विकिपीडिया hiwiki https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.46.0-wmf.24 first-letter मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विकिपीडिया विकिपीडिया वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता प्रवेशद्वार प्रवेशद्वार वार्ता TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk हिन्दी 0 54 6541107 6539498 2026-04-16T05:59:44Z अनुनाद सिंह 1634 /* बाहरी कड़ियाँ */ 6541107 wikitext text/x-wiki {{Infobox language | name = हिन्दी | altname = आधुनिक मानक हिन्दी | nativename = {{translit|hi|Hindī}} | pronunciation = {{IPA|hi|ˈɦɪndiː|}} | states = [[भारत]] | ethnicity = | region = [[हिंदी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य|हिन्दी पट्टी]] ([[पश्चिमी उत्तर प्रदेश]], [[दिल्ली]]) | speakers_label = बोलनेवाले | speakers = [[मातृभाषा]]: ३५ करोड़{{efn|हिन्दी और उससे संबंधित विभिन्न भाषाओं के वक्ता जिन्होंने अपनी भाषा 'हिन्दी' बताई}} | date = 2011 जनगणना | speakers2 = {{ill|द्वितीय भाषा|en|Second language}}: २६ करोड़ (२०२०)<ref name="e28|hin">{{e28|hin}}</ref><br/>कुल: ६१ करोड़ (२०११–२०२०)<ref name="e28|hin">{{e28|hin}}</ref> | ref = <ref>{{cite web |title=निर्धारित भाषाएँ वक्ताओं की संख्या के अनुसार - 2011 |url=http://www.censusindia.gov.in/2011Census/Language-2011/Statement-1.pdf |publisher=[[भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त]] |date=29 जून 2018}}</ref><ref name="e28|hin">{{e28|hin}}</ref> | familycolor = हिन्द-यूरोपीय | fam2 = [[हिन्द-ईरानी भाषाएँ]] | fam3 = [[हिन्द-आर्य भाषाएँ]] | fam4 = [[मध्य हिन्द-आर्य भाषाएँ]] | fam5 = [[पश्चिमी हिंदी|पश्चिमी हिन्दी भाषाएँ]]<ref name=ELL2/> | fam6 = [[हिन्दुस्तानी भाषा]]<ref name=ELL2>{{ELL2|Hindustani}}</ref> | ancestor = [[शौरसेनी प्राकृत]] | ancestor2 = [[अपभ्रंश]] | ancestor3 = [[पुरानी हिन्दी]] | ancestor4 = [[हिन्दुस्तानी भाषा]] | ancestor5 = [[रेख़्ता]] | script = *[[देवनागरी]] (आधिकारिक) *[[कैथी लिपि]] (ऐतिहासिक) *[[महाजनी लिपि]] (ऐतिहासिक) *[[लण्डा लिपियाँ|लण्डा]] (ऐतिहासिक)<ref>{{Cite book|last=Gangopadhyay|first=Avik|title=Glimpses of Indian Languages|publisher=Evincepub publishing|year=2020|isbn=978-93-90197-82-8|page=43}}</ref> *{{ill|देवनागरी ब्रेल|en|Devanagari Braille}} *[[लातिनी लिपि|लातिनी]] ([[हिंग्लिश]]) | nation = *भारत ** [[अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह]] ** [[बिहार]] ** [[चण्डीगढ़]] ** [[छत्तीसगढ़]] ** [[दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव]] ** [[दिल्ली]] ** [[गुजरात]] ** [[हरियाणा]] ** [[हिमाचल प्रदेश]] ** [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर]] ** [[झारखण्ड]] ** [[लद्दाख़]] ** [[मध्य प्रदेश]] ** [[महाराष्ट्र]] (अतिरिक्त) ** [[राजस्थान]] ** [[उत्तर प्रदेश]] ** [[उत्तराखण्ड]] ** [[पश्चिम बंगाल]] (अतिरिक्त) * [[फ़िजी]] | minority = {{bulleted list | [[दक्षिण अफ़्रीका]] (संरक्षित भाषा)<ref name="auto1">{{cite web|title=दक्षिण अफ्रीका का संविधान, 1996 – अध्याय 1: मूल प्रावधान|url=http://www.gov.za/documents/constitution/chapter-1-founding-provisions|website=www.gov.za|access-date=6 दिसम्बर 2014}}</ref> |[[संयुक्त अरब अमीरात]] (आधिकारिक न्यायालय भाषा)<ref name="thehindu.com">{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/international/abu-dhabi-includes-hindi-as-third-official-court-language/article26229023.ece|title=अबू धाबी ने हिन्दी को तीसरी आधिकारिक न्यायालय भाषा बनाया|newspaper=The Hindu|date=10 फरवरी 2019|via=www.thehindu.com}}</ref> |[[मॉरीशस]] (सांस्कृतिक भाषा के रूप में)<ref>{{ cite web| title = Hindi Speaking Union Act |url=https://culture.govmu.org/Pages/Legislations/The%20Hindi%20Speaking%20Union%20%20Act%201994.pdf|website=www.culture.govmu.org}}</ref>}} | agency = [[केंद्रीय हिंदी निदेशालय|केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय]]<ref>{{cite web |url=http://hindinideshalaya.nic.in/english/aboutus/aboutus.html |title= हमारे बारे में |website=केंद्रीय हिन्दी निदेशालय |archive-url=https://web.archive.org/web/20120504043836/http://hindinideshalaya.nic.in/english/aboutus/aboutus.html |archive-date=4 मई 2012 |access-date=18 फरवरी 2014}}</ref> | iso1 = hi | iso2 = hin | iso3 = hin | lingua = 59-AAF-qf | image = [[File:Hindi dot.svg|Hindi (हिंदी)]] | imagescale = 1.0 | imagecaption = [[देवनागरी]] लिपि में "हिन्दी" शब्द | map = Hindi 2011 Indian Census by district.svg | mapcaption = [[भारत की जनगणना २०११|भारत में २०११ जनगणना]] के अनुसार हिन्दी मातृभाषा वक्ताओं का वितरण | notice = भारतीय | sign = [[भारतीय हस्ताक्षर प्रणाली]] | glotto = hind1269 | glottorefname = हिन्दी }} '''आधुनिक मानक हिन्दी''', जिसे सामान्यतः '''हिन्दी''' या '''हिंदी''' कहा जाता है, विश्व की एक प्रमुख [[भाषा]] और [[भारत]] की [[राजभाषा]] है। केन्द्रीय स्तर पर [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] सह-[[आधिकारिक भाषा]] है। आधुनिक मानक हिन्दी में [[संस्कृत]] के [[तत्सम]] और [[तद्भव]] शब्दों का प्रयोग अधिक होता है, जबकि [[अरबी भाषा|अरबी]]–[[फ़ारसी]] शब्द अपेक्षाकृत कम हैं। [[भारत का संविधान]] हिन्दी को [[राजभाषा]] के रूप में मान्यता देता है और यह भारत में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली [[भाषा]] है। संविधान में '[[राष्ट्रभाषा]]' शब्द का उल्लेख नहीं है, इसलिए हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं बल्कि राजभाषा है।<ref>{{cite web|url=https://www.firstpost.com/india/why-hindi-isnt-the-national-language-6733241.html|title=Why Hindi isn't the national language|archive-url=https://web.archive.org/web/20190603135908/https://www.firstpost.com/india/why-hindi-isnt-the-national-language-6733241.html|archive-date=3 जून 2019|access-date=3 जून 2019|url-status=dead}}</ref><ref name="National TOI">{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/Theres-no-national-language-in-India-Gujarat-High-Court/articleshow/5496231.cms|title=There's no national language in India: Gujarat High Court|last=Khan|first=Saeed|date=25 January 2010|location=Ahmedabad|accessdate=5 May 2014|newspaper=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इण्डिया]]|publisher=[[टाइम्स समूह]]|url-status=live|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140318040319/http://timesofindia.indiatimes.com/india/Theres-no-national-language-in-India-Gujarat-High-Court/articleshow/5496231.cms|archivedate=18 March 2014|df=dmy-all}}</ref> ''[[ऍथनोलॉग]]'' के अनुसार, हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।<ref>{{Cite web |url=http://www.newsonair.com/News?title=Hindi-is-3rd-most-spoken-language-in-the-world-with-615-million-speakers-after-English%2C-Mandarin&id=381514 |title=Hindi is 3rd most spoken language in the world with 615 million speakers after English, Mandarin |access-date=18 फरवरी 2020 |archive-date=14 अप्रैल 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200414045450/http://www.newsonair.com/News?title=Hindi-is-3rd-most-spoken-language-in-the-world-with-615-million-speakers-after-English%2C-Mandarin&id=381514 |url-status=dead }}</ref> [[विश्व आर्थिक मंच]] की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है।<ref name="auto">{{Cite web|url=https://www.weforum.org/agenda/2016/12/these-are-the-most-powerful-languages-in-the-world/|title=These are the most powerful languages in the world|website=World Economic Forum|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190324152019/https://www.weforum.org/agenda/2016/12/these-are-the-most-powerful-languages-in-the-world/|archive-date=24 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> [[भारत की जनगणना २०११|२०११]] में ५७.१% भारतीय जनसंख्या हिन्दी जानती है,<ref name="fulllangdatacensus 2011" /> जिसमें से ४३.६३% भारतीय लोगों ने हिन्दी को अपनी मूल भाषा या मातृभाषा घोषित किया था।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms|title=Hindi mother tongue of 44% in India, Bangla second most spoken|access-date=27 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180720174858/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms|archive-date=20 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823|title=What India speaks: South Indian languages are growing, but not as fast as Hindi|access-date=29 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190216003937/https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823|archive-date=16 फरवरी 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms|title=Only 12% Hindi speakers bilingual: Census|access-date=13 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181113172718/https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms|archive-date=13 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref> इसके अतिरिक्त भारत, [[पाकिस्तान]] और अन्य देशों में १४.१ करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली [[उर्दू]], व्याकरण के आधार पर हिन्दी के समान है, एवं दोनों ही [[हिन्दुस्तानी भाषा]] की परस्पर सुबोध रूप हैं। एक विशाल संख्या में लोग हिन्दी और उर्दू दोनों को ही समझ सकते थे। भारत में हिन्दी, विभिन्न भारतीय राज्यों की १४ आधिकारिक भाषाओं और क्षेत्र की बोलियों का उपयोग करने वाले लगभग १ अरब लोगों में से अधिकांश की दूसरी भाषा है। हिन्दी भारत में [[संपर्क भाषा]] का कार्य करती है <ref name="fulllangdatacensus 2011">{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/how-languagesintersect-in-india/story-g3nzNwFppYV7XvCumRzlYL.html|title=How languages intersect in India|publisher=Hindustan Times|access-date=26 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181122091352/https://www.hindustantimes.com/india-news/how-languagesintersect-in-india/story-g3nzNwFppYV7XvCumRzlYL.html|archive-date=22 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/static/iframes/language_probability_interactive/index.html|title=How many Indians can you talk to?|website=www.hindustantimes.com|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20181122133636/https://www.hindustantimes.com/static/iframes/language_probability_interactive/index.html|archive-date=22 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref> और कुछ हद तक पूरे भारत में सामान्यतः एक सरल रूप में समझी जाने वाली भाषा है। कभी कभी 'हिन्दी' शब्द का प्रयोग नौ भारतीय प्रदेशों के संदर्भ में भी उपयोग किया जाता है, जिन की आधिकारिक भाषा हिन्दी है और हिन्दी भाषी बहुमत है, अर्थात् [[बिहार]], [[छत्तीसगढ़]], [[हरियाणा]], [[हिमाचल प्रदेश]], [[झारखंड]], [[मध्य प्रदेश]], [[राजस्थान]], [[उत्तराखंड]], [[जम्मू और कश्मीर]] (२०२० से) [[उत्तर प्रदेश]] और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र [[दिल्ली]] का। हिन्दी और [[हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य|इस बोलियाँ]] संपूर्ण भारत के विविध राज्यों में बोली जाती हैं। भारत और अन्य देशों में भी लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/research/hindi-diwas-2018-hindi-travelled-to-these-five-countries-from-india/|title=Hindi Diwas 2018: Hindi travelled to these five countries from India|date=14 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190403145939/https://indianexpress.com/article/research/hindi-diwas-2018-hindi-travelled-to-these-five-countries-from-india/|archive-date=3 अप्रैल 2019|accessdate=1 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> [[फिजी]], [[मॉरिशस]], [[गयाना]], [[सूरीनाम]], [[नेपाल]] और [[संयुक्त अरब अमीरात]] में भी हिन्दी या इस की मान्य बोलियों का उपयोग करने वाले लोगों की बड़ी संख्या मौजूद है।<ref name="ethnologue.com" /> <ref>[https://www.jagran.com/editorial/apnibaat-hindi-making-its-identity-india-strength-on-global-platform-will-give-respect-to-languages-of-country-23330819.html अपनी पहचान बनाती हिंदी, वैश्विक मंच पर भारत की मजबूती से ही देश की भाषाओं को मिलेगा सम्मान]</ref>फरवरी २०१९ में [[अबू धाबी]] में हिन्दी को न्यायालय की तीसरी भाषा के रूप में मान्यता मिली।<ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/literaturearticles/abu-dhabi-recognises-hindi-language|title=वसंत पंचमी पर अबू धाबी से हिन्दी भाषा के लिए आया सुखद संदेश|archive-url=https://web.archive.org/web/20190215053440/https://www.prabhasakshi.com/literaturearticles/abu-dhabi-recognises-hindi-language|archive-date=15 फ़रवरी 2019|accessdate=1 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://hindi.timesnownews.com/world/article/hindi-to-become-third-language-used-in-abu-dhabi-dubai-court-system/363296|title=मुस्लिम देश अबू धाबी का ऐतिहासिक फैसला, हिन्दी को बनाया अदालतों में तीसरी आधिकारिक भाषा|website=hindi.timesnownews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190215050340/https://hindi.timesnownews.com/world/article/hindi-to-become-third-language-used-in-abu-dhabi-dubai-court-system/363296|archive-date=15 फरवरी 2019|accessdate=1 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref><ref>[ https://hindi.oneindia.com/news/india/the-abu-dhabi-judicial-department-acknowledged-hindi-language-as-official-language-492820.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190215050353/https://hindi.oneindia.com/news/india/the-abu-dhabi-judicial-department-acknowledged-hindi-language-as-official-language-492820.html|date=15 फ़रवरी 2019}} अबू धाबी में हिन्दी अब न्यायपालिका की आधिकारिक भाषा, सुषमा स्वराज ने कहा शुक्रिया</ref> 'देशी', 'भाखा' (भाषा), 'देशना वचन' ([[विद्यापति]]), 'हिन्दवी', 'दक्खिनी', 'रेख्ता' (रेख़ता), 'आर्यभाषा' ([[दयानंद सरस्वती]]), '[[हिन्दुस्तानी]]', '[[खड़ी बोली]]',<ref>{{Cite web|url=http://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=हिन्दी - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर|website=bharatdiscovery.org|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190311030857/http://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80|archive-date=11 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref> 'भारती' आदि हिन्दी के अन्य नाम हैं, जो विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों में एवं विभिन्न संदर्भों में प्रयुक्त हुए हैं। हिन्दी, [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार|यूरोपीय भाषा-परिवार]] के अंदर आती है। ये [[हिन्द ईरानी|हिन्द ईरानी]] शाखा की [[हिन्द आर्य|हिन्द आर्य]] उपशाखा के अंतर्गत वर्गीकृत है। एथ्नोलॉग (२०२२, २५वाँ संस्करण) की प्रतिवेदन के अनुसार विश्वभर में हिन्दी को प्रथम और द्वितीय भाषा के रूप में बोलने वाले लोगों की संख्या के आधार पर हिन्दी विश्व की [[विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं की सूची|तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।]]<ref>{{Cite web|url=https://www.ethnologue.com/insights/eth nologue200/|title=What are the top 200 most spoken languages?|website=Ethnologue (Free All)|language=en|access-date=2023-03-31}}</ref> हिन्दी को [[संयुक्त राष्ट्र संघ]] की गैर आधिकारिक भाषाओं की सूची में सम्मिलित किया गया है।<ref>[https://news.un.org/hi/story/2025/02/1082851 विश्व हिन्दी दिवस : वैश्विक भाषाई कुंजी के रूप में हिन्दी की महत्ता]</ref> == नामोत्पत्ति == हिंदी के नाम की उत्पत्ति,हिन्दी शब्द का संबंध [[संस्कृत]] शब्द '{{lang|sa|सिन्धु}}' (मानक हिन्दी : सिंधु) से माना जाता है। 'सिंधु', [[सिंधु नदी]] को कहते थे और उसी आधार पर उसके आस पास की भूमि को सिंधु कहने लगे। यह सिंधु शब्द [[ईरानी]] में जाकर ‘[[हिन्दू]]’, हिन्दी और फिर ‘हिन्द’ हो गया। बाद में ईरानी धीरे धीरे भारत के अधिक भागों से परिचित होते गए और इस शब्द के अर्थ में विस्तार होता गया तथा हिन्द शब्द पूरे भारत का वाचक हो गया। इसी में ईरानी का ईक प्रत्यय लगने से (हिन्द+ईक) ‘हिन्दीक’ बना जिसका अर्थ है ‘हिन्द का’। यूनानी शब्द ‘इंडिका’ या लातिन 'इंडेया' या अंग्रेज़ी शब्द ‘इण्डिया’ आदि इस ‘हिन्दीक’ के ही दूसरे रूप हैं। हिन्दी भाषा के लिए इस शब्द का प्राचीनतम प्रयोग शरफुद्दीन यज्दी’ के ‘ज़फरनामा’([[१४२४|१४२४]]) में मिलता है। प्रमुख '''उर्दू''' लेखक ''१९वीं'' सदी तक अपनी भाषा को '''हिन्दी''' या '''हिन्दवी''' ही कहते थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu|title=A Historical Perspective of Urdu {{!}} National Council for Promotion of Urdu Language|date=2022-10-15|website=web.archive.org|access-date=2022-10-25|archive-date=15 अक्तूबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221015162643/https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu|url-status=bot: unknown}}</ref> प्रोफेसर महावीर सरन जैन ने अपने "हिन्दी एवं उर्दू का अद्वैत" शीर्षक आलेख में हिन्दी की व्युत्पत्ति पर विचार करते हुए कहा है कि ईरान की प्राचीन भाषा अवेस्ता में 'स्' ध्वनि नहीं बोली जाती थी बल्कि 'स्' को 'ह्' की तरह बोला जाता था। जैसे संस्कृत शब्द 'असुर' का अवेस्ता में सजाति समकक्ष शब्द 'अहुर' था। [[अफ़ग़ानिस्तान]] के बाद सिंधु नदी के इस पार हिन्दुस्तान और ईरान के प्राचीन [[फ़ारसी]] साहित्य में भी 'हिन्द', 'हिन्दुश' के नामों से पुकारा गया है तथा यहाँ की किसी भी वस्तु, भाषा, विचार को विशेषण के रूप में 'हिन्दीक' कहा गया है जिसका मतलब है 'हिन्द का' या 'हिन्द से'। यही 'हिन्दीक' शब्द अरबी से होता हुआ ग्रीक में 'इंडिके', 'इंडिका', लातिन में 'इंडेया' तथा अंग्रेज़ी में 'इण्डिया' बन गया। दूसरा एक भावना के मुताबिक, [[अरबी भाषा|अरबी]] ''هندية हिन्दीया'' लफ्ज के साधारण लातिनी कृत रूप है इण्डिया India''. जैसे Hindiyyah (मूल अरबी) > Hindia साधारणीकृत > India लातिनीकृत.'' [[अरबी भाषा|अरबी]] एवं [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] साहित्य में भारत (हिन्द) में बोली जाने वाली भाषाओं के लिए 'ज़ुबान-ए-हिन्दी' पद का उपयोग हुवा है। भारत आने के बाद अरबी-फ़ारसी भाषा बोलने वालों ने 'जुबान-ए-हिन्दी', 'हिन्दी ज़ुबान' अथवा 'हिन्दी' का प्रयोग दिल्ली आगरा के चारों ओर बोली जाने वाली भाषा के अर्थ में किया। == भाषायी उत्पत्ति और इतिहास == {{मुख्य|हिन्दी भाषा का इतिहास}} हिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक सहस्र वर्ष पुराना माना जाता है। इसकी एक लम्बी साहित्यिक परंपरा भी रही है। हिन्दी भाषा व साहित्‍य के जानकार [[अपभ्रंश]] की अंतिम अवस्‍था '[[अवहट्ठ]]' से हिन्दी का उद्भव स्‍वीकार करते हैं। <ref>[https://www.amarujala.com/columns/blog/hindi-diwas-2019-hindi-language-history-in-hindi?pageId=1 हिन्दी के विकास की यात्रा, हिन्दी कैसे बनी भारत के हृदय की भाषा] (2019)</ref> [[चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी'|चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी']] ने इसी अवहट्ट को 'पुरानी हिन्दी' नाम दिया। [[अपभ्रंश]] की समाप्ति और आधुनिक भारतीय भाषाओं के जन्मकाल के समय को संक्रांतिकाल कहा जा सकता है। हिन्दी का स्वरूप [[शौरसेनी]] और [[अर्धमागधी]] अपभ्रंशों से विकसित हुआ है। [[1000]] ई. के आसपास इसकी स्वतन्त्र सत्ता का परिचय मिलने लगा था, जब अपभ्रंश भाषाएँ साहित्यिक संदर्भों में प्रयोग में आ रही थीं। यही भाषाएँ बाद में विकसित होकर आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं के रूप में अभिहित हुईं। अपभ्रंश का जो भी कथ्य रूप था - वही आधुनिक बोलियों में विकसित हुआ। अपभ्रंश के संबंध में ‘देशी’ शब्द की भी बहुधा चर्चा की जाती है। वास्तव में ‘देशी’ से देशी शब्द एवं देशी भाषा दोनों का बोध होता है। [[भरत मुनि]] ने [[नाट्यशास्त्र]] में उन शब्दों को ‘देशी’ कहा है जो [[संस्कृत]] के [[तत्सम]] एवं तद्भव रूपों से भिन्न हैं। ये ‘देशी’ शब्द जनभाषा के प्रचलित शब्द थे, जो स्वभावतः अप्रभंश में भी चले आए थे। जनभाषा व्याकरण के नियमों का अनुसरण नहीं करती, परंतु व्याकरण को जनभाषा की प्रवृत्तियों का विश्लेषण करना पड़ता है। [[प्राकृत]]-वैयाकरणों ने संस्कृत के ढाँचे पर व्याकरण लिखे और [[संस्कृत]] को ही [[प्राकृत]] आदि की प्रकृति माना। अतः जो शब्द उनके नियमों की पकड़ में न आ सके, उनको देशी संज्ञा दी गयी। मध्य काल में भारत में [[फारसी]] भले ही राजभाषा थी, किंतु जनता में व्यवहार की भाषा तो हिन्दी ही थी, जिसे 'भाखा' या 'भाषा' कहा गया। मुसलमानों के आगमन से इसे 'हिंदूई', 'हिंदवी' और फिर 'हिंदी' नाम दिया गया। दक्षिण में जाकर यही 'दक्खिनी हिंदी' कहलाई। साधु-संतों और सूफियों ने इसी भाषा को अपने प्रचार का माध्यम बनाया और यह एक संपर्क भाषा के रूप में ढलती चली गई। उत्तर भारत के संत [[सूरदास]], [[तुलसीदास]] तथा [[मीराबाई]], दक्षिण भारत के प्रमुख संत [[वल्लभाचार्य]], [[रामानंद]], महाराष्ट्र के संत [[नामदेव]], राजस्थान के संत [[दादू दयाल]] तथा पंजाब के [[गुरु नानक]] आदि संतों ने अपने धर्म तथा संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए हिन्दी को ही सशक्त माध्यम बनाया । अंग्रेज़ी काल में [[भारतेन्दु हरिश्चन्द्र|भारतेंदु हरिश्चंद]] के समय हिन्दी के विकास में एक नयी चेतना आयी। गुजरात के ऋषि [[दयानंद सरस्वती]] ने हिन्दी को आर्ष भाषा कहा और अपना प्रसिद्ध ग्रन्थ [[सत्यार्थ प्रकाश]] की रचना हिन्दी में ही की। आगे चलकर उनके अनुयायियों ने भी हिन्दी के प्रचार-प्रसार में महती भूमिका निभायी। २०वीं शताब्दी में [[भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन]] के समय [[महात्मा गाँधी]] सहित अनेक नेताओं ने भारतीय एकता के लिये हिन्दी के विकास का समर्थन किया। [[काशी नागरी प्रचारिणी सभा]] और [[हिन्दी साहित्य सम्मेलन|हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग]] के प्रयासों से हिन्दी को एक नयी ऊँचाई मिली। [[भारत की स्वतन्त्रता]] के पश्चात [[भारतीय संविधान|संविधान]] निर्माताओं ने हिन्दी को भारत की [[राजभाषा]] स्वीकार किया। <ref>[https://www.hindikeguru.com/2020/10/hindi-bhasha-ka-vikas.html हिन्दी भाषा का इतिहास और हिन्दी भाषा का विकास]</ref> भारत के संविधान में [[देवनागरी लिपि]] के साथ यही हिंदी [[भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी|राजभाषा]] के पद पर आसीन होकर केन्द्रीय सरकार में प्रशासन की भाषा के रूप में अपने दायित्व का निर्वाह कर रही है। १९८० के दशक में [[ओशो]] ने अपने प्रवचनों का माध्यम अपनी स्वाभाविक हिन्दी को ही बनाया और अत्यन्त लोकप्रिय हुए।<ref>[https://scroll.in/article/1088722/how-osho-taught-hindi-to-think How Osho taught Hindi to think]</ref> भारत के संविधान में हिन्दी को राजभाषा स्वीकार किए जाने के बाद अब केवल साहित्यिक क्षेत्र तक ही सीमित न रह कर हिन्दी देश की प्रशासनिक, न्यायिक, वाणिज्यिक और विधायी क्षेत्र की भाषा के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हिन्दी अब मात्र उत्तर के एक विशेष क्षेत्र की ही भाषा नहीं, वरन् सम्पूर्ण भारत संघ की राजभाषा समस्त देश की सम्पर्क भाषा और राष्ट्र भाषा है। इस प्रकार हिन्दी को ही यह श्रेय प्राप्त है कि वह विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र की राजभाषा है। हिन्दी भारत में ही नहीं, भारत के बाहर भी विश्व के अनेक देशों में बोली, समझी और पढ़ाई जाती है। आज विश्व के लगभग 150 विश्वविद्यालयों में हिन्दी के पठन-पाठन की व्यवस्था है। विदेशों में बसे करोड़ों की संख्या में प्रवासी भारतीयों और भारत मूल के लोगों के बीच आत्मीयता के सम्बन्ध सूत्र स्थापित करने और उन्हें भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति से निरन्तर जोड़े रखने में हिन्दी एक सशक्त माध्यम का काम कर रही है। == शैलियाँ == {{हिन्दुस्तानी भाषा}} भाषाशास्त्र के अनुसार हिन्दी के चार प्रमुख रूप या शैलियाँ हैं। '''१. मानक हिन्दी''' - हिन्दी का मानकीकृत रूप, जिस की लिपि देवनागरी है। इस में [[संस्कृत]] भाषा के कई शब्द है, जिन्होंने [[फ़ारसी]] और [[अरबी भाषा|अरबी]] के कई शब्दों का स्थान ले लिया है। इसे 'शुद्ध हिन्दी' भी कहते हैं। यह [[खड़ीबोली]] पर आधारित है, जो [[दिल्ली]] और उसके आस पास के क्षेत्रों में बोली जाती थी। '''२. दक्षिणी हिन्दी''' - उर्दू हिन्दी का वह रूप जो [[हैदराबाद]] और उस के आस पास के स्थानों में बोला जाता है। इस में फ़ारसी अरबी के शब्द उर्दू की अपेक्षा कम होते हैं। '''रेख्ता''' - उर्दू का वह रूप जो शायरी में प्रयुक्त होता था। '''४. [[उर्दू]]''' - हिन्दी का वह रूप जो देवनागरी लिपि के बजाय फ़ारसी अरबी लिपि में लिखा जाता है। इस में संस्कृत के शब्द कम होते हैं, और फ़ारसी अरबी के शब्द अधिक। यह भी खड़ीबोली पर ही आधारित है।<ref>{{cite book |title=Concise Encyclopedia of Languages of the World |trans-title=दुनिया की भाषाओं का संक्षिप्त विश्वकोश |url=https://books.google.co.in/books?id=F2SRqDzB50wC |author=कीथ ब्राउन, सारा ओगिल्वी |publisher=एल्सेवियर |year=२०१० |isbn=9780080877754 |page=498 |quote= |access-date=18 नवंबर 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151119103527/https://books.google.co.in/books?id=F2SRqDzB50wC |archive-date=19 नवंबर 2015 |url-status=live }}</ref> हिन्दी और उर्दू दोनों को मिलाकर [[हिन्दुस्तानी]] भाषा कहा जाता है। हिन्दुस्तानी मानकीकृत हिन्दी और मानकीकृत [[उर्दू]] के बोलचाल की भाषा है। इस में शुद्ध संस्कृत और शुद्ध फ़ारसी अरबी दोनों के शब्द कम होते हैं और तद्भव शब्द अधिक। उच्च हिन्दी [[भारत|भारतीय संघ]] की राजभाषा है (''अनुच्छेद [[३४३|३४३,]] भारतीय संविधान'')। यह इन भारतीय राज्यों की भी राजभाषा है : [[उत्तर प्रदेश]], [[बिहार]], [[झारखंड]], [[मध्य प्रदेश]], [[उत्तरांचल]], [[हिमाचल प्रदेश]], [[छत्तीसगढ़]], [[राजस्थान]], [[हरियाणा]] और [[दिल्ली]]। इन राज्यों के अतिरिक्त [[महाराष्ट्र]], [[गुजरात]], [[पश्चिम बंगाल]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और हिन्दी भाषी राज्यों से लगते अन्य राज्यों में भी हिन्दी भाषा बोलने वालों की संख्या है। उर्दू [[पाकिस्तान]] की और भारतीय राज्य [[जम्मू और कश्मीर]] की राजभाषा है, इस के अतिरिक्त [[उत्तर प्रदेश]], [[बिहार]], [[तेलंगाना]] और [[दिल्ली]] में द्वितीय राजभाषा है। यह लगभग सभी ऐसे राज्यों की सह राजभाषा है जिन की मुख्य राजभाषा हिन्दी है। === हिन्दी एवं उर्दू === {{मुख्य|हिन्दी एवं उर्दू}} भाषाविद् हिन्दी एवं [[उर्दू भाषा|उर्दू]] को एक ही भाषा समझते हैं। हिन्दी [[देवनागरी]] लिपि में लिखी जाती है और शब्दावली के स्तर पर अधिकांशतः [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के शब्दों का प्रयोग करती है। उर्दू, [[नस्तालिक|नस्तालिक लिपि]] में लिखी जाती है और शब्दावली के स्तर पर [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] और [[अरबी भाषा|अरबी]] भाषाओं का प्रभाव अधिक है। हालाँकि [[व्याकरण|व्याकरणिक]] रूप से उर्दू और हिन्दी में कोई अंतर नहीं है परंतु कुछ विशेष क्षेत्रों में शब्दावली के स्रोत (जैसा कि ऊपर लिखा गया है) में अंतर है। कुछ विशेष ध्वनियाँ उर्दू में अरबी और फ़ारसी से ली गयी हैं और इसी प्रकार फ़ारसी और अरबी की कुछ विशेष व्याकरणिक संरचनाएँ भी प्रयोग की जाती हैं। उर्दू और हिन्दी खड़ी बोली की दो आधिकारिक शैलियाँ हैं। === मानकीकरण === {{मुख्य|हिन्दी वर्तनी मानकीकरण}} स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद से हिन्दी और देवनागरी के मानकीकरण की दिशा में निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रयास हुये हैं - * हिन्दी [[व्याकरण]] का मानकीकरण। * वर्तनी का मानकीकरण। * [[शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार|शिक्षा मंत्रालय]] के निर्देश पर [[केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय]] द्वारा [[देवनागरी]] का मानकीकरण। * वैज्ञानिक ढंग से [[देवनागरी]] लिखने के लिये एकरूपता के प्रयास। * [[देवनागरी यूनिकोड खण्ड|यूनिकोड का विकास]]। == बोलियाँ == {{मुख्य|हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य}} हिन्दी का क्षेत्र विशाल है तथा हिन्दी की अनेक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं। इनमें से कुछ में अत्यन्त उच्च श्रेणी के साहित्य की रचना भी हुई है। ऐसी बोलियों में [[ब्रजभाषा]] और [[अवधी]] प्रमुख हैं। ये बोलियाँ हिन्दी की विविधता हैं और उसकी शक्ति भी। वे हिन्दी की जड़ों को गहरा बनाती हैं। हिन्दी की बोलियाँ और उन बोलियों की उपबोलियाँ हैं जो न केवल अपने में एक बड़ी परंपरा, [[इतिहास]], [[सभ्यता]] को समेटे हुए हैं वरन स्वतन्त्रता संग्राम, जनसंघर्ष, वर्तमान के बाजारवाद के विरुद्ध भी उसका रचना संसार सचेत है।<ref>{{cite web|url= http://hindi.webduniya.com/miscellaneous/special07/hindiday/0709/13/1070913069_1.htm|title= अपने घर में कब तक बेगानी रहेगी हिन्दी|access-date= [[9 जून]] [[2008]]|format= एचटीएम|publisher= वेब दुनिया|language= }}{{Dead link|date=जून 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> हिन्दी की बोलियों में प्रमुख हैं- [[अवधी]], [[ब्रजभाषा]], [[कन्नौजी]], [[बुंदेली]], [[बघेली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[हरयाणवी]], [[राजस्थानी भाषा|राजस्थानी]], [[छत्तीसगढ़ी]], [[मालवी]], [[नागपुरी भाषा|नागपुरी]], [[खोरठा भाषा|खोरठा]], [[पंचपरगनिया भाषा|पंचपरगनिया]], [[कुमाउँनी]], [[मगही]] आदि। किंतु हिन्दी के मुख्य दो भेद हैं - पश्चिमी हिन्दी तथा पूर्वी हिन्दी। == लिपि == {{मुख्य|देवनागरी}} {{देवनागरी साइडबार}} हिन्दी को [[देवनागरी लिपि]] में लिखा जाता है। इसे '''नागरी '''के नाम से भी जाना जाता है। देवनागरी में [[११|11]] [[स्वर]] और [[३३|33]] [[व्यंजन वर्ण|व्यंजन]] हैं। इसे बाईं से दाईं ओर लिखा जाता है। == शब्दावली == हिन्दी शब्दावली में मुख्यतः चार वर्ग हैं। * '''[[तत्सम]] शब्द''' – ये वे शब्द हैं जिनको संस्कृत से बिना कोई रूप बदले ले लिया गया है। जैसे अग्नि, दुग्ध, दंत (दन्त), मुख। (परंतु हिन्दी में आने पर ऐसे शब्दों से विसर्ग का लोप हो जाता है जैसे संस्कृत 'नामः' हिन्दी में केवल 'नाम' हो जाता है।