| {{cr|IND}} ने 3–2 से सीरीज जीती<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/223016.html|title=India in West Indies ODI Series, 2010/11|work=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170212012921/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/223016.html|archive-date=12 फ़रवरी 2017|url-status=live}}</ref>
|- style="background:white;"
| 2
| [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2011-12|वेस्टइंडीज का भारत दौरा]]
| 2011/12
| 305 रन औसत के साथ 76.25 ; 3 अर्द्धशतक (5 मैचों में)
| {{cr|IND}} ने 4–1 से सीरीज जीती<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/282686.html|title=West Indies in India ODI Series, 2011/12|work=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20161126002304/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/282686.html|archive-date=26 नवंबर 2016|url-status=live}}</ref>
|- style="background:white;"
| 3
| [[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2013-14|ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा]]
| 2013/14
| 491 रन औसत के साथ 122.75 ; 1 दोहरा शतक, 2 शतक और एक अर्द्धशतक (5 मैचों में)
| {{cr|IND}} ने 3–2 से सीरीज जीती <ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/647245.html|title=Australia in India ODI Series, 2013/14|work=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170131163037/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/647245.html|archive-date=31 जनवरी 2017|url-status=live}}</ref>
|- style="background:white;"
| 4
| [[भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2015-16|भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा]]
| 2015/16
| 441 रन औसत के साथ 110.25 ; 2 शतक और 1 अर्द्धशतक. (5 मैचों में)
| {{cr|AUS}} ने 4–1 से सीरीज जीती<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/engine/series/895803.html|title=India in Australia ODI Series, 2015/16|work=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20161205122438/http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/engine/series/895803.html|archive-date=5 दिसंबर 2016|url-status=live}}</ref>
|}
===टी२० क्रिकेट===
====मैन ऑफ़ द पुरस्कार====
{| class="wikitable"
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">#
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">श्रृंखला
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">दिनांक
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">बनाम
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">मैच में प्रदर्शन
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">परिणाम
<!--! style="text-align: left; background: #C0C0C0;"|<span style="color:black;">तथ्य -->
|- bgcolor="white"
| 1
| [[२००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०]]
| 20 सितम्बर 2007
| {{cr|RSA}}
| 50[[नाबाद|*]] (40 गेंदे: 7x4, 2x6); 1 रन आउट.
| {{cr|IND}} की 37 रनों से जीत<ref name="ESPN Cricinfo - 20 September 2007 - ICC World Twenty20 - 24th match, Group E, 2007 – South Africa v India">{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/287876.html|title=ICC World Twenty20 – 24th match, Group E, 2007 – South Africa v India Scorecard|date=25 February 2008|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170529150523/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/287876.html|archive-date=29 मई 2017|url-status=live}}</ref>
|- bgcolor="white"
| 2
| [[भारतीय क्रिकेट टीम का दक्षिण अफ्रीका दौरा 2010-11|भारत का दक्षिण अफ्रीका दौरा]]
| 9 जनवरी 2011
| {{cr|RSA}}
| 53 (34 गेंदे: 5x4, 2x6); 1 कैच
| {{cr|IND}} की 21 रनों से जीत<ref name="ESPN Cricinfo - 9 January 2011 - India in South Africa T20I Match, 2010/11 – South Africa v India">{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/463149.html|title=India in South Africa T20I Match, 2010/11 – South Africa v India Scorecard|date=27 February 2011|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170618162640/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/463149.html|archive-date=18 जून 2017|url-status=live}}</ref>
|- bgcolor="white"
| 3
| [[2016 एशिया कप]]
| 23 फ़रवरी 2016
| {{cr|BAN}}
| 83 (55 गेंदे: 7x4, 3x6); 1 कैच, 1 रन आउट
| {{cr|IND}} की 45 रनों से जीत<ref name="ESPN Cricinfo - 23 February 2016 - Asia Cup, 2016 - 1st Match – Bangladesh v India">{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/463149.html|title=Asia Cup, 2016 - 1st Match – Bangladesh v India Scorecard|date=23 February 2016|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170618162640/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/463149.html|archive-date=18 जून 2017|url-status=live}}</ref>
|- bgcolor="white"
| 4
| [[2016 एशिया कप]]
| 3 मार्च 2016
| {{cr|UAE}}
| 39 (28 गेंदे: 7x4, 1x6)
| {{cr|IND}} की 9 विकेटों से जीत<ref name="ESPN Cricinfo - 3 March 2016 - Asia Cup, 2016 - 9th Match – India v UAE">{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/966761.html|title=Asia Cup, 2016 - 9th Match – India v UAE Scorecard|date=3 March 2016|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170701035326/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/966761.html|archive-date=1 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|- bgcolor="white"
| 5
| [[श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2017|श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2017]]
| 22 दिसम्बर 2017
| {{cr|SRI}}
| 118 (43 गेंदें: 12x4, 10x6)
| {{cr|IND}} की 88 रनों से जीत<ref>{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/966761.html|title=2nd T20I (N), Sri Lanka tour of India at Indore, Dec 22 2017|date=22 दिसम्बर 2017|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=23 दिसम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170701035326/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/966761.html|archive-date=1 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|}
===अन्य पुरस्कार===
* २०१५ में रोहित शर्मा को [[अर्जुन पुरस्कार]] से नवाजा गया जो हर साल [[भारत सरकार]] द्वारा भारत के किसी राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वालों को दिया जाता है।<ref>[http://www.firstpost.com/sports/sania-mirza-selected-for-khel-ratna-rohit-sharma-for-arjuna-award-2388000.html Sania Mirza selected for Khel Ratna, Rohit Sharma for Arjuna award] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161110023214/http://www.firstpost.com/sports/sania-mirza-selected-for-khel-ratna-rohit-sharma-for-arjuna-award-2388000.html |date=10 नवंबर 2016 }} - ''First Post'' अभिगमन तिथि :३१ जनवरी २०१७</ref>
* वनडे में २ दोहरे शतक लगाने के कारण इनको [[२०१३]] और [[२०१४]] में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज के लिए [[ईएसपीएन]] ने पुरस्कार दिए।<ref>[http://www.business-standard.com/article/pti-stories/rohit-sharma-completes-hattrick-at-espn-cricinfo-awards-116031400263_1.html Rohit Sharma completes hattrick at ESPN Cricinfo Awards] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160730064935/http://www.business-standard.com/article/pti-stories/rohit-sharma-completes-hattrick-at-espn-cricinfo-awards-116031400263_1.html |date=30 जुलाई 2016 }} - ''Business Standard'' ३१ जनवरी २०१७</ref>
* [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ टी२० में शतक के लिए [[२०१५]] में [[ईएसपीएन]] ने टी२० का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए पुरस्कार दिया।<ref>[http://www.espncricinfo.com/awards2015/content/story/977097.html Williamson, Broad, Southee, de Villiers win ESPNcricinfo Awards] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170209082426/http://www.espncricinfo.com/awards2015/content/story/977097.html |date=9 फ़रवरी 2017 }} - ''ESPNCricinfo'' ३१ जनवरी २०१७</ref>
*२०१९ में सिएट टायर पुरस्कार सम्मेलन में वनडे क्रिकेट प्लेयर ऑफ द ईयर।
*२०२० में देश के सर्वोच्च पुरस्कार राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।<ref>{{cite news |title=Rohit Sharma receives Khel Ratna Award, India's highest sporting honour |url=https://www.espncricinfo.com/story/rohit-sharma-receives-khel-ratna-award-india-s-highest-sporting-honour-1229810 |accessdate=24 फरवरी 2022 |work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |language=en}}</ref>
==बाहरी कड़ियाँ==
{{commons category|Rohit Sharma|रोहित शर्मा}}
* [https://www.meraguide.in/2023/04/Cricketer-Rohit%20Sharma-Biography-Networth-Salary-Age-Family-Teams.html रोहित शर्मा की नेटवर्थ और अन्य जानकारियां] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230616170252/https://www.meraguide.in/2023/04/Cricketer-Rohit%20Sharma-Biography-Networth-Salary-Age-Family-Teams.html |date=16 जून 2023 }}
* {{Cricinfo|ref=india/content/player/34102.html}}
* [https://web.archive.org/web/20170202080551/http://www.wisdenindia.com/player/India/Rohit-Sharma/3275.html रोहित शर्मा] की विस्डन पर प्रोफ़ाइल
* {{Cricketarchive|ref=Archive/Players/74/74266/74266.html}}
{{प्रमुख भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी}}
{{India Cricket Team}}
{{२०१५ क्रिकेट विश्व कप में भारतीय खिलाड़ी}}
{{मुम्बई इंडियन्स के खिलाड़ी}}
[[श्रेणी:क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:1987 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:बल्लेबाज]]
[[श्रेणी:नागपुर के लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय बल्लेबाज़]]
[[श्रेणी:भारतीय ट्वेन्टी २० क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:अर्जुन पुरस्कार के प्राप्तकर्ता]]
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2026-03-29T00:25:16Z
~2026-19411-02
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6534089
wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक क्रिकेटर
| name = रोहित शर्मा
| image = Prime Minister Of Bharat Shri Narendra Damodardas Modi with Shri Rohit Gurunath Sharma (Cropped).jpg
| caption = शर्मा सन् 2024 मे
| fullname = रोहित गुरुनाथ शर्मा
| birth_date = {{Birth date and age|1987|4|30|df=yes}}
| birth_place = [[नागपुर]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]]
| family = <!-- only add notable family members -->
| heightm = 1.71
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| bowling = दाएँ हाथ से ऑफ़ ब्रेक
| role = बल्लेबाज
| Nickname = पाव शर्मा
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| internationalspan = 2007–वर्तमान
| country = भारत
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| testdebutagainst = वेस्ट इंडीज
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| odidebutdate = 23 जून
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| T20Ishirt = 45
| club1 = [[मुंबई क्रिकेट टीम|मुंबई]]
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| club2 = [[डेक्कन चार्जर्स]]
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| club3 = [[मुंबई इंडियंस]]
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| columns = 4
| column1 = [[टेस्ट क्रिकेट|टेस्ट]]
| column2 = [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|वनडे]]
| column3 = [[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय|टी२० अं]]
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| source = {{URL|https://www.espncricinfo.com/india/content/player/34102.html|ईएसपीएन क्रिकइन्फो}}
}}
रोहित गुरुनाथ शर्मा (जन्म 30 अप्रैल 1987) एक भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं और खेल के सभी प्रारूपों में भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैं।दाएं हाथ के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में, उन्हें व्यापक रूप से सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाजों (ओपनर्स) में से एक माना जाता है। वह घरेलू क्रिकेट में मुंबई का और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व करते हैं। शर्मा 2007 टी20 विश्व कप और 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमों के सदस्य थे, और 2024 टी20 विश्व कप तथा 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के विजेता कप्तान थे।उनके नेतृत्व में मुंबई इंडियंस टीम ने 5 खिताब जीते हैं।<ref>{{cite news|title=Rohit Sharma profile and biography, stats, records, averages, photos and videos|url=http://www.espncricinfo.com/india/content/player/34102.html|accessdate=24 फरवरी 2022|work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|language=en}}</ref>
उन्होंने अपने [[टेस्ट क्रिकेट|टेस्ट कैरियर]] की शुरुआत [[वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम|वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम]] के खिलाफ 09 नवम्बर 2013 को [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] <ref>{{cite news|last1=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|टाइम्स ऑफ़ इंडिया]]|title="Eden special for me, says Rohit Sharma"|url=http://timesofindia.indiatimes.com/west-indies-in-india-2013/top-stories/Eden-special-for-me-says-Rohit-Sharma/articleshow/25390032.cms|accessdate=28 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170820022233/http://timesofindia.indiatimes.com/west-indies-in-india-2013/top-stories/Eden-special-for-me-says-Rohit-Sharma/articleshow/25390032.cms|archive-date=20 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref> मैदान पर खेलकर की थी उस मैच में रोहित ने 177 रनों की पारी खेली थी, उन्होंने 108 वनडे मैचों के बाद टेस्ट मैच खेला था। जबकि [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय]] क्रिकेट कैरियर की <ref>{{cite web|last1=क्रिकबज़|title="Rohit Sharma - the 'brothaman' is feted on twitter"|url=http://www.cricbuzz.com/cricket-news/66648/rohit-sharma-the-brothaman-is-feted-on-twitter|accessdate=28 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160818150045/http://www.cricbuzz.com/cricket-news/66648/rohit-sharma-the-brothaman-is-feted-on-twitter|archive-date=18 अगस्त 2016|url-status=dead}}</ref>शुरुआत 23 जून 2007 को [[आयरलैण्ड क्रिकेट टीम]] के विरुद्ध की थी। इनके अलावा रोहित ने अपने [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|ट्वेन्टी-ट्वेन्टी]] में अपना पहला मैच 19 सितम्बर 2007 को [[इंग्लैंड क्रिकेट टीम]] के खिलाफ खेला था।
13 नवम्बर 2014 को [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] मैदान पर [[श्रीलंका क्रिकेट टीम|श्रीलंकाई टीम]] के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए '''264''' रनों की पारी खेलकर [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में एक मैच में सबसे अधिक रन अर्थात सर्वोच्च स्कोर बनाकर नया कीर्तिमान कायम किया है। रोहित शर्मा एक दिवसीय क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी है। रोहित शर्मा क्रिकेट इतिहास में पहले ऐसे बल्लेबाज है जिन्होंने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक, [[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय|ट्वेन्टी-२० अन्तरराष्ट्रीय]] में दिया 5 शतक''''' है। उनकी कप्तानी में भारत ने 2018 में [[२०१८ एशिया कप|एशिया कप]] और [[निदास ट्रॉफी 2018|निदास ट्रॉफी]] जीती।<ref>{{cite web|url=https://www.timesnownews.com/sports/cricket/article/revealed-why-bcci-appointed-rohit-sharma-as-vice-captain-of-the-test-team/701889|title=Revealed: Why BCCI appointed Rohit Sharma as vice-captain of the Test team}}</ref>
[[फ़ोर्ब्स]] इण्डिया 2015 के भारत के 100 शीर्ष प्रसिद्ध व्यक्तियों में शर्मा को 8वाँ स्थान मिला। [[महेंद्र सिंह धोनी|महेन्द्र सिंह धोनी]] और [[गौतम गंभीर|गौतम गम्भीर]] के बाद अपनी टीम को आईपीएल खिताब दिलाने वाले तीसरे कप्तान हैं। [[२०१८ एशिया कप]] में रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी मिली और फाइनल मैच में [[बांग्लादेश क्रिकेट टीम|बांग्लादेश]] को हराकर खिताब भी जीता।<ref>{{cite web|url=https://www.sportsamrath.com/top-5-t20i-batsmen-with-the-most-sixes/|title=सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज|date=01 सितम्बर 2024|website=sportsamrath|accessdate=01 सितम्बर 2024|url-status=live}}</ref>
2022 मे श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने नया कीर्तिमान बनाया , वह T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने | <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/cricket/story/rohit-sharma-most-runs-in-t20-cricket-record-virat-kohli-martin-guptill-ind-vs-sl-lucknow-t20-tspo-1417588-2022-02-24/?utm_source=Wikipedia_wp|title=Rohit Sharma: रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने, विराट कोहली भी पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-16}}</ref>
रोहित टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा बार 51+ स्कोर करने वाले खिलाड़ी हैं| उन्होंने ये रिकॉर्ड २०२१ में न्यूजीलैंड के खिलाफ कोलकाता में अपने नाम किया था | इसी दौरान रोहित शर्मा ने टी-20 इंटरनेशनल में अपने 200 से ज्यादा छक्के पुरे करने वाले दुनिया के एक मात्र खिलाड़ी बने हैं
 रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ODI World Cup 2023 में उपविजेता रही और T-20 2024 में भारत विश्व विजयी बनी ।
<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/cricket/story/rohit-sharma-record-most-sixes-in-t20-internationals-most-runs-virat-kohli-ind-vs-nz-tspo-1360635-2021-11-21|title=Ind Vs Nz, Rohit Sharma: कैप्टन रोहित का जलवा...इस मामले में कोहली से भी आगे निकले, छक्के जड़ने में भी कमाल|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-23}}</ref>
==Autobiography==
रोहित शर्मा का जन्म [[भारतीय]] राज्य [[महाराष्ट्र]] के [[नागपुर]] ज़िले के ''बंसोड़'' क्षेत्र में ३० अप्रैल १९८७ को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनकी माता पूर्णिमा शर्मा जो [[विशाखपट्नम|विशाखापट्नम]] से है।<ref>{{cite web|title=Telugu connection to Twenty20 World Cup|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-andhrapradesh/telugu-connection-to-twenty20-world-cup/article1916899.ece|publisher= [[द हिन्दू]]|accessdate=२८ जनवरी २०१७}}</ref> जबकि इनके पिता गुरुनाथ शर्मा जो किसी परिवहन कम्पनी में देखभाल करने वाले (caretaker) है। शर्मा का लालन पालन [[डोम्बिवली|बोरीवली]] में उनके दादा और चाचा के साथ हुआ था क्योंकि उनके पिता की आय काफी कम थी।<ref name=attra/><ref name=promise>{{cite web|title=Rohit’s kept his promise|url=http://archive.indianexpress.com/news/rohit-s-kept-his-promise/276142/0|publisher=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20171119055808/http://archive.indianexpress.com/news/rohit-s-kept-his-promise/276142/0|archive-date=19 नवंबर 2017|url-status=live}}</ref><ref name=attra>{{cite web|title=Forthcoming attraction|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/339913.html|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170906000805/http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/339913.html|archive-date=6 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> इनका एक छोटा भाई भी है जिसका नाम विशाल शर्मा है।<ref name=promise/>
रोहित ने सन् १९९९ में अपने चाचा की आय से एक [[क्रिकेट|क्रिकेट कैम्प]] में खेलना आरम्भ किया था।उस समय रोहित के कोच दिनेश लाड थे और उन्होंने कहा था कि तुम अपनी विद्यालय को बदल कर ''स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल'' में आ जाओ क्योंकि लाड वहीं पर कोच के पद पर कार्यरत थे इस कारण रोहित को क्रिकेट खेलने में ज्यादा सुविधा मिल सके।
उस समय रोहित को उस विद्यालय में जाने का मौका नहीं मिल पाया था और तब उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए भी मांग की थी।<ref name=attra/> बाद में रोहित ने अपने क्रिकेट कैरियर की शुरुआत एक ''ऑफ़ स्पिनर'' के तौर पर की थी लेकिन बाद में लाड ने शर्मा को सलाह दी की तुझमें [[बल्लेबाज़|बल्लेबाज]] की काबिलियत ज्यादा है इसलिए एक अच्छा बल्लेबाज बनने का प्रयास करो, तब रोहित आठवें नम्बर पर बल्लेबाजी करते थे और लाड ने बाद में इनको ''ओपनिंग'' करने के लिए भेजना शुरू किया। जैसे ही रोहित ने बल्लेबाजी में मुख्य कदम रखा और पहली बार ओपनिंग की उस मैच में अपना पहला शतक जड़ा था।<ref>{{cite web|title=द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ रोहित शर्मा...|url=http://www.abplive.in/sports/the-untold-story-of-rohit-sharma-104963|publisher=एबीपी लाइव|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170417023626/http://www.abplive.in/sports/the-untold-story-of-rohit-sharma-104963|archive-date=17 अप्रैल 2017|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.nayaindia.com/sports/wavin-made-rohit-sharma-its-brand-ambassador-465576.html|title=Wavin ने रोहित शर्मा को बनाया अपना Brand Ambassador|work=NayaIndia|access-date=15/07/2024|archive-date=15 जुलाई 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240715131513/https://www.nayaindia.com/sports/wavin-made-rohit-sharma-its-brand-ambassador-465576.html|url-status=dead}}</ref>
==कैरियर==
===घरेलू क्रिकेट===
रोहित शर्मा ने अपने [[एलाइट समूह क्रिकेट सूची|लिस्ट ए क्रिकेट]] की शुरुआत मार्च २००५ में वेस्ट जॉन की तरफ से खेलते हुए सेंट्रल जॉन के खिलाफ [[देवधर ट्रॉफी]] में [[ग्वालियर]] में की थी। <ref>{{cite web|title=Deodhar Trophy:Central Zone v West Zone at Gwalior, 25 February 2006|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/264826.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=25 February 2006|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20071101014257/http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/264826.html|archive-date=1 नवंबर 2007|url-status=dead}}</ref> उसके बाद उसी प्रतियोगिता के एक मैच में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी की और महज १२३ गेंदों पर जबरदस्त १४२ रन बनाए यह मैच नार्थ जॉन के खिलाफ [[उदयपुर]] में खेला गया था।<ref>{{cite web|title=Vidyut and Rao power South to big win|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/239442.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=3 March 2006|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20071211211318/http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/239442.html|archive-date=11 दिसंबर 2007|url-status=dead}}</ref> इस शतक से रोहित को काफी फायदा हुआ।<ref name="selection">{{cite web|title='I was expecting the call-up' – Rohit Sharma|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/256094.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=9 August 2006|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20060821123647/http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/256094.html|archive-date=21 अगस्त 2006|url-status=dead}}</ref>इसके बाद [[अबू धाबी]] में भारत ए की तरफ से खेलते हुए हुए रोहित ने शानदार प्रदर्शन किया और बाद में ''चैंपियंस ट्रॉफी'' के लिए ३० सदस्य टीम में चुना गया।<ref name="selection"/> हालांकि अंतिम सदस्य टीम में रोहित को जगह नहीं मिल पायी थी इसके बाद इन्होंने अपने [[रणजी ट्रॉफी]] शुरुआत की और बाद में एन के पी सेल्व चैलेंज ट्रॉफी में भी चुने गए।<ref name="selection"/>
[[File:Rohit Sharma fielding.jpg|thumb|upright|left|रोहित शर्मा क्षेत्ररक्षण के लिए अभ्यास]]
शर्मा ने [[एलाइट समूह क्रिकेट सूची|लिस्ट ए क्रिकेट]] के बाद [[प्रथम श्रेणी क्रिकेट]] की शुरुआत भारत ए के लिए न्यूजीलैंड ए के खिलाफ जुलाई २००६ में [[चार्ल्स डार्विन|डार्विन]] में की थी।<ref>{{cite web|title= Top End Series:India A v New Zealand A at Darwin, 11–14 July 2006|url= http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/246723.html|publisher= [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date= July 2006|accessdate= २८ जनवरी २०१७|archive-url= https://archive.today/20130120040227/http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/246723.html|archive-date= 20 जनवरी 2013|url-status= dead}}</ref> इन्होंने [[रणजी ट्रॉफी]] कैरियर की शुरुआत [[मुम्बई]] क्रिकेट टीम के लिए २००६/०७ में की थ।<ref name="revival">{{cite web|first=Sidharth|last=Monga|title=Leaders of a revival|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/279084.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=6 February 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://archive.today/20130408054711/http://content-ind.cricinfo.com/india/content/story/279084.html|archive-date=8 अप्रैल 2013|url-status=dead}}</ref> उस दौरान रोहित ने [[गुजरात]] टीम के खिलाफ २६७ गेंदों पर शानदार २०५ रन बनाए थे।<ref name="revival"/> रोहित ने फाइनल मुकाबले में बंगाल के खिलाफ अर्द्धशतक से [[मुम्बई]] प्रतियोगिता में बना रहा।<ref>{{cite web|title=Ranji Trophy Super League final:Mumbai v Bengal at Mumbai, 2–5 February 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/263126.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=February 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20071011200039/http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/263126.html|archive-date=11 अक्तूबर 2007|url-status=dead}}</ref>
अक्तूबर २०१३ में [[अजीत आगरकर|अजीत अगरकर]] ने संन्यास ले लिया था और रोहित [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[मुंबई इंडियंस|मुम्बई इंडियन्स]] टीम के कप्तान बन गए और अब तक सबसे सफल कप्तान है। रोहित के लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण २०१३-१४ के सीजन में [[मुम्बई]] टीम का कप्तान नियुक्त किया गया।
===अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट===
रोहित शर्मा को नियमित ओवरों के खेल में २००७ में [[भारतीय क्रिकेट टीम]] ने [[आयरलैण्ड]] का दौरा किया उसमें शामिल किया गया था। इसके बाद इन्होंने अपने [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट कैरियर की शुरुआत बेलफास्ट में [[आयरलैण्ड क्रिकेट टीम|आयरलैण्ड टीम]] के खिलाफ की, हालांकि उस मैच में इनको बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिल पाया था।<ref>{{cite web|title=Only ODI:Ireland v India at Belfast, 23 June 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/293071.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=23 June 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080423080630/http://content-ind.cricinfo.com/india/engine/match/293071.html|archive-date=23 अप्रैल 2008|url-status=dead}}</ref>
लेकिन आखिरकार रोहित ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए २० सितम्बर २००७ को [[२००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०]] में [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ जबरदस्त ४० गेंदों पर ५० रन बनाए।<ref name="IndVSA">{{cite web|title=ICC World Twenty20 24th Match, Group E:India v South Africa at Durban, 20th September 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/287876.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=20 September 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080207190824/http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/287876.html|archive-date=7 फ़रवरी 2008|url-status=dead}}</ref> और उस मैच में जीत भी मिली थी जिसके कारण भारत प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचा था। उस मैच में [[भारतीय क्रिकेट टीम|भारतीय टीम]] ने महज ६१ रनों पर ४ विकेट खो दिए बाद में कप्तान [[महेंद्र सिंह धोनी]] के साथ मिलकर ८५ की भागीदारी की और भारत कुल ५ विकेट खोकर १५३ रनों तक पहुँच पाया था।<ref name="IndVSA"/> साथ ही उस मैच का ''मैन ऑफ़ द मैच'' भी रोहित को चुना गया था।<ref name="IndVSA"/> बाद में उसी विश्व ट्वेन्टी २० के [[२००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २० फाइनल|फाइनल]] मुकाबले में [[पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम|पाकिस्तान टीम]] के खिलाफ मात्र १६ गेंदों पर ३० रनों की पारी खेली थी।<ref>{{cite web|title=ICC World Twenty20-final:India v Pakistan at Johannesburg, 24th September 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/287879.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=24 September 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080129145327/http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/287879.html|archive-date=29 जनवरी 2008|url-status=dead}}</ref>
१८ नवम्बर २००७ को [[राजस्थान]] के [[जयपुर]] के [[सवाई मान सिंह स्टेडियम|सवाई मानसिंह स्टेडियम]] पर [[पाकिस्तान]] के खिलाफ रोहित शर्मा ने अपना पहला [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में अर्द्धशतक लगाया।<ref>{{cite web|title=Pakistan in India ODI Series-5th ODI:India v Pakistan at Jaipur, 18th November 2007|url=http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/297805.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=18 November 2007|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080123192816/http://content-ind.cricinfo.com/statsguru/engine/match/297805.html|archive-date=23 जनवरी 2008|url-status=dead}}</ref> और बाद में २००७-०८ की कॉमनवेल्थ बैंक श्रृंखला के लिए १६ सदस्य टीम में चुने गए जो [[ऑस्ट्रेलिया]] में होने वाली थी।<ref>{{cite web|title=Ganguly dropped as selectors focus on youth|url=http://content-ind.cricinfo.com/cbs/content/story/332389.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=20 January 2008|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20081229225123/http://content-ind.cricinfo.com/cbs/content/story/332389.html|archive-date=29 दिसंबर 2008|url-status=dead}}</ref> वहां उस श्रृंखला में इन्होंने ३३.५७ की औसत से कुल २ अर्द्धशतकों की मदद से २३५ रन बनाए जिसमें फाइनल मुकाबले में [[सिडनी]] में शानदार ६६ रनों की पारी खेली।<ref>{{cite web|title=Most runs-Commonwealth Bank Series, 2007/08|url=http://stats.cricinfo.com/cbs/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3160;type=tournament|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20100610025410/http://stats.cricinfo.com/cbs/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3160;type=tournament|archive-date=10 जून 2010|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=Commonwealth Bank Series-1st Final:India v Australia at Sydney, 2nd March 2008|url=http://content-ind.cricinfo.com/cbs/engine/current/match/291371.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=2 March 2008|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20080421195440/http://content-ind.cricinfo.com/cbs/engine/current/match/291371.html|archive-date=21 अप्रैल 2008|url-status=dead}}</ref> यह कॉमनवेल्थ श्रृंखला रोहित के लिए बहुत अच्छी रही।
हालांकि, उनकी वनडे के प्रदर्शन में बाद में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उसके मध्यक्रम स्थिति में [[सुरेश रैना]] ने जगह ले ली।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/tri-bdesh2010/content/story/441139.html|title=Tendulkar opts out of Bangladesh tri-series|date=25 December 2009|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Cricinfo staff|quote=Rohit, 22, who was dropped from India's ODI squad after an extended run of disappointing scores in limited-overs cricket, last played in the West Indies in July and was pushed aside by Virat Kohli...|archive-url=https://web.archive.org/web/20160919065857/http://www.espncricinfo.com/tri-bdesh2010/content/story/441139.html|archive-date=19 सितंबर 2016|url-status=live}}</ref>
दिसम्बर २००९ में इन्होंने [[रणजी ट्रॉफी]] के एक मैच में तिहरा शतक लगाया था जिसके कारण चयनकर्ताओं सोचने पर मजबूर कर दिया<ref>{{cite web|title=Rohit Sharma Scored a Triple Century in the Ranji Trophy|url=http://sportzwiki.com/cricket/rohit-sharma-scored-a-triple-century-in-the-ranji-trophy;type=tournament|publisher=स्पोर्टज़ विकी|accessdate=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20150117220755/http://sportzwiki.com/cricket/rohit-sharma-scored-a-triple-century-in-the-ranji-trophy|archive-date=17 जनवरी 2015|url-status=dead}}</ref> और फिर बाद में इनको त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए [[बांग्लादेश]] में वनडे टीम में वापस बुलाया गया था क्योंकि उस समय [[सचिन तेंदुलकर]] को आराम दिया गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/tri-bdesh2010/content/story/441139.html|title=Tendulkar opts out of Bangladesh tri-series|date=25 December 2009|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Cricinfo staff|archive-url=https://web.archive.org/web/20160919065857/http://www.espncricinfo.com/tri-bdesh2010/content/story/441139.html|archive-date=19 सितंबर 2016|url-status=live}}</ref> हालांकि, [[विराट कोहली]] और [[सुरेश रैना]] अंतिम एकादश में इनसे पहले चयन किया गया था, लेकिन उनको भारत के पांच मैचों में से किसी में नहीं खेल पाए थे।
फ़रवरी २०१० में रोहित शर्मा को [[भारतीय क्रिकेट टीम|भारतीय टेस्ट टीम]] के लिए बुलाया गया था क्योंकि उस दौरान [[वी वी एस लक्ष्मण]] चोट से जूझ रहे थे इस कारण शर्मा को अपना पहला टेस्ट मैच खेलना का मौका दिया गया। लेकिन बाद में बल्लेबाज के बजाय बल्लेबाज और विकेटकीपर दोनों के लिए [[रिद्धिमान साहा]] को शामिल किया।
रोहित ने अपना पहला वनडे शतक २८ मई २०१० को [[ज़िम्बाब्वे क्रिकेट टीम]] के खिलाफ बनाया था उस मैच में इन्होंने ११४ रनों की पारी खेली थी। और बाद में अगले ही मुकाबले ३० मई २०१० को त्रिकोणीय श्रृंखला में [[श्रीलंका]] के खिलाफ एक और शतक लगा दिया था उस मैच में रोहित ने [[नाबाद]] ११० रन बनाए थे।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/zim-tri2010/content/story/461152.html|title=Taylor and Ervine seal terrific win|date=28 May 2010|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Sidharth Monga|archive-url=https://web.archive.org/web/20170421034618/http://www.espncricinfo.com/zim-tri2010/content/story/461152.html|archive-date=21 अप्रैल 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/zim-tri2010/content/story/461337.html|title=Rohit's second ton seals comfortable win|date=30 May 2010|accessdate=2014-02-25|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Sriram Veera|archive-url=https://web.archive.org/web/20170202212302/http://www.espncricinfo.com/zim-tri2010/content/story/461337.html|archive-date=2 फ़रवरी 2017|url-status=live}}</ref>
इनको [[२०११ क्रिकेट विश्व कप]] में भारतीय टीम में जगह नहीं दी गई थी।<ref>{{cite web |title=No Rohit Sharma in World Cup squad|url=http://www.espncricinfo.com/icc-cricket-world-cup-2011/content/story/497102.html?CMP=chrome|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=२८ जनवरी २०१७}}</ref>
लेकिन [[इंडियन प्रीमियर लीग]] के बाद २०११ में [[वेस्ट इंडीज़ संघ|वेस्टइंडीज़]] दौरे के लिए इनको टीम में चुना गया उस समय टीम में कई दिग्गजों को आराम दिया था जिसमें [[सचिन तेंदुलकर]], [[वीरेन्द्र सहवाग|वीरेंद्र सहवाग]] कप्तान [[महेंद्र सिंह धोनी]] थे जबकि [[गौतम गंभीर]] और [[युवराज सिंह]] दोनों चोटों से जूझ रहे थे।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/516872.html|title=Tendulkar, Yuvraj, Gambhir out of entire WI tour|date=27 May 2011|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=ESPNcricinfo staf|archive-url=https://web.archive.org/web/20171007122358/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/516872.html|archive-date=7 अक्तूबर 2017|url-status=live}}</ref> इस कारण तब उस दौरे में [[सुरेश रैना]] को कप्तानी सौंपी गई थी। लेकिन रोहित ज्यादा कुछ नहीं कर पाये और केवल टी२० में २३ गेंदों पर २६ रन बना सके थे। हालांकि उस मैच में भारत को जीत भी मिली थी।
फिर बाद में वनडे श्रृंखला में रोहित ने अच्छी शुरुआत की और पहले ही मुकाबले में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए [[नाबाद]] ७५ गेंदों पर ६८ रनों की पारी खेली जिसमें ४ चौके और १ छक्का भी लगाया और साथ ही ''मैच का सर्वोच्च खिलाड़ी'' भी चुना गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/518690.html|title=Rohit helps India prevail in battle of attrition|date=6 June 2011|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Sidharth Monga|archive-url=https://web.archive.org/web/20170517204235/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/518690.html|archive-date=17 मई 2017|url-status=live}}</ref> तीसरा वनडे मैच जो कि सर विवियन रिचर्ड्स मैदान पर खेला गया था उस मैच में रोहित शर्मा ने ९१ गेंदों पर उम्दा बल्लेबाजी करते हुए ९१ रन बनाए थे। उस मैच में भारत के ६ विकेट मात्र ९२ रनों पर गिर गए थे बाद में [[रोहित शर्मा]] ने [[हरभजन सिंह]] के साथ मिलकर अच्छी भागीदारी की और भारत को मैच जीताने में सफल हुए।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/518690.html|title=Rohit Sharma outdoes Andre Russell's heroics|date=11 June 2011|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=Sidharth Monga|archive-url=https://web.archive.org/web/20170517204235/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/content/story/518690.html|archive-date=17 मई 2017|url-status=live}}</ref> रैना की कप्तानी में उस समय रोहित ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और पहली बार वनडे में ''मैन ऑफ़ द सीरीज'' के विजेता बने।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/engine/match/489225.html?innings=2;page=1;view=commentary|title=5th ODI: West Indies v India at Kingston, Jun 16, 2011 | Cricket Commentary | ESPN Cricinfo|publisher=[[ईएसपीएन]]|quote=Rohit Sharma is the Man of the Series. Rohit: "Was important...|access-date=28 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924232814/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/engine/match/489225.html?innings=2;page=1;view=commentary|archive-date=24 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref> इनकी अच्छी फॉर्म आगे चलती रही और एक बार फिर ''मैन ऑफ़ द सीरीज'' बने लेकिन इस बार भारत की सरजमी पर और वो भी विंडीज के खिलाफ।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/engine/match/489225.html?innings=2;page=1;view=commentary|title=5th ODI: India v West Indies at Chennai, Dec 11, 2011 | Cricket Commentary | ESPN Cricinfo|publisher=[[ईएसपीएन]]|quote=Rohit Sharma is the Man of the Series. He says, "I didn't want...|access-date=28 जनवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924232814/http://www.espncricinfo.com/west-indies-v-india-2011/engine/match/489225.html?innings=2;page=1;view=commentary|archive-date=24 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref> फिर बाद में रोहित को २०११–१२ सीरीज में शामिल किया गया।
२०१३ की चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए एक नया शीर्ष क्रम का बल्लेबाज ढूंढा गया और वह था [[शिखर धवन]] <ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/icc-champions-trophy-2013/content/story/633951.html|title=No Gambhir, Yuvraj for Champions Trophy|date=4 May 2013|accessdate=२८ जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन]]|author=ESPNcricinfo staff|archive-url=https://web.archive.org/web/20170709000745/http://www.espncricinfo.com/icc-champions-trophy-2013/content/story/633951.html|archive-date=9 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref> इस तरह भारत को रोहित शर्मा के साथ [[शिखर धवन]] जैसा खिलाड़ी मिला। और भारत के इन सालामी बल्लेबाजों की वजह से भारत ''२०१३ की चैम्पियन्स ट्रॉफी'' भी जीत सका था। रोहित की अच्छी फॉर्म जारी रही और फिर २०१३ में [[ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम|ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम]] को भारत बुलायी गयी, इस श्रृंखला में रोहित ने एक मैच में १४१ रन [[जयपुर]] में बनाये थे हालांकि उस मैच में आउट हो गए थे लेकिन एक अन्य मैच [[बंगलौर|बैंगलोर]] में १५८ गेंदों पर २०९ बनाकर भारतीय टीम का नया रिकॉर्ड बनाया साथ ही मैच में अकेले रोहित ने १६ छक्के लगाकर [[ऑस्ट्रेलिया]] के [[शेन वॉटसन]] के लगाए १५ छक्कों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था और वनडे की एक पारी में किसी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड बना दिया।
[[File:2015 CWC I v UAE 02-28 Sharma (01) (cropped).JPG|thumb|शर्मा ऑस्ट्रेलिया में [[२०१५ क्रिकेट विश्व कप]] के दौरान]]
नवम्बर २०१३ में [[सचिन तेंदुलकर]] की विदाई वाली श्रृंखला में रोहित को खेलने का मौका मिला था और इन्होंने अपना पहला मैच [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] मैदान पर [[वेस्ट इंडीज़ संघ|वेस्टइंडीज़]] के खिलाफ खेला गया था और उस मैच में १७७ रन बनाकर दूसरे सबसे सफल खिलाड़ी बन गए जिन्होंने पहले टेस्ट में शतक लगाया। अब तक भारत के कुछ ही ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच शतक लगाया जिसमें रोहित भी शामिल है। ये आगे बढ़ते रहे और [[मुम्बई]] के [[वानखेड़े स्टेडियम]] पर नाबाद १११ रन बनाए और तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने जिन्होंने लगातार शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों में शतक लगाया हो, इससे पूर्व १९९६ में [[सौरव गांगुली]] ने [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] के खिलाफ और [[मोहम्मद अजहरुद्दीन]] ने १९८४ में लगातार दो मैचों में शतक ठोके थे।
२०१० में रोहित शर्मा दुनिया के ऐसे पहले बल्लेबाज बन गए जिन्होंने [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] मैचों में २५० से ज्यादा रन बनाए हो और साथ ही दो बार दोहरे शतक लगाए हो। इन्होंने एक बार फिर [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] पर कारनामा किया और [[श्रीलंका]] टीम के खिलाफ २६४ रनों की पारी खेली थी और पूरे क्रिकेट जगत को दंग कर दिया था। इससे पूर्व भारत के ही [[वीरेन्द्र सहवाग|वीरेंद्र सहवाग]] का सर्वाधिक २१९ रनों का स्कोर था।<ref name=":0">{{Cite web|url = http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/216972.html|title = Records / One-Day Internationals / Batting records / Most runs in an innings|date = |accessdate = २८ जनवरी २०१७|work = [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|archive-url = https://web.archive.org/web/20121109164828/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/216972.html|archive-date = 9 नवंबर 2012|url-status = live}}</ref><ref name="ODI264">{{cite web |title=Rohit Sharma: India batsman hits highest ever ODI score |url=http://www.bbc.co.uk/sport/0/cricket/30038630 |publisher=बीबीसी स्पोर्ट्स |date=13 November 2014 |accessdate=२८ जनवरी २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20151013034953/http://www.bbc.co.uk/sport/0/cricket/30038630 |archive-date=13 अक्तूबर 2015 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.mid-day.com/articles/rohit-sharma-creates-history-sets-new-odi-records-at-eden/15763176|title=Rohit Sharma creates history, sets new ODI records at Eden|date=17 November 2014|work=मिड डे|accessdate=२८ जनवरी २०१८|archive-url=https://web.archive.org/web/20161219190817/http://www.mid-day.com/articles/rohit-sharma-creates-history-sets-new-odi-records-at-eden/15763176|archive-date=19 दिसंबर 2016|url-status=live}}</ref>
०२ अक्तूबर २०१५ को [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ टी२० मैच में एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम, [[धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश]] में शानदार बल्लेबाजी करते १०६ रनों की पारी खेली थी इसके साथ ही रोहित दूसरे भारतीय ऐसे खिलाड़ी बन गए जिन्होंने [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|ट्वेन्टी-ट्वेन्टी]] क्रिकेट में शतक लगाया हो, इससे पूर्व यह कारनामा [[सुरेश रैना]] के नाम था। इसके साथ ही रोहित ऐसे पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए जिन्होंने सभी प्रारूपों में शतक लगाये हो। फिर ११ अक्तूबर दौरे का पहला वनडे मैच खेला गया जिसमें १३३ गेंदों का सामना करते हुए १५० रन बनाए थे हालांकि वह मैच भारत अफ्रीका के ३०३ रनों का पीछा करते हुए हारी थी। फिर बाद में एक अन्य श्रृंखला जो [[ऑस्ट्रेलिया]] में हुई थी वहां पर रोहित ने एक बार फिर लगातार दो शतक लगाए और श्रृंखला के अंतिम मैच में ९९ रनों की पारी खेली थी।<ref>{{cite news|title=Rohit, de Villiers hold their own in Kanpur furnace|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/928019.html|accessdate=23 October 2015|work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|date=२८ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20160402210719/http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/928019.html|archive-date=2 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> रोहित वनडे के अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने तीन दोहरे शतक लगाए हैं। उन्होंने आखिरी दोहरा शतक १३ दिसंबर २०१७ को श्रीलंका के खिलाफ कप्तान रहते हुए बनाया।<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/on-this-day-in-2017-rohit-sharma-blasted-his-3rd-double-ton-in-odis/articleshow/88250329.cms|title=On this day in 2017: Rohit Sharma blasted his 3rd double ton in ODIs {{!}} Cricket News - Times of India|last=Dec 13|first=ANI / Updated:|last2=2021|website=The Times of India|language=en|access-date=2022-04-06|last3=Ist|first3=11:56}}</ref>
2021 में रोहित शर्मा ने टी-20 वर्ल्ड कप खेलते हुए टी-20 इंटरनेशनल में अपने तीन हज़ार रन पूरे किए थे | <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/t20-world-cup-2021/story/t20-world-cup-rohit-sharma-record-3-thousand-runs-in-t20i-virat-kohli-tspo-1354040-2021-11-09|title=T20 WC: रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, इस मामले में अब सिर्फ कोहली से पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-23}}</ref>
२७ फरवरी २०२२ को रोहित शर्मा [[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में [[पाकिस्तान क्रिकेट टीम]] के [[शोएब मलिक]] को पछाड़ते हुए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने।<ref>{{cite news |title=IND vs SL: रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, सबसे ज्यादा टी-20 खेलने के मामले में पाकिस्तान के शोएब मलिक को पछाड़ा |url=https://www.aajtak.in/sports/cricket/story/rohit-sharma-most-t20i-played-by-a-player-shoaib-malik-rohit-in-india-vs-sri-lanka-t20-records-tspo-1419207-2022-02-27 |accessdate=27 फरवरी 2022 |work=[[आज तक]] |language=hi}}</ref>
== इंडियन प्रीमियर लीग ==
रोहित शर्मा [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में सफल खिलाड़ियों में से एक है और ये अन्तिम गेंद पर छक्के से जीताने में काफी क्षमता रखते है। अब तक इनके नाम आईपीएल में एक शतक और एक तिकड़ी भी है। रोहित शर्मा ने पहली बार २००८ आईपीएल में ७५०,००० यूएस डॉलर के लिए [[डेक्कन चार्जर्स]] के लिए हस्ताक्षर किया था।<ref>{{cite news|title=Dhoni tops Indian auction bidding|url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/cricket/7252238.stm|publisher=बीबीसी|date=20 February 2008|accessdate=२९ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20101015061026/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/cricket/7252238.stm|archive-date=15 अक्तूबर 2010|url-status=live}}</ref> ये [[२००८ इंडियन प्रीमियर लीग]] में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने ३६.७२ की औसत से कुल ४०४ रन बनाए थे।<ref>{{cite web|title=Most runs:Indian Premier League, 2007/08|url=http://stats.cricinfo.com/ipl/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3519;type=tournament|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|year=2008|accessdate=२९ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20100918021510/http://stats.cricinfo.com/ipl/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3519;type=tournament|archive-date=18 सितंबर 2010|url-status=live}}</ref> इस कारण इनको २००८ आईपीएल में कुछ मैचों में ''ऑरेन्ज कैप'' पहनने का मौका भी मिला था।
रोहित शर्मा जब [[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|२०११ इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[रिकी पोंटिंग]] ने आईपीएल से संन्यास लिया था तब से [[मुंबई इंडियंस|मुम्बई इंडियन्स]] टीम के कप्तान है और आईपीएल के शीर्ष तीन कप्तानों में गिने जाते है। रोहित २००८ से २०१० तक [[डेक्कन चार्जर्स]] के लिए खेले थे जबकि २०११ से अब तक [[मुंबई इंडियंस|मुम्बई इंडियन्स]] के लिए खेल रहे है जिसमें ५ बार टीम को विजेता भी बनाया है।
रोहित शर्मा आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर्स की लिस्ट में नंबर-2 पर हैं उन्होंने अब तक 214 मैच खेले हैं | उनसे आगे महेंद्र सिंह धोनी हैं जिन्होंने अब तक 221 मैच खेले हैं | <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/ipl-2022/story/rohit-sharma-most-matches-in-ipl-records-dinesh-karthik-virat-kohli-dc-vs-mi-ipl-2022-tspo-1435707-2022-03-27|title=IPL 2022 Rohit Sharma: रोहित शर्मा ने अपने नाम किया ये स्पेशल रिकॉर्ड, विराट कोहली अभी भी पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-23}}</ref>
रोहित शर्मा ने आईपीएल में अब तक 214 मैच में 31.24 औसत से 5624 रन बनाये है जिसमे उनका 1 शतक भी शामिल है | <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/ipl-2022/story/rohit-sharma-most-matches-in-ipl-records-dinesh-karthik-virat-kohli-dc-vs-mi-ipl-2022-tspo-1435707-2022-03-27|title=IPL 2022 Rohit Sharma: रोहित शर्मा ने अपने नाम किया ये स्पेशल रिकॉर्ड, विराट कोहली अभी भी पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-23}}</ref>
18 अप्रैल 2024 को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेलते हुए रोहित शर्मा ने एक साथ दो उपलब्धि हासिल कीं। मैच में उतरते ही वे आईपीएल में 250 मैच खेलने वाले एमएस धोनी के बाद दूसरे खिलाड़ी बने। साथ ही, रोहित शर्मा ने आईपीएल में बल्लेबाजी करते हुए 6500 रन पूरे किए।<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/cricket/story-rohit-sharma-became-sixer-king-of-mumbai-indians-in-ipl-history-in-his-250th-game-also-complete-6500-runs-9796814.html|title=रोहित बने एमएस धोनी के बाद 250 मैच खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी}}</ref>
===आईपीएल के संस्करणों में===
{| class="wikitable" style="text-align:center;" width:"100%"
|-
!colspan=11|रोहित शर्मा की आईपीएल में बल्लेबाजी की स्थिति
|-
! style="width:40px;"|साल !! style="width:200px;"|टीम !! style="width:30px;"|पारियां !! style="width:50px;"|रन !! style="width:40px;"|सर्वोच्च !! style="width:50px;"|औसत !! style="width:50px;"|स्ट्राईक रेट !! style="width:40px;"|100 !! style="width:40px;"|50 !! style="width:30px;"|चौके !! style="width:30px;"|छक्के
|-
| 2008 || rowspan=3|{{Cr-IPL|decc|R}}<ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/ipl/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3519;type=tournament | title=Indian Premier League, 2007/08 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20120508230944/http://stats.espncricinfo.com/ipl/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=3519%3Btype%3Dtournament | archive-date=8 मई 2012 | url-status=live }}</ref><ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/ipl2010/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=5319;type=tournament | title=Indian Premier League, 2009/10 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20120425003427/http://stats.espncricinfo.com/ipl2010/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=5319%3Btype%3Dtournament | archive-date=25 अप्रैल 2012 | url-status=live }}</ref><ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/ipl2009/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=4801;type=tournament | title=Indian Premier League, 2009 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20120510061019/http://stats.espncricinfo.com/ipl2009/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=4801%3Btype%3Dtournament | archive-date=10 मई 2012 | url-status=live }}</ref>|| 12 || 404 || 76* || 36.72 || 147.98 || 0 || 4 || 38 || 19
|-
| 2009 || 16 || 362 || 52 || 27.84 || 114. || 0 || 1 || 22 || 18
|-
| 2010 || 16 || 404 || 73 || 28.85 || 133.77 || 0 || 3 || 36 || 14
|-
| 2011 || rowspan="9" |{{Cr-IPL|mumb|R}}<ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=5969;type=tournament | title=Indian Premier League, 2011 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20120428043247/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=5969%3Btype%3Dtournament | archive-date=28 अप्रैल 2012 | url-status=live }}</ref><ref>{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=6680;type=tournament | title=Indian Premier League, 2012 / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20130703081739/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=6680%3Btype%3Dtournament | archive-date=3 जुलाई 2013 | url-status=live }}</ref> || 14 || 372 || 87 || 33.81 || 125.25 || 0 || 3 || 32 || 13
|-
| 2012 || 16 || 433 || 109* || 30.92 || 126.60 || 1 || 3 || 39 || 18
|-
| 2013 || 19 || 538 || 79* || 38.42 || 131.54 || 0 || 4 || 35 || 28
|-
| 2014 || 15 || 390 || 59*|| 30 || 129.13 || 0 || 3 || 31 || 16
|-
|2015
|16
|482
|98*
|34.42
|144.74
|0
|3
|41
|21
|-
|2016
|14
|489
|85*
|44.45
|132.88
|0
|5
|49
|16
|-
|2017
|17
|333
|67
|23.78
|121.97
|0
|3
|31
|09
|-
|2018
|14
|286
|94
|23.83
|133.02
|0
|2
|25
|12
|-
|2019
|15
|405
|67
|28.83
|128.57
|0
|2
|52
|10
|-
| colspan="2" |'''2008–2019 कुल'''<ref name="total">{{cite web | url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=117;type=trophy | title=Indian Premier League / Records / Most runs | accessdate=२९ जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20160521010601/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=117;type=trophy | archive-date=21 मई 2016 | url-status=live }}</ref>|| 188 || 4898 ||'''109*'''||'''31.60'''||'''130.82'''||'''1'''||36|| 431 ||'''194'''
|}
==निजी जीवन==
[[File:Rohit Sharma with Ritika Sajdeh (cropped).jpg|thumb|रोहित और रीतिका सजदे अपनी सगाई के दौरान]]
अप्रैल २०१५ में रोहित शर्मा ने अपनी स्पोर्ट्स मैनेजर रितिका सजदेह से सगाई की थी और बाद में १३ दिसम्बर २०१५ को दोनों ने शादी कर ली।<ref>{{Cite news|url = http://www.ibtimes.co.in/photos/rohit-sharma-ritika-sajdeh-wedding-pictures-5117-slide-35293|title = Rohit Sharma and Ritika Sajdeh wedding Pictures|last = |first = |date = December 14, 2015|work = |access-date = २९ जनवरी २०१७|via = |archive-url = https://web.archive.org/web/20170606215229/http://www.ibtimes.co.in/photos/rohit-sharma-ritika-sajdeh-wedding-pictures-5117-slide-35293|archive-date = 6 जून 2017|url-status = live}}</ref>
==कीर्तिमान==
*०२ अक्तूबर २०१५ को रोहित शर्मा दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने जिन्होंने [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|ट्वेन्टी-ट्वेन्टी]] में शतक लगाया और साथ ही टी२० में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने खिलाड़ी भी बन गए। उस मैच में इन्होंने ६६ गेंदों पर १०६ रनों की पारी खेली थी। बाद में इनका रिकॉर्ड [[के एल राहुल|लोकेश राहुल]] ने [[वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम|वेस्टइंडीज टीम]] के खिलाफ २७ अगस्त २०१६ को ११०[[नाबाद|*]] बनाकर तोड़ दिया।<ref>{{cite web | url=https://www.thequint.com/sports/2016/08/27/in-stats-india-lose-t20-but-rahul-binny-msd-enter-record-books-dhoni-virat-kohli-kl-rahul-west-indies | title=In Stats: India Lose T20 But Rahul, Binny, MSD Enter Record Books | work=क्विंट | accessdate=३० जनवरी २०१७ | archive-url=https://web.archive.org/web/20161023013147/https://www.thequint.com/sports/2016/08/27/in-stats-india-lose-t20-but-rahul-binny-msd-enter-record-books-dhoni-virat-kohli-kl-rahul-west-indies | archive-date=23 अक्तूबर 2016 | url-status=dead }}</ref> इससे पहले [[सुरेश रैना]] ने भारत की ओर से टी२० में शतक लगाया था।
* १३ नवम्बर २०१४ को रोहित [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने [[श्रीलंका]]ई टीम के खिलाफ [[कोलकाता]] के [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]] मैदान पर २६४ रनों की पारी खेली थी। इनके अलावा इन्होंने वनडे क्रिकेट में दो बार दोहरे शतक लगाने का भी रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले इन्होंने २०९ रनों की पारी खेली थी।<ref name=":0" />
* शर्मा ने [[शेन वॉटसन]] का एक मैच में ''छक्कों और चौकों से सबसे ज्यादा'' रन लेने का रिकॉर्ड भी तोड़ा। इन्होंने कुल १८६ रन छक्कों और चौकों से लिए।<ref>{{cite web|title=Most runs from fours and sixes in an innings|url=http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/283133.html|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|accessdate=३० जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20161125102135/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/283133.html|archive-date=25 नवंबर 2016|url-status=live}}</ref>
* रोहित [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय]] क्रिकेट में एक मैच में सबसे ज्यादा ३३ चौके लगाकर पहले नम्बर पर है जिन्होंने सबसे ज्यादा चौके लगाए।<ref>{{Cite web|url = http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/284017.html|title = Records / One-Day Internationals / Batting records / Most fours in an innings|date = |accessdate = ३० जनवरी २०१७|work = [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|publisher = |last = |first = |archive-url = https://web.archive.org/web/20150223091738/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/284017.html|archive-date = 23 फ़रवरी 2015|url-status = live}}</ref>
* ११ अक्तूबर २०१५ को इन्होंने [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ १५० रन बनाकर [[कानपुर]] में एक वनडे मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
* रोहित शर्मा के नाम एक वनडे में सबसे ज्यादा १६ छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम है।<ref>{{cite web|title=Most sixes in an innings|url=http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/283127.html|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३० जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303005852/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/283127.html|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=live}}</ref>
* इनके नाम [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में एक तिकड़ी भी है।<ref name="IPL2009.hatTrick">{{cite web|title=Sharma heroics ensure Deccan win|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2009/content/story/403244.html|author=Siddhartha Talya|date=6 May 2009|accessdate=३० जनवरी २०१७|publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20161226035538/http://www.espncricinfo.com/ipl2009/content/story/403244.html|archive-date=26 दिसंबर 2016|url-status=live}}</ref>
* १२ जनवरी २०१६ को इन्होंने [[ऑस्ट्रेलिया]] में जाकर [[पर्थ]] क्रिकेट मैदान पर [[ऑस्ट्रेलिया]] के खिलाफ [[नाबाद]] १७१ रनों की पारी खेलकर किसी मेहमान टीम के खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले एक वनडे में [[विव रिचर्ड्स|विवियन रिचर्ड्स]] के नाम नाबाद १५३ रन थे।<ref>{{Cite web|title = Rohit's big hundreds, Australia's big chases|url = http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/content/story/961515.html|website = [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|access-date = ३० जनवरी २०१७|archive-url = https://web.archive.org/web/20160115052212/http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/content/story/961515.html|archive-date = 15 जनवरी 2016|url-status = live}}</ref>
* किसी द्विपक्षीय श्रृंखला में इन्होंने सबसे ज्यादा वनडे में ४९१ रन बनाए जो २०१३-१४ में [[ऑस्ट्रेलिया]] के खिलाफ बनाए थे।<ref>{{Cite web|title = Most runs in bilateral series|url = http://www.crictracker.com/most-runs-in-a-bilateral-series-in-odi/5/|access-date = 30 जनवरी 2017|archive-url = https://web.archive.org/web/20160924052642/http://www.crictracker.com/most-runs-in-a-bilateral-series-in-odi/5/|archive-date = 24 सितंबर 2016|url-status = dead}}</ref>
*वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ५० छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए।
*वह एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने एकदिवसीय इतिहास में तीन दोहरे शतक लगाए हैं।
*वे दोहरा शतक बनाने के लिए वीरेंद्र सहवाग के बाद दूसरे कप्तान बने।
*रोहित ने सचिन तेंदुलकर के सबसे अधिक छक्के (४० छक्के) का रिकॉर्ड कैलेंडर वर्ष में ४१ छक्कों के साथ तोड़ दिया
*१३ दिसंबर, २०१७ को रोहित ने [[श्रीलंका]] के खिलाफ अपने करियर के तीसरे ओडीआई दोहरे शतक और मोहाली में किसी भी खिलाड़ी का सर्वोच्च स्कोर दर्ज करने के लिए श्रीलंका के खिलाफ २०८ रन बनाए।
*२२ दिसंबर २०१७ को, [[श्रीलंका क्रिकेट टीम|श्रीलंका]] के खिलाफ, रोहित ने अपने कैरियर का दूसरा टी-२० अंतर्राष्ट्रीय में शतक लगाया और साथ ही इन्होंने [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|टी२० अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट]] में संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक बनाया। इन्होंने यह शतक सिर्फ ३५ गेंदों पर पूरा किया, इनसे पहले अफ्रीका के [[डेविड मिलर]] ने भी इतनी ही गेंदों पर शतक पूरा किया था।
*मई २०२०को इंडियन प्रीमियर लीक में पांचवा आईपीएल खिताब जीतने वाले इकलौते कप्तान बने है|
*१४ अप्रैल २०२४ को रोहित टी20 क्रिकेट में 500 छक्के जड़ने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। वह इस आंकड़े को छूने वाले कुल पांचवें प्लेयर हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/cricket/story-mi-vs-csk-rohit-sharma-created-history-after-hitting-500-sixes-becomes-the-second-player-in-the-world-to-achieve-this-feat-9768092.html|title=500 छक्के जड़ने वाले टी20 क्रिकेट के प्रथम भारतीय}}</ref>
==अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक==
{{Main|रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शतकों की सूची}}44
==पुरस्कार==
===टेस्ट क्रिकेट===
====मैन ऑफ़ द मैच पुरस्कार====
{| class="wikitable" style="width:95%; margin-left:10px"
|-
! style="background:cyan; color:black;"|क्रम सं॰
! style="background:cyan; color:black;"|श्रृंखला
! style="background:cyan; color:black;"|संस्करण
! style="background:cyan; color:black;"|मैच में प्रदर्शन
! style="background:cyan; color:black;"|परिणाम
|- style="background:white;"
| 1
| पहला टेस्ट – [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2013-14|वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा]] टेस्ट श्रृंखला
| 2013/14
| पहली पारी: 177 (301 गेंदे: 23x4 1x6) <br> दूसरी पारी: DNB; 1
| {{cr|IND}} पारी और 51 रनों से जीता<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/india-v-west-indies-2013-14/engine/match/676525.html |title= India vs. West Indies, Eden Gardens, Kolkata, ३१ जनवरी २०१७ |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20161212171039/http://www.espncricinfo.com/india-v-west-indies-2013-14/engine/match/676525.html |archive-date= 12 दिसंबर 2016 |url-status= live }}</ref>
|}
====मैन ऑफ़ द सीरीज़====
{| class="wikitable" style="width:95%; margin-left:10px"
|-
! style="background:cyan; color:black;"|क्रम सं॰
! style="background:cyan; color:black;"|श्रृंखला
! style="background:cyan; color:black;"|संस्करण
! style="background:cyan; color:black;"|मैच में प्रदर्शन
! style="background:cyan; color:black;"|परिणाम
|- style="background:white;"
| 1
| [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2013-14|वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा]] टेस्ट श्रृंखला
| 2013/14
| 288 रन औसत से 288.00 ; 2 शतक.
| {{cr|IND}} ने 2–0 से श्रृंखला जीती<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/676519.html |title= West Indies in India Test Series, 2013 |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20161210173017/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/676519.html |archive-date= 10 दिसंबर 2016 |url-status= live }}</ref>
|}
===वनडे क्रिकेट===
====मैन ऑफ़ द मैच====
{| class="wikitable" style="width:100%; margin-left:10px"
|-
! style="background:cyan; color:black;" |क्रम सं॰
! style="background:cyan; color:black;" |बनाम
! style="background:cyan; color:black;" |जगह
! style="background:cyan; color:black;" |दिनांक
! style="background:cyan; color:black;" |मैच में प्रदर्शन
! style="background:cyan; color:black;" |परिणाम
|- style="background:White;"
| 1
| {{cr|SRI}}
| [[क्वींस स्पोर्ट्स क्लब]], [[बुलावायो]]
| 30 मई 2010
| 101* (100 गेंदे: 6x4, 2x6); 1 रन आउट;
| {{cr|IND}} की 7 विकेट से जीते<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/452147.html |title= Zimbabwe Triangular Series, 2010 – 2nd match |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170617120457/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/452147.html |archive-date= 17 जून 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 2
| {{cr|WIN}}
| [[क्वींस पार्क ओवल]], [[पोर्ट ऑफ स्पेन]]
| 6 जून 2011
| 68* (75 गेंदे: 3x4, 1x6); 1 कैच
| {{cr|IND}} की 4 विकेट से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/489221.html |title= India in West Indies ODI Series, 2011 – 1st ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170611182501/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/489221.html |archive-date= 11 जून 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 3
| {{cr|WIN}}
| [[बाराबती स्टेडियम]], [[कटक]]
| 29 नवम्बर 2011
| 72 (99 गेंदे: 3x4, 1x6); 2–0–8–0
| {{cr|IND}} की 1 विकेट से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/536929.html |title= West Indies in India ODI Series, 2011 – 1st ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170711165938/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/536929.html |archive-date= 11 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 4
| {{cr|AUS}}
| [[सवाई मान सिंह स्टेडियम|सवाई मानसिंह स्टेडियम]], [[जयपुर]]
| 16 अक्तूबर 2013
| 141* (123 गेंदे: 17x4, 4x6)
| {{cr|IND}} की 9 विकेट से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/647251.html |title= Australia in India ODI Series, 2013 – 2nd ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20140107123245/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/647251.html |archive-date= 7 जनवरी 2014 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 5
| {{cr|AUS}}
| [[एम चिन्नास्वामी स्टेडियम]], [[बंगलौर|बैंगलोर]]
| 2 नवम्बर 2013
| 209 (158 गेंदे: 12x4, 16x6)
| {{cr|IND}} की 57 रनों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/647261.html |title= Australia in India ODI Series – 7th ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170716222203/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/647261.html |archive-date= 16 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 6
| {{cr|SRI}}
| [[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन्स]], [[कोलकाता]]
| 13 नवम्बर 2014
| 264 (173 गेंदे: 33x4, 9x6)
| {{cr|IND}} की 153 रनों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/792295.html |title= Sri Lanka in India ODI Series, 2014 – 4th ODI |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170719172052/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/792295.html |archive-date= 19 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 7
| {{cr|BAN}}
| [[मेलबॉर्न क्रिकेट ग्राउंड]], [[मेलबॉर्न]]
| 19 मार्च 2015
| 137 (126 गेंदे: 14x4, 3x6)
| {{cr|IND}} की 109 रनों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/656485.html |title= ICC Cricket World Cup, 2015 – 2nd quarter final |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170711173530/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/656485.html |archive-date= 11 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 8
| {{cr|AUS}}
| [[द गाबा]], [[ब्रिस्बेन]]
| 15 जनवरी 2016
| 124 (127 गेंदे: 11x4, 3x6)
| {{cr|IND}} की 7 विकेटों से हार<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/engine/match/895809.html |title= India tour of Australia, 2nd ODI: Australia v India at Brisbane, Jan 15, 2016 |access-date= 31 जनवरी 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20161122040726/http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/engine/match/895809.html |archive-date= 22 नवंबर 2016 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 9
| {{cr|BAN}}
| [[एजबेस्टन क्रिकेट मैदान]], [[बर्मिंघम]]
| 15 जून 2017
| 123* (129 गेंदें: 15x4, 1x6)
| {{cr|IND}} की 9 विकेटों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/icc-champions-trophy-2017/engine/match/1022373.html |title= ICC Champions Trophy, 2nd Semi-final: Bangladesh v India at Birmingham, Jun 15, 2017 |access-date= 15 दिसंबर 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20170720090123/http://www.espncricinfo.com/icc-champions-trophy-2017/engine/match/1022373.html |archive-date= 20 जुलाई 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 10
| {{cr|AUS}}
| [[विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम]], [[नागपुर]]
| 1 अक्टूबर 2017
| 125 (109 गेंदें: 11x4, 5x6)
| {{cr|IND}} की 7 विकेटों से जीत<ref>{{cite web |url= http://www.espncricinfo.com/series/17974/scorecard/1119500/india-vs-australia-5th-odi-aus-in-ind-2017-18/ |title= 5th ODI (D/N), Australia tour of India at Nagpur, Oct 1 2017 |access-date= 15 दिसंबर 2017 |archive-url= https://web.archive.org/web/20171212135707/http://www.espncricinfo.com/series/17974/scorecard/1119500/India-vs-Australia-5th-ODI-aus-in-ind-2017-18/ |archive-date= 12 दिसंबर 2017 |url-status= live }}</ref>
|- style="background:white;"
| 11
| {{cr|NZ}}
| [[ग्रीन पार्क स्टेडियम|ग्रीन पार्क]], [[कानपुर]]
| 29 अक्टूबर 2017
| 147 (138 गेंदें: 18x4, 2x6)
| {{cr|IND}} की 6 रनों से जीत<ref>{{citeweb|url=http://www.espncricinfo.com/series/18029/game/1120092/India-vs-New-Zealand-3rd-ODI-nz-in-ind-2017-18-2017-18|title=3rd ODI (D/N), New Zealand tour of India at Kanpur, Oct 29 2017|publisher=ESPNcricinfo|accessdate=29 October 2017}}</ref>
|- style="background:white;"
| 12
| {{cr|SRI}}
| [[पीसीए स्टेडियम]], [[अजीतगढ़|मोहाली]]
| 13 दिसम्बर 2017
| 208* (153 गेंदें: 13x4, 12x6) ; 1 कैच
| {{cr|IND}} की 141 रनों से जीत<ref>{{citeweb|url=http://www.espncricinfo.com/series/18074/scorecard/1122727/india-vs-sri-lanka-2nd-odi-sl-in-india-2017-18|title=2nd ODI (D/N), Sri Lanka tour of India at Chandigarh, Dec 13 2017 |publisher=ESPNcricinfo|accessdate=13 December 2017}}</ref>
|- style="background:white;"
| 13
| {{cr|RSA}}
| [[सेंट जॉर्ज पार्क]], [[पोर्ट एलिज़ाबेथ]]
| 13 जनवरी 2018
| 115 (126 गेंदें: 11x4, 4x6) ;
| {{cr|IND}} की 73 रनों से जीत<ref>{{citeweb|url=http://dilsedeshi.com/biography/rohit-sharma-wife-family-biography-in-hindi/|title=Rohit sharma, Wife, Family, Biography in hindi |publisher=dilsedeshi|accessdate=14 jan 2018}}</ref>
|}
====प्लेयर ऑफ़ द सीरीज पुरस्कार====
{| class="wikitable"
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">#
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">श्रृंखला
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">संस्करण
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">मैच में प्रदर्शन
! style="text-align: middle; background: cyan;"|<span style="color:black;">परिणाम
<!--! style="text-align: left; background: #C0C0C0;"|<span style="color:black;">तथ्य -->
|- style="background:white;"
| 1
| [[भारतीय क्रिकेट टीम का वेस्टइंडीज दौरा 2011|भारत का वेस्टइंडीज दौरा]]
| 2010/11
| 257 रन औसत के साथ 128.50 ; 3 अर्द्धशतक. (5 मैचों में)
| {{cr|IND}} ने 3–2 से सीरीज जीती<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/223016.html|title=India in West Indies ODI Series, 2010/11|work=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170212012921/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/223016.html|archive-date=12 फ़रवरी 2017|url-status=live}}</ref>
|- style="background:white;"
| 2
| [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2011-12|वेस्टइंडीज का भारत दौरा]]
| 2011/12
| 305 रन औसत के साथ 76.25 ; 3 अर्द्धशतक (5 मैचों में)
| {{cr|IND}} ने 4–1 से सीरीज जीती<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/282686.html|title=West Indies in India ODI Series, 2011/12|work=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20161126002304/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/282686.html|archive-date=26 नवंबर 2016|url-status=live}}</ref>
|- style="background:white;"
| 3
| [[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2013-14|ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा]]
| 2013/14
| 491 रन औसत के साथ 122.75 ; 1 दोहरा शतक, 2 शतक और एक अर्द्धशतक (5 मैचों में)
| {{cr|IND}} ने 3–2 से सीरीज जीती <ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/647245.html|title=Australia in India ODI Series, 2013/14|work=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170131163037/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/647245.html|archive-date=31 जनवरी 2017|url-status=live}}</ref>
|- style="background:white;"
| 4
| [[भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2015-16|भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा]]
| 2015/16
| 441 रन औसत के साथ 110.25 ; 2 शतक और 1 अर्द्धशतक. (5 मैचों में)
| {{cr|AUS}} ने 4–1 से सीरीज जीती<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/engine/series/895803.html|title=India in Australia ODI Series, 2015/16|work=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20161205122438/http://www.espncricinfo.com/australia-v-india-2015-16/engine/series/895803.html|archive-date=5 दिसंबर 2016|url-status=live}}</ref>
|}
===टी२० क्रिकेट===
====मैन ऑफ़ द पुरस्कार====
{| class="wikitable"
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">#
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">श्रृंखला
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">दिनांक
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">बनाम
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">मैच में प्रदर्शन
! style="text-align: middle; background:cyan;"|<span style="color:black;">परिणाम
<!--! style="text-align: left; background: #C0C0C0;"|<span style="color:black;">तथ्य -->
|- bgcolor="white"
| 1
| [[२००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०]]
| 20 सितम्बर 2007
| {{cr|RSA}}
| 50[[नाबाद|*]] (40 गेंदे: 7x4, 2x6); 1 रन आउट.
| {{cr|IND}} की 37 रनों से जीत<ref name="ESPN Cricinfo - 20 September 2007 - ICC World Twenty20 - 24th match, Group E, 2007 – South Africa v India">{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/287876.html|title=ICC World Twenty20 – 24th match, Group E, 2007 – South Africa v India Scorecard|date=25 February 2008|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170529150523/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/287876.html|archive-date=29 मई 2017|url-status=live}}</ref>
|- bgcolor="white"
| 2
| [[भारतीय क्रिकेट टीम का दक्षिण अफ्रीका दौरा 2010-11|भारत का दक्षिण अफ्रीका दौरा]]
| 9 जनवरी 2011
| {{cr|RSA}}
| 53 (34 गेंदे: 5x4, 2x6); 1 कैच
| {{cr|IND}} की 21 रनों से जीत<ref name="ESPN Cricinfo - 9 January 2011 - India in South Africa T20I Match, 2010/11 – South Africa v India">{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/463149.html|title=India in South Africa T20I Match, 2010/11 – South Africa v India Scorecard|date=27 February 2011|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170618162640/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/463149.html|archive-date=18 जून 2017|url-status=live}}</ref>
|- bgcolor="white"
| 3
| [[2016 एशिया कप]]
| 23 फ़रवरी 2016
| {{cr|BAN}}
| 83 (55 गेंदे: 7x4, 3x6); 1 कैच, 1 रन आउट
| {{cr|IND}} की 45 रनों से जीत<ref name="ESPN Cricinfo - 23 February 2016 - Asia Cup, 2016 - 1st Match – Bangladesh v India">{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/463149.html|title=Asia Cup, 2016 - 1st Match – Bangladesh v India Scorecard|date=23 February 2016|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170618162640/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/463149.html|archive-date=18 जून 2017|url-status=live}}</ref>
|- bgcolor="white"
| 4
| [[2016 एशिया कप]]
| 3 मार्च 2016
| {{cr|UAE}}
| 39 (28 गेंदे: 7x4, 1x6)
| {{cr|IND}} की 9 विकेटों से जीत<ref name="ESPN Cricinfo - 3 March 2016 - Asia Cup, 2016 - 9th Match – India v UAE">{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/966761.html|title=Asia Cup, 2016 - 9th Match – India v UAE Scorecard|date=3 March 2016|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=३१ जनवरी २०१७|archive-url=https://web.archive.org/web/20170701035326/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/966761.html|archive-date=1 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|- bgcolor="white"
| 5
| [[श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2017|श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2017]]
| 22 दिसम्बर 2017
| {{cr|SRI}}
| 118 (43 गेंदें: 12x4, 10x6)
| {{cr|IND}} की 88 रनों से जीत<ref>{{cite news|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/966761.html|title=2nd T20I (N), Sri Lanka tour of India at Indore, Dec 22 2017|date=22 दिसम्बर 2017|publisher=[[ईएसपीएन]]|accessdate=23 दिसम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170701035326/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/966761.html|archive-date=1 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|}
===अन्य पुरस्कार===
* २०१५ में रोहित शर्मा को [[अर्जुन पुरस्कार]] से नवाजा गया जो हर साल [[भारत सरकार]] द्वारा भारत के किसी राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वालों को दिया जाता है।<ref>[http://www.firstpost.com/sports/sania-mirza-selected-for-khel-ratna-rohit-sharma-for-arjuna-award-2388000.html Sania Mirza selected for Khel Ratna, Rohit Sharma for Arjuna award] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161110023214/http://www.firstpost.com/sports/sania-mirza-selected-for-khel-ratna-rohit-sharma-for-arjuna-award-2388000.html |date=10 नवंबर 2016 }} - ''First Post'' अभिगमन तिथि :३१ जनवरी २०१७</ref>
* वनडे में २ दोहरे शतक लगाने के कारण इनको [[२०१३]] और [[२०१४]] में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज के लिए [[ईएसपीएन]] ने पुरस्कार दिए।<ref>[http://www.business-standard.com/article/pti-stories/rohit-sharma-completes-hattrick-at-espn-cricinfo-awards-116031400263_1.html Rohit Sharma completes hattrick at ESPN Cricinfo Awards] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160730064935/http://www.business-standard.com/article/pti-stories/rohit-sharma-completes-hattrick-at-espn-cricinfo-awards-116031400263_1.html |date=30 जुलाई 2016 }} - ''Business Standard'' ३१ जनवरी २०१७</ref>
* [[दक्षिण अफ्रीका]] के खिलाफ टी२० में शतक के लिए [[२०१५]] में [[ईएसपीएन]] ने टी२० का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए पुरस्कार दिया।<ref>[http://www.espncricinfo.com/awards2015/content/story/977097.html Williamson, Broad, Southee, de Villiers win ESPNcricinfo Awards] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170209082426/http://www.espncricinfo.com/awards2015/content/story/977097.html |date=9 फ़रवरी 2017 }} - ''ESPNCricinfo'' ३१ जनवरी २०१७</ref>
*२०१९ में सिएट टायर पुरस्कार सम्मेलन में वनडे क्रिकेट प्लेयर ऑफ द ईयर।
*२०२० में देश के सर्वोच्च पुरस्कार राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।<ref>{{cite news |title=Rohit Sharma receives Khel Ratna Award, India's highest sporting honour |url=https://www.espncricinfo.com/story/rohit-sharma-receives-khel-ratna-award-india-s-highest-sporting-honour-1229810 |accessdate=24 फरवरी 2022 |work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |language=en}}</ref>
==बाहरी कड़ियाँ==
{{commons category|Rohit Sharma|रोहित शर्मा}}
* [https://www.meraguide.in/2023/04/Cricketer-Rohit%20Sharma-Biography-Networth-Salary-Age-Family-Teams.html रोहित शर्मा की नेटवर्थ और अन्य जानकारियां] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230616170252/https://www.meraguide.in/2023/04/Cricketer-Rohit%20Sharma-Biography-Networth-Salary-Age-Family-Teams.html |date=16 जून 2023 }}
* {{Cricinfo|ref=india/content/player/34102.html}}
* [https://web.archive.org/web/20170202080551/http://www.wisdenindia.com/player/India/Rohit-Sharma/3275.html रोहित शर्मा] की विस्डन पर प्रोफ़ाइल
* {{Cricketarchive|ref=Archive/Players/74/74266/74266.html}}
{{प्रमुख भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी}}
{{India Cricket Team}}
{{२०१५ क्रिकेट विश्व कप में भारतीय खिलाड़ी}}
{{मुम्बई इंडियन्स के खिलाड़ी}}
[[श्रेणी:क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:1987 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:बल्लेबाज]]
[[श्रेणी:नागपुर के लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय बल्लेबाज़]]
[[श्रेणी:भारतीय ट्वेन्टी २० क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:अर्जुन पुरस्कार के प्राप्तकर्ता]]
nui5j1f7ip904rdkfj6pgp3gh1z8uej
साहित्य अकादमी पुरस्कार हिन्दी
0
44849
6534148
6484899
2026-03-29T06:37:52Z
Sureshchauhansir
917531
6534148
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox award
| name = [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] ([[हिन्दी|हिन्दी भाषा]])
| image = Sahitya Akademi Award - Surjit Patar.JPG
| country = भारत
| presenter = [[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]]
| year = 1955
| year2 = 2023
}}
'''[[साहित्य अकादमी पुरस्कार]]''', सन् 1955 से प्रत्येक वर्ष भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कृतियों को दिया जाता है, जिसमें एक ताम्रपत्र के साथ नकद राशि दी जाती है। नकद राशि इस समय एक लाख रुपये हैं। साहित्य अकादमी द्वारा अनुवाद पुरस्कार, बाल साहित्य पुरस्कार एवं युवा लेखन पुरस्कार भी प्रतिवर्ष विभिन्न भारतीय भाषाओं में दिए जाते हैं, इन तीनों पुरस्कारों के अंतर्गत सम्मान राशि पचास हजार नियत है। वर्ष 2023 के लिए संजीव को मुझे पहचानो (उपन्यास) के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2024 ko Gagan Gil ko unki Kriti jab Tak Main Bahar ayi ke liye sammanit Kiya Gaya
== साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता ==
हिन्दी में दिए गए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की सूची<ref>{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi.jsp#HINDI |title=Sahitya Akademi Awards 1955-2016 |date=१ अगस्त २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=१ अगस्त २०१७ |trans-title=साहित्य अकादमी पुरस्कार (१९५५-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304084937/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi.jsp#HINDI |archive-date=4 मार्च 2016 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|+ '''साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हिंदी पुस्तकें'''
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली
|-
| [[1955]] || [[माखन लाल चतुर्वेदी]] || [[हिमतरंगिनी]] || [[काव्य]]
|-
| [[1956]] || [[वासुदेव शरण अग्रवाल]] || [[पद्मावत संजीवनी व्याख्या]] || [[व्याख्या]]
|-
| [[1957]] || [[आचार्य नरेन्द्र देव]] † || [[बौद्ध धर्म दर्शन]] || [[दर्शन]]
|-
| [[1958]] || [[राहुल सांकृत्यायन]] || [[मध्य एशिया का इतिहास]] || [[इतिहास]]
|-
| [[1959]] || [[रामधारी सिंह 'दिनकर']] || [[संस्कृति के चार अध्याय]] || [[भारतीय संस्कृति]]
|-
| [[1960]] || [[सुमित्रानंदन पंत]] || [[कला और बूढ़ा चाँद]] || [[काव्य]]
|-
| [[1961]] || [[भगवतीचरण वर्मा]] || [[भूले बिसरे चित्र]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1962]] || पुरस्कार वितरण नही || ||
|-
| [[1963]] || [[अमृत राय]] || [[प्रेमचंद: कलम का सिपाही]] || [[जीवनी]]
|-
| [[1964]] || [[सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय']] || [[आँगन के पार द्वार]] || [[काव्य]]
|-
| [[1965]] || [[डॉ॰ नगेन्द्र]] || [[रस सिद्धांत (विवेचना)]] || [[विवेचना]]
|-
| [[1966]] || [[जैनेन्द्र कुमार]] || [[मुक्तिबोध (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1967]] || [[अमृतलाल नागर]] || [[अमृत और विष]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1968]] || [[हरिवंशराय बच्चन]] || [[दो चट्टाने]] || [[काव्य]]
|-
| [[1969]] || [[श्रीलाल शुक्ल]] || [[राग दरबारी]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1970]] || [[राम विलास शर्मा]] || [[निराला की साहित्य साधना]] || [[जीवनी]]
|-
| [[1971]] || [[नामवर सिंह]] || [[कविता के नये प्रतिमान]] || [[साहित्यिक आलोचना]]
|-
| [[1972]] || [[भवानीप्रसाद मिश्र]] || [[बुनी हुई रस्सी]] || [[काव्य]]
|-
| [[1973]] || [[हजारी प्रसाद द्विवेदी]] || [[आलोक पर्व]] || [[निबंध]]
|-
| [[1974]] || [[शिवमंगल सिंह सुमन]] || [[मिट्टी की बारात]] || [[काव्य]]
|-
| [[1975]] || [[भीष्म साहनी]] || [[तमस (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1976]] || [[यशपाल]] || [[मेरी तेरी उसकी बात]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1977]] || [[शमशेर बहादुर सिंह]] || [[चुका भी हूँ मैं नहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1978]] || [[भारतभूषण अग्रवाल]] || [[उतना वह सूरज है]] || [[काव्य]]
|-
| [[1979]] || [[सुदामा पांडेय 'धूमिल']] † || [[कल सुनना मुझे]] || [[काव्य]]
|-
| [[1980]] || [[कृष्णा सोबती]] || [[ज़िन्दगीनामा - ज़िन्दा रुख़]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1981]] || [[त्रिलोचन]] || [[ताप के ताये हुए दिन]] || [[काव्य]]
|-
| [[1982]] || [[हरिशंकर परसाईं]] || [[विकलांग श्रद्धा का दौर]] || [[व्यंग]]
|-
| [[1983]] || [[सर्वेश्वरदयाल सक्सेना]] † || [[खूँटियों पर टँगे लोग]] || [[काव्य]]
|-
| [[1984]] || [[रघुवीर सहाय]] || [[लोग भूल गये हैं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1985]] || [[निर्मल वर्मा]] || [[कव्वे और काला पानी]] || [[कहानी संग्रह]]
|-
| [[1986]] || [[केदारनाथ अग्रवाल]] || [[अपूर्वा]] || [[काव्य]]
|-
| [[1987]] || [[श्रीकांत वर्मा]] || [[मगध (काव्य)]] || [[काव्य]]
|-
| [[1988]] || [[नरेश मेहता]] || [[अरण्या]] || [[काव्य]]
|-
| [[1989]] || [[केदारनाथ सिंह]] || [[अकाल में सारस]] || [[काव्य]]
|-
| [[1990]] || [[शिव प्रसाद सिंह]] || [[नीला चाँद]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1991]] || [[गिरिजाकुमार माथुर]] || [[मैं वक्त के हूँ सामने]] || [[काव्य]]
|-
| [[1992]] || [[गिरिराज किशोर]] || [[ढाई घर]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1993]] || [[विष्णु प्रभाकर]] || [[अर्द्धनारीश्वर (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1994]] || [[अशोक वाजपेयी]] || [[कहीं नहीं वहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1995]] || [[कुंवर नारायण]] || [[कोई दूसरा नहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1996]] || [[सुरेन्द्र वर्मा]] || [[मुझे चाँद चाहिये]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1997]] || [[लीलाधर जगूड़ी]] || [[अनुभव के आकाश में चांद]] || [[काव्य]]
|-
| [[1998]] || [[अरुण कमल]] || [[नये इलाके में]] || [[काव्य]]
|-
| [[1999]] || [[विनोद कुमार शुक्ल]] || [[दीवार में एक खिड़की रहती थी]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2000]] || [[मंगलेश डबराल]] || [[हम जो देखते हैं]] || [[काव्य]]
|-
| [[2001]] || [[अलका सरावगी]] || [[कलिकथा वाया बाईपास]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2002]] || [[राजेश जोशी]] || [[दो पंक्तियों के बीच]] || [[काव्य]]
|-
| [[2003]] || [[कमलेश्वर]] || [[कितने पाकिस्तान]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2004]] || [[वीरेन डंगवाल]] || [[दुष्चक्र में सृष्टा]] || [[काव्य]]
|-
| [[2005]] || [[मनोहर श्याम जोशी]] || [[क्याप]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2006]] || [[ज्ञानेन्द्रपति]] || [[संशयात्मा]] || [[काव्य]]
|-
| [[2007]] || [[अमरकांत]] || [[इन्हीं हथियारों से]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2008]] || [[गोविन्द मिश्र]] || [[कोहरे में कैद रंग]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2009]] || [[कैलाश वाजपेयी]] || [[हवा में हस्ताक्षर]] || [[काव्य]]
|-
| [[2010]] || [[उदय प्रकाश]] || [[मोहन दास (कहानी)]] || [[कहानी]]
|-
| [[2011]] || [[काशीनाथ सिंह]] || [[रेहन पर रग्घू]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2012]] || [[चंद्रकांत देवताले]] || [[पत्थर फेंक रहा हूँ]] || [[काव्य]]
|-
| [[2013]] || [[मृदुला गर्ग]] || [[मिलजुल मन]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2014]] || [[रमेशचन्द्र शाह]] || [[विनायक (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2015]] || [[रामदरश मिश्र]] || [[आग की हँसी]] || [[काव्य]]
|-
| [[2016]] || [[नासिरा शर्मा]] || [[पारिजात (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2017]] || [[रमेश कुंतल मेघ]] || [[विश्व पाठक सरित सागर]] || [[साहित्यिक समालोचना]]
|-
| [[2018]] || [[चित्रा मुद्गल]] || [[पोस्ट बॉक्स न. २०३ नाला सोपारा]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2019]] || [[नंदकिशोर आचार्य]] || [[छीलते हुए अपने को]] || [[कविता]]
|-
| [[2020]] || [[अनामिका]] || [[टोकरी में दिगंत]] || [[कविता]]
|-
| [[2021]] || [[दया प्रकाश सिंहा]] || [[सम्राट अशोक (नाटक)]] || [[नाटक]]
|-
| [[2022]] || [[बद्रीनारायण]] || [[तुमड़ी के शब्द]] || [[कविता संग्रह]]
|-
| [[2023]] || [[संजीव कुमार (लेखक)]] || [[मुझे पहचानो]] || [[उपन्यास]]
| [[2024]] || [[गगन गिल ]] || [[मैं जब तक आई बहार]] || [[कविता]]
|-
| [[2025]] || [[ममता कालिया ]] || [[जीते जी इलाहाबाद ]] || [[संस्मरण]]
|}
== अनुवाद पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने १९८९ से अनुवाद के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="sat">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/anuvad_samman_suchi.jsp#HINDI |title=Akademi Translation Awards (1989-2016) |date=१९ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२४ जुलाई २०१७ |trans-title=अकादमी अनुवाद पुरस्कार (१९८९-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20170623180903/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/anuvad_samman_suchi.jsp#HINDI |archive-date=23 जून 2017 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली !! मूल लेखक !! मूल कृति !! मूल भाषा
|-
| १९८९ || नूर नबी अब्बासी || ''मालाबार से मास्को तक'' || आत्मकथा || [[कुमार पद्म शिव शंकर मेनन]] || ''मेनी वर्ल्डस'' || अंग्रेज़ी
|-
| १९९० || मोरेश्वर तपस्वी || ''ययाती'' || उपन्यास || [[विष्णु सखाराम खांडेकर|वी. एस. खांडेकर]] || ''ययाती'' || मराठी
|-
| १९९१ || भीमसेन निर्मल || ''विश्वम्भरा'' || महाकाव्य || [[सी॰ नारायण रेड्डी]] || ''विश्वम्भरा'' || तेलुगू
|-
| १९९२ || कांति देब || ''मृत्युंजय'' || उपन्यास || निरंजना || ''मृत्युंजय'' || कन्नड़
|-
| १९९३ || नंदिनी डी॰ मेहता || ''देवरोंसे पार आकाश'' || उपन्यास || [[कुंदनिका कपाड़िया|कुंदनिका कापडीआ]] || ''सात पगलान आकाशमान'' || गुजराती
|-
| १९९४ || बी आर नारायण || ''क्षितिज'' || उपन्यास || शांतिनाथ देसाई || ''क्षितिज'' || कन्नड़
|-
| १९९५ || सुधांशु चतुर्वेदी || ''रस्सी'' || उपन्यास || [[तकजि शिवशंकर पिल्लै|तकाजी शिवशंकरा पिल्लै]] || ''केयर'' || मलयालम
|-
| १९९६ || एन ई विश्वनाथ अय्यर || ''दवा'' || उपन्यास || पनाथिल कुंहाब्दुल्ला || ''मरुन्नू'' || मलयालम
|-
| १९९७ || जे एल रेड्डी || ''मिट्टी का आदमी'' || उपन्यास || वासीरेड्डी सीतादेवी || ''मट्टी मनीशी'' || तेलुगू
|-
| १९९८ || राजेंद्र प्रसाद मिश्रा || ''वर्षा की सुबाह'' || कविता || सताकांत महापात्र || ''वर्षा सकल'' || ओड़िया
|-
| १९९९ || प्रयाग शुक्ला || ''बंकिमचंद्र प्रतीनिधी निबंध'' || निबंध || [[बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय|बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय]] || ''कलेक्शन औफ एसेज बाय बंकिम चंद्र'' || बंगाली
|-
| २००० || रति सक्सेना || ''अयाप्पा पाणिकर की कविताएं'' || कविता || के अयाप्पा पाणिकर|| ''अयाप्पा पाणिकरुदे क्रितीकल'' || मलयालम
|-
| २००१ || चमन लाल || ''समया ओ भाई समया'' || कविता || [[पाश (पंजाबी कवि)|पाश]] || ''कलेक्शन'' || पंजाबी
|-
| २००२ || कृष्णमोहन || ''कामयोगी'' || उपन्यास || सुधीर ककर || ''द ऐसेटिक ऑफ डिज़ायर'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००३ || देवेश || ''संरचनावाद, उत्तर-संरचनावाद एवं प्राच्य काव्यशास्त्र'' || साहित्यिक आलोचना || गोपी चंद नारंग || ''सखतियाट, पास-ससखतियाट और मशरिकी शेरियत'' || उर्दू
|-
| २००४ || रामशंकर द्विवेदी || ''झांसी की रानी'' || उपन्यास || [[महाश्वेता देवी]] || ''झांसीर रानी'' || बंगाली
|-
| २००५ || निर्मला जैन || ''सच, प्यार और थाडी सी शारारत'' || आत्मकथा || [[खुशवन्त सिंह|खुशवंत सिंह]] || ''ट्रुथ, लव औन्ड लिटिल मलिस'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००६ || वाई॰ बालशोहरी रेड्डी || ''कालतीत व्यक्ति'' || उपन्यास || श्रीदेवी || ''कालतीत व्यक्तुलू'' || तेलुगू
|-
| २००७ || बच्चन सिंह || ''महाभारत की कथा'' || आलोचना || बुद्धदेव बोस || ''महाभारतेर कथा'' || बंगाली
|-
| २००८ || [[नीलाभ अश्क]] || ''ममूली चीजों का देवता'' || उपन्यास || [[अरुंधति राय|अरुंधती राय]] || ''द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००९ || भालचंद्र जयशेट्टी || ''काव्यार्थ चिंतन'' || कविता || जी एस शिवारुद्रप्पा || ''काव्यार्थ चिंतन'' || कन्नड़
|-
| २०१० || शंकर लाल पुरोहित || ''परजा'' || उपन्यास || [[गोपीनाथ मोहंती]] || ''परजा'' || ओड़िया
|-
| २०११ || एस॰ शेषरत्नम || ''गीफ्ट पैकेट'' || उपन्यास || जयंती पापाराव || ''वेदुकुतु, वेंतदुतु, वेतादुतु'' || तेलुगू
|-
| २०१२ || रामजी तिवारी || ''संभाजी'' || उपन्यास || विश्वास पाटिल || ''संभाजी'' || मराठी
|-
| २०१३ || बुद्धदेब चटर्जी || ''अहीरन'' || उपन्यास || [[इंदिरा रायसम गोस्वामी|इंदिरा गोस्वामी]] || ''अहीरन'' || असमिया
|-
| २०१४ || फूलचन्द मानव || ''अन्नदाता'' || उपन्यास || [[बलदेव सिंह]] || ''अन्नदाता'' || पंजाबी
|-
| २०१५ || दामोदर खडसे || ''बारोमास'' || उपन्यास || सदानंद देशमुख || ''बारोमास'' || मराठी
|-
| २०१६ || पी॰ जयरामन || ''सन्त वाणी'' (खन्ड ३ और ४) || कविता || अलवर संत || ''संत वाणी - नलयीरा दिव्या प्रबन्धम'' || तामिल
|-
|}
== बाल साहित्य पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने २०१० से बाल साहित्य के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="satb">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/bal%20sahitya%20samman_suchi.jsp |title=Bal Sahitya Puraskar (2010-2016) |date=१९ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२५ जुलाई २०१७ |trans-title=बाल साहित्य पुरस्कार (२०१०-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20150630000355/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/bal%20sahitya%20samman_suchi.jsp |archive-date=30 जून 2015 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली
|-
| २०१० || प्रकाश मनु || ''एक था ठुनठुनिया'' || उपन्यास
|-
| २०११ || [[हरिकृष्ण देवसरे]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१२ || [[बाल शौरि रेड्डी]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१३ || रमेश तियलंग || ''मेरे प्रिया बालगीत'' || कविता
|-
| २०१४ || दिनेश चामोला 'शैलेश' || ''गाए गीत ज्ञान-विज्ञान के'' || कविता
|-
| २०१५ || [[शेरजंग गर्ग]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१६ || द्रोण वीर कोहली <sup>†</sup> || ''माताकी माताका मटकैना'' || उपन्यास
|-
| २०१७ || श्री स्वयमप्रकाश || ''प्यारे भाई रामसाहाय'' || लघु कथाएँ
|-
|}
:* <sup>†</sup> - मरणोपरांत सम्मानित किया गया
== युवा पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने २०११ से युवा लेखकों के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="saty">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_samman_suchi.jsp |title=Yuva Puraskar (2011-2017) |date=२६ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२६ जुलाई २०१७ |trans-title=युवा पुरस्कार (२०११-२०१७) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805114428/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_samman_suchi.jsp |archive-date=5 अगस्त 2016 |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{साहित्य अकादमी पुरस्कार}}
[[श्रेणी:साहित्य अकादमी पुरस्कार]]
[[श्रेणी:हिन्दी साहित्य]]
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/* साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता */
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{{Infobox award
| name = [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] ([[हिन्दी|हिन्दी भाषा]])
| image = Sahitya Akademi Award - Surjit Patar.JPG
| country = भारत
| presenter = [[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]]
| year = 1955
| year2 = 2023
}}
'''[[साहित्य अकादमी पुरस्कार]]''', सन् 1955 से प्रत्येक वर्ष भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कृतियों को दिया जाता है, जिसमें एक ताम्रपत्र के साथ नकद राशि दी जाती है। नकद राशि इस समय एक लाख रुपये हैं। साहित्य अकादमी द्वारा अनुवाद पुरस्कार, बाल साहित्य पुरस्कार एवं युवा लेखन पुरस्कार भी प्रतिवर्ष विभिन्न भारतीय भाषाओं में दिए जाते हैं, इन तीनों पुरस्कारों के अंतर्गत सम्मान राशि पचास हजार नियत है। वर्ष 2023 के लिए संजीव को मुझे पहचानो (उपन्यास) के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2024 ko Gagan Gil ko unki Kriti jab Tak Main Bahar ayi ke liye sammanit Kiya Gaya
== साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता ==
हिन्दी में दिए गए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की सूची<ref>{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi.jsp#HINDI |title=Sahitya Akademi Awards 1955-2016 |date=१ अगस्त २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=१ अगस्त २०१७ |trans-title=साहित्य अकादमी पुरस्कार (१९५५-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304084937/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi.jsp#HINDI |archive-date=4 मार्च 2016 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|+ '''साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हिंदी पुस्तकें'''
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली
|-
| [[1955]] || [[माखन लाल चतुर्वेदी]] || [[हिमतरंगिनी]] || [[काव्य]]
|-
| [[1956]] || [[वासुदेव शरण अग्रवाल]] || [[पद्मावत संजीवनी व्याख्या]] || [[व्याख्या]]
|-
| [[1957]] || [[आचार्य नरेन्द्र देव]] † || [[बौद्ध धर्म दर्शन]] || [[दर्शन]]
|-
| [[1958]] || [[राहुल सांकृत्यायन]] || [[मध्य एशिया का इतिहास]] || [[इतिहास]]
|-
| [[1959]] || [[रामधारी सिंह 'दिनकर']] || [[संस्कृति के चार अध्याय]] || [[भारतीय संस्कृति]]
|-
| [[1960]] || [[सुमित्रानंदन पंत]] || [[कला और बूढ़ा चाँद]] || [[काव्य]]
|-
| [[1961]] || [[भगवतीचरण वर्मा]] || [[भूले बिसरे चित्र]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1962]] || पुरस्कार वितरण नही || ||
|-
| [[1963]] || [[अमृत राय]] || [[प्रेमचंद: कलम का सिपाही]] || [[जीवनी]]
|-
| [[1964]] || [[सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय']] || [[आँगन के पार द्वार]] || [[काव्य]]
|-
| [[1965]] || [[डॉ॰ नगेन्द्र]] || [[रस सिद्धांत (विवेचना)]] || [[विवेचना]]
|-
| [[1966]] || [[जैनेन्द्र कुमार]] || [[मुक्तिबोध (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1967]] || [[अमृतलाल नागर]] || [[अमृत और विष]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1968]] || [[हरिवंशराय बच्चन]] || [[दो चट्टाने]] || [[काव्य]]
|-
| [[1969]] || [[श्रीलाल शुक्ल]] || [[राग दरबारी]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1970]] || [[राम विलास शर्मा]] || [[निराला की साहित्य साधना]] || [[जीवनी]]
|-
| [[1971]] || [[नामवर सिंह]] || [[कविता के नये प्रतिमान]] || [[साहित्यिक आलोचना]]
|-
| [[1972]] || [[भवानीप्रसाद मिश्र]] || [[बुनी हुई रस्सी]] || [[काव्य]]
|-
| [[1973]] || [[हजारी प्रसाद द्विवेदी]] || [[आलोक पर्व]] || [[निबंध]]
|-
| [[1974]] || [[शिवमंगल सिंह सुमन]] || [[मिट्टी की बारात]] || [[काव्य]]
|-
| [[1975]] || [[भीष्म साहनी]] || [[तमस (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1976]] || [[यशपाल]] || [[मेरी तेरी उसकी बात]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1977]] || [[शमशेर बहादुर सिंह]] || [[चुका भी हूँ मैं नहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1978]] || [[भारतभूषण अग्रवाल]] || [[उतना वह सूरज है]] || [[काव्य]]
|-
| [[1979]] || [[सुदामा पांडेय 'धूमिल']] † || [[कल सुनना मुझे]] || [[काव्य]]
|-
| [[1980]] || [[कृष्णा सोबती]] || [[ज़िन्दगीनामा - ज़िन्दा रुख़]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1981]] || [[त्रिलोचन]] || [[ताप के ताये हुए दिन]] || [[काव्य]]
|-
| [[1982]] || [[हरिशंकर परसाईं]] || [[विकलांग श्रद्धा का दौर]] || [[व्यंग]]
|-
| [[1983]] || [[सर्वेश्वरदयाल सक्सेना]] † || [[खूँटियों पर टँगे लोग]] || [[काव्य]]
|-
| [[1984]] || [[रघुवीर सहाय]] || [[लोग भूल गये हैं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1985]] || [[निर्मल वर्मा]] || [[कव्वे और काला पानी]] || [[कहानी संग्रह]]
|-
| [[1986]] || [[केदारनाथ अग्रवाल]] || [[अपूर्वा]] || [[काव्य]]
|-
| [[1987]] || [[श्रीकांत वर्मा]] || [[मगध (काव्य)]] || [[काव्य]]
|-
| [[1988]] || [[नरेश मेहता]] || [[अरण्या]] || [[काव्य]]
|-
| [[1989]] || [[केदारनाथ सिंह]] || [[अकाल में सारस]] || [[काव्य]]
|-
| [[1990]] || [[शिव प्रसाद सिंह]] || [[नीला चाँद]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1991]] || [[गिरिजाकुमार माथुर]] || [[मैं वक्त के हूँ सामने]] || [[काव्य]]
|-
| [[1992]] || [[गिरिराज किशोर]] || [[ढाई घर]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1993]] || [[विष्णु प्रभाकर]] || [[अर्द्धनारीश्वर (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1994]] || [[अशोक वाजपेयी]] || [[कहीं नहीं वहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1995]] || [[कुंवर नारायण]] || [[कोई दूसरा नहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1996]] || [[सुरेन्द्र वर्मा]] || [[मुझे चाँद चाहिये]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1997]] || [[लीलाधर जगूड़ी]] || [[अनुभव के आकाश में चांद]] || [[काव्य]]
|-
| [[1998]] || [[अरुण कमल]] || [[नये इलाके में]] || [[काव्य]]
|-
| [[1999]] || [[विनोद कुमार शुक्ल]] || [[दीवार में एक खिड़की रहती थी]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2000]] || [[मंगलेश डबराल]] || [[हम जो देखते हैं]] || [[काव्य]]
|-
| [[2001]] || [[अलका सरावगी]] || [[कलिकथा वाया बाईपास]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2002]] || [[राजेश जोशी]] || [[दो पंक्तियों के बीच]] || [[काव्य]]
|-
| [[2003]] || [[कमलेश्वर]] || [[कितने पाकिस्तान]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2004]] || [[वीरेन डंगवाल]] || [[दुष्चक्र में सृष्टा]] || [[काव्य]]
|-
| [[2005]] || [[मनोहर श्याम जोशी]] || [[क्याप]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2006]] || [[ज्ञानेन्द्रपति]] || [[संशयात्मा]] || [[काव्य]]
|-
| [[2007]] || [[अमरकांत]] || [[इन्हीं हथियारों से]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2008]] || [[गोविन्द मिश्र]] || [[कोहरे में कैद रंग]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2009]] || [[कैलाश वाजपेयी]] || [[हवा में हस्ताक्षर]] || [[काव्य]]
|-
| [[2010]] || [[उदय प्रकाश]] || [[मोहन दास (कहानी)]] || [[कहानी]]
|-
| [[2011]] || [[काशीनाथ सिंह]] || [[रेहन पर रग्घू]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2012]] || [[चंद्रकांत देवताले]] || [[पत्थर फेंक रहा हूँ]] || [[काव्य]]
|-
| [[2013]] || [[मृदुला गर्ग]] || [[मिलजुल मन]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2014]] || [[रमेशचन्द्र शाह]] || [[विनायक (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2015]] || [[रामदरश मिश्र]] || [[आग की हँसी]] || [[काव्य]]
|-
| [[2016]] || [[नासिरा शर्मा]] || [[पारिजात (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2017]] || [[रमेश कुंतल मेघ]] || [[विश्व पाठक सरित सागर]] || [[साहित्यिक समालोचना]]
|-
| [[2018]] || [[चित्रा मुद्गल]] || [[पोस्ट बॉक्स न. २०३ नाला सोपारा]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2019]] || [[नंदकिशोर आचार्य]] || [[छीलते हुए अपने को]] || [[कविता]]
|-
| [[2020]] || [[अनामिका]] || [[टोकरी में दिगंत]] || [[कविता]]
|-
| [[2021]] || [[दया प्रकाश सिंहा]] || [[सम्राट अशोक (नाटक)]] || [[नाटक]]
|-
| [[2022]] || [[बद्रीनारायण]] || [[तुमड़ी के शब्द]] || [[कविता संग्रह]]
|-
| [[2023]] || [[संजीव कुमार (लेखक)]] || [[मुझे पहचानो]] || [[उपन्यास]]
| [[2024]] || [[गगन गिल ]] || [[मैं जब तक आई बहार]] || [[कविता]]
|-
| [[2025]] || [[ममता कालिया ]] || [[जीते जी इलाहाबाद ]] || [[संस्मरण]]
|}
== अनुवाद पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने १९८९ से अनुवाद के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="sat">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/anuvad_samman_suchi.jsp#HINDI |title=Akademi Translation Awards (1989-2016) |date=१९ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२४ जुलाई २०१७ |trans-title=अकादमी अनुवाद पुरस्कार (१९८९-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20170623180903/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/anuvad_samman_suchi.jsp#HINDI |archive-date=23 जून 2017 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली !! मूल लेखक !! मूल कृति !! मूल भाषा
|-
| १९८९ || नूर नबी अब्बासी || ''मालाबार से मास्को तक'' || आत्मकथा || [[कुमार पद्म शिव शंकर मेनन]] || ''मेनी वर्ल्डस'' || अंग्रेज़ी
|-
| १९९० || मोरेश्वर तपस्वी || ''ययाती'' || उपन्यास || [[विष्णु सखाराम खांडेकर|वी. एस. खांडेकर]] || ''ययाती'' || मराठी
|-
| १९९१ || भीमसेन निर्मल || ''विश्वम्भरा'' || महाकाव्य || [[सी॰ नारायण रेड्डी]] || ''विश्वम्भरा'' || तेलुगू
|-
| १९९२ || कांति देब || ''मृत्युंजय'' || उपन्यास || निरंजना || ''मृत्युंजय'' || कन्नड़
|-
| १९९३ || नंदिनी डी॰ मेहता || ''देवरोंसे पार आकाश'' || उपन्यास || [[कुंदनिका कपाड़िया|कुंदनिका कापडीआ]] || ''सात पगलान आकाशमान'' || गुजराती
|-
| १९९४ || बी आर नारायण || ''क्षितिज'' || उपन्यास || शांतिनाथ देसाई || ''क्षितिज'' || कन्नड़
|-
| १९९५ || सुधांशु चतुर्वेदी || ''रस्सी'' || उपन्यास || [[तकजि शिवशंकर पिल्लै|तकाजी शिवशंकरा पिल्लै]] || ''केयर'' || मलयालम
|-
| १९९६ || एन ई विश्वनाथ अय्यर || ''दवा'' || उपन्यास || पनाथिल कुंहाब्दुल्ला || ''मरुन्नू'' || मलयालम
|-
| १९९७ || जे एल रेड्डी || ''मिट्टी का आदमी'' || उपन्यास || वासीरेड्डी सीतादेवी || ''मट्टी मनीशी'' || तेलुगू
|-
| १९९८ || राजेंद्र प्रसाद मिश्रा || ''वर्षा की सुबाह'' || कविता || सताकांत महापात्र || ''वर्षा सकल'' || ओड़िया
|-
| १९९९ || प्रयाग शुक्ला || ''बंकिमचंद्र प्रतीनिधी निबंध'' || निबंध || [[बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय|बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय]] || ''कलेक्शन औफ एसेज बाय बंकिम चंद्र'' || बंगाली
|-
| २००० || रति सक्सेना || ''अयाप्पा पाणिकर की कविताएं'' || कविता || के अयाप्पा पाणिकर|| ''अयाप्पा पाणिकरुदे क्रितीकल'' || मलयालम
|-
| २००१ || चमन लाल || ''समया ओ भाई समया'' || कविता || [[पाश (पंजाबी कवि)|पाश]] || ''कलेक्शन'' || पंजाबी
|-
| २००२ || कृष्णमोहन || ''कामयोगी'' || उपन्यास || सुधीर ककर || ''द ऐसेटिक ऑफ डिज़ायर'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००३ || देवेश || ''संरचनावाद, उत्तर-संरचनावाद एवं प्राच्य काव्यशास्त्र'' || साहित्यिक आलोचना || गोपी चंद नारंग || ''सखतियाट, पास-ससखतियाट और मशरिकी शेरियत'' || उर्दू
|-
| २००४ || रामशंकर द्विवेदी || ''झांसी की रानी'' || उपन्यास || [[महाश्वेता देवी]] || ''झांसीर रानी'' || बंगाली
|-
| २००५ || निर्मला जैन || ''सच, प्यार और थाडी सी शारारत'' || आत्मकथा || [[खुशवन्त सिंह|खुशवंत सिंह]] || ''ट्रुथ, लव औन्ड लिटिल मलिस'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००६ || वाई॰ बालशोहरी रेड्डी || ''कालतीत व्यक्ति'' || उपन्यास || श्रीदेवी || ''कालतीत व्यक्तुलू'' || तेलुगू
|-
| २००७ || बच्चन सिंह || ''महाभारत की कथा'' || आलोचना || बुद्धदेव बोस || ''महाभारतेर कथा'' || बंगाली
|-
| २००८ || [[नीलाभ अश्क]] || ''ममूली चीजों का देवता'' || उपन्यास || [[अरुंधति राय|अरुंधती राय]] || ''द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००९ || भालचंद्र जयशेट्टी || ''काव्यार्थ चिंतन'' || कविता || जी एस शिवारुद्रप्पा || ''काव्यार्थ चिंतन'' || कन्नड़
|-
| २०१० || शंकर लाल पुरोहित || ''परजा'' || उपन्यास || [[गोपीनाथ मोहंती]] || ''परजा'' || ओड़िया
|-
| २०११ || एस॰ शेषरत्नम || ''गीफ्ट पैकेट'' || उपन्यास || जयंती पापाराव || ''वेदुकुतु, वेंतदुतु, वेतादुतु'' || तेलुगू
|-
| २०१२ || रामजी तिवारी || ''संभाजी'' || उपन्यास || विश्वास पाटिल || ''संभाजी'' || मराठी
|-
| २०१३ || बुद्धदेब चटर्जी || ''अहीरन'' || उपन्यास || [[इंदिरा रायसम गोस्वामी|इंदिरा गोस्वामी]] || ''अहीरन'' || असमिया
|-
| २०१४ || फूलचन्द मानव || ''अन्नदाता'' || उपन्यास || [[बलदेव सिंह]] || ''अन्नदाता'' || पंजाबी
|-
| २०१५ || दामोदर खडसे || ''बारोमास'' || उपन्यास || सदानंद देशमुख || ''बारोमास'' || मराठी
|-
| २०१६ || पी॰ जयरामन || ''सन्त वाणी'' (खन्ड ३ और ४) || कविता || अलवर संत || ''संत वाणी - नलयीरा दिव्या प्रबन्धम'' || तामिल
|-
|}
== बाल साहित्य पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने २०१० से बाल साहित्य के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="satb">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/bal%20sahitya%20samman_suchi.jsp |title=Bal Sahitya Puraskar (2010-2016) |date=१९ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२५ जुलाई २०१७ |trans-title=बाल साहित्य पुरस्कार (२०१०-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20150630000355/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/bal%20sahitya%20samman_suchi.jsp |archive-date=30 जून 2015 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली
|-
| २०१० || प्रकाश मनु || ''एक था ठुनठुनिया'' || उपन्यास
|-
| २०११ || [[हरिकृष्ण देवसरे]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१२ || [[बाल शौरि रेड्डी]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१३ || रमेश तियलंग || ''मेरे प्रिया बालगीत'' || कविता
|-
| २०१४ || दिनेश चामोला 'शैलेश' || ''गाए गीत ज्ञान-विज्ञान के'' || कविता
|-
| २०१५ || [[शेरजंग गर्ग]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१६ || द्रोण वीर कोहली <sup>†</sup> || ''माताकी माताका मटकैना'' || उपन्यास
|-
| २०१७ || श्री स्वयमप्रकाश || ''प्यारे भाई रामसाहाय'' || लघु कथाएँ
|-
|}
:* <sup>†</sup> - मरणोपरांत सम्मानित किया गया
== युवा पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने २०११ से युवा लेखकों के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="saty">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_samman_suchi.jsp |title=Yuva Puraskar (2011-2017) |date=२६ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२६ जुलाई २०१७ |trans-title=युवा पुरस्कार (२०११-२०१७) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805114428/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_samman_suchi.jsp |archive-date=5 अगस्त 2016 |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{साहित्य अकादमी पुरस्कार}}
[[श्रेणी:साहित्य अकादमी पुरस्कार]]
[[श्रेणी:हिन्दी साहित्य]]
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2026-03-29T06:43:05Z
Sureshchauhansir
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox award
| name = [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] ([[हिन्दी|हिन्दी भाषा]])
| image = Sahitya Akademi Award - Surjit Patar.JPG
| country = भारत
| presenter = [[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]]
| year = 1955
| year2 = 2023
}}
'''[[साहित्य अकादमी पुरस्कार]]''', सन् 1955 से प्रत्येक वर्ष भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कृतियों को दिया जाता है, जिसमें एक ताम्रपत्र के साथ नकद राशि दी जाती है। नकद राशि इस समय एक लाख रुपये हैं। साहित्य अकादमी द्वारा अनुवाद पुरस्कार, बाल साहित्य पुरस्कार एवं युवा लेखन पुरस्कार भी प्रतिवर्ष विभिन्न भारतीय भाषाओं में दिए जाते हैं, इन तीनों पुरस्कारों के अंतर्गत सम्मान राशि पचास हजार नियत है। वर्ष 2023 के लिए संजीव को मुझे पहचानो (उपन्यास) के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2024 ko Gagan Gil ko unki Kriti jab Tak Main Bahar ayi ke liye sammanit Kiya Gaya
== साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता ==
हिन्दी में दिए गए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की सूची<ref>{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi.jsp#HINDI |title=Sahitya Akademi Awards 1955-2016 |date=१ अगस्त २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=१ अगस्त २०१७ |trans-title=साहित्य अकादमी पुरस्कार (१९५५-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304084937/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi.jsp#HINDI |archive-date=4 मार्च 2016 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|+ '''साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हिंदी पुस्तकें'''
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली
|-
| [[1955]] || [[माखन लाल चतुर्वेदी]] || [[हिमतरंगिनी]] || [[काव्य]]
|-
| [[1956]] || [[वासुदेव शरण अग्रवाल]] || [[पद्मावत संजीवनी व्याख्या]] || [[व्याख्या]]
|-
| [[1957]] || [[आचार्य नरेन्द्र देव]] † || [[बौद्ध धर्म दर्शन]] || [[दर्शन]]
|-
| [[1958]] || [[राहुल सांकृत्यायन]] || [[मध्य एशिया का इतिहास]] || [[इतिहास]]
|-
| [[1959]] || [[रामधारी सिंह 'दिनकर']] || [[संस्कृति के चार अध्याय]] || [[भारतीय संस्कृति]]
|-
| [[1960]] || [[सुमित्रानंदन पंत]] || [[कला और बूढ़ा चाँद]] || [[काव्य]]
|-
| [[1961]] || [[भगवतीचरण वर्मा]] || [[भूले बिसरे चित्र]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1962]] || पुरस्कार वितरण नही || ||
|-
| [[1963]] || [[अमृत राय]] || [[प्रेमचंद: कलम का सिपाही]] || [[जीवनी]]
|-
| [[1964]] || [[सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय']] || [[आँगन के पार द्वार]] || [[काव्य]]
|-
| [[1965]] || [[डॉ॰ नगेन्द्र]] || [[रस सिद्धांत (विवेचना)]] || [[विवेचना]]
|-
| [[1966]] || [[जैनेन्द्र कुमार]] || [[मुक्तिबोध (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1967]] || [[अमृतलाल नागर]] || [[अमृत और विष]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1968]] || [[हरिवंशराय बच्चन]] || [[दो चट्टाने]] || [[काव्य]]
|-
| [[1969]] || [[श्रीलाल शुक्ल]] || [[राग दरबारी]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1970]] || [[राम विलास शर्मा]] || [[निराला की साहित्य साधना]] || [[जीवनी]]
|-
| [[1971]] || [[नामवर सिंह]] || [[कविता के नये प्रतिमान]] || [[साहित्यिक आलोचना]]
|-
| [[1972]] || [[भवानीप्रसाद मिश्र]] || [[बुनी हुई रस्सी]] || [[काव्य]]
|-
| [[1973]] || [[हजारी प्रसाद द्विवेदी]] || [[आलोक पर्व]] || [[निबंध]]
|-
| [[1974]] || [[शिवमंगल सिंह सुमन]] || [[मिट्टी की बारात]] || [[काव्य]]
|-
| [[1975]] || [[भीष्म साहनी]] || [[तमस (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1976]] || [[यशपाल]] || [[मेरी तेरी उसकी बात]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1977]] || [[शमशेर बहादुर सिंह]] || [[चुका भी हूँ मैं नहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1978]] || [[भारतभूषण अग्रवाल]] || [[उतना वह सूरज है]] || [[काव्य]]
|-
| [[1979]] || [[सुदामा पांडेय 'धूमिल']] † || [[कल सुनना मुझे]] || [[काव्य]]
|-
| [[1980]] || [[कृष्णा सोबती]] || [[ज़िन्दगीनामा - ज़िन्दा रुख़]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1981]] || [[त्रिलोचन]] || [[ताप के ताये हुए दिन]] || [[काव्य]]
|-
| [[1982]] || [[हरिशंकर परसाईं]] || [[विकलांग श्रद्धा का दौर]] || [[व्यंग]]
|-
| [[1983]] || [[सर्वेश्वरदयाल सक्सेना]] † || [[खूँटियों पर टँगे लोग]] || [[काव्य]]
|-
| [[1984]] || [[रघुवीर सहाय]] || [[लोग भूल गये हैं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1985]] || [[निर्मल वर्मा]] || [[कव्वे और काला पानी]] || [[कहानी संग्रह]]
|-
| [[1986]] || [[केदारनाथ अग्रवाल]] || [[अपूर्वा]] || [[काव्य]]
|-
| [[1987]] || [[श्रीकांत वर्मा]] || [[मगध (काव्य)]] || [[काव्य]]
|-
| [[1988]] || [[नरेश मेहता]] || [[अरण्या]] || [[काव्य]]
|-
| [[1989]] || [[केदारनाथ सिंह]] || [[अकाल में सारस]] || [[काव्य]]
|-
| [[1990]] || [[शिव प्रसाद सिंह]] || [[नीला चाँद]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1991]] || [[गिरिजाकुमार माथुर]] || [[मैं वक्त के हूँ सामने]] || [[काव्य]]
|-
| [[1992]] || [[गिरिराज किशोर]] || [[ढाई घर]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1993]] || [[विष्णु प्रभाकर]] || [[अर्द्धनारीश्वर (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1994]] || [[अशोक वाजपेयी]] || [[कहीं नहीं वहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1995]] || [[कुंवर नारायण]] || [[कोई दूसरा नहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1996]] || [[सुरेन्द्र वर्मा]] || [[मुझे चाँद चाहिये]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1997]] || [[लीलाधर जगूड़ी]] || [[अनुभव के आकाश में चांद]] || [[काव्य]]
|-
| [[1998]] || [[अरुण कमल]] || [[नये इलाके में]] || [[काव्य]]
|-
| [[1999]] || [[विनोद कुमार शुक्ल]] || [[दीवार में एक खिड़की रहती थी]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2000]] || [[मंगलेश डबराल]] || [[हम जो देखते हैं]] || [[काव्य]]
|-
| [[2001]] || [[अलका सरावगी]] || [[कलिकथा वाया बाईपास]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2002]] || [[राजेश जोशी]] || [[दो पंक्तियों के बीच]] || [[काव्य]]
|-
| [[2003]] || [[कमलेश्वर]] || [[कितने पाकिस्तान]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2004]] || [[वीरेन डंगवाल]] || [[दुष्चक्र में सृष्टा]] || [[काव्य]]
|-
| [[2005]] || [[मनोहर श्याम जोशी]] || [[क्याप]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2006]] || [[ज्ञानेन्द्रपति]] || [[संशयात्मा]] || [[काव्य]]
|-
| [[2007]] || [[अमरकांत]] || [[इन्हीं हथियारों से]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2008]] || [[गोविन्द मिश्र]] || [[कोहरे में कैद रंग]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2009]] || [[कैलाश वाजपेयी]] || [[हवा में हस्ताक्षर]] || [[काव्य]]
|-
| [[2010]] || [[उदय प्रकाश]] || [[मोहन दास (कहानी)]] || [[कहानी]]
|-
| [[2011]] || [[काशीनाथ सिंह]] || [[रेहन पर रग्घू]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2012]] || [[चंद्रकांत देवताले]] || [[पत्थर फेंक रहा हूँ]] || [[काव्य]]
|-
| [[2013]] || [[मृदुला गर्ग]] || [[मिलजुल मन]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2014]] || [[रमेशचन्द्र शाह]] || [[विनायक (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2015]] || [[रामदरश मिश्र]] || [[आग की हँसी]] || [[काव्य]]
|-
| [[2016]] || [[नासिरा शर्मा]] || [[पारिजात (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2017]] || [[रमेश कुंतल मेघ]] || [[विश्व पाठक सरित सागर]] || [[साहित्यिक समालोचना]]
|-
| [[2018]] || [[चित्रा मुद्गल]] || [[पोस्ट बॉक्स न. २०३ नाला सोपारा]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2019]] || [[नंदकिशोर आचार्य]] || [[छीलते हुए अपने को]] || [[कविता]]
|-
| [[2020]] || [[अनामिका]] || [[टोकरी में दिगंत]] || [[कविता]]
|-
| [[2021]] || [[दया प्रकाश सिंहा]] || [[सम्राट अशोक (नाटक)]] || [[नाटक]]
|-
| [[2022]] || [[बद्रीनारायण]] || [[तुमड़ी के शब्द]] || [[कविता संग्रह]]
|-
| [[2023]] || [[संजीव कुमार (लेखक)]] || [[मुझे पहचानो]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2024]] || [[गगन गिल ]] || [[मैं जब तक आई बहार]] || [[कविता]]
|-
| [[2025]] || [[ममता कालिया ]] || [[जीते जी इलाहाबाद ]] || [[संस्मरण]]
|}
== अनुवाद पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने १९८९ से अनुवाद के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="sat">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/anuvad_samman_suchi.jsp#HINDI |title=Akademi Translation Awards (1989-2016) |date=१९ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२४ जुलाई २०१७ |trans-title=अकादमी अनुवाद पुरस्कार (१९८९-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20170623180903/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/anuvad_samman_suchi.jsp#HINDI |archive-date=23 जून 2017 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली !! मूल लेखक !! मूल कृति !! मूल भाषा
|-
| १९८९ || नूर नबी अब्बासी || ''मालाबार से मास्को तक'' || आत्मकथा || [[कुमार पद्म शिव शंकर मेनन]] || ''मेनी वर्ल्डस'' || अंग्रेज़ी
|-
| १९९० || मोरेश्वर तपस्वी || ''ययाती'' || उपन्यास || [[विष्णु सखाराम खांडेकर|वी. एस. खांडेकर]] || ''ययाती'' || मराठी
|-
| १९९१ || भीमसेन निर्मल || ''विश्वम्भरा'' || महाकाव्य || [[सी॰ नारायण रेड्डी]] || ''विश्वम्भरा'' || तेलुगू
|-
| १९९२ || कांति देब || ''मृत्युंजय'' || उपन्यास || निरंजना || ''मृत्युंजय'' || कन्नड़
|-
| १९९३ || नंदिनी डी॰ मेहता || ''देवरोंसे पार आकाश'' || उपन्यास || [[कुंदनिका कपाड़िया|कुंदनिका कापडीआ]] || ''सात पगलान आकाशमान'' || गुजराती
|-
| १९९४ || बी आर नारायण || ''क्षितिज'' || उपन्यास || शांतिनाथ देसाई || ''क्षितिज'' || कन्नड़
|-
| १९९५ || सुधांशु चतुर्वेदी || ''रस्सी'' || उपन्यास || [[तकजि शिवशंकर पिल्लै|तकाजी शिवशंकरा पिल्लै]] || ''केयर'' || मलयालम
|-
| १९९६ || एन ई विश्वनाथ अय्यर || ''दवा'' || उपन्यास || पनाथिल कुंहाब्दुल्ला || ''मरुन्नू'' || मलयालम
|-
| १९९७ || जे एल रेड्डी || ''मिट्टी का आदमी'' || उपन्यास || वासीरेड्डी सीतादेवी || ''मट्टी मनीशी'' || तेलुगू
|-
| १९९८ || राजेंद्र प्रसाद मिश्रा || ''वर्षा की सुबाह'' || कविता || सताकांत महापात्र || ''वर्षा सकल'' || ओड़िया
|-
| १९९९ || प्रयाग शुक्ला || ''बंकिमचंद्र प्रतीनिधी निबंध'' || निबंध || [[बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय|बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय]] || ''कलेक्शन औफ एसेज बाय बंकिम चंद्र'' || बंगाली
|-
| २००० || रति सक्सेना || ''अयाप्पा पाणिकर की कविताएं'' || कविता || के अयाप्पा पाणिकर|| ''अयाप्पा पाणिकरुदे क्रितीकल'' || मलयालम
|-
| २००१ || चमन लाल || ''समया ओ भाई समया'' || कविता || [[पाश (पंजाबी कवि)|पाश]] || ''कलेक्शन'' || पंजाबी
|-
| २००२ || कृष्णमोहन || ''कामयोगी'' || उपन्यास || सुधीर ककर || ''द ऐसेटिक ऑफ डिज़ायर'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००३ || देवेश || ''संरचनावाद, उत्तर-संरचनावाद एवं प्राच्य काव्यशास्त्र'' || साहित्यिक आलोचना || गोपी चंद नारंग || ''सखतियाट, पास-ससखतियाट और मशरिकी शेरियत'' || उर्दू
|-
| २००४ || रामशंकर द्विवेदी || ''झांसी की रानी'' || उपन्यास || [[महाश्वेता देवी]] || ''झांसीर रानी'' || बंगाली
|-
| २००५ || निर्मला जैन || ''सच, प्यार और थाडी सी शारारत'' || आत्मकथा || [[खुशवन्त सिंह|खुशवंत सिंह]] || ''ट्रुथ, लव औन्ड लिटिल मलिस'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००६ || वाई॰ बालशोहरी रेड्डी || ''कालतीत व्यक्ति'' || उपन्यास || श्रीदेवी || ''कालतीत व्यक्तुलू'' || तेलुगू
|-
| २००७ || बच्चन सिंह || ''महाभारत की कथा'' || आलोचना || बुद्धदेव बोस || ''महाभारतेर कथा'' || बंगाली
|-
| २००८ || [[नीलाभ अश्क]] || ''ममूली चीजों का देवता'' || उपन्यास || [[अरुंधति राय|अरुंधती राय]] || ''द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००९ || भालचंद्र जयशेट्टी || ''काव्यार्थ चिंतन'' || कविता || जी एस शिवारुद्रप्पा || ''काव्यार्थ चिंतन'' || कन्नड़
|-
| २०१० || शंकर लाल पुरोहित || ''परजा'' || उपन्यास || [[गोपीनाथ मोहंती]] || ''परजा'' || ओड़िया
|-
| २०११ || एस॰ शेषरत्नम || ''गीफ्ट पैकेट'' || उपन्यास || जयंती पापाराव || ''वेदुकुतु, वेंतदुतु, वेतादुतु'' || तेलुगू
|-
| २०१२ || रामजी तिवारी || ''संभाजी'' || उपन्यास || विश्वास पाटिल || ''संभाजी'' || मराठी
|-
| २०१३ || बुद्धदेब चटर्जी || ''अहीरन'' || उपन्यास || [[इंदिरा रायसम गोस्वामी|इंदिरा गोस्वामी]] || ''अहीरन'' || असमिया
|-
| २०१४ || फूलचन्द मानव || ''अन्नदाता'' || उपन्यास || [[बलदेव सिंह]] || ''अन्नदाता'' || पंजाबी
|-
| २०१५ || दामोदर खडसे || ''बारोमास'' || उपन्यास || सदानंद देशमुख || ''बारोमास'' || मराठी
|-
| २०१६ || पी॰ जयरामन || ''सन्त वाणी'' (खन्ड ३ और ४) || कविता || अलवर संत || ''संत वाणी - नलयीरा दिव्या प्रबन्धम'' || तामिल
|-
|}
== बाल साहित्य पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने २०१० से बाल साहित्य के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="satb">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/bal%20sahitya%20samman_suchi.jsp |title=Bal Sahitya Puraskar (2010-2016) |date=१९ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२५ जुलाई २०१७ |trans-title=बाल साहित्य पुरस्कार (२०१०-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20150630000355/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/bal%20sahitya%20samman_suchi.jsp |archive-date=30 जून 2015 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली
|-
| २०१० || प्रकाश मनु || ''एक था ठुनठुनिया'' || उपन्यास
|-
| २०११ || [[हरिकृष्ण देवसरे]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१२ || [[बाल शौरि रेड्डी]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१३ || रमेश तियलंग || ''मेरे प्रिया बालगीत'' || कविता
|-
| २०१४ || दिनेश चामोला 'शैलेश' || ''गाए गीत ज्ञान-विज्ञान के'' || कविता
|-
| २०१५ || [[शेरजंग गर्ग]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१६ || द्रोण वीर कोहली <sup>†</sup> || ''माताकी माताका मटकैना'' || उपन्यास
|-
| २०१७ || श्री स्वयमप्रकाश || ''प्यारे भाई रामसाहाय'' || लघु कथाएँ
|-
|}
:* <sup>†</sup> - मरणोपरांत सम्मानित किया गया
== युवा पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने २०११ से युवा लेखकों के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="saty">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_samman_suchi.jsp |title=Yuva Puraskar (2011-2017) |date=२६ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२६ जुलाई २०१७ |trans-title=युवा पुरस्कार (२०११-२०१७) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805114428/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_samman_suchi.jsp |archive-date=5 अगस्त 2016 |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{साहित्य अकादमी पुरस्कार}}
[[श्रेणी:साहित्य अकादमी पुरस्कार]]
[[श्रेणी:हिन्दी साहित्य]]
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2026-03-29T06:55:54Z
Sureshchauhansir
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox award
| name = [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] ([[हिन्दी|हिन्दी भाषा]])
| image = Sahitya Akademi Award - Surjit Patar.JPG
| country = भारत
| presenter = [[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]]
| year = 1955
| year2 = 2025
}}
'''[[साहित्य अकादमी पुरस्कार]]''', सन् 1955 से प्रत्येक वर्ष भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कृतियों को दिया जाता है, जिसमें एक ताम्रपत्र के साथ नकद राशि दी जाती है। नकद राशि इस समय एक लाख रुपये हैं। साहित्य अकादमी द्वारा अनुवाद पुरस्कार, बाल साहित्य पुरस्कार एवं युवा लेखन पुरस्कार भी प्रतिवर्ष विभिन्न भारतीय भाषाओं में दिए जाते हैं, इन तीनों पुरस्कारों के अंतर्गत सम्मान राशि पचास हजार नियत है। वर्ष 2025 में ममता कालिया को जीते जी इलाहबाद के लिए पुरस्कृत किया गया |
== साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता ==
हिन्दी में दिए गए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की सूची<ref>{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi.jsp#HINDI |title=Sahitya Akademi Awards 1955-2016 |date=१ अगस्त २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=१ अगस्त २०१७ |trans-title=साहित्य अकादमी पुरस्कार (१९५५-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304084937/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi.jsp#HINDI |archive-date=4 मार्च 2016 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|+ '''साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हिंदी पुस्तकें'''
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली
|-
| [[1955]] || [[माखन लाल चतुर्वेदी]] || [[हिमतरंगिनी]] || [[काव्य]]
|-
| [[1956]] || [[वासुदेव शरण अग्रवाल]] || [[पद्मावत संजीवनी व्याख्या]] || [[व्याख्या]]
|-
| [[1957]] || [[आचार्य नरेन्द्र देव]] † || [[बौद्ध धर्म दर्शन]] || [[दर्शन]]
|-
| [[1958]] || [[राहुल सांकृत्यायन]] || [[मध्य एशिया का इतिहास]] || [[इतिहास]]
|-
| [[1959]] || [[रामधारी सिंह 'दिनकर']] || [[संस्कृति के चार अध्याय]] || [[भारतीय संस्कृति]]
|-
| [[1960]] || [[सुमित्रानंदन पंत]] || [[कला और बूढ़ा चाँद]] || [[काव्य]]
|-
| [[1961]] || [[भगवतीचरण वर्मा]] || [[भूले बिसरे चित्र]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1962]] || पुरस्कार वितरण नही || ||
|-
| [[1963]] || [[अमृत राय]] || [[प्रेमचंद: कलम का सिपाही]] || [[जीवनी]]
|-
| [[1964]] || [[सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय']] || [[आँगन के पार द्वार]] || [[काव्य]]
|-
| [[1965]] || [[डॉ॰ नगेन्द्र]] || [[रस सिद्धांत (विवेचना)]] || [[विवेचना]]
|-
| [[1966]] || [[जैनेन्द्र कुमार]] || [[मुक्तिबोध (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1967]] || [[अमृतलाल नागर]] || [[अमृत और विष]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1968]] || [[हरिवंशराय बच्चन]] || [[दो चट्टाने]] || [[काव्य]]
|-
| [[1969]] || [[श्रीलाल शुक्ल]] || [[राग दरबारी]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1970]] || [[राम विलास शर्मा]] || [[निराला की साहित्य साधना]] || [[जीवनी]]
|-
| [[1971]] || [[नामवर सिंह]] || [[कविता के नये प्रतिमान]] || [[साहित्यिक आलोचना]]
|-
| [[1972]] || [[भवानीप्रसाद मिश्र]] || [[बुनी हुई रस्सी]] || [[काव्य]]
|-
| [[1973]] || [[हजारी प्रसाद द्विवेदी]] || [[आलोक पर्व]] || [[निबंध]]
|-
| [[1974]] || [[शिवमंगल सिंह सुमन]] || [[मिट्टी की बारात]] || [[काव्य]]
|-
| [[1975]] || [[भीष्म साहनी]] || [[तमस (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1976]] || [[यशपाल]] || [[मेरी तेरी उसकी बात]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1977]] || [[शमशेर बहादुर सिंह]] || [[चुका भी हूँ मैं नहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1978]] || [[भारतभूषण अग्रवाल]] || [[उतना वह सूरज है]] || [[काव्य]]
|-
| [[1979]] || [[सुदामा पांडेय 'धूमिल']] † || [[कल सुनना मुझे]] || [[काव्य]]
|-
| [[1980]] || [[कृष्णा सोबती]] || [[ज़िन्दगीनामा - ज़िन्दा रुख़]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1981]] || [[त्रिलोचन]] || [[ताप के ताये हुए दिन]] || [[काव्य]]
|-
| [[1982]] || [[हरिशंकर परसाईं]] || [[विकलांग श्रद्धा का दौर]] || [[व्यंग]]
|-
| [[1983]] || [[सर्वेश्वरदयाल सक्सेना]] † || [[खूँटियों पर टँगे लोग]] || [[काव्य]]
|-
| [[1984]] || [[रघुवीर सहाय]] || [[लोग भूल गये हैं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1985]] || [[निर्मल वर्मा]] || [[कव्वे और काला पानी]] || [[कहानी संग्रह]]
|-
| [[1986]] || [[केदारनाथ अग्रवाल]] || [[अपूर्वा]] || [[काव्य]]
|-
| [[1987]] || [[श्रीकांत वर्मा]] || [[मगध (काव्य)]] || [[काव्य]]
|-
| [[1988]] || [[नरेश मेहता]] || [[अरण्या]] || [[काव्य]]
|-
| [[1989]] || [[केदारनाथ सिंह]] || [[अकाल में सारस]] || [[काव्य]]
|-
| [[1990]] || [[शिव प्रसाद सिंह]] || [[नीला चाँद]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1991]] || [[गिरिजाकुमार माथुर]] || [[मैं वक्त के हूँ सामने]] || [[काव्य]]
|-
| [[1992]] || [[गिरिराज किशोर]] || [[ढाई घर]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1993]] || [[विष्णु प्रभाकर]] || [[अर्द्धनारीश्वर (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1994]] || [[अशोक वाजपेयी]] || [[कहीं नहीं वहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1995]] || [[कुंवर नारायण]] || [[कोई दूसरा नहीं]] || [[काव्य]]
|-
| [[1996]] || [[सुरेन्द्र वर्मा]] || [[मुझे चाँद चाहिये]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[1997]] || [[लीलाधर जगूड़ी]] || [[अनुभव के आकाश में चांद]] || [[काव्य]]
|-
| [[1998]] || [[अरुण कमल]] || [[नये इलाके में]] || [[काव्य]]
|-
| [[1999]] || [[विनोद कुमार शुक्ल]] || [[दीवार में एक खिड़की रहती थी]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2000]] || [[मंगलेश डबराल]] || [[हम जो देखते हैं]] || [[काव्य]]
|-
| [[2001]] || [[अलका सरावगी]] || [[कलिकथा वाया बाईपास]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2002]] || [[राजेश जोशी]] || [[दो पंक्तियों के बीच]] || [[काव्य]]
|-
| [[2003]] || [[कमलेश्वर]] || [[कितने पाकिस्तान]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2004]] || [[वीरेन डंगवाल]] || [[दुष्चक्र में सृष्टा]] || [[काव्य]]
|-
| [[2005]] || [[मनोहर श्याम जोशी]] || [[क्याप]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2006]] || [[ज्ञानेन्द्रपति]] || [[संशयात्मा]] || [[काव्य]]
|-
| [[2007]] || [[अमरकांत]] || [[इन्हीं हथियारों से]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2008]] || [[गोविन्द मिश्र]] || [[कोहरे में कैद रंग]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2009]] || [[कैलाश वाजपेयी]] || [[हवा में हस्ताक्षर]] || [[काव्य]]
|-
| [[2010]] || [[उदय प्रकाश]] || [[मोहन दास (कहानी)]] || [[कहानी]]
|-
| [[2011]] || [[काशीनाथ सिंह]] || [[रेहन पर रग्घू]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2012]] || [[चंद्रकांत देवताले]] || [[पत्थर फेंक रहा हूँ]] || [[काव्य]]
|-
| [[2013]] || [[मृदुला गर्ग]] || [[मिलजुल मन]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2014]] || [[रमेशचन्द्र शाह]] || [[विनायक (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2015]] || [[रामदरश मिश्र]] || [[आग की हँसी]] || [[काव्य]]
|-
| [[2016]] || [[नासिरा शर्मा]] || [[पारिजात (उपन्यास)]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2017]] || [[रमेश कुंतल मेघ]] || [[विश्व पाठक सरित सागर]] || [[साहित्यिक समालोचना]]
|-
| [[2018]] || [[चित्रा मुद्गल]] || [[पोस्ट बॉक्स न. २०३ नाला सोपारा]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2019]] || [[नंदकिशोर आचार्य]] || [[छीलते हुए अपने को]] || [[कविता]]
|-
| [[2020]] || [[अनामिका]] || [[टोकरी में दिगंत]] || [[कविता]]
|-
| [[2021]] || [[दया प्रकाश सिंहा]] || [[सम्राट अशोक (नाटक)]] || [[नाटक]]
|-
| [[2022]] || [[बद्रीनारायण]] || [[तुमड़ी के शब्द]] || [[कविता संग्रह]]
|-
| [[2023]] || [[संजीव कुमार (लेखक)]] || [[मुझे पहचानो]] || [[उपन्यास]]
|-
| [[2024]] || [[गगन गिल ]] || [[मैं जब तक आई बहार]] || [[कविता]]
|-
| [[2025]] || [[ममता कालिया ]] || [[जीते जी इलाहाबाद ]] || [[संस्मरण]]
|}
== अनुवाद पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने १९८९ से अनुवाद के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="sat">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/anuvad_samman_suchi.jsp#HINDI |title=Akademi Translation Awards (1989-2016) |date=१९ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२४ जुलाई २०१७ |trans-title=अकादमी अनुवाद पुरस्कार (१९८९-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20170623180903/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/anuvad_samman_suchi.jsp#HINDI |archive-date=23 जून 2017 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली !! मूल लेखक !! मूल कृति !! मूल भाषा
|-
| १९८९ || नूर नबी अब्बासी || ''मालाबार से मास्को तक'' || आत्मकथा || [[कुमार पद्म शिव शंकर मेनन]] || ''मेनी वर्ल्डस'' || अंग्रेज़ी
|-
| १९९० || मोरेश्वर तपस्वी || ''ययाती'' || उपन्यास || [[विष्णु सखाराम खांडेकर|वी. एस. खांडेकर]] || ''ययाती'' || मराठी
|-
| १९९१ || भीमसेन निर्मल || ''विश्वम्भरा'' || महाकाव्य || [[सी॰ नारायण रेड्डी]] || ''विश्वम्भरा'' || तेलुगू
|-
| १९९२ || कांति देब || ''मृत्युंजय'' || उपन्यास || निरंजना || ''मृत्युंजय'' || कन्नड़
|-
| १९९३ || नंदिनी डी॰ मेहता || ''देवरोंसे पार आकाश'' || उपन्यास || [[कुंदनिका कपाड़िया|कुंदनिका कापडीआ]] || ''सात पगलान आकाशमान'' || गुजराती
|-
| १९९४ || बी आर नारायण || ''क्षितिज'' || उपन्यास || शांतिनाथ देसाई || ''क्षितिज'' || कन्नड़
|-
| १९९५ || सुधांशु चतुर्वेदी || ''रस्सी'' || उपन्यास || [[तकजि शिवशंकर पिल्लै|तकाजी शिवशंकरा पिल्लै]] || ''केयर'' || मलयालम
|-
| १९९६ || एन ई विश्वनाथ अय्यर || ''दवा'' || उपन्यास || पनाथिल कुंहाब्दुल्ला || ''मरुन्नू'' || मलयालम
|-
| १९९७ || जे एल रेड्डी || ''मिट्टी का आदमी'' || उपन्यास || वासीरेड्डी सीतादेवी || ''मट्टी मनीशी'' || तेलुगू
|-
| १९९८ || राजेंद्र प्रसाद मिश्रा || ''वर्षा की सुबाह'' || कविता || सताकांत महापात्र || ''वर्षा सकल'' || ओड़िया
|-
| १९९९ || प्रयाग शुक्ला || ''बंकिमचंद्र प्रतीनिधी निबंध'' || निबंध || [[बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय|बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय]] || ''कलेक्शन औफ एसेज बाय बंकिम चंद्र'' || बंगाली
|-
| २००० || रति सक्सेना || ''अयाप्पा पाणिकर की कविताएं'' || कविता || के अयाप्पा पाणिकर|| ''अयाप्पा पाणिकरुदे क्रितीकल'' || मलयालम
|-
| २००१ || चमन लाल || ''समया ओ भाई समया'' || कविता || [[पाश (पंजाबी कवि)|पाश]] || ''कलेक्शन'' || पंजाबी
|-
| २००२ || कृष्णमोहन || ''कामयोगी'' || उपन्यास || सुधीर ककर || ''द ऐसेटिक ऑफ डिज़ायर'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००३ || देवेश || ''संरचनावाद, उत्तर-संरचनावाद एवं प्राच्य काव्यशास्त्र'' || साहित्यिक आलोचना || गोपी चंद नारंग || ''सखतियाट, पास-ससखतियाट और मशरिकी शेरियत'' || उर्दू
|-
| २००४ || रामशंकर द्विवेदी || ''झांसी की रानी'' || उपन्यास || [[महाश्वेता देवी]] || ''झांसीर रानी'' || बंगाली
|-
| २००५ || निर्मला जैन || ''सच, प्यार और थाडी सी शारारत'' || आत्मकथा || [[खुशवन्त सिंह|खुशवंत सिंह]] || ''ट्रुथ, लव औन्ड लिटिल मलिस'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००६ || वाई॰ बालशोहरी रेड्डी || ''कालतीत व्यक्ति'' || उपन्यास || श्रीदेवी || ''कालतीत व्यक्तुलू'' || तेलुगू
|-
| २००७ || बच्चन सिंह || ''महाभारत की कथा'' || आलोचना || बुद्धदेव बोस || ''महाभारतेर कथा'' || बंगाली
|-
| २००८ || [[नीलाभ अश्क]] || ''ममूली चीजों का देवता'' || उपन्यास || [[अरुंधति राय|अरुंधती राय]] || ''द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स'' || अंग्रेज़ी
|-
| २००९ || भालचंद्र जयशेट्टी || ''काव्यार्थ चिंतन'' || कविता || जी एस शिवारुद्रप्पा || ''काव्यार्थ चिंतन'' || कन्नड़
|-
| २०१० || शंकर लाल पुरोहित || ''परजा'' || उपन्यास || [[गोपीनाथ मोहंती]] || ''परजा'' || ओड़िया
|-
| २०११ || एस॰ शेषरत्नम || ''गीफ्ट पैकेट'' || उपन्यास || जयंती पापाराव || ''वेदुकुतु, वेंतदुतु, वेतादुतु'' || तेलुगू
|-
| २०१२ || रामजी तिवारी || ''संभाजी'' || उपन्यास || विश्वास पाटिल || ''संभाजी'' || मराठी
|-
| २०१३ || बुद्धदेब चटर्जी || ''अहीरन'' || उपन्यास || [[इंदिरा रायसम गोस्वामी|इंदिरा गोस्वामी]] || ''अहीरन'' || असमिया
|-
| २०१४ || फूलचन्द मानव || ''अन्नदाता'' || उपन्यास || [[बलदेव सिंह]] || ''अन्नदाता'' || पंजाबी
|-
| २०१५ || दामोदर खडसे || ''बारोमास'' || उपन्यास || सदानंद देशमुख || ''बारोमास'' || मराठी
|-
| २०१६ || पी॰ जयरामन || ''सन्त वाणी'' (खन्ड ३ और ४) || कविता || अलवर संत || ''संत वाणी - नलयीरा दिव्या प्रबन्धम'' || तामिल
|-
|}
== बाल साहित्य पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने २०१० से बाल साहित्य के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="satb">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/bal%20sahitya%20samman_suchi.jsp |title=Bal Sahitya Puraskar (2010-2016) |date=१९ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२५ जुलाई २०१७ |trans-title=बाल साहित्य पुरस्कार (२०१०-२०१६) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20150630000355/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/bal%20sahitya%20samman_suchi.jsp |archive-date=30 जून 2015 |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! वर्ष !! लेखक !! कृति !! शैली
|-
| २०१० || प्रकाश मनु || ''एक था ठुनठुनिया'' || उपन्यास
|-
| २०११ || [[हरिकृष्ण देवसरे]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१२ || [[बाल शौरि रेड्डी]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१३ || रमेश तियलंग || ''मेरे प्रिया बालगीत'' || कविता
|-
| २०१४ || दिनेश चामोला 'शैलेश' || ''गाए गीत ज्ञान-विज्ञान के'' || कविता
|-
| २०१५ || [[शेरजंग गर्ग]] || style="background:#CEE8F0; text-align:center;" colspan="2" | बाल साहित्य में कुल योगदान के लिये
|-
| २०१६ || द्रोण वीर कोहली <sup>†</sup> || ''माताकी माताका मटकैना'' || उपन्यास
|-
| २०१७ || श्री स्वयमप्रकाश || ''प्यारे भाई रामसाहाय'' || लघु कथाएँ
|-
|}
:* <sup>†</sup> - मरणोपरांत सम्मानित किया गया
== युवा पुरस्कार विजेता ==
साहित्य अकादमी ने २०११ से युवा लेखकों के लिए नया पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार के विजेता इस प्रकार हैँ: <ref name="saty">{{cite web |url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_samman_suchi.jsp |title=Yuva Puraskar (2011-2017) |date=२६ जुलाई २०१७ |author= |work=[[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] |accessdate=२६ जुलाई २०१७ |trans-title=युवा पुरस्कार (२०११-२०१७) |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805114428/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_samman_suchi.jsp |archive-date=5 अगस्त 2016 |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{साहित्य अकादमी पुरस्कार}}
[[श्रेणी:साहित्य अकादमी पुरस्कार]]
[[श्रेणी:हिन्दी साहित्य]]
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शिशुनाग वंश
0
45581
6534188
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InternetArchiveBot
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Rescuing 0 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.9.5
6534188
wikitext
text/x-wiki
'''शिशुनाग राजवंश''' [[मगध]] पर शासन करने वाला [[मगध साम्राज्य|चौथा राजवंश]] था। शिशुनाग राजवंश मे कुल छह राजाओं द्वारा ल. 413 से 345 ई.पू मे 68 वर्षों तक शासन किया था।{{sfn|Raychaudhuri|1972|pp=193,201}} शिशुनाग राजवंश की स्थापना 413 ई.पू. में [[शिशुनाग]] के द्वारा [[हर्यक वंश]] के अंतिम शासक महाराजा नागदशक की हत्या करने के बाद की गई थी।{{sfn|Upinder Singh|2016|p=272}} शिशुनाग वंश के राजाओं ने मगध की प्राचीन राजधानी [[गिरिव्रज]] ([[राजगीर|राजगृह]]) और [[वैशाली]] को अपनी राजधानी बना कर शासन किया था।
{{Infobox country
| native_name =
| conventional_long_name = शिशुनाग राजवंश
| common_name = शिशुनाग राजवंश
| era = [[भारत में लौह युग|लौह युग]]
| government_type = [[राजतन्त्र]]
| life_span = 413 – 345 ई.पू
| p1 = हर्यक वंश
| flag_p1 =
| p2 = अवन्ति
| flag_p2 =
| p3 = वत्स
| flag_p3 =
| s1 = नंद वंश
| flag_s1 =
| image_coat =
| image_map = Magadha Expansion (6th-4th centuries BCE).png
| image_map_caption = मगध के [[प्रद्योत वंश]], [[हर्यक वंश]] और [[शिशुनाग वंश]] का विस्तार (700 से 350 ई.पू तक
| capital = [[गिरिव्रज]]<br>[[पाटलीपुत्र]]<br>साथ ही [[वैशाली]]
| common_languages = [[संस्कृत]] (मुख्य) <br/>[[मागधी]]<br/> [[प्राकृत]]
| religion = [[हिंदू धर्म]]<br> साथ ही [[जैन धर्म]] और
[[बौद्ध धर्म]]
| currency = पण
| title_leader = [[सम्राट]]
| leader1 = [[शिशुनाग]]
| year_leader1 = 413–395 ई.पू (प्रथम)
| leader2 = [[काकवर्ण|कालाशोक]]
| year_leader2 = 395–377 ई.पू (मुख्य)
|leader3 = [[महानन्दि]]
| year_leader3 = 349–345 ई.पू (अंतिम)
| today = [[भारत]]
| demonym =
| area_km2 =
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| GDP_PPP =
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| HDI =
| HDI_year =
}}
== इतिहास ==
=== शिशुनाग ===
{{main|शिशुनाग}}
[[शिशुनाग]] (413–395 ई.पू.) मगध की गद्दी पर बैठा। [[महावंश]] के अनुसार वह [[लिच्छवि]] राजा के वेश्या पत्नी से उत्पन्न पुत्र था। पुराणों के अनुसार वह [[क्षत्रिय]] था।<ref>[http://ddugu.ac.in/ePathshala_Attachments/STUDY370@184966.pdf शिशुनाग वंश]{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
शिशुनाग ने मगध से [[बंगाल]] की सीमा से [[मालवा]] तक विशाल भू-भाग पर अधिकार कर लिया। शिशुनाग ने सर्वप्रथम मगध के प्रबल प्रतिद्वन्दी राज्य [[अवन्ति]] को मिलाया। मगध की सीमा पश्चिम [[मालवा]] तक फैल गई और [[वत्स]] को मगध में मिला दिया। वत्स और अवन्ति के मगध में विलय से, [[पाटलिपुत्र]] को पश्चिमी देशों से व्यापारिक मार्ग के लिए रास्ता खुल गया।
शिशुनाग एक शक्तिशाली शासक था जिसने [[गिरिव्रज]] के अलावा [[वैशाली]] नगर को भी अपनी राजधानी बनाया। 395/394 ई.पू. में इसकी मृत्यु हो गई।
=== कालाशोक (काकवर्ण)===
{{main|कालाशोक}}
[[कालाशोक]] (394–366 ई.पू.) शिशुनाग का पुत्र था जो उसकी मृत्यु के बाद मगध का शासक बना। [[महावंश]] में इसे कालाशोक तथा पुराणों में "'काकवर्ण'" कहा गया है। कालाशोक ने अपनी राजधानी को पुनः पाटलिपुत्र स्थानांतरित करवा दिया था। इसने 28 वर्षों तक शासन किया। कालाशोक के शासनकाल में ही बौद्ध धर्म की द्वितीय संगीति का आयोजन हुआ।
[[बाणभट्ट]] रचित [[हर्षचरित]] के अनुसार [[काकवर्ण]] को राजधानी [[पाटलिपुत्र]] में घूमते समय उनके ही पुत्र [[महापद्यनन्द]] ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। 366 ई.पू. कालाशोक की मृत्यु हो गई।
=== अन्य शासक और राजवंश का अंत ===
[[महाबोधिवंश]] के अनुसार कालाशोक के दस पुत्र थे, जिन्होंने मगध पर 28 वर्षों तक शासन किया।
=== महानन्दि ===
{{main|महानन्दि}}
शिशुनाग वंश का अंतिम राजा महानन्दि था। 345/344 ई.पू. में
उसके बेटे [[महापद्म नन्द]] द्वारा महानन्दि की हत्या कर साम्राज्य को कब्जा लिया और [[नंद वंश]] की नीव रखी। इसी के साथ शिशुनाग वंश का अन्त हो गया और नंद वंश का उदय हुआ।
== शासकों की सूची ==
{| class="wikitable"
|+शिशुनाग राजवंश के शासकों की सूची
!क्रम-संख्या
!शासक
!शासन अवधि (ई.पू)
!शासन वर्ष
!टिप्पणी
|-
|1.
|[[शिशुनाग|महाराजा शिशुनाग]]
| 413–395
| 18
|महाराजा नागदशक की हत्या करने के बाद राजवंश की स्थापना की।
|-
|2.
|[[काकवर्ण|महाराजा कालाशोक]]
| 395–377
| 18
|[[शिशुनाग|महाराजा शिशुनाग]] का पुत्र
|-
|3.
|महाराजा क्षेमधर्मन
| 377–365
| 12
|[[काकवर्ण|महाराजा कालाशोक]] का पुत्र
|-
|4.
|महाराजा क्षत्रौजस
| 365–355
| 10
|महाराजा क्षेमधर्मन का पुत्र
|-
|5.
|[[नंदिवर्धन|महाराजा नंदिवर्धन]]
| 355–349
| 6
|महाराजा क्षत्रौजस का पुत्र
|-
|6.
| [[महानन्दि|महाराजा महानन्दि]]
| 349–345
| 4
|वंश का अंतिम शासक, उसका साम्राज्य उसके बेटे [[महापद्म नन्द]] को कब्जा लिया।
|-
|}
== इन्हें भी देखें ==
* [[मगध]]
* [[महाजनपद]]
* [[नंद वंश]]
* [[मगध के राजवंशों और शासकों की सूची]]
* [[भारत के राजवंशों और सम्राटों की सूची]]
* [[हिन्दू साम्राज्यों और राजवंशों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मगध]]
[[श्रेणी:राजवंश]]
[[श्रेणी:महाजनपद]]
[[श्रेणी:मगध के राजवंश]]
[[श्रेणी:भारत का इतिहास]]
ff506egti26f8zb39wv2a7uhai11mm9
साँचा:ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत
10
46103
6534046
6529847
2026-03-28T19:13:45Z
The Sorter
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6534046
wikitext
text/x-wiki
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|#9BE89B<!-- islam --> = [[इस्लामी सम्प्रदाय एवं शाखाएँ|शाखा/संप्रदाय]]
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|#FFCC99<!-- Roman Catholic --> = [[गिरजाघर प्रांत|प्रांत]]
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विजय राज़
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'''विजय राज़''' [[हिन्दी]] फ़िल्मों के एक [[अभिनेता]] हैं।<ref>{{Cite web|title='Kya Dilli Kya Lahore' review: Vijay Raaz's directorial debut isn't perfect, but watchable|url=https://www.news18.com/news/india/kya-dilli-kya-lahore-review-vijay-raazs-directorial-debut-isnt-perfect-but-watchable-685252.html|date=2014-05-02|website=News18|access-date=2020-05-17|archive-date=14 July 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170714141945/http://www.news18.com/news/india/kya-dilli-kya-lahore-review-vijay-raazs-directorial-debut-isnt-perfect-but-watchable-685252.html|url-status=live}}</ref>
== प्रमुख फिल्में==
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|
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|विकी विद्या का वो वाला वीडियो
|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
|
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|क्या मेरी सोनम गुप्ता बेवफा है?
|
|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
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|
|
|-
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|
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|
|
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|
|
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|
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|
|
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|
|
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|
|
|-
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|
|
|-
|पटाखा
|
|
|-
|लुप्त
|
|
|-
| [[सूरमा]] ||कोच ||
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|-
|[[:श्रेणी:2007 में बनी हिन्दी फ़िल्म|2007]] || [[अनवर (2007 फ़िल्म)|अनवर]] || ||
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|[[:श्रेणी:2007 में बनी हिन्दी फ़िल्म|2007]] || [[फूल एन फाइनल (२००७ फ़िल्म)|फूल एन फाइनल]] || अब्दुल डिकी ||
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|[[:श्रेणी:2007 में बनी हिन्दी फ़िल्म|2007]] || [[ब्रेकिंग न्यूज़ (2007 फ़िल्म)|ब्रेकिंग न्यूज़]] || ||
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|-
|[[:श्रेणी:2001 में बनी हिन्दी फ़िल्म|2001]] || [[अक्स]] || येडा याकूब ||
|-
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|-
|}
== नामांकन और पुरस्कार ==
== सन्दर्भ ==
[[उदयपुर फाइल्स]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
[[श्रेणी:बॉलीवुड]]
[[श्रेणी:अभिनेता]]
[[श्रेणी:हिन्दी अभिनेता]]
[[श्रेणी:1963 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:दिल्ली के लोग]]
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विलासराव देशमुख
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
}}
[[चित्र:Vilasrao Deshmukh BNHS.JPG|thumb|२००८ की एक घटना के दौरान एक सम्मेलन में देशमुख]]
'''विलासराव दगड़ोजीराव देशमुख''' [[महाराष्ट्र]] के [[मुख्यमन्त्री (भारत)|मुख्यमंत्री]] थे। ये [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के सदस्य भी हैं। ये [[महाराष्ट्र]] के [[लातूर जिला]] के हैं।
श्री '''विलासराव देशमुख''' को [[भारत सरकार]] की [[पंद्रहवीं लोकसभा]] के [[पंद्रहवीं लोकसभा का मंत्रिमंडल|मंत्रीमंडल]]
में [[बड़े उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय, भारत सरकार|बड़े उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम]] में मंत्री बनाया गया था।
== जीवन ==
इनका जन्म [[२६ मई]] [[१९४५]] को महाराष्ट्र के लातूर जिले मे बाभलगाव मे हुआ था एवं मृत्यु अगस्त १४, २०१२ को चेन्नई के अस्पताल में हुयी।
== पुत्र ==
इनके तीन पुत्र हैं | सबसे बडे बेटे का नाम श्री. अमित विलासराव देशमुख है, जो की महाराष्ट्र राज्य के मंत्री भी रह चुके है | मझले बेटे [[रितेश देशमुख]] [[हिन्दी सिनेमा|बॉलीवुड]] ([[हिन्दी सिनेमा]] जगत) का एक प्रसिद्ध अभिनेता है| सबसे छोटे बेटे का नाम धीरज विलासराव देशमुख है | ये भी एक राजनेता हैं | ये भी महाराष्ट्र मे विधायक रह चुके हैं |
== इस्तीफा ==
[[२६ नवम्बर २००८ मुंबई में श्रेणीबद्ध गोलीबारी]] के बाद इन्होंने धमाकों में अपनी व सरकार की कमियों को मानते हुए अपने पद पर [[३ दिसम्बर|३ दिसंबर]] को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे श्रीमती [[सोनिया गांधी|सोनिया गाँधी]] ने स्वीकार भि कर लिया है। इसके साथ ही सोनिया ने देशमुख को निर्देश दिया है कि वे राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दें.<ref>[http://aajtak.itgo.in/index.php?option=com_content&task=view&id=4353§ionid=13&secid=0&issueid=&Itemid=1 आजतक]{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
मुंबई में आतंकी हमलों के बाद जनता की हिफाजत में अक्षम साबित होने का आरोप झेल रहे विलासराव देशमुख की कुर्सी आखिरकार छिन ही गई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा सौंपने के बाद वे पार्टी के निर्देश का इंतजार कर रहे थे। अब राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा जाना महज औपचारिकता ही रह गई है।
गौरतलब है कि मुंबई में आतंकी हमलों के बाद विलासराव देशमुख जब होटल ताज का जायजा ले रहे थे, तो साथ में उनके अभिनेता पुत्र रीतेश देशमुख और फिल्म निर्देशक रामगोपाल वर्मा भी थे। इस घटनाक्रम के बाद उन पर यह आरोप लगा कि आतंकी हमले जैसे गंभीर मसले को भी उन्होंने बेहद हल्के तरीके से लिया।
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{{succession box|
before=[[नारायण राणे]]|
title=[[महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री]]|
years=18 अक्टूबर 1999 - 16 जनवरी 2003|
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| before = [[सुशील कुमार शिंदे]]
| title = [[महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की सूची|महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री]]
| start = 1 नवं 2004
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== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:1945 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:२०१२ में निधन]]
[[श्रेणी:महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री]]
[[श्रेणी:भारत सरकार के मंत्री]]
[[श्रेणी:महाराष्ट्र के राजनेता]]
[[श्रेणी:राज्यसभा सदस्य]]
[[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:इनका एक लड़का वर्तमान में विधायक भी है ]]
{{भारत-राजनीतिज्ञ-आधार}}
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अट्ठकथा
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text/x-wiki
{{distinguish|आट्टकथा}}
'''अट्ठकथा''' (अर्थकथा) [[बौद्ध धर्म]] के थेरवाद सम्प्रदाय के त्रिपिटक ग्रंथों पर लिखे गए [[भाष्य]] हैं। पालि भाषा के मूल ग्रन्थ की व्याख्या स्पष्ट करने के लिए पहले उससे संबद्ध कथा का उल्लेख कर दिया जाता है, फिर उसके शब्दों के अर्थ बताए जाते हैं। [[त्रिपिटक]] के प्रत्येक ग्रंथ पर ऐसी अट्ठकथा प्राप्त होती है।
अट्ठकथा की परंपरा मूलतः कदाचित् लंका में [[सिंहल भाषा]] में प्रचलित हुई थी। आगे चलकर जब भारतवर्ष में बौद्ध धर्म का ह्रास होने लगा तब लंका से अट्ठकथा लाने की आवश्यकता हुई। इसके लिए चौथी शताब्दी में [[आचार्य रेवत]] ने अपने प्रतिभाशाली शिष्य [[बुद्धघोष]] को लंका भेजा। बुद्धघोष ने [[विसुद्धिमग्ग]] जैसा प्रौढ़ ग्रंथ लिखकर लंका के स्थविरों को संतुष्ट किया और सिंहली ग्रंथों के पालि अनुवाद करने में उनका सहयोग प्राप्त किया। आचार्य [[बुद्धदत्त]] और [[धम्मपाल]] ने भी इसी परंपरा में कतिपय ग्रंथों पर अट्ठकथाएँ लिखीं।
[[चित्र:Leaf from a manuscript of Atthakatha.jpg|center|thumb|500px|अट्ठकथा की पाण्डुलिपि का एक पत्र]]
==अट्ठकथाएँ और उनके रचनाकार==
{| class="wikitable centre" width="80%"
! style="background: orange;" | पिटक
!! style="background: yellow;" | अट्ठकथा
!! style="background: yellow;" | मूलग्रन्थ
!! style="background: yellow;" | अट्ठकथाकार
|-
| width="25%" align="center" rowspan="2" | '''[[विनयपिटक]]'''
| width="25%" | विनय
| width="25%" | सामन्तपासादिका
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | पतिमोक्ख
| width="25%" | कंखावितरणी, या माटिकट्ठकथा
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" align="center" rowspan="12" | '''[[सुत्तपिटक]]'''
| width="25%" | [[दीर्घनिकाय]]
| width="25%" | सुमङ्गलविलासिनी
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | [[मज्झिमनिकाय]]
| width="25%" | पपञ्चसूदनी
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | [[संयुक्तनिकाय]]
| width="25%" | सारत्थप्पकासिनी
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | [[अंगुत्तरनिकाय]]
| width="25%" | मनोरथपूरणी
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | खुद्दकपाठ<br />[[सुत्तनिपात]]
| width="25%" | परमत्थजोतिका
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | [[धम्मपद]]
| width="25%" | धम्मपद-अट्ठकथा
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | [[उदान]]<br />[[इतिवुत्तक]]<br />विमानवत्थु<br />पेतवत्थु<br />[[थेरगाथा]]<br />[[थेरीगाथा]]<br />चरियापिटक
| width="25%" | परमत्थदीपनी
| width="25%" | धम्मपाल
|-
| width="25%" | [[जातक]]
| width="25%" | जातक-अट्ठवण्णन
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | निद्देश
| width="25%" | सद्धम्मपज्जोतिका
| width="25%" | उपसेन
|-
| width="25%" | पटिसम्भिदामग्ग
| width="25%" | सद्धम्मप्पकासिनी
| width="25%" | महानाम
|-
| width="25%" | अपदान
| width="25%" | विसुद्धजनविलासिनी
| width="25%" | अज्ञात
|-
| width="25%" | बुद्धवंश
| width="25%" | मधुरत्थविलासिनी
| width="25%" | [[बुद्धदत्त]]
|-
| width="25%" align="center" rowspan="3" | '''[[अभिधम्मपिटक]]'''
| width="25%" | धम्मसङ्गणी
| width="25%" | अत्थसालिनी
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | विभङ्ग
| width="25%" | सम्मोहविनोदनी
| width="25%" | बुद्धघोष
|-
| width="25%" | धातुकथा<br />पुग्गलपञ्ञत्ति<br />कथावत्थु<br />यमक<br />तिकपट्ठान<br />दुकपट्ठान
| width="25%" | पञ्चप्पकरण-अत्थकथा
| width="25%" | बुद्धघोष
|}
==प्राचीन अट्ठकथाएँ ==
आरम्भिक प्राचीन अट्ठकथाएँ 6 हैं<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.57836/page/n97/mode/1up|quote =The six earlier commentaries as follows :(1) The commentary of the dwellers in the North Minster’— the Uttara Vihara— at Anuradhapura. (2) The Maha-atthakatha , or simply , the Atthakatha’ of the dwellers in the ‘Great Minster’— the Mahavihara— also at- Anuradhapura. (3) The Andha-atthakatha , handed down at Kanclpura (Conjeeveram) in South India. (4) Mahapaccari or Great Raft, said, to be so called from its having been composed on a raft somewhere in Ceylon. (5) The Kurunda-atthakatha so-called because it was composed at the Kuhundavelu Vihara in Ceylon. (6) The Samkhepa-atthakatha or short commentary, which, as being mentioned together with the Andha Commentary, may possibly be also South Indian .|page=75|title=Ceylon Lectures Delivered As Extension Lectures In Ceylon In March-1944|last=Barua|first=Beni Madhab|date=1945}}</ref> :
1. महा-अट्टकथा या मूल-अट्टकथा<br>
2. उत्तरविहार-अट्टकथा<br>
3. महा-पच्चारिय-अट्टकथा<br>
4. कुरुण्डी-अट्टकथा<br>
5. अंधकट्ठकथा<br>
6. संखेप अट्टकथा<br>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भाष्य]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* Bullitt, John T. (2002). ''Beyond the Tipitaka: A Field Guide to Post-canonical Pali Literature''. Retrieved on 2007-05-09 from "Access to Insight" at: https://web.archive.org/web/20090509081756/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/bullitt/fieldguide.html.
* [https://web.archive.org/web/20071109080441/http://www.mahavamsa.org/index.html The Mahavamsa ] The Great Chronicle of Sri Lanka.
* [https://web.archive.org/web/20090505013858/http://www.abhidhamma.org/visuddhimagga-1.htm The Path of Purification, Translated from the Pali by Bhikkhu Nanamoli] - first 90 pages.
* [https://web.archive.org/web/20190325050821/http://www.buddhismdictionary.org/ Buddhism Dictionary - helps you to understand Buddhism - the main religion of Sri Lanka better]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:साहित्य]]
[[श्रेणी:बौद्ध धर्म]]
[[श्रेणी:पालि]]
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छत्तीसगढ़ के उत्सव
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QuestForTrueTruth
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मड़ई उत्सव के बारे में जानकारी जोड़ी गई है।
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{{स्रोतहीन|date=मार्च 2026}}
'''[[छत्तीसगढ़]]''' [[भारत]] में सांस्कृतिक और पारंपरिक प्रथाओं की एक विविध श्रृंखला को अपनाता है। राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए सावधानीपूर्वक कदम उठाए जाने के कारण, ये त्योहार और परंपराएँ प्राचीन काल से मनाई जाती रही हैं, जो इस क्षेत्र की गहरी जड़ें जमाए विरासत को दर्शाती हैं।
[[छत्तीसगढ़]] में बहुत से त्यौहार, पर्व व उत्सव मनाए जाते हैं।
== प्रमुख त्योहार ==
=== बस्तर दशहरा ===
[[File:Bastar Dusshera Unexplored Bastar.jpg|thumb|right|250px|बस्तर दशहरा जुलूस के दौरान उपयोग किया जाने वाला विशाल लकड़ी का रथ।]]
बस्तर दशहरा बस्तर संभाग का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जो आदिवासी समुदायों की सर्वोच्च देवी दंतेश्वरी को समर्पित है। 75 दिनों की अवधि में मनाया जाने वाला यह त्योहार दुनिया के सबसे लंबे त्योहारों में से एक माना जाता है।<ref name="BastarDussehra_Utsav">{{cite web |title=Bastar Dussehra - Jagdalpur, Chhattisgarh |url=https://utsav.gov.in/view-event/bastar-dussehra-jagdalpur-chhattisgarh-1 |publisher=Ministry of Tourism, Government of India |access-date=17 February 2026}}</ref> भारत भर में मनाए जाने वाले मानक [[दशहरा]] के विपरीत, जो [[रामायण|राम की रावण पर विजय]] के लिए मनाया जाता है, यह उत्सव स्थानीय देवताओं के समागम और जनजातीय अनुष्ठानों पर केंद्रित है, जिसकी शुरुआत 13वीं शताब्दी में राजा पुरुषोत्तम देव द्वारा की गई थी।<ref name="SahapediaDussehra">{{cite web |title=Bastaria Dussehra: A Coming Together of Deities |url=https://www.sahapedia.org/bastaria-dussehra-coming-together-of-deities |publisher=Sahapedia |access-date=17 February 2026}}</ref>
=== बस्तर लोकोत्सव ===
बस्तर लोकोत्सव छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। यह प्रतिवर्ष वर्षा ऋतु के बाद (आमतौर पर दिसंबर या जनवरी में) मनाया जाता है और इसमें दूरस्थ स्थानों से विभिन्न जनजातीय समूहों की भागीदारी होती है।<ref name="BastarLokotsav_Wiki">{{cite web |title=Bastar Lokotsav: Cultural Extravaganza |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Bastar_Lokotsav |access-date=17 February 2026}}</ref> इस दौरान [[जगदलपुर]] में "बस्ता परब" नामक एक प्रमुख आयोजन किया जाता है, जिसमें जनजातीय गीत, नृत्य और दुर्लभ हस्तशिल्प प्रदर्शित किए जाते हैं।<ref name="BastarLokotsav_Wiki" />
=== भोरमदेव महोत्सव ===
यह उत्सव ऐतिहासिक [[भोरमदेव मंदिर]] परिसर में [[कबीरधाम जिला]] में आयोजित किया जाता है, और यह भगवान शिव को समर्पित है। इसे पहली बार 14वीं शताब्दी में [[नागवंशी]] वंश के राजाओं द्वारा आयोजित किया गया था।<ref name="Bhoramdeo_Fest">{{cite web |url=https://www.chhattisgarhtours.com/bhoramdeo-festival.html |title=Bhoramdeo Festival of Chhattisgarh |access-date=17 February 2026}}</ref> यह उत्सव मार्च के अंत में आयोजित होता है, जिसमें पूरे राज्य से लोक कलाकार आते हैं, जो पंथी और राउत नाचा जैसे पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करते हैं।<ref name="Bhoramdeo_Fest" />
=== चंपारण मेला ===
[[चंपारण]] संत [[वल्लभाचार्य]] का जन्मस्थान होने के कारण एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जो पुष्टिमार्ग संप्रदाय के संस्थापक थे। यहाँ प्रतिवर्ष दो प्रमुख मेले आयोजित होते हैं: एक संत की जयंती के अवसर पर अप्रैल में और दूसरा कार्तिक पूर्णिमा (अक्टूबर–नवंबर) के दौरान, जिसमें पूरे भारत से [[वैष्णव]] भक्त सम्मिलित होते हैं।<ref name="Champaran_Mela">{{cite web |url=https://prepp.in/question/the-champaran-mela-is-celebrated-every-year-in-whi-65e0a397d5a684356e99b7e3 |title=Significance of Champaran Mela |access-date=17 February 2026}}</ref>
=== राजिम माघी पुन्नी मेला ===
पूर्व में राजिम कुंभ के नाम से जाना जाता था, यह राज्य के सबसे बड़े धार्मिक सम्मेलनों में से एक है। यह "छत्तीसगढ़ का प्रयाग" में आयोजित किया जाता है, जो महानदी, पैरी और सोंदूर नदियों के संगम (''संगम'') पर स्थित है।<ref name="RajimKumbh">{{cite web |title=Rajim Maghi Punni Mela: The Fifth Kumbh |url=http://www.sahapedia.org/rajim-maghi-punni-mela-rudri-0 |publisher=Sahapedia |access-date=17 February 2026}}</ref> मेला माघ पूर्णिमा से शुरू होता है और [[महाशिवरात्रि]] पर समाप्त होता है, जिसमें पवित्र स्नान और आध्यात्मिक प्रवचन शामिल होते हैं।<ref name="RajimKumbh" />
=== होली ===
जातीय उत्साह की अभिव्यक्ति का एक और उम्दा माध्यम है, छत्तीसगढ़ के अपने तीज-त्यौहार हैं। हिन्दुओं के त्यौहार ही प्रायः मानते हैं। अलबत्ता कुछेक त्यौहार जरुर ऐसे होते हैं जो खास महत्व लिए रहते हैं। इन्हीं में फागुन की मस्ती में डूबा होली विशेष त्यौहार है। होली देवार में काफी उमंग-हड़दंग के संग मनती है। इस दिन समूचा कुनबा महुये की मदमस्ती में मस्त हो जाता है। मांदर, ढोल मंजीरे के संग गीत भी गाये जाते है। होली पर किसी चिन्हित स्थान पर एकत्र होने का चलन है। इस रोज शुभ मुहुर्त देखकर बैगा अनुष्ठान करना है और उसकी अनुमति के उपरांत प्रतीकात्मक होली जलाई जाती है। वृद्ध-जवान और बच्चा मंडली भी मदिरा पीकर लोट-पोट होती है।
=== पोरा ===
देवारों में पोरा काफी महत्व है। अलबला तीजा नहीं मानते। सामान्यतः बहन को भाई जिस तरह अपने घर लाते हैं उस परंपरा की बजाय बहन ससुराल में रहकर ही तीजा मानती है। वहीं व्रत-उपवास आदि होता है। लेकिन वस्त्रादि उपहार स्वद्वप देने का कोई चलन नहीं है। पोरा में कुम्हारों से मिट्टी की कुछ वस्तुयें खरीदकर उसकी पूजा के बाद बलि दी जाती है। भादो के शुक्ल पक्ष में ठाकुर देव को भी ये लोग बड़ी आस्था से पूजते हैं और बलि के बाद प्रसाद बंटता है।
=== सकट ===
देवारों में सकट का अत्यधिक महत्वपूर्ण पर्व है। सकट में महिलायें अपने माता-पिता के घर आती है। उपवास रखा जाता है। सामूहिक भोज से उपवास तोड़ा जाता है। परिजन वस्त्र, श्रृंगार सामग्रियां अपनी कन्या को देते हैं।
=== हरेली ===
हरेली यद्यपि खेतिहर-समाज का पर्व है फिर भी इसके दूसरे स्वरुप यानी तंत्र मंत्र वाले हिस्से को देवारों का वर्ग मानता है। जिस तरह छत्तीसगढ़ के ग्राम्यांचलों में बुरी-बलाओं को बाहर ही रखने नीम की पत्तियों को लवय की तरह इस्तेमाल करते है। उसी तरह देवार भी नीम की डंगालों का सहारा लेते है। सुअर डेरा के बाहर नीम की पत्तियां खोंसी जाती हैं। अपने संगीतिक उपकरण को भी हरेली पर पूजते हैं। लेकिन व्यापक तौर पर हरेली का उत्सव नहीं मनता।
[[चित्र:Hareli Festival.jpg|thumb|हरेली के अवसर पर नीम के साथ एक ग्रामीण]]
=== नृत्य-गान ===
देवारों की प्रामणिक पहचान उनका सांस्कृतिक ज्ञान हैं। जन-सामान्य में भी उनके इसी रूप की सर्वाधिक ख्याति हैं। इन्हें प्रतिष्ठा दिलवाने में गायन, वादन एवं नृत्य पर इनका अचूक अधिका माना गया हैं। इस जन्म-जात और असाधारण कला-ज्ञान के चलते हर हमेशा से देवार जीवंत बने हुए हैं। जीवन के प्रत्येक पल में गीत नृत्य की खनक दीवारों का जातीय गुण हैं। इनकी इसी विशेषता के दर्शन रोजमर्रा की दिनचर्या में सायंकाल के समय में डेरा में आसानी से कर सकते हैं। जीविकोपार्जन का एक ठोस माध्यम तो यह हैं ही, वाद्य, गायन एवं नर्तन इन तीन बिंदुओं के सहारे भी इनकी विशेषतायें समझी जा सकती है। सांगीतक भेद को आधार मानें तो रायपुरिहा और रतनपुरिहा देवारों की अलग-अलग पहचान हैं। जो इन्हें समझने में भी सहायक बनते हैं।
== सांस्कृतिक और भाषा संबंधी पालन ==
'''छत्तीसगढ़ राज्योत्सव:''' 1 नवंबर को राज्य के 2000 में गठन की स्मृति में मनाया जाता है। यह एक बहु-दिवसीय सांस्कृतिक और औद्योगिक उत्सव है, जो मुख्यतः नया रायपुर में आयोजित होता है।<ref name="Rajyotsava">{{cite web |title=Chhattisgarh Rajyotsava - Foundation Day |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Chhattisgarh_Rajyotsava |access-date=17 February 2026}}</ref>
'''छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस:''' 28 नवंबर को मनाया जाता है, 2007 के उस दिन का उत्सव मनाने के लिए जब [[छत्तीसगढ़ी]] को [[विधान सभा]] द्वारा राज्य की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया था।<ref name="LangDay">{{cite news |title=Chhattisgarhi Rajbhasha Diwas Celebrations |url=https://hanka.gurturgoth.com/chhattisgarhi-official-language-day-2/ |work=Gurtur Goth |access-date=17 February 2026}}</ref>
== कृषि और जनजातीय त्योहार ==
=== गोंचा त्योहार ===
इसे रथ उत्सव के रूप में भी जाना जाता है, यह पुरी की [[रथ यात्रा]] के साथ मेल खाता है। यह "टुपकी" परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहां जनजातीय युवा बांस की नकली बंदूकों का उपयोग करके गोंचा फलों को हानिरहित प्रक्षेप्य के रूप में चलाते हैं।<ref name="Goncha_Utsav">{{cite web |title=Bastar Goncha Festival |url=https://utsav.gov.in/view-event/bastar-goncha-festival-2025 |publisher=Ministry of Tourism |access-date=17 February 2026}}</ref>
=== मड़ई उत्सव ===
[[गोंड जनजाति]] का एक महत्वपूर्ण उत्सव, मड़ई दिसंबर से मार्च तक मनाया जाता है। यह एक चलित उत्सव है जो एक गाँव से दूसरे गाँव में जाता है (बस्तर से शुरू होकर नारायणपुर और कांकेर की ओर बढ़ता है), जहाँ श्रद्धालु स्थानीय अधिष्ठाता देवता की पूजा करते हैं।<ref name="Madai_Wiki">{{cite web |title=Madai Festival Traditions |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Madai_Festival |access-date=17 February 2026}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:छत्तीसगढ़ के उत्सव]]
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6534106
2026-03-29T07:45:54Z
संजीव कुमार
78022
[[Special:Contributions/QuestForTrueTruth|QuestForTrueTruth]] ([[User talk:QuestForTrueTruth|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
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wikitext
text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=मार्च 2026}}
'''[[छत्तीसगढ़]]''' [[भारत]] में सांस्कृतिक और पारंपरिक प्रथाओं की एक विविध श्रृंखला को अपनाता है। राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए सावधानीपूर्वक कदम उठाए जाने के कारण, ये त्योहार और परंपराएँ प्राचीन काल से मनाई जाती रही हैं, जो इस क्षेत्र की गहरी जड़ें जमाए विरासत को दर्शाती हैं।
[[छत्तीसगढ़]] में बहुत से त्यौहार, पर्व व उत्सव मनाए जाते हैं।
== प्रमुख त्योहार ==
=== बस्तर दशहरा ===
[[File:Bastar Dusshera Unexplored Bastar.jpg|thumb|right|250px|बस्तर दशहरा जुलूस के दौरान उपयोग किया जाने वाला विशाल लकड़ी का रथ।]]
बस्तर दशहरा बस्तर संभाग का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जो आदिवासी समुदायों की सर्वोच्च देवी दंतेश्वरी को समर्पित है। 75 दिनों की अवधि में मनाया जाने वाला यह त्योहार दुनिया के सबसे लंबे त्योहारों में से एक माना जाता है।<ref name="BastarDussehra_Utsav">{{cite web |title=Bastar Dussehra - Jagdalpur, Chhattisgarh |url=https://utsav.gov.in/view-event/bastar-dussehra-jagdalpur-chhattisgarh-1 |publisher=Ministry of Tourism, Government of India |access-date=17 February 2026}}</ref> भारत भर में मनाए जाने वाले मानक [[दशहरा]] के विपरीत, जो [[रामायण|राम की रावण पर विजय]] के लिए मनाया जाता है, यह उत्सव स्थानीय देवताओं के समागम और जनजातीय अनुष्ठानों पर केंद्रित है, जिसकी शुरुआत 13वीं शताब्दी में राजा पुरुषोत्तम देव द्वारा की गई थी।<ref name="SahapediaDussehra">{{cite web |title=Bastaria Dussehra: A Coming Together of Deities |url=https://www.sahapedia.org/bastaria-dussehra-coming-together-of-deities |publisher=Sahapedia |access-date=17 February 2026}}</ref>
=== होली ===
जातीय उत्साह की अभिव्यक्ति का एक और उम्दा माध्यम है, छत्तीसगढ़ के अपने तीज-त्यौहार हैं। हिन्दुओं के त्यौहार ही प्रायः मानते हैं। अलबत्ता कुछेक त्यौहार जरुर ऐसे होते हैं जो खास महत्व लिए रहते हैं। इन्हीं में फागुन की मस्ती में डूबा होली विशेष त्यौहार है। होली देवार में काफी उमंग-हड़दंग के संग मनती है। इस दिन समूचा कुनबा महुये की मदमस्ती में मस्त हो जाता है। मांदर, ढोल मंजीरे के संग गीत भी गाये जाते है। होली पर किसी चिन्हित स्थान पर एकत्र होने का चलन है। इस रोज शुभ मुहुर्त देखकर बैगा अनुष्ठान करना है और उसकी अनुमति के उपरांत प्रतीकात्मक होली जलाई जाती है। वृद्ध-जवान और बच्चा मंडली भी मदिरा पीकर लोट-पोट होती है।
=== पोरा ===
देवारों में पोरा काफी महत्व है। अलबला तीजा नहीं मानते। सामान्यतः बहन को भाई जिस तरह अपने घर लाते हैं उस परंपरा की बजाय बहन ससुराल में रहकर ही तीजा मानती है। वहीं व्रत-उपवास आदि होता है। लेकिन वस्त्रादि उपहार स्वद्वप देने का कोई चलन नहीं है। पोरा में कुम्हारों से मिट्टी की कुछ वस्तुयें खरीदकर उसकी पूजा के बाद बलि दी जाती है। भादो के शुक्ल पक्ष में ठाकुर देव को भी ये लोग बड़ी आस्था से पूजते हैं और बलि के बाद प्रसाद बंटता है।
=== सकट ===
देवारों में सकट का अत्यधिक महत्वपूर्ण पर्व है। सकट में महिलायें अपने माता-पिता के घर आती है। उपवास रखा जाता है। सामूहिक भोज से उपवास तोड़ा जाता है। परिजन वस्त्र, श्रृंगार सामग्रियां अपनी कन्या को देते हैं।
=== हरेली ===
हरेली यद्यपि खेतिहर-समाज का पर्व है फिर भी इसके दूसरे स्वरुप यानी तंत्र मंत्र वाले हिस्से को देवारों का वर्ग मानता है। जिस तरह छत्तीसगढ़ के ग्राम्यांचलों में बुरी-बलाओं को बाहर ही रखने नीम की पत्तियों को लवय की तरह इस्तेमाल करते है। उसी तरह देवार भी नीम की डंगालों का सहारा लेते है। सुअर डेरा के बाहर नीम की पत्तियां खोंसी जाती हैं। अपने संगीतिक उपकरण को भी हरेली पर पूजते हैं। लेकिन व्यापक तौर पर हरेली का उत्सव नहीं मनता।
[[चित्र:Hareli Festival.jpg|thumb|हरेली के अवसर पर नीम के साथ एक ग्रामीण]]
=== नृत्य-गान ===
देवारों की प्रामणिक पहचान उनका सांस्कृतिक ज्ञान हैं। जन-सामान्य में भी उनके इसी रूप की सर्वाधिक ख्याति हैं। इन्हें प्रतिष्ठा दिलवाने में गायन, वादन एवं नृत्य पर इनका अचूक अधिका माना गया हैं। इस जन्म-जात और असाधारण कला-ज्ञान के चलते हर हमेशा से देवार जीवंत बने हुए हैं। जीवन के प्रत्येक पल में गीत नृत्य की खनक दीवारों का जातीय गुण हैं। इनकी इसी विशेषता के दर्शन रोजमर्रा की दिनचर्या में सायंकाल के समय में डेरा में आसानी से कर सकते हैं। जीविकोपार्जन का एक ठोस माध्यम तो यह हैं ही, वाद्य, गायन एवं नर्तन इन तीन बिंदुओं के सहारे भी इनकी विशेषतायें समझी जा सकती है। सांगीतक भेद को आधार मानें तो रायपुरिहा और रतनपुरिहा देवारों की अलग-अलग पहचान हैं। जो इन्हें समझने में भी सहायक बनते हैं।
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:छत्तीसगढ़ के उत्सव]]
c3dvu01va7i27wfv5110tb2pyav32ei
शेखावत
0
64348
6534234
6518670
2026-03-29T11:49:31Z
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6534234
wikitext
text/x-wiki
{| class="infobox" style="width:250px; font-size: 95%; text-align:left;"
|-
| colspan="2" style="text-align:center; font-size: medium; font-weight: bold; background:#f2f2f2;" | '''शेखावत'''
|-
| colspan="2" style="text-align:center;" | [[File:Maharao shekha statue.jpg|200px]]
|-
| colspan="2" style="text-align:center; font-size:90%;" | शेखावत वंश के संस्थापक, [[महाराव शेखा]] की प्रतिमा [[सीकर]] में
|-
| '''क्षेत्र'''
| [[ढूंढाड़]], [[आमेर]]/[[जयपुर]]
|-
| '''मूल वंश'''
| [[कछवाहा]]
|-
| '''शासन'''
| [[शेखावाटी]]
|-
| '''[[ब्रिटिश भारत में रियासतें|रियासतें]]'''
| [[शेखावाटी|शेखावाटी के ठिकाने]]
|}
'''शेखावत''' [[कछवाहा|कछवाहा राजपूतों]] का एक प्रमुख उपवंश है, जो मुख्य रूप से [[भारत]] के [[राजस्थान]] के [[शेखावाटी]] क्षेत्र में पाया जाता है।<ref>{{Cite book |last=रीमा हूजा |url=http://archive.org/details/a-history-of-rajasthan |title=अ हिस्ट्री ऑव राजस्थान |pages=696 |quote=उन्होंने मेवातियों के विरुद्ध अपने अभियान को कछवाहा-अधिकृत क्षेत्रों में आगे बढ़ाया और अमरसर पर आक्रमण किया। उस समय अमरसर पर कछवाहों की शेखावत उप-शाखा के रायमल का अधिकार था।}}</ref> इस उपवंश को [[महाराव शेखा]] का वंशज माना जाता है, जो 15वीं शताब्दी के एक उल्लेखनीय राजपूत शासक थे। इनके नाम पर ही इस उपवंश और इस क्षेत्र दोनों का नाम पड़ा।<ref>{{Cite book |last=रीमा हूजा |url=http://archive.org/details/a-history-of-rajasthan |title=अ हिस्ट्री ऑव राजस्थान |pages=582 |quote=इस प्रकार, इस कुल के एक वंशज शेखा से, जिसने उस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया जिसे आज भी शेखावाटी कहा जाता है, शेखावत उप-शाखा की उत्पत्ति हुई।}}</ref>
==उल्लेखनीय लोग==
*[[भैरोंसिंह शेखावत]], भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति। उन्होंने 1977 से 1980, 1990 से 1992 और 1993 से 1998 तक तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें वर्ष 2003 में [[पद्म भूषण]] से सम्मानित किया गया।
*[[गजेंद्र सिंह शेखावत]] जोधपुर से सांसद और [[भारतीय जनता पार्टी]] के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने जल शक्ति मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्री (2019-2024) के रूप में कार्य किया है। वे वर्तमान में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।<ref>{{Cite web |title=पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार |url=https://tourism.gov.in/minister/shri-gajendra-singh-shekhawat |archive-url=https://web.archive.org/web/20251107180038/https://tourism.gov.in/minister/shri-gajendra-singh-shekhawat |archive-date=7 नवंबर 2025 |access-date=2026-01-17 |website=tourism.gov.in |language=en |url-status=live }}</ref>
*[[सौरभ सिंह शेखावत]], केसी, एससी, एसएम, वीएसएम, भारतीय सेना के सबसे सम्मानित अधिकारियों में से एक, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, सेना पदक (वीरता) और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित।
*[[विजय सिंह शेखावत]], भारत के पूर्व [[भारत के नौसेनाध्यक्ष|नौसेना प्रमुख]]।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:शेखावत]]
[[श्रेणी:राजस्थान का इतिहास]]
[[श्रेणी:राजस्थान के राजवंश]]
[[श्रेणी:शेखावाटी]]
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मालवा एक्स्प्रेस २९१९
0
81080
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2026-03-29T00:05:41Z
108manoj.rj
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6534077
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox rail service
| name = मालवा सुपरफास्ट एक्स्प्रेस
| type = [[मेल एक्स्प्रेस ट्रेन|सुपरफास्ट]]
| image = Malwa Express.jpg
| caption = मालवा सुपरफास्ट एक्स्प्रेस
| status = संचालित
| operator = [[पश्चिम रेलवे (भारत)|पश्चिम रेलवे]]
| first =
| last =
| start = {{rws|डॉ॰ आम्बेडकर नगर}} ('''DADN''')
| stops = 49
| end = {{rws|श्री माता वैष्णो देवी कटरा}} ('''SVDK''')
| distance = {{convert|1641|km}}
| journeytime = 30 घंटे और 40 मिनट्स
| frequency = दैनिक
| trainnumber = 12919/12920
| class = एसी 2 टियर, एसी 3 टियर, स्लीपर क्लास, साधारण अनारक्षित
| seating = उपलब्ध
| sleeping = उपलब्ध
| catering = उपलब्ध
| baggage = उपलब्ध
| gauge = [[ब्रॉड गेज]]
| speed = {{convert|54|km/h|abbr=on}} (हाल्ट के साथ औसतन)
| map = [[File:Malwa Express (Indore - Jammu Tawi) Route map.png|250px]]
}}
'''मालवा एक्स्प्रेस १२९१९ ''' [[भारतीय रेल]] द्वारा संचालित एक [[मेल सुपरफास्ट एक्स्प्रेस ट्रेन]] है। यह ट्रेन [[इंदौर जंक्शन बीजी रेलवे स्टेशन]] (स्टेशन कोड:INDB) से १२:२५ बजे छूटती है और [[जम्मू]] तवी रेलवे स्टेशन (स्टेशन कोड:JAT) पर ३:४० बजे पहुंचती है। इसकी यात्रा अवधि है २७ घंटे १५ मिनट।
मालवा एक्सप्रेस एक दैनिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन सेवा है जो, [[मध्य प्रदेश]] का सबसे बड़ा शहर और व्यावसायिक केंद्र [[इंदौर जंक्शन बीजी रेलवे स्टेशन]] से जम्मू कश्मीर, [[भारत]] में जम्मू तवी तक जोड़ता है।
वर्तमान में यह ट्रेन इंदौर के डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) से श्री माता वैष्णोदेवी कटड़ा के लिए चलती है इस ट्रेन का नंबर 12919 और 12920 है
== इतिहास ==
यह ट्रेन मूल रूप से इंदौर और नई दिल्ली के बीच शुरू की गई थी और तब से जम्मू तवी तक बढ़ा दी गई है। यह एक कूटनीतिक संकेत के रूप में पाकिस्तान पहुंचने वाली पहली भारतीय रेल थी। २२ अक्टूबर १९८५ को इंदौर से [[पाकिस्तान]] में लाहौर तक, इंदौर-लाहौर विशेष सेवा से चल रही थी, लेकिन सेवा विवादों की वजह से ५५ दिनों के बाद समाप्त कर दिया गया। इस अवधि के दौरान यह हर एक सप्ताह में एक बार शुक्रवार को दोनों दिशा में प्रस्थान करती रही। यह [[भोपाल]] एक्सप्रेस, रेवांचल एक्सप्रेस और अहिल्यानगरी एक्सप्रेस के बाद, एक आईएसओ प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भारत और मध्य प्रदेश में पांचवीं ट्रेन थी।
== संख्या और नामकरण ==
इंदौर से 'डौन' सेवा संख्या १२९१९ के रूप में और जम्मू तावी से 'अप' सेवा संख्या १२९२० वहन करती है। मालवा नाम मध्य प्रदेश के क्षेत्र को प्रतीक करता है, जहां इंदौर शहर में स्थित है।
== मार्ग और स्टाप ==
ट्रेन अपनी यात्रा के माध्यम से कई मार्गों पर चलती है। देवास - उज्जैन, '''उज्जैन - सीहोर - भोपाल''', भोपाल - बीना, बीना - [[झाँसी|झांसी]] - ग्वालियर, ग्वालियर - आगरा, आगरा - [[मथुरा]], मथुरा - [[दिल्ली]] और नई दिल्ली - [[अमृतसर]] ये मार्गों पर चल्ती है। यह इस तरह मध्य प्रदेश, [[उत्तर प्रदेश]], [[राजस्थान]], नई दिल्ली, [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और जम्मू एवं कश्मीर से ७ राज्यों के माध्यम से गुजरता है। इस ट्रेन के महत्वपूर्ण स्टापें हैं:
* [[इंदौर जंक्शन बीजी रेलवे स्टेशन|इंदौर जंक्शन]]
* [[देवास जंक्शन रेलवे स्टेशन|देवास जंक्शन]]
* [[उज्जैन जंक्शन रेलवे स्टेशन|उज्जैन जंक्शन]]
* [[मक्सी जंक्शन रेलवे स्टेशन|मक्सी जंक्शन]]
* शुजालपुर
* [[सीहोर रेलवे स्टेशन|सीहोर]]
* संत हिरदाराम नगर
* [[भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन|भोपाल जंक्शन]]
* विदिशा
* बीना जंक्शन
* ललितपुर जंक्शन
* [[झांसी जंक्शन रेलवे स्टेशन|झांसी जंक्शन]]
* दतिया
* [[ग्वालियर जंक्शन रेलवे स्टेशन|ग्वालियर जंक्शन]]
* मुरैना
* [[धौलपुर]] जंक्शन
* आगरा कैंट
* [[मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन|मथुरा जंक्शन]]
* फरीदाबाद
* [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]
* [[नई दिल्ली रेलवे स्टेशन|नई दिल्ली]]
* लुधियाना जंक्शन
* जालंधर
* दसुया
* चक्की बैंक
* विजयपुर जम्मू
* जम्मूतवी
* [[श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन|श्री माता वैष्णोदेवी कटरा]]
== ट्रेन का टाइम टेबल ==
{| class="wikitable" style="text-align:center"
|-
! scope="col" rowspan="2" style="background:gold;" | '''स्टेशन कोड १'''
!! scope="col" rowspan="2" style="background:gold;" | '''स्टेशन'''
!! scope="col" colspan="2" style="background:gold;" | '''१२९१९ - जम्मू तावी से इंदौर'''
!! scope="col" rowspan="2" style="background:gold;" | '''दूरी<br>स्रोत से<br> की.म में'''
!! scope="col" rowspan="2" style="background:gold;" | '''दिन'''
!! scope="col" colspan="2" style="background:gold;" | '''१२९२० - इंदौर से जम्मू तावी'''
!! scope="col" rowspan="2" style="background:gold;" | ''' दूरी <br>स्रोत से<br> की.म में'''
!! scope="col" rowspan="2" style="background:gold;" | '''दिन'''
|-
!scope="col" colspan="1" style="background:gold;"|आगमन
!scope="col" colspan="1" style="background:gold;"|प्रस्थान
!scope="col" colspan="1" style="background:gold;"|आगमन
!scope="col" colspan="1" style="background:gold;"|प्रस्थान
|-
|आई एन डी बी ||इंदौर जंक्शन ||स्रोत || १२:२५ ||०.० || १ || १२:५० ||गंतव्य || १५४ १.८ ||२
|-
|डी डब्ल्यू एक्स ||देवास जंक्शन || १ ३:०९ || १ ३: १ १ || ३८.८ || १ || १ १:५५ || १ १:५७ || १५० ३.० ||२
|-
|यु जे एन ||उज्जैन जंक्शन || १ ३:५० || १४: १० ||७९. १ || १ || १ १:०० || १ १:२० || १४६२.६ ||२
|-
|एम के सी ||मक्सी जं. || १४:४४ || १४:४५ || १२०.२ || १ || १०:० ३ || १०:०४ || १४२ १.६ ||२
|-
|बी सी एच ||बेरछा || १५:०० || १५:० १ || १ ३९. १ || १ ||०९:४० ||०९:४ १ || १४०२.७ ||२
|-
|ए के डी ||अकोदिया || १५:२५ || १५:२६ || १६९. १ || १ ||०९: १७ ||०९: १८ || १ ३७२.६ ||२
|-
|एस जे पी ||शुजालपुर || १५:४० || १५:४ १ || १८२.२ || १ ||०९:०४ ||०९:०५ || १ ३५९.६ ||२
|-
|के पी पी ||कालापीपल || १५:५ ३ || १५:५४ || १९४.८ || १ ||०८:५ १ ||०८:५२ || १ ३४७.० ||२
|-
|'''एस इ एच'''||'''सीहोर'''|| १६: १९ || १६:२० ||२२ ३.९ || १ ||०८:२६ ||०८:२७ || १ ३ १७.९ ||२
|-
|एस एच आर एन ||संत हिरदाराम नगर || १६:४४ || १६:४५ ||२५२. ३ || १ ||०८:०० ||०८:० १ || १२८९.५ ||२
|-
|बी पी एल ||भोपाल जंक्शन || १७:२५ || १७: ३५ ||२६२.५ || १ ||०७:२५ ||०७:४० || १२७९.२ ||२
|-
|बी एच एस ||विदिशा || १८: १२ || १८: १४ || ३ १६. १ || १ ||०६: १७ ||०६: १९ || १२२५.७ ||२
|-
|बी ए क्यु ||गंज बासौदा || १८:४ ३ || १८:४५ || ३५५.४ || १ ||०५:४७ ||०५:४९ || १ १८६.४ ||२
|-
|बी आई एन ए ||बीना जंक्शन || १९: ३५ || १९:४० ||४० १. १ || १ ||०५: १० ||०५: १५ || १ १४०.६ ||२
|-
|एल आर ||ललितपुर जं. ||२०: ३२ ||२०: ३४ ||४६४.० || १ ||० ३:५८ ||०४:०० || १०७७.७ ||२
|-
|जे एच एस ||झाँसी जंक्शन ||२ १:४७ ||२ १:५७ ||५५४. ३ || १ ||०२:२५ ||०२: ३५ ||९८७.४ ||२
|-
|डी ए ए ||दतिया ||२२: १७ ||२२: १९ ||५७९.४ || १ ||० १:४७ ||० १:४९ ||९६२.४ ||२
|-
|डी बी ए ||डबरा ||२२:४ १ ||२२:४ ३ ||६०९.७ || १ ||० १: १९ ||० १:२ १ ||९ ३२.० ||२
|-
|जी डब्ल्यू एल ||ग्वालियर जंक्शन ||२ ३:२० ||२ ३:२५ ||६५२.० || १ ||००: ३० ||००: ३५ ||८८९.७ ||२
|-
|एम आर ए ||मुरैना ||२ ३:५० ||२ ३:५२ ||६९०.६ || १ ||२ ३:५० ||२ ३: ३५ ||८५ १.२ || १
|-
|डी एच ओ ||धौलपुर जंक्शन ||००: १६ ||००: १८ ||७ १७.५ ||२ ||२ ३:२५ ||२ ३:२७ ||८२४. ३ || १
|-
|ए जी सी ||आगरा कैंट. ||० १:२० ||० १:२५ ||७७०.० ||२ ||२२:४० ||२२:५० ||७७ १.७ || १
|-
|आर के एम ||राजा की मंडी ||० १: ३२ || १: ३४ ||७७४. १||२||कोई ठहराव नही||कोई ठहराव नही||७६७.७|| १
|-
|एम टी जे||मथुरा जंक्शन||०२: १२||०२: १५||८२ ३.८||२||२ १: ३७||२ १:४०||७ १८.०|| १
|-
|के एस वी||कोसी कलां||०२:४ ३||०२:४५||८६५.२||२||२ १:०२||२ १:०४||६७६.६|| १
|-
|पी डब्ल्यू एल||पलवल||० ३: ३८||० ३:४०||९०७.७||२||२०: ३०||२०: ३२||६ ३४. १|| १
|-
|बी वी एच||बल्लभगढ़||० ३:५८||०४:००||९२८.८|| २||२०:० १||२०:० ३||६ १२.९|| १
|-
|एफ डी बी||फरीदाबाद||०४: १ १||०४: १ ३||९ ३६.९||२|| १९:४८|| १९:५०||६०४.८|| १
|-
|एन जेड एम||दिल्ली हज़रत निज़ामुद्दीन||०४: ३५||०४: ३७||९५७.७||२||कोई ठहराव नही||कोई ठहराव नही||५८४. १|| १
|-
|एन डी एल एस||नई दिल्ली||०५: १०||०५: ३०||९६५. १||२|| १९:००|| १९:२०||५७६.७|| १
|-
|एस जेड एम||दिल्ली सब्जी मंडी||कोई ठहराव नही||कोई ठहराव नही||९६९.२||२|| १८: ३६|| १८: ३८||५७२.६|| १
|-
|एस एन पी||सोनीपत||०६: १८||०६:२०|| १००९.५||२|| १७:५ १|| १७:५ ३||५ ३२.२|| १
|-
|पी एन पी||पानीपत जंक्शन||०६:५८||०७:००|| १०५४.७||२|| १७: १५|| १७:५ ३||४८७. १|| १
|-
|के यु एन||करनाल||०७: ३ १||०७: ३ ३|| १०८९. १||२|| १६:४२|| १६:४४||४५२.६|| १
|-
|के के डी इ||कुरुक्षेत्र जंक्शन||०८:०८||०८: १०|| १ १२२.२||२|| १६: १५|| १६: १७||४ १९.६|| १
|-
|यु एम बी||अम्बाला कैंट. संगम||०८:५५||०९:०५|| १ १६४. ३||२|| १५: ३५|| १५:४०|| ३७७.५|| १
|-
|के एन एन||खन्ना||०९:५८||०९:५९|| १२ ३५.२||२|| १४:२६|| १४:२७|| ३०६.५|| १
|-
|एल डी एच||लुधियाना जंक्शन|| १०:४५|| १०:५५|| १२७७.९||२|| १ ३: ३०|| १ ३:४०||२६ ३.८|| १
|-
|जे आर सी||जालंधर कैंट. संगम|| १ १:४५|| १ १:५०|| १ ३२९.९||२|| १२: ३ ३|| १२: ३८||२ १ १.९|| १
|-
|डी जेड ए||दसुया|| १२:४०|| १२:४२|| १ ३८७.५||२|| १ १:४०|| १ १:४२|| १५४. ३|| १
|-
|एम इ एक्स||मुकेरियन|| १२:५८|| १ ३:००|| १४०४. ३||२|| १ १:२२|| १ १:२४|| १ ३७.५|| १
|-
|सी एच के बी||चक्की बैंक|| १ ३:४५|| १ ३:५०|| १४४२.४||२|| १०: ३५|| १०:४०||९९. ३|| १
|-
|के टी एच यु||कठुआ|| १४:२ ३|| १४:२५|| १४६५.५||२|| १०:०५|| १०:०७||७६. ३|| १
|-
|जे ए टी ||जम्मू तवी|| १६:०५||गंतव्य|| १५४ १.८||२||स्रोत||०९:००||०.०|| १
|}
== कोच समग्र ==
ट्रेन में सामान्यता २४ डिब्बों के होते हैं:<br />
* १५ स्लीपर डिब्बे
* २ एसी २ वर्ग
* २ एसी - ३ क्लास
* ४ जेनेरल
* १ पेंट्री कार
== आवृत्ति ==
ट्रेन, एक दिन में एक बार, पूरे सप्ताह चलाती है।
== बाहरी लिंक ==
* [https://web.archive.org/web/20140527214802/http://www.cleartrip.com/trains/12919 मालवा एक्सप्रेस स्थिति]
* [https://web.archive.org/web/20190724145904/http://www.indore.nic.in/ एचटीटीपी://डब्लियूडब्लियूडब्लियू.इंदोरे.एनाइसी.इन]
{{मेल एक्स्प्रेस ट्रेन}}{{भारतीय रेल}}
[[श्रेणी:मेल एक्स्प्रेस ट्रेन]]
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शकीला (अभिनेत्री)
0
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6534093
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2026-03-29T01:34:08Z
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| name = शकीला
| image = Shakeela.jpg
| caption = शकीला
| birth_place = [[नेल्लोर]], भारत
| birth_date = {{birth date|1977|11|18}}
| Husband = {{Palanivel, Sandaiyur}} <ref name=interview>[https://www.youtube.com/watch?v=uZkb5GUA7_A&t=440s "സിനിമാ അഭിനയവും വിവാദങ്ങൾ നിറഞ്ഞ ജീവിതവും"]. ''[[Flowers TV|24 News Live]]''. [[YouTube]]. Retrieved 3 August 2019.</ref>
| birth_name = शकीला बेगम
| nationality = [[भारतीय]]
| occupation = [[अभिनेत्री]]
| thumb =
| yearsactive = 1994–वर्तमान
}}
'''शकीला''' एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं,<ref>{{cite web|url=https://hindi.thequint.com/zindagani/zindagi-ka-safar/who-is-adult-star-shakeela-khan|title=शकीला, एक आम लड़की कैसे बन गई ‘एडल्ट’ फिल्मों की सुपरस्टार|access-date=31 दिसंबर 2020|archive-date=9 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241209122002/https://hindi.thequint.com/zindagani/zindagi-ka-safar/who-is-adult-star-shakeela-khan|url-status=dead}}</ref> जिन्होंने मुख्य रूप से [[दक्षिण भारत]] के सिनेमा में अभिनय किया है।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/from-the-archives-who-is-shakeela-khan-1753973-2020-12-28|title=From the archives: Who is Shakeela Khan? India Today Insight}}</ref> शकीला ने 18 साल की उम्र में एक सहायक अभिनेत्री के रूप में फ़िल्म प्लेगर्स (1995) से शुरुआत की।<ref name="auto">{{cite web |url=https://books.google.com/books?id=TDEEAAAAMBAJ&q=shakeela+telugu+actress&pg=PA71 |title=Outlook |date=22 December 2008|publisher=Outlook Publishing |via=Google Books}}</ref><ref name="indiadaily.com">{{cite web |url=http://www.indiadaily.com/editorial/3080.asp |title= The soft porn queen of India Shakeela decides to tell her life story – many bombshells worried what she may reveal!|date=8 June 2005 |work=India Daily |access-date=13 June 2006 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20060613183850/http://www.indiadaily.com/editorial/3080.asp |archive-date=13 June 2006 }}</ref> वह लगभग 250 फिल्मों में दिखाई दीं, जिनमें से अधिकांश सॉफ्टकोर थीं,<ref>{{cite web|url=https://www.aajtak.in/entertainment/bollywood-news/story/shakeela-movie-trailer-richa-chaddha-and-pankaj-tripathi-movie-says-a-lot-unsaid-true-tmov-1177880-2020-12-16|title=शकीला के रोल में ऋचा चड्ढा, दिखी पोर्न स्टार से सुपरस्टार बनने की कहानी}}</ref> जिसने उन्हें 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में एक प्रमुख सेक्स सिंबल बना दिया।
==प्रारंभिक जीवन==
शकीला का जन्म नेल्लोर स्थित एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनकी मां चांद बेगम, आंध्र प्रदेश के नेल्लोर की थीं । उनके छह भाई-बहन थे और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मद्रास के छह अलग-अलग स्कूलों से की।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/shakeela-there-was-a-time-when-i-was-told-that-if-we-cast-you-in-our-film-itll-become-a-blue-film/articleshow/65072029.cms|title=Shakeela: There was a time when I was told that if we cast you in our film, it’ll become a blue film}}</ref> उसके दादा एक अफगान थे।
==करियर==
उन्होंने कई बी ग्रेड फिल्मों और सॉफ्ट-पोर्न फिल्मों में अभिनय किया।<ref>{{cite web|url=https://scroll.in/reel/871834/after-turning-softcore-films-into-hits-southern-actress-shakeela-gets-a-biopic-of-her-own|title=After turning softcore films into hits, Southern actress Shakeela gets a biopic of her own}}</ref> मलयालम में उनकी एक बड़ी हिट किन्नरथुंबिकाल थी, जिसने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था और इसके परिणामस्वरूप युवाओं से लेकर बूढ़े तक के लिए उनके मन में एक अनहोनी हो गई थी। अपनी शुरुआती फिल्मों में उन्होंने कुछ विवादास्पद टॉपलेस सीन किए, जब तक कि वे नज़र नहीं आए। [३] [४] उनकी बी-ग्रेड फिल्मों को लगभग सभी भारतीय भाषाओं में डब और रिलीज़ किया गया। उनकी फिल्मों को नेपाली, चीनी और सिंहल जैसी विदेशी भाषाओं में डब किया गया था। कई फिल्मों में अभिनय करने के बाद, भारत में सॉफ्ट-पोर्न फिल्मों को बोलचाल की भाषा में "शकीला फिल्में" कहा जाने लगा।<ref>{{cite web|url=http://www.hindu.com/thehindu/mp/2002/08/08/stories/2002080800160200.htm|title=Smut glut|work=The Hindu|date=8 August 2002|access-date=31 दिसंबर 2020|archive-date=1 अक्तूबर 2004|archive-url=https://web.archive.org/web/20041001051251/http://www.hindu.com/thehindu/mp/2002/08/08/stories/2002080800160200.htm|url-status=dead}}</ref> शकीला ने अपने टॉपलेस सीन करने के लिए एक बॉडी डबल सूर्या भानु को हायर किया।<ref name="SurayyaBhanu"/><ref>{{cite web|url=https://www.dailyo.in/arts/life-writing-stories-book-publishing-laxman-rao-sheoraj-singh-bechain-basu-rai-kailash-satyarthi-maniyan-pillai-surayya-banu-mrinalkanti-dutta/story/1/5935.html|title=Surayya Banu (age 40): A body double}}</ref>
शकीला 2003 से तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषा की फिल्मों में पारिवारिक चरित्र भूमिकाओं में दिखाई देने लगीं। उन्होंने अपनी आत्मकथा मलयालम में लिखी,<ref>{{cite web|url=https://openthemagazine.com/art-culture/a-soft-porn-stars-life/|title=A Soft Porn Star’s Life}}</ref> जिसमें उनका परिवार, उनकी पृष्ठभूमि, साथ ही साथ उनके परिचित फिल्मी हस्तियों, राजनेताओं और बचपन के दोस्तों के साथ थे।<ref>{{cite web|url=http://www.hindu.com/thehindu/mp/2003/01/13/stories/2003011301800400.htm|title=Providing a political platform|work=The Hindu|date=13 January 2003|access-date=31 दिसंबर 2020|archive-date=19 जनवरी 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20050119022914/http://www.hindu.com/thehindu/mp/2003/01/13/stories/2003011301800400.htm|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://hindu.com/thehindu/mp/2003/05/26/stories/2003052601930400.htm|title=Promises and lies|work=The Hindu|date=26 May 2003|access-date=31 दिसंबर 2020|archive-date=1 अगस्त 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20030801063518/http://www.hindu.com/thehindu/mp/2003/05/26/stories/2003052601930400.htm|url-status=dead}}</ref>
जनवरी 2018 में, उसने एक अभिनेता के रूप में अपनी 250 वीं फिल्म शीलवती की घोषणा की, निर्माण शुरू करेगी।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/why-cant-a-shakeela-film-be-called-sheelavathi-/articleshow/64574766.cms|title=Why can't a Shakeela film be called 'Sheelavathi' ?}}</ref>
==व्यक्तिगत जीवन==
2002 में, शकीला ने घोषणा की कि वह अब बी ग्रेड फिल्मों में अभिनय नहीं करेगी। शकीला ने 2013 में अपनी आत्मकथा शकीला: आत्ममाता को रिलीज़ किया।<ref name="SurayyaBhanu">{{cite web|url=https://www.dnaindia.com/lifestyle/report-shakeela-the-woman-who-inspired-genres-without-ever-doing-porn-2112421|title=Shakeela, the woman who inspired genres without ever doing porn}}</ref> शकीला ने एक ट्रांसजेंडर बेटी थंगम को गोद लिया है।<ref name="shakeelathangam">{{cite web|url=https://www.newindianexpress.com/galleries/entertainment/2018/nov/19/happy-birthday-shakeela-here-are-some-rare-photos-of-the-south-indian-actress-101938--1.html|title=Happy birthday Shakeela: Here are some rare photos of the South Indian actress|access-date=1 जनवरी 2021|archive-date=28 सितंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220928070001/https://www.newindianexpress.com/galleries/entertainment/2018/nov/19/happy-birthday-shakeela-here-are-some-rare-photos-of-the-south-indian-actress-101938--1.html|url-status=dead}}</ref>
==लोकप्रिय संस्कृति में==
इंद्रजीत लंकेश ने उनके जीवन पर आधारित बायोपिक [[शकीला (फिल्म)|शकीला]] का निर्देशन किया जिसमें [[ऋचा चड्ढा]] ने शीर्षक चरित्र को चित्रित किया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/kannada/movies/news/shakeela-lauds-her-biopic-that-stars-richa-chadha/articleshow/80045389.cms|title=Shakeela lauds her biopic that stars Richa Chadha|date=31 December 2020|via=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/richa-chadhas-shakeela-to-release-theatrically-on-christmas/article33212766.ece|title=Richa Chadha’s ‘Shakeela’ to release theatrically on Christmas|date=30 November 2020|via=The Hindu}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[सिल्क स्मिता]]
* [[रेहाना फातिमा]]
* [[नादिया अली]]
* वरीना हुसैन
== सन्दर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{imdb name|id=0787631}}
[[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]]
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शब-ए-बारात
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{{Infobox holiday
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|date = [[शाबान]] के 14 और 15 के बीच की रात
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}}
'''शब-ए-बारात, बारात की रात, चेरघ ए बारात, बेरात कांदिली, या निस्फू स्याबान''' (दक्षिणपूर्वी एशियाई मुसलमानों में) कई दक्षिण एशियाई, मध्य एशियाई, दक्षिण पूर्व एशियाई और मध्य पूर्वी मुस्लिमों में मनाया जाने वाला एक सांस्कृतिक उत्सव है। इस्लामिक कैलेंडर के '''आठवें महीने शाबान महीने की 15वीं रात''' (सिर्फ 15 तारीख की रात)।शब-ए-बारात शिया मिड-शाबान महदी जन्मदिन के त्योहार के साथ-साथ मनाया जाता है, लेकिन बारात की उत्पत्ति अलग है।<ref>{{cite web|title=Shab-e-Barat|website=IslamicFinder|url=https://www.islamicfinder.org/special-islamic-days/shab-e-barat-2021/?language=fr|access-date=17 March 2022}}</ref>
==विवरण==
शब-ए-बारात,दो शब्दों, ''शब''<ref>{{Cite web|url=https://www.irfani-islam.in/2022/02/shab-e-barat-mubarak-images-in-hindi.html|title=Shab E Barat Ki Fazilat In Hindi 15 th Shaban बरकत वाली रात|last=shab|first=barat|website=Irfani-Islam - इस्लाम की पूरी मालूमात हिन्दी|archive-url=https://web.archive.org/web/20220625230743/https://www.irfani-islam.in/2022/02/shab-e-barat-mubarak-images-in-hindi.html|dead-url=https://www.irfani-islam.in/2022/02/shab-e-barat-mubarak-images-in-hindi.html|access-date=2022-02-25|archive-date=25 जून 2022|url-status=bot: unknown}}</ref> और ''बारात'' <ref>{{Cite web|url=https://www.irfani-islam.in/2022/02/Shab-E-Barat-Ki-Raat-Ki-Namaz.html|title=Shab E Barat Ki Raat Ki Namaz Nafil Ka Tarika Hindi Mein|last=Sheikh|first=Irfan|website=Irfani-Islam - इस्लाम की पूरी मालूमात हिन्दी|access-date=2022-02-25}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>से मिलकर बना है, जहाँ शब का अर्थ [[रात]] होता है '''वहीं''' बारात का मतलब '''बरी''' होना होता है।
शब-ए-बारात को दक्षिण पूर्व एशिया में एक प्रमुख घटना माना जाता है, सामूहिक रूप से पूजा करते हैं और अपने गलत कामों की क्षमा मांगते हैं।ऐसा माना जाता है कि यह उन्हें पूरे वर्ष के लिए सौभाग्य प्रदान करता है और उन्हें उनके पापों से मुक्त करता है। कई क्षेत्रों में, यह एक ऐसी रात भी है जब अपने मृत पूर्वजों को क्षमा करने के लिए प्रार्थना की जाती है।<ref name="ref30mucul">{{Cite book|title=Islam: Religions of the world |author=Jamal J. Elias |publisher=Psychology Press |year=1999 |isbn=978-0-415-21165-9 |url=https://books.google.com/books?id=mxCAhwKdgrYC |quote=... Laylat al-bara'a ... fortune for the coming year is popularly believed to be registered in Heaven ... prayer vigils and by feasting and illumination ... oblations are made in the name of deceased ancestors ...}}</ref>
इसके अतिरिक्त, ट्वेल्वर शिया [[मुसलमान]] '''मुहम्मद अल-महदी''' का जन्मदिन मनाते हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.imamreza.net/eng/imamreza.php?id=10731|title=The great Shia scholar, Abu Ja'far Mohammad ibn Uthman al-Amri – Imam Reza (A.S.) Network|website=imamreza.net|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20170929183638/https://www.imamreza.net/eng/imamreza.php?id=10731|archive-date=29 September 2017}}</ref><ref>[https://books.google.com/books?id=4jqtAgAAQBAJ&pg=PA11&dq=mahdi+minor+occultation&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwijpdSzwIDUAhVM6RQKHfx7BAoQ6AEIJTAA#v=snippet&q=mahdi%20minor%20occultation%2069&f=false The Return of al-Mahdi]. P11</ref>
सलाफ़ी अनुयायी मध्य-शाबान को प्रार्थना के लिए असाधारण मानने का विरोध करते हैं।<ref name="ref59paxol">{{Citation | title=Ibn Taimīya's struggle against popular religion: with an annotated translation of his Kitāb iqtiḍāʾ aṣ-ṣirāṭ al-mustaquīm mukhālafat aṣḥāb al-jaḥīm | author=Muhammad Umar Memon, Aḥmad ibn ʻAbd al-Ḥalīm Ibn Taymīyah | year=1976 | publisher=Mouton, 1976 | isbn=978-90-279-7591-1 | url=https://books.google.com/books?id=TTMKAQAAIAAJ | quote=... among the Salaf as well as those among the khalaf, however, reject any excellence for the night in question and challenge the authenticity ... Marking mid-Sha'ban by fasting is without foundation, nay marking it is disapproved of. Likewise, celebrating it by preparing ...}}</ref>
क्योंकि इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि मुहम्मद या उनके महान साथियों या परिवार ने कभी शब-ए-बारात की रात मनाई या मनाई। लेकिन एक हदीस परंपरा के अनुसार यह ज्ञात है कि मुहम्मद इस रात बाकी के कब्रिस्तान में गए थे और उन्होंने वहां दफन किए गए मुसलमानों के लिए प्रार्थना की थी।
[[हिजरी|इस्लामी कैलेंडर]] के अनुसार यह रात साल में एक बार [[हिजरी|शाबान]] [[महीने]] की 14 तारीख को सूर्यास्त के बाद शुरू होती है। [[मुसलमान|मुसलमानों]] के लिए यह रात बेहद ''फज़ीलत'' <ref>{{Cite web|url=https://www.irfani-islam.in/2022/02/Shab-E-Barat-Ki-Fazilat-In-Hindi.html|title=Shab E Barat Ki Fazilat In Hindi 15 th Shaban बरकत वाली रात|last=shab e|first=barat|website=shab e barat ki puri hindi me fazilate barkate|access-date=2022-02-25}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>(महिमा) की रात मानी जाती है, इस दिन [[विश्व]] के सारे [[मुसलमान जाट|मुसलमान]] [[अल्लाह]] की [[इबादत खाना|इबादत]] करते हैं। वे [[दुआ ए क़ुनूत|दुआएं]] मांगते हैं और अपने गुनाहों की [[तौबा]] करते हैं।<ref name="ref64julix">{{Cite book|title=Law and order in upper India: a study of Oudh, 1856–1877 |author1=Dinesh Bihari Trivedi |author2=A. H. M. Zehadul Karim |publisher=Northern Book Centre |year=1990 |isbn=978-81-85119-83-0 |url=https://books.google.com/books?id=t9wLynyZJVsC |quote=... The first significant religious occasion shabe-barat (lailat ul-barat or the night of deliverance) is held in the middle of Shaban (eighth month of the Islamic calendar) ...}}</ref>
यह अरब में लैलतुल बराह या लैलतुन निसफे मीन [[शाबान]] के नाम से जाना जाता है। यह शब-ए-बारात के नाम से [[भारत]], [[पाकिस्तान]], [[बांग्लादेश]], [[ईरान]], [[अफ़ग़ानिस्तान]] और [[नेपाल]] में जाना जाता है।
==उत्पति==
इइची इमोटो और मोहम्मद आजम के एक अध्ययन के अनुसार, शब-ए-बारात मध्य पूर्व और फारस में पूर्व-इस्लामिक धर्मों में निहित है। पूर्वी ईरानी परंपरागत रूप से बरात को बौद्ध धर्म में बॉन महोत्सव और हिंदू धर्म और पारसी धर्म में पितृपक्ष की तरह संरक्षित करते हैं। समारोह का मुख्य लक्ष्य मृतकों की आत्माओं की खुशी के लिए प्रार्थना करना है।
इस मामले में यह ईसाई द्वारा हेलोवीन समारोह करने में मुख्य प्रस्तावों के समान ही है। अध्ययन में कहा गया है कि फारसी शब्द ब्रैट (ब्राइट) अरबी शब्द बारात से अलग है।
खुरासान के लोग बरात को चेरघ (प्रकाश) ब्रैट कहते हैं, जिसका अर्थ उज्ज्वल या प्रकाश उत्सव होता है।
अल-बिरूनी (973 - 1050 के बाद) ने "चंद्रमाह के 12 से 15 तक एक त्योहार के बारे में लिखा था कि अरबी में अल बैज़ का अर्थ उज्ज्वल है, और बरात को अल सीके अर्थ चेक भी कहा जाता है।" कुछ ईरानी शहरों में, लोग कब्रिस्तानों में इकट्ठा होकर, पुराने फारस में पेगनम हरमाला (जंगली रुए) - एक पवित्र पौधे को जलाकर - कब्रों के एक कोने में आग लगाकर, और आग पर कुछ नमक डालते हुए इस त्योहार को मनाते हैं। कविता कह रही है: "पेगानम हरमाला कड़वा होता है और नमक नमकीन होता है इसलिए दुश्मन की ईर्ष्यालु आंख अंधी हो जाती है।"
<ref name="Dr. Ajam">{{cite web|url=http://parssea.org/?p=7916|title=Brat and its roots |author=Dr. Ajam |archive-url=https://web.archive.org/web/20170622185005/http://parssea.org/?p=7916 |archive-date=22 June 2017 }}</ref>
शब-ए-बारात को क्षमा की रात या प्रायश्चित के दिन के रूप में भी जाना जाता है।<ref name="livechennai.com"/>
मुसलमान मध्य-शाबान को पूजा और मोक्ष की रात के रूप में मानते हैं। इमाम शाफ़ी, इमाम नवावी, इमाम ग़ज़ाली और इमाम सुयुति जैसे विद्वानों ने मध्य शाबान की रात में प्रार्थना को स्वीकार्य घोषित किया है।<ref>{{Cite web|date=8 April 2020|title=Shab-e-Baraat 2020: Date, history and significance of Shab-e-Baraat|url=https://www.hindustantimes.com/art-and-culture/shab-e-baraat-2020-date-history-and-significance-of-shab-e-baraat/story-uQtJs1xn8DxIJEe2iieDGP.html|access-date=31 March 2021|website=Hindustan Times|language=en}}</ref>
अपने मजमू '[परिभाषा की आवश्यकता] में, इमाम नवावी ने इमाम अल-शफी' की किताब अल-उम्म को उद्धृत किया कि पांच रातें हैं जब दुआ (प्रार्थना) का उत्तर दिया जाता है, उनमें से एक शाबान की 15 वीं रात है।
==शब्द-साधन(Etymology)==
शब-ए-बारात दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा मनाया जाता है। मुसलमानों का मानना है कि शब-ए-बारात की रात, भगवान सभी पुरुषों और महिलाओं के अतीत में किए गए कार्यों को ध्यान में रखते हुए आने वाले वर्ष के लिए भाग्य लिखते हैं। यह सुन्नी मुसलमानों के लिए उच्च मूल्य का है, [8] और इस्लामी कैलेंडर पर सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है।<ref name="livechennai.com">{{cite web|url=http://www.livechennai.com/shab-e-barat.asp|title=Live Chennai: Shab-E-Barat – Festivals of India – Festivals in India – Muslim Festivals – Ramzan – Id-ul-fitr – Bakrid, Eid Mubarak|work=livechennai.com}}</ref> and is regarded as one of the holiest nights on the [[Islamic calendar]].<ref>{{cite web|url=http://www.wincalendar.com/Lailatul-Barat|title=Lailatul Barat|work=wincalendar.com}}</ref>
==महत्व और परंपराएं==
मृतकों के लिए प्रार्थना करना और मृतकों के लिए ईश्वर से क्षमा माँगना उन सभी शहरों में एक सामान्य समारोह है जो बरात समारोह आयोजित करते हैं। एक हदीस परंपरा के अनुसार, मुहम्मद इस रात बाकी के कब्रिस्तान में गए, जहां उन्होंने वहां दफन मुसलमानों के लिए प्रार्थना की। इस आधार पर, कुछ मौलवियों ने इस रात को मुसलमानों के कब्रिस्तान में कुरान का पाठ करने और मृतकों के लिए प्रार्थना करने की सलाह दी।<ref>{{Cite web|date=28 March 2021|title=Shab-e-Barat 2021: Know about the importance of the day|url=https://indianexpress.com/article/lifestyle/life-style/shab-e-barat-2021-know-about-the-importance-of-the-day-7249216/|access-date=31 March 2021|website=The Indian Express|language=en}}</ref>
कुछ सुन्नी इस्लाम परंपराओं के अनुसार, इस रात को शब-ए-बारात कहा जाता है (अनुवाद। "आजादी की रात") क्योंकि अल्लाह उन लोगों को मुक्त करता है,जिनको नर्क की सजा दी गई थी।<ref name="livechennai.com"/>
==विभिन्न देशों के रिवाज(customs)==
यह अवसर पूरे दक्षिण और मध्य एशिया में मनाया जाता है। अरब दुनिया में, त्योहार सूफी और शिया मुसलमानों द्वारा मनाया जाता है। सलाफी अरब इस छुट्टी को नहीं मनाते हैं।
===ईरान ===
[[File:Bright .shab E Braat Iran.jpg|thumb|Shab E Braat in Iran]]
खुरासान में बारात उत्सव, विशेष रूप से ग्रेटर खुरासान क्षेत्र, कुर्दिस्तान और ईरान के कुछ हिस्सों में, मृतकों की आत्मा का सम्मान करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। हर क्षेत्र में लोगों के अपने रीति-रिवाज होते हैं, लेकिन खजूर (हलवा) और खजूर से मिठाई और कैंडी तैयार करना आम परंपरा है। सूर्यास्त से पहले समूह कब्रों को साफ करने के लिए कब्रिस्तानों में इकट्ठा होते हैं ताकि मृतकों के खाने, प्रार्थना करने और रोशनी (चेराग) चालू करने के लिए मोमबत्तियां जलाने के लिए कब्रों पर मिठाई और कैंडी पॉट का प्रसाद रखा जा सके। कुछ ईरानी शहरों में, इस त्योहार को मनाने के लिए लोग कब्रों के एक कोने में पेगनम हरमाला या हाओमा (जंगली रूई) जलाने के लिए कब्रिस्तान में इकट्ठा होते हैं और आग पर कुछ नमक डालते हैं, और एक कविता पढ़ते हैं: पेगनम हरमाला कड़वा होता है और नमक खारा होता है इसलिए दुश्मन की ईर्ष्यालु आंख अंधी हो जाए। ईरान में बारात का त्यौहार दो अलग-अलग समारोहों में मनाया जाता है। हाल ही की सदी में 15वें दिन, जो राष्ट्रीय अवकाश है, शियाओं के अंतिम इमाम इमाम अल महदी की जन्मतिथि मनाने के लिए शहर की सभी सड़कों पर रोशनी की जाती है। <ref name="livechennai.com"/>लेकिन शब बारात त्योहार का एक लंबा इतिहास रहा है।"<ref name="Dr. Ajam"/>
===इराक===
इराक में, लोग अपने पड़ोस से गुजरते हुए बच्चों को कैंडी देते हैं। इराकी कुर्दिस्तान और अफगानिस्तान में सुन्नी मुसलमान रमजान से 15 दिन पहले इस छुट्टी को मनाते हैं, इसलिए इंडोनेशिया में मुसलमान मस्जिदों में सांप्रदायिक ढिकर पूजा करते हैं, जिसके बाद एक उस्ताद [परिभाषा की जरूरत] के नेतृत्व में एक व्याख्यान (सेरामाह) होता है। इंडोनेशिया में इस परंपरा का शायद ही कभी पालन किया जाता है, लेकिन आचे, पश्चिम सुमात्रा और दक्षिण कालीमंतन में इसका व्यापक रूप से पालन किया जाता है। दक्षिणी एशिया में, मुसलमान 15 शाबान से पहले शाम को पड़ोसियों और गरीबों को देने के लिए मिठाई (विशेष रूप से हलवा या ज़र्दा) बनाते हैं। <ref name="eventsinkarachi.com">{{cite web|url=http://eventsinkarachi.com/shabebarat/|title=About: Shab-e-Barat (شب برات)|work=Events in Karachi – Latest Event Updates- Articles – About Karachi|date=5 July 2012|access-date=6 June 2014|archive-date=6 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140606221807/http://eventsinkarachi.com/shabebarat/|url-status=dead}}</ref>
===भारत===
ऐतिहासिक रूप से, भारत में शब-ए-बारात उपवास, मस्जिदों में जाने, दान, और दीपक, मोमबत्तियाँ और आतिशबाजी जलाने से जुड़ा हुआ है। <ref>{{Cite web|last=Sircar|first=Jawhar|date=26 March 2021|title=Understanding the History and Purpose of Celebrating Shab-e-Barat|url=https://thewire.in/religion/understanding-the-history-and-purpose-of-celebrating-shab-e-barat|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20210326105045/https://thewire.in/religion/understanding-the-history-and-purpose-of-celebrating-shab-e-barat|archive-date=26 March 2021|access-date=14 April 2021|website=The Wire}}</ref>
भारत में दारुल उलूम देवबंद मदरसा ने कहा है कि 15वीं शाबान की रात को व्यक्तिगत पूजा मुस्तहब (पुण्य) है, लेकिन बल्ब जलाना, तरह-तरह के व्यंजन बनाना, नए कपड़े पहनना, हलवा बनाना और मस्जिदों में सामूहिक पूजा करना बोली जाती है। आह (नवाचार) और इससे बचना चाहिए। <ref>{{Cite web|title=Shabe barat|url=https://darulifta-deoband.com/home/en/innovations-customs/46507|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20201029225944/https://darulifta-deoband.com/home/en/innovations-customs/46507|archive-date=29 October 2020|access-date=14 April 2021|website=darulifta-deoband.com}}</ref> भारत के मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोग पूरी रात इबादत करते हैं और कुरान की तिलावत भी करते हैं। वे सूर्यास्त के बाद ईशा की नमाज (रात की नमाज) के साथ अपनी नमाज शुरू करते हैं। अगले दिन अजान से पहले सहरी खाई जाती है। भक्तों का यह भी मानना है कि शब-ए-बारात वह रात है जब भगवान लोगों का भाग्य तय करते हैं। कुछ शुभकामनाएं जो इस अवसर पर साझा की जाती हैं: मुबारक हो आप को शब-ए-बारात। इस दिन, अल्लाह की दया, आशीर्वाद, लाभ, क्षमा और क्षमा पृथ्वी के लोगों पर उतरे।<ref>{{Cite web |date=2021-03-28 |title=Shab-e-Barat 2021: Know about the importance of the day |url=https://indianexpress.com/article/lifestyle/life-style/shab-e-barat-2021-know-about-the-importance-of-the-day-7249216/ |access-date=2022-11-06 |website=The Indian Express |language=en}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{मुस्लिम त्यौहार}}
[[श्रेणी:मुस्लिम त्यौहार]]
[[श्रेणी:शाबान]]
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विराट कोहली
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{{Infobox cricketer
| name = विराट कोहली
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| caption = 2018 में कोहली
| birth_date = {{Birth date and age|1988|11|5| 31 df=yes}}
| birth_place = [[दिल्ली]], [[भारत]]
| nickname = चीकू, रन मशीन, किंग ऑफ क्रिकेट<ref>{{cite web|title=Kohli will take Indian cricket places|url=http://www.rediff.com/cricket/column/virat-kohli-will-take-indian-cricket-places-pradeep-sangwan-column-india-aus-tour/20150105.htm|publisher=रेडिफ़|accessdate=24 दिसम्बर 2015}}</ref>
| spouse = {{marriage|[[Anushka Sharma]]|2017}}
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}}
'''विराट कोहली''' (जन्म: 5 [[नवम्बर]] 1988) [[भारतीय क्रिकेट टीम]] के तीनों फॉर्मेट के कप्तान हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/19776058/|title=My summer watching the big four}}</ref> एक सुरुचिपूर्ण दाएं हाथ के बल्लेबाज कोहली को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माना जाता है।'''<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/24300928/the-kohli-tendulkar-comparison-overseas-series|title=The Kohli-Tendulkar comparison in overseas series}}</ref>''' वे सन् [[2008]] की 19 वर्ष से कम आयु वाले विश्व कप क्रिकेट विजेता दल के कप्तान भी रह चुके है। भारत के घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विराट [[दिल्ली]] का प्रतिनिधित्व करते है जबकि [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] की कप्तानी करते है।
दिल्ली में पैदा हुए और वही के रहवासी होते हुए, कोहली ने 2006 में अपनी पहली श्रेणी क्रिकेट कैरियर की शुरुआत करने से पहले विभिन्न आयु वर्ग के स्तर पर शहर की क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2008, मलेशिया में अंडर -19 विश्व कप में जीत हासिल की, और कुछ महीने बाद, 19 साल की उम्र में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए अपना ओ॰डी॰आई॰ पदार्पण किया। शुरुआत में भारतीय टीम में रिजर्व बल्लेबाज के रूप में खेलने के बाद, उन्होंने जल्द ही ओ॰डी॰आई॰ के मध्य क्रम में नियमित रूप से अपने आप को स्थापित किया और टीम का हिस्सा रहे और [[2011
क्रिकेट विश्व कप]] जीता। उन्होंने 2011 में अपना टेस्ट मैच कैरियर शुरू किया और 2013 तक ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट शतक के साथ "ओ॰डी॰आई॰ विशेषज्ञ" के टैग को झुका दिया। 2013 में पहली बार ओ॰डी॰आई॰ बल्लेबाजों के लिए आई॰सी॰सी॰ रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर पहुँचने के बाद, कोहली को ट्वेंटी -20 प्रारूप में भी सफलता मिली, आई॰सी॰सी॰ विश्व ट्वेंटी 20 (2014 और 2016 में) में मैन ऑफ द टूर्नामेंट दो बार वह जीते । 2014 में, वह आई॰सी॰सी॰ रैंकिंग में शीर्ष रैंकिंग वाले टी 20 आई बल्लेबाज बने, जिसने 2017 तक तीन लगातार वर्षों की स्थिति संभाली। अक्टूबर 2017 के बाद से, वह दुनिया में शीर्ष रैंकिंग ओ॰डी॰आई॰ बल्लेबाज भी रहे हैं। एक ऐसा समय भी आया जब 13 दिसंबर 2016 को वह आई॰सी॰सी॰ रैंकिंग में तीनों फॉर्मैट के प्रथम 3 स्थानों में शामिल थे।
कोहली को 2012 में ओ॰डी॰आई॰ टीम के उप-कप्तान नियुक्त किया गया था और 2014 में महेंद्र सिंह धोनी की टेस्ट सेवानिवृत्ति के बाद टेस्ट कप्तानी सौंपी गई थी। 2017 की शुरुआत में, वह धोनी के पद से नीचे उतरने के बाद सीमित ओवर के कप्तान बने। ओडीआई में, कोहली 205 पारी में सबसे तेज बल्लेबाज के लिए 10,000 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड रखता है।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/25070847|title=The Kohli v Tendulkar comparison}}</ref> ओ॰डी॰आई॰ में, कोहली की दूसरी सबसे ज्यादा शतक और दुनिया में रन-चेस में शतक की सबसे ज्यादा संख्या है। कोहली के सबसे तेज ओ॰डी॰आई॰ शतक सहित कई भारतीय बल्लेबाजी रिकॉर्ड हैं, सबसे तेज बल्लेबाज 5,000 ओ॰डी॰आई॰ रन और 10 एकदिवसीय शतक के लिए सबसे तेज़ बल्लेबाज हैं। वह लगातार दूसरे कैलेंडर वर्ष के लिए 1,000 या उससे अधिक ओ॰डी॰आई॰ रन बनाने वाले विश्व के दूसरे बल्लेबाज हैं। दिसंबर 2018 में, कोहली इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीतने वाले पहले एशियाई कप्तान बने।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/india-in-australia/adelaide-test-virat-kohli-becomes-first-asian-captain-to-win-tests-in-australia-england-and-south-africa/articleshow/67021823.cms|title=Virat Kohli becomes first Asian captain to win Tests in Australia, England and South Africa}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/25497731/stats-india-savour-high-not-felt-50-years|title=Stats - India savour a high not felt in 50 years}}</ref>
कोहली द्वारा बनाये [[T-20 अंतरराष्ट्रीय]] विश्व रिकॉर्ड में से हैं: सबसे तेज बल्लेबाज 2,000 रनों और 1,000 रनों के लिए<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/774671|title=Virat Kohli becomes fastest to 2000 T20I runs}}</ref>, कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाए गए और प्रारूप में सबसे अधिक अर्धशतक। वह विश्व ट्वेंटी 20 और आई॰पी॰एल॰ दोनों के एक टूर्नामेंट में अधिकांश रनों के रिकॉर्ड भी रखते हैं।
आईसीसी रैंकिंग में [[टेस्ट क्रिकेट]] (934 अंक) में उच्चतम रेटिंग अंक,<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/india-in-england/virat-kohli-first-indian-after-sachin-tendulkar-to-become-no-1-test-batsman/articleshow/65278303.cms|title=Virat Kohli first Indian after Sachin Tendulkar to become No. 1 Test batsman}}</ref> [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय]] (911 अंक) और [[ट्वेन्टी-20 अंतरराष्ट्रीय]] (897 अंक) में एक भारतीय बल्लेबाज के लिए उनके पास सबसे ज्यादा ऐतिहासिक रेटिंग अंक हैं,<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/india-in-england/virat-kohli-touches-career-high-911-points-sixth-best-ever-in-odi-rankings/articleshow/65038874.cms|title=Virat Kohli touches career-high 911 points, sixth best ever in ODI rankings}}</ref> । वह टेस्ट मैचों, ओ॰डी॰आई॰ और टी 20 आई॰ में एक साथ 50 से अधिक औसत के इतिहास में एकमात्र बल्लेबाज हैं। कोहली 2017 में सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी (वर्ष का आई॰सी॰सी॰ क्रिकेटर) जैसे कई पुरस्कार के प्राप्तकर्ता रहे हैं; 2012 में 2017 में आई॰सी॰सी॰ ओ॰डी॰आई॰ प्लेयर ऑफ द ईयर, और 2017 में दुनिया में विज़्डन अग्रणी क्रिकेट खिलाड़ी। 2013 में, उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के सम्मान में अर्जुन पुरस्कार दिया गया था। पद्मश्री को उन्हें खेल श्रेणी के तहत 2017 में सम्मानित किया गया था। अपने क्रिकेट करियर के साथ, कोहली आई॰एस॰एल॰ में एफ॰सी॰ गोवा का सह-मालिक है, आईपीटीएल फ्रेंचाइजी संयुक्त अरब अमीरात रॉयल्स और पी॰डब्लू॰एल॰ टीम बेंगलुरू योधा का सह-मालिक है। उनके पास अन्य व्यावसायिक उद्यम भी हैं और 20 से अधिक ब्रांड समर्थन हैं। कोहली ई॰एस॰पी॰एन॰ द्वारा दुनिया के सबसे प्रसिद्ध एथलीटों में से एक है और फोर्ब्स द्वारा सबसे मूल्यवान एथलीट ब्रांडों में से एक है। 2018 में, टाइम पत्रिका ने कोहली को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक नाम दिया। इन्हें 2018 में राष्ट्रपति [[रामनाथ कोविंद]] द्वारा [[राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया।
== प्रारंभिक जीवन ==
[[File:India Vs New zealand One day International, 10 December 2010 (6160488612).jpg|right|thumb|2010 से इस तस्वीर में देखा गया एक छोटा कोहली। अपने बचपन और शुरुआती पेशेवर वर्षों में उनकी गोल-मटोल उपस्थिति ने उन्हें "चीकू" उपनाम दिया।]]
विराट कोहली का जन्म [[दिल्ली]] में 5 नवम्बर 1988 को हुआ था। उनके माता और पिता सरोज कोहली और प्रेमजी है। उनका अपना भाई, विकास और एक बड़ी बहन, भावना है। कोहली ने विशाल भारती स्कूल से अपनी शिक्षा हासिल की है। उनके पिता प्रेम जी, एक वकील थे और उनकी मृत्यु दिसम्बर 2006 में हुई थी।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/cricket/2018/07/29/making-virat-kohli-day-father-died-made-90/|title=The making of Virat Kohli: 'The day after his father died, he made 90'}}</ref> उन्होंने बॉलीवुड की अभिनेत्री [[अनुष्का शर्मा]] के साथ इटली में 11 दिसंबर 2017 को शादी रचाई। अब वे वैवाहिक जीवन में बंध गए है। विराट और अनुष्का (विरुष्का) विवाह एक बहुत ही निजी संबंध था और विवाह से कुछ दिन पहले तक कोई भी शादी के बारे में नहीं जानता था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फोटोग्राफर, कैटरर्स और होटल कर्मचारियों सहित शादी में शामिल सभी को एक गैर प्रकटीकरण समझौते (एनडीए) द्वारा बंधे थे।<ref>https://www.thefamouspeople.com/profiles/virat-kohli-7388.php#personal-life-&-legacy</ref> ये पहली बार शैम्पू के विज्ञापन में एकसाथ नजर आये थे जिसके बाद से लगातार सम्बंध में रहे।<ref>{{cite web |title=विराट कोहली के बारे में |url=https://www.gazabhindi.com/2018/10/virat-kohli-in-hindi.html?fbclid=IwAR3_i6nofztdpW9Id_MPZuAVl4V9R539aPpWtthghQaTwpTpRfrr5GTk2wo |accessdate=24 अक्टूबर 2018 |date=18 अक्टूबर 2018}}</ref> इन्हें "चीकू" के उपनाम से जाना जाता है। और घनश्याम पाटीदार सेमली इसके गुरु हैं,, और Aj घनश्याम के भी गुरु है
== युवा और घरेलू करियर ==
कोहली सुर्खियों में आऐ जब वे अपने पिता की मृत्यु के दिन कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में दिल्ली के लिए खेल रहे थे। कोहली मलेशिया में आयोजित क्रिकेट विश्व कप में विजयी भारतीय टीम के कप्तान थे। नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए, उन्होंने की औसत से ६ मैचों में रन बनाए, जिसमे वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक भी शामिल है। टूर्नामेंट के दौरान कई सामरिक गेंदबाजी परिवर्तन करने के लिए उनकी सराहना की गई थी। वे अपना हर मैच गंभीरता से लिया करते है। कोहली ऑस्ट्रेलिया में इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में, कोहली ने शतक बनाया था और भारत रन से जीता था।
==अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर==
वो एक मध्यक्रम के बल्लेबाज हैं और दायें हाथ के मध्यम गति गेंदबाज भी हैं।<ref>{{cite web|url=https://thefield.scroll.in/841166/numbers-dont-lie-for-all-his-bravado-is-virat-kohli-really-a-big-match-player|title=Numbers don’t lie: For all his bravado, is Virat Kohli really a big match player?}}</ref> ये प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं और [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर]] के कप्तान हैं। उन्होंने वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी के लिए भी खेला है। उन्होंने एक भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाया है।
===प्रारंभिक वर्ष===
कोहली ने 2008 में अपने एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (एकदिवसीय) शुरुआत की। श्रीलंकाई दौरे से पहले, कोहली ने केवल आठ सूची ए मैच खेले थे, और उनके चयन को "आश्चर्य कॉल-अप" कहा गया था। श्रीलंकाई दौरे के दौरान, पहले विकल्प वाले सलामी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग घायल हो गए, कोहली ने पूरे सीरीज़ में एक तेज सलामी बल्लेबाज के रूप में बल्लेबाजी की। उन्होंने 19 साल की उम्र में दौरे के पहले ओडीआई में अपनी अंतरराष्ट्रीय शुरुआत की और 12 के लिए आउट हो गए। उन्होंने चौथी मैच में 54 रन बनाकर अपना पहला ओडीआई अर्धशतक बनाया, जिसने भारत को श्रृंखला जीतने में मदद की। अन्य तीन मैचों में उनके 37, 25 और 31 अंक थे। भारत ने सीरीज़ 3-2 से जीता जो श्रीलंका में श्रीलंका के खिलाफ भारत की पहली ओडीआई श्रृंखला जीत थी।
चैंपियंस ट्रॉफी को 2009 में स्थगित करने के बाद, कोहली को सितंबर 2008 में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट के लिए भारत ए टीम में घायल शिखर धवन के प्रतिस्थापन के रूप में चुना गया था। उन्होंने दो मैचों की श्रृंखला में केवल एक बार बल्लेबाजी की, और उस पारी में 49 रन बनाये। सितंबर 2008 में उस महीने बाद में, उन्होंने एसएनजीपीएल ([[पाकिस्तान]] से [[कायदे आजम ट्रॉफी]] के विजेताओं) के खिलाफ निसार ट्रॉफी में दिल्ली और 52 और 197 के साथ दोनों पारी में दिल्ली के लिए शीर्ष स्कोर बनाया।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/india/content/story/370014.html|title=Chopra and Kohli stretch lead to 384}}</ref> मैच तैयार किया गया लेकिन एसएनजीपीएल पहली पारी के नेतृत्व में ट्रॉफी जीती।<ref>{{cite web|title=Delhi v Sui Northern Gas Pipelines Limited at Delhi, 15-18 Sep 2008|url=http://www.espncricinfo.com/series/13877/scorecard/368336/delhi-vs-sui-northern-gas-pipelines-limited-mohammad-nissar-trophy-2008-09|accessdate=9 February 2015|deadurl=no|archiveurl=https://web.archive.org/web/20150326183852/http://www.espncricinfo.com/indiandomestic2008/engine/match/368336.html|archivedate=26 March 2015|df=dmy-all}}</ref> अक्टूबर 2008 में, कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार दिवसीय दौरे के मैच में भारतीय बोर्ड के अध्यक्ष इलेवन के लिए खेला। उन्होंने उस मैच में 105 और 16 * गेंदबाजी लाइन-अप के खिलाफ ब्रेट ली, स्टुअर्ट क्लार्क, मिशेल जॉनसन, पीटर सिडल और जेसन क्रेजा के साथ बनाया।
कोहली [[२०११ क्रिकेट विश्व कप]] जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। एकदिवसीय टीम में नियमित होने के बावजूद, कोहली किंग्सटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में अपना पहला टेस्ट खेला था। कोहली 2012 में आईसीसी वनडे प्लेयर के प्राप्तकर्ता था। नवंबर 2013 में उन्होंने पहली बार वन डे बल्लेबाज में शीर्ष स्थान पाया था।<ref>{{cite web|last1=[[एनडीटीवी]]|title=सौरव गांगुली ने विराट कोहली-अनिल कुंबले विवाद पर अपने बयान से चौंकाया! रवि शास्त्री के बारे में यह कहा...|url=https://khabar.ndtv.com/news/cricket/sourav-ganguly-opens-up-on-anil-kumble-virat-kohli-rift-and-on-ravi-shastri-1717754|accessdate=30 जून 2017}}</ref><ref>{{cite news|last1=[[जनसत्ता]]|title=नए कोच पर विराट कोहली ने पहली बार दिया बयान, पर नहीं कही मन की बात|url=http://www.jansatta.com/khel/virat-kohli-first-time-speak-up-on-indian-cricket-team-new-coach-controversy-after-anil-kumble-left-the-post/361988/|accessdate=30 जून 2017}}</ref>
=== अंतर्राष्ट्रीय कैरियर ===
[[File:Virat Kohli Batting.jpg|right|thumb|विराट कोहली टी 20 आई में 2,000 रन बनाने वाले सबसे तेज बल्लेबाज है]]
२००८ में ऑस्ट्रेलिया में इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में एक सौ के बाद कोहली २००८ में श्रीलंका की भारत के दौरे के लिए वनडे टीम में चुना गया था। सचिन तेंडुलकर और वीरेंद्र सहवाग दोनों चोटिल हो गए थे जब कोहली२००८ में आइडिया कप में श्रीलंका के खिलाफ एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपनी शुरुआत की।
अपने पहले मैच में उन्होंने १२ रन बनाए। उन्होंने चौथे मैच में अपना पहला अर्धशतक, ५४ का स्कोर बनाया और भारत को सीरीज जीतने में मदद की। यह श्रीलंका में श्रीलंका के खिलाफ भारत की पहली वनडे सीरीज जीत थी।
युवराज सिंह के चोटिल हो जाने के बाद कोहली, २००९ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में खेले, और 2009 के मध्य के बाद से रिजर्व वनडे बल्लेबाज के तौर पर लिया गया। युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए फिटनेस वापस पा ली, तो कोहली शृंखला में कुछ मैचों में ही खेल पाए। चोटिल युवराज की गैर मौजूदगी में श्रीलंका ने भारत का दौरा किया था जब दिसम्बर २००९ में विराट को ४ वनडे में खेलने का मौका मिला। उन्होंने अपना पहल वनडे शतक जमाया और भारत को सीरीज ३-१ से जीताने में तीसरे विकेट के लिए २२४ रन की साझेदारी गौतम गंभीर के साथ की। सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने जनवरी २०१० में बांग्लादेश में त्रिकोणीय राष्ट्र टूर्नामेंट के लिए विश्राम लिया था। अतः भारत के पांच मैचों में से प्रत्येक में खेलने के लिए कोहली को मौका मिला।
कोहली को जून २०१० में जिम्बाब्वे में श्रीलंका और जिम्बाब्वे के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के लिए एकदिवसीय टीम का उप कप्तान बनाया गया जब अन्य सभी पहली पसंद खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया। इसी शृंखला में वो एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बन गए। उन्होंने ४७.३८ की औसत से २५ मैचों में ९९५ रन बनाए उसमें ३ शतक शामिल थे, २०१० में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बने।
कोहली को जून २०१० में जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 शृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था।
===२०११ क्रिकेट विश्व कप===
कोहली [[२०११ क्रिकेट विश्व कप]] में रैना से अधिक पसंदीदा खिलाड़ी थे और विश्व कप के अपने पर्दापण मैच में शतक बनाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने। उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ ५९ रन बनाए और युवराज सिंह के साथ १२२ रनों की साझेदारी कि। गौतम गंभीर के साथ तीसरे विकेट के लिए उनकी 83 रन की साझेदारी ने भारत के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ अपने रनों का पीछा करते हुई मिली जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने २०११ विश्व कप में ३५.२५ की औसत से ९ पारियों में २८२ रन बनाए।
=== टेस्ट कैरियर की शुरुआत ===
भारत ने जून और जुलाई २०११ में वेस्टइंडीज का दौरा किया , जब बीसीसीआई ने एक अनुभवहीन दस्ता चुना।सचिन तेंदुलकर ने सीरीज में विश्राम लिया और गौतम गंभीर व वीरेंद्र सहवाग को चोट के कारण टीम से बाहर किया गया। कोहली टेस्ट टीम में आए तीन नए खिलाड़ियों में से एक थे। भारत ने टेस्ट सीरीज १-० से जीत ली लेकिन कोहली इस प्रारूप में अपने कैरियर की शुरुआत में संघर्ष किया। मुख्य रूप से छोटी गेंदों के खिलाफ। दौरे पर अपनी ५ पारी में वो सिर्फ ७६ रन बना पाए। कोहली के लिए शृंखला में मुख्य परेशानी का कारण तेज गेंदबाज फिदेल एडवर्ड्स थे जिन्होंने उन्हें शृंखला में कुल तीन बार आउट किया।
===२०११ में भारत का इंग्लैंड दौरा ===
{{main|भारतीय क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा, 2011}}
जुलाई और अगस्त में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की चार मैचों की शृंखला के लिए टेस्ट टीम से बाहर कोहली को चोटिल युवराज सिंह के कवर के रूप में बुलाया गया था, हालांकि वे शृंखला में नहीं खेल पाए। उसके बाद एकदिवसिय शृंखला में उनको मौका मिला जिसे भारत ने सीरीज 3-0 से खो दिया , हालांकि कोहली ने एक शतक सहित पांच पारियों में १९४ रन बनाऐ। अक्टूबर में इंग्लैंड को भारत में एक वापसी एकदिवसीय शृंखला में भारत का सामना करना पड़ा। भारत ने शृंखला 5-0 से जीती और कोहली पाँच मैच मैं २७० के साथ शृंखला के सर्वाधिक रन स्कोरर रहे और ११२ नाबाद का अपना उच्चतम एकदिवसीय स्कोर बनाया।
===२०११ में वेस्टइंडीज का भारत दौरा===
नवंबर-दिसम्बर २०११ में वेस्ट इंडीज ने तीन टेस्ट और पांच एकदिवसीय मैचों के लिए भारत का दौरा किया। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सफलता (पिछले महीने) के बाद, कोहली और् रैना को टेस्ट टीम में शामिल किया गया। टेस्ट सीरीज के अंतिम मैच तक कोहली को टीम में नहीं चुना गया पर अंतिम मैच के लिऐ चुन लिया गया। अंतिम मैच बराबरी पर समाप्त हो गया। और भारत टेस्ट सीरीज २-० से जीत लिया।
भारत ने एकदिवसीय शृंखला ४-१ से जीती और कोहली ११७ उच्चतम स्कोर के साथ ६०.७५ की औसत से २४३ रन बनाने में सफल हुए।
===ऑस्ट्रेलिया टेस्ट शृंखला और सीबी शृंखला २०१२===
{{main|भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2011-12}}
कोहली को दिसम्बर २०११ में ऑस्ट्रेलिया के दौरे के लिए भारत की टीम में शामिल किया गया। मेलबर्न में पहले टेस्ट के बाद उन्होंने टीम में अपनी स्थिति को खतरे में महसूस किया और सिडनी में दूसरे टेस्ट के दौरान कोहली ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड के प्रशंसकों पर अपना गुस्सा जताया, जो उनका अपमान कर रहे थे, इसके लिए उनकी मैच फीस का पचास फीसदी जुर्माना लगाया गया। घटना के बाद एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में आठ शतक कोई अस्थाई नहीं लगा सकता। मैं नहीं जानता कि क्यों लोग मेरी तकनीक या स्वभाव पर सवाल करते है। यह सब मेरे लिए एक सीखने की अवस्था है। मैं ऑस्ट्रेलिया में, मुश्किल विकेट पर खेल रहा हूँ"। भारत ने शृंखला ४-० से खो दिया और कोहली इस शृंखला में भारत के लिए शीर्ष स्कोरर थे। टेस्ट शृंखला के बाद कोहली त्रिकोणीय एकदिवसीय शृंखला के लिए ऑस्ट्रेलिया में बने रहे, यह ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और भारत से बीच खेली गई। कोहली शृंखला में भारत के लिये ३७३ रनों के साथ शीर्ष स्कोरर थे, जिसमे दो अर्धशतक के साथ एक शतक भी शामिल है। इस शृंखला में भारत फाइनल तक नहीं पहुंच पाया।
===२०१२ एशिया कप ===
{{main|२०१२ एशिया कप}}
उन्हें मार्च 2012 में एशिया कप के लिए भारतीय एकदिवसीय टीम का उप कप्तान बनाया गया। उन्होंने एशिया कप 2012 के पांचवें मैच में पाकिस्तान के खिलाफ १४८ गेंदों पर १८३ रन बनाए। 0/1 के स्कोर पर आकर, उन्होंने ३३० के एक रिकार्ड लक्ष्य का पीछा करते हुऐ 22 चौके और एक छक्का मार कर भारत को मुकाबला जिताया। यह उनका एकदिवसीय मैचों में उच्चतम स्कोर है और एशिया कप में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है। कोहली की यह पारी वनडे में पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी पारी है। उन्होंने पिछले रिकॉर्ड ब्रायन लारा (१५६ रन) को तोड़ा।<ref>http://www.espncricinfo.com/india/content/player/253802.html india / Players / Virat Kohli</ref>
===२०१२ में न्यूजीलैंड का भारत दौरा===
दो टेस्ट मैच में १०६ की औसत से २१२ रन बनाए जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल है। बंगलौर में दूसरे टेस्ट मैच में कोहली ने अपना दूसरा टेस्ट शतक जमाया। उन्होंने पहली पारी में एक छक्का और १४ चौके के साथ १०३ रन बनाऐ। दूसरी पारी में उन्होंने (नाबाद)51* रन बनाए और मैन ऑफ द मैच से सम्मानित किऐ गऐ।<ref>https://en.wikipedia.org/wiki/Virat_Kohli Virat Kohli</ref>
===२०१४ में भारत का इंग्लैंड दौरा ===
कोहली और अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों को इंग्लैंड दौरे से पहले भारत के बांग्लादेश के दौरे के लिए विश्राम किया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.com/hindi/sport/2014/06/140622_indian_team_england_tour2014_vs|title=क्या भारत इंग्लैंड को चुनौती दे पाएगा?}}</ref> भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में 3-1 से हार की बदौलत पहले दो टेस्ट मैचों के बाद 1-0 से बढ़त हासिल कर ली। कोहली ने 10 पारियों में केवल 13.40 की औसत से 39 रन के उच्चतम स्कोर के साथ खराब प्रदर्शन किया। उन्होंने शृंखला में छह अवसरों पर एकल अंक स्कोर पर आउट हो गए और विशेष रूप से ऑफ स्टम्प के ठीक लाइन पर झूलते गेंद करने के लिए अतिसंवेदनशील था, विकेटकीपर या पर्ची क्षेत्ररक्षकों को गेंद किनारा कई बार खारिज कर दिया जा रहा था। शृंखला के मैन [[जेम्स एंडरसन]] को कोहली की चार बार विकेट मिला, जबकि कोहली की बल्लेबाजी तकनीक से विश्लेषकों और पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाया। [[ज्योफ्री बायकाट]] ने कहा, "[[जेम्स एंडरसन]] नाश्ते के लिए उसे खा लिया। हर बार जब कोहली में आया, सब उसने किया ऑफ स्टम्प से गेंद डालते था, अनिश्चितता के गलियारे के आसपास और कोहली यह nicked। वह अपने बल्ले के साथ खेल रहा है बहुत दूर अपने पैड से दूर। उन्हें अपनी तकनीक के वीडियो रिप्ले को देखना होगा और मूलभूत आधार पर वापस जाना होगा। "भारत ने एकदिवसीय शृंखला जीती जो 3-1 से जीती, लेकिन कोहली की बल्लेबाजी के साथ बल्लेबाजी ने चार पारियों में 18 के औसत के साथ जारी रखा। एक टी -20 में, उन्होंने 41-बॉल 66 के साथ, दौरे के आखिरी मैच में दौरे के अपने पहले पचास से अधिक रन बनाए। भारत को तीन रनों से मैच हार गया, लेकिन आईसीसी रैंकिंग में ट्वेंटी 20 आई बल्लेबाजों के लिए कोहली नंबर एक स्थान पर पहुंच गया।
===२०१४-१५ भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा===
{{main|भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2014-15}}
[[File:VIRAT KHOLI & DUNCAN FLETCHER (15570557124).jpg|230px|thumb|कोहली के साथ कोच [[डंकन फ्लेचर]] सिडनी टेस्ट से पहले।]]
दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे के पहले टेस्ट के लिए, [[महेंद्र सिंह धोनी]] चोट के चलते एडीलेड में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं था, और कोहली ने पहली बार टेस्ट कप्तान के तौर पर खिताब संभाला। कोहली ने भारत की पहली पारी में 115 रन बनाए, टेस्ट कप्तान की शुरुआत में शतक लगाने वाला चौथा भारतीय बन गया। अपनी दूसरी पारी में, भारत को पांचवें दिन 364 रन बनाने का लक्ष्य रखा गया था। कोहली बल्लेबाजी करने आए जब भारतीय पारी 57/2 की औसत से कम हो गई और आक्रामक तरीके से बल्लेबाजी करना शुरू कर दिया। उन्होंने विजय के साथ तीसरे विकेट के लिए 185 रन बनाये जो कि विजय के आउट होने से पहले बल्लेबाजी के पतन के कारण हुई थी। 242/2 से, भारत को 315 रन पर आउट कर दिया गया जबकि कोहली ने 175 गेंद में 141 रन बनाए। कोहली ने कहा कि उनकी टीम एक जीत की तलाश कर रही थी, न कि एक ड्रॉ, जबकि यह भी कह रही थी कि यह "मैं सबसे अच्छा टेस्ट का हिस्सा रहा हूं"। कोहली की दूसरी पारी का खिताब कई ऑस्ट्रेलियाई टीकाकारों ने चौथे-पारी के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के रूप में स्वागत किया, जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में कभी देखा था।
ब्रिस्बेन में दूसरे मैच के लिए [[महेंद्र सिंह धोनी]] टीम के कप्तान के रूप में लौटे, जहां कोहली ने भारत के लिए चार विकेट से हराकर 19 और 1 रन बनाए। मेलबर्न बॉक्सिंग डे टेस्ट में, कोहली दोनों पारियों में भारत के शीर्ष स्कोरर थे उन्होंने पहली पारी में 169 के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर को बनाया, जबकि रहाणे के साथ 262 रन की साझेदारी को साझा करते हुए दस साल में एशिया के बाहर भारत की सबसे बड़ी साझेदारी की। कोहली ने पांचवें दिन भारत की दूसरी पारी में 54 रन बनाकर टेस्ट मैच में अपनी टीम की मदद की। धोनी ने इस मैच के समापन पर टेस्ट क्रिकेट से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की, और कोहली को सिडनी में चौथा टेस्ट से पहले पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान के तौर पर नियुक्त किया गया था। दूसरी बार टेस्ट टीम की कप्तान, कोहली ने पहली पारी में 147 रन बनाये और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहला बल्लेबाज बन गया जिसने टेस्ट कप्तान के रूप में अपनी पहली तीन पारियों में तीन शतक जमाए। उन्हें दूसरी पारी में 46 रनों के लिए खारिज कर दिया गया था और भारत ने एक और ड्रॉ के लिए लटका दिया था। कोहली ने चार टेस्ट मैचों में 692 रनों की कुल पारी ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट सीरीज़ में किसी भी भारतीय बल्लेबाज से सबसे ज्यादा थी।
जनवरी 2015 में, भारत मेजबान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ त्रिकोणीय एकदिवसीय शृंखला में एक भी मैच जीतने में नाकाम रहा। कोहली ने वनडे में अपनी टेस्ट सफलता को दोहराने में असमर्थ, चार खेलों में से किसी एक में दो अंकों का स्कोर बनाने में नाकाम रहे। कोहली के ओडीआई फॉर्म में विश्व कप में सुधार नहीं हुआ है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के खिलाफ क्रमशः 18 और 5 स्कोर हैं।
===२०१५ क्रिकेट विश्व कप===
[[२०१५ क्रिकेट विश्व कप]] के पहले ही मैच में विराट ने [[पाकिस्तान क्रिकेट टीम]] के विरुद्ध शतक बनाया था। वे १०७ रन बनाकर आउट हुए। दूसरे मैच में उन्होंने अफ्रीका के खिलाफ ४६ रनों की पारी खेली थी रन बनाकर आउट हुए। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने ५०.८३ की औसत से कुल ३०५ रन बनाये जिसमें एक शतक शामिल था।
===2016 भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा===
{{main|भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2015-16}}
ऑस्ट्रेलिया के सीमित ओवरों के दौरे के पहले दो वनडे में 91 और 59 के स्कोर के साथ कोहली ने 2016 की शुरूआत की। उन्होंने अगले दो मैचों में शतक की एक जोड़ी के साथ मेलबोर्न में रन-ए-117 और कैनबरा में 92 गेंदों में 106 रन बनाए। शृंखला के दौरान, वह दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बन गए, जिसने वनडे में 7000 रन के पार करने के लिए, 161 वीं पारी में मील का पत्थर हासिल करने के लिए और 25 शतक बनाने के लिए सबसे तेज़। एक दिवसीय सीरीज़ 1-4 से हार के बाद भारतीय टीम टी -20 शृंखला में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 3-0 से हरा दी। कोहली ने सभी तीन टी 20 आई में अर्द्धशतक के साथ 90 रन बनाए, 59 नॉट और 50, दोनों मैचों में जीत के साथ-साथ शृंखला पुरस्कार के पुरुष भी। वह भारत में बांग्लादेश में एशिया कप जीतने के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 84 रनों का पीछा करते हुए 49 रन बनाए थे, श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 56 और बांग्लादेश के खिलाफ फाइनल में नाबाद 41 दो और सफल प्रयासों में।
===२०१६ में विंडीज का दौरा===
२०१६ में विराट की कप्तानी में भारत ने [[भारतीय क्रिकेट टीम का वेस्टइंडीज दौरा २०१६|वेस्टइंडीज का दौरा]] किया जिसमें कोहली ने पूरी शृंखला में कुल २५१ रन बनाए जिसमें उनका एक दोहरा शतक भी शामिल है। इनकी कप्तानी में भारत ने वेस्टइंडीज को २-० से शृंखला जीती।
===२०१६ इंग्लैंड का भारत दौरा===
{{main|इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा २०१६–१७}}
5 मैचों की टेस्ट सरीज में विराट कोहली 1 शतक और दोहरे शतक के साथ 655 रन बना चूकेे है। विराट कोहली ने 4000 टेस्ट रन बनाए जबकि 2,000 रन कप्तान के तौर पर बनाए।
===२०१७ आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी===
{{main|२०१७ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल}}
विराट कोहली को [[२०१७ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी]] में पहली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट में कप्तानी करने का मौका मिला था। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में, कोहली ने पारी के मामले में सबसे तेज बल्लेबाज बनकर 96 रन बनाए और 175 पारी में ओडीआई में 8,000 रनों तक पहुंचने के लिए।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/19640879/dominant-india-march-yet-another-final|title=Dominant India march into yet another final}}</ref> विराट कोहली की कप्तानी में [[भारतीय क्रिकेट टीम]] फाइनल तक पहुंची थी लेकिन [[पाकिस्तान क्रिकेट टीम]] से १८० रनों से हार गयी थी।<ref>{{cite web|url=https://scroll.in/field/841166/numbers-dont-lie-for-all-his-bravado-is-virat-kohli-really-a-big-match-player|title=Numbers don’t lie: For all his bravado, is Virat Kohli really a big match player?}}</ref> इस दौरान कोहली व उनकी टीम ने अच्छा खेल दिखाया। पाकिस्तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज [[मोहम्मद आमिर]], बल्लेबाज के रूप में विराट को बेहद ऊपर रेट करते हैं और उन्होंने विराट कोहली का इस समय दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बताया।<ref>{{cite web|url=https://khabar.ndtv.com/news/cricket/virat-kohli-is-the-best-batsman-in-the-world-mohammad-amir-1726165|title=पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने इस अंदाज में की विराट कोहली की तारीफ, खुश हुए भारतीय फैंस|access-date=7 सितंबर 2017|archive-date=7 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170907080028/https://khabar.ndtv.com/news/cricket/virat-kohli-is-the-best-batsman-in-the-world-mohammad-amir-1726165|url-status=dead}}</ref> विराट कोहली के अनुसार मौजूदा समय में पाकिस्तान के [[मोहम्मद आमिर]] दुनिया के शीर्ष दो या तीन गेंदबाजों में से हैं।<ref>{{cite web|url=https://khabar.ndtv.com/news/cricket/when-amir-khan-asked-who-is-the-the-toughest-bowlers-to-play-and-virat-kohli-said-this-1763550|title=आमिर खान ने पूछा, सामना करने में सबसे मुश्किल गेंदबाज कौन? विराट कोहली ने दिया यह जवाब|access-date=16 अक्तूबर 2017|archive-date=16 अक्तूबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171016175050/https://khabar.ndtv.com/news/cricket/when-amir-khan-asked-who-is-the-the-toughest-bowlers-to-play-and-virat-kohli-said-this-1763550|url-status=dead}}</ref>
===नंबर 1 टेस्ट टीम और सीमित ओवरों की कप्तानी===
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!colspan="7"|'''विराट कोहली Test cricket record'''<ref>{{cite web|title=Statistics / Statsguru / Virat Kohli/Test Cricket |url=http://stats.espncricinfo.com/ci/engine/player/253802.html?class=1;template=results;type=batting |publisher=Cricinfo |accessdate=25 April 2018|deadurl=no |archiveurl=https://web.archive.org/web/20150920192708/http://stats.espncricinfo.com/ci/engine/player/253802.html?class=1%3Btemplate%3Dresults%3Btype%3Dbatting |archivedate=20 September 2018 |df= }}</ref>
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|Home||33||3041||243||66.10||11||10
|-
|विदेश||39||3226||200||47.44||13||9
|}
ऑस्ट्रेलिया के सीमित ओवरों के दौरे के पहले दो वनडे में 91 और 59 के स्कोर के साथ कोहली ने 2016 की शुरूआत की। उन्होंने अगले दो मैचों में शतक की एक जोड़ी के साथ मेलबोर्न में रन-ए-117 और कैनबरा में 92 गेंदों में 106 रन बनाए। शृंखला के दौरान, वह दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बन गए, जिसने वनडे में 7000 रन के पार करने के लिए, 161 वीं पारी में मील का पत्थर हासिल करने के लिए और 25 शतक बनाने के लिए सबसे तेज़। एक दिवसीय सीरीज़ 1-4 से हार के बाद भारतीय टीम टी -20 शृंखला में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 3-0 से हरा दी। कोहली ने सभी तीन टी 20 आई में अर्धशतक जमाए, 90 के स्कोर के साथ, 59 और 50, दोनों मैचों में जीत दर्ज की और साथ ही शृंखला पुरस्कार के पुरुष भी शामिल हुए। [205] वह भारत में बांग्लादेश में एशिया कप जीतने के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 84 रन की पारी में 49 रन बनाए थे, [206] इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 56 और बांग्लादेश के खिलाफ फाइनल में नाबाद 41 दो और सफल प्रयासों में
कोहली ने इंग्लैंड और बांग्लादेश के खिलाफ अगले दो टेस्ट सीरीज में दोहरे शतक बनाए, जिससे उन्हें लगातार चार शृंखलाओं में दोहरा शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई महान डोनाल्ड ब्रैडमैन और भारतीय राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिनमें से दोनों को तीन में शामिल किया गया था। इंग्लैंड के खिलाफ, उन्होंने 235 के अपने उच्चतम टेस्ट स्कोर प्राप्त किये। उन्होंने लगातार एक शृंखला में वेस्ट इंडीज और श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय शतकों के साथ रिकी पोंटिंग की 30 एकदिवसीय शतकों के बराबर बराबरी की।
अक्टूबर 2017 में, कोहली ने अपना 31 वां वनडे शतक बनाते हुए 200 एकदिवसीय मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए (8,888), सर्वश्रेष्ठ औसत (55.55) और किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे ज्यादा शतक (31) का नया रिकॉर्ड बनाया।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/21112829/most-prolific-batsman-200-odis|title=Kohli: the most prolific batsman after 200 ODIs}}</ref>
===2018 श्रीलंका का भारत दौरा===
{{main|श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2017}}
दिसंबर 2017 में, विराट 5000 क्लब में शामिल हो गए।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/21638676/virat-kohli-breezes-5000-runs-20th-test-ton|title=Kohli breezes past 5000 runs with his 20th Test ton}}</ref> वह ऐसा करने वाले 11वें भारतीय बल्लेबाज हैं।<ref>{{cite web|url=http://indianexpress.com/article/sports/cricket/virat-kohli-20th-test-century-record-staggering-numbers-2017-india-cricket-4964431/|title=Virat Kohli scores 20th Test century, racks up staggering numbers in 2017}}</ref> विराट का [[टेस्ट क्रिकेट]] में ये 20वां शतक रहा और 6 वें दोहरा शतक।<ref>http://www.jagran.com/cricket/bouncer-jagran-special-virat-kohli-scored-his-20th-test-century-against-sri-lanka-in-delhi-his-first-in-kotla-17133589.html</ref> उन्होंने 63वें मैच में यह उपलब्धि हासिल की है।<ref>{{cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/sports/cricket/cricket-news/virat-kohli-completes-5000-runs-in-test-cricket/articleshow/61890182.cms|title=विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में पूरे किए 5000 रन}}</ref>
===२०18 में भारत का इंग्लैंड दौरा===
{{main|भारतीय क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा २०१८}}
तीन टी-२० मैचों की शृंखला में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को २-१ से हराया। 2 अगस्त 2018 को, कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ शृंखला के पहले टेस्ट मैच में अंग्रेजी मिट्टी पर अपनी पहली टेस्ट शतक बनाया। 5 अगस्त को, कोहली ने आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 रैंकिंग टेस्ट बल्लेबाज बनने के लिए [[स्टीव स्मिथ]] को विस्थापित कर दिया। वह इस काम को हासिल करने के लिए जून 2011 में [[सचिन तेंदुलकर]] के बाद सातवें भारतीय बल्लेबाज बने। ट्रेंट ब्रिज,नॉटिंघम के तीसरे टेस्ट में, कोहली ने 97 और 103 रन बनाए और भारत को 203 रनों से जीतने में मदद मिली। 5 मैचों की टेस्ट सीरीज़ के अंत में, कोहली ने 593 रन बनाए, जो हारने वाली टेस्ट श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाज द्वारा तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाए।
=== 30 साल से पहले ओडीआई में 10,000 रन===
{{main|वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2018}}
2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ओडीआई सीरीज़ के दौरान, कोहली<ref>{{Cite web |url=https://www.getcelebbio.com/2018/11/virat-kohli-age-biography-wiki-height.html |title=virat kolhi age |access-date=8 नवंबर 2018 |archive-date=8 नवंबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181108105311/https://www.getcelebbio.com/2018/11/virat-kohli-age-biography-wiki-height.html |url-status=dead }}</ref> 12 वें बल्लेबाज बने और 10,000 ओडीआई रन बनाने वाले सबसे तेज खिलाड़ी बने। उन्होंने 205 पारी के साथ मील का पत्थर पार कर लिया, जो कि सचिन तेंदुलकर के अगले सबसे तेज स्थान से 54 पारी कम है। पाठ्यक्रम में उन्होंने अपनी 37 वीं ओडीआई शतक बनाया। 10,000 रन पार करने के बाद कोहली का औसत 59.62 है, जो 10,000 क्लब के सदस्यों में भी सबसे अच्छा औसत है।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/25069198/ten-things-know-virat-kohli-10000|title=30 साल से पहले ओडीआई में 10,000 रन}}</ref> 27 अक्टूबर को, अपनी 38 वीं ओडीआई शताब्दी के स्कोर के बाद, कोहली एकदिवसीय मैचों में तीन लगातार शतक लगाने के लिए भारत के पहले बल्लेबाज और पहले दसवें स्थान पर रहे। उन्होंने 5 मैचों की श्रृंखला में 151.00 के औसत से 5 पारियों में 453 रन बनाये और सीरीज के खिलाड़ी थे।
==आईपीएल कैरियर==
{| class="wikitable" style="font-size:95%; float:right; margin-left:1em; width:40%;"
|-
!colspan="7"|ट्वेंटी -20 मैचों में कोहली का रिकॉर्ड
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| ||मैच||रन||सर्वाधिक स्कोर||शतक||अर्द्धशतक||औसत
|-
| [[ट्वेन्टी-२० अंतर्राष्ट्रीय|टी20ई]] ||55||1,956||90*||0||18||52.86
|-
|[[इंडियन प्रीमियर लीग|आईपीएल]]<ref>{{cite web|title=IPL Records-Most Runs |url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2013/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=117;type=trophy |publisher=ESPNcricinfo |accessdate=26 April 2015 |deadurl=yes |archiveurl=https://web.archive.org/web/20130203034523/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2013/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=117%3Btype%3Dtrophy |archivedate=3 February 2013 |df= }}</ref> ||137||4,056||113||4||25||38.26
|-
|[[चैंपियंस लीग ट्वेंटी20]]<ref>{{cite web|title=CLT20 Records-Most Runs |url=http://stats.espncricinfo.com/champions-league-twenty20-2013/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=120;type=trophy |publisher=ESPNcricinfo |accessdate=25 April 2015 |deadurl=yes |archiveurl=https://web.archive.org/web/20131001070500/http://stats.espncricinfo.com/champions-league-twenty20-2013/engine/records/batting/most_runs_career.html?id=120%3Btype%3Dtrophy |archivedate=1 October 2013 |df= }}</ref> ||15||424||84*||0||2||38.54
|}
मार्च 2008 में, कोहली को [[इंडियन प्रीमियर लीग]] फ्रेंचाइजी [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] द्वारा 30,000 डॉलर में एक युवा अनुबंध पर खरीदा गया था। उनकी एक उदासीन 2008 सीजन थी, जिसमें 12 पारियों में 15.5 के औसत से और 105.0 9 की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 165 रन थे। उन्होंने दूसरे सीजन में थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया जिसमें उन्होंने 22.36 की औसत से 246 रन बनाये, जो 112 पर खड़ा था, जबकि उनकी टीम ने उन्हें फाइनल तक पहुंचा दिया। 2010 के सीज़न में, कोहली ने 30. 7 की औसत से 27.90 की औसत से अपनी टीम के लिए तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने और 144.81 की अपनी स्ट्राइक रेट में सुधार किया।
2011 के सीजन से पहले, कोहली [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] द्वारा बनाए गए एकमात्र खिलाड़ी थे। कोहली को उस वर्ष टीम के उपकप्तान बनाया गया था और कुछ कप्तानों में टीम का नेतृत्व भी किया जब नियमित कप्तान डेनियल विटोरी घायल हो गए थे। रॉयल चैलेंजर्स के कोच रे जेनिंग्स ने कहा कि 22 वर्षीय न केवल फ्रैंचाइजी के भविष्य के कप्तान होंगे बल्कि भारतीय टीम भी होंगे। [234] कोहली सीजन का दूसरा सबसे बड़ा रन बनाने वाला खिलाड़ी था, केवल टीम के साथी क्रिस गेल के पीछे, और उनकी टीम आईपीएल के उपविजेता बने। कोहली ने 46.41 के औसत से 557 रन बनाए और 121 के स्ट्राइक रेट में चार अर्धशतक शामिल हैं। आईपीएल 2012 में, वह मामूली सफल रहे, उन्होंने 364 रनों के लिए 28 रन बनाए।
विटोरी की सेवानिवृत्ति के बाद, 2013 के सत्र के लिए कोहली को टीम के कप्तान नियुक्त किया गया था। रॉयल चैलेंजर्स उस वर्ष में लीग तालिका में पांचवें स्थान पर रहे, लेकिन कोहली ने बल्ले से सफलता हासिल की। 45.28 की औसत से, उन्होंने 138 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट पर कुल 634 रन बनाये जिसमें छह अर्धशतक और 99 के शीर्ष स्कोर थे और सत्र के तीसरे सबसे ज्यादा रन-स्कोरर के रूप में समाप्त हो गए। अगले सत्र में बेंगलुरु सातवें स्थान पर रहा, जिसमें कोहली ने 27.61 की औसत से 35 9 रन बनाए। उन्होंने 2015 आईपीएल में बल्लेबाजी के साथ सफलता हासिल की जिसमें उन्होंने अपनी टीम को प्लेऑफ में पहुंचाया। उन्होंने 45.90 के औसत से 505 रनों के साथ सीजन की अग्रणी रन-आउटर्स की सूची पर पांचवां स्थान हासिल किया और 130 से अधिक की स्ट्राइक रेट।
विराट कोहली [[इंडियन प्रीमियर लीग]] के पहले दौर से ही [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर]] के लिए खेलते आ रहे हैं साथ ही ये [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] के कप्तान भी है। [[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग]] में इन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए जिसमें उनके एक ही संस्करण में ४ शतक शामिल है। साथ ही २०१६ के संस्करण में ऑरेन्ज कैप के विजेता भी यही रहे।
==व्यक्तिगत जीवन==
[[File:Anushka Sharma and Virat Kohli at Vogue Beauty Awards.jpg|right|thumb|अनुष्का शर्मा और विराट कोहली वोग अवार्ड्स में]]
2013 से [[अनुष्का शर्मा]] व कोहली के मध्य प्रेम सम्बन्ध थे।<ref>{{cite web|url=http://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/anushka-sharma-virat-kohli-ad-watch-video-4899286/|title=Finally! Anushka Sharma confesses love for Virat Kohli in this new TVC}}</ref><ref>{{cite web|title=Virat Kohli’s post supporting Anushka Sharma declared the ‘Golden Tweet’ of 2016|url=http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Virat-Kohlis-post-supporting-Anushka-Sharma-declared-the-Golden-Tweet-of-2016/articleshow/55848486.cms|publisher=The Times of India|accessdate=8 December 2016}}</ref> इस सम्बन्ध को मीडिया का पर्याप्त ध्यान आकर्षित किया था। आखिरकार 11 दिसम्बर 2017 को [[इटली]] के [[मिलान]] नगर में दोनों ने शादी कर ली, जिसकी पुष्टि इन दोनों ने अपने [[ट्विटर]] हैंडल पर की।<ref>{{cite news|last1=[[नवभारत टाइम्स]]|title=विराट कोहली और अनुष्का शर्मा शादी के बंधन में बंधे, सोशल मीडिया पर फोटो शेयर|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/sports/cricket/cricket-news/virat-kohli-anushka-sharma-got-married-officially-declared/articleshow/62023972.cms|accessdate=11 दिसम्बर 2017}}</ref>
नवंबर 2018 में, विराट कोहली की आलोचना उनके ऐप के लॉन्च के दौरान की गई थी,<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/25252599/hey-virat-captain-indian-cricket-team-not-captain-india|title=Hey Virat, you're the captain of the Indian cricket team, not Captain India}}</ref><ref>{{cite web|url=https://gadgets.ndtv.com/apps/news/virat-kohli-official-app-birthday-android-ios-download-1943167|title=Virat Kohli Official App Launched for Android and iOS on His Birthday}}</ref> जब उन्होंने एक प्रशंसक से भारत छोड़ने के लिए कहा यदि उन्हें विदेशी चीजें / खिलाड़ी पसंद हैं।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/is-virat-kohli-losing-perspective-off-the-field/articleshow/66540307.cms|title=Is Virat Kohli losing perspective off the field?}}</ref><ref>{{cite web|url=https://scroll.in/field/901356/dear-virat-kohli-hyper-nationalism-and-sport-dont-go-well-together|title=Dear Virat Kohli, hyper-nationalism and sport don’t go well together}}</ref> [[हर्षा भोगले]] और अभिनेता सिद्धार्थ सहित कई लोगों ने इस मूर्खतापूर्ण वक्तव्य पर कोहली की आलोचना की।<ref>{{cite web|url=https://scroll.in/field/901348/harsha-bhogles-response-to-virat-kohlis-statement-shines-the-light-on-the-real-problem|title=Harsha Bhogle’s response to Virat Kohli’s statement shines the light on the real problem}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/sports/cricket/story/actor-siddharth-virat-kohli-leave-india-controversy-1384257-2018-11-08|title=What an idiotic set of words: Actor Siddharth blasts Kohli over leave India comment to fan}}</ref> कोहली ने उस आलोचना का जवाब दिया कि वह ट्रोल होने के लिए टिकेगा, और स्पष्ट किया कि उन्होंने कहा कि प्रशंसक की टिप्पणी में "इन भारतीयों" का उल्लेख कैसे किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/off-the-field/ill-stick-to-getting-trolled-virat-kohli-tweets-after-social-media-storm/articleshow/66546733.cms|title='I'll stick to getting trolled', tweets Virat Kohli after social media storm}}</ref> कोहली ने स्वीकार किया है कि वह अंधविश्वासी है। वह क्रिकेट में अंधविश्वास के रूप में काले रंग का धागा कलाई पर पहनते थे। पहले वह वहीं दस्ताने पहनते थे, जिसके साथ वह अधिक रन बनाते थे। धार्मिक काले धागे के अलावा वह 2012 से अपने दाहिने हाथ पर कड़ा भी पहन रहे हैं।<ref>{{cite web|title=World Cup 2015: Cricketers and their superstitions|url=http://timesofindia.indiatimes.com/sports/india-in-australia/top-stories/World-Cup-2015-Cricketers-and-their-superstitions/articleshow/46466406.cms|publisher=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|accessdate=17 जनवरी 2016}}</ref> विराट कोहली 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ अ योगी' किताब से बहुत प्रभावित हैं और मानते हैं कि इस किताब ने उनका जीवन के प्रति नजरिया बदल दियाI<ref>{{Cite web|url=https://shabdbeej.com/virat-kohli-reads-autobiography-of-a-yogi/|title=विराट कोहली की Favorite Book|last=team|first=shabdbeej|date=18 फरवरी 2017|website=shabdbeej.|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref> 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ अ योगी' स्वामी योगानंद परमहंस की विश्वप्रसिद्ध जीवनी है.