<ref name="sirysq">Masica, p. 65</ref>) * '''[[तद्भव]] शब्द''' – ये वे शब्द हैं जिनका जन्म संस्कृत या [[प्राकृत]] में हुआ था, लेकिन उनमें बहुत ऐतिहासिक बदलाव आया है। जैसे आग, दूध, दाँत, मुँह। *'''[[देशज]] शब्द''' – ''देशज'' का अर्थ है 'जो देश में ही उपजा या बना हो'। तो देशज शब्द का अर्थ हुआ जो न तो विदेशी भाषा का हो और न किसी दूसरी भाषा के शब्द से बना हो। ऐसा शब्द जो न संस्कृत का हो, न संस्कृत-शब्द का अपभ्रंश हो। ऐसा शब्द किसी प्रदेश (क्षेत्र) के लोगों द्वारा बोल-चाल में यूँ ही बना लिया जाता है। जैसे खटिया, लुटिया। *'''विदेशी शब्द''' – इसके अतिरिक्त हिन्दी में कई शब्द अरबी, फ़ारसी, तुर्की, अंग्रेज़ी आदि से भी आये हैं। इन्हें '''विदेशी शब्द''' कहते हैं। जिस हिन्दी में अरबी, फ़ारसी और अंग्रेज़ी के शब्द लगभग पूर्ण रूप से हटा कर तत्सम शब्दों को ही प्रयोग में लाया जाता है, उसे "शुद्ध हिन्दी" या "मानकीकृत हिन्दी" कहते हैं। == हिन्दी स्वरविज्ञान == {{मुख्य|स्वनविज्ञान}} देवनागरी लिपि में हिन्दी की ध्वनियाँ इस प्रकार हैं : === स्वर === ये स्वर आधुनिक हिन्दी (खड़ीबोली) के लिये दिये गये हैं। {|align="center" border="2" class=wikitable width=100% ! '''वर्णाक्षर'''||''"प" के साथ मात्रा'''||'''[[अ॰ध॰व॰]] उच्चारण'''||"प्" के साथ उच्चारण||'''[[आईएसओ १५९१९|ISO]] समतुल्य'''||'''[[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] समतुल्य''' |-align="center" | अ||प||{{IPA|/ ə /}}||{{IPA|/ pə /}}||a|| बीच का मध्य प्रसृत स्वर | |-align="center" | आ||पा||{{IPA|/ ɑ: /}}||{{IPA|/ pɑ: /}}||ā|| दीर्घ विवृत पश्व प्रसृत स्वर |-align="center" | इ||पि||{{IPA|/ ɪ /}}||{{IPA|/ pɪ /}}||i|| ह्रस्व संवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ई||पी||{{IPA|/ i: /}}||{{IPA|/ pi: /}}||ī|| दीर्घ संवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | उ||पु||{{IPA|/ ʊ /}}||{{IPA|/ pʊ /}}||u|| ह्रस्व संवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | ऊ||पू||{{IPA|/ u: /}}||{{IPA|/ pu: /}}||ū|| दीर्घ संवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | ए||पे||{{IPA|/ e: /}}||Aa{{IPA|/ pe: /}}||e|| दीर्घ अर्धसंवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ऐ||पै||{{IPA|/ ɛ: /}}||{{IPA|/ pɛ: /}}||ai|| दीर्घ लगभग-विवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ओ||पो||{{IPA|/ ο: /}}||{{IPA|/ pο: /}}||o|| दीर्घ अर्धसंवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | औ||पौ||{{IPA|/ ɔ: /}}||{{IPA|/ pɔ: /}}||au|| दीर्घ अर्धविवृत पश्व वर्तुल स्वर | |- |} इसके अलावा हिन्दी और संस्कृत में ये वर्णाक्षर भी स्वर माने जाते हैं : * '''ऋ''' — इसका उच्चारण संस्कृत में /r̩/ था मगर आधुनिक हिन्दी में इसे /ɻɪ/ उच्चारित किया जाता है । * '''अं''' — पंचम वर्ण - ङ्, ञ्, ण्, न्, म् का नासिकीकरण करने के लिए (अनुस्वार) * '''अँ''' — स्वर का अनुनासिकीकरण करने के लिए (चंद्र बिंदु) * '''अः''' — अघोष "ह्" (निःश्वास) के लिए (विसर्ग) === व्यंजन === जब किसी स्वर प्रयोग ना हो तो वहाँ पर डिफॉल्ट रूप से 'अ' स्वर माना जाता है। स्वर के ना होना व्यंजन के नीचे हलंत् या [[विराम (चिन्ह)|विराम]] लगाके दर्शाया जाता है। जैसे क्‌ /k/, ख्‌ /kʰ/, ग्‌ /g/ और घ्‌ /gʱ/। {|border="2" class=wikitable width=100% |+align="center" colspan="6"|स्पर्श (प्लोसिव) |- !width=10%| !width=15%| [[अल्पप्राण]]<br />[[अघोष]] !width=15%| [[महाप्राण]]<br />[[अघोष]] !width=15%| [[अल्पप्राण]]<br />[[घोष]] !width=15%| [[महाप्राण]]<br />[[घोष]] !width=15%| [[नासिक्य]] |-align="center" |[[कंठ्य]] |'''क''' {{IPA|/ kə /}}<br /> |'''ख''' {{IPA|/ k<sup>h</sup>ə /}}<br /> |'''ग''' {{IPA|/ gə /}}<br /> |'''घ''' {{IPA|/ g<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''ङ''' {{IPA|/ ŋə /}}<br /> |-align="center" |[[तालव्य]] |'''च''' {{IPA|/ tʃə /}}<br /> |'''छ''' {{IPA|/tʃ<sup>h</sup>ə/}}<br /> |'''ज''' {{IPA|/ dʒə /}}<br /> |'''झ''' {{IPA|/ dʒ<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''ञ''' {{IPA|/ ɲə /}}<br /> |-align="center" |[[मूर्धन्य]] |'''ट''' {{IPA|/ ʈə /}}<br /> |'''ठ''' {{IPA|/ ʈ<sup>h</sup>ə /}}<br /> |'''ड''' {{IPA|/ ɖə /}}<br /> |'''ढ''' {{IPA|/ ɖ<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''ण''' {{IPA|/ ɳə /}}<br /> |-align="center" |[[दंत्य]] |'''त''' {{IPA|/ t̪ə /}}<br /> |'''थ''' {{IPA|/ t̪<sup>h</sup>ə /}}<br /> |'''द''' {{IPA|/ d̪ə /}}<br /> |'''ध''' {{IPA|/ d̪<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''न''' {{IPA|/ nə /}}<br /> |-align="center" |[[ओष्ठ्य]] |'''प''' {{IPA|/ pə /}}<br /> |'''फ''' {{IPA|/ p<sup>h</sup>ə /}}<br /> |'''ब''' {{IPA|/ bə /}}<br /> |'''भ''' {{IPA|/ b<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''म''' {{IPA|/ mə /}}<br /> |} {|border="2" class=wikitable width=100% |+align="center" colspan="5"|स्पर्शरहित (नॉन-प्लोसिव) |- !width=25%| !width=15%|[[तालव्य]] !width=15%|[[मूर्धन्य]] !width=15%|[[दंत्य]]/<br />[[वर्त्स्य]] !width=15%|[[कंठोष्ठ्य]]/<br />[[काकल्य]] |-align="center" |[[अंतस्थ]] |'''य''' {{IPA|/ jə /}}<br /> |'''र''' {{IPA|/ rə /}}<br /> |'''ल''' {{IPA|/ lə /}}<br /> |'''व''' {{IPA|/ ʋə /}}<br /> |-align="center" |[[ऊष्म]]/<br />[[संघर्षी]] |'''श''' {{IPA|/ ʃə /}}<br /> |'''ष''' {{IPA|/ ʂə /}}<br /> |'''स''' {{IPA|/ sə /}}<br /> |'''ह''' {{IPA|/ ɦə /}} |} ;ध्यातव्य * इनमें से ळ (मूर्धन्य पार्विक अंतस्थ) एक अतिरिक्त व्यंजन है जिसका प्रयोग हिन्दी में नहीं होता हैं। [[मराठी]] और वैदिक संस्कृत में सभी का प्रयोग किया जाता है। * संस्कृत में '''ष''' का उच्चारण ऐसे होता था : जीभ की नोक को मूर्धा (मुँह की छत) की ओर उठाकर '''श''' जैसी आवाज करना। शुक्ल [[यजुर्वेद]] की माध्यंदिनि शाखा ''कुछ वाक्यात'' में '''ष''' का उच्चारण '''ख''' की तरह करना मान्य था। आधुनिक हिन्दी में '''ष''' का उच्चारण पूरी तरह '''श''' की तरह होता है। * हिन्दी में '''ण''' का उच्चारण कभी-कभी '''ड़ँ''' की तरह होता है, यानी कि जीभ मुँह की छत को एक जोरदार ठोकर मारती है। परंतु इसका शुद्ध उच्चारण जिह्वा को मूर्धा (मुँह की छत जहाँ से 'ट' का उच्चार करते हैं) पर लगा कर '''न''' की तरह का अनुनासिक स्वर निकालकर होता है। === विदेशी ध्वनियाँ === ये ध्वनियाँ मुख्यत: अरबी और फ़ारसी भाषाओं से लिये गये शब्दों के मूल उच्चारण में होती हैं। इनका स्रोत [[संस्कृत]] नहीं है। देवनागरी लिपि में ये सबसे करीबी देवनागरी वर्ण के नीचे बिंदु ([[नुक्ता]]) लगाकर लिखे जाते हैं, परंतु उन्हीं शब्दों मे नुक्ता लगाया जाता है जो हिन्दी में विदेशी शब्द माने जाते हैं और जिनका उच्चारण नुक्ते के बिना मूल भाषा के अनुरूप नहीं होता। {|border="2" class=wikitable width=100% |-align="center" !'''वर्णाक्षर''' <br />([[अ॰ध॰व॰]] उच्चारण) !! '''उदाहरण''' !! '''वर्णन''' <!---!! '''अंग्रेज़ी में वर्णन'''---> |-align="center" !'''क़''' ({{IPA|/ q /}}) | क़त्ल || अघोष अलिजिह्वीय स्पर्श <!---|| Voiceless uvular stop---> |-align="center" !'''ख़''' ({{IPA|/ x /}}) | ख़ास || अघोष अलिजिह्वीय या कंठ्य संघर्षी <!---|| Voiceless uvular or velar fricative---> |-align="center" ! '''ग़''' ({{IPA|/ ɣ /}}) | ग़ैर || घोष अलिजिह्वीय या कंठ्य संघर्षी <!---|| Voiced uvular or velar fricative---> |-align="center" ! '''फ़''' ({{IPA|/ f /}}) | फ़र्क || अघोष दंत्यौष्ठ्य संघर्षी <!---|| Voiceless labiodental fricative---> |-align="center" ! '''ज़''' ({{IPA|/ z /}}) | ज़ालिम || घोष वर्त्स्य संघर्षी <!---|| Voiced alveolar fricative---> |} == व्याकरण == {{मुख्य|हिन्दी व्याकरण}} अन्य सभी [[भरतीय भाषाएँ|भारतीय भाषाओं]] की तरह हिन्दी में भी कर्ता-कर्म-क्रिया वाला वाक्यविन्यास है। हिन्दी में दो लिंग होते हैं — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। नपुंसक वस्तुओं का लिंग भाषा परंपरानुसार पुल्लिंग या स्त्रीलिंग होता है। क्रिया के रूप कर्ता के लिंग पर निर्भर करता है। हिन्दी में दो वचन होते हैं — एकवचन और बहुवचन। क्रिया वचन-से भी प्रभावित होती है। विशेषण विशेष्य-के पहले लगता है। {| | {| class="wikitable" |+कारक दर्शानेवाले परसर्ग !कारक !परसर्ग !उदाहरण !विवरण |- !'''कर्ता''' |— |लड़का |क्रिया का करनेवाला/वाली व्यक्ति या चीज |- ![[:en:Ergative_case|'''Ergative''']] |ने |लड़के ने |[[:en:Perfective_aspect|perfective aspect]] में [[सकर्मक क्रिया|सकर्मक]] क्रियाओं के लिए वाक्यों का विषय चिह्नित करता है |- !'''कर्म''' | rowspan="2" |को | rowspan="2" |लड़के को |प्रत्यक्ष वास्तु को चिह्नित करता है। |- !'''संप्रदान''' |प्रत्यक्ष वस्तु को चिह्नित करता है मगर वाक्य के विषय को भी दर्शा सकता है।<ref name=":32">Bhatt, Rajesh (2003). Experiencer subjects. Handout from MIT course “Structure of the Modern Indo-Aryan Languages”.</ref>[[:en:Quirky_subject|dative subjects]]; [[:en:Dative_subject|dative subject]] |- !'''करण''' | rowspan="2" |से | rowspan="2" |लड़के से |क्रिया जिस वस्तु या जिस व्यक्ति के साथ की गयी है उसे चिह्नित करता है। |- !'''अपादान''' |दिखता है कि कोई चीज किसी दुसरे चीज से दूर मूवमेंट है। |- !'''संबंध''' |का, की, के |लड़के का |दिखता है कि कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु/व्यक्ति की है। |- ![[:en:Inessive_case|'''Inessive''']] |में |लड़के में |दिखाता है कि कोई चीज किसी चीज के अन्दर है। |- ![[:en:Inessive_case|'''Adessive''']] |पे / पर |लड़के पे |दिखता है कि कोई चीज किसी चीज के ऊपर (सतह पर) है। |- ![[:en:Terminative_case|'''Terminative''']] |तक |लड़के तक |दिखता है कि कोई चीज दूसरे चीज तक गयी है। |- ![[:en:Semblative_case|'''Semblative''']] |सा |लड़के सा |किसी चीज की दूसरे चीज से समानता दिखाता है। |} {| class="wikitable" |+लिंग और वचन सूचक ! rowspan="2" |कारक ! colspan="2" |''♂'' ! colspan="2" |''♀'' |- !एकवचन !बहुवचन !एकवचन !बहुवचन |- !कर्ता |का |के | colspan="2" rowspan="2" |की |- !परोक्ष | colspan="2" |के |} |} ==जनसांख्यिकी== {{multiple image | align = left | direction = horizontal | header = | align = right | image1 = Hindi 2011 Indian Census by district.svg | width1 = 176 | alt1 = Colored dice with white background | caption1 = '''हिन्दी''' भाषा के स्वघोषित प्रथम भाषा वक्ता | image2 = Hindi languages 2011 Indian Census by district.svg | width2 = 160 | alt2 = Colored dice with checkered background | caption2 = मानक हिन्दी समेत अन्य "हिन्दी '''बोलियों'''" के स्वघोषित प्रथम भाषा वक्ताओं का भौगोलिक विस्तार | footer = भौगोलोक विस्तार भारतीय 2011 जनगणना में जिला अनुसार){{legend|#eeeeee|०%}}{{legend|#d82520|१००%}} }} [[भारत की जनगणना २०११|सन २०११ की भारतीय जनगणना]] के अनुसार भारत के 57.1% लोग हिन्दी जानते हैं<ref name="fulllangdatacensus 2011"/> तथा 43.63% लोगों ने हिन्दी को अपनी मूल भाषा या मातृभाषा घोषित किया था।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms|title=Hindi mother tongue of 44% in India, Bangla second most spoken|access-date=27 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180720174858/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms|archive-date=20 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823|title=What India speaks: South Indian languages are growing, but not as fast as Hindi|access-date=29 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190216003937/https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823|archive-date=16 फरवरी 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms|title=Only 12% Hindi speakers bilingual: Census|access-date=13 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181113172718/https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms|archive-date=13 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref> भारत के बाहर, हिन्दी बोलने वाले [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में [[८,६३,०७७|8,63,077]]<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-most-spoken-indian-language-in-us-telugu-speakers-up-86-in-8-years/articleshow/65893224.cms|title=Hindi most spoken Indian language in US, Telugu speakers up 86% in 8 years - Times of India|website=The Times of India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190405023735/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-most-spoken-indian-language-in-us-telugu-speakers-up-86-in-8-years/articleshow/65893224.cms|archive-date=5 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.census.gov/prod/2013pubs/acs-22.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160205101044/http://www.census.gov/prod/2013pubs/acs-22.pdf |archive-date=5 फरवरी 2016 |url-status=live }}</ref>; [[मॉरीशस]] में [[६,८५,१७०|6,85,170]]; [[दक्षिणी अफ्रीका|दक्षिण अफ्रीका]] में [[८,९०,२९२|8,90,292]]; [[यमन]] में [[२,३२,७६०|2,32,760]]; [[युगांडा]] में [[१,४७,०००|1,47,000]]; [[सिंगापुर]] में [[५,०००|5000]]; [[नेपाल]] में [[८|8]] लाख; [[जर्मनी]] में [[३०,०००|30,000]] हैं। [[न्यूजीलैंड]] में हिन्दी चौथी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है।<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/international/story-hindi-is-the-fourth-most-spoken-language-in-new-zealand-syas-envoy-jonna-kempres-1685052.html|title=न्यूजीलैंड में हिन्दी चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा|website=https://www.livehindustan.com|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20180921114758/https://www.livehindustan.com/international/story-hindi-is-the-fourth-most-spoken-language-in-new-zealand-syas-envoy-jonna-kempres-1685052.html|archive-date=21 सितंबर 2018|url-status=dead}}</ref> ==भारत में उपयोग== ===संपर्क भाषा=== भिन्न-भिन्न भाषा-भाषियों के मध्य परस्पर विचार-विनिमय का माध्यम बनने वाली भाषा को [[संपर्क भाषा]] कहा जाता है। अपने राष्ट्रीय स्वरूप में ही हिन्दी पूरे भारत की [[संपर्क भाषा]] बनी हुई है।<ref>{{Cite web |url=https://goastreets.com/goa-rise-hindi/ |title=Goa and the rise of Hindi |access-date=10 सितंबर 2021 |archive-date=10 सितंबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210910104212/https://goastreets.com/goa-rise-hindi/ |url-status=dead }}</ref> अपने सीमित रूप –प्रशासनिक भाषा के रूप – में हिन्दी व्यवहार में भिन्न भाषाभाषियों के बीच परस्पर संप्रेषण का माध्यम बनी हुई है। संपूर्ण भारतवर्ष में बोली और समझी जाने वाली ([[बॉलीवुड]] के कारण) देशभाषा हिन्दी है, यह राजभाषा भी है तथा सारे देश को जोड़ने वाली संपर्क भाषा भी। ===राजभाषा=== {{मुख्य|भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी}} [[चित्र:Hindi official in India.svg|right|thumb|200px|हिन्दी संघ की राजभाषा है। इसके अलावा पीले रंग में दिखाये गये क्षेत्रों (राज्यों) की राजभाषा भी है।]] हिन्दी [[भारत]] की [[राजभाषा]] है। [[१४|14]] सितंबर [[१९४९]] को हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। भारत के स्वतन्त्र होने के बहुत पहले और स्वतन्त्रता आंदोलन के समय ही वह राष्ट्रभाषा की भूमिका का निर्वहन करने लगी थी। [[महात्मा गांधी|गाँधी जी]] कई मंचों पर बोल चुके थे कि भारत के स्वतन्त्र होने पर हिन्दी ही राष्ट्रभाषा होगी। === राष्ट्रभाषा=== भारत की स्वतन्त्रता के पहले और उसके बाद भी बहुत से लोग हिन्दी को 'राष्ट्रभाषा' कहते आये हैं (उदाहरणतः, [[राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा]], महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे आदि) किंतु [[भारतीय संविधान]] में '[[राष्ट्रभाषा]]' का उल्लेख नहीं हुआ है और इस दृष्टि से हिन्दी को राष्ट्रभाषा कहने का अर्थ वैधानिक दृष्टि से नहीं लगाया जाना चाहिये। हिन्दी को राष्ट्रभाषा कहने के एक हिमायती [[महात्मा गाँधी]] भी थे, जिन्होंने [[२९|29]] मार्च [[१९१८|1918]] को [[इंदौर]] में आठवें हिन्दी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। उस समय उन्होंने अपने सार्वजनिक उद्बोधन में पहली बार आह्वान किया था कि हिन्दी को ही भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिये। उन्होने यह भी कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। <ref>{{Cite web |url=https://www.hindikunj.com/2016/10/gandhi-and-hindi.html |title=गाँधीजी और हिन्दी |access-date=21 फरवरी 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190504231928/http://www.hindikunj.com/2016/10/gandhi-and-hindi.html |archive-date=4 मई 2019 |url-status=dead }}</ref> उन्होने तो यहाँ तक कहा था कि हिन्दी भाषा का प्रश्न स्वराज्य का प्रश्न है। [[आजाद हिन्द फौज]] का राष्ट्रगान '[[शुभ सुख चैन]]' भी "हिन्दुस्तानी" में था। उनका अभियान गीत '[[कदम कदम बढ़ाए जा]]' भी इसी भाषा में था, परंतु [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] हिन्दुस्तानी भाषा के संस्कृतकरण के पक्षधर नहीं थे, अतः शुभ सुख चैन को [[जनगणमन]] के ही धुन पर, बिना कठिन संस्कृत शब्दावली के बनाया गया था। === पूर्वोत्तर भारत में === [[पूर्वोत्तर भारत]] में अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं जिनकी अपनी-अपनी भाषाएँ तथा बोलियाँ हैं। इनमें ''बोड़ो, कछारी, जयंतिया, कोच, त्रिपुरी, गारो, राभा, देउरी, दिमासा, रियांग, लालुंग, नागा, मिजो, त्रिपुरी, जामातिया, खासी, कार्बी, मिसिंग, निशी, आदी, आपातानी, इत्यादि'' प्रमुख हैं। पूर्वोत्तर की भाषाओं में से केवल [[असमिया]], [[बोड़ो]] और [[मणिपुरी भाषा|मणिपुरी]] को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिला है। सभी राज्यों में हिन्दी भाषा का प्रयोग अधिकांश प्रवासी हिन्दी भाषियों द्वारा आपस में किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%9A%E0%A4%AE_%E0%A4%AB%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80_%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80_/_%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE_%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95|title=पूर्वोत्तर में परचम फहराती हिन्दी / सपना मांगलिक - Gadya Kosh - हिन्दी कहानियाँ, लेख, लघुकथाएँ, निबंध, नाटक, कहानी, गद्य, आलोचना, उपन्यास, बाल कथाएँ, प्रेरक कथाएँ, गद्य कोश|website=gadyakosh.org|language=hi|access-date=2020-12-23}}</ref> पूर्वोत्तर में हिन्दी का औपचारिक रूप से प्रवेश वर्ष [[१९३४|1934]] में हुआ, जब [[महात्मा गाँधी]] 'अखिल भारतीय हरिजन सभा' की स्थापना हेतु [[असम]] आये। उस समय गड़मूड़ ([[माजुली]]) के [[सत्र|सत्राधिकार]] ([[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] धर्मगुरू) एवं स्वतन्त्रता सेनानी [[पीताम्बर देव गोस्वामी|पीतांबर देव गोस्वमी]] के आग्रह पर गाँधी जी संतुष्ट होकर [[बाबा राघव दास]] को हिन्दी प्रचारक के रूप में असम भेजा। वर्ष [[१९३८|1938]] में [[असम हिन्दी प्रचार समिति]] की स्थापना [[गुवाहाटी]] में हुई। यह समिति आगे चलकर [[असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति]] बनी। आम लोगों में हिन्दी भाषा तथा साहित्य के प्रचार-प्रसार करने हेतु- प्रबोध, विशारद, प्रवीण, आदि परीक्षाओं का आयोजन इस समिति के द्वारा होता आ रहा है। पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की स्थिति दिनों-दिन सबल होती जा रही है और यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। आजकल [[अरुणाचल प्रदेश]] में बड़े पैमाने पर हिन्दी बोली जाने लगी है। <ref>[https://arunachaltimes.in/index.php/2021/07/25/hindi-arunachals-new-mother-tongue-2/%20Hindi:%20Arunachal%E2%80%99s%20new%20mother%20tongue]{{Dead link|date=सितंबर 2021|bot=InternetArchiveBot}}</ref><ref>[https://www.thebetterindia.com/163207/arunachal-pradesh-hindi-news/%20The%20Intriguing%20Story%20of%20How%20Hindi%20Emerged%20as%20The%20Lingua%20Franca%20of%20Arunachal!]{{Dead link|date=अगस्त 2021|bot=InternetArchiveBot}}</ref>हिन्दी का प्रचार-प्रसार तथा उसकी लोकप्रियता एवं व्यावहारिकता टी. वी. ([[धारावाहिक]], [[विज्ञापन]]), [[सिनेमा]], [[आकाशवाणी]], [[पत्रकारिता]], [[विद्यालय]], [[महाविद्यालय]] तथा [[उच्च शिक्षा]] में हिन्दी भाषा के प्रयोग द्वारा बढ़ रही है।<ref>{{Cite web|url=https://vbsamwad.co.in/hindi-in-northeastern-india/|title=पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की स्थिति एवं संभावनाएँ|last=PurvottarSamwad|date=2020-12-22|website=Purvottar Samwad|language=en-US|access-date=2020-12-23|archive-date=17 अप्रैल 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210417173304/https://vbsamwad.co.in/hindi-in-northeastern-india/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://hindivivek.org/335|title=पूर्वोत्तर में हिन्दी|date=2015-11-05|website=हिन्दी विवेक|language=en-US|access-date=2020-12-23}}</ref> == भारत के बाहर हिन्दी== सन् [[१९९८|1998]] के पूर्व, मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं के जो आँकड़े मिलते थे, उनमें हिन्दी को तीसरा स्थान दिया जाता था। सन् [[१९९७|1997]] में 'सैंसस ऑफ इण्डिया' का भारतीय भाषाओं के विश्लेषण का ग्रंथ प्रकाशित होने तथा संसार की भाषाओं की रिपोर्ट तैयार करने के लिए [[यूनेस्को]] द्वारा सन् [[१९९८|1998]] में भेजी गई यूनेस्को प्रश्नावली के आधार पर उन्हें भारत सरकार के [[केन्द्रीय हिन्दी संस्थान]] के तत्कालीन निदेशक प्रोफेसर महावीर सरन जैन द्वारा भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट के बाद अब विश्व स्तर पर यह स्वीकृत है कि मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से संसार की भाषाओं में [[चीनी भाषा]] के बाद हिन्दी का दूसरा स्थान है। चीनी भाषा के बोलने वालों की संख्या हिन्दी भाषा से अधिक है किंतु चीनी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा सीमित है। अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा अधिक है किंतु मातृभाषियों की संख्या अंग्रेज़ी भाषियों से अधिक है। विश्वभाषा बनने के सभी गुण हिन्दी में विद्यमान हैं।<ref>[http://www.abhivyakti-hindi.org/parikrama/delhi/2011/09_12_11.htm हिन्दी का वैश्विक परिदृश्य] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181119171322/http://www.abhivyakti-hindi.org/parikrama/delhi/2011/09_12_11.htm |date=19 नवंबर 2018 }} (डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय)</ref> बीसवीं सदी के अंतिम दो दशकों में हिन्दी का अंतर्राष्ट्रीय विकास बहुत <ref name="">तेज़</ref> से हुआ है।<ref>{{Cite web |url=https://gshindi.com/category/articles/hindi-in-age-of-globalisation |title=विश्व स्तर पर प्रभावशाली भाषा बनकर उभरी है हिन्दी |access-date=6 जून 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180205032623/http://gshindi.com/category/articles/hindi-in-age-of-globalisation |archive-date=5 फरवरी 2018 |url-status=dead }}</ref> हिन्दी एशिया के व्यापारिक जगत में धीरे-धीरे अपना स्वरूप बिंबित कर भविष्य की अग्रणी भाषा के रूप में स्वयं को स्थापित कर रही है।<ref>{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=eDtbDwAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false|title=Hindi Ki Vishwavyapti|first=Ganga Prasad|last=Vimal|date=1 मार्च 2018|publisher=Prabhat Prakashan|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20181009092743/https://books.google.co.in/books?id=eDtbDwAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false|archive-date=9 अक्तूबर 2018|url-status=live}}</ref> [[वेब]], [[विज्ञापन]], [[संगीत]], [[सिनेमा]] और बाजार के क्षेत्र में हिन्दी की माँग जिस तेज़ी से बढ़ी है वैसी किसी और भाषा में नहीं। विश्व के लगभग [[१५०|150]] विश्वविद्यालयों तथा सैकड़ों छोटे-बड़े केंद्रों में विश्वविद्यालय स्तर से लेकर शोध स्तर तक हिन्दी के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था हुई है। विदेशों में [[२५|25]] से अधिक पत्र-पत्रिकाएँ लगभग नियमित रूप से हिन्दी में प्रकाशित हो रही हैं। यूएई के 'हम एफ-एम' सहित अनेक देश हिन्दी कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं, जिनमें [[बीबीसी]], [[जर्मनी]] के [[डॉयचे वेले]], [[जापान]] के एनएचके वर्ल्ड और [[चीन]] के [[चाइना रेडियो इंटरनेशनल]] की हिन्दी सेवा विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। दिसंबर [[२०१६|2016]] में [[विश्व आर्थिक मंच]] ने [[१०|10]] सर्वाधिक शक्तिशाली भाषाओं की जो सूची जारी की है उसमें हिन्दी भी एक है।<ref name="auto"/> इसी प्रकार 'कोर लैंग्वेजेज' नामक साइट ने 'दस सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाषाओं'<ref>[http://corelanguages.com/top-ten-important-languages/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161220080733/http://corelanguages.com/top-ten-important-languages/ |date=20 दिसंबर 2016 }} Top Ten Most Important Languages</ref> में हिन्दी को स्थान दिया था। के-इंटरनेशनल ने वर्ष [[२०१७|2017]] के लिये सीखने योग्य सर्वाधिक उपयुक्त नौ भाषाओं<ref>{{Cite web|url=https://www.k-international.com/blog/learn-a-language/|title=The Top Languages to Learn in 2018|first=Alison|last=Kroulek|date=14 दिसंबर 2017|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190331194050/https://www.k-international.com/blog/learn-a-language/|archive-date=31 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref> में हिन्दी को स्थान दिया है। हिन्दी का एक अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने और [[विश्व हिन्दी सम्मेलन|विश्व हिन्दी सम्मेलनों]] के आयोजन को संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से [[११|11]] फरवरी [[२००८|2008]] को [[विश्व हिन्दी सचिवालय]] की स्थापना की गयी थी। [[संयुक्त राष्ट्र रेडियो]] अपना प्रसारण हिन्दी में भी करना आरंभ किया है। हिन्दी को [[संयुक्त राष्ट्र संघ]] की भाषा बनाये जाने के लिए भारत सरकार प्रयत्नशील है। अगस्त [[२०१८|2018]] से संयुक्त राष्ट्र ने साप्ताहिक हिन्दी समाचार बुलेटिन आरंभ किया है। <ref>{{Cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/hindi-weekly-news-bulletin-from-un-has-begun-sushma-swaraj/articleshow/65358965.cms|title=Hindi weekly news bulletin from UN has begun: Sushma Swaraj|date=11 अग॰ 2018|accessdate=1 मार्च 2019|via=The Economic Times|archive-url=https://web.archive.org/web/20190328104607/https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/hindi-weekly-news-bulletin-from-un-has-begun-sushma-swaraj/articleshow/65358965.cms|archive-date=28 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> == अंकीयकरण और संगणक क्रांति == [[संगणक]] और [[अंतरजाल]] ने पिछले वर्षों में विश्व में [[सूचना क्रांति]] ला दी है। आज कोई भी भाषा संगणक (तथा संगणक सदृश अन्य उपकरणों) से दूर रहकर लोगों से जुड़ी नहीं रह सकती। संगणक के विकास के आरंभिक काल में अंग्रेज़ी को छोड़कर विश्व की अन्य भाषाओं के संगणक पर प्रयोग की दिशा में बहुत कम ध्यान दिया गया जिसके कारण सामान्य लोगों में यह गलत धारणा फैल गयी कि संगणक अंग्रेज़ी के सिवा किसी दूसरी भाषा (लिपि) में काम ही नहीं कर सकता। किंतु [[यूनिकोड]] (''Unicode'') के पदार्पण के बाद स्थिति बहुत तेज़ी से बदल गयी।<ref>{{Cite web |url=https://www.hindionnet.com/2018/11/blog-post_91.html#more |title=राजभाषा कार्यान्वयन में तकनीकी की भूमिका |access-date=16 जुलाई 2019 |archive-date=27 सितंबर 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200927040027/https://www.hindionnet.com/2018/11/blog-post_91.html#more |url-status=dead }}</ref> 19 अगस्त [[२००९|2009]] में गूगल ने कहा की हर [[५|5]] वर्षों में हिन्दी की सामग्री में [[९५|94]]% बढ़ोतरी हो रही है।<ref>{{समाचार सन्दर्भ|title=हिन्दी सामग्री का उपयोग अंतरजाल पर 94% बढ़ा: गूगल|url=http://www.jagran.com/technology/tech-news-hindi-content-consumption-on-internet-growing-at-94-google-12754900.html|accessdate=19 अगस्त 2015|publisher=[[दैनिक जागरण]]|date=19 अगस्त 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150819085032/http://www.jagran.com/technology/tech-news-hindi-content-consumption-on-internet-growing-at-94-google-12754900.html|archive-date=19 अगस्त 2015|url-status=live}}</ref> इतना ही नहीं, अप्रैल २०२५ से भारत सरकार ने भारतीय भाषाओं में यू०आर०एल० (वेबसाइट पता) का प्रयोग शुरू किया है।<ref>[https://bharatexpress.com/business/central-government-sites-started-adopting-hindi-web-addresses-496911 केंद्र सरकार की साइटों ने हिन्दी वेब एड्रेस अपनाना शुरू किया]</ref> [[सूचना प्रौद्योगिकी]] ने हिंदी के प्रचार-प्रसार में क्रांति ला दी है और दुनिया भर में अरबों लोगों को जोड़ दिया है तथा हिंदी भाषा के प्रसार में सहायता की है।<ref>[https://www.sdcollegeambala.ac.in/wp-content/uploads/2021/11/hindi2021-33.pdf ROLE OF COMPUTERS AND INFORMATION TECHNOLOGY INPROPAGATION OF HINDI LANGUAGE]</ref> आज हिन्दी की अंतरजाल पर अच्छी उपस्थिति है। गूगल सहित लगभग सभी सर्च इंजन हिन्दी को प्राथमिक भारतीय भाषा के रूप में पहचानते हैं। इसके साथ ही अब अन्य भाषा के चित्र में लिखे शब्दों का भी अनुवाद हिन्दी में किया जा सकता है।<ref>{{समाचार संदर्भ|title=फोटो देखकर हिन्दी में अनुवाद कर देगा गूगल|url=http://www.jagran.com/news/national-google-will-translate-photographs-into-hindi-12670257.html|accessdate=19 अगस्त 2015|publisher=[[दैनिक जागरण]]|date=30 जुलाई 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20160818151350/http://www.jagran.com/news/national-google-will-translate-photographs-into-hindi-12670257.html|archive-date=18 अगस्त 2016|url-status=live}}</ref> फरवरी [[२०१८|2018]] में एक सर्वेक्षण के हवाले से खबर आयी कि अंतरजाल की दुनिया में हिन्दी ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच अंग्रेज़ी को पछाड़ दिया है। ''यूथ4वर्क'' की इस सर्वेक्षण रिपोर्ट ने इस आशा को सही साबित किया है कि जैसे-जैसे अंतरजाल का प्रसार छोटे शहरों की ओर बढ़ेगा, हिन्दी और भारतीय भाषाओं की दुनिया का विस्तार होता जाएगा। <ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/columns/opinion/hindi-beat-english-in-internet|title=नेट में अंग्रेज़ी को पछाड़ती हिन्दी- Amarujala|website=Amar Ujala|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302090523/https://www.amarujala.com/columns/opinion/hindi-beat-english-in-internet|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> इस समय हिन्दी में सजाल (''वेबसाइट''), चिट्ठे (''ब्लॉग''), विपत्र (''ईमेल''), गपशप (''चैट''), खोज (''वेब-सर्च''), सरल मोबाइल संदेश (''एसएमएस'') तथा अन्य [[Web Hindi Resources|हिन्दी सामग्री]] उपलब्ध हैं। इस समय अंतरजाल पर हिन्दी में संगणन (कंप्यूटिंग) के संसाधनों की भी भरमार है और नित नये कंप्यूटिंग उपकरण आते जा रहे हैं।<ref>{{Cite web |url=https://www.microsoft.com/en-in/bhashaindia/downloads.aspx|url=https://www.jagran.com/news/national-hindi-spreading-speedy-all-over-the-world-due-to-technology-revolution-hindi-market-also-booms-jagran-special-19576338.html |title=तकनीक क्रांति से दुनिया में बढ़ी हिन्दी की धमक, बाजार ने भी माना लोहा |access-date=18 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190918001129/https://www.jagran.com/news/national-hindi-spreading-speedy-all-over-the-world-due-to-technology-revolution-hindi-market-also-booms-jagran-special-19576338.html |archive-date=18 सितंबर 2019 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/lucknow/story-hindi-day-2019-hindi-is-becoming-the-language-of-employment-with-technology-2745515.html |title=तकनीक से रोजगार की भाषा बन रही हिन्दी |access-date=18 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190918020053/https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/lucknow/story-hindi-day-2019-hindi-is-becoming-the-language-of-employment-with-technology-2745515.html |archive-date=18 सितंबर 2019 |url-status=dead }}</ref> लोगों में इनके बारे में जानकारी देकर जागरूकता पैदा करने की जरूरत है ताकि अधिकाधिक लोग संगणक पर हिन्दी का प्रयोग करते हुए अपना, हिन्दी का और पूरे हिन्दी समाज का विकास करें। [[शब्दनगरी]] जैसी नई सेवाओं का प्रयोग करके लोग अच्छे हिन्दी साहित्य का लाभ अब अंतरजाल पर भी उठा सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/uttar-pradesh/gorakhpur-city-14693757.html|title=अंतरजाल पर चमक रही हमारी ¨हदी|website=Dainik Jagran|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302090559/https://www.jagran.com/uttar-pradesh/gorakhpur-city-14693757.html|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/india-news/role-of-web-media-in-development-hindi|title=वेब मीडिया ने बढ़ाया हिन्दी का दायरा - Amarujala|website=Amar Ujala|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024602/https://www.amarujala.com/india-news/role-of-web-media-in-development-hindi|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> चैटजीपीटी और जेमिनी सहित प्रमुख [[कृत्रिम बुद्धिमत्ता|कृत्रिम बुद्धिमान समग्री सर्जकों]] से हिन्दी में प्रश्न पूछा जा सकता हैं और वे हिन्दी में उत्तर भी देते हैं। == जनसंचार == {{मुख्य|हिन्दी के संचार माध्यम|हिन्दी सिनेमा}} मुंबई में स्थित "[[बॉलीवुड]]" [[हिन्दी चलचित्र]] उद्योग पर भारत के करोड़ों लोगों की धड़कनें टिकी रहती हैं। हर चलचित्र में कई गाने होते हैं। हिन्दी और [[उर्दू]] ([[खड़ीबोली]]) के साथ साथ [[अवधी]], [[बंबईया हिन्दी]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[राजस्थानी भाषा|राजस्थानी]] जैसी बोलियाँ भी संवाद और गानों में प्रयुक्त होती हैं। प्यार, देशभक्ति, परिवार, अपराध, भय, इत्यादि मुख्य विषय होते हैं। अब मोबाइल कंपनियाँ ऐसे हैंडसेट बना रही हैं जो हिन्दी और भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ हिन्दी जानने वाले कर्मचारियों को वरीयता दे रही हैं। हॉलीवुड की चलचित्रें हिन्दी में डब हो रही हैं और हिन्दी चलचित्रें देश के बाहर देश से अधिक कमाई कर रही हैं। हिन्दी, विज्ञापन उद्योग की पसंदीदा भाषा बनती जा रही है। गूगल, ट्रांसलेशन, ट्रांस्लिटरेशन, फोनेटिक टूल्स, गूगल असिस्टेंट आदि के क्षेत्र में नई नई रिसर्च कर अपनी सेवाओं को बेहतर कर रहा है। हिन्दी और भारतीय भाषाओं की पुस्तकों का अंकीयीकरण जारी है। [[कृत्रिम बुद्धि]] के आज के युग में अधिकांश विशाल-भाषा-मॉडल (LLM) जैसे गूगल जेमिनी, चैटजीपीटी, डीपसीक आदि हिन्दी लिखते बोलते और समझते हैं। [[फेसबुक]] और [[वाट्सऐप|व्हाट्सएप]] हिन्दी और भारतीय भाषाओं के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। सोशल मीडिया ने हिन्दी में लेखन और पत्रकारिता के नए युग का सूत्रपात किया है और कई जनांदोलनों को जन्म देने और चुनाव जिताने-हराने में उल्लेखनीय और हैरान करने वाली भूमिका निभाई है। सितंबर [[२०१८|2018]] में प्रकाशित हुई एक अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार हिन्दी में ट्वीट करना अत्यन्त लोकप्रिय हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष सबसे अधिक पुनः ट्वीट किए गये [[१५|15]] संदेशों में से [[११|11]] हिन्दी के थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/gadgets/story-hindi-tweets-are-becoming-famous-in-india-2182671.html|title=भारत में हिन्दी के ट्वीट करना हो रहा है लोकप्रिय, रिसर्च में आया सामने|website=https://www.livehindustan.com|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190328142306/https://www.livehindustan.com/gadgets/story-hindi-tweets-are-becoming-famous-in-india-2182671.html|archive-date=28 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref> हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं का बाजार इतना बड़ा है कि अनेक कंपनियाँ अपने उत्पाद और वेबसाइटें हिन्दी और स्थानीय भाषाओं में ला रहीं हैं।<ref>[https://economictimes.indiatimes.com/tech/internet/how-online-vernacular-market-is-becoming-the-big-battle-ground-for-tech-cos/articleshow/63248994.cms How online vernacular market is becoming the next big battle ground for tech cos] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181009131956/https://economictimes.indiatimes.com/tech/internet/how-online-vernacular-market-is-becoming-the-big-battle-ground-for-tech-cos/articleshow/63248994.cms |date=9 अक्तूबर 2018 }} (मार्च २०१८)</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/jobs-and-careers/story/top-5-career-options-for-hindi-speaking-professionals-1613420-2019-10-28 |title='''Hindi as the new in-demand skill''' : 5 career opportunities that you can look at |access-date=21 फरवरी 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191031115200/https://www.indiatoday.in/education-today/jobs-and-careers/story/top-5-career-options-for-hindi-speaking-professionals-1613420-2019-10-28 |archive-date=31 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> आजकल भारत के सभी प्रकार के विज्ञापनों की प्रमुख भाषा हिन्दी ही है। == इन्हें भी देखें == {{प्रवेशद्वार}} * [[हिन्दी साहित्य का इतिहास|हिन्दी साहित्य का इतिहास]] * [[हिन्दी व्याकरण|हिन्दी व्याकरण]] * [[भारत की भाषाएँ]] * [[हिन्दको भाषा|हिन्दको भाषा]] * [[फिजी हिन्दी]] * [[हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य|हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य]] * [[हिन्दी भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची|हिन्दी भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची]] * [[हिन्दी से सम्बन्धित प्रथम|हिन्दी से संबंधित प्रथम]] * [[भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी|भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी]] * [[विकिपीडिया:इण्टरनेट पर हिन्दी के साधन|अंतरजाल पर हिन्दी सामग्री]] - क्या कहाँ है? == बाहरी कड़ियाँ == {{विकिसूक्ति|हिन्दी}} {{sister project links}} * [https://web.archive.org/web/20191002080033/https://hindi.webdunia.com/hindi-diwas-special/hindi-quotations-for-hindi-language-116091400033_1.html हिन्दी पर महापुरुषों के विचार] * [https://web.archive.org/web/20080516071225/http://wikitravel.org/en/Hindi_phrasebook '''हिन्दी फ्रेजबुक'''] {{अंग्रेज़ी चिह्न}} * [https://web.archive.org/web/20180727085140/https://www.amarujala.com/india-news/hindi-is-most-popular-language-in-india-bangali-is-second-according-to-censuses-2011 दक्षिण भारत में तेज़ी से बढ़ रहे हिन्दी बोलने वाले, देश के 44 फीसदी लोगों की बनी भाषा] (२०११ जनसंख्या के आंकड़ों के अनुसार) * [http://rguir.inflibnet.ac.in/bitstream/123456789/16480/1/9788132355045.PDF हिन्दी भाषा एवं लिपि] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240714194916/http://rguir.inflibnet.ac.in/bitstream/123456789/16480/1/9788132355045.PDF |date=14 जुलाई 2024 }} (रघुवर सिंह) * [[wikt:मुख्य पृष्ठ|हिन्दी विक्षनरी]] * [https://web.archive.org/web/20080820161730/http://hi.wikiquote.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 हिन्दी विकिकोट] * [https://web.archive.org/web/20160121160805/https://hi.wikibooks.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 हिन्दी विकिपुस्तक] * [https://hi.wikisource.org/wiki/विकिस्रोत:मुखपृष्ठ हिन्दी विकिस्रोत] - हिन्दी के कापीराइट-मुक्त पुस्तकों का संग्रह == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} {{हिन्दी विषय}} {{हिन्दी व्याकरण}} {{हिन्द-आर्य भाषाएँ}} {{भारत की भाषाएँ |state=autocollapse}} {{pp-semi-template|small=yes}} [[श्रेणी:हिन्दी|हिन्दी]] [[श्रेणी:हिन्द-आर्य भाषाएँ]] [[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]] [[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]] ixbnkhgearndak6784uydbjkhajj1mg गुजरात 0 824 6540979 6492201 2026-04-15T18:14:32Z ~2026-23341-69 920552 6540979 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement <!-- See Template:Infobox settlement for additional fields and descriptions --> | name = 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blank fields -->| blank_name_sec2 = [[मानव विकास सूचकांक]] {{nobold|(2019)}} | blank_info_sec2 = {{increase}}0.672<ref>{{Cite web |title=Human Development Indices (5.0) |url=https://globaldatalab.org/shdi/shdi/IND/?levels=1%2B4&interpolation=1&extrapolation=0&nearest_real=0&years=2019%2B2014%2B2009%2B2004%2B1999%2B1994%2B1990 |access-date=17 February 2022}}</ref> | blank1_name_sec2 = [[भारत में साक्षरता|साक्षरता]] {{nobold|(2017)}} | blank1_info_sec2 = 83.4% <ref>{{Cite web |title=Household Social Consumption on Education in India |url=http://mospi.nic.in/sites/default/files/publication_reports/Report_585_75th_round_Education_final_1507_0.pdf |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20201102082546/http://mospi.nic.in/sites/default/files/publication_reports/Report_585_75th_round_Education_final_1507_0.pdf |archive-date=2 November 2020 |access-date=17 February 2022}}</ref> | blank2_name_sec2 = [[लिंगानुपात]] {{nobold|(2011)}} | blank2_info_sec2 = 919 [[महिला|♀]]/1000 [[नर|♂]]<ref name="pc-census2011">{{Cite web |title=Census 2011 (Final Data) – Demographic details, Literate Population (Total, Rural & Urban) |url=http://planningcommission.gov.in/data/datatable/data_2312/DatabookDec2014%20307.pdf |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20180127163347/http://planningcommission.gov.in/data/datatable/data_2312/DatabookDec2014%20307.pdf |archive-date=27 January 2018 |access-date=3 October 2018 |website=planningcommission.gov.in |publisher=Planning Commission, Government of India}}</ref> | footnotes = {{ref|cap|†}}बॉम्बे (पुनर्गठन) अधिनियम 1960 द्वारा बॉम्बे राज्य को दो राज्यों यानी महाराष्ट्र और गुजरात में विभाजित किया गया था। | motto = [[सत्यमेव जयते]] | subdivision_type1 = [[भारत के प्रशासनिक विभाग|क्षेत्र]] | subdivision_name1 = [[पश्चिम भारत]] | official_name = गुजरात राज्य | native_name = {{nobold|{{hlist|{{lang|gu|ગુજરાત}}|Gujarat}}}} | length_km = 590 | width_km = 500 | elevation_m = 137 | elevation_min_m = -1 | elevation_max_m = 1145 | image_blank_emblem = Government Of Gujarat Seal In All Languages.svg | blank_emblem_type = [[भारत का राजकीय प्रतीक|प्रतीक]] }} '''गुजरात''' ([[गुजराती भाषा|गुजराती]]: ગુજરાત, [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: Gujarat) पश्चिमी [[भारत]] में स्थित एक [[राज्य]] है। इसकी उत्तरी-पश्चिमी सीमा जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा भी है, [[पाकिस्तान]] से लगी है। [[राजस्थान]] और [[मध्य प्रदेश]] इसके क्रमशः उत्तर एवं उत्तर-पूर्व में स्थित राज्य हैं। [[महाराष्ट्र]] इसके दक्षिण में है। [[अरब सागर]] इसकी पश्चिमी-दक्षिणी सीमा बनाता है। इसकी दक्षिणी सीमा पर दादर एवं नगर-हवेली हैं। इस राज्य की राजधानी [[गांधीनगर]] है। गांधीनगर, राज्य के प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र [[अहमदाबाद]] के समीप स्थित है। गुजरात का क्षेत्रफल 1,96,024 किलोमीटर है। भूतकाल में इसे गुर्जरत्रा प्रदेश के नाम से जाना जाता था गुजरात, भारत का एक राज्य है। कच्छ, सौराष्ट्र, काठियावाड, हालार, पांचाल, गोहिलवाड, झालावाड और गुजरात उसके प्रादेशिक सांस्कृतिक अंग हैं। इनकी लोक संस्कृति और साहित्य का अनुबन्ध [[राजस्थान]], [[सिंध]] और [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]], [[महाराष्ट्र]] और [[मध्य प्रदेश]] के साथ है। विशाल सागर तट वाले इस राज्य में इतिहास युग के आरम्भ होने से पूर्व ही अनेक विदेशी जातियाँ थल और समुद्र मार्ग से आकर स्थायी रूप से बसी हुई हैं। इसके उपरांत गुजरात में अट्ठाइस आदिवासी जातियां हैं। जन-समाज के ऐसे वैविध्य के कारण इस प्रदेश को भाँति-भाँति की लोक संस्कृतियों का लाभ मिला है। == इतिहास == {{मुख्य|गुजरात का इतिहास}} गुजरात का इतिहास पाषाण युग के बस्तियों के साथ शुरू हुआ, इसके बाद चोलकोथिक और कांस्य युग के बस्तियों जैसे [[सिंधु घाटी सभ्यता]]।<ref>{{Cite web|url=https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|title=Where does history begin?|date=19 अक्टूबर 2017|website=Condé Nast Traveller India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20171027131256/https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|archive-date=27 अक्तूबर 2017|url-status=dead}}</ref> गुजरात का इतिहास ईसवी पूर्व लगभग २,००० वर्ष पुराना है। माना जाता है कि [[श्रीकृष्ण|कृष्‍ण]] [[मथुरा]] छोड़कर [[सौराष्‍ट्र]] के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो [[द्वारिका]] यानी प्रवेशद्वार कहलाया। बाद के वर्षो में मौर्य, गुप्त तथा अन्‍य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर राज किया। चालुक्य राजवंश का शासनकाल गुजरात में प्रगति और समृद्ध का युग था। == भूगोल == स्वतन्त्रता से पहले गुजरात का वर्तमान क्षेत्र मुख्‍य रूप से दो भागों में विभक्त था- एक ब्रिटिश क्षेत्र और दूसरा देसी रियासतें। राज्‍यों के पुनर्गठन के कारण सौराष्‍ट्र के राज्‍यों और कच्‍छ के केन्द्र शासित प्रदेश के साथ पूर्व ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी [[मुम्बई|बम्बई]] राज्‍य का गठन हुआ। १ मई सन १९६० ई को वर्तमान गुजरात<ref>{{Cite web|url=https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|title=गुजरात का नक्शा, इतिहास, भूगोल, जिले एवं गुजरात की अन्य जानकारी &#124; Gujarat Map in Hindi.|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190225223649/https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|archive-date=25 फ़रवरी सन 2019 ई |url-status=dead}}</ref> राज्‍य अस्तित्‍व में आया। गुजरात भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में [[पाकिस्तान|पाकिस्‍तान]] तथा उत्तर-पूर्व में [[राजस्थान|राजस्‍थान]], दक्षिण-पूर्व में मध्‍यप्रदेश और दक्षिण में महाराष्‍ट्र है। राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल 1,96,024 वर्ग किमी है। ये भूगोल की तरह सोचे तो दो जगह पानी रखता हैं ==गुजरात के जिले== {| class="wikitable sortable" |जिला कोड |जिला नाम |मुख्यालय |क्षेत्रफल |- | AH || [[अहमदाबाद जिला|अहमदाबाद]] || [[अहमदाबाद]]|| ८,७०७ |- | AM || [[अमरेली जिला|अमरेली]] || [[अमरेली]] || ६,७६० |- | AN || [[आणंद जिला|आणंद]] || [[आणंद]] || २,९४२ |- | BK || [[बनासकांठा जिला|बनासकांठा]] || [[पालनपुर]] || १२,७०३ |- | BR || [[भरुच जिला|भरुच]] || [[भरुच]] || ६,५२४ |- | BV || [[भावनगर जिला|भावनगर]] || [[भावनगर]] || ११,१५५ |- | DA || [[दाहोद जिला|दाहोद]] || [[दाहोद]] || ३,६५२ |- | DG || [[डांग जिला|डांग]] || [[आहवा]] || १७६४ |- | GA || [[गांधीनगर जिला|गांधीनगर]] || [[गांधीनगर]] || ६४९ |- | JA || [[जामनगर जिला|जामनगर]] || [[जामनगर]] || १४,१२५ |- | JU || [[जूनागढ जिला|जूनागढ]] || [[जूनागढ]] || ,८८३९ |- | KA || [[कच्छ जिला|कच्छ]] || [[भुज]] || ४५,६५२ |- | KH || [[खेड़ा जिला|खेड़ा]] ||[[नडियाद]]|| ४,२१५ |- | MA || [[महेसाणा जिला|महेसाणा]] || [[महेसाणा]] || ४,३८६ |- | NR || [[नर्मदा जिला|नर्मदा]] ||[[राजपीपला|राजपीपला]]|| २,७४९ |- | NV || [[नवसारी जिला|नवसारी]] || [[नवसारी]] || २,२११ |- | PA || [[पाटण जिला|पाटण]] || [[पाटण]] || ५,७६८ |- | PM || [[पंचमहाल जिला|पंचमहाल]] || [[गोधरा]] || ५,२१९ |- | PO || [[पोरबंदर जिला|पोरबंदर]] || [[पोरबंदर]] || २,२९४ |- | RA || [[राजकोट जिला|राजकोट]] || [[राजकोट]] || ११,२०३ |- | SK || [[साबरकांठा जिला|साबरकांठा]] || [[हिंमतनगर]] || ७,३९० |- | SN || [[सुरेन्द्रनगर जिला|सुरेन्द्रनगर]] || [[सुरेन्द्रनगर]] || १०,४८९ |- | ST || [[सुरत जिला|सुरत]] || [[सुरत]] || ७,६५७ |- | TA || [[तापी जिला|तापी]] || [[व्यारा]] || ३,०४० |- | VD ||[[वडोदरा जिला|वडोदरा]]||[[वडोदरा]] || ७,७९४ |- | VL || [[वलसाड जिला|वलसाड]] || [[वलसाड]] || ३,०३४ |- | DD || [[देवभूमि द्वारका जिला|देवभूमि द्वारका]] || [[जामखंभालिया|जामखंभालिया]] || - |- | GS || [[गीर सोमनाथ जिला|गीर सोमनाथ]] || [[वेरावल|वेरावल]] || - |- | MR || [[मोरबी जिला|मोरबी]] || [[मोरबी]] || - |- | BT || [[बोटाद जिला|बोटाद]] || [[बोटाद]] || - |- | AR || [[अरवल्ली जिला|अरवल्ली]] ||[[मोडासा]]|| - |- | MS || [[महीसागर जिला|महीसागर]] || [[लुणावाडा]] || - |- | CU || [[छोटा उदेपुर जिला|छोटा उदेपुर]] ||[[छोटा उदयपुर जिला|छोटा उदेपुर]]|| - |- | || [[वाव–थराद जिला|वाव–थराद]] ||[[थराद]] || – |} == अर्थव्यवस्था == === कृषि === गुजरात [[कपास]], [[तम्बाकू]] और [[मूँगफली]] का उत्‍पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्‍य है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्‍वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्‍चा माल उपलब्‍ध कराता है। यहाँ की अन्‍य महत्‍वपूर्ण नकदी फसलें हैं - इसबगोल, धान, गेहूँ और बाजरा। गुजरात के वनों में उपलबध वृक्षों की जातियाँ हैं-[[सागवान]], खैर, हलदरियो, सादाद और [[बाँस]]। === उद्योग === राज्‍य में औद्योगिक ढाँचे में धीरे-धीरे विविधता आती जा रही है और यहाँ रसायन, पेट्रो-रसायन, उर्वरक, इंजीनियरिंग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स आदि उद्योगों का विकास हो रहा है। २००४ के अन्त में राज्‍य में पंजीकृत चालू फैक्‍टरियों की संख्‍या २१,५३६ (अस्‍थाई) थी जिनमें औसतन ९.२७ लाख दैनिक श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ था। मार्च, २००५ तक राज्‍य में २.९९ लाख लघु औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका था। गुजरात औद्योगिक विकास निगम को ढाँचागत सुविधाओ के साथ औद्योगिक सम्पदाओं के वि‍कास की भूमिका सौंपी गई है। दिसंबर, २००५ तक गुजरात औद्योगिक विकास निगम ने २३७ औद्योगिक सम्पदाएँ स्‍थापित की थी। === सिंचाई और बिजली === राज्‍य में भूतलीय जल तथा भूमिगत जल द्वारा कुल सिंचाई क्षमता ६४.४८ लाख हेक्‍टेयर आंकी गई है जिसमें सरदार सरोवर (नर्मदा) परियोजना की १७.९२ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००५ तक कुल सिंचाई क्षमता ४०.३४ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००७ तक कुल सिंचाई क्षमता ४२.२६ लाख हेक्‍टेयर तक पहुँच गई थी। जून २००७ तक अधिकतम उपयोग क्षमता ३७.३३ लाख हेक्‍टेयर आँकी गई। == परिवहन == ;सड़कें २००५-०६ के अन्त में राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई (गैर योजना, सामुदायिक, नगरीय और परियोजना सड़कों के अतिरिक्त) लगभग ७४,०३८ किलोमीटर थी। ;उड्डयन राज्‍य के [[अहमदाबाद]] स्थित मुख्‍य हवाई अड्डे से [[मुम्बई]], [[दिल्‍ली]] और अन्‍य नगरों के लिए दैनिक विमान सेवा उपलब्‍ध है। अहमदाबाद हवाई अड्डे को अब अन्तरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल गया हैं। अन्‍य हवाई अड्डे वड़ोदरा, भावनगर, भुज, सूरत, जामनगर, काण्डला, केशोद, पोरबन्दर और राजकोट में है। ;रेल गुजरात का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन वडोदरा जंक्शन है। यहाँ से हर रोज १५० से भी ज्यादा ट्रेन पसर होती है और भारत के लगभग हर एक कोने में जाने के लिए यहाँ से ट्रेन उपलब्ध होती है। वडोदरा के अलावा गुजरात के बड़े स्टेशनों में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भुज और भावनगर का समावेश होता है। गुजरात भारतीय रेल के पश्चिम रेलवे ज़ोन में पड़ता है। ;बन्दरगाह गुजरात में कुल ४० बन्दरगाह हैं। काण्डला राज्‍य का प्रमुख बन्दरगाह है। वर्ष २००४-०५ के दौरान गुजरात के मंझोले और छोटे बन्दरगाहों से कुल ९७१.२८ लाख टन माल ढोया गया जबकि काण्डला बन्दरगाह से ४१५.५१ लाख टन माल ढोया गया। == संस्कृति == === त्‍योहार === भाद्रपद्र (अगस्‍त-सितंबर) मास के शुक्‍ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्‍ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्‍तुति में तरणेतर मेला लगता है। भगवान कृष्‍ण द्वारा रुक्‍मणी से विवाह के उपलक्ष्‍य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्‍ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपूर में माधावराय मेला लगता है। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा जिले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयेजित किया जाता हैं। राज्‍य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारिका और डाकोर में भगवान कृष्‍ण के जन्‍मदिवस जन्‍माष्‍टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्‍लास से आयोजित होता है। इसके अलावा गुजरात में मकर सक्रांति, नवरात्रि, डांगी दरबार, शामलाजी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == पर्यटन स्‍थल == राज्‍य में [[द्वारका]], [[सोमनाथ]], पालीताना, पावागढ़, अंबाजी भद्रेश्‍वर, शामलाजी,बगदाणा,वीरपुर,खेरालु (सूर्यमंदिर),मोढेरा (सूर्यमंदिर) तारंगा,निष्कलंक महादेव,राजपरा (भावनगर),बहुचराजी, और गिरनार जैसे धार्मिक स्‍थलों के अलावा महात्‍मा गांधी की जन्‍मभूमि पोरबंदर तथा पुरातत्‍व और वास्‍तुकला की दृष्टि से उल्‍लेखनीय पाटन, [[सिद्धपुर-सीला-२, यमकेश्वर तहसील|सिद्धपुर]], घुरनली, दभेई, बडनगर, मोधेरा, लोथल और अहमदाबाद जैसे स्‍थान भी हैं। अहमदपुर मांडवी, चारबाड़ उभारत और तीथल के सुंदर समुद्री तट, सतपुड़ा पर्वतीय स्‍थल, गिर वनों के शेरों का अभयारण्‍य और कच्‍छ में जंगली गधों का अभयारण्‍य भी पर्यटकों के आकर्षण का केद्र हैं। इसके अलावा गुजरात के स्थानीय व्यंजन के जायके भी गुजरात की खूबसूरती को और बढ़ाते है। गुजरात के पाटण में स्थित रानी की वाव [[यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची]] में शामिल है। == प्रशासन == === सरकार === राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त राज्यपाल गुजरात के प्रशासन का प्रमुख होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल राज्यपाल को उसके कामकाज में सहयोग और सलाह देता है। राज्य में एक निर्वाचित निकाय एकसदनात्मक विधानसभा है। उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोपरि न्यायिक सत्ता है, जबकि नगर न्यायालय, ज़िला व सत्र न्यायाधीशों के न्यायालय और प्रत्येक ज़िले में दीवानी मामलों के न्यायाधीशों के न्यायालय हैं। राज्य को 34 प्रशासनिक ज़िलों में बांटा गया है। [[अहमदाबाद]], [[अमरेली]], [[बनासकांठा जिला|बनास कंठा]], [[भरूच जिला|भरूच]], [[भावनगर]], डेंग, [[गाँधीनगर]], [[खेड़ा]], [[महेसाणा जिला|महेसाणा]], [[पंचमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|पंचमहल]], [[राजकोट]], [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबर कंठा]], [[सूरत]] [[सुरेन्द्रनगर|सुरेंद्रनगर]], [[बड़ोदरा|वडोदरा]], [[महीसागर]], [[वलसाड]], [[नवसारी जिला|नवसारी]], [[नर्मदा नदी|नर्मदा]], [[दोहद]], [[आनन्द|आनंद]], [[पाटन]], [[जामनगर]], [[पोरबन्दर|पोरबंदर]], [[जूनागढ़]] और [[कच्छ]], प्रत्येक ज़िले का राजस्व और सामान्य प्रशासन ज़िलाधीश की देखरेख में होता है, जो क़ानून और व्यवस्था भी बनाए रखता है। स्थानीय प्रशासन में आम लोगों को शामिल करने के लिए 1963 में पंचायत द्वारा प्रशासन की शुरुआत की गई। === स्वास्थ्य === स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में [[मलेरिया]], तपेदिक, कुष्ठ और अन्य संक्रामक रोगों के उन्मूलन के साथ-साथ पेयजल की आपूर्ति में सुधार और खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के कार्यक्रम शामिल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों के विस्तार के लिए भी क़दम उठाए गए हैं। === जन-कल्याण === बच्चों, महिलाओं और विकलांगों, वृद्ध, असहाय, परित्यक्त के साथ-साथ अपराधी भिखारी, अनाथ और जेल से छुटे लोगों की कल्याण आवश्यकताओं की देखरेख विभिन्न राजकीय संस्थाएं करती हैं। राज्य में तथाकथित पिछड़े वर्ग के लोगों की शिक्षा, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य और आवास की देखरेख के लिए एक अलग विभाग है। == जनजीवन == गुजराती जनसंख्या में विविध जातीय समूह का मोटे तौर पर इंडिक / भारतोद्भव (उत्तरी मूल) या द्रविड़ (दक्षिणी मूल) के रूप में वर्गीकरण किया जा सकता है। पहले वर्ग में नगर ब्राह्मण,राजपूत,दरबार,भरवाड़,आहिर,गढ़वी,रबारी, पाटीदारपटेल और कई जातियां (जबकि दक्षिणी मूल के लोगों में [[वाल्मीकि]], कोली, डबला, नायकदा व मच्छि-खरवा जनजातिया हैं। शेष जनसंख्या में आदिवासी भील मिश्रित विशेषताएं दर्शाते हैं। अनुसूचित जनजाति और आदिवासी जनजाति के सदस्य प्रदेश की जनसंख्या का लगभग पाँचवां हिस्सा हैं। यहाँ डांग ज़िला पूर्णत: आदिवासी युक्त ज़िला है। अहमदाबाद ज़िले में अनुसूचित जनजाति का अनुपात सर्वाधिक है। गुजरात में जनसंख्या का मुख्य संकेंद्रण अहमदाबाद, खेड़ा, वडोदरा, सूरत और वल्सर के मैदानी क्षेत्र में देखा जा सकता है। यह क्षेत्र कृषि के दृष्टिकोण से उर्वर है और अत्यधिक औद्योगीकृत है। जनसंख्या का एक अन्य संकेंद्रण मंगरोल से महुवा तक और राजकोट एवं जामनगर के आसपास के हिस्सों सहित सौराष्ट्र के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में देखा जा सकता है। जनसंख्या का वितरण उत्तर (कच्छ) और पूर्वी पर्वतीय क्षेत्रों की ओर क्रमश कम होता जाता है। जनसंख्या का औसत घनत्व 258 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2001) है और दशकीय वृद्धि दर 2001 में 22.48 प्रतिशत पाई गई। == शिक्षा == 600 या इससे ज़्यादा जनसंख्या वाले लगभग सभी गाँवों में सात से ग्यारह वर्ष के सभी बच्चों के लिए प्राथमिक पाठशालाएँ खोली जा चुकी हैं। आदिवासी बच्चों को कला और शिल्प की शिक्षा देने के लिए विशेष विद्यालय चलाए जाते हैं। यहाँ अनेक माध्यमिक और उच्चतर विद्यालयों के साथ-साथ नौ विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थान हैं। अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और तकनीकी विद्यालयों द्वारा तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। शोध संस्थानों में अहमदाबाद में फ़िज़िकल रिसर्च लेबोरेटरी अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज़ रिसर्च एशोसिएशन, सेठ भोलाभाई जेसिंगभाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ लर्निंग ऐंड रिसर्च, द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, द नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन और द सरदार पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इकोनॉमिक ऐंड सोशल रिसर्च, वडोदरा में ओरिएंटल इंस्टिट्यूट तथा भावनगर में सेंट्रल साल्ट ऐंड मॅरीन केमिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट एवम वङोदरा में देश की पहली रेलवे यूनिवर्सिटी शामिल हैं। == भाषा == [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिन्दी]] राज्य की अधिकृत भाषाएं हैं। दोनों में गुजराती का ज़्यादा व्यापक इस्तेमाल होता है, जो संस्कृत के अलावा प्राचीन भारतीय मूल भाषा प्राकृत और 10 वीं शताब्दी के बीच उत्तरी और पश्चिमी भारत में बोली जाने वाली अपभ्रंश भाषा से व्युत्पन्न एक भारतीय-आर्य भाषा है। समुद्र मार्ग से गुजरात के विदेशों से संपर्क ने [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]], [[अरबी]], [[तुर्की]], [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तग़ाली]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] शब्दों से इसका परिचय करवाया। गुजराती में [[महात्मा गांधी]] की विलक्षण रचनाएं अपनी सादगी और ऊर्जस्विता के लिए प्रसिद्ध हैं। इन रचनाओं ने आधुनिक गुजराती गद्य पर ज़बरदस्त प्रभाव डाला है। गुजरात में राजभाषा गुजराती भाषा के अतिरिक्त [[हिन्दी]], [[मराठी भाषा|मराठी]] और अंग्रेज़ी का प्रचलन है। गुजराती भाषा नवीन [[भारतीय आर्थिक सेवा|भारतीय–आर्य]] भाषाओं के दक्षिण–पश्चिमी समूह से सम्बन्धित है। [[इतालवी भाषा|इतालवी]] विद्वान तेस्सितोरी ने प्राचीन गुजराती को प्राचीन पश्चिमी राजस्थानी भी कहा, क्योंकि उनके काल में इस भाषा का उपयोग उस क्षेत्र में भी होता था, जिसे अब राजस्थान राज्य कहा जाता है। == धर्म == गुजरात में अधिकांश जनसंख्या [[हिन्दू धर्म]] को मानती है, जबकि कुछ संख्या [[इस्लाम]], [[जैन धर्म|जैन]] और [[पारसी धर्म]] मानने वालों की भी है। == संस्कृति == गुजरात की अधिकांश लोक [[संस्कृति]] और लोकगीत हिन्दू धार्मिक साहित्य पुराण में वर्णित भगवान [[कृष्ण]] से जुड़ी किंवदंतियों से प्रतिबिंबित होती है। [[कृष्ण]] के सम्मान में किया जाने वाला रासनृत्य और रासलीला प्रसिद्ध लोकनृत्य "गरबा" के रूप में अब भी प्रचलित है। यह नृत्य देवी दुर्गा के नवरात्री पर्व में किया जाता है। एक लोक नाट्य भवई भी अभी अस्तित्व में है। गुजरात में शैववाद के साथ-साथ वैष्णववाद भी लंबे समय से फलता-फूलता रहा है, जिनसे भक्ति मत का उद्भव हुआ। प्रमुख संतों, कवियों और संगीतज्ञों में 15वीं सदी में पदों के रचयिता नरसी मेहता, अपने महल को त्यागने वाली 16वीं सदी की राजपूत राजकुमारी व भजनों की रचनाकार मीराबाई, 18वीं सदी के कवि और लेखक प्रेमानंद और भक्ति मत को लोकप्रिय बनाने वाले गीतकार दयाराम शामिल हैं। भारत में अन्य जगहों की तुलना में अहिंसा और शाकाहार की विशिष्टता वाले जैन धर्म ने गुजरात में गहरी जड़े जमाई। ज़रथुस्त्र के अनुयायी पारसी 17वीं सदी के बाद किसी समय फ़ारस से भागकर सबसे पहले गुजरात के तट पर ही बसे थे। इस समुदाय के अधिकांश लोग बाद में [[मुम्बई|बंबई]] (वर्तमान मुंबई) चले गए। [[श्रीकृष्ण]], [[दयानन्द सरस्वती]], [[मोहनदास गांधी]], [[सरदार पटेल]] तथा सुप्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी रणजी जैसे व्यक्तित्व ने प्रदेश के समाज को गौरवांवित किया। गुजरात की संस्कृति में मुख्यत: शीशे का काम तथा 'गरबा' एवं 'रास' नृत्य पूरे भारत में प्रसिद्ध है। प्रदेश का सर्वप्रमुख लोक नृत्य गरबा तथा डांडिया है। गरबा नृत्य में स्त्रियाँ सिर पर छिद्रयुक्त पात्र लेकर नृत्य करती हैं, जिस के भीतर दीप जलता है। डांडिया में अक्सर पुरुष भाग लेते हैं परंतु कभी-कभी स्त्री-पुरुष दोनों मिलकर करते हैं। प्रदेश के रहन-सहन और पहनावे पर राजस्थान का प्रभाव देखा जा सकता है। प्रदेश का भवई लोकनाट्य लोकप्रिय है। स्थापत्य शिल्प की दृष्टि से प्रदेश समृद्ध है। इस दृष्टि से रुद्र महालय, सिद्धपुर, मातृमूर्ति पावागढ़, शिल्पगौरव गलतेश्वर, द्वारिकानाथ का मंदिर, शत्रुंजय पालीताना के जैन मंदिर, सीदी सैयद मस्जिद की जालियाँ, पाटन की काष्ठकला इत्यादि महत्त्वपूर्ण हैं। हिन्दी में जो स्थान सूरदास का है गुजराती में वही स्थान नरसी मेहता का है। === त्योहार और मेले === भारत के पश्चिमी भाग में बसा समृद्धशाली राज्य गुजरात अपने त्योहारों और सांस्कृतिक उत्सवों के लिये विश्व प्रसिद्ध है।