==दान पुण्य==
मार्च 2013 में, कोहली ने विराट कोहली फाउंडेशन (वीकेएफ) नामक चैरिटी फाउंडेशन की शुरुआत की। संगठन का उद्देश्य वंचित बच्चों की मदद करना है और दान के लिए धन जुटाने के लिए घटनाओं का आयोजन करता है। कोहली के मुताबिक, नींव, चुनिंदा गैर-सरकारी संगठनों के साथ "जागरूकता पैदा करने, सहायता प्राप्त करने और विभिन्न कारणों के लिए धन जुटाने और उन परोपकारी कार्यों के लिए धन जुटाने" के लिए काम करती है। मई 2014 में ईबे और सेव द चिल्ड्रेन इंडिया ने वीकेएफ के साथ दान नीलामी, इसकी आय वंचित बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल को लाभ देती है
कोहली ने वीकेएफ के स्वामित्व वाली ऑल हार्ट फुटबॉल क्लब का नेतृत्व किया है, अभिषेक बच्चन के खेल के लिए मानवता के मालिक ऑल स्टार्स फुटबॉल क्लब के खिलाफ चैरिटी फुटबॉल मैचों में। "सेलिब्रिटी क्लैसिको" के नाम से जाना जाने वाला मैच, ऑल स्टार्ट टीम में ऑल हार्ट और बॉलीवुड अभिनेताओं के लिए खेलते हुए खिलाड़ियों को पेश करता है, और इन दो चैरिटी फाउंडेशनों के लिए निधि बनाने के लिए संगठित किया जाता है।
== इन्हें भी देखें==
*[[महेंद्र सिंह धोनी]]
*[[सचिन तेंदुलकर]]
*[[जेम्स एंडरसन]]
*[[मोहम्मद आमिर]]
*[[स्टीव स्मिथ]]
*[[जो रूट]]
*[[केन विलियमसन]]
* [[रोहित शर्मा]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
{{Portal|क्रिकेट}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://www.youtube.com/watch?v=w_Amhv5hdjA Both Ends: स्टीव स्मिथ v विराट कोहली]
* [https://www.youtube.com/watch?v=2DvLrYPxYV8 स्टीव स्मिथ v विराट कोहली हर्षा भोगले]
{{India Cricket Team}}
{{२०१५ क्रिकेट विश्व कप में भारतीय खिलाड़ी}}
{{भारतीय एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान}}
{{भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान}}
{{भारतीय टी२० क्रिकेट के कप्तान}}
{{वर्तमान में क्रिकेट टीम के कप्तान}}
{{Royal Challengers Bangalore Squad}}
[[श्रेणी:1988 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:भारतीय बल्लेबाज़]]
[[श्रेणी:भारतीय क्रिकेट कप्तान]]
[[श्रेणी:भारतीय टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:भारतीय एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:राजीव गांधी खेल रत्न के प्राप्तकर्ता]]
[[श्रेणी:अर्जुन पुरस्कार के प्राप्तकर्ता]]
[[श्रेणी:पद्मश्री प्राप्तकर्ता]]
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कोशकर्म
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TrueLinguist
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wikitext
text/x-wiki
[[शब्दकोश]] निर्माण से सम्बन्धित सकल कार्यों का समुच्चय '''कोशकर्म''', '''कोशकला''' या '''कोशविद्या''' (lexicography) कहलाती है। इस कार्य में प्रवीण लोग '''कोशकार''' (lexicographer) कहलाते हैं।
विषयों की दृष्टि से शब्दकोशों के वर्ग या विभाग बनाना कठिन है। अलग-अलग कोशकर अपनी समझ के अनुसार इस प्रकार के विषयविभाग बनाया करते थे। उनका न तो कोई निश्चित क्रम होता था और न हो ही सकता था। इसलिए लोगों को प्रायः सारा कोश कंठस्थ करना पड़ता था। इसी कारण पाश्चात्य देशों में शब्दकोश अक्षरक्रम से बनने लगे। ऐसे कोश रटने नहीं पड़ते थे और आवश्यकतानुसार जब जिसका जी चाहता था, तब वह उसका उपयोग कर सकता था। आजकल प्रायः सभी देशों और सभी भाषाओं में कोश के क्षेत्र मे इसी क्रम को प्रयोग होने लगा है : जो जिज्ञासु की दृष्टि से सबसे अधिक सुभीते का होता हैं। इसीलिए कोश के जितने प्रकार होते हैं, उन सब में प्रायः अक्षरक्रम का ही प्रयोग किया जाता है।
== प्रकार ==
यों तो कोश के अनेक प्रकार होते हैं, पर [[अर्थ]] के विचार से वे दो भागों में बाँटे जा सकते हैं। एक तो वे जिनमें किसी भाषा के शब्दों के अर्थ और विवेचन उसी भाषा में होते है और दूसरे वे जिनमें एक भाषा के शब्दों के अर्थ दूसरी भाषा या भाषाओं मे दिए जाते हैं। विषय के विचार से कोश अनेक प्रकार के हो सकते हैं, जैसे-गणित कोश, विधिक कोश, वैद्यक कोश, साहित्य कोश आदि। ऐसे कोशों की गिनती प्राय: [[पारिभाषिक शब्दावली|शब्दावलियों]] में होती है, जैसे कृषि शब्दावली, दार्शनिक शब्दावली, भौगोलिक शब्दावली आदि। इनके सिवा कुछ विशिष्ट कवियों, बोलियों आदि के भी अलग अलग कोश होते हैं, जैसे-तुलसी कोश, सूर कोश, अवधी कोश, ब्रजभाषा कोश आदि। किसी विशिष्ट विषय के महत्वपूर्ण ग्रंथ में आए हुए मुख्य प्रतीकों, विषयों या शब्दों के जो कोश या तालिकाएँ होती है, उन्हें क्रमात् प्रतीकानुक्रमणिका, विषयानुक्रमणिका या शब्दानुक्रमणिका कहते हैं।
== परिचय ==
कोशरचना एक कला है। इस कला का ज्ञान वर्तमान युग की परम उन्नत भाषाओं के शब्दकोशों का सूक्ष्म दृष्टि से अध्ययन करने पर प्राप्त हो सकता है। अच्छे और प्रामाणिक कोशों का संपादन तब तक केवल विद्वता के बल पर नहीं हो सकता, जब तक कोशरचना की कला का भी पूरा पूरा ज्ञान न हो और इस कला का ज्ञान कोशों के जीवनव्यापी अध्ययन से ही हो सकता है।
सभी प्रकार के कोश किसी विशेष उद्देश्य तथा किसी विशेष क्षेत्र की आवश्यकता की पूर्ति के लिये ही बनाए जाते हैं। अत: कोशरचना में मुख्यत: इसी उद्देश्य या आवश्यकता का ध्यान रखना पड़ता हैं। दूसरे, इस बात का भी बराबर ध्यान रखना पड़ता है कि उसका सारा कलेवर सभी दृष्टियों से संतुलित रहे; ऐसा न हो कि कोई अंग तो आवश्यकता या औचित्य से अधिक बढ़ जाए और कोई उसकी तुलना में क्षीणकाय या हीन जान पड़े। शब्दों का विवेचन भी और उस विवेचन के अंगों का क्रम भी सदा एक सा रहना चाहिए। शब्दों की भी जातियाँ या वर्ग होते हैं, अत: एक जाति या वर्ग के सब शब्दों का सारा विवेचन एक सा होना चाहिए। यदि प्रामाणिक ग्रंथों अथवा लेखकों के उदाहरण लिए जाए, तो उनका उतना ही अंश लेना चाहिए, जितने में आशय स्पष्ट हो सके और जिज्ञासु का समाधान हो जाए।
अच्छे कोशों में सभी प्रकार के क्षेत्रों और विषयों के पारिभाषिक शब्द भी रहते हैं। इसलिये संपादक का अधिक से अधिक विषयों का सामान्य ज्ञान या बोध होना चाहिए। आवश्यकता होने पर किसी अनजाने या नए विषय के अच्छे और प्रामाणिक ग्रंथ से या उसके अच्छे ज्ञाता से भी सहायता लेना आवयश्क होता है। कोशरचना के कार्य में दृष्टि बहुत व्यापक रखना चाहिए और वृत्ति मधुकारी होनी चाहिए। दृष्टि इतनी पैनी और सूक्ष्म होनी चाहिए जो सहज में नीर क्षीर का विवेक कर सकें और पुरानी त्रुटियों, दोषों, भूलों आदि को ढूँढकर सहज में उनका संशोधन तथा सुधार कर सके। कोशकार में पक्षपात या रोगद्वेष नाम को भी नहीं रहना चाहिए। उसका एकमात्र उद्देश्य होना चाहिए भाषा तथा साहित्य की सेवा। कोशों में प्रधानता अर्थों और विवेचनों की ही होती है, अत: उनमें कहीं व्याप्ति या अतिव्याप्ति नहीं रहनी चाहिए। सभी बातें नपी तुली, मर्यादित और यथासाध्य संक्षिप्त होनी चाहिए। कोश में अधिक से अधिक और ठोस जानकारी कम से कम शब्दों में प्रस्तुत करके ही जानी चाहिए। फालतू या भरती की बातों के लिये कोश में स्थान नहीं होता।
शब्दों के कुछ रूप तो मानक होते हैं और बहुत से रूप स्थानिक या प्रांतीय होते हैं। जिन स्थानिक या प्रांतीय शब्दों के मानक रूप प्राप्त हों, उनका सारा विवेचन उन्हीं मानक शब्दों के अंतर्गत रहना चाहिए और उनके स्थानिक या प्रांतीय रूपों के आगे उनके मानक रूपों का अभिदेश मात्र होना चाहिए। इससे बहुत बड़ा लाभ यह होता है कि अन्य भाषा-भाषियों को सहज में शब्दों के मानक रूप का पता चल जाता है और भाषा का मानक रूप स्थिर होने में सहायता मिलती है-अपरिचितों के द्वारा भाषा का रूप सहसा बिगड़ने नहीं पाता। यही बात ऐसे संस्कृत शब्दों के संबंध में भी होनी चाहिए जिसके बहुत से पर्याय हों। जैसे कमल, नदी, पर्वत, समुद्र आदि। शब्दों के आगे उनके पर्याय देते समय भी इस बात का ध्यान रहना चाहिए कि पर्याय वही दिए जाए जो मूल शब्द का ठीक आशय या माप बतानेवाले हों। जिन पर्यायों के कारण कुछ भी भ्रम उत्पन्न हो सकता हो, उन पर्यायों का ऐसे प्रसंगों में परित्याग करना ही श्रेयस्कर होगा।
कोशकारों के सामने इधर हाल में वेब्स्टर की न्यू वर्ल्ड डिक्शनरी ने एक नया आदर्श रखा है जो बहुत ही उपयोगी तथा उपादेय होने के कारण शब्दकोशों के लिये विशेष अनुकरणीय है। उसमें अनेक शब्दों के अंतर्गत उनसे मिलते जुलते पर्यायों के सूक्ष्म अंतर भी दिखलाए गए हैं, यथा - फीयर (Fear) के अंतर्गत ड्रेड (Dread), फ्राइट (Fright), एलार्म (Alarm), डिस्मे (Dismay), टेरर (Terror) और पैनिक (Panic) के सूक्ष्म अंतर भी बतला दिए गए हैं। ऐसा यह सोच का किया गया है कि कोशकार का काम शब्दों के अर्थ बतला देने से ही समाप्त नहीं हो जाता, वरन् इससे भी आगे बढ़कर उसका काम लोगों को शब्दों के ठीक प्रयोग बतलाना होता है। हमारे यहाँ ऐसे सैकड़ों हजारों शब्द मिलेंगे, जिनके पारस्परिक सूक्ष्म अंतर बतलाए जा सकते हैं और इस प्रकार जिज्ञासुओं को शब्दों पर नए ढंग से विचार करने का अभ्यास कराया जा सकता है।
हाल के अच्छे और बड़े अँगरेजी कोशों में एक और नई तथा उपयोगी परिपाटी चली है जो भारतीय भाषाओं के कोशों के लिये विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। प्राय: सभी भाषाओं में बहुत से ऐसे यौगिक शब्द होते हैं जो उपसर्ग लगाकर बना लिए जाते हैं। कनिष्ठ से अकनिष्ठ, करणीय से अकरणीय, अपेक्षित से अनपेक्षित, आवश्यक से अनावश्यक, मंत्री से उपमंत्री, समिति से उपसमिति, पालन से परिपालन, भ्रमण से परिभ्रमण, कर्म से प्रतिकर्म, विधान से प्रतिविधान आदि। उपसर्गों के योग से बननेवाले ऐसे शब्दों की संख्या बहुत अधिक होती है। ऐसे शब्दों दो वर्गों में बँटे होते हैं अथवा बाँटे जा सकते हैं। एक तो ऐसे शब्द जिनके शब्द पूर्व पद तथा उत्तर पद मिल कर भी किसी नए या विशिष्ट अर्थ से युक्त नहीं होते और इसी लिये साधारण शब्दों के अंतर्गत रहते हैं। ऐसे शब्दों और उनके अर्थों से कोश का कलेवर बहुत बढ़ जाता है। इस प्रकार के व्यर्थ विस्तार से बचने के लिये वेब्स्टर के नए कोशों में यह नई पद्धति अपनाई गई है कि उन्हें स्वतंत्र शब्द नहीं मानते और इसी लिये उनके अर्थ भी नहीं लिए गए हैं। पृष्ठ के अंत में एक रेखा के नीचे ऐसे शब्दों की सूची मात्र दे दी गई है, यथा-अन्-डिज़ायर्ड, अन्-डिस्टर्ब्ड, अन्-फ्री, अन्-हर्ट, अन्-इनवाइटेड आदि। हाँ, इनके विपरीत दूसरे वर्ग के कुछ ऐसे शब्द अवश्य होते हैं जिनमें उपसर्गों के योग से कुछ नए अर्थ निकलते हैं। जैसे विशेषण रूप में अकच का रूप बिना बालोंवाला तो है ही, पर संज्ञा रूप में वह केतु ग्रह का भी एक नाम है। अनागार (विशेषण) का अर्थ बिना घर-बारवाला तो है ही, पर संज्ञा रूप में वह संन्यासी का भी वाचक है। इसलिये ऐसे शब्द लेना आवश्यक होता है। जिन शब्दों के अर्थ पूर्वपद और उत्तरपद के योग से स्वत: नष्ट हो जाते हों, उन्हें कोशों में अर्थसहित लेना व्यर्थ ही समझा जाने लगा है। अत: पृष्ठांत में ऐसे शब्दों की सूची मात्र दे देना यथेष्ट होगा। हाँ, जिन यौगिक शब्दों में दोनों पदों के योग से कोई नया और विशेष अर्थ निकलता हो, उन्हें यथास्थान अर्थसहित लेना तो आवश्यक है ही।
[[भारत]] में पुराने [[संस्कृत]] कोशों की पद्धति यह रही है कि अति, प्रति, सह आदि के योग से बननेवाले शब्द अपने पूर्व [[पद]]वाले शब्द के अंतर्गत एक ही शीर्षक में एक साथ दे दिए जाते है। हिंदी के कुछ कोशों ने भी इस प्रथा का अनुकरण किया है। यद्यपि [[संस्कृत व्याकरण]] की दृष्टि से यह पद्धति युक्तिसंगत होती है, फिर भी संस्कृत कोशों तक में इनका पूरा पूरा पालन होता हुआ नहीं दिखाई देता। इसमें स्थान की कुछ बचत अवश्य होती है, पर असाधारण पाठकों के लिये शब्द ढूँढना बहुत कठिन हो जाता है। कभी कभी तो ऐसे लोगों के लिये भी इस पद्धति से शब्द ढूँढना कठिन होता है जो इसके नियमों और सिद्धांतों से बहुत कुछ परिचित होते हैं।
प्रत्येक भाषा में कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो अलग अलग अर्थों के विचार से [[अव्यय]], [[क्रियाविशेषण]], [[विशेषण]], [[प्रत्यय]], संज्ञा आदि भी होते हैं और अलग अलग मूलों से भी व्युत्पन्न होते हें, यथा हिन्दी का 'आन' शब्द [[संज्ञा]] भी है, [[विशेषण]] भी और [[प्रत्यय]] भी। अपने संज्ञा रूप में भी वह अपने कई अर्थों में कुछ अलग अलग मूलों से व्युत्पन्न है। ऐसे शब्द आधुनिक और श्रेष्ठ अँगरेजी कोशों में अलग और स्वतंत्र शब्द माने जाते हैं और उनके अलग अलग शीर्षक रखकर उनका विवेचन किया जाता है, यथा-अँगरेजी में वाइज़ (Wise) विशेषण भी है, संज्ञा भी और प्रत्यय भी और तीनों रूपों में उसके शीर्षक अलग अलग रखे गए हैं। यदि भारतीय भाषाओं के कोशों में भी इनका अनुकरण किया जाय तो कई दृष्टियों से बहुत अच्छा होगा।
== इन्हें भी देखें ==
* [[शब्दकोश]]
* [[पारिभाषिक शब्दावली]]
* [[शब्दकोशों का इतिहास]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.pravakta.com/kosh-parampara-singhavlokan/ कोश परम्परा : सिंहावलोकन]
* [http://vasantbhatt.blogspot.com/2009/06/blog-post.html भारत में कोश-विज्ञान की भोर कब भई?]
*[https://www.sketchengine.eu/wp-content/uploads/102.pdf The end of lex icography? Can ChatGPT outperform current tools for post-editing lexicography?]
*[https://campus.dariah.eu/resources/hosted/automating-the-process-of-dictionary-creation Automating the Process of Dictionary Creation]
* [http://tdil.mit.gov.in/april-jan-2008.htm हिंदी कोश निर्माण का विकास और चिंताएँ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100113065025/http://tdil.mit.gov.in/april-jan-2008.htm |date=13 जनवरी 2010 }}
* [http://prayaslt.blogspot.com/2010/01/blog-post_7812.html कोशकारिता के सिद्धान्त] (प्रयास)
* [http://www.srijangatha.com/Vyakaran-11Sep_2k10 शब्दकोश-रचना, शब्दकोश-कला और शब्दकोश-सिद्धांत] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111013201901/http://srijangatha.com/Vyakaran-11Sep_2k10 |date=13 अक्तूबर 2011 }} (डॉ॰ काजल बाजपेयी)
* [http://arvindlexicon.com/3985/indian-tradition-of-dictionary-making/ Indian tradition of dictionary-making] (Arvind Lexicon)
* [http://memorylines.wordpress.com/2010/12/23/lexicography-the-indian-method-1/ Lexicography, the Indian Method (1)]
* [http://ijl.oxfordjournals.org/ ''International Journal of Lexicography'']
''समितियाँ (Societies)''
* [http://www.asb.dk/research/centresteams/centres/lexc.aspx Centre for Lexicography] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060821195227/http://www.asb.dk/research/centresteams/centres/lexc.aspx |date=21 अगस्त 2006 }} [http://www.asb.dk/research/centresteams/centres/lexc.aspx EN version] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060821195227/http://www.asb.dk/research/centresteams/centres/lexc.aspx |date=21 अगस्त 2006 }}
* [http://www.dictionarysociety.com/ Dictionary Society of North America]
* [http://www.euralex.org/ Euralex - European Association for Lexicography]
* [http://afrilex.africanlanguages.com/ Afrilex - African Association for Lexicography]
* [http://www.australex.org/ Australex - Australasian Association for Lexicography]
* [http://www.nordisk-sprakrad.no/nfl.htm Nordic Federation for Lexicography] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20031204163238/http://www.nordisk-sprakrad.no/nfl.htm |date=4 दिसंबर 2003 }}
* [http://asialex.org/ Asialex - Asian Association for Lexicography]
[[श्रेणी:शब्दकोश]]
[[श्रेणी:कोशविद्या|*]]
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अग्नि देव
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{{Infobox deity
| type = Hindu
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| caption = भेड़ पर चढ़े अग्नि
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| name = अग्नि
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| god_of = आग के देवता<ref>{{cite book |first=George M. |last=Williams |year=2008 |title=Handbook of Hindu Mythology |page=48 |publisher=Oxford University Press |isbn=978-0-19-533261-2 |url=https://books.google.com/books?id=N7LOZfwCDpEC}}</ref><ref>{{cite book |first=Wendy Doniger |last=O'Flaherty |year=1994 |title=Hindu Myths |page=97 |publisher=Penguin Books |isbn=978-0-14-400011-1 |url=https://books.google.com/books?id=ajLoN2yuZbwC&pg=PA97}}</ref>
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| weapon = [[आग्नेयास्त्र]]
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तन्नो: अग्नि प्रचोदयात {{!}}{{!}}
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| Albanian_equivalent = [[एन्यी]]<ref>{{cite book|last=Sarao|first=K. T. S.|author-link=K. T. S. Sarao|title=Baku's Temple of Eternal Fire: Its Connections to Baba Nanak and the Udasi Sadhus|publisher=Bloomsbury|year=2021|isbn=9789354350986|url=https://books.google.com/books?id=bf-qzwEACAAJ|page=13}}</ref>
}}
'''अग्नि''' [[हिन्दू धर्म]] में आग के देवता हैं। दक्षिणपूर्व दिशा के [[दिक्पाल]] होने के नाते, उन्हें मंदिरों के दक्षिणपूर्व कोने में पाया जाता है।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=NNcXrBlI9S0C&pg=PA92|title=The Hindu Temple|last1=Kramrisch|first1=Stella|last2=Burnier|first2=Raymond|publisher=Motilal Banarsidass|year=1976|isbn=978-81-208-0223-0|page=92}}</ref> [[पृथ्वी का हिन्दू वर्णन|हिन्दू ब्राह्मांड विज्ञान]] में, अग्नि [[पंचभूत]] में एक तत्व है, जो आकाश, आप, वायु और पृथ्वी से मिलकर प्रकृति बनाता है।<ref name="Lochtefeld2002p14">{{cite book|url=https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch|title=The Illustrated Encyclopedia of sanatan dharm (Hinduism)|last=Lochtefeld|first=James G.|publisher=The Rosen Publishing Group|year=2002|isbn=978-0-8239-3179-8|volume=A-M|pages=[https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch/page/n439 14]–15|url-access=registration}}</ref><ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=ElIupyX_SYAC|title=The Origin of Buddhist Meditation|last=Wynne|first=Alexander|publisher=Routledge|year=2007|isbn=978-1-134-09741-8|pages=31–32}}</ref><ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=jKLpAAAAMAAJ|title=Prakr̥ti: Vedic, Buddhist, and Jain traditions|last=Vatsyayan|first=Kapila|publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts|year=1995|isbn=978-81-246-0038-2|pages=7, 94–95}}</ref>
वेदों में अग्नि इन्द्र और सोम के साथ एक प्रमुख देवता हैं। [[होम]] में उनके माध्यम से देवताओं को आहुति दी जाती है।<ref name="Olivelle1998p18">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=Lsp18ZvstrcC|title=The Early Upanishads: Annotated Text and Translation|last=Olivelle|first=Patrick|publisher=Oxford University Press|year=1998|isbn=978-0-19-535242-9|page=18|author-link=Patrick Olivelle}}</ref><ref name="richardpayne2">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=tIShCgAAQBAJ|title=Homa Variations: The study of ritual change across the longue durée|last=Payne|first=Richard|publisher=Oxford University Press|year=2015|isbn=978-0-19-935158-9|editor-last=Witzel|editor-first=Michael|pages=1–3}}</ref><ref name="axelmichaels237">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=DSaxCgAAQBAJ|title=Homo Ritualis: Hindu hitual and its significance for ritual theory|last=Michaels|first=Axel|publisher=Oxford University Press|year=2016|isbn=978-0-19-026263-1|pages=237–248}}</ref> अग्नि पृथ्वी, आकाश और स्वर्ग में प्रकट है। इस प्रकार वह देवताओं और मनुष्यों के बीच मध्यस्थ हैं।<ref name="Lochtefeld2002p142">{{cite book|url=https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch|title=The Illustrated Encyclopedia of sanatan dharm (Hinduism)|last=Lochtefeld|first=James G.|publisher=The Rosen Publishing Group|year=2002|isbn=978-0-8239-3179-8|volume=A-M|pages=[https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch/page/n439 14]–15|url-access=registration}}</ref> गत वैदिक काल में, अग्नि का महत्तव घटकर [[उपनिषदों]] में सभी ऊर्जा और ज्ञान का प्रतीक का रहा।<ref name="shende1">N. J. Shende (1965), [https://www.jstor.org/stable/41694176 Agni in the Brahmanas of the Ṛgveda], Annals of the Bhandarkar Oriental Research Institute, Volume 46, Number 1/4, pages 1–28</ref><ref name="Hopkins1968p98">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=-H0eiuvcG5IC&pg=PA98|title=Epic Mythology|last=Hopkins|first=Edward Washburn|publisher=Biblo & Tannen|year=1968|isbn=978-0-8196-0228-2|pages=97–99}}</ref><ref name="baumer203">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=uPoIZaGGtiMC|title=Kalatattvakosa: A Lexicon of Fundamental Concepts of the Indian Arts|author1=Bettina Bäumer|author2=Kapila Vatsyayan|publisher=Motilal Banarsidass|year=1988|isbn=978-81-208-1402-8|pages=203–204}}</ref> अग्नि कई हिन्दू परंपराओं में शामिल हैं, जैसे [[सप्तपदी]], [[उपनयन]] और वह [[दीपक|दीया]] के भी भाग होते हैं।<ref name="Lochtefeld2002p143">{{cite book|url=https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch|title=The Illustrated Encyclopedia of sanatan dharm (Hinduism)|last=Lochtefeld|first=James G.|publisher=The Rosen Publishing Group|year=2002|isbn=978-0-8239-3179-8|volume=A-M|pages=[https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch/page/n439 14]–15|url-access=registration}}</ref>
== परिवार ==
सामूहिक यज्ञ नामक पुस्तक के अनुसार अग्नि की पत्नी का नाम स्वाहा था जो कि [[दक्ष प्रजापति]] तथा [[प्रसूति]] की पुत्री थीं।<ref>अग्नेः पत्नी तथा स्वाहा धूम्रोर्णतु यमस्यतु ।।</ref> उनके चार पुत्र पावक, पवमान, शुचि तथा [[स्वरोचिष मनु]] और [[नील (रामायण)|नील]] थे। इन्हीं में से एक द्वितीय [[मनु]], [[स्वरोचिष मनु]] हुए तथा इन्हीं तीनों से ४५ प्रकार के अग्नियों का प्राकट्य हुआ।<ref>[[भागवत पुराण|भागवत]]</ref>
== सन्दर्भ ==
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==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://web.archive.org/web/20100301031716/http://www.ogujarat.com/agnisthapan.htm अग्नि स्थापन]
{{हिन्दू देवी देवता}}
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[[श्रेणी:इन्द्र लोक के देवता]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
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[https://web.archive.org/web/20190319015508/http://m.bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%85%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5 अग्निदेव-भारतकोश]
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text/x-wiki
{{Infobox deity
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| name = अग्नि
| other_names = [[मातरिश्वन]]
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तन्नो: अग्नि प्रचोदयात {{!}}{{!}}
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}}
'''अग्नि''' [[हिन्दू धर्म]] में आग के देवता हैं। दक्षिणपूर्व दिशा के [[दिक्पाल]] होने के नाते, उन्हें मंदिरों के दक्षिणपूर्व कोने में पाया जाता है।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=NNcXrBlI9S0C&pg=PA92|title=The Hindu Temple|last1=Kramrisch|first1=Stella|last2=Burnier|first2=Raymond|publisher=Motilal Banarsidass|year=1976|isbn=978-81-208-0223-0|page=92}}</ref> [[पृथ्वी का हिन्दू वर्णन|हिन्दू ब्राह्मांड विज्ञान]] में, अग्नि [[पंचभूत]] में एक तत्व है, जो आकाश, आप, वायु और पृथ्वी से मिलकर प्रकृति बनाता है।<ref name="Lochtefeld2002p14">{{cite book|url=https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch|title=The Illustrated Encyclopedia of sanatan dharm (Hinduism)|last=Lochtefeld|first=James G.|publisher=The Rosen Publishing Group|year=2002|isbn=978-0-8239-3179-8|volume=A-M|pages=[https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch/page/n439 14]–15|url-access=registration}}</ref><ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=ElIupyX_SYAC|title=The Origin of Buddhist Meditation|last=Wynne|first=Alexander|publisher=Routledge|year=2007|isbn=978-1-134-09741-8|pages=31–32}}</ref><ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=jKLpAAAAMAAJ|title=Prakr̥ti: Vedic, Buddhist, and Jain traditions|last=Vatsyayan|first=Kapila|publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts|year=1995|isbn=978-81-246-0038-2|pages=7, 94–95}}</ref>
वेदों में अग्नि [[इन्द्र]] और [[सोम]] के साथ एक प्रमुख देवता हैं। [[होम]] में उनके माध्यम से देवताओं को आहुति दी जाती है।<ref name="Olivelle1998p18">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=Lsp18ZvstrcC|title=The Early Upanishads: Annotated Text and Translation|last=Olivelle|first=Patrick|publisher=Oxford University Press|year=1998|isbn=978-0-19-535242-9|page=18|author-link=Patrick Olivelle}}</ref><ref name="richardpayne2">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=tIShCgAAQBAJ|title=Homa Variations: The study of ritual change across the longue durée|last=Payne|first=Richard|publisher=Oxford University Press|year=2015|isbn=978-0-19-935158-9|editor-last=Witzel|editor-first=Michael|pages=1–3}}</ref><ref name="axelmichaels237">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=DSaxCgAAQBAJ|title=Homo Ritualis: Hindu hitual and its significance for ritual theory|last=Michaels|first=Axel|publisher=Oxford University Press|year=2016|isbn=978-0-19-026263-1|pages=237–248}}</ref> अग्नि पृथ्वी, आकाश और स्वर्ग में प्रकट होते हैं। इस प्रकार वह देवताओं और मनुष्यों के बीच मध्यस्थ हैं।<ref name="Lochtefeld2002p142">{{cite book|url=https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch|title=The Illustrated Encyclopedia of sanatan dharm (Hinduism)|last=Lochtefeld|first=James G.|publisher=The Rosen Publishing Group|year=2002|isbn=978-0-8239-3179-8|volume=A-M|pages=[https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch/page/n439 14]–15|url-access=registration}}</ref> गत वैदिक काल में, अग्नि का महत्तव घटकर [[उपनिषदों]] में सभी ऊर्जा और ज्ञान का प्रतीक का रहा।<ref name="shende1">N. J. Shende (1965), [https://www.jstor.org/stable/41694176 Agni in the Brahmanas of the Ṛgveda], Annals of the Bhandarkar Oriental Research Institute, Volume 46, Number 1/4, pages 1–28</ref><ref name="Hopkins1968p98">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=-H0eiuvcG5IC&pg=PA98|title=Epic Mythology|last=Hopkins|first=Edward Washburn|publisher=Biblo & Tannen|year=1968|isbn=978-0-8196-0228-2|pages=97–99}}</ref><ref name="baumer203">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=uPoIZaGGtiMC|title=Kalatattvakosa: A Lexicon of Fundamental Concepts of the Indian Arts|author1=Bettina Bäumer|author2=Kapila Vatsyayan|publisher=Motilal Banarsidass|year=1988|isbn=978-81-208-1402-8|pages=203–204}}</ref> अग्नि कई हिन्दू परंपराओं में शामिल हैं, जैसे [[सप्तपदी]], [[उपनयन]] और वह [[दीपक|दीया]] के भी भाग होते हैं।<ref name="Lochtefeld2002p143">{{cite book|url=https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch|title=The Illustrated Encyclopedia of sanatan dharm (Hinduism)|last=Lochtefeld|first=James G.|publisher=The Rosen Publishing Group|year=2002|isbn=978-0-8239-3179-8|volume=A-M|pages=[https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch/page/n439 14]–15|url-access=registration}}</ref>
== परिवार ==
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== सन्दर्भ ==
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==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://web.archive.org/web/20100301031716/http://www.ogujarat.com/agnisthapan.htm अग्नि स्थापन]
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[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
[[श्रेणी:यज्ञ]]
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मलयालम साहित्य का इतिहास
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अनुनाद सिंह
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/* इन्हें भी देखें */
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'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
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[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से संस्कृत के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। चंपू काव्य, संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेज:पुंज का उदय हुआ--तुल्लल्-साहित्य के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य साहित्यों की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[പിൽഗ്രിംസ് പ്രോഗ്രസ്#പിൽഗ്രിംസ് പ്രോഗ്രസിന്റെ മലയാള പരിഭാഷകൾ|संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| <small>Rev.</small> सी. मुलर<br><small>Rev.</small> पी. चंद्रन
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''[[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|जातिभेद]]''
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}}
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| ''[[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]]''
| [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
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==== उपन्यास ====
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! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
| <small>Rev.</small> जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[ഘാതകവധം|घातकवधम (कातिल का वध)]]''
| अज्ञात लेखक| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[റിച്ചാർഡ് കോളിൻസ്|Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[മാർത്താണ്ഡവർമ്മ (നോവൽ)|मार्तण्डवर्मा]]''
| [[സി.വി. രാമൻ പിള്ള|सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[സരസ്വതീവിജയം|सरस्वतीविजयम]]''
| [[പോത്തേരി കുഞ്ഞമ്പു|पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[പരിഷ്ക്കാരപ്പാതി|परिष्कारप्पाति]]''
| [[കൊച്ചുതൊമ്മൻ അപ്പോത്തിക്കരി|कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[പറങ്ങോടീപരിണയം|परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[കിഴക്കേപ്പാട്ടു രാമൻ മേനോൻ|किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[ശാരദ (നോവൽ)|शारदा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[ലക്ഷ്മീകേശവം|लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[നാലുപേരിലൊരുത്തൻ അഥവാ നാടകാദ്യം കവിത്വം|नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[സി. അന്തപ്പായി|सी. अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[അക്ബർ-കൃതി|अकबर]]''
| [[കേരളവർമ്മ വലിയകോയിത്തമ്പുരാൻ|केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[ജോസഫ് മൂളിയിൽ|जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[ജോസഫ് മൂളിയിൽ|जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[:en:Rasselas|Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[:en:Samuel Johnson|Samuel Johnson]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[:en:Rasselas|Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[:en:Samuel Johnson|Samuel Johnson]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[തോപ്പിൽ ഭാസി|तोप्पिल भासी]], [[സി.ജെ. തോമസ്|सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[സി.വി. രാമൻപിള്ള|सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[തിരുവിതാംകൂർ|तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[മാർത്താണ്ഡവർമ്മ (നോവൽ)|मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[ധർമ്മരാജാ (നോവൽ)|धर्मराजा]] (1913) और [[രാമരാജാബഹദൂർ|रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[ശുചീന്ദ്രം പി. താണുപിള്ള|शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[ചെങ്കുട്ടുവൻ അഥവാ ഏ.ഡി. രണ്ടാം ശതകത്തിലെ ഒരു ചക്രവർത്തി|चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[അപ്പൻ തമ്പുരാൻ|अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[ഭൂതരായർ|भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[അമ്പാടി നാരായണപ്പൊതുവാൾ|अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
a3ly9g71ppdj0pn10fth1begv5llh43
6533977
6533976
2026-03-28T12:01:57Z
अनुनाद सिंह
1634
/* बाहरी कड़ियाँ */
6533977
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
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[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से संस्कृत के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। चंपू काव्य, संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेज:पुंज का उदय हुआ--तुल्लल्-साहित्य के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य साहित्यों की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| <small>Rev.</small> सी. मुलर<br><small>Rev.</small> पी. चंद्रन
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==== कथा साहित्य ====
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|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]]''
| [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
| <small>Rev.</small> जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[ഘാതകവധം|घातकवधम (कातिल का वध)]]''
| अज्ञात लेखक| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[റിച്ചാർഡ് കോളിൻസ്|Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[മാർത്താണ്ഡവർമ്മ (നോവൽ)|मार्तण्डवर्मा]]''
| [[സി.വി. രാമൻ പിള്ള|सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[സരസ്വതീവിജയം|सरस्वतीविजयम]]''
| [[പോത്തേരി കുഞ്ഞമ്പു|पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[പരിഷ്ക്കാരപ്പാതി|परिष्कारप्पाति]]''
| [[കൊച്ചുതൊമ്മൻ അപ്പോത്തിക്കരി|कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[പറങ്ങോടീപരിണയം|परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[കിഴക്കേപ്പാട്ടു രാമൻ മേനോൻ|किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[ശാരദ (നോവൽ)|शारदा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[ലക്ഷ്മീകേശവം|लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[നാലുപേരിലൊരുത്തൻ അഥവാ നാടകാദ്യം കവിത്വം|नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[സി. അന്തപ്പായി|सी. अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[അക്ബർ-കൃതി|अकबर]]''
| [[കേരളവർമ്മ വലിയകോയിത്തമ്പുരാൻ|केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[ജോസഫ് മൂളിയിൽ|जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[ജോസഫ് മൂളിയിൽ|जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[:en:Rasselas|Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[:en:Samuel Johnson|Samuel Johnson]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[:en:Rasselas|Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[:en:Samuel Johnson|Samuel Johnson]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[തോപ്പിൽ ഭാസി|तोप्पिल भासी]], [[സി.ജെ. തോമസ്|सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[സി.വി. രാമൻപിള്ള|सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[തിരുവിതാംകൂർ|तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[മാർത്താണ്ഡവർമ്മ (നോവൽ)|मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[ധർമ്മരാജാ (നോവൽ)|धर्मराजा]] (1913) और [[രാമരാജാബഹദൂർ|रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[ശുചീന്ദ്രം പി. താണുപിള്ള|शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[ചെങ്കുട്ടുവൻ അഥവാ ഏ.ഡി. രണ്ടാം ശതകത്തിലെ ഒരു ചക്രവർത്തി|चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[അപ്പൻ തമ്പുരാൻ|अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[ഭൂതരായർ|भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[അമ്പാടി നാരായണപ്പൊതുവാൾ|अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
fpkoxukejpgz7pp5kgasf46u0mwkcp9
6533979
6533977
2026-03-28T12:18:00Z
अनुनाद सिंह
1634
/* गद्य साहित्य */
6533979
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
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[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से संस्कृत के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। चंपू काव्य, संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेज:पुंज का उदय हुआ--तुल्लल्-साहित्य के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
an4p8la0tek3k0ysr45v1wjed2knuam
6533980
6533979
2026-03-28T12:21:16Z
अनुनाद सिंह
1634
/* उपन्यास */
6533980
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
----
[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से संस्कृत के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। चंपू काव्य, संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेज:पुंज का उदय हुआ--तुल्लल्-साहित्य के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
h1t5910xp3mcxj118x1s472bu0ehn8p
6533981
6533980
2026-03-28T12:24:43Z
अनुनाद सिंह
1634
6533981
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
----
[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से संस्कृत के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। चंपू काव्य, संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेज:पुंज का उदय हुआ--तुल्लल्-साहित्य के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
[[चित्र:Samkshepavedartham 1772.pdf|right|thumb|300px|संक्षेपवेदार्थम् (१७७२)]]
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
siwlm3gpglx2nz1kn4jftwdxx2hzgj4
6533982
6533981
2026-03-28T12:26:29Z
अनुनाद सिंह
1634
/* तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार */
6533982
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
----
[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से संस्कृत के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। चंपू काव्य, संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
[[चित्र:Samkshepavedartham 1772.pdf|right|thumb|300px|संक्षेपवेदार्थम् (१७७२)]]
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेज:पुंज का उदय हुआ - तुल्लल्-साहित्य के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
rlja94v4hxp4fij4eesxiikdrb3zpf2
6533989
6533982
2026-03-28T12:42:57Z
अनुनाद सिंह
1634
/* तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार */
6533989
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
----
[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से संस्कृत के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। चंपू काव्य, संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
{{मुख्य|तुल्लल् साहित्य}}
[[चित्र:Samkshepavedartham 1772.pdf|right|thumb|300px|संक्षेपवेदार्थम् (१७७२)]]
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेजःपुंज का उदय हुआ - [[तुल्लल् साहित्य|तुल्लल्-साहित्य]] के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
agz2lc6m84dxyrq24v2k17piyf1hi9e
6533992
6533989
2026-03-28T12:57:03Z
अनुनाद सिंह
1634
/* मणिप्रवाल साहित्य */
6533992
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
----
[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में '''[[मणिप्रवलम|मणिप्रवालम्]]''' नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से [[संस्कृत]] के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। [[चंपू काव्य]], संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
{{मुख्य|तुल्लल् साहित्य}}
[[चित्र:Samkshepavedartham 1772.pdf|right|thumb|300px|संक्षेपवेदार्थम् (१७७२)]]
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेजःपुंज का उदय हुआ - [[तुल्लल् साहित्य|तुल्लल्-साहित्य]] के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
81a17f1xhopqn2f5w2lnvexusneiybh
6533993
6533992
2026-03-28T12:57:28Z
अनुनाद सिंह
1634
/* मणिप्रवाल साहित्य */
6533993
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
----
[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में '''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवालम्]]''' नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से [[संस्कृत]] के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। [[चंपू काव्य]], संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
आट्टक्कथा नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "कथकली" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
{{मुख्य|तुल्लल् साहित्य}}
[[चित्र:Samkshepavedartham 1772.pdf|right|thumb|300px|संक्षेपवेदार्थम् (१७७२)]]
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेजःपुंज का उदय हुआ - [[तुल्लल् साहित्य|तुल्लल्-साहित्य]] के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
pczpxlyuit041jhag0el1dl7ommnojc
6533994
6533993
2026-03-28T12:58:48Z
अनुनाद सिंह
1634
/* नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम */
6533994
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
----
[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में '''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवालम्]]''' नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से [[संस्कृत]] के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। [[चंपू काव्य]], संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
[[आट्टक्कथा]] नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "[[कथकली]]" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
{{मुख्य|तुल्लल् साहित्य}}
[[चित्र:Samkshepavedartham 1772.pdf|right|thumb|300px|संक्षेपवेदार्थम् (१७७२)]]
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेजःपुंज का उदय हुआ - [[तुल्लल् साहित्य|तुल्लल्-साहित्य]] के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
6kmcte7212rpqt3by5v1asvx65owbkx
6534109
6533994
2026-03-29T03:06:11Z
अनुनाद सिंह
1634
/* इन्हें भी देखें */
6534109
wikitext
text/x-wiki
'''मलयालम साहित्य का इतिहास''' शीर्षक पुस्तक के लिए '' [[मलयालम साहित्य का इतिहास:परमेश्वरम नायर]]'' देखें।
----
[[मलयालम भाषा|मलयालम्]] भाषा अथवा उसके [[साहित्य]] की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा [[संस्कृत भाषा|संस्कृतजन्य]] नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह [[तमिल]] से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। [[संस्कृत साहित्य]] की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्राचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।
== रामचरितम् काव्य ==
मलयालम् साहित्य के इतिहास का प्रभात गीतों से गुजायमान है। इनमें भक्ति, वीररस और हास्यरस के गीतों के साथ साथ प्रौढ़ काव्य भी विद्यमान हैं। इस प्रौढ़ रचनाओं में "[[रामचरितम्]]" का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसकी भाषा तमिल के इतने निकट है कि चंद तमिल विद्वान् इसे तमिल की रचना समझ बैठे, परंतु आज यह निस्संदेह सिद्ध हो चुका है कि रामचरितम् मलयालम् काव्य है और उसका रचयिता भी केरलवासी है। इसकी विषयवस्तु रामायण के लंकाकांड की कथा है। केरल के चीरामन नामक कवि ने इसकी रचना की है। अनुसंधानकर्ताओं का यही मत है कि रामचरितम् का रचनाकाल 13वीं शताब्दी है।
पहली से आठवीं सदी ईसवी तक की अवधि में चेर राज्य में, जो आगे चलकर केरल बना, अनेक सुप्रसिद्ध तमिल रचनाओं का जन्म हुआ है। "चिलप्पतिकारम्" इत्यादि उच्च कोटि के काव्यों का उदाहरण हम ले सकते हैं। परंतु रामचरितम् को इस कोटि में, अर्थात् केरलवासी द्वारा रचित तमिल रचनाओं में गिनना भ्रामक होगा। रामचरितम् की रचना उस काल में हुई थी जब संस्कृत का प्रसार केरल में जम चुका था और मणिप्रवालम् नामक मिश्र भाषा विकसित हो रही थी। रामचरितम् में संस्कृत के तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग प्रचुर मात्रा में मिलता है। परंतु द्रविड़ अक्षरों द्वारा लिखे जाने के कारण इनके रूपों में थोड़ा परिवर्तन आया है।
== मणिप्रवाल साहित्य ==
सातवीं सदी ईसवी से लेकर आगे कुछ समय तक केरल के सांस्कृतिक क्षेत्र में आर्यवंशज नंपूतिरियों का काफी प्रभाव रहा। अधिकतर अनुसंधाताओं का यही मत है कि वे बहुत पहले ही केरल में आ चुके थे। इन्हीं के प्रभाव से केरल में '''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवालम्]]''' नामक मिश्र भाषा का विकास हुआ। 10वीं और 15वीं सदी ईसवी के मध्य मणिप्रवाल साहित्य की अत्यधिक पुष्टि हुई। इसी मणिप्रवाल के माध्यम से [[संस्कृत]] के अनेक काव्यरूपों का संक्रमण मलयालम् में हुआ। [[चंपू काव्य]], संदेश काव्य इत्यादि का उदाहरण हम ले सकते हैं। "उण्णियच्ची चरितम", उण्णिच्चिरुतेवीचरितम्" और उण्णियाटी "चरितम्" प्राचीन मणिप्रवाल चंपू हैं। उण्णियच्ची चरितम् का रचनाकाल 14वीं सदी का पूर्वार्ध है। उण्णियाटीचरितम् 1350 ई॰ के आसपस लिखा गया और उसका रचयिता है दामोदर चाक्यार। उण्णियच्ची चरितम् का रचयिता तेवन चिरिकुमान नामक कवि माना जाता है। उण्णिच्चिरुतेवी चरितम्को इन्हीं का समकालीन माना जाता है। परंतु यह किस कवि की रचना है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसा इनके नामों से विदित होता है, इनकी विषयवस्तु कुछ विख्यात सुंदरियों की प्रशस्ति है।
संदेश काव्यों में "उष्ण्णुनीलीसंदेशम्" और "कोकसंदेशम्" महत्वपूर्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि दोनों का रचनाकाल 14वीं शताब्दी है। इनके रचयिता कवियों के संबंध में कुछ पता नहीं है।
10वीं और 15वीं सदियों के बीच कुछ लघु मणिप्रवाल कृतियों की भी रचना हुई। इनमें से अधिकतर कुछ विलासवती सुंदरियों से संबद्ध श्रृंगारस की रचनाएँ हैं। इलयच्चि, चेरियच्चि, उत्तराचंद्रिका, कौणोत्तरा, मल्लीनिलाव, मारलेखा इत्यादि नायिकाओं का वर्णन इनमें सम्मिलित है, "वैशिकतंत्रम्" एक वैश्यापुत्री को दिए गए कुलधर्मोंपदेश का संग्रह है; इसका रचनाकाल संभवत: 11वीं शताब्दी है। भक्तिप्रधान रचनाएँ भी मणिप्रवाल साहित्य में मिलती हैं। अनंतपुरवर्णनम्, श्रीकृष्णस्तवम्, दशावतारचरितम् इत्यादि इनके उदाहरण हैं। "चंद्रोत्सवम् 15वीं सदी के एक अज्ञातनामा कवि की रचना है। "मेदिनीवेण्णिलाव" नामक गणिका द्वारा मनाए गए चंद्रोत्सव का वर्णन इसकी विषयवस्तु है।
मणिप्रवाल साहित्य के प्रसार ने उस भाषारूप के व्याकरण नियमों एवं साहित्यिक लक्षणों का विवरण देनेवाले एक शास्त्रग्रंथ की रचना की प्रेरणा दी। इस ग्रंथ का नाम है "लीलातिकम्"। यह अनुमान किया जा सकता है कि "लीलातिलकम्" 14वीं सदी में लिखा गया है।
यदि एक तरफ मणिप्रवाल साहित्य का विकास होता गया तो दूसरी तरफ "पाट्टु" (गीत) नामक काव्यशाखा की भी वृद्धि होती गई। जैसा ऊपर कहा गया है, इस शाखा में धार्मिक एवं खेती और अन्य पेशों से संबद्ध अनेक लोकगीत हैं। तोरम् पाट्टु (अवतारगीत--कालीस्तुति), सर्पम् पाट्टु (सर्पस्तुति गीत), अय्यप्प, पाट्टु ([[अय्यप्प]] देवता का स्तुतिगीत) इत्यादि का संबंध आचार मर्यादाओं और धार्मिक विषयों से है। कृषिप्पाट्टु (कृषि-गीत), आररुपाट्टु (धान के पौधे लगाते वक्त गाया जानेवाला गीत), वल्लप्पाट्टु (नौका गीत) इत्यादि दूसरे वर्ग में आते हैं। इन गीतों के मूल घटक हैं--स्वर, ताल और लय।
प्रौढ़ गीत लोकगीतों से भिन्न हैं। उपरिलिखित "रामचरितम्" ही इस विभाग में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है। लीलातिलकम् में प्रौढ़ पाट्टु काव्य के लिये दी गई परिभाषा इसमें ठीक बैठती है। बाद में लिखे गए "निरणम्" गीतों में प्रयुक्त शब्द केवल द्राविड़ अक्षरों के बने हुए नहीं हैं। इनमें ऐसे संस्कृत पदों की भरमार है जिनसे यह पता चलता है कि संस्कृत के अक्षरों का पर्याप्त प्रचार इस समय तक हो चुका था। इस मत को मान्यता मिली है कि निरणम् गीत 14वीं सदी के उत्तरार्ध और 15वीं सदी के पूर्वार्ध के बीच लिखे गए हैं। रामचरितम् और निरणम् गीतों के कालों में एक या डेढ़ शताब्दियों से अधिक का अंतर नहीं है। फिर भी इन दोनों के बीच का भाषा संबंधी अंतर अत्यधिक स्पष्ट है। इससे यह अनुमान होता है कि यद्यपि रामचरितम् के समय में मणिप्रवाल विकसित हो चुका था तथापि इस काव्य में जान बूझकर केवल तमिल के अक्षरों द्वारा लिखे जाने योग्य पदावली का प्रयोग किया गया था।
निरणम् कवि तीन हैं--माधव पणिक्कर, शंकर पणिक्कर और राम पणिक्कर। माधव पणिक्कर द्वारा अनुदित भगवद्गीता ने भाषा को गौरवान्वित किया--भारत की प्रादेशिक भाषाओं में रचित गीतानुवादों में यही सर्वप्रथम और सर्वप्रमुख हे। इसमें सात सौ श्लोकों का भाषांतरण 328 गीतों में हुआ है। गीता का आशयगांभीर्य और महत्ता का अनुवाद में लेशमात्र भी लोप नहीं हुआ है। शंकर पणिक्कर की रचना "भारतमाला" नामक गानकाव्य है। राम पणिक्कर ने रामायण, भारत और भागवत का संक्षिप्त अनुवाद किया। यह कथन गलत नहीं होगा कि मलयालम् को अपने पाँव पर खड़े होने का बल प्रदान करनेवाले इसी कवि को भाषा का पिता माना जा सकता है--यद्यपि इतिहासकारों की दृष्टि में तुंचत्त एषुत्तच्दन इस उपाधि के अधिकारी हैं; मेरे विचार में कण्णश्शन् के नाम से विख्यात इस राम कवि को उपर्युक्त पदवी प्रदान करने में एषुत्तच्छन को हर्ष ही होगा, क्योंकि एषुत्तच्छन के आचार्यपद के भी वे पात्र हैं।
उपर्युक्त सारे काव्य पुराणकथाओं के पुनराख्यान हैं। परंतु पंद्रहवीं शताब्दी में आविर्भूत "कृष्णगाथा" केवल पुराण का पुनराख्यान मात्र नहीं है। इसमें भागवत के दशम स्कंध में वर्णित कृष्णगाथा का अन्वाख्यान इस प्रकार साबित हुआ है कि संस्कृत महाकाव्यों का रूपशिल्प मंजरी छंद में--जो द्राविड छंदों के परिणत प्रकारों में से एक है--अवतरित हुआ है। अत: कृष्णगाथा को मलयालम् का सर्वप्रथम स्वतंत्र महाकाव्य मान सकते हैं। ऋतुओं के कवि के नाम से प्रख्यात कृष्णगाथाकार ने प्रकृतिवर्णनों द्वारा नूतन सौंदर्य प्रपंचों का साक्षात्कार कराया। सुरीली गानविधा, ललित और कोमल पदावली, चिरनूतन कल्पनाएँ--इनके कारण कृष्णगाथा एक सम्मोहनकारी रचना बन गई है।
== प्रसिद्ध कवि एषुत्तच्छन् ==
देखें - '''[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]'''
[[चित्र:Thunchaththu Ramanujan Ezhuthachan.jpg|left|thumb|300px|तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]]
पाट्टु शाखा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभाग "किलिप्पाट्टु" है। '''तुँचत्त एषुत्तच्छन''' को इस विधा का संस्थापक मानते हैं। इसमें "किलि" अर्थात् तोते की जबानी कथाख्यान होता है, इसलिए इसे किलिप्पाट्टु कहते हैं। एषुत्तच्छन् का काल 16वीं शताब्दी का पूर्वार्ध है। इस जमाने में केरल एक प्रकार की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शिथिलता का अनुभव कर रहा था। इस अध:पतन से केरल का अभ्युत्थान कराने के हेतु अवतरित दिव्य पुरुष के रूप में ही केरल की जनता आज भी एषुत्तच्छन् को मानती है। उन्होंने भक्ति के उद्बोधन से जनता को प्रबुद्ध किया। नामदेव, कबीर, चैतन्य, सूरदास, तुलसीदास, माणिक्कवाचकर, कंपर इत्यादि भक्त कवियों से भास्वर नभोमंडल में केरल की दिशा से उदित तारक एषुत्तच्छन हैं। उन सबकी भाँति एषुत्तछन् भी जनता को जाग्रत एवं उद्बुद्ध करने में सफल हुए। रामायण, भारत और भागवत, इन तीनों के संक्षिप्त अनुवाद के माध्यम से एषुत्तच्छन् ने समस्त केरलवासियों के हृदयों में सीधे प्रवेश पाया। केरली को एक नूतन गारिमा, गंभीरता, शालीनता और स्वावलंबन प्राप्त हुआ। इसी अर्थ में एषुत्तच्छन् को मलयालम् साहित्य का पिता मानते हैं। वे ही ऐसे कवि हैं जो झोपड़ियों और महलों में समान रूप से समादृत हैं।
पाट्टु विभाग में दूसरा भक्तिप्रधान गानकाव्य "पूंतानम्" की "ज्ञानप्पाना" है। पूंतानम् के अन्य स्तोत्र भी ललित, कोमल और भक्तिसुधा से ओतप्रोत है।
इस विभाग की अन्य उल्लेखनीय रचनाएँ कुछ लोकगीत और "वटक्कन पाट्टु" (उत्तरी गीत) तथा "तेक्कन पाट्ट" (दक्षिणी गीत) के नामों से विख्यात कुछ आख्यानात्मक गान काव्य हैं। जैसा नामों से विदित होता है, ये गीत क्रमश: उत्तर और दक्षिण केरल की वीरगाथाएँ हैं। उत्तरी गीतों की भाषा आधुनिक मलयालम् से मिलती जुलती है, परंतु दक्षिणी गीतों में भाषा का तमिल से सामीप्य अधिक है। 16 वीं और 18 वीं सदियों बीच रचे गए दक्षिणी गीतों में तमिल का प्रभाव संभवत: दक्षिण केरल के तमिल प्रदेशों के साथ निकट संपर्क को ही सूचित करता है, न कि भाषा के स्वतंत्र विकास के अभाव को। दक्षिण के कवि द्विभाषा (तमिन और मलयालम्) के विद्वान् थे।
'''मणिप्रवाल आंदोलन''' के अंतर्गत चंपू काव्यों का दूसरा चरण 15वीं शताब्दी में पुन: दर्शनीय है। यद्यपि इस काल में तीन सौ से भी अधिक चंपू काव्य रचे गए तो भी इनमें पुनम् नंपूतिरि का रामायण और मषमंगलम् नारायणन् नंपूतिरि का भाषानैषध इत्यादि चंपू ही विशेष ध्यान देने योग्य हैं। पूनम् का काल 15वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अथवा 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में होना चाहिए। नैषधचंपूकार का काल 16वीं शताब्दी का मध्य है। यद्यपि विकासक्रम के अनुसार उत्तम मणिप्रवाल में मलयालम् की ही प्रमुखता होनी चाहिए थी, फिर भी इन चंपुओं में संस्कृतप्रधान भाषा ही अपनाई गई है। ऐसी स्थिति पैदा हुई कि अधिकांश चंपुओं को समझने के लिये संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य हो गया। इस कारण मणिप्रवाल साहित्य सामान्य जनता से दूर होता गया।
== नृत्यकलारूप : कृष्णनाट्टम, रामनाट्टम ==
[[आट्टक्कथा]] नृत्यकला से संबद्ध साहित्य विभाग है। इस कलारूप का नाम "[[कथकली]]" है। आट्टक्कथा मलयालम् की एक विपुल साहित्यशाखा है। आज कथकली को अतंरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। इस कलारूप को यह स्थिति प्रदान करने में इसके आधारभूत साहित्य ने महान योगदान दिया है।
17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कोषिक्कोट के मानवेद राजा ने "कृष्णगीति" नामक संस्कृत काव्य की रचना की। इसके आधार पर "कृष्णनाट्टम्" नामक नृत्यकला का भी आविर्भाव हुआ। इसमें श्रीकृष्ण की कथा का आठ दिनों में अभिनय करने की योजना बनाई गई।
कृष्णनाट्टम् की देखा देखी "रामनाट्टम्" नामक दूसरे नृत्यकला-रूप का भी आविष्कार किया गया। इस कला-रूप के आधारभूत साहित्य में रामकथा को आठ रात में खेलने योग्य खंडों में विभक्त किया गया। इसके रचयिता कोट्टारक्करा के राजा है। इनके जीवकाल के संबंध में दो मत हैं। कुछ लोग इन्हें सत्रहवीं शताब्दी के मानते है, दूसरे 15-16वीं शताब्दी के। रामनाट्टम् में आज की कथकली का प्राग्रूप दर्शनीय हैं।
कोट्टयम् के राजा ने, जिनका जीवनकाल 17वीं सदी का अंतिम चरण माना जाता है, रामनाट्टम का संशोधन और परिष्करण करके कथकली के आधुनिक रूप का विकास किया। इनकी रचनाएँ चार हैं--सभी महाभारत के उपाख्यानों पर आधारित हैं। कार्तिक तिरुनाल, अश्ववति तिरुनाल् (अर्थात् इन नक्षत्रों के दिन जात) इत्यादि राजाओं ने भी आट्टक्कथाओं में सर्वोत्तम कृति उण्णायि वारियर रचित "नलचरितम्" है। नलचरितम् चार रातों में अभिनेय है। कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर को 16वीं शताब्दी के अंतिम और 17वीं शताब्दी के प्रथम पाद का मानते हैं तो दूसरे 17वीं 18वीं सदियों के अँत्य आद्य पाद के। इस प्रतिभावान् कवि ने आट्टक्कथाओं के लिये एक अमोध पथ का उद्घाटन किया। उच्छृंखल पद-योजन-शैली, अचुंबित कल्पनावैभव और गंभीर जीवन-दर्शन-पटुता से यह कवि अनुगृहीत है।
"गिरिजाकल्याणम्" नामक गीत प्रबंध को भी कुछ विद्वान् उण्णायि वारियर रचित मानते हैं। इसकी रचना किलिप्पाट्टु के छंदों में अनुप्रासयुक्त शैली में हुई है।
== तुल्ललू साहित्य उद्भावक कुंचन नंप्यार ==
{{मुख्य|तुल्लल् साहित्य}}
[[चित्र:Samkshepavedartham 1772.pdf|right|thumb|300px|संक्षेपवेदार्थम् (१७७२)]]
18वीं सदी के ऊषाकाल में एक महान तेजःपुंज का उदय हुआ - [[तुल्लल् साहित्य|तुल्लल्-साहित्य]] के उपज्ञाता कुंचन नंप्यार का। संभव है, तुल्लल् जैसे कलारूप पहले भी रहे हों। परंतु इसमें संदेह नहीं कि इसी प्रतिभाशाली कवि ने तुल्लल् को एक आंदोलन के रूप में विकसित किया। एक प्रकार से तुल्लल् को नृत्यात्मक एकाभिनय कह सकते हैं। तुल्लल् गीत इसका आधारस्वरूप साहित्य है। नंप्यार ने तुल्लल् गीतों के कथानक के रूप में पुराणों के उपाख्यान ही लिए हैं। फिर भी वर्णनों में आनेवाला वातावरण पौराणिक न होकर केरल के समसामयिक जनजीवन से मेल खानेवाला है। नंप्यार ने पौराणिक इतिवृत्तों के माध्यम से तत्कालीन जीवन की वैयक्तिक और सामाजिक विकलाताओं पर तीखे व्यंगबाण चलाए हैं। इनके इस परिहास की तेज धार का लक्ष्य समाजशरीर के व्रणों की चीर फाड़ करना था। तुल्लल् साहित्य में सटायर विधा का अत्यधिक संपन्न काव्यालोक दर्शनीय है। इस विषय में कोई भी इनके समक्ष नहीं आता, न इनके पहले, न बाद में। यदि परिहास को सफल बनाना है तो सूक्ष्म, निर्मम और व्यापक मर्मबोध अपेक्षित है। यह सिद्धि प्रचुर मात्रा में होने के कारण नंप्यार का हास्य आदर्श है। उनके हास्य और मर्मोक्तियों में विद्वेष की ज्वाला नहीं चुभती, वरन् हार्दिक सहानुभूति और मानव प्रेम का चैतन्य ही स्फुरित होता है।
पाट्टु शाखा की एक अन्य महत्वपूर्ण रचना 18वीं सदी के पूर्वार्ध (1703-1763) के कवि रामपुरम् वारियर का "कुचेलवृत्तम" वंचिप्पाट्टु (नोकागीत) है। शुरू शुरू में मलयालम् में गद्य साहित्य की खास प्रगति नहीं हुई थी। 10वीं या 11वीं शताब्दी में लिखित "भाषाकौटलीयम्" कूटियाट्टम् के अभिनय के लिये दिग्दर्शन देनेवाली "आट्टप्रकारम्" नामक ग्रंथपरंपरा, 14वीं शताब्दी का "दूतवाक्यम्" गद्य, उसी शताब्दी का "ब्रह्मांडपुराणम्" गद्य, "अंबरीषचरितम्", "देवीभागवतम्" इत्यादि गद्य--इन सभी को गद्य साहित्य के लिये प्राचीन काल की देन मान सकते हैं। तद्देशीय ईसाई धर्मप्रचारकों ने कुछ गद्य ग्रंथ 16वीं, 17वीं तथा 18वीं सदियों में लिख हैं। इनमें "संक्षेप वेदार्थम्" "वेदतर्कम्" इत्यादि सम्मिलित हैं। "वर्तमानप्पुस्तकम्" सर्वप्रथम यात्रासाहित्य (18वीं सदी का अंत) है।
कुंचन नंप्यार के बाद कुछ समय तक की अवधि मलयालम् के लिये अंधकारमय है। करीब आधी शताब्दी तक को इस अवधि में किसी ज्योति का उदय नहीं हुआ। बाद में स्वाति तिरुनाल (राजा) के युग का सुप्रभात हुआ। इरयिम्मन तंपि (1783-1856) किलिमानूर कोयित्तंपुरान इत्यादि आट्टक्कथाकारों ने स्वातितिरुनाल् का प्रश्रय पाया। स्वाति तिरुनाल स्वयं कवि थे और उन्होंने हिंदी में भी गीत लिखे थे।
== नाटक, महाकाव्य, तथा उपन्यास ==
[[चित्र:Kerala Varma Valiya Koil Thampuran Changanassery Lakshmipuram Palace.jpg|right|thumb|300px|'''[[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]]''']]
इसके बाद [[केरल वर्मा कोयित्तपुरान]] के काल (1845) से मलयालम् साहित्य के आधुनिक युग का प्रारंभ हो जाता है। साहित्यसार्वभौम की उपाधि से विभूषित इस प्रतिभाशाली लेखक के नेतृत्व में साहित्य में एक नवजागरण आ गया। "मयूरसंदेशम्" नामक संदेश काव्य, "शाकुंतलम्" नाटक का अनुवाद और अकबर नामक उपन्यास उनकी रचनाओं में मुख्य हैं। उनके शाकुंतल अनुवाद के साथ मलयालम् में संस्कृत नाटकों के अनुवादों की बाढ़ सी आई। चात्तुक्कुट्टि मन्नाटियार, कुंजिक्कुट्टन तंपुरान, कोट्टारत्तिल शंकुण्णि इत्यादि ने इस शाखा की पुष्टि की। संस्कृति नाटकों की ही तरह के स्वतंत्र मलयालम् नाटक भी लिखे गए। केरल वर्मा के भागिनेय राजराज वर्मा ने भी कालिदास आदि के ग्रंथों को अनुवाद किया। इन्हीं राजराज वर्मा ने मलयालम् को "केरलपाणिनीयम्" नामक व्याकरण ग्रंथ और "वृत्तमंजरी" नामक छंदशास्त्र ग्रंथ प्रदान किया था। ये भी अपने मातुल की तरह सबके लिये प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक रहे। इस जमाने में द्वितीयाक्षर प्राप्त (श्लोक की प्रत्येक पंक्ति के दूसरे अक्षर में आवर्तित होनेवाला अनुप्रास) के पक्षपातियों और विरोधियों में जो घोर विवाद छिड़ गया था उसके प्रवर्तक क्रमश: ये मातुल भागिनेय थे। इस विवाद में स्वच्छंदतावाद के "रूप से भाव की ओर" वाले आह्वान की पहली गूँज सुनाई देती हैं।
इसी अवधि में संस्कृत के महाकाव्यों के अनुकरणों के रूप के मलयालम् महाकाव्यों की रचना हुई थी। कृष्णगाथा के बाद मणिप्रवाल में एक महाकाव्य--"श्रीकृष्णचरितम्"—की रचना हुई (अधिकांश विद्वान् इसे कुंचन नंप्यार की रचना मानते हैं)। इस महाकाव्य के बाद अनुकरणात्मक महाकाव्यों के युग का आरंभ होने तक कम से कम एक शताब्दी बीती होगी। अषकत्त पद्मनाभ कुरुप का "रामचंद्रविलासम्", पंतलम् केरल वर्मा का "रुग्मांगदचरितम्" और "विजयोदयम्", उल्लूर का "उमाकेरलम्", वल्लत्तोल् का "चित्रयोगम्", के॰ सी॰ केशव पिल्ला का "केशवीयम्", कीटुङंल्लूर कोच्चुण्णि तंपुरान का वंचीशवंशम्" और "पांडवोदयम्", वटक्कुम्कूर राजराज वर्मा का "रघुवीरविजयम्" और "राघवाभ्युदयम्", कट्टक्कयम् चेरियान माप्पिला का "श्रीयेशुविजयम्", इत्यादि मलयालम् के प्रमुख महाकाव्य हैं। ये 1902 एवं 1917 के बीच लिखे गए थे।
गद्य-साहितय में उपन्यासों का उदय भी उन्नीसवीं सदी में केरल वर्मा युग में ही हुआ था। प्रथम उपन्यास अप्पु नेटुंङयाटि लिखित "कुदलता" है। एक दो साल में (1889 में) चंतु मेनन ने इंदुलेखा का प्रकाशन किया। चंतु मेनन ने "शारदा" नामक उपन्यास का प्रथम भाग लिखा--और दूसरे भाग की रचना करने के पहले ही स्वर्ग सिधार गए। इंदुलेखा और शारदा आज भी मलयालम् के सामाजिक उपन्यासों की प्रथम श्रेणी में स्थित हैं। सामाजिक उपन्यासकारों में चंतु मेनन की प्रतिभा अद्वितीय है।
तीन ऐतिहासिक उपन्यासों ''[[मार्ताण्ड वर्मा (उपन्यास)|मार्तंड वर्मा]]'' (1891) "[[धर्मराजा]]" (1913) और "[[रामराजा बहादुर]]" (1917-20) के लेखक [[सी वी रामन पिल्लै|सी॰ वी॰ रामन पिल्ला]] ऐतिहासिक उपन्यास के क्षेत्र में विशेष प्रसिद्ध हैं। उनके सामाजिक "प्रेमामृतम्" का महत्व इतना अधिक नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन का उद्देश्य ही ऐतिहासिक उपन्यासों द्वारा मलयालम् की गरिमा बढ़ाने का था।
[[केरल वर्मा]] के समसामयिक कवियों में बहुत से रसिक कवि थे। पूंतोट्टम् नँपूतिरि, वेण्मणि पिता और पुत्र, [[कोटुंङल्लूर कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्]], कोच्चुरिण्ण तंपुरान् इत्यादि कवियों ने मिलकर एक नूतन काव्यरूप को जन्म दिया। ये सभी सरल भाषा के प्रयोग में तत्पर थे। इस प्रवृत्ति को विकास "पच्च मलयालम्" (शुद्ध और संस्कृत से मुक्त भाषा) आंदोलन के रूप में हुआ। कुंञिक्कुट्टन् तंपुरान्, (नल्ल भाषा--अच्छी भाषा) कुंडूर नारायण मेनन् (नालु भाषाकाव्यंङल्--चार भाषा काव्य) इत्यादि इस प्रकार के भाषाप्रयोग में निपुण थे। परंतु खेद है कि "पच्च मलयालम्" आंदोलन समय से पहले ही समाप्त हो गया। फिर भी वेण्मणि आदि कवियों द्वारा अपनाई गई काव्यशैली और दृष्टिकोण ने आगे के कवियों पर अपना प्रभाव डाला है। मणिप्रवाल काल की शृंगार प्रवृत्ति ने इनकी कविता में नए रूप में प्रवेश पाया। इस आंदोलन के शिखरस्थ कवि कुंञिक्कुट्टन तंपुरान इसलिये युगविभूति नहीं माने गए हैं कि उन्होंने शुद्ध मलयालम् में कुछ कविताएँ लिखी हैं; परंतु उसका कारण यह है कि अपने लघु जीवनकाल के मात्र दो सालों के ऊपर की अवधि में उन्होंने एक ऐसा चमत्मकार कर दिखाया जो पुरुषासाध्य नहीं माना जा सकता। यह महान कवि इस छोटे अर्से में संपूर्ण [[महाभारत]] का मलयालम् में छंदश: और पदश: अनुवाद करने में सफल हुए। जिस कार्य को संपन्न करने में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] में तीन पीढ़ियों की साधना की आवश्यकता पड़ी थी उसको पूरा करने में इस कवि ने तीन साल भी नहीं लगाए! उनके मुख से कविता की धारा प्रवाहित होती थी, यह नहीं कि वे कविता "लिखते" थे। उनकी "सरस-द्रुत-कवि-किरीट-मणि" की उपाधि उनके लिये सर्वथा सार्थक थी। उनको "केरल व्यास" कहना भी उचित ही था।
== स्वच्छंतावादी आंदोलन ==
अब हम मलयालम् के स्वच्छंदतावादी आंदोलन (अर्थात् रोमांटिसिज़्म, जो मलयालम् में काल्पनिक प्रस्थानम् के नाम से प्रसिद्ध है) के युग में आ जाते हैं। वी॰ सी॰ बालकृष्ण पणिक्कर का "ओरु विलापम्" (1895) इत्यादि इस प्रसंग में स्मरणीय हैं। परंतु कुमारन् आशान् का "वीण पूवु" (पतित कुसुम) ही इस आंदोलन की प्रारंभिक रचनाओं में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मलयालम् का स्वच्छंदतावाद आशान् की कविताओं के रूप में पल्लवित और पुष्पित हुआ। नलिनि, लीला, चिंताविष्टयाय सीता, चंडालभिक्षुकी, प्ररोदनम्, दुरवस्था, करुणा इत्यादि इनकी मुख्य रचनाएँ हैं। आशान् जिस काव्य प्रपंच को अनावृत्त करने में सफल हुए वह गंभीर दार्शनिकता, जीवनदर्शन का अदम्य कौतूहल और तीव्र भावविभोरता से भास्वर है। आशान् ही वह कवि थे जिन्होंने श्रृंगार को सामान्य धरातल से स्वर्गिक विशुद्धता तक पहुँचाया। आध्यात्मिक प्रेम की सुदर कल्पना ने उनकी कविता को प्रभापूरित किया है।
वल्लत्तोल् की सफलता इसमें थी कि वे मानव के मानसिक भाव को काल्पनिकता का परिधान देकर सुदर रूप में प्रस्तुत कर सके। उन्होंने 1909 में बाल्मीकि रामायण का अनुवाद किया। 1910 में "बधिरविलापम्" नामक विलापकाव्य लिखा। इसके बाद उन्होंने अनेक नाटकीय भावकाव्य लिखे--गणपति, बंधनस्थनाय अनिरुद्धन्, ओरू कत्तु (एक खत), शिष्यनुम् मकनुम् (शिष्य और पुत्री), मग्दलन मरि यम्, अच्छनुम् मकनुम (पिता पुत्री) कोच्चुसीता इत्यादि। सन् 1924 के बाद रचित साहित्यमंजरियों में ही वल्लत्तोल के देशभक्ति से ओतप्रोत वे काव्यसुमन खिले थे जिन्होंने उनको राष्ट्रकवि के पद पर आसीन किया। एन्रे गुरुनाथन (मेरे गुरुनाथ) इत्यादि उन भावगीतों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। जीवन के कोमल और कांत भावों के साथ विचरण करना वल्लत्तोल को प्रिय था। अंधकार में खड़े होकर रोने की प्रवृत्ति उनमें नहीं थी। यह सत्य है कि पतित पुष्पों को देखकर उन्होंने भी आहें भरी हैं, परंतु उनपर आँसू बहाते रहने की बनिस्बत विकसित सुमनों को देखकर आह्लाद प्रकट करने की प्रवृत्ति ही उनमें अधिक हैं।
"उमाकेरलम्" नामक महाकाव्य की रचना करके काव्यजगत् में अपना नाम अमर करनेवाले उल्लूर ने अनेक खंडकाव्यों और भावगीतों की भी रचना की। पिंगला, कर्णभूषणम्, भक्तिदीपिका, चित्रशाला इत्यादि खंडकाव्यों और किरणावली, ताराहारम् तरंगिणि इत्यादि कवितासंग्रहों द्वारा उन्होंने मलयालम् की श्रीवृद्धि की है। परंतु इस महाविद्वान् और भाषाभिमानी साहित्यकार की स्मृति मलयालम प्रेमियों के हृदयों में शायद केरल साहित्य चरित्रम् के लेखक के रूप में ही मुख्य रूप से रहेगी।
इस समय के अन्य कुछ कवियों के नाम ये हैं - नालप्पाट्टु नारायण मेनन (इनकी सर्वश्रेष्ठ रचना कण्णुनीरतुल्लि अश्रुबिंदु नामक विलापकाव्य है); करिरप्पुरत्त, केशवन नायर (काव्योपहारम् नव्योपहारम् इत्यादि भावगीत संग्रह); के के राजा (अनेक भावगीत और एक विलापकाव्य, बाष्पांजली, इन्होंने लिखी है), इत्यादि।
[[गोविन्द शंकर कुरुप|जी शंकर कुरुप]], वेण्णिक्कलुम् गोपाल कुरुप, पी कुंञिरामन् नायर इत्यादि कवियों का जन्म 20वीं सदी के प्रथम दशक में हुआ है। इटप्पल्लि कविद्वय (इटप्पल्लि राघवन पिल्ला और चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला), वैलोप्पिल्लि श्रीधर मेनन इत्यादि इनके थोड़े ही साल बाद के हैं। इटप्पल्लि कवियों ने, खासकर चङङम्पुषा ने डेढ़ दशाब्दियों की अवधि में जितना कार्य करके संसार से बिदा ली है उतना पूर्ण पुरुषायु में भी किसी कार्य के द्वारा असाध्य है। मलयालम् के स्वच्छंतावाद के आंदोलन के लिये उनकी देन अमोध है। जी॰ शंकर कुरुप, बालामणि अम्मा, पी॰ कुंञिरामन् नायर इत्यादि ने भी इस आंदोलन को संपन्न किया है।
प्रथम [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] के विजेता जी॰ शंकर कुरुप के भावगीतों में 20वीं सदी के भारतीय जनजीवन में अनुभूत पीड़ाओं, व्यामोहों, मोहभंगों, प्रतीक्षाओं, अभिलाषाओं, इच्छा साक्षात्कारों का ऐसा चित्रण हुआ है कि वे अंतरात्मा की गहराइयों तक पहुँच जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे गीत मानव की आध्यात्मिक एवं मानसिक भावानुभूतियों को प्रतीकात्मक या अन्य रूप में व्यक्त करते हैं। मलयालम् की आत्मगीत शाखा को आज की ऊँचाइयों तक उठानेवाले कवियों की श्रेणी में जी॰ शंकर कुरुप का स्थान सर्वोपरि है। (ओटक्कुषल, पाथेयम्, जीवनसंगीतम् इत्यादि जी॰ के मुख्य कवितासंग्रह हैं। विश्वदर्शनम् नामक संग्रह ने साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाया है। बालामणि अम्मा, पी॰ कुंजिरामन् नायर, इटप्पलि कविद्वय और वैलोप्पिल्लि ने भी इस शाखा को लगभग अपना सर्वस्व भेंट किया है। बालामणि अम्मा का काव्यसाम्राज्य मातृत्व का दिव्य प्रपंच है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम् में अदृष्टपूर्व है। (उनके काव्यसंग्रहों में "सोपानम्" मुख्य है। मतश्शि (दादी) नामक संग्रह को अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।) कुंञिरामन् नायर अत्यधिक प्रभावशाली कवि हैं। वे वैयक्तिक अनुभूति मंडल पर विहरण करने में ही रुचि रखते हैं, न कि व्यक्ति के सामाजिक संबंधों पर विचार करने में। (काव्यसंग्रहों में "पूक्कलम" (फूलों की क्यारी) और तामरत्तोणि (कमल नौका) प्रसिद्ध हैं। इटश्शेरि यथार्थवादी दृष्टिकोण को अपनानेवाले कवि हैं। उनकी रचनाओं में मलयालम् की पहली श्रेणी की क्रांतिकारी कविताएँ आती हैं।
चङङम्पुषा मलयालम् के 'गान गंधर्व' कहलाते हैं। किसी भी अन्य कवि ने कविता में इतना अधिक स्वरमाधुर्य नहीं घोला है। उनका नाटकीय भावकाव्य "रमणन्" एक क्लासिक बन गया है। रमणन् की जितनी प्रतियाँ बिकी हैं उतनी शायद एषुत्तच्छन् के अध्यात्म रामायण को छोड़कर और किसी रचना नहीं बिकी होंगी। उनकी कई पंक्तियाँ प्रत्येक केरलवासी को कंठस्थ हैं।
वैज्ञानिक जीवन विश्लेषण, जीवन की अनश्वरता का बोध और मानव जीवन की ओर क्रांतिकारी दृष्टिकोण के कारण साहित्य में वैलोप्पिल्लि का स्थान महत्वपूर्ण है। मलयालम् के क्रांतिवादी काव्यों में इनके "कुटियोषिक्कल" (घर निकाला) का स्थान अद्वितीय है। मध्यवर्गीय कवि के अंत:करण की वेदना का इतना मार्मिक चित्रण और कोई नहीं कर पाया है।
यद्यपि ओ एन वी कुरुप के काव्यजीवन का आरंभ क्रांतिकारी कवि के रूप में हुआ, तो भी आज वे स्वच्छंदतावादी हैं। [[तिरुनल्लूर करुणाकरन्|तिरुनल्लूर् करुणाकरन्]] और पुनलूर् बालन् क्रांतिकारीकविता के मण्ट्ल में अन्य दो विशिष्ट कवि हैं- फिर उन्के शैली विभिन्न हैं। जीवन की ओर सुगतकुमारी का दृष्टिकोण दार्शनिक है। विष्णु नारायणन नंपूतिरि, रामकृष्णन् इत्यादि उदीयमान कवि हैं। पी॰ भास्करन और वयलार रामवर्मा क्रांतिकारी कवियों के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद फिल्मी गीतों के क्षेत्र में चले गए। एन॰ एन॰ कक्काट, माधवन् अय्यप्पत्त, अय्यप्प पणिक्कर और एन॰ एन॰ पालूर अंग्रेजी के नवीनतम उन्मुक्त काव्यविधाओं का प्रयोग मलयालम् में करने में सिद्धहस्त हैं। काव्यशास्त्र में नवीनतम सिद्धांत यह है कि चौंकाकर ध्यान आकर्षित करना कविता का लक्ष्य है। उपर्युक्त कवियों की कविताओं में यही विधा अपनाई गई। अक्कित्तम् अच्युतन नंपूतिरि इटश्शेरि और एन॰ वी॰ कृष्ण वारियर द्वारा प्रशस्त किए गए पथ पर चित्रण करनेवाले कवि हैं। उनका काव्य "इरुपताम् नुररांटिंरे इतिहासम्" (20वीं सदी का महाकाव्य) वैलोप्पिल्लि के कुटियोषिक्कल की ही भाँति महत्वपूर्ण हैं। किसी लक्ष्य के अभाव में क्रांति के महान आदर्श को भी भ्रामक पाकर भटकनेवाले आधुनिक मानव की संभ्रांत आत्मा की कराहें इस काव्य में सुनाई देती हैं।
== आधुनिक गद्य साहित्य ==
मलयालम् के उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य और कहानी साहित्य का विकास भी 20वीं सदी में हुआ। चंतु मेनन और सी॰ वी॰ रामन पिल्ला के बाद कुछ समय तक उपन्यास शाखा में अनुकरणों का प्रधानता रही। अप्पन् तंपुरान् द्वारा लिखित "भूतरायर" नामक ऐतिहासिक उपन्यास और "भास्कर मेनन" नामक जासूसी उपन्यास, टी॰ रामन नंपीशम का केरलेश्वरन्, केदृएम॰ पणिक्कर के "केरलसिंहम्" और "परंकिपटयालि" (पुर्तगाली सैनिक) इत्यादि इस जमाने के मुख्य उपन्यास हैं।
सामाजिक उपन्यासों का दूसरा युग आधुनिक उपन्यासकारों के साथ प्रारंभ होता है। मूत्तिरिंङोट का "आप्फन्रे मकन" (चाचा की बेटी) यहाँ विशेष उल्लेखनीय है। तकषि, बशीर, केशव देव, पोन्कुन्नम वर्कि, ललितांबिका अंतर्जनम्, पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन् इत्यादि शुरू में विख्यात कहानीकार थे। इनमें से तकषि, बशीर, केशवदेव और कुट्टिक्कृष्णन बाद में उपन्यासकारों के रूप में भी मशहूर हुए। तकषि के "चेम्मीन" की ख्याति अंतरराष्ट्रीय है (यह उपन्यास साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत है)। पी॰ सी॰ कुट्टिकृष्णन के उपन्यास "उम्माच्चु" और अकादमी द्वारा पुरस्कृत "सुंदरिकलुम् सुंदरन्मारुम्" (सुंदर सुंदरियाँ) प्रथम श्रेणी के हैं। केशवदेव का "ओटयिल निन्नु (गंदे नाले से) प्रसिद्ध उपन्यास है। इनके अद्यतन उपन्यास "अयल्कार" (पड़ोसी) ने अकादमी पुरस्कार पाया है। बशीर की "बाल्यकालसखी", "नरुपुप्पाक्कोरानेंटार्नु" (मेरा दादा हाथी पालता था) इत्यादि उच्च स्तर के उपन्यास हैं। तकषि का रंटिटङङषि" (दो सेर), पोररेक्काट की विषकन्यका नई पीढ़ी के एम॰ टी॰ वासुदेवन नायर का नालुकेट्टु (पुराने ढंग का घर), असुरवितु (आसुर बीज), मंजु (बरफ) इत्यादि मलयालम् के गिने माने उपन्यास हैं। आधुनिक उपन्सासकारों में वासुदेवन् नायर प्रथम स्थानीय हैं। "तालम्", काट्टुकूरङङु (जंगली बंदर) "सुजाता" सीमा इत्यादि के लेखक के॰ सुरेंद्रन् का नाम उल्लेखनीय है।
मलयालम् का कहानी साहित्य भारत के किसी भी कहानी साहित्य की तुलना में ऊँचा स्थान प्राप्त कर सकता है। बशीर, अंतर्जनम्, वर्कि इत्यादि कहानीकार सामाजिक अनाचारों और अत्याचारों के विरुद्ध क्रांति की आवाज उठानेवाले लेखक हैं। वे अपनी जातियों में पाई जानेवाली अनैतिकाओं को प्रकाश में लाने में सफल हुए। तकषि केशवदेव इत्यादि कहानीकारों ने मनुष्य की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रताओं तथा व्यक्ति की दुर्बलताओं और परिमितियों को अपनी कहानियों का विषय बनाया। स्वर्गीय ए॰ बालकृष्ण पिल्ला ने इन कहानीकारों के व्यक्तित्व को विकसित करने में जो योगदान किया है वह महत्वपूर्ण है। मोपासाँ प्रभृति फ्रांसीसी साहित्यकारों और चेखव प्रभृति रूसी साहित्यकारों द्वारा प्रशस्त किए गए मार्गों में हमारे कहानीकारों को ले जाने का श्रेय इन्हीं बालकृष्ण पिल्ला को है। इन्हीं से मलयालम् के ख्यातनामा कथाकरों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रांति के बोध को प्रवर्तित करनेवाली और मनोवैज्ञानिक तत्वों को प्रकट करनेवाली कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। आज कहानी के क्षेत्र में एक ऐसी पीढ़ी अग्रसर हो रही है जो इन प्रशस्त कहानीकारों के पदचिन्हों का अनुसरण कर उनसे भी आगे बढ़ने का प्रयत्न कर रही है। सरस्वती अम्मा, राजलक्ष्मी इत्यादि इन पूर्ववर्तियों के प्रभावक्षेत्र से परे खड़ी हैं। सरस्वती अम्मा बीती हुई पीढ़ी का और स्वर्गीय राजलक्ष्मी नवीन पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। नई पीढ़ी में बालामणि अम्मा की पुत्री माधविक्कुट्टि का नाम भी उल्लेखनीय है। नंतनार, कोविलन इत्यादि द्वारा रचित सैनिक जीवन की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। पारप्पुरम ने इस शाखा को दो उपन्यास "निणमणिंज काल्पाटुकल्" (रुधिराद्र्र पदचिन्ह) और "आद्यकिरणंङल्" एवं कई कहानियाँ भेंट की हैं। पुरानी पीढ़ी के कहानीकारों में तीन उल्लेखनीय नाम हैं--वेट्टूर रामन् नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला और पोंजिक्कर राफी। आजकल नैशनल बुक स्टाल नामक प्रकाशन संस्था दस कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संग्रह प्रकाशित कर रही है। (ये दस कहानीकार हैं--तकषि, देव, बशीर, पोन्कुन्नम् वर्कि, अंतर्जनम्, वेट्ट्रर रामन नायन नायर, कारूर नीलकंठ पिल्ला, पोंत्रिक्कर राफी, पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन और पोररेक्काट। पी॰ सी॰ कुट्टिक्कृष्णन को छोड़कर बाकी सबके संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं!)
मलयालम् का नाटक साहित्य संपन्न है। संस्कृति नाटकों के अनुकरण और अनुवाद के युग के उपरांत गद्य नाटकों के भी कुछ अनुकरण आ गए। आधुनिक गद्य नाटकों के पूर्वगामी के रूप में सी॰ रामन् पिल्ला इत्यादि के प्रहसन, बाद में एन॰ पी॰ चेल्लक्कपन नायर आदि हास्य नाटककारों के लिये प्रेरणास्त्रोत बने। कैनिक्कर कुमार पिल्ला, कैनिक्कर पद्मनाभ पिल्ला इत्यादि ने गंभीर नाटक भी लिखे। इब्सन की नाट्य विधा को अपनाकर लिखे हुए समस्यामूलक नाटकों की दिशा में एन॰ कृष्ण पिल्ला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सामाजिक समस्या को विषयवस्तु बनानेवाले नाटकों में वी॰ टी॰ भट्टतिरिप्पाट का "अटुक्कलयिल् निन्नु अरंङतेक्कु" (रसोईघर से रंगमंच की ओर) और राजनीतिक नाटकों में "पाट्टबाकी" (बकाया लगान) उल्लेखनीय हैं। आज के नाटकाकारों में टी॰ ए॰ गोपिनाथन् नायर, तायर, नागवल्लि आर॰ एन॰ कुरुप, केशवदवे, एन॰ पी॰ चेल्लप्पन नायर, के॰ टी॰ मुहम्मद, तोप्पिल भासि, जी॰ शंकर पिल्ला इत्यादि प्रमुख हैं। तोप्पिल भासि के "निंङलेन्ने कम्युनिस्टाक्की" (तुम लोगों ने मुझे कम्युनिस्ट बनाया) "मुटियानाय पुत्रन्" (धूर्त पुत्र), सर्वेक्कल (सीमा का पत्थर) इत्यादि और मुहम्मद के "करवरर पशु" (दुग्ध बंद गाय) "मनुष्यन् कारा गृहत्तिलाणु" (मनुष्य कारावास में हैं) इत्यादि प्रसिद्ध हैं।
मलयालम् में आलोचना साहित्य भी किसी भी अन्य शाखा की तरह संपुष्ट हे। जोसेफ मुंटश्शेरि और कुट्टिकृष्ण मारार ने आलोचना साहित्य में अपने अपने विशेष मत चलाए। पहले ने पश्र्चिमी साहित्यिक दार्शनिकों और दूसरे ने प्राचीन भारतीय साहित्यमर्मज्ञों से प्रेरणा ग्रहण की। दोनों अपने अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। इनमें कुट्टिक्कृष्ण मारार हाल में अकादमी द्वारा पुरस्कृत हुए हैं। स्वर्गीय एम॰ पी॰ पॉल ने मलयालम् के आलोचना साहित्य को एक प्रकार का अपनत्व प्रदान किया। मुंटश्शेरि, सी॰ जे॰ तॉमस इत्यादि उन्हीं के दीपक से अपनी दीपशिखा जलानेवाले हैं। पॉल के "नोवल साहित्यम्" और "सौंदर्यवीक्षणम्" मुंटश्शेरि की "काव्यपीठिका", "माररोलि" (प्रतिध्वनि), "अंतरीक्षम्", "मानदंडम्" और "रूपभद्रता" मारार के "राजांकणम्", "कलयुम् जीवतिवुम्" और "साहित्यविद्या" विशेष उल्लेखनीय हैं। स्वर्गीय उल्लाट्टिल गोविंदन् कुट्टि नायर संतुलित विचारों के समीक्षक थे। आज आलोचकों में एस॰ गुप्तन् नायर, कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला, एन॰ कृष्ण पिल्ला, एम्॰ गोविंदन, एम्॰ कृष्णन् नायर, एम्॰ श्रीधर मेनन, एम्॰ अच्युतन, एम्॰ एन्॰ विजयन, के॰ एन॰ एषुत्तच्छन्, षणमुखदास, जी॰ बी॰ मोहनन् इत्यादि प्रमुख हैं। गुप्तन् नायर के आधुनिक साहित्यम्, समालोचना, इसंङ लकप्पुरम (वादों से परे) इत्यादि पठनीय हैं। के॰ एन॰ एषुत्तच्छन् विद्वतापूर्ण एवं गवेषणात्मक लेख लिखते हैं। एन॰ कृष्ण पिल्ला सरस समालोचना लिखने में निपुण हैं। क्रांतिकारी विचारधारा का वीरतापूर्ण दृष्टिकोण कुरिरप्पुष कृष्ण पिल्ला की विशेषता है। मनोवैज्ञानिक तत्वों के आधार पर साहित्यिक रचनाओं का विश्लेषण करने की नूतन पद्धति को विजयन् ने अपनाया है।
ऊपर के अनुच्छेदों में मलयालम् साहित्य का बहुत ही संक्षिप्त परिचय दिया गया है। आज मलयालम् साहित्य भारत की किसी अन्य भाषा के साहित्य से पीछे नहीं है। काव्य और कहानी के क्षेत्रों में शायद मलयालम् साहित्य अन्य भाषा साहित्यों से उच्चतर स्थान पाने के लिये होड़ सी कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मलयालम् साहित्य की श्रीवृद्धि के लिये बहुत सी योजनाएँ बनी हैं और बहुत सी संस्थाएँ भी कायम की गई हैं। विज्ञान परिषद्, इतिहास परिषद्, संगीत परिषद्, कला परिषद्, आदि अच्छी योजना बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा केरल विश्वविद्यालय तथा केरल सरकार मलयालम् विश्वकोश बनाने की बहुत बड़ी योजनाएँ चला रही हैं। केरल में बहुत से युवक विद्वान् रचनाकार्य में लगे हुए हैं और मलयालम् साहित्य का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
== गद्य साहित्य ==
=== प्रारंभिक गद्य साहित्य ===
उन्नीसवीं शताब्दी के गद्य रचनाओं की सूची।<ref name=earlynovels19>
{{cite book|author=डॉ. जॉर्ज इरुंबयम|editor=जॉली जैकब|title=മലയാള നോവൽ പത്തൊമ്പതാം നൂറ്റാണ്ടിൽ (उन्नीसवीं सदी में मलयालम उपन्यास)|type=अध्ययन|edition=प्रथम D.C.P|origyear=1984|year=1997|publisher=सांस्कृतिक प्रकाशन विभाग, [[केरल सरकार]]|location=तिरुवनंतपुरम}}
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==== अन्योक्ति ====
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| ''[[संच्यारियुटे प्रयाणम (यात्री की यात्रा)]]''
| सी० मुलर<br> पी० चंद्रन
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| content = मूल कृति - ''[[The Pilgrim's Progress]]'' (अंग्रेजी, 1678) लेखक: [[जॉन बनियन]], पहली बार अंग्रेजी मूल कृति से मलयालम में पुनः अनुवाद।
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| ''तिरुप्पोराट्टम (पवित्र युद्ध)''
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==== नाटक ====
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==== कथा साहित्य ====
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| ''ओरु कुट्टियुटे मरणम (एक बच्चे की मृत्यु)''
| अज्ञात लेखक
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| ''विषत्तिनु मरुन्नु (विष की दवा)''
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| ''मीनेकेतनन'' <small>अथवा</small> ''मीनेकेतनचरितम''
| [[ആയില്യം തിരുനാൾ രാമവർമ്മ|आयल्यम तिरुनल रामवर्मा]]
| style="text-align: center;" | 1850-1860
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| content = मूल कृति - 'The Story of the Prince Kamar-Ez-Zeman And The Princess Budoor', ''[[:en:One Thousand and One Nights|The Thousand And One Nights Vol II]]'' लेखक: Edward William Lane - अरबी भाषा की ''[[:ar: ألف ليلة وليلة |كتاب ألف ليلة وليلة]]'' (''[[ആയിരത്തൊന്നു രാവുകൾ|Kitab Alf Laylah Wa-Laylah]]'' - Arabic, 1100-1200) का अंग्रेजी अनुवाद – 1839
}}
|-
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| ''[[जातिभेद]]''
| [[के० कोशी]]
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}}
|-
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| ''अयलक्कारने कोन्नवंटे कथा (पड़ोसी के हत्यारे की कहानी)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1873
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''कळ्ळन (चोर)''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1881
| style="text-align: center;" | उपजीव्य
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविलासिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[पुल्लेलिकुंचु]]''
| [[के० कोशी]]
| style="text-align: center;" | 1882
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = के० कोशी की कृति ''जातिभेद (1860)'' का अगला भाग। <br />मलयालम गद्य साहित्य का पहला 'सीक्वल' (Sequel)।<br />तीन भागों के प्रकाशन में पूर्ववर्ती भाग (Prequel) ''जातिभेद'' को पहले भाग के रूप में दिया गया था; तीसरा भाग एक धार्मिक निबंध के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[वासनाविकृति]]''
| [[वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम की पहली लघु कहानी मानी जाने वाली कृति।
}}
|}
==== उपन्यास ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्रमांक
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''फुलमोणी एनुम करुणा एनुम पेराया रेंडु स्त्रीकलुटे कथा (फुलमोणी और करुणा नामक दो स्त्रियों की कहानी)''
|जोसेफ पीट
| style="text-align: center;" | 1858
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853) अंग्रेजी अनुवादक: Mrs. Catherine Hanna Mullens
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''[[घातकवधम् (घातक का वध)]]''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1877
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = केरल की पृष्ठभूमि वाली विषयवस्तु के साथ मलयालम में पहली बार अनुवाद कर प्रकाशित किया गया उपन्यास। अंग्रेजी भाषा की मूल उपन्यास कृति से मलयालम में अनूदित पहला उपन्यास। <br />मूल कृति - ''The Slayer Slain'' (अंग्रेजी, 1864-1866) रचना: Mrs. Frances Richard Collins और [[Rev. Richard Collins]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 3
| ''पद्मिनीयुम करुणायुम''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1884
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में पहली बार पुन: अनुवाद।<br />मूल कृति - बंगाली भाषा में ''फूलमोणी ओ करुणर बिबरण'' (1852, लेखिका: Mrs. Catherine Hanna Mullens) का अंग्रेजी अनुवाद: ''The History of Phulmoni and Karuna'' (1853)
}}
|-
| style="text-align: center;" | 4
| ''[[കുന്ദലത|कुंदलता]]''
| [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]]
| style="text-align: center;" | 1887
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मालाबार के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />केरल के परिवेश से बाहर की पृष्ठभूमि वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 5
| ''[[ഇന്ദുലേഖ|इन्दुलखा]]''
| [[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1889
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला सामाजिक उपन्यास। <br />केरल की पृष्ठभूमि और मलयाली पात्रों वाला पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 6
| ''इदुमतीस्वयंवरम''
| पडिञ्ञारेकोविलाकतु अम्मामम राजा
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 7
| ''मीनाक्षी''
| [[സി. ചാത്തുനായർ|सी. चातु नायर]]
| style="text-align: center;" | 1890
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 8
| ''[[मार्तण्डवर्मा]]''
| [[सी. वी. रामन पिल्लै]]
| style="text-align: center;" | 1891
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला ऐतिहासिक उपन्यास। त्रयी (Trilogy) का हिस्सा बनने वाला पहला मलयालम उपन्यास। तिरुवनंतपुरम के एक मलयाली द्वारा रचित पहला मलयालम उपन्यास। <br />दक्षिण भारत का पहला ऐतिहासिक उपन्यास और भारत का 25वाँ ऐतिहासिक उपन्यास। <br />पुल्लिंग नाम के साथ प्रकाशित पहला मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 9
| ''[[सरस्वतीविजयम]]''
| [[पोत्तेरि कुञ्ञम्पु]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 10
| ''[[परिष्कारप्पाति]]''
| [[कोचुतोम्मन अप्पोत्तिकरि]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 11
| ''[[परङ्गोडीपरिणयम]]''
| [[किषक्केप्पाट्टु रामन मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम का पहला व्यंग्य उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 12
| ''[[शारदा]]''
| [[ओ० चंदू मेनन]]
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = पहली बार त्रयी (Trilogy) के हिस्से के रूप में उल्लेखित मलयालम उपन्यास।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 13
| ''[[लक्ष्मीकेशवम]]''
| कोमाट्टिल पाडुमेनन
| style="text-align: center;" | 1892
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 14
| ''[[नालुपोरिलोरुत्तन]]''
| [[सी० अंतप्पायि]]
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 15
| ''चंद्रहासन''
| पी. कृष्णन मेनन<br>टी. के. कृष्णन मेनन<br>सी. गोविंदम एळेडम
| style="text-align: center;" | 1893
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 16
| ''[[अकबर]]''
| [[केरल वर्मा वलिया कोइत्तंपुरान]]
| style="text-align: center;" | 1894
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मलयालम में अनूदित और प्रकाशित पहला ऐतिहासिक उपन्यास। <br />मूल कृति - डच भाषा में ''Akbar'' (1872, लेखक: Dr. P.A.S van Limburg Brouwer) का अंग्रेजी अनुवाद ''Akbar'' (1879) अनुवादक: M. M
}}
|-
| style="text-align: center;" | 17
| ''कल्याणी''
| अज्ञात लेखक
| style="text-align: center;" | 1896
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = ''विद्याविनोदिनी'' पत्रिका में प्रकाशित।
}}
|-
| style="text-align: center;" | 18
| ''सुकुमारी''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1897
| style="text-align: center;" | मूल रचना
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content =
}}
|-
| style="text-align: center;" | 19
| ''सगुणा''
| [[जोसेफ मूळियिल]]
| style="text-align: center;" | 1898-1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''सगुणा'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|-
| style="text-align: center;" | 20
| ''कमला''
| सी. कृष्णन नायर
| style="text-align: center;" | 1899
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''कमला'' (अंग्रेजी, 1896) लेखिका: कृपाई सत्यनादन अम्माळ
}}
|}
==== नीतिकथा ====
{| class="wikitable" border="1"
|-
! style="width:50px;"| क्र.
! style="width: 250px;" | शीर्षक
! style="width: 180px;" | रचयिता
! style="width: 90px;" | प्रकाशन वर्ष
! style="width: 70px;" | प्रकृति
! class="unsortable" style="width: 470px;" | टिप्पणी
|-
| style="text-align: center;" | 1
| ''नन्दिपदीपिका''
| कुञ्ञिकेलुनायर<br>Pilo Paul
| style="text-align: center;" | 1895
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|-
| style="text-align: center;" | 2
| ''रसलेलिका''
| तत्तकणारन
| style="text-align: center;" | 1898
| style="text-align: center;" | अनुवाद
| {{hidden | headercss = text-align: left;
| header = अधिक जानकारी
| content = मूल कृति - ''[[Rasselas]]'' <small>अथवा</small> ''The History of Rasselas, Prince of Abissinia'' (अंग्रेजी, 1759) लेखक: [[सैमुएल जॉनसन]]
}}
|}
=== नाटक ===
[[संस्कृत नाटक|संस्कृत नाटक शैली]] का अनुसरण करते हुए मलयालम में भी प्राचीन काल से अनेक नाटक रचे गए हैं। हालांकि प्रारंभिक नाटकों में गद्य और पद्य की मिश्रित शैली अपनाई गई थी, लेकिन बाद में यह पूर्णतः गद्य रूप में परिवर्तित हो गई। ए. आर. राजराज वर्मा का 'मलयालम शाकुंतलम', वी. टी. भट्टतिरिपाड़ के सामाजिक नाटक, के. दामोदरन का 'पाट्टाबाकी', [[तोप्पिल भासी]], [[सी. जे. थॉमस]] आदि द्वारा रचित नाटक मलयालम नाटक साहित्य की अमूल्य निधि हैं।
=== ऐतिहासिक उपन्यास ===
मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (चरित्राख्यायिका) लिखने वाले पहले उपन्यासकार [[सी. वी. रामन पिल्लै]] हैं। सी. वी. ने [[तिरुविवांकुर (त्रावणकोर)]] राजवंश के इतिहास से संबंधित तीन उपन्यास लिखे हैं। [[मार्तण्डवर्मा]] (1891), [[धर्मराजा]] (1913) और [[रामराजा बहादुर]] (1918-19) सी. वी. द्वारा रचित ऐतिहासिक उपन्यास हैं। वे मलयालम उपन्यास साहित्य के महानतम कथाकारों में से एक हैं। [[चिलप्पतिकारम]] और [[मणिमेखलै]] जैसे संगम साहित्य की कृतियों के आधार पर [[शुचीन्द्रम पी. ताणु पिल्लै]] ने [[चेंगुट्टुवन]] की रचना की। इसके बाद पेरुमाल शासन पर आधारित [[अप्पन तंपुरान]] द्वारा रचित [[भूतरायर]] (1923) को पौराणिक-ऐतिहासिक कल्पनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अप्पन तंपुरान इस उपन्यास में आदि-केरल समाज की परंपराओं और संस्कृति को विद्वतापूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहे हैं। 'भूतरायर' का अनुकरण करते हुए के. रामन नंप्यार ने 'गोदवर्मा' (1923) की रचना की। [[अंबाड़ी नारायण पोतुवाळ]] की 'केरलपुत्रन' (1925) पेरुमाल शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कृति है। विद्वानों के अनुसार यह कृति कई मायनों में 'भूतरायर' की याद दिलाती है। मार्तण्डवर्मा से पूर्व पद्मनाभपुरम को राजधानी बनाकर वेनाडु पर शासन करने वाले राजाओं का काल विद्वान जी. आर. वेंकट वरद अय्यंगार की कृति 'केरलचक्रवर्ती उदयमार्तण्डन' (1930) का विषय है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इसमें ऐतिहासिक अंश बहुत कम हैं और इसे एक 'रोमांस' कृति कहा जाना चाहिए। कप्पना कृष्ण मेनन ने 'चेरमान पेरुमाल' और 'वळ्ळियमबा राणी' जैसी ऐतिहासिक स्पर्श वाली कृतियाँ लिखने के अलावा 'केरलवर्मा पष़श्शिराजा' नामक एक ऐतिहासिक नाटक भी लिखा। शंकराचार्य को एक पात्र के रूप में चित्रित करने वाला कृष्ण मेनन का 'चेरमान पेरुमाल' अंतिम चेर चक्रवर्ती से जुड़ी किंवदंतियों पर आधारित है। विद्वानों का मत है कि वायनाड की पृष्ठभूमि में बिना किसी इतिहास या किंवदंती के रचित कप्पना कृष्ण मेनन की 'वळ्ळियमबाराणी' केवल एक 'रोमांस' है। <ref>मलयालम में ऐतिहासिक उपन्यास (1986), कल्पट्टा बालकृष्णन पृष्ठ 56-10 केरल साहित्य अकादमी, त्रिशूर</ref>
=== लघु कथाएँ ===
[[ചെറുകഥ|लघु कथा (चेरुकथा)]] मलयालम साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखने वाली शाखा है। [[വേങ്ങയിൽ കുഞ്ഞിരാമൻ നായനാർ|वेंगयिल कुंजिरामन नयनार]] की [[വാസനാവികൃതി|वासनाविकृति]] मलयालम की पहली लघु कथा है।
=== उपन्यास ===
[[ആർച്ച് ഡീക്കൻ കോശി|आर्कडीकन के. कोशी]] द्वारा रचित और 1882 में प्रकाशित [[പുല്ലേലിക്കുഞ്ചു|पुल्लेलिकुंचु]] मलयालम का पहला उपन्यास है। हालांकि, कुछ विद्वान [[അപ്പു നെടുങ്ങാടി|अप्पु नेडुंगाडी]] के 1887 में प्रकाशित "[[കുന്ദലത|कुंदलता]]" को प्रथम मलयालम उपन्यास मानते हैं।<ref>[[http://books.google.co.in/books?id=sHklK65TKQ0C&pg=PA393&dq=Richard+Collins+malayalam&hl=en&sa=X&ei=tRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ&ved=0CDsQ6AEwAw#v=onepage&q=Richard%20Collins%20malayalam&f=false](https://www.google.com/search?q=http://books.google.co.in/books%3Fid%3DsHklK65TKQ0C%26pg%3DPA393%26dq%3DRichard%2BCollins%2Bmalayalam%26hl%3Den%26sa%3DX%26ei%3DtRh0UvGTG8OlrQePu4DACQ%26ved%3D0CDsQ6AEwAw%23v%3Donepage%26q%3DRichard%2520Collins%2520malayalam%26f%3Dfalse) भारतीय साहित्य का इतिहास: विदेशी प्रभाव और भारतीय प्रतिक्रिया (1800-1910) शिशिर कुमार दास]</ref>
[[ഒ. ചന്തുമേനോൻ|ओ. चंदू मेनन]] का उपन्यास 'इन्दुलखा' मलयालम का पहला लक्षण-सम्मत (पूर्ण विकसित) उपन्यास है। [[കേശവദേവ്|केशव देव]], [[തകഴി|तकिष़ी]], [[ഉറൂബ്|उरूब]], [[വൈക്കം മുഹമ്മദ് ബഷീർ|बशीर]], [[എം.ടി. വാസുദേവൻ നായർ|एम. टी. वासुदेवन नायर]], [[ഒ.വി. വിജയൻ|ओ. वी. विजयन]], [[ആനന്ദ്|आनंद]], [[എം. മുകുന്ദൻ|एम. मुकुंदन]], [[സാറാ ജോസഫ്|सारा जोसेफ]] जैसे कई प्रसिद्ध मलयालम उपन्यासकार हुए हैं।
=== आलोचना ===
साहित्यिक कृतियों की आलोचना और समीक्षा ने साहित्य को समृद्ध किया है। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]], [[സുകുമാർ അഴീക്കോട്|सुकुमार अषीकोड]] आदि द्वारा रचित आलोचना ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। जोसेफ मुंडश्शेरी, एम. पी. पॉल और कुट्टिकृष्ण मारार को मलयालम साहित्य की 'आलोचना-त्रयी' के रूप में जाना जाता है। कुट्टिकृष्ण मारार की 'भारतपर्यटनम' और जोसेफ मुंडश्शेरी की 'नाटकांतम कवित्वम' उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
=== यात्रा वृत्तांत ===
यात्रा वृत्तांत यात्रा साहित्य की शाखा के अंतर्गत आते हैं। [[പാറേമ്മാക്കൽ തോമ്മാക്കത്തനാർ|पारेम्माक्कल तोमाकत्तनार]] की [[വർത്തമാനപ്പുസ്തകം|वर्त्तमानपुस्तकम]] मलयालम का पहला यात्रा वृत्तांत है। इसके अलावा, [[എസ്.കെ. പൊറ്റക്കാട്|एस. के. पोट्टेक्काड़]] के यात्रा वृत्तांत भी मलयालम में अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
=== जीवनी ===
[[महात्मा गांधी]], [[श्री नारायण गुरु]] जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवनियाँ मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== आत्मकथा ===
मलयालम में रचित कई आत्मकथाएँ और अन्य भाषाओं से [[विवाद|अनुवादित]] आत्मकथाएँ उपलब्ध हैं। [[ജോസഫ് മുണ്ടശ്ശേരി|जोसेफ मुंडश्शेरी]] की आत्मकथा का नाम [[കൊഴിഞ്ഞ ഇലകൾ (ആത്മകഥ)|कोषिञ्ञ इलकल (झड़े हुए पत्ते)]] है। अत्यधिक विवाद पैदा करने वाली 'एंटे कथा' (मेरी कहानी) [[കമല സുറയ്യ|कमला सुरैया]] की है। 'कण्णीरुम किनावुम' (वी. टी. भट्टतिरिपाड़), 'ओर्मयुडे अरकल' (बशीर), 'आत्मकथा' (ई. एम. एस.) मलयालम की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
=== भाष्य ===
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेदों, इतिहास, पुराणों, उपनिषदों, मनुस्मृति आदि के साथ-साथ ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल और इस्लाम धर्मग्रंथ कुरान के भी कई भाष्य मलयालम में उपलब्ध हैं।
=== किंवदंतियाँ ===
'केरल उत्पत्ति' और [[കൊട്ടാരത്തിൽ ശങ്കുണ്ണി|कोट्टारत्तिल शंकुन्नी]] की [[ഐതിഹ്യമാല|ऐतिह्यमाला]] प्रमुख किंवदंती ग्रंथ हैं।
=== पटकथा ===
मलयालम में पटकथा को एक साहित्यिक रूप के रूप में विकसित करने का श्रेय एम. टी. वासुदेवन नायर को जाता है। एन. शशिधरन की 'नेत्तुक़ारन' मलयालम की एक महत्वपूर्ण पटकथा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्यकार]]
*[[मलयालम विश्वविद्यालय]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://ia600801.us.archive.org/7/items/in.ernet.dli.2015.319684/2015.319684.Kerali-Sahitya_text.pdf कैरली साहित्य दर्पण] (मलयालम साहित्य का परिचय ; लेखिका = रत्नमयीदेवी दीक्षित ; १९५६)
* [https://web.archive.org/web/20090525193433/http://www.keralatourism.org/hindi/literature/ मलयालम साहित्य] (केरल पर्यटन)
* [http://books.google.co.in/books?id=Cogm7hsCZoAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ] (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]]
ozlceuff55v6ycuhwmlvk2ak9ci7iws
भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन
0
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2026-03-29T00:14:30Z
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wikitext
text/x-wiki
{{विकिफ़ाइ|date=फ़रवरी 2017}}
{{सफ़ाई|reason=गूगल अनुवाद; कई अर्थहीन वाक्य/वाक्यांश|date=फ़रवरी 2017}}
{{Infobox station
| name = भोपाल जंक्शन
| type = [[भारत में रेलवे स्टेशनों की सूची|भारतीय रेलवे स्टेशन]]
| style = [[भारतीय रेल]]
| image =Bhopal Junction new building 01.jpg
| image_caption = भोपाल जंक्शन रेल्वे स्टेशन
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| line = [[नई दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेलमार्ग]]<br/>{{ill|इंदौर-ग्वालियर लाइन|en|Indore–Gwalior line}}
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| map_type = India Madhya Pradesh | latd= 23 | latm= 16 | lats= 4 |latNS= N
| longd= 77 | longm= 24 | longs= 50 |longEW= E
}}
'''[[भोपाल]] जंक्शन [بهبال جونستون \ भोपाल जंक्शन]''' (स्टेशन कोड: BPL) [[मध्य प्रदेश]] की राजधानी का मुख्य रेलवे स्थानक है।
==निर्माण==
[[भोपाल]] के मुख्य स्टेशन के रूप में भोपाल जंक्शन 'नाम' है। यह वर्ष 1941 में भारत की आजादी से पहले निर्माण किया गया था। शहर के दूसरे स्टेशन ([[रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]]) वर्ष 1975 में निर्माण किया गया है।इसका उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री [[इंदिरा गांधी]] द्वारा किया था।
बाद में, [पर [भोपाल | भोपाल के शहर]] मिल 8 नए अन्य स्थानीय रेलवे स्टेशनों के रूप में नाम:
{|class="wikitable sortable" style="background:#ffffff;"
|-
! style="background-color:#FFD750" | स्टेशन का नाम
!! style="background-color:#FFD750" | स्टेशन कूट
!! style="background-color:#FFD750" | रेलवे मण्डल
!! style="background-color:#FFD750" | कुल प्लेटफ़ॉर्म
|-
| align="left" | भोपाल जंक्शन
| align="center" | BPL
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | ६
|-
| align="left" | [[हबीबगंज रेलवे स्टेशन|रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]]
| align="center" | RKMP
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | ५
|-
| align="left" |संत हिरदाराम नगर
| align="center" | SHRN
| align="center" | [[पश्चिम रेलवे (भारत)|पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | २
|-
| align="left" | मिसरोद
| align="center" | MSD
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | २
|-
| align="left" | सुखसेवानगर
| align="center" | BSSN
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | ३
|-
| align="left" | मण्डीदीप
| align="center" | MDP
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | २
|}
तो कुल में, भोपाल '13 है' स्थानीय रेलवे स्टेशनों.
मुख्य रेलवे स्टेशन के रूप में के अच्छी तरह [[भोपाल रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]] रेलवे स्टेशन के साथ 47 अन्य रेलवे स्टेशनों का चयन करने के साथ के रूप में उभरने'''वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन''' हैं। भोपाल जंक्शन और [[रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]]'''आईएसओ 9001:2000 प्रमाण पत्र''' पहले से ही प्राप्त है।
== संपर्क ==
भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन के मुख्य पर स्थित है [[दिल्ली]] - [[चेन्नई]] और [[झाँसी|झांसी]] [- [इटारसी जंक्शन (मध्य प्रदेश) | इटारसी]] रेलवे ट्रैक जिससे 100 से अधिक दैनिक गाड़ियों
, रुकती है एक सप्ताह के भीतर 170 से ज्यादा गाड़ियों का कुल. इसलिए गाड़ियों के लिए लगभग सभी प्रमुख के रूप में छोटे स्थानों के रूप में अच्छी तरह से भारत में बहुत आसानी से उपलब्ध हैं। भोपाल जंक्शन के उत्तर में निहित है [[बीना जंक्शन (मध्य प्रदेश)|बीना]] है दक्षिण में, जंक्शन [[इटारसी जंक्शन (मध्य प्रदेश)|इटारसी जंक्शन]]. एक नज़र जो [के साथ पश्चिम में भोपाल, '''[[[[सीहोर रेलवे स्टेशन|सीहोर]] '''
[[सीहोर रेलवे स्टेशन|रेलवे स्टेशन]]|[[सीहोर रेलवे स्टेशन|सीहोर]]]]''' [उज्जैन] जंक्शन कनेक्ट है], [[रतलाम जंक्शन]] [और [अहमदाबाद | अहमदाबाद जंक्शन]]. भी [के कुछ हिस्से [<nowiki/>[[इंदौर जंक्शन बीजी रेलवे स्टेशन|इंदौर जंक्शन]] बड़ी | इंदौर जंक्शन से]] '''[[सीहोर रेलवे स्टेशन|सीहोर]]''' [और [देवास जंक्शन]].
== आयात उद्भव गाड़ियों ==
भोपाल जंक्शन जैसे कई मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर गाड़ियों के लिए प्रारंभ बिंदु है:
* [[भोपाल शताब्दी]]
* [[भोपाल जन शताब्दी]]
* [[भोपाल एक्सप्रेस]]
* [भोपाल [- लखनऊ एक्सप्रेस]]
* [[अमरकंटक एक्सप्रेस]] भोपाल, जबलपुर द्वारा दुर्ग
* [[डॉ.अम्बेडकर नगर- भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस|भोपाल - डॉ. अम्बेडकर नगर इंटरसिटी एक्सप्रेस]]
* [भोपाल [- बिलासपुर एक्सप्रेस]]
* [[Rewanchal एक्सप्रेस]]
* [[Vindhyachal एक्सप्रेस]]
== == से गुजर महत्वपूर्ण ट्रेनों
भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर स्थित मुख्य दिल्ली - चेन्नई और झांसी है - इटारसी रेलवे ट्रैक, जो 100 से अधिक दैनिक ट्रेन रुकती है, भारत में लगभग सभी प्रमुख स्थलों के लिए अधिक से अधिक 160 का एक week.Therefore गाड़ियों के भीतर कुल के साथ बहुत हैं बड़ी आसानी से भोपाल जंक्शन से गुजर गाड़ियों available.The हैं:
* डॉ. अम्बेडकर नगर - श्री माता वैष्णोदेवी कटड़ा मालवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस
* छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
> हजरत निजामुद्दीन, दुर्ग
दुर्ग <-हजरत निजामुद्दीन
* KAMAYANI एक्सप्रेस
वाराणसी> मुंबई सीएसटी
<मुंबई सीएसटी-वाराणसी
* [[ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस]]
> नई दिल्ली, चेन्नई
चेन्नई <, नई दिल्ली
* पुष्पक एक्सप्रेस
लखनऊ> मुंबई की
मुंबई <-लखनऊ
* तुलसी एक्सप्रेस
[[इलाहाबाद]]> मुंबई की
मुंबई <-इलाहाबाद
* NAVYUG एक्सप्रेस
JammuTawi>-Manglore
Manglore <-Jammutawi
* अंडमान एक्सप्रेस
चेन्नई> - Jammutavi
Jammutavi <- चेन्नई
* इंदौर - बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस
* HIMSAGAR एक्सप्रेस
कन्याकुमारी - श्री माता वैष्णोदेवी कटड़ा - कन्याकुमारी
* मदुराई जम्मू एक्सप्रेस
मदुरै> - Jammutavi
Jammutavi <- मदुरै
* झेलम एक्सप्रेस
पुणे> - Jammutavi
Jammutavi <- पुणे
* दादर अमृतसर एक्सप्रेस
दादर> - अमृतसर
अमृतसर <- दादर
* SACHKHAND सुपर एक्सप्रेस
नांदेड़> - अमृतसर
अमृतसर <- नांदेड़
* छत्तीसगढ एक्सप्रेस
कोरबा> - अमृतसर
अमृतसर <- कोरबा
* पंजाब मेल सुपरफास्ट
> मुंबई सीएसटी - फिरोजपुर छावनी.
<फिरोजपुर छावनी. - मुंबई सीएसटी
* इंदौर - जबलपुर - इंदौर ओवरनाइट सुपरफास्ट
* चेन्नई चंडीगढ़ देहरादून एक्सप्रेस
> चेन्नई - चंडीगढ़
चंडीगढ़ <- चेन्नई
* देहरादून चेन्नई एक्सप्रेस
चेन्नई> - देहरादून
देहरादून <- चेन्नई
* आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस
> नई दिल्ली, हैदराबाद
हैदराबाद <, नई दिल्ली
* सोमनाथ एक्सप्रेस
जबलपुर>-सोमनाथ
सोमनाथ <-जबलपुर
* [[भोपाल शताब्दी|भोपाल SHATABADI एक्सप्रेस]]
रानी कमलापति> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - रानी कमलापति
* चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस
चेन्नई> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - चेन्नई
* बंगलूरू राजधानी एक्सप्रेस
बंगलूर> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - बंगलौर
* सिकंदराबाद राजधानी एक्सप्रेस
सिकंदराबाद> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - सिकंदराबाद
* हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस वाया. नागपुर
हावड़ा> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - हावड़ा
* [[Sridham एक्सप्रेस|मध्य प्रदेश एक्सप्रेस]]
जबलपुर> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - जबलपुर
* तमिलनाडु एक्सप्रेस
चेन्नई> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - चेन्नई
* केरल एक्सप्रेस
तिरुअनन्तपुरम> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - तिरुअनन्तपुरम
* कर्नाटक एक्सप्रेस
बंगलूर> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - बंगलौर
* तेलंगाना एक्सप्रेस
हैदराबाद> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - हैदराबाद
* [[शान - ए - भोपाल एक्सप्रेस]]
रानी कमलापति> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - रानी कमलापति
* चेन्नई GARIBRATH एक्सप्रेस
चेन्नई> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - चेन्नई
* KONGU सुपरफास्ट एक्सप्रेस ()
कोयम्बटूर> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - कोयम्बटूर
* THIRUKKURAL एक्सप्रेस
कन्याकुमारी> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - कन्याकुमारी
* स्वर्णजयंती एक्सप्रेस
तिरुअनन्तपुरम> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - तिरुअनन्तपुरम
* मंगला LAKSHADEEP एक्सप्रेस
Ernakulum> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - Ernakulum
* स्वर्णजयंती एक्सप्रेस
मैसूर> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - मैसूर
* गोंडवाना एक्सप्रेस
भुसावल> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - भुसावल
* कोल्हापुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस
कोल्हापुर> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - कोल्हापुर
* गोवा एक्सप्रेस
> वास्को दा गामा - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - वास्को दा गामा
* दक्षिण एक्सप्रेस
हैदराबाद> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - हैदराबाद
* स्वर्णजयंती एक्सप्रेस
विशाखापट्टनम> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - विशाखापट्टनम
* SAMTA एक्सप्रेस
विशाखापट्टनम> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - विशाखापट्टनम
* तमिलनाडु संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
मदुरै> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - मदुरै
* T.N संपर्क क्रांति
मदुरै> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - मदुरै
* कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
मैसूर> - हजरत निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - मैसूर
* आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
तिरुपति> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - तिरुपति
* [भोपाल [- लखनऊ एक्सप्रेस | भोपाल लखनऊ एक्सप्रेस]]
भोपाल> - लखनऊ
लखनऊ <- भोपाल
* [भोपाल [- लखनऊ एक्सप्रेस वाया. प्रतापगढ़ | भोपाल लखनऊ Via. प्रतापगढ़ एक्सप्रेस]]
भोपाल> - लखनऊ
लखनऊ <- भोपाल
* [भोपाल [- लखनऊ [[गरीब रथ एक्सप्रेस|गरीब रथ]] एक्सप्रेस | भोपाल GARIBRATH एक्सप्रेस]]
भोपाल> - लखनऊ
लखनऊ <- भोपाल
* चेन्नई एक्सप्रेस
चेन्नई> - लखनऊ
लखनऊ <- चेन्नई
* [इंदौर [- पटना एक्सप्रेस | इन्दौर पटना एक्सप्रेस]]
इंदौर> - पटना
पटना <- इंदौर
* [इंदौर [- राजेंद्रनगर Via. फैजाबाद एक्सप्रेस | इन्दौर राजेंद्रनगर एक्सप्रेस]]
इंदौर> - पटना
पटना <- इंदौर
* [[Kshipra एक्सप्रेस|इंदौर - हावड़ा एक्सप्रेस]]
* '' 'भोपाल - हावड़ा एक्सप्रेस'''
== == यह भी देखिए
* [[भोपाल रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]]
* [[इंदौर जंक्शन बड़ी]]
* [[उज्जैन जंक्शन]]
* [[इटारसी जंक्शन (मध्य प्रदेश)|इटारसी जंक्शन]]
* [[सीहोर रेलवे स्टेशन]]
* [[सीहोर रेलवे स्टेशन (मध्य प्रदेश)]]
== विदेश संबंध ==
* [https://web.archive.org/web/20160628080540/http://www.cleartrip.com/trains/stations/show/BPL भोपाल जंक्शन पर ट्रेन का समय]
==सन्दर्भ ==
* https://web.archive.org/web/20190616100149/http://www.bhopal.nic.in/ []
{{नई दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेलमार्ग}}
{{इंदौर-ग्वालियर लाइन}}
{{भोपाल}}{{मध्य प्रदेश के रेलवे स्टेशन}}
[[श्रेणी:मध्य प्रदेश में रेलवे स्टेशन]]
[[श्रेणी:भोपाल की इमारतें]]
[[श्रेणी:भारत में जंक्शन रेलवे स्टेशन]]
[[श्रेणी:भोपाल में रेलवे स्टेशन]]
[[श्रेणी:भोपाल रेल डिवीजन]]
[[श्रेणी:भोपाल]]
{{भारतीय रेलवे के शीर्ष सौ बुकिंग स्टेशन}}
8mbdjvp92qgm5rr60soxa5mxylu4a7o
6534080
6534079
2026-03-29T00:15:50Z
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wikitext
text/x-wiki
{{विकिफ़ाइ|date=फ़रवरी 2017}}
{{सफ़ाई|reason=गूगल अनुवाद; कई अर्थहीन वाक्य/वाक्यांश|date=फ़रवरी 2017}}
{{Infobox station
| name = भोपाल जंक्शन
| type = [[भारत में रेलवे स्टेशनों की सूची|भारतीय रेलवे स्टेशन]]
| style = [[भारतीय रेल]]
| image =Bhopal Junction new building 01.jpg
| image_caption = भोपाल जंक्शन रेल्वे स्टेशन
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| line = [[नई दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेलमार्ग]]<br/>{{ill|इंदौर-ग्वालियर लाइन|en|Indore–Gwalior line}}
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| owned = [[भारतीय रेल]]
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| services = [[File:Feature ticket office.svg|20px|कम्प्यूट्रीकरण टिकिट आफ़िस]] [[File:Baggage claim ecomo.svg|20px|लगेज चेक सिस्टम]] [[File:Feature parking.svg|20px|पर्किंग]] [[File:Feature accessible.svg|20px|दिव्यांग एक्सेस]] [[File:SymbolCoffeeShop.svg|20px|फूड प्लाज़ा]] [[File:AB-Autobahnkiosk.svg|20px|कियोस्क]] [[File:Aseos Públicos.jpg|20px|WC]] [[File:Aiga taxi.svg|20px|टैक्सी स्टैन्ड]] [[File:Feature suburban buses.svg|20px|पब्लिक यातायात]]
| map_type = India Madhya Pradesh | latd= 23 | latm= 16 | lats= 4 |latNS= N
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}}
'''[[भोपाल]] जंक्शन [بهبال جونستون \ भोपाल जंक्शन]''' (स्टेशन कोड: BPL) [[मध्य प्रदेश]] की राजधानी का मुख्य रेलवे स्थानक है।
==निर्माण==
[[भोपाल]] के मुख्य स्टेशन के रूप में भोपाल जंक्शन 'नाम' है। यह वर्ष 1941 में भारत की आजादी से पहले निर्माण किया गया था। शहर के दूसरे स्टेशन ([[रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]]) वर्ष 1975 में निर्माण किया गया है।इसका उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री [[इंदिरा गांधी]] द्वारा किया था।
बाद में, [पर [भोपाल | भोपाल के शहर]] मिल 8 नए अन्य स्थानीय रेलवे स्टेशनों के रूप में नाम:
{|class="wikitable sortable" style="background:#ffffff;"
|-
! style="background-color:#FFD750" | स्टेशन का नाम
!! style="background-color:#FFD750" | स्टेशन कूट
!! style="background-color:#FFD750" | रेलवे मण्डल
!! style="background-color:#FFD750" | कुल प्लेटफ़ॉर्म
|-
| align="left" | भोपाल जंक्शन
| align="center" | BPL
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | ६
|-
| align="left" | [[हबीबगंज रेलवे स्टेशन|रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]]
| align="center" | RKMP
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | ५
|-
| align="left" |संत हिरदाराम नगर
| align="center" | SHRN
| align="center" | [[पश्चिम रेलवे (भारत)|पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | २
|-
| align="left" | मिसरोद
| align="center" | MSD
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | २
|-
| align="left" | सुखसेवानगर
| align="center" | BSSN
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | ३
|-
| align="left" | मण्डीदीप
| align="center" | MDP
| align="center" | [[पश्चिम मध्य रेलवे]]
| align="center" | २
|}
तो कुल में, भोपाल '13 है' स्थानीय रेलवे स्टेशनों.
मुख्य रेलवे स्टेशन के रूप में के अच्छी तरह [[भोपाल रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]] रेलवे स्टेशन के साथ 47 अन्य रेलवे स्टेशनों का चयन करने के साथ के रूप में उभरने'''वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन''' हैं। भोपाल जंक्शन और [[रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]]'''आईएसओ 9001:2000 प्रमाण पत्र''' पहले से ही प्राप्त है।
== संपर्क ==
भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन के मुख्य पर स्थित है [[दिल्ली]] - [[चेन्नई]] और [[झाँसी|झांसी]] [- [इटारसी जंक्शन (मध्य प्रदेश) | इटारसी]] रेलवे ट्रैक जिससे 100 से अधिक दैनिक गाड़ियों
, रुकती है एक सप्ताह के भीतर 170 से ज्यादा गाड़ियों का कुल. इसलिए गाड़ियों के लिए लगभग सभी प्रमुख के रूप में छोटे स्थानों के रूप में अच्छी तरह से भारत में बहुत आसानी से उपलब्ध हैं। भोपाल जंक्शन के उत्तर में निहित है [[बीना जंक्शन (मध्य प्रदेश)|बीना]] है दक्षिण में, जंक्शन [[इटारसी जंक्शन (मध्य प्रदेश)|इटारसी जंक्शन]]. एक नज़र जो [के साथ पश्चिम में भोपाल, '''[[[[सीहोर रेलवे स्टेशन|सीहोर]] '''
[[सीहोर रेलवे स्टेशन|रेलवे स्टेशन]]|[[सीहोर रेलवे स्टेशन|सीहोर]]]]''' [उज्जैन] जंक्शन कनेक्ट है], [[रतलाम जंक्शन]] [और [अहमदाबाद | अहमदाबाद जंक्शन]]. भी [के कुछ हिस्से [<nowiki/>[[इंदौर जंक्शन बीजी रेलवे स्टेशन|इंदौर जंक्शन]] बड़ी | इंदौर जंक्शन से]] '''[[सीहोर रेलवे स्टेशन|सीहोर]]''' [और [<nowiki/>[[देवास जंक्शन]]]].'''
== आयात उद्भव गाड़ियों ==
भोपाल जंक्शन जैसे कई मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर गाड़ियों के लिए प्रारंभ बिंदु है:
* [[भोपाल शताब्दी]]
* [[भोपाल जन शताब्दी]]
* [[भोपाल एक्सप्रेस]]
* [भोपाल [- लखनऊ एक्सप्रेस]]
* [[अमरकंटक एक्सप्रेस]] भोपाल, जबलपुर द्वारा दुर्ग
* [[डॉ.अम्बेडकर नगर- भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस|भोपाल - डॉ. अम्बेडकर नगर इंटरसिटी एक्सप्रेस]]
* [भोपाल [- बिलासपुर एक्सप्रेस]]
* [[Rewanchal एक्सप्रेस]]
* [[Vindhyachal एक्सप्रेस]]
== == से गुजर महत्वपूर्ण ट्रेनों
भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर स्थित मुख्य दिल्ली - चेन्नई और झांसी है - इटारसी रेलवे ट्रैक, जो 100 से अधिक दैनिक ट्रेन रुकती है, भारत में लगभग सभी प्रमुख स्थलों के लिए अधिक से अधिक 160 का एक week.Therefore गाड़ियों के भीतर कुल के साथ बहुत हैं बड़ी आसानी से भोपाल जंक्शन से गुजर गाड़ियों available.The हैं:
* डॉ. अम्बेडकर नगर - श्री माता वैष्णोदेवी कटड़ा मालवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस
* छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
> हजरत निजामुद्दीन, दुर्ग
दुर्ग <-हजरत निजामुद्दीन
* KAMAYANI एक्सप्रेस
वाराणसी> मुंबई सीएसटी
<मुंबई सीएसटी-वाराणसी
* [[ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस]]
> नई दिल्ली, चेन्नई
चेन्नई <, नई दिल्ली
* पुष्पक एक्सप्रेस
लखनऊ> मुंबई की
मुंबई <-लखनऊ
* तुलसी एक्सप्रेस
[[इलाहाबाद]]> मुंबई की
मुंबई <-इलाहाबाद
* NAVYUG एक्सप्रेस
JammuTawi>-Manglore
Manglore <-Jammutawi
* अंडमान एक्सप्रेस
चेन्नई> - Jammutavi
Jammutavi <- चेन्नई
* इंदौर - बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस
* HIMSAGAR एक्सप्रेस
कन्याकुमारी - श्री माता वैष्णोदेवी कटड़ा - कन्याकुमारी
* मदुराई जम्मू एक्सप्रेस
मदुरै> - Jammutavi
Jammutavi <- मदुरै
* झेलम एक्सप्रेस
पुणे> - Jammutavi
Jammutavi <- पुणे
* दादर अमृतसर एक्सप्रेस
दादर> - अमृतसर
अमृतसर <- दादर
* SACHKHAND सुपर एक्सप्रेस
नांदेड़> - अमृतसर
अमृतसर <- नांदेड़
* छत्तीसगढ एक्सप्रेस
कोरबा> - अमृतसर
अमृतसर <- कोरबा
* पंजाब मेल सुपरफास्ट
> मुंबई सीएसटी - फिरोजपुर छावनी.
<फिरोजपुर छावनी. - मुंबई सीएसटी
* इंदौर - जबलपुर - इंदौर ओवरनाइट सुपरफास्ट
* चेन्नई चंडीगढ़ देहरादून एक्सप्रेस
> चेन्नई - चंडीगढ़
चंडीगढ़ <- चेन्नई
* देहरादून चेन्नई एक्सप्रेस
चेन्नई> - देहरादून
देहरादून <- चेन्नई
* आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस
> नई दिल्ली, हैदराबाद
हैदराबाद <, नई दिल्ली
* सोमनाथ एक्सप्रेस
जबलपुर>-सोमनाथ
सोमनाथ <-जबलपुर
* [[भोपाल शताब्दी|भोपाल SHATABADI एक्सप्रेस]]
रानी कमलापति> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - रानी कमलापति
* चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस
चेन्नई> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - चेन्नई
* बंगलूरू राजधानी एक्सप्रेस
बंगलूर> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - बंगलौर
* सिकंदराबाद राजधानी एक्सप्रेस
सिकंदराबाद> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - सिकंदराबाद
* हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस वाया. नागपुर
हावड़ा> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - हावड़ा
* [[Sridham एक्सप्रेस|मध्य प्रदेश एक्सप्रेस]]
जबलपुर> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - जबलपुर
* तमिलनाडु एक्सप्रेस
चेन्नई> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - चेन्नई
* केरल एक्सप्रेस
तिरुअनन्तपुरम> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - तिरुअनन्तपुरम
* कर्नाटक एक्सप्रेस
बंगलूर> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - बंगलौर
* तेलंगाना एक्सप्रेस
हैदराबाद> - नई दिल्ली
<नई दिल्ली - हैदराबाद
* [[शान - ए - भोपाल एक्सप्रेस]]
रानी कमलापति> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - रानी कमलापति
* चेन्नई GARIBRATH एक्सप्रेस
चेन्नई> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - चेन्नई
* KONGU सुपरफास्ट एक्सप्रेस ()
कोयम्बटूर> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - कोयम्बटूर
* THIRUKKURAL एक्सप्रेस
कन्याकुमारी> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - कन्याकुमारी
* स्वर्णजयंती एक्सप्रेस
तिरुअनन्तपुरम> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - तिरुअनन्तपुरम
* मंगला LAKSHADEEP एक्सप्रेस
Ernakulum> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - Ernakulum
* स्वर्णजयंती एक्सप्रेस
मैसूर> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - मैसूर
* गोंडवाना एक्सप्रेस
भुसावल> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - भुसावल
* कोल्हापुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस
कोल्हापुर> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - कोल्हापुर
* गोवा एक्सप्रेस
> वास्को दा गामा - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - वास्को दा गामा
* दक्षिण एक्सप्रेस
हैदराबाद> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - हैदराबाद
* स्वर्णजयंती एक्सप्रेस
विशाखापट्टनम> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - विशाखापट्टनम
* SAMTA एक्सप्रेस
विशाखापट्टनम> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - विशाखापट्टनम
* तमिलनाडु संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
मदुरै> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - मदुरै
* T.N संपर्क क्रांति
मदुरै> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - मदुरै
* कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
मैसूर> - हजरत निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - मैसूर
* आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
तिरुपति> - एच. निजामुद्दीन
<एच. निजामुद्दीन - तिरुपति
* [भोपाल [- लखनऊ एक्सप्रेस | भोपाल लखनऊ एक्सप्रेस]]
भोपाल> - लखनऊ
लखनऊ <- भोपाल
* [भोपाल [- लखनऊ एक्सप्रेस वाया. प्रतापगढ़ | भोपाल लखनऊ Via. प्रतापगढ़ एक्सप्रेस]]
भोपाल> - लखनऊ
लखनऊ <- भोपाल
* [भोपाल [- लखनऊ [[गरीब रथ एक्सप्रेस|गरीब रथ]] एक्सप्रेस | भोपाल GARIBRATH एक्सप्रेस]]
भोपाल> - लखनऊ
लखनऊ <- भोपाल
* चेन्नई एक्सप्रेस
चेन्नई> - लखनऊ
लखनऊ <- चेन्नई
* [इंदौर [- पटना एक्सप्रेस | इन्दौर पटना एक्सप्रेस]]
इंदौर> - पटना
पटना <- इंदौर
* [इंदौर [- राजेंद्रनगर Via. फैजाबाद एक्सप्रेस | इन्दौर राजेंद्रनगर एक्सप्रेस]]
इंदौर> - पटना
पटना <- इंदौर
* [[Kshipra एक्सप्रेस|इंदौर - हावड़ा एक्सप्रेस]]
* '' 'भोपाल - हावड़ा एक्सप्रेस'''
== == यह भी देखिए
* [[भोपाल रानी कमलापति रेलवे स्टेशन]]
* [[इंदौर जंक्शन बड़ी]]
* [[उज्जैन जंक्शन]]
* [[इटारसी जंक्शन (मध्य प्रदेश)|इटारसी जंक्शन]]
* [[सीहोर रेलवे स्टेशन]]
* [[सीहोर रेलवे स्टेशन (मध्य प्रदेश)]]
== विदेश संबंध ==
* [https://web.archive.org/web/20160628080540/http://www.cleartrip.com/trains/stations/show/BPL भोपाल जंक्शन पर ट्रेन का समय]
==सन्दर्भ ==
* https://web.archive.org/web/20190616100149/http://www.bhopal.nic.in/ []
{{नई दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेलमार्ग}}
{{इंदौर-ग्वालियर लाइन}}
{{भोपाल}}{{मध्य प्रदेश के रेलवे स्टेशन}}
[[श्रेणी:मध्य प्रदेश में रेलवे स्टेशन]]
[[श्रेणी:भोपाल की इमारतें]]
[[श्रेणी:भारत में जंक्शन रेलवे स्टेशन]]
[[श्रेणी:भोपाल में रेलवे स्टेशन]]
[[श्रेणी:भोपाल रेल डिवीजन]]
[[श्रेणी:भोपाल]]
{{भारतीय रेलवे के शीर्ष सौ बुकिंग स्टेशन}}
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नन्दा देवी राजजात
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नंदा देवी राजजात यात्रा का विवरण जोड़ा (सन्दर्भ सहित)
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text/x-wiki
{{About|धार्मिक यात्रा||नन्दा देवी (बहुविकल्पी)}}
'''नन्दा देवी राज जात''' [[भारत]] के [[उत्तराखण्ड|उत्तरांचल]] राज्य में होने वाली एक [[नन्दा देवी]] की एक धार्मिक यात्रा है। यह उत्तराखंड के कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। यह लगभग 12 वर्षों के बाद आयोजित होती है। अन्तिम जात 2014 में हुई थी। अगली राजजात 2026 में होगी।<ref>{{Cite web |url=http://www.newkerala.com/news/fullnews-11649.html |title=GMVN preparing for Nanda devi Raj Jat yatra in 2012 |access-date=26 जनवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170902224306/http://www.newkerala.com/news/fullnews-11649.html |archive-date=2 सितंबर 2017 |url-status=live }}</ref>
[[चित्र:Nandadeviroutr.jpg|अंगूठाकार|Nanda Devi Raj Jat route]]
{{Short description|उत्तराखंड की प्रमुख धार्मिक पदयात्रा}}
{{Infobox pilgrimage
| name = नंदा देवी राजजात
| native_name = Nanda Devi Raj Jat
| image = Nanda Devi Raj Jat Yatra.jpg
| image_caption = नंदा देवी राजजात यात्रा
| location = [[चमोली जिला]], [[उत्तराखंड]], भारत
| deity = [[नंदा देवी]]
| established = प्राचीन काल
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}}
'''नंदा देवी राजजात''' उत्तराखंड की एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पदयात्रा है, जिसे “हिमालय का महाकुंभ” भी कहा जाता है। यह यात्रा देवी [[नंदा देवी]] को मायके से ससुराल ([[कैलाश पर्वत]]) विदा करने की लोकपरंपरा का प्रतीक है। यह यात्रा चमोली जनपद में स्थित '''कुरुड़ के नंदा देवी सिद्धपीठ''' से प्रारंभ होकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों से होते हुए [[होमकुंड]] तक जाती है।
== परिचय ==
नंदा देवी उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊँ क्षेत्रों की इष्टदेवी मानी जाती हैं। उन्हें राजराजेश्वरी, नंदिनी, सुनन्दा और शुभानन्दा आदि नामों से भी पूजा जाता है। लोकमान्यता के अनुसार नंदा देवी हिमालय की पुत्री और [[पार्वती]] का ही रूप हैं। इस कारण यह यात्रा एक बेटी की विदाई के रूप में आयोजित की जाती है।
== ऐतिहासिक एवं पारंपरिक महत्व ==
नंदा देवी राजजात का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। गढ़वाल और कुमाऊँ के विभिन्न राजवंशों की यह इष्टदेवी रही है।
स्थानीय परंपराओं, लोकगाथाओं तथा नंदा जागर परंपरा के अनुसार '''कुरुड़ स्थित नंदा देवी सिद्धपीठ''' को इस यात्रा की डोली परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ से देवी की मूर्ति को विधिवत डोली में स्थापित कर यात्रा प्रारंभ की जाती है।
[[रूपकुंड]] क्षेत्र में पाए गए मानव कंकाल तथा अन्य पुरातात्त्विक साक्ष्य इस यात्रा की प्राचीनता को दर्शाते हैं।
== यात्रा के प्रकार ==
* '''वार्षिक जात (छोटी जात)''' – प्रतिवर्ष आयोजित
* '''राजजात (बड़ी जात)''' – लगभग 12 वर्षों या विशेष परिस्थितियों में आयोजित
== यात्रा संरचना ==
नंदा देवी राजजात की विशेषता यह है कि यह यात्रा प्रारंभिक चरण में विभिन्न धाराओं में संचालित होती है, जो आगे चलकर एक स्थान पर मिलती हैं।
'''कांसुवा धारा (राजपरंपरा):'''
* कंसुवा
* नौटी
* सेम
* कोटी
* भगौती
* कुलसारी
* नन्दकेसरी
* फल्दियागांव
* मुन्दोली
* लोहाजंग
* **वाण (मिलन स्थल)**
इस धारा में परंपरागत रूप से राजपरिवार के प्रतिनिधि छंतोली लेकर सम्मिलित होते हैं।
'''कुरुड़ धारा (देवी डोली परंपरा):'''
इस धारा में नंदा देवी की मूर्ति को डोली में स्थापित कर ले जाया जाता है, जो यात्रा का मुख्य धार्मिक केंद्र मानी जाती है।
* '''दशोली परगना धारा:'''
* कुरुड़
* कुमजुग
* लुणतरा
* कांडई
* सेमा
* मटई ग्वाड़
* पगना
* ल्वाणी
* रामणी
* आला
* कनोल
* **वाण (मिलन स्थल)**
* '''बधाण परगना धारा:'''
* कुरुड़
* चरबंग
* मथकोट
* उस्तोली
* भेंटी
* डूंगरी
* सूना
* चेपड़ो
* नंदकेशरी
* फल्दियागांव
* मुन्दोली
* **वाण (मिलन स्थल)**
👉 '''वाण''' वह प्रमुख स्थान है जहाँ सभी धाराएँ एक साथ मिलती हैं। इसके बाद यात्रा एक संयुक्त धारा के रूप में आगे बढ़ती है।
'''संयुक्त मार्ग:'''
* वाण
* गैरौली पातल
* वेदनी बुग्याल
* पातर नचौणिया
* [[रूपकुंड]]
* शिला समुद्र
* [[होमकुंड]]
== चौसिंग्या खाडू ==
राजजात की एक प्रमुख विशेषता '''चौसिंग्या खाडू''' (चार सींगों वाला मेढ़ा) है। इसे देवी का दूत माना जाता है। इसकी पीठ पर भेंट सामग्री रखी जाती है और होमकुंड में पूजा के बाद इसे हिमालय की ओर छोड़ दिया जाता है।
== धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व ==
यह यात्रा उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसमें सैकड़ों गाँवों के लोग भाग लेते हैं और विभिन्न क्षेत्रों की डोलियाँ इसमें सम्मिलित होती हैं।
== नंदा देवी राजजात 2026 ==
वर्ष 2026 में आयोजित यात्रा का प्रारंभ 5 सितंबर को कुरुड़ से निर्धारित है। यह यात्रा विभिन्न पारंपरिक मार्गों से होकर वाण में मिलती है और उसके बाद संयुक्त रूप से होमकुंड तक पहुँचती है।
== सन्दर्भ == <ref>उत्तराखंड पर्यटन विभाग</ref> <ref>डॉ॰ शिवप्रसाद डबराल, उत्तराखण्ड का इतिहास</ref> <ref>राहुल सांकृत्यायन, हिमालयी यात्राएँ</ref> <ref>नंदा देवी राजजात समिति, 2026 कार्यक्रम</ref>
{{Reflist}}
[[श्रेणी:उत्तराखंड की संस्कृति]]
[[श्रेणी:हिन्दू तीर्थयात्रा]]
[[श्रेणी:चमोली जिला]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090922051219/http://www.garhwaltourism.com/raj%2Djat/ गढ़वाल पर्यटन की वेबसाइट पर राजजात बारे जानकारी]
* [https://web.archive.org/web/20100308112947/http://www.ghughuti.com/nanda-devi-raj-jat घुघूती.कॉम पर जात बारे जानकारी]
* [https://web.archive.org/web/20100416134226/http://www.chardham-yatra.com/nanda-devi-raj-jat-garhwal-travel-region-uttaranchal.html नन्दा देवी जात बारे यात्रा जानकारी]
* [https://web.archive.org/web/20160305210315/http://www.merapahadforum.com/religious-places-of-uttarakhand/nanda-raj-jat-story/msg17148/#msg17148/'''मेरा पहाड़ डॉट कॉम''' में श्री नन्दा राजजात की कहानी। ]
{{हिन्दू धर्म}}
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[[श्रेणी:उत्तराखण्ड के तीर्थ]]
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नन्दा देवी राजजात के बारे में सोर्स सहित जानकारी दी गई है
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text/x-wiki
{{About|धार्मिक यात्रा||नन्दा देवी (बहुविकल्पी)}}
'''नन्दा देवी राज जात''' [[भारत]] के [[उत्तराखण्ड|उत्तरांचल]] राज्य में होने वाली एक [[नन्दा देवी]] की एक धार्मिक यात्रा है। यह उत्तराखंड के कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। यह लगभग 12 वर्षों के बाद आयोजित होती है। अन्तिम जात 2014 में हुई थी। अगली राजजात 2026 में होगी।<ref>{{Cite web |url=http://www.newkerala.com/news/fullnews-11649.html |title=GMVN preparing for Nanda devi Raj Jat yatra in 2012 |access-date=26 जनवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170902224306/http://www.newkerala.com/news/fullnews-11649.html |archive-date=2 सितंबर 2017 |url-status=live }}</ref>
[[चित्र:Nandadeviroutr.jpg|अंगूठाकार|Nanda Devi Raj Jat route]]
{{Short description|उत्तराखंड की प्रमुख धार्मिक पदयात्रा}}
'''नंदा देवी राजजात''' उत्तराखंड की एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पदयात्रा है, जिसे “हिमालय का महाकुंभ” भी कहा जाता है। यह यात्रा देवी [[नंदा देवी]] को मायके से ससुराल ([[कैलाश पर्वत]]) विदा करने की लोकपरंपरा का प्रतीक है। यह यात्रा चमोली जनपद में स्थित '''कुरुड़ के नंदा देवी सिद्धपीठ''' से प्रारंभ होकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों से होते हुए [[होमकुंड]] तक जाती है।[https://hindi.news18.com/amp/news/uttarakhand/chamoli-nanda-badi-jaat-siddhapeeth-kurud-historic-journey-of-faith-begin-5-september-local18-10100901.html 1]
== परिचय ==
नंदा देवी [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]] के [[गढ़वाल मण्डल|गढ़वाल]] और कुमाऊँ क्षेत्रों की इष्टदेवी मानी जाती हैं। उन्हें राजराजेश्वरी, नंदिनी, सुनन्दा और शुभानन्दा आदि नामों से भी पूजा जाता है। लोकमान्यता के अनुसार नंदा देवी हिमालय की पुत्री और [[पार्वती]] का ही रूप हैं। इस कारण यह यात्रा एक बेटी की विदाई के रूप में आयोजित की जाती है।[https://www.himvan.com/uttarakhand/%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA 2]
== ऐतिहासिक एवं पारंपरिक महत्व ==
नंदा देवी राजजात का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। गढ़वाल और कुमाऊँ के विभिन्न राजवंशों की यह इष्टदेवी रही है।
स्थानीय परंपराओं, लोकगाथाओं तथा नंदा जागर परंपरा के अनुसार '''कुरुड़ स्थित नंदा देवी सिद्धपीठ''' को इस यात्रा की डोली परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ से देवी की मूर्ति को विधिवत डोली में स्थापित कर यात्रा प्रारंभ की जाती है।[https://www.thedivineindia.com/hi/nanda-devi-sidhpeeth-kurud.html 3]
[[रूपकुंड]] क्षेत्र में पाए गए मानव कंकाल तथा अन्य पुरातात्त्विक साक्ष्य इस यात्रा की प्राचीनता को दर्शाते हैं।[https://www.jagran.com/uttarakhand/dehradun-city-roopkund-mystery-and-skeletons-lake-14287855.html 4]
== यात्रा के प्रकार ==
* '''वार्षिक जात (छोटी जात)''' – प्रतिवर्ष आयोजित
* '''राजजात (बड़ी जात)''' – लगभग 12 वर्षों या विशेष परिस्थितियों में आयोजित [https://hindi.news18.com/news/uttarakhand/pauri-garhwal-nandaraj-jat-valve-open-chief-minister-rawat-worship-709454.html 5]
== यात्रा संरचना ==
नंदा देवी राजजात की विशेषता यह है कि यह यात्रा प्रारंभिक चरण में विभिन्न धाराओं में संचालित होती है, जो आगे चलकर एक स्थान पर मिलती हैं।[https://www.jagran.com/spiritual/mukhye-dharmik-sthal-nanda-devi-raj-jat-yatra-11538087.html 6]
'''कांसुवा धारा (राजपरंपरा):'''
* कंसुवा
* नौटी
* सेम
* कोटी
* भगौती
* कुलसारी
* नन्दकेसरी
* फल्दियागांव
* मुन्दोली
* लोहाजंग
* **वाण (मिलन स्थल)**
इस धारा में परंपरागत रूप से राजपरिवार के प्रतिनिधि छंतोली लेकर सम्मिलित होते हैं।
'''कुरुड़ धारा (देवी डोली परंपरा):''' इस धारा में नंदा देवी की मूर्ति को डोली में स्थापित कर ले जाया जाता है, जो यात्रा का मुख्य धार्मिक केंद्र मानी जाती है।
* '''दशोली परगना धारा:[https://www.jagran.com/uttarakhand/chamoli-nanda-rajjat-2026-badhan-dasholi-doli-schedule-released-40118521.html 7]'''
* कुरुड़
* कुमजुग
* लुणतरा
* कांडई
* सेमा
* मटई ग्वाड़
* पगना
* ल्वाणी
* रामणी
* आला
* कनोल
* **वाण (मिलन स्थल)**
* '''बधाण परगना धारा:'''
* कुरुड़
* चरबंग
* मथकोट
* उस्तोली
* भेंटी
* डूंगरी
* सूना
* चेपड़ो
* नंदकेशरी
* फल्दियागांव
* मुन्दोली
* **वाण (मिलन स्थल)**
कांसुवा से आई राजछंतोली नन्दकेसरी में कुरुड़ की नंदा देवी डोली को अपनी मनौती व भेंट चढ़ाते हैं। यहां पर कुमाऊं की छंतोली यात्रा का मिलन होता है। 2000 में कुमाऊं की यात्रा 100 साल बाद आई।
👉 '''वाण''' वह प्रमुख स्थान है जहाँ सभी धाराएँ एक साथ मिलती हैं। इसके बाद यात्रा एक संयुक्त धारा के रूप में आगे बढ़ती है।
रामणी में बहुत देवी देवताओं का निशान, कटार, छंतोलियों का मिलन दशोली परगना धारा की कुरुड़ नन्दा देवी डोली के साथ होता है।
'''संयुक्त मार्ग:'''
* वाण
* गैरौली पातल
* वेदनी बुग्याल
* पातर नचौणिया
* [[रूपकुंड]]
* शिला समुद्र
* [[होमकुंड]]
== चौसिंग्या खाडू ==
राजजात की एक प्रमुख विशेषता '''चौसिंग्या खाडू''' (चार सींगों वाला मेढ़ा) है। इसे देवी का दूत माना जाता है। 12 वर्षीय जात के समय यह भेड़ कुरुड़ के आसपास के गांव में जन्म लेता है । इसकी पीठ पर भेंट सामग्री रखी जाती है और होमकुंड में पूजा के बाद इसे हिमालय की ओर छोड़ दिया जाता है। 2026 में सुंग गांव में इसका जन्म हो चुका है। [https://www.jagran.com/spiritual/sant-saadhak-nanda-devi-raj-jat-yatra-11560032.html 8]
== धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व ==
यह यात्रा उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसमें सैकड़ों गाँवों के लोग भाग लेते हैं और विभिन्न क्षेत्रों की निसाण एवं छंतोलियां इसमें सम्मिलित होती हैं।
== नंदा देवी राजजात 2026 ==
वर्ष 2026 में आयोजित यात्रा का प्रारंभ 5 सितंबर को कुरुड़ से निर्धारित है। यह यात्रा विभिन्न पारंपरिक मार्गों से होकर वाण में मिलती है और उसके बाद संयुक्त रूप से होमकुंड तक पहुँचती है।
== सन्दर्भ == <ref>उत्तराखंड पर्यटन विभाग</ref> <ref>डॉ॰ शिवप्रसाद डबराल, उत्तराखण्ड का इतिहास</ref> <ref>राहुल सांकृत्यायन, हिमालयी यात्राएँ</ref> <ref>नंदा देवी राजजात समिति, 2026 कार्यक्रम</ref>
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[[श्रेणी:उत्तराखंड की संस्कृति]]
[[श्रेणी:हिन्दू तीर्थयात्रा]]
[[श्रेणी:चमोली जिला]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090922051219/http://www.garhwaltourism.com/raj%2Djat/ गढ़वाल पर्यटन की वेबसाइट पर राजजात बारे जानकारी]
* [https://web.archive.org/web/20100308112947/http://www.ghughuti.com/nanda-devi-raj-jat घुघूती.कॉम पर जात बारे जानकारी]
* [https://web.archive.org/web/20100416134226/http://www.chardham-yatra.com/nanda-devi-raj-jat-garhwal-travel-region-uttaranchal.html नन्दा देवी जात बारे यात्रा जानकारी]
* [https://web.archive.org/web/20160305210315/http://www.merapahadforum.com/religious-places-of-uttarakhand/nanda-raj-jat-story/msg17148/#msg17148/'''मेरा पहाड़ डॉट कॉम''' में श्री नन्दा राजजात की कहानी। ]
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}}
'''वेनेसा ऐनी हजेंस'''<ref name="yahoo">^[http://movies.yahoo.com/movie/contributor/1808436979/bio "वेनेसा हजेंस जीवनी"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081228065433/http://movies.yahoo.com/movie/contributor/1808436979/bio |date=28 दिसंबर 2008 }} याहू! ''06.12.09'' को प्राप्त</ref>(जन्म 14 दिसम्बर,1988)<ref name="inquirer">{{cite web|url=http://showbizandstyle.inquirer.net/entertainment/entertainment/view_article.php?article_id=81617|title=Vanessa Hudgens: 'I love being a Filipina '|accessdate=18 सितंबर 2007|author=Ruben V. Nepales|date=अगस्त 9, 2007|publisher=[[Philippine Daily Inquirer]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20081108111259/http://showbizandstyle.inquirer.net/entertainment/entertainment/view_article.php?article_id=81617|archive-date=8 नवंबर 2008|url-status=dead}}</ref> एक अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका हैं। बचपन में स्थानीय थियेटर के नाटकों और टीवी विज्ञापनों में काम करने के बाद हजेंस ने साल 2003 में [[ड्रामा फिल्म]], ''[[थर्टीन]]'' में नोएल की भूमिका अदा करते हुए बड़े परदे पर अपनी शुरुआत की। साल 2004 में आई [[साइंस-फिक्शन]]-[[एडवेंचर फिल्म]], ''[[थंडरबर्ड्स]] '' में हंजेस ने टिन-टिन का चरित्र निभाया। लेकिन हजेंस की सबसे प्रमुख भूमिका ''[[हाई स्कूल म्यूजिकल]]'' श्रृंखला<ref name="वेनेसा हजेंस जीवनी">^[http://allmusic.com/cg/amg.dll?p=amg&sql=11:0vfexqlsldde वेनेसा हजेंस जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101003032225/http://www.allmusic.com/cg/amg.dll?p=amg |date=3 अक्तूबर 2010 }} आलम्यूजिक</ref> में [[गैब्रिएला मोंटेज़]] की थी।<ref name="वेनेसा हजेंस जीवनी"/> इस फिल्म श्रृंखला में अभिनय के लिए हजेंस को [[इमैजेन फाउंडेशन पुरस्कार]] और [[युवा कलाकार पुरस्कार]] के लिए नामांकित किया गया।
उनका पहला एल्बम ''[[वी]]'', 26 सितंबर 2006 को जारी हुआ। यह एलबम<ref name="Billboard.com">{{cite news |first=Katie |last=Hasty |authorlink= |author= |coauthors= |title=Ludacris Scores Third No. 1 With 'Release Therapy' |url=http://www.billboard.com/bbcom/search/google/article_display.jsp?vnu_content_id=1003219507 |work=[[Billboard]] |publisher=[[Nielsen Company|Nielsen Business Media, Inc.]] |date=अक्टूबर 4, 2006 |accessdate=24 जुलाई 2008 |archiveurl=https://archive.today/20120629134146/http://www.billboard.com/bbcom/search/google/article_display.jsp?vnu_content_id=1003219507%23/bbcom/search/google/article_display.jsp?vnu_content_id=1003219507 |archivedate=29 जून 2012 |url-status=live }}</ref> अमेरिका<ref name="Billboard.com"/> में उस वक्त के सबसे लोकप्रिय गानों की सूची में चौबीसवें नंबर पर शुरू हुआ और बाद में इसे [[गोल्ड (एक ऐसा एल्बम जिसकी कम से कम 5 लाख प्रतियाँ बिकी हों, उसे RIAA द्वारा गोल्ड रिकॉर्ड के रूप में प्रमाणित किया जाता है) के रूप में प्रमाणित]] किया गया। 1 जुलाई 2008 को हजेंस का दूसरा एल्बम ''[[आइड़ेंटीफाइड]]'' अमेरीका में जारी किया गया। साल 2009 में आई फिल्म ''[[बैंडस्लैम]]'' के ज़रिये हजेंस को आलोचकों के बीच काफी सराहना मिली, यह फिल्म 14 अगस्त [[2009]] को प्रदर्शित हुई थी।<ref name="hollywood-reporter-will">{{cite web | url=http://www.hollywoodreporter.com/hr/content_display/news/e3i4707d81dca25b84728d90e674475f1b0 | title='Musical' star fills 'Will' bill | author=Borys Kit ([[द हॉलीवुड रिपोर्टर]]) | date=जनवरी 11, 2008 | accessdate=11 जनवरी 2008 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और करियर ==
हजेंस [[सॉलिनस, कैलिफोर्निया]] में पैदा हुईं. हजेंस अपनी माँ गिना ([[नी]]गुआन्ग्को), पिता ग्रेगोरी हजेंस और छोटी बहन स्टेला हजेंस के साथ - [[ओरेगन]] से [[दक्षिणी कैलिफोर्निया]] तक - वेस्ट कोस्ट की लगभग सभी जगहों पर रहीं। उनकी माँ ने बहुत से कार्यालयों में काम किया और उनके पिता एक फायर-फाइटर थे।<ref name="yahoo"/><ref name="inquirer"/> टीवी विज्ञापन में एक भूमिका मिलने के बाद हजेंस और उनका परिवार [[लॉस एंजेल्स]] चला आया।<ref name="kids">^ [http://www.kidzworld.com/article/8777-vanessa-hudgens-biography वेनेसा हजेंस जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100210175211/http://www.kidzworld.com/article/8777-vanessa-hudgens-biography |date=10 फ़रवरी 2010 }} KidzWorld.com</ref> हजेंस मिश्रित सांस्कृतिक मूल<ref>{{cite web|title=Worldwide Wednesday: The 10 Hottest Multiracial Women|work=[[Complex (magazine)|Complex]]|date=26 अगस्त 2009|url=http://www.complex.com/blogs/2009/08/26/worlwide-wednesday-the-10-hottest-multiracial-women/2/|accessdate=2 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100409030205/http://www.complex.com/blogs/2009/08/26/worlwide-wednesday-the-10-hottest-multiracial-women/2/|archive-date=9 अप्रैल 2010|url-status=live}}</ref> की हैं क्योंकि उनके पिता [[आयरिश]] [[अमेरिकी]] मूल के और माता [[मनीला]] में रहने वाली चीनी -[[फिलिपिनो]]- स्पेनिश मूल की हैं।<ref name="inquirer"/><ref name="TeenHollywood">{{cite web | author=Lynn Barker | publisher=TeenHollywood | date=मई 17, 2006 | title=Interview: Zac Efron, Vanessa Anne Hudgens: High School Musical | url=http://www.teenhollywood.com/d.asp?r=123403&c=1038&p=10 | accessdate=6 जनवरी 2007 | quote=Vanessa: Gosh, I'm everything. Pretty much I'm Filipino and Caucasian but within that, I'm Spanish, Chinese, American Indian, Irish. | archive-url=https://web.archive.org/web/20070928073513/http://www.teenhollywood.com/d.asp?r=123403&c=1038&p=10 | archive-date=28 सितंबर 2007 | url-status=live }}</ref> हजेंस के दादा-दादी और नाना-नानी चारों ही संगीतकार थे।<ref name="kids"/>
आठ साल की उम्र में संगीत थियेटर में एक गायिका के रूप शुरुआत करने के बाद, हजेंस स्थानीय प्रोडक्शन, जैसे कि ''[[करोसेल]]'', ''[[दी विज़र्ड ऑफ़ ओज़]] '', ''[[दी किंग एंड आई]]'', ''[[दी म्यूजिकल मैन]]'' और ''[[सिंड्रेला]]'' में दिखाई दीं। <ref name="vanbio">^ [http://www.sing365.com/music/lyric.nsf/Vanessa-Hudgens-Biography/1D3E3038159B6760482571F50005D332 वेनेसा हजेंस जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090211112100/http://sing365.com/music/lyric.nsf/Vanessa-Hudgens-Biography/1D3E3038159B6760482571F50005D332 |date=11 फ़रवरी 2009 }} sing365.com. 10 जून 2007 को प्राप्त</ref> मंच नाटकों और संगीत में अपना करियर शुरू करने के दो साल बाद उन्होंने विज्ञापनों और टीवी शो के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया। <ref name="parade">{{cite web|last=Kaplan|first=James|title=Vanessa Hudgens, High School Sweetheart|url=http://www.parade.com/celebrity/2009/07/vanessa-hudgens-high-school-sweetheart.html|date=26 जुलाई 2009|work=[[Parade (magazine)|Parade]]|accessdate=20 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100114005806/http://www.parade.com/celebrity/2009/07/vanessa-hudgens-high-school-sweetheart.html|archive-date=14 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref> उनका अभिनय करियर 15 साल की उम्र में शुरू हुआ। घर पर ही शिक्षकों द्वारा पढ़ाये जाने की वजह से हजेंस, [[ओरेंज कंट्री हाई स्कूल ऑफ़ आर्ट्स]] से हाई स्कूल की पढाई पूरी नहीं कर पाईं.
== करियर ==
[[चित्र:Vanessa Hudgens and Dancers.jpg|left|thumb|हाई स्कूल म्यूजिकल के दौरान हजेंस: संगीत-समारोह के टूर में कम बैक टू मी गाते हुए.]]
2003 में, हजेंस ने [[स्वतंत्र]] [[ड्रामा फिल्म]] ''[[थर्टीन]]'' में एक छोटा सा पात्र निभाया, जिसमे वह ट्रेसी ([[इवान रेशेल वुड]] द्वारा निभाए गए चरित्र) की दोस्त, नोएल की भूमिका में थी। इस फिल्म को आमतौर पर अनुकूल समीक्षा मिली। आलोचकों की दृष्टि से भी ये फिल्म सफल रही और साथ ही अपनी 4 करोड़ डॉलर की लागत को भी इसने पार कर लिया। इसके बाद [[2004]] में उन्होंने [[साइंस-फिक्शन-]][[ऐडवेंचर फिल्म]] में टिनटिन की भूमिका निभाई. दुर्भाग्य से आलोचनात्मक और व्यवसायिक दोनों ही तौर पर यह फिल्म असफल रही और प्रदर्शन से पहले ही [[इंटरनेट]] पर इसकी काफी आलोचना की गयी। 2005 के अंत में उन्होंने फिल्म ''[[हाई स्कूल म्यूजिकल]]'' में [[जेक एफ्रोन]] के साथ एक शर्मीली और आज्ञाकारी लड़की गैब्रिएला मोंटेज़ की भूमिका निभाई.<ref>{{cite web|last=Christopher|first=Rocchio|title=Vanessa Hudgens' original plan was to audition for 'American Idol'|url=http://www.realitytvworld.com/news/vanessa-hudgens-original-plan-was-audition-for-american-idol-6189.php|date=29 नवंबर 2007|work=Reality TV World|accessdate=21 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100116231628/http://realitytvworld.com/news/vanessa-hudgens-original-plan-was-audition-for-american-idol-6189.php|archive-date=16 जनवरी 2010|url-status=dead}}</ref>
''[[हाई स्कूल म्यूजिकल]]'' में [[गैब्रिएला मोंटेज़]] के रूप में अपनी सफल भूमिका से पहले ही वो टीवी कार्यक्रम ''[[क्विंटुप्लेट्स]] '', ''[[स्टिल स्टैंडिंग]]'', ''[[दी ब्रदर गार्शिया]]'', ''[[डार्क एंड जोश]]'' और ''[[दी स्वेट लाइफ ऑफ़ जेक एंड कोडी]] '' में अभिनय कर चुकी थीं। ''हाई स्कूल म्यूजिकल'' में उनके प्रदर्शन को कई नामांकन और पुरस्कार मिले। <ref name="imagen"/><ref name="young"/> फिल्म की सफलता के बाद ''[[BBC UK]]'' ने कहा कि हजेंस अब [[अमेरिका]] के घर-घर में जानी जाने वाली हस्ती बन जाएंगी.
हजेंस ने [[हॉलीवुड रिकॉर्ड्स|हॉलीवुड रिकॉर्ड्स<ref name="yuddy">{{cite web|url=http://www.yuddy.com/celebrity/vanessa-hudgens/bio|publisher=Yuddy|title=Vanessa Hudgens Biography|accessdate=9 मई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20081019175339/http://www.yuddy.com/celebrity/vanessa-hudgens/bio|archive-date=19 अक्तूबर 2008|url-status=dead}}</ref>]] के साथ एक रिकॉर्डिंग अनुबंध किया। सितम्बर 2006 को उनका पहला एल्बम ''[[वी]]'' आया जो आते ही [[बिलबोर्ड200|''बिलबोर्ड'' 200]]<ref name="Billboard.com"/> में चौबीसवें नंबर पर अंकित किया गया और 27 फ़रवरी 2007 को इसे [[गोल्ड]] के रूप में प्रमाणित किया गया।<ref>^ [http://www.riaa.com/goldandplatinumdata.php?resultpage=1&table=SEARCH_RESULTS&action=&title=&artist=vanessa%20hudgens&format=&debutLP=&category=&sex=&releaseDate=&requestNo=&type=&level=&label=&company=&certificationDate=&awardDescription=&catalogNo=&aSex=&rec_id=&charField=&gold=&platinum=&multiPlat=&level2=&certDate=&album=&id=&after=&before=&startMonth=1&endMonth=1&startYear=1958&endYear=2008&sort=Artist&perPage=25 V RIAA प्रमाणन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924151606/http://www.riaa.com/goldandplatinumdata.php?resultpage=1 |date=24 सितंबर 2015 }} (27 फ़रवरी 2007). 2 नवम्बर 2008 पुनः प्राप्त.</ref> उनका पहला एकल गीत [["कम बैक टू मी"]] एकल सूची में शीर्ष पर रहने वाला गीत बन गया। उनका दूसरा एकल गीत "[[से ओके]]" था। ''बिलबोर्ड'' के पाठकों ने "वी" को उस वर्ष<ref name="readers">{{cite web | url=http://www.billboard.com/bbcom/yearend/2007/readers/index.html | title=Billboard Best Album Readers' Choice | publisher=[[Billboard]] | accessdate=24 जुलाई 2008 | archiveurl=https://web.archive.org/web/20070817023056/http://www.billboard.com/bbcom/yearend/2007/readers/index.html | archivedate=17 अगस्त 2007 | url-status=live }}</ref> के सबसे अच्छे एल्बमों की सूची में सातवें स्थान पर रखा। हजेंस को वर्ष 2007 के [[टीन च्वाइस अवार्ड]] में नयी गायिकाओं में से सर्वश्रेष्ठ गायिका या ब्रेकआउट गायिका चुना गया।<ref>{{cite news |first=Michael |last=Cidoni |title='Pirates,' Sophia Bush Top Teen Awards |url=http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2007/08/26/AR2007082601514.html |work=Associated Press |date=अगस्त 27, 2007 |accessdate=9 अप्रैल 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110604144338/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2007/08/26/AR2007082601514.html |archive-date=4 जून 2011 |url-status=live }}</ref>
2006 में हजेंस ने पूरे देश ''[[High School Musical: The Concert]]'' के दौरे में भी भाग लिया, जिसमें उन्होंने अपने साउन्डट्रैक एल्बम के गाने के अतिरिक्त अपने पहले एल्बम के तीन गानों का भी प्रदर्शन किया। उन्होंने [[कोर्बिन ब्लू]] के साथ उनके पहले एल्बम के लिए युगल गीत "स्टिल देयर फॉर मी" गाया.
सन् 2007 में हजेंस ने ''हाई स्कूल म्यूजिकल'' की अगली कड़ी [[हाई स्कूल म्यूजिकल]] 2<ref name="mel">{{cite web|last=Blake|first=Sara|title=Nude photo of Vanessa Hudgens circulates on Internet|url=http://www.news.com.au/story/0,23599,22383467-2,00.html|date=9 सितंबर 2007|work=[[The Sunday Telegraph]]|accessdate=20 सितंबर 2009|archiveurl=https://archive.today/20121205211200/http://www.news.com.au/top-stories/teen-star-sorry-over-nude-photo/story-e6frfkp9-1111114372089|archivedate=5 दिसंबर 2012|url-status=live}}</ref> में दोबारा गैब्रिएला मोंटेज़ की भूमिका निभाई. ''टीवी रिव्यु'' की वर्जीनिया हेफर्नन ने इस फिल्म में हजेंस के प्रदर्शन को "मैट" कहा क्योंकि "एक भोली लड़की के रूप में उनका चरित्र बेहद आभायुक्त लग रहा था".<ref>{{cite web|last=Heffernan|first=Virginia|title=Life as High School, This Time on Vacation|url=http://www.nytimes.com/2007/08/17/arts/television/17musi.html?_r=1|date=18 अगस्त 2007|work=TV Review|accessdate=11 अक्टूबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20121116124430/http://www.nytimes.com/2007/08/17/arts/television/17musi.html?_r=1|archive-date=16 नवंबर 2012|url-status=live}}</ref>
[[चित्र:Vanessa Hudgens & Zac Efron at 2009 Academy Awards.JPG|right|thumb|upright|81 अकादमी पुरस्कार में जेक एफ्रोन के साथ हजेंस]]
दिसम्बर 2007 में क्रिसमिस के अवसर पर उन्होंने दूसरे गायकों के साथ [[अमेरिका]] के राष्ट्रपति [[जॉर्ज बुश]] और उनके परिवार के लिए वाशिंगटन, डीसी के राष्टीय भवन संग्रहालय में प्रदर्शन किया।<ref>^ [http://www.instyle.com/instyle/parties/party/0, 20165290_20379396,00.html कथारिने मेक्फी और वेनेसा हजेंस ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20191018082648/https://www.instyle.com/instyle/parties/party/0, |date=18 अक्तूबर 2019 }} '''' इन स्टाइल/2} 10 जून 2007 को प्राप्त</ref>
हजेंस ने गैब्रिएला मोंटेज़ के रूप में अपनी भूमिका फिर से निभाई.''[[High School Musical 3: Senior Year]]''<ref>{{cite web| author=The Freeman| work=[[The Philippine Star]]| title=Vanessa Hudgens back as Gabriella in "High School Musical 3:| date=4 अक्टूबर 2008| url=http://www.philstar.com/Article.aspx?articleid=404694| accessdate=7 सितंबर 2009}}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> इस फिल्म में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें साल 2009 के [[किड्स च्वाइस अवार्ड|किड्स च्वाइस अवार्ड<ref>{{cite web|last=Lang|first=Derrik|url=http://www.hitfix.com/articles/2009-3-28-high-school-musical-3-wins-at-kids-choice-awards/|title='High School Musical 3' wins at Kids Choice Awards|date=28 मार्च 2009|work=Hitflix|accessdate=22 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100217113357/http://www.hitfix.com/articles/2009-3-28-high-school-musical-3-wins-at-kids-choice-awards/|archive-date=17 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref>]] में पसंदीदा अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। उनका दूसरा एल्बम ''[[आइड़ेंटीफाइड]]'', 1 जुलाई 2008 को आया और इसने आमतौर पर अनुकूल समीक्षा प्राप्त करते हुए<ref>{{cite web | url=http://www.metacritic.com/music/artists/hudgensvanessa/identified | title=Identified | work=[[Metacritic]] | publisher=[[CNET Networks]] | access-date=15 मार्च 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20091014225340/http://www.metacritic.com/music/artists/hudgensvanessa/identified | archive-date=14 अक्तूबर 2009 | url-status=live }}</ref> ''[[बिलबोर्ड]]'' 200 में 23 वां स्थान प्राप्त किया।<ref>{{Cite web|first=Wendy|url=http://tv.popcrunch.com/vanessa-hudgens-new-identified-cd-sales-22000-copies-sold-in-first-week/|title=Vanessa Hudgen’s New Identified CD Sales: 22,000 Copies Sold in First Week|date=9 जुलाई 2009|work=TV Popcrunch|accessdate=14 अगस्त 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20081226233814/http://tv.popcrunch.com/vanessa-hudgens-new-identified-cd-sales-22000-copies-sold-in-first-week/|archive-date=26 दिसंबर 2008|url-status=dead}}</ref> इस एल्बम में जिस एकल गीत को सबसे ज्यादा प्रसिद्धि मिली वो [["सनीकरलाइट"]] था। हजेंस का ''[[आइड़ेंटीफाइड समर टूर]]'', 1 [[अगस्त]] [[2008]] को शुरू हुआ और जल्दी ही, यानी उसी वर्ष<ref>{{cite news| title=Vanessa Hudgens and Mandy Moore Summer Tour| date=2 सितंबर 2008| url=http://eventful.com/events/vanessa-hudgens-and-mandy-moore-summer-tour-/E0-001-015039630-6| accessdate=22 सितंबर 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20120223062846/http://eventful.com/events/vanessa-hudgens-and-mandy-moore-summer-tour-/E0-001-015039630-6| archive-date=23 फ़रवरी 2012| url-status=live}}</ref> [[9 सितम्बर]]को समाप्त हो गया।
हजेंस ने कुछ साथी कलाकारों के साथ मिलकर [[81 वें अकादमी पुरस्कार]] के कार्यक्रम में एक गीत प्रस्तुत किया।<ref>{{cite news|last=Babula|first=Caroline|title=Hugh Jackman, 81st Annual Academy Awards host, brings music in leau of comedy|date=24 फरवरी 2009|url=http://www.eastside-online.org/entertainment/hugh-jackman-81st-annual-academy-awards-host-brings-music-in-leau-of-comedy/|accessdate=29 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100305044618/http://www.eastside-online.org/entertainment/hugh-jackman-81st-annual-academy-awards-host-brings-music-in-leau-of-comedy/|archive-date=5 मार्च 2010|url-status=dead}}</ref> 8 अप्रैल 2009 को वेबसाईट [[फनी ऑर डाई]] के लिए "जेक ऐफ्रोंस पूल पार्टी" के नाम से बनाए गए एक लघु हास्य वीडियो को आम जनता के लिए जारी किया गया, इस वीडियो में हजेंस ने भी काम किया था।<ref>[59] ^ [http://www.funnyordie.com/videos/557c57321b/zac-efron-s-pool-party जेक एफ्रोंन की पूल पार्टी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160413045026/http://www.funnyordie.com/videos/557c57321b/zac-efron-s-pool-party |date=13 अप्रैल 2016 }}</ref> बाद में हजेंस ने [[रोबोट चिकन]] में किरदारों को स्वर दिया।
एक संगीतमय हास्य फिल्म ''[[बैंडस्लैम]]'' में हजेंस ने सहायक भूमिका निभाई, ये फिल्म सिनेमाघरों में 14 अगस्त 2009 को प्रदर्शित की गई।<ref>{{cite news | title=Graff's 'Bandslam' teens are wise beyond their years | date=3 मई 2009 | author=Mark Olsen | publisher=[[लॉस एंजिल्स टाइम्स]] | url=http://www.latimes.com/entertainment/news/movies/moviesneaks/la-ca-bandslam3-2009may03,0,4725559.story | accessdate=3 मई 2009 | archive-url=https://archive.today/20120629102707/http://articles.latimes.com/2009/may/03/entertainment/ca-bandslam3 | archive-date=29 जून 2012 | url-status=live }}</ref><ref name="weird">{{cite web|work=''[[एंटरटेनमेंट वीकली]]''|author=Jocelyn Vena|title=Vanessa Hudgens Gets 'Weird' In 'Bandslam'|date=[[14 अप्रैल 2009]]|url=http://www.mtv.com/movies/news/articles/1609147/20090413/story.jhtml|access-date=15 मार्च 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20090418160955/http://www.mtv.com/movies/news/articles/1609147/20090413/story.jhtml|archive-date=18 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> हजेंस ने इसमें "Sa5m" की भूमिका निभाई जो 15 वर्षीय एक ऐसी लड़की है जो कोंलेज में नयी आई है (यानि फ्रेशर है) और जिसमें कुछ छिपी हुई प्रतिभाएं हैं।<ref>{{cite web|last=Hamm|first=Liza|work=''[[People (magazine)|People]]''|title=Vanessa Hudgens's Awkwardness Aids Acting|date=[[14 अगस्त 2009]]|url=http://www.people.com/people/article/0, 20297990,00.html|accessdate=26 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0,|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> हालांकि ''बैंडस्लैम '' व्यावसायिक रूप से असफल रही लेकिन इसमें हजेंस के प्रदर्शन को आलोचकों की काफी प्रशंसा मिली। <ref>{{cite web|work=[[American Broadcasting Company]]|last=Pennacchio|first=George|date=[[14 अगस्त 2009]]|title=Review: 'Bandslam' surprisingly fun|url=http://abclocal.go.com/kabc/story?section=news/hollywood_wrap&id=6966092|accessdate=15 अगस्त 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090929103852/http://abclocal.go.com/kabc/story?section=news%2Fhollywood_wrap&id=6966092|archive-date=29 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref>
डेविड वाडिंगटन ने कहा कि हजेंस ने "बाकी कलाकारों को पीछे छोड़ दिया है और वो अलग सी कहानी में फिट नहीं बैठतीं और कहानी के ज़रूरी अंत को और ज्यादा अपेक्षित बना देती हैं।<ref>{{cite web|work=North Wales Pioneer|last=Weddintgon|first=David|date=[[14 अगस्त 2009]]|title=FILM: Bandslam (PG)|url=http://www.northwalespioneer.co.uk/news/77238/film-bandslam-pg-.aspx|accessdate=15 अगस्त 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100614114030/http://www.northwalespioneer.co.uk/news/77238/film-bandslam-pg-.aspx|archive-date=14 जून 2010|url-status=live}}</ref> ''[[दी गार्जीयन]]'' के फिलिप फ्रेंच ने फिल्म में उनके अभिनय की तुलना [[थैंडी न्यूटन]] और [[डोरोथी पार्कर|डोरोथी पार्कर<ref>{{cite web|work=[[द गार्डियन]]|last=French|first=Philip|date=[[16 अगस्त 2009]]|title=Bandslam|6=Film review|7=Film|url=http://www.guardian.co.uk/film/2009/aug/16/bandslam-review|accessdate=16 अगस्त 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090819132542/http://www.guardian.co.uk/film/2009/aug/16/bandslam-review|archive-date=19 अगस्त 2009|url-status=live}}</ref>]] से की.
2009 में, यह घोषणा की गई कि हजेंस ''[[बीस्टली]]'' में ''[[लिंडा टेलर]]'' का पात्र निभाएंगी, ये फिल्म [[एलेक्स फ्लिन]] की पुस्तक पर आधारित है और इसमें हजेंस के सह-अभिनेता [[एलेक्स पेटीफर]] हैं। इस कहानी<ref>{{cite news| author=Dave Mcnary| title=Vanessa Hudgens to star in 'Beastly'| date=22 अप्रैल 2009| url=http://www.variety.com/article/VR1118002716.html?categoryid=2430&cs=1| work=[[वैराइटी (पत्रिका)|वैराइटी]]| accessdate=29 मई 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20090425151922/http://www.variety.com/article/VR1118002716.html?categoryid=2430&cs=1| archive-date=25 अप्रैल 2009| url-status=live}}</ref> में वो "ब्यूटी" का पात्र निभा रही हैं। हजेंस ने [[एक्शन फिल्म]] ''[[सकर पंच]]'' में ब्लोंडी की भूमिका निभाई है ये फिल्म मार्च 2011 में प्रदर्शित की जायेगी.<ref>{{cite news | title =Vanessa Hudgens Tries to Break From Disney | date =15 मई 2009 | url =http://www.nytimes.com/aponline/2009/05/15/arts/AP-US-People-Hudgens.html?_r=1 | work =[[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]] accessdate=16 मई 2009 }}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== निजी जीवन और सार्वजनिक छवि ==
[[चित्र:Vanessa Hudgens (Melbourne, 2008).jpg|left|thumb|आलोचनात्मक और व्यवसायिक दोनों ही रूपों से सफल रहे [76] (सेवेंटी सिक्स) के मेलबोर्न प्रीमियर के दौरान हजेंस.]]
अक्टूबर 2007 में एक साक्षात्कार में हजेंस ने कहा कि वह ''हाई स्कूल म्यूज़िकल'' श्रृंखला के अपने सहकलाकार [[जेक एफ्रोन]] के साथ डेट कर रही हैं और यह डेटिंग ''हाई स्कूल म्यूज़िकल[77]के फिल्मांकन के समय से ही जारी है।<ref>^ [http://www.people.com/people/article/0, 20208685,00.html अच्छे संबंधों के बारे में वेनेसा हजेंस के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''[[पीपल]]'' 2009/06/13 को प्राप्त.</ref><ref>[78] ^ [http://www.etonline.com/news/2008/06/62902/index.html वेनेसा हजेंस किसेज़ एंड टेल्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100505142441/http://www.etonline.com/news/2008/06/62902/index.html |date=5 मई 2010 }} ''[[E!]]'' 18-01-2009 को प्राप्त.</ref>'' ऑडिशन के दौरान उनकी जोड़ी एक दूसरे के साथ नहीं थी और फिल्मांकन शुरू होने के बाद जब तक रिहर्सल शुरू नहीं हो गया, तब तक उनकी मुलाकात नहीं हुई थी।<ref>{{cite web|last=Nudd|first=Tim|title=Zac Efron: It Always Clicked With Vanessa|url=http://www.people.com/people/article/0, 20046723,00.html|date=17 जुलाई 2007|work=[[People (magazine)|People]]|accessdate=20 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0,|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> हजेंस एक [[कैथोलिक]]<ref>{{cite web|title=Vanessa Hudgens: ’My young fans have put me off having kids!’|work=[[The Daily Mirror]]|date=2 अगस्त 2009|url=http://www.mirror.co.uk/celebs/celebs-on-sunday/2009/08/02/vanessa-hudgens-my-young-fans-have-put-me-off-having-kids-115875-21553938/|accessdate=22 अगस्त 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090819051813/http://www.mirror.co.uk/celebs/celebs-on-sunday/2009/08/02/vanessa-hudgens-my-young-fans-have-put-me-off-having-kids-115875-21553938/|archive-date=19 अगस्त 2009|url-status=live}}</ref> हैं और उनकी लम्बाई 5'3<ref>{{cite web|title=Teen Talks To: Vanessa Anne Hudgens|work=[[Teen Magazine]]|url=http://www.teenmag.com/celeb-stuff/vanessa-hudgens-interview|accessdate=21 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090226222152/http://www.teenmag.com/celeb-stuff/vanessa-hudgens-interview|archive-date=26 फ़रवरी 2009|url-status=dead}}</ref> है।
वर्ष 2006 में हजेंस की आय अनुमानतः [[$]]2 मिलियन थी।<ref>{{cite web|title=Vanessa Hudgens|2=Richest Teen Stars|work=Comcast Entertainment|url=http://www.comcast.net/slideshow/entertainment-richestteens/|accessdate=21 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20110404075150/http://www.comcast.net/slideshow/entertainment-richestteens/|archive-date=4 अप्रैल 2011|url-status=dead}}</ref> 2007 की शुरुआत में हजेंस को ''[[फोर्ब्स]]'' की सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल किया गया, ''फोर्ब्स'' की वेबसाइट पर ये पोस्ट किया गया कि हजेंस ''हॉलीवुड के युवा कलाकारों में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले सितारों<ref>{{cite news| work=[[Forbes]]| title=Young Hollywood's Top-Earning Stars| date=फ़रवरी 26, 2007| url=http://www.forbes.com/2007/02/23/celebrities-hollywood-earnings-tech-ent_cz_0226youngstars.html| accessdate=13 जून 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20090601205205/http://www.forbes.com/2007/02/23/celebrities-hollywood-earnings-tech-ent_cz_0226youngstars.html| archive-date=1 जून 2009| url-status=live}}</ref>'' में शामिल हैं। 12 दिसम्बर [[2008]] को ''[[फ़ोर्ब्स]]'' की एक और सूची जारी हुई जिसमें " 30 वर्ष से कम आयु के वो सितारे शामिल थे, जिनकी कमाई सबसे ज्यादा है". इस सूची में हजेंस को 20 वां स्थान मिला और साथ ही ये कहा गया कि 2008 में उनकी अनुमानित आय [[$]] 3 मिलियन थी।<ref>{{cite web|title=Beyonce Knowles tops list of richest young stars|url=http://www.welt.de/english-news/article2832329/Beyonce-Knowles-tops-list-of-richest-young-stars.html|date=5 दिसंबर 2008|work=[[Die Welt]]|accessdate=21 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100730225857/http://www.welt.de/english-news/article2832329/Beyonce-Knowles-tops-list-of-richest-young-stars.html|archive-date=30 जुलाई 2010|url-status=live}}</ref><ref name="Forbes-दिसम्बर2008">[91] ^[http://uk.real.com/video/browse/movie/17382/-Beyonce_Knowles_tops_rich_list/ "30 की आयु तक के उच्च आयकर्ता"] {{Webarchive|url=https://archive.today/20121210203710/http://uk.real.com/video/browse/movie/17382/-Beyonce_Knowles_tops_rich_list/ |date=10 दिसंबर 2012 }} (12 दिसम्बर 2008 ''[[फोर्ब्स)]]'' 2006/12/06 को प्राप्त.</ref>
हजेंस 2008 में ''[[FHM]]'' की सबसे आकर्षक (सेक्सी) महिलाओं की सूची में ६२ वें स्थान पर थीं जबकि 2009 में उसी सूची में वो 42वे स्थान पर आ गयीं। <ref>[92] ^[http://entertainment.uk.msn.com/celebrity/PhotoGalleries/article.aspx?cp-documentid=8153845 2008 की सूची में सबसे आकर्षक (सेक्सी) महिला] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090418214216/http://entertainment.uk.msn.com/celebrity/PhotoGalleries/article.aspx?cp-documentid=8153845 |date=18 अप्रैल 2009 }}</ref><ref>[93] ^ [http://www.fhmonline.com/Site/customPage/DefaultPlain.aspx?ID=40625 FHM गल्स में-विश्व में 100 सबसे आकर्षक (सेक्सी) महिलाएं] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090707103314/http://www.fhmonline.com/Site/customPage/DefaultPlain.aspx?ID=40625 |date=7 जुलाई 2009 }}</ref> हजेंस का नाम ''[[मैक्सिम]]'' <nowiki>की</nowiki> सूची<ref name="यंग हॉट हॉलीवुड">^[http://www.maxim.com/girls/76430/young-hot-hollywood-2009.html?p=3 यंग हॉट हॉलीवुड] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090515095024/http://www.maxim.com/girls/76430/young-hot-hollywood-2009.html?p=3 |date=15 मई 2009 }} 11 मई 2009 को पुनः प्राप्त.</ref> में भी शामिल किया गया।<ref name="यंग हॉट हॉलीवुड"/> 2008 और 2009 दोनों ही सालों में वो ''[[पीपल]] नामक पत्रिका '''की "सबसे खूबसूरत लोगों" की वार्षिक सूची में शामिल थीं''' .''<ref>{{cite news| title=World's Most Beautiful People| date=30 अप्रैल 2008| url=http://www.people.com/people/package/gallery/0, 20193583_20196426_13,00.html| accessdate=2 जून 2009}}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{cite news| title=Beauty at Every Age| date=मई 11, 2009| url=http://www.people.com/people/archive/article/0, 20277182,00.html| accessdate=2 जून 2009}}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
हजेंस को [[विलियम मॉरिस एजेंसी]] द्वारा दर्शाया जाता है।<ref>{{cite news|last=Lewis|first=Hilary|title=William Morris's Latest Woe: Spike Lee|date=20 अक्टूबर 2008|url=http://www.businessinsider.com/2008/10/william-morris-s-latest-woe-spike-lee|work=[[Business Insider]]|accessdate=28 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100303050718/http://www.businessinsider.com/2008/10/william-morris-s-latest-woe-spike-lee|archive-date=3 मार्च 2010|url-status=live}}</ref> वह [[मार्क इको]] उत्पादों की प्रवक्ता है।<ref>{{cite web|last=Hinojosa|first=Stacy|title=Whoa - Vanessa Hudgens Is Rich!|work=Style Bakery Teen|date=31 मार्च 2009|url=http://www.stylebakeryteen.com/2009/03/whoa---vanessa-hudgens-is-rich.html|accessdate=4 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090501223453/http://www.stylebakeryteen.com/2009/03/whoa---vanessa-hudgens-is-rich.html|archive-date=1 मई 2009|url-status=live}}</ref> हजेंस [[न्यूट्रोजीना]]<ref>{{cite web|title=Neutrogena Signs Emerging New Talent to Represent the Brand|work=[[Zimbio]]|date=27 अगस्त 2007|url=http://www.zimbio.com/Vanessa+Hudgens/notes/1/Neutrogena+Signs+Emerging+New+Talent+Represent|accessdate=4 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20111125120425/http://www.zimbio.com/Vanessa+Hudgens/notes/1/Neutrogena+Signs+Emerging+New+Talent+Represent|archive-date=25 नवंबर 2011|url-status=live}}</ref> का प्रचार करती हैं और साथ ही साल 2008 में [[सीयर]] द्वारा चलाये गए बैक-टू स्कूल यानि 'वापस स्कूल चलें अभियान' में भी वो एक विशिष्ट व्यक्ति के रूप में रहीं। <ref>{{cite web|title=Vanessa Hudgens Sears Commercial Peak|work=[[The Insider]]|date=8 मई 2008|url=http://www.theinsider.com/news/1031210_Vanessa_Hudgens_Sears_Commercial_Peak|accessdate=4 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20081009023146/http://www.theinsider.com/news/1031210_Vanessa_Hudgens_Sears_Commercial_Peak|archive-date=9 अक्तूबर 2008|url-status=live}}</ref> परोपकार के कामों में हजेंस नियमित रूप से हिस्सा लेती हैं, जिनमें - [[बेस्ट बडीज़ इंटरनेशनल]],<ref>{{cite news| last=Elias| first=Laura| work=Entertainment Wise| title=Miley Cyrus, Vanessa Hudgens & Jessica Alba Team Up For Charity| date=17 सितंबर 2008| url=http://www.entertainmentwise.com/news/44775/miley-cyrus-vanessa-hudgens--jessica-alba-team-up-for-charity| accessdate=30 अगस्त 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20080921111142/http://www.entertainmentwise.com/news/44775/miley-cyrus-vanessa-hudgens--jessica-alba-team-up-for-charity| archive-date=21 सितंबर 2008| url-status=live}}</ref><ref>{{cite news| work=[[Ecko]]| title=Vanessa Hudgens Designs a T-Shirt For Charity| date=22 सितंबर 2008| url=http://hudgens.ecko.com/blogs/5911/| accessdate=30 अगस्त 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20081003074507/http://hudgens.ecko.com/blogs/5911/| archive-date=3 अक्तूबर 2008| url-status=live}}</ref> लोलीपॉप थियेटर नेटवर्क,<ref>{{cite news| work=[[Access Hollywood]]| title=Taylor Lautner & Vanessa Hudgens Accept $100K From CVS For Charity| url=http://www.accesshollywood.com/twilight/taylor-lautner-and-vanessa-hudgens-accept-100k-from-cvs-for-charity_video_928501| accessdate=30 अगस्त 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20090731094821/http://www.accesshollywood.com/twilight/taylor-lautner-and-vanessa-hudgens-accept-100k-from-cvs-for-charity_video_928501| archive-date=31 जुलाई 2009| url-status=live}}</ref>[[सेंट जूड चिल्ड्रेन्स रीसर्च हॉस्पिटल]]<ref>{{cite news| work=[[Life (magazine)|Life]]| date=6 अक्टूबर 2007| title=Variety's Power of Youth Benefiting St. Jude Children's Hospital Presented by Tiger Electronics - Inside| url=http://www.life.com/image/79055992| accessdate=30 अगस्त 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20100217170921/http://www.life.com/image/79055992| archive-date=17 फ़रवरी 2010| url-status=dead}}</ref> और [[VH1 सेव द म्युज़िक फाउंडेशन]] के कार्यक्रम शामिल हैं।<ref>{{cite news|work=[[VH1]]|date=1 अक्टूबर 2009|title=VH1 SAVE THE MUSIC CELEBRATES BACK-TO-SCHOOL|url=http://www.vh1savethemusic.com/node/5019|accessdate=26 सितंबर 2009|archive-url=https://archive.today/20120530130931/http://www.vh1savethemusic.com/node/5019|archive-date=30 मई 2012|url-status=live}}</ref> [[स्पेशल ओलंपिक्स]]'''' को लाभ पहुचाने वाले ''[[ए वेरी स्पेशल क्रिसमस वोल्यूम 7]]'' डिस्क में भी हजेंस नज़र आती हैं।<ref>{{cite news| title=A Very Special Christmas Volume 7 Will Feature All-Star Line Up of Young Talent to Benefit Special Olympics| date=1 अक्टूबर 2009| url=http://au.sys-con.com/node/1127986| work=Cloud Computing Journal| accessdate=1 अक्टूबर 2009}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
=== नग्न तस्वीरें ===
6 सितम्बर 2007 को हजेंस की तस्वीरें इन्टरनेट पर नज़र आयीं, एक में वह केवल [[अधोवस्त्र (अंदर पहनने के कपड़े)]] पहने थीं जबकि दूसरी में वो नग्न थीं। उनके प्रचारक ने बयान दिया कि ये तस्वीरें निजी तौर पर ली गयीं थीं और इन्टरनेट पर इनका आना दुर्भाग्यपूर्ण है। हजेंस ने बाद में माफी मांगी और कहा कि " वो इस स्थिति पर शर्मिंदा हैं और उन तस्वीरों को खिंचवाने का उन्हें पछतावा है।<ref>{{cite web|title=Vanessa Hudgens 'Embarrassed,' Apologizes for Nude Photo|url=http://www.people.com/people/article/0, 20055380,00.html|date=8 सितंबर 2007|work=[[People (magazine)|People]]|accessdate=9 सितंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0,|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> उसके बाद हजेंस ने एक बयान जारी किया कि वो इस घटना के बारे में बात नहीं करना चाहतीं.<ref>{{cite web|last=Silverman|first=Stephen|title=Vanessa Hudgens Talks About Dealing with Her Nude Photo Scandal|url=http://www.people.com/people/article/0, 20169046,00.html|date=3 जनवरी 2008|work=[[People (magazine)|People]]|accessdate=20 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0,|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref>
[[ओके !]] पत्रिका ने 2007 के अंत में हजेंस की नग्न तस्वीरें इन्टरनेट पर आने के बाद ये विचार व्यक्त किया कि हजेंस को ''हाई स्कूल मुजिकल'' 3 में नहीं लिया जाएगा. वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने खबरों का खंडन किया और कहा कि "वेनेसा उस ग़लती के लिए माफ़ी मांग चुकी हैं जो स्पष्ट रूप से गलत निर्णय लेने के कारण हुई थी। हमें उम्मीद है कि उन्होंने सबक सीख लिया होगा."<ref>{{cite web |url=http://www.boston.com/news/globe/living/articles/2007/09/08/musical_actress_apologizes |title='Musical' actress apologizes |publisher=The Boston Globe |date=सितंबर 8, 2007 |access-date=15 मार्च 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160303221751/http://www.boston.com/news/globe/living/articles/2007/09/08/musical_actress_apologizes/ |archive-date=3 मार्च 2016 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|last=Keating|first=Gina|url=http://www.reuters.com/article/televisionNews/idUSN0746838620070908|accessdate=8 सितंबर 2007|publisher=[[रॉयटर्स]]|title=Disney backs star after her apology for nude photo|archive-url=https://web.archive.org/web/20090811132216/http://www.reuters.com/article/televisionNews/idUSN0746838620070908|archive-date=11 अगस्त 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.msnbc.msn.com/id/21347677 |title='Musical' star Hudgens not dumped by Disney |publisher=MSNBC |date=अक्टूबर 17, 2007 |accessdate=23 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090726123935/http://www.msnbc.msn.com/id/21347677 |archive-date=26 जुलाई 2009 |url-status=live }}</ref>
2009 अगस्त में हजेंस की कुछ और तस्वीरें इन्टरनेट पर आयीं जिनमें हजेंस बग़ैर टॉप पहने हुए थीं। इस बारे में हजेंस के प्रतिनिधियों ने अब तक कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है। वकीलों ने इंटरनेट से इन तस्वीरों को हटाने का अनुरोध किया है। हजेंस ने बाद में ''[[एल्योर]]'' के अक्टूबर अंक में इन तस्वीरों के अपने करियर पर पड़े प्रभाव पर टिप्पड़ी की और कहा, "जब भी कोई मुझ से यह पूछता है कि क्या मैं फिल्म में नग्न दृश्य दूंगी और जब मैं ये उत्तर देती हूँ कि नहीं, ऐसा करने में मुझे असहज महसूस होता है तो वो कहते हैं कि ये बकवास है, तुम तो पहले ही ऐसा कर चुकी हो. अगर ऐसा कुछ है जो इसे और अधिक शर्मनाक बनाता है तो वह यह कि ये तस्वीरें मेरी निजी ज़िन्दगी का हिस्सा थीं। कोई मुझे उसके लिए इस तरह परेशान कर रहा है, ये बात मुझे और परेशान करती है। मेरी गलती से कम से कम कुछ लोग सीख रहे हैं।"<ref>{{cite web|url=http://www.allure.com/magazine/2009/10/vanessa_hudgens?slide=2#slide=2|title=Vanessa Hudgens: Her ''Allure'' Photoshoot|date=सितंबर 22, 2009|accessdate=3 अक्टूबर 2009|publisher=''[[Allure (magazine)|Allure]]''|archive-url=https://web.archive.org/web/20090923223859/http://www.allure.com/magazine/2009/10/vanessa_hudgens?slide=2#slide=2|archive-date=23 सितंबर 2009|url-status=dead}}</ref>
=== मुकद्दमे ===
ब्रायन शैल ने 2007 में हजेंस पर कथित रूप से "अनुबंध के उल्लंघन" का आरोप लगाया, मुकद्दमे के अनुसार उन्होंने हजेंस के गीत लेखन और रिकॉर्डिंग करियर के लिए पहले ही भुगतान कर दिया। <ref>{{cite web|title=Lawyer sues Vanessa Hudgens for $150,000|work=''[[NBC]]''|date=8 सितंबर 2007|url=http://www.msnbc.msn.com/id/20853530/|accessdate=3 जून 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090728004002/http://www.msnbc.msn.com/id/20853530/|archive-date=28 जुलाई 2009|url-status=live}}</ref> शैल का दावा है कि संगीत में अपने करियर से $ 5 मिलियन की कमाई करने में मदद देने के बाद अब हजेंस पर उनके $150,000 का क़र्ज़ है। हजेंस का तर्क है कि अक्टूबर 2005 में जब उन्होंने इस अनुबंध पर दस्तखत किये तो वो सिर्फ 16 साल की नाबालिग लड़की थीं।
हजेंस ने बाद में 9 अक्टूबर 2008 को इस अनुबंध को नकार दिया था। अदालत में उनके वकील द्वारा दाखिल किये गए दस्तावेज़ के अनुसार कैलिफोर्निया फैमिली कोड के अनुसार "एक नाबालिग के साथ अनुबंध करना व्यर्थ है और इस अनुबंध को (18 वर्ष से) पहले या इसके बाद उचित समय के अन्दर रद्द किया जा सकता है।"<ref>{{cite web|url=http://www.mtv.com/news/articles/1573241/20071101/winehouse_amy.jhtml|title=Amy Winehouse Stumbles Through EMA Performance; Plus Justin Timberlake, Avril Lavigne, Britney Spears, Lindsay Lohan & More, In For The Record|date=1 नवंबर 2008|work=[[MTV]]|accessdate=20 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100325213452/http://www.mtv.com/news/articles/1573241/20071101/winehouse_amy.jhtml|archive-date=25 मार्च 2010|url-status=live}}</ref>
2008 में जोनी वियेरा ने हजेंस पर मुकद्दमा किया और दावा किया कि 19 वर्षीय हजेंस के लिए की गयी उनकी प्रबंधन सेवाओं के बदले में अग्रिम राशि, रॉयल्टी और अनुबंधों से होने वाली आय में उनका हिस्सा, उन्हें अभी तक नहीं मिला है। वियेरा ने हजेंस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ''हाई स्कूल म्यूजिकल'' की श्रृंखलाओं के ज़रिये एक व्यावसायिक नाम बनते ही अपनी टैलेंट टीम को छोड़ दिया। <ref>{{cite web |url=http://www.dose.ca/story.html?id=3d340fa5-deeb-4cd7-8f25-09f61218707c |title=Vanessa Hudgens Gets Sued... Again |author=Kat Angus |date=अगस्त 12, 2008 |accessdate=7 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100217192613/http://www.dose.ca/story.html?id=3d340fa5-deeb-4cd7-8f25-09f61218707c |archive-date=17 फ़रवरी 2010 |url-status=live }}</ref> मई 2009 की शुरुआत में यह मामला सुलझ गया।<ref>{{cite web |url=http://entertainment.oneindia.in/hollywood/top-stories/scoop/2009/vanessa-5m-lawsuit-040509.html |title=Vanessa settles $5m lawsuit with Johnny |date=मई 1, 2009 |accessdate=7 अगस्त 2009 |archive-date=30 मई 2012 |archive-url=https://archive.today/20120530131005/http://entertainment.oneindia.in/hollywood/top-stories/scoop/2009/vanessa-5m-lawsuit-040509.html |url-status=dead }}</ref>
== फिल्मोग्राफी ==
{| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:90%"
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! colspan="4" style="background:LightSteelBlue"|नाटकीय फिल्म
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! साल
! शीर्षक
! भूमिका
! नोट्स
|-
| 2003
| ''[[थर्टीन]] ''
| नोएल
| पहली नाटकीय फिल्म
|-
| 2004
| ''[[थन्डरबर्ड्स]] ''
| [[टिनटिन]]
| [[ब्रैडी कॉर्बेट]] के साथ दूसरी फिल्म
|-
| 2008
| ''[[High School Musical 3: Senior Year]]''
| [[गैब्रिएला मोंटेज़]]
| तीसरी बार ''गैब्रिएला मोंटेज़'' के रूप में अपनी भूमिका में नज़र आयीं।
|-
| 2009
| ''[[बैंडस्लैम]] ''
| सैम
|
|-
| 2010
| ''[[बीस्टली]] ''
| [[लिंडा टेलर]]
| पोस्ट-प्रोडक्शन
|-
| 2011
| ''[[सकर पंच]]''
| ब्लोंडी
| फिल्मिंग
|-
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! colspan="4" style="background:LightSteelBlue"|टीवी के लिए बनायी गयी फिल्में
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष
! शीर्षक
! भूमिका
! चैनल
|-
| 2006
| ''[[हाई स्कूल म्युज़िकल]]''
| rowspan="2"| [[गैब्रिएला मोंटेज़]]
| rowspan="2"| ''[[डिज़नी चैनल]]''
|-
| 2002
| ''[[हाई स्कूल म्युज़िकल 2]]''
|-
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! colspan="4" style="background:LightSteelBlue"|टेलीविजन अतिथि के रूप में
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष
! शीर्षक
! भूमिका
! प्रकरण (S)
|-
| rowspan="2"|2002).
| ''[[स्टिल स्टैंडिंग]] ''
| टिफ़नी
| "स्टिल रोकिंग"(सीज़न 1, एपिसोड 4)
|-
| ''[[रोबरी होमिसाईड डिविजन]] ''
| निकोल
| "हेड" (1 सीजन,10 एपिसोड)
|-
| 2003
| ''[[दी ब्रदर्स ग्रेशिया]]''
| लिंडसे
| "न्यु ट्यून्स"(4 सीजन, 37 एपिसोड)
|-
|, 2005.
| ''[[क्विनट्युप्लेट्स]] ''
| कारमेन
| "कोकोनट कपो "(1 सीजन,22 एपिसोड)
|-
| rowspan="2"|2006
| ''[[ड्रेक एंड जोश]]''
| रेबेका
| "लिटिल सिबलिंग"(3 सीजन,13 एपिसोड)
|-
| ''[[स्वेट लाइफ ऑफ़ जैक एन कोडी]]''
| कोरी
| "फॉरएवर प्लेड" (2 सीजन,6 एपिसोड) <br />"नॉट सो स्वेट 16" (2 सीजन, 10 एपिसोड) <br />"नाइदर अ बोरोवर नोर अ स्पेलर बी" (2 सीजन, 12 एपिसोड) <br />"केप्ट मैन" (2 सीजन, 14 एपिसोड)
|-
| 2009
| ''[[रोबोट चिकन]]''
| लारा लोर-वैन / बटरबीयर / एरिन इशुरेन्स
| "स्पेशली दी ऐनीमल कीथ क्रोफोर्ड"(4 सीजन, 19 एपिसोड)
|-
|}
== डिस्कोग्राफी ==
{{Main|Vanessa Hudgens discography}}
{{col-begin}}
{{col-2}}
;स्टूडियो एलबम
* 2006: ''[[वी]]''
* 2008: ''[[आइडेनटीफाइड]] ''
;कॉन्सर्ट टूर
* 2006/2007:''[[High School Musical: The Concert]]'' [149]
* 2008: ''[[आइडेनटीफाइड समर यात्रा]]''
{{col-end}}
== पुरस्कार और नामांकन ==
{| class="wikitable"
|-
! वर्ष
! पुरस्कार
! श्रेणी
! परिणाम
! लिंक
|-
| rowspan="2"|2006
| [[इमेजिन फ़ाउंडेशन पुरस्कार]]
| "सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - टेलीविजन"
| {{nom}}
|<ref name="imagen">^ [http://www.imagen.org/2006_nominees 21 वें वार्षिक इमैजिन पुरस्कार के विजेता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090812071554/http://www.imagen.org/2006_nominees |date=12 अगस्त 2009 }} (2006). 2008/12/18 को प्राप्त.</ref>
|-
| rowspan="2"| [[टीन च्वाइस अवार्ड्स]]
| "च्वाईस टी वी केमिस्ट्री" <small>[[(जेक एफ्रोंन]] के साथ)</small>
| {{won}}
|<ref name="people">^ स्टीफन एम. सिल्वरमैन (2006 अगस्त 21,). [http://www.people.com/people/article/0, 1229244,00.html टीन पुरस्कार में निक, जेसिका डोज रन इन ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल '' 2008/12/18 को प्राप्त.</ref>
|-
| rowspan="2"|2002
| "च्वाइस म्युज़िक: नयी महिला कलाकार"
| {{won}}
|<ref name="montreal">^ जेनिफर मेकडोनल (31 जुलाई 2007). [http://www.canada.com/montrealgazette/news/arts/story.html?id=a68a2bbd-9f74-4d33-bdb2-74b87a1a2f32 2007 टीन च्वाइस पुरस्कार विजेता.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140512064104/http://www.canada.com/montrealgazette/news/arts/story.html?id=a68a2bbd-9f74-4d33-bdb2-74b87a1a2f32 |date=12 मई 2014 }} ''मॉन्ट्रियल राजपत्र'' 2008/12/18 को लिया गया।</ref>
|-
| [[युवा कलाकार पुरस्कार]]
| टीवी फिल्म, लघु श्रंखला या विशेष फिल्म (ड्रामा या हास्य) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन)-मुख्य युवा अभिनेत्री
| {{nom}}
|<ref name="young">^ (2007 10 मार्च,). [http://www.youngartistawards.org/noms28.htm 28 वें वार्षिक युवा कलाकार पुरस्कार - नामांकन.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140331172442/http://www.youngartistawards.org/noms28.htm |date=31 मार्च 2014 }} ''युवा कलाकार फाउंडेशन.'' 10 जून 2007 को प्राप्त.</ref>
|-
| rowspan="1"|2008
| [[टीन च्वाइस अवार्ड्स]]
| "च्वाइस हॉटी"
| {{won}}
|<ref>^ (17 जून 2008). [http://theenvelope.latimes.com/awards/env-2008-teen-choice-awards-scorecard17jun17,0,1198329.htmlstory 2008 टीन च्वाइस पुरस्कार विजेता और नामांकित कलाकार.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100224081906/http://theenvelope.latimes.com/awards/env-2008-teen-choice-awards-scorecard17jun17,0,1198329.htmlstory |date=24 फ़रवरी 2010 }} ''टीन च्वाइस पुरस्कार 2008.'' 2009/01/20 को प्राप्त.</ref>
|-
| rowspan="6"|2009
| [[किड्स च्वाइस पुरस्कार]]
| "पसंदीदा फिल्म अभिनेत्री"
| {{won}}
|<ref name="kids"/>
|-
| rowspan="2"| [[MTV फिल्म पुरस्कार]]
| "ब्रेकथ्रू या नयी अभिनेत्री "
| {{nom}}
| rowspan="2"|<ref name="mtv">{{cite news| date=मई 5, 2009| title=Twilight, Slumdog hog MTV movie awards| url=http://www.india.com/entertainment/movies/twilight_slumdog_hog_mtv_movie_awards_4499| accessdate=30 मई 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20090508001716/http://www.india.com/entertainment/movies/twilight_slumdog_hog_mtv_movie_awards_4499| archive-date=8 मई 2009| url-status=dead}}</ref>
|-
| "बेस्ट किस"<small>(जेक एफ्रोंन के साथ)</small>
| {{won}}
|-
| rowspan="3"| [[टीन च्वाइस अवार्ड्स]]
| च्वाइस फिल्म अभिनेत्री: संगीत / नृत्य
| {{nom}}
| rowspan="3"|<ref>{{cite news| date=16 जून 2009| title=209 Teen Choice Awards Nominees & Voting! (Full List)| url=http://backseatcuddler.com/2009/06/16/2009-teen-choice-awards-nominees-voting-full-list/| accessdate=6 सितंबर 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20111004194458/http://backseatcuddler.com/2009/06/16/2009-teen-choice-awards-nominees-voting-full-list/| archive-date=4 अक्तूबर 2011| url-status=dead}}</ref>
|-
| "च्वाइस मूवी:लिपलोक " <small>(जेक एफ्रोंन के साथ)</small>
| {{nom}}
|-
| "च्वाइस हॉटी"
| {{nom}}
|-
|-
|}
== सन्दर्भ ==
{{reflist|3}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons}}
* [https://web.archive.org/web/20100114111143/http://vanessahudgens.silverback.sparkart.net/ वेनेसा हजेंस अधिकारिक वेबसाइट]
* {{imdb name|1227814}}
* [[यूट्यूब]] पर [http://www.youtube.com/PeaceAndLovexx1 वेनेसा]{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }} [http://www.youtube.com/PeaceAndLovexx1 हजेंस]{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}
{{Vanessa Hudgens}}
{{DEFAULTSORT:Hudgens, Vanessa Anne}}
[[श्रेणी:1988 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:अमेरिकी रोमन कैथोलिक]]
[[श्रेणी:अमेरिकी बाल कलाकार]]
[[श्रेणी:अमेरिकी बाल गायक]]
[[श्रेणी:अमेरिकी नृत्य संगीतकार]]
[[श्रेणी:चीनी अमेरिकी संगीतकार]]
[[श्रेणी:देशी अमेरिकी मूल के अमेरीकी]]
[[श्रेणी:अमेरिकी गायिकाएं]]
[[श्रेणी:अमेरिकी अभिनेत्री]]
[[श्रेणी:अमेरिकी पॉप गायक]]
[[श्रेणी:अंग्रेजी भाषा के गायक]]
[[श्रेणी:अमेरिकी टी.वी. कलाकार]]
[[श्रेणी:एशियाई अमेरिकी अभिनेता]]
[[श्रेणी:स्पेनिश अमेरिकी]]
[[श्रेणी:चीनी अमेरिकी]]
[[श्रेणी:आयरिश अमेरिकी संगीतकार]]
[[श्रेणी:कैलिफोर्निया के अभिनेता]]
[[श्रेणी:कैलिफोर्निया से संगीतकार]]
[[श्रेणी:संगीत में एशियाई अमेरिकी]]
[[श्रेणी:फिलिपिनो अमेरिकी संगीतकारं]]
[[श्रेणी:आयरिश मूल के फिलिपिनो]]
[[श्रेणी:आयरिश अमेरिकी]]
[[श्रेणी:हिस्पैनिक अमेरिकी अभिनेता]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:मूल अमेरिकी अभिनेता]]
[[श्रेणी:मूल अमेरिकी संगीतकार]]
[[श्रेणी:मूल अमेरिकी गायक]]
[[श्रेणी:सालिनास, कैलिफोर्निया के लोग]]
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'''शिया सैद ला बियौफ'''<ref>कैलिफोर्निया राज्य के अनुसार. ''कैलिफोर्निया बर्थ इंडेक्स, 1905 -1995'' . सेंटर फॉर हेल्थ स्टेटिइस्टिक्स, कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ़ हेल्थ सर्विसेस, सैक्रामेंटो, कैलिफोर्निया. एट एनसेस्ट्री डाट कॉम</ref>, जिसका {{pron-en|ˈʃaɪ.ə ləˈbʌf}}{{respell|SHY|-ə lə-<small>BUFF</small>}}जन्म,11 जून 1986 को हुआ था, वह एक अमेरिकी अभिनेता, स्वर अभिनेता और एक हास्य कलाकार हैं। ला बेयौफ़ ने 10 साल की उम्र में एक हास्य कलाकार के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी और फिर 1998 में, 12 साल की उम्र में एक अभिनेता के तौर पर अपना कैरियर शुरू किया। [[डिज़्नी चैनल|डिज्नी चैनल]] की श्रृंखला, इवेन स्टीवेंस में निभायी गयी भूमिका के कारण उन्हें कम उम्र के दर्शकों के बीच पहचाना जाने लगा, वह डिज़्नी टेलीविजन की तीन फिल्मों में भी दिखाई पड़े. सन 2003 में, ला बेयौफ़ ने फिल्म ''[[होल्स (फिल्म)|होल्स]]'' के द्वारा नाटक के क्षेत्र में अपना पहला प्रदर्शन किया और इसके साथ ही वह उसी साल ''द बैटल ऑफ़ शेकर हाइट्स'' फिल्म में भी शीर्ष भूमिका में दिखाई पड़े.
सन 2005 में, ला बियौफ़ ने फिल्म ''द ग्रेटेस्ट गेम एवर प्लेड'' के साथ स्वयं को अधिक गंभीर भूमिकाओं वाले अभिनेता के रूप में परिवर्तित किया। सन 2007 में, उन्होंने ''डिस्टर्बिया'' और ''ट्रांसफार्मर्स'' में शीर्ष भूमिका निभाई और उसके अगले वर्ष वह ''इंडियाना जोन्स और द किंगडम ऑफ़ द क्रिस्टल स्कल'' में इंडियाना के बेटे के रूप में दिखाई पड़े. सन 2009 में, ला बियौफ़ ने फिल्म ''ट्रांसफार्मर्स'' की अगली श्रंखला ''Transformers: Revenge of the Fallen'' में सैम विटविकी की अपनी भूमिका को फिर से दोहराया और ''न्यू यार्क, आई लव यू'' में दिखाई पड़े. ला बियौफ़ की आगामी फिल्मों, ''द एसोसिएट्स'' ''Wall Street: Money Never Sleeps'' और ''ट्रांसफार्मर्स'' 3 में शीर्ष भूमिकाएं सम्मिलित हैं। सन 2004 में, ला बियौफ़ ने लोरेंजो एडूअर्डो के साथ "लेट्स लव हेट" द्वारा निर्देशक के रूप में अपनी पहली फिल्म बनाई. उन्होंने केज के संगीत वीडियो के लिए एकल "आई नेवर न्यू यू" को भी निर्देशित किया।
ला बियौफ़ एक दीर्घकालिक संबंध में भी संलग्न थे, जो 2004 में शुरू हुआ और तीन साल तक चला. वर्तमान में वह केरे मुलिगन के साथ एक सम्बन्ध में हैं, दोनों ने 2009 की गर्मियों से एक दूसरे से मिलना शुरू किया था। नवंबर 2007 में, ला बियौफ़ को एक शिकागो वालग्रीन में आपराधिक अतिक्रमण के ख़राब आचरण के लिए हिरासत में लिया गया था; अगले महीने उन पर लगे सभी आपराधिक आरोप निरस्त कर दिए गये थे सन जुलाई 2008 में, ला बियौफ़ का नाम एक कार दुर्घटना में भी आया था, जोकि दूसरे ड्राइवर की गलती से हुई थी। ला बियौफ़ को शराब पीकर गाड़ी चलाने के आपराधिक आचरण के लिए घटनास्थल पर ही हिरासत में ले लिया गया था और उनके लाइसेंस को एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था क्यूंकि उन्होंने श्वास परीक्षण के लिए मना कर दिया था। दुर्घटना के दौरान आई चोटों के कारण, उन्हें अपने बाएं हाथ के कई ऑपरेशन करवाने पड़े, जिस पर स्थाई रूप से निशान पड़ गए हैं और क्षति भी पहुंची है।
== प्रारंभिक जीवन ==
ला बियौफ़ का जन्म [[लॉस एंजेल्स]], [[कैलिफोर्निया]] में हुआ था और वह शाइना (née सैद) एवं जेफ्फ्री क्रेग ला बियौफ़ की अकेली संतान थे<ref name="page3deatils2008">{{cite web |url=http://www.details.com/celebrities-entertainment/cover-stars/200808/shia-labeouf?currentPage=3 |title=Shia LaBeouf's Arrested Development (Page 3) |first=Peter |last=Rubin |work=[[Details (magazine)|Details]] |date=अगस्त 2008 |accessdate=1 अप्रैल 2010}}</ref>. शाइना एक डांसर और बैले नर्तकी से बदलकर एक दृश्य कलाकार व् कपड़ो और जेवरों के डिजाइनर का कार्य करने लगीं; ला बियौफ़ के पिता से मिलने से पहले, वह ब्रूकलिन में एक हेड शाप चलाती थी<ref name="mixedup">{{cite web |url = http://www.parade.com/export/sites/default/celebrity/2009/06/shia-labeouf-mixed-up-life.html |title = The Mixed-Up Life of Shia LaBeouf |author=Rader, Dotson |accessdate=24 मार्च 2010 |date = 14 जून 2009 |publisher=''[[Parade (magazine)|Parade]]'' }}</ref>. ला बियौफ़ के पिता [[वियतनाम युद्ध]] के सेवानिवृत्त सैनिक थे, जो बार बार अपने पेशे को बदलते रहे, कभी उन्होंने सर्कस में मूक अभिनेता के रूप में कार्य किया, कभी एक बर्फ शंकु बेचने वाले के रूप में, कभी रोडियो के जोकर के रूप में, तो कभी एक हास्य कलाकार के रूप में और डूबी ब्रदर्स के साथ उनके प्रमुख कलाकार के तौर पर दौरे करते रहे<ref name="timeinterview607" /><ref name="Stevenspraise" /><ref name="designer">{{cite news|last=Ressner|first=Jeffrey|title=The next Tom Hanks?|work=[[USA Weekend]] |date=1 जुलाई 2007 |accessdate=25 मार्च 2010}}</ref><ref name="5generations" />. [[न्यूयार्क]] में जन्मी ला बियौफ़ की माँ एक [[यहूदी]] हैं और उसके पिता एक कैजुन हैं (जिसकी व्याख्या एक बार बियौफ़ ने "घोर कैजुन" के रूप में की थी). ला बियौफ़ का पालन-पोषण [[यहूदी धर्म]] के अनुसार हुआ और उनका बार मिटज़्वा (यहूदी धर्म का शुभ संस्कार) हुआ था, हालाँकि उनका बाप्तिस्मा (ईसाईयों का [[नामकरण संस्कार]]) भी हुआ था<ref name="refjuly07">{{cite news|last=Strauss|first=Bob|coauthors=|title=Interview - Shia LaBeouf|pages=|publisher=Cineplex|date=जुलाई 2007|url=http://www.cineplex.com/Movies/FamousNews/FamousMagazine/जुलाई%202007.aspx?FamousArticles=4399|accessdate=14 मार्च 2010}}</ref><ref name="usatoday03">{{cite news|last=Thomas|first=Karen|title='Holes' may mean a real opening for Shia LaBeouf|work=[[USA Today]]|date=20 अप्रैल 2003 |url=http://www.usatoday.com/life/2003-04-17-labeouf_x.htm|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref><ref name="bar">{{cite news|last=O|first=Jimmy|title=INT: Shia LaBeouf|publisher=[[JoBlo.com]] |date=11 अप्रैल 2007 |url=http://www.joblo.com/index.php?id=15311|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>. उनके नाम में शिया एक [[हीब्रू]] शब्द है जिसका अर्थ है "ईश्वर से मिला उपहार" (שי-יה) और उनका कुलनाम लाबियौफ़ "ला बोएयुफ़" का विकृत रूप है, जोकि "बैल" या "गौमांस" के लिए प्रयोग किया जाने वाला फ्रेंच शब्द है<ref>{{cite web |url=http://www.parade.com/celebrity/celebrity-parade/archive/pc_0256.html |title=Shia LaBeouf: I Live in a Fishbowl |publisher=Parade |date=26 सितंबर 2008 |accessdate=25 अप्रैल 2010}}</ref><ref name="interfaith" />. ला बियौफ़ ने कहा था कि "वह उस ख़ानदान से संबद्ध हैं जिसकी पिछली पांच पीढ़ियों के लोग कलाकार थे" और वह "तब से अभिनय कर रहा है जब से [वह] पैदा हुआ है।<ref name="5generations">{{cite news|last=Koltnow|first=Barry|coauthors=|title=Watching the moves|pages=|work=[[The Orange County Register]]|date=13 अप्रैल 2007|url=http://www.ocregister.com/entertainment/-100217--.html|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>." ला बियौफ़ की एक परदादी अपराधी लकी लुसिआनो के जुआघर में पियानो बजाती थी<ref name="playboy.com">{{citation |title=Shia LaBeouf: Playboy Interview |work=[[Playboy]] |date=जून 2009 |accessdate=31 मार्च 2010}}</ref>. ला बियौफ़ के नाना, पोलैंड में पैदा हुए थे और एक अग्निकांड के उत्तरजीवी थे उनसे ही ला बियौफ़ को अपना पहला नाम मिला<ref name="mixedup2">{{cite web |url=http://www.parade.com/celebrity/2009/06/shia-labeouf-mixed-up-life.html?index=2 |title=The Mixed-Up Life of Shia LaBeouf (Page 2) |work=Parade |first=Dotson |last=Radar |date=14 जून 2009 |accessdate=26 मार्च 2010}}</ref>, वह केटस्किल पर्वतों के ब्रौश बेल्ट में काम करने वाले एक हास्य कलाकार थे और उपव्यवसाय के तौर पर एक अपराधी संगठन के नाई के रूप में काम करते थे<ref name="playboy.com" />. ला बियौफ़ के दादा जो बहुत शराब पीते थे, वह<ref name="playboy.com" /> सेना से ग्रीन बेरेट प्राप्त थे और उसकी दादी एक [[बीटनिक]] कवियत्री व् [[समलैंगिक]] महिला थी जिनका सम्बन्ध [[एलेन गिन्सबर्ग]] से था<ref name="timeinterview607" /><ref name="borscht">{{cite news|last=Strickler|first=Jeff |title='Disturbia' actor still just a kid |publisher=Minneapolis Star Tribune |date=12 अप्रैल 2007 |accessdate=25 मार्च 2010}}</ref><ref name="page2gq2008" />.
ला बियौफ़ ने अपने माता पिता की व्याख्या "हिप्पियों" के रूप में की है, अपने पिता को "एक अलग प्रकार का मनुष्य जोकि बहुत ही सख्त है" बताया है और उसका पालन पोषण भी "हिप्पी तरीके" से हुआ है, उसने कहा कि " वह लोग बहुत अजीब हैं लेकिन वह मुझे प्यार करते हैं और मै उन्हें<ref name="5generations" /><ref name="Darkhorizons05">{{cite news|last=Fischer|first=Paul|title=Interview: Shia LaBeouf for "Constantine"|publisher=Dark Horizons|date=8 फरवरी 2005|accessdate=14 अप्रैल 2007}}</ref>." ला बियौफ़ के पिता [[भांग]] उगाया करते थे और जब वह दस साल का था तभी वे दोनों साथ में बैठ के मरिजुआना पिया करते थे<ref name="Stevenspraise" /><ref name="5generations" />. ला बियौफ़ ने यह भी बताया था कि उसे अपने पिता द्वारा मानसिक व् मौखिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, उन्होंने एक बार वियतनाम युद्ध की पुरानी बातों के दौरान उस पर एक बन्दूक तान दी थी<ref name="5generations" />. ला बियौफ़ के अनुसार उसके बचपन के दौरान उसके पिता 'मादक पदार्थों का सेवन करते थे" और [[हेरोइन]] की लत के कारण उन्हें सुधारगृह में भी रखा गया था जबकि उसकी माँ "इन परिस्थितियों में सब कुछ संभालने का प्रयास कर रही थी<ref name="Stevenspraise" />." अंततः मुख्य रूप से आर्थिक समस्याओं<ref name="poor" /> के कारण उनके अभिभावकों का तलाक हो गया और फिर जैसा कि ला बियौफ़ बताते हैं उन्होंने "अच्छा बचपन" बिताया, वह अपनी माँ के साथ गरीबी में ही बड़े हुए, उनकी माँ लॉस एंजेल्स, कैलिफोर्निया के इको पार्क में कपडे और जड़ाऊ पिन बेचा करती थी<ref name="DailyBulletin2007">{{cite news|last=Strauss |first=Bob|title=Shia LaBeouf has come a long way in Hollywood|pages=|publisher=Inland Valley Daily Bulletin|date=7 अप्रैल 2007|accessdate=8 अप्रैल 2007}}</ref><ref name="school" />. एक समय ला बियौफ़ के चाचा उसे गोद लेना चाहते थे क्यूंकि उसके माता पिता आगे उसे अपने साथ रखने में असमर्थ थे और अपने आत्मा सम्मान के कारण वह लोग खाने की टिकटों व् मुफ्त कल्याण सेवाएं भी नहीं लेना चाहते थे<ref name="page2deatils2008">{{cite web |url=http://www.details.com/celebrities-entertainment/cover-stars/200808/shia-labeouf?currentPage=2 |title=Shia LaBeouf's Arrested Development (Page 2) |first=Peter |last=Rubin |work=[[Details (magazine)|Details]] |date=अगस्त 2008 |accessdate=1 अप्रैल 2010 |archive-date=23 जुलाई 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110723070827/http://www.details.com/celebrities-entertainment/cover-stars/200808/shia-labeouf?currentPage=2 |url-status=dead }}</ref>.
ला बियौफ़ ने लॉस एंजेल्स में 32nd स्ट्रीट विजुअल एंड परफार्मिंग आर्ट्स मेग्नेट<ref name="5generations" />(LAUSD) और अलेक्सेंडर हेमिल्टन ही स्कूल से अपनी पढ़ाई की, हालाँकि उनकी अधिकतर पढ़ाई शिक्षकों के द्वारा हुई<ref name="school">{{cite news|last=King|first=Susan|url=http://articles.latimes.com/2007/apr/12/news/wk-movies12|title=A prime cut of LaBeouf|pages=|work=[[लॉस एंजिल्स टाइम्स]]|date=11 अप्रैल 2007|accessdate=1 अप्रैल 2010}}</ref>. हाई स्कूल के बाद ही ला बियौफ़ का चयन येल यूनिवर्सिटी में हो गया था लेकिन बाद में उन्होंने यह कहते हुए वहाँ जाने से मना कर दिया कि,"[मै] वह शिक्षा पा रहा हूँ जो किसी स्कूल में नहीं मिलती<ref name="Showest" />," हालाँकि फिर भी उनके मन में कॉलेज जाने की इच्छा थी<ref name="5generations" />. मई 2009 में ''[[परेड]]'' पत्रिका के साक्षात्कार के दौरान उन्होंने इस बात पर टिपण्णी अपने माता पिता के निजी संघर्षों व् अपने बचपन के कारण उन पर किस तरह प्रभाव पड़ा,"मेरी माँ और पिता दोनों ऐसे कलाकार थे जिन्हें अपनी कला के प्रदर्शन के लिए दर्शक नहीं मिले." और इसलिए मैं गरीबी में पला. अब जब मै गरीब नहीं हूँ, मै जानता हूँ कि गरीबी कैसी होती है। जैसा कि हेमिंग्वे ने कहा है," अगर तुम कभी गोली के शिकार नहीं हुए यां कभी उस बैल के द्वारा गड्ढे में नहीं गिराए गए, जिसे कि तुम जानते हो, तो तुम कभी कुछ नहीं लिख सकते." इसलिए आज जब मै उस समय की तरफ मुड़कर देखता हूँ तो आभार महसूस करता हूँ. यह निशान की तरह है। आप को उन पर गर्व होने लगता है<ref name="poor">{{cite web |url = http://www.parade.com/export/sites/default/celebrity/2009/06/shia-labeouf-growing-up-poor.html |title = Shia LaBeouf: I'm Proud Of Growing Up Poor |author = Rader, Dotson |accessdate = 26 जून 2009 |date = 29 मई 2009 |work=Parade }}</ref>. इसी साक्षात्कार में ला बियौफ़ ने उस घटना के बारे में भी बताया, जो उनकी याददाश्त के अनुसार 1988 की बात है, जब वह दो साल के थे, उनके पिता उन्हें पैसे कमाने के लिए पारिवारिक ठेलागाड़ी के काम में लगाने के लिए जोकरों वाले कपडे पहनाने लगे<ref name="mixedup" />. ला बियौफ़ याद करते है कि उनके पिता उन्हें ज़बरजस्ती धक्का देकर ले जा रहे थे। हम अपने पड़ोस के चारों ओर पूरे जोकर वाले कपड़ों में घूमते थे उस समय मुझे किसी शर्मिंदगी का एहसास नहीं होता था। मुझे उसमे बहुत मज़ा आता था क्यूंकि मै जनता था कि कार्यक्रम के बीच में मेरे माता पिता झगडा नहीं कर सकेंगे. इस तरह, हर दिन, हमारे बीच कुछ शांतिपूर्ण समय भी होता था, क्यूंकि ऐसा नहीं होने पर हम पूरे सप्ताह का खर्च नहीं चला सकते थे<ref name="poor" />.
== कैरियर ==
=== प्रारंभिक कार्य (1996-2006) ===
अपने अभिनय व्यवसाय से पहले, एक प्रत्यक्ष हास्य कलाकार के रूप में ला बियौफ़ का कैरियर तब शुरू हुआ था जब वह,"कथानक, काल्पनिक कहानियों और घटनाओं की रचना करने लगा" उसके बचपन के दौरान, अपने घर के जंगली वातावरण से "बचने" के लिए वह अपने पास पड़ोस के चारों ओर एक प्रत्यक्ष हास्य कलाकार के रूप में अभ्यास करते थे<ref name="DailyBulletin2007" />. दस साल की उम्र में वह प्रत्यक्ष हास्य कलाकार के रूप में कार्यक्रम देने लगे और हास्य सभाओं में "ओछी बातें" करने लगे, (जिसमे कि द आइस हॉउस इन पेसाडोना भी शामिल था), वह 'घृणात्मक रूप से गन्दी" बातों को अपने आकर्षण के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार मानते थे और "10 वर्ष के बच्चे के मुंह में 50 वर्ष के व्यक्ति की बातें" ऐसा कहते थे<ref name="school" /><ref name="Leno" />. ला बियौफ ने स्वयं की व्याख्या एक "अनादरणीय हास्य कलाकार" के रूप में की और कहा कि उनकी हास्य सामग्री में पहली बार अपशब्दों<ref name="mixedup" /> के प्रयोग व् पहली बार उन्नत शिश्न<ref name="page2gq2008" /> का अनुभव करने जैसी बातें भी सम्मिलित होती थीं। प्रत्यक्ष हास्य कलाकार के रूप में अपने कैरियर पर टिपण्णी करते हुए ला बियौफ़ ने कहा, "मै बस इतना जानता था कि मेरे घर में जो भी नारकीय परिस्थितियां है उनका एक मात्र उपाय पैसा है।" पैसा होने पर, मेरे और मेरे परिवार के पास कई विकल्प होंगे. इसलिए मै उस काम के पीछे दौड़ने लगा, जो मेरी समझ में एक 10 या 11 वर्ष के लड़के को सबसे ज्यादा पैसा कमाने में मदद कर सके."<ref name="poor" /> बाद में, ला बियौफ़ को येलो पेजेस के माध्यम से एजेंट, टेरेसा डेलक्विस्त मिली, जो कि जून 2008से उनकी एजेंट हैं। उसके लिए प्रत्यक्ष हास्य प्रदर्शन देने के बाद ला बियौफ़ स्वीकार कर लिए गए, इस प्रदर्शन में वह खुद अपने प्रबंधक की भूमिका कर रहे थे और किसी अन्य के रूप में अपना प्रचार कर रहे थे<ref name="mixedup2" /><ref name="perthnow">{{cite news|last=Harvey|first=Shannon|coauthors=|title=‘He's a natural’|pages=|work=[[The Sunday Times]]|date=14 अप्रैल 2007|url=http://www.perthnow.com.au/entertainment/hes-a-natural/story-e6frg3gl-1111113343902|accessdate=23 मार्च 2010}}</ref>. ला बियौफ़ ने कहा कि शुरुआत में वह अभिनेता इसलिए बने क्यूंकि उनका परिवार गरीब था, न कि इसलिए कि वह अभिनय को अपना व्यवसाय बनाना चाहते थे<ref name="Leno" /><ref name="page1deatils2008">{{cite web |url=http://www.details.com/celebrities-entertainment/cover-stars/200808/shia-labeouf?currentPage=1 |title=Shia LaBeouf's Arrested Development (Page 1) |first=Peter |last=Rubin |work=[[Details (magazine)|Details]] |date=अगस्त 2008 |accessdate=1 अप्रैल 2010 |archive-date=23 जुलाई 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110723070835/http://www.details.com/celebrities-entertainment/cover-stars/200808/shia-labeouf?currentPage=1 |url-status=dead }}</ref>. उन्होंने टिपण्णी कि,"मेरा हास्य अपने माता पिता को यौन क्रिया करते हुए, चरस पीते हुए, अपनी माँ को नग्न अवस्था में देखने जैसी चीजों से पैदा हुआ- जो सब एक अजीब हिप्पी किस्म और घटिया स्तर का आचरण था। मै वहां रोज सुबह अपने ओशकोश बी'गोश कपड़ों में उठता था और मेरे बाल एक कटोरेनुमा आकृति में कटे थे। मैं एक छोटा बच्चा था जिसका मुंह लेनी ब्रुस की तरह था। यही नाटक था। लेकिन प्रत्यक्ष हास्य कलाकार के रूप में काम करने से अधिक पैसे नहीं मिल पाते थे इसीलिए मै अभिनय के क्षेत्र आ गया<ref name="mixedup2" />. उन्होंने अभिनय तब शुरू किया जब वह 12 वर्ष के थे। अभिनय में उनका पहला काम ''कैरोलिन इन द सिटी'' पर था और उन्होंने ''द एक्स फाइल्स'', ''टच्ड बाई एन एन्जेल'', ''जेस'' और ''सडेन्ली सुसेन'' जैसे प्रसिद्द टेलिविज़न कार्यक्रमों में मेहमान कलाकार की भूमिका निभाई .
डिज्नी चैनल के साप्ताहिक कार्यक्रम में लुईस स्टीवेंस निभाने के बाद ला बियौफ़ कम उम्र के बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय हो गए। ''इवेन स्टीवेंस'', वह भूमिका थी जो उन्हें अपने एजेंट के द्वारा लिए जाने के तीन महीने बाद मिली. ''इवेन स्टीवेंस'' का प्रसारण सन 2000 से सन 2003 तक, तीन साल के लिए किया गया; इसका अंत ''द इवेन स्टीवेंस मूवी'' - एक टेलीविजन फिल्म द्वारा हुआ जिसका प्रथम प्रसारण डिज्नी चैनल पर जून 2003 में हुआ था। सन 2003 में, ला बियौफ़ को लुईस<ref name="5generations"/> स्टीवेंस की भूमिका के लिए डे टाइम एम्मी अवार्ड्स द्वारा पुरस्कृत किया गया, इस पर उन्होंने कहा था कि, "वह इस कार्यक्रम को देखते हुए ही बड़े हुए हैं" और इसके बिना उनका बचपन "अधूरा" था, हालाँकि इस कार्यकम में अभिनय करना उनके जीवन की "सबसे अच्छी" घटनाओं में से है<ref name="Stevenspraise">{{cite news|last=Lemire|first=Christy|coauthors=|title=Shia LaBeouf: ‘I’m sick of being a boy’|pages=|publisher=Canton Repository|date=13 अप्रैल 2007 |accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>. उसी समय उनके पिता को भी पुनर्वास गृह से छोड़ा गया था, वह सेट पर ला बियौफ़ के पिता के रूप में काम करने लगे और दोनों के बीच सम्बन्ध फिर से ठीक हो गए<ref name="stevens1">{{cite news|last=Williamson|first=Kevin|coauthors=|title=LaBeouf shaped by drug abuse|pages=|publisher=[[Jam!]]|date=12 अप्रैल 2007|url=http://jam.canoe.ca/Movies/Artists/L/LaBeouf_Shia/2007/04/12/3991944.html|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>. इसी समय के दौरान, अपने और अपने पिता के हमेशा मोटेल में रहने से प्रेरित होकर, ला बियौफ़ ने डिज्नी चैनल के समक्ष एक कहानी का विचार रखा. डिज्नी ने उसकी कहानी के सभी अधिकार खरीद लिए लेकिन कहानी जिसका नाम, ''किराये-पर -पिता'', था, वह कभी विकसित नहीं हो सकी, शायद इसलिए क्यूंकि यह विषय पारिवारिक फिल्म बनाने वाले स्टूडियो के अनुसार उचित नहीं था<ref name="page2gq2008">{{cite web |url=http://www.gq.com/entertainment/celebrities/200805/shia-labeouf-transformers?currentPage=2 |title=The (Hot-Dog-Vending, Knife-Fighting, Break-Dancing, Spielberg-Wooing) Adventures of Young Shia LaBeouf (Page 2) |work=[[GQ (magazine)|GQ]] |publisher=Condé Nast Digital |first=Kevin |last=Conley |date=2008-06 |accessdate=23 मार्च 2010 |archive-date=24 फ़रवरी 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140224113206/http://www.gq.com/entertainment/celebrities/200805/shia-labeouf-transformers?currentPage=2 |url-status=dead }}</ref>. सन 2001 में उन्होंने डिज्नी चैनल की टेलीविजन फिल्म ''हाऊंडेड'' में रानी वेन डस्सेल की भूमिका निभाई, जो की प्रमुख किरदार का शत्रु था और अगले साल डिज्नी चेनाली ही अगली टेलीविजन फिल्म ''ट्रू कंफेशंस'' में दिखाई पड़े, जिसमे उन्होंने एक मानसिक रूप से विक्षिप्त बच्चे की भूमिका निभाई जोकि अपनी बहन के साथ मिलकर अपनी विकलांगता पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनता है। डिज्नी चैनल के विश्वव्यापी मनोरंजन अध्यक्ष, गैरी मार्श ने ला बियौफ़ के अभिनय की सराहना इस प्रकार की "अविश्वसनीय अभिनय प्रदर्शन" और कहा कि," मुझे विश्वास है कि यद् दिन [यह प्रदर्शन] उसे और भूमिकाओं को पाने के लिए अपनी स्थिति का लाभ उठाने व् अपनी विश्वसनीयता साबित करने में मदद करेगा<ref>{{cite web |url=http://www.variety.com/graphics/pdf/POY/YIP_2009.pdf |title=Growing Up In Character |first=Kathy |last=Tracy |work=Variety |date=4 दिसंबर 2010 |accessdate=1 अप्रैल 2010}}</ref>." इस समय के दौरान ला बियौफ़ स्केच काय्रक्रम, ''द टुनाइट शो विद जे लेनो'', में भी आ चुके थे<ref name="Leno">{{cite news|last=Cabrera|first=Delmy|coauthors=|title=LaBeouf takes over Tinsel Town at Twenty|pages=|publisher=The Depaulia|date=14 अप्रैल 2007 |accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>.
सन 2003 में वह डिज्नी के ही एक और प्रस्तुतीकरण ''[[होल्स (फिल्म)|होल्स]]'' में स्टेनले "केवमैन" येल्नाट्स IV के रूप में आये थे, उनका यह किरदार जोन वोइट के विपरीत था। ''होल्स'' के फिल्मांकन के दौरान वोइर कुछ ऐसी किताबें दी कि जिन्होंने बियौफ़ को यह मानने के लिए प्रेरित किया कि अभिनय का अर्थ नहीं है<ref name="timeinterview607" />. ''होल्स'' में ला बियौफ़ के काम को देखकर स्टीवेन स्पिलबर्ग भी उनके प्रशंसक बन गए और कहा कि ला बियौफ़ को देखकर उन्हें [[टॉम हैंक्स]] के जवानी के दिन याद आ गए<ref name="designer" />. फिल्म को धमाकेदार सफलता<ref name="page1deatils2008" /> मिली और फिल्म ने विश्व स्तर पर 67 मिलियन डालर का व्यवसाय किया, आलोचकों ने भी इसकी प्रशंसा की<ref name="usatoday" /><ref>{{cite web |url=http://www.rottentomatoes.com/m/holes/ |title=Holes |work=[[रॉटेन टमेटोज़]] |publisher=[[IGN Entertainment]] |accessdate=23 मार्च 2010}}</ref>. उसी वर्ष ला बियौफ़ को [[एचबीओ]] के डॉक्युमेंट्री कार्यक्रम ''प्रोजेक्ट ग्रीनलाईट'' में बहुत बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया गया, जिसने कि स्वतंत्र फिल्म, ''द बैटल ऑफ़ शेकर हाईट्स'', जो कि उनकी पहली पीजी- 13 फिल्म थी, उसके निर्माण का इतिहास लिखा<ref name="boxofficemojo.com">{{cite web |url=http://www.boxofficemojo.com/movies/?id=battleofshakerheights.htm |title=Battle Of Shaker Heights |work=''Box Office Mojo'' |accessdate=23 मार्च 2010}}</ref>. फिल्म में ला बियौफ़ ने परेशान नौजवान केली अर्नस्विलर की प्रमुख भूमिका निभाई थी। ''द बैटल ऑफ़ शेकर हाईट्स'' को सिनेमाघरों में 22 अगस्त 2003 को जारी किया गया था, इसको सीमित रूप से ही जारी किया गया था और टिकट घर पर इसका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं था<ref name="boxofficemojo.com" />. उन्हें फिल्मों''Charlie's Angels: Full Throttle'' और''Dumb and Dumberer: When Harry Met Lloyd''<ref name="usatoday">{{citeweb|url=http://www.usatoday.com/life/movies/news/2003-08-11-new-stars_x.htm |title=Newcomers generate heat in summer films |first=Scott |last=Bowles |work=USA Today |publisher=Gannett Co. Inc |date=11 अगस्त 2003 |accessdate=24 मार्च 2010}}</ref> में भी छोटे किरदार मिले.
[[चित्र:ShiaLeBeoufByPhilKonstantin.jpg|thumb|200px|alt=A male wearing a dark green short sleeved shirt. The male is sitting and has both his arms in-front of himself. |नवंबर 2006 में बाबी का प्रचार करते ला बियौफ़]]
सन 2004 में, ला बियौफ़ ने लोरेंजो एडुरैडो के साथ छोटी फिल्म, ''लेट्स लव हेट'' का सहलेखन किया और इसे निर्देशित किया, यह निर्देशक के रूप में उनकी पहली फिल्म थी<ref>{{cite web |url=http://www.mtv.com/movies/news/articles/1607184/story.jhtml |title=Shia LaBeouf Gets Behind The Camera For Rapper Cage |author=Larry Carroll, Matt Elias |work=''MTV'' |publisher=Viacom |date=18 मई 2009 |accessdate=31 अप्रैल 2010 |archive-date=27 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090827122115/http://www.mtv.com/movies/news/articles/1607184/story.jhtml |url-status=dead }}</ref>. सन 2004 में ही उन्होंने, ''आई, रोबोट''<ref>{{cite web |url=http://www.usatoday.com/life/people/2004-07-08-irobot-premiere_x.htm |title='I, Robot' has superstar input |first=William |last=Keck |work=USA Today |publisher=Gannett Co. Inc |date=8 जुलाई 2004 |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref> में फार्बर का छोटा किरदार निभाया और इसके अगले साल मारधाड़ युक्त डरावनी फिल्म ''कोंसटेनटाइन'' में एस चस क्रेमर, में एक सहकलाकार की भूमिका में दिखाई पड़े<ref>{{cite web |url=http://www.ew.com/ew/article/0, 1025938,00.html |title=Constantine (2005) |work=[[Entertainment Weekly]] |publisher=[[Time Warner|Time Warner Inc]] |date=18 फरवरी 2005 |accessdate=21 फरवरी 2010 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>. सन 2005 की डिज्नी फिल्म, ''द ग्रेटेस्ट गेम एवर प्लेड'' में एक वास्तविक गोल्फ खिलाडी, फ्रैंसिस ओईमेट, जोकि एक गरीब परिवार से था और जिसने 1913 की मुक्त प्रतियोगता जीती थी, उसका किरदार निभाने के बाद से ही ला बियौफ़ ने और गंभीर किरदारों की तरफ रुख कर लिया<ref name="timeinterview607" /><ref>{{cite web |url=http://www.mtv.com/movies/news/articles/1510517/09282005/story.jhtml |title=Shia LaBeouf, Star Of 'Greatest Game Ever Played,' Is One Excitable Guy |author=Larry Carroll |work=''MTV'' |publisher=Viacom |date=28 सितंबर 2005 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=8 अगस्त 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070808172113/http://www.mtv.com/movies/news/articles/1510517/09282005/story.jhtml |url-status=dead }}</ref>. फिल्म की समीक्षा के दौरान, ''डेसर्ट न्यूज़'' के जेफ़ वाइस ने ला बियौफ़ को एक "उत्कृष्ट अभिनेता<ref>{{cite web |url=http://www.deseretnews.com/article/700003983/The-Greatest-Game-Ever-Played.html |title=The Greatest Game Ever Played |first=Jeff |last=Vice |work=[[Deseret News]] |publisher=Deseret Digital Media |date=30 सितंबर 2005 |accessdate=28 जून 2010 |archive-date=10 जनवरी 2013 |archive-url=https://archive.today/20130110191110/http://www.deseretnews.com/article/700003983/The-Greatest-Game-Ever-Played.html |url-status=dead }}</ref>" कहा और ''अरिजोना रिपब्लिक'' के रैंडी कोर्डोवा ने यह महसूस किया कि फ्रैंसिस की भूमिका में "ला बियौफ़ को अपने प्रदर्शन का बहुत अवसर नहीं मिला<ref>{{cite web |url=http://www.azcentral.com/ent/movies/articles/0930greatestgame0930.html |title=The Greatest Game Ever Played |first=Randy |last=Cordova |work=Arizona |publisher=Gannett Co. Inc |date=30 सितंबर 2005 |accessdate=28 जून 2010 |archive-date=11 अप्रैल 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070411092711/http://www.azcentral.com/ent/movies/articles/0930greatestgame0930.html |url-status=dead }}</ref>." सन 2006 में ला बियौफ़ सामूहिक नाटक ''बाबी'' एस कूपर में दिखाई पड़े जोकि रॉबर्ट एफ. केनेडी के लिए एक स्वैच्छिक अभियान था<ref>{{cite web |url=http://www.usatoday.com/life/movies/reviews/2006-11-16-review-bobby_x.htm |title=Stirring 'Bobby' suffers from its own ambition |first=Claudia |last=Puig |work=USA Today |publisher=Gannett Co. Inc |date=17 नवंबर 2006 |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref>. ''बाबी'' के कलाकार के रूप में उन्हें एक हालीवुड फिल्म अवार्ड "इन्सेम्ब्ल ऑफ़ द ईयर"<ref>{{cite web |url=http://www.ocweekly.com/2006-11-23/film/a-mighty-whiff/ |title=A Mighty Whiff |work=[[OC Weekly]] |first=Scott |last=Foundas |date=23 अक्टूबर 2006 |accessdate=31 मार्च 2010 |archive-date=3 अक्तूबर 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151003055550/http://www.ocweekly.com/2006-11-23/film/a-mighty-whiff/ |url-status=dead }}</ref> मिला और "चलचित्र के कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन" के लिए एक स्क्रीन एक्टर गिल्ड अवार्ड के लिए नामांकन<ref>{{cite web |url=http://www.smh.com.au/news/oscars-2007/actors-may-predict-oscars/2007/01/29/1169919245568.html |title=Actors awards may predict Oscars |work=[[The Sydney Morning Herald]] |date=29 जनवरी 2007 |accessdate=31 अप्रैल 2010 }}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>. 2006 में ही ला बियौफ़ ने ''ए गाइड टू रेकोगनाइज़िन्ग योर सेंट्स'' में डिटो मोंटिएल के जवानी की अवस्था की भूमिका निभाई जबकि उनकी अधेड़ अवस्था की भूमिका [[रॉबर्ट डॉनी जुनियर|रॉबर्ट डाउनी जूनियर]] ने निभाई, यह फिल्म 1980 के एस्टोरिया क्वींस में मोंटिएल के पालन पोषण की अर्ध आत्मकथा है<ref name="e.w.review">{{cite web |url=http://www.ew.com/ew/article/0, 1539970,00.html |title=A Guide To Recognizing Your Saints (2006) |first=Lisa |last=Schwarzbaum |work=Entertainment Weekly |publisher=Time Warner Inc |date=27 सितंबर 2006 |accessdate=21 फरवरी 2010 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>. ''एंटरटेनमेंट वीकली'' की, लिजा श्वार्ज़बौम, ने फिल्म की समीक्षा में ला बियौफ़ को "अत्यधिक प्रतिभाशाली" बताया<ref name="e.w.review" />.
=== नए अवसर और व्यावसायिक सफलता, 2007-2008 ===
ला बियौफ़ के कैरियर में साल 2007 एक महत्त्वपूर्ण मोड़ रहा, जब वह एक साथ कई अत्यंत सफल फिल्मों की श्रंखला में दिखाई पड़े. 2007 में, ला बियौफ़ ने ''डिस्टर्बिया'' में काम किया जोकि एक रोमांचक फिल्म थी और 13 अप्रैल को जारी हुई थी। इसमें उन्होंने एक किशोर लड़के की भूमिका निभाई थी जो नज़रबंद था और जिसे लगता था कि उसका पडोसी एक क्रमिक खूनी है। ला बियौफ़ ने कहा कि उनकी यह भूमिका महत्त्वपूर्ण थी क्यूंकि यह एक "चरित्र-प्रधान" भूमिका थी<ref name="DailyBulletin2007" />. यह फिल्म अत्यंत सफल रही थी और ला बियौफ़ को इसके लिए सकारात्मक आलोचना मिली थी, ''द बफेलो न्यूज़'' के माध्यम से यह कहा गया कि, वह, "एक आकर्षक व् होनहार नौजवान अभिनेता हैं, जोकि चरित्र के क्रोध, पश्चाताप और बुद्धिमत्ता को एक साथ व्यक्त कर सकते हैं<ref name="Review1">{{cite news|last=Schobert|first=Christopher|coauthors=|title=Movies: Creepy cool 'Disturbia'|pages=|publisher=''The Buffalo News''|date=13 अप्रैल 2007|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>," [[एम टीवी]] के कर्ट लोडर ने लिखा कि ला बियौफ़ को उनकी शोहरत का टिकट पहले से लिखकर<ref name="Loder1">{{cite news|last=Loder|first=Kurt|coauthors=|title='Disturbia': Watchmen, By Kurt Loder|pages=|publisher=MTV|date=13 अप्रैल 2007|url=http://www.mtv.com/movies/news/articles/1557045/story.jhtml|accessdate=13 अप्रैल 2007|archive-date=27 अप्रैल 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100427154956/http://www.mtv.com/movies/news/articles/1557045/story.jhtml|url-status=dead}}</ref> मिला है," और ''सैंफ्रैंसिस्को क्रोनिकल'' ने कहा कि," ला बियौफ़ होलीवुड के तेजी के साथ उभरते जवान अभिनेता हैं<ref name="SFC">{{cite news|last=Stein|first=Ruthe|coauthors=|title=If only Jimmy Stewart had had Wi-Fi and a cell|pages=|work=[[San Francisco Chronicle]]|date=13 अप्रैल 2007|url=http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=/c/a/2007/04/13/DDGKPP738P1.DTL|accessdate=13 अप्रैल 2007|archive-date=26 मार्च 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120326234739/http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=/c/a/2007/04/13/DDGKPP738P1.DTL|url-status=dead}}</ref>." इस फिल्म की तुलना ''रियर विंडो'' से करते हुए, ''न्यूयार्क डेली न्यूज़'' ने ला बियौफ़ के आकर्षण का वर्णन "जेम्स स्टीवर्ट से भी अधिक ज़ोन कुसैक" के रूप में किया<ref name="NYDaily">{{cite news|last=Weitzman|first=Elizabeth|coauthors=|title=Movie Review: Nightmare in suburbia|pages=|work=[[The New York Daily News]]|date=13 अप्रैल 2007|url=http://www.nydailynews.com/entertainment/movies/2007/04/13/2007-04-13_nightmare_in_suburbia.html|accessdate=13 अप्रैल 2007|archive-date=29 जून 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110629165611/http://www.nydailynews.com/entertainment/movies/2007/04/13/2007-04-13_nightmare_in_suburbia.html|url-status=dead}}</ref>. 14<ref name="Mitovich">{{cite web |url=http://www.tvguide.com/news/snl-+-peyton-15708.aspx |title=SNL + Peyton Manning = Ratings Touchdown |work=[[TV Guide]] |first=Matt last=Mitovich |date=27 मई 2007 |accessdate=1 अप्रैल 2010 |archive-date=11 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100811074225/http://www.tvguide.com/news/SNL-+-Peyton-15708.aspx |url-status=dead }}</ref> अप्रैल को उन्होंने संगीतज्ञ अथिति एर्विल लेविने के साथ ''सैटरडे नाईट'' लाइव का संचालन किया<ref name="Mitovich"/><ref>{{cite web |url=http://tv.ign.com/articles/781/781556p1.html |title=Saturday Night Live: "Shia LaBeouf / Avril Lavigne" Review |fits=Larry |last=Carroll |work=IGN |publisher=IGN Entertainment, Inc |date=17 अप्रैल 2007 |accessdate=1 अप्रैल 2010 |archive-date=10 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090710215000/http://tv.ign.com/articles/781/781556p1.html |url-status=dead }}</ref>. उन्होंने चालित हास्य डॉक्युमेंट्री फिल्म ''सर्फ्स'अप'' में कथावाचक कोडी मेवरिक की आवाज़ भी दी है<ref>{{cite web |url=http://www.msnbc.msn.com/id/19074228/ |title=Shia LaBeouf is riding a wave of success |first=Miki |last=Turner |work=''[[MSNBC]]'' |date=7 जून 2007 |accessdate=24 मार्च 2010 |archive-date=23 फ़रवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090223110901/http://www.msnbc.msn.com/id/19074228 |url-status=dead }}</ref>. यह फिल्म व्यवसायिक रूप से अत्यंत सफल रही और विश्व स्तर पर 149 मिलियन डालर का व्यसाय किया<ref>{{cite web |url=http://boxofficemojo.com/movies/?id=surfsup.htm |title=Surf's Up |work=Box Office Mojo |publisher=IMDb Inc |accessdate=28 जून 2010}}</ref>. जो 2007 में भी उन्होंने [[माइकल बे]] की फिल्म ''ट्रांसफार्मर्स'' में उन्होंने एक किशोर सैम विटविकी की भूमिका निभाई थी जो पृथ्वी पर आटोबैट छद्म युद्ध में संलग्न हो जाता है, यह फिल्म 3 जुलाई को जारी हुई थी। प्रबंधक निर्माता स्टीवेन स्पिलबर्ग ने ''होल्स'' में उनके काम से प्रभावित होकर उन्हें इस फिल्म में भूमिका दी थी<ref name="timeinterview607" />. शुरुआत में बी को लग रहा था कि ला बियौफ़ सैम के किरदार के लिए काफी बड़े हैं, क्यूंकि उन्होंने सिर्फ ''कोन्सटेनटाइन'' में उनके काम को देखा था, लेकिन वह ला बियौफ़ की उत्सुकता के सामने हार मान गए<ref>{{cite video|people=[[Michael Bay]]|date=16 अक्टूबर 2007|title=''Transformers'' Audio commentary|medium=DVD|publisher=[[Paramount Pictures]]}}</ref>.<ref name="making of">{{cite news|title=The Making Of The Transformers Movie|work=Entertainment News International|date=15 जून 2007|url=http://enewsi.com/news.php?catid=190&itemid=11213|accessdate=16 जून 2007|archive-date=17 सितंबर 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070917001231/http://enewsi.com/news.php?catid=190&itemid=11213|url-status=dead}}</ref> ला बियौफ़ ने फिल्म में अपने सभी खतरनाक करतब स्वयं ही किये गए। और इसके लिए उन्हें 500,000 डालर दिए गए<ref name="movies.yahoo.com">{{cite web |url=http://movies.yahoo.com/feature/transformers-paychecks.html |title=Big Robots Lead to Bigger Paychecks for Michael Bay |first=Matt |last=McDaniel |work=''[[Yahoo! Movies]]'' |publisher=[[Yahoo! Inc]] |date=25 जून 2009 |accessdate=11 मार्च 2010 |archive-date=1 नवंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111101024610/http://movies.yahoo.com/feature/transformers-paychecks.html |url-status=dead }}</ref>. ''ट्रांसफार्मर्स'' अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक एक अति लोकप्रिय और सफल फिल्म रही, जिसका कुल व्यसाय विश्व स्तर पर 700 मिलियन डालर से भी अधिक रहा<ref name="page1deatils2008" />. इस भूमिका के लिए उन्हें आलोचकों से प्रशंसा भी मिली, ''एम्पायर्स'' के इयान नैथन ने उनकी प्रशंसा में कहा "एक चालाक, स्वाभाविक हास्यकर,[जो] इस कहानी के बेकार रूखेपन को अपनी व्यंग्यपूर्ण सनसनाहट से बराबर कर देता है<ref>{{cite news|first=Ian |last=Nathan|title=Transformers|work=[[Empire (magazine)|Empire]]|url=http://www.empireonline.com/reviews/reviewcomplete.asp?FID=11052|accessdate=3 जुलाई 2007}}</ref>." अपने काम के लिए उन्हें एम्पायर अवार्ड और एक नेशनल मूवी अवार्ड में भी नामांकन मिला, साथ ही साथ उन्हें 2007 के लिए शोवेस्ट कन्वेंशन द्वारा "स्टार ऑफ़ टुमौरो" की उपाधि भी मिली<ref name="Showest">{{cite news|last=Moore|first=Roger|coauthors=|title=As Shia LaBeouf grows up,critical acclaim grows stronger|pages=|work=[[The Orlando Sentinel]]|date=13 अप्रैल 2007|url=http://www.orlandosentinel.com/entertainment/orl-cal13labeouf07apr13,0,3610481.story|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>.