<br />भाद्रपद्र (अगस्त-सितंबर) मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्तुति में तरणेतर मेला लगता है।<br />भगवान कृष्ण द्वारा रुक्मणी से विवाह के उपलक्ष्य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपुर में माधवराय मेला लगता है।<br />उत्तरी गुजरात के बांसकांठा ज़िले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयोजित किया जाता हैं।<br />राज्य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारका और डाकोर में भगवान कृष्ण के जन्मदिवस जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्लास से आयोजित होता है। इसके अतिरिक्त गुजरात में मकरसंक्राति,नवरात्री, डांगी दरबार, शामला जी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == कला == गुजरात की वास्तुकला शैली अपनी पूर्णता और अलंकारिकता के लिए विख्यात है, जो [[सोमनाथ मन्दिर|सोमनाथ]], [[द्वारका]], [[मोधेरा]], थान, घुमली, [[गिरनार]] जैसे मंदिरों और स्मारकों में संरक्षित है। मुस्लिम शासन के दौरान एक अलग ही तरीक़े की भारतीय-इस्लामी शैली विकसित हुई। गुजरात अपनी कला व शिल्प की वस्तुओं के लिए भी प्रसिद्ध है। इनमें जामनगर की बांधनी (बंधाई और रंगाई की तकनीक), पाटन का उत्कृष्ट रेशमी वस्त्र पटोला, इदर के खिलौने, पालनपुर का इत्र कोनोदर का हस्तशिल्प का काम और अहमदाबाद व सूरत के लघु मंदिरों का काष्ठशिल्प तथा पौराणिक मूर्तियाँ शामिल हैं। राज्य के सर्वाधिक स्थायी और प्रभावशाली सांस्कृतिक संस्थानों में महाजन के रूप में प्रसिद्ध व्यापार और कला शिल्प संघ है। अक्सर जाति विशेष में अंतर्गठित और स्वायत्त इन संघों ने अतीत कई विवादों को सुलझाया है और लोकहित के माध्यम की भूमिका निभाते हुए कला व संस्कृति को प्रोत्साहन दिया है। === काष्ठ शिल्पकला === गुजरात राज्य में की जाने वाली वास्तु शिल्पीय नक़्क़ाशी कम से कम 15वीं शताब्दी से गुजरात भारत में लकड़ी की नक़्क़ाशी का मुख्य केंद्र रहा है। निर्माण सामग्री के रूप में जिस समय पत्थर का इस्तेमाल अधिक सुविधाजनक और विश्वसनीय था, इस समय भी गुजरात के लोगों ने मंदिरों के मंडप तथा आवासीय भवनों के अग्रभागों, द्वारों, स्तंभों, झरोखों, दीवारगीरों और जालीदार खिड़कियों के निर्माण में निर्माण में बेझिझक लकड़ी का प्रयोग जारी रखा। मुग़ल काल (1556-1707) के दौरान गुजरात की लकड़ी नक़्क़ाशी में देशी एवं मुग़ल शैलियों का सुंदर संयोजन दिखाई देता है। 16वीं सदी के उत्तरार्द्ध एवं 17वीं सदी के जैन काष्ठ मंडपों पर जैन पौराणिक कथाएँ एवं समकालीन जीवन के दृश्य तथा काल्पनिक बेल-बूटे, पशु-पक्षी एवं ज्यामितीय आकृतियाँ उत्कीर्ण की गई हैं; आकृति मूर्तिकला अत्यंत जीवंत एवं लयात्मक है। लकड़ी पर गाढ़े लाल रौग़न का प्रयोग आम था। 19वीं सदी के कई भव्य काष्ठ पुरोभाग संरक्षित हैं, लेकिन उनका अलंकरण पहले की निर्मितियों जैसा ललित और गत्यात्मक नहीं है। गुजरात (/ ˌɡʊdʒərɑːt / Gujrāt [ɡudʒ (ə) ɾaːt̪] (इस ध्वनि के बारे में सुनो) पश्चिमी भारत में एक राज्य है, इसका क्षेत्र 1,6,024 किमी 2 (75,685 वर्ग मील) है जिसमें 1,600 किलोमीटर (9 9 0 9 मील), जिनमें से अधिकांश काठियावाड़ प्रायद्वीप पर स्थित है, और 60 मिलियन से अधिक की आबादी है राज्य को [[राजस्थान]] से उत्तर की ओर, दक्षिण में [[महाराष्ट्र]], पूर्व में [[मध्य प्रदेश]], और [[अरब सागर]] और पश्चिम में सिंध के [[पाकिस्तानी]] प्रांत में सीमाएं हैं। इसकी राजधानी गांधीनगर है, जबकि इसका सबसे बड़ा नगर अहमदाबाद है। गुजरात भारत के [[गुजराती भाषा|गुजराती]] भाषण वाले लोगों का घर है। राज्य में प्राचीन [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] सभ्यता की कुछ साइटें शामिल हैं, जैसे लोथल और ढोलवीरा लोथल को दुनिया के पहले बंदरगाहों में से एक माना जाता है। गुजरात के तटीय नगरो, मुख्यतः भरूच और खंभात, मोरिया और गुप्त साम्राज्यों में बंदरगाहों और व्यापार केंद्रों के रूप में कार्य करते थे, और पश्चिमी सतराप काल से शाही शक राजवंशों के उत्तराधिकार के दौरान। गुजरात प्राचीन यूनानियों के लिए जाना जाता था, और यूरोपीय मध्य युग के अंत के माध्यम से सभ्यता के अन्य पश्चिमी केंद्रों में परिचित था। गुजरात के 2,000 साल के समुद्री इतिहास का सबसे पुराना लिखित रिकार्ड एक ग्रीक किताब में प्रकाशित किया गया है जिसका नाम पेरिप्लस ऑफ द इरिथ्रेअन सी: ट्रैवल एंड ट्रेड इन हिंद ओन्सन ऑफ द मर्चेंट ऑफ द फर्स्ट सेंचुरी है। प्राचीन लोथल की ढक्कन आज की तरह है ढोलवीरा में प्राचीन जल भंडार गुजरात सिंधु घाटी सभ्यता के मुख्य केंद्रों में से एक था। इसमें [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] से प्राचीन महानगरीय नगरो जैसे [[लोथल]], [[धोलावीरा|धौलावीरा]] और गोला धोरो शामिल हैं। [[लोथल]] प्राचीन नगर था जहां भारत का पहला बंदरगाह स्थापित किया गया था। प्राचीन नगर ढोलवीरा, सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक है। सबसे हालिया खोज गोला धोरो थी। कुल मिलाकर, लगभग 50 सिंधु घाटी स्थितियों के खंडहर गुजरात में खोजे गये है। गुजरात के प्राचीन इतिहास को इसके निवासियों की वाणिज्यिक गतिविधियों से समृद्ध किया गया था। 1000 से 750 ईसा पूर्व के समय के दौरान [[फ़ारस|फारस]] की खाड़ी में [[मिस्र]], [[बहरीन]] और [[सुमेर]] के साथ व्यापार और वाणिज्य संबंधों का स्पष्ट ऐतिहासिक प्रमाण है। [[मौर्य राजवंश|मौर्या राजवंश]], पश्चिमी सतराप, [[सातवाहन|सातवाहन राजवंश]], [[गुप्त राजवंश|गुप्त साम्राज्य]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य वंश]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट साम्राज्य]], [[पाल साम्राज्य]] के साथ-साथ स्थानीय राजवंशों जैसे मैत्रकस और फिर हिंदू और [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] राज्यों का उत्तराधिकार था। गुजरात के शुरुआती इतिहास में [[चन्द्रगुप्त मौर्य|चंद्रगुप्त मौर्य]] की शाही भव्यता को दर्शाया गया है, जिसने पहले के कई राज्यों पर विजय प्राप्त की जो अब गुजरात है। पुष्यगुप्त, एक वैश्य, को मौर्य शासन द्वारा सौराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने गिरिंगर (आधुनिक दिवस जूनागढ़) (322 ईसा पूर्व से 2 9 4 ईसा पूर्व) पर शासन किया और [[सुदर्शन झील]] पर एक बांध बनाया। चंद्रगुप्त मौर्य के पोते [[अशोक|सम्राट अशोक]] ने केवल जूनागढ़ में चट्टान पर अपने पदों के उत्कीर्णन का आदेश नहीं दिया, बल्कि राज्यपाल टुशेरफा को झील से नहरों में कटौती करने के लिए कहा, जहां पहले मौर्य राज्यपाल ने बांध बांध दिया था। मौर्य शक्ति की कमी और [[उज्जैन]] के सम्प्रति मौर्यों के प्रभाव में सौराष्ट्र आने के बीच, डेमेट्रीयूस के नेतृत्व में गुजरात में एक इंडो-ग्रीक आक्रमण हुआ। 1 शताब्दी ईस्वी के पहले छमाही में, गुजरात गोंडफेयर के एक व्यापारी की कहानी है जो गुजरात में उत्तराधिकारी थॉमस के साथ उतरती है। शेर की हत्या कर रहे कप वाहक की घटना से संकेत हो सकता है कि बंदरगाह नगर का वर्णन गुजरात में है। 1 सदी ईस्वी की शुरुआत से लगभग 300 वर्षों तक, गुजरात शासकों ने गुजरात के इतिहास में एक प्रमुख भूमिका निभाई। जूनागढ़ में मौसम से पीटा हुआ चट्टान शाकाहारी रूद्राद्रमैन I (100 एडी) की सैकड़ों सैक्रापों की एक झलक देता है जिन्हें पश्चिमी सतराप, या क्षत्रप कहा जाता है। == जातियां == * *[[भील]] : भील भारत देश साथ साथ गुजरात की प्रमुख जनजातियों में से एक है। गुजरात के पूर्वा पट्टी के जिले में भील आदिवासी की संख्या अधिक मात्रा में है। गुजरात के बनासकांठा,साबरकांठा,अरवल्ली महिसागर,दाहोद,पंचमहाल,बड़ोदरा ग्रामीण,छोटाउदयपुर,नर्मदा,भरूच तापी,सूरत,नवसारी,डांग और वलसाड में भील की बस्ती है। * *[[कोली]] : कोली और भील जनजाति इतिहास के कई युद्ध में एक साथ देखी । *[[काठी दरबार]] : काठी दरबार गुजरात की प्रमुख जातियों में से एक है। *[[राजपूत]] :राजपूत जाति गुजरात में पाई जाने वाले जातियों में से एक है। *[[रबारी]] :रबारी समाज मूल मालधारी है ये भेस,बकरी, भेड़, उट, चराते है। रबारी समाज मूल राजस्थान है । == इन्हें भी देखें == {{प्रवेशद्वार}} * [[गुजरात के लोकसभा सदस्य]] * [[धोलावीरा]] * [[रन ऑफ कच्छ]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == {{विकियात्रा|गुजरात}} * [https://web.archive.org/web/20130313212855/http://www.gujaratindia.com/index-guj.htm गुजरात सरकार का जालस्थल] (गुजराती) * [https://web.archive.org/web/20130329015527/http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx गुजरात पर्यटन का आधिकारिक जालस्थल] * [https://web.archive.org/web/20101209011007/http://www.jagranyatra.com/2010/05/nal-sarovar-gujarat-entertainmen/ गुजरात का नल सरोवर है प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग] * [https://web.archive.org/web/20151122145636/http://interestingportal.com/these-citys-of-gujarat-famous-for-its-flavor-surat-ahemdabad-baroda-rajkot-ajab-gajab-news-in-hindi/ गुजरात के प्रमुख नगरो के व्यंजन] * [https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ गुजरात का प्रसिद्ध व्यंजन खमन ढोकला कैसे बनता हैं।] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230711192835/https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ |date=11 जुलाई 2023 }} {{Geographic location |Centre = गुजरात |North = [[राजस्थान]] |Northeast = [[राजस्थान]] |East = [[मध्य प्रदेश]] |Southeast = [[दमन और दीव]]<br>[[दादरा एवं नगर हवेली]]<br>[[महाराष्ट्र]] |South = ''[[अरब सागर]]''<br>[[महाराष्ट्र]] |Southwest = ''[[अरब सागर]]'' |West = ''[[अरब सागर]]'' |Northwest = [[सिंध]], {{flag|पाकिस्तान}} }} {{गुजरात|state=autocollapsed}} {{भारत के प्रान्त और संघ राज्यक्षेत्र}} {{Authority control}} [[श्रेणी:गुजरात| ]] [[श्रेणी:भारत के राज्य]] 7hipl1sqdnc6gm8msn7htyccalk1zrb 6540980 6540979 2026-04-15T18:16:58Z ~2026-23341-69 920552 6540980 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement <!-- See Template:Infobox settlement for additional fields and descriptions --> | name = गुजरात | type = [[भारत का राज्य|राज्य]] | anthem = [[जय जय गरवी गुजरात]] | image_skyline = {{multiple image | border = infobox | total_width = 280 | image_style = | perrow = 1/2/2/2/1 | caption_align = center | image1 = Rani ki vav 02.jpg | caption1 = [[रानी की वाव]] | image2 = Wankaner-palace.png | caption2 = [[वांकानेर]] | 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एक [[राज्य]] है। इसकी उत्तरी-पश्चिमी सीमा जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा भी है, [[पाकिस्तान]] से लगी है। [[राजस्थान]] और [[मध्य प्रदेश]] इसके क्रमशः उत्तर एवं उत्तर-पूर्व में स्थित राज्य हैं। [[महाराष्ट्र]] इसके दक्षिण में है। [[अरब सागर]] इसकी पश्चिमी-दक्षिणी सीमा बनाता है। इसकी दक्षिणी सीमा पर दादर एवं नगर-हवेली हैं। इस राज्य की राजधानी [[गांधीनगर]] है। गांधीनगर, राज्य के प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र [[अहमदाबाद]] के समीप स्थित है। गुजरात का क्षेत्रफल 1,96,024 किलोमीटर है। भूतकाल में इसे गुर्जरत्रा प्रदेश के नाम से जाना जाता था गुजरात, भारत का एक राज्य है। कच्छ, सौराष्ट्र, काठियावाड, हालार, पांचाल, गोहिलवाड, झालावाड और गुजरात उसके प्रादेशिक सांस्कृतिक अंग हैं। इनकी लोक संस्कृति और साहित्य का अनुबन्ध [[राजस्थान]], [[सिंध]] और [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]], [[महाराष्ट्र]] और [[मध्य प्रदेश]] के साथ है। विशाल सागर तट वाले इस राज्य में इतिहास युग के आरम्भ होने से पूर्व ही अनेक विदेशी जातियाँ थल और समुद्र मार्ग से आकर स्थायी रूप से बसी हुई हैं। इसके उपरांत गुजरात में अट्ठाइस आदिवासी जातियां हैं। जन-समाज के ऐसे वैविध्य के कारण इस प्रदेश को भाँति-भाँति की लोक संस्कृतियों का लाभ मिला है। == इतिहास == {{मुख्य|गुजरात का इतिहास}} गुजरात का इतिहास पाषाण युग के बस्तियों के साथ शुरू हुआ, इसके बाद चोलकोथिक और कांस्य युग के बस्तियों जैसे [[सिंधु घाटी सभ्यता]]।<ref>{{Cite web|url=https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|title=Where does history begin?|date=19 अक्टूबर 2017|website=Condé Nast Traveller India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20171027131256/https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|archive-date=27 अक्तूबर 2017|url-status=dead}}</ref> गुजरात का इतिहास ईसवी पूर्व लगभग २,००० वर्ष पुराना है। माना जाता है कि [[श्रीकृष्ण|कृष्‍ण]] [[मथुरा]] छोड़कर [[सौराष्‍ट्र]] के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो [[द्वारिका]] यानी प्रवेशद्वार कहलाया। बाद के वर्षो में मौर्य, गुप्त तथा अन्‍य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर राज किया। चालुक्य राजवंश का शासनकाल गुजरात में प्रगति और समृद्ध का युग था। == भूगोल == स्वतन्त्रता से पहले गुजरात का वर्तमान क्षेत्र मुख्‍य रूप से दो भागों में विभक्त था- एक ब्रिटिश क्षेत्र और दूसरा देसी रियासतें। राज्‍यों के पुनर्गठन के कारण सौराष्‍ट्र के राज्‍यों और कच्‍छ के केन्द्र शासित प्रदेश के साथ पूर्व ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी [[मुम्बई|बम्बई]] राज्‍य का गठन हुआ। १ मई सन १९६० ई को वर्तमान गुजरात<ref>{{Cite web|url=https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|title=गुजरात का नक्शा, इतिहास, भूगोल, जिले एवं गुजरात की अन्य जानकारी &#124; Gujarat Map in Hindi.|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190225223649/https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|archive-date=25 फ़रवरी सन 2019 ई |url-status=dead}}</ref> राज्‍य अस्तित्‍व में आया। गुजरात भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में [[पाकिस्तान|पाकिस्‍तान]] तथा उत्तर-पूर्व में [[राजस्थान|राजस्‍थान]], दक्षिण-पूर्व में मध्‍यप्रदेश और दक्षिण में महाराष्‍ट्र है। राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल 1,96,024 वर्ग किमी है। ये भूगोल की तरह सोचे तो दो जगह पानी रखता हैं ==गुजरात के जिले== {| class="wikitable sortable" |जिला कोड |जिला नाम |मुख्यालय |क्षेत्रफल |- | AH || [[अहमदाबाद जिला|अहमदाबाद]] || [[अहमदाबाद]]|| ८,७०७ |- | AM || [[अमरेली जिला|अमरेली]] || [[अमरेली]] || ६,७६० |- | AN || [[आणंद जिला|आणंद]] || [[आणंद]] || २,९४२ |- | BK || [[बनासकांठा जिला|बनासकांठा]] || [[पालनपुर]] || १२,७०३ |- | BR || [[भरुच जिला|भरुच]] || [[भरुच]] || ६,५२४ |- | BV || [[भावनगर जिला|भावनगर]] || [[भावनगर]] || ११,१५५ |- | DA || [[दाहोद जिला|दाहोद]] || [[दाहोद]] || ३,६५२ |- | DG || [[डांग जिला|डांग]] || [[आहवा]] || १७६४ |- | GA || [[गांधीनगर जिला|गांधीनगर]] || [[गांधीनगर]] || ६४९ |- | JA || [[जामनगर जिला|जामनगर]] || [[जामनगर]] || १४,१२५ |- | JU || [[जूनागढ जिला|जूनागढ]] || [[जूनागढ]] || ,८८३९ |- | KA || [[कच्छ जिला|कच्छ]] || [[भुज]] || ४५,६५२ |- | KH || [[खेड़ा जिला|खेड़ा]] ||[[नडियाद]]|| ४,२१५ |- | MA || [[महेसाणा जिला|महेसाणा]] || [[महेसाणा]] || ४,३८६ |- | NR || [[नर्मदा जिला|नर्मदा]] ||[[राजपीपला|राजपीपला]]|| २,७४९ |- | NV || [[नवसारी जिला|नवसारी]] || [[नवसारी]] || २,२११ |- | PA || [[पाटण जिला|पाटण]] || [[पाटण]] || ५,७६८ |- | PM || [[पंचमहाल जिला|पंचमहाल]] || [[गोधरा]] || ५,२१९ |- | PO || [[पोरबंदर जिला|पोरबंदर]] || [[पोरबंदर]] || २,२९४ |- | RA || [[राजकोट जिला|राजकोट]] || [[राजकोट]] || ११,२०३ |- | SK || [[साबरकांठा जिला|साबरकांठा]] || [[हिंमतनगर]] || ७,३९० |- | SN || [[सुरेन्द्रनगर जिला|सुरेन्द्रनगर]] || [[सुरेन्द्रनगर]] || १०,४८९ |- | ST || [[सुरत जिला|सुरत]] || [[सुरत]] || ७,६५७ |- | TA || [[तापी जिला|तापी]] || [[व्यारा]] || ३,०४० |- | VD ||[[वडोदरा जिला|वडोदरा]]||[[वडोदरा]] || ७,७९४ |- | VL || [[वलसाड जिला|वलसाड]] || [[वलसाड]] || ३,०३४ |- | DD || [[देवभूमि द्वारका जिला|देवभूमि द्वारका]] || [[जामखंभालिया|जामखंभालिया]] || - |- | GS || [[गीर सोमनाथ जिला|गीर सोमनाथ]] || [[वेरावल|वेरावल]] || - |- | MR || [[मोरबी जिला|मोरबी]] || [[मोरबी]] || - |- | BT || [[बोटाद जिला|बोटाद]] || [[बोटाद]] || - |- | AR || [[अरवल्ली जिला|अरवल्ली]] ||[[मोडासा]]|| - |- | MS || [[महीसागर जिला|महीसागर]] || [[लुणावाडा]] || - |- | CU || [[छोटा उदेपुर जिला|छोटा उदेपुर]] ||[[छोटा उदयपुर जिला|छोटा उदेपुर]]|| - |- | || [[वाव–थराद जिला|वाव–थराद]] ||[[थराद]] || – |} == अर्थव्यवस्था == === कृषि === गुजरात [[कपास]], [[तम्बाकू]] और [[मूँगफली]] का उत्‍पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्‍य है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्‍वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्‍चा माल उपलब्‍ध कराता है। यहाँ की अन्‍य महत्‍वपूर्ण नकदी फसलें हैं - इसबगोल, धान, गेहूँ और बाजरा। गुजरात के वनों में उपलबध वृक्षों की जातियाँ हैं-[[सागवान]], खैर, हलदरियो, सादाद और [[बाँस]]। === उद्योग === राज्‍य में औद्योगिक ढाँचे में धीरे-धीरे विविधता आती जा रही है और यहाँ रसायन, पेट्रो-रसायन, उर्वरक, इंजीनियरिंग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स आदि उद्योगों का विकास हो रहा है। २००४ के अन्त में राज्‍य में पंजीकृत चालू फैक्‍टरियों की संख्‍या २१,५३६ (अस्‍थाई) थी जिनमें औसतन ९.२७ लाख दैनिक श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ था। मार्च, २००५ तक राज्‍य में २.९९ लाख लघु औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका था। गुजरात औद्योगिक विकास निगम को ढाँचागत सुविधाओ के साथ औद्योगिक सम्पदाओं के वि‍कास की भूमिका सौंपी गई है। दिसंबर, २००५ तक गुजरात औद्योगिक विकास निगम ने २३७ औद्योगिक सम्पदाएँ स्‍थापित की थी। === सिंचाई और बिजली === राज्‍य में भूतलीय जल तथा भूमिगत जल द्वारा कुल सिंचाई क्षमता ६४.४८ लाख हेक्‍टेयर आंकी गई है जिसमें सरदार सरोवर (नर्मदा) परियोजना की १७.९२ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००५ तक कुल सिंचाई क्षमता ४०.३४ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००७ तक कुल सिंचाई क्षमता ४२.२६ लाख हेक्‍टेयर तक पहुँच गई थी। जून २००७ तक अधिकतम उपयोग क्षमता ३७.३३ लाख हेक्‍टेयर आँकी गई। == परिवहन == ;सड़कें २००५-०६ के अन्त में राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई (गैर योजना, सामुदायिक, नगरीय और परियोजना सड़कों के अतिरिक्त) लगभग ७४,०३८ किलोमीटर थी। ;उड्डयन राज्‍य के [[अहमदाबाद]] स्थित मुख्‍य हवाई अड्डे से [[मुम्बई]], [[दिल्‍ली]] और अन्‍य नगरों के लिए दैनिक विमान सेवा उपलब्‍ध है। अहमदाबाद हवाई अड्डे को अब अन्तरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल गया हैं। अन्‍य हवाई अड्डे वड़ोदरा, भावनगर, भुज, सूरत, जामनगर, काण्डला, केशोद, पोरबन्दर और राजकोट में है। ;रेल गुजरात का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन वडोदरा जंक्शन है। यहाँ से हर रोज १५० से भी ज्यादा ट्रेन पसर होती है और भारत के लगभग हर एक कोने में जाने के लिए यहाँ से ट्रेन उपलब्ध होती है। वडोदरा के अलावा गुजरात के बड़े स्टेशनों में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भुज और भावनगर का समावेश होता है। गुजरात भारतीय रेल के पश्चिम रेलवे ज़ोन में पड़ता है। ;बन्दरगाह गुजरात में कुल ४० बन्दरगाह हैं। काण्डला राज्‍य का प्रमुख बन्दरगाह है। वर्ष २००४-०५ के दौरान गुजरात के मंझोले और छोटे बन्दरगाहों से कुल ९७१.२८ लाख टन माल ढोया गया जबकि काण्डला बन्दरगाह से ४१५.५१ लाख टन माल ढोया गया। == संस्कृति == === त्‍योहार === भाद्रपद्र (अगस्‍त-सितंबर) मास के शुक्‍ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्‍ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्‍तुति में तरणेतर मेला लगता है। भगवान कृष्‍ण द्वारा रुक्‍मणी से विवाह के उपलक्ष्‍य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्‍ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपूर में माधावराय मेला लगता है। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा जिले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयेजित किया जाता हैं। राज्‍य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारिका और डाकोर में भगवान कृष्‍ण के जन्‍मदिवस जन्‍माष्‍टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्‍लास से आयोजित होता है। इसके अलावा गुजरात में मकर सक्रांति, नवरात्रि, डांगी दरबार, शामलाजी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == पर्यटन स्‍थल == राज्‍य में [[द्वारका]], [[सोमनाथ]], पालीताना, पावागढ़, अंबाजी भद्रेश्‍वर, शामलाजी,बगदाणा,वीरपुर,खेरालु (सूर्यमंदिर),मोढेरा (सूर्यमंदिर) तारंगा,निष्कलंक महादेव,राजपरा (भावनगर),बहुचराजी, और गिरनार जैसे धार्मिक स्‍थलों के अलावा महात्‍मा गांधी की जन्‍मभूमि पोरबंदर तथा पुरातत्‍व और वास्‍तुकला की दृष्टि से उल्‍लेखनीय पाटन, [[सिद्धपुर-सीला-२, यमकेश्वर तहसील|सिद्धपुर]], घुरनली, दभेई, बडनगर, मोधेरा, लोथल और अहमदाबाद जैसे स्‍थान भी हैं। अहमदपुर मांडवी, चारबाड़ उभारत और तीथल के सुंदर समुद्री तट, सतपुड़ा पर्वतीय स्‍थल, गिर वनों के शेरों का अभयारण्‍य और कच्‍छ में जंगली गधों का अभयारण्‍य भी पर्यटकों के आकर्षण का केद्र हैं। इसके अलावा गुजरात के स्थानीय व्यंजन के जायके भी गुजरात की खूबसूरती को और बढ़ाते है। गुजरात के पाटण में स्थित रानी की वाव [[यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची]] में शामिल है। == प्रशासन == === सरकार === राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त राज्यपाल गुजरात के प्रशासन का प्रमुख होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल राज्यपाल को उसके कामकाज में सहयोग और सलाह देता है। राज्य में एक निर्वाचित निकाय एकसदनात्मक विधानसभा है। उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोपरि न्यायिक सत्ता है, जबकि नगर न्यायालय, ज़िला व सत्र न्यायाधीशों के न्यायालय और प्रत्येक ज़िले में दीवानी मामलों के न्यायाधीशों के न्यायालय हैं। राज्य को 34 प्रशासनिक ज़िलों में बांटा गया है। [[अहमदाबाद]], [[अमरेली]], [[बनासकांठा जिला|बनास कंठा]], [[भरूच जिला|भरूच]], [[भावनगर]], डेंग, [[गाँधीनगर]], [[खेड़ा]], [[महेसाणा जिला|महेसाणा]], [[पंचमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|पंचमहल]], [[राजकोट]], [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबर कंठा]], [[सूरत]] [[सुरेन्द्रनगर|सुरेंद्रनगर]], [[बड़ोदरा|वडोदरा]], [[महीसागर]], [[वलसाड]], [[नवसारी जिला|नवसारी]], [[नर्मदा नदी|नर्मदा]], [[दोहद]], [[आनन्द|आनंद]], [[पाटन]], [[जामनगर]], [[पोरबन्दर|पोरबंदर]], [[जूनागढ़]] और [[कच्छ]], प्रत्येक ज़िले का राजस्व और सामान्य प्रशासन ज़िलाधीश की देखरेख में होता है, जो क़ानून और व्यवस्था भी बनाए रखता है। स्थानीय प्रशासन में आम लोगों को शामिल करने के लिए 1963 में पंचायत द्वारा प्रशासन की शुरुआत की गई। === स्वास्थ्य === स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में [[मलेरिया]], तपेदिक, कुष्ठ और अन्य संक्रामक रोगों के उन्मूलन के साथ-साथ पेयजल की आपूर्ति में सुधार और खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के कार्यक्रम शामिल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों के विस्तार के लिए भी क़दम उठाए गए हैं। === जन-कल्याण === बच्चों, महिलाओं और विकलांगों, वृद्ध, असहाय, परित्यक्त के साथ-साथ अपराधी भिखारी, अनाथ और जेल से छुटे लोगों की कल्याण आवश्यकताओं की देखरेख विभिन्न राजकीय संस्थाएं करती हैं। राज्य में तथाकथित पिछड़े वर्ग के लोगों की शिक्षा, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य और आवास की देखरेख के लिए एक अलग विभाग है। == जनजीवन == गुजराती जनसंख्या में विविध जातीय समूह का मोटे तौर पर इंडिक / भारतोद्भव (उत्तरी मूल) या द्रविड़ (दक्षिणी मूल) के रूप में वर्गीकरण किया जा सकता है। पहले वर्ग में नगर ब्राह्मण,राजपूत,दरबार,भरवाड़,आहिर,गढ़वी,रबारी, पाटीदारपटेल और कई जातियां (जबकि दक्षिणी मूल के लोगों में [[वाल्मीकि]], कोली, डबला, नायकदा व मच्छि-खरवा जनजातिया हैं। शेष जनसंख्या में आदिवासी भील मिश्रित विशेषताएं दर्शाते हैं। अनुसूचित जनजाति और आदिवासी जनजाति के सदस्य प्रदेश की जनसंख्या का लगभग पाँचवां हिस्सा हैं। यहाँ डांग ज़िला पूर्णत: आदिवासी युक्त ज़िला है। अहमदाबाद ज़िले में अनुसूचित जनजाति का अनुपात सर्वाधिक है। गुजरात में जनसंख्या का मुख्य संकेंद्रण अहमदाबाद, खेड़ा, वडोदरा, सूरत और वल्सर के मैदानी क्षेत्र में देखा जा सकता है। यह क्षेत्र कृषि के दृष्टिकोण से उर्वर है और अत्यधिक औद्योगीकृत है। जनसंख्या का एक अन्य संकेंद्रण मंगरोल से महुवा तक और राजकोट एवं जामनगर के आसपास के हिस्सों सहित सौराष्ट्र के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में देखा जा सकता है। जनसंख्या का वितरण उत्तर (कच्छ) और पूर्वी पर्वतीय क्षेत्रों की ओर क्रमश कम होता जाता है। जनसंख्या का औसत घनत्व 258 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2001) है और दशकीय वृद्धि दर 2001 में 22.48 प्रतिशत पाई गई। == शिक्षा == 600 या इससे ज़्यादा जनसंख्या वाले लगभग सभी गाँवों में सात से ग्यारह वर्ष के सभी बच्चों के लिए प्राथमिक पाठशालाएँ खोली जा चुकी हैं। आदिवासी बच्चों को कला और शिल्प की शिक्षा देने के लिए विशेष विद्यालय चलाए जाते हैं। यहाँ अनेक माध्यमिक और उच्चतर विद्यालयों के साथ-साथ नौ विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थान हैं। अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और तकनीकी विद्यालयों द्वारा तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। शोध संस्थानों में अहमदाबाद में फ़िज़िकल रिसर्च लेबोरेटरी अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज़ रिसर्च एशोसिएशन, सेठ भोलाभाई जेसिंगभाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ लर्निंग ऐंड रिसर्च, द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, द नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन और द सरदार पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इकोनॉमिक ऐंड सोशल रिसर्च, वडोदरा में ओरिएंटल इंस्टिट्यूट तथा भावनगर में सेंट्रल साल्ट ऐंड मॅरीन केमिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट एवम वङोदरा में देश की पहली रेलवे यूनिवर्सिटी शामिल हैं। == भाषा == [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिन्दी]] राज्य की अधिकृत भाषाएं हैं। दोनों में गुजराती का ज़्यादा व्यापक इस्तेमाल होता है, जो संस्कृत के अलावा प्राचीन भारतीय मूल भाषा प्राकृत और 10 वीं शताब्दी के बीच उत्तरी और पश्चिमी भारत में बोली जाने वाली अपभ्रंश भाषा से व्युत्पन्न एक भारतीय-आर्य भाषा है। समुद्र मार्ग से गुजरात के विदेशों से संपर्क ने [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]], [[अरबी]], [[तुर्की]], [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तग़ाली]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] शब्दों से इसका परिचय करवाया। गुजराती में [[महात्मा गांधी]] की विलक्षण रचनाएं अपनी सादगी और ऊर्जस्विता के लिए प्रसिद्ध हैं। इन रचनाओं ने आधुनिक गुजराती गद्य पर ज़बरदस्त प्रभाव डाला है। गुजरात में राजभाषा गुजराती भाषा के अतिरिक्त [[हिन्दी]], [[मराठी भाषा|मराठी]] और अंग्रेज़ी का प्रचलन है। गुजराती भाषा नवीन [[भारतीय आर्थिक सेवा|भारतीय–आर्य]] भाषाओं के दक्षिण–पश्चिमी समूह से सम्बन्धित है। [[इतालवी भाषा|इतालवी]] विद्वान तेस्सितोरी ने प्राचीन गुजराती को प्राचीन पश्चिमी राजस्थानी भी कहा, क्योंकि उनके काल में इस भाषा का उपयोग उस क्षेत्र में भी होता था, जिसे अब राजस्थान राज्य कहा जाता है। == धर्म == गुजरात में अधिकांश जनसंख्या [[हिन्दू धर्म]] को मानती है, जबकि कुछ संख्या [[इस्लाम]], [[जैन धर्म|जैन]] और [[पारसी धर्म]] मानने वालों की भी है। == संस्कृति == गुजरात की अधिकांश लोक [[संस्कृति]] और लोकगीत हिन्दू धार्मिक साहित्य पुराण में वर्णित भगवान [[कृष्ण]] से जुड़ी किंवदंतियों से प्रतिबिंबित होती है। [[कृष्ण]] के सम्मान में किया जाने वाला रासनृत्य और रासलीला प्रसिद्ध लोकनृत्य "गरबा" के रूप में अब भी प्रचलित है। यह नृत्य देवी दुर्गा के नवरात्री पर्व में किया जाता है। एक लोक नाट्य भवई भी अभी अस्तित्व में है। गुजरात में शैववाद के साथ-साथ वैष्णववाद भी लंबे समय से फलता-फूलता रहा है, जिनसे भक्ति मत का उद्भव हुआ। प्रमुख संतों, कवियों और संगीतज्ञों में 15वीं सदी में पदों के रचयिता नरसी मेहता, अपने महल को त्यागने वाली 16वीं सदी की राजपूत राजकुमारी व भजनों की रचनाकार मीराबाई, 18वीं सदी के कवि और लेखक प्रेमानंद और भक्ति मत को लोकप्रिय बनाने वाले गीतकार दयाराम शामिल हैं। भारत में अन्य जगहों की तुलना में अहिंसा और शाकाहार की विशिष्टता वाले जैन धर्म ने गुजरात में गहरी जड़े जमाई। ज़रथुस्त्र के अनुयायी पारसी 17वीं सदी के बाद किसी समय फ़ारस से भागकर सबसे पहले गुजरात के तट पर ही बसे थे। इस समुदाय के अधिकांश लोग बाद में [[मुम्बई|बंबई]] (वर्तमान मुंबई) चले गए। [[श्रीकृष्ण]], [[दयानन्द सरस्वती]], [[मोहनदास गांधी]], [[सरदार पटेल]] तथा सुप्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी रणजी जैसे व्यक्तित्व ने प्रदेश के समाज को गौरवांवित किया। गुजरात की संस्कृति में मुख्यत: शीशे का काम तथा 'गरबा' एवं 'रास' नृत्य पूरे भारत में प्रसिद्ध है। प्रदेश का सर्वप्रमुख लोक नृत्य गरबा तथा डांडिया है। गरबा नृत्य में स्त्रियाँ सिर पर छिद्रयुक्त पात्र लेकर नृत्य करती हैं, जिस के भीतर दीप जलता है। डांडिया में अक्सर पुरुष भाग लेते हैं परंतु कभी-कभी स्त्री-पुरुष दोनों मिलकर करते हैं। प्रदेश के रहन-सहन और पहनावे पर राजस्थान का प्रभाव देखा जा सकता है। प्रदेश का भवई लोकनाट्य लोकप्रिय है। स्थापत्य शिल्प की दृष्टि से प्रदेश समृद्ध है। इस दृष्टि से रुद्र महालय, सिद्धपुर, मातृमूर्ति पावागढ़, शिल्पगौरव गलतेश्वर, द्वारिकानाथ का मंदिर, शत्रुंजय पालीताना के जैन मंदिर, सीदी सैयद मस्जिद की जालियाँ, पाटन की काष्ठकला इत्यादि महत्त्वपूर्ण हैं। हिन्दी में जो स्थान सूरदास का है गुजराती में वही स्थान नरसी मेहता का है। === त्योहार और मेले === भारत के पश्चिमी भाग में बसा समृद्धशाली राज्य गुजरात अपने त्योहारों और सांस्कृतिक उत्सवों के लिये विश्व प्रसिद्ध है।<br />भाद्रपद्र (अगस्त-सितंबर) मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्तुति में तरणेतर मेला लगता है।<br />भगवान कृष्ण द्वारा रुक्मणी से विवाह के उपलक्ष्य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपुर में माधवराय मेला लगता है।<br />उत्तरी गुजरात के बांसकांठा ज़िले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयोजित किया जाता हैं।<br />राज्य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारका और डाकोर में भगवान कृष्ण के जन्मदिवस जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्लास से आयोजित होता है। इसके अतिरिक्त गुजरात में मकरसंक्राति,नवरात्री, डांगी दरबार, शामला जी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == कला == गुजरात की वास्तुकला शैली अपनी पूर्णता और अलंकारिकता के लिए विख्यात है, जो [[सोमनाथ मन्दिर|सोमनाथ]], [[द्वारका]], [[मोधेरा]], थान, घुमली, [[गिरनार]] जैसे मंदिरों और स्मारकों में संरक्षित है। मुस्लिम शासन के दौरान एक अलग ही तरीक़े की भारतीय-इस्लामी शैली विकसित हुई। गुजरात अपनी कला व शिल्प की वस्तुओं के लिए भी प्रसिद्ध है। इनमें जामनगर की बांधनी (बंधाई और रंगाई की तकनीक), पाटन का उत्कृष्ट रेशमी वस्त्र पटोला, इदर के खिलौने, पालनपुर का इत्र कोनोदर का हस्तशिल्प का काम और अहमदाबाद व सूरत के लघु मंदिरों का काष्ठशिल्प तथा पौराणिक मूर्तियाँ शामिल हैं। राज्य के सर्वाधिक स्थायी और प्रभावशाली सांस्कृतिक संस्थानों में महाजन के रूप में प्रसिद्ध व्यापार और कला शिल्प संघ है। अक्सर जाति विशेष में अंतर्गठित और स्वायत्त इन संघों ने अतीत कई विवादों को सुलझाया है और लोकहित के माध्यम की भूमिका निभाते हुए कला व संस्कृति को प्रोत्साहन दिया है। === काष्ठ शिल्पकला === गुजरात राज्य में की जाने वाली वास्तु शिल्पीय नक़्क़ाशी कम से कम 15वीं शताब्दी से गुजरात भारत में लकड़ी की नक़्क़ाशी का मुख्य केंद्र रहा है। निर्माण सामग्री के रूप में जिस समय पत्थर का इस्तेमाल अधिक सुविधाजनक और विश्वसनीय था, इस समय भी गुजरात के लोगों ने मंदिरों के मंडप तथा आवासीय भवनों के अग्रभागों, द्वारों, स्तंभों, झरोखों, दीवारगीरों और जालीदार खिड़कियों के निर्माण में निर्माण में बेझिझक लकड़ी का प्रयोग जारी रखा। मुग़ल काल (1556-1707) के दौरान गुजरात की लकड़ी नक़्क़ाशी में देशी एवं मुग़ल शैलियों का सुंदर संयोजन दिखाई देता है। 16वीं सदी के उत्तरार्द्ध एवं 17वीं सदी के जैन काष्ठ मंडपों पर जैन पौराणिक कथाएँ एवं समकालीन जीवन के दृश्य तथा काल्पनिक बेल-बूटे, पशु-पक्षी एवं ज्यामितीय आकृतियाँ उत्कीर्ण की गई हैं; आकृति मूर्तिकला अत्यंत जीवंत एवं लयात्मक है। लकड़ी पर गाढ़े लाल रौग़न का प्रयोग आम था। 19वीं सदी के कई भव्य काष्ठ पुरोभाग संरक्षित हैं, लेकिन उनका अलंकरण पहले की निर्मितियों जैसा ललित और गत्यात्मक नहीं है। गुजरात (/ ˌɡʊdʒərɑːt / Gujrāt [ɡudʒ (ə) ɾaːt̪] (इस ध्वनि के बारे में सुनो) पश्चिमी भारत में एक राज्य है, इसका क्षेत्र 1,6,024 किमी 2 (75,685 वर्ग मील) है जिसमें 1,600 किलोमीटर (9 9 0 9 मील), जिनमें से अधिकांश काठियावाड़ प्रायद्वीप पर स्थित है, और 60 मिलियन से अधिक की आबादी है राज्य को [[राजस्थान]] से उत्तर की ओर, दक्षिण में [[महाराष्ट्र]], पूर्व में [[मध्य प्रदेश]], और [[अरब सागर]] और पश्चिम में सिंध के [[पाकिस्तानी]] प्रांत में सीमाएं हैं। इसकी राजधानी गांधीनगर है, जबकि इसका सबसे बड़ा नगर अहमदाबाद है। गुजरात भारत के [[गुजराती भाषा|गुजराती]] भाषण वाले लोगों का घर है। राज्य में प्राचीन [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] सभ्यता की कुछ साइटें शामिल हैं, जैसे लोथल और ढोलवीरा लोथल को दुनिया के पहले बंदरगाहों में से एक माना जाता है। गुजरात के तटीय नगरो, मुख्यतः भरूच और खंभात, मोरिया और गुप्त साम्राज्यों में बंदरगाहों और व्यापार केंद्रों के रूप में कार्य करते थे, और पश्चिमी सतराप काल से शाही शक राजवंशों के उत्तराधिकार के दौरान। गुजरात प्राचीन यूनानियों के लिए जाना जाता था, और यूरोपीय मध्य युग के अंत के माध्यम से सभ्यता के अन्य पश्चिमी केंद्रों में परिचित था। गुजरात के 2,000 साल के समुद्री इतिहास का सबसे पुराना लिखित रिकार्ड एक ग्रीक किताब में प्रकाशित किया गया है जिसका नाम पेरिप्लस ऑफ द इरिथ्रेअन सी: ट्रैवल एंड ट्रेड इन हिंद ओन्सन ऑफ द मर्चेंट ऑफ द फर्स्ट सेंचुरी है। प्राचीन लोथल की ढक्कन आज की तरह है ढोलवीरा में प्राचीन जल भंडार गुजरात सिंधु घाटी सभ्यता के मुख्य केंद्रों में से एक था। इसमें [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] से प्राचीन महानगरीय नगरो जैसे [[लोथल]], [[धोलावीरा|धौलावीरा]] और गोला धोरो शामिल हैं। [[लोथल]] प्राचीन नगर था जहां भारत का पहला बंदरगाह स्थापित किया गया था। प्राचीन नगर ढोलवीरा, सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक है। सबसे हालिया खोज गोला धोरो थी। कुल मिलाकर, लगभग 50 सिंधु घाटी स्थितियों के खंडहर गुजरात में खोजे गये है। गुजरात के प्राचीन इतिहास को इसके निवासियों की वाणिज्यिक गतिविधियों से समृद्ध किया गया था। 1000 से 750 ईसा पूर्व के समय के दौरान [[फ़ारस|फारस]] की खाड़ी में [[मिस्र]], [[बहरीन]] और [[सुमेर]] के साथ व्यापार और वाणिज्य संबंधों का स्पष्ट ऐतिहासिक प्रमाण है। [[मौर्य राजवंश|मौर्या राजवंश]], पश्चिमी सतराप, [[सातवाहन|सातवाहन राजवंश]], [[गुप्त राजवंश|गुप्त साम्राज्य]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य वंश]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट साम्राज्य]], [[पाल साम्राज्य]] के साथ-साथ स्थानीय राजवंशों जैसे मैत्रकस और फिर हिंदू और [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] राज्यों का उत्तराधिकार था। गुजरात के शुरुआती इतिहास में [[चन्द्रगुप्त मौर्य|चंद्रगुप्त मौर्य]] की शाही भव्यता को दर्शाया गया है, जिसने पहले के कई राज्यों पर विजय प्राप्त की जो अब गुजरात है। पुष्यगुप्त, एक वैश्य, को मौर्य शासन द्वारा सौराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने गिरिंगर (आधुनिक दिवस जूनागढ़) (322 ईसा पूर्व से 2 9 4 ईसा पूर्व) पर शासन किया और [[सुदर्शन झील]] पर एक बांध बनाया। चंद्रगुप्त मौर्य के पोते [[अशोक|सम्राट अशोक]] ने केवल जूनागढ़ में चट्टान पर अपने पदों के उत्कीर्णन का आदेश नहीं दिया, बल्कि राज्यपाल टुशेरफा को झील से नहरों में कटौती करने के लिए कहा, जहां पहले मौर्य राज्यपाल ने बांध बांध दिया था। मौर्य शक्ति की कमी और [[उज्जैन]] के सम्प्रति मौर्यों के प्रभाव में सौराष्ट्र आने के बीच, डेमेट्रीयूस के नेतृत्व में गुजरात में एक इंडो-ग्रीक आक्रमण हुआ। 1 शताब्दी ईस्वी के पहले छमाही में, गुजरात गोंडफेयर के एक व्यापारी की कहानी है जो गुजरात में उत्तराधिकारी थॉमस के साथ उतरती है। शेर की हत्या कर रहे कप वाहक की घटना से संकेत हो सकता है कि बंदरगाह नगर का वर्णन गुजरात में है। 1 सदी ईस्वी की शुरुआत से लगभग 300 वर्षों तक, गुजरात शासकों ने गुजरात के इतिहास में एक प्रमुख भूमिका निभाई। जूनागढ़ में मौसम से पीटा हुआ चट्टान शाकाहारी रूद्राद्रमैन I (100 एडी) की सैकड़ों सैक्रापों की एक झलक देता है जिन्हें पश्चिमी सतराप, या क्षत्रप कहा जाता है। == जातियां == * *[[भील]] : भील भारत देश साथ साथ गुजरात की प्रमुख जनजातियों में से एक है। गुजरात के पूर्वा पट्टी के जिले में भील आदिवासी की संख्या अधिक मात्रा में है। गुजरात के बनासकांठा,साबरकांठा,अरवल्ली महिसागर,दाहोद,पंचमहाल,बड़ोदरा ग्रामीण,छोटाउदयपुर,नर्मदा,भरूच तापी,सूरत,नवसारी,डांग और वलसाड में भील की बस्ती है। * *[[कोली]] : कोली और भील जनजाति इतिहास के कई युद्ध में एक साथ देखी । *[[काठी दरबार]] : काठी दरबार गुजरात की प्रमुख जातियों में से एक है। *[[राजपूत]] :राजपूत जाति गुजरात में पाई जाने वाले जातियों में से एक है। *[[रबारी]] :रबारी समाज मूल मालधारी है ये भेस,बकरी, भेड़, उट, चराते है। रबारी समाज मूल राजस्थान है । == इन्हें भी देखें == {{प्रवेशद्वार}} * [[गुजरात के लोकसभा सदस्य]] * [[धोलावीरा]] * [[रन ऑफ कच्छ]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == {{विकियात्रा|गुजरात}} * [https://web.archive.org/web/20130313212855/http://www.gujaratindia.com/index-guj.htm गुजरात सरकार का जालस्थल] (गुजराती) * [https://web.archive.org/web/20130329015527/http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx गुजरात पर्यटन का आधिकारिक जालस्थल] * [https://web.archive.org/web/20101209011007/http://www.jagranyatra.com/2010/05/nal-sarovar-gujarat-entertainmen/ गुजरात का नल सरोवर है प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग] * [https://web.archive.org/web/20151122145636/http://interestingportal.com/these-citys-of-gujarat-famous-for-its-flavor-surat-ahemdabad-baroda-rajkot-ajab-gajab-news-in-hindi/ गुजरात के प्रमुख नगरो के व्यंजन] * [https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ गुजरात का प्रसिद्ध व्यंजन खमन ढोकला कैसे बनता हैं।] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230711192835/https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ |date=11 जुलाई 2023 }} {{Geographic location |Centre = गुजरात |North = [[राजस्थान]] |Northeast = [[राजस्थान]] |East = [[मध्य प्रदेश]] |Southeast = [[दमन और दीव]]<br>[[दादरा एवं नगर हवेली]]<br>[[महाराष्ट्र]] |South = ''[[अरब सागर]]''<br>[[महाराष्ट्र]] |Southwest = 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[[हिन्दी]]<ref name="Benedikter2009">{{Cite book |last=Benedikter |first=Thomas |url=https://books.google.com/books?id=vpZv2GHM7VQC&pg=PA89 |title=Language Policy and Linguistic Minorities in India: An Appraisal of the Linguistic Rights of Minorities in India |publisher=LIT Verlag Münster |year=2009 |isbn=978-3-643-10231-7 |page=89 |access-date=13 June 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160425230812/https://books.google.com/books?id=vpZv2GHM7VQC&pg=PA89 |archive-date=25 April 2016 |url-status=live}}</ref> <!-- blank fields -->| blank_name_sec2 = [[मानव विकास सूचकांक]] {{nobold|(2019)}} | blank_info_sec2 = {{increase}}0.672<ref>{{Cite web |title=Human Development Indices (5.0) |url=https://globaldatalab.org/shdi/shdi/IND/?levels=1%2B4&interpolation=1&extrapolation=0&nearest_real=0&years=2019%2B2014%2B2009%2B2004%2B1999%2B1994%2B1990 |access-date=17 February 2022}}</ref> | blank1_name_sec2 = [[भारत में साक्षरता|साक्षरता]] {{nobold|(2017)}} | blank1_info_sec2 = 83.4% 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|website=planningcommission.gov.in |publisher=Planning Commission, Government of India}}</ref> | footnotes = {{ref|cap|†}}बॉम्बे (पुनर्गठन) अधिनियम 1960 द्वारा बॉम्बे राज्य को दो राज्यों यानी महाराष्ट्र और गुजरात में विभाजित किया गया था। | motto = [[सत्यमेव जयते]] | subdivision_type1 = [[भारत के प्रशासनिक विभाग|क्षेत्र]] | subdivision_name1 = [[पश्चिम भारत]] | official_name = गुजरात राज्य | native_name = {{nobold|{{hlist|{{lang|gu|ગુજરાત}}|Gujarat}}}} | length_km = 590 | width_km = 500 | elevation_m = 137 | elevation_min_m = -1 | elevation_max_m = 1145 | image_blank_emblem = Government Of Gujarat Seal In All Languages.svg | blank_emblem_type = [[भारत का राजकीय प्रतीक|प्रतीक]] }} '''गुजरात''' ([[गुजराती भाषा|गुजराती]]: ગુજરાત, [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: Gujarat) पश्चिमी [[भारत]] में स्थित एक [[राज्य]] है। इसकी उत्तरी-पश्चिमी सीमा जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा भी है, [[पाकिस्तान]] से लगी है। [[राजस्थान]] और [[मध्य प्रदेश]] इसके क्रमशः उत्तर एवं उत्तर-पूर्व में स्थित राज्य हैं। [[महाराष्ट्र]] इसके दक्षिण में है। [[अरब सागर]] इसकी पश्चिमी-दक्षिणी सीमा बनाता है। इसकी दक्षिणी सीमा पर दादर एवं नगर-हवेली हैं। इस राज्य की राजधानी [[गांधीनगर]] है। गांधीनगर, राज्य के प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र [[अहमदाबाद]] के समीप स्थित है। गुजरात का क्षेत्रफल 1,96,024 किलोमीटर है। भूतकाल में इसे गुर्जरत्रा प्रदेश के नाम से जाना जाता था गुजरात, भारत का एक राज्य है। कच्छ, सौराष्ट्र, काठियावाड, हालार, पांचाल, गोहिलवाड, झालावाड और गुजरात उसके प्रादेशिक सांस्कृतिक अंग हैं। इनकी लोक संस्कृति और साहित्य का अनुबन्ध [[राजस्थान]], [[सिंध]] और [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]], [[महाराष्ट्र]] और [[मध्य प्रदेश]] के साथ है। विशाल सागर तट वाले इस राज्य में इतिहास युग के आरम्भ होने से पूर्व ही अनेक विदेशी जातियाँ थल और समुद्र मार्ग से आकर स्थायी रूप से बसी हुई हैं। इसके उपरांत गुजरात में अट्ठाइस आदिवासी जातियां हैं। जन-समाज के ऐसे वैविध्य के कारण इस प्रदेश को भाँति-भाँति की लोक संस्कृतियों का लाभ मिला है। == इतिहास == {{मुख्य|गुजरात का इतिहास}} गुजरात का इतिहास पाषाण युग के बस्तियों के साथ शुरू हुआ, इसके बाद चोलकोथिक और कांस्य युग के बस्तियों जैसे [[सिंधु घाटी सभ्यता]]।<ref>{{Cite web|url=https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|title=Where does history begin?|date=19 अक्टूबर 2017|website=Condé Nast Traveller India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20171027131256/https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|archive-date=27 अक्तूबर 2017|url-status=dead}}</ref> गुजरात का इतिहास ईसवी पूर्व लगभग २,००० वर्ष पुराना है। माना जाता है कि [[श्रीकृष्ण|कृष्‍ण]] [[मथुरा]] छोड़कर [[सौराष्‍ट्र]] के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो [[द्वारिका]] यानी प्रवेशद्वार कहलाया। बाद के वर्षो में मौर्य, गुप्त तथा अन्‍य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर राज किया। चालुक्य राजवंश का शासनकाल गुजरात में प्रगति और समृद्ध का युग था। == भूगोल == स्वतन्त्रता से पहले गुजरात का वर्तमान क्षेत्र मुख्‍य रूप से दो भागों में विभक्त था- एक ब्रिटिश क्षेत्र और दूसरा देसी रियासतें। राज्‍यों के पुनर्गठन के कारण सौराष्‍ट्र के राज्‍यों और कच्‍छ के केन्द्र शासित प्रदेश के साथ पूर्व ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी [[मुम्बई|बम्बई]] राज्‍य का गठन हुआ। १ मई सन १९६० ई को वर्तमान गुजरात<ref>{{Cite web|url=https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|title=गुजरात का नक्शा, इतिहास, भूगोल, जिले एवं गुजरात की अन्य जानकारी &#124; Gujarat Map in Hindi.|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190225223649/https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|archive-date=25 फ़रवरी सन 2019 ई |url-status=dead}}</ref> राज्‍य अस्तित्‍व में आया। गुजरात भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में [[पाकिस्तान|पाकिस्‍तान]] तथा उत्तर-पूर्व में [[राजस्थान|राजस्‍थान]], दक्षिण-पूर्व में मध्‍यप्रदेश और दक्षिण में महाराष्‍ट्र है। राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल 1,96,024 वर्ग किमी है। ये भूगोल की तरह सोचे तो दो जगह पानी रखता हैं ==गुजरात के जिले== {| class="wikitable sortable" |जिला कोड |जिला नाम |मुख्यालय |क्षेत्रफल |- | AH || [[अहमदाबाद जिला|अहमदाबाद]] || [[अहमदाबाद]]|| ८,७०७ |- | AM || [[अमरेली जिला|अमरेली]] || [[अमरेली]] || ६,७६० |- | AN || [[आणंद जिला|आणंद]] || [[आणंद]] || २,९४२ |- | BK || [[बनासकांठा जिला|बनासकांठा]] || [[पालनपुर]] || १२,७०३ |- | BR || [[भरुच जिला|भरुच]] || [[भरुच]] || ६,५२४ |- | BV || [[भावनगर जिला|भावनगर]] || [[भावनगर]] || ११,१५५ |- | DA || [[दाहोद जिला|दाहोद]] || [[दाहोद]] || ३,६५२ |- | DG || [[डांग जिला|डांग]] || [[आहवा]] || १७६४ |- | GA || [[गांधीनगर जिला|गांधीनगर]] || [[गांधीनगर]] || ६४९ |- | JA || [[जामनगर जिला|जामनगर]] || [[जामनगर]] || १४,१२५ |- | JU || [[जूनागढ जिला|जूनागढ]] || [[जूनागढ]] || ,८८३९ |- | KA || [[कच्छ जिला|कच्छ]] || [[भुज]] || ४५,६५२ |- | KH || [[खेड़ा जिला|खेड़ा]] ||[[नडियाद]]|| ४,२१५ |- | MA || [[महेसाणा जिला|महेसाणा]] || [[महेसाणा]] || ४,३८६ |- | NR || [[नर्मदा जिला|नर्मदा]] ||[[राजपीपला|राजपीपला]]|| २,७४९ |- | NV || [[नवसारी जिला|नवसारी]] || [[नवसारी]] || २,२११ |- | PA || [[पाटण जिला|पाटण]] || [[पाटण]] || ५,७६८ |- | PM || [[पंचमहाल जिला|पंचमहाल]] || [[गोधरा]] || ५,२१९ |- | PO || [[पोरबंदर जिला|पोरबंदर]] || [[पोरबंदर]] || २,२९४ |- | RA || [[राजकोट जिला|राजकोट]] || [[राजकोट]] || ११,२०३ |- | SK || [[साबरकांठा जिला|साबरकांठा]] || [[हिंमतनगर]] || ७,३९० |- | SN || [[सुरेन्द्रनगर जिला|सुरेन्द्रनगर]] || [[सुरेन्द्रनगर]] || १०,४८९ |- | ST || [[सुरत जिला|सुरत]] || [[सुरत]] || ७,६५७ |- | TA || [[तापी जिला|तापी]] || [[व्यारा]] || ३,०४० |- | VD ||[[वडोदरा जिला|वडोदरा]]||[[वडोदरा]] || ७,७९४ |- | VL || [[वलसाड जिला|वलसाड]] || [[वलसाड]] || ३,०३४ |- | DD || [[देवभूमि द्वारका जिला|देवभूमि द्वारका]] || [[जामखंभालिया|जामखंभालिया]] || - |- | GS || [[गीर सोमनाथ जिला|गीर सोमनाथ]] || [[वेरावल|वेरावल]] || - |- | MR || [[मोरबी जिला|मोरबी]] || [[मोरबी]] || - |- | BT || [[बोटाद जिला|बोटाद]] || [[बोटाद]] || - |- | AR || [[अरवल्ली जिला|अरवल्ली]] ||[[मोडासा]]|| - |- | MS || [[महीसागर जिला|महीसागर]] || [[लुणावाडा]] || - |- | CU || [[छोटा उदेपुर जिला|छोटा उदेपुर]] ||[[छोटा उदयपुर जिला|छोटा उदेपुर]]|| - |- | || [[वाव–थराद जिला|वाव–थराद]] ||[[थराद]] || – |} == अर्थव्यवस्था == === कृषि === गुजरात [[कपास]], [[तम्बाकू]] और [[मूँगफली]] का उत्‍पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्‍य है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्‍वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्‍चा माल उपलब्‍ध कराता है। यहाँ की अन्‍य महत्‍वपूर्ण नकदी फसलें हैं - इसबगोल, धान, गेहूँ और बाजरा। गुजरात के वनों में उपलबध वृक्षों की जातियाँ हैं-[[सागवान]], खैर, हलदरियो, सादाद और [[बाँस]]। === उद्योग === राज्‍य में औद्योगिक ढाँचे में धीरे-धीरे विविधता आती जा रही है और यहाँ रसायन, पेट्रो-रसायन, उर्वरक, इंजीनियरिंग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स आदि उद्योगों का विकास हो रहा है। २००४ के अन्त में राज्‍य में पंजीकृत चालू फैक्‍टरियों की संख्‍या २१,५३६ (अस्‍थाई) थी जिनमें औसतन ९.२७ लाख दैनिक श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ था। मार्च, २००५ तक राज्‍य में २.९९ लाख लघु औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका था। गुजरात औद्योगिक विकास निगम को ढाँचागत सुविधाओ के साथ औद्योगिक सम्पदाओं के वि‍कास की भूमिका सौंपी गई है। दिसंबर, २००५ तक गुजरात औद्योगिक विकास निगम ने २३७ औद्योगिक सम्पदाएँ स्‍थापित की थी। === सिंचाई और बिजली === राज्‍य में भूतलीय जल तथा भूमिगत जल द्वारा कुल सिंचाई क्षमता ६४.४८ लाख हेक्‍टेयर आंकी गई है जिसमें सरदार सरोवर (नर्मदा) परियोजना की १७.९२ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००५ तक कुल सिंचाई क्षमता ४०.३४ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००७ तक कुल सिंचाई क्षमता ४२.२६ लाख हेक्‍टेयर तक पहुँच गई थी। जून २००७ तक अधिकतम उपयोग क्षमता ३७.३३ लाख हेक्‍टेयर आँकी गई। == परिवहन == ;सड़कें २००५-०६ के अन्त में राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई (गैर योजना, सामुदायिक, नगरीय और परियोजना सड़कों के अतिरिक्त) लगभग ७४,०३८ किलोमीटर थी। ;उड्डयन राज्‍य के [[अहमदाबाद]] स्थित मुख्‍य हवाई अड्डे से [[मुम्बई]], [[दिल्‍ली]] और अन्‍य नगरों के लिए दैनिक विमान सेवा उपलब्‍ध है। अहमदाबाद हवाई अड्डे को अब अन्तरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल गया हैं। अन्‍य हवाई अड्डे वड़ोदरा, भावनगर, भुज, सूरत, जामनगर, काण्डला, केशोद, पोरबन्दर और राजकोट में है। ;रेल गुजरात का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन वडोदरा जंक्शन है। यहाँ से हर रोज १५० से भी ज्यादा ट्रेन पसर होती है और भारत के लगभग हर एक कोने में जाने के लिए यहाँ से ट्रेन उपलब्ध होती है। वडोदरा के अलावा गुजरात के बड़े स्टेशनों में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भुज और भावनगर का समावेश होता है। गुजरात भारतीय रेल के पश्चिम रेलवे ज़ोन में पड़ता है। ;बन्दरगाह गुजरात में कुल ४० बन्दरगाह हैं। काण्डला राज्‍य का प्रमुख बन्दरगाह है। वर्ष २००४-०५ के दौरान गुजरात के मंझोले और छोटे बन्दरगाहों से कुल ९७१.२८ लाख टन माल ढोया गया जबकि काण्डला बन्दरगाह से ४१५.५१ लाख टन माल ढोया गया। == संस्कृति == === त्‍योहार === भाद्रपद्र (अगस्‍त-सितंबर) मास के शुक्‍ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्‍ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्‍तुति में तरणेतर मेला लगता है। भगवान कृष्‍ण द्वारा रुक्‍मणी से विवाह के उपलक्ष्‍य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्‍ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपूर में माधावराय मेला लगता है। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा जिले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयेजित किया जाता हैं। राज्‍य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारिका और डाकोर में भगवान कृष्‍ण के जन्‍मदिवस जन्‍माष्‍टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्‍लास से आयोजित होता है। इसके अलावा गुजरात में मकर सक्रांति, नवरात्रि, डांगी दरबार, शामलाजी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == पर्यटन स्‍थल == राज्‍य में [[द्वारका]], [[सोमनाथ]], पालीताना, पावागढ़, अंबाजी भद्रेश्‍वर, शामलाजी,बगदाणा,वीरपुर,खेरालु (सूर्यमंदिर),मोढेरा (सूर्यमंदिर) तारंगा,निष्कलंक महादेव,राजपरा (भावनगर),बहुचराजी, और गिरनार जैसे धार्मिक स्‍थलों के अलावा महात्‍मा गांधी की जन्‍मभूमि पोरबंदर तथा पुरातत्‍व और वास्‍तुकला की दृष्टि से उल्‍लेखनीय पाटन, [[सिद्धपुर-सीला-२, यमकेश्वर तहसील|सिद्धपुर]], घुरनली, दभेई, बडनगर, मोधेरा, लोथल और अहमदाबाद जैसे स्‍थान भी हैं। अहमदपुर मांडवी, चारबाड़ उभारत और तीथल के सुंदर समुद्री तट, सतपुड़ा पर्वतीय स्‍थल, गिर वनों के शेरों का अभयारण्‍य और कच्‍छ में जंगली गधों का अभयारण्‍य भी पर्यटकों के आकर्षण का केद्र हैं। इसके अलावा गुजरात के स्थानीय व्यंजन के जायके भी गुजरात की खूबसूरती को और बढ़ाते है। गुजरात के पाटण में स्थित रानी की वाव [[यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची]] में शामिल है। == प्रशासन == === सरकार === राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त राज्यपाल गुजरात के प्रशासन का प्रमुख होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल राज्यपाल को उसके कामकाज में सहयोग और सलाह देता है। राज्य में एक निर्वाचित निकाय एकसदनात्मक विधानसभा है। उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोपरि न्यायिक सत्ता है, जबकि नगर न्यायालय, ज़िला व सत्र न्यायाधीशों के न्यायालय और प्रत्येक ज़िले में दीवानी मामलों के न्यायाधीशों के न्यायालय हैं। राज्य को 34 प्रशासनिक ज़िलों में बांटा गया है। [[अहमदाबाद]], [[अमरेली]], [[बनासकांठा जिला|बनास कंठा]], [[भरूच जिला|भरूच]], [[भावनगर]], डेंग, [[गाँधीनगर]], [[खेड़ा]], [[महेसाणा जिला|महेसाणा]], [[पंचमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|पंचमहल]], [[राजकोट]], [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबर कंठा]], [[सूरत]] [[सुरेन्द्रनगर|सुरेंद्रनगर]], [[बड़ोदरा|वडोदरा]], [[महीसागर]], [[वलसाड]], [[नवसारी जिला|नवसारी]], [[नर्मदा नदी|नर्मदा]], [[दोहद]], [[आनन्द|आनंद]], [[पाटन]], [[जामनगर]], [[पोरबन्दर|पोरबंदर]], [[जूनागढ़]] और [[कच्छ]], प्रत्येक ज़िले का राजस्व और सामान्य प्रशासन ज़िलाधीश की देखरेख में होता है, जो क़ानून और व्यवस्था भी बनाए रखता है। स्थानीय प्रशासन में आम लोगों को शामिल करने के लिए 1963 में पंचायत द्वारा प्रशासन की शुरुआत की गई। === स्वास्थ्य === स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में [[मलेरिया]], तपेदिक, कुष्ठ और अन्य संक्रामक रोगों के उन्मूलन के साथ-साथ पेयजल की आपूर्ति में सुधार और खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के कार्यक्रम शामिल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों के विस्तार के लिए भी क़दम उठाए गए हैं। === जन-कल्याण === बच्चों, महिलाओं और विकलांगों, वृद्ध, असहाय, परित्यक्त के साथ-साथ अपराधी भिखारी, अनाथ और जेल से छुटे लोगों की कल्याण आवश्यकताओं की देखरेख विभिन्न राजकीय संस्थाएं करती हैं। राज्य में तथाकथित पिछड़े वर्ग के लोगों की शिक्षा, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य और आवास की देखरेख के लिए एक अलग विभाग है। == जनजीवन == गुजराती जनसंख्या में विविध जातीय समूह का मोटे तौर पर इंडिक / भारतोद्भव (उत्तरी मूल) या द्रविड़ (दक्षिणी मूल) के रूप में वर्गीकरण किया जा सकता है। पहले वर्ग में नगर ब्राह्मण,राजपूत,दरबार,भरवाड़,आहिर,गढ़वी,रबारी, पाटीदारपटेल और कई जातियां (जबकि दक्षिणी मूल के लोगों में [[वाल्मीकि]], कोली, डबला, नायकदा व मच्छि-खरवा जनजातिया हैं। शेष जनसंख्या में आदिवासी भील मिश्रित विशेषताएं दर्शाते हैं। अनुसूचित जनजाति और आदिवासी जनजाति के सदस्य प्रदेश की जनसंख्या का लगभग पाँचवां हिस्सा हैं। यहाँ डांग ज़िला पूर्णत: आदिवासी युक्त ज़िला है। अहमदाबाद ज़िले में अनुसूचित जनजाति का अनुपात सर्वाधिक है। गुजरात में जनसंख्या का मुख्य संकेंद्रण अहमदाबाद, खेड़ा, वडोदरा, सूरत और वल्सर के मैदानी क्षेत्र में देखा जा सकता है। यह क्षेत्र कृषि के दृष्टिकोण से उर्वर है और अत्यधिक औद्योगीकृत है। जनसंख्या का एक अन्य संकेंद्रण मंगरोल से महुवा तक और राजकोट एवं जामनगर के आसपास के हिस्सों सहित सौराष्ट्र के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में देखा जा सकता है। जनसंख्या का वितरण उत्तर (कच्छ) और पूर्वी पर्वतीय क्षेत्रों की ओर क्रमश कम होता जाता है। जनसंख्या का औसत घनत्व 258 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2001) है और दशकीय वृद्धि दर 2001 में 22.48 प्रतिशत पाई गई। == शिक्षा == 600 या इससे ज़्यादा जनसंख्या वाले लगभग सभी गाँवों में सात से ग्यारह वर्ष के सभी बच्चों के लिए प्राथमिक पाठशालाएँ खोली जा चुकी हैं। आदिवासी बच्चों को कला और शिल्प की शिक्षा देने के लिए विशेष विद्यालय चलाए जाते हैं। यहाँ अनेक माध्यमिक और उच्चतर विद्यालयों के साथ-साथ नौ विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थान हैं। अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और तकनीकी विद्यालयों द्वारा तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। शोध संस्थानों में अहमदाबाद में फ़िज़िकल रिसर्च लेबोरेटरी अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज़ रिसर्च एशोसिएशन, सेठ भोलाभाई जेसिंगभाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ लर्निंग ऐंड रिसर्च, द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, द नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन और द सरदार पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इकोनॉमिक ऐंड सोशल रिसर्च, वडोदरा में ओरिएंटल इंस्टिट्यूट तथा भावनगर में सेंट्रल साल्ट ऐंड मॅरीन केमिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट एवम वङोदरा में देश की पहली रेलवे यूनिवर्सिटी शामिल हैं। == भाषा == [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिन्दी]] राज्य की अधिकृत भाषाएं हैं। दोनों में गुजराती का ज़्यादा व्यापक इस्तेमाल होता है, जो संस्कृत के अलावा प्राचीन भारतीय मूल भाषा प्राकृत और 10 वीं शताब्दी के बीच उत्तरी और पश्चिमी भारत में बोली जाने वाली अपभ्रंश भाषा से व्युत्पन्न एक भारतीय-आर्य भाषा है। समुद्र मार्ग से गुजरात के विदेशों से संपर्क ने [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]], [[अरबी]], [[तुर्की]], [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तग़ाली]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] शब्दों से इसका परिचय करवाया। गुजराती में [[महात्मा गांधी]] की विलक्षण रचनाएं अपनी सादगी और ऊर्जस्विता के लिए प्रसिद्ध हैं। इन रचनाओं ने आधुनिक गुजराती गद्य पर ज़बरदस्त प्रभाव डाला है। गुजरात में राजभाषा गुजराती भाषा के अतिरिक्त [[हिन्दी]], [[मराठी भाषा|मराठी]] और अंग्रेज़ी का प्रचलन है। गुजराती भाषा नवीन [[भारतीय आर्थिक सेवा|भारतीय–आर्य]] भाषाओं के दक्षिण–पश्चिमी समूह से सम्बन्धित है। [[इतालवी भाषा|इतालवी]] विद्वान तेस्सितोरी ने प्राचीन गुजराती को प्राचीन पश्चिमी राजस्थानी भी कहा, क्योंकि उनके काल में इस भाषा का उपयोग उस क्षेत्र में भी होता था, जिसे अब राजस्थान राज्य कहा जाता है। == धर्म == गुजरात में अधिकांश जनसंख्या [[हिन्दू धर्म]] को मानती है, जबकि कुछ संख्या [[इस्लाम]], [[जैन धर्म|जैन]] और [[पारसी धर्म]] मानने वालों की भी है। == संस्कृति == गुजरात की अधिकांश लोक [[संस्कृति]] और लोकगीत हिन्दू धार्मिक साहित्य पुराण में वर्णित भगवान [[कृष्ण]] से जुड़ी किंवदंतियों से प्रतिबिंबित होती है। [[कृष्ण]] के सम्मान में किया जाने वाला रासनृत्य और रासलीला प्रसिद्ध लोकनृत्य "गरबा" के रूप में अब भी प्रचलित है। यह नृत्य देवी दुर्गा के नवरात्री पर्व में किया जाता है। एक लोक नाट्य भवई भी अभी अस्तित्व में है। गुजरात में शैववाद के साथ-साथ वैष्णववाद भी लंबे समय से फलता-फूलता रहा है, जिनसे भक्ति मत का उद्भव हुआ। प्रमुख संतों, कवियों और संगीतज्ञों में 15वीं सदी में पदों के रचयिता नरसी मेहता, अपने महल को त्यागने वाली 16वीं सदी की राजपूत राजकुमारी व भजनों की रचनाकार मीराबाई, 18वीं सदी के कवि और लेखक प्रेमानंद और भक्ति मत को लोकप्रिय बनाने वाले गीतकार दयाराम शामिल हैं। भारत में अन्य जगहों की तुलना में अहिंसा और शाकाहार की विशिष्टता वाले जैन धर्म ने गुजरात में गहरी जड़े जमाई। ज़रथुस्त्र के अनुयायी पारसी 17वीं सदी के बाद किसी समय फ़ारस से भागकर सबसे पहले गुजरात के तट पर ही बसे थे। इस समुदाय के अधिकांश लोग बाद में [[मुम्बई|बंबई]] (वर्तमान मुंबई) चले गए। [[श्रीकृष्ण]], [[दयानन्द सरस्वती]], [[मोहनदास गांधी]], [[सरदार पटेल]] तथा सुप्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी रणजी जैसे व्यक्तित्व ने प्रदेश के समाज को गौरवांवित किया। गुजरात की संस्कृति में मुख्यत: शीशे का काम तथा 'गरबा' एवं 'रास' नृत्य पूरे भारत में प्रसिद्ध है। प्रदेश का सर्वप्रमुख लोक नृत्य गरबा तथा डांडिया है। गरबा नृत्य में स्त्रियाँ सिर पर छिद्रयुक्त पात्र लेकर नृत्य करती हैं, जिस के भीतर दीप जलता है। डांडिया में अक्सर पुरुष भाग लेते हैं परंतु कभी-कभी स्त्री-पुरुष दोनों मिलकर करते हैं। प्रदेश के रहन-सहन और पहनावे पर राजस्थान का प्रभाव देखा जा सकता है। प्रदेश का भवई लोकनाट्य लोकप्रिय है। स्थापत्य शिल्प की दृष्टि से प्रदेश समृद्ध है। इस दृष्टि से रुद्र महालय, सिद्धपुर, मातृमूर्ति पावागढ़, शिल्पगौरव गलतेश्वर, द्वारिकानाथ का मंदिर, शत्रुंजय पालीताना के जैन मंदिर, सीदी सैयद मस्जिद की जालियाँ, पाटन की काष्ठकला इत्यादि महत्त्वपूर्ण हैं। हिन्दी में जो स्थान सूरदास का है गुजराती में वही स्थान नरसी मेहता का है। === त्योहार और मेले === भारत के पश्चिमी भाग में बसा समृद्धशाली राज्य गुजरात अपने त्योहारों और सांस्कृतिक उत्सवों के लिये विश्व प्रसिद्ध है।<br />भाद्रपद्र (अगस्त-सितंबर) मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्तुति में तरणेतर मेला लगता है।<br />भगवान कृष्ण द्वारा रुक्मणी से विवाह के उपलक्ष्य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपुर में माधवराय मेला लगता है।<br />उत्तरी गुजरात के बांसकांठा ज़िले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयोजित किया जाता हैं।<br />राज्य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारका और डाकोर में भगवान कृष्ण के जन्मदिवस जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्लास से आयोजित होता है। इसके अतिरिक्त गुजरात में मकरसंक्राति,नवरात्री, डांगी दरबार, शामला जी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == कला == गुजरात की वास्तुकला शैली अपनी पूर्णता और अलंकारिकता के लिए विख्यात है, जो [[सोमनाथ मन्दिर|सोमनाथ]], [[द्वारका]], [[मोधेरा]], थान, घुमली, [[गिरनार]] जैसे मंदिरों और स्मारकों में संरक्षित है। मुस्लिम शासन के दौरान एक अलग ही तरीक़े की भारतीय-इस्लामी शैली विकसित हुई। गुजरात अपनी कला व शिल्प की वस्तुओं के लिए भी प्रसिद्ध है। इनमें जामनगर की बांधनी (बंधाई और रंगाई की तकनीक), पाटन का उत्कृष्ट रेशमी वस्त्र पटोला, इदर के खिलौने, पालनपुर का इत्र कोनोदर का हस्तशिल्प का काम और अहमदाबाद व सूरत के लघु मंदिरों का काष्ठशिल्प तथा पौराणिक मूर्तियाँ शामिल हैं। राज्य के सर्वाधिक स्थायी और प्रभावशाली सांस्कृतिक संस्थानों में महाजन के रूप में प्रसिद्ध व्यापार और कला शिल्प संघ है। अक्सर जाति विशेष में अंतर्गठित और स्वायत्त इन संघों ने अतीत कई विवादों को सुलझाया है और लोकहित के माध्यम की भूमिका निभाते हुए कला व संस्कृति को प्रोत्साहन दिया है। === काष्ठ शिल्पकला === गुजरात राज्य में की जाने वाली वास्तु शिल्पीय नक़्क़ाशी कम से कम 15वीं शताब्दी से गुजरात भारत में लकड़ी की नक़्क़ाशी का मुख्य केंद्र रहा है। निर्माण सामग्री के रूप में जिस समय पत्थर का इस्तेमाल अधिक सुविधाजनक और विश्वसनीय था, इस समय भी गुजरात के लोगों ने मंदिरों के मंडप तथा आवासीय भवनों के अग्रभागों, द्वारों, स्तंभों, झरोखों, दीवारगीरों और जालीदार खिड़कियों के निर्माण में निर्माण में बेझिझक लकड़ी का प्रयोग जारी रखा। मुग़ल काल (1556-1707) के दौरान गुजरात की लकड़ी नक़्क़ाशी में देशी एवं मुग़ल शैलियों का सुंदर संयोजन दिखाई देता है। 