फरवरी 2008 में उन्हें बाफ्टा ओरेंज राइजिंग स्टार अवार्ड मिला, जो ब्रिटेन की साधारण जनता के मत के आधार पर मिलाता है<ref>{{cite web |title=Bafta Film Awards 2008: The winners|publisher=[[बीबीसी न्यूज़ Online]]|date=10 फरवरी 2008|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/7191143.stm|accessdate=10 फरवरी 2008}}</ref>. मई में वह ''इंडियाना जोन्स व् द किंग दम ऑफ़ क्रिस्टल स्कल'' में मट विलियम्स के रूप में दिखाई पड़े, जोकि एक [[स्पेन]] के मूल का अमेरिकी है और इंडियाना जोन्स का बेटा है। इस भूमिका के लिए वह स्टीवेन स्पिल बर्ग की पहली पसंद थे और इसके पीछे भी यही कारण था कि वह ''होल्स'' में उनके काम से बहुत प्रभावित हुए थे<ref name="pre">''[[इंडियाना जोन्स एंड द किंगडम ऑफ़ क्रिस्टल स्कल]]'' ''प्री-प्रोडक्शन डीवीडी '' फीचरएट, 2008</ref>. इस बारे में ला बियौफ़ ने कहा कि उन्होंने बिना कहानी पड़े ही यह फिल्म स्वीकार कर ली थी और उन्हें यह भी नहीं पता था कि वह कौन सा किरदार निभाने वाले हैं<ref>{{Cite news |first= Anthony |last=Breznican | title = Shia LaBeouf tapped for 'Indy 4' role | publisher = ''USA Today'' | date = 13 अप्रैल 2007 | url = http://www.usatoday.com/life/movies/news/2007-04-12-shia-indiana-jones_N.htm?csp=34 | accessdate = 13 अप्रैल 2007}}</ref>. उन्होंने कहा कि इस फिल्म में अपनी भूमिका की तैयारी करने के लिए वह हफ्ते में सातों दिन, तीन घंटे व्यायाम करते थे और अपने खाने के बारे में उन्होंने बताया कि उनके खाने में "अधिक प्रोटीन, अधिक कार्बोहाईड्रेट" रहता था; शारीरिक प्रशिक्षण के द्वारा उनकी मांस पेशियों का वजन 15 पाउंड से भी ज्यादा बढ़ गया<ref name="people.com" />. इस अनुभव के बारे में ला बियौफ़ कहते हैं कि,"मुझे सच में अपने पूरे जीवन में किसी भी चीज़ के लिए इस तरह प्रशिक्षित नहीं किया गया था।" मै ऐसे तैयारी कर रहा हूँ जैसे मुझे युद्ध में जाना हो<ref name="people.com" />. एक लड़ाई का दृश्य फिल्माने के दौरान ला बियौफ़ ने अपना घुमाने वाला कफ़ खींच लिया, जोकि उनके कैरियर की पहली चोट बनी, यह चोट पूरे फिल्मांकन के दौरान और भी गंभीर होती हो गयी और वह बढकर उनके निचले हिस्से तक पहुँच गयी<ref name="indy4injury">{{cite web |url=http://moviesblog.mtv.com/2008/04/07/shia-gets-injured-on-indy-4-gears-up-for-transformers-2/ |author=Shawn Adler |title=Shia Gets Injured On ‘Indy 4,’ Gears Up For ‘Transformers 2’ |work=MTV |publisher=Viacom |date=7 अप्रैल 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=8 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120308181915/http://moviesblog.mtv.com/2008/04/07/shia-gets-injured-on-indy-4-gears-up-for-transformers-2/ |url-status=dead }}</ref>. यह फिल्म भी व्यासायिक रूप से अत्यंत सफल रही थी, इसने विश्व स्तर पर कुल 780 डालर का व्यसाय किया था और 2008 में विश्व स्तर पर सर्वाधिक व्यवसाय करने वाली दूसरी फिल्म थी<ref>{{cite web |url=http://www.boxofficemojo.com/movies/?id=indianajones4.htm |title=Indiana Jones and the Kingdom of the Crystal Skull (2008) |work=''Box Office Mojo'' |accessdate=31 मार्च 2009}}</ref>. इस फिल्म में उनके काम को मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली; आइजीएन के टोड गिलक्रिस्ट ने टिपण्णी की "कोई भी इस बात पर आश्चर्य किये बिना नहीं रह सकता कि स्पिलबर्ग ने इस लडके में ऐसा क्या देखा जो वह इसे इस फिल्म में लेने को प्रेरित हो गए" और Salon.com के स्टेफनी जैकएरेक ने कहा कि"[ला बियौफ़] ने समझदारी पूर्वक अपने प्रदर्शन को कम से कम उभारा है" और वह "काफी आकर्षक थे<ref>{{cite web |url=http://www.salon.com/entertainment/movies/review/2008/05/22/indiana_jones/ |title="Indiana Jones and the Kingdom of the Crystal Skull" |author= |work=''[[Salon.com]]'' |publisher=Salon Media Group, Inc |date=22 मई 2008 |accessdate=31 मार्च 2010 |archive-date=2 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101002115735/http://www.salon.com/entertainment/movies/review/2008/05/22/indiana_jones/ |url-status=dead }}</ref>." मई 10 को संगीतज्ञ अथिति माई मार्निंग जैकेट के साथ, ला बियौफ़ ने फिर से दूसरी बार ''सेटरडे नाईट लाइव'' का संचालन किया<ref>{{cite web |url=http://www.tvsquad.com/2008/05/11/saturday-night-live-shia-labeouf-my-morning-jacket-videos/ |title=Saturday Night Live: Shia LaBeouf/My Morning Jacket - VIDEOS |first=Annie |last=Wu |work=TV Squad |date=11 मई 2008 |accessdate=1 अप्रैल 2010 |archive-date=28 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090828235309/http://www.tvsquad.com/2008/05/11/saturday-night-live-shia-labeouf-my-morning-jacket-videos |url-status=dead }}</ref>. उनकी अगली फिलम ''ईगल आई'' एक रोमांचक कहानी थी, जो 26 सितम्बर को प्रदर्शित हुयी थी। ला बियौफ़ के लिए ''ईगल आई'' एक अन्य व्यवसायिक रूप से सफल फिल्म साबित हुई, जिसने विश्व स्तर पर 177 मिलियन से भी अधिक का व्यापार किया<ref>{{cite web |url=http://boxofficemojo.com/movies/?id=eagleeye.htm |title=Eagle Eye |work=Box Offfice Mojo |publisher=IMDb Inc |accessdate=15 जून 2010}}</ref>. उनके प्रदर्शन को मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली, जिसमे ''लॉस वेगास वीकली'' के जोश बेल ने लिखा कि ला बियौफ़ "मारधाड़ की फिल्मों के नायक बनाने के उत्तम दावेदार हैं, हालाँकि कभी कभी वह जिस भावुकता का वह प्रयास करते हैं उससे कुछ लाभ नहीं होता<ref>{{cite web |url=http://www.lasvegasweekly.com/news/2008/sep/25/eagle-eye/ |title=Eagle Eye |first=Josh |last=Bell |work=[[Las Vegas Weekly]] |publisher=Greenspun Media Group |date=25 सितंबर 2008 |accessdate=28 जून 2010}}</ref>." ''ईगल आई'' के लिए मिली प्रतिक्रिया में, ''सिडनी मार्निंग हेराल्ड'' के पॉल बयार्न्स को इस फिल्म व् इस फिल्म में ला बियौफ़ की भूमिका तथा उनकी पिछली फिल्मों व् उनकी भूमिकाओं के बाच काफी अधिक समानता लगी<ref>{{cite web |url=http://www.smh.com.au/news/entertainment/film/film-reviews/eagle-eye/2008/09/26/1222217504724.html?page=2 |title=Eagle Eye (page 2) |first=Pauul |last=Byrnes |work=[[Sydney Morning Herald]] |publisher=Fairfax Digital |date=26 सितंबर 2008 |accessdate=28 जून 2010}}</ref>. दिसम्बर 2008 में, ला बियौफ़ को फिल्म ''डार्क फील्ड्स'' से कार दुर्घटना के दौरान लगी हाथ की चोट, जोकि फिल्म निर्माण शुरू होने तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई थी, के कारण बाहर होना पड़ा<ref>{{cite web |url=http://www.foxnews.com/story/0,2933,462324,00.html |title=Shia Quits Film Over Smashed Hand |author=Roger Friedman |work=''[[FOX News]]'' |publisher=FOX News Network, LLC |date=5 दिसंबर 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.nydailynews.com/gossip/2008/12/07/2008-12-07_report_shia_labeouf_drops_out_of_dark_fi.html |title=Report: Shia LaBeouf drops out of 'Dark Fields' due to hand injury |first=Korin |last=Miller |work=New Y Daily News |date=8 दिसंबर 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=4 मार्च 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090304154717/http://www.nydailynews.com/gossip/2008/12/07/2008-12-07_report_shia_labeouf_drops_out_of_dark_fi.html |url-status=dead }}</ref>.
=== ट्रांसफार्मर्स: ''रिवेंज ऑफ़ द फालेन एंड बियोंड'', 2009 - प्रस्तुति ===
[[चित्र:Shia LaBeouf at Transformers 2 Press Conference in Paris - 1.jpg|thumb|right|175px|alt=A Caucasian male in his mid-twenties with short light brown hair. The male has his hands behind his back and is wearing a burgundy shirt and a dark grey sweater. In the background, there is another male wearing an all black suit. |जून 2009 में ट्रांसफार्मर्स: रिवेंफ़ ऑफ़ द फालेन, का प्रचार करते ला बियौफ़]]
फरवरी 2009 में, ला बियौफ़ ने रैपर क्रिस "केज" पलकों के साथ संगीत वीडियो"आई नेवर न्यू यू" को निर्देशित करने के लिए हाथ मिलाया, जोकि केज के तीसरे एल्बम, ''डिपार्ट फ्राम'' मी का पहला एकल था<ref name="laweekly" />. संगीत वीडियो का फिल्मांकन लॉस एंजेल्स के पुराने हिस्सों में 21 -22 फ़रवरी को किया गया और इसमें अन्य अच्छे जक्स कलाकारों, इआइ-पी, एसोप राक, चौन्सी, एफ. सीन मार्टिन, यैक बाल्ज़ और एलेक्स पर्डी, द्वारा दिए गए सर्वोच्च प्रदर्शन भी दिखाए गए<ref name="laweekly" />. ''ला वीकली'' के अनुसार, ला बियौफ़ और केज के सहयोग श्रंखला का पहला काम है और अंततः इसका परिणाम एक फिल्म के रूप में होगा जो रैपर के जीवन के बारे में होगी और जिसमे ला बियौफ़ काम करेंगे. जब उनसे यह पूछा गया कि विवियो को निर्देशित करने का अनुभव कैसा रहा तो ला बियौफ़ ने कहा, "मै अभी सिर्फ 22 साल का हूँ और अपने पसदीदा रैपर के लिए वीडियो निर्देशित कर रहा हूँ." कम से कम यह करना सपनों की दुनिया में रहने से तो अच्छा है<ref name="laweekly">{{cite web |url=http://www.laweekly.com/2009-05-07/music/the-actor-becomes-a-director-with-cage-and-shia-labeouf-making-the-quot-i-never-knew-you-quot-video/ |title=The Actor Becomes a Director: With Shia LaBeouf and Chris 'Cage' Palko, Making the "I Never Knew You" Video |first=Erin |last=Broadley |work=[[LA Weekly]] |publisher=[[Village Voice Media]] |date=8 मई 2009 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=9 सितंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100909083036/http://www.laweekly.com/2009-05-07/music/the-actor-becomes-a-director-with-cage-and-shia-labeouf-making-the-quot-i-never-knew-you-quot-video/ |url-status=dead }}</ref>. इस वीडियो का पहला प्रस्तुतीकरण एमटीवी 2 और एमटीवी यू पर 18 मई को हुआ। 2009 में ला बियौफ़ ने सैम विटविकी के किरदार को ''ट्रांसफार्मर्स'' श्रंखला की अगली फिल्म में फिर दोहराया''Transformers: Revenge of the Fallen''<ref name="movies.yahoo.com" />. इसका फिल्मांकन मई 2008 में शुरू हुआ और 2008 के अंत में ख़त्म हुआ<ref name="wilson">{{cite web |author=Jay A. Fernandez, Borys Kit |title=Rainn Wilson in for 'Transformers 2' |work=[[द हॉलीवुड रिपोर्टर]] |date=29 मई 2008 |url=http://www.hollywoodreporter.com/hr/content_display/film/news/e3i3f3a21456cba6a51cf2da2541155c3a4 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20080530090816/http://www.hollywoodreporter.com/hr/content_display/film/news/e3i3f3a21456cba6a51cf2da2541155c3a4 |archivedate=30 मई 2008 |url-status=live }}</ref>. कार दुर्घटना के दौरान ला बियौफ़ को लगी चोट के कारण बे और फिल्मांकन लेखक राबर्टो ओर्ची को पूरे फिल्मांकन के दौरान उनके घायल हाथ का ध्यान रखने के लिए पटकथा फिर से लिखनी पड़ी<ref>{{cite news |url=http://www.accesshollywood.com/transformers-director-michael-bay-shia-labeouf-was-not-drunk-during-crash_article_10616? |title=‘Transformers’ Director Michael Bay: Shia LaBeouf ‘Was Not Drunk’ During Crash |work=[[Access Hollywood]] |date=31 जुलाई 2008 |accessdate=1 अगस्त 2008 |archive-date=27 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081227125025/http://www.accesshollywood.com/transformers-director-michael-bay-shia-labeouf-was-not-drunk-during-crash_article_10616 |url-status=dead }}</ref>. ला बियौफ़ ने कहा कि उनकी कार दुर्घटना के कारण फिल्म निर्माण कार्य सिर्फ दो दिन के लिए आगे बड़ा क्यूंकि इस दौरान बे ने अगले दृश्यों का फिल्मांकन शुरू कार दिया था और ला बियौफ़ सोचे गए समय से कुछ हफ्ते पहले ही ठीक हो गए, जिससे कि वह फिल्म के सेट पर जाने लायक हो गए<ref name="michaelbaycaraccident">{{cite news |title=Shia LaBeouf Talks Crash; More Surgery On The Way |work=Access Hollywood |date=14 सितंबर 2008 |url=http://www.accesshollywood.com/shia-labeouf-talks-crash-more-surgery-on-the-way_article_11252 |accessdate=16 सितंबर 2008 |archive-date=22 जुलाई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150722002257/http://www.accesshollywood.com/shia-labeouf-talks-crash-more-surgery-on-the-way_article_11252 |url-status=dead }}</ref>. फिल्मांकन के अंत के दौरान, एक वस्तु पर मारते समय ला बियौफ़ ने अपनी आँख पर चोट लगा ली; जिसके लिए उन्हें सात टाँके लगवाने पड़े<ref name="trasnformersinjury2" />. दो घंटे बाद ही वह फिर से फिल्मांकन करने लगे<ref name="trasnformersinjury2">{{cite web |url=http://www.mtv.com/movies/news/articles/1596187/story.jhtml |author=Larry Carroll |title=Shia LaBeouf Is 'Fine' After Latest Injury, 'Transformers' Producer Says |work=''MTV'' |publisher=Viacom |date=2 अक्टूबर 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=16 मार्च 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090316192439/https://www.mtv.com/movies/news/articles/1596187/story.jhtml |url-status=dead }}</ref>. अपने काम के लिए ला बियौफ़ को लगभग 5 मिलियन डालर का पारिश्रमिक दिया गया<ref name="movies.yahoo.com" />. फिल्म ने बहुत अच्छा व्यवसाय किया, विश्व स्तर<ref>{{cite web |url=http://www.boxofficemojo.com/movies/?id=transformers2.htm |title=Transformers: Revenge of the Fallen |work=''Box Office Mojo'' |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref> पर उसका कुल व्यवसाय 800 मिलियन डालर से भी अधिक रहा, लेकिन इसके लिए उन्हें अधिकतर नकारात्मक प्रतिक्रियाएं ही मिली<ref>{{cite web |url=http://www.rottentomatoes.com/m/transformers_revenge_of_the_fallen/ |title=Transformers: Revenge of the Fallen (2009) |work=[[रॉटेन टमेटोज़]] |publisher= [[IGN Entertainment]] |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref>. ''न्यूयार्क डेली न्यूज़'' के जो न्युमेयर को लगा कि फिल्म ने "अंततः" ला बियौफ़ के लिए यह साबित कर दिया कि वह एक "आगे बढ़ने के काबिल श्रेष्ठ व्यक्ति है<ref>{{cite web |url=http://www.nydailynews.com/entertainment/movies/2009/06/22/2009-06-22_transformers_sequel_.html |title=Transformers: Revenge of the Fallen |first=Joe |last=Neumaier |work=New York Daily News |date=24 जून 2009 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=22 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822082850/http://www.nydailynews.com/entertainment/movies/2009/06/22/2009-06-22_transformers_sequel_.html |url-status=dead }}</ref>."
रूमानी हास्य फिल्म ''न्यूयार्क, आई लव यू'', में ला बियौफ़ ने एक लंगड़ाकर चलने वाले नौकर का किरदार निभाया था, यह फिल्म न्यू यार्क के पांच शहरों में अपने लिए प्यार की तलाश करने के बारे में है और ''पेरिस, जे टे'एम'' श्रंखला की अगली फिल्म है। फिल्म अक्टूबर 2009 में जारी हुई थी और इसे आलोचकों द्वारा मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/film/titles/nyiloveyou?q=New%20York%20I%20Love%20You |title=New York, I Love You |work=[[Metacritic]] |publisher=[[CBS|CBS Interactive Inc]] |accessdate=21 फरवरी 2010 }}{{Dead link|date=सितंबर 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>. इस फिल्म में ला बियौफ़ के प्रदर्शन के बारे में, ''द सन्डे टाइम्स'' के बेन मेक इएचेन ने कहा कि उनका अभिनय "स्वीकृत रूप से अद्वितीय<ref>{{cite web |url=http://www.perthnow.com.au/entertainment/new-york-i-love-you/story-e6frg3gu-1225864022576 |title=New York, I Love You |first=Ben |last=McEachen |publisher=[[The Sunday Times]] |date=8 मई 2010 |accessdate=27 जून 2010}}</ref>" था और ''यूएसऐ टुडे'' की क्लौडिया पेग ने कहा कि उनकी सह-अभिनेत्री जूली क्रिस्टी ने "चरित्र कि विलक्षण तस्वीर खींची है, जो आपको उसे और देखने के लिए उकसाती है<ref>{{cite web |url=http://www.usatoday.com/life/movies/reviews/2009-10-15-new-york-i-love-you_N.htm |title='New York, I Love You' harbors surprises as well as the sub-par |first=Claudia |last=Puig |work=USA Today |publisher=Gannett Co. Inc |date=15 अक्टूबर 2009 |accessdate=27 जून 2010}}</ref>." उनकी अगली फिल्म''Wall Street: Money Never Sleeps'' ओलिवर स्टोन द्वारा निर्देशित है, जो ''वाल स्ट्रीट'' (1987) की अगली कड़ी है। इस फिल्म में जेकब "जेक" मूर का किरदार निभाएंगे जो वाल स्ट्रीट का एक महत्वकांक्षी व्यापारी है और जिसका प्रेम सबंध गोर्डन गैक्को की बेटी, विनी से है<ref>{{cite web |url=http://www.vanityfair.com/hollywood/features/2010/02/wall-street-spotlight-201002 |title=The Return of Gordon Gekko |first=Bryan |last=Burrough |work=[[Vanity Fair (magazine)|Vanity Fair]] |publisher=Condé Nast Digital |date=20 अक्टूबर 2002 |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref>. इस फिल्म ने कान फिल्म समारोह, मई 2010<ref>{{cite web |url=http://www.independent.co.uk/arts-entertainment/films/news/mike-leigh-%20%20%20%20film-in-running-for-palme-dor-1945887.html |title=Mike Leigh film in running for Palme D'Or |first=Sherna |last=Noah |publisher=[[Independent.co.uk]] |date=15 अप्रैल 2010|accessdate=अप्रैल 15, 2010}}</ref> का समापन किया था और सितम्बर 2010 में सिनेमाघरों में जारी होने वाली है। ''द डेली टेलीग्राफ'' के डेविड ग्रिटेन के अनुसार "ला बियौफ़ की उम्र एक चालाक, जवान व्यापारी के किरदार के लिए बिलकुल उपयुक्त है और यदि बहुत रोचक ढंग से नहीं तो फिर भी बहुत कुशलता पूर्वक उन्होंने इस किरदार को निभाया है।"[205] यह भी सुनिश्चित हो गया है कि ला बियौफ़ <nowiki>''</nowiki>ट्रांसफार्मर्स<nowiki>''</nowiki> की अगली कड़ी की तीसरी फिल्म में अपने किरदार को फिर से निभाएंगे. यह फिल्म 1 जुलाई 2011 को प्रदर्शित होने की उम्मीद है<ref name="transformers3">{{cite web |url=http://moviesblog.mtv.com/2009/10/01/transformers-3-rolling-out-with-megan-fox-for-a-july-1-2011-release/ |title='Transformers 3' Rolling Out With Megan Fox For A जुलाई 1, 2011 Release |first=Adam |last=Rosenberg |work=MTV |publisher=Viacom |date=10 जनवरी 2010 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=14 मई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100514012503/http://moviesblog.mtv.com/2009/10/01/transformers-3-rolling-out-with-megan-fox-for-a-july-1-2011-release/ |url-status=dead }}</ref>. दिसम्बर 2008 में, ला बियौफ़ ने लेखक जोन ग्रिशेम द्वारा लिखी गयी किताब, ''द एसोसिएट'', के फ़िल्मी रूपांतरण में काइल मेकअवॉय की प्रमुख भूमिका निभाने की स्वीकृति दे दी है<ref>{{cite web |url=http://www.tvguide.com/Movie-News/Shia-LaBeouf-Associate-1000413.aspx |title=Shia LaBeouf to Become John Grisham's Associate |first=Adam |last=Bryant |work=[[TV Guide]] |publisher=OpenGate Capital |date=2 दिसंबर 2008 |accessdate=23 मार्च 2009 }}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>. ग्रिशेम, जिन्होंने खुद ही ला बियौफ़ को इस भूमिका के लिए चुना, उन्होंने ला बियौफ़ को लेने के सम्बन्ध में कहा, "मुझे लगता है कि वह उत्कृष्ट काम करेंगे." वह एक बहुत प्रतिभाशाली अभिनेता है<ref>{{cite web |url=http://www.nydailynews.com/gossip/2009/06/02/2009-06-02_shia_labeouf_will_be_john_grishams_latest_legal_beagle.html |title=Shia LaBeouf will be John Grisham's latest legal beagle |work=New York Daily New |first=Amanda |last=Sidman |date=1 जून 2009 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=22 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822083846/http://www.nydailynews.com/gossip/2009/06/02/2009-06-02_shia_labeouf_will_be_john_grishams_latest_legal_beagle.html |url-status=dead }}</ref>. दिसम्बर 2009 में, ला बियौफ़ फीलम ''द प्रोमिस्ड लैंड'' में काम करने वाले थे, लेकिन प्रमुख रूप से आर्थिक समस्याओं के कारण इस फिल्म को स्थगित कर दिया गया<ref name="gqapril2010" />. इस फिल्म के स्थगित होने की निराशा के फलस्वरूप ला बियौफ़ ने विलियम मोरिस एंडेवर के अपने प्रतिनिधियों को छोड़ दिया<ref name="gqapril2010" />. बिना किसी प्रतिनिधि के ही काम चलाने के प्रयास में अंततः उन्होंने जनवरी 2010 में क्रिएटिव आर्टिस्ट्स एजेंसी<ref name="gqapril2010" /> के साथ करार किया<ref>{{cite web |url=http://www.deadline.com/2010/01/shia-labeouf-surprises-by-signing-with-caa/ |title=Surprise! Shia LaBeouf Signs With CAA |work=[[Deadline Hollywood Daily]] |publisher=Media Corporation |first=Mike |last=Fleming |date=11 जनवरी 2010 |accessdate=27 मार्च 2010}}</ref>.
== निजी जीवन ==
ला बियौफ़ ने 18 साल की उम्र में ही अपने स्वयं का 2 बेडरूम का घर खरीद लिया था<ref name="star3">{{cite news|last=Randall|first=Laura|coauthors=|title=Shia LaBeouf's star gets brighter|pages=|publisher=The Christian Science Monitor|date=13 अप्रैल 2007|url=http://www.csmonitor.com/2007/0413/p15s01-almo.html|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>. वह सिगरेट पीते है<ref name="timeinterview607">{{cite news|last=Winters Keegan|first=Rebecca|coauthors=|title=The Kid Gets the Picture|pages=|publisher=''[[Time (magazine)|Time]]''|date=5 जुलाई 2007|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1640381,00.html|accessdate=8 जुलाई 2007|archive-date=10 जुलाई 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070710175723/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1640381,00.html|url-status=dead}}</ref><ref name="5generations" /><ref name="page4gq2008" /><ref name="sports" /> लेकिन जून 2009 में उन्होंने कहा कि कुछ समय से वह इसे छोड़ने का प्रयास कर रहे हैं<ref>{{cite web |url=http://www.guardian.co.uk/film/2009/jun/17/1 |title='I kiss trouble' |first=John |last=Patterson |work=[[द गार्डियन]] |publisher=Guardian News and Media Limited |date=17 जून 2009 |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref>. ला बियौफ़ एक निसान मैक्सिमा<ref name="lovehate" /> चलाते हैं और उनके पास ब्रैंडो और रेक्स नाम के दो [[बुलडॉग|बुलडाग]] हैं<ref name="star3" />. ला बियौफ़ ने कहा है कि, "मेरे जीवन में खेल का बहुत महत्व है<ref name="sports">{{cite news|last=Randall|first=Laura|coauthors=|title=Shia LaBeouf's hot, and he's caught Spielberg's eye|pages=|publisher=''Philadelphia Daily News''|date=13 अप्रैल 2007|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>," और वह "फिल्मों के दिवाने" हैं<ref name="junkie">{{citation |last=Topel|first=Fred|coauthors=|title=Shia LaBeouf talks Transformers|pages=|publisher=Crave Online|date=12 अप्रैल 2007|accessdate=13 अप्रैल 2007}}</ref>. वह द शिन्स,सीकेवाई और [[हिप हॉप नृत्य|हिप हाप]] उपनाम के बढ़िया जक्स संगीत पसंद करते हैं<ref name="Leno" />. ला बियौफ़ ने कहा कि वह ''द ट्रांसफार्मर्स'' टेलीविजन सीरिज़ और 1986 की फिल्मों के प्रसंशक हैं<ref name="mtvcom2006">{{cite web |url=http://www.mtv.com/movies/news/articles/1539806/08302006/story.jhtml |first=Larry |last=Carroll |title='Transformers' Set Has Flashy Cars, Robot Models, Exploding Furbys |work=[[MTV]] |publisher=[[Viacom]] |date=31 अगस्त 2006 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=29 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090629165718/http://www.mtv.com/movies/news/articles/1539806/08302006/story.jhtml |url-status=dead }}</ref>''The Transformers: The Movie'' . वह [[लॉस एंजेल्स क्लिपर्स]] और लॉस एंजेल्स डोजर्स के प्रसंशक हैं<ref name="moviesonline.ca" />. ''वाल स्ट्रीट'' की अगली कड़ी में अपने किरदार के लिए शोध के दौरान उन्हें शेयर बाज़ार के व्यापर में रूचि होने लगी, जिसे वह अपने "पसंदीदा शौक" के रूप में बताते हैं<ref name="gqapril2010" />.
ला बियौफ़ ने कहा कि वह अपने कैरियर के प्रति "अत्यंत गंभीर" हैं और इसीलिए "एक सोची समझी योजना के तहत समारोहों से दूर रहते हैं," क्यूंकि उनका ऐसा विश्वास है कि "यदि फिल्म उद्योग आपको इस कारण गंभीरता से नहीं लेगा कि आप हमेशा समारोहों में व्यस्त रहते हैं, तो वे आपके काम को भी गंभीरता से नहीं लेंगे<ref name="5generations" />." ''द वैंकूवर सन'' के साक्षात्कारकर्ता जेमी पोर्टमैन ने ला बियौफ़ का वर्णन कुछ इस तरह किया जैसे यह प्रतीत होता है "कि वह आज की इस किशोर सभ्यता जिसने उन्हें ऐसा बनाया है उसके साथ प्रेम और घृणा दोनों का सम्बन्ध रखते हैं<ref name="lovehate">{{cite news|last=Portman|first=Jamie|coauthors=|title=Shia LaBeouf's make-or-break year|pages=|publisher=The Vancouver Sun|date=13 अप्रैल 2007|url=http://www.canada.com/vancouversun/news/arts/story.html?id=cd2bbdb1-6cb1-4d1e-ab79-cd5f2c6ae1f5|accessdate=13 अप्रैल 2007|archive-date=3 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303195352/http://www.canada.com/vancouversun/news/arts/story.html?id=cd2bbdb1-6cb1-4d1e-ab79-cd5f2c6ae1f5|url-status=dead}}</ref>." ला बियौफ़ ने कहा है कि, हालांकि वह बहुत धर्मपरायणता के साथ [[यहूदी धर्म]] का पालन नहीं करते, लेकिन उनका "ईश्वर के साथ निजी सम्बन्ध है जो यहूदी धर्म की सीमाओं के अंतर्गत है<ref name="interfaith">{{cite news|last=Bloom|first=Nate|title=Interfaith Celebrities: Shia the Mensch|pages=|publisher=Interfaithfamily.com|date=10 अप्रैल 2007|url=http://www.interfaithfamily.com/arts_and_entertainment/popular_culture/Interfaith_Celebrities_Shia_the_Mensch.shtml?rd=2|accessdate=13 अप्रैल 2007|archive-date=12 जुलाई 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110712210828/http://www.interfaithfamily.com/arts_and_entertainment/popular_culture/Interfaith_Celebrities_Shia_the_Mensch.shtml?rd=2|url-status=dead}}</ref>." उन्होंने कहा है कि वह,"डिज्नी को आदर्श मानाने वाले अमेरिकी<ref name="designer" />" नहीं हैं और उन्होंने डिज्नी की कुछ फिल्मों में काम करने का निर्णय सिर्फ इसलिए लिया क्यूंकि "इससे वह अधिक से अधिक अपशब्दों का प्रयोग कर सकें<ref name="curses">{{cite news|last=Johnson|first=Neala|coauthors=|title=Shia ground|pages=|publisher=The Herald Sun|date=12 अप्रैल 2007|url=http://www.heraldsun.com.au/entertainment/movies/shia-ground/story-e6frf9h6-1111113330857|accessdate=13 अप्रैल 2007|archive-date=14 जून 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110614123332/http://www.heraldsun.com.au/entertainment/movies/shia-ground/story-e6frf9h6-1111113330857|url-status=dead}}</ref>" और डिज्नी फिल्मों के बाद "स्वयं को दर्शकों की दृष्टि में बड़ा दिखा सकें<ref name="Leno" />." हालांकि वह यह भी बताते हैं कि डिज्नी "बहुत महान.. इत्यादि" है और "विकसित होने के लिए उचित जगह" है<ref name="Leno" />. उन्होंने बताया कि उन्हें एक बाल कलाकार के रूप में काम करके बहुत मज़ा आया और उन्हें स्कूल जाना पसंद नहीं था<ref name="designer" /><ref name="school222">{{cite news|last=Cordova|first=Randy|coauthors=|title=Career window opening for Shia LaBeouf|pages=|publisher=AZ Central|date=13 अप्रैल 2007|url=http://www.azcentral.com/ent/movies/articles/0413shia0413.html|accessdate=13 अप्रैल 2007}}{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>.
मई 2009 तक की जानकारी के अनुसार उनके तीन मुख्य टैटू थे जिसके बारे में सभी को जानकारी थी: वह थे: उनकी दाहिनी हथेली के अन्दर की तरफ जिस पर 1986-2004 लिखा था, उनकी बायीं हथेली पर ऊपर की तरफ एक कुत्ते के पंजे का निशान और उनके ऊपरी बायीं तरफ के धड पर जंजीर पकडे हुए एक हाथ<ref name="moviesonline.ca">{{cite web |url=http://www.moviesonline.ca/movienews_11676.html |title=Shia LaBeouf Interview, Disturbia |first=Sheila |last=Roberts |work=MovieOnline.ca |accessdate=23 मार्च 2010}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.collider.com/entertainment/article.asp/aid/4666/cid/13/tcid/1 |title=Shia LaBeouf and Megan Fox Interview – Transformers |author=Frosty |publisher=Colider |date=18 जून 2007 |accessdate=22 फरवरी 2010 |archive-date=28 मई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090528080908/http://www.collider.com/entertainment/article.asp/aid/4666/cid/13/tcid/1 |url-status=dead }}</ref>. उन्होंने यह अपनी हथेली पर यह टैटू क्यों बनवाये इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि, 'मै 10 सालों से यह [अभिनय] कर रहा हूँ, बहुत सारे लोग कहते हैं,'ओह!मै अपने बचपन को भूल गया हूँ या मुझे अपने बचपन की याद आती है' इसीलिए मैंने पहले से ही यह टैटू बनवा लिए<ref name="moviesonline.ca" />." उनके धड़ के ऊपरी तरफ के टैटू के बारे में बताते हुए ला बियौफ़ कहते हैं, "यह ऐसा है जैसे कि एक कलाकार अपने लिए खुद ही जेल बना रहा हो,"और आगे बताया कि,"यही जीवन है। मै इस समय इसी अवस्था में हूँ.<ref name="moviesonline.ca" />" वह प्रेरणा के तौर पर अभिनेताओं गैरी ओल्डमैन<ref>{{cite web |url=http://www.avclub.com/articles/shia-labeouf,14083/ |title=Shia LaBeouf: Interview |first=Tasha |last=Robinson |work=AV Club |publisher=Onion Inc |date=11 मार्च 2007 |accessdate=22 फरवरी 2010}}</ref>, डस्टिन हलफमैन<ref name="Leno" />, जोडी फ़ॉस्टर, ज़ोन वोइट, ज़ोन टरटुरो<ref name="star3" /> और फ्रैंसिस लारेन्स की कही बातों को दोहराते हैं। ला बियौफ़ अपनी एजेंट टेरेसा डैल क्विस्ट, जोकि उनके डिज्नी कैरियर<ref name="page2gq2008" /> के दौरान उनके फिल्म खंड और किराये का खर्च उठाती थी, के बारे में बताते हुए कहते हैं कि वह उनके जीवन के कुछ खास, "अवलम्बों में से थी" आगे वह बताते हैं कि "उसने मुझे ऊपर उठाया और मेरी परवाह की<ref name="mixedup2" />."
अपने बचपन के दौरान अपने दोनों ही अभिभावकों के साथ कठिनता पूर्ण सम्बन्ध होने के बावजूद भी वह आज दोनों के करीब हैं<ref name="timeinterview607"/><ref name="page2gq2008" />. जाड़ों के दौरान ला बियौफ़ के पिता उनके साथ रहते हैं; गर्मियों के दौरान, वह [[मोंटाना]]<ref name="page2gq2008" /> में उस जमीन पर एक [[तम्बू]] लगा कर रहते हैं जो ला बियौफ़ ने 2003 में उन्हें 10, 000 डालर में खरीद कर दी थी<ref>{{cite web |url=http://www.people.com/people/shia_labeouf/0, ,00.html |title=Shia LaBeouf: Main |work=[[People (magazine)|People]] |publisher=[[Time Warner|Time Warner Inc]] |accessdate=23 मार्च 2010 |archive-date=26 सितंबर 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200926215452/https://people.com/people/shia_labeouf/0, |url-status=dead }}</ref>. ला बियौफ़ ने अपनी माँ के लिए भी, टूजुंगा, लॉस अन्जेल्स, कैलिफोर्निया में एक घर खरीदा जोकि<ref name="page2gq2008" /> उनके घर से मात्र 10 मिनट की दूरी पर है।<ref name="timeinterview607" /> उन्होंने टिपण्णी की, "अब वे लोग काम नहीं करते. मै उनका ध्यान रखता हूँ और वे अब अपने शेष जीवन भर कलात्मक कार्य ही करेंगे<ref name="page2gq2008" />." जब ला बियौफ़ 19 साल के थे तो एक बार उनके स्टूडियो सिटी अपार्टमेंट के एक पडोसी ने कथित रूप से उनकी माँ की बेइज़्ज़ति की और उनकी कार के पिछले हिस्से पर मार दिया, इस पर ला बियौफ़ एक चाकू ले आये और मदद के लिए एक दोस्त को भी उस पडोसी के घर ले आये, जिसका परिणाम यह हुआ कि ला बियौफ़ के पडोसी और उसके छः दोस्तों ने मिलकर ला बियौफ़ पर हमला कर दिया<ref name="page4gq2008">{{cite web |url=http://www.gq.com/entertainment/celebrities/200805/shia-labeouf-transformers?currentPage=4 |title=The (Hot-Dog-Vending, Knife-Fighting, Break-Dancing, Spielberg-Wooing) Adventures of Young Shia LaBeouf (Page 4) |work=[[GQ (magazine)|GQ]] |publisher=Condé Nast Digital |first=Kevin |last=Conley |date=2008-06 |accessdate=23 मार्च 2010 |archive-date=13 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121013222741/http://www.gq.com/entertainment/celebrities/200805/shia-labeouf-transformers?currentPage=4 |url-status=dead }}</ref>.
2004 से 2007 तक ला बियौफ़ के सम्बन्ध चाइना ब्रेजनर के साथ थे, जिनसे वह ''द ग्रेटेस्ट गेम एवर प्लेड'' के सेट पर मिले थे<ref>{{cite web |url=http://www.people.com/people/shia_labeouf/biography |title=Shia LaBeouf: Bibliography |work=People |publisher=Time Warner Inc |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref>. उनसे अलगाव के कारण के तौर पर उन्होंने बताया कि, "मै अपने काम की ओर इतना केंद्रित हो गया था कि मै किसी भी रिश्ते को अपना समय नहीं दे सकता था," लेकिन,"हम दोनों अलग नहीं हो सकते थे, वह मेरा प्यार और मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी<ref name="people.com2" />." इस अलगाव के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि वह ऐसा था जैसे "एक तूफ़ान के बाद फिर से संभालना पड़ता है<ref name="people.com2">{{cite web |url=http://www.people.com/people/article/0, 20044517,00.html |title=Shia LaBeouf on Dating: 'I'm Not That Smooth' |first=Aaron |last=Parsley |work=People |publisher=Time Warner Inc |date=3 जुलाई 2007 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=7 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |url-status=dead }}</ref>." ला बियौफ़ ने कहा है कि वह कोशिश करते हैं कि सह अभिनेत्रियों के साथ उनके सम्बन्ध न रहें क्यूंकि," सेट पर किसी को पसंद करने लगना बहुत आसान होता है, लेकिन अंत में आपको मालूम होता है कि जिसे आप पसंद करने लगे वह उन लोगों का दूसरा व्यक्तित्व था<ref name="people.com">{{cite news |url=http://www.people.com/people/article/0, 20036458,00.html |title=Shia LaBeouf: How I'm Getting Buff for Indiana Jones |first=Aaron |last=Parsley |work=[[People (magazine)|People]] |date=23 मार्च 2007 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=7 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |url-status=dead }}</ref>." उनका सम्बन्ध ब्रिटिश अभिनेत्री और फिल्म ''वाल स्ट्रीट: मनी नेवेर स्लीप्स'' की सह अभिनेत्री केरे मुलीगन के साथ सन 2009 से था; उन दोनों की मुलाकात फिल्म शुरू होने के पहले, फिल्म के निर्देशक ओलिव स्टोन ने करवाई थी और इसके बाद ज़ल्दी ही उन दोनों ने एक दूसरे से मिलना शुरू कर दिया<ref name="stonenypost">{{citation |date=4 दिसंबर 2009 |title='Wall Street' Couple |work=[[New York Post]] |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref>.
=== गिरफ्तारियां ===
[[चित्र:Shia LeBeouf on Army Today 2009-07-15.jpg|thumb|right|260px|alt=A Caucasian male wearing a checkered dark green and white buttoned shirt. The male is sitting in a chair and is sitting in-front of a background, that is mainly orange and yellow, with a multiple colored image. |जुलाई 2009 में ट्रांसफार्मर्स: रिवेंज ऑफ़ द फालेन का प्रचार करते ला बियौफ़ एक साल पहले कार दुर्घटना के दौरान लगी चोट, जो उनकी फिल्म के कथानक में भी लिखी गयी।]]
नवम्बर 4, 2007 की सुबह एक सुरक्षा अधिकारी ने ला बियौफ़ को [[शिकागो]] वालग्रीन छोड़कर जाने के लिए कहा; उसकी बात मानाने से मना करने के बाद, ला बियौफ़ को ख़राब आचारंव आपराधिक अतिक्रमण के लिए हिरासत में ले लिया गया<ref name="arrest">{{cite web |url=http://www.msnbc.msn.com/id/21626907/ |author=Access Hollywood |title=Shia LaBeouf arrested at Chicago Walgreens |work=MSNBC |date=4 नवंबर 2007 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=14 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091214054233/http://www.msnbc.msn.com/id/21626907/ |url-status=dead }}</ref>. दिसम्बर 12, 2007 को सभी आपराधिक आरोप निरस्त कर दिए गए<ref>{{cite web |url=http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2007/12/12/AR2007121200344_pf.html |title=Reuters Entertainment Summary |author=[[रॉयटर्स]] |work=Washington Post |date=13 दिसंबर 2007 |accessdate=25 मार्च 2010}}</ref>. मार्च 2008 में, कोर्ट में उपस्थित न होने की दशा में ला बियौफ़ के नाम पर एक गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया था। इस सुनवाई का सम्बन्ध उन्हें मिले उस टिकट से था जो बरबैंक, कैलिफोर्निया में सन 2008 फ़रवरी में अवैध धूम्रपान के लिए जारी हुआ था। जब दिन के 8:30 बजे तक ला बियौफ़ या उनका वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुए तो उनकी पहली गिरफ़्तारी के लिए 1000 डालर का वारंट जारी कर दिया गया<ref>{{cite web |url=http://showbiz.sky.com/Shia-In-Arrest-Drama |title=Shia In Arrest Drama |work=[[Sky News]] |publisher=[[News Corporation]] |date=19 मार्च 2008 |accessdate=22 फरवरी 2010 |archive-date=23 सितंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100923060421/http://showbiz.sky.com/Shia-In-Arrest-Drama |url-status=dead }}</ref>. हालाँकि कैलिफोर्निया के अदालत आयुक्त ने मार्च 19 2008 को, जब कि अभिनेता का वकील एक दिन बाद ला बियौफ़ के स्थान पर अपराधी न होने की फरियाद लेकर उपस्थित हुआ तो इस वारंट को वापस ले लिया और पूर्व-सुनवाई के लिए तारीख 24 अप्रैल 2008 निश्चित कर दी<ref>{{cite web |url=http://www.people.com/people/article/0, 20185226,00.html |title=Court Snuffs Out Bench Warrant for Shia LaBeouf |first=Mike |last=Fleeman |work=People |publisher=Time Warner Inc |date=19 मार्च 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=7 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |url-status=dead }}</ref>. अभिनेता द्वारा 500 डालर जुर्माना भरे जाने पर सभी आरोप निरस्त कर दिए गए<ref>{{cite news |url=http://www.people.com/people/article/0, 20195180,00.html |title=Shia LaBeouf Fined $500 for Illegal Smoking |work=People |publisher=Time Warner Inc |date=24 अप्रैल 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=7 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |url-status=dead }}</ref>.
जुलाई 27, 2008 को सुबह लगभग 3 बजे लॉस एंजेल्स में ला ब्रैया एवेन्यु और फाउनटेन एवेन्यु के बीच, ला बियौफ़ से एक कार दुर्घटना हो गयी। उनकी फोर्ड एफ-150 को किनारे से एक रेड लाईट पर चल रहे वाहन ने टक्कर लगा दी<ref name="fourhoursurgery">{{cite web |url=http://www.msnbc.msn.com/id/25974541/ |title=LaBeouf underwent four hours of hand surgery |author=Associated Press |work=MSNBC |date=1 अगस्त 2008 |accessdate=23 मार्च 2010 |archive-date=8 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090608123330/http://www.msnbc.msn.com/id/25974541 |url-status=dead }}</ref>. गाडी चलाते समय ला बियौफ़ ने खिड़की के ऊपरी सिरे को पकडे हुआ था और धक्का लगने पर, ट्रक उनके बाहर की ओर के उस हाथ पर चढ़ गया और उसे कुचल दिया<ref name="handinjury1">{{cite web |url=http://hollywoodinsider.ew.com/2009/04/14/shia-labeouf/ |title='Transformers' star Shia LaBeouf opens up about his injuries |first=Steve |last=Daly |work=Entertainment Weekly |publisher=Time Warner Inc |date=14 अप्रैल 2009 |accessdate=23 मार्च 2010 |archive-date=5 जनवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100105171533/http://hollywoodinsider.ew.com/2009/04/14/shia-labeouf/ |url-status=dead }}</ref>. दुर्घटना की छानबीन के दौरान पुलिस आधिकारियों को ला बियौफ़ के मुंह से शराब की महक आई<ref name="gqapril2010" />. क्यूंकि उन्होंने श्वास परीक्षण के लिए मना कर दिया इसलिए आधिकारियों ने मौके पर ही ला बियौफ़ को शराब पीकर गाड़ी चलाने और ख़राब आचरण के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया और उनका [[लाइसेंस]] भी एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया<ref name="july292008">{{cite web |url=http://www.msnbc.msn.com/id/25919280/ |title=DUI may tarnish Shia LaBeouf’s star |author=Associated Press |publisher=[[MSNBC]] |date=29 जुलाई 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=24 सितंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080924023004/http://www.msnbc.msn.com/id/25919280 |url-status=dead }}</ref><ref name="foxnewsjuly2009" /><ref>{{cite web |url=http://www.people.com/people/article/0, 20253690,00.html |title=Shia LaBeouf's Driver's License Suspended |work=People |publisher=Time Warner Inc |first=Eunice |last=Oh |date=20 जनवरी 2009 |accessdate=24 मार्च 2010 |archive-date=7 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |url-status=dead }}</ref>. ला बियौफ़ न कहा कि उन्होंने गाड़ी चलाने के कई घंटे पहले शराब पी थी और उन्हें लगा कि दुर्घटना के समय तक शराब का असर ख़त्म हो चुका था<ref name="michaelbaycaraccident" />. इस दुर्घटना के तुरन बाद ही ला बियौफ़ को अपने हाथ के लिए कई में से एक आपरेशन करवाना पड़ा<ref name="fourhoursurgery" />. उनकी यात्री, इसाबेल ल्युकास और दूसरी गाड़ी में बैठे चालक और यात्री को बहुत मामूली चोटें आयी<ref name="foxnewsjuly2009">{{cite web |url=http://www.foxnews.com/story/0,2933,393281,00.html |title=Police: Shia LaBeouf Not at Fault for Accident |author=Associated Press |work=FOX News |publisher= FOX News Networks LLC|date=29 जुलाई 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref><ref>{{cite news |title='Indiana Jones' star arrested for DUI |publisher=[[एसोसिएटेड प्रेस]] |date=27 जुलाई 2008 |accessdate=25 मार्च 2010}}</ref><ref>{{cite news|url=http://latimesblogs.latimes.com/thedishrag/2008/07/transformers-co.html |title=Transformers' co-star Isabel Lucas in Shia LaBeouf's truck crash! |work=[[लॉस एंजिल्स टाइम्स]] |publisher=[[Tribune Company]] |date=28 जुलाई 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010}}</ref>. दुर्घटना की गंभीरता के कारण, ला बियौफ़ का ट्रक पूरी तरह से नष्ट हो गया था; उनके पिता ने आज भी उस ट्रक को याद के तौर पर रखा है<ref name="gqapril2010">{{citation |title=He's So Money |first=Adam |last=Sach |work=GQ |date=अप्रैल 2010 |accessdate=31 मार्च 2010}}</ref>.
दो दिन बाद, लॉस अन्जेल्स के काउंटी शेरिफ विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि इस दुर्घटना में ला बियौफ़ की गलती नहीं थी क्यूंकि दूसरा चालक लाल बत्ती के संकेत को छोड़कर आया था<ref name="july292008" /><ref>{{cite news |title=Other driver, not LaBeouf, at fault in L.A. accident |work=[[The Baltimore Sun]] |publisher=[[Tribune Company]] |date=30 जुलाई 2008 |page=2C |accessdate=22 फरवरी 2010}}</ref>. इस समय तक ला बियौफ़ ''ट्रांसफार्मर्स" रिवेंज ऑफ़ द फालेन'', के सेट पर वापिस आ चुके थे और फिल्मांकन शुरू हो गया था<ref>{{cite web |url=http://www.accesshollywood.com/shia-labeouf-talks-crash-more-surgery-on-the-way_article_11252 |title=Shia LaBeouf Talks Crash; More Surgery On The Way |work=[[Access Hollywood]] |date=14 सितंबर 2008 |accessdate=23 मार्च 2010 |archive-date=22 जुलाई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150722002257/http://www.accesshollywood.com/shia-labeouf-talks-crash-more-surgery-on-the-way_article_11252 |url-status=dead }}</ref>. इसी साल के सितम्बर महीने में ला बियौफ़ ने उस कार दुर्घटना के बारे माँ बताते हुए कहा कि वह "आँखें खोलनेवाला और भयानक अनुभव था<ref>{{cite web |url=http://www.people.com/people/article/0, 20225888,00.html |title=Shia LaBeouf Calls Car Crash 'Eye-Opening' |author=Stephen M. Silverman, Ken Lee |work=People |publisher=Time Warner Inc |date=15 सितंबर 2008 |accessdate=21 फरवरी 2010 |archive-date=7 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |url-status=dead }}</ref>." उन्होंने कहा कि, चोट लगने के परिणाम स्वरुप, उन्हें अपने दाहिने हाथ में पेंच और प्लेट लगवानी पड़ी; और उस पर निशान भी पड़ गया है<ref name="handinjury1" />. उन्हें उँगलियों के जोड़ पर एक पेंच लगवाना पड़ा और उनके कूल्हे से एक हड्डी लेकर, तरांश कर उनकी उंगली की हड्डी के रूप में लगाई गयी है<ref name="handinjury1" />. अप्रैल 2009 में, उन्होंने कहा कि उन्हें अपने हाथ के लिए तीन आपरेशन करवाने पड़े. उन्होंने कहा कि "शायद लगभग 80 प्रतिशत" तक उनका हाथ पुनः ठीक हो जायेगा, जबकि अब वह फिर से मुट्ठी बनाने में सक्षम हो जायेंगे, "फिर भी एक जोड़ है जिसे [मै] कभी हिला नहीं पाऊंगा<ref name="handinjury1" />." मई 2010 में उन्होंने कहा कि वह "पूरी तरह से" अपनी उँगलियों को हिला सकते हैं<ref>{{cite web |url=http://www.etonline.com/news/2010/05/87204/ |title=CANNES GOES 'WALL STREET' |work=[[Entertainment Tonight]] |publisher=CBS Studios Inc |date=13 मई 2010 |accessdate=13 मई 2010 |archive-date=17 मई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100517021112/http://www.etonline.com/news/2010/05/87204/ |url-status=dead }}</ref>.
== फ़िल्मी विवरण ==
{{Filmography table begin|Year|Film|Role|Notes}}
| -
|रोस्पैन =3|1998
''द क्रिसमस पाथ''
कैल
|
| -
''मंकी बिजनेस''
| व्यैट
|
| -
''ब्रेकफास्ट विद आइन्स्टीन''
जोई
[[टेलीविजन फिल्म]]
| -
2001
''[[हाउन्डेड]]''
रोनी वैन डसेल
[[डिज़्नी चैनल]] ऑरिजिनल मूवी<br />टेलीविजन फिल्म
| -
2002 |
''[[ट्रू कंफेशंस]]''
एडी वाकर
डिज़्नी चैनल ऑरिजिनल मूवी<br />टेलीविजन फिल्म
| -
|रोस्पैन ="5"|2003
''[[द बैटल ऑफ़ शेकर हाईट्स]]''
केली एर्नस्विलर
[[लिमिटेड रिलीज]]
| -
[''[[Charlie's Angels: Full Throttle]]'' 328]
मैक्स पेट्रोनी
|
| -
''[[द इवेन स्टीवेंस मूवी]]''
| लुइस स्टीवेंस
डिज़्नी चैनल ऑरिजिनल मूवी<br />टेलीविजन फिल्म
| -
| [''[[Dumb and Dumberer: When Harry Met Lloyd]]'' 329]
लेविस
|
| -
| ''[[होल्स]]''
| [[स्टेनले "केवमैन" येलनैट्स IV]]
|
| -
2004 |
| ''[[आई, रोबोट]]''
| फार्बर
|
| -
|रोस्पैन="3"|2005
| ''[[द ग्रेटेस्ट गेम एवर प्लेड]]''
| [[फ्रांसिस उइमेट]]
|
| -
''[[नोसिका ऑफ़ द वैली ऑफ़ द विंड]]''
| एस्बेल[[(आवाज)]]
| [[एनिमेटेड फिल्म]]<br />2005 इंग्लिश [[डबिंग]]
| -
| ''[[कॉन्स्टैन्टाइन]]''
| चस क्रेमर
|
| -
|रोस्पैन="२'|2006
| [[''बॉबी'']]
| कूपर
|
| -
''[[अ गाइड टू रेकोगनाइसिंग योर सेंट्स]]''
| यंग डिटो
|
| -
|रोस्पैन="3"|2007
| ''[[डिस्टर्बिया]]''
| केल ब्रेच
|
| -
| ''[[सर्फ्स अप]]''
| कोडी मेवरिक (आवाज)
| एनिमेटेड फिल्म
| -
''[[ट्रांसफ़ॉर्मर्स]]''
| [[सैम विटविकी]]
|
| -
|रोस्पैन="2"|2008
| ''[[इंडियाना जोन्स एंड द किंगडम ऑफ़ द क्रिस्टल स्कल]]''
| [[हेनरी "मट विलियम्स" जोन्स III]]
|
| -
''[[ईगल आई]]''
| जैरी शॉ / एथेन शॉ
|
| -
|रोस्पैन="2"|2009
|[''[[Transformers: Revenge of the Fallen]]'' 330]
| सैम विटविकी
|
| -
| ''[[न्यूयॉर्क, आई लव यु]]''
|जैकब
|
| -
2010|
|[''[[Wall Street: Money Never Sleeps]]'' 331]
जेक "जैकब" मूर
|
| -
2011|
''[[ट्रांसफ़ॉर्मर्स 3]]''
| सैम विटविकी
| फिल्मिंग
{{Filmography table end}}
{{Filmography table begin|Year|Title|Role|Notes}}
| -
1998 |
''[[कैरोलिन इन द सिटी]]''
|एथेन
| एपिसोड: "कैरोलिन एंड द बार मित्ज़वा"
| -
| रोस्पैन="4"| 1999
| ''[[जेस]]''
| मो
| एपिसोड:"मामा वास ए रोलिन स्टोन"
| -
| ''[[सडेन्ली सुसेन]]''
| रिची
| एपिसोड: [["ए दे इन लाइफ"]]
| -
| ''[[टच्ड बाई ऍन एंजेल]]''
| जॉनी
|एपिसोड: "द ओक्युपेंट"
| -
''[[द एक्स-फाइल्स]]''
| रिची ल्युपोन
| एपिसोड: [[" द गोल्डवर्ग वेरिएशन"]]
| -
| रोस्पैन="2"|2000
| ''[[ER]]''
| डर्नेल स्मिथ
| एपिसोड: [["एब्बी रोड"]]
| -
| ''[[फ्रीक्स एंड गीक्स]]''
| हरबर्ट द मेस्कोट
| एपिसोड: [["वी हेव गौट स्पिरिट"]]
| -
2000-2003 |
| ''[[इवेन स्टीवेंस]]''
| लुइस स्टीवेंस
|
| -
2001 |
''[[द नाईटमेयर रूम]]''
डाईलैन पिएर्स
| एपिसोड: [[The Nightmare Room: Scareful What You Wish For|"स्कैरफुल वाट यू विश फॉर"]]
| -
2002 |
''[[द प्राउड फैमिली]]''
| जॉनी मैक ब्राइड (आवाज)
| एपिसोड: "आई लव यू पेनी प्राउड "<br />[[एनिमेटेड सीरिज़]]
{{Filmography table end}}
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|Shia LaBeouf}}
* {{imdb|0479471}}
* {{tv.com|34106}}
{{DEFAULTSORT:Labeouf, Shia}}
[[श्रेणी:1986 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:एक्टर्स फ्राम लॉस एंजेल्स, कैलिफोर्निया]]
[[श्रेणी:अमेरिकन चाइल्ड एक्टर्स]]
[[श्रेणी:अमेरिकन फिल्म एक्टर्स]]
[[श्रेणी:अमेरिकन ज्यूस]]
[[श्रेणी:अमेरिकन पीपल ऑफ़ फ्रेंच डेसेंट]]
[[श्रेणी:अमेरिकन टेलीविज़न एक्टर्स]]
[[श्रेणी:अमेरिकन वोईस एक्टर्स]]
[[श्रेणी:बाफ्टा विनर्स (पीपल)]]
[[श्रेणी:कैजुन पीपल]]
[[श्रेणी:डेटाइम एमी अवार्ड विनर्स]]
[[श्रेणी:ज्यूइश एक्टर्स]]
[[श्रेणी:लिविंग पीपल]]
[[श्रेणी:श्रेष्ठ लेख योग्य लेख]]
[[श्रेणी:गूगल परियोजना]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
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स्वर्ण मान
0
219794
6534200
6486870
2026-03-29T10:24:16Z
Sourish Paul Shyamnagar India
763024
6534200
wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Goldkey logo removed.jpg|thumb|right|सोने के मानक में पेपर नोट्स प्री-सेट में परिवर्तनीय हैं जिसमें निश्चित मात्रा में सोने होते हैं।]]
'''स्वर्ण मान''' ({{lang-en|gold standard}}) एक मौद्रिक प्रणाली है, जिसमें सोने का एक तय वजन मानक आर्थिक मूल्य की इकाई होती है। सोने के मानक के भिन्न प्रकार होते हैं। सबसे पहले, '''स्वर्ण मुद्रा मानक''' एक प्रणाली है जिसमें मौद्रिक इकाई सोने के सिक्कों के साथ संबद्ध होती है या फिर किसी कम मूल्यवान धातु से बने पूरक सिक्के के साथ संयोजन में एक ख़ास परिसंचारी स्वर्ण मुद्रा के मामले में मूल्य की इकाई परिभाषित होती है।
इसी प्रकार, '''स्वर्ण विनिमय मानक''' में आमतौर पर सिर्फ चांदी या अन्य धातुओं से बने सिक्कों का प्रचलन अंतर्भूत होता है, लेकिन जहां सरकारें अन्य देश के साथ एक तय विनिमय दर की गारंटी करती हैं तब वह सोने के मानक पर तय होता है। यह ''निजतः'' एक सोने के मानक का निर्माण करता है, उसमें चांदी के अन्तर्जात मूल्य से स्वतन्त्र सोने के सन्दर्भ में चांदी के सिक्कों के मूल्य के एक तय बाह्य मूल्य होते हैं। अंत में, '''स्वर्ण बुलियन मानक''' एक ऐसी प्रणाली है जिसमें सोने के सिक्के प्रचलन में नहीं होते, मगर जिसमें सरकारों ने प्रचलित करेंसी (मुद्रा) के साथ विनिमय की मांग पर एक तय कीमत पर स्वर्ण बुलियन (सोने की ईंटें) बेचने पर सहमति व्यक्त की है।
[[चित्र:Us-gold-certificate-1922.jpg|thumb|right|1882 से लेकर 1933 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में पेपर करेंसी के रूप में गोल्ड सर्टिफिकेट्स इस्तेमाल किया जाता है। इन प्रमाणपत्रों को स्वतंत्र रूप से सोने के सिक्कों में परिवर्तनीय है।]]
== स्वर्ण मुद्रा मानक ==
पुराने जमाने के कुछ बड़े साम्राज्यों में स्वर्ण मुद्रा मानक विद्यमान था। [[बाईज़न्टाइन साम्राज्य|बिजन्टाइन साम्राज्य]] (यूनानी साम्राज्य) इसका एक उदाहरण है, जिसमें बिजान्ट नामक स्वर्ण मुद्रा का उपयोग किया जाता था।<ref>{{cite journal |last=लोपेज़ |first=रॉबर्ट सबेटिनो |title=The Dollar of the Middle Ages |journal=आर्थिक इतिहास की पत्रिका|date=ग्रीष्म 1951 |volume=11|issue=3|pages=209–234|jstor=2113933 |doi=10.1017/s0022050700084746|s2cid=153550781 }}</ref> लेकिन बिजन्टाइन साम्राज्य की समाप्ति के बाद यूरोपीय विश्व ने चांदी के मानक के इस्तेमाल का रुख अपनाया। उदाहरण के तौर पर, ई.सं. 796 में राजा ओफ्फा के काल के आसपास चांदी का सिक्का [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|ब्रिटेन]] का मुख्य सिक्का बन गया था। 16 वीं सदी में पोटोसी और [[मेक्सिको]] में चांदी के बड़े भंडारों की स्पेनिश खोज से प्रसिद्ध पीसेस ऑफ़ ऐट (स्पेनिश डॉलर) के संयोजन के साथ एक अंतरराष्ट्रीय चांदी मानक की शुरुआत हुई, जो उन्नीसवीं सदी तक जारी रहा।
आधुनिक समय में ब्रिटिश वेस्ट इंडीज स्वर्ण मुद्रा मानक को अपनाने वाला एक पहला क्षेत्र बना। रानी एनी की 1704 की घोषणा के बाद, ब्रिटिश वेस्टइंडीज का सोने का मानक, एक 'निजतः' (डि फैक्टो) स्पेनिश स्वर्ण डब्लून (सोने का सिक्का) सिक्के पर आधारित एक स्वर्ण मानक था। वर्ष 1717 में, शाही टकसाल के स्वामी सर इसाक न्यूटन ने चांदी और सोने के बीच अनुपात के लिए एक नए टकसाल की स्थापना की, जिससे चांदी प्रचलन से बाहर होती गयी और ब्रिटेन में स्वर्ण मानक शुरू हुआ। हालांकि, 1816 में टावर हिल स्थित शाही टकसाल द्वारा गोल्ड सॉवरेन सिक्के के जारी होने के बाद ही 1821 में, औपचारिक रूप से यूनाइटेड किंगडम में स्वर्ण मुद्रा मानक आरंभ हुआ।
यूनाइटेड किंगडम बड़ी औद्योगिक शक्तियों में पहला था, जिसने रजत मानक की जगह स्वर्ण मुद्रा मानक को अपनाया. जल्द ही [[कनाडा]] ने 1853 में, न्यूफ़ाउंडलैंड ने 1865 में और यूएसए (USA) और जर्मनी ने 1873 में विधिवत इसे अपना लिया। यूएसए (USA) ने अपनी इकाई के रूप में अमेरिकन गोल्ड ईगल का उपयोग किया और जर्मनी ने नए गोल्ड मार्क का आरंभ किया, जबकि कनाडा ने अमेरिकी गोल्ड ईगल तथा ब्रिटिश गोल्ड सॉवरेन दोनों पर आधारित एक दोहरी प्रणाली को अपनाया.
ब्रिटिश वेस्ट इंडीज की ही तरह [[ऑस्ट्रेलिया]] और [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूजीलैंड]] ने ब्रिटिश स्वर्ण मानक को अपनाया, जबकि न्यूफाउंडलैंड ब्रिटिश साम्राज्य का एक ऐसा देश रहा जिसने मानक के रूप में अपनी स्वर्ण मुद्रा आरंभ की। आस्ट्रेलिया के समृद्ध स्वर्ण खदानों से गोल्ड सॉवरेन सिक्कों को ढालने के उद्देश्य से [[सिडनी]], [[न्यू साउथ वेल्स]], [[मेलबॉर्न|मेलबोर्न,]] [[विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया)|विक्टोरिया,]] और [[पर्थ]], [[वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया|पश्चिमी आस्ट्रेलिया]] में शाही टकसाल की शाखाओं की स्थापना की गयी।
== स्वर्ण विनिमय मानक ==
{{Unreferenced section|date=July 2010}}
19वीं सदी के अंत में शेष बचे रजत मानक वाले कुछ देशों ने अपने चांदी के सिक्कों के बजाय यूनाइटेड किंगडम या यूएसए (USA) के सोने के मानकों को आधार बनाना शुरू किया। 1898 में, ब्रिटिश भारत ने 1s 4d की तय दर पर चांदी के रूपये के लिए पाउंड स्टर्लिंग को आधार बनाया, जबकि 1906 में, स्ट्रेट्स सेटलमेंट्स (दक्षिण-पूर्व एशिया में ब्रिटिश उपनिवेश) ने पाउंड स्टर्लिंग का स्वर्ण विनिमय मानक अपनाया, जिसके तहत चांदी के स्ट्रेट्स डॉलर 2s 4d की दर पर तय किये गये।
इस बीच सदी के आरंभ में, फिलीपींस ने 50 सेंट में यूएस (US) डॉलर को चांदी के पेसो/डॉलर का आधार बनाया। 50 सेंट में ऐसा ही उद्बंधन लगभग एक ही समय मेंक्सिको के चांदी के पेसो और जापान के चांदी के येन के साथ हुआ। जब 1908 में स्याम ने स्वर्ण विनिमय मानक को अपनाया, तब सिर्फ चीन और हांगकांग ही रजत मानक के साथ बचे रहे।
== स्वर्ण बुलियन मानक ==
{{Unreferenced section|date=July 2010}}
प्रथम विश्व युद्घ छिड़ने पर यूनाइटेड किंगडम और ब्रिटिश साम्राज्य के बाकी हिस्सों में स्वर्ण मुद्रा मानक समाप्त हो गया। गोल्ड सॉवरेन और गोल्ड हाफ सॉवरेन के प्रचलन की जगह राजकोषीय नोटों ने ले लिया। हालांकि, स्वर्ण मुद्रा मानक को कानूनी तौर पर निरस्त नहीं किया गया। स्वर्ण मानक का अंत देशभक्ति की अपीलों द्वारा सफलतापूर्वक प्रभावित हुआ, जब लोगों ने स्वर्ण मुद्रा के लिए अपने कागजी धन (पेपर मनी) को छुडाने का बैंक ऑफ इंग्लैंड से अनुरोध किया। 1925 में जब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के संयोजन से ब्रिटेन स्वर्ण मानक में वापस आया, तब स्वर्ण मुद्रा मानक आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया था।
संसद के जिस ब्रिटिश क़ानून ने 1925 में स्वर्ण बुलियन मानक की शुरुआत की, उसीने साथ ही साथ स्वर्ण मुद्रा मानक को निरस्त कर दिया। नए स्वर्ण बुलियन मानक ने स्वर्ण नकदी सिक्कों के परिसंचरण की वापसी पर विचार नहीं किया। इसके बजाय, कानून ने अधिकारियों को मांग पर एक तयशुदा कीमत पर स्वर्ण बुलियन बेचने को बाध्य किया। यह स्वर्ण बुलियन मानक 1931 तक चला. 1931 में, बड़ी तादाद में सोने के अटलांटिक महासागर के पार चले जाने के कारण यूनाइटेड किंगडम को स्वर्ण बुलियन मानक स्थगित करना पड़ा. महामंदी के ही दबाव के कारण ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने पहले से ही स्वर्ण मानक को बंद करने के लिए बाध्य हो चुके थे और कनाडा ने भी जल्द ही यूनाइटेड किंगडम का अनुसरण किया।
== स्वर्ण मानक को अपनाने की तिथियां ==
* 1704: रानी ऐनी की घोषणा के बाद ब्रिटिश वेस्टइंडीज ने 'निजत:' (de facto) इसे अपनाया.
* 1717: आईजैक न्यूटन द्वारा टकसाल के अनुपात के संशोधन के बाद किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन ने 'निजत:' 22 कैरेट क्राउन गोल्ड में एक गिनी से लेकर 129.438 ग्रेन (8.38 ग्रा.) को अपनाया.<ref>{{Cite book|first=Charles P. |last=Kindleberger |authorlink=Charles P. Kindleberger |title=A financial history of western Europe |publisher=Oxford University Press |location=Oxford |year=1993 |pages=[http://books.google.com/books?id=PFgIE7_eYwwC&printsec=frontcover&source=gbs_summary_r&cad=0#PPA60,M1 60–63] |isbn=0-19-507738-5 |oclc=26258644}}</ref><ref>न्यूटन, आइसैक, [http://www.pierre-marteau.com/editions/1701-25-mint-reports/report-1717-09-25.html ''ट्रेजरी पेपर्स'', वॉल्यूम ccviii.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170406191205/http://www.pierre-marteau.com/editions/1701-25-mint-reports/report-1717-09-25.html |date=6 अप्रैल 2017 }}[http://www.pierre-marteau.com/editions/1701-25-mint-reports/report-1717-09-25.html 43, मिंट कार्यालय, 21 सितंबर 1717] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170406191205/http://www.pierre-marteau.com/editions/1701-25-mint-reports/report-1717-09-25.html |date=6 अप्रैल 2017 }}.</ref><ref>"सिद्धांत और इतिहास में सोने का मानक", बीजे इचेंग्रीन एंड एम् फ्लैंड्रयू [http://books.google.com.ph/books?id=R66Ctakwm8QC&pg=PA4&lpg=PA4&dq=Britain+bimetallic+1717&source=bl&ots=Mrkd1GsoDq&sig=_6D04NS35BBcGGxDu-ulhhdsbNk&hl=en&ei=exgfS-CyJtGGkAW2g7HkCg&sa=X&oi=book_result&ct=result&resnum=4&ved=0CBIQ6AEwAw#v=onepage&q=Britain%20bimetallic%201717&f=false]</ref>
* 1818: [[नीदरलैण्ड|नीदरलैंड्स]] ने सोने के 1 गिल्डर से 0.60561 ग्रा. को अपनाया.
* 1821: [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|यूनाइटेड किंगडम]] ने 'विधिवत' 22 कैरेट क्राउन गोल्ड में एक सॉवरेन से 123.27447 ग्रेन को अपनाया.
* 1853: [[कनाडा]] ने अमेरिकी गोल्ड ईगल सिक्के के बराबर दस यूएस (US) डॉलर और साथ में चार डॉलर छियासी या दो-तिहाई सेंट के बराबर ब्रिटिश गोल्ड सॉवरेन के साथ जोड़ कर इसे अपनाया. 1858 में कनाडाई ईकाई को अमेरिकी ईकाई के बराबर बना दिया गया था।
* 1854: [[पुर्तगाल]] में 1.62585 ग्रा. सोना 1000 रेजी (réis) के बराबर था।
* 1863: ब्रेमेन के फ्री हैंसीटिक सिटी में 1.19047 ग्रा. सोना एक ब्रेमेन थालर के बराबर था, 1873 मार्क शुरू होने से पहले जर्मन महासंघ में मानक सोना में शुरू करनेवाला यह अकेला राज्य था।
* 1865: [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में [[न्यूफाउंडलैंड]] ही अकेला देश था जिसने ब्रिटिश गोल्ड सॉवरेन से अलग अपना सिक्का शुरू किया। न्यूफ़ाउंडलैंड सोना डॉलर स्पैनिश डॉलर ईकाई के बराबर था, जो ब्रिटिश पूर्वी कैरिबियाई क्षेत्रों और ब्रिटिश गुआना में इस्तेमाल होता था।
* 1873: जर्मन साम्राज्य में 2790 मार्क्स (ℳ) 1 किग्रा सोना के बराबर होता था।
* 1873: संयुक्त राज्य अमेरिका ने 'निजत:' 1 ट्रॉय औंस (31.1 ग्रा.) के बराबर 20.67 डॉलर किया था। (1873 के सिक्का-ढलाई अधिनियम को देखें)। <ref>{{Cite book|title=The Pocket money book: a monetary chronology of the United States |accessdate=2008-11-13 |year=2006 |publisher=[[American Institute for Economic Research]] |location=[[Great Barrington, Massachusetts]] |isbn=0-913610-46-1 |oclc=75968548 |pages=4–6 |author=}}</ref>
* 1873: लैटिन मौद्रिक संघ (बेल्जियम, इटली, [[स्विट्ज़रलैण्ड|स्विट्जरलैंड]], फ्रांस) 9.0 ग्रा. सोने के बराबर 31 फ्रैंक को अपनाया.
* 1875: स्कैंडिनेवियाई मौद्रिक संघ: (डेनमार्क, नार्वे और स्वीडन) ने 1 किग्रा. सोने के बराबर 2480 क्रोनर को अपनाया.{{Citation needed|date=November 2008}}
* 1876: आंतरिक तौर पर [[फ़्रांस|फ्रांस]] ने अपनाया.{{Citation needed|date=November 2008}}
* 1876: [[स्पेन]] ने 9.0 ग्रा सोने के बराबर 31 पेसेटास (pesetas) को अपनाया.{{Citation needed|date=November 2008}}
* 1878: फिनलैंड के ग्रांड डची (Grand Duchy of Finland) ने 9:0 ग्रा सोने के बराबर 31 माकर्स को अपनाया.{{Citation needed|date=November 2008}}
* 1879: ऑस्ट्रिया साम्राज्य (ऑस्ट्रियन क्राउन और ऑस्ट्रियन फ्लोरिन देखें)। {{Citation needed|date=November 2008}}
* 1881: [[अर्जेन्टीना|अर्जेंटीना]] में 1.4516 ग्राम सोना 1 पेसो के बराबर होता है।{{Citation needed|date=November 2008}}
* 1885: [[मिस्र]]<ref name="eh.net">{{Cite web |author=Encyclopedia: |url=http://eh.net/encyclopedia/article/officer.gold.standard |title=Gold Standard | Economic History Services |publisher=Eh.net |date= |accessdate=2010-07-24 |archive-url=https://web.archive.org/web/20051124102010/http://www.eh.net/encyclopedia/article/officer.gold.standard |archive-date=24 नवंबर 2005 |url-status=dead }}</ref>
* 1897: [[रूस]] में 24.0 ग्रा. सोना 31 रूबल के बराबर होता है।<ref name="eh.net" />
* 1897: जापान में 1 [[येन]] का अवमूल्यन 0.75 ग्रा. सोने में होता है।<ref name="eh.net" />
* 1898: भारत ([[भारतीय रुपया]] देखें)। {{Citation needed|date=November 2008}}
* 1900: संयुक्त राज्य अमेरिका ''विधित:'' (गोल्ड स्टैंडर्ड अधिनियम देखें)
* 1903: फिलीपींस गोल्ड एक्सचेंज/यूएस (US) डॉलर.<ref name="eh.net" />
* 1906: स्ट्रैट्स सेटलमेंट्स गोल्ड एक्सचेंज/पाउंड स्टर्लिंग.<ref name="eh.net" />
* 1908: सियाम गोल्ड एक्सचेंज/पाउंड स्टर्लिंग.<ref name="eh.net" />
== स्वर्ण मानक का स्थगन ==
उच्च स्तर के व्यय के लिए सरकारों को कर राजस्व के सीमित स्रोत के साथ धन की जरूरत होती है, लेकिन 19 वीं शताब्दी में बहुत सारे कई मौकों पर सोने की मुद्रा में विनिमेयता पर रोक लग गयी थी। ब्रिटिश सरकार ने नेपोलियन युद्धों के दौरान इस विनिमेयता पर रोक लगा दिया और यूएस (US) सरकार ने यूएस (US) गृह युद्ध के दौरान. दोनों ही मामलों में, युद्ध के बाद विनिमेयता शुरू कर दी गयी थी।
=== स्वर्ण मानक शिखर से संकटकाल तक (1901-1932) ===
==== युद्ध में धन लगाने के लिए स्वर्ण भुगतान का स्थगन ====
1914 में [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के दौरान सैन्य अभियानों के लिए ब्रिटिश सरकार ने बैंक ऑफ इंग्लैंड के नोटों की सोने में विनिमेयता को निलंबित कर दिया, जैसा कि सोना मानक के तहत पिछले प्रमुख युद्धों में हुआ था।<ref>{{cite encyclopedia |last=Snowdon |first=Brian |coauthors=Howard R. Vane |encyclopedia=An Encyclopedia of Macroeconomics |title=Gold Standard |url=http://books.google.com/books?id=HSVakrh8TToC&pg=PA293 |accessdate=2008-12-15 |year=2002 |publisher=Edward Elgar Publishing |isbn=1840643870 |page=293 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20120415171352/http://books.google.com/books?id=HSVakrh8TToC&pg=PA293 |archivedate=15 अप्रैल 2012 |url-status=live }}</ref> युद्ध समाप्त होने तक ब्रिटेन फिएट मुद्रा विनिमय की श्रृंखला पर चलता था, जिसने पोस्टल मनी ऑर्डर और ट्रेजरी नोटों को मुद्रीकृत कर दिया था। बाद में सरकार ने इन नोटों को बैंक नोट कहा, जो कि यूएस (US) ट्रेजरी नोट से भिन्न था। [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] सरकार ने इसी तरह के उपाय किए। युद्ध के बाद, [[जर्मनी]] का बहुत सारा सोना हर्जाना चुकाने में चला गया था, इसीलिए वह ''रिच्समार्क्स'' (Reichsmarks) सोने का उत्पादन नहीं कर सकता था और उसे बगैर किसीके सहयोग के कागज के पैसे जारी करने के लिए मजबूर किया गया, इससे 1920 में बेलगाम मुद्रा-स्फीति का सामना करना पड़ा.
[[फ्रांसीसी जर्मन युद्ध|फ्रेंको-प्रुशिया युद्ध]] के बाद स्वर्ण मानक को सुगम बनाने की क्षतिपूर्ति प्राप्त करने की जर्मनी की मिसाल को देखते हुए, जापान ने 1894-1895 के चीन-जापान युद्ध के बाद आवश्यक भण्डार प्राप्त किया। विदेश से क़र्ज़ लेने के लिए स्वर्ण मानक किसी सरकार के लिए पर्याप्त प्रामाणिकता प्रदान करता है या नहीं, इस पर बहस संभव है।
जापान के लिए, पश्चिमी पूंजी बाज़ारों में पहुंच प्राप्त करने के लिए सोने की ओर बढ़ने को महत्वपूर्ण माना गया था।
ग्रेट ब्रिटेन, जापान और स्कैंडिनेवियाई देशों ने 1931 में स्वर्ण मानक को छोड़ दिया। <ref>{{Cite web| url=http://www.youtube.com/watch?v=3_ex0sTsb_I&feature=channel| title=FDR Ends Gold Standard in 1933| date=जनवरी 2010| access-date=1 अक्तूबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20150529111334/https://www.youtube.com/watch?v=3_ex0sTsb_I&feature=channel| archive-date=29 मई 2015| url-status=live}}</ref>
=== मंदी और द्वितीय विश्व युद्ध ===
==== महामंदी का दीर्घीकरण ====
यूसी बर्कले के प्रोफेसर बैरी आइचेनग्रीन जैसे कुछ आर्थिक इतिहासकारों ने महामंदी के दीर्घीकरण के लिए 1920 के दशक के स्वर्ण मानक को जिम्मेवार बताया। <ref>इचेंग्रीन, बैरी (1992) गोल्डन फेटर्स: द गोल्ड स्टैंडर्ड एंड द ग्रेट डिप्रेशन, 1919-1939. प्रस्तावना.</ref> फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रेडमैन सहित दूसरों ने फेडरल रिजर्व को दोषी ठहराया.<ref>{{Cite web |url=http://www.federalreserve.gov/BOARDDOCS/SPEECHES/2002/20021108/default.htm |title=शिकागो विश्वविद्यालय में कॉन्फेरेन्स पर मिल्टन फ्राइडमैन को सम्मान करने के लिए बेन बर्नान्क द्वारा एक भाषण 8 नवम्बर 2002. |access-date=1 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200324160935/https://www.federalreserve.gov/BOARDDOCS/SPEECHES/2002/20021108/default.htm |archive-date=24 मार्च 2020 |url-status=dead }}</ref><ref>[http://www.wnd.com/?pageId=59405 वर्ल्डनेटडेली (WorldNetDaily), 19 मार्च 2008] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101205131343/http://www.wnd.com/?pageId=59405 |date=5 दिसंबर 2010 }}.</ref> स्वर्ण मानक धन की आपूर्ति की उनकी क्षमता को सीमित करने के जरिये केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति के लचीलेपन को सीमित करता है और इस तरह कम ब्याज दरों की उनकी क्षमता होती है। यूएस (US) में, कानून के द्वारा फेडरल रिजर्व के लिए जरूरी किया गया था कि वह फेडरल रिजर्व की नोटों की मांग के 40% के बराबर का सोना अपने भंडार में रखे और इस तरह, अपने वाल्टों में जमा सोने के भंडार से अधिक धन की आपूर्ति के विस्तार की अनुमति उसे नहीं मिल सकती थी।<ref>[http://www.jstor.org/pss/1807996 द ऑरिजनल फेडेरल रिज़र्व एक्ट प्रोवाइडेड फॉर अ नोट इशु विच टू बी सेक्योर्ड ... बाई अ 40% रिज़र्व इन गोल्ड]</ref>
1930 के दशक के प्रारंभ में, फेडरल रिजर्व ने डॉलर की मांग बढ़ाने की कोशिश में ब्याज दरें बढ़ाकर स्वर्ण मानक की तुलना में डॉलर की तय कीमत का बचाव किया। उच्च ब्याज दरों ने डॉलर पर अपस्फीति का दबाव बढ़ा दिया और यू.एस. (U.S.) बैंकों में निवेश कम हो गया। वाणिज्यिक बैंकों ने भी 1931 में रिजर्व फेडरल नोट्स को सोने में परिवर्तित किया, इससे फेडरल रिजर्व के स्वर्ण भंडार में कमी आई और इस कारण तदनुसार फेडरल रिजर्व के नोटों के परिमाण के परिसंचरण में कमी आयी।<ref name="federalreserve2004">{{Cite web |url=http://www.federalreserve.gov/boarddocs/speeches/2004/200403022/default.htm |title=FRB: Speech, Bernanke-Money, Gold, and the Great Depression -March 2, 2004 |publisher=Federalreserve.gov |date=2004-03-02 |accessdate=2010-07-24 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090830213529/http://federalreserve.gov/boarddocs/speeches/2004/200403022/default.htm |archive-date=30 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref> डॉलर पर इस सट्टेबाजी के हमले ने यू.एस. (U.S.) की बैंकिंग प्रणाली में एक आतंक का माहौल बना दिया। डॉलर के आसन्न अवमूल्यन के भय से, कई विदेशी और घरेलू जमाकर्ताओं ने सोना या अन्य संपत्ति में परिवर्तित करने के लिए यू.एस. (U.S.) के बैंकों से अपना धन निकाल लिया।<ref name="federalreserve2004" />
बैंक आतंक के दौरान आम लोगों द्वारा बैंकिंग प्रणाली से धन निकाल लेने से धन आपूर्ति में जबरन सिकुडन आ गया जिससे अपस्फीति पैदा हुई; और ब्याज दरों में नाममात्र की कमी आने से भी, मुद्रास्फीति-समायोजित वास्तविक ब्याज दरें ऊंची ही बनी रहीं, इससे खर्च करने के बजाय धन को जमा रखे लोगों को फायदा हुआ, इस वजह से अर्थव्यवस्था में और भी अधिक धीमापन आया।<ref>"[http://eh.net/Clio/ASSAPapers/Hanes.pdf 1930 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका में जो परिस्थिति थी वह तरलता के जाल के लिए अनुकूल स्थिति थी।] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110609112131/http://eh.net/Clio/ASSAPapers/Hanes.pdf |date=9 जून 2011 }} [http://eh.net/Clio/ASSAPapers/Hanes.pdf 1929-1933 तक रातोंरात दर शून्य पर पहुंच गयी और वह पूरे 1930 के दशक भर गिरी हुई ही रही."] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110609112131/http://eh.net/Clio/ASSAPapers/Hanes.pdf |date=9 जून 2011 }}</ref> ब्रिटेन की तुलना में संयुक्त राज्य अमेरिका में रिकवरी धीमी थी, आंशिक रूप से इसका कारण था स्वर्ण मानक के परित्याग और ब्रिटेन की तरह यू.एस. (U.S.) डॉलर को संतुलित करने की कांग्रेस की अनिच्छा. 1933 में जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने स्वर्ण मानक को त्यागने का फैसला किया, तब जाकर अर्थव्यवस्था में सुधार आना शुरू हुआ।<ref>''द यूरोपियन इकोनौमी बिटविन वॉर्स'' ; फिन्स्टिन, तेमिम और टोनीयोलो</ref>
==== स्वर्ण मानक में वापसी पर ब्रिटेनवासियों की हिचक ====
1939-1942 के दौरान, ब्रिटेन ने यू.एस. (U.S.) और अन्य देशों से "नकद दो और माल लो" के आधार पर युद्ध सामग्री और हथियारों की खरीदगी में अपना अधिकांश स्वर्ण भंडार खाली कर दिया। {{Citation needed|date=September 2007}} यूके (UK) के भंडार की इस समाप्ति से युद्ध-पूर्व तरह के स्वर्ण मानक में वापसी की अव्यवहारिकता को [[विन्सटन चर्चिल|विंस्टन चर्चिल]] समझ गये। बस यह समझ लिया जाय कि युद्ध ने ब्रिटेन को दिवालिया बना दिया था।
इस तरह के स्वर्ण मानक के विरुद्ध बोलने वाले [[जोन मेनार्ड केन्स|जॉन मेनार्ड कीन्स]] ने निजी स्वामित्व वाले बैक ऑफ़ इंग्लैंड के हाथों में नोट छापने की शक्ति दे देने का प्रस्ताव रखा। मुद्रास्फीति के खतरे के बारे में चेतावनी देते हुए कीन्स ने कहा, "मुद्रास्फीति की एक सतत प्रक्रिया से, गुप्त रूप से और अलक्षित रूप से सरकारें अपने नागरिकों की संपत्ति के एक महत्वपूर्ण हिस्से को जब्त कर लिया करती हैं। इस तरीके से, वे न केवल जब्त करती हैं, बल्कि वे मनमाने ढंग से जब्त करती हैं; और, जहां यह प्रक्रिया अनेक लोगों को गरीब बना देती है, वहीं दरअसल कुछ को धनाढ्य बनाती है।"<ref>जॉन मेनार्ड कीन्स इकोनोमिक कन्सिक्विन्सेस ऑफ़ द पीस, 1920.</ref>
बहुत संभवतः इसी कारण से, 1944 ब्रेटन वुड्स समझौते के तहत [[अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक निधि|अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष]] की स्थापना हुई और एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली की स्थापना की गयी, जो विभिन्न राष्ट्रीय मुद्राओं के यू.एस. (U.S.) डॉलर में परिवर्तनीयता और बदले में सोने में उसकी परिवर्तनीयता पर आधारित हुई। इसने देशों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़त हासिल करने के लिए अपनी मुद्रा के मूल्य में हेरफेर करने से भी रोका.{{Citation needed|date= जनवरी 2010}}
=== युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण-डॉलर मानक (1946-1971) ===
{{Main|Bretton Woods system}}
[[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध]] के बाद, ब्रेटन वुड्स समझौते द्वारा स्वर्ण मानक के समान ही एक प्रणाली स्थापित की गयी। इस प्रणाली के तहत, अनेक देशों ने यू.एस. (U.S.) डॉलर के तुलना में अपने विनिमय दर तय किये। यू.एस. (U.S.) ने सोने की कीमत 35 डॉलर प्रति औंस में तय करने का वादा किया। निःसंदेह रूप से तबसे सभी मुद्राएं डॉलर से आंकी जाने लगीं, जिनका सोने से संबंधित एक निश्चित मूल्य भी हुआ करता था। फ्रांसीसी राष्ट्रपति [[शार्ल डु गोल|चार्ल्स डी गॉल]] के शासनान्तर्गत 1970 तक, फ्रांस ने अपना डॉलर भंडार कम कर दिया, उनसे यू.एस. (U.S.) सरकार से सोना खरीद लिया, जिससे विदेश में यू.एस. (U.S.) का आर्थिक प्रभाव कम हुआ। [[वियतनाम युद्ध]] के लिए संघीय खर्चों के वित्तीय दबाव के साथ-साथ इसने 1971 में सोने के साथ डॉलर की सीधी परिवर्तनीयता को समाप्त करने को [[रिचर्ड निक्सन]] को बाध्य किया, इसके परिणामस्वरूप व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गयी, जिसे आम तौर पर निक्सन आघात कहा जाता है।
== सिद्धांत ==
पण्य पदार्थ मुद्रा (कोमोडिटी मनी) का भंडारण और परिवहन असुविधाजनक है। मानकीकृत मुद्रा की तरह सहूलियत के साथ यह सरकार को उसके अधिकार क्षेत्र में वाणिज्य के प्रवाह को नियंत्रित या विनियमित करने की अनुमति नहीं देता है। इसी प्रकार, कोमोडिटी मनी प्रतिनिधि मुद्रा (रिप्रेजेंटेटिव मनी) को रास्ता देती है और सोना तथा अन्य रोकड़े इसकी सहायता के लिए प्रतिधारित होते हैं।
सोना अपनी दुर्लभता, स्थायित्व, विभाज्यता, विनिमेयता और पहचान की सहजता की वजह से,<ref name="ease">{{Cite book|first=Shepard |last=Krech |coauthors=John Robert McNeill and [[Carolyn Merchant]] |title=Encyclopedia of world environmental history |publisher=[[Routledge]] |location=[[New York City]] |year=2004 |page=[http://books.google.com/books?id=8whW1e-jaHsC&printsec=frontcover&dq=9780415937344&source=gbs_summary_r&cad=0#PPA597,M1 597] |isbn=0-415-93734-5 |oclc=174950341}}</ref> प्रायः चांदी के संयोजन के साथ, धन का एक आम रूप था। सोने के साथ, मौद्रिक रिज़र्व धातु के रूप में आम तौर पर चांदी मुख्य परिसंचारी माध्यम थी।
अर्थव्यवस्था द्वारा धन की मांग किये जाने पर स्वर्ण मानक में फेरबदल करना मुश्किल होता है, इससे आर्थिक संकट के समाधान के लिए केन्द्रीय बैंकों द्वारा किये जाने वाले उपायों के सामने व्यावहारिक अडचनें आया करती हैं।<ref>{{Cite journal |first=Asli |last=Demirgüç-Kunt |coauthors=Enrica Detragiache |year=2005 |month=अप्रैल |title=Cross-Country Empirical Studies of Systemic Bank Distress: A Survey |journal=नेशनल इंस्टीट्यूट इकोनॉमिक रिव्यू, ब्रिटेन |volume=192 |issue=1 |pages=68–83 |doi=10.1177/002795010519200108 |url=http://ner.sagepub.com/cgi/reprint/192/1/68 |accessdate=2008-11-12 |oclc=90233776 |issn=0027-9501 |archive-url= https://web.archive.org/web/20090531220818/http://ner.sagepub.com/cgi/reprint/192/1/68 |archive-date=31 मई 2009 |url-status=live }}</ref>
स्वर्ण मानक विविध रूप से विनिर्दिष्ट करता है कि सोने की सहायता को कैसे लागू किया जाएगा, साथ ही मुद्रा (करेंसी) की प्रति इकाई के रोकड़े की राशि को भी विनिर्दिष्ट करता है। करेंसी अपने आपमें महज एक कागज़ है और इसीलिए उसका कोई ''अंतर्भूत'' मूल्य नहीं होता है, लेकिन व्यापारियों द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया क्योंकि किसी भी समय इससे समकक्ष नकदी या मुद्रा प्राप्त की जा सकती है। मसलन, एक अमेरिकी चांदी प्रमाणपत्र से असली चांदी प्राप्त की जा सकती है।
प्रतिनिधि धन और स्वर्ण मानक बेलगाम मुद्रास्फीति तथा मौद्रिक नीति के अन्य बुरे प्रभावों से नागरिकों की सुरक्षा करता है। [[महान मंदी|महामंदी]] के दौरान कुछ देशों में ऐसे बुरे प्रभाव देखे गये थे। हालांकि, ये भी समस्यारहित और आलोचनाओं से परे नहीं हैं और इसीलिए ब्रेटन वुड्स प्रणाली के अंतरराष्ट्रीय अभिग्रहण के मार्फ़त इसे आंशिक रूप से त्याग दिया गया। वो प्रणाली अंततः 1971 में ध्वस्त हो गई, उस समय लगभग सभी देशों ने पूर्ण आधिकारिक आदेशिती रूपये या मुद्रा को अपना लिया।
बाद के विश्लेषण के अनुसार, शीघ्रतापूर्वक जिस देश ने स्वर्ण मानक का त्याग किया, उसने महामंदी से अपनी अर्थव्यवस्था के निजात पाने की विश्वसनीय भविष्यवाणी की। उदाहरण के लिए, ग्रेट ब्रिटेन और स्कैंडिनेविया, जिन्होंने 1931 में स्वर्ण मानक का त्याग किया, वे स्वर्ण मानक के साथ काफी दिनों तक बने रहने वाले फ्रांस और बेल्जियम की तुलना में बहुत पहले ही उबर आये। रजत मानक रखनेवाले चीन जैसे देश, मंदी से लगभग पूरी तरह बच गये। अपनी मंदी से देश की कठिनाई के एक मजबूत भविष्यवक्ता के रूप में स्वर्ण मानक का त्याग करने और इससे उबर पाने में लगनेवाले समय की अवधि के बीच संबंध विकासशील देशों सहित दर्जनों देशों में एक-समान देखा गया। यह आंशिक रूप से बताता है कि विभिन्न देशों में मंदी के अनुभव और उसकी अवधि क्योंकर अलग-अलग रही। <ref>बर्नान्क, बेन (2 मार्च 2004), "रिमार्क्स बाई गवर्नर बेन एस. बर्नान्क: मनी, गोल्ड एंड द ग्रेट डिप्रेशन", आर्थिक नीति पर एच.पारकर विलिस द्वारा लेक्चर, वॉशिंगटन और ली विश्वविद्यालय, लेज़िन्ग्टन, वर्जीनिया.</ref>
=== भिन्न परिभाषाएं ===
100% आरक्षित स्वर्ण मानक, या एक पूर्ण स्वर्ण मानक तब विद्यमान होता है जब कोई मौद्रिक प्राधिकारी अपने द्वारा जारी की गयी सभी प्रतिनिधि मुद्रा को दिए गये वचन की विनिमय दर पर परिवर्तित करने के लिए पर्याप्त सोना जमा रखता है। यह कभी-कभी स्वर्ण मुद्रा मानक के रूप में निर्दिष्ट होता है, जो विभिन्न समय में विद्यमान रहे स्वर्ण मानक के अन्य रूपों की तुलना में कहीं अधिक आसानी से पहचानने योग्य होता है। वर्तमान सोने की कीमत पर वर्तमान विश्वव्यापी आर्थिक गतिविधि को बनाये रखने के लिए दुनिया में सोने की मात्रा बहुत कम होने से एक 100% आरक्षित मानक को आम तौर पर मुश्किल माना जाता है{{By whom|date=March 2009}}. इसके कार्यान्वयन से सोने की कीमत में अनेक-गुना वृद्धि अपरिहार्य होगी। {{Citation needed|date=March 2009}}
आंशिक-आरक्षित बैंकिंग प्रणाली की वजह से यह होता है। केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रा का सृजन होता है और इसे परिसंचरण में प्रयुक्त किया जाता है, तब पैसा धन गुणक के मार्फत विस्तृत होता है। प्रत्येक अनुवर्ती ऋण और पुनः-जमा के परिणामस्वरूप मौद्रिक आधार का विस्तार होता है। इसलिए, दिए गये वचन की विनिमय दर को लगातार समायोजित करना पड़ता है।
एक अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण मानक प्रणाली में (जो सबंधित देशों के आंतरिक स्वर्ण मानक पर आवश्यक रूप से आधारित होता है)<ref>द न्यू पालग्रेव डिक्शनरी ऑफ इकोनॉमिक्स, 2 संस्करण (2008), खंड 3, एस.695</ref> सोना या कागजी मुद्रा जो कि एक तय कीमत पर सोने में परिवर्तनीय है, का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने में एक साधन के रूप में होता है। ऐसी प्रणाली के तहत, जब विनिमय दर से निश्चित टकसाल दर से ऊपर या नीचे चली जाती है, एक देश से दूसरे देश में सोने के परिवहन के खर्च से भी अधिक, तब बड़े स्तर पर अंतर्वाह या बहिर्प्रवाह होता रहता है जब तक कि दरें आधिकारिक स्तर पर वापस नहीं आ जातीं. अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण मानक अक्सर उन्हें सीमाबद्ध करता है जिन देशों के पास कागजी मुद्रा को सोने में परिवर्तित करने के अधिकार हैं। ब्रेटन वुड्स प्रणाली के तहत, इन्हें "SDRs" कहा जाता है, जो स्पेशल ड्राइंग राइट्स (Special Drawing Rights) का संक्षिप्तीकरण है।{{Citation needed|date=November 2008}}
== लाभ ==
* लंबी अवधि की मूल्य स्थिरता को स्वर्ण मानक के बहुत बड़े प्रभाव के रूप में वर्णित किया गया है।<ref>बोर्डो, माइकल डी. (2008). "स्वर्ण मानक". http://www.econlib.org/library/Enc/GoldStandard.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101005063134/http://www.econlib.org/library/Enc/GoldStandard.html |date=5 अक्तूबर 2010 }}. स्वर्ण मानक का सबसे बड़ा गुण यह था कि इसने लंबी अवधि तक मूल्य की स्थिरता को सुनिश्चित किया।</ref> स्वर्ण मानक के तहत, उच्च स्तर की मुद्रास्फीति दुर्लभ है और बेलगाम मुद्रास्फीति असंभव है, क्योंकि मुद्रा की आपूर्ति की दर तभी बढ़ सकती है जब सोने की आपूर्ति में वृद्धि हो। माल की निरंतर आपूर्ति के लिए लगातार बढती करेंसी द्वारा अर्थव्यवस्था-व्यापी मूल्य में वृद्धि विरल होती है, क्योंकि सिक्के ढाल सकने के लिए उपलब्ध सोने के द्वारा मौद्रिक उपयोग के लिए सोने की आपूर्ति सीमित होती है। स्वर्ण मानक के तहत उच्च स्तर की मुद्रास्फीति आम तौर पर युद्ध से अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से के जर्जर हो जाने पर देखी जाती है, जब माल का उत्पादन घट जाता है; या फिर जब सोने का एक बड़ा स्रोत उपलब्ध हो जाता है। अमेरिका में गृह युद्ध उन युद्ध अवधियों में एक में था, जिसने दक्षिण की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया था,<ref>http://eh.net/encyclopedia/article/ransom.civil.war.us {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111224191049/http://eh.net/encyclopedia/article/ransom.civil.war.us |date=24 दिसंबर 2011 }} द इकोनोमिक्स ऑफ़ द सिविल वार संघ ने भी युद्ध के दौरान घाटा वित्त के परिणामस्वरूप मुद्रास्फीति को महसूस किया; उपभोक्ता मूल्य सूचकांक युद्ध की शुरुआत में 100 से बढ़ते हुए 1865 के अंत तक 175 तक जा पहुंचा।</ref> जबकि कैलिफोर्निया गोल्ड रश ने सिक्के ढालने के लिए बड़ी तादाद में सोना उपलब्ध करा दिया था।<ref>http://eh.net/encyclopedia/article/whaples.goldrush {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120626195316/http://eh.net/encyclopedia/article/whaples.goldrush |date=26 जून 2012 }} 1792 से लेकर 1847 तक कैलिफोर्निया गोल्डरश से यू.एस. (U.S.) का महज 37 टन संचित सोने का उत्पादन हुआ। सिर्फ 1849 में कैलिफोर्निया का उत्पादन इस आंकड़े से अधिक था और 1848 से 1857 तक सालाना उत्पादन औसतन 76 टन रहा. ... 1850 से पूरे 1855 तक कैलिफोर्निया और ऑस्ट्रेलिया के सोने के उत्पादन में बहुत अधिक वृद्धि होने से इसकी थोक कीमत में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई.</ref>
* स्वर्ण मानक अत्यधिक कागजी मुद्रा जारी करने के जरिये मूल्य में वृद्धि लाने से सरकारों को रोकता है। उन देशों ने जिन्होंने इसे अपनाया है, यह उन्हें तय अंतरराष्ट्रीय विनिमय दर प्रदान करता है और इस तरह अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता कम करता है। ऐतिहासिक रूप से, विभिन्न देशों के बीच मूल्य स्तरों में असंतुलन को, एक स्वचालित बैलेंस-ऑफ़-पेमेंट (भुगतान संतुलन) समायोजन प्रक्रिया से आंशिक रूप से या पूर्णरूपेण संतुलित कर दिया जाता है, इस प्रक्रिया को "प्राईस स्पेसी फ्लो मेकेनिज्म" (मूल्य नकदी प्रवाह तंत्र) कहते हैं।
* स्वर्ण मानक सरकारों के चिरकालिक घाटे के व्यय को मुश्किल बना देता है, क्योंकि यह सरकारों को अपने कर्जों के वास्तविक मूल्य को "बढ़ा-चढ़ाकर बताने" से रोकता है।<ref>एलन ग्रीनस्पैन द्वारा स्वर्ण और आर्थिक स्वतंत्रता http://www.constitution.org/mon/greenspan_gold.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100925231456/http://constitution.org/mon/greenspan_gold.htm |date=25 सितंबर 2010 }}</ref> कोई केंद्रीय बैंक सरकारी ऋण के अंतिम उपाय का एक असीमित खरीददार नहीं हो सकता. कोई केंद्रीय बैंक अपनी इच्छा से असीमित मात्रा में मुद्रा का सृजन नहीं कर सकता, क्योंकि सोने की आपूर्ति सीमित है।
== हानि ==
[[चित्र:Gold price.png|thumb|250px|गोल्ड प्राइसेस (US$ पर आउंस) 1968 से, नॉमिनल US$ और इन्फ्लेशन एड्जस्तेड US$.]]
* जब कभी किसी अर्थव्यवस्था में सोने की आपूर्ति की तुलना में स्वर्ण मानक तेजी से विकसित होता है तो यह स्वर्ण मानक अपस्फीति का कारण होता है। जब कोई अर्थव्यवस्था मुद्रा आपूर्ति की तुलना में तेजी से विकसित होती है तो उसी मुद्रा का उपयोग बड़े पैमाने पर होनेवाले लेनदेन के लिए किया जाना चाहिए। पैसों को तेजी से वितरित करने या लेनदेन की लागत को कम करने के लिए इसे प्राप्त करने के केवल यही तरीके हैं। अगर अपस्फीति ड्राइव की लागत कम होती है, तो पैसों की प्रत्येक ईकाई का वास्तविक मूल्य ऊपर जाता है। इससे नकदी का मूल्य बढ़ जाता है और अचल संपत्ति का मौद्रिक मूल्य कम हो जाता है, क्योंकि वही संपत्ति कम पैसों में खरीदी जा सकती है। बदले में इससे संपत्ति के लिए ऋण का अनुपात बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, मान लें ब्याज दरें अपरिवर्तित रह जाती हैं, बंधक घर की मासिक लागत की निश्चित दर एक-सी रह जाती है, लेकिन घर का मूल्य कम हो जाता है और बंधक के लिए भुगतान के पैसों का मूल्य बढ़ जाता है। इस प्रकार अपस्फीति नकद की बचत करता है।{{Citation needed|date=September 2010}}
* अपस्फीति बचत करनेवालों को लाभ देती है<ref>http://online.wsj.com/article/NA_WSJ_PUB:SB10001424052748704779704574554830014559864.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110408033454/http://online.wsj.com/article/NA_WSJ_PUB:SB10001424052748704779704574554830014559864.html |date=8 अप्रैल 2011 }} डिफ्लेशन रिवॉर्ड्स सेवर्स व्हो होर्ड कैश-</ref><ref>http://208.106.154.79/story.aspx?82504cb2-de36-4934-bd4f-6912fbca58cc{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} जो बच गए उन्हें अपस्फीति से पुरस्कृत किया गया</ref> और देनदारों के लिए सजा बन जाती है।<ref>http://www.bloomberg.com/apps/news?pid=newsarchive&sid=am.gkYZFlB0A {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924181819/http://www.bloomberg.com/apps/news?pid=newsarchive&sid=am.gkYZFlB0A |date=24 सितंबर 2015 }} "अपस्फीति कर्जदारों को नुकसान पहुंचाती है और बचत करनेवालों को फायदा पहुंचात है," न्यूयॉर्क के बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज-मेरिल लिंच के वरिष्ठ अर्थशास्त्री ड्रेयू माटस ने टेलीफोन साक्षात्कार में कहा. "अगर आप अभी कर्ज लेते हैं तो आपके ऋण का मूल्य एकदम ऊंचाई पर होगा."</ref><ref>http://www.dailypaul.com/node/120184 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101007203050/http://www.dailypaul.com/node/120184 |date=7 अक्तूबर 2010 }} इसके विपरीत जो बचतकारियों को पुरस्कृत तथा कर्जदारों को दण्डित करता है और सर्वोपरि सरकारें इस आधुनिक युग में सबसे बड़ी कर्जदार होती हैं।</ref> इसलिए संपत्ति ऋण का बोझ बढ़ जाता है, उधारकर्ताओं को ऋण खर्च में कटौती करने या डिफ़ॉल्ट के कारण उधार लेने पड़ जाता है। ऋणदाता अमीर बन जाते हैं, लेकिन हो सकता है वह इसे पूरा खर्च करने के बजाए अपने उस अतिरिक्त धन को बचत के लिए रखे. इसलिए व्यय की समग्र राशि में गिरावट की संभावना बन जाती है।<ref name="economist.com">http://www.economist.com/node/13610845 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100930224237/http://www.economist.com/node/13610845 |date=30 सितंबर 2010 }} मुद्रास्फीति बुरा है, लेकिन अपस्फीति सबसे बुरा है</ref> केंद्रीय बैंक की क्षमता को खर्च करने के लिए उकसा कर भी अपस्फीति लूटती है।<ref name="economist.com" /> अपस्फीति को नियंत्रित करना मुश्किल होता है और यह एक गंभीर आर्थिक जोखिम माना जाता है। लेकिन व्यवहार में सरकारों के लिए सोने का मानक या कृत्रिम व्यय को छोड़ कर अपस्फीति को नियंत्रित करना हमेशा संभव होता है।<ref name="economist.com" /><ref>{{Cite web |url=http://www.economist.com/node/16590992?story_id=16590992&CFID=136849207&CFTOKEN=92989586 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100830080757/http://www.economist.com/node/16590992?story_id=16590992&CFID=136849207&CFTOKEN=92989586 |archive-date=30 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref><ref>http://fraser.stlouisfed.org/docs/meltzer/fisdeb33.pdf {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100815233315/http://fraser.stlouisfed.org/docs/meltzer/fisdeb33.pdf |date=15 अगस्त 2010 }}. इरविंग फिशर द डेब्ट डिफ्लेशन थ्योरी ऑफ़ ग्रेट डिप्रेसंस "उपर्युक्त नाम कारकों ने एक अधीनस्थ भूमिका निभाई है दो प्रभावशाली कारकों की तुलना में, जो अति-ऋणग्रस्तता नामक स्थिति से शुरू होकर जल्द ही बाद में अपस्फीति नामक स्थिति में बदल जाते हैं" और "मुझे, फिलहाल, एक दृढ विश्वास है कि ये दो आर्थिक बीमारियां, कर्ज की बीमारी और मूल्य-स्तर की बीमारी, ...अन्य सभी के कुल जोड़ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण कारण हैं"</ref>
* सोने की कुल राशि, जिसे अब तक खदान से निकाला गया है, वह अनुमानत: लगभग 142,000 मीट्रिक टन है।<ref>{{Cite book |last=Butterman |first=W.C. |coauthors=Earle B. Amey III |title=Mineral Commodity Profiles—Gold |url=http://pubs.usgs.gov/of/2002/of02-303/OFR_02-303.pdf |format=PDF |accessdate=2008-11-12 |year=2005 |publisher=[[संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण]] |location=[[Reston, Virginia]] |oclc=62034878 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100331203250/http://pubs.usgs.gov/of/2002/of02-303/OFR_02-303.pdf |archive-date=31 मार्च 2010 |url-status=live }}{{Page needed|date=September 2010}}</ref> मान लिया जाए अगर प्रति औंस सोने की कीमत 1,000 यूएस (US) डॉलर है, या प्रति किग्रा 32,500 डॉलर है, अब तक खदान से निकाले गए कुल सोने की कीमत 4.5 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी. अकेले यूएस में परिसंचारी पैसों का मूल्य से यह कहीं कम है, 8.3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की राशि परिसंचालन में है या संचित (एम2 (M2)) है।<ref>{{Cite web |url=http://www.federalreserve.gov/releases/h6/current/default.htm |title=Money Stock and Debt Measures |accessdate=2008-03-16 |publisher=Federal Reserve Board |date=2008-03-13 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101009120254/http://www.federalreserve.gov/releases/h6/current/default.htm |archive-date=9 अक्तूबर 2010 |url-status=live }}</ref> इसलिए, आंशिक संचित बैंकिंग के स्वर्ण मानक की वापसी के लिए, यदि भी बैंकिंग के अंत के साथ अगर मानक सोना पर लौट जाया जाए तो इसके नतीजे में सोने के मौजूदा मूल्य में वृद्धि होगी, जिससे हो सकता है वर्तमान अनुप्रयोग में इसका उपयोग सीमित हो जाए.<ref name="Warburton" /> उदाहरण के लिए, प्रति औंस 1,000 डॉलर के अनुपात का उपयोग करने के बजाय, प्रति औंस 2,000 डॉलर के रूप में अनुपात को परिभाषित किया जा सकता है, इससे प्रभावी रूप से सोने की कीमत 9 ट्रिलियन डॉलर बढ़ जाती है। बहरहाल, यह विशेष रूप से स्वर्ण मानक पर लौटने का एक नुकसान है, न कि स्वर्ण मानक के प्रभाव का. स्वर्ण मानक के कुछ पैरोकारों ने इसे स्वीकार्य और आवश्यक बताया है<ref name="Paul">{{Cite book |first=Ron |last=Paul |authorlink=Ron Paul |coauthors=[[Lewis Lehrman]] |title=The case for gold: a minority report of the U. S. Gold Commission |url=http://www.mises.org/books/caseforgold.pdf |format=PDF |accessdate=2008-11-12 |publisher=[[Cato Institute]] |location=[[Washington, D.C.]] |year=1982 |page=160 |isbn=0-932790-31-3 |oclc=8763972 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110223072950/http://mises.org/books/caseforgold.pdf |archive-date=23 फ़रवरी 2011 |url-status=live }}</ref> जबकि अन्य, जिन्होंने आंशिक संचित बैंकिंग का विरोध नहीं किया, उनका कहना है कि केवल आधार मुद्रा के प्रतिस्थापन की जरूरत होगी, न कि जमा की। {{Citation needed|date=March 2009}} ऐसे आधार मुद्रा की राशि (M0 (एमओ)) केवल एक दहाई है ज्यादा से ज्यादा उपरोक्त सूचीबद्ध आंकड़ा (M2 (एम2)) के रूप में है।<ref>डेटा फ्रॉम http://www.federalreserve.gov/releases/h6/hist/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101009115733/http://www.federalreserve.gov/releases/h6/hist/ |date=9 अक्तूबर 2010 }} एस इंटरप्रीटेड इन [[:File:Components of the United States money supply2.svg]]</ref>
* बहुत सारे अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आर्थिक कटौती के दौरान धन की आपूर्ति में वृद्धि के द्वारा आर्थिक मंदी को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है।<ref name="Mankiw">{{Cite book |last=Mankiw |first=N. Gregory |title=Macroeconomics |publisher=Worth |year=2002 |edition=5th |pages=[https://archive.org/details/briefprincipleso00mank/page/238 238–255] |isbn=0324171900 |url=https://archive.org/details/briefprincipleso00mank/page/238 }}</ref> स्वर्ण मानक पर चलने का अर्थ होगा कि धन की राशि सोने की आपूर्ति के द्वारा निर्धारित होगी और इसीलिए आर्थिक मंदी के समय में अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मौद्रिक नीति का कोई उपयोग नहीं रह जाएगा.<ref name="Slate: Krugman ">{{Cite web|url=http://www.slate.com/id/1912/|title=The Gold Bug Variations|last=Krugman|first=Paul|publisher=Slate.com|accessdate=2009-02-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20100829013654/http://www.slate.com/id/1912/|archive-date=29 अगस्त 2010|url-status=live}}</ref> ऐसे कारण अक्सर महामंदी के लिए आंशिक रूप से स्वर्ण मानक को यह कहते हुए दोषी ठहराते हैं कि बाजार में काम करनेवाले अपस्फीतिकारी बल के पर्याप्त समायोजन के कारण फेडरल रिजर्व क्रेडिट का विस्तार नहीं कर सकता. इस सोच के विरोधियों का कहना है कि 1930 के दशक में फेडरल रिजर्व के पास क्रेडिट के विस्तार के लिए सोने का भंडार उपलब्ध था, लेकिन फेडरल अधिकारी उनका उपयोग करने में नाकाम रहे। <ref>टिम्बरलेक, रिचर्ड एच. 2005. "संयुक्त राज्य अमेरिका की मौद्रिक नीति में सोने के मानक और रियल बिल्स डॉकट्रिन". ''एकॉन जर्नल वॉच'' 2(2): 196-233. [http://econjwatch.org/issues/volume-2-issue-2-august-2005] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100712204215/http://econjwatch.org/issues/volume-2-issue-2-august-2005|date=12 जुलाई 2010}}</ref>
* मौद्रिक नीति अनिवार्य रूप से सोने की उत्पादन की दर से निर्धारित होगा। खदान से निकलनेवाले सोने की राशि के संकुचन में अगर वृद्धि हुई तो यह मुद्रास्फीति का और अगर इसमें ह्रास होता है तो यह अपस्फीति का कारण हो सकता है।<ref name="BradDeLong">{{Cite web |url=http://www.j-bradford-delong.net/Politics/whynotthegoldstandard.html |title=Why Not the Gold Standard? |date=1996-08-10 |last=DeLong |first=Brad |authorlink=J. Bradford DeLong |publisher=[[University of California, Berkeley]] |location=[[Berkeley, California]] |accessdate=2008-09-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101018035441/http://www.j-bradford-delong.net/politics/whynotthegoldstandard.html |archive-date=18 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref><ref name="Bordo 2008">{{cite encyclopedia |last=Bordo |first=Michael D. |editor=David R. Henderson |encyclopedia=[[अर्थशास्त्र का संक्षिप्त विश्वकोश]] |title=Gold Standard |url=http://www.econlib.org/library/Enc/GoldStandard.html |accessdate=2010-08-28 |year=2008 |publisher=Liberty Fund |location=Indianapolis |isbn=0-86597-666-X |oclc=123350134 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20101005063134/http://www.econlib.org/library/Enc/GoldStandard.html |archivedate=5 अक्तूबर 2010 |url-status=live }}</ref> कुछ का मानना है कि चूंकि मानक सोना ने अपस्फीति उत्पन्न करते हुए इसने मौद्रिक नीति को बहुत ही हलका-फुलका रखने के लिए केंद्रीय बैंकों को बाध्य किया, महामंदी की अवधि को तीव्र और लंबा करने में इसमें योगदान किया।<ref name="Warburton">{{Cite book|last=Warburton |first=Clark |title=Depression, Inflation, and Monetary Policy: Selected Papers, 1945-1953 |year=1966 |publisher=[[Johns Hopkins University Press]] |location=[[Baltimore]] |oclc=736401 |pages=25–35 |chapter=The Monetary Disequilibrium Hypothesis}}</ref><ref name="jdh" /> हालांकि मिल्टन फ्राइडमैन ने दलील दी कि संयुक्त राज्य अमेरिका में महामंदी की तीव्रता का मुख्य कारण रिजर्व फेडरल था, न कि स्वर्ण मानक; क्योंकि मानक सोने के लिए आवश्यकता की तुलना में उन्होंने जानबूझकर वित्तीय तंगी को बरकरार रखा। <ref>http://www.pbs.org/fmc/interviews/friedman.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20020808213817/http://www.pbs.org/fmc/interviews/friedman.htm |date=8 अगस्त 2002 }} ''"''फेडरल रिजर्व के कृत्य के लिए दिए गये स्पष्टीकरण में एक यह था कि वे स्वर्ण मानक की विचारधारा से बंधे हुए हैं।'' ''स्वर्ण मानक एक प्रतिबंधक कारक नहीं है और फेडरल रिजर्व के पास हर समय पर्याप्त सोना रहा है, सो वे स्वर्ण मानक की मांगों को पूरा कर सकते हैं साथ ही साथ वे मुद्रा की मात्रा भी बढ़ा सकते हैं।'' '' '' ''</ref> इसके अलावा 1936 और 1937 में फेडरल रिजर्व द्वारा बैंक में आवश्यक रिजर्व में तीन की बढ़ोत्तरी की, इससे बैंक के रिजर्व आवश्यकताओं के दोगुना हो जाने से<ref>http://www.jstor.org/pss/4538817 द फेडेरल रिज़र्व रिक्वैरमेंट्स बिटविन अगस्त 1936 एंड मई 1937</ref> पैसों की आपूर्ति में और भी संकुचन हुआ।
* हालांकि स्वर्ण मानक कीमतों को दीर्घकालीन स्थिरता प्रदान करता है, लेकिन अल्पावधि में ऊंची कीमत में अस्थिरता लाता है। 1879 से लेकर 1913 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में कीमत के स्तरों के विभिन्नता के गुणांक में सालाना परिवर्तन 17.0 था, जबकि 1943 से 1990 तक यह 0.88 ही रहा। <ref name="Bordo 2008" /> दूसरों के अलावा अन्ना स्च्वार्त्ज़ द्वारा तर्क यह दिया गया कि अल्पावधि में कीमत के स्तरों में इस तरह की अस्थिरता से ऋण के मूल्य को लेकर ऋणदाता और कर्जदाता अनिश्चित हो जाते हैं, इससे वित्तीय अस्थिरता पैदा होती है।<ref>[http://research.stlouisfed.org/publications/review/98/09/9809dw.pdf द फेडेरल रिज़र्व बैंक ऑफ़ सैंट लुइस ''रिव्यू'' ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120107170205/http://research.stlouisfed.org/publications/review/98/09/9809dw.pdf |date=7 जनवरी 2012 }} में माइकल डी. बोर्डो और डेविड सी. व्हीलोक सितंबर/अक्टूबर 1998.</ref>
* कुछ का तर्क है कि जब सरकार की आर्थिक स्थिति कमजोर दिखाई पड़ती है तब सट्टेबाजी से स्वर्ण मानक अतिसंवेदनशील हो सकता है, हालांकि दूसरों का तर्क है कि यह खतरा सरकार को जोखिम भरी नीति अपनाने से हतोत्साहित करता है (देखें मोरल हैजर्ड)। उदाहरण के लिए, कुछ का मानना है 1920 के दशक में असामान्य रूप से सरल क्रेडिट नीतियों के बाद महामंदी के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका को अपनी मुद्रा की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए ब्याज दरों को बढ़ाने के लिए मजबूर किया गया था।<ref name="jdh">{{Cite web |first=James D. |last=Hamilton |authorlink=James D. Hamilton |url=http://www.econbrowser.com/archives/2005/12/the_gold_standa.html |title=The gold standard and the Great Depression |accessdate=2008-11-12 |work=Econbrowser |date=2005-12-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111016101704/http://www.econbrowser.com/archives/2005/12/the_gold_standa.html |archive-date=16 अक्तूबर 2011 |url-status=dead }} इन्हें भी देखें {{Cite journal |first=James D. |last=Hamilton |authorlink=James D. Hamilton |year=1988 |month=April |title=Role of the International Gold Standard in Propagating the Great Depression |journal=Contemporary Economic Policy |volume=6 |issue=2 |pages=67–89 |doi=10.1111/j.1465-7287.1988.tb00286.x |url=http://www3.interscience.wiley.com/journal/120017201/abstract |accessdate=2008-11-12 |archive-url=https://archive.today/20130105094836/http://www3.interscience.wiley.com/journal/120017201/abstract |archive-date=5 जनवरी 2013 |url-status=dead }}</ref> बहरहाल, इस नुकसान को सभी तयशुदा विनिमय दर द्वारा साझा किया जाता है, न कि सीमित स्वर्ण मुद्रा द्वारा. सभी निर्धारित कागजी मुद्राएं जो कमजोर होती हैं उन पर सट्टेबाजी का खतरा होता है।<ref>http://web.mit.edu/krugman/www/crises.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100328020946/http://web.mit.edu/krugman/www/crises.html |date=28 मार्च 2010 }} निश्चय तौर पर, इस रणनीति का उत्कृष्ट उदाहरण है 1992 में जॉर्ज सोरोस द्वारा ब्रिटिश पाउंड पर किया गया हमला. जैसा कि नीचे दिए गये मामले के अध्ययन में तर्क दिया गया है, यह संभावना है कि किसी भी हालत में विनिमय दर तंत्र से पाउंड बाहर हो जाएगा; लेकिन सोरोस की कार्रवाई के कारण संभवतः लेकिन सोरोस कार्रवाई नहीं तो क्या हुआ होगा तुलना में एक पहले से बाहर निकलने शुरू हो सकता है, जैसा कि नीचे के मामले अध्ययन में तर्क दिया, यह संभावना है कि किसी भी मामले में पौंड विनिमय दर तंत्र से बाहर गिरा दिया है।</ref>
* यदि कोई देश अपनी कागजी मुद्रा का अवमूल्यन करना चाहता है तो अवमूल्यन के तरीके पर निर्भर होकर उसे फिएट कागजी मुद्रा की मंद गिरावट की तुलना में तेजी से परिवर्तन लाना होगा। <ref>{{Cite news |first=Megan |last=McArdle |authorlink=Megan McArdle |title=There's gold in them thar standards! |url=http://meganmcardle.theatlantic.com/archives/2007/09/theres_gold_in_them_thar_stand.php |work=[[The Atlantic Monthly]] |date=2007-09-04 |accessdate=2008-11-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100113083500/http://meganmcardle.theatlantic.com/archives/2007/09/theres_gold_in_them_thar_stand.php |archive-date=13 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref>
== नवीकृत स्वर्ण मानक के पैरोकार ==
ऑस्ट्रियन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, अनात्मवादियों, सख्त संविधानवादियों और इच्छास्वातंत्र्यवादियों<ref>{{Cite web |url=http://www.cato-at-liberty.org/2009/03/12/time-to-think-about-the-gold-standard/ |title=Time to Think about the Gold Standard? | Cato @ Liberty |publisher=Cato-at-liberty.org |date=2009-03-12 |accessdate=2010-07-24 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100829153848/http://www.cato-at-liberty.org/2009/03/12/time-to-think-about-the-gold-standard/ |archive-date=29 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> द्वारा व्यापक तौर पर फिर से स्वर्ण मानक पर लौटने का समर्थन किया गया है, क्योंकि इन्होंने केंद्रीय बैंकों के जरिए फिएट करेंसी जारी करने में सरकार की भूमिका पर आपत्ति जतायी है। कुछ विशिष्ट संख्या में मानक सोने के पैरोकारों ने आंशिक आरक्षित बैंकिंग के आदेश को खत्म करने की भी मांग की है।{{Citation needed|date=December 2009}}
ऑस्ट्रिया स्कूल के अनुयायियों और कुछ आपूर्ति पक्षों की तुलना में कुछ कानून निर्माता<ref name="Paul" /> आजकल स्वर्ण मानक पर लौट जाने की वकालत करते हैं। हालांकि, पूर्व यू.एस. फेडरल रिजर्व अध्यक्ष एलेन ग्रीनस्पैन (जो खुद एक पूर्व अनात्मवादी हैं) और स्थूल अर्थशास्त्री रॉबर्ट बारो समेत कुछ प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने दुर्लभ मुद्रा के आधार को लेकर सहामुभूति जाहिर की है और कागजी मुद्रा के खिलाफ तर्क पेश किया है।<ref name="Salerno ">{{Cite web |url= http://www.cato.org/pubs/pas/pa016.html |title=The Gold Standard: An Analysis of Some Recent Proposals |last=Salerno |first=Joseph T. |date=1982-09-09 |work=Cato Policy Analysis |publisher=Cato Institute |accessdate=2009-03-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100823022810/http://www.cato.org/pubs/pas/pa016.html |archive-date=23 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> 1966 में अपने शोधपत्र "गोल्ड एण्ड इकोनॉमिक फ्रीडम" में स्वर्ण मानक पर लौट जाने के मामले पर ग्रीनस्पैन द्वारा दिया गया तर्क प्रसिद्ध है, जिसमें उन्होंने कागजी मुद्रा के समर्थकों का वर्णन "कल्याणकारी सांख्यिक" कह कर किया है, जिनका उद्देश्य मौद्रिक नीतियों का उपयोग कर वित्तीय घाटा व्यय करने का होता है। उन्होंने तर्क दिया है कि कागजी मुद्रा प्रणाली ने उनके समय में (पूर्व-निक्सन आघात) स्वर्ण मानक के अनुकूल गुणों को बनाए रखा था, क्योंकि स्वर्ण मानक तब भी मौजूद है यह सोचकर केंद्रीय बैंकर मौद्रिक नीति का पालन किया करते थे।<ref>{{Cite journal |last=Greenspan |first=Alan |authorlink=Alan Greenspan |year=1966 |month=जुलाई |title=Gold and Economic Freedom |journal=[[द ऑब्जेक्टिविस्ट]] |volume=5 |issue=7 |url= http://www.constitution.org/mon/greenspan_gold.htm |accessdate=2008-10-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100925231456/http://constitution.org/mon/greenspan_gold.htm |archive-date=25 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> यू.एस. (U.S.) कांग्रेस सदस्य रॉन पॉल लगातार स्वर्ण मानक की पुन:स्थापना के लिए कहते रहे, लेकिन वे इसके कठोर पैरोकार नहीं रहे, बल्कि उन्होंने बहुत सारी ऐसी वस्तुओं का समर्थन किया जो मुक्त बाजार में उभरा करती हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.ronpaul.com/2009-11-14/end-the-fed-consider-outlawing-fractional-reserve-banking/ |title=End The Fed & Consider Outlawing Fractional Reserve Banking |date=2009-11-14 |access-date=1 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101003070953/http://www.ronpaul.com/2009-11-14/end-the-fed-consider-outlawing-fractional-reserve-banking/ |archive-date=3 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref>
मौजूदा वैश्विक आर्थिक प्रणाली संचित मुद्रा के रूप में यू.एस. (U.S.) डॉलर पर भरोसा करते है, जिसके द्वारा प्रमुख लेनदेन, जैसे यही कि सोने का भाव, को मापा जाता है।{{Citation needed|date=August 2009}} विकल्पों के एक मेजबान के रूप में देखा जाता है, ऊर्जा आधारित मुद्राओं, बाजार में मुद्राओं या वस्तुओं के पिटारे के साथ सोना भी एक विकल्प है।
2001 में मलेशिया के प्रधानमंत्री [[महाथिर मोहमद|महाथिर बिन मोहम्मद]] ने एक नयी मुद्रा का प्रस्ताव दिया, जिसका इस्तेमाल मुसलिम देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए किया जा सकता है। जिस मुद्रा का उन्होंने प्रस्ताव रखा उसे इस्लामी स्वर्ण दिनार कहा गया और इसे 4.25 ग्रा. के विशुद्ध सोना (24 कैरेट) के रूप में परिभाषित किया गया था। महाथिर मोहम्मद ने इस अवधारणा को इसकी आर्थिक उत्कृष्टता के आधार पर एक स्थिर मूल्य इकाई के रूप में और साथ में इस्लामिक देशों के बीच मजबूत एकता बनाने के लिए राजनीतिक प्रतीक के रूप में भी इसे बढ़ावा दिया था। इस कदम का कथित उद्देश्य एक संचित मुद्रा के रूप में [[अमेरिकी डॉलर|संयुक्त राज्य अमेरिका के डॉलर]] पर निर्भरशीलता को कम करना था और साथ में व्याज लेने के खिलाफ इस्लामी कानून के तहत गैर-ऋण-समर्थित मुद्रा स्थापित करना था।<ref>{{Cite web |first=Muhammad |last=al-'Amraawi |coauthors=Al-Khammar al-Baqqaali, Ahmad Saabir, Al-Hussayn ibn Haashim, Abu Sayf Kharkhaash, Mubarak Sa'doun al-Mutawwa', Malik Abu Hamza Sezgin, Abdassamad Clarke and Asadullah Yate |url=http://www.islamidag.dk/ulamaongold.html |title=Declaration of 'Ulama on the Gold Dinar |accessdate=2008-11-14 |publisher=Islam i Dag |date=2001-07-01 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080624073052/http://www.islamidag.dk/ulamaongold.html |archive-date=24 जून 2008 |url-status=dead }}</ref> हालांकि, आज की तारीख में, महाथिर का प्रस्तावित स्वर्ण-दिनार करेंसी नियंत्रण रखने में नाकाम रही है।
== संचय के रूप में आज सोना ==
{{Main|Gold reserves}}
2000 तक स्विस फ्रैंक पूरी तरह से सोने की विनिमयता पर आधारित था। हालांकि, अपनी मुद्रा की सुरक्षा के लिए और यू.एस. (U.S.) डॉलर से प्रतिरक्षा के रूप में बहुत सारे राष्ट्रों द्वारा विशिष्ट मात्रा में सोना का भंडारण किया जाता है, जो बड़े परिमाण पर तरल मुद्रा का संचय करता है। सोना विदेशी मुद्राओं और सरकारी बॉन्ड के साथ ही साथ लगभग सभी केंद्रीय बैंकों की एक प्रमुख वित्तीय संपत्ति है। एक "आंतरिक सुरक्षा" के रूप में अपनी सरकारों को दिए ऋण की प्रतिरक्षा के तरीके के रूप में भी केंद्रीय बैंकों द्वारा ऐसा किया जाता है।
तरल बाजार में सोने के सिक्के और सोने के बार दोनों का ही व्यापक कारोबार होता है और इसलिए अब भी धन के एक निजी भंडार के रूप में यह काम आता है। कुछ निजी तौर पर जारी मुद्रा जैसे कि डिजिटल स्वर्ण मुद्रा, जारी करते हैं; यह सोने का भंडार के रूप में सुरक्षा प्रदान करता है।
1999 में, संचय के रूप में सोने के मूल्य को बनाये रखने के लिए यूरोपियन सेंट्रल बैंकरों ने वॉशिंगटन एग्रीमेंट ऑन गोल्ड पर हस्ताक्षर किये, जिसका कहना था कि वे सट्टा लगाने के उद्देश्य से सोने पट्टे की अनुमति नहीं देंगे, न ही विक्रेता के रूप में बाजार में कदम रखेंगे, सिवाय बिक्री के लिए पहले से रजामंद हुए मामलों को छोड़कर.
== इन्हें भी देखें ==
{{Portal|न्यूमिज़माटिक्स}}
* ''मौद्रिक सुधार के लिए एक कार्यक्रम'' (1939) - गोल्ड मानक
* द्विधातुवाद
* [[फैडरल रिसर्व बैंक|फेडरल रिजर्व सिस्टम]]
* पूर्ण आरक्षित बैंकिंग
* एक निवेश के रूप में सोना
* गोल्ड बग
* प्रतिनिधि पैसा
* चांदी मानक
* मूल्य की दुकान
* ग्रेट अपस्फीति
'''अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं:'''
* अंतरराष्ट्रीय निपटान के लिए बैंक
* [[अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक निधि|अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक कोष]]
* संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक और वित्तीय सम्मेलन
* [[विश्व बैंक]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|colwidth=30em}}
== आगे पढ़ें ==
* {{Cite book|first=Richard Franklin |last=Bensel |authorlink=Richard Bensel |title=The political economy of American industrialization, 1877-1900 |url=https://archive.org/details/politicaleconomy0000bens |publisher=[[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]] |location=[[कैम्ब्रिज]] |year=2000 |pages= |isbn=0-521-77604-X |oclc=43552761}}
* {{Cite book|first=Barry J. |last=Eichengreen |authorlink=Barry Eichengreen |coauthors=Marc Flandreau |title=The gold standard in theory and history |publisher=[[रूटलेज]] |location=[[New York City]] |year=1997 |pages= |isbn=0-415-15061-2 |oclc=37743323}}
* {{Cite book|first=Michael D. |last=Bordo |title=Gold standard and related regimes: collected essays |url=https://archive.org/details/goldstandardrela0000bord |publisher=[[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]] |location=[[कैंब्रिज]] |year=1999 |pages= |isbn=0-521-55006-8 |oclc=59422152}}
* {{Cite book|first=Michael D |last=Bordo |coauthors=[[Anna Schwartz|Anna Jacobson Schwartz]] and [[National Bureau of Economic Research]] |title=A Retrospective on the classical gold standard, 1821-1931 |url=https://archive.org/details/retrospectiveonc0000unse |publisher=[[शिकागो विश्वविद्यालय प्रेस]] |location=[[शिकागो]] |year=1984 |pages= |isbn=0-226-06590-1 |oclc=10559587}}
* {{Cite book|first=Lawrence H. |last=Officer |title=Between the Dollar-Sterling Gold Points: Exchange Rates, Parity and Market Behavior |publisher=[[Cambridge University Press]] |location=[[Chicago]] |year=2007 |pages= |isbn=0-521-03821-9 |oclc=124025586}}
* {{Cite book|first=Barry J. |last=Eichengreen |authorlink=Barry Eichengreen |title=Golden Fetters: The Gold Standard and the Great Depression, 1919-1939 |publisher=[[ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस]] |location=[[New York City]] |year=1995 |pages= |isbn=0-19-510113-8 |oclc=34383450}}
* {{Cite book|first=Luca |last=Einaudi |title=Money and politics: European monetary unification and the international gold standard (1865-1873) |publisher=[[ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस]] |location=[[ऑक्सफोर्ड]] |year=2001 |pages= |isbn=0-19-924366-2 |oclc=45556225}}
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* {{Cite book |first=Ben |last=Bernanke |authorlink=बेन बर्नान्के |coauthors=Harold James |year=1990 |month=अक्टूबर |title=The Gold Standard, Deflation, and Financial Crisis in the Great Depression: An International Comparison |series=Working Paper Series |volume=3488 |publisher=[[National Bureau of Economic Research]] |location=[[Cambridge, Massachusetts]] |oclc=22840844 |url=http://www.nber.org/papers/w3488 |accessdate=2008-11-13 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110107232358/http://www.nber.org/papers/w3488 |archive-date=7 जनवरी 2011 |url-status=live }} के रूप में भी प्रकाशित: {{Cite book|first=Ben |last=Bernanke |authorlink=Ben Bernanke |coauthors=Harold James |chapter=The Gold Standard, Deflation, and Financial Crisis in the Great Depression: An International Comparison |chapterurl=http://books.google.com/books?id=MEfUi2H4cqwC&printsec=frontcover&source=gbs_summary_r&cad=0#PRA1-PA33,M1 |editor=[[Glenn Hubbard (economics)|R. Glenn Hubbard]] |title=Financial markets and financial crises |publisher=[[University of Chicago Press]] |location=[[Chicago]] |year=1991 |pages=33–68 |isbn=0-226-35588-8 |oclc=231281602 |accessdate=2008-11-13}}
* {{Cite book|first=Murray Newton |last=Rothbard |authorlink=Murray Rothbard |chapter=The World Currency Crisis |chapterurl=http://books.google.com/books?id=elPzEDHG9ysC&printsec=frontcover&source=gbs_summary_r&cad=0#PRA2-PA295,M1 |title=Making Economic Sense |publisher=[[Ludwig von Mises Institute]] |location=[[Burlingame, California]] |year=2006 |pages=295–299 |isbn=0-945466-46-3 |oclc=78624652}}
* {{Cite book|first=Gustav |last=Cassel |authorlink=Gustav Cassel |title=The downfall of the gold standard |year=1936 |publisher=Clarendon Press |location=[[Oxford]] |oclc=237252}}
* {{Cite book|first=Jorge |last=Braga de Macedo |coauthors=Barry J. Eichengreen and Jaime Reis |title=Currency convertibility: the gold standard and beyond |url=https://archive.org/details/currencyconverti0000unse_j9v7 |publisher=[[Routledge]] |location=[[New York City]] |year=1996 |pages= |isbn=0-415-14057-9 |oclc=33132906}}
* {{Cite book|first=William H. |last=Russell |authorlink=William Huntington Russell |title=The Deceit of the Gold Standard and of Gold Monetization |year=1982 |publisher=American Classical College Press |isbn=0-892-66324-3}}
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* {{Cite book|first=Kenneth |last=Mouré |title=The gold standard illusion: France, the Bank of France, and the International Gold Standard, 1914-1939 |url=https://archive.org/details/goldstandardillu0000mour |publisher=[[ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस]] |location=[[Oxford]] |year=2002 |pages= |isbn=0-19-924904-0 |oclc=48544538}}
* {{Cite book|first=Tamim A. |last=Bayoumi |coauthors=[[Barry Eichengreen|Barry J. Eichengreen]] and Mark P. Taylor |title=Modern perspectives on the gold standard |url=https://archive.org/details/modernperspectiv0000unse_x1l3 |publisher=[[Cambridge University Press]] |location=[[Cambridge]] |year=1996 |pages= |isbn=0-521-57169-3 |oclc=34245103}}
* {{Cite book|first=John Maynard |last=Keynes |authorlink=John Maynard Keynes |title=The economic consequences of Mr. Churchill |year=1925 |publisher=[[Hogarth Press]] |location=[[London]] |oclc=243857880}}
* {{Cite book|first=John Maynard |last=Keynes |authorlink=John Maynard Keynes |title=A treatise on money in two volumes |year=1930 |publisher=MacMillan |location=[[London]] |oclc=152413612}}
* {{Cite book|first=J. Peter |last=Ferderer |title=Credibility of the interwar gold standard, uncertainty, and the Great Depression |year=1994 |publisher=Jerome Levy Economics Institute |location=[[Annandale-on-Hudson, New York]] |oclc=31141890}}
* {{Cite book|first=Pablo Martín |last=Aceña |coauthors=Jaime Reis |title=Monetary standards in the periphery: paper, silver and gold, 1854-1933 |publisher=Macmillan Press |location=[[London]] |year=2000 |pages= |isbn=0-333-67020-5 |oclc=247963508}}
* {{Cite book |first=Giulio M. |last=Gallarotti |title=The anatomy of an international monetary regime: the classical gold standard, 1880-1914 |publisher=[[ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस]] |location=[[Oxford]] |year=1995 |pages= |isbn=0-19-508990-1 |oclc=30511110 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/anatomyofinterna0000gall }}
* {{Cite book|first=Trevor J. O. |last=Dick |coauthors=[[John E. Floyd]] |title=Canada and the Gold Standard: Balance of Payments Adjustment Under Fixed Exchange Rates, 1871-1913 |url=https://archive.org/details/canadagoldstanda0000dick_w1x5 |publisher=[[Cambridge University Press]] |location=[[Cambridge]] |year=2004 |isbn=0-5216-1706-5 |oclc=59135525}}
* {{Cite book|first=A.G. |last=Kenwood |coauthors=A. L. Lougheed |title=The growth of the international economy 1820–1990 |publisher=[[Routledge]] |location=[[London]] |year=1992 |isbn=91-44-00079-0}}
* {{Cite book|first=Richard |last=Hofstadter |authorlink=Richard Hofstadter |title=The Paranoid Style in American Politics and Other Essays |chapter=Free Silver and the Mind of "Coin" Harvey |publisher=[[Harvard University Press]] |location=[[Harvard]] |year=1996 |isbn=0-674-65461-7 |oclc=34772674}}
* {{Cite book|first=Nathan K. |last=Lewis |title=Gold: The Once and Future Money |url=https://archive.org/details/goldoncefuturemo0000lewi |publisher=Wiley |location=New York |year=2006 |pages= |isbn=0-470-04766-6 |oclc=87151964}}
* {{Cite book |first=Hartley |last=Withers |title=War-Time Financial Problems |year=1919 |url=http://www.gutenberg.org/etext/13045 |accessdate=2008-11-14 |publisher=[[John Murray (publisher)|J. Murray]] |location=[[London]] |oclc=2458983 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090924180425/http://www.gutenberg.org/etext/13045 |archive-date=24 सितंबर 2009 |url-status=live }}
* {{Cite book|first=Mark |last=Metzler |title=Lever of Empire: The International Gold Standard and the Crisis of Liberalism in Prewar Japan. |publisher=[[University of California Press]] |location=[[Berkeley, California]] |year=2006 |page=[http://eh.net/bookreviews/library/1166] |isbn=0-520-24420-6}}</ref>
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Spoken Wikipedia|EN_Gold_Standard.ogg|2007-12-04}}
* [https://web.archive.org/web/20091121143147/http://www.uiowa.edu/ifdebook/faq/faq_docs/gold_standard.shtml स्वर्ण मानक क्या है?] अंतरराष्ट्रीय वित्त एवं विकास के लिए केंद्र लोवा विश्वविद्यालय
* [https://web.archive.org/web/20090227082057/http://www.bankofengland.co.uk/about/history/ बैंक ऑफ़ इंग्लैंड का इतिहास] बैंक ऑफ़ इंग्लैंड
* [https://web.archive.org/web/20100714003825/http://www.knology.net/~bilrum/fdrgoldaudio.htm 1933 '''ऑडियो''' ऑफ़ ऍफ़डीआर (FDR) एक्सप्लेनेशन ऑफ़ द बैंकिंग क्राइसिस एंड गोल्ड कौन्फिस्केशन]
* लॉरेंस एच. व्हाइट पीएच.डी. आर्थिक इतिहास के प्रोफेसर द्वारा [https://web.archive.org/web/20100801212140/http://www.cato.org/pubs/bp/bp100.pdf मौद्रिक प्रणाली में गोल्ड स्टैंडर्ड अभी भी गोल्ड मानक है?]
* मूर्रे एन. रोथ्बर्ड पीएच.डी. अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एमेरिटस द्वारा [https://web.archive.org/web/20090504112228/http://mises.org/story/1829 100 प्रतिशत सोना के डॉलर पर एक केस]
* [[पॉल क्रूगमैन|पॉल क्रुगमैन]] पीएच.डी. अर्थशास्त्र के प्रोफेसर द्वारा [https://web.archive.org/web/20070211231641/http://www.pkarchive.org/cranks/goldbug.html गोल्ड बग बदलाव]
[[श्रेणी:सोना]]
[[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय व्यापार]]
[[श्रेणी:मौद्रिक नीति]]
[[श्रेणी:मौद्रिक अर्थशास्त्र]]
[[श्रेणी:बैंकिंग का इतिहास]]
[[श्रेणी:आर्थिक इतिहास]]
[[श्रेणी:संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक इतिहास]]
[[श्रेणी:जापान के आर्थिक इतिहास]]
[[श्रेणी:जापान का साम्राज्य]]
[[श्रेणी:गूगल परियोजना]]
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वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग
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''' वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग ''' (वैतशआ ; सीएसटीटी) [[हिन्दी]] और अन्य सभी भारतीय भाषाओं के [[पारिभाषिक शब्दावली|वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दों]] को परिभाषित एवं नये शब्दों का विकास करता है।
[[भारत]] की स्वतन्त्रता के बाद [[पारिभाषिक शब्दावली|वैज्ञानिक-तकनीकी शब्दावली]] के लिए शिक्षा मन्त्रालय ने सन् 1950 में बोर्ड की स्थापना की। सन् 1952 में बोर्ड के तत्त्वावधान में शब्दावली निर्माण का कार्य प्रारम्भ हुआ। अन्तत: 1960 में [[केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय]] और 1961 ई॰ में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग की स्थापना हुई। इस प्रकार विभिन्न अवसरों पर तैयार शब्दावली को 'पारिभाषिक शब्द संग्रह' शीर्षक से प्रकाशित किया गया, जिसका उद्देश्य एक ओर वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के समन्वय कार्य के लिए आधार प्रदान करना था और दूसरी ओर अन्तरिम अवधि में लेखकों को नयी संकल्पनाओं के लिये सर्वसम्मत पारिभाषिक शब्द प्रदान करना था।
स्वतन्त्रता के बाद भारत के संविधान के निर्माताओं का ध्यान देश की सभी प्रमुख भाषाओं के विकास की ओर गया। संविधान में हिन्दी को संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी गयी और केन्द्रीय सरकार को यह दायित्व सौंपा गया कि वह हिन्दी का विकास-प्रसार करें एवं उसे समृद्ध करे। तदनुसार भारत सरकार के केन्द्रीय शिक्षा मन्त्रालय ने संविधान के अनुच्छेद 351 के अधीन हिन्दी का विकास एवं समृद्धि की अनेक योजनाएँ आरम्भ कीं। इन योजनाओं में हिन्दी में तकनीकी शब्दावली के निर्माण का कार्यक्रम भी शामिल किया गया ताकी ज्ञान-विज्ञान की सभी शाखाओं में हिन्दी के माध्यम से अध्ययन एवं अध्यापन हो सके। शब्दावली निर्माण कार्यक्रम को सही दिशा देने के लिये 1950 में शिक्षा सलाहकार की अध्यक्षता में वैज्ञानिक शब्दावली बोर्ड की स्थापना की गयी।
पहले यह कार्य शिक्षा मन्त्रालय के अन्तर्गत हिन्दी एकक द्वारा किया जाता था किन्तु बाद में विभिन्न विषयों की हिन्दी शब्दावली का निर्माण करने के दौरान यह ज्ञात हुआ कि यह काम बहुत ही अधिक विशाल, गहन और बहुआयामी है। इसके पूरे होने में बहुत समय लगेगा और इस कार्य के लिये सभी विषयों के विशेषज्ञों एवं भाषाविदों की आवश्यकता होगी। अतः भारत सरकार ने 1 अक्तूबर, 1961 को प्रख्यात वैज्ञानिक [[दौलत सिंह कोठारी|डॉ॰ डी॰एस॰ कोठारी]] की अध्यक्षता में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग की स्थापना की ताकि शब्दावली निर्माण का कार्य सही एवं व्यापक परिप्रेक्ष्य में कार्यान्वित किया जा सके।
==परिचय तथा इतिहास==
[[हिन्दी]] तथा अन्य आधुनिक भारतीय भाषाओं को [[प्रशासन]], [[शिक्षा]] तथा [[परीक्षा]] का माध्यम बनाने का सपना तथा संकल्प स्वंतत्रता प्राप्ति के बाद भारत के संविधान निर्माताओं ने बहुत सूझ-बूझ तथा विधार मथन के पश्चात् भारत की जनता के सम्मुख रखा। यह संकल्प, यह सपना भारत की सांस्कृतिक तथा भाषायी विविधता को ध्यान में रखकर लिया गया एक आदर्श ऐतिहासिक फैसला था। यह एक ऐसा संकल्प था, जो भारत की मिट्टी में जन्मी प्रज्ञा को ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में मौलिकता प्रदान करने तथा भारतीयता को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया था। यह राष्ट्रीय एकता तथा सामाजिक विकास के लिए आवश्यक था तथा एक ऐसा भविष्यगामी फैसला था जिसमें ‘सर्वेभवन्तु सुखिनः’ की भावना निहित थी।
जब कोई सपना देखा जाता है, जब कोई संकल्प लिया जाता है, जब कोई आदर्श सामने रखा जाता है, तो उसे मूर्तरूप देने के लिए कारगर योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की आवश्यकता भी होती है। संविधान की 351वीं धारा में हिन्दी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के लिए जो विधान किए गए, उन्हें कार्यरूप देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं बनाई जिसमें वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली का विकास, मानकीकरण तथा एकरूपता की महत्वाकांक्षी योजना भी थी जो बाद में चलकर भारत सरकार की शिक्षा नीति में भी सम्मिलित की गई।
स्वतंत्रता के समय ज्ञान की विभिन्न विधाओं में अंग्रेजी भाषा का वर्चस्व था तथा परिश्चम से लिए हुए उधार के ज्ञान के लिए एक ऐसी शब्दावली भारतीय भाषाओं में विकसित करनी थी जिसका जन्म भारत की मिट्टी में नहीं हुआ था।
इसी कारण यह एक सहज प्रयास न होकर कुछ अप्राकृतिक स्वरूप ग्रहण करने के लिए बाध्य थी। इस सायास और नियोजित प्रयास में तकनीकी पर्यायों या समानर्थी शब्दों का विधान किया जाना था। ऐसे पर्याय, जो अन्वेषक या विद्वान की कृति नहीं, बल्कि विषय विशेषज्ञ तथा भाषाविद् द्वारा मूल तकनीकी संकल्पना की सूचना अनूदित भाषा में संप्रेक्षित कर सके।
शब्दावली निर्माण की इस असहज प्रक्रिया ने उस समय कई विसंगतियों को जन्म दिया। कई विद्वानों ने उस समय वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली के विकास का काम प्रारंभ कर दिया। कुछ विद्वानों ने शब्दावली को संस्कृतनिष्ठ करना चाहा, तो कुछ ने इसे उर्दू-फारसी और हिन्दुस्तानी कही जाने वाली भाषा में ढालना चाहा। उस समय कुछ ऐसे भी विद्वान थे जिन्होंने अंग्रेजी के तकनीकी शब्दों को देवनागरी में लिप्यांतरण करके स्वीकार करने की पेशकश रखी परंतु इन सबसे वैज्ञानिक तथा तकनीकी विषयों के बहुयामी तथा विशाल शब्द भंडार को अपनी भाषा के व्याकरण, उसकी प्रकृति तथा विद्यार्थियो, प्राध्यापकों, शोधार्थियों, अनुवादकों, ग्रंथ लेखकों की आकांक्षाओं की पूर्ति नहीं हो रही थी और जिस ढंग से लोग शब्दावली का निर्माण कर रहे थे उससे संविधान की गरिमा में निहित आशय की पूर्ति भी नहीं हो रही थी। एक ही तकनीकी शब्द के कई-कई पर्याय उपलब्ध होने से एक ऐसी अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई जिसने शब्दावली निर्माण के नियोजन तथा प्रबंधन की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ऐसे में [[भारत सरकार]] ने यह कार्य अपने हाथ में लेना ही उचित समझा और 1 अक्टूबर 1961 को स्थाई आयोग के रूम में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग की स्थापना राष्ट्रपति के आदेश के अधीन की गई।
पद्म विभूषण प्रोफेसर [[दौलत सिंह कोठारी]] जैसे स्वप्नद्रष्टा, प्रसिद्ध शिक्षाविद् तथा मूर्धन्य वैज्ञानिक को आयोग का पहला अध्यक्ष बनाकर भारत सरकार ने यह सिद्ध किया कि वे वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली के विकास हेतु गंभीर प्रयास के लिए कटिबद्ध है।
प्रो. कोठारी ने वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली के विकास के लिए समन्वयवादी दृष्टिकोण को अपनाया तथा शब्दावली निर्माण, उसकी समीक्षा एवं समन्वयन के लिए कुछ ऐसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों का निरूपण किया जिसके पालन करने से भारत की सामसिक संस्कृति भाषायी विविधता, राष्ट्रीय एकता तथा अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए ज्ञान-विज्ञान की विभिन्न शाखाओं की आधुनिक तथा आधुनिकतम आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली को विकसित करने में किसी प्रकार की कोई रुकावट नहीं आ सहती थी।
अपनी स्थापना से अब तक के वर्षों में शब्दावली आयोग ने ज्ञान की विभिन्न शाखाओं, यथा-विज्ञान, मानविकी, समाजशास्त्र, कृषि, आयुर्विज्ञान तथा इंजीनियरिंग इत्यादि में लगभग 8 लाख तकनीकी शब्दों के हिन्दी पर्याय निर्धारित कर उन्हें विभिन्न शब्द संग्रहों तथा परिभाषा कोशों के रूप में प्रकाशित किया है। साथ ही साथ सन् 1968 में ग्रंथ निर्माण की योजना के अंतर्गत 15 राज्यों में ‘ग्रंथ अकादमी’ तथा ‘पाठ्य पुस्तक मंडलों’ की स्थापना की है जिससे कि हिंदी के साथ-साथ भारत की अन्य आधुनिक भाषाओं में तकनीकी शब्दावली का विकास तथा पाठ्य-पुस्तक का प्रकाशन किया जा सके। शब्दावली आयोग तथा विभिन्न राज्यों में स्थापित ग्रंथ अकादमियों तथा पाठ्य-पुस्तक मंडलों के समन्वित प्रयास से अब तक लगभग 12 हजार पाठ्य-पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पूरक सामग्री के रूप में ग्रंथ मालाओं, चयनिकाओं तथा पत्र-पत्रिकाओं की एक लंबी सूची प्रस्तुत की जा सकती है। अखिल भारतीय शब्दावली, विभागीय शब्दावलियाँ तथा प्रशासनिक शब्दावली अपने आप में आयोग के अनूठे प्रयास है। शब्दावली आयोग ने कप्यूटरीकृत राष्ट्रीय शब्दावली बैंक की स्थापना भी की है।
विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाने वाला अब ऐसा कोई विषय नहीं होगा या प्रयोजनमूलक हिन्दी की ऐसी कोई विधा अब नहीं बची है जिसकी अंग्रेजी आधारित संकल्पनाओं को व्यक्त करने वाले हिन्दी पर्याय स्थिर न हो गए हों। आयोग की अखिल भारतीय शब्दावली योजना के अंतर्गत 18 शब्दावलियाँ प्रकाशित की जा चुकी हैं जिसमें 20,000 ऐसे शब्दों को विषयवार संकलित किया गया है जिन्हें अखिल भारतीय शब्दावली के रूप में स्वीकार किया जा सकता है।
विज्ञान में उच्च-स्तरीय लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए आयोग विज्ञान की त्रैमासिक पत्रिका ‘विज्ञान गरिमा सिंधु’ का प्रकाशन करता है। मानविकी तथा समाज विज्ञान विषयों में इसी उद्देश्य से ‘ज्ञान गरिमा सिंधु’ नामक पत्रिका का प्रकाशन भी जनवरी 2000 से प्रारंभ किया गया है।
==आयोग के पूर्णकालिक अध्यक्ष==
{|class='wikitable'
|-
|
# '''[[दौलत सिंह कोठारी|डॉ॰ दौलत सिंह कोठारी]]''' (1961-1965)
# डॉ॰ निहालकरण सेठी (1965-1966)
# डॉ॰ विश्वनाथ प्रसाद (1966-1967)
# डॉ॰ एस. बालसुब्रह्मण्यम् (1967-1968)
# डॉ॰ [[बाबूराम सक्सेना]] (1968-1970)
# डा. कृष्ण दयाल भार्गव (1970)
# श्री गंटि जोगि सोमयाजी (1970 से 1971 तक)
# डा. पी. गोपाल शर्मा (1971 से 1975 तक)
# डॉ॰ हरबंश लाल शर्मा (1975-1980)
# डा. [[कपिला वात्स्यायन]] (1980 से 1983 तक)
# प्रो. मलिक मोहम्मद (1983-1987)
|
# प्रो. सूरजभान सिंह (1988-1994)
# प्रो. प्रेम स्वरूप सकलानी (1994-1998)
# डॉ॰ राय अवधेश कुमार श्रीवास्तव (1998 से 2001 तक)
# डॉ॰ हरीश कुमार (2001 से 2003 तक)
# डॉ॰ पुष्पलता तनेजा (2003 से 2005 तक)
# प्रो. के. बिजय कुमार (2005 से - 2012)
# प्रो. केशरीलाल वर्मा (2012 से 2015 तक)
# प्रो. नन्दकिशोर पाण्डेय ( 2015 से 2017 तक)
# प्रो. अवनीश कुमार ( फरवरी 2017 से 2021 तक)
# युवराज मलिक (2021)
# प्रो. एम पी पूनिया (2021 से ... तक)
# प्रो. धनंजय सिंह (वर्तमान अध्यक्ष)
|}
== आयोग के कार्य एवं उद्देश्य ==
आयोग जो कार्य कर रहा है वे इस प्रकार हैं :<ref>{{Cite web |url=http://www.cstt.nic.in/hindi_directory/csttachievements.asp |title=आयोग के कार्य एवं उद्देश्य |access-date=7 जुलाई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150708051335/http://www.cstt.nic.in/hindi_directory/csttachievements.asp |archive-date=8 जुलाई 2015 |url-status=dead }}</ref>
=== हिन्दी के सन्दर्भ में ===
1. वैज्ञानिक शब्दावली के निर्माण के सिद्धान्तों का निर्धारण करना तथा तकनीकी शब्दावली के क्षेत्र में अब तक किये गए कार्य का पुनरीक्षण, समन्वय तथा समेकन।
2. विभिन्न विषयों की मानक वैज्ञानिक शब्दावली का निर्माण, प्रकाशन, प्रचार-प्रसार एवं प्रशिक्षण।
3. आयोग द्वारा निर्मित शब्दावली के प्रयोग को परिलक्षित करते हुए विभिन्न पारिभाषिक शब्दकोशों का निर्माण एवं प्रकाशन।
4. पाठमालाओं, मोनोग्राफ, चयनिकाओं (डाइजेस्ट) एवं पाठ-संग्रहों (रीडिङ्ग्स) का निर्माण एवं प्रकाशन।
5. विज्ञान तथा मानविकी आदि में उच्च स्तरीय विश्वविद्यालय स्तर के पाठ्य ग्रन्थों के निर्माण एवं प्रकाशन के लिए सभी हिन्दी-भाषी राज्यों में हिन्दी ग्रन्थ अकादमियों/विश्वविद्यालय एककों की स्थापना करना, उन्हें अनुदान देना एवं मार्गदर्शन प्रदान करना।
6. अखिल भारतीय शब्दावली का संकलन, प्रकाशन, प्रचार एवं अनुप्रयोग।
7. विज्ञान तथा मानविकी में उच्च स्तरीय लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए क्रमशः त्रैमासिक पत्रिकाओं ‘विज्ञान गरिमा सिन्धु’ तथा ज्ञान गरिमा सिन्धु’ का प्रकाशन।
8. विश्वविद्यालयों एवं उच्च तकनीकी संस्थानों के प्राध्यापकों/वैज्ञानिकों आदि को आयोग द्वारा निर्मित शब्दावली का प्रशिक्षण देने तथा हिन्दी में विज्ञान लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए शब्दावली कार्यशालाओं का आयोजन करना।
9. आयोग द्वारा निर्मित समस्त शब्दावली का कम्प्यूटरीकरण करते हुए कम्प्यूटर-आधारित राष्ट्रीय शब्दावली बैंक की स्थापना करना ताकि देश भर में सभी विषयों की अद्यतन मानक शब्दावली सर्वसुलभ हो जाये।
10. कृषि, आयुर्विज्ञान एवं इंजीनियरी के सभी विषयों में विश्वविद्यालय-स्तरीय पाठ्यपुस्तकों, सन्दर्भ-ग्रन्थों एवं सहायक सामग्री का निर्माण एवं प्रकाशन।
11. शब्दावली का मानकीकरण तथा प्रयोक्ताओं के बीच सर्वेक्षण कार्य।
=== अन्य भारतीय भाषाओं के सन्दर्भ में ===
12. अहिन्दी-भाषी राज्यों में स्थापित पाठ्य पुस्तक मण्डलों के माध्यम से पाठ्य पुस्तकों के निर्माण, शब्दावली निर्माण एवं अन्य सन्दर्भ-ग्रन्थों के निर्माण आदि के लिए केन्द्रीय अनुदान, मार्गदर्शन, परामर्श एवं विशेषज्ञता प्रदान करना, उनके कार्यों का अखिल भारतीय स्तर पर समन्वय एवं पुनरीक्षण करना।
13. तकनीकी शब्दावली के अभ्यास, प्रशिक्षण एवं पुनरीक्षण के लिए इन अहिन्दी-भाषी राज्यों के पाठ्य पुस्तक मण्डलों को तकनीकी शब्दावली कार्यशाला के आयोजन के लिए आर्थिक सहायता, मार्गदर्शन एवं विशेषज्ञता प्रदान करना।
14. आयुर्विज्ञान के शब्दों और वाक्यांशों के द्विभाषी संस्करण अर्थात् तमिल-हिन्दी, मराठी-हिन्दी, गुजराती-हिन्दी आदि संस्करणों का निर्माण एवं प्रकाशन।
===विविध कार्य===
आयोग के कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार, विज्ञापन, प्रकाश्नों का मुद्रण, बिक्री, वितरण, प्रदर्शनियों का आयोजन, विशेषज्ञ समितियों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, समीक्षा समितियों, मूल्यांकन समितियों आदि की बैठकों का आयोजन आदि विविध कार्य करना।
==शब्दावली निर्माण में आयोग की अधिकारिता==
राष्ट्रपति के 27 अप्रैल, 1960 के आदेश के अनुसार सभी विषयों की शब्दावली के हिन्दी पर्यायों के निर्माण का उत्तरदायित्व केवल वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग को सौंपा गया है। अतः शिक्षा, प्रशासन, अध्यापन आदि सभी क्षेत्रों में सभी पर यह बाध्यता है कि केवल शब्दावली आयोग द्वारा निर्मित मानक शब्दावली का ही सर्वत्र प्रयोग किया जाये। वस्तुतः पूरे देश में मानक शब्दावली के प्रयोग की वांछनीयता और एकरूपता की दृष्टि से यह अनिवार्य भी है। [[विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत)|विश्वविद्यालय अनुदान आयोग]] ने भी सभी विश्वविद्यालयों आदि को यह निर्देश दिया है कि हिन्दी तथा अन्य भाषाओं की पाठ्यपुस्तकों में केवल शब्दावली आयोग की शब्दावली का ही प्रयोग किया जाये। इसी प्रकार राजभाषा विभाग, गृह मन्त्रालय ने भी प्रशासन के क्षेत्र में आयोग द्वारा निर्मित प्रशासनिक तथा अन्य शब्दावलियों के प्रयोग की बाध्यता का निर्देश दिया है।
==आयोग की प्रगति तथा उपलब्धियाँ==
विभिन्न विज्ञानों, मानविकी तथा सामाजिक विज्ञानों की मूलभूत शब्दावली के निर्माण का कार्य सन् 1971 में पूरा कर लिया गया। तत्पश्चात् उक्त शब्दावली के समन्वय तथा समेकन का कार्य प्रारम्भ हुआ। इन सभी शब्द संग्रहों की स्थिति इस प्रकार है:
{| class="wikitable"
|-
! क्रमांक !! नाम !! शब्द संख्या
|-
| 1 || वृहत् पारिभाषिक शब्द संग्रह (विज्ञान खण्ड ) || 1,30,000
|-
| 2 || वृहत् पारिभ आषइक शब्द संग्रह (मानविकी खण्ड ) || 80,000
|-
| 3 || वृहत् पारिभाषिक शब्द संग्रह (आयुर्विज्ञान ) || 50,000
|-
| 4 || वृहत् पारिभाषिक शब्द संग्रह (इंजीनियरी ) || 50,000
|-
| 5 || वृहत् पारिभाषिक शब्द संग्रह (रक्षा ) || 40,000
|-
| 6 || वृहत् पारिभाषिक शब्द संग्रह (कृषि ) || 17,500
|-
| 7 || समेकित प्रशासन शब्दावली (प्रशासन ) || 8,000
|-
| 8 || '''योग''' || 2,75,500 शब्द
|-
|}
=== हिन्दी की तकनीकी शब्दावली का निर्माण ===
विभिन्न विषयों की तकनीकी शब्दावली का निर्माण सन् 1950 से ही शिक्षा मन्त्रालय के हिन्दी एकक में शुरू हो गया था। मन्त्रालय ने विविध विषयों की अनेक आरम्भिक और अन्तिम शब्दावलियाँ छापीं और उन्हें निःशुल्क विश्वविद्यालयों आदि के प्राध्यापकों को वितरित किया। इसके बाद अनेक विषयों की अन्तिम रूप से स्वीकृत शब्दावली भी अलग-अलग छापी गई। सन् 1962 में इन सभी शब्दों को एकत्र कर ‘पारिभाषिक शब्द-संग्रह’ के नाम से पहली बार छापा गया। इस शब्द-संग्रह में लगभग 9,000 शब्द थे। शब्दावी आयोग की स्थापना के बाद इस कार्य में बहुत गति आई। तब से आयोग ने विभिनन विषयों की शब्दावलियों को अनेक शब्द संग्रहों के रूप में प्रकाशित किया है। अब तक कुल मिलाकर लगभग 35 शब्द-संग्रह/शब्दावलियाँ छापी जा चुकी जिनमें कुल मिलाकर लगभग ''' 8.5 लाख ''' (8,50,000) तकनीकी शब्दों के हिन्दी पर्याय दिये गये हैं।
आयोग ने अब तक ज्ञान-विज्ञान की लगभग सभी आधुनिकतम शाखाओं की अधिकांश शब्दावलियों के हिन्दी पर्याय बना दिये हैं।
=== प्रशासनिक शब्दावली ===
संविधान में हिन्दी को संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी गयी है। तदनुसार हिन्दी की प्रशासनिक शब्दावली की मानकता, एकरूपता और सर्वत्र स्वीकार्यता की दृष्टि से आयोग ने प्रशासन से सम्बन्धित लगभग 15,000 शब्दों का संकलन ‘प्रशासनिक शब्दावली’ के नाम से किया है। अब तक इस पुस्तक के आठ संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। यह शब्दावली सभी सरकारी विभागों, कार्यालयों आदि को दस रूपये के शुल्क पर उपलब्ध है। अन्यों के लिये यह बीस रूपये की दर पर उपलब्ध है। इसके अंग्रेजी-हिन्दी तथा हिन्दी-अंग्रेजी दोनों ही संस्करण आयोग ने प्रकाशित किये हैं।
=== विभागीय शब्दावली ===
विश्वविद्यालय में पढ़ाये जाने वाले विषयों के साथ-साथ आयोग विभिन्न सरकारी विभागों के अनुरोध पर उन विभागों की तकनीकी शब्दावली के हिन्दी पर्यायों के निर्माण का भी कार्य करता है। विभागीय शब्दावलियों में अब तक डाक-तार शब्दावली, रेलवे शब्दावली, रक्षा शब्दावली, राजस्व शब्दावली, वैमानिकी शब्दावली, वानिकी शब्दावली, मौसम विज्ञान शब्दावली, स्वास्थ्य भौतिकी तथा विकिरण जैविकी शब्दावली। रेशम शब्दावली, कपास शब्दावली, कोयला शब्दावली, इलेक्ट्रॉनिकी शब्दावली, पेंशन शब्दावली, आसूचना ब्यूरो शब्दावली, आदि का प्रकाशन किया जा चुका है। दूर संचार शब्दावली (15,000 शब्द), नाभिकीय भौतिकी आदि के पर्यायों को अन्तिम रूप दे दिया गया है। कुछ विभागीय शब्दावली को सम्बन्धित विभागों को प्रकाशनार्थ भेज दी गई हैं तथा कुछ विचाराधीन हैं। विभिन्न विभागों से हिन्दी पर्यायों के निर्माण के लिए तकनीकी शब्दों की सूचियाँ आयोग में समय-समय पर प्राप्त होती ही तथा इनकें हिन्दी पयार्यो का निर्धारण यथा समय कर दिया जाता है।
=== शब्दावली का अद्यतनीकरण ===
शब्दावली निर्माण एक निरन्तर जारी रहने वाली प्रक्रिया है। हर साल विश्व में विविध विषयों में हजारों नये शब्द प्रयोग में आते हैं। जिनमें से कुछ हजार शब्द ही वैज्ञानिकों द्वारा स्थायी रूप से अपनाये जाते हैं। इन शब्दों के हिन्दी पर्याय बनाने का कार्य भी आयोग के विभिन्न विषय एकक निरन्तर करते रहते हैं। इस प्रकार सभी विषयों की शब्दावलियों में संशोधन, परिवर्धन एवं अद्यतनीकरण निरन्तर होता रहता है।
=== विषयवार शब्दावलियाँ तथा विषय-समूहवार शब्दावलियाँ ===
प्रारम्भ में आयोग ने अलग-अलग विषयों की शब्दावलियाँ छापी थीं। बहुत शब्दों के निर्माण के निर्माण के बाद उन्हें विषय-समूहवार बृहत् शब्द-संग्रहों के रूप में छापा गया। विज्ञान के शब्दों को एक संकलन में और मानविकी के शब्दों को अन्य संकलन में छापा गया। बाद में इंजीनियरी, आयुर्विज्ञान, कृषि, पशु-चिकित्सा, लोक प्रशसन, रक्षा, वाणिज्य, प्रशासन, कम्प्यूटर-विज्ञान, अन्तरिक्ष-विज्ञान, मुद्रण इंजीनियरी, धातुकर्म आदि विषयों के अनुसार इन्हें अलग-अलग भी छापा गया। वस्तुतः अनेक शब्दावली की माँग काफी समय से होती रही हैं ताकि वह प्रयोक्ता को कम मूल्य में ही प्राप्त हो जाए। तदनुसार अब आयोग अपनी एक योजना के अन्तर्गत विषयवार शब्दावलियाँ ही परिवर्धित रूप में प्रकाशित कर रहा है।
=== मूलभूत शब्दावलियाँ ===
1994 से आयोग ने विज्ञान तथा अन्य विषयों की महत्वपूर्ण शाखाओं में विकसित शब्दावलियों में प्रकाशित आमतौर पर प्रयोग किये जाने वाले शब्दों का चयन कर ‘मूलभूत शब्दावली’ के प्रकाशन का कार्य प्रारम्भ किया है। इन शब्दावलियों को विद्यार्थियों/अध्यापकों तथा अन्य प्रयोक्ता वर्ग में निःशुल्क वितरित किया जाता है जिससे हिन्दी में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली के प्रयोग को बढ़ावा मिल सके तथा वह लोकप्रिय हो सके। इन शब्दावलियों में ऐसे शब्दों के चयन पर विशेष ध्यान रखा जाता है जो स्नातक तथा परास्नातक स्तर के विद्यार्थी, शोध छात्र तथा प्राध्यापक सामान्यतः प्रयोग करते हैं। आयोग ने अब तक कम्प्यूटर विज्ञान, गणित, भूगोल, भूविज्ञान, भौतिकी, पशुचिकित्सा विज्ञान, यान्त्रिक इंजीनियरी जैसे विषयों की मूलभूत शब्दावलियॉं प्रकाशित की हैं तथा इलेक्ट्रानिक्स, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, वास्तुकला, पुरातत्व, इतिहास, रक्षा, राजनीति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, कृषि विज्ञान, वनस्पति विज्ञान तथा सूत्र कृमि विज्ञान की मूलभूत शब्दावलियॉं प्रकाशनार्थ तैयार की जा रही हैं।
=== शब्दावलियों के अंग्रेजी-हिन्दी, हिन्दी-अंग्रेजी एवं द्विभाषी संस्करण ===
आयोग के सभी शब्द-संग्रह मूलतः अंग्रेजी-हिन्दी में हैं, क्योंकि स्रोत भाषा अंग्रेजी रही है। आयोग ने इनमें से अनेक शब्द-संग्रहों के हिन्दी-अंग्रेजी संस्करण प्रकाशित किए हैं। इनमें विज्ञान के विषयों का शब्द-संग्रह, मानविकी के विषयों का शब्द-संग्रह, आयुर्विज्ञान, कृषि एवं इंजीनियरी शब्द-संग्रह एवं प्रशासनिक शब्दावली के हिन्दी-अंग्रजी संस्करण अब तक प्रकाशित किए जा चुके हैं। भाषाविज्ञान शब्दावली का द्विभाषी संस्करण (अर्थात् एक ही संग्रथित / जिल्द में अंग्रेजी संस्करण) भी प्रकाशित किया गया है। शेष सभी शब्दावलियों के हिंदी-अंग्रेजी संस्करण) भी प्रकाशित किये गये हैं।
=== राष्ट्रीय शब्दावली बैंक ===
आयोग ने अपनी शब्दावलियों के प्रस्तुतीकरण एवं प्रकाशन की प्रक्रिया का आधुनिकीकरण करने के लिए कम्प्यूटर-आधारित राष्ट्रीय शब्दावली बैंक की स्थापना की है ताकि आयोग की शब्दावली सभी प्रयोगकर्ताओं को तुरन्त उपलब्ध हो सके। इस कम्प्यूटरीकृत शब्दावली बैंक से यह लाभ होगा कि-
*1. नये शब्दों को उनके अपने अकारादि क्रम में तत्काल भरा जा सकता है।
*2. शब्दों में कभी भी संशोधन-परिवर्धन किया जा सकता है अथवा उन्हें हटाया जा सकता है।
*3. शब्दों के हिन्दी पर्याय तत्काल मालूम किये जा सकते हैं।
*4. शब्दावली के तत्काल मुद्रण के लिए लेसर प्रिण्ट तैयार किये जा सकते हैं।
*5. शब्दों को विषयवार या विषय-समूहवार या समेकित रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
*6. शब्दों के अंग्रेजी-हिन्दी संस्करण या हिन्दी-अंग्रेजी संस्करण या द्विभाषी संस्करण प्राप्त किये जा सकते हैं।
*7. शब्दावलियाँ फ़्लापियों तथा सीडी के रूप में प्राप्त की जा सकती हैं तथा बेची जा सकती हैं।
=== आयोग का वेबसाइट ===
फरवरी 2000 में आयोग ने राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के सर्वर पर वेबसाइट https://web.archive.org/web/20100314073926/http://cstt.nic.in/ प्रारम्भ किया है। इस वेबसाइट पर आयोग के विषय में अग्रेंजी तथा हिन्दी दोनों भाषाओं में पूरी जानकारी दी गयी है तथा कई महत्वपूर्ण विषयों की शब्दावलियॉं भी उपलब्ध करायी गयी है।
=== अखिल भारतीय शब्दावली की पहचान और प्रकाशन ===
सभी शिक्षाविदों, भाषाविदों एवं विद्वानों की यह धारणा है कि भारतीय भाषाओं की तकनीकी शब्दावली ऐसी होनी चाहिए जिसमें सभी भाषाओं में परस्पर समरूपता हो ताकि उच्च शिक्षा, अनुसन्धान, विज्ञान के आदान-प्रदान एवं संप्रेषण में सुविधा रहे तथा उनमें अखिल भारतीय स्तर पर एकरूपता एवं समानता स्थापित हो। सभी भारतीय भाषाओं में समानता का पहला आधार यह है कि हमारी अधिकांश भाषाएँ [[संस्कृत भाषा|संस्कृतमूलक]] हैं। संस्कृत मूल के शब्द बहुतायत राज्यों में आसानी से स्वीकृत किए जाते हैं। फिर प्रशासन एवं उच्च तकनीकी शिक्षा में अंग्रेजी के शब्द और अदालतों आदि के काम में उर्दू के शब्द सभी भारतीय भाषाओं में समान रूप से मिलते हैं। इस प्रकार सभी राज्यों के लिए समान तकनीकी शब्दावली की खोज करना भी वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग का एक उत्त्रदायित्व रहा है। तदनुसार 1980 से आयोग ने अखिल भारतीय शब्दावली योजना शुरू की जिसके अन्तर्गत सभी राज्यों की भाषाओं से ऐसे शब्दों का संकलन किया गया जिन्हें अखिल भारतीय प्रयोग के लिए स्वीकार किया जा सकता था। इन शब्दों की सूचियों के निर्माण में विभिन्न भाषाओं के विद्वानों, वैज्ञानिकों एवं भाषाविदों की सहायता ली गयी और उन्हें विषयवार सूचीबद्ध किया गया। इन शब्द-सूचियों को सभी राज्यों में भेजकर उनके पाठ्य पुस्तक निर्माण मण्डलों में काम करने वाले वैज्ञानिकों/भाषाविदों से उनकी भाषा में उन शब्दों के मानक पर्याय मँगाए गए। विभिन्न राज्यों के बोर्डों से सभी भाषाओं के पर्याय प्राप्त हो जाने के बाद आयोग ने विभिन्न स्थलों पर अखिल भारतीय संगोष्ठियाँ आयोजित कीं जिनमें सभी राज्यों के विषयविदों एवं भाषाविदों को आमंत्रित किया गया। इन संगोष्ठियों के परिणमस्वरूप विभिन्न विषयों के लगभग 20,000 ऐसे शब्द संकलित कर दिये गये हैं जिन्हें अखिल भारतीय शब्दावली के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। इन शब्दों को आयोग ने विभिन्न विषयों की अखिल भारतीय शब्दावली के रूप में विषयवार प्रकाशित किया है। अब तक ऐसी 19 शब्दावलियाँ प्रकाशित की जा चुकी हैं। जिन विषयों में अखिल भारतीय शब्दावली की पहचान की जा चुकी है, उनका विवरण निम्नलिखित है :
{|class='wikitable'
|-
|
:1. अर्थशास्त्र और वाणिज्य
:2. आयुर्विज्ञान (शल्य विज्ञान)
:3. खगोलिकी
:4. गणित
:5. जीवविज्ञान
:6. प्राणिविज्ञान
:7. प्रायोगिक भूगोल
:8. भाषाविज्ञान
:9. भूगोल
:10. भूविज्ञान (संशोधित)
||
:11. भौतिकी
:12. मानव भूगोल
:13. रसायन विज्ञान-1
:14. वनस्पतिविज्ञान
:15. शिक्षा, मनोविज्ञान तथा मनोरोग विज्ञान
:16. समाजविज्ञान एवं सांस्कृतिक नृविज्ञान
:17. समुद्रविज्ञान
:18. सांख्यिकी
:19. सिविल इंजीनियरी
|}
ये शब्दावलियाँ विश्वविद्यालय के विभिन्न विषयों के प्राध्यापकों, भाषाविदों, लेखकों, अनुवादकों, कोशकारों, पत्रकारों एवं राज्यों के पाठ्य पुस्तक निर्माण बोर्डों को निःशुल्क वितरित की जाती है। आयोग की यह योजना है कि सभी विषयों की अखिल भारतीय शब्दावली को अब एक ही संग्रह में प्रकाशित कर दिया जाए ताकि शब्द-निर्माताओं को ये शब्दावलियाँ एक ही ग्रन्थ में उपलब्ध हो सकें।
=== आयुर्विज्ञान से सम्बन्धित अन्य भारतीय भाषाओं की शब्दावली एवं वाक्यांश ===
सन् 1982 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मन्त्रालय के अनुरोध पर आयोग ने [[आयुर्विज्ञान]] के आम प्रयोग के शब्दों और वाक्यांशों के दक्षिण भाषायी पर्यायों का संकलन करके उन्हें हिन्दी के साथ प्रकाशित करने की योजना बनाई। इस योजना के अन्तर्गत लगभग 5-6 हजार शब्दों का संकलन किया जा चुका है। पहले चरण के रूप में अंग्रेजी शब्दों और वाक्याशों के हिन्दी पर्याय निश्चित करने के बाद उनके तमिल पर्याय तैयार कर लिये गये हैं तथा बंगला, पंजाबी, मराठी तथा उड़िया भाषाओं के पयार्यो को अन्तिम रूप दिया जा रहा है।
=== तकनीकी शब्दावली कार्यशालाएँ ===
आयोग द्वारा निर्मित शब्दावली का उद्देश्य शब्द-संग्रह तक सीमित रहना नहीं है बल्कि विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षण में उसका प्रयोग होना भी उसका अन्तिम लक्ष्य है। सभी पाठ्य ग्रन्थों में आयोग की शब्दावली का ही प्रयोग हो, सभी मौलिक लेखक, अनुवादक तथा सन्दर्भ-साहित्य के निर्माता, छात्र एवं प्राध्यापक आयोग की शब्दावली का प्रयोग करें, इसके लिए आयोग ने अनेक योजनाएँ चालू की हैं। इनमें से एक प्रमुख योजना तकनीकी शब्दावली कार्यशालाओं के आयोजन की है।
शब्दावली कार्यशाला योजना के अन्तर्गत आयोग विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उच्चतर तकनीकी संस्थाओं में विभिन्न विषयों में ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन करता है जिनमें आयोग के संकाय के सदस्य अथवा विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ विद्वान, भाषाविद् एवं शब्द-निर्माता आयोग द्वारा निर्मित शब्दावली का परिचय देते हुए तथा उनकी व्याख्या करते हुए उनके सम्बन्ध में कार्यशाला में उपस्थित प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, लेखकों, अनुवादकों से विचार-विमर्श करते हैं। इन कार्यशालाओं में प्रायः दो-तीन विषयों को एक-साथ रखा जाता है और इनमें उन विषयों से सम्बन्धित आसपास के महाविद्यालयों के प्राध्यापक सहभागी के रूप में आमन्त्रित किये जाते हैं।
यह देखा गया है कि ये कार्यशालाएँ अपने उद्देश्य में बहुत ही सफल रही हैं क्योंकि इन कार्यशालाओं में विचार-विमर्श के माध्यम से आयोग द्वारा निर्मित तकनीकी शब्दावली के प्रयोग की परीक्षा हो जाती है, सभी सहभागी प्राध्यापकों को आयोग द्वारा निर्मित शब्दावली की मानकता की जानकारी देने से उन्हें अपने विषयों के अध्यापन में मानक शब्दावली का प्रयोग करने की दिशा प्राप्त हो जाती है और अपने विषय को हिंदी माध्यम से पढ़ाने में उनका संकोच समाप्त हो जाता है। शब्दावली-निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी सक्षम विद्वानों से प्राप्त होने के बाद उन प्राध्यापकों को आयोग की शब्दावली स्वीकार करने में सुविधा होती है। उन्हें यह भी ज्ञान हो जाता है कि तकनीकी शब्दों के लिए सर्वत्र एक समान हिन्दी पर्यायों का प्रयोग अनिवार्य है ताकि एक ही संकल्पना के लिए विभिन्न शब्दों के प्रयोग से अराजकता उत्पन्न न हो। कार्यशाला में विचार-विमर्श के परिणामस्वरूप अनेक शब्दों के हिन्दी पर्यायों पर पुनर्विचार भी किया जाता है।
=== परिभाषा-कोशों का निर्माण ===
विभिन्न विषयों में तकनीकी शब्दावली के निर्माण के बाद आयोग ने परिभाषा-कोशों के निर्माण की योजना भी आरम्भ की। शब्दावली या शब्द-संग्रहों में अंग्रेजी तकनीकी शब्दावली तथा उनके हिन्दी पर्याय मात्र होते हैं, किन्तु परिभाषा-कोशों में अंग्रेजी तकनीकी शब्द, उसका हिन्दी पर्याय और उसके बाद तीन-चार पंक्तियों में हिन्दी में उसकी परिभाषा दी जाती है। परिभाषा-कोश किसी भी विषय के तकनीकी शब्द की संकल्पना को सही रूप से समझने में छात्र, अध्यापक अथवा अनुसन्धानकर्ता की बहुत सहायता करते हैं। वस्तुतः परिभाषा के आधार पर ही किसी शब्द को उपयुक्त ठहराया जा सकता है। साथ ही परिभाषाओं से तकनीकी शब्दों के प्रयोग की क्षमता भी स्पष्ट हो जाती है। इस तरह परिभाषा-कोश एक प्रकार से शब्दावली-निर्माण की प्रक्रिया के ही विस्तार के रूप में है क्योंकि तकनीकी शब्दों को उनकी परिभाषाओं अथवा व्याख्याओं के माध्यम से ही ठीक से समझा जा सकता है।
शब्दावली आयोग ने अब तक लगभग 56 परिभाषा कोश प्रकाशित किए हैं। इनका संबंध समाजविज्ञान एवं मानविकी, मूलभूत विज्ञान, अनुप्रयुक्त विज्ञान आदि सभी से है। इनमें विज्ञान के नवीनतम विषय, उदाहरणार्थ- अर्थमिति, इलेक्ट्रॉनिकी, तरल यान्त्रिकी, मानचित्र-विज्ञान, शैल विज्ञान, पादप आनुवंशिकी, कृषि-कीट विज्ञान आदि भी शामिल हैं। इन परिभाषा-कोशों की उपयोगिता की दृष्टि से अनेक विषयों के एक से अधिक परिभाषा कोश भी प्रकाशित किए गये हैं। उदाहरणार्थ, वनस्पति विज्ञान के पांच परिभाषा-कोश, रसायन विज्ञान के तीन परिभाषा-कोश, शिक्षा के दो परिभाषा-कोश आदि।
=== विश्वविद्यालय-स्तरीय ग्रन्थों का निर्माण ===
तकनीकी शब्दावली का निर्माण हिन्दी में पाठ्य पुस्तकों के निर्माण का पहला चरण है। माध्यम परिवर्तन के पूर्व यह अनिवार्य है कि प्रत्येक विषय में उचित संख्या में विश्वविद्यालय स्तर की पाठ्य पुस्तकों का निर्माण किया जाए। ये पुस्तकें न केवल विषय की दृष्टि से उच्च स्तरीय हों अपितु इनकी शब्दावली भी मानक हो और उनमें सर्वत्र एकरूपता हो। तदनुसार शिक्षा मन्त्रालय ने 1959 से ही हिन्दी में ग्रन्थ-निर्माण योजना का सूत्रपात किया। इस योजना के अंतर्गत स्वयं आयोग द्वारा एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों, अकादमिक संस्थाओं और राज्य सरकारों के माध्यम से और साथ ही निजी प्रकाशकों के सहयोग से पुस्तकों के अनुवाद, मौलिक लेखन एवं प्रकाशन का कार्यक्रम आरंभ किया गया। शब्दावली आयोग ने अनुवाद, मौलिक लेखन एवं प्रकाशन का कार्यक्रम आरम्भ किया। शब्दावली आयोग ने अनुवाद, मौलिक लेखन के लिए शीर्षकों का चुनाव करने के उद्देश्य से विविध विषयों में 16 विशेषज्ञ समितियों का गठन किया और उनके परामर्श से इस कार्यक्रम के अन्तर्गत अनेक पुस्तकें प्रकाशित कीं।
सन् 1968 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिन्दी सहित सभी भारतीय भाषाओं को विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षा के माध्यम के रूप में अपनाने के लिये तेजी से प्रयास करने पर बल दिया गया। तदनुसार शिक्षा मन्त्रालय ने प्रत्येक राज्य सरकार को विश्वविद्यालय स्तर के ग्रन्थों के निर्माण के लिए एक-एक करोड़ रुपये देने की मंजूरी दी। तब से ही इस योजना के अधीन विभिन्न राज्यों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना पर पुनर्विचार करने के लिए 1987 में दलाल समिति तथा 1994 में कोलहाटकर समिति का गठन किया गया।
==== विश्वविद्यालय ग्रन्थ-निर्माण योजना की वर्तमान स्थिति ====
संक्षेप में इस प्रकार है :
*1. प्रत्येक हिन्दी-भाषी राज्य (उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा) में एक-एक हिन्दी ग्रन्थ अकादमी की स्थापना हुई है। जो विभिन्न उच्चस्तरीय पाठ्य पुस्तकों का हिन्दी में अनुवाद कर रही हैं।
*2. उपर्युक्त हिन्दी-भाषी राज्यों की हिन्दी ग्रन्थ अकादमियों के साथ ही [[गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय]] [[पंतनगर|पन्तनगर]], तथा [[काशी हिन्दू विश्वविद्यालय|बनारस हिंदू विश्वविद्यालय]], [[दिल्ली विश्वविद्यालय]] तथा [[चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय|हिसार कृषि विश्वविद्यालय]] भी इस योजना के अन्तर्गत केन्द्र सरकार की आर्थिक सहायता से पाठ्य पुस्तकों का निर्माण कर रहे हैं।
*3. [[हिमाचल प्रदेश]] में हिन्दी ग्रन्थ अकादमी की स्थापना विचाराधीन है।
*4. अहिन्दी भाषी राज्यों (आन्ध्रप्रदेश, गुजरात, केरल, उड़ीसा, महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिमी बंगाल तथा तमिलनाडु) में ग्रन्थ निर्माण कार्यक्रम के लिए संस्थाएँ स्थापित की गयी हैं।
*5. असम में [[गुवाहाटी विश्वविद्यालय]] तथा [[डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय]] एवं कर्नाटक में [[बंगलौर विश्वविद्यालय|बंगलुरु विश्वविद्यालय]], कृषि-विज्ञान विश्वविद्यालय, मैसूर विश्वविद्यालय तथा कर्नाटक विश्वविद्यालय भी इस योजना के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार की आर्थिक सहायता से पाठ्यपुस्तकों का निर्माण कर रहे हैं।
=== पाठमालाएँ, चयनिकाएँ तथा पाठ-संग्रह ===
विश्वविद्यालय-स्तरीय उच्च विषयों में अध्ययन तथा अध्यापन के लिए पाठ्य पुस्तकें ही पर्याप्त नहीं होतीं। अनेक गहन विषयों को ठीक से समझने के लिये उच्च स्तरीय पत्रिकाओं एवं सन्दर्भ-ग्रन्थों में उपलब्ध सामग्री को पाठमाला, मोनोग्राफ, चयनिका (डाइजेस्ट) एवं पाठ-संग्रह के रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। पाठमाला एक लेखक द्वारा एक ही विषय में लिखित पुस्तिका के रूप में होती है जबकि पाठ-संग्रह में एक ही विषय पर विभिन्न लेखकों के लेख संकलित किये जाते हैं। चयनिकाओं में भी अनेक शीर्षकों के अन्तर्गत किसी विषय या विषय-समूह की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की जाती है।
शब्दावली आयोग ने ज्ञान-विज्ञान की अनेक पाठमालाओं, चयनिकाओं और पाठ-संग्रहों का निर्माण और प्रकाशन 1980 से आरम्भ किया था। अब तक लगभग 10 पाठमालाओं/पाठ-संग्रहों एवं 10 चयनिकाओं का प्रकाशन हो चुका है।
=== त्रैमासिक पत्रिकायें ===
==== विज्ञान गरिमा सिन्धु ====
विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं उच्च शिक्षा तथा अनुसन्धान कार्य में रत छात्रों को उनके विषय की अद्यतन जानकारी देने, हिन्दी में मौलिक विज्ञान लेखन एवं स्तरीय अनुवाद को प्रोत्साहित करने तथा वैज्ञानिक लेखन में आयोग द्वारा निर्मित शब्दावली के प्रयोग को सुनिश्चित करने के लिए एवं हिन्दी के विज्ञान लेखकों को स्तरीय मंच प्रदान करने तथा विज्ञान लेखन के क्षेत्र में हिन्दी को सशक्त माध्यम बनाने के लिए आयोग 1986 से ‘विज्ञान गरिमा सिन्धु’ नामक त्रैमासिक पत्रिका का नियमित रूप से प्रकाशन कर रहा है। इस पत्रिका में उच्च स्तरीय लेख प्रकाशित किये जाते हैं।
==== ज्ञान गरिमा सिन्धु ====
हाल ही में ऐसा अनुभव किया गया कि सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी के क्षेत्र में भी पाठ्य सामग्री के अतिरिक्त ऐसे पूरक एवं लोकप्रिय साहित्य की आवश्यकता है जो उच्च शिक्षण के स्तर पर हिन्दी माध्यम से पठन-पाठन करने वालों के साथ-साथ सामान्य जन को भी अपने चारों ओर के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक आदि क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनों, नये सिद्धान्तों, विचारों तथा अन्य अवयतन जानकारी से अवगत करा सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आयोग ने ‘ज्ञान गरिमा सिन्धु’ नामक त्रैमासिक पत्रिका के प्रकाशन का कार्य जनवरी 2000 से प्रारम्भ किया है। पत्रिका का उद्देश्य हिन्दी में लेखन की तकनीकी शैली को प्रोत्साहन देना तथा सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी के क्षेत्र से सम्बन्धित अद्यतन उपयोगी बौद्धिक जानकारी को हिन्दी माध्यम से पठन पाठन करने वालों के साथ-साथ सामान्यजन को सुलभ कराना है।
==== अन्य पत्रिकाएँ ====
आयोग ने समय-समय पर शिक्षा माध्यम परिवर्तन की सरलता के लिए अनुसन्धानात्मक / विवरणात्मक पत्रिकाओं का प्रकाशन किया था। इनके नाम इस प्रकार हैं :
*1. आयुर्विज्ञान पत्रिका
*2. इंजीनियरी पत्रिका
*3. चिकित्सा सेवा
*4. शिल्पी मित्र
=== पुस्तक प्रदर्शनियाँ एवं बिक्री आदि ===
आयोग ने अब तक हिन्दी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में हजारों पुस्तकें प्रकाशित कर ली हैं और अनेक शब्द-संग्रह, परिभाषा-कोश, पाठमालाएँ, चयनिकाएँ, अखिल भारतीय शब्दावलियाँ, वैज्ञानिक पत्रिका आदि भी। आयोग के प्रकाशनों एवं अन्य कार्यों के उचित प्रचार-प्रसार के लिए आयोग का प्रदर्शनी एकक समय-समय पर प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहता है। ये प्रदर्शनियाँ विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा उच्च तकनीकी संस्थाओं की माँग पर अथवा अखिल भारतीय प्रदर्शनियों एवं आयोग द्वारा आयोजित तकनीकी शब्दावली कार्यशालाओं, संगोष्ठियों एवं बैठकों के अवसर पर विभिन्न स्थलों पर आयोजित की जाती हैं। आयोग का वितरण एकक प्रशासन शब्दावली तथा विभिन्न विषयों की अखिल भारतीय शब्दावलियों तथा मूलभूत शब्दावलियों का निःशुल्क वितरण भी करता है। आयोग इनकी बिक्री स्वयं भी करता है और ये पुस्तकें भारत सरकार के प्रकाशन नियन्त्रक, सिविल लाइन्स, दिल्ली-110006 से भी उपलब्ध होती हैं।
=== पूर्वोत्तर राज्यों में शब्दावली आयोग का योगदान ===
सन् 1994 में शिक्षा विभाग द्वारा ‘कोल्हाटकर समिति’ का गठन किया गया तथा हिन्दी प्रदेशों की ग्रन्थ अकादमियों तथा अहिन्दी भाषी राज्यों के पाठ्य-पुस्तक मण्डलों के क्रिया-कलापों की समीक्षा का कार्य सौंपा गया था। कोल्हाटकर समिति ने [[मणिपुरी]], [[नेपाली (बहुविकल्पी)|नेपाली]] तथा [[कोंकणी भाषा|कोंकणी]] भाषाओं में पाठ्य-पुस्तक मण्डलों की स्थापना की संस्तुति दी।
पूर्वोत्तर राज्यों में भाषागत विविधताओं, अंग्रेजी को कई राज्यों द्वारा राज्य की भाषा घोषित किया जाना तथा शिक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं की शैशव अवस्था को देखते हुए आयोग ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया है तथा सर्वप्रथम मणिपुर राज्य में मई 1999 में 7 दिनों की एक कार्यशाला मणिपुर विश्वविद्यालय, इम्फाल में राज्य के शिक्षा निदेशालय के भाषा प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गयी।
== आयोग द्वारा शब्द-निर्माण की प्रक्रिया ==
शब्दावली आयोग में विभिन्न विषयों के एकक एवं अधिकारी हैं जो अपने-अपने विशिष्ट विषय की पाठ्य पुस्तकों, अद्यतन शब्दकोशों, विश्वकोशों एवं सन्दर्भ-ग्रन्थों की सहायता से पर्यायों का चयन करते हैं। पर्यायों को अंतिम रूप देने के लिए आयोग के ये अधिकारी अपने-अपने विषयों/उपविषयों/विषय की शाखाओं के विशिष्ट विद्वानों, विश्वविद्यालय एवं उच्चतर तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों आदि को परामर्श के लिए आमंत्रित करते हैं। इन विशेषज्ञों एवं अनुभवी भाषाविदों के परामर्श से ही प्रत्येक विषय के पर्याय को अन्तिम रूप दिया जाता है ताकि आयोग द्वारा निर्मित शब्दावली को मानक स्वीकृति प्राप्त हो। इन शब्दावलियों पर समय-समय पर अनेक कार्यशालाओं, संगोष्ठियों एवं बैठकों में पुनिर्विचार भी किया जाता है और आवश्यकतानुसार संशोधन एवं परिवर्धन भी।
=== शब्दावली निर्माण के लिए स्वीकृत सिद्धान्त ===
आयोग द्वारा शब्दावली निर्माण के लिए स्वीकृत सिद्धान्तों का सार इस प्रकार है:
*(1) अन्तरराष्ट्रीय शब्दों को यथासम्भव उनके प्रचलित अंग्रेजी रूपों में ही अपनाना चाहिए तथा हिन्दी व अन्य भारतीय भाषाओं की प्रकृति के अनुसार ही उनका [[लिप्यन्तरण]] करना चाहिए। अन्तरराष्ट्रीय शब्दावली के अन्तर्गत निम्नलिखित उदाहरण दिये जा सकते हैं :
:*(क) तत्वों और यौगिकों के नाम, जैसे [[हाइड्रोजन]], [[कार्बन डाईऑक्साइड|कार्बन डाइऑक्साइड]] आदि;
:*(ख) तौल और माप की इकाइयाँ तथा भौतिक परिमाण की इकाइयाँ, जैसे डाइन, कैलरी, ऐम्पियर आदि;
:*(ग) ऐसे शब्द जो व्यक्तियों के नाम पर बनाए गए हैं, जैसे मार्क्सवाद (कार्ल मार्क्स), ब्रेल (ब्रेल), बॉयकाट (कैप्टन बॉयकाट), गिलोटिन (डॉ॰ गिलोटिन), गेरीमैण्डर (मिस्टर गेरी), एम्पियर (मिस्टर एम्पियर), फारेनहाइट तापक्रम (मिस्टर फारेनहाइट) आदि;
:*(घ) वनस्पति-विज्ञान, प्राणि-विज्ञान, भूविज्ञान आदि की [[द्विपद नामपद्धति|द्विपदी नामावली]];
:*(ङ) स्थिरांक, जैसे p, g आदि;
:*(च) ऐसे अन्य शब्द जिनका आमतौर पर सारे संसार में व्यवहार हो रहा है, जैसे रेडियो, पेट्रोल, रेडार, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन आदि;
:*(छ) गणित और विज्ञान की अन्य शाखाओं के संख्यांक, प्रतीक, चिह्न और सूत्र, जैसे साइन, कोसाइन, टेन्जेन्ट, लॉग आदि (गणितीय संक्रियाओं में प्रयुक्त अक्षर रोमन या ग्रीक वर्णमाला के होने चाहिए)।
*(२) प्रतीक, रोमन लिपि में अन्तरराष्ट्रीय रूप में ही रखे जाएँगे परन्तु संक्षिप्त रूप देवनागरी और मानक रूपों से भी, विशेषतः साधारण तौल और माप में लिखे जा सकते हैं, जैसे सेन्टीमीटर का प्रतीक c.m. हिन्दी में भी ऐसे ही प्रयुक्त होगा परन्तु देवनागरी में संक्षिप्त रूप से॰मी॰ भी हो सकता है। यह सिद्धान्त बाल-साहित्य और लोकप्रिय पुस्तकों में अपनाया जाएगा, परन्तु विज्ञान और प्रौद्योगिकी की मानक पुस्तकों में केवल अन्तरराष्ट्रीय प्रतीक, जैसे cm ही प्रयुक्त करना चाहिए।
*(3) ज्यामितीय आकृतियों में भारतीय लिपियों के अक्षर प्रयुक्त किए जा सकते हैं, जैसे क, ख, ग, या अ, ब, स परन्तु [[त्रिकोणमितीय फलन|त्रिकोणमितीय फलनों]] में केवल रोमन अथवा ग्रीक अक्षर प्रयुक्त करने चाहिए, जैसे साइन x, कॉस y आदि।
*(4) [[अवधारणा|संकल्पनाओं]] (कांसेप्ट) को व्यक्त करने वाले शब्दों का सामान्यतः [[अनुवाद]] किया जाना चाहिए।
*(5) हिन्दी पर्यायों का चुनाव करते समय सरलता, अर्थ की परिशुद्धता और सुबोधता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सुधार-विरोधी प्रवृत्तियों से बचना चाहिए।
*(6) सभी भारतीय भाषाओं के शब्दों में यथासम।भव अधिकाधिक एकरूपता लाना ही इसका उद्देश्य होना चाहिए और इसके लिए ऐसे शब्द अपनाने चाहिए जो -
:*(क) अधिक से अधिक प्रादेशिक भाषाओं में प्रयुक्त होते हों, और
:*(ख) संस्कृत [[धातु|धातुओं]] पर आधारित हों।
*(7) ऐसे देशी शब्द जो सामान्य प्रयोग के पारिभाषिक शब्दों के स्थान पर हमारी भाषाओं में प्रचलित हो गये हैं, जैसे telegraph/telegram के लिए [[तार]], continent के लिए [[महाद्वीप]], post के लिए डाक आदि इसी रूप में व्यवहार में लाए जाने चाहिए।
*(8) अंग्रेजी, पुर्तगाली, फ़्रांसीसी आदि भाषाओं के ऐसे विदेशी शब्द जो भारतीय भाषाओं में प्रचलित हो गये हैं, जैसे टिकट, सिगनल, पेंशन, पुलिस, ब्यूरो, रेस्त्रां, डीलक्स, आदि इसी रूप में अपनाये जाने चाहिए।
*(9) ''' अन्तरराष्ट्रीय शब्दों का देवनागरी लिपि में लिप्यन्तरण ''' : अंग्रेजी शब्दों का लिप्यन्तरण इतना जटिल नहीं होना चाहिए कि उसके कारण वर्तमान देवनागरी वर्णों में नये चिह्न व प्रतीक शामिल करने की आवश्यकता पड़े। शब्दों का देवनागरी लिपि में लिप्यन्तरण अंग्रेजी उच्चारण के अधिकाधिक अनुरूप होना चाहिए और उनमें ऐसे परिवर्तन किए जायें जो भारत के शिक्षित वर्ग में प्रचलित हों।
*(10) ''' लिंग ''' : हिन्दी में अपनाये गये अन्तरराष्ट्रीय शब्दों को, अन्यथा कारण न होने पर, [[पुल्लिंग]] रूप में ही प्रयुक्त करना चाहिए।
*(11) ''' संकर शब्द ''' : पारिभाषिक शब्दावली में संकर शब्द, जैसे guaranteed के लिए ‘गारण्टित’, classical के लिए ‘क्लासिकी’, codifier के लिए ‘कोडकार’ आदि, के रूप सामान्य और प्राकृतिक भाषाशास्त्रीय प्रक्रिया के अनुसार बनाये गये हैं और ऐसे शब्दरूपों को पारिभाषिक शब्दावली की आवश्यकताओं, यथा सुबोधता, उपयोगिता और संक्षिप्तता का ध्यान रखते हुए व्यवहार में लाना चाहिए।
*(12) ''' पारिभाषिक शब्दों में सन्धि और समास ''' : कठिन [[संधि (व्याकरण)|सन्धियों]] का यथासम्भव कम से कम प्रयोग करना चाहिए और संयुक्त शब्दों के लिए दो शब्दों के बीच हाइफन ( - ) लगा देना चाहिए। इससे नयी शब्द-रचनाओं को सरलता और शीघ्रता से समझने में सहायता मिलेगी। जहाँ तक संस्कृत पर आधारित आदिवृद्धि का सम्बन्ध है, ‘व्यावहारिक’, ‘लाक्षणिक’ आदि प्रचलित संस्कृत तत्सम शब्दों में आदिवृद्धि का प्रयोग ही अपेक्षित है। परन्तु नवनिर्मित शब्दों में इससे बचा जा सकता है।
*(13) ''' हलन्त ''' : नए अपनाए हुए शब्दों में आवश्यकतानुसार [[हलन्त]] का प्रयोग करके उन्हें सही रूप में लिखना चाहिए।
*(14) ''' पंचम वर्ण का प्रयोग (पंचमाक्षर) ''' : पंचम वर्ण के स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग करना चाहिए परन्तु lens, patent आदि शब्दों का लिप्यन्तरण लेंस, पेटेंट/पेटेण्ट न करके लेन्स, पेटेन्ट ही करना चाहिए।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[पारिभाषिक शब्दावली]]
* [[पारिभाषिक शब्दावली|तकनीकी शब्दावली]]
* [[नामकरण]]
* [[भारतवाणी पोर्टल]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20190209232343/http://csttpublication.mhrd.gov.in/index.php '''वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग का हिन्दी जालघर'''] (नया)
* [https://shabd.education.gov.in/index.jsp '''शब्द खोजें'''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20250803090733/http://shabd.education.gov.in/index.jsp |date=3 अगस्त 2025 }} (विभिन्न विषयों एवं विभिन्न भाषाओं के शब्द खोजें)
* [http://bollywood.bhaskar.com/article/HIM-OTH-801247-1314717.html शब्दावली से आएगी भाषा में एकरूपता] {{Webarchive|url=https://archive.today/20130628174454/http://bollywood.bhaskar.com/article/HIM-OTH-801247-1314717.html |date=28 जून 2013 }}
* [http://www.amarujala.com/city/Auryya/Auryya-21748-32.html विज्ञान में हिंदी शब्दावली का प्रयोग जरूरी]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}
* [https://web.archive.org/web/20101125021117/http://www.livemint.com/2010/04/14205657/Language-barrier--Cracking-th.html Language barrier : Cracking the English to Hindi code]
* [https://web.archive.org/web/20110314031208/http://www.bhaskar.com/article/CHH-OTH-juggler-of-words-looking-for-words-1925680.html शब्द ढूंढ रहे शब्दों के बाजीगर]
* [https://web.archive.org/web/20170207125701/https://hi.wikibooks.org/wiki/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80_%E0%A4%95%E0%A5%80_%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%95_%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80_%E0%A4%95%E0%A5%80_%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE हिन्दी की पारिभाषिक शब्दावली की निर्माण प्रक्रिया]
* [https://www.jagran.com/uttarakhand/nainital-13053822.html वनस्पति विज्ञान के बीस हजार शब्दों का हिन्दीकरण पूरा हुआ] (जागरण)
[[श्रेणी:भारत सरकार]]
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बिन्दकी
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'''बिन्दकी''' (Bindki) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|date=23 अप्रैल 2017}}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref>
== राजनीति ==
बिन्दकी [[विधानसभा]] [[निर्वाचनक्षेत्र]] भी है जहाँ से जय कुमार सिंह जैकी भाजपा के समर्थन से अपना दल (सोनेलाल)के विधायक हैं। पूर्व विधायक राजेन्द्र पटेल व सुखदेव प्रसाद वर्मा पास के गांव क्रमशः जहानपुर व सिकट्ठनपुर के रहने वाले हैं। अपना दल से जहानाबाद से विधायक व उ.प्र. सरकार में कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी इसी तहसील अंतर्गत ग्राम जद्दूपुर के रहने वाले हैं। बिन्दकी तहसील अंतर्गत स्थित ग्राम लहुरी सरांय के ही पूर्व विथायक व मंत्री नरेश उत्तम रहने वाले हैं जो कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
== प्रसिद्ध व्यक्ति ==
यहींं पर राष्ट्र कवि पंडित सोहन लाल द्विवेदी का जन्म हुआ था। बहादुर सिंह यादव दयानन्द इण्टर कालेज के 80 के दशक में प्रख्यात प्रधानाचार्य रहे हैं जो कि बाबा जय गुरु देव के गांव खितौरा थाना बकेवर जिला इटावा के रहने वाले थे। इनके अनुशासन को लोग आज भी याद करते हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षकों में के.के.पाण्डेय, राम नरायन तिवारी, शिव मोहन सिंह, शिव मतन वर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, राम प्रताप बाजपेयी, राम प्रसाद वर्मा,राज किशोर गुप्ता, रमन शुक्ला, सुखदेव प्रसाद आदि के नाम भी उल्लेखनीय हैं। नेहरु इण्टर कालेज में पुराने अध्यापकों में बद्री विशाल अवस्थी, आर.डी. सिंह, आर.बी.सिंह, गयाराम वर्मा, राम नाथ वर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इसी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत डीघ आती है यहीं पर वीर रस के कवि डुलारे सिंह’वीर’ जी का जन्म स्थल है। आप पेशे से अध्यापक थे, आपके पढ़ाए हुवे अनेकों शिष्यों ने देश में ऊँचे ओहदो पर अपनी सेवायें प्रदान कर चुके हैं। आप के ही शिष्य थे श्री आर डी सोनकर जी जिन्होंने आप के समाधि स्थल में आकर गुरु और शिष्य के महात्म्य को क्षेत्र वासियों को समझाया था। इसी ग्राम सभा का मजरा है ईशापुर यहीं पर प्रख्यात कवि , लेखक, पत्रकार श्री सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’जी का जन्म(३०-०४-१९७८) को एक सम्पन्न पटेल परिवार में हुआ। आपके पिता स्मृति शेष डॉक्टर सत्यप्रकाश सिंह जी व स्मृति शेष माता जी श्रीमती बृजरानी पटेल जी प्रख्यात समाज सेवी थे। जिनका प्रयास सदैव राष्ट्र व समाज के उत्थान को था। इस पिछड़े क्षेत्र में आपने एक उत्कृष्ट विद्यालय (बृजरानी पटेल विद्यापीठ) की नींव रखी जो समरसता मय जीवन बिताने व राष्ट्र को सशक्त बनाने का निरंतर संदेश देते हुए छात्रों के चहमुखी विकास को कर पाने की राह में निरंतर अग्रसर है।
== अन्य विवरण ==
बिन्दकी मुगल मार्ग में [[फतेहपुर]] जिला मुख्यालय से २६ किमी दूर स्थित है एवं तहसील मुख्यालय है। यह एक नगरपालिका स्तर का नगर है। बिन्दकी प्रमुख तौर पर पीतल के बर्तनों तथा खेती की मशीनरी के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है। बिन्दकी तहसील की भौगोलिक सीमा [[गंगा नदी|गंगा]] व [[यमुना नदी|यमुना]] नदी से मिलती है। बिन्दकी में पुलिस थाना/कोतवाली व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। यहीं पर परिवहन निगम का बस अड्डा है जहां से कानपुर, बांदा, फतेहपुर, जहानाबाद के लिये बसें चलती हैं। यहां पर बी. .एस.एन.एल.का टेलीफोन एक्सचेंज है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक आफ बड़ोदा, एच डी एफ सी बैंक, जिला सहकारी बैंक आदि बैंक स्थित हैं। यहां पर नगर पालिका परिषद है। करीब आठ गेस्ट हाउस हैं। पास से ही निचली गंगा नहर निकली है। दयानन्द इण्टर कालेज, नगर पालिका नेहरू इण्टर कालेज व सोहन लाल द्विवेदी राजकीय बालिका इण्टर कालेज यहां के पुराने इण्टर कालेज हैं।
बिन्दकी क्षेत्र में मोर, कबूतर,फाख्ता,नीलकंठ,बगुला,सफेद बगुला,कौआ,कोयल,गौरैया,बया,कठफोड़वा,गरुण/चील्ह,गिद,मैना,उल्लू,तोता,मुर्गा,बाज,राम चिरैया, मुर्गी,खंजन,हुदहुद,टिटिहरी,तीतर,बटेर आदि पक्षी पाये जाते हैं। बिन्दकी के बराती नगर मुहल्ले में प्रसिद्ध शिक्षक संजय कुमार आर्य द्वारा विश्वविख्यात ब्लॉग प्राथमिक शैक्षिक खबर्स शिक्षा जगत की खबरों के बारे में जाना जाता है। [https://www.instagram.com/gop_15279?igsh=MXkxMWs2eHd6N3l3eA== इनकी https://www.instagram.com/gop_15279?igsh=MXkxMWs2eHd6N3l3eA==] तहसील बिंदकी मुख्यालय से ईशापुर की दूरी सड़क मार्ग से १३ किलोमीटर की है। यहां पहुँचने के कई मार्ग हैं किंतु ललौली मार्ग बाँदा रोड में भवानीपुर के पास से नेवाजीपुर रजबहा/माइनर की पटरी पर बने डीघ सम्पर्क मार्ग से गुलाबपुर,घेरवा व डीघ होते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य व पशु- पक्षी शांति व आनंद प्रदान कर पाने में सक्षम है। बिन्दकी से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित ग्राम गुलाबपुर जो कि कोरवा का मजरा है, यहां होली के अवसर पर दो दिन होने वाला ड्रामा काफी फेमस है। इस गांव में परिषदीय प्राइमरी स्कूल है। इस गांव की सामाजिक समरसता बेजोड़ है। इस ग्राम के गंगासागर पटेल व अमर नाथ सिंह सबसे उम्रदराज ब्यक्ति हैं। गुलाबपुर के काफी लोग सरकारी व प्राइवेट जाब में हैं, जो कि पुलिस, सहकारिता, राजस्व, शिक्षा, रेलवे, थल सेना, वायु सेना, नैवी, ग्राम्य विकास, आयकर, सीएजी आदि विभागों में कार्यरत हैं। यहां पर एक प्राचीन मंदिर है व भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति भी स्थापित है। पूरे गांव का बिधुतीकरण हो चुका है। गांव में पांच कुयें व एक तालाब है परन्तु वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण कुओंं में पानी नहीं है तथा घरों में पानी के लिये समरसेबल का प्रयोग होता है। पूरे गांव में खड़ंजा व आरसीसी रोड है। सिंचाई का कार्य ट्यूबवेल व नेवाजीपुर माइनर से होता है। करीब दो दर्जन ट्यूबवेल व एक दर्जन ट्रैक्टर हैं। कृषि व पशुपालन यहां के मुख्य ब्यवसाय हैं। पशुओं में भैंस,गाय व बकरी प्रमुख हैं। फसलों में गेहूं,धान,गन्ना,आलू,अरहर,सरसों,ज्वार,चना आदि प्रमुख हैं। गुलाबपुर में काफी बाग भी हैंं जिसमें आम,महुआ, नीम, यूकेलिप्टटस, सागौन, कटहल, नीबू, बांस, अमरुद, कैथा मुख्य रुप से पाये जाते हैं।
== इन्हें भी देखें ==
* [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर]]
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'''बिन्दकी''' (Bindki) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|date=23 अप्रैल 2017}}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref>
== राजनीति ==
बिन्दकी [[विधानसभा]] [[निर्वाचनक्षेत्र]] भी है जहाँ से जय कुमार सिंह जैकी भाजपा के समर्थन से अपना दल (सोनेलाल)के विधायक हैं। पूर्व विधायक राजेन्द्र पटेल व सुखदेव प्रसाद वर्मा पास के गांव क्रमशः जहानपुर व सिकट्ठनपुर के रहने वाले हैं। अपना दल से जहानाबाद से विधायक व उ.प्र. सरकार में कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी इसी तहसील अंतर्गत ग्राम जद्दूपुर के रहने वाले हैं। बिन्दकी तहसील अंतर्गत स्थित ग्राम लहुरी सरांय के ही पूर्व विथायक व मंत्री नरेश उत्तम रहने वाले हैं जो कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
== प्रसिद्ध व्यक्ति ==
यहींं पर राष्ट्र कवि पंडित सोहन लाल द्विवेदी का जन्म हुआ था। बहादुर सिंह यादव दयानन्द इण्टर कालेज के 80 के दशक में प्रख्यात प्रधानाचार्य रहे हैं जो कि बाबा जय गुरु देव के गांव खितौरा थाना बकेवर जिला इटावा के रहने वाले थे। इनके अनुशासन को लोग आज भी याद करते हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षकों में के.के.पाण्डेय, राम नरायन तिवारी, शिव मोहन सिंह, शिव मतन वर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, राम प्रताप बाजपेयी, राम प्रसाद वर्मा,राज किशोर गुप्ता, रमन शुक्ला, सुखदेव प्रसाद आदि के नाम भी उल्लेखनीय हैं। नेहरु इण्टर कालेज में पुराने अध्यापकों में आर.डी. सिंह, आर.बी.सिंह, गयाराम वर्मा, राम नाथ वर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इसी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत डीघ आती है यहीं पर वीर रस के कवि डुलारे सिंह’वीर’ जी का जन्म स्थल है। आप पेशे से अध्यापक थे, आपके पढ़ाए हुवे अनेकों शिष्यों ने देश में ऊँचे ओहदो पर अपनी सेवायें प्रदान कर चुके हैं। आप के ही शिष्य थे श्री आर डी सोनकर जी जिन्होंने आप के समाधि स्थल में आकर गुरु और शिष्य के महात्म्य को क्षेत्र वासियों को समझाया था। इसी ग्राम सभा का मजरा है ईशापुर यहीं पर प्रख्यात कवि , लेखक, पत्रकार श्री सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’जी का जन्म(३०-०४-१९७८) को एक सम्पन्न पटेल परिवार में हुआ। आपके पिता स्मृति शेष डॉक्टर सत्यप्रकाश सिंह जी व स्मृति शेष माता जी श्रीमती बृजरानी पटेल जी प्रख्यात समाज सेवी थे। जिनका प्रयास सदैव राष्ट्र व समाज के उत्थान को था। इस पिछड़े क्षेत्र में आपने एक उत्कृष्ट विद्यालय (बृजरानी पटेल विद्यापीठ) की नींव रखी जो समरसता मय जीवन बिताने व राष्ट्र को सशक्त बनाने का निरंतर संदेश देते हुए छात्रों के चहमुखी विकास को कर पाने की राह में निरंतर अग्रसर है।
== अन्य विवरण ==
बिन्दकी मुगल मार्ग में [[फतेहपुर]] जिला मुख्यालय से २६ किमी दूर स्थित है एवं तहसील मुख्यालय है। यह एक नगरपालिका स्तर का नगर है। बिन्दकी प्रमुख तौर पर पीतल के बर्तनों तथा खेती की मशीनरी के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है। बिन्दकी तहसील की भौगोलिक सीमा [[गंगा नदी|गंगा]] व [[यमुना नदी|यमुना]] नदी से मिलती है। बिन्दकी में पुलिस थाना/कोतवाली व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। यहीं पर परिवहन निगम का बस अड्डा है जहां से कानपुर, बांदा, फतेहपुर, जहानाबाद के लिये बसें चलती हैं। यहां पर बी. .एस.एन.एल.का टेलीफोन एक्सचेंज है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक आफ बड़ोदा, एच डी एफ सी बैंक, जिला सहकारी बैंक आदि बैंक स्थित हैं। यहां पर नगर पालिका परिषद है। करीब आठ गेस्ट हाउस हैं। पास से ही निचली गंगा नहर निकली है। दयानन्द इण्टर कालेज, नगर पालिका नेहरू इण्टर कालेज व सोहन लाल द्विवेदी राजकीय बालिका इण्टर कालेज यहां के पुराने इण्टर कालेज हैं।
बिन्दकी क्षेत्र में मोर, कबूतर,फाख्ता,नीलकंठ,बगुला,सफेद बगुला,कौआ,कोयल,गौरैया,बया,कठफोड़वा,गरुण/चील्ह,गिद,मैना,उल्लू,तोता,मुर्गा,बाज,राम चिरैया, मुर्गी,खंजन,हुदहुद,टिटिहरी,तीतर,बटेर आदि पक्षी पाये जाते हैं। बिन्दकी के बराती नगर मुहल्ले में प्रसिद्ध शिक्षक संजय कुमार आर्य द्वारा विश्वविख्यात ब्लॉग प्राथमिक शैक्षिक खबर्स शिक्षा जगत की खबरों के बारे में जाना जाता है। तहसील बिंदकी मुख्यालय से ईशापुर की दूरी सड़क मार्ग से १३ किलोमीटर की है। यहां पहुँचने के कई मार्ग हैं किंतु ललौली मार्ग बाँदा रोड में भवानीपुर के पास से नेवाजीपुर रजबहा/माइनर की पटरी पर बने डीघ सम्पर्क मार्ग से गुलाबपुर,घेरवा व डीघ होते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य व पशु- पक्षी शांति व आनंद प्रदान कर पाने में सक्षम है। बिन्दकी से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित ग्राम गुलाबपुर जो कि कोरवा का मजरा है, यहां होली के अवसर पर दो दिन होने वाला ड्रामा काफी फेमस है। इस गांव में परिषदीय प्राइमरी स्कूल है। इस गांव की सामाजिक समरसता बेजोड़ है। इस ग्राम के गंगासागर पटेल व अमर नाथ सिंह सबसे उम्रदराज ब्यक्ति हैं। गुलाबपुर के काफी लोग सरकारी व प्राइवेट जाब में हैं, जो कि पुलिस, सहकारिता, राजस्व, शिक्षा, रेलवे, थल सेना, वायु सेना, नैवी, ग्राम्य विकास, आयकर, सीएजी आदि विभागों में कार्यरत हैं। यहां पर एक प्राचीन मंदिर है व भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति भी स्थापित है। पूरे गांव का बिधुतीकरण हो चुका है। गांव में पांच कुयें व एक तालाब है परन्तु वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण कुओंं में पानी नहीं है तथा घरों में पानी के लिये समरसेबल का प्रयोग होता है। पूरे गांव में खड़ंजा व आरसीसी रोड है। सिंचाई का कार्य ट्यूबवेल व नेवाजीपुर माइनर से होता है। करीब दो दर्जन ट्यूबवेल व एक दर्जन ट्रैक्टर हैं। कृषि व पशुपालन यहां के मुख्य ब्यवसाय हैं। पशुओं में भैंस,गाय व बकरी प्रमुख हैं। फसलों में गेहूं,धान,गन्ना,आलू,अरहर,सरसों,ज्वार,चना आदि प्रमुख हैं। गुलाबपुर में काफी बाग भी हैंं जिसमें आम,महुआ, नीम, यूकेलिप्टटस, सागौन, कटहल, नीबू, बांस, अमरुद, कैथा मुख्य रुप से पाये जाते हैं।
== इन्हें भी देखें ==
* [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:फतेहपुर ज़िला]]
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर]]
[[श्रेणी:फतेहपुर ज़िले के नगर]]
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विकिपीडिया:अनुरोधित लेख
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2026-03-28T13:13:28Z
Avaneesh Yadav Kohlawa
913501
6533997
wikitext
text/x-wiki
== कोहलवा (ग्राम) ==
'''कोहलवा''' भारत के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[संत कबीर नगर जिला]] के अंतर्गत स्थित एक ग्राम है। यह ग्राम तहसील [[धनघटा]] में स्थित है। और यह मुख्यतः*यादवों* के गांव के नाम से जाना जाता है
== भौगोलिक स्थिति ==
कोहलवा ग्राम [[रामपुर बारह कोनी]] से लगभग 1 किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित है। यह क्षेत्र समतल भूभाग में आता है और कृषि के लिए उपयुक्त है।
== जनसंख्या ==
2011 की जनगणना के अनुसार 1386 जनसंख्या थी।
मतदाता सूची 2026 के अनुसार इस ग्राम की कुल वोटर्स जनसंख्या लगभग 1127 है।
== शिक्षा ==
ग्राम में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध है। यहाँ कक्षा 1 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 तक के लिए विद्यालय स्थित हैं, जो माँ काली मंदिर के पास स्थित है।
== अर्थव्यवस्था ==
ग्राम की मुख्य अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। यहाँ के लोग मुख्यतः गेहूँ, धान तथा अन्य फसलों की खेती करते हैं।
== धार्मिक स्थल ==
ग्राम में माँ काली मंदिर प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो स्थानीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।
== परिवहन ==
ग्राम सड़क रामजनकी मार्ग से और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।
== संदर्भ ==
{{ Avaneesh Yadav}}
== अनुरोधित लेख ==
* [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/0-9|0-9, ०-९]]
* [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/अ|अ]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/आ|आ]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/इ|इ]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/ई|ई]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/उ|उ]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/ऊ|ऊ]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/ए|ए]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/ऐ|ऐ]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/ओ|ओ]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/औ|औ]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/अं|अं]]{{*}} [[विकिपीडिया:अनुरोधित लेख/अन्य अक्षर|अः]]
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महास्नानघर (मोहन जोदड़ो)
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The Sorter
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text/x-wiki
{{विलय|बृहत्स्नानागार}}
[[चित्र:Mohenjodaro Sindh.jpeg|thumb|240px|[[मोहन जोदड़ो]] का महास्नानघर]]
'''महास्नानघर''' [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिन्धु घाटी सभ्यता]] के प्राचीन खंडहर शहर [[मोहन जोदड़ो]] में स्थित एक प्रसिद्ध हौज़ है। वर्तमान समय में यह [[पाकिस्तान]] के [[सिंध]] प्रांत में आता है। यह मोहन जोदड़ो के उत्तरी भाग में स्थित है और एक कृत्रिम टीले के ऊपर बनाया गया था। यह हौज़ 11.88 m लम्बा और ७ मीटर चौड़ा है और इसका सब से अधिक भाग २.४३ मीटर की गहराई रखता है। इसमें उतरने के लिए एक सीढ़ी उत्तर में और एक दक्षिण की तरफ़ बनाई गई है। इसका निर्माण भट्टी से निकाली गई पक्की ईंटों से किया गया है और, पानी को चूने से रोकने के लिए, [[मसाला (चिनाई)|चिनाई के मसाले]] और ईंटों के ऊपर डामर (बिटुमन) की परत भी चढ़ाई गई थी।
इतिहासकारों को पक्का पता नहीं है कि महास्नानघर का क्या महत्त्व था, लेकिन इसको बनाने में लगी शक्ति और ख़र्चे को देखकर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह मोहन जोदड़ो के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल था। <ref name="ref05cejiv">{{cite web | title=Archaeologica | author=Aedeen Cremin | publisher=Frances Lincoln Ltd, 2007 | isbn=9780711228221 | url=http://books.google.com/books?id=A0llBlzF6UgC | quote=''... The Great Bath did not play a functional role in hygiene, but the vast investment in its construction assures us its purpose was of utmost importance to the inhabitants of Mohenjo-Daro ...'' }}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== अन्य भाषाओँ में ==
[[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] में मोहन जोदड़ो के महास्नानघर को "द ग्रेट बाथ़" (The Great Bath) कहते हैं।
== अन्य विवरण ==
महास्नानघर में उतरने वाली दोनों सीढ़ियों के अंत में १ मीटर चौड़ा और ४० सेंटीमीटर ऊंचा चबूतरा है। अगर हौज़ पूरी भरी होती तो पानी की गहराई लगभग २ मीटर होती। इस सभ्यता के निवासियों के अस्ति-अवशेष देखकर अंदाज़ा लगाया गया है कि उनका औसत क़द लगभग १५० से॰मी॰ था, यानि इन चबूतरों पर खड़े हुए भी वे भरी हौज़ में पूरी तरह ग़ोता लगा सकते थे और संभव है तैर भी सकते हों। हौज़ की एक ओर नीचे ईंट में छेद के ज़रिये पानी बहार निकलने की जगह भी है जो शायद हौज़ को साफ़ करने के काम आती हो। जिस नाली में पानी निकलकर टीले से नीचे ले जाया जाता था उसका ढांचा टूटकर ग़ायब हो चुका है इसलिए ये पता नहीं कि पानी ऐसे ही छोड़ दिया जाता था या फिर उसे आगे कहीं ले जाया जाता था। संभव है कि यहाँ के निवासी जल का धार्मिक प्रयोग अपनी पूजा के लिए करते हों और महास्नानघर एक धार्मिक स्थल हो, लेकिन इसका सही अनुमान नहीं लगाया जा सका है।<ref name="ref83humup">{{cite web | title=The Indus civilization: a contemporary perspective | author=Gregory L. Possehl | publisher=Rowman Altamira, 2002 | isbn=9780759101722 | url=http://books.google.com/books?id=pmAuAsi4ePIC | access-date=28 नवंबर 2011 | archive-url=https://web.archive.org/web/20111212134445/http://books.google.com/books?id=pmAuAsi4ePIC | archive-date=12 दिसंबर 2011 | url-status=live }}</ref>
== महास्नानघर की खोज ==
समय के साथ मोहन जोदड़ो के शहरियों ने महास्नानघर को प्रयोग करना बंद कर दिया। वह रेत और मिटटी से भर गया और पूरी तरह दफ़न होकर नज़रों से ओझल हो गया। सिर्फ़ उसका टीला एक साधारण टीले की तरह दिखता था। सन् १९२६ और १९२६ में इतिहासकारों को अपनी मोहन जोदड़ो की खुदाई में यह मिला।
== इन्हें भी देखें ==
* [[मोहन जोदड़ो]]
* [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिन्धु घाटी सभ्यता]]
== सन्दर्भ ==
<small>{{reflist|2}}</small>
[[श्रेणी:सिन्धु घाटी सभ्यता]]
[[श्रेणी:भारत का इतिहास]]
[[श्रेणी:ऐतिहासिक हौज़ें]]
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डॉनल्ड ट्रम्प
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text/x-wiki
{{Expand English|Donald Trump|date=जनवरी २०२६}}
{{Update|date=जनवरी २०२६}}{{Infobox officeholder
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| order2 = [[संयुक्त राज्य के राष्ट्रपतियों की सूची|संयुक्त राज्य के 45वें राष्ट्रपति]]
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| succeeded2 = जो बाइडन
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| vicepresident = [[जेडी वेंस]]
| occupation = [[राजनेता]], [[व्यवसायी]]
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मैरी ऐनी मैक्लेऑड
}}
'''डॉनल्ड जॉन ट्रम्प''' (जन्म 14 जून, 1946) एक अमेरिकी राजनीतिज्ञ, मीडिया व्यक्तित्व और व्यवसायी हैं, जिन्होंने 2017 से 2021 तक [[संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति|संयुक्त राज्य अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति]] के रूप में कार्य किया। इसके बाद, 2024 में डोनाल्ड ट्रम्प ने कमला हैरिस के खिलाफ चुनाव लड़ा और इस चुनाव में विजयी होकर अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बने। डोनाल्ड ट्रंप 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस को हराकर 47वें राष्ट्रपति बने। उन्होंने 20 जनवरी 2025 को अपना राष्ट्रपति पद संभाला।। साथ ही 12 जनवरी 2026 को उन्होंने अपने आप को [[वेनेज़ुएला]]<nowiki/>का "एक्टिंग प्रेसीडेंट" (कार्यकारी राष्ट्रपति) घोषित किया।
1968 में ट्रम्प ने [[पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय]] से [[अर्थशास्त्र|अर्थशास्त्र (ग्रन्थ)]] में विज्ञान स्नातक के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1971 में, उनके पिता ने उन्हें परिवार के रियल एस्टेट व्यवसाय का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके बाद ट्रम्प ने व्यवसाय का नाम बदलकर ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन कर दिया और अपना ध्यान गगनचुंबी इमारतों, होटलों, कैसीनो और गोल्फ कोर्स के निर्माण और नवीनीकरण पर केंद्रित कर दिया। 1990 के दशक के अंत में कुछ व्यावसायिक असफलताओं के बाद, उन्होंने विभिन्न सहायक उद्यम शुरू किए, जिनमें मुख्य रूप से ट्रम्प नाम का लाइसेंस शामिल था। 2004 से 2015 तक उन्होंने रियलिटी टेलीविजन श्रृंखला द अपरेंटिस का सह-निर्माण और मेजबानी की।
==शिक्षा ==
ट्रम्प ने व्हार्टन स्कूल ,यूनिवर्सिटी ऑफ़ [[पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय|पेनसिलवेनिया]] से शिक्षा प्राप्त की है। शुरुआती अगस्त 1964 में ट्रम्प दो साल के लिए ब्रोंक्स में फिर उन्होंने धम विश्वविद्यालय में भाग लिया बाद मे उन्होंने फिलाडेल्फिया में पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल, जो समय पर संयुक्त राज्य अमेरिका के शिक्षा में कुछ रियल एस्टेट अध्ययन विभागों में से एक की पेशकश करते थे,वहाँ हालांकि, वह परिवार की कम्पनी, एलिजाबेथ ट्रम्प और बेटा, उसकी दादी के लिए नामित पर काम किया।उन्होंने मई १९६८ में पेन से स्नातक की उपाधि के साथ अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री उपाधि हासिल की।<ref>{{Cite web|url=http://www.bostonglobe.com/news/nation/2015/08/28/donald-trump-was-bombastic-even-wharton-business-school/3FO0j1uS5X6S8156yH3YhL/story.html|title=Donald Trump was brash, even at Wharton business school - The Boston Globe|date=2017-03-23|website=web.archive.org|access-date=2024-08-28|archive-date=23 मार्च 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170323185705/http://www.bostonglobe.com/news/nation/2015/08/28/donald-trump-was-bombastic-even-wharton-business-school/3FO0j1uS5X6S8156yH3YhL/story.html|url-status=bot: unknown}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.wharton.upenn.edu/wp-content/uploads/125anniversaryissue/trump.html|title=Wharton Alumni Magazine: 125 Influential People and Ideas: Donald J. Trump|date=2017-04-12|website=web.archive.org|access-date=2024-08-28|archive-date=12 अप्रैल 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170412233710/https://www.wharton.upenn.edu/wp-content/uploads/125anniversaryissue/trump.html|url-status=dead}}</ref>
==निजी जीवन==
ट्रम्प का जन्म 14 जून, 1946 को, जमैका हास्पिटल, न्यूयॉर्क सिटी, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में हुआ था। इनके माता-पिता का नाम मैरी ऐनी मैक्औलाॅयड और फ्रेड ट्रम्प है। ट्रम्प प्रेस्बिटेरियन [[ईसाई धर्म]] को मानते हैं। ट्रम्प ने तीन शादियाँ की हैं। पहली शादी इवाना (पूर्व ओलिम्पिक खिलाड़ी ) से की थी। 1977 में हुई यह शादी 1991 तक चली। इसके बाद 1993 में मार्ला (अभिनेत्री) को जीवनसाथी बनाकर 1999 में तलाक ले लिया। इसके बाद 2005 में मेलानिया (मॉडल) से शादी की है। <ref name="dainik">[http://m.jagran.com/news/world-all-you-need-to-know-about-donald-trump-13937065.html अमरीकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रम्प के बारे में जानें अनोखी बातें] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161109222504/http://m.jagran.com/news/world-all-you-need-to-know-about-donald-trump-13937065.html|date=9 नवंबर 2016}} - [[दैनिक जागरण]] - 28 अप्रैल 2016</ref> पहली पत्नी इवाना से डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर, [[इवांका ट्रम्प]] और एरिक ट्रम्प, दूसरी पत्नी मार्ला से [[टिफ़नी ट्रम्प|टिफ़नी ट्रम्प]], तीसरी पत्नी [[मेलानिया ट्रम्प|मेलानिया]] से विलियम ट्रम्प नामक बच्चे हैं। फोडर्म विश्वविद्यालय और पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के वार्टन स्कूल ऑफ फाइनेंस एंड कॉमर्स से इन्होंने पढ़ाई की। कॉलेज के समय से ही पिता की कम्पनी में इन्होंने काम की शुरुआत कर दी थी, इन्होने दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.naidunia.com/world-donald-trump-from-mogul-to-presidential-frontrunner-847689|title=जानिए कौन हैं POTUS यानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप|date=2016-11-09|website=नईदुनिया|language=hi|access-date=2025-06-28}}</ref>
==राजनैतिक जीवन==
2001 से 2008 तक डेमोक्रेटिक पार्टी में और 2009 से रिपब्लिकन पार्टी में रह कर राजनीतिक गतिविधियों में रहे। वर्ष २०१६ में रिपब्लिकन पार्टी से ही [[संयुक्त राज्य राष्ट्रपति चुनाव, 2016|राष्ट्रपति के पद के निर्वाचन]] में दिनांक 9 नवम्बर 2016 को विजय श्री प्राप्त की।<ref>{{Cite web|url=https://www.naidunia.com/world-the-impact-on-the-world-after-donald-trump-reaching-the-white-house-959340|title=डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद दुनिया पर होगा ये असर|date=2017-01-19|website=Nai Dunia|language=hi|access-date=2020-10-02}}</ref>
==प्रेसीडेंसी==
===प्रारम्भिक कार्यवाही===
20 जनवरी, 2017 को संयुक्त राज्य अमेरिका के 45 वें राष्ट्रपति के रूप में ट्रम्प का उद्घाटन किया गया। कार्यालय में अपने पहले हफ्ते के दौरान, उन्होंने छह कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए: रोगी संरक्षण और वहनीय देखभाल अधिनियम (ओबामाकेयर) को रद्द करने की प्रत्याशा में अन्तरिम प्रक्रियाएं, से निकासी ट्रांस-पैसिफ़िक साझेदारी वार्ता, मेक्सिको सिटी पॉलिसी का पुन: स्थापना, कीस्टोन एक्सएल और डकोटा एक्सेस पाइपलाइन निर्माण परियोजनाओं को अनलॉक करना, सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, और मैक्सिको के साथ अमेरिकी सीमा के साथ दीवार बनाने के लिए योजना और डिजाइन प्रक्रिया शुरू करना।
31 जनवरी को, ट्रम्प ने 2016 में अपनी मृत्यु तक न्यायमूर्ति एंटोनिन स्केलिया द्वारा आयोजित सुप्रीम कोर्ट पर सीट भरने के लिए अमेरिकी अपील कोर्ट के न्यायाधीश नील गोरसच को नामित किया।
===आप्रवासन===
दोलुंड ट्रम्प की प्रस्तावित आव्रजन नीतियां अभियान के दौरान कड़वी और विवादास्पद बहस का विषय थीं। उन्होंने अवैध आप्रवासियों को बाहर रखने के लिए मेक्सिको-संयुक्त राज्य सीमा पर एक और अधिक महत्वपूर्ण दीवार बनाने का वादा किया और वचन दिया कि मेक्सिको इसके लिए भुगतान करेगा। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले अवैध आप्रवासियों को व्यापक रूप से निर्वासित करने का वचन दिया,<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/world/us/as-trump-strike-at-birthright-citizenship-americans-and-indians-look-up-14th-amendment/articleshow/66450132.cms|title=As Trump strikes at birthright citizenship, Americans – and Indians – look up 14th Amendment|access-date=31 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181205091658/https://timesofindia.indiatimes.com/world/us/as-trump-strike-at-birthright-citizenship-americans-and-indians-look-up-14th-amendment/articleshow/66450132.cms|archive-date=5 दिसंबर 2018|url-status=live}}</ref> और "एंकर बच्चों" बनाने के लिए जन्मजात नागरिकता की आलोचना की।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/world/us/president-donald-trump-plans-to-end-birthright-us-citizenship/articleshow/66431475.cms|title=US President Donald Trump plans to end birthright citizenship|access-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181031000832/https://timesofindia.indiatimes.com/world/us/president-donald-trump-plans-to-end-birthright-us-citizenship/articleshow/66431475.cms|archive-date=31 अक्तूबर 2018|url-status=live}}</ref> उन्होंने कहा कि निर्वासन अपराधियों, वीजा ओवरस्टे और सुरक्षा खतरों पर ध्यान केन्द्रित करेगा।
===यात्रा पर प्रतिबन्ध===
नवम्बर 2015 पेरिस के हमलों के बाद, ट्रम्प ने मुस्लिम विदेशियों को संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने से रोकने के लिए एक विवादास्पद प्रस्ताव दिया जब तक कि मजबूत वीटिंग सिस्टम लागू नहीं किए जा सकें। बाद में उन्होंने "आतंकवाद के सिद्ध इतिहास" वाले देशों पर लागू होने के लिए प्रस्तावित प्रतिबन्ध को दोहराया।
27 जनवरी, 2017 को, ट्रम्प ने कार्यकारी आदेश 13769 पर हस्ताक्षर किए, जिसने 120 दिनों के लिए शरणार्थियों के प्रवेश को निलम्बित कर दिया और इराक, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागरिकों को सुरक्षा चिन्ताओं का हवाला देते हुए प्रवेश किया। आदेश चेतावनी के बिना लगाया गया था और तुरन्त प्रभाव पड़ा। भ्रम और विरोध ने हवाई अड्डे पर अराजकता उत्पन्न की। प्रशासन ने तब स्पष्ट किया कि ग्रीन कार्ड वाले आगन्तुकों को प्रतिबन्ध से मुक्त किया गया था।
===सीमा पर पारिवारिक अलगाव===
अप्रैल 2018 में, ट्रम्प ने "शून्य सहिष्णुता" आप्रवासन नीति लागू की, जिसमें वयस्कों ने आपराधिक अभियोजन पक्ष के लिए अनियमित रूप से अमेरिका में प्रवेश किया और जबरन बच्चों को माता-पिता से अलग कर दिया, पिछले प्रशासन की नीति को समाप्त कर दिया, जो बच्चों के साथ परिवारों के लिए अपवाद बनाते थे। जून के मध्य तक, 2,300 से अधिक बच्चों को आश्रयों में रखा गया था, जिसमें बच्चों और बच्चों के लिए "निविदा उम्र" आश्रय शामिल थे, डेमोक्रेट, रिपब्लिकन, ट्रम्प सहयोगियों और धार्मिक समूहों की मांगों में समाप्त होने वाली नीतियों को समाप्त कर दिया गया था। ट्रम्प ने झूठा जोर देकर कहा कि उनका प्रशासन केवल कानून का पालन कर रहा था। 20 जून को, ट्रम्प ने अमेरिकी सीमा पर पारिवारिक अलगाव समाप्त करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। 26 जून को सैन डिएगो में एक संघीय न्यायाधीश ने एक प्रारम्भिक आदेश जारी किया जिसके चलते ट्रम्प प्रशासन को अपने छोटे बच्चों से अलग-अलग आप्रवासियों को अलग करने और सीमा पर अलग होने वाले परिवार समूहों को एकजुट करने की आवश्यकता होती है।
===जांच===
==== अन्य कानूनी मामलों====
अमरीकी [[अश्लील अभिनेता|पॉर्न फिल्म अभिनेत्री]] [[स्टॉर्मी डैनियल्स]] ने आरोप लगाया है कि 2006 में उन्होंने और ट्रम्प के साथ एक सम्बन्ध था, जो ट्रम्प ने इनकार कर दिया था। जनवरी 2018 में, यह बताया गया था कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के ठीक पहले डेनियल को गैर-प्रकटीकरण समझौते (एनडीए) के हिस्से के रूप में ट्रम्प के वकील माइकल कोहेन ने $ 130,000 का भुगतान किया था; कोहेन ने बाद में कहा कि उसने उसे अपने पैसे के साथ भुगतान किया। फरवरी 2018 में, डेनियल ने कोहेन की कम्पनी को एनडीए से रिहा होने के लिए कहा और उसे अपनी कहानी बताने की अनुमति दी। कोहेन ने मामले पर चर्चा करने से रोकने के लिए एक संयम आदेश प्राप्त किया। मार्च में, डेनियल ने अदालत में दावा किया कि एनडीए कभी प्रभावी नहीं हुआ क्योंकि ट्रम्प ने इसे व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर नहीं किया था। अप्रैल में, ट्रम्प ने कहा कि उन्हें कोहेन को डेनियल का भुगतान करने के बारे में पता नहीं था, क्यों कोहेन ने भुगतान किया था या जहां कोहेन से पैसा मिला था। मई में, ट्रम्प के वार्षिक वित्तीय प्रकटीकरण से पता चला कि उन्होंने डेनियल से सम्बन्धित भुगतान के लिए 2017 में कोहेन की प्रतिपूर्ति की थी। अगस्त 2018 में, न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के लिए संयुक्त राज्य अटार्नी के कार्यालय द्वारा लाए गए मामले में, कोहेन ने संघीय अदालत में अभियान वित्त कानून तोड़ने के लिए दोषी ठहराया, डेनियल को $ 130,000 और $ 150,000 के धन का भुगतान करने के लिए स्वीकार किया परोक्ष रूप से प्लेबॉय मॉडल करेन मैकडॉगल के लिए, और कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से ट्रम्प की दिशा में किया था। जवाब में, ट्रम्प ने कहा कि उन्हें केवल "बाद में" भुगतान के बारे में पता था, और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोहेन को भुगतान किया, अभियान अभियान से बाहर नहीं। कोहेन ने यह भी कहा कि वह रूस के साथ मिलकर विशेष परामर्श जांच के साथ पूरी तरह से सहयोग करेंगे।
===उत्तर कोरिया===
12 जून, 2018 को, प्रारंभिक स्टाफ-स्तरीय बैठकों के कई दौर बाद, ट्रम्प और किम ने सिंगापुर में द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया। संयुक्त घोषणा में, दोनों देशों ने कोरियाई प्रायद्वीप पर स्थायी और स्थिर शांति व्यवस्था बनाने के अपने प्रयासों में शामिल होने की प्रतिज्ञा की, जबकि उत्तरी कोरिया ने अप्रैल 2018 के वादे को "कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणुकरण की दिशा में काम करने" का वादा किया।
===इजराइल===
अभियान के दौरान उन्होंने कहा कि वह इज़राइल में अमेरिकी दूतावास को यरूशलेम में अपने वर्तमान स्थान, तेल अवीव से स्थानान्तरित कर देगा। 22 मई, 2017 को ट्रम्प पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे, जिन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान यरूशलेम में पश्चिमी दीवार का दौरा किया था, जिसमें इज़राइल, इटली, वेटिकन और बेल्जियम शामिल थे। ट्रम्प ने आधिकारिक तौर पर 6 दिसम्बर, 2017 को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता प्राप्त की, विश्व के नेताओं से आलोचना और चेतावनियों के बावजूद। ट्रम्प ने कहा कि वह यरूशलेम में एक नया अमेरिकी दूतावास स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसे बाद में 14 मई, 2018 को खोला गया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 दिसम्बर, 2017 को एक आपातकालीन सत्र में "यरूशलेम के पवित्र शहर में राजनयिक मिशन की स्थापना से बचना" सभी संकल्पों को स्वीकार करते हुए इस कदम को निन्दा करते हुए इस कदम की निन्दा की।
==इन्हें भी देखें==
[[डोनाल्ड ट्रम्प-स्टॉर्मी डेनियल्स कांड]]
[[स्टॉर्मी डैनियल्स]]
[[डोनाल्ड ट्रम्प का शपथग्रहण]]
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{Official website}}
* [https://web.archive.org/web/20160511080200/https://www.donaldjtrump.com/ डॉनल्ड जॉन ट्रम्प का राष्ट्रपति चुनाव अभियान]
* [https://web.archive.org/web/20161220080123/https://www.58pic2017.org/ डॉनल्ड ट्रम्प का राष्ट्रपति उद्घाटन]
* {{Twitter|POTUS|राष्ट्रपति ट्रम्प}} (आधिकारिक)
* {{Twitter|realDonaldTrump}} (व्यक्तिगत)<!-- वार्ता पृष्ठ पर चर्चा एवं सर्वसम्मति के बिना इसे परिवर्तित न करें। -->
* {{IMDb name|0874339}}
* [https://web.archive.org/web/20180119170548/https://www.youtube.com/watch?v=B1nkNzrUVeg डॉनल्ड ट्रम्प]
* ''[[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' पर एकत्र [https://web.archive.org/web/20170121020901/https://www.nytimes.com/topic/person/donald-trump "डोनाल्ड ट्रम्प समाचार और कमेंटरी"]
* [https://web.archive.org/web/20170129111538/https://archive.org/details/trumparchive ट्रम्प आर्काइव : फ्री मूवीज : डाउनलोड & स्ट्रीमिंग : इंटरनेट आर्काइव]
==सन्दर्भ==
{{संसूची}}
{{s-start}}
{{s-bus}}
{{s-bef
| before = [[फ्रेड ट्रम्प]]
| as = एलिजाबेथ ट्रम्प और पुत्र के [[:en:wikt:proprietor|अभिभावक]]
}}
{{s-ttl
| title = [[द ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन]] के अध्यक्ष
| years = 1971–2017
}}
{{s-aft
| after = [[डॉनल्ड ट्रम्प जूनियर]]
| after2 = [[एरिक ट्रम्प]]
| after3 = [[एलन वेइसेलबेर्ग]]
| as = ट्रम्प संगठन के न्यासी
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|-
{{s-ppo}}
{{s-bef
| before = [[मिट रॉमनी|मिट रोमनी]]
}}
{{s-ttl
| title = संयुक्त राज्य अमेरिका के [[रिपब्लिकन पार्टी|रिपब्लिकन]] राष्ट्रपति उम्मीदवार
| years = [[संयुक्त राज्य राष्ट्रपति चुनाव, 2016|२०१६]]
}}
{{s-inc
|recent}}
|-
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{{s-bef
| before = [[बराक ओबामा]]
}}
{{s-ttl
| title = [[संयुक्त राज्य के राष्ट्रपतियों की सूची|अमेरिका के राष्ट्रपति]]
| years = जनवरी 20, 2017–जनवरी 19, 2020
}}
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| after = [[जो बाइडेन]]
}}
{{s-end}}
{{अमरीकी राष्ट्रपति}}
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[[श्रेणी:अमेरिका के लोग]]
[[श्रेणी:अमेरिका के राष्ट्रपति]]
[[श्रेणी:1946 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:डॉनल्ड ट्रम्प]]
[[श्रेणी:अमेरिकी अरबपति]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:न्यू यॉर्क सिटी के राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:संयुक्त राज्य में रूढ़ीवाद]]
[[श्रेणी:न्यूयॉर्क शहर के लोग]]
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श्रेणी:१८७५ जन्म
14
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संजीव कुमार
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{{श्रेणी अनुप्रेषित|1875 में जन्मे लोग}}
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विकिपीडिया:समाचार/उम्मीदवार
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"El_Mencho_on_reward_poster.png" को हटाया। इसे कॉमन्स से [[commons:User:Pi.1415926535|Pi.1415926535]] ने हटा दिया है। कारण: per [[:c:Commons:Deletion requests/File:Mencho - 2018 Wanted Poster (cropped) (cropped).PNG|]]
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text/x-wiki
{{समाचार हेडर}}
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{{विकिपीडिया:समाचार/उम्मीदवार/शीर्षणी}}
<noinclude>[[श्रेणी:मुखपृष्ठ समाचार]]</noinclude>
==सुझाव==
=== ८ फरवरी २०२० ===
==== [[कोरोनावायरस]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:|100x100px|]]
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* '''तिथि''': ८ फरवरी २०१९
* '''लेख''': [[कोरोनावायरस]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[चीन]] में [[कोरोनावायरस]] से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। [[वूहान]] में अब तक ८१ मौतें हो चुकी हैं। [[चीन]] के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस वायरस की चपेट में आकर अभी तक 722 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[चीन]] में [[कोरोनावायरस]] से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। [[वूहान]] में अब तक ८१ मौतें हो चुकी हैं। [[चीन]] के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस वायरस की चपेट में आकर अभी तक 722 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है।}}
* '''स्रोत''': [https://m.aajtak.in/news/world-news/story/china-corona-virus-chinese-health-authorities-death-toll-1162067-2020-02-08 आज तक]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:रोहित साव27|रोहित साव 27]]
* '''टिप्पणी''':
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
*{{done}}, लगा दिया।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 04:04, 9 फ़रवरी 2020 (UTC)
=== १६ मार्च २०२० ===
==== कोरोना वायरस ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:[[File:The Union Minister for Railways, Kumari Mamata Banerjee briefing the media persons, in New Delhi on September 14, 2009.jpg|thumb]]|100x100px|]]
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* '''तिथि''': १६ मार्च २०२०
* '''लेख''': [[कोरोना वायरस]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[पश्चिम बंगाल]] की [[मुख्यमंत्री]] [[ममता बनर्जी]] ने [[कोरोना वायरस]] से सावधानी बरतते हुए शिक्षण संस्थानों को आगामी ३१ मार्च तक के लिए बंद कर दिया है।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[पश्चिम बंगाल]] की [[मुख्यमंत्री]] [[ममता बनर्जी]] ने [[कोरोना वायरस]] से सावधानी बरतते हुए शिक्षण संस्थानों को आगामी ३१ मार्च तक के लिए बंद कर दिया है।}}
* '''स्रोत''': [https://www.prabhatkhabar.com/amp/story/state%2Fwest-bengal%2Fcalcutta%2Fcoronavirus-educational-institutions-of-west-bengal-closed-till-31-march प्रभात खबर]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:रोहित साव27|रोहित साव 27]]
* '''टिप्पणी''': </div>
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
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*{{not done}}, ये स्थानीय समाचार है। विश्वव्यापी खबर पहले ही मुखपृष्ठ पे है।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 11:03, 16 मार्च 2020 (UTC)
=== २३ मार्च २०२० ===
==== क्रोएशिया ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': २३ मार्च २०२०
* '''लेख''': [[क्रोएशिया]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[क्रोएशिया]] में २३ मार्च को सुबह 6.23 मिनट पर 5.3 तीव्रता का [[भूकम्प]] आया। इसका केंद्र [[ज़ाग्रेब]] के उत्तर में 10 किलोमीटर की गहराई में था।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[क्रोएशिया]] में २३ मार्च को सुबह 6.23 मिनट पर 5.3 तीव्रता का [[भूकम्प]] आया। इसका केंद्र [[ज़ाग्रेब]] के उत्तर में 10 किलोमीटर की गहराई में था।}}
* '''स्रोत''': [https://m-jagran-com.cdn.ampproject.org/v/s/m.jagran.com/lite/world/other-croatia-fighting-covid19-largest-earthquake-in-140-years-double-killed-loss-of-millions-20134268.html?amp_js_v=a3&_gsa=1&usqp=mq331AQFKAGwASA%3D#aoh=15849809447720&referrer=https%3A%2F%2Fwww.google.com&_tf=%251%24s%20%E0%A4%B8%E0%A5%87&share=https%3A%2F%2Fwww.jagran.com%2Fworld%2Fother-croatia-fighting-covid19-largest-earthquake-in-140-years-double-killed-loss-of-millions-20134268.html जागरण]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:रोहित साव27|रोहित साव 27]]
* '''टिप्पणी''': </div>
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
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:{{सुनो|रोहित साव27}}, भूकंप के ऊपर लेख है? यदि है तो यहाँ बताएं।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 15:15, 27 मार्च 2020 (UTC)
:{{सुनो|हिंदुस्थान वासी}} सर [[भूकंप]] के ऊपर लेख तो है ही पर उसे कहाँ बताऊं? मुझे यह समझ नहीं आ रहा, आपसे निवेदन है सर कृपया सहायता कीजिए।----<b style="font-size:15px;">[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="color:#f91;">रोहित</span>]] [[File:Ashoka Chakra.svg|20px]] [[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="color:green">साव27]]</span></b>[[File: Wikipedia.svg|30px]] 17:59, 27 मार्च 2020 (UTC)
:{{सुनो|रोहित साव27}} यहाँ भूकंप से तात्पर्य [[ज़ग्रेब भूकंप 2020]] से है। पहले इस पर लेख हो तभी समाचार बनेगा। --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:08, 27 मार्च 2020 (UTC)
::{{सुनो|रोहित साव27}} जी, [[:en:2020_Zagreb_earthquake|2020_Zagreb_earthquake]] के अनुसार लेख नहीं है। समाचार में नवीन जानकारी वाला लेख अद्यतन किया जाता है। केवल खबर प्रकाशित नहीं की जाती।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 18:11, 27 मार्च 2020 (UTC)
:{{सुनो|हिंदुस्थान वासी}}{{सुनो|अजीत कुमार तिवारी}} सर आप दोनों से माफ़ी चाहता हूँ। अगली बार से मैं इस बात का ध्यान रखूंगा।----<b style="font-size:15px;">[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="color:#f91;">रोहित</span>]] [[File:Ashoka Chakra.svg|20px]] [[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="color:green">साव27]]</span></b>[[File: Wikipedia.svg|30px]] 23:47, 27 मार्च 2020 (UTC)
*{{पूर्ण हुआ}}, लगा दिया।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 06:46, 28 मार्च 2020 (UTC)
=== २४ मार्च २०२० ===
==== कोरोनावायरस ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
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[[File:PM Modi 2015.jpg|thumb]]
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* '''तिथि''': २४ मार्च २०२०
* '''लेख''': [[कोरोनावायरस]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[कोरोना वायरस]] से निपटने के लिए [[भारत]] के प्रधानमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] ने 21 दिनों के लिए देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[कोरोना वायरस]] से निपटने के लिए [[भारत]] के प्रधानमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] ने 21 दिनों के लिए देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की।}}
* '''स्रोत''': ([https://khabar.ndtv.com/news/india/pm-modi-speech-live-update-coronavirus-covid-19-lockdown-india-2200044 एन डी टी.वी])
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:रोहित साव27|रोहित साव 27]]
* '''टिप्पणी''': </div>
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
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{{सुनो-प्रबंधक}} आप सब से अनुरोध करता हूँ कि अगर नई ख़बर नामांकित हो रही है और ख़बर मुखपृष्ठ पर लगाने लायक हो तो जल्दी से मुखपृष्ठ पर भी लगा दिया जाए। ऐसा करने से हम सब मिलकर अपने हिन्दी विकिपीडिया को और बेहतर बनाने में सहयोग दे सकते हैं।----<b style="font-size:15px;">[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="color:#f91;">रोहित</span>]] [[File:Ashoka Chakra.svg|20px]] [[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="color:green">साव27]]</span></b>[[File: Wikipedia.svg|30px]] 11:55, 27 मार्च 2020 (UTC)
:{{done}}, वर्तमान समाचार में इसके प्रति बदलाव किया। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 15:58, 27 मार्च 2020 (UTC)
=== १९ अप्रैल २०२० ===
==== नोवा स्कोश्या गोलीबारी ====
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[[File:Prime Minister Justin Trudeau - Remarks on the shooting in Portapique, Nova Scotia - 2020.webm|thumb|घटना के ऊपर प्रधानमंत्री [[जस्टिन ट्रूडो]] का वक्तव्य]]
</div>
* '''तिथि''': १९ अप्रैल २०२०
* '''लेख''': [[नोवा स्कोश्या गोलीबारी]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': 18-19 अप्रैल 2020 को [[कनाडा]] के [[नोवा स्कोश्या]] में गोलीबारी हुई, जिसमें अपराधी सहित 23 लोगों की मौत हो गई।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|18-19 अप्रैल 2020 को [[कनाडा]] के [[नोवा स्कोश्या]] में गोलीबारी हुई, जिसमें अपराधी सहित 23 लोगों की मौत हो गई।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.bbc.com/hindi/international/2015/02/150214_terror_plot_foiled_in_canada_pm बीबीसी न्यूज़])
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:रोहित साव27|रोहित साव 27]]
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
*{{पूर्ण हुआ}}--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 04:56, 30 अप्रैल 2020 (UTC)
===[[ऊषा गांगुली]] (हाल के निधन)===
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': २३ अप्रैल २०२०
* '''लेख''': [[ऊषा गांगुली]]
* '''स्रोत''': ([https://www.jagran.com/west-bengal/kolkata-famous-theater-artist-usha-ganguly-dies-shock-the-theater-world-20215265.html दैनिक जागरण])
* '''नामांकनकर्ता''': <span style="font-family: Cambria;">[[सदस्य:Nilesh shukla|<span style="color: teal;">'''निलेश शुक्ला'''</span>]] ([[User talk:Nilesh shukla|वार्ता]])</span> 08:58, 28 अप्रैल 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
*{{पूर्ण हुआ}}--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 04:56, 30 अप्रैल 2020 (UTC)
===[[इरफ़ान ख़ान]] (हाल के निधन)===
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': २९ अप्रैल २०२०
* '''लेख''': [[इरफ़ान ख़ान]]
*'''स्रोत'''([https://www.bbc.com/hindi/india-52468377 बीबीसी न्यूज़])
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:कन्हाई प्रसाद चौरसिया|कन्हाई प्रसाद चौरसिया]] ([[सदस्य वार्ता:कन्हाई प्रसाद चौरसिया|वार्ता]]) 07:36, 29 अप्रैल 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
===[[ऋषि कपूर]] (हाल के निधन)===
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': ३० अप्रैल २०२०
* '''लेख''': [[ऋषि कपूर]]
*'''स्रोत''':([https://www.indiatvnews.com/news/india/rishi-kapoor-death-condolences-leaders-reactions-612683 इंडिया टीबी])
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:कन्हाई प्रसाद चौरसिया|कन्हाई प्रसाद चौरसिया]] ([[सदस्य वार्ता:कन्हाई प्रसाद चौरसिया|वार्ता]]) 04:36, 30 अप्रैल 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== ३० अप्रैल २०२० ===
==== इरफ़ान खान और ऋषि कपूर का निधन ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': ३० अप्रैल २०२०
* '''लेख''': [[इरफ़ान खान]] [[ऋषि कपूर]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': एक दिन के अंतराल में [[हिन्दी सिनेमा]] के दो वरिष्ठ अभिनेता '''[[इरफ़ान खान]]''' (आयु ५३ वर्ष) और '''[[ऋषि कपूर]]''' (आयु ६७ वर्ष) का कैंसर से निधन।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|एक दिन के अंतराल में [[हिन्दी सिनेमा]] के दो वरिष्ठ अभिनेता '''[[इरफ़ान खान]]''' (आयु ५३ वर्ष) और '''[[ऋषि कपूर]]''' (आयु ६७ वर्ष) का कैंसर से निधन।}}
* '''स्रोत''': [https://aajtak.intoday.in/story/bollywood-actor-irrfan-khan-passes-away-death-news-hospital-tmov-1-1185616.html आज तक], [https://www.bhaskar.com/entertainment/news/veteran-actor-rishi-kapoor-is-no-more-127260399.html?ref=ht दैनिक भास्कर]
* '''नामांकनकर्ता''': --<span style="font-family: Cambria;">[[सदस्य:Nilesh shukla|<span style="color: teal;">'''निलेश शुक्ला'''</span>]] ([[User talk:Nilesh shukla|वार्ता]])</span> 06:17, 30 अप्रैल 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
:{{पूर्ण हुआ}}, लगाया गया। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 11:55, 30 अप्रैल 2020 (UTC)
=== ७ मई २०२० ===
==== [[2020 विशाखपट्नम गैस रिसाव|विशाखपट्नम गैस रिसाव]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': ७ मई २०२०
* '''लेख''': [[2020 विशाखपट्नम गैस रिसाव|विशाखपट्नम गैस रिसाव]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[2020 विशाखपट्नम गैस रिसाव|विशाखपट्नम गैस रिसाव]] दुर्घटना में जहरीली गैस लीक होने की वजह से १३ लोगों की मृत्यु हो गयी और 200 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[2020 विशाखपट्नम गैस रिसाव|विशाखपट्नम गैस रिसाव]] दुर्घटना में जहरीली गैस लीक होने की वजह से १३ लोगों की मृत्यु हो गयी और 200 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।}}
* '''स्रोत''': ([https://m.aajtak.in/national/video/gas-leak-at-lg-polymers-chemical-plant-visakhapatnam-dead-1188273-2020-05-07 आज तक])
* '''नामांकनकर्ता''':-[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 20:11, 15 मई 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
:{{पूर्ण हुआ}}, लगा दिया। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 13:43, 22 मई 2020 (UTC)
=== २१ मई २०२० ===
==== अम्फान महाचक्रवात ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Kolkata after Amphan 14.jpg|thumb]]
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* '''तिथि''': २१ मई २०२०
* '''लेख''': [[अम्फान महाचक्रवात]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[अम्फान महाचक्रवात|अम्फान चक्रवात]] ने [[पूर्वी भारत]], [[बांग्लादेश]] और [[श्रीलंका]] में भीषण तबाही मचाई। [[पूर्वी भारत]] में 72 लोगों की मृत्यु होने की सूचना मिली है।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[अम्फान महाचक्रवात|अम्फान चक्रवात]] ने [[पूर्वी भारत]], [[बांग्लादेश]] और [[श्रीलंका]] में भीषण तबाही मचाई। [[पूर्वी भारत]] में 72 लोगों की मृत्यु होने की सूचना मिली है।}}
* '''स्रोत''': ([https://m.aajtak.in/ आज तक])([https://www.amarujala.com/india-news/cyclone-amphan-live-news-updates-cyclonic-storm-many-killed-in-odisha-and-bengal अमर उजाला])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 19:54, 21 मई 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
{{पूर्ण हुआ}}, लगा दिया। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 13:42, 22 मई 2020 (UTC)
=== २२ मई २०२० ===
==== पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान 8303 ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:AP-BLD PIA A320 at DAC (25144492685) (cropped).jpg|thumb|जहाज़ 8303]]
</div>
* '''तिथि''': २२ मई २०२०
* '''लेख''': [[पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान 8303]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान 8303]] [[कराची]] की घनी आबादी वाले मॉडल कॉलोनी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें 97 लोगों की मृत्यु हो गई।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान 8303]] [[कराची]] की घनी आबादी वाले मॉडल कॉलोनी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें 97 लोगों की मृत्यु हो गई।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.indiatoday.in/world/story/pakistan-plane-crash-pia-flight-karachi-airport-jinnah-garden-model-colony-death-toll-1681006-2020-05-23 इंडिया टूडे])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 11:30, 23 मई 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
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</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
*लगा दिया।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 05:46, 26 मई 2020 (UTC)
=== २९ मई २०२० ===
==== [[योगेश गौड़]] (हाल के निधन) ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': २९ मई २०२०
* '''लेख''': [[योगेश गौड़]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''स्रोत''': ([https://www.indiatoday.in/world/story/pakistan-plane-crash-pia-flight-karachi-airport-jinnah-garden-model-colony-death-toll-1681006-2020-05-23 इंडिया टूडे])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 18:25, 30 मई 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== ३१ मई २०२० ===
==== [[साजिद-वाजिद|वाजिद खान]] (हाल के निधन) ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': ३१ मई २०२०
* '''लेख''': [[साजिद-वाजिद|वाजिद खान]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''स्रोत''': ([https://m.aajtak.in/national/video/wajid-khan-of-music-director-duo-sajid-wajid-passed-away-kidney-disease-coronavirus-positive-report-1196350-2020-06-01 आज तक])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 11:17, 1 जून 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== १४ जून २०२० ===
==== [[सुशांत सिंह राजपूत]] (हाल के निधन) ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': १४ जून २०२०
* '''लेख''': [[सुशांत सिंह राजपूत]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''स्रोत''': ([https://aajtak.intoday.in/lite/story/bollywood-actor-sushant-singh-rajput-commit-suicide-at-his-residence-by-hanging-himself-in-bandra-tmov-1-1200723.html आज तक])
* '''नामांकनकर्ता''': -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 09:47, 14 जून 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
{{सुनो-प्रबंधक}} जी हाल के निधन के लिए मैंने नामांकन किया था पर इसे अभी तक हाल के निधन में नहीं जोड़ा गया।-[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 12:32, 1 जुलाई 2020 (UTC)
=== ७ जुलाई २०२० ===
==== अंशुन बस दुर्घटना ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': ७ जुलाई २०२०
* '''लेख''': [[अंशुन बस दुर्घटना]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[गुइझोऊ]] के [[अंशुन बस दुर्घटना|अंशुन में बस दुर्घटना]] से २१ लोगों की मौत हो गई जबकि १६ लोग घायल हुए।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[गुइझोऊ]] के [[अंशुन बस दुर्घटना|अंशुन में बस दुर्घटना]] से २१ लोगों की मौत हो गई जबकि १६ लोग घायल हुए।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.globaltimes.cn/content/1194363.shtml ग्लोबल टाइम्स])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 09:15, 15 जुलाई 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== २२ जुलाई २०२० ===
==== उत्तर-पूर्वी भारत में बाढ़ 2020 ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': २२ जुलाई २०२०
* '''लेख''': [[उत्तर-पूर्वी भारत में बाढ़ 2020]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[उत्तर-पूर्वी भारत]] में आए बाढ़ से [[बिहार]] और [[असम]] बुरी तरह प्रभावित हैं। [[असम]] में अभी तक 105 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[उत्तर-पूर्वी भारत]] में आए बाढ़ से [[बिहार]] और [[असम]] बुरी तरह प्रभावित हैं। [[असम]] में अभी तक 105 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है।}}
* '''स्रोत''': ([https://m.jagran.com/bihar/patna-city-six-died-in-bihar-due-to-thunderclap-many-injured-three-died-simultaneously-in-nalanda-20537291.html जागरण])
* '''नामांकनकर्ता''': -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 22:13, 21 जुलाई 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
:{{सुनो|रोहित साव27}} इसको यदि वर्तमान के लिए अद्यतन किया जाये तो मुखपृष्ठ पर लाया जा सकता है। अद्यतन में कृपया लेख को सम्बंधित अंग्रेज़ी पृष्ठ से भी जोड़ें। यदि आपको इसमें समस्या आ रही हो तो बतायें।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 10:17, 2 अगस्त 2020 (UTC)
::{{सुनो|संजीव कुमार}} जी लेख को मैंने अंग्रेजी विकि के साथ जोड़ दिया है। दरअसल अंग्रेजी विकि पर [[:en:2020 Assam floods|असम में बाढ़]] पर लेख बना है और मैंने उत्तर-पूर्व भारत(बिहार और असम) को ध्यान में रख कर लेख बनाया था इसलिए इसे कड़ी के रूप में नहीं जोड़ा था। संबंधित लेख का अद्यतन भी मैं कर दूंगा। आपका धन्यवाद:-)-[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 16:48, 2 अगस्त 2020 (UTC)
::{{सुनो|संजीव कुमार}} जी लेख को मैंने अपने ज्ञान अनुसार अद्यतन कर दिया है, साथ ही एक नया समाचार [[बेयरूत धमाका 2020|बेयरूत धमाके]] को नामांकित किया है। आपसे निवेदन है कि समीक्षा कर दोनों को मुखपृष्ठ पर जोड़ दें, अगर लेखों में कुछ सुधार की आवश्यकता है तो मैं अवश्य करूंगा।-[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 21:06, 5 अगस्त 2020 (UTC)
:::{{सुनो|रोहित साव27}} लेख में अभी भी भरपूर गलतियाँ हैं। लेख के ज्ञानसन्दूक में प्रभावित में असम और बिहार लिखा है लेकिन जब बात जिलों गाँवों और जिलों की संख्या केवल असम की दी गयी है और वो भी बिना उल्लेख के। इससे बेहतर है कि आप इस लेख को अकेले असम के लिए रखते। इसके अलवा जब भी कोई पृष्ठ मुखपृष्ठ पर लाना चाहो तब उसमें सन्दर्भों को सुधारें, जैसे मैंने उपरोक्त लेख में शुरुआती 2 सन्दर्भों को सुधारा है।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 6 अगस्त 2020 (UTC)
=== 25 जुलाई 2020 ===
==== भारत में कोरोनावायरस महामारी का आर्थिक प्रभाव ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': 25 जुलाई 2020
* '''लेख''': [[भारत में कोरोनावायरस महामारी का आर्थिक प्रभाव]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[कोरोनावायरस महामारी]] के चलते लगे लॉकडाउन के कारण '''[[भारत में कोरोनावायरस महामारी का आर्थिक प्रभाव|भारत में आर्थिक तौर पे बुरा प्रभाव]]''' पड़ा है।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[कोरोनावायरस महामारी]] के चलते लगे लॉकडाउन के कारण [[भारत में कोरोनावायरस महामारी का आर्थिक प्रभाव|भारत में आर्थिक तौर पे बुरा प्रभाव]] पड़ा है।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.financialexpress.com/hindi/india-news/modis-special-economic-package-finance-minister-nirmala-sitharaman-presser-at-4-pm-today-fm-spell-out-details-of-20-lakh-crore-package-latest-updates/1957314/ फायनेंशियल एक्सप्रेस])
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|हिंदुस्थान वासी]]
* '''टिप्पणी''': यह खबर लगातार समाचार में है और काफी महत्वपूर्ण है। चाहे तो हुक में बदलाव किया जा सकता है। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 13:53, 25 जुलाई 2020 (UTC)
</div>
</div>
{{ping|SM7|संजीव कुमार}} जी, नए दो नामांकित समाचार देखें। मुखपृष्ठ में अद्यतन की आवश्यकता है।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 13:55, 25 जुलाई 2020 (UTC)
:{{सुनो|हिंदुस्थान वासी}} लेकिन ये तो पूरे विश्व में ही ऐसा हुआ है। अकेले भारत के प्रभाव को विशेष महत्त्व क्यों?<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:25, 25 जुलाई 2020 (UTC)
::{{सुनो|संजीव कुमार}} जी, यह समाचार भारत से सम्बंधित है क्यूँकि ज्यादातर पाठक यहीं के हैं। जबतक विश्व वाले प्रभाव का लेख ना हो इसको तो लगाया ही जा सकता है। भारत के लॉकडाउन की खबर समाचार में लगाईं गई थी जबकि लगे वह कई जगह थे। धन्यवाद। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 15:59, 25 जुलाई 2020 (UTC)
=== ३१ जुलाई २०२० ===
==== नई शिक्षा नीति 2020 ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': ३१ जुलाई २०२०
* '''लेख''': [[नई शिक्षा नीति 2020]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[भारत सरकार]] द्वारा देश में [[नई शिक्षा नीति 2020|नई शिक्षा नीति]] घोषित की गई है।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[भारत सरकार]] द्वारा देश में [[नई शिक्षा नीति 2020|नई शिक्षा नीति]] घोषित की गई है।}}
* '''स्रोत''': ([https://m.aajtak.in/job-alerts-education-news-general-news-current-affairs/gallery/new-education-policy-board-exam-system-ug-know-what-will-change-nep-tedu-53827-2020-07-30 आज तक])
* '''नामांकनकर्ता''': -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 09:27, 31 जुलाई 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
:मुझे ये सरकारी प्रचार प्रतीत होता है, अन्यथा इससे बड़े समाचार असम और बिहार बाढ़ वाले हैं। मैं ऐसे समाचार को मुखपृष्ठ पर पोस्ट नहीं करूँगा। यद्यपि अन्य प्रबन्धक अपना निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकते हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 10:12, 2 अगस्त 2020 (UTC)
:{{सुनो|संजीव कुमार}} जी आपका निर्णय मुझे स्वीकार है। आप बहुत ही अनुभवी सदस्य हैं इसलिए आपका निर्णय मेरे लिए गणमान्य है, किन्तु लेख मैंने बिल्कुल निष्पक्ष होकर लिखा है, मैंने किसी संगठन का उल्लेख नहीं किया है। जिस प्रकार से [[विमुद्रीकरण]] एक समाचार थी और देश से संबंधित थी उसी तरह से [[नई शिक्षा नीति 2020|नई शिक्षा नीति]] भी हमारे शिक्षा से भविष्य में जुड़ जाएंगी किन्तु आपका जो निर्णय हो वह मैं स्वीकार करूंगा।---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 09:30, 3 अगस्त 2020 (UTC)
::{{सुनो|रोहित साव27}} लेख पर मैंने कोई टिप्पणी नहीं की। लेख तो हम एकदम विवादित विषयों पर भी लिखते हैं। विमुद्रीकरण केवल एक देश को ही नहीं उसकी अर्थव्यवस्था और उससे जुड़े विभिन्न देशों को प्रभावित करता है। नई शिक्षा नीति का समाचार मुझे मुखपृष्ठ के अनुरूप नहीं लगा। अन्यथा कोई और प्रबन्धक इसको उचित समझे तो मैं इसका विरोध नहीं करूँगा।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 09:34, 3 अगस्त 2020 (UTC)
=== ६ अगस्त २०२० ===
==== बेयरूत धमाका 2020 ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Port of Beirut explosion aftermath 4 August 2020.jpg|thumb|धमाके के बाद का दृश्य]]
</div>
* '''तिथि''': ६ अगस्त २०२०
* '''लेख''': [[बेयरूत धमाका 2020]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[लेबनान]] में [[अमोनियम नाइट्रेट]] से हुए [[बेयरूत धमाका 2020|बेयरूत धमाके]] में 135 लोग मारे गए और 5,000 से अधिक लोग घायल हुए।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[लेबनान]] में [[अमोनियम नाइट्रेट]] से हुए [[बेयरूत धमाका 2020|बेयरूत धमाके]] में 135 लोग मारे गए और 5,000 से अधिक लोग घायल हुए।}}
* '''स्रोत''': ([https://khabar.ndtv.com/topic/%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8 एन डी टी वी])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 20:59, 5 अगस्त 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
:लेख के ज्ञानसन्दूक में अभी भी billian जैसे अंग्रेज़ी शब्द हैं। लेख के सन्दर्भों में [[बीबीसी न्यूज़]], [[हिन्दुस्तान टाइम्स]] और [[अल जज़ीरा]] जैसी कड़ियाँ अंग्रेज़ी में लाल कड़ी के रूप में दिखाई दे रही हैं जबकि इनको हिन्दी (देवनागरी लिपि) में होना चाहिए। इसके अतिरिक्त कुछ [[:en:Help:CS1_errors#URL–wikilink_conflict|विकिलिंक विरोधाभाष]] की समस्या भी है लेकिन यह तकनीकी समस्या होने के कारण अभी रह भी सकती है।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:57, 6 अगस्त 2020 (UTC)
::समाचार के बासी होने तक लेख में कोई सुधार नहीं होने की स्थिति में पोस्ट नहीं की गयी।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 03:56, 13 अगस्त 2020 (UTC)
=== ८ अगस्त २०२० ===
==== एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान 1344 ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Boeing 737-8HJ, Air India Express AN1157698.jpg|thumb|एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान 1344]]
</div>
* '''तिथि''': ८ अगस्त २०२०
* '''लेख''': [[एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान 1344]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान 1344|एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान]] [[केरल]] के [[कोड़िकोड]] शहर के [[कालीकट अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें कुल 19 लोगों की मौत हो गई।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान 1344|एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान]] [[केरल]] के [[कोड़िकोड]] शहर के [[कालीकट अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें कुल 19 लोगों की मौत हो गई।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.abplive.com/videos/news/india-know-all-about-kerala-plane-crash-1517647 एबीपी न्यूज])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:40, 8 अगस्त 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
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</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
::{{सुनो|संजीव कुमार}} जी निवेदन है कि इस समाचार के साथ-साथ [[बेयरूत धमाका 2020]] और [[उत्तर-पूर्वी भारत में बाढ़ 2020|बाढ़]] वाले समाचार की भी समीक्षा कर दें। लेबनान समाचार में आपके कहे अनुसार सुधार कर दिया है और बाढ़ चूंकि असम और बिहार दोनों जगह आयी है इसलिए दोनों को रखना मुझे सही लगा, ज्ञानसंदूक में सुधार कर दिया है।-[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:47, 8 अगस्त 2020 (UTC)
:::लेख में अब तक भी जानकारी गलत दी हुई है जैसे [[यूटीसी+०४:००|गल्फ समय]] को यूटीसी समय कहा गया है। लेख में यात्रियों की कुल संख्या से सम्बंधित एक सारणी दी गयी है जिसमें 16+2 का मान 19 कैसे हो गया ये नहीं समझ में आया। उक्त सारणी में मृतकों की संख्या 16 लिखी हुई है जबकि सम्बंधित सन्दर्भ में मृतकों की संख्या 17 दी गयी। लेख में या तो समाचार पत्रों वाली भाषा मिलती है या फिर मशीनी अनुवाद। घटना के 5 दिन बाद तक लेख में कुछ भी अद्यतन नहीं है। ऐसे लेख को मुखपृष्ठ पर नहीं लाया जा सकता जिसमें आवश्यक सुधारों का अभाव हो। इसके अतिरिक्त लेख में अधिकतर सन्दर्भ अन्य भाषा (हिन्दी नहीं) के हैं लेकिन उनके शीर्षक का अनुवाद नहीं दिया गया है, सन्दर्भों में प्रकाशक का नाम और समाचार का माह अंग्रेज़ी में लिखे हुये हैं। ऐसी स्थितियों में लेख को मुखपृष्ठ पर नहीं ला सकते।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:17, 13 अगस्त 2020 (UTC)
=== १२ अगस्त २०२० ===
==== [[राहत इन्दौरी]] (हाल के निधन) ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': १२ अगस्त २०२०
* '''लेख''': [[राहत इन्दौरी]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''स्रोत''': ([https://www.indiatoday.in/lifestyle/people/story/rahat-indori-dies-of-cardiac-arrest-in-indore-after-testing-coronavirus-positive-1710109-2020-08-11 इंडिया टूडे])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 19:44, 11 अगस्त 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
:सम्भव हो तो कृपया इस लेख में कुछ सुधार कर दीजियेगा, जैसे कुछ अनुभाग सन्दर्भहीन हैं उनमें सन्दर्भ जोड़ना, कुछ जगह भाषागत सुधार जरूरी हैं आदि। जिससे मुखपृष्ठ पर लाया जा सके।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:40, 13 अगस्त 2020 (UTC)
::{{सुनो|संजीव कुमार}} जी जरूर। मुझे खुशी होगी।---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:53, 13 अगस्त 2020 (UTC)
::{{सुनो|संजीव कुमार}} जी लेख में मैंने कुछ सुधार करने का प्रयास किया है। आप समीक्षा करें। धन्यवाद---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 21:44, 13 अगस्त 2020 (UTC)
:::नामांकन के अनुसार "हाल के निधन" में जोड़ा गया।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:05, 14 अगस्त 2020 (UTC)
=== २९ अगस्त २०२० ===
==== [[तूफान लाॅरा]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Laura Geostationary VIS-IR 2020.jpg|thumb|तूफान लाॅरा]]
</div>
* '''तिथि''': २९ अगस्त २०२०
* '''लेख''': [[तूफान लाॅरा]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[तूफान लाॅरा]] ने [[लुईज़ियाना]] और [[टेक्सस]] सहित [[अमेरिका]] के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई। तूफान के कारण 240 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ़्तार से हवाएं चली।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[तूफान लाॅरा]] ने [[लुईज़ियाना]] और [[टेक्सस]] सहित [[अमेरिका]] के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई। तूफान के कारण 240 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ़्तार से हवाएं चली।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.amarujala.com/world/lara-hurricanes-hit-the-us-coast-in-the-us-winds-up-to-240-kmph अमर उजाला])
* '''नामांकनकर्ता''':---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 22:29, 28 अगस्त 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== १ सितम्बर २०२० ===
==== [[प्रणब मुखर्जी]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Pranab Mukherjee-World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009 crop(2).jpg|100px|प्रणब मुखर्जी]]
</div>
* '''तिथि''': १ सितम्बर २०२०
* '''लेख''': [[प्रणब मुखर्जी]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[भारत]] के [[भारत के राष्ट्रपति|तेरहवें राष्ट्रपति]] [[प्रणब मुखर्जी]] जी का निधन हो गया।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[भारत]] के [[भारत के राष्ट्रपति|तेरहवें राष्ट्रपति]] [[प्रणब मुखर्जी]] जी का निधन हो गया।}}
* '''स्रोत''': ([https://m.jagran.com/lite/news/national-former-president-pranab-mukherjee-no-more-20691449.html जागरण])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 12:15, 1 सितंबर 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== ९ सितम्बर २०२० ===
==== [[जय प्रकाश रेड्डी]] (हाल के निधन) ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': ९ सितम्बर २०२०
* '''लेख''': [[जय प्रकाश रेड्डी]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''स्रोत''': ([https://www.aajtak.in/amp/entertainment/news/story/actor-jaya-prakash-reddy-passes-away-n-chandrababu-naidu-tribute-tmov-1126027-2020-09-08 आज तक])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 21:47, 8 सितंबर 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== १७ सितम्बर २०२० ===
==== [[योशिहिडे सुगा]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Suga First Press Conference as PM.jpg|thumb|100px|योशिहिडे सुगा]]
</div>
* '''तिथि''': १७ सितम्बर २०२०
* '''लेख''': [[योशिहिडे सुगा]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': '''[[योशिहिडे सुगा]]''', [[शिंजो अबे]] के इस्तीफे के बाद [[जापान के प्रधानमंत्री|जापान के नये प्रधानमंत्री]] बने।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|'''[[योशिहिडे सुगा]]''', [[शिंजो अबे]] के इस्तीफे के बाद [[जापान के प्रधानमंत्री|जापान के नये प्रधानमंत्री]] बने।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.bhaskar.com/international/news/who-is-yoshihida-suga-elected-as-japans-new-prime-minister-after-shinzo-abes-resignation-127724285.html?ref=inbound_More_News दैनिक भास्कर])
* '''नामांकनकर्ता''':--<span style="font-family: Cambria;">[[सदस्य:Nilesh shukla|<span style="color: teal;">'''निलेश शुक्ला'''</span>]] ([[User talk:Nilesh shukla|वार्ता]])</span> 10:00, 17 सितंबर 2020 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== ११ जनवरी २०२१ ===
==== [[श्रीविजय एयर उड़ान 182]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Sriwijaya Air Boeing 737-524(WL); @CGK2017 (cropped).jpg|thumb|[[श्रीविजय एयर उड़ान 182]]]]
</div>
* '''तिथि''': ११ जनवरी २०२१
* '''लेख''': [[श्रीविजय एयर उड़ान 182]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[श्रीविजय एयर उड़ान 182]] [[सुकानो हात्ता हवाई अड्डा]] [[इंडोनेशिया]] से उड़ान के कुछ समय बाद [[जावा सागर]] में दुर्घटना ग्रस्त हो गया।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[श्रीविजय वायु उड़ान 182]] [[सुकानो हात्ता हवाई अड्डा]] [[इंडोनेशिया]] से उड़ान के कुछ समय बाद [[जावा सागर]] में दुर्घटना ग्रस्त हो गया।}}
* '''स्रोत''': ([https://m.jagran.com/lite/world/indonesia-body-parts-found-at-sriwijaya-air-flight-number-sj182-of-boeing-737-plane-crash-site-know-more-jagran-special-21256961.html दैनिक जागरण])
* '''नामांकनकर्ता''': ---[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 22:09, 10 जनवरी 2021 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
* {{done}}, लगा दिया। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 08:09, 21 जनवरी 2021 (UTC)
=== ११ अप्रैल २०२१ ===
==== [[ला सॉफरियर ज्वालामुखी]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Soufriere.jpg|thumb|[[ला सॉफरियर ज्वालामुखी]]]]
</div>
* '''तिथि''': ११ अप्रैल २०२१
* '''लेख''': [[ला सॉफरियर ज्वालामुखी]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[सेंट विंसेंट एंड ग्रेनाडाइन्स]] के [[ला सॉफरियर ज्वालामुखी]] में विस्फोट होने से 20,000 लोगों को पलायन करना पड़ा।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[सेंट विंसेंट एंड ग्रेनाडाइन्स]] के [[ला सॉफरियर ज्वालामुखी]] में विस्फोट होने से 20,000 लोगों को पलायन करना पड़ा।}}
* '''स्रोत''': ([https://hindi.news18.com/amp/news/world/la-soufriere-volcano-erupts-on-the-eastern-caribbean-island-of-st-vincent-3553511.html न्यूज़ 18 हिन्दी])
* '''नामांकनकर्ता''': --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 22:22, 10 अप्रैल 2021 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
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</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
:{{ping|रोहित साव27}} जी, लेख को अभी लगा दे रहा हूँ लेकिन सन्दर्भों को हिन्दी में ना होने की स्थिति में उसका अनुवाद होना चाहिये। यदि समझ में ना आये तो बताएं मैं एकाध लेख आपको दिखा दूँगा।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 14:58, 14 अप्रैल 2021 (UTC)
::{{ping|हिंदुस्थान वासी}} जी कृपया [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B2%E0%A4%BE_%E0%A4%B8%E0%A5%89%E0%A4%AB%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%B0_%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%80&diff=5165319&oldid=5165118 यहाँ] देखिए। मैंने एक संदर्भ को हिन्दी में रूपांतरित करने का प्रयास किया है। क्या यह सही तरीका है? कृपया बताएँ
::::अगर यह सही नहीं रहा तो मैं निवेदन करता हूँ कि कृपया कुछ उदाहरण दें--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 21:51, 14 अप्रैल 2021 (UTC)
:{{ping|रोहित साव27}} जी, आपने सन्दर्भों के अनुवाद का सही प्रारूप का उपयोग तो किया है लेकिन उनमें मशीनी अनुवाद ही डाल दिया है। उसे ठीक करें।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 03:39, 25 अप्रैल 2021 (UTC)
::{{ping|हिंदुस्थान वासी}} जी आपके कथनानुसार मैंने संदर्भों में सुधार करने की कोशिश की है। यह काम बहुत अच्छे से तो नहीं कर पाया पर मैंने पुरी कोशिश की है। धन्यवाद--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 06:16, 26 अप्रैल 2021 (UTC)
=== २७ अप्रैल २०२१ ===
==== [[अस्पताल दुर्घटना, बगदाद]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': २७ अप्रैल २०२१
* '''लेख''': [[अस्पताल दुर्घटना, बगदाद]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[इराक]] के [[बगदाद]] में [[अस्पताल दुर्घटना, बगदाद|'''इब्न अल-खतीब अस्पताल में आग''']] लगने से लगभग 82 लोग मारे गए और 110 लोग घायल हो गए।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[इराक]] के [[बगदाद]] में [[अस्पताल दुर्घटना, बगदाद|'''इब्न अल-खतीब अस्पताल''' में आग]] लगने से लगभग 82 लोग मारे गए और 110 लोग घायल हो गए।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.bbc.com/news/world-middle-east-56875804 बीबीसी न्यूज़])
* '''नामांकनकर्ता''': --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 08:18, 27 अप्रैल 2021 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
*{{done}}, कुछ सुधार के बाद लगा दिया। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 15:47, 27 अप्रैल 2021 (UTC)
=== ३ मई २०२१ ===
==== [[इज़राइल भगदड़ 2021]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Police deployment in Meron at rabbi Shimon Bar Yochai Yom Hillula, April 2021. A V.jpg|150px]]
</div>
* '''तिथि''': ३ मई २०२१
* '''लेख''': [[इज़राइल भगदड़ 2021]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[इज़राइल]] के माउंट मेरन में '''[[इज़राइल भगदड़ 2021|भगदड़]]''' शुरू होने के कारण कम से कम 45 लोग मारे गए और सौ से अधिक लोग घायल हो गए।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[इज़राइल]] के माउंट मेरन में '''[[इज़राइल भगदड़ 2021|भगदड़]]''' शुरू होने के कारण कम से कम 45 लोग मारे गए और सौ से अधिक लोग घायल हो गए।}}
* '''स्रोत''': ([https://m.jagran.com/lite/world/other-stampede-in-israel-28-killed-more-than-50-people-injured-21603483.html दैनिक जागरण])
* '''नामांकनकर्ता''': --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 08:04, 3 मई 2021 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
</div>
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
* {{done}}, लगा दिया। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 06:36, 13 मई 2021 (UTC)
=== १३ मई २०२१ ===
==== [[काबुल बम धमाका 2021]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
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* '''तिथि''': १३ मई २०२१
* '''लेख''': [[काबुल बम धमाका 2021]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[काबुल]] के पश्चिमी हिस्से में एक स्कूल के नजदीक '''[[काबुल बम धमाका 2021|बम विस्फोट]]''' होने से लगभग 85 लोगों की मृत्यु हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो गए।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[काबुल]] के पश्चिमी हिस्से में एक स्कूल के नजदीक '''[[काबुल बम धमाका 2021|बम विस्फोट]]''' होने से लगभग 85 लोगों की मृत्यु हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो गए।}}
* '''स्रोत''': ([https://edition.cnn.com/2021/05/09/asia/afghanistan-girls-school-attack-intl-hnk/index.html सी.एन.एन])
* '''नामांकनकर्ता''': --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 13:50, 13 मई 2021 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
* {{done}}, लगा दिया। --[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 08:14, 14 मई 2021 (UTC)
=== २० मई २०२१ ===
==== [[डार्विन का मेहराब]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[File:Darwinarch.jpg|100px]]
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* '''तिथि''': २० मई २०२१
* '''लेख''': [[डार्विन का मेहराब]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[डार्विन (गैलापागोस)|डार्विन द्वीप]] पर स्थित '''[[डार्विन का मेहराब|मेहराब]]''' [[अपरदन|प्राकृतिक कटाव]] के कारण ढह गया।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[डार्विन (गैलापागोस)|डार्विन द्वीप]] पर स्थित '''[[डार्विन का मेहराब|मेहराब]]''' [[अपरदन|प्राकृतिक कटाव]] के कारण ढह गया।}}
* '''स्रोत''': ([https://www.bbc.com/news/world-latin-america-57153267 बीबीसी न्यूज़])
* '''नामांकनकर्ता''': --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 10:59, 20 मई 2021 (UTC)
* '''टिप्पणी''':
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{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।
=== 15 अक्टूबर 2021 ===
==== 2021 इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:|100x100px|]]
</div>
* '''तिथि''': 15 अक्टूबर 2021
* '''लेख''': [[2021 इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[चेन्नई सुपर किंग्स]] ने [[2021 इंडियन प्रीमियर लीग|आई॰पी॰एल 2021]] के [[2021 इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल|फाइनल]] में [[कोलकाता नाइट राइडर्स]] को 27 रन से हराकर चौथी बार खिताब जीता।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[चेन्नई सुपर किंग्स]] ने [[2021 इंडियन प्रीमियर लीग|आई॰पी॰एल 2021]] के [[2021 इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल|फाइनल]] में [[कोलकाता नाइट राइडर्स]] को 27 रन से हराकर चौथी बार खिताब जीता।}}
* '''स्रोत''': [https://www.amarujala.com/live/cricket/cricket-news/chennai-vs-kolkata-ipl-2021-final-live-cricket-score-csk-vs-kkr-match-updates-in-hindi अमर उजाला]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:Ts12rAc|Ts12rAc]]
* '''टिप्पणी''':
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</div>
== हाल के निधन ==
=== २९ अक्तूबर २०२१ ===
==== पुनीत राजकुमार ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:|100x100px|]]
</div>
* '''तिथि''': २९ अक्तूबर २०२१
* '''लेख''': [[पुनीत राजकुमार]]{{#if:हृदयाघात|,}} {{#if:हृदयाघात|[[हृदयाघात]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार की हृदयाघात से मृत्यु हुई।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार की हृदयाघात से मृत्यु हुई।}}
* '''स्रोत''': https://www.aajtak.in/lifestyle/news/story/puneeth-rajkumar-death-heart-attack-cardiac-arrest-in-young-people-tlif-1349382-2021-10-29
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर]]
* '''टिप्पणी''': {{ping|संजीव कुमार}} जी, क्या यह समाचार मुख्पृष्ठ पर डाला जा सकता है, इसमें हाल ही में कुछ बदलाव भी हुए हैं।
</div>
</div>
== बिपिन रावत की मृत्यु ==
=== ०८ दिसंबर २०२१ ===
==== बिपिन रावत ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
चित्र:[[File:Bipin Rawat (CDS).jpg|thumb|100x100px|बिपिन रावत]]
</div>
* '''तिथि''': ०८ दिसंबर २०२१
* '''लेख''': [[बिपिन रावत]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''लेख2''' [[2021 भारतीय वायु सेना मिल एमआई-17 दुर्घटना]]
* '''ख़बर''': भारत के रक्षा प्रमुख [[बिपिन रावत]] की [[2021 भारतीय वायु सेना मिल एमआई-17 दुर्घटना|हेलिकॉप्टर हादसे]] में पत्नी और 13 लोगों सहित मौत।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|भारत के रक्षा प्रमुख बिपिन रावत की हेलिकॉप्टर हादसे में पत्नी और 13 लोगों सहित मौत।}}
* '''स्रोत''': https://www.aajtak.in/india/news/story/cds-bipin-rawat-and-his-wife-helicopter-crash-death-ntc-1370065-2021-12-08
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर]]
* '''टिप्पणी''': {{ping|SM7|संजीव कुमार|अजीत कुमार तिवारी|अनुनाद सिंह}} कृप्या देखें व इस समाचार को मुखपृष्ठ पर डालें।
* '''चर्चा''': {{ping|रोहित साव27| हिंदुस्थान वासी| Lightbluerain|Ts12rAc| Nilesh shukla| Innocentbunny|ThisIsACreeper0101| Jiggyziz| Ganesh591|मनोज| संतोष शर्मा|Hunnjazal}} जी, कृप्या इस चर्चा में अपनी राय और सुझाव दें कि इस समाचार को विकिपीडिया के मुखपृष्ठ पर डाला जाया या नहीं? उम्मीद है कि यह समाचार इस समय इस लायक है।
::{{समर्थन}}, '''सहमत''' हूँ। ये उल्लेखनीय समाचार है इस वक्त। <span>[[User:Lightbluerain|<span style='color:#ADD8E6'>'''Lightbluerain'''</span>❄]] ([[User talk:Lightbluerain|वार्ता]] |[[Special:Contributions/Lightbluerain|योगदान]])</span> 09:24, 10 दिसम्बर 2021 (UTC)
{{ping|SM7|संजीव कुमार|अजीत कुमार तिवारी|अनुनाद सिंह}} कृप्या इस समाचार को मुखपृष्ठ पर डालें। एक अन्य सद्स्य ने समर्थन दे दिया है, किसी ने कोई विरोध भी नहीं किया है, जिन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की उन्हे संभ्वत: इसके चुने ना चुने जाने से कोई मतलब भी नहीं है और मुझे लगता है यह लेख समाचार मुखपृष्ठ पर जाने की कसौटियों पर खरा उतरता है। अगर कोई कमी हो तो कृप्या बताएँ।--[[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर/Shekhar]] 13:09, 13 दिसम्बर 2021 (UTC)
:@[[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर]] जी, पता नहीं क्यों लेकिन इस पृष्ठ पर मुझे ping करने पर सूचना मेरे पास नहीं आई। हो सकता है अन्य के पास भी न गई हो। तो आपको शायद प्रबंधकों के वार्तापृष्ठ पर जाकर ही बात करनी पड़ेगी। <span>[[User:Lightbluerain|<span style='color:#ADD8E6'>'''Lightbluerain'''</span>❄]] ([[User talk:Lightbluerain|वार्ता]] | [[Special:Contributions/Lightbluerain|योगदान]])</span> 13:51, 13 दिसम्बर 2021 (UTC)
::ओह, फिर तो देखना पडेगा मुझे, हालांकि मैंने चौपाल पर {{tl|ध्यान दें}} लगाया था। [[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर/Shekhar]] 14:00, 13 दिसम्बर 2021 (UTC)
</div>
:{{ping|चंद्र शेखर}} जी, जितनी मेरी समझ है, विकिपीडिया कोई समाचार प्रकाशित करने वाली वेबसाइट नहीं है न ही समाचार के चयन की प्रकृया कोई मतदान है जहाँ समर्थन और विरोध की गिनती से फ़ैसला होना है। मुखपृष्ठ का "समाचार में" अनुभाग केवल इसलिए नहीं है कि ख़बर केवल महत्त्व और उल्लेखनीयता को देखते हुए प्रकाशित की जाय बल्कि संबंधित लेख/लेखों में आवश्यक सुधार और एक गुणवत्ता सुनिश्चित करना उन्हें मुखपृष्ठ पर स्थान देने में एक आवश्यक पहलू है। बतौर एक ज्ञानकोश, विकिपीडिया, संबंधित विषय पर क्या और कितना बेहतर उपलब्ध करा सकती/रही है, यह मुखपृष्ठ पर किसी लेख को स्थान देने में आवश्यक रूप से ध्यातव्य चीज है।
:मैं आपसे सहमत हूँ कि समाचार पर्याप्त रूप से उल्लेखनीय था लेकिन लेख शायद न नामांकन के वक़्त इस लायक था न शायद अब ही है। नामांकन के समय लेख जिस स्थिति में था उसे आप [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=बिपिन_रावत&oldid=5400803 अब भी देख सकते हैं] - सिवाय निधन की ख़बर के लिये दिये गये संदर्भ के कोई भी संदर्भ व्यवस्थित नहीं; भूमिका में ही ऐसा वाक्य है जिसमें समझ में नहीं आ रहा कि जनरल साहब की उम्र 63 वर्ष थी या हेलिकॉप्टर की; प्रथम अनुभाग में ही पहला संदर्भ ऐसे वक्तव्यों के आगे जुड़ा हुआ जहाँ व्यक्ति की जाति ही सबसे महत्व की जानकारी लग रही जबकि संदर्भ से इसका कोई लेना देना भी नहीं...इत्यादि। [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=बिपिन_रावत&oldid=5402497 वर्तमान अवतरण] में भी शुरूआती 6 संदर्भ अब भी बिना विस्तार के हैं; लेख अब भी बैलेंस्ड नहीं है, एक जनरल के बारे में लेख में उसकी सैन्य सेवाओं के बारे में एक संदर्भ लगा है जो 2017 का है और कुल छह वाक्य लिखे हुए हैं...