16वीं सदी के उत्तरार्द्ध एवं 17वीं सदी के जैन काष्ठ मंडपों पर जैन पौराणिक कथाएँ एवं समकालीन जीवन के दृश्य तथा काल्पनिक बेल-बूटे, पशु-पक्षी एवं ज्यामितीय आकृतियाँ उत्कीर्ण की गई हैं; आकृति मूर्तिकला अत्यंत जीवंत एवं लयात्मक है। लकड़ी पर गाढ़े लाल रौग़न का प्रयोग आम था। 19वीं सदी के कई भव्य काष्ठ पुरोभाग संरक्षित हैं, लेकिन उनका अलंकरण पहले की निर्मितियों जैसा ललित और गत्यात्मक नहीं है। गुजरात (/ ˌɡʊdʒərɑːt / Gujrāt [ɡudʒ (ə) ɾaːt̪] (इस ध्वनि के बारे में सुनो) पश्चिमी भारत में एक राज्य है, इसका क्षेत्र 1,6,024 किमी 2 (75,685 वर्ग मील) है जिसमें 1,600 किलोमीटर (9 9 0 9 मील), जिनमें से अधिकांश काठियावाड़ प्रायद्वीप पर स्थित है, और 60 मिलियन से अधिक की आबादी है राज्य को [[राजस्थान]] से उत्तर की ओर, दक्षिण में [[महाराष्ट्र]], पूर्व में [[मध्य प्रदेश]], और [[अरब सागर]] और पश्चिम में सिंध के [[पाकिस्तानी]] प्रांत में सीमाएं हैं। इसकी राजधानी गांधीनगर है, जबकि इसका सबसे बड़ा नगर अहमदाबाद है। गुजरात भारत के [[गुजराती भाषा|गुजराती]] भाषण वाले लोगों का घर है। राज्य में प्राचीन [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] सभ्यता की कुछ साइटें शामिल हैं, जैसे लोथल और ढोलवीरा लोथल को दुनिया के पहले बंदरगाहों में से एक माना जाता है। गुजरात के तटीय नगरो, मुख्यतः भरूच और खंभात, मोरिया और गुप्त साम्राज्यों में बंदरगाहों और व्यापार केंद्रों के रूप में कार्य करते थे, और पश्चिमी सतराप काल से शाही शक राजवंशों के उत्तराधिकार के दौरान। गुजरात प्राचीन यूनानियों के लिए जाना जाता था, और यूरोपीय मध्य युग के अंत के माध्यम से सभ्यता के अन्य पश्चिमी केंद्रों में परिचित था। गुजरात के 2,000 साल के समुद्री इतिहास का सबसे पुराना लिखित रिकार्ड एक ग्रीक किताब में प्रकाशित किया गया है जिसका नाम पेरिप्लस ऑफ द इरिथ्रेअन सी: ट्रैवल एंड ट्रेड इन हिंद ओन्सन ऑफ द मर्चेंट ऑफ द फर्स्ट सेंचुरी है। प्राचीन लोथल की ढक्कन आज की तरह है ढोलवीरा में प्राचीन जल भंडार गुजरात सिंधु घाटी सभ्यता के मुख्य केंद्रों में से एक था। इसमें [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] से प्राचीन महानगरीय नगरो जैसे [[लोथल]], [[धोलावीरा|धौलावीरा]] और गोला धोरो शामिल हैं। [[लोथल]] प्राचीन नगर था जहां भारत का पहला बंदरगाह स्थापित किया गया था। प्राचीन नगर ढोलवीरा, सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक है। सबसे हालिया खोज गोला धोरो थी। कुल मिलाकर, लगभग 50 सिंधु घाटी स्थितियों के खंडहर गुजरात में खोजे गये है। गुजरात के प्राचीन इतिहास को इसके निवासियों की वाणिज्यिक गतिविधियों से समृद्ध किया गया था। 1000 से 750 ईसा पूर्व के समय के दौरान [[फ़ारस|फारस]] की खाड़ी में [[मिस्र]], [[बहरीन]] और [[सुमेर]] के साथ व्यापार और वाणिज्य संबंधों का स्पष्ट ऐतिहासिक प्रमाण है। [[मौर्य राजवंश|मौर्या राजवंश]], पश्चिमी सतराप, [[सातवाहन|सातवाहन राजवंश]], [[गुप्त राजवंश|गुप्त साम्राज्य]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य वंश]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट साम्राज्य]], [[पाल साम्राज्य]] के साथ-साथ स्थानीय राजवंशों जैसे मैत्रकस और फिर हिंदू और [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] राज्यों का उत्तराधिकार था। गुजरात के शुरुआती इतिहास में [[चन्द्रगुप्त मौर्य|चंद्रगुप्त मौर्य]] की शाही भव्यता को दर्शाया गया है, जिसने पहले के कई राज्यों पर विजय प्राप्त की जो अब गुजरात है। पुष्यगुप्त, एक वैश्य, को मौर्य शासन द्वारा सौराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने गिरिंगर (आधुनिक दिवस जूनागढ़) (322 ईसा पूर्व से 2 9 4 ईसा पूर्व) पर शासन किया और [[सुदर्शन झील]] पर एक बांध बनाया। चंद्रगुप्त मौर्य के पोते [[अशोक|सम्राट अशोक]] ने केवल जूनागढ़ में चट्टान पर अपने पदों के उत्कीर्णन का आदेश नहीं दिया, बल्कि राज्यपाल टुशेरफा को झील से नहरों में कटौती करने के लिए कहा, जहां पहले मौर्य राज्यपाल ने बांध बांध दिया था। मौर्य शक्ति की कमी और [[उज्जैन]] के सम्प्रति मौर्यों के प्रभाव में सौराष्ट्र आने के बीच, डेमेट्रीयूस के नेतृत्व में गुजरात में एक इंडो-ग्रीक आक्रमण हुआ। 1 शताब्दी ईस्वी के पहले छमाही में, गुजरात गोंडफेयर के एक व्यापारी की कहानी है जो गुजरात में उत्तराधिकारी थॉमस के साथ उतरती है। शेर की हत्या कर रहे कप वाहक की घटना से संकेत हो सकता है कि बंदरगाह नगर का वर्णन गुजरात में है। 1 सदी ईस्वी की शुरुआत से लगभग 300 वर्षों तक, गुजरात शासकों ने गुजरात के इतिहास में एक प्रमुख भूमिका निभाई। जूनागढ़ में मौसम से पीटा हुआ चट्टान शाकाहारी रूद्राद्रमैन I (100 एडी) की सैकड़ों सैक्रापों की एक झलक देता है जिन्हें पश्चिमी सतराप, या क्षत्रप कहा जाता है। == जातियां == * *[[भील]] : भील भारत देश साथ साथ गुजरात की प्रमुख जनजातियों में से एक है। गुजरात के पूर्वा पट्टी के जिले में भील आदिवासी की संख्या अधिक मात्रा में है। गुजरात के बनासकांठा,साबरकांठा,अरवल्ली महिसागर,दाहोद,पंचमहाल,बड़ोदरा ग्रामीण,छोटाउदयपुर,नर्मदा,भरूच तापी,सूरत,नवसारी,डांग और वलसाड में भील की बस्ती है। * *[[कोली]] : कोली और भील जनजाति इतिहास के कई युद्ध में एक साथ देखी । *[[काठी दरबार]] : काठी दरबार गुजरात की प्रमुख जातियों में से एक है। *[[राजपूत]] :राजपूत जाति गुजरात में पाई जाने वाले जातियों में से एक है। *[[रबारी]] :रबारी समाज मूल मालधारी है ये भेस,बकरी, भेड़, उट, चराते है। रबारी समाज मूल राजस्थान है । == इन्हें भी देखें == {{प्रवेशद्वार}} * [[गुजरात के लोकसभा सदस्य]] * [[धोलावीरा]] * [[रन ऑफ कच्छ]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == {{विकियात्रा|गुजरात}} * [https://web.archive.org/web/20130313212855/http://www.gujaratindia.com/index-guj.htm गुजरात सरकार का जालस्थल] (गुजराती) * [https://web.archive.org/web/20130329015527/http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx गुजरात पर्यटन का आधिकारिक जालस्थल] * [https://web.archive.org/web/20101209011007/http://www.jagranyatra.com/2010/05/nal-sarovar-gujarat-entertainmen/ गुजरात का नल सरोवर है प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग] * [https://web.archive.org/web/20151122145636/http://interestingportal.com/these-citys-of-gujarat-famous-for-its-flavor-surat-ahemdabad-baroda-rajkot-ajab-gajab-news-in-hindi/ गुजरात के प्रमुख नगरो के व्यंजन] * [https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ गुजरात का प्रसिद्ध व्यंजन खमन ढोकला कैसे बनता हैं।] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230711192835/https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ |date=11 जुलाई 2023 }} {{Geographic location |Centre = गुजरात |North = [[राजस्थान]] |Northeast = [[राजस्थान]] |East = [[मध्य प्रदेश]] |Southeast = [[दमन और दीव]]<br>[[दादरा एवं नगर हवेली]]<br>[[महाराष्ट्र]] |South = ''[[अरब सागर]]''<br>[[महाराष्ट्र]] |Southwest = ''[[अरब सागर]]'' |West = ''[[अरब सागर]]'' |Northwest = [[सिंध]], {{flag|पाकिस्तान}} }} {{गुजरात|state=autocollapsed}} {{भारत के 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किया गया था। | motto = [[सत्यमेव जयते]] | subdivision_type1 = [[भारत के प्रशासनिक विभाग|क्षेत्र]] | subdivision_name1 = [[पश्चिम भारत]] | official_name = गुजरात राज्य | native_name = {{nobold|{{hlist|{{lang|gu|ગુજરાત}}|Gujarat}}}} | length_km = 590 | width_km = 500 | elevation_m = 137 | elevation_min_m = -1 | elevation_max_m = 1145 | image_blank_emblem = Government Of Gujarat Seal In All Languages.svg | blank_emblem_type = [[भारत का राजकीय प्रतीक|प्रतीक]] }} '''गुजरात''' ([[गुजराती भाषा|गुजराती]]: ગુજરાત, [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: Gujarat) पश्चिमी [[भारत]] में स्थित एक [[राज्य]] है। इसकी उत्तरी-पश्चिमी सीमा जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा भी है, [[पाकिस्तान]] से लगी है। [[राजस्थान]] और [[मध्य प्रदेश]] इसके क्रमशः उत्तर एवं उत्तर-पूर्व में स्थित राज्य हैं। [[महाराष्ट्र]] इसके दक्षिण में है। [[अरब सागर]] इसकी पश्चिमी-दक्षिणी सीमा बनाता है। इसकी दक्षिणी सीमा पर दादर एवं नगर-हवेली हैं। इस राज्य की राजधानी [[गांधीनगर]] है। गांधीनगर, राज्य के प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र [[अहमदाबाद]] के समीप स्थित है। गुजरात का क्षेत्रफल 1,96,024 किलोमीटर है। भूतकाल में इसे गुर्जरत्रा प्रदेश के नाम से जाना जाता था गुजरात, भारत का एक राज्य है। कच्छ, सौराष्ट्र, काठियावाड, हालार, पांचाल, गोहिलवाड, झालावाड और गुजरात उसके प्रादेशिक सांस्कृतिक अंग हैं। इनकी लोक संस्कृति और साहित्य का अनुबन्ध [[राजस्थान]], [[सिंध]] और [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]], [[महाराष्ट्र]] और [[मध्य प्रदेश]] के साथ है। विशाल सागर तट वाले इस राज्य में इतिहास युग के आरम्भ होने से पूर्व ही अनेक विदेशी जातियाँ थल और समुद्र मार्ग से आकर स्थायी रूप से बसी हुई हैं। इसके उपरांत गुजरात में अट्ठाइस आदिवासी जातियां हैं। जन-समाज के ऐसे वैविध्य के कारण इस प्रदेश को भाँति-भाँति की लोक संस्कृतियों का लाभ मिला है। == इतिहास == {{मुख्य|गुजरात का इतिहास}} गुजरात का इतिहास पाषाण युग के बस्तियों के साथ शुरू हुआ, इसके बाद चोलकोथिक और कांस्य युग के बस्तियों जैसे [[सिंधु घाटी सभ्यता]]।<ref>{{Cite web|url=https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|title=Where does history begin?|date=19 अक्टूबर 2017|website=Condé Nast Traveller India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20171027131256/https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|archive-date=27 अक्तूबर 2017|url-status=dead}}</ref> गुजरात का इतिहास ईसवी पूर्व लगभग २,००० वर्ष पुराना है। माना जाता है कि [[श्रीकृष्ण|कृष्‍ण]] [[मथुरा]] छोड़कर [[सौराष्‍ट्र]] के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो [[द्वारिका]] यानी प्रवेशद्वार कहलाया। बाद के वर्षो में मौर्य, गुप्त तथा अन्‍य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर राज किया। चालुक्य राजवंश का शासनकाल गुजरात में प्रगति और समृद्ध का युग था। == भूगोल == स्वतन्त्रता से पहले गुजरात का वर्तमान क्षेत्र मुख्‍य रूप से दो भागों में विभक्त था- एक ब्रिटिश क्षेत्र और दूसरा देसी रियासतें। राज्‍यों के पुनर्गठन के कारण सौराष्‍ट्र के राज्‍यों और कच्‍छ के केन्द्र शासित प्रदेश के साथ पूर्व ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी [[मुम्बई|बम्बई]] राज्‍य का गठन हुआ। १ मई सन १९६० ई को वर्तमान गुजरात<ref>{{Cite web|url=https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|title=गुजरात का नक्शा, इतिहास, भूगोल, जिले एवं गुजरात की अन्य जानकारी &#124; Gujarat Map in Hindi.|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190225223649/https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|archive-date=25 फ़रवरी सन 2019 ई |url-status=dead}}</ref> राज्‍य अस्तित्‍व में आया। गुजरात भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में [[पाकिस्तान|पाकिस्‍तान]] तथा उत्तर-पूर्व में [[राजस्थान|राजस्‍थान]], दक्षिण-पूर्व में मध्‍यप्रदेश और दक्षिण में महाराष्‍ट्र है। राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल 1,96,024 वर्ग किमी है। ये भूगोल की तरह सोचे तो दो जगह पानी रखता हैं ==गुजरात के जिले== {| class="wikitable sortable" |जिला कोड |जिला नाम |मुख्यालय |क्षेत्रफल |- | AH || [[अहमदाबाद जिला|अहमदाबाद]] || [[अहमदाबाद]]|| ८,७०७ |- | AM || [[अमरेली जिला|अमरेली]] || [[अमरेली]] || ६,७६० |- | AN || [[आणंद जिला|आणंद]] || [[आणंद]] || २,९४२ |- | BK || [[बनासकांठा जिला|बनासकांठा]] || [[पालनपुर]] || १२,७०३ |- | BR || [[भरुच जिला|भरुच]] || [[भरुच]] || ६,५२४ |- | BV || [[भावनगर जिला|भावनगर]] || [[भावनगर]] || ११,१५५ |- | DA || [[दाहोद जिला|दाहोद]] || [[दाहोद]] || ३,६५२ |- | DG || [[डांग जिला|डांग]] || [[आहवा]] || १७६४ |- | GA || [[गांधीनगर जिला|गांधीनगर]] || [[गांधीनगर]] || ६४९ |- | JA || [[जामनगर जिला|जामनगर]] || [[जामनगर]] || १४,१२५ |- | JU || [[जूनागढ जिला|जूनागढ]] || [[जूनागढ]] || ,८८३९ |- | KA || [[कच्छ जिला|कच्छ]] || [[भुज]] || ४५,६५२ |- | KH || [[खेड़ा जिला|खेड़ा]] ||[[नडियाद]]|| ४,२१५ |- | MA || [[महेसाणा जिला|महेसाणा]] || [[महेसाणा]] || ४,३८६ |- | NR || [[नर्मदा जिला|नर्मदा]] ||[[राजपीपला|राजपीपला]]|| २,७४९ |- | NV || [[नवसारी जिला|नवसारी]] || [[नवसारी]] || २,२११ |- | PA || [[पाटण जिला|पाटण]] || [[पाटण]] || ५,७६८ |- | PM || [[पंचमहाल जिला|पंचमहाल]] || [[गोधरा]] || ५,२१९ |- | PO || [[पोरबंदर जिला|पोरबंदर]] || [[पोरबंदर]] || २,२९४ |- | RA || [[राजकोट जिला|राजकोट]] || [[राजकोट]] || ११,२०३ |- | SK || [[साबरकांठा जिला|साबरकांठा]] || [[हिंमतनगर]] || ७,३९० |- | SN || [[सुरेन्द्रनगर जिला|सुरेन्द्रनगर]] || [[सुरेन्द्रनगर]] || १०,४८९ |- | ST || [[सुरत जिला|सुरत]] || [[सुरत]] || ७,६५७ |- | TA || [[तापी जिला|तापी]] || [[व्यारा]] || ३,०४० |- | VD ||[[वडोदरा जिला|वडोदरा]]||[[वडोदरा]] || ७,७९४ |- | VL || [[वलसाड जिला|वलसाड]] || [[वलसाड]] || ३,०३४ |- | DD || [[देवभूमि द्वारका जिला|देवभूमि द्वारका]] || [[जामखंभालिया|जामखंभालिया]] || - |- | GS || [[गीर सोमनाथ जिला|गीर सोमनाथ]] || [[वेरावल|वेरावल]] || - |- | MR || [[मोरबी जिला|मोरबी]] || [[मोरबी]] || - |- | BT || [[बोटाद जिला|बोटाद]] || [[बोटाद]] || - |- | AR || [[अरवल्ली जिला|अरवल्ली]] ||[[मोडासा]]|| - |- | MS || [[महीसागर जिला|महीसागर]] || [[लुणावाडा]] || - |- | CU || [[छोटा उदेपुर जिला|छोटा उदेपुर]] ||[[छोटा उदयपुर जिला|छोटा उदेपुर]]|| - |- | || [[वाव–थराद जिला|वाव–थराद]] ||[[थराद]] || – |} == अर्थव्यवस्था == === कृषि === गुजरात [[कपास]], [[तम्बाकू]] और [[मूँगफली]] का उत्‍पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्‍य है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्‍वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्‍चा माल उपलब्‍ध कराता है। यहाँ की अन्‍य महत्‍वपूर्ण नकदी फसलें हैं - इसबगोल, धान, गेहूँ और बाजरा। गुजरात के वनों में उपलबध वृक्षों की जातियाँ हैं-[[सागवान]], खैर, हलदरियो, सादाद और [[बाँस]]। === उद्योग === राज्‍य में औद्योगिक ढाँचे में धीरे-धीरे विविधता आती जा रही है और यहाँ रसायन, पेट्रो-रसायन, उर्वरक, इंजीनियरिंग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स आदि उद्योगों का विकास हो रहा है। २००४ के अन्त में राज्‍य में पंजीकृत चालू फैक्‍टरियों की संख्‍या २१,५३६ (अस्‍थाई) थी जिनमें औसतन ९.२७ लाख दैनिक श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ था। मार्च, २००५ तक राज्‍य में २.९९ लाख लघु औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका था। गुजरात औद्योगिक विकास निगम को ढाँचागत सुविधाओ के साथ औद्योगिक सम्पदाओं के वि‍कास की भूमिका सौंपी गई है। दिसंबर, २००५ तक गुजरात औद्योगिक विकास निगम ने २३७ औद्योगिक सम्पदाएँ स्‍थापित की थी। === सिंचाई और बिजली === राज्‍य में भूतलीय जल तथा भूमिगत जल द्वारा कुल सिंचाई क्षमता ६४.४८ लाख हेक्‍टेयर आंकी गई है जिसमें सरदार सरोवर (नर्मदा) परियोजना की १७.९२ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००५ तक कुल सिंचाई क्षमता ४०.३४ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००७ तक कुल सिंचाई क्षमता ४२.२६ लाख हेक्‍टेयर तक पहुँच गई थी। जून २००७ तक अधिकतम उपयोग क्षमता ३७.३३ लाख हेक्‍टेयर आँकी गई। == परिवहन == ;सड़कें २००५-०६ के अन्त में राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई (गैर योजना, सामुदायिक, नगरीय और परियोजना सड़कों के अतिरिक्त) लगभग ७४,०३८ किलोमीटर थी। ;उड्डयन राज्‍य के [[अहमदाबाद]] स्थित मुख्‍य हवाई अड्डे से [[मुम्बई]], [[दिल्‍ली]] और अन्‍य नगरों के लिए दैनिक विमान सेवा उपलब्‍ध है। अहमदाबाद हवाई अड्डे को अब अन्तरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल गया हैं। अन्‍य हवाई अड्डे वड़ोदरा, भावनगर, भुज, सूरत, जामनगर, काण्डला, केशोद, पोरबन्दर और राजकोट में है। ;रेल गुजरात का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन वडोदरा जंक्शन है। यहाँ से हर रोज १५० से भी ज्यादा ट्रेन पसर होती है और भारत के लगभग हर एक कोने में जाने के लिए यहाँ से ट्रेन उपलब्ध होती है। वडोदरा के अलावा गुजरात के बड़े स्टेशनों में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भुज और भावनगर का समावेश होता है। गुजरात भारतीय रेल के पश्चिम रेलवे ज़ोन में पड़ता है। ;बन्दरगाह गुजरात में कुल ४० बन्दरगाह हैं। काण्डला राज्‍य का प्रमुख बन्दरगाह है। वर्ष २००४-०५ के दौरान गुजरात के मंझोले और छोटे बन्दरगाहों से कुल ९७१.२८ लाख टन माल ढोया गया जबकि काण्डला बन्दरगाह से ४१५.५१ लाख टन माल ढोया गया। == संस्कृति == === त्‍योहार === भाद्रपद्र (अगस्‍त-सितंबर) मास के शुक्‍ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्‍ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्‍तुति में तरणेतर मेला लगता है। भगवान कृष्‍ण द्वारा रुक्‍मणी से विवाह के उपलक्ष्‍य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्‍ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपूर में माधावराय मेला लगता है। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा जिले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयेजित किया जाता हैं। राज्‍य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारिका और डाकोर में भगवान कृष्‍ण के जन्‍मदिवस जन्‍माष्‍टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्‍लास से आयोजित होता है। इसके अलावा गुजरात में मकर सक्रांति, नवरात्रि, डांगी दरबार, शामलाजी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == पर्यटन स्‍थल == राज्‍य में [[द्वारका]], [[सोमनाथ]], पालीताना, पावागढ़, अंबाजी भद्रेश्‍वर, शामलाजी,बगदाणा,वीरपुर,खेरालु (सूर्यमंदिर),मोढेरा (सूर्यमंदिर) तारंगा,निष्कलंक महादेव,राजपरा (भावनगर),बहुचराजी, और गिरनार जैसे धार्मिक स्‍थलों के अलावा महात्‍मा गांधी की जन्‍मभूमि पोरबंदर तथा पुरातत्‍व और वास्‍तुकला की दृष्टि से उल्‍लेखनीय पाटन, [[सिद्धपुर-सीला-२, यमकेश्वर तहसील|सिद्धपुर]], घुरनली, दभेई, बडनगर, मोधेरा, लोथल और अहमदाबाद जैसे स्‍थान भी हैं। अहमदपुर मांडवी, चारबाड़ उभारत और तीथल के सुंदर समुद्री तट, सतपुड़ा पर्वतीय स्‍थल, गिर वनों के शेरों का अभयारण्‍य और कच्‍छ में जंगली गधों का अभयारण्‍य भी पर्यटकों के आकर्षण का केद्र हैं। इसके अलावा गुजरात के स्थानीय व्यंजन के जायके भी गुजरात की खूबसूरती को और बढ़ाते है। गुजरात के पाटण में स्थित रानी की वाव [[यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची]] में शामिल है। == प्रशासन == === सरकार === राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त राज्यपाल गुजरात के प्रशासन का प्रमुख होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल राज्यपाल को उसके कामकाज में सहयोग और सलाह देता है। राज्य में एक निर्वाचित निकाय एकसदनात्मक विधानसभा है। उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोपरि न्यायिक सत्ता है, जबकि नगर न्यायालय, ज़िला व सत्र न्यायाधीशों के न्यायालय और प्रत्येक ज़िले में दीवानी मामलों के न्यायाधीशों के न्यायालय हैं। राज्य को 34 प्रशासनिक ज़िलों में बांटा गया है। [[अहमदाबाद]], [[अमरेली]], [[बनासकांठा जिला|बनास कंठा]], [[भरूच जिला|भरूच]], [[भावनगर]], डेंग, [[गाँधीनगर]], [[खेड़ा]], [[महेसाणा जिला|महेसाणा]], [[पंचमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|पंचमहल]], [[राजकोट]], [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबर कंठा]], [[सूरत]] [[सुरेन्द्रनगर|सुरेंद्रनगर]], [[बड़ोदरा|वडोदरा]], [[महीसागर]], [[वलसाड]], [[नवसारी जिला|नवसारी]], [[नर्मदा नदी|नर्मदा]], [[दोहद]], [[आनन्द|आनंद]], [[पाटन]], [[जामनगर]], [[पोरबन्दर|पोरबंदर]], [[जूनागढ़]] और [[कच्छ]], प्रत्येक ज़िले का राजस्व और सामान्य प्रशासन ज़िलाधीश की देखरेख में होता है, जो क़ानून और व्यवस्था भी बनाए रखता है। स्थानीय प्रशासन में आम लोगों को शामिल करने के लिए 1963 में पंचायत द्वारा प्रशासन की शुरुआत की गई। === स्वास्थ्य === स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में [[मलेरिया]], तपेदिक, कुष्ठ और अन्य संक्रामक रोगों के उन्मूलन के साथ-साथ पेयजल की आपूर्ति में सुधार और खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के कार्यक्रम शामिल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों के विस्तार के लिए भी क़दम उठाए गए हैं। === जन-कल्याण === बच्चों, महिलाओं और विकलांगों, वृद्ध, असहाय, परित्यक्त के साथ-साथ अपराधी भिखारी, अनाथ और जेल से छुटे लोगों की कल्याण आवश्यकताओं की देखरेख विभिन्न राजकीय संस्थाएं करती हैं। राज्य में तथाकथित पिछड़े वर्ग के लोगों की शिक्षा, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य और आवास की देखरेख के लिए एक अलग विभाग है। == जनजीवन == गुजराती जनसंख्या में विविध जातीय समूह का मोटे तौर पर इंडिक / भारतोद्भव (उत्तरी मूल) या द्रविड़ (दक्षिणी मूल) के रूप में वर्गीकरण किया जा सकता है। पहले वर्ग में नगर ब्राह्मण,राजपूत,दरबार,भरवाड़,आहिर,गढ़वी,रबारी, पाटीदारपटेल और कई जातियां (जबकि दक्षिणी मूल के लोगों में [[वाल्मीकि]], कोली, डबला, नायकदा व मच्छि-खरवा जनजातिया हैं। शेष जनसंख्या में आदिवासी भील मिश्रित विशेषताएं दर्शाते हैं। अनुसूचित जनजाति और आदिवासी जनजाति के सदस्य प्रदेश की जनसंख्या का लगभग पाँचवां हिस्सा हैं। यहाँ डांग ज़िला पूर्णत: आदिवासी युक्त ज़िला है। अहमदाबाद ज़िले में अनुसूचित जनजाति का अनुपात सर्वाधिक है। गुजरात में जनसंख्या का मुख्य संकेंद्रण अहमदाबाद, खेड़ा, वडोदरा, सूरत और वल्सर के मैदानी क्षेत्र में देखा जा सकता है। यह क्षेत्र कृषि के दृष्टिकोण से उर्वर है और अत्यधिक औद्योगीकृत है। जनसंख्या का एक अन्य संकेंद्रण मंगरोल से महुवा तक और राजकोट एवं जामनगर के आसपास के हिस्सों सहित सौराष्ट्र के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में देखा जा सकता है। जनसंख्या का वितरण उत्तर (कच्छ) और पूर्वी पर्वतीय क्षेत्रों की ओर क्रमश कम होता जाता है। जनसंख्या का औसत घनत्व 258 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2001) है और दशकीय वृद्धि दर 2001 में 22.48 प्रतिशत पाई गई। == शिक्षा == 600 या इससे ज़्यादा जनसंख्या वाले लगभग सभी गाँवों में सात से ग्यारह वर्ष के सभी बच्चों के लिए प्राथमिक पाठशालाएँ खोली जा चुकी हैं। आदिवासी बच्चों को कला और शिल्प की शिक्षा देने के लिए विशेष विद्यालय चलाए जाते हैं। यहाँ अनेक माध्यमिक और उच्चतर विद्यालयों के साथ-साथ नौ विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थान हैं। अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और तकनीकी विद्यालयों द्वारा तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। शोध संस्थानों में अहमदाबाद में फ़िज़िकल रिसर्च लेबोरेटरी अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज़ रिसर्च एशोसिएशन, सेठ भोलाभाई जेसिंगभाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ लर्निंग ऐंड रिसर्च, द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, द नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन और द सरदार पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इकोनॉमिक ऐंड सोशल रिसर्च, वडोदरा में ओरिएंटल इंस्टिट्यूट तथा भावनगर में सेंट्रल साल्ट ऐंड मॅरीन केमिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट एवम वङोदरा में देश की पहली रेलवे यूनिवर्सिटी शामिल हैं। == भाषा == [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिन्दी]] राज्य की अधिकृत भाषाएं हैं। दोनों में गुजराती का ज़्यादा व्यापक इस्तेमाल होता है, जो संस्कृत के अलावा प्राचीन भारतीय मूल भाषा प्राकृत और 10 वीं शताब्दी के बीच उत्तरी और पश्चिमी भारत में बोली जाने वाली अपभ्रंश भाषा से व्युत्पन्न एक भारतीय-आर्य भाषा है। समुद्र मार्ग से गुजरात के विदेशों से संपर्क ने [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]], [[अरबी]], [[तुर्की]], [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तग़ाली]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] शब्दों से इसका परिचय करवाया। गुजराती में [[महात्मा गांधी]] की विलक्षण रचनाएं अपनी सादगी और ऊर्जस्विता के लिए प्रसिद्ध हैं। इन रचनाओं ने आधुनिक गुजराती गद्य पर ज़बरदस्त प्रभाव डाला है। गुजरात में राजभाषा गुजराती भाषा के अतिरिक्त [[हिन्दी]], [[मराठी भाषा|मराठी]] और अंग्रेज़ी का प्रचलन है। गुजराती भाषा नवीन [[भारतीय आर्थिक सेवा|भारतीय–आर्य]] भाषाओं के दक्षिण–पश्चिमी समूह से सम्बन्धित है। [[इतालवी भाषा|इतालवी]] विद्वान तेस्सितोरी ने प्राचीन गुजराती को प्राचीन पश्चिमी राजस्थानी भी कहा, क्योंकि उनके काल में इस भाषा का उपयोग उस क्षेत्र में भी होता था, जिसे अब राजस्थान राज्य कहा जाता है। == धर्म == गुजरात में अधिकांश जनसंख्या [[हिन्दू धर्म]] को मानती है, जबकि कुछ संख्या [[इस्लाम]], [[जैन धर्म|जैन]] और [[पारसी धर्म]] मानने वालों की भी है। == संस्कृति == गुजरात की अधिकांश लोक [[संस्कृति]] और लोकगीत हिन्दू धार्मिक साहित्य पुराण में वर्णित भगवान [[कृष्ण]] से जुड़ी किंवदंतियों से प्रतिबिंबित होती है। [[कृष्ण]] के सम्मान में किया जाने वाला रासनृत्य और रासलीला प्रसिद्ध लोकनृत्य "गरबा" के रूप में अब भी प्रचलित है। यह नृत्य देवी दुर्गा के नवरात्री पर्व में किया जाता है। एक लोक नाट्य भवई भी अभी अस्तित्व में है। गुजरात में शैववाद के साथ-साथ वैष्णववाद भी लंबे समय से फलता-फूलता रहा है, जिनसे भक्ति मत का उद्भव हुआ। प्रमुख संतों, कवियों और संगीतज्ञों में 15वीं सदी में पदों के रचयिता नरसी मेहता, अपने महल को त्यागने वाली 16वीं सदी की राजपूत राजकुमारी व भजनों की रचनाकार मीराबाई, 18वीं सदी के कवि और लेखक प्रेमानंद और भक्ति मत को लोकप्रिय बनाने वाले गीतकार दयाराम शामिल हैं। भारत में अन्य जगहों की तुलना में अहिंसा और शाकाहार की विशिष्टता वाले जैन धर्म ने गुजरात में गहरी जड़े जमाई। ज़रथुस्त्र के अनुयायी पारसी 17वीं सदी के बाद किसी समय फ़ारस से भागकर सबसे पहले गुजरात के तट पर ही बसे थे। इस समुदाय के अधिकांश लोग बाद में [[मुम्बई|बंबई]] (वर्तमान मुंबई) चले गए। [[श्रीकृष्ण]], [[दयानन्द सरस्वती]], [[मोहनदास गांधी]], [[सरदार पटेल]] तथा सुप्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी रणजी जैसे व्यक्तित्व ने प्रदेश के समाज को गौरवांवित किया। गुजरात की संस्कृति में मुख्यत: शीशे का काम तथा 'गरबा' एवं 'रास' नृत्य पूरे भारत में प्रसिद्ध है। प्रदेश का सर्वप्रमुख लोक नृत्य गरबा तथा डांडिया है। गरबा नृत्य में स्त्रियाँ सिर पर छिद्रयुक्त पात्र लेकर नृत्य करती हैं, जिस के भीतर दीप जलता है। डांडिया में अक्सर पुरुष भाग लेते हैं परंतु कभी-कभी स्त्री-पुरुष दोनों मिलकर करते हैं। प्रदेश के रहन-सहन और पहनावे पर राजस्थान का प्रभाव देखा जा सकता है। प्रदेश का भवई लोकनाट्य लोकप्रिय है। स्थापत्य शिल्प की दृष्टि से प्रदेश समृद्ध है। इस दृष्टि से रुद्र महालय, सिद्धपुर, मातृमूर्ति पावागढ़, शिल्पगौरव गलतेश्वर, द्वारिकानाथ का मंदिर, शत्रुंजय पालीताना के जैन मंदिर, सीदी सैयद मस्जिद की जालियाँ, पाटन की काष्ठकला इत्यादि महत्त्वपूर्ण हैं। हिन्दी में जो स्थान सूरदास का है गुजराती में वही स्थान नरसी मेहता का है। === त्योहार और मेले === भारत के पश्चिमी भाग में बसा समृद्धशाली राज्य गुजरात अपने त्योहारों और सांस्कृतिक उत्सवों के लिये विश्व प्रसिद्ध है।<br />भाद्रपद्र (अगस्त-सितंबर) मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्तुति में तरणेतर मेला लगता है।<br />भगवान कृष्ण द्वारा रुक्मणी से विवाह के उपलक्ष्य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपुर में माधवराय मेला लगता है।<br />उत्तरी गुजरात के बांसकांठा ज़िले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयोजित किया जाता हैं।<br />राज्य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारका और डाकोर में भगवान कृष्ण के जन्मदिवस जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्लास से आयोजित होता है। इसके अतिरिक्त गुजरात में मकरसंक्राति,नवरात्री, डांगी दरबार, शामला जी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == कला == गुजरात की वास्तुकला शैली अपनी पूर्णता और अलंकारिकता के लिए विख्यात है, जो [[सोमनाथ मन्दिर|सोमनाथ]], [[द्वारका]], [[मोधेरा]], थान, घुमली, [[गिरनार]] जैसे मंदिरों और स्मारकों में संरक्षित है। मुस्लिम शासन के दौरान एक अलग ही तरीक़े की भारतीय-इस्लामी शैली विकसित हुई। गुजरात अपनी कला व शिल्प की वस्तुओं के लिए भी प्रसिद्ध है। इनमें जामनगर की बांधनी (बंधाई और रंगाई की तकनीक), पाटन का उत्कृष्ट रेशमी वस्त्र पटोला, इदर के खिलौने, पालनपुर का इत्र कोनोदर का हस्तशिल्प का काम और अहमदाबाद व सूरत के लघु मंदिरों का काष्ठशिल्प तथा पौराणिक मूर्तियाँ शामिल हैं। राज्य के सर्वाधिक स्थायी और प्रभावशाली सांस्कृतिक संस्थानों में महाजन के रूप में प्रसिद्ध व्यापार और कला शिल्प संघ है। अक्सर जाति विशेष में अंतर्गठित और स्वायत्त इन संघों ने अतीत कई विवादों को सुलझाया है और लोकहित के माध्यम की भूमिका निभाते हुए कला व संस्कृति को प्रोत्साहन दिया है। === काष्ठ शिल्पकला === गुजरात राज्य में की जाने वाली वास्तु शिल्पीय नक़्क़ाशी कम से कम 15वीं शताब्दी से गुजरात भारत में लकड़ी की नक़्क़ाशी का मुख्य केंद्र रहा है। निर्माण सामग्री के रूप में जिस समय पत्थर का इस्तेमाल अधिक सुविधाजनक और विश्वसनीय था, इस समय भी गुजरात के लोगों ने मंदिरों के मंडप तथा आवासीय भवनों के अग्रभागों, द्वारों, स्तंभों, झरोखों, दीवारगीरों और जालीदार खिड़कियों के निर्माण में निर्माण में बेझिझक लकड़ी का प्रयोग जारी रखा। मुग़ल काल (1556-1707) के दौरान गुजरात की लकड़ी नक़्क़ाशी में देशी एवं मुग़ल शैलियों का सुंदर संयोजन दिखाई देता है। 16वीं सदी के उत्तरार्द्ध एवं 17वीं सदी के जैन काष्ठ मंडपों पर जैन पौराणिक कथाएँ एवं समकालीन जीवन के दृश्य तथा काल्पनिक बेल-बूटे, पशु-पक्षी एवं ज्यामितीय आकृतियाँ उत्कीर्ण की गई हैं; आकृति मूर्तिकला अत्यंत जीवंत एवं लयात्मक है। लकड़ी पर गाढ़े लाल रौग़न का प्रयोग आम था। 19वीं सदी के कई भव्य काष्ठ पुरोभाग संरक्षित हैं, लेकिन उनका अलंकरण पहले की निर्मितियों जैसा ललित और गत्यात्मक नहीं है। गुजरात (/ ˌɡʊdʒərɑːt / Gujrāt [ɡudʒ (ə) ɾaːt̪] (इस ध्वनि के बारे में सुनो) पश्चिमी भारत में एक राज्य है, इसका क्षेत्र 1,6,024 किमी 2 (75,685 वर्ग मील) है जिसमें 1,600 किलोमीटर (9 9 0 9 मील), जिनमें से अधिकांश काठियावाड़ प्रायद्वीप पर स्थित है, और 60 मिलियन से अधिक की आबादी है राज्य को [[राजस्थान]] से उत्तर की ओर, दक्षिण में [[महाराष्ट्र]], पूर्व में [[मध्य प्रदेश]], और [[अरब सागर]] और पश्चिम में सिंध के [[पाकिस्तानी]] प्रांत में सीमाएं हैं। इसकी राजधानी गांधीनगर है, जबकि इसका सबसे बड़ा नगर अहमदाबाद है। गुजरात भारत के [[गुजराती भाषा|गुजराती]] भाषण वाले लोगों का घर है। राज्य में प्राचीन [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] सभ्यता की कुछ साइटें शामिल हैं, जैसे लोथल और ढोलवीरा लोथल को दुनिया के पहले बंदरगाहों में से एक माना जाता है। गुजरात के तटीय नगरो, मुख्यतः भरूच और खंभात, मोरिया और गुप्त साम्राज्यों में बंदरगाहों और व्यापार केंद्रों के रूप में कार्य करते थे, और पश्चिमी सतराप काल से शाही शक राजवंशों के उत्तराधिकार के दौरान। गुजरात प्राचीन यूनानियों के लिए जाना जाता था, और यूरोपीय मध्य युग के अंत के माध्यम से सभ्यता के अन्य पश्चिमी केंद्रों में परिचित था। गुजरात के 2,000 साल के समुद्री इतिहास का सबसे पुराना लिखित रिकार्ड एक ग्रीक किताब में प्रकाशित किया गया है जिसका नाम पेरिप्लस ऑफ द इरिथ्रेअन सी: ट्रैवल एंड ट्रेड इन हिंद ओन्सन ऑफ द मर्चेंट ऑफ द फर्स्ट सेंचुरी है। प्राचीन लोथल की ढक्कन आज की तरह है ढोलवीरा में प्राचीन जल भंडार गुजरात सिंधु घाटी सभ्यता के मुख्य केंद्रों में से एक था। इसमें [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] से प्राचीन महानगरीय नगरो जैसे [[लोथल]], [[धोलावीरा|धौलावीरा]] और गोला धोरो शामिल हैं। [[लोथल]] प्राचीन नगर था जहां भारत का पहला बंदरगाह स्थापित किया गया था। प्राचीन नगर ढोलवीरा, सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक है। सबसे हालिया खोज गोला धोरो थी। कुल मिलाकर, लगभग 50 सिंधु घाटी स्थितियों के खंडहर गुजरात में खोजे गये है। गुजरात के प्राचीन इतिहास को इसके निवासियों की वाणिज्यिक गतिविधियों से समृद्ध किया गया था। 1000 से 750 ईसा पूर्व के समय के दौरान [[फ़ारस|फारस]] की खाड़ी में [[मिस्र]], [[बहरीन]] और [[सुमेर]] के साथ व्यापार और वाणिज्य संबंधों का स्पष्ट ऐतिहासिक प्रमाण है। [[मौर्य राजवंश|मौर्या राजवंश]], पश्चिमी सतराप, [[सातवाहन|सातवाहन राजवंश]], [[गुप्त राजवंश|गुप्त साम्राज्य]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य वंश]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट साम्राज्य]], [[पाल साम्राज्य]] के साथ-साथ स्थानीय राजवंशों जैसे मैत्रकस और फिर हिंदू और [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] राज्यों का उत्तराधिकार था। गुजरात के शुरुआती इतिहास में [[चन्द्रगुप्त मौर्य|चंद्रगुप्त मौर्य]] की शाही भव्यता को दर्शाया गया है, जिसने पहले के कई राज्यों पर विजय प्राप्त की जो अब गुजरात है। पुष्यगुप्त, एक वैश्य, को मौर्य शासन द्वारा सौराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने गिरिंगर (आधुनिक दिवस जूनागढ़) (322 ईसा पूर्व से 2 9 4 ईसा पूर्व) पर शासन किया और [[सुदर्शन झील]] पर एक बांध बनाया। चंद्रगुप्त मौर्य के पोते [[अशोक|सम्राट अशोक]] ने केवल जूनागढ़ में चट्टान पर अपने पदों के उत्कीर्णन का आदेश नहीं दिया, बल्कि राज्यपाल टुशेरफा को झील से नहरों में कटौती करने के लिए कहा, जहां पहले मौर्य राज्यपाल ने बांध बांध दिया था। मौर्य शक्ति की कमी और [[उज्जैन]] के सम्प्रति मौर्यों के प्रभाव में सौराष्ट्र आने के बीच, डेमेट्रीयूस के नेतृत्व में गुजरात में एक इंडो-ग्रीक आक्रमण हुआ। 1 शताब्दी ईस्वी के पहले छमाही में, गुजरात गोंडफेयर के एक व्यापारी की कहानी है जो गुजरात में उत्तराधिकारी थॉमस के साथ उतरती है। शेर की हत्या कर रहे कप वाहक की घटना से संकेत हो सकता है कि बंदरगाह नगर का वर्णन गुजरात में है। 1 सदी ईस्वी की शुरुआत से लगभग 300 वर्षों तक, गुजरात शासकों ने गुजरात के इतिहास में एक प्रमुख भूमिका निभाई। जूनागढ़ में मौसम से पीटा हुआ चट्टान शाकाहारी रूद्राद्रमैन I (100 एडी) की सैकड़ों सैक्रापों की एक झलक देता है जिन्हें पश्चिमी सतराप, या क्षत्रप कहा जाता है। == जातियां == * *[[भील]] : भील भारत देश साथ साथ गुजरात की प्रमुख जनजातियों में से एक है। गुजरात के पूर्वा पट्टी के जिले में भील आदिवासी की संख्या अधिक मात्रा में है। गुजरात के बनासकांठा,साबरकांठा,अरवल्ली महिसागर,दाहोद,पंचमहाल,बड़ोदरा ग्रामीण,छोटाउदयपुर,नर्मदा,भरूच तापी,सूरत,नवसारी,डांग और वलसाड में भील की बस्ती है। * *[[कोली]] : कोली और भील जनजाति इतिहास के कई युद्ध में एक साथ देखी । *[[काठी दरबार]] : काठी दरबार गुजरात की प्रमुख जातियों में से एक है। *[[राजपूत]] :राजपूत जाति गुजरात में पाई जाने वाले जातियों में से एक है। *[[रबारी]] :रबारी समाज मूल मालधारी है ये भेस,बकरी, भेड़, उट, चराते है। रबारी समाज मूल राजस्थान है । == इन्हें भी देखें == {{प्रवेशद्वार}} * [[गुजरात के लोकसभा सदस्य]] * [[धोलावीरा]] * [[रन ऑफ कच्छ]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == {{विकियात्रा|गुजरात}} * [https://web.archive.org/web/20130313212855/http://www.gujaratindia.com/index-guj.htm गुजरात सरकार का जालस्थल] (गुजराती) * [https://web.archive.org/web/20130329015527/http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx गुजरात पर्यटन का आधिकारिक जालस्थल] * [https://web.archive.org/web/20101209011007/http://www.jagranyatra.com/2010/05/nal-sarovar-gujarat-entertainmen/ गुजरात का नल सरोवर है प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग] * [https://web.archive.org/web/20151122145636/http://interestingportal.com/these-citys-of-gujarat-famous-for-its-flavor-surat-ahemdabad-baroda-rajkot-ajab-gajab-news-in-hindi/ गुजरात के प्रमुख नगरो के व्यंजन] * [https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ गुजरात का प्रसिद्ध व्यंजन खमन ढोकला कैसे बनता हैं।] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230711192835/https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ |date=11 जुलाई 2023 }} {{Geographic location |Centre = गुजरात |North = [[राजस्थान]] |Northeast = [[राजस्थान]] |East = [[मध्य प्रदेश]] |Southeast = [[दमन और दीव]]<br>[[दादरा एवं नगर हवेली]]<br>[[महाराष्ट्र]] |South = ''[[अरब सागर]]''<br>[[महाराष्ट्र]] |Southwest = ''[[अरब सागर]]'' |West = ''[[अरब सागर]]'' |Northwest = [[सिंध]], {{flag|पाकिस्तान}} }} {{गुजरात|state=autocollapsed}} {{भारत के प्रान्त और संघ राज्यक्षेत्र}} {{Authority control}} [[श्रेणी:गुजरात| ]] [[श्रेणी:भारत के राज्य]] o4oc4pp4xbzscrjpksfs32xjytril8w 6540983 6540982 2026-04-15T18:33:44Z ~2026-23352-63 920571 6540983 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement <!-- See Template:Infobox settlement for additional fields and descriptions --> | name = गुजरात | type = [[भारत का राज्य|राज्य]] | anthem = [[जय जय गरवी गुजरात]] | image_skyline = {{multiple image | border = infobox | total_width = 280 | image_style = | perrow = 1/2/2/2/1 | caption_align = center | image1 = Rani ki vav 02.jpg | caption1 = [[रानी की वाव]] | image2 = Wankaner-palace.png | caption2 = [[वांकानेर]] | image3 = Dwarakadheesh Temple, 2014.jpg | caption3 = [[श्री द्वारकाधीश मंदिर]] | image4 = Garba playing.jpg | caption4 = [[नवरात्र]] | image5 = ShahAlamDargah 21393.jpg | caption5 = | image6 = Science Centre Patan.jpg | caption6 = [[पाटण, गुजरात|पाटण]] में एक विज्ञान केन्द्र | image7 = Safed Rann, Kutch.jpg | caption7 = [[कच्छ का रण]] | image8 = Mandvi Beach.jpg | caption8 = [[मांडवी, गुजरात|मांडवी]] | image9 = Sabarmati riverside.jpg | caption9 = [[साबरमती रिवरफ़्रंट]] | image_alt =}} | alt = a montage of 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[[गुजरात के ज़िले|33]] | government_footnotes = | governing_body = {{nowrap|[[गुजरात सरकार]]}} | leader_title = [[गुजरात के राज्यपालों की सूची|राज्यपाल]] | leader_name = [[आचार्य देवव्रत]] | leader_title1 = [[गुजरात के मुख्यमंत्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] | leader_name1 = [[भूपेंद्रभाई पटेल]] ([[भाजपा]]) | leader_title2 = [[गुजरात विधान सभा|विधानमण्डल]] | leader_name2 = [[एकसदनीय]]<br/> * [[गुजरात विधान सभा]] ([[गुजरात विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्रों की सूची|182 सीटें]]) | leader_title3 = [[भारतीय संसद|संसदीय क्षेत्र]] | leader_name3 = [[राज्य सभा]] (11 सीटें)<br />[[लोक सभा]] (26 सीटें) | leader_title4 = [[भारत के उच्च न्यायालयों की सूची|उच्च न्यायालय]] | leader_name4 = [[गुजरात उच्च न्यायालय]] | unit_pref = Metric<!-- or US or UK --> | area_footnotes = | area_total_km2 = 196244 | area_rank = [[क्षेत्रफल के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र|5वां]] | population_total = 60439692 | population_as_of = 2011 | population_rank = [[जनसंख्या के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र|9वां 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किया गया था। | motto = [[सत्यमेव जयते]] | subdivision_type1 = [[भारत के प्रशासनिक विभाग|क्षेत्र]] | subdivision_name1 = [[पश्चिम भारत]] | official_name = गुजरात राज्य | native_name = {{nobold|{{hlist|{{lang|gu|ગુજરાત}}|Gujarat}}}} | length_km = 590 | width_km = 500 | elevation_m = 137 | elevation_min_m = -1 | elevation_max_m = 1145 | image_blank_emblem = Government Of Gujarat Seal In All Languages.svg | blank_emblem_type = [[भारत का राजकीय प्रतीक|प्रतीक]] }} '''गुजरात''' ([[गुजराती भाषा|गुजराती]]: ગુજરાત, [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: Gujarat) पश्चिमी [[भारत]] में स्थित एक [[राज्य]] है। इसकी उत्तरी-पश्चिमी सीमा जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा भी है, [[पाकिस्तान]] से लगी है। [[राजस्थान]] और [[मध्य प्रदेश]] इसके क्रमशः उत्तर एवं उत्तर-पूर्व में स्थित राज्य हैं। [[महाराष्ट्र]] इसके दक्षिण में है। [[अरब सागर]] इसकी पश्चिमी-दक्षिणी सीमा बनाता है। इसकी दक्षिणी सीमा पर दादर एवं नगर-हवेली हैं। इस राज्य की राजधानी [[गांधीनगर]] है। गांधीनगर, राज्य के प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र [[अहमदाबाद]] के समीप स्थित है। गुजरात का क्षेत्रफल 1,96,024 किलोमीटर है। भूतकाल में इसे गुर्जरत्रा प्रदेश के नाम से जाना जाता था गुजरात, भारत का एक राज्य है। कच्छ, सौराष्ट्र, काठियावाड, हालार, पांचाल, गोहिलवाड, झालावाड और गुजरात उसके प्रादेशिक सांस्कृतिक अंग हैं। इनकी लोक संस्कृति और साहित्य का अनुबन्ध [[राजस्थान]], [[सिंध]] और [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]], [[महाराष्ट्र]] और [[मध्य प्रदेश]] के साथ है। विशाल सागर तट वाले इस राज्य में इतिहास युग के आरम्भ होने से पूर्व ही अनेक विदेशी जातियाँ थल और समुद्र मार्ग से आकर स्थायी रूप से बसी हुई हैं। इसके उपरांत गुजरात में अट्ठाइस आदिवासी जातियां हैं। जन-समाज के ऐसे वैविध्य के कारण इस प्रदेश को भाँति-भाँति की लोक संस्कृतियों का लाभ मिला है। == इतिहास == {{मुख्य|गुजरात का इतिहास}} गुजरात का इतिहास पाषाण युग के बस्तियों के साथ शुरू हुआ, इसके बाद चोलकोथिक और कांस्य युग के बस्तियों जैसे [[सिंधु घाटी सभ्यता]]।<ref>{{Cite web|url=https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|title=Where does history begin?|date=19 अक्टूबर 2017|website=Condé Nast Traveller India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20171027131256/https://www.cntraveller.in/story/india-via-gujarat/|archive-date=27 अक्तूबर 2017|url-status=dead}}</ref> गुजरात का इतिहास ईसवी पूर्व लगभग २,००० वर्ष पुराना है। माना जाता है कि [[श्रीकृष्ण|कृष्‍ण]] [[मथुरा]] छोड़कर [[सौराष्‍ट्र]] के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो [[द्वारिका]] यानी प्रवेशद्वार कहलाया। बाद के वर्षो में मौर्य, गुप्त तथा अन्‍य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर राज किया। चालुक्य राजवंश का शासनकाल गुजरात में प्रगति और समृद्ध का युग था। == भूगोल == स्वतन्त्रता से पहले गुजरात का वर्तमान क्षेत्र मुख्‍य रूप से दो भागों में विभक्त था- एक ब्रिटिश क्षेत्र और दूसरा देसी रियासतें। राज्‍यों के पुनर्गठन के कारण सौराष्‍ट्र के राज्‍यों और कच्‍छ के केन्द्र शासित प्रदेश के साथ पूर्व ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी [[मुम्बई|बम्बई]] राज्‍य का गठन हुआ। १ मई सन १९६० ई को वर्तमान गुजरात<ref>{{Cite web|url=https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|title=गुजरात का नक्शा, इतिहास, भूगोल, जिले एवं गुजरात की अन्य जानकारी &#124; Gujarat Map in Hindi.|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190225223649/https://hindi.mapsofindia.com/gujarat/|archive-date=25 फ़रवरी सन 2019 ई |url-status=dead}}</ref> राज्‍य अस्तित्‍व में आया। गुजरात भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में [[पाकिस्तान|पाकिस्‍तान]] तथा उत्तर-पूर्व में [[राजस्थान|राजस्‍थान]], दक्षिण-पूर्व में मध्‍यप्रदेश और दक्षिण में महाराष्‍ट्र है। राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल 1,96,024 वर्ग किमी है। ये भूगोल की तरह सोचे तो दो जगह पानी रखता हैं ==गुजरात के जिले== {| class="wikitable sortable" |जिला कोड |जिला नाम |मुख्यालय |क्षेत्रफल |- | AH || [[अहमदाबाद जिला|अहमदाबाद]] || [[अहमदाबाद]]|| ८,७०७ |- | AM || [[अमरेली जिला|अमरेली]] || [[अमरेली]] || ६,७६० |- | AN || [[आणंद जिला|आणंद]] || [[आणंद]] || २,९४२ |- | BK || [[बनासकांठा जिला|बनासकांठा]] || [[पालनपुर]] || १२,७०३ |- | BR || [[भरुच जिला|भरुच]] || [[भरुच]] || ६,५२४ |- | BV || [[भावनगर जिला|भावनगर]] || [[भावनगर]] || ११,१५५ |- | DA || [[दाहोद जिला|दाहोद]] || [[दाहोद]] || ३,६५२ |- | DG || [[डांग जिला|डांग]] || [[आहवा]] || १७६४ |- | GA || [[गांधीनगर जिला|गांधीनगर]] || [[गांधीनगर]] || ६४९ |- | JA || [[जामनगर जिला|जामनगर]] || [[जामनगर]] || १४,१२५ |- | JU || [[जूनागढ जिला|जूनागढ]] || [[जूनागढ]] || ,८८३९ |- | KA || [[कच्छ जिला|कच्छ]] || [[भुज]] || ४५,६५२ |- | KH || [[खेड़ा जिला|खेड़ा]] ||[[नडियाद]]|| ४,२१५ |- | MA || [[महेसाणा जिला|महेसाणा]] || [[महेसाणा]] || ४,३८६ |- | NR || [[नर्मदा जिला|नर्मदा]] ||[[राजपीपला|राजपीपला]]|| २,७४९ |- | NV || [[नवसारी जिला|नवसारी]] || [[नवसारी]] || २,२११ |- | PA || [[पाटण जिला|पाटण]] || [[पाटण]] || ५,७६८ |- | PM || [[पंचमहाल जिला|पंचमहाल]] || [[गोधरा]] || ५,२१९ |- | PO || [[पोरबंदर जिला|पोरबंदर]] || [[पोरबंदर]] || २,२९४ |- | RA || [[राजकोट जिला|राजकोट]] || [[राजकोट]] || ११,२०३ |- | SK || [[साबरकांठा जिला|साबरकांठा]] || [[हिंमतनगर]] || ७,३९० |- | SN || [[सुरेन्द्रनगर जिला|सुरेन्द्रनगर]] || [[सुरेन्द्रनगर]] || १०,४८९ |- | ST || [[सुरत जिला|सुरत]] || [[सुरत]] || ७,६५७ |- | TA || [[तापी जिला|तापी]] || [[व्यारा]] || ३,०४० |- | VD ||[[वडोदरा जिला|वडोदरा]]||[[वडोदरा]] || ७,७९४ |- | VL || [[वलसाड जिला|वलसाड]] || [[वलसाड]] || ३,०३४ |- | DD || [[देवभूमि द्वारका जिला|देवभूमि द्वारका]] || [[जामखंभालिया|जामखंभालिया]] || - |- | GS || [[गीर सोमनाथ जिला|गीर सोमनाथ]] || [[वेरावल|वेरावल]] || - |- | MR || [[मोरबी जिला|मोरबी]] || [[मोरबी]] || - |- | BT || [[बोटाद जिला|बोटाद]] || [[बोटाद]] || - |- | AR || [[अरवल्ली जिला|अरवल्ली]] ||[[मोडासा]]|| - |- | MS || [[महीसागर जिला|महीसागर]] || [[लुणावाडा]] || - |- | CU || [[छोटा उदेपुर जिला|छोटा उदेपुर]] ||[[छोटा उदयपुर जिला|छोटा उदेपुर]]|| - |- | || [[वाव–थराद जिला|वाव–थराद]] ||[[थराद]] || – |} == अर्थव्यवस्था == === कृषि === गुजरात [[कपास]], [[तम्बाकू]] और [[मूँगफली]] का उत्‍पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्‍य है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्‍वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्‍चा माल उपलब्‍ध कराता है। यहाँ की अन्‍य महत्‍वपूर्ण नकदी फसलें हैं - इसबगोल, धान, गेहूँ और बाजरा। गुजरात के वनों में उपलबध वृक्षों की जातियाँ हैं-[[सागवान]], खैर, हलदरियो, सादाद और [[बाँस]]। === उद्योग === राज्‍य में औद्योगिक ढाँचे में धीरे-धीरे विविधता आती जा रही है और यहाँ रसायन, पेट्रो-रसायन, उर्वरक, इंजीनियरिंग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स आदि उद्योगों का विकास हो रहा है। २००४ के अन्त में राज्‍य में पंजीकृत चालू फैक्‍टरियों की संख्‍या २१,५३६ (अस्‍थाई) थी जिनमें औसतन ९.२७ लाख दैनिक श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ था। मार्च, २००५ तक राज्‍य में २.९९ लाख लघु औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका था। गुजरात औद्योगिक विकास निगम को ढाँचागत सुविधाओ के साथ औद्योगिक सम्पदाओं के वि‍कास की भूमिका सौंपी गई है। दिसंबर, २००५ तक गुजरात औद्योगिक विकास निगम ने २३७ औद्योगिक सम्पदाएँ स्‍थापित की थी। === सिंचाई और बिजली === राज्‍य में भूतलीय जल तथा भूमिगत जल द्वारा कुल सिंचाई क्षमता ६४.४८ लाख हेक्‍टेयर आंकी गई है जिसमें सरदार सरोवर (नर्मदा) परियोजना की १७.९२ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००५ तक कुल सिंचाई क्षमता ४०.३४ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००७ तक कुल सिंचाई क्षमता ४२.२६ लाख हेक्‍टेयर तक पहुँच गई थी। जून २००७ तक अधिकतम उपयोग क्षमता ३७.३३ लाख हेक्‍टेयर आँकी गई। == परिवहन == ;सड़कें २००५-०६ के अन्त में राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई (गैर योजना, सामुदायिक, नगरीय और परियोजना सड़कों के अतिरिक्त) लगभग ७४,०३८ किलोमीटर थी। ;उड्डयन राज्‍य के [[अहमदाबाद]] स्थित मुख्‍य हवाई अड्डे से [[मुम्बई]], [[दिल्‍ली]] और अन्‍य नगरों के लिए दैनिक विमान सेवा उपलब्‍ध है। अहमदाबाद हवाई अड्डे को अब अन्तरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल गया हैं। अन्‍य हवाई अड्डे वड़ोदरा, भावनगर, भुज, सूरत, जामनगर, काण्डला, केशोद, पोरबन्दर और राजकोट में है। ;रेल गुजरात का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन वडोदरा जंक्शन है। यहाँ से हर रोज १५० से भी ज्यादा ट्रेन पसर होती है और भारत के लगभग हर एक कोने में जाने के लिए यहाँ से ट्रेन उपलब्ध होती है। वडोदरा के अलावा गुजरात के बड़े स्टेशनों में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भुज और भावनगर का समावेश होता है। गुजरात भारतीय रेल के पश्चिम रेलवे ज़ोन में पड़ता है। ;बन्दरगाह गुजरात में कुल ४० बन्दरगाह हैं। काण्डला राज्‍य का प्रमुख बन्दरगाह है। वर्ष २००४-०५ के दौरान गुजरात के मंझोले और छोटे बन्दरगाहों से कुल ९७१.२८ लाख टन माल ढोया गया जबकि काण्डला बन्दरगाह से ४१५.५१ लाख टन माल ढोया गया। == संस्कृति == === त्‍योहार === भाद्रपद्र (अगस्‍त-सितंबर) मास के शुक्‍ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्‍ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्‍तुति में तरणेतर मेला लगता है। भगवान कृष्‍ण द्वारा रुक्‍मणी से विवाह के उपलक्ष्‍य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्‍ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपूर में माधावराय मेला लगता है। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा जिले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयेजित किया जाता हैं। राज्‍य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारिका और डाकोर में भगवान कृष्‍ण के जन्‍मदिवस जन्‍माष्‍टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्‍लास से आयोजित होता है। इसके अलावा गुजरात में मकर सक्रांति, नवरात्रि, डांगी दरबार, शामलाजी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == पर्यटन स्‍थल == राज्‍य में [[द्वारका]], [[सोमनाथ]], पालीताना, पावागढ़, अंबाजी भद्रेश्‍वर, शामलाजी,बगदाणा,वीरपुर,खेरालु (सूर्यमंदिर),मोढेरा (सूर्यमंदिर) तारंगा,निष्कलंक महादेव,राजपरा (भावनगर),बहुचराजी, और गिरनार जैसे धार्मिक स्‍थलों के अलावा महात्‍मा गांधी की जन्‍मभूमि पोरबंदर तथा पुरातत्‍व और वास्‍तुकला की दृष्टि से उल्‍लेखनीय पाटन, [[सिद्धपुर-सीला-२, यमकेश्वर तहसील|सिद्धपुर]], घुरनली, दभेई, बडनगर, मोधेरा, लोथल और अहमदाबाद जैसे स्‍थान भी हैं। अहमदपुर मांडवी, चारबाड़ उभारत और तीथल के सुंदर समुद्री तट, सतपुड़ा पर्वतीय स्‍थल, गिर वनों के शेरों का अभयारण्‍य और कच्‍छ में जंगली गधों का अभयारण्‍य भी पर्यटकों के आकर्षण का केद्र हैं। इसके अलावा गुजरात के स्थानीय व्यंजन के जायके भी गुजरात की खूबसूरती को और बढ़ाते है। गुजरात के पाटण में स्थित रानी की वाव [[यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची]] में शामिल है। == प्रशासन == === सरकार === राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त राज्यपाल गुजरात के प्रशासन का प्रमुख होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल राज्यपाल को उसके कामकाज में सहयोग और सलाह देता है। राज्य में एक निर्वाचित निकाय एकसदनात्मक विधानसभा है। उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोपरि न्यायिक सत्ता है, जबकि नगर न्यायालय, ज़िला व सत्र न्यायाधीशों के न्यायालय और प्रत्येक ज़िले में दीवानी मामलों के न्यायाधीशों के न्यायालय हैं। राज्य को 34 प्रशासनिक ज़िलों में बांटा गया है। [[अहमदाबाद]], [[अमरेली]], [[बनासकांठा जिला|बनास कंठा]], [[भरूच जिला|भरूच]], [[भावनगर]], डेंग, [[गाँधीनगर]], [[खेड़ा]], [[महेसाणा जिला|महेसाणा]], [[पंचमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|पंचमहल]], [[राजकोट]], [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबर कंठा]], [[सूरत]] [[सुरेन्द्रनगर|सुरेंद्रनगर]], [[बड़ोदरा|वडोदरा]], [[महीसागर]], [[वलसाड]], [[नवसारी जिला|नवसारी]], [[नर्मदा नदी|नर्मदा]], [[दोहद]], [[आनन्द|आनंद]], [[पाटन]], [[जामनगर]], [[पोरबन्दर|पोरबंदर]], [[जूनागढ़]] और [[कच्छ]], प्रत्येक ज़िले का राजस्व और सामान्य प्रशासन ज़िलाधीश की देखरेख में होता है, जो क़ानून और व्यवस्था भी बनाए रखता है। स्थानीय प्रशासन में आम लोगों को शामिल करने के लिए 1963 में पंचायत द्वारा प्रशासन की शुरुआत की गई। === स्वास्थ्य === स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में [[मलेरिया]], तपेदिक, कुष्ठ और अन्य संक्रामक रोगों के उन्मूलन के साथ-साथ पेयजल की आपूर्ति में सुधार और खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के कार्यक्रम शामिल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों के विस्तार के लिए भी क़दम उठाए गए हैं। === जन-कल्याण === बच्चों, महिलाओं और विकलांगों, वृद्ध, असहाय, परित्यक्त के साथ-साथ अपराधी भिखारी, अनाथ और जेल से छुटे लोगों की कल्याण आवश्यकताओं की देखरेख विभिन्न राजकीय संस्थाएं करती हैं। राज्य में तथाकथित पिछड़े वर्ग के लोगों की शिक्षा, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य और आवास की देखरेख के लिए एक अलग विभाग है। == जनजीवन == गुजराती जनसंख्या में विविध जातीय समूह का मोटे तौर पर इंडिक / भारतोद्भव (उत्तरी मूल) या द्रविड़ (दक्षिणी मूल) के रूप में वर्गीकरण किया जा सकता है। पहले वर्ग में नगर ब्राह्मण,राजपूत,दरबार,भरवाड़,आहिर,गढ़वी,रबारी, पाटीदारपटेल और कई जातियां (जबकि दक्षिणी मूल के लोगों में [[वाल्मीकि]], कोली, डबला, नायकदा व मच्छि-खरवा जनजातिया हैं। शेष जनसंख्या में आदिवासी भील मिश्रित विशेषताएं दर्शाते हैं। अनुसूचित जनजाति और आदिवासी जनजाति के सदस्य प्रदेश की जनसंख्या का लगभग पाँचवां हिस्सा हैं। यहाँ डांग ज़िला पूर्णत: आदिवासी युक्त ज़िला है। अहमदाबाद ज़िले में अनुसूचित जनजाति का अनुपात सर्वाधिक है। गुजरात में जनसंख्या का मुख्य संकेंद्रण अहमदाबाद, खेड़ा, वडोदरा, सूरत और वल्सर के मैदानी क्षेत्र में देखा जा सकता है। यह क्षेत्र कृषि के दृष्टिकोण से उर्वर है और अत्यधिक औद्योगीकृत है। जनसंख्या का एक अन्य संकेंद्रण मंगरोल से महुवा तक और राजकोट एवं जामनगर के आसपास के हिस्सों सहित सौराष्ट्र के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में देखा जा सकता है। जनसंख्या का वितरण उत्तर (कच्छ) और पूर्वी पर्वतीय क्षेत्रों की ओर क्रमश कम होता जाता है। जनसंख्या का औसत घनत्व 258 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2001) है और दशकीय वृद्धि दर 2001 में 22.48 प्रतिशत पाई गई। == शिक्षा == 600 या इससे ज़्यादा जनसंख्या वाले लगभग सभी गाँवों में सात से ग्यारह वर्ष के सभी बच्चों के लिए प्राथमिक पाठशालाएँ खोली जा चुकी हैं। आदिवासी बच्चों को कला और शिल्प की शिक्षा देने के लिए विशेष विद्यालय चलाए जाते हैं। यहाँ अनेक माध्यमिक और उच्चतर विद्यालयों के साथ-साथ नौ विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थान हैं। अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और तकनीकी विद्यालयों द्वारा तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। शोध संस्थानों में अहमदाबाद में फ़िज़िकल रिसर्च लेबोरेटरी अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज़ रिसर्च एशोसिएशन, सेठ भोलाभाई जेसिंगभाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ लर्निंग ऐंड रिसर्च, द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, द नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन और द सरदार पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इकोनॉमिक ऐंड सोशल रिसर्च, वडोदरा में ओरिएंटल इंस्टिट्यूट तथा भावनगर में सेंट्रल साल्ट ऐंड मॅरीन केमिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट एवम वङोदरा में देश की पहली रेलवे यूनिवर्सिटी शामिल हैं। == भाषा == [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिन्दी]] राज्य की अधिकृत भाषाएं हैं। दोनों में गुजराती का ज़्यादा व्यापक इस्तेमाल होता है, जो संस्कृत के अलावा प्राचीन भारतीय मूल भाषा प्राकृत और 10 वीं शताब्दी के बीच उत्तरी और पश्चिमी भारत में बोली जाने वाली अपभ्रंश भाषा से व्युत्पन्न एक भारतीय-आर्य भाषा है। समुद्र मार्ग से गुजरात के विदेशों से संपर्क ने [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]], [[अरबी]], [[तुर्की]], [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तग़ाली]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] शब्दों से इसका परिचय करवाया। गुजराती में [[महात्मा गांधी]] की विलक्षण रचनाएं अपनी सादगी और ऊर्जस्विता के लिए प्रसिद्ध हैं। इन रचनाओं ने आधुनिक गुजराती गद्य पर ज़बरदस्त प्रभाव डाला है। गुजरात में राजभाषा गुजराती भाषा के अतिरिक्त [[हिन्दी]], [[मराठी भाषा|मराठी]] और अंग्रेज़ी का प्रचलन है। गुजराती भाषा नवीन [[भारतीय आर्थिक सेवा|भारतीय–आर्य]] भाषाओं के दक्षिण–पश्चिमी समूह से सम्बन्धित है। [[इतालवी भाषा|इतालवी]] विद्वान तेस्सितोरी ने प्राचीन गुजराती को प्राचीन पश्चिमी राजस्थानी भी कहा, क्योंकि उनके काल में इस भाषा का उपयोग उस क्षेत्र में भी होता था, जिसे अब राजस्थान राज्य कहा जाता है। == धर्म == गुजरात में अधिकांश जनसंख्या [[हिन्दू धर्म]] को मानती है, जबकि कुछ संख्या [[इस्लाम]], [[जैन धर्म|जैन]] और [[पारसी धर्म]] मानने वालों की भी है। == संस्कृति == गुजरात की अधिकांश लोक [[संस्कृति]] और लोकगीत हिन्दू धार्मिक साहित्य पुराण में वर्णित भगवान [[कृष्ण]] से जुड़ी किंवदंतियों से प्रतिबिंबित होती है। [[कृष्ण]] के सम्मान में किया जाने वाला रासनृत्य और रासलीला प्रसिद्ध लोकनृत्य "गरबा" के रूप में अब भी प्रचलित है। यह नृत्य देवी दुर्गा के नवरात्री पर्व में किया जाता है। एक लोक नाट्य भवई भी अभी अस्तित्व में है। गुजरात में शैववाद के साथ-साथ वैष्णववाद भी लंबे समय से फलता-फूलता रहा है, जिनसे भक्ति मत का उद्भव हुआ। प्रमुख संतों, कवियों और संगीतज्ञों में 15वीं सदी में पदों के रचयिता नरसी मेहता, अपने महल को त्यागने वाली 16वीं सदी की राजपूत राजकुमारी व भजनों की रचनाकार मीराबाई, 18वीं सदी के कवि और लेखक प्रेमानंद और भक्ति मत को लोकप्रिय बनाने वाले गीतकार दयाराम शामिल हैं। भारत में अन्य जगहों की तुलना में अहिंसा और शाकाहार की विशिष्टता वाले जैन धर्म ने गुजरात में गहरी जड़े जमाई। ज़रथुस्त्र के अनुयायी पारसी 17वीं सदी के बाद किसी समय फ़ारस से भागकर सबसे पहले गुजरात के तट पर ही बसे थे। इस समुदाय के अधिकांश लोग बाद में [[मुम्बई|बंबई]] (वर्तमान मुंबई) चले गए। [[श्रीकृष्ण]], [[दयानन्द सरस्वती]], [[मोहनदास गांधी]], [[सरदार पटेल]] तथा सुप्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी रणजी जैसे व्यक्तित्व ने प्रदेश के समाज को गौरवांवित किया। गुजरात की संस्कृति में मुख्यत: शीशे का काम तथा 'गरबा' एवं 'रास' नृत्य पूरे भारत में प्रसिद्ध है। प्रदेश का सर्वप्रमुख लोक नृत्य गरबा तथा डांडिया है। गरबा नृत्य में स्त्रियाँ सिर पर छिद्रयुक्त पात्र लेकर नृत्य करती हैं, जिस के भीतर दीप जलता है। डांडिया में अक्सर पुरुष भाग लेते हैं परंतु कभी-कभी स्त्री-पुरुष दोनों मिलकर करते हैं। प्रदेश के रहन-सहन और पहनावे पर राजस्थान का प्रभाव देखा जा सकता है। प्रदेश का भवई लोकनाट्य लोकप्रिय है। स्थापत्य शिल्प की दृष्टि से प्रदेश समृद्ध है। इस दृष्टि से रुद्र महालय, सिद्धपुर, मातृमूर्ति पावागढ़, शिल्पगौरव गलतेश्वर, द्वारिकानाथ का मंदिर, शत्रुंजय पालीताना के जैन मंदिर, सीदी सैयद मस्जिद की जालियाँ, पाटन की काष्ठकला इत्यादि महत्त्वपूर्ण हैं। हिन्दी में जो स्थान सूरदास का है गुजराती में वही स्थान नरसी मेहता का है। === त्योहार और मेले === भारत के पश्चिमी भाग में बसा समृद्धशाली राज्य गुजरात अपने त्योहारों और सांस्कृतिक उत्सवों के लिये विश्व प्रसिद्ध है।<br />भाद्रपद्र (अगस्त-सितंबर) मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी, पंचमी और षष्ठी के दिवस तरणेतर गांव में भगवान शिव की स्तुति में तरणेतर मेला लगता है।<br />भगवान कृष्ण द्वारा रुक्मणी से विवाह के उपलक्ष्य में चैत्र (मार्च-अप्रैल) के शुक्ल पक्ष की नवमी को पोरबंदर के पास माधवपुर में माधवराय मेला लगता है।<br />उत्तरी गुजरात के बांसकांठा ज़िले में हर वर्ष मां अंबा को समर्पित अंबा जी मेला आयोजित किया जाता हैं।<br />राज्य का सबसे बड़ा वार्षिक मेला द्वारका और डाकोर में भगवान कृष्ण के जन्मदिवस जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े हर्षोल्लास से आयोजित होता है। इसके अतिरिक्त गुजरात में मकरसंक्राति,नवरात्री, डांगी दरबार, शामला जी मेले तथा भावनाथ मेले का भी आयोजन किया जाता हैं। == कला == गुजरात की वास्तुकला शैली अपनी पूर्णता और अलंकारिकता के लिए विख्यात है, जो [[सोमनाथ मन्दिर|सोमनाथ]], [[द्वारका]], [[मोधेरा]], थान, घुमली, [[गिरनार]] जैसे मंदिरों और स्मारकों में संरक्षित है। मुस्लिम शासन के दौरान एक अलग ही तरीक़े की भारतीय-इस्लामी शैली विकसित हुई। गुजरात अपनी कला व शिल्प की वस्तुओं के लिए भी प्रसिद्ध है। इनमें जामनगर की बांधनी (बंधाई और रंगाई की तकनीक), पाटन का उत्कृष्ट रेशमी वस्त्र पटोला, इदर के खिलौने, पालनपुर का इत्र कोनोदर का हस्तशिल्प का काम और अहमदाबाद व सूरत के लघु मंदिरों का काष्ठशिल्प तथा पौराणिक मूर्तियाँ शामिल हैं। राज्य के सर्वाधिक स्थायी और प्रभावशाली सांस्कृतिक संस्थानों में महाजन के रूप में प्रसिद्ध व्यापार और कला शिल्प संघ है। अक्सर जाति विशेष में अंतर्गठित और स्वायत्त इन संघों ने अतीत कई विवादों को सुलझाया है और लोकहित के माध्यम की भूमिका निभाते हुए कला व संस्कृति को प्रोत्साहन दिया है। === काष्ठ शिल्पकला === गुजरात राज्य में की जाने वाली वास्तु शिल्पीय नक़्क़ाशी कम से कम 15वीं शताब्दी से गुजरात भारत में लकड़ी की नक़्क़ाशी का मुख्य केंद्र रहा है। निर्माण सामग्री के रूप में जिस समय पत्थर का इस्तेमाल अधिक सुविधाजनक और विश्वसनीय था, इस समय भी गुजरात के लोगों ने मंदिरों के मंडप तथा आवासीय भवनों के अग्रभागों, द्वारों, स्तंभों, झरोखों, दीवारगीरों और जालीदार खिड़कियों के निर्माण में निर्माण में बेझिझक लकड़ी का प्रयोग जारी रखा। मुग़ल काल (1556-1707) के दौरान गुजरात की लकड़ी नक़्क़ाशी में देशी एवं मुग़ल शैलियों का सुंदर संयोजन दिखाई देता है। 