:ख़बर का सुझावित हुक देखें, अब भी मरने वालों की गिनती तक स्पष्ट/सही नहीं है; ऐसा लग रहा जनरल साहब + पत्नी + 13 लोग, यानि कुल 15 लोग मारे गये; जबकि सवार ही 14 थे और समाचारों के मुताबिक़ एक व्यक्ति अभी जीवित हैं।
:मैंने [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=विकिपीडिया:चौपाल&curid=1001&diff=5404799&oldid=5404608 चौपाल पर] भी आपकी टिप्पणी देखा और यहाँ भी देख रहा हूँ। लेख पर कार्य करने का आपका प्रयास सराहनीय है और आपकी टिप्पणी समझ सकता हूँ। बाक़ी, ख़बर के चुने जाने या न चुने जाने से जिसे मतलब होता वो लेख में सुधार करने का प्रयास करता। एक बार नामांकन कर देने के बाद मुखपृष्ठ पर (किसी अन्य अनुभाग में भी) लेख को ले जाने की सारी प्रतिबद्धता नामांकनकर्ता और प्रबंधकों की हो जाती/रह जाती इससे मैं निजी तौर पर सहमत नहीं हूँ। उपरोक्त कमियाँ पहले क्यों नहीं गिनायीं गयीं, किसी प्रबंधक ने लेख को ख़ुद सुधार कर लगा देने कार्य क्यों नहीं कर डाला, या मुखपृष्ठ पर अद्यतन क्यों नहीं हो रहा, भविष्य में मुखपृष्ठ अद्यतन करने के लिये क्या किया जाये - जैसे कई जिज्ञासा और चर्चा के विषय हो सकते हैं। यह सामान्य चर्चा का स्थान नहीं है, अतः इन प्रश्नों के उत्तर यहाँ नहीं दे सकता। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 14:34, 13 दिसम्बर 2021 (UTC)
::@[[सदस्य:SM7|SM7]] आपकी बात समझ रहा हूँ, बस यह है कि यहाँ प्रक्रिया बहुत धीमी है इसलिए थोडा व्यथित हूं। हवाईअड्डों के अपने रोज़ाना के कार्यों को छोडकर लेख में काफी सुधार किया हूँ आप ने आज जो सुझाव दिए हैं उन्हें भी देखता हूँ। मेरा मानना है कि अगर कुछ कमियों के साथ भी अगर लेख को पर्याप्त महत्ता होने पर मुखपृष्ठ पर ले जाया जाए तो कई नवांग्तुकों और नए पाठकों का ध्यान उस तरफ जाता है और वर्तमान में चर्चा का विषय होने की वजह से कई नए लोग उसे संपादित करने को उत्सुक भी हो सकते हैं। वर्तमान में संदर्भ भी ज्यादा मिल जाते हैं और रूचि बनी रहती है। मोबाइल एप पर देखता हूँ तो पता चलता है की अंग्रेजी और हिन्दी विकिपीडिया दोनों में ही वही लेख सबसे ज्यादा ट्रेन्ड करते हैं और पाठकों को खीचते हैं जिनके विषय पर उस समय देश दुनिया में चर्चा ज्यादा हो रही होती है। जैसे इस हफ्ते बिपिन रावत और विक्की कौशल के लेख विकि पर ट्रेन्ड करते रहे। नवम्बर में दिवाली और नवरात्रि वाले लेख ट्रेन्ड करते रहे। मेरा मानना है कि हमें इन ट्रेन्डस का फयादा उठाना चाहिए नए संपादकों और सदस्यों को साथ जोडने के लिए। @[[सदस्य:Lightbluerain|Lightbluerain]]@[[सदस्य:ThisIsACreeper0101|क्रीपर]] जी, क्या कहते हैं आप लोग? [[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर/Shekhar]] 14:50, 13 दिसम्बर 2021 (UTC)
:::Um...बिलकुल। कुछ कार्य करना, कुछ न करने से बेहतर है। इसमें बर्बरता के बढ़ने की संभावना है लेकिन मैं भी यही मानता हूँ कि अधिकांश संपादन सकरात्मक रूप से ही किए जाएँगे और लेखों में सुधार आएगा। ~[[सदस्य:ThisIsACreeper0101|क्रीपर]]<sup>([[सदस्य वार्ता:ThisIsACreeper0101|वार्ता]])</sup> 20:25 (IST) 14:55, 13 दिसम्बर 2021 (UTC)
:::@[[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर]] जी, मैं @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी की इस बात से सहमत हूँ कि ये चर्चा करने के लिए ये पृष्ठ उचित नहीं है। इसलिए ये संदेश और इसका जवाब चौपाल पर copy-paste कर रही हूँ। आगे की चर्चा वहाँ सही रहेगी। <span>[[User:Lightbluerain|<span style='color:#ADD8E6'>'''Lightbluerain'''</span>❄]] ([[User talk:Lightbluerain|वार्ता]] | [[Special:Contributions/Lightbluerain|योगदान]])</span> 17:23, 13 दिसम्बर 2021 (UTC)
:::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, अब इस लेख में काफी सुधार कर दिया हूं, अब समाचार अनुभाग में इसे डाला जा सकता है। बाकी सुधार और लेख विस्तार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है और आगे विस्तार होता रहेगा। अभी भी यह समाचार बहुत पुराना नहीं हुआ है, तो कम से कम अब ही पड जाए। [[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर/Shekhar]] 07:47, 16 दिसम्बर 2021 (UTC)
::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, प्रबंधकों द्वारा लेख को सुधारने की बात नहीं है। @[[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर]] जी के इस पृष्ठ पर आज के पहले संपादन के बाद मैं खूद ये न्यूज मुखपृष्ठ पर डालने के लिए उचित साँचे पर गई थी, लेकिन वहाँ protection लगा है, ये पता नहीं चला कि वहाँ protection किस level का है, इसलिए मुझे लगा कि प्रबंधक तो संपादन अवश्य ही कर पाएंगे इसलिए प्रबंधकों को संदेश भेजने के लिए लिखा था। <span>[[User:Lightbluerain|<span style='color:#ADD8E6'>'''Lightbluerain'''</span>❄]] ([[User talk:Lightbluerain|वार्ता]] | [[Special:Contributions/Lightbluerain|योगदान]])</span> 17:20, 13 दिसम्बर 2021 (UTC)
=== १५ नवम्बर २०२४ ===
==== [[डोनाल्ड ट्रंप]] ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:Donald_Trump_official_portrait.jpg|100x100px|डोनाल्ड ट्रंप का आधिकारिक चित्र]]
</div>
* '''तिथि''': १५ नवम्बर २०२४
* '''लेख''': [[डोनाल्ड ट्रंप]], [[संयुक्त राज्य राष्ट्रपति चुनाव, 2024|संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव, 2024]]
* '''ख़बर''': [[डोनाल्ड ट्रंप]] ने [[संयुक्त राज्य राष्ट्रपति चुनाव, 2024|2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव]] में विजय प्राप्त की।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में विजय प्राप्त की।}}
* '''स्रोत''':
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:Shubhsamant09]]
* '''टिप्पणी''': यह ट्रंप की दूसरी बार राष्ट्रपति बनने की ऐतिहासिक घटना है।
</div>
</div>
समाचार एक सप्ताह से अधिक पुराना हो गया है। इसके अतिरिक्त अभी भी उल्लिखित लेखों में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है। चुनाव से सम्बंधित लेख में शुरूआती भाग के अतिरिक्त कुछ भी अद्यतन नहीं है। यहाँ समाचार के रूप में कोई स्रोत भी नहीं दिया गया है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:51, 16 नवम्बर 2024 (UTC)
== दक्षिण कोरिया मार्शल लॉ अराजकता ==
=== ०५ दिसम्बर २०२४ ===
==== [[दक्षिण कोरिया]], ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:File:दक्शिन कोरिया के राश्त्रपति.jpg|100x100px|दक्शिन कोरिया के राश्त्रपति यूं सुक येओल]]
</div>
* '''तिथि''': ०५ दिसम्बर २०२४
* '''लेख''': [[दक्षिण कोरिया]]
* '''ख़बर''': [[सैनिक कानून]] अराजकता के बाद [[दक्षिण कोरिया]] के राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग बढ़ रही है।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[सैनिक कानून]] अराजकता के बाद [[दक्षिण कोरिया]] के राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग बढ़ रही है।}}
* '''स्रोत''': https://www.aajtak.in/explained/story/south-korea-history-of-president-impeachment-and-who-will-be-next-president-mdj-dskc-2115001-2024-12-05
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:Shubhsamant09]]
* '''टिप्पणी''': International News
</div>
</div>
:बहुत छोटे बदलावों के अतिरिक्त दिये गये लेखों में कोई सुधार नहीं। समाचार के लिए लेख का पूरी तरह अद्यतन होना आवश्यक होता है।<span style='color:green;'>☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style='color:Magenta;'>संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style='color:blue;'>✉✉</span>]]) 07:08, 12 दिसम्बर 2024 (UTC)
=== ०८ दिसम्बर २०२४ ===
==== सीरिया ====
<div style='background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;'>
<div style='float:right;margin-left:0.5em;'>
[[चित्र:Bashar_al-Assad_in_May_2024.png|100x100px|[[बशर अल-असद]], [[सीरिया]] के अपदस्थ राष्ट्रपति]]
</div>
* '''तिथि''': ०८ दिसम्बर २०२४
* '''लेख''': [[सीरिया]], [[बशर अल-असद]]
* '''ख़बर''': विद्रोहियों के कब्जे के बाद [[सीरिया]] के राष्ट्रपति [[बशर अल-असद]] सीरिया से भागे, [[रूस]] में शरण दी गई
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|विद्रोहियों के कब्जे के बाद [[सीरिया]] के राष्ट्रपति [[बशर अल-असद]] सीरिया से भागे, [[रूस]] में शरण दी गई}}
* '''स्रोत''': https://www.aajtak.in/world/story/bashar-al-assad-and-family-have-arrived-in-moscow-russia-has-granted-them-asylum-ntc-dskc-2116899-2024-12-08
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:Shubhsamant09|Shubhsamant09]]
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
:बहुत छोटे बदलावों के अतिरिक्त दिये गये लेखों में कोई सुधार नहीं। समाचार के लिए लेख का पूरी तरह अद्यतन होना आवश्यक होता है।<span style='color:green;'>☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style='color:Magenta;'>संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style='color:blue;'>✉✉</span>]]) 07:08, 12 दिसम्बर 2024 (UTC)
=== 6 नवम्बर 2025 ===
==== जेम्स वॉटसन ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:James D Watson crop.jpg|100x100px|{{{कैप्शन}}}]]
</div>
* '''तिथि''': 6 नवम्बर 2025
* '''लेख''': [[जेम्स वॉटसन]]{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख1}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी आणविक जीवविज्ञानी [[जेम्स वॉटसन]] का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी आणविक जीवविज्ञानी [[जेम्स वॉटसन]] का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया।}}
* '''स्रोत''': [https://www.nytimes.com/2025/11/07/science/james-watson-dead.html द न्यूयॉर्क टाइम्स]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
* '''टिप्पणी''': {{ping|SM7|संजीव कुमार|अनुनाद सिंह|हिंदुस्थान वासी|अनिरुद्ध कुमार}} कृप्या देखें व इस समाचार को मुखपृष्ठ पर डालें।
</div>
</div>
@{{ping|संजीव कुमार}} जी, क्या इसे अभी लगाए जाने की कोई संभावना है? समाचार तो पुराना हो गया है, पर जो लगे हैं उनकी तुलना में नया है। देख कर बतायें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 04:50, 12 नवम्बर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, नियमानुसार तो नहीं लगा सकते लेकिन अभी की स्थिति को देखते हुये मुझे इसमें कोई बुराई भी नहीं दिखाई देती। अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर भी अभी शीर्ष पर है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:39, 12 नवम्बर 2025 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप लेख की समीक्षा करके इसे अद्यतन कर दें। मैं तो यह भी भूल गया हूँ कि क्या-क्या और कहाँ-कहाँ अपडेट करना होता है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:22, 12 नवम्बर 2025 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, लेख में निधन से सम्बंधित न ही कोई सूचना है और न ही स्रोत। जैसे संक्रमण के पश्चात् उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया और उसके बाद उनका निधन हुआ। कृपया यह अद्यतन करके लेख में स्रोत जोड़ें। [[विकिपीडिया:समाचार#मापदण्ड]] के अनुसार वर्तमान स्थिति में समाचार के रूप में नहीं लिख सकते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:44, 12 नवम्बर 2025 (UTC)
::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, जानकारी डाल दी गयी है। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 18:14, 12 नवम्बर 2025 (UTC)
:::::@चाहर धर्मेंद्र जी, आपने जो सामग्री जोड़ी है, उसके स्रोत भी देख लिए होते तो बेहतर होता। कृपया ऐसा कोई तथ्य न लिखें जिसका स्रोत उपलब्ध न हो। लेख के वार्ता पृष्ठ पर मैंने आपके द्वारा जोड़ी गई जानकारी के बारे में कुछ लिखा है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:05, 13 नवम्बर 2025 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, सुधार कर दिया गया है। लेख के वार्ता पृष्ठ पर मैंने गलती का कारण लिख दिया है। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 12:30, 13 नवम्बर 2025 (UTC)
:{{done}} हुक में बदलव और लेख में कुछ सुधारों के साथ इसे मुखपृष्ठ पर लाया गया।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:05, 13 नवम्बर 2025 (UTC)
=== 10 नवम्बर 2025 ===
==== फ्लेश (स्ज़ाले उपन्यास) ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:DavidSzalay EIBF2025 i459.jpg|100x100px|{{{कैप्शन}}}]]
</div>
* '''तिथि''': 10 नवम्बर 2025
* '''लेख''': [[फ्लेश (स्ज़ाले उपन्यास)]]{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख1}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[डेविड स्ज़ाले]] को उनके उपन्यास [[फ्लेश (स्ज़ाले उपन्यास)|फ्लेश]] के लिए [[मैन बुकर पुरस्कार|बुकर पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[डेविड स्ज़ाले]] को उनके उपन्यास [[फ्लेश (स्ज़ाले उपन्यास)|फ्लेश]] के लिए [[मैन बुकर पुरस्कार|बुकर पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया।}}
* '''स्रोत''': [https://www.nytimes.com/2025/11/10/books/booker-prize-2025-david-szalay-flesh.html न्यूयॉर्क टाइम्स], [https://www.bbc.com/news/articles/cr43pp456gyo बीबीसी]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
* '''टिप्पणी''': कृपया देखें व इस समाचार को मुखपृष्ठ पर डालें।
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:41, 16 नवम्बर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, उपरोक्त समाचार को विभिन्न कारणों से अद्यतन नहीं किया जा सकता। इनमें पहला कारण लेख में पर्याप्त मशीनी अनुवाद का होना है, दूसरा कारण लेख में सभी स्रोत अंग्रेज़ी विकिपीडिया से ज्यों के त्यों प्रतिलिपि किये गये हैं और उनको जाँचा भी नहीं गया है एवं न ही लेख में कोई उपयुक्त श्रेणी है अर्थात् लेख की शैली ठीक नहीं है। अद्यतन नहीं करने का एक अन्य कारण समाचार का नामांकन का देरी से होना है। नियमावली के अनुसार नामांकन घटना के 72 घण्टे में होना आवश्यक है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 10:40, 17 नवम्बर 2025 (UTC)
=== 10 नवम्बर 2025 ===
==== 2025 दिल्ली कार विस्फोट ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': 10 नवम्बर 2025
* '''लेख''': [[2025 दिल्ली कार विस्फोट]]{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख1}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[दिल्ली]] में एक [[2025 दिल्ली कार विस्फोट|कार विस्फोट]] में कम से कम 13 लोग मारे गए।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[दिल्ली]] में एक [[2025 दिल्ली कार विस्फोट|कार विस्फोट]] में कम से कम 13 लोग मारे गए।}}
* '''स्रोत''': [https://www.reuters.com/world/india/explosion-reported-near-red-fort-indian-capital-new-delhi-television-channels-2025-11-10/ रॉयटर्स]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
* '''टिप्पणी''': कृपया देखें व इस समाचार को मुखपृष्ठ पर डालें।
</div>
</div>
{{सुनो-प्रबंधक}} समीक्षा करें।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:41, 16 नवम्बर 2025 (UTC)
:समाचार का नामांकन घटना के 72 घण्टे पूर्ण होने के पश्चात् होने के कारण अद्यतन नहीं किया जा सकता। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 10:42, 17 नवम्बर 2025 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, ये ख़बर आज भी सुर्ख़ियों में है। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 11:31, 17 नवम्बर 2025 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, 10 नवम्बर 2026 को यदि समाचार पत्रों में इस खबर का उल्लेख आ जाये तो इसे सुर्ख़ियों में नहीं माना जायेगा। यहाँ तक की इसकी जाँच रिपोर्ट आयेगी तब भी इसे सुर्ख़ियों में नहीं माना जायेगा। कृपया एकबार [[विकिपीडिया:समाचार#मापदण्ड|मापदण्ड]] ध्यान से देखियेगा। बाकी समुदाय यदि इसे मुखपृष्ठ पर लाने के लिए सहमति देता है तो मैं पुनः समीक्षा कर दूँगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:21, 17 नवम्बर 2025 (UTC)
::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, बात तो आप सही बोल रहे है लेकिन काफी दिनों से समाचार बदले भी नहीं गए है और अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर अभी भी लगा हुआ है। बाकी जैसा आप ने बोला, वही सही। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:54, 17 नवम्बर 2025 (UTC)
:::::हाँ, अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर पहले एक दिन में दो बार पूरे समाचार बदल जाते थे। लेकिन आजकल वहाँ भी मुखपृष्ठ पुराना पड़ने लग गया है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:56, 17 नवम्बर 2025 (UTC)
=== 24 नवम्बर 2025 ===
==== धर्मेन्द्र ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:Dharmendra_2012.jpg|100x100px|{{{कैप्शन}}}]]
</div>
* '''तिथि''': 24 नवम्बर 2025
* '''लेख''': [[धर्मेन्द्र]]{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख1}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': भारतीय अभिनेता, निर्माता और राजनीतिज्ञ [[धर्मेंद्र]] का 89 वर्ष की आयु में निधन।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और ही-मैन के नाम से मशहूर [[धर्मेंद्र]] का 89 साल की उम्र में निधन हो गया।}}
* '''स्रोत''': [https://www.aajtak.in/entertainment/bollywood-news/story/dharmendra-death-news-in-hindi-hema-malini-sunny-deol-bobby-deol-tmovf-dskc-2383344-2025-11-24 आज तक] [https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/dharmendra-passes-away-at-89-in-at-his-residence-in-mumbai-karan-johar-confirms-an-end-of-an-era/articleshow/125239684.cms टाइम्स ऑफ इंडिया]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
* '''टिप्पणी''': बॉलीवुड के 'ही-मैन' कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में संक्षिप्त बीमारी के बाद मुंबई में निधन हो गया।
</div>
</div>
@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, क्या आप लेख में मशीनी अनुवाद हटाकर उसे सुधार सकते हो? मैंने शुरूआती भाग में कुछ बदलाव किये हैं लेकिन ऐसे प्रतीत हो रहा है कि लेख पुनः लिखना पड़ रहा है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:54, 25 नवम्बर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, बिल्कुल <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 20:25, 25 नवम्बर 2025 (UTC)
=== 24 जनवरी २०२६ ===
==== यूरोपीय संघ ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:|100x100px|]]
</div>
* '''तिथि''': 24 जनवरी २०२६
* '''लेख''': [[यूरोपीय संघ]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[भारत]]-[[यूरोपीय संघ]] मुक्त व्यापार समझौता
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[भारत]]-[[यूरोपीय संघ]] मुक्त व्यापार समझौता}}
* '''स्रोत''': [https://www.amarujala.com/business/business-diary/india-eu-trade-deal-ursula-von-der-leyen-us-tariffs-donald-trump-export-european-union-free-trade-agreement-2026-01-27 अमर उजाला]]
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:TypeInfo|TypeInfo]]
* '''टिप्पणी''': कृपया देखें व इस समाचार को मुखपृष्ठ पर डालें
</div>
</div>
[[User:TypeInfo|<b style="font-variant:small-caps;border:2px solid #d32730;padding:0 9px;background:linear-gradient(#0842cd,#139c43);color:#f7eda1;border-radius:6px">टाइपइन्फो</b>]] ([[User talk:TypeInfo|talk]]) 14:44, 27 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:TypeInfo|TypeInfo]] जी, कृपया खबर का हुक ढ़ंग से लिखें और उससे सम्बंधित लेख भी दें। आपने [[यूरोपीय संघ]] लेख की कड़ी दी है जो कि किसी व्यापार समझौते का लेख नहीं है। आपने अमर उजाला के जिस समाचार की कड़ी दी है उसके अनुसार ऐसा समझौता होने की सम्भावना है। अतः सम्भावना को समाचार नहीं कह सकते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:59, 27 जनवरी 2026 (UTC)
:: क्या आप इसमें मेरी मदद कर सकते हैं? मुझे विकिपीडिया की पॉलिसी के हिसाब से, ऊपर बताए गए सोर्स और हुक से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने के बारे में गाइडेंस चाहिए। [[User:TypeInfo|<b style="font-variant:small-caps;border:2px solid #d32730;padding:0 9px;background:linear-gradient(#0842cd,#139c43);color:#f7eda1;border-radius:6px">टाइपइन्फो</b>]] ([[User talk:TypeInfo|talk]]) 15:19, 27 जनवरी 2026 (UTC)
=== 20 फ़रवरी 2026 ===
==== डोनाल्ड ट्रंप ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:Trump showing a chart with reciprocal tariffs.jpg|100x100px|]]
</div>
* '''तिथि''': 20 फ़रवरी 2026
* '''लेख''': [[ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में प्रशुल्क]]
* '''ख़बर''': अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति [[डोनाल्ड ट्रंप]] के ग्लोबल टैरिफ़ को असंवैधानिक करार दिया।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति [[डोनाल्ड ट्रंप]] के ग्लोबल टैरिफ़ को असंवैधानिक करार दिया।}}
* '''स्रोत''': https://www.bbc.com/hindi/articles/czr08ykp32do
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:shubhsamant09|shubhsamant09]]
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
@[[सदस्य:Shubhsamant09|Shubhsamant09]] जी, आपने दो लेखों की कड़ियाँ दी हैं और दोनों में कोई भी समाचार का लेख नहीं है। न ही दोनों ठीक से अद्यतन हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:42, 22 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैंने सही लेख को जोड़ दिया है, और उसे अपडेट भी कर दिया है। मेरा मानना है की मुखपृष्ठ का हल देख के उपयुक्त खबर को लाना ज़रूरी है। [[सदस्य:Shubhsamant09|Shubhsamant09]] ([[सदस्य वार्ता:Shubhsamant09|वार्ता]]) 19:40, 22 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समाचार मुखपृष्ठ के लिए उपयुक्त नहीं है और अब समय भी बहुत हो गया है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 21:12, 2 मार्च 2026 (UTC)
=== 22 फरवरी 2026 ===
==== 2026 अफ़गानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:|100x100px|]]
</div>
* '''तिथि''': 22 फरवरी 2026
* '''लेख''': [[2026 अफ़गानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': पाकिस्तानी हमलों पर तालिबान ने नागरिक मौतें बताकर जवाबी चेतावनी दी।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|पाकिस्तानी हमलों पर तालिबान ने नागरिक मौतें बताकर जवाबी चेतावनी दी।}}
* '''स्रोत''': https://www.bbc.com/hindi/articles/clyz8141397o
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:shubhsamant09|shubhsamant09]]
* '''टिप्पणी''':
</div>
</div>
@[[सदस्य:shubhsamant09|shubhsamant09]] जी, हालांकि इस समाचार में काफी समय हो गया है लेकिन नियमानुसार इसे अभी भी अद्यतन किया जा सकता है। यदि आप सम्बंधित लेख में मशीनी अनुवाद हटाकर उसे ढ़ंग से लिख देंगे तो इसे अद्यतन कर दिया जायेगा। मैंने लेख में सुधार का प्रयास किया लेकिन इसे पूरी तरह दोबारा ही लिखना पड़ेगा। मशीनी अनुवाद का स्तर यह है कि strikes (जो हमलों के लिए है) को हिन्दी में हड़ताल लिखा हुआ है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 21:11, 2 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैंने आर्टिकल के उन हिस्सों को ठीक कर दिया है जो मुझे समझ नहीं आए (और शायद मशीन ट्रांसलेशन प्रोसेस में हुई गलतियाँ थीं जिनका मुझे पहले पता नहीं चला था)। [[सदस्य:Shubhsamant09|Shubhsamant09]] ([[सदस्य वार्ता:Shubhsamant09|वार्ता]]) 00:14, 3 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Shubhsamant09|Shubhsamant09]] जी, मैंने भूमिका और शुरूआती भाग में सुधार किये हैं लेकिन जब समीक्षा करने बैठा तो पाया कि लेख में 8 स्रोत ऐसे हैं जो लेख में हैं ही नहीं। क्या आप इनकी जानकारी दे सकते हैं कि आपने ये स्रोत कहाँ से पढ़े? आपने क्या सुधार किये, ये मैं समझ नहीं पा रहा हूँ क्योंकि बिना स्रोत से पढ़े सामग्री जोड़ना अर्थहीन है। कृपया जल्दी सुधारें जिससे इसे मुखपृष्ठ पर लाया जा सके। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 09:00, 3 मार्च 2026 (UTC)
=== 23 फ़रवरी 2026 ===
==== नेमेसियो ओसेगुरा सर्वान्तेस ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
</div>
* '''तिथि''': 23 फ़रवरी 2026
* '''लेख''': [[नेमेसियो ओसेगुरा सर्वान्तेस]]{{#if:|,}} {{#if:|[[]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': मेक्सिको में ड्रग सरगना एल मेंचो के मारे जाने के बाद कई राज्यों में हिंसा भड़की।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|मेक्सिको में ड्रग सरगना एल मेंचो के मारे जाने के बाद कई राज्यों में हिंसा भड़की।}}
* '''स्रोत''': https://hindi.news18.com/world/rest-of-world-mexico-violence-live-updates-most-wanted-drug-lord-el-mencho-killed-live-updates-violence-erupts-india-livenews-10211299.html
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:shubhsamant09|shubhsamant09]]
* '''टिप्पणी''':
</div>
@[[सदस्य:shubhsamant09|shubhsamant09]] जी, इसे भी अभी तक मुखपृष्ठ पर लाया जा सकता है, हालांकि ये समाचार पुराना हो चुका है। यदि आप चाहें तो हम मिलकर लेख में कुछ सुधार करके ला सकते हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 21:15, 2 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैंने उन हिस्सों को ठीक करने की कोशिश की है जिन्हें मुझे लगा कि ठीक करने की ज़रूरत है। मुझे लगता है कि हमें मेन पेज की अभी की स्थिति को भी देखना चाहिए। आखिरी खबर पिछले साल नवंबर की है, और उससे पहले वाली 2023 की है। हमें इसे अपडेट करने की ज़रूरत है। [[सदस्य:Shubhsamant09|Shubhsamant09]] ([[सदस्य वार्ता:Shubhsamant09|वार्ता]]) 00:19, 3 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Shubhsamant09|Shubhsamant09]] जी, लेख को वर्तमान स्थिति में मुखपृष्ठ पर केवल "हाल के निधन" में जगह मिल सकती है जिसे अगले सप्ताह हटा दिया जायेगा। अन्यथा लेख को पुनः ढ़ंग से लिखना होगा। मुखपृष्ठ पर समाचार अद्यतन नहीं होने से नियमावली नहीं बदली जा सकती। आपको उचित लगे तो [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर एक प्रस्ताव रख सकते हो कि समाचारों को मशीनी अनुवाद से अद्यतन किया जाये। यदि समुदाय इसके लिए सहमत हुआ तो मैं इस तरह से अद्यतन करने लग जाऊँगा।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 09:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
=== 2 मार्च, 2026 ===
==== २०२६ इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमला ====
<div style="background-color:#e6f2ff; border:1px solid #a3b1bf; padding: 6px;">
<div style="float:right;margin-left:0.5em;">
[[चित्र:Portrait of Ali Khamenei, October 2016.jpg|100x100px|अयातुल्ला खुमैनी 2016 में]]
</div>
* '''तिथि''': 2 मार्च, 2026
* '''लेख''': [[२०२६ इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमला]]{{#if:अली ख़ामेनेई|,}} {{#if:अली ख़ामेनेई|[[अली ख़ामेनेई]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख2}}}]]}}{{#if:|,}} {{#if:|[[{{{लेख3}}}]]}}
* '''ख़बर''': [[ईरान]] के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला [[अली ख़ामेनेई]] की तेहरान में [[२०२६ इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमला|इजरायली-अमेरिकी हमलों]] में मौत हो गई।
* '''अक्षर गणना''':{{अक्षर गणना|[[ईरान]] के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला [[अली ख़ामेनेई]] की तेहरान में [[२०२६ इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमला|इजरायली-अमेरिकी हमलों]] में मौत हो गई।}}
* '''स्रोत''': https://www.bbc.com/hindi/articles/c7vjmnn6pjpo
* '''नामांकनकर्ता''': [[सदस्य:shubhsamant09|shubhsamant09]]
* '''टिप्पणी''':
</div>
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ममता कालिया
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2026-03-29T06:59:33Z
Sureshchauhansir
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक लेखक
| name = ममता कालिया
| image = ममता कालिया bharat-s-tiwari-photography-IMG 1382-2 May 25, 2019.jpg
| spouse = [[ रवीन्द्र कालिया ]]
| birth_date = 02 नवम्बर 1940
| birth_place = [[वृन्दावन ]], [[ उत्तर प्रदेश]], [[भारत]]
| occupation = कवयित्री, लेखिका
| nationality = [[भारतीय]]
| language = [[हिन्दी]]
| period = आधुनिक काल
| genre = गद्य और पद्य
| subject = [[कहानी ]], [[ नाटक ]], [[ उपन्यास ]], [[ निबंध ]], [[ कविता ]] और [[ पत्रकारिता ]]
| notableworks = अपत्नी, दौड़, एक दिन अचानक, मेला, परदेसी, पीठ और दुक्खम्-सुक्खम्
| awards = [[वर्ष 2025 में जीते जी इलाहाबाद के लिए साहित्य अकादमी पुरुस्कार ]], [[व्यास सम्मान]], साहित्य भूषण सम्मान, यशपाल स्मृति सम्मान, महादेवी स्मृति पुरस्कार, कमलेश्वर स्मृति सम्मान, सावित्री बाई फुले स्मृति सम्मान, अमृत सम्मान, लमही सम्मान, सीता पुरस्कार आदि
}}
'''ममता कालिया''' (02 नवम्बर,1940) एक प्रमुख [[भारतीय]] लेखिका हैं। वे [[कहानी]]<ref>{{cite web|url=http://www.abhivyakti-hindi.org/kahaniyan/2002/pardesi/pardesi1.htm|title=ममता कालिया की कहानी-परदेसी|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mamtakalia.htm|format=अभिव्यक्ति|publisher=अभिव्यक्ति (वेब पत्रिका)|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20150319075942/http://www.abhivyakti-hindi.org/kahaniyan/2002/pardesi/pardesi1.htm|archive-date=19 मार्च 2015|url-status=dead}}</ref>, [[नाटक]], [[उपन्यास]], [[निबंध]], [[कविता]] और पत्रकारिता अर्थात [[साहित्य]] की लगभग सभी विधाओं में हस्तक्षेप रखती हैं। हिन्दी कहानी के परिदृश्य पर उनकी उपस्थिति सातवें दशक से निरन्तर बनी हुई है। लगभग आधी सदी के काल खण्ड में उन्होंने 200 से अधिक कहानियों की रचना की है।<ref>{{cite web|url=http://pustak.org/bs/home.php?bookid=2892|title=पुस्तक की भूमिका|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=|format=|publisher=वाणी प्रकाशन|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20140315104219/http://pustak.org/bs/home.php?bookid=2892|archive-date=15 मार्च 2014|url-status=dead}}</ref> वर्तमान में वे [[महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय|महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय]] की त्रैमासिक पत्रिका "हिन्दी" की संपादिका हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.hindisamay.com/writer/writer_details_n.aspx?id=288|title=लेखक ममता कालिया का व्यक्तित्व|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=|format=हिन्दी समय|publisher=महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20150505161952/http://www.hindisamay.com/writer/writer_details_n.aspx?id=288|archive-date=5 मई 2015|url-status=dead}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
ममता का जन्म 02 नवम्बर 1940 को [[वृन्दावन]] में हुआ। उनकी शिक्षा [[दिल्ली]], [[मुंबई]], [[पुणे]], [[नागपुर]] और [[इन्दौर]] शहरों में हुई। उनके पिता स्व विद्याभूषण अग्रवाल पहले अध्यापन में और बाद में [[ आकाशवाणी ]] में कार्यरत रहे। वे [[हिंदी]] और [[अंग्रेजी]] साहित्य के विद्वान थे।<ref>{{cite web|url=http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mamtakalia.htm|title=ममता कालिया का व्यक्तित्व|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mamtakalia.htm|format=अभिव्यक्ति|publisher=अभिव्यक्ति (वेब पत्रिका)|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20150319080220/http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mamtakalia.htm|archive-date=19 मार्च 2015|url-status=dead}}</ref>
== प्रमुख कृतियाँ ==
* दो खंडों में अब तक की संपूर्ण कहानियाँ '''ममता कालिया की कहानियाँ''' नाम से प्रकाशित। उनके शुरुआती पाँच कहानी-संग्रहों की कहानियाँ एक साथ प्रथम खंड<ref>शीर्षक:ममता कालिया की कहानियाँ - भाग 1, प्रकाशक=:वाणी प्रकाशन, आईएसबीएन : 81-8143-300-9, प्रकाशित :फरवरी 02, 2005:, मुखपृष्ठ :सजिल्द:, भाषा:[[हिन्दी]]</ref> में तथा दूसरे खण्ड में उनके चार कहानी संग्रहों को शामिल किया गया है।<ref>शीर्षक:ममता कालिया की कहानियाँ भाग-2, प्रकाशक:वाणी प्रकाशन, आईएसबीएन : 81-8143-485-4, प्रकाशित:फरवरी 02, 2006, मुखपृष्ठ :सजिल्द, भाषा:[[हिन्दी]]</ref>
*'''कहानी संग्रह''': छुटकारा, एक अदद औरत, सीट नं. छ:, उसका यौवन, जाँच अभी जारी है, प्रतिदिन, मुखौटा, निर्मोही, थिएटर रोड के कौए, पच्चीस साल की लड़की।<ref>{{cite web|url=http://pustak.org/bs/home.php?author_name=Mamta%20Kaliya|title=ममता कालिया की पुस्तकें|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=|format=|publisher=भारतीय साहित्य संग्रह|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20140315104933/http://pustak.org/bs/home.php?author_name=Mamta%20Kaliya|archive-date=15 मार्च 2014|url-status=dead}}</ref>
*'''उपन्यास ''': बेघर(1971), नरक दर नरक(1975), प्रेम कहानी(1980), लड़कियाँ(1987), एक पत्नी के नोट्स(1997), दौड़(2000), अँधेरे का ताला(2009), दुक्खम् - सुक्खम्(2009)कल्चर वल्चर(2016),सपनों की होम डिलीवरी(2017)
*'''कविता संग्रह ''': खाँटी घरेलू औरत, कितने प्रश्न करूँ, नरक दर नरक, प्रेम कहानी
*'''नाटक संग्रह''' : यहाँ रहना मना है, आप न बदलेंगे
*'''संस्मरण''': कितने शहरों में कितनी बार<ref>शीर्षक:कितने शहरों में कितनी बार, प्रकाशक:वाणी प्रकाशन:, आईएसबीएन : 9788126718764, प्रकाशित : जीते जी इलाहबाद: राजकमल प्रकाशन, 2021
: फरवरी जनवरी 01, 2010, मुखपृष्ठ : सजिल्द, भाषा:[[हिन्दी]]</ref>
*'''अनुवाद''' : मानवता के बंधन (उपन्यास - सॉमरसेट मॉम)
*'''संपादन''' : बीसवीं सदी का हिंदी महिला-लेखन,खंड ३
== सम्मान और पुरस्कार ==
*[[व्यास सम्मान|वर्ष 2017 में प्रतिष्ठित ‘व्यास सम्मान’ (उपन्यास दुक्खम-सुक्खम के लिए]] <ref>{{Cite web |url=https://navbharattimes.indiatimes.com/india/veneration-of-the-writer-mamta-kalia/articleshow/61980201.cms |title=साहित्यकार ममता कालिया को व्यास सम्मान |access-date=19 अक्तूबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181019122111/https://navbharattimes.indiatimes.com/india/veneration-of-the-writer-mamta-kalia/articleshow/61980201.cms |archive-date=19 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-writer-mamta-kalia-to-get-the-27th-vyas-samman/articleshow/61981502.cms |title=Hindi writer Mamta Kalia to get the 27th Vyas Samman |access-date=8 दिसंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171209012929/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-writer-mamta-kalia-to-get-the-27th-vyas-samman/articleshow/61981502.cms |archive-date=9 दिसंबर 2017 |url-status=live }}</ref>
*अभिनव भारती सम्मान
*साहित्य भूषण सम्मान(2004)
*यशपाल स्मृति सम्मान
*महादेवी स्मृति पुरस्कार
*कमलेश्वर स्मृति सम्मान
*सावित्री बाई फुले स्मृ्ति सम्मान
*अमृत सम्मान
*लमही सम्मान (2009)<ref>{{cite web|url=http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/6102470.cms|title=कहानीकार ममता कालिया को लमही सम्मान|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=|first=|authorlink=|date=28 जून 2010|publisher=नवभारत टाइम्स|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20140315102551/http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/6102470.cms|archive-date=15 मार्च 2014|url-status=live}}</ref>
*जनवाणी सम्मान (2008)<ref>{{Cite web |url=http://smalochna.blogspot.in/2008/11/blog-post.html |title=समालोचना में समाचार |access-date=15 मार्च 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140315101242/http://smalochna.blogspot.in/2008/11/blog-post.html |archive-date=15 मार्च 2014 |url-status=dead }}</ref>
*सीता पुरस्कार (2012)<ref>[http://www.jagranjosh.com/current-affairs/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-1346475053-2 हिन्दी भाषा की लेखिका ममता कालिया को द्वितीय सीता पुरस्कार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140315114555/http://www.jagranjosh.com/current-affairs/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-1346475053-2 |date=15 मार्च 2014 }}जागरण जोश (हिन्दी)</ref>
*वर्ष 2025 में ममता कालिया को उनके संस्मरण "जीते जी इलाहाबाद" के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20140209053345/http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%AE%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE_%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE ममता कालिया गद्य कोश में ]
* [https://web.archive.org/web/20150505161952/http://www.hindisamay.com/writer/writer_details_n.aspx?id=288 ममता कालिया हिन्दी समय में]
*[https://web.archive.org/web/20140711082503/http://www.youtube.com/watch?v=xx5sMDMoew4 यूट्यूब पर ममता कालिया का साक्षात्कार]
* [https://www.shabdankan.com/search/label/Mamta%20Kalia शब्दांकन पर ममता कालिया]
** [https://www.shabdankan.com/2023/07/mamta-kalia-ki-kahani.html निर्मोही (कहानी)]
** [https://www.shabdankan.com/2021/08/short-story-vocal-woman-mamta-kalia.html Short story: The Vocal Woman]
** [https://www.shabdankan.com/2020/03/mamta-kalia-ki-kahani-piith-bewajah-shak-bewajah-kunthgrast-karta-hai.html पीठ (कहानी)]
** [https://www.shabdankan.com/2014/10/hindi-kahani-mamta-kalia-part-1.html खुशियों की होम डिलिवरी (लम्बी कहानी)]
** [https://www.shabdankan.com/2018/07/famous-personalities-of-allahabad-in-hindi-literature-mamta-kalia-01.html इलाहबाद वाया ममता कालिया : छोड़ आये हम वो गलियाँ (संस्मरण)]
**[https://www.shabdankan.com/2017/01/tribute-to-ravindra-kalia-by-mamta-kalia.html रवि कथा (संस्मरण)]
**
[https://www.shabdankan.com/2021/11/mamta-kalia-remembers-manu-bhandari.html मन्नू भंडारी, कभी न होगा उनका अंत — ममता कालिया (संस्मरण)]
{{हिन्दी साहित्यकार}}
[[श्रेणी:साहित्यकार]]
[[श्रेणी:भारतीय साहित्य]]
[[श्रेणी:1940 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:हिन्दी साहित्य]]
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
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2026-03-29T07:40:29Z
संजीव कुमार
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक लेखक
| name = ममता कालिया
| image = ममता कालिया bharat-s-tiwari-photography-IMG 1382-2 May 25, 2019.jpg
| spouse = [[ रवीन्द्र कालिया ]]
| birth_date = 02 नवम्बर 1940
| birth_place = [[वृन्दावन ]], [[ उत्तर प्रदेश]], [[भारत]]
| occupation = कवयित्री, लेखिका
| nationality = [[भारतीय]]
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}}
'''ममता कालिया''' (02 नवम्बर,1940) एक प्रमुख [[भारतीय]] लेखिका हैं। वे [[कहानी]]<ref>{{cite web|url=http://www.abhivyakti-hindi.org/kahaniyan/2002/pardesi/pardesi1.htm|title=ममता कालिया की कहानी-परदेसी|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mamtakalia.htm|format=अभिव्यक्ति|publisher=अभिव्यक्ति (वेब पत्रिका)|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20150319075942/http://www.abhivyakti-hindi.org/kahaniyan/2002/pardesi/pardesi1.htm|archive-date=19 मार्च 2015|url-status=dead}}</ref>, [[नाटक]], [[उपन्यास]], [[निबंध]], [[कविता]] और पत्रकारिता अर्थात [[साहित्य]] की लगभग सभी विधाओं में हस्तक्षेप रखती हैं। हिन्दी कहानी के परिदृश्य पर उनकी उपस्थिति सातवें दशक से निरन्तर बनी हुई है। लगभग आधी सदी के काल खण्ड में उन्होंने 200 से अधिक कहानियों की रचना की है।<ref>{{cite web|url=http://pustak.org/bs/home.php?bookid=2892|title=पुस्तक की भूमिका|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=|format=|publisher=वाणी प्रकाशन|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20140315104219/http://pustak.org/bs/home.php?bookid=2892|archive-date=15 मार्च 2014|url-status=dead}}</ref> वर्तमान में वे [[महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय|महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय]] की त्रैमासिक पत्रिका "हिन्दी" की संपादिका हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.hindisamay.com/writer/writer_details_n.aspx?id=288|title=लेखक ममता कालिया का व्यक्तित्व|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=|format=हिन्दी समय|publisher=महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20150505161952/http://www.hindisamay.com/writer/writer_details_n.aspx?id=288|archive-date=5 मई 2015|url-status=dead}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
ममता का जन्म 02 नवम्बर 1940 को [[वृन्दावन]] में हुआ। उनकी शिक्षा [[दिल्ली]], [[मुंबई]], [[पुणे]], [[नागपुर]] और [[इन्दौर]] शहरों में हुई। उनके पिता स्व विद्याभूषण अग्रवाल पहले अध्यापन में और बाद में [[ आकाशवाणी ]] में कार्यरत रहे। वे [[हिंदी]] और [[अंग्रेजी]] साहित्य के विद्वान थे।<ref>{{cite web|url=http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mamtakalia.htm|title=ममता कालिया का व्यक्तित्व|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mamtakalia.htm|format=अभिव्यक्ति|publisher=अभिव्यक्ति (वेब पत्रिका)|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20150319080220/http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mamtakalia.htm|archive-date=19 मार्च 2015|url-status=dead}}</ref>
== प्रमुख कृतियाँ ==
* दो खंडों में अब तक की संपूर्ण कहानियाँ '''ममता कालिया की कहानियाँ''' नाम से प्रकाशित। उनके शुरुआती पाँच कहानी-संग्रहों की कहानियाँ एक साथ प्रथम खंड<ref>शीर्षक:ममता कालिया की कहानियाँ - भाग 1, प्रकाशक=:वाणी प्रकाशन, आईएसबीएन : 81-8143-300-9, प्रकाशित :फरवरी 02, 2005:, मुखपृष्ठ :सजिल्द:, भाषा:[[हिन्दी]]</ref> में तथा दूसरे खण्ड में उनके चार कहानी संग्रहों को शामिल किया गया है।<ref>शीर्षक:ममता कालिया की कहानियाँ भाग-2, प्रकाशक:वाणी प्रकाशन, आईएसबीएन : 81-8143-485-4, प्रकाशित:फरवरी 02, 2006, मुखपृष्ठ :सजिल्द, भाषा:[[हिन्दी]]</ref>
*'''कहानी संग्रह''': छुटकारा, एक अदद औरत, सीट नं. छ:, उसका यौवन, जाँच अभी जारी है, प्रतिदिन, मुखौटा, निर्मोही, थिएटर रोड के कौए, पच्चीस साल की लड़की।<ref>{{cite web|url=http://pustak.org/bs/home.php?author_name=Mamta%20Kaliya|title=ममता कालिया की पुस्तकें|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=कालिया|first=ममता|authorlink=|format=|publisher=भारतीय साहित्य संग्रह|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20140315104933/http://pustak.org/bs/home.php?author_name=Mamta%20Kaliya|archive-date=15 मार्च 2014|url-status=dead}}</ref>
*'''उपन्यास ''': बेघर(1971), नरक दर नरक(1975), प्रेम कहानी(1980), लड़कियाँ(1987), एक पत्नी के नोट्स(1997), दौड़(2000), अँधेरे का ताला(2009), दुक्खम् - सुक्खम्(2009)कल्चर वल्चर(2016),सपनों की होम डिलीवरी(2017)
*'''कविता संग्रह ''': खाँटी घरेलू औरत, कितने प्रश्न करूँ, नरक दर नरक, प्रेम कहानी
*'''नाटक संग्रह''' : यहाँ रहना मना है, आप न बदलेंगे
*'''संस्मरण''': कितने शहरों में कितनी बार<ref>शीर्षक:कितने शहरों में कितनी बार, प्रकाशक:वाणी प्रकाशन:, आईएसबीएन : 9788126718764, प्रकाशित : जीते जी इलाहबाद: राजकमल प्रकाशन, 2021
: फरवरी जनवरी 01, 2010, मुखपृष्ठ : सजिल्द, भाषा:[[हिन्दी]]</ref>
*'''अनुवाद''' : मानवता के बंधन (उपन्यास - सॉमरसेट मॉम)
*'''संपादन''' : बीसवीं सदी का हिंदी महिला-लेखन,खंड ३
== सम्मान और पुरस्कार ==
*[[व्यास सम्मान|वर्ष 2017 में प्रतिष्ठित ‘व्यास सम्मान’ (उपन्यास दुक्खम-सुक्खम के लिए]] <ref>{{Cite web |url=https://navbharattimes.indiatimes.com/india/veneration-of-the-writer-mamta-kalia/articleshow/61980201.cms |title=साहित्यकार ममता कालिया को व्यास सम्मान |access-date=19 अक्तूबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181019122111/https://navbharattimes.indiatimes.com/india/veneration-of-the-writer-mamta-kalia/articleshow/61980201.cms |archive-date=19 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-writer-mamta-kalia-to-get-the-27th-vyas-samman/articleshow/61981502.cms |title=Hindi writer Mamta Kalia to get the 27th Vyas Samman |access-date=8 दिसंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171209012929/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-writer-mamta-kalia-to-get-the-27th-vyas-samman/articleshow/61981502.cms |archive-date=9 दिसंबर 2017 |url-status=live }}</ref>
*अभिनव भारती सम्मान
*साहित्य भूषण सम्मान(2004)
*यशपाल स्मृति सम्मान
*महादेवी स्मृति पुरस्कार
*कमलेश्वर स्मृति सम्मान
*सावित्री बाई फुले स्मृ्ति सम्मान
*अमृत सम्मान
*लमही सम्मान (2009)<ref>{{cite web|url=http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/6102470.cms|title=कहानीकार ममता कालिया को लमही सम्मान|access-date=15 मार्च 15 मार्च 2014|last=|first=|authorlink=|date=28 जून 2010|publisher=नवभारत टाइम्स|language=hi|archive-url=https://web.archive.org/web/20140315102551/http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/6102470.cms|archive-date=15 मार्च 2014|url-status=live}}</ref>
*जनवाणी सम्मान (2008)<ref>{{Cite web |url=http://smalochna.blogspot.in/2008/11/blog-post.html |title=समालोचना में समाचार |access-date=15 मार्च 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140315101242/http://smalochna.blogspot.in/2008/11/blog-post.html |archive-date=15 मार्च 2014 |url-status=dead }}</ref>
*सीता पुरस्कार (2012)<ref>[http://www.jagranjosh.com/current-affairs/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-1346475053-2 हिन्दी भाषा की लेखिका ममता कालिया को द्वितीय सीता पुरस्कार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140315114555/http://www.jagranjosh.com/current-affairs/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-1346475053-2 |date=15 मार्च 2014 }}जागरण जोश (हिन्दी)</ref>
*वर्ष 2025 में ममता कालिया को उनके संस्मरण "जीते जी इलाहाबाद" के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20140209053345/http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%AE%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE_%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE ममता कालिया गद्य कोश में ]
* [https://web.archive.org/web/20150505161952/http://www.hindisamay.com/writer/writer_details_n.aspx?id=288 ममता कालिया हिन्दी समय में]
*[https://web.archive.org/web/20140711082503/http://www.youtube.com/watch?v=xx5sMDMoew4 यूट्यूब पर ममता कालिया का साक्षात्कार]
* [https://www.shabdankan.com/search/label/Mamta%20Kalia शब्दांकन पर ममता कालिया]
** [https://www.shabdankan.com/2023/07/mamta-kalia-ki-kahani.html निर्मोही (कहानी)]
** [https://www.shabdankan.com/2021/08/short-story-vocal-woman-mamta-kalia.html Short story: The Vocal Woman]
** [https://www.shabdankan.com/2020/03/mamta-kalia-ki-kahani-piith-bewajah-shak-bewajah-kunthgrast-karta-hai.html पीठ (कहानी)]
** [https://www.shabdankan.com/2014/10/hindi-kahani-mamta-kalia-part-1.html खुशियों की होम डिलिवरी (लम्बी कहानी)]
** [https://www.shabdankan.com/2018/07/famous-personalities-of-allahabad-in-hindi-literature-mamta-kalia-01.html इलाहबाद वाया ममता कालिया : छोड़ आये हम वो गलियाँ (संस्मरण)]
**[https://www.shabdankan.com/2017/01/tribute-to-ravindra-kalia-by-mamta-kalia.html रवि कथा (संस्मरण)]
**
[https://www.shabdankan.com/2021/11/mamta-kalia-remembers-manu-bhandari.html मन्नू भंडारी, कभी न होगा उनका अंत — ममता कालिया (संस्मरण)]
{{हिन्दी साहित्यकार}}
[[श्रेणी:साहित्यकार]]
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बृहत्स्नानागार
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The Sorter
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wikitext
text/x-wiki
{{विलय|महास्नानघर (मोहन जोदड़ो)}}
{{स्रोत कम|date=जुलाई 2014}}[[चित्र:Mohenjodaro Sindh.jpeg|thumbnail|मोहन जोदड़ो का बृहत्स्नानागार ]]
बृहत्स्नानागार या विशाल स्नानघर [[सिंधु घाटी सभ्यता]] के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है और यह [[मोहन जोदड़ो]] में है |यह पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में है और इसे ३००० ईसापूर्व में बनाया गया था| यह मोहन जोदड़ो के दुर्ग में स्थित है |<ref>Singh, Upinder (2008). A history of ancient and early medieval India : from the Stone Age to the 12th century. New Delhi: Pearson Education. pp. 149–150. ISBN 978-81-317-1120-0.</ref>
यह विश्व के सबसे प्राचीनतम स्नानघर है| यह 2.43 मीटर गहरा है, इसकी लम्बाई 11.88 मीटर है और चौड़ाई 7.01 मीटर है |<ref> Great Bath, SD Area, looking north.</ref>
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:सिन्धु घाटी सभ्यता]]
{{आधार}}
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डीडी फ्री डिश
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक कम्पनी
| name = डीडी फ्री डिश
| image = [[File:Logo of DD Free Dish.jpg|150px]]
| type =
| industry = टेलीविजन उपग्रह सेवा
| foundation = {{Start date and age|df=yes|2004|12|16}}
| location = [[नई दिल्ली]]
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| homepage = [http://www.ddindia.gov.in आधिकारिक जालस्थल]
}}
'''दूरदर्शन फ्री डिश'''<ref>{{Cite web|url=https://doordarshan.gov.in/dd-free-dish|title=डीडी फ्री डिश {{!}} दूरदर्शन|website=doordarshan.gov.in|access-date=2020-06-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20200612170348/https://doordarshan.gov.in/dd-free-dish|archive-date=12 जून 2020|url-status=dead}}</ref> [[प्रसार भारती]] के स्वामित्व में निःशुल्क [[उपग्रह]] [[दूरदर्शन|टेलीविजन]] सेवा प्रदान करने वाली [[भारत]] की पहली उपग्रह सेवा है। डीडी फ्री डिश को पहले [[डीडी फ्री डिश|डीडी डायरेक्ट+]] के नाम से भी जाना जाता था। यह सुविधा [[भारत]] के सभी राज्यों में उपलब्ध है और इसने ग्रामीण इलाकों में मनोरंजन की एक बाढ़ सी ला दी है, जिससे लोगों में एक नई जिज्ञासा जगी है। डीडी फ्री डिश में हर साल एक ई-ऑक्शन का आयोजन किया जाता है जिसमें [[ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड|ब्रॉडकास्टर]] अपने चैनल को डीडी फ्री डिश में जोड़ सकते है।<ref>{{cite web|url=http://samachar4media.com/dd-should-be-the-first-choice-of-the-lower-half-of-the-society-ranjan-p-thakur.html|title=फ्री डिश से बाजार में अपने पैर और पसारना चाहता है दूरदर्शन|publisher=समाचार 4 मीडिया|date=6 दिसम्बर 2013|accessdate=2 नवम्बर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141224195448/http://samachar4media.com/dd-should-be-the-first-choice-of-the-lower-half-of-the-society-ranjan-p-thakur.html|archive-date=24 दिसंबर 2014|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.maabharati.com/2019/11/dd-free-dish-channel-list.html|title=डीडी फ्री डिश क्या है ओर इस पर कितने चैनल मोजूद है यहा आपको डीडी फ्री डिश से जुड़े प्र्श्नो के उत्तर मिल जाएंगे|last=|first=|date=22 जून 2020|website=माँ भारती|archive-url=https://web.archive.org/web/20200610072524/https://www.maabharati.com/2019/11/dd-free-dish-channel-list.html|archive-date=10 जून 2020|access-date=|url-status=dead}}</ref>
वर्तमान में, डीडी फ्री डिश में 184 टेलीविजन चैनल स्लॉट हैं, जिनमें से 94 एमपीईजी-2 प्रारूप में और 90 एमपीईजी-4 प्रारूप में हैं। कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए, पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत शैक्षिक टीवी चैनल चलाए जाते हैं।
== टेलीविजन चैनल सूची ==
=== दूरदर्शन ===
प्रसार भारती के स्वामित्व वाले चैनल -
==== राष्ट्रीय चैनल ====
* [[डीडी भारती]] – कला और सांस्कृतिक इंफोटेनमेंट चैनल
* [[डीडी इंडिया]] – अंतर्राष्ट्रीय चैनल
* [[डीडी किसान]] – कृषि शिक्षा और सूचना चैनल
* [[डीडी नेशनल]] – सामान्य मनोरंजन चैनल
* [[डीडी न्यूज़]] – न्यूज़ चैनल
* [[डीडी स्पोर्ट्स]] – खेल चैनल
* [[डीडी उर्दू]] – उर्दू इंफोटेनमेंट चैनल (एमपीईजी-4 प्रारूप में उपलब्ध)
==== संसदीय चैनल ====
* [[संसद टेलीविजन|संसद टीवी 1]]
* [[संसद टेलीविजन|संसद टीवी 2]]
==== एचडी चैनल ====
डीडी फ्री डिश पर ग्यारह एचडी चैनल एमपीईजी-4 प्रारूप में उपलब्ध हैं –
* [[डीडी नेशनल|डीडी नेशनल एचडी]] – डीडी नेशनल का एचडी संस्करण
* [[डीडी इंडिया|डीडी इंडिया एचडी]] – डीडी इंडिया का एचडी संस्करण
* [[डीडी न्यूज़|डीडी न्यूज़ एचडी]] – डीडी न्यूज़ का एचडी संस्करण
* [[डीडी स्पोर्ट्स|डीडी स्पोर्ट्स एचडी]] – डीडी स्पोर्ट्स का एचडी संस्करण
* [[संसद टीवी|संसद टीवी 1 एचडी]] – डीडी संसद टीवी 1 का एचडी संस्करण
* [[संसद टीवी|संसद टीवी 2 एचडी]] – डीडी संसद टीवी 2 का एचडी संस्करण
* [[डीडी किसान|डीडी किसान एचडी]] – डीडी किसान का एचडी संस्करण
* [[डीडी तमिल|डीडी तमिल एचडी]] – डीडी तमिल का एचडी संस्करण
* [[डीडी सह्याद्री|डीडी सह्याद्री एचडी]] – डीडी सह्याद्री का एचडी संस्करण
* [[डीडी गिरनार|डीडी गिरनार एचडी]] – डीडी गिरनार का एचडी संस्करण
* [[डीडी ओड़िया|डीडी ओड़िया एचडी]] – डीडी ओड़िया का एचडी संस्करण
==== क्षेत्रीय चैनल (एमपीईजी-2) ====
{| class="wikitable sortable"
|-
! नाम
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! क्षेत्र
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| [[डीडी अरुणप्रभा]]
| [[हिंदी]] तथा [[अंग्रेज़ी]]
| [[अरुणाचल प्रदेश]]
|-
| [[डीडी असम]]
| [[असमिया भाषा|असमिया]]
| [[असम]]
|-
| [[डीडी ओड़िया]]
| [[उड़िया]]
| [[ओडिशा]]
|-
| [[डीडी उत्तर प्रदेश]]
| [[हिंदी]]
| [[उत्तर प्रदेश]]
|-
| [[डीडी उत्तराखंड]]
| [[गढ़वाली भाषा|गढ़वाली]], [[कुमाऊँनी भाषा|कुमाऊँनी]] तथा [[हिंदी]]
| [[उत्तराखंड]]
|-
| [[डीडी कशीर]]
| [[कश्मीरी]] तथा [[उर्दू]]
| [[जम्मू और कश्मीर]]
|-
| [[डीडी गिरनार]]
| [[गुजराती]]
| [[गुजरात]]
|-
| [[डीडी चंदना]]
| [[कन्नड़]]
| [[कर्नाटक]]
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| [[डीडी छत्तीसगढ़]]
| [[हिंदी]]
| [[छत्तीसगढ़]]
|-
| [[डीडी झारखंड]]
| [[हिंदी]]
| [[झारखंड]]
|-
| [[डीडी पोढ़ीगै|डीडी पोढ़ीगई]]
| [[तमिल]]
| [[तमिल नाडू]]
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| [[पंजाबी]]
| [[पंजाब]]
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| [[डीडी बांग्ला]]
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| [[हिंदी]] तथा [[बिहारी]]
| [[बिहार]]
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| [[मलयालम]]
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| [[तेलुगू]]
| [[तेलंगाना]]
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| [[डीडी राजस्थान]]
| [[हिंदी]] तथा [[राजस्थानी]]
| [[राजस्थान]]
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| [[डीडी सप्तगिरी]]
| [[तेलुगू]]
| [[आंध्र प्रदेश]]
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|[[डीडी हिमाचल]]
|[[हिन्दी]]
|[[हिमाचल प्रदेश]]
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| [[डीडी त्रिपुरा]]
| [[बंगाली]] तथा [[कोक बोरोक भाषा|कोकबोरोक]]
| [[त्रिपुरा]]
|}
==== क्षेत्रीय चैनल (एमपीईजी-4)====
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! नाम
! क्षेत्र
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| झारखंड
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| [[मणिपुर]]
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| [[मिज़ोरम]]
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| [[मेघालय]]
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| [[हरियाणा]]
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=== प्राइवेट चैनल (एमपीईजी-2)===
==== हिंदी ====
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!श्रेणी
!चैनल
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| rowspan="18" |'''सामान्य मनोरंजन'''
| [[बिग मैजिक]]
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|जी टीवी
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|स्टार प्लस
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| [[दंगल टीवी|दंगल]]
|-
| [[दंगल 2 (टीवी चैनल)|दंगल 2]]
|-
| [[मनोरंजन ग्रैंड]]
|-
| [[मनोरंजन टीवी]]
|-
| [[नज़ारा टीवी|नज़ारा]]
|-
| [[द क्यू]]
|-
| [[शेमारू टीवी]]
|-
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|-
| [[सोनी पल]]
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|बच्चों के चैनल
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|rowspan="2"|संगीत
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| [[बी4यू (नेटवर्क)|बी4यू कड़क]]
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| [[बी4यू मूवीज़]]
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| [[कलर्स सिनेप्लेक्स बॉलीवुड]]
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| [[रिश्ते सिनेप्लेक्स|कलर्स सिनेप्लेक्स सुपरहिट]]
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|rowspan="14"|समाचार
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====क्षेत्रीय चैनल====
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!श्रेणी
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| समाचार
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|rowspan="5"|भोजपुरी
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|जय महाराष्ट्र
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|}
==== अंतर्राष्ट्रीय चैनल ====
* रशिया टूडे – अंग्रेज़ी समाचार
=== प्राइवेट चैनल (एमपीईजी-4)===
{| class="wikitable sortable"
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!भाषा !!चैनल !!श्रेणी
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|rowspan="10"|हिंदी
|[[आस्था भजन]] || धार्मिक
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| संदेश न्यूज़ || rowspan="4"|समाचार
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| [[टीवी९ तेलुगु|टीवी9 गुजराती]]
|-
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|-
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| पंजाबी हिट्स || संगीत
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|-
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| [[टीवी९ तेलुगु|टीवी9 तेलुगु]] || समाचार
|-
| [[आस्था टीवी|आस्था तेलुगु]] || धार्मिक
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|}
== रेडियो चैनल सूची ==
===राष्ट्रीय===
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===क्षेत्रीय===
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* आकाशवाणी तेलंगाना - [[तेलुगु भाषा|तेलुगु]]
* आकाशवाणी त्रिपुरा - [[बंगाली भाषा|बंगाली]] और [[कोकबोरोक]]
* आकाशवाणी उत्तर प्रदेश- [[हिन्दी]]
* आकाशवाणी उत्तराखंड - हिंदी
* आकाशवाणी वाराणसी - हिंदी
* आकाशवाणी पश्चिम बंगाल - [[बंगाली भाषा|बंगाली]]
===एमपीईजी-4 रेडियो===
* एफएम गोल्ड दिल्ली
* एफएम रेनबो दिल्ली
* आकाशवाणी दरभंगा
* आकाशवाणी नजीबाबाद
* आकाशवाणी वर्ल्ड सर्विस 1
* आकाशवाणी वर्ल्ड सर्विस 2
* आकाशवाणी नेबरहुड सर्विस 1
* आकाशवाणी नेबरहुड सर्विस 2
== अन्य चैनल ==
=== ई-विद्या चैनल ===
कक्षा 1 से कक्षा 12 तक प्रत्येक कक्षा के लिए 12 शैक्षणिक चैनल हैं।
* ई-विद्या 1 – कक्षा 1 के छात्रों के लिए
* ई-विद्या 2 – कक्षा 2 के छात्रों के लिए
* ई-विद्या 3 – कक्षा 3 के छात्रों के लिए
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* ई-विद्या 8 – कक्षा 8 के छात्रों के लिए
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* ई-विद्या 10 – कक्षा 10 के छात्रों के लिए
* ई-विद्या 11 – कक्षा 11 के छात्रों के लिए
* ई-विद्या 12 – कक्षा 12 के छात्रों के लिए
=== स्वयं प्रभा डीटीएच ===
* स्व.प्र.-01 सीईसी-यूजीसी : वागीश - भाषा और साहित्य
* स्व.प्र.-02 सीईसी-यूजीसी : संस्कृति - इतिहास, संस्कृति और दर्शन
* स्व.प्र.-03 सीईसी-यूजीसी : प्रबोध - सामाजिक और व्यवहार विज्ञान
* स्व.प्र.-04 सीईसी-यूजीसी : सारस्वत - शिक्षा और गृह विज्ञान
* स्व.प्र.-05 सीईसी-यूजीसी : प्रबंध - सूचना, संचार और प्रबंधन अध्ययन
* स्व.प्र.-06 सीईसी-यूजीसी : विधिक - कानून और कानूनी अध्ययन
* स्व.प्र.-07 सीईसी-यूजीसी : कौटिल्य - अर्थशास्त्र और वाणिज्य
* स्व.प्र.-08 सीईसी-यूजीसी : आर्यभट्ट - भौतिक और पृथ्वी विज्ञान
* स्व.प्र.-09 सीईसी-यूजीसी : स्पंदन - जीवन विज्ञान
* स्व.प्र.-10 सीईसी-यूजीसी : दक्ष - अनुप्रयुक्त विज्ञान
* स्व.प्र.-11 एनपीटीईएल : रासायनिक इंजीनियरिंग
* स्व.प्र.-12 एनपीटीईएल : सिविल इंजीनियरिंग
* स्व.प्र.-13 एनपीटीईएल : कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग
* स्व.प्र.-14 एनपीटीईएल : इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
* स्व.प्र.-15 एनपीटीईएल : इंजीनियरिंग विज्ञान और जैविक विज्ञान
* स्व.प्र.-16 एनपीटीईएल : मानविकी, सामाजिक विज्ञान और प्रबंधन
* स्व.प्र.-17 एनपीटीईएल : मैकेनिकल इंजीनियरिंग और खनन इंजीनियरिंग
* स्व.प्र.-18 एनपीटीईएल : गणित और भौतिकी
* स्व.प्र.-19 आईआईटी-पीएएल : जीवविज्ञान
* स्व.प्र.-20 आईआईटी-पीएएल : रसायन विज्ञान
* स्व.प्र.-21 आईआईटी-पीएएल : गणित
* स्व.प्र.-22 आईआईटी-पीएएल : भौतिकी
* स्व.प्र.-23 इग्नू : उदार कला और मानविकी
* स्व.प्र.-24 इग्नू : कृषि और संबद्ध विज्ञान
* स्व.प्र.-25 इग्नू : ज्ञान दर्शन 1
* स्व.प्र.-26 इग्नू : राज्य मुक्त विश्वविद्यालय
* स्व.प्र.-27 एनआईओएस : पाणिनि - माध्यमिक विद्यालय शिक्षा
* स्व.प्र.-28 एनआईओएस : शारदा - उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा
* स्व.प्र.-29 यूजीसी-इनफ्लिबनेट : ई-पीजी पाठशाला - स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम
* स्व.प्र.-30 एनआईओएस: ज्ञानामृत - सांकेतिक भाषा में शिक्षा
* स्व.प्र.-31 एनसीईआरटी: किशोर मंच - माध्यमिक विद्यालय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और शिक्षक शिक्षा
* स्व.प्र.-32 इग्नू-एनआईओएस: वागडा - शिक्षक शिक्षा
* स्व.प्र.-33 सीईसी-यूजीसी: व्यास - उच्च शिक्षा चैनल
* डिजीशाला - डिजिटल शिक्षा चैनल
=== वंदे गुजरात ===
* वंदे गुजरात 1
* वंदे गुजरात 2
* वंदे गुजरात 3
* वंदे गुजरात 4
* वंदे गुजरात 5
* वंदे गुजरात 6
* वंदे गुजरात 7
* वंदे गुजरात 8
* वंदे गुजरात 9
* वंदे गुजरात 10
* वंदे गुजरात 11
* वंदे गुजरात 12
* वंदे गुजरात 13
* वंदे गुजरात 14
* वंदे गुजरात 15
* वंदे गुजरात 16
* डिजी शाला
== यह भी देखें ==
[[भारत में डायरेक्ट-टू-होम टेलीविजन]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणी सूची}}
{{भारत की दूरसंचार कंपनियां}}
{{भारत में हिन्दी टी वी चैनल}}
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साँचा:ब्रिटिश, अंग्रेज व स्कॉटिश शासक
10
661128
6534220
6456061
2026-03-29T11:10:38Z
संजीव कुमार
78022
[[विशेष:योगदान/Nilesh shukla|Nilesh shukla]] के सम्पादन की त्रुटि सुधारी
6534220
wikitext
text/x-wiki
{{navbox
|name = ब्रिटिश, अंग्रेज व स्कॉटिश शासक
|tप्र॰tle = [[अंग्रेज शासकों की सूची|अंग्रेज]], [[स्कॉटिश शासकों की सूची|स्कॉटिश]] और [[ब्रिटेन के शासक|ब्रिटिश]] शासक
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| colstyle = padding: 0 0.5em;
| col1header =1603 से पहले इंग्लैंड के शासक
| col1 =
* [[अल्फ्रेड द ग्रेट]]
* [[एडवर्ड द एल्डर]]
* [[वेसेक्स के अल्फवियर्ड]]
* [[ऍथलस्टैन]]
* [[एडमंड प्रथम]]
* [[ऍडरेड]]
* [[ईडविग, इंग्लैंड का राजा|ऍडविग]]
* [[शांतिदूत एडगर]]
* [[शहीद एडवर्ड]]
* [[ऍथेलरेड द अनरेडी]]
* [[स्वेय्न फोर्कबीयर्ड]]
* [[एडमंड आइरनसाइड]]
* [[कैनुट महान]]
* [[हैरोल्ड हेयरफूट]]
* [[हार्थैक्न्ट]]
* [[पापमोचक एडवर्ड|एडवर्ड द कॉन्फेसर]]
* [[हैरल्ड द्वितीय|हैरोल्ड गॉडविन्सन]]
* ''[[एडगर द ऍथेलिंग]]''
* [[विलियम विजेता|विलियम प्र॰]]
* [[विलियम २, इंग्लैंड का राजा|विलियम द्वि॰]]
* [[हेनरी १, इंग्लैंड का राजा|हेनरी प्र॰]]
* [[स्टीफन, इंग्लैंड का राजा|स्टीफन]]
* ''[[साम्राज्ञी मटिल्डा|मटिल्डा]]''
* [[हेनरी २, इंग्लैंड का राजा|हेनरी द्वि॰]]
* ''[[हेनरी, युवा राजा]]''
* [[रिचर्ड प्रथम]]
* [[जॉन, इंग्लैंड का राजा|जॉन]]
* [[हेनरी ३, इंग्लैंड का राजा|हेनरी त्रि॰]]
* [[एडवर्ड १, इंग्लैंड का राजा|एडवर्ड प्र॰]]
* [[एडवर्ड २, इंग्लैंड का राजा|एडवर्ड द्वि॰]]
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* [[रिचर्ड २, इंग्लैंड का राजा|रिचर्ड द्वि॰]]
* [[इंग्लैण्ड के हेनरी चतुर्थ|हेनरी च॰]]
* [[हेनरी ५|हेनरी पंचम]]
* [[हेनरी ६, इंग्लैंड का राजा|हेनरी षष्ठम]]
* [[एडवर्ड च॰]]
* [[एडवर्ड ५|एडवर्ड पंचम]]
* [[रिचर्ड ३|रिचर्ड त्रि॰]]
* [[हेनरी ७, इंग्लैंड का राजा|हेनरी सप्तम]]
* [[इंग्लैंड के हेनरी अष्टम|हेनरी अष्टम]]
* [[एडवर्ड ६|एडवर्ड षष्ठम]]
* ''[[लेडी जेन ग्रे|जेन]]''
* [[मैरी १, इंग्लैंड की रानी|मैरी प्र॰]] <small>[[अंग्रेज शासकों की सूची#ट्यूडर राजवंश#विवादित दावेदार|और]]</small> ''[[फ़िलिप २, स्पेन का राजा|स्पेन का फिलिप द्वि॰]]''
* [[एलिज़ाबेथ प्रथम|एलिज़बेथ प्र॰]]
| col2header = 1603 से पहले स्कॉटलैंड के शासक
| col2 =
* ''[[केनेथ मैकऑल्पिन]]''
* ''[[डॉमनैल मैक ऑल्पिन|डोनाल्ड प्र॰]]''
* ''[[काउसैन्टिन मैक सिनाएडा|कॉन्सटेनटाइन प्र॰]]''
* ''[[ऍड मैक सिनाएडा|ऍड]]''
* ''[[गिरिक]]''
* ''[[एओकेड, र्हुन का बेटा|एओकेड]]''
* [[डोनल्ड २|डोनाल्ड द्वि॰]]
* [[कॉन्सटेनटाइन २, स्कॉटलैंड का राजा|कॉन्सटेनटाइन द्वि॰]]
* [[मैल्कम १, स्कॉटलैंड का राजा |मैल्कम प्र॰]]
* [[इन्डल्फ़]]
* [[डब, स्कॉटलैंड का राजा|डब]]
* [[कुईलेन]]
* ''[[ऍमलैब, स्कॉटलैंड का राजा|ऍमलैब]]''
* [[केनेथ २, स्कॉटलैंड का राजा|केनेथ द्वि॰]]
* [[कॉन्स्टेनटाइन ३, स्कॉटलैंड का राजा|कॉन्स्टेनटाइन त्रि॰]]
* [[केनेथ ३, स्कॉटलैंड का राजा|केनेथ त्रि॰]]
* [[मैल्कम २, स्कॉटलैंड का राजा|मैल्कम द्वि॰]]
* [[डंकन १|डंकन प्र॰]]
* [[माकबेथ]]
* [[लूलाक]]
* [[मैल्कम ३, स्कॉटलैंड का राजा|मैल्कम त्रि॰ कैन्मोर]]
* [[डोनाल्ड ३|डोनाल्ड त्रि॰]]
* [[डंकन २, स्कॉटलैंड का राजा|डंकन द्वि॰]]
* [[डोनाल्ड ३|डोनाल्ड त्रि॰]]
* [[एडगर, स्कॉटलैंड का राजा|एडगर]]
* [[एलेक्ज़ेंडर १ (स्कॉटलैंड के राजा)|एलेक्ज़ेंडर प्र॰]]
* [[डेविड १, स्कॉटलैंड का राजा|डेविड प्र॰]]
* [[माल्कम ४|मैल्कम च॰]]
* [[विलियम १|विलियम प्र॰]]
* [[एलेक्ज़ेंडर २ (स्कॉटलैंड के राजा)|एलेक्ज़ेंडर द्वि॰]]
* [[एलेक्ज़ेंडर ३ (स्कॉटलैंड के राजा)|एलेक्ज़ेंडर त्रि॰]]
* ''[[मार्गरेट, नॉर्वे की राजकुमारी|मार्गरेट]]''
* [[जॉन बैलियोल|जॉन]]
* [[रॉबर्ट द ब्रूस|रॉबर्ट प्र॰]]
* [[डेविड २|डेविड द्वि॰]]
* [[एडवर्ड बालियोल|एडवर्ड]]
* [[रॉबर्ट २|रॉबर्ट द्वि॰]]
* [[रॉबर्ट ३|रॉबर्ट त्रि॰]]
* [[जेम्स प्रथम (स्कॉटलैंड)|जेम्स प्र॰]]
* [[जेम्स २, स्कॉटलैंड का राजा|जेम्स द्वि॰]]
* [[जेम्स तृतीय|जेम्स त्रि॰]]
* [[जेम्स चतुर्थ|जेम्स च॰]]
* [[जेम्स पंचम|जेम्स पंचम]]
* [[मैरी १ (स्कॉटलैंड की रानी)|मैरी प्र॰]]
* [[जेम्स ६|जेम्स षष्ठम]]
}}
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* '''१६०३ में [[मुकुटों का एकीकरण|मुकुटों के एकीकरण]] के बाद इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के शासक'''
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* [[जेम्स ६|जेम्स प्र॰ एवं षष्ठम]]
* [[चार्ल्स १|चार्ल्स प्र॰]]
* [[चार्ल्स द्वितीय|चार्ल्स द्वि॰]]
* [[जेम्स द्वितीय|जेम्स द्वि॰ एवं सप्तम]]
* [[विलियम ३, इंग्लैंड का राजा|विलियम त्रि॰ एवं द्वि॰]] <small>और</small> [[मैरी २, इंग्लैंड की रानी|मैरी द्वि॰]]
* [[ऐन, ग्रेट ब्रिटेन की महारानी|ऐन]]
}}
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* '''[[विलय के अधिनियम, १७०७]]''' के बाद के ब्रिटिश शासक
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* [[ऐन, ग्रेट ब्रिटेन की महारानी|ऐन]]
* [[जॉर्ज प्रथम, ग्रेट ब्रिटेन के राजा|जॉर्ज़ प्रथम]]
* [[जॉर्ज द्वितीय, इंगलैंड|जॉर्ज़ द्वितीय]]
* [[युनाइटेड किंगडम के राजा जॉर्ज तृतीय|जॉर्ज़ त्रि॰]]
* [[जॉर्ज़ ४, युनाइटेड किंगडम का महाराजा|जॉर्ज़ च॰]]
* [[विलियम ४, युनाईटेड किंगडम का महाराजा|विलियम च॰]]
* [[विक्टोरिया]]
* [[एडवर्ड सप्तम्|एडवर्ड सप्तम]]
* [[जॉर्ज पंचम]]
* [[एडवर्ड अष्टम]]
* [[जॉर्ज षष्ठम्|जॉर्ज षष्ठम]]
* [[एलिज़ाबेथ द्वितीय|एलिज़बेथ द्वि॰]]
* [[चार्ल्स तृतीय]]
}}
|below =
* विवादित शासकों के नाम ''टेढ़े अक्षरों'' में।
}}<noinclude>
{{collapsible option}}
== इन्हें भी देखें==
* [[:Template:भारत के सम्राट]]
[[श्रेणी: युनाइटेड किंगडम के शासक]]
[[श्रेणी: विकिपरियोजना ब्रिटिश राजशाही साँचे]]
</noinclude>
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ईशान किशन
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6534027
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox cricketer
| name = ईशान किशन
| image =[[चित्र:Ishan_Kishan.jpg|अंगूठाकार|ISHAN KISHAN]]
| country = भारत
| fullname = ईशान किशन पाण्डेय
| birth_date = {{birth date and age|1998|7|18|df=yes}}
| birth_place = [[पटना]], [[बिहार]], भारत
| death_date =
| death_place =
| batting = बाएं हाथ से बल्लेबाजी
| bowling = बाएं हाथ से मध्यम तेज गति से
| role = [[बल्लेबाज]], [[विकेट-कीपर]]
| international = true
| internationalspan = 2021–वर्तमान
| odidebutdate = 18 जुलाई
| odidebutyear = 2021
| odidebutagainst = श्रीलंका
| odicap = 235
| lastodidate = 11 अक्टूबर
| lastodiyear = 2022
| lastodiagainst =दक्षिण अफ्रीका
| T20Idebutdate = 14 मार्च
| T20Idebutyear = 2021
| T20Idebutagainst = इंग्लैंड
| T20Icap = 84
| lastT20Idate = 22 नवम्बर
| lastT20Iyear = 2022
| lastT20Iagainst = न्यूजीलैंड
| club1 = झारखंड
| year1 = 2014-वर्तमान
| clubnumber1 =
| club2 = [[गुजरात लॉयन्स]]
| year2 = 2016-2017
| clubnumber2 = 23
| club3 = [[सन् राइजर हैदराबाद]]
| year3 = 2018-वर्तमान
| columns = 4
| hidedeliveries = true
| column1 = [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय|वनडे]]
| matches1 = 27
| runs1 = 933
| bat avg1 = 29.33
| 100s/50s1 = 1/7
| top score1 = 210
| catches/stumpings1 = 2/0
| column2 = [[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय|टी20 आई]]
| matches2 = 32
| runs2 = 796
| bat avg2 = 25.67
| 100s/50s2 = 0/6
| top score2 = 89
| catches/stumpings2 = 6/2
| column3 = [[प्रथम श्रेणी क्रिकेट|प्रथम श्रेणी]]
| matches3 = 46
| runs3 = 3063
| bat avg3 = 42.40
| 100s/50s3 = 6/17
| top score3 = 273
| catches/stumpings3 = 96/11
| column4 = [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|टी20]]
| matches4 = 112
| runs4 = 4469
| bat avg4 = 28.64
| 100s/50s4 = 3/26
| top score4 = 113[[नाबाद|*]]
| catches/stumpings4 = 49/8
| date = 26 फरवरी 2022
| source = http://www.espncricinfo.com/ci/content/player/720471.html क्रिकइन्फो
}}
'''इशान किशन''' (जन्म १८ जुलाई १९९८) एक भारतीय [[प्रथम श्रेणी क्रिकेट|प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर]] जो [[झारखंड क्रिकेट टीम|झारखंड]] के लिए खेलतें है।<ref name="Cricinfo">{{Cite web|url = http://www.espncricinfo.com/ci/content/player/720471.html|title = Ishan Kishan|accessdate = 11 October 2015|work = ESPN Cricinfo|archive-url = https://web.archive.org/web/20151012000625/http://www.espncricinfo.com/ci/content/player/720471.html|archive-date = 12 अक्तूबर 2015|url-status = live}}</ref> २२ दिसंबर २०१५ को उन्हें [[2016 अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप]] के लिए भारत की टीम के कप्तान के रूप में नामित किया गया था। ईशान एक बाएं हाथ के बल्लेबाज और विकेटकीपर है।<ref name="India">{{Cite web|url = http://www.espncricinfo.com/icc-under-19-world-cup-2016/content/story/954021.html|title = Ishan Kishan to lead India at U19 World Cup|accessdate = 22 December 2015|work = ESPNCricinfo|archive-url = https://web.archive.org/web/20151223030951/http://www.espncricinfo.com/icc-under-19-world-cup-2016/content/story/954021.html|archive-date = 23 दिसंबर 2015|url-status = live}}</ref> किशन [[२०१८ इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[मुंबई इंडियंस]] की टीम का हिस्सा हैं।
==प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि==
ईशान का जन्म बिहार नवादा जिला के नवादा शहर में हुआ था।<ref>{{Cite web|url=https://hindiknowlege.com/ishan-kishan-biography-in-hindi/|title=ईशान का जन्म बिहार नवादा जिला के नवादा शहर में हुआ था। उनके जन्म के बाद पटना, सिफ्ट हो गए थे}}</ref> उनके जन्म के बाद पटना, सिफ्ट हो गए थे।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/sports/cricket/profile-of-ishan-kishan-making-of-cricketer-ishan-kishan-7230202/|title=Making of Ishan Kishan}}</ref> उनके पिता का नाम प्रणव पांडे है वह पेशे से बिल्डर है। ईशान का जन्म एक [[भूमिहार]] परिवार में हुआ। ईशान के भाई राज ने, उसे क्रिकेट को अपने कैरियर के रूप में आगे बढ़ाने में उसका समर्थन किया। इनके कोच संतोष कुमार के अनुसार, उसकी प्रतिभा मौजूदा भारतीय टीम के कप्तान [[महेंद्र सिंह धोनी]] और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर और बल्लेबाज [[एडम गिलक्रिस्ट]] जैसे खिलाड़ियों का अपना आदर्श मानते है।<ref name="IBN Live">{{Cite news|1 = |last = Kumar|first = Amrendra|url = http://www.ibnlive.com/cricketnext/news/ishan-kishan-is-a-mixture-of-ms-dhoni-and-adam-gilchrist-1180721.html|title = Ishan Kishan is a mixture of MS Dhoni and Adam Gilchrist|accessdate = 24 December 2015|work = IBN Live cricket next|archive-url = https://web.archive.org/web/20160113185641/http://www.ibnlive.com/cricketnext/news/ishan-kishan-is-a-mixture-of-ms-dhoni-and-adam-gilchrist-1180721.html|archive-date = 13 जनवरी 2016|url-status = live}}</ref><ref name="Wisden India">{{Cite news|1 = |last = Thygarajan|first = Roshan|url = http://www.wisdenindia.com/cricket-article/ishan-kishan-cool-head-shades-dhoni-sehwag-kohli/192215|title = Ishan Kishan: Cool head with shades of Dhoni, Sehwag and Kohli|accessdate = 25 December 2015|work = Wisden India|archive-url = https://web.archive.org/web/20151224104429/http://www.wisdenindia.com/cricket-article/ishan-kishan-cool-head-shades-dhoni-sehwag-kohli/192215|archive-date = 24 दिसंबर 2015|url-status = dead}}</ref>
ईशान किशन का [[औरंगाबाद, बिहार|औरंगाबाद]] जिले से गहरा नाता है। [[औरंगाबाद, बिहार|औरंगाबाद]] जिले के [[दाउदनगर]] अनुमंडल अंतर्गत गोरडीहा गांव में ईशान का पैतृक आवास है। ईशान की दादी सुचित्रा सिन्हा [[नवादा जिला|नवादा]] में सिविल सर्जन थी। रिटायरमेंट के बाद दादी ने [[नवादा जिला|नवादा]] में ही अपना घर बना लिया। वहीं उनके माता-पिता दवा व्यवसाय से जुड़े रहे। बाद में वे सभी [[पटना]] चले गए और वहीं बस गए।
हाल में ईशान ने [[पटना]] में आलिशान घर बनाया है। दादा [[इलाहाबाद]] से कनीय अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जानकारी के मुताबिक़ वर्ष 2008-09 में [[गया]] जिले में बिहार अंडर-16 के खिलाड़ियों का चयन हो रहा था। चयन समिति के अध्यक्ष औरंगाबाद जिले के वरीय स्वतंत्र पत्रकार रवि सिंह थे जिन्होनें पहली बार ईशान किशन का चयन कर उन्हें [[क्रिकेट]] की मुख्य धारा से जोड़ा था।<ref>{{Cite web|url=https://aurangabadnow.live/hi/post/most-expensive-player-of-ipl-auction-history-ishan-kishan-bid-worth-15cr|title=IPL के सबसे महंगे विकेटकीपर बने बिहार के लाल ईशान किशन, औरंगाबाद से है इनका गहरा नाता|website=aurangabadnow.live|language=en|access-date=2022-02-17|archive-date=17 फ़रवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220217003211/https://aurangabadnow.live/hi/post/most-expensive-player-of-ipl-auction-history-ishan-kishan-bid-worth-15cr|url-status=dead}}</ref>
==कैरियर==
=== '''अंतरराष्ट्रीय कैरियर''' ===
2022 में [[श्रीलंका]] के खिलाफ ईशान किशन ने टी-20 मुकाबले में 56 बॉल खेलीं और 89 रन बनाए थे जिसके वजह से वो, टी-20 क्रिकेट में भारत की तरफ से एक पारी में बतोर विकेट कीपर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड उनके नाम होगया है |<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/cricket/photo/ishan-kishan-innings-vs-sri-lanka-t20-records-ms-dhoni-tspo-1417676-2022-02-25|title=IND VS SL: ईशान किशन ने एक ही पारी से तोड़े रिकॉर्ड, MS धोनी को भी छोड़ दिया पीछे|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-05-18}}</ref>
===आईपीएल कैरियर===
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में इन्होंने साल २०१६ में [[गुजरात लॉयन्स]] के लिए हुए शुरुआत की थी और २०१७ तक इसी टीम के लिए खेले थे लेकिन [[२०१८ इंडियन प्रीमियर लीग]] में इन्हें [[मुंबई इंडियंस]] ने खरीदा और अच्छा प्रदर्शन करते हुए [[कोलकाता नाइट राइडर्स]] <ref>{{cite web|last1=[[द हिन्दू]]|title=IPL 2018 | MI vs KKR: Ishan Kishan turns out to be Mumbai’s star|url=http://www.thehindu.com/sport/cricket/ishan-kishan-turns-out-to-be-mumbais-star/article23829099.ece|accessdate=10 मई 2018}}</ref> के खिलाफ एक मैच में इन्होंने महज १७ गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया।<ref>{{cite web|last1=स्पोर्ट्ज़ विकी|title=‘मैन ऑफ द मैच’ ईशान किशन ने अपनी तूफानी पारी का श्रेय इस दिग्गज खिलाड़ी को दिया|url=https://hindi.sportzwiki.com/cricket/ishaan-kishan-told-that-due-to-which-the-stormy-batting/|accessdate=10 मई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180510120147/https://hindi.sportzwiki.com/cricket/ishaan-kishan-told-that-due-to-which-the-stormy-batting/|archive-date=10 मई 2018|url-status=live}}</ref>
[[2022 इंडियन प्रीमियर लीग]] की नीलामी में ईशान किशन को [[मुम्बई इंडियन्स] ने 15.25 करोड़ रुपये में खरीदा।<ref>{{cite news |title=IPL 2022, Mega Auction: ईशान किशन की बोली का रोमांच, 2 से शुरू 15.25 करोड़ पर खत्म, 4 टीमों में ऐसे हुई टक्कर |url=https://www.aajtak.in/sports/cricket/story/ipl-2022-mega-auction-ishan-kishan-purchased-by-mumbai-indians-for-1525-crores-tspo-1410437-2022-02-12 |accessdate=12 फरवरी 2022 |work=[[आज तक]] |language=hi}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Cricinfo|ref = ci/content/player/720471.html}}
[[श्रेणी:1998 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:क्रिकेट आधार]]
[[श्रेणी:बाएं हाथ के बल्लेबाज]]
[[श्रेणी:भारतीय विकेटकीपर]]
[[श्रेणी:पटना के लोग]]
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text/x-wiki
[[चित्र:Maveeran Alagumuthu Kone.jpg|अंगूठाकार|वीर अझगू मुतू कोणे]]
'''वीरन अझगू मुत्तू कोणे यादव'''<ref>{{Cite web|title=Maveeran Alagumuthu Kone Yadav|url=https://www.whoispopulartoday.com/Maveeran-Alagumuthu-Kone-Yadav/tt|url-status=live|website=[[WHO IS POPULAR TODAY?]]}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> (11 जुलाई 1710 – 18 नवंबर 1757), (जिन्हें अलगू मुत्तू कोणार व सर्वइकरार के नाम से भी जाना गया है),<ref>{{cite web | url=http://www.whoislog.info/profile/veeran-azhagu-muthu-kone.html | title=Azhagu Muthu Kone | publisher=Whoislog.info | work=People Azhagu Muthu Kone | accessdate=14 April 2015 | archive-url=https://web.archive.org/web/20150705221044/http://www.whoislog.info/profile/veeran-azhagu-muthu-kone.html | archive-date=5 जुलाई 2015 | url-status=live }}</ref> एक शाषक व प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी थे जिन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ तमिलनाडु में बगावत शुरू की थी। वह एक कोनार परिवार में जन्मे व एट्टायापुरम में सेना नायक बने थे। उन्हें ब्रिटिश सरकार और मरुथानायगम की सेना ने बंदी बना लिया था। उन्हें 1757 में मार डाला गया था।<ref name=Madhan/><ref name=indiatimes/>
===प्रारम्भिक जीवन===
अझगू मुत्तू कोणे दक्षिण भारत में तिरुनेल्वेल्ली क्षेत्र के इट्टयप्पा के पोलीगर राजा इट्टयप्पा नाइकर के सेनापति थे। पहले वह मदुरै नायक के कुशल सेनापति थे परंतु कुछ मतभेद के कारण उन्होने वह पद त्याग दिया था। उसके बाद पोलीगर राजा ने उन्हे सहर्ष अपना सेनापति नियुक्त कर दिया aur ।<ref name="indiatimes.com1">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/madurai/P-Chidambaram-releases-documentary-film-on-Alagumuthu-Kone/articleshow/17737324.cms|title=P Chidambaram releases documentary film on Alagumuthu Kone|work=The Times of India|access-date=3 जून 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170107201806/http://timesofindia.indiatimes.com/city/madurai/P-Chidambaram-releases-documentary-film-on-Alagumuthu-Kone/articleshow/17737324.cms|archive-date=7 जनवरी 2017|url-status=live}}</ref>
===स्वाधीनता संग्राम===
अझगू मुतू कोणे (1728–1757) एक भारतीय क्रांतिकारी व स्वतन्त्रता सेनानी थे जिन्होने भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह किया था।<ref name="Regional Tourism Satellite Account ">{{cite book | url=http://tourism.gov.in/writereaddata/CMSPagePicture/file/marketresearch/studyreports/State_TSA_TamilNadu_2009_10_15.pdf | title=Regional Tourism Satellite Account Tamil Nadu, 2009-10 | publisher=National Council of Applied Economic Research (NCAER) Parisila Bhawan, 11, Indraprastha Estate, नई दिल्ली–110 002 | author=National Council of Applied Economic Research 11, I. P. Estate, नई दिल्ली, 110002 | year=2014 | location=National Council of Applied Economic Research 11, I. P. Estate, नई दिल्ली, 110002 | pages=15 | access-date=3 जून 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20150419195814/http://tourism.gov.in/writereaddata/CMSPagePicture/file/marketresearch/studyreports/State_TSA_TamilNadu_2009_10_15.pdf | archive-date=19 अप्रैल 2015 | url-status=dead }}</ref>
उन्हे भारत का प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी माना जाता है जिन्होने 1857 के सैनिक विद्रोह से लगभग 100 वर्ष पहले ही 1750-1756 में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ विद्रोह खड़ा किया था।<ref name="staffreporter">{{cite web|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Madurai/leaders-who-led-freedom-struggle-were-united/article4232053.ece#|title='Leaders who led freedom struggle were united'|author=Staff Reporter|work=द हिन्दू|access-date=3 जून 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141203132946/http://www.thehindu.com/news/cities/Madurai/leaders-who-led-freedom-struggle-were-united/article4232053.ece|archive-date=3 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref> 1756 में इस विद्रोह के दमन हेतु ब्रिटिश हुकूमत ने उनके राज्य पर कब्जा कर लिया था। राजा व सेनापति कोणे ने जंगलों में शरण ली थी। बाद में पठनयकनूर के लोगों के विश्वासघात के फलस्वरूप कोणे व उनके 7 साथी बीरांगिमेडु नामक स्थान पर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष मे शहीद हो गए।<ref name="staffreporter"/> एट्टायपुरम के असफल युद्ध के बाद कोणे, राज- परिवार के साथ बच निकले थे। अंग्रेजों ने कोणे व उनके 258 साथियों को बाद मे बंदी बना लिया था। इतिहासकारों के अनुसार, सैनिकों के दाहिने हाथ को अंग्रेजों ने कटवा दिया था व कोणे को तोप से बांध कर उड़ा दिया गया था।<ref name="indiatimes.com1"/><ref>{{cite news | url=http://www.business-standard.com/article/pti-stories/role-of-south-indians-in-freedom-struggle-not-highlighted-pc-112122300233_1.html | title=Role of South Indians in freedom struggle not highlighted:PC | work=Business Standard, प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया | date=December 23, 2012 | agency=प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया | accessdate=14 April 2015 | author=प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया | location=Madurai | archive-url=https://web.archive.org/web/20150623015401/http://www.business-standard.com/article/pti-stories/role-of-south-indians-in-freedom-struggle-not-highlighted-pc-112122300233_1.html | archive-date=23 जून 2015 | url-status=live }}</ref>
===अझगुमूत्तु कोणे पर बना वृत्तचित्र===
भारत के प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी अझगू मुत्तू कोणे की याद में, तमिलनाडु सरकार हर साल 11 जुलाई को एक पूजा समारोह आयोजित करती है। उनके जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म 2012 में रिलीज हुई थी।<ref name=thehindu/><ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/madurai/P-Chidambaram-releases-documentary-film-on-Alagumuthu-Kone/articleshow/17737324.cms|title=P Chidambaram releases documentary film on Alagumuthu Kone {{!}} Madurai News – Times of India|date=24 December 2012|website=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|language=en|access-date=11 April 2020}}</ref> इस वृत्तचित्र के अनावरण समारोह के अवसर पर तत्कालीन वित्त मंत्री पी॰ चिदम्बरम ने कहा-
{{quote|अझगू मुत्तू कोणे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ने वाले अनेकों सेनानियों मे से एक थे जिन्होने विदेशी शासन के खिलाफ आम जनता की चेतना को जागृत किया था।<ref name="indiatimes.com1"/>}}
उन्होने इस अवसर पर कोणे के सम्बद्ध यादव समुदाय पर आधारित एक शोध पत्र का विमोचन भी किया व कहा-
"स्वाधीनता हेतु कोणे के प्रयासो से कालांतर मे भारत के स्वतंत्रा संग्राम की एक संघर्ष शृंखला निर्मित हुयी व भारत की स्वाधीनता मे उनका योगदान अतुलनीय है।<ref name="indiatimes.com1"/>" समारोह में कोणे के उत्तराधिकारी सेवतसामी यादव का उक्त मंत्री ने सम्मान भी किया <ref>{{cite web|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Madurai/leaders-who-led-freedom-struggle-were-united/article4232053.ece|title='Leaders who led freedom struggle were united'|author=Staff Reporter|work=द हिन्दू|access-date=3 जून 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141203132946/http://www.thehindu.com/news/cities/Madurai/leaders-who-led-freedom-struggle-were-united/article4232053.ece|archive-date=3 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref>
===अझगुमूत्तु कोणे डाक टिकट===
[[File:Alagumuthu Kone.jpg|thumb|right|डाक टिकट पर मुद्रित अझगुमूत्तु कोणे की छवि]]
अझगुमूत्तु कोणे को श्रद्धांजलि के रूप में, [[भारत सरकार]] ने 26 दिसंबर 2015 को एक [[डाक टिकट]] जारी किया। अझगुमूत्तु कोणे डाक टिकट<ref>{{Cite web |url=http://www.istampgallery.com/alagumuthu-kone/ |title=डाक टिकट |access-date=5 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170905235114/http://www.istampgallery.com/alagumuthu-kone/ |archive-date=5 सितंबर 2017 |url-status=dead }}</ref> का विमोचन केन्द्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने किया।<ref name=thehindu/><ref>{{Cite web|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Madurai/tn-will-get-whatever-help-it-needs/article8033091.ece|title=Union Minister releases stamp to commemorate freedom fighter Veeran Alagumuthu Kone {{!}} Madurai News – The Hindu |date=27 December 2015|website=[[The Hindu]]|language=en|access-date=4 December 2020}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
[[अहीर]]
[[अहीर (आभीर) वंश के राजा, सरदार व कुलीन प्रशासक]]
[https://www.deshratnakumar.com/2020/02/maveeran-alagumuthu-kone-Hindi.html Maveeran Alagumuthu Kone Biography in Hindi] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200223112106/https://www.deshratnakumar.com/2020/02/maveeran-alagumuthu-kone-Hindi.html |date=23 फ़रवरी 2020 }}
==संदर्भ सूत्र==
{{reflist}}
[[श्रेणी:भारत का सैन्य इतिहास]]
[[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु के लोग]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु का इतिहास]]
[[श्रेणी:अहीर इतिहास]]
[[श्रेणी:भारत के स्वतंत्रता सेनानी]]
[[श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता सेनानी]]
[[श्रेणी:भारतीय क्रांतिकारी]]
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'''इन्स्टाग्राम''' एक [[मोबाइल फ़ोन|मोबाइल]], [[डेस्कटॉप]] और इंटरनेट-आधारित [[छायाचित्र|फोटो-साझाकरण]] एप्लिकेशन है जो उपयोगकर्ताओं को [[छायाचित्र|फोटो]] या [[वीडियो]] को सार्वजनिक रूप से या निजी<ref>{{cite web|title="Instagram launches "Stories," a Snapchatty feature for imperfect sharing"|url=https://techcrunch.com/2016/08/02/instagram-stories/|website=techcrunch.com|accessdate=20 सितम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170920141716/https://techcrunch.com/2016/08/02/instagram-stories/|archive-date=20 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> तौर पर साझा करने की अनुमति देता है। इसकी स्थापना केविन सिस्ट्रॉम और माइक क्रेगर के द्वारा (2010) में की गई थी, और अक्टूबर (2010) में आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए विशेष रूप से निःशुल्क मोबाइल फ़ोन ऐप के रूप में लॉन्च किया गया था। एंड्रॉइड डिवाइस के लिए एक संस्करण दो साल बाद, अप्रैल 2012 में जारी किया गया था, इसके बाद नवंबर 2012 में फीचर- सीमित वेबसाइट इंटरफ़ेस, और विंडोज़ 10 मोबाइल और विंडोज़ 10 को अक्टूबर 2016 में एप्लिकेशन तैयार किये गए। <ref>{{cite web|title="Instagram for Android breaks 1 million downloads in less than a day"|url=https://www.theverge.com/2012/4/4/2924600/instagram-android-1-million-downloads|website=theverge.com|accessdate=17 सितम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170918020913/https://www.theverge.com/2012/4/4/2924600/instagram-android-1-million-downloads|archive-date=18 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
इंस्टाग्राम पर आज पंजीकृत सदस्य अनगिनत संख्या में तस्वीर और वीडियो साझा कर सकते हैं जिसमें वे फिल्टर भी बदल सकते हैं। <ref>Fast Company [https://www.fastcompany.com/3005517/instagram-launches-web-feed-so-you-can-view-friends-photos-online-not-just-your-phone "Instagram Launches A Web Feed So You Can View Friends' Photos Online, Not Just on Your Phone"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171018154554/https://www.fastcompany.com/3005517/instagram-launches-web-feed-so-you-can-view-friends-photos-online-not-just-your-phone |date=18 अक्तूबर 2017 }} अभिगमन तिथि: 20 सितम्बर 2017</ref> साथ ही इन चित्रों के साथ अपना लोकेशन यानी स्थिति भी जोड़ सकते हैं। इसके अलावा जैसे [[ट्विटर]] और [[फेसबुक|youtube]] में हैश टैग जोड़े जाते हैं वैसे ही इस में भी हैशटैग लगाने का विकल्प होता है। साथ ही फोटो और वीडियो के अलावा लिखकर पोस्ट भी कर सकते हैं।<ref>{{cite web|title="Instagram launches redesigned app and icon"|url=https://www.theverge.com/2016/5/11/11656252/instagram-redesigns-icon-app|website=theverge.com|accessdate=20 सितम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170920142602/https://www.theverge.com/2016/5/11/11656252/instagram-redesigns-icon-app|archive-date=20 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> इंस्टाग्राम स्टोरी फीचर के द्वारा उन वीडियो और फोटो को ब्रॉडकास्ट किया जा सकता है जो इंस्टाग्राम से 79 घंटे के बाद गायब हो जाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://in.ccm.net/faq/1722-how-to-create-instagram-stories-full-tutorial-and-tips-free|title=इंस्टाग्राम 'स्टोरी' कैसे बनाएं|website=CCM|language=hi|access-date=2019-12-29}}</ref>
== आंकड़े ==
7 जनवरी, 2023 तक, [[सर्वाधिक फॉलो किये जाने वाले इन्स्टाग्राम खातों की सूची|सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले व्यक्ति]] पुर्तगाली पेशेवर फुटबॉलर [[क्रिस्टियानो रोनाल्डो]] हैं, जिनके 530 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। 7 जनवरी, 2023 तक, इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली तस्वीर फुटबॉलर [[लियोनेल मेस्सी]] की [[२०२२ फीफा विश्व कप|2022 फीफा विश्व कप]] जीतने का जश्न मनाते हुए तस्वीरों का एक हिंडोला है, पोस्ट को 74 मिलियन से अधिक लाइक्स मिले हैं। <ref>{{Cite web|url=https://uk.sports.yahoo.com/news/messi-world-cup-instagram-post-081118403.html|title=Lionel Messi’s World Cup Instagram post breaks record to become most-liked ever|date=2022-12-20|website=Yahoo Sports|language=en-GB|access-date=2023-10-31}}</ref>
2022 में, इंस्टाग्राम साल का दूसरा सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला मोबाइल ऐप था। [[टिकटॉक]] के बंद होने के बाद इंस्टाग्राम में सन 2021 में रील ऑप्शन को लॉन्च किया था, और अभी फिलहाल इनके इस रील को 2.35 बिलीयन सक्रिय उपभोक्ता देखते है और ऐसा अनुमान है कि 2024 में यह आंकड़ा 2.5 बिलियन सक्रिय यूजर प्रति माह तक पहुंच सकता है।
साथ ही इंस्टाग्राम रील्स फीचर को इस्तेमाल करने में भारत का पहला नंबर है। रील्स की इतनी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इंस्टाग्राम ने इसकी अवधि को 90 सेकंड तक बढ़ा दिया है।
==प्रणाली==
इंस्टाग्राम को Python में लिखा गया है। इंस्टाग्राम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उन दृष्टिबाधित लोगों के लिए सामग्री का वर्णन करता है जो स्क्रीन रीडर का उपयोग करते हैं।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
Choudhary 41392149
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2026-03-29T07:44:57Z
संजीव कुमार
78022
[[Special:Contributions/Choudhary 41392149|Choudhary 41392149]] ([[User talk:Choudhary 41392149|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
6492388
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox software
| name = इंस्टाग्राम
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'''इन्स्टाग्राम''' एक [[मोबाइल फ़ोन|मोबाइल]], [[डेस्कटॉप]] और इंटरनेट-आधारित [[छायाचित्र|फोटो-साझाकरण]] एप्लिकेशन है जो उपयोगकर्ताओं को [[छायाचित्र|फोटो]] या [[वीडियो]] को सार्वजनिक रूप से या निजी<ref>{{cite web|title="Instagram launches "Stories," a Snapchatty feature for imperfect sharing"|url=https://techcrunch.com/2016/08/02/instagram-stories/|website=techcrunch.com|accessdate=20 सितम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170920141716/https://techcrunch.com/2016/08/02/instagram-stories/|archive-date=20 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> तौर पर साझा करने की अनुमति देता है। इसकी स्थापना केविन सिस्ट्रॉम और माइक क्रेगर के द्वारा (2010) में की गई थी, और अक्टूबर (2010) में आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए विशेष रूप से निःशुल्क मोबाइल फ़ोन ऐप के रूप में लॉन्च किया गया था। एंड्रॉइड डिवाइस के लिए एक संस्करण दो साल बाद, अप्रैल 2012 में जारी किया गया था, इसके बाद नवंबर 2012 में फीचर- सीमित वेबसाइट इंटरफ़ेस, और विंडोज़ 10 मोबाइल और विंडोज़ 10 को अक्टूबर 2016 में एप्लिकेशन तैयार किये गए। <ref>{{cite web|title="Instagram for Android breaks 1 million downloads in less than a day"|url=https://www.theverge.com/2012/4/4/2924600/instagram-android-1-million-downloads|website=theverge.com|accessdate=17 सितम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170918020913/https://www.theverge.com/2012/4/4/2924600/instagram-android-1-million-downloads|archive-date=18 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
इंस्टाग्राम पर आज पंजीकृत सदस्य अनगिनत संख्या में तस्वीर और वीडियो साझा कर सकते हैं जिसमें वे फिल्टर भी बदल सकते हैं। <ref>Fast Company [https://www.fastcompany.com/3005517/instagram-launches-web-feed-so-you-can-view-friends-photos-online-not-just-your-phone "Instagram Launches A Web Feed So You Can View Friends' Photos Online, Not Just on Your Phone"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171018154554/https://www.fastcompany.com/3005517/instagram-launches-web-feed-so-you-can-view-friends-photos-online-not-just-your-phone |date=18 अक्तूबर 2017 }} अभिगमन तिथि: 20 सितम्बर 2017</ref> साथ ही इन चित्रों के साथ अपना लोकेशन यानी स्थिति भी जोड़ सकते हैं। इसके अलावा जैसे [[ट्विटर]] और [[फेसबुक|youtube]] में हैश टैग जोड़े जाते हैं वैसे ही इस में भी हैशटैग लगाने का विकल्प होता है। साथ ही फोटो और वीडियो के अलावा लिखकर पोस्ट भी कर सकते हैं।<ref>{{cite web|title="Instagram launches redesigned app and icon"|url=https://www.theverge.com/2016/5/11/11656252/instagram-redesigns-icon-app|website=theverge.com|accessdate=20 सितम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170920142602/https://www.theverge.com/2016/5/11/11656252/instagram-redesigns-icon-app|archive-date=20 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> इंस्टाग्राम स्टोरी फीचर के द्वारा उन वीडियो और फोटो को ब्रॉडकास्ट किया जा सकता है जो इंस्टाग्राम से 79 घंटे के बाद गायब हो जाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://in.ccm.net/faq/1722-how-to-create-instagram-stories-full-tutorial-and-tips-free|title=इंस्टाग्राम 'स्टोरी' कैसे बनाएं|website=CCM|language=hi|access-date=2019-12-29}}</ref>
== आंकड़े ==
7 जनवरी, 2023 तक, [[सर्वाधिक फॉलो किये जाने वाले इन्स्टाग्राम खातों की सूची|सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले व्यक्ति]] पुर्तगाली पेशेवर फुटबॉलर [[क्रिस्टियानो रोनाल्डो]] हैं, जिनके 530 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। 7 जनवरी, 2023 तक, इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली तस्वीर फुटबॉलर [[लियोनेल मेस्सी]] की [[२०२२ फीफा विश्व कप|2022 फीफा विश्व कप]] जीतने का जश्न मनाते हुए तस्वीरों का एक हिंडोला है, पोस्ट को 74 मिलियन से अधिक लाइक्स मिले हैं। <ref>{{Cite web|url=https://uk.sports.yahoo.com/news/messi-world-cup-instagram-post-081118403.html|title=Lionel Messi’s World Cup Instagram post breaks record to become most-liked ever|date=2022-12-20|website=Yahoo Sports|language=en-GB|access-date=2023-10-31}}</ref>
2022 में, इंस्टाग्राम साल का दूसरा सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला मोबाइल ऐप था। [[टिकटॉक]] के बंद होने के बाद इंस्टाग्राम में सन 2021 में रील ऑप्शन को लॉन्च किया था, और अभी फिलहाल इनके इस रील को 2.35 बिलीयन सक्रिय उपभोक्ता देखते है और ऐसा अनुमान है कि 2024 में यह आंकड़ा 2.5 बिलियन सक्रिय यूजर प्रति माह तक पहुंच सकता है।
साथ ही इंस्टाग्राम रील्स फीचर को इस्तेमाल करने में भारत का पहला नंबर है। रील्स की इतनी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इंस्टाग्राम ने इसकी अवधि को 90 सेकंड तक बढ़ा दिया है।
==प्रणाली==
इंस्टाग्राम को Python में लिखा गया है। इंस्टाग्राम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उन दृष्टिबाधित लोगों के लिए सामग्री का वर्णन करता है जो स्क्रीन रीडर का उपयोग करते हैं।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ ==
{{commons category}}
* {{Official website}}
[[श्रेणी:सॉफ्टवेयर]]
[[श्रेणी:वेब ऐप्लीकेशन]]
[[श्रेणी:सामाजिक मीडिया]]
{{आधार}}
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राम की शक्तिपूजा
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2026-03-29T01:48:17Z
अनुनाद सिंह
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wikitext
text/x-wiki
'''राम की शक्तिपूजा''', [[सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला']] द्वारा रचित <ref name="निराला Nirala 2014 p. ">{{cite book | last='निराला' | first=सूर्यकान्त त्रिपाठी | last2='Nirala' | first2=S.T. | title=राम की शक्ति पूजा (Hindi Poetry): Ram Ki Shakti Pooja(hindi poetry) | publisher=Bhartiya Sahitya Inc. | year=२०१४ | isbn=978-1-61301-456-1 | url=https://books.google.co.in/books?id=5uedBQAAQBAJ | language=हिन्दी | access-date=२०१८-०२-२३ | page= | archive-url=https://web.archive.org/web/20180223232333/https://books.google.co.in/books?id=5uedBQAAQBAJ | archive-date=23 फ़रवरी 2018 | url-status=live }}</ref> [[काव्य]] है। निराला जी ने इसका सृजन २३ अक्टूबर १९३६ को सम्पूर्ण किया था। कहा जाता है कि [[इलाहाबाद|इलाहाबाद(प्रयागराज)]] से प्रकाशित दैनिक समाचारपत्र 'भारत' में पहली बार 26 अक्टूबर 1936 को उसका प्रकाशन हुआ था। इसका मूल निराला के कविता संग्रह 'अनामिका' के प्रथम संस्करण में छपा।
यह कविता ३१२ पंक्तियों की एक ऐसी लम्बी कविता है, जिसमें निराला जी के स्वरचित छंद 'शक्ति पूजा' का प्रयोग किया गया है। चूँकि यह एक कथात्मक कविता है, इसलिए संश्लिष्ट होने के बावजूद इसकी सरचना अपेक्षाकृत सरल है। इस कविता का कथानक प्राचीन काल से सर्वविख्यात रामकथा के एक अंश से है। इस कविता पर [[वाल्मीकि रामायण]] और [[तुलसीदास|तुलसी]] के [[श्रीरामचरितमानस|रामचरितमानस]] से कहीं अधिक [[बंगाली भाषा|बांग्ला]] के [[कृत्तिवास रामायण|कृतिवास रामायण]] का प्रभाव देखा जाता है। किन्तु कृतिवास और राम की शक्ति पूजा में पर्याप्त भेद है। पहला तो यह की एक ओर जहां कृतिवास में कथा पौराणिकता से युक्त होकर अर्थ की भूमि पर सपाटता रखती है तो वही दूसरी ओर राम की शक्तिपूजा में कथा आधुनिकता से युक्त होकर अर्थ की कई भूमियों को स्पर्श करती है। इसके साथ साथ कवि निराला ने इसमें युगीन-चेतना व आत्मसंघर्ष का मनोवैज्ञानिक धरातल पर बड़ा ही प्रभावशाली चित्र प्रस्तुत किया है।
निराला बाल्यावस्था से लेकर युवाववस्था तक [[बंगाल]] में ही रहे और बंगाल में ही सबसे अधिक शक्ति का रूप [[दुर्गा]] की पूजा होती है। उस समय शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार भारत देश के राजनीतज्ञों , साहित्यकारों और आम जनता पर कड़े प्रहार कर रही थी। ऐसे में निराला ने जहां एक ओर रामकथा के इस अंश को अपनी कविता का आधार बना कर उस निराश हताश जनता में नई चेतना पैदा करने का प्रयास किया और अपनी युगीन परिस्थितियों से लड़ने का साहस भी दिया।
यह कविता कथात्मक ढंग से शुरू होती है और इसमें घटनाओं का विन्यास इस ढंग से किया गया है कि वे बहुत कुछ नाटकीय हो गई हैं। इस कविता का वर्णन इतना सजीव है कि लगता है आँखों के सामने कोई त्रासदी प्रस्तुत की जा रही है।
इस कविता का मुख्य विषय [[सीता]] की मुक्ति है राम-रावण का युद्ध नहीं। इसलिए निराला युद्ध का वर्णन समाप्त कर यथाशीघ्र सीता की मुक्ति की समस्या पर आ जाते हैं।
;राम की शक्तिपूजा का एक अंश-
<poem>
रवि हुआ अस्त, ज्योति के पत्र पर लिखा
अमर रह गया राम-रावण का अपराजेय समर।
आज का तीक्ष्ण शरविधृतक्षिप्रकर, वेगप्रखर,
शतशेल सम्वरणशील, नील नभगर्जित स्वर,
प्रतिपल परिवर्तित व्यूह भेद कौशल समूह
राक्षस विरुद्ध प्रत्यूह, क्रुद्ध कपि विषम हूह,
विच्छुरित वह्नि राजीवनयन हतलक्ष्य बाण,
लोहित लोचन रावण मदमोचन महीयान,
राघव लाघव रावण वारणगत युग्म प्रहर,
उद्धत लंकापति मर्दित कपि दलबल विस्तर,
अनिमेष राम विश्वजिद्दिव्य शरभंग भाव,
विद्धांगबद्ध कोदण्ड मुष्टि खर रुधिर स्राव,
रावण प्रहार दुर्वार विकल वानर दलबल,
मुर्छित सुग्रीवांगद भीषण गवाक्ष गय नल,
वारित सौमित्र भल्लपति अगणित मल्ल रोध,
गर्जित प्रलयाब्धि क्षुब्ध हनुमत् केवल प्रबोध,
उद्गीरित वह्नि भीम पर्वत कपि चतुःप्रहर,
जानकी भीरू उर आशा भर, रावण सम्वर।
लौटे युग दल। राक्षस पदतल पृथ्वी टलमल,
बिंध महोल्लास से बार बार आकाश विकल।
वानर वाहिनी खिन्न, लख निज पति चरणचिह्न
चल रही शिविर की ओर स्थविरदल ज्यों विभिन्न।
</poem>
'राम की शक्तिपूजा' की कुछ अन्तिम पंक्तियाँ देखिए-
<poem>
"साधु, साधु, साधक धीर, धर्म-धन धन्य राम !"
कह, लिया भगवती ने राघव का हस्त थाम।
देखा राम ने, सामने श्री दुर्गा, भास्वर
वामपद असुर स्कन्ध पर, रहा दक्षिण हरि पर।
ज्योतिर्मय रूप, हस्त दश विविध अस्त्र सज्जित,
मन्द स्मित मुख, लख हुई विश्व की श्री लज्जित।
हैं दक्षिण में लक्ष्मी, सरस्वती वाम भाग,
दक्षिण गणेश, कार्तिक बायें रणरंग राग,
मस्तक पर शंकर! पदपद्मों पर श्रद्धाभर
श्री राघव हुए प्रणत मन्द स्वरवन्दन कर।
“होगी जय, होगी जय, हे पुरूषोत्तम नवीन।”
कह महाशक्ति राम के वदन में हुई लीन।
</poem>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
# राम की शक्तिपूजा-१ : वीना मेहाता https://www.youtube.com/watch?v=JGDGV9VvDJA
# राम की शक्तिपूजा-२ : वीना मेहाता https://www.youtube.com/watch?v=pKbC7J7kfAo
*[https://web.archive.org/web/20181117105139/http://www.openbooksonline.com/forum/topics/0-2 राम की शक्ति-पूजा का वस्तु विन्यास] (डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव)
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केरल सरकार
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2026-03-29T05:44:30Z
संजीव कुमार
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ज्ञानसन्दूक अद्यतन
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{{Infobox government
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|leader_title=[[राजेन्द्र अर्लेकर]]|seat=[[कोच्चि]]|meeting_place=नियमसभा मंदिरम्, [[तिरुवनन्तपुरम]]|headquarters=संस्थान सरकार सरकेन्द्रम, [[तिरुवनन्तपुरम]]|departments=44|government_form=|members_in_council=|main_organ=मंत्री परिषद्|extra_courts=}}
''' केरल सरकार ''' [[भारत]] के [[केरल]] राज्य की सरकार हैं | राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद द्वारा किया जाता है तिरुवनंतपुरम केरल की प्रशासनिक राजधानी है केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री पिनाराई विजयन हैं।
== प्रशासन और मुख्य विभाग ==
== अर्थ व्यवस्था ==
== कानून व अपराध नियंत्रण ==
केरल राज्य के लिए उच्च न्यायालय [[कोची]] शहर में स्थित है । अपराध नियंत्रण [[केरल पुलिस]] द्वारा किया जाता है ।
== इन्हें भी देखें ==
==सन्दर्भ==
{{reflist}}
[[श्रेणी: केरल]]
[[श्रेणी: भारत सरकार| केरल]]
[[श्रेणी: सरकार]]
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पायल
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Suyash.dwivedi
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wikitext
text/x-wiki
{{otheruses}}
[[File:Foot adorned with traditional Indian anklet and sandal.jpg|thumb|पायल]]
'''पायल''' जिसे '''पायजेब''' भी कहते है [[टखना|टखने]] पर पहनने वाला [[आभूषण]] है।<ref>{{cite news |title=क्या आप जानते है महिलाएं के बिछुए और पायल पहनने के पीछे का 'वैज्ञानिक कारण'? |url=https://punjabkesari.com/other/do-you-know-that-the-scientific-reason-behind-the-wearing-of-beaches-and-anklets-of-women/ |accessdate=20 जुलाई 2018 |work=[[पंजाब केसरी]] |date=2 अगस्त 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180720051811/https://punjabkesari.com/other/do-you-know-that-the-scientific-reason-behind-the-wearing-of-beaches-and-anklets-of-women/ |archive-date=20 जुलाई 2018 |url-status=dead }}</ref> भारत में लड़कियों और महिलाओं द्वारा सदियों से पायल और [[बिछिया]] पहने जाते हैं। पायल अक्सर [[चाँदी|चांदी]] या [[सोना|सोने]] के होती हैं लेकिन कभी कभार अन्य कम कीमती धातुओं से भी उसे बना सकते हैं। पायल में कुछ छोटी [[घंटी]] भी जोड़ी जाती है जिससे चलते समय मधुर आवाज उत्पन्न होती है।
==इन्हें भी देखें==
* [[घुँघरू]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:फ़ैशन वस्तुएँ]]
[[श्रेणी:प्रकारानुसार आभूषण]]
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विकिपीडिया:प्रयोगस्थल
4
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■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■-->बालेसर)
‘’‘राजगढ़’’’ राजस्थान के जोधपुर ज़िले के बालेसर तहसील में स्थित एक प्राचीन और विकसित गाँव है। यह गाँव मूल रूप से चार भाइयों की धानियों के मेल से बसा, जिनके आधार पर गाँव का नामकरण हुआ।
⸻
इतिहास (History)
राजगढ़ गाँव का नाम राज सिंह की ढाणी के आधार पर पड़ा। बाद में आसपास की चार महत्वपूर्ण धानियों को मिलाकर गाँव की संरचना बनी:
• राजावतों की ढाणी
• हरिंगावतों की ढाणी
• भगोतों की ढाणी
• भैरवतों (भेरावतों) की ढाणी
इन चारों धानियों के सम्मिलन के बाद इस क्षेत्र को “राजगढ़” कहा जाने लगा।
⸻
जनसंख्या (Population)
नवीनतम जनगणना के अनुसार गाँव की कुल जनसंख्या लगभग 1580 है।
⸻
शिक्षा (Education)
• गाँव में एक पुराना सरकारी विद्यालय स्थित है।
• शिक्षा का स्तर अच्छा है और गाँव में बच्चों की पढ़ने की रुचि बढ़ रही है।
• आंगनवाड़ी केंद्र भी सक्रिय रूप से कार्यरत है।
⸻
रोज़गार एवं आजीविका (Occupation)
गाँव के लोग मुख्यतः —
• कृषि
• सरकारी नौकरी
• होटल व्यवसाय
• ट्रैवल/हॉर्ट राइडर का कार्य
इसके अतिरिक्त कई लोग
• विदेशों में कार्यरत हैं
• बड़ी संख्या में भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं
• कई सेवानिवृत्त एक्स-मैन भी यहाँ रहते हैं जिन्होंने 1962 और 1971 के युद्ध में हिस्सा लिया था।
⸻
इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास (Infrastructure & Development)
राजगढ़ गाँव में बुनियादी सुविधाएँ अच्छी तरह विकसित हैं:
• पानी की व्यवस्था अच्छी है
• सड़क व्यवस्था अच्छी है
• एक नई सड़क हाल ही में बनाई गई है जो राजगढ़ स्कूल से सेवानिवृत्त सैनिक भंवर सिंह जी (भेरावतों की ढाणी) के घर तक जाती है
• गाँव में एक पशु अस्पताल (पशु अस्पताल/पशु चिकित्सालय) भी मौजूद है
• य बनाया
• साथ ही गाँव में एक क्रिकेट ग्राउंड भी विकसित किया गया है
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भूगोल (Geography)
• गाँव के पास से एक रिव/रिवाड़ी (छोटी नदी/नाला) गुजरता है जो बास्टवा से आती है और राजगढ़ से होते हुए आगोलाई तक जाती है।
• गाँव के पास मिनी ड्यून्स (Mini Sand Dunes) भी हैं जहाँ शाम के समय सुंदर सनसेट व्यू देखा जा सकता है।
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शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम
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[[File:Mohammed Bin Rashid Al Maktoum at the World Economic Forum Summit on the Global Agenda 2008 1.jpg|thumb|right|250px|2008 में शेख मोहम्मद]]
'''शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम''': (अरबी: محمد بن راشد آل مكتوم; मुहम्मद बिन राशिद अल मकतूम; जन्म 15 जुलाई 1949), संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री तथा (यूएई), और [[दुबई]] अमीरात के शासक।.<ref>{{cite web|author=|url=http://tec.gov.ae/en/dubai-government/rulers-of-dubai/|title=Dubai Rulers|publisher=Government of Dubai|accessdate=2 March 2017|url-status=dead|archiveurl=https://web.archive.org/web/20161019075927/http://tec.gov.ae/en/dubai-government/rulers-of-dubai|archivedate=19 अक्तूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> 2006 में अपने भाई शेख मकतूम की मृत्यु के बाद, उन्होंने अप्रैल 2007 में [[संयुक्त अरब अमीरात]] संघीय सरकार की रणनीति के साथ संयुक्त अरब अमीरात की सरकार में सुधार किए हैं। 2010 में उन्होंने यूएई बनाने के उद्देश्य से संयुक्त अरब अमीरात दृष्टि 2021 लॉन्च किया था। जो 2021 तक दुनिया के सबसे अच्छे देशों में से एक है।.<ref name="Gulf News">{{Cite news|url = http://gulfnews.com/news/gulf/uae/government/uae-cabinet-we-want-to-be-among-the-best-countries-in-the-world-by-2021-1.579412|title = UAE Cabinet: 'We want to be among the best countries in the world by 2021'|last = |first = |date = 6 February 2010|work = [[Gulf News]]|url-status = live|archiveurl = https://web.archive.org/web/20141229143414/http://gulfnews.com/news/gulf/uae/government/uae-cabinet-we-want-to-be-among-the-best-countries-in-the-world-by-2021-1.579412|archivedate = 29 December 2014|df = dmy-all}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
अल मकतूम की परवरिश उनके दादा शेख सईद बिन मकतूम अल मकतूम के घर में हुई थी।
अल मकतूम का जन्म 1949 में दुबई में हुआ था, आप शेख राशिद बिन सईद अल मकतूम के चार बेटों में से तीसरे थे, जो दुबई के शासक परिवार अल मकतूम के सदस्य और अल-फलासी के घराने के वंशज हैं, जिन में से शेख मोहम्मद कबीले के नेता हैं। <ref>{{Cite web|url=http://tec.gov.ae/en/dubai-government/rulers-of-dubai|title=Dubai Rulers {{!}} Government of Dubai - The Executive Council|date=2016-10-19|website=web.archive.org|access-date=2021-12-13|archive-date=19 अक्तूबर 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161019075927/http://tec.gov.ae/en/dubai-government/rulers-of-dubai|url-status=bot: unknown}}</ref> उनकी मां शेखा लतीफा बिन्त हमदान अल नाहयान थीं, शेख हमदान बिन ज़ायद बिन खलीफा अल नाहयान की पुत्री, जो पूर्व में अबू धाबी के शासक थे।<ref>{{Cite news|url=https://www.thetimes.co.uk/article/sheikh-mohammed-al-maktoum-of-dubai-six-wives-30-children-and-a-14-year-reign-of-control-38x3zgb52|title=Sheikh Mohammed Al Maktoum of Dubai: six wives, 30 children and a 14-year reign of control|last=Correspondent|first=Louise Callaghan, Middle East|access-date=2021-12-13|language=en|issn=0140-0460}}</ref>
=== शिक्षा ===
चार साल की उम्र से, अल मकतूम को निजी तौर पर अरबी तथा इस्लामिक अध्ययन पढ़ाया जाता था। 1955 में, उन्होंने अल अहमदिया स्कूल से अपनी औपचारिक शिक्षा शुरू की। 10 साल की उम्र में, वह अल शाब स्कूल चले गए, और दो साल बाद दुबई सेकेंडरी स्कूल चले गए। एक बच्चे के रूप में, वह अपने दादा की ''मजलिस'' में शामिल होते थे।1966 में, अपने कज़न मोहम्मद बिन खलीफा अल मकतूम के साथ, उन्होंने बेल एजुकेशनल ट्रस्ट यूनाइटेड किंगडम के इंग्लिश लैंग्वेज स्कूल में पढ़ाई की। <ref>{{Cite web|url=https://www.liquisearch.com/mohammed_bin_rashid_al_maktoum/early_life_and_education|title=Mohammed Bin Rashid Al Maktoum - Early Life and Education {{!}} Early Life Education|website=www.liquisearch.com|access-date=2021-12-13|archive-date=13 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211213083606/https://www.liquisearch.com/mohammed_bin_rashid_al_maktoum/early_life_and_education|url-status=dead}}</ref> इस के बाद उन्होंनें मॉन्स ऑफिसर कैडेट स्कूल एल्डरशॉट में पढ़ाई की (जो बाद में सैंडहर्स्ट का हिस्सा बन गया), वह सर्वश्रेष्ठ कॉमनवेल्थ छात्र के रूप में स्वोर्ड ऑफ़ ऑनर (सम्मान की तलवार) के साथ पास हुए। <ref>{{Cite web|url=https://whfpdubai.com/biography/mohammed-bin-rashid-al-maktoum|title=Mohammed bin Rashid Al Maktoum Biography|website=World History: Famous Personalities|language=en|access-date=2021-12-13}}</ref> उन्होंने पायलट के रूप में प्रशिक्षण लेने के लिए इटली की यात्रा भी की।
== राजनीतिक जीवन ==
=== दुबई पुलिस ===
सैन्य प्रशिक्षण से दुबई लौटने पर, शेख मोहम्मद के पिता ने उन्हें दुबई पुलिस बल और दुबई रक्षा बल <ref>{{Cite web|url=https://www.khaleejtimes.com/uae/when-sheikh-mohammed-was-appointed-dubai-police-chief|title=When Sheikh Mohammed was appointed Dubai Police chief|last=Salah|first=Hisham|website=Khaleej Times|language=en|access-date=2021-12-15}}</ref> का प्रमुख नियुक्त किया, जिसे बाद में केंद्रीय रक्षा बल का हिस्सा बन जाना था।<ref>{{Cite web|url=https://www.albayan.ae/across-the-uae/news-and-reports/2015-01-01-1.2278422|title=توحيد القوات المسلحة أعظم قرارات دولة الاتحاد|website=www.albayan.ae|language=ar|access-date=2021-12-15}}</ref>
=== रक्षा मंत्री ===
जनवरी 1968 में, जब शेख राशिद और शेख जायद पहली बार ट्रुशियल राज्यों से हटने के इरादे की ब्रिटिश अधिसूचना के बाद अमीरात के एक संघ के गठन के लिए सहमत होने के लिए दुबई और अबू धाबी के बीच के रेगिस्तान में ''अर्गौब अल सेदिरा'' <ref>{{Cite web|url=https://www.thebusinessyear.com/a-brief-history-of-the-united-arab-emirates/focus|title=East of Aden|website=The Business Year|access-date=2021-12-15}}</ref>, तब वह भी वहां एक युवक के रूप में उपस्थित थे। जब 2 दिसंबर 1971 को संयुक्त अरब अमीरात के नए राष्ट्र की स्थापना हुई, तो वह इसके पहले रक्षा मंत्री बने, एक ऐसा पद जो अभी भी उनके पास ही है। <ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-middle-east-51762543|title=Sheikh Mohammed Al Maktoum: Who is Dubai's ruler?|date=2021-02-16|work=BBC News|access-date=2021-12-15|language=en-GB}}</ref>
इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात के संघ के लिए अनिश्चितता और अस्थिरता का एक दौर आया, जिसमें नई सीमाओं पर संपत्ति को लेकर कबीलों के बीच होने वाली झड़पें भी शामिल थीं। 24 जनवरी 1972 को, शारजाह अमीरातकेनिर्वासित पूर्व शासक, सकर बिन सुल्तान अल कासिमी ने शासक खालिद बिन मोहम्मद अल कासिमी के खिलाफ एक राज-द्रोही तख्तापलट की कोशिश का नेतृत्व किया। <ref>{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/uae/heritage/2021/11/19/significant-moments-in-uae-history-since-its-formation-50-years-ago/|title=Significant moments in UAE history since its formation in 1971|date=2021-11-19|website=The National|access-date=2022-01-02}}</ref> केंद्रीय रक्षा बल और सकर की सेनाओं - जो कि ज़्यादातर मिस्र के भाड़े के सैनिक थे जो रास अल खैमाह के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात में दाखिल हुए थे – शेख मोहम्मद ने सकर के आत्मसमर्पण को स्वीकार कर लिया। शेख खालिद इस कार्रवाई में मारे गए, परिणामस्वरूप उनके भाई सुल्तान बिन मुहम्मद अल-कासिमी का शारजाह के शासक के रूप में राज्याभिषेक हुआ। मोहम्मद ने सकर को शेख जायद को सौंप दिया, जिन्होंने उसे अल ऐन में नजरबंद कर दिया। <ref>{{Cite web|url=http://www.theguardian.com/world/2010/oct/27/death-sheikh-saqr-fight-succession-gulf|title=Death of Gulf emirate ruler Sheikh Saqr prompts fight over succession|date=2010-10-27|website=the Guardian|language=en|access-date=2022-01-02}}</ref>
== दुबई के राजकुमार ==
3 जनवरी 1995 को शेख मोहम्मद के बड़े भाई मकतूम बिन राशिद अल मकतूम ने दो फरमानों पर हस्ताक्षर किए जिन्होंने उन्हें दुबई का राजकुमार नियुक्त किया। शेख मोहम्मद, राजकुमार नियुक्त होने के समय, रक्षा मंत्री के रूप में भी सेवा कर रहे थे, वह दुबई पुलिस बल के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के बाद से, 9 दिसंबर 1971 से इस पद पर बने हुए थे।. उन्होंने 1995 के अंत में एक वार्षिक कार्यक्रम, दुबई शॉपिंग फेस्टिवल की स्थापना की, जो आज संयुक्त अरब अमीरात की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thefirstgroup.com/en/news/2016/1/dubai-shopping-festival-celebrates-21-years/|title=Dubai Shopping Festival celebrates 21 years|website=www.thefirstgroup.com|language=en|access-date=2022-01-10}}</ref>
सरकार में भ्रष्टाचार के प्रति पूर्ण असहनशीलता (ज़ीरो टॉलरेंस) की नीति का संकेत देते हुए, 2001 में, शेख मोहम्मद ने दुबई सीमा शुल्क के प्रमुख और [[विश्व सीमा शुल्क संगठन]] के अध्यक्ष ओबैद साक़र बिन-बुसित की गिरफ्तारी का आदेश दिया। <ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/uae/dubai-customs-chief-arrested-for-corruption-1.415018|title=Dubai customs chief arrested for corruption|website=gulfnews.com|language=en|access-date=2022-01-10}}</ref> बुसित और उनके दो सहयोगियों के साथ-साथ तीन अन्य कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार के लिए दो साल की जांच का सामना किया। इन हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों ने जनता को आश्चर्यचकित कर दिया और उसके बाद उस महीने के अंत तक कई सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया; कुल मिलाकर, छह वरिष्ठ अधिकारियों सहित चौदह अधिकारियों को भ्रष्टाचार से संबंधित अपराधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया। असामान्य रूप से, उन अधिकारियों के नाम सार्वजनिक करके उन्हें शर्मिंदा किया जाता था <ref>{{Cite web|url=https://www.khaleejtimes.com/uae/shaikh-mohammed-takes-government-officers-by-surprise|title=Shaikh Mohammed takes government officers by surprise|last=Reporter|first=Staff|website=Khaleej Times|language=en|access-date=2022-01-10}}</ref> अल मकतूम ने कामों की जांच करने के लिए ऐतिहासिक रूप से मंत्रिस्तरीय कार्यालयों के कई अचानक दौरे भी किए। 2016 में दुबई भूमि विभाग के कार्यालयों को खाली पाकर, अल मकतूम ने अनुपस्थित कार्यकारी निदेशकों को सेवानिवृत्त कर दिया, जिनमें से सभी को पहले दुबई नगर पालिका ने नियोजित किया था। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.arabianbusiness.com/politics-economics/watch-sheikh-mohammed-finds-empty-office-during-government-spot-checks-643779}}</ref>
=== दुबई के शासक, उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री ===
लगभग एक दशक के डी फेक्टो शासन के बाद, वह मकतूम बिन राशिद अल मकतूम की मृत्यु के बाद 4 जनवरी 2006 को दुबई के शासक बन गए। <ref>{{Cite web|url=http://www.theguardian.com/world/2006/jan/05/brianwhitaker.mainsection|title=Dubai in mourning after emir, 62, dies in Australian hotel|date=2006-01-05|website=the Guardian|language=en|access-date=2022-01-13}}</ref> अगले ही दिन, फेडरल नेशनल काउंसिल ने उन्हें संयुक्त अरब अमीरात के नए उपाध्यक्ष के रूप में चुना। 11 फरवरी को, परिषद ने प्रधान मंत्री के लिए राष्ट्रपति खलीफा बिन जायद अल नाहयानद्वारा शेख मोहम्मद के नामांकन को मंजूरी दी। <ref>{{Cite web|url=https://uaecabinet.ae/en/biography|title=Biography|website=uaecabinet.ae|access-date=2022-01-13}}</ref>
अप्रैल 2007 में, शेख मोहम्मद ने संघीय सरकार और स्थानीय सरकार दोनों ही सतह पर फेडरेशन के शासन की रणनीतिक समीक्षा करने की घोषणा की। संयुक्त अरब अमीरात संघीय सरकार की रणनीति, रणनीतिक सुधार की एक प्रक्रिया जिसका उद्देश्य सरकार में तालमेल और रणनीतिक योजना की कमी और साथ ही नीति निर्माण के मुद्दों और वैधानिक और नियामक ढांचे में कमियों को दूर करना है, यह सामाजिक विकास, आर्थिक विकास, सार्वजनिक क्षेत्र के विकास, न्याय और सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और ग्रामीण विकास में सुधार पर काम करेगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.khaleejtimes.com/article/shaikh-mohammed-unveils-federal-government-strategy|title=Shaikh Mohammed unveils federal government strategy|last=(WAM)|website=Khaleej Times|language=en|access-date=2022-01-20}}</ref> इसके बाद फरवरी 2010 में विज़न 2021 की घोषणा की गई, जो एक दीर्घकालिक रणनीति और राष्ट्रीय एजेंडा है।<ref>{{Cite web|url=https://www.vision2021.ae/en|title=Home|website=www.vision2021.ae|access-date=2022-01-20|archive-date=20 जनवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220120134627/https://www.vision2021.ae/en|url-status=dead}}</ref>
अप्रैल 2000 में, अल मकतूम ने घोषणा की कि दुबई डिजिटल हो जाएगा; छह महीने बाद, अमीरात ने जुमेराह बीच होटल में दुबई के ई-गवर्नमेंट पोर्टल, Dubai.ae को लॉन्च किया। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.arabianbusiness.com/dubai-s-e-government-portal-launched-141307.html}}</ref> 2011 में अल मकतूम ने घोषणा की कि यूएई सरकार पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी। 2011 में बिलों का भुगतान करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया गया। <ref>{{Cite web|url=https://www.itp.net/584912-uae-launches-new-e-government-portal|title=}}</ref>
=== रेजीडेंसी एंड वीसा इन दुबई ===
आमतौर पर, संयुक्त अरब अमीरात में विदेशी निवासियों या 'प्रवासियों' के पास नवीकरणीय वीज़ा होता है, जो दो या तीन साल के लिए वैध होता है, और उनके रोजगार के साथ बंधा होता है। <ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/news/world/uae-launches-new-residency-guidelines-for-foreigners-via-green-visa-all-you-need-to-know-11630843584119.html|title=UAE launches new residency guidelines for foreigners via ‘green visa’. Details|last=Livemint|date=2021-09-05|website=mint|language=en|access-date=2022-02-01}}</ref> 2018 में, शेख मोहम्मद ने लोक-प्रिय पेशेवरों, विद्वानों और दीर्घकालिक निवेशकों के लिए पांच और दस साल के वीज़ा की घोषणा की। <ref>{{Cite web|url=https://invest.dubai.ae/|title=Visas and residency|website=Invest In Dubai|language=en-US|access-date=2022-02-01}}</ref> मई 2019 में, शेख मोहम्मद ने संयुक्त अरब अमीरात में 'गोल्ड कार्ड' या स्थायी निवास वीज़ा की घोषणा की। <ref>{{Cite web|url=https://u.ae/en/information-and-services/visa-and-emirates-id/residence-visa/long-term-residence-visas-in-the-uae|title=Golden visa - Long-term residence visas in the UAE - The Official Portal of the UAE Government|website=u.ae|language=en|access-date=2022-02-01|archive-date=28 जनवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220128234914/https://u.ae/en/information-and-services/visa-and-emirates-id/residence-visa/long-term-residence-visas-in-the-uae|url-status=dead}}</ref>अतिरिक्त मानदंडों के अधीन, स्वास्थ्य सेवा, इंजीनियरिंग, विज्ञान और कला के क्षेत्र के निवेशक और पेशेवर लोग स्थायी निवास वीज़ा के लिए पात्र होंगे। स्थायी निवास वीज़ा योजना से विदेशी निवेश उत्पन्न होने, उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलने और असाधारण क्षमता वाले इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और छात्रों को आकर्षित करने की उम्मीद है। 6800 निवेशक जिनका कुल निवेश Dh100b से अधिक है, 'गोल्ड कार्ड' प्राप्तकर्ताओं के पहले बैच में शामिल हैं।
जनवरी 2021 में, अल मकतूम ने घोषणा की कि निवेशकों और "प्रतिभाशाली" विदेशियों को अमीराती नागरिकता की पेशकश की जाएगी। <ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-middle-east-55869674|title=UAE to offer citizenship to 'talented' foreigners|date=2021-01-30|work=BBC News|access-date=2022-02-01|language=en-GB}}</ref> उसी वर्ष मार्च में, अल मकतूम ने रिमोट वर्क वीज़ा की घोषणा की, जो कि एक नया स्व-प्रायोजित वीज़ा है जो गैर-अमीराती नागरिकों को संयुक्त अरब अमीरात में रहने और घर से काम करने की अनुमति देगा <ref>{{Cite web|url=https://twitter.com/hhshkmohd/status/1373582021713354752|title=https://twitter.com/hhshkmohd/status/1373582021713354752|website=Twitter|language=hi|access-date=2022-02-01}}</ref>, उन कंपनियों के लिए भी जिनके मुख्यालय विदेशों में हैं। उन्होंने सभी राष्ट्रीयताओं के लिए एक पांच साल का, बहु प्रवेश पर्यटक वीज़ा की भी घोषणा की, जो 90 दिनों के लिए वैध है, यह सुझाव देते हुए कि यह संयुक्त अरब अमीरात की अर्थव्यवस्था को "मज़बूत" करेगा। <ref>{{Cite web|url=https://gulfbusiness.com/uae-announces-new-remote-working-residency-visa-multiple-entry-tourist-visas/|title=UAE announces new remote working residency visa, multiple-entry tourist visas|last=Godinho|first=Varun|date=2021-03-21|website=Gulf Business|language=en-US|access-date=2022-02-01}}</ref>
== '''सुधार''' ==
2004 में, अल मकतूम ने अरब दुनिया में नेतृत्व सुधार की आवश्यकता की ओर संकेत देते हुए कहा, "मैं अपने साथी अरब प्रशासकों से कहता हूँ: यदि आप नहीं बदलेंगे, तो आप को बदल दिया जाएगा," <ref>{{Cite web|url=http://wam.ae/en/details/1395227333332|title=Mohammed says Arab world needs will to introduce change --1st Add|website=wam|access-date=2022-02-01}}</ref> ''न्यूयॉर्क समय'' के थॉमस फ्रीडमैन ने इसकी व्याख्या इरादे के संकेत के रूप में की। <ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2004/12/16/opinion/holding-up-arab-reform.html|title=Opinion {{!}} Holding Up Arab Reform|last=Friedman|first=Thomas L.|date=2004-12-16|work=The New York Times|access-date=2022-02-01|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref>
देश में पहला चुनाव दिसंबर 2005 में हुआ था, जिस में मतदाताओं ने फेडरल नेशनल काउंसिल के आधे सदस्यों को चुना; बाकी आधे हिस्से को प्रत्येक अमीरात के शासकों द्वारा नियुक्त किया गया। <ref>{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/news/2005/12/1/uae-to-hold-first-limited-elections|title=UAE to hold first limited elections|website=www.aljazeera.com|language=en|access-date=2022-02-01}}</ref> देश में पात्र मतदाताओं की संख्या 2011 में बढ़कर 130000 और 2019 में 337000 हो गई। <ref>{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/uae/record-turnout-for-historic-fnc-elections-1.919570|title=Record turnout for 'historic' FNC elections|date=2019-10-06|website=The National|language=en|access-date=2022-02-01}}</ref>
उन्होंने अप्रैल 2007 में यूएई सरकार की रणनीति का उद्घाटन किया, जिसने संयुक्त अरब अमीरात में शासन को स्थानांतरित करके इसे अरब अमीरात के 2005 के राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुरूप कर दिया, जो प्रदर्शन-आधारित बन गया। आपके शासन में, दुबई एक विश्वव्यापी व्यापार और पर्यटन स्थल बन गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-middle-east-51762543|title=Sheikh Mohammed Al Maktoum: Who is Dubai's ruler?|date=2021-02-16|work=BBC News|access-date=2022-03-16|language=en-GB}}</ref>
=== मोहम्मद बिन राशिद स्कूल ऑफ गवर्नमेंट ===
मोहम्मद बिन राशिद स्कूल ऑफ गवर्नमेंट (जिसे पहले दुबई स्कूल ऑफ गवर्नमेंट के नाम से जाना जाता था) संयुक्त अरब अमीरात और अरब जगत पर केंद्रित लोक नीति और प्रशासन के क्षेत्र में एक अकादमिक और शोध संस्थान है। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.mbrsg.ae/home/about-us/introduction.aspx}}</ref> 2005 में स्थापित इस स्कूल का उद्देश्य प्रभावी लोक नीति के लिए क्षेत्र की क्षमता को बढ़ाकर शासन में उत्तमता को बढ़ावा देना और इसका समर्थन करना है।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, स्कूल अपने अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में क्षेत्रीय और वैश्विक संस्थानों के साथ संबंध बनाए रखता है, और सहयोग करता है, और विचारों के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए और अरब दुनिया में लोक नीति पर महत्वपूर्ण बहस को बढ़ावा देने के लिए नीति मंचों और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करता है। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.mbrsg.ae/home/about-us/strategic-partnerships/sponsor}}</ref>
स्कूल कई अनुसंधान और शिक्षण कार्यक्रमों का समर्थन करता है जिस में: लोक नीति और प्रबंधन में व्यावहारिक अनुसंधान और मास्टरस डिग्री; वरिष्ठ अधिकारियों और कार्यकारीयों के लिए कार्यकारी शिक्षा; और विद्वानों और नीति निर्माताओं के लिए ज्ञान मंच शामिल हैं।
=== दुबई गवर्नमेंट एक्सीलेंस प्रोग्राम ===
1997 में, अल मकतूम ने दुबई गवर्नमेंट एक्सीलेंस प्रोग्राम और दुबई गवर्नमेंट परफॉर्मेंस अवार्ड की शुरुआत की <ref>{{Cite web|url=https://dgep.gov.ae/en/about|title=About us {{!}} Dubai Government Excellence Program|website=dgep.gov.ae|access-date=2022-03-16|archive-date=30 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211230195742/https://dgep.gov.ae/en/about|url-status=dead}}</ref>, जिसने सरकारी विभागों के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को निर्धारित किया। यह प्रोग्राम अमीरात में सभी सरकारी विभागों के लिए अनिवार्य है'''।'''
=== दुबई 2040 ===
13 मार्च, 2021 को, अल मकतूम ने दुबई 2040 शहरी मास्टर प्लान के शुभारंभ की घोषणा की, जो एक ऐसी शहरी पुनर्विकास योजना <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.arabianbusiness.com/construction/460227-revealed-how-dubai-might-look-in-2040-under-new-master-plan}}</ref> है जो उस समय तक शहर की आबादी में 5.8 मिलियन की अनुमानित वृद्धि के कारण, शहर में आवासीय और आर्थिक विकास को आसान बनाने <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://twitter.com/HHShkMohd/status/1370711940037668870}}</ref>, सार्वजनिक समुद्रतटीय इलाकों को बढ़ाने, और दुबई के अधिकांश हिस्से को प्रकृति के भंडार में परिवर्तित करने का प्रयास करती है। <ref>{{Cite web|url=https://twitter.com/hhshkmohd/status/1370711740309073920|title=https://twitter.com/hhshkmohd/status/1370711740309073920|website=Twitter|language=hi|access-date=2022-03-16}}</ref> यह योजना शहर के इतिहास में अपनी तरह की सातवीं योजना है और यह सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ाने <ref>{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/uae/government/dubai-2040-how-urban-master-plan-will-transform-the-lives-of-residents-1.1187449|title=Dubai 2040: how the Urban Master Plan will transform the lives of residents|date=2022-01-23|website=The National|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref> और निवेशकों की दुबई में रुचि बढ़ाने का प्रयास करती है, जबकि इसका फ़ोकस <ref>{{Cite web|url=https://english.aawsat.com/home/article/2859021/mohammed-bin-rashid-launches-dubai-2040-urban-master-plan|title=Mohammed bin Rashid Launches Dubai 2040 Urban Master Plan|website=Asharq AL-awsat|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref> ऐतिहासिक दैरा और बुर दुबई, और तीन नए शहरी केंद्रों समेत पांच शहरी केंद्रों पर है। <ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/uae/government/dubai-2040-urban-plan-60-of-dubai-to-be-turned-into-nature-reserves-1.1615625689842|title=Dubai 2040 Urban Plan: 60% of Dubai to be turned into nature reserves|website=gulfnews.com|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref>
=== दुबई महिला इस्टैब्लिशमेंट ===
अल मकतूम ने महिला विकास के लिए दुबई इस्टैब्लिशमेंट को बनाने के लिए 2006 के कानून नंबर (24) को जारी किया, जिसका नाम बदलकर 2009 का कानून (36) ने दुबई महिला इस्टैब्लिशमेंट <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://dlp.dubai.gov.ae/Legislation%20Reference/2009/Law%20No.%20(36)%20of%202009.pdf}}</ref> रख दिया गया, जो संयुक्त अरब अमीरात में नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं को आगे आने के लिए प्रेरित करता है, कामकाज की जगह पर लैंगिक समानता के मुद्दों का मुकाबला करता है <ref>{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/uae/woman-brings-balance-to-board-of-dubai-women-establishment-1.118674|title=Woman brings balance to board of Dubai Women Establishment|date=2015-05-02|website=The National|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref>, और अमीराती महिलाओं के पेशेवर कौशल को विकसित करता है। <ref>{{Cite web|url=https://emirateswoman.com/the-dubai-women-establishments-five-year-plan/|title=The Dubai Women Establishment's Five Year Plan Revealed|date=2016-10-10|website=Emirates Woman|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref>
2015 में, अल मकतूम ने इस्टैब्लिशमेंट के लिए एक बोर्ड का गठन करने वाले 2015 के फरमान नंबर (6) को जारी किया। <ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/uae/government/dubai-women-establishment-board-formed-by-decree-1.1468675|title=Dubai Women Establishment board formed by decree|website=gulfnews.com|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref> इसका नेतृत्व उनकी सबसे बड़ी बेटी शेखा मनाल बिन्त मोहम्मद कर रही हैं।
=== यूएई शतवर्षीय 2071 ===
मार्च 2017 में, अल मकतूम ने यूएई शतवर्षीय 2071 परियोजना नामक एक पांच दशक की सरकारी रणनीति की घोषणा की जो "यूएई को 2071 तक दुनिया का सबसे अच्छा देश" बनाने का प्रयास करेगी, यह काल इसकी स्थापना के बाद से एक शताब्दी को चिह्नित करने निर्धारित किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/uae/government/shaikh-mohammad-bin-rashid-announces-launch-of-uae-centennial-2071-1.1998479|title=Shaikh Mohammad Bin Rashid announces launch of UAE Centennial 2071|website=gulfnews.com|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref> यह परियोजना शिक्षा, अर्थव्यवस्था, सरकारी विकास और सामाजिक एकजुटता पर फ़ोकस करने के लिए निर्धारित की गई थी। अक्टूबर 2017 में, उन्होंने इस परियोजना के पहले भाग, संयुक्त अरब अमीरात आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रणनीति के लोकार्पण की घोषणा की। परियोजना का लोकार्पण नवंबर 2018 में हुआ, जिस पर सात संबंधित रणनीतियां शुरू हुईं। <ref>{{Cite web|url=https://u.ae/en/about-the-uae/strategies-initiatives-and-awards/federal-governments-strategies-and-plans/uae-strategy-for-artificial-intelligence|title=UAE Strategy for Artificial Intelligence - The Official Portal of the UAE Government|website=u.ae|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.arabianbusiness.com/politics-economics/408905-uae-launches-seven-strategies-to-help-hit-2071-goals}}</ref>
=== अमीरात मंगल मिशन ===
अल मकतूम ने 2015 में एपोनिमस मोहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर की स्थापना की। <ref>{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/uae/new-law-for-space-centre-1.44511|title=New law for space centre|date=2015-07-11|website=The National|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref> इस सेंटर ने घोषणा की कि वह मंगल ग्रह के वायुमंडल का अध्ययन करने के लिए ग्रह पर एक अंतरिक्ष यान लॉन्च करेगा; अल मकतूम ने कहा कि इस ग्रह को इसकी "ज़बरदस्त चुनौती" के लिए चुना गया था, <ref>{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/news/worldviews/wp/2014/07/16/u-a-e-plans-arab-worlds-first-mission-to-mars/|title=U.A.E. plans Arab world’s first mission to Mars|work=Washington Post|access-date=2022-03-16|language=en-US|issn=0190-8286}}</ref> और यह कि इससे अमीरात की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।
2015 में एक सार्वजनिक मतदान प्रक्रिया के बाद, अल मकतूम ने मिशन का नाम होप (Hope) रखे जाने की घोषणा करते हुए कहा कि यह "लाखों युवा अरबों में आशावाद का एक संदेश" भेजेगा। और कहा: "अरब सभ्यता ने एक समय में मानव के ज्ञान में योगदान देने में एक महान भूमिका निभाई थी, और अब फिर से उस भूमिका को निभाएगी।" <ref>{{Cite web|url=https://www.dw.com/en/the-facts-on-hope-the-uaes-mars-mission-al-amal/a-54067401|title=The facts on Hope: The UAE's Mars mission 'Al-Amal' {{!}} DW {{!}} 09.02.2021|last=Welle (www.dw.com)|first=Deutsche|website=DW.COM|language=en-GB|access-date=2022-03-16}}</ref> होप प्रोब को जुलाई 2020 में लॉन्च किया गया था। <ref>{{Cite web|url=https://www.space.com/hope-mars-mission-uae|title=UAE Hope Mars orbiter: The Arab world's first interplanetary mission|last=Rehm|first=Jeremy|last2=published|first2=Meghan Bartels|date=2021-05-03|website=Space.com|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref>
9 फरवरी, 2021 को अल मकतूम ने सेंटर को बधाई देते हुए <ref>{{Cite web|url=https://twitter.com/hhshkmohd/status/1359173551262224387|title=https://twitter.com/hhshkmohd/status/1359173551262224387|website=Twitter|language=hi|access-date=2022-03-16}}</ref> ऑर्बिट (ग्रहपथ) में प्रवेश करने में मिशन की सफलता की घोषणा की। <ref>{{Cite web|url=https://www.space.com/hope-mars-mission-uae|title=UAE Hope Mars orbiter: The Arab world's first interplanetary mission|last=Rehm|first=Jeremy|last2=published|first2=Meghan Bartels|date=2021-05-03|website=Space.com|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref> एक हफ्ते बाद, अल मकतूम ने Twitter पर होप द्वारा खींची गई पहली तस्वीर साझा की; यह जुलाई 2020 में मंगल ग्रह पर पहुंचने वाले लॉन्च किए गए तीन मिशनों में से पहला था—अन्य अमेरिका और चीन से थे। यह अंतरिक्ष में जाने वाला पहला अरब मिशन बन गया।
अप्रैल 2021 में, अल मकतूम ने यूएई अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम के दूसरे बैच की घोषणा की, जिसमें पहली महिला अरब अंतरिक्ष यात्री नोरा अल मातरोशी भी शामिल थीं।<ref>{{Cite web|url=https://www.africanews.com/2021/07/07/nora-al-matrooshi-first-arab-woman-training-to-be-astronaut/|title=Nora al-Matrooshi, the first Arab woman training to be an astronaut|last=AfricaNews|date=2021-07-07CEST22:54:24+02:00|website=Africanews|language=en|access-date=2022-03-16}}</ref>
== व्यावसायिक जीवन ==
शेख मोहम्मद दुबई के कई व्यवसायों और आर्थिक संपत्तियों के निर्माण और विकास के लिए जिम्मेदार रहे हैं, जिनमें से कई उनके स्वामित्व वाली दो कंपनियों, दुबई वर्ल्ड तथा दुबई होल्डिंग के तहत हैं।
दुबई वर्ल्ड को 2 जुलाई 2006 को एक होल्डिंग कंपनी के रूप में लॉन्च किया गया था, जिसमें लॉजिस्टिक्स कंपनी डीपी वर्ल्ड, प्रॉपर्टी डेवलपर नखील प्रॉपर्टीज, और निवेश कंपनी इस्तिथमार वर्ल्ड सहित कई संपत्तियां शामिल थी। दुनिया भर के 100 से अधिक शहरों में 50,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ, इस समूह के पास संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और दक्षिण अफ्रीका में रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यावसायिक निवेश हैं। यह दुबई की तीव्र आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख कारक है।<ref>{{Cite web|url=http://www.dubaiworld.ae/|title=Dubai World|access-date=2022-04-03|archive-date=6 अप्रैल 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220406214622/http://www.dubaiworld.ae/|url-status=dead}}</ref>
दुबई होल्डिंग चार ऑपरेटिंग इकाइयों के माध्यम से आतिथ्य, व्यापार पार्क, रियल एस्टेट और दूरसंचार का विकास और प्रबंधन करती है: जुमेराह ग्रुप, TECOM इन्वेस्टमेंट्स, दुबई प्रॉपर्टीज ग्रुप और एमिरेट्स इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस।<ref>{{Cite web|url=https://dubaiholding.com/en/who-we-are/our-journey/|title=Our Journey {{!}} Dubai Holding|website=Dubai Holding Website|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref> कंपनी के निवेश समूह संचालन इकाइयों में दुबई ग्रुप तथा दुबई इंटरनेशनल कैपिटल शामिल हैं।
वह संपत्ति डेवलपर, संपत्ति और घटना प्रबंधन, और निवेश कंपनी मेरास होल्डिंग में भी एक नियन्त्रण अधिकार रखते हैं, जो वर्तमान में दुबई में कई रिटेल, जीवन शैली और थीम्ड विकास विकसित कर रहा है, जिसमें लेगोलैंड और एक बॉलीवुड मूवी थीम पार्क शामिल है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/business/travel-and-tourism/hollywood-lego-and-bollywood-inspiration-for-three-new-dubai-theme-parks-1.234165|title=Hollywood, Lego and Bollywood inspiration for three new Dubai theme parks|date=2014-09-07|website=The National|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref>
शेख मोहम्मद अमीरात एयरलाइनके शुभारंभ के साथ-साथ दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, दोनों के विकास के लिए जिम्मेदार थे। सरकार के स्वामित्व वाली कम लागत वाली जहाज़ कंपनी FlyDubai की स्थापना के पीछे भी उनका ही हाथ था।
=== दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज़ एक्सचेंज ===
अल मकतूम ने 2005 में दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज़ एक्सचेंज (DGCX) का लोकार्पण किया, जो एक इलेक्ट्रॉनिक कमोडिटीज़ और डेरिवेटिव एक्सचेंज है <ref>{{Cite web|url=https://www.bloomberg.com/tosv2.html?vid=&uuid=1dc5ce71-b333-11ec-a6d5-51575348784d&url=L3Byb2ZpbGUvY29tcGFueS85NTY1NzJaOlVI|title=Bloomberg - Are you a robot?|website=www.bloomberg.com|access-date=2022-04-03}}</ref> जो [[मध्य पूर्व]] में अपनी तरह का पहला एक्सचेंज था। <ref>{{Cite web|url=http://wam.ae/en/details/1395227534196|title=Mohammed bin Rashid launches DGCX|website=wam|access-date=2022-04-03}}</ref> यह दुबई सरकार के स्वामित्व में है।
इसका ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, EOS ट्रेडर प्लेटफॉर्म, मार्च 2013 में लॉन्च हुआ। <ref>{{Cite web|url=https://www.businesswire.com/news/home/20130312005682/en/Cinnober-Financial-Technology-AB-DGCX%E2%80%99s-New-Trading-Platform-Goes-Live|title=Cinnober Financial Technology AB: DGCX’s New Trading Platform Goes Live|date=2013-03-12|website=www.businesswire.com|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref> 2019 में, एक्सचेंज ने घोषणा की कि उसने 23.06 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स का कारोबार किया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/business/markets/dubai-s-dgcx-enjoys-record-trading-as-value-of-gold-and-rupee-contracts-surge-1.960157|title=Dubai's DGCX enjoys record trading as value of gold and rupee contracts surge|date=2020-01-05|website=The National|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref>
2019 तक, दुबई में सोने के क्षेत्र में 4,000 से अधिक कंपनियां काम कर रही थीं, जबकि कुल सोने और कीमती गहनों की बिक्री 2018 में $74.6 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.arabianbusiness.com/retail/421150-revealed-the-importance-of-gold-to-dubais-economy}}</ref>
=== अमीरात एयरलाइन का शुभारंभ ===
1970 के दशक के दौरान, दुबई रक्षा बल के प्रमुख और संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्री के रूप में अपनी भूमिका के अतिरिक्त, शेख मोहम्मद ने दुबई के ऊर्जा संसाधनों का प्रबन्ध भी किया और आप दुबई सिविल एविएशन के प्रभारी भी थे। मार्च 1985 में, इस दूसरी भूमिका को निभाते हुए ही, आप ने दुबई की 'ओपन स्काईज़' नीति पर गल्फ एयर के साथ एक विवाद के बाद DNATA के तत्कालीन प्रमुख, मौरिस फलागन, को अमीरात नाम से एक नई एयरलाइन शुरू करने का काम सौंपा। इस एयरलाइन को लॉन्च करने का बजट $10 मिलियन डॉलर था (उतनी राशि जो फ्लैनगन ने एक एयरलाइन लॉन्च करने के लिए ज़रूरी बताई थी) और इसकी उद्घाटन उड़ान 25 अक्टूबर 1985 को हुई थी। <ref>{{Cite web|url=https://www.emirates.com/english/about-us/timeline/|title=History Timeline {{!}} About us {{!}} Emirates|website=Global|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref> शेख मोहम्मद ने अपने (छोटे) चाचा, अहमद बिन सईद को नई कंपनी का अध्यक्ष बनाया। सुविधाओं और सामग्रियों के लिए $75 मिलियन और प्रदान किए गए थे, लेकिन अमीरात हमेशा इस बात पर बनी रही है कि उसे दुनिया की एक प्रमुख एयरलाइन बनने के लिए कंपनी की शानदार वृद्धि के दौरान कोई और सब्सिडी नहीं मिली है।
1989 में, शेख मोहम्मद ने पहले दुबई एयरशो का उद्घाटन किया: 2013 में प्रदर्शनी में 1000 से अधिक प्रदर्शनी कंपनियों जुड़ गई थीं, और यही अमीरात द्वारा दिए गए इतिहास के सबसे बड़ा हवाई जहाज के ऑर्डर का स्थान था, जिसमें एयरबस के साथ इसके A380 तथा बोइंग के साथ इसके 777X का $99 बिलियन का संयुक्त ऑर्डर शामिल था। <ref>{{Cite web|url=https://www.emirates.com/jo/english/experience/our-fleet/a380/|title=The Emirates A380 fleet {{!}} Our fleet {{!}} The Emirates Experience {{!}} Emirates Jordan|website=Jordan|language=en-JO|access-date=2022-04-03}}</ref>
=== दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ===
दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना 1959 में अल मकतूम के पिता शेख राशिद ने की थी, लेकिन अल मकतूम के निर्देशों के तहत इसका विस्तार हुआ। <ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/uae/transport/this-man-helped-transform-dubai-airport-1.66063564|title=This man helped transform Dubai Airport|website=gulfnews.com|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref> टर्मिनल 3 और कॉन्कोर्स ए और बी उस समय खोले गए थे, साथ ही एयरबस A380 विमान के लिए विशेष आवास भी खोला गया। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=http://www.arabianbusiness.com/dubai-opens-new-a380-airport-terminal-484277.html}}</ref> यह हवाई अड्डा सस्ती एयरलाइन FlyDubai का बेस है।
2013 में, इस हवाईअड्डे ने संयुक्त अरब अमीरात में $26 बिलियन से अधिक का योगदान दिया, जो इसके [[सकल घरेलू उत्पाद]] का लगभग 27% है, और (416500 नौकरियों पर) संयुक्त अरब अमीरात के कर्मचारियों में से लगभग 21% की सहायता की। <ref>{{Cite web|url=https://thearabweekly.com/success-story-dubai-international-airport|title=The success story of Dubai International Airport {{!}} Kurt Perry|website=AW|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref> 2020 में, अल मकतूम ने 2014 में हीथ्रो को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बनने पर इसका जश्न मनाया। <ref>{{Cite web|url=https://www.independent.co.uk/travel/news-and-advice/heathrow-loses-busiest-international-airport-crown-to-dubai-10006007.html|title=Heathrow loses busiest international airport crown to Dubai|date=2015-01-27|website=The Independent|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref> दिसंबर 2018 में, उन्होंने हवाई अड्डे के एक अरबवें यात्री के आगमन को चिह्नित किया, जिनमें से आधे 2011 से दुबई से होकर गुज़रे थे। <ref>{{Cite web|url=https://www.thedrive.com/news/25607/dubai-international-airport-welcomes-1-billionth-passenger-in-midst-of-sharp-growth-period|title=Dubai International Airport Welcomes 1 Billionth Passenger in Midst of Sharp Growth Period|last=Margaritoff|first=Marco|website=The Drive|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref>
=== अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ===
अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, जिसे दुबई वर्ल्ड सेंट्रल के नाम से जाना जाता है, ने जून 2010 में संचालन शुरू किया, और इसे अक्टूबर 2013 में यात्रियों के लिए खोल दिया गया। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.wam.ae/en/details/1395228693180}}</ref> 54 वर्ग मील को घेरे हुए हवाई अड्डे को जबल अली पर विशेष रूप से निर्मित "एयरपोर्ट सिटी" दुबई वर्ल्ड सेंट्रल के लिए एक केंद्र बिंदु के रूप में डिज़ाइन किया गया था।
शेख अल मकतूम ने जुलाई 2010 में प्रथम चरण का उद्घाटन किया, 2013 में हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, और 2014 में डिज़ाइन योजनाओं पर हस्ताक्षर किए। <ref>{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/uae/sheikh-mohammed-bin-rashid-gives-green-light-to-dubai-airport-plans-1.234999|title=Sheikh Mohammed bin Rashid gives green light to Dubai airport plans|date=2014-09-07|website=The National|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref>
इस हवाई अड्डे को दुनिया में सबसे बड़ा बनाया गया है; पहले विस्तार को 120 मिलियन यात्रियों और 100 विशाल एयरबस A380 डबल-डेकर जेट के लिए जगह बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.usatoday.com/story/todayinthesky/2014/09/10/dubais-bold-plan-to-build-the-worlds-biggest-airport/15376795/|title=Dubai's bold plan to build the world's biggest airport|last=Schreck|first=Adam|website=USA TODAY|language=en-US|access-date=2022-04-03}}</ref> अपने चरम पर, हवाई अड्डे की क्षमता 160 मिलियन से 260 मिलियन यात्रियों के साथ-साथ 12 मिलियन टन कार्गो के बीच अनुमानित है। 2018 में, विस्तार की योजनाओं में कथित तौर पर देरी हुई।
इस परियोजना पर कुल $80 अरब डॉलर से अधिक की लागत आने का अनुमान है।
=== FlyDubai ===
FlyDubai दुबई में स्थापित पहली कम लागत वाली एयरलाइन थी। <ref>{{Cite web|url=https://www.seatmaestro.com/airlines-seating-maps/flydubai/history/|title=Flydubai|website=SeatMaestro|language=en-US|access-date=2022-04-03}}</ref> अल मकतूम ने 2008 में इस नाम को मंज़ूरी दी; समाचार रिपोर्टों में कहा गया है कि FlyDubai का संचालन अमीरात एयरलाइन से अलग होगा। [87] इसकी पहली उड़ान 1 जून 2009 को बेरूत के लिए थी। अगले साल इस एयरलाइन का बजट दोगुना हो गया। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.flydubai.com/en/information/about-flydubai/company-history}}</ref>
FlyDubai यूएई की एकमात्र 737 Max ऑपरेटर है। [90] 2019 में, एयरलाइन ने अपनी दसवीं वर्षगांठ मनाई और 70 मिलियन यात्रियों का जश्न मनाया। <ref>{{Cite web|url=https://www.ttnworldwide.com/Article/295167/-Flydubai-celebrates-a-decade-of-success|title=https://www.ttnworldwide.com/Article/295167/-Flydubai-celebrates-a-decade-of-success|last=info@nstramedia.com|website=www.ttnworldwide.com|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref>
अमीरात एयरलाइंस की तरह, FlyDubai का स्वामित्व राज्य के दुबई निवेश निगम के पास ही है। <ref>{{Cite news|url=https://www.ft.com/content/0c9757dc-6aed-11e7-bfeb-33fe0c5b7eaa|title=Emirates Airline joins forces with Flydubai|date=2017-07-17|work=Financial Times|access-date=2022-04-03}}</ref>
=== दुबई इंडस्ट्रियल सिटी ===
दुबई इंडस्ट्रियल सिटी (DIC) दुबई होलसेल सिटी का एक निर्दिष्ट हिस्सा है जिसका उद्देश्य यूएई के औद्योगिक क्षेत्र की प्रगति में तेज़ी लाना है। <ref>{{Cite web|url=https://uaefreezones.com/fz_dubai_industrial_city.html|title=Dubai Industrial City|website=uaefreezones.com|access-date=2022-04-03}}</ref> इसका लोकार्पण अल मकतूम के आदेश के तहत किया गया था जब वह दुबई के राजकुमार थे। 2006 में, इस प्रोजेक्ट ने $436 मिलियन के एक श्रमिक प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया, और 2009 में इसने 64 नए शोरूम पूरे कर लिए। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.wam.ae/en/details/1395227321615}}</ref>
2015 में, इस सेक्टर ने पिछले वर्ष की तुलना में मुनाफे में 59% की वृद्धि की घोषणा की। 2020 में, DIC ने COVID-19 महामारी के दौरान मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए अपनी भंडारण क्षमताओं का उपयोग किया। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.wam.ae/en/details/1395302843511}}</ref> मार्च 2021 में, अल मकतूम ने दस वर्षों में इस क्षेत्र के योगदान को बढ़ाने के लिए ऑपरेशन 300bn शुरू किया। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.arabianbusiness.com/politics-economics/460656-dubai-launches-operation-300bn}}</ref>
=== दुबई पोर्ट्स वर्ल्ड ===
1991 में, शेख मोहम्मद ने दुबई पोर्ट्स अथॉरिटी बनाने के लिए जबल अली पोर्ट और फ्री ज़ोन और पोर्ट राशिद को मिला दिया। 1999 में, उन्होंने विदेशी अधिग्रहण और मैनेजमेंट कान्ट्रेक्टों को एक्सप्लोर करनेे के लिए दुबई पोर्ट्स इंटरनेशनल की स्थापना की, जिसे 2005 में डीपी वर्ल्ड बनाने के लिए दुबई पोर्ट्स अथॉरिटी में बदल दिया गया। 2006 में, कंपनी ने $7 बिलियन P&O का अधिग्रहण किया। इस अधिग्रहण ने डीपी वर्ल्ड विवाद को जन्म दिया जब कई अमेरिकी राजनेताओं और लाबीस्ट ने P&O के अधिग्रहण के संबंध में डीपी वर्ल्ड द्वारा अधिग्रहित छह बंदरगाहों की सुरक्षा के बारे में चिंता व्यक्त की। इस के बाद डीपी वर्ल्ड ने उन बंदरगाहों को विभाजित कर दिया जिन पर प्रश्न खड़े किए गए थे।
एक लाभदायक वैश्विक एंटरप्राइज़, डीपी वर्ल्ड आज दुनिया के सबसे बड़े समुद्री टर्मिनल ऑपरेटरों में से एक है। यह कंपनी छह महाद्वीपों में 77 से अधिक टर्मिनलों का संचालन करती है, जिसमें कंटेनर हैंडलिंग से इसकी आमदनी का लगभग 80% उत्पन्न होता है। <ref>{{Citation|title=DP World|date=2022-03-29|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=DP_World&oldid=1079931366|work=Wikipedia|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref>
=== बुर्ज अल अरब और जुमेराह ===
बुर्ज अल अरब का उद्घाटन दिसंबर 1999 में किया गया। <ref>{{Citation|title=Burj Al Arab|date=2022-03-28|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Burj_Al_Arab&oldid=1079734415|work=Wikipedia|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref> यह होटल शेख मोहम्मद की तरफ से एक सचमुच प्रतिष्ठित इमारत जो खुद को "दुनिया का सबसे शानदार होटल" के रूप में परिभाषित करे, बनाने का निर्देश मिलने पर WS एटकिंस के डिज़ाइन पर बनाया गया है। यह जुमेराह बीच होटलके तट से दूर एक द्वीप पर बनाया गया था, यह जुमेराह द्वारा प्रबंधित पहली संपत्ति थी, जो 1997 में शेख मोहम्मद द्वारा शुरू की गई एक होटल प्रबंधन कंपनी है और इसकी अध्यक्षता पूर्व ट्रस्ट हाउस फोर्टे के कार्यकारी गेराल्ड लॉलेस कर रहे हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.jumeirah.com/en/stay/dubai/burj-al-arab-jumeirah|title=Burj Al Arab|website=www.jumeirah.com|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref> वास्तव में, दोनों होटलों पर एक ही समय में काम शुरू हुआ, लेकिन बुर्ज अल अरब को जिस द्वीप पर बनाया जाना था उसमें जमीन के ऊपर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उसके निर्माण के लिए तीन साल की आवश्यकता थी। जुमेराह का अंतरराष्ट्रीय विस्तार, जो कि 2004 में दुबई होल्डिंग का हिस्सा बनने के बाद शुरू हुआ, आज दस देशों में 22 होटल शामिल हैं।
=== दुबई इंटरनेट सिटी और TECOM ===
29 अक्टूबर 1999 को शेख मोहम्मद ने दुबई इंटरनेट सिटी, एक टैकनोलजी केंद्र और मुफ्त व्यापार क्षेत्र की घोषणा की। कंपनियों को दीर्घ लीज़, पूर्ण स्वामित्व और सरकारी सेवाओं तक तेज़ पहुंच की पेशकश करते हुए, DIC अक्टूबर 2000 में अपने पहले किरायेदारों से बढ़ते हुए आज 15,000 लोगों को रोज़गार देने वाला क्षेत्र बन गया हैा। <ref>{{Cite web|url=|title=|website=https://www.arabianbusiness.com/industries/technology/455750-dubai-internet-city-to-grow-its-tech-talent-to-40000#:~:text=Dubai%20Internet%20City%20is%20intent,inside%20the%20next%20few%20years.}}</ref> नवंबर 2000 में, इसके साथ दुबई मीडिया सिटी भी शामिल हो गया, जो कि एक मुफ्त सामग्री और मीडिया उत्पादन क्षेत्र जो DIC के साथ सह-स्थित है। DIC का शुभारंभ मीडिया की स्वतंत्रताओं के संबंध में शेख मोहम्मद के आश्वासन के साथ हुआ। 2007 में, एक घटना के बाद, जिसमें स्थानीय पत्रकारों पर मानहानि का आरोप लगाया गया और उन्हें जेल की सज़ा सुनाई गई थी, उन्होंने पत्रकारों को क़ैद करने पर प्रतिबंध लगाने का एक फरमान जारी किया।
दुबई इंटरनेट सिटी में 1600 से अधिक कंपनियां पंजीकृत हैं, जिनमें फॉर्च्यून 500 कंपनियां, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, सोनी एरिक्सन और सिस्को शामिल हैं। स्थापना के बाद से इस डिस्ट्रिक्ट ने Dh8 बिलियन से अधिक धन को आकर्षित किया है। <ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/business/take-a-peek-inside-dubais-thriving-tech-park-dubai-internet-city-1.1560838222935|title=Take a peek inside Dubai’s thriving tech park, Dubai Internet City|website=gulfnews.com|language=en|access-date=2022-04-03}}</ref>
तब से नियंत्रक कंपनी TECOM द्वारा दुबई में, कई अन्य मीडिया और टैकनोलजी से संबंधित मुफ्त क्षेत्र स्थापित किए गए हैं जिन में: अंतर्राष्ट्रीय मीडिया उत्पादन क्षेत्र, दुबई सिलिकॉन ओएसिस, दुबई स्टूडियो सिटी, दुबई हेल्थकेयर सिटी, दुबई इंडस्ट्रियल सिटी तथा दुबई नॉलेज विलेज शामिल हैं।
=== पाम आइलैंड्स ===
नखील प्रॉपर्टीज़ द्वारा विकसित, दुबई वर्ल्ड के एक हिस्से, तीन योजनाबद्ध पाम आइलैंड्स का निर्माण कार्य 2009 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद रोक दिया गया था। इन द्वीपों में से पहले, पाम जुमेराह का कार्य पूरा कर लिया गया है और यह विकसित हो गया है, पूरा और विकसित किया गया है, जबकि दूसरे, पाम जबल अली, ने भूमि उद्धार का कार्य पूरा कर लिया है लेकिन इसे आगे विकसित नहीं किया गया है। तीसरे और सबसे बड़ा पाम, पाम दैरा, को वापस छोटा कर दिया गया है और दैरा आइलैंड्सके रूप में फिर से लॉन्च किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Palm-Jumeirah|title=Palm Jumeirah {{!}} History, Description, & Facts {{!}} Britannica|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
=== बुर्ज ख़लीफ़ा ===
4 जनवरी 2010 को, शेख मोहम्मद ने दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, बुर्ज खलीफ़ा को लगभग 10000 आतिशबाज़ी के भव्य प्रदर्शन के साथ खोला। यह विभिन्न उपयोग वाले टावरों, इमारतों और रिटेल दुकानों के $20 अरब डॉलर के डाउनटाउन दुबई विकास का केंद्र है। इस इमारत में कुल क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल, द दुबई मॉल भी है। मूल रूप से इसकी कल्पना एक 80-मंजिला टॉवर के निर्माण के रूप में की गई थी, इस प्रोजेक्ट की टीम को "मनुष्य के इतिहास में सबसे बड़े निवास स्थान" का प्लान बना कर लाने के लिए लौटा दिया गया था। उन्होंने टावर के बारे में कहा है कि यह "एक राष्ट्रीय उपलब्धि, एक ऐतिहासिक पड़ाव और एक महत्वपूर्ण आर्थिक परिवर्तन है। यह न केवल अमीराती लोगों के लिए बल्कि सभी अरबों के लिए गर्व का प्रतीक है।" <ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Burj-Khalifa|title=Burj Khalifa {{!}} Height, Architect, Top Floor, & Facts {{!}} Britannica|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
== रूचियां और गतिविधियां ==
=== खेलों में रुचियां ===
शेख मोहम्मद अंतरराष्ट्रीय उत्तम नस्ल के घोड़ों की दौड़ तथा उनके पालन पोषण में एक प्रमुख व्यक्ति हैं। वो डार्ले स्टड के मालिक हैं, जो कि दुनिया में सबसे बड़ा हॉर्स ब्रीडिंग ऑपरेशन है, जिनके फार्म संयुक्त राज्य अमेरिका, आयरलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में हैं। 1985 में उन्होंने एक अज्ञात राशि दे कर आयरिश उत्तम नस्ल के घोड़े पार्क अपील को अपने दूसरे सीज़न के अंत में खरीद लिया। उसने बारह घोड़े के बच्चों में से कम से कम नौ विजेताओं को जन्म दिया और वह और कई सफल घोड़ों की पूर्वज है। <ref>{{Cite web|url=https://www.godolphin.com/about-us/our-founder|title=Our Founder|website=Godolphin|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
1981 के अंत में, उसने न्यूबरी, बर्कशायर, यूनाइटेड किंगडमके पास वूलटन हिल में गेंसबरो स्टड खरीदा। वे आयरलैंड के काउंटी टिपरेरी में बल्लीशीहान स्टड के साथ-साथ वर्साय, केंटकी, संयुक्त राज्य अमेरिका में गेंसबरो फार्म इंक. के मालिक हैं।उनके रेसिंग संचालन में डार्ले अस्तबल का स्वामित्व शामिल है और वह अपने परिवार के गोडोल्फ़िन अस्तबल के अग्रणी भागीदार हैं। मेदान रेसकोर्स में शेख मोहम्मद ने दुबई विश्व कप की मेजबानी की।
1992 तक, शेख मोहम्मद ने अक्सर ब्रिटेन के प्रशिक्षकों और पंडितों की सलाह के खिलाफ दुबई में अपने घोड़ों की 'देखभाल करना' शुरू कर दिया था। इसका नतीजा हाई-प्रोफाइल जीत की एक श्रृंखला के रूप में निकला, और 1994 तक उन्होंने गोडोल्फ़िन की स्थापना की। 1995 में, रेसिंग के प्रति उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप एक घोड़े को दौड़ाने पर असहमति के बाद, जिसके बारे में मोहम्मद का दावा था कि वह घायल है, प्रमुख प्रशिक्षक हेनरी सेसिल से उनका अलगाव हो गया। सेसिल ने इस झगड़े को सार्वजनिक कर दिया और मोहम्मद ने अपने सभी घोड़ों को सेसिल के अस्तबल से हटा दिया। <ref>{{Cite web|url=https://www.independent.co.uk/sport/sheikh-speaks-out-on-cecil-1344214.html|title=Sheikh speaks out on Cecil|date=1996-03-26|website=The Independent|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
खेल रचनात्मकता में उनकी रुचि के कारण, हर साल उभरते पेशेवर एथलीटों और खेल संगठनों को उनके नाम पर मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम क्रिएटिव स्पोर्ट्स अवार्ड नामक एक पुरस्कार दिया जाता था।<ref>{{Citation|title=Mohammed Bin Rashid Al Maktoum Creative Sports Award|date=2021-11-23|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Mohammed_Bin_Rashid_Al_Maktoum_Creative_Sports_Award&oldid=1056783853|work=Wikipedia|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
=== कला का समर्थन ===
शेख मोहम्मद शास्त्रीय अरबी के साथ-साथ बेडुइन (बोलचाल) नबाती शैली में एक प्रसिद्ध कवि हैं, और उन्होंने अपनी कविता को नबाती के साथ-साथ अंग्रेजी में भी प्रकाशित किया है। उन्होंने अपनी जवानी से ही कविता लिखना शुरू कर दिया था और वो 'सलीत' जैसे छद्म शब्दों का उपयोग करते थे ताकि उनकी कविता दुबई के उस समय के शासक के बेटे से जोड़ी ना जा सके। उन्हें फतत अल अरब कवयित्रि से प्रोत्साहन मिला, जब उसने उनकी शुरुआती कविताओं में से एक का उत्तर दिया। अल फारिस नामक नाटक उनकी कविताओं पर आधारित है। उन्होंने अपनी मूल अरबी में कविताएँ प्रकाशित की हैं <ref>{{Cite web|url=https://sheikhmohammed.ae:443/en-us/hhnabatipoetry|title=His Highness Sheikh Mohammed and Nabati Poetry|website=sheikhmohammed.ae|language=en-US|access-date=2022-04-25}}</ref>
1998 में, उन्होंने शेख मोहम्मद बिन राशिद सेंटर फॉर कल्चरल अंडरस्टैंडिंग (SMCCU) <ref>{{Cite web|url=https://www.cultures.ae/about/|title=About SMCCU – Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum Centre for Cultural Understanding|language=en-US|access-date=2022-04-25}}</ref> की स्थापना की, एक गैर-लाभकारी संगठन जिसका उद्देश्य संयुक्त अरब अमीरात की स्थानीय संस्कृति, रीति-रिवाजों और धर्म के बारे में जागरूकता को बढ़ाना और सभी रहस्यों को हटाना है, जो बाद में मोहम्मद बिन राशिद ग्लोबल इनिशिएटिव का हिस्सा बन जाएगा। जो इस मोटो के तहत काम कर रहा है "खुले दरवाज़े। खुले दिमाग", SMCCU का उद्देश्य यूएई के स्थानीय लोगों और यूएई में आने वाले या रहने वाले मेहमानों के बीच अंतर-सांस्कृतिक समझ और संचार में सुधार करना है। 2015 में शेख मोहम्मद की एक पहल ने दुबई के मेट्रो स्टेशनों को आर्ट दुबई 2015 से पहले की अवधि में आर्ट गैलरियों में बदल कर रख दिया।
शेख मोहम्मद ने दुबई में कला के विकास में योगदान देने वाले लोगों और संगठनों को सम्मानित करने के लिए मार्च 2009 में मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम पेट्रनस ऑफ द आर्ट्स पुरस्कार की स्थापना की। <ref>{{Cite web|url=http://farjamcollection.org/patron-of-the-arts-award.php|title=Farjam Foundation|website=farjamcollection.org|access-date=2022-04-25|archive-date=19 अप्रैल 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220419160303/https://www.farjamcollection.org/patron-of-the-arts-award.php|url-status=dead}}</ref> इस पुरस्कार के तहत कलाकार और प्रोजेक्टस चार श्रेणियों के अंतर्गत निजी क्षेत्र के समर्थन से लाभान्वित हो सकते हैं: कला के विशिष्ट संरक्षक (AED 15 मिलियन), कला के संरक्षक (AED 2-5 मिलियन), कला के समर्थक (AED 500000), और कला मित्र (AED 50000-500000)। इस पुरस्कार का उद्देश्य विज़ुअल और प्रदर्शन कला, साहित्य और फिल्म के क्षेत्रों को वित्तीय या ऐसी ही कोई सहायता प्रदान करना है, जो दुबई में कलात्मक और सांस्कृतिक दृश्य को समृद्ध करने में योगदान करते हैं।
==== दुबई डिज़ाइन डिस्ट्रिक्ट ====
अल मकतूम ने 2013 में शहर के डिजिटल मीडिया, कला, फैशन और डिज़ाइन बाज़ारों को विकसित करने के लिए शहर के "रचनात्मक इकोसिस्टम," दुबई डिज़ाइन डिस्ट्रिक्ट (जिसे d3 के रूप में भी जाना जाता है) का शुभारंभ किया। यहीं पर दुबई डिज़ाइन वीक भी स्थित है, जो कि फैशन का एक वार्षिक उत्सव है, और इसे शोर्डिच और न्यूयॉर्क के मीटपैकिंग डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। तीन चरणों में बनी यह डिस्ट्रिक्ट दुबई योजना 2021 का हिस्सा है। जो 2021 तक शहर की विकास योजना है। <ref>{{Cite web|url=https://dubaidesigndistrict.com/discover/about-us|title=About Us|website=dubaidesigndistrict.com|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
== परोपकारी कार्य ==
अल मकतूम ने जुड़े हुए इराकी जुड़वाँ भाई हसन और हुसैन गाज़ी, को अलग करने की सर्जरी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जिनसे मुलाकात करने वह दुबई न्यू हॉस्पिटल गए थे 2002 में उन्हें संयुक्त अरब अमीरात में लाए जाने के बाद।
इस सफल ऑपरेशन ने दुबई की स्वास्थ्य सेवाओं की तरफ अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया । अल मकरौम के सम्मान में बच्चों का नाम राशीद और हमदान रखा गया। अल मकतूम और उनके भाई शेख हमदान बिन राशिद ने सर्जरी करने वाले चिकित्सा दल का अपने महल में स्वागत किया। <ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/uae/twins-renamed-rashid-hamdan-1.404372|title=Twins renamed Rashid, Hamdan|website=gulfnews.com|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
=== फ़िलिस्तीन की सहायता ===
शेख मोहम्मद ने फ़िलिस्तीनी अभियान के लिए उस के [[इज़राइल]] के खिलाफ संघर्ष में कई परोपकारी दान किए हैं। इसमें 2008-2009 के गाज़ा युद्ध के बाद, गाज़ा को 600 घरों की एक आर्थिक मदद, जब उन्होंने फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए नए साल के जश्न और दुबई शॉपिंग फेस्टिवल के आधिकारिक उद्घाटन को रद्द कर दिया था, और साथ ही 1948 के फिलिस्तीनी पलायन से फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए दान शामिल हैं। इन घटनाओं के प्रति जनता की व्यापक प्रतिक्रिया को दर्शाते हुए, और प्रमुख अमीराती नागरिकों से विशाल दान के एक हिस्से के रूप में, उन्होंने 10 जनवरी 2009 को बहरीन में एक प्रमुख एंडुरेंस रेस जीतने पर अपनी जीत और पुरस्कार राशि को भी फिलिस्तीनी लोगों को समर्पित किया।
उन्होंने इज़रायल के साथ संबंधों में किसी भी तरह से सामान्यीकरण करने से पहले एक दो-राज्य समाधान को लागू करने की कोशिश करने और फिलिस्तीनी मुद्दे पर बातचीत करने की आवश्यकता पर बार बार ज़ोर दिया है। <ref>{{Cite web|url=https://reliefweb.int/report/occupied-palestinian-territory/mohammed-bin-rashid-al-maktoum-global-initiatives-partners-un|title=Mohammed bin Rashid Al Maktoum Global Initiatives partners with UN World Food Programme, to support beneficiaries in Palestine, refugees in Jordan, Bangladesh - occupied Palestinian territory|website=ReliefWeb|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
=== मोहम्मद बिन राशिद ग्लोबल इनिशिएटिव्स (MBRGI) ===
अल मकतूम ने 2015 में मोहम्मद बिन राशिद ग्लोबल इनिशिएटिव्स (MBRGI) की स्थापना की, जो कि एक चैरिटेबल फाउंडेशन है जो लगभग 33 चैरिटीज़, संस्थाओं और पहलों के कामों को एक ही छतरी के नीचे एकजुट करती है,, और एक साथ 1,400 से अधिक विकास कार्यक्रमों को लागू करती है और 280 से अधिक रणनीतिक भागीदारों के सहयोग से 116 देशों में 130 मिलियन से अधिक लोगों के समर्थन में योगदान देती है, जिस में सरकारी संस्थान, निजी क्षेत्र की कंपनियां, साथ ही क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठन शामिल हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.almaktouminitiatives.org/en/who-we-are|title=Who We Are|website=Mohammed Bin Rashed Al Maktoum Global Initiatives|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
यह फाउंडेशन पांच स्तंभोंके साथ अपने काम को वर्गीकृत करती है:
· मानवीय सहायता और राहत (जिसकी संस्थाएं इंटरनेशनल ह्यूमैनिटेरियन सिटी, यूएई फूड बैंक, मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ह्यूमैनिटेरियन एंड चैरिटी एस्टेब्लिशमेंट, यूएई वाटर एड फाउंडेशन (सुकिया) और मोहम्मद बिन राशिद ग्लोबल सेंटर फॉर एंडोमेंट कंसल्टेंसी हैं) जिस पर फाउंडेशन ने 2019 में AED 262 मिलियन खर्च करने और 17 मिलियन लाभार्थियों की सूचना दी; <ref>{{Cite web|url=https://www.almaktouminitiatives.org/en/what-we-do/humanitarian-aid-relief|title=Humanitarian Aid & Relief|website=Mohammed Bin Rashed Al Maktoum Global Initiatives|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
· स्वास्थ्य देखभाल और रोग नियंत्रण (नूर दुबई फाउंडेशन, अल जलीला फाउंडेशन), जिसने 2019 में 7.5 मिलियन लाभार्थियों पर AED 118 मिलियन खर्च करने की सूचना दी; <ref>{{Cite web|url=https://www.almaktouminitiatives.org/en/what-we-do/healthcare-disease-control|title=Healthcare & Disease Control|website=Mohammed Bin Rashed Al Maktoum Global Initiatives|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
· शिक्षा और ज्ञान का प्रसार (दुबई केयर्स, मोहम्मद बिन राशिद लाइब्रेरी फाउंडेशन, मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम नॉलेज फाउंडेशन, मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम नॉलेज अवार्ड, नॉलेज समिट, मोहम्मद बिन राशिद अरबी भाषा पुरस्कार, अरब रीडिंग चैलेंज, मदरसा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, द डिजिटल स्कूल), जिस पर 2019 में 45 मिलियन लाभार्थियों के लिए AED 335 मिलियन खर्च किए गए थे; <ref>{{Cite web|url=https://www.almaktouminitiatives.org/en/what-we-do/spreading-education-knowledge|title=Spreading Education & Knowledge|website=Mohammed Bin Rashed Al Maktoum Global Initiatives|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
· नवाचार और उद्यमिता (SME डेवलपमेंट के लिए मोहम्मद बिन राशिद एस्टैब्लिशमेंट (दुबई SME), यंग बिजनेस लीडर्स के लिए मोहम्मद बिन राशिद अवार्ड, मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम बिजनेस अवार्ड, म्यूज़ियम ऑफ़ द फ्यूचर, वन मिलियन अरब कोडर्स इनिशिएटिव), जिस पर 2019 में 744,000 लाभार्थियों के लिए AED 386 मिलियन खर्च किए गए थे; <ref>{{Cite web|url=https://www.almaktouminitiatives.org/en/what-we-do/innovation-entrepreneurship|title=Innovation & Entrepreneurship|website=Mohammed Bin Rashed Al Maktoum Global Initiatives|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
· और समुदायों को सशक्त बनाना (मोहम्मद बिन राशिद स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, शेख मोहम्मद सेंटर फॉर कल्चरल अंडरस्टैंडिंग, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर टॉलरेंस, अरब मीडिया फोरम, अरब जर्नलिज्म अवार्ड, अरब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स समिट, दुबई इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉन्फ्रेंस, मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम क्रिएटिव स्पोर्ट्स अवार्ड, अरब स्ट्रैटेजी फोरम, मोहम्मद बिन राशिद सेंटर फॉर लीडरशिप डेवलपमेंट, अरब होप मेकर्स, मिडिल ईस्ट एक्सचेंज, और मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम टॉलरेंस अवार्ड), जिस पर 2019 में 510,000 लाभार्थियों के लिए AED 181 मिलियन खर्च किए गए थे। <ref>{{Cite web|url=https://u.ae/en/about-the-uae/strategies-initiatives-and-awards/awards/peace|title=Tolerance and peace awards - The Official Portal of the UAE Government|website=u.ae|language=en|access-date=2022-04-25}}</ref>
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:संयुक्त अरब इमारात]]
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हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान
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{{Infobox Protected area
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'''[[हिक्काडुवा (श्रीलंका)|हिक्काडुवा]] राष्ट्रीय उद्यान''' [[श्रीलंका]] के तीन समुद्री राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। उद्यान में उच्च स्तर की जैव विविधता का एक शानदार [[मूँगा (जीव)|मूंगा चट्टान]] है। इस क्षेत्र को 18 मई, 1979 को एक वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था, और फिर 14 अगस्त, 1988 को विस्तारित भूमि क्षेत्र के साथ एक प्रकृति रिजर्व में अपग्रेड किया गया।<ref name="Senarathna 2009">{{si icon}} {{cite book|last=Senarathna|first=P.M.|title=Sri Lankawe Jathika Vanodhyana|publisher=Sarasavi publishers|year=2009|edition=2nd|pages=211–219|chapter=Hikkaduwa Jathika Udhyanaya|isbn=955-573-346-5}}</ref> लेकिन अगले 25 वर्षों में आगंतुकों की संख्या के विकास मूँगे की चट्टान की गिरावट में वृद्धि हुई। पारिस्थितिकी तंत्र के प्रभावों को कम करने के लिए इस क्षेत्र को 19 सितंबर, 2002 को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित किया गया।
==मौसम==
राष्ट्रीय उद्यान गीले क्षेत्र में स्थित है और यहां कि औसत वार्षिक वर्षा 2,000 मिलीमीटर (79 इंच) है।<ref name="iwmi.org" /> बारिश दक्षिण-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी मानसून दोनों मौसमों में क्रमशः अप्रैल-जून और सितंबर-नवंबर में प्राप्त होती है।<ref name="Senarathna 2009" /> अंतर-मानसून का मौसम शुष्क अवधि है और यह मौसम उद्यान की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। पानी का तापमान 28.0 ° -30.0 °C से होता है जबकि औसत वार्षिक तापमान वातावरण का 27 °C होता है।
==वनस्पति और जीव==
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==सन्दर्भ==
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{{श्रीलंका के राष्ट्रीय उद्यान}}
[[श्रेणी:श्रीलंका के राष्ट्रीय उद्यान]]
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वॉर (फ़िल्म)
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक फ़िल्म
| name = वॉर
| image = War film poster.jpg
| alt =
| caption = फ़िल्म का पोस्टर
| director = [[सिद्धार्थ आनन्द]]
| producer = [[आदित्य चोपड़ा]]
| screenplay = श्रीधर राघवन<br />[[आदित्य चोपड़ा]]
| story = [[आदित्य चोपड़ा]]
| writer = [[अब्बास अली]]{{Small|(संवाद)}}
| based_on =
| starring = [[ऋतिक रोशन]]<br />[[टाइगर श्रॉफ]]<br />[[वाणी कपूर]]
| music = [[विशाल-शेखर]]
| cinematography = बेंजामिन जेस्पर
| editing = आरिफ शेख
| studio = [[यश राज फिल्म्स]]
| distributor = यश राज फिल्म्स
| released = {{Film date|df=y|2019|10|02}}
| runtime =
| country = {{flag|भारत}}
| language = हिन्दी
| budget = ₹203 करोड़
(US $ 29 मिलियन)
<ref>{{Cite web|url=https://www.bollymoviereviewz.com/2019/10/war-budget-first-day-box-office-collection-all-time-record.html|title=War Budget & First Day Box Office Collection: All Time Record|date=2019-10-02|website=Bollymoviereviewz|language=en-US|access-date=2019-10-03|archive-url=https://web.archive.org/web/20191004025412/https://www.bollymoviereviewz.com/2019/10/war-budget-first-day-box-office-collection-all-time-record.html|archive-date=4 अक्तूबर 2019|url-status=dead}}</ref>
| gross = ₹475.79 करोड़
(US $ 68 मिलियन)
<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/war/box-office/|title=War Box Office Collection till Now {{!}} Box Collection - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|language=en|access-date=2019-10-03|archive-url=https://web.archive.org/web/20190715070700/https://www.bollywoodhungama.com/movie/war/box-office/|archive-date=15 जुलाई 2019|url-status=live}}</ref>
}}
'''''वॉर''''' 2019 की एक [[भारतीय]] [[हिन्दी]] एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जो [[सिद्धार्थ आनन्द]] द्वारा निर्देशित है। [[आदित्य चोपड़ा]] द्वारा अपने बैनर [[यश राज फिल्म्स]] के तहत निर्मित इस फ़िल्म में [[ऋतिक रोशन]], उपदेश कुमार सिंह [[टाइगर श्रॉफ]] और [[वाणी कपूर]] मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि [[आशुतोष राणा]] एवं [[अनुप्रिया गोयनका]] ने सहायक भूमिकाओं को निभाया हैं। यह फिल्म एक ऐसे व्यक्ति का अनुसरण करती है, जिसका सामना तब अपने गुरु से होता है, जब किसी मुद्दे पे वे दोनों एक-दूसरे के विरुद्ध खड़े हो जाते हैं।
फिल्म की घोषणा [[यश राज फिल्म्स]] ने २७ सितम्बर २०१७ को [[यश चोपड़ा]] की जयंती के अवसर पर की थी। यह [[ऋतिक रोशन]] और [[टाइगर श्रॉफ]] अभिनीत एक रोमांचक एक्शन फ़िल्म होनी थी, जिसे तब २५ जनवरी २०१९ को रिलीज़ किया जाना प्रस्तावित था। फिल्म की प्रधान फोटोग्राफी सितम्बर २०१८ के दूसरे सप्ताह में शुरू हुई, और मार्च २०१९ में समाप्त हुई। शुरुआत में फिल्म का शीर्षक '''फाइटर्स''' तय किया गया था, जिसे १५ जुलाई २०१९ को आधिकारिक टीज़र जारी होने के बाद वर्तमान शीर्षक से बदल दिया गया था।
2 अक्टूबर, 2019 को [[गांधी जयंती]] के अवसर पर भारत में ''वॉर'' नाटकीय रूप से रिलीज़ हुई। फिल्म को रोशन और श्रॉफ के प्रदर्शन और एक्शन सीक्वेंस के लिए प्रशंसा के साथ आलोचकों से ज्यादातर सकारात्मक समीक्षा मिली, लेकिन इसकी पूर्वानुमेय कहानी के लिए आलोचना की गई।
वॉर ने भारत में एक बॉलीवुड फिल्म के लिए सबसे ज्यादा ओपनिंग डे कलेक्शन का रिकॉर्ड बनाया। '''₹475 [[करोड़]]''' से अधिक की विश्वव्यापी कमाई के साथ ही यह एक '''व्यावसायिक सफलता''' के रूप में उभरी, एवं 2019 की दूसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी । '''पहले रैंक पर''' [[प्रभास|'''सुपरस्टार प्रभास''']] की [[साहो|'''''साहो''''']] फिल्म है जिसने '''₹ 500 करोड़''' से अधिक कमाई की थी ।
== कहानी ==
भारतीय सैनिक, खालिद को कबीर को खत्म करने का काम सौंपा जाता है, जो एक पूर्व भारतीय सैनिक था, लेकिन भारत के कुछ दुश्मनो को मारने के लिए, वह सबकी नज़र में अपने आपको देश द्रोही बना लेता है और छुप- छुप कर भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों का खात्मा करता है। फिल्म काफी सस्पेन्सों से भरी पड़ी है,लेकिन जैसे-जैसे परत दर परत खुलती जायेगी दर्शकों की दिलचस्पी भी बढ़ती जाएगी। फिल्म अपने मनोरंजन के वादे को पूरा करती है और दर्शकों की उम्मीद पर खरी उतरी है।
== पात्र ==
* [[ऋतिक रोशन]] - लेफ्टिनेंट मेजर कबीर लूथरा
* [[टाइगर श्रॉफ]] - लेफ्टिनेंट कैप्टन खालिद रहमानी
* [[वाणी कपूर]]
* [[आशुतोष राणा]]
* [[अनुप्रिया गोयनका]]
* [[दिपण्णिता शर्मा]]
== निर्माण ==
=== विकास ===
२७ सितम्बर २०१७ को [[यश चोपड़ा]] की जयंती के अवसर पर, [[यश राज फिल्म्स]] ने [[ऋतिक रोशन]] और [[टाइगर श्रॉफ]] अभिनीत एक रोमांचक एक्शन फिल्म की घोषणा की,<ref name = "दैनिक जागरण २९ सितम्बर २०१७">{{cite news |last1=अनुप्रिया |first1=वर्मा |title=यश चोपड़ा को बर्थडे नज़राना: ११ साल बाद यशराज लौटे रितिक, करेंगे इनके साथ हीरोपंती |url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-vishesh-hrithik-roshan-back-to-yashraj-films-as-he-do-next-with-tiger-shroff-16776844.html |accessdate=१७ अगस्त २०१९ |publisher=[[दैनिक जागरण]] |location=[[मुम्बई]] |date=२९ सितम्बर २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20190817145527/https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-vishesh-hrithik-roshan-back-to-yashraj-films-as-he-do-next-with-tiger-shroff-16776844.html |archive-date=17 अगस्त 2019 |url-status=live }}</ref> जिसे २५ जनवरी २०१९ को रिलीज़ किया जाना प्रस्तावित था। तब माना जा रहा था कि यह फिल्म [[सिलवेस्टर स्टैलोन]] की १९८२ की फ़िल्म [[फर्स्ट ब्लड]] की रीमेक होगी, और इसका नाम रैम्बो रखा जा सकता है।<ref name = "अमर उजाला २७ सितम्बर २०१७">{{cite news |last1=श्रवण |first1=शुक्ला |title=यश चोपड़ा के ८५वें बर्थडे पर यशराज बैनर का बड़ा ऐलान, हर कोई हैरान |url=https://www.amarujala.com/photo-gallery/entertainment/bollywood/hrithik-roshan-vs-tiger-shroff-in-next-movie-of-yash-raj-films-it-will-be-remake-of-hollywood-film?pageId=6 |accessdate=१७ अगस्त २०१९ |publisher=[[अमर उजाला]] |date=२७ सितम्बर २०१७}}</ref> [[सिद्धार्थ आनन्द]] द्वारा निर्देशित इस फिल्म में ऋतिक और टाइगर ने पहली बार स्क्रीन स्पेस साझा किया। यह ऋतिक की वाईआरएफ के साथ [[धूम 2|धूम २]] (२००६) के ग्यारह साल बाद पहली सहकार्यता,<ref name = "दैनिक जागरण २९ सितम्बर २०१७" /><ref name = "नवोदय टाइम्स २८ सितम्बर २०१७">{{cite news |title=११ साल बाद यशराज बैनर के साथ ऋतिक रोशन करेंगे इनके साथ हीरोपंती |url=https://www.navodayatimes.in/news/filmi-duniya/hrithik-roshan-with-yash-raj-banner-11-years-later/57049/ |accessdate=१७ अगस्त २०१९ |publisher=नवोदय टाइम्स |date=२८ सितम्बर २०१७ |location=[[नई दिल्ली]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20190817151024/https://www.navodayatimes.in/news/filmi-duniya/hrithik-roshan-with-yash-raj-banner-11-years-later/57049/ |archive-date=17 अगस्त 2019 |url-status=dead }}</ref> जबकि टाइगर की पहली वाईएफएफ फिल्म है। १२ अक्टूबर २०१७ को यशराज फिल्म्स ने अपने ट्विटर हैंडल पर पुष्टि की कि [[वाणी कपूर]] को मुख्य भूमिका निभाने के लिए चयनित किया गया है।<ref name = "फर्स्टपोस्ट १२ अक्टूबर २०१७">{{cite news |last1=आकाश |first1=जायसवाल |title=यशराज की फिल्म में ऋतिक की होंगी वाणी कपूर |url=https://hindi.firstpost.com/entertainment/hrithik-roshan-with-vaani-kapoor-and-tiger-shroff-yashraj-films-new-announcement-hrithik-vs-tiger-vaani-kapoore-romance-with-hrithik-roshan-new-film-59832.html |accessdate=१७ अगस्त २०१९ |publisher=[[फर्स्टपोस्ट]] |date=१२ अक्टूबर २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20190817152831/https://hindi.firstpost.com/entertainment/hrithik-roshan-with-vaani-kapoor-and-tiger-shroff-yashraj-films-new-announcement-hrithik-vs-tiger-vaani-kapoore-romance-with-hrithik-roshan-new-film-59832.html |archive-date=17 अगस्त 2019 |url-status=dead }}</ref><ref name = "अमर उजाला १२ अक्टूबर २०१७">{{cite news |last1=श्रवण |first1=शुक्ला |title=वाणी कपूर के हाथ लगा जैकपॉट, अब इश्क फरमाएंगी ऋतिक रोशन के साथ |url=https://www.amarujala.com/photo-gallery/entertainment/bollywood/vaani-kapoor-to-star-opposite-hrithik-roshan-in-yashraj-films-s-next-big-budget-movie |accessdate=१७ अगस्त २०१९ |publisher=[[अमर उजाला]] |date=१२ अक्टूबर २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20190817151022/https://www.amarujala.com/photo-gallery/entertainment/bollywood/vaani-kapoor-to-star-opposite-hrithik-roshan-in-yashraj-films-s-next-big-budget-movie |archive-date=17 अगस्त 2019 |url-status=live }}</ref> अपने चरित्र की तैयारी करने के लिए वाणी ने १० सप्ताह तक प्रशिक्षण लिया।<ref name = "अमर उजाला १६ अगस्त २०१९">{{cite news |title=यास्मीन कराचीवाला का खुलासा, 'वॉर' फिल्म के लिए ऐसे फिट हुईं वाणी कपूर |url=https://www.amarujala.com/photo-gallery/entertainment/bollywood/yasmin-karachiwala-says-vaani-kapoor-exercise-10-week-daily-for-war-film |accessdate=१७ अगस्त २०१९ |publisher=[[अमर उजाला]] |date=१६ अगस्त २०१९ |archive-url=https://web.archive.org/web/20191002200716/https://www.amarujala.com/photo-gallery/entertainment/bollywood/yasmin-karachiwala-says-vaani-kapoor-exercise-10-week-daily-for-war-film |archive-date=2 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref>
[[हॉलीवुड]] और [[दक्षिण कोरिया]] के दो अंतर्राष्ट्रीय एक्शन कोरियोग्राफरों को फ़िल्म के एक्शन सीक्वेंस डिजाइन करने के लिए नियुक्त किया गया था। सिद्धार्थ ने कहा, “हम अपने देश में बनने वाली एक्शन फिल्मों के बेंचमार्क को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए, हम सबसे बड़े और आकर्षक-शानदार दृश्यों में से कुछ को डिजाइन करने के लिए दो सबसे बड़े एक्शन कोरियोग्राफर को एक साथ ला रहे हैं। एक तरफ, हमारे पास हॉलीवुड से एंडी आर आर्मस्ट्रांग हैं और दूसरी तरफ, हमारे पास मिस्टर ओह हैं, जो [[दक्षिण कोरिया]] के एक उत्कृष्ट मार्शल आर्ट एक्शन कोरियोग्राफर हैं।"
=== फिल्मांकन ===
फिल्म की प्रधान फोटोग्राफी सितम्बर २०१८ के दूसरे सप्ताह में शुरू हुई। फ़िल्म की शूटिंग [[स्पेन]], [[जॉर्जिया]], [[स्वीडन]] और [[पुर्तगाल]] समेत छह देशों और विश्वभर के १४ शहरों में की गई थी।<ref>{{cite news |title=ऋतिक और टाइगर का एक्शन पैक्ड वॉर, सामने आई मोस्ट अवेटेड फिल्म की पहली झलक |url=https://www.bhaskar.com/bollywood/news/hrithik-roshan-and-tiger-shroff-action-packed-film-war-teaser-out-01595599.html |accessdate=१७ अगस्त २०१९ |publisher=दैनिक भास्कर |date=१६ जुलाई २०१९ |archive-url=https://web.archive.org/web/20190930144124/https://www.bhaskar.com/bollywood/news/hrithik-roshan-and-tiger-shroff-action-packed-film-war-teaser-out-01595599.html |archive-date=30 सितंबर 2019 |url-status=live }}</ref> फिल्म में दोनों सितारों के बीच एक नृत्य प्रतियोगता भी है। फिल्मांकन शेड्यूल मार्च २०१९ की शुरुआत में समाप्त हो गया था।
== विपणन तथा रिलीज़ ==
वॉर को २ अगस्त २०१९ को [[गांधी जयंती]] त्यौहार के उपलक्ष्य में [[आईमैक्स]] प्रारूप में जारी किया जाना निर्धारित है। [[हिन्दी भाषा|हिन्दी]] के अतिरिक्त इस फ़िल्म को [[तमिल भाषा|तमिल]] और [[तेलुगू भाषा|तेलुगू]] भाषाओं में भी जारी किया जायेगा।<ref>{{cite news |title=फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए ऋतिक ने कहा, 'शब्दों से ज्यादा एक्शन से बात करूंगा टाइगर' |url=https://www.livehindustan.com/entertainment/story-tiger-shroff-and-hrithik-roshan-film-war-new-poster-release-today-2685744.html |accessdate=१७ अगस्त २०१९ |publisher=[[हिन्दुस्तान (समाचार पत्र)|हिन्दुस्तान]] |date=१२ अगस्त २०१९ |location=[[नई दिल्ली]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20190913225343/https://www.livehindustan.com/entertainment/story-tiger-shroff-and-hrithik-roshan-film-war-new-poster-release-today-2685744.html |archive-date=13 सितंबर 2019 |url-status=dead }}</ref> फिल्म का आधिकारिक टीज़र १५ जुलाई २०१९ को यशराज फिल्म्स द्वारा जारी किया गया था।
== संगीत ==
{{Infobox album
| Name = वॉर
| Type = [[फ़िल्म एल्बम]]
| Artist = [[विशाल-शेखर]]
| Cover =
| Alt =
| Released =
| Recorded =
| Venue =
| Studio =
| Genre = [[बॉलीवुड संगीत]]
| Length =
| Label = [[वाईआरएफ म्यूज़िक]]
| Producer =
}}
फ़िल्म में संगीत [[विशाल-शेखर]] द्वारा दिया गया है, जबकि इसके गीत कुमार ने लिखे हैं।
== समीक्षक समीक्षा ==
सकारात्मक समीक्षाओं के बीच, [[बॉलीवुड हँगामा|बॉलीवुड हंगामा के]] लिए एक लेखक ने फिल्म को पांच में से चार सितारे दिए, और कहा " ''वॉर'' एक एक्शन एंटरटेनर है जिसमें दर्शकों को बांधे रखने के लिए शैली के साथ-साथ पर्याप्त ट्विस्ट और टर्न हैं। बॉक्स ऑफिस पर, विस्तारित सप्ताहांत, चमकदार एक्शन, आश्चर्यजनक अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस और स्टाइलिश निष्पादन फिल्म के लिए विशाल फुटफॉल सुनिश्चित करेगा।" <ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/war/critic-review/|title=Movie Review: War|website=Bollywood Hungama|access-date=2 October 2019}}</ref> ''[[रिपब्लिक टीवी|रिपब्लिक वर्ल्ड]]'' ने फिल्म को पांच में से साढ़े चार स्टार देते हुए लिखा, "एपिक एक्शन तमाशा, एक निर्विवाद पटकथा पर सवारी, विश्व स्तरीय एक्शन, तेज-तर्रार और रोमांचकारी पटकथा। ऋतिक रोशन का अभिनय प्रतिष्ठित है, टाइगर श्रॉफ ने करियर का सर्वश्रेष्ठ अभिनय किया है। सिद्धार्थ की दूरदृष्टि और निर्देशन उत्कृष्ट है।" <ref>{{Cite web|url=https://www.republicworld.com/entertainment-news/bollywood-news/war-first-day-movie-reviews-here-are-initial-reactions-from-viewers|title=War – first-day movie reviews: Here are initial reactions from viewers|last=World|first=Republic|website=Republic World|access-date=2 October 2019}}</ref> [[तरण आदर्श]] ने इसे पांच में से चार स्टार दिए और फिल्म को "[ई] स्कैपिस्ट सिनेमा अपने सर्वश्रेष्ठ" कहा। <ref>{{Cite web|url=https://twitter.com/taran_adarsh/status/1179638848982093825|title=#OneWordReview... #War: BLOCKBUSTER. Escapist cinema at its best... Aces: Hrithik and Tiger's power-packed act and chemistry + dazzling action pieces + stunning visual appeal + ample thrills, twists, suspense... Dear BO, get ready for the typhoon. #WarReviewpic.twitter.com/iHGtaSk8cl|last=adarsh|first=taran|date=2 October 2019|website=@taran_adarsh|language=en|access-date=3 October 2019}}</ref> ''फिल्म इंफॉर्मेशन'' की [[कोमल नाहटा]] ने कहा, "यह फिल्म यशराज फिल्म्स बैनर के लिए एक नई फ्रेंचाइजी की शुरुआत साबित हो सकती है।" <ref>{{Cite web|url=https://filminformation.com/featured/war-2-october-2019/|title='WAR' {{!}} 2 October 2019 – Film Information|last=Information|first=Film|language=en-US|access-date=3 October 2019}}</ref> ''[[इंडिया टीवी|इंडिया टीवी के]]'' लिए लेखन, सोनल ने फिल्म को पांच में से साढ़े तीन स्टार दिए, लिखते हुए, "ऋतिक रोशन, अब्बास मस्तान के टाइगर श्रॉफ थोड़े ट्विस्ट, टर्न, कैरेक्टर, सिचुएशन, लॉजिक, ग्रेविटी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, और कुछ एकता कपूर -एस्क ट्रिक्स सभी को एक साथ उछालकर एक शानदार दृश्य बनाने के लिए"। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatvnews.com/entertainment/movie-review/war-movie-review-hrithik-roshan-tiger-shroff-477|title=War movie review: Hrithik Roshan, Tiger Shroff's film is a flawed spectacle.|website=IndiaTV}}</ref>
न्यूज़ १८ के राजीव मसंद ने फ़िल्म को ५ में से २.५ स्टार दिए और कहा, "ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ दोनों ही एक्शन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, बड़े स्टाइलिश दृश्यों में स्वैग लाते हैं और आमने-सामने के पंच-अप में एक जीवंत ऊर्जा लाते हैं। फिल्म में।" <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/news/movies/war-movie-review-hrithik-roshan-tiger-shroff-film-gives-you-your-moneys-worth-2331655.html|title=War Movie Review: Hrithik Roshan-Tiger Shroff Film Gives You Your Money's Worth|last=Masand|first=Rajeev|date=3 October 2019|publisher=News18}}{{Rating|2.5|5}}</ref>
==अगली कड़ी==
फिल्म 'वार' के लॉन्च के दौरान, निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने इसकी सीक्वेल की शुरुआत के स्क्रिप्ट पर काम कर रहे होने की बात बताई थी और फिल्म को फ्रेंचाइजी बनाने की योजना बनाई थी, जो फिल्म के दर्शकों के प्रतिक्रिया पर निर्भर करता था।
4 अप्रैल 2023 को रिपोर्ट हुआ कि आयन मुकर्जी वॉर 2 को निर्देशित करेंगे और 5 अप्रैल 2023 को पुष्टि हुई कि N. T. Rama Rao Jr. को मुख्य किरदार के रूप में फिल्म में शामिल किया गया है, फिल्म 2023 के अंत तक शूटिंग में जाएगी।.<ref>{{cite web|title=WAR 2: Jr NTR Joins Hrithik Roshan and Tiger Shroff In War 2 Directed By Ayan Mukerji|url=https://indianpaperink.in/entertainment/war-2-jr-ntr-joins-hrithik-roshan-tiger-shroff-war-2/|website=Indian Paper Ink|date=5 April 2023|access-date=5 April 2023|archive-date=5 अप्रैल 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230405104951/https://indianpaperink.in/entertainment/war-2-jr-ntr-joins-hrithik-roshan-tiger-shroff-war-2/|url-status=dead}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
* [[वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
*{{facebook|id=War-375420896497046}}
*{{IMDb title|7430722}}
*{{Rotten Tomatoes|war_2019}}
*[[बॉलीवुड हंगामा]] पर [https://web.archive.org/web/20190717102703/https://www.bollywoodhungama.com/movie/war/ ''वॉर'']
*[[बॉलीवुड हंगामा]] पर [https://technicalmasterminds.net/ technical masterminds]
*[[बॉलीवुड हंगामा]] पर [https://www.youtube.com/watch?v=sTxtY8aNpz0 ''वॉर'']
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
{{यश राज फ़िल्म्स}}
[[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में]]
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सदस्य वार्ता:Bhagirath bidhudi dholpur
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-- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 08:25, 25 अगस्त 2019 (UTC)
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Rajasthan rajya ke dholpur jile ke pahadi ilake jaha Vindhyachal parvatmala ki pahadiyan hai in pahadiyon ke bich ek kamal ki tarah chamkata kila hai jiske charo taraf haribhari pedo ki badiyan kamal ke saman lal durg ki lataon ke saman hai.yah durg rehasya mayi kahaniyon prem gathao se bharpur hai jiski jankari agle chapter baya karenge. Yah kila dholpur ke shergarh kile se bilkul alag ajib durg hai.bhagirath bidhudi dholpur Rajasthan [[विशेष:योगदान/~2026-17965-57|~2026-17965-57]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-17965-57|वार्ता]]) 04:05, 29 मार्च 2026 (UTC)
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विश्व वन्यजीव दिवस
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{{ज्ञानसन्दूक त्योहार
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}}
[[संयुक्त राष्ट्र महासभा]] ने २० दिसंबर २०१३ को, अपने ६८ वें सत्र में, अपने प्रस्ताव UN ६८/२०५ में, ३ मार्च १९७३ में हुए 'जंगली जीव और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन' (CITES) को '''विश्व वन्यजीव दिवस''' अपनाने का दिन घोषित करने का निर्णय लिया जिसे थाईलैंड द्वारा,<ref>{{Cite web|url=https://cites.org/sites/default/files/eng/cop/16/doc/E-CoP16-24.pdf|title=CITES CoP16 document CoP16 Doc. 24 (Rev. 1) on World Wildlife Day|access-date=29 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20160509183532/https://cites.org/sites/default/files/eng/cop/16/doc/E-CoP16-24.pdf|archive-date=9 मई 2016|url-status=dead}}</ref> दुनिया के जंगली जीवों और [[वनस्पति (फ्लोरा)|वनस्पतियों]] के बारे में जागरूकता बढ़ाने और मनाने के लिए प्रस्तावित किया गया था।
== उद्देश्य ==
3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस के रूप में नामित करने का मुख्य उद्देश्य दुनिया के वन्य जीवों और वनस्पतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है ।
जिसकी शुरुआत थाईलैंड द्वारा दुनिया के जंगली जीवों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और मनाने के लिए प्रस्तावित किया गया था।। महासभा ने वन्यजीवों के पारिस्थितिक, आनुवांशिक,वैज्ञानिक, सौंदर्य सहित विभिन्न प्रकार से अध्ययन अध्यापन को बढ़ावा देने को प्रेरित किया ।
विभिन्न जीवों और वनस्पतियों की प्रजातियों के अस्तित्व की रक्षा भी इसका उद्देश्य कहा जा सकता है।
== महत्व ==
* जंगली जीवों और पौधों का अद्भुत संरक्षण आवश्यक है।
* इन्हें संरक्षित करने से भूमि पर जीवन को संभाला जा सकता है।
* वन्य जीवों के लुप्त होने से पर्यावरणीय संतुलन और विकास पर असर पड़ता है।
* यह दिन हमें संगठन के रूप में मिलकर काम करने की प्रेरणा देता है, ताकि हम सभी साझा उत्तरदायित्व के एक भाग के रूप में पृथ्वी के संरक्षण में योगदान कर सकें।<ref>{{Cite web|url=https://www.nstfdc.in/2024/03/world-wildlife-day-2024-education-contribution-wildlife-conservation-hindi.html|title="विश्व वन्यजीव दिवस (World Wildlife Day 2024): जीवों के संरक्षण के लिए विश्वासनीय संगठन"|date=2024-03-02|website=NSTFDC.IN|language=en|access-date=2024-03-02|archive-date=2 मार्च 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240302084539/https://www.nstfdc.in/2024/03/world-wildlife-day-2024-education-contribution-wildlife-conservation-hindi.html|url-status=dead}}</ref>
== यूएनजीए संकल्प ==
अपने प्रस्ताव में, <ref>{{Cite web|url=https://cites.org/sites/default/files/eng/news/pr/2013/UNGA_res_68.205_world_wildlife_day.pdf|title=Resolution of the United Nations General Assembly on World Wildlife Day|access-date=29 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20160509193557/https://cites.org/sites/default/files/eng/news/pr/2013/UNGA_res_68.205_world_wildlife_day.pdf|archive-date=9 मई 2016|url-status=dead}}</ref> महासभा ने वन्यजीवों के आंतरिक मूल्य और पारिस्थितिक, आनुवांशिक, सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, मनोरंजन और सौंदर्य सहित विभिन्न योगदानों की पुष्टि की, ताकि [[संधारणीय विकास|सतत विकास]] और मानव [[भलाई|कल्याण हो]] ।
महासभा ने [[बैंकॉक|बैंकाक]] में ३ से १४ मार्च २०१३ तक विशेष रूप से संकल्प सम्मेलन में आयोजित पार्टियों के सम्मेलन की 16 वीं बैठक के परिणाम पर ध्यान दिया। १६.१ <ref>{{Cite web|url=http://www.cites.org/eng/res/16/16-01.php|title=Resolution Conf. 16.1 of the Conference of the Parties to CITES on World Wildlife Day|access-date=29 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20160804063028/https://cites.org/eng/res/16/16-01.php|archive-date=4 अगस्त 2016|url-status=live}}</ref> ३ मार्च के रूप में नामित करना, ताकि दुनिया के वन्य जीवों और वनस्पतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके, और यह सुनिश्चित करने में CITES की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता दी कि जिससे वह यह सुनिश्चित कर सके की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से प्रजातियों के अस्तित्व को खतरा नहीं है। <ref>{{Cite web|url=http://www.cites.org/eng/news/pr/2012/20120627_RIO+20.php|title=Rio+20 recognizes the important role of CITES|access-date=29 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20170714105042/https://www.cites.org/eng/news/pr/2012/20120627_RIO%2B20.php|archive-date=14 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref>
महासभा ने विश्व वन्यजीव दिवस के कार्यान्वयन की सुविधा के लिए, [[संयुक्त राष्ट्र]] प्रणाली के संबंधित संगठनों के साथ मिलकर CITES सचिवालय का अनुरोध किया।
== विषय-वस्तु ==
'''2024''' : 2024 की थीम [https://www.nstfdc.in/2024/03/world-wildlife-day-2024-education-contribution-wildlife-conservation-hindi.html "लोगों और ग्रह को जोड़ना:] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240302084539/https://www.nstfdc.in/2024/03/world-wildlife-day-2024-education-contribution-wildlife-conservation-hindi.html |date=2 मार्च 2024 }} वन्यजीव संरक्षण में डिजिटल नवाचार की खोज"
'''२०२३''' : २०२३ की थीम "वन्यजीव संरक्षण के लिए साझेदारी" है<ref>{{Cite web|url=https://www.hindi.studyaffairs.in/daily-current-affairs/world-wildlife-day/|title=विश्व वन्यजीव दिवस : जानें उद्देश्य, थीम और इतिहास|last=admin|date=2023-03-03|website=स्टडी अफेयर्स|language=en-US|access-date=2023-03-03|archive-date=3 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230303055941/https://www.hindi.studyaffairs.in/daily-current-affairs/world-wildlife-day/|url-status=dead}}</ref>
'''२०२०''' : २०२० की थीम "पृथ्वी पर जीवन कायम रखना" है <ref>{{Cite web|url=https://www.cites.org/eng/news/sustaining_all_life_on_Earth_announced_as_theme_of_World_Wildlife_Day_2020_19112019|title=Sustaining all life on earth announced as theme for next world wildlife day|access-date=29 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200202205133/https://www.cites.org/eng/news/sustaining_all_life_on_Earth_announced_as_theme_of_World_Wildlife_Day_2020_19112019|archive-date=2 फ़रवरी 2020|url-status=dead}}</ref>
'''२०१९''' : २०१९ की थीम है "पानी के नीचे जीवन: लोगों और ग्रह के लिए" <ref>{{Cite web|url=https://cites.org/eng/news/focusing-on-marine-species-for-the-first-time-the-next-world-wildlife-day-is-bound-to-make-a-splash_16112018|title=Focusing on marine species for the first time, the next World Wildlife Day is bound to make a splash|access-date=29 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20190221225028/https://cites.org/eng/news/focusing-on-marine-species-for-the-first-time-the-next-world-wildlife-day-is-bound-to-make-a-splash_16112018|archive-date=21 फ़रवरी 2019|url-status=dead}}</ref>
'''२०१८''' : २०१८ की थीम "बड़ी बिल्लियां - शिकारियों के खतरे में" है। <ref>{{Cite web|url=https://cites.org/eng/news/pr/100_days_until_UN_World_Wildlife_Day_2018_23112017|title=100 days until UN World Wildlife Day 2018|access-date=29 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20180118014946/https://cites.org/eng/news/pr/100_days_until_UN_World_Wildlife_Day_2018_23112017|archive-date=18 जनवरी 2018|url-status=dead}}</ref>
'''२०१७''' : २०१७ की थीम "युवा आवाज सुनो" है। <ref>{{Cite web|url=https://cites.org/eng/engaging_and_empowering_the_youth_is_the_call_of_next_years_UN_World_Wildlife_Day_19122016|title=Engaging and empowering the youth is the call of next year's UN World Wildlife Day|access-date=29 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20170802142751/https://cites.org/eng/engaging_and_empowering_the_youth_is_the_call_of_next_years_UN_World_Wildlife_Day_19122016|archive-date=2 अगस्त 2017|url-status=dead}}</ref>
'''२०१६''' : २०१६ का थीम है "वन्यजीवों का भविष्य हमारे हाथ में है", एक उप-थीम "हाथियों का भविष्य हमारे हाथों में है"।
'''२०१५''' :२०१५ की थीम "वन्यजीव अपराध के बारे में अब गंभीर होने का समय है"।
== इन्हें भी देखें ==
# [https://www.nstfdc.in/2024/02/national-science-day-history-importance-objective-hindi.html राष्ट्रीय विज्ञान दिवस] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240226132137/https://www.nstfdc.in/2024/02/national-science-day-history-importance-objective-hindi.html |date=26 फ़रवरी 2024 }}
# विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस
# [[विश्व आद्रभूमि दिवस|विश्व आद्र भूमि दिवस]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20191105063352/https://www.un.org/en/events/wildlifeday/ UN.org पर विश्व वन्यजीव दिवस पृष्ठ]
* [https://web.archive.org/web/20200205165152/https://www.wildlifeday.org/ विश्व वन्यजीव दिवस की आधिकारिक वेबसाइट]
* [https://web.archive.org/web/20191209180252/https://www.facebook.com/WorldWildlifeDay/ विश्व वन्यजीव दिवस का आधिकारिक फेसबुक पेज]
* [https://web.archive.org/web/20160224104136/https://www.flickr.com/photos/worldwildlifeday/ विश्व वन्यजीव दिवस का आधिकारिक फ़्लिकर पेज]
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{{Infobox settlement
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'''पांढुरना''' [[भारत]] के [[मध्य प्रदेश]] राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित एक नगर है, जो [[पांढुरना ज़िला]] का मुख्यालय है। यह नगर राष्ट्रीय राजमार्ग 47 (NH-47) तथा दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे मार्ग पर अवस्थित है। पांढुरना जाम नदी के तट पर बसा है, जिसके किनारे प्रतिवर्ष विश्व प्रसिद्ध [[गोटमार मेला]] आयोजित किया जाता है।<ref>{{cite web |title=पांढुरना (Pandhurna) जानकारी |url=https://www.aajtak.in/topic/pandhurna |website=AajTak |access-date=27 March 2026 |language=hi |publisher=India Today}}</ref>
== भौगोलिक एवं आर्थिक स्थिति ==
पांढुरना मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नगर है, जहाँ कृषि मुख्य व्यवसाय है। क्षेत्र की काली मिट्टी संतरा एवं कपास की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है, इसलिए यहाँ के किसान मुख्यतः ख़रीफ़ ऋतु में इन फ़सलों का उत्पादन करते हैं। इसके अतिरिक्त सोयाबीन, मूँगफली, फूलगोभी, चना और गेहूँ भी प्रमुख फ़सलें हैं।
नगर में खाद्य तेल एवं कपास से संबंधित कई उद्योग स्थापित हैं। यहाँ तेल मिलें, कपास प्रसंस्करण इकाइयाँ तथा अन्य खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र स्थित हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
भौगोलिक रूप से पांढुरना विदर्भ क्षेत्र के निकट स्थित है, जिसके कारण यहाँ हिंदी के साथ-साथ मराठी और गोंडी भाषाएँ भी प्रचलित हैं। पांढुरना क्षेत्र संतरे के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है, जिनका व्यापार मुख्यतः नागपुर के बाज़ारों में किया जाता है।
प्रशासनिक दृष्टि से पांढुरना नगर पालिका क्षेत्र को 30 वार्डों में विभाजित किया गया है, जिनके लिए प्रत्येक पाँच वर्ष में चुनाव आयोजित होते हैं। 2011 की भारतीय जनगणना के अनुसार, पांढुरना नगर पालिका की कुल जनसंख्या 193,818 थी, जिसमें 100,657 पुरुष एवं 93,156 महिलाएँ शामिल थीं। 0–6 आयु वर्ग के बच्चों की जनसंख्या 4,986 थी, जो कुल जनसंख्या का लगभग 10.96% है।
नगर का लिंगानुपात 937 है, जो मध्य प्रदेश के औसत 931 से अधिक है। बाल लिंगानुपात लगभग 959 है, जो राज्य के औसत 918 से अधिक है। पांढुरना की औसत साक्षरता दर 87.03% है, जो राज्य के औसत 69.32% से अधिक है; इसमें पुरुष साक्षरता दर 91.02% तथा महिला साक्षरता दर 82.76% है।
== प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थल ==
* [[गोटमार मेला]]
* घोगरा जलप्रपात
* जामसावली हनुमान मंदिर (सौंसर)
* अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, मोहगाँव हवेली (सौंसर)
* साईं टेकड़ी मंदिर, पांढुरना
* छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, पांढुरना
== इन्हें भी देखें ==
* [[छिंदवाड़ा ज़िला]]
* [[पांढुरना ज़िला]]
* [[सौंसर]]
* [[लोधीखेड़ा]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मध्य प्रदेश के शहर]]
[[श्रेणी:पांढुरना ज़िला]]
[[श्रेणी:पांढुरना ज़िले के नगर]]
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सिद्धमुख
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{{Infobox settlement
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'''सिद्धमुख''' भारत के [[राजस्थान]] राज्य के [[चूरू जिला]] में स्थित एक कस्बा तथा तहसील मुख्यालय है। यह क्षेत्र राजस्थान के उत्तरी भाग में स्थित है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रशासनिक, शैक्षिक तथा व्यापारिक केंद्र के रूप में कार्य करता है। सिद्धमुख कस्बा क्षेत्रीय स्तर पर कृषि व्यापार तथा स्थानीय बाजार के कारण भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
== इतिहास ==
ऐतिहासिक रूप से सिद्धमुख क्षेत्र पूर्व में बीकानेर रियासत का हिस्सा रहा था। बीकानेर राज्य के प्रशासनिक ढाँचे के अंतर्गत यह क्षेत्र ग्रामीण राजस्व व्यवस्था का भाग था। भारत की स्वतंत्रता के बाद राजस्थान के गठन और प्रशासनिक पुनर्गठन के दौरान इस क्षेत्र को चूरू जिले में शामिल किया गया।
समय के साथ सिद्धमुख कस्बा आसपास के गाँवों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ। प्रशासनिक सुविधा और स्थानीय स्तर पर राजस्व कार्यों के बेहतर संचालन के लिए बाद में इसे तहसील मुख्यालय का दर्जा प्रदान किया गया।
== भूगोल ==
सिद्धमुख राजस्थान के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है और यह थार मरुस्थल के अर्ध-शुष्क क्षेत्र में आता है। यहाँ की जलवायु सामान्यतः शुष्क और गर्म रहती है। गर्मियों में तापमान काफी अधिक हो जाता है जबकि सर्दियों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहता है।
यह कस्बा सड़क मार्ग द्वारा चूरू जिले के अन्य प्रमुख नगरों तथा आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र में मुख्य रूप से रेतीली मिट्टी पाई जाती है जो मरुस्थलीय भूभाग की विशेषता है।
== प्रशासन ==
सिद्धमुख चूरू जिले की एक तहसील का मुख्यालय है। तहसील प्रशासन के अंतर्गत विभिन्न राजस्व तथा प्रशासनिक विभाग कार्य करते हैं, जो आसपास के अनेक गाँवों को प्रशासनिक सेवाएँ प्रदान करते हैं। तहसील कार्यालय भूमि अभिलेख, राजस्व मामलों तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित कार्यों का संचालन करता है।
== जनसांख्यिकी ==
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार सिद्धमुख की कुल जनसंख्या 7,767 थी। इनमें लगभग 4,056 पुरुष तथा 3,711 महिलाएँ शामिल थीं।
क्षेत्र की प्रमुख भाषाएँ हिन्दी और मारवाड़ी हैं। स्थानीय जनसंख्या मुख्य रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से संबंधित है और कृषि क्षेत्र में कार्यरत है।
== अर्थव्यवस्था ==
सिद्धमुख और इसके आसपास के क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। बाजरा, ग्वार, गेहूँ तथा सरसों यहाँ की प्रमुख फसलें हैं। इसके अतिरिक्त पशुपालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कृषि के अलावा स्थानीय बाजार, छोटे व्यापार तथा सेवा क्षेत्र भी क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं। आसपास के गाँवों के लोग अपने कृषि उत्पादों के व्यापार के लिए सिद्धमुख के बाजार का उपयोग करते हैं।
== शिक्षा ==
सिद्धमुख क्षेत्र में कई सरकारी और निजी विद्यालय स्थित हैं जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करते हैं। प्राथमिक तथा माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए क्षेत्र में विभिन्न विद्यालय संचालित हैं।
यहाँ स्थित '''श्रीमती शकुंतला देवी राजकीय महाविद्यालय, सिद्धमुख''' की स्थापना वर्ष 2022 में की गई थी। यह महाविद्यालय [[महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय]], बीकानेर से संबद्ध है और स्नातक स्तर की शिक्षा प्रदान करता है। इस महाविद्यालय की स्थापना से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम हुई है।
== परिवहन ==
सिद्धमुख सड़क मार्ग द्वारा चूरू जिले के अन्य नगरों तथा आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र में राज्य मार्गों और स्थानीय सड़कों के माध्यम से यातायात की सुविधा उपलब्ध है।
यहाँ '''सिद्धमुख रेलवे स्टेशन''' भी स्थित है, जो उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आता है और क्षेत्रीय रेल संपर्क प्रदान करता है।
== राजनीति ==
सिद्धमुख [[सादुलपुर विधानसभा क्षेत्र (राजस्थान)]] के अंतर्गत आता है तथा [[चूरू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र]] का हिस्सा है। <ref>{{cite web |title=चूरू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र |url=https://ceorajasthan.nic.in |publisher=Chief Electoral Officer, Rajasthan |access-date=29 मार्च 2026}}</ref>
<ref>{{cite web |title=Parliamentary Constituencies |url=https://eci.gov.in |publisher=Election Commission of India |access-date=29 मार्च 2026}}</ref>
== संदर्भ ==
<references/>
* [https://censusindia.gov.in Census of India 2011 – Registrar General of India]
* [https://hte.rajasthan.gov.in Rajasthan Higher Education Department]
* [https://mgsubikaner.ac.in Maharaja Ganga Singh University, Bikaner]
[[श्रेणी:चूरू जिला]]
[[श्रेणी:राजस्थान के शहर और कस्बे]]
[[श्रेणी:राजस्थान की तहसीलें]]
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शापेजा क्रिकेट लीग 2020
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{{Infobox cricket tournament
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| player of the series = [[अज़मतुल्लाह उमरज़ई]]<br>[[करीम जनत]]<ref>{{cite web |url=https://www.cricket.af/post/ayobi-kabul-eagles-lift-shpageeza-title-in-a-thrilling-final/english |title=Ayobi Kabul Eagles lift Shpageeza Title in a thrilling Final |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=16 September 2020 |archive-date=28 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230728010820/https://cricket.af/post/ayobi-kabul-eagles-lift-shpageeza-title-in-a-thrilling-final/english |url-status=dead }}</ref>
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}}
'''2020 शापेजा क्रिकेट लीग''' 2013 में अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) द्वारा स्थापित <ref>{{cite web|url=https://www.cricket.af/post/five-companies-awarded-ownership-rights-of-scl7/english |title=Five companies awarded ownership rights of SCL7 |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=12 August 2020}}</ref> एक पेशेवर ट्वेंटी 20 क्रिकेट (टी 20) लीग के सातवें संस्करण [[शापेजा क्रिकेट लीग]] का सातवाँ संस्करण था और आधिकारिक संस्करण टी 20 का दर्जा पाने वाला तीसरा संस्करण था। [[कोविड-19]] महामारी के कारण जनस्वास्थ्य मंत्रालय के अनुरोध के बाद, टूर्नामेंट को जुलाई 2020 में होने की स्वीकृति दी गई।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.af/post/afghanistan-cricket-board-receives-government-approval-to-resume-domestic-cricket/english |title=Afghanistan Cricket Board Receives Government Approval to Resume Domestic Cricket |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=18 July 2020}}</ref> एसीबी ने यह भी पुष्टि की कि एक सफल टूर्नामेंट चलाना उनकी प्राथमिकता थी।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.af/post/the-success-of-the-shpageeza-and-the-APL-is-our-priority/english |title=Successful Shpageeza and APLT20 a priority: ACB Chairman |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=3 August 2020}}</ref>
यह टूर्नामेंट मूल रूप से काबुल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाने वाले मैचों के साथ<ref>{{cite web|url=https://tolonews.com/sport/shpageeza-cricket-league-begin-september-kabul |title=Shpageeza Cricket League to Begin in September in Kabul |work=Tolo News |accessdate=24 August 2020}}</ref> 13 से 25 सितंबर 2020 तक होने वाला था।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.af/post/rta-secures-broadcasting-rights-for-seventh-edition-of-scl/english |title=RTA secures broadcasting rights for seventh edition of SCL |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=18 July 2020}}</ref> हालांकि, 2020 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के साथ टकराव से बचने के लिए, टूर्नामेंट को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया था,<ref>{{Cite web|title=ACB reschedule Shpageeza Cricket League to avoid IPL clash|url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/113795/acb-reschedule-shpageeza-cricket-league-to-avoid-ipl-clash|access-date=17 August 2020|website=Cricbuzz|language=en}}</ref> जो खुद [[कोविड-19]] महामारी के कारण देरी हो गई थी।<ref>{{Cite web|title=Governing Council meeting on August 1 likely to finalise IPL 2020 schedule {{!}} ESPNcricinfo.com|url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/29547974/governing-council-meeting-august-1-likely-finalise-ipl-2020-schedule|access-date=17 August 2020|website=www.espncricinfo.com|language=en}}</ref> टूर्नामेंट में छह टीमों ने हिस्सा लिया<ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/cricketnext/news/afghanistans-sphageeza-cricket-league-to-begin-on-september-13-in-kabul-2723687.html |title=Afghanistan's Sphageeza Cricket League to Begin on September 13 in Kabul |work=Network18 Media and Investments Ltd |accessdate=19 July 2020}}</ref> और मिस एनाक नाइट्स डिफेंडिंग चैंपियन थीं।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/18041/report/1202469/mis-ainak-knights-vs-band-e-amir-dragons-final-shpageeza-cricket-league-2019-20 |title=Mohammad Nabi, Naveen-ul-Haq take Mis Ainak Knights to Shpageeza title |work=ESPN Cricinfo |accessdate=18 October 2019}}</ref>
20 अगस्त 2020 को टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों का मसौदा तैयार किया गया।<ref>{{cite web |url=https://noqta.news/2020/08/21/teams-bid-on-players-for-shpageeza-cricket-league-auction-3/ |title=Teams Bid on Players for Shpageeza Cricket League Auction |work=Tolo News |accessdate=24 August 2020 |archive-date=1 नवंबर 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231101160226/https://noqta.news/2020/08/21/teams-bid-on-players-for-shpageeza-cricket-league-auction-3/ |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web|url=https://crickettimes.com/2020/08/afghanistans-shpageeza-cricket-league-2020-complete-list-of-squads-and-players/ |title=Afghanistan's Shpageeza Cricket League 2020: Squads and complete list of players |work=Cricket Times |accessdate=24 August 2020}}</ref> एसीबी ने यह भी कहा कि 2020 के कैरिबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में भाग लेने वाले सभी अफगान खिलाड़ी सीपीएल के समापन से पहले अफगानिस्तान लौट आएं, इसलिए वे शोभेजा क्रिकेट लीग में खेलने के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/29737336/cpl-2020-rashid-khan,-mohammad-nabi,-mujeeb-ur-rahman-miss-playoffs |title=CPL 2020: Rashid Khan, Mohammad Nabi, Mujeeb Ur Rahman could miss playoffs |work=ESPN Cricinfo |accessdate=26 August 2020}}</ref> हालांकि, क्रिकेट वेस्टइंडीज के अध्यक्ष के साथ बातचीत के बाद, यह निर्णय लिया गया कि ये खिलाड़ी लौटने से पहले सीपीएल को समाप्त कर सकते हैं, जबकि आईपीएल अनुबंध वाले खिलाड़ी टूर्नामेंट को पूरी तरह से याद करेंगे।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/29809944/afghanistan-players-allowed-stay-back-cpl-clash-shpageeza-league |title=Rashid Khan, Mohammad Nabi, Mujeeb Ur Rahman to head directly to IPL from CPL |work=ESPN Cricinfo |accessdate=5 September 2020}}</ref>
टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में मिस ऐनक नाइट्स ने बैंड-ए-अमीर ड्रेगन को एक रन से हराया, जिसमें नाइट्स ने खेल के अंतिम ओवर से 13 रन का बचाव किया।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.af/post/mis-e-ainak-knights-emerge-triumphant-in-a-thrilling-tournament-opener-/english |title=Mis-e Ainak Knights emerge triumphant in a thrilling tournament opener |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=6 September 2020}}</ref>
टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में प्रगति के लिए काबुल ईगल्स, मिस ऐनक नाइट्स, बैंड-ए-आमिर ड्रेगन और बूस्ट डिफेंडर्स ग्रुप चरण में शीर्ष चार स्थानों पर समाप्त हुए। पहले क्वालीफायर में, काबुल ईगल्स ने मिस ऐनक नाइट्स को चार विकेट से हराया। इसलिए, ईगल्स सीधे फाइनल में पहुंच गया, जिसके साथ नाइट्स दूसरे क्वालीफायर मैच में चले गए।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.af/post/azmatullah,-noor-ali-take-eagles-to-finals-/english |title=Azmatullah, Noor ali take Eagles to Finals |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=14 September 2020}}</ref> एलिमिनेटर मैच में, बैंड-ए-आमिर ड्रेगन ने बूस्ट डिफेंडर्स को 76 रनों से हराकर दूसरे क्वालीफायर मैच में नाइट्स में शामिल होने के लिए हराया।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.af/post/asghar,-mirwais-take-dragons-to-qualifier/english |title=Asghar, Mirwais take Dragons to Qualifier |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=14 September 2020}}</ref> दूसरे क्वालीफायर में मिस ऐनाक नाइट्स ने बैंड-ए-अमीर ड्रेगन को पांच विकेट से हराकर फाइनल में<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.af/post/sublime-bahar,-shahidullah-take-knights-to-final/english |title=Sublime Bahar, Shahidullah take Knights to Final |work=Afghanistan Cricket Board |accessdate=15 September 2020}}</ref> काबुल ईगल्स में शामिल होने के लिए देखा।<ref>{{cite web|url=https://tolonews.com/sport-166329 |title=Band-e-Amir to Face Mis-e-Ainak in Cricket League Semi-Final |work=Tolo News |accessdate=15 September 2020}}</ref> फाइनल में, काबुल ईगल्स ने मिस ऐनक नाइट्स को नौ रन से हराकर टूर्नामेंट जीत लिया।<ref>{{cite web|url=https://crickettimes.com/2020/09/shpageeza-cricket-league-2020-kabul-eagles-beat-mis-ainak-knights-to-become-champions/ |title=Shpageeza Cricket League 2020: Kabul Eagles beat Mis Ainak Knights to become champions |work=Cricket Times |accessdate=16 September 2020}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:२०२०-२१ में घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताएं]]
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वैज्ञानिक जांच के मॉडल
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text/x-wiki
'''वैज्ञानिक जांच के मॉडल''' में दो कार्य होते हैं: पहला, वैज्ञानिक जांच '''कैसे''' की जाती है, इसका विवरणात्मक विवरण प्रदान करना और दूसरा, वैज्ञानिक विवरण सफल होने के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि वैज्ञानिक जाँच सफल क्यों होती है ।
<blockquote>
वैज्ञानिक ज्ञान की खोज पुरातनता में वापस आ जाती है। अतीत में किसी समय, कम से कम अरस्तू के समय तक, दार्शनिकों ने माना कि दो प्रकार के वैज्ञानिक ज्ञान के बीच एक मौलिक अंतर निकाला जाना चाहिए - मोटे तौर पर, ज्ञान '' वह '' और '' क्यों '' और 'ज्ञान'। यह जानना एक बात है '' कि '' प्रत्येक ग्रह समय-समय पर स्थिर तारों की पृष्ठभूमि के संबंध में अपनी गति की दिशा को उलट देता है; '' क्यों '' जानना काफी अलग बात है। पूर्व प्रकार का ज्ञान वर्णनात्मक है; बाद के प्रकार का ज्ञान व्याख्यात्मक है। यह व्याख्यात्मक ज्ञान है जो दुनिया की वैज्ञानिक समझ प्रदान करता है। (सैल्मन, 2006, पृष्ठ 3)<ref name=Salmon_FourDecades/>
</blockquote>
“वैज्ञानिक जांच" से तात्पर्य उन विविध तरीकों से है जिनसे वैज्ञानिक प्राकृतिक दुनिया का अध्ययन करते हैं और अपने काम से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर स्पष्टीकरण का प्रस्ताव करते हैं।"<ref name=NRC-1996/>
== वैज्ञानिक पूछताछ के खाते ==
==शास्त्रीय मॉडल ==
वैज्ञानिक जांच का शास्त्रीय मॉडल [[अरिस्टोटल]]से प्राप्त होता है, जिन्होंने अनुमानित और सटीक तर्क के रूपों को प्रतिष्ठित किया, [[अपहरण तर्क | अपहरण]] की तीन गुना योजना निर्धारित की गई
=== तार्किक अनुभववाद ===
[[वेस्ले सैल्मन]] (1 9 8 9)<ref name=Salmon_FourDecades/> उन्होंने '' प्राप्त दृश्य 'को नामित करने के साथ वैज्ञानिक स्पष्टीकरण के अपने ऐतिहासिक सर्वेक्षण को शुरू किया, क्योंकि यह [[कार्ल गुस्ताव हेमपेल | हेमपेल]] और [[पॉल ओपेनहेम | ओपेनहेम]] से प्राप्त हुआ था, जिनमें उनके' अध्ययनों में 'के साथ शुरुआत हुई थी सैल्मन ने निम्नलिखित तालिका के माध्यम से इन घटनाओं के अपने विश्लेषण का सारांश दिया।
इस वर्गीकरण में, एक घटना की एक [[कटौतीत्मक-नामांकन]] (डी-एन) स्पष्टीकरण एक वैध कटौती है जिसका निष्कर्ष बताता है कि वास्तव में समझाया जाने वाला परिणाम वास्तव में हुआ था। कटौतीत्मक तर्क को '' स्पष्टीकरण 'कहा जाता है, इसके प्रीमिस को' '' स्पष्टीकरण 'कहा जाता है ([[लैटिन | एल]] समझाया '') और निष्कर्ष को 'विस्फोटनंद' कहा जाता है '([[लैटिन | एल]] कई अतिरिक्त योग्यता के आधार पर, एक स्पष्टीकरण को 'संभावित' '' '' '' '' 'से' '' के पैमाने पर स्थान दिया जा सकता है। हालांकि विज्ञान में सभी स्पष्टीकरण डी-एन प्रकार के हैं। एक 'अपरिवर्तनीय सांख्यिकीय' '(आई-एस) स्पष्टीकरण सांख्यिकीय या सार्वभौमिक कानूनों के बजाय सांख्यिकीय कानूनों के तहत इसे कम करके एक घटना के लिए खातों के लिए, और सब्स्टीपमेंट का तरीका कटौती के बजाय स्वयं अपरिवर्तनीय है। डी-एन प्रकार को अधिक सामान्य आई-एस प्रकार के एक सीमित मामले के रूप में देखा जा सकता है, निश्चित रूप से पूर्ण होने के उपाय, या [[संभाव्यता]] 1, पूर्व मामले में, जबकि यह पूर्ण, संभावना और लेफ्टिनेंट से कम है; 1, बाद के मामले में। इस दृश्य में, तर्क के डी-एन मोड, विशेष घटनाओं को समझाने के लिए उपयोग किए जाने के अलावा, सामान्य नियमितताओं को समझाने के लिए भी सामान्य नियमित कानूनों से उन्हें कम करके उपयोग किया जा सकता है। अंत में, '' 'कटौतीत्मक-सांख्यिकीय' '(डी-एस) स्पष्टीकरण का प्रकार, डी-एन प्रकार के सबक्लास के रूप में उचित रूप से माना जाता है, अधिक व्यापक सांख्यिकीय कानूनों से कटौती से सांख्यिकीय नियमितता बताता है। (सैल्मन 1989, पीपी। & Nbsp; 8-9)।<ref name=Salmon_FourDecades/>
[[तार्किक अनुभववाद]] के दृष्टिकोण से वैज्ञानिक स्पष्टीकरण का '' प्राप्त दृश्य '' था, कि सैल्मन ने पिछली शताब्दी की तीसरी तिमाही (सैल्मन, पी. & Nbsp; 10) के दौरान "आयोजित स्वै" कहा था।<ref name=Salmon_FourDecades/>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
==आगे की पढाई==
* ''An Introduction to Logic and Scientific Method'' (1934) by [[Ernest Nagel]] and [[Morris Raphael Cohen]]
* ''Dictionary of Philosophy'' (1942) by [[Dagobert D. Runes]]
* [http://www.paragonhouse.com/xcart/Understanding-Scientific-Progress-Aim-Oriented-Empiricism.html Understanding Scientific Progress: Aim-Oriented Empiricism] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180220210819/http://www.paragonhouse.com/xcart/Understanding-Scientific-Progress-Aim-Oriented-Empiricism.html |date=20 फ़रवरी 2018 }}, 2017, Paragon House, St. Paul by [[Nicholas Maxwell]]
==बाहरी कड़ियाँ==
For interesting explanations regarding the orbit of Mercury and General Relativity, the following links are useful:
* [https://web.archive.org/web/20110813014804/http://physics.ucr.edu/~wudka/Physics7/Notes_www/node98.html Precession of the perihelion of Mercury]
* [http://relativity.livingreviews.org/open?pubNo=lrr-2001-4&page=node11.html The Confrontation between General Relativity and Experiment] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304002541/http://relativity.livingreviews.org/open?pubNo=lrr-2001-4&page=node11.html |date=4 मार्च 2016 }}
[[श्रेणी: वैचारिक मॉडलिंग]]
[[श्रेणी: विज्ञान के दर्शन]]
[[श्रेणी: जांच]]
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धर्मराय स्वामी मंदिर
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}}
'''श्री धर्मराय स्वामी मंदिर''' [[बंगलुरू]], [[कर्नाटक]], भारत में स्थित है। यह शहर के सबसे पुराने और सबसे प्रसिद्ध हिन्दू मंदिरों में से एक है। <ref>{{cite web |title=Hindu Temples in Karnataka List {{!}} Bhakti Yog darshan |url=https://www.bhaktiyogdarshan.com/temples/hindu-temples-karnataka-list.html |website=www.bhaktiyogdarshan.com |accessdate=8 जनवरी 2021 |archive-date=10 जनवरी 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210110215016/https://www.bhaktiyogdarshan.com/temples/hindu-temples-karnataka-list.html |url-status=dead }}</ref>
==इतिहास==
धर्मराय स्वामी मंदिर का निर्माण लगभग आठ सौ वर्ष पहले [[तिगाला]] लोगों द्वारा कराया गया था। तिगाला इस क्षेत्र के सबसे पुराने सामाजिक समूहों में से एक हैं। यें एक कृषि समुदाय हैं जो सब्जियाँ एवं फल-फूल उगाते हैं।<ref name="Shekhar">{{cite news |title=This 800-year-old temple in Bengaluru was built for Draupadi but named after Yudhishtira |author=शेखर, दिव्या |url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/this-800-year-old-temple-in-bengaluru-was-built-for-draupadi-but-named-after-yudhishtira/articleshow/52776146.cms |newspaper=[[द इकोनामिक्स टाईम्स]] |date=16 जून 2016 |accessdate=9 जनवरी 2021|lang = en}}</ref>
==विशेषताएँ==
यह मंदिर [[पश्चिमी गंग वंश]], [[पल्लव वंश]] एवं [[विजयनगर साम्राज्य]] की इमारतों की स्थापत्य विशेषताओं को प्रदर्शित करता है। यह मंदिर अनुमानतः 800 सालों से अधिक पुराना है। इस मंदिर का इतिहास [[केम्पेगोडा प्रथम]] द्वारा [[बैंगलोर]] की स्थापना से भी अधिक प्राचीन है। मंदिर [[द्रविड़ स्थापत्य शैली]] में बनाया गया है, जिसमें एक [[गोपुरम]] और एक अलंकृत स्मारक प्रवेश द्वार है। यहाँ पूजा की जाने वाली देवताओं की मूर्तियों में [[धर्मराय]], [[कृष्ण]], [[अर्जुन]], [[द्रौपदी]], [[नकुल]], [[सहदेव]] और [[भीम]] की मूर्तियाँ शामिल हैं। यहाँ प्रसिद्ध [[करगा त्योहार]] मार्च और अप्रैल के महीनों के दौरान मनाया जाता है।<ref name="Shekhar"></ref>
== गैलरी ==
<gallery>
File:Bengaluru-karaga-outside.jpg|मनोरंजन के समय मंदिर।
File:Pandavas with Krishna.jpg|पांडवों के साथ कृष्ण।
File:Architectural Style.JPG|मंदिर की वास्तुकला।
</gallery>
==इन्हें भी देखें==
*[[श्रीपुरम (स्वर्ण मंदिर)]]
*[[सोमनाथपुरा]]
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:कर्नाटक में हिन्दू मंदिर]]
[[श्रेणी:कर्नाटक में पर्यटन आकर्षण]]
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{{ज्ञानसन्दूक हिन्दू मन्दिर
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}}
'''धर्मराय स्वामी मंदिर''' [[भारत]] के [[कर्नाटक]] राज्य के [[बेंगलुरु]] शहर के सबसे पुराने एंव प्रसिद्ध मंदिरों मे से एक है।<ref>{{Cite web|date=2020-04-13|title=Sri Dharmaraya Swamy Temple, Bengaluru – A Temple For Pandavas|url=https://www.karnataka.com/bangalore/dharmaraya-swamy-temple-bangalore/|access-date=2021-11-21|website=Karnataka.com|language=en-US}}</ref>
==इतिहास==
धर्मराय स्वामी मंदिर का निर्माण लगभग आठ सौ वर्ष पहले [[तिगाला]] लोगों द्वारा कराया गया था। तिगाला इस क्षेत्र के सबसे पुराने सामाजिक समूहों में से एक हैं। यें एक कृषि समुदाय हैं जो सब्जियाँ एवं फल-फूल उगाते हैं।<ref name="Shekhar">{{cite news |title=This 800-year-old temple in Bengaluru was built for Draupadi but named after Yudhishtira |author=शेखर, दिव्या |url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/this-800-year-old-temple-in-bengaluru-was-built-for-draupadi-but-named-after-yudhishtira/articleshow/52776146.cms |newspaper=[[द इकोनामिक्स टाईम्स]] |date=16 जून 2016 |accessdate=9 जनवरी 2021|lang = en}}</ref>
==विशेषताएँ==
यह मंदिर [[पश्चिमी गंग वंश]], [[पल्लव वंश]] एवं [[विजयनगर साम्राज्य]] की इमारतों की स्थापत्य विशेषताओं को प्रदर्शित करता है। यह मंदिर अनुमानतः 800 सालों से अधिक पुराना है। इस मंदिर का इतिहास [[केम्पेगोडा प्रथम]] द्वारा [[बैंगलोर]] की स्थापना से भी अधिक प्राचीन है। मंदिर [[द्रविड़ स्थापत्य शैली]] में बनाया गया है, जिसमें एक [[गोपुरम]] और एक अलंकृत स्मारक प्रवेश द्वार है। यहाँ पूजा की जाने वाली देवताओं की मूर्तियों में [[धर्मराय]], [[कृष्ण]], [[अर्जुन]], [[द्रौपदी]], [[नकुल]], [[सहदेव]] और [[भीम]] की मूर्तियाँ शामिल हैं। यहाँ प्रसिद्ध [[करगा त्योहार]] मार्च और अप्रैल के महीनों के दौरान मनाया जाता है।<ref name="Shekhar"></ref>
== गैलरी ==
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File:Bengaluru-karaga-outside.jpg|मनोरंजन के समय मंदिर।
File:Pandavas with Krishna.jpg|पांडवों के साथ कृष्ण।
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==इन्हें भी देखें==
*[[श्रीपुरम (स्वर्ण मंदिर)]]
*[[सोमनाथपुरा]]
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:कर्नाटक में हिन्दू मंदिर]]
[[श्रेणी:कर्नाटक में पर्यटन आकर्षण]]
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'''धर्मराय स्वामी मंदिर''' [[भारत]] के [[कर्नाटक]] राज्य के [[बेंगलुरु]] शहर के सबसे पुराने एंव प्रसिद्ध मंदिरों मे से एक है।<ref>{{Cite web|date=2020-04-13|title=Sri Dharmaraya Swamy Temple, Bengaluru – A Temple For Pandavas|url=https://www.karnataka.com/bangalore/dharmaraya-swamy-temple-bangalore/|access-date=2021-11-21|website=Karnataka.com|language=en-US}}</ref>
==इतिहास==
धर्मराय स्वामी मंदिर का निर्माण लगभग आठ सौ वर्ष पहले [[तिगाला]] लोगों द्वारा कराया गया था। तिगाला इस क्षेत्र के सबसे पुराने सामाजिक समूहों में से एक हैं। यें एक कृषि समुदाय हैं जो सब्जियाँ एवं फल-फूल उगाते हैं।<ref name="Shekhar">{{cite news |title=This 800-year-old temple in Bengaluru was built for Draupadi but named after Yudhishtira |author=शेखर, दिव्या |url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/this-800-year-old-temple-in-bengaluru-was-built-for-draupadi-but-named-after-yudhishtira/articleshow/52776146.cms |newspaper=[[द इकोनामिक्स टाईम्स]] |date=16 जून 2016 |accessdate=9 जनवरी 2021|lang = en}}</ref>
==विशेषताएँ==
यह मंदिर [[पश्चिमी गंग वंश]], [[पल्लव वंश]] एवं [[विजयनगर साम्राज्य]] की इमारतों की स्थापत्य विशेषताओं को प्रदर्शित करता है। यह मंदिर अनुमानतः 800 सालों से अधिक पुराना है। इस मंदिर का इतिहास [[केम्पेगोडा प्रथम]] द्वारा [[बैंगलोर]] की स्थापना से भी अधिक प्राचीन है। मंदिर [[द्रविड़ स्थापत्य शैली]] में बनाया गया है, जिसमें एक [[गोपुरम]] और एक अलंकृत स्मारक प्रवेश द्वार है। यहाँ पूजा की जाने वाली देवताओं की मूर्तियों में [[धर्मराय]], [[कृष्ण]], [[अर्जुन]], [[द्रौपदी]], [[नकुल]], [[सहदेव]] और [[भीम]] की मूर्तियाँ शामिल हैं। यहाँ प्रसिद्ध [[करगा त्योहार]] मार्च और अप्रैल के महीनों के दौरान मनाया जाता है।<ref name="Shekhar"></ref>
== गैलरी ==
<gallery>
File:Bengaluru-karaga-outside.jpg|मनोरंजन के समय मंदिर।
File:Pandavas with Krishna.jpg|पांडवों के साथ कृष्ण।
File:Architectural Style.JPG|मंदिर की वास्तुकला।
</gallery>
==इन्हें भी देखें==
*[[श्रीपुरम (स्वर्ण मंदिर)]]
*[[सोमनाथपुरा]]
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:कर्नाटक में हिन्दू मंदिर]]
[[श्रेणी:कर्नाटक में पर्यटन आकर्षण]]
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{{Infobox adult biography
| name = वेलेंटीना नैप्पी
| image = Valentina Nappi 2016.jpg
| caption = Nappi in 2017
| birth_name =अज्ञात
| birth_date = {{birth date and age|1990|11|6|df=y}}<ref name=bio/>
| birth_place = [[Scafati]], [[Campania]], Italy<ref name=bio/><ref>{{cite news|last=Priscilla Del Ninno|title=Valentina che usa il suo corpo citando Kant|url=http://www.secoloditalia.it/2012/05/valentina-che-usa-il-suo-corpo-citando-kant-2/|access-date=2 November 2013|newspaper=[[Il Secolo d'Italia]]|date=11 May 2012}}</ref>
| death_date =अज्ञात
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| ethnicity =गोरा
| alias = Valentina<ref>{{iafd name|ValentinaNappi|f|Valentina Nappi}}</ref>
| website = [http://www.valenappi.com valenappi.com]<br>[http://www.valentinanappi.com valentinanappi.com]
}}
'''वेलेंटीना नैपी''' एक इतालवी वयस्क फिल्म अभिनेत्री हैं और इनका जन्म 6 नवंबर 1990 को स्काफ़ाती, कैम्पेनिया, इटली में हुआ था। इटली में जन्मी वैलेंटिना ने सालेर्नो के एक स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर अक्टूबर 2013 में उन्होंने कला और डिजाइन का अध्ययन करने के लिए एक विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। अभिनेत्री ने समकालीन समाज में पुरुषों और महिलाओं की स्थिति पर कई निबंध भी लिखे हैं और एक दर्शन समारोह में भी भाग लिया है। वैलेंटिना ने 2012 में निर्देशक रोक्को सिफ्रेडी के साथ एवी इंडस्ट्री में अपना करियर शुरू किया था। 2024 में, वह अब अमेज़न प्राइम वीडियो पर फिल्म “Pensati Sexy” में नज़र आएंगी।
वेलेण्टीना नैप्पी ने एडल्ट इण्डस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत साल 2011 में की थी। इन्होंने बहुत से एडल्ट फिल्मों में अभिनय किया है। यह पॉर्न इंडस्ट्री की बहुत ही खूबसूरत (सुंदर) और आकर्षक अभिनेत्री हैं। इन्होंने पॉर्न इंडस्ट्री के कई काले सांड (बीबीसी) अभिनेताओं के साथ पॉर्न वीडियोस में अभिनय की है जिनमे जैक्स स्लेहर, मेंडिगो (फ्रेडरिक लेमोंट), इसियाह मैक्सवेल, रिको स्ट्रांग, लेक्सींग्टन स्टील, प्रिंस याहशुआ, सेन माइकल्स, जेसन ब्राउन, रॉब पाइपर, जॉन जॉन आदि मुख्य रूप से शामिल हैं।
==कैरियर==
वह जून 2012 में प्लेबॉय के इतालवी संस्करण में प्लेमेट थी <ref>{{cite news|last=Redazione online|title=Valentina Nappi, coniglietta per Playboy "Sogno il porno nei musei"|url=http://corrieredelmezzogiorno.corriere.it/napoli/notizie/ore_piccole/2012/15-giugno-2012/valentina-nappi-coniglietta-playboysogno-porno-musei-201614083816.shtml|access-date=1 October 2013|newspaper=[[Corriere del Mezzogiorno]]|date=15 June 2012|archive-date=30 दिसंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181230153606/https://corrieredelmezzogiorno.corriere.it/napoli/notizie/ore_piccole/2012/15-giugno-2012/valentina-nappi-coniglietta-playboysogno-porno-musei-201614083816.shtml|url-status=dead}}</ref> और नवम्बर 2013 में '' पेण्टहाउस पेट ऑफ़ द मन्थ ''।<ref>{{cite news|last=Nello Lauro|title=La pornostar Valentina Nappi sulla copertina di "Penthouse"|url=http://www.ilgiornalelocale.it/archives/8503|access-date=1 October 2013|newspaper=Il Giornale Locale|date=29 September 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131005011954/http://www.ilgiornalelocale.it/archives/8503|archive-date=5 October 2013|url-status=dead}}</ref> मार्च 2015 तक, वह राजनीतिक और सामाजिक पत्रिका माइक्रोमेगा में एक कॉलम लिखती हैं।<ref>{{cite news|last1=Gianraffaele Percannella|title=Forma, Sostanza e Disinformazione|url=http://www.mentecritica.net/forma-sostanza-e-disinformazione/vetrina-mc/gianraffaele-percannella/47121/|access-date=28 March 2015|work=MenteCritica|date=5 December 2014}}</ref><ref>{{cite news|last1=Federico I.|title=Valentina Nappi: L'omaggio del fumettista Walter Trono|url=http://www.meltybuzz.it/valentina-nappi-omaggio-fumettista-walter-trono-a152127.html|access-date=28 March 2015|work=Melty Buzz|date=16 March 2015}}</ref><ref>{{cite news|last1=Francesco Merlo|title=L'incredibile porno-successo dell'isola di Rocco|url=http://www.repubblica.it/cultura/2015/03/25/news/l_incredibile_porno-successo_dell_isola_di_rocco-110398296/|access-date=28 March 2015|work=[[La Repubblica]]|date=25 March 2015}}</ref>
वह डॉक्यूमेंट्री Io सोनो वेलेण्टीना नैपी (2018) का विषय रही है।<ref>{{cite news |title="Io sono Valentina Nappi", una notte in compagnia della stella dellʼhard |url=https://www.tgcom24.mediaset.it/spettacolo/supercinema/-io-sono-valentina-nappi-una-notte-in-compagnia-della-stella-dell-hard_3141788-201802a.shtml |publisher=[[TgCom24]] |date=28 May 2018}}</ref><ref>{{cite news |title=Io sono Valentina Nappi |url=https://www.mymovies.it/film/2018/io-sono-valentina-nappi/ |publisher=[[MyMovies]] |date=28 May 2018}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[ए.जे. एप्पलगेट]]
* [[काग्नी लिन कार्टर]]
* [[क्रिस्टी स्टीवंस]]
* [[लीना पॉल]]
* [[साशा ग्रे]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb name|5093125}}
[[श्रेणी:1990 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:महिला व्यस्क फ़िल्म अभिनेता]]
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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस
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text/x-wiki
{{Infobox holiday
|holiday_name = विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस
|type = अंतरराष्ट्रीय
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|image = Mental Health Awareness Rally, 2014.JPG
|caption = विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2014 में [[सलेम]], [[तमिलनाडु]] में एक रैली
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|observedby = वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और डब्ल्यूएफएमएच के सदस्य संगठन
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}}
[[File:173 Aktionstag zur Woche der Seelischen Gesundheit am 10.10.2015 in München.JPG|thumb|विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2015, [[म्यूनिख]], जर्मनी]]
'''विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस''' ({{lang-en|World Mental Health Day}}) प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को [[मानसिक स्वास्थ्य]] शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।<ref>{{Cite book|title=Developing a National Mental Health Policy|url=https://archive.org/details/developingnation00jenk|last=Jenkins|first=Rachel|last2=Lynne Friedli|last3=Andrew McCulloch|last4=Camilla Parker|publisher=Psychology Press|year=2002|isbn=978-1-84169-295-1|page=[https://archive.org/details/developingnation00jenk/page/n83 65]}}</ref> यह पहली बार 1992 में [[विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ]] की पहल पर मनाया गया था, जो एक वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य संगठन है जिसके सदस्य और संपर्क 150 से अधिक देशों में हैं।<ref>{{Cite book|title=White House Studies Compendium, Volume 5|last=Watson|first=Robert W.|publisher=Nova Science Publishers|year=2006|isbn=978-1-60021-542-1|page=69}}</ref> इस दिन, हजारों समर्थक मानसिक बीमारी और दुनिया भर में लोगों के जीवन पर इसके प्रमुख प्रभावों पर ध्यान देने के लिए इस वार्षिक जागरूकता कार्यक्रम को मनाने के लिए आते हैं।<ref>{{Cite journal|year=2010|title=World Mental Health Day|journal=Mental Health in Family Medicine|volume=7|issue=1|pages=59–60}}</ref> <ref>{{Cite journal|last=Mngoma|first=Nomusa F.|last2=Ayonrinde|first2=Oyedeji A.|last3=Fergus|first3=Stevenson|last4=Jeeves|first4=Alan H.|last5=Jolly|first5=Rosemary J.|date=2020-04-20|title=Distress, desperation and despair: anxiety, depression and suicidality among rural South African youth|url=https://doi.org/10.1080/09540261.2020.1741846|journal=International Review of Psychiatry|volume=33|issue=1–2|pages=64–74|doi=10.1080/09540261.2020.1741846|issn=0954-0261|pmid=32310008}}</ref> कुछ देशों में जैसे [[ऑस्ट्रेलिया]] में यह दिन [[मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह (ऑस्ट्रेलिया)|मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह]] का हिस्सा होता है।<ref>[https://www.cbhs.com.au/news/2015/10/02/mental-health-week-7-ways-you-can-get-involved Mental Health Week: 7 Ways You Can Get Involved 2 October 2015] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170304192352/https://www.cbhs.com.au/news/2015/10/02/mental-health-week-7-ways-you-can-get-involved |date=4 मार्च 2017 }} Retrieved 15 October 2015</ref>
== इतिहास ==
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पहली बार 10 अक्टूबर 1992 को उप महासचिव रिचर्ड हंटर की पहल पर मनाया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://ndtv.in/health/world-mental-health-day-2021-know-when-and-why-world-mental-health-day-is-celebrated-this-years-theme-2564306|title=World Mental Health Day 2021: कब है और क्यों मनाया जाता है विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें इस साल की थीम|website=NDTVIndia|access-date=2021-10-09|archive-date=9 अक्तूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211009173749/https://ndtv.in/health/world-mental-health-day-2021-know-when-and-why-world-mental-health-day-is-celebrated-this-years-theme-2564306|url-status=dead}}</ref> 1994 तक, इस दिन सामान्य मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और जनता को शिक्षित करने के अलावा कोई विशेष थीम नहीं थी। 1994 में तत्कालीन महासचिव यूजीन ब्रॉडी के सुझाव पर पहली बार एक थीम के साथ विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया था। पहली थीम "दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार" थी।<ref>{{Cite web|url=https://wfmh.global/world-mental-health-day/|title=World Mental Health Day History|website=World Federation for Mental Health|language=en-US|access-date=2019-08-21|archive-date=9 अक्तूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211009173545/https://wfmh.global/world-mental-health-day/|url-status=dead}}</ref>
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस को [[विश्व स्वास्थ्य संगठन|डब्ल्यूएचओ]] द्वारा समर्थित किया जाता है, जो दुनिया भर में स्वास्थ्य मंत्रालयों और नागरिक समाज संगठनों के साथ अपने मजबूत संबंधों का उपयोग करके मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाता है। डब्ल्यूएचओ तकनीकी और संचार सामग्री विकसित करने में भी सहायता करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.who.int/mental_health/world-mental-health-day/2013/en/|title=WHO {{!}} World Mental Health Day|website=WHO|access-date=2019-08-21}}</ref> पहले वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन 2018 की मेजबानी करते हुए तत्कालीन यूनाइटेड किंगडम के प्रधान मंत्री [[थेरेसा मे]] ने जैकी डॉयल-प्राइस को यूके के पहले आत्महत्या रोकथाम मंत्री के रूप में नियुक्त किया।<ref>{{Cite news|date=2018-10-10|title=World Mental Health Day: PM appoints suicide prevention minister|language=en-GB|work=BBC News|url=https://www.bbc.co.uk/news/health-45804225|access-date=2020-10-31}}</ref>
== विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस थीम ==
{| class="wikitable"
!वर्ष
!थीम<ref>{{cite web | url=https://www.who.int/mental_health/world-mental-health-day/previous_WMHDs/en/ | title=WHO | Previous World Mental Health Days}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://wfmh.global/world-mental-health-day/|title=World Mental Health Day History - World Federation for Mental Health|work=World Federation for Mental Health|access-date=2018-10-04|language=en-US|archive-date=9 अक्तूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211009173545/https://wfmh.global/world-mental-health-day/|url-status=dead}}</ref>
|-
|1994
| दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार (Improving the Quality of Mental Health Services throughout the World)
|-
|1996
| महिला और मानसिक स्वास्थ्य (Women and Mental Health)
|-
|1997
| बच्चे और मानसिक स्वास्थ्य (Children and Mental Health)
|-
|1998
| मानसिक स्वास्थ्य और मानवाधिकार (Mental Health and Human Rights)
|-
|1999
| मानसिक स्वास्थ्य और बुढ़ापा (Mental Health and Aging)
|-
|2000-01
| मानसिक स्वास्थ्य और कार्य (Mental Health and Work)
|-
|2002
| बच्चों और किशोरों पर आघात और हिंसा के प्रभाव (The Effects of Trauma and Violence on Children & Adolescents)
|-
|2003
| बच्चों और किशोरों के भावनात्मक और व्यवहार संबंधी विकार (Emotional and Behavioural Disorders of Children & Adolescents)
|-
|2004
| शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध: सह-होने वाले विकार (The Relationship Between Physical & Mental Health: co-occurring disorders)
|-
|2005
| पूरे जीवन काल में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य (Mental and Physical Health Across the Life Span)
|-
|2006
| जागरूकता बढ़ाना - जोखिम कम करना: मानसिक बीमारी और आत्महत्या (Building Awareness – Reducing Risk: Mental Illness & Suicide)
|-
|2007
| एक बदलती दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य: संस्कृति और विविधता का प्रभाव (Mental Health in A Changing World: The Impact of Culture and Diversity)
|-
|2008
| मानसिक स्वास्थ्य को वैश्विक प्राथमिकता बनाना: नागरिक समर्थन और कार्रवाई के माध्यम से सेवाओं का विस्तार करना (Making Mental Health a Global Priority: Scaling up Services through Citizen Advocacy and Action)
|-
|2009
|प्राथमिक देखभाल में मानसिक स्वास्थ्य: उपचार में वृद्धि और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना (Mental Health in Primary Care: Enhancing Treatment and Promoting Mental Health)
|-
|2010
| मानसिक स्वास्थ्य और पुरानी शारीरिक बीमारियां (Mental Health and Chronic Physical Illnesses)
|-
|2011
| मानसिक स्वास्थ्य में निवेश (The Great Push: Investing in Mental Health)
|-
|2012
|अवसाद: एक वैश्विक संकट (Depression: A Global Crisis)
|-
|2013
| मानसिक स्वास्थ्य और वृद्ध वयस्क (Mental health and older adults)
|-
|2014
| [[सिज़ोफ्रेनिया]] के साथ जीवन (Living with [[Schizophrenia]])
|-
|2015
| [[मानसिक स्वास्थ्य|मानसिक स्वास्थ्य]] में [[गौरव]] ([[Dignity]] in [[Mental health|Mental Health]])
|-
|2016
| [[मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा|मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा]] ([[Psychological first aid|Psychological First Aid]])
|-
|2017
| [[कार्यस्थल]] में मानसिक स्वास्थ्य (Mental health in the [[workplace]])
|-
|2018
| बदलती दुनिया में युवा और मानसिक स्वास्थ्य (Young people and mental health in a changing world)
|-
|2019
| मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन और [[आत्महत्या रोकथाम|आत्महत्या रोकथाम]] (Mental Health Promotion and [[Suicide prevention|Suicide Prevention]])
|-
|2020
| मानसिक स्वास्थ्य के लिए कदम: मानसिक स्वास्थ्य में बढ़ा निवेश (Move for mental health: Increased investment in mental health)<ref>{{Cite journal|last=Lancet|first=The|date=2020-10-10|title=Mental health: time to invest in quality|url= |journal=The Lancet|language=English|volume=396|issue=10257|pages=1045|doi=10.1016/S0140-6736(20)32110-3|pmid=33038951|pmc=7544469|issn=0140-6736|doi-access=free}}</ref>
|-
|2021
| एक असमान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health in an Unequal World)<ref>{{cite web |url=https://wfmh.global/2021-world-mental-health-global-awareness-campaign-world-mental-health-day-theme/ |website=World Federation For Mental Health |access-date=13 September 2021 |title=2021 World Mental Health Global Awareness Campaign - World Mental Health Day Theme |date=19 March 2021 |archive-date=14 सितंबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210914130611/https://wfmh.global/2021-world-mental-health-global-awareness-campaign-world-mental-health-day-theme/ |url-status=dead }}</ref>
|-
|2022
|हमारा ग्रह, हमारा स्वास्थ्य (Our planet, our health)
|-
|2023
|मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानव अधिकार है(Mental health is a universal human right)
|}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मानसिक स्वास्थ्य]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्य जागरूकता दिवस]]
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ग्रहण चक्र
0
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2026-03-29T04:11:06Z
CommonsDelinker
743
6534126
wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Lunar_eclipse_diagram-hi-2.svg|अंगूठाकार|240x240पिक्सेल| केंद्र में पृथ्वी को रखते हुए एक प्रतीकात्मक चित्र, जिसमें दो चन्द्रपात दिखाई दे रहे हैं जहाँ ग्रहण हो सकते हैं।]]
[[ग्रहण]] बार-बार हो सकते हैं, इनमे कुछ निश्चित समय अंतराल होता हैं और एक विशेष क्रम होता । कोई भी एक समय अंतराल जिसमे ग्रहणों की पुनरावृत्ति लगभग उसी क्रम में होती है , '''ग्रहण चक्र''' कहलाता है। [[ग्रहण ऋतु]] , [[ग्रहण वर्ष]] , [[ग्रहण युग]] ये सभी ग्रहण चक्र के उदाहरण हैं ।<ref>{{cite web |last1=NASA |title=PERIODICITY OF SOLAR ECLIPSE |url=https://eclipse.gsfc.nasa.gov/SEsaros/SEperiodicity.html#1 |website=eclipse.gsfc.nasa.gov}}</ref>
== ग्रहण के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ==
[[चित्र:Total_Solar_Eclipse_Graphics_En_01.svg|अंगूठाकार|240x240पिक्सेल| [[सूर्य ग्रहण]] का आरेख (पैमाने ham kahan hain ham kahan hai 🌃🌃🌃🌃🌃🌃]]
वस्तुतः जिस तल पर पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती , पृथ्वी से देखने वाले के लिए सूर्य उसी तल पर पृथ्वी का चक्कर लगता प्रतीत होता है। इसको [[क्रांतिवृत्त]] का नाम दिया गया है। यदि चन्द्रमा की कक्षा का तल भी पृथ्वी की कक्षा के तल पर ही होता तो चन्द्रमा की कक्षा भी क्रांतिवृत्त या सूर्यपथ पर ही दिखाई देती। यदि चन्द्रमा की कक्षा का तल भी पृथ्वी की कक्षा के तल पर ही होता तब हर चंद्रमास में दो ग्रहण होते , हर अमावस्या को सूर्य ग्रहण और हर पूर्णिमा को चन्द्रग्रहण। सभी सूर्य ग्रहण भी एक जैसे ही होते और सभी चंद्र ग्रहण भी एक जैसे ही होते। लेकिन चन्द्रमा और पृथ्वी की कक्षाएँ एक तल में नहीं हैं ,इसलिए चन्द्रमा की कक्षा [[खगोलीय गोला| खगोलीय गोले]] पर क्रांतिवृत्त से अलग दिखाई देती है, और क्रांतिवृत्त को केवल दो बिन्दुओ पर ही काटती है। इन बिंदुओं को [[चन्द्रपात]] कहते हैं। ग्रहण उन्ही बिन्दुओ पर सम्भव जहाँ पर क्रान्तिवृत्त और चन्द्रमा की कक्षाएँ एक दूसरे को काटती हैं, अर्थात चन्द्रपातों पर । [[चंद्रग्रहण|चंद्र ग्रहण]] तभी हो सकता है जब पूर्णिमा का चंद्रमा किसी एक '''चंद्रपात''' के पास हो (11° 38' के भीतर) , जबकि [[सूर्य ग्रहण]] तभी हो सकता है जब [[कृष्ण पक्ष|अमावस्या]] का चन्द्रमा किसी एक '''चंद्रपात''' के पास हो (17° 25' के भीतर)। चन्द्रमा तो हर माह दोनों चन्द्रपातों से होकर गुजरता ही है , लेकिन सूर्य केवल वर्ष में दो बार ही चन्द्रपातों से होकर गुजरता है। इसलिए जब सूर्य चन्द्रपात के निकटतम हो ऐसे लगभग 35 दिनों को अवधि में ही ग्रहण हो सकते हैं।
== ग्रहणों की पुनरावृत्ति ==
ग्रहण होने के लिए चन्द्रपातों का पृथ्वी और सूर्य को मिलाने वाली रेखा पर के निकट आवश्यक है और ऐसा वर्ष में केवल दो हो बार हो पाता है जब सूर्य चन्द्रपातों के आसपास हो । [[ग्रहण ऋतु]] ही ऐसा समय होता है जब सूर्य (पृथ्वी के देखने पर ) किसी एक [[चन्द्रपात]] के इतना निकट होता है कि ग्रहण हो सके। ग्रहण ऋतु के दौरान, जब भी पूर्णिमा होगी, [[चंद्र ग्रहण]] होगा और जब भी अमावस्या होगी तो [[सूर्य ग्रहण|सूर्य ग्रहण होगा।]] यदि सूर्य एक [[चन्द्रपात]] के काफी करीब है, तो [[ग्रहण|पूर्ण ग्रहण]] होगा। प्रत्येक ग्रहण ऋतु 31 से 37 दिनों तक चलती है, और ग्रहण ऋतुएँ लगभग हर 6 महीने में दोहराई जाती हैं। प्रत्येक ग्रहण ऋतु में कम से कम दो ग्रहण होते हैं (एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण , किसी भी क्रम में), और अधिकतम तीन ग्रहण होते हैं । ऐसा इसलिए है क्योंकि पूर्णिमा और अमावस्या के बीच लगभग 15 दिन (एक पखवाड़ा ) है । यदि ग्रहण ऋतु की शुरुआत में ही कोई ग्रहण होता है, तो दो और ग्रहणों के लिए पर्याप्त समय (30 दिन) होता है।
ग्रहण युग (अंग्रेजी: saros ) ठीक 223 [[चंद्रमास]] की अवधि है। दूसरे शब्दों में लगभग 6585.3211 दिन, या 18 साल और 10 और 8 घंटे ( इस बीच आए [[अधिवर्ष|अधिवर्षों]] की संख्या के आधार पर ये 11, या 12 दिन भी हो सकता है) । ग्रहण युग का उपयोग [[ग्रहण|ग्रहणों]] की भविष्यवाणी करने के लिए किया जा सकता है । किसी ग्रहण होने के एक ग्रहण युग के समयांतराल के बाद , सूर्य, [[पृथ्वी]] और चंद्रमा लगभग वैसी ही सापेक्ष ज्यामितिय स्थिति में पुनः आ जाते हैं और लगभग वैसा ही ग्रहण होता है, जिसे ग्रहण चक्र के रूप में जाना जाता है।
[[चित्र:Saros136animated.gif|दाएँ|अंगूठाकार|278x278पिक्सेल| 136 सूर्य ग्रहणों के चक्र में अलग अलग प्रकार के ग्रहणों की श्रंखलाों (आंशिक, वलयाकार, संकर, पूर्ण ) के पथ दिखाए गए हैं । हर श्रंखला के दो ग्रहणों के बीच का समय एक ग्रहण युग है, लगभग 18 वर्ष।]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:ज्योतिष के तकनीकी आयाम]]
[[श्रेणी:खगोलशास्त्र में समय]]
[[श्रेणी:ग्रहण]]
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द मार्वल्स
0
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6454378
2026-03-29T11:07:32Z
संजीव कुमार
78022
[[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:सीएस1 इतालवी-भाषा स्रोत (it)]] हटाई
6534218
wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक फ़िल्म
| image = The Marvels film poster.jpeg
| editing =
| budget =
| language = अंग्रेज़ी
| country = [[संयुक्त राज्य]]
| runtime = 105 मिनट<ref>{{Cite web|date=28 August 2022|title=All Details About The Marvels Movie|url=https://ww1.filmyzap.com/the-marvels-download/|access-date=26 August 2022|website=FilmyZap|archive-date=4 नवंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231104142152/https://ww1.filmyzap.com/the-marvels-download/|url-status=dead}}</ref>
| released = {{Film date|2023|11|10|df=yes}}
| distributor = वॉल्ट डिज़नी
| studio = मार्वल स्टूडियो
| cinematography = सिन बोबीट
| caption = थिएट्रिकल रिलीज पोस्टर
| music = लौरा कार्पमेन
| starring = {{Plainlist|
*[[ब्री लार्सन]]
*ईमान वेलानी
*टेयोना पेरिस
* [[सैम्युल एल॰ जैक्सन]]}}
| based on = {{Based on|मार्वल}}
| story =
| screenplay = मेगन मैकडोनल
| producer = [[केविन फाइगी]]
| director = निया डकोस्टा
| gross =
}}
'''द मार्वल्स''' 2023 की अमेरिकी [[सुपरहीरो फ़िल्म|सुपरहीरो फिल्म]] है जो [[मार्वल कॉमिक्स]] पर आधारित है जिसमें कैरल डेनवर्स / कैप्टन मार्वल, कमला खान / सुश्री मार्वल और मोनिका रामब्यू के पात्र हैं। मार्वल स्टूडियोज द्वारा निर्मित और वॉल्ट डिज़नी स्टूडियो मोशन पिक्चर्स द्वारा वितरित, यह ''[[कैप्टन मार्वल (फ़िल्म)|कैप्टन मार्वल]]'' (2019) की अगली कड़ी है, जो डिज़नी+ सीरीज़ ''मिस मार्वल'' (2022) की निरंतरता है, और [[मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स]] [[मार्वल सिनेमेटिक यूनिवर्स की फ़िल्मों की सूची|की 31वीं फिल्म]] है। फिल्म मेगन मैकडॉनेल की पटकथा से निया डकोस्टा द्वारा निर्देशित है, और इसमें [[ब्री लार्सन]] को कैरल डेनवर्स के रूप में, इमान वेलानी ने कमला खान के रूप में, और टेयोना पैरिस ने मोनिका रामब्यू के रूप में, [[सैम्युल एल॰ जैक्सन|सैमुअल एल जैक्सन]] के साथ अभिनय किया है।
मार्वल स्टूडियोज ने जुलाई 2019 में ''कैप्टन मार्वल'' की अगली कड़ी बनाने की योजना की पुष्टि की, और जनवरी 2020 में मैकडॉनेल के शामिल होने और लार्सन की वापसी के साथ विकास शुरू हुआ। उस अगस्त में डकॉस्ट को काम पर रखा गया था, जिसमें वेल्लानी और पैरिस को दिसंबर में कास्ट करने का खुलासा हुआ था। दूसरी यूनिट का फिल्मांकन अप्रैल 2021 के मध्य में [[न्यू जर्सी]] में शुरू हुआ, जिसका शीर्षक मई की शुरुआत में सामने आया। प्रिंसिपल फोटोग्राफी अगस्त 2021 तक शुरू हो गई थी, जो [[बकिंघमशायर|बकिंघमशर]] के पाइनवुड स्टूडियो के साथ-साथ लॉस एंजिल्स और ट्रोपिया, इटली में हो रही थी।
''मार्वल्स'' को संयुक्त राज्य अमेरिका में 10 नवम्बर, 2023 को MCU के चरण चार के हिस्से के रूप में रिलीज़ हुई है
== कास्ट ==
{| class="wikitable"
|+
!'''चरित्र'''
! [[हिन्दी]] [[डबिंग]]
|-
|कैरल डेनवर/कैप्टन मार्वल
|Pooja Kanwal
|-
|मोनिका रामबेउ
|Maani Puhaan
|-
|कमला खान / सुश्री मार्वल
|Margin James
|-
|निक फ्यूरी
|Shakti Singh
|-
|डार-बेन
|Humita Baggan
|-
|सम्राट ड्रोगे
|Nandkishore Pandey
|-
|प्रिंस यान
|Arish Bhiwandiwala
|-
|मुनीबा खान
|Sanwari Yagnik
|-
|यूसुफ खान
|Sahil Chadha
|-
|आमिर खान
|Danish Chaudhary
|-
|तालिया
|Hetal Patel
|-
|दिन
|Upalaksh Kochar
|-
|टाई-रोन
|Farhan Patel
|}
==== अतिरिक्त आवाज़ें ====
{| class="wikitable"
| colspan="2" |रेणु शारदा
|-
| colspan="2" |शैलेन्द्र पटेल
|-
| colspan="2" |एंजेला अल्मेडा
|-
| colspan="2" |राजीव सुंदरेसन
|-
| colspan="2" |वल्लभ भिंगार्डे
|-
| colspan="2" |मैरिएन डी' क्रूज़ ऐमन
|-
| colspan="2" |शैली दुबे
|-
| colspan="2" |शमित त्यागी
|-
| colspan="2" |बरखा स्वरूप सक्सेना
|-
| colspan="2" |मलीशा मेंडोज़ा
|-
| colspan="2" |सोनल कौशल
|-
| colspan="2" |शिल्पी पांडे
|-
| colspan="2" |पंकज कालरा
|-
| colspan="2" |थॉमस एन्डूज़
|-
| colspan="2" |ग्वेन डेस
|-
| colspan="2" |एनिड मेंडोंका
|-
| colspan="2" |लतेश पुजारी
|-
| colspan="2" |डीन सिक्वेरा
|-
| colspan="2" |प्रज्ञा दासगुप्ता
|-
| colspan="2" |राहुल पांडे
|}
=== हिन्दी डबिंग ===
* डब संस्करण जारी करने का वर्ष: 4 नवंबर 2023
* सर्विसेज: [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]]
* संवाद निर्देशक: राजश्री शर्मा
* अनुवाद: सुमिता गांगुली चौहान
* स्वर निर्देशक: मैरिएन डी' क्रूज़ ऐमन
* गीतकार: सुमिता गांगुली चौहान
* रचनात्मक कार्यकारी: अनिकेत जोशी
* डबिंग स्टूडियो: [https://audiomagick.net/ ऑडियोमैजिक]
* मिक्सिंग स्टूडियो: शेपर्टन इंटरनेशनल
== संगीत ==
जनवरी 2022 में, लॉरा कार्पमैन को फिल्म के लिए स्कोर तैयार करने के लिए काम पर रखा गया था, पहले एमसीयू श्रृंखला के पहले सीज़न के लिए ऐसा करने के बाद ''व्हाट इफ़...?'' (2021)। <ref>{{Cite web|url=https://variety.com/2022/artisans/news/the-marvels-mcu-what-if-composer-1235152926/|title=‘The Marvels’ Lands Laura Karpman From ‘What If…?’ as Composer (EXCLUSIVE)|last=Tangcay|first=Jazz|last2=Tangcay|first2=Jazz|date=2022-01-13|website=Variety|language=en-US|access-date=2022-03-23}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी संबंध ==
* {{आईएमडीबी शीर्षक}}
[[श्रेणी:अंग्रेज़ी फ़िल्में]]
[[श्रेणी:अमेरिकी फ़िल्में]]
[[श्रेणी:अमेरिकी एक्शन फ़िल्में]]
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भारत जोड़ो यात्रा
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Curvasingh
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox event
|image=BharatJodo Logo.jpg|date={{start date|2022|09|07}} - वर्तमान
|Location=[[भा.र.त]]|type=[[आंदोलन]], [[राजनीतिक आंदोलन]], [[सामाजिक आंदोलन]]
|cause=आर्थिक समस्याएं और सामाजिक असामंजस्य
|motive=सांप्रदायिकता, बेरोजगारी, मुद्रास्फीति और राजनीतिक केंद्रीकरण के खिलाफ लड़ने के लिए
|organizers=[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|participants=राजनेता, नागरिक, नागरिक समाज संगठन, राजनीतिक कार्यकर्ता
|website={{URL|https://www.bharatjodoyatra.in/hi}}}}
'''[[भा.र.त]] जोड़ो यात्रा''' [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] द्वारा शुरू किया गया एक जन आंदोलन है<ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india-62855796|title=भारत जोड़ो यात्रा: राहुल घण्डी क्या पूरे रास्ते पैदल चलेंगे?|date=2022-09-10|website=BBC News हिंदी|language=hi|access-date=2022-09-14}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bhaskar.com/db-original/news/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-inside-story-jairam-digvijay-singh-130314131.html|title=फिजिकल टेस्ट के बाद चुने गए भारत यात्री:भारत जोड़ो यात्रा के लिए एक घंटे में 6 किमी चलाया, सभी का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन हुआ}}</ref> जिसका उद्देश्य [[नई दिल्ली]] में [[भारतीय जनता पार्टी|भाजपा]] के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कथित विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ देश को एकजुट करना है। इसे [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद [[राहुल गांधी]] और [[तमिल नाडु]] के मुख्यमंत्री [[एम॰ के॰ स्टालिन|मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन]]<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chennai/tamil-nadu-cm-stalin-launch-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-september-7-8118663/|title=Tamil Nadu CM Stalin to launch Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra on September 7|date=2022-08-29|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-09-18}}</ref> द्वारा 7 सितंबर, 2022 को [[कन्याकुमारी]] में लॉन्च किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/congress-rahul-gandhi-launch-bharat-jodo-yatra-8137068/|title=Rahul launches yatra: Tricolour under attack, BJP wants to divide country on religious lines}}</ref> इसे मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी, राजनीतिक केंद्रीकरण और विशेष रूप से "भय, कट्टरता" की राजनीति और "नफरत" के खिलाफ लड़ने के लिए बनाया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.bharatjodoyatra.in/faq/|title=FAQ|website=www.bharatjodoyatra.in|language=en|access-date=2022-09-13|archive-date=20 सितंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220920171952/https://www.bharatjodoyatra.in/faq/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-kanyakumari-kashmir-all-you-need-to-know-8133574/|title=Bharat Jodo Yatra: All you need to know about Congress’s Kanyakumari to Kashmir rally|date=2022-09-06|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-09-13}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/bharat-jodo-yatra-live/article65860680.ece|title=Bharat Jodo Yatra launch {{!}} Updates|date=2022-09-07|work=The Hindu|access-date=2022-09-13|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
राहुल गांधी पार्टी कैडर और जनता को भारत के दक्षिणी सिरे पर कन्याकुमारी से जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश तक चलने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे, जो लगभग 136 दिनों में {{Convert|4080|km|miles|abbr=off}} की यात्रा थी।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rahul-gandhi-skirts-restoration-of-article-370-as-congresss-bharat-jodo-yatra-ends-in-jammu-and-kashmir/articleshow/97450944.cms?from=mdr|title=Rahul Gandhi skirts restoration of Article 370 as Congress’s Bharat Jodo Yatra ends in Jammu and Kashmir}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/bharat-jodo-yatra-ends-today-which-has-been-going-on-for-145-days-congress-has-sent-invitation-to-21-parties-for-the-closing-ceremony-2321060|title=12 राज्य, 145 दिन, 4080 किमी का सफर... भारत जोड़ो यात्रा का आज फिनाले, बॉलीवुड के सितारों से लेकर खिलाड़ियों तक का साथ}}</ref>
== पार्श्वभूमि ==
कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार 23 अगस्त को AICC मुख्यालय में 'भारत जोड़ो यात्रा' के लिए लोगो, टैगलाइन और वेबसाइट लॉन्च की। 'भारत जोड़ो यात्रा' 7 सितंबर, 2022 को कन्याकुमारी से शुरू हुई। यह 3,570 किमी लंबी, 150-दिवसीय 'नॉन-स्टॉप' पदयात्रा होगी जो देश भर के 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेश को कवर करेगी।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/opinion/editorial/discovery-of-congress-the-hindu-editorial-on-bharat-jodo-yatra/article65866600.ece|title=Discovery of Congress: On Bharat Jodo Yatra}}</ref> जिसमें राहुल गांधी दिन में लोगों से मिलेंगे और अस्थाई आवास में सोएंगे। यह कन्याकुमारी से शुरू होकर श्रीनगर में खत्म होगा। यात्रा पूरी तरह पैदल चलकर ही संपन्न होगी।<ref name=":3" /><ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-62796201|title=Rahul Gandhi: Can long march revive India's Congress party in digital age?|date=2022-09-06|work=BBC News|access-date=2022-09-14|language=en-GB}}</ref> यात्रियों को 2 पालियों में प्रतिदिन कुल 23 किमी की दूरी तय करनी है।<ref>{{Cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/bharat-jodo-yatra-of-congress-a-necessity-in-dark-times-news-222704|title=Bharat Jodo Yatra Of Congress: A Necessity In Dark Times|date=2022-09-12|website=Outlook India|language=en|access-date=2022-09-17}}</ref> सितंबर तक यात्रा ने 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bharatjodoyatra.in/|title=Bharat Jodo Yatra - भारत जोड़ो यात्रा|website=BHARAT JODO YATRA|language=en|access-date=2022-09-19|archive-date=20 सितंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220920172323/https://www.bharatjodoyatra.in/|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' और 1983 में पूर्व प्रधानमंत्री [[चन्द्रशेखर]] की लगभग 4,260 किलोमीटर की [[चन्द्रशेखर#भारत_यात्रा_(1983)|भारत यात्रा]] के बीच कई समानताएँ हैं।<ref>{{cite web|url=https://thewire.in/politics/the-parallels-between-congresss-bharat-jodo-yatra-and-ex-pm-chandra-shekhars-padayatra|title=The Parallels Between Congress's 'Bharat Jodo Yatra' and Ex-PM Chandra Shekhar's 'Padayatra'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/bharat-yatri-long-march-short-run-chandra-shekhar-8141578/|title=That other ‘Bharat Yatri’: The long march, but short run, of Chandra Shekhar}}</ref>
== सारणी ==
{| class="wikitable"
|+अखिल भारतिय - संभावित यात्रा सारणी
!प्रदेश
!प्रवेश की तिथि
!दिनों की संख्या
!महत्वपूर्ण स्थान
|-
|तमिल नाडु
|7 और 29 सितंबर
|4
|कन्याकूमारी
|-
|केरल
|10 सितंबर
|18
|तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, नीलांबुर
|-
|कर्नाटक
|30 सितंबर
|21
|मैसूर, बेल्लारी, रायचूर
|-
|आंध्र प्रदेश
|20 अक्टूबर
|2
|[[डी.हिरेहल् (अनंतपुर)|डी.हिरेहल्]], अलूर
|-
|तेलंगाना
|23 अक्टूबर
|12
|विकाराबाद, [[हैदराबाद]]
|-
|महाराष्ट्र
|7 नवंबर
|14
|नांदेड़, जलगाँव, जमोड
|-
|मध्य प्रदेश
|23 नवंबर
|16
|[[डॉ॰ आंबेडकर नगर|महूँ]], इंदौर, उज्जैन
|-
|राजस्थान
|4 दिसंबर
|18
|झालावाड़, अलवर, कोटा, दौसा
|-
|हरियाणा
|21 दिसंबर और 6 जनवरी
|12
|अंबाला, फरीदाबाद
|-
|दिल्ली
|24 दिसंबर
|2
|बदरपुर बॉर्डर, राजघाट
|-
| colspan="4" |भारत जोड़ो यात्रा कंटेनरों की मरम्मत के लिए 9 दिन का ब्रेक लेगी।
|-
|उत्तर प्रदेश
|3 जनवरी
|5
|ग़ाज़ियाबाद, बुलंदशहर
|-
|[[पंजाब (भारत)|पंजाब]]
|10 जनवरी
|11
|पठानकोट
|-
|हिमाचल प्रदेश
|18 जनवरी
|1
|काँगड़ा जिला
|-
|[[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर]]
|19 जनवरी
|11
|लखनपुर, जम्मू, [[श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर|श्रीनगर]]
|}
== उल्लेखनीय आंकड़े/संगठन ==
* [[राहुल गांधी]]: कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष
* राहुल जोगी: सदस्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक
* पवन खेरा: अध्यक्ष AICC मीडिया विभाग
* [[कन्हैया कुमार]]: कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक कार्यकर्ता
* [[ओमान चांडी]]: केरल के मुख्यमंत्री (2004-2006, 2011-2016)<ref>{{Cite web|url=https://www.bharatjodoyatra.in/bharat-padyatris/|title=Bharat Yatris|website=www.bharatjodoyatra.in|language=en|access-date=2022-09-14|archive-date=29 जनवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230129182508/https://www.bharatjodoyatra.in/bharat-padyatris/|url-status=dead}}</ref>
* [[सचिन पायलट]]: सचिन पायलट: राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/rahul-gandhi-resumes-bharat-jodo-yatra-from-madavana-sachin-pilot-joins-him-1.7892609|title=Rahul Gandhi resumes Bharat Jodo Yatra from Madavana, Sachin Pilot joins him|website=Mathrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-22}}</ref>
* मोहम्मद जसीम खान बिहार किसान कांग्रेस के बहुत ही छोटे और निम्न कार्यकर्ता जिसने भारत जोड़ो यात्रा में अपना अहम योगदान देकर यात्रा को सफल बनाया
=== गैर-पक्षपातपूर्ण हस्तियां ===
* [[योगेन्द्र यादव|योगेंद्र यादव]]: भारतीय राजनीतिज्ञ<ref name=":0">{{Cite web|url=https://theprint.in/opinion/sansad-to-sadak-why-grassroots-movements-are-joining-congress-bharat-jodo-yatra/1097427/|title=Sansad to sadak – Why grassroots movements are joining Congress’ Bharat Jodo Yatra|last=Yadav|first=Yogendra|date=2022-08-24|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2022-09-14}}</ref>
* [[मृणाल पाण्डे|मृणाल पांडे]]: भारतीय पत्रकार
* धर्मवीर गांधी: आम आदमी पार्टी के पूर्व सांसद
* अंजलि भारद्वाज: भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता
* सुजाता राव: भारतीय नागरिक समाज सदस्य<ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/congress-to-launch-3570-km-bharat-jodo-yatra-in-kanyakumari-today-details-here-11662509182517.html|title=Congress to launch 3570-km Bharat Jodo Yatra in Kanyakumari today. Details here|date=2022-09-07|website=mint|language=en|access-date=2022-09-14}}</ref>
* अभिजीत सेनगुप्ता: भारतीय नागरिक समाज के सदस्य<ref name=":2">{{Cite web|url=https://theprint.in/india/over-200-civil-society-members-appeal-people-to-support-congress-bharat-jodo-yatra/1117682/|title=Over 200 civil society members appeal people to support Congress' 'Bharat Jodo Yatra'|date=2022-09-05|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2022-09-14}}</ref>
* श्रीधर राधाकृष्णन: पर्यावरण कार्यकर्ता<ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/news/kerala/2022/09/18/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-sridhar-radhakrishnan-reaction.html|title=Rahul genuinely concerned about India: Activist Sridhar recollects Bharat Jodo moments|website=OnManorama|access-date=2022-09-18}}</ref>
भारत जोड़ो यात्रा में कई जमीनी आंदोलन शामिल होते रहे हैं या उनका समर्थन करते रहे हैं। कांग्रेस ने नागरिकों, संगठनों और आंदोलनों से भी यात्रा में शामिल होने की अपील की है। 200 से अधिक नागरिक समाज के सदस्यों ने लोगों से कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन करने की अपील की है।<ref name=":2" /> भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री [[नितीश कुमार|नीतीश कुमार]] और [[तेजस्वी यादव]] को यात्रा में शामिल होने का न्योता दिया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/in-invite-to-tejashwi-yadav-for-bharat-jodo-yatra-a-congress-feeler-3356751|title=With Invite To Tejashwi Yadav, Team Rahul Gandhi Sends This Message|website=NDTV|access-date=2022-09-19}}</ref>
== प्रगति ==
भारत जोड़ो यात्रा 10 सितंबर की शाम को केरल में प्रवेश किया, राज्य में भारी मतदान हुआ, विशेष रूप से तिरुवनंतपुरम में, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों ने यात्रा में भाग लिया।<ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/politics/second-day-of-congress-bharat-jodo-yatra-in-kerala-attracts-huge-turnout-122091200084_1.html|title=Second day of Congress' Bharat Jodo Yatra in Kerala attracts huge turnout|date=2022-09-12|work=Business Standard India|access-date=2022-09-13|agency=Press Trust of India}}</ref><ref name=":5">{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/second-day-of-bharat-jodo-yatra-sees-huge-turnout-in-kerala-1.7866015|title=Second day of ‘Bharat Jodo Yatra' sees huge turnout in Kerala|website=Matrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-13}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/kerala-bharat-jodo-yatra-gets-a-boost-on-third-day-amidst-huge-turnout-2411707/|title=Kerala: Bharat Jodo Yatra gets a boost on third day amidst huge turnout|date=2022-09-13|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-09-14|agency=Press Trust of India}}</ref> 3 अक्टूबर 2022 को, कांग्रेस पार्टी ने भारत जोड़ो यात्रा के बारे में सभी जानकारी प्रदान करने के लिए अपना भारत जोड़ो ऐप लॉन्च किया।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/congress-party-launches-bharat-jodo-app-information-bharat-jodo-yatra-latest-updates-2022-10-04-813380|title=Congress party launches the Bharat Jodo App for its Nationwide Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/sonia-in-karnataka-for-bharat-jodo-yatra-to-join-it-on-oct-6-437882|title=Sonia Gandhi in Karnataka for Bharat Jodo Yatra, to join it on October 6}}</ref>
सितंबर के मध्य में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] ने 1 नवंबर से धुबरी से सादिया तक यात्रा के असम संस्करण की घोषणा की। यात्रा पूरे राज्य में लगभग 800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.time8.in/jairam-ramesh-hits-back-at-assam-cm-announces-assam-jodo-yatra-from-nov-1/|title=Jairam Ramesh hits back at Assam CM: Announces 'Assam Jodo Yatra' from Nov 1|date=2022-09-16|website=Time8|language=en-US|access-date=2022-09-17}}</ref> इसने ओडिशा में भी ऐसा ही किया, जहां यात्रा का राज्य संस्करण 100 दिनों के लिए 2,250 किलोमीटर की दूरी तय करेगा, जो 31 अक्टूबर से कांग्रेस के लिए ताकत दिखाने के रूप में शुरू होगा। रैली [[भुवनेश्वर]] से शुरू होगी और [[कटक]], [[जाजपुर]], [[बालेश्वर|बालासोर]] और कई अन्य शहरों को कवर करेगी। कांग्रेस पार्टी की कई राज्य इकाइयाँ भी जन संपर्क कार्यक्रम शुरू करेंगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.newindianexpress.com/states/odisha/2022/sep/14/rahul-gandhi-may-visit-odisha-to-join-bharat-jodo-yatra-2498081.html|title=Rahul Gandhi may visit Odisha to join Bharat Jodo Yatra|website=The New Indian Express|access-date=2022-09-18}}</ref>
=== अन्य नियोजित यात्राएं ===
वर्तमान यात्रा की सफलता से प्रेरित [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने अन्य राज्यों में कई और यात्राओं की योजना बनाई। वे नीचे सूचीबद्ध हैं:<ref name=":52">{{cite web|url=https://theprint.in/politics/congress-to-begin-second-phase-of-bharat-jodo-yatra-from-gujarat/1130563/|title=If this Bharat Jodo Yatra is successful, we’ll do one from Gujarat to Arunachal, Congress says|website=ThePrint|access-date=September 29, 2022}}</ref>
सितंबर के मध्य में, कांग्रेस ने 1 नवंबर से धुबरी से सादिया तक यात्रा के असम संस्करण की घोषणा की। यात्रा पूरे राज्य में लगभग 800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.time8.in/jairam-ramesh-hits-back-at-assam-cm-announces-assam-jodo-yatra-from-nov-1/|title=Jairam Ramesh hits back at Assam CM: Announces 'Assam Jodo Yatra' from Nov 1|date=2022-09-16|website=Time8|language=en-US|access-date=2022-09-17}}</ref> इसने ओडिशा में भी ऐसा ही किया, जहां यात्रा का राज्य संस्करण कांग्रेस के लिए ताकत दिखाने के रूप में 31 अक्टूबर से शुरू होकर 100 दिनों के लिए 2,250 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.newindianexpress.com/states/odisha/2022/sep/14/rahul-gandhi-may-visit-odisha-to-join-bharat-jodo-yatra-2498081.html|title=Rahul Gandhi may visit Odisha to join Bharat Jodo Yatra|website=The New Indian Express|access-date=2022-09-18}}</ref> 22 सितंबर को, कांग्रेस ने असम में एक ऐसी ही यात्रा शुरू की, जिसे उन्होंने [[अम्बाजी]] से [[गुजरात]] में "युवा परिवर्तन यात्रा" कहा, जो कई कस्बों और शहरों से होकर गुजरेगी। इसमें जीपीसीसी और [[गुजरात युवा कांग्रेस]] के कई नेता शामिल थे। यह 27 जिलों से गुजरेगा। यह [[अम्बाजी]] से [[उमरगाम]] और सोमंत से सुइगाम तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। यह यात्रा पूरे राज्य में 2100 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करेगी।<ref>{{Cite web|url=https://tv9gujarati.com/elections/gujarat-assembly-election/gujarat-youth-congress-will-conduct-yuva-parivartan-yatra-to-27-districts-start-from-ambaji-au14483-588747.html|title=Gujarat Assembly Election 2022 : યુથ કોંગ્રેસની ગુરૂવારથી 27 જિલ્લાઓમાં 'યુવા પરિવર્તન યાત્રા, અંબાજીથી કરાશે પ્રારંભ|last=Gujarati|first=TV9|date=2022-09-21|website=TV9 Gujarati|language=gu|access-date=2022-09-23}}</ref>
=== समयरेखा ===
{{main|2022-2023 भारत जोड़ो यात्रा की समयरेखा}}
==== सप्ताह 1 (7-13 सितंबर)====
* '''7 सितंबर 2022''': राहुल गांधी ने अपने दिवंगत पिता [[राजीव गांधी]], [[स्वामी विवेकानन्द|स्वामी विवेकानंद]] और तमिल कवि त्रिवल्लुवर को श्रद्धांजलि देने के बाद [[कन्याकुमारी]] में यात्रा की शुरुआत की। कांग्रेस यात्रा को "भारत का सबसे बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम" कहती है, जहां लोगों की चिंताएं दिल्ली तक पहुंचेगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/news/national/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-offers-floral-tributes-at-his-fathers-memorial-in-sriperumbudur/article65860625.ece|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi offers floral tributes at his father's memorial in Sriperumbudur|last=PTI|date=2022-09-07|website=The Hindu BusinessLine|language=en|access-date=2022-10-03}}</ref>
* '''8 सितंबर 2022''': यात्रा का दूसरा दिन कन्याकुमारी के [[अगस्तीश्वरम|अगस्तीस्वरम]] में शुरू हुआ। राहुल गांधी ने [[भारतीय जनता पार्टी|BJP]] और [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ|RSS]] पर निशाना साधते हुए कहा कि "उन्हें लगता है कि झंडा उनकी निजी संपत्ति है"। यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता [[पी॰ चिदंबरम|पी. चिदंबरम]], [[भूपेश बघेल]] और अन्य शामिल हुए।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-p-chidambaram-tamil-nadu-1997852-2022-09-08|title=Day 2 of Congress’ Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi, Bhupesh Baghel take lead|last=DelhiSeptember 8|first=India Today Web Desk New|last2=September 8|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 13:46}}</ref>
* '''9 सितंबर 2022''': यात्रा [[नागरकोविल|नागरकोइल]] में शुरू हुई, जिसमें राहुल गांधी [[स्कॉट क्रिश्चियन कॉलेज]] में राष्ट्रीय ध्वज की मेजबानी कर रहे थे। उन्होंने उन किसानों से भी बातचीत की, जिन्होंने 2020-2021 के भारतीय किसानों के विरोध के दौरान विरोध किया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-day-three-rahul-gandhi-tamil-nadu-1998191-2022-09-09|title=Day 3 of Congress’ Bharat Jodo Yatra kicks off at Tamil Nadu’s Nagercoil|last=DelhiSeptember 9|first=India Today Web Desk New|last2=September 9|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 09:29}}</ref>
* '''10 सितंबर 2022''': राहुल गांधी ने मार्तंडम में सफाई कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के एक स्थानीय समूह के साथ बातचीत की। वह दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं से भी मिलते हैं और उनके समर्थन में ट्वीट करते हैं। उसी दिन शाम को उन्होंने [[केरल]] में प्रवेश किया, केरल पीसीसी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/business/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-signs-off-from-tamil-nadu-sips-tea-with-workers-9159161.html|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi signs off from Tamil Nadu, sips tea with workers|website=Moneycontrol|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/bharat-jodo-yatra-enters-kerala-2410000/|title=Bharat jodo yatra enters Kerala|date=2022-09-10|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-10-02|agency=Press Trust of India}}</ref>
* '''11 सितंबर 2022''': राहुल गांधी केरल में प्रवेश करते हैं, क्योंकि उनके स्वागत के लिए हजारों समर्थक और दर्शक इकट्ठा होते हैं। गांधी ने कहा कि यात्रा केरल में प्रचलित विचारों का विस्तार है।<ref name=":6">{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/second-day-of-bharat-jodo-yatra-sees-huge-turnout-in-kerala-1.7866015|title=Second day of 'Bharat Jodo Yatra' sees huge turnout in Kerala|website=Matrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-13}}</ref>
==== सप्ताह 8 (7-13 सितंबर)====
* '''2 नवंबर 2022''':राहुल गांधी ने शमशाबाद, आरामघर, बहादुरपुरा, चारमीनार, अफजलगंज, मोज्जमजाही मार्केट, नामपल्ली (गांधी भवन), बालानगर, मूसापेट वाई-जंक्शन, कुकटपल्ली, मियापुर, बीएचईएल, पाटनचेरु (एनएच-65 के माध्यम से) पार करते हुए तेलंगाना के 19 विधानसभा क्षेत्रों को पार किया। यात्रा ने शमशाबाद से मुथांगी (ओआरआर) तक लगभग 60 किमी की दूरी तय की।
====सप्ताह 14 (6 - 12 दिसंबर)====
* '''9 दिसंबर 2022''': कांग्रेस महासचिव (संचार) [[जयराम रमेश]] ने बताया कि भारत जोड़ो यात्रा 25 दिसंबर को नौ दिन का ब्रेक लेगी और 3 जनवरी, 2023 को फिर से शुरू होगी।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/bharat-jodo-yatra-to-take-a-nine-day-break/article66243342.ece|title=Bharat Jodo Yatra to take a nine-day break}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bharat-jodo-yatra-20-to-begin-on-january-3-congress-mp-jairam-ramesh-2307268-2022-12-09|title=Bharat Jodo Yatra 2.0 to begin on January 3: Congress MP Jairam Ramesh}}</ref> यात्रा के 24 दिसंबर तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है और 60 कंटेनरों का रखरखाव नोएडा में किया जाएगा।
* '''11 दिसंबर 2022 ''': अभिनेत्री [[दीगंगना सूर्यवंशी]] राजस्थान के [[बूँदी जिला]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/entertainment/television/digangana-suryavanshi-joined-congress-bharat-jodo-yatra-in-rajasthan-pictures-of-actress-holding-rahul-gandhi-hand-viral-2281092|title=कांग्रेस की Bharat Jodo Yatra में शामिल हुईं दिगांगना सूर्यवंशी, Rahul Gandhi का हाथ थामे एक्ट्रेस की तस्वीरें हुई वायरल}}</ref>
* '''14 दिसंबर 2022 ''': आरबीआई के पूर्व गवर्नर [[रघुराम राजन]] [[सवाई माधोपुर जिले]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/ex-rbi-governor-raghuram-rajan-joins-rahul-gandhi-at-bharat-jodo-yatra-101670985749982.html|title=Ex RBI governor Raghuram Rajan joins Rahul Gandhi at Bharat Jodo Yatra}}</ref>
====सप्ताह 15 (13 - 19 दिसंबर)====
* '''16 दिसंबर 2022 ''': गायिका [[सुनिधि चौहान]] ने 16 दिसंबर 2022 को जयपुर के [[अल्बर्ट हॉल संग्रहालय]] में भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.newindianexpress.com/nation/2022/dec/17/rahul-connects-india-on-100th-day-of-yatra-with-sunidhi-show-in-jaipur-2529012.html|title=Rahul ‘connects India’ on 100th day of Yatra with Sunidhi show in Jaipur}}</ref>
* '''19 दिसंबर 2022 ''': राजस्थान के अलवर में एक रैली को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि राजस्थान में लगभग 1,700 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले गए हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-backs-english-education-in-schools-slams-bjp-2311005-2022-12-19|title=Rahul Gandhi backs English education in schools, slams BJP}}</ref> उन्होंने कहा कि भाजपा नेता नहीं चाहते कि स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई जाए। लेकिन उनके सभी नेताओं के बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में जाते हैं.