16वीं सदी के उत्तरार्द्ध एवं 17वीं सदी के जैन काष्ठ मंडपों पर जैन पौराणिक कथाएँ एवं समकालीन जीवन के दृश्य तथा काल्पनिक बेल-बूटे, पशु-पक्षी एवं ज्यामितीय आकृतियाँ उत्कीर्ण की गई हैं; आकृति मूर्तिकला अत्यंत जीवंत एवं लयात्मक है। लकड़ी पर गाढ़े लाल रौग़न का प्रयोग आम था। 19वीं सदी के कई भव्य काष्ठ पुरोभाग संरक्षित हैं, लेकिन उनका अलंकरण पहले की निर्मितियों जैसा ललित और गत्यात्मक नहीं है। गुजरात (/ ˌɡʊdʒərɑːt / Gujrāt [ɡudʒ (ə) ɾaːt̪] (इस ध्वनि के बारे में सुनो) पश्चिमी भारत में एक राज्य है, इसका क्षेत्र 1,6,024 किमी 2 (75,685 वर्ग मील) है जिसमें 1,600 किलोमीटर (9 9 0 9 मील), जिनमें से अधिकांश काठियावाड़ प्रायद्वीप पर स्थित है, और 60 मिलियन से अधिक की आबादी है राज्य को [[राजस्थान]] से उत्तर की ओर, दक्षिण में [[महाराष्ट्र]], पूर्व में [[मध्य प्रदेश]], और [[अरब सागर]] और पश्चिम में सिंध के [[पाकिस्तानी]] प्रांत में सीमाएं हैं। इसकी राजधानी गांधीनगर है, जबकि इसका सबसे बड़ा नगर अहमदाबाद है। गुजरात भारत के [[गुजराती भाषा|गुजराती]] भाषण वाले लोगों का घर है। राज्य में प्राचीन [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] सभ्यता की कुछ साइटें शामिल हैं, जैसे लोथल और ढोलवीरा लोथल को दुनिया के पहले बंदरगाहों में से एक माना जाता है। गुजरात के तटीय नगरो, मुख्यतः भरूच और खंभात, मोरिया और गुप्त साम्राज्यों में बंदरगाहों और व्यापार केंद्रों के रूप में कार्य करते थे, और पश्चिमी सतराप काल से शाही शक राजवंशों के उत्तराधिकार के दौरान। गुजरात प्राचीन यूनानियों के लिए जाना जाता था, और यूरोपीय मध्य युग के अंत के माध्यम से सभ्यता के अन्य पश्चिमी केंद्रों में परिचित था। गुजरात के 2,000 साल के समुद्री इतिहास का सबसे पुराना लिखित रिकार्ड एक ग्रीक किताब में प्रकाशित किया गया है जिसका नाम पेरिप्लस ऑफ द इरिथ्रेअन सी: ट्रैवल एंड ट्रेड इन हिंद ओन्सन ऑफ द मर्चेंट ऑफ द फर्स्ट सेंचुरी है। प्राचीन लोथल की ढक्कन आज की तरह है ढोलवीरा में प्राचीन जल भंडार गुजरात सिंधु घाटी सभ्यता के मुख्य केंद्रों में से एक था। इसमें [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी]] से प्राचीन महानगरीय नगरो जैसे [[लोथल]], [[धोलावीरा|धौलावीरा]] और गोला धोरो शामिल हैं। [[लोथल]] प्राचीन नगर था जहां भारत का पहला बंदरगाह स्थापित किया गया था। प्राचीन नगर ढोलवीरा, सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक है। सबसे हालिया खोज गोला धोरो थी। कुल मिलाकर, लगभग 50 सिंधु घाटी स्थितियों के खंडहर गुजरात में खोजे गये है। गुजरात के प्राचीन इतिहास को इसके निवासियों की वाणिज्यिक गतिविधियों से समृद्ध किया गया था। 1000 से 750 ईसा पूर्व के समय के दौरान [[फ़ारस|फारस]] की खाड़ी में [[मिस्र]], [[बहरीन]] और [[सुमेर]] के साथ व्यापार और वाणिज्य संबंधों का स्पष्ट ऐतिहासिक प्रमाण है। [[मौर्य राजवंश|मौर्या राजवंश]], पश्चिमी सतराप, [[सातवाहन|सातवाहन राजवंश]], [[गुप्त राजवंश|गुप्त साम्राज्य]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य वंश]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट साम्राज्य]], [[पाल साम्राज्य]] के साथ-साथ स्थानीय राजवंशों जैसे मैत्रकस और फिर हिंदू और [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] राज्यों का उत्तराधिकार था। गुजरात के शुरुआती इतिहास में [[चन्द्रगुप्त मौर्य|चंद्रगुप्त मौर्य]] की शाही भव्यता को दर्शाया गया है, जिसने पहले के कई राज्यों पर विजय प्राप्त की जो अब गुजरात है। पुष्यगुप्त, एक वैश्य, को मौर्य शासन द्वारा सौराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने गिरिंगर (आधुनिक दिवस जूनागढ़) (322 ईसा पूर्व से 2 9 4 ईसा पूर्व) पर शासन किया और [[सुदर्शन झील]] पर एक बांध बनाया। चंद्रगुप्त मौर्य के पोते [[अशोक|सम्राट अशोक]] ने केवल जूनागढ़ में चट्टान पर अपने पदों के उत्कीर्णन का आदेश नहीं दिया, बल्कि राज्यपाल टुशेरफा को झील से नहरों में कटौती करने के लिए कहा, जहां पहले मौर्य राज्यपाल ने बांध बांध दिया था। मौर्य शक्ति की कमी और [[उज्जैन]] के सम्प्रति मौर्यों के प्रभाव में सौराष्ट्र आने के बीच, डेमेट्रीयूस के नेतृत्व में गुजरात में एक इंडो-ग्रीक आक्रमण हुआ। 1 शताब्दी ईस्वी के पहले छमाही में, गुजरात गोंडफेयर के एक व्यापारी की कहानी है जो गुजरात में उत्तराधिकारी थॉमस के साथ उतरती है। शेर की हत्या कर रहे कप वाहक की घटना से संकेत हो सकता है कि बंदरगाह नगर का वर्णन गुजरात में है। 1 सदी ईस्वी की शुरुआत से लगभग 300 वर्षों तक, गुजरात शासकों ने गुजरात के इतिहास में एक प्रमुख भूमिका निभाई। जूनागढ़ में मौसम से पीटा हुआ चट्टान शाकाहारी रूद्राद्रमैन I (100 एडी) की सैकड़ों सैक्रापों की एक झलक देता है जिन्हें पश्चिमी सतराप, या क्षत्रप कहा जाता है। == जातियां == * *[[भील]] : भील भारत देश साथ साथ गुजरात की प्रमुख जनजातियों में से एक है। गुजरात के पूर्वा पट्टी के जिले में भील आदिवासी की संख्या अधिक मात्रा में है। गुजरात के बनासकांठा,साबरकांठा,अरवल्ली महिसागर,दाहोद,पंचमहाल,बड़ोदरा ग्रामीण,छोटाउदयपुर,नर्मदा,भरूच तापी,सूरत,नवसारी,डांग और वलसाड में भील की बस्ती है। * *[[कोली]] : कोली और भील जनजाति इतिहास के कई युद्ध में एक साथ देखी । *[[काठी दरबार]] : काठी दरबार गुजरात की प्रमुख जातियों में से एक है। *[[राजपूत]] :राजपूत जाति गुजरात में पाई जाने वाले जातियों में से एक है। *[[रबारी]] :रबारी समाज मूल मालधारी है ये भेस,बकरी, भेड़, उट, चराते है। रबारी समाज मूल राजस्थान है । == इन्हें भी देखें == {{प्रवेशद्वार}} * [[गुजरात के लोकसभा सदस्य]] * [[धोलावीरा]] * [[रन ऑफ कच्छ]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == {{विकियात्रा|गुजरात}} * [https://web.archive.org/web/20130313212855/http://www.gujaratindia.com/index-guj.htm गुजरात सरकार का जालस्थल] (गुजराती) * [https://web.archive.org/web/20130329015527/http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx गुजरात पर्यटन का आधिकारिक जालस्थल] * [https://web.archive.org/web/20101209011007/http://www.jagranyatra.com/2010/05/nal-sarovar-gujarat-entertainmen/ गुजरात का नल सरोवर है प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग] * [https://web.archive.org/web/20151122145636/http://interestingportal.com/these-citys-of-gujarat-famous-for-its-flavor-surat-ahemdabad-baroda-rajkot-ajab-gajab-news-in-hindi/ गुजरात के प्रमुख नगरो के व्यंजन] * [https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ गुजरात का प्रसिद्ध व्यंजन खमन ढोकला कैसे बनता हैं।] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230711192835/https://myawesomepost.com/khaman-dhokla-kaise-banate-hain/ |date=11 जुलाई 2023 }} {{Geographic location |Centre = गुजरात |North = [[राजस्थान]] |Northeast = [[राजस्थान]] |East = [[मध्य प्रदेश]] |Southeast = [[दमन और दीव]]<br>[[दादरा एवं नगर हवेली]]<br>[[महाराष्ट्र]] |South = ''[[अरब सागर]]''<br>[[महाराष्ट्र]] |Southwest = ''[[अरब सागर]]'' |West = ''[[अरब सागर]]'' |Northwest = [[सिंध]], {{flag|पाकिस्तान}} }} {{गुजरात|state=autocollapsed}} {{भारत के प्रान्त और संघ राज्यक्षेत्र}} {{Authority control}} [[श्रेणी:गुजरात| ]] [[श्रेणी:भारत के राज्य]] 440ag6cexgaenv098bkhn7rdwzubjl9 ईरान 0 2251 6540971 6531489 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| time_zone = [[ईरान मानक समय|IRST]] | utc_offset = +3:30 | cctld = [[.ir]] | calling_code = +98 | established_event4 = [[सासानी साम्राज्य]] | established_date4 = 224 ई. | established_event5 = ईरानी नवजागरण | established_date5 = 821 | established_event6 = [[सफ़वी साम्राज्य]] | established_date6 = 1501 | established_event7 = [[अफ़्शारी साम्राज्य]] | established_date7 = 1736 | established_event8 = [[फ़ारसी संवैधानिक क्रांति]] | established_date8 = 12 दिसंबर 1905 |coordinates={{coord|35|41|N|51|25|E|display=inline}}|established_event9=[[पहलवी ईरान]]|established_event10=[[ईरान की इस्लामी क्रांति|ईरानी क्रांति]]|established_event11=[[ईरान का संविधान|वर्तमान संविधान]]|established_event12=संविधान सुधार|established_date9=15 दिसंबर 1925|established_date10=11 फ़रवरी 1979|established_date11=3 दिसंबर 1979|established_date12=28 जुलाई 1989|population_estimate={{IncreaseNeutral}} 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[[हख़ामनी साम्राज्य]] की स्थापना की जो इतिहास के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक बना। चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में [[सिकंदर]] ने इस साम्राज्य को परास्त कर दिया। यूनानी राज के बाद इस पर [[पहलवी साम्राज्य|पहलवी]] तथा [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] साम्राज्यों का राज रहा। [[अरब लोग|अरब]] मुसलमानों ने सातवीं शताब्दी ईस्वी में इस क्षेत्र पर विजय प्राप्त की और इसका इस्लामीकरण किया। आगे चलके यह इस्लामी संस्कृति और शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन गया। इसकी कला, साहित्य, दर्शन और वास्तुकला [[इस्लामी स्वर्ण युग]] के दौरान [[इस्लामी दुनिया]] में और उससे आगे फैल गई। [[तुर्क लोग|तुर्क]] और [[मंगोल साम्राज्य|मंगोल]] शासन के बाद पंद्रहवीं शताब्दी में ईरान फिर से एकजुट हुआ। उन्नीसवीं सदी तक इसने अपनी काफ़ी ज़मीन खो दी थी। [[1953 का ईरानी तख्तापलट|1953 के तख्तापलट]] ने निरंकुश शासक [[मोहम्मद रज़ा पहलवी]] को और ताकतवर बना दिया जिसने [[इंक़िलाब-ए-सफ़ेद|दूरगामी सुधारों की एक श्रृंखला]] शुरू की। [[ईरान की इस्लामी क्रांति|इस्लामी क्रांति]] के बाद ईरान को 1979 में इस्लामी गणराज्य घोषित किया गया था। आज, ईरान एक [[इस्लामी गणराज्य]] तथा धर्मतंत्र है। ईरानी सरकार [[मानवाधिकार|मानवाधिकारों]] और नागरिक स्वतंत्रता के हनन के लिए, विशेष रूप से [[महिलाओं के अधिकार|महिलाओं]] के लिए, व्यापक आलोचनाओं को आकर्षित करती है। इसे [[सुन्नी इस्लाम|सुन्नी]] बहुल [[सउदी अरब]] और [[इज़राइल]] का विरोधी माना जाता है। इसकी सरकार अधिकांश [[मध्य पूर्व में आधुनिक संघर्षों की सूची|आधुनिक मध्य पूर्वी संघर्षों]] में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहती है। तेहरान, [[इस्फ़हान]], [[तबरेज़]], [[मशहद]] इत्यादि इसके कुछ प्रमुख शहर हैं। राजधानी तेहरान में देश की 15 प्रतिशत जनता वास करती है। ईरान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः [[तेल]] और [[प्राकृतिक गैस]] निर्यात पर निर्भर है। [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] यहाँ की मुख्य भाषा है। फ़ारसी लोगों के बाद अज़रबैजानी, [[कुर्द लोग|कुर्द]] और [[लुर लोग|लुर]] यहाँ की सबसे बड़े जातीय समूह हैं। नाबालिगों को मृत्युदंड देने के मामले में ईरान विश्व में प्रथम स्थान पर है।<ref name="n741">{{cite journal | last=Nations | first=United | title=Human Development Report 2011 | journal=Human Development Reports | date=1 January 2011 | url=https://hdr.undp.org/content/human-development-report-2011 | access-date=11 December 2025 | page=}}</ref> == नाम == ईरान का प्राचीन नाम फ़ारस था। इस नाम की उत्पत्ति के पीछे इसके साम्राज्य का इतिहास शामिल है। [[बाबिल]] के समय (4000-700 ईसा पूर्व) तक पार्स प्रान्त इन साम्राज्यों के अधीन था। जब 550 ईस्वी में कुरोश ने पार्स की सत्ता स्थापित की तो उसके बाद मिस्र से लेकर आधुनिक अफ़गानिस्तान तक और बुखारा से फ़ारस की खाड़ी तक ये साम्राज्य फैल गया। इस साम्राज्य के तहत [[मिस्र]]ी, [[अरब]], [[यूनानी]], [[आर्य]] ([[ईरान]]), [[यहूदी]] तथा अन्य कई नस्ल के लोग थे। अगर सबों ने नहीं तो कम से कम यूनानियों ने इन्हें, इनकी राजधानी पार्स के नाम पर, पारसी कहना आरम्भ किया। इसी के नाम पर इसे पारसी साम्राज्य कहा जाने लगा। यहाँ का समुदाय प्राचीन काल में हिन्दुओ की तरह सूर्य पूजक था। यहाँ हवन भी हुआ करते थे लेकिन सातवीं सदी में जब [[इस्लाम धर्म]] आया तो अरबों का प्रभुत्व ईरानी क्षेत्र पर हो गया। अरबों की वर्णमाला में (''प'') उच्चारण नहीं होता है। उन्होंने इसे ''पारस'' के बदले ''[[फ़ारस|फ़ारस]]'' कहना चालू किया और भाषा पारसी के बदले फ़ारसी बन गई। यह नाम [[फ़ारसी भाषा]] के बोलने वालों के लिए प्रयोग किया जाता था। ईरान (या एरान) शब्द [[आर्य]] मूल के लोगों के लिए प्रयुक्त शब्द ''एर्यनम'' से आया है, जिसका अर्थ है [[आर्य|आर्यों]] की भूमि। [[हख़ामनी साम्राज्य|हख़ामनी]] शासकों के समय भी ''आर्यम'' तथा ''एइरयम'' शब्दों का प्रयोग हुआ है। ईरानी स्रोतों में यह शब्द सबसे पहले अवेस्ता में मिलता है। अवेस्ता ईरान में आर्यों के आगमन (दूसरी सदी ईसापूर्व) के बाद लिखा गया ग्रंथ माना जाता है। इसमें आर्यों तथा अनार्यों के लिए कई छन्द लिखे हैं और इसकी पंक्तियाँ [[ऋग्वेद]] से मेल खाती है। लगभग इसी समय [[भारत]] में भी आर्यों का आगमन हुआ था। पहलवी शासकों ने ''एरान'' तथा ''आर्यन'' दोनों शब्दों का प्रयोग किया है। बाहरी दुनिया के लिए 1935 तक नाम फ़ारस था। सन् 1935 में [[रज़ाशाह पहलवी]] के नवीनीकरण कार्यक्रमों के तहत देश का नाम बदलकर फ़ारस से ईरान कर दिया गया थ। == [[भौगोलिक]] स्थिति और विभाग == ईरान को पारम्परिक रूप से मध्यपूर्व का अंग माना जाता है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से यह मध्यपूर्व के अन्य देशों से जुड़ा रहा है। यह [[अरब सागर]] के उत्तर तथा [[कैस्पियन सागर]] के बीच स्थित है और इसका क्षेत्रफल 16,48,000 वर्ग किलोमीटर है जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग आधा है। इसकी कुल स्थलसीमा 5440 किलोमीटर है और यह [[इराक़|इराक]](1458 कि॰मी॰), [[आर्मीनिया|अर्मेनिया]](35), [[तुर्की]](499), [[अज़रबाइजान|अज़रबैजान]](432), [[अफ़ग़ानिस्तान|अफग़ानिस्तान]](936) तथा [[पाकिस्तान]] (906 कि॰मी॰) के बीच स्थित है। कैस्पियन सागर के इसकी सीमा सगभग 740 किलोमीटर लम्बी है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह विश्व में 18वें नम्बर पर आता है। यहाँ का भूतल मुख्यतः पठारी, पहाड़ी और मरुस्थलीय है। वार्षिक वर्षा 25 सेमी होती है। समुद्र तल से तुलना करने पर ईरान का सबसे निचला स्थान उत्तर में कैस्पियन सागर का तट आता है जो 28 मीटर की उचाई पर स्थित है जबकि [[कूह-ए-दमवन्द]] जो कैस्पियन तट से सिर्फ 70 किलोमीटर दक्षिण में है, सबसे ऊँचा शिखर है। इसकी समुद्रतल से ऊँचाई 5,610 मीटर है। {{ईरान का प्रांतीय मानचित्र}} ईरान तीस प्रान्तों में बँटा है। इनमें से मुख्य क्षेत्रों का विवरण इस प्रकार है - * [[आर्दबील|अर्दाबिल]] * [[अज़रबाजान]] * [[ख़ोरासान|खोरासान]] * [[गोलेस्तान]] * [[फ़ार्स|फार्स]] * [[हमादान]] * [[इस्फ़हान]]*[[करमान]] * [[ख़ूज़स्तान|क़ुज़ेस्तान]] * [[तेहरान]] * [[क़ुर्दिस्तान]] * [[माज़न्दरान]] * [[क़ोम प्रांत|क़ोम]] * [[यज़्द]] * [[सिस्तान और बलूचिस्तान|सिस्तान और बलुचिस्तान]] == इतिहास == {{main|ईरान का इतिहास}} माना जाता है कि ईरान में पहले पुरापाषाणयुग कालीन लोग रहते थे। यहाँ पर मानव निवास एक लाख साल पुराना हो सकता है। लगभग 5000 ईसापूर्व से खेती आरंभ हो गई थी। [[मेसोपोटामिया]] की सभ्यता के स्थल के पूर्व में मानव बस्तियों के होने के प्रमाण मिले हैं। ईरानी लोग ([[आर्य]]) लगभग 2000 ईसापूर्व के आसपास उत्तर तथा पूरब की दिशा से आए। इन्होंने यहाँ के लोगों के साथ एक मिश्रित संस्कृति की आधारशिला रखी जिससे ईरान को उसकी पहचान मिली। आधिनुक ईरान इसी संस्कृति पर विकसित हुआ। ये यायावर लोग ईरानी भाषा बोलते थे और धीरे धीरे इन्होंने कृषि करना आरंभ किया। आर्यों का कई शाखाए ईरान (तथा अन्य देशों तथा क्षेत्रों) में आई। इनमें से कुछ [[मिदि]], कुछ पार्थियन, कुछ फारसी, कुछ सोगदी तो कुछ अन्य नामों से जाने गए। मीदी तथा फारसियों का ज़िक्र [[अश्शूर|असीरियाई]] स्रोतों में 836 ईसापूर्व के आसपास मिलता है। लगभग यही समय [[ज़रथुश्त्र]] (''ज़रदोश्त'' या ''ज़ोरोएस्टर'' के नाम से भी प्रसिद्ध) का काल माना जाता है। हालाँकि कई लोगों तथा ईरानी लोककथाओं के अनुसार ज़रदोश्त बस एक मिथक था कोई वास्तविक आदमी नहीं। पर चाहे जो हो उसी समय के आसपास उसके धर्म का प्रचार उस पूरे प्रदेश में हुआ। असीरिया के शाह ने लगभग 720 ईसापूर्व के आसपास [[इज़राइल|इज़रायल]] पर अधिपत्य जमा लिया। इसी समय कई यहूदियों को वहाँ से हटा कर मीदि प्रदेशों में लाकर बसाया गया। 530 ईसापूर्व के आसपास [[बाबिल|बेबीलोन]] फ़ारसी नियंत्रण में आ गया। उसी समय कई [[यहूदी]] वापस इसरायल लौट गए। इस दोरान जो यहूदी मीदी में रहे उनपर जरदोश्त के धर्म का बहुत असर पड़ा और इसके बाद यहूदी धर्म में काफ़ी परिवर्तन आया। === [[हख़ामनी साम्राज्य|हखामनी]] साम्राज्य === इस समय तक फारस मीदि साम्राज्य का अंग और सहायक रहा था। लेकिन ईसापूर्व 549 के आसपास एक फारसी राजकुमार सायरस (आधुनिक फ़ारसी में कुरोश) ने मीदी के राजा के खिलाफ़ विद्रोह कर दिया। उसने मीदी राजा एस्टिएज़ को पदच्युत कर राजधानी एक्बताना (आधुनिक [[हमादान]]) पर नियन्त्रण कर लिया। उसने फारस में [[हख़ामनी साम्राज्य|हखामनी वंश]] की नींव रखी और मीदिया और फ़ारस के रिश्तों को पलट दिया। अब फ़ारस सत्ता का केन्द्र और मीदिया उसका सहायक बन गया। पर कुरोश यहाँ नहीं रुका। उसने [[लीडिया]], [[आनातोलिया|एशिया माइनर]] (तुर्की) के प्रदेशों पर भी अधिकार कर लिया। उसका साम्राज्य तुर्की के पश्चिमी तट (जहाँ पर उसके दुश्मन [[यूनान|ग्रीक]] थे) से लेकर [[अफ़ग़ानिस्तान|अफ़गानिस्तान]] तक फैल गया था। उसके पुत्र कम्बोजिया (केम्बैसेस) ने साम्राज्य को [[मिस्र]] तक फैला दिया। इसके बाद कई विद्रोह हुए और फिर दारा प्रथम ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। उसने धार्मिक सहिष्णुता का मार्ग अपनाया और यहूदियों को जेरुशलम लौटने और अपना मन्दिर फ़िर से बनाने की इजाज़त दी। यूनानी इतिहासकार [[हिरोडोटस|हेरोडोटस]] के अनुसार दारा ने युवाओं का समर्थन प्राप्त करने की पूरी कोशिश की। उसने सायरस या केम्बैसेस की तरह कोई खास सैनिक सफलता तो अर्जित नहीं की पर उसने 512 इसापूर्व के आसपास य़ूरोप में अपना सैन्य अभियान चलाया था। डेरियस के काल में कई सुधार हुए, जैसे उसने शाही सिक्का चलाया और शाहंशाह (राजाओं के राजा) की उपाधि धारण की। उसने अपनी प्रजा पर पारसी संस्कृति थोपने का प्रयास नहीं किया जो उसकी सहिष्णुता को दिखाता है। अपने विशालकाय साम्राज्य की महिमा के लिए दारुश ने पर्सेलोलिस (तख़्त-ए-जमशेद) का भी निर्माण करवाया। उसके बाद पुत्र खशायर्श (क्ज़ेरेक्सेस) शासक बना जिसे उसके ग्रीक अभियानों के लिए जाना जाता है। उसने [[एथेंस|एथेन्स]] तथा [[स्पार्टा]] के राजा को हराया पर बाद में उसे सलामिस के पास हार का मुँह देखना पड़ा, जिसके बाद उसकी सेना बिखर गई। क्ज़ेरेक्सेस के पुत्र अर्तेक्ज़ेरेक्सेस ने 465 ईसा पूर्व में गद्दी सम्हाली। उसके बाद के प्रमुश शासकों में अर्तेक्ज़ेरेक्सेस द्वितीय, अर्तेक्ज़ेरेक्सेस तृतीय और उसके बाद दारा तृतीय का नाम आता है। दारा तृतीय के समय तक (336 ईसा पूर्व) फ़ारसी सेना काफ़ी संगठित हो गी थी। === सिकन्दर === इसी समय [[उत्तर मैसिडोनिया|मेसीडोनिया]] में [[सिकंदर|सिकन्दर]] का प्रभाव बढ़ रहा था। 334 ईसापूर्व में सिकन्दर ने [[आनातोलिया|एशिया माईनर]] (तुर्की के तटीय प्रदेश) पर धावा बोल दिया। दारा को भूमध्य सागर के तट पर [[इसुस]] में हार का मुँह देखना पड़ा। इसके बाद सिकन्दर ने तीन बार दारा को हराया। सिकन्दर इसापूर्व 330 में पर्सेपोलिस (तख़्त-ए-जमशेद) आया और उसके फतह के बाद उसने शहर को जला देने का आदेश दिया। सिकन्दर ने 326 इस्वी में भारत पर आक्रमण किया और फिर वो वापस लौट गया। 323 इसापूर्व के आसपास, बेबीलोन में उसकी मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के बाद उसके जीते फारसी साम्राज्य को इसके सेनापतियों ने आपस में विभाजित कर लिया। सिकन्दर के सबसे काबिल सेनापतियों में से एक [[सेल्युकस]] का नियन्त्रण मेसोपोटामिया तथा इरानी पठारी क्षेत्रों पर था। लेकिन इसी समय से उत्तर पूर्व में पार्थियों का विद्रोह आरम्भ हो गया था। पार्थियनों ने हखामनी शासकों की भी नाक में दम कर रखा था। मित्राडेट्स ने ईसापूर्व 123 से ईसापूर्व 87 तक अपेक्षाकृत स्थायित्व से शासन किया। अगले कुछ सालों तक शासन की बागडोर तो पार्थियनों के हाथ ही रही पर उनका नेतृत्व और समस्त ईरानी क्षेत्रों पर उनकी पकड़ ढीली ही रही। === सासानी === पर दूसरी सदी के बाद से [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] लोग, जो प्राचीन हख़ामनी वंश से अपने को जोड़ते थे और उन्हीं प्रदेश (आज का फ़ार्स प्रंत) से आए थे, की शक्ति में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई। उन्होंने रोमन साम्राज्य को चुनौती दी और कई सालों तक उनपर आक्रमण करते रहे। सन् 241 में शापुर ने रोमनों को मिसिको के युद्ध में हराया। 244 इस्वी तक [[आर्मीनिया|आर्मेनिया]] फारसी नियन्त्रण में आ गया। इसके अलावा भी पार्थियनों ने रोमनों को कई जगहों पर परेशान किया। सन् 273 में शापुर की मृत्यु हो गई। सन् 283 में रोमनों ने फारसी क्षेत्रों पर फिर से आक्रमण कर दिया। इसके फलस्वरूप आर्मेनिया के दो भाग हो गए - रोमन नियंत्रण वाले और फारसी नियंत्रण वाले। शापुर के पुत्रों को और भी समझौते करने पड़े और कुछ और क्षेत्र रोमनों के नियंत्रण में चले गए। सन् 310 में शापुर द्वितीय गद्दी पर युवावस्था में बैठा। उसने 379 इस्वी तक शासन किया। उसका शासन अपेक्षाकृत शान्त रहा। उसने धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाई। उसके उत्तराधिकारियों ने वही शान्ति पूर्ण विदेश नीति अपनाई पर उनमें सैन्य सबलता की कमी रही। आर्दशिर द्वितीय, शापुर तृतीय तथा बहराम चतुर्थ सभी संदेहजनक परिस्थितियों में मारे गए। उनके वारिस यज़्देगर्द ने रोमनों के साथ शान्ति बनाए रखा। उसके शासनकाल में रोमनों के साथ सम्बंध इतने शांतिपूर्ण हो गए कि पूर्वी रोमन साम्राज्य के शासक अर्केडियस ने यज़्देगर्द को अपने बेटे का अभिभावक बना दिया। उसके बाद बहरम पंचम शासक बना जो जंगली जानवरों के शिकार का शौकिन था। वो 438 इस्वी के आसपास एक जंगली खेल देखते वक्त लापता हो गया, जिसके बाद उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद की अराजकता में कावद प्रथम 488 इस्वी में शासक बना। इसके बाद खुसरो (531-579), होरमुज़्द चतुर्थ (579-589), खुसरो द्वितीय (490 - 627) तथा यज्देगर्द तृतीय का शासन आया। जब यज़्देगर्द ने सत्ता सम्हाली, तब वो केवल 8 साल का था। इसी समय [[अरब]], [[मुहम्मद|मुहम्मद]] के नेतृत्व में काफी शक्तिशाली हो गए थे। सन् 634 में उन्होंने ग़ज़ा के निकट बेजेन्टाइनों को एक निर्णायक युद्ध में हरा दिया। फारसी साम्राज्य पर भी उन्होंने आक्रमण किए थे पर वे उतने सफल नहीं रहे थे। सन् 641 में उन्होने हमादान के निकट यज़्देगर्द को हरा दिया जिसके बाद वो पूरब की तरफ सहायता याचना के लिए भागा पर उसकी मृत्यु मर्व में सन् 651 में उसके ही लोगों द्वारा हुई। इसके बाद अरबों का प्रभुत्व बढ़ता गया। उन्होंने 654 में खोरासान पर अधिकार कर लिया और 707 इस्वी तक [[बाल्ख़]]। === शिया इस्लाम === [[चित्र:Iran circa 1000AD.png|thumbnail|left|360px|लगभग 1000 इस्वी का ईरान : मध्यकाल में ईरान में कोई एक केन्द्रीय सत्ता नहीं रह गई थी]] मुहम्मद साहब की मृत्यु के उपरान्त उनके वारिस को ख़लीफा कहा जाता था, जो इस्लाम का प्रमुख माने जाते थे। चौथे खलीफा (सुन्नी समुदाय के अनुसार) हज़रत अली (शिया समुदाय इन्हें पहला इमाम मानता है), मुहम्मद साहब के फरीक थे और उनकी पुत्री फ़ातिमा के पति। पर उनके खिलाफत को चुनौती दी गई और विद्रोह भी हुए। सन् 661 में अली की हत्या कर उन्हें शहीद कर दिया गया। इसके बाद उम्मयदों का प्रभुत्व इस्लाम पर हो गया। सन् 680 में करबला में हजरत अली के दूसरे पुत्र इमाम हुसैन ने उम्मयदों के अधर्म की नीति का समर्थन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बयत नहीं की। जिसे तत्कालीन शासक ने बगावत का नाम देते हुए उनको एक युद्ध में कत्ल कर शहीद कर दिया। इसी दिन की याद में शिया मुसलमान गम में मुहर्रम मनाते हैं। इस समय तक इस्लाम दो खेमे में बट गया था - उम्मयदों का खेमा और अली के खेमा। 740 में उम्मयदों को तुर्कों से मुँह की खानी पड़ी। उसी साल एक फारसी परिवर्तित - अबू मुस्लिम - ने मुहम्मद साहब के वंश के नाम पर उम्मयदों के खिलाफ एक बड़ा जनमानस तैयार किया। उन्होंने सन् 749-50 के बीच उम्मयदों को हरा दिया और एक नया खलीफ़ा घोषित किया - अबुल अब्बास। अबुल अब्बास अली और हुसैन का वंशज तो नहीं पर मुहम्मद साहब के एक और फरीक का वंशज थे। उनसे अबु मुस्लिम की बढ़ती लोकप्रियता देखी नहीं गई और उसको 755 इस्वी में फाँसी पर लटका दिए। इस घटना को शिया संप्रदाय में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है क्योंकि एक बार फिर हजरत अली रजियल्लाहु अन्हु के समर्थकों को हाशिये पर ला खड़ा किया गया था। अबुल अब्बास के वंशजों ने कई सदियों तक राज किया। उनका वंश अब्बासी (अब्बासिद) वंश कहलाया और उन्होंने अपनी राजदानी बगदाद में स्थापित की। तेरहवी सदी में मंगोलों के आक्रमण के बाद बगदाद का पतन हो गया और ईरान में फिर से कुछ सालों के लिए राजनैतिक अराजकता छाई रही। === सूफीवाद === अब्बासिद काल में ईरान की प्रमुख घटनाओं में से एक थी सूफी आन्दोलन का विकास। सूफी वे लोग थे जो धार्मिक कट्टरता के खिलाफ थे और सरल जीवन पसन्द करते थे। इस आन्दोलन ने फ़ारसी भाषा में नामचीन कवियों को जन्म दिया। [[रुदाकी]], [[हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी|फिरदौसी]], [[उमर खय्याम]], [[नासिर-ए-खुसरो]], [[जलालुद्दीन रूमी|रुमी]], [[इराकी]], [[शेख़ सादी|सादी]], [[हफीज]] आदि उस काल के प्रसिद्ध कवि हुए। इस काल की फारसी कविता को कई जगहों पर विश्व की सबसे बेहतरीन काव्य कहा गया है। इनमें से कई कवि सूफी विचारदारा से ओतप्रोत थे और अब्बासी शासन के अलावा कईयों को [[मंगोल|मंगोलों]] का जुल्म भी सहना पड़ा था। पन्द्रहवीं सदी में जब मंगोलों की शक्ति क्षीण होने लगी तब ईरान के उत्तर पश्चिम में तुर्क घुड़सवारों से लैश एक सेना का उदय हुआ। इसके मूल के बारे में मतभेद है पर उन्होंने [[सफावी वंश]] की स्थापना की। वे सूफी बन गए और आने वाली कई सदियों तक उन्होंने इरानी भूभाग और फ़ारस के प्रभुत्व वाले इलाकों पर राज किया। इस समय सूफी इस्लाम बहुत फला फूला। 1720 के अफगान और पूर्वी विद्रोहों के बाद धीरे-धीरे साफावियों का पतन हो गया। 1729 में [[नादिर शाह|नादिर कोली]] ने अफ़गानों के प्रभुत्व को कम किया और शाह बन बैठा। वह एक बहुत बड़ा विजेता था और उसने भारत पर भी सन् 1739 में आक्रमण किया और भारी मात्रा में धन सम्पदा लूटकर वापस आ गया। भारत से हासिल की गई चीजों में [[कोहिनूर हीरा|कोहिनूर]] हीरा भी शामिल था। पर उसके बाद क़जार वंश का शासन आया जिसके काल में यूरोपीय प्रभुत्व बढ़ गया। उत्तर से रूस, पश्चिम से फ़्रांस तथा पूरब से ब्रिटेन की निगाहें फारस पर पड़ गईं। सन् 1905-1911 में यूरोपीय प्रभाव बढ़ जाने और शाह की निष्क्रियता के खिलाफ एक जनान्दोलन हुआ। ईरान के तेल क्षेत्रों को लेकर तनाव बना रहा। प्रथम विश्वयुद्ध में तुर्की के पराजित होने के बाद ईरान को भी उसका फल भुगतना पड़ा। 1930 और 40 के दशक में रज़ा शाह पहलवी ने सुधारों की पहल की। 1979 में इस्लामिक क्रान्ति हुई और ईरान एक इस्लामिक गणतन्त्र घोषित कर दिया गया। इसके बाद अयातोल्ला ख़ुमैनी, जिन्हें शाह ने देश निकाला दे दिया था, ईरान के प्रथम राष्ट्रपति बने। इराक़ के साथ युद्ध होने से देश की स्थिति खराब हो गई। === आधुनिकीकरण === रजा शाह पहलवी ने 1930 के दशक में इरान का आधुनिकीकरण प्रारम्भ किया। पर वो अपने प्रेरणस्रोत तुर्की के कमाल पाशा की तरह सफल नहीं रह सका। उसने शिक्षा के लिए अभूतपूर्व बन्दोबस्त किए तथा सेना को सुगठित किया। उसने ईरान की सम्प्रभुता को बरकरार रखते हुए ब्रिटेन और रूस के सन्तुलित प्रभावों को बनाए रखने की कोशिश की पर द्वितीय विश्वयुद्ध के ठीक पहले [[जर्मनी]] के साथ उसके बढ़ते ताल्लुकात से ब्रिटेन और रूस को गम्भीर चिन्ता हुई। दोनों देशों ने रज़ा पहलवी पर दबाब बनाया और बाद में उसे उपने बेटे मोहम्मद रज़ा के पक्ष में गद्दी छोड़नी पड़ी। मोहम्मद रज़ा के प्रधानमन्त्री मोहम्मद मोसद्देक़ को भी इस्तीफ़ा देना पड़ा। === ईरानी इस्लामिक क्रान्ति === बीसवीं सदी के ईरान की सबसे महत्वपूर्ण घटना थी [[ईरान की इस्लामी क्रांति|ईरान की इस्लामिक क्रान्ति]]। शहरों में तेल के पैसों की समृद्धि और गाँवों में गरीबी; सत्तर के दशक का सूखा और शाह द्वारा यूरोपीय तथा बाकी देशों के प्रतिनिधियों को दिए गए भोज जिसमें अकूत पैसा खर्च किया गया था ने ईरान की गरीब जनता को शाह के खिलाफ़ भड़काया। इस्लाम में निहित समानता को अपना नारा बनाकर लोगों ने शाह के शासन का विरोध करना आरम्भ किया। आधुनिकीकरण के पक्षधर शाह को गरीब लोग पश्चिमी देशों का पिट्ठू के रूप में देखने लगे। 1979 में अभूतपूर्व प्रदर्शन हुए जिसमें हिसंक प्रदर्शनों की संख्या बढ़ती गई। अमेरिकी दूतावास को घेर लिया गया और इसके कर्मचारियों को बन्धक बना लिया गया। शाह के समर्थकों तथा संस्थानों में हिसक झड़पें हुईं और इसके फलस्वरूप 1989 में फलस्वरूप पहलवी वंश का पतन हो गया और ईरान एक इस्लामिक गणराज्य बना जिसका शीर्ष नेता एक धार्मिक मौलाना होता था। अयातोल्ला खोमैनी को शीर्ष नेता का पद मिला और ईरान ने इस्लामिक में अपनी स्थिति मजबूत की। उनका देहान्त 1989 में हुआ। इसके बाद से ईरान में विदेशी प्रभुत्व लगभग समाप्त हो गया। == जनवृत्त == ईरान में भिन्न-भिन्न जाति के लोग रहते हैं। यहाँ 70 प्रतिशत जनता भारोपीय जाति की है और हिन्द-ईरानी भाषाएँ बोलती है। जातिगत आँकड़ो को देखें तो 54 प्रतिशत फारसी, 24 प्रतिशत अज़री, मज़न्दरानी और गरकी 8 प्रतिशत, कुर्द 7 प्रतिशत, अरबी 3 प्रतिशत, बलोची, लूरी और तुर्कमेन 2, प्रतिशत (प्रत्येक) तथा कई अन्य जातिय़ाँ शामिल हैं। सात करोड़ की जनसंख्या वाला ईरान विश्व में शरणागतों के सबसे बड़े देशों में से एक है, जहाँ इराक़ तथा अफ़गानिस्तान से कई शरणार्थियों ने अपने देशों में चल रहे युद्धों के कारण शरण ले रखी है। === पन्थ === ईरान का प्राचीन नाम पार्स (फ़ारस) था और पार्स के रहने वाले लोग पारसी कहलाए, जो [[ज़रथुस्त्र]] के अनुयायी थे और सूर्य व अग्नि पूजक थे। सातवीं शताब्दी में [[अरब|अरबों]] ने पार्स पर विजय पाई और वहाँ जबरन [[इस्लाम]] का प्रसार हुआ। वहां की जनता को जबर से इस्लाम में मिलाया जा रहा था इसलिए जो पारसी इस्लाम अपना गए वो आगे चलकर पारसी कहलाये व उत्पीड़न से बचने के लिए बहुत से पारसी [[भारत]] आ गए। वे अपना मूल धर्म (सूर्य पूजन) नहीं छोड़ना चाहते थे| आज भी दक्षिण एशियाई देश भारत में पारसी मन्दिर देखने को मिलते हैं | इस्लाम में ईरान का एक विशेष स्थान है। सातवीं सदी से पहले यहाँ जरथुस्ट्र धर्म के अलावा कई और धर्मों तथा मतों के अनुयायी थे। अरबों द्वारा ईरान विजय (फ़ारस) के बाद यहाँ शिया इस्लाम का उदय हुआ। आज ईरान के अलावा भारत, दक्षिणी इराक, अफ़गानिस्तान, अजरबैजान तथा पाकिस्तान में भी शिया मुस्लिमों की आबादी निवास करती है। लगभग सम्पूर्ण [[अरब]], [[मिस्र]], [[तुर्की]], उत्तरी तथा पश्चिमी इराक, लेबनॉन को छोड़कर लगभग सम्पूर्ण मध्यपूर्व, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताज़िकिस्तान तुर्केमेनिस्तान तथा भारतोत्तर पूर्वी एशिया के मुसलमान मुख्यतः सुन्नी हैं। == अर्थव्यवस्था == ईरान की अर्थव्यवस्था तेल और प्राकृतिक गैस से संबंधित उद्योगों तथा कृषि पर आधारित है। सन् 2006 में ईरान के बज़ट का 45