====सप्ताह 16 (20 - 26 दिसंबर)====
* '''21 दिसंबर 2022 ''': भारत जोड़ो यात्रा [[नूँह जिला]] के मुंडका बॉर्डर से हरियाणा में दाखिल हुई। झंडा सौंपने के समारोह के बाद हरियाणा के नूंह में पाटन उदयपुरी से भारत जोड़ो यात्रा फिर से शुरू हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-attacks-bjp-bharat-jodo-yatra-enters-haryana-2311642-2022-12-21|title='Opening a shop of love in market of hate': Rahul Gandhi attacks BJP as Bharat Jodo Yatra enters Haryana}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/bharat-jodo-in-haryana-fog-worries-congress-netas-workers-cant-wait-for-yuvraj/articleshow/96385084.cms|title=Bharat Jodo in Haryana: Fog worries Congress netas, workers can't wait for 'yuvraj'}}</ref>
* '''23 दिसंबर 2022 ''':DMK सांसद [[एम॰ के॰ कनिमोझी]] हरियाणा में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/dmk-mp-kanimozhi-joins-rahul-gandhi-s-bharat-jodo-yatra-haryana-171241|title=DMK MP Kanimozhi joins Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra in Haryana}}</ref>
* '''24 दिसंबर 2022 ''':एनएचपीसी मेट्रो स्टेशन से यात्रा फिर से शुरू करने के बाद, भारत जोड़ो यात्रा ने बदरपुर बॉर्डर पर दिल्ली में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-led-congress-bharat-jodo-yatra-in-delhi-today-3634386|title=Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra In Delhi Amid BJP vs Congress Over Covid}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-enters-delhi-bjp-rss-covid-2312938-2022-12-24|title='Hum jahan gaye humko pyar mila': Rahul Gandhi as Bharat Jodo Yatra enters Delhi}}</ref> [[लाल किला]] में अपने भाषण के दौरान, राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने 2,800 किलोमीटर पैदल चलने के दौरान लोगों के बीच कोई नफरत या हिंसा नहीं देखी।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bharat-jodo-yatra-red-fort-even-dogs-came-but-rahul-gandhi-on-love-and-no-hatred-attacks-bjp-101671890225899.html|title=‘Even dogs came, but…’: Rahul Gandhi on 'no hatred' in Congress yatra; attacks BJP}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/politics/love-that-i-got-from-her-rahul-gandhi-makes-emotional-post/1280817/|title=“Love that I got from her…” Rahul Gandhi makes emotional post}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-congress-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-enter-in-delhi-today-here-some-photo-gallery-of-journey-2290015|title=Bharat Jodo Yatra: भारत जोड़ो यात्रा 2,800 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद पहुंची दिल्ली, देखें तस्वीरें}}</ref> भारत जोड़ो यात्रा ने कन्याकुमारी में गांधी मंडपम से दिल्ली में लाल किले तक 3,122 किमी की दूरी तय की।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-january-30-466709|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on January 30}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.business-standard.com/article/politics/rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-jan-30-k-c-venugopal-123010200676_1.html|title=Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on Jan 30: K C Venugopal}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-jan-30/1294143/|title=Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on Jan 30}}</ref>
====सप्ताह 17 (3-9 जनवरी 2023)====
भारत जोड़ो यात्रा गाजियाबाद जिले में लोनी सीमा से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/second-wife-dhaba-helped-congress-mp-finish-17km-non-stop-bharat-jodo-yatra-101672741045224.html|title='Second Wife Dhaba' helped Congress MP finish 17km non-stop Bharat Jodo Yatra}}</ref> रॉ के पूर्व प्रमुख ए.एस. दुलत और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री [[फारूक अब्दुल्ला]] भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/bharat-jodo-yatra-nc-leader-farooq-abdullah-joins-rahul-gandhi-as-yatra-enters-uttar-pradesh-2023-01-03-836232|title=Bharat Jodo Yatra: NC leader Farooq Abdullah joins Rahul Gandhi as Yatra enters Uttar Pradesh}}</ref> 5 जनवरी 2023 को बॉलीवुड अभिनेत्री [[रितु शिवपुरी]] [[शामली]], [[उत्तर प्रदेश]] में 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/day-in-pics-january-05-2023-photos-250991?photo-47|title=Day In Pics: January 05, 2023}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-jairam-ramesh-naresh-tikait-8364540/|title=Rahul Yatra: As BKU’s Naresh Tikait now hails the ‘thought revolution’, Jairam calls march sanjivani for Congress}}</ref>
====सप्ताह 18 (10-16 जनवरी 2023)====
भारत जोड़ो यात्रा ने 10 जनवरी 2023 को शंभू सीमा के माध्यम से पंजाब में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/punjab/yatra-enters-state-factionalism-comes-to-the-fore-in-congress-469300|title=Yatra enters state, factionalism comes to the fore in Congress}}</ref> राज्य में यात्रा शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने अमृतसर में [[हरिमन्दिर साहिब|स्वर्ण मंदिर]] का दौरा किया।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/rahul-gandhi-visits-golden-temple-as-bharat-jodo-enters-punjab-101673340091808.html|title=Rahul Gandhi visits Golden Temple as Bharat Jodo enters Punjab}}</ref> 14 जनवरी 2023 को, जालंधर से कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी का पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान [[फिल्लौर]] में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ludhiana/congress-mp-chaudhary-santokh-singh-dies-during-bharat-jodo-yatra-in-punjab/articleshow/96981738.cms|title=Congress MP Chaudhary Santokh Singh passes away during Bharat Jodo Yatra in Punjab}}</ref><ref>[https://www.tribuneindia.com/news/punjab/congress-mp-chaudhary-santokh-singh-dies-of-heart-attack-during-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-punjab-470315 Congress MP Chaudhary Santokh Singh dies of heart attack during Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Punjab's Phillaur]</ref> 15 जनवरी 2023 को दिवंगत पंजाबी गायक [[सिद्धू मूसे वाला]] के पिता और इतिहासकार [[मृदुला मुखर्जी]] भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/sidhu-moosewala-father-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-8383466/|title=Rahul Gandhi gets a gift from Sidhu Moosewala’s father}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/sidhu-moosewalas-father-joins-bharat-jodo-yatra-in-punjab-3694508|title=Sidhu Moose Wala's Father Joins Bharat Jodo Yatra In Punjab}}</ref>
====सप्ताह 19 (17-23 जनवरी 2023)====
18 जनवरी 2023 को, भारत जोड़ो यात्रा ने [[हिमाचल प्रदेश]] में प्रवेश किया और राज्य में 24 किमी की यात्रा की।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-enters-himachal-pradesh/articleshow/97078667.cms|title=Rahul Gandhi's 'Bharat Jodo Yatra' enters Himachal Pradesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/rahul-gandhi-begins-bharat-jodo-yatra-himachal-pradesh-8388524/|title=Rahul Gandhi begins day long leg of Bharat Jodo Yatra in Himachal Pradesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/congress-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-in-himachal-pradesh-cm-sukhvinder-singh-sukhu-2310760|title=Bharat Jodo Yatra: आज हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेगी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, ये है पूरा प्लान}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.amarujala.com/shimla/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-yatra-start-from-from-ghatota-himachal-pradesh-today-news-in-hindi-2023-01-18|title=Bharat Jodo Yatra Live: राहुल गांधी ने कांगड़ा के महादेव मंदिर में पूजा की, सुधीर शर्मा भी हुए यात्रा में शामिल}}</ref> 19 जनवरी 2023 की शाम को, कठुआ जिले के [[लखनपुर, जम्मू और कश्मीर|लखनपुर]] में झंडा सौंपने के समारोह के साथ भारत जोड़ो यात्रा ने पंजाब के पठानकोट से [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)]] में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/toi-original/watch-congress-bharat-jodo-yatra-enters-jammu-and-kashmir/videoshow/97138428.cms|title=Watch: Congress’ Bharat Jodo Yatra enters Jammu and Kashmir}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/government-diverting-attention-of-people-and-then-looting-them-rahul-gandhi-in-jammu-and-kashmir/cid/1910906|title=Govt diverting attention of people and then looting them: Rahul Gandhi in J&K}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.amarujala.com/jammu/bharat-jodo-yatra-people-started-arriving-at-lakhanpur-public-meeting-site-in-jammu-kashmir-2023-01-19?pageId=6|title=Bharat Jodo Yatra: 3400 किमी का सफर कर जम्मू कश्मीर पहुंची भारत जोड़ो यात्रा, फारुक-संजय राउत ने किया स्वागत}}</ref> नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और सांसद [[फारूक अब्दुल्ला]] ने भी राहुल गांधी की तुलना [[आदि शंकराचार्य]] से की और कहा कि शंकराचार्य पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक दिग्विजय यात्रा की और इसी तरह, राहुल गांधी फिर से ऐसा कर रहे हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/videos/politics/farooq-abdullah-compar-s-rahul-gandhi-with-shankaracharya-rahul-gandhi-n-ws-today-n-ws18-6874153.html|title=Farooq Abdullah Compares Rahul Gandhi With Shankaracharya}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/after-shankaracharya-farooq-abdullah-praises-rahul-gandhi-for-bharat-jodo-yatra-11674154489915.html|title='After Shankaracharya...': Farooq Abdullah praises Rahul Gandhi for Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/farooq-abdullah-praises-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-compares-him-with-shankaracharya-2312655|title=फारूक अब्दुल्ला ने की राहुल गांधी की शंकराचार्य से तुलना, कहा- वो दूसरे व्यक्ति हैं जो कन्याकुमारी से...}}</ref> 20 जनवरी 2023 को, परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता कैप्टन [[बाना सिंह]] जम्मू और कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/hero-of-operation-rajiv-param-vir-chakra-recipient-capt-bana-singh-joins-bharat-jodo-yatra/1325954/|title=Hero of ‘Operation Rajiv’ — Param Vir Chakra recipient Capt Bana Singh joins Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/photomazza/state-photogallery/bana-singh-param-vir-chakra-awardee-joined-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-in-kashmir-see-pictures/photoshow/97189565.cms|title=Bana Singh: राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में हुए शामिल, जानें कौन हैं परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह}}</ref>
====सप्ताह 20 (24-30 जनवरी 2023)====
24 जनवरी 2023 को, अभिनेता-राजनेता [[उर्मिला मातोंडकर]] और प्रमुख लेखक [[पेरुमाल मुरुगन|पेरुमल मुरुगन]] जम्मू के [[नगरोटा, जम्मू और कश्मीर|नगरोटा]] शहर में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/urmila-matondkar-marches-with-rahul-gandhi-during-bharat-jodo-in-jammu-watch-101674541859233.html|title=Urmila Matondkar marches with Rahul Gandhi during Bharat Jodo in Jammu. Watch}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/actor-politician-urmila-matondkar-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-jammu-3719041|title=Actor-Politician Urmila Matondkar Joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Jammu}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/chandigarh-news/rahul-dismisses-digvijaya-s-surgical-strike-remark-as-ridiculous-101674586952469.html|title=Rahul dismisses Digvijaya’s surgical strike remark as ‘ridiculous’}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/actor-politician-urmila-matondkar-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-jammu/articleshow/97275472.cms|title=Actor-politician Urmila Matondkar joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Jammu}}</ref>
== प्रतिक्रियाएं ==
===राष्ट्रीय===
====राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ====
[[भारतीय जनता पार्टी]] ने रैली की आलोचना की और इसे "परिवार बचाओ रैली" कहा।<ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/bjp-uses-corruption-dynastic-rule-narrative-to-counter-bharat-jodo-yatra-2404881/|title=BJP uses corruption, dynastic rule narrative to counter Bharat Jodo Yatra|last=Service|first=Indo-Asian News|date=2022-09-04|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-09-18}}</ref> दिलचस्प बात यह है कि ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कांग्रेस [[२०२२ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्षीय निर्वाचन|अपना राष्ट्रपति चुनाव]] कराने की तैयारी कर रही थी।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/congress-reviews-preparations-for-party-poll/article65891367.ece|title=Congress reviews preparations for party poll|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-14|work=The Hindu|access-date=2022-09-18|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> 18 सितंबर को बीजेपी तमिलनाडु के अध्यक्ष सी.टी. रवि ने ट्विटर पर दुर्भावनापूर्ण इरादे से [[राहुल गांधी]] और उनकी भतीजी की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसके कारण रवि ने सार्वजनिक आक्रोश के बाद ट्वीट को हटा दिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/complaint-filed-against-tn-bjp-leader-tweet-rahul-gandhi-and-niece-168049|title=Complaint filed against TN BJP leader for tweet on Rahul Gandhi and niece|date=2022-09-19|website=The News Minute|language=en|access-date=2022-09-20}}</ref> कांग्रेस ने इसका जवाब देते हुए कहा कि भाजपा यात्रा और उसके अपार जनसमर्थन से <nowiki>''चकित''</nowiki> है।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/bjp-rattled-by-bharat-jodo-yatra-says-congress/article65910724.ece|title=BJP rattled by 'Bharat Jodo Yatra', says Congress|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-19|work=The Hindu|access-date=2022-09-20|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
==== संयुक्त प्रगतशील गठबंधन ====
[[द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम|द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] ने यात्रा का तहे दिल से समर्थन किया, एम.के. 7 सितंबर को कन्याकुमारी में यात्रा शुरू करने के लिए स्टालिन मौजूद रहे।<ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/national/national-politics/why-stalins-presence-at-bharat-jodo-yatra-matters-for-dmk-1142436.html|title=Why Stalin's presence at Bharat Jodo Yatra matters for DMK|date=2022-09-05|website=Deccan Herald|language=en|access-date=2022-09-14}}</ref>
[[राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी]] ने अपने नेता पी. सी. चाको के साथ यात्रा से खुद को दूर कर लिया और कहा कि "कांग्रेस की यात्रा का उद्देश्य यह साबित करना है कि यह मृत नहीं है"।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/cong-s-bharat-jodo-yatra-aimed-at-proving-it-is-not-dead-ncp-leader-p-c-chacko-1.7863224|title=Cong's 'Bharat Jodo Yatra' aimed at proving it is not dead: NCP leader P C Chacko|website=English.Mathrubhumi|language=en|access-date=2022-09-18}}</ref>
[[शिवसेना]] ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से यात्रा का समर्थन किया और कांग्रेस की यात्रा से डरने का आरोप लगाते हुए भाजपा पर कटाक्ष किया।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/saamana-editorial-supports-congresss-bharat-jodo-yatra-slams-bjp-8136485/|title=Saamana editorial supports Congress’s Bharat Jodo Yatra, slams BJP for criticising initiative|date=2022-09-07|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-09-14}}</ref>
==== अन्य ====
[[आम आदमी पार्टी]] ने यह कहते हुए यात्रा रद्द कर दी कि इसका कोई नतीजा नहीं निकला।<ref>{{Cite web|url=https://www.firstpost.com/explainers/explained-is-aaps-make-india-number-1-campaign-a-bid-to-upstage-congress-bharat-jodo-yatra-11201971.html|title=Is AAP’s ‘Make India Number 1’ campaign a bid to upstage Congress’ Bharat Jodo Yatra?|date=2022-09-07|website=Firstpost|language=en|access-date=2022-09-18}}</ref> स्वराज इंडिया के [[योगेंद्र यादव]] भारत जोड़ी यात्रा में शामिल हुए और उन्होंने यात्रा को भारत के दक्षिणायन आंदोलन के रूप में वर्णित किया, जहां दक्षिण का प्रभाव उत्तर में ले जाया जाता है।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/bharat-jodo-yatra-is-dakshinayana-movement-where-influences-of-south-are-carried-to-north-yogendra-yadav/article65947347.ece|title=Bharat Jodo Yatra is Dakshinayana movement where influences of South are carried to North: Yogendra Yadav}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/yogendra-yadav-journey-congress-bharat-jodo-yatra-aap-to-swaraj-india-8142413/|title=Arc of Yogendra Yadav’s journey: ‘Congress must die’ to ‘Bharat Jodo Yatra’, AAP to Swaraj India}}</ref>
[[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] ने शुरू में एक ट्विटर पोस्ट में कांग्रेस की आलोचना की, जिसमें लिखा था कि "केरल में 18 दिन ... यूपी में 2 दिन। बीजेपी-आरएसएस से लड़ने का अजीब तरीका", यात्रा के दिनों की राशि का जिक्र करते हुए प्रत्येक राज्य में। कांग्रेस ने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि केरल दक्षिण से उत्तर तक एक लंबा राज्य है, "कन्याकुमारी से केरल जाने और कर्नाटक पहुंचने में 370 किलोमीटर का समय लगता है। यदि यह दो दिन आराम के दिनों में लेती, तो उस दूरी को तय करने में 18 दिन का समय लेती"।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/cpim-slams-bharat-jodo-yatra-for-spending-18-days-in-kerala-2-in-up-congress-hits-back/article65883291.ece|title=CPI(M) slams 'Bharat Jodo Yatra' for spending '18 days in Kerala, 2 in UP'; Congress hits back|date=2022-09-13|work=The Hindu|access-date=2022-09-17|others=PTI|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref><ref name=":4">{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bharat-jodo-yatra-jairam-ramesh-rahul-gandhi-kerala-skipping-poll-bound-gujarat-himachal-2000527-2022-09-15|title=Bharat Jodo Yatra: Jairam Ramesh explains Rahul Gandhi’s 18 days in Kerala, skipping poll-bound Gujarat, Himachal|last=Singh|first=Darpan|date=September 15, 2022|website=India Today|language=en|access-date=2022-09-15}}</ref> सीपीआई (एम) ने जल्द ही यात्रा पर अपना रुख नरम कर लिया, इसके महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "हर पार्टी को जनता के साथ बातचीत करने का वैध अधिकार है। लोगों के पास जाना अच्छा है"। उन्होंने यह भी कहा कि माकपा संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को एक साथ लाने के प्रयासों में शामिल होगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/national/national-politics/every-party-has-legitimate-right-to-go-to-people-cpim-on-bharat-jodo-yatra-1145734.html|title=Every party has legitimate right to go to people: CPI(M) on ‘Bharat Jodo Yatra’|date=2022-09-16|website=Deccan Herald|language=en|access-date=2022-09-17}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/politics/going-to-people-is-good-cpi-m-softens-stance-on-cong-s-bharat-jodo-yatra-122091601300_1.html|title=Going to people is good: CPI(M) softens stance on Cong's Bharat Jodo Yatra|last=India|first=Press Trust of|date=2022-09-16|work=Business Standard India|access-date=2022-09-17}}</ref>
===अंतरराष्ट्रीय===
सितंबर 2022 में, हॉलीवुड अभिनेता जॉन क्यूसैक ने भारत जोड़ी यात्रा को अपना समर्थन दिया और कहा कि वह "हर जगह फासीवाद विरोधी" के साथ एकजुटता से खड़े हैं।<ref>{cite web|url=https://indianexpress.com/article/world/john-cusack-supports-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-solidarity-to-all-anti-fascists-8169839/|title=John{{Dead link|date=अक्तूबर 2022 |bot=InternetArchiveBot }} Cusack supports Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra: Solidarity to all anti-fascists}}</ref>
== विवाद ==
गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी राज्यों से नहीं गुजरने के लिए भारत जोड़ो यात्रा की आलोचना की गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसके पीछे का कारण यह था कि कन्याकुमारी से गुजरात पहुंचने में 90-95 दिन लगेंगे, "चुनाव से पहले पहुंचना असंभव होगा, हिमाचल प्रदेश के साथ भी।" उन्होंने यह भी कहा कि जिन राज्यों में यात्रा नहीं हो पाएगी, वहां वह और कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता [[दिग्विजय सिंह (राजनीतिज्ञ)|दिग्विजय सिंह]] सहित कई अन्य लोग उनसे मिलने जाएंगे।<ref name=":42">{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bharat-jodo-yatra-jairam-ramesh-rahul-gandhi-kerala-skipping-poll-bound-gujarat-himachal-2000527-2022-09-15|title=Bharat Jodo Yatra: Jairam Ramesh explains Rahul Gandhi’s 18 days in Kerala, skipping poll-bound Gujarat, Himachal|last=Singh|first=Darpan|date=September 15, 2022|website=India Today|language=en|access-date=2022-09-15}}</ref>
[[कोल्लम]] में कांग्रेस के 3 कार्यकर्ताओं ने एक रेहड़ी-पटरी वाले से 2000 रुपये का चंदा मांगा, जिसमें उन्होंने 500 रुपये दिए. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वेंडर की तौल मशीन और सब्जियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. हंगामे के बाद कार्यकर्ताओं को तुरंत कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/3-congress-activists-suspended-for-creating-ruckus-demanding-funds-for-bharat-jodo-yatra-kollam-1.7878076|title=3 Congress activists suspended for creating ruckus demanding funds for Bharat Jodo Yatra|website=Mathrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-17}}</ref> केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के. सुधाकरन ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए इसे "अस्वीकार्य" और "अक्षम्य" बताया।<ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/3-cong-workers-suspended-for-threatening-vegetable-vendor-over-donation-2413963/|title=3 Cong workers suspended for threatening vegetable vendor over donation|last=|first=|date=2022-09-16|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-09-17}}</ref>
23 सितंबर को, कांग्रेस ने त्रिशूर में यात्रा को आराम के दिन के लिए रोक दिया, जो जाहिर तौर पर वह दिन था जब [[राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण|राष्ट्रीय जांच एजेंसी]] के जवाब में, एक इस्लामी संगठन, [[पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया|पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया]] (पीएफआई) ने केरल में "बंद" का आह्वान किया था। एक दिन पहले उस पर (एनआईए) की छापेमारी। भाजपा नेता [[कपिल मिश्रा]] ने यात्रा के इस ठहराव को बंद से जोड़ा और आरोप लगाया कि कांग्रेस पीएफआई के साथ एकजुटता में है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि यह विराम पूर्व-निर्धारित था और पीएफआई से पूरी तरह से असंबंधित था।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bjp-leader-links-bharat-jodo-rest-day-with-pfi-bandh-congress-hits-back-with-mohan-bhagwat-swipe-101663911160424.html|title=BJP leader links Bharat Jodo rest day with PFI bandh, Congress hits back: 'RSS chief on Maafi Maango Yatra'|date=2022-09-23|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-09-24}}</ref> [[राहुल गांधी]] ने यह भी कहा कि सभी प्रकार की सांप्रदायिकता के प्रति जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए, जब एक पत्रकार ने उनसे पीएफआई पर छापे पर उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछा।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/opposition-parties-should-come-together-to-fight-bjp-rss-says-rahul-gandhi/article65921952.ece|title=Rahul Gandhi calls for zero tolerance towards communalism|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-22|work=The Hindu|access-date=2022-09-24|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
== झूठी खबर ==
यात्रा को लेकर कई फेक खबरें और आरोप लगाए गए हैं<ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/opinion/op-eds/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhis-detractors-spreading-fake-news-1.90901088|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi’s detractors spreading fake news?|last=Mohan|first=Jyotsna|date=2022-09-29|website=Gulf News|language=en|access-date=2022-09-29}}</ref>, उनमें से कुछ नीचे सूचीबद्ध हैं:
23 सितंबर को, कांग्रेस ने [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] में यात्रा को आराम के दिन के लिए रोक दिया, जो जाहिर तौर पर वह दिन था जब [[राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण|राष्ट्रीय जांच एजेंसी]] के जवाब में, एक इस्लामी संगठन, [[पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया|पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया]] (पीएफआई) ने केरल में "बंद" का आह्वान किया था। एक दिन पहले उस पर (एनआईए) की छापेमारी। भाजपा नेता [[कपिल मिश्रा]] ने यात्रा के इस ठहराव को बंद से जोड़ा और आरोप लगाया कि कांग्रेस पीएफआई के साथ एकजुटता में है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि यह विराम पूर्व-निर्धारित था और पीएफआई से पूरी तरह से असंबंधित था।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bjp-leader-links-bharat-jodo-rest-day-with-pfi-bandh-congress-hits-back-with-mohan-bhagwat-swipe-101663911160424.html|title=BJP leader links Bharat Jodo rest day with PFI bandh, Congress hits back: 'RSS chief on Maafi Maango Yatra'|date=2022-09-23|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-09-24}}</ref> [[राहुल गांधी]] ने यह भी कहा कि सभी प्रकार की सांप्रदायिकता के प्रति जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए, जब एक पत्रकार ने उनसे पीएफआई पर छापे पर उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछा।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/opposition-parties-should-come-together-to-fight-bjp-rss-says-rahul-gandhi/article65921952.ece|title=Rahul Gandhi calls for zero tolerance towards communalism|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-22|work=The Hindu|access-date=2022-09-24|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
गभग 23 सितंबर को भाजपा नेताओं द्वारा एक तथ्यात्मक रूप से गलत ट्वीट प्रसारित करना शुरू कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यात्रा से एक तस्वीर में राहुल गांधी को गले लगाने वाली लड़की वही लड़की थी जिसने [[बंगलौर|बेंगलुरु]] में [[ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन|AIMIM]] के नेतृत्व में [[नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, २०१९|नागरिकता संशोधन अधिनियम]] विरोधी रैली में "पाकिस्तान जिंदाबाद" का नारा लगाया था, यह झूठ निकला। 25 सितंबर को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यात्रा पर कथित रूप से फर्जी और विभाजनकारी खबरें फैलाने के लिए भाजपा नेता प्रीति गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/bharat-jodo-yatra-congress-initiates-legal-action-against-bjps-priti-gandhi-for-spreading-fake-divisive-news-8173276/|title=Bharat Jodo Yatra: Congress initiates legal action against BJP’s Priti Gandhi for ‘spreading fake, divisive news’|date=2022-09-26|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-09-27}}</ref>
==भारत जोड़ो यात्रा II==
सितंबर 2022 में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने कहा कि उसने यात्रा के दूसरे चरण को अगले साल पूर्व से पश्चिम तक, गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक करने की योजना बनाई है।<ref>{{Cite news |last= |date=2022-09-16 |title=Congress plans second phase of Bharat Jodo Yatra from Gujarat to Arunachal |work=Business Standard India |url=https://www.business-standard.com/article/politics/congress-plans-second-phase-of-bharat-jodo-yatra-from-gujarat-to-arunachal-122091600187_1.html |access-date=2022-09-17}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/politics/congress-to-begin-second-phase-of-bharat-jodo-yatra-from-gujarat/1130563/|title=If this Bharat Jodo Yatra is successful, we’ll do one from Gujarat to Arunachal, Congress says}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/buoyed-by-bharat-jodo-yatra-congress-mulls-yatra-from-west-to-east/article66161843.ece|title=Buoyed by Bharat Jodo, Congress mulls yatra from west to east}}</ref> कांग्रेस अगले साल गुजरात के [[पोरबंदर]] से अरुणाचल प्रदेश के [[परशुराम कुंड]] तक एक और मार्च निकालने की योजना बना रही है।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/congress-plans-another-march-from-gujarat-to-assam-next-year-jairam-ramesh-3352383|title=Congress Plans Another March From Gujarat To Assam Next Year: Jairam Ramesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/bharat-jodo-yatra-congress-east-west-tour-kanyakumari-kashmir-trip-8153177/|title=Bharat Jodo Yatra: Cong hints at East-West tour after Kanyakumari to Kashmir trip}}</ref> 26 फरवरी 2023 को कांग्रेस महासचिव प्रभारी संचार जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस पासीघाट से पोरबंदर यात्रा पर विचार कर रही है।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/congress-now-considering-east-to-west-yatra-from-pasighat-to-porbandar-says-jairam-ramesh/article66556067.ece|title=Congress now considering east-to-west yatra from Pasighat to Porbandar, says Jairam Ramesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/after-bharat-jodo-yatra-congress-plans-east-to-west-yatra/articleshow/98250724.cms|title=After Bharat Jodo Yatra, Congress plans east-to-west march}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/after-bharat-jodo-congress-planning-east-to-west-yatra-jairam-ramesh-101677410487105.html|title=After Bharat Jodo, Congress planning an east-to-west yatra: Jairam Ramesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/kanyakumari-to-kashmir-bharat-jodo-yatra-congress-considering-east-to-west-yatra-jairam-ramesh-2339841-2023-02-26|title=Bharat Jodo Yatra II, from East to West, under active consideration: Jairam Ramesh}}</ref>
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
*{{Official website|bharatjodoyatra.in/}}
*{{Twitter|bharatjodo}}
*{{Instagram|bharatjodo}}
*{{Facebook|BharatJodo}}
[[श्रेणी:आंदोलन]]
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Curvasingh
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox event
|image=BharatJodo Logo.jpg|date={{start date|2022|09|07}} - वर्तमान
|Location=[[भा.र.त]]|type=[[आंदोलन]], [[राजनीतिक आंदोलन]], [[सामाजिक आंदोलन]]
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'''[[भा.र.त]] जोड़ो यात्रा''' [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] द्वारा शुरू किया गया एक जन आंदोलन है<ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india-62855796|title=भारत जोड़ो यात्रा: राहुल घण्डी क्या पूरे रास्ते पैदल चलेंगे?|date=2022-09-10|website=BBC News हिंदी|language=hi|access-date=2022-09-14}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bhaskar.com/db-original/news/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-inside-story-jairam-digvijay-singh-130314131.html|title=फिजिकल टेस्ट के बाद चुने गए भारत यात्री:भारत जोड़ो यात्रा के लिए एक घंटे में 6 किमी चलाया, सभी का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन हुआ}}</ref> जिसका उद्देश्य [[नई दिल्ली]] में [[भारतीय जनता पार्टी|भाजपा]] के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कथित विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ देश को एकजुट करना है। इसे [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद [[राहुल गांधी]] और [[तमिल नाडु]] के मुख्यमंत्री [[एम॰ के॰ स्टालिन|मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन]]<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chennai/tamil-nadu-cm-stalin-launch-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-september-7-8118663/|title=Tamil Nadu CM Stalin to launch Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra on September 7|date=2022-08-29|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-09-18}}</ref> द्वारा 7 सितंबर, 2022 को [[कन्याकुमारी]] में लॉन्च किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/congress-rahul-gandhi-launch-bharat-jodo-yatra-8137068/|title=Rahul launches yatra: Tricolour under attack, BJP wants to divide country on religious lines}}</ref> इसे मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी, राजनीतिक केंद्रीकरण और विशेष रूप से "भय, कट्टरता" की राजनीति और "नफरत" के खिलाफ लड़ने के लिए बनाया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.bharatjodoyatra.in/faq/|title=FAQ|website=www.bharatjodoyatra.in|language=en|access-date=2022-09-13|archive-date=20 सितंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220920171952/https://www.bharatjodoyatra.in/faq/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-kanyakumari-kashmir-all-you-need-to-know-8133574/|title=Bharat Jodo Yatra: All you need to know about Congress’s Kanyakumari to Kashmir rally|date=2022-09-06|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-09-13}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/bharat-jodo-yatra-live/article65860680.ece|title=Bharat Jodo Yatra launch {{!}} Updates|date=2022-09-07|work=The Hindu|access-date=2022-09-13|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
राहुल गांधी पार्टी कैडर और जनता को भारत के दक्षिणी सिरे पर कन्याकुमारी से जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश तक चलने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे, जो लगभग 136 दिनों में {{Convert|4080|km|miles|abbr=off}} की यात्रा थी।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rahul-gandhi-skirts-restoration-of-article-370-as-congresss-bharat-jodo-yatra-ends-in-jammu-and-kashmir/articleshow/97450944.cms?from=mdr|title=Rahul Gandhi skirts restoration of Article 370 as Congress’s Bharat Jodo Yatra ends in Jammu and Kashmir}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/bharat-jodo-yatra-ends-today-which-has-been-going-on-for-145-days-congress-has-sent-invitation-to-21-parties-for-the-closing-ceremony-2321060|title=12 राज्य, 145 दिन, 4080 किमी का सफर... भारत जोड़ो यात्रा का आज फिनाले, बॉलीवुड के सितारों से लेकर खिलाड़ियों तक का साथ}}</ref>
== पार्श्वभूमि ==
कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार 23 अगस्त को AICC मुख्यालय में 'भारत जोड़ो यात्रा' के लिए लोगो, टैगलाइन और वेबसाइट लॉन्च की। 'भारत जोड़ो यात्रा' 7 सितंबर, 2022 को कन्याकुमारी से शुरू हुई। यह 3,570 किमी लंबी, 150-दिवसीय 'नॉन-स्टॉप' पदयात्रा होगी जो देश भर के 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेश को कवर करेगी।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/opinion/editorial/discovery-of-congress-the-hindu-editorial-on-bharat-jodo-yatra/article65866600.ece|title=Discovery of Congress: On Bharat Jodo Yatra}}</ref> जिसमें राहुल गांधी दिन में लोगों से मिलेंगे और अस्थाई आवास में सोएंगे। यह कन्याकुमारी से शुरू होकर श्रीनगर में खत्म होगा। यात्रा पूरी तरह पैदल चलकर ही संपन्न होगी।<ref name=":3" /><ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-62796201|title=Rahul Gandhi: Can long march revive India's Congress party in digital age?|date=2022-09-06|work=BBC News|access-date=2022-09-14|language=en-GB}}</ref> यात्रियों को 2 पालियों में प्रतिदिन कुल 23 किमी की दूरी तय करनी है।<ref>{{Cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/bharat-jodo-yatra-of-congress-a-necessity-in-dark-times-news-222704|title=Bharat Jodo Yatra Of Congress: A Necessity In Dark Times|date=2022-09-12|website=Outlook India|language=en|access-date=2022-09-17}}</ref> सितंबर तक यात्रा ने 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bharatjodoyatra.in/|title=Bharat Jodo Yatra - भारत जोड़ो यात्रा|website=BHARAT JODO YATRA|language=en|access-date=2022-09-19|archive-date=20 सितंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220920172323/https://www.bharatjodoyatra.in/|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' और 1983 में पूर्व प्रधानमंत्री [[चन्द्रशेखर]] की लगभग 4,260 किलोमीटर की [[चन्द्रशेखर#भारत_यात्रा_(1983)|भारत यात्रा]] के बीच कई समानताएँ हैं।<ref>{{cite web|url=https://thewire.in/politics/the-parallels-between-congresss-bharat-jodo-yatra-and-ex-pm-chandra-shekhars-padayatra|title=The Parallels Between Congress's 'Bharat Jodo Yatra' and Ex-PM Chandra Shekhar's 'Padayatra'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/bharat-yatri-long-march-short-run-chandra-shekhar-8141578/|title=That other ‘Bharat Yatri’: The long march, but short run, of Chandra Shekhar}}</ref>
== सारणी ==
{| class="wikitable"
|+अखिल भारतिय - संभावित यात्रा सारणी
!प्रदेश
!प्रवेश की तिथि
!दिनों की संख्या
!महत्वपूर्ण स्थान
|-
|तमिल नाडु
|7 और 29 सितंबर
|4
|कन्याकूमारी
|-
|केरल
|10 सितंबर
|18
|तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, नीलांबुर
|-
|कर्नाटक
|30 सितंबर
|21
|मैसूर, बेल्लारी, रायचूर
|-
|आंध्र प्रदेश
|20 अक्टूबर
|2
|[[डी.हिरेहल् (अनंतपुर)|डी.हिरेहल्]], अलूर
|-
|तेलंगाना
|23 अक्टूबर
|12
|विकाराबाद, [[हैदराबाद]]
|-
|महाराष्ट्र
|7 नवंबर
|14
|नांदेड़, जलगाँव, जमोड
|-
|मध्य प्रदेश
|23 नवंबर
|16
|[[डॉ॰ आंबेडकर नगर|महूँ]], इंदौर, उज्जैन
|-
|राजस्थान
|4 दिसंबर
|18
|झालावाड़, अलवर, कोटा, दौसा
|-
|हरियाणा
|21 दिसंबर और 6 जनवरी
|12
|अंबाला, फरीदाबाद
|-
|दिल्ली
|24 दिसंबर
|2
|बदरपुर बॉर्डर, राजघाट
|-
| colspan="4" |भारत जोड़ो यात्रा कंटेनरों की मरम्मत के लिए 9 दिन का ब्रेक लेगी।
|-
|उत्तर प्रदेश
|3 जनवरी
|5
|ग़ाज़ियाबाद, बुलंदशहर
|-
|[[पंजाब (भारत)|पंजाब]]
|10 जनवरी
|11
|पठानकोट
|-
|हिमाचल प्रदेश
|18 जनवरी
|1
|काँगड़ा जिला
|-
|[[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर]]
|19 जनवरी
|11
|लखनपुर, जम्मू, [[श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर|श्रीनगर]]
|}
== उल्लेखनीय आंकड़े/संगठन ==
* [[राहुल गांधी]]: कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष
* राहुल जोगी: सदस्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक
* पवन खेरा: अध्यक्ष AICC मीडिया विभाग
* [[कन्हैया कुमार]]: कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक कार्यकर्ता
* [[ओमान चांडी]]: केरल के मुख्यमंत्री (2004-2006, 2011-2016)<ref>{{Cite web|url=https://www.bharatjodoyatra.in/bharat-padyatris/|title=Bharat Yatris|website=www.bharatjodoyatra.in|language=en|access-date=2022-09-14|archive-date=29 जनवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230129182508/https://www.bharatjodoyatra.in/bharat-padyatris/|url-status=dead}}</ref>
* [[सचिन पायलट]]: सचिन पायलट: राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/rahul-gandhi-resumes-bharat-jodo-yatra-from-madavana-sachin-pilot-joins-him-1.7892609|title=Rahul Gandhi resumes Bharat Jodo Yatra from Madavana, Sachin Pilot joins him|website=Mathrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-22}}</ref>
* मोहम्मद जसीम खान बिहार किसान कांग्रेस के बहुत ही छोटे और निम्न कार्यकर्ता जिसने भारत जोड़ो यात्रा में अपना अहम योगदान देकर यात्रा को सफल बनाया
=== गैर-पक्षपातपूर्ण हस्तियां ===
* [[योगेन्द्र यादव|योगेंद्र यादव]]: भारतीय राजनीतिज्ञ<ref name=":0">{{Cite web|url=https://theprint.in/opinion/sansad-to-sadak-why-grassroots-movements-are-joining-congress-bharat-jodo-yatra/1097427/|title=Sansad to sadak – Why grassroots movements are joining Congress’ Bharat Jodo Yatra|last=Yadav|first=Yogendra|date=2022-08-24|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2022-09-14}}</ref>
* [[मृणाल पाण्डे|मृणाल पांडे]]: भारतीय पत्रकार
* धर्मवीर गांधी: आम आदमी पार्टी के पूर्व सांसद
* अंजलि भारद्वाज: भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता
* सुजाता राव: भारतीय नागरिक समाज सदस्य<ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/congress-to-launch-3570-km-bharat-jodo-yatra-in-kanyakumari-today-details-here-11662509182517.html|title=Congress to launch 3570-km Bharat Jodo Yatra in Kanyakumari today. Details here|date=2022-09-07|website=mint|language=en|access-date=2022-09-14}}</ref>
* अभिजीत सेनगुप्ता: भारतीय नागरिक समाज के सदस्य<ref name=":2">{{Cite web|url=https://theprint.in/india/over-200-civil-society-members-appeal-people-to-support-congress-bharat-jodo-yatra/1117682/|title=Over 200 civil society members appeal people to support Congress' 'Bharat Jodo Yatra'|date=2022-09-05|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2022-09-14}}</ref>
* श्रीधर राधाकृष्णन: पर्यावरण कार्यकर्ता<ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/news/kerala/2022/09/18/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-sridhar-radhakrishnan-reaction.html|title=Rahul genuinely concerned about India: Activist Sridhar recollects Bharat Jodo moments|website=OnManorama|access-date=2022-09-18}}</ref>
भारत जोड़ो यात्रा में कई जमीनी आंदोलन शामिल होते रहे हैं या उनका समर्थन करते रहे हैं। कांग्रेस ने नागरिकों, संगठनों और आंदोलनों से भी यात्रा में शामिल होने की अपील की है। 200 से अधिक नागरिक समाज के सदस्यों ने लोगों से कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन करने की अपील की है।<ref name=":2" /> भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री [[नितीश कुमार|नीतीश कुमार]] और [[तेजस्वी यादव]] को यात्रा में शामिल होने का न्योता दिया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/in-invite-to-tejashwi-yadav-for-bharat-jodo-yatra-a-congress-feeler-3356751|title=With Invite To Tejashwi Yadav, Team Rahul Gandhi Sends This Message|website=NDTV|access-date=2022-09-19}}</ref>
== प्रगति ==
भारत जोड़ो यात्रा 10 सितंबर की शाम को केरल में प्रवेश किया, राज्य में भारी मतदान हुआ, विशेष रूप से तिरुवनंतपुरम में, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों ने यात्रा में भाग लिया।<ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/politics/second-day-of-congress-bharat-jodo-yatra-in-kerala-attracts-huge-turnout-122091200084_1.html|title=Second day of Congress' Bharat Jodo Yatra in Kerala attracts huge turnout|date=2022-09-12|work=Business Standard India|access-date=2022-09-13|agency=Press Trust of India}}</ref><ref name=":5">{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/second-day-of-bharat-jodo-yatra-sees-huge-turnout-in-kerala-1.7866015|title=Second day of ‘Bharat Jodo Yatra' sees huge turnout in Kerala|website=Matrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-13}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/kerala-bharat-jodo-yatra-gets-a-boost-on-third-day-amidst-huge-turnout-2411707/|title=Kerala: Bharat Jodo Yatra gets a boost on third day amidst huge turnout|date=2022-09-13|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-09-14|agency=Press Trust of India}}</ref> 3 अक्टूबर 2022 को, कांग्रेस पार्टी ने भारत जोड़ो यात्रा के बारे में सभी जानकारी प्रदान करने के लिए अपना भारत जोड़ो ऐप लॉन्च किया।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/congress-party-launches-bharat-jodo-app-information-bharat-jodo-yatra-latest-updates-2022-10-04-813380|title=Congress party launches the Bharat Jodo App for its Nationwide Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/sonia-in-karnataka-for-bharat-jodo-yatra-to-join-it-on-oct-6-437882|title=Sonia Gandhi in Karnataka for Bharat Jodo Yatra, to join it on October 6}}</ref>
सितंबर के मध्य में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] ने 1 नवंबर से धुबरी से सादिया तक यात्रा के असम संस्करण की घोषणा की। यात्रा पूरे राज्य में लगभग 800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.time8.in/jairam-ramesh-hits-back-at-assam-cm-announces-assam-jodo-yatra-from-nov-1/|title=Jairam Ramesh hits back at Assam CM: Announces 'Assam Jodo Yatra' from Nov 1|date=2022-09-16|website=Time8|language=en-US|access-date=2022-09-17}}</ref> इसने ओडिशा में भी ऐसा ही किया, जहां यात्रा का राज्य संस्करण 100 दिनों के लिए 2,250 किलोमीटर की दूरी तय करेगा, जो 31 अक्टूबर से कांग्रेस के लिए ताकत दिखाने के रूप में शुरू होगा। रैली [[भुवनेश्वर]] से शुरू होगी और [[कटक]], [[जाजपुर]], [[बालेश्वर|बालासोर]] और कई अन्य शहरों को कवर करेगी। कांग्रेस पार्टी की कई राज्य इकाइयाँ भी जन संपर्क कार्यक्रम शुरू करेंगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.newindianexpress.com/states/odisha/2022/sep/14/rahul-gandhi-may-visit-odisha-to-join-bharat-jodo-yatra-2498081.html|title=Rahul Gandhi may visit Odisha to join Bharat Jodo Yatra|website=The New Indian Express|access-date=2022-09-18}}</ref>
=== अन्य नियोजित यात्राएं ===
वर्तमान यात्रा की सफलता से प्रेरित [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने अन्य राज्यों में कई और यात्राओं की योजना बनाई। वे नीचे सूचीबद्ध हैं:<ref name=":52">{{cite web|url=https://theprint.in/politics/congress-to-begin-second-phase-of-bharat-jodo-yatra-from-gujarat/1130563/|title=If this Bharat Jodo Yatra is successful, we’ll do one from Gujarat to Arunachal, Congress says|website=ThePrint|access-date=September 29, 2022}}</ref>
सितंबर के मध्य में, कांग्रेस ने 1 नवंबर से धुबरी से सादिया तक यात्रा के असम संस्करण की घोषणा की। यात्रा पूरे राज्य में लगभग 800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.time8.in/jairam-ramesh-hits-back-at-assam-cm-announces-assam-jodo-yatra-from-nov-1/|title=Jairam Ramesh hits back at Assam CM: Announces 'Assam Jodo Yatra' from Nov 1|date=2022-09-16|website=Time8|language=en-US|access-date=2022-09-17}}</ref> इसने ओडिशा में भी ऐसा ही किया, जहां यात्रा का राज्य संस्करण कांग्रेस के लिए ताकत दिखाने के रूप में 31 अक्टूबर से शुरू होकर 100 दिनों के लिए 2,250 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.newindianexpress.com/states/odisha/2022/sep/14/rahul-gandhi-may-visit-odisha-to-join-bharat-jodo-yatra-2498081.html|title=Rahul Gandhi may visit Odisha to join Bharat Jodo Yatra|website=The New Indian Express|access-date=2022-09-18}}</ref> 22 सितंबर को, कांग्रेस ने असम में एक ऐसी ही यात्रा शुरू की, जिसे उन्होंने [[अम्बाजी]] से [[गुजरात]] में "युवा परिवर्तन यात्रा" कहा, जो कई कस्बों और शहरों से होकर गुजरेगी। इसमें जीपीसीसी और [[गुजरात युवा कांग्रेस]] के कई नेता शामिल थे। यह 27 जिलों से गुजरेगा। यह [[अम्बाजी]] से [[उमरगाम]] और सोमंत से सुइगाम तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। यह यात्रा पूरे राज्य में 2100 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करेगी।<ref>{{Cite web|url=https://tv9gujarati.com/elections/gujarat-assembly-election/gujarat-youth-congress-will-conduct-yuva-parivartan-yatra-to-27-districts-start-from-ambaji-au14483-588747.html|title=Gujarat Assembly Election 2022 : યુથ કોંગ્રેસની ગુરૂવારથી 27 જિલ્લાઓમાં 'યુવા પરિવર્તન યાત્રા, અંબાજીથી કરાશે પ્રારંભ|last=Gujarati|first=TV9|date=2022-09-21|website=TV9 Gujarati|language=gu|access-date=2022-09-23}}</ref>
=== समयरेखा ===
{{main|2022-2023 भारत जोड़ो यात्रा की समयरेखा}}
==== सप्ताह 1 (7-13 सितंबर)====
* '''7 सितंबर 2022''': राहुल गांधी ने अपने दिवंगत पिता [[राजीव गांधी]], [[स्वामी विवेकानन्द|स्वामी विवेकानंद]] और तमिल कवि त्रिवल्लुवर को श्रद्धांजलि देने के बाद [[कन्याकुमारी]] में यात्रा की शुरुआत की। कांग्रेस यात्रा को "भारत का सबसे बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम" कहती है, जहां लोगों की चिंताएं दिल्ली तक पहुंचेगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/news/national/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-offers-floral-tributes-at-his-fathers-memorial-in-sriperumbudur/article65860625.ece|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi offers floral tributes at his father's memorial in Sriperumbudur|last=PTI|date=2022-09-07|website=The Hindu BusinessLine|language=en|access-date=2022-10-03}}</ref>
* '''8 सितंबर 2022''': यात्रा का दूसरा दिन कन्याकुमारी के [[अगस्तीश्वरम|अगस्तीस्वरम]] में शुरू हुआ। राहुल गांधी ने [[भारतीय जनता पार्टी|BJP]] और [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ|RSS]] पर निशाना साधते हुए कहा कि "उन्हें लगता है कि झंडा उनकी निजी संपत्ति है"। यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता [[पी॰ चिदंबरम|पी. चिदंबरम]], [[भूपेश बघेल]] और अन्य शामिल हुए।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-p-chidambaram-tamil-nadu-1997852-2022-09-08|title=Day 2 of Congress’ Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi, Bhupesh Baghel take lead|last=DelhiSeptember 8|first=India Today Web Desk New|last2=September 8|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 13:46}}</ref>
* '''9 सितंबर 2022''': यात्रा [[नागरकोविल|नागरकोइल]] में शुरू हुई, जिसमें राहुल गांधी [[स्कॉट क्रिश्चियन कॉलेज]] में राष्ट्रीय ध्वज की मेजबानी कर रहे थे। उन्होंने उन किसानों से भी बातचीत की, जिन्होंने 2020-2021 के भारतीय किसानों के विरोध के दौरान विरोध किया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-day-three-rahul-gandhi-tamil-nadu-1998191-2022-09-09|title=Day 3 of Congress’ Bharat Jodo Yatra kicks off at Tamil Nadu’s Nagercoil|last=DelhiSeptember 9|first=India Today Web Desk New|last2=September 9|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 09:29}}</ref>
* '''10 सितंबर 2022''': राहुल गांधी ने मार्तंडम में सफाई कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के एक स्थानीय समूह के साथ बातचीत की। वह दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं से भी मिलते हैं और उनके समर्थन में ट्वीट करते हैं। उसी दिन शाम को उन्होंने [[केरल]] में प्रवेश किया, केरल पीसीसी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/business/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-signs-off-from-tamil-nadu-sips-tea-with-workers-9159161.html|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi signs off from Tamil Nadu, sips tea with workers|website=Moneycontrol|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/bharat-jodo-yatra-enters-kerala-2410000/|title=Bharat jodo yatra enters Kerala|date=2022-09-10|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-10-02|agency=Press Trust of India}}</ref>
* '''11 सितंबर 2022''': राहुल गांधी केरल में प्रवेश करते हैं, क्योंकि उनके स्वागत के लिए हजारों समर्थक और दर्शक इकट्ठा होते हैं। गांधी ने कहा कि यात्रा केरल में प्रचलित विचारों का विस्तार है।<ref name=":6">{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/second-day-of-bharat-jodo-yatra-sees-huge-turnout-in-kerala-1.7866015|title=Second day of 'Bharat Jodo Yatra' sees huge turnout in Kerala|website=Matrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-13}}</ref>
==== सप्ताह 8 (1-7 नवंबर )====
* '''2 नवंबर 2022''':राहुल गांधी ने शमशाबाद, आरामघर, बहादुरपुरा, चारमीनार, अफजलगंज, मोज्जमजाही मार्केट, नामपल्ली (गांधी भवन), बालानगर, मूसापेट वाई-जंक्शन, कुकटपल्ली, मियापुर, बीएचईएल, पाटनचेरु (एनएच-65 के माध्यम से) पार करते हुए तेलंगाना के 19 विधानसभा क्षेत्रों को पार किया।<ref>{{cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/politics/221022/rahul-to-stay-at-gandhi-ideology-center-in-bowenpally-on-nov-1.html|title=Rahul to walk through 19 Assembly segments in Telangana}}</ref> यात्रा ने शमशाबाद से मुथांगी (ओआरआर) तक लगभग 60 किमी की दूरी तय की।<ref>{{cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/politics/021122/rahuls-walk-brings-cheers-togetherness.html|title=Rahuls walk brings cheers, togetherness}}</ref>
====सप्ताह 14 (6 - 12 दिसंबर)====
* '''9 दिसंबर 2022''': कांग्रेस महासचिव (संचार) [[जयराम रमेश]] ने बताया कि भारत जोड़ो यात्रा 25 दिसंबर को नौ दिन का ब्रेक लेगी और 3 जनवरी, 2023 को फिर से शुरू होगी।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/bharat-jodo-yatra-to-take-a-nine-day-break/article66243342.ece|title=Bharat Jodo Yatra to take a nine-day break}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bharat-jodo-yatra-20-to-begin-on-january-3-congress-mp-jairam-ramesh-2307268-2022-12-09|title=Bharat Jodo Yatra 2.0 to begin on January 3: Congress MP Jairam Ramesh}}</ref> यात्रा के 24 दिसंबर तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है और 60 कंटेनरों का रखरखाव नोएडा में किया जाएगा।
* '''11 दिसंबर 2022 ''': अभिनेत्री [[दीगंगना सूर्यवंशी]] राजस्थान के [[बूँदी जिला]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/entertainment/television/digangana-suryavanshi-joined-congress-bharat-jodo-yatra-in-rajasthan-pictures-of-actress-holding-rahul-gandhi-hand-viral-2281092|title=कांग्रेस की Bharat Jodo Yatra में शामिल हुईं दिगांगना सूर्यवंशी, Rahul Gandhi का हाथ थामे एक्ट्रेस की तस्वीरें हुई वायरल}}</ref>
* '''14 दिसंबर 2022 ''': आरबीआई के पूर्व गवर्नर [[रघुराम राजन]] [[सवाई माधोपुर जिले]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/ex-rbi-governor-raghuram-rajan-joins-rahul-gandhi-at-bharat-jodo-yatra-101670985749982.html|title=Ex RBI governor Raghuram Rajan joins Rahul Gandhi at Bharat Jodo Yatra}}</ref>
====सप्ताह 15 (13 - 19 दिसंबर)====
* '''16 दिसंबर 2022 ''': गायिका [[सुनिधि चौहान]] ने 16 दिसंबर 2022 को जयपुर के [[अल्बर्ट हॉल संग्रहालय]] में भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.newindianexpress.com/nation/2022/dec/17/rahul-connects-india-on-100th-day-of-yatra-with-sunidhi-show-in-jaipur-2529012.html|title=Rahul ‘connects India’ on 100th day of Yatra with Sunidhi show in Jaipur}}</ref>
* '''19 दिसंबर 2022 ''': राजस्थान के अलवर में एक रैली को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि राजस्थान में लगभग 1,700 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले गए हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-backs-english-education-in-schools-slams-bjp-2311005-2022-12-19|title=Rahul Gandhi backs English education in schools, slams BJP}}</ref> उन्होंने कहा कि भाजपा नेता नहीं चाहते कि स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई जाए। लेकिन उनके सभी नेताओं के बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में जाते हैं.
====सप्ताह 16 (20 - 26 दिसंबर)====
* '''21 दिसंबर 2022 ''': भारत जोड़ो यात्रा [[नूँह जिला]] के मुंडका बॉर्डर से हरियाणा में दाखिल हुई। झंडा सौंपने के समारोह के बाद हरियाणा के नूंह में पाटन उदयपुरी से भारत जोड़ो यात्रा फिर से शुरू हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-attacks-bjp-bharat-jodo-yatra-enters-haryana-2311642-2022-12-21|title='Opening a shop of love in market of hate': Rahul Gandhi attacks BJP as Bharat Jodo Yatra enters Haryana}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/bharat-jodo-in-haryana-fog-worries-congress-netas-workers-cant-wait-for-yuvraj/articleshow/96385084.cms|title=Bharat Jodo in Haryana: Fog worries Congress netas, workers can't wait for 'yuvraj'}}</ref>
* '''23 दिसंबर 2022 ''':DMK सांसद [[एम॰ के॰ कनिमोझी]] हरियाणा में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/dmk-mp-kanimozhi-joins-rahul-gandhi-s-bharat-jodo-yatra-haryana-171241|title=DMK MP Kanimozhi joins Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra in Haryana}}</ref>
* '''24 दिसंबर 2022 ''':एनएचपीसी मेट्रो स्टेशन से यात्रा फिर से शुरू करने के बाद, भारत जोड़ो यात्रा ने बदरपुर बॉर्डर पर दिल्ली में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-led-congress-bharat-jodo-yatra-in-delhi-today-3634386|title=Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra In Delhi Amid BJP vs Congress Over Covid}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-enters-delhi-bjp-rss-covid-2312938-2022-12-24|title='Hum jahan gaye humko pyar mila': Rahul Gandhi as Bharat Jodo Yatra enters Delhi}}</ref> [[लाल किला]] में अपने भाषण के दौरान, राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने 2,800 किलोमीटर पैदल चलने के दौरान लोगों के बीच कोई नफरत या हिंसा नहीं देखी।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bharat-jodo-yatra-red-fort-even-dogs-came-but-rahul-gandhi-on-love-and-no-hatred-attacks-bjp-101671890225899.html|title=‘Even dogs came, but…’: Rahul Gandhi on 'no hatred' in Congress yatra; attacks BJP}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/politics/love-that-i-got-from-her-rahul-gandhi-makes-emotional-post/1280817/|title=“Love that I got from her…” Rahul Gandhi makes emotional post}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-congress-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-enter-in-delhi-today-here-some-photo-gallery-of-journey-2290015|title=Bharat Jodo Yatra: भारत जोड़ो यात्रा 2,800 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद पहुंची दिल्ली, देखें तस्वीरें}}</ref> भारत जोड़ो यात्रा ने कन्याकुमारी में गांधी मंडपम से दिल्ली में लाल किले तक 3,122 किमी की दूरी तय की।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-january-30-466709|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on January 30}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.business-standard.com/article/politics/rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-jan-30-k-c-venugopal-123010200676_1.html|title=Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on Jan 30: K C Venugopal}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-jan-30/1294143/|title=Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on Jan 30}}</ref>
====सप्ताह 17 (3-9 जनवरी 2023)====
भारत जोड़ो यात्रा गाजियाबाद जिले में लोनी सीमा से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/second-wife-dhaba-helped-congress-mp-finish-17km-non-stop-bharat-jodo-yatra-101672741045224.html|title='Second Wife Dhaba' helped Congress MP finish 17km non-stop Bharat Jodo Yatra}}</ref> रॉ के पूर्व प्रमुख ए.एस. दुलत और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री [[फारूक अब्दुल्ला]] भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/bharat-jodo-yatra-nc-leader-farooq-abdullah-joins-rahul-gandhi-as-yatra-enters-uttar-pradesh-2023-01-03-836232|title=Bharat Jodo Yatra: NC leader Farooq Abdullah joins Rahul Gandhi as Yatra enters Uttar Pradesh}}</ref> 5 जनवरी 2023 को बॉलीवुड अभिनेत्री [[रितु शिवपुरी]] [[शामली]], [[उत्तर प्रदेश]] में 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/day-in-pics-january-05-2023-photos-250991?photo-47|title=Day In Pics: January 05, 2023}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-jairam-ramesh-naresh-tikait-8364540/|title=Rahul Yatra: As BKU’s Naresh Tikait now hails the ‘thought revolution’, Jairam calls march sanjivani for Congress}}</ref>
====सप्ताह 18 (10-16 जनवरी 2023)====
भारत जोड़ो यात्रा ने 10 जनवरी 2023 को शंभू सीमा के माध्यम से पंजाब में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/punjab/yatra-enters-state-factionalism-comes-to-the-fore-in-congress-469300|title=Yatra enters state, factionalism comes to the fore in Congress}}</ref> राज्य में यात्रा शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने अमृतसर में [[हरिमन्दिर साहिब|स्वर्ण मंदिर]] का दौरा किया।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/rahul-gandhi-visits-golden-temple-as-bharat-jodo-enters-punjab-101673340091808.html|title=Rahul Gandhi visits Golden Temple as Bharat Jodo enters Punjab}}</ref> 14 जनवरी 2023 को, जालंधर से कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी का पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान [[फिल्लौर]] में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ludhiana/congress-mp-chaudhary-santokh-singh-dies-during-bharat-jodo-yatra-in-punjab/articleshow/96981738.cms|title=Congress MP Chaudhary Santokh Singh passes away during Bharat Jodo Yatra in Punjab}}</ref><ref>[https://www.tribuneindia.com/news/punjab/congress-mp-chaudhary-santokh-singh-dies-of-heart-attack-during-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-punjab-470315 Congress MP Chaudhary Santokh Singh dies of heart attack during Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Punjab's Phillaur]</ref> 15 जनवरी 2023 को दिवंगत पंजाबी गायक [[सिद्धू मूसे वाला]] के पिता और इतिहासकार [[मृदुला मुखर्जी]] भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/sidhu-moosewala-father-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-8383466/|title=Rahul Gandhi gets a gift from Sidhu Moosewala’s father}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/sidhu-moosewalas-father-joins-bharat-jodo-yatra-in-punjab-3694508|title=Sidhu Moose Wala's Father Joins Bharat Jodo Yatra In Punjab}}</ref>
====सप्ताह 19 (17-23 जनवरी 2023)====
18 जनवरी 2023 को, भारत जोड़ो यात्रा ने [[हिमाचल प्रदेश]] में प्रवेश किया और राज्य में 24 किमी की यात्रा की।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-enters-himachal-pradesh/articleshow/97078667.cms|title=Rahul Gandhi's 'Bharat Jodo Yatra' enters Himachal Pradesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/rahul-gandhi-begins-bharat-jodo-yatra-himachal-pradesh-8388524/|title=Rahul Gandhi begins day long leg of Bharat Jodo Yatra in Himachal Pradesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/congress-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-in-himachal-pradesh-cm-sukhvinder-singh-sukhu-2310760|title=Bharat Jodo Yatra: आज हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेगी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, ये है पूरा प्लान}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.amarujala.com/shimla/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-yatra-start-from-from-ghatota-himachal-pradesh-today-news-in-hindi-2023-01-18|title=Bharat Jodo Yatra Live: राहुल गांधी ने कांगड़ा के महादेव मंदिर में पूजा की, सुधीर शर्मा भी हुए यात्रा में शामिल}}</ref> 19 जनवरी 2023 की शाम को, कठुआ जिले के [[लखनपुर, जम्मू और कश्मीर|लखनपुर]] में झंडा सौंपने के समारोह के साथ भारत जोड़ो यात्रा ने पंजाब के पठानकोट से [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)]] में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/toi-original/watch-congress-bharat-jodo-yatra-enters-jammu-and-kashmir/videoshow/97138428.cms|title=Watch: Congress’ Bharat Jodo Yatra enters Jammu and Kashmir}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/government-diverting-attention-of-people-and-then-looting-them-rahul-gandhi-in-jammu-and-kashmir/cid/1910906|title=Govt diverting attention of people and then looting them: Rahul Gandhi in J&K}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.amarujala.com/jammu/bharat-jodo-yatra-people-started-arriving-at-lakhanpur-public-meeting-site-in-jammu-kashmir-2023-01-19?pageId=6|title=Bharat Jodo Yatra: 3400 किमी का सफर कर जम्मू कश्मीर पहुंची भारत जोड़ो यात्रा, फारुक-संजय राउत ने किया स्वागत}}</ref> नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और सांसद [[फारूक अब्दुल्ला]] ने भी राहुल गांधी की तुलना [[आदि शंकराचार्य]] से की और कहा कि शंकराचार्य पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक दिग्विजय यात्रा की और इसी तरह, राहुल गांधी फिर से ऐसा कर रहे हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/videos/politics/farooq-abdullah-compar-s-rahul-gandhi-with-shankaracharya-rahul-gandhi-n-ws-today-n-ws18-6874153.html|title=Farooq Abdullah Compares Rahul Gandhi With Shankaracharya}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/after-shankaracharya-farooq-abdullah-praises-rahul-gandhi-for-bharat-jodo-yatra-11674154489915.html|title='After Shankaracharya...': Farooq Abdullah praises Rahul Gandhi for Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/farooq-abdullah-praises-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-compares-him-with-shankaracharya-2312655|title=फारूक अब्दुल्ला ने की राहुल गांधी की शंकराचार्य से तुलना, कहा- वो दूसरे व्यक्ति हैं जो कन्याकुमारी से...}}</ref> 20 जनवरी 2023 को, परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता कैप्टन [[बाना सिंह]] जम्मू और कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/hero-of-operation-rajiv-param-vir-chakra-recipient-capt-bana-singh-joins-bharat-jodo-yatra/1325954/|title=Hero of ‘Operation Rajiv’ — Param Vir Chakra recipient Capt Bana Singh joins Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/photomazza/state-photogallery/bana-singh-param-vir-chakra-awardee-joined-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-in-kashmir-see-pictures/photoshow/97189565.cms|title=Bana Singh: राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में हुए शामिल, जानें कौन हैं परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह}}</ref>
====सप्ताह 20 (24-30 जनवरी 2023)====
24 जनवरी 2023 को, अभिनेता-राजनेता [[उर्मिला मातोंडकर]] और प्रमुख लेखक [[पेरुमाल मुरुगन|पेरुमल मुरुगन]] जम्मू के [[नगरोटा, जम्मू और कश्मीर|नगरोटा]] शहर में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/urmila-matondkar-marches-with-rahul-gandhi-during-bharat-jodo-in-jammu-watch-101674541859233.html|title=Urmila Matondkar marches with Rahul Gandhi during Bharat Jodo in Jammu. Watch}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/actor-politician-urmila-matondkar-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-jammu-3719041|title=Actor-Politician Urmila Matondkar Joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Jammu}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/chandigarh-news/rahul-dismisses-digvijaya-s-surgical-strike-remark-as-ridiculous-101674586952469.html|title=Rahul dismisses Digvijaya’s surgical strike remark as ‘ridiculous’}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/actor-politician-urmila-matondkar-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-jammu/articleshow/97275472.cms|title=Actor-politician Urmila Matondkar joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Jammu}}</ref>
== प्रतिक्रियाएं ==
===राष्ट्रीय===
====राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ====
[[भारतीय जनता पार्टी]] ने रैली की आलोचना की और इसे "परिवार बचाओ रैली" कहा।<ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/bjp-uses-corruption-dynastic-rule-narrative-to-counter-bharat-jodo-yatra-2404881/|title=BJP uses corruption, dynastic rule narrative to counter Bharat Jodo Yatra|last=Service|first=Indo-Asian News|date=2022-09-04|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-09-18}}</ref> दिलचस्प बात यह है कि ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कांग्रेस [[२०२२ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्षीय निर्वाचन|अपना राष्ट्रपति चुनाव]] कराने की तैयारी कर रही थी।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/congress-reviews-preparations-for-party-poll/article65891367.ece|title=Congress reviews preparations for party poll|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-14|work=The Hindu|access-date=2022-09-18|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> 18 सितंबर को बीजेपी तमिलनाडु के अध्यक्ष सी.टी. रवि ने ट्विटर पर दुर्भावनापूर्ण इरादे से [[राहुल गांधी]] और उनकी भतीजी की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसके कारण रवि ने सार्वजनिक आक्रोश के बाद ट्वीट को हटा दिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/complaint-filed-against-tn-bjp-leader-tweet-rahul-gandhi-and-niece-168049|title=Complaint filed against TN BJP leader for tweet on Rahul Gandhi and niece|date=2022-09-19|website=The News Minute|language=en|access-date=2022-09-20}}</ref> कांग्रेस ने इसका जवाब देते हुए कहा कि भाजपा यात्रा और उसके अपार जनसमर्थन से <nowiki>''चकित''</nowiki> है।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/bjp-rattled-by-bharat-jodo-yatra-says-congress/article65910724.ece|title=BJP rattled by 'Bharat Jodo Yatra', says Congress|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-19|work=The Hindu|access-date=2022-09-20|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
==== संयुक्त प्रगतशील गठबंधन ====
[[द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम|द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] ने यात्रा का तहे दिल से समर्थन किया, एम.के. 7 सितंबर को कन्याकुमारी में यात्रा शुरू करने के लिए स्टालिन मौजूद रहे।<ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/national/national-politics/why-stalins-presence-at-bharat-jodo-yatra-matters-for-dmk-1142436.html|title=Why Stalin's presence at Bharat Jodo Yatra matters for DMK|date=2022-09-05|website=Deccan Herald|language=en|access-date=2022-09-14}}</ref>
[[राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी]] ने अपने नेता पी. सी. चाको के साथ यात्रा से खुद को दूर कर लिया और कहा कि "कांग्रेस की यात्रा का उद्देश्य यह साबित करना है कि यह मृत नहीं है"।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/cong-s-bharat-jodo-yatra-aimed-at-proving-it-is-not-dead-ncp-leader-p-c-chacko-1.7863224|title=Cong's 'Bharat Jodo Yatra' aimed at proving it is not dead: NCP leader P C Chacko|website=English.Mathrubhumi|language=en|access-date=2022-09-18}}</ref>
[[शिवसेना]] ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से यात्रा का समर्थन किया और कांग्रेस की यात्रा से डरने का आरोप लगाते हुए भाजपा पर कटाक्ष किया।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/saamana-editorial-supports-congresss-bharat-jodo-yatra-slams-bjp-8136485/|title=Saamana editorial supports Congress’s Bharat Jodo Yatra, slams BJP for criticising initiative|date=2022-09-07|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-09-14}}</ref>
==== अन्य ====
[[आम आदमी पार्टी]] ने यह कहते हुए यात्रा रद्द कर दी कि इसका कोई नतीजा नहीं निकला।<ref>{{Cite web|url=https://www.firstpost.com/explainers/explained-is-aaps-make-india-number-1-campaign-a-bid-to-upstage-congress-bharat-jodo-yatra-11201971.html|title=Is AAP’s ‘Make India Number 1’ campaign a bid to upstage Congress’ Bharat Jodo Yatra?|date=2022-09-07|website=Firstpost|language=en|access-date=2022-09-18}}</ref> स्वराज इंडिया के [[योगेंद्र यादव]] भारत जोड़ी यात्रा में शामिल हुए और उन्होंने यात्रा को भारत के दक्षिणायन आंदोलन के रूप में वर्णित किया, जहां दक्षिण का प्रभाव उत्तर में ले जाया जाता है।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/bharat-jodo-yatra-is-dakshinayana-movement-where-influences-of-south-are-carried-to-north-yogendra-yadav/article65947347.ece|title=Bharat Jodo Yatra is Dakshinayana movement where influences of South are carried to North: Yogendra Yadav}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/yogendra-yadav-journey-congress-bharat-jodo-yatra-aap-to-swaraj-india-8142413/|title=Arc of Yogendra Yadav’s journey: ‘Congress must die’ to ‘Bharat Jodo Yatra’, AAP to Swaraj India}}</ref>
[[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] ने शुरू में एक ट्विटर पोस्ट में कांग्रेस की आलोचना की, जिसमें लिखा था कि "केरल में 18 दिन ... यूपी में 2 दिन। बीजेपी-आरएसएस से लड़ने का अजीब तरीका", यात्रा के दिनों की राशि का जिक्र करते हुए प्रत्येक राज्य में। कांग्रेस ने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि केरल दक्षिण से उत्तर तक एक लंबा राज्य है, "कन्याकुमारी से केरल जाने और कर्नाटक पहुंचने में 370 किलोमीटर का समय लगता है। यदि यह दो दिन आराम के दिनों में लेती, तो उस दूरी को तय करने में 18 दिन का समय लेती"।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/cpim-slams-bharat-jodo-yatra-for-spending-18-days-in-kerala-2-in-up-congress-hits-back/article65883291.ece|title=CPI(M) slams 'Bharat Jodo Yatra' for spending '18 days in Kerala, 2 in UP'; Congress hits back|date=2022-09-13|work=The Hindu|access-date=2022-09-17|others=PTI|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref><ref name=":4">{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bharat-jodo-yatra-jairam-ramesh-rahul-gandhi-kerala-skipping-poll-bound-gujarat-himachal-2000527-2022-09-15|title=Bharat Jodo Yatra: Jairam Ramesh explains Rahul Gandhi’s 18 days in Kerala, skipping poll-bound Gujarat, Himachal|last=Singh|first=Darpan|date=September 15, 2022|website=India Today|language=en|access-date=2022-09-15}}</ref> सीपीआई (एम) ने जल्द ही यात्रा पर अपना रुख नरम कर लिया, इसके महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "हर पार्टी को जनता के साथ बातचीत करने का वैध अधिकार है। लोगों के पास जाना अच्छा है"। उन्होंने यह भी कहा कि माकपा संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को एक साथ लाने के प्रयासों में शामिल होगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/national/national-politics/every-party-has-legitimate-right-to-go-to-people-cpim-on-bharat-jodo-yatra-1145734.html|title=Every party has legitimate right to go to people: CPI(M) on ‘Bharat Jodo Yatra’|date=2022-09-16|website=Deccan Herald|language=en|access-date=2022-09-17}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/politics/going-to-people-is-good-cpi-m-softens-stance-on-cong-s-bharat-jodo-yatra-122091601300_1.html|title=Going to people is good: CPI(M) softens stance on Cong's Bharat Jodo Yatra|last=India|first=Press Trust of|date=2022-09-16|work=Business Standard India|access-date=2022-09-17}}</ref>
===अंतरराष्ट्रीय===
सितंबर 2022 में, हॉलीवुड अभिनेता जॉन क्यूसैक ने भारत जोड़ी यात्रा को अपना समर्थन दिया और कहा कि वह "हर जगह फासीवाद विरोधी" के साथ एकजुटता से खड़े हैं।<ref>{cite web|url=https://indianexpress.com/article/world/john-cusack-supports-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-solidarity-to-all-anti-fascists-8169839/|title=John{{Dead link|date=अक्तूबर 2022 |bot=InternetArchiveBot }} Cusack supports Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra: Solidarity to all anti-fascists}}</ref>
== विवाद ==
गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी राज्यों से नहीं गुजरने के लिए भारत जोड़ो यात्रा की आलोचना की गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसके पीछे का कारण यह था कि कन्याकुमारी से गुजरात पहुंचने में 90-95 दिन लगेंगे, "चुनाव से पहले पहुंचना असंभव होगा, हिमाचल प्रदेश के साथ भी।" उन्होंने यह भी कहा कि जिन राज्यों में यात्रा नहीं हो पाएगी, वहां वह और कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता [[दिग्विजय सिंह (राजनीतिज्ञ)|दिग्विजय सिंह]] सहित कई अन्य लोग उनसे मिलने जाएंगे।<ref name=":42">{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bharat-jodo-yatra-jairam-ramesh-rahul-gandhi-kerala-skipping-poll-bound-gujarat-himachal-2000527-2022-09-15|title=Bharat Jodo Yatra: Jairam Ramesh explains Rahul Gandhi’s 18 days in Kerala, skipping poll-bound Gujarat, Himachal|last=Singh|first=Darpan|date=September 15, 2022|website=India Today|language=en|access-date=2022-09-15}}</ref>
[[कोल्लम]] में कांग्रेस के 3 कार्यकर्ताओं ने एक रेहड़ी-पटरी वाले से 2000 रुपये का चंदा मांगा, जिसमें उन्होंने 500 रुपये दिए. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वेंडर की तौल मशीन और सब्जियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. हंगामे के बाद कार्यकर्ताओं को तुरंत कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/3-congress-activists-suspended-for-creating-ruckus-demanding-funds-for-bharat-jodo-yatra-kollam-1.7878076|title=3 Congress activists suspended for creating ruckus demanding funds for Bharat Jodo Yatra|website=Mathrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-17}}</ref> केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के. सुधाकरन ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए इसे "अस्वीकार्य" और "अक्षम्य" बताया।<ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/3-cong-workers-suspended-for-threatening-vegetable-vendor-over-donation-2413963/|title=3 Cong workers suspended for threatening vegetable vendor over donation|last=|first=|date=2022-09-16|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-09-17}}</ref>
23 सितंबर को, कांग्रेस ने त्रिशूर में यात्रा को आराम के दिन के लिए रोक दिया, जो जाहिर तौर पर वह दिन था जब [[राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण|राष्ट्रीय जांच एजेंसी]] के जवाब में, एक इस्लामी संगठन, [[पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया|पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया]] (पीएफआई) ने केरल में "बंद" का आह्वान किया था। एक दिन पहले उस पर (एनआईए) की छापेमारी। भाजपा नेता [[कपिल मिश्रा]] ने यात्रा के इस ठहराव को बंद से जोड़ा और आरोप लगाया कि कांग्रेस पीएफआई के साथ एकजुटता में है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि यह विराम पूर्व-निर्धारित था और पीएफआई से पूरी तरह से असंबंधित था।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bjp-leader-links-bharat-jodo-rest-day-with-pfi-bandh-congress-hits-back-with-mohan-bhagwat-swipe-101663911160424.html|title=BJP leader links Bharat Jodo rest day with PFI bandh, Congress hits back: 'RSS chief on Maafi Maango Yatra'|date=2022-09-23|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-09-24}}</ref> [[राहुल गांधी]] ने यह भी कहा कि सभी प्रकार की सांप्रदायिकता के प्रति जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए, जब एक पत्रकार ने उनसे पीएफआई पर छापे पर उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछा।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/opposition-parties-should-come-together-to-fight-bjp-rss-says-rahul-gandhi/article65921952.ece|title=Rahul Gandhi calls for zero tolerance towards communalism|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-22|work=The Hindu|access-date=2022-09-24|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
== झूठी खबर ==
यात्रा को लेकर कई फेक खबरें और आरोप लगाए गए हैं<ref>{{Cite web|url=https://gulfnews.com/opinion/op-eds/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhis-detractors-spreading-fake-news-1.90901088|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi’s detractors spreading fake news?|last=Mohan|first=Jyotsna|date=2022-09-29|website=Gulf News|language=en|access-date=2022-09-29}}</ref>, उनमें से कुछ नीचे सूचीबद्ध हैं:
23 सितंबर को, कांग्रेस ने [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] में यात्रा को आराम के दिन के लिए रोक दिया, जो जाहिर तौर पर वह दिन था जब [[राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण|राष्ट्रीय जांच एजेंसी]] के जवाब में, एक इस्लामी संगठन, [[पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया|पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया]] (पीएफआई) ने केरल में "बंद" का आह्वान किया था। एक दिन पहले उस पर (एनआईए) की छापेमारी। भाजपा नेता [[कपिल मिश्रा]] ने यात्रा के इस ठहराव को बंद से जोड़ा और आरोप लगाया कि कांग्रेस पीएफआई के साथ एकजुटता में है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि यह विराम पूर्व-निर्धारित था और पीएफआई से पूरी तरह से असंबंधित था।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bjp-leader-links-bharat-jodo-rest-day-with-pfi-bandh-congress-hits-back-with-mohan-bhagwat-swipe-101663911160424.html|title=BJP leader links Bharat Jodo rest day with PFI bandh, Congress hits back: 'RSS chief on Maafi Maango Yatra'|date=2022-09-23|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-09-24}}</ref> [[राहुल गांधी]] ने यह भी कहा कि सभी प्रकार की सांप्रदायिकता के प्रति जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए, जब एक पत्रकार ने उनसे पीएफआई पर छापे पर उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछा।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/opposition-parties-should-come-together-to-fight-bjp-rss-says-rahul-gandhi/article65921952.ece|title=Rahul Gandhi calls for zero tolerance towards communalism|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-22|work=The Hindu|access-date=2022-09-24|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
गभग 23 सितंबर को भाजपा नेताओं द्वारा एक तथ्यात्मक रूप से गलत ट्वीट प्रसारित करना शुरू कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यात्रा से एक तस्वीर में राहुल गांधी को गले लगाने वाली लड़की वही लड़की थी जिसने [[बंगलौर|बेंगलुरु]] में [[ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन|AIMIM]] के नेतृत्व में [[नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, २०१९|नागरिकता संशोधन अधिनियम]] विरोधी रैली में "पाकिस्तान जिंदाबाद" का नारा लगाया था, यह झूठ निकला। 25 सितंबर को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यात्रा पर कथित रूप से फर्जी और विभाजनकारी खबरें फैलाने के लिए भाजपा नेता प्रीति गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/bharat-jodo-yatra-congress-initiates-legal-action-against-bjps-priti-gandhi-for-spreading-fake-divisive-news-8173276/|title=Bharat Jodo Yatra: Congress initiates legal action against BJP’s Priti Gandhi for ‘spreading fake, divisive news’|date=2022-09-26|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-09-27}}</ref>
==भारत जोड़ो यात्रा II==
सितंबर 2022 में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने कहा कि उसने यात्रा के दूसरे चरण को अगले साल पूर्व से पश्चिम तक, गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक करने की योजना बनाई है।<ref>{{Cite news |last= |date=2022-09-16 |title=Congress plans second phase of Bharat Jodo Yatra from Gujarat to Arunachal |work=Business Standard India |url=https://www.business-standard.com/article/politics/congress-plans-second-phase-of-bharat-jodo-yatra-from-gujarat-to-arunachal-122091600187_1.html |access-date=2022-09-17}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/politics/congress-to-begin-second-phase-of-bharat-jodo-yatra-from-gujarat/1130563/|title=If this Bharat Jodo Yatra is successful, we’ll do one from Gujarat to Arunachal, Congress says}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/buoyed-by-bharat-jodo-yatra-congress-mulls-yatra-from-west-to-east/article66161843.ece|title=Buoyed by Bharat Jodo, Congress mulls yatra from west to east}}</ref> कांग्रेस अगले साल गुजरात के [[पोरबंदर]] से अरुणाचल प्रदेश के [[परशुराम कुंड]] तक एक और मार्च निकालने की योजना बना रही है।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/congress-plans-another-march-from-gujarat-to-assam-next-year-jairam-ramesh-3352383|title=Congress Plans Another March From Gujarat To Assam Next Year: Jairam Ramesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/bharat-jodo-yatra-congress-east-west-tour-kanyakumari-kashmir-trip-8153177/|title=Bharat Jodo Yatra: Cong hints at East-West tour after Kanyakumari to Kashmir trip}}</ref> 26 फरवरी 2023 को कांग्रेस महासचिव प्रभारी संचार जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस पासीघाट से पोरबंदर यात्रा पर विचार कर रही है।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/congress-now-considering-east-to-west-yatra-from-pasighat-to-porbandar-says-jairam-ramesh/article66556067.ece|title=Congress now considering east-to-west yatra from Pasighat to Porbandar, says Jairam Ramesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/after-bharat-jodo-yatra-congress-plans-east-to-west-yatra/articleshow/98250724.cms|title=After Bharat Jodo Yatra, Congress plans east-to-west march}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/after-bharat-jodo-congress-planning-east-to-west-yatra-jairam-ramesh-101677410487105.html|title=After Bharat Jodo, Congress planning an east-to-west yatra: Jairam Ramesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/kanyakumari-to-kashmir-bharat-jodo-yatra-congress-considering-east-to-west-yatra-jairam-ramesh-2339841-2023-02-26|title=Bharat Jodo Yatra II, from East to West, under active consideration: Jairam Ramesh}}</ref>
== संदर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
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[[श्रेणी:आंदोलन]]
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शिवप्रसाद डबराल चारण
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक लेखक|name=शिवप्रसाद डबराल चरन |honorific_prefix=|native_name_lang=|birth_date=12 नवंबर 1912|birth_place=गहली , [[पौड़ी गढ़वाल ]]|death_date={{death date and age|df=yes|1999|11|24|1912|11|12}}|occupation={{hlist|[[ इतिहासकार ]]|[[लेखक]]|[[प्रोफेसर ]]}}|language={{hlist|[[हिन्दी ]]|[[गढ़वाली भाषा|गढ़वाली ]]}}|nationality=[[भारत]]|alma_mater=मीरुत कॉलेज ([[कला स्नातक|बीए]])<br />इलाहाबाद कॉलेज ([[एम॰ए॰]])<br />
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'''शिवप्रसाद डबराल''' '<nowiki/>'''चारण'''' (12 नवंबर 1912 - 24 नवंबर 1999), उत्तराखंड के एक इतिहासकार, भूगोलवेत्ता, अकादमिक और लेखक थे। उन्हें 'उत्तराखंड का विश्वकोश' भी कहा जाता है। उन्होंने 1931 से लिखना प्रारम्भ किया। उन्होने 18 खंडों में [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]] का इतिहास, 2 काव्य संग्रह, 9 नाटकों और [[हिन्दी|हिंदी]] और [[गढ़वाली भाषा|गढ़वाली]] भाषाओं में कई संपादित संस्करणों का लेखन किया हैं। उनका ''उत्तराखंड का इतिहास'' व्यापक रूप से विद्वानों द्वारा संदर्भ कार्य के रूप में उपयोग किया जाता है। उन्होंने उत्तराखंड के [[पुरातत्वशास्त्र|पुरातत्व]] और [[पारिस्थितिकी]] पर कई पुस्तकें लिखीं। इतना ही नहीं, चारण ने गढ़वाली भाषा की 22 दुर्लभ पुस्तकों को अपने स्वयं के प्रेस में पुनर्प्रकाशित करके विलुप्त होने से बचाया। उन्होंने [[मौला राम|मोला राम]] के दुर्लभ काव्य पांडुलिपि को भी फिर से खोजा। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=AfA_EAAAQBAJ&newbks=0&hl=en|title=UKSSSC Patwari/Lekhpal Recruitment Exam {{!}} 1100+ Solved Questions (8 Full-length Mock Tests + 6 Sectional Tests)|last=Experts|first=EduGorilla Prep|date=2022-08-03|publisher=EduGorilla Community Pvt. Ltd.|isbn=978-93-91464-78-3|language=en}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=a4XXAAAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=The Sacred Complex of Badrinath: A Study of Himalayan Pilgrimage|last=Kumar|first=Dinesh|date=1991|publisher=Kisohr [i.e. Kishor] Vidya Niketan|language=en}}</ref>
== जीवनी ==
<small>स्रोत: <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=HFIfEAAAQBAJ&newbks=0&hl=en|title=Dastan-E-Himalaya -2|last=Pathak|first=Shekhar|date=2021-02-22|publisher=Vani Prakashan|isbn=978-81-948736-5-5|language=hi}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.kafaltree.com/shiv-prasad-dabral-charan-biography/|title=डॉ शिवप्रसाद डबराल : जिन्होंने अपनी जमीन बेचकर भी उत्तराखंड का इतिहास लिखा|last=Lohani|first=Girish|date=2019-06-26|website=Kafal Tree|language=en-US|access-date=2022-09-17}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://wegarhwali.com/uttarakhand-ke-pramukh-sahitykaar/|title=उत्तराखंड के प्रमुख साहित्यकार {{!}} Famous Writers of Uttarakhand in hindi {{!}} WeGarhwali|date=2022-01-01|language=en-US|access-date=2022-09-17}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref></small>
=== प्रारंभिक जीवन और परिवार ===
चारण का जन्म 12 नवंबर 1912 को [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]] के [[पौड़ी गढ़वाल जिला|पौड़ी गढ़वाल]] जिले के गहली गांव में हुआ। उनके पिता कृष्णदत्त [[डबराल]] के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक थे। उनकी माता का नाम भानुमति था। 1935 में उन्होंने विश्वेश्वरी देवी से विवाह किया।
=== शिक्षा और करियर ===
चारण ने अपनी प्राथमिक शिक्षा मंडई और गडसीर के प्राथमिक विद्यालयों से प्राप्त की और आगे वर्नाक्युलर एंग्लो मिडिल स्कूल सिलोगी (गुमखाल) से माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने मेरठ से बीए ( [[कला स्नातक|बैचलर ऑफ आर्ट्स]] ) और [[इलाहाबाद]] से बीएड ( [[शिक्षा-स्नातक|बैचलर ऑफ एजुकेशन]] ) की डिग्रियाँ प्राप्त की। उन्होंने [[डॉ॰ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय|आगरा विश्वविद्यालय]] से [[एम॰ए॰|एमए]] भूगोल किया। 1962 में, उन्होंने [[भूगोल]] में ही डॉक्टरेट ( [[पीएचडी]] ) पूरा किया।
चारण ने 1948 से लेकर 1975 में अपनी सेवानिवृत्ति तक [[दुगड्डा]] में डीएबी कॉलेज के प्रधानाचार्य के रूप में कार्य किया।
=== कार्य और अनुसंधान ===
चारण की पीएचडी थीसिस 'अलकनंदा-बेसिन ए स्टडी ऑफ ट्रांसह्यूमन्स, नोमैडिज्म एंड सीजनल माइग्रेशन' को बाद में तीन पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया गया। उत्तराखंड के [[भोटिया|भोटियों]] और चरवाहों की जीवन शैली ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया और उन्होंने उनके इतिहास में शोध शुरू किया। 1956 से, उन्होंने मलारी गाँव में भोटियों पर अपना शोध शुरू किया, जो बाद में उन्हें मलारी की प्राचीन समाधियों तक ले गया जिसके पुरातत्व का भी उन्होने शोध किया। समाधियों पर उनके निष्कर्षों को ''कर्मभूमि'' में लेख के रूप में प्रकाशित किया गया था, जिसने समय के साथ एएसआई को साइट पर उचित शोध करने के लिए प्रेरित किया।
1960 के बाद से चारण ने पांडुवाला, [[कोटद्वार]], मोरध्वज, पारसनाथ किला और [[वीरभद्र, उत्तराखण्ड|वीरभद्र]] के पुरातात्विक अवशेषों का अध्ययन किया और विभिन्न अभिलेखागारों में बिखरी सामग्री एकत्र की। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों, मंदिरों और मूर्तिकला वास्तुकला का अध्ययन किया और [[अभिलेख|शिलालेखों]] और [[सिक्का|सिक्कों]] की भी खोज की।
उन्होंने अपना खुद का [[मुद्रणालय|प्रेस]] भी खोला और ''वीरगाथा प्रकाशन'' के नाम से किताबें प्रकाशित कीं। कालांतर में उन्होंने अपने घर दुगड्डा (सरुदा) में " ''उत्तराखंड विद्या भवन'' " नामक [[पुस्तकालय]] और संग्रहालय खोलकर लगभग 3000 पुस्तकें, दुर्लभ [[पाण्डुलिपि|पांडुलिपियां]], सिक्के और पुरातात्विक महत्व के बर्तन एकत्रित किए।
उन्होंने मुख्य रूप से वर्ष 1963-64 में उत्तराखंड के चरवाहों के प्रवासी मार्गों पर अपने शोध कार्य को तीन पुस्तकों ''अलकनंदा उपाटक'', ''उत्तराखंड के भौतांतिक'' और ''उत्तराखंड के पशुचारक के रूप'' में प्रकाशित किया।
तत्पश्चात, उन्होंने अपनी ऊर्जा उत्तराखंड के इतिहास को तैयार करने पर केंद्रित की और इस प्रकार, वर्ष 1965 में, ''उत्तराखंड का इतिहास'' भाग -1 (साक्ष्य संकलन) प्रकाशित हुआ। 1968 में, उत्तराखंड के इतिहास का दूसरा भाग प्रकाशित हुआ, जिसमें शुरुआत से लेकर पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व तक की अवधि शामिल थी। अगले वर्ष तीसरा भाग प्रकाशित हुआ, जिसने कलचुरियों के अंत तक के इतिहास को प्रस्तुत किया। भाग IV 1971 में प्रकाशित हुआ था, जो [[गढ़वाल रियासत|गढ़वाल]] के तेरहवीं शताब्दी से लेकर गोरखा आक्रमण तक के इतिहास को समेटने का एक प्रयास था।
1972 ''में गढ़वाल का इतिहास'' प्रकाशित हुआ, जिसमें पूर्व के चार भागों के प्रकाशन के बाद मिली नई सामग्री और साक्ष्यों का संकलन किया गया। भाग 5 1973 में प्रकाशित हुआ था, जिसमें उत्तराखंड और [[हिमाचल प्रदेश|हिमाचल]] में [[गोरखा]] शासन का विस्तृत अध्ययन किया गया था। इसीप्रकार, भाग 7 (1976 और 1978) के दो खंड प्रकाशित हुए। दोनों खंड गढ़वाल में [[ब्रिटिश साम्राज्य|ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन]] पर केंद्रित थे। भाग 9 1979 में ''गढ़वाल का पद्यमय इतिहास'' के रूप में प्रकाशित हुआ था। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=MUsFAQAAIAAJ&newbks=0&hl=en|title=The Himalayan Journal|date=1994|publisher=Oxford University Press|language=en}}</ref>
कुछ वर्षों के लिए प्रकाशन बंद कर दिया गया, लेकिन चारण ने अपना शोध व लेखन कार्य जारी रखा। इस दौरान ''वीरगाथा प्रेस'' भी बंद हो गई थी। भाग 10 [[कुमाऊँ मण्डल|कुमाऊं]] का इतिहास (1000 से 1790 तक), 1978 में प्रकाशित हुआ, जो बाद के कलचुरियों और [[चौहान]] वंश का विस्तृत अध्ययन था। उसी वर्ष ''गढ़वाल का नवीन इतिहास'' भाग 11 के रूप में प्रकाशित हुआ, जिसमें कलचुरी से लेकर चौहान शासन तक की नई सामग्री प्रस्तुत की गई। भाग 12 [[पँवार|पंवार]] वंश पर आधारित था। भाग 13 में, उत्तराखंड के इतिहास के लिए ''उत्तराचल के अभिलेखा एवम मुद्रा'' (उत्तराखंड के अभिलेख और मुद्रा) स्रोतों की जांच 1990 में की गई थी। ''उत्तरांचल-हिमाचल का प्राचीन इतिहास'' (उत्तरांचल-हिमाचल का प्राचीन इतिहास) 1992-95 में 3 खंडों में प्रकाशित हुआ था। 1998 में, ''प्रगतिहासिक उत्तराखंड'' (प्रागैतिहासिक उत्तराखंड) प्रकाशित हुआ था।
1999 में, काव्य रचनाएँ - ''शाक्तमत की गाथा'' और ''मातृदेवी'' प्रकाशित हुईं।
चारण ने गढ़वाल के [[इतिहास]], [[काव्य|कविता]], [[नाटक]] और लोक साहित्य से संबंधित बीस से अधिक दुर्लभ ग्रंथों का पुनर्प्रकाशन किया। प्रत्येक ग्रंथ में उन्होंने अर्थपूर्ण भाष्य जोड़े। इनमें [[मौला राम|मोला राम]] की कृतियाँ महत्वपूर्ण हैं। ''मौलाराम'' ''ग्रंथावली'' 1977 में डोगड्डा से प्रकाशित और छपी थी।
== कृतियाँ ==
# उत्तराखंड यात्रा दर्शन
# उत्तराखंड का इतिहास -12 खंडों में
# उत्तरांचल के अभिलेख एवम मुद्रा
# अलकनंदा-बेसिन ट्रांसह्यूमन्स, घुमंतू और मौसमी प्रवास का एक अध्ययन (3 पुस्तकें)
# गुहादित्य
# गोरा बादल
# महाराणा संग्राम सिंह
# पन्नाधाय
# सदेई
# सतीरामा
# राष्ट्र रक्षा काव्य
# गढ़वाली
# मेघदूत
# हुतात्मा परिचय
# अतीत स्मृति
# संषर्ष संगीत
# अलकनंदा उप्टक
# उत्तराखंड के भौटांतिक
# उत्तराखंड के पशुचारक
== संदर्भ ==
<references />
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
[[श्रेणी:भारतीय इतिहासकार]]
[[श्रेणी:हिन्दी भाषा के लेखक]]
[[श्रेणी:१९९९ में निधन]]
[[श्रेणी:1912 में जन्मे लोग]]
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2022-2023 भारत जोड़ो यात्रा की समयरेखा
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text/x-wiki
कांग्रेस की [[भारत जोड़ो यात्रा]] कन्याकुमारी से शुरू हुई और जनवरी 2023 में श्रीनगर में खत्म हुई।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/congress-rahul-gandhi-launch-bharat-jodo-yatra-8137068/|title=Rahul launches yatra: Tricolour under attack, BJP wants to divide country on religious lines}}</ref> कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' और 1983 में पूर्व प्रधानमंत्री [[चन्द्रशेखर]] की लगभग 4,260 किलोमीटर की [[चन्द्रशेखर#भारत_यात्रा_(1983)|भारत यात्रा]] के बीच कई समानताएँ हैं।<ref>{{cite web|url=https://thewire.in/politics/the-parallels-between-congresss-bharat-jodo-yatra-and-ex-pm-chandra-shekhars-padayatra|title=The Parallels Between Congress's 'Bharat Jodo Yatra' and Ex-PM Chandra Shekhar's 'Padayatra'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/bharat-yatri-long-march-short-run-chandra-shekhar-8141578/|title=That other ‘Bharat Yatri’: The long march, but short run, of Chandra Shekhar}}</ref> भारत जोड़ो यात्रा ने {{Convert|4080|km|miles|abbr=off}} की दूरी तय की।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rahul-gandhi-skirts-restoration-of-article-370-as-congresss-bharat-jodo-yatra-ends-in-jammu-and-kashmir/articleshow/97450944.cms?from=mdr|title=Rahul Gandhi skirts restoration of Article 370 as Congress’s Bharat Jodo Yatra ends in Jammu and Kashmir}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/bharat-jodo-yatra-ends-today-which-has-been-going-on-for-145-days-congress-has-sent-invitation-to-21-parties-for-the-closing-ceremony-2321060|title=12 राज्य, 145 दिन, 4080 किमी का सफर... भारत जोड़ो यात्रा का आज फिनाले, बॉलीवुड के सितारों से लेकर खिलाड़ियों तक का साथ}}</ref>
भारत जोड़ी यात्रा 10 सितंबर की शाम को केरल में प्रवेश किया, राज्य में भारी मतदान हुआ, विशेष रूप से तिरुवनंतपुरम में, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों ने यात्रा में भाग लिया। 28 सितंबर को भारत जोड़ी यात्रा राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र केरल के वायनाड में दाखिल हुई. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यात्रा के अंत में एक "नई, युवा और आक्रामक कांग्रेस" उभरेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा पार्टी के लिए बूस्टर डोज की तरह काम करेगी। "यह कांग्रेस के लिए पुनरुद्धार योजना का एक हिस्सा है"। 3 अक्टूबर 2022 को, कांग्रेस पार्टी ने भारत जोड़ो यात्रा के बारे में सभी जानकारी प्रदान करने के लिए अपना भारत जोड़ो ऐप लॉन्च किया।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/congress-party-launches-bharat-jodo-app-information-bharat-jodo-yatra-latest-updates-2022-10-04-813380|title=Congress party launches the Bharat Jodo App for its Nationwide Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/sonia-in-karnataka-for-bharat-jodo-yatra-to-join-it-on-oct-6-437882|title=Sonia Gandhi in Karnataka for Bharat Jodo Yatra, to join it on October 6}}</ref>
=== समयरेखा ===
====== तमिल नाडु ======
* '''7 सितंबर 2022''': राहुल गांधी ने अपने दिवंगत पिता [[राजीव गांधी]], [[स्वामी विवेकानन्द|स्वामी विवेकानंद]] और तमिल कवि त्रिवल्लुवर को श्रद्धांजलि देने के बाद [[कन्याकुमारी]] में यात्रा की शुरुआत की। कांग्रेस यात्रा को "भारत का सबसे बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम" कहती है, जहां लोगों की चिंताएं दिल्ली तक पहुंचेगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/news/national/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-offers-floral-tributes-at-his-fathers-memorial-in-sriperumbudur/article65860625.ece|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi offers floral tributes at his father's memorial in Sriperumbudur|last=PTI|date=2022-09-07|website=The Hindu BusinessLine|language=en|access-date=2022-10-03}}</ref>
* '''8 सितंबर 2022''': यात्रा का दूसरा दिन कन्याकुमारी के [[अगस्तीश्वरम|अगस्तीस्वरम]] में शुरू हुआ। राहुल गांधी ने [[भारतीय जनता पार्टी|BJP]] और [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ|RSS]] पर निशाना साधते हुए कहा कि "उन्हें लगता है कि झंडा उनकी निजी संपत्ति है"। यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता [[पी॰ चिदंबरम|पी. चिदंबरम]], [[भूपेश बघेल]] और अन्य शामिल हुए।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-p-chidambaram-tamil-nadu-1997852-2022-09-08|title=Day 2 of Congress’ Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi, Bhupesh Baghel take lead|last=DelhiSeptember 8|first=India Today Web Desk New|last2=September 8|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 13:46}}</ref>
* '''9 सितंबर 2022''': यात्रा [[नागरकोविल|नागरकोइल]] में शुरू हुई, जिसमें राहुल गांधी [[स्कॉट क्रिश्चियन कॉलेज]] में राष्ट्रीय ध्वज की मेजबानी कर रहे थे। उन्होंने उन किसानों से भी बातचीत की, जिन्होंने 2020-2021 के भारतीय किसानों के विरोध के दौरान विरोध किया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-day-three-rahul-gandhi-tamil-nadu-1998191-2022-09-09|title=Day 3 of Congress’ Bharat Jodo Yatra kicks off at Tamil Nadu’s Nagercoil|last=DelhiSeptember 9|first=India Today Web Desk New|last2=September 9|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 09:29}}</ref>
* '''10 सितंबर 2022''': राहुल गांधी ने मार्तंडम में सफाई कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के एक स्थानीय समूह के साथ बातचीत की। वह दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं से भी मिलते हैं और उनके समर्थन में ट्वीट करते हैं। उसी दिन शाम को उन्होंने [[केरल]] में प्रवेश किया, केरल पीसीसी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/business/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-signs-off-from-tamil-nadu-sips-tea-with-workers-9159161.html|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi signs off from Tamil Nadu, sips tea with workers|website=Moneycontrol|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/bharat-jodo-yatra-enters-kerala-2410000/|title=Bharat jodo yatra enters Kerala|date=2022-09-10|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-10-02|agency=Press Trust of India}}</ref>
==== केरल ====
* '''11 सितंबर 2022''': राहुल गांधी केरल में प्रवेश करते हैं, क्योंकि उनके स्वागत के लिए हजारों समर्थक और दर्शक इकट्ठा होते हैं। गांधी ने कहा कि यात्रा केरल में प्रचलित विचारों का विस्तार है।<ref name=":6">{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/second-day-of-bharat-jodo-yatra-sees-huge-turnout-in-kerala-1.7866015|title=Second day of 'Bharat Jodo Yatra' sees huge turnout in Kerala|website=Matrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-13}}</ref>
* '''12 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा में केरल की राजधानी [[तिरुवनन्तपुरम|तिरुवनंतपुरम]] में अत्यधिक मतदान हुआ।<ref name=":5" />
* '''13 सितंबर 2022''': यात्रा तिरुवनंतपुरम के एक उपनगर कन्यापुरम से शुरू हुई, फिर से भारी मतदान हुआ।<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.siasat.com/kerala-bharat-jodo-yatra-gets-a-boost-on-third-day-amidst-huge-turnout-2411707/|title=Kerala: Bharat Jodo Yatra gets a boost on third day amidst huge turnout|date=2022-09-13|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-09-14|agency=Press Trust of India}}</ref>
* '''14 सितंबर 2022''': यात्रा [[कोल्लम]] पहुंची, राहुल गांधी ने श्री [[नारायण गुरु]] को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शिवगिरी मठ का दौरा किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/news/kerala/2022/09/14/rahul-gandhi-sivagiri-mutt-bharat-jodo-yatra-kollam.html|title=Rahul Gandhi visits Sivagiri Mutt, Bharat Jodo Yatra in Kollam today|website=OnManorama|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''15 सितंबर 2022''': राहुल गांधी और अन्य यात्रियों ने कोल्लम में दिन के लिए विश्राम किया।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/congresss-bharat-jodo-yatra-takes-a-break-in-kerala-8153702/|title=Congress’s Bharat Jodo Yatra takes a break in Kerala|date=2022-09-15|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''16 सितंबर 2022''': यात्रा फिर से शुरू, राहुल गांधी ने कोल्लम में उद्यमियों और काजू श्रमिकों से मुलाकात की. कई काजू कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ अपनी शिकायतें साझा करते हैं, जिन्होंने आगामी संसदीय सत्र में इसे लाने का वादा किया था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली [[संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (केरल)|यूडीएफ]] सत्ता में आती है तो उनकी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/bharat-jodo-yatra-morning-leg-of-yatra-concludes-in-kerala-kollam-rahul-gandhi-to-meet-cashew-workers-news-223767|title=Bharat Jodo Yatra: Morning Leg Of Yatra Concludes In Kerala's Kollam, Rahul Gandhi To Meet Cashew Workers|date=2022-09-16|website=Outlook India|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/rahul-gandhi-meets-cashew-workers-in-kollam/article65899624.ece|title=Rahul Gandhi meets cashew workers in Kollam|author=Staff Reporter|date=2022-09-16|work=The Hindu|access-date=2022-10-02|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
* '''17 सितंबर 2022''': यात्रा [[आलाप्पुड़ा जिला|अलाप्पुझा जिला]] में प्रवेश करती है।
* '''18 सितंबर 2022''': यात्रा का 11वां दिन [[हरिपाद]] से शुरू हुआ, राहुल गांधी का [[अंबालाप्पुझा]] में एक छोटी लड़की को उसकी सैंडल पहनने में मदद करने का एक वीडियो वायरल हो गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bharat-jodo-yatra-video-of-rahul-gandhi-helping-girl-wear-sandal-goes-viral-101663473491265.html|title=Bharat Jodo Yatra: Video of Rahul Gandhi helping girl wear sandal goes viral|date=2022-09-18|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''19 सितंबर 2022''': पुन्नपरा अरवुकड़, अलाप्पुझा से यात्रा शुरू हुई। राहुल गांधी ने केरल में स्थानीय मछुआरों के साथ ईंधन की बढ़ती लागत और कम सब्सिडी पर चर्चा की। गांधी दौड़ जीतते हुए केरल की प्रसिद्ध स्नेक बोट भी चलाते हैं। राहुल गांधी और यात्रा पर भाजपा नेताओं के अनुचित ट्वीट से कांग्रेस नाराज है।<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/congress-bharat-jodo-yatra-live-updates-september-18/liveblog/94273788.cms|title=Congress Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi resumes 'Bharat Jodo Yatra' on its 12th day in Kerala|website=The Times of India|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''20 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो ने [[कोच्चि]] में प्रवेश किया। यात्रा में शामिल हुए [[सचिन पायलट|सचिन पायलट।]]<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-day-14-agenda-kochi-congress-attacks-rattled-bjp-2002690-2022-09-21|title=‘Rattled’ BJP going after Rahul Gandhi, says Congress as Bharat Jodo Yatra enters Day 14|last=KochiSeptember 21|first=Supriya Bhardwaj|last2=September 21|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 08:55}}</ref>
* '''21 सितंबर 2022''': कोच्चि के मदवाना गांव से यात्रा शुरू हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/politics/rahul-gandhi-resumes-bharat-jodo-yatra-from-keralas-madavana-pays-tributes-to-sree-narayana-guru-9208331.html|title=Rahul Gandhi resumes Bharat Jodo Yatra from Kerala's Madavana, Sachin Pilot joins him|website=Moneycontrol|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''22 सितंबर 2022''': यूनियन क्रिश्चियन कॉलेज, [[अलुवा]] से यात्रा शुरू। राहुल गांधी ने [[महात्मा गांधी]] को पुष्पांजलि अर्पित की।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/rahul-gandhi-resumes-bharat-jodo-yatra-from-aluva-uc-college-in-kerala-1.7895487|title=Rahul Gandhi resumes Bharat Jodo Yatra from Aluva UC college in Kerala|website=English.Mathrubhumi|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''23 सितंबर 2022''': यात्रियों ने [[पेराम्ब्रा, त्रिस्सूर|पेराम्ब्रा]] में विश्राम किया। भाजपा नेताओं ने झूठा आरोप लगाया कि यह [[पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया|पीएफआई]] के साथ एकजुटता में था, क्योंकि उसने उस दिन बंद का आह्वान किया था। कांग्रेस ने आराम की तारीख पहले ही तय कर ली थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.thequint.com/news/webqoof/pfi-protest-and-bharat-jodo-yatra-are-not-interlinked-fact-check|title=No, Congress' 'Bharat Jodo Yatra' Wasn't Stopped For PFI Protests in Kerala|last=Thete|first=Rujuta|date=2022-09-26|website=TheQuint|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''24 सितंबर 2022''': [[त्रिस्सूर जिला|त्रिशूर]] [[आलाप्पुड़ा जिला|जिला]] में पेरम्बरा यात्रा फिर से शुरू हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-resumes-kerala-sonia-priyanka-join-karanataka-leg-2004192-2022-09-24|title=Congress's Bharat Jodo Yatra resumes after a day break, Sonia Gandhi, Priyanka to join in Karnataka|last=PerambraSeptember 24|first=India Today Web Desk|last2=September 24|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 11:34}}</ref>
* '''25 सितंबर 2022''': यात्रा त्रिशूर से शुरू हुई क्योंकि हॉलीवुड अभिनेता [[जॉन क्यूसैक]] ने राहुल गांधी के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/hollywood-actor-john-cusack-on-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-3374669|title=Hollywood Actor John Cusack On Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra|website=NDTV.com|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''26 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा [[पालक्काड़|पलक्कड़]] में प्रवेश करती है, [[पट्टाम्बी|पट्टांबी]] के रास्ते में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करती है।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/bharat-jodo-yatra-enters-palakkad-district-1.7907077|title=Bharat Jodo Yatra enters Palakkad district|website=English.Mathrubhumi|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''27 सितंबर 2022''': यात्रा पुलमंटोल से शुरू होकर [[मलप्पुरम]] में प्रवेश करती है। भारत जोड़ी यात्रा को विनियमित करने की एक याचिका [[केरल उच्च न्यायालय]] ने खारिज कर दी है।<ref>{{Cite web|url=https://theprint.in/india/bharat-jodo-yatra-enters-malappuram/1144432/|title=Bharat Jodo Yatra enters Malappuram|last=PTI|date=2022-09-27|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/plea-to-regulate-bharat-jodo-yatra-dismissed/article65942115.ece|title=Plea to regulate Bharat Jodo Yatra dismissed|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-27|work=The Hindu|access-date=2022-10-02|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
* '''28 सितंबर 2022''': केरल में भारत जोड़ो यात्रा का अंतिम दिन, क्योंकि यह [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] से [[कर्नाटक]] की ओर बढ़ते हुए गुजरती है।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/last-phase-of-congress-bharat-jodo-yatra-in-kerala-ends-1.7916324|title=Last phase of Congress' Bharat Jodo Yatra in Kerala ends|website=English.Mathrubhumi|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''29 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो अगले दिन कर्नाटक पहुंचने के कारण तमिलनाडु के गुडलुर में प्रवेश करती है।
==== कर्नाटक ====
* '''30 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक में गुंडुलपेट<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/karnataka-leg-of-bharat-jodo-yatra-begins-from-gundlupet/article65954056.ece|title=Karnataka leg of Bharat Jodo Yatra begins from Gundlupet|last=Khan|first=Laiqh a|date=2022-09-30|work=The Hindu|access-date=2022-09-30|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> में भारी भीड़ के साथ शुरू हुई जैसे कर्नाटक PCC नेताओं द्वारा राज्य में राहुल गांधी का स्वागत किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/video/rahul-gandhi-welcomed-in-karnataka-as-bharat-jodo-yatra-enters-first-bjp-ruled-state-2006626-2022-09-30|title=Rahul Gandhi welcomed in Karnataka as Bharat Jodo Yatra enters first BJP-ruled state|website=India Today|language=en|access-date=2022-09-30}}</ref>
* '''1 अक्टूबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक में दूसरे दिन शुरू; PayCM का पोस्टर दिखाने पर पुलिस विभाग ने एक कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.financialexpress.com/india-news/congress-bharat-jodo-yatra-enters-2nd-day-in-karnataka-rahul-gandhi-to-walk-23-km-today/2697668/|title=Congress’ ‘Bharat Jodo Yatra’ enters 2nd day in Karnataka; Rahul Gandhi to walk ’23 km’ today|website=Financialexpress|language=en|access-date=2022-10-01}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/state/top-karnataka-stories/bharat-jodo-yatra-enters-day-2-in-karnataka-fir-against-congress-worker-for-holding-paycm-poster-1149955.html|title=Bharat Jodo Yatra enters day 2 in Karnataka; FIR against Congress worker for holding PayCM poster|date=2022-10-01|website=Deccan Herald|language=en|access-date=2022-10-01}}</ref>
* '''2 अक्टूबर 2022''': बदनवालु से यात्रा शुरू, [[गांधी जयंती]] के अवसर पर राहुल गांधी ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाना जारी रखेगी। कांग्रेस ने कर्नाटक में COVID-19 संकट से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार पर भी निशाना साधा।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-leads-bharat-jodo-yatra-in-mysuru-floral-tributes-to-bapu-visit-to-khadi-unit-2007371-2022-10-02|title=Floral tributes to Bapu, visit to Khadi unit: Rahul Gandhi leads Bharat Jodo Yatra in Mysuru|last=N|last2=DelhiOctober 2|first2=ini Singh New|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=October 2|first3=2022UPDATED|last4=Ist|first4=2022 11:46}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/congress-bharat-jodo-yatra-live-updates-october-02/liveblog/94590889.cms|title=Congress Bharat Jodo Yatra LIVE Updates: Bharat Jodo Yatra will spread message of ahimsa and swaraj, says Rahul Gandhi|website=The Times of India|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/bangalore/karnataka-bengaluru-news-live-updates-bharat-jodo-yatra-rains-bbmp-8183832/|title=Bangalore News Live Updates: Four women washed away while crossing submerged bridge in Karnataka; Rahul Gandhi pays tributes to Mahatma Gandhi|date=2022-10-01|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''3 अक्टूबर 2022''': भारत जोड़ी यात्रा [[मैसूर]] में प्रवेश करती है, जहां राहुल गांधी एक भाषण देते हैं, बारिश का सामना करते हुए, "बारिश हो रही है, लेकिन BJP-RSS द्वारा फैलाई गई नफरत और हिंसा को रोकने के खिलाफ यात्रा को कुछ भी नहीं रोक सकता है"।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/drenched-in-rain-rahul-gandhi-says-nothing-can-stop-bharat-jodo-yatra-3397991|title=Braving The Rain, Rahul Gandhi Says Nothing Can Stop Bharat Jodo Yatra|website=NDTV.com|access-date=2022-10-03}}</ref> [[सोनिया गांधी]] मैसूर पहुंचती हैं, जहां उनका 6 अक्टूबर से शुरू होने वाली यात्रा में भाग लेने का कार्यक्रम है।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/bengaluru-news/bharat-jodo-yatra-sonia-gandhi-arrives-in-mysore-101664792158655.html|title=Sonia Gandhi reaches Mysuru to join Rahul-headlined Bharat Jodo Yatra|date=2022-10-03|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-10-03}}</ref>
* '''4 अक्टूबर 2022''': यात्रा [[मांडया जिला|मांड्या]] में दो दिन का ब्रेक लेती है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/bangalore/bangalore-news-live-news-rahul-gandhi-dk-shivakumar-8186771/|title=Bengaluru News Live Updates: Sonia Gandhi reaches Mysore for Bharat Jodo Yatra; K’taka CM Bommai hits out at Rahul Gandhi, Congress|date=2022-10-03|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-10-03}}</ref>
* '''5 अक्टूबर 2022''': यात्रा कल फिर से शुरू होगी।
* '''6 अक्टूबर 2022''': [[सोनिया गांधी]], कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष, मांड्या से फिर से शुरू होने वाली यात्रा में शामिल हुईं। उन्होंने कई यात्रियों के साथ बातचीत की, जितनी महिलाएं उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ीं।<ref>{{Cite web |last=Lahiri |first=Ishadrita |date=2022-10-06 |title='What she means to them': Women flock to see Sonia as she joins Bharat Jodo, keeps Udaipur pledge |url=https://theprint.in/politics/what-she-means-to-them-women-flock-to-see-sonia-as-she-joins-bharat-jodo-keeps-udaipur-pledge/1156889/ |access-date=2022-10-07 |website=ThePrint |language=en-US}}</ref>
* '''7 अक्टूबर 2022''': दिवंगत पत्रकार [[गौरी लंकेश]] का परिवार भारत जोड़ी यात्रा में शामिल हुआ क्योंकि यह सड़क पर 30 दिन पूरे करती है।<ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2022-10-07 |title=Bharat Jodo Yatra completes 30 days on the road |language=en-IN |work=The Hindu |url=https://www.thehindu.com/news/national/bharat-jodo-yatra-completes-30-days-on-the-road/article65981802.ece |access-date=2022-10-09 |issn=0971-751X}}</ref> कई शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों और शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान, राहुल गांधी ने कहा कि अकेले हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने और कन्नड़ जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की पहचान को खतरा पैदा करने का कोई इरादा नहीं था।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/bangalore/intention-hindi-national-language-rahul-gandhi-8197213/|title=No intention of making Hindi alone national language: Rahul Gandhi}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-asked-about-making-hindi-national-language-his-reply-3412258|title=Rahul Gandhi Asked About Making Hindi 'National Language'. His Reply}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/others/no-intention-of-making-hindi-alone-the-national-language-rahul-gandhi-101665254045615.html|title=No intention of making Hindi alone the national language: Rahul Gandhi}}</ref>
* '''15 अक्टूबर 2022''':भारत जोड़ो यात्रा ने [[बेल्लारी जिला|बेल्लारी जिले]] में पहुंचकर 1000 किमी की यात्रा पूरी की।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/video/news/news/rahul-gandhi-s-bharat-jodo-yatra-achieves-1000-km-milestone-660127|title=Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra Achieves 1000 Km Milestone}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/rahul-yatra-miles-smiles-and-trials-bharat-jodo-completes-1000-km-8211511/|title=Rahul Yatra: The miles, smiles and trials as Bharat Jodo completes 1,000 km}}</ref>
====आंध्र प्रदेश====
* '''14 अक्टूबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा ने आंध्र प्रदेश के [[अनंतपुर जिला|अनंतपुर]] जिले के [[डी.हिरेहल् (अनंतपुर)|डी. हिरेहल]] मंडल में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/andhra-pradesh/tumultuous-welcome-to-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-anantapur/article66010456.ece|title=Tumultuous welcome to Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra in Anantapur}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/vijayawada/bharat-jodo-yatra-passes-through-andhra-pradesh/articleshow/94871185.cms|title='Bharat Jodo' yatra passes through Andhra Pradesh}}</ref>
* '''18 अक्टूबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा कुरनूल जिले के हलहरवी में आंध्र प्रदेश में फिर से शुरू हुई।<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-enters-andhra-pradesh/articleshow/94931268.cms|title=Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra enters Andhra Pradesh}}</ref>
====तेलंगाना====
* '''27 अक्टूबर 2022''':तीन दिन के ब्रेक के बाद कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा [[नारायणपेट]] जिले के मकतल से फिर शुरु हो गई है।<ref>{{cite web|url=https://www.jagran.com/politics/national-bharat-jodo-yatra-started-on-50th-day-congress-mp-rahul-gandhi-joined-padyatra-in-telangana-23165062.html|title=Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी के नेतृत्व में 50वें दिन फिर से शुरु हुई भारत जोड़ो यात्रा, कई नेता हुए शामिल}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/photos/india-news/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-mohammed-azharuddin-telengana-8233856/|title=Former Indian captain Azharuddin joins Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra in Telangana}}</ref>
* '''29 अक्टूबर 2022''':तेलंगाना में भारत जोड़ो यात्रा के 52वें दिन और चौथे दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ टॉलीवुड अभिनेत्री [[पूनम कौर]] महबूबनगर जिले के जडचेरला शहर की ओर चल रही थीं, जहां उन्होंने शाम को एक सभा को संबोधित किया।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/rahul-yatra-day-52-actress-visit-a-kid-goat-as-gift-a-dance-8237337/lite/|title=Rahul Yatra Day 52: Actress visit, a kid goat as gift, a dance}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/bharat-jodo-yatra-enters-day-52-fourth-day-in-telangana/articleshow/95157534.cms|title=Bharat Jodo Yatra enters day 52, fourth day in Telangana}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/actor-poonam-kaur-explains-why-rahul-gandhi-held-her-hand-sit-down-priyanka-chaturvedi-to-troll-101667089381402.html|title=Actor Poonam Kaur explains why Rahul Gandhi held her hand; 'Sit down...': Priyanka Chaturvedi to troll}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livehindustan.com/national/story-rahul-gandhi-actress-poonam-kaur-holding-hands-bharat-jodo-yatra-priti-gandhi-7282508.html|title='एक औरत होकर इतनी घटिया सोच...', प्रीति गांधी ने शेयर की एक्ट्रेस का हाथ पकड़े राहुल की फोटो; बरस पड़े लोग}}</ref>
* '''31 अक्टूबर 2022''': [[शादनगर]] बस डिपो से थोंडापल्ली, [[शम्शाबाद, तेलंगाना|शम्शाबाद]] तक भारत जोड़ो यात्रा जारी रही।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/hyderabad/bharat-jodo-yatra-in-hyderabad-traffic-restrictions-for-tuesday-and-wednesday-8241386/|title=Bharat Jodo Yatra in Hyderabad, traffic restrictions for Tuesday and Wednesday}}</ref> तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के कोथुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान, राहुल गांधी ने कहा कि वह जाति आधारित जनगणना और सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना 2011 से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आंकड़ों के प्रकाशन के पूर्ण समर्थन में हैं।
* '''1 नवंबर 2022''': दिवंगत दलित विद्वान [[रोहित वेमुला]] की मां हैदराबाद के रास्ते में राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/telangana-news/rohith-vemulas-mother-joins-rahul-gandhi-on-congress-march-in-telangana-3478821|title=Rohith Vemula's Mother Joins Rahul Gandhi On Congress March In Telangana}}</ref> राहुल गांधी ने अपने पिता और तत्कालीन पार्टी प्रमुख [[राजीव गांधी]] द्वारा 19 अक्टूबर 1990 में उसी स्थान से सद्भावना यात्रा शुरू करने के 32 साल बाद, [[चारमीनार]] के सामने [[भारत का ध्वज|राष्ट्रीय ध्वज]] फहराया।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/rajiv-se-rahul-tak-parallel-as-bharat-jodo-reaches-charminar-papa-started-sadbhavana-yatra-32-years-ago-101667357245639.html|title='Rajiv se Rahul tak' parallel as Bharat Jodo reaches Charminar: 'Papa started Sadbhavana Yatra 32 years ago'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-unfurls-national-flag-at-charminar-in-hyderabad-amid-bharat-jodo-yatra-3480496|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul unfurls national flag in front of Charminar}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/indiascope/story/19901031-rajiv-gandhi-tries-to-live-down-his-elitist-image-woos-the-common-man-813202-1990-10-30|title=Rajiv Gandhi tries to live down his elitist image, woos the common man}}</ref> यात्रा का रात्रि विश्राम [[सिकंदराबाद]] के बोवेनपल्ली में गांधी विचारधारा केंद्र में था।<ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/bharat-jodo-yatra-rahul-unfurls-national-flag-in-front-of-charminar/1191383/|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul unfurls national flag in front of Charminar}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/in-other-news/301022/gandhian-ideology-centre-at-bowenpally-gears-up-for-yatris-accom.html|title=Gandhian Ideology Centre at Bowenpally gears up for ‘yatris’ accommodation}}</ref>
* '''2 नवंबर 2022''': अभिनेत्री-फिल्म निर्माता [[पूजा भट्ट]] यात्रा के 56वें दिन हैदराबाद में भारत जोड़ी यात्रा में राहुल गांधी के साथ शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://ndtv.in/india/pooja-bhatt-joins-bharat-jodo-yatra-walks-with-rahul-gandhi-3482266|title=राहुल गांधी के साथ 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुईं पूजा भट्ट, साथ चलीं पैदल}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/actor-pooja-bhatt-joins-rahul-gandhi-s-bharat-jodo-yatra-in-telangana-watch-101667360342639.html|title=Actor Pooja Bhatt joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Hyderabad. Watch}}</ref> राहुल गांधी ने शमशाबाद, आरामघर, बहादुरपुरा, चारमीनार, अफजलगंज, मोज्जमजाही मार्केट, नामपल्ली (गांधी भवन), बालानगर, मूसापेट वाई-जंक्शन, कुकटपल्ली, मियापुर, बीएचईएल, पाटनचेरु (एनएच-65 के माध्यम से) पार करते हुए तेलंगाना के 19 विधानसभा क्षेत्रों को पार किया। यात्रा ने शमशाबाद से मुथांगी (ओआरआर) तक लगभग 60 किमी की दूरी तय की।
====महाराष्ट्र====
* '''7 नवंबर 2022''' : 61वें दिन, भारत जोड़ी यात्रा 7 नवंबर, 2022 की शाम को महाराष्ट्र में प्रवेश कर गई।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bharat-jodo-yatra-will-enter-maharashtra-after-telangana-2294230-2022-11-07|title=Congress's Bharat Jodo Yatra enters Maharashtra today; Tricolour to be handed over to Nana Patole}}</ref> यात्रा तेलंगाना के जुक्कल निर्वाचन क्षेत्र के [[मदनूर]] मंडल के मेनुरु गांव से महाराष्ट्र के [[नांदेड़ जिला|नांदेड़ जिले]] तक गई।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/congress-leader-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-enters-maharashtra/article66108939.ece|title=Congress leader Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra enters Maharashtra}}</ref>
* '''10 नवंबर 2022''':बॉलीवुड अभिनेता [[सुशांत सिंह]] नांदेड़ में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/yatra-diary-a-ringside-view-of-bharat-jodo-yatra--magazine-238020|title=Yatra Diary: A Ringside View Of ‘Bharat Jodo Yatra’}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livehindustan.com/entertainment/story-sushant-singh-is-the-second-film-personality-after-pooja-bhatt-to-join-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-in-maharashtra-7337097.html|title=पूजा भट्ट के बाद राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' से जुड़े सुशांत सिंह, कहा- 'हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/actor-sushant-singh-joins-congress-leader-rahul-gandhi-in-bharat-jodo-yatra-in-maharashtra-2256748|title=Bharat Jodo Yatra: एक्टर सुशांत सिंह ने राहुल गांधी के साथ की पदयात्रा, कहा- प्यार और सद्भावना की राह मुश्किल}}</ref>
* '''16 नवंबर 2022''' : कार्यकर्ता [[मेधा पाटकर]] वाशिम में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/social-media-companies-can-make-any-party-win-election-rahul-gandhi-on-bharat-jodo-yatra-day-70-8272639/|title=Social media companies can make any party win election: Rahul Gandhi on Yatra Day 70}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/bjp-slams-rahul-gandhi-for-marching-with-activist-medha-patkar-3534080|title=BJP Slams Rahul Gandhi For Marching With Activist Medha Patkar}}</ref>
* '''17 नवंबर 2022''':अभिनेत्री [[रिया सेन]] महाराष्ट्र के अकोला में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/riya-sen-joins-rahul-gandhi-for-bharat-jodo-yatra-in-maharashtra-watch-101668667357909.html|title=Riya Sen joins Rahul Gandhi for Bharat Jodo Yatra in Maharashtra days after Pooja Bhatt, Riteish Deshmukh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://hindi.news18.com/photogallery/entertainment/south-cinema-actress-riya-sen-gets-trolled-for-joins-rahul-gandhi-for-congress-bharat-jodo-yatra-see-pics-mogi-4924429-page-2.html|title=Bharat Jodo Yatra में शामिल हुईं रिया सेन, बुरी तरह से ट्रोल हुए राहुल गांधी; लोगों ने एक्ट्रेस के भी लिए मजे}}</ref> राहुल गांधी ने दोहराया कि [[विनायक दामोदर सावरकर]] ने अंग्रेजों की मदद की थी।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/am-not-a-soothsayer-cant-predict-future-rahul-on-bharat-jodo-yatras-impact-on-congress/articleshow/95577806.cms|title=Am not a soothsayer, can't predict future: Rahul on Bharat Jodo Yatra's impact on Congress}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/vinayak-damodar-savarkar-helped-british-rahul-gandhi/cid/1898624|title=Vinayak Damodar Savarkar helped British: Rahul Gandhi}}</ref>
* '''18 नवंबर 2022''': [[महात्मा गांधी]] के प्रपौत्र तुषार गांधी और अभिनेत्री [[मोना अम्बेगाँवकर]] [[बुलढाणा जिला|बुलढाणा जिले]] के [[शेगाँव]] में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल के साथ शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/mahatma-gandhis-great-grandson-tushar-gandhi-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-3531675|title=Mahatma Gandhi's Great Grandson Joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/mahatma-gandhi-s-great-grandson-joins-rahul-during-bharat-jodo-yatra-11668764254534.html|title=Mahatma Gandhi's great-grandson joins Rahul during Bharat Jodo Yatra}}</ref>
* '''19 नवंबर 2022''':[[इंदिरा गांधी]] की जयंती के दिन, अभिनेत्री [[रश्मि देसाई]] , आकांक्षा पुरी और [[नगमा]] [[बुलढाणा जिला|बुलढाणा जिले]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.livehindustan.com/entertainment/story-rashami-desai-and-akanksha-puri-join-bharat-jodo-yatra-with-rahul-gandhi-7376763.html|title=भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं रश्मि देसाई, राहुल गांधी का हाथ पकड़े आईं नजर}}</ref>
* '''20 नवंबर 2022''': अभिनेता [[अमोल पालेकर]] महाराष्ट्र में [[जलगाँव जामोद]] में अपने अंतिम दिन भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/actor-amol-palekar-wife-sandhya-gokhale-join-bharat-jodo-yatra-452863|title=Actor Amol Palekar, wife Sandhya Gokhale join Bharat Jodo Yatra|access-date=20 नवंबर 2022|archive-date=27 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221127094639/https://www.tribuneindia.com/news/nation/actor-amol-palekar-wife-sandhya-gokhale-join-bharat-jodo-yatra-452863|url-status=dead}}</ref> निमखेड़ में एक लाइट शो का आयोजन किया गया जहां यात्रा ने राज्य में अपनी यात्रा समाप्त की।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/mumbai-news/ragas-bharat-jodo-yatra-ends-in-maharashtra-to-enter-mpnext-101668966767848.html|title=RaGa’s ‘Bharat Jodo Yatra’ ends in Maharashtra, to enter MP next}}</ref>
====मध्य प्रदेश====
* '''23 नवंबर 2022''':भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में [[बुरहानपुर ज़िला|बुरहानपुर जिले]] के [[बोडर्ली]] गांव से प्रवेश कर गई।<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/bharat-jodo-yatra-enters-madhya-pradesh-rahul-gandhi-says-their-campaign-is-against-hatred-violence-in-society/articleshow/95702000.cms|title=Bharat Jodo Yatra enters Madhya Pradesh; Rahul Gandhi says their campaign is against hatred, violence in society}}</ref><ref>{{cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/video/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-reaches-madhya-pradesh-congress-kamalnath-digvijay-singh-burhanpur-mpap/1453614|title=MP पहुंची भारत जोड़ो यात्रा, प्यार भरे स्वागत के लिए Rahul ने जताया आभार}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.jagran.com/politics/national-congress-bharat-jodo-yatra-enter-in-madhya-pradesh-burhanpur-rahul-gandhi-attacked-bjp-23222341.html|title=कांग्रेस की Bharat Jodo Yatra की मध्यप्रदेश में हुई एंट्री, बुरहानपुर में राहुल गांधी ने भाजपा पर साधा निशाना}}</ref>
*'''24 नवंबर 2022''':[[प्रियंका गांधी]] और उनके पति [[रॉबर्ट वाड्रा]] मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/rahul-gandhi-priyanka-bharat-jodo-yatra-madhya-pradesh-8286374/|title=Watch: Priyanka joins Rahul Gandhi in Madhya Pradesh for Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-priyanka-gandhi-vadra-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-joined-by-sister-priyanka-in-yatra-through-bjp-stronghold-3548327|title="Steps Are Stronger When...": Sister Priyanka Joins Rahul Gandhi's Yatra}}</ref>
====राजस्थान====
* '''4 दिसंबर 2022 ''': भारत जोड़ो यात्रा ने पहली बार कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/jaipur/bharat-jodo-yatra-enters-rajasthan/articleshow/95983322.cms|title=Bharat Jodo Yatra enters Rajasthan}}</ref>
* '''11 दिसंबर 2022 ''': अभिनेत्री [[दीगंगना सूर्यवंशी]] राजस्थान के [[बूँदी जिला]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/entertainment/television/digangana-suryavanshi-joined-congress-bharat-jodo-yatra-in-rajasthan-pictures-of-actress-holding-rahul-gandhi-hand-viral-2281092|title=कांग्रेस की Bharat Jodo Yatra में शामिल हुईं दिगांगना सूर्यवंशी, Rahul Gandhi का हाथ थामे एक्ट्रेस की तस्वीरें हुई वायरल}}</ref>
* '''14 दिसंबर 2022 ''': आरबीआई के पूर्व गवर्नर [[रघुराम राजन]] [[सवाई माधोपुर जिले]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/ex-rbi-governor-raghuram-rajan-joins-rahul-gandhi-at-bharat-jodo-yatra-101670985749982.html|title=Ex RBI governor Raghuram Rajan joins Rahul Gandhi at Bharat Jodo Yatra}}</ref>
* '''16 दिसंबर 2022 ''': गायिका [[सुनिधि चौहान]] ने भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने के मौके पर जयपुर के [[अल्बर्ट हॉल संग्रहालय|अल्बर्ट हॉल म्यूजियम]] में एक संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.newindianexpress.com/nation/2022/dec/17/rahul-connects-india-on-100th-day-of-yatra-with-sunidhi-show-in-jaipur-2529012.html|title=Rahul ‘connects India’ on 100th day of Yatra with Sunidhi show in Jaipur}}</ref>
* '''19 दिसंबर 2022 ''': राजस्थान के अलवर में एक रैली को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा के महत्त्व पर प्रकाश डाला और कहा कि राजस्थान में लगभग 1,700 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले गए हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-backs-english-education-in-schools-slams-bjp-2311005-2022-12-19|title=Rahul Gandhi backs English education in schools, slams BJP}}</ref> उन्होंने कहा कि भाजपा नेता नहीं चाहते कि स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई जाए। लेकिन उनके सभी नेताओं के बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में जाते हैं.
====हरियाणा====
* '''21 दिसंबर 2022 ''': भारत जोड़ो यात्रा [[नूँह जिला]] के मुंडका बॉर्डर से हरियाणा में दाखिल हुई। झंडा सौंपने के समारोह के बाद हरियाणा के नूंह में पाटन उदयपुरी से भारत जोड़ो यात्रा फिर से शुरू हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-attacks-bjp-bharat-jodo-yatra-enters-haryana-2311642-2022-12-21|title='Opening a shop of love in market of hate': Rahul Gandhi attacks BJP as Bharat Jodo Yatra enters Haryana}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/bharat-jodo-in-haryana-fog-worries-congress-netas-workers-cant-wait-for-yuvraj/articleshow/96385084.cms|title=Bharat Jodo in Haryana: Fog worries Congress netas, workers can't wait for 'yuvraj'}}</ref>
* '''23 दिसंबर 2022 ''':DMK सांसद [[एम॰ के॰ कनिमोझी]] हरियाणा में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/dmk-mp-kanimozhi-joins-rahul-gandhi-s-bharat-jodo-yatra-haryana-171241|title=DMK MP Kanimozhi joins Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra in Haryana}}</ref>
====दिल्ली====
* '''24 दिसंबर 2022 ''':एनएचपीसी मेट्रो स्टेशन से यात्रा फिर से शुरू करने के बाद, भारत जोड़ो यात्रा ने बदरपुर बॉर्डर पर दिल्ली में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-led-congress-bharat-jodo-yatra-in-delhi-today-3634386|title=Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra In Delhi Amid BJP vs Congress Over Covid}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-enters-delhi-bjp-rss-covid-2312938-2022-12-24|title='Hum jahan gaye humko pyar mila': Rahul Gandhi as Bharat Jodo Yatra enters Delhi}}</ref> [[लाल किला]] में अपने भाषण के दौरान, राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने 2,800 किलोमीटर पैदल चलने के दौरान लोगों के बीच कोई नफरत या हिंसा नहीं देखी।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bharat-jodo-yatra-red-fort-even-dogs-came-but-rahul-gandhi-on-love-and-no-hatred-attacks-bjp-101671890225899.html|title=‘Even dogs came, but…’: Rahul Gandhi on 'no hatred' in Congress yatra; attacks BJP}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/politics/love-that-i-got-from-her-rahul-gandhi-makes-emotional-post/1280817/|title=“Love that I got from her…” Rahul Gandhi makes emotional post}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-congress-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-enter-in-delhi-today-here-some-photo-gallery-of-journey-2290015|title=Bharat Jodo Yatra: भारत जोड़ो यात्रा 2,800 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद पहुंची दिल्ली, देखें तस्वीरें}}</ref> भारत जोड़ो यात्रा ने कन्याकुमारी में गांधी मंडपम से दिल्ली में लाल किले तक 3,122 किमी की दूरी तय की।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-january-30-466709|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on January 30}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.business-standard.com/article/politics/rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-jan-30-k-c-venugopal-123010200676_1.html|title=Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on Jan 30: K C Venugopal}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-jan-30/1294143/|title=Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on Jan 30}}</ref>
====उत्तर प्रदेश====
* '''3 जनवरी 2023 ''':भारत जोड़ो यात्रा गाजियाबाद जिले में लोनी सीमा से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/second-wife-dhaba-helped-congress-mp-finish-17km-non-stop-bharat-jodo-yatra-101672741045224.html|title='Second Wife Dhaba' helped Congress MP finish 17km non-stop Bharat Jodo Yatra}}</ref> रॉ के पूर्व प्रमुख ए.एस. दुलत और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री [[फारूक अब्दुल्ला]] भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/bharat-jodo-yatra-nc-leader-farooq-abdullah-joins-rahul-gandhi-as-yatra-enters-uttar-pradesh-2023-01-03-836232|title=Bharat Jodo Yatra: NC leader Farooq Abdullah joins Rahul Gandhi as Yatra enters Uttar Pradesh}}</ref>
* '''5 जनवरी 2023''' : बॉलीवुड अभिनेत्री [[रितु शिवपुरी]] [[शामली]], [[उत्तर प्रदेश]] में 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/day-in-pics-january-05-2023-photos-250991?photo-47|title=Day In Pics: January 05, 2023}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-jairam-ramesh-naresh-tikait-8364540/|title=Rahul Yatra: As BKU’s Naresh Tikait now hails the ‘thought revolution’, Jairam calls march sanjivani for Congress}}</ref>
====पंजाब====
* '''10 जनवरी 2023 ''':भारत जोड़ो यात्रा ने शंभू सीमा के माध्यम से पंजाब में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/punjab/yatra-enters-state-factionalism-comes-to-the-fore-in-congress-469300|title=Yatra enters state, factionalism comes to the fore in Congress}}</ref> राज्य में यात्रा शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर का दौरा किया।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/rahul-gandhi-visits-golden-temple-as-bharat-jodo-enters-punjab-101673340091808.html|title=Rahul Gandhi visits Golden Temple as Bharat Jodo enters Punjab}}</ref>
* '''14 जनवरी 2023''': भारत जोड़ो यात्रा ने पंजाब के दोआबा क्षेत्र में प्रवेश किया। जालंधर से कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी का पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान [[फिल्लौर]] में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ludhiana/congress-mp-chaudhary-santokh-singh-dies-during-bharat-jodo-yatra-in-punjab/articleshow/96981738.cms|title=Congress MP Chaudhary Santokh Singh passes away during Bharat Jodo Yatra in Punjab}}</ref><ref>[https://www.tribuneindia.com/news/punjab/congress-mp-chaudhary-santokh-singh-dies-of-heart-attack-during-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-punjab-470315 Congress MP Chaudhary Santokh Singh dies of heart attack during Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Punjab's Phillaur]</ref> यात्रा शेष दिन के लिए रद्द कर दी गई।
* '''15 जनवरी 2023''': दिवंगत पंजाबी गायक [[सिद्धू मूसे वाला]] के पिता और इतिहासकार [[मृदुला मुखर्जी]] भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/sidhu-moosewala-father-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-8383466/|title=Rahul Gandhi gets a gift from Sidhu Moosewala’s father}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/sidhu-moosewalas-father-joins-bharat-jodo-yatra-in-punjab-3694508|title=Sidhu Moose Wala's Father Joins Bharat Jodo Yatra In Punjab}}</ref>
====हिमाचल प्रदेश====
* '''18 जनवरी 2023''': भारत जोड़ो यात्रा ने [[हिमाचल प्रदेश]] में प्रवेश किया और राज्य में 24 किमी की यात्रा की।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-enters-himachal-pradesh/articleshow/97078667.cms|title=Rahul Gandhi's 'Bharat Jodo Yatra' enters Himachal Pradesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/rahul-gandhi-begins-bharat-jodo-yatra-himachal-pradesh-8388524/|title=Rahul Gandhi begins day long leg of Bharat Jodo Yatra in Himachal Pradesh}}</ref>
====जम्मू और कश्मीर====
* '''19 जनवरी 2023''': शाम को, कठुआ जिले के [[लखनपुर, जम्मू और कश्मीर|लखनपुर]] में झंडा सौंपने के समारोह के साथ भारत जोड़ो यात्रा ने पंजाब के पठानकोट से [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)]] में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/toi-original/watch-congress-bharat-jodo-yatra-enters-jammu-and-kashmir/videoshow/97138428.cms|title=Watch: Congress’ Bharat Jodo Yatra enters Jammu and Kashmir}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/government-diverting-attention-of-people-and-then-looting-them-rahul-gandhi-in-jammu-and-kashmir/cid/1910906|title=Govt diverting attention of people and then looting them: Rahul Gandhi in J&K}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.amarujala.com/jammu/bharat-jodo-yatra-people-started-arriving-at-lakhanpur-public-meeting-site-in-jammu-kashmir-2023-01-19?pageId=6|title=Bharat Jodo Yatra: 3400 किमी का सफर कर जम्मू कश्मीर पहुंची भारत जोड़ो यात्रा, फारुक-संजय राउत ने किया स्वागत}}</ref> नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और सांसद [[फारूक अब्दुल्ला]] ने भी राहुल गांधी की तुलना [[आदि शंकराचार्य]] से की और कहा कि शंकराचार्य पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक दिग्विजय यात्रा की और इसी तरह, राहुल गांधी फिर से ऐसा कर रहे हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/videos/politics/farooq-abdullah-compar-s-rahul-gandhi-with-shankaracharya-rahul-gandhi-n-ws-today-n-ws18-6874153.html|title=Farooq Abdullah Compares Rahul Gandhi With Shankaracharya}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/after-shankaracharya-farooq-abdullah-praises-rahul-gandhi-for-bharat-jodo-yatra-11674154489915.html|title='After Shankaracharya...': Farooq Abdullah praises Rahul Gandhi for Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/farooq-abdullah-praises-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-compares-him-with-shankaracharya-2312655|title=फारूक अब्दुल्ला ने की राहुल गांधी की शंकराचार्य से तुलना, कहा- वो दूसरे व्यक्ति हैं जो कन्याकुमारी से...}}</ref>
* '''20 जनवरी 2023''': परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता कैप्टन [[बाना सिंह]] जम्मू और कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/hero-of-operation-rajiv-param-vir-chakra-recipient-capt-bana-singh-joins-bharat-jodo-yatra/1325954/|title=Hero of ‘Operation Rajiv’ — Param Vir Chakra recipient Capt Bana Singh joins Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/photomazza/state-photogallery/bana-singh-param-vir-chakra-awardee-joined-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-in-kashmir-see-pictures/photoshow/97189565.cms|title=Bana Singh: राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में हुए शामिल, जानें कौन हैं परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह}}</ref>
* '''24 जनवरी 2023''': अभिनेता-राजनेता [[उर्मिला मातोंडकर]] और प्रमुख लेखक [[पेरुमाल मुरुगन|पेरुमल मुरुगन]] जम्मू के [[नगरोटा, जम्मू और कश्मीर|नगरोटा]] शहर में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/urmila-matondkar-marches-with-rahul-gandhi-during-bharat-jodo-in-jammu-watch-101674541859233.html|title=Urmila Matondkar marches with Rahul Gandhi during Bharat Jodo in Jammu. Watch}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/actor-politician-urmila-matondkar-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-jammu-3719041|title=Actor-Politician Urmila Matondkar Joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Jammu}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/chandigarh-news/rahul-dismisses-digvijaya-s-surgical-strike-remark-as-ridiculous-101674586952469.html|title=Rahul dismisses Digvijaya’s surgical strike remark as ‘ridiculous’}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/actor-politician-urmila-matondkar-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-jammu/articleshow/97275472.cms|title=Actor-politician Urmila Matondkar joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Jammu}}</ref>
* '''29 जनवरी 2023''': राहुल गांधी ने श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय तिरंगा फहराया और पदयात्रा का समापन किया। <ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/jammu-and-kashmir/jammu-rahul-gandhi-hoisted-the-tricolor-at-lal-chowk-said-the-promise-made-to-india-is-fulfilled-today-23312619.html|title=Rahul Gandhi: लाल चौक पर राहुल गांधी ने फहराया तिरंगा, ट्वीट कर कहा- 'भारत से किया वादा आज पूरा हुआ'|website=Dainik Jagran|language=hi|access-date=2023-01-29}}</ref>
==यह भी देखिए==
* [[चन्द्रशेखर#भारत_यात्रा_(1983)|1983 भारत यात्रा]]
* 1987 महाशांति पदयात्रा
* 1991 एकता यात्रा
* 1990 राम रथ यात्रा
* [[लॉन्ग मार्च]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
*{{Official website|bharatjodoyatra.in/}}
*{{Twitter|bharatjodo}}
*{{Instagram|bharatjodo}}
*{{Facebook|BharatJodo}}
[[श्रेणी:ऐतिहासिक समयरेखायें]]
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कांग्रेस की [[भारत जोड़ो यात्रा]] कन्याकुमारी से शुरू हुई और जनवरी 2023 में श्रीनगर में खत्म हुई।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/congress-rahul-gandhi-launch-bharat-jodo-yatra-8137068/|title=Rahul launches yatra: Tricolour under attack, BJP wants to divide country on religious lines}}</ref> कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' और 1983 में पूर्व प्रधानमंत्री [[चन्द्रशेखर]] की लगभग 4,260 किलोमीटर की [[चन्द्रशेखर#भारत_यात्रा_(1983)|भारत यात्रा]] के बीच कई समानताएँ हैं।<ref>{{cite web|url=https://thewire.in/politics/the-parallels-between-congresss-bharat-jodo-yatra-and-ex-pm-chandra-shekhars-padayatra|title=The Parallels Between Congress's 'Bharat Jodo Yatra' and Ex-PM Chandra Shekhar's 'Padayatra'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/bharat-yatri-long-march-short-run-chandra-shekhar-8141578/|title=That other ‘Bharat Yatri’: The long march, but short run, of Chandra Shekhar}}</ref> भारत जोड़ो यात्रा ने {{Convert|4080|km|miles|abbr=off}} की दूरी तय की।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rahul-gandhi-skirts-restoration-of-article-370-as-congresss-bharat-jodo-yatra-ends-in-jammu-and-kashmir/articleshow/97450944.cms?from=mdr|title=Rahul Gandhi skirts restoration of Article 370 as Congress’s Bharat Jodo Yatra ends in Jammu and Kashmir}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/bharat-jodo-yatra-ends-today-which-has-been-going-on-for-145-days-congress-has-sent-invitation-to-21-parties-for-the-closing-ceremony-2321060|title=12 राज्य, 145 दिन, 4080 किमी का सफर... भारत जोड़ो यात्रा का आज फिनाले, बॉलीवुड के सितारों से लेकर खिलाड़ियों तक का साथ}}</ref>
भारत जोड़ी यात्रा 10 सितंबर की शाम को केरल में प्रवेश किया, राज्य में भारी मतदान हुआ, विशेष रूप से तिरुवनंतपुरम में, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों ने यात्रा में भाग लिया। 28 सितंबर को भारत जोड़ी यात्रा राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र केरल के वायनाड में दाखिल हुई. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यात्रा के अंत में एक "नई, युवा और आक्रामक कांग्रेस" उभरेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा पार्टी के लिए बूस्टर डोज की तरह काम करेगी। "यह कांग्रेस के लिए पुनरुद्धार योजना का एक हिस्सा है"। 3 अक्टूबर 2022 को, कांग्रेस पार्टी ने भारत जोड़ो यात्रा के बारे में सभी जानकारी प्रदान करने के लिए अपना भारत जोड़ो ऐप लॉन्च किया।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/congress-party-launches-bharat-jodo-app-information-bharat-jodo-yatra-latest-updates-2022-10-04-813380|title=Congress party launches the Bharat Jodo App for its Nationwide Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/sonia-in-karnataka-for-bharat-jodo-yatra-to-join-it-on-oct-6-437882|title=Sonia Gandhi in Karnataka for Bharat Jodo Yatra, to join it on October 6}}</ref>
=== समयरेखा ===
====== तमिल नाडु ======
* '''7 सितंबर 2022''': राहुल गांधी ने अपने दिवंगत पिता [[राजीव गांधी]], [[स्वामी विवेकानन्द|स्वामी विवेकानंद]] और तमिल कवि त्रिवल्लुवर को श्रद्धांजलि देने के बाद [[कन्याकुमारी]] में यात्रा की शुरुआत की। कांग्रेस यात्रा को "भारत का सबसे बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम" कहती है, जहां लोगों की चिंताएं दिल्ली तक पहुंचेगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/news/national/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-offers-floral-tributes-at-his-fathers-memorial-in-sriperumbudur/article65860625.ece|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi offers floral tributes at his father's memorial in Sriperumbudur|last=PTI|date=2022-09-07|website=The Hindu BusinessLine|language=en|access-date=2022-10-03}}</ref>
* '''8 सितंबर 2022''': यात्रा का दूसरा दिन कन्याकुमारी के [[अगस्तीश्वरम|अगस्तीस्वरम]] में शुरू हुआ। राहुल गांधी ने [[भारतीय जनता पार्टी|BJP]] और [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ|RSS]] पर निशाना साधते हुए कहा कि "उन्हें लगता है कि झंडा उनकी निजी संपत्ति है"। यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता [[पी॰ चिदंबरम|पी. चिदंबरम]], [[भूपेश बघेल]] और अन्य शामिल हुए।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-p-chidambaram-tamil-nadu-1997852-2022-09-08|title=Day 2 of Congress’ Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi, Bhupesh Baghel take lead|last=DelhiSeptember 8|first=India Today Web Desk New|last2=September 8|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 13:46}}</ref>
* '''9 सितंबर 2022''': यात्रा [[नागरकोविल|नागरकोइल]] में शुरू हुई, जिसमें राहुल गांधी [[स्कॉट क्रिश्चियन कॉलेज]] में राष्ट्रीय ध्वज की मेजबानी कर रहे थे। उन्होंने उन किसानों से भी बातचीत की, जिन्होंने 2020-2021 के भारतीय किसानों के विरोध के दौरान विरोध किया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-day-three-rahul-gandhi-tamil-nadu-1998191-2022-09-09|title=Day 3 of Congress’ Bharat Jodo Yatra kicks off at Tamil Nadu’s Nagercoil|last=DelhiSeptember 9|first=India Today Web Desk New|last2=September 9|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 09:29}}</ref>
* '''10 सितंबर 2022''': राहुल गांधी ने मार्तंडम में सफाई कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के एक स्थानीय समूह के साथ बातचीत की। वह दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं से भी मिलते हैं और उनके समर्थन में ट्वीट करते हैं। उसी दिन शाम को उन्होंने [[केरल]] में प्रवेश किया, केरल पीसीसी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/business/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-signs-off-from-tamil-nadu-sips-tea-with-workers-9159161.html|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi signs off from Tamil Nadu, sips tea with workers|website=Moneycontrol|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/bharat-jodo-yatra-enters-kerala-2410000/|title=Bharat jodo yatra enters Kerala|date=2022-09-10|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-10-02|agency=Press Trust of India}}</ref>
==== केरल ====
* '''11 सितंबर 2022''': राहुल गांधी केरल में प्रवेश करते हैं, क्योंकि उनके स्वागत के लिए हजारों समर्थक और दर्शक इकट्ठा होते हैं। गांधी ने कहा कि यात्रा केरल में प्रचलित विचारों का विस्तार है।<ref name=":6">{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/second-day-of-bharat-jodo-yatra-sees-huge-turnout-in-kerala-1.7866015|title=Second day of 'Bharat Jodo Yatra' sees huge turnout in Kerala|website=Matrubhumi English|language=en|access-date=2022-09-13}}</ref>
* '''12 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा में केरल की राजधानी [[तिरुवनन्तपुरम|तिरुवनंतपुरम]] में अत्यधिक मतदान हुआ।<ref name=":5" />
* '''13 सितंबर 2022''': यात्रा तिरुवनंतपुरम के एक उपनगर कन्यापुरम से शुरू हुई, फिर से भारी मतदान हुआ।<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.siasat.com/kerala-bharat-jodo-yatra-gets-a-boost-on-third-day-amidst-huge-turnout-2411707/|title=Kerala: Bharat Jodo Yatra gets a boost on third day amidst huge turnout|date=2022-09-13|website=The Siasat Daily|language=en-US|access-date=2022-09-14|agency=Press Trust of India}}</ref>
* '''14 सितंबर 2022''': यात्रा [[कोल्लम]] पहुंची, राहुल गांधी ने श्री [[नारायण गुरु]] को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शिवगिरी मठ का दौरा किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/news/kerala/2022/09/14/rahul-gandhi-sivagiri-mutt-bharat-jodo-yatra-kollam.html|title=Rahul Gandhi visits Sivagiri Mutt, Bharat Jodo Yatra in Kollam today|website=OnManorama|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''15 सितंबर 2022''': राहुल गांधी और अन्य यात्रियों ने कोल्लम में दिन के लिए विश्राम किया।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/congresss-bharat-jodo-yatra-takes-a-break-in-kerala-8153702/|title=Congress’s Bharat Jodo Yatra takes a break in Kerala|date=2022-09-15|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''16 सितंबर 2022''': यात्रा फिर से शुरू, राहुल गांधी ने कोल्लम में उद्यमियों और काजू श्रमिकों से मुलाकात की. कई काजू कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ अपनी शिकायतें साझा करते हैं, जिन्होंने आगामी संसदीय सत्र में इसे लाने का वादा किया था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली [[संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (केरल)|यूडीएफ]] सत्ता में आती है तो उनकी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/bharat-jodo-yatra-morning-leg-of-yatra-concludes-in-kerala-kollam-rahul-gandhi-to-meet-cashew-workers-news-223767|title=Bharat Jodo Yatra: Morning Leg Of Yatra Concludes In Kerala's Kollam, Rahul Gandhi To Meet Cashew Workers|date=2022-09-16|website=Outlook India|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/rahul-gandhi-meets-cashew-workers-in-kollam/article65899624.ece|title=Rahul Gandhi meets cashew workers in Kollam|author=Staff Reporter|date=2022-09-16|work=The Hindu|access-date=2022-10-02|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
* '''17 सितंबर 2022''': यात्रा [[आलाप्पुड़ा जिला|अलाप्पुझा जिला]] में प्रवेश करती है।
* '''18 सितंबर 2022''': यात्रा का 11वां दिन [[हरिपाद]] से शुरू हुआ, राहुल गांधी का [[अंबालाप्पुझा]] में एक छोटी लड़की को उसकी सैंडल पहनने में मदद करने का एक वीडियो वायरल हो गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bharat-jodo-yatra-video-of-rahul-gandhi-helping-girl-wear-sandal-goes-viral-101663473491265.html|title=Bharat Jodo Yatra: Video of Rahul Gandhi helping girl wear sandal goes viral|date=2022-09-18|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''19 सितंबर 2022''': पुन्नपरा अरवुकड़, अलाप्पुझा से यात्रा शुरू हुई। राहुल गांधी ने केरल में स्थानीय मछुआरों के साथ ईंधन की बढ़ती लागत और कम सब्सिडी पर चर्चा की। गांधी दौड़ जीतते हुए केरल की प्रसिद्ध स्नेक बोट भी चलाते हैं। राहुल गांधी और यात्रा पर भाजपा नेताओं के अनुचित ट्वीट से कांग्रेस नाराज है।<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/congress-bharat-jodo-yatra-live-updates-september-18/liveblog/94273788.cms|title=Congress Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi resumes 'Bharat Jodo Yatra' on its 12th day in Kerala|website=The Times of India|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''20 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो ने [[कोच्चि]] में प्रवेश किया। यात्रा में शामिल हुए [[सचिन पायलट|सचिन पायलट।]]<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-day-14-agenda-kochi-congress-attacks-rattled-bjp-2002690-2022-09-21|title=‘Rattled’ BJP going after Rahul Gandhi, says Congress as Bharat Jodo Yatra enters Day 14|last=KochiSeptember 21|first=Supriya Bhardwaj|last2=September 21|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 08:55}}</ref>
* '''21 सितंबर 2022''': कोच्चि के मदवाना गांव से यात्रा शुरू हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/politics/rahul-gandhi-resumes-bharat-jodo-yatra-from-keralas-madavana-pays-tributes-to-sree-narayana-guru-9208331.html|title=Rahul Gandhi resumes Bharat Jodo Yatra from Kerala's Madavana, Sachin Pilot joins him|website=Moneycontrol|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''22 सितंबर 2022''': यूनियन क्रिश्चियन कॉलेज, [[अलुवा]] से यात्रा शुरू। राहुल गांधी ने [[महात्मा गांधी]] को पुष्पांजलि अर्पित की।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/rahul-gandhi-resumes-bharat-jodo-yatra-from-aluva-uc-college-in-kerala-1.7895487|title=Rahul Gandhi resumes Bharat Jodo Yatra from Aluva UC college in Kerala|website=English.Mathrubhumi|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''23 सितंबर 2022''': यात्रियों ने [[पेराम्ब्रा, त्रिस्सूर|पेराम्ब्रा]] में विश्राम किया। भाजपा नेताओं ने झूठा आरोप लगाया कि यह [[पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया|पीएफआई]] के साथ एकजुटता में था, क्योंकि उसने उस दिन बंद का आह्वान किया था। कांग्रेस ने आराम की तारीख पहले ही तय कर ली थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.thequint.com/news/webqoof/pfi-protest-and-bharat-jodo-yatra-are-not-interlinked-fact-check|title=No, Congress' 'Bharat Jodo Yatra' Wasn't Stopped For PFI Protests in Kerala|last=Thete|first=Rujuta|date=2022-09-26|website=TheQuint|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''24 सितंबर 2022''': [[त्रिस्सूर जिला|त्रिशूर]] [[आलाप्पुड़ा जिला|जिला]] में पेरम्बरा यात्रा फिर से शुरू हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/congress-bharat-jodo-yatra-resumes-kerala-sonia-priyanka-join-karanataka-leg-2004192-2022-09-24|title=Congress's Bharat Jodo Yatra resumes after a day break, Sonia Gandhi, Priyanka to join in Karnataka|last=PerambraSeptember 24|first=India Today Web Desk|last2=September 24|first2=2022UPDATED|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=Ist|first3=2022 11:34}}</ref>
* '''25 सितंबर 2022''': यात्रा त्रिशूर से शुरू हुई क्योंकि हॉलीवुड अभिनेता [[जॉन क्यूसैक]] ने राहुल गांधी के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/hollywood-actor-john-cusack-on-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-3374669|title=Hollywood Actor John Cusack On Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra|website=NDTV.com|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''26 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा [[पालक्काड़|पलक्कड़]] में प्रवेश करती है, [[पट्टाम्बी|पट्टांबी]] के रास्ते में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करती है।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/bharat-jodo-yatra-enters-palakkad-district-1.7907077|title=Bharat Jodo Yatra enters Palakkad district|website=English.Mathrubhumi|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''27 सितंबर 2022''': यात्रा पुलमंटोल से शुरू होकर [[मलप्पुरम]] में प्रवेश करती है। भारत जोड़ी यात्रा को विनियमित करने की एक याचिका [[केरल उच्च न्यायालय]] ने खारिज कर दी है।<ref>{{Cite web|url=https://theprint.in/india/bharat-jodo-yatra-enters-malappuram/1144432/|title=Bharat Jodo Yatra enters Malappuram|last=PTI|date=2022-09-27|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/plea-to-regulate-bharat-jodo-yatra-dismissed/article65942115.ece|title=Plea to regulate Bharat Jodo Yatra dismissed|last=Bureau|first=The Hindu|date=2022-09-27|work=The Hindu|access-date=2022-10-02|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
* '''28 सितंबर 2022''': केरल में भारत जोड़ो यात्रा का अंतिम दिन, क्योंकि यह [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] से [[कर्नाटक]] की ओर बढ़ते हुए गुजरती है।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/news/kerala/last-phase-of-congress-bharat-jodo-yatra-in-kerala-ends-1.7916324|title=Last phase of Congress' Bharat Jodo Yatra in Kerala ends|website=English.Mathrubhumi|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''29 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो अगले दिन कर्नाटक पहुंचने के कारण तमिलनाडु के गुडलुर में प्रवेश करती है।
==== कर्नाटक ====
* '''30 सितंबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक में गुंडुलपेट<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/karnataka-leg-of-bharat-jodo-yatra-begins-from-gundlupet/article65954056.ece|title=Karnataka leg of Bharat Jodo Yatra begins from Gundlupet|last=Khan|first=Laiqh a|date=2022-09-30|work=The Hindu|access-date=2022-09-30|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> में भारी भीड़ के साथ शुरू हुई जैसे कर्नाटक PCC नेताओं द्वारा राज्य में राहुल गांधी का स्वागत किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/video/rahul-gandhi-welcomed-in-karnataka-as-bharat-jodo-yatra-enters-first-bjp-ruled-state-2006626-2022-09-30|title=Rahul Gandhi welcomed in Karnataka as Bharat Jodo Yatra enters first BJP-ruled state|website=India Today|language=en|access-date=2022-09-30}}</ref>
* '''1 अक्टूबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक में दूसरे दिन शुरू; PayCM का पोस्टर दिखाने पर पुलिस विभाग ने एक कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.financialexpress.com/india-news/congress-bharat-jodo-yatra-enters-2nd-day-in-karnataka-rahul-gandhi-to-walk-23-km-today/2697668/|title=Congress’ ‘Bharat Jodo Yatra’ enters 2nd day in Karnataka; Rahul Gandhi to walk ’23 km’ today|website=Financialexpress|language=en|access-date=2022-10-01}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/state/top-karnataka-stories/bharat-jodo-yatra-enters-day-2-in-karnataka-fir-against-congress-worker-for-holding-paycm-poster-1149955.html|title=Bharat Jodo Yatra enters day 2 in Karnataka; FIR against Congress worker for holding PayCM poster|date=2022-10-01|website=Deccan Herald|language=en|access-date=2022-10-01}}</ref>
* '''2 अक्टूबर 2022''': बदनवालु से यात्रा शुरू, [[गांधी जयंती]] के अवसर पर राहुल गांधी ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाना जारी रखेगी। कांग्रेस ने कर्नाटक में COVID-19 संकट से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार पर भी निशाना साधा।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-leads-bharat-jodo-yatra-in-mysuru-floral-tributes-to-bapu-visit-to-khadi-unit-2007371-2022-10-02|title=Floral tributes to Bapu, visit to Khadi unit: Rahul Gandhi leads Bharat Jodo Yatra in Mysuru|last=N|last2=DelhiOctober 2|first2=ini Singh New|website=India Today|language=en|access-date=2022-10-02|last3=October 2|first3=2022UPDATED|last4=Ist|first4=2022 11:46}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/congress-bharat-jodo-yatra-live-updates-october-02/liveblog/94590889.cms|title=Congress Bharat Jodo Yatra LIVE Updates: Bharat Jodo Yatra will spread message of ahimsa and swaraj, says Rahul Gandhi|website=The Times of India|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/bangalore/karnataka-bengaluru-news-live-updates-bharat-jodo-yatra-rains-bbmp-8183832/|title=Bangalore News Live Updates: Four women washed away while crossing submerged bridge in Karnataka; Rahul Gandhi pays tributes to Mahatma Gandhi|date=2022-10-01|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-10-02}}</ref>
* '''3 अक्टूबर 2022''': भारत जोड़ी यात्रा [[मैसूर]] में प्रवेश करती है, जहां राहुल गांधी एक भाषण देते हैं, बारिश का सामना करते हुए, "बारिश हो रही है, लेकिन BJP-RSS द्वारा फैलाई गई नफरत और हिंसा को रोकने के खिलाफ यात्रा को कुछ भी नहीं रोक सकता है"।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/drenched-in-rain-rahul-gandhi-says-nothing-can-stop-bharat-jodo-yatra-3397991|title=Braving The Rain, Rahul Gandhi Says Nothing Can Stop Bharat Jodo Yatra|website=NDTV.com|access-date=2022-10-03}}</ref> [[सोनिया गांधी]] मैसूर पहुंचती हैं, जहां उनका 6 अक्टूबर से शुरू होने वाली यात्रा में भाग लेने का कार्यक्रम है।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/bengaluru-news/bharat-jodo-yatra-sonia-gandhi-arrives-in-mysore-101664792158655.html|title=Sonia Gandhi reaches Mysuru to join Rahul-headlined Bharat Jodo Yatra|date=2022-10-03|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-10-03}}</ref>
* '''4 अक्टूबर 2022''': यात्रा [[मांडया जिला|मांड्या]] में दो दिन का ब्रेक लेती है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/bangalore/bangalore-news-live-news-rahul-gandhi-dk-shivakumar-8186771/|title=Bengaluru News Live Updates: Sonia Gandhi reaches Mysore for Bharat Jodo Yatra; K’taka CM Bommai hits out at Rahul Gandhi, Congress|date=2022-10-03|website=The Indian Express|language=en|access-date=2022-10-03}}</ref>
* '''5 अक्टूबर 2022''': यात्रा कल फिर से शुरू होगी।
* '''6 अक्टूबर 2022''': [[सोनिया गांधी]], कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष, मांड्या से फिर से शुरू होने वाली यात्रा में शामिल हुईं। उन्होंने कई यात्रियों के साथ बातचीत की, जितनी महिलाएं उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ीं।<ref>{{Cite web |last=Lahiri |first=Ishadrita |date=2022-10-06 |title='What she means to them': Women flock to see Sonia as she joins Bharat Jodo, keeps Udaipur pledge |url=https://theprint.in/politics/what-she-means-to-them-women-flock-to-see-sonia-as-she-joins-bharat-jodo-keeps-udaipur-pledge/1156889/ |access-date=2022-10-07 |website=ThePrint |language=en-US}}</ref>
* '''7 अक्टूबर 2022''': दिवंगत पत्रकार [[गौरी लंकेश]] का परिवार भारत जोड़ी यात्रा में शामिल हुआ क्योंकि यह सड़क पर 30 दिन पूरे करती है।<ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2022-10-07 |title=Bharat Jodo Yatra completes 30 days on the road |language=en-IN |work=The Hindu |url=https://www.thehindu.com/news/national/bharat-jodo-yatra-completes-30-days-on-the-road/article65981802.ece |access-date=2022-10-09 |issn=0971-751X}}</ref> कई शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों और शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान, राहुल गांधी ने कहा कि अकेले हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने और कन्नड़ जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की पहचान को खतरा पैदा करने का कोई इरादा नहीं था।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/bangalore/intention-hindi-national-language-rahul-gandhi-8197213/|title=No intention of making Hindi alone national language: Rahul Gandhi}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-asked-about-making-hindi-national-language-his-reply-3412258|title=Rahul Gandhi Asked About Making Hindi 'National Language'. His Reply}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/others/no-intention-of-making-hindi-alone-the-national-language-rahul-gandhi-101665254045615.html|title=No intention of making Hindi alone the national language: Rahul Gandhi}}</ref>
* '''15 अक्टूबर 2022''':भारत जोड़ो यात्रा ने [[बेल्लारी जिला|बेल्लारी जिले]] में पहुंचकर 1000 किमी की यात्रा पूरी की।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/video/news/news/rahul-gandhi-s-bharat-jodo-yatra-achieves-1000-km-milestone-660127|title=Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra Achieves 1000 Km Milestone}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/rahul-yatra-miles-smiles-and-trials-bharat-jodo-completes-1000-km-8211511/|title=Rahul Yatra: The miles, smiles and trials as Bharat Jodo completes 1,000 km}}</ref>
====आंध्र प्रदेश====
* '''14 अक्टूबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा ने आंध्र प्रदेश के [[अनंतपुर जिला|अनंतपुर]] जिले के [[डी.हिरेहल् (अनंतपुर)|डी. हिरेहल]] मंडल में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/andhra-pradesh/tumultuous-welcome-to-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-anantapur/article66010456.ece|title=Tumultuous welcome to Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra in Anantapur}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/vijayawada/bharat-jodo-yatra-passes-through-andhra-pradesh/articleshow/94871185.cms|title='Bharat Jodo' yatra passes through Andhra Pradesh}}</ref>
* '''18 अक्टूबर 2022''': भारत जोड़ो यात्रा कुरनूल जिले के हलहरवी में आंध्र प्रदेश में फिर से शुरू हुई।<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-enters-andhra-pradesh/articleshow/94931268.cms|title=Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra enters Andhra Pradesh}}</ref>
====तेलंगाना====
* '''27 अक्टूबर 2022''':तीन दिन के ब्रेक के बाद कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा [[नारायणपेट]] जिले के मकतल से फिर शुरु हो गई है।<ref>{{cite web|url=https://www.jagran.com/politics/national-bharat-jodo-yatra-started-on-50th-day-congress-mp-rahul-gandhi-joined-padyatra-in-telangana-23165062.html|title=Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी के नेतृत्व में 50वें दिन फिर से शुरु हुई भारत जोड़ो यात्रा, कई नेता हुए शामिल}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/photos/india-news/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-mohammed-azharuddin-telengana-8233856/|title=Former Indian captain Azharuddin joins Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra in Telangana}}</ref>
* '''29 अक्टूबर 2022''':तेलंगाना में भारत जोड़ो यात्रा के 52वें दिन और चौथे दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ टॉलीवुड अभिनेत्री [[पूनम कौर]] महबूबनगर जिले के जडचेरला शहर की ओर चल रही थीं, जहां उन्होंने शाम को एक सभा को संबोधित किया।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/rahul-yatra-day-52-actress-visit-a-kid-goat-as-gift-a-dance-8237337/lite/|title=Rahul Yatra Day 52: Actress visit, a kid goat as gift, a dance}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/bharat-jodo-yatra-enters-day-52-fourth-day-in-telangana/articleshow/95157534.cms|title=Bharat Jodo Yatra enters day 52, fourth day in Telangana}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/actor-poonam-kaur-explains-why-rahul-gandhi-held-her-hand-sit-down-priyanka-chaturvedi-to-troll-101667089381402.html|title=Actor Poonam Kaur explains why Rahul Gandhi held her hand; 'Sit down...': Priyanka Chaturvedi to troll}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livehindustan.com/national/story-rahul-gandhi-actress-poonam-kaur-holding-hands-bharat-jodo-yatra-priti-gandhi-7282508.html|title='एक औरत होकर इतनी घटिया सोच...', प्रीति गांधी ने शेयर की एक्ट्रेस का हाथ पकड़े राहुल की फोटो; बरस पड़े लोग}}</ref>
* '''31 अक्टूबर 2022''': [[शादनगर]] बस डिपो से थोंडापल्ली, [[शम्शाबाद, तेलंगाना|शम्शाबाद]] तक भारत जोड़ो यात्रा जारी रही।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/hyderabad/bharat-jodo-yatra-in-hyderabad-traffic-restrictions-for-tuesday-and-wednesday-8241386/|title=Bharat Jodo Yatra in Hyderabad, traffic restrictions for Tuesday and Wednesday}}</ref> तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के कोथुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान, राहुल गांधी ने कहा कि वह जाति आधारित जनगणना और सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना 2011 से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आंकड़ों के प्रकाशन के पूर्ण समर्थन में हैं।
* '''1 नवंबर 2022''': दिवंगत दलित विद्वान [[रोहित वेमुला]] की मां हैदराबाद के रास्ते में राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/telangana-news/rohith-vemulas-mother-joins-rahul-gandhi-on-congress-march-in-telangana-3478821|title=Rohith Vemula's Mother Joins Rahul Gandhi On Congress March In Telangana}}</ref> राहुल गांधी ने अपने पिता और तत्कालीन पार्टी प्रमुख [[राजीव गांधी]] द्वारा 19 अक्टूबर 1990 में उसी स्थान से सद्भावना यात्रा शुरू करने के 32 साल बाद, [[चारमीनार]] के सामने [[भारत का ध्वज|राष्ट्रीय ध्वज]] फहराया।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/rajiv-se-rahul-tak-parallel-as-bharat-jodo-reaches-charminar-papa-started-sadbhavana-yatra-32-years-ago-101667357245639.html|title='Rajiv se Rahul tak' parallel as Bharat Jodo reaches Charminar: 'Papa started Sadbhavana Yatra 32 years ago'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-unfurls-national-flag-at-charminar-in-hyderabad-amid-bharat-jodo-yatra-3480496|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul unfurls national flag in front of Charminar}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/indiascope/story/19901031-rajiv-gandhi-tries-to-live-down-his-elitist-image-woos-the-common-man-813202-1990-10-30|title=Rajiv Gandhi tries to live down his elitist image, woos the common man}}</ref> यात्रा का रात्रि विश्राम [[सिकंदराबाद]] के बोवेनपल्ली में गांधी विचारधारा केंद्र में था।<ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/bharat-jodo-yatra-rahul-unfurls-national-flag-in-front-of-charminar/1191383/|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul unfurls national flag in front of Charminar}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/in-other-news/301022/gandhian-ideology-centre-at-bowenpally-gears-up-for-yatris-accom.html|title=Gandhian Ideology Centre at Bowenpally gears up for ‘yatris’ accommodation}}</ref>
* '''2 नवंबर 2022''': अभिनेत्री-फिल्म निर्माता [[पूजा भट्ट]] यात्रा के 56वें दिन हैदराबाद में भारत जोड़ी यात्रा में राहुल गांधी के साथ शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://ndtv.in/india/pooja-bhatt-joins-bharat-jodo-yatra-walks-with-rahul-gandhi-3482266|title=राहुल गांधी के साथ 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुईं पूजा भट्ट, साथ चलीं पैदल}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/actor-pooja-bhatt-joins-rahul-gandhi-s-bharat-jodo-yatra-in-telangana-watch-101667360342639.html|title=Actor Pooja Bhatt joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Hyderabad. Watch}}</ref> राहुल गांधी ने शमशाबाद, आरामघर, बहादुरपुरा, चारमीनार, अफजलगंज, मोज्जमजाही मार्केट, नामपल्ली (गांधी भवन), बालानगर, मूसापेट वाई-जंक्शन, कुकटपल्ली, मियापुर, बीएचईएल, पाटनचेरु (एनएच-65 के माध्यम से) पार करते हुए तेलंगाना के 19 विधानसभा क्षेत्रों को पार किया।<ref>{{cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/politics/221022/rahul-to-stay-at-gandhi-ideology-center-in-bowenpally-on-nov-1.html|title=Rahul to walk through 19 Assembly segments in Telangana}}</ref> यात्रा ने शमशाबाद से मुथांगी (ओआरआर) तक लगभग 60 किमी की दूरी तय की।<ref>{{cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/politics/021122/rahuls-walk-brings-cheers-togetherness.html|title=Rahuls walk brings cheers, togetherness}}</ref>
====महाराष्ट्र====
* '''7 नवंबर 2022''' : 61वें दिन, भारत जोड़ी यात्रा 7 नवंबर, 2022 की शाम को महाराष्ट्र में प्रवेश कर गई।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bharat-jodo-yatra-will-enter-maharashtra-after-telangana-2294230-2022-11-07|title=Congress's Bharat Jodo Yatra enters Maharashtra today; Tricolour to be handed over to Nana Patole}}</ref> यात्रा तेलंगाना के जुक्कल निर्वाचन क्षेत्र के [[मदनूर]] मंडल के मेनुरु गांव से महाराष्ट्र के [[नांदेड़ जिला|नांदेड़ जिले]] तक गई।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/congress-leader-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-enters-maharashtra/article66108939.ece|title=Congress leader Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra enters Maharashtra}}</ref>
* '''10 नवंबर 2022''':बॉलीवुड अभिनेता [[सुशांत सिंह]] नांदेड़ में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/yatra-diary-a-ringside-view-of-bharat-jodo-yatra--magazine-238020|title=Yatra Diary: A Ringside View Of ‘Bharat Jodo Yatra’}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livehindustan.com/entertainment/story-sushant-singh-is-the-second-film-personality-after-pooja-bhatt-to-join-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-in-maharashtra-7337097.html|title=पूजा भट्ट के बाद राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' से जुड़े सुशांत सिंह, कहा- 'हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/actor-sushant-singh-joins-congress-leader-rahul-gandhi-in-bharat-jodo-yatra-in-maharashtra-2256748|title=Bharat Jodo Yatra: एक्टर सुशांत सिंह ने राहुल गांधी के साथ की पदयात्रा, कहा- प्यार और सद्भावना की राह मुश्किल}}</ref>
* '''16 नवंबर 2022''' : कार्यकर्ता [[मेधा पाटकर]] वाशिम में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/social-media-companies-can-make-any-party-win-election-rahul-gandhi-on-bharat-jodo-yatra-day-70-8272639/|title=Social media companies can make any party win election: Rahul Gandhi on Yatra Day 70}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/bjp-slams-rahul-gandhi-for-marching-with-activist-medha-patkar-3534080|title=BJP Slams Rahul Gandhi For Marching With Activist Medha Patkar}}</ref>
* '''17 नवंबर 2022''':अभिनेत्री [[रिया सेन]] महाराष्ट्र के अकोला में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/riya-sen-joins-rahul-gandhi-for-bharat-jodo-yatra-in-maharashtra-watch-101668667357909.html|title=Riya Sen joins Rahul Gandhi for Bharat Jodo Yatra in Maharashtra days after Pooja Bhatt, Riteish Deshmukh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://hindi.news18.com/photogallery/entertainment/south-cinema-actress-riya-sen-gets-trolled-for-joins-rahul-gandhi-for-congress-bharat-jodo-yatra-see-pics-mogi-4924429-page-2.html|title=Bharat Jodo Yatra में शामिल हुईं रिया सेन, बुरी तरह से ट्रोल हुए राहुल गांधी; लोगों ने एक्ट्रेस के भी लिए मजे}}</ref> राहुल गांधी ने दोहराया कि [[विनायक दामोदर सावरकर]] ने अंग्रेजों की मदद की थी।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/am-not-a-soothsayer-cant-predict-future-rahul-on-bharat-jodo-yatras-impact-on-congress/articleshow/95577806.cms|title=Am not a soothsayer, can't predict future: Rahul on Bharat Jodo Yatra's impact on Congress}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/vinayak-damodar-savarkar-helped-british-rahul-gandhi/cid/1898624|title=Vinayak Damodar Savarkar helped British: Rahul Gandhi}}</ref>
* '''18 नवंबर 2022''': [[महात्मा गांधी]] के प्रपौत्र तुषार गांधी और अभिनेत्री [[मोना अम्बेगाँवकर]] [[बुलढाणा जिला|बुलढाणा जिले]] के [[शेगाँव]] में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल के साथ शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/mahatma-gandhis-great-grandson-tushar-gandhi-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-3531675|title=Mahatma Gandhi's Great Grandson Joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/mahatma-gandhi-s-great-grandson-joins-rahul-during-bharat-jodo-yatra-11668764254534.html|title=Mahatma Gandhi's great-grandson joins Rahul during Bharat Jodo Yatra}}</ref>
* '''19 नवंबर 2022''':[[इंदिरा गांधी]] की जयंती के दिन, अभिनेत्री [[रश्मि देसाई]] , आकांक्षा पुरी और [[नगमा]] [[बुलढाणा जिला|बुलढाणा जिले]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.livehindustan.com/entertainment/story-rashami-desai-and-akanksha-puri-join-bharat-jodo-yatra-with-rahul-gandhi-7376763.html|title=भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं रश्मि देसाई, राहुल गांधी का हाथ पकड़े आईं नजर}}</ref>
* '''20 नवंबर 2022''': अभिनेता [[अमोल पालेकर]] महाराष्ट्र में [[जलगाँव जामोद]] में अपने अंतिम दिन भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/actor-amol-palekar-wife-sandhya-gokhale-join-bharat-jodo-yatra-452863|title=Actor Amol Palekar, wife Sandhya Gokhale join Bharat Jodo Yatra|access-date=20 नवंबर 2022|archive-date=27 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221127094639/https://www.tribuneindia.com/news/nation/actor-amol-palekar-wife-sandhya-gokhale-join-bharat-jodo-yatra-452863|url-status=dead}}</ref> निमखेड़ में एक लाइट शो का आयोजन किया गया जहां यात्रा ने राज्य में अपनी यात्रा समाप्त की।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/mumbai-news/ragas-bharat-jodo-yatra-ends-in-maharashtra-to-enter-mpnext-101668966767848.html|title=RaGa’s ‘Bharat Jodo Yatra’ ends in Maharashtra, to enter MP next}}</ref>
====मध्य प्रदेश====
* '''23 नवंबर 2022''':भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में [[बुरहानपुर ज़िला|बुरहानपुर जिले]] के [[बोडर्ली]] गांव से प्रवेश कर गई।<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/bharat-jodo-yatra-enters-madhya-pradesh-rahul-gandhi-says-their-campaign-is-against-hatred-violence-in-society/articleshow/95702000.cms|title=Bharat Jodo Yatra enters Madhya Pradesh; Rahul Gandhi says their campaign is against hatred, violence in society}}</ref><ref>{{cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/video/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-reaches-madhya-pradesh-congress-kamalnath-digvijay-singh-burhanpur-mpap/1453614|title=MP पहुंची भारत जोड़ो यात्रा, प्यार भरे स्वागत के लिए Rahul ने जताया आभार}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.jagran.com/politics/national-congress-bharat-jodo-yatra-enter-in-madhya-pradesh-burhanpur-rahul-gandhi-attacked-bjp-23222341.html|title=कांग्रेस की Bharat Jodo Yatra की मध्यप्रदेश में हुई एंट्री, बुरहानपुर में राहुल गांधी ने भाजपा पर साधा निशाना}}</ref>
*'''24 नवंबर 2022''':[[प्रियंका गांधी]] और उनके पति [[रॉबर्ट वाड्रा]] मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/rahul-gandhi-priyanka-bharat-jodo-yatra-madhya-pradesh-8286374/|title=Watch: Priyanka joins Rahul Gandhi in Madhya Pradesh for Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-priyanka-gandhi-vadra-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-joined-by-sister-priyanka-in-yatra-through-bjp-stronghold-3548327|title="Steps Are Stronger When...": Sister Priyanka Joins Rahul Gandhi's Yatra}}</ref>
====राजस्थान====
* '''4 दिसंबर 2022 ''': भारत जोड़ो यात्रा ने पहली बार कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/jaipur/bharat-jodo-yatra-enters-rajasthan/articleshow/95983322.cms|title=Bharat Jodo Yatra enters Rajasthan}}</ref>
* '''11 दिसंबर 2022 ''': अभिनेत्री [[दीगंगना सूर्यवंशी]] राजस्थान के [[बूँदी जिला]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/entertainment/television/digangana-suryavanshi-joined-congress-bharat-jodo-yatra-in-rajasthan-pictures-of-actress-holding-rahul-gandhi-hand-viral-2281092|title=कांग्रेस की Bharat Jodo Yatra में शामिल हुईं दिगांगना सूर्यवंशी, Rahul Gandhi का हाथ थामे एक्ट्रेस की तस्वीरें हुई वायरल}}</ref>
* '''14 दिसंबर 2022 ''': आरबीआई के पूर्व गवर्नर [[रघुराम राजन]] [[सवाई माधोपुर जिले]] में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/ex-rbi-governor-raghuram-rajan-joins-rahul-gandhi-at-bharat-jodo-yatra-101670985749982.html|title=Ex RBI governor Raghuram Rajan joins Rahul Gandhi at Bharat Jodo Yatra}}</ref>
* '''16 दिसंबर 2022 ''': गायिका [[सुनिधि चौहान]] ने भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने के मौके पर जयपुर के [[अल्बर्ट हॉल संग्रहालय|अल्बर्ट हॉल म्यूजियम]] में एक संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.newindianexpress.com/nation/2022/dec/17/rahul-connects-india-on-100th-day-of-yatra-with-sunidhi-show-in-jaipur-2529012.html|title=Rahul ‘connects India’ on 100th day of Yatra with Sunidhi show in Jaipur}}</ref>
* '''19 दिसंबर 2022 ''': राजस्थान के अलवर में एक रैली को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा के महत्त्व पर प्रकाश डाला और कहा कि राजस्थान में लगभग 1,700 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले गए हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-backs-english-education-in-schools-slams-bjp-2311005-2022-12-19|title=Rahul Gandhi backs English education in schools, slams BJP}}</ref> उन्होंने कहा कि भाजपा नेता नहीं चाहते कि स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई जाए। लेकिन उनके सभी नेताओं के बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में जाते हैं.
====हरियाणा====
* '''21 दिसंबर 2022 ''': भारत जोड़ो यात्रा [[नूँह जिला]] के मुंडका बॉर्डर से हरियाणा में दाखिल हुई। झंडा सौंपने के समारोह के बाद हरियाणा के नूंह में पाटन उदयपुरी से भारत जोड़ो यात्रा फिर से शुरू हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-attacks-bjp-bharat-jodo-yatra-enters-haryana-2311642-2022-12-21|title='Opening a shop of love in market of hate': Rahul Gandhi attacks BJP as Bharat Jodo Yatra enters Haryana}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/bharat-jodo-in-haryana-fog-worries-congress-netas-workers-cant-wait-for-yuvraj/articleshow/96385084.cms|title=Bharat Jodo in Haryana: Fog worries Congress netas, workers can't wait for 'yuvraj'}}</ref>
* '''23 दिसंबर 2022 ''':DMK सांसद [[एम॰ के॰ कनिमोझी]] हरियाणा में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/dmk-mp-kanimozhi-joins-rahul-gandhi-s-bharat-jodo-yatra-haryana-171241|title=DMK MP Kanimozhi joins Rahul Gandhi’s Bharat Jodo Yatra in Haryana}}</ref>
====दिल्ली====
* '''24 दिसंबर 2022 ''':एनएचपीसी मेट्रो स्टेशन से यात्रा फिर से शुरू करने के बाद, भारत जोड़ो यात्रा ने बदरपुर बॉर्डर पर दिल्ली में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rahul-gandhi-led-congress-bharat-jodo-yatra-in-delhi-today-3634386|title=Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra In Delhi Amid BJP vs Congress Over Covid}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-enters-delhi-bjp-rss-covid-2312938-2022-12-24|title='Hum jahan gaye humko pyar mila': Rahul Gandhi as Bharat Jodo Yatra enters Delhi}}</ref> [[लाल किला]] में अपने भाषण के दौरान, राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने 2,800 किलोमीटर पैदल चलने के दौरान लोगों के बीच कोई नफरत या हिंसा नहीं देखी।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/bharat-jodo-yatra-red-fort-even-dogs-came-but-rahul-gandhi-on-love-and-no-hatred-attacks-bjp-101671890225899.html|title=‘Even dogs came, but…’: Rahul Gandhi on 'no hatred' in Congress yatra; attacks BJP}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/politics/love-that-i-got-from-her-rahul-gandhi-makes-emotional-post/1280817/|title=“Love that I got from her…” Rahul Gandhi makes emotional post}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-congress-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-enter-in-delhi-today-here-some-photo-gallery-of-journey-2290015|title=Bharat Jodo Yatra: भारत जोड़ो यात्रा 2,800 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद पहुंची दिल्ली, देखें तस्वीरें}}</ref> भारत जोड़ो यात्रा ने कन्याकुमारी में गांधी मंडपम से दिल्ली में लाल किले तक 3,122 किमी की दूरी तय की।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-january-30-466709|title=Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on January 30}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.business-standard.com/article/politics/rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-jan-30-k-c-venugopal-123010200676_1.html|title=Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on Jan 30: K C Venugopal}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/rahul-gandhi-to-hoist-national-flag-in-srinagar-on-jan-30/1294143/|title=Rahul Gandhi to hoist national flag in Srinagar on Jan 30}}</ref>
====उत्तर प्रदेश====
* '''3 जनवरी 2023 ''':भारत जोड़ो यात्रा गाजियाबाद जिले में लोनी सीमा से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/second-wife-dhaba-helped-congress-mp-finish-17km-non-stop-bharat-jodo-yatra-101672741045224.html|title='Second Wife Dhaba' helped Congress MP finish 17km non-stop Bharat Jodo Yatra}}</ref> रॉ के पूर्व प्रमुख ए.एस. दुलत और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री [[फारूक अब्दुल्ला]] भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/bharat-jodo-yatra-nc-leader-farooq-abdullah-joins-rahul-gandhi-as-yatra-enters-uttar-pradesh-2023-01-03-836232|title=Bharat Jodo Yatra: NC leader Farooq Abdullah joins Rahul Gandhi as Yatra enters Uttar Pradesh}}</ref>
* '''5 जनवरी 2023''' : बॉलीवुड अभिनेत्री [[रितु शिवपुरी]] [[शामली]], [[उत्तर प्रदेश]] में 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/day-in-pics-january-05-2023-photos-250991?photo-47|title=Day In Pics: January 05, 2023}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-jairam-ramesh-naresh-tikait-8364540/|title=Rahul Yatra: As BKU’s Naresh Tikait now hails the ‘thought revolution’, Jairam calls march sanjivani for Congress}}</ref>
====पंजाब====
* '''10 जनवरी 2023 ''':भारत जोड़ो यात्रा ने शंभू सीमा के माध्यम से पंजाब में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/punjab/yatra-enters-state-factionalism-comes-to-the-fore-in-congress-469300|title=Yatra enters state, factionalism comes to the fore in Congress}}</ref> राज्य में यात्रा शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर का दौरा किया।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/rahul-gandhi-visits-golden-temple-as-bharat-jodo-enters-punjab-101673340091808.html|title=Rahul Gandhi visits Golden Temple as Bharat Jodo enters Punjab}}</ref>
* '''14 जनवरी 2023''': भारत जोड़ो यात्रा ने पंजाब के दोआबा क्षेत्र में प्रवेश किया। जालंधर से कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी का पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान [[फिल्लौर]] में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ludhiana/congress-mp-chaudhary-santokh-singh-dies-during-bharat-jodo-yatra-in-punjab/articleshow/96981738.cms|title=Congress MP Chaudhary Santokh Singh passes away during Bharat Jodo Yatra in Punjab}}</ref><ref>[https://www.tribuneindia.com/news/punjab/congress-mp-chaudhary-santokh-singh-dies-of-heart-attack-during-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-punjab-470315 Congress MP Chaudhary Santokh Singh dies of heart attack during Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Punjab's Phillaur]</ref> यात्रा शेष दिन के लिए रद्द कर दी गई।
* '''15 जनवरी 2023''': दिवंगत पंजाबी गायक [[सिद्धू मूसे वाला]] के पिता और इतिहासकार [[मृदुला मुखर्जी]] भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/sidhu-moosewala-father-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-8383466/|title=Rahul Gandhi gets a gift from Sidhu Moosewala’s father}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/sidhu-moosewalas-father-joins-bharat-jodo-yatra-in-punjab-3694508|title=Sidhu Moose Wala's Father Joins Bharat Jodo Yatra In Punjab}}</ref>
====हिमाचल प्रदेश====
* '''18 जनवरी 2023''': भारत जोड़ो यात्रा ने [[हिमाचल प्रदेश]] में प्रवेश किया और राज्य में 24 किमी की यात्रा की।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-enters-himachal-pradesh/articleshow/97078667.cms|title=Rahul Gandhi's 'Bharat Jodo Yatra' enters Himachal Pradesh}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/rahul-gandhi-begins-bharat-jodo-yatra-himachal-pradesh-8388524/|title=Rahul Gandhi begins day long leg of Bharat Jodo Yatra in Himachal Pradesh}}</ref>
====जम्मू और कश्मीर====
* '''19 जनवरी 2023''': शाम को, कठुआ जिले के [[लखनपुर, जम्मू और कश्मीर|लखनपुर]] में झंडा सौंपने के समारोह के साथ भारत जोड़ो यात्रा ने पंजाब के पठानकोट से [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)]] में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/toi-original/watch-congress-bharat-jodo-yatra-enters-jammu-and-kashmir/videoshow/97138428.cms|title=Watch: Congress’ Bharat Jodo Yatra enters Jammu and Kashmir}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/government-diverting-attention-of-people-and-then-looting-them-rahul-gandhi-in-jammu-and-kashmir/cid/1910906|title=Govt diverting attention of people and then looting them: Rahul Gandhi in J&K}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.amarujala.com/jammu/bharat-jodo-yatra-people-started-arriving-at-lakhanpur-public-meeting-site-in-jammu-kashmir-2023-01-19?pageId=6|title=Bharat Jodo Yatra: 3400 किमी का सफर कर जम्मू कश्मीर पहुंची भारत जोड़ो यात्रा, फारुक-संजय राउत ने किया स्वागत}}</ref> नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और सांसद [[फारूक अब्दुल्ला]] ने भी राहुल गांधी की तुलना [[आदि शंकराचार्य]] से की और कहा कि शंकराचार्य पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक दिग्विजय यात्रा की और इसी तरह, राहुल गांधी फिर से ऐसा कर रहे हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/videos/politics/farooq-abdullah-compar-s-rahul-gandhi-with-shankaracharya-rahul-gandhi-n-ws-today-n-ws18-6874153.html|title=Farooq Abdullah Compares Rahul Gandhi With Shankaracharya}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/after-shankaracharya-farooq-abdullah-praises-rahul-gandhi-for-bharat-jodo-yatra-11674154489915.html|title='After Shankaracharya...': Farooq Abdullah praises Rahul Gandhi for Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.abplive.com/news/india/farooq-abdullah-praises-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-compares-him-with-shankaracharya-2312655|title=फारूक अब्दुल्ला ने की राहुल गांधी की शंकराचार्य से तुलना, कहा- वो दूसरे व्यक्ति हैं जो कन्याकुमारी से...}}</ref>
* '''20 जनवरी 2023''': परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता कैप्टन [[बाना सिंह]] जम्मू और कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://theprint.in/india/hero-of-operation-rajiv-param-vir-chakra-recipient-capt-bana-singh-joins-bharat-jodo-yatra/1325954/|title=Hero of ‘Operation Rajiv’ — Param Vir Chakra recipient Capt Bana Singh joins Bharat Jodo Yatra}}</ref><ref>{{cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/photomazza/state-photogallery/bana-singh-param-vir-chakra-awardee-joined-rahul-gandhi-bharat-jodo-yatra-in-kashmir-see-pictures/photoshow/97189565.cms|title=Bana Singh: राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में हुए शामिल, जानें कौन हैं परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह}}</ref>
* '''24 जनवरी 2023''': अभिनेता-राजनेता [[उर्मिला मातोंडकर]] और प्रमुख लेखक [[पेरुमाल मुरुगन|पेरुमल मुरुगन]] जम्मू के [[नगरोटा, जम्मू और कश्मीर|नगरोटा]] शहर में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/urmila-matondkar-marches-with-rahul-gandhi-during-bharat-jodo-in-jammu-watch-101674541859233.html|title=Urmila Matondkar marches with Rahul Gandhi during Bharat Jodo in Jammu. Watch}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/actor-politician-urmila-matondkar-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-jammu-3719041|title=Actor-Politician Urmila Matondkar Joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Jammu}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/chandigarh-news/rahul-dismisses-digvijaya-s-surgical-strike-remark-as-ridiculous-101674586952469.html|title=Rahul dismisses Digvijaya’s surgical strike remark as ‘ridiculous’}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/actor-politician-urmila-matondkar-joins-rahul-gandhis-bharat-jodo-yatra-in-jammu/articleshow/97275472.cms|title=Actor-politician Urmila Matondkar joins Rahul Gandhi's Bharat Jodo Yatra in Jammu}}</ref>
* '''29 जनवरी 2023''': राहुल गांधी ने श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय तिरंगा फहराया और पदयात्रा का समापन किया। <ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/jammu-and-kashmir/jammu-rahul-gandhi-hoisted-the-tricolor-at-lal-chowk-said-the-promise-made-to-india-is-fulfilled-today-23312619.html|title=Rahul Gandhi: लाल चौक पर राहुल गांधी ने फहराया तिरंगा, ट्वीट कर कहा- 'भारत से किया वादा आज पूरा हुआ'|website=Dainik Jagran|language=hi|access-date=2023-01-29}}</ref>
==यह भी देखिए==
* [[चन्द्रशेखर#भारत_यात्रा_(1983)|1983 भारत यात्रा]]
* 1987 महाशांति पदयात्रा
* 1991 एकता यात्रा
* 1990 राम रथ यात्रा
* [[लॉन्ग मार्च]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
*{{Official website|bharatjodoyatra.in/}}
*{{Twitter|bharatjodo}}
*{{Instagram|bharatjodo}}
*{{Facebook|BharatJodo}}
[[श्रेणी:ऐतिहासिक समयरेखायें]]
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विष्णु मांचू
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[[श्रेणी:Articles with hCards]]
{{Infobox person
|name = विष्णु मांचू
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|caption = हैदराबाद में 'मांचू टाउन' में विष्णु मांचू
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|birth_name = मांचू विष्णु वर्धन बाबू<ref>{{Cite AV media |title= Dhee |date=2007|language=te |publisher=Shalimar Telugu & Hindi Movies|place=India |time=0:09:42 |medium=motion picture|url=https://www.youtube.com/watch?v=WfU3wdzgP3I&t=542s |archive-url=https://ghostarchive.org/varchive/youtube/20211221/WfU3wdzgP3I |archive-date=21 December 2021 |url-status=live}}{{cbignore}}</ref>
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'''मांचू विष्णु वर्धन बाबू''' (जन्म 23 नवंबर 1982) <ref>{{Cite news|url=https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/mosagallu-first-look-out-vishnu-manchu-and-kajal-aggarwal-join-hands-for-film-on-it-scam-1621937-2019-11-23|title=Mosagallu first look out. Vishnu Manchu and Kajal Aggarwal join hands for film on IT scam|date=23 November 2019|work=[[India Today]]|access-date=23 October 2022}}</ref> एक भारतीय अभिनेता और निर्माता हैं जो [[तेलुगू सिनेमा|तेलुगु सिनेमा]] और टेलीविजन में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। मांचू का 1985 की फिल्म ''रागिले गुंडेलु'' के साथ एक बाल कलाकार के रूप में एक संक्षिप्त कार्यकाल था। वर्षों बाद, उन्होंने 2003 की तेलुगु [[एक्शन फिल्म]] ''विष्णु'' में अभिनय किया, जिसके लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण फिल्मफेयर जीता।
वह फिल्म प्रोडक्शन हाउस 24 फ्रेम्स फैक्ट्री के सह-मालिक हैं और श्री विद्यानिकेतन एजुकेशनल ट्रस्ट के माध्यम से एक [[शिक्षा|शिक्षाविद्]] हैं, जिसकी स्थापना उनके पिता और अनुभवी तेलुगु अभिनेता [[मोहन बाबू]] ने की थी। <ref>[https://web.archive.org/web/20131224120254/http://movies.andhraglitz.in/2012/06/vishnu-manchu-actor_20.html Vishnu Manchu (Actor)]. movies.andhraglitz.in (June 2012)</ref> वह न्यूयॉर्क अकादमी के संस्थापक और अध्यक्ष हैं, जो [[हैदराबाद]] में एक स्कूल है, जिसके लिए उनकी पत्नी विरानिका निदेशक हैं और उनके पिता मोहन बाबू अध्यक्ष हैं। <ref>{{Cite news|url=http://www.newyorkacademy.com/about-us/founders/|title=Founder and Chairman of New York Academy|date=August 2016}}</ref> वह स्प्रिंग बोर्ड अकादमी <ref>{{Cite news|url=http://sb.education/ceo-message.html|title=Chairman of Spring Board Academy|date=August 2016}}</ref> और स्प्रिंग बोर्ड इंटरनेशनल प्रीस्कूल <ref>{{Cite news|url=http://www.sbips.com/ceo-message/|title=Chairman of Spring Board International Preschools|date=August 2013|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=23 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180323155424/http://www.sbips.com/ceo-message/|url-status=dead}}</ref> के अध्यक्ष भी हैं, जिसकी 75 से अधिक शाखाएँ <ref>{{Cite news|url=http://www.thehansindia.com/posts/index/Education-%26-Careers/2017-09-21/Play-schools-in-Hyderabad-Best-playschools-in-Hyderabad-Spring-Board-International-Preschools/328188/|title=Spring Board has more than 75 branches|date=September 2017|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=29 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180829152928/http://www.thehansindia.com/posts/index/Education-%26-Careers/2017-09-21/Play-schools-in-Hyderabad-Best-playschools-in-Hyderabad-Spring-Board-International-Preschools/328188/|url-status=dead}}</ref> हैं जो [[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]], [[तेलंगाना]], [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] और [[कर्नाटक]] में फैली हुई हैं।
2007 में, उन्होंने [[हास्य फ़िल्म|कॉमेडी फिल्म]] ''ढी'' में अभिनय किया, जो हिट हुई और मांचू ने तेलुगु सिनेमा में अपना करियर स्थापित किया। मांचू [[सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग]] तेलुगु वारियर्स के प्रायोजकों में से एक है। <ref>{{Cite web|url=http://www.indiaglitz.com/channels/telugu/article/62926.html|title=Vishnu Manchu to own Twood CCL team|website=indiaglitz.com|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=10 जनवरी 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110110062618/http://www.indiaglitz.com/channels/telugu/article/62926.html|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://entertainment.in.msn.com/gallery/sanjay-roys-wedding-reception?page=6|title=MSN Entertainment India – Bollywood News, Reviews, Photos and Videos|website=msn.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20131224133056/http://entertainment.in.msn.com/gallery/sanjay-roys-wedding-reception?page=6|archive-date=24 December 2013|access-date=24 December 2013}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-06-10/news-interviews/29642395_1_ccl-star-wars-vizag|title=The cricket star wars get hotter|website=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20130525023942/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-06-10/news-interviews/29642395_1_ccl-star-wars-vizag|archive-date=25 May 2013}}</ref> विष्णु को हाल ही में मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया था।
== प्रारंभिक जीवन ==
मांचू विष्णु वर्धन बाबू का जन्म [[चेन्नई|मद्रास]], [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]], [[भारत]] (वर्तमान [[चेन्नई]] ) में अभिनेता [[मोहन बाबू]] और मां, दिवंगत विद्या देवी के घर हुआ था। <ref>{{Cite news|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-12-26/news-interviews/30558782_1_names-first-vishnu-manchu-mohan-babu|title=Vishnu Manchu names kids Ariaana and Viviana|last=Raje|first=Abhishek|date=26 December 2011|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=27 April 2012|archive-url=https://archive.today/20120710131952/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-12-26/news-interviews/30558782_1_names-first-vishnu-manchu-mohan-babu|archive-date=10 July 2012}}</ref> वह अपने भाई मनोज और बहन लक्ष्मी के साथ बड़ा हुआ। <ref>{{Cite web|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-12-19/news-interviews/30533402_1_telugu-film-mani-ratnam-film-hindi-audience|title=Lakshmi Manchu wants to remake her Telugu film in Hindi|website=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20120409170310/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-12-19/news-interviews/30533402_1_telugu-film-mani-ratnam-film-hindi-audience|archive-date=9 April 2012}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.telugumirchi.com/en/movies/potugadu-releasing-on-sep-13.html|title=Potugadu Movie Release|website=Telugu Film News|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=24 दिसंबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131224114534/http://www.telugumirchi.com/en/movies/potugadu-releasing-on-sep-13.html|url-status=dead}}</ref>
पद्मशेषद्री बाला भवन स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, मांचू ने कंप्यूटर विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी में पढ़ाई करते हुए श्री विद्यानिकेतन इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। उस दौरान उन्होंने भास्कर जेएनटीयू क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया और यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल टीम की कप्तानी भी की। <ref>{{Cite web|url=http://www.thehansindia.com/posts/index/2013-11-15/Manoj-Manchu-emotional-after-directing-dad-Mohan-Babu-77006|title=Manoj Manchu Emotional After Directing Dad Mohan Babu – The Hans India|date=15 November 2013|website=thehansindia.com}}</ref>
== आजीविका ==
=== 1985; 2003-2006: प्रारंभिक कार्य ===
मांचू ने अपने पिता मोहन बाबू की 1985 की फिल्म ''रागिले गुंडेलु'' में एक बाल कलाकार के रूप में अभिनय की शुरुआत की।
उन्होंने शाजी कैलास द्वारा निर्देशित फिल्म ''विष्णु'' (2003) में अपनी पहली मुख्य भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण फिल्मफेयर जीता। उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका निभाई जो कई बाधाओं के बावजूद अपने गुणों से अपने बचपन के प्यार को जीतना चाहता है। अगले वर्ष, उन्हें फिल्म ''सूर्यम'' (2004) में देखा गया, जिसमें उन्होंने एक ऐसे लड़के की भूमिका निभाई, जो अपनी मां की अंतिम इच्छा को पूरा करना चाहता है। मांचू ने एक रोमांटिक एक्शन ड्रामा ''पॉलिटिकल राउडी'' (2005) में एक नर्तकी के रूप में एक छोटी भूमिका निभाई।
वह अगली बार एक्शन-ड्रामा ''अस्त्रम'' (2006) में एक आईपीएस अधिकारी के रूप में दिखाई दिए, जिसे उग्रवादियों को खत्म करने के लिए नियुक्त किया गया है। इसके तुरंत बाद, मांचू को ''गेम'' (2006) में विजय राज के रूप में कास्ट किया गया, जो अपने सेलिब्रिटी पिता मोहन बाबू और गुजरे जमाने की नायिका शोभना के साथ स्क्रीन स्पेस साझा कर रहे थे।
वह अगली बार एक्शन-ड्रामा ''अस्त्रम'' (2006) में एक आईपीएस अधिकारी के रूप में दिखाई दिए, जिसे उग्रवादियों को खत्म करने के लिए नियुक्त किया गया है। इसके तुरंत बाद, मांचू को ''गेम'' (2006) में विजय राज के रूप में कास्ट किया गया, जो अपने सेलिब्रिटी पिता मोहन बाबू और गुजरे जमाने की नायिका शोभना के साथ स्क्रीन स्पेस साझा कर रहे थे।
=== 2008-वर्तमान: करियर में उतार-चढ़ाव ===
इसके बाद वह 2008 की फिल्म ''कृष्णार्जुन'', 2009 की फिल्म ''सलीम'' और 2011 की फिल्म ''वास्तु ना राजू'' में दिखाई दिए। <ref name=":0">{{Cite web|url=http://www.indiaglitz.com/channels/telugu/article/61543.html|title=Vishnu plays hero in Vastadu Naa Raju|website=indiaglitz.com|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=17 नवंबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20101117021704/http://www.indiaglitz.com/channels/telugu/article/61543.html|url-status=dead}}</ref> 2012 में, [[हास्य फ़िल्म|कॉमेडी फिल्म]] ''ढेनिकाएना रेडी'' ने उन्हें महत्वपूर्ण सफलता दिलाई; फिल्म ने 200 की कमाई की बॉक्स ऑफिस पर मिलियन। इसके बाद वे वीरू पोटला द्वारा निर्देशित ''दोसुकेल्था'' में दिखाई दिए, उन्होंने लावण्या [[लावण्या त्रिपाठी|त्रिपाठी]] के साथ अभिनय किया, इस फिल्म ने 126.3 की कमाई की बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले हफ्ते में मिलियन। <ref name=":1">{{Cite web|url=http://en-maktoob.news.yahoo.com/vishnu-manchu-excited-doosukeltha-kerala-release-091409936.html|title=Vishnu Manchu excited about 'Doosukeltha Kerala' release|date=4 November 2013|website=Yahoo Maktoob News}}</ref> <ref name=":2">{{Cite web|url=http://ibnlive.in.com/news/doosukeltha-will-outshine-dhee-srinu-vaitla/429291-71-216.html|title='Doosukeltha' will outshine 'Dhee': Srinu Vaitla|website=IBNLive|archive-url=https://web.archive.org/web/20131023001102/http://ibnlive.in.com/news/doosukeltha-will-outshine-dhee-srinu-vaitla/429291-71-216.html|archive-date=23 October 2013}}</ref> इसके बाद वह [[रामगोपाल वर्मा|राम गोपाल वर्मा]] द्वारा लिखित और निर्देशित समीक्षकों द्वारा प्रशंसित अपराध फिल्म ''राउडी'' में अपने पिता के साथ दिखाई दिए। फिल्म ने दुनिया भर में {{INRConvert|33|c}} की कमाई की अपने रन के दूसरे सप्ताह के अंत में, और बॉक्स ऑफिस पर हिट घोषित की गई। <ref name=":3">[http://www.ibtimes.co.in/articles/547746/20140411/legend-box-office-rowdy-balakrishna-mohan-babu.htm Box Office: 'Rowdy' Performs Well; 'Legend' Ends 2nd Week on Decent Note]. </ref> <ref name=":4">[http://www.ibtimes.co.in/articles/547146/20140408/legend-box-office-hrudaya-kaleyam-rowdy-collections.htm Box Office Report: 'Legend', 'Rowdy', 'Hrudaya Kaleyam']. </ref> <ref name=":5">[http://www.ibtimes.co.in/articles/546798/20140406/rowdy-box-office-legend-collection-balakrishna-mohanbabu.htm Box Office: Balakrishna's 'Legend', Mohan Babu's 'Rowdy' Collections]. </ref>
इसके बाद वह 2008 की फिल्म ''कृष्णार्जुन'', 2009 की फिल्म ''सलीम'' और 2011 की फिल्म ''वास्तु ना राजू'' में दिखाई दिए। <ref name=":0" /> 2012 में, [[हास्य फ़िल्म|कॉमेडी फिल्म]] ''ढेनिकाएना रेडी'' ने उन्हें महत्वपूर्ण सफलता दिलाई; फिल्म ने 200 की कमाई की बॉक्स ऑफिस पर मिलियन। इसके बाद वे वीरू पोटला द्वारा निर्देशित ''दोसुकेल्था'' में दिखाई दिए, उन्होंने लावण्या [[लावण्या त्रिपाठी|त्रिपाठी]] के साथ अभिनय किया, इस फिल्म ने 126.3 की कमाई की बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले हफ्ते में मिलियन। <ref name=":1" /> <ref name=":2" /> इसके बाद वह [[रामगोपाल वर्मा|राम गोपाल वर्मा]] द्वारा लिखित और निर्देशित समीक्षकों द्वारा प्रशंसित अपराध फिल्म ''राउडी'' में अपने पिता के साथ दिखाई दिए। फिल्म ने दुनिया भर में {{INRConvert|33|c}} की कमाई की अपने रन के दूसरे सप्ताह के अंत में, और बॉक्स ऑफिस पर हिट घोषित की गई। <ref name=":3" /> <ref name=":4" /> <ref name=":5" />
मांचू ने <nowiki><i id="mwmA">राउडी</i></nowiki> (2014) में अपने पिता [[मोहन बाबू]] के साथ कृष्ण की भूमिका निभाई। एक अभिनेता के रूप में अपनी सीमा दिखाते हुए, मांचू ने बाद में [[रामगोपाल वर्मा|राम गोपाल वर्मा]] द्वारा अभिनीत व्यावसायिक रूप से असफल लेकिन समीक्षकों द्वारा पसंद की गई फिल्म ''अनुक्षणम'' (2014) में डीसीपी गौतम को चित्रित किया। उन्होंने दसारी नारायण राव द्वारा निर्मित और निर्देशित 2014 ''एरा बस'' में एक नाटकीय अभिनेता के रूप में जारी रखा। इसके बाद वे देवा कट्टा द्वारा निर्देशित एक्शन थ्रिलर ''डायनामाइट'' में दिखाई दिए। हालाँकि उन्होंने रास्ते में एक दिलचस्प फिल्म बनाई, लेकिन उन्होंने इसके लिए बॉक्स ऑफिस पर भुगतान किया। मांचू ने रोमांटिक कॉमेडी एंटरटेनर ''ईदो राकम आदो राकम'' (2015) के साथ अपनी हास्य प्रतिभा को और साबित किया, जिसमें उन्होंने राज तरुण के साथ सह-अभिनय किया। उसी वर्ष, उन्होंने ''सारदा'' के लिए फिल्मांकन पूरा किया लेकिन फिल्म रिलीज़ नहीं हुई। 2017 में, उन्होंने ''लक्कुन्नोडु'' में अभिनय किया, जिसने बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन किया। 2017 के अंत तक, वह पहले ही 20 फिल्मों में दिखाई दे चुके थे।
2018 में उनकी फिल्म में क्राइम ड्रामा ''गायत्री'' शामिल है, जिसमें [[श्रिया सरन]] और उनके पिता [[मोहन बाबू]] ने अन्य महत्वपूर्ण किरदार निभाए हैं और कॉमेडी फिल्म ''अचारी अमेरिका यात्रा'' ; और राजनीतिक थ्रिलर ''वोटर'' 2019। उनकी अगली फिल्म, ''मोसागल्लू'' (2021) '','' अमेरिकी फिल्म निर्माता जेफरी जी चिन द्वारा निर्देशित एक क्रॉसओवर फिल्म है, जो दुनिया के सबसे बड़े आईटी घोटाले पर आधारित है, जिसे भारत और यूएसए में फिल्माया गया है। <ref name="birthday">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/topic/Vishnu-Manchu|title=VISHNU MANCHU. Actor Born - November 23, 1982 in Chennai, Tamil Nadu, India|date=13 July 2021|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=13 July 2021|language=en}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.thenewsminute.com/article/manchu-vishnu-begins-filming-sequence-mosagallu-us-117566|title=Manchu Vishnu begins filming sequence of 'Mosagallu' in US|date=5 February 2020|work=The News Minute|access-date=6 March 2020}}</ref> इसमें मांचू के अलावा [[काजल अग्रवाल]], [[सुनील शेट्टी]], नवदीप, नवीन चंद्रा और रूही सिंह हैं। <ref name="birthday" /> <ref>{{Cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/entertainment/tollywood/080719/jeffrey-gee-chin-to-helm-vishnu-manchus-film.html|title=Jeffrey Gee Chin to helm Vishnu Mmanchus Mosagallu|date=7 July 2019|publisher=Deccan Chronicle}}</ref> यह मार्च 2021 में रिलीज़ हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर एक सर्वकालिक महाकाव्य आपदा थी, जो अपने बजट का 1% भी वसूल नहीं कर पाई थी। <ref>{{Cite news|url=https://telanganatoday.com/suniel-shetty-nails-it-as-top-cop-in-mosagallu|title=Suniel Shetty nails it as top cop in Mosagallu|date=29 February 2020|work=Telangana Today|access-date=6 March 2020}}</ref>
अक्टूबर 2021 में, उन्होंने [[प्रकाश राज]] के खिलाफ मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (MAA) के अध्यक्ष के रूप में चुनाव लड़ा और जीता। <ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/telugu/insider-vishnu-manchu-defeats-outsider-prakash-raj-by-a-huge-margin-7564287/|title=MAA elections 2021: 'Insider' Vishnu Manchu defeats 'outsider' Prakash Raj|date=10 October 2021|website=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|language=en|access-date=10 October 2021}}</ref> <ref>[https://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/manchu-vishnu-elected-maa-president/article36932966.ece Vishnu Manchu elected as a new president for MAA] - The Hindu</ref> विष्णु ने एवा एंटरटेनमेंट और 24 फ्रेम्स फैक्ट्री द्वारा निर्मित 'गिन्ना' नामक अपनी अगली परियोजना के बारे में घोषणा की, जिसे शुरू में अगस्त में रिलीज़ करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन बाद में उत्पादन में देरी के कारण अक्टूबर 2022 में रिलीज़ की गई। 20-25 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर केवल 2 करोड़ ही बटोर पाई और डिजास्टर साबित हुई। <ref>[https://www.pinkvilla.com/entertainment/south/vishnu-manchu-makes-announcement-about-his-next-project-titled-ginna-1141154 Vishnu makes an announcement about his next project titled 'Ginna'] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221116221230/https://www.pinkvilla.com/entertainment/south/vishnu-manchu-makes-announcement-about-his-next-project-titled-ginna-1141154 |date=16 नवंबर 2022 }} - Pink Villa</ref>
== व्यक्तिगत जीवन ==
2009 में, मांचू ने [[आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की सूची|आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री]] [[वाई॰ एस॰ राजशेखर रेड्डी|वाईएस राजशेखर रेड्डी]] की भतीजी विरानिका रेड्डी से शादी की। 2011 में उनकी जुड़वां बेटियां हुईं। जनवरी 2018 में उन्हें एक बेटा हुआ <ref name=":6">{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/vishnu-manchu-and-wife-viranica-blessed-with-a-baby-boy-vishnu-requests-well-wishers-not-to-share-fake-pictures-of-his-baby/articleshow/62336402.cms|title=Vishnu Manchu and Wife Viranica blessed with a Baby Boy – TOI|website=timesofindia.com}}</ref> और अगस्त 2019 में उन्हें एक बेटी हुई। <ref name=":7">{{Cite news|url=https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/vishnu-manchu-and-wife-viranica-welcome-baby-girl-their-fourth-child-1579397-2019-08-10|title=Vishnu Manchu and wife Viranica welcome baby girl, their fourth child|date=10 August 2019|work=India Today|access-date=11 August 2019|language=en}}</ref>
हल्की-फुल्की कॉमेडी ''अचारी अमेरिका यात्रा'' (2018) को फिल्माते समय, मंचू को सेट पर लगभग घातक अनुभव हुआ। अभिनेता, जो [[मलेशिया]] में शूटिंग कर रहे थे, <ref>{{Cite web|url=https://www.thetelugufilmnagar.com/2017/07/30/vishnu-manchu-met-accident-malaysia|title=Vishnu Manchu Met with Accident in Malaysia|date=30 July 2017|website=thetelugufilmnagar.com|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=27 अगस्त 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170827043431/https://www.thetelugufilmnagar.com/2017/07/30/vishnu-manchu-met-accident-malaysia/|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/actor-vishnu-injured-during-film-shooting/article19393644.ece|title=Actor Vishnu injured during film shoot|date=July 2017}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.thetelugufilmnagar.com/2017/07/30/vishnu-manchu-met-accident-malaysia/|title=Vishnu Manchu Met with Accident in Malaysia|date=July 2017|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=27 अगस्त 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170827043431/https://www.thetelugufilmnagar.com/2017/07/30/vishnu-manchu-met-accident-malaysia/|url-status=dead}}</ref> बाइक स्टंट दृश्य के दौरान अपने प्रतिद्वंद्वी को हेलमेट से मारने पर गंभीर रूप से घायल हो गए और अपने वाहन का संतुलन खो बैठे और उन्हें जोर से जमीन पर गिरना पड़ा।
== फिल्मोग्राफी ==
{| class="wikitable sortable"
!साल
! शीर्षक
! भूमिका
! टिप्पणियाँ
! class="unsortable" |
|-
| 1985
| ''रागिले गुंडेलु''
|बाल कलाकार
|
|-
| 2003
| ''विष्णु''
| विष्णु
| फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू साउथ
|
|-
| 2004
| ''सूर्यम''
| सूर्यम
|
|
|-
| 2005
| ''राजनीतिक उपद्रवी''
| नर्तकी
| कैमियो उपस्थिति
|
|-
| rowspan="2" | 2006
| ''एस्ट्राम''
| सिद्धार्थ
|
|
|-
| ''खेल''
| विजय राज
|
|
|-
| 2007
| ''धी''
| श्रीनिवास "बबलू" राव
|
|
|-
| 2008
| ''कृष्णार्जुन''
| अर्जुन
|
|
|-
| 2009
| ''सलीम''
| सलीम/मुन्ना
|
|
|-
| 2011
| ''वस्तादु ना राजू''
| वेंकी
| निर्माता
|
|-
| 2012
| ''डेनिकैना तैयार''
| सुलेमान/कृष्णा शास्त्री
| निर्माता
|
|-
| 2013
| ''दोसुकेल्था''
| चिन्ना/वेंकटेश्वर राव
| निर्माता
|
|-
| rowspan="4" | 2014
| ''पांडवुलु पांडवुलु तुम्मेदा''
| विजय
|
|
|-
|''उपद्रवी''
| कृष्णा
|
|
|-
|''अनुक्षणम''
| गौतम
| निर्माता
|
|-
| ''एरा बस''
| राजेश
| वितरक
|
|-
| 2015
| ''बारूद''
| शिवाजी कृष्ण
| निर्माता
|
|-
| 2016
| ''ईदो रकम आदो राकम''
| अर्जुन
|
|
|-
|2017
| ''लक्कुन्नोडु''
| भाग्यशाली
|
|
|-
| rowspan="2" | 2018
| ''गायत्री''
| शिवाजी
|
|
|-
|''अचारी अमेरिका यात्रा''
| कृष्णामाचारी
|
|
|-
|2019
| ''मतदाता''
| गौतम
|
|
|-
|2021
| ''मोसागल्लू''
| अर्जुन
| कहानी और निर्माता; एक साथ [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] में शूट किया गया
|
|-
| 2022
| ''जिन्ना''
| गली नागेश्वर राव
|
| <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/vishnu-manchu-sunny-leone-and-payal-rajputs-film-titled-ginna/articleshow/92146114.cms|title=Vishnu Manchu, Sunny Leone and Payal Rajput's film titled 'Ginna'|date=11 June 2022|work=TOI|access-date=11 June 2022}}</ref>
|}
; निर्माता के रूप में
* ''शिव शंकर'' (2003; प्रस्तुतकर्ता)
* ''वर्तमान थीगा'' (2014)
* ''सिंगम 123'' (2015; लेखक भी)
* ''मामा मांचू अल्लुडु कंचू'' (2015)
* ''चदरंगम'' (2020; [[ज़ी5|Zee5]] वेब सीरीज) <ref>{{Cite web|url=https://telanganatoday.com/manchu-vishnus-chadarangam-to-premiere-on-zee-5|title=Manchu Vishnu's Chadarangam to premiere on Zee 5|last=TelanganaToday|website=Telangana Today|language=en-US|access-date=5 January 2021}}</ref>
* ''भारत का बेटा'' (2022)
== अन्य काम ==
=== टेलीविजन ===
मांचू ने [[ज़ी तेलुगु]] की श्रृंखला ''हैप्पी डेज़'' की 100वीं कड़ी का निर्देशन करके टेलीविज़न में अपनी शुरुआत की। सीरीज के 700 एपिसोड में से इस एपिसोड ने सबसे ज्यादा टीआरपी रेटिंग हासिल की। ''हैप्पी डेज'' भी 24 फ्रेम्स फैक्ट्री द्वारा निर्मित है। उन्होंने ''लक्ष्मी टॉक शो'' या ''प्रेमथू मी लक्ष्मी'' का भी निर्देशन किया है। <ref>{{Cite web|url=http://www.metromasti.com/tv/news/Prematho-Mee-Lakshmi-talk-show-with-celebrities-on-ETV/8058|title=Prematho Mee Lakshmi talk show with celebrities on ETV by Lakshmi|website=metromasti.com}}</ref>
=== निर्माता ===
2009 में, मांचू ने [[आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की सूची|आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री]] [[वाई॰ एस॰ राजशेखर रेड्डी|वाईएस राजशेखर रेड्डी]] की भतीजी विरानिका रेड्डी से शादी की। 2011 में उनकी जुड़वां बेटियां हुईं। जनवरी 2018 में उन्हें एक बेटा हुआ <ref name=":6" /> और अगस्त 2019 में उन्हें एक बेटी हुई। <ref name=":7" />
=== शिक्षाविद् ===
मांचू स्प्रिंग बोर्ड इंटरनेशनल प्रीस्कूल के निदेशक हैं। जब वे अपने पिता द्वारा स्थापित श्री विद्यानिकेतन एजुकेशनल ट्रस्ट से जुड़े, तो यह पहले से ही एक अच्छी तरह से स्थापित शैक्षणिक संस्थान था। उन्होंने इस संस्था का कार्यभार संभाला और उन्हें छात्रों को मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करने वाले मॉडल संस्थानों में बनाया। उन्होंने स्प्रिंग बोर्ड अकादमी में इसका विस्तार और विविधीकरण किया, और न्यूयॉर्क अकादमी में संस्थापक और अध्यक्ष बने। <ref>{{Cite web|url=http://www.newyorkacademy.com/founder-and-chairman|title=NYA Founder and Chairman|website=newyorkacademy.com|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=21 अगस्त 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170821012220/http://www.newyorkacademy.com/founder-and-chairman/|url-status=dead}}</ref>
मांचू अपने पिता द्वारा स्थापित श्री विद्यानिकेतन एजुकेशनल ट्रस्ट चलाते हैं। ट्रस्ट श्री विद्यानिकेतन इंटरनेशनल स्कूल, श्री विद्यानिकेतन डिग्री कॉलेज, श्री विद्यानिकेतन इंजीनियरिंग कॉलेज, श्री विद्यानिकेतन कॉलेज ऑफ फार्मेसी, श्री विद्यानिकेतन कॉलेज ऑफ नर्सिंग, श्री विद्यानिकेतन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और श्री विद्यानिकेतन कॉलेज फॉर पोस्ट ग्रेजुएशन स्टडीज चलाता है। <ref>{{Cite web|url=http://www.greatandhra.com/viewnews.php?id=34321&cat=10&scat=25|title=SVET Fund Raising in New Jersey|date=16 December 2011|website=greatandhra.com}}</ref>
=== आर्मी ग्रीन ===
मंचू ने पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए आर्मी ग्रीन नामक एक सामाजिक इकाई शुरू की। इसने श्री विद्यानिकेतन संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों में छोटी बस्तियों को अपनाया। <ref>{{Cite web|url=http://in.news.yahoo.com/vishnu-manchu-takes-pride-voting-154215226.html|title=Vishnu Manchu takes pride in voting|date=24 July 2013|website=Yahoo News India}}</ref> <ref>{{Cite news|url=http://www.business-standard.com/article/news-ians/vishnu-manchu-takes-pride-in-voting-113072401127_1.html|title=Vishnu Manchu takes pride in voting|last=IANS|date=24 July 2013|work=business-standard.com}}</ref>
=== विष्णु मांचू आर्ट फाउंडेशन ===
मांचू ने विष्णु मांचू आर्ट फाउंडेशन (VMAF) तिरुपति में एक कला फाउंडेशन की स्थापना की। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiaglitz.com/-vishnu-manchu-art-foundation-inaugurated-today-telugu-news-128132.html|title=Vishnu Manchu Art Foundation Inaugurated|date=18 March 2015|website=indiaglitz.com|access-date=28 दिसंबर 2022|archive-date=21 अक्तूबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171021215704/https://www.indiaglitz.com/-vishnu-manchu-art-foundation-inaugurated-today-telugu-news-128132.html|url-status=dead}}</ref> समकालीन और प्रतिभाशाली कलाकारों के लाभ और उपयोग के लिए स्थापित एक संस्था के रूप में जाना जाता है, फाउंडेशन किसी भी वित्तीय और व्यावसायिक बाधाओं से मुक्त एक बहुत जरूरी स्थान प्रदान करता है। VMAF का मुख्य उद्देश्य इच्छुक और प्रतिभाशाली कलाकारों को उनकी रचनात्मकता की पहुंच विकसित करने में सहायता प्रदान करना है। VMAF प्रत्येक वर्ष मेक आर्ट, शो आर्ट और बियॉन्ड आर्ट कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित करता है।
एक कला शिक्षण संस्थान के रूप में, विष्णु मांचू आर्ट फाउंडेशन <ref>{{Cite web|url=http://www.telugucinemas.in/2015/03/vishnu-manchu-art-foundation.html|title=Vishnu Manchu Art Foundation|website=telugucinemas.in}}</ref> नियमित रूप से समकालीन कला और कलाकारों से संबंधित मुद्दों पर व्याख्यान और चर्चा आयोजित करता है। VMAF कला प्रेमियों और कलात्मक समुदाय के लिए कला समीक्षकों और प्रसिद्ध शिक्षाविदों के साथ उत्साही बातचीत में शामिल होने का एक स्थान है, जो फाउंडेशन में अपने काम का प्रदर्शन करते हैं। VMAF अपने पारंपरिक कार्यों और नए रचनात्मक विचारों और अभिव्यक्तियों के इंजेक्शन के लिए जाना जाता है।{{उद्धरण आवश्यक|date=January 2022}}
== संदर्भ ==
{{Reflist|30em}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://www.vishnumanchu.com/}}
* {{IMDb name|nm2059736}}
[[श्रेणी:भारतीय टीवी निर्देशक]]
[[श्रेणी:भारतीय फिल्म निर्माता]]
[[श्रेणी:1982 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
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महाराजगंज, आज़मगढ़
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I have added the name of the chairman of the town
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{{Infobox settlement
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}}
'''महाराजगंज''' (Mahrajganj) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[आज़मगढ़ ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह छोटी सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC |date=23 अप्रैल 2017 }}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[आज़मगढ़ ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर]]
[[श्रेणी:आज़मगढ़ ज़िला]]
[[श्रेणी:आज़मगढ़ ज़िले के नगर]]
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{{ख़राब अनुवाद|1=अंग्रेज़ी|date=जून 2025}}
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}}
[[शिवाजी|छत्रपति शिवाजी महाराज]] 1636 में [[शाहजी|शाहजी राजा]] के साथ [[बंगलौर|बैंगलोर]] में रहे। बारह वर्ष की आयु में अर्थात 1642 में, शाहजी महाराज ने शिवाजी राजा को [[पुणे]] जहाँगीरी की कमान संभालने के लिए भेजा। उस समय शाहजी राज ने शिवाजी राजा को पुणे जहाँगीरी में एक अलग राजमुद्रा, ध्वज, प्रधानाध्यापक और शिक्षक के साथ भेजा था। शिवाजी महाराज पर [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] जीवनी शिवभारत में इसका उल्लेख है। शाहजी राजे, [[जीजाबाई|जीजामाता]] की मुद्राएं [[फ़ारसी भाषा|फारसी भाषा]] में हैं। यवानी भाषा ने शाहजी राजे, जिजामाता के सिक्कों को प्रभावित किया। लेकिन शिवाजी महाराज की मुद्रा संस्कृत भाषा में है। इसका उद्देश्य हमारी भाषा को बढ़ावा देना और हमारी भाषा संस्कृति को संरक्षित करना था। शोधकर्ताओं के बीच एक आम सहमति है कि 1646 शाही स्टाम्प पत्र पहला पत्र था। 1646 से 1680 तक शाही मुहर वाले 250 पत्र इतिहासकारों के पास उपलब्ध हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.loksatta.com/maharashtra/shivjayanti-2018-meaning-of-chatrapati-shivaji-maharaj-rajmudra-1633799/|title=महाराजांची ‘राजमुद्रा’ नेमकी काय सांगते|website=Loksatta|language=mr|access-date=2023-02-05}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/marathi/india-60398377|title=शिवमुद्रा कधी तयार झाली ते शिवमुद्रेवरील मजकुराचा अर्थ जाणून घ्या|language=mr}}</ref>
[[चित्र:Royal_seals_of_Shivaji.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| राजमुद्रा और शिवाजी महाराज की सीमा]]
* '''राजमुद्रा पर संस्कृत पाठ''' :
{{Pull quote|'''प्रतिपच्चंद्रलेखेव वर्धिष्णुर्विश्ववंदिता॥'''<br>
'''साहसूनोः शिवस्यैषा मुद्रा भद्राय राजते॥'''}}
* '''हिंदी अर्थ''' :
# जगत् के लिए प्रशंसनीय तथा प्रतिपदा के अर्धचन्द्र के समान प्रतिदिन वृद्धि करने वाले शाहपुत्र शिवाजी की यह मुद्रा मंगल्य के लिए उपयुक्त है।
# जैसे-जैसे प्रतिपदा का चंद्रमा कला से बढ़ता है और पूरे विश्व में पूजनीय होता है, शाहाजी महाराज के पुत्र शिवाजी महाराज की मुद्रा की प्रसिद्धि बढ़ेगी और यह शाही मुद्रा लोगों के कल्याण के लिए ही चमकेगी।
शिवाजी महाराज के काल में दस्तावेजों पर दो प्रकार की मुद्राएं छापी जाती थीं। पत्र के आरंभ में इस पर शाही मुहर होती थी। अतः अक्षर के अंत में सीमा मुद्रा होती थी। सीमा मुद्रा पर शिलालेख पढ़ा गया, " '''मर्यादेय विराजते"''' । इसका अर्थ है कि यहाँ लिखने की सीमा ही अन्त है। मर्यादा मुद्रा के बाद किसी को कोई भी पाठ लिखने से रोकने के लिए मर्यादा मुद्रा का उपयोग किया जाता था।
== शिव मुद्रा की विशेषता ==
शिवाजी महाराज की राजमुद्रा, जो संस्कृत में पारंगत है, आकार में अष्टकोणीय है। एक बहुत ही उचित माप के लिए, इस मोहर में 1 सेंटीमीटर के आठ कोण हैं।
पत्र पर शाही मुहर किस स्थान पर लगनी चाहिए, इसके संबंध में भी कुछ नियम थे। जब एक पत्र आधिकारिक कार्य के हिस्से के रूप में लिखा जाता था, तो पत्र के शीर्ष पर शाही मुहर लगाई जाती थी। लेकिन जब कोई पत्र रिश्तेदारों, बड़ों या साधुओं को भेजा जाता था, तो पत्र के पीछे शिव मुद्रा खींची जाती थी। ऐसे दो पत्र मिलते हैं। उनमें से एक कोल्हापुर के घाटगे परिवार को संबोधित एक पत्र है और कान्होजी जेधे को संबोधित पत्र की पीठ पर शाही मुहर है। इसका कारण यह है कि शिवराय से वरिष्ठ व्यक्तियों को भेजे गए पत्र आदेश नहीं थे। उस व्यक्ति के प्रति आदर और स्नेह प्रकट करने के लिए पत्र के पीछे शिव मुद्रा का प्रयोग किया जाता था।
== महादेव मुद्रा ==
महादेव मुद्रा छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के बाद बनाई गई थी। लेकिन इतिहास के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस करेंसी के इस्तेमाल के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
शिव छत्रपति की मुद्रा अष्टभुजा है। इस पर संस्कृत श्लोक ' '''श्री महादेव श्री तुलजाभवानी II शिवनरिपरूपेणोरविमावातिर्णोय: स्वयं प्रभु रविष्णु: II एशा तड़िया मुद्रा भुबल्यस्यभयप्रदा जयति II''' ' खुदा हुआ है। इस श्लोक का मराठी अनुवाद 'श्री विष्णु स्वयं है, जो श्री शिवराय के रूप में पृथ्वी पर अवतरित हुए। उनकी यह मुद्रा पूरे भुटाला को आश्रय देगी। उसकी जय हो,' यह कहता है।
शोधकर्ताओं ने 'महादेव मुद्रा' वाले दस्तावेजों के सत्यापन की उपेक्षा की है क्योंकि इसे शिवाजी महाराज की एकमात्र मुद्रा माना जाता है। इस नई आविष्कृत मुद्रा को शिवाजी महाराज ने अपने राज्याभिषेक के दौरान गढ़ा था। लेकिन उसके बाद भी महाराजा ने पुरानी राजमुद्रा का ही प्रयोग किया है। इस मुद्रा पर श्लोक वैसा ही दिया गया है जैसा ' सासाबादा की बखरी ' में है। <ref>{{Cite web|url=https://maharashtratimes.com/rajmudra/articleshow/36038735.cms|title=शिवरायांची दुसरी राजमुद्रा सापडली|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2023-02-05}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.evachnalay.in/2022/02/blog-post_52.html|title=बाबासाहेब पुरंदरे लिखित शिवचरित्र {{!}}{{!}} राजा शिवछत्रपती {{!}}{{!}} पुस्तक परिचय-समीक्षा मराठी|last=Buddy|first=पुस्तक मित्र Book|website=www.evachnalay.in|language=mr|access-date=2023-02-06}}</ref>
== विरासत ==
* [[चित्र:Naval_Ensign_of_India.svg|अंगूठाकार| भारतीय नौसेना का ध्वज]] शिवाजी महाराज को आधुनिक [[भारतीय नौसेना]] का जनक माना जाता है, 2022 में नव निर्मित भारतीय नौसेना के ध्वज पर प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज के हथियारों के कोट से प्रेरित है। <ref>{{Cite web|url=https://lokmat.news18.com/maharashtra/indian-navy-flag-new-shield-design-inspired-by-chhatrapati-shivaji-maharaj-mhgm-gh-755338.html|title=भारतीय नौदलाच्या नव्या ध्वजावरील बोधचिन्हात छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या राजमुद्र|date=2022-09-02|website=News18 Lokmat|language=mr|access-date=2023-02-05|archive-date=5 फ़रवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230205203011/https://lokmat.news18.com/maharashtra/indian-navy-flag-new-shield-design-inspired-by-chhatrapati-shivaji-maharaj-mhgm-gh-755338.html|url-status=dead}}</ref>
[[श्रेणी:महाराष्ट्र का इतिहास]]
[[श्रेणी:शिवाजी]]
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विवेगाम (फ़िल्म)
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text/x-wiki
{{Infobox film
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| alt =
| caption = नाट्य विमोचन पोस्टर
| director = शिवा
| writer =
| screenplay = शिवा<br/>काबिलन वैरामुथु<br/>आधि नारायण<ref name="behindwoods1">[http://m.behindwoods.com/tamil-movies-cinema-news-16/an-analysis-of-the-first-look-poster-of-vivegam.html An analysis of the first look poster of Vivegam]. M.behindwoods.com (3 February 2017). Retrieved on 4 June 2017.</ref><ref name="indiaglitz1">[https://www.indiaglitz.com/a-theme-song-based-on-never-ever-give-up-dialogue-in-vivegam-thala-ajith-tamil_amp-news-186008.html A new version of 'Never Ever Give Up' in 'Vivegam'-Tamil Movie News] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230412073121/https://www.indiaglitz.com/a-theme-song-based-on-never-ever-give-up-dialogue-in-vivegam-thala-ajith-tamil_amp-news-186008.html |date=12 अप्रैल 2023 }}. M.indiaglitz.com. Retrieved on 4 June 2017.</ref>
| story = शिवा
| producer = सत्य ज्योति फिल्म्स<br/>सेंथिल त्यागराजन<br/>अर्जुन त्यागराजन
| starring =[[अजित कुमार]]<br/>[[विवेक ओबेरॉय]]<br/>[[काजल अग्रवाल]]<br/>[[अक्षरा हासन]]
| cinematography = वेत्री पलानीसामी
| editing = रुबेन
| music = अनिरुद्ध रविचंदर
| studio = सत्य ज्योति फिल्म्स
| distributor = सत्य ज्योति फिल्म्स
| released = {{Film date|df=yes|2017|08|24}}
| country = [[भारत]]
| language = [[तमिल]]
| budget = 100—130 करोड़<ref name=IndiaTodayFinancial>{{cite magazine|url=https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/vivegam-box-office-collection-thala-ajith-kumar-siva-kajal-1038094-2017-09-05|title=Vivegam-box office- collection Worldwide: Ajith Kumar & Siva Kajal|magazine=India Today|access-date=5 October 2017}}</ref><ref>{{cite web|title=Vivegam box office collection Day 2: Ajith starrer collects over Rs 60 crore|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/tamil/vivegam-box-office-collection-day-2-ajith-starrer-collects-over-rs-60-crore-4814879/|website=The Indian Express|access-date=13 October 2022}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.hindustantimes.com/regional-movies/will-ajith-s-vivegam-beat-rajinikanth-s-kabali-record-at-the-box-office/story-bX3vWAwx92042h9vCzNmcO.html|title=Will Ajith's Vivegam beat Rajinikanth's Kabali record at the box office?|newspaper=Hindustan Times|date=23 August 2017}}</ref>
| gross = 112–167 करोड़<ref>{{cite news|url=https://www.ibtimes.co.in/vivegam-box-office-collection-ajith-starrer-grosses-rs-112-crore-its-lifetime-747310|title=Vivegam box office collection: Ajith-starrer grosses Rs 112 crore in its lifetime|newspaper=International Business Times|date=28 October 2017}}</ref><ref name="CatchVivegam">{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/vivegam-thala-ajith-starrer-emerges-big-flop-final-collections-lesser-than-opening-weekend-collections-of-thalapathy-vijay-s-mersal-88892.html|title=Vivegam: Thala Ajith starrer emerges big flop, final collections lesser than opening weekend collections of Thalapathy Vijay's Mersal}}</ref><ref name="FinExp167">{{cite news|url=http://www.financialexpress.com/entertainment/after-baahubali-the-conclusion-thala-ajith-kumars-vivegam-is-the-only-movie-to-achieve-this-record-find-out-what-it-is/886602/ |title=Except Baahubali: The Conclusion and Vivegam, no movie holds this box office record; find out |publisher=Financial Express |date=9 October 2017 |access-date=28 December 2017}}</ref><ref name=IndiaTodayFinancial/>
}}
'''विवेगम''' वर्ष 2017 की [[तमिल भाषा|तमिल]] और [[हिन्दी]] भाषा की [[एक्शन फिल्म|एक्शन थ्रिलर]] भारतीय फिल्म है। यह फिल्म ''शिवा'' द्वारा लिखित और निर्देशित हैं जिसमें [[अजित कुमार]], [[विवेक ओबेरॉय]], [[काजल अग्रवाल]] और [[अक्षरा हासन]] अभिनय कर रहे हैं। फिल्म में अजय कुमार नाम के एक पूर्व आतंकवादी एजेंट को एक विशेष मिशन आवंटित किया गया है लेकिन उन्हें अपने दोस्तों द्वारा धोखा दिया जाता है जो एक गुप्त एजेंसी के लिए काम करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiaglitz.com/vivegam-trailer-review-tamil-news-193309|title='Vivegam' - Promises a sure shot blockbuster! - Tamil News|date=2017-08-16|website=IndiaGlitz.com|access-date=2023-06-05}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/regional-movies/cleared-with-ua-certificate-ajith-s-vivegam-to-finally-hit-screens-on-august-24/story-CllfFq8e180RQpk1OkXkBL.html|title=Cleared with UA certificate, Ajith’s Vivegam to finally hit screens on August 24|date=2017-07-31|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2023-06-05}}</ref>
फिल्म का पृष्ठभूमि स्कोर और संगीत अनिरुद्ध रविचंदर द्वारा रचित हैं। फिल्म का संगीत एल्बम 7 अगस्त 2017 को रिलीज़ हुआ। यह विवेक ओबरॉय की पहली तमिल फिल्म थीं।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/tamil/movies/news/vivegam-is-ready-to-release-as-commando-in-kannada/articleshow/65401667.cms|title='Vivegam' is ready to release as 'Commando' in Kannada|date=2018-08-28|work=The Times of India|access-date=2023-06-05|issn=0971-8257}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.thehindu.com/entertainment/movies/vivegam-review-fast-without-fury/article19551775.ece|title=‘Vivegam’ review: Vivegam is a misfire on many levels - The Hindu|date=2017-08-24|website=web.archive.org|access-date=2023-06-05|archive-date=24 अगस्त 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170824082935/http://www.thehindu.com/entertainment/movies/vivegam-review-fast-without-fury/article19551775.ece|url-status=bot: unknown}}</ref>
== कथानक ==
फिल्म में, जनता सेवा अधिकारी अजय कुमार([[अजित कुमार]]) का चरित्र है। उसके पीछे एक उग्र संगठन लग हुआ है जो सैनिकों की गुप्त जानकारी को चुरा कर इसका उपयोग अपराधियों को वैध ढंग से छुड़ाने के लिए करता है। जब अजय की टीम उनके पहले मिशन में असफल होती है, तो उसे एक खतरनाक रेस में शामिल होना होता है जहाँ उसे अपनी टीम को बचाने के लिए अपराधियों से मुकाबला करना पड़ता है। आगे अजय और उसकी टीम संगठन को नष्ट करने, उनकी साजिश को रोकने और अपराधियों को सजा दिलाने के क्रम में कहानी रोचक रूप लेती हैं।
== कलाकार ==
{{colbegin}}
* [[अजित कुमार]] - अजय कुमार
* [[विवेक ओबेरॉय]] - आर्यन सिंघानिया
* [[काजल अग्रवाल]] - याज़िनी अजय कुमार
* [[अक्षरा हासन]] - नताशा
* आरव चौधरी - शॉन
* करुणाकरण - अरुमाई प्रकाशम
* अमिला तेरज़िमेहिक राचेल के रूप में
* सर्ज क्रोज़ोन-काज़िन माइकल के रूप में
* भरत रेड्डी - भरत
* [[शरत सक्सेना]]
* स्वामीनाथन
* विशेष उपस्थिति में मिलान
{{colend}}
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title|tt6878378}}
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लाइट & वंडर
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text/x-wiki
{{Infobox company|name=लाइट & वंडर, इंक|logo=Light & Wonder logo.svg|former_name=साइअन्टिफिक गेम्स कॉर्पोरेशन|type=[[सार्वजनिक कंपनी]]|traded_as={{Unbulleted list|{{NASDAQ|LNW}}एस&पी ४०० कम्पोनन्ट}}|industry=[[जुआ]]|predecessor=ऑटोटोन कॉर्पोरेशन|foundation=|founder=|location_city=[[लास वेगास, नेवाडा]]|key_people={{Unbulleted list
|मैट विल्सन {{small|([[सीईओ]], [[अध्यक्ष]])}}<ref name="Wilson CEO">{{Cite news|url=https://www.businesswire.com/news/home/20221010005752/en/Light-Wonder-Names-Matt-Wilson-Chief-Executive-Officer |title=Light & Wonder Names Matt Wilson Chief Executive Officer |date=October 10, 2022 }}</ref>
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}}|revenue=$२.७ अरब<ref name=10k2020p84>{{cite report|title=Form 10-K: Annual Report|publisher=Scientific Games Corp.|date=March 1, 2021|url=https://www.sec.gov/ix?doc=/Archives/edgar/data/750004/000075000421000008/sgms-20201231.htm|page=84|via=EDGAR}}</ref>|revenue_year=२०२०|operating_income=$२.२ करोड़<ref name=10k2020p84 />|income_year=२०२०|net_income=–$५४.८ करोड़<ref name=10k2020p84 />|net_income_year=२०२०|assets=$८ अरब<ref name=10k2020p86>{{cite report|title=Form 10-K: Annual Report|publisher=Scientific Games Corp.|date=March 1, 2021|url=https://www.sec.gov/ix?doc=/Archives/edgar/data/750004/000075000421000008/sgms-20201231.htm|page=86|via=EDGAR}}</ref>|assets_year=२०२०|num_employees=९,०००<ref>{{cite report|title=Form 10-K: Annual Report|publisher=Scientific Games Corp.|date=March 1, 2021|url=https://www.sec.gov/ix?doc=/Archives/edgar/data/750004/000075000421000008/sgms-20201231.htm|page=13|via=EDGAR}}</ref>|num_employees_year=२०२०|brands={{ubl|Bally|WMS|Shuffle Master}}|website={{url|lnw.com}}|native_name=Light & Wonder, Inc.|native_name_lang=en|romanized_name=Light & Wonder, Inc.|trading_name=LNW|caption=चिह्न}}
'''लाइट & वंडर, इंक.''', जिसे पहले '''साइंटिफिक गेम्स कॉर्पोरेशन''' के नाम से जाना जाता था, एक अमेरिकी कॉर्पोरेशन है जो [[जुआ]] उत्पाद और सेवाएँ प्रदान करता है। कंपनी का मुख्यालय [[लास वेगास|लास वेगास, नेवाडा]] में है।
लाइट & वंडर का गेमिंग डिवीजन स्लॉट मशीन, टेबल गेम, शफ़लिंग मशीन और कैसीनो प्रबंधन सिस्टम जैसे उत्पाद प्रदान करता है। इसके ब्रांडों में बैली, डब्लूएमएस और शफल मास्टर शामिल हैं।
== इतिहास ==
कंपनी का इतिहास '''ऑटोटोट''' से जुड़ा है,<ref>{{Cite web|url=https://www.scientificgames.com/about/company-history/|title=Our History of Innovation|publisher=Scientific Games|access-date=2019-03-14|archive-date=9 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211209144115/https://www.scientificgames.com/about/company-history/|url-status=dead}}</ref> रेसट्रैक पर पैरिमुटुएल दांव लगाने के लिए टोटलिज़ेटर सिस्टम का निर्माता है। ऑटोटोट का इतिहास १९१७ का है, जब जॉर्ज जूलियस ने अपने द्वारा आविष्कार किए गए टोटलिज़ेटर सिस्टम को बनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया में ऑटोमैटिक टोटलिसेटर्स लिमिटेड की स्थापना की थी।<ref>{{Cite journal|last=Lindsay Barrett|last2=Matthew Connell|year=2006|title=An Unlikely History of Australian Computing: the Reign of the Totalisator|url=http://www.rutherfordjournal.org/article020105.html|journal=The Rutherford Journal|access-date=2019-03-14}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/1982/10/04/business/business-people-holder-of-most-stock-will-head-autotote.html|title=Holder of most stock will head Autotote|last=Daniel F. Cuff|date=October 4, 1982|work=New York Times|access-date=2019-03-14}}</ref>
ऑटोमैटिक टोटलिसेटर्स ने १९५३ में न्यूयॉर्क शहर में अपना अमेरिकी कार्यालय खोला, और फिर १९५६ में इसे विलमिंगटन, डेलावेयर में स्थानांतरित कर दिया।<ref>{{Cite news|url=https://www.newspapers.com/clip/100773920/wilmington-is-us-home-for-aussie-tote/|title=Wilmington is U.S. home for Aussie tote company|last=Izzy Katzman|date=December 22, 1966|work=The News Journal|location=Wilmington, DE|via=Newspapers.com}}</ref> १९७२ में यह फिर से [[डेलावेयर]] के नेवार्क [[शहर]] में चला गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.newspapers.com/clip/100771609/visionary-weil-at-helm-of-autotote/|title='Visionary' Weil at helm of Autotote|date=June 2, 1995|work=The News Journal|location=Wilmington, DE|via=Newspapers.com}}</ref> १९७८ में लॉटरी सिस्टम, ऑफ-ट्रैक सट्टेबाजी और स्लॉट मशीन अकाउंटिंग जैसे टोटलिज़ेटर के अलावा अन्य व्यवसायों में इसके विविधीकरण को प्रतिबिंबित करने के लिए, यूएस डिवीजन का नाम बदलकर ऑटोटोट लिमिटेड कर दिया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.newspapers.com/clip/100774374/business-briefs/|title=Business briefs|date=September 22, 1978|work=The Morning News|location=Wilmington, DE|via=Newspapers.com}}</ref>
१९७९ में थॉमस एच. ली कंपनी के नेतृत्व वाले एक समूह द्वारा ऑटोटोट लिमिटेड को १.७ करोड़ डॉलर में अधिग्रहित किया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.newspapers.com/clip/100771480/boston-group-buys-autotote/|title=Boston group buys Autotote|date=August 28, 1979|work=The Morning News|location=Wilmington, DE|via=Newspapers.com}}</ref>
१९८९ में एक अन्य प्रमुख टोटलाइज़र कंपनी यूनाइटेड टोट ने ऑटोटोट को $८.५ करोड़ में खरीदा।<ref>{{Cite news|url=https://www.newspapers.com/clip/100777661/united-tote-buys-rival-company/|title=United Tote buys rival company|date=December 12, 1989|work=The Billings Gazette|via=Newspapers.com}}</ref> इससे पहले कि कंपनियों के संचालन को एकीकृत किया जा सके, विलय को संघीय अविश्वास नियामकों द्वारा चुनौती दी गई थी।<ref name="Forbes">{{Cite news|url=http://business.highbeam.com/392705/article-1G1-12798157/home-range|title=Home on the range|last=Phyllis Berman|date=November 9, 1992|work=Forbes|archive-url=https://web.archive.org/web/20150402152030/http://business.highbeam.com/392705/article-1G1-12798157/home-range|archive-date=April 2, 2015}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/1990/12/28/business/company-news-united-tote-sees-significant-loss.html|title=Company News; United Tote Sees Significant Loss|last=Reuters|date=December 28, 1990|work=The New York Times|access-date=September 28, 2018|language=en}}</ref> १९९१ के एक अदालती फैसले ने कंपनी को फिर से विभाजित होने के लिए मजबूर कर दिया। पूर्व यूनाइटेड टोटे की संपत्ति उस कंपनी के संस्थापकों, शेलहैमर परिवार को वापस बेच दी गई थी, और जो कंपनी बची थी उसका नाम बदलकर ऑटोटोट कॉर्पोरेशन कर दिया गया, जो अब एक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी है।<ref name="Forbes" /><ref>{{Cite report|title=Form 10-K: Annual Report|date=January 26, 1996|url=https://www.sec.gov/Archives/edgar/data/750004/0000950109-96-000435.txt}}</ref>
२००० में ऑटोटोट ने तत्काल लॉटरी उपकरण बनाने वाली कंपनी साइंटिफिक गेम्स होल्डिंग्स कॉर्प को ३०.८ करोड़ डॉलर में खरीदा।<ref>{{Cite news|url=https://www.proquest.com/docview/398720895/1371094ED0C6F32DB7C|title=Autotote purchase of Scientific Games is set for $310 million|date=May 19, 2000|work=Wall Street Journal|access-date=June 1, 2012|via=ProQuest}} {{Subscription required}}</ref> साइंटिफिक गेम्स की स्थापना १९७३ में हुई थी, और १९७४ में पहला सुरक्षित तत्काल लॉटरी टिकट पेश किया गया था <ref name="nytimes.com">{{Cite web|url=https://www.nytimes.com/2007/10/21/business/21machine.html|title=Divide and Conquer: Meet the Lottery Titans|last=Stodghill|first=Ron|last2=Nixon|first2=Ron|date=October 21, 2007|website=The New York Times|access-date=October 21, 2007}}</ref> संयुक्त कंपनी ने २००१ में अपना नाम ऑटोटोट से बदलकर साइंटिफिक गेम्स कॉर्पोरेशन कर लिया।
२००२ तक उत्तरी अमेरिका में रेसिंग पर प्रतिवर्ष लगाए जाने वाले $२० अरब के दो-तिहाई हिस्से को ऑटोटोट कंप्यूटर द्वारा ट्रैक किया जाता था। ऑटोटोट ने दुनिया भर में परिमुटुएल वैगिंग सिस्टम की आपूर्ति की। ये [[अश्वधावन|घुड़दौड़]] और ग्रेहाउंड रेसिंग पर सट्टेबाजी के लिए स्वचालित, कम्प्यूटरीकृत ऑफ-ट्रैक और ऑन-ट्रैक सिस्टम थे। यह ऑफ-ट्रैक सट्टेबाजी, दौड़ के परिणामों और जीतने वाले टिकटों पर नज़र रखने और दौड़ सिमुलकास्टिंग के लिए एक एकीकृत प्रणाली थी। रेसिंग उद्योग के लिए ऑटोटोट सॉफ़्टवेयर की सुरक्षा ने २००२ में मीडिया का ध्यान आकर्षित किया जब उनके सॉफ़्टवेयर डेवलपर्स में से एक ने उनके सॉफ़्टवेयर और प्रक्रियाओं में छेद करके $३० लाख चुराने का प्रयास किया, जिसे "एक मूर्खतापूर्ण डिज़ाइन दोष के बहुत ही सरल शोषण का एक उदाहरण" के रूप में वर्णित किया गया।"<ref>{{Cite web|url=http://www.baselinemag.com/c/a/Projects-Security/How-Autotote-Insider-Rigged-the-System/|title=How Autotote Insider Rigged the System|date=December 1, 2002|website=Baseline Magazine|publisher=Ziff-Davis Media|access-date=February 18, 2012}}</ref>
२००२ के ब्रीडर्स कप सट्टेबाजी घोटाले में ऑटोटोट के सॉफ़्टवेयर की भूमिका के कारण घोटाले की प्रकृति सामने आने के बाद नेशनल थोरब्रेड रेसिंग एसोसिएशन को बढ़ते आक्रोश के बीच त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी। शर्त बंद होने के तुरंत बाद सट्टेबाजी की जानकारी प्रसारित करने के लिए सभी टोट कंपनियों को अपने सॉफ़्टवेयर को संशोधित करने की आवश्यकता थी। इसने अपने सदस्य ट्रैक पर ऐसे पार्लरों के साथ व्यापार न करने का दबाव डाला, जिनके पास फोन पर लिए गए दांवों को रिकॉर्ड करने की क्षमता नहीं थी।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2002/11/09/sports/horse-racing-betting-inquiry-will-include-fbi.html?pagewanted=all&src=pm|title=Betting Inquiry Will Include F.B.I.|date=November 9, 2002|work=[[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]]|access-date=February 18, 2012}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2002/12/03/sports/horse-racing-handlers-of-pick-six-bets-to-face-a-lawsuit.html|title=Handlers of Pick-Six Bets to Face a Lawsuit|date=December 3, 2002|work=The New York Times|access-date=September 29, 2018|language=en}}</ref>
२००७ में ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने साइंटिफिक गेम्स और जीटेक को "ऐतिहासिक रूप से डकैतों द्वारा चलाए गए एक भूमिगत ऑपरेशन" को "एक आकर्षक, राज्य-प्रायोजित कॉर्पोरेट उद्यम" में बदलने का श्रेय दिया।<ref name="nytimes.com"/> ऑटोटोट रेसिंग डिवीजन को २०१० में स्पोर्टेक को बेच दिया गया था।<ref name="Nowak, Dan">{{Cite web|url=https://www.nhregister.com/news/article/Sports-Haven-Autotote-has-new-owner-11617983.php|title=Sports Haven/Autotote has new owner|date=October 7, 2010|website=[[New Haven Register]]|access-date=February 18, 2012}}</ref>
मार्च २०१७ में साइंटिफिक गेम्स ने ईऑन प्रोडक्शंस और एमजीएम इंटरएक्टिव के साथ एक सौदे के माध्यम से [[जेम्स बॉण्ड|जेम्स बॉन्ड]] फ्रैंचाइज़ का उपयोग करने के अधिकार हासिल कर लिए।<ref>{{Cite news|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/scientific-games-strikes-deal-to-showcase-slots-featuring-james-bond/|title=Scientific Games strikes deal to showcase slots featuring James Bond|date=March 8, 2017|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=September 28, 2018|language=en-US}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hollywoodreporter.com/behind-screen/ron-perelman-s-scientific-games-inks-james-bond-licensing-deal-984384|title=Ron Perelman's Scientific Games Inks James Bond Licensing Deal|work=The Hollywood Reporter|access-date=September 28, 2018|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://businesspress.vegas/columns/gaming-insider/scientific-games-corp-to-start-producing-james-bond-slot-machines/|title=Scientific Games Corp. to start producing James Bond slot machines|date=March 29, 2017|work=Las Vegas Business Press|access-date=September 28, 2018|language=en-US}}</ref>
साइंटिफिक गेम्स ने २०१९ में एक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी के रूप में अपना सोशल गेमिंग डिवीजन साईप्ले लॉन्च किया, जो [[सार्वजनिक प्रस्ताव|प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश]] के माध्यम से व्यवसाय में अल्पसंख्यक हिस्सेदारी बेच रहा था।<ref>{{Cite news|url=https://www.cdcgamingreports.com/sciplay-ipo-loss-reductions-buoy-spirits-for-scientific-games/|title=SciPlay IPO, loss reductions buoy spirits for Scientific Games|last=Matthew Crowley|date=May 8, 2019|work=CDC Gaming Reports|access-date=2021-10-31}}</ref>
२०२० में साइंटिफिक गेम्स ने अपनी बैलेंस शीट को कम करने के उद्देश्य से एक रणनीतिक समीक्षा शुरू की, क्योंकि यह ९.२ अरब डॉलर के कर्ज से जूझ रहा था।<ref name="stutz">{{Cite news|url=https://thenevadaindependent.com/article/sales-of-sports-betting-and-lottery-divisions-on-the-horizon-for-scientific-games|title=Sales of sports betting and lottery divisions on the horizon for Scientific Games|last=Howard Stutz|date=June 29, 2021|work=The Nevada Independent|access-date=2021-10-31}}</ref> कंपनी ने अंततः अपने कैसीनो गेमिंग व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने लॉटरी और खेल सट्टेबाजी व्यवसायों को बेचने का फैसला किया।<ref name="stutz" /> २०२१ में साइंटिफिक गेम्स ने अपने स्पोर्ट्स बेटिंग डिवीजन को एंडेवर ग्रुप होल्डिंग्स को १.२ अरब डॉलर में बेचने और अपने लॉटरी डिवीजन को ब्रुकफील्ड बिजनेस पार्टनर्स को ६.१ अरब डॉलर में बेचने पर सहमति व्यक्त की।<ref>{{Cite news|url=https://www.reuters.com/business/ufc-owner-endeavor-buy-sports-betting-firm-openbet-12-bln-2021-09-27/|title=Endeavor to buy sports betting unit from Scientific Games for $1.2 bln|last=Krystal Hu|date=September 27, 2021|work=Reuters|access-date=2021-10-31|last2=Niket Nishant}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/scientific-games-selling-lottery-division-for-6-05b-2468683/|title=Scientific Games selling lottery division for $6.05B|last=Richard N. Velotta|date=October 29, 2021|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=2021-10-31}}</ref> जैसे ही विनिवेशित लॉटरी व्यवसाय ने साइंटिफिक गेम्स का नाम लिया, कंपनी ने मार्च २०२२ में घोषणा की कि वह लाइट & वंडर के रूप में पुनः ब्रांडेड होगी।<ref>{{Cite news|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/scientific-games-rebranding-wth-new-name-identity-2538298/|title=Scientific Games rebranding wth new name, identity|last=Richard N. Velotta|date=March 2, 2022|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=2022-04-30}}</ref>
== सहायक ==
लाइट & वंडर की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों में द ग्लोबल ड्रा,<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.theguardian.com/uk-news/2017/oct/10/multimillionaires-making-packet-britain-gamblers|title=The multimillionaires making a packet out of Britain's gamblers|last=Davies|first=Rob|date=October 10, 2017|website=The Guardian|language=en|access-date=September 29, 2018}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFDavies2017">Davies, Rob (October 10, 2017). </cite></ref> बारक्रेस्ट,<ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/igt-sells-british-based-slot-machine-developer/|title=IGT sells British-based slot machine developer|date=April 27, 2011|website=Las Vegas Review-Journal|access-date=April 27, 2011}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="true">[https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/igt-sells-british-based-slot-machine-developer/ "IGT sells British-based slot machine developer"]. </cite></ref> बैली टेक्नोलॉजीज,<ref>{{Cite web|url=https://www.bloomberg.com/news/articles/2014-08-01/scientific-games-buys-bally-technologies-for-5-1-billion|title=Scientific Games Buys Bally in $3.3 Billion Gaming Deal|date=August 1, 2014|website=Bloomberg.com|access-date=September 29, 2018}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.wsj.com/articles/scientific-games-to-buy-bally-technologies-1406893130|title=Scientific Games to Buy Bally Technologies|date=August 1, 2014|work=Wall Street Journal|access-date=September 29, 2018|language=en-US|issn=0099-9660}}</ref> डब्लूएमएस इंडस्ट्रीज,<ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.bloomberg.com/news/articles/2013-01-31/scientific-games-agrees-to-buy-wms-for-1-5-billion|title=Scientific Games Agrees to Buy WMS for $1.5 Billion|website=Bloomberg.com|access-date=September 29, 2018}}</ref><ref name=":3">{{Cite news|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/scientific-gaming-reports-revenue-gain-in-2nd-quarter/|title=Scientific Gaming reports revenue gain in 2nd quarter|last=Velotta|first=Richard N.|date=July 24, 2017|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=September 29, 2018|language=en-US}}</ref> एमडीआई एंटरटेनमेंट, एलएलसी और एनवाईएक्स गेमिंग ग्रुप लिमिटेड शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=http://quote.morningstar.com/stock-filing/Annual-Report/2011/12/31/t.aspx?t=XNAS:SGMS&ft=10-K&d=bb548bb3bf25e9c8e26139b61dee2487|title=Form 10-K|access-date=December 31, 2011|archive-date=7 अप्रैल 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407142943/http://quote.morningstar.com/stock-filing/Annual-Report/2011/12/31/t.aspx?t=XNAS:SGMS&ft=10-K&d=bb548bb3bf25e9c8e26139b61dee2487|url-status=dead}}</ref>
२००६ में कंपनी ने स्वीडिश फर्म एसनेट के लॉटरी संचालन का अधिग्रहण किया,<ref>{{Cite web|url=https://www.dn.se/arkiv/ekonomi/scientific-games-koper-essnet/|title=Scientific Games köper Essnet|date=January 21, 2006|website=Dagens Nyheter|language=sv|access-date=December 20, 2018}}</ref> साथ ही द ग्लोबल ड्रॉ का अधिग्रहण किया जो यूके में सट्टेबाजी की दुकानों को सर्वर-आधारित जुआ मशीनें प्रदान करता है।<ref name=":0"/> यूके स्थित एक अन्य गेमिंग कंपनी बारक्रेस्ट को २०१० में आईजीटी से अधिग्रहित किया गया था।<ref name=":1"/> बारक्रेस्ट डील गेम्स का मालिक है और सट्टेबाजी और जुआ टर्मिनलों का निर्माता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.manchestereveningnews.co.uk/business/business-news/barcrest-group-faces-job-losses-359074|title=Barcrest Group faces job losses after Scientific Games Corporation review|date=January 24, 2012|work=Manchester Evening News|access-date=September 29, 2018}}</ref>
अक्टूबर २०१३ में कंपनी ने स्लॉट मशीनों के तीसरे सबसे बड़े निर्माता WMS इंडस्ट्रीज को $१.५ अरब में खरीदा।<ref name=":2"/><ref name=":3"/> साइंटिफिक गेम्स ने बाद में नवंबर २०१४ में एक और स्लॉट मशीन निर्माता, बैली टेक्नोलॉजीज को ३.३ अरब डॉलर और अनुमानित ऋण में १.८ अरब डॉलर का अधिग्रहण किया।<ref>{{Cite news|url=http://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/scientific-games-completes-51-billion-acquisition-bally|title=Scientific Games completes $5.1 billion acquisition of Bally|last=Howard Stutz|date=November 21, 2014|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=March 9, 2015}}</ref>
२०१६ में कंपनी ने कनाडाई टेबल-गेम निर्माता डेक सिस्टम्स का अधिग्रहण किया।<ref>{{Cite news|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/scientific-games-to-acquire-canadian-table-game-provider/|title=Scientific Games to acquire Canadian table-game provider|date=September 1, 2016|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=September 29, 2018|language=en-US}}</ref> मोबाइल बिंगो ऐप निर्माता स्पाइसरैक मीडिया इंक को साइंटिफिक गेम्स सोशल गेमिंग डिवीजन का विस्तार करने के लिए अप्रैल २०१७ में अधिग्रहण किया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/las-vegas-based-scientific-games-acquires-bingo-app-maker/|title=Las Vegas-based Scientific Games acquires bingo app maker|date=April 11, 2017|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=September 29, 2018|language=en-US}}</ref> साइंटिफिक गेम्स ने सितंबर २०१७ में निक्स गेमिंग ग्रुप लिमिटेड के $६३.१ करोड़ के अधिग्रहण की भी घोषणा की।<ref>{{Cite news|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/nyx-gaming-group-shareholders-approve-acquisition-by-scientific-games/|title=NYX Gaming Group shareholders approve acquisition by Scientific Games|last=Richard N.|first=Velotta|date=December 20, 2017|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=September 29, 2018|language=en-US}}</ref> जब निक्स का अधिग्रहण पूरा हो गया, तो कंपनी को स्पोर्ट्स-बेटिंग प्लेटफॉर्म ओपनबेट प्राप्त हुआ, जो २०१८ तक यूके में सभी स्पोर्ट्स सट्टेबाजी का लगभग ८०% संभालता है।<ref name="Cottle CEO">{{Cite news|url=https://www.reviewjournal.com/business/casinos-gaming/scientific-games-posts-201-8-m-net-loss-in-first-quarter/|title=Scientific Games posts $201.8 M net loss in first quarter|last=Velotta|first=Richard N.|date=May 3, 2018|work=Las Vegas Review-Journal|access-date=September 29, 2018|language=en-US}}</ref> नवंबर २०२१ में साइंटिफिक गेम्स ने लाइव स्ट्रीमिंग कैसीनो गेम के प्रदाता ऑथेंटिक गेमिंग का अधिग्रहण किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.gamblingnews.com/news/scientific-games-acquires-authentic-gaming-to-enter-live-casino-market/|title=Scientific Games Acquires Authentic Gaming to Enter Live Casino Market|date=2021-11-03|website=GamblingNews|language=en|access-date=2022-09-09}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.gamblinginsider.com/news/13754/scientific-games-enters-live-casino-market-with-acquisition-of-authentic-gaming|title=Scientific Games enters live casino market with acquisition of Authentic Gaming|last=Insider|first=Gambling|website=www.gamblinginsider.com|language=en|access-date=2022-09-09}}</ref>
मई २०२२ में यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कंपनी के साथ एक विशेष वितरण समझौते पर पहुंचने के बाद लाइट & वंडर ने प्लेज़िडो का अधिग्रहण किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.gamingintelligence.com/finance/manda/156732-light-wonder-acquires-playzido/|title=Light & Wonder acquires Playzido|date=2022-05-11|website=Gaming Intelligence|language=en-GB|access-date=2022-09-09}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी संबंध ==
{{Official website|https://www.lnw.com}}
{{Finance links|name=Light & Wonder, Inc.|symbol=LNW|reuters=LNW.O|bloomberg=SGMS:US|sec_cik=750004|yahoo=LNW|google=LNW}}{{Authority control}}
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शांतनु भट्टाचार्य (डेटा वैज्ञानिक)
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'''शांतनु भट्टाचार्य''' नेटवेस्ट ग्रुप के मुख्य प्रौद्योगिकीविद्, तथा [[भारतीय विज्ञान संस्थान]] में विजिटिंग प्रोफेसर<ref>{{Cite web|url=https://cps.iisc.ac.in/people/visiting-professors/|title=Visiting Professors – Robert Bosch Centre for Cyber-Physical Systems @ IISc Bangalore|language=en-US|access-date=2020-10-19|archive-date=6 जून 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230606200540/https://cps.iisc.ac.in/people/visiting-professors/|url-status=dead}}</ref> और कैमरा कल्चर ग्रुप, एमआईटी मीडिया लैब में एक सहयोगी वैज्ञानिक हैं ।<ref name=":0">{{Cite web|url=http://mitemergingworlds.com/blog/2018/2/12/economic-impact-of-discoverability-of-localities-and-addresses-in-india|title=Economic Impact of Discoverability of Localities and Addresses in India|website=Emerging Worlds|language=en-US|access-date=2021-01-02}}</ref> वह एक सीरियल उद्यमी हैं और अतीत में [[नासा]] और [[फेसबुक]] के लिए काम कर चुके हैं।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/people/airtel-hires-former-facebook-delhivery-exec-santanu-bhattacharya-as-chief-data-scientist/articleshow/63623282.cms|title=Airtel hires former Facebook & Delhivery exec Santanu Bhattacharya as chief data scientist|work=The Economic Times|access-date=2020-10-17}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
शांतनु का जन्म [[पूर्वोत्तर भारत]] के सुदूर उप-हिमालयी भाग में हुआ था।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/opinion/interviews/delhivery-will-eventually-be-a-data-company-with-significant-business-in-logistics-santanu-bhattacharya/articleshow/48368776.cms|title=Delhivery will eventually be a data company with significant business in logistics: Santanu Bhattacharya|last=Fok|first=Evelyn|work=The Economic Times|access-date=2021-01-02}}</ref> हाई-स्कूल से स्नातक करने के बाद, स्नातक स्कूल के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जाने से पहले उन्होंने [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई|भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे]] में अध्ययन किया।<ref>{{Cite web|url=https://techobserver.in/2018/04/05/airtel-eyes-data-mining-appoints-santanu-bhattacharya-as-chief-data-scientist/|title=Airtel eyes AI and Machine Learning: Appoints Santanu Bhattacharya as Chief Data Scientist|date=2018-04-05|website=Tech Observer|language=en-GB|access-date=2021-01-02|archive-date=19 अक्तूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211019060125/https://techobserver.in/2018/04/05/airtel-eyes-data-mining-appoints-santanu-bhattacharya-as-chief-data-scientist/|url-status=dead}}</ref>
== आजीविका ==
शांतनु ने मैरीलैंड विश्वविद्यालय, कॉलेज पार्क और [[नासा]] [[गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर]] से पीएचडी प्राप्त की, जहां उन्होंने [[अतिचालकता|सुपरकंडक्टिंग]] इंफ्रारेड डिटेक्टरों की एक नई श्रेणी पर कई पेपर प्रकाशित किए।<ref>{{Cite web|url=https://scholar.google.com/citations?hl=en&user=CXA3LFgAAAAJ|title=Santanu Bhattacharya Google Scholar|last=|first=|date=|website=scholar.google.com|archive-url=|archive-date=|access-date=2020-10-21}}</ref>
शैक्षणिक अनुभव के बाद, सांतनु ने ओरिजिनलैब में डेटा और ऑटोमेशन में उद्यमशीलता का रास्ता अपनाया। इसके बाद शांतनु ने जिलेट, [[पेप्सिको|पेप्सी]], [[बीएमडब्लू (BMW)|बीएमडब्ल्यू]] और [[गोल्डमन सॅक्स|गोल्डमैन सैक्स]] जैसे कई प्रमुख ग्राहकों के साथ प्रबंधन परामर्श के लिए बेकमैन इंस्ट्रूमेंट्स और एटी किर्नी में एलआईएमएस [[नये उत्पाद का विकास|उत्पाद विकास का]] नेतृत्व किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.siliconindia.com/shownews/salorix-raises-35-million-in-series-a--round-of-funding-nid-97542-cid-100.html|title=Salorix raises $3.5 million in series A round of Funding|last=SiliconIndia|website=siliconindia|access-date=2021-01-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.vccircle.com/vc-backed-social-media-marketing-and-analytics-startup-salorix-shuts-shop|title=VC-backed social media marketing and analytics startup Salorix shuts up shop|date=2014-03-04|website=VCCircle|language=en-US|access-date=2021-01-02}}</ref>
2004 में वह एओएल-टाइम वार्नर में शामिल हुए, जो उस समय एक अग्रणी इंटरनेट कंपनी थी, जहां बी2सी इंटरनेट उपयोगकर्ता हर दिन सबसे अधिक समय बिताते थे। शांतनु ने एनालिटिक्स सॉल्यूशन सेंटर के निर्माण का नेतृत्व किया, जो 200 से अधिक डेटा वैज्ञानिकों, ऑनलाइन विज्ञापन विशेषज्ञों और इंजीनियरों की एक वैश्विक टीम है, जो एओएल के प्रासंगिक और व्यवहारिक विज्ञापन लक्ष्यीकरण प्लेटफार्मों के आसपास मूलभूत प्रौद्योगिकियों का निर्माण करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://npc2017.sched.com/speaker/santanu_bhattacharya.1xc6ny9t|title=Santanu Bhattacharya's schedule for NPC 2017|website=npc2017.sched.com|access-date=2021-01-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.infoworld.com/article/2667091/aol-sets-up-software-center-in-india.html|title=AOL sets up software center in India|last=Ribeiro|first=John|date=2004-04-02|website=InfoWorld|language=en|access-date=2020-10-25}}</ref>
2008 में, शांतनु ने वैश्विक ब्रांडों को सोशल मीडिया अपडेट ढूंढने में मदद करने के लिए एक [[कृत्रिम बुद्धि|एआई]] प्लेटफॉर्म बनाने के लिए सिलिकॉन वैली आधारित स्टार्टअप सैलोरिक्स शुरू किया, जो "घास के ढेर में सुई" समस्या का जवाब देने लायक है।<ref>{{Cite web|url=https://social.techcrunch.com/2011/11/14/social-media-marketing-startup-salorix-lands-3-5m-series-a/|title=Social Media Marketing Startup Salorix Lands $3.5M Series A|date=14 November 2011|website=TechCrunch|language=en-US|access-date=2020-10-17}}{{Dead link|date=अक्तूबर 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> सैलोरिक्स के प्रमुख उत्पाद एम्प्ल्फी ने वैश्विक ब्रांडों को वास्तविक समय की सामाजिक बातचीत का विश्लेषण करके और सबसे प्रभावी आकर्षक दर्शकों की रैंकिंग करके सोशल मीडिया अभियानों का मुद्रीकरण करने में सक्षम बनाया।<ref>{{Cite web|url=https://social.techcrunch.com/2012/12/13/salorix-amplfy-20/|title=Salorix Launches Amplfy 2.0 To Help Brands Find The Most Relevant Social Media Conversations|date=14 December 2012|website=TechCrunch|language=en-US|access-date=2020-10-17}}{{Dead link|date=अक्तूबर 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
2014 में, वह [[फेसबुक]] से जुड़े जहां उन्होंने उभरते बाजार उत्पाद कार्यों का नेतृत्व किया, जो उभरते उपयोगकर्ता विकास के लिए नए उत्पाद बनाने के लिए डेटा-संचालित तकनीक का उपयोग करता था।<ref>{{Cite news|url=https://online.wsj.com/articles/facebooks-new-ad-effort-focuses-on-emerging-markets-1404286202|title=Facebook's New Ad Effort Focuses on Emerging Markets|last=Marshall|first=Jack|date=2014-07-02|work=Wall Street Journal|access-date=2020-10-17|language=en-US|issn=0099-9660}}</ref>
2015-2017 तक, शांतनु ने दिल्लीवेरी भारत के सबसे बड़े तृतीय-पक्ष ईकॉमर्स लॉजिस्टिक्स में वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रौद्योगिकी और उत्पाद के रूप में कार्य किया, जिसका 2022 में आईपीओ आया था।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/small-biz/startups/delhivery-hires-facebooks-santanu-bhattacharya-as-data-sciences-head/articleshow/48206504.cms|title=Delhivery hires Facebook's Santanu Bhattacharya as data sciences head|last=Fok|first=Evelyn|work=The Economic Times|access-date=2020-10-17}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.indiaretailing.com/2015/08/24/retail/delhivery-prepares-for-festive-season-rush-with-data-analytics-ai/|title=Delhivery prepares for festive season rush with data analytics, AI|last=Bureau|first=Indiaretailing|date=2015-08-24|website=Indiaretailing.com|language=en-US|access-date=2020-10-17}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.lemonde.fr/economie/article/2016/10/07/en-inde-le-cauchemar-du-dernier-kilometre_5009788_3234.html|title=En Inde, le cauchemar du dernier kilomètre|date=2016-10-07|work=Le Monde.fr|access-date=2020-10-17|language=fr}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/topic/delhivery-ipo|title=delhivery ipo: Latest News & Videos, Photos about delhivery ipo {{!}} The Economic Times - Page 1|website=The Economic Times|language=en|access-date=2022-06-27}}</ref> 2018 में, उन्हें 18 देशों में 450 मिलियन ग्राहकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी [[भारती एयरटेल|एयरटेल]] के मुख्य डेटा वैज्ञानिक के रूप में नियुक्त किया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/news-ians/airtel-appoints-santanu-bhattacharya-as-its-chief-data-scientist-118040500420_1.html|title=Airtel appoints Santanu Bhattacharya as its Chief Data Scientist|last=IANS|date=2018-04-05|work=Business Standard India|access-date=2020-10-21}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/news/tech/airtel-appoints-santanu-bhattacharya-as-chief-data-scientist-1708909.html|title=Airtel Appoints Santanu Bhattacharya as Chief Data Scientist|date=2018-04-05|website=News18|language=en|access-date=2020-10-21}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://analyticsindiamag.com/ex-nasa-santanu-bhattacharya-joins-airtel-chief-data-scientist/|title=Former NASA Executive Santanu Bhattacharya To Join Bharti Airtel As Chief Data Scientist|last=Hebbar|first=Prajakta|date=2018-04-05|website=Analytics India Magazine|language=en-US|access-date=2020-10-21}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://in.news.yahoo.com/airtel-appoints-ex-nasa-exec-110229154.html|title=Airtel appoints ex-NASA exec Santanu Bhattacharya to lead digital-innovation lab|website=in.news.yahoo.com|language=en-IN|access-date=2020-12-04}}</ref>
== "इंडिया क्लास" डेटा समस्याएँ ==
[[दावोस]] में 2020 [[विश्व आर्थिक मंच|वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम]] में, शांतनु ने "इंडिया क्लास" डेटा समस्याओं को हल करने के अपने दर्शन के बारे में बात की जो बाकी दुनिया के लिए एक टेम्पलेट के रूप में काम करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=XwhH2I26sHI|title=Transformative Tech in the Emerging World {{!}} Santanu Bhattacharya {{!}} Davos 2020|last=|first=|date=|website=[[YouTube]]|archive-url=|archive-date=|access-date=}}</ref> विषय पर उनकी बातचीत और लेखन के अनुसार, "इंडिया क्लास" समस्याओं को निजी डेटा की विस्फोटक मात्रा (असंरचित, अपूर्ण, गलत) के चौराहे पर होने, "स्विचर्स" के साथ नवजात उपभोक्ता व्यवहार के रूप में परिभाषित किया गया है जो दूसरों के फोन का आदान-प्रदान करते हैं या कोशिश करते हैं।, ऐप्स, सॉफ़्टवेयर या सेवाओं के मुफ़्त होने की अपेक्षाएं और पते, जनसंख्या, प्रवासन, आय आदि पर सार्वजनिक डेटा की अपेक्षाकृत सीमित मात्रा<ref name=":0"/><ref>{{Cite web|url=https://medium.com/the-innovation/powering-the-world-with-india-class-technologies-2c7dab9c496b|title=Powering the World with "India Class" Technologies|last=Bhattacharya|first=Dr Santanu|date=2020-10-13|website=Medium|language=en|access-date=2020-11-16}}</ref>
== COVID-19 और डेटा साइंस ==
कोविड-19 की तीव्र वृद्धि के कारण विश्व स्तर पर अभूतपूर्व प्रतिक्रिया हुई। सांतनु को हार्वर्ड विश्वविद्यालय में [https://www.covid19mobility.org/ सीओवीआईडी-19 मोबिलिटी डेटा नेटवर्क] के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था ताकि "राज्य और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने वालों को दैनिक अपडेट प्रदान किया जा सके कि सामाजिक दूरी के उपाय कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं।" टीम में संक्रामक रोग महामारी विज्ञानी और वैज्ञानिक शामिल थे जो COVID-19 प्रतिक्रिया के समर्थन में समग्र गतिशीलता डेटा का उपयोग करने के लिए तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी में काम कर रहे थे।<ref>{{Cite web|url=https://mittalsouthasiainstitute.harvard.edu/2020/03/announcing-the-covid-19-mobility-data-network/|title=Announcing the COVID-19 Mobility Data Network • The Lakshmi Mittal and Family South Asia Institute|date=2020-03-26|website=The Lakshmi Mittal and Family South Asia Institute|language=en-US|access-date=2021-01-16}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}{{Authority control}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:जन्म वर्ष अज्ञात (जीवित लोग)]]
[[श्रेणी:एम°आई°टी° स्लोन स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट के पूर्व छात्र]]
[[श्रेणी:भारतीय संगणक वैज्ञानिक]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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वैलोरेंट
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox video game
| title = वैलोरेंट
| image = Valorant logo - pink color version.svg
| developer = [[रायट गेम्स]]
| engine = अनरियल इंजन 4
| publisher = रायट गेम्स
| director = {{ubl|डेविड नॉटिंघम|एंडी हो|जो ज़िग्लर (पूर्व)<ref>{{Cite news |author1=Andy Chalk |date=2022-12-20 |title=Valorant game director Joe Ziegler leaves Riot for Bungie |language=en |work=PC Gamer |url=https://www.pcgamer.com/valorant-game-director-joe-ziegler-leaves-riot-for-bungie/ |access-date=2023-07-08}}</ref>}}
| producer = {{ubl|अन्ना डोनलोन|जॉन गोस्कीकी}}
| released = 2 जून, 2020
| genre = {{Plainlist|
* हीरो शूटर
* सामरिक निशानेबाज़ी
}}
| modes = मल्टीप्लेयर
| platforms = विंडोज़
| caption =
| designer = {{ubl|ट्रेवर रोमलेस्की|सल्वाटोर गारोज़ो}}
| programmer = {{ubl|पॉल चेम्बरलेन|डेव हेरोनिमस|डेविड स्ट्राइली}}
| artist = मॉबी फ़्रैंक
| composer = जेसी हार्लिन<ref>{{cite web |title=End of Year: Audio Discipline |url=https://playvalorant.com/en-gb/news/dev/end-of-year-audio-discipline/ |publisher=[[Riot Games]] |access-date=January 15, 2021}}</ref>
| website = {{url|https://playvalorant.com/}}
}}
वैलोरेंट विंडोज़ के लिए रायट गेम्स द्वारा विकसित और प्रकाशित एक फ्री-टू-प्ले प्रथम-व्यक्ति सामरिक हीरो शूटर है।<ref name="playvalorant.com">{{Cite web|title=VALORANT: Riot Games' competitive 5v5 character-based tactical shooter|url=https://playvalorant.com/en-us/agents/|access-date=January 6, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref> अक्टूबर 2019 में कोडनेम प्रोजेक्ट ए के तहत छेड़ा गया, गेम ने 7 अप्रैल, 2020 को सीमित पहुंच के साथ एक बंद बीटा अवधि शुरू की, जिसके बाद 2 जून, 2020 को रिलीज हुई। गेम का विकास 2014 में शुरू हुआ। वेलोरेंट "काउंटर-स्ट्राइक श्रृंखला" से प्रेरणा लेता है; कई यांत्रिकी, जैसे कि खरीदारी मेनू, स्प्रे पैटर्न और चलते समय अशुद्धि को उधार लेती है।
==गेमप्ले==
वेलोरेंट निकट भविष्य में स्थापित एक टीम-आधारित प्रथम-व्यक्ति सामरिक हीरो शूटर है।<ref>{{Cite web|url=https://www.polygon.com/2020/3/2/21158401/valorant-how-riot-games-made-something-new|title=Valorant: How Riot finally made something new|last=Goslin|first=Austen|date=March 2, 2020|website=[[Polygon (website)|Polygon]]|publisher=[[Vox Media]]|access-date=April 14, 2020}}</ref><ref name="Goslin 2020b">{{Cite web|url=https://www.polygon.com/2020/3/2/21155158/valorant-project-a-riot-games-shooter|title=Valorant: Everything we know about Riot Games' new shooter|last=Goslin|first=Austen|date=March 2, 2020|website=[[Polygon (website)|Polygon]]|publisher=[[Vox Media]]|access-date=April 14, 2020}}</ref><ref name="Goslin 2020c">{{Cite web|url=https://www.polygon.com/2020/3/2/21156352/riot-valorant-project-a-shooter-csgo-overwatch-rainbow-six|title=Riot's Valorant mashes up Rainbow Six with CS:GO for a speedy new tactical shooter|last=Goslin|first=Austen|date=March 2, 2020|website=[[Polygon (website)|Polygon]]|publisher=[[Vox Media]]|access-date=April 14, 2020}}</ref><ref name="First Announced 1">{{Cite web|url=https://www.ign.com/articles/new-riot-shooter-valorant-announced-screenshots-release-window-pc-specs|title=New Riot Shooter, Valorant Announced: Screenshots, Release Window, PC Specs|last=Kim|first=Matt|date=March 2, 2020|website=[[IGN]]|publisher=[[Ziff Davis]]|access-date=April 14, 2020}}</ref> खिलाड़ी दुनिया भर के कई देशों और संस्कृतियों पर आधारित एजेंटों, पात्रों के समूह में से एक के रूप में खेलते हैं।<ref name="First Announced 1" /> मुख्य गेम मोड में, खिलाड़ियों को या तो आक्रमण करने वाली या बचाव करने वाली टीम को सौंपा जाता है, जिसमें प्रत्येक टीम में पांच खिलाड़ी होते हैं। एजेंटों के पास अद्वितीय क्षमताएं होती हैं, जिनमें से प्रत्येक के लिए शुल्क की आवश्यकता होती है, साथ ही एक अद्वितीय अंतिम क्षमता होती है जिसके लिए हत्याओं, मौतों, गहनों या उद्देश्यों के माध्यम से चार्ज करने की आवश्यकता होती है। प्रत्येक खिलाड़ी प्रत्येक राउंड की शुरुआत एक "क्लासिक" पिस्तौल और एक या अधिक "हस्ताक्षर क्षमता" शुल्क के साथ करता है।<ref name="Goslin 2020b" /> अन्य हथियार और क्षमता शुल्क एक इन-गेम आर्थिक प्रणाली का उपयोग करके खरीदे जा सकते हैं जो पिछले दौर के परिणाम, खिलाड़ी द्वारा की गई किसी भी हत्या और पूरे किए गए किसी भी उद्देश्य के आधार पर धनराशि प्रदान करता है। गेम में विभिन्न प्रकार के हथियार हैं, जिनमें साइडआर्म्स जैसी सेकेंडरी बंदूकें और सबमशीन गन, शॉटगन, मशीन गन, असॉल्ट राइफल और स्नाइपर राइफल जैसी प्राथमिक बंदूकें शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://dotesports.com/valorant/news/all-weapons-in-valorant-so-far|title=All weapons in Valorant|last1=Geddes|first1=George|last2=Heath|first2=Jerome|date=April 9, 2020|website=[[Dot Esports]]|publisher=[[Gamurs]]|access-date=April 15, 2020}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.rockpapershotgun.com/2020/04/07/valorant-weapons-guide-all-stats-and-recoil-patterns/|title=Valorant weapons guide: all stats and recoil patterns|last=Toms|first=Ollie|date=April 7, 2020|website=[[Rock, Paper, Shotgun]]|publisher=[[Gamer Network]]|access-date=April 15, 2020}}</ref> स्वचालित और अर्ध-स्वचालित हथियार भी प्रदान किए जाते हैं जिनमें से प्रत्येक में एक अद्वितीय शूटिंग पैटर्न होता है जिसे सटीक रूप से शूट करने में सक्षम होने के लिए खिलाड़ी को नियंत्रित करना पड़ता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.rockpapershotgun.com/2020/04/07/valorant-weapons-guide-all-stats-and-recoil-patterns/|title=Valorant weapons guide: all stats and recoil patterns|last=Toms|first=Ollie|date=April 7, 2020|website=[[Rock, Paper, Shotgun]]|publisher=[[Gamer Network]]|access-date=April 15, 2020}}</ref> यह वर्तमान में चुनने के लिए 23 एजेंटों की पेशकश करता है।<ref name="playvalorant.com"/><ref>{{Cite web|title=All Valorant characters and abilities guide|url=https://www.pcgamesn.com/valorant/characters-abilities|access-date=January 6, 2021|website=PCGamesN|language=en-GB}}</ref> वे ब्रिमस्टोन, वाइपर, ओमेन, साइफर, सोवा, सेज, फीनिक्स, जेट, रेज़, ब्रीच, रेयना, किलजॉय, स्काई, योरू, एस्ट्रा, के/ओ, चैंबर, नियॉन, फेड, हार्बर, गेको, डेडलॉक और आईएसओ हैं। .<ref name=":3">{{Cite web |last=Stubbs |first=Mike |title=New 'Valorant' Agent Deadlock Can Trap Enemies In A Cocoon |url=https://www.forbes.com/sites/mikestubbs/2023/06/25/new-valorant-agent-deadlock-can-trap-enemies-in-a-cocoon/ |access-date=2023-06-28 |website=Forbes |language=en}}</ref> अपना खाता बनाने पर खिलाड़ी को 5 अनलॉक एजेंट मिलेंगे, (ब्रिमस्टोन, सोवा, सेज, फीनिक्स और जेट) और उन्हें किंगडम क्रेडिट्स नामक इन-गेम मुद्रा एकत्र करके बाकी एजेंटों को अनलॉक करना होगा। किंगडम क्रेडिट गेम खेलकर या दैनिक/साप्ताहिक कार्य पूरा करके प्राप्त किया जा सकता है। प्रत्येक शेष एजेंट को किंगडम क्रेडिट से खरीदा जा सकता है। किंगडम क्रेडिट का उपयोग प्रत्येक एजेंट के अनुबंध से कॉस्मेटिक आइटम खरीदने के लिए भी किया जा सकता है।
===अनरेटेड===
मानक गैर-रैंकिंग मोड में, मैच 25 में से सर्वश्रेष्ठ के रूप में खेला जाता है - 13 राउंड जीतने वाली पहली टीम मैच जीतती है। हमलावर टीम के पास एक बम-प्रकार का उपकरण है जिसे स्पाइक कहा जाता है। उन्हें कई निर्दिष्ट स्थानों (बम साइटों) में से एक पर स्पाइक वितरित और सक्रिय करना होगा। यदि हमलावर टीम 45 सेकंड के लिए सक्रिय स्पाइक की सफलतापूर्वक रक्षा करती है तो यह विस्फोट कर देता है, एक विशिष्ट क्षेत्र में सब कुछ नष्ट कर देता है, और उन्हें एक अंक प्राप्त होता है।<ref name="Goslin 2020b" /> यदि बचाव दल स्पाइक को निष्क्रिय कर सकता है, या 100-सेकंड का राउंड टाइमर हमलावर टीम द्वारा स्पाइक को सक्रिय किए बिना समाप्त हो जाता है, तो बचाव दल को एक अंक मिलता है।<ref>{{Cite magazine|url=https://www.gameinformer.com/preview/2020/03/02/valorant-preview-a-deep-dive-on-the-new-hero-based-tactical-shooter-from-riot|title=Valorant Preview: A Deep Dive On The New Hero-Based Tactical Shooter From Riot Games|last=Shea|first=Brian|date=March 2, 2020|magazine=[[Game Informer]]|publisher=[[GameStop]]|access-date=April 14, 2020|archive-date=3 मार्च 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200303191044/https://www.gameinformer.com/preview/2020/03/02/valorant-preview-a-deep-dive-on-the-new-hero-based-tactical-shooter-from-riot|url-status=dead}}</ref> यदि स्पाइक सक्रिय होने से पहले किसी टीम के सभी सदस्यों को हटा दिया जाता है, या यदि स्पाइक सक्रिय होने के बाद बचाव टीम के सभी सदस्यों को हटा दिया जाता है, तो विरोधी टीम को एक अंक मिलता है।<ref name="Goslin 2020b" /> यदि दोनों टीमें 12 राउंड जीतती हैं, तो अचानक मृत्यु हो जाती है, जिसमें उस राउंड की विजेता टीम मैच जीत जाती है, जो प्रतिस्पर्धी मैचों के लिए ओवरटाइम से भिन्न है। इसके अतिरिक्त, यदि 4 राउंड के बाद, कोई टीम उस मैच को रद्द करना चाहती है, तो वे आत्मसमर्पण करने के लिए वोट का अनुरोध कर सकते हैं। यदि वोट 4 (प्रतिस्पर्धी के लिए 5 के विपरीत) तक पहुंच जाता है, तो जीतने वाली टीम को 13 तक लाने के लिए आवश्यक हर राउंड के लिए जीत का सारा श्रेय मिल जाता है, साथ ही हारने वाली टीम को हार का श्रेय मिलता है।<ref>{{Cite web|title=How to surrender in Valorant|url=https://www.shacknews.com/article/118984/how-to-surrender-in-valorant|access-date=November 5, 2020|website=Shacknews|date=July 2020 |language=en}}</ref> एक टीम को आत्मसमर्पण करने के केवल तीन मौके मिलते हैं: एक बार पहले हाफ में, एक बार दूसरे हाफ के पिस्टल राउंड में और एक बार दूसरे हाफ में।
===स्पाइक रश===
स्पाइक रश मोड में, मैच 7 राउंड में से सर्वश्रेष्ठ के रूप में खेला जाता है - 4 राउंड जीतने वाली पहली टीम मैच जीतती है। खिलाड़ी अपने अल्टीमेट को छोड़कर सभी क्षमताओं को पूरी तरह से चार्ज करके राउंड शुरू करते हैं, जो मानक खेलों की तुलना में दोगुनी तेजी से चार्ज होता है। हमलावर टीम के सभी खिलाड़ी स्पाइक रखते हैं, लेकिन प्रति राउंड केवल एक स्पाइक सक्रिय किया जा सकता है। हर राउंड में बंदूकें यादृच्छिक होती हैं और प्रत्येक खिलाड़ी एक ही बंदूक से शुरुआत करता है। मानक गेम में अंतिम बिंदु ऑर्ब मौजूद हैं, साथ ही कई अलग-अलग पावर-अप ऑर्ब भी मौजूद हैं।<ref name="WaPo0721">{{cite news |last1=Klimentov |first1=Mikhail |title=New 'Valorant' mode, Spike Rush, is just okay. Reyna is the real change. |url=https://www.washingtonpost.com/video-games/reviews/new-valorant-mode-spike-rush-is-just-okay-reyna-is-real-change/ |access-date=July 21, 2020 |newspaper=Washington Post |language=en}}</ref>
=== स्विफ्टप्ले ===
स्विफ्टप्ले मैच अनरेटेड गेम मोड का एक छोटा संस्करण है। 10 खिलाड़ियों को 2 टीमों, हमलावरों और रक्षकों में विभाजित किया गया है। हमलावरों को कील लगानी होगी जबकि रक्षकों को उन्हें रोकना होगा। स्विफ्टप्ले और अनरेटेड में जो अंतर है वह यह है कि यह 9 राउंड के लिए सर्वश्रेष्ठ है - 5 राउंड जीतने वाली पहली टीम मैच जीतती है। राउंड 4 पर, टीम के खिलाड़ी स्विच करते हैं, जैसा कि वे अनरेटेड गेम मोड में राउंड 7 में करेंगे। गेम की मुद्रा प्रणाली में अनरेटेड से कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्विफ्टप्ले का मतलब एक त्वरित गेम मोड है, जो प्रति गेम औसतन लगभग 15 मिनट है, जबकि अनरेटेड के लिए लगभग 40 मिनट है।<ref>{{Cite web |date=2022-12-17 |title=What is Valorant Swift Play and how is it different from Spike Rush? |url=https://esports.gg/news/valorant/valorant-swift-play-beta/ |access-date=2023-07-21 |website=Esports.gg |language=en-US}}</ref>
===कंपिटीटिव (प्रतिस्पर्धी)===
प्रतिस्पर्धी मैच अनरैंक्ड मैचों के समान होते हैं, जिसमें जीत-आधारित रैंकिंग प्रणाली शामिल होती है जो 5 गेम खेले जाने के बाद प्रत्येक खिलाड़ी को एक रैंक प्रदान करती है। इस मोड को खेलने से पहले खिलाड़ियों को लेवल 20 तक पहुंचना आवश्यक है।<ref>{{Cite web|title=VALORANT Patch Notes 1.14|url=https://playvalorant.com/en-us/news/game-updates/valorant-patch-notes-1-14/|access-date=January 5, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref> जुलाई 2020 में, Riot ने प्रतिस्पर्धी मैचों के लिए "दो से जीत" की शर्त पेश की, जहां 12-12 पर एक ही अचानक डेथ राउंड खेलने के बजाय, टीमें ओवरटाइम में आक्रमण और बचाव पर राउंड खेलती रहेंगी जब तक कि कोई टीम एक सुरक्षित करके जीत का दावा नहीं करती। दो मैचों की बढ़त. प्रत्येक ओवरटाइम राउंड में खिलाड़ियों को बंदूकें और क्षमताएं खरीदने के लिए समान राशि दी जाती है, साथ ही उनकी अंतिम क्षमता शुल्क का लगभग आधा हिस्सा दिया जाता है। दो राउंड के प्रत्येक समूह के बाद, खिलाड़ी खेल को ड्रॉ में समाप्त करने के लिए मतदान कर सकते हैं, पहले सेट के बाद 6 खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है, दूसरे के बाद 3 और उसके बाद ड्रॉ के लिए सहमत होने के लिए केवल 1 खिलाड़ी की आवश्यकता होती है। प्रतिस्पर्धी रैंकिंग प्रणाली आयरन से लेकर रेडियंट तक है। रेडियंट को छोड़कर प्रत्येक रैंक में 3 स्तर होते हैं।<ref>{{Cite web|title=VALORANT Patch Notes 3.05|url=https://playvalorant.com/en-us/news/game-updates/valorant-patch-notes-3-05/|access-date=November 2, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref> रेडियंट एक क्षेत्र के शीर्ष 500 खिलाड़ियों के लिए आरक्षित है, और इम्मोर्टल और रेडियंट दोनों के पास उनकी रैंक से जुड़ी एक संख्या है जो खिलाड़ियों को एक मीट्रिक रखने की अनुमति देती है जिसमें वे तुलना कर सकते हैं कि वे अपने स्तर पर दूसरों से कैसे रैंक करते हैं।<ref>{{Cite web|title=How Valorant Ranking System Works – Rankings Explained|url=https://www.alphr.com/valorant-ranking-works/|access-date=2021-07-20|website=Alphr|language=en-US}}</ref>
===प्रिमीयर (प्रधान)===
प्रीमियर एक 5 विरुद्ध 5 गेममोड है जो खिलाड़ियों को एक पाथ-टू-प्रो प्रतिस्पर्धी गेम मोड की अनुमति देता है जिसका उद्देश्य उन खिलाड़ियों के लिए है जो एक पेशेवर खिलाड़ी बनना चाहते हैं। प्रीमियर वर्तमान में ब्राज़ील में अल्फा परीक्षण में है। खिलाड़ियों को डिवीजनों में अन्य टीमों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए पांच लोगों की एक टीम बनाने की आवश्यकता होगी। प्रत्येक सीज़न कुछ सप्ताह तक चलेगा और शीर्ष टीमों को डिवीज़न चैम्पियनशिप में प्रतिस्पर्धा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस गेममोड में अन्य सभी गेममोड के विपरीत मानचित्रों के लिए एक पिक-एंड-बैन प्रणाली शामिल होगी जहां खिलाड़ियों को सिस्टम द्वारा चयनित मानचित्र को खेलना होगा।<ref>{{Cite web |last=Geddes |first=George |date=2022-10-26 |title=Riot gears up to launch alpha of new competitive VALORANT game mode |url=https://dotesports.com/valorant/news/riot-gears-up-to-launch-alpha-of-new-competitive-valorant-game-mode |access-date=2022-10-28 |website=Dot Esports |language=en-US |archive-date=28 अक्तूबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221028061009/https://dotesports.com/valorant/news/riot-gears-up-to-launch-alpha-of-new-competitive-valorant-game-mode |url-status=dead }}</ref>
===देथमैच===
डेथमैच मोड 5 अगस्त, 2020 को पेश किया गया था।<ref>{{Cite web|title=VALORANT Patch Notes 1.05|url=https://playvalorant.com/en-us/news/game-updates/valorant-patch-notes-1-05/|access-date=August 7, 2020|website=playvalorant.com|language=en}}</ref> 14 खिलाड़ी 9 मिनट के फ्री-फॉर-ऑल मैच में भाग लेते हैं और 40 किल्स तक पहुंचने वाला पहला व्यक्ति या समय समाप्त होने पर सबसे अधिक किल्स वाला खिलाड़ी मैच जीतता है। खिलाड़ी एक यादृच्छिक एजेंट के साथ-साथ पूर्ण ढालों के साथ आते हैं, और मैच के दौरान सभी क्षमताएं अक्षम हो जाती हैं, जिसमें शुद्ध बंदूक का खेल शामिल होता है। हरे स्वास्थ्य पैक हर हत्या पर गिरते हैं, जो खिलाड़ी को अधिकतम स्वास्थ्य, कवच पर रीसेट करता है, और उनकी प्रत्येक बंदूक को अतिरिक्त 30 गोलियां देता है।<ref>{{Cite web|title=VALORANT Patch Notes 1.10|url=https://playvalorant.com/en-gb/news/game-updates/valorant-patch-notes-1-10/|access-date=February 18, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref>
=== टीम देथमैच ===
टीम डेथमैच गेममोड की घोषणा 15 जून, 2023 को की गई थी और यह 27 जून को पैच 7.0 के साथ लाइव हुआ। यह गेममोड मानक अनरेटेड मोड के साथ-साथ नियमित डेथमैच मोड से तत्वों को जोड़ता और उधार लेता है। यह सभी के लिए निःशुल्क गेममोड है जहां खिलाड़ियों को पांच खिलाड़ियों वाली दो टीमों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक मैच 9 मिनट और 30 सेकंड तक चलता है, और 100 किल्स तक पहुंचने वाली पहली टीम जीत जाती है। यदि 9.5 मिनट के अंत में कोई भी टीम 100 किल्स तक नहीं पहुंची है, तो सबसे अधिक किल्स वाली टीम जीत जाती है। प्रत्येक मैच को चार चरणों में विभाजित किया गया है, जैसे-जैसे खिलाड़ी चरणों के माध्यम से आगे बढ़ते हैं, हथियार का चयन उत्तरोत्तर अधिक शक्तिशाली होता जाता है। मारे जाने के बाद खिलाड़ियों को स्पॉन रूम में पुनर्जीवित किया जाता है। जहां वे जरूरत पड़ने पर अपने हथियार लोडआउट का चयन और समायोजन करने में सक्षम होंगे। नियमित डेथमैच मोड के विपरीत, खिलाड़ियों को मैच शुरू होने से पहले अपने एजेंटों का चयन करना होगा, क्योंकि इस गेममोड में एजेंट क्षमताओं की अनुमति है। खिलाड़ी अपने एजेंटों की अंतिम क्षमताओं को या तो पूरे मानचित्र में बेतरतीब ढंग से उत्पन्न अल्टीमेट ऑर्ब्स प्राप्त करके, या हत्याएं प्राप्त करके चार्ज कर सकते हैं। उनकी अंतिम क्षमताएं उनके अधिकतम प्रतिशत 100% तक पहुंचने के बाद उपयोग के लिए उपलब्ध होंगी। अन्य सभी गेममोड के विपरीत, यह मोड मानक मानचित्रों पर नहीं खेला जाता है, बल्कि तीन मानचित्रों के अपने सेट पर खेला जाता है जो विशेष रूप से टीम डेथमैच के लिए डिज़ाइन किए गए हैं: पियाज़ा, जिला और कासबाह।<ref>{{Cite web |title=VALORANT Team Deathmatch 101 |url=https://playvalorant.com/en-us/news/game-updates/valorant-team-deathmatch-101/ |access-date=2023-07-21 |website=playvalorant.com |language=en}}</ref>
===एसक्लेशन (वृद्धि)===
एस्केलेशन गेममोड 17 फरवरी, 2021 को पेश किया गया था<ref>{{Cite web|title=VALORANT Patch Notes 2.03|url=https://playvalorant.com/en-us/news/game-updates/valorant-patch-notes-2-03/|access-date=November 2, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref> और ''काउंटर-स्ट्राइक'' और ''कॉल ऑफ ड्यूटी: ब्लैक ऑप्स'' में पाई जाने वाली "गनगेम" अवधारणा के समान है, हालांकि यह फ्री-फॉर- के बजाय टीम-आधारित है। प्रत्येक टीम में 5 खिलाड़ियों के साथ। गेम आगे बढ़ने के लिए 12 हथियारों का यादृच्छिक चयन करेगा। अन्य गनगेम संस्करणों की तरह, एक टीम को अगले हथियार तक आगे बढ़ने के लिए एक निश्चित संख्या में हत्याएं करने की आवश्यकता होती है और जैसे-जैसे टीम आगे बढ़ती है हथियार उत्तरोत्तर खराब होते जाते हैं।<ref name="escalation021621">{{cite news |last1=Goslin |first1=Austen |title=Valorant is getting its own version of Call of Duty's Gun Game |url=https://www.polygon.com/2021/2/16/22285590/valorant-escalation-game-mode-gun-game |access-date=March 4, 2021 |work=Polygon |publisher=Vox Media |date=February 16, 2021}}</ref> जीत की दो स्थितियाँ हैं, यदि एक टीम सभी 12 स्तरों को सफलतापूर्वक पार कर लेती है, या यदि एक टीम 10 मिनट के भीतर विरोधी टीम से उच्च स्तर पर है। डेथमैच की तरह, खिलाड़ी एक यादृच्छिक एजेंट के रूप में सामने आते हैं, जो क्षमताओं का उपयोग करने में असमर्थ होते हैं, क्योंकि गेममोड शुद्ध बंदूक लड़ाई के लिए सेट किया गया है। हालाँकि, सोवा की शॉक डार्ट्स, रेज़ की बूम बॉट और रॉकेट लॉन्चर जैसी क्षमताएँ ऐसी क्षमताएँ हैं जो हर किसी को एक हथियार के रूप में उपयोग करने के लिए मिलती हैं। एक हत्या के बाद, हरे स्वास्थ्य पैक गिर जाते हैं, जो खिलाड़ी के स्वास्थ्य, कवच और बारूद को अधिकतम तक भर देता है। गेममोड में ऑटो रिस्पॉन्स भी चालू है, जो मैप के आसपास यादृच्छिक स्थानों में खिलाड़ियों को रिस्पॉन्स करता है।<ref>{{Cite web|title=NEW VALORANT MODE: ESCALATION|url=https://playvalorant.com/en-gb/news/game-updates/new-valorant-mode-escalation/|access-date=March 1, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref>
===रेप्लकेशन (प्रतिकृति)===
रेप्लिकेशन गेममोड 11 मई, 2021 को लाइव हुआ।<ref>{{Cite web|title=VALORANT Patch Notes 2.09|url=https://playvalorant.com/en-us/news/game-updates/valorant-patch-notes-2-09/|access-date=November 2, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref> एजेंट चयन के दौरान, खिलाड़ी वोट देते हैं कि वे किस एजेंट के रूप में खेलना चाहते हैं। समय के अंत में, या सभी के मतदान करने के बाद, खेल बेतरतीब ढंग से खिलाड़ी के वोटों में से एक का चयन करता है। फिर पूरी टीम उस एजेंट के रूप में खेलेगी, भले ही किसी खिलाड़ी ने उस एजेंट को अनलॉक न किया हो। यह नौ में से सर्वश्रेष्ठ है, जिसमें खिलाड़ी चौथे दौर के बाद पक्ष बदल लेते हैं। खिलाड़ी पूर्व-निर्धारित संख्या में क्रेडिट के साथ बंदूकें और ढालें खरीद सकते हैं। योग्यताएँ पहले से खरीदी जाती हैं। हर दौर में हथियार और ढालें रीसेट की जाती हैं।<ref>{{Cite web|title=NEW VALORANT MODE: REPLICATION|url=https://playvalorant.com/en-us/news/game-updates/new-valorant-mode-replication/|access-date=November 2, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref>
===स्नोबॉल फाइट (बर्फीली गेंद से लड़ाई)===
स्नोबॉल फाइट एक सीमित समय का गेममोड है जो 15 दिसंबर, 2020 को जारी किया गया था, और यह केवल क्रिसमस सीज़न के दौरान उपलब्ध है।<ref>{{Cite web |last=Kelly |first=Michael |date=2021-12-13 |title=Snowball Fight returns to VALORANT |url=https://dotesports.com/valorant/news/snowball-fight-returns-to-valorant |access-date=2022-05-12 |website=Dot Esports |language=en-US |archive-date=21 मई 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220521094121/https://dotesports.com/valorant/news/snowball-fight-returns-to-valorant |url-status=dead }}</ref> यह एक टीम डेथमैच गेम मोड है, जिसमें जीतने के लिए 50 किल्स हैं। क्षमताओं का उपयोग करने की अनुमति नहीं है, और खिलाड़ी एक यादृच्छिक एजेंट के रूप में सामने आते हैं। उपलब्ध एकमात्र हथियार स्नोबॉल लांचर है, जो तत्काल मार करने वाला है, लेकिन धीमा है, और एक प्रक्षेप्य-आधारित चाप का उपयोग करता है। अनंत बारूद है. पूरे खेल के दौरान एक "पोर्टल" उत्पन्न होगा, जो उपहार वितरित करेगा, जिनमें से प्रत्येक में एक यादृच्छिक पावर अप होगा।<ref>{{Cite web|title=VALORANT Patch Notes 1.14|url=https://playvalorant.com/en-us/news/game-updates/valorant-patch-notes-1-14/|access-date=November 2, 2021|website=playvalorant.com|language=en}}</ref>
==एजेंट==
गेम में खेलने योग्य एजेंटों की एक विशाल विविधता उपलब्ध है। एजेंटों को 4 भूमिकाओं में विभाजित किया गया है: डूअलिस्ट्स (द्वंद्ववादी), सेन्टीनल्स (प्रहरी), इनिशिएटर्स (आरंभकर्ता) और कंट्रोलर्स (नियंत्रक)। प्रत्येक एजेंट की एक अलग भूमिका होती है जो इंगित करती है कि एजेंट आमतौर पर कैसे भूमिका निभाता है।
द्वंद्ववादी टीम पर हमला करने और बम स्थल में प्रवेश करने में माहिर हैं। द्वंद्ववादियों के लिए रायट गेम्स की आधिकारिक परिभाषा "आत्मनिर्भर टुकड़े करने वाले" है।<ref name=":03">{{Cite web|last=Heath|first=Jerome|date=2021-08-02|title=All VALORANT classes, Explained|url=https://dotesports.com/valorant/news/all-valorant-classes-explained|access-date=2021-09-29|website=Dot Esports|language=en-US}}</ref> द्वंद्ववादी मुख्य रूप से किसी साइट पर प्रवेश करते समय अपनी टीम के लिए जगह बनाते हैं, अपने साथियों को जानकारी देते हैं, और किसी साइट में प्रवेश करना आसान बनाते हैं। उनकी क्षमताओं में चमक शामिल होती है जो दुश्मनों को अंधा कर देती है, और आंदोलन-आधारित क्षमताएं जो उन्हें अन्य एजेंटों की तुलना में बड़ी दूरी को तेजी से कवर करने की अनुमति देती हैं। इस प्रकार की क्षमता किट द्वंद्ववादियों को सर्वश्रेष्ठ चमकने की अनुमति देती है जब वे खिलाड़ियों को चकमा देने और प्रभाव खंड प्राप्त करने में सक्षम होते हैं। आक्रमण पर, द्वंद्ववादियों से अक्सर आगे बढ़कर आक्रमण की अगुवाई करने की अपेक्षा की जाती है। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे दुश्मनों पर शुरुआती प्रहार करने के लिए सबके सामने रहें क्योंकि दुश्मन से लड़ते समय उनकी क्षमताएं अक्सर उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देती हैं। बचाव में, द्वंद्ववादियों के पास चोक पॉइंट होंगे जहां दुश्मन साइटों में प्रवेश करने की कोशिश करेंगे। अपने किटों में गतिशीलता के कारण, वे चयन और स्थान बदलने में सक्षम होते हैं, जिससे उनकी टीम को संख्या में लाभ मिलता है।<ref name="playvalorant.com5">{{Cite web|title=VALORANT: Riot Games' competitive 5v5 character-based tactical shooter|url=https://playvalorant.com/en-us/agents/|website=playvalorant.com}}</ref> द्वंद्ववादी आईएसओ, जेट, नियॉन, फीनिक्स, रेज़, रेयना और योरू हैं।
प्रहरी रक्षात्मक पंक्ति हैं, जो साइटों को बंद करने और टीम के साथियों को दुश्मनों से बचाने में माहिर हैं। उनकी क्षमताओं में मुख्य रूप से स्थिर 'वस्तुएँ' शामिल हैं जो दुश्मनों के लिए बाधाएँ हैं। ये वस्तुएं टीम को बहुमूल्य जानकारी दे सकती हैं और/या नुकसान पहुंचा सकती हैं। हमले पर, प्रहरी अपनी क्षमताओं का उपयोग करके मानचित्र के कुछ हिस्सों को काट सकते हैं या कोई 'वस्तु' स्थापित कर सकते हैं जो यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि दुश्मन बिना ध्यान दिए इधर-उधर न भाग सके। रक्षा पर, प्रहरी अपनी क्षमताओं का उपयोग करके दुश्मनों को किसी साइट में प्रवेश करने से रोक सकते हैं। इससे सेंटिनल्स टीम के सदस्यों को आने और रक्षात्मक सहायता प्रदान करने के लिए बहुमूल्य समय मिलता है।<ref name="playvalorant.com5" /> प्रहरी चैंबर, साइफर, डेडलॉक, किलजॉय और सेज हैं।<ref name=":3" />
आरंभकर्ता आक्रामक धक्का की योजना बनाते हैं। आरंभकर्ता रक्षात्मक दुश्मन की स्थिति को तोड़ने में माहिर हैं। आरंभकर्ताओं की क्षमताओं में चमक के साथ-साथ ऐसी क्षमताएं भी शामिल हो सकती हैं जो दुश्मनों के स्थान को प्रकट कर सकती हैं। यह जानकारी हमलावरों को यह जानने की अनुमति देती है कि दुश्मन कहां हैं और किसी साइट पर कब्ज़ा करना आसान हो जाता है। बचाव में, आरंभकर्ता अपनी क्षमताओं का उपयोग यह जानकारी प्रदान करने के लिए कर सकते हैं कि हमलावर कहाँ जा रहे हैं, साथ ही अपने साथियों को खोई हुई साइट को फिर से हासिल करने में मदद कर सकते हैं।<ref name="playvalorant.com5" /> आरंभकर्ता ब्रीच, फ़ेड, गेक्को, के/ओ, स्काई और सोवा हैं।
नियंत्रक "अपनी टीम को सफलता के लिए तैयार करने के लिए खतरनाक क्षेत्र को काटने" में माहिर करते हैं।<ref name=":03"/> वे भीड़ नियंत्रण के साथ कवरेज बनाने या अंतरिक्ष के क्षेत्रों को खाली करने के लिए अपनी क्षमताओं का उपयोग करते हैं। अपनी टीम को दुश्मन के इलाके में प्रवेश करने में मदद करने के लिए, उनकी क्षमताओं में कुछ प्रकार के धुएं के साथ-साथ मोलोटोव, स्टन या फ्लैश शामिल हैं। अपने धुएं के साथ, नियंत्रक मानचित्र पर दृश्य रेखाओं को नियंत्रित कर सकते हैं, जिससे मानचित्र पर बिना देखे जाना सुरक्षित हो जाता है। अपराध होने पर, नियंत्रक कुछ दृश्य रेखाओं को नष्ट कर सकते हैं और दुश्मनों को खुले में आने के लिए मजबूर करने के लिए सामान्य रक्षात्मक स्थानों पर अपने भीड़ नियंत्रण का उपयोग कर सकते हैं। बचाव के लिए, नियंत्रक दुश्मन टीम को आगे बढ़ने में देरी करने या हतोत्साहित करने के लिए प्रवेश मार्गों पर धूम्रपान और/या भीड़ नियंत्रण का उपयोग कर सकते हैं।<ref name="playvalorant.com5" /> नियंत्रक एस्ट्रा, ब्रिमस्टोन, हार्बर, ओमेन और वाइपर हैं।
==स्टोर==
स्टोर तीन खंडों से बना है: फ़ीचर्ड, ऑफ़र और नाइट मार्केट। तीनों खंडों में, खिलाड़ी वेलोरेंट पॉइंट्स का उपयोग करके हथियार की खाल खरीद सकते हैं जो खेल में उनके हथियार की उपस्थिति को बदल देती है। वैलोरेंट पॉइंट्स (वीपी) एक इन-गेम मुद्रा है जिसे केवल गेम क्लाइंट के भीतर वास्तविक मुद्रा से खरीदा जा सकता है।<ref name=":1">{{Cite web |title=VALORANT Store and Cosmetic Content |url=https://playvalorant.com/en-gb/news/dev/valorant-store-and-cosmetic-content/ |access-date=2021-10-01 |website=playvalorant.com |language=en}}</ref>
स्टोर का विशेष अनुभाग हर दो सप्ताह में बदल जाता है। अधिकांश समय, फ़ीचर्ड अनुभाग में रायट की नई स्किन रिलीज़ (जिन्हें "बंडल" कहा जाता है) होंगी, जिससे खिलाड़ियों को ऑफ़र अनुभाग में उनके प्रदर्शित होने की प्रतीक्षा किए बिना उन्हें खरीदने का सीमित अवसर मिलेगा।<ref name=":1" />
स्टोर का ऑफ़र अनुभाग खिलाड़ियों को बेतरतीब ढंग से चुनी गई चार अज्ञात खालें खरीदने की सुविधा देता है और हर 24 घंटे में चार खालें बदल जाती हैं।
नाइट मार्केट एक आवधिक स्टोर है जो खेल के प्रत्येक अधिनियम में यादृच्छिक समय पर आता है। नाइट मार्केट में बेतरतीब ढंग से रियायती कीमतों पर 6 यादृच्छिक हथियार खाल शामिल हैं जो प्रत्येक खिलाड़ी के लिए अद्वितीय है। खिलाड़ियों को ऑफ़र का केवल एक सेट प्राप्त होता है और यह ऑफ़र नाइट मार्केट समाप्त होने तक चलेगा।
== सन्दर्भ ==
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==बाहरी कड़ियाँ==
* {{official|https://playvalorant.com/}}
* {{twitter|VALORANT}}
* {{instagram|valorant}}
[[श्रेणी:वीडियो गेम]]
[[श्रेणी:फर्स्ट पर्सन शूटर]]
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शहनाज़ लग़ारी
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! colspan="2" class="infobox-above" style="font-size:125%;" |<div class="fn" style="display:inline-block">शहनाज़ लग़ारी<br /><br /><br />[[उर्दू]] : <span lang="ur" dir="rtl">شھناز لغاری</span></div>
! class="infobox-label" scope="row" | जन्म
| class="infobox-data" |<div class="birthplace" style="display:inline"> [[लाहौर]], [[पाकिस्तान]]<span class="flagicon">[[File:Flag_of_Pakistan.svg|कड़ी=Pakistan|पाठ=Pakistan|बॉर्डर|23x23पिक्सेल]]</span></img></div>
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{{Reflist}}
'''शहनाज़ लग़ारी:''' (उर्दू: شہناز لغاری) पहली पाकिस्तानी [[हिजाब|हिजाबी]] महिला [[वायुयान चालक|पायलट]] हैं जिन्होंने हिजाब पहनकर विमान उड़ाया। <ref>[http://www.radio.gov.pk/programme/10-04-2019/sughar-siyani First full veil pilot], [[Radio Pakistan]], 10 April 2019</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.pakistankakhudahafiz.com/worlds-first-veiled-lady-pilot-pakistan/|title=World’s First Veiled Lady Pilot is from Pakistan|date=13 October 2017|publisher=Pakistan Ka Khuda Hafiz|access-date=20 November 2021}}</ref> <ref>[https://muslimcouncil.org.hk/worlds-first-niqabi-pilot-is-from-pakistan/, world's first niqabi pilot is from pakistan], [[Muslim Council of Hong Kong]], 15 September 2016</ref> वह अपने समुदाय में एक अच्छी सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं और समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कुछ प्रशिक्षण केंद्र भी चला रही हैं। <ref>[https://www.brandsynario.com/14-pakistani-female-pilots-dared-conquer-skies/ 14 Pakistani female pilots dared conquer skies], Brand Synario, 8 Mar 2018</ref> <ref>[https://www.dream.co.id/news/mengenal-shahnaz-laghari-pilot-bercadar-asal-pakistan-170102q.html Pilot Shahnaz Laghari], Dream Indonesia</ref><ref>{{Cite web|url=https://dawatnews.net/shahenaz-laghari/|title=شہناز لغاری پاکستان کی پہلی با حجاب پائلٹ|date=2022-10-05|website=دعوت نیوز|language=ur|access-date=2024-01-13}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dailyausaf.com/viral-news/news-202308-164383.html|title=اللہ نے حجاب کا تحفہ دیا ہے، اسی لیے ۔۔ پاکستان کی پہلی خاتون پائلٹ، جو برقع پہن کر جہاز اڑاتی ہیں|website=dailyausaf.com|access-date=2024-01-13}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[ज़ीना नस्सार]] : हिजाब धारक बॉक्सर
* [[विश्व हिजाब दिवस]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:जन्म वर्ष अज्ञात (जीवित लोग)]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:पाकिस्तानी महिला विमान चालक]]
[[श्रेणी:लाहौर के लोग]]
[[श्रेणी:पाकिस्तान के लोग]]
[[श्रेणी:महिला]]
[[श्रेणी:हिजाब]]
[[श्रेणी:सामाजिक कार्यकर्ता]]
[[श्रेणी:विमान कर्मचारी]]
[[श्रेणी:विमान चालक]]
[[श्रेणी:हवाबाज़]]
[[श्रेणी:मुस्लिम दुनिया]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
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विश्व आद्रभूमि दिवस
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{{Multiple issues|
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"विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2024 (World Wetlands Day)" - यह दिवस हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है। <ref name="m379">{{cite web | last=Kumar | first=Rakesh | title=विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2024 : जानें थीम, महत्व और इतिहास | website=nstfdc.in | date=2 February 2024 | url=https://www.nstfdc.in/2024/02/world-wetlands-day-2024.html | archive-url=https://web.archive.org/web/20240624124145/https://www.nstfdc.in/2024/02/world-wetlands-day-2024.html | archive-date=24 June 2024 | url-status=dead | access-date=9 March 2025}}</ref>यह एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दिन है जो विश्व भर में आर्द्रभूमि और उसके संरक्षण की महत्वता को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nstfdc.in/2024/02/world-wetlands-day-2024.html|title=विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2024 : जानें थीम, महत्व और इतिहास {{!}}|date=2024-02-02|website=NSTFDC.IN|language=en|access-date=2024-02-08|archive-date=24 जून 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240624124145/https://www.nstfdc.in/2024/02/world-wetlands-day-2024.html|url-status=dead}}</ref>
=== इतिहास ===
* आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए रामसर कन्वेंशन को 2 फरवरी 1971 को अपनाया गया था, जिसने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के लिए मंच तैयार किया।
* पहली बार विश्व आर्द्रभूमि दिवस का आयोजन 1997 में हुआ था।
==== विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2024 की थीम ====
* [https://www.nstfdc.in/2024/02/world-wetlands-day-2024.html विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2024 की थीम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240624124145/https://www.nstfdc.in/2024/02/world-wetlands-day-2024.html |date=24 जून 2024 }} "आर्द्रभूमि और मानव कल्याण" है।
* विश्व आद्रभूमि दिवस 2023 का विषय “वेटलैंड रेस्टोरेशन” था।
* इसका उद्देश्य मानव कल्याण के सभी पहलू जैसे शारीरिक, मानसिक, और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के संबंध में जागरूकता बढ़ाना है।
* इस दिन के माध्यम से, लोगों को आर्द्रभूमि के महत्व को समझने, उसके संरक्षण और प्रबंधन की जरूरत को समझने, और इसके संरक्षण के लिए संयुक्त कार्रवाई करने का संदेश दिया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://utkarsh.com/hi/current-affairs/world-wetlands-day-2024-date-theme-history-and-significance|title=विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2024 थीम और उद्देश्य की जाँच करें|last=UtkarshClasses|website=Utkarsh Classes|language=en|access-date=2024-02-08}}</ref>
== '''विश्व आर्द्रभूमि दिवस''' ==
===== महत्व =====
# यह दिवस आर्द्रभूमि के संरक्षण और पुनर्स्थापन को बढ़ावा देता है, जो जैव विविधता और जलवायु विनियमन के लिए महत्वपूर्ण है।
# आर्द्रभूमि विभिन्न प्रकार की प्रजातियों का घर है और जल शुद्धिकरण और बाढ़ नियंत्रण जैसी आवश्यक पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करती हैं।
# यह दिवस आर्द्रभूमि के महत्व को उजागर करता है और दुनिया भर में उनके संरक्षण को प्रोत्साहित करता है।
# विश्व आर्द्रभूमि दिवस देशों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
# आर्द्रभूमि दिवस पृथ्वी के जलवायु को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
====== उद्देश्य ======
'''जैव विविधता में योगदान:'''
* इस दिवस का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन में जनता को जागरूक करना है।
'''पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखना:'''
* आर्द्रभूमि संरक्षण के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना को बनाए रखने का उद्देश्य है।
'''अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना:'''
* विभिन्न देशों के बीच आर्द्रभूमि के संरक्षण में सहयोग और एकजुटता को बढ़ावा देना।
'''आवास हानि, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से निपटना:'''
* आर्द्रभूमि संरक्षण के माध्यम से आवास हानि, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे खतरों का सामना करने के लिए एक साझा पहल लेना।
'''प्राकृतिक संसाधनों की संरक्षण और उनका सही उपयोग:'''
* आर्द्रभूमि दिवस के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों की सही रखरखाव के महत्व पर ध्यान दिलाना।
== '''संदर्भ सूची :''' ==
<references />
c8rhlirmi8eowr2h8ih3iku3vv87j4k
वृंदावन चन्द्रोदय मंदिर
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{{ज्ञानसन्दूक हिन्दू मन्दिर
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| caption = वृंदावन चंद्रोदय मंदिर का आर्किटेक्चरल डिज़ाइन
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}}
'''वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर''' [[वृन्दावन]], [[मथुरा]], [[भारत]] में निर्माण के प्रारंभिक चरण में एक मंदिर है। जैसा कि योजना बनाई गई है, यह दुनिया का सबसे ऊंचा धार्मिक स्मारक होगा। <ref>{{Cite news|url=https://www.bdcnetwork.com/world%E2%80%99s-tallest-religious-building-under-construction|title=The world's tallest religious building is under construction|date=7 December 2016|access-date=7 December 2016|publisher=bdcnetwork.com|archive-date=3 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180703163842/https://www.bdcnetwork.com/world%E2%80%99s-tallest-religious-building-under-construction|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://edition.cnn.com/style/article/india-tallest-religious-skyscraper-duplicate-2/index.html|title=Indian temple will be the world's tallest religious skyscraper|date=22 November 2016|access-date=22 November 2016|publisher=cnn.com}}</ref> इसकी संभावित लागत {{INRConvert|700|c}} यह दुनिया के सबसे महंगे मंदिरों में से एक होने की संभावना है। मंदिर की योजना [[इस्कॉन का हरे कृष्ण मंदिर|इस्कॉन बैंगलोर]] द्वारा बनाई गई है। <ref>{{Cite web |url=http://articles.economictimes.indiatimes.com/2014-03-16/news/48265509_1_temple-construction-grand-temple-krishna-consciousness |title=Akhilesh Yadav inaugurates project to build Vrindavan Chandrodaya Mandir, the tallest temple in India - Economic Times |access-date=27 फ़रवरी 2024 |archive-date=5 मार्च 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305141600/http://articles.economictimes.indiatimes.com/2014-03-16/news/48265509_1_temple-construction-grand-temple-krishna-consciousness |url-status=dead }}</ref> नियोजित प्रयास में मंदिर को लगभग {{Convert|700|ft|m|order=flip}} की ऊंचाई तक बढ़ाना शामिल है या 70 मंजिलें) और {{Convert|50000|sqm|sqft}} का निर्मित क्षेत्र . <ref>[https://www.iskconbangalore.org/vrindavan-spiritual-capital Vrindavan Spiritual Capital of India,Vrindavan Chandrodaya Mandir]</ref> यह परियोजना {{Convert|62|acre|ha|order=flip}} भूमि में स्थापित है और इसमें पार्किंग और एक हेलीपैड के लिए {{Convert|12|acre|ha|order=flip}} शामिल है। <ref name="autogenerated1">[https://web.archive.org/web/20140316105823/http://ibnlive.in.com/news/iskcon-to-build-worlds-tallest-temple-at-mathura-from-today/458198-3-242.html ISKCON to build world's tallest temple at Mathura from today]</ref>
== इतिहास ==
[[चित्र:SP_in_a_lecture_in_front_of_Rupa_Goswami_samadhi.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| रूप गोस्वामी समाधि के सामने एक व्याख्यान में श्रील प्रभुपाद]]
1972 में, [[अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ|इस्कॉन]] के संस्थापक और आचार्य, [[अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद|श्रील प्रभुपाद ने]] भजन कुटीर के ठीक सामने युक्त वैराग्य के सिद्धांत के बारे में बात की थी (एक तपस्वी का एक साधारण और पवित्र निवास जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से कृष्ण के नाम का जाप करना, लिखना और पढ़ाना जैसी अपनी आध्यात्मिक गतिविधियाँ करना है) ) श्री रूप गोस्वामी (चित्र देखें) से लेकर उनके दर्जनों या अधिक पश्चिमी शिष्यों तक, जो उनके साथ भारत के वृन्दावन की यात्रा पर थे। उसने कहा:
{{Quote|Just like we have got a tendency to construct a skyscraper building. As in your country, you do. So you should not attached to the skyscraper building, but you can utilize the tendency by constructing a big temple like skyscraper for Krishna. In this way, you have to purify your material activities.}} -Srila Prabhupada's lecture in Vrindavan, 29 October 1972<ref>[http://www.vcm.org.in/our-phylosophy.html Vrindavan Chandrodaya Mandir<!-- Bot generated title -->]</ref>
श्रील प्रभुपाद के इस दृष्टिकोण और कथन से प्रेरित होकर, इस्कॉन बैंगलोर के भक्त, जो प्रभुपाद के निर्देशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं, ने भगवान श्रीकृष्ण के लिए एक गगनचुंबी मंदिर बनाने के लिए वृंदावन चंद्रोदय मंदिर परियोजना की कल्पना की ।
मथुरा जिले में चंद्रोदय मंदिर का शिलान्यास समारोह 16 मार्च 2014 को होली के शुभ अवसर की पूर्व संध्या पर किया गया था । <ref>[http://www.thehindubusinessline.com/news/70storey-skyscraper-temple-for-lord-krishna-in-vrindavan/article5788634.ece 70-storey skyscraper temple for Lord Krishna in Vrindavan | Business Line]</ref>
== गैलरी ==
<gallery>
चित्र:South_Block_View_From_Backside.jpg|पाठ=South Block View From Backside|पीछे से साउथ ब्लॉक का दृश्य
चित्र:Top_View_of_Upcoming_South_Block.jpg|पाठ=Top View of Upcoming South Block|साउथ के आगामी ब्लॉक का शीर्ष दृश्य
चित्र:The_South_Block's_top_view_from_the_east_side.png|पाठ=The South Block's top view from the east side|पूर्व की ओर से साउथ ब्लॉक का शीर्ष दृश्य
चित्र:South_Block_View_From_West_Side.png|पाठ=South Block View From West Side|वेस्ट की ओर से साउथ ब्लॉक का दृश्य
चित्र:CU_(13).png|पाठ=South Block|साउथ ब्लॉक
चित्र:North_View_of_South_Block.png|पाठ=South Block top view|दक्षिण ब्लॉक शीर्ष दृश्य
चित्र:South_Block_View_From_Backside.jpg|पाठ=South Block backside view|साउथ ब्लॉक के पीछे का दृश्य
</gallery>
== निर्माण ==
मधु पंडित दास ने राष्ट्रपति [[प्रणब मुखर्जी]] से मुलाकात की जहां उन्होंने उन्हें मंदिर बनाने के विचार के बारे में जानकारी दी। <ref>{{Cite web|url=http://newshour.press/news-hour-special/madhu-pandit-dasa-briefs-president-on-lord-krishnas-tallest-temple/|title=Madhu Pandit Dasa briefs President on Lord Krishna's tallest temple|date=6 July 2015|access-date=27 फ़रवरी 2024|archive-date=8 फ़रवरी 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160208054007/http://newshour.press/news-hour-special/madhu-pandit-dasa-briefs-president-on-lord-krishnas-tallest-temple/|url-status=dead}}</ref> मार्च 2014 में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री [[अखिलेश यादव|अखिलेश यादव ने]] परियोजना का उद्घाटन किया <ref>{{Cite news|url=https://m.economictimes.com/news/politics-and-nation/akhilesh-yadav-inaugurates-project-to-build-vrindavan-chandrodaya-mandir-the-tallest-temple-in-india/articleshow/32149629.cms|title=Akhilesh Yadav inaugurates project to build Vrindavan Chandrodaya Mandir, the tallest temple in India|access-date=7 May 2020}}</ref> और 16 नवंबर 2014 को, [[भारत के राष्ट्रपति]] [[प्रणब मुखर्जी|प्रणब मुखर्जी ने]] मंदिर की आधारशिला रखी। <ref>{{Cite news|url=http://www.dnaindia.com/india/report-president-pranab-mukherjee-to-lay-foundation-stone-of-tallest-krishna-temple-in-vrindavan-2035410|title=President Pranab Mukherjee to lay foundation stone of tallest Krishna temple in Vrindavan|last=PTI|date=15 November 2014|access-date=26 April 2018|publisher=DNA}}</ref> मंदिर का भवन निर्माणाधीन है। मूल वास्तुशिल्प डिज़ाइन को दो बार (2019 <ref>{{Cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=hNkfksVYqoc|title=Explains the Vision of Vrindavan Chandrodaya Mandir | Update 2020 - YouTube|website=[[YouTube]]}}</ref> और 2022 <ref>{{Cite web|url=https://vcm.org.in/home|title=Vrindavan Chandrodaya Mandir}}</ref> ) बदला गया है।
== यह भी देखें ==
* [[Temple of the Vedic Planetarium, Mayapur|वैदिक तारामंडल का मंदिर, मायापुर]]
* [[विराट् रामायण मंदिर|विराट रामायण मंदिर]]
== संदर्भ ==
<references group="" responsive="1"></references>
{{Reflist}}
== बाहरी संबंध ==
* मंदिर परियोजना के बारे में वीडियो - [https://www.youtube.com/watch?v=s7Pv1UNnzOs वीडियो]
* [http://www.vcm.org.in/index.html वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट]
* [https://www.thedivineindia.com/vrindavan-chandrodaya-mandir/6819 वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर - thedivineindia.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20231207192546/https://www.thedivineindia.com/vrindavan-chandrodaya-mandir/6819 |date=7 दिसंबर 2023 }}
* [https://www.iskconbangalore.org/vrindavan-spiritual-capital वृन्दावन - भारत की आध्यात्मिक राजधानी को {{Convert|700|ft|m|order=flip}} मिलेगा ऊँचा मंदिर]
* [http://www.mathuratemple.com/2016/02/vrindavan-chandrodaya-mandir.html मथुरा मंदिर विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180202093727/http://www.mathuratemple.com/2016/02/vrindavan-chandrodaya-mandir.html |date=2 फ़रवरी 2018 }}
* [http://krishnabhumi.in/temple.php कृष्णा भूमि - वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर] पर {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170118224601/http://krishnabhumi.in/temple.php|date=18 January 2017}}</link>
{{ISKCON}}ISKCON{{Hindu temples in Uttar Pradesh|state=expanded}}{{Hindu Temples in Uttar Pradesh}}
[[श्रेणी:वृंदावन]]
[[श्रेणी:राधा कृष्ण मन्दिर]]
[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
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व्लोरे
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{{संक्षिप्त विवरण|अल्बानिया का तीसरा सबसे बड़ा शहर}}
{{Infobox settlement
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| leader_name = एलिस हलीली<ref>{{cite web |title=Dorëheqja e Ermal Dredhës, Elis Halili komandohet për drejtimin e Bashkisë së Vlorë! Opozita: Shkelje, ju çojmë në prokurori |url=https://shqiptarja.com/lajm/mblidhet-keshilli-bashkiak-i-vlores-pritet-te-caktohet-nenkryetari-qe-do-drejtoje-perkohesisht-bashkine-opozita-kerkon-pranine-e-dredhes |access-date=22 September 2025 |date=22 September 2025 |website=Shqiptarja.com |language=sq}}</ref>
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}}
'''व्लोरा''' ({{Langx|sq|Vlorë|italic=no}}) [[अल्बानिया]] का तीसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर तथा [[व्लोरे प्रांत|व्लोरा प्रांत]] की राजधानी है। देश के दक्षिण-पश्चिमी में स्थित, यह [[व्लोरा की खाड़ी]] पर फैला हुआ है और [[सेरायूनिया पर्वतमाला]], [[एड्रियाटिक सागर|एड्रियाटिक]] एवं [[आयोनियाई सागर]] के तटों से घिरा हुआ है। इसके पास [[भूमध्य जलवायु]] है।
व्लोरा का तटीय क्षेत्र उन इलियरियन स्थलों में से एक था, जहां 11वीं-10वीं शताब्दी ईसा पूर्व से शुरू होने वाली पूर्व-शहरी गतिविधि का अनुभव था। यह क्षेत्र प्राचीन यूनानियों द्वारा उपनिवेशित था। एक बड़ा किलेबंद बंदरगाह शहर जो 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व से दूसरी शताब्दी ईस्वी तक बसा हुआ था, वर्तमान व्लोरा के उत्तर-पश्चिम में त्रिपोर्ट में स्थित है, जो अब आंशिक रूप से जलमग्न है। इस साइट पर पर्याप्त बंदरगाह गतिविधि कम से कम पुरातन काल से मध्यकाल तक हुई।
रोमन, बीजान्टिन, नॉर्मन, वेनेटियन और ओटोमन द्वारा पूरे इतिहास में अलग-अलग अवधियों में व्लोरा पर विजय प्राप्त की गई थी।
18वीं और 19वीं शताब्दी के बीच, अल्बानियाई लोगों ने राष्ट्रीय चेतना के लिए आध्यात्मिक और बौद्धिक दोनों ताकतें इकट्ठी कीं, जिससे निर्णायक रूप से अल्बानियाई पुनर्जागरण हुआ। व्लोरा ने आधुनिक अल्बानिया के संस्थापकों के लिए एक केंद्र के रूप में अल्बानियाई स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने 28 नवंबर 1912 को व्लोरा की विधानसभा में स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:अल्बानिया के शहर]]
[[श्रेणी:अल्बानिया के सांस्कृतिक स्मारक]]
[[श्रेणी:प्राचीन इलीरिया के शहर]]
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-- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 16:29, 4 जून 2024 (UTC)
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वैरनकोड भगवती मंदिर
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text/x-wiki
{{Infobox Mandir|name=Vairankode Bhagavathy Temple|native_name=वैरनकोड भगवती मंदिर|image=Vairankode (1).jpg|caption=Sree Vairankode Bhagavathi Temple|deity=[[भगवती]]|festivals=[[वैरानकोड़े उत्सव]]|location=[[वैरानकोड]] [[तिरूर]]|district=[[मलप्पुरम]]|state=[[केरल]]|country=[[भारत]]|coordinates={{coord|10.886727|75.976351|type:landmark_region:IN|display=inline,title}}|map_caption=Location in [[वैरानकोड]]|architecture=[[केरल वास्तुकला]]|year_completed=यह मंदिर 524वीं शताब्दी के आसपास बनकर तैयार हुआ था|creator=परंपरा के अनुसार, [[अज़्वानचेरी थम्प्रक्कल]]|website=http://vairankodetemple.in/}}
श्री वैरनकोड भगवती मंदिर एक भद्रकाली मंदिर है जो केरल के मलप्पुरम के वैरनकोड शहर में स्थित है। यहां की इष्टदेवता देवी भद्र काली हैं, जो भगवान राम और विष्णु देव का एक रूप हैं। ऐसा माना जाता है कि कोडुंगल्लूर भगवती की बहन, श्री वैरनकोड भगवती मंदिर केरल के सबसे पुराने भद्रकाली मंदिरों में से एक है।<ref>{{Cite web|url=https://newspaper.mathrubhumi.com/malappuram/news/malappuram-1.9348237|title=വലിയ തീയാട്ട്ഉത്സവം ഇന്ന്|date=2024-02-22|website=Newspaper|language=en|access-date=2024-02-25|archive-date=24 फ़रवरी 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240224124816/https://newspaper.mathrubhumi.com/malappuram/news/malappuram-1.9348237|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://newspaper.mathrubhumi.com/malappuram/news/malappuram-1.9334003|title=തീയാട്ടുത്സവത്തിന് വൈരങ്കോട് ഒരുങ്ങി|date=2024-02-17|website=Newspaper|language=en|access-date=2024-02-25|archive-date=23 फ़रवरी 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240223115225/https://newspaper.mathrubhumi.com/malappuram/news/malappuram-1.9334003|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/kozhikode/goa-cm-visits-malappuram-temples/article29493071.ece|title=Goa CM visits Malappuram temples|last=Reporter|first=Staff|date=2019-09-23|work=The Hindu|access-date=2024-04-29|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
== एक संक्षिप्त इतिहास ==
श्री वैरनकोड भगवती मंदिर केरल के सबसे पुराने भद्रकाली मंदिरों में से एक है। यहां की आराध्य देवी भद्र काली हैं। वैरनकोड मंदिर का निर्माण लगभग 1500 साल पहले अज़्वानचेरी थम्प्रक्कल ने किया था। ऐसा माना जाता है कि कोडुंगल्लूर भगवती की बहन भरतप्पुझा नदी को पार करके अझवनचेरी मन पहुंची और उन्होंने भगवती को वैरनकोड में रखा।<ref>{{Cite web|url=https://vairankodetemple.in/about|title=About - Sree Vairankode Bhagavathy Temple|website=vairankodetemple.in|access-date=2024-04-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.holyprasadam.com/temples/details/109|title=Holy Prasadam|website=www.holyprasadam.com|access-date=2024-04-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.keralatourism.org/1000festivals//index.php/preview/festival_info?fest_id=241|title=Festival Info {{!}} Festival Information System|website=www.keralatourism.org|access-date=2024-04-19|archive-date=24 फ़रवरी 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240224124623/https://www.keralatourism.org/1000festivals//index.php/preview/festival_info?fest_id=241|url-status=dead}}</ref>
== [[वैरानकोड़े उत्सव|त्यौहार]] ==
वार्षिक थेयट्टुलसवम या वैरनकोड वेला मलयालम महीने कुंभम (फरवरी) में मनाया जाता है।
== परिवहन ==
* निकटतम हवाई अड्डेः [[कालीकट अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र|कालीकट (सी. सी. जे.)]] और [[कोयम्बटूर अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र|कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]]
* निकटतम नगरपालिकाः [[तिरूर]]
* निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन तिरुन्नावाया रेलवे स्टेशन 4 किमी, तिरूर रेलवे स्टेशन 10 किमी, कुट्टीपुरम रेलवे स्टेशन 11 किमी
* निकटतम बस स्टेशनः [[तिरूर]] 10 किमी, [[कुट्टिप्पुरम|कुट्टीपुरम]] 11 किमी, [[पुतनतानी|पुथानथानी]] 10 किमी
== यह भी देखें ==
* [[वैरानकोड़े उत्सव|वैरानकोड वेला]]
* [[वैरानकोड]]
* अज़वांचेरी थाम्प्रक्कल
* [[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन|थुनचथ्थु एझुथाचन]]
* [[मेल्पत्तूर नारायण भट्टतिरि|मेलपथुर नारायण भट्टथिरी]]
<gallery>
चित्र:Vairankode_vela.jpg|पाठ=Vairankode Vela|वैरानकोड वेला
चित्र:Vairankode_vela_photo.jpg|पाठ=Vairankode Vela|वैरानकोड वेला
चित्र:Vairankode_temple.jpg|पाठ=Vairankode temple|वैरानकोड मंदिर
चित्र:Kattalan.jpg|पाठ=Kattalan|कट्टलन
चित्र:വൈരങ്കോട്_വേല.jpg
चित्र:Vairankde_vela.jpg
चित्र:Vairankode_Bhagavathy_Temple.jpg|पाठ=Vairankode Bhagavathy Temple|वैरानकोड भगवती मंदिर
</gallery>{{Reflist}}
[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
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शफीकुर रहमान
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text/x-wiki
[[File:Shafiqur Rahman in Kushtia (cropped).jpg|thumb]]
'''शफीकुर रहमान''' (बंगालीः শফিকুর রহমান) एक बांग्लादेशी राजनेता, चिकित्सक और [[बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी]] के वर्तमान अमीर हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.observerbd.com/news.php?id=487425|title=Jamaat will ensure free working environment for journalists, says its Ameer|date=28 August 2024|work=[[The Daily Observer (Bangladesh)]]|access-date=29 August 2024}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[https://www.observerbd.com/news.php?id=487425 "Jamaat will ensure free working environment for journalists, says its Ameer"]. ''[[The Daily Observer (Bangladesh)]]''. 28 August 2024<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">29 August</span> 2024</span>.</cite></ref>
उन्होंने अक्टूबर 2016 से नवंबर 2019 तक जमात के महासचिव के रूप में कार्य किया। उन्हें 12 नवंबर 2019 को जमात-ए-इस्लामी का [[अमीर]] चुना गया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.dhakatribune.com/bangladesh/politics/2019/11/12/dr-shafiqur-elected-ameer-of-jamaat-e-islami|title=Dr Shafiqur elected Ameer of Jamaat-e-Islami|date=2019-11-12|work=[[Dhaka Tribune]]|access-date=2019-11-12}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[https://www.dhakatribune.com/bangladesh/politics/2019/11/12/dr-shafiqur-elected-ameer-of-jamaat-e-islami "Dr Shafiqur elected Ameer of Jamaat-e-Islami"]. ''[[Dhaka Tribune]]''. 12 November 2019<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">12 November</span> 2019</span>.</cite></ref> वह पार्टी के पूर्व कार्यवाहक महासचिव थे। <ref>{{Cite news|url=http://bdnews24.com/bangladesh/jamaat-e-islami-calls-for-shutdown-on-wednesday-over-mir-quasems-war-crimes-verdict|title=Jamaat-e-Islami calls for shutdown on Wednesday over Mir Quasem's war crimes verdict|date=30 August 2016|work=[[bdnews24.com]]|access-date=2016-12-12}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[http://bdnews24.com/bangladesh/jamaat-e-islami-calls-for-shutdown-on-wednesday-over-mir-quasems-war-crimes-verdict "Jamaat-e-Islami calls for shutdown on Wednesday over Mir Quasem's war crimes verdict"]. ''[[bdnews24.com]]''. 30 August 2016<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">12 December</span> 2016</span>.</cite></ref><ref>{{Cite web|url=http://aa.com.tr/en/politics/bangladesh-set-to-execute-jamaat-e-islami-leader/569697|title=Bangladesh set to execute Jamaat-e-Islami leader|website=[[Anadolu Agency]]|access-date=2016-12-12}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="true">[http://aa.com.tr/en/politics/bangladesh-set-to-execute-jamaat-e-islami-leader/569697 "Bangladesh set to execute Jamaat-e-Islami leader"]. ''[[Anadolu Agency]]''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">12 December</span> 2016</span>.</cite></ref><ref>{{Cite news|url=http://www.dhakatribune.com/bangladesh/2016/10/17/maqbul-ahmed-takes-oath-jamaat-chief/|title=Maqbul Ahmed takes oath as Jamaat chief|date=2016-10-17|work=[[Dhaka Tribune]]|access-date=2016-12-12}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[http://www.dhakatribune.com/bangladesh/2016/10/17/maqbul-ahmed-takes-oath-jamaat-chief/ "Maqbul Ahmed takes oath as Jamaat chief"]. ''[[Dhaka Tribune]]''. 17 October 2016<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">12 December</span> 2016</span>.</cite></ref> कार्यवाहक महासचिव बनने से पहले, वह पार्टी की [[सिलेट नगर निगम|सिलहट]] शहर शाखा के ''अमीर'' (नेता) थे।<ref>{{Cite news|url=https://www.thedailystar.net/news-detail-47013|title=Ex-Ameer of Sylhet Jamaat, 3 others sued|date=2008-07-23|work=[[The Daily Star (Bangladesh)]]|access-date=2017-01-05}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[https://www.thedailystar.net/news-detail-47013 "Ex-Ameer of Sylhet Jamaat, 3 others sued"]. ''[[The Daily Star (Bangladesh)]]''. 23 July 2008<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">5 January</span> 2017</span>.</cite></ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
रहमान का जन्म 31 अक्टूबर 1958 को मौलवीबाजार जिले के [[कुलाउड़ा उपज़िला|कुलौरा उपज़िला]] के अंतर्गत भटेरा यूनियन में हुआ था। इनके पिता का नाम अबरु मिया और माता का नाम खतीबुन है। वे अपने परिवार के तीसरे बेटे हैं। रहमान ने 1974 में बारामूला हाई स्कूल से एसएससी पास किया, फिर उन्होंने 1976 में सिलहट के एमसी कॉलेज से [[उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र|एचएससी]] पास किया। उन्होंने 1983 में सिलहट एमएजी उस्मानी मेडिकल कॉलेज से [[आयुर्विज्ञान तथा शल्य-चिकित्सा स्नातक|एमबीबीएस]] की डिग्री प्राप्त की।<ref>{{Cite news|url=http://www.dailynayadiganta.com/politics/364590/%E0%A6%A2%E0%A6%BE%E0%A6%95%E0%A6%BE-%E0%A7%A7%E0%A7%AB-%E0%A6%86%E0%A6%B8%E0%A6%A8%E0%A7%87-%E0%A6%A8%E0%A6%BF%E0%A6%B0%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%9A%E0%A6%A8-%E0%A6%95%E0%A6%B0%E0%A6%A4%E0%A7%87-%E0%A6%9A%E0%A6%BE%E0%A6%A8-%E0%A6%9C%E0%A6%BE%E0%A6%AE%E0%A6%BE%E0%A6%AF%E0%A6%BC%E0%A6%BE%E0%A6%A4-%E0%A6%B8%E0%A7%87%E0%A6%95%E0%A7%8D%E0%A6%B0%E0%A7%87%E0%A6%9F%E0%A6%BE%E0%A6%B0%E0%A6%BF-%E0%A6%A1%E0%A6%BE-%E0%A6%B6%E0%A6%AB%E0%A6%BF%E0%A6%95|work=[[Daily Naya Diganta|Daily Nayadiganta]]|access-date=12 November 2019|language=bn|script-title=bn:ঢাকা-১৫ আসনে নির্বাচন করতে চান জামায়াত সেক্রেটারি ডা: শফিক|archive-date=12 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191112194215/http://www.dailynayadiganta.com/politics/364590/%25E0%25A6%25A2%25E0%25A6%25BE%25E0%25A6%2595%25E0%25A6%25BE-%25E0%25A7%25A7%25E0%25A7%25AB-%25E0%25A6%2586%25E0%25A6%25B8%25E0%25A6%25A8%25E0%25A7%2587-%25E0%25A6%25A8%25E0%25A6%25BF%25E0%25A6%25B0%25E0%25A7%258D%25E0%25A6%25AC%25E0%25A6%25BE%25E0%25A6%259A%25E0%25A6%25A8-%25E0%25A6%2595%25E0%25A6%25B0%25E0%25A6%25A4%25E0%25A7%2587-%25E0%25A6%259A%25E0%25A6%25BE%25E0%25A6%25A8-%25E0%25A6%259C%25E0%25A6%25BE%25E0%25A6%25AE%25E0%25A6%25BE%25E0%25A6%25AF%25E0%25A6%25BC%25E0%25A6%25BE%25E0%25A6%25A4-%25E0%25A6%25B8%25E0%25A7%2587%25E0%25A6%2595%25E0%25A7%258D%25E0%25A6%25B0%25E0%25A7%2587%25E0%25A6%259F%25E0%25A6%25BE%25E0%25A6%25B0%25E0%25A6%25BF-%25E0%25A6%25A1%25E0%25A6%25BE-%25E0%25A6%25B6%25E0%25A6%25AB%25E0%25A6%25BF%25E0%25A6%2595|url-status=dead}}</ref>
== करियर ==
रहमान ने 1973 में [[जातीय समाजतांत्रिक दल (जासद)|जातीय समाजवादी दल]] की छात्र शाखा के माध्यम से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।<ref name="j">{{Cite web|url=https://www.jamaat-e-islami.org/article-details.php?category=29&article=552|website=Jamaat-e-Islami|language=bn|script-title=bn:আমীরে জামায়াত ডা. শফিকুর রহমান এর সংক্ষিপ্ত জীবন বৃত্তান্ত|archive-url=https://web.archive.org/web/20221027141704/https://www.jamaat-e-islami.org/article-details.php?category=29&article=552|archive-date=27 October 2022|access-date=27 October 2022}}<cite class="citation web cs1 cs1-prop-script cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="true">[https://www.jamaat-e-islami.org/article-details.php?category=29&article=552 <bdi lang="bn">আমীরে জামায়াত ডা. শফিকুর রহমান এর সংক্ষিপ্ত জীবন বৃত্তান্ত</bdi>]. ''Jamaat-e-Islami'' (in Bengali). [https://web.archive.org/web/20221027141704/https://www.jamaat-e-islami.org/article-details.php?category=29&article=552 Archived] from the original on 27 October 2022<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 October</span> 2022</span>.</cite>
</ref> वह 1977 में [[बांग्लादेश इस्लामी छात्र शिविर|इस्लामी छात्र शिविर]] में शामिल हुए। जब वे सिलहट उस्मानी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे थे, तब वे छात्र शिबिर मेडिकल शाखा और बाद में सिलहट जिला शाखा के अध्यक्ष बने। 1984 में वह जमात-ए-इस्लामी में शामिल हो गए। बाद में उन्होंने सिलहट के अमीर के रूप में कार्य किया। 2010 में सहायक महासचिव के रूप में केंद्रीय स्तर पर पदभार संभालने के बाद और 19 सितंबर 2011 को पहले कार्यवाहक महासचिव के रूप, उन्होंने 2016 में महासचिव के रूप मे पदभार संभाला।<ref>{{Cite news|url=https://www.thedailystar.net/politics/news/shafiqur-elected-jamaats-ameer-1826272|title=Shafiqur elected Jamaat's Ameer|date=12 November 2019|work=[[The Daily Star (Bangladesh)|The Daily Star]]|access-date=12 November 2019}}</ref>
== निजी जीवन ==
रहमान की शादी 5 जनवरी 1985 को डॉ. अमीना बेगम से हुई थी। उन्होंने आठवें जातीय संसद चुनाव में एक आरक्षित सीट के लिए संसद सदस्य के रूप में कार्य किया। विवाहित दंपति के 2 बेटियों और 1 बेटे सहित 3 बच्चे हैं।<ref>{{Cite news|url=http://www.dailysangram.com/?post=353245-%E0%A6%A2%E0%A6%BE%E0%A6%95%E0%A6%BE-%E0%A7%A7%E0%A7%AB-%E0%A6%86%E0%A6%B8%E0%A6%A8-%E0%A6%A5%E0%A7%87%E0%A6%95%E0%A7%87-%E0%A6%AE%E0%A6%A8%E0%A7%8B%E0%A6%A8%E0%A6%AF%E0%A6%BC%E0%A6%A8%E0%A6%AA%E0%A6%A4%E0%A7%8D%E0%A6%B0%20%E0%A6%B8%E0%A6%82%E0%A6%97%E0%A7%8D%E0%A6%B0%E0%A6%B9-%E0%A6%95%E0%A6%B0%E0%A6%B2%E0%A7%87%E0%A6%A8-%E0%A6%A1%E0%A6%BE-%E0%A6%B6%E0%A6%AB%E0%A6%BF%E0%A6%95%E0%A7%81%E0%A6%B0-%E0%A6%B0%E0%A6%B9%E0%A6%AE%E0%A6%BE%E0%A6%A8|work=[[The Daily Sangram]]|access-date=12 November 2019|language=bn|script-title=bn:ঢাকা-১৫ আসন থেকে মনোনয়নপত্র সংগ্রহ করলেন ডা. শফিকুর রহমান}}</ref><ref name="j"/>
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:बंगाली मुस्लिम]]
[[श्रेणी:बंगाली लोग]]
[[श्रेणी:बंगाली राजनीतिज्ञ]]
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शाहज़ेब तेजानी
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text/x-wiki
{{ज्ञानसंदूक संगीत कलाकार|Name=शाहज़ेब तेजानी|Img=Shahzeb_Tejani.jpg|Born=ह्यूट्सन|Occupation=गायक|Label=ज़ी म्यूज़िक कंपनी|Years_active=2019 - वर्तमान|URL=https://Shahzebtejani.com}}
'''शाहज़ेब तेजानी''', [[ह्युस्टन|ह्यूस्टन, टेक्सास]] के एक अमेरिकी गायक, संगीतकार और गीतकार हैं। वे मुख्य रूप से हिंदी और अंग्रेजी भाषा के संगीत में काम करते हैं। उन्होंने 2019 में डीजे शैडो के साथ हिंदी गीत ''अपना बना ले ना'' के साथ अपना गायन डेब्यू किया, जिसे [[ज़ी म्यूजिक कंपनी|ज़ी म्यूज़िक कंपनी]] के सहयोग से रिलीज़ किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/lifestyle/singer-shahzeb-tejani-making-waves/|title=Singer Shahzeb Tejani making waves|website=The Tribune|language=en|access-date=2024-11-30}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन और शिक्षा==
शाहजेब का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के ह्यूस्टन, टेक्सास में हुआ था, उन्हें बचपन में ही [[हिन्दी सिनेमा|बॉलीवुड]] और दक्षिण एशियाई संगीत से प्यार हो गया था, जो [[मोहम्मद रफ़ी]], [[केके]] और [[सोनू निगम]] से प्रेरित था।<ref name=":0" /><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/music/news/singer-shahzeb-tejani-creates-the-english-version-of-tum-ho/articleshow/76183887.cms|title=Singer Shahzeb Tejani creates the English version of ‘Tum Ho’|date=2020-06-03|work=The Times of India|access-date=2024-11-30|issn=0971-8257}}</ref>
शाहजेब ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ ह्यूस्टन के हाइन्स कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर से [[वास्तुकला]] में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने यूनिवर्सिटी में अपने समय के दौरान कार्यक्रमों में प्रदर्शन करना शुरू किया, अंततः [[यूट्यूब]] और [[इंस्टाग्राम]] जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर पहचान हासिल की।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://www.lokmatnews.in/bollywood/shahzeb-tejani-josh-passion-talent-laid-foundation-music-career-whoi-is-tejani-b507/|title=Shahzeb Tejani: जोश, जुनून, प्रतिभा?, संगीत करियर की नींव रखी|last=author/lokmat-news|date=2024-12-01|website=Lokmat News Hindi|language=hi|access-date=2024-12-01}}</ref>
==करियर==
2019 में, [[ज़ी म्यूजिक कंपनी|ज़ी म्यूज़िक कंपनी]] ने उनके करियर की शुरुआत की, और शाहजेब ने डीजे शैडो दुबई और सलमान मिठानी के साथ ''अपना बना ले'' ना गीत से शुरुआत की।<ref>{{Cite web|url=https://english.jagran.com/entertainment/shahzeb-tejani-announces-new-single-duaon-mein-after-success-of-until-youre-mine-10204112|title=Shahzeb Tejani Announces New Single Duaon Mein After Success Of Until You're Mine|date=2024-11-30|website=English Jagran|language=en|access-date=2024-11-30}}</ref>
2022 में, उन्होंने ''तेरा रिश्ता'' गीत के लिए पहले [[इंडियन आइडल]] विजेता [[अभिजीत सावंत]] के साथ सहयोग किया।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/shahzeb-tejani-and-abhijeet-sawant-are-creating-noise-in-the-independent-music-scene/amp_articleshow/91761963.cms|title=Shahzeb Tejani and Abhijeet Sawant are creating noise in the independent music scene|work=The Times of India|access-date=2024-11-30|issn=0971-8257}}</ref>
उन्होंने [[विक्रम भट्ट]] की फिल्म [[१९२१ (२०१८ फ़िल्म)|1921]] में अपने काम के लिए मशहूर संगीत निर्देशक हरीश सागने के साथ भी काम किया है।<ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.dailypioneer.com/2024/entertainment/shahzeb-tejani-releases-until-you---re-mine--a-new-chapter-in-his-musical-journey.html|title=Shahzeb Tejani Releases Until You’re Mine: A New Chapter in His Musical Journey|last=Pioneer|first=The|website=The Pioneer|language=en|access-date=2024-11-30|archive-date=2 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241202212033/https://www.dailypioneer.com/2024/entertainment/shahzeb-tejani-releases-until-you---re-mine--a-new-chapter-in-his-musical-journey.html|url-status=dead}}</ref>
2023 में, शाहज़ेब ने अपना पहला एल्बम, ''बिन कहे'', और 2024 में, उन्होंने अपना पहला अंग्रेजी एकल, ''अनटिल यू आर माइन'' रिलीज़ किया।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web|url=https://www.thehansindia.com/amp/cinema/shahzeb-tejani-debut-english-track-until-youre-mine-is-melody-for-ages-921442|title=Shahzeb Tejani Debut English Track ‘Until You’re Mine’ Is Melody For Ages|last=India|first=The Hans|website=The Hans India|language=en|access-date=2024-11-30}}</ref>
==संदर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
*{{Official website|https://www.shahzebtejani.com/}}
*{{IMDb name|id=nm10518819}}
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text/x-wiki
{{ज्ञानसंदूक संगीत कलाकार|Name=शाहज़ेब तेजानी|Img=Shahzeb_Tejani.jpg|Born=ह्यूट्सन|Occupation=गायक|Label=ज़ी म्यूज़िक कंपनी|Years_active=2019 - वर्तमान|URL=https://Shahzebtejani.com}}
'''शाहज़ेब तेजानी''', [[ह्युस्टन|ह्यूस्टन, टेक्सास]] के एक अमेरिकी गायक, संगीतकार और गीतकार हैं। वे मुख्य रूप से हिंदी और अंग्रेजी भाषा के संगीत में काम करते हैं। उन्होंने 2019 में डीजे शैडो के साथ हिंदी गीत ''अपना बना ले ना'' के साथ अपना गायन डेब्यू किया, जिसे [[ज़ी म्यूजिक कंपनी|ज़ी म्यूज़िक कंपनी]] के सहयोग से रिलीज़ किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/lifestyle/singer-shahzeb-tejani-making-waves/|title=Singer Shahzeb Tejani making waves|website=The Tribune|language=en|access-date=2024-11-30}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन और शिक्षा==
शाहजेब का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के ह्यूस्टन, टेक्सास में हुआ था, उन्हें बचपन में ही [[हिन्दी सिनेमा|बॉलीवुड]] और दक्षिण एशियाई संगीत से प्यार हो गया था, जो [[मोहम्मद रफ़ी]], [[केके]] और [[सोनू निगम]] से प्रेरित था।<ref name=":0" /><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/music/news/singer-shahzeb-tejani-creates-the-english-version-of-tum-ho/articleshow/76183887.cms|title=Singer Shahzeb Tejani creates the English version of ‘Tum Ho’|date=2020-06-03|work=The Times of India|access-date=2024-11-30|issn=0971-8257}}</ref>
शाहजेब ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ ह्यूस्टन के हाइन्स कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर से [[वास्तुकला]] में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने यूनिवर्सिटी में अपने समय के दौरान कार्यक्रमों में प्रदर्शन करना शुरू किया, अंततः [[यूट्यूब]] और [[इंस्टाग्राम]] जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर पहचान हासिल की।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://www.lokmatnews.in/bollywood/shahzeb-tejani-josh-passion-talent-laid-foundation-music-career-whoi-is-tejani-b507/|title=Shahzeb Tejani: जोश, जुनून, प्रतिभा?, संगीत करियर की नींव रखी|last=author/lokmat-news|date=2024-12-01|website=Lokmat News Hindi|language=hi|access-date=2024-12-01}}</ref>
==करियर==
2019 में, [[ज़ी म्यूजिक कंपनी|ज़ी म्यूज़िक कंपनी]] ने उनके करियर की शुरुआत की, और शाहजेब ने डीजे शैडो दुबई और सलमान मिठानी के साथ ''अपना बना ले'' ना गीत से शुरुआत की।<ref>{{Cite web|url=https://english.jagran.com/entertainment/shahzeb-tejani-announces-new-single-duaon-mein-after-success-of-until-youre-mine-10204112|title=Shahzeb Tejani Announces New Single Duaon Mein After Success Of Until You're Mine|date=2024-11-30|website=English Jagran|language=en|access-date=2024-11-30}}</ref>
2022 में, उन्होंने ''तेरा रिश्ता'' गीत के लिए पहले [[इंडियन आइडल]] विजेता [[अभिजीत सावंत]] के साथ सहयोग किया।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/shahzeb-tejani-and-abhijeet-sawant-are-creating-noise-in-the-independent-music-scene/articleshow/91761963.cms|title=Shahzeb Tejani and Abhijeet Sawant are creating noise in the independent music scene|work=The Times of India|access-date=2024-11-30|issn=0971-8257}}</ref>
उन्होंने [[विक्रम भट्ट]] की फिल्म [[१९२१ (२०१८ फ़िल्म)|1921]] में अपने काम के लिए मशहूर संगीत निर्देशक हरीश सागने के साथ भी काम किया है।<ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.dailypioneer.com/2024/entertainment/shahzeb-tejani-releases-until-you---re-mine--a-new-chapter-in-his-musical-journey.html|title=Shahzeb Tejani Releases Until You’re Mine: A New Chapter in His Musical Journey|last=Pioneer|first=The|website=The Pioneer|language=en|access-date=2024-11-30|archive-date=2 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241202212033/https://www.dailypioneer.com/2024/entertainment/shahzeb-tejani-releases-until-you---re-mine--a-new-chapter-in-his-musical-journey.html|url-status=dead}}</ref>
2023 में, शाहज़ेब ने अपना पहला एल्बम, ''बिन कहे'', और 2024 में, उन्होंने अपना पहला अंग्रेजी एकल, ''अनटिल यू आर माइन'' रिलीज़ किया।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web|url=https://www.thehansindia.com/cinema/shahzeb-tejani-debut-english-track-until-youre-mine-is-melody-for-ages-921442|title=Shahzeb Tejani Debut English Track ‘Until You’re Mine’ Is Melody For Ages|last=India|first=The Hans|website=The Hans India|language=en|access-date=2024-11-30}}</ref>
==संदर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
*{{Official website|https://www.shahzebtejani.com/}}
*{{IMDb name|id=nm10518819}}
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शबक़दर
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}}
'''शबक़दर''' ([[उर्दू भाषा|उर्दू]]: شَبْقَدَر) [[पाकिस्तान]] में [[ख़ैबर पख़्तूनख़्वा]] प्रांत के [[चारसद्दा ज़िला|चारसद्दा]] ज़िले का एक शहर है। यह [[पेशावर]] के 28 km उत्तर स्थित है।<ref name=":0">{{cite web|url=https://tribune.com.pk/story/980340/shabqadar-fort-even-an-earthquake-couldnt-free-chained-gates/|title=Shabqadar Fort: Even an earthquake couldn't free chained gates - The Express Tribune|date=28 October 2015|website=The Express Tribune|accessdate=24 September 2017}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.distancesto.com/pk/shabqadar-to-peshawar/history/44895.html|title=distancesto.com Shabqadar to Peshawar|author=<!--Staff writer(s); no by-line.-->|date=2016|website=Distancesto.com|publisher=|access-date=14 August 2014}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:पाकिस्तान के शहर]]
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शाही टुकड़ा
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{{Infobox Prepared Food|image=Shahi Tukray (Shahi Tukda).JPG|caption=शाही टुकड़ा|alternate_name=|country=[[भारतीय उपमहाद्वीप]]|veg=veg|main_ingredient=डबलरोटी, घी, दूध, चीनी|name=शाही टुकड़ा}}'''शाही टुकड़ा''' [[भारतीय उपमहाद्वीप]] से एक [[मिठाई]] है।<ref name=":0">{{cite news|url=https://food.ndtv.com/food-drinks/shahi-tukda-the-mughlai-bread-pudding-we-cant-get-enough-of-1776204|title=Shahi Tukda: The Mughlai Bread Pudding We Can't Get Enough of|work=NDTV Food|access-date=28 May 2022|language=en}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/lifestyle/recipe/eid-desserts-to-satiate-your-sweet-tooth-101651501823894.html|title=Eid desserts to satiate your sweet tooth|date=2022-05-02|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2022-05-28}}</ref> इसे मूलतः [[मुग़ल साम्राज्य]] के दरबार के लिए बनाया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.internationalcuisine.com/shahi-tukra/|title=Origins of shahi tukre|date=14 June 2018}}</ref> श्वेत डबलरोटी को तेल या घी में पकाया जाता है, जिसके बाद उसपर दूध और चीनी डाली जाती है।<ref>{{Cite web|url=https://newsable.asianetnews.com/lifestyle/ramzan-special-10-delicacies-for-iftar-you-should-know-ycb-r9virj|title=Ramzan special: 10 delicacies for iftar you should know|last=richa|website=Asianet News Network Pvt Ltd|language=en|access-date=2022-05-28}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/travel/eating-out/delectable-desserts-you-must-try-in-agra/photostory/83134710.cms|title=Delectable desserts you must try in Agra|newspaper=The Times of India|access-date=2022-05-28}}</ref> शाही टुकड़े पर केसर, लौंग और इलायची के साथ स्वाद डाला जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.sfchronicle.com/cooking/article/Recipe-Shahi-tukda-elevates-a-simple-bread-14515201.php|title=Recipe: Shahi tukda elevates a simple bread pudding with cardamom and saffron|last=Sharma|first=Nik|date=2019-10-11|website=San Francisco Chronicle|language=en-US|access-date=2022-05-28}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.theguardian.com/food/2018/nov/13/tamal-ray-indian-bread-pudding-recipe-shahi-tukra|title=Tamal Ray's Indian bread pudding recipe {{!}} The Sweet Spot|date=2018-11-13|website=the Guardian|language=en|access-date=2022-05-28}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:मुग़लाई खाना]]
[[श्रेणी:हैदराबादी खाना]]
[[श्रेणी:मुहाजिर खाना]]
[[श्रेणी:मेवे]]
[[श्रेणी:पाकिस्तानी मिठाइयाँ]]
[[श्रेणी:दूध की मिठाइयाँ]]
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शिवांगी जोशी द्वारा प्राप्त पुरस्कारों और नामांकनों की सूची
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text/x-wiki
[[चित्र:Shivangi_at_TIIFA_Awards_2019.png|अंगूठाकार|टीआईआईएफए पुरस्कार 2019 में जोशी]]
[[शिवांगी जोशी]] एक भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री हैं, जिन्हें ''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]'' में नायरा सिंघानिया गोयनका और सीरत शेखावत गोयनका के नाम से जाना जाता है। जोशी ने ज्यादातर ''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]'' के लिए कई पुरस्कार जीते हैं। उन्हें ''[[बरसातें - मौसम प्यार का|बरसते-मौसम प्यार का]]'' में आराधना सांही के रूप में भी जाना जाता है, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री लोकप्रिय के लिए आई. टी. ए. पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री जूरी नामांकन प्राप्त हुए।
== [[इंडियन टेलीविजन अकादमी अवॉर्ड्स]] ==
{| class="wikitable sortable"
!वर्ष
!श्रेणी
!दिखाएँ
!चरित्र
!परिणाम
|-
|2017
| rowspan="2" |बेस्ट एक्ट्रेस ड्रामा
| rowspan="6" |''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]''
| rowspan="6" |नायरा सिंघानिया गोयनका
| {{नामांकन}}<ref>{{Cite web |url=http://www.ita2017.com/weeklytop |title=.: Weekly Top {{!}} The Indian Television Academy :. |website=www.ita2017.com |language=en-US |access-date=15 October 2017 |archive-date=3 November 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171103220610/http://www.ita2017.com/weeklytop |url-status=live }}</ref>
|-
|2018
| {{नामांकन}}
|-
|2019
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| {{Won}}<ref>{{Cite news|title=Indian Television Academy Awards 2019 Winners: Complete list of winners|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/tv-awards/indian-television-academy-awards/2019/113|access-date=2021-11-18|newspaper=The Times of India}}</ref>
|-
|2021
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| {{नामांकन}}
|-
| rowspan="2" |2022
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (लोकप्रिय)
| {{नामांकन}}
|-
|बेस्ट एक्ट्रेस ड्रामा
| {{नामांकन}}
|-
| rowspan="3" |2023
|बेस्ट एक्ट्रेस ड्रामा
| rowspan="2" |''[[बरसातें - मौसम प्यार का|बरसते-मौसम प्यार का]]''
| rowspan="2" |आराधना साहनी
| {{नामांकन}}
|-
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (लोकप्रिय)
| {{नामांकन}}
|-
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री-ओटीटी
|''जब हम मिले''
|प्राची
| {{नामांकन}}
|}
== [[इंडियन टेली अवार्ड्स]] ==
'इंडियन टेली अवार्ड्स' भारतीय टेलीविजन कंपनी द्वारा भारत के टेलीविजन उद्योग में व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाने वाला वार्षिक सम्मान है। पुरस्कार कई श्रेणियों में दिए जाते हैं जैसे कि एक विशिष्ट शैली में सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रम या श्रृंखला, एक विशेष श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ टेलीविजन चैनल, सबसे लोकप्रिय अभिनेता और लेखकों और निर्देशकों जैसी तकनीकी भूमिकाओं के लिए पुरस्कार।
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!वर्ष
!श्रेणी
!दिखाएँ
!चरित्र
!परिणाम
|-
| rowspan="2" |2015
|नया चेहरा (महिला)
| rowspan="2" |''[[बेगूसराय (धारावाहिक)|बेगुसराय]]''
| rowspan="2" |पूनम ठाकुर
| {{नामांकन}}<ref>{{Cite news |url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/tv-awards/indian-telly-awards/2015/115 |title=Indian Telly Awards 2015 Winners: Complete list of winners |website=The Times of India}}</ref>
|-
|बेस्ट ऑनस्क्रीन जोड़ी (विशाल आदित्य सिंह के साथ)
| {{नामांकन}}
|-
| rowspan="3" |2019
|मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
| rowspan="3" |''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]''
| rowspan="3" |नायरा सिंघानिया गोयनका
| {{नामांकन}}<ref>{{Cite web |url=https://indianexpress.com/article/entertainment/television/indian-telly-awards-2019-winners-list-divyanka-tripathi-hina-khan-nakuul-mehta-5636869/ |title=Indian Telly Awards 2019: Complete list of winners |date=21 March 2019 |website=The Indian Express |access-date=12 October 2019 |archive-date=1 April 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190401071120/https://indianexpress.com/article/entertainment/television/indian-telly-awards-2019-winners-list-divyanka-tripathi-hina-khan-nakuul-mehta-5636869/ |url-status=live}}</ref>
|-
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री-जूरी
|{{नामांकन}}
|-
|बेस्ट ऑनस्क्रीन जोड़ी ([[मोहसिन खान]] के साथ)
| {{नामांकन}}
|}
== [[स्टार परिवार अवार्ड्स]]==
{| class="wikitable sortable"
!वर्ष
!श्रेणी
!दिखाएँ
!चरित्र
!परिणाम
|-
| rowspan="2" |2017
|पसंदीदा जोड़ी ([[मोहसिन खान]] के साथ)
| rowspan="4" |''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]''
| rowspan="4" |नायरा सिंघानिया गोयनका
| {{Won}}
|-
| पसंदीदा यात्रा
| {{won}}
|-
| rowspan="2" |2018
|पसंदीदा जोड़ी ([[मोहसिन खान]] के साथ)
| {{Won}}
|-
| पसंदीदा यात्रा
| {{won}}
|}
== स्वर्ण पदक ==
ज़ी गोल्ड अवार्ड्स (जिसे गोल्ड टेलीविज़न या बोरोप्लस अवार्ड्स के रूप में भी जाना जाता है) टेलीविजन उद्योग में उत्कृष्टता प्रदान करने वाले सम्मान हैं। पुरस्कार कई श्रेणियों में दिए जाते हैं।
{| class="wikitable sortable"
!वर्ष
!श्रेणी
!दिखाएँ
!चरित्र
!परिणाम
|-
|2017
|मुख्य भूमिका में पदार्पण (महिला)
| rowspan="5" |''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]''
| rowspan="5" |नायरा सिंघानिया गोयनका
|{{Won}}<ref>{{Cite news |title=Gold Awards 2017: Complete winners list and red carpet pictures |url=https://www.freepressjournal.in/cmcm/gold-awards-2017-complete-winners-list-and-red-carpet-pictures |access-date=25 February 2022 |website=Free Press Journal |language=en}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2018
|मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
|{{नामांकन}}
|-
|बेस्ट ऑनस्क्रीन जोड़ी ([[मोहसिन खान]] के साथ)
|{{Won}}<ref>{{Cite news |url=https://www.dnaindia.com/television/report-in-pics-zee-gold-awards-2018-full-winners-list-jennifer-winget-nakuul-mehta-mouni-roy-walk-away-with-the-trophies-2627274 |title=Zee Gold Awards 2018 Full Winners List! |work=DNA |language=en-US}}</ref>
|-
|2019
|मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
|{{Won}}
|-
| rowspan="3" |2022
|मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
|{{नामांकन}}<ref>{{Cite web|url=https://www.goldawards.in/|access-date=23 July 2022|work=Gold Awards|title=14th Boroplus Gold Awards, 2022: Check Out The List Of Nominees|archive-date=13 जुलाई 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220713002551/https://www.goldawards.in/|url-status=dead}}</ref>
|-
|सबसे फिट अभिनेत्री
|{{N/A}}
|{{N/A}}
|{{नामांकन}}
|-
|शैली प्रतीक
|{{N/A}}
|{{N/A}}
|{{नामांकन}}
|}
== प्रतिष्ठित स्वर्ण पुरस्कार ==
{| class="wikitable sortable"
!वर्ष
!श्रेणी
!दिखाएँ
!चरित्र
!परिणाम
|-
|2021
|आइकॉनिक सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
| rowspan="2" |''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]''
| rowspan="2" |नायरा सिंघानिया गोयनका
|{{Won}}<ref>{{cite web|url=https://www.latestly.com/socially/entertainment/tv/iconic-gold-awards-2021-hina-khan-surbhi-chandna-shivangi-joshi-win-big-check-out-the-full-winners-list-2888593.html/amp|title=Iconic Gold Awards 2021: Hina Khan, Surbhi Chandna, Shivangi Joshi Win Big; Check Out the Full Winners' List!|website=Latestly|date=26 September 2021 |access-date= 26 September 2021}}</ref>
|-
|2022
|वर्ष की सबसे लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री
|{{Won}}
|}
== एशियाई दर्शक टेलीविजन पुरस्कार ==
{| class="wikitable sortable"
!वर्ष
!श्रेणी
!दिखाएँ
!चरित्र
!परिणाम
|-
|2017
| rowspan="2" |वर्ष की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
| rowspan="2" |''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]''
| rowspan="2" |नायरा सिंघानिया गोयनका
|{{नामांकन}}<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/television/soaps/story/ishqbaaz-wins-big-at-asian-viewers-television-awards-lifetv-1100577-2017-12-05 |title=Ishqbaaaz wins big at Asian Viewers Television Awards |website=India Today |language=en |access-date=9 April 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180916093120/https://www.indiatoday.in/amp/television/soaps/story/ishqbaaz-wins-big-at-asian-viewers-television-awards-lifetv-1100577-2017-12-05 |archive-date=16 September 2018 |url-status=live}}</ref>
|-
|2019
|{{नामांकन}}<ref>{{Cite news |url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/hindi/erica-fernandes-and-harshad-chopda-win-big-at-a-tv-award-function-in-london/articleshow/72122719.cms |title=Erica Fernandes and Harshad Chopda win big at Asian Viewers Television Awards in London |website=The Times of India |language=en |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20191119201420/https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/hindi/erica-fernandes-and-harshad-chopda-win-big-at-a-tv-award-function-in-london/articleshow/72122719.cms |archive-date=19 November 2019 |access-date=}}</ref>
|}
== गोल्ड ग्लैम एंड स्टाइल अवार्ड्स ==
{| class="wikitable sortable"
!Year
!Category
!Show
!Character
!Result
|-
|2020
|Most Sought After Influencer (Female)
|{{N/A}}
|{{N/A}}
|{{Won}}<ref>{{Cite web |date= 25 November 2020|title=Gold Glam and Style Awards 2020: Hina Khan, Sidharth Shukla win big |url=https://indianexpress.com/photos/entertainment-gallery/gold-glam-and-style-awards-2020-hina-khan-sidharth-shukla-win-big-7064808/ |access-date= |website=The Indian Express |language=en |archive-date=22 September 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220922162735/https://indianexpress.com/photos/entertainment-gallery/gold-glam-and-style-awards-2020-hina-khan-sidharth-shukla-win-big-7064808/ |url-status=live }}</ref>
|}
== निकलोडियन किड्स चॉइस अवार्ड्स ==
{| class="wikitable"
!वर्ष
!श्रेणी
!काम करें।
!परिणाम
|-
|2019
| rowspan="2" |पसंदीदा टीवी अभिनेत्री
| rowspan="2" |''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]''
| {{नामांकन}}
|-
|2021
| {{नामांकन}}
|}
== अन्य पुरस्कार और मान्यताएँ ==
{| class="wikitable"
! style="width:10%;" |वर्ष
! style="width:40%;" |पुरस्कार/संगठन
! style="width:40%;" |श्रेणी
! style="width:40%;" |काम
! style="width:15%;" |परिणाम
|-
|2018
|[[इंडियन टेलीविजन अकादमी अवॉर्ड्स|जीआर8! महिला अचीवर्स]]
|भारतीय टेलीविजन उद्योग में उत्कृष्टता
|''[[ये रिश्ता क्या कहलाता है]]''
|{{Won}}
|-
|2024
|लायंस गोल्ड अवार्ड्स
|बेस्ट एक्ट्रेस
|''[[बरसातें - मौसम प्यार का|बरसते-मौसम प्यार का]]''
|{{Won}}
|}
== सम्मान ==
* 2022 में, उन्हें भारतीय टेलीविजन में उनके योगदान के लिए [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] द्वारा गढ़वाल पोस्ट सिल्वर जुबली अवार्ड से सम्मानित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://rajbhavan-maharashtra.gov.in/en/26-10-2022-maharashtra-governor-koshyari-presents-garhwal-post-silver-jubilee-awards/|title=26.10.2022 : Maharashtra Governor Koshyari presents 'Garhwal Post' Silver Jubilee Awards | Raj Bhavan Maharashtra | India}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी लिंक ==
* [[इंटरनेट मूवी डेटाबेस|आईएमडीबी]] में [https://m.imdb.com/name/nm7812857/awards?ref_=m_nm_awd शिवांगी जोशी पुरस्कार]
* [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|टाइम्स ऑफ इंडिया]] में [https://timesofindia.indiatimes.com/topic/Shivangi-Joshi/awards शिवांगी जोशी पुरस्कार]
{{DEFAULTSORT:Joshi, Shivangi}}
{{Navboxes|title=Awards for Shivangi Joshi|list={{Indian Telly Award Best Lead Actress}}
{{Indian Television Academy Award Best Lead Actress}}}}{{DEFAULTSORT:Joshi, Shivangi}}
[[श्रेणी:पुरस्कार]]
sb6qhjmw4mcjtq8pq1ic0l7rjiivkua
सदस्य वार्ता:ङघिञ
3
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6533153
2026-03-29T10:56:08Z
संजीव कुमार
78022
/* लेख का आकार */ नया अनुभाग
6534209
wikitext
text/x-wiki
{{साँचा:सहायता|realName=|name=ङघिञ}}
-- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 09:57, 29 मई 2025 (UTC)
== [[:मोराविया|मोराविया]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:मोराविया|मोराविया]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|मापदंड ल5]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|ल5]]{{*}} खराब मशीनी अनुवाद'''</center>
इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
यदि आपने यह लेख किसी अन्य भाषा के विकिपीडिया से अनूदित कर के यहाँ डाला है और आप इसका अनुवाद सुधारना चाहते हैं तो कृपया अनुवाद सुधार सम्पूर्ण होने से पहले लेख को मुख्य नामस्थान में ना डालें, बलकी अपने सदस्य उप-पृष्ठ की तरह उसका अनुवाद करें। अनुवाद सम्पूर्ण होने पर आप उसे मुख्य नामस्थान में [[वि:स्थानांतरण|स्थानांतरित]] कर सकते हैं।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 17:37, 2 जून 2025 (UTC)
== [[:डोरेमोनः नोबिता की डोराबियन रातें|डोरेमोनः नोबिता की डोराबियन रातें]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:डोरेमोनः नोबिता की डोराबियन रातें|डोरेमोनः नोबिता की डोराबियन रातें]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|मापदंड ल5]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|ल5]]{{*}} खराब मशीनी अनुवाद'''</center>
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== [[:डोरेमोनः नोबिता और तीन काबिल तलवारबाज|डोरेमोनः नोबिता और तीन काबिल तलवारबाज]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
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== [[:श्रेणी User nan-1|श्रेणी User nan-1]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[Image:Desc-i.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:श्रेणी User nan-1|श्रेणी User nan-1]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|मापदंड व2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|व2]]{{*}} परीक्षण पृष्ठ'''</center>
इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिन्हें परीक्षण के लिये बनाया गया है।
यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> [[User:TypeInfo|<b style="font-variant:small-caps;border:2px solid #d32730;padding:0 9px;background:linear-gradient(#0842cd,#139c43);color:#f7eda1;border-radius:6px">टाइपइन्फो</b>]] ([[User talk:TypeInfo|talk]]) 06:41, 7 मार्च 2026 (UTC)
== Translation request ==
Hello, ङघिञ.
Can you translate and upload the article [[:en:Bazardüzü]] in Hindi Wikipedia?
Yours sincerely, [[सदस्य:Kurcke|Kurcke]] ([[सदस्य वार्ता:Kurcke|वार्ता]]) 11:49, 7 मार्च 2026 (UTC)
:Sure, I'll try to do it tomorrow. :) [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) 12:58, 7 मार्च 2026 (UTC)
::Thank you very much for the new article. [[सदस्य:Kurcke|Kurcke]] ([[सदस्य वार्ता:Kurcke|वार्ता]]) 18:06, 8 मार्च 2026 (UTC)
:::You're welcome. Also, do you speak Hindi (or are you learning it)? [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) 03:02, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::Unfortunately, I don't know Hindi, though I should learn it. Thank you again. [[सदस्य:Kurcke|Kurcke]] ([[सदस्य वार्ता:Kurcke|वार्ता]]) 06:56, 9 मार्च 2026 (UTC)
== वार्ता पृष्ठ ==
नमस्ते, कृपया नए बनाये पन्नों के वार्ता पृष्ठ बस "वार्ता शीर्षक" साँचे के साथ न बनायें। इसकी आवश्यकता नहीं। वार्ता पृष्ठ तभी बनायें जब आवश्यकता हो। धन्यवाद। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:39, 24 मार्च 2026 (UTC)
:ठीक है। बताने के लिए धन्यवाद। [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) <span style="color:grey;">०६:०४, २५ मार्च २०२६ (UTC)</span>
== लेख का आकार ==
नमस्ते, आपने [[ऐक्कुआवीवा]] जैसे बहुत कम शब्दों वाले लेख निर्मित किये हैं। कृपया इन्हें कम से कम 100 शब्द वाले लेख में बदलें अन्यथा इन्हें "खाली लेख" मानकर हटाया जा सकता है। मैं आजकल ऐसे छोटे लेखों की सफ़ाई करने में लगा हुआ हूँ। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 10:56, 29 मार्च 2026 (UTC)
j5s53gxsd5c8rvn6zqvgbswpyy0cx9b
2026 बंगाल विधानसभा चुनाव
0
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2026-03-29T06:06:20Z
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743
6534138
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox election
| election_name = २०२६ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
| country = India
| type = Legislative
| ongoing = yes
| vote_type = party
| previous_election = 2021 पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव
| previous_year = २०२१
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| next_year = २०३१
| election_date = २३ और २९ अप्रैल २०२६
| seats_for_election = पश्चिम बंगाल विधान सभा के सभी २९४ निर्वाचन क्षेत्र, बहुमत के लिए १४८ सीटें
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| map_image = [[File:Wahlkreise zur Vidhan Sabha von Westbengalen.svg|300px]]
| map2_image =
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| map_caption = पश्चिम बंगाल विधान सभा क्षेत्रों का मानचित्र
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| image2 = {{CSS image crop|Image =Ms. Mamata Banerjee, in Kolkata on July 17, 2018 (cropped) (cropped).JPG|bSize = 135 |cWidth = 110 |cHeight = 150|oTop = 5|oLeft = 10}}
| image2_size = 130px
| leader2 = [[ममता बनर्जी]]
| leader_since2 = १९९८
| party2 = [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस|तृणमूल]]
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| leaders_seat2 = भवानीपुर
| last_election2 = ५८.०२%, २१५ सीटें
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| image1 = {{CSS image crop|Image =Suvendu Adhikari at Esplanade Metro Rail Station, Kolkata, 6 March 2024.jpg|bSize = 125 |cWidth = 110 |cHeight = 150|oTop = 0|oLeft = 6}}
| leader1 = [[सुवेंदु आधिकारी]]
| leader_since1 = २०२१
| leaders_seat1 = [[नन्दीग्राम (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|नन्दीग्राम]]
| last_election1 = ३८.१५%, ७७ सीटें
| party1 = [[भारतीय जनता पार्टी|भाजपा]]
| alliance1 = [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन|राजग]]
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| seat_change1 =
| popular_vote1 =
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| seats_before1 = ६५
| seats_needed1 = {{increase}}८३
}}
'''२०२६ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव'''
२३ और २९ अप्रैल को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें [[पश्चिम बंगाल विधानसभा]] की २९४ सीटों के लिए सदस्यों का चयन किया जाएगा। मतगणना और परिणाम की घोषणा ४ मई को किया जाएगा।
== पृष्ठभूमि ==
== अनुसूची ==
{| class="wikitable sortable" width="50%; style="text-align:center;"
|+
|-
!rowspan=3| मतदान कार्यक्रम
!colspan=3| अनुसूची
|-
!चरण १
!चरण २
|-
!१५२ सीटें
!१४२ सीटें
|-
! अधिसूचना दिनांक
| ३० मार्च २०२६
| २ अप्रैल २०२६
|-
! नामांकन करने की अंतिम तिथि
| ६ अप्रैल २०२६
| ९ अप्रैल २०२६
|-
! नामांकन की जांच
| ७ अप्रैल २०२६
| १० अप्रैल २०२६
|-
! नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि
| ९ अप्रैल २०२६
| १३ अप्रैल २०२६
|-
! मतदान की तिथि
| २३ अप्रैल २०२६
| २९ अप्रैल २०२६
|-
! मतगणना की तिथि
!colspan=2| ४ मई २०२६
|-
|}
== दल और गठबंधन ==
=== {{legend2|Green|[[तृणमूल कांग्रेस]]+}} ===
{| class="wikitable" width="50%" style="text-align:center;
| दल
| दल का ध्वज
| चुनाव चिन्ह
| नेता
| लड़ी गई सीटें
|-
| [[तृणमूल कांग्रेस]]
| [[File:All India Trinamool Congress flag.svg|50px|border]]
| [[File:All India Trinamool Congress symbol 2021.svg|50px|center]]
| [[ममता बनर्जी]]
| निर्धारित होना बाक़ी
|-
| [[गोर्खा जनमुक्ति मोर्चा|भारतीय गोर्खा प्रजातांत्रिक मोर्चा]]
| [[File:No image available.svg|50px]]
| [[File:No image available.svg|50px]]
| [[गोर्खा जनमुक्ति मोर्चा|अनित थापा]]
| निर्धारित होना बाक़ी
|-
|}
=== {{legend2|{{party color|Bharatiya Janata Party}}|[[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन|भारतीय जनता पार्टी +]]}} ===
{| class="wikitable" width="50%" style="text-align:center;
! colspan="2"| दल
| दल का ध्वज
| चुनाव चिन्ह
| नेता
| लड़ी गई सीटें
|-
| {{party color cell|Bharatiya Janata Party}}
| [[भारतीय जनता पार्टी]]
|
| [[File:Lotus flower symbol.svg|50px]]
| [[सुवेंदु आधिकारी]]
| २९४ (१४४ घोषित)
|-
|}
=== {{legend2|Red|वामपंथी मोर्चा}} ===
{| class="wikitable" width="50%" style="text-align:center;
! colspan="2"| दल
| दल का ध्वज
| चुनाव चिन्ह
| नेता
| लड़ी गई सीटें
|-
| style="background-color:#C60000;" |
| [[भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
| [[File:CPI-M-flag.svg|50px]]
| [[File:CPIM election symbol.png|55px]]
| [[मो. सलीम]]
| निर्धारित होना बाक़ी
|-
| style="background-color:#D91A1A; color:white;" |
| [[अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक]]
| [[File:AIFB Flag 2023.png|50px]]
| [[File:Indian Election Symbol Lion.svg|50px|center]]
| नरेन चट्टोपाध्याय
| निर्धारित होना बाक़ी
|-
| style="background-color:#B22222; color:white;" |
| [[भारत की कम्युनिस्ट पार्टी]]
| [[File:CPI-banner.svg|50px]]
| [[File:CPI symbol.svg|50px]]
| स्वप्न बनर्जी
| निर्धारित होना बाक़ी
|-
| style="background-color:#A52A2A; color:white;" |
| [[क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (लेनिनवादी)]]
| [[File:RSP-flag.svg|50px]]
| [[File:Indian Election Symbol Spade and Stoker.png|50px]]
| तपन होड़े
| निर्धारित होना बाक़ी
|-
| style="background-color:#8B0000; color:white;" |
| [[भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन]]
| [[File:CPIML LIBERATION FLAG.png|50px]]
| [[File:Flag Logo of CPIML.png|50px]]
| अभिजीत मजूमदार
| निर्धारित होना बाक़ी
|-
|}
=== {{legend2|{{party color|Independent politician}}|अन्य}} ===
{| class="wikitable width="50%" style="text-align:center;
! colspan="2"| दल
| ध्वज
| चुनाव चिन्ह
| नेता
| लड़ी गई सीटें
|-
| {{party color cell|Indian National Congress}}
| कांग्रेस
| [[File:Indian National Congress Flag.svg|50px]]
| [[File:INC Hand.svg|50px]]
| शुभंकर सरकार
| निर्धारित होना बाक़ी
|-
|}
== उम्मीदवार ==
== सर्वेक्षण और जनमत संग्रह ==
== मतदान ==
== परिणाम ==
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
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सुवेंदु आधिकारी
0
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CommonsDelinker
743
6534139
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox officeholder
|name = सुवेंदु आधिकारी
|image = Suvendu Adhikari at Esplanade Metro Rail Station, Kolkata, 6 March 2024.jpg
|caption =
|office = [[पश्चिम बंगाल|नेता प्रतिपक्ष, पश्चिम बंगाल विधानसभा]]
|predecessor = [[अब्दुल मन्नान]]
|termstart = 10 May 2021
|office3 = [[सांसद, लोकसभा]]
|constituency3 = [[तामलुक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|तामलुक]]
|predecessor3 = लक्ष्मण चंद्र सेठ
|successor3 = दिब्यन्दु अधिकारी
|termstart3 = 2009
|termend3 = 2016
|office1 = [[पश्चिम बंगाल विधानसभा|विधायक, पश्चिम बंगाल विधानसभा]]
|predecessor1 = फिरोजा बीबी
|constituency1 = [[नन्दीग्राम (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|नन्दीग्राम]]
|termstart1 = 2 मई 2021
|nationality = [[भारतीय]]
|religion =
| birth_place = [[काँथि]], [[पश्चिम बंगाल]], भारत
| birth_date = {{Birth date and age| 1970|12|15|df=y}}
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| party = [[भारतीय जनता पार्टी]]
| residence = काँथि, पश्चिम बंगाल
| alma_mater = एम.ए, बी.ए.
| profession = [[राजनीतिज्ञ]]
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| otherparty = * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] {{small|(1995-1998)}}
* [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस]] {{small|(1998-2020)}}
}}
'''सुवेंदु आधिकारी''' एक भारतीय राजनेता हैं। वे [[भारत|माहिष्य समूदाय से आते है! वे भारत]] की [[पंद्रहवी लोक सभा|१५]]वीं और [[सोलहवीं लोक सभा|१६वीं लोकसभा]] में [[१६वीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|सांसद]] थे। इसके बाद वे [[ममता बनर्जी]] की सरकार में मन्त्री भी रहे। किन्तु मार्च-अप्रैल सन [[२०२१|2021]] के पश्चिमी बंगाल विधानसभा चुनाव में वे [[नन्दीग्राम (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)]] प्रत्याशी हैं जहाँ उन्होंने वर्तमान मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी को पराजित कर दिया है। [[भारतीय आम चुनाव, 2014|2014 के चुनावों]] में इन्होंने [[पश्चिम बंगाल]] की [[तामलुक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|तामलुक]] सीट से [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस]] की ओर से भाग लिया था।<ref>{{Cite web |url=http://www.pib.nic.in/archieve/others/2014/mar/d2014030501.pdf |title=भारतीय चुनाव आयोग की अधिसूचना, नई दिल्ली |access-date=19 जुलाई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140630221007/http://pib.nic.in/archieve/others/2014/mar/d2014030501.pdf |archive-date=30 जून 2014 |url-status=live }}</ref>
वर्तमान में नन्दीग्राम से विधानसभा चुनाव जीतकर ममता बनर्जी को हराया। 27 नवम्बर 2020 को शुभेन्दु अधिकारी ने राज्य मन्त्रिपरिषद से त्याग दे दिया और इसके बाद 16 दिसम्बर को उन्होने विधानसभा से भी त्याग दे दिया। इसके बाद 17 दिसम्बर को उन्होने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर तृणमूल की समस्त सदस्यता छोड़ दी।
2 मई 2021 विधानसभा सदस्य नन्दीग्राम से भारतीय जनता पार्टी से विजय हासिल की। लेकिन [[ममता बनर्जी]] ने इस नतीजे को [[कलकत्ता उच्च न्यायालय]] मे चुनौती दी है।
== 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ==
उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री [[ममता बनर्जी]] को 1,956 मतों के अंतर से पराजित किया।<ref>{{cite news |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/mamata-vs-suvendu-all-eyes-on-nandigram-as-counting-underway-in-west-bengal/articleshow/82350838.cms |title=Nandigram election result 2021: Suvendu Adhikari beats Mamata by 1,736 votes |date=2 May 2021 |work=The Times of India |access-date=29 May 2022}}</ref> ममता बनर्जी ने इस परिणाम के विरुद्ध कोलकाता उच्च न्यायालय में एक चुनाव याचिका दायर की है।<ref name="HT_12"/>
10 मई 2021 को, केंद्रीय मंत्री [[रविशंकर प्रसाद]] ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता घोषित किया।<ref>{{cite news |url=https://www.ndtv.com/india-news/suvendu-adhikari-elected-opposition-leader-in-west-bengal-assembly-2438995 |title=Suvendu Adhikari Elected Opposition Leader In West Bengal Assembly |date=10 May 2021 |work=NDTV |access-date=29 May 2022 |agency=PTI}}</ref>
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20141006112328/http://india.gov.in/hi/my-government/indian-parliament/lok-sabha भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर सांसदों के बारे में संक्षिप्त जानकारी]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1970 में जन्मे लोग]]
{{जीवनचरित-आधार}}
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विरोध प्रदर्शन
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text/x-wiki
[[File:Marche_sel.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Marche_sel.jpg|अंगूठाकार|[[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]]: अंग्रेज़ी नमक क़ानूनों को समाप्त करने हेतु [[महात्मा गांधी|गांधी]] द्वारा अनुयायियों का नेतृत्व]]
[[File:Demonstration_against_Ahmadinejad_in_Rio.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Demonstration_against_Ahmadinejad_in_Rio.jpg|अंगूठाकार|ईरान विरोधी प्रदर्शन: जून २०१२ में ब्राज़ील के रियो+२० सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति [[महमूद अहमदीनेझ़ाद|अहमदीनेजाद]] के विरुद्ध]]
'''विरोध प्रदर्शन''' ([[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: Protest, प्रोटेस्ट) राजनीतिक लाभ उठाने के विरुद्ध आपत्ति, अस्वीकृति या असहमति की एक सार्वजनिक क्रिया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.merriam-webster.com/dictionary/protest|title=Definition of PROTEST|website=www.merriam-webster.com|language=en|access-date=2020-03-04}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.macmillandictionary.com/dictionary/british/protest_1|title=PROTEST (noun) definition and synonyms|website=Macmillan Dictionary|language=en|access-date=2020-03-04|archive-date=18 फ़रवरी 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210218111020/https://www.macmillandictionary.com/dictionary/british/protest_1|url-status=dead}}</ref> विरोध प्रदर्शनों को सहयोग के कार्य माना जा सकता है जिसमें अनेक लोग भाग लेकर [[सहकार|सहयोग]] करते हैं और ऐसा करने की संभावित लागत एवं जोखिम साझा करते हैं।<ref name="Larson2">{{cite journal|last1=Larson|first1=Jennifer M.|date=11 May 2021|title=Networks of Conflict and Cooperation|journal=Annual Review of Political Science|volume=24|issue=1|pages=89–107|doi=10.1146/annurev-polisci-041719-102523|doi-access=free}}</ref> विरोध प्रदर्शन अनेक रूप ले सकते हैं, व्यक्तिगत बयानों से लेकर बड़े [[जूलूस|राजनीतिक प्रदर्शनों]] तक। प्रदर्शनकारी अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखने के लिए [[जनमत]] या सरकारी नीति को प्रभावित करने के प्रयास में विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर सकते हैं, या वे स्वयं वांछित परिवर्तन लागू करने के प्रयास में प्रत्यक्ष कार्रवाई कर सकते हैं।<ref>St. John Barned-Smith, "How We Rage: This Is Not Your Parents' Protest," ''Current'' (Winter 2007): 17–25.</ref><ref>{{Cite web|url=https://commonslibrary.org/why-protests-work-even-when-not-everybody-likes-them/|title=Why Protests Work, Even When Not Everybody Likes Them|last=Engler|first=Mark|last2=Engler|first2=Paul|date=2024-08-19|website=The Commons Social Change Library|language=en-AU|access-date=2024-09-13}}</ref> जब विरोध प्रदर्शन किसी विशिष्ट उद्देश्य की प्राप्ति के लिए व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण [[अहिंसा|अहिंसक]] अभियान का हिस्सा होते हैं और इसमें अनुनय के साथ-साथ दबाव का प्रयोग भी शामिल होता है, तो ये केवल विरोध से आगे बढ़ जाते हैं और इन्हें नागरिक प्रतिरोध या [[अहिंसक प्रतिरोध]] के रूप में बेहतर ढंग से वर्णित किया जा सकता है।<ref name="CivilResistance">{{Cite book|title=Civil Resistance and Power Politics: The Experience of Non-violent Action from Gandhi to the Present|last=Roberts|first=Adam|publisher=Oxford University Press|year=2009|isbn=978-0-19-955201-6|editor-last=Ash|editor-first=Timothy Garton|editor-link=Timothy Garton Ash|pages=2–3|author-link=Adam Roberts (scholar)}}</ref>
आत्मअभिव्यक्ति और विरोध प्रदर्शन के विभिन्न रूप कभी-कभी सरकारी नीति (जैसे विरोध प्रदर्शन अनुमति की आवश्यकता),<ref>{{cite web|url=http://www.thefreelibrary.com/Controlling+public+protest%3a+First+Amendment+implications.-a016473804|title=Controlling Public Protest: First Amendment Implications|author=Daniel L. Schofield, S.J.D.|date=November 1994|publisher=in the [[Federal Bureau of Investigation|FBI]]'s [[FBI Law Enforcement Bulletin|Law Enforcement Bulletin]]|access-date=16 December 2009}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://commonslibrary.org/protest-in-peril-our-shrinking-democracy/|title=Protest in Peril: Our Shrinking Democracy|last=Mejia-Canales|first=David|last2=Human Rights Law Centre|date=2024-08-26|website=The Commons Social Change Library|language=en-AU|access-date=2024-09-13}}</ref> आर्थिक परिस्थितियों, धार्मिक रूढ़िवादिता, सामाजिक संरचनाओं या मीडिया एकाधिकार द्वारा प्रतिबंधित हो जाते हैं। विरोध प्रदर्शनों के प्रति एक राज्यीय प्रतिक्रिया दंगा पुलिस का उपयोग है। पर्यवेक्षकों ने कई देशों में विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई के बढ़ते सैन्यीकरण की ओर ध्यान दिलाया है, जहाँ पुलिस प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध बख़्तरबंद वाहनों और निशानची बंदूकधारियों का उपयोग करती है। जब ऐसे प्रतिबंध लगते हैं, तो विरोध प्रदर्शन खुले [[नागरिक अवज्ञा]] के रूप, प्रतिबंधों के विरुद्ध प्रतिरोध के अधिक सूक्ष्म रूप धारण कर सकते हैं, या संस्कृति तथा उत्प्रवास जैसे अन्य क्षेत्रों में फैल सकते हैं।
एक विरोध प्रदर्शन स्वयं कभी-कभी [[प्रति-प्रदर्शन]] (काउंटर-प्रोटेस्ट) का विषय बन सकता है। ऐसे मामलों में, प्रति-प्रदर्शनकारी उस व्यक्ति, नीति, कार्य आदि के प्रति अपना समर्थन प्रदर्शित करते हैं जो मूल विरोध प्रदर्शन का विषय है। प्रदर्शनकारी और प्रति-प्रदर्शनकारी कभी-कभी हिंसक ढंग से टकरा सकते हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि [[अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन (1955–1968)|संयुक्त राज्य अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन]] के दौरान अहिंसक सक्रियता ने आमतौर पर अनुकूल मीडिया कवरेज और जनमत में उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने वाले परिवर्तन उत्पन्न किए जिन्हें आयोजक उठा रहे थे, जबकि हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने प्रतिकूल मीडिया कवरेज उत्पन्न किया जिससे क़ानून-व्यवस्था बहाल करने की सार्वजनिक इच्छा जागृत हुई।<ref>{{Cite web|url=http://www.omarwasow.com/Protests_on_Voting.pdf|title=Agenda Seeding: How 1960s Black Protests Moved Elites, Public Opinion and Voting|last=[[Omar Wasow]]|access-date=2021-01-12}}</ref>
== ऐतिहासिक उदाहरण ==
[[File:September2019jakartademo2.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:September2019jakartademo2.jpg|अंगूठाकार|जकार्ता प्रदर्शन: २०१९ इंडोनेशियाई विरोधों के दौरान संसद भवन के सामने]]
[[चित्र:4bahrain22011.jpg|अंगूठाकार|मनामा विरोध (२०११): [[बहरीन]] की सड़कों पर प्रदर्शनकारी]]
[[चित्र:London_Palestine_Protest_Equestrian_Statue_Whitehall.jpg|अंगूठाकार|[[2023 इज़राइल-हमास युद्ध|गाज़ा युद्ध]] विरोध: अक्टूबर २०२३ में [[लंदन]] में प्रदर्शन]]
[[चित्र:고_이한열_추모_군중.jpg|अंगूठाकार|[[ली हान-योल]] का राजकीय अंतिम संस्कार: ९ जुलाई १९८७ को सियोल में जनसमूह]]
अनदेखे किए गए विरोध प्रदर्शन नागरिक प्रतिरोध, असहमति, सक्रियता, दंगों, विद्रोह, विरोध तथा राजनीतिक या सामाजिक क्रांति में बदल सकते हैं। विरोध प्रदर्शनों के कुछ प्रकार इस प्रकार हैं:
[[चित्र:Vicent-van-Volkmer-Bienen-Aktivist-Demo-29.08.2020_Berlin_Covid-19_Pandemie.jpg|अंगूठाकार|कोविड विरोध प्रदर्शन: २९ अगस्त २०२० को बर्लिन में "फ़्री द बी" तख़्ती लिए प्रदर्शनकारी]]
* १६वीं शताब्दी की शुरुआत में उत्तरी यूरोप ([[प्रोटेस्टेंट संप्रदाय|प्रोटेस्टेंट]] रिफॉर्मेशन)
* १७७० के दशक में उत्तरी अमेरिका ([[अमेरिकी क्रान्ति|अमेरिकी क्रांति]])
* १७८३ का पेंसिल्वेनिया विद्रोह, महाद्वीपीय सेना के कई सौ सैनिकों द्वारा सरकार विरोधी विरोध
* १७८९ में फ़्रांस ([[फ़्रान्सीसी क्रान्ति|फ़्रांसीसी क्रांति]])
* हैती में १८०३ ([[हैतीयाई क्रांति|हैती क्रांति]]) - गुलामी के ख़िलाफ़ पहली सफल काली क्रांति
* १८८६ में [[1886 हेमार्केट मामले|हेमार्केट मामला]], अराजकतावादी आंदोलन के नेतृत्व में एक हिंसक श्रम विरोध
* १९०९ की न्यूयॉर्क शर्टविस्ट हड़ताल
* भारत में औपनिवेशिक नमक कर के विरोध में [[महात्मा गांधी]] का १९३० का [[दांडी मार्च]]
* १९६३ बर्मिंघम बाल धर्मयुद्ध, [[अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन (1955–1968)|नागरिक अधिकार आंदोलन]] का हिस्सा
* १९६३ मार्च ऑन वाशिंगटन फॉर जॉब्स एंड फ्रीडम, नागरिक अधिकार आंदोलन में एक महत्वपूर्ण क्षण
* १९६५ के सेल्मा से मोंटगोमेरी मार्च, नागरिक अधिकार आंदोलन का हिस्सा
* वियतनाम युद्ध के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन
* [[1968 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक|मेक्सिको ६८]]
* १९६८ में [[फ़िनलैंड]] के [[हेलसिंकी]] में वान्हा का अधिग्रहण
* न्यूयॉर्क शहर में समलैंगिकों के साथ व्यवहार का विरोध करते हुए १९६९ में स्टोनवॉल दंगे
* [[फ़िलीपीन्स]] में जन शक्ति क्रांति
* १९७६ थाई सैन्य कर्मियों, पुलिस और दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी मिलिशिया थाईलैंड के थमासात विश्वविद्यालय में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर शूटिंग।<ref>{{Cite web|url=https://secretsiam.news/p/october-6|title=6ตุลา}}</ref>
* सॉलिडेरिटी (पोलिश ट्रेड यूनियन) १९८० से १९८९ तक पोलैंड में सोवियत साम्यवाद के खिलाफ आंदोलन
* जून लोकतांत्रिक संघर्ष, 1987 में दक्षिण कोरियाई लोकतंत्र समर्थक आंदोलन
* [[तियानानमेन चौक विरोध प्रदर्शन, १९८९|१९८९ का तियानमेन चौक विरोध प्रदर्शन]]
* अलेक्जेंडरप्लाट्ज़ प्रदर्शन ४-९ नवंबर १९८९ को, जो [[बर्लिन की दीवार का गिरना|बर्लिन की दीवार के पतन]] में समाप्त हुआ
* १९८० के दशक के अंत और १९९० के दशक की शुरुआत में कई एक्ट-अप [[एड्स]] विरोध प्रदर्शन हुए
* जापानी कनाडाई लोगों ने अपने बेदखल होने का विरोध किया
* १९९९ का [[सीऐटल|सिएटल]] डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन [[विश्व व्यापार संगठन]] के ख़िलाफ़ गतिविधि का विरोध करता है
* २००० में प्राग में वैश्वीकरण विरोधी प्रदर्शन
* S११-मेलबर्न में विश्व आर्थिक मंच विरोधी प्रदर्शन, २०००<ref>{{Cite web|url=https://commonslibrary.org/australians-blockade-world-economic-forum-2000/|title=S11: Australians Blockade World Economic Forum|last=Irwin|first=Jamie|date=2021-08-13|website=The Commons Social Change Library|language=en-AU|access-date=2025-03-05}}</ref>
* १८ से २२ जुलाई २००१ तक [[जेनोआ]] में वैश्वीकरण विरोधी विरोध प्रदर्शन
* १५ फरवरी २००३ इराक़ युद्ध विरोध
* परमाणु विरोधी प्रदर्शन
* [[मलेशिया रैली २००७|२००७ बेरसिह रैली]]
* २०१० थाई राजनीतिक विरोध प्रदर्शन
* २०११ ईरानी विरोध प्रदर्शन
* [[२०१० से प्रारंभ होने वाली अरब जगत की क्रांतिकारी लहर|अरब स्प्रिंग]] विरोध प्रदर्शन
* [[अरब स्प्रिंग का प्रभाव]]
* वॉल स्ट्रीट विरोध प्रदर्शनों पर कब्ज़ा
* बर्सिह मलेशिया विरोध प्रदर्शन
* तुर्की में २०१३ में गेज़ी पार्क विरोध प्रदर्शन
* जून २०१३ मिस्र के विरोध प्रदर्शन
* [[युक्रेन|यूक्रेन]] में यूरोमैदान विरोध, नवंबर २०१३ - फरवरी २०१४
* १३ जुलाई २०१३ को [[ब्लैक लाइव्स मैटर]] के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन
* सूरजमुखी छात्र आंदोलन
* २०१४ में इडाहो में समलैंगिक और ट्रांसजेंडर अधिकारों के विरोध में शब्दों को जोड़ें
* २०१४ हांगकांग अम्ब्रेला मूवमेंट
* २०१६ 016 दक्षिण कोरियाई विरोध प्रदर्शन
* २०१७ जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन
* २०१७0२०१९ 19 रोमानियाई विरोध प्रदर्शन
* डकोटा एक्सेस पाइपलाइन विरोध
* २०१८ टॉमी रॉबिन्सन विरोध प्रदर्शन
* २०१८ [[सादिक़ ख़ान|सादिक़ ख़ान]] विरोध प्रदर्शन
* मार्च फॉर आवर लाइव्स विरोध प्रदर्शन
* २०१८ आर्मेनियाई मखमल क्रांति
* २०१८-२०१९सूडानी विरोध प्रदर्शन
* २०१८-२०२० सर्बियाई विरोध प्रदर्शन
* २०१९ वेनेजुएला विरोध प्रदर्शन
* २०१९ इंडोनेशियाई विरोध प्रदर्शन
* २०१९ बोलिविया विरोध प्रदर्शन
* [[२०१९–२०२० हांगकांग विरोधप्रदर्शन|२०१९-२० हांगकांग विरोध प्रदर्शन]]
* [[नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध|नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन]]
* २०१९-२० लेबनानी विरोध प्रदर्शन
* २०१९-२०२१ इराक़ी विरोध प्रदर्शन
* [[जॉर्ज फ्लॉयड विरोध|जॉर्ज फ्लॉयड का विरोध प्रदर्शन]]
* २०२०-२१ बेलारूस के विरोध प्रदर्शन
* कोविड-१९ महामारी के प्रति प्रतिक्रियाओं पर विरोध प्रदर्शन
* सर्बिया में कोविड-१९ विरोध और दंगे
* २०२० थाई विरोध प्रदर्शन
* [[भारतीय किसान विरोध प्रदर्शन (२०२०-२०२१)|२०२०-२०२१ भारतीय किसानों का विरोध]]
* २०२०-२०२१संयुक्त राज्य अमेरिका के चुनाव विरोध
* महाशा अमीनी का विरोध प्रदर्शन
* यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन
* पेरूवियाई विरोध (२०२२-२०२३)
* गाज़ा युद्ध विरोध प्रदर्शन
* २०२४ कोलंबिया विश्वविद्यालय समर्थक-फ़िलिस्तीनी परिसर व्यवसाय
* [[छात्र-जनता की विद्रोह|जुलाई क्रांति (बांग्लादेश)]]
* २०२४-वर्तमान सर्बियाई भ्रष्टाचार विरोधी विरोध प्रदर्शन
== प्रकार ==
विरोध प्रदर्शन अनेक रूप धारण कर सकता है।<ref>{{cite web|url=http://www.styleweekly.com/richmond/why-they-keep-fighting-richmond-protesters-explain-their-resistance-to-trumps-america/Content?oid=2846422|title=Why They Keep Fighting: Richmond Protesters Explain Their Resistance to Trump's America|last1=Baldwin|first1=Brent|last2=Kruszewski|first2=Jackie|date=28 March 2017|website=Style Weekly|access-date=29 March 2017}}</ref><ref name="Pinckney2">{{cite web|url=https://www.usip.org/publications/2020/03/nonviolent-action-time-coronavirus|title=Nonviolent Action in the Time of Coronavirus|last1=Pinckney|first1=Jonathan|last2=Rivers|first2=Miranda|date=March 25, 2020|website=U.S. Institute of Peace|archive-url=https://web.archive.org/web/20200326202201/https://www.usip.org/publications/2020/03/nonviolent-action-time-coronavirus|archive-date=26 March 2020|access-date=23 September 2021|url-status=dead}}</ref> भागीदारी की इच्छा [[सामाजिक जालक्रम|सामाजिक नेटवर्कों]] में व्यक्तियों के संबंधों से प्रभावित होती है। सामाजिक संबंध विरोध प्रदर्शन के बारे में तथ्यात्मक जानकारी के प्रसार और प्रतिभागियों पर सामाजिक दबाव दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।<ref name="Larson3">{{cite journal|last1=Larson|first1=Jennifer M.|date=11 May 2021|title=Networks of Conflict and Cooperation|journal=Annual Review of Political Science|volume=24|issue=1|pages=89–107|doi=10.1146/annurev-polisci-041719-102523|doi-access=free}}</ref> भाग लेने की इच्छा विरोध के प्रकार पर भी निर्भर करती है। किसी व्यक्ति के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देने की संभावना समूह पहचान और प्रयुक्त रणनीतियों से भी प्रभावित होती है।<ref name="Bugden">{{Cite journal|last=Bugden|first=Dylan|date=January 2020|title=Does Climate Protest Work? Partisanship, Protest, and Sentiment Pools|journal=Socius: Sociological Research for a Dynamic World|volume=6|pages=237802312092594|doi=10.1177/2378023120925949|doi-access=free}}</ref>
[[चित्र:Protest_over_TET,_SSC_education_scam_in_West_Bengal_01.jpg|अंगूठाकार|एसएससी घोटाला विरोध: [[पश्चिम बंगाल]] में टीईटी उत्तीर्ण उम्मीदवारों द्वारा [[कोलकाता]] मैदान में [[गांधी]] प्रतिमा के नीचे]]
"सामूहिक कार्रवाई गतिशीलता" परियोजना तथा "[[वैश्विक अहिंसक कार्रवाई डेटाबेस]]"<ref>[http://nvdatabase.swarthmore.edu/ Global Nonviolent Action Database]</ref> विरोध प्रदर्शनों के बारे में जानकारी संकलित करने वाले प्रमुख प्रयासों में से हैं। "सामूहिक कार्रवाई गतिशीलता" परियोजना विरोध प्रदर्शन की निम्नलिखित रणनीतियों (और उनकी परिभाषाओं) पर विचार करती है:<ref>{{Cite web|url=http://www.stanford.edu/group/collectiveaction/cgi-bin/drupal/node/3|title=Dynamics of Collective Action Project|publisher=Stanford University|access-date=2 जुलाई 2025|archive-date=24 फ़रवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130224051021/http://www.stanford.edu/group/collectiveaction/cgi-bin/drupal/node/3|url-status=dead}}</ref>
'''१. सभा या प्रदर्शन:'''
बिना मार्च किए या पिकेटिंग के प्रदर्शन, सभा या समान विरोध। इसमें भाषण, वक्ता, गायन या उपदेश शामिल हो सकते हैं।
'''२. मार्च (जुलूस):'''
एक स्थान से दूसरे स्थान तक चलना। पिकेटिंग (चक्कर लगाकर चलना) से भिन्न।
'''३. धरना:'''
प्रायः बैनर, प्लेकार्ड या पर्चे होते हैं ताकि प्रतिभागियों की मौन अवस्था में भी उद्देश्य स्पष्ट हो।
'''४. पिकेटिंग:'''
पिकेट लाइन पर चिह्न लेकर चक्कर लगाना या सूचनात्मक पिकेटिंग।
'''५. सविनय अवज्ञा:'''
अन्यायपूर्ण माने जाने वाले कानूनों को जानबूझकर तोड़ना, जैसे बैरिकेड्स पार करना या वर्जित सुविधाओं का उपयोग।
'''६. समारोह:'''
व्यक्तियों, संगठनों या राष्ट्रों के जन्म/मृत्यु दिवस, ऋतुओं या ऐतिहासिक घटनाओं की वर्षगाँठ मनाना या उनका विरोध करना।
'''७. मोटर जुलूस:'''
वाहनों का जुलूस (चुनाव अभियान या अन्य मुद्दों पर)।
'''८. सूचना वितरण:'''
पत्र-पत्रिका वितरण, पैटीशन एकत्र करना, लॉबी करना या शिक्षण सत्र।
'''९. प्रतीकात्मक प्रदर्शन:'''
मेनोरा, क्रेश दृश्य, भित्तिचित्र, चिह्न या स्थिर प्रदर्शनी।
'''१०. सामूहिक समूह द्वारा हमला:'''
किसी अन्य समूह की पहचान के आधार पर हिंसक हमला या धमकी।
'''११. दंगा, हाथापाई या भीड़ हिंसा:'''
५०+ व्यक्तियों द्वारा व्यक्तियों/संपत्ति के विरुद्ध हिंसा।
'''१२. हड़ताल, कार्य मंदी या कर्मचारी विरोध:'''
किसी भी प्रकार की कार्यरत विरोध कार्रवाई।
'''१३. बहिष्कार:'''
किसी उत्पाद या सेवा का संगठित रूप से उपयोग न करना।
'''१४. प्रेस कॉन्फ्रेंस:'''
जनता को शिक्षित करने या निर्णयकर्ताओं को प्रभावित करने हेतु।
'''१५. संगठन गठन या बैठक घोषणा:'''
नए संगठन के गठन की घोषणा करना।
'''१६. संघर्ष या टकराव (बिना उकसाने वाले के):'''
ऐसे विवाद जहाँ उकसाने वाला पक्ष स्पष्ट न हो।
'''१७. प्रार्थना यात्रा:'''
चलते हुए प्रार्थना करना, जो सार्वजनिक रैली का रूप ले सकता है।
'''१८. मुकदमा:'''
सामाजिक आंदोलन समूहों द्वारा कानूनी कार्रवाई।
'''१९. बिना लोगों का विरोध प्रदर्शन:'''
ऑनलाइन/ऑफलाइन संयुक्त प्रदर्शन जहाँ सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के भौतिक प्रतिनिधित्व (जैसे होलोग्राम) प्रदर्शित किए जाते हैं। यूरोप में कोविड-१९ महामारी के दौरान विकसित।
== यह भी देखें ==
* [[सत्याग्रह]]
* [[गांधीगिरी]]
== संदर्भ ==
<div class="reflist">
<references responsive="1"></references>
</div>
[[श्रेणी:वीडियो क्लिप युक्त लेख]]
[[श्रेणी:प्रकारानुसार सक्रियतावाद]]
[[श्रेणी:विरोध प्रदर्शन]]
j2ubcfsc4iy8fu84wavywzcrl6cdk4a
शमशीर वयालिल
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2026-03-29T02:35:19Z
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[[चित्र:Dr. Shamsheer Vayalil.jpg|अंगूठाकार|168x168पिक्सेल|'''शमशीर वयालिल''']]
'''शमशीर वयालिल परमबथ:''' (जन्म:11 जनवरी 1977) भारतीय [[विकिरण विज्ञान|रेडियोलॉजिस्ट]] और व्यवसायी है। संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाली अग्रणी निजी कंपनियों में से एक बुर्जील होल्डिंग्स के संस्थापक और अध्यक्ष है। <ref>{{Cite web|url=https://burjeelholdings.com/about-us/|title=About Us|website=Burjeel Holdings|access-date=9 जुलाई 2025|archive-date=8 अगस्त 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240808061127/https://burjeelholdings.com/about-us/|url-status=dead}}</ref> अपने पारिवारिक कार्यालय, वीपीएस हेल्थकेयर के माध्यम से बुर्जील होल्डिंग्स, आरपीएम, लाइफफार्मा, लेकशोर हॉस्पिटल, ज़ीवा, कीटा और एडुकेयर इंस्टीट्यूट सहित एक व्यापक निवेश पोर्टफोलियो की देखरेख करते हैं। भारत के सबसे अमीर डॉक्टर भी कहा जाता है<ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/photos/who-is-india-richest-doctor-dr-shamsheer-vayalil-built-20-hospitals-and-works-13000-employees/2832135|title=मिलिए देश के सबसे अमीर डॉक्टर से, 20 अस्पताल, 13000 कर्मचारी और हजारों करोड़ की संपत्ति; एयर इंडिया हादसे के बाद किया बड़ा दान|website=Zee News Hindi|language=hi|access-date=2025-07-09}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/business/success-story-indias-richest-doctor-dr-shamsheer-vayalil-net-worth-8946572.html|title=सबसे दौलतमंद डॉक्टर साहब, 40 की उम्र में 30000 करोड़ का मेडिकल कारोबार|date=2025-01-08|website=News18 हिंदी|language=hi|access-date=2025-07-09}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.vpshealth.com/|title=VPS Healthcare Abu Dhabi UAE|website=vpshealth.com}}</ref> 2023 में वयालिल की कुल संपत्ति 2.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। <ref>{{Cite web|url=https://www.forbes.com/profile/shamsheer-vayalil/|title=Shamsheer Vayalil|website=Forbes}}</ref>
[[चित्र:Pranab_Mukherjee_presented_the_Pravasi_Bharatiya_Samman_Awards,_at_the_Valedictory_Session_of_the_12th_Pravasi_Bharatiya_Divas_‘Engaging_Diaspora_Connecting_Across_Generation’_(3).jpg|अंगूठाकार| शमशीर वयालिल को प्रवासी भारतीय सम्मान मिला]]
वायलिल की शादी साथी अरबपति [[एमए यूसुफ अली]] की सबसे बड़ी बेटी शबीना से हुई है। <ref name=":1">{{Cite news|url=http://www.forbesindia.com/article/india-rich-list-2018/yusuff-ali-a-mentor-to-his-sonsinlaw/51727/1|title=Yusuff Ali: A mentor to his sons-in-law|last=Balachandran|first=Malu|access-date=24 May 2019|publisher=India East Forbes}}</ref> उनके चार बच्चे हैं। <ref name="Forbes">{{Cite web|url=https://www.forbes.com/profile/shamsheer-vayalil/|title=#1605 Shamsheer Vayalil|website=Forbes|access-date=6 June 2019}}</ref>
== पुरस्कार और प्रशंसा ==
* 2014 – [[संयुक्त अरब अमीरात]] में स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय विकसित करने और यूएई-भारत संबंधों को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के लिए ''[[प्रवासी भारतीय सम्मान]]'' <ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/news-ians/nri-award-winner-to-expand-healthcare-business-in-india-114011400358_1.html|title=NRI award winner to expand healthcare business in India|date=14 January 2014|work=Business Standard|access-date=3 November 2018|agency=IANS}}</ref>
* 2014 – [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] से मानद डॉक्टरेट (डी.लिट. और डीएसई ऑनर्स डिग्री) प्राप्त की <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/agra/AMU-awards-240-gold-medals-4000-degrees-at-convocation/articleshow/44839996.cms?from=mdr|title=AMU awards 240 gold medals, 4,000 degrees at convocation|last=Agha|first=Eram|date=16 October 2014|work=Times of India|access-date=11 August 2019|publisher=[[The Times Group]]}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* <bdi>[[अंगखाना नीलाफाइजित]]</bdi>
* <bdi>[[तस्नीम बानो]]</bdi>
* <bdi>[[अब्दुल खादर नादाकत्तिन]]</bdi>
* <bdi>[[करिवप्पिल राबिया]]</bdi>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:भारतीय अरबपति]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1977 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:केरल के चिकित्सक]]
[[श्रेणी:केरल के लोग]]
[[श्रेणी:21वीं सदी की भारतीय हस्तियां]]
[[श्रेणी:21वीं सदी के मुसलमान]]
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रिचर्ड प्रथम
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संजीव कुमार
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{{Infobox royalty|name=रिचर्ड प्रथम|succession=इंग्लैण्ड के राजा|reign=3 सितम्बर 1189 – 6 अप्रैल 1199|coronation=3 सितम्बर 1189|cor-type=ब्रिटेन|predecessor=[[इंग्लैंड के हेनरी द्वितीय|हेनरी द्वितीय]]|regent={{Unbulleted list
| एक्विटाइन की एलेनोर
| विलियम डी लॉन्गचैम्प}}|reg-type=रीजेंट|successor=[[जॉन, इंग्लैंड के राजा|जॉन]]|moretext=|image=Church of Fontevraud Abbey Richard I effigy.jpg|caption=प्रतिमा, [[फॉन्टेव्राड एबे]], अंजु ({{लगभग}} 1199)|issue=कॉन्यैक के फिलिप (ना.)|house=|spouse={{Marriage|बेरेन्गरिया ऑफ़ नवरे|1191}}|father=[[इंग्लैंड के हेनरी द्वितीय]]|mother=एक्विटाइन की एलेनोर|birth_date=8 सितम्बर 1157|birth_place=[[ब्यूमोंट पैलेस]], ऑक्सफ़ोर्ड, इंग्लैंड|death_date=6 अप्रैल 1199 (आयु 41)|death_place=चालुस, एक्विटाइन|burial_place=फ़ोंटेवरौड एबे, ऑंजु, फ़्रांस}}
'''रिचर्ड प्रथम''' (8 सितंबर 1157 – 6 अप्रैल 1199), जिन्हें उनके महान सैन्य कौसल और योद्धा के रूप में उनकी प्रतिष्ठा के कारण '''रिचर्ड द लायनहार्ट''' या '''रिचर्ड क्यूर दे लायन''' (ओल्ड नॉर्मन फ्रेंच: क्यूर डी लायन) के नाम से जाना जाता था, 1189 से 1199 में अपनी मृत्यु तक [[इंग्लैंड राजशाही|इंग्लैंड के राजा]] थे। वह नॉरमैंडी, [[एक्विटाइन की डची|एक्विटेन]] और गैस्कोनी के ड्यूक; साइप्रस के लॉर्ड; पॉइटियर्स, एंजू, मेन और नैंट्स के काउंट भी थे; और उसी अवधि के दौरान विभिन्न समयों पर [[ब्रतान्य|ब्रिटनी]] के ओवरलॉर्ड भी रहे। वह इंग्लैंड के [[हेनरी द्वितीय]] और एलेनोर ऑफ एक्विटेन के पाँच पुत्रों में से तीसरे थे और इसलिए उन्हें राजा बनने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन उनके दो बड़े भाई उनके पिता से पहले ही चल बसे।
16 वर्ष की आयु तक, रिचर्ड ने अपनी सेना की कमान संभाल ली थी और पॉइटू में अपने पिता के खिलाफ विद्रोहों को दबा दिया था।<ref name="Turner & Heiser 71">{{Harvnb|Turner|Heiser|2000|p=71.}}</ref> रिचर्ड [[तीसरा क्रूसयुद्ध|तीसरे धर्मयुद्ध]] के दौरान एक महत्वपूर्ण ईसाई कमांडर थे, जिन्होंने फ्रांस के [[फ्रांस के फिलिप द्वितीय|फिलिप द्वितीय]] के प्रस्थान के बाद अभियान का नेतृत्व किया और अपने मुस्लिम प्रतिद्वंद्वी, [[सलाउद्दीन]] के खिलाफ कई जीत हासिल की, हालाँकि उन्होंने एक शांति संधि को अंतिम रूप दिया और [[यरुशलम|यरूशलम]] को पुनः प्राप्त किए बिना ही अभियान समाप्त कर दिया।<ref>{{Harvnb|Addison|1842}}</ref>
रिचर्ड शायद [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] और [[ऑक्सिटन भाषा|ऑक्सिटन]] दोनों भाषाएँ बोलते थे।{{Sfn|Flori|1999f|p=20}} उनका जन्म इंग्लैंड में हुआ था, जहाँ उन्होंने अपना बचपन बिताया; हालाँकि, राजा बनने से पहले, उन्होंने अपने वयस्क जीवन का अधिकांश समय फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम में [[एक्विटाइन की डची]] में बिताया। अपने राज्याभिषेक के बाद, उन्होंने इंग्लैंड में बहुत कम समय, शायद छह महीने से भी कम, बिताया। उनके शासनकाल का अधिकांश समय धर्मयुद्ध पर, कैद में, या एंजेविन साम्राज्य के फ्रांसीसी हिस्सों की सक्रिय रूप से रक्षा करने में बीता। हालाँकि उन्हें उनकी मृत्यु के बाद चार शताब्दियों तक एक आदर्श राजा के रूप में माना जाता था,<ref name="Gillingham 2004">{{Harvnb|Gillingham|2004}}</ref> और उनके विषयों द्वारा एक धर्मनिष्ठ नायक के रूप में देखा जाता था,<ref>{{Harvnb|Harvey|1948}}</ref> 17वीं शताब्दी के बाद से इतिहासकारों द्वारा उन्हें धीरे-धीरे एक ऐसे शासक के रूप में माना जाने लगा जो अपने साम्राज्य को केवल अपनी सेनाओं को समर्थन देने के लिए राजस्व के स्रोत के रूप में उपयोग करना पसंद करते थे, न कि इंग्लैंड को एक जिम्मेदारी के रूप में देखते थे जिसके लिए शासक के रूप में उनकी उपस्थिति आवश्यक थी।<ref name="Gillingham 2004" /> रिचर्ड के इस "लिटिल इंग्लैंड" दृष्टिकोण पर आधुनिक इतिहासकारों द्वारा बढ़ती जाँच की गई है, जो इसे कालबाह्य मानते हैं। रिचर्ड प्रथम इंग्लैंड के उन कुछ राजाओं में से एक हैं जिन्हें उनके उपनाम से उनके राज्याभिषेक संख्या की तुलना में अधिक सामान्यतः याद किया जाता है, और वह इंग्लैंड और फ्रांस दोनों में एक स्थायी प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं।<ref>{{Harvnb|Harvey|1948}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{ब्रिटिश, अंग्रेज व स्कॉटिश शासक}}
[[श्रेणी:ऑक्सफ़ोर्ड के लोग]]
[[श्रेणी:इंग्लैण्ड के शासक]]
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वेंडी फिट्जविलियम
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{{Infobox pageant titleholder
| image= Wendy_Fitzwilliam.jpg
| caption= 1999 में फिट्ज़विलियम
| title= मिस त्रिनिदाद और टोबैगो यूनिवर्स 1998<br>[[मिस यूनिवर्स 1998]]
| nationalcompetition= मिस त्रिनिदाद और टोबैगो यूनिवर्स 1998<br>(विजेता)<br>[[मिस यूनिवर्स 1998]]<br>(विजेता)
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'''वेंडी मार्सेल फिट्ज़विलियम''' (जन्म 4 अक्टूबर 1972) एक त्रिनिदादियन [[वकील]], [[अभिनेत्री]], [[मॉडल (व्यक्ति)|मॉडल]], [[गायिका]], टीवी होस्ट और ब्यूटी क्वीन हैं। जिन्होंने मिस त्रिनिदाद एंड टोबैगो यूनिवर्स 1998 का खिताब जीता और [[त्रिनिदाद और टोबैगो]] से [[मिस यूनिवर्स]] बनने वाली [[इतिहास]] की दूसरी महिला हैं और [[मिस यूनिवर्स 1998]] [[सौंदर्य प्रतियोगिता]] को जीतने वाली [[अफ़्रीका|अफ्रीकी]] मूल की तीसरी महिला हैं।
==प्रारंभिक जीवन==
फिट्ज़विलियम की एक छोटी बहन डियोनीज़ फिट्ज़विलियम हैं। वह जेड गार्डन्स, डायमंड वेल, डिएगो मार्टिन में पली-बढ़ीं और डिएगो मार्टिन गर्ल्स आर.सी. में पढ़ाई करने के बाद [[पोर्ट ऑफ स्पेन]] के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट में पढ़ीं। उन्होंने वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय, केव हिल से कानून की पढ़ाई भी की।
==मिस यूनीवर्स==
फिट्जविलियम ने अपने किशोरावस्था और शुरुआती वर्षों में स्थानीय फैशन डिज़ाइनर मीलिंग के लिए मॉडलिंग की। उन्होंने मिस यूनिवर्स त्रिनिदाद एंड टोबैगो का खिताब जीता। 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने 1998 का मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जो स्टैन शेरिफ सेंटर, होनोलूलू, हवाई में आयोजित हुई थी। उन्होंने अन्य सेमीफाइनलिस्ट्स को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की: टॉप 10 सेमीफाइनलिस्ट्स अन्ना मालोवा (रूस), एंड्रिया रोश (आयरलैंड), केरिश्नी नैकर (दक्षिण अफ्रीका), लिमारैना डी’सूज़ा ([[भारत]]) और मिशेला मार्ची (ब्राज़ील); टॉप 5 फाइनलिस्ट्स सिल्विया ऑर्टिज़ (कोलंबिया) और शॉनी जेब्बिया ([[संयुक्त राज्य अमेरिका|यूएसए]]); द्वितीय रनर-अप जॉयस गिरॉड (प्यूर्टो रिको) और प्रथम रनर-अप वेरुस्का रामिरेज़ (वेनेज़ुएला)।
फिट्जविलियम के शाही अंदाज़ और बेहतरीन ईवनिंग गाउन प्रस्तुति ने उन्हें निर्णायकों का समर्थन दिलाया और उस रात ताज जीतने की प्रमुख दावेदार बना दिया। हालांकि जब अंतिम 3 की घोषणा हुई तो अंतिम प्रश्नोत्तर चरण ने लोगों को रोमांच में डाल दिया, क्योंकि उनके और वेनेज़ुएला की रामिरेज़ के बीच कड़ा मुकाबला हो गया था जिन्होंने उस समय तक का सबसे अधिक स्कोर प्राप्त कर स्विमसूट प्रतियोगिता जीती थी। निर्णायक मंडल में आठ सदस्य थे और टाई तोड़ने का कोई तरीका नहीं था इसलिए निर्णय बेहद रोमांचक होने वाला था।
अंत में फिट्जविलियम विजयी हुईं और इतिहास में पहली प्रतिभागी बनीं जिन्होंने स्विमसूट प्रतियोगिता में बिकनी पहनकर जीत हासिल की और इस प्रकार रामिरेज़ को वह खिताब भी नहीं मिल पाया। उनकी जीत 21 साल बाद आई जब एक अन्य त्रिनिडाडियन, जेनेल कमिशंग, जो अफ्रीकी वंश की पहली मिस यूनिवर्स भी थीं ने 1977 में अपने देश के लिए पहली बार ताज जीता था। इस प्रकार फिट्जविलियम कमिशंग और संयुक्त राज्य अमेरिका की द्विजातीय चेलेसी स्मिथ के बाद त्रिनिडाड और टोबैगो से दूसरी खिताबधारक और अफ्रीकी वंश की तीसरी मिस यूनिवर्स बनीं।<ref name=Google>{{citation |url=https://books.google.com/books?id=2sMDAAAAMBAJ&pg=PA34 |journal=Jet |date=1 Jun 1998 |title=Wendy Fitzwilliam, Miss Trinidad and Tobago, crowned Miss Universe}}</ref>
अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा सम्मानित किया गया और एचआईवी/एड्स शिक्षा और जागरूकता के लिए उनके कार्यों पर उन्हें यूएनएड्स और यूएनएफपीए गुडविल एम्बेसडर की उपाधि प्रदान की गई।
एचआईवी/एड्स के उद्देश्य के प्रति उनकी समर्पण ने उन्हें 6 सितंबर 1998 को त्रिनिदाद और टोबैगो में द हिबिस्कस फाउंडेशन (टीएचएफ) की स्थापना करने के लिए प्रेरित किया। यह संगठन त्रिनिदाद और टोबैगो में एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने और त्रिनिदाद में बाल गृहों को आर्थिक और अन्य प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया था।
वह क्लियर एसेंस स्किन केयर की अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं और कई चर्चित टीवी कार्यक्रमों में दिखाई दीं। उन्होंने ई! एंटरटेनमेंट टेलीविज़न के लिए "वाइल्ड ऑन…" और उसी नेटवर्क के लिए "मिस यूनिवर्स स्पेशल" के कुछ हिस्सों की मेज़बानी भी की।
उन्होंने कई कार्यक्रमों में शिरकत की, जिनमें शामिल हैं – "लाइव विद रेजिस एंड कैथी ली", "द मैजिक आवर", "पॉलिटिकली इनकरेक्ट", "द ओ’राइली फैक्टर", सीएनएन का "टॉक बैक लाइव", बीईटी पर "त्रिनिदाद एंड टोबैगो कार्निवल", कोर्ट टीवी पर "द जॉनी कॉक्रन शो", और सीएनएमजी पर डैनी ग्लोवर व क्रिस टकर के साथ सोका मोनार्क फाइनल्स आदि।
==मिस यूनीवर्स के बाद==
अपनी मिस यूनिवर्स की अवधि समाप्त होने के बाद फिट्ज़विलियम ने एक जैज़ डेमो रिकॉर्ड किया और अपनी पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2000 में उन्हें बार काउंसिल में प्रवेश (वकालत का लाइसेंस) मिल गया।
फिट्ज़विलियम ने कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं में न्यायाधीश और होस्ट के रूप में भी कार्य किया है, जिनमें मिस गुयाना, मिस त्रिनिदाद और टोबैगो तथा मिस यूनिवर्स जैसी प्रतियोगिताएँ शामिल हैं।
वह त्रिनिदाद और टोबैगो की सरकारी कंपनी इवॉल्विंग टेक्नोलॉजीज एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (ई टेक) में निवेश संवर्द्धन की उपाध्यक्ष (निवेश संवर्धन के उपाध्यक्ष) रह चुकी हैं।
इसके अलावा, वह त्रिनिदाद गार्जियन के शिक्षा में अभिभावक: बदलाव लाना प्रोजेक्ट से भी जुड़ी हुई हैं। यह प्रोजेक्ट एक श्रृंखला है जिसमें प्रेरणादायी स्कूल टूर आयोजित किए जाते हैं। इसमें पूर्व विश्व चैंपियन धावक एटो बोल्डन और साइक्लिस्ट माइकल फिलिप्स भी शामिल होते हैं। इस पहल का उद्देश्य देश की विविधता के विकास को बढ़ावा देना है।
उन्हें कैरेबियन के लिए रेड क्रॉस यूथ एंबेसडर नियुक्त किया गया था।
वेंडी का उल्लेख डीजे ब्रावो के 2016 के गाने "चैंपियन" में भी किया गया है, जिसे [[वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम|वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम]] की आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी20 2016 की जीत के बाद खास लोकप्रियता मिली और यह गाना एक तरह का कल्ट स्टेटस हासिल कर गया।
वह रियलिटी टेलीविज़न प्रतियोगिता "कैरेबियन'स नेक्स्ट टॉप मॉडल" की जजों में से एक हैं।
साल 2023 में वेंडी फिट्ज़विलियम 71वें मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की गेस्ट जज रहीं, जो न्यू ऑरलियन्स मोरियल कन्वेंशन सेंटर, न्यू ऑरलियन्स, लुइसियाना, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई थी।<ref>{{Cite web |date=2023-01-11 |title=LOOK: Miss Universe unveils all-female selection committee for 2022 pageant |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/miss-universe-unveils-all-female-selection-committee-2022-pageant/ |access-date=2023-01-13 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
==व्यक्तिगत जीवन==
फिट्ज़विलियम ने जून 2006 में अपने बेटे ऐलन एंड्रयू पैंटन को जन्म दिया।<ref name=guardian>{{Cite news|
url=http://guardian.co.tt/features/woman-magazine/2009/09/27/memoirs-former-beauty-queen
|title=Memoirs of a former beauty queen
|first= Laura
|last=Dowrich-Phillips
|date=27 September 2009
|location=[[Port of Spain, Trinidad and Tobago]]
|newspaper=[[Trinidad Guardian]]
|access-date=2010-09-24}}</ref> वर्ष 2008 में वह उसके पिता डेविड के. पैंटन (जो रोड्स स्कॉलर, सीईओ और जमैका सरकार के पूर्व सीनेटर रहे हैं) से अलग हो गईं। वर्तमान में वह अपने बेटे ऐलन पैंटन के साथ अपने देश त्रिनिदाद और टोबैगो में रहती हैं।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* [http://www.wendyfitzwilliam.com आधिकारिक वेबसाइट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20250324155549/http://wendyfitzwilliam.com/ |date=24 मार्च 2025 }} (एडोब फ्लैश)
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| before={{flagicon|USA}} [[ब्रूक ली]]
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{{DEFAULTSORT:Fitzwilliam, Wendy}}
[[श्रेणी:1972 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:विश्व सुन्दरी]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी:मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी:विश्व सुन्दरी विजेता]]
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{{ज्ञानसन्दूक सेतु|name=शाह अमानत सेतु|native_name=শাহ আমানত সেতু|native_name_lang=bn|image=Karnafully Bridge CHittagong (cropped).jpg|image_upright=|alt=|caption=|coordinates={{Coord|22.3253|91.8532|display=inline|region:BD_type:landmark_source:GNS-enwiki}}|carries=[[N1 राजमार्ग (बांग्लादेश)|N1 राजमार्ग]]|crosses=[[कर्णफुली नदी]]|locale={{flagicon|Bangladesh}} [[कर्णफुली थाना]], [[चट्टग्राम]], [[बांग्लादेश]]|other_name=नया सेतु|named_for=[[शाह अमानत]]|owner=[[बांग्लादेश सरकार]]|maint=[[सड़क परिवहन और सेतु मंत्रालय]]|preceded=द्वितीय कर्णफुली सेतु|design=[[Extradosed bridge]]|material=[[Prestressed concrete]]|length={{Convert|950|m|ft|0|abbr=on}}|width={{Convert|24.47|m|ft|0|abbr=on}}|height=|depth=|traversable=नहीं|mainspan={{Convert|200|m|ft|0|abbr=on}}|number_spans=3|clearance_below=|designer=हाई-पॉइंट रेंडल लिमिटेड<ref name=STRUCTURAE>{{Structurae|id=20019008|title=Shah Amanat Bridge}}</ref>|builder=चाइना मेजर ब्रिज कंस्ट्रक्शन<ref name=STRUCTURAE />|begin=अगस्त 2006|complete=जुलाई 2010<ref name="iabse">{{cite web |url=http://iabse-bd.org/old/y.pdf |title=Design of the Third Karnaphuli Bridge |author=D. Astin |website=iabse-bd.org |publisher=iabse |access-date=26 August 2017}}</ref>|cost=[[बांग्लादेशी टका|৳]]5.9 अरब|open={{Start date and age|df=yes|2010|09|08}}|replaces=हज़रत शाह अमानत सेतु}}
'''शाह अमानत सेतु''' ({{Langx|bn|শাহ আমানত সেতু}}) [[बांग्लादेश]] के [[कर्णफुली नदी]] के ऊपर एक सेतु है।<ref name="rendel">{{cite web|url=https://www.rendel-ltd.com/shah-amanat-bridge.php|title=Shah Amanat Bridge|website=www.rendel-ltd.com|publisher=Rendel Ltd|access-date=25 August 2017|archive-date=24 फ़रवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170224023708/https://www.rendel-ltd.com/shah-amanat-bridge.php|url-status=dead}}</ref> यह देश के सबसे व्यस्त राजमार्ग [[N1 राजमार्ग (बांग्लादेश)|N1]] के निकट स्थित है। [[चट्टग्राम]], [[काक्स बाजार|काक्स बाज़ार]] और [[बांदरबान]] शहरों इससे जुड़े है।<ref>{{Cite news|url=http://bdnews24.com/bangladesh/2017/04/02/bus-set-on-fire-in-chittagong-ahead-of-jcd-shutdown|title=Bus set on fire in Chittagong ahead of JCD shutdown|work=bdnews24.com|access-date=2017-04-03}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://businessnews24bd.com/unplanned-development-brings-no-real-change-in-ctg-port-city/|title=Unplanned development' brings no real change in Ctg Port city {{!}} Business News 24 BD|website=businessnews24bd.com|language=en-US|access-date=2017-04-03}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> सेतु को [[चट्टग्राम]] के [[सूफ़ी]] संत [[शाह अमानत]] के नाम पर रखा गया है।
== निर्माण ==
सेतु का निर्माण अगस्त 2006 में शुरू हुआ तथा 8 सितंबर 2010 में इसे जनता के लिए खोला गया।<ref name="rendel"/> परियोजना का दाम [[बांग्लादेशी टका|৳]]5.9 अरब था, जिसमें से ৳3.72 अरब [[कुवैत निधि]] द्वारा दिया गया था।
==गैलरी==
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File:The Shah Amanat Bridge.jpg
File:Street view new bridge.jpg
File:Shah amanat bridge..JPG
Shah Amanat 763.jpg
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==संदर्भ==
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शंभू शिखर
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text/x-wiki
{{Infobox person
| name = शंभू शिखर
| image = Shambhu_Shikhar.png
| caption =
| birth_name = शंभू चौधरी
| birth_date = {{Birth date and age|1984|01|10|df=y}}
| birth_place = [[मधुबनी]], [[बिहार]], भारत
| nationality = भारतीय
| education =
| alma_mater = [[मोतीलाल नेहरू महाविद्यालय]] ([[दिल्ली विश्वविद्यालय]])
| occupation = हास्य अभिनेता, उपन्यासकार, कवि
| known_for =
| notable_works = ''द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज'', ''लपेटे में नेताजी'' और ''वाह! वाह! क्या बात है!'', ''इंडियाज लाफ्टर चैंपियन''
| awards = [[हिन्दी अकादमी]], [[दिल्ली सरकार]] द्वारा भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार (2010)<br> [[हरियाणा सरकार]] द्वारा साहित्य शिखर सम्मान (2011)
| website = {{url|shambhushikhar.com}}
}}
'''शंभू शिखर''' (जन्म 10 जनवरी 1984) एक भारतीय हास्य अभिनेता, उपन्यासकार और कवि हैं।
[[मधुबनी]], [[बिहार]], भारत के रहने वाले, वह ''[[द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज]]'' के तीसरे सीज़न में सेमी-फाइनलिस्ट थे,<ref>{{Cite web |title=The Great Indian Laughter Series – Watch Episode 22 – Shambhu Shikhar on Top on Disney+ Hotstar |url=https://www.hotstar.com/in/tv/the-great-indian-laughter-series/458/shambhu-shikhar-on-top/1000008761 |access-date=9 March 2022 |publisher=[[Hotstar]] }}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जो 2007 में [[स्टार प्लस]] पर प्रसारित हुआ। उन्हें [[दिल्ली सरकार]] की [[हिन्दी अकादमी]] द्वारा 2010 में [[भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया था।<ref>{{Cite web |title=Awards and achievements of Shambhu Shikhar |url=http://shambhushikhar.com/ |access-date=9 March 2022 |publisher =Shambhu Shikhar official website}}</ref>
वह [[सब टीवी]] पर ''[[वाह! वाह! क्या बात है!]]'',<ref>{{Cite web |title=बिहारी का मतलब गाली नहीं इस शब्द का मतलब गर्व है : हास्य कवि शंभू शिखर |url=https://www.prabhatkhabar.com/state/jharkhand/ranchi/1249289 |access-date=9 March 2022 |work = [[प्रभात खबर]]}}</ref> [[न्यूज़18 इंडिया]] के ''नेताजी लपेटे में'', और 94.3 माय एफएम पर ''इधर उधर और शिखर'' सहित टेलीविजन शो में दिखाई दिए हैं।
== जीवन और करियर ==
उनका जन्म 10 जनवरी 1984 को [[मधुबनी]], [[बिहार]], भारत में हुआ था।<ref>{{Cite web |title=हास्य कलाकार शंभू शिखर ने किया लोटपोट |url=https://www.livehindustan.com/bihar/madhubani/story-comedian-shambhu-shikhar-did-a-lot-7923688.html |access-date=2024-01-11 |work = [[हिन्दुस्तान (समाचार पत्र)|Hindustan]] |language=hi}}</ref>
शिखर ने [[नई दिल्ली]] में [[दिल्ली विश्वविद्यालय]] के एक घटक महाविद्यालय, [[मोतीलाल नेहरू महाविद्यालय]] से [[राजनीति विज्ञान]] में मास्टर डिग्री पूरी की।
==करियर==
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत [[सब टीवी]] पर [[शैलेश लोढ़ा]] और [[नेहा मेहता]] द्वारा आयोजित ''[[वाह! वाह! क्या बात है!]]'' में एक स्टैंड-अप कॉमेडियन के रूप में की। इसके बाद वह 2007 में स्टार प्लस के कॉमेडी शो ''द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज'' में दिखाई दिए, जहाँ वह सेमी-फाइनलिस्ट थे।
उन्होंने [[दिल्ली]] के [[लाल किला]] और भारत और [[दुबई]] के विभिन्न अन्य शहरों में [[कवि सम्मेलन]] समारोहों में भाग लिया है।<ref>{{Cite web |title=Kavi Sammelan and Mushaira to Be Held in Dubai for Indian Republic Day |url=https://gulfnews.com/entertainment/arts-culture/kavi-sammelan-and-mushaira-to-be-held-in-dubai-for-indian-republic-day-1.85064672 |access-date=9 March 2022 |website= [[गल्फ न्यूज]]}}</ref><ref>{{Cite web |title= Shambu Shikhar @ Andaaz E Bayaan Aur – Dubai 2018 | publisher = [[यूट्यूब]] |url=https://www.youtube.com/watch?v=QPGyYktlBqk|access-date=9 March 2022 }}</ref><ref>{{Cite web |title=अब हास्य कवि ने योगी पर बनाया गाना:मधुबनी के शंभू शिखर ने गाया- एगो योगी चलल बा गोरखपुर से, गुंडन के ठोकत, लुटेरवन के फाड़त |url=https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/news/ego-yogi-chalal-ba-from-gorakhpur-thokat-robber-of-gundan-129366311.html?ref=inbound_More_News |access-date=9 March 2022 | publisher = Sahitya Tak Youtube}}</ref><ref>{{Cite web |title=Shambhu Shikhar's Powerful Performance at Kavi Sammelan |url=https://news.abplive.com/videos/news/india-shambhu-shikhars-powerful-performance-at-kavi-sammelan-1149944 |access-date=9 March 2022 |publisher = [[एबीपी न्यूज़]]}}</ref><ref>{{Cite web |title=मधुबनी के हास्य कवि ने गाया गीत, 'साइकिल की फिर से उतार देंगे चेन, हम हैं योगी जी के फैन...' |url=https://www.jagran.com/bihar/muzaffarpur-madhubani-comic-poet-shambhu-shikhar-song-sung-in-favor-of-yogi-government-goes-viral-on-internet-media-22449303.html |work = [[दैनिक जागरण]]}}</ref>
शिखर ने अपनी कविताओं के विभिन्न उपन्यास और संग्रह प्रकाशित किए हैं। उन्होंने पहले ''सिलवटों की महक'' (2014), ''संन्यासी योद्धा'' (2017) और [[हर्फ़ प्रकाशन]] के साथ उपन्यास ''ऑर्गेनिक लव II'' (2022) प्रकाशित किया।<ref>{{Cite web |title=Organic Love II ऑर्गेनिक लव परफेक्ट पेपैरबैक – 21 जनवरी 2022 |url=https://www.amazon.in/-/hi/Shambhu-Shikhar/dp/B09QX8KVPL |access-date=9 March 2022 |publisher= [[अमेज़न (कंपनी)|Amazon]]}}</ref> वह अपनी आने वाली किताब ''चीनी को जमा करके फिर से गन्ना बना दूं'' पर काम कर रहे हैं।<ref>{{Cite web |title=Hasya Kavi Sammelan: चीनी को जमाकर गन्ना बना दूं' पुस्तक लिख रहे शंभू शिखर |url=https://www.jagran.com/jharkhand/jamshedpur-hasya-kavi-sammelan-shambhu-shikhar-is-writing-the-book-i-should-make-sugarcane-by-depositing-sugar-22079023.html |access-date=9 March 2022 | work = [[दैनिक जागरण]]}}</ref>
उन्हें अपने गीत "हम धरती पुत्र बिहारी" से इंटरनेट पर सफलता मिली।<ref>{{Cite web |title=गर्व से कहो, हम बिहारी हैं... – Shambhu Shikhar का 'धरतीपुत्र' गीत – Bihar Day Special – Sahitya Tak |url=https://www.youtube.com/watch?v=YqlXjQFUPg8 |access-date=9 March 2022 |publisher = Sahitya Tak Youtube}}</ref>
शिखर को एक [[राजनीतिक व्यंग्यकार]] के रूप में भी जाना जाता है।<ref>{{Cite web |title=जानिए देश के नामी कवि शंभु शिखर ने यूक्रेन की लड़ाई को लेकर क्यों कहा- क्या पाएगा रूस |url=https://m.jagran.com/delhi/new-delhi-city-ncr-know-what-country-famous-bihari-poet-shambhu-shikhar-said-about-the-russia-ukraine-war-read-latest-tweet-22504073.html |access-date=9 March 2022 |work = [[दैनिक जागरण]]}}</ref><ref>{{Cite web |title=Wordplay, Pun and Fun Mark Khasdar Mahotsav |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/nagpur/wordplay-pun-and-fun-mark-khasdar-mahotsav/articleshow/88379050.cms |access-date=9 March 2022|website=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] |language=en-US}}</ref><ref>{{Cite web|title=शंभू शिखर और अंकिता सिंह की कविता श्रोताओं के दिल जीता|url=https://www.livehindustan.com/bihar/gaya/story-shambhu-shikhar-and-ankita-singh-39-s-poem-won-the-hearts-of-listeners-3624135.html|access-date=9 March 2022|work=[[हिन्दुस्तान (समाचार पत्र)|Hindustan]]|language=en-US}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
2022 में, शिखर [[शेखर सुमन]] और [[अर्चना पूरन सिंह]] द्वारा जज किए गए ''[[इंडियाज लाफ्टर चैंपियन]]'' में एक प्रतियोगी थे।<ref>{{Cite web |title=Copy-Paste Lipstick {{!}} Shambhu Shikhar {{!}} India's Laughter Champion |url=https://www.youtube.com/watch?v=fBTJNmWOHFM |language=en| publisher= [[यूट्यूब]] |access-date=2022-07-19}}</ref>
== ग्रंथ सूची ==
* ''सिलवटों की महक'' 2014
* ''ऑर्गेनिक लव II'', 2022 उपन्यास, {{ISBN|978-8195382859}}
* ''चाँद पर प्लॉट'', {{ISBN|978-9355216175}}
== टेलीविजन ==
{| class="wikitable sortable"
! शो
! टेलीविजन चैनल
|-
|''[[वाह! वाह! क्या बात है!]]''||[[सब टीवी]]
|-
|''[[द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज]]''|| [[स्टार प्लस]]
|-
|''लपेटे में नेताजी''|| [[न्यूज़18 इंडिया]]
|-
|''[[इंडियाज लाफ्टर चैंपियन]]''
|[[सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न|सोनी टीवी]]
|}
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
*{{Official website|http://shambhushikhar.com/}}
[[श्रेणी:1984 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:21वीं सदी के भारतीय हास्य कलाकार]]
[[श्रेणी:दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र]]
[[श्रेणी:हिंदी भाषा के उपन्यासकार]]
[[श्रेणी:हिंदी भाषा के कवि]]
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विश्व धरोहर निधि
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक संगठन|image=Logo_of_Global_Heritage_Fund.png|formation={{Start date and age|2002}}|type=गैर-लाभकारी|purpose=धरोहर संरक्षण, सामुदायिक सशक्तिकरण, सतत विकास|headquarters=सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया|region=विश्वव्यापी|website={{URL|https://globalheritagefund.org}}|key_people=Nada Hosking<br />(कार्यकारी निदेशक)}}
'''विश्व धरोहर निधि''' (ग्लोबल हेरिटेज फंड) एक [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी संगठन]] है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करता है। इसकी स्थापना वर्ष 2002 में [[कैलिफ़ोर्निया]] में किया गया था। इसका उद्देश्य "वैश्विक धरोहर में निवेश करके स्थानीय समुदायों को बदलना" है।<ref name="PRGHF">{{Cite web|url=https://finance.yahoo.com/news/global-heritage-fund-releases-report-201400502.html|title=Global Heritage Fund Releases New Report Featuring 10 of Asia's Most Endangered Cultural Heritage Sites|last=Global Heritage Fund|date=13 May 2012|publisher=[[Yahoo]]! Finance|archive-url=https://web.archive.org/web/20200227155046/https://finance.yahoo.com/news/global-heritage-fund-releases-report-201400502.html|archive-date=27 February 2020|access-date=23 June 2012}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://globalheritagefund.org/|title=Global Heritage Fund|website=Global Heritage Fund|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20201022152726/https://globalheritagefund.org/|archive-date=2020-10-22|access-date=2020-06-25}}</ref>
अब तक इस निधि द्वारा 19 देशों में 28 स्थलों पर 100 से अधिक सार्वजनिक और निजी संगठनों के साथ भागीदारी की है, जिसमें धरोहर संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए $30 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया गया है तथा सह-वित्त कार्यक्रम में $25 मिलियन डॉलर प्राप्त किए हैं।<ref>{{Cite web|url=https://medium.com/@nhosking/planting-the-seed-of-sustainable-transformation-caadb3532145|title=Planting the Seed of Sustainable Transformation|last=Hosking|first=Nada|date=2020-05-20|website=Medium|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20201019105603/https://medium.com/@nhosking/planting-the-seed-of-sustainable-transformation-caadb3532145|archive-date=2020-10-19|access-date=2020-06-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://globalheritagefund.org/people/|title=People|date=2020|website=Global Heritage Fund|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20200628175801/https://globalheritagefund.org/people/|archive-date=2020-06-28|access-date=2020-06-25}}</ref>
== विश्व धरोहर निधि परियोजनाएं ==
परियोजनाओं का चयन विश्व धरोहर निधि के वरिष्ठ सलाहकार बोर्ड द्वारा किया जाता है। निधि के अनुसार, चयन कार्य विभिन्न कारकों पर आधारित होता है जिसमें स्थल का सांस्कृतिक महत्व, देश या क्षेत्र की आवश्यकता और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्थायी संरक्षण की उच्च संभावना सम्मिलित हैं।<ref name="GHFSelection">{{Cite web|url=http://globalheritagefund.org/our_approach/project_investigation_and_selection|title=Project Selection|publisher=Global Heritage Fund|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304000631/http://globalheritagefund.org/our_approach/project_investigation_and_selection|archive-date=4 March 2016|access-date=22 June 2012}}</ref>
=== परियोजनाएं ===
विश्व धरोहर निधि फंड की निम्नलिखित स्थलों पर वर्तमान या पूर्व परियोजनाएं हैंः <ref name="GHFProjects">{{Cite web|url=https://globalheritagefund.org/places/|title=Places|publisher=Global Heritage Fund|archive-url=https://web.archive.org/web/20210816111722/https://globalheritagefund.org/places/|archive-date=16 August 2021|access-date=8 July 2020}}</ref>
* [[आमेर दुर्ग|आमेर किला *]], [[भारत]]
* अमतौदी, [[मोरक्को]]
* आयियोस वासिलियोस, [[यूनान|ग्रीस]]
* बन्ते छमार, [[कम्बोडिया|कंबोडिया]]
* Çathalhöyük, [[तुर्की]]
* चाविन डी हुआंतर *, [[पेरू]]
* ला सिउदाद पेर्डिडा, [[कोलम्बिया|कोलंबिया]]
* सामूहिक अनाज भंडार, [[मोरक्को]]
* साइरेन *, [[लीबिया]]
* डेया, [[रोमानिया]]
* डाली डोंग गाँव, [[गुइझोऊ|गुइझोउ]], [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]]
* फोगुआंग मंदिर *, [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]]
* गोबेक्ली टेपे *, [[तुर्की]]
* [[हम्पी|हम्पी *]], [[भारत]]
* इज़बोर्स्क, [[रूस]]
* कार्स, [[तुर्की]]
* [[लिजिआंग, युन्नान|लिजियांग *]], [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]]
* मैजिशन, [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]]
* मिराडोर, [[ग्वाटेमाला]]
* [[मी सान|मेरा बेटा *]], [[वियतनाम]]
* [[पाटन दरबार क्षेत्र|पाटन दरबार *]], [[नेपाल]]
* पिंग्याओ *, [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]]
* सागालासोस, [[तुर्की]]
* [[वाट फू|वाट फू *]], [[लाओस]]
(* [[यूनेस्को]] [[विश्व धरोहर|विश्व धरोहर स्थल]] को इंगित करता है)
== विश्व धरोहर निधि ==
''विश्व धरोहर निधि यूनाइटेड किंगडम'' वर्ष 2006 में इंग्लैंड और वेल्स में पंजीकृत हुआ था जिसने सम्पूर्ण यूनाइटेड किंगडम और यूरोप में विश्व धरोहर निधि के सदस्यों, कर्मचारियों तथा तकनीकी विशेषज्ञों के नेटवर्क का विस्तार किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://globalheritagefund.org/ghf-uk/|title=GHF UK|website=Global Heritage Fund|archive-url=https://web.archive.org/web/20210324174552/https://globalheritagefund.org/ghf-uk/|archive-date=March 24, 2021|access-date=June 30, 2020}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="">[https://globalheritagefund.org/ghf-uk/ "GHF UK"]. ''Global Heritage Fund''. [https://web.archive.org/web/20210324174552/https://globalheritagefund.org/ghf-uk/ Archived] from the original on March 24, 2021<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">June 30,</span> 2020</span>.</cite></ref>
विश्व धरोहर निधि यूनाइटेड किंगडम के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी सदस्यों में पैट्रिक फ्रैंको, जेम्स हूपर, नाडा होस्किंग और राजकुमारी आलिया अल-सेनुसी आदि का नाम सम्मिलित है।<ref name=":0"/>
प्रिंस रिचर्ड, ड्यूक ऑफ ग्लूसेस्टर, विश्व धरोहर निधि और विश्व धरोहर निधि यूनाइटेड किंगडम के शाही संरक्षक हैं।<ref name=":0"/>
== विश्व धरोहर निधि एशिया ==
हांगकांग स्थित विश्व धरोहर निधि एशिया, वैश्विक धरोहरों में निवेश करके स्थानीय समुदायों को बदलने के लिए विश्व धरोहर निधि मिशन को साझा करता है। इस निधि के निदेशक मंडल के सदस्यों में एंगस फोर्सिथ, नाडा होस्किंग और डैनियल के. थोर्न शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://globalheritagefund.org/ghf-asia/|title=GHF Asia Ltd.|website=Global Heritage Fund|access-date=June 30, 2020}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== हाल की पहल ==
=== AMAL ===
विश्व धरोहर निधि ने ICOMOS-ICORP, ICCROM और अन्य संरक्षण संस्थानों के साथ मिलकर AMAL in Heritage नामक मोबाइल अनुप्रयोग (एप्लिकेशन) विकसित किया है ताकि सांस्कृतिक विरासत क्षेत्र-विशिष्ट खतरों का अभिलेखन किया जा सके साथ ही तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्निर्माण के लिए अत्याधुनिक उपकरण प्रदान किए जा सकें।<ref name=":2">{{Cite web|url=https://globalheritagefund.org/places/amal-in-heritage/|title=AMAL in Heritage|last=|first=|date=|website=|archive-url=https://web.archive.org/web/20240319031927/https://globalheritagefund.org/places/amal-in-heritage/|archive-date=19 मार्च 2024|access-date=|url-status=dead}}</ref> AMAL in Heritage मोबाइल ऐप अगस्त 2017 में लॉन्च किया गया था।<ref name=":2" />
आपदा से पहले और उसके तुरंत बाद स्थलों की निगरानी करके, AMAL महत्वपूर्ण जानकारी को संरक्षित करता है जिसका उपयोग ऐतिहासिक संरचनाओं की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए किया जा सकता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.amal.global/faqs/|title=Frequently Asked Questions|last=|first=|date=|website=|archive-url=https://web.archive.org/web/20210728093043/https://www.amal.global/faqs/|archive-date=2021-07-28|access-date=}}</ref> उपयोगकर्ता के अनुकूल तकनीक, धरोहर स्थलों के आसपास के स्थानीय लोगों का भी सहयोग करती है जहां विशेषज्ञों की पहुंच चुनौतीपूर्ण है।
अगस्त 2020 में लेबनान के बंदरगाह पर हुए विस्फोट के बाद विश्व धरोहर निधि ने लेबनान के पुरावशेष विभाग (DGA) के साथ मिलकर बेरूत के लोगों तक AMAL in Heritage पहुँचाने के लिए एक अभियान शुरू किया। एक स्थानीय टीम ने AMAL टूलकिट का उपयोग करके दो दिनों में 200 से ज़्यादा इमारतों का अभिलेखन और मूल्यांकन किया।<ref name=":">{{Cite web|url=https://globalheritagefund.org/places/amal-in-heritage/|title=AMAL in Heritage|last=|first=|date=|website=|archive-url=https://web.archive.org/web/20240319031927/https://globalheritagefund.org/places/amal-in-heritage/|archive-date=19 मार्च 2024|access-date=|url-status=dead}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="">[https://globalheritagefund.org/places/amal-in-heritage/ "AMAL in Heritage"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240319031927/https://globalheritagefund.org/places/amal-in-heritage/ |date=19 मार्च 2024 }}.</ref> इस जानकारी को [[ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय]] की मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका की संकटग्रस्त पुरातत्व परियोजना (EAMENA) को भेजा गया, जो विशेष रूप से लेबनान के लिए है और DGA द्वारा प्रबंधित की जाती है।<ref name=":" />
=== वैश्विक धरोहर नेटवर्क ===
विश्व धरोहर निधि द्वारा वर्ष 2010 में वैश्विक धरोहर नेटवर्क लॉन्च किया गया, जो एक उपग्रह इमेजिंग तकनीक और ग्राउंड रिपोर्टिंग के द्वारा एक प्रारंभिक चेतावनी और खतरों की निगरानी प्रणाली है ताकि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और स्थानीय संरक्षण नेताओं को प्रत्येक संरक्षित क्षेत्र के भीतर आसन्न खतरों की स्पष्ट रूप से पहचान करने और उन्हें हल करने में सक्षम बनाया जा सके।<ref name="GHFnetwork">{{Cite web|url=http://globalheritagefund.org/gh_network/|title=Global Heritage Network (GHN): Threat Monitoring and Collaborative Solutions for Cultural Heritage Sites in the Developing World|publisher=Global Heritage Fund|archive-url=https://web.archive.org/web/20201019075916/http://globalheritagefund.org/gh_network/|archive-date=19 October 2020|access-date=22 June 2012}}</ref>
=== ''लुप्त होती हमारी विरासत को बचाना'' ===
अक्टूबर 2010 में ग्लोबल हेरिटेज फंड ने 'सेविंग अवर वैनिशिंग हेरिटेज : सेफगार्डिंग एन्डेन्जर्ड कल्चरल हेरिटेज साइट्स इन द डेवलपिंग वर्ल्ड' नामक शीर्षक से एक रिपोर्ट तैयार की।<ref name="GHF intro">{{Cite web|url=http://globalheritagefund.org/what_we_do/introduction|title=Saving Our Vanishing Heritage|last=Jeff Morgan|publisher=Global Heritage Fund|archive-url=https://web.archive.org/web/20120705231526/http://globalheritagefund.org/what_we_do/introduction|archive-date=5 July 2012|access-date=22 June 2012}}</ref> रिपोर्ट में विकासशील देशों में 500 प्रमुख पुरातात्विक और विरासत स्थलों को उनके विनाश, संरक्षण और विकास का मूल्यांकन करने के लिए सूचीबद्ध किया गया।<ref>{{Cite news|url=http://www.cnn.com/2010/WORLD/meast/10/18/vanishing.historic.sites/|title=Report: Ancient ruins worldwide 'on verge of vanishing'|last=Mark Tutton|date=18 October 2010|access-date=22 June 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20201019075929/http://www.cnn.com/2010/WORLD/meast/10/18/vanishing.historic.sites/|archive-date=19 October 2020|agency=[[CNN]]}}</ref> इनमें से लगभग 200 स्थलों की पहचान "जोखिम में" या "खतरे में" के रूप में की गई और 12 को अपूरणीय क्षति तथा विनाश के "किनारे पर" के रूप में पहचाना गया।<ref name="WSJ-vanishing">{{Cite news|url=https://www.wsj.com/articles/SB10001424052702304510704575561460705107040|title=The World's Vanishing History|last=Jason Chow|date=21 October 2010|work=[[The Wall Street Journal]]|access-date=22 June 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20201019105732/https://www.wsj.com/articles/SB10001424052702304510704575561460705107040|archive-date=19 October 2020}}</ref> इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील देशों में वैश्विक विरासत स्थलों के सामने पांच तेजी से मानव निर्मित खतरे थेः विकास दबाव, अस्थिर पर्यटन, अपर्याप्त प्रबंधन, लूटपाट और युद्ध व संघर्ष।
== विश्व धरोहर निधि के साथ रणनीतिक संबद्धता ==
वर्ष 2023 में विश्व धरोहर निधि और [[वर्ल्ड मोनुमेंट्स फंड]] ने एक रणनीतिक संबद्धता की घोषणा की।<ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.wmf.org/world-monuments-fund-and-global-heritage-fund-join-forces-new-strategic-affiliation|title=World Monuments Fund and Global Heritage Fund Join Forces in a New Strategic Affiliation|website=World Monuments Fund|language=en|access-date=2023-12-05}}</ref> संबद्धता का उद्देश्य दुनिया भर में सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए एक अधिक लचीला, समावेशी और टिकाऊ भविष्य बनाना है।<ref>{{Cite web|url=https://www.wmf.org/press-release/world-monuments-fund-and-global-heritage-fund-announce-new-affiliation-protect|title=World Monuments Fund and Global Heritage Fund Announce New Affiliation to Protect Cultural Heritage|website=World Monuments Fund|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20231205122841/https://www.wmf.org/press-release/world-monuments-fund-and-global-heritage-fund-announce-new-affiliation-protect|archive-date=2023-12-05|access-date=2023-12-05}}</ref>
== साझेदार ==
विश्व धरोहर निधि ने दुनिया भर में सौ से अधिक भागीदारों के साथ काम किया है, जिसमें स्थानीय सामुदायिक बोर्ड, गैर सरकारी संगठन, निजी क्षेत्र की कंपनियां और स्थानीय और राष्ट्रीय सरकारी निकाय सम्मिलित हैं।<ref name=":1">{{Cite web|url=https://globalheritagefund.org/people/partners/|title=Partners|website=Global Heritage Fund|archive-url=https://web.archive.org/web/20201022152853/https://globalheritagefund.org/people/partners/|archive-date=22 October 2020|access-date=30 June 2020}}</ref> विश्व धरोहर निधि भागीदारों में गूगल आर्ट्स एंड कल्चर, [[अमेरिकन एक्सप्रेस]], इंट्रेपिड फाउंडेशन (इंट्रेपिड ट्रैवल की गैर-लाभकारी इकाई), ए. जी. लेवेंटिस फाउंडेशन, ग्रो एनेनबर्ग और जे. एम. कपलान फंड शामिल हैं।<ref name=":1" />
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:धरोहर संगठन]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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वियतनाम का दूतावास, नई दिल्ली
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wikitext
text/x-wiki
{{infobox diplomatic mission
| name = वियतनाम का दूतावास, नई दिल्ली<br><small>Đại sứ quán Việt Nam tại Ấn Độ</small>
| ambassador = गुयेन थान हाई
| address = ईपी-7ए, चंद्रगुप्त मार्ग, नई दिल्ली, दिल्ली 110021
| coordinates = {{coord|28.588761|77.1795655}}
| jurisdiction = {{flag|भारत}}<br>{{flag|नेपाल}}<br>{{flag|भूटान}}
| website = {{official|https://vnembassy-newdelhi.mofa.gov.vn/en-us/Pages/default.aspx}}
}}
नई दिल्ली स्थित वियतनाम समाजवादी गणराज्य का दूतावास, भारत और भूटान में वियतनाम का आधिकारिक राजनयिक प्रतिनिधित्व है।<ref>{{cite web|url=https://vnembassy-newdelhi.mofa.gov.vn/en-us/Pages/default.aspx|title=Welcome to the embassy of Socialist Republic of Vietnam in New Delhi, India|publisher=Vietnamese Foreign Ministry|access-date=2025-10-29}}</ref> वर्तमान राजदूत गुयेन थान हाई हैं।<ref>{{cite web|url=https://vnembassy-newdelhi.mofa.gov.vn/en-us/embassy/Ambassador/Message%20from%20Ambassador/Pages/default.aspx|title=Ambassador - EoSRV, India|access-date=2025-10-29}}</ref>
== इतिहास ==
1954 में भारत ने हनोई में अपना महावाणिज्य दूतावास खोला। 1956 में वियतनाम ने नई दिल्ली में अपना महावाणिज्य दूतावास स्थापित किया।<ref name=":0">{{Cite web |last=Nguyễn Thị Hồng Mai |last2=Dương Thanh Hằng |date=2025-09-27|title=Quan hệ đối tác chiến lược toàn diện Việt Nam - Ấn Độ (2016-2020) - kết quả và triển vọng |url=https://tapchilichsudang.vn/quan-he-doi-tac-chien-luoc-toan-dien-viet-nam-an-do-2016-2020-ket-qua-va-trien-vong.html |access-date=2025-10-08 |website=Tạp chí Lịch sử Đảng |language=vi}}</ref>
1 जुलाई 1972 को दोनों देशों ने राजनयिक संबंधों को राजदूत स्तर तक उन्नत करने और वियतनाम-भारत राजनयिक संबंधों को आधिकारिक रूप से स्थापित करने का निर्णय लिया।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web |title=Quan hệ Đối tác chiến lược toàn diện Việt Nam-Ấn Độ |url=https://nvsk.vnanet.vn/ho-so/quan-he-doi-tac-chien-luoc-toan-dien-viet-nam-an-do-3-143252.vna |access-date=2025-10-08 |website=Sự kiện & Nhân vật (TTXVN)}}</ref>
== राजदूत ==
* दीन्ह न्हो लीम (1958-1960, महावाणिज्यदूत)<ref name=":02322">{{Cite book |last=Nguyễn Kim Nga |title=Bộ Ngoại giao: 70 năm xây dựng và phát triển (1945-2015) |last2=Cù Thúy Lan |last3=Hoàng Thu Quỳnh |publisher=Nhà xuất bản Chính trị quốc gia |year=2015 |pages=132, 171|url=https://www.nxbctqg.org.vn/b-ngoi-giao-70-nm-xay-dng-va-phat-trin-1945-2015.html}}</ref>
* होआंग अन्ह तुआन (1985 - 1988)
* फाम सि टैम (1997–2002)<ref>{{Cite web |last=Phạm Sỹ Tam |first= |date=2022-09-03 |title=Việt Nam-Ấn Độ: Những kỷ niệm không phai mờ |url=https://ttdn.vn/nghien-cuu-trao-doi/su-kien-binh-luan/viet-nam-an-do-nhung-ky-niem-khong-phai-mo-65957 |access-date=2025-10-08 |website=Trang Thông tin đối ngoại điện tử |language=vi}}</ref>
* ट्रॅन ट्रोंग खान (2002 – 2006)<ref>{{Cite web |last= |date=2005-08-16 |title=Đại sứ Việt Nam tại Ấn Độ Trần Trọng Khánh cho biết tiềm năng hợp tác giữa Việt Nam và Ấn Độ là rất lớn và mối quan hệ này đang thay đổi về chất. |url=https://baochinhphu.vn/dai-su-viet-nam-tai-an-do-tran-trong-khanh-cho-biet-tiem-nang-hop-tac-giua-viet-nam-va-an-do-la-rat-lon-va-moi-quan-he-nay-dang-thay-doi-ve-chat-10217856.htm |access-date=2025-10-08 |website=Báo Chính phủ |language=vi}}</ref>
* वु क्वांग दीम (2006 – 2010)<ref>{{Cite web |date=2008-09-04 |title=Hoạt động kỷ niệm Quốc khánh tại Cuba và Ấn Độ |url=https://tlsq.mofa.gov.vn/web/guest/tin-chi-tiet/chi-tiet/hoat-dong-ky-niem-quoc-khanh-tai-cuba-va-an-do-163.html |access-date=2025-10-08 |website=Bộ Ngoại giao Việt Nam |language=vi-VN}}</ref><ref>{{Cite web |last=Thu Trang |first= |date=2022-09-05 |title=Ấn Độ - Nơi bắt đầu cũng là nơi kết thúc |url=https://baoquocte.vn/an-do-noi-bat-dau-cung-la-noi-ket-thuc-196884.html |access-date=2025-10-08 |website=Báo Thế giới và Việt Nam |language=vi}}</ref>
* गुयेन थान टैन (2010 – 2014)<ref>{{Cite web |last= |date=2011-06-07 |title=Xúc tiến thương mại Việt Nam - Ấn Độ |url=https://baochinhphu.vn/news-10282247.htm |access-date=2025-10-08 |website=Báo Chính Phủ |language=vi}}</ref><ref>{{Cite web |last=Xuân Thắng |date=2014-01-24 |title=Người Việt vui Tết cổ truyền 2014 tại Ấn Độ |url=https://danviet.vn/nguoi-viet-vui-tet-co-truyen-2014-tai-an-do-777790435-d236362.html |access-date=2025-10-08 |website=Dân Việt}}</ref>
* टोन सिन्ह थान (2014 – 2018)<ref>{{Cite web |last= |first= |date=2018-01-21 |title=Đại sứ Tôn Sinh Thành nói về chuyến thăm Ấn Độ của Thủ tướng từ 24-26/1 |url=https://ttdn.vn/hoi-nhap-quoc-te/dai-su-ton-sinh-thanh-noi-ve-chuyen-tham-an-do-cua-thu-tuong-tu-24-26-1-14094 |access-date=2025-10-08 |website=Trang Thông tin đối ngoại điện tử |language=vi}}</ref><ref>{{Cite web |date=2014-12-27 |title=Giao lưu giữa tân Đại sứ Việt Nam tại Ấn Độ và Hội hữu nghị Ấn-Việt |url=https://vnembassy-newdelhi.mofa.gov.vn/vi-vn/News/EmbassyNews/Trang/Exchanges-between-Vietnam-Ambassador-in-India-and-India-Friendship-Association---Vietnam.aspx |access-date=2025-10-08 |website=Đại sứ quán Việt Nam tại Ấn Độ |archive-date=10 अगस्त 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220810070718/https://vnembassy-newdelhi.mofa.gov.vn/vi-vn/News/EmbassyNews/Trang/Exchanges-between-Vietnam-Ambassador-in-India-and-India-Friendship-Association---Vietnam.aspx |url-status=dead }}</ref>
* फाम सान्ह चौ (2019– 2022)
* गुयेन थान हाई (2023 - वर्तमान)
== यह भी देखें ==
* [[भारत-वियतनाम सम्बन्ध]]
== संदर्भ ==
{{reflist}}
{{भारत में राजनयिक मिशन}}
[[श्रेणी:भारत में राजनयिक मिशन]]
[[श्रेणी:नई दिल्ली में राजनयिक मिशन]]
[[श्रेणी:वियतनाम के राजनयिक मिशन]]
dvz53799586ch127s1b50yimy1u621j
फ़िल्मफ़ेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
0
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2026-03-29T11:15:47Z
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6534225
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox award
| name = लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए [[फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार]]
| image = {{Photomontage
| photo1a = Shyam Benegal in 2016.jpg
| photo1b = Zeenat Aman at the Society Achievers Awards 2018 (cropped).jpg
| spacing = 2
| position = centre
| size = 220
| border = 0
| color = #FFFFFF
| foot_montage =
}}
| caption = 2025 प्राप्तकर्ता: [[श्याम बेनेगल]] और [[ज़ीनत अमान]]
| awarded_for = एक कलाकार के करियर का स्मरण
| presenter = ''[[फ़िल्मफ़ेयर (पत्रिका)|फ़िल्मफ़ेयर]]''
| country = भारत
| year = [[अमिताभ बच्चन]] (1991)
| holder = [[श्याम बेनेगल]] और [[ज़ीनत अमान]] (2025)
| website = [https://www.filmfare.com/awards/filmfare-awards/winners Filmfare winners]
}}
फ़िल्मफ़ेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार [[हिन्दी सिनेमा| हिंदी फिल्मों]] में खास योगदान देने वाले कलाकारों को दिया जाता है। पहले इस पुरस्कार का नाम [[राज कपूर]] लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार था। इसे [[फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका]] अपने हर साल होने वाले फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों में देती है।
==सम्मानित व्यक्तियों की सूची==
'''†''' - यह दर्शाता है कि व्यक्ति ने [[दादासाहेब फाल्के पुरस्कार]] भी जीता है।
{| class="wikitable sortable"
! साल ||छवि ||सम्मानित व्यक्ति || काम का प्रकार ||सम्मानित होने की उम्र (सालों में)
|-
| 1991 || [[File:Amitabh Bachchan 2014.jpg|100px]]||'''[[अमिताभ बच्चन]]''' †
! style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 48
|-
| 1992 || colspan=4 align="center"|'''कोई पुरस्कार नहीं'''
|-
| 1993 || [[File:Dev Anand at the 50th National Film Award function in New Delhi.jpg|100px]] ||'''[[देव आनन्द]]''' †
! rowspan=2 style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 69
|-
| rowspan="2" | 1994|| ||'''[[दिलीप कुमार]]''' †
!align=center| 71
|-
|[[File:LataMangeshkar1.jpg|100px]] ||'''[[लता मंगेशकर]]''' †
! style="background:Plum;| गायिका
!align=center| 64
|-
| rowspan="2" | 1995
|[[File:Yearbook release (cropped).jpg|100px]]
|'''[[वहीदा रहमान]]''' †
! style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 57
|-
|[[File:Shammi Kapoor at the launch of Shammi Kapoor Unplugged (cropped).jpg|100px]]
|'''[[शम्मी कपूर]]'''
! rowspan=2 style="background:SkyBlue;" | अभिनेता
!align=center| 63
|-
| rowspan="3" | 1996
| [[File:Ashok Kumar Saab.jpg|100px]]
|'''[[अशोक कुमार]]''' †
!align=center| 84
|-
|[[File:Vyjayanthimala at her tribute concert.jpg|100px]]
|'''[[वैजयंतीमाला]]'''
! style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 62
|-
| [[File:A still of the Union Minister for Youth Affairs and Sports, Shri Sunil Dutt in New Delhi on April 15, 2005.jpg|100px]]
|'''[[सुनील दत्त]]'''
! rowspan=2 style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 66
|-
| rowspan="2" | 1997
|[[File:Dharmendra 2012.jpg|100px]]
|'''[[धर्मेंद्र]]'''
!align=center| 61
|-
| [[File:Mumtaz in May 2025.jpg|100px]]
|'''[[मुमताज़ (अभिनेत्री)|मुमताज]]'''
! rowspan=3 style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 49
|-
| 1998
|[[File:Sharmila-Tagore.jpg|100px]]
|'''[[शर्मिला टैगोर]]'''
!align=center| 53
|-
| rowspan="2" | 1999
|[[File:Actress Helen in 2019.jpg|100px]]
|'''[[हेलन]]'''
!align=center| 60
|-
|[[File:Manoj Kumar close up.jpg|100px]]
|'''[[मनोज कुमार]]''' †
! style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 61
|-
| rowspan="2" | 2000
|[[File:Hema Malini - Kolkata 2007-04-09 128.png|100px]]
|'''[[हेमा मालिनी]]'''
! style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 51
|-
|[[File:VinodKhanna.jpg|100px]]
|'''[[विनोद खन्ना]]''' †
! rowspan=2 style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 53
|-
| rowspan="2" | 2001
|[[File:Feroz Khan.jpg|100px]]
|'''[[फ़िरोज़ ख़ान]]'''
!align=center| 61
|-
|[[File:Asha Bhosle at Bhubaneswar.jpg |100px]]
|'''[[आशा भोसले]]''' †
! style="background:Plum;| गायिका
!align=center| 67
|-
| rowspan="2" | 2002
|[[File:Gulzar.jpg|100px]]
|'''[[गुलज़ार]]''' †
! style="background:DarkSeaGreen;| पटकथा लेखक / गीतकार
!align=center| 67
|-
|[[File:Asha Parekh at IFFI, 2022 (cropped).jpg|100px]]
|'''[[आशा पारेख]]''' †
! style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 59
|-
| rowspan="2" | 2003
|[[File:Jeetendra colors indian telly awards (cropped).jpg|100px]]
|'''[[जीतेन्द्र]]'''
! style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 61
|-
|[[File:Rekha graces Lux Golden Rose Awards 2018 (22) (cropped).jpg|100px]]
|'''[[रेखा]]'''
! rowspan=2 style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 48
|-
| rowspan="3" | 2004
|[[File:Sulochana Latkar (May 2011).jpg|100px]]
|'''[[सुलोचना (फ़िल्म अभिनेत्री)|सुलोचना लाटकर]]'''
!align=center| 75
|-
|[[File:B.R.Chopra.jpg|100px]]
|'''[[बलदेव राज चोपड़ा|बी.आर. चोपड़ा ]]''' †
! style="background:Khaki;| Director
!align=center| 89
|-
|
|'''[[निरूपा रॉय]]'''
! style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 73
|-
| 2005
| [[File:Rajesh Khanna 2013 stamp of India (cropped).jpg|100px]]
|'''[[राजेश खन्ना]]'''
! style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 62
|-
| 2006
| [[File:Shabana Azmi SFU honorary degree (cropped).jpg|100px]] ||'''[[शबाना आज़मी]]'''
! rowspan=2 style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 55
|-
| rowspan="2" | 2007
|[[File:Jaya Bachchan48.jpg|100px]]
|'''[[जया बच्चन]]'''
!align=center| 58
|-
|[[File:Javed Saheb.jpg|100px]]
|'''[[जावेद अख्तर]]'''
! style="background:DarkSeaGreen;| पटकथा लेखक / गीतकार
!align=center| 62
|-
| 2008
|[[File:The Union Minister for Human Resource Development, Shri Prakash Javadekar presenting the Giants Award to Shri Rishi Kapoor for films field, at the “44th Giants Day Celebration”, in Mumbai on September 17, 2016 (cropped).jpg|100px]]||'''[[ऋषि कपूर]]'''
! rowspan=2 style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 55
|-
| rowspan="2" | 2009
|[[File:Om puri.JPG|100px]]
|'''[[ओम पुरी]]'''
!align=center| 58
|-
|[[File:Bhanu Athaiya (nee Rajopadhye).jpg|100px]]
|'''[[भानु अथैया]]'''
! style="background:burlywood;| कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर
!align=center| 79
|-
| rowspan="2" | 2010
|[[File:Shashi Kapoor during a media interaction at 36th IFFI, 2005.jpg|100px]]
|'''[[शशि कपूर]]''' †
! style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align=center| 71
|-
|[[File:Mohammed Zahur Khayyam headshot.jpg|100px]]
|'''[[खय्याम]]'''
! style="background:CornSilk;| संगीतकार
!align=center| 83
|-
| 2011
|[[File:Manna-dey.jpg|100px]] ||'''[[मन्ना डे]]''' †
! style="background:Plum;| गायक
!align=center| 91
|-
| 2012
|[[File:Aruna Irani at 18th Lions Annual Gold Awards.jpg|100px]]
|'''[[अरुणा ईरानी]]'''
! style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 65
|-
| 2013
|[[File:Yash Chopra in 2009.jpg|100px]]
|'''[[यश चोपड़ा]]''' †<br/>{{small|(मरणोपरांत)}}
! style="background:Khaki;| निर्देशक
!align=center| 80
|-
| 2014
|[[File:Kajol, Tanuja, Tanisha Mukherjee at Esha Deol's wedding reception 12 (cropped).jpg|100px|]]
|'''[[तनुजा]]'''
! rowspan=3 style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 70
|-
| 2015
|[[File:Kamini Kaushal in December 2019 (cropped).jpg|100px|]]
|'''[[कामिनी कौशल]]'''
!align=center| 88
|-
| 2016
|[[File:Moushmi Chatterjee at 3rd Kashish Mumbai International Queer Film Festival (1).jpg|100px]]
|'''[[मौसमी चटर्जी]]'''
!align=center| 61
|-
| 2017
|[[File:Shatrughan Sinha - Kolkata 2003-10-17 00492.JPG|100px]]
|'''[[शत्रुघ्न सिन्हा]]'''
! style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align="center"| 71
|-
| rowspan="2" | 2018
|[[File:Bappi Lahiri graces musical concert ‘Rehmatein-3’.jpg|100px]]
|'''[[बप्पी लाहिरी]]'''
! style="background:Cornsilk; | संगीत निर्देशक
!align="center"| 65
|-
|[[File:MalaSinha (cropped).jpg|100px]]
|'''[[माला सिन्हा]]'''
! rowspan=2 style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align = "center"| 81
|-
| 2019
|| [[File:Sridevi09.jpg|100px]]
| '''[[श्रीदेवी]]'''<br/>{{small|(मरणोपरांत)}}
!align=center| 54
|-
| 2020
|[[File:Kiran Juneja, Ramesh Sippy at Esha Deol's wedding at ISCKON temple 21 (cropped).jpg|100px]] ||'''[[रमेश सिप्पी]]'''
! style="background:Khaki;| निर्देशक
!73
|-
| 2021
|[[File:Irrfan Khan May 2015 (cropped).jpg|100px]]
|'''[[इरफान खान]]'''<br>{{small|(मरणोपरांत)}}
! style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align="center"| 53
|-
| 2022
||[[File:Subhash Ghai in 2017.jpg|100px]]
|'''[[सुभाष घई]]'''
! style="background:Khaki;| निर्देशक
!align=center| 77
|-
| 2023
|[[File:Prem Chopra on November 21, 2013.jpg|100px]]
|'''[[प्रेम चोपड़ा]]'''
! style="background:SkyBlue;| अभिनेता
!align="center"| 87
|-
| 2024
||[[File:David Dhawan 2025 (cropped).jpg|100px]] ||'''[[डेविड धवन]]'''
! rowspan=2 style="background:Khaki;| निर्देशक
!align=center| 72
|-
| rowspan=2 |2025
||[[File:Shyam Benegal in 2016.jpg|100px]] ||'''[[श्याम बेनेगल]]''' † <br>{{small|(मरणोपरांत)}}
!align=center| 90
|-
||[[File:Zeenat Aman at the Society Achievers Awards 2018 (cropped).jpg|100px]] ||'''[[ज़ीनत अमान]]'''
! style="background:Pink;| अभिनेत्री
!align=center| 73
|}
==अतिशयोक्ति==
* 58वें फिल्मफेयर पुरस्कारों में, [[यश चोपड़ा]] मरणोपरांत विजेता बनने वाले पहले कलाकार बने
* सबसे उम्रदराज विजेता - 56वें फिल्मफेयर पुरस्कार में [[मन्ना डे]] (आयु 91 वर्ष)
* सबसे युवा विजेता - 36वें फिल्मफेयर पुरस्कार में [[अमिताभ बच्चन]] और 48वें फिल्मफेयर पुरस्कार में [[रेखा]] (दोनों की आयु 48 वर्ष)
* महिला प्राप्तकर्ताओं की संख्या – 22
* पुरुष प्राप्तकर्ताओं की संख्या – 29
==यह भी देखें==
* [[फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार]]
* [[हिन्दी सिनेमा| बॉलीवुड]]
* [[भारतीय सिनेमा]]
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार]]
6lrucafv5otxe3qk8xr0zk06a9kr1nv
वेबतून
0
1605554
6534047
6504079
2026-03-28T19:34:31Z
InternetArchiveBot
500600
Rescuing 0 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.9.5
6534047
wikitext
text/x-wiki
'''वेबतून''' ({{lang-en|Webtoon}}, कोरियाई: 웹툰) दक्षिण कोरिया में उत्पन्न होने वाली डिजिटल कॉमिक्स का एक रूप है। यह शब्द "वेब" और "कार्टून" का संयोजन है। वेबतून को विशेष रूप से डिजिटल उपकरणों, विशेषकर स्मार्टफ़ोन पर पढ़ने के लिए "लंबवत स्क्रॉलिंग" प्रारूप में डिज़ाइन किया जाता है।<ref name="MerriamWebster">{{cite web |title=Definition of WEBTOON |url=https://www.merriam-webster.com/dictionary/webtoon |publisher=Merriam-Webster |access-date=2024-05-20}}</ref>
पारंपरिक प्रिंट मंगा या अमेरिकी कॉमिक्स के विपरीत, जो पृष्ठ पलटने पर आधारित होते हैं, वेबतून एक सतत कैनवास का उपयोग करते हैं और अधिकतर पूर्ण रंगीन होते हैं।<ref name="AnimeNewsNet">{{cite web |title=Manhwa vs Manga: What is the Difference? |url=https://www.animenewsnetwork.com/feature/2021-05-12/manhwa-vs-manga-what-is-the-difference/.172654 |publisher=Anime News Network |date=2021-05-12}}</ref> 2000 के दशक की शुरुआत में अपनी मामूली शुरुआत के बाद से, वेबतून अब एक वैश्विक उद्योग बन गया है और कोरियाई लहर का एक प्रमुख स्तंभ है। यह अब कॉमिक्स पढ़ने के तरीके को पूरी तरह बदल रहा है।<ref name="NPR">{{cite news |title=Webtoons are changing the way we read comics |url=https://www.npr.org/2022/11/05/1134382956/webtoons-comics-reading-habits |publisher=NPR |date=2022-11-05}}</ref>
== इतिहास और विकास ==
वेबतून उद्योग का विकास दक्षिण कोरिया के अद्वितीय इंटरनेट बुनियादी ढांचे और सामाजिक परिवर्तनों के साथ हुआ है। इसके इतिहास को मुख्य रूप से चार चरणों या "पीढ़ियों" में वर्गीकृत किया जा सकता है।<ref name="Jin2015">{{cite journal |last=Jin |first=Dal Yong |title=Digital Commodities, Media Convergence and Globalization: The Case of Korean Webtoons |journal=Media, Culture & Society |volume=37 |issue=7 |pages=1101–1110 |year=2015}}</ref> इस विकास पर विस्तार से चर्चा 'मिन-जी जांग' की पुस्तक में भी की गई है।<ref name="Jang2018">{{cite book |last=Jang |first=Min-ji |title=Webtoon: The Evolution of Korean Digital Comics |publisher=Seoul Selection |year=2018 |isbn=978-1624121135}}</ref>
=== प्रारंभिक इंटरनेट युग (1990s–2000) ===
1990 के दशक के अंत में, जब कोरिया में इंटरनेट का विस्तार हो रहा था, कई शौकिया कलाकार अपनी छोटी कॉमिक्स को स्कैन करके व्यक्तिगत ब्लॉग या होमपेज पर अपलोड करते थे। इन शुरुआती कॉमिक्स में पैनल संरचना पारंपरिक थी, और स्क्रॉलिंग का उपयोग नहीं किया जाता था। '''''स्नो कैट''''' और '''''मरीनब्लूज''''' इस युग के प्रमुख उदाहरण हैं, जिन्होंने "दैनिकी-शैली" के कार्टून को लोकप्रिय बनाया।
=== पोर्टल युग और वर्टिकल स्क्रॉलिंग (2003–2008) ===
वेबतून उद्योग की औपचारिक शुरुआत 2003 में हुई जब कोरियाई इंटरनेट पोर्टल '''[[Daum (web portal)|दाउम]]''' ने "दाउम वेबतून" (अब काकाओ वेबतून) सेवा शुरू की। इसके एक साल बाद, 2004 में प्रतिद्वंद्वी '''[[Naver|नेवर]]''' ने "नेवर वेबतून" लॉन्च किया।<ref name="KoreaHerald2015">{{cite news |title=Webtoons, the next big Korean wave? |url=http://www.koreaherald.com/view.php?ud=20151115000450 |publisher=The Korea Herald |date=2015-11-15}}</ref>
इस युग का सबसे क्रांतिकारी परिवर्तन कलाकार '''कांग फुल''' द्वारा लाया गया। 2003 में उनकी कृति '''''लव स्टोरी''''' को व्यापक रूप से "पहला आधुनिक वेबतून" माना जाता है। कांग फुल ने महसूस किया कि कंप्यूटर स्क्रीन पर पेज पलटने के बजाय नीचे स्क्रॉल करना अधिक स्वाभाविक है। उन्होंने लंबे, लंबवत कैनवास का उपयोग किया, जिसने कहानी कहने के तरीके को हमेशा के लिए बदल दिया।<ref name="KoreaTimesKang">{{cite news |title=Kang Full: The man who brought webtoons to life |url=https://www.koreatimes.co.kr/www/culture/2024/01/135_112345.html |publisher=The Korea Times |date=2013-05-20}}</ref>
=== स्मार्टफ़ोन और वैश्वीकरण (2009–2014) ===
2000 के दशक के अंत में स्मार्टफ़ोन के आगमन ने वेबतून को "स्नैक कल्चर" में बदल दिया। ऐप्स के माध्यम से अब पाठक कहीं भी और कभी भी कॉमिक्स पढ़ सकते थे, जिसने पढ़ने के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया।<ref name="TheVerge">{{cite web |title=The comic apps transforming how we read |url=https://www.theverge.com/22685739/webtoon-tapas-comic-apps-reading-format-change |publisher=The Verge |date=2021-09-24}}</ref>
लेखकों ने मोबाइल स्क्रीन के लिए अनुकूलित तकनीक अपनाई:
* '''साउंड और इफेक्ट्स:''' हॉरर वेबतून्स जैसे '''''बोंगचेओन-डोंग घोस्ट''''' में स्क्रॉल करने पर अचानक ध्वनि या कंपन का उपयोग किया जाने लगा।
* '''भुगतान मॉडल:''' 2013 में नेवर ने "पेज प्रॉफिट शेयर" प्रोग्राम शुरू किया, जिससे कलाकारों को विज्ञापनों और पेड प्रीव्यू से कमाई करने की अनुमति मिली।
=== वैश्विक विस्तार और आईपी (IP) विस्तार (2014–वर्तमान) ===
2014 में नेवर ने अपनी सेवा को अंग्रेजी में "लाइन वेबतून" (अब WEBTOON) के रूप में वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया। इसके साथ ही, [[लेज़िन कॉमिक्स|लेज़िन कॉमिक्स]] और [[काकाओ पेज|काकाओ पेज]] ने "Wait-for-Free" (इंतजार करो और मुफ्त पढ़ो) मॉडल पेश किया। अमेरिका और पश्चिमी देशों में वेबतून की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी, जिससे यह एक वैश्विक घटना (Phenomenon) बन गया।<ref name="PublishersWeekly">{{cite web |title=Webtoon Phenomenon: The Rise of Korean Digital Comics in the US |url=https://www.publishersweekly.com/pw/by-topic/industry-news/comics/article/84657-webtoon-phenomenon.html |publisher=Publishers Weekly |date=2020-10-16}}</ref>
== प्रारूप और तकनीक ==
वेबतून की तकनीकी विशेषताएं इसे प्रिंट कॉमिक्स से अलग करती हैं:
* '''लंबवत दिशा:''' वेबतून में "सिनेमैटिक फ्लो" होता है। पाठक अपनी गति से स्क्रॉल करता है, जिससे कलाकार समय और तनाव को नियंत्रित कर सकते हैं।
* '''रंग और कला:''' डिजिटल निर्माण के कारण, उत्पादन लागत कम होती है, जिससे साप्ताहिक रंगीन अध्यायों का प्रकाशन संभव होता है।
* '''इंटरएक्टिविटी:''' कुछ वेबतून में एनिमेटेड पैनल (.gif), पृष्ठभूमि संगीत (BGM), और उपयोगकर्ता की टिप्पणियां सीधे पैनल के नीचे होती हैं।
== अर्थव्यवस्था और बाजार ==
कोरियाई रचनात्मक सामग्री एजेंसी ([[KOCCA]]) की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरियाई वेबतून बाजार का आकार लगातार बढ़ रहा है। 2021 में ही बाजार की बिक्री 1.5 ट्रिलियन वॉन (लगभग 1.1 अरब डॉलर) को पार कर गई थी।<ref name="Yonhap">{{cite news |title=S. Korea's webtoon market sales top 1.5 tln won in 2021 |url=https://en.yna.co.kr/view/AEN20221223004500315 |publisher=Yonhap News Agency |date=2022-12-23}}</ref>
बाजार पर दो दिग्गजों का प्रभुत्व है: '''नेवर''' (वेबतून एंटरटेनमेंट) और '''काकाओ''' (काकाओ वेबतून/पिकोमा)। जापान में, काकाओ का ऐप 'पिकोमा' दुनिया का सबसे अधिक कमाई करने वाला कॉमिक ऐप बन गया है, जिसने पारंपरिक मंगा ऐप्स को पीछे छोड़ दिया है।<ref name="KEDGlobal">{{cite news |title=Kakao Piccoma tops in Japanese app market sales |url=https://www.kedglobal.com/webtoons/newsView/ked202307210011 |publisher=KED Global |date=2023-07-21}}</ref>
== प्रमुख वेबतून ==
वेबतून माध्यम ने कई ब्लॉकबस्टर श्रृंखलाएं दी हैं। नीचे कुछ सबसे प्रभावशाली शीर्षकों की सूची दी गई है जिन्होंने घरेलू और वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्त की:
{| class="wikitable sortable"
|+ इतिहास के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली वेबतून
! नाम !! प्रकाशन वर्ष !! निर्माता !! प्रकाशक !! शैली !! विवरण
|-
| '''''[[टावर ऑफ गॉड]]''''' || 2010 || [[SIU (manhwa)|एस.आई.यू.]] || [[नेवर वेबतून]] || फंतासी/एक्शन || इसे वेबतून का "One Piece" कहा जाता है; यह वैश्विक स्तर पर सबसे लंबी चलने वाली फंतासी श्रृंखलाओं में से एक है।
|-
| '''''[[सोलो लेवलिंग]]''''' || 2018 || चुगोंग, डबु || [[KakaoPage|काकाओ पेज]] || एक्शन/हंटर || इसने वैश्विक स्तर पर एक्शन शैली को फिर से परिभाषित किया और इसे अब तक का सबसे सफल कोरियाई वेबतून माना जाता है।
|-
| '''''[[नोबलेस]]''''' || 2007 || सोन जेहो || नेवर वेबतून || सुपरनैचुरल || शुरुआती वेबतून हिट्स में से एक जिसने अंतर्राष्ट्रीय पाठकों को आकर्षित किया।
|-
| '''''[[द साउंड ऑफ योर हार्ट]]''''' || 2006 || [[Jo Seok|जो सियोक]] || नेवर वेबतून || कॉमेडी || दक्षिण कोरिया का सबसे लंबा चलने वाला कॉमेडी वेबतून।
|-
| '''''[[द बिगिनिंग आफ्टर द एंड]]''''' || 2018 || टर्टलमी || तापस || फंतासी/Isekai || पश्चिमी पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय श्रृंखला।
|-
| '''''[[ट्रू ब्यूटी]]''''' || 2018 || याओंगी || नेवर वेबतून || रोमांस || वैश्विक स्तर पर महिला पाठकों के बीच सबसे लोकप्रिय रोमांस वेबतून।
|-
| '''''[[लुकिज़्म]]''''' || 2014 || पार्क ताए-जून || नेवर वेबतून || एक्शन/ड्रामा || समाज में रूप-रंग के भेदभाव पर आधारित हिट श्रृंखला।<ref>{{cite web |title=Lookism Guide: 11 Years, 500+ Chapters, Mysteries Still Unsolved |url=https://thecomics.org/updates/lookism-chapter-579-580-guide-11-years-500-chapters-mysteries-still-unsolved/ |publisher=TheComics.org |access-date=2025-12-13}}</ref>
|-
| '''''[[स्वीट होम]]''''' || 2017 || किम कार्नबी || नेवर वेबतून || हॉरर/थ्रिलर || नेटफ्लिक्स अनुकूलन के बाद इसने हॉरर शैली में क्रांति ला दी।
|-
| '''''[[मिसेंग]]''''' || 2012 || यूं ताए-हो || दाउम वेबतून || स्लाइस ऑफ लाइफ || कार्यस्थल की संस्कृति पर आधारित, जिसे "वेतनभोगी कर्मचारियों की बाइबिल" कहा जाता है।
|}
=== संरक्षण और डेटाबेस ===
जैसे-जैसे वेबतून उद्योग परिपक्व हो रहा है, इसके इतिहास और डेटा को संरक्षित करने के प्रयास बढ़ रहे हैं। पश्चिमी कॉमिक्स की तरह, अब प्रमुख वैश्विक डेटाबेस वेबतून को अपनी सूची में शामिल कर रहे हैं।
== अनुकूलन ==
"वन सोर्स मल्टी-यूज़" रणनीति के तहत, वेबतून कोरियाई मनोरंजन उद्योग के लिए कहानियों का प्राथमिक स्रोत बन गए हैं।
* **के-ड्रामा:** '''''इटावोन क्लास''''', '''''बिज़नेस प्रपोजल''''', और '''''ऑल ऑफ अस आर डेड''''' सभी वेबतून पर आधारित थे और नेटफ्लिक्स पर वैश्विक हिट रहे।<ref name="Variety">{{cite web |title=‘All of Us Are Dead’ Netflix Hit Highlights Webtoon Source Material |url=https://variety.com/2022/tv/news/all-of-us-are-dead-webtoon-netflix-1235171234/ |publisher=Variety |date=2022-02-08}}</ref>
* **अनिमे:** जापानी स्टूडियो अब कोरियाई वेबतून को एनिमेट कर रहे हैं, जिसमें '''''टावर ऑफ गॉड''''' और '''''सोलो लेवलिंग''''' के एनीमे संस्करण शामिल हैं। सोलो लेवलिंग की सफलता ने साबित कर दिया है कि वेबतून अब एनीमे उद्योग के लिए भी एक बड़ा स्रोत बन गया है।<ref name="AnimeAdapts">{{cite web |title=Solo Leveling and the Rise of Webtoon Adaptations in Anime |url=https://www.cbr.com/solo-leveling-webtoon-anime-adaptation-success/ |publisher=CBR |date=2024-03-10 }}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== संदर्भ (References) ==
{{reflist|30em}}
8ipmsem4auuci5gkin6r61zqxi7abip
कामाख्या–हावड़ा वंदे भारत शयनयान
0
1606427
6534065
6515577
2026-03-28T23:28:58Z
CommonsDelinker
743
"Howrah_Kamakhya_Vande_Bharat_Sleeper_route_map.jpg" को हटाया। इसे कॉमन्स से [[commons:User:Pi.1415926535|Pi.1415926535]] ने हटा दिया है। कारण: per [[:c:Commons:Deletion requests/Files uploaded by Bushmaster26|]]
6534065
wikitext
text/x-wiki
{{Expand English|Kamakhya–Howrah Vande Bharat Sleeper Express|date=जनवरी २०२६}}
{{Infobox rail service
| color = FF7220
| name = हावड़ा – कामाख्या<br/>''वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस''
| logo =
| image = Kamakhya_Howrah_VB_Express.jpg
| image_width = 300
| caption = हावड़ा – कामाख्या वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस [[कामख्या रेलवे स्टेशन|कामाख्या जंक्शन]] पर पहुँचती हुई
| type = [[वंदे भारत (शयनयान)|वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस]]
| status = {{color|green|सक्रिय}}
| locale = [[पश्चिम बंगाल]] तथा [[असम]]
| first = {{start date and age|17 January 2026|df=yes}} (उद्घाटन)<br/>{{start date and age|23 January 2026|df=yes}} (वाणिज्यिक)
| operator = [[पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे|पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR)]]
| ridership = ''८२३''; एकतरफ़ा<br/>(प्रति यात्रा)
| start = [[हावड़ा जंक्शन रेलवे स्टेशन|हावड़ा (HWH)]]
| stops = १३
| end = [[कामख्या रेलवे स्टेशन|कामाख्या (KYQ)]]
| distance = {{convert|968|km|0|abbr=on}}
| journeytime = १४ घंटे
| frequency = * २७५७५ – सप्ताह में ६ दिन {{efn|२७५७५ / गुरुवार को छोड़कर}}<br/>* २७५७६ – सप्ताह में ६ दिन {{efn|२७५७६ / बुधवार को छोड़कर}}
| line_used = * [[हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी लाइन|हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी लाइन (BAK लूप)]]<br/>* [[न्यू जलपाईगुड़ी–न्यू बोंगाईगांव खंड|न्यू जलपाईगुड़ी–न्यू बोंगाईगांव लाइन]]<br/>* [[न्यू बोंगाईगांव–गुवाहाटी खंड|न्यू बोंगाईगांव–रंगिया–कामाख्या लाइन]]
| class = वातानुकूलित प्रथम श्रेणी<br/>वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (२-टियर)<br/>वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (३-टियर)
| seating = नहीं
| sleeping = हाँ
| catering = उपलब्ध
| observation = बड़े खिड़की-पट
| baggage = उपलब्ध
| stock = [[वंदे भारत (शयनयान)|वंदे भारत शयनयान रेलसेट]]
| gauge = भारतीय गेज<br/>{{track gauge|1676mm|allk=on}} [[ब्रॉड गेज]]
| trainnumber = २७५७५ / २७५७६
| el = [[25 kV 50 Hz AC]] उपरी विद्युत् लाइन
| speed = {{cvt|110|km/h|0|abbr=on}} (अधिकतम)<br/>{{cvt|69|km/h|0|abbr=on}} (औसत)
| owners = [[भारतीय रेल]]
| maintenance = [[पूर्वी रेलवे क्षेत्र|हावड़ा जंक्शन (HWH)]]
| map = <br/>{{HWH–KYQ Vande Bharat Sleeper Route}}
| map_state = collapsed
}}
'''कामाख्या–हावड़ा वंदे भारत शयनयान रेलगाड़ी''' भारत की प्रथम [[वंदे भारत शयनयान]] रेलगाड़ी है, जो [[असम]] के [[गुवाहाटी]] ([[कामख्या रेलवे स्टेशन|कामाख्या]]) को [[पश्चिम बंगाल]] के [[हावड़ा जंक्शन रेलवे स्टेशन|हावड़ा]] ([[कोलकाता]]) से जोड़ती है। यह पूर्णतः वातानुकूलित सेवा वंदे भारत रेलगाड़ियों की गति तथा आधुनिक सुविधाओं को आरामदायक [[शयनयान]] डिब्बों के साथ संयोजित करती है।<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/howrah-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-launch-date-route-stops-fare-food-menu-10449984/|title=Howrah–Guwahati Vande Bharat sleeper train: launch date, route, stops, fare, food menu|date=1 January 2026|work=The Indian Express|access-date=1 January 2026|publisher=Indian Express Group|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/pm-modi-to-launch-kolkata-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-soon/article70459895.ece|title=PM Modi to launch Kolkata‑Guwahati Vande Bharat sleeper train soon|date=1 January 2026|work=The Hindu|access-date=1 January 2026|publisher=The Hindu|language=en}}</ref>
== परिचय ==
* वंदे भारत शयनयान रेलगाड़ी वंदे भारत शृंखला का भारत की प्रथम दीर्घ-दूरी शयनयान रूपान्तर है, जिसे रात्रिकालीन यात्रा हेतु पूर्णतः वातानुकूलित शयनयान डिब्बों तथा आधुनिक सुविधाओं सहित अभिकल्पित किया गया है।
* प्रथम रेक की कोच-देह संरचना का उद्घाटन ९ मार्च २०२४ को [[बेंगलुरु]] स्थित [[भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड]] (बीईएमएल) के विनिर्माण कारख़ाने में हुआ, जिससे उत्पादन का शुभारम्भ हुआ।<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/howrah-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-launch-date-route-stops-fare-food-menu-10449984/|title=Howrah–Guwahati Vande Bharat sleeper train: launch date, route, stops, fare, food menu|date=1 January 2026|work=The Indian Express|access-date=1 January 2026|publisher=Indian Express Group|language=en}}</ref>
* प्रारूप तथा अवयवों का विकास एवं संयोजन भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा, [[सवारी डिब्बा कारखाना, चेन्नई]] (आईसीएफ़) की तकनीक का उपयोग कर किया गया।
* व्यापक परीक्षणों के पश्चात्, जिनमें १८० कि.मी./घं. तक की उच्चगति दौड़ सम्मिलित थी, इस रेलगाड़ी को यात्री सेवा हेतु प्रमाणित किया गया।<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/howrah-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-launch-date-route-stops-fare-food-menu-10449984/|title=Howrah–Guwahati Vande Bharat sleeper train: launch date, route, stops, fare, food menu|date=1 January 2026|work=The Indian Express|access-date=1 January 2026|publisher=Indian Express Group|language=en}}</ref>
* भारतीय रेल ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि प्रथम वंदे भारत शयनयान रेलगाड़ी हावड़ा (पश्चिम बंगाल) और कामाख्या (गुवाहाटी, असम) के मध्य संचालित होगी।
* इसका उद्घाटन-प्रवर्तन जनवरी २०२६ में (लगभग १७–१९ जनवरी २०२६) प्रधानमंत्री [[नरेन्द्र मोदी]] द्वारा ध्वजांकित किए जाने की अपेक्षा है।
== मार्ग एवं समय-सारणी ==
{| class="wikitable"
!क्रम
!स्टेशन
!कामाख्या → हावड़ा (आगमन/प्रस्थान)
!हावड़ा → कामाख्या (आगमन/प्रस्थान)
|-
|१
|[[कामख्या रेलवे स्टेशन|कामाख्या (KYQ)]]
|– / १९:००
|०८:३० / –
|-
|२
|[[मालदा टाउन रेलवे स्टेशन|मालदा टाउन (MLDT)]]
|०४:५० / ०५:००
|२२:३० / २२:४०
|-
|३
|[[हावड़ा जंक्शन रेलवे स्टेशन|हावड़ा (HWH)]]
|०९:३० / –
|– / १८:००
|}
<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/howrah-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-launch-date-route-stops-fare-food-menu-10449984/|title=Howrah–Guwahati Vande Bharat sleeper train: launch date, route, stops, fare, food menu|date=1 January 2026|work=The Indian Express|access-date=1 January 2026|publisher=Indian Express Group|language=en}}</ref>'''
{{Notelist}}
दिसम्बर २०२५ में वंदे भारत शयनयान रेलसेट ने भारतीय रेल नेटवर्क के कोटा–नागदा खण्ड पर उच्चगति परीक्षण-दौड़ सफलतापूर्वक पूर्ण की। परीक्षणों के दौरान यह रेलगाड़ी रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के पर्यवेक्षण में लगभग १८० कि.मी./घं. की गति तक पहुँची।<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/howrah-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-launch-date-route-stops-fare-food-menu-10449984/|title=Howrah–Guwahati Vande Bharat sleeper train: launch date, route, stops, fare, food menu|date=1 January 2026|work=The Indian Express|access-date=1 January 2026|publisher=Indian Express Group|language=en}}</ref>
== रेक संरचना ==
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!डिब्बा संख्या
!श्रेणी
!शक्ति विन्यास
!मूल शक्ति इकाई
!कुर्सी क्षमता
|-
|१
|B1
|३एसी
|DTC
|इकाई १
|२८
|-
|२
|B2
|३एसी
|MC
|इकाई १
|६७
|-
|३
|B3
|३एसी
|TC
|इकाई १
|५५
|-
|४
|B4
|२एसी
|MC2
|इकाई १
|६७
|-
|५
|A1
|२एसी
|MC
|इकाई २
|४८
|-
|६
|B5
|३एसी
|TC
|इकाई २
|५५
|-
|७
|A2
|२एसी
|MC2
|इकाई २
|४८
|-
|८
|H1
|१एसी
|NDTC
|इकाई २
|२४
|-
|९
|A3
|२एसी
|NDTC
|इकाई ३
|४४
|-
|१०
|A4
|२एसी
|MC2
|इकाई ३
|४८
|-
|११
|B6
|३एसी
|TC
|इकाई ३
|५५
|-
|१२
|B7
|३एसी
|MC
|इकाई ३
|६७
|-
|१३
|B8
|३एसी
|MC2
|इकाई ३
|६७
|-
|१४
|B9
|३एसी
|TC
|इकाई ४
|५५
|-
|१५
|B10
|३एसी
|MC
|इकाई ४
|६७
|-
|१६
|B11
|३एसी
|DTC
|इकाई ४
|६७
|}
* प्राथमिक अनुरक्षण – हावड़ा
=== किराया संरचना ===
वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस (गुवाहाटी–हावड़ा) का एकतरफ़ा किराया:
{| class="wikitable"
!श्रेणी
!किराया (₹)
|-
|वातानुकूलित ३ टियर
|२,३००
|-
|वातानुकूलित २ टियर
|३,०००
|-
|वातानुकूलित प्रथम श्रेणी
|३,६००
|}
<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/howrah-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-launch-date-route-stops-fare-food-menu-10449984/|title=Howrah–Guwahati Vande Bharat sleeper train: launch date, route, stops, fare, food menu|date=1 January 2026|work=The Indian Express|access-date=1 January 2026|publisher=Indian Express Group|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/pm-modi-to-launch-kolkata-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-soon/article70459895.ece|title=PM Modi to launch Kolkata‑Guwahati Vande Bharat sleeper train soon|date=1 January 2026|work=The Hindu|access-date=1 January 2026|publisher=The Hindu|language=en}}</ref>
== परीक्षण एवं परीक्षण-दौड़ ==
केंद्रीय रेलमंत्री [[अश्विनी वैष्णव]] ने इस परीक्षण का एक वीडियो सामाजिक माध्यमों पर साझा किया, जिसमें उच्चगति पर रेलगाड़ी की स्थिरता तथा यात्रा-गुणवत्ता को रेखांकित किया गया। प्रदर्शन के भाग रूप में, कोच के भीतर जल से भरे गिलास रखे गए थे, जो सम्पूर्ण दौड़ के दौरान स्थिर रहे, जिससे न्यूनतम कम्पन का संकेत मिला।<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/howrah-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-launch-date-route-stops-fare-food-menu-10449984/|title=Howrah–Guwahati Vande Bharat sleeper train: launch date, route, stops, fare, food menu|date=1 January 2026|work=The Indian Express|access-date=1 January 2026|publisher=Indian Express Group|language=en}}</ref>
भारतीय रेल अधिकारियों के अनुसार, ये सफल परीक्षण वंदे भारत शयनयान रेलसेट के प्रमाणीकरण प्रक्रिया का अंग हैं। यह रेलसेट दीर्घ-दूरी रात्रिकालीन यात्रा हेतु अभिकल्पित है तथा इसकी अधिकतम अभिकल्पित गति २०० कि.मी./घं. है।<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/howrah-guwahati-vande-bharat-sleeper-train-launch-date-route-stops-fare-food-menu-10449984/|title=Howrah–Guwahati Vande Bharat sleeper train: launch date, route, stops, fare, food menu|date=1 January 2026|work=The Indian Express|access-date=1 January 2026|publisher=Indian Express Group|language=en}}</ref>
== सम्बन्धित विषय ==
* [[भारत में तीव्र गति रेल]]
* [[वंदे भारत एक्सप्रेस]]
* [[नमो भारत एक्स्प्रेस]]
* [[अमृत भारत एक्सप्रेस]]
== सन्दर्भ ==
<references />
{{वंदे भारत (शयनयान) एक्सप्रेस|state=collapsed}}
[[श्रेणी:असम में रेल परिवहन]]
[[श्रेणी:पश्चिम बंगाल में रेल परिवहन]]
[[श्रेणी:भारत में एक्सप्रेस ट्रेनें]]
m4qb1ron2xpq4psp7sosbvktanopxo6
सदस्य वार्ता:वी पी परमार
3
1606601
6534166
6530569
2026-03-29T07:45:56Z
SM7
89247
/* खाता अवरोध मुक्त किया जाए */ उत्तर
6534166
wikitext
text/x-wiki
{{साँचा:सहायता|name=वी पी परमार}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 12 जनवरी 2026 (UTC)
:धन्यवाद --[[सदस्य:वी पी परमार|वी पी परमार]] ([[सदस्य वार्ता:वी पी परमार|वार्ता]]) 04:03, 12 जनवरी 2026 (UTC)
== [[:अतुल सेठ|अतुल सेठ]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन ==
नमस्कार, [[:अतुल सेठ|अतुल सेठ]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अतुल सेठ|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अतुल सेठ]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।
नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:
<center>उल्लेखनीय नहीं।</center>
कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।
चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:45, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
== [[:दिग्विजय सिंह पत्रकार|दिग्विजय सिंह पत्रकार]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:दिग्विजय सिंह पत्रकार|दिग्विजय सिंह पत्रकार]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:47, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
== [[:योगेश मिश्रा कटगीवाला|योगेश मिश्रा कटगीवाला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:योगेश मिश्रा कटगीवाला|योगेश मिश्रा कटगीवाला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:48, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
== [[:डॉ विकास शुक्ला|डॉ विकास शुक्ला]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन ==
नमस्कार, [[:डॉ विकास शुक्ला|डॉ विकास शुक्ला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ विकास शुक्ला|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ विकास शुक्ला]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।
नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:
<center>उल्लेखनीय नहीं।</center>
कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।
चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:48, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
== खाता अवरोध मुक्त किया जाए ==
{{unblock|reason=मैंने अनजाने में नियमों का उल्लंघन किया। भविष्य में विकिपीडिया की नीतियों का पूर्ण पालन करूंगा। कृपया मेरा अवरोध हटाने की कृपा करें। धन्यवाद।}} [[सदस्य:वी पी परमार|वी पी परमार]] ([[सदस्य वार्ता:वी पी परमार|वार्ता]]) 03:50, 2 मार्च 2026 (UTC)
:आपका खाता किस कारण से अवरोधित किया गया था और आपने इससे क्या सीखा? यदि आपका अवरोध हटा दिया जाता है, तो आप आगे किस प्रकार का योगदान देंगे? कृपया उत्तर विस्तार से देने की कोशिश कीजिएगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:38, 7 मार्च 2026 (UTC)
::नमस्कार,
::मेरे खाते को अवरुद्ध किए जाने का मुख्य कारण संभवतः संपादन के दौरान कुछ नियमों की पूरी जानकारी न होना और अनजाने में ऐसी सामग्री जोड़ देना था जो विकिपीडिया की नीतियों के अनुरूप नहीं थी। उस समय मेरा उद्देश्य केवल जानकारी को बेहतर बनाना था, लेकिन अब मुझे समझ में आया है कि विकिपीडिया पर सामग्री जोड़ते समय विश्वसनीय स्रोत, निष्पक्षता और समुदाय के दिशा-निर्देशों का पालन करना बहुत आवश्यक है।
::इस अनुभव से मैंने यह सीखा है कि किसी भी संपादन से पहले विकिपीडिया की नीतियों, दिशानिर्देशों और विश्वसनीय संदर्भों का ध्यान रखना चाहिए, तथा जल्दबाज़ी में संपादन नहीं करना चाहिए।
::यदि मेरा अवरोध हटाया जाता है, तो मैं आगे पूरी सावधानी के साथ कार्य करूंगा। मैं केवल विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर ही संपादन करूंगा, निष्पक्ष और तथ्यात्मक जानकारी जोड़ने का प्रयास करूंगा, और समुदाय के अन्य संपादकों के साथ सहयोग करते हुए विकिपीडिया की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में योगदान दूंगा।
::आपसे निवेदन है कि मेरे खाते पर लगे अवरोध को हटाने पर विचार करें। भविष्य में मैं सभी नियमों का पालन करते हुए सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करूंगा।
::धन्यवाद। [[सदस्य:वी पी परमार|वी पी परमार]] ([[सदस्य वार्ता:वी पी परमार|वार्ता]]) 16:13, 7 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, इनके उत्तर को देखकर तो नहीं लगता कि इन्होने कुछ सीखा है। अभी भी ये यह नहीं स्वीकार कर रहे हैं कि इन्हें प्रचारपरक लेख बनाने के लिये अवरोधित किया गया था। और आगे से ऐसे प्रचार वाले लेख ये नहीं बनायेंगे। मुझे इनके गोलमोल उत्तर को देखकर नहीं लगता कि अवरोध मुक्त किये जाने की कोई आवश्यकता है। आगे आप जैसा विचार करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:45, 29 मार्च 2026 (UTC)
== मेरे पेज का ब्लॉक हटाने का अनुरोध ==
आदरणीय महोदय मेरे पेज ब्लॉक हटाने की कृपा करे, हम विकी पीडिया की पॉलिसी के अनुसार ही कार्य एवं संपादन करेंगे, ऐसी कोई गलती दुबारा नहीं होगी [[सदस्य:वी पी परमार|वी पी परमार]] ([[सदस्य वार्ता:वी पी परमार|वार्ता]]) 09:45, 15 मार्च 2026 (UTC)
4gn01rppbfnpgwznr0kh9sfv7yhpe3n
6534235
6534166
2026-03-29T11:53:40Z
DreamRimmer
651050
/* खाता अवरोध मुक्त किया जाए */ अस्वीकृत ([[:en:User:DreamRimmer/DR Editor|DR]])
6534235
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text/x-wiki
{{साँचा:सहायता|name=वी पी परमार}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 12 जनवरी 2026 (UTC)
:धन्यवाद --[[सदस्य:वी पी परमार|वी पी परमार]] ([[सदस्य वार्ता:वी पी परमार|वार्ता]]) 04:03, 12 जनवरी 2026 (UTC)
== [[:अतुल सेठ|अतुल सेठ]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन ==
नमस्कार, [[:अतुल सेठ|अतुल सेठ]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अतुल सेठ|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अतुल सेठ]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।
नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:
<center>उल्लेखनीय नहीं।</center>
कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।
चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:45, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
== [[:दिग्विजय सिंह पत्रकार|दिग्विजय सिंह पत्रकार]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:दिग्विजय सिंह पत्रकार|दिग्विजय सिंह पत्रकार]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:47, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
== [[:योगेश मिश्रा कटगीवाला|योगेश मिश्रा कटगीवाला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:योगेश मिश्रा कटगीवाला|योगेश मिश्रा कटगीवाला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:48, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
== [[:डॉ विकास शुक्ला|डॉ विकास शुक्ला]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन ==
नमस्कार, [[:डॉ विकास शुक्ला|डॉ विकास शुक्ला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ विकास शुक्ला|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ विकास शुक्ला]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।
नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:
<center>उल्लेखनीय नहीं।</center>
कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।
चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:48, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
== खाता अवरोध मुक्त किया जाए ==
{{unblock reviewed | 1=मैंने अनजाने में नियमों का उल्लंघन किया। भविष्य में विकिपीडिया की नीतियों का पूर्ण पालन करूंगा। कृपया मेरा अवरोध हटाने की कृपा करें। धन्यवाद। | decline = आपके उत्तर के आधार पर फिलहाल अवरोध हटाने का पर्याप्त कारण नहीं दिखता। जैसा कि SM7 जी ने भी कहा है, आपके उत्तर से यह स्पष्ट नहीं है कि आपको अवरोध का वास्तविक कारण पूरी तरह समझ में आ गया है। जब आपको यह स्पष्ट रूप से समझ में आ जाए कि खाता किस कारण से अवरुद्ध किया गया था और भविष्य में ऐसे संपादन नहीं करेंगे, तब कुछ महीनों बाद पुनः अनुरोध कर सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 11:53, 29 मार्च 2026 (UTC)}}
:आपका खाता किस कारण से अवरोधित किया गया था और आपने इससे क्या सीखा? यदि आपका अवरोध हटा दिया जाता है, तो आप आगे किस प्रकार का योगदान देंगे? कृपया उत्तर विस्तार से देने की कोशिश कीजिएगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:38, 7 मार्च 2026 (UTC)
::नमस्कार,
::मेरे खाते को अवरुद्ध किए जाने का मुख्य कारण संभवतः संपादन के दौरान कुछ नियमों की पूरी जानकारी न होना और अनजाने में ऐसी सामग्री जोड़ देना था जो विकिपीडिया की नीतियों के अनुरूप नहीं थी। उस समय मेरा उद्देश्य केवल जानकारी को बेहतर बनाना था, लेकिन अब मुझे समझ में आया है कि विकिपीडिया पर सामग्री जोड़ते समय विश्वसनीय स्रोत, निष्पक्षता और समुदाय के दिशा-निर्देशों का पालन करना बहुत आवश्यक है।
::इस अनुभव से मैंने यह सीखा है कि किसी भी संपादन से पहले विकिपीडिया की नीतियों, दिशानिर्देशों और विश्वसनीय संदर्भों का ध्यान रखना चाहिए, तथा जल्दबाज़ी में संपादन नहीं करना चाहिए।
::यदि मेरा अवरोध हटाया जाता है, तो मैं आगे पूरी सावधानी के साथ कार्य करूंगा। मैं केवल विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर ही संपादन करूंगा, निष्पक्ष और तथ्यात्मक जानकारी जोड़ने का प्रयास करूंगा, और समुदाय के अन्य संपादकों के साथ सहयोग करते हुए विकिपीडिया की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में योगदान दूंगा।
::आपसे निवेदन है कि मेरे खाते पर लगे अवरोध को हटाने पर विचार करें। भविष्य में मैं सभी नियमों का पालन करते हुए सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करूंगा।
::धन्यवाद। [[सदस्य:वी पी परमार|वी पी परमार]] ([[सदस्य वार्ता:वी पी परमार|वार्ता]]) 16:13, 7 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, इनके उत्तर को देखकर तो नहीं लगता कि इन्होने कुछ सीखा है। अभी भी ये यह नहीं स्वीकार कर रहे हैं कि इन्हें प्रचारपरक लेख बनाने के लिये अवरोधित किया गया था। और आगे से ऐसे प्रचार वाले लेख ये नहीं बनायेंगे। मुझे इनके गोलमोल उत्तर को देखकर नहीं लगता कि अवरोध मुक्त किये जाने की कोई आवश्यकता है। आगे आप जैसा विचार करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:45, 29 मार्च 2026 (UTC)
== मेरे पेज का ब्लॉक हटाने का अनुरोध ==
आदरणीय महोदय मेरे पेज ब्लॉक हटाने की कृपा करे, हम विकी पीडिया की पॉलिसी के अनुसार ही कार्य एवं संपादन करेंगे, ऐसी कोई गलती दुबारा नहीं होगी [[सदस्य:वी पी परमार|वी पी परमार]] ([[सदस्य वार्ता:वी पी परमार|वार्ता]]) 09:45, 15 मार्च 2026 (UTC)
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कोशित्से
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संजीव कुमार
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'''कोशित्से''' ({{Langx|sk|Košice|italic=no}}) [[स्लोवाकिया]] का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह [[हंगरी]] और [[युक्रेन|यूक्रेन]] की सीमाओं के पास [[स्लोवाक अयस्क पर्वतमाला]] के पूर्व [[होर्नाद नदी]] पर स्थित है।
पूर्वी स्लोवाकिया का आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र होने के नाते, कोशित्से [[कोशित्से क्षेत्र]] और [[कोशित्से स्वायत्त क्षेत्र]] की राजधानी है, और यहाँ [[स्लोवाकिया का संवैधानिक न्यायालय]], तीन विश्वविद्यालयों, विभिन्न बिशपों और कई संग्रहालयों, दीर्घाओं और थिएटरों स्थित हैं। 2013 में, फ़्राँस के [[मार्सैय|मार्सेल]] शहर के साथ कोशित्से [[यूरोपीय संस्कृति की राजधानी]] थी। कोशित्से स्लोवाकिया का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है, और [[यू. एस. इस्पात कोशित्से]] इस्पात मिल इसका सबसे बड़ा नियोक्ता है। शहर में व्यापक रेलवे संपर्क और एक [[कोसीसे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा|अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] भी है।
कोशित्से में एक संरक्षित ऐतिहासिक केंद्र है, जो देश का सबसे बड़ा है। यहाँ [[गॉथिक वास्तुकला|गोथिक]], [[पुनर्जागरण]], बारोक और [[आर्ट नूवो]] शैलियों में [[सांस्कृतिक विरासत|विरासत]] संरक्षित भवन तथा देश का सबसे बड़ा गिरजाघर: [[संत एलिज़ाबेथ गिरजाघर]] हैं। कुलीन महलों, कैथोलिक गिरजाघरों और नागरिक घरों से घिरी लंबी मुख्य सड़क बुटीक, कैफ़े और रेस्तरां के साथ एक संपन्न पैदल यात्री क्षेत्र है। कोशित्से यूरोप का पहला शहर है, जिसे ख़ुद का राजचिह्न दिया गया था।
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संजीव कुमार
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'''कोशित्से''' ({{Langx|sk|Košice|italic=no}}) [[स्लोवाकिया]] का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह [[हंगरी]] और [[युक्रेन|यूक्रेन]] की सीमाओं के पास [[स्लोवाक अयस्क पर्वतमाला]] के पूर्व [[होर्नाद नदी]] पर स्थित है।
पूर्वी स्लोवाकिया का आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र होने के नाते, कोशित्से [[कोशित्से क्षेत्र]] और [[कोशित्से स्वायत्त क्षेत्र]] की राजधानी है, और यहाँ [[स्लोवाकिया का संवैधानिक न्यायालय]], तीन विश्वविद्यालयों, विभिन्न बिशपों और कई संग्रहालयों, दीर्घाओं और थिएटरों स्थित हैं। 2013 में, फ़्राँस के [[मार्सैय|मार्सेल]] शहर के साथ कोशित्से [[यूरोपीय संस्कृति की राजधानी]] थी। कोशित्से स्लोवाकिया का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है, और [[यू. एस. इस्पात कोशित्से]] इस्पात मिल इसका सबसे बड़ा नियोक्ता है। शहर में व्यापक रेलवे संपर्क और एक [[कोसीसे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा|अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] भी है।
कोशित्से में एक संरक्षित ऐतिहासिक केंद्र है, जो देश का सबसे बड़ा है। यहाँ [[गॉथिक वास्तुकला|गोथिक]], [[पुनर्जागरण]], बारोक और [[आर्ट नूवो]] शैलियों में [[सांस्कृतिक विरासत|विरासत]] संरक्षित भवन तथा देश का सबसे बड़ा गिरजाघर: [[संत एलिज़ाबेथ गिरजाघर]] हैं। कुलीन महलों, कैथोलिक गिरजाघरों और नागरिक घरों से घिरी लंबी मुख्य सड़क बुटीक, कैफ़े और रेस्तरां के साथ एक संपन्न पैदल यात्री क्षेत्र है। कोशित्से यूरोप का पहला शहर है, जिसे ख़ुद का राजचिह्न दिया गया था।
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संजीव कुमार
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'''कोशित्से''' ({{Langx|sk|Košice|italic=no}}) [[स्लोवाकिया]] का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह [[हंगरी]] और [[युक्रेन|यूक्रेन]] की सीमाओं के पास [[स्लोवाक अयस्क पर्वतमाला]] के पूर्व [[होर्नाद नदी]] पर स्थित है।
पूर्वी स्लोवाकिया का आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र होने के नाते, कोशित्से [[कोशित्से क्षेत्र]] और [[कोशित्से स्वायत्त क्षेत्र]] की राजधानी है, और यहाँ [[स्लोवाकिया का संवैधानिक न्यायालय]], तीन विश्वविद्यालयों, विभिन्न बिशपों और कई संग्रहालयों, दीर्घाओं और थिएटरों स्थित हैं। 2013 में, फ़्राँस के [[मार्सैय|मार्सेल]] शहर के साथ कोशित्से [[यूरोपीय संस्कृति की राजधानी]] थी। कोशित्से स्लोवाकिया का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है, और [[यू. एस. इस्पात कोशित्से]] इस्पात मिल इसका सबसे बड़ा नियोक्ता है। शहर में व्यापक रेलवे संपर्क और एक [[कोसीसे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा|अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] भी है।
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== सन्दर्भ ==
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शेख़ हसीना का मुक़दमा
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text/x-wiki
{{को विलय|शेख़ हसीना}}
{{Infobox court case
| name = शेख़ हसीना का मुक़दमा
| court = अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 (बांग्लादेश)
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| date decided = 17 नवम्बर 2025
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| charge = {{ubl
| बहकाव
| उकसाना
| मिलीभगत
| मदद करना
| बड़े पैमाने पर हत्या को रोकने की साज़िश और नाकामी
}}<ref>{{Cite news |date=2025-01-06 |title=Bangladesh ex-PM accused of 'systematic attack' in deadly protest crackdown |url=https://www.france24.com/en/live-news/20250601-bangladesh-opens-fugitive-ex-pm-s-trial-over-protest-killings |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20251118140337/https://www.france24.com/en/live-news/20250601-bangladesh-opens-fugitive-ex-pm-s-trial-over-protest-killings |archive-date=2025-11-18 |access-date=2025-11-18 |work=France 24 |language=en-US}}</ref>
| verdict = {{ubl
| शेख़ हसीना, असदुज्जमां खान और अब्दुल्ला अल-मामून को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया गया।
| शेख़ हसीना और असदुज्जमां खान को मौत की सज़ा सुनाई गई, जबकि अब्दुल्ला मामून को पांच साल की जेल की सज़ा मिली।
}}
| subsequent_actions = अलग से [[न्यायालय की अवमानना]] के लिए दोषसिद्धि (2 जुलाई 2025): 6 महीने जेल।<ref>{{Cite web |date=2 जुलाई 2025 |title=Bangladesh ex-PM Hasina sentenced to six months in contempt case |url=https://www.aljazeera.com/news/2025/7/2/bangladesh-ex-pm-hasina-sentenced-to-six-months-in-contempt-case |access-date=15 जुलाई 2025 |website=[[अल जज़ीरा मीडिया नेटवर्क]] |language=en}}</ref>
| Legislation_cited = {{ill|अंतर्राष्ट्रीय अपराध (अधिकरण) अधिनियम, 1973|bn|আন্তর্জাতিক অপরাধ (ট্রাইবুনাল) আইন ১৯৭৩}}
| SubmitDate = 1 जून 2025
| prosecutor = मोहम्मद ताजुल इस्लाम (राज्य की ओर से){{efn|State prosecutors: {{ubl
| गाज़ी मोनावर हुसैन तमीम: प्रॉसिक्यूटर (डिप्टी अटॉर्नी जनरल) "एडमिनिस्ट्रेशन" लीड
| बी.एम. सुल्तान महमूद: प्रॉसिक्यूटर (डिप्टी अटॉर्नी जनरल)
| अब्दुल्ला अल नोमान: प्रॉसिक्यूटर (असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल)
| मिजानुल इस्लाम: एडिशनल सपोर्टिंग प्रॉसिक्यूटर
}}}}
| defense = एमडी आमिर हुसैन (शेख़ हसीना की ओर से, अनुपस्थिति में ट्रायल)<ref>{{cite web|url=https://www.observerbd.com/news/537916|title=Hasina's lawyer claims Abu Sayeed killing video was AI-generated|date=6 अगस्त 2025|website=द डेली ऑब्जर्वर|access-date=7 अगस्त 2025}}</ref>
| judges = {{ubl
| गोलम मुर्तुज़ा मोजुमदार (चेयरमैन)
| मोहितुल हक एमडी इनाम चौधरी (मेंबर)
| एमडी. शोफिउल आलम महमूद (मेंबर)
}}
| number of judges = 3
| ChiefJudge =
| ChiefJudgeTitle =
| AssociateJudges =
| AssociateJudgesTitle = सदस्यों
| Procedural =
| related actions =
| italic title = no
}}
[[File:The trial of Sheikh Hasina, Live telecast in TSC, Dhaka, Bangladesh.jpg|thumb|मुकदमे का फैसला ढाका विश्वविद्यालय के शिक्षक-छात्र केंद्र में सीधा प्रसारित किया जा रहा है.]]
मुख्य अभियोजक बनाम [[शेख़ हसीना]] और अन्य<ref>{{Cite web |author=Tajul Islam |date=1 जुलाई 2025 |title=Opening Statement of the Chief Prosecutor |url=http://ictcp.gov.bd/site/notices/3e78d890-68af-4195-80d6-9c1de292e8e3/%E0%A7%A8%E0%A7%A6%E0%A7%A8%E0%A7%AA-%E0%A6%B8%E0%A6%BE%E0%A6%B2%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%9C%E0%A7%81%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%87-%E0%A6%AC%E0%A6%BF%E0%A6%AA%E0%A7%8D%E0%A6%B2%E0%A6%AC-%E0%A6%9A%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%B2%E0%A7%87-%E0%A6%B8%E0%A6%82%E0%A6%98%E0%A6%9F%E0%A6%BF%E0%A6%A4-%E0%A6%AE%E0%A6%BE%E0%A6%A8%E0%A6%AC%E0%A6%A4%E0%A6%BE%E0%A6%AC%E0%A6%BF%E0%A6%B0%E0%A7%8B%E0%A6%A7%E0%A7%80-%E0%A6%85%E0%A6%AA%E0%A6%B0%E0%A6%BE%E0%A6%A7%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%A6%E0%A6%BE%E0%A7%9F%E0%A7%87-%E2%80%9C%E0%A6%9A%E0%A6%BF%E0%A6%AB-%E0%A6%AA%E0%A7%8D%E0%A6%B0%E0%A6%B8%E0%A6%BF%E0%A6%95%E0%A6%BF%E0%A6%89%E0%A6%9F%E0%A6%B0-%E0%A6%AC%E0%A6%A8%E0%A6%BE%E0%A6%AE |language= Bengali|website=ictcp.gov.bd}}</ref> बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री [[शेख़ हसीना]]<ref>{{cite web|url=https://www.theguardian.com/world/2025/jul/10/bangladesh-ousted-sheikh-hasina-charged-with-crimes-against-humanity|title=Bangladesh's ousted Sheikh Hasina charged with crimes against humanity|date=10 जुलाई 2025|website=[[The Guardian]]|access-date=3 अगस्त 2025}}</ref><ref name=":0">{{Cite web |date=2025-08-03 |title=Sheikh Hasina responsible for killing thousands: First witness at ICT-1 |url=https://en.prothomalo.com/bangladesh/yn4ymklnbh |access-date=2025-08-08 |website=Prothomalo |language=en}}</ref>, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हैं। हसीना और कमल को 17 नवंबर 2025 को बांग्लादेशी अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-I द्वारा मानवता के खिलाफ अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि मामून को भी दोषी पाया गया था, लेकिन उसे पांच साल की जेल की सजा सुनाई गयी थी क्योंकि वह एक राज्य गवाह बन गया था।<ref name="aj"/>
जुलाई–अगस्त 2024 में [[छात्र-जनता की विद्रोह| छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध]] प्रदर्शनों पर सरकार के हिंसक दमन से जुड़े आरोपों की जांच का नेतृत्व मुख्य अभियोजक मोहम्मद ताजुल इस्लाम ने किया। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और मानवाधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई को बांग्लादेश के इतिहास की “[[मानवता-विरोधी अपराध| सबसे घातक नागरिक कार्रवाइयों]] में से एक” बताया।<ref>{{cite web|url=https://www.theguardian.com/world/2025/aug/02/she-should-answer-for-what-she-did-trial-of-ex-bangladeshi-leader-sheikh-hasina-begins|title='She should answer for what she did': trial of ex‑Bangladeshi leader Sheikh Hasina begins|date=2 अगस्त 2025|website=[[The Guardian]]|access-date=3 अगस्त 2025}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.apnews.com/article/eccdec5fd7a4c433c8b1559d9910eecb|title=Bangladesh tribunal indicts ex‑PM Hasina over protester deaths|date=10 जुलाई 2025|website=[[एसोसिएटेड प्रेस]]|access-date=3 अगस्त 2025}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.prothomalo.com/bangladesh/4isowuebzu|title=শেখ হাসিনার বিরুদ্ধে সূচনা বক্তব্য চলছে, ট্রাইব্যুনালে বিচারকাজ সরাসরি সম্প্রচার|website=प्रोथोम एलो|date=3 अगस्त 2025|lang=bn}}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Sheikh Hasina Visits Rajarbagh Central Police Hospital 2024-07-28 (PID-0007086).jpg|thumb|[[शेख़ हसीना]], असदुज्जमां खान, और चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून 28 जुलाई 2024 को जुलाई क्रांति (बांग्लादेश) के प्रदर्शनकारियों के हिंसक दमन के बाद, राजारबाग पुलिस अस्पताल में घायल पुलिस अधिकारियों से मिलने गए। बाद में इन तीनों का नाम जुलाई नरसंहार से जुड़े आपराधिक मामलों में दर्ज किया गया।]]
2024 के मध्य में, पूरे बांग्लादेश में विश्वविद्यालय छात्रों ने सार्वजनिक नौकरियों में कथित भेदभावपूर्ण कोटा खत्म करने की मांग को लेकर व्यापक विरोध [[जूलूस|प्रदर्शन]] शुरू किए।<ref>{{cite web|url=https://apnews.com/article/bangladesh-hasina-trial-crimes-humanity-e5ccb5ce4c340e86b0ecac7d9d98893f|title=Bangladesh opens trial of deposed ex‑Prime Minister Sheikh Hasina|date=4 अगस्त 2025|website=[[एसोसिएटेड प्रेस]]|access-date=3 अगस्त 2025}}</ref> [[ढाका]] और अन्य बड़े शहरों में जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन तीव्र हुए, वैसे-वैसे जुलाई के अंत तक—आरोपों के अनुसार—राज्य सुरक्षा बलों ने शेख़ हसीना से जुड़े बताए जाने वाले निर्देशों के तहत एक हिंसक दमन अभियान शुरू कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं का कहना है कि इस कार्रवाई में लगभग 1,400 नागरिक मारे गए, जबकि न्यायाधिकरण के अनुसार शेख़ हसीना ने कथित तौर पर इसे “मास्टरमाइंड” के रूप में योजनाबद्ध किया था।<ref>{{cite web|url=https://trt.global/world/article/627314bcf600|title=Bangladesh tribunal indicts ousted PM Hasina over deaths of protesters during जुलाई uprising|date=10 जुलाई 2025|website=टीआरटी वर्ल्ड|access-date=3 अगस्त 2025}}</ref><ref>{{Cite web |last=Ranjith |first=Lakshmi |title=Bangladesh Tribunal Sentences Former PM Sheikh Hasina To 6 Months In Prison |url=https://news24online.com/world/bangladesh-tribunal-sentences-former-pm-sheikh-hasina-to-6-months-in-prison/598805/ |access-date=2025-08-07 |website=News24 |language=en}}</ref>
5 अगस्त 2024 को, रिपोर्टों के अनुसार, शेख़ हसीना को सत्ता से हटाया गया और वह अपने खिलाफ होने वाले औपचारिक मुकदमे की तैयारी से पहले भारत चली गईं।<ref>{{cite web|url=https://ndtv.com/world-news/trial-of-sheikh-hasina-begins-in-bangladesh-over-crimes-against-humanity-9012346|title=Trial of Sheikh Hasina Begins in Bangladesh Over Crimes Against Humanity|date=3 अगस्त 2025|website=[[NDTV]]|access-date=3 अगस्त 2025|archive-date=3 अगस्त 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250803193718/https://www.ndtv.com/world-news/trial-of-sheikh-hasina-begins-in-bangladesh-over-crimes-against-humanity-9012346|url-status=dead}}</ref> 8 अगस्त 2024 को [[मोहम्मद युनुस]] की अगुवाई में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया।<ref>{{Cite web |date=2024-08-09 |title=Dr Yunus-led interim govt legal: SC |url=https://www.tbsnews.net/bangladesh/court/supreme-court-legitimises-interim-govt-912966 |access-date=2025-08-08 |website=द बिजनेस स्टैंडर्ड |language=en}}</ref> 14 अक्टूबर 2024 को अंतरिम सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण–1 का पुनर्गठन किया। इस पुनर्गठन के तहत उच्च न्यायालय प्रभाग के अतिरिक्त न्यायाधीश गुलाम मोर्तुजा मजूमदार को अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि न्यायमूर्ति मोहम्मद शोफिउल आलम महमूद को सदस्य बनाया गया। इनके साथ सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश मोहितुल हक इनाम चौधरी को भी शामिल किया गया।<ref>{{Cite web |title=Three judges appointed to Bangladesh's International Crimes Tribunal |url=https://bdnews24.com/bangladesh/5f7af2a9981c |access-date=2025-08-08 |website=3 judges appointed to ICT |publisher=bdnews24.com |language=en}}</ref><ref>{{cite news |last1=Bergman |first1=David |date=19 October 2024 |title=Why the Bangladesh govt needs to appoint international judges to the ICT |url=https://en.prothomalo.com/opinion/op-ed/j3ks456sat |access-date=8 अगस्त 2025 |work=Prothomalo |language=en}}</ref><ref>{{cite news |title=Three judges appointed to Bangladesh's International Crimes Tribunal |url=https://bdnews24.com/bangladesh/5f7af2a9981c |access-date=8 अगस्त 2025 |work=3 judges appointed to ICT |language=en}}</ref>
नव-संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2025 की शुरुआत में शेख़ हसीना और कई पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों को लेकर गिरफ्तारी वारंट जारी किए।<ref>{{cite web|url=https://www.dhakatribune.com/bangladesh/court/370071/ict-issues-arrest-warrant-against-hasina-10|title=ICT issues arrest warrant against Hasina, 10 others|date=6 January 2025|author=[[बी०एस०एस०]]|website=ढाका ट्रिब्यून|access-date=3 अगस्त 2025}}</ref> 1 जून 2025 को, अभियोजन पक्ष ने औपचारिक रूप से शेख़ हसीना के खिलाफ आरोप दायर किए और उन्हें न्यायाधिकरण में मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया।<ref>{{cite web|url=https://www.france24.com/en/live-news/20250601-bangladesh-to-open-trial-of-fugitive-ex-pm|title=Bangladesh to open trial of fugitive ex-PM|author=[[ए०एफ०पी०]]|location=[[ढाका]]|date=1 जून 2025|website=[[फ़्रांस 24]]|access-date=3 अगस्त 2025}}</ref>
==मुकदमे की शुरुआत==
मुक़दमा 1 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आई.सी.टी.) में आधिकारिक रूप से शुरू हुआ, जिसमें अभियोजन पक्ष ने निहत्थे नागरिकों के खिलाफ कथित “समन्वित और व्यवस्थित हिंसा” का मामला तैयार करने की योजना प्रस्तुत की।<ref>{{cite web|url=https://www.tbsnews.net/bangladesh/genocide-ict-found-irrefutable-evidence-against-hasina-formal-charge-filing-soon-reports|title=Genocide: ICT found 'irrefutable evidence' against Hasina, formal charge filing soon, reports PA|date=2 अप्रैल 2025|website=द बिजनेस स्टैंडर्ड|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref> इस मुकदमे ने पहली बार यह संकेत दिया कि किसी पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में न्यायाधिकरण के सामने पेश किया गया। इस कार्यवाही को देश भर में प्रसारित किया गया, जो बांग्लादेश के कानूनी इतिहास में एक ऐतिहासिक पहला कदम था।<ref>{{cite web|url=https://www.nytimes.com/2025/06/02/world/asia/bangladesh-hasina-arrest-crackdown.html|title=Bangladesh's Ousted Leader Faces New Arrest Warrant in Killing of Protesters|date=2 जून 2025|website=[[The New York Times]]|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref> अभियोजन पक्ष का आरोप था कि हसीना सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पारंपरिक पुलिस और सैन्य इकाइयों के साथ-साथ ड्रोन, हेलीकॉप्टर और आग लगाने वाले हथियारों का भी इस्तेमाल किया।<ref>{{cite web|url=https://www.pbs.org/newshour/world/bangladeshs-ousted-prime-minister-indicted-over-deaths-of-protesters|title=Bangladesh's ousted prime minister indicted over deaths of protesters|date=10 जुलाई 2025|website=पीबीएस न्यूज़|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref>
न्यायाधिकरण ने निर्णय लिया कि शेख़ हसीना और असदुज्जमां खान कमाल के खिलाफ मुक़दमा उनकी अनुपस्थिति में चलेगा, क्योंकि दोनों ने औपचारिक समन और सार्वजनिक नोटिस के बावजूद बांग्लादेश लौटने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite web|url=https://www.abc.net.au/news/2025-07-11/sheikh-hasina-indicted-mass-protests-deaths-bangladesh/105520002|title=Bangladesh's ousted PM Sheikh Hasina indicted on charges of crimes against humanity|date=11 जुलाई 2025|website=[[ऑस्ट्रेलियाई प्रसारण निगम]]|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref> 19 जून 2025 को, न्यायाधिकरण ने बांग्लादेश के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायविद ए. वाई. मोशिउज़मान को इस मामले में न्यायमित्र के रूप में नियुक्त किया।<ref>{{Cite web |agency=BSS |date=2025-06-19 |title=ICT-1 appoints amicus curiae over hearing on contempt case against Hasina |url=https://en.prothomalo.com/bangladesh/kqqxcjaq23 |access-date=2025-08-08 |website=Prothomalo |language=en}}</ref> बांग्लादेश के पूर्व आईजीपी, चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून, जिन्हें मई 2025 में हिरासत में लिया गया था, ने दोष स्वीकार किया और राज्य गवाह के रूप में गवाही देने के लिए सहमति जताई।<ref>{{cite web|url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/crime-justice/news/crimes-against-humanity-ex-igp-mamun-offers-be-state-witness-3936486|title=Crimes against humanity: Ex-IGP Mamun offers to be a state witness|date=11 जुलाई 2025|website=द डेली स्टार|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref>
===आरोप===
10 जुलाई 2025 को, आईसीटी ने औपचारिक रूप से शेख़ हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों के पांच मामलों में आरोप लगाए।<ref>{{cite web|url=https://www.dw.com/en/bangladesh-exiled-ex-pm-sheikh-hasina-on-trial/a-72751308|title=Bangladesh: Exiled ex-PM Sheikh Hasina on trial|date=1 जून 2025|website=डीडब्ल्यू न्यूज़|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref> आरोपों में शामिल है कि ढाका में प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हत्या की साजिश रची गई, नागरिक भीड़ पर गोली चलाने के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, छात्र कार्यकर्ता अबू सैयद की हत्या की गई, आशुलिया में सबूत नष्ट करने के लिए शवों को जलाया गया, और चंखरपुल में प्रदर्शनकारियों को समन्वित रूप से मारा गया।<ref>{{cite web|url=https://www.ittefaq.com.bd/court/409667/hasina-trial-evidence-presentation|title=Evidence presented in Hasina trial|date=12 जुलाई 2025|website=The Daily Ittefaq |language=Bengali |access-date=4 अगस्त 2025}}</ref> अभियोजन पक्ष ने अपने प्रारंभिक साक्ष्यों के रूप में निगरानी फुटेज, ड्रोन लॉग, अस्पताल के रिकॉर्ड और लीक हुए सरकारी संचार पेश किए।<ref>{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/news/2025/6/1/bangladesh-ex-pm-hasina-charged-with-systematic-attack-as-trial-opens|title=Bangladesh ex-PM Hasina charged with 'systematic attack' as trial opens|date=1 जून 2025|website=[[अल जज़ीरा मीडिया नेटवर्क]]|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref> न्यायाधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि प्रस्तुत साक्ष्यों से यह समर्थन मिलता है कि नागरिक आबादी पर किए गए हमले राज्य-नियोजित थे, जिनका उद्देश्य असहमति को दबाना, डराना और लोकतांत्रिक आंदोलन को बाधित करना था।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/world/planned-systematic-attack-bangladesh-opens-trial-of-ex-pm-sheikh-hasina-over-2024-crackdown-on-protesters/articleshow/121547524.cms|title='Planned systematic attack': Bangladesh opens trial of ex-PM Sheikh Hasina over 2024 crackdown on protesters|date=1 जून 2025|website=[[Times of India|TOI]]|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref> शेख़ हसीना और कई पूर्व सरकारी तथा पुलिस अधिकारियों सहित कुल 203 व्यक्तियों को न्यायाधिकरण ने अभियुक्त घोषित किया है, जिनमें से 73 वर्तमान में हिरासत में हैं।<ref>{{Cite news |last1=Giles |first1=Christopher |last2=Jha |first2=Riddhi |last3=Hossain |first3=Rafid |last4=Shimul |first4=Tarekuzzaman |date=9 जुलाई 2025 |title=Ex-Bangladesh leader authorised deadly crackdown, leaked audio suggests |url=https://www.bbc.com/news/articles/cn4l1z5qd1vo |access-date=10 अगस्त 2025 |work=[[BBC]]}}</ref>
===अवमानना का दोषसिद्धि===
मुख्य मुकदमे से अलग, शेख़ हसीना को 2 जुलाई 2025 को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग के सार्वजनिक होने के बाद न्यायालय की अवमानना का दोषी ठहराया गया। रिकॉर्डिंग में उन्हें कथित तौर पर यह कहते सुना गया कि अतीत में 227 कानूनी मामलों का सामना करने के कारण उनके पास “मारने का लाइसेंस” था।<ref>{{cite web|url=https://www.bssnews.net/news-flash/288384|title=ICT-1 sentences Sheikh Hasina to 6-month jail in contempt of court case|date=2 जुलाई 2025|website=[[बी०एस०एस०]]|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref>
न्यायाधिकरण ने इस बयान को न्यायालय की अखंडता के खिलाफ एक स्पष्ट अपमान माना और शेख़ हसीना को अनुपस्थिति में छह महीने के कारावास की सजा सुनाई। आईसीटी ने स्पष्ट किया कि यह अवमानना की सजा युद्ध अपराधों के आरोपों से प्रक्रियात्मक रूप से स्वतंत्र थी।<ref>{{cite web|url=https://www.aa.com.tr/en/asia-pacific/bangladesh-court-sentences-ex-premier-hasina-in-contempt-case-first-conviction-since-ouster/3619671|title=Bangladesh court sentences ex-Premier Hasina in contempt case; first conviction since ouster|date=2 जुलाई 2025 |publisher=अनादोलु एजेंसी|access-date=4 अगस्त 2025}}</ref>
==कार्यवाही और समयरेखा==
10 जुलाई के अभियोग के बाद, न्यायाधिकरण ने शुरुआती बयान 3 अगस्त 2025 के लिए निर्धारित किए, जबकि गवाहों की गवाही अगले दिन से शुरू होगी।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=ICT begins trial of Hasina, two others |url=https://www.newagebd.net/post/country/271972/ict-begins-trial-of-hasina-two-others |access-date=4 अगस्त 2025 |website=न्यू एज बीडी|language=en}}</ref> अभियोजन पक्ष ने संकेत दिया कि वह लगभग 84 गवाहों को बुलाएगा, जिनमें चिकित्सा कर्मी, पत्रकार, जीवित बचे लोग और पूर्व सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=First witness in Hasina's crimes against humanity trial demands maximum punishment |url=https://www.tbsnews.net/bangladesh/court/trial-begins-against-sheikh-hasina-ict-over-charges-crimes-against-humanity-1203221 |access-date=4 अगस्त 2025 |website=द बिजनेस स्टैंडर्ड |language=en}}</ref> न्यायालय ने न्यायाधिकरण के नियमों के अनुसार अनुपस्थित प्रतिवादियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए सार्वजनिक रक्षक को नियुक्त किया।<ref name="auto">{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=Testimony against Sheikh Hasina's crimes against humanity case begins tomorrow |url=https://www.bssnews.net/news-flash/298264 |access-date=4 अगस्त 2025 |website=[[बी०एस०एस०]] |language=en}}</ref>
[[File:Old High Court Building Dhaka Bangladesh.jpg|left|thumb|ढाका में पुराना हाई कोर्ट बिल्डिंग, जहां ट्रिब्यूनल-1 की कार्यवाही हुई।]]
3 अगस्त 2025 को, अभियोजन पक्ष ने तीन न्यायाधीशों के पैनल के समक्ष अपना प्रारंभिक बयान प्रस्तुत किया, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति गुलाम मोर्तुज़ा मोज़ुमदार ने की।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=Tajul: Hasina the nucleus of all crimes |url=https://www.dhakatribune.com/bangladesh/court/388070/tajul-%E2%80%98hasina-the-nucleus-of-all-crimes%E2%80%99 |access-date=4 अगस्त 2025 |website=ढाका ट्रिब्यून |language=en}}</ref> बयान में पांच प्रमुख आरोपों को रेखांकित किया गया और कथित अपराधों की 11 प्रतीकात्मक घटनाओं का उल्लेख किया गया, जिनमें न्यायेतर हत्याएं, जबरन गुम कर देना, यातना और न्याय में बाधा डालना शामिल हैं।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=Bangladesh's war crimes tribunal begins hearing cases against Sheikh Hasina |url=https://www.indiatoday.in/world/story/bangladeshs-war-crimes-tribunal-begins-hearing-cases-against-hasina-glbs-2765740-2025-08-04 |access-date=4 अगस्त 2025 |website=[[India Today]] |language=en}}</ref>
4 अगस्त 2025 को, न्यायाधिकरण ने यात्राबाड़ी कार्रवाई में चेहरे पर गोली लगने वाले विरोध प्रदर्शन उत्तरजीवी, खोकन चंद्र बारमन की पहली गवाही सुनी।<ref name="auto1">{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=ICT case: Hasina's trial begins with a chilling testimony |url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/crime-justice/news/ict-case-hasinas-trial-begins-chilling-testimony-3954266 |access-date=4 अगस्त 2025 |website=द डेली स्टार |language=en}}</ref> उन्होंने शेख़ हसीना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की पहचान की और उनके खिलाफ अधिकतम सजा की मांग की।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=Sheikh Hasina responsible for killing thousands: First witness at ICT‑1 |url=https://en.prothomalo.com/bangladesh/yn4ymklnbh |access-date=4 अगस्त 2025 |website=प्रोथोम एलो |language=en}}</ref>
एक अन्य गवाह, अब्दुल्ला अल इमरान, ने गवाही दी कि उन्होंने हसीना को घायल प्रदर्शनकारियों के लिए अस्पताल के अधिकारियों को "कोई रिहाई नहीं, कोई इलाज नहीं" का आदेश देते हुए सुना।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=Heard Hasina ordering 'no release, no treatment': PW‑2 at ICT |url=https://www.bssnews.net/news-flash/298733 |access-date=4 अगस्त 2025 |website=[[बी०एस०एस०]] |language=en}}</ref> इसके परिणामस्वरूप, पुलिस द्वारा गोली मारे गए एक भेदभाव विरोधी प्रदर्शनकारी को राष्ट्रीय आघात विज्ञान और हड्डी रोग पुनर्वास संस्थान में इलाज से वंचित किया गया।
कार्यवाही का सीधा प्रसारण राज्य टेलीविजन पर किया जा रहा है।<ref name="auto1"/> प्रतिवादी चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून, जो हिरासत में हैं और दोषी ठहराए जा चुके हैं, न्यायालय में उपस्थित थे और उन्हें उनके वकील द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=Bangladesh tribunal begins Sheikh Hasina's trial |url=https://www.business-standard.com/world-news/crimes-against-humanity-bangladesh-tribunal-begins-sheikh-hasina-s-trial-125080300320_1.html |access-date=4 अगस्त 2025 |website=[[Business Standard]] |language=en}}</ref> प्रतिवादी शेख़ हसीना और असदुज्जमां खान कमाल, दोनों की अनुपस्थिति में मुक़दमा चलाया गया क्योंकि वे विदेश में रह रहे हैं, और उनका प्रतिनिधित्व न्यायालय द्वारा नियुक्त वकील अमीर हुसैन द्वारा किया जा रहा है।<ref name="auto"/>
==फैसला==
17 नवंबर 2025 को, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने उन्हें पांच<Ref name="cnn"/> में से तीन आरोपों में दोषी पाया, जिनमें न्याय को रोकने, हत्याओं का आदेश देने और दंडात्मक हत्याओं को रोकने में विफल रहने का आरोप शामिल था।<ref name="it">{{cite web |date=2025-11-17 |title=Live: Sheikh Hasina, ex-home minister get death, ex-police chief spared the noose |url=https://www.indiatoday.in/world/story/sheikh-hasina-verdict-live-updates-bangladesh-dhaka-high-alert-shoot-at-sight-violence-latest-news-2821001-2025-11-17 |access-date=2025-11-17 |website=[[India Today]]}}</ref> फैसला, जैसा कि न्यायमूर्ति गोलम मोर्तुजा द्वारा पढ़ा गया<ref>{{cite web | last1=Ellis-Petersen | first1=Hannah | last2=Ahmed | first2=Redwan | title=Ousted Bangladesh PM Sheikh Hasina sentenced to death for crimes against humanity | work=The Guardian | url=https://www.theguardian.com/world/2025/nov/17/ousted-bangladesh-pm-sheikh-hasina-found-guilty-of-crimes-against-humanity }}</ref>, मोज़ुमदार ने नोट कियाः<ref name="aj">{{Cite web |author1=Stephen Quillen |author2=Nadim Asrar |title=Sheikh Hasina sentenced to death, Bangladesh demands India extradite her |url=https://www.aljazeera.com/news/liveblog/2025/11/17/bangladesh-live-court-verdict-against-toppled-ex-pm-sheikh-hasina-expected |access-date=2025-11-17 |website=[[अल जज़ीरा मीडिया नेटवर्क]] |language=en}}</ref>
<blockquote>अभियुक्त प्रधानमंत्री शेख़ हसीना पर आरोप है कि उन्होंने अपने उकसाने के आदेश और आरोप 1 के तहत निवारक व दंडात्मक उपाय करने में विफल रहने के माध्यम से मानवता के खिलाफ अपराध किए। इसके अलावा, आरोप संख्या 2 के तहत, अभियुक्त शेख़ हसीना पर यह भी आरोप है कि उन्होंने ड्रोन, हेलीकॉप्टर और घातक हथियारों का उपयोग करने के अपने आदेश के द्वारा मानवता के खिलाफ अपराधों को अंजाम दिया।</blockquote>
शेख़ हसीना और कमाल को मौत की सजा सुनाई गई। हालांकि चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को दोषी पाया गया, लेकिन उन्होंने राज्य गवाह बनने के कारण मौत की सजा से बच गए<ref>{{cite web | title=ICT hands Hasina and Kamal death penalty, absolves Mamun | url=https://www.dhakatribune.com/bangladesh/court/396629/hasina-sentenced-to-death-in-ict-verdict }}</ref> और उन्हें पांच साल के कारावास की सजा दी गई।<ref name="it" /><ref>{{cite web | title=Ex-IGP Mamun sentenced to five years by ICT | url=https://www.dhakatribune.com/bangladesh/court/396637/ex-igp-%E2%80%AFmamun-sentenced-to-five-years-by-ict }}</ref> उन्होंने न्यायालय और देश से माफी भी मांगी।<ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=Ex-IGP Mamun to serve a lenient sentence of 5 years |url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/crime-justice/news/ex-igp-mamun-serve-lenient-sentence-5-years-4036946 |access-date=2025-11-17 |website=द डेली स्टार |language=en}}</ref> हसीना की दोषसिद्धि का आधार था कि उन्होंने ड्रोन, हेलीकॉप्टर और घातक हथियारों की तैनाती के साथ-साथ ढाका के शंकरपुल और सावर के आशुलिया क्षेत्रों में 12 प्रदर्शनकारियों की हत्या के आदेश दिए। तीन अन्य मामलों में उन्हें मौत की सजा सुनाए जाने तक कारावास की सजा दी गई। न्यायालय ने पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया।<ref name="aj"/>
==प्रतिक्रियाएँ==
===पूर्व निर्णय===
अवामी लीग, जिसे अब चुनावी राजनीति से प्रतिबंधित कर दिया गया है, ने न्यायाधिकरण की तुलना "कंगारू न्यायालय" से की और अंतरिम सरकार पर असहमति को दबाने के लिए न्यायपालिका का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=Awami League condemns ICT trial as kangaroo court in social media post |url=https://www.wtop.com/world/2025/07/bangladesh-tribunal-indicts-ousted-prime-minister-hasina-over-deaths-of-protesters/ |access-date=4 अगस्त 2025 |author=[[एसोसिएटेड प्रेस]] |website=डब्ल्यूटीओपी |language=en |archive-date=11 अगस्त 2025 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250811094503/https://wtop.com/world/2025/07/bangladesh-tribunal-indicts-ousted-prime-minister-hasina-over-deaths-of-protesters/ |url-status=dead }}</ref> पार्टी के महासचिव ओबैदुल कादर ने मुकदमे को "मुक्ति विरोधी" ताकतों द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध के उद्देश्य से तैयार किया गया "प्रहसन" बताया।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=Anti‑national forces staged mock trial against Hasina, Awami League says |url=https://www.ndtv.com/world-news/anti-national-forces-staged-mock-trial-against-sheikh-hasina-awami-league-8566241 |access-date=4 अगस्त 2025 |website=[[NDTV]] |language=en}}</ref> हसीना के बेटे और पूर्व सलाहकार सजीब वाजिद जॉय ने भविष्यवाणी की कि उनकी मां को मौत की सजा सुनाई जा सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह सुरक्षित रहेंगी क्योंकि भारत उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान कर रहा है।<ref>{{Cite news |last=Krishna |first=N. Das |date=17 नवम्बर 2025 |title=Ahead of Hasina court verdict, son warns of Bangladesh violence if party ban stays |url=https://www.reuters.com/world/asia-pacific/ahead-hasina-court-verdict-son-warns-bangladesh-violence-if-party-ban-stays-2025-11-16/ |access-date=18 नवम्बर 2025 |work=[[रॉयटर्स]]}}</ref> उन्होंने यह भी कहा कि वे फैसले के खिलाफ तब तक अपील नहीं करेंगे जब तक कि अवामी लीग की भागीदारी के साथ एक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार सत्ता में नहीं आती।<Ref>{{cite web | title=Toppled Hasina's son warns Bangladesh court will sentence her to death | url=https://www.aljazeera.com/news/2025/11/16/toppled-hasinas-son-warns-bangladesh-court-will-sentence-her-to-death }}</ref>
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय सहित अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने गंभीर मानवाधिकार चिंताओं के प्रति चेतावनी दी और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए न्यायिक जवाबदेही के लिए सतर्क समर्थन व्यक्त किया।<ref>{{Cite web |date=4 अगस्त 2025 |title=UN rights chief urges transparency and due process in Bangladesh tribunal case |url=https://www.reuters.com/world/asia-pacific/un-rights-chief-bangladeshi-govt-suspected-rights-violations-protest-response-2025-02-12/ |access-date=4 अगस्त 2025 |website=[[रॉयटर्स]] |language=en}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.tbsnews.net/bangladesh/gwyn-lewis-assures-uns-support-ict-trial-process-1046981|title=Gwyn Lewis assures UN's support for ICT trial process|date=19 January 2025|author=[[बी०एस०एस०]]|website=द बिजनेस स्टैंडर्ड|access-date=8 अगस्त 2025}}</ref>
ब्रिटिश पत्रकार डेविड बर्गमैन ने चिंता व्यक्त की कि शेख़ हसीना और उनके सह-आरोपी असदुज्जमां खान दोनों का प्रतिनिधित्व करने वाले न्यायाधिकरण द्वारा नियुक्त वकील हितों के टकराव को जन्म दे सकते हैं, क्योंकि उनके कानूनी बचाव में महत्वपूर्ण अंतर हो सकता है और प्रत्येक के लिए अलग प्रतिनिधित्व आवश्यक होना चाहिए।<ref>{{Cite web |date=2025-08-04 |title=David Bergman questions having same state defence lawyer for Hasina and Asaduzzaman |url=https://en.prothomalo.com/bangladesh/67ntk7wxso |access-date=2025-08-08 |website=Prothomalo |language=en}}</ref>
फैसले की घोषणा से पहले, हसीना ने एक ऑडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को "झूठा" बताया और कहा कि "वह अभी भी जीवित हैं"।<ref>{{cite news |title='I'm alive, will bring these criminals to justice': Sheikh Hasina unleashes Awami League against Yunus |url=https://www.firstpost.com/world/im-alive-will-bring-these-criminals-to-justice-sheikh-hasina-unleashes-awami-league-against-yunus-13951376.html |access-date=18 नवम्बर 2025}}</ref>
===फैसले के बाद===
मुख्य अभियोजक मोहम्मद ताजुल इस्लाम, जिन्होंने मामले का नेतृत्व किया, ने फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि "सभी अंतरराष्ट्रीय मानदंड और मानक लागू हुए हैं" और "यहाँ प्रस्तुत साक्ष्य दुनिया की किसी भी न्यायालय में स्वीकार्य होंगे।" उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा: "यह फैसला साबित करता है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो।"<ref name="aj"/>
न्यायालय में पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने फैसले की सराहना की।<ref name="cnn">{{Cite web |last=Mogul |first=Rhea |date=2025-11-17 |title=Bangladesh's ousted leader Sheikh Hasina sentenced to death after crimes against humanity conviction |url=https://www.cnn.com/2025/11/17/asia/bangladesh-sheikh-hasina-verdict-intl-hnk |access-date=2025-11-17 |website=CNN |language=en}}</ref> फैसले की तैयारी के दौरान, पुलिस को सीधे गोली चलाने के आदेश जारी किए गए थे।<ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=DMP issues shoot-at-sight order as Dhaka braces for ICT verdict |url=https://www.dhakatribune.com/bangladesh/development/396593/dmp-issues-shoot-at-sight-order-as-dhaka-braces |access-date=2025-11-17 |website=Dhaka Tribune |language=en}}</ref> बाद में, सेना और पुलिस ने धनमोंडी 32 के पास ढाका कॉलेज के छात्रों के खिलाफ डंडों और ध्वनि ग्रेनेड का इस्तेमाल किया,<ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=Chaos at Dhanmondi 32 ahead of Hasina verdict |url=https://www.dhakatribune.com/bangladesh/396627/police-takes-strict-action-at-dhanmondi-32 |access-date=2025-11-17 |website=Dhaka Tribune |language=en}}</ref> जो हसीना के पिता के घर के अवशेषों को ध्वस्त करने वाले उत्खननकर्ताओं के साथ एकत्र हुए थे।<ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=Protesters gather with excavators at Dhanmondi 32 to demolish remains of Mujib's house |url=https://www.newagebd.net/post/country/282406/protesters-gather-with-excavators-at-dhanmondi-32-to-demolish-remains-of-mujibs-house |access-date=2025-11-17 |website=न्यू एज (बांग्लादेश)}}</ref> अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के बाहर प्रदर्शनकारियों ने हसीना और उनके परिवार के लिए एक नकली "लापता नोटिस" जारी करके प्रतीकात्मक विरोध किया, जो आमतौर पर लापता व्यक्तियों के लिए की जाने वाली सार्वजनिक घोषणाओं की नकल था।<ref>{{cite web |date=17 नवम्बर 2025 |title=শেখ হাসিনাকে খুঁজতে আদালত এলাকায় হারানো বিজ্ঞপ্তির মাইকিং |trans-title=Public announcement of a lost notice in the court area, searching for Sheikh Hasina. |url=https://www.ntvbd.com/bangladesh/news-1650361?fbclid=Iwb21leAOHx2tjbGNrA4fGHGV4dG4DYWVtAjExAHNydGMGYXBwX2lkDDM1MDY4NTUzMTcyOAhjYWxsc2l0ZQIyNQABHhchz6M9bR6DDNMqMVmQJXp-NGgr_ZiZWYOz2_pVjicymuvZiyqp4PVUsqaC_aem_L1JuDIpVNV8RvT5Oylwvpg |access-date=17 नवम्बर 2025 |website=एनटीवी (बांग्लादेशी टीवी चैनल) |language=Bengali}}</ref> ढाका विश्वविद्यालय (यूडी) के छात्र, डीयूसीएसयू द्वारा स्थापित एक बड़े पर्दे पर फैसला देखने के लिए शिक्षक-छात्र केंद्र में एकत्र हुए, जहां कई छात्र जश्न मना रहे थे और मिठाई वितरित की जा रही थी।<ref>{{cite web |date=17 नवम्बर 2025 |title=হাসিনার মৃত্যুদণ্ডের রায়ে টিএসসিতে উল্লাস, মিষ্টি বিতরণ |trans-title=Celebrations at TSC, distribution of sweets over Hasina's death sentence verdict |url=https://www.kalerkantho.com/online/campus-online/2025/11/17/1607524 |access-date=17 नवम्बर 2025 |website=कलेर कांथो |language=Bn}}</ref>
====राजनीतिक====
[[File:University_students_and_the_public_react_at_TSC_to_the_trial_of_Sheikh_Hasina..webm|thumb|शेख़ हसीना के ट्रायल पर ढाका यूनिवर्सिटी के टीचर-स्टूडेंट सेंटर में यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स और आम लोग अपनी प्रतिक्रिया देते हुए।]]
=====घरेलू=====
हसीना ने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि हिंदुओं पर कथित हमले हो रहे हैं और न्यायिक निष्पक्षता की भी अवहेलना की जा रही है। उन्होंने इस बारे में एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया:<ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=Sheikh Hasina Verdict Live: 'Biased, Politically Motivated,' Says Sheikh Hasina on Death Penalty |url=https://www.ndtv.com/world-news/sheikh-hasina-verdict-live-updates-bangladesh-in-alert-verdict-against-ex-pm-hasian-in-case-of-crimes-against-humanity-9647982 |access-date=2025-11-17 |website=[[NDTV]]}}</ref>
<blockquote>वे पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित हैं। मृत्युदंड के अपने अरुचिकर आह्वान में, वे बांग्लादेश की अंतिम निर्वाचित प्रधानमंत्री को हटाने और अवामी लीग को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में समाप्त करने के लिए अंतरिम सरकार में चरमपंथी व्यक्तियों के निर्लज्ज और जानलेवा इरादे को उजागर करते हैं।</blockquote>
उनकी अवामी लीग ने उस दिन देशव्यापी बंद का आह्वान किया।<ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=Bangladesh's ex-PM Sheikh Hasina sentenced to death |url=https://www.dw.com/en/bangladesh-sheikh-hasina-sentenced-to-death-crimes-against-humanity/live-74771291 |access-date=2025-11-17 |website=[[डॉयचे वेले]] |language=en}}</ref> अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जमान ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा: "यह फैसला बांग्लादेश में न्याय और कानून के शासन के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।"<ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=Landmark verdict is a message for future: AG |url=https://www.bssnews.net/news/332825 |access-date=2025-11-17 |website=[[बी०एस०एस०]]}}</ref> विदेश मंत्रालय ने भारत से अपील की कि वह इन्हें प्रत्यर्पित करे और कहा: "इन व्यक्तियों को शरण देना, जिन्हें किसी अन्य देश में मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है, एक गंभीर कृत्य और न्याय की अवहेलना होगी।"<ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=Bangladesh urges India to hand over Sheikh Hasina after death sentence: 'Providing refuge would be...' |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/sheikh-hasina-kamal-death-sentence-bangladesh-seeks-return-hand-over-india-extradition-agreement-unfriendly-101763377572149.html |access-date=2025-11-17 |website=[[Hindustan Times]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=2025-11-17 |title=Bangladesh's ousted leader Sheikh Hasina sentenced to death for crimes against humanity |url=https://www.france24.com/en/asia-pacific/20251117-bangladesh-ousted-leader-sheikh-hasina-sentenced-death-crimes-against-humanity |access-date=2025-11-17 |website=[[फ़्रांस 24]] |language=en}}</ref>
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता सलाहुद्दीन अहमद ने ढाका विश्वविद्यालय से बात करते हुए कहा कि सजा "अपराधों की गंभीरता के अनुरूप नहीं" थी और "निर्णय साबित करता है कि कोई भी फासीवादी या निरंकुश, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, एक दिन कटघरे में खड़ा होगा", और यह अन्य संबंधित मामलों में भी समान परिणाम दिखाएगा। बीएनपी के युवा नेता और मीर मुगधो के भाई, मीर स्निगधो ने मामून के खिलाफ फैसले के बारे में कहा, "हम अपील करेंगे..."<ref name="aj"/> "[द] हमें पाँच साल की सजा नहीं, बल्कि कम से कम आजीवन कारावास चाहिए।" जमात-ए-इस्लामी की नेता मिया गुलाम परवर ने फैसले को "बांग्लादेश के लिए एक महत्वपूर्ण दिन" के रूप में स्वीकार किया।"<ref name="it"/>
==अंतरराष्ट्रीय==
फैसले के कुछ घंटे बाद, भारत ने एक प्रेस बयान जारी किया और कहा कि वह फैसले से अवगत है। एक पड़ोसी के रूप में, भारत बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध है।<ref>{{Cite web |title=Bangladesh: Hasina verdict is important moment for victims |url=https://www.ohchr.org/en/press-releases/2025/11/bangladesh-hasina-verdict-important-moment-victims |access-date=2025-11-17 |publisher=[[संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय]] |language=en}}</ref> उन्होंने यह भी कहा, "हम हमेशा उस लक्ष्य के लिए सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ेंगे।"
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि "हसीना का फैसला पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।"<ref>{{Cite web |date=17 नवम्बर 2025 |title=Statement regarding the recent verdict in Bangladesh |url=https://www.mea.gov.in/Speeches-Statements.htm?dtl/40299/Statement_regarding_the_recent_verdict_in_Bangladesh&fbclid=IwY2xjawOIbjtleHRuA2FlbQIxMABicmlkETFPTkFYYnh4cnliU3VWYmY5c3J0YwZhcHBfaWQQMjIyMDM5MTc4ODIwMDg5MghjYWxsc2l0ZQEyAAEeFdKYFKZlmTXMfle6kqSrPsHXAI2zejjiKfTKOtTXWu_zmaxI3yGyds_f-Cg_aem_h7-aLLjNCa_bi3R3eLVIcA |access-date=17 नवम्बर 2025 |publisher=[[विदेश मंत्रालय (भारत)]]}}</ref> उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी परिस्थितियों में मौत की सजा का विरोध करते हैं। मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा कि बांग्लादेश को राष्ट्रीय सुलह और उपचार की दिशा में सत्य-कथन, क्षतिपूर्ति और न्याय की व्यापक प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा, "हमारा कार्यालय इन प्रयासों में बांग्लादेश की सरकार और जनता का समर्थन करने के लिए तैयार है।"<ref>{{Cite news |last=Bhattacherjee |first=Kallol |date=2025-11-17 |title='We'll engage with all stakeholders' in Bangladesh, says India after Sheikh Hasina verdict |url=https://www.thehindu.com/news/national/india-will-constructively-engage-with-all-stakeholders-says-mea-after-sheikh-hasina-receives-death-sentence-from-ict/article70291562.ece |access-date=2025-11-17 |work=[[The Hindu]] |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
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व्यक्तिवृत्त
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text/x-wiki
[[File:HumanEmbryogenesis.svg|thumb|[[मानव भ्रूण विकास]] का प्रारंभिक चरण]]
'''व्यक्तिवृत्त''' किसी जीव की शुरुआत और विकास की प्रक्रिया है जो आमतौर पर अंडे के [[निषेचन]] से लेकर वयस्क बनने तक होती है।<ref>{{cite web |title=Ontogeny |url=https://www.britannica.com/science/ontogeny-biology |website=Britannica |access-date=18 फरवरी 2026}}</ref> इस शब्द का इस्तेमाल किसी जीव की पूरी ज़िंदगी की [[अध्ययन]] के लिए भी किया जा सकता है।
==अवधारणा==
व्यक्तिवृत्त किसी जीव का अपने [[जीवनकाल]] में होने वाला विकास का [[इतिहास]] है जो [[वर्गानुवंशिकी|वर्गानुवंशिक]] से अलग है और किसी प्रजाति के विकास के इतिहास को बताता है। इसको समझने का एक और तरीका यह है कि यह एक जीव का अपने पूरे जीवनकाल में सभी विकासात्मक चरणों से गुज़रने की प्रक्रिया है। व्यक्तिवृत्त शब्द का इस्तेमाल [[कोशिका जीवविज्ञान]] में किसी जीव के अंदर अलग-अलग तरह के कोशिका के विकास को बताने के लिए भी किया जाता है।<ref>{{cite journal |last1=Thiery |first1=Jean Paul |title=Epithelial–mesenchymal transitions in development and pathologies |journal=Current Opinion in Cell Biology |date=1 दिसम्बर 2003 |volume=15 |issue=6 |pages=740–746 |doi=10.1016/j.ceb.2003.10.006 |url=https://www.sciencedirect.com/science/article/abs/pii/S0955067403001339?via%3Dihub |access-date=18 फरवरी 2026 |issn=0955-0674}}</ref> व्यक्तिवृत्त कई विषयों में अध्ययन का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसमें [[विकासात्मक जीवविज्ञान]], कोशिका जीवविज्ञान, [[आनुवंशिकी]], [[विकासात्मक मनोविज्ञान]], विकासात्मक संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान शामिल हैं।
==विकासात्मक चरण==
किसी जीव का विकास निषेचन, विदलन, [[कोरकभवन]], कंदुकन, अंगविकास और [[कायान्तरण|कायांतरण]] के ज़रिए एक वयस्क में होता है। जानवरों की प्रत्येक प्रजाति की इन चरणों के माध्यम से थोड़ी अलग यात्रा होती है क्योंकि कुछ चरण अन्य प्रजातियों की तुलना में छोटे या लंबे हो सकते हैं और जहां संतान विकसित होती है वह प्रत्येक जानवर के प्रकार के लिए अलग होता है।<ref>{{cite web |title=Animal Life Cycles - Growth and Development of Organisms - Diagram (K-2) |url=https://www.exploringnature.org/db/view/Animal-Life-Cycles-Growth-and-Development-of-Organisms-Diagram-K-2 |website=www.exploringnature.org |access-date=18 फरवरी 2026 |archive-date=25 जून 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220625230250/https://www.exploringnature.org/db/view/Animal-Life-Cycles-Growth-and-Development-of-Organisms-Diagram-K-2 |url-status=dead }}</ref>
इंसानों में [[भ्रूण]] विकास की प्रक्रिया तब शुरू होता है जब [[शुक्राणु]] अंडे को निषेचित करता है और वे आपस में जुड़ जाते हैं जिससे भ्रूण विकास शुरू हो जाता है। अंडे और शुक्राणु के [[युग्मज]] में मिलने से आस-पास की [[झिल्ली]] बदल जाती है जिससे और शुक्राणु अंडे में नहीं जा पाते जिससे बहुविध निषेचन को रोका जा सकता है।
==इन्हें भी देखें==
* [[परिवर्धन जैविकी]]
* [[वयस्क]]
* [[आकृति-विज्ञान]]
* [[आनुवंशिकी]]
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:विकासात्मक जीवविज्ञान]]
[[श्रेणी:प्राणी शारीरिकी]]
7v3xcfon89egtqp7hepyhdptooghyq6
नेमेसियो ओसेगुरा सर्वान्तेस
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2026-03-28T23:19:05Z
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{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस <br/> {{nobold|एल मेन्चो}}|image=|caption=एल मेंचो की फोटो उसके वांटेड पोस्टर से|birth_name=नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस|birth_date={{birth date|df=yes|1966|07|17}}|birth_place=[[अगुइलिला]], [[मिचोआकेन]], [[मेक्सिको]]|citizenship=मैक्सिकन|death_date={{death date and age|df=yes|2026|02|22|1966|07|17}}|death_place=[[तापालपा]], [[जलिस्को]], [[मेक्सिको]]|death_cause=[[2026 जलिस्को ऑपरेशन| मैक्सिकन आर्म्ड फोर्सेज़ के जलिस्को ऑपरेशन के दौरान गोली लगने से घायल हो गए]]|spouse=रोजालिंडा गोंजालेज वेलेंसिया|children=3, जिसमें [[रूबेन ओसेगुएरा गोंजालेज]] शामिल हैं|relatives=[[अबिगेल गोंजालेज वालेंसिया]] (साला)|footnotes=इनाम: अमेरिकी सरकार की तरफ से US$15 मिलियन का ऑफर; मेक्सिको के [[मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल|ऑफिस ऑफ़ द अटॉर्नी जनरल]] (PGR) की तरफ से MX$300 मिलियन का ऑफर।}}
'''नेमेसियो ओसेगुरा सर्वान्तेस''' ([[स्पेनी भाषा|स्पेनी भाषा:]] neˈmesio oseˈgueɾa seɾˈβantes]) 17 जुलाई 1966-22 फरवरी 2026) उर्फ '''एल मेंचो''' एक मैक्सिकन ड्रग लॉर्ड और जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (सीजेएनजी) के प्रमुख थे। वह मेक्सिको में सबसे वांछित व्यक्ति था और अपनी मृत्यु के समय संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे वांछित लोगों में से एक था। अमेरिकी सरकार और मैक्सिकन सरकार उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने के लिए क्रमशः 15 मिलियन [[अमेरिकी डॉलर]] और 300 मिलियन एमएक्सएन डॉलर के पुरस्कार की पेशकश कर रहे थे।<ref name="Mexico's Defense Ministry confirms it collaborated with US in operation against El Mencho">{{Cite news|url=https://english.elpais.com/international/2026-02-23/mexicos-defense-ministry-confirms-it-collaborated-with-us-in-operation-against-el-mencho.html|title=Mexico's Defense Ministry confirms it collaborated with US in operation against El Mencho|access-date=23 February 2026|publisher=El País (English)}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.state.gov/nemesio-ruben-oseguera-cervantes-el-mencho-2/|title=Nemesio Rubén Oseguera Cervantes, "El Mencho"|website=United States Department of State|language=en|access-date=23 February 2026}}</ref>
वह मादक पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध में शामिल होने और आग्नेयास्त्रों के बिना दस्तावेज के कब्जे के लिए वांछित था। एल मेंचो कथित तौर पर वैश्विक मादक पदार्थों की तस्करी के कार्यों के समन्वय के लिए जिम्मेदार था। <ref>{{Cite web|url=https://www.state.gov/nemesio-ruben-oseguera-cervantes-el-mencho-2/|title=Nemesio Rubén Oseguera Cervantes, “El Mencho”|website=United States Department of State|language=en|access-date=2026-02-23}}</ref>
मिचोआकैन राज्य में गरीबी में जन्मे, एल मेंचो ने एवोकैडो उगाया और 1980 के दशक में अवैध रूप से अमेरिका में प्रवास करने से पहले प्राथमिक विद्यालय छोड़ दिया। कई बार गिरफ्तार होने के बाद, उन्हें 1990 के दशक की शुरुआत में मेक्सिको निर्वासित कर दिया गया और उन्होंने मिलेनियो कार्टेल के लिए काम किया। अंततः वह आपराधिक संगठन के शीर्ष पर पहुंच गए और अपने कई आकाओं की गिरफ्तारी या हत्या के बाद सीजेएनजी की स्थापना की।<ref>{{Cite web|url=https://www.rollingstone.com/culture/culture-features/the-brutal-rise-of-el-mencho-196980/|title=The Brutal Rise of El Mencho|last=Eells|first=Josh|date=2017-07-11|website=Rolling Stone|language=en-US|access-date=2026-02-23}}</ref>
उनकी कुख्याति उनके आक्रामक नेतृत्व और प्रतिद्वंद्वी आपराधिक समूहों और मैक्सिकन सुरक्षा बलों दोनों के खिलाफ हिंसा के सनसनीखेज कृत्यों का परिणाम भी थी। इन हमलों ने उनका सरकारी ध्यान बढ़ाया और व्यापक रूप से उनकी तलाश की गई। सुरक्षा बलों को संदेह था कि वह जलिस्को, मिचोआकैन, नयारिट और/या कोलिमा के ग्रामीण इलाकों में छिपा हुआ था, और पूर्व [[सैनिक शिक्षण एवं प्रशिक्षण|सैन्य प्रशिक्षण]] के साथ भाड़े के सैनिक द्वारा उसकी रक्षा की जाती थी।
22 फरवरी 2026 को, जलिस्को राज्य में एक सैन्य अभियान के दौरान ओसेगुएरा मारे गए थे।<ref>{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/world/2026/02/22/jalisco-cartel-drugs-mexico-mencho-new-generation/d7d4820a-1014-11f1-8e8d-fe91db44677b_story.html|title=Mexican army kills leader of Jalisco New Generation Cartel, official says|date=22 February 2026|work=The Washington Post|access-date=22 February 2026|language=en-US|issn=0190-8286}}</ref>
[[चित्र:El_Mencho_San_Francisco_Mugshots.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|266x266पिक्सेल|1986 और 1989 में लिए गए ओसेगुएरा के मगशॉट्स]]
== आपराधिक आरोप ==
लॉस एंजिल्स, कैलिफ़ोर्निया में DEA ऑफिस ने कई सालों तक एल मेंचो की एक्टिविटीज़ पर नज़र रखी और पता लगाया कि CJNG ने अपने ड्रग ट्रैफिकिंग ऑपरेशन्स को इंटरनेशनल लेवल पर फैलाया था। 2000 में, US सरकार को पता चला कि एल मेंचो एक इंटरनेशनल कोकेन और मेथामफेटामाइन ऑपरेशन में शामिल था। पाँच साल बाद, उन्हें पता चला कि उसने अपने ऑपरेशन्स को आसान बनाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.animalpolitico.com/diez-de-guerra/expansion-cjng.html|title=La evolución del Cártel Jalisco Nueva Generación: de la extinción al dominio global|last=Político|first=Animal|access-date=2026-02-23|language=es}}</ref><ref>{{Cite news|url=http://www.milenio.com:80/policia/EU-apreso-Mencho-Cuini-PGR-libres-cartel-Cuinis-sistema-judicial-droga-muertes_0_510548976.html|title=En los 90 EU apresó al ‘Mencho’ y al ‘Cuini’… pero los dejó ir|last=Juan Pablo Becerra-Acosta y Galia García Palafox/Reportaje|work=Milenio|access-date=2026-02-23|language=es}}</ref>
2007 में, डी. ई. ए. ने पाया कि एल मेंचो एक कोकीन ऑपरेशन में शामिल था जो कोलंबिया, ग्वाटेमाला, मैक्सिको से होकर संयुक्त राज्य अमेरिका में समाप्त हुआ। उन्होंने कोलंबिया, मैक्सिको से संयुक्त राज्य अमेरिका में कोकीन की दूसरी खेप का भी पता लगाया। 2009 में, डीईए ने पता लगाया कि एल मेंचो इक्वाडोर से उत्पन्न होने वाले एक अन्य कोकीन शिपमेंट में शामिल था। 2013 में मेक्सिको से फिर से संयुक्त राज्य अमेरिका में दो और शिपमेंट का पता चला। 2014 में, हालांकि, डीईए ने सीजेएनजी के [[कार्यप्रणाली]] में एक कट्टरपंथी बदलाव देखा एल मेंचो को एक मेथामफेटामाइन शिपमेंट का समन्वय करने के लिए पाया गया था जो मेक्सिको से ऑस्ट्रेलिया और फिर चीन स्थित गिरोहों का लाभ उठाकर अमेरिका गया था।<ref>{{Cite web|url=https://insightcrime.org/news/analysis/mexico-cartel-jalisco-new-generation-extinction-world-domination/|title=Mexico's Jalisco Cartel - New Generation: From Extinction to World Domination|last=Pérez|first=Luis Alonso|date=2017-03-27|website=InSight Crime|language=en-US|access-date=2026-02-23}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://bellschool.anu.edu.au/sdsc|title=Strategic and Defence Studies Centre|date=2026-02-17|website=Coral Bell School of Asia Pacific Affairs|language=en|access-date=2026-02-23}}</ref>
27 सितंबर 2011 को, मेक्सिको के जनरल प्रॉसिक्यूटर के कार्यालय (पीजीआर) ने एल मेंचो के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया और किसी को भी एमएक्सएन $2 मिलियन की पेशकश की, जो उनकी गिरफ्तारी की ओर ले जाने वाली जानकारी प्रदान करने में मदद कर सकता है। उन पर संगठित अपराध में शामिल होने और आग्नेयास्त्रों के अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया था। मार्च 2014 में, डीईए द्वारा पिछली जांच के आधार पर कोलंबिया जिले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के जिला न्यायालय ने एल मेंचो को नशीली दवाओं की तस्करी और "निरंतर आपराधिक उद्यम" के नेता होने सहित कई आरोपों के लिए अभ्यारोपित किया।<ref>{{Cite news|url=https://mx.usembassy.gov/treasury-further-targets-the-business-network-of-the-los-cuinis-drug-trafficking-organization/|title=Treasury Further Targets The Business Network Of The Los Cuinis Drug Trafficking Organization {{!}} U.S. Embassy & Consulates in Mexico|date=2016-04-04|work=U.S. Embassy & Consulates in Mexico|access-date=2026-02-23|language=en-US}}</ref> एल मेंचो और अबीगैल पर दक्षिण अमेरिका से मेक्सिको के रास्ते संयुक्त राज्य अमेरिका में कोकीन और मेथामफेटामाइन के शिपमेंट का समन्वय करने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि सीजेएनजी और लॉस कुइनिस ने अमेरिका से मैक्सिको तक दवा की आय के संग्रह और वितरण का समन्वय किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.scribd.com/document/310394113/Abigael-Gonzalez-Valencia-Indictment|title=Client Challenge|website=www.scribd.com|access-date=2026-02-23}}</ref> इसके अलावा, टेक्सास के पश्चिमी जिले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जिला न्यायालय एल मेंचो को नशीली दवाओं की तस्करी के अपराधों के लिए दोषी ठहराना चाहता है।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20170301180218/http://www.pgr.gob.mx/Normatec/Documentos/a-102-2011.pdf|title=Wayback Machine|website=web.archive.org|access-date=2026-02-23}}</ref>
18 दिसंबर, 2017 को, सत्रह साल के YouTube स्टार जुआन लुइस लगुनास रोसेल्स, जिन्हें "एल पिराटा डे कुलियाकैन" (इंग्लिश: द पाइरेट फ्रॉम कुलियाकैन) के नाम से जाना जाता है, को जलिस्को के एक बार में राइफल लिए चार लोगों के एक ग्रुप ने गोली मार दी। यह घटना लगुनास रोसेल्स के एल मेंचो के लिए एक अपमानजनक वीडियो पोस्ट करने के कुछ ही समय बाद हुई। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या एल मेंचो ने उसे मारने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक कोई चार्ज नहीं लगाया गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.independent.co.uk/news/world/americas/mexico-youtube-star-juan-luis-lagunas-rosales-found-dead-el-mencho-nemesio-ocegera-cervantes-sinaloa-cartel-a8122526.html|title=A 17-year-old YouTube star insulted a notorious drug lord. He was found with at least 15 bullet wounds.|date=2017-12-21|website=The Independent|language=en|access-date=2026-02-23}}</ref>
15 अगस्त 2018 को, पीजीआर ने घोषणा की कि वे किसी को भी एमएक्सएन $30 मिलियन तक की पेशकश कर रहे हैं जो एल मेंचो के कब्जे की ओर ले जाने वाली जानकारी प्रदान करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gob.mx/fgr?hootPostID=04f13755574a699cdb3a39c541f093ef|title=Fiscalía General de la República {{!}} Gobierno {{!}} gob.mx|website=www.gob.mx|language=es|access-date=2026-02-23}}</ref> यह घोषणा तब सार्वजनिक की गई जब डीईए और मैक्सिकन अधिकारियों ने संगठित अपराध के खिलाफ एक नई सहयोग योजना का खुलासा करने की तैयारी की, जिसमें उनके वित्तीय ढांचे के खिलाफ एक मजबूत ध्यान केंद्रित करना और अंतरराष्ट्रीय मामलों की जांच के लिए जिम्मेदार एक कानून प्रवर्तन समूह का निर्माण शामिल था। फरवरी 2018 में आपराधिक जांच एजेंसी (पीजीआर की एक शाखा, एआईसी) के दो एजेंटों के अपहरण और हत्या के मास्टरमाइंड में उनकी कथित भागीदारी के लिए उनके खिलाफ जारी एक नए गिरफ्तारी वारंट से इनाम प्राप्त होता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/world/2018/aug/15/mexico-bounty-raised-over-1m-on-drug-cartel-kingpin-el-mencho|title=Mexico: bounty raised over $1m on drug cartel kingpin 'El Mencho'|last=Agren|first=David|date=2018-08-15|work=The Guardian|access-date=2026-02-23|language=en-GB|issn=0261-3077}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.eluniversal.com.mx/nacion/seguridad/pgr-sube-30-millones-recompensa-por-la-cabeza-de-el-mencho/|title=PGR sube a $30 millones recompensa por la cabeza de “El Mencho”|website=El Universal|language=es|access-date=2026-02-23}}</ref>
16 अक्टूबर 2018 को, राज्य, न्याय और ट्रेजरी विभागों ने सीजेएनजी के खिलाफ एक संयुक्त कानून-प्रवर्तन उपाय की घोषणा की, और एल मेंचो के इनाम को 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/reuters/2018/10/16/world/americas/16reuters-usa-justice-drugs.html|title=U.S. Offers $10 Million for Information Leading to Mexican Drug Lord's Arrest|access-date=2026-02-23|language=en}}</ref> यह वृद्धि नार्कोटिक्स रिवार्ड्स प्रोग्राम के इतिहास में सबसे बड़ी स्वीकृत में से एक थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.justice.gov/archives/opa/pr/justice-treasury-and-state-departments-announce-coordinated-enforcement-efforts-against|title= |website=www.justice.gov|access-date=2026-02-23}}</ref>
दिसंबर 2024 में, यह घोषणा की गई थी कि एल मेंचो पर इनाम 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाएगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.cbsnews.com/news/mexico-town-thanks-cartel-leader-el-mencho-childrens-holiday-gifts/|title=Town in Mexico thanks fugitive cartel leader "El Mencho" for children's holiday gifts, sparking investigation – CBS News|date=31 December 2024|website=www.cbsnews.com|language=en-US|access-date=29 November 2025}}</ref>
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:1966 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:२०२६ में निधन]]
[[श्रेणी:सीएस1 स्पेनिश-भाषा स्रोत (es)]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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शरेना मस्जिद
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{{Infobox religious building|building_name=शरेना जामिजा
पाशा की मस्जिद
अलाजा मस्जिद
चित्रित मस्जिद|religious_affiliation=[[सुन्नी इस्लाम]]|image=Kalkandelen - Alaca Cami R01.JPG|caption=|map_type=|map_size=|map_caption=|location=[[तेतोवो]], [[उत्तरी मैसेडोनिया]]|geo={{coord|42|0|21|N|20|58|0|E|region:TR_type:landmark|display=inline,title}}|status=|functional_status=|heritage_designation=|leadership=|website=|architect=इसाक बे|architecture_type=[[मस्जिद]]|architecture_style=[[उस्मानी वास्तुकला]]|general_contractor=|groundbreaking=|year_completed={{start date and age|1438}}|facade_direction=|capacity=|length=10 मीटर|width=10 मीटर|dome_quantity=|dome_height_outer=|minaret_quantity=1|minaret_height=|spire_quantity=|spire_height=|materials=प्राकृतिक पत्थर और रंग|image_size=300px|latitude=|longitude=|architecture=yes}}
'''शरेना जामिजा''', ({{langx|mk|Шарена Џамија}}; {{langx|sq|Xhamia e Larme}} या {{langx|sq|Xhamia e Pashës}}; {{langx|tr|Alaca Cami}}) जिसका [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] में अर्थ '''सजावटी मस्जिद''' है, लेकिन इसे अक्सर '''चित्रित मस्जिद''' के रूप में भी अनुवादित किया जाता है, उत्तरी मैसेडोनिया के तेतोवो में पेना नदी के पास स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह मस्जिद मूल रूप से 1438 में बनाई गई थी और बाद में 1833 में अब्दुर्रहमान पाशा द्वारा इसका पुनर्निर्माण किया गया था। शास्त्रीय उस्मानी काल की अन्य मस्जिदों के विपरीत, शरेना मस्जिद अनातोलिया की पारंपरिक मस्जिदों की अधिक विशेषता रखती है, क्योंकि इसका निर्माण कुस्तुनतुनिया (कांस्टेंटिनोपल) की विजय से पहले किया गया था, जब बीजान्टिन-प्रभावित मस्जिद के गुंबद एक मानक डिज़ाइन बन गए थे।<ref name="History of Xhamia Pashes">{{usurped|[https://web.archive.org/web/20081229175126/http://www.xhamiaepashes.com/historiku.htm Xhamia e Pashes]}}</ref>
== इतिहास ==
[[चित्र:Türbe_near_Colored_Mosque,_Tetovo.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|214x214पिक्सेल|चित्रित मस्जिद के पास [[तुर्बे]] (मकबरा)]]
शरेना जामिजा मूल रूप से 1438 में बनाई गई थी।<ref name="Institut za nacionalna istorija (Skopje, Macedonia)">Pg 106 - {{cite book|url=https://books.google.com/books?id=4mtpAAAAMAAJ&q=painted+mosque+tetovo|title=A history of the Macedonian people|last=Institut za nacionalna istorija (Skopje, Macedonia)|publisher=Macedonian Review Editions|year=1979|edition=1979}}</ref> शरेना जामिजा के वास्तुकार इसाक बे थे।<ref name="Institut za nacionalna istorija (Skopje, Macedonia)" /> उस समय की अधिकांश मस्जिदों के निर्माण के लिए [[सुल्तान|सुल्तानों]], बे या [[पाशा]] द्वारा वित्तपोषण किया जाता था, लेकिन शरेना जामिजा का निर्माण तेतोवो की दो बहनों द्वारा वित्तपोषित किया गया था। कई मस्जिदों की तरह, नदी के पार पास में ही एक हम्माम (तुर्की स्नानघर) बनाया गया था। इस स्थल में नदी के दूसरी ओर एक सराय के साथ-साथ एक स्नानघर भी शामिल हुआ करता था। शरेना जामिजा का वर्तमान प्रांगण कई फूलों, एक फव्वारे और एक तुर्बे से भरा हुआ है। अष्टकोणीय "तुर्बे" में हुरशिदा और मेंसुरे के विश्राम स्थल (कब्रें) हैं, ये वही दो बहनें हैं जिन्होंने 1438 में मस्जिद के निर्माण को वित्तपोषित किया था।<ref name="macedonia_bradt_2007">{{cite book|title=Macedonia|author=Thammy Evans|publisher=Bradt Guides (Second Edition)|year=2007|isbn=978-1-84162-186-9|pages=213}}</ref> कला के महान उत्साही और तेतोवो के शौकीन अब्दुर्रहमान पाशा ने 1833 में शरेना जामिजा का पुनर्निर्माण करवाया था।<ref name="tetova_gov_mk_painted_mosque">{{cite web|url=http://www.tetova.gov.mk/en/q/13/50.html|title=Historical Monuments: Painted Mosque|publisher=Municipality of Tetova|access-date=2010-12-17|archive-date=6 नवंबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20101106005519/http://www.tetova.gov.mk/en/q/13/50.html|url-status=dead}}</ref> 1991 में, तेतोवो में इस्लामी समुदाय ने मस्जिद के चारों ओर विशिष्ट शास्त्रीय उस्मानी शैली में दीवारें बनाईं।<ref name="History of Xhamia Pashes" /> 2010 में, बाहरी चित्रों का नवीनीकरण पूरा हुआ<ref>{{cite news|url=http://www.utrinski.com.mk/default.asp?ItemID=C7C63CC894C2584C9A3D3CB41708BB8E|title=Заврши обновувањето на Шарена џамија|date=2010-07-29|access-date=2010-12-17|archive-date=11 मार्च 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120311073108/http://www.utrinski.com.mk/default.asp?ItemID=C7C63CC894C2584C9A3D3CB41708BB8E|url-status=dead}}</ref> और 2011 में संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश विभाग से €94,700 के अनुदान के साथ, इसके अग्रभाग का पुनर्निर्माण और संरक्षण किया गया।<ref>{{cite news|url=http://www.build.mk/?p=9721|title=Преубавата Шарена џамија ќе се реставрира со американска помош|date=2011-09-15|access-date=2011-09-16}}</ref>
== वास्तुकला ==
[[चित्र:Niz_Tetovo_Stari_kuki_(45).JPG|बाएँ|अंगूठाकार|180x180पिक्सेल|सजावटी मस्जिद के परिसर में स्थित [[मदरसा]]]]
मस्जिदों में पारंपरिक उस्मानी सिरेमिक टाइल की सजावट के विपरीत, शरेना जामिजा में चमकीले फूलों की चित्रकारी है।<ref name="Lonely Planet Western Balkans By Marika McAdam">[https://books.google.com/books?id=5PSBrPoGf-8C&dq=painted+mosque+tetovo&pg=PA297 Lonely Planet Western Balkans – Google Books]</ref> विस्तृत सजावट में इस्तेमाल होने वाले रंग और चमक को तैयार करने के लिए 30,000 से अधिक अंडों का उपयोग किया गया था।<ref name="Balkan Travellers">{{cite web|url=http://www.balkantravellers.com/en/read/article/211|title=Tito, Teto and Some Troubled Tourism Await You in Tetovo, Macedonia|publisher=Balkan Travellers|access-date=December 12, 2010}}</ref><ref name="vagabond_welcome_to_tetovo">{{cite journal|author=Trankova Dimana|date=August 2007|title=Tito, Teto and some troubled tourism await you in Macedonia|url=http://www.vagabond-bg.com/index.php?option=com_content&view=article&id=710%3Awelcome-to-tetovo-&catid=93%3Awestern-balkans&Itemid=42|journal=Vagabond - Bulgaria English Monthly|issue=11|access-date=26 फ़रवरी 2026|archive-date=18 मई 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120518030411/http://www.vagabond-bg.com/index.php?option=com_content&view=article&id=710%3Awelcome-to-tetovo-&catid=93%3Awestern-balkans&Itemid=42|url-status=dead}}</ref> शरेना जामिजा और अन्य उस्मानी मस्जिदों के बीच एक और बड़ा अंतर यह है कि शरेना जामिजा में एक विशिष्ट बाहरी गुंबद नहीं है,<ref name="Balkanology: Explore South Eastern Europe">[http://www.balkanology.com/macedonia/article_skopje.html Balkanology :: Macedonia :: Skopje and Surroundings]</ref> क्योंकि इस मस्जिद की वास्तुकला प्रारंभिक कुस्तुनतुनिया उस्मानी वास्तुकला की शैली को दर्शाती है। मस्जिद की सबसे बड़ी विशेषता इसकी चित्रित सजावट है। अब्दुर्रहमान पाशा ने इस उद्देश्य के लिए [[देबार]] से उस्तादों को नियुक्त किया था, जिन्होंने तेल वाले रंगों से आभूषणों/सजावट को चित्रित किया। ज्यामितीय और पुष्प अलंकरण के अलावा, इसमें परिदृश्य भी देखने को मिलते हैं। सचित्र सजावटों में, विशेष रूप से आकर्षक [[मक्का]] का चित्रण है, जो दक्षिण-पूर्व यूरोप में इस्लामी पैगंबर, [[मुहम्मद]] के पवित्र स्थल के चित्रण का एक दुर्लभ और शायद एकमात्र उदाहरण है।
== दीर्घा ==
<gallery widths="200px">
चित्र:Facade_of_Pasha's_Mosque_-_Tetova_(Tetovo)_-_Macedonia.jpg|शरेना जामिजा की चित्रित दीवारों का विवरण।
चित्र:TetovoSarenadzamijadvor.jpg|प्रांगण (आँगन)।
चित्र:Шарена_џамија_2.jpg|शरेना जामिजा।
चित्र:Šarena_Džamija_vnatrešnost_01.JPG|शरेना जामिजा का आंतरिक भाग।
चित्र:Oldtetovo1.gif|शरेना जामिजा।
चित्र:Interior_of_Pasha's_Mosque_-_Tetova_(Tetovo)_-_Macedonia_-_02.jpg|शरेना जामिजा का आंतरिक भाग।
चित्र:Шарена_Џамија.jpg|शरेना जामिजा।
चित्र:Mirhab_der_Bunten_Moschee.jpg|[[मेहराब]]।
चित्र:Шарена_Џамија-Тетово_(1932).jpg|1932 में शरेना जामिजा।
चित्र:The_Colorful_Mosque_of_Tetovo_,_Шарена_џамија_Тетово_19.jpg|शरेना जामिजा के अंदर।
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== संदर्भ ==
{{Reflist|2}}{{commonscat|Šarena Džamija (Tetovo)}}
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बोर्गो मैग्गियोर
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संजीव कुमार
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक अवस्थापन
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'''बोर्गों मैगीओरे''' (रोमागनोल: ''E Bórgh'') [[सान मारिनो|सैन मैरिनो]] के नौ [[सैन मरीनो के उपखंड|''कैस्टेली'']] में से एक है। यह मोंटे टाइटानो के तल पर स्थित है और इसकी आबादी ६,९५३ (जनवरी २०२५) है, जो इसे डोगाना के बाद सैन मैरिनो का दूसरा सबसे बड़ा शहर बनाती है।
== इतिहास ==
इस क्षेत्र को पहले ''Mercatale'' (बाज़ार) कहा जाता था और आज भी सैन मैरिनो का सबसे महत्वपूर्ण बाज़ार शहर बना हुआ है। हालाँकि यह सबसे अधिक आबादी वाला ''बाजार'' नहीं है, साथ ही सैन मैरिनो शहर से जुड़ाव इसे शहर जैसा खरीदारी केंद्र बनाता है।
== अंतरराष्ट्रीय संबंध ==
बोर्गो मैग्गियोर को इन शहरों के साथ जुड़वा किया गया है:-
* {{Flagicon|ITA}}कैटेनिया, इटली (२०१५) <ref>{{Cite web|url=https://www.comune.catania.it/informazioni/cstampa/default.aspx?cs=41221|title=Catania e Borgo Maggiore (San Marino): un gemellaggio all'insegna di Sant'Agata|language=it|access-date=2024-01-13}}</ref>
* {{Flagicon|Malta}}ज़ुरीक, माल्टा (२००१) <ref>{{Cite web|url=https://localgovernmentdivisioncms.gov.mt/en/lc/Zurrieq/Pages/Services/Twinning.aspx|title=Twinning ZURRIEQ & BORGO MAGGIORE|language=en|access-date=2024-01-13}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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संजीव कुमार
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'''रोमागनोल''' (''Rumagnùl'') इटली में बोली जानी वाली एक भाषा है।
== इतिहास ==
क्षेत्रीय साहित्य के बाहर रोमाग्नोल की पहली स्वीकृति [[दांते एलीगियरी|दांते]] अलिघिएरी के ग्रंथ डी वल्गरी इलोक्वेन्शिया में थी, जिसमें दांते ने "रोमाग्ना की भाषा" की तुलना अपनी मूल टस्कन बोली से की थी। आखिरकार, १६२९ में, लेखक एड्रियानो बैंचीरी ने डिस्कोर्सो डेला लिंगुआ बोलोनीज़ नामक ग्रंथ लिखा, जिसने दांते के इस दावे का विरोध किया कि टस्कन बोली बेहतर थी, उनके इस विश्वास पर तर्क देते हुए कि बोलोनीज़ (रोमग्नोल से प्रभावित एक एमिलियन बोली जिसका लेखन में व्यापक उपयोग देखा गया था) "प्राकृतिकता, कोमलता, संगीत और उपयोगिता" में बेहतर थी। रोमाग्ना को पोप राज्यों से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद रोमाग्नोल को अधिक मान्यता मिली।
== लिपि ==
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== सन्दर्भ ==
[[श्रेणी:इटली की भाषाएँ]]
<references />
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| p1 = कालादीनो, कोनफीने, गालावोत्तो, मोलारिनी, पोग्गीयो कास्सालीनो, पोग्गीयो चीएसानुओवा, तेलघ्यो
}}
'''चीएसानुओवा''' (रोमाग्नोलः . शाब्दिक रूप से 'नया चर्च' [[सान मारिनो|सैन मैरिनो]] के नौ कैस्टेली में से एक है। इसकी जनसंख्या १,१९१ निवासियों (जनवरी २०२५) ५.४६ वर्ग किमी के क्षेत्र में है। कैस्टेलो एक कप्तान और सात सदस्यीय जुंटा द्वारा शासित है, जिसमें मैरिनो रोस्टी २०२० से कप्तान के रूप में कार्यरत हैं। १९४३-१९४४ के प्रशासनिक सुधारों तक पहले पेन्नारोसा के रूप में जाना जाता था, चिसानोवा दो सैन मैरिनी नगरपालिकाओं और तीन इतालवी कम्यूनों की सीमा से लगा हुआ है, और सात [[सैन मरीनो के उपखंड|क्यूरेज़]] (पेरिस) में विभाजित है।
== भूगोल ==
चिसानुओवा की सीमा [[सैन मारिनो नगर|सैन मैरिनो]] नगर पालिकाओं सैन मैरनो और फिओरेंटीनो और इतालवी नगर पालिकाओं सासोफेल्ट्रियो, वेरूचियो और सैन लियो से लगती है। इसमें सात क्यूरेज़ी शामिल हैंः कैलडिनो, कॉन्फ़ाइन, गैलवोटो, मोलारिनी, पोगियो कैसालिनो, पोगियो चिसानोवा और टेग्लियो<ref name="Elezioni">{{Cite web|url=http://www.elezioni.sm/index.php?id=299|title=Regolamento per la disciplina della campagna elttorale|last=Rattini|first=Maurizio|last2=Venturini|first2=Gian Carlo|date=21 March 1997|website=Elezioni|language=it|archive-url=https://web.archive.org/web/20090805215911/http://www.elezioni.sm/index.php?id=299|archive-date=5 August 2009|access-date=14 February 2020|last3=Volpinari|first3=Antonio L.}}</ref>
चियासानुओवा में आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु है।
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
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शेख़ ज़ायद मस्जिद, फ़ुजैरा
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत|name=शेख़ ज़ायद मस्जिद|native_name=مسجد الشيخ زايد|native_name_lang=ar|religious_affiliation=[[सुन्नी इस्लाम]]|image=Garden and the town.jpg|alt=|caption=|map_type=UAE#Persian Gulf#Middle East#West Asia|coordinates={{coord|25|7|33.89|N|56|19|36.77|E|display=title}}|map_size=265|map_alt=|map_relief=1|map_caption=शेख़ ज़ायद मस्जिद (UAE)|location=[[फ़ुजैरा]]|country={{UAE}}|ownership=[[संयुक्त अरब अमीरात की राजनीति|UAE सरकार]]|website=|architecture_type=मस्जिद|architecture_style=[[उस्मानी वास्तुकला|उस्मानी]] और [[मूरी वास्तुकला|मूरी]]<ref name="the-national 09-2015" /><ref name="the-national 10-2015" />|groundbreaking=2010<ref name="the-national 09-2015" />|year_completed=2014<ref name="the-national 09-2015" /><ref name="the-national 10-2015" />|construction_cost=[[संयुक्त अरब अमीरात दिरहम|AED]] 21 करोड़<ref name="the-national 09-2015" />|capacity=लगभग 28,000<ref name="map"/>
* आँगन: 14,000<ref name="the-national 09-2015" /><ref name="the-national 10-2015" />|length=420 m|width=|dome_quantity=65<ref name="the-national 10-2015" />|dome_height_outer=|dome_dia_outer=|minaret_quantity=6|minaret_height=80 – 100 m|site_area=39,000 m{{Sup|2}}<ref name="the-national 09-2015" />}}
'''शेख़ ज़ायद मस्जिद''' [[सयुंक्त अरब अमीरात]] के [[फ़ुजैरा अमीरात]] की मुख्य मस्जिद<ref name="LonelyPlanet 08-2016">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=MoDVDAAAQBAJ&q=sheikh+zayed+mosque+fujairah&pg=PT901|title=Lonely Planet Oman, UAE & Arabian Peninsula|last1=Walker|first1=Jenny|last2=Ham|first2=Anthony|last3=Schulte-Peevers|first3=Andrea|date=2016-08-01|publisher=[[Lonely Planet]]|isbn=978-1-7865-7305-6}}</ref> तथा देश की दूसरी
[[Category:Articles containing Arabic-language text]]
सबसे बड़ी मस्जिद है।<ref name="the-national 09-2015"/><ref name="the-national 10-2015">{{cite news|url=https://www.thenationalnews.com/uae/fujairah-mosque-worthy-of-sheikh-zayed-s-great-name-1.641009|title=Fujairah mosque worthy of Sheikh Zayed's great name|last=Al Hameli|first=Asmaa|date=2015-10-18|newspaper=[[The National (Abu Dhabi)|The National]]|access-date=2020-01-18}}</ref>
== इतिहास ==
मस्जिद को 2015 में खोला गया था, और फ़ुजैरा के शासक हमद बिन मोहम्मद अल शर्क़ी ने [[ईद]] की पहली नमाज़ें पढ़ाई।<ref name="the-national 09-2015"/><ref name="the-national 10-2015"/>
== भूगोल ==
मस्जिद मध्य फुजैरा शहर में मोहम्मद बिन मतर मार्ग पर स्थित है।<ref name="the-national 09-2015"/><ref name="map">{{Citation|title=Fujairah Map|url=http://www.fujairahtourism.ae/|year=2018|place=UAE|publisher=Fujairah Tourism & Antiquities Authority|access-date=9 मार्च 2026|archive-date=19 मार्च 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200319172422/http://www.fujairahtourism.ae/|url-status=dead}}</ref>
== संरचना ==
दिखने में [[इस्तांबुल]] की [[नीली मस्जिद, इस्तांबुल|नीली मस्जिद]] के समरूप,<ref name="the-national 09-2015">{{cite news|url=https://www.thenationalnews.com/uae/uae-s-second-largest-place-of-worship-opens-for-eid-prayers-1.125180|title=UAE's second-largest place of worship opens for Eid prayers|last=Haza|first=Ruba|date=24 September 2015|newspaper=[[The National (Abu Dhabi)|The National]]|access-date=31 July 2018|location=[[Fujairah City|Fujairah]]}}</ref><ref name="the-national 10-2015"/> इस बड़ी सी श्वेत मस्जिद<ref name="LonelyPlanet 08-2016"/> को शहर के केंद्र के अन्य स्थानों से देखा जा सकता है।<ref>{{cite news|title=Sheikh Zayed Mosque – Our very special landmark|last=MacManais|first=E. J.|date=Summer 2018|publisher=Fujairah Observer|location=UAE|pages=60–63|website=www.fujairahobserver.ae}}</ref> यह लगभग 28,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकता है,<ref name="map"/> और इसका क्षेत्रफल 39,000 m{{Sup|2}} है। इसके 65 गुंबद और छह मीनारें हैं, जो 80 से 100 m के बीच ऊँचे हैं। मस्जिद का आँगन, जिसमें सोते और बाग़ हैं, 14,000 लोगों को सम्भाल सकता है।<ref name="the-national 09-2015" /><ref name="the-national 10-2015" />
== यह भी देखें ==
* [[संयुक्त अरब अमीरात में इस्लाम]]
* [[शेख़ ज़ायद बड़ी मस्जिद]]
== संदर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:एशिया में सुन्नी मस्जिदें]]
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शेख़ ख़लीफ़ा बिन ज़ायद आल नहयान मस्जिद
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत|name=शेख़ ख़लीफ़ा बिन ज़ायद आल नहयान मस्जिद<ref name="GulfNews2014"/>|native_name=مسجد الشيخ خليفة بن زايد آل نهيان|native_name_lang=ar|religious_affiliation=[[इस्लाम]]|image=Mosque of shaikh.jpg|alt=|caption=|map_type=UAE#Persian Gulf#Middle East#West Asia|coordinates={{coord|24|13|33.6|N|55|44|49.2|E|region:AE_type:landmark|display=inline,title}}|map_size=265|map_relief=1|map_caption=UAE में मस्जिद की अवस्थिति|location=[[अल ऐन]]|municipality=[[अल ऐन नगरपालिका]]|territory=[[अल ऐन क्षेत्र|अल ऐन]]|state=[[अबू धाबी]]|country={{UAE}}|consecration_year=2021<ref name="TheNational 05-2021" /><ref name="WAM 05-2021" />|status=|functional_status=सक्रिय|heritage_designation=|ownership=[[संयुक्त अरब अमीरात की राजनीति|UAE सरकार]]|patron=|website=|architect=|architecture_type=[[मस्जिद]]|architecture_style=[[अंदलुसिया]]ई और [[उमवी वास्तुकला]]<ref name="GulfToday 07-2019" />|founded_by=|funded_by=|general_contractor=|groundbreaking=2013|year_completed=2021<ref name="TheNational 05-2021" /><ref name="WAM 05-2021" />|construction_cost=[[संयुक्त अरब अमीरात दिरहम|AED]] 60 करोड़ (पुरस्कृत)<ref name="CWO 06-2014" />|facade_direction=|capacity=20,000 से अधिक
* अंदर: 6,433
* बाहर: 14,029|length=|width=|width_nave=|height_max=|dome_quantity=1|dome_height_outer=|dome_height_inner={{convert|31.3|m|ft|abbr=on}}|dome_dia_outer={{convert|86|m|ft|abbr=on}}|dome_dia_inner=|minaret_quantity=4|minaret_height={{convert|60|m|ft|abbr=on}}|spire_quantity=|spire_height=|site_area=* निर्मित: {{convert|15,684|m2|sqft|abbr=on}}
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'''शेख़ ख़लीफ़ा बिन ज़ायद आल नहयान मस्जिद''' ({{Langx|ar|مسجد الشيخ خليفة بن زايد آل نهيان}}), जिसे '''अल ऐन बड़ी मस्जिद''',<ref name="Al-Bayaty_ProTenders">{{citation|title=Sheikh Khalifa Bin Zayed Grand Mosque|url=https://www.protenders.com/companies/albayaty/projects/sheikh-khalifa-bin-zayed-grand-mosque|work=Al Bayaty Architects & Engineering Consultancy|publisher=ProTenders|access-date=2018-04-02}}</ref> '''शेख़ ख़लीफ़ा बिन ज़ायद बड़ी मस्जिद''', या केवल '''शेख़ ख़लीफ़ा मस्जिद''' के नामों से भी जाना जाता है,<ref name="Al-Bayan 05-2013">{{cite news|url=http://www.albayan.ae/economy/local-market/2013-05-07-1.1878107|title=طرح مناقصة بناء مسجد الشيخ خليفة في العين|date=2013-05-07|work=MEED|access-date=2014-11-24|publisher=[[Al Bayan (newspaper)|Al-Bayan]]|language=ar}}</ref><ref name="Al-Ittihad 10-2014">{{cite news|url=http://www.alittihad.ae/details.php?id=92964&y=2014|title=مسجد الشيخ خليفة بالعين.. أيقونة المعمار والحضارة|last=Rafī‘|first=Jamīl|date=2014-10-23|access-date=2014-11-24|publisher=[[Al-Ittihad (Emirati newspaper)|Al-Ittihad]]|location=[[Al Ain]]|language=ar}}</ref><ref name="S 11-2014">{{cite news|url=http://www.snyar.net/العين-تفتتح-مسجد-الشيخ-خليفة-بالعين-ف/|title=العين تفتتح مسجد "الشيخ خليفة" بالعين في 2016|date=2014-11-01|access-date=2014-11-24|publisher=سـنـيـار|language=ar}}</ref> [[संयुक्त अरब अमीरात]] के [[अबू धाबी अमीरात]] के [[अल ऐन]] शहर की सबसे बड़ी [[मस्जिद]] तथा देश की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है।12 अप्रैल 2021 में खुली, इसका नाम [[शेख़ ख़लीफ़ा बिन ज़ायद आल नहयान]] के नाम पर रखा गया है, जो नवंबर 2004 से मई 2022 में उनकी मृत्यु तक अबू धाबी के शासक एवं [[संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति]] थे।<ref name="GulfNews2014">{{cite news|url=http://gulfnews.com/news/uae/general/al-ain-to-have-one-of-the-largest-mosques-in-uae-1.1406553|title=Al Ain to have one of the largest mosques in UAE|author=Abdul Kader, B.|date=2014-10-31|newspaper=[[Gulf News]]|access-date=2018-04-02}}</ref><ref name="RoughGuides2016">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=IYYnDQAAQBAJ&dq=sheikh+khalifa+mosque&pg=PT271|title=The Rough Guide to Dubai|date=2016-11-01|isbn=978-0-2412-9864-0|editor=[[Rough Guides]] UK}}</ref>
== इतिहास ==
मस्जिद के निर्माण के लिए कम्पनी को AED 60 करोड़ पुरस्कृत किया गया था।<ref name="CWO 06-2014">{{cite news|url=http://www.constructionweekonline.com/article-28855-face-to-face-ghassan-merhebi-acc/2/|title=Face to face: Ghassan Merhebi, ACC|date=2014-06-28|work=Construction Week Online|access-date=2018-10-11}}</ref> यह दिसंबर 2013 में शुरू हुआ,<ref name="GulfNews2014"/> और पहले 2016 में पूरा होने वाला था।<ref name="RoughGuides2016"/> उससे पहले, अल ऐन की सबसे बड़ी मस्जिद [[शेख़ा सलामा मस्जिद|शेख़ा सलामा]] की थी,<ref name="APGarch">{{citation|title=Sheikha Salama Mosque|url=https://www.apgarch.com/sheikha-salama-mosque|work=APG|access-date=2018-04-01|archive-date=2 अप्रैल 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180402035734/https://www.apgarch.com/sheikha-salama-mosque|url-status=dead}}</ref> जो शेख़ ख़लीफ़ा की दादी थी।<ref name="RoughGuides2016B">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=3awnDQAAQBAJ&dq=sheikha+salama+mosque&pg=PT266|title=The Rough Guide to Dubai|date=2016-11-15|publisher=[[Penguin Books|Penguin]]|isbn=978-0-2412-9865-7|series=[[Rough Guides]] UK|page=266}}</ref>
सितंबर 2018 को [[इस्लामी स्वर्ण युग]] की एक हज़ार वर्ष पुरानी मस्जिद और अन्य खंडहर को मस्जिद के निकट को खोजे गए थे। यह देश की सबसे पुरानी मस्जिद हो सकती है।<ref name="Emirates24/7 10-2018">{{cite news|url=https://www.emirates247.com/news/emirates/remains-of-1-000-year-old-mosque-reveal-a-rich-past-2018-09-10-1.673063|title=Remains of 1,000-year-old mosque reveal a rich past|date=2018-09-10|work=[[The National (Abu Dhabi)|The National]]|access-date=2018-10-10|publisher=[[Emirates 24/7]]}}</ref><ref name="TheNational 10-2018">{{cite news|url=https://www.thenationalnews.com/opinion/comment/how-a-1-000-year-old-mosque-in-al-ain-anchors-the-uae-in-human-history-1.770075|title=How a 1,000-year-old mosque in Al Ain anchors the UAE in human history|last=Power|first=Timothy|date=2018-09-13|newspaper=[[The National (Abu Dhabi)|The National]]|access-date=2018-10-10}}</ref>
2021 में मस्जिद के खुलने के बाद, शेख़ [[तहनून बिन मोहम्मद आल नहयान]] ने 13 मई को वहाँ नमाज़ पढ़ाया।<ref name="TheNational 05-2021">{{cite news|url=https://www.thenationalnews.com/uae/eid-al-fitr-prayer-times-and-venues-announced-by-sheikh-zayed-grand-mosque-centre-1.1221838|title=Eid Al Fitr prayer times and venues announced by Sheikh Zayed Grand Mosque Centre|date=2021-05-12|work=[[Emirates News Agency|WAM]]|access-date=2021-05-13|publisher=[[The National (Abu Dhabi)|The National]]}}</ref><ref name="WAM 05-2021">{{cite news|url=https://www.wam.ae/en/details/1395302934617|title=Tahnoun bin Mohammed performs Eid al-Fitr prayers|last=Al-Faham|first=Tariq|date=2021-05-13|access-date=2021-05-13|publisher=[[Emirates News Agency|WAM]]|location=[[Al Ain]], U.A.E.}}</ref>
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सदस्य:आदित्या कुमार सोशल
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आदित्या कुमार सोशल
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text/x-wiki
{{Infobox person
| name = आदित्य चौबे
| birth_date = 18 अगस्त 2001
| birth_place = भूपतिपुर, कुचायकोट, गोपालगंज, बिहार, भारत
| nationality = भारतीय
| education = स्नातक (कला संकाय)
| occupation = ग्राफिक डिजाइनर
}}<hiero>
[[File:ADITYA_KUMARSOCIAL.JPG|thumb|आदित्य चौबे]]
Aditya
</hiero>'''आदित्य चौबे''' (जन्म 18 अगस्त 2001) बिहार के गोपालगंज ज
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जामा मस्जिदों की सूची
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The Sorter
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[[जामा मस्जिद]] या बड़ी मस्जिद शुक्रवार को [[जुमा की नमाज़]] पढ़ने के लिए एक प्रकार की [[मस्जिद]] होती है।<ref name=":16">{{Cite book|title=Dictionary of Islamic architecture|last=Petersen|first=Andrew|publisher=Routledge|year=1996|isbn=9781134613663|location=|pages=131|chapter=}}</ref><ref name=":24">{{Cite book|title=The Grove Encyclopedia of Islamic Art and Architecture|last=|first=|publisher=Oxford University Press|year=2009|isbn=9780195309911|editor-last=M. Bloom|editor-first=Jonathan|location=|pages=|chapter=Mosque|editor-last2=S. Blair|editor-first2=Sheila}}</ref> निम्नलिखित देश के अनुसार जामा मस्जिदों की सूची है।
== एशिया ==
=== अज़रबैजान ===
* [[जुमा मस्जिद, ओर्दुबाद]]
* [[जुमा मस्जिद, गंजा]]
* [[जुमा मस्जिद, बाकू]]
* [[जुमा मस्जिद, नख़चिवन]]
* [[जुमा मस्जिद, शामाख़ी]]
=== अफ़ग़ानिस्तान ===
* [[हेरात बड़ी मस्जिद]]
* [[हरी मस्जिद, बल्ख़]]
=== इराक़ ===
* [[अन-नूरी बड़ी मस्जिद, मोसुल]]
* [[आमेदी बड़ी मस्जिद]]
* [[कूफ़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[बड़ी मस्जिद, आकरे]]
* [[सामर्रा बड़ी मस्जिद]]
=== ओमान ===
* [[सुल्तान क़ाबूस बड़ी मस्जिद]]
=== कुवैत ===
* [[कुवैत बड़ी मस्जिद]]
=== ताइवान ===
* [[ताइपे बड़ी मस्जिद]]
=== तुर्की ===
* [[नीली मस्जिद, इस्तांबुल]]
* [[हागिया सोफ़िया]]
=== फ़िलिस्तीन ===
* [[अल-अक्सा मस्जिद|अल-अक़्सा मस्जिद]]
* [[ग़ज़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[फ़ातिमा ख़ातून मस्जिद]]
* [[नाबुलुस बड़ी मस्जिद]]
=== बहरीन ===
* [[अल फ़ातिह बड़ी मस्जिद]]
=== बांग्लादेश ===
* [[तालतली जामा मस्जिद]]
=== भारत ===
; अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
* [[जामा मस्जिद, डेलानीपुर]]
; आंध्र प्रदेश
* [[शाही जामा मस्जिद, अदोनी|शाही जामिया मस्जिद]]
;उत्तर प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, आगरा]]
* [[जामा मस्जिद, जौनपुर]]
* [[जामा मस्जिद, फ़तेहपुर सीकरी]]
* [[जामा मस्जिद, मथुरा]]
* [[जामा मस्जिद, लखनऊ]]
* [[जामा मस्जिद शम्सी]]
;कर्नाटक
* [[जामा मस्जिद, कलबुर्गी]]
* [[जामा मस्जिद, बीदर]]
* [[जामा मस्जिद, बीजापुर]]
* [[ज़ीनथ बख्श मस्जिद|ज़ीनत बख़्श मस्जिद]]
;केरल
* [[चेरमान जुमा मस्जिद]]
* [[जामीउल फ़ुतूह]]
* [[जुमा मस्जिद, पुल्लंचेरी]]
* [[तालत्तंगाडी जुमा मस्जिद]]
* [[पालयम जुमा मस्जिद]]
;गुजरात
* [[जामा मस्जिद, अहमदाबाद]]
* [[जामा मस्जिद चंपानेर|जामा मस्जिद, चंपानेर]]
;जम्मू और कश्मीर
* [[जामा मस्जिद, शोपियाँ]]
* [[जामा मस्जिद, श्रीनगर]]
;झारखंड
* [[जामा मस्जिद, रामगढ़]]
;तमिल नाडु
* [[अत्तार जमात मस्जिद]]
* [[क़ाज़ीमार बड़ी मस्जिद]]
* [[कोट्टईमेडू मस्जिद]]
* [[गोरिप्पालयम मस्जिद]]
* [[पलईया जुम्मा पल्ली]]
* [[सुंगम मस्जिद]]
; तेलंगाना
* [[मक्का मस्जिद, हैदराबाद]]
* [[जामा मस्जिद, गोलकोंडा]]
* [[जामा मस्जिद, हैदराबाद]]
; दिल्ली
* [[जामा मस्जिद, दिल्ली]]
* [[शिया जामा मस्जिद]]
;पश्चिम बंगाल
* [[जामा मस्जिद, मोतीझील]]
; मध्य प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, मांडू]]
; महाराष्ट्र
* [[जामा मस्जिद, औरंगाबाद]]
* [[जामा मस्जिद, एरंडोल]]
* [[जामा मस्जिद, नागपुर]]
* [[जामा मस्जिद, नेरुल]]
* [[जामा मस्जिद, मुंबई]]
;हिमाचल प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, धर्मशाला]]
; हैदराबाद
* [[जामा मस्जिद, गोलकोंडा]]
=== मलेशिया ===
* [[मलेशिया राष्ट्रीय मस्जिद]]
=== मालदीव ===
* [[माले जुमा मस्जिद]]
=== यमन ===
* [[ज़बीद बड़ी मस्जिद]]
* [[सना बड़ी मस्जिद]]
=== लेबनान ===
* [[अल-उमरी बड़ी मस्जिद]]
* [[बालबक उमवी मस्जिद]]
* [[मनसूरी बड़ी मस्जिद]]
=== श्रीलंका ===
* [[कोलंबो बड़ी मस्जिद]]
=== संयुक्त अरब अमीरात ===
* [[दुबई बड़ी मस्जिद]]
* [[शेख़ ज़ायद बड़ी मस्जिद]]
=== सऊदी अरब ===
* [[मस्जिद अल-हरम]]
* [[मस्जिद-ए-नबवी]]
=== सीरिया ===
* [[अन-नूरी बड़ी मस्जिद, होम्स]]
* [[उमवी मस्जिद]]
* [[रक़्क़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[हमा बड़ी मस्जिद]]
* [[हलब बड़ी मस्जिद]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
{{List of mosques}}
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें|*]]
[[श्रेणी:मस्जिदों की सूचियाँ|जामा]]
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[[जामा मस्जिद]] या बड़ी मस्जिद शुक्रवार को [[जुमा की नमाज़]] पढ़ने के लिए एक प्रकार की [[मस्जिद]] होती है।<ref name=":16">{{Cite book|title=Dictionary of Islamic architecture|last=Petersen|first=Andrew|publisher=Routledge|year=1996|isbn=9781134613663|location=|pages=131|chapter=}}</ref><ref name=":24">{{Cite book|title=The Grove Encyclopedia of Islamic Art and Architecture|last=|first=|publisher=Oxford University Press|year=2009|isbn=9780195309911|editor-last=M. Bloom|editor-first=Jonathan|location=|pages=|chapter=Mosque|editor-last2=S. Blair|editor-first2=Sheila}}</ref> निम्नलिखित देश के अनुसार जामा मस्जिदों की सूची है।
== एशिया ==
=== अज़रबैजान ===
* [[जुमा मस्जिद, ओर्दुबाद]]
* [[जुमा मस्जिद, गंजा]]
* [[जुमा मस्जिद, बाकू]]
* [[जुमा मस्जिद, नख़चिवन]]
* [[जुमा मस्जिद, शामाख़ी]]
=== अफ़ग़ानिस्तान ===
* [[हेरात बड़ी मस्जिद]]
* [[हरी मस्जिद, बल्ख़]]
=== इराक़ ===
* [[अन-नूरी बड़ी मस्जिद, मोसुल]]
* [[आमेदी बड़ी मस्जिद]]
* [[कूफ़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[बड़ी मस्जिद, आकरे]]
* [[सामर्रा बड़ी मस्जिद]]
=== ओमान ===
* [[सुल्तान क़ाबूस बड़ी मस्जिद]]
=== कुवैत ===
* [[कुवैत बड़ी मस्जिद]]
=== ताइवान ===
* [[ताइपे बड़ी मस्जिद]]
=== तुर्की ===
* [[नीली मस्जिद, इस्तांबुल]]
* [[हागिया सोफ़िया]]
=== फ़िलिस्तीन ===
* [[अल-अक्सा मस्जिद|अल-अक़्सा मस्जिद]]
* [[ग़ज़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[फ़ातिमा ख़ातून मस्जिद]]
* [[नाबुलुस बड़ी मस्जिद]]
=== बहरीन ===
* [[अल फ़ातिह बड़ी मस्जिद]]
=== बांग्लादेश ===
* [[तालतली जामा मस्जिद]]
=== भारत ===
; अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
* [[जामा मस्जिद, डेलानीपुर]]
; आंध्र प्रदेश
* [[शाही जामा मस्जिद, अदोनी|शाही जामिया मस्जिद]]
;उत्तर प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, आगरा]]
* [[जामा मस्जिद, जौनपुर]]
* [[जामा मस्जिद, फ़तेहपुर सीकरी]]
* [[जामा मस्जिद, मथुरा]]
* [[जामा मस्जिद, लखनऊ]]
* [[जामा मस्जिद शम्सी]]
;कर्नाटक
* [[जामा मस्जिद, कलबुर्गी]]
* [[जामा मस्जिद, बीदर]]
* [[जामा मस्जिद, बीजापुर]]
* [[ज़ीनथ बख्श मस्जिद|ज़ीनत बख़्श मस्जिद]]
;केरल
* [[चेरमान जुमा मस्जिद]]
* [[जामीउल फ़ुतूह]]
* [[जुमा मस्जिद, पुल्लंचेरी]]
* [[तालत्तंगाडी जुमा मस्जिद]]
* [[पालयम जुमा मस्जिद]]
;गुजरात
* [[जामा मस्जिद, अहमदाबाद]]
* [[जामा मस्जिद चंपानेर|जामा मस्जिद, चंपानेर]]
;जम्मू और कश्मीर
* [[जामा मस्जिद, शोपियाँ]]
* [[जामा मस्जिद, श्रीनगर]]
;झारखंड
* [[जामा मस्जिद, रामगढ़]]
;तमिल नाडु
* [[अत्तार जमात मस्जिद]]
* [[क़ाज़ीमार बड़ी मस्जिद]]
* [[कोट्टईमेडू मस्जिद]]
* [[गोरिप्पालयम मस्जिद]]
* [[पलईया जुम्मा पल्ली]]
* [[सुंगम मस्जिद]]
; तेलंगाना
* [[मक्का मस्जिद, हैदराबाद]]
* [[जामा मस्जिद, गोलकोंडा]]
* [[जामा मस्जिद, हैदराबाद]]
; दिल्ली
* [[जामा मस्जिद, दिल्ली]]
* [[शिया जामा मस्जिद]]
;पश्चिम बंगाल
* [[जामा मस्जिद, मोतीझील]]
; मध्य प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, मांडू]]
; महाराष्ट्र
* [[जामा मस्जिद, औरंगाबाद]]
* [[जामा मस्जिद, एरंडोल]]
* [[जामा मस्जिद, नागपुर]]
* [[जामा मस्जिद, नेरुल]]
* [[जामा मस्जिद, मुंबई]]
;हिमाचल प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, धर्मशाला]]
; हैदराबाद
* [[जामा मस्जिद, गोलकोंडा]]
=== मलेशिया ===
* [[मलेशिया राष्ट्रीय मस्जिद]]
=== मालदीव ===
* [[माले जुमा मस्जिद]]
=== यमन ===
* [[ज़बीद बड़ी मस्जिद]]
* [[सना बड़ी मस्जिद]]
=== लेबनान ===
* [[अल-उमरी बड़ी मस्जिद]]
* [[बालबक उमवी मस्जिद]]
* [[मनसूरी बड़ी मस्जिद]]
=== श्रीलंका ===
* [[कोलंबो बड़ी मस्जिद]]
=== संयुक्त अरब अमीरात ===
* [[दुबई बड़ी मस्जिद]]
* [[शेख़ ज़ायद बड़ी मस्जिद]]
=== सऊदी अरब ===
* [[मस्जिद अल-हरम]]
* [[मस्जिद-ए-नबवी]]
=== सीरिया ===
* [[अन-नूरी बड़ी मस्जिद, होम्स]]
* [[उमवी मस्जिद]]
* [[रक़्क़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[हमा बड़ी मस्जिद]]
* [[हलब बड़ी मस्जिद]]
== यूरोप ==
=== अल्बानिया ===
* [[दुरस बड़ी मस्जिद]]
* [[नमाज़गाह मस्जिद]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
{{List of mosques}}
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें|*]]
[[श्रेणी:मस्जिदों की सूचियाँ|जामा]]
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text/x-wiki
[[जामा मस्जिद]] या बड़ी मस्जिद शुक्रवार को [[जुमा की नमाज़]] पढ़ने के लिए एक प्रकार की [[मस्जिद]] होती है।<ref name=":16">{{Cite book|title=Dictionary of Islamic architecture|last=Petersen|first=Andrew|publisher=Routledge|year=1996|isbn=9781134613663|location=|pages=131|chapter=}}</ref><ref name=":24">{{Cite book|title=The Grove Encyclopedia of Islamic Art and Architecture|last=|first=|publisher=Oxford University Press|year=2009|isbn=9780195309911|editor-last=M. Bloom|editor-first=Jonathan|location=|pages=|chapter=Mosque|editor-last2=S. Blair|editor-first2=Sheila}}</ref> निम्नलिखित देश के अनुसार जामा मस्जिदों की सूची है।
== एशिया ==
=== अज़रबैजान ===
* [[जुमा मस्जिद, ओर्दुबाद]]
* [[जुमा मस्जिद, गंजा]]
* [[जुमा मस्जिद, बाकू]]
* [[जुमा मस्जिद, नख़चिवन]]
* [[जुमा मस्जिद, शामाख़ी]]
=== अफ़ग़ानिस्तान ===
* [[हेरात बड़ी मस्जिद]]
* [[हरी मस्जिद, बल्ख़]]
=== इराक़ ===
* [[अन-नूरी बड़ी मस्जिद, मोसुल]]
* [[आमेदी बड़ी मस्जिद]]
* [[कूफ़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[बड़ी मस्जिद, आकरे]]
* [[सामर्रा बड़ी मस्जिद]]
=== ओमान ===
* [[सुल्तान क़ाबूस बड़ी मस्जिद]]
=== कुवैत ===
* [[कुवैत बड़ी मस्जिद]]
=== ताइवान ===
* [[ताइपे बड़ी मस्जिद]]
=== तुर्की ===
* [[नीली मस्जिद, इस्तांबुल]]
* [[हागिया सोफ़िया]]
=== फ़िलिस्तीन ===
* [[अल-अक्सा मस्जिद|अल-अक़्सा मस्जिद]]
* [[ग़ज़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[फ़ातिमा ख़ातून मस्जिद]]
* [[नाबुलुस बड़ी मस्जिद]]
=== बहरीन ===
* [[अल फ़ातिह बड़ी मस्जिद]]
=== बांग्लादेश ===
* [[तालतली जामा मस्जिद]]
=== भारत ===
; अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
* [[जामा मस्जिद, डेलानीपुर]]
; आंध्र प्रदेश
* [[शाही जामा मस्जिद, अदोनी|शाही जामिया मस्जिद]]
;उत्तर प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, आगरा]]
* [[जामा मस्जिद, जौनपुर]]
* [[जामा मस्जिद, फ़तेहपुर सीकरी]]
* [[जामा मस्जिद, मथुरा]]
* [[जामा मस्जिद, लखनऊ]]
* [[जामा मस्जिद शम्सी]]
;कर्नाटक
* [[जामा मस्जिद, कलबुर्गी]]
* [[जामा मस्जिद, बीदर]]
* [[जामा मस्जिद, बीजापुर]]
* [[ज़ीनथ बख्श मस्जिद|ज़ीनत बख़्श मस्जिद]]
;केरल
* [[चेरमान जुमा मस्जिद]]
* [[जामीउल फ़ुतूह]]
* [[जुमा मस्जिद, पुल्लंचेरी]]
* [[तालत्तंगाडी जुमा मस्जिद]]
* [[पालयम जुमा मस्जिद]]
;गुजरात
* [[जामा मस्जिद, अहमदाबाद]]
* [[जामा मस्जिद चंपानेर|जामा मस्जिद, चंपानेर]]
;जम्मू और कश्मीर
* [[जामा मस्जिद, शोपियाँ]]
* [[जामा मस्जिद, श्रीनगर]]
;झारखंड
* [[जामा मस्जिद, रामगढ़]]
;तमिल नाडु
* [[अत्तार जमात मस्जिद]]
* [[क़ाज़ीमार बड़ी मस्जिद]]
* [[कोट्टईमेडू मस्जिद]]
* [[गोरिप्पालयम मस्जिद]]
* [[पलईया जुम्मा पल्ली]]
* [[सुंगम मस्जिद]]
; तेलंगाना
* [[मक्का मस्जिद, हैदराबाद]]
* [[जामा मस्जिद, गोलकोंडा]]
* [[जामा मस्जिद, हैदराबाद]]
; दिल्ली
* [[जामा मस्जिद, दिल्ली]]
* [[शिया जामा मस्जिद]]
;पश्चिम बंगाल
* [[जामा मस्जिद, मोतीझील]]
; मध्य प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, मांडू]]
; महाराष्ट्र
* [[जामा मस्जिद, औरंगाबाद]]
* [[जामा मस्जिद, एरंडोल]]
* [[जामा मस्जिद, नागपुर]]
* [[जामा मस्जिद, नेरुल]]
* [[जामा मस्जिद, मुंबई]]
;हिमाचल प्रदेश
* [[जामा मस्जिद, धर्मशाला]]
; हैदराबाद
* [[जामा मस्जिद, गोलकोंडा]]
=== मलेशिया ===
* [[मलेशिया राष्ट्रीय मस्जिद]]
=== मालदीव ===
* [[माले जुमा मस्जिद]]
=== यमन ===
* [[ज़बीद बड़ी मस्जिद]]
* [[सना बड़ी मस्जिद]]
=== लेबनान ===
* [[अल-उमरी बड़ी मस्जिद]]
* [[बालबक उमवी मस्जिद]]
* [[मनसूरी बड़ी मस्जिद]]
=== श्रीलंका ===
* [[कोलंबो बड़ी मस्जिद]]
=== संयुक्त अरब अमीरात ===
* [[दुबई बड़ी मस्जिद]]
* [[शेख़ ज़ायद बड़ी मस्जिद]]
=== सऊदी अरब ===
* [[मस्जिद अल-हरम]]
* [[मस्जिद-ए-नबवी]]
=== सीरिया ===
* [[अन-नूरी बड़ी मस्जिद, होम्स]]
* [[उमवी मस्जिद]]
* [[रक़्क़ा बड़ी मस्जिद]]
* [[हमा बड़ी मस्जिद]]
* [[हलब बड़ी मस्जिद]]
== यूरोप ==
=== अल्बानिया ===
* [[दुरस बड़ी मस्जिद]]
* [[नमाज़गाह मस्जिद]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें|*]]
[[श्रेणी:मस्जिदों की सूचियाँ|जामा]]
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text/x-wiki
{{Infobox organization|name=विश्व सुन्नी आंदोलन|native_name=বিশ্ব সুন্নী আন্দোলন|native_name_lang=bn|image=World sunni movement.jpg|alt=|caption=विश्व सुन्नी आंदोलन|formation=1979|founder=सैयद इमाम हयात|founding_location=ढाका, बांग्लादेश|type=सुन्नी इस्लामी संगठन|headquarters=ढाका, बांग्लादेश|leader_title=मुख्य सलाहकार|leader_name=[[सैयद मोहम्मद सैफुर रहमान]]|leader_title2=महासचिव|leader_name2=शेख रायहान रहबर|main_organ=}}'''विश्व सुन्नी आंदोलन''' ({{langx|bn|বিশ্ব সুন্নী আন্দোলন}}) [[बांग्लादेश]] में एक [[सुन्नी इस्लाम|सुन्नी इस्लामी]] धार्मिक संगठन है। इसकी स्थापना 1979 में बांग्लादेश में सैयद इमाम हयात द्वारा की गई थी।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.manob-barta.com/2019/03/peaceful-human-chain-by-world-sunni-movement-and-world-humanity-revolution-bangladesh-to-condemn-and-protest-the-deadly-terrorist-attack-by-killer-extremist-christian-terror-group-in-new-zealand/|title=Peaceful Human Chain by World sunni movement and World humanity revolution-Bangladesh to condemn and protest the deadly terrorist attack by killer extremist Christian terror group in New Zealand - मानव वार्ता|website=www.manob-barta.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20201027051942/https://www.manob-barta.com/2019/03/peaceful-human-chain-by-world-sunni-movement-and-world-humanity-revolution-bangladesh-to-condemn-and-protest-the-deadly-terrorist-attack-by-killer-extremist-christian-terror-group-in-new-zealand/|archive-date=October 27, 2020|access-date=2020-10-24|url-status=usurped}}</ref> बांग्लादेश के अलावा, विश्व सुन्नी आंदोलन संयुक्त राज्य अमेरिका,<ref name=":4">{{Cite news|url=https://northamerica.prothomalo.com/%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%B0%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%B2%E0%A6%BE-%E0%A6%A6%E0%A6%BF%E0%A6%AC%E0%A6%B8-%E0%A6%89%E0%A6%AA%E0%A6%B2%E0%A6%95%E0%A7%8D%E0%A6%B7%E0%A7%87-%E0%A6%AC%E0%A6%BF%E0%A6%B6%E0%A7%8D%E0%A6%AC-%E0%A6%B8%E0%A7%81%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%A8%E0%A6%BF-%E0%A6%86%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%A6%E0%A7%8B%E0%A6%B2%E0%A6%A8|last=প্রতিবেদক|first=নিজস্ব|date=2019-09-13|work=[[प्रथम आलो]]|access-date=2020-10-24|language=bn|script-title=bn:কারবালা দিবস উপলক্ষে বিশ্ব সুন্নি আন্দোলন, যুক্তরাষ্ট্রের সমাবেশ|archive-date=17 सितंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210917005622/https://northamerica.prothomalo.com/%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%B0%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%B2%E0%A6%BE-%E0%A6%A6%E0%A6%BF%E0%A6%AC%E0%A6%B8-%E0%A6%89%E0%A6%AA%E0%A6%B2%E0%A6%95%E0%A7%8D%E0%A6%B7%E0%A7%87-%E0%A6%AC%E0%A6%BF%E0%A6%B6%E0%A7%8D%E0%A6%AC-%E0%A6%B8%E0%A7%81%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%A8%E0%A6%BF-%E0%A6%86%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%A6%E0%A7%8B%E0%A6%B2%E0%A6%A8|url-status=dead}}</ref> यूनाइटेड किंगडम,<ref name=":5">{{Cite web|url=https://www.alamy.com/stock-photo-london-uk-17-july-2016-members-of-the-world-sunni-movement-gather-111640386.html|title=London, UK. 17 July 2016. Members of the World Sunni Movement gather in Trafalgar Square to protest against atrocities committed by Islamists. Credit: Stephen Chung / Alamy|date=2016-07-17|website=Alamy|language=en|access-date=2020-10-24}}</ref> फ्रांस,<ref name=":6">{{Cite web|url=https://www.jagonews24.com/probash/news/335947|last=ডেস্ক|first=প্রবাস|date=2017-09-05|website=jagonews24.com|language=bn|script-title=bn:রোহিঙ্গা হত্যার প্রতিবাদে প্যারিসে মানববন্ধন|access-date=2020-10-24}}</ref> इटली,<ref>{{Cite news|url=https://www.bd-pratidin.com/probash-potro/2017/10/03/268985|last=এমডি রিয়াজ|first=হোসেন|date=2017-10-03|work=[[बांग्लादेश प्रतिदिन]]|access-date=2020-10-24|language=bn|script-title=bn:इतालते विश्व सुन्नी आंदोलन का प्रदर्शन और मानव श्रृंखला {{!}} बांग्लादेश प्रतिदिन}}</ref> [[पुर्तगाल]],<ref name=":8">{{Cite web|url=http://deshpriyonews.com/?p=14776|last=হোসেন|first=ফাহিম|date=2017-11-30|language=bn|script-title=bn:पर्तुगाल में विश्व सुन्नी आंदोलन की चर्चा सभा {{!}} देशप्रियो न्यूज|archive-url=https://web.archive.org/web/20230909164009/http://deshpriyonews.com/?p=14776|archive-date=2023-09-09|access-date=2020-10-24|url-status=dead}}</ref> [[स्पेन]], और [[यूनान]] (ग्रीस) में भी सक्रिय है।<ref name=":12">{{Cite web|url=https://www.probash-mela.com/%e0%a6%97%e0%a7%8d%e0%a6%b0%e0%a7%80%e0%a6%b8%e0%a7%87-%e0%a6%aa%e0%a6%ac%e0%a6%bf%e0%a6%a4%e0%a7%8d%e0%a6%b0-%e0%a6%88%e0%a6%a2%e0%a7%87-%e0%a6%ae%e0%a6%bf%e0%a6%b2%e0%a6%be%e0%a6%a2%e0%a7%81/|last=pmela|language=en-US|script-title=bn:यूनान में पवित्र ईद-ए-मिलादुन्नबी मनाया गया|access-date=2020-10-25}}</ref>
== कैलेंडर ==
=== ईद-ए-आजम ===
संगठन ईद-ए-आजम या ईद-उल-मिलाद-उन-नबी मनाता है, जिसका अर्थ है [[हिजरी वर्ष]] की सबसे बड़ी खुशी। यह [[रबी अल-अव्वल]] के 12वें दिन मनाया जाता है।<ref name=":8" /><ref name=":1">{{Cite web|url=http://cplusbd.net/?p=18489|last=cplusbd.net|date=2019-11-11|website=CPLUSTV|language=bn|script-title=bn:विश्व सुन्नी आंदोलन संयुक्त अरब अमीरात की पहल पर पवित्र ईद-ए-आजम आयोजित|archive-url=https://web.archive.org/web/20200609153023/http://cplusbd.net/?p=18489|archive-date=2020-06-09|access-date=2020-10-24|url-status=dead}}</ref>
=== ईद-ए-मेराज-उन-नबी ===
इस्लाम के अनुसार, हिजरी वर्ष में 26 [[रजब]] को इस्लामी पैगंबर [[मुहम्मद|मोहम्मद]] का खुदा से सीधा और शारीरिक मिलन हुआ था, जिसे मेराज या स्वर्गारोहण कहा जाता है।<ref name=":9">{{Cite web|url=https://www.pba.agency/%e0%a6%aa%e0%a6%ac%e0%a6%bf%e0%a6%a4%e0%a7%8d%e0%a6%b0-%e0%a6%b6%e0%a6%ac%e0%a7%87-%e0%a6%ae%e0%a7%87%e0%a6%b0%e0%a6%be%e0%a6%9c-%e0%a6%89%e0%a6%aa%e0%a6%b2%e0%a6%95%e0%a7%8d%e0%a6%b7%e0%a7%87/|title=PBA-पवित्र शबे-मेराज के उपलक्ष्य में रविवार को राष्ट्रीय प्रेस क्लब के सामने विश्व सुन्नी आंदोलन बांग्लादेश की पहल पर मानव श्रृंखला। रविवार, 22 मार्च। चित्र : पीबीए|date=2020-03-22|website=PBA Agency For Photo News|language=bn|access-date=2020-10-24}}</ref> विश्व सुन्नी आंदोलन इस दिन ईद-ए-मेराजुनबी मनाता है।<ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.daily-sun.com/arcprint/details/134931/The-World-Sunni-Movement-arranged-EideMirajunNabi-PBUH-conference/2016-05-10|title=The World Sunni Movement arranged Eid-e-Miraj-un-Nabi (PBUH) conference|date=2016-05-10|website=Daily Sun|language=en|access-date=2020-10-24}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bd-pratidin.com/probash-potro/2019/04/12/415820|last=इतली|first=प्रतिनिधि|date=2019-04-12|website=Bangladesh Pratidin|language=en|script-title=bn:इतली में विश्व सुन्नी आंदोलन द्वारा शबे मेराज के उपलक्ष्य में दुआ महफिल {{!}} बांग्लादेश प्रतिदिन|access-date=2020-10-24}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.dhakatribune.com/bangladesh/nation/2019/03/11/qawmi-students-attack-event-of-sunnis-in-brahmanbaria?fbclid=IwAR2FXCSHd2PGKXTZsP7bzy0au2L4_Yb8eTYw5xzggwgOsA-jBd_HgIRj0nE|title=Qawmi students attack event of Sunnis in Brahmanbaria|last=Ujjal|first=Chakraborty|date=2019-03-11|work=[[ढाका ट्रिब्यून]]|access-date=2020-10-24}}</ref>
=== शहीद दिवस ===
संगठन हिजरी वर्ष के 10वें [[मुहर्रम]] को [[हुसैन इब्न अली]] की मृत्यु की याद में राष्ट्रीय शहीद दिवस मनाता है।<ref name=":4" />
=== अंधकार दिवस ===
विश्व सुन्नी आंदोलन 23 सितंबर को 'अंधकार दिवस' के रूप में मनाता है,<ref>{{Cite web|url=http://www.banglaview.news/news/details/sylhet/10978|date=2020-09-26|website=banglaview.news|language=bn|script-title=bn:अंधकार दिवस के उपलक्ष्य में विश्व सुन्नी आंदोलन सिलहट का सम्मेलन|access-date=2020-10-24}}</ref> जो 1932 में इब्न सऊद द्वारा सऊदी अरब साम्राज्य की स्थापना की वर्षगांठ है। सऊद राजवंश ने पुरानी इस्लामी विरासत जैसे मस्जिदों, [[जन्नत अल-बक़ी]], जन्नतुल मुअल्ला, और मुहम्मद के साथियों के मकबरों आदि को नष्ट कर दिया था। उन्होंने 2017 के लंदन ब्रिज हमले,<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/world-news/anti-muslim-crimes-spike-in-london-after-attack-says-mayor-sadiq-khan/story-rLyjaiLQKFDO1uM6u5CbkN.html|title=Anti-Muslim crimes spike in London after attack says Mayor Sadiq Khan|date=2017-06-07|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2020-10-27}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.independent.co.uk/news/uk/home-news/london-attack-imans-no-funeral-prayers-terrorists-refuse-500-muslim-clerics-islam-isis-burial-khuram-butt-rachid-redouane-youssef-zaghba-a7776861.html|title=More than 500 imams refuse to perform funeral prayer for London Bridge terrorists|date=2017-06-07|website=The Independent|language=en|access-date=2020-10-24}}</ref><ref name=":5" /> नवंबर 2015 पेरिस हमले, और 2019 श्रीलंका ईस्टर बम विस्फोट सहित आतंकवादी हमलों की निंदा और विरोध किया है।<ref name=":10">{{Cite web|url=https://ajanabangladesh.com/%e0%a6%b8%e0%a6%a8%e0%a7%8d%e0%a6%a4%e0%a7%8d%e0%a6%b0%e0%a6%be%e0%a6%b8%e0%a7%80-%e0%a6%97%e0%a7%8b%e0%a6%b7%e0%a7%8d%e0%a6%a0%e0%a7%80-%e0%a6%95%e0%a6%b0%e0%a7%8d%e0%a6%a4%e0%a7%83%e0%a6%95/|date=2019-04-22|website=অজানা বাংলাদেশ|language=bn|script-title=bn:आतंकवादी समूहों द्वारा श्रीलंका में चर्चों और होटलों पर हमले और নৃশংস हत्याओं के विरोध में विश्व सुन्नी आंदोलन और विश्व इंसानियत विप्लव की मानव श्रृंखला|archive-url=https://web.archive.org/web/20200608220553/https://ajanabangladesh.com/%e0%a6%b8%e0%a6%a8%e0%a7%8d%e0%a6%a4%e0%a7%8d%e0%a6%b0%e0%a6%be%e0%a6%b8%e0%a7%80-%e0%a6%97%e0%a7%8b%e0%a6%b7%e0%a7%8d%e0%a6%a0%e0%a7%80-%e0%a6%95%e0%a6%b0%e0%a7%8d%e0%a6%a4%e0%a7%83%e0%a6%95/|archive-date=2020-06-08|access-date=2020-10-24|url-status=dead}}</ref> वे अपनी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ होने वाले कथित अपराधों का भी विरोध करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.alamy.com/dhaka-bangladesh-25th-july-2017-world-sunni-movement-bangladesh-organization-image150021245.html|title=Dhaka, Bangladesh. 25th July, 2017. World Sunni Movement, Bangladesh organization a human chain condemn & protest against attack & Murder of praying Muslims in Holy Al-Aqsa|date=2017-07-25|website=Alamy|language=en|access-date=2020-10-24}}</ref><ref name=":6" /><ref>{{Cite news|url=https://www.jagonews24.com/national/news/487711|last=প্রতিবেদক|first=নিজস্ব|date=2019-03-16|work=jagonews24.com|access-date=2020-10-24|language=bn|script-title=bn:न्यूजीलैंड में मस्जिद में आतंकवादी हमले के विरोध में मानव श्रृंखला}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
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शास्वत कुमार
0
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6534140
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2026-03-29T06:15:33Z
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wikitext
text/x-wiki
'''सास्वत कुमार''' (जन्म 1991) एक भारतीय कराटे प्रशिक्षक और '''सेन्कोउकाई कराटे''' (Senkoukai Karate) प्रणाली के संस्थापक हैं। उनका जन्म [[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]] में हुआ था और वर्तमान में वे [[हैदराबाद]], [[तेलंगाना]] में निवास करते हैं, जहाँ वे मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण देते हैं।<ref>{{cite web|url=https://epaper.wakeuptelangana.com/clip/6408|title=Wake Up Telangana E-paper report|website=Wake Up Telangana|access-date=14 March 2026|archive-date=4 मार्च 2026|archive-url=https://web.archive.org/web/20260304050402/https://epaper.wakeuptelangana.com/clip/6408|url-status=bot: unknown}}</ref>
== करियर और सेन्कोउकाई कराटे ==
वर्ष 2024 में सास्वत कुमार ने '''सेन्कोउकाई कराटे''' नामक एक मार्शल आर्ट शैली की स्थापना की। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, इस शैली को इंटरनेशनल बुजुत्सु कराटे एसोसिएशन (जापान) के संस्थापक मसाकी वतनाबे द्वारा एक स्वतंत्र कराटे प्रणाली के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।<ref>{{cite web|url=https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|title=Hyderabad-based martial artist develops India's first independent karate style|website=Telangana Today|access-date=14 March 2026|archive-date=21 मई 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250521083446/https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|url-status=bot: unknown}}</ref>
उपलब्ध विवरणों के अनुसार, सेन्कोउकाई कराटे एक स्वतंत्र प्रणाली के रूप में संचालित की जाती है, जिसका अपना पाठ्यक्रम, बेल्ट प्रणाली और प्रशिक्षण नियम बताए जाते हैं। यह शैली मुख्य रूप से शोतोकान कराटे, क्योकुशिन कराटे और अन्य कॉम्बैट मार्शल आर्ट्स के तत्वों के संयोजन पर आधारित बताई जाती है। इस प्रणाली के अंतर्गत लगभग 20 काता (Kata) और विशेष रूप से तैयार की गई कुमिते (स्पैरिंग) नियमावली का भी उल्लेख किया गया है, जो व्यावहारिक आत्मरक्षा और वास्तविक परिस्थितियों में लड़ाई की तकनीकों पर केंद्रित बताई जाती है।<ref>{{cite web|url=https://telanganatoday.com/indian-karate-style-senkoukai-gets-official-recognition-from-japans-ibka|title=Indian karate style Senkoukai gets official recognition from Japan's IBKA|website=Telangana Today|access-date=14 March 2026}}</ref>
== व्यक्तिगत जानकारी ==
{| class="wikitable"
!विवरण
!जानकारी
|-
|पूरा नाम
|शश्वत कुमार
|-
|उपनाम
|[https://web.archive.org/web/20260221041925/https://epaper.wakeuptelangana.com/clip/6338 द फ्लैश ऑफ कराटे]
|-
|राष्ट्रीयता
|{{flagicon|India}} भारतीय
|-
|कद
|5 फ़ुट 9 इंच
|-
|वज़न
|83 किलोग्राम
|-
|शैली
|[https://nowhyderabad.com/index.php/2025/05/31/hyderabads-shaswat-kumar-named-to-senkoukai-karate-world-executive-committee-telangana-today/ सेन्कोउकाई कराटे]
|-
|रैंक
|[https://web.archive.org/web/20250517190453/https://www.asiancommunitynews.com/hanshi-shaswat-kumar-becomes-first-indian-to-earn-10th-dan-black-belt-from-japan/ 10वाँ दान (AJMAO)] {{flagicon|Japan}}
|-
|गुरु
|[https://www.instagram.com/reel/C-CXylyvXxs/ मासाकी वतनाबे]
|}
== उपलब्धियाँ ==
विभिन्न स्वतंत्र समाचार स्रोतों के अनुसार, कुमार को मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में भारत और विदेशों की विभिन्न संस्थाओं द्वारा अनेक पुरस्कार, मानद उपाधियाँ और सम्मान प्रदान किए गए हैं। निम्नलिखित सम्मान मीडिया स्रोतों में प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर सूचीबद्ध हैं।
{| class="wikitable sortable" style="width:100%;"
!पुरस्कार / सम्मान (जैसा कि रिपोर्ट किया गया)
!देश
!विवरण / श्रेय
!संदर्भ
|-
|वर्ल्ड सुप्रीम ग्रैंडमास्टर क्राउन ऑफ मार्शल एक्सीलेंस
|{{flag|Japan}}
|मार्शल आर्ट्स उत्कृष्टता के लिए रिपोर्ट किया गया सम्मान
|<ref name="TT-milestone">[https://telanganatoday.com/hyderabads-shaswat-kumar-makes-rare-global-karate-milestone "Hyderabad’s Shaswat Kumar makes rare global karate milestone", Telangana Today]</ref>
|-
|वर्ल्ड सोकेशिप मान्यता
|{{flag|Japan}}
|कराटे में नेतृत्व से संबंधित मान्यता के रूप में रिपोर्ट
|<ref name="TT-milestone" />
|-
|10वाँ दान ब्लैक बेल्ट
|{{flag|Japan}}
|एक जापानी संगठन द्वारा प्रदान किया गया बताया गया
|<ref name="ACN-10Dan">[https://www.asiancommunitynews.com/hanshi-shaswat-kumar-becomes-first-indian-to-earn-10th-dan-black-belt-from-japan/ "Hanshi Shaswat Kumar becomes first Indian to earn 10th Dan Black Belt from Japan", Asian Community News]</ref>
|-
|हांशी उपाधि
|{{flag|Japan}}
|मीडिया में वरिष्ठ कराटे प्रशिक्षक की उपाधि के रूप में रिपोर्ट
|<ref name="ACN-Hanshi-Brazil">[https://web.archive.org/web/20250919190855/https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/ "India’s Karate Grand Master Hanshi Shaswat Kumar wins two prestigious awards from Brazil", Asian Community News]</ref>
|-
|गॉड ब्लेस्ड वॉरियर अवार्ड
|{{flag|Japan}}
|मासाकी वतनाबे द्वारा सम्मान के रूप में प्रदान किया गया बताया गया
|<ref name="TT-JapanAwards">[https://telanganatoday.com/grand-master-shaswat-kumar-honored-with-top-japanese-martial-arts-awards "Grand Master Shaswat Kumar honored with top Japanese martial arts awards", Telangana Today]</ref>
|-
|वर्ल्ड मार्शल आर्ट्स आइकन
|{{flag|Japan}}
|मासाकी वतनाबे द्वारा सम्मान के रूप में प्रदान किया गया बताया गया
|<ref name="TT-JapanAwards" />
|-
|"गॉड ऑफ रियल कॉम्बैट कराटे"
|{{flag|Japan}}
|योशिमोटो तनाका द्वारा सम्मान के रूप में प्रदान किया गया बताया गया
|<ref name="NK-Tanaka">[https://web.archive.org/web/20250905032630/https://newskarnataka.com/india/grand-master-shaswat-kumar-honoured-with-top-japanese-martial-arts-awards/02092025 "Grand Master Shaswat Kumar honoured with top Japanese martial arts awards", News Karnataka]</ref>
|-
|"फादर ऑफ द रियल कॉम्बैट कराटे"
|{{flag|Japan}}
|योशिमोटो तनाका द्वारा सम्मान के रूप में प्रदान किया गया बताया गया
|<ref name="NK-Tanaka" />
|-
|वर्ल्ड कराटे ग्रैंड लीजेंड अवार्ड
|{{flag|Vietnam}}
|एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में दिया गया बताया गया
|<ref name="ACN-Vietnam">[https://web.archive.org/web/20260111180502/https://www.asiancommunitynews.com/grandmaster-shaswat-kumar-receives-multiple-intl-awards-for-india-origin-senkoukai-karate-system/ "Grandmaster Shaswat Kumar receives multiple Intl awards", Asian Community News]</ref>
|-
|वर्ल्ड कराटे सिस्टम अवार्ड
|{{flag|Vietnam}}
|सेन्कोउकाई कराटे प्रणाली के लिए मान्यता के रूप में रिपोर्ट
|<ref name="ACN-Vietnam" />
|-
|इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम अवार्ड (10 बार)
|विभिन्न
|विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा शामिल किया गया
|<ref>[https://telanganatoday.com/rare-international-honour-for-hyderabad-martial-artist-shaswat-kumar "Rare international honour for Hyderabad martial artist Shaswat Kumar", Telangana Today]</ref>
|-
|वर्ल्ड 100-मैन कुमिते अचीवमेंट अवार्ड
|{{flag|Indonesia}}
|एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में दिया गया बताया गया
|<ref name="BW-Indonesia">[https://web.archive.org/web/20260102092014/https://thebrighterworld.com/detail/Not-Just-a-Black-Belt-a-Global-Legacy-Shaswat-Kumars-Historic-International-Honours/OTUwNA "Shaswat Kumar's Historic International Honours", The Brighter World]</ref><ref name="WUT-Telangana">[https://epaper.wakeuptelangana.com/clip/6100 "Shaswat Kumar Achievement Award", Wake Up Telangana]</ref>
|-
|वर्ल्ड मार्शल आर्ट्स लीजेंड अवार्ड
|{{flag|Indonesia}}
|एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में दिया गया बताया गया
|<ref name="BW-Indonesia" /><ref name="WUT-Telangana" />
|-
|100-मैन कुमिते (108 मुकाबले)
|{{flag|India}}
|हैदराबाद में पूरा किया गया; इसे एक दुर्लभ उपलब्धि के रूप में रिपोर्ट किया गया
|<ref name="ACN-10Dan" /><ref>[https://web.archive.org/web/20250329105339/https://m.sambadepaper.com/imageview_69770_185902_4_71_27-03-2025_17_i_1_sf.html "Shaswat Kumar completes 100-man kumite", Sambad Epaper]</ref><ref name="ACN-Hanshi-Brazil" />
|-
|ग्रैंड मास्टर ऑफ द ईयर (दो बार)
|{{flag|Serbia}}
|वर्ल्ड मार्शल आर्ट्स काउंसिल द्वारा रिपोर्ट किया गया
|<ref name="ACN-Hanshi-Brazil" />
|-
|लीजेंड ऑफ इंडियन कराटे अवार्ड
|{{flag|Serbia}}
|अंतरराष्ट्रीय मीडिया में रिपोर्ट किया गया सम्मान
|<ref name="BW-Serbia">[https://web.archive.org/web/20251117033550/https://www.thebrighterworld.com/detail/Indias-Shaswat-Kumar-Receives-Prestigious-Global-Karate-Award-Honoured-as-Legend-of-Indian-Karate/OTA5Mw "Legend of Indian Karate Award", The Brighter World]</ref>
|-
|पायनियर एवं भारत के सबसे सफल मार्शल आर्टिस्ट
|{{flag|Serbia}}
|अंतरराष्ट्रीय मीडिया में रिपोर्ट किया गया शीर्षक
|<ref name="BW-Serbia" />
|-
|इंटरनेशनल मार्शल आर्ट्स लीजेंड अवार्ड
|{{flag|Malaysia}}
|मलेशिया में दिया गया सम्मान
|<ref>[https://telanganatoday.com/telanganas-shaswat-honoured-with-international-martial-arts-legend-award-in-malaysia "Shaswat honoured with legend award in Malaysia", Telangana Today]</ref>
|-
|वर्ल्ड मार्शल आर्ट्स अचीवमेंट अवार्ड
|{{flag|Brazil}}
|ब्राज़ील से अंतरराष्ट्रीय सम्मान के रूप में रिपोर्ट
|<ref name="ACN-Hanshi-Brazil" />
|-
|इंटरनेशनल मार्शल आर्ट्स लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
|{{flag|Brazil}}
|ब्राज़ील से लाइफटाइम सम्मान के रूप में रिपोर्ट
|<ref name="ACN-Hanshi-Brazil" />
|-
|ग्रैंडमास्टर उपाधि (MAA-I)
|{{flag|Germany}}
|मार्शल आर्ट्स एसोसिएशन इंटरनेशनल द्वारा प्रदान
|<ref>[https://web.archive.org/web/20250705195426/https://telanganatoday.com/shaswat-gets-grandmaster-title "Shaswat gets Grandmaster title", Telangana Today]</ref>
|-
|वर्ल्ड मार्शल आर्ट्स पायनियर अवार्ड
|{{flag|Germany}}
|हॉल ऑफ फेम द्वारा दिया गया बताया गया
|<ref>[https://web.archive.org/web/20250726062440/https://thebrighterworld.com/detail/Global-Honour-for-India-Hanshi-Shaswat-Kumar-Receives-World-Martial-Arts-Pioneer-Award-and-10th-Hall-of-Fame-Recognition/ODgwOA "World Martial Arts Pioneer Award", The Brighter World]</ref>
|-
|मार्शल आर्ट्स में पीएचडी
|{{flag|Indonesia}}
|मानद डॉक्टरेट के रूप में रिपोर्ट
|<ref name="ACN-Hanshi-Brazil" /><ref>[https://web.archive.org/web/20250521083446/https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition "PhD recognition news", Telangana Today]</ref>
|-
|ग्लोबल लिविंग कराटे लीजेंड
|{{flag|Indonesia}}
|ब्रह्मा गुरु हेनरी हेंदार्टो द्वारा सम्मान के रूप में प्रदान
|<ref>[https://epaper.wakeuptelangana.com/clip/6318 Wake Up Telangana]</ref>
|-
|द फ्लैश ऑफ कराटे
|{{flag|Japan}}
|योशियो तनिबाता द्वारा सम्मान के रूप में प्रदान
|<ref>[https://epaper.wakeuptelangana.com/clip/6338 Wake Up Telangana]</ref>
|}
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
शश्वत कुमार का जन्म 30 अप्रैल 1991 को [[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]] में हुआ था। वर्ष 2007 में उनके पिता, जो एक सरकारी कर्मचारी थे, के स्थानांतरण के बाद उनका परिवार हैदराबाद चला गया। कुमार ने अपनी औपचारिक शिक्षा [[हैदराबाद]] में पूरी की। कॉलेज के दौरान वे नेशनल कैडेट कॉर्प्स (NCC) के सदस्य थे। साक्षात्कारों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने बताया है कि NCC में उनके अनुभव ने शारीरिक अनुशासन और प्रशिक्षण की आदतों के विकास में योगदान दिया, जिसने आगे चलकर उनके मार्शल आर्ट्स करियर में सहायता की।<ref name="ACN-BrazilAwards">{{cite web|url=https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/|title=India's Karate Grand Master Hanshi Shaswat Kumar Wins Two Prestigious Awards from Brazil|date=19 September 2025|website=Asian Community News|archive-url=https://web.archive.org/web/20250919190855/https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/|archive-date=19 September 2025|access-date=18 January 2026}}</ref>
कुमार ने अपने विद्यालय के वर्षों के दौरान [[कराटे]] का प्रशिक्षण प्रारंभ किया और बाद में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारत तथा विदेशों में विभिन्न प्रशिक्षकों के अधीन प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने भारत में अपनी शिक्षा पूरी करने के साथ-साथ मार्शल आर्ट्स में अपनी भागीदारी जारी रखी। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने '''सेन्कोउकाई कराटे''' नामक एक स्वतंत्र कराटे शैली का विकास किया, जिसे भारत में विकसित किया गया बताया जाता है। उनके कार्य और इस प्रणाली के विकास का उल्लेख विभिन्न मार्शल आर्ट्स प्रकाशनों और समाचार माध्यमों में किया गया है।<ref name="auto1">{{cite web|url=https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|title=Hyderabad-based Martial Artist develops India's first independent karate style; Senkoukai Karate gains global recognition|date=21 May 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250521083446/https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|archive-date=21 May 2025}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/|title=India's Karate Grand Master Hanshi Shaswat Kumar Wins Two Prestigious Awards from Brazil|date=19 September 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250919190855/https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/|archive-date=19 September 2025}}</ref>
== करियर ==
अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद कुमार ने मार्शल आर्ट्स में अपनी सक्रियता जारी रखी, जिसमें मीडिया स्रोतों के अनुसार उनका ध्यान फुल-कॉन्टैक्ट कराटे पर केंद्रित रहा। समय के साथ उन्होंने वरिष्ठ अभ्यासकर्ताओं के साथ प्रशिक्षण लिया और प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार विभिन्न मार्शल आर्ट्स सेमिनारों तथा कार्यक्रमों में भाग लिया। इसी पृष्ठभूमि के आधार पर उन्होंने बाद में '''सेन्कोउकाई कराटे''' को एक स्वतंत्र कराटे प्रणाली के रूप में विकसित किया।<ref>{{Cite news|url=https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|title=Hyderabad-based Martial Artist develops India’s first independent karate style; Senkoukai Karate gains global recognition|last=Today|first=Telangana|work=Telangana Today|access-date=2026-03-15|language=en-US}}</ref>
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 2024 में सेन्कोउकाई कराटे को जापान स्थित इंटरनेशनल बुजुत्सु कराटे एसोसिएशन (IBKA) तथा वतनाबे शोतोकान कराटे फेडरेशन के संस्थापक मासाकी वतनाबे द्वारा एक स्वतंत्र कराटे प्रणाली के रूप में मान्यता दिए जाने की सूचना प्रकाशित हुई।<ref name="auto1" /><ref name="auto">{{cite web|url=https://telanganatoday.com/hyderabads-shaswat-kumar-named-to-senkoukai-karate-world-executive-committee|title=Hyderabad's Shaswat Kumar named to Senkoukai Karate World Executive Committee|date=31 May 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250531061226/https://telanganatoday.com/hyderabads-shaswat-kumar-named-to-senkoukai-karate-world-executive-committee|archive-date=31 May 2025}}</ref>
9 फरवरी 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शश्वत कुमार ने वर्ल्ड सेन्कोउकाई कराटे ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित 100-मैन फुल-कॉन्टैक्ट कुमिते पूरा किया। इन रिपोर्टों के अनुसार इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लगातार 108 मुकाबलों में भाग लिया।<ref>{{cite web|url=https://m.sambadepaper.com/imageview_69770_185902_4_71_27-03-2025_17_i_1_sf.html|title=Odia martial artist Shaswat Kumar completes 100-man full-contact kumite|date=27 March 2025|website=Sambad Epaper|archive-url=https://web.archive.org/web/20250329105339/https://m.sambadepaper.com/imageview_69770_185902_4_71_27-03-2025_17_i_1_sf.html|archive-date=29 March 2025}}</ref>
कुमार सेन्कोउकाई कराटे से संबंधित संगठनात्मक तथा तकनीकी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में उन्हें सेन्कोउकाई कराटे वर्ल्ड एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य के रूप में उल्लेखित किया गया है, जो शैली की वैश्विक शाखाओं के बीच गतिविधियों के समन्वय और मानकों के रखरखाव से संबंधित बताई जाती है।<ref name="auto" />
{| class="wikitable sortable"
|+सेन्कोउकाई कराटे वर्ल्ड एग्जीक्यूटिव कमेटी — सदस्य
!क्रम संख्या
!नाम
!पद
!देश
|-
|1
|GM. Masaki Watanabe
|Chairman
|{{flagicon|Japan}} Japan
|-
|2
|GM. Elias Cruz Rodriguez
|Director
|{{flagicon|Spain}} Spain
|-
|3
|Kyoshi Vishwa Barchha
|President
|{{flagicon|India}} India
|-
|4
|GM. Shaswat Kumar
|Director & Chief Instructor
|{{flagicon|India}} India
|-
|5
|GM. Adinaldo Correa Negrao
|Vice President
|{{flagicon|Brazil}} Brazil
|-
|6
|GM. Miroslav Pavlovic
|Vice President
|{{flagicon|Serbia}} Serbia
|-
|7
|GM. Henri Hendarto
|Vice President
|{{flagicon|Indonesia}} Indonesia
|-
|8
|GM. Jorge Antonio Acevedo
|Vice President
|{{flagicon|Cuba}} Cuba
|-
|9
|Kyoshi Ashraf Elmasry
|Secretary
|{{flagicon|Egypt}} Egypt
|-
|10
|GM. Minh Hang Nguyen
|Technical Director
|{{flagicon|United States}} United States
|-
|11
|Shihan Hirokazu Narumi
|Chief Advisor
|{{flagicon|Japan}} Japan
|-
|12
|Shihan Takayuki Asami
|Advisor
|{{flagicon|Japan}} Japan
|-
|13
|GM. Yoshio Tanibata
|Advisor
|{{flagicon|Japan}} Japan
|-
|14
|Shihan Kauro Kamiya
|Advisor
|{{flagicon|Japan}} Japan
|-
|15
|GM. Celal Akgul
|Advisor
|{{flagicon|United Kingdom}} United Kingdom
|-
|16
|GM. Mohd Arif Syafiq
|Joint Secretary
|{{flagicon|Malaysia}} Malaysia
|-
|17
|GM. Ahmad Al Hasani
|Joint Secretary
|{{flagicon|Japan}} Japan
|-
|18
|Shihan Kennedy Kazwami
|Joint Secretary
|{{flagicon|Zambia}} Zambia
|-
|19
|Kyoshi Yurowslav Yurievich Lyshenko
|Joint Secretary
|{{flagicon|Russia}} Russia
|-
|20
|Shihan Anibal Alejandro Gonzalez Veliz
|Joint Secretary
|{{flagicon|Chile}} Chile
|}
== सेन्कोउकाई कराटे काता ==
निम्नलिखित 20 काता सेन्कोउकाई कराटे प्रणाली के लिए शश्वत कुमार द्वारा विकसित बताए जाते हैं:<ref>{{Cite web|url=https://telanganatoday.com/indian-karate-style-senkoukai-gets-official-recognition-from-japans-ibka|title=Indian Karate style ‘Senkoukai’ gets official recognition from Japan’s IBKA|last=Today|first=Telangana|date=2025-11-01|website=Telangana Today|language=en|access-date=2026-03-15}}</ref>
{| class="wikitable sortable"
!क्रम संख्या
!काता का नाम
|-
|1
|Kenshin Shodan (拳心初段)
|-
|2
|Kenshin Nidan (拳心二段)
|-
|3
|Kenshin Sandan (拳心三段)
|-
|4
|Kenshin Yondan (拳心四段)
|-
|5
|Kenshin Godan (拳心五段)
|-
|6
|Tetsuki Shodan (鉄気初段)
|-
|7
|Tetsuki Nidan (鉄気二段)
|-
|8
|Tetsuki Sandan (鉄気三段)
|-
|9
|Tetsuki Yondan (鉄気四段)
|-
|10
|Tetsuki Godan (鉄気五段)
|-
|11
|Sengō (閃剛)
|-
|12
|Raisen (雷旋)
|-
|13
|Fūzan (風斬)
|-
|14
|Enka (焔牙)
|-
|15
|Rekkū (烈空)
|-
|16
|Kejin (影迅)
|-
|17
|Bakuran (爆嵐)
|-
|18
|Kūzetsu (空絶)
|-
|19
|Jingen (刃幻)
|-
|20
|Tōrai (闘雷)
|}
<ref>{{cite web|url=https://telanganatoday.com/indian-karate-style-senkoukai-gets-official-recognition-from-japans-ibka|title=Indian karate style Senkoukai gets official recognition from Japan's IBKA|website=Telangana Today|access-date=2026-01-19}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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शाहीनदोख्त मोलावेर्दी
0
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2026-03-29T06:56:43Z
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6534155
wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक राजनीतिज्ञ
| name = शाहीनदोख्त मोलावेर्दी
| native_name = شهیندخت مولاوردی
| image = Shahindokht Molaverdi 01.jpg
| caption = शाहीनदोख्त मोलावेर्दी
| office1 = नागरिक अधिकारों के लिए [[ईरान]] के राष्ट्रपति की विशेष सहायक
| president1 = [[हसन रूहानी]]
| term_start1 = 9 अगस्त 2017
| term_end1 = 24 नवंबर 2018
| predecessor1 = एल्हाम अमीनज़ादेह
| office2 = महिला एवं परिवार मामलों के लिए ईरान की उपराष्ट्रपति
| president2 = हसन रूहानी
| term_start2 = 13 अगस्त 2013
| term_end2 = 9 अगस्त 2017
| predecessor2 = मरियम मुजतहिदज़ादेह
| successor2 = मासूमेह एब्तेकर
| birth_date = 23 अक्टूबर 1965
| birth_place = खोय (Khoy), [[ईरान]]
| nationality = ईरानी
| education = कानून (विधि)
| alma_mater = शाहिद बेहेश्ती विश्वविद्यालय<br>अल्लामेह तबातबाई विश्वविद्यालय
| spouse = हामिद आयती
| occupation = शिक्षाविद, न्यायविद्, राजनीतिज्ञ
}}
'''शाहीनदोख्त मोलावेर्दी''' (जन्म: 23 अक्टूबर 1965) एक ईरानी शिक्षाविद, न्यायविद् और राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के पहले कार्यकाल (2013-2017) के दौरान 'महिला एवं परिवार मामलों की उपराष्ट्रपति' के रूप में कार्य किया। इसके बाद, उन्होंने 9 अगस्त 2017 से 24 नवंबर 2018 तक 'नागरिक अधिकारों के लिए राष्ट्रपति की विशेष सहायक' का पदभार संभाला। मोलावेर्दी ईरानी नागरिक समाज में महिलाओं के अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
शाहीनदोख्त मोलावेर्दी का जन्म 23 अक्टूबर 1965 को ईरान के पश्चिम अज़रबैजान प्रांत के खोय शहर में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गृहनगर में ही प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए वे तेहरान गईं और 'शाहिद बेहेश्ती विश्वविद्यालय' में दाखिला लिया। यहाँ से उन्होंने कानून (विधि) के क्षेत्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।<ref>{{Cite web|url=https://www.entekhab.ir/fa/news/132365/%D8%B3%D9%88%D9%85%DB%8C%D9%86-%D8%B2%D9%86-%DA%A9%D8%A7%D8%A8%DB%8C%D9%86%D9%87-%D8%B1%D9%88%D8%AD%D8%A7%D9%86%DB%8C-%D8%B1%D8%A7-%D8%A8%D8%B4%D9%86%D8%A7%D8%B3%DB%8C%D8%AF|title=سومین زن کابینه روحانی را بشناسید|last=پایگاه خبری تحلیلی انتخاب {{!}} Entekhab.ir|website=پایگاه خبری تحلیلی انتخاب {{!}} Entekhab.ir|language=fa-IR|access-date=2026-03-18}}</ref>
इसके पश्चात, उन्होंने 'अल्लामेह तबातबाई विश्वविद्यालय' (Allameh Tabataba'i University) से अंतर्राष्ट्रीय कानून विषय में मास्टर डिग्री (स्नातकोत्तर) पूरी की। उनका यह शैक्षणिक ज्ञान उनके कानूनी और राजनीतिक कार्यों का आधार बना। उनके पति का नाम हामिद आयती है। एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में मोलावेर्दी ने अक्सर इस बात पर जोर दिया है कि कार्यस्थल और बाज़ार में महिलाओं और पुरुषों के बीच लैंगिक संतुलन होना चाहिए।<ref>{{Cite news|url=http://samaaknews.com/55090/%D9%87%D9%85%D8%B3%D8%B1-%D8%AD%D9%85%DB%8C%D8%AF-%D8%A2%DB%8C%D8%AA%DB%8C-%D8%AA%D8%B9%D8%A7%D8%AF%D9%84-%D8%AC%D9%86%D8%B3%DB%8C%D8%AA%DB%8C-%D8%AF%D8%B1-%D8%A8%D8%A7%D8%B2%D8%A7%D8%B1-%DA%A9%D8%A7/|title=همسر حمید آیتی تعادل جنسیتی در بازار کار را رها نمی کند! {{!}} پایگاه خبری تحلیلی سمعک|date=2016-02-16|work=پایگاه خبری تحلیلی سمعک|access-date=2026-03-18|language=fa-IR|archive-date=17 फ़रवरी 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160217092105/http://samaaknews.com/55090/%D9%87%D9%85%D8%B3%D8%B1-%D8%AD%D9%85%DB%8C%D8%AF-%D8%A2%DB%8C%D8%AA%DB%8C-%D8%AA%D8%B9%D8%A7%D8%AF%D9%84-%D8%AC%D9%86%D8%B3%DB%8C%D8%AA%DB%8C-%D8%AF%D8%B1-%D8%A8%D8%A7%D8%B2%D8%A7%D8%B1-%DA%A9%D8%A7/|url-status=dead}}</ref>
== सामाजिक सक्रियता और प्रारंभिक करियर ==
सरकारी पदों पर नियुक्त होने से पहले मोलावेर्दी नागरिक समाज और कई गैर-सरकारी संगठनों में सक्रिय थीं। उन्होंने 'सोसाइटी फॉर प्रोटेक्टिंग विमेंस राइट्स' (महिलाओं के मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए समिति) की महासचिव के रूप में कार्य किया।
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी के कार्यकाल (1997-2005) के दौरान, उन्होंने 'महिलाओं की भागीदारी केंद्र' (Center for Women's Participation) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग की निदेशक के तौर पर भी अपनी सेवाएँ दीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में अवसर प्रदान करने के लिए नीतियां प्रस्तावित कीं। उन्होंने उस रूढ़िवादी तर्क का विरोध किया जिसके अनुसार महिलाओं के पास प्रबंधन का अनुभव नहीं होता; उनका मानना था कि यदि महिलाओं को नेतृत्व के अवसर नहीं दिए जाएंगे, तो वे यह अनुभव कभी प्राप्त नहीं कर पाएंगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.radiozamaneh.com/69307/|title=حضور کمرنگ زنان ایران در عرصههای مدیریتی|date=2013-05-11|website=www.radiozamaneh.com|language=fa-IR|access-date=2026-03-18}}</ref>
== उपराष्ट्रपति का कार्यकाल (2013–2017) ==
अगस्त 2013 में, ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शाहीनदोख्त मोलावेर्दी को 'महिला एवं परिवार मामलों का उपराष्ट्रपति' नियुक्त किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.dw.com/fa-ir/%D8%B4%D9%87%DB%8C%D9%86%D8%AF%D8%AE%D8%AA-%D9%85%D9%88%D9%84%D8%A7%D9%88%D8%B1%D8%AF%DB%8C-%D9%85%D8%B9%D8%A7%D9%88%D9%86-%D8%AD%D8%B3%D9%86-%D8%B1%D9%88%D8%AD%D8%A7%D9%86%DB%8C-%D8%AF%D8%B1-%D8%A7%D9%85%D9%88%D8%B1-%D8%B2%D9%86%D8%A7%D9%86-%D8%B4%D8%AF/a-17145729|title=شهیندخت مولاوردی، معاون حسن روحانی در امور زنان شد|website=dw.com|language=fa|access-date=2026-03-18}}</ref>
उपराष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, मोलावेर्दी ने कई सामाजिक मुद्दों को उठाया। उन्होंने ईरान के खेल स्टेडियमों में महिलाओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंधों को हटाने का समर्थन किया, बाल विवाह को रोकने के लिए कानूनी सुधारों की आवश्यकता बताई और महिलाओं के लिए समान रोजगार के अवसरों की मांग की। उनकी इन नीतियों के कारण उन्हें ईरान के रूढ़िवादी राजनीतिक गुटों और न्यायपालिका की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ा।
== नागरिक अधिकारों के लिए विशेष सहायक (2017–2018) ==
2017 में राष्ट्रपति हसन रूहानी के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ, मोलावेर्दी को 'नागरिक अधिकारों के लिए राष्ट्रपति का विशेष सहायक' नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उनका मुख्य कार्य ईरान के 'नागरिक अधिकार चार्टर' (Charter of Citizens' Rights) के कार्यान्वयन की निगरानी करना था।
2018 में, एसोसिएटेड प्रेस (AP) को दिए गए एक साक्षात्कार में, उन्होंने टिप्पणी की थी कि ईरानी सरकार हिरासत में लिए गए अमेरिकी निवासियों और दोहरे नागरिकता वाले व्यक्तियों के मामलों को उचित कानूनी सहायता प्रदान करने में विफल रही है।<ref>{{Cite web|url=https://apnews.com/article/0a0ea301735247b9b0f95515132f6737|title=AP Interview: Adviser says Iran failed detained US resident|last=Gambrell|first=Jon|date=2018-09-14|website=AP News|language=en|access-date=2026-03-18}}</ref>
नवंबर 2018 में, ईरानी संसद ने एक नया कानून पारित किया जिसके तहत सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) व्यक्तियों को सरकारी पदों पर काम करने से प्रतिबंधित कर दिया गया। इस कानून के लागू होने के परिणामस्वरूप, 24 नवंबर 2018 को शाहीनदोख्त मोलावेर्दी सहित राष्ट्रपति प्रशासन के लगभग 10 वरिष्ठ अधिकारियों को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा।<ref>{{Cite web|url=https://en.radiofarda.com/a/iran-rouhani-former-deputy-says-his-government-has-failed-women/29748857.html|title=Rouhani's Former Deputy Says His Government Has Failed Women|date=2019-02-03|website=Radio Free Europe / Radio Liberty|language=en|access-date=2026-03-18}}</ref>
== कानूनी मामले और दोषमुक्ति ==
सरकारी पद से हटने के बाद मोलावेर्दी के खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज किए गए। दिसंबर 2020 में, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने उन्हें "विदेशी संस्थाओं को गोपनीय जानकारी प्रदान करने" और "राज्य व्यवस्था के खिलाफ दुष्प्रचार करने" के आरोप में 30 महीने (ढाई साल) की जेल की सजा सुनाई।<ref>{{Cite web|url=https://www.dw.com/en/iran-former-vice-president-sentenced-to-30-months-in-prison/a-55835600|title=Iran: Former vice president sentenced to 30 months in prison|website=dw.com|language=en|access-date=2026-03-18}}</ref>
मोलावेर्दी ने इन आरोपों का खंडन किया और अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील की। बाद में, एक अपीलीय अदालत ने उनके तर्कों की समीक्षा की और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.pishkhan.com/news/256229|title=روزنامه شرق: در دادگاه از اتهامی که از صداوسیما پخش شده تبرئه شدهام|website=www.pishkhan.com|access-date=2026-03-18}}</ref>
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, ईरान में महिलाओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की स्थिति चर्चा का विषय रही है। जनवरी 2023 में संयुक्त राज्य अमेरिका की कांग्रेस ने एक प्रस्ताव (H. Con. Res. 7) पारित किया, जिसमें ईरानी सरकार द्वारा महिलाओं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किए जा रहे मानवाधिकारों के हनन की निंदा की गई।<ref>{{Cite news|url=https://clerk.house.gov/Votes/202336|title=Roll Call 36 Roll Call 36, Bill Number: H. Con. Res. 7, 118th Congress, 1st Session|date=2023-01-25|work=Office of the Clerk, U.S. House of Representatives|access-date=2026-03-18|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.congress.gov/bill/118th-congress/house-concurrent-resolution/7/text|title=Text - H.Con.Res.7 - 118th Congress (2023-2024): Condemning the Iranian regime's human rights abuses against the brave women and men of Iran peacefully demonstrating in more than 133 cities.|last=Rep. Tenney|first=Claudia [R-NY-24|date=2023-01-26|website=www.congress.gov|access-date=2026-03-18}}</ref> मोलावेर्दी के कार्यों और उन पर लगे मुकदमों को ईरान के इसी राजनीतिक और मानवाधिकार परिदृश्य के संदर्भ में देखा जाता है।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://www.wikidata.org/wiki/Q15062987 विकिडाटा पर शाहीनदोख्त मोलावेर्दी]
[[श्रेणी:1965 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:ईरानी राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:ईरानी महिला अधिकार कार्यकर्ता]]
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[[श्रेणी:अल्लामेह तबातबाई विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र]]
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धुरंधर: द रिवेंज
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2026-03-29T00:18:02Z
The World Review
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wikitext
text/x-wiki
{{आधार}}{{Infobox film
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| caption = प्रचार पोस्टर
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{{Infobox
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* {{cite web|title=Dhurandhar: 5 Box Office Records Set By The Film|url=https://www.news18.com/photogallery/movies/bollywood/dhurandhar-5-box-office-records-set-by-the-film-ws-l-9756397.html|work=[[न्यूज़ 18]]|date=8 दिसम्बर 2025|accessdate=27 दिसम्बर 2025|author1=निशा दुबे |author2=भास्वती सेनगुप्ता |archive-date=1 जनवरी 2026|archive-url=https://web.archive.org/web/20260101105104/https://www.news18.com/photogallery/movies/bollywood/dhurandhar-5-box-office-records-set-by-the-film-ws-l-9756397.html|url-status=live}}
* {{Cite web|date=3 दिसम्बर 2025|title=Dhurandhar Movie: Release Date, Trailer, Tickets price, Advance Booking, Box Office Collection Prediction, other details you need to know|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/dhurandhar-movie-release-date-trailer-tickets-price-advance-booking-box-office-collection-prediction-other-details-you-need-to-know-10399381/|access-date=4 दिसम्बर 2025|website=[[इंडियन एक्सप्रेस]]|archive-date=3 दिसम्बर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251203174258/https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/dhurandhar-movie-release-date-trailer-tickets-price-advance-booking-box-office-collection-prediction-other-details-you-need-to-know-10399381/|url-status=live}}
* {{Cite web |date=23 मार्च 2026 |last=झा |first=सुभाष |title=Unrevealed facts on Dhurandhar: Aditya Dhar REVEALS entire budget and how both films combined became an 8-hour saga: "A scene that was meant to be for 10 seconds actually required 2 minutes" |url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/unrevealed-facts-dhurandhar-aditya-dhar-reveals-entire-budget-films-combined-became-8-hour-saga-scene-meant-10-seconds-actually-required-2-minutes/ |work=[[बॉलीवुड हंगामा]] |access-date=23 मार्च 2026}}
* {{Cite web|date=12 दिसम्बर 2025|title=Dhurandhar Eyes Rs 300 Crore By Weekend Despite "Revenue Loss" From No Gulf Release: Experts|url=https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|access-date=13 दिसम्बर 2025|website=[[एनडीटीवी]]|author=तनिषा भट्टाचार्य |archive-date=13 दिसम्बर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251213162501/https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|url-status=live}}
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| gross = {{INR|915.90 करोड़}}<ref name="BO">{{Cite web |access-date=22 मार्च 2026 |title=Dhurandhar The Revenge Box Office |url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/dhurandhar-the-revenge/box-office/ |work=[[बॉलीवुड हंगामा]]}}</ref>
}}'''''धुरंधर: द रिवेंज'''''{{efn|{{Translation|निष्ठावान}}}} सन् 2026 में प्रमोचित हिंदी भाषा की वाली भारतीय जासूसी [[एक्शन फिल्म|एक्शन]]<nowiki/>-थ्रिलर फ़िल्म है। फिल्म सिर्फ एडल्ट के लिए ही है, फिल्म में बहुत ज्यादा गाली गलोच है, और बहुत ही हिंसा से भरी फिल्म है कोई किसी का गला काट रहा है, कोई सर फोड़ रहा है, कोई उंगली काट रहा है, कोई सर को ही बेहरहमी से काट रहा है, कोई आंख फोड़ रहा है, कोई बच्चों पर गोलियां चला रहा है, कोई पाव काट रहा है, संक्षेप में सबके सब खूखर शैतान हैवान की तरह बने हुए हैं ये फिल्म, पाकिस्तानी आतंकवाद पर बनायी गई फिल्म है जो पूर्व में हुई आतंकी हमले को दर्शाती है, और उन अतंकवादियो को ख़त्म करती है, जो एक जायज़ (न्याय का काम) एक उचित काम है राजनीति और गुंडा गर्दी और प्रो मोदी प्रचार के उपदेशों से बनायी गई एक काल्पनिक कहानी, इस फिल्म का मकसद नफरत फैलाना है फिर चाहे नफरत मुसलमानों के खिलाफ हो या सिखों के खिलाफ, ये फिल्म इंडिया-पाकिस्तान में और युद्ध कराने के उपदेशों से भी बनायी गई है घटनाओं की टाइमिंग का बहुत झोल है फिल्म में बहुत सारी गलतियाँ हैं नोट बंदी को प्रोपेगेंडा के हिसाब से सही थेराया गया है जो कि एक फिल्म में एक बहुत ब्लंडर झूठ है।मूवी की कहानी कहीं भी मैच नहीं करती,मूवी में अनमोटिव फाइट्स दिखाई गई है, कहानी बेकार है, कोरियोग्राफी ख़राब तरह से की गई गई है कहानी में लिखने वाले ने सिर्फ गालियां और गलत भाषा का ही प्रयोग किया है किरदारों के ड्रेसिंग सेंस का भी कोई अच्छा ठीक नजरिया नहीं रखा गया, सिर्फ अच्छा नजरिया रखा गया है वो है कोन कितना बड़ा शैतान कसाई बनेगा फिर चाहे आतंकवादी हो या हीरो का किरदार हो. पाकिस्तानी आतंकवाद को दिखाती ये फिल्म में पता ही नहीं चलता हीरो का कैरेक्टर हीरो का ही है यहां विलेन का है, फिल्म में हीरो को भारतीय जासूस के रूप में दिखाया गया है है।खराब डायलॉग, निचले स्तर की कोरियोग्राफी, गाली गलोच और अत्यधिक हिंसा की वजह से कम स्टैंडर्ड की ये एक फिल्म है गाने कोई भी अच्छा नहीं है, यह एक बेकार भड़काओ फिल्म है। फिल्म के दोनों पार्ट बहुत टाइम वाले हैं, पहला पार्ट 3:45 घंटे का है तो वही दूसरा पार्ट भी 4 घंटे का है। मूवी बिलकुल भी भवनात्मक नहीं है यहां तक कि हीरो के लिए भी कोई भावनात्मक सपोर्ट दर्शकों के मन में फिल्म देखते समय डेवलप नहीं होता, क्यों की फिल्म में हीरो भी क्रिमिनल वॉयलेंस बहुत ज्यादा करता है , मूवी में एक चीज का दूसरे से दृश्य से जोड़ने के तारिका भी मैच नहीं होता है कहानी को बढ़ाने के लिए चैप्टर ऐड किये गए है और हीरो की पारिवारिक पृष्ठभूमि की कहानी ऐड अप की गई है जो कि कहानी के पहले भाग से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती। इस फिल्म में धार्मिक भावनाओं कोई भी ख्याल नही रखा गया है जिससे मुसलमान, सिख दोनों धर्म आहत होते हैं शुरुआत हिंदू सिख की लड़ाई से होती है, फिर हिंदू सिख की लड़ाई एजेंट बनकर हिंदू मुस्लिम पाकिस्तानी में होती है,फिल्म में हीरो का रोल कैटलिस्ट का है मूवी मे पाकिस्तानी आतंकवाद हो या उनके आतंकवादी गतिरोध हो,या पाकिस्तान ने पूरे दुनिया में जिस तरह आतंकवाद फैलाया हैं इस फिल्म को उसी पाकिस्तानी आतंकवाद के आधार पर बनायी गई है फिल्म का निर्देशन [[आदित्य धर]] ने किया। फ़िल्म का निर्माण लोकेश धर और [[ज्योति देशपांडे]] ने [[जियो प्लेटफॉर्म्स|जियो स्टूडियोज़]] व बी62 स्टूडियोज़ के साथ किया है। यह सन् 2025 की ''[[धुरंधर]]'' नामक फ़िल्म की उत्तरकृती और इस शृंखला की अंतिम फ़िल्म है। फ़िल्म में [[रणवीर सिंह]], [[अर्जुन रामपाल]], [[संजय दत्त]], [[आर माधवन]], [[सारा अर्जुन]], [[राकेश बेदी]], [[गौरव गेरा]], दानिश पंडोर और [[मानव गोहिल]] ने मुख्य अभिनय किया है। इसके अतिरिक्त कुछ कलाकार इसके पूर्व भाग से भी इसमें जारी रहते हैं। फ़िल्म की कहानी एक भारतीय अपराधी को खुफिया जासूस बनाके पाकिस्तान भेजने के इर्द-गिर्द घुमती है जो [[२००८ के मुंबई हमले|26/11 के हमलों]] का बदला लेने और बड़े खतरों का सामना करने के साथ-साथ पाकिस्तानी शहर [[कराची]] के आपराधिक गिरोहों एवं पाकिस्तानी राजनीति में अपनी पैठ स्थापित करना जारी रखती है।यह मूवी एक काल्पनिक लिखी हुई कहानी पर आधारित है,
फ़िल्म की कहानी थोड़ी-थोड़ी कुछ वास्तविक भूराजनैतिक घटनाओं एवं [[दक्षिण एशिया]] के संघर्षों से प्रेरित है। इनमें जहारत ल्यारी, [[भारतीय आम चुनाव, 2014|सन् 2014 के भारतीय आम चुनाव]], [[भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण|भारत के सन् 2016 का विमुद्रीकरण]] और अन्य ऐसी ही घटनायें शामिल हैं। फ़िल्म का फ़िल्मांकन पिछले भाग के अंत के समय से ही जारी रहा और मुख्य फोटोग्राफी जुलाई 2024 में [[थाईलैण्ड]] की राजधानी [[बैंकॉक]] में आरम्भ होती है और अक्टूबर 2025 में पूरी हो जाती है। इसके अतिरिक्त इसका फ़िल्मांकन [[पंजाब (भारत)|पंजाब]], [[चण्डीगढ़]], [[महाराष्ट्र]], [[लद्दाख़]], [[हिमाचल प्रदेश]] एवं [[थाईलैण्ड]] में की गयी जिनमें से कुछ भागों को [[पाकिस्तान|पाकिस्तानी-स्थानों]] के रूप में दिखाया गया है। फ़िल्म का संगीत शास्वत सचदेवा ने दिया और सिनेमैटोग्राफी विकाश नौलखा ने की। फ़िल्म का सम्पादन शिवकुमार वी॰ पानिकर ने किया। फ़िल्म 229 मिनट लम्बी है जो भारत की सबसे लम्बी फ़िल्मों में 8वें स्थान पर है।<ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/movies/bollywood/ranveer-singhs-dhurandhar-the-revenge-receives-a-certificate-with-3-hr-49-min-runtime-ws-l-9982965.html|title=Ranveer Singh's Dhurandhar: The Revenge Receives A Certificate With 3 hr 49 min Runtime|website=न्यूज़18|access-date=17 मार्च 2026}}</ref>
फ़िल्म को सिनेमाघरों में 19 मार्च 2026 में प्रमोचित किया गया जिस समय [[गुड़ी पड़वा]], [[उगादि]] और [[ईद उल-फ़ित्र|ईद]] मनाये जाते हैं। इसकी पूर्व कृति के अनुरूप फ़िल्म को भरपूर प्यार मिला और कमाल की प्रतिक्रिया भी मिलीं चाहे वो भारतीय फिल्म के बड़े बड़े डायरेक्टर और एक्टर हो सभी ने इसकी जमकर तारीफ करी जिसमें इसके कथानक और अभिनय के लिए सराहना मिली लेकिन आलोचना का सामना भी करना पड़ा। फ़िल्म को [[खाड़ी सहयोग परिषद]] देशों द्वारा विभिन्न खाड़ी देशों में प्रतिबंधित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/news/features/explained-dhurandhar-part-1-2s-uae-gcc-ban-cost-much-lifetime-numbers-ghajini-stree-gangubai-kathiawadi/|title=Explained: How Dhurandhar part 1 and 2's UAE-GCC ban could cost as much as lifetime numbers of Ghajini, Stree, Gangubai Kathiawadi|website=बॉलीवुड हंगामा|access-date=17 मार्च 2026}}</ref>
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
* {{Bollywood Hungama movie|dhurandhar-the-revenge}}
* {{Rotten Tomatoes|dhurandhar_the_revenge}}
{{Portal bar|भारत|फ़िल्म}}
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन ड्रामा फ़िल्में]]
[[श्रेणी:जम्मू और कश्मीर पर आधारित फिल्में]]
[[श्रेणी:2026 की फ़िल्में]]
[[श्रेणी:हिन्दी फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय थ्रिलर फ़िल्में]]
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The World Review
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wikitext
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{{आधार}}{{Infobox film
| image =
| caption = प्रचार पोस्टर
| director = [[आदित्य धर]]
| writer = <!--PER CREDITS--> आदित्य धर
{{Infobox
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| label1=अतिरिक्त पटकथा
| data1=ओजास गौतम<br>शिवकुमार वी॰ पानिकर
}}
| producer = {{ubl|आदित्य धर|[[ज्योति देशपांडे]]|लोकेश धर}}
| starring = {{ubl|[[रणवीर सिंह]]|[[अर्जुन रामपाल]]|[[संजय दत्त]]|[[आर माधवन]]|[[सारा अर्जुन]]|[[राकेश बेदी]]|[[गौरव गेरा]]|दानिश पंडोर}}
| cinematography = विकाश नौलखा
| editing = शिवकुमार वी॰ पानिकर
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| runtime = 229 मिनट<ref name=CBFC>{{Cite web |first=फेनिल |last=सेटा |date=17 मार्च 2026 |title=EXCLUSIVE: CBFC reduces visuals in 4 violent scenes in Dhurandhar The Revenge by 34 seconds; censors abusive words |url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/exclusive-cbfc-reduces-visuals-4-violent-scenes-dhurandhar-revenge-34-seconds-censors-abusive-words/ |website=बॉलिवुड हंगामा |access-date=17 मार्च 2026}}</ref>
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| budget = {{INR}}250–300 करोड़ ([[धुरंधर|पहले]] भाग के साथ)<ref>{{Cite web|url=https://www.bollybudget.com/2026/03/dhurandhar-box-office-collection-day-2.html|title=Dhurandhar 2 Box Office Collection Day 2: Yash Starrer Crosses ₹150 Crore Worldwide, Shatters Records!|language=English|access-date=2026-03-26}}</ref><ref>
* {{cite web|title=Dhurandhar: 5 Box Office Records Set By The Film|url=https://www.news18.com/photogallery/movies/bollywood/dhurandhar-5-box-office-records-set-by-the-film-ws-l-9756397.html|work=[[न्यूज़ 18]]|date=8 दिसम्बर 2025|accessdate=27 दिसम्बर 2025|author1=निशा दुबे |author2=भास्वती सेनगुप्ता |archive-date=1 जनवरी 2026|archive-url=https://web.archive.org/web/20260101105104/https://www.news18.com/photogallery/movies/bollywood/dhurandhar-5-box-office-records-set-by-the-film-ws-l-9756397.html|url-status=live}}
* {{Cite web|date=3 दिसम्बर 2025|title=Dhurandhar Movie: Release Date, Trailer, Tickets price, Advance Booking, Box Office Collection Prediction, other details you need to know|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/dhurandhar-movie-release-date-trailer-tickets-price-advance-booking-box-office-collection-prediction-other-details-you-need-to-know-10399381/|access-date=4 दिसम्बर 2025|website=[[इंडियन एक्सप्रेस]]|archive-date=3 दिसम्बर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251203174258/https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/dhurandhar-movie-release-date-trailer-tickets-price-advance-booking-box-office-collection-prediction-other-details-you-need-to-know-10399381/|url-status=live}}
* {{Cite web |date=23 मार्च 2026 |last=झा |first=सुभाष |title=Unrevealed facts on Dhurandhar: Aditya Dhar REVEALS entire budget and how both films combined became an 8-hour saga: "A scene that was meant to be for 10 seconds actually required 2 minutes" |url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/unrevealed-facts-dhurandhar-aditya-dhar-reveals-entire-budget-films-combined-became-8-hour-saga-scene-meant-10-seconds-actually-required-2-minutes/ |work=[[बॉलीवुड हंगामा]] |access-date=23 मार्च 2026}}
* {{Cite web|date=12 दिसम्बर 2025|title=Dhurandhar Eyes Rs 300 Crore By Weekend Despite "Revenue Loss" From No Gulf Release: Experts|url=https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|access-date=13 दिसम्बर 2025|website=[[एनडीटीवी]]|author=तनिषा भट्टाचार्य |archive-date=13 दिसम्बर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251213162501/https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|url-status=live}}
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}}'''''धुरंधर: द रिवेंज'''''{{efn|{{Translation|निष्ठावान}}}} सन् 2026 में प्रमोचित हिंदी भाषा की वाली भारतीय जासूसी [[एक्शन फिल्म|एक्शन]]<nowiki/>-थ्रिलर फ़िल्म है। नहीं करती,मूवी में अनमोटिव फाइट्स दिखाई गई है, कहानी बेकार है, कोरियोग्राफी ख़राब तरह से की गई गई है कहानी में लिखने वाले ने सिर्फ गालियां और गलत भाषा का ही प्रयोग किया है किरदारों के ड्रेसिंग सेंस का भी कोई अच्छा ठीक नजरिया नहीं रखा गया, सिर्फ अच्छा नजरिया रखा गया है वो है कोन कितना बड़ा शैतान कसाई बनेगा फिर चाहे आतंकवादी हो या हीरो का किरदार हो. पाकिस्तानी आतंकवाद को दिखाती ये फिल्म में पता ही नहीं चलता हीरो का कैरेक्टर हीरो का ही है यहां विलेन का है, फिल्म में हीरो को भारतीय जासूस के रूप में दिखाया गया है है।खराब डायलॉग, निचले स्तर की कोरियोग्राफी, गाली गलोच और अत्यधिक हिंसा की वजह से कम स्टैंडर्ड की ये एक फिल्म है गाने कोई भी अच्छा नहीं है, यह एक बेकार भड़काओ फिल्म है। फिल्म के दोनों पार्ट बहुत टाइम वाले हैं, पहला पार्ट 3:45 घंटे का है तो वही दूसरा पार्ट भी 4 घंटे का है। मूवी बिलकुल भी भवनात्मक नहीं है यहां तक कि हीरो के लिए भी कोई भावनात्मक सपोर्ट दर्शकों के मन में फिल्म देखते समय डेवलप नहीं होता, क्यों की फिल्म में हीरो भी क्रिमिनल वॉयलेंस बहुत ज्यादा करता है , मूवी में एक चीज का दूसरे से दृश्य से जोड़ने के तारिका भी मैच नहीं होता है कहानी को बढ़ाने के लिए चैप्टर ऐड किये गए है और हीरो की पारिवारिक पृष्ठभूमि की कहानी ऐड अप की गई है जो कि कहानी के पहले भाग से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती। इस फिल्म में धार्मिक भावनाओं कोई भी ख्याल नही रखा गया है जिससे मुसलमान, सिख दोनों धर्म आहत होते हैं शुरुआत हिंदू सिख की लड़ाई से होती है, फिर हिंदू सिख की लड़ाई एजेंट बनकर हिंदू मुस्लिम पाकिस्तानी में होती है,फिल्म में हीरो का रोल कैटलिस्ट का है मूवी मे पाकिस्तानी आतंकवाद हो या उनके आतंकवादी गतिरोध हो,या पाकिस्तान ने पूरे दुनिया में जिस तरह आतंकवाद फैलाया हैं इस फिल्म को उसी पाकिस्तानी आतंकवाद के आधार पर बनायी गई है फिल्म का निर्देशन [[आदित्य धर]] ने किया। फ़िल्म का निर्माण लोकेश धर और [[ज्योति देशपांडे]] ने [[जियो प्लेटफॉर्म्स|जियो स्टूडियोज़]] व बी62 स्टूडियोज़ के साथ किया है। यह सन् 2025 की ''[[धुरंधर]]'' नामक फ़िल्म की उत्तरकृती और इस शृंखला की अंतिम फ़िल्म है। फ़िल्म में [[रणवीर सिंह]], [[अर्जुन रामपाल]], [[संजय दत्त]], [[आर माधवन]], [[सारा अर्जुन]], [[राकेश बेदी]], [[गौरव गेरा]], दानिश पंडोर और [[मानव गोहिल]] ने मुख्य अभिनय किया है। इसके अतिरिक्त कुछ कलाकार इसके पूर्व भाग से भी इसमें जारी रहते हैं। फ़िल्म की कहानी एक भारतीय अपराधी को खुफिया जासूस बनाके पाकिस्तान भेजने के इर्द-गिर्द घुमती है जो [[२००८ के मुंबई हमले|26/11 के हमलों]] का बदला लेने और बड़े खतरों का सामना करने के साथ-साथ पाकिस्तानी शहर [[कराची]] के आपराधिक गिरोहों एवं पाकिस्तानी राजनीति में अपनी पैठ स्थापित करना जारी रखती है।यह मूवी एक काल्पनिक लिखी हुई कहानी पर आधारित है,
फ़िल्म की कहानी थोड़ी-थोड़ी कुछ वास्तविक भूराजनैतिक घटनाओं एवं [[दक्षिण एशिया]] के संघर्षों से प्रेरित है। इनमें जहारत ल्यारी, [[भारतीय आम चुनाव, 2014|सन् 2014 के भारतीय आम चुनाव]], [[भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण|भारत के सन् 2016 का विमुद्रीकरण]] और अन्य ऐसी ही घटनायें शामिल हैं। फ़िल्म का फ़िल्मांकन पिछले भाग के अंत के समय से ही जारी रहा और मुख्य फोटोग्राफी जुलाई 2024 में [[थाईलैण्ड]] की राजधानी [[बैंकॉक]] में आरम्भ होती है और अक्टूबर 2025 में पूरी हो जाती है। इसके अतिरिक्त इसका फ़िल्मांकन [[पंजाब (भारत)|पंजाब]], [[चण्डीगढ़]], [[महाराष्ट्र]], [[लद्दाख़]], [[हिमाचल प्रदेश]] एवं [[थाईलैण्ड]] में की गयी जिनमें से कुछ भागों को [[पाकिस्तान|पाकिस्तानी-स्थानों]] के रूप में दिखाया गया है। फ़िल्म का संगीत शास्वत सचदेवा ने दिया और सिनेमैटोग्राफी विकाश नौलखा ने की। फ़िल्म का सम्पादन शिवकुमार वी॰ पानिकर ने किया। फ़िल्म 229 मिनट लम्बी है जो भारत की सबसे लम्बी फ़िल्मों में 8वें स्थान पर है।<ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/movies/bollywood/ranveer-singhs-dhurandhar-the-revenge-receives-a-certificate-with-3-hr-49-min-runtime-ws-l-9982965.html|title=Ranveer Singh's Dhurandhar: The Revenge Receives A Certificate With 3 hr 49 min Runtime|website=न्यूज़18|access-date=17 मार्च 2026}}</ref>
फ़िल्म को सिनेमाघरों में 19 मार्च 2026 में प्रमोचित किया गया जिस समय [[गुड़ी पड़वा]], [[उगादि]] और [[ईद उल-फ़ित्र|ईद]] मनाये जाते हैं। इसकी पूर्व कृति के अनुरूप फ़िल्म को भरपूर प्यार मिला और कमाल की प्रतिक्रिया भी मिलीं चाहे वो भारतीय फिल्म के बड़े बड़े डायरेक्टर और एक्टर हो सभी ने इसकी जमकर तारीफ करी जिसमें इसके कथानक और अभिनय के लिए सराहना मिली लेकिन आलोचना का सामना भी करना पड़ा। फ़िल्म को [[खाड़ी सहयोग परिषद]] देशों द्वारा विभिन्न खाड़ी देशों में प्रतिबंधित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/news/features/explained-dhurandhar-part-1-2s-uae-gcc-ban-cost-much-lifetime-numbers-ghajini-stree-gangubai-kathiawadi/|title=Explained: How Dhurandhar part 1 and 2's UAE-GCC ban could cost as much as lifetime numbers of Ghajini, Stree, Gangubai Kathiawadi|website=बॉलीवुड हंगामा|access-date=17 मार्च 2026}}</ref>
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
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[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन ड्रामा फ़िल्में]]
[[श्रेणी:जम्मू और कश्मीर पर आधारित फिल्में]]
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* {{Cite web|date=12 दिसम्बर 2025|title=Dhurandhar Eyes Rs 300 Crore By Weekend Despite "Revenue Loss" From No Gulf Release: Experts|url=https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|access-date=13 दिसम्बर 2025|website=[[एनडीटीवी]]|author=तनिषा भट्टाचार्य |archive-date=13 दिसम्बर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251213162501/https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|url-status=live}}
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}}'''''धुरंधर: द रिवेंज'''''{{efn|{{Translation|निष्ठावान}}}} सन् 2026 में प्रमोचित हिंदी भाषा की वाली भारतीय जासूसी [[एक्शन फिल्म|एक्शन]]<nowiki/>-थ्रिलर फ़िल्म है। नहीं करती,मूवी में अनमोटिव फाइट्स दिखाई गई है, कहानी बेकार है, कोरियोग्राफी ख़राब तरह से की गई गई है कहानी में लिखने वाले ने सिर्फ गालियां और गलत भाषा का ही प्रयोग किया है किरदारों के ड्रेसिंग सेंस का भी कोई अच्छा ठीक नजरिया नहीं रखा गया, सिर्फ अच्छा नजरिया रखा गया है वो है कोन कितना बड़ा शैतान कसाई बनेगा फिर चाहे आतंकवादी हो या हीरो का किरदार हो. पाकिस्तानी आतंकवाद को दिखाती ये फिल्म में पता ही नहीं चलता हीरो का कैरेक्टर हीरो का ही है यहां विलेन का
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
* {{Bollywood Hungama movie|dhurandhar-the-revenge}}
* {{Rotten Tomatoes|dhurandhar_the_revenge}}
{{Portal bar|भारत|फ़िल्म}}
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन ड्रामा फ़िल्में]]
[[श्रेणी:जम्मू और कश्मीर पर आधारित फिल्में]]
[[श्रेणी:2026 की फ़िल्में]]
[[श्रेणी:हिन्दी फ़िल्में]]
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The World Review
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wikitext
text/x-wiki
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| writer = <!--PER CREDITS--> आदित्य धर
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* {{cite web|title=Dhurandhar: 5 Box Office Records Set By The Film|url=https://www.news18.com/photogallery/movies/bollywood/dhurandhar-5-box-office-records-set-by-the-film-ws-l-9756397.html|work=[[न्यूज़ 18]]|date=8 दिसम्बर 2025|accessdate=27 दिसम्बर 2025|author1=निशा दुबे |author2=भास्वती सेनगुप्ता |archive-date=1 जनवरी 2026|archive-url=https://web.archive.org/web/20260101105104/https://www.news18.com/photogallery/movies/bollywood/dhurandhar-5-box-office-records-set-by-the-film-ws-l-9756397.html|url-status=live}}
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* {{Cite web|date=12 दिसम्बर 2025|title=Dhurandhar Eyes Rs 300 Crore By Weekend Despite "Revenue Loss" From No Gulf Release: Experts|url=https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|access-date=13 दिसम्बर 2025|website=[[एनडीटीवी]]|author=तनिषा भट्टाचार्य |archive-date=13 दिसम्बर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251213162501/https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|url-status=live}}
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InstagramInstagram +4
Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
India Gross: Approx. ₹855 crore
Overseas Gross: Approx. ₹274 crore to ₹286 crore
Total Net Collection (India): Over ₹715 crore
Ise kaise dalo Wikipedia per Maine Ek pahle bhi Dal diya ab new page ka option nahin a Raha per aata Hai
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
* {{Bollywood Hungama movie|dhurandhar-the-revenge}}
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wikitext
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}}'''''धुरंधर: द रिवेंज'''''{{efn|{{Translation|निष्ठावान}}}} सन् 2026 में प्रमोचित हिंदी भाषा की वाली भारतीय जासूसी [[एक्शन फिल्म|एक्शन]]<nowiki/>-थ्रिलर फ़िल्म है। As of March 28, 2026 (Day 9), Dhurandhar 2: The Revenge has grossed over ₹1,128 crore to ₹1,141 crore worldwide. The film, starring Ranveer Singh and directed by Aditya Dhar, has become one of the fastest Indian films to cross the ₹1,000 crore mark globally, with strong performance in both domestic (approx. ₹855 crore gross) and overseas markets (approx. ₹274–286 crore).
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Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
India Gross: Approx. ₹855 crore
Overseas Gross: Approx. ₹274 crore to ₹286 crore
Total Net Collection (India): Over ₹715 crore
Ise kaise dalo Wikipedia per Maine Ek pahle bhi Dal diya ab new page ka option nahin a Raha per aata Hai
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
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==सन्दर्भ==
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{Infobox film
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Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
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== टिप्पणी ==
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==सन्दर्भ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
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[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
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== बाहरी कड़ियाँ ==
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[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
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* {{Cite web|date=12 दिसम्बर 2025|title=Dhurandhar Eyes Rs 300 Crore By Weekend Despite "Revenue Loss" From No Gulf Release: Experts|url=https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|access-date=13 दिसम्बर 2025|website=[[एनडीटीवी]]|author=तनिषा भट्टाचार्य |archive-date=13 दिसम्बर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251213162501/https://www.ndtv.com/entertainment/dhurandhar-eyes-rs-300-crore-by-weekend-despite-revenue-loss-from-no-gulf-release-experts-9797457|url-status=live}}
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Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
India Gross: Approx. ₹855 crore
Overseas Gross: Approx. ₹274 crore to ₹286 crore
Total Net Collection (India): Over ₹715 crore
Ise kaise dalo Wikipedia per Maine Ek pahle bhi Dal diya ab new page ka option nahin a Raha per aata Hai
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
* {{Bollywood Hungama movie|dhurandhar-the-revenge}}
* {{Rotten Tomatoes|dhurandhar_the_revenge}}
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[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
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}}'''''धुरंधर: द रिवेंज'''''{{efn|{{Translation|निष्ठावान}}}} सन् 2026 में प्रमोचित हिंदी भाषा की वाली भारतीय जासूसी [[एक्शन फिल्म|एक्शन]]<nowiki/>-थ्रिलर फ़िल्म है। As of March 28, 2026 (Day 9), Dhurandhar 2: The Revenge has grossed over ₹1,128 crore to ₹1,141 crore worldwide. The film, starring Ranveer Singh and directed by Aditya Dhar, has become one of the fastest Indian films to cross the ₹1,000 crore mark globally, with strong performance in both domestic (approx. ₹855 crore gross) and overseas markets (approx. ₹274–286 crore).
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Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
India Gross: Approx. ₹855 crore
Overseas Gross: Approx. ₹274 crore to ₹286 crore
Total Net Collection (India): Over ₹715 crore
Ise kaise dalo Wikipedia per Maine Ek pahle bhi Dal diya ab new page ka option nahin a Raha per aata Hai
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
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{Infobox film
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}}'''''धुरंधर: द रिवेंज'''''{{efn|{{Translation|निष्ठावान}}}} सन् 2026 में प्रमोचित हिंदी भाषा की वाली भारतीय जासूसी [[एक्शन फिल्म|एक्शन]]<nowiki/>-थ्रिलर फ़िल्म है। As of March 28, 2026 (Day 9), Dhurandhar 2: The Revenge has grossed over ₹1,128 crore to ₹1,141 crore worldwide. The film, starring Ranveer Singh and directed by Aditya Dhar, has become one of the fastest Indian films to cross the ₹1,000 crore mark globally, with strong performance in both domestic (approx. ₹855 crore gross) and overseas markets (approx. ₹274–286 crore).
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Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
India Gross: Approx. ₹855 crore
Overseas Gross: Approx. ₹274 crore to ₹286 crore
Total Net Collection (India): Over ₹715 crore
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== कथानक ==
== टिप्पणी ==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
* {{Bollywood Hungama movie|dhurandhar-the-revenge}}
* {{Rotten Tomatoes|dhurandhar_the_revenge}}
{{Portal bar|भारत|फ़िल्म}}
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन ड्रामा फ़िल्में]]
[[श्रेणी:जम्मू और कश्मीर पर आधारित फिल्में]]
[[श्रेणी:2026 की फ़िल्में]]
[[श्रेणी:हिन्दी फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय थ्रिलर फ़िल्में]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
* {{Bollywood Hungama movie|dhurandhar-the-revenge}}
* {{Rotten Tomatoes|dhurandhar_the_revenge}}
{{Portal bar|भारत|फ़िल्म}}
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन ड्रामा फ़िल्में]]
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[[श्रेणी:भारतीय थ्रिलर फ़िल्में]]{Infobox film
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Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
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[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
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wikitext
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| editing = शिवकुमार वी॰ पानिकर
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* {{cite web|title=Dhurandhar: 5 Box Office Records Set By The Film|url=https://www.news18.com/photogallery/movies/bollywood/dhurandhar-5-box-office-records-set-by-the-film-ws-l-9756397.html|work=[[न्यूज़ 18]]|date=8 दिसम्बर 2025|accessdate=27 दिसम्बर 2025|author1=निशा दुबे |author2=भास्वती सेनगुप्ता |archive-date=1 जनवरी 2026|archive-url=https://web.archive.org/web/20260101105104/https://www.news18.com/photogallery/movies/bollywood/dhurandhar-5-box-office-records-set-by-the-film-ws-l-9756397.html|url-status=live}}
* {{Cite web|date=3 दिसम्बर 2025|title=Dhurandhar Movie: Release Date, Trailer, Tickets price, Advance Booking, Box Office Collection Prediction, other details you need to know|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/dhurandhar-movie-release-date-trailer-tickets-price-advance-booking-box-office-collection-prediction-other-details-you-need-to-know-10399381/|access-date=4 दिसम्बर 2025|website=[[इंडियन एक्सप्रेस]]|archive-date=3 दिसम्बर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251203174258/https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/dhurandhar-movie-release-date-trailer-tickets-price-advance-booking-box-office-collection-prediction-other-details-you-need-to-know-10399381/|url-status=live}}
* {{Cite web |date=23 मार्च 2026 |last=झा |first=सुभाष |title=Unrevealed facts on Dhurandhar: Aditya Dhar REVEALS entire budget and how both films combined became an 8-hour saga: "A scene that was meant to be for 10 seconds actually required 2 minutes" |url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/unrevealed-facts-dhurandhar-aditya-dhar-reveals-entire-budget-films-combined-became-8-hour-saga-scene-meant-10-seconds-actually-required-2-minutes/ |work=[[बॉलीवुड हंगामा]] |access-date=23 मार्च 2026}}
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InstagramInstagram +4
Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
India Gross: Approx. ₹855 crore
Overseas Gross: Approx. ₹274 crore to ₹286 crore
Total Net Collection (India): Over ₹715 crore
Ise kaise dalo Wikipedia per Maine Ek pahle bhi Dal diya ab new page ka option nahin a Raha per aata Hai
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
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Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
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Overseas Gross: Approx. ₹274 crore to ₹286 crore
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Ise kaise dalo Wikipedia per Maine Ek pahle bhi Dal diya ab new page ka option nahin a Raha per aata Hai
== कथानक ==
== टिप्पणी ==
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==सन्दर्भ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
* {{Bollywood Hungama movie|dhurandhar-the-revenge}}
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[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
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}}'''''धुरंधर: द रिवेंज'''''{{efn|{{Translation|निष्ठावान}}}} सन् 2026 में प्रमोचित हिंदी भाषा की वाली भारतीय जासूसी [[एक्शन फिल्म|एक्शन]]<nowiki/>-थ्रिलर फ़िल्म है। As of March 28, 2026 (Day 9), Dhurandhar 2: The Revenge has grossed over ₹1,128 crore to ₹1,141 crore worldwide. The film, starring Ranveer Singh and directed by Aditya Dhar, has become one of the fastest Indian films to cross the ₹1,000 crore mark globally, with strong performance in both domestic (approx. ₹855 crore gross) and overseas markets (approx. ₹274–286 crore).
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Key Highlights of Dhurandhar 2 Collection (Day 9):
Total Worldwide Gross: ₹1,128.99 crore to ₹1,141.22 crore
India Gross: Approx. ₹855 crore
Overseas Gross: Approx. ₹274 crore to ₹286 crore
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb title}}
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[[श्रेणी:भारतीय एक्शन फ़िल्में]]
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[[श्रेणी:हिन्दी फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय थ्रिलर फ़िल्में]]
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शाह-ए मशहद
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{{Infobox religious building|name=शाह-ए मशहद|native_name={{lang|ps|شاه مشهد ښوونځۍ}}|native_name_lang=ps|religious_affiliation=[[इस्लाम]] (पूर्व)|image=Shah-i_Mashhad-1.jpg|image_upright=1.4|alt=शाह-ए मशहद के खंडहर|caption=|map_type=Afghanistan|coordinates={{coords|35|2|7|N|63|59|34|E|region:AF_type:landmark|display=it}}|map_size=250|map_relief=1|map_caption=अफ़गानिस्तान में खंडहरों की स्थिति|location=|tradition=|sect=|country=[[अफ़गानिस्तान]]|organisational_status=[[मदरसा]]|functional_status='''नष्ट'''<br/>(खंडहर अवस्था)|architecture_type=[[इस्लामी वास्तुकला]]|architecture_style=[[घुरिद राजवंश|घुरिद]]|year_completed=12वीं शताब्दी ईस्वी|date_destroyed={{circa|1980 के दशक}}<br/>([[सोवियत-अफ़गान युद्ध]] के दौरान)|length=44 मीटर|width=44.2 मीटर|dome_quantity=2 (नष्ट)|materials=पकी हुई ईंटें; [[टेराकोटा]]|inscriptions=15}}
'''शाह-ए मशहद''' ({{langx|ps|شاه مشهد ښوونځۍ}}) अफ़गानिस्तान के बादगीस प्रांत में स्थित एक पूर्व घुरिद [[मदरसा]] है, जो अब खंडहर हो चुका है।<ref>{{Cite web|url=https://www.archnet.org/sites/5576|title=Shah-i Mashhad Madrasa|website=ArchNet.org|access-date=2021-12-15|archive-date=15 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211215203049/https://www.archnet.org/sites/5576|url-status=dead}}</ref> मुर्ग़ाब नदी के बाएं किनारे पर स्थित इस 12वीं शताब्दी की संरचना को कथित तौर पर एक अज्ञात महिला द्वारा दान किया गया था। हालाँकि, स्कूल की इमारत की वास्तुकला पूरी तरह घुरिद शैली की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.oeaw.ac.at/iran/bibliothek/vor-und-nachlaesse/Shah-i-Mashhad/|title=Shah-i Mashhad - Contents|website=www.oeaw.ac.at|access-date=2021-12-18}}</ref>
== अवलोकन ==
[[चित्र:Shah-i_Mashhad_plan.jpg|अंगूठाकार|मदरसे का नक्शा]]
इमारत पकी हुई ईंटों से बनी है जो लगभग 44x44.2 मीटर का एक वर्गाकार आकार बनाती है। 1970 के दशक तक इमारत के दक्षिणी हिस्से के बड़े हिस्से सुरक्षित थे, जो वास्तुशिल्प आभूषणों और शिलालेखों से सजे हुए थे। इमारत में एक इवान और दो कमरों के अवशेष भी मिले थे, जिनमें से प्रत्येक गुंबद से ढका हुआ था।<ref>{{Cite web|url=https://www.aiamilitarypanel.org/profiles/cptraining/afgh05-182.html|title=Afghanistan Significant Site 182. Shah-i Mashhad Madrasa|website=www.aiamilitarypanel.org|access-date=2021-12-18}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
इमारत के उत्तरी हिस्से की दीवारें एक इवान से आती हैं जो भीतरी आंगन के चारों ओर घूमता है। लेकिन इसे साबित करने के लिए कभी कोई उत्खनन नहीं किया गया।
मदरसे का अग्रभाग सजावटी नक्काशी के साथ एक समृद्ध [[टेराकोटा]] राहत से सजाया गया है। कुल 15 शिलालेखों का दस्तावेजीकरण किया जा सका, जिनमें से दस कूफ़िक शैली में, तीन नस्ख़ शैली में और दो ''तुलुथ'' शैली में हैं।
सोवियत-अफ़गान युद्ध के दौरान 1980 के दशक के मध्य में इसके अवशेष पूरी तरह से नष्ट हो गए थे।
== संदर्भ ==
{{reflist}}
== और पढ़ें ==
* {{cite journal|author1=Casimir, Michael J.|author2=Glazer, Bernt|date=June 1971|title=Šāh-i Mašhad: A Recently Discovered Madrasah of the Ghurid Region in Ġarǧistan (Afghanistan)|url=https://www.jstor.org/stable/29755646|journal=East and West|pages=53–68|via=JSTOR}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{cite web|url=https://www.oeaw.ac.at/iran/bibliothek/vor-und-nachlaesse/Shah-i-Mashhad/documents/the_photos/02-total_views/index.html|title=Shah-i Mashhad Madrasa (Photos)|work=www.oeaw.ac.at}}
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शेख मोहम्मद कराकुन्नु
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{{Infobox person|name=शेख मोहम्मद कराकुन्नु|image=Shaikh Mohammed Karakunnu.jpg|caption=2012 में दुबई के गरहूद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते इस्लामी विद्वान और लेखक शेख मोहम्मद कराकुन्नु।|birth_date={{birth date and age|df=yes|1950|7|15}}|occupation=राज्य सचिव, [[जमात-ए-इस्लामी हिंद]] केरल शाखा,<br> पूर्व निदेशक, [[इस्लामिक पब्लिशिंग हाउस]]<ref name="MRT171">{{cite book |last1=Muhammed Rafeeq, T |title=Development of Islamic movement in Kerala in modern times |publisher=Aligarh Muslim University-Shodhganga |page=171 |url=https://shodhganga.inflibnet.ac.in/handle/10603/52387}}</ref>|movement=[[जमात-ए-इस्लामी हिंद]]|spouse=अमीना उम्मु अयमान|children=अनीज़ मोहम्मद,<br>अलीफ मोहम्मद,<br>बसीमा,<br>अयमान मोहम्मद}}'''शेख मोहम्मद कराकुन्नु''' एक भारतीय लेखक, इस्लामी विद्वान और जमात-ए-इस्लामी हिंद की [[केरल]] शाखा के राज्य सचिव हैं।<ref name="jih-1">{{Cite web |url=http://www.jihkerala.org/htm/english/jamaat/Leaders/smk.html |title=Jamaat-e-Islami Leadership |access-date=23 मार्च 2026 |archive-date=9 अक्तूबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081009064540/http://www.jihkerala.org/htm/english/jamaat/Leaders/smk.html |url-status=dead }}</ref><ref name="RM301">{{cite journal|last1=Rahim M|date=6 January 2013|title=Changing Identity and Politics of Muslims in Malappuram District Kerala|publisher=University of Kerala-Shodhganga|page=301}}</ref> उन्होंने नब्बे से अधिक पुस्तकें लिखी हैं और इस्लाम, मुस्लिम समाज और जमात-ए-इस्लामी पर कई भाषण दिए हैं। उन्होंने केरल स्थित इस्लामिक पब्लिशिंग हाउस के निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएँ दी हैं।<ref name="MRT171" /><ref name="archive2011071609A">[http://archive.arabnews.com/?page=5§ion=0&article=2211&d=28&m=5&y=2001 Indian Muslims urged to help remove misconceptions - Arab News 28 May 2001]</ref>
== जीवनी ==
शेख मोहम्मद कराकुन्नु का जन्म 15 जुलाई 1950 को केरल के [[मलप्पुरम जिला|मलप्पुरम जिले]] में [[मंजेरी]] के पास कराकुन्नु गाँव में मोहम्मद हाजी और फातिमा के घर हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा फारूक रौदथुल उलूम अरबी कॉलेज, [[कोझिकोड]] से पूरी की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने 10 वर्षों तक एक शिक्षक के रूप के पहले वीएचएम हाई स्कूल, मोरायूर और फिर इस्लाहिया ओरिएंटल हाई स्कूल, एडवन्ना में काम किया। उन्होंने विभिन्न सरकारी हाई स्कूलों में भी शिक्षण कार्य किया।<ref name="jih-1" /> उन्होंने 1982 से 25 वर्षों तक इस्लामिक पब्लिशिंग हाउस के निदेशक के रूप में कार्य किया। इसके बाद, उन्होंने 2007 से वर्तमान तक केरल जमात-ए-इस्लामी हिंद के सहायक अमीर के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2015 से पुनः इस्लामिक पब्लिशिंग हाउस के निदेशक के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ संभालीं। वे 2015 से 'प्रबोधनम' के मुख्य संपादक भी हैं। बाद में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और पूरी तरह से इस्लामी प्रचार और लेखन पर ध्यान केंद्रित किया। वे जमात-ए-इस्लामी हिंद और इसकी केरल शाखा के कार्यकारी सदस्य रहे हैं। उनका विवाह अमीना उम्मु अयमान से हुआ है। अनीज़ मोहम्मद, डॉ. अलीफ मोहम्मद, डॉ. बसीमा और अयमान मोहम्मद उनके बच्चे हैं।<ref name="jih-1" />
== लेखक ==
वे 80 पुस्तकों के लेखक हैं जिनमें से 14 अनुवाद हैं। उन्हें 5 पुस्तकों के लिए पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उनकी कुछ पुस्तकों का अंग्रेजी, तमिल, [[कन्नड़]] और गुजराती में अनुवाद किया गया है।<ref name="20110716arabnews">{{cite web|url=http://archive.arabnews.com/?page=5§ion=0&article=2211&d=28&m=5&y=2001|title=Indian Muslims urged to help remove misconceptions|date=16 July 2011|work=Arab News 28 May 2001}}</ref>
उन्होंने दोहा में अंतर-धार्मिक संवाद, आईआईएफएसओ एशियाई क्षेत्रीय प्रशिक्षण समिति और दुबई में अंतर्राष्ट्रीय कुरान सम्मेलन में भाग लिया है।<ref name="archive2011071609B">[http://archive.arabnews.com/?page=10§ion=0&article=22640&d=18&m=2&y=2003 Pilgrims ‘must imbibe the spirit of Haj’ Arab News - 9 February 2003 ]</ref> वे इस्लाम और अंतर-धार्मिक संवाद पर संगोष्ठियों और बहसों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।<ref name="CAA252">{{cite book|title=Rational movement in modern Kerala|last1=Anaz, C A|publisher=Sree Sankaracharya University of Sanskrit-Shodhganga|page=252}}</ref> व्यापक रूप से स्वीकृत पुस्तक, 'कुरान ललिता सारम' के वे वनिदास इलायवूर के साथ सह-लेखक हैं।<ref name="archive2012030514">[http://www.iacad.gov.ae/vEnglish/detailnewspage.jsp?articleID=4955&pageFlag=0&newsType=4 IPH takes part in Sharjah Book Fair - Khaleej Times / Sunday 12 December 2004]</ref> उन्हें उनकी कृतियों के सम्मान में कई पुरस्कार मिले हैं।
उन्होंने अबुल आला मौदूदी द्वारा छह खंडों में लिखित कुरान की लोकप्रिय व्याख्या 'तफ़हीमुल कुरान' का मलयालम में इलेक्ट्रॉनिक संस्करण जारी करने की परियोजना का भी निर्देशन किया।<ref name="arabnews113909">[https://web.archive.org/web/20110716091059/http://archive.arabnews.com/?page=1§ion=0&article=113909&d=6&m=9&y=2008 Malayalam e-edition of Tafheem Al-Qur’an set to be launched - Arab News 6 September 2008]</ref>
== पुरस्कार और अन्य मान्यताएँ ==
उन्हें एक लेखक के रूप में समाज में उनके योगदान के लिए मार्च 2018 में के. करुणाकरण पुरस्कार मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.islamonlive.in/news/node/3559|title=കെ.കരുണാകരന് പുരസ്കാരം ശൈഖ് മുഹമ്മദ് കാരക്കുന്നിന്}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> उन्होंने अनुवाद और अंतर्राष्ट्रीय समझ के लिए शेख हमद पुरस्कार भी प्राप्त किया (मलयालम अनुवाद - एन. शमनाद और वी.ए. कबीर के साथ साझा पुरस्कार)।<ref name="M1">{{cite news|url=https://www.mediaonetv.in/guif/2019/12/08/sheikh-hamad-award-kerala-makes-achievment|title=ശൈഖ് ഹമദ് അന്താരാഷ്ട്ര അവാര്ഡ്; മലയാളത്തിന് വന് നേട്ടം|date=8 December 2019|publisher=MediaoneTV}}</ref>
== पुस्तकें ==
शेख मोहम्मद कराकुन्नु ने 80 पुस्तकें लिखी हैं। उनकी कुछ पुस्तकों का अनुवाद अंग्रेजी, तमिल, कन्नड़ और गुजराती में किया गया है।
* कुरान ललिता सारम (कुरान का मलयालम अनुवाद)<ref>{{Cite book|title=Quran Lalithasaram|last1=Karakunnu|first1=Shaikh Muhammed|publisher=Dialogue Centre|isbn=9788182713598}}</ref>
* अबू हुरैरायुम विमर्शकरुम<ref name="SHP153">{{cite book|url=https://sg.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/60798/11/11_chapter%204.pdf#page=35|title=Development of islamic studies in Kerala during 18th century to 20th century|last1=P. Sakkeer Hussain|page=153}}</ref>
* मोहम्मद मानुषिकतायुडे महाचार्यन<ref>{{cite web|url=https://www.amazon.in/Muhammed-Malayalam-translation-manushyakathinte-Mahacharyan-ebook/dp/B07FFSS3T6|title=Muhammed: supreme mentor of humanity|last1=Karakunnu|first1=Shaikh Muhammed|last2=Elayavoor|first2=Vanidas|date=11 July 2018|publisher=D4media|language=English}}</ref>
* हाजी साहिब<ref name="MRT265">{{cite book|title=Development of Islamic movement in Kerala in modern times|last1=Muhammed Rafeeq, T|publisher=Aligarh Muslim University-Shodhganga|page=265}}</ref>
* इस्लामिका प्रस्थानम: मुन्निल नडन्नवर<ref name="MRT265" />
* वैवाहिका जीवितम इस्लामिका वीक्षणथिल<ref name="SHP170">{{cite book|title=Development of islamic studies in Kerala during 18th century to 20th century|last1=P. Sakkeer Hussain|page=170}}</ref>
* बहुभार्थ्यत्वम<ref name="SHP171">{{cite book|title=Development of islamic studies in Kerala during 18th century to 20th century|last1=P. Sakkeer Hussain|page=171}}</ref>
* विवाहमोचनम<ref name="SHP170" />
* जमात-ए-इस्लामी लघुपरीचयम<ref name="PPR125">{{cite journal|last1=Abdul Razak P P|date=11 March 2007|title=Colonialism and community formation in Malabar|publisher=University of Calicut-Shodhganga|page=125}}</ref>
* जमात-ए-इस्लामियुम विमर्शकरुम<ref name="MRT193">{{cite book|title=Development of Islamic movement in Kerala in modern times|last1=Muhammed Rafeeq, T|publisher=Aligarh Muslim University-Shodhganga|page=193}}</ref>
* अनन्तरावाकाशा नियमंगल इस्लामिल<ref name="SHP171" />
* प्रवचकानमारुडे प्रबोधनम<ref name="KKM316">{{cite book|title=The concept of man in bhagavadgita and quran a comparative study|last1=Abdul Majeed K K|publisher=University of Calicut-Shodhganga|page=316}}</ref>
=== तमिल में अनुवादित पुस्तकें ===
* इस्लामथिल इल्लारम<ref name="TH2012">[http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-fridayreview/matters-of-matrimony/article4056199.ece The Hindu], 2 November 2012</ref>
== संदर्भ ==
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वेलियंकोड उमर काजी
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{{Infobox person|name=वेलियंकोड उमर काजी|image=Umer Qazi.jpg|alt=उमर काजी, वेलियंकोड|caption=वेलियंकोड उमर काजी|birth_date=लगभग 1757|death_date=1856|birth_place=वेलियंकोड, पोन्नानी, [[मलप्पुरम]] जिला, [[केरल]], [[भारत]]|other_names=वलियुल्लाही उमर काजी, वेलियंकोड उमर काजी|known_for=[[सविनय अवज्ञा]] आंदोलन|occupation=मुस्लिम विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी, कवि|website=}}{{Islam}}
'''वेलियंकोड उमर काजी''' (अरबी: '''عاشق الرسول عمر القاضي بلنكوتي المليباري''', मलयालम: വെളിയങ്കോട്ട് ഉമര് ഖാസി(റ)) एक मुस्लिम विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी और कवि थे। वे [[सविनय अवज्ञा]] आंदोलन में सक्रिय थे और उन्होंने ब्रिटिश भारत में सरकार को कर (टैक्स) देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{Cite web|url=http://www.jaihoon.com/334.htm|title=Umar Qazi - Sufi Poet on Horseback|date=6 January 2010}}{{Dead link|date=मार्च 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
उमर काजी का जन्म शेख हसन ताबी के वंशज अली मुसलियार और अमीना के घर 'काजीयरकथ' नामक घर में हिजरी 1177 रबी-उल-अव्वल 10, शुक्रवार को हुआ था। जब वे दस वर्ष के भी नहीं थे, तब उनके माता-पिता का निधन हो गया। उन्होंने अपने बचपन में बुनियादी शिक्षा अपने पिता से प्राप्त की थी।
जब वे ग्यारह वर्ष के थे, तब उन्हें मखदूम परिवार के वंशज अहमद मुसलियार के मार्गदर्शन में 'तनूर दर्से' में नामांकित किया गया था। इसके बाद उन्होंने अबूबकर हिशाम, जिन्हें 'औकोया मुसलियार' के नाम से भी जाना जाता है, के साथ अध्ययन किया। उन्हें उनके 13वें वर्ष में 'पोन्नानी दर्से' में प्रवेश मिला और उन्होंने मम्मिकुट्टी काजी का मार्गदर्शन स्वीकार किया। वहाँ उन्होंने 'फतहुल मुईन' और अन्य प्रामाणिक शास्त्रीय ग्रंथों का अध्ययन किया। पोन्नानी में छह साल के पाठ्यक्रम के बाद, अपने शिक्षक मम्मिकुट्टी मुसलियार की मृत्यु के बाद उन्होंने वहाँ से विदाई ली।
== मम्बुरम थंगल के साथ भेंट ==
उन्होंने अपने मित्र औकोया के साथ मम्बुरम थंगल की यात्रा की। उन्होंने मम्बुरम थंगल को अपना मार्गदर्शक स्वीकार किया और इस मुलाकात का विवरण 'मम्बुरम माला' में दर्ज है।<ref>{{Cite web|url=http://www.hussainrandathani.com/Articles.aspx|title=Dr Hussain Randathani|archive-url=https://web.archive.org/web/20130716154236/http://www.hussainrandathani.com/Articles.aspx|archive-date=16 July 2013|access-date=28 July 2013|url-status=dead}}</ref>
== उनकी सामाजिक सेवा ==
उन्हें वेलियंकोड जुमा मस्जिद के तहत मुस्लिम इलाके में सर्वोच्च न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। वे फैसले सुनाने के लिए इब्न हजर की 'तुहफा' पर निर्भर रहते थे। उन्हें मस्जिद आधारित कॉलेज में मुख्य डीन (मुदर्रिस) के रूप में नियुक्त किया गया था। उनके साथ उनके साथी औकोया मुसलियार भी थे, जिन्होंने उनके सहायक और सहकर्मी के रूप में कार्य किया।
== स्वतंत्रता सेनानी के रूप में ==
वे भारतीय प्रायद्वीप में [[सविनय अवज्ञा]] आंदोलन के शुरुआती प्रतिभागियों में से एक थे, जिन्होंने ब्रिटिश सरकार द्वारा नियुक्त स्थानीय प्रधान 'अमशम अधिकारी' को कर देने से इनकार कर दिया था। मरक्कर साहिब ने बीच-बचाव किया और उनकी मृत्यु तक उनका कर भरने का वादा किया। जब मरक्कर साहिब की मृत्यु हुई, तो यह मुद्दा एक बार फिर समस्याग्रस्त हो गया।
== एक कवि के रूप में ==
उन्होंने कई कविताएँ लिखीं।<ref>{{Cite web|url=http://alipurang.blogspot.in/2011/09/umer-kazi-veliyamcode-kerala-india.html|title=ALI AKBAR PURANG: Umer kazi veliyamcode kerala india|date=9 September 2011}}</ref> जेल में रहने के दौरान, उन्होंने कविताओं के माध्यम से अपने विचार मम्बुरम तक पहुँचाए। वे अपने पत्रों को कविताओं के साथ भेजा करते थे।
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!शीर्षक
!अरबी शीर्षक
!अर्थ
!विषय
|-
|स्वल्लाल इलाहु
|صلّى الإلٰه
|सर्वशक्तिमान स्वलात कहता है
|पैगंबर का जीवन और उनकी विशेषता
|-
|नफायसु दुरार
|نفائس الدّرر
|बहुमूल्य रत्न
|कुछ दुर्लभ ज्ञान
|-
|लाहल उल हिलालौ
|لاه الهलाल
|अर्धचंद्राकार उभरा
|पैगंबर की प्रशंसा
|-
|जफथ नी
|جفتني
|मुझे ढक लिया
|पैगंबर की प्रशंसा
|-
|लम्मा दहर
|لمّا ظهر
|जब प्रकट हुए
|पैगंबर के बारे में
|-
|अल्लाफा अल आसी
|الّف العاصي
|एक अपराधी द्वारा रचित
|पैगंबर की प्रशंसा
|-
|मकासिद उल निकाह
|مقاصद النّكاح
|विवाह के उद्देश्य
|शाफी विचारधारा के आधार पर विवाह से संबंधित इस्लामी कानून
|-
|तराजिम उल मुहर्रमाथ
|تراجيم المحرّمات
|वर्जनाओं की व्याख्या
|शाफी विचारधारा के आधार पर वर्जित चीजों से संबंधित इस्लामी कानून
|-
|किताबु अल स्वैध वल इस्तियाद
|كتاب الصّيد والإصطياد
|वध और शिकार पर पाठ
|वध और शिकार से संबंधित इस्लामी नियम
|-
|उसूल दबाह वा कसाईद
|أصول الذبح والقصائد
|वध के मूल सिद्धांत और कविताएँ
|वध के नियम
|-
|}
== मोहम्मद के प्रति प्रेम ==
उन्होंने कविताओं और गद्य में इस्लामी पैगंबर [[मुहम्मद]] के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया। 'उमर अल-फकीर' (عمر الفقير) से शुरू होने वाली पंक्तियाँ मदीना में मुहम्मद की दरगाह की दहलीज पर खुदी हुई हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.jaihoon.com/253.htm|title=Allama Iqbal and Umar Qazi: Two lovers of the Holy Prophet|date=8 November 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20210411014732/http://www.jaihoon.com/253.htm|archive-date=11 April 2021|access-date=28 July 2013|url-status=dead}}</ref>
== मृत्यु ==
यह महसूस करते हुए कि उनकी मृत्यु शीघ्र होने वाली है, उन्होंने अपनी कब्र स्वयं तैयार की और मृत्यु की प्रतीक्षा की। 1856 में उनका निधन हो गया।
== संदर्भ ==
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शेख आसिफ शेख रशीद
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{{Infobox officeholder
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| office = [[महाराष्ट्र विधानसभा|महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य]]
| term_start = 2014
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| predecessor = [[मोहम्मद इस्माइल अब्दुल खालिक]]
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'''शेख आसिफ शेख रशीद''' महाराष्ट्र के एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे 2014-2019 तक [[महाराष्ट्र विधानसभा]] के सदस्य रहे थे।
== राजनीतिक करियर ==
उन्होंने 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में [[मालेगाँव मध्य (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|मालेगाँव मध्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र]] से जीत हासिल की थी।<ref>{{cite web | url=http://articles.economictimes.indiatimes.com/2014-10-19/news/55197446_1_maharashtra-polls-shiv-sena-malegaon-central | title=महाराष्ट्र चुनाव: शिव सेना ने निफाड़ से जीत दर्ज की, कांग्रेस ने मालेगाँव मध्य बरकरार रखा | work=economictimes.indiatimes.com/ | accessdate=15 April 2016 | archive-date=24 अप्रैल 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160424153638/http://articles.economictimes.indiatimes.com/2014-10-19/news/55197446_1_maharashtra-polls-shiv-sena-malegaon-central | url-status=dead }}</ref>
आसिफ ने 2019 में मालेगाँव मध्य सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में फिर से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन एआईएमआईएम उम्मीदवार मुफ्ती इस्माइल से हार गए।<ref>{{cite web | url=https://ummid.com/news/2019/october/24.10.2019/malegaon-election-result-live-2019.html | title=एआईएमआईएम के मुफ्ती इस्माइल ने मालेगाँव मध्य से 2019 का महाराष्ट्र चुनाव जीता | work=ummid.com | date=October 2019 | accessdate=20 October 2024}}</ref>
2022 में, आसिफ ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया और अपने पिता शेख रशीद के साथ शरद पवार की राकांपा (एनसीपी) में शामिल हो गए।<ref>{{cite web | url=https://ummid.com/news/2022/january/27.01.2022/shaikh-rasheed-leads-malegaon-mayor-27-cong-corporators-to-ncp.html | title=शेख रशीद मालेगाँव मेयर और 27 कांग्रेस पार्षदों के साथ राकांपा में शामिल | work=ummid.com | date=January 2022 | accessdate=20 October 2024}}</ref>
राकांपा में विभाजन के बाद, आसिफ शेख ने 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने 20 अक्टूबर 2024 को 'इंडियन सेकुलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र' या 'आई.एस.एल.ए.एम.' (I.S.L.A.M.) नामक एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की, और 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए मालेगाँव मध्य विधानसभा सीट से खुद को नई पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया।<ref>{{cite web | url=https://ummid.com/news/2024/october/20-10-2024/islam-ex-cong-mla-asif-shaikh-floats-new-party-ahead-of-2024-maharashtra-polls.html | title='आई.एस.एल.ए.एम.': पूर्व कांग्रेस विधायक आसिफ शेख ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव से पहले नई पार्टी बनाई | work=ummid.com | date=October 2024 | accessdate=20 October 2024}}</ref>
अंततः, वे एआईएमआईएम उम्मीदवार मुफ्ती इस्माइल से 162 मतों के मामूली अंतर से चुनाव हार गए।
== संदर्भ ==
{{reflist}}
{{DEFAULTSORT:रशीद, शेख आसिफ शेख}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:महाराष्ट्र के विधायक 2014–2019]]
[[श्रेणी:भारतीय मुस्लिम]]
[[श्रेणी:महाराष्ट्र के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:मराठी राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:मालेगाँव के लोग]]
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सदस्य वार्ता:Mehmet İlkman
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#पुनर्प्रेषित [[सदस्य वार्ता:CypriotWikipedian]]
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शुक्रिया असील
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text/x-wiki
[[File:Shukria Asil.jpg|thumb|2010 में शुक्रिया असील]]
'''शुक्रिया असील''' (अरबी: '''شكرية أصيل''') एक [[अफगान लोग|अफगान]] [[महिला अधिकार]] [[सक्रियता|कार्यकर्ता]] हैं।<ref name="autogenerated1">{{Cite web |date=2014-04-23 |title=2010 International Women of Courage Award |url=http://www.state.gov/s/gwi/programs/iwoc/2010/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20140423045134/http://www.state.gov/s/gwi/programs/iwoc/2010/ |archive-date=2014-04-23 |access-date=2022-08-09 }}</ref> 2009 में, वह [[बघलान]] में तीन महिला शिक्षकों की बर्खास्तगी को रद्द करवाने में सफल रहीं, जिन्हें [[शिक्षा मंत्रालय (अफगानिस्तान)|शिक्षा मंत्रालय]] द्वारा उनके बारे में प्रकाशित नकारात्मक जानकारी के कारण निकाल दिया गया था।<ref name="autogenerated3">{{Cite web |date=2014-08-27 |title=AWIU » afghanistan shukria asil |url=http://www.awiu.org/2010/12/22/afghanistan-shukria-asil/ |access-date=2022-08-09 |website=archive.ph |archive-date=27 अगस्त 2014 |archive-url=https://archive.today/20140827173119/http://www.awiu.org/2010/12/22/afghanistan-shukria-asil/ |url-status=dead }}</ref> 2010 तक, वह बघलान प्रांतीय परिषद की चार महिला सदस्यों में से एक थीं, और 2012 तक वह बघलान प्रांतीय संस्कृति और सूचना विभाग की प्रमुख थीं।<ref name=autogenerated3 /><ref>{{Cite web |date=2012-11-01 |title=Woman leaders of Baghlan province speak about successes and challenges Afghan women face |url=https://unama.unmissions.org/woman-leaders-baghlan-province-speak-about-successes-and-challenges-afghan-women-face |access-date=2022-08-09 |website=UNAMA |language=en}}</ref>
असील ने [[सामूहिक बलात्कार]] का शिकार होने के कारण अपने परिवार द्वारा त्याग दी गई एक लड़की के मामले में भी हस्तक्षेप किया और सफलतापूर्वक परिवार को फिर से एकजुट करने में सफल रहीं, हालांकि प्रांतीय गवर्नर ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था।<ref name=autogenerated3 /> महिला अधिकारों के लिए उनके अन्य कार्यों में महिलाओं के लिए नेटवर्किंग समूह बनाना, महिलाओं के लिए [[चालक शिक्षा|ड्राइविंग स्कूलों]] को बढ़ावा देना और [[अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकार#शिक्षा|युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक अवसरों]] का विस्तार करना शामिल है।<ref name="autogenerated2">{{Cite news |title=Afghans, Iranian Honored As 'Women Of Courage' |url=https://www.rferl.org/a/US_Recognizes_Afghans_Iranian_As_Among_International_Women_Of_Courage/1980370.html |access-date=2022-08-09 |newspaper=Radio Free Europe/Radio Liberty |date=11 March 2010 |language=en |last1=Maher |first1=Heather }}</ref>
उन्हें अपने काम के कारण अपहरण और मौत की धमकियों का सामना करना पड़ा है, और कम से कम एक बार उन्हें अपना पता भी बदलना पड़ा।<ref name=autogenerated2 /><ref name=autogenerated3 />
उन्हें 2010 का [[अंतरराष्ट्रीय साहसी महिला पुरस्कार]] प्राप्त हुआ।<ref name=autogenerated1 />
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:अफगान महिला कार्यकर्ता]]
[[श्रेणी:अफगान महिला अधिकार कार्यकर्ता]]
[[श्रेणी:अंतरराष्ट्रीय साहसी महिला पुरस्कार से सम्मानित]]
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लोन्तारा लिपि
0
1610539
6534011
6533678
2026-03-28T15:30:36Z
ङघिञ
872516
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wikitext
text/x-wiki
{| class="infobox"
! लोन्तारा
|'''ᨒᨚᨈᨑ'''
|-
| colspan="2" class="infobox-image" style="padding-top:0.4em;padding-bottom:0.4em;" |[[File:Kata_lontara.png|वर्ग=skin-invert-image|250x250पिक्सेल]]
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |स्क्रिप्टक प्रकार
| class="infobox-data" |<div style="display: inline-block; line-height: 1.2em; padding: .1em 0; line-height:1.25em">[[आबूगीदा|अबुगिदा]]</div>
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |<div style="display: inline-block; line-height: 1.2em; padding: .1em 0; ">अवधि</div>
| class="infobox-data" |१५वीं शताब्दी-वर्तमान
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |दिशा-निर्देश
| class="infobox-data" |बाएँ से दाएँ <span class="penicon autoconfirmed-show">[[File:OOjs_UI_icon_edit-ltr-progressive.svg|कड़ी=https://www.wikidata.org/wiki/Q1074947?uselang=en#P1406|पाठ-शीर्ष|फ़्रेमहीन|10x10पिक्सेल|Edit this on Wikidata]]</span>
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |भाषाएँ
| class="infobox-data" |बुगीनीज़, मकासरी, मंदार, (बीमा, एन्डे और सुम्बावा के लिए थोड़ा संशोधित)
|-
! colspan="2" class="infobox-header" style="background:#ddd; color:inherit;" |संबंधित लिपियाँ
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |<div style="display: inline-block; line-height: 1.2em; padding: .1em 0; ">अभिभावक प्रणालियाँ</div>
| class="infobox-data" |<div style="padding-top:0.15em;">प्रोटो-साइनाइटिक वर्णमाला
* [[फ़ोनीशियाई वर्णमाला|फोनिशियाई वर्णमाला]]
** अरामी वर्णमाला
*** [[ब्राह्मी लिपि|ब्राह्मी]]
**** [[तमिल-ब्राह्मी]]
***** पल्लव
****** पुराना कावी
******* लोंतारा
</div>
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |<div style="display: inline-block; line-height: 1.2em; padding: .1em 0; ">सिस्टर सिस्टम</div>
| class="infobox-data" |[[बाली लिपि|बाली]], [[बटक लिपि|बतक]], बेबाइन, ओल्ड सुंदानीज, रेनकॉन्ग, रीजांग
|-
! colspan="2" class="infobox-header" style="background:#ddd; color:inherit;" |आईएसओ १५९२४
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |[[आईएसओ १५९१९|आईएसओ १५९२४]]
| class="infobox-data" |<span class="monospaced">बुगी</span> <span class="monospaced">(३६७)</span> बुगीनीज 
|-
! colspan="2" class="infobox-header" style="background:#ddd; color:inherit;" |[[Unicode|यूनिकोड]]
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |<div style="display: inline-block; line-height: 1.2em; padding: .1em 0; ">यूनिकोड उपनाम</div>
| class="infobox-data" |बुगिनीज़
|-
! class="infobox-label" scope="row" style="padding-right:0.6em;" |<div style="display: inline-block; line-height: 1.2em; padding: .1em 0; ">[[यूनिकोड समानुक्रमण अल्गोरिद्म|यूनिकोड सीमा]]</div>
| class="infobox-data" |[https://www.unicode.org/charts/PDF/U1A00.pdf U + 1A00-U + 1ए1एफ]
|-
| colspan="2" class="infobox-below noprint selfref" style="text-align:left; background:#eee; color:inherit;" |<span style="font-size:90%">इस लेख में अंतरराष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला (आई. पी. ए.) में ध्वन्यात्मक प्रतिलेखन शामिल हैं। आईपीए प्रतीकों पर परिचयात्मक मार्गदर्शिका के लिए, हेल्पः आईपीए देखें। ,// और ⟨ के बीच अंतर के लिए, IPA § ब्रैकेट और प्रतिलेखन परिसीमक देखें।<span lang="und-Latn-fonipa" class="IPA nowrap" title="Representation in the International Phonetic Alphabet (IPA)">[ ] </span>   <span lang="und-Latn-fonipa" class="IPA nowrap" title="Representation in the International Phonetic Alphabet (IPA)"> </span></span>
|}
'''लोन्तारा लिपि''' (<span lang="Bug" dir="ltr">ᨒᨚᨈᨑ</span>) जिसे '''बुगिस लिपि''', '''बुगिस-मकस्सर लिपि''', या उरुपु सुलापा 'एप्पा' "चार-कोने वाले अक्षर" के रूप में भी जाना जाता है, [[दक्षिण सुलावेसी]] और पश्चिम सुलावेसी क्षेत्र में विकसित [[इंडोनेशिया]] की पारंपरिक लिपियों में से एक है। लिपि का उपयोग मुख्य रूप से [[बुगिनी भाषा]] लिखने के लिए किया जाता है, इसके बाद मकासरी और मंदार का स्थान आता है। लोन्तारा के निकट संबंधित रूपों का उपयोग सुलावेसी के बाहर कई भाषाओं जैसे बीमा, एन्डे और सुम्बावा को लिखने के लिए भी किया जाता है।{{Sfn|Tol|1996|pp=213, 216}} इस लिपि का सक्रिय रूप से कई दक्षिण सुलावेसी समाजों द्वारा दिन-प्रतिदिन और साहित्यिक ग्रंथों के लिए कम से कम १५वीं शताब्दी ईस्वी के मध्य से २०वीं शताब्दी ईस्वी तक उपयोग किया जाता था, इससे पहले कि इसके कार्य को धीरे-धीरे लैटिन वर्णमाला द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था। आज यह लिपि [[दक्षिण सुलावेसी|दक्षिण सुलावेसी प्रांत]] में स्थानीय पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में पढ़ाई जाती है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में इसका बहुत सीमित उपयोग होता है।
== अक्षर ==
=== व्यञ्जन ===
अक्षर ({{Langx|bug|ᨕᨗᨊᨔᨘᨑᨛ|}} ''देवनागरीकृत: इना’ सुरे’'', मकासार: ᨕᨑᨚᨒᨚᨈᨑ देवनागरीकृत:अनरोंग लोन्तारा) अंतर्निहित स्वर{{अ-ध्व-लि|/अ/}} साथ अक्षरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। २३ अक्षर हैं, जो नीचे दिए गए हैंः <ref name="uni">{{Cite journal|last=Everson|first=Michael|date=10 May 2003|title=Revised final proposal for encoding the Lontara (Buginese) script in the UCS|url=http://std.dkuug.dk/jtc1/sc2/wg2/docs/n2633r.pdf|journal=Iso/Iec Jtc1/Sc2/Wg2|publisher=Unicode|issue=N2633R}}</ref>
{| class="wikitable"
|+इना’ सुरे’ या अनरोंग लोन्तारा
|<span style="color:magenta">ᨀ</span>
क
|<span style="color:magenta">ᨁ</span>
ग
|<span style="color:magenta">ᨂ</span>
ङ
|<span style="color:magenta">ᨃ</span>
ङ्क
|<span style="color:magenta">ᨌ</span>
च
|<span style="color:magenta">ᨍ</span>
ज
|<span style="color:magenta">ᨎ</span>
ञ
|<span style="color:magenta">ᨏ</span>
ञ्च
|<span style="color:magenta">ᨈ</span>
त
|<span style="color:magenta">ᨉ</span>
द
|<span style="color:magenta">ᨕ</span>
अ
|<span style="color:magenta">ᨖ</span>
ह
|-
|<span style="color:magenta">ᨊ</span>
न
|<span style="color:magenta">ᨋ</span>
न्र
|<span style="color:magenta">ᨄ</span>
प
|<span style="color:magenta">ᨅ</span>
ब
|<span style="color:magenta">ᨆ</span>
म
|<span style="color:magenta">ᨇ</span>
म्प
|<span style="color:magenta">ᨐ</span>
य
|<span style="color:magenta">ᨑ</span>
र
|<span style="color:magenta">ᨒ</span>
ल
|<span style="color:magenta">ᨓ</span>
व
|<span style="color:magenta">ᨔ</span>
स
|
|}
=== स्वर ===
[[विशेषक चिह्न|डायक्रिटिक]] (बुगिनी: ᨕᨊ ᨔᨘᨑᨛ ''देवनागरीकृत:'' ''इना’ सुर’,'' मकासार: ᨕᨊ ᨒᨚᨈᨑ ''देवनागरीकृत: अना लोन्तारा'') का उपयोग अक्षरों के अंतर्निहित स्वर को बदलने के लिए किया जाता है। पा डायक्रिटिक्स हैं, जो नीचे दिखाए गए हैंः <ref name="uni">{{Cite journal|last=Everson|first=Michael|date=10 May 2003|title=Revised final proposal for encoding the Lontara (Buginese) script in the UCS|url=http://std.dkuug.dk/jtc1/sc2/wg2/docs/n2633r.pdf|journal=Iso/Iec Jtc1/Sc2/Wg2|publisher=Unicode|issue=N2633R}}<cite class="citation journal cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFEverson2003">Everson, Michael (10 May 2003). [http://std.dkuug.dk/jtc1/sc2/wg2/docs/n2633r.pdf "Revised final proposal for encoding the Lontara (Buginese) script in the UCS"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''Iso/Iec Jtc1/Sc2/Wg2'' (N2633R). Unicode.</cite></ref>
{| class="wikitable"
|+स्वर
|◌ᨗ
-इ
|◌ᨘ
-उ
|ᨙ
-ए
|ᨚ
-ओ
|◌ᨛ
-अ
|-
|
|
|
|
|
|}
== सन्दर्भ ==
[[श्रेणी:ब्राह्मी परिवार की लिपियाँ]]
hyifvtvvi1i77azhbp268r8tex3d1f3
वार्ता:जुमा की नमाज़
1
1610540
6534012
6533813
2026-03-28T15:40:29Z
SM7
89247
+ टिप्पणी
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text/x-wiki
== स्थानान्तरण अनुरोध 27 मार्च 2026 ==
{{नाम बदलें/dated|जुमा की नमाज़}}
[[:जुम्मा की नमाज़]] → {{no redirect|जुमा की नमाज़}} – स्पष्ट typo [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:01, 27 मार्च 2026 (UTC)
::इस अनुरोध के लिए धन्यवाद, में यह पेज नियम कम जानता था तब बनाया था, हम लोग यूपी वाले आपस में जो बात करते हैं पुकारते हैं इस के लिए बुलाते हैं उस तरह स्वर अनुसार नाम दे दिया था, में भी यह अनुरोध कई बार करना चाहता था...आपका बेहद शुक्रिया यह आपके जरिये यह अनुरोध हो गाया, अब नियम अनुसार कुछ संदर्भ दे रहा हूँ, जिससे निर्णय लेने में प्रबंधक जी को आसानी रहे ..(१)[https://archive.org/details/NamazEJumaKiFazilat Namaz E Juma Ki Fazilat Urdu Hindi],(२) [https://quranwahadith.com/product/juma-ka-khutba-hindi/?srsltid=AfmBOorCq4kBzqv3hmUsgD2XSUzem1DVEBmXbr2n69TTd26hk7Xo7D1p Juma Ke Khutbe Hindi, Arabi Hindi, जुमा के ख़ुत्बे],,(३)[https://hadeeshindi.com/jumma-ki-namaz-ka-tarika/ जुमा की नमाज़ का तरीका]...📚 [[सदस्य:Umarkairanvi|M. Umar kairanvi]] ([[सदस्य वार्ता:Umarkairanvi|वार्ता]]) 19:28, 27 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Umarkairanvi|Umarkairanvi]] जी, मेरे समर्थन में संदर्भ देने के लिए धन्यवाद!! किन्तु करवा सच यह है कि हिन्दी विकिपीडिया में बहुत सारे ख़राब अनुवाद होते हैं। मेरे ख़्याल से इस विकिपीडिया पर अनुवादों के लिए कठोर नियम होने चाहिए। मैं आशा करता हूँ कि एक दिन मैं इन सब बुरे अनुवादों को ठीक करके उनका नाम बदल सकूँगा। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:30, 27 मार्च 2026 (UTC)
* '''टिप्पणी''' - जहाँ तक मुझे पता है उचित शब्द 'जुमा' है। अतः इस '''स्थानांतरण हेतु मेरी सहमति''' है। हालाँकि, अनुरोध में जो कारण लिखा गया है वो नितांत ग़लत और लापरवाही का नमूना है। यह 'टाइपो' बिल्कुल ही नहीं है। बोलचाल में इसका उच्चारण मेरी जानकारी अनुसार 'जुम्मा' ही अधिक प्रचलित है, लिखत में भले सही शब्द जुमा हो। जैसा कि लेख के निर्माता @[[सदस्य:Umarkairanvi|Umarkairanvi]] जी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं। अभी अनुरोध हुआ है तो 'जुमा' के समर्थन में यहाँ संदर्भ भी दे दिये गये, खोजेंगे तो लिखत में भी 'जुम्मा' के पर्याप्त प्रयोग मिल जायेंगे। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:40, 28 मार्च 2026 (UTC)
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The Sorter
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/* स्थानान्तरण अनुरोध 27 मार्च 2026 */ उत्तर
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text/x-wiki
== स्थानान्तरण अनुरोध 27 मार्च 2026 ==
{{नाम बदलें/dated|जुमा की नमाज़}}
[[:जुम्मा की नमाज़]] → {{no redirect|जुमा की नमाज़}} – स्पष्ट typo [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:01, 27 मार्च 2026 (UTC)
::इस अनुरोध के लिए धन्यवाद, में यह पेज नियम कम जानता था तब बनाया था, हम लोग यूपी वाले आपस में जो बात करते हैं पुकारते हैं इस के लिए बुलाते हैं उस तरह स्वर अनुसार नाम दे दिया था, में भी यह अनुरोध कई बार करना चाहता था...आपका बेहद शुक्रिया यह आपके जरिये यह अनुरोध हो गाया, अब नियम अनुसार कुछ संदर्भ दे रहा हूँ, जिससे निर्णय लेने में प्रबंधक जी को आसानी रहे ..(१)[https://archive.org/details/NamazEJumaKiFazilat Namaz E Juma Ki Fazilat Urdu Hindi],(२) [https://quranwahadith.com/product/juma-ka-khutba-hindi/?srsltid=AfmBOorCq4kBzqv3hmUsgD2XSUzem1DVEBmXbr2n69TTd26hk7Xo7D1p Juma Ke Khutbe Hindi, Arabi Hindi, जुमा के ख़ुत्बे],,(३)[https://hadeeshindi.com/jumma-ki-namaz-ka-tarika/ जुमा की नमाज़ का तरीका]...📚 [[सदस्य:Umarkairanvi|M. Umar kairanvi]] ([[सदस्य वार्ता:Umarkairanvi|वार्ता]]) 19:28, 27 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Umarkairanvi|Umarkairanvi]] जी, मेरे समर्थन में संदर्भ देने के लिए धन्यवाद!! किन्तु करवा सच यह है कि हिन्दी विकिपीडिया में बहुत सारे ख़राब अनुवाद होते हैं। मेरे ख़्याल से इस विकिपीडिया पर अनुवादों के लिए कठोर नियम होने चाहिए। मैं आशा करता हूँ कि एक दिन मैं इन सब बुरे अनुवादों को ठीक करके उनका नाम बदल सकूँगा। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:30, 27 मार्च 2026 (UTC)
* '''टिप्पणी''' - जहाँ तक मुझे पता है उचित शब्द 'जुमा' है। अतः इस '''स्थानांतरण हेतु मेरी सहमति''' है। हालाँकि, अनुरोध में जो कारण लिखा गया है वो नितांत ग़लत और लापरवाही का नमूना है। यह 'टाइपो' बिल्कुल ही नहीं है। बोलचाल में इसका उच्चारण मेरी जानकारी अनुसार 'जुम्मा' ही अधिक प्रचलित है, लिखत में भले सही शब्द जुमा हो। जैसा कि लेख के निर्माता @[[सदस्य:Umarkairanvi|Umarkairanvi]] जी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं। अभी अनुरोध हुआ है तो 'जुमा' के समर्थन में यहाँ संदर्भ भी दे दिये गये, खोजेंगे तो लिखत में भी 'जुम्मा' के पर्याप्त प्रयोग मिल जायेंगे। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:40, 28 मार्च 2026 (UTC)
*:@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, आप सही है। मुझे इसे typo नहीं कहना चाहिए था, बल्कि मानक वर्तनी के कारण से अनुरोध देना चाहिए था। मूल अरबी शब्द का उच्चारण भी "जुमा" के क़रीब है। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 17:27, 28 मार्च 2026 (UTC)
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2026-03-28T17:30:16Z
The Sorter
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text/x-wiki
== स्थानान्तरण अनुरोध 27 मार्च 2026 ==
{{नाम बदलें/dated|जुमा की नमाज़}}
[[:जुम्मा की नमाज़]] → {{no redirect|जुमा की नमाज़}} – मानक वर्तनी "जुमा" है। मूल अरबी और फ़ारसी शब्दों के उच्चारणों भी "जुमा" के क़रीब है, "जुम्मा" के नहीं। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:01, 27 मार्च 2026 (UTC)
::इस अनुरोध के लिए धन्यवाद, में यह पेज नियम कम जानता था तब बनाया था, हम लोग यूपी वाले आपस में जो बात करते हैं पुकारते हैं इस के लिए बुलाते हैं उस तरह स्वर अनुसार नाम दे दिया था, में भी यह अनुरोध कई बार करना चाहता था...आपका बेहद शुक्रिया यह आपके जरिये यह अनुरोध हो गाया, अब नियम अनुसार कुछ संदर्भ दे रहा हूँ, जिससे निर्णय लेने में प्रबंधक जी को आसानी रहे ..(१)[https://archive.org/details/NamazEJumaKiFazilat Namaz E Juma Ki Fazilat Urdu Hindi],(२) [https://quranwahadith.com/product/juma-ka-khutba-hindi/?srsltid=AfmBOorCq4kBzqv3hmUsgD2XSUzem1DVEBmXbr2n69TTd26hk7Xo7D1p Juma Ke Khutbe Hindi, Arabi Hindi, जुमा के ख़ुत्बे],,(३)[https://hadeeshindi.com/jumma-ki-namaz-ka-tarika/ जुमा की नमाज़ का तरीका]...📚 [[सदस्य:Umarkairanvi|M. Umar kairanvi]] ([[सदस्य वार्ता:Umarkairanvi|वार्ता]]) 19:28, 27 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Umarkairanvi|Umarkairanvi]] जी, मेरे समर्थन में संदर्भ देने के लिए धन्यवाद!! किन्तु करवा सच यह है कि हिन्दी विकिपीडिया में बहुत सारे ख़राब अनुवाद होते हैं। मेरे ख़्याल से इस विकिपीडिया पर अनुवादों के लिए कठोर नियम होने चाहिए। मैं आशा करता हूँ कि एक दिन मैं इन सब बुरे अनुवादों को ठीक करके उनका नाम बदल सकूँगा। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:30, 27 मार्च 2026 (UTC)
* '''टिप्पणी''' - जहाँ तक मुझे पता है उचित शब्द 'जुमा' है। अतः इस '''स्थानांतरण हेतु मेरी सहमति''' है। हालाँकि, अनुरोध में जो कारण लिखा गया है वो नितांत ग़लत और लापरवाही का नमूना है। यह 'टाइपो' बिल्कुल ही नहीं है। बोलचाल में इसका उच्चारण मेरी जानकारी अनुसार 'जुम्मा' ही अधिक प्रचलित है, लिखत में भले सही शब्द जुमा हो। जैसा कि लेख के निर्माता @[[सदस्य:Umarkairanvi|Umarkairanvi]] जी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं। अभी अनुरोध हुआ है तो 'जुमा' के समर्थन में यहाँ संदर्भ भी दे दिये गये, खोजेंगे तो लिखत में भी 'जुम्मा' के पर्याप्त प्रयोग मिल जायेंगे। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:40, 28 मार्च 2026 (UTC)
*:@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, आप सही है। मुझे इसे typo नहीं कहना चाहिए था, बल्कि मानक वर्तनी के कारण से अनुरोध देना चाहिए था। मूल अरबी शब्द का उच्चारण भी "जुमा" के क़रीब है। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 17:27, 28 मार्च 2026 (UTC)
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/* स्थानान्तरण अनुरोध 27 मार्च 2026 */ उत्तर
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== स्थानान्तरण अनुरोध 27 मार्च 2026 ==
{{नाम बदलें/dated|जुमा की नमाज़}}
[[:जुम्मा की नमाज़]] → {{no redirect|जुमा की नमाज़}} – मानक वर्तनी "जुमा" है। मूल अरबी और फ़ारसी शब्दों के उच्चारणों भी "जुमा" के क़रीब है, "जुम्मा" के नहीं। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:01, 27 मार्च 2026 (UTC)
::इस अनुरोध के लिए धन्यवाद, में यह पेज नियम कम जानता था तब बनाया था, हम लोग यूपी वाले आपस में जो बात करते हैं पुकारते हैं इस के लिए बुलाते हैं उस तरह स्वर अनुसार नाम दे दिया था, में भी यह अनुरोध कई बार करना चाहता था...आपका बेहद शुक्रिया यह आपके जरिये यह अनुरोध हो गाया, अब नियम अनुसार कुछ संदर्भ दे रहा हूँ, जिससे निर्णय लेने में प्रबंधक जी को आसानी रहे ..(१)[https://archive.org/details/NamazEJumaKiFazilat Namaz E Juma Ki Fazilat Urdu Hindi],(२) [https://quranwahadith.com/product/juma-ka-khutba-hindi/?srsltid=AfmBOorCq4kBzqv3hmUsgD2XSUzem1DVEBmXbr2n69TTd26hk7Xo7D1p Juma Ke Khutbe Hindi, Arabi Hindi, जुमा के ख़ुत्बे],,(३)[https://hadeeshindi.com/jumma-ki-namaz-ka-tarika/ जुमा की नमाज़ का तरीका]...📚 [[सदस्य:Umarkairanvi|M. Umar kairanvi]] ([[सदस्य वार्ता:Umarkairanvi|वार्ता]]) 19:28, 27 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Umarkairanvi|Umarkairanvi]] जी, मेरे समर्थन में संदर्भ देने के लिए धन्यवाद!! किन्तु करवा सच यह है कि हिन्दी विकिपीडिया में बहुत सारे ख़राब अनुवाद होते हैं। मेरे ख़्याल से इस विकिपीडिया पर अनुवादों के लिए कठोर नियम होने चाहिए। मैं आशा करता हूँ कि एक दिन मैं इन सब बुरे अनुवादों को ठीक करके उनका नाम बदल सकूँगा। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:30, 27 मार्च 2026 (UTC)
* '''टिप्पणी''' - जहाँ तक मुझे पता है उचित शब्द 'जुमा' है। अतः इस '''स्थानांतरण हेतु मेरी सहमति''' है। हालाँकि, अनुरोध में जो कारण लिखा गया है वो नितांत ग़लत और लापरवाही का नमूना है। यह 'टाइपो' बिल्कुल ही नहीं है। बोलचाल में इसका उच्चारण मेरी जानकारी अनुसार 'जुम्मा' ही अधिक प्रचलित है, लिखत में भले सही शब्द जुमा हो। जैसा कि लेख के निर्माता @[[सदस्य:Umarkairanvi|Umarkairanvi]] जी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं। अभी अनुरोध हुआ है तो 'जुमा' के समर्थन में यहाँ संदर्भ भी दे दिये गये, खोजेंगे तो लिखत में भी 'जुम्मा' के पर्याप्त प्रयोग मिल जायेंगे। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:40, 28 मार्च 2026 (UTC)
*:@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, आप सही है। मुझे इसे typo नहीं कहना चाहिए था, बल्कि मानक वर्तनी के कारण से अनुरोध देना चाहिए था। मूल अरबी शब्द का उच्चारण भी "जुमा" के क़रीब है। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 17:27, 28 मार्च 2026 (UTC)
*::@[[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] जी, बेकार की बातें न करिये। कहाँ है आपकी यह 'मानक वर्तनी'? कोई स्रोत दिखाएँगे कि यही हिंदी में मानक है? विक्षनरी पर हिंदी के प्रसिद्ध शब्दकोश से यथावत ली गयी एंट्री में भी [[:wikt:जुमा|जुमा]] और [[:wikt:जुम्मा|जुम्मा]] दोनों दर्ज हैं। और अरबी उच्चारण ''जुमअ'' या ''जुम'अ'' या ''जुम'अ़'' लिखा जायेगा अगर देवनागरी में लिखना हो, जो कि हिंदी में बिल्कुल ग़ैर-ज़रूरी है।
*::दूसरी बात, जब अपनी बात बदली जाती है तो पुराने को <s>काट कर</s> उसके आगे नया लिखा जाता है, न कि पुरानी बात को ग़ायब कर दिया जाता है, जैसा कि अब आप ने अनुरोध में कारण ही बदल दिया, जिसकी कोई ज़रूरत नहीं थी। आशा करता हूँ कि आगे से ध्यान रखेंगे। कृपया इस चर्चा में और छेड़छाड़ न करें, आपको जो कहना था कह चुके। औरों की राय और स्थानांतरण पर निर्णय होने की प्रतीक्षा करिये। धन्यवाद। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:03, 28 मार्च 2026 (UTC)
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मैनहंट 2
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संजीव कुमार
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text/x-wiki
{{ख़राब अनुवाद|1=अंग्रेज़ी|date=मार्च 2026}}
{{ज्ञानसन्दूक विडियो गेम
| title = मैनहंट 2
| developer = [[रॉकस्टार लंदन]]{{efn|Originally in development at [[Rockstar Vienna]]. Additional development by [[Rockstar Toronto]] and [[Rockstar North]]. Ported to PlayStation Portable by [[Rockstar Leeds]], and to Wii and Microsoft Windows by Rockstar Toronto.}}
| publisher = [[रॉकस्टार गेम्स]]
| producer = मार्क वॉशब्रुक
| designer = चार्ली बेवशर
| programmer = थॉमस बुसर
| artist = लेह माल्पास
| writer = {{Unbulleted list|चार्ली बेवशर|[[क्रिश्चियन कैंटामेसा]]|जॉन ज़ुरहेलन}}
| composer = क्रेग कॉनर
| engine = [[RenderWare]]
| platforms = {{Unbulleted list|[[प्लेस्टेशन 2]]|[[प्लेस्टेशन पोर्टेबल]]|[[वी]]|[[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज]]}}
| released = '''PS2''', '''PSP''', '''वी'''{{Video game release|NA|29 अक्टूबर 2007|EU|31 अक्टूबर 2008}}'''माइक्रोसॉफ्ट विंडोज'''{{Video game release|NA|6 नवंबर 2009}}
| genre = [[Stealth game|स्टेल्थ]]
| modes = [[Single-player video game|एकल-खिलाड़ी]]
}}'''''''[[मैनहंट (वीडियो गेम)|मैनहंट]]'' 2''''' [[रॉकस्टार गेम्स]] द्वारा बनाई 2007 का एक स्टेल्थ गेम है। इसे रॉकस्टार लंदन द्वारा [[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़|माइक्रोसॉफ्ट विंडोज]] और [[प्लेस्टेशन २|प्लेस्टेशन 2]] के लिए, रॉकस्टार लीड्स द्वारा प्लेस्टेशन पोर्टेबल के लिए और रॉकस्टार टोरंटो द्वारा [[वी]] के लिए विकसित किया गया था। यह 2003 की मैनहंट की अगली कड़ी है और इसे उत्तरी अमेरिका में 29 अक्टूबर 2007 को और PAL क्षेत्रों में 31 अक्टूबर 2008 से जारी किया गया था।<ref name="uk">{{Cite web|url=http://www.ign.com/articles/2008/10/03/manhunt-2-dated-in-uk|title=Manhunt 2 Dated in UK|last=Matt Wales|date=3 October 2008|website=IGN|archive-url=https://web.archive.org/web/20201021025003/https://www.ign.com/articles/2008/10/03/manhunt-2-dated-in-uk|archive-date=21 October 2020|access-date=3 October 2008}}</ref> गेम में भूलने की बीमारी से पीड़ित एक दिमाग़ी मरीज़ डैनियल लैम्ब और एक [[मनोविकृति|समाजोपैथिक]] क़ातिल लियो कैस्पर का अनुसरण किया गया है, जो डैनियल को उसकी सफ़र में हिदायत देता है।
मूल रूप से जुलाई 2007 में उत्तरी अमेरिकी और यूरोपीय रिलीज़ के लिए निर्धारित किया गया था, गेम को रॉकस्टार की [[नियंत्रक कंपनी|मूल कंपनी]] टेक-टू इंटरएक्टिव द्वारा निलंबित कर दिया गया था जब इसे कुछ मुल्कों में वर्गीकरण से इनकार कर दिया गया और संयुक्त राज्य अमेरिका में सिर्फ़ बालिग़ों के लिए उपयुक्त (AO) रेटिंग दी गई थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.gamespot.com/articles/manhunt-2-pc-gets-ao-rating/1100-6216220/|title=Manhunt 2 PC gets AO rating|last=Brendan Sinclair|date=21 June 2007|website=[[GameSpot]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20140304125247/http://www.gamespot.com/articles/manhunt-2-pc-gets-ao-rating/1100-6216220/|archive-date=4 March 2014|access-date=2 September 2010}}</ref> चूंकि [[निनटेंडो|निन्टेंडो]], [[माइक्रोसॉफ़्ट|माइक्रोसॉफ्ट]] और सोनी कंप्यूटर एंटरटेनमेंट अपने कंसोल पर A.O. टाइटल के लिए रिलीज़ के लाइसेन्स हासिल करने की इजाज़त नहीं देते हैं, इसलिए इसने अमेरिका में भी उनके ग्राहक आधार को गंभीर रूप से सीमित कर दिया होगा।<ref>{{Cite web|url=http://www.gamespot.com/articles/sony-nintendo-forbid-ao-rated-manhunt-2/1100-6172830/|title=Sony, Nintendo forbid AO-rated Manhunt 2|last=Brendan Sinclair|date=20 June 2007|website=[[GameSpot]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20140321043246/http://www.gamespot.com/articles/sony-nintendo-forbid-ao-rated-manhunt-2/1100-6172830/|archive-date=21 March 2014|access-date=29 November 2012}}</ref> इन रेटिंग मसलों के जवाब में, रॉकस्टार ने गेम को सेंसर किया, गेम के मंज़र-ए-क़त्ल के दौरान स्क्रीन को धुंधला कर दिया और स्कोरिंग सिस्टम को हटा दिया, जिस में प्लेयर को विशेष रूप से क्रूर क़तलों के लिए पुरस्कृत किया जाता था। इस संपादित वर्ज़न को ESRB के ज़रिये अमेरिका में M का दर्जा देकर इसे जारी किया गया था।<ref name="MTV">{{Cite web|url=http://www.mtv.com/news/1572934/manhunt-2-developer-finally-talks-about-game-ratings-controversy-much-as-it-pains-him/|title=''Manhunt 2'' Developer Finally Talks About Game, Ratings Controversy – Much As It Pains Him|last=Stephen Tolito|date=29 October 2007|publisher=MTV|archive-url=https://web.archive.org/web/20140723120539/http://www.mtv.com/news/1572934/manhunt-2-developer-finally-talks-about-game-ratings-controversy-much-as-it-pains-him/|archive-date=23 July 2014|access-date=29 November 2012}}</ref> हालांकि, कुछ दूसरे मुल्कों में बोर्डों ने अभी भी संपादित वर्ज़न को नकार दिया, जैसे कि ब्रिटेन में BBFC और आयरलैंड में IFCO ने रॉकस्टार की अपील के बाद, अंततः गेम को क्रमशः 18 प्रमाण पत्र और PEGI 18 रेटिंग के साथ क़ुबूल किया गया था।<ref name="VAC">{{Cite web|url=http://www.bbfc.co.uk/education/case-studies/manhunt-2|title=Manhunt 2|publisher=[[British Board of Film Classification|BBFC]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20130221003029/http://www.bbfc.co.uk/case-studies/manhunt-2|archive-date=21 February 2013|access-date=27 November 2012}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.ifco.ie/ifco/ifcoweb.nsf/web/news?opendocument&news=yes&type=graphic|title=Manhunt 2 Video Game Prohibited|publisher=Irish Film Classification Office|archive-url=https://web.archive.org/web/20071120192726/http://www.ifco.ie/ifco/ifcoweb.nsf/web/news?opendocument&news=yes&type=graphic|archive-date=2007-11-20}}</ref> फिर भी, जर्मनी और मलेशिया जैसे कुछ मुल्कों में, ''मैनहंट 2'' पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई थी ।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.siliconrepublic.com/play/top-10-banned-video-games|title=Top 10 banned video games|date=November 21, 2010|website=[[Silicon Republic]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20190816075117/https://www.siliconrepublic.com/play/top-10-banned-video-games|archive-date=16 August 2019|access-date=December 1, 2019}}</ref><ref name=":1">{{Cite web|url=http://www.malaysianbar.org.my/legal/general_news/fomca_regulate_video_games.html|title=Fomca: Regulate video games|date=2011-10-13|publisher=Malaysian Bar|archive-url=https://web.archive.org/web/20110610205540/http://www.malaysianbar.org.my/legal/general_news/fomca_regulate_video_games.html|archive-date=10 June 2011|access-date=2011-10-26}}</ref>
''मैनहंट 2'' को आलोचकों से मिश्रित समीक्षा मिलीः बेहतर गेमप्ले, गेम इंजन, कथानक मोड़, गहरी कहानी और अत्यधिक हिंसा के इस्तेमाल के लिए दाद दी गई, लेकिन इसकी आवाज़ अभिनय और पुराने ग्राफिक्स ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं हासिल कीं। इस शीर्षक ने अपनी रिलीज़ से पहले और बाद में विवाद खड़ा कर दिया, ब्रिटिश संसद के सदस्य कीथ वाज, अमेरिकी विडिओ गेम विरोधी कार्यकर्ता जैक थॉम्पसन और विभिन्न [[अमेरिकी सीनेट|अमेरिकी सीनेटर]] का नज़र खींचा। इसे PS2 के लिए गेमस्पाई के 2007 गेम ऑफ़ द ईयर अवार्ड के लिए नामांकित किया गया था।
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लीलातिलकम्
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अनुनाद सिंह
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/* विषयवस्तु */
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो ''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम्]]'' भाषा-शैली के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, लिंग, वचन, क्रिया और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, स्वर संधि, स्वर-व्यंजन संधि, व्यंजन संधि और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण, श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और अलंकार, अनुप्रास, मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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अनुनाद सिंह
1634
/* पंचम शिल्प */
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो ''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम्]]'' भाषा-शैली के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, लिंग, वचन, क्रिया और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, स्वर संधि, स्वर-व्यंजन संधि, व्यंजन संधि और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण (श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता) और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और अलंकार, अनुप्रास, मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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2026-03-29T03:50:45Z
अनुनाद सिंह
1634
/* इन्हें भी देखें */
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो ''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम्]]'' भाषा-शैली के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, लिंग, वचन, क्रिया और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, स्वर संधि, स्वर-व्यंजन संधि, व्यंजन संधि और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण (श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता) और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और अलंकार, अनुप्रास, मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
*[[मणिप्रवालम]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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अनुनाद सिंह
1634
/* प्रथम शिल्प */
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो ''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम्]]'' भाषा-शैली के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल|मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, लिंग, वचन, क्रिया और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, स्वर संधि, स्वर-व्यंजन संधि, व्यंजन संधि और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण (श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता) और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और अलंकार, अनुप्रास, मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
*[[मणिप्रवालम]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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अनुनाद सिंह
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/* द्वितीय शिल्प */
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{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो ''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम्]]'' भाषा-शैली के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल|मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, [[लिंग]], [[वचन]], [[क्रिया]] और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, स्वर संधि, स्वर-व्यंजन संधि, व्यंजन संधि और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण (श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता) और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और अलंकार, अनुप्रास, मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
*[[मणिप्रवालम]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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अनुनाद सिंह
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/* तृतीय शिल्प */
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो ''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम्]]'' भाषा-शैली के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल|मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, [[लिंग]], [[वचन]], [[क्रिया]] और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, [[स्वर संधि]], स्वर-व्यंजन संधि, [[व्यंजन संधि]] और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण (श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता) और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और अलंकार, अनुप्रास, मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
*[[मणिप्रवालम]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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अनुनाद सिंह
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/* षष्ठ शिल्प */
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो ''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम्]]'' भाषा-शैली के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल|मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, [[लिंग]], [[वचन]], [[क्रिया]] और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, [[स्वर संधि]], स्वर-व्यंजन संधि, [[व्यंजन संधि]] और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण (श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता) और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और [[अलंकार]], [[अनुप्रास]], मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
*[[मणिप्रवालम]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो ''[[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम् भाषा-शैली]] के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल|मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, [[लिंग]], [[वचन]], [[क्रिया]] और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, [[स्वर संधि]], स्वर-व्यंजन संधि, [[व्यंजन संधि]] और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण (श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता) और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और [[अलंकार]], [[अनुप्रास]], मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
*[[मणिप्रवालम]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|name=लीलातिलकम्|title_orig=लीलातिलकम्|language=[[संस्कृत]]|country=[[भारत]]|subject=[[मणिप्रवालम]] युग का व्याकरण एवं काव्य|published=|media_type=[[पाण्डुलिपि]]|orig_lang_code=sa}}
'''लीलातिलकम् ''' चौदहवीं शताब्दी का एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]-भाषा का ग्रंथ है जो [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलाम् भाषा-शैली]] के [[व्याकरण]] और [[काव्य]] का वर्णन करता है। मणिप्रवालम् [[भारत]] के [[केरल]] क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले संस्कृत और प्रारंभिक मलयालम का मिश्रण है।
== लेखक एवं लेखनकाल ==
लीलातिलकम् एक अनाम कृति है और इसके रचयिता का नाम ज्ञात नहीं है। यह ग्रन्थ प्रायः १४वीं शताब्दी के अंत काल में रचित माना जाता है।{{Sfn|Eva Maria Wilden|2014|p=347}} इसकी दो (संभवतः तीन) पांडुलिपियाँ प्राप्त है। यह कृति किसी अन्य जीवित पूर्व-आधुनिक स्रोत द्वारा संदर्भित नहीं है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=443}} 1909 में, अप्पान थम्पुरन ने मलयालम पत्रिका मंगलोदयम में लीलातिलकमक के प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित किया। बाद में, अत्तूर कृष्ण पिशारोटि ने इस ग्रंथ का सम्पूर्ण अनुवाद किया और इसे प्रकाशन किया। 1916 में, उन्होंने मूल संस्कृत टीका का मलयालम में अनुवाद किया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}</ref><ref>{{Cite journal|last=John Brough|year=1947|title=Līlātilaka: A Sanskrit Tract on Malayalam Grammar and Poetics|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|publisher=Cambridge University Press|volume=12|issue=1|page=1|doi=10.1017/S0041977X00079970|jstor=608992}}</ref>
== विषयवस्तु और संरचना==
लीलातिलकम् (शाब्दिक अर्थ : "कविता का मुकुट") स्वयं को [[मणिप्रवालम|मणिप्रवलम्]] पर एकमात्र ''[[शास्त्र]]'' कहता है। इस ग्रन्थ में मणिप्रवलम् को [[संस्कृत]] और केरल-भाषा का मिश्रण कहा गया है।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=442}}{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}}
यह ग्रन्थ [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा में लिखा गया है, जिसमें श्लोक और उनकी संस्कृत में ही व्याख्या दी गयी है। इसमें मणिप्रवलम शैली के छन्द भी उदाहरण के रूप में दिये गये हैं।{{Sfn|Rich Freeman|2003|p=448}} लीलातिलकम् आठ भागों में विभक्त है जिन्हें 'शिल्पम्' कहा जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf|title=Lilathilakavum Thadeshiyathayum|last=E.S.|first=Vishnu|date=March 2024|website=keralamuseum.org|access-date=18 June 2024}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFE.S.2024">E.S., Vishnu (March 2024). [https://keralamuseum.org/wp-content/uploads/2024/03/%E0%B4%B2%E0%B5%80%E0%B4%B2%E0%B4%BE%E0%B4%A4%E0%B4%BF%E0%B4%B2%E0%B4%95%E0%B4%B5%E0%B5%81%E0%B4%82-%E0%B4%A4%E0%B4%A6%E0%B5%8D%E0%B4%A6%E0%B5%87%E0%B4%B6%E0%B5%80%E0%B4%AF%E0%B4%A4%E0%B4%AF%E0%B5%81%E0%B4%82.pdf "Lilathilakavum Thadeshiyathayum"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. ''keralamuseum.org''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">18 June</span> 2024</span>.</cite></ref>
लीलातिलकम् में आठ शिल्प (अध्याय) हैं। इस ग्रंथ की रचना 151 सूत्रों और उनकी वृत्तियों (व्याख्याओं) के साथ की गई है। इलमकुलम के विभाजन के अनुसार प्रत्येक शिल्प की सामग्री इस प्रकार है:<ref>लीलातिलकम, व्याख्या। [[इलमकुलम कुंजन पिल्लई]]। (1990) विषय विवरण। पृष्ठ 5-8</ref>
=== प्रथम शिल्प ===
प्रथम शिल्प में शिल्प-निरूपण, मणिप्रवाल लक्षण, केरल और द्रमिड, [[नच्चिनार्क्कििनियर|नच्चिनार्क्कििनियर]] का मत, तमिल-मलयालम रूप और [[मणिप्रवाल|मणिप्रवाल लक्षण]] जैसे सात विषयों पर चर्चा की गई है।
=== द्वितीय शिल्प ===
द्वितीय शिल्प में शिल्प-निरूपण, भाषा-भेद, संस्कृतनिष्ट भाषा, अधिक अक्षर, संस्कृत शब्द, विभक्ति, [[लिंग]], [[वचन]], [[क्रिया]] और पुरुष प्रत्यय जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== तृतीय शिल्प ===
तृतीय शिल्प को शिल्प-निरूपण, [[स्वर संधि]], स्वर-व्यंजन संधि, [[व्यंजन संधि]] और कुछ प्रयोगों में विभाजित किया गया है।
=== चतुर्थ शिल्प ===
चतुर्थ शिल्प दोष-विचार पर आधारित है। इस भाग में शिल्प-निरूपण, बीस दोष, अपशब्द, अवाचक, कष्ट, व्यर्थ, अनिष्ट, ग्राम्य, पुनरुक्त, परुष, विसंधि, रीतिधुत, न्यूनपद, अस्थानपद, क्रमभंग, वृत्तभंग, दुर्वृत्त, सामान्य, शुष्कार्थ, असंगत, विकारानुप्रास, दोषों की गुणता, रस-दोष और महिलाओं के नामकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
=== पंचम शिल्प ===
पाँचवें शिल्प में गुण-निरूपण, केवल चार गुण (श्लेष, माधुर्य, प्रसाद, समता) और परिमल चर्चा आदि के बारे में बताया गया है।
=== षष्ठ शिल्प ===
छठा शिल्प [[शब्दालंकार]] का विवरण है। इसमें शिल्प-निरूपण, गुण और [[अलंकार]], [[अनुप्रास]], मुखानुप्रास, पदानुप्रास, वर्णानुप्रास, लाटानुप्रास, [[यमक]], [[श्लेष]], सशब्दशक्तिमूलध्वनि और श्लेष आदि का विभाजन है।
=== सप्तम शिल्प ===
सातवां शिल्प अर्थालंकार की चर्चा है। इसमें [[उपमा अलंकार|उपमा]], उपमेयोपमा, स्मरण, रूपक, संशय, भ्रांति, अपह्नुति, व्यतिरेक, दीपक, प्रतिवस्तूपमा, दृष्टांत, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, अन्यापदेश, क्रम, आक्षेप, परिवृत्ति, श्लेष, स्वभावोक्ति, हेतु, अर्थान्तरन्यास, विरोध, विभावना, विशेषोक्ति, असंगति, उदात्त, परिसंख्या, अर्थापत्ति और संकर आदि अलंकारों का विवरण है।
=== अष्टम शिल्प ===
आठवें शिल्प में [[रस (काव्य शास्त्र)|रस-विचार]] है। इसमें शिल्प-निरूपण, [[व्यंग्य]]-भेद, रस, भाव, [[शृंगार रस|शृंगार]], [[हास्य रस|हास्य]], [[वीर रस|वीर]], अद्भुत, वीभत्स, रौद्र, करुण और शांत रसों की व्याख्या की गई है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
*[[मणिप्रवालम]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम]]
[[श्रेणी:भारतीय पुस्तकें]]
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MathXplore
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सूचना: [[वार्ता:दृष्टांत आधारित तर्कणा]] को शीघ्र हटाने का नामांकन।
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रामचरितम्
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अनुनाद सिंह
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"[[:ml:Special:Redirect/revision/3765024|രാമചരിതം]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया
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रामचरितम् वाल्मीकि रामायण पर आधारित मलयालम भाषा की पहली रचना है।
'''रामचरितम''' पट्टू आंदोलन की एक बहुत प्राचीन रचना है। रामचरितम [[रामायण|रामायण युद्ध कांड]] पर आधारित है। इसे मलयालम भाषा में प्राप्त पहली रचना माना जाता है। किन्तु कुछ लोगों के विचार से, तिरुनिझलमाला पहली रचना थी।
== कवि, समय, देश ==
; [[त्रवनकोर|त्रावणकोर]]
रामचरितम् के अंत में इसके रचयिता '''चीराम कवि''' बताये गये हैं। उल्लुर का मत है कि चीराम ही श्री राम शब्द का मूल है और वे श्री वीरराम वर्मा हैं, जो मणिकांत के शिष्य थे और जिन्होंने 1195 से 1208 ई. तक [[त्रवनकोर|त्रावणकोर पर]] शासन किया था। वे शुरुआत और अंत में पद्मनाभस्तु <ref name="test1" /> का हवाला देते हुए यह प्रमाण देते हैं कि रामचरितम् के लेखक [[कम्बन|कंबारे में रहते थे,]] जो 1120 से 1200 ई. के बीच जीवित थे। उल्लुर एक किंवदंती का भी उल्लेख करते हैं कि रामचरितम् की रचना त्रावणकोर के एक महाराजा ने की थी और इसमें केवल युद्ध कांड की कथा का वर्णन उनके योद्धाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए किया गया था। अतुर यह भी सुझाव देते हैं कि यह दक्षिणी त्रावणकोर के किसी विद्वान द्वारा लिखा गया हो सकता है।
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अनुनाद सिंह
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'''रामचरितम्''', [[वाल्मीकि रामायण]] पर आधारित [[मलयालम]] भाषा की पहली रचना है। यह [[पट्टू आंदोलन]] की एक बहुत प्राचीन रचना है। यह [[रामायण|रामायण के युद्ध कांड]] पर आधारित है। इसे मलयालम भाषा में प्राप्त पहली रचना माना जाता है। किन्तु कुछ लोगों के विचार से, तिरुनिझलमाला पहली रचना थी।
== कवि, समय, देश ==
; [[त्रवनकोर|त्रावणकोर]]
रामचरितम् के अंत में इसके रचयिता '''चीराम कवि''' बताये गये हैं। उल्लुर का मत है कि चीराम ही श्री राम शब्द का मूल है और वे श्री वीरराम वर्मा हैं, जो मणिकांत के शिष्य थे और जिन्होंने 1195 से 1208 ई. तक [[त्रवनकोर|त्रावणकोर पर]] शासन किया था। वे शुरुआत और अंत में पद्मनाभस्तु <ref name="test1" /> का हवाला देते हुए यह प्रमाण देते हैं कि रामचरितम् के लेखक [[कम्बन|कंबारे में रहते थे,]] जो 1120 से 1200 ई. के बीच जीवित थे। उल्लुर एक किंवदंती का भी उल्लेख करते हैं कि रामचरितम् की रचना त्रावणकोर के एक महाराजा ने की थी और इसमें केवल युद्ध कांड की कथा का वर्णन उनके योद्धाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए किया गया था। अतुर यह भी सुझाव देते हैं कि यह दक्षिणी त्रावणकोर के किसी विद्वान द्वारा लिखा गया हो सकता है।
==इन्हें भी देखें==
*[[रामचरितमानस]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम साहित्य]]
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अनुनाद सिंह
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/* इन्हें भी देखें */
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'''रामचरितम्''', [[वाल्मीकि रामायण]] पर आधारित [[मलयालम]] भाषा की पहली रचना है। यह [[पट्टू आंदोलन]] की एक बहुत प्राचीन रचना है। यह [[रामायण|रामायण के युद्ध कांड]] पर आधारित है। इसे मलयालम भाषा में प्राप्त पहली रचना माना जाता है। किन्तु कुछ लोगों के विचार से, तिरुनिझलमाला पहली रचना थी।
== कवि, समय, देश ==
; [[त्रवनकोर|त्रावणकोर]]
रामचरितम् के अंत में इसके रचयिता '''चीराम कवि''' बताये गये हैं। उल्लुर का मत है कि चीराम ही श्री राम शब्द का मूल है और वे श्री वीरराम वर्मा हैं, जो मणिकांत के शिष्य थे और जिन्होंने 1195 से 1208 ई. तक [[त्रवनकोर|त्रावणकोर पर]] शासन किया था। वे शुरुआत और अंत में पद्मनाभस्तु <ref name="test1" /> का हवाला देते हुए यह प्रमाण देते हैं कि रामचरितम् के लेखक [[कम्बन|कंबारे में रहते थे,]] जो 1120 से 1200 ई. के बीच जीवित थे। उल्लुर एक किंवदंती का भी उल्लेख करते हैं कि रामचरितम् की रचना त्रावणकोर के एक महाराजा ने की थी और इसमें केवल युद्ध कांड की कथा का वर्णन उनके योद्धाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए किया गया था। अतुर यह भी सुझाव देते हैं कि यह दक्षिणी त्रावणकोर के किसी विद्वान द्वारा लिखा गया हो सकता है।
==इन्हें भी देखें==
*[[रामचरितमानस]]
*[[मलयालम साहित्य का इतिहास]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:मलयालम साहित्य]]
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तुल्लल् साहित्य
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अनुनाद सिंह
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नया पृष्ठ: '''तुल्लल् साहित्य''' (തുള്ളൽ സാഹിത്യം) [[केरलम्]] की कला विधा '[[तुलल]]' से संबंधित एक साहित्यिक आंदोलन है। तुलल आंदोलन के जनक [[कुंचन नम्बियार]] हैं। इस विधा के रंगमंचीय प्रदर्शन के उपयुक...
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'''तुल्लल् साहित्य''' (തുള്ളൽ സാഹിത്യം) [[केरलम्]] की कला विधा '[[तुलल]]' से संबंधित एक साहित्यिक आंदोलन है। तुलल आंदोलन के जनक [[कुंचन नम्बियार]] हैं। इस विधा के रंगमंचीय प्रदर्शन के उपयुक्त रूप में रची गई कृतियाँ इनमें सबसे पहली हैं।
== इतिहास ==
कुंचन नम्बियार ने [[चाक्यारकूत]], [[कुडियाट्टम]], [[कथकली]], [[पडयणी]] और [[कोलंगल]] जैसे कला रूपों के विभिन्न तत्वों को अपनाकर तुलल को एक जन-केंद्रित कला-साहित्य आंदोलन के रूप में विकसित किया।
वेशभूषा और अन्य विशेषताओं के आधार पर तुलल को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: [[ओट्टन तुलल]], [[शीतंकन तुलल]] और [[परयन तुलल]]। नम्बियार ने इन तीनों श्रेणियों के लिए विशिष्ट कृतियों की रचना की है। [[स्यमंतक]], [[घोषयात्रा]], [[नलचरितम]] और [[रुक्मिणी स्वयंवर]] आदि ओट्टन तुलल के अंतर्गत आते हैं; [[कल्याणसौगंधिकम]], [[कृष्णलीला]] और [[प्रह्लादचरितम]] शीतंकन तुलल के अंतर्गत हैं; तथा [[त्रिपुरदहनम]], [[पांचालीस्वयंवर]] और [[सभाप्रवेशम]] परयन तुलल श्रेणी में आते हैं। हास्य-व्यंग्य और यथार्थवादी एवं स्वाभाविक वर्णनों से भरपूर इन तुलल कृतियों का आधार पौराणिक कथाएँ हैं। कुंचन नम्बियार के बाद मलयालम में कई अन्य तुलल कृतियाँ भी रची गई हैं।
[[Category:मलयालम साहित्य]]
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आट्टकथा
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[[चित्र:രുസ്വവ4.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|<nowiki>'''रुक्मिणीस्वयंवरम्'''</nowiki> कथकली]]
आट्टकथा (मलयालम : आट्टक्कथ), कथकली का साहित्यिक रूप है। यह एक नाट्य शैली है जिसका उपयोग कथकली नामक एक कला रूप के प्रदर्शन के लिए किया जाता है। कथकली को एक कठपुतली कहानी का दृश्य रूपांतरण कहा जा सकता है। पहली आट्टकथा कोट्टारकारा थम्पुरन द्वारा लिखी गई थीं, जो रामायण की कहानियों पर आधारित थीं। कुछ प्रसिद्ध आट्टकथाओं में नलचरितम् अट्टाकथा ('''नल-दमयन्ती की कथा)''' , वायस्कर आर्यन नारायण मूस द्वारा लिखित भारतयुद्ध में [[भीम]] को मार देने वाली [[दुर्योधन]], कोट्टायम में तंबूरन द्वारा लिखित पंचाली के लिए कल्याणसोग की खोज में एक बुजुर्ग हनुमान से मिलने वाले [[भीम]] की कहानी कल्याणसोगंतिका (अट्टाकथा), इराइमन थम्पी द्वारा लिखी गई भीम कीचक को मारने वाली कीचकवथम, जुड़वाँ रामवयरियर द्वारा लिखित [[കിരാതം|किरातम]], जो [[अर्जुन|अर्जुन और]] शिव के बीच लड़ाई की कहानी बताती है, और माली के नाम से प्रसिद्ध कर्णन नायर की कथा कर्णसोगपथम शामिल हैं।
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[[चित्र:രുസ്വവ4.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|<nowiki>'''रुक्मिणीस्वयंवरम्'''</nowiki> कथकली]]
'''आट्टकथा''' (मलयालम : आट्टक्कथ), [[मलयालम साहित्य]] की एक विधा है। यह [[कथकली]] का साहित्यिक रूप है। यह एक [[नाटक|नाट्य शैली]] है जिसका उपयोग कथकली नामक एक कला रूप के प्रदर्शन के लिए किया जाता है। कथकली को एक [[कठपुतली नृत्य|कठपुतली कहानी]] का दृश्य रूपांतरण कहा जा सकता है। पहली आट्टकथा [[कोट्टारकारा थम्पुरन]] द्वारा लिखी गई थीं, जो [[रामायण]] की कहानियों पर आधारित थीं। कुछ प्रसिद्ध आट्टकथाओं में नलचरितम् अट्टाकथा ([[नल-दमयन्ती]] की कथा) , वायस्कर आर्यन नारायण मूस द्वारा लिखित भारतयुद्ध, इराइमन थम्पी द्वारा रचित कीचकवधम्, रामवयरियर द्वारा लिखित [[किरातम्]], और कर्णन नायर की कथा कर्णसोगपथम शामिल हैं।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य]]
[[श्रेणी:मलयालम साहित्य]]
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अनुनाद सिंह
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[[चित्र:രുസ്വവ4.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|<nowiki>'''रुक्मिणीस्वयंवरम्'''</nowiki> कथकली]]
'''आट्टकथा''' ([[मलयालम]] : आट्टक्कथ), [[मलयालम साहित्य]] की एक विधा है। यह [[कथकली]] का साहित्यिक रूप है। यह एक [[नाटक|नाट्य शैली]] है जिसका उपयोग कथकली नामक एक कला रूप के प्रदर्शन के लिए किया जाता है। कथकली को एक [[कठपुतली नृत्य|कठपुतली कहानी]] का दृश्य रूपान्तरण कहा जा सकता है। पहली आट्टकथा [[कोट्टारकारा थम्पुरन]] द्वारा लिखी गई थीं, जो [[रामायण]] की कहानियों पर आधारित थीं। कुछ प्रसिद्ध आट्टकथाओं में नलचरितम् ([[नल-दमयन्ती]] की कथा) , वायस्कर आर्यन नारायण मूस द्वारा लिखित भारतयुद्ध, इराइमन थम्पी द्वारा रचित कीचकवधम् , रामवयरियर द्वारा लिखित [[किरातम्]] , और कर्णन नायर की कथा कर्णसोगपथम् शामिल हैं।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य]]
[[श्रेणी:मलयालम साहित्य]]
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अनुनाद सिंह
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[[चित्र:രുസ്വവ4.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|'''रुक्मिणीस्वयंवरम् ''' कथकली]]
'''आट्टकथा''' ([[मलयालम]] : आट्टक्कथ), [[मलयालम साहित्य]] की एक विधा है। यह [[कथकली]] का साहित्यिक रूप है। यह एक [[नाटक|नाट्य शैली]] है जिसका उपयोग कथकली नामक एक कला रूप के प्रदर्शन के लिए किया जाता है। कथकली को एक [[कठपुतली नृत्य|कठपुतली कहानी]] का दृश्य रूपान्तरण कहा जा सकता है। पहली आट्टकथा [[कोट्टारकारा थम्पुरन]] द्वारा लिखी गई थीं, जो [[रामायण]] की कहानियों पर आधारित थीं। कुछ प्रसिद्ध आट्टकथाओं में नलचरितम् ([[नल-दमयन्ती]] की कथा) , वायस्कर आर्यन नारायण मूस द्वारा लिखित भारतयुद्ध, इराइमन थम्पी द्वारा रचित कीचकवधम् , रामवयरियर द्वारा लिखित [[किरातम्]] , और कर्णन नायर की कथा कर्णसोगपथम् शामिल हैं।
==इन्हें भी देखें==
*[[मलयालम साहित्य]]
[[श्रेणी:मलयालम साहित्य]]
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[[चित्र:രുസ്വവ4.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|'''रुक्मिणीस्वयंवरम्''' कथकली]]
'''आट्टकथा''' ({{Langx|ml|आट्टक्कथ}}), [[मलयालम साहित्य]] की एक विधा है। यह [[कथकली]] का साहित्यिक रूप है। यह एक [[नाटक|नाट्य शैली]] है जिसका उपयोग कथकली नामक एक कला रूप के प्रदर्शन के लिए किया जाता है। कथकली को एक [[कठपुतली नृत्य|कठपुतली कहानी]] का दृश्य रूपान्तरण कहा जा सकता है। पहली आट्टकथा [[कोट्टारकारा थम्पुरन]] द्वारा लिखी गई थीं, जो [[रामायण]] की कहानियों पर आधारित थीं। कुछ प्रसिद्ध आट्टकथाओं में नलचरितम् ([[नल-दमयन्ती]] की कथा), वायस्कर आर्यन नारायण मूस द्वारा लिखित भारतयुद्ध, इराइमन थम्पी द्वारा रचित कीचकवधम्, रामवयरियर द्वारा लिखित [[किरातम्]], और कर्णन नायर की कथा कर्णसोगपथम् शामिल हैं।
==इन्हें भी देखें==
* [[मलयालम साहित्य]]
[[श्रेणी:मलयालम साहित्य]]
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{{distinguish|अट्ठकथा}}
[[चित्र:രുസ്വവ4.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|'''रुक्मिणीस्वयंवरम्''' कथकली]]
'''आट्टकथा''' ({{Langx|ml|आट्टक्कथ}}), [[मलयालम साहित्य]] की एक विधा है। यह [[कथकली]] का साहित्यिक रूप है। यह एक [[नाटक|नाट्य शैली]] है जिसका उपयोग कथकली नामक एक कला रूप के प्रदर्शन के लिए किया जाता है। कथकली को एक [[कठपुतली नृत्य|कठपुतली कहानी]] का दृश्य रूपान्तरण कहा जा सकता है। पहली आट्टकथा [[कोट्टारकारा थम्पुरन]] द्वारा लिखी गई थीं, जो [[रामायण]] की कहानियों पर आधारित थीं। कुछ प्रसिद्ध आट्टकथाओं में नलचरितम् ([[नल-दमयन्ती]] की कथा), वायस्कर आर्यन नारायण मूस द्वारा लिखित भारतयुद्ध, इराइमन थम्पी द्वारा रचित कीचकवधम्, रामवयरियर द्वारा लिखित [[किरातम्]], और कर्णन नायर की कथा कर्णसोगपथम् शामिल हैं।
==इन्हें भी देखें==
* [[मलयालम साहित्य]]
[[श्रेणी:मलयालम साहित्य]]
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इम्बैरसिंग्ली पैरेलल
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चाहर धर्मेंद्र
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समस्या जो आसानी से पैरेलल टास्क में बंटी हुई है
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[[युगपत अभिकलन| समानांतर कंप्यूटिंग]] में '''अत्यधिक समानांतर''' (Embarrassingly Parallel) कार्यभार वह समस्या होती है, जिसे कई स्वतंत्र समानांतर कार्यों में विभाजित करने के लिए बहुत कम या लगभग कोई प्रयास नहीं करना पड़ता।<ref>{{cite book|last1=हेर्लिही|first1=मौरिस|last2=शावित|first2=निर|title=The Art of Multiprocessor Programming, Revised Reprint|date=2012|publisher=Elsevier|isbn=9780123977953|page=14|edition=revised|url=https://books.google.com/books?id=vfvPrSz7R7QC&q=embarrasingly|access-date=28 फरवरी 2016|quote=Some computational problems are “embarrassingly parallel”: they can easily be divided into components that can be executed concurrently.}}</ref> ऐसा इसलिए संभव होता है क्योंकि इन कार्यों के बीच संचार या परस्पर निर्भरता नगण्य होती है, अर्थात एक कार्य के निष्पादन का दूसरे पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता। परिणामस्वरूप, प्रत्येक उप-कार्य को अलग-अलग प्रोसेसर या प्रणाली पर स्वतंत्र रूप से चलाया जा सकता है।<ref name=dbpp>अनुभाग 1.4.4:{{cite book
|url=http://www.mcs.anl.gov/~itf/dbpp/text/node10.html
|title=Designing and Building Parallel Programs
|author=फोस्टर, इयान
|publisher=एडिसन-वेस्ली
|archive-url=https://web.archive.org/web/20110301095228/http://www.mcs.anl.gov/~itf/dbpp/text/node10.html
|archive-date=2011-03-01
|year=1995
|url-status=dead
|isbn=9780201575941
}}</ref>
यह प्रकार [[वितरित अभिकलन| वितरित कंप्यूटिंग]] की उन समस्याओं से भिन्न होता है, जिनमें विभिन्न कार्यों के बीच निरंतर संचार, विशेषकर मध्यवर्ती परिणामों के आदान-प्रदान की आवश्यकता होती है। अत्यधिक समानांतर कार्यों को साधारण सर्वर फ़ार्म पर भी आसानी से निष्पादित किया जा सकता है, जहाँ [[महासंगणक |सुपरकंप्यूटर]] क्लस्टर जैसी विशेष अवसंरचना की आवश्यकता नहीं होती। यही कारण है कि ये कार्य ओपन इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर नेटवर्क कंप्यूटिंग (बीओआईएनसी) जैसे बड़े इंटरनेट-आधारित स्वयंसेवी कंप्यूटिंग प्लेटफार्मों के लिए अत्यंत उपयुक्त माने जाते हैं और समानांतर गति में कमी की समस्या से भी अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। इसके विपरीत, कुछ समस्याएँ स्वाभाविक रूप से धारावाहिक होती हैं, जिन्हें समानांतर रूप में विभाजित करना संभव नहीं होता।
अत्यधिक समानांतर समस्या का एक प्रमुख उदाहरण 3D वीडियो रेंडरिंग है, जिसे [[ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट]] (GPU) द्वारा निष्पादित किया जाता है। इसमें प्रत्येक फ्रेम (फॉरवर्ड विधि) या प्रत्येक पिक्सेल (रे ट्रेसिंग विधि) को स्वतंत्र रूप से संसाधित किया जा सकता है, क्योंकि इनके बीच कोई परस्पर निर्भरता नहीं होती।<ref name="ChalmersReinhard2011">{{cite book|author1=एलन चालमर्स|author2=एरिक रेनहार्ड|author3=टिम डेविस|title=Practical Parallel Rendering|url=https://books.google.com/books?id=loxhtzzG1FYC&q=%22embarrassingly+parallel%22|date=21 मार्च 2011|publisher=सीआरसी प्रेस|isbn=978-1-4398-6380-0}}</ref> इसी प्रकार, पासवर्ड क्रैकिंग के कुछ रूप भी अत्यधिक समानांतर कार्यों में आते हैं, जहाँ संभावित पासवर्ड संयोजनों को विभिन्न [[सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट]] सीपीयू कोर या क्लस्टर नोड्स पर स्वतंत्र रूप से जाँचा जा सकता है।
==उदाहरण==
अत्यधिक समानांतर कार्यभार को समझने के लिए कुछ व्यावहारिक उदाहरण अत्यंत उपयोगी हैं। एक सरल उदाहरण स्थिर डेटा प्रदान करना है, जहाँ कई प्रोसेसिंग इकाइयों द्वारा समान डेटा सेट तैयार करना बहुत ही कम प्रयास का कार्य होता है। इसी प्रकार, प्रसिद्ध “[["हैलो, वर्ल्ड!" प्रोग्राम |हेलो वर्ल्ड]]” समस्या को भी बिना किसी विशेष प्रोग्रामिंग जटिलता या गणनात्मक लागत के आसानी से समानांतर रूप में हल किया जा सकता है, क्योंकि इसमें कार्यों के बीच किसी प्रकार की निर्भरता नहीं होती।
कुछ ऐसे उदाहरण जिनमें समस्याएं बेहद मिलती-जुलती हैं, इस प्रकार हैं:
* [[मान्टे-कार्लो सिमुलेशन| मोंटे कार्लो विधि]]<ref name="Kontoghiorghes2005">{{cite book|author=एरिकोस जॉन कोंटोगियोर्गेस|title=Handbook of Parallel Computing and Statistics|url=https://books.google.com/books?id=BnNnKPkFH2kC&q=%22embarrassingly+parallel%22|date=21 दिसंबर 2005|publisher=सीआरसी प्रेस|isbn=978-1-4200-2868-3}}</ref> शामिल है, जिसमें यादृच्छिक नमूनों के आधार पर गणनाएँ की जाती हैं और प्रत्येक नमूना स्वतंत्र रूप से संसाधित किया जा सकता है।
* वितरित रिलेशनल डेटाबेस क्वेरी, जो [[http://www.mysqlperformanceblog.com/2011/05/14/distributed-set-processing-with-shard-query/ वितरित सेट प्रोसेसिंग] का उपयोग करती है, भी इसी श्रेणी में आती है, क्योंकि डेटा के विभिन्न हिस्सों को अलग-अलग संसाधनों पर समानांतर रूप से प्रोसेस किया जा सकता है।
* [[संख्यात्मक समाकलन| संख्यात्मक एकीकरण]]<ref name="Deng2013">{{cite book|author=युएफ़ान डेंग|title=Applied Parallel Computing|url=https://books.google.com/books?id=YS9wvVeWrXgC&q=%22embarrassingly+parallel%22|year=2013|publisher=वर्ल्ड साइंटिफिक|isbn=978-981-4307-60-4}}</ref> में भी कई बार गणनाएँ स्वतंत्र खंडों में विभाजित की जा सकती हैं, जिससे यह अत्यधिक समानांतर बन जाता है।
* इसी प्रकार, असंबंधित फाइलों का थोक प्रसंस्करण—जैसे फोटो गैलरी का आकार बदलना या प्रारूप परिवर्तन—एक उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि प्रत्येक फाइल को स्वतंत्र रूप से संसाधित किया जा सकता है।
* मैन्डेलब्रॉट सेट, पर्लिन शोर और अन्य समान छवियों के निर्माण में भी प्रत्येक बिंदु की गणना स्वतंत्र होती है।
* [[कंप्यूटर ग्राफिक्स]] और एनीमेशन में, प्रत्येक फ्रेम या पिक्सेल को अलग-अलग [[रेंडर]] किया जा सकता है, जिससे यह कार्य भी अत्यधिक समानांतर हो जाता है।
* [[बीज-लेखन| क्रिप्टोग्राफी]] में ब्रूट-फोर्स खोज के कुछ रूप,<ref>{{Cite journal|url=https://tools.ietf.org/html/rfc7914#page-2|title=The scrypt Password-Based Key Derivation Function|first1=, साइमन|last1=जोसेफसन|first2=कॉलिन|last2=पर्सीवल|date= अगस्त 2016|website=tools.ietf.org|doi=10.17487/RFC7914 |access-date=2016-12-12}}</ref> जैसे संभावित कुंजियों की जाँच, स्वतंत्र रूप से किए जा सकते हैं। वास्तविक दुनिया में इसके उदाहरण डिस्ट्रीब्यूटेड.नेट और [[क्रिप्टो मुद्रा |क्रिप्टोकरेंसी]] में उपयोग होने वाले प्रूफ-ऑफ-वर्क सिस्टम हैं।
* [[जैव सूचना विज्ञान |बायोइन्फॉर्मेटिक्स]] में ब्लास्ट (BLAST) खोज,<ref>{{cite journal |last1=मैथोग |first1=डी.आर. |title=Parallel BLAST on split databases. |journal= बायोइन्फॉर्मेटिक्स |date=22 सितंबर 2003 |volume=19 |issue=14 |pages=1865–6 |doi=10.1093/bioinformatics/btg250 |pmid=14512366|doi-access=free }}</ref> विशेषकर विभाजित डेटाबेस के साथ, भी इसी श्रेणी में आती है।
* बड़े पैमाने की चेहरे की पहचान प्रणालियाँ, जहाँ हजारों चेहरों की तुलना बड़े डेटाबेस से की जाती है, भी समानांतर रूप से कार्य करती हैं।<ref>[http://lbrandy.com/blog/2008/10/how-we-made-our-face-recognizer-25-times-faster/ How we made our face recognizer 25 times faster] (डेवलपर ब्लॉग पोस्ट)</ref>
* कंप्यूटर सिमुलेशन में कई स्वतंत्र परिदृश्यों की तुलना, [[जेनेटिक एल्गोरिद्म| आनुवंशिक एल्गोरिदम]],<ref name="TsutsuiCollet2013">{{cite book|author1=शिगेयोशी त्सुत्सुई|author2=पियरे कोलेट|title=Massively Parallel Evolutionary Computation on GPGPUs|url=https://books.google.com/books?id=Hv68BAAAQBAJ&q=%22embarrassingly+parallel%22|date=5 दिसंबर 2013|publisher=स्प्रिंगर साइंस एंड बिजनेस मीडिया|isbn=978-3-642-37959-8}}</ref> संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान की समूह गणनाएँ, तथा [[कण भौतिकी]] में घटना अनुकरण और पुनर्निर्माण जैसे कार्य भी अत्यधिक समानांतर होते हैं।
* एल्गोरिदमिक स्तर पर मार्चिंग स्क्वेयर्स, द्विघातीय छलनी और संख्या क्षेत्र छलनी के कुछ चरण, तथा रैंडम फॉरेस्ट मशीन लर्निंग तकनीक में ट्री ग्रोथ का चरण भी इसी श्रेणी में आते हैं।
* [[डिस्क्रीट फुरिअर रूपान्तर]], [[ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट |जीपीयू]] पर चलने वाले [[कन्वोलुशनल न्यूरल नेटवर्क]], तथा बाधा प्रोग्रामिंग में समानांतर खोज<ref name="HamadiSais2018">{{cite book|author1=यूसुफ हमादी|author2=लखदर सैस|title=Handbook of Parallel Constraint Reasoning|url=https://books.google.com/books?id=w5JUDwAAQBAJ&q=%22embarrassingly+parallel%22|date=5 अप्रैल 2018|publisher= स्प्रिंगर|isbn=978-3-319-63516-3}}</ref> जैसे उन्नत संगणनात्मक कार्य भी अत्यधिक समानांतरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, जहाँ प्रत्येक गणना या उप-कार्य को स्वतंत्र रूप से निष्पादित किया जा सकता है।
==कार्यान्वयन==
[[आर (प्रोग्रामन भाषा)]] में “सिंपल नेटवर्क ऑफ़ वर्कस्टेशन्स” (SNOW) पैकेज अत्यधिक समानांतर गणनाओं को निष्पादित करने के लिए एक प्रभावी और सरल तंत्र प्रदान करता है।<ref>[http://www.stat.uiowa.edu/~luke/R/cluster/cluster.html Simple Network of Workstations (SNOW) package]</ref> यह पैकेज वर्कस्टेशनों के समूह या बीओवुल्फ क्लस्टर का उपयोग करके कार्यों को कई स्वतंत्र भागों में विभाजित करता है और उन्हें समानांतर रूप से निष्पादित करता है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है। SNOW विशेष रूप से उन समस्याओं के लिए उपयुक्त है, जहाँ कार्यों के बीच संचार की आवश्यकता न्यूनतम होती है।
इसी प्रकार, आर में “फ्यूचर” और “पैरेलल” जैसे अन्य पैकेज भी उपलब्ध हैं, जो समानांतर प्रसंस्करण को सरल और अधिक लचीला बनाते हैं। ये पैकेज विभिन्न बैकएंड (जैसे मल्टी-कोर प्रोसेसिंग या क्लस्टर आधारित निष्पादन) का समर्थन करते हैं और उपयोगकर्ताओं को जटिल समानांतर संरचनाओं को आसानी से लागू करने की सुविधा प्रदान करते हैं।
==इन्हें भी देखें==
* [[युगपत अभिकलन]]
==सन्दर्भ==
<references/>
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.phy.duke.edu/~rgb/Beowulf/beowulf_book/beowulf_book/node30.html Embarrassingly Parallel Computations], बीओवुल्फ-शैली का कंप्यूट क्लस्टर तैयार करना
*"[http://www.cs.ucsb.edu/~gilbert/reports/hpec04.pdf Star-P: High Productivity Parallel Computing]"
[[श्रेणी:समांतर अभिकलन]]
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[[युगपत अभिकलन|समानांतर कंप्यूटिंग]] में '''अत्यधिक समानांतर''' ({{Langx|en|embarrassingly parallel}}) कार्यभार वह समस्या होती है, जिसे कई स्वतंत्र समानांतर कार्यों में विभाजित करने के लिए बहुत कम या लगभग कोई प्रयास नहीं करना पड़ता।<ref>{{cite book|last1=हेर्लिही|first1=मौरिस|last2=शावित|first2=निर|title=The Art of Multiprocessor Programming, Revised Reprint|date=2012|publisher=Elsevier|isbn=9780123977953|page=14|edition=revised|url=https://books.google.com/books?id=vfvPrSz7R7QC&q=embarrasingly|access-date=28 फरवरी 2016|quote=Some computational problems are “embarrassingly parallel”: they can easily be divided into components that can be executed concurrently.}}</ref> ऐसा इसलिए संभव होता है क्योंकि इन कार्यों के बीच संचार या परस्पर निर्भरता नगण्य होती है, अर्थात एक कार्य के निष्पादन का दूसरे पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता। परिणामस्वरूप, प्रत्येक उप-कार्य को अलग-अलग प्रोसेसर या प्रणाली पर स्वतंत्र रूप से चलाया जा सकता है।<ref name=dbpp>अनुभाग 1.4.4:{{cite book
|url=http://www.mcs.anl.gov/~itf/dbpp/text/node10.html
|title=Designing and Building Parallel Programs
|author=फोस्टर, इयान
|publisher=एडिसन-वेस्ली
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|isbn=9780201575941
}}</ref>
यह प्रकार [[वितरित अभिकलन|वितरित कंप्यूटिंग]] की उन समस्याओं से भिन्न होता है, जिनमें विभिन्न कार्यों के बीच निरंतर संचार, विशेषकर मध्यवर्ती परिणामों के आदान-प्रदान की आवश्यकता होती है। अत्यधिक समानांतर कार्यों को साधारण सर्वर फ़ार्म पर भी आसानी से निष्पादित किया जा सकता है, जहाँ [[महासंगणक|सुपरकंप्यूटर]] क्लस्टर जैसी विशेष अवसंरचना की आवश्यकता नहीं होती। यही कारण है कि ये कार्य ओपन इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर नेटवर्क कंप्यूटिंग (बीओआईएनसी) जैसे बड़े इंटरनेट-आधारित स्वयंसेवी कंप्यूटिंग प्लेटफार्मों के लिए अत्यंत उपयुक्त माने जाते हैं और समानांतर गति में कमी की समस्या से भी अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। इसके विपरीत, कुछ समस्याएँ स्वाभाविक रूप से धारावाहिक होती हैं, जिन्हें समानांतर रूप में विभाजित करना संभव नहीं होता।
अत्यधिक समानांतर समस्या का एक प्रमुख उदाहरण 3D वीडियो रेंडरिंग है, जिसे [[ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट]] (GPU) द्वारा निष्पादित किया जाता है। इसमें प्रत्येक फ्रेम (फॉरवर्ड विधि) या प्रत्येक पिक्सेल (रे ट्रेसिंग विधि) को स्वतंत्र रूप से संसाधित किया जा सकता है, क्योंकि इनके बीच कोई परस्पर निर्भरता नहीं होती।<ref name="ChalmersReinhard2011">{{cite book|author1=एलन चालमर्स|author2=एरिक रेनहार्ड|author3=टिम डेविस|title=Practical Parallel Rendering|url=https://books.google.com/books?id=loxhtzzG1FYC&q=%22embarrassingly+parallel%22|date=21 मार्च 2011|publisher=सीआरसी प्रेस|isbn=978-1-4398-6380-0}}</ref> इसी प्रकार, पासवर्ड क्रैकिंग के कुछ रूप भी अत्यधिक समानांतर कार्यों में आते हैं, जहाँ संभावित पासवर्ड संयोजनों को विभिन्न [[सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट]] सीपीयू कोर या क्लस्टर नोड्स पर स्वतंत्र रूप से जाँचा जा सकता है।
==उदाहरण==
अत्यधिक समानांतर कार्यभार को समझने के लिए कुछ व्यावहारिक उदाहरण अत्यंत उपयोगी हैं। एक सरल उदाहरण स्थिर डेटा प्रदान करना है, जहाँ कई प्रोसेसिंग इकाइयों द्वारा समान डेटा सेट तैयार करना बहुत ही कम प्रयास का कार्य होता है। इसी प्रकार, प्रसिद्ध “[["हैलो, वर्ल्ड!" प्रोग्राम |हेलो वर्ल्ड]]” समस्या को भी बिना किसी विशेष प्रोग्रामिंग जटिलता या गणनात्मक लागत के आसानी से समानांतर रूप में हल किया जा सकता है, क्योंकि इसमें कार्यों के बीच किसी प्रकार की निर्भरता नहीं होती।
कुछ ऐसे उदाहरण जिनमें समस्याएं बेहद मिलती-जुलती हैं, इस प्रकार हैं:
* [[मान्टे-कार्लो सिमुलेशन|मोंटे कार्लो विधि]]<ref name="Kontoghiorghes2005">{{cite book|author=एरिकोस जॉन कोंटोगियोर्गेस|title=Handbook of Parallel Computing and Statistics|url=https://books.google.com/books?id=BnNnKPkFH2kC&q=%22embarrassingly+parallel%22|date=21 दिसंबर 2005|publisher=सीआरसी प्रेस|isbn=978-1-4200-2868-3}}</ref> शामिल है, जिसमें यादृच्छिक नमूनों के आधार पर गणनाएँ की जाती हैं और प्रत्येक नमूना स्वतंत्र रूप से संसाधित किया जा सकता है।
* वितरित रिलेशनल डेटाबेस क्वेरी, जो [[http://www.mysqlperformanceblog.com/2011/05/14/distributed-set-processing-with-shard-query/ वितरित सेट प्रोसेसिंग] का उपयोग करती है, भी इसी श्रेणी में आती है, क्योंकि डेटा के विभिन्न हिस्सों को अलग-अलग संसाधनों पर समानांतर रूप से प्रोसेस किया जा सकता है।
* [[संख्यात्मक समाकलन|संख्यात्मक एकीकरण]]<ref name="Deng2013">{{cite book|author=युएफ़ान डेंग|title=Applied Parallel Computing|url=https://books.google.com/books?id=YS9wvVeWrXgC&q=%22embarrassingly+parallel%22|year=2013|publisher=वर्ल्ड साइंटिफिक|isbn=978-981-4307-60-4}}</ref> में भी कई बार गणनाएँ स्वतंत्र खंडों में विभाजित की जा सकती हैं, जिससे यह अत्यधिक समानांतर बन जाता है।
* इसी प्रकार, असंबंधित फाइलों का थोक प्रसंस्करण—जैसे फोटो गैलरी का आकार बदलना या प्रारूप परिवर्तन—एक उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि प्रत्येक फाइल को स्वतंत्र रूप से संसाधित किया जा सकता है।
* मैन्डेलब्रॉट सेट, पर्लिन शोर और अन्य समान छवियों के निर्माण में भी प्रत्येक बिंदु की गणना स्वतंत्र होती है।
* [[कंप्यूटर ग्राफिक्स]] और एनीमेशन में, प्रत्येक फ्रेम या पिक्सेल को अलग-अलग [[रेंडर]] किया जा सकता है, जिससे यह कार्य भी अत्यधिक समानांतर हो जाता है।
* [[बीज-लेखन|क्रिप्टोग्राफी]] में ब्रूट-फोर्स खोज के कुछ रूप,<ref>{{Cite journal|url=https://tools.ietf.org/html/rfc7914#page-2|title=The scrypt Password-Based Key Derivation Function|first1=, साइमन|last1=जोसेफसन|first2=कॉलिन|last2=पर्सीवल|date= अगस्त 2016|website=tools.ietf.org|doi=10.17487/RFC7914 |access-date=2016-12-12}}</ref> जैसे संभावित कुंजियों की जाँच, स्वतंत्र रूप से किए जा सकते हैं। वास्तविक दुनिया में इसके उदाहरण डिस्ट्रीब्यूटेड.नेट और [[क्रिप्टो मुद्रा |क्रिप्टोकरेंसी]] में उपयोग होने वाले प्रूफ-ऑफ-वर्क सिस्टम हैं।
* [[जैव सूचना विज्ञान |बायोइन्फॉर्मेटिक्स]] में ब्लास्ट (BLAST) खोज,<ref>{{cite journal |last1=मैथोग |first1=डी.आर. |title=Parallel BLAST on split databases. |journal= बायोइन्फॉर्मेटिक्स |date=22 सितंबर 2003 |volume=19 |issue=14 |pages=1865–6 |doi=10.1093/bioinformatics/btg250 |pmid=14512366|doi-access=free }}</ref> विशेषकर विभाजित डेटाबेस के साथ, भी इसी श्रेणी में आती है।
* बड़े पैमाने की चेहरे की पहचान प्रणालियाँ, जहाँ हजारों चेहरों की तुलना बड़े डेटाबेस से की जाती है, भी समानांतर रूप से कार्य करती हैं।<ref>[http://lbrandy.com/blog/2008/10/how-we-made-our-face-recognizer-25-times-faster/ How we made our face recognizer 25 times faster] (डेवलपर ब्लॉग पोस्ट)</ref>
* कंप्यूटर सिमुलेशन में कई स्वतंत्र परिदृश्यों की तुलना, [[जेनेटिक एल्गोरिद्म|आनुवंशिक एल्गोरिदम]],<ref name="TsutsuiCollet2013">{{cite book|author1=शिगेयोशी त्सुत्सुई|author2=पियरे कोलेट|title=Massively Parallel Evolutionary Computation on GPGPUs|url=https://books.google.com/books?id=Hv68BAAAQBAJ&q=%22embarrassingly+parallel%22|date=5 दिसंबर 2013|publisher=स्प्रिंगर साइंस एंड बिजनेस मीडिया|isbn=978-3-642-37959-8}}</ref> संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान की समूह गणनाएँ, तथा [[कण भौतिकी]] में घटना अनुकरण और पुनर्निर्माण जैसे कार्य भी अत्यधिक समानांतर होते हैं।
* एल्गोरिदमिक स्तर पर मार्चिंग स्क्वेयर्स, द्विघातीय छलनी और संख्या क्षेत्र छलनी के कुछ चरण, तथा रैंडम फॉरेस्ट मशीन लर्निंग तकनीक में ट्री ग्रोथ का चरण भी इसी श्रेणी में आते हैं।
* [[डिस्क्रीट फुरिअर रूपान्तर]], [[ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट|जीपीयू]] पर चलने वाले [[कन्वोलुशनल न्यूरल नेटवर्क]], तथा बाधा प्रोग्रामिंग में समानांतर खोज<ref name="HamadiSais2018">{{cite book|author1=यूसुफ हमादी|author2=लखदर सैस|title=Handbook of Parallel Constraint Reasoning|url=https://books.google.com/books?id=w5JUDwAAQBAJ&q=%22embarrassingly+parallel%22|date=5 अप्रैल 2018|publisher= स्प्रिंगर|isbn=978-3-319-63516-3}}</ref> जैसे उन्नत संगणनात्मक कार्य भी अत्यधिक समानांतरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, जहाँ प्रत्येक गणना या उप-कार्य को स्वतंत्र रूप से निष्पादित किया जा सकता है।
==कार्यान्वयन==
[[आर (प्रोग्रामन भाषा)]] में “सिंपल नेटवर्क ऑफ़ वर्कस्टेशन्स” (SNOW) पैकेज अत्यधिक समानांतर गणनाओं को निष्पादित करने के लिए एक प्रभावी और सरल तंत्र प्रदान करता है।<ref>[http://www.stat.uiowa.edu/~luke/R/cluster/cluster.html Simple Network of Workstations (SNOW) package]</ref> यह पैकेज वर्कस्टेशनों के समूह या बीओवुल्फ क्लस्टर का उपयोग करके कार्यों को कई स्वतंत्र भागों में विभाजित करता है और उन्हें समानांतर रूप से निष्पादित करता है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है। SNOW विशेष रूप से उन समस्याओं के लिए उपयुक्त है, जहाँ कार्यों के बीच संचार की आवश्यकता न्यूनतम होती है।
इसी प्रकार, आर में “फ्यूचर” और “पैरेलल” जैसे अन्य पैकेज भी उपलब्ध हैं, जो समानांतर प्रसंस्करण को सरल और अधिक लचीला बनाते हैं। ये पैकेज विभिन्न बैकएंड (जैसे मल्टी-कोर प्रोसेसिंग या क्लस्टर आधारित निष्पादन) का समर्थन करते हैं और उपयोगकर्ताओं को जटिल समानांतर संरचनाओं को आसानी से लागू करने की सुविधा प्रदान करते हैं।
==इन्हें भी देखें==
* [[युगपत अभिकलन]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|29em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.phy.duke.edu/~rgb/Beowulf/beowulf_book/beowulf_book/node30.html Embarrassingly Parallel Computations], बीओवुल्फ-शैली का कंप्यूट क्लस्टर तैयार करना
*"[http://www.cs.ucsb.edu/~gilbert/reports/hpec04.pdf Star-P: High Productivity Parallel Computing]"
[[श्रेणी:समांतर अभिकलन]]
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नमाज़गाह मस्जिद
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'''नमाज़गाह मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Namazgjasë|italic=no}}), जिसे '''तिराना बड़ी मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Madhe e Tiranës|links=no|italic=no}}) के नाम से भी जाना जाता है, [[अल्बानिया]] के [[तिराना]] शहर में स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह 10,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकती है, जिस प्रकार यह [[बाल्कन]] की सबसे बड़ी मस्जिद है।
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'''नमाज़गाह मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Namazgjasë|italic=no}}), जिसे '''तिराना बड़ी मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Madhe e Tiranës|links=no|italic=no}}) के नाम से भी जाना जाता है, [[अल्बानिया]] के [[तिराना]] शहर में स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह 10,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकती है, जिस प्रकार यह [[बाल्कन]] की सबसे बड़ी मस्जिद है।
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें]]
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[[श्रेणी:तिराना में मस्जिदें]]
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'''नमाज़गाह मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Namazgjasë|italic=no}}), जिसे '''तिराना बड़ी मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Madhe e Tiranës|links=no|italic=no}}) के नाम से भी जाना जाता है, [[अल्बानिया]] के [[तिराना]] शहर में स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह 10,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकती है, जिस प्रकार यह [[बाल्कन]] की सबसे बड़ी मस्जिद है।
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[[श्रेणी:नवशास्त्रीय वास्तुकला]]
== इतिहास ==
1991 में अल्बानिया में साम्यवाद के पतन के बाद भी, [[अल्बानियाई मुसलमान]] भेदभाव का उलाहना करते थे।<ref name="XtnCentury"><templatestyles src="Module:Citation/CS1/styles.css"></templatestyles><cite class="citation web cs1" id="CITEREFColborne,_Michael2018">Colborne, Michael (October 10, 2018). </cite></ref> जबकि एक [[पूर्वी रूढ़िवादी कलीसिया|पूर्वी रूढ़िवादी]] तथा कई [[रोमन कैथोलिक]] कैथेड्रल को निर्मित किए गए थे, अल्बानियाई मुसलमान के पास कोई मुख्य मस्जिद नहीं थी और 2016 तक उन्हें गालियों में नमाज़ पढ़ना पड़ा। 1992 को, राष्ट्रपति [[साली बेरिशा]] ने अल्बानियाई संसद के निकट नमाज़गाह चौक पर निर्मित होने वाली मस्जिद का पहला पत्थर रखा। निर्माण को रोका गया जब संसद के एक कैथोलिक अध्यक्ष, [[प्येतर अर्बनोरी]],<ref name="XtnCentury" /> ने इस परियोजना का विरोध किया।<ref name="balkan">{{cite web|url=http://www.balkaninsight.com/en/article/new-mosque-proposal-surprises-albanian-muslims|title=New Mosque Plan Catches Albania Muslims Off Guard|date=22 November 2010|access-date=January 4, 2015}}</ref>
2010 को तिराना के महापौर एडी रामा ने मस्जिद के निर्माण का फ़ैसला लिया और इसे आवश्यक माना गया क्योंकि शहर में केवल आठ मस्जिदें थीं। [[अल्बानिया जनवरी समाजवादी गणराज्य|साम्यवादी काल]] के दौरान, 20 मस्जिदों को नष्ट किया गया था।[[इस्लामी त्यौहार|इस्लामी त्यौहारों]] के समय, [[स्कंदरबेग चौक]] नमाज़ियों से भरा हुआ था, क्योंकि [[अदहम बेय मस्जिद]], जो उस समय तिराना की मुख्य मस्जिद थी, केवल 60 लोगों को सम्भाल सकता था। वर्षा हेतु [[जुमा की नमाज़]] के समय उपदेश नहीं दिया जा सका।<ref>{{cite web|url=https://jetzt.sueddeutsche.de/texte/anzeigen/590804/Balancieren-in-Tirana|title=Balancieren in Tirana|author=Pantel, Nadia|date=January 2, 2015|work=jetzt.de – [[Süddeutsche Zeitung]]|access-date=January 4, 2015|lang=de}}</ref>
[[File:Great-Mosque-of-Tirana-2018.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|तिराना के पिरामिड से मस्जिद का दृश्य]]
नई मस्जिद का निर्माण 2015 में [[यूरो|€]]3 करोड़ की लागत से शुरू हुआ, जिनमें से कुछ तुर्की के धार्मिक मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref><ref name="Economist">{{cite journal|title=Mosqued objectives:Turkey is sponsoring Islam abroad to extend its prestige and power|url=https://www.economist.com/news/europe/21688926-turkey-sponsoring-islam-abroad-extend-its-prestige-and-power-mosqued-objectives/|journal=[[The Economist]]|access-date=23 January 2016}}</ref> 2015 को, तुर्की राष्ट्रपति [[रजब तैयब इरदुगान|रजब तैयब एर्दोआन]] ने मस्जिद के उद्घाटन के लिए अल्बानिया का दौरा किया।<ref name="Economist" />
10 अक्टूबर 2024 में मस्जिद को खोला गया, जिसके समारोह में एर्दोआन और रामा ने भाषण दिए।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref> आशा थी कि नई मस्जिद पर्यटन को बढ़ाई गी एवं शहर की नई मुख्य मस्जिद बनेगी।
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'''नमाज़गाह मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Namazgjasë|italic=no}}), जिसे '''तिराना बड़ी मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Madhe e Tiranës|links=no|italic=no}}) के नाम से भी जाना जाता है, [[अल्बानिया]] के [[तिराना]] शहर में स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह 10,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकती है, जिस प्रकार यह [[बाल्कन]] की सबसे बड़ी मस्जिद है।
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया–तुर्की संबंध]]
[[श्रेणी:तिराना में मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया में उस्मानी मस्जिदें]]
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== इतिहास ==
1991 में अल्बानिया में साम्यवाद के पतन के बाद भी, [[अल्बानियाई मुसलमान]] भेदभाव का उलाहना करते थे।<ref name="XtnCentury" /> जबकि एक [[पूर्वी रूढ़िवादी कलीसिया|पूर्वी रूढ़िवादी]] तथा कई [[रोमन कैथोलिक]] कैथेड्रल को निर्मित किए गए थे, अल्बानियाई मुसलमान के पास कोई मुख्य मस्जिद नहीं थी और 2016 तक उन्हें गालियों में नमाज़ पढ़ना पड़ा। 1992 को, राष्ट्रपति [[साली बेरिशा]] ने अल्बानियाई संसद के निकट नमाज़गाह चौक पर निर्मित होने वाली मस्जिद का पहला पत्थर रखा। निर्माण को रोका गया जब संसद के एक कैथोलिक अध्यक्ष, [[प्येतर अर्बनोरी]],<ref name="XtnCentury" /> ने इस परियोजना का विरोध किया।<ref name="balkan">{{cite web|url=http://www.balkaninsight.com/en/article/new-mosque-proposal-surprises-albanian-muslims|title=New Mosque Plan Catches Albania Muslims Off Guard|date=22 November 2010|access-date=January 4, 2015}}</ref>
2010 को तिराना के महापौर एडी रामा ने मस्जिद के निर्माण का फ़ैसला लिया और इसे आवश्यक माना गया क्योंकि शहर में केवल आठ मस्जिदें थीं। [[अल्बानिया जनवरी समाजवादी गणराज्य|साम्यवादी काल]] के दौरान, 20 मस्जिदों को नष्ट किया गया था।[[इस्लामी त्यौहार|इस्लामी त्यौहारों]] के समय, [[स्कंदरबेग चौक]] नमाज़ियों से भरा हुआ था, क्योंकि [[अदहम बेय मस्जिद]], जो उस समय तिराना की मुख्य मस्जिद थी, केवल 60 लोगों को सम्भाल सकता था। वर्षा हेतु [[जुमा की नमाज़]] के समय उपदेश नहीं दिया जा सका।<ref>{{cite web|url=https://jetzt.sueddeutsche.de/texte/anzeigen/590804/Balancieren-in-Tirana|title=Balancieren in Tirana|author=Pantel, Nadia|date=January 2, 2015|work=jetzt.de – [[Süddeutsche Zeitung]]|access-date=January 4, 2015|lang=de}}</ref>
[[File:Great-Mosque-of-Tirana-2018.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|तिराना के पिरामिड से मस्जिद का दृश्य]]
नई मस्जिद का निर्माण 2015 में [[यूरो|€]]3 करोड़ की लागत से शुरू हुआ, जिनमें से कुछ तुर्की के धार्मिक मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref><ref name="Economist">{{cite journal|title=Mosqued objectives:Turkey is sponsoring Islam abroad to extend its prestige and power|url=https://www.economist.com/news/europe/21688926-turkey-sponsoring-islam-abroad-extend-its-prestige-and-power-mosqued-objectives/|journal=[[The Economist]]|access-date=23 January 2016}}</ref> 2015 को, तुर्की राष्ट्रपति [[रजब तैयब इरदुगान|रजब तैयब एर्दोआन]] ने मस्जिद के उद्घाटन के लिए अल्बानिया का दौरा किया।<ref name="Economist" />
10 अक्टूबर 2024 में मस्जिद को खोला गया, जिसके समारोह में एर्दोआन और रामा ने भाषण दिए।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref> आशा थी कि नई मस्जिद पर्यटन को बढ़ाई गी एवं शहर की नई मुख्य मस्जिद बनेगी।
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}}
'''नमाज़गाह मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Namazgjasë|italic=no}}), जिसे '''तिराना बड़ी मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Madhe e Tiranës|links=no|italic=no}}) के नाम से भी जाना जाता है, [[अल्बानिया]] के [[तिराना]] शहर में स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह 10,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकती है, जिस प्रकार यह [[बाल्कन]] की सबसे बड़ी मस्जिद है।
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया–तुर्की संबंध]]
[[श्रेणी:तिराना में मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया में उस्मानी मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया में सुन्नी मस्जिदें]]
[[श्रेणी:नवशास्त्रीय वास्तुकला]]
== इतिहास ==
1991 में अल्बानिया में साम्यवाद के पतन के बाद भी, [[अल्बानियाई मुसलमान]] भेदभाव का उलाहना करते थे।<ref name="XtnCentury" /> जबकि एक [[पूर्वी रूढ़िवादी कलीसिया|पूर्वी रूढ़िवादी]] तथा कई [[रोमन कैथोलिक]] कैथेड्रल को निर्मित किए गए थे, अल्बानियाई मुसलमान के पास कोई मुख्य मस्जिद नहीं थी और 2016 तक उन्हें गालियों में नमाज़ पढ़ना पड़ा। 1992 को, राष्ट्रपति [[साली बेरिशा]] ने अल्बानियाई संसद के निकट नमाज़गाह चौक पर निर्मित होने वाली मस्जिद का पहला पत्थर रखा। निर्माण को रोका गया जब संसद के एक कैथोलिक अध्यक्ष, [[प्येतर अर्बनोरी]],<ref name="XtnCentury" /> ने इस परियोजना का विरोध किया।<ref name="balkan">{{cite web|url=http://www.balkaninsight.com/en/article/new-mosque-proposal-surprises-albanian-muslims|title=New Mosque Plan Catches Albania Muslims Off Guard|date=22 November 2010|access-date=January 4, 2015}}</ref>
2010 को तिराना के महापौर एडी रामा ने मस्जिद के निर्माण का फ़ैसला लिया और इसे आवश्यक माना गया क्योंकि शहर में केवल आठ मस्जिदें थीं। [[अल्बानिया जनवरी समाजवादी गणराज्य|साम्यवादी काल]] के दौरान, 20 मस्जिदों को नष्ट किया गया था। [[इस्लामी त्यौहार|इस्लामी त्यौहारों]] के समय, [[स्कंदरबेग चौक]] नमाज़ियों से भरा हुआ था, क्योंकि [[अदहम बेय मस्जिद]], जो उस समय तिराना की मुख्य मस्जिद थी, केवल 60 लोगों को सम्भाल सकता था। वर्षा हेतु [[जुमा की नमाज़]] के समय उपदेश नहीं दिया जा सका।<ref>{{cite web|url=https://jetzt.sueddeutsche.de/texte/anzeigen/590804/Balancieren-in-Tirana|title=Balancieren in Tirana|author=Pantel, Nadia|date=January 2, 2015|work=jetzt.de – [[Süddeutsche Zeitung]]|access-date=January 4, 2015|lang=de}}</ref>
[[File:Great-Mosque-of-Tirana-2018.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|तिराना के पिरामिड से मस्जिद का दृश्य]]
नई मस्जिद का निर्माण 2015 में [[यूरो|€]]3 करोड़ की लागत से शुरू हुआ, जिनमें से कुछ तुर्की के धार्मिक मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref><ref name="Economist">{{cite journal|title=Mosqued objectives:Turkey is sponsoring Islam abroad to extend its prestige and power|url=https://www.economist.com/news/europe/21688926-turkey-sponsoring-islam-abroad-extend-its-prestige-and-power-mosqued-objectives/|journal=[[The Economist]]|access-date=23 January 2016}}</ref> 2015 को, तुर्की राष्ट्रपति [[रजब तैयब इरदुगान|रजब तैयब एर्दोआन]] ने मस्जिद के उद्घाटन के लिए अल्बानिया का दौरा किया।<ref name="Economist" />
10 अक्टूबर 2024 में मस्जिद को खोला गया, जिसके समारोह में एर्दोआन और रामा ने भाषण दिए।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref> आशा थी कि नई मस्जिद पर्यटन को बढ़ाई गी एवं शहर की नई मुख्य मस्जिद बनेगी।
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{{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत
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'''नमाज़गाह मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Namazgjasë|italic=no}}), जिसे '''तिराना बड़ी मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Madhe e Tiranës|links=no|italic=no}}) के नाम से भी जाना जाता है, [[अल्बानिया]] के [[तिराना]] शहर में स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह 10,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकती है, जिस प्रकार यह [[बाल्कन]] की सबसे बड़ी मस्जिद है।
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें]]
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== इतिहास ==
1991 में अल्बानिया में साम्यवाद के पतन के बाद भी, [[अल्बानियाई मुसलमान]] भेदभाव का उलाहना करते थे।<ref name="XtnCentury" /> जबकि एक [[पूर्वी रूढ़िवादी कलीसिया|पूर्वी रूढ़िवादी]] तथा कई [[रोमन कैथोलिक]] कैथेड्रल को निर्मित किए गए थे, अल्बानियाई मुसलमान के पास कोई मुख्य मस्जिद नहीं थी और 2016 तक उन्हें गालियों में नमाज़ पढ़ना पड़ा। 1992 को, राष्ट्रपति [[साली बेरिशा]] ने अल्बानियाई संसद के निकट नमाज़गाह चौक पर निर्मित होने वाली मस्जिद का पहला पत्थर रखा। निर्माण को रोका गया जब संसद के एक कैथोलिक अध्यक्ष, [[प्येतर अर्बनोरी]],<ref name="XtnCentury" /> ने इस परियोजना का विरोध किया।<ref name="balkan">{{cite web|url=http://www.balkaninsight.com/en/article/new-mosque-proposal-surprises-albanian-muslims|title=New Mosque Plan Catches Albania Muslims Off Guard|date=22 November 2010|access-date=January 4, 2015}}</ref>
2010 को तिराना के महापौर एडी रामा ने मस्जिद के निर्माण का फ़ैसला लिया और इसे आवश्यक माना गया क्योंकि शहर में केवल आठ मस्जिदें थीं। [[अल्बानिया जनवरी समाजवादी गणराज्य|साम्यवादी काल]] के दौरान, 20 मस्जिदों को नष्ट किया गया था। [[इस्लामी त्यौहार|इस्लामी त्यौहारों]] के समय, [[स्कंदरबेग चौक]] नमाज़ियों से भरा हुआ था, क्योंकि [[अदहम बेय मस्जिद]], जो उस समय तिराना की मुख्य मस्जिद थी, केवल 60 लोगों को सम्भाल सकता था। वर्षा हेतु [[जुमा की नमाज़]] के समय उपदेश नहीं दिया जा सका।<ref>{{cite web|url=https://jetzt.sueddeutsche.de/texte/anzeigen/590804/Balancieren-in-Tirana|title=Balancieren in Tirana|author=Pantel, Nadia|date=January 2, 2015|work=jetzt.de – [[Süddeutsche Zeitung]]|access-date=January 4, 2015|lang=de}}</ref>
[[File:Great-Mosque-of-Tirana-2018.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|तिराना के पिरामिड से मस्जिद का दृश्य]]
नई मस्जिद का निर्माण 2015 में [[यूरो|€]]3 करोड़ की लागत से शुरू हुआ, जिनमें से कुछ तुर्की के धार्मिक मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref><ref name="Economist">{{cite journal|title=Mosqued objectives:Turkey is sponsoring Islam abroad to extend its prestige and power|url=https://www.economist.com/news/europe/21688926-turkey-sponsoring-islam-abroad-extend-its-prestige-and-power-mosqued-objectives/|journal=[[The Economist]]|access-date=23 January 2016}}</ref> 2015 को, तुर्की राष्ट्रपति [[रजब तैयब इरदुगान|रजब तैयब एर्दोआन]] ने मस्जिद के उद्घाटन के लिए अल्बानिया का दौरा किया।<ref name="Economist" />
10 अक्टूबर 2024 में मस्जिद को खोला गया, जिसके समारोह में एर्दोआन और रामा ने भाषण दिए।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref> आशा थी कि नई मस्जिद पर्यटन को बढ़ाई गी एवं शहर की नई मुख्य मस्जिद बनेगी।
== वास्तुकला ==
मस्जिद को [[उस्मानी वास्तुकला]] में निर्मित किया गया था। इसके चार [[मीनार]] हैं, हर एक जो 50 m ऊँची है तथा [[गुंबद]] 30 m ऊँचा है। मस्जिद के पहले तल में एक सांस्कृतिक केंद्र और अन्य सुविधाएँ हैं।<ref>{{cite web|url=http://news.albanianscreen.tv/pages/news_detail/61717/ENG|title=Namazgah mosque, Berisha: The denied right was made just|date=April 20, 2013|work=Albanian Screen TV|archive-url=https://web.archive.org/web/20150104210235/http://news.albanianscreen.tv/pages/news_detail/61717/ENG|archive-date=January 4, 2015|access-date=January 4, 2015|url-status=dead}}</ref> मस्जिद को अल्बानिया की संसदीय भवन के निकट {{convert|10000|m2}} की भूमि पर निर्मित किया गया था। यह अंदर में 8,000 और बाहर 2,000 (कुल 10,000) नमाज़ियों को संभाल सकती है।<ref name="Hurriyet">{{cite web|url=http://www.hurriyetdailynews.com/turkeys-mosque-project-in-albania-on-schedule-says-engineer--.aspx?pageID=238&nID=95880&NewsCatID=354|title=Turkey's mosque project in Albania on schedule, says engineer|date=March 2016|publisher=Hurriyet|access-date=17 March 2016}}</ref><ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref>
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{{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत
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}}
'''नमाज़गाह मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Namazgjasë|italic=no}}), जिसे '''तिराना बड़ी मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Madhe e Tiranës|links=no|italic=no}}) के नाम से भी जाना जाता है, [[अल्बानिया]] के [[तिराना]] शहर में स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह 10,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकती है, जिस प्रकार यह [[बाल्कन]] की सबसे बड़ी मस्जिद है।
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया–तुर्की संबंध]]
[[श्रेणी:तिराना में मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया में उस्मानी मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया में सुन्नी मस्जिदें]]
[[श्रेणी:नवशास्त्रीय वास्तुकला]]
== इतिहास ==
1991 में अल्बानिया में साम्यवाद के पतन के बाद भी, [[अल्बानियाई मुसलमान]] भेदभाव का उलाहना करते थे।<ref name="XtnCentury" /> जबकि एक [[पूर्वी रूढ़िवादी कलीसिया|पूर्वी रूढ़िवादी]] तथा कई [[रोमन कैथोलिक]] कैथेड्रल को निर्मित किए गए थे, अल्बानियाई मुसलमान के पास कोई मुख्य मस्जिद नहीं थी और 2016 तक उन्हें गालियों में नमाज़ पढ़ना पड़ा। 1992 को, राष्ट्रपति [[साली बेरिशा]] ने अल्बानियाई संसद के निकट नमाज़गाह चौक पर निर्मित होने वाली मस्जिद का पहला पत्थर रखा। निर्माण को रोका गया जब संसद के एक कैथोलिक अध्यक्ष, [[प्येतर अर्बनोरी]],<ref name="XtnCentury" /> ने इस परियोजना का विरोध किया।<ref name="balkan">{{cite web|url=http://www.balkaninsight.com/en/article/new-mosque-proposal-surprises-albanian-muslims|title=New Mosque Plan Catches Albania Muslims Off Guard|date=22 November 2010|access-date=January 4, 2015}}</ref>
2010 को तिराना के महापौर एडी रामा ने मस्जिद के निर्माण का फ़ैसला लिया और इसे आवश्यक माना गया क्योंकि शहर में केवल आठ मस्जिदें थीं। [[अल्बानिया जनवरी समाजवादी गणराज्य|साम्यवादी काल]] के दौरान, 20 मस्जिदों को नष्ट किया गया था। [[इस्लामी त्यौहार|इस्लामी त्यौहारों]] के समय, [[स्कंदरबेग चौक]] नमाज़ियों से भरा हुआ था, क्योंकि [[अदहम बेय मस्जिद]], जो उस समय तिराना की मुख्य मस्जिद थी, केवल 60 लोगों को सम्भाल सकती थी। वर्षा हेतु [[जुमा की नमाज़]] के समय उपदेश नहीं दिया जा सका।<ref>{{cite web|url=https://jetzt.sueddeutsche.de/texte/anzeigen/590804/Balancieren-in-Tirana|title=Balancieren in Tirana|author=Pantel, Nadia|date=January 2, 2015|work=jetzt.de – [[Süddeutsche Zeitung]]|access-date=January 4, 2015|lang=de}}</ref>
[[File:Great-Mosque-of-Tirana-2018.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|तिराना के पिरामिड से मस्जिद का दृश्य]]
नई मस्जिद का निर्माण 2015 में [[यूरो|€]]3 करोड़ की लागत से शुरू हुआ, जिनमें से कुछ तुर्की के धार्मिक मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref><ref name="Economist">{{cite journal|title=Mosqued objectives:Turkey is sponsoring Islam abroad to extend its prestige and power|url=https://www.economist.com/news/europe/21688926-turkey-sponsoring-islam-abroad-extend-its-prestige-and-power-mosqued-objectives/|journal=[[The Economist]]|access-date=23 January 2016}}</ref> 2015 को, तुर्की राष्ट्रपति [[रजब तैयब इरदुगान|रजब तैयब एर्दोआन]] ने मस्जिद के उद्घाटन के लिए अल्बानिया का दौरा किया।<ref name="Economist" />
10 अक्टूबर 2024 में मस्जिद को खोला गया, जिसके समारोह में एर्दोआन और रामा ने भाषण दिए।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref> आशा थी कि नई मस्जिद पर्यटन को बढ़ाई गी एवं शहर की नई मुख्य मस्जिद बनेगी।
== वास्तुकला ==
मस्जिद को [[उस्मानी वास्तुकला]] में निर्मित किया गया था। इसके चार [[मीनार]] हैं, हर एक जो 50 m ऊँची है तथा [[गुंबद]] 30 m ऊँचा है। मस्जिद के पहले तल में एक सांस्कृतिक केंद्र और अन्य सुविधाएँ हैं।<ref>{{cite web|url=http://news.albanianscreen.tv/pages/news_detail/61717/ENG|title=Namazgah mosque, Berisha: The denied right was made just|date=April 20, 2013|work=Albanian Screen TV|archive-url=https://web.archive.org/web/20150104210235/http://news.albanianscreen.tv/pages/news_detail/61717/ENG|archive-date=January 4, 2015|access-date=January 4, 2015|url-status=dead}}</ref> मस्जिद को अल्बानिया की संसदीय भवन के निकट {{convert|10000|m2}} की भूमि पर निर्मित किया गया था। यह अंदर में 8,000 और बाहर 2,000 (कुल 10,000) नमाज़ियों को संभाल सकती है।<ref name="Hurriyet">{{cite web|url=http://www.hurriyetdailynews.com/turkeys-mosque-project-in-albania-on-schedule-says-engineer--.aspx?pageID=238&nID=95880&NewsCatID=354|title=Turkey's mosque project in Albania on schedule, says engineer|date=March 2016|publisher=Hurriyet|access-date=17 March 2016}}</ref><ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref>
== यह भी देखें ==
* [[अल्बानिया में इस्लाम]]
== संदर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{commons category-inline|Great Namazgâh Mosque of Tirana}}
* {{cite web |url=http://tiranagrandmosque.com |title=आधिकारिक वेबसाइट |work=Tirana Grand Mosque |date= |access-date= |archive-url=https://web.archive.org/web/20141218063526/http://tiranagrandmosque.com/ |archive-date=2014-12-18 |lang=sq, en }}
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}}
'''नमाज़गाह मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Namazgjasë|italic=no}}), जिसे '''तिराना बड़ी मस्जिद''' ({{Langx|sq|Xhamia e Madhe e Tiranës|links=no|italic=no}}) के नाम से भी जाना जाता है, [[अल्बानिया]] के [[तिराना]] शहर में स्थित एक [[मस्जिद]] है। यह 10,000 नमाज़ियों को सम्भाल सकती है, जिस प्रकार यह [[बाल्कन]] की सबसे बड़ी मस्जिद है।
[[श्रेणी:जामा मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया–तुर्की संबंध]]
[[श्रेणी:तिराना में मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया में उस्मानी मस्जिदें]]
[[श्रेणी:अल्बानिया में सुन्नी मस्जिदें]]
[[श्रेणी:नवशास्त्रीय वास्तुकला]]
== इतिहास ==
1991 में अल्बानिया में साम्यवाद के पतन के बाद भी, [[अल्बानियाई मुसलमान]] भेदभाव का उलाहना करते थे।<ref name="XtnCentury" /> जबकि एक [[पूर्वी रूढ़िवादी कलीसिया|पूर्वी रूढ़िवादी]] तथा कई [[रोमन कैथोलिक]] कैथेड्रल को निर्मित किए गए थे, अल्बानियाई मुसलमान के पास कोई मुख्य मस्जिद नहीं थी और 2016 तक उन्हें गालियों में नमाज़ पढ़ना पड़ा। 1992 को, राष्ट्रपति [[साली बेरिशा]] ने अल्बानियाई संसद के निकट नमाज़गाह चौक पर निर्मित होने वाली मस्जिद का पहला पत्थर रखा। निर्माण को रोका गया जब संसद के एक कैथोलिक अध्यक्ष, [[प्येतर अर्बनोरी]],<ref name="XtnCentury" /> ने इस परियोजना का विरोध किया।<ref name="balkan">{{cite web|url=http://www.balkaninsight.com/en/article/new-mosque-proposal-surprises-albanian-muslims|title=New Mosque Plan Catches Albania Muslims Off Guard|date=22 November 2010|access-date=January 4, 2015}}</ref>
2010 को तिराना के महापौर एडी रामा ने मस्जिद के निर्माण का फ़ैसला लिया और इसे आवश्यक माना गया क्योंकि शहर में केवल आठ मस्जिदें थीं। [[अल्बानिया जनवरी समाजवादी गणराज्य|साम्यवादी काल]] के दौरान, 20 मस्जिदों को नष्ट किया गया था। [[इस्लामी त्यौहार|इस्लामी त्यौहारों]] के समय, [[स्कंदरबेग चौक]] नमाज़ियों से भरा हुआ था, क्योंकि [[अदहम बेय मस्जिद]], जो उस समय तिराना की मुख्य मस्जिद थी, केवल 60 लोगों को सम्भाल सकती थी। वर्षा हेतु [[जुमा की नमाज़]] के समय उपदेश नहीं दिया जा सका।<ref>{{cite web|url=https://jetzt.sueddeutsche.de/texte/anzeigen/590804/Balancieren-in-Tirana|title=Balancieren in Tirana|author=Pantel, Nadia|date=January 2, 2015|work=jetzt.de – [[Süddeutsche Zeitung]]|access-date=January 4, 2015|lang=de}}</ref>
[[File:Great-Mosque-of-Tirana-2018.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|तिराना के पिरामिड से मस्जिद का दृश्य]]
नई मस्जिद का निर्माण 2015 में [[यूरो|€]]3 करोड़ की लागत से शुरू हुआ, जिनमें से कुछ तुर्की के धार्मिक मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया गया था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref><ref name="Economist">{{cite journal|title=Mosqued objectives:Turkey is sponsoring Islam abroad to extend its prestige and power|url=https://www.economist.com/news/europe/21688926-turkey-sponsoring-islam-abroad-extend-its-prestige-and-power-mosqued-objectives/|journal=[[The Economist]]|access-date=23 January 2016}}</ref> 2015 को, तुर्की राष्ट्रपति [[रजब तैयब इरदुगान|रजब तैयब एर्दोआन]] ने मस्जिद के उद्घाटन के लिए अल्बानिया का दौरा किया।<ref name="Economist" />
10 अक्टूबर 2024 में मस्जिद को खोला गया, जिसके समारोह में एर्दोआन और रामा ने भाषण दिए।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref> आशा थी कि नई मस्जिद पर्यटन को बढ़ाई गी एवं शहर की नई मुख्य मस्जिद बनेगी।
== वास्तुकला ==
मस्जिद को [[उस्मानी वास्तुकला]] में निर्मित किया गया था। इसके चार [[मीनार]] हैं, हर एक जो 50 m ऊँची है तथा [[गुंबद]] 30 m ऊँचा है। मस्जिद के पहले तल में एक सांस्कृतिक केंद्र और अन्य सुविधाएँ हैं।<ref>{{cite web|url=http://news.albanianscreen.tv/pages/news_detail/61717/ENG|title=Namazgah mosque, Berisha: The denied right was made just|date=April 20, 2013|work=Albanian Screen TV|archive-url=https://web.archive.org/web/20150104210235/http://news.albanianscreen.tv/pages/news_detail/61717/ENG|archive-date=January 4, 2015|access-date=January 4, 2015|url-status=dead}}</ref> मस्जिद को अल्बानिया की संसदीय भवन के निकट {{convert|10000|m2}} की भूमि पर निर्मित किया गया था। यह अंदर में 8,000 और बाहर 2,000 (कुल 10,000) नमाज़ियों को संभाल सकती है।<ref name="Hurriyet">{{cite web|url=http://www.hurriyetdailynews.com/turkeys-mosque-project-in-albania-on-schedule-says-engineer--.aspx?pageID=238&nID=95880&NewsCatID=354|title=Turkey's mosque project in Albania on schedule, says engineer|date=March 2016|publisher=Hurriyet|access-date=17 March 2016}}</ref><ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/president-erdogan-inaugurates-largest-mosque-in-balkans|title=President Erdoğan inaugurates largest mosque in Balkans|last=Tanrıkulu Kızıl|first=Nurbanu|date=2024-10-10|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2024-10-11}}</ref>
== यह भी देखें ==
* [[अल्बानिया में इस्लाम]]
* [[अल्बानिया में मस्जिदों की सूची]]
== संदर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
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* {{cite web |url=http://tiranagrandmosque.com |title=आधिकारिक वेबसाइट |work=Tirana Grand Mosque |date= |access-date= |archive-url=https://web.archive.org/web/20141218063526/http://tiranagrandmosque.com/ |archive-date=2014-12-18 |lang=sq, en }}
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तिराना बड़ी मस्जिद
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[[नमाज़गाह मस्जिद]] को अनुप्रेषित
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#REDIRECT [[नमाज़गाह मस्जिद]]
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नया पृष्ठ: धार रेलवे स्टेशन
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धार रेलवे स्टेशन
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सदस्य वार्ता:Ramash Shetty
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आट्टूर् कृष्णप्पिषारटि
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अनुनाद सिंह
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{{Infobox Writer
| name = आट्टूर् कृष्णप्पिषारटि (आट्टूर्)
| image = <!-- Deleted image removed: [[File:Attor Krishna Pisharody.jpg|thumb|right|Attur c. 1945]] -->
| image_size = 225
| birth_name = Krishnachandra
| birth_date = {{Birth date|df=yes|1875|09|29}}
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| death_date = {{Death date and age|df=yes|1964|06|05|1875|09|29}}
| death_place = त्रिशूर
| occupation = शिक्षक, लेखक, नाटककार, संगीतकार
| language = [[संस्कृत]], [[मलयालम]]
| nationality = भारतीय
| notable_works =
| spouse = {{marriage|Nāṇikuṭṭi Piṣārasyār|1900|1956}}
| children = तीन बच्चे
| signature =
}}
आट्टूर् कृष्णप्पिषारटि (1875–1964) [[भारत]] के [[केरल|केरलम्]] के एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] विद्वान, शिक्षक और लेखक थे।
उनका जन्म 29 सितंबर, 1875 को [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] जिले के [[वडक्कानचेरी|वडक्कनचेरी]] में नारायणन नंबूदरी और पप्पिक्कुट्टी पिशारस्यार के घर हुआ था। उन्होंने कोडुंगल्लूर गोडवर्मा भट्टन थम्पुरन से पारंपरिक विधि से संस्कृत सीखी। 1911 से 1929 तक उन्होंने [[महाराजा]] कॉलेज (वर्तमान विश्वविद्यालय कॉलेज) [[तिरुवनन्तपुरम|त्रिवेंद्रम]] में शिक्षण किया और अगले पांच वर्षों तक [[त्रवनकोर|त्रावणकोर]] के महाराजा के संस्कृत शिक्षक के रूप में काम किया। वे रसिकरत्नम् और मंगलोदयम् नामक दो पत्रिकाओं के संपादक थे। वे वीणा वादक और संगीतज्ञ भी थे। 5 जून, 1964 को उनकी मृत्यु हो गई।
== प्रमुख कृतियाँ ==
* ''संगीतचंद्रिका''
* ''भाषायुम साहित्यवुम''
* ''भाषा साहित्य चरितम्''
* ''केरल चरिथम''
* ''विद्या विवेकम''
* ''भाषा दर्पणम्''
* ''उत्तरा रामायणम'' (अनुवाद)
* ''शकुंतला'' (अनुवाद)
* ''लीलाथिलकम'' (14वीं शताब्दी के पाठ ''[[लीलातिलकम्|लीलाथिलकम]]'' पर टिप्पणी)
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:संस्कृत वैयाकरण]]
[[श्रेणी:१९६४ में निधन]]
[[श्रेणी:१८७५ जन्म]]
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अनुनाद सिंह
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'''आट्टूर् कृष्णप्पिषारटि''' (1875–1964) [[भारत]] के [[केरल|केरलम्]] के एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] विद्वान, शिक्षक और लेखक थे।
उनका जन्म 29 सितंबर, 1875 को [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] जिले के [[वडक्कानचेरी|वडक्कनचेरी]] में नारायणन नंबूदरी और पप्पिक्कुट्टी पिशारस्यार के घर हुआ था। उन्होंने कोडुंगल्लूर गोडवर्मा भट्टन थम्पुरन से पारंपरिक विधि से संस्कृत सीखी। 1911 से 1929 तक उन्होंने महाराजा कॉलेज (वर्तमान विश्वविद्यालय कॉलेज) [[तिरुवनन्तपुरम|त्रिवेंद्रम]] में शिक्षण किया और अगले पांच वर्षों तक [[त्रवनकोर|त्रावणकोर]] के महाराजा के संस्कृत शिक्षक के रूप में काम किया। वे रसिकरत्नम् और मंगलोदयम् नामक दो पत्रिकाओं के संपादक थे। वे वीणा वादक और संगीतज्ञ भी थे। 5 जून, 1964 को उनकी मृत्यु हो गई।
== प्रमुख कृतियाँ ==
*संगीतचन्द्रिक (संगीतशास्त्र)
*भाषादर्प्पणम् (अलङ्कारग्रन्थ)
*नीतिमाल (बालसाहित्य)
*भार्ग्गवीयचरितम् (भाषाकाव्य)
*धीरव्रतम् (नाटक)
*केरळकथ (कथा)
*तारक (बालसाहित्य)
*पुराणपुरुषन्मार् (बालसाहित्य)
*लघुरामायणम् (बालसाहित्य)
*उण्णुनीलिसन्देशम् (व्याख्यान)
*विद्याविवेकम् (प्रबन्धसमाहार)
*विद्यासंग्रहम् (उपन्यास)
*भाषासाहित्यचरितम् (साहित्यचरित्र)
*मलयाळभाषयुम् साहित्यवुम् (साहित्यचरित्र)
*लिपिसाधारण्यम् (साहित्यचरित्र)
*कोट्टयम् कथकळि (आट्टक्कथाव्याख्यान)
*केरळचरित्रम् (चरित्र)
*केरळचरितम् ऒन्नाम् भागम्
*तिरुवितांकूर् चरित्रम् (चरित्र)
*केरळकथानाटकङ्ङळ् (नाटक , संस्कृत में)
*केरळशाकुन्तळम् (विवर्त्तन)
*लीलातिलकम् (विवर्त्तन)
*संस्कृतपाठक्रमम्-२ भागङ्ङळ् (पाठपुस्तक)
*बालरत्नम् (लघु बालव्याकरण)
*उत्तररामचरितम् ऒन्नाम् भागम् (काव्य)
*अंबरीषचरितम् (आट्टक्कथाव्याख्यान)
*रसिकरत्नम् (संस्कृत)
*विषवैद्यसारसंग्रहम् (विषवैद्य)
*सहस्रयोगम् (वैद्यक पर व्याख्यान)
*मुहूर्त्तपदवि (ज्योतिष व्याख्यान)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:संस्कृत वैयाकरण]]
[[श्रेणी:१९६४ में निधन]]
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अनुनाद सिंह
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'''आट्टूर् कृष्णप्पिषारटि''' (1875–1964) [[भारत]] के [[केरल|केरलम्]] के एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] विद्वान, शिक्षक और लेखक थे।
उनका जन्म 29 सितंबर, 1875 को [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] जिले के [[वडक्कानचेरी|वडक्कनचेरी]] में नारायणन नंबूदरी और पप्पिक्कुट्टी पिशारस्यार के घर हुआ था। उन्होंने कोडुंगल्लूर गोडवर्मा भट्टन थम्पुरन से पारंपरिक विधि से संस्कृत सीखी। 1911 से 1929 तक उन्होंने महाराजा कॉलेज (वर्तमान विश्वविद्यालय कॉलेज) [[तिरुवनन्तपुरम|त्रिवेंद्रम]] में शिक्षण किया और अगले पांच वर्षों तक [[त्रवनकोर|त्रावणकोर]] के महाराजा के संस्कृत शिक्षक के रूप में काम किया। वे रसिकरत्नम् और मंगलोदयम् नामक दो पत्रिकाओं के संपादक थे। वे वीणा वादक और संगीतज्ञ भी थे। 5 जून, 1964 को उनकी मृत्यु हो गई।
== प्रमुख कृतियाँ ==
*संगीतचन्द्रिक (संगीतशास्त्र)
*भाषादर्प्पणम् (अलङ्कारग्रन्थ)
*नीतिमाल (बालसाहित्य)
*भार्ग्गवीयचरितम् (भाषाकाव्य)
*धीरव्रतम् (नाटक)
*केरळकथ (कथा)
*तारक (बालसाहित्य)
*पुराणपुरुषन्मार् (बालसाहित्य)
*लघुरामायणम् (बालसाहित्य)
*उण्णुनीलिसन्देशम् (व्याख्यान)
*विद्याविवेकम् (प्रबन्धसमाहार)
*विद्यासंग्रहम् (उपन्यास)
*भाषासाहित्यचरितम् (साहित्यचरित्र)
*मलयाळभाषयुम् साहित्यवुम् (साहित्यचरित्र)
*लिपिसाधारण्यम् (साहित्यचरित्र)
*कोट्टयम् कथकळि (आट्टक्कथाव्याख्यान)
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==सन्दर्भ==
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[[श्रेणी:१९६४ में निधन]]
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'''आट्टूर् कृष्णप्पिषारटि''' (1875–1964) [[भारत]] के [[केरल|केरलम्]] के एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] विद्वान, शिक्षक और लेखक थे।
उनका जन्म 29 सितंबर 1875 को [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] जिले के [[वडक्कानचेरी|वडक्कनचेरी]] में नारायणन नंबूदरी (पिता) और पप्पिक्कुट्टी पिशारस्यार (माँ) के घर हुआ था। उन्होंने कोडुंगल्लूर गोडवर्मा भट्टन थम्पुरन से पारंपरिक विधि से संस्कृत सीखी। सन् 1911 से 1929 तक उन्होंने महाराजा कॉलेज (वर्तमान विश्वविद्यालय कॉलेज) [[तिरुवनन्तपुरम|त्रिवेंद्रम]] में शिक्षण किया और अगले पांच वर्षों तक [[त्रवनकोर|त्रावणकोर]] के महाराजा के संस्कृत शिक्षक के रूप में काम किया। वे रसिकरत्नम् और मंगलोदयम् नामक दो पत्रिकाओं के संपादक थे। वे वीणा वादक और संगीतज्ञ भी थे। 5 जून 1964 को उनकी मृत्यु हो गई।
== प्रमुख कृतियाँ ==
*संगीतचन्द्रिक (संगीतशास्त्र)
*भाषादर्प्पणम् (अलङ्कारग्रन्थ)
*नीतिमाल (बालसाहित्य)
*भार्ग्गवीयचरितम् (भाषाकाव्य)
*धीरव्रतम् (नाटक)
*केरळकथ (कथा)
*तारक (बालसाहित्य)
*पुराणपुरुषन्मार् (बालसाहित्य)
*लघुरामायणम् (बालसाहित्य)
*उण्णुनीलिसन्देशम् (व्याख्यान)
*विद्याविवेकम् (प्रबन्धसमाहार)
*विद्यासंग्रहम् (उपन्यास)
*भाषासाहित्यचरितम् (साहित्यचरित्र)
*मलयाळभाषयुम् साहित्यवुम् (साहित्यचरित्र)
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*कोट्टयम् कथकळि (आट्टक्कथाव्याख्यान)
*केरळचरित्रम् (चरित्र)
*केरळचरितम् ऒन्नाम् भागम्
*तिरुवितांकूर् चरित्रम् (चरित्र)
*केरळकथानाटकङ्ङळ् (नाटक , संस्कृत में)
*केरळशाकुन्तळम् (विवर्त्तन)
*लीलातिलकम् (विवर्त्तन)
*संस्कृतपाठक्रमम्-२ भागङ्ङळ् (पाठपुस्तक)
*बालरत्नम् (लघु बालव्याकरण)
*उत्तररामचरितम् ऒन्नाम् भागम् (काव्य)
*अंबरीषचरितम् (आट्टक्कथाव्याख्यान)
*रसिकरत्नम् (संस्कृत)
*विषवैद्यसारसंग्रहम् (विषवैद्य)
*सहस्रयोगम् (वैद्यक पर व्याख्यान)
*मुहूर्त्तपदवि (ज्योतिष व्याख्यान)
==सन्दर्भ==
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[[श्रेणी:१९६४ में निधन]]
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संजीव कुमार
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{{Infobox Writer
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'''आट्टूर् कृष्णप्पिषारटि''' (1875–1964) [[भारत]] के [[केरल|केरलम्]] के एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] विद्वान, शिक्षक और लेखक थे।
उनका जन्म 29 सितंबर 1875 को [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] जिले के [[वडक्कानचेरी|वडक्कनचेरी]] में नारायणन नंबूदरी (पिता) और पप्पिक्कुट्टी पिशारस्यार (माँ) के घर हुआ था। उन्होंने कोडुंगल्लूर गोडवर्मा भट्टन थम्पुरन से पारंपरिक विधि से संस्कृत सीखी। सन् 1911 से 1929 तक उन्होंने महाराजा कॉलेज (वर्तमान विश्वविद्यालय कॉलेज) [[तिरुवनन्तपुरम|त्रिवेंद्रम]] में शिक्षण किया और अगले पांच वर्षों तक [[त्रवनकोर|त्रावणकोर]] के महाराजा के संस्कृत शिक्षक के रूप में काम किया। वे रसिकरत्नम् और मंगलोदयम् नामक दो पत्रिकाओं के संपादक थे। वे वीणा वादक और संगीतज्ञ भी थे। 5 जून 1964 को उनकी मृत्यु हो गई।
== प्रमुख कृतियाँ ==
*संगीतचन्द्रिक (संगीतशास्त्र)
*भाषादर्प्पणम् (अलङ्कारग्रन्थ)
*नीतिमाल (बालसाहित्य)
*भार्ग्गवीयचरितम् (भाषाकाव्य)
*धीरव्रतम् (नाटक)
*केरळकथ (कथा)
*तारक (बालसाहित्य)
*पुराणपुरुषन्मार् (बालसाहित्य)
*लघुरामायणम् (बालसाहित्य)
*उण्णुनीलिसन्देशम् (व्याख्यान)
*विद्याविवेकम् (प्रबन्धसमाहार)
*विद्यासंग्रहम् (उपन्यास)
*भाषासाहित्यचरितम् (साहित्यचरित्र)
*मलयाळभाषयुम् साहित्यवुम् (साहित्यचरित्र)
*लिपिसाधारण्यम् (साहित्यचरित्र)
*कोट्टयम् कथकळि (आट्टक्कथाव्याख्यान)
*केरळचरित्रम् (चरित्र)
*केरळचरितम् ऒन्नाम् भागम्
*तिरुवितांकूर् चरित्रम् (चरित्र)
*केरळकथानाटकङ्ङळ् (नाटक , संस्कृत में)
*केरळशाकुन्तळम् (विवर्त्तन)
*लीलातिलकम् (विवर्त्तन)
*संस्कृतपाठक्रमम्-२ भागङ्ङळ् (पाठपुस्तक)
*बालरत्नम् (लघु बालव्याकरण)
*उत्तररामचरितम् ऒन्नाम् भागम् (काव्य)
*अंबरीषचरितम् (आट्टक्कथाव्याख्यान)
*रसिकरत्नम् (संस्कृत)
*विषवैद्यसारसंग्रहम् (विषवैद्य)
*सहस्रयोगम् (वैद्यक पर व्याख्यान)
*मुहूर्त्तपदवि (ज्योतिष व्याख्यान)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:संस्कृत वैयाकरण]]
[[श्रेणी:१९६४ में निधन]]
[[श्रेणी:१८७५ जन्म]]
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धार रेलवे स्टेशन
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चाहर धर्मेंद्र
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धार जंक्शन रेलवे स्टेशन
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text/x-wiki
{{Infobox station
| name = धार जंक्शन
| type = [[भारतीय रेलवे]] स्टेशन
| style = भारतीय रेलवे
| image = [[File:Indian_Railways_Suburban_Railway_Logo.svg|100px]]
| image_caption = भारतीय रेलवे का लोगो
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| owned = [[Indian Railways]]
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}}
'''धार जंक्शन रेलवे स्टेशन''' मध्य प्रदेश के धार जिले में निर्माणाधीन एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। इसका स्टेशन कोड DHAR है और यह धार शहर की सेवा करेगा।
इस स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म प्रस्तावित हैं।<ref>{{cite web| url=http://indiarailinfo.com/station/news/dhar-dhar/10787| title=DHAR/Dhar| website=India Rail Info}}</ref> यह स्टेशन इंदौर-दाहोद लाइन और छोटा उदयपुर-धार लाइन के जंक्शन पर स्थित होगा। ये दोनों रेल लाइनें पश्चिमी रेलवे के रतलाम रेलवे डिवीजन के अंतर्गत आती हैं।<ref name="indiatimes">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Status-report-on-Khandwa-Dhar-railway-line-sought/articleshow/12206410.cms |title=Status report on Khandwa–Dhar railway line sought| website=Times of India| date=10 March 2012| access-date=18 March 2016}}</ref><ref name="indiatimes2">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Khandwa-Dhar-rail-link-PMO-acts-to-bring-long-pending-project-on-track/articleshow/37946237.cms |title=Khandwa–Dhar rail link: PMO acts to bring long-pending project on track| website=Times of India| date=7 July 2014| access-date=18 March 2016}}</ref><ref name="indiatimes3">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/MP-tribal-areas-off-Indias-rail-map/articleshow/30336291.cms |title=MP tribal areas off India's rail map| website=Times of India| date=13 February 2014| access-date=18 March 2016}}</ref><ref name="hindustantimes">{{cite web|url=http://www.hindustantimes.com/india/poor-rail-connectivity-hits-industrialisation-in-mp/story-G2nQHBsxevGZ2SbMO8zW1I.html |title=Poor rail connectivity hits industrialisation in MP| website=Hindustan Times| date=2 December 2014| access-date=18 March 2016}}</ref><ref name="india">{{cite web|url=http://zeenews.india.com/business/budget-2015/rathwa-writes-to-pm-on-stalled-rail-projects-linking-mp-gujarat_118597.html |title=Rathwa writes to PM on stalled rail projects linking MP, Gujarat| website=Zeebiz| date=13 February 2015| access-date=18 March 2016}}</ref> इंदौर–धार के बीच ट्रेन चलाने का लक्ष्य मार्च 2026 के आसपास रखा गया है। इंदौर–दाहोद रेल लाइन का कुछ हिस्सा (लगभग 32 किमी) पहले ही चालू हो चुका है। धार की तरफ टनल (लगभग 2.9 किमी) का काम लगभग अंतिम चरण में है। ट्रैक लिंकिंग और वेल्डिंग का काम जारी है।<ref>{{cite web|url=https://www.freepressjournal.in/indore/mp-news-after-17-year-wait-dhar-likely-to-get-first-train-by-march-2026|title=MP News: After 17-Year Wait, Dhar Likely To Get First Train By March 2026| website=फ्रीप्रेसजर्नल| access-date=10 दिसंबर 2025}}</ref>कई नए स्टेशन (जैसे गुनावद आदि) भी साथ में बन रहे हैं।<ref>{{cite web|url=https://indiarailinfo.com/news/post/584041|title=Indore-Dahod rail line project: Earthwork completed till Gunavad; completion expected by 2026| website=इंडियारेलइन्फो| access-date=26 नवंबर 2024}}</ref>
==सन्दर्भ==
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चाहर धर्मेंद्र
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टैग {{[[साँचा:काम जारी|काम जारी]]}} लेख में जोड़ा जा रहा ([[वि:ट्विंकल|ट्विंकल]])
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text/x-wiki
{{काम जारी|date=मार्च 2026}}
{{Infobox station
| name = धार जंक्शन
| type = [[भारतीय रेलवे]] स्टेशन
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| image_caption = भारतीय रेलवे का लोगो
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}}
'''धार जंक्शन रेलवे स्टेशन''' मध्य प्रदेश के धार जिले में निर्माणाधीन एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। इसका स्टेशन कोड DHAR है और यह धार शहर की सेवा करेगा।
इस स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म प्रस्तावित हैं।<ref>{{cite web| url=http://indiarailinfo.com/station/news/dhar-dhar/10787| title=DHAR/Dhar| website=India Rail Info}}</ref> यह स्टेशन इंदौर-दाहोद लाइन और छोटा उदयपुर-धार लाइन के जंक्शन पर स्थित होगा। ये दोनों रेल लाइनें पश्चिमी रेलवे के रतलाम रेलवे डिवीजन के अंतर्गत आती हैं।<ref name="indiatimes">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Status-report-on-Khandwa-Dhar-railway-line-sought/articleshow/12206410.cms |title=Status report on Khandwa–Dhar railway line sought| website=Times of India| date=10 March 2012| access-date=18 March 2016}}</ref><ref name="indiatimes2">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Khandwa-Dhar-rail-link-PMO-acts-to-bring-long-pending-project-on-track/articleshow/37946237.cms |title=Khandwa–Dhar rail link: PMO acts to bring long-pending project on track| website=Times of India| date=7 July 2014| access-date=18 March 2016}}</ref><ref name="indiatimes3">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/MP-tribal-areas-off-Indias-rail-map/articleshow/30336291.cms |title=MP tribal areas off India's rail map| website=Times of India| date=13 February 2014| access-date=18 March 2016}}</ref><ref name="hindustantimes">{{cite web|url=http://www.hindustantimes.com/india/poor-rail-connectivity-hits-industrialisation-in-mp/story-G2nQHBsxevGZ2SbMO8zW1I.html |title=Poor rail connectivity hits industrialisation in MP| website=Hindustan Times| date=2 December 2014| access-date=18 March 2016}}</ref><ref name="india">{{cite web|url=http://zeenews.india.com/business/budget-2015/rathwa-writes-to-pm-on-stalled-rail-projects-linking-mp-gujarat_118597.html |title=Rathwa writes to PM on stalled rail projects linking MP, Gujarat| website=Zeebiz| date=13 February 2015| access-date=18 March 2016}}</ref> इंदौर–धार के बीच ट्रेन चलाने का लक्ष्य मार्च 2026 के आसपास रखा गया है। इंदौर–दाहोद रेल लाइन का कुछ हिस्सा (लगभग 32 किमी) पहले ही चालू हो चुका है। धार की तरफ टनल (लगभग 2.9 किमी) का काम लगभग अंतिम चरण में है। ट्रैक लिंकिंग और वेल्डिंग का काम जारी है।<ref>{{cite web|url=https://www.freepressjournal.in/indore/mp-news-after-17-year-wait-dhar-likely-to-get-first-train-by-march-2026|title=MP News: After 17-Year Wait, Dhar Likely To Get First Train By March 2026| website=फ्रीप्रेसजर्नल| access-date=10 दिसंबर 2025}}</ref>कई नए स्टेशन (जैसे गुनावद आदि) भी साथ में बन रहे हैं।<ref>{{cite web|url=https://indiarailinfo.com/news/post/584041|title=Indore-Dahod rail line project: Earthwork completed till Gunavad; completion expected by 2026| website=इंडियारेलइन्फो| access-date=26 नवंबर 2024}}</ref>
==सन्दर्भ==
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2026-03-29T04:16:28Z
चाहर धर्मेंद्र
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कुछ स्रोत सुधारे
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text/x-wiki
{{Infobox station
| name = धार जंक्शन
| type = [[भारतीय रेल |भारतीय रेलवे]] स्टेशन
| style = भारतीय रेलवे
| image = [[File:Indian_Railways_Suburban_Railway_Logo.svg|100px]]
| image_caption = भारतीय रेलवे का लोगो
| address = एमपी एसएच-31, नवगांव, [[धार]], [[मध्य प्रदेश]]
| country = {{flagu|भारत}}
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| map_dot_label = Dhar Junction
| line = [[छोटा उदयपुर-धार लाइन]], <br>[[इंदौर-दाहोद लाइन]]
| other =
| elevation = {{convert|552|m|ft}}
| structure = मानक (ज़मीन पर स्थित स्टेशन)
| platform = 2
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| electrified = चल रहे
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| code = धार
| zone = [[पश्चिम रेलवे (भारत)|पश्चिमी रेलवे क्षेत्र]]
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}}
| owned = [[भारतीय रेल |भारतीय रेलवे]]
| operator = [[पश्चिम रेलवे (भारत)| पश्चिमी रेलवे]]
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| services = <!--{{Adjacent stations|system=Indian Railways|line=Western Railway zone|left=Tihi|right=n/a|type=[[Indore-Dhar Line]]}} Tihi not next-->
}}
'''धार जंक्शन रेलवे स्टेशन''' [[मध्य प्रदेश]] के [[धार ज़िला| धार जिले]] में निर्माणाधीन एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। इसका स्टेशन कोड DHAR है और यह धार शहर की सेवा करेगा।
इस स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म प्रस्तावित हैं।<ref>{{cite web| url=http://indiarailinfo.com/station/news/dhar-dhar/10787| title=DHAR/Dhar| website=इंडियारेलइन्फो}}</ref> यह स्टेशन इंदौर-दाहोद लाइन और छोटा उदयपुर-धार लाइन के जंक्शन पर स्थित होगा। ये दोनों रेल लाइनें पश्चिमी रेलवे के [[रतलाम रेलवे मंडल]] के अंतर्गत आती हैं।<ref name="indiatimes">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Status-report-on-Khandwa-Dhar-railway-line-sought/articleshow/12206410.cms |title=Status report on Khandwa–Dhar railway line sought| website=[[टाइम्स ऑफ इंडिया]]| date=10 मार्च 2012| access-date=18 मार्च 2016}}</ref><ref name="indiatimes2">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Khandwa-Dhar-rail-link-PMO-acts-to-bring-long-pending-project-on-track/articleshow/37946237.cms |title=Khandwa–Dhar rail link: PMO acts to bring long-pending project on track| website=टाइम्स ऑफ इंडिया| date=7 जुलाई 2014| access-date=18 मार्च 2016}}</ref><ref name="indiatimes3">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/MP-tribal-areas-off-Indias-rail-map/articleshow/30336291.cms |title=MP tribal areas off India's rail map| website=टाइम्स ऑफ इंडिया| date=13 February 2014| access-date=18 मार्च 2016}}</ref><ref name="hindustantimes">{{cite web|url=http://www.hindustantimes.com/india/poor-rail-connectivity-hits-industrialisation-in-mp/story-G2nQHBsxevGZ2SbMO8zW1I.html |title=Poor rail connectivity hits industrialisation in MP| website=[[हिंदुस्तान टाइम्स]]| date=2 दिसंबर 2014| access-date=18 मार्च 2016}}</ref><ref name="india">{{cite web|url=http://zeenews.india.com/business/budget-2015/rathwa-writes-to-pm-on-stalled-rail-projects-linking-mp-gujarat_118597.html |title=Rathwa writes to PM on stalled rail projects linking MP, Gujarat| website=ज़ीबिज़| date=13 फरवरी 2015| access-date=18 मार्च 2016}}</ref> इंदौर–धार के बीच ट्रेन चलाने का लक्ष्य मार्च 2026 के आसपास रखा गया है।
इंदौर–दाहोद रेल लाइन का कुछ हिस्सा (लगभग 32 किमी) पहले ही चालू हो चुका है। धार की तरफ टनल (लगभग 2.9 किमी) का काम लगभग अंतिम चरण में है। ट्रैक लिंकिंग और वेल्डिंग का काम जारी है।<ref>{{cite web|url=https://www.freepressjournal.in/indore/mp-news-after-17-year-wait-dhar-likely-to-get-first-train-by-march-2026|title=MP News: After 17-Year Wait, Dhar Likely To Get First Train By March 2026| website=फ्रीप्रेसजर्नल| access-date=10 दिसंबर 2025}}</ref>कई नए स्टेशन (जैसे गुनावद आदि) भी साथ में बन रहे हैं।<ref>{{cite web|url=https://indiarailinfo.com/news/post/584041|title=Indore-Dahod rail line project: Earthwork completed till Gunavad; completion expected by 2026| website=इंडियारेलइन्फो| access-date=26 नवंबर 2024}}</ref>
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:रतलाम रेलवे मंडल]]
[[श्रेणी:मध्य प्रदेश रेलवे स्टेशन आधार]]
keohfsa7seqz6csbcitui1ow0gogy43
मलयालम विश्वविद्यालय
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अनुनाद सिंह
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"[[:en:Special:Redirect/revision/1333636426|Thunchath Ezhuthachan Malayalam University]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक विश्वविद्यालय|name=टी० ई० मलयालम विश्वविद्यालय|image=Malayalam_University_Logo.png|motto=श्रेष्ठं मलयालम्|established={{start date and age|2012}}|chancellor=[[केरल सरकार]]|vice_chancellor=डॉ० सी० आर० प्रसाद "(कार्यकारी)"|city=[[तिरुर]]|state=केरल|country=भारत|website={{URL|malayalamuniversity.edu.in}}}}
'''थुनचथ एझुथाचन '''मलयालम विश्वविद्यालय'''''' [[केरल|केरलम्]] राज्य के [[तिरूर]] में स्थित एक [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य विश्वविद्यालय]] है। इसे प्रायः <nowiki>'''मलयालम विश्वविद्यालय'''</nowiki> भी कहा जाता है।
== इतिहास ==
[[File:Portrait_of_Thunchaththu_Ramanujan_Ezhuthachan,the_father_of_the_Malayalam_language.jpg|अंगूठाकार|[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन|थुनचथ एझुथाचन]], जिनके नाम पर विश्वविद्यालय का नाम रखा गया है।]]
इस विश्वविद्यालय की स्थापना [[केरल]] सरकार द्वारा की गई थी और इसका उद्घाटन [[केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] [[ओमान चांडी|ओमन चांडी]] ने 1 नवंबर 2012 को [[तिरूर]], [[मलप्पुरम]], केरल में थुनचपन एझुथाचन के घर थुथुन्चनपरम्बा के परिसर में आयोजित एक समारोह में किया था।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/kerala-gifts-malayalis-a-university/article4055548.ece|title=Kerala gifts Malayalis a university|date=2 November 2012|work=[[The Hindu]]|access-date=3 November 2012}}</ref> [[भारतीय प्रशासनिक सेवा]] कैडर के एक सिविल सेवक [[के जयकुमार|के. जयकुमार]] ने इस विश्वविद्यालय की परियोजना रिपोर्ट तैयार की। वह मलयालम विश्वविद्यालय के पहले [[उप कुलपति|कुलपति]] बने।<ref>{{Cite news|url=http://newindianexpress.com/states/kerala/article1322139.ece|title=Jayakumar to take charge as Malayalam University VC|date=1 November 2012|work=The New Indian Express|access-date=3 November 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304080058/http://www.newindianexpress.com/states/kerala/article1322139.ece|archive-date=4 March 2016}}</ref>
इस विश्वविद्यालय का नाम 16वीं शताब्दी के [[मलयालम भाषा|मलयालम]] [[बुद्धजीवि|साहित्यकार]] थुनचथु रामानुजन एझुथाचन के नाम पर रखा गया है, जिनके लेखन ने मलयालम को 51 अक्षरों, शब्दावली और साहित्य की लिपि के साथ एक [[भाषा]] के रूप में विकसित करने में मदद की। थुनचथ एझुथाचन का जन्म केरल राज्य के [[तिरूर]] में थुनचन परम्बु के त्रिकंटियूर में हुआ था।
उद्घाटन के समय मलयालम विश्वविद्यालय के पास भूमि और भवनों के रूप में कोई बुनियादी ढांचा नहीं था। नवनियुक्त कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय के कार्यालय थुनचन मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज, तिरूर के परिसर में बनाए गए अस्थायी ढांचों में काम करना शुरू कर देंगे।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-kerala/varsity-will-bring-the-world-to-malayalam-jayakumar/article4057041.ece|title=Varsity will bring the world to Malayalam: Jayakumar|date=2 November 2012|work=[[The Hindu]]|access-date=3 November 2012}}</ref>
== अकादमिक पाठ्यक्रम ==
=== स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ===
* एमए पत्रकारिता और जनसंचार
* एम. ए. भाषाविज्ञान
* एमए मलयालम साहित्य अध्ययन
* एम. ए. रचनात्मक लेखन
* एमए सांस्कृतिक विरासत अध्ययन
* एम. ए./एम. एससी. पर्यावरण अध्ययन
* एमए विकास अध्ययन और स्थानीय विकास
* एमए इतिहास
* एमए समाजशास्त्र
* एम. ए. फिल्म अध्ययन
=== डिप्लोमा पाठ्यक्रम ===
* नया मीडिया अध्ययन
* टेलीविजन और टीवी प्रस्तुति के लिए लेखन
* विज्ञापन और प्रतिलिपि लेखन
* विरासत पर्यटन
* पटकथा लेखन और वीडियोग्राफी
* परियोजना तैयारी और मूल्यांकन
=== अनुसंधान कार्यक्रम ===
निम्नलिखित क्षेत्रों में एम०फिल्० एवं पीएच० डी० कार्यक्रम में पेश किए जाते हैं-
* भाषाविज्ञान
* मलयालम साहित्य
* सांस्कृतिक विरासत
* मीडिया अध्ययन
* विकास अध्ययन
* समाजशास्त्र
* पर्यावरण अध्ययन
* इतिहास.
* तुलनात्मक साहित्य
=== अन्य परियोजनाएं ===
* ऑनलाइन मलयालम शब्दकोश
* विरासत सर्वेक्षण
* भाषाई सर्वेक्षण संग्रहालय परियोजना
एक अध्ययन केंद्र-एझुथाचन पदना केंद्रम-महान कवि पर शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एझुथाचान पर एक एझुथाछन शब्दकोश तैयार कर रहा है और पुस्तकें निकाल रहा है।
== यह भी देखें ==
* विश्व मलयल महोत्सवम् 2012
भारत में इसी तरह के अन्य विश्वविद्यालयः
* तमिल विश्वविद्यालय
* [[कन्नड विश्वविद्यालय|कन्नड़ विश्वविद्यालय]]
* तेलुगु विश्वविद्यालय
* [[पंजाबी विश्वविद्यालय]]
* गुजरात विद्यापीठ
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
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2026-03-29T03:05:37Z
अनुनाद सिंह
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक विश्वविद्यालय|name=टी० ई० मलयालम विश्वविद्यालय|image=Malayalam_University_Logo.png|motto=श्रेष्ठं मलयालम्|established={{start date and age|2012}}|chancellor=[[केरल सरकार]]|vice_chancellor=डॉ० सी० आर० प्रसाद "(कार्यकारी)"|city=[[तिरुर]]|state=केरल|country=भारत|website={{URL|malayalamuniversity.edu.in}}}}
'''थुनचथ एझुथाचन मलयालम विश्वविद्यालय''' [[केरल|केरलम्]] राज्य के [[तिरूर]] में स्थित एक [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य विश्वविद्यालय]] है। इसे प्रायः '''मलयालम विश्वविद्यालय''' भी कहा जाता है।
== इतिहास ==
[[File:Portrait_of_Thunchaththu_Ramanujan_Ezhuthachan,the_father_of_the_Malayalam_language.jpg|अंगूठाकार|[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]], जिनके नाम पर इस विश्वविद्यालय का नाम रखा गया है।]]
इस विश्वविद्यालय की स्थापना [[केरल]] सरकार द्वारा की गई थी और इसका उद्घाटन [[केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] [[ओमान चांडी|ओमन चांडी]] ने 1 नवंबर 2012 को केरल के [[मलप्पुरम]] के [[तिरूर]] में थुनचपन एझुथाचन के घर थुथुन्चनपरम्बा के परिसर में आयोजित एक समारोह में किया था।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/kerala-gifts-malayalis-a-university/article4055548.ece|title=Kerala gifts Malayalis a university|date=2 November 2012|work=[[The Hindu]]|access-date=3 November 2012}}</ref> [[भारतीय प्रशासनिक सेवा]] कैडर के एक सिविल सेवक [[के जयकुमार|के. जयकुमार]] ने इस विश्वविद्यालय की परियोजना रिपोर्ट तैयार की। वह मलयालम विश्वविद्यालय के पहले [[उप कुलपति|कुलपति]] बने।<ref>{{Cite news|url=http://newindianexpress.com/states/kerala/article1322139.ece|title=Jayakumar to take charge as Malayalam University VC|date=1 November 2012|work=The New Indian Express|access-date=3 November 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304080058/http://www.newindianexpress.com/states/kerala/article1322139.ece|archive-date=4 March 2016}}</ref>
इस विश्वविद्यालय का नाम 16वीं शताब्दी के [[मलयालम भाषा|मलयालम]] साहित्यकार थुनचथु रामानुजन एझुथाचन के नाम पर रखा गया है, जिनके लेखन ने मलयालम को 51 अक्षरों, शब्दावली और साहित्य की [[लिपि]] के साथ एक [[भाषा]] के रूप में विकसित करने में मदद की। थुनचथ एझुथाचन का जन्म केरल राज्य के [[तिरूर]] में थुनचन परम्बु के त्रिकंटियूर में हुआ था।
उद्घाटन के समय मलयालम विश्वविद्यालय के पास भूमि और भवनों के रूप में कोई बुनियादी ढांचा नहीं था। नवनियुक्त कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय के कार्यालय थुनचन मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज, तिरूर के परिसर में बनाए गए अस्थायी ढांचों में काम करना शुरू कर देंगे।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-kerala/varsity-will-bring-the-world-to-malayalam-jayakumar/article4057041.ece|title=Varsity will bring the world to Malayalam: Jayakumar|date=2 November 2012|work=[[The Hindu]]|access-date=3 November 2012}}</ref>
== अकादमिक पाठ्यक्रम ==
=== स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ===
* एमए पत्रकारिता और जनसंचार
* एम. ए. भाषाविज्ञान
* एमए मलयालम साहित्य अध्ययन
* एम. ए. रचनात्मक लेखन
* एमए सांस्कृतिक विरासत अध्ययन
* एम. ए./एम. एससी. पर्यावरण अध्ययन
* एमए विकास अध्ययन और स्थानीय विकास
* एमए इतिहास
* एमए समाजशास्त्र
* एम. ए. फिल्म अध्ययन
=== डिप्लोमा पाठ्यक्रम ===
* नया मीडिया अध्ययन
* टेलीविजन और टीवी प्रस्तुति के लिए लेखन
* विज्ञापन और प्रतिलिपि लेखन
* विरासत पर्यटन
* पटकथा लेखन और वीडियोग्राफी
* परियोजना तैयारी और मूल्यांकन
=== अनुसंधान कार्यक्रम ===
निम्नलिखित क्षेत्रों में एम०फिल्० एवं पीएच० डी० कार्यक्रम में पेश किए जाते हैं-
* भाषाविज्ञान
* मलयालम साहित्य
* सांस्कृतिक विरासत
* मीडिया अध्ययन
* विकास अध्ययन
* समाजशास्त्र
* पर्यावरण अध्ययन
* इतिहास.
* तुलनात्मक साहित्य
=== अन्य परियोजनाएं ===
* ऑनलाइन मलयालम शब्दकोश
* विरासत सर्वेक्षण
* भाषाई सर्वेक्षण संग्रहालय परियोजना
एक अध्ययन केंद्र-एझुथाचन पदना केंद्रम-महान कवि पर शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एझुथाचान पर एक एझुथाछन शब्दकोश तैयार कर रहा है और पुस्तकें निकाल रहा है।
== यह भी देखें ==
* विश्व मलयल महोत्सवम् 2012
भारत में इसी तरह के अन्य विश्वविद्यालयः
* तमिल विश्वविद्यालय
* [[कन्नड विश्वविद्यालय|कन्नड़ विश्वविद्यालय]]
* तेलुगु विश्वविद्यालय
* [[पंजाबी विश्वविद्यालय]]
* गुजरात विद्यापीठ
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
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{{ज्ञानसन्दूक विश्वविद्यालय|name=टी० ई० मलयालम विश्वविद्यालय|image=|motto=श्रेष्ठं मलयालम्|established={{start date and age|2012}}|chancellor=[[केरल सरकार]]|vice_chancellor=डॉ० सी० आर० प्रसाद "(कार्यकारी)"|city=[[तिरूर]]|state=केरल|country=भारत|website={{URL|malayalamuniversity.edu.in}}}}
'''थुनचथ एझुथाचन मलयालम विश्वविद्यालय''' [[केरलम्]] राज्य के [[तिरूर]] में स्थित एक [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य विश्वविद्यालय]] है। इसे प्रायः '''मलयालम विश्वविद्यालय''' भी कहा जाता है।
== इतिहास ==
[[File:Portrait_of_Thunchaththu_Ramanujan_Ezhuthachan,the_father_of_the_Malayalam_language.jpg|अंगूठाकार|[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]], जिनके नाम पर इस विश्वविद्यालय का नाम रखा गया है।]]
इस विश्वविद्यालय की स्थापना [[केरल सरकार]] द्वारा की गई थी और इसका उद्घाटन [[केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] [[ओमान चांडी|ओमन चांडी]] ने 1 नवंबर 2012 को केरल के [[मलप्पुरम जिला|मलप्पुरम जिले]] के [[तिरूर]] में थुनचपन एझुथाचन के घर थुथुन्चनपरम्बा के परिसर में आयोजित एक समारोह में किया था।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/kerala-gifts-malayalis-a-university/article4055548.ece|title=Kerala gifts Malayalis a university|date=2 नवम्बर 2012|work=[[द हिन्दू]]|access-date=29 मार्च 2026|language=en|trans-title=केरल ने मलयालियों को विश्वविद्यालय दिया}}</ref> [[भारतीय प्रशासनिक सेवा]] कैडर के एक सिविल सेवक [[के जयकुमार|के॰ जयकुमार]] ने इस विश्वविद्यालय की परियोजना रिपोर्ट तैयार की। वो मलयालम विश्वविद्यालय के पहले [[उप कुलपति|कुलपति]] बने।<ref>{{Cite news|url=http://newindianexpress.com/states/kerala/article1322139.ece|title=Jayakumar to take charge as Malayalam University VC|date=1 November 2012|work=The New Indian Express|access-date=3 November 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304080058/http://www.newindianexpress.com/states/kerala/article1322139.ece|archive-date=4 March 2016}}</ref>
इस विश्वविद्यालय का नाम 16वीं शताब्दी के [[मलयालम भाषा|मलयालम]] साहित्यकार थुनचथु रामानुजन एझुथाचन के नाम पर रखा गया है, जिनके लेखन ने मलयालम को 51 अक्षरों, शब्दावली और साहित्य की [[लिपि]] के साथ एक [[भाषा]] के रूप में विकसित करने में मदद की। थुनचथ एझुथाचन का जन्म केरल राज्य के [[तिरूर]] में थुनचन परम्बु के त्रिकंटियूर में हुआ था।
उद्घाटन के समय मलयालम विश्वविद्यालय के पास भूमि और भवनों के रूप में कोई बुनियादी ढांचा नहीं था। नवनियुक्त कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय के कार्यालय थुनचन मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज, तिरूर के परिसर में बनाए गए अस्थायी ढांचों में काम करना शुरू कर देंगे।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-kerala/varsity-will-bring-the-world-to-malayalam-jayakumar/article4057041.ece|title=Varsity will bring the world to Malayalam: Jayakumar|date=2 November 2012|work=[[The Hindu]]|access-date=3 November 2012}}</ref>
== अकादमिक पाठ्यक्रम ==
=== स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ===
* एमए पत्रकारिता और जनसंचार
* एमए भाषाविज्ञान
* एमए मलयालम साहित्य अध्ययन
* एमए रचनात्मक लेखन
* एमए सांस्कृतिक विरासत अध्ययन
* एमए/एमएससी पर्यावरण अध्ययन
* एमए विकास अध्ययन और स्थानीय विकास
* एमए इतिहास
* एमए समाजशास्त्र
* एमए फिल्म अध्ययन
=== डिप्लोमा पाठ्यक्रम ===
* नया मीडिया अध्ययन
* टेलीविजन और टीवी प्रस्तुति के लिए लेखन
* विज्ञापन और प्रतिलिपि लेखन
* विरासत पर्यटन
* पटकथा लेखन और वीडियोग्राफी
* परियोजना तैयारी और मूल्यांकन
=== अनुसंधान कार्यक्रम ===
निम्नलिखित क्षेत्रों में एम॰फिल्॰ एवं पीएच॰ डी॰ कार्यक्रम में पेश किए जाते हैं-
* भाषाविज्ञान
* मलयालम साहित्य
* सांस्कृतिक विरासत
* मीडिया अध्ययन
* विकास अध्ययन
* समाजशास्त्र
* पर्यावरण अध्ययन
* इतिहास.
* तुलनात्मक साहित्य
=== अन्य परियोजनाएं ===
* ऑनलाइन मलयालम शब्दकोश
* विरासत सर्वेक्षण
* भाषाई सर्वेक्षण संग्रहालय परियोजना
एक अध्ययन केंद्र-एझुथाचन पदना केंद्रम-महान कवि पर शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एझुथाचान पर एक एझुथाछन शब्दकोश तैयार कर रहा है और पुस्तकें निकाल रहा है।
== इन्हें भी देखें ==
* विश्व मलयल महोत्सवम् 2012
भारत में इसी तरह के अन्य विश्वविद्यालयः
* तमिल विश्वविद्यालय
* [[कन्नड विश्वविद्यालय|कन्नड़ विश्वविद्यालय]]
* तेलुगु विश्वविद्यालय
* [[पंजाबी विश्वविद्यालय]]
* गुजरात विद्यापीठ
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|Thunchath Ezhuthachan Malayalam University}}
* [http://malayalamuniversity.edu.in आधिकारिक जालस्थल] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130703160357/http://www.malayalamuniversity.edu.in/|date=3 July 2013}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
[[श्रेणी:केरल के विश्वविद्यालय]]
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{{ज्ञानसन्दूक विश्वविद्यालय|name=टी० ई० मलयालम विश्वविद्यालय|image=|motto=श्रेष्ठं मलयालम्|established={{start date and age|2012}}|chancellor=[[केरल सरकार]]|vice_chancellor=डॉ० सी० आर० प्रसाद "(कार्यकारी)"|city=[[तिरूर]]|state=केरल|country=भारत|website={{URL|malayalamuniversity.edu.in}}}}
'''थुनचथ एझुथाचन मलयालम विश्वविद्यालय''' [[केरलम्]] राज्य के [[तिरूर]] में स्थित एक [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य विश्वविद्यालय]] है। इसे प्रायः '''मलयालम विश्वविद्यालय''' भी कहा जाता है।
== इतिहास ==
[[File:Portrait_of_Thunchaththu_Ramanujan_Ezhuthachan,the_father_of_the_Malayalam_language.jpg|अंगूठाकार|[[तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन]], जिनके नाम पर इस विश्वविद्यालय का नाम रखा गया है।]]
इस विश्वविद्यालय की स्थापना [[केरल सरकार]] द्वारा की गई थी और इसका उद्घाटन [[केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] [[ओमान चांडी|ओमन चांडी]] ने 1 नवंबर 2012 को केरल के [[मलप्पुरम जिला|मलप्पुरम जिले]] के [[तिरूर]] में थुनचपन एझुथाचन के घर थुथुन्चनपरम्बा के परिसर में आयोजित एक समारोह में किया था।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/kerala-gifts-malayalis-a-university/article4055548.ece|title=Kerala gifts Malayalis a university|date=2 नवम्बर 2012|work=[[द हिन्दू]]|access-date=29 मार्च 2026|language=en|trans-title=केरल ने मलयालियों को विश्वविद्यालय दिया}}</ref> [[भारतीय प्रशासनिक सेवा]] कैडर के एक सिविल सेवक [[के जयकुमार|के॰ जयकुमार]] ने इस विश्वविद्यालय की परियोजना रिपोर्ट तैयार की। वो मलयालम विश्वविद्यालय के पहले [[उप कुलपति|कुलपति]] बने।<ref>{{Cite news|url=http://newindianexpress.com/states/kerala/article1322139.ece|title=Jayakumar to take charge as Malayalam University VC|date=1 November 2012|work=The New Indian Express|access-date=3 November 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304080058/http://www.newindianexpress.com/states/kerala/article1322139.ece|archive-date=4 March 2016}}</ref>
इस विश्वविद्यालय का नाम 16वीं शताब्दी के [[मलयालम भाषा|मलयालम]] साहित्यकार थुनचथु रामानुजन एझुथाचन के नाम पर रखा गया है, जिनके लेखन ने मलयालम को 51 अक्षरों, शब्दावली और साहित्य की [[लिपि]] के साथ एक [[भाषा]] के रूप में विकसित करने में मदद की। थुनचथ एझुथाचन का जन्म केरल राज्य के [[तिरूर]] में थुनचन परम्बु के त्रिकंटियूर में हुआ था।
उद्घाटन के समय मलयालम विश्वविद्यालय के पास भूमि और भवनों के रूप में कोई बुनियादी ढांचा नहीं था। नवनियुक्त कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय के कार्यालय थुनचन मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज, तिरूर के परिसर में बनाए गए अस्थायी ढांचों में काम करना शुरू कर देंगे।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-kerala/varsity-will-bring-the-world-to-malayalam-jayakumar/article4057041.ece|title=Varsity will bring the world to Malayalam: Jayakumar|date=2 November 2012|work=[[The Hindu]]|access-date=3 November 2012}}</ref>
== अकादमिक पाठ्यक्रम ==
=== स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ===
* एमए पत्रकारिता और जनसंचार
* एमए भाषाविज्ञान
* एमए मलयालम साहित्य अध्ययन
* एमए रचनात्मक लेखन
* एमए सांस्कृतिक विरासत अध्ययन
* एमए/एमएससी पर्यावरण अध्ययन
* एमए विकास अध्ययन और स्थानीय विकास
* एमए इतिहास
* एमए समाजशास्त्र
* एमए फिल्म अध्ययन
=== डिप्लोमा पाठ्यक्रम ===
* नया मीडिया अध्ययन
* टेलीविजन और टीवी प्रस्तुति के लिए लेखन
* विज्ञापन और प्रतिलिपि लेखन
* विरासत पर्यटन
* पटकथा लेखन और वीडियोग्राफी
* परियोजना तैयारी और मूल्यांकन
=== अनुसंधान कार्यक्रम ===
निम्नलिखित क्षेत्रों में एम॰फिल्॰ एवं पीएच॰ डी॰ कार्यक्रम में पेश किए जाते हैं-
* भाषाविज्ञान
* मलयालम साहित्य
* सांस्कृतिक विरासत
* मीडिया अध्ययन
* विकास अध्ययन
* समाजशास्त्र
* पर्यावरण अध्ययन
* इतिहास.
* तुलनात्मक साहित्य
=== अन्य परियोजनाएं ===
* ऑनलाइन मलयालम शब्दकोश
* विरासत सर्वेक्षण
* भाषाई सर्वेक्षण संग्रहालय परियोजना
एक अध्ययन केंद्र-एझुथाचन पदना केंद्रम-महान कवि पर शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एझुथाचान पर एक एझुथाछन शब्दकोश तैयार कर रहा है और पुस्तकें निकाल रहा है।
== इन्हें भी देखें ==
* विश्व मलयल महोत्सवम् 2012
भारत में इसी तरह के अन्य विश्वविद्यालयः
* तमिल विश्वविद्यालय
* [[कन्नड विश्वविद्यालय|कन्नड़ विश्वविद्यालय]]
* तेलुगु विश्वविद्यालय
* [[पंजाबी विश्वविद्यालय]]
* गुजरात विद्यापीठ
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|Thunchath Ezhuthachan Malayalam University}}
* [http://malayalamuniversity.edu.in आधिकारिक जालस्थल] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130703160357/http://www.malayalamuniversity.edu.in/|date=3 July 2013}}
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[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
[[श्रेणी:केरल के विश्वविद्यालय]]
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जीते जी इलाहाबाद
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नया पृष्ठ: '''जीते जी इलाहबाद''' यह संस्मरण ममता कालिया के द्वारा रचित है, इसमें इलाहाबाद वर्तमान प्रयागराज के सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत के बारे में वर्णन किया गया है | वर्ष 2025 में ममता कालिय...
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'''जीते जी इलाहबाद''' यह संस्मरण ममता कालिया के द्वारा रचित है, इसमें इलाहाबाद वर्तमान प्रयागराज के सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत के बारे में वर्णन किया गया है | वर्ष 2025 में ममता कालिया जी को इस कृति के लिए '''साहित्य अकादमी पुरुस्कार''' से सम्मनित किया गया |
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सदस्य वार्ता:The World Review
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सूचना: [[:सदस्य:The World Review]] को शीघ्र हटाने का नामांकन
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महावीर के पूर्व भव
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नया पृष्ठ: जैन ग्रन्थ और पुराण आदि में तीर्थंकरों के पूर्व भव वर्णित है। इनमें से २४ तीर्थंकर वर्धमान [[महावीर]] के पूर्व भव भी विशेष है। इन पर्याय यानी की पूर्व जन्मो का ‘महावीर चरित्र’ में ब...
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जैन ग्रन्थ और पुराण आदि में तीर्थंकरों के पूर्व भव वर्णित है। इनमें से २४ तीर्थंकर वर्धमान [[महावीर]] के पूर्व भव भी विशेष है। इन पर्याय यानी की पूर्व जन्मो का ‘महावीर चरित्र’ में बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि इनको कुछ लेखक मिथक मानते है।<ref>{{cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Life_of_Mahavira/Tju7Rlc6P3EC?hl=en|lang=en|date=1908|p=5}}</ref>
जैन पुराण जैसे [[उत्तर पुराण]] के अनुसार इनकी आत्मिक उद्धार की कहानी एक भील की पर्याय से शुरू होती है|
== पुरुरवा भील==
किसी देश में महावीर का जीव एक भील था। वहाँ वह किसी मुनिराज को हिरण समझ कर बाण चलाने ही वाला था कि उसकी पत्नी ने उसे रोका। वह उनके पास गया और आजीवन मधु मांस मदिरा का त्याग किया। इसके कारण पहले स्वर्ग में देव हुआ।
==इन्हें भी देखें==
* [[ब्रह्माण्ड (जैन धर्म)]]
==सन्दर्भ==
<references/>
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जैन ग्रन्थ और पुराण आदि में तीर्थंकरों के पूर्व भव वर्णित है। इनमें से २४ तीर्थंकर वर्धमान [[महावीर]] के पूर्व भव भी विशेष है। इन पर्याय यानी की पूर्व जन्मो का ‘महावीर चरित्र’ में बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि इनको कुछ लेखक मिथक मानते है।<ref>{{cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Life_of_Mahavira/Tju7Rlc6P3EC?hl=en|lang=en|date=1908|p=5}}</ref>
जैन पुराण जैसे [[उत्तरपुराण]] के अनुसार इनकी आत्मिक उद्धार की कहानी एक भील की पर्याय से शुरू होती है|{{sfn|Jain|2011|p=444-456}}
== पुरुरवा भील==
किसी देश में महावीर का जीव एक भील था। वहाँ वह किसी मुनिराज को हिरण समझ कर बाण चलाने ही वाला था कि उसकी पत्नी ने उसे रोका। वह उनके पास गया और आजीवन मधु मांस मदिरा का त्याग किया। इसके कारण पहले स्वर्ग में देव हुआ।{{sfn|Jain|2011|p=444}}
==इन्हें भी देखें==
* [[ब्रह्माण्ड (जैन धर्म)]]
==सन्दर्भ==
<references/>
== स्रोत ==
* {{cite book|last=Jain|first=Pannālāla| title=गुणभद्राचार्य जी विरचित उत्तर पुराण|publisher=भारितय ज्ञानपीठ |date= 2011}}
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जैन ग्रन्थ और पुराण आदि में तीर्थंकरों के पूर्व भव वर्णित है। इनमें से २४ तीर्थंकर वर्धमान [[महावीर]] के पूर्व भव भी विशेष है। इन पर्याय यानी की पूर्व जन्मो का ‘महावीर चरित्र’ में बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि इनको कुछ लेखक मिथक मानते है।<ref>{{cite book|title=Life of Mahavira|url=https://www.google.co.in/books/edition/Life_of_Mahavira/Tju7Rlc6P3EC?hl=en|lang=en|date=1908|p=5}}</ref>
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किसी देश में महावीर का जीव एक भील था। वहाँ वह किसी मुनिराज को हिरण समझ कर बाण चलाने ही वाला था कि उसकी पत्नी ने उसे रोका। वह उनके पास गया और आजीवन मधु मांस मदिरा का त्याग किया। इसके कारण पहले स्वर्ग में देव हुआ।{{sfn|Jain|2011|p=444}}
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इस स्वर्ग से वह जीव [[ऋषभदेव]] के पुत्र [[भरत चक्रवर्ती]] का पुत्र मारीच हुआ। जब ऋषभदेव ने दीक्षा ली तो मारीच ने भी दीक्षा अंगीकार की पर वह दिगंबर रूप में ना रह सका और परिवार्जक बना।
इसके बाद कई भव तक स्वर्ग जाकर वापस मानुष बना पर अपने परिवार्जक मत को फैलाता रहा।{{sfn|Jain|2011|p=४४५-४४९}} स्वर्ग जाकर फिर विषाकनंदी राजा हुआ पर एक उपवन पर चचेरे भाई से लड़ाई कर, वैराग्य धारण कर [[दिगम्बर मुनि]] बन गया। वहाँ निदान बंध किया।{{sfn|Jain|2011|p=४५०-४५२}}
== त्रिपृष्ठ नारायण==
इस [[अवसर्पणी]] काल का प्रथम नारायण हुआ| उसी भाई के जीव को मारा और नर्क गया।
==इन्हें भी देखें==
* [[ब्रह्माण्ड (जैन धर्म)]]
==सन्दर्भ==
<references/>
== स्रोत ==
* {{cite book|last=Jain| first=Pannālāl |title=गुणभद्राचार्य जी विरचित उत्तर पुराण|publisher=भारितय ज्ञानपीठ |date=2011}}
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जैन ग्रन्थ और पुराण आदि में तीर्थंकरों के पूर्व भव वर्णित है। इनमें से २४ तीर्थंकर वर्धमान [[महावीर]] के पूर्व भव भी विशेष है। इन पर्याय यानी की पूर्व जन्मो का ‘महावीर चरित्र’ में बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि इनको कुछ लेखक मिथक मानते है।<ref>{{cite book|title=Life of Mahavira|url=https://www.google.co.in/books/edition/Life_of_Mahavira/Tju7Rlc6P3EC?hl=en|lang=en|date=1908|p=5}}</ref>
जैन पुराण जैसे [[उत्तरपुराण]] के अनुसार इनकी आत्मिक उद्धार की कहानी एक भील की पर्याय से शुरू होती है|{{sfn|Jain|2011|p=444-456}}
== पुरुरवा भील==
किसी देश में महावीर का जीव एक भील था। वहाँ वह किसी मुनिराज को हिरण समझ कर बाण चलाने ही वाला था कि उसकी पत्नी ने उसे रोका। वह उनके पास गया और आजीवन मधु मांस मदिरा का त्याग किया। इसके कारण पहले स्वर्ग में देव हुआ।{{sfn|Jain|2011|p=444}}
== मारीच और मत==
इस स्वर्ग से वह जीव [[ऋषभदेव]] के पुत्र [[भरत चक्रवर्ती]] का पुत्र मारीच हुआ। जब ऋषभदेव ने दीक्षा ली तो मारीच और १००० राजाओ ने भी दीक्षा अंगीकार की पर वह दिगंबर रूप में ना रह सके| ऋषभ देव के केवल ज्ञान प्राप्ति के बाद राजा तो सब पुनः दीक्षित हो गए पर मारीच परिवार्जक रहा।{{cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Riṣabha_Deva_the_Founder_of_Jainism/OGsrAAAAIAAJ?hl=en&gl=IN|last=Jain|first= C. R. |date=1929|title=Riṣabha Deva, the Founder of Jainism|piblisher=Indian Press|p=113,138}}
इसके बाद कई भव तक स्वर्ग जाकर वापस मानुष बना पर अपने परिवार्जक मत को फैलाता रहा।{{sfn|Jain|2011|p=४४५-४४९}} स्वर्ग जाकर फिर विषाकनंदी राजा हुआ पर एक उपवन पर चचेरे भाई से लड़ाई कर, वैराग्य धारण कर [[दिगम्बर मुनि]] बन गया। वहाँ निदान बंध किया।{{sfn|Jain|2011|p=४५०-४५२}}
== त्रिपृष्ठ नारायण==
इस [[अवसर्पणी]] काल का प्रथम नारायण हुआ| उसी भाई के जीव को मारा और नर्क गया।
==इन्हें भी देखें==
* [[ब्रह्माण्ड (जैन धर्म)]]
==सन्दर्भ==
<references/>
== स्रोत ==
* {{cite book|last=Jain| first=Pannālāl |title=गुणभद्राचार्य जी विरचित उत्तर पुराण|publisher=भारितय ज्ञानपीठ |date=2011}}
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/* मारीच और मत */
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जैन ग्रन्थ और पुराण आदि में तीर्थंकरों के पूर्व भव वर्णित है। इनमें से २४ तीर्थंकर वर्धमान [[महावीर]] के पूर्व भव भी विशेष है। इन पर्याय यानी की पूर्व जन्मो का ‘महावीर चरित्र’ में बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि इनको कुछ लेखक मिथक मानते है।<ref>{{cite book|title=Life of Mahavira|url=https://www.google.co.in/books/edition/Life_of_Mahavira/Tju7Rlc6P3EC?hl=en|lang=en|date=1908|p=5}}</ref>
जैन पुराण जैसे [[उत्तरपुराण]] के अनुसार इनकी आत्मिक उद्धार की कहानी एक भील की पर्याय से शुरू होती है|{{sfn|Jain|2011|p=444-456}}
== पुरुरवा भील==
किसी देश में महावीर का जीव एक भील था। वहाँ वह किसी मुनिराज को हिरण समझ कर बाण चलाने ही वाला था कि उसकी पत्नी ने उसे रोका। वह उनके पास गया और आजीवन मधु मांस मदिरा का त्याग किया। इसके कारण पहले स्वर्ग में देव हुआ।{{sfn|Jain|2011|p=444}}
== मारीच और मत==
इस स्वर्ग से वह जीव [[ऋषभदेव]] के पुत्र [[भरत चक्रवर्ती]] का पुत्र मारीच हुआ। जब ऋषभदेव ने दीक्षा ली तो मारीच और १००० राजाओ ने भी दीक्षा अंगीकार की पर वह दिगंबर रूप में ना रह सके| ऋषभ देव के केवल ज्ञान प्राप्ति के बाद राजा तो सब पुनः दीक्षित हो गए पर मारीच परिवार्जक रहा।<ref>{{cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Riṣabha_Deva_the_Founder_of_Jainism/OGsrAAAAIAAJ?hl=en&gl=IN|last=Jain|first= C. R. |date=1929|title=Riṣabha Deva, the Founder of Jainism|piblisher=Indian Press|p=113,138}}</ref>
इसके बाद कई भव तक स्वर्ग जाकर वापस मानुष बना पर अपने परिवार्जक मत को फैलाता रहा।{{sfn|Jain|2011|p=४४५-४४९}} स्वर्ग जाकर फिर विषाकनंदी राजा हुआ पर एक उपवन पर चचेरे भाई से लड़ाई कर, वैराग्य धारण कर [[दिगम्बर मुनि]] बन गया। वहाँ निदान बंध किया।{{sfn|Jain|2011|p=४५०-४५२}}
== त्रिपृष्ठ नारायण==
इस [[अवसर्पणी]] काल का प्रथम नारायण हुआ| उसी भाई के जीव को मारा और नर्क गया।
==इन्हें भी देखें==
* [[ब्रह्माण्ड (जैन धर्म)]]
==सन्दर्भ==
<references/>
== स्रोत ==
* {{cite book|last=Jain| first=Pannālāl |title=गुणभद्राचार्य जी विरचित उत्तर पुराण|publisher=भारितय ज्ञानपीठ |date=2011}}
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जैन ग्रन्थ और पुराण आदि में **तीर्थंकरों के पूर्व भव** वर्णित है। इनमें से २४वे [[तीर्थंकर]] वर्धमान [[महावीर]] के पूर्व भव भी विशेष है। इन **भवो** यानी की **पूर्व जन्मो** का ‘महावीर चरित्र’ में बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि इनको कुछ लेखक मिथक मानते है।<ref>{{cite book|title=Life of Mahavira|url=https://www.google.co.in/books/edition/Life_of_Mahavira/Tju7Rlc6P3EC?hl=en|lang=en|date=1908|p=5}}</ref>
जैन पुराण जैसे [[उत्तरपुराण]] के अनुसार इनकी आत्मिक उद्धार की कहानी एक भील की पर्याय से शुरू होती है|{{sfn|Jain|2011|p=444-456}}
== पुरुरवा भील==
किसी देश में महावीर का जीव एक भील था। वहाँ वह किसी मुनिराज को हिरण समझ कर बाण चलाने ही वाला था कि उसकी पत्नी ने उसे रोका। वह उनके पास गया और आजीवन मधु मांस मदिरा का त्याग किया। इसके कारण पहले स्वर्ग में देव हुआ।{{sfn|Jain|2011|p=444}}
== मारीच और मत==
इस स्वर्ग से वह जीव [[ऋषभदेव]] के पुत्र [[भरत चक्रवर्ती]] का पुत्र मारीच हुआ। जब ऋषभदेव ने दीक्षा ली तो मारीच और १००० राजाओ ने भी दीक्षा अंगीकार की पर वह दिगंबर रूप में ना रह सके| ऋषभ देव के केवल ज्ञान प्राप्ति के बाद राजा तो सब पुनः दीक्षित हो गए पर मारीच परिवार्जक रहा।<ref>{{cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Riṣabha_Deva_the_Founder_of_Jainism/OGsrAAAAIAAJ?hl=en&gl=IN|last=Jain|first= C. R. |date=1929|title=Riṣabha Deva, the Founder of Jainism|piblisher=Indian Press|p=113,138}}</ref>
इसके बाद कई भव तक स्वर्ग जाकर वापस मानुष बना पर अपने परिवार्जक मत को फैलाता रहा।{{sfn|Jain|2011|p=४४५-४४९}} स्वर्ग जाकर फिर विषाकनंदी राजा हुआ पर एक उपवन पर चचेरे भाई से लड़ाई कर, वैराग्य धारण कर [[दिगम्बर मुनि]] बन गया। वहाँ निदान बंध किया।{{sfn|Jain|2011|p=४५०-४५२}}
== त्रिपृष्ठ नारायण==
इस [[अवसर्पिणी]] काल का प्रथम नारायण हुआ| उसी भाई के जीव को मारा और नर्क गया।
==इन्हें भी देखें==
* [[ब्रह्माण्ड (जैन धर्म)]]
==सन्दर्भ==
<references/>
== स्रोत ==
* {{cite book|last=Jain| first=Pannālāl |title=गुणभद्राचार्य जी विरचित उत्तर पुराण|publisher=भारितय ज्ञानपीठ |date=2011}}
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जैन ग्रन्थ और पुराण आदि में ''तीर्थंकरों के पूर्व भव'' वर्णित है। इनमें से २४वे [[तीर्थंकर]] वर्धमान [[महावीर]] के पूर्व भव भी विशेष है। इन '''भवो''' यानी की '''पूर्व जन्मो''' का ‘महावीर चरित्र’ में बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि इनको कुछ लेखक मिथक मानते है।<ref>{{cite book|title=Life of Mahavira|url=https://www.google.co.in/books/edition/Life_of_Mahavira/Tju7Rlc6P3EC?hl=en|lang=en|date=1908|p=5}}</ref>
जैन पुराण जैसे [[उत्तरपुराण]] के अनुसार इनकी आत्मिक उद्धार की कहानी एक भील की पर्याय से शुरू होती है|{{sfn|Jain|2011|p=444-456}}
== पुरुरवा भील==
किसी देश में महावीर का जीव एक भील था। वहाँ वह किसी मुनिराज को हिरण समझ कर बाण चलाने ही वाला था कि उसकी पत्नी ने उसे रोका। वह उनके पास गया और आजीवन मधु मांस मदिरा का त्याग किया। इसके कारण पहले स्वर्ग में देव हुआ।{{sfn|Jain|2011|p=444}}
== मारीच और मत==
इस स्वर्ग से वह जीव [[ऋषभदेव]] के पुत्र [[भरत चक्रवर्ती]] का पुत्र मारीच हुआ। जब ऋषभदेव ने दीक्षा ली तो मारीच और १००० राजाओ ने भी दीक्षा अंगीकार की पर वह दिगंबर रूप में ना रह सके| ऋषभ देव के केवल ज्ञान प्राप्ति के बाद राजा तो सब पुनः दीक्षित हो गए पर मारीच परिवार्जक रहा।<ref>{{cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Riṣabha_Deva_the_Founder_of_Jainism/OGsrAAAAIAAJ?hl=en&gl=IN|last=Jain|first= C. R. |date=1929|title=Riṣabha Deva, the Founder of Jainism|publisher=Indian Press|p=113,138}}</ref>
इसके बाद कई भव तक स्वर्ग जाकर वापस मानुष बना पर अपने परिवार्जक मत को फैलाता रहा।{{sfn|Jain|2011|p=४४५-४४९}} स्वर्ग जाकर फिर विषाकनंदी राजा हुआ पर एक उपवन पर चचेरे भाई से लड़ाई कर, वैराग्य धारण कर [[दिगम्बर मुनि]] बन गया। वहाँ निदान बंध किया।{{sfn|Jain|2011|p=४५०-४५२}}
== त्रिपृष्ठ नारायण==
इस [[अवसर्पिणी]] काल का प्रथम नारायण हुआ| उसी भाई के जीव को मारा और नर्क गया।
==इन्हें भी देखें==
* [[ब्रह्माण्ड (जैन धर्म)]]
==सन्दर्भ==
<references/>
== स्रोत ==
* {{cite book|last=Jain| first=Pannālāl |title=गुणभद्राचार्य जी विरचित उत्तर पुराण|publisher=भारितय ज्ञानपीठ |date=2011}}
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पूमाला भगवती
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}}
'''पूमला भगवती''' को आर्यपूमला के नाम से भी जाना जाता है, जो भारत के केरल में उत्तरी मालाबार क्षेत्र में पूजी जाने वाली एक महिला देवता हैं। पूमला को थिया समुदाय के कुलदेवता के रूप में पूजा जाता है। इस देवता के मुख्य मंदिर कन्नूर और कासरगोड जिलों में फैले हुए हैं।
==पौराणिक कथा==
पौराणिक कथा के अनुसार, पूमाला देवी अपने दोस्तों के साथ स्वर्ग के उद्यान में आनंद ले रही थीं। वे फूल तोड़ना चाहती थीं, लेकिन उद्यान के दिव्य रक्षकों ने उन्हें रोक दिया। पूमाला ने एक रक्षक से मदद मांगी, जो शिव मूल का था और एक खिले हुए फूल के भीतर वायु के रूप में विश्राम कर रहा था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.asianetnews.com/culture-magazine/story-of-theyyam-running-to-sea-at-oriyarakkavu-sree-vishnu-moorthi-kshethram-rlebpf|title=തീരത്തൊരു കപ്പലുകണ്ടു, കനല്ക്കുന്നില് നിന്നിറങ്ങി കടലിലേക്ക് ഓടി തെയ്യം!|last=Fb|last2=Tw|website=Asianet News Malayalam|language=ml|access-date=2026-03-29|last3=Linkdin|last4=Whatsapp|last5=Us|first5=GNFollow}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=fdyREAAAQBAJ&dq=%E0%B4%AA%E0%B5%82%E0%B4%AE%E0%B4%BE%E0%B4%B2+%E0%B4%AD%E0%B4%97%E0%B4%B5%E0%B4%A4%E0%B4%BF&pg=PT321&redir_esc=y#v=onepage&q=%E0%B4%AA%E0%B5%82%E0%B4%AE%E0%B4%BE%E0%B4%B2%20%E0%B4%AD%E0%B4%97%E0%B4%B5%E0%B4%A4%E0%B4%BF&f=false|title=THEYYAM! Gods of God's Own Country: Confessions of a Monkey-Trapped Prodigal Son of The God's Own Country|last=Rider|first=Tiger|last2=Vengara|first2=Santhosh|last3=Madapat|first3=Saji|last4=Mavericks|first4=E. P. M.|last5=Muragan|first5=Puli|date=2022-10-02|publisher=EPM Mavericks LLC|isbn=978-1-958260-76-0|language=en}}</ref> देवी ने उसे उसके उपनाम 'पूमरुथा' से पुकारा (मलयालम में 'पू' का अर्थ फूल और 'मरुथान' का अर्थ वायु होता है)। इस प्रकार, वह आर्यपूमाला का भाई जैसा मित्र बन गया। फिर पूमाला और पूमरुथान पृथ्वी पर आए और आर्य नाडु के आर्यपूनकावु पहुंचे। वहां वे मलनाड देखना चाहते थे।<ref name=":0" />
एक सुबह आर्य राजा की पुत्री आर्यपूनकानी, उर्वरता के देवता कामदेव को अर्पित करने के लिए फूल इकट्ठा कर रही थी, तभी वह अचानक बेहोश हो गई। आर्यपूनकानी, जो 'पूरम व्रतम' (कामदेव को प्रसन्न करने के लिए किया जाने वाला एक प्रकार का दिव्य उपवास) कर रही थी, देवी के आवेश में आ गई। परंपरा के अनुसार, राजा ने ज्योतिषी से परामर्श लिया और उन्हें पता चला कि राजकुमारी पर किसी देवता का वास है, जो मलानाडु की सुंदरता देखना चाहता है।
विश्वकर्माओं को राजा के समक्ष बुलाया गया। राजा ने एक विशाल लकड़ी के जहाज की मांग की। विश्वकर्मा ने पर्याप्त चंदन और केसर काटकर जहाज तैयार किया। 41 क्यूबिट लंबा और 21 क्यूबिट चौड़ा यह जहाज रेशमी वस्त्रों से सजाया गया था। पूमाला और पूमरुथन को लेकर जहाज मलानाडु के लिए रवाना हुआ। जहाज चेरुवथुर में ओरियारा नदी के मुहाने पर पहुंचा। पौराणिक कथा के अनुसार, ओरियारा मंदिर के देवता विष्णुमूर्ति ने पूमाला और पूमरुथन का स्वागत करते हुए उन्हें नारियल पानी पिलाया।<ref name=":0" />
एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, पूमाला एझिमाला के कुरुवनथटा में उतरीं और वहां की सुंदरता में खो गईं। उन्होंने अपने जन्मस्थान वापस जाने से परहेज किया और वहीं रहने का फैसला किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.manoramanews.com/kerala/latest/2022/04/22/kasargod-poomaruthan-theyyam.html|title=കാഴ്ചക്കാരെ പരിച കൊണ്ട് തട്ടി മാറ്റും; ആർപ്പുവിളികളുമായി പൂമാരുതൻ തെയ്യത്തിന്റെ വെള്ളാട്ടം|last=ലേഖകൻ|first=സ്വന്തം|date=2022-04-22|website=Manorama News|language=ml|access-date=2026-03-29}}</ref> इसलिए कुरुवनथा तथा रामंथली को केरल में पहले पूमाला मंदिर माना जाता है।
==पूजा-अर्चना==
पूमाला की पूजा मुख्य रूप से उत्तरी मालाबार के थिय्या समुदाय द्वारा की जाती है। मलयालम पंचांग के मीनम महीने में मंदिर में पूरम मनाया जाता है। इसमें प्रेम और उर्वरता के देवता कामदेव की पूजा उन लड़कियों द्वारा की जाती है जो यौवन अवस्था तक नहीं पहुंची हैं। इस दौरान मंदिर में पूरक्कली भी की जाती है।
==सन्दर्भ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:क्षेत्रीय हिन्दू देवी]]
[[श्रेणी:केरल लोककथा]]
[[श्रेणी:हिन्दू लोक देवता]]
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}}
'''पूमला भगवती''' को आर्यपूमला के नाम से भी जाना जाता है, जो [[भारत]] के [[केरल]] में उत्तरी मालाबार क्षेत्र में पूजी जाने वाली एक [[देवता|महिला देवता]] हैं। पूमला को थिया समुदाय के कुलदेवता के रूप में पूजा जाता है। इस देवता के मुख्य मंदिर कन्नूर और कासरगोड जिलों में फैले हुए हैं।
==पौराणिक कथा==
पौराणिक कथा के अनुसार, पूमाला देवी अपने दोस्तों के साथ स्वर्ग के उद्यान में आनंद ले रही थीं। वे फूल तोड़ना चाहती थीं, लेकिन उद्यान के दिव्य रक्षकों ने उन्हें रोक दिया। पूमाला ने एक रक्षक से मदद मांगी, जो शिव मूल का था और एक खिले हुए फूल के भीतर वायु के रूप में विश्राम कर रहा था।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.asianetnews.com/culture-magazine/story-of-theyyam-running-to-sea-at-oriyarakkavu-sree-vishnu-moorthi-kshethram-rlebpf|title=തീരത്തൊരു കപ്പലുകണ്ടു, കനല്ക്കുന്നില് നിന്നിറങ്ങി കടലിലേക്ക് ഓടി തെയ്യം!|last=Fb|last2=Tw|website=Asianet News Malayalam|language=ml|access-date=2026-03-29|last3=Linkdin|last4=Whatsapp|last5=Us|first5=GNFollow}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=fdyREAAAQBAJ&dq=%E0%B4%AA%E0%B5%82%E0%B4%AE%E0%B4%BE%E0%B4%B2+%E0%B4%AD%E0%B4%97%E0%B4%B5%E0%B4%A4%E0%B4%BF&pg=PT321&redir_esc=y#v=onepage&q=%E0%B4%AA%E0%B5%82%E0%B4%AE%E0%B4%BE%E0%B4%B2%20%E0%B4%AD%E0%B4%97%E0%B4%B5%E0%B4%A4%E0%B4%BF&f=false|title=THEYYAM! Gods of God's Own Country: Confessions of a Monkey-Trapped Prodigal Son of The God's Own Country|last=Rider|first=Tiger|last2=Vengara|first2=Santhosh|last3=Madapat|first3=Saji|last4=Mavericks|first4=E. P. M.|last5=Muragan|first5=Puli|date=2022-10-02|publisher=EPM Mavericks LLC|isbn=978-1-958260-76-0|language=en}}</ref> देवी ने उसे उसके उपनाम 'पूमरुथा' से पुकारा (मलयालम में 'पू' का अर्थ फूल और 'मरुथान' का अर्थ वायु होता है)। इस प्रकार, वह आर्यपूमाला का भाई जैसा मित्र बन गया। फिर पूमाला और पूमरुथान पृथ्वी पर आए और आर्य नाडु के आर्यपूनकावु पहुंचे। वहां वे मलनाड देखना चाहते थे।<ref name=":0" />
एक सुबह आर्य राजा की पुत्री आर्यपूनकानी, उर्वरता के देवता कामदेव को अर्पित करने के लिए फूल इकट्ठा कर रही थी, तभी वह अचानक बेहोश हो गई। आर्यपूनकानी, जो 'पूरम व्रतम' (कामदेव को प्रसन्न करने के लिए किया जाने वाला एक प्रकार का दिव्य उपवास) कर रही थी, देवी के आवेश में आ गई। परंपरा के अनुसार, राजा ने ज्योतिषी से परामर्श लिया और उन्हें पता चला कि राजकुमारी पर किसी देवता का वास है, जो मलानाडु की सुंदरता देखना चाहता है।
विश्वकर्माओं को राजा के समक्ष बुलाया गया। राजा ने एक विशाल लकड़ी के जहाज की मांग की। विश्वकर्मा ने पर्याप्त चंदन और केसर काटकर जहाज तैयार किया। 41 क्यूबिट लंबा और 21 क्यूबिट चौड़ा यह जहाज रेशमी वस्त्रों से सजाया गया था। पूमाला और पूमरुथन को लेकर जहाज मलानाडु के लिए रवाना हुआ। जहाज चेरुवथुर में ओरियारा नदी के मुहाने पर पहुंचा। पौराणिक कथा के अनुसार, ओरियारा मंदिर के देवता विष्णुमूर्ति ने पूमाला और पूमरुथन का स्वागत करते हुए उन्हें नारियल पानी पिलाया।<ref name=":0" />
एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, पूमाला एझिमाला के कुरुवनथटा में उतरीं और वहां की सुंदरता में खो गईं। उन्होंने अपने जन्मस्थान वापस जाने से परहेज किया और वहीं रहने का फैसला किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.manoramanews.com/kerala/latest/2022/04/22/kasargod-poomaruthan-theyyam.html|title=കാഴ്ചക്കാരെ പരിച കൊണ്ട് തട്ടി മാറ്റും; ആർപ്പുവിളികളുമായി പൂമാരുതൻ തെയ്യത്തിന്റെ വെള്ളാട്ടം|last=ലേഖകൻ|first=സ്വന്തം|date=2022-04-22|website=Manorama News|language=ml|access-date=2026-03-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://truecopythink.media/cultural-studies/vk-anilkumar-asralan-theyyam-part-2|title=ആവീരെ നീരും കൈതേരെ തണലും വെളുത്ത മണലും കുളുത്ത പടലും {{!}} Asralan theyyam {{!}} VK Anilkimar - Truecopy Think|last=അനിൽകുമാർ|first=വി കെ|date=2020-06-02|website=truecopythink.media|language=en-us|access-date=2026-03-29}}</ref> इसलिए कुरुवनथा तथा रामंथली को केरल में पहले पूमाला मंदिर माना जाता है।
==पूजा-अर्चना==
पूमाला की पूजा मुख्य रूप से उत्तरी मालाबार के थिय्या समुदाय द्वारा की जाती है। [[मलयालम भाषा|मलयालम]] पंचांग के मीनम महीने में मंदिर में पूरम मनाया जाता है। इसमें प्रेम और उर्वरता के देवता कामदेव की पूजा उन लड़कियों द्वारा की जाती है जो यौवन अवस्था तक नहीं पहुंची हैं। इस दौरान मंदिर में पूरक्कली भी की जाती है।<ref>{{Cite web|url=https://janmabhumi.in/2021/03/21/2990653/varadyam/up-santhosh-on-poorakkali/|title=ഇത് പൂരം വേറെ|last=സന്തോഷ്|first=യു പി|date=2021-03-20|website=Janmabhumi|language=en-US|access-date=2026-03-29}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:क्षेत्रीय हिन्दू देवी]]
[[श्रेणी:केरल लोककथा]]
[[श्रेणी:हिन्दू लोक देवता]]
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थलप्पोली
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{{short description|केरल में हिंदू अनुष्ठान}}
[[File:Thalapoli.JPG|thumb|थलप्पोली]]'''थलप्पोली''' केरल, भारत के [[मन्दिर|हिंदू मंदिरों]] में मन्नत मांगने के उपलक्ष्य में किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। यह दूल्हा-दुल्हन को विवाह कक्ष में ले जाने और विशेष अतिथियों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में ले जाने के लिए भी किया जाता है।
==अनुष्ठान==
[[File:Thalam 2.JPG|thumb|''थालम'']]
थालप्पोली [[केरल]], भारत के हिंदू मंदिरों में मन्नत पूरी करने के लिए किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। स्नान करने और सुंदर पारंपरिक वस्त्रों और केरल के आभूषणों से सजी महिलाएं, मुख्य रूप से लड़कियां, ताजे धान, फूल, चावल, नारियल (आमतौर पर दो टुकड़ों में टूटा हुआ), एक जलता हुआ [[दीपक]] से भरी थालम (धातु की थाली) हाथों में लेकर कतार में खड़ी होती हैं और कुरवा (ध्वनि का पारंपरिक रूप), जयकार और वाद्य यंत्र बजाते हुए मंदिर के चारों ओर घूमती हैं। यह प्रथा भगवती (भद्रकाली) के मंदिरों में नियमित रूप से प्रचलित थी।<ref>{{Cite web|url=https://dict.sayahna.org/#stv/55414|title=Lexonomy|website=dict.sayahna.org|access-date=2026-03-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://organikos.net/2013/06/14/thalappoli-traditions-of-kerala/|title=Thalappoli – Traditions Of Kerala|last=Organikos|date=2013-06-14|website=Organikos|language=en|access-date=2026-03-29}}</ref>
थालप्पोली उत्सव केरल के कई हिंदू मंदिरों में मनाया जाता है। कुछ प्रमुख मंदिरों में कोडुंगल्लूर भगवती मंदिर, पट्टुपुराक्कल भगवती मंदिर, [[चेंगन्नूर महादेव मंदिर]], शामिल हैं। अट्टुकल मंदिर में कुंवारी लड़कियों द्वारा की जाने वाली थालप्पोली एक महत्वपूर्ण समारोह है। गुरुवायूर मंदिर में बच्चों द्वारा की जाने वाली थालप्पोली, पिल्लेरु थालप्पोली का आयोजन किया जाता है। चावरा में कोट्टनकुलंगारा देवी मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान होता है जहाँ पुरुष महिलाओं के वेश में तैयार होकर थलप्पोली करते हैं।
==उत्पत्ति==
केरल की हिंदू संस्कृति में, अष्ट मंगल्य (आठ शुभ तत्व) - दर्पण, दीपक, जल से भरा पात्र, नया वस्त्र, अक्षत (चावल और धान का मिश्रण), सोना, कन्या और कुरवा (सुख का प्रतीक ध्वनि) देखना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसका सरलीकृत रूप तलप्पोली में परिवर्तित हो गया।
एक अन्य मत यह भी है कि 'थलप्पोली' का संबंध केरल में प्रचलित बौद्ध धर्म और जैन धर्म से है।
==इन्हें भी देखें==
*[[पूजा थाली]]
==संदर्भ==
{{reflist}}
{{Authority control}}
[[Category: हिंदू अनुष्ठान]]
[[Category:केरल लोककथा]]
[[Category:केरल की संस्कृति]]
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{{short description|केरल में हिंदू अनुष्ठान}}
{{Hinduism}}
[[File:Thalapoli.JPG|thumb|थलप्पोली]]'''थलप्पोली''' केरल, भारत के [[मन्दिर|हिंदू मंदिरों]] में मन्नत मांगने के उपलक्ष्य में किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। यह दूल्हा-दुल्हन को विवाह कक्ष में ले जाने और विशेष अतिथियों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में ले जाने के लिए भी किया जाता है।
==अनुष्ठान==
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थालप्पोली [[केरल]], भारत के हिंदू मंदिरों में मन्नत पूरी करने के लिए किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। स्नान करने और सुंदर पारंपरिक वस्त्रों और केरल के आभूषणों से सजी महिलाएं, मुख्य रूप से लड़कियां, ताजे धान, फूल, चावल, नारियल (आमतौर पर दो टुकड़ों में टूटा हुआ), एक जलता हुआ [[दीपक]] से भरी थालम (धातु की थाली) हाथों में लेकर कतार में खड़ी होती हैं और कुरवा (ध्वनि का पारंपरिक रूप), जयकार और वाद्य यंत्र बजाते हुए मंदिर के चारों ओर घूमती हैं। यह प्रथा भगवती (भद्रकाली) के मंदिरों में नियमित रूप से प्रचलित थी।<ref>{{Cite web|url=https://dict.sayahna.org/#stv/55414|title=Lexonomy|website=dict.sayahna.org|access-date=2026-03-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://organikos.net/2013/06/14/thalappoli-traditions-of-kerala/|title=Thalappoli – Traditions Of Kerala|last=Organikos|date=2013-06-14|website=Organikos|language=en|access-date=2026-03-29}}</ref>
थालप्पोली उत्सव केरल के कई हिंदू मंदिरों में मनाया जाता है। कुछ प्रमुख मंदिरों में कोडुंगल्लूर भगवती मंदिर, पट्टुपुराक्कल भगवती मंदिर, [[चेंगन्नूर महादेव मंदिर]], शामिल हैं। अट्टुकल मंदिर में कुंवारी लड़कियों द्वारा की जाने वाली थालप्पोली एक महत्वपूर्ण समारोह है। गुरुवायूर मंदिर में बच्चों द्वारा की जाने वाली थालप्पोली, पिल्लेरु थालप्पोली का आयोजन किया जाता है। चावरा में कोट्टनकुलंगारा देवी मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान होता है जहाँ पुरुष महिलाओं के वेश में तैयार होकर थलप्पोली करते हैं।
==उत्पत्ति==
केरल की हिंदू संस्कृति में, अष्ट मंगल्य (आठ शुभ तत्व) - दर्पण, दीपक, जल से भरा पात्र, नया वस्त्र, अक्षत (चावल और धान का मिश्रण), सोना, कन्या और कुरवा (सुख का प्रतीक ध्वनि) देखना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसका सरलीकृत रूप तलप्पोली में परिवर्तित हो गया।
एक अन्य मत यह भी है कि 'थलप्पोली' का संबंध केरल में प्रचलित बौद्ध धर्म और जैन धर्म से है।
==इन्हें भी देखें==
*[[पूजा थाली]]
==संदर्भ==
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[[Category: हिंदू अनुष्ठान]]
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'''थलप्पोली''' केरल, भारत के [[मन्दिर|हिंदू मंदिरों]] में मन्नत मांगने के उपलक्ष्य में किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। यह दूल्हा-दुल्हन को विवाह कक्ष में ले जाने और विशेष अतिथियों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में ले जाने के लिए भी किया जाता है।
==अनुष्ठान==
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थालप्पोली [[केरल]], भारत के हिंदू मंदिरों में मन्नत पूरी करने के लिए किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। स्नान करने और सुंदर पारंपरिक वस्त्रों और केरल के आभूषणों से सजी महिलाएं, मुख्य रूप से लड़कियां, ताजे धान, फूल, चावल, नारियल (आमतौर पर दो टुकड़ों में टूटा हुआ), एक जलता हुआ [[दीपक]] से भरी थालम (धातु की थाली) हाथों में लेकर कतार में खड़ी होती हैं और कुरवा (ध्वनि का पारंपरिक रूप), जयकार और वाद्य यंत्र बजाते हुए मंदिर के चारों ओर घूमती हैं। यह प्रथा भगवती (भद्रकाली) के मंदिरों में नियमित रूप से प्रचलित थी।<ref>{{Cite web|url=https://dict.sayahna.org/#stv/55414|title=Lexonomy|website=dict.sayahna.org|access-date=2026-03-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://organikos.net/2013/06/14/thalappoli-traditions-of-kerala/|title=Thalappoli – Traditions Of Kerala|last=Organikos|date=2013-06-14|website=Organikos|language=en|access-date=2026-03-29}}</ref>
थालप्पोली उत्सव केरल के कई हिंदू मंदिरों में मनाया जाता है। कुछ प्रमुख मंदिरों में कोडुंगल्लूर भगवती मंदिर, पट्टुपुराक्कल भगवती मंदिर, [[चेंगन्नूर महादेव मंदिर]], शामिल हैं। अट्टुकल मंदिर में कुंवारी लड़कियों द्वारा की जाने वाली थालप्पोली एक महत्वपूर्ण समारोह है। गुरुवायूर मंदिर में बच्चों द्वारा की जाने वाली थालप्पोली, पिल्लेरु थालप्पोली का आयोजन किया जाता है। चावरा में कोट्टनकुलंगारा देवी मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान होता है जहाँ पुरुष महिलाओं के वेश में तैयार होकर थलप्पोली करते हैं।
==उत्पत्ति==
केरल की हिंदू संस्कृति में, अष्ट मंगल्य (आठ शुभ तत्व) - दर्पण, दीपक, जल से भरा पात्र, नया वस्त्र, अक्षत (चावल और धान का मिश्रण), सोना, कन्या और कुरवा (सुख का प्रतीक ध्वनि) देखना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसका सरलीकृत रूप तलप्पोली में परिवर्तित हो गया।
एक अन्य मत यह भी है कि 'थलप्पोली' का संबंध केरल में प्रचलित बौद्ध धर्म और जैन धर्म से है।
==इन्हें भी देखें==
*[[पूजा थाली]]
==संदर्भ==
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'''थलप्पोली''' केरल, भारत के [[मन्दिर|हिंदू मंदिरों]] में मन्नत मांगने के उपलक्ष्य में किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। यह दूल्हा-दुल्हन को विवाह कक्ष में ले जाने और विशेष अतिथियों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में ले जाने के लिए भी किया जाता है।
==अनुष्ठान==
[[File:Thalam 2.JPG|thumb|''थालम'']]
थालप्पोली [[केरल]], भारत के हिंदू मंदिरों में मन्नत पूरी करने के लिए किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। स्नान करने और सुंदर पारंपरिक वस्त्रों और केरल के आभूषणों से सजी महिलाएं, मुख्य रूप से लड़कियां, ताजे धान, फूल, चावल, नारियल (आमतौर पर दो टुकड़ों में टूटा हुआ), एक जलता हुआ [[दीपक]] से भरी थालम (धातु की थाली) हाथों में लेकर कतार में खड़ी होती हैं और कुरवा (ध्वनि का पारंपरिक रूप), जयकार और वाद्य यंत्र बजाते हुए मंदिर के चारों ओर घूमती हैं। यह प्रथा भगवती (भद्रकाली) के मंदिरों में नियमित रूप से प्रचलित थी।<ref>{{Cite web|url=https://dict.sayahna.org/#stv/55414|title=Lexonomy|website=dict.sayahna.org|access-date=2026-03-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://organikos.net/2013/06/14/thalappoli-traditions-of-kerala/|title=Thalappoli – Traditions Of Kerala|last=Organikos|date=2013-06-14|website=Organikos|language=en|access-date=2026-03-29}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=yN1iCgAAQBAJ&dq=thalappoli+origin&pg=PT52&redir_esc=y#v=onepage&q=thalappoli%20origin&f=false|title=Kerala ~ The Divine Destination|last=Balasubramanian|first=Lalitha|date=2015-08-19|publisher=One Point Six Technology Pvt Ltd|isbn=978-93-81576-23-6|language=en}}</ref>
थालप्पोली उत्सव केरल के कई हिंदू मंदिरों में मनाया जाता है। कुछ प्रमुख मंदिरों में कोडुंगल्लूर भगवती मंदिर, पट्टुपुराक्कल भगवती मंदिर, [[चेंगन्नूर महादेव मंदिर]], शामिल हैं। अट्टुकल मंदिर में कुंवारी लड़कियों द्वारा की जाने वाली थालप्पोली एक महत्वपूर्ण समारोह है। गुरुवायूर मंदिर में बच्चों द्वारा की जाने वाली थालप्पोली, पिल्लेरु थालप्पोली का आयोजन किया जाता है। चावरा में कोट्टनकुलंगारा देवी मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान होता है जहाँ पुरुष महिलाओं के वेश में तैयार होकर थलप्पोली करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.manoramaonline.com/district-news/thrissur/2023/01/04/thrissur-guruvayur-pilleru-thalappoli-.html|title=ഗുരുവായൂരിൽ പിള്ളേര് താലപ്പൊലി നാളെ, ക്ഷേത്രം നേരത്തെ അടയ്ക്കും|website=ഗുരുവായൂരിൽ പിള്ളേര് താലപ്പൊലി നാളെ, ക്ഷേത്രം നേരത്തെ അടയ്ക്കും|language=ml|access-date=2026-03-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://kollam.nic.in/en/culture-heritage/|title=Culture & Heritage {{!}} District Kollam, Government of Kerala {{!}} India|language=en-US|access-date=2026-03-29}}</ref>
==उत्पत्ति==
केरल की हिंदू संस्कृति में, अष्ट मंगल्य (आठ शुभ तत्व) - दर्पण, दीपक, जल से भरा पात्र, नया वस्त्र, अक्षत (चावल और धान का मिश्रण), सोना, कन्या और कुरवा (सुख का प्रतीक ध्वनि) देखना शुभ माना जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://kesariweekly.com/2746/|title=താലപ്പൊലിയെടുക്കല്|last=മാവേലിക്കര|first=രാജമോഹന്|date=2019-09-26|website=Kesari Weekly|language=ml-IN|access-date=2026-03-29}}</ref> ऐसा माना जाता है कि इसका सरलीकृत रूप तलप्पोली में परिवर्तित हो गया।<ref name=":0" />
एक अन्य मत यह भी है कि 'थलप्पोली' का संबंध केरल में प्रचलित बौद्ध धर्म और जैन धर्म से है।
==इन्हें भी देखें==
*[[पूजा थाली]]
==संदर्भ==
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[[Category: हिंदू अनुष्ठान]]
[[Category:केरल लोककथा]]
[[Category:केरल की संस्कृति]]
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[[File:FirstSurahKoran.jpg|अंगूठाकार|'''नस्ख़ लिपि''' में लिखित [[सूरा]] [[अल-फ़ातिहा]]]]
'''नस्ख़''' ({{Langx|ar|نسخ}}) [[इस्लामी अक्षरांकन]] में एक छोटी सी, गोल लिपि है। नस्ख़ इस्लामी अक्षरांकन के सबसे पहली लिपियों में से एक है तथा इसकी सरलता हेतु लिपि का प्रयोग [[क़ुरान]] एवं अन्य पुस्तकों के लेखन और प्रतिलेखन में किया जाता है।<ref name=":0">{{Cite book|title=Islamic calligraphy|last=Blair|first=Sheila|date=2006|publisher=Edinburgh University Press|isbn=9780748612123}}</ref>
उसकी 1617 की पुस्तक ''ग्रमैटिका अरेबिका'' में, [[थॉमस वान एर्पे]] ने नस्ख़ी को "आर्यतम और सच्ची लिपि" कहा।<ref>Thomas Milo ''Arabic Typography'', in Encyclopedia of Arabic Language and Linguistics, [[Brill Publishers|Brill]] 2013</ref>
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[[File:FirstSurahKoran.jpg|अंगूठाकार|'''नस्ख़ लिपि''' में लिखित [[सूरा]] [[अल-फ़ातिहा]]]]
'''नस्ख़''' ({{Langx|ar|نسخ}}) [[इस्लामी सुलेख]] में एक छोटी सी, गोल लिपि है। नस्ख़ इस्लामी सुलेख के सबसे पहली लिपियों में से एक है तथा इसकी सरलता हेतु लिपि का प्रयोग [[क़ुरान]] एवं अन्य पुस्तकों के लेखन और प्रतिलेखन में किया जाता है।<ref name=":0">{{Cite book|title=Islamic calligraphy|last=Blair|first=Sheila|date=2006|publisher=Edinburgh University Press|isbn=9780748612123}}</ref>
उसकी 1617 की पुस्तक ''ग्रमैटिका अरेबिका'' में, [[थॉमस वान एर्पे]] ने नस्ख़ को "आर्यतम और सच्ची लिपि" कहा।<ref>Thomas Milo ''Arabic Typography'', in Encyclopedia of Arabic Language and Linguistics, [[Brill Publishers|Brill]] 2013</ref>
[[श्रेणी:अरबी सुलेख]]
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हिक्काडुवा (श्रीलंका)
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'''हिक्काडुवा (Hikkaduwa)''', दक्षिण-पश्चिम [[श्रीलंका]] में हिंद महासागर के किनारे स्थित एक विशाल तटीय क्षेत्र है, जो {{cvt|24|km}} लंबी [[तटरेखा]]<ref>Anuththara, Sanju & Priyadarshana, K.W.K.A. & Bandara, Nuwan. (2025). Assessing the causes of Coastal Erosion and its ongoing challenges during 2004-2024 in Hikkaduwa Divisional Secretariat in Galle District. II. p 109. </ref> को कवर करता है।
[[हिक्काडुवा क्षेत्र]] कई मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक): शहरी स्थल (townsite); पर्यटन केंद्र (वावुलागोडा, वेवाला<ref name=":0">Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>); नारीगामा (आवासीय क्षेत्र); और [[थिरानगामा]]<ref>Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>, जो एक उच्च श्रेणी का क्षेत्र है।<ref>[https://edition.cnn.com/travel/article/asia-pacific-new-luxury-hotels-2020/index.html cnn.com]</ref><ref>{{cite web |title=Riff Hikkaduwa - Fact Sheet |url=https://fstravel.asia/upload/season2020/sri-lanka-faq/information-about-hotels/Riff_Hikkaduwa_-_Fact_Sheet.pdf |access-date=2026-02-22}}.</ref>
== भूगोल ==
[[दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका|दक्षिणी प्रांत]] में स्थित, हिक्काडुवा [[गाले]] से लगभग {{convert|17|km|abbr=on}} उत्तर-पश्चिम में और [[कोलंबो]] से {{convert|98|km|abbr=on}} दक्षिण में स्थित है।
हिक्काडुवा क्षेत्र कई मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक):<ref name=":0" />
* शहरी क्षेत्र (जिसमें [[बस स्टैंड]], [[बंदरगाह]], [[रेलवे स्टेशन]] शामिल हैं);
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* नारीगामा आवासीय क्षेत्र;
* [[थिरानगामा]] का उच्च श्रेणी का क्षेत्र <ref>[https://www.thetimes.com/travel/inspiration/where-to-go-on-holiday-in-january-sqnjbpvmm The Times]</ref><ref>{{cite web | url=https://www.suitelanka.com/hikkaduwa/ | title=Welcome to the famous beach resort of Hikkaduwa }}</ref> जहाँ [[5-सितारा होटल]] स्थित हैं (हरिथा विला,<ref>[https://theasiacollective.com/haritha-villas-sri-lanka/ The Asia Collective]</ref> रिफ़ होटल<ref>[https://trip101.com/article/5-star-hotels-in-sri-lanka 10 Best 5-Star Hotels In Sri Lanka]</ref>)। यह शांत नारीगामा समुद्र तट ({{cvt|3|km}} लंबी रेतीली पट्टी) से सटा हुआ है।
== आकर्षण ==
=== कोरल अभयारण्य ===
[[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]] श्रीलंका में स्थापित होने वाला पहला [[समुद्री अभयारण्य]] था। यहाँ बहुरंगी [[मूंगा|मूँगे]] (कोरल) की लगभग सत्तर प्रजातियाँ [https://www.circleceylon.com/destination-item/hikkaduwa-sri-lanka/] पाई जाती हैं।<ref>{{Cite web |title=Dept of Wildlife steps into restore coral reefs in Hikkaduwa |url=https://sundaytimes.lk/online/news-online/Dept-of-Wildlife-steps-into-restore-coral-reefs-in-Hikkaduwa/2-1141251 |access-date=2023-12-21 |website=Times Online |language=English}}</ref>
=== रात्रिजीवन ===
हिक्काडुवा शहर अपने [[रात्रिजीवन]] (nightlife) के लिए प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |date=16 November 2018 |title=Insider's Guide To Hikkaduwa, Sri Lanka: Surf, Sharks & Epic Parties |url=https://www.eatsandretreats.com/travel/sri-lanka/where-to-stay/hikkaduwa/ |access-date=2023-12-21 |website=Eats & Retreats Guide |language=en-US}}</ref><ref>''The Rough Guide to Sri Lanka'', Apa Publications.</ref>
=== सर्फिंग ===
हिक्काडुवा श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम तट पर एक लोकप्रिय [[सर्फिंग]] स्थल है।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref> यहाँ कई अलग-अलग सर्फ पॉइंट मौजूद हैं।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref>
=== समुद्र तट ===
==== हिक्काडुवा बीच ====
यह पर्यटन क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
==== हिक्काडुवा कछुआ बीच ====
कछुआ बीच (Turtle Beach), हिक्काडुवा समुद्र तट के उत्तरी छोर पर स्थित है। यह अपने प्राकृतिक आवास में [[समुद्री कछुआ|समुद्री कछुओं]] को देखने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है।<ref>{{Cite web |date=2024-10-01 |title=Turtle Beach Hikkaduwa Sri Lanka Destinations |url=https://srilankadestinations.com/turtle-beach-hikkaduwa/ |access-date=2026-01-05 |language=en-US}}</ref>
==== नारीगामा बीच ====
यह दक्षिण की ओर {{cvt|3|km}} तक फैला एक चौड़ा और निरंतर रेतीला समुद्र तट है। यह बीच काफी शांत है।<ref>[https://goodhotelssrilanka.com/thiranagama-sri-lanka/ GoodHotelsSriLanka.com].</ref>
=== विशाल बुद्ध प्रतिमा ===
[[File:Hikkaduwa - The Big Buddha Statue (Tsunami Honganji Viharaya).jpg|thumb|विशाल बुद्ध प्रतिमा]]
विशाल बुद्ध प्रतिमा (सुनामी होंगांजी विहारया) {{cvt|30|m}} ऊँची है। यह [[अफगानिस्तान]] में [[तालिबान]] द्वारा नष्ट की गई [[बामियान के बुद्ध|6वीं शताब्दी की बामियान बुद्ध प्रतिमाओं]] की प्रतिकृति है।<ref>{{cite web | url=https://amazinglanka.com/wp/tsunami-honganji-viharaya/ | title=Paraliya Tsunami Honganji Viharaya }}</ref>
== उल्लेखनीय व्यक्तित्व ==
* '''[[रयान रेनॉल्ड्स]]''', अमेरिकी [[अभिनेता]] (''[[डेडपूल (फ़िल्म)|डेडपूल]]'', ''[[फ्री गाय]]''), ने 2023 में कहा था कि "हिक्काडुवा उनका अब तक का सबसे पसंदीदा मूवी शूटिंग लोकेशन है"।<ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa is my favourite movie shooting location: Actor Ryan Reynolds |url=https://www.dailymirror.lk/breaking-news/Hikkaduwa-is-my-favourite-movie-shooting-location-Actor-Ryan-Reynolds/108-255308 |access-date=2026-02-22 |website=Daily Mirror}}</ref><ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa becomes Ryan Reynolds’ favourite location |url=https://island.lk/hikkaduwa-becomes-ryan-reynolds-favourite-location/|access-date=2026-02-22 |website=The Island}}</ref>
* '''[[आर्थर सी. क्लार्क]]''', विज्ञान कथा लेखक और ''[[2001: ए स्पेस ओडिसी]]'' के लेखक, हिक्काडुवा में रहते थे।<ref>[https://arthurcclarke.org/site/sri-lanka/clarke-and-sri-lanka/conservation/ Arthur C. Clarke official site]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[थिरानगामा]]
* [[दोदांडुवा]]
* [[गाल्ले का किला]]
== संदर्भ ==
{{Commons category|Hikkaduwa}}
{{Reflist}}
{{Municipalities and Urban areas of Sri Lanka}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:श्रीलंका के समुद्र तटीय सैरगाह]]
[[श्रेणी:श्रीलंका में पर्यटन]]
[[श्रेणी:गाल्ल ज़िले के बसे हुए स्थान]]
[[श्रेणी:दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका के बसे हुए स्थान]]
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| postal_code = 80240<ref>{{cite web |url=http://mohanjith.net/postal_codes/southern/galle/80240-hikkaduwa.html |title=Hikkaduwa Post Office – Sri Lanka Postal Codes |publisher=Mohanjith |access-date=2015-10-19 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170321125241/http://mohanjith.net/postal_codes/southern/galle/80240-hikkaduwa.html |archive-date=2017-03-21 |url-status=dead }}</ref>
|footnotes =
}}
'''हिक्काडुवा (Hikkaduwa)''', दक्षिण-पश्चिम [[श्रीलंका]] में हिंद महासागर के किनारे स्थित एक विशाल तटीय क्षेत्र है, जो {{cvt|24|km}} लंबी [[तटरेखा]]<ref>Anuththara, Sanju & Priyadarshana, K.W.K.A. & Bandara, Nuwan. (2025). Assessing the causes of Coastal Erosion and its ongoing challenges during 2004-2024 in Hikkaduwa Divisional Secretariat in Galle District. II. p 109. </ref> को कवर करता है।
[[हिक्काडुवा क्षेत्र]] कई मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक): शहरी स्थल (townsite); पर्यटन केंद्र (वावुलागोडा, वेवाला<ref name=":0">Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>); नारीगामा (आवासीय क्षेत्र); और [[थिरानगामा]]<ref>Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>, जो एक उच्च श्रेणी का क्षेत्र है।<ref>[https://edition.cnn.com/travel/article/asia-pacific-new-luxury-hotels-2020/index.html cnn.com]</ref><ref>{{cite web |title=Riff Hikkaduwa - Fact Sheet |url=https://fstravel.asia/upload/season2020/sri-lanka-faq/information-about-hotels/Riff_Hikkaduwa_-_Fact_Sheet.pdf |access-date=2026-02-22}}.</ref>
== भूगोल ==
[[दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका|दक्षिणी प्रांत]] में स्थित, हिक्काडुवा [[गाले]] से लगभग {{convert|17|km|abbr=on}} उत्तर-पश्चिम में और [[कोलंबो]] से {{convert|98|km|abbr=on}} दक्षिण में स्थित है।
हिक्काडुवा क्षेत्र कई मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक):<ref name=":0" />
* शहरी क्षेत्र (जिसमें [[बस स्टैंड]], [[बंदरगाह]], [[रेलवे स्टेशन]] शामिल हैं);
* पर्यटन क्षेत्र, जिसमें कई [[होटल]] और [[रेस्तरां]] हैं (वावुलागोडा और वेवाला<ref name=":0" />);
* नारीगामा आवासीय क्षेत्र;
* [[थिरानगामा]] का उच्च श्रेणी का क्षेत्र <ref>[https://www.thetimes.com/travel/inspiration/where-to-go-on-holiday-in-january-sqnjbpvmm The Times]</ref><ref>{{cite web | url=https://www.suitelanka.com/hikkaduwa/ | title=Welcome to the famous beach resort of Hikkaduwa }}</ref> जहाँ [[5-सितारा होटल]] स्थित हैं (हरिथा विला,<ref>[https://theasiacollective.com/haritha-villas-sri-lanka/ The Asia Collective]</ref> रिफ़ होटल<ref>[https://trip101.com/article/5-star-hotels-in-sri-lanka 10 Best 5-Star Hotels In Sri Lanka]</ref>)। यह शांत नारीगामा समुद्र तट ({{cvt|3|km}} लंबी रेतीली पट्टी) से सटा हुआ है।
== आकर्षण ==
=== कोरल अभयारण्य ===
[[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]] श्रीलंका में स्थापित होने वाला पहला [[समुद्री अभयारण्य]] था। यहाँ बहुरंगी [[मूंगा|मूँगे]] (कोरल) की लगभग सत्तर प्रजातियाँ [https://www.circleceylon.com/destination-item/hikkaduwa-sri-lanka/] पाई जाती हैं।<ref>{{Cite web |title=Dept of Wildlife steps into restore coral reefs in Hikkaduwa |url=https://sundaytimes.lk/online/news-online/Dept-of-Wildlife-steps-into-restore-coral-reefs-in-Hikkaduwa/2-1141251 |access-date=2023-12-21 |website=Times Online |language=English}}</ref>
=== रात्रिजीवन ===
हिक्काडुवा शहर अपने [[रात्रिजीवन]] (nightlife) के लिए प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |date=16 November 2018 |title=Insider's Guide To Hikkaduwa, Sri Lanka: Surf, Sharks & Epic Parties |url=https://www.eatsandretreats.com/travel/sri-lanka/where-to-stay/hikkaduwa/ |access-date=2023-12-21 |website=Eats & Retreats Guide |language=en-US}}</ref><ref>''The Rough Guide to Sri Lanka'', Apa Publications.</ref>
=== सर्फिंग ===
हिक्काडुवा श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम तट पर एक लोकप्रिय [[सर्फिंग]] स्थल है।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref> यहाँ कई अलग-अलग सर्फ पॉइंट मौजूद हैं।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref>
=== समुद्र तट ===
==== हिक्काडुवा बीच ====
यह पर्यटन क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
==== हिक्काडुवा कछुआ बीच ====
कछुआ बीच (Turtle Beach), हिक्काडुवा समुद्र तट के उत्तरी छोर पर स्थित है। यह अपने प्राकृतिक आवास में [[समुद्री कछुआ|समुद्री कछुओं]] को देखने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है।<ref>{{Cite web |date=2024-10-01 |title=Turtle Beach Hikkaduwa Sri Lanka Destinations |url=https://srilankadestinations.com/turtle-beach-hikkaduwa/ |access-date=2026-01-05 |language=en-US}}</ref>
==== नारीगामा बीच ====
यह दक्षिण की ओर {{cvt|3|km}} तक फैला एक चौड़ा और निरंतर रेतीला समुद्र तट है। यह बीच काफी शांत है।<ref>[https://goodhotelssrilanka.com/thiranagama-sri-lanka/ GoodHotelsSriLanka.com].</ref>
=== विशाल बुद्ध प्रतिमा ===
[[File:Hikkaduwa - The Big Buddha Statue (Tsunami Honganji Viharaya).jpg|thumb|विशाल बुद्ध प्रतिमा]]
विशाल बुद्ध प्रतिमा (सुनामी होंगांजी विहारया) {{cvt|30|m}} ऊँची है। यह [[अफगानिस्तान]] में [[तालिबान]] द्वारा नष्ट की गई [[बामियान के बुद्ध|6वीं शताब्दी की बामियान बुद्ध प्रतिमाओं]] की प्रतिकृति है।<ref>{{cite web | url=https://amazinglanka.com/wp/tsunami-honganji-viharaya/ | title=Paraliya Tsunami Honganji Viharaya }}</ref>
== उल्लेखनीय व्यक्तित्व ==
* '''[[रयान रेनॉल्ड्स]]''', अमेरिकी [[अभिनेता]] (''[[डेडपूल (फ़िल्म)|डेडपूल]]'', ''[[फ्री गाय]]''), ने 2023 में कहा था कि "हिक्काडुवा उनका अब तक का सबसे पसंदीदा मूवी शूटिंग लोकेशन है"।<ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa is my favourite movie shooting location: Actor Ryan Reynolds |url=https://www.dailymirror.lk/breaking-news/Hikkaduwa-is-my-favourite-movie-shooting-location-Actor-Ryan-Reynolds/108-255308 |access-date=2026-02-22 |website=Daily Mirror}}</ref><ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa becomes Ryan Reynolds’ favourite location |url=https://island.lk/hikkaduwa-becomes-ryan-reynolds-favourite-location/|access-date=2026-02-22 |website=The Island}}</ref>
* '''[[आर्थर सी. क्लार्क]]''', विज्ञान कथा लेखक और ''[[2001: ए स्पेस ओडिसी]]'' के लेखक, हिक्काडुवा में रहते थे।<ref>[https://arthurcclarke.org/site/sri-lanka/clarke-and-sri-lanka/conservation/ Arthur C. Clarke official site]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[थिरानगामा]]
* [[दोदांडुवा]]
* [[गाल्ले का किला]]
== संदर्भ ==
{{Commons category|Hikkaduwa}}
{{Reflist}}
{{Municipalities and Urban areas of Sri Lanka}}
{{Authority control}}
{{Short description|श्रीलंका का एक शहर}}
{{Use dmy dates|date=October 2024}}
{{Infobox settlement
|official_name = हिक्काडुवा
|native_name = හික්කඩුව<br />கிக்கடுவை
|image_skyline = Hikkaduwa beach beauty.jpg
|image_caption = हिक्काडुवा में समुद्र तट का दृश्य
|image_map = Map of Hikkaduwa Town and its Neighbourhoods--Map of the Southern and Eastern Villages.png
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|footnotes =
}}
'''हिक्काडुवा (Hikkaduwa)''', दक्षिण-पश्चिम [[श्रीलंका]] में हिंद महासागर के किनारे स्थित एक विशाल तटीय क्षेत्र है, जो {{cvt|24|km}} लंबी [[तटरेखा]]<ref>Anuththara, Sanju & Priyadarshana, K.W.K.A. & Bandara, Nuwan. (2025). Assessing the causes of Coastal Erosion and its ongoing challenges during 2004-2024 in Hikkaduwa Divisional Secretariat in Galle District. II. p 109. </ref> को कवर करता है।
[[हिक्काडुवा क्षेत्र]] कई मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक): शहरी स्थल (townsite); पर्यटन केंद्र (वावुलागोडा, वेवाला<ref name=":0">Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>); नारीगामा (आवासीय क्षेत्र); और [[थिरानगामा]]<ref>Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>, जो एक उच्च श्रेणी का क्षेत्र है।<ref>[https://edition.cnn.com/travel/article/asia-pacific-new-luxury-hotels-2020/index.html cnn.com]</ref><ref>{{cite web |title=Riff Hikkaduwa - Fact Sheet |url=https://fstravel.asia/upload/season2020/sri-lanka-faq/information-about-hotels/Riff_Hikkaduwa_-_Fact_Sheet.pdf |access-date=2026-02-22}}.</ref>
== भूगोल ==
[[दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका|दक्षिणी प्रांत]] में स्थित, हिक्काडुवा [[गाले]] से लगभग {{convert|17|km|abbr=on}} उत्तर-पश्चिम में और [[कोलंबो]] से {{convert|98|km|abbr=on}} दक्षिण में स्थित है।
हिक्काडुवा क्षेत्र कई मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक):<ref name=":0" />
* शहरी क्षेत्र (जिसमें [[बस स्टैंड]], [[बंदरगाह]], [[रेलवे स्टेशन]] शामिल हैं);
* पर्यटन क्षेत्र, जिसमें कई [[होटल]] और [[रेस्तरां]] हैं (वावुलागोडा और वेवाला<ref name=":0" />);
* नारीगामा आवासीय क्षेत्र;
* [[थिरानगामा]] का उच्च श्रेणी का क्षेत्र <ref>[https://www.thetimes.com/travel/inspiration/where-to-go-on-holiday-in-january-sqnjbpvmm The Times]</ref><ref>{{cite web | url=https://www.suitelanka.com/hikkaduwa/ | title=Welcome to the famous beach resort of Hikkaduwa }}</ref> जहाँ [[5-सितारा होटल]] स्थित हैं (हरिथा विला,<ref>[https://theasiacollective.com/haritha-villas-sri-lanka/ The Asia Collective]</ref> रिफ़ होटल<ref>[https://trip101.com/article/5-star-hotels-in-sri-lanka 10 Best 5-Star Hotels In Sri Lanka]</ref>)। यह शांत नारीगामा समुद्र तट ({{cvt|3|km}} लंबी रेतीली पट्टी) से सटा हुआ है।
== आकर्षण ==
=== कोरल अभयारण्य ===
[[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]] श्रीलंका में स्थापित होने वाला पहला [[समुद्री अभयारण्य]] था। यहाँ बहुरंगी [[मूंगा|मूँगे]] (कोरल) की लगभग सत्तर प्रजातियाँ [https://www.circleceylon.com/destination-item/hikkaduwa-sri-lanka/] पाई जाती हैं।<ref>{{Cite web |title=Dept of Wildlife steps into restore coral reefs in Hikkaduwa |url=https://sundaytimes.lk/online/news-online/Dept-of-Wildlife-steps-into-restore-coral-reefs-in-Hikkaduwa/2-1141251 |access-date=2023-12-21 |website=Times Online |language=English}}</ref>
=== रात्रिजीवन ===
हिक्काडुवा शहर अपने [[रात्रिजीवन]] (nightlife) के लिए प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |date=16 November 2018 |title=Insider's Guide To Hikkaduwa, Sri Lanka: Surf, Sharks & Epic Parties |url=https://www.eatsandretreats.com/travel/sri-lanka/where-to-stay/hikkaduwa/ |access-date=2023-12-21 |website=Eats & Retreats Guide |language=en-US}}</ref><ref>''The Rough Guide to Sri Lanka'', Apa Publications.</ref>
=== सर्फिंग ===
हिक्काडुवा श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम तट पर एक लोकप्रिय [[सर्फिंग]] स्थल है।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref> यहाँ कई अलग-अलग सर्फ पॉइंट मौजूद हैं।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref>
=== समुद्र तट ===
==== हिक्काडुवा बीच ====
यह पर्यटन क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
==== हिक्काडुवा कछुआ बीच ====
कछुआ बीच (Turtle Beach), हिक्काडुवा समुद्र तट के उत्तरी छोर पर स्थित है। यह अपने प्राकृतिक आवास में [[समुद्री कछुआ|समुद्री कछुओं]] को देखने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है।<ref>{{Cite web |date=2024-10-01 |title=Turtle Beach Hikkaduwa Sri Lanka Destinations |url=https://srilankadestinations.com/turtle-beach-hikkaduwa/ |access-date=2026-01-05 |language=en-US}}</ref>
==== नारीगामा बीच ====
यह दक्षिण की ओर {{cvt|3|km}} तक फैला एक चौड़ा और निरंतर रेतीला समुद्र तट है। यह बीच काफी शांत है।<ref>[https://goodhotelssrilanka.com/thiranagama-sri-lanka/ GoodHotelsSriLanka.com].</ref>
=== विशाल बुद्ध प्रतिमा ===
[[File:Hikkaduwa - The Big Buddha Statue (Tsunami Honganji Viharaya).jpg|thumb|विशाल बुद्ध प्रतिमा]]
विशाल बुद्ध प्रतिमा (सुनामी होंगांजी विहारया) {{cvt|30|m}} ऊँची है। यह [[अफगानिस्तान]] में [[तालिबान]] द्वारा नष्ट की गई [[बामियान के बुद्ध|6वीं शताब्दी की बामियान बुद्ध प्रतिमाओं]] की प्रतिकृति है।<ref>{{cite web | url=https://amazinglanka.com/wp/tsunami-honganji-viharaya/ | title=Paraliya Tsunami Honganji Viharaya }}</ref>
== उल्लेखनीय व्यक्तित्व ==
* '''[[रयान रेनॉल्ड्स]]''', अमेरिकी [[अभिनेता]] (''[[डेडपूल (फ़िल्म)|डेडपूल]]'', ''[[फ्री गाय]]''), ने 2023 में कहा था कि "हिक्काडुवा उनका अब तक का सबसे पसंदीदा मूवी शूटिंग लोकेशन है"।<ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa is my favourite movie shooting location: Actor Ryan Reynolds |url=https://www.dailymirror.lk/breaking-news/Hikkaduwa-is-my-favourite-movie-shooting-location-Actor-Ryan-Reynolds/108-255308 |access-date=2026-02-22 |website=Daily Mirror}}</ref><ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa becomes Ryan Reynolds’ favourite location |url=https://island.lk/hikkaduwa-becomes-ryan-reynolds-favourite-location/|access-date=2026-02-22 |website=The Island}}</ref>
* '''[[आर्थर सी. क्लार्क]]''', विज्ञान कथा लेखक और ''[[2001: ए स्पेस ओडिसी]]'' के लेखक, हिक्काडुवा में रहते थे।<ref>[https://arthurcclarke.org/site/sri-lanka/clarke-and-sri-lanka/conservation/ Arthur C. Clarke official site]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[थिरानगामा]]
* [[दोदांडुवा]]
* [[गाल्ले का किला]]
== संदर्भ ==
{{Commons category|Hikkaduwa}}
{{Reflist}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:श्रीलंका के समुद्र तटीय सैरगाह]]
[[श्रेणी:श्रीलंका में पर्यटन]]
[[श्रेणी:गाल्ल ज़िले के बसे हुए स्थान]]
[[श्रेणी:दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका के बसे हुए स्थान]]
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Mapstero
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6534203
wikitext
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|official_name = हिक्काडुवा
|native_name = හික්කඩුව<br />கிக்கடுவை
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|footnotes =
}}
'''हिक्काडुवा (Hikkaduwa)''', दक्षिण-पश्चिम [[श्रीलंका]] में हिंद महासागर के किनारे स्थित एक विशाल तटीय क्षेत्र है, जो {{cvt|24|km}} लंबी [[तटरेखा]]<ref>Anuththara, Sanju & Priyadarshana, K.W.K.A. & Bandara, Nuwan. (2025). Assessing the causes of Coastal Erosion and its ongoing challenges during 2004-2024 in Hikkaduwa Divisional Secretariat in Galle District. II. p 109. </ref> को कवर करता है।
[[हिक्काडुवा क्षेत्र]] कई मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक): शहरी स्थल (townsite); पर्यटन केंद्र (वावुलागोडा, वेवाला<ref name=":0">Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>); नारीगामा (आवासीय क्षेत्र); और [[थिरानगामा]]<ref>Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>, जो एक उच्च श्रेणी का क्षेत्र है।<ref>[https://edition.cnn.com/travel/article/asia-pacific-new-luxury-hotels-2020/index.html cnn.com]</ref><ref>{{cite web |title=Riff Hikkaduwa - Fact Sheet |url=https://fstravel.asia/upload/season2020/sri-lanka-faq/information-about-hotels/Riff_Hikkaduwa_-_Fact_Sheet.pdf |access-date=2026-02-22}}.</ref>
== भूगोल ==
[[दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका|दक्षिणी प्रांत]] में स्थित, हिक्काडुवा [[गाले]] से लगभग {{convert|17|km|abbr=on}} उत्तर-पश्चिम में और [[कोलंबो]] से {{convert|98|km|abbr=on}} दक्षिण में स्थित है।
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* शहरी क्षेत्र (जिसमें [[बस स्टैंड]], [[बंदरगाह]], [[रेलवे स्टेशन]] शामिल हैं);
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* नारीगामा आवासीय क्षेत्र;
* [[थिरानगामा]] का उच्च श्रेणी का क्षेत्र <ref>[https://www.thetimes.com/travel/inspiration/where-to-go-on-holiday-in-january-sqnjbpvmm The Times]</ref><ref>{{cite web | url=https://www.suitelanka.com/hikkaduwa/ | title=Welcome to the famous beach resort of Hikkaduwa }}</ref> जहाँ [[5-सितारा होटल]] स्थित हैं (हरिथा विला,<ref>[https://theasiacollective.com/haritha-villas-sri-lanka/ The Asia Collective]</ref> रिफ़ होटल<ref>[https://trip101.com/article/5-star-hotels-in-sri-lanka 10 Best 5-Star Hotels In Sri Lanka]</ref>)। यह शांत नारीगामा समुद्र तट ({{cvt|3|km}} लंबी रेतीली पट्टी) से सटा हुआ है।
== आकर्षण ==
=== कोरल अभयारण्य ===
[[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]] श्रीलंका में स्थापित होने वाला पहला [[समुद्री अभयारण्य]] था। यहाँ बहुरंगी [[मूंगा|मूँगे]] (कोरल) की लगभग सत्तर प्रजातियाँ [https://www.circleceylon.com/destination-item/hikkaduwa-sri-lanka/] पाई जाती हैं।<ref>{{Cite web |title=Dept of Wildlife steps into restore coral reefs in Hikkaduwa |url=https://sundaytimes.lk/online/news-online/Dept-of-Wildlife-steps-into-restore-coral-reefs-in-Hikkaduwa/2-1141251 |access-date=2023-12-21 |website=Times Online |language=English}}</ref>
=== रात्रिजीवन ===
हिक्काडुवा शहर अपने [[रात्रिजीवन]] (nightlife) के लिए प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |date=16 November 2018 |title=Insider's Guide To Hikkaduwa, Sri Lanka: Surf, Sharks & Epic Parties |url=https://www.eatsandretreats.com/travel/sri-lanka/where-to-stay/hikkaduwa/ |access-date=2023-12-21 |website=Eats & Retreats Guide |language=en-US}}</ref><ref>''The Rough Guide to Sri Lanka'', Apa Publications.</ref>
=== सर्फिंग ===
हिक्काडुवा श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम तट पर एक लोकप्रिय [[सर्फिंग]] स्थल है।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref> यहाँ कई अलग-अलग सर्फ पॉइंट मौजूद हैं।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref>
=== समुद्र तट ===
==== हिक्काडुवा बीच ====
यह पर्यटन क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
==== हिक्काडुवा कछुआ बीच ====
कछुआ बीच (Turtle Beach), हिक्काडुवा समुद्र तट के उत्तरी छोर पर स्थित है। यह अपने प्राकृतिक आवास में [[समुद्री कछुआ|समुद्री कछुओं]] को देखने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है।<ref>{{Cite web |date=2024-10-01 |title=Turtle Beach Hikkaduwa Sri Lanka Destinations |url=https://srilankadestinations.com/turtle-beach-hikkaduwa/ |access-date=2026-01-05 |language=en-US}}</ref>
==== नारीगामा बीच ====
यह दक्षिण की ओर {{cvt|3|km}} तक फैला एक चौड़ा और निरंतर रेतीला समुद्र तट है। यह बीच काफी शांत है।<ref>[https://goodhotelssrilanka.com/thiranagama-sri-lanka/ GoodHotelsSriLanka.com].</ref>
=== विशाल बुद्ध प्रतिमा ===
[[File:Hikkaduwa - The Big Buddha Statue (Tsunami Honganji Viharaya).jpg|thumb|विशाल बुद्ध प्रतिमा]]
विशाल बुद्ध प्रतिमा (सुनामी होंगांजी विहारया) {{cvt|30|m}} ऊँची है। यह [[अफगानिस्तान]] में [[तालिबान]] द्वारा नष्ट की गई [[बामियान के बुद्ध|6वीं शताब्दी की बामियान बुद्ध प्रतिमाओं]] की प्रतिकृति है।<ref>{{cite web | url=https://amazinglanka.com/wp/tsunami-honganji-viharaya/ | title=Paraliya Tsunami Honganji Viharaya }}</ref>
== उल्लेखनीय व्यक्तित्व ==
* '''[[रयान रेनॉल्ड्स]]''', अमेरिकी [[अभिनेता]] (''[[डेडपूल (फ़िल्म)|डेडपूल]]'', ''[[फ्री गाय]]''), ने 2023 में कहा था कि "हिक्काडुवा उनका अब तक का सबसे पसंदीदा मूवी शूटिंग लोकेशन है"।<ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa is my favourite movie shooting location: Actor Ryan Reynolds |url=https://www.dailymirror.lk/breaking-news/Hikkaduwa-is-my-favourite-movie-shooting-location-Actor-Ryan-Reynolds/108-255308 |access-date=2026-02-22 |website=Daily Mirror}}</ref><ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa becomes Ryan Reynolds’ favourite location |url=https://island.lk/hikkaduwa-becomes-ryan-reynolds-favourite-location/|access-date=2026-02-22 |website=The Island}}</ref>
* '''[[आर्थर सी. क्लार्क]]''', विज्ञान कथा लेखक और ''[[2001: ए स्पेस ओडिसी]]'' के लेखक, हिक्काडुवा में रहते थे।<ref>[https://arthurcclarke.org/site/sri-lanka/clarke-and-sri-lanka/conservation/ Arthur C. Clarke official site]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[थिरानगामा]]
* [[दोदांडुवा]]
* [[गाल्ले का किला]]
== संदर्भ ==
{{Commons category|Hikkaduwa}}
{{Reflist}}
{{Municipalities and Urban areas of Sri Lanka}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:श्रीलंका के समुद्र तटीय सैरगाह]]
[[श्रेणी:श्रीलंका में पर्यटन]]
[[श्रेणी:गाल्ल ज़िले के बसे हुए स्थान]]
[[श्रेणी:दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका के बसे हुए स्थान]]
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|footnotes =
}}
'''हिक्काडुवा (Hikkaduwa)''', दक्षिण-पश्चिम [[श्रीलंका]] में हिंद महासागर के किनारे स्थित एक विशाल तटीय क्षेत्र है, जो {{cvt|24|km}} लंबी [[तटरेखा]]<ref>Anuththara, Sanju & Priyadarshana, K.W.K.A. & Bandara, Nuwan. (2025). Assessing the causes of Coastal Erosion and its ongoing challenges during 2004-2024 in Hikkaduwa Divisional Secretariat in Galle District. II. p 109. </ref> को कवर करता है।
[[हिक्काडुवा क्षेत्र]] कई मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक): शहरी स्थल (townsite); पर्यटन केंद्र (वावुलागोडा, वेवाला<ref name=":0">Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>); नारीगामा (आवासीय क्षेत्र); और [[थिरानगामा]]<ref>Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>, जो एक उच्च श्रेणी का क्षेत्र है।<ref>[https://edition.cnn.com/travel/article/asia-pacific-new-luxury-hotels-2020/index.html cnn.com]</ref><ref>{{cite web |title=Riff Hikkaduwa - Fact Sheet |url=https://fstravel.asia/upload/season2020/sri-lanka-faq/information-about-hotels/Riff_Hikkaduwa_-_Fact_Sheet.pdf |access-date=2026-02-22}}.</ref>
== भूगोल ==
[[दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका|दक्षिणी प्रांत]] में स्थित, हिक्काडुवा [[गाले]] से लगभग {{convert|17|km|abbr=on}} उत्तर-पश्चिम में और [[कोलंबो]] से {{convert|98|km|abbr=on}} दक्षिण में स्थित है।
हिक्काडुवा क्षेत्र कई मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक):<ref name=":0" />
* शहरी क्षेत्र (जिसमें [[बस स्टैंड]], [[बंदरगाह]], [[रेलवे स्टेशन]] शामिल हैं);
* पर्यटन क्षेत्र, जिसमें कई [[होटल]] और [[रेस्तरां]] हैं (वावुलागोडा और वेवाला<ref name=":0" />);
* नारीगामा आवासीय क्षेत्र;
* [[थिरानगामा]] का उच्च श्रेणी का क्षेत्र <ref>[https://www.thetimes.com/travel/inspiration/where-to-go-on-holiday-in-january-sqnjbpvmm The Times]</ref><ref>{{cite web | url=https://www.suitelanka.com/hikkaduwa/ | title=Welcome to the famous beach resort of Hikkaduwa }}</ref> जहाँ [[5-सितारा होटल]] स्थित हैं (हरिथा विला,<ref>[https://theasiacollective.com/haritha-villas-sri-lanka/ The Asia Collective]</ref> रिफ़ होटल<ref>[https://trip101.com/article/5-star-hotels-in-sri-lanka 10 Best 5-Star Hotels In Sri Lanka]</ref>)। यह शांत नारीगामा समुद्र तट ({{cvt|3|km}} लंबी रेतीली पट्टी) से सटा हुआ है।
== आकर्षण ==
=== कोरल अभयारण्य ===
[[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]] श्रीलंका में स्थापित होने वाला पहला [[समुद्री अभयारण्य]] था। यहाँ बहुरंगी [[मूंगा|मूँगे]] (कोरल) की लगभग सत्तर प्रजातियाँ [https://www.circleceylon.com/destination-item/hikkaduwa-sri-lanka/] पाई जाती हैं।<ref>{{Cite web |title=Dept of Wildlife steps into restore coral reefs in Hikkaduwa |url=https://sundaytimes.lk/online/news-online/Dept-of-Wildlife-steps-into-restore-coral-reefs-in-Hikkaduwa/2-1141251 |access-date=2023-12-21 |website=Times Online |language=English}}</ref>
=== रात्रिजीवन ===
हिक्काडुवा शहर अपने [[रात्रिजीवन]] (nightlife) के लिए प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |date=16 November 2018 |title=Insider's Guide To Hikkaduwa, Sri Lanka: Surf, Sharks & Epic Parties |url=https://www.eatsandretreats.com/travel/sri-lanka/where-to-stay/hikkaduwa/ |access-date=2023-12-21 |website=Eats & Retreats Guide |language=en-US}}</ref><ref>''The Rough Guide to Sri Lanka'', Apa Publications.</ref>
=== सर्फिंग ===
हिक्काडुवा श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम तट पर एक लोकप्रिय [[सर्फिंग]] स्थल है।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref> यहाँ कई अलग-अलग सर्फ पॉइंट मौजूद हैं।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref>
=== समुद्र तट ===
==== हिक्काडुवा बीच ====
यह पर्यटन क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
==== हिक्काडुवा कछुआ बीच ====
कछुआ बीच (Turtle Beach), हिक्काडुवा समुद्र तट के उत्तरी छोर पर स्थित है। यह अपने प्राकृतिक आवास में [[समुद्री कछुआ|समुद्री कछुओं]] को देखने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है।<ref>{{Cite web |date=2024-10-01 |title=Turtle Beach Hikkaduwa Sri Lanka Destinations |url=https://srilankadestinations.com/turtle-beach-hikkaduwa/ |access-date=2026-01-05 |language=en-US}}</ref>
==== नारीगामा बीच ====
यह दक्षिण की ओर {{cvt|3|km}} तक फैला एक चौड़ा और निरंतर रेतीला समुद्र तट है। यह बीच काफी शांत है।<ref>[https://goodhotelssrilanka.com/thiranagama-sri-lanka/ GoodHotelsSriLanka.com].</ref>
=== विशाल बुद्ध प्रतिमा ===
[[File:Hikkaduwa - The Big Buddha Statue (Tsunami Honganji Viharaya).jpg|thumb|विशाल बुद्ध प्रतिमा]]
विशाल बुद्ध प्रतिमा (सुनामी होंगांजी विहारया) {{cvt|30|m}} ऊँची है। यह [[अफगानिस्तान]] में [[तालिबान]] द्वारा नष्ट की गई [[बामियान के बुद्ध|6वीं शताब्दी की बामियान बुद्ध प्रतिमाओं]] की प्रतिकृति है।<ref>{{cite web | url=https://amazinglanka.com/wp/tsunami-honganji-viharaya/ | title=Paraliya Tsunami Honganji Viharaya }}</ref>
== उल्लेखनीय व्यक्तित्व ==
* '''[[रयान रेनॉल्ड्स]]''', अमेरिकी [[अभिनेता]] (''[[डेडपूल (फ़िल्म)|डेडपूल]]'', ''[[फ्री गाय]]''), ने 2023 में कहा था कि "हिक्काडुवा उनका अब तक का सबसे पसंदीदा मूवी शूटिंग लोकेशन है"।<ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa is my favourite movie shooting location: Actor Ryan Reynolds |url=https://www.dailymirror.lk/breaking-news/Hikkaduwa-is-my-favourite-movie-shooting-location-Actor-Ryan-Reynolds/108-255308 |access-date=2026-02-22 |website=Daily Mirror}}</ref><ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa becomes Ryan Reynolds’ favourite location |url=https://island.lk/hikkaduwa-becomes-ryan-reynolds-favourite-location/|access-date=2026-02-22 |website=The Island}}</ref>
* '''[[आर्थर सी. क्लार्क]]''', विज्ञान कथा लेखक और ''[[2001: ए स्पेस ओडिसी]]'' के लेखक, हिक्काडुवा में रहते थे।<ref>[https://arthurcclarke.org/site/sri-lanka/clarke-and-sri-lanka/conservation/ Arthur C. Clarke official site]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[थिरानगामा]]
* [[दोदांडुवा]]
* [[गाल्ले का किला]]
== संदर्भ ==
{{Commons category|Hikkaduwa}}
{{Reflist}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:श्रीलंका]]
[[श्रेणी:दक्षिण जंबुद्वीप]]
[[श्रेणी:एशिया के देश]]
[[श्रेणी:हिन्द महासागर के द्वीप]]
[[श्रेणी:द्वीप देश]]
[[श्रेणी:दक्षिण एशिया के देश]]
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|official_name = हिक्काडुवा
|native_name = හික්කඩුව<br />கிக்கடுவை
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}}
'''हिक्काडुवा (Hikkaduwa)''', दक्षिण-पश्चिम [[श्रीलंका]] में हिंद महासागर के किनारे स्थित एक विशाल तटीय क्षेत्र है, जो {{cvt|24|km}} लंबी तटरेखा<ref>Anuththara, Sanju & Priyadarshana, K.W.K.A. & Bandara, Nuwan. (2025). Assessing the causes of Coastal Erosion and its ongoing challenges during 2004-2024 in Hikkaduwa Divisional Secretariat in Galle District. II. p 109. </ref> को कवर करता है।
हिक्काडुवा क्षेत्र कई मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक): शहरी स्थल (townsite); पर्यटन केंद्र (वावुलागोडा, वेवाला<ref name=":0">Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>); नारीगामा (आवासीय क्षेत्र); और [[थिरानगामा]]<ref>Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>, जो एक उच्च श्रेणी का क्षेत्र है।<ref>[https://edition.cnn.com/travel/article/asia-pacific-new-luxury-hotels-2020/index.html cnn.com]</ref><ref>{{cite web |title=Riff Hikkaduwa - Fact Sheet |url=https://fstravel.asia/upload/season2020/sri-lanka-faq/information-about-hotels/Riff_Hikkaduwa_-_Fact_Sheet.pdf |access-date=2026-02-22}}.</ref>
== भूगोल ==
दक्षिणी प्रांत में स्थित, हिक्काडुवा [[गाले]] से लगभग {{convert|17|km|abbr=on}} उत्तर-पश्चिम में और [[कोलंबो]] से {{convert|98|km|abbr=on}} दक्षिण में स्थित है।
हिक्काडुवा क्षेत्र कई मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक):<ref name=":0" />
* शहरी क्षेत्र (जिसमें बस स्टैंड, [[बंदरगाह]], [[रेलवे स्टेशन]] शामिल हैं);
* पर्यटन क्षेत्र, जिसमें कई [[होटल]] और [[रेस्तरां]] हैं (वावुलागोडा और वेवाला<ref name=":0" />);
* नारीगामा आवासीय क्षेत्र;
* [[थिरानगामा]] का उच्च श्रेणी का क्षेत्र <ref>[https://www.thetimes.com/travel/inspiration/where-to-go-on-holiday-in-january-sqnjbpvmm The Times]</ref><ref>{{cite web | url=https://www.suitelanka.com/hikkaduwa/ | title=Welcome to the famous beach resort of Hikkaduwa }}</ref> जहाँ [[विलासिता की वस्तुएँ|5-सितारा होटल]] स्थित हैं (हरिथा विला,<ref>[https://theasiacollective.com/haritha-villas-sri-lanka/ The Asia Collective]</ref> रिफ़ होटल<ref>[https://trip101.com/article/5-star-hotels-in-sri-lanka 10 Best 5-Star Hotels In Sri Lanka]</ref>)। यह शांत नारीगामा समुद्र तट ({{cvt|3|km}} लंबी रेतीली पट्टी) से सटा हुआ है।
== आकर्षण ==
=== कोरल अभयारण्य ===
[[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]] श्रीलंका में स्थापित होने वाला पहला समुद्री अभयारण्य था। यहाँ बहुरंगी [[मूंगा|मूँगे]] (कोरल) की लगभग सत्तर प्रजातियाँ [https://www.circleceylon.com/destination-item/hikkaduwa-sri-lanka/] पाई जाती हैं।<ref>{{Cite web |title=Dept of Wildlife steps into restore coral reefs in Hikkaduwa |url=https://sundaytimes.lk/online/news-online/Dept-of-Wildlife-steps-into-restore-coral-reefs-in-Hikkaduwa/2-1141251 |access-date=2023-12-21 |website=Times Online |language=English}}</ref>
=== रात्रिजीवन ===
हिक्काडुवा शहर अपने [[नाइट क्लब|रात्रिजीवन]] (nightlife) के लिए प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |date=16 November 2018 |title=Insider's Guide To Hikkaduwa, Sri Lanka: Surf, Sharks & Epic Parties |url=https://www.eatsandretreats.com/travel/sri-lanka/where-to-stay/hikkaduwa/ |access-date=2023-12-21 |website=Eats & Retreats Guide |language=en-US}}</ref><ref>''The Rough Guide to Sri Lanka'', Apa Publications.</ref>
=== सर्फिंग ===
हिक्काडुवा श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम तट पर एक लोकप्रिय [[सर्फिंग]] स्थल है।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref> यहाँ कई अलग-अलग सर्फ पॉइंट मौजूद हैं।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref>
=== समुद्र तट ===
==== हिक्काडुवा बीच ====
यह पर्यटन क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
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यह दक्षिण की ओर {{cvt|3|km}} तक फैला एक चौड़ा और निरंतर रेतीला समुद्र तट है। यह बीच काफी शांत है।<ref>[https://goodhotelssrilanka.com/thiranagama-sri-lanka/ GoodHotelsSriLanka.com].</ref>
=== विशाल बुद्ध प्रतिमा ===
[[File:Hikkaduwa - The Big Buddha Statue (Tsunami Honganji Viharaya).jpg|thumb|विशाल बुद्ध प्रतिमा]]
विशाल बुद्ध प्रतिमा (सुनामी होंगांजी विहारया) {{cvt|30|m}} ऊँची है। यह [[अफगानिस्तान]] में [[तालिबान]] द्वारा नष्ट की गई [[बामियान के बुद्ध|6वीं शताब्दी की बामियान बुद्ध प्रतिमाओं]] की प्रतिकृति है।<ref>{{cite web | url=https://amazinglanka.com/wp/tsunami-honganji-viharaya/ | title=Paraliya Tsunami Honganji Viharaya }}</ref>
== उल्लेखनीय व्यक्तित्व ==
* '''[[रयान रेनॉल्ड्स]]''', अमेरिकी [[अभिनेता]] (''[[डेडपूल (फ़िल्म)|डेडपूल]]'', ''[[फ्री गाय]]''), ने 2023 में कहा था कि "हिक्काडुवा उनका अब तक का सबसे पसंदीदा मूवी शूटिंग लोकेशन है"।<ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa is my favourite movie shooting location: Actor Ryan Reynolds |url=https://www.dailymirror.lk/breaking-news/Hikkaduwa-is-my-favourite-movie-shooting-location-Actor-Ryan-Reynolds/108-255308 |access-date=2026-02-22 |website=Daily Mirror}}</ref><ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa becomes Ryan Reynolds’ favourite location |url=https://island.lk/hikkaduwa-becomes-ryan-reynolds-favourite-location/|access-date=2026-02-22 |website=The Island}}</ref>
* '''आर्थर सी. क्लार्क''', विज्ञान कथा लेखक और ''[[२००१: अ स्पेस ओडिसी|2001: ए स्पेस ओडिसी]]'' के लेखक, हिक्काडुवा में रहते थे।<ref>[https://arthurcclarke.org/site/sri-lanka/clarke-and-sri-lanka/conservation/ Arthur C. Clarke official site]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[थिरानगामा]]
* [[दोदांडुवा]]
* [[गाल्ले का किला]]
== संदर्भ ==
{{Commons category|Hikkaduwa}}
{{Reflist}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:श्रीलंका]]
[[श्रेणी:दक्षिण जंबुद्वीप]]
[[श्रेणी:एशिया के देश]]
[[श्रेणी:हिन्द महासागर के द्वीप]]
[[श्रेणी:द्वीप देश]]
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[[श्रेणी:कॉमनवेल्थ के सदस्य]]
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| postal_code = 80240<ref>{{cite web |url=http://mohanjith.net/postal_codes/southern/galle/80240-hikkaduwa.html |title=Hikkaduwa Post Office – Sri Lanka Postal Codes |publisher=Mohanjith |access-date=2015-10-19 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170321125241/http://mohanjith.net/postal_codes/southern/galle/80240-hikkaduwa.html |archive-date=2017-03-21 |url-status=dead }}</ref>
|footnotes =
}}
'''हिक्काडुवा (Hikkaduwa)''', दक्षिण-पश्चिम [[श्रीलंका]] में हिंद महासागर के किनारे स्थित एक विशाल तटीय क्षेत्र है, जो {{cvt|24|km}} लंबी [[तटरेखा]]<ref>Anuththara, Sanju & Priyadarshana, K.W.K.A. & Bandara, Nuwan. (2025). Assessing the causes of Coastal Erosion and its ongoing challenges during 2004-2024 in Hikkaduwa Divisional Secretariat in Galle District. II. p 109. </ref> को कवर करता है।
[[हिक्काडुवा क्षेत्र]] कई मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक): शहरी स्थल (townsite); पर्यटन केंद्र (वावुलागोडा, वेवाला<ref name=":0">Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>); नारीगामा (आवासीय क्षेत्र); और [[थिरानगामा]]<ref>Ward Map of Hikkaduwa Urban Council: https://mpclg.gov.lk/web/images/wardmaps/galle/03_Galle_HikkaduwaUC.pdf</ref>, जो एक उच्च श्रेणी का क्षेत्र है।<ref>[https://edition.cnn.com/travel/article/asia-pacific-new-luxury-hotels-2020/index.html cnn.com]</ref><ref>{{cite web |title=Riff Hikkaduwa - Fact Sheet |url=https://fstravel.asia/upload/season2020/sri-lanka-faq/information-about-hotels/Riff_Hikkaduwa_-_Fact_Sheet.pdf |access-date=2026-02-22}}.</ref>
== भूगोल ==
[[दक्षिणी प्रांत, श्रीलंका|दक्षिणी प्रांत]] में स्थित, हिक्काडुवा [[गाले]] से लगभग {{convert|17|km|abbr=on}} उत्तर-पश्चिम में और [[कोलंबो]] से {{convert|98|km|abbr=on}} दक्षिण में स्थित है।
हिक्काडुवा क्षेत्र कई मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित है (उत्तर से दक्षिण तक):<ref name=":0" />
* शहरी क्षेत्र (जिसमें [[बस स्टैंड]], [[बंदरगाह]], [[रेलवे स्टेशन]] शामिल हैं);
* पर्यटन क्षेत्र, जिसमें कई [[होटल]] और [[रेस्तरां]] हैं (वावुलागोडा और वेवाला<ref name=":0" />);
* नारीगामा आवासीय क्षेत्र;
* [[थिरानगामा]] का उच्च श्रेणी का क्षेत्र <ref>[https://www.thetimes.com/travel/inspiration/where-to-go-on-holiday-in-january-sqnjbpvmm The Times]</ref><ref>{{cite web | url=https://www.suitelanka.com/hikkaduwa/ | title=Welcome to the famous beach resort of Hikkaduwa }}</ref> जहाँ [[5-सितारा होटल]] स्थित हैं (हरिथा विला,<ref>[https://theasiacollective.com/haritha-villas-sri-lanka/ The Asia Collective]</ref> रिफ़ होटल<ref>[https://trip101.com/article/5-star-hotels-in-sri-lanka 10 Best 5-Star Hotels In Sri Lanka]</ref>)। यह शांत नारीगामा समुद्र तट ({{cvt|3|km}} लंबी रेतीली पट्टी) से सटा हुआ है।
== आकर्षण ==
=== कोरल अभयारण्य ===
[[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]] श्रीलंका में स्थापित होने वाला पहला [[समुद्री अभयारण्य]] था। यहाँ बहुरंगी [[मूंगा|मूँगे]] (कोरल) की लगभग सत्तर प्रजातियाँ [https://www.circleceylon.com/destination-item/hikkaduwa-sri-lanka/] पाई जाती हैं।<ref>{{Cite web |title=Dept of Wildlife steps into restore coral reefs in Hikkaduwa |url=https://sundaytimes.lk/online/news-online/Dept-of-Wildlife-steps-into-restore-coral-reefs-in-Hikkaduwa/2-1141251 |access-date=2023-12-21 |website=Times Online |language=English}}</ref>
=== रात्रिजीवन ===
हिक्काडुवा शहर अपने [[रात्रिजीवन]] (nightlife) के लिए प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |date=16 November 2018 |title=Insider's Guide To Hikkaduwa, Sri Lanka: Surf, Sharks & Epic Parties |url=https://www.eatsandretreats.com/travel/sri-lanka/where-to-stay/hikkaduwa/ |access-date=2023-12-21 |website=Eats & Retreats Guide |language=en-US}}</ref><ref>''The Rough Guide to Sri Lanka'', Apa Publications.</ref>
=== सर्फिंग ===
हिक्काडुवा श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम तट पर एक लोकप्रिय [[सर्फिंग]] स्थल है।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref> यहाँ कई अलग-अलग सर्फ पॉइंट मौजूद हैं।<ref>[https://thesurfatlas.com/sri-lanka-surf/ The Surf Atlas]</ref>
=== समुद्र तट ===
==== हिक्काडुवा बीच ====
यह पर्यटन क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
==== हिक्काडुवा कछुआ बीच ====
कछुआ बीच (Turtle Beach), हिक्काडुवा समुद्र तट के उत्तरी छोर पर स्थित है। यह अपने प्राकृतिक आवास में [[समुद्री कछुआ|समुद्री कछुओं]] को देखने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है।<ref>{{Cite web |date=2024-10-01 |title=Turtle Beach Hikkaduwa Sri Lanka Destinations |url=https://srilankadestinations.com/turtle-beach-hikkaduwa/ |access-date=2026-01-05 |language=en-US}}</ref>
==== नारीगामा बीच ====
यह दक्षिण की ओर {{cvt|3|km}} तक फैला एक चौड़ा और निरंतर रेतीला समुद्र तट है। यह बीच काफी शांत है।<ref>[https://goodhotelssrilanka.com/thiranagama-sri-lanka/ GoodHotelsSriLanka.com].</ref>
=== विशाल बुद्ध प्रतिमा ===
[[File:Hikkaduwa - The Big Buddha Statue (Tsunami Honganji Viharaya).jpg|thumb|विशाल बुद्ध प्रतिमा]]
विशाल बुद्ध प्रतिमा (सुनामी होंगांजी विहारया) {{cvt|30|m}} ऊँची है। यह [[अफगानिस्तान]] में [[तालिबान]] द्वारा नष्ट की गई [[बामियान के बुद्ध|6वीं शताब्दी की बामियान बुद्ध प्रतिमाओं]] की प्रतिकृति है।<ref>{{cite web | url=https://amazinglanka.com/wp/tsunami-honganji-viharaya/ | title=Paraliya Tsunami Honganji Viharaya }}</ref>
== उल्लेखनीय व्यक्तित्व ==
* '''[[रयान रेनॉल्ड्स]]''', अमेरिकी [[अभिनेता]] (''[[डेडपूल (फ़िल्म)|डेडपूल]]'', ''[[फ्री गाय]]''), ने 2023 में कहा था कि "हिक्काडुवा उनका अब तक का सबसे पसंदीदा मूवी शूटिंग लोकेशन है"।<ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa is my favourite movie shooting location: Actor Ryan Reynolds |url=https://www.dailymirror.lk/breaking-news/Hikkaduwa-is-my-favourite-movie-shooting-location-Actor-Ryan-Reynolds/108-255308 |access-date=2026-02-22 |website=Daily Mirror}}</ref><ref>{{Cite web |title=Hikkaduwa becomes Ryan Reynolds’ favourite location |url=https://island.lk/hikkaduwa-becomes-ryan-reynolds-favourite-location/|access-date=2026-02-22 |website=The Island}}</ref>
* '''[[आर्थर सी. क्लार्क]]''', विज्ञान कथा लेखक और ''[[2001: ए स्पेस ओडिसी]]'' के लेखक, हिक्काडुवा में रहते थे।<ref>[https://arthurcclarke.org/site/sri-lanka/clarke-and-sri-lanka/conservation/ Arthur C. Clarke official site]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[हिक्काडुवा राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[थिरानगामा]]
* [[दोदांडुवा]]
* [[गाल्ले का किला]]
== संदर्भ ==
{{Commons category|Hikkaduwa}}
{{Reflist}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:श्रीलंका]]
[[श्रेणी:दक्षिण जंबुद्वीप]]
[[श्रेणी:एशिया के देश]]
[[श्रेणी:हिन्द महासागर के द्वीप]]
[[श्रेणी:द्वीप देश]]
[[श्रेणी:दक्षिण एशिया के देश]]
[[श्रेणी:कॉमनवेल्थ के सदस्य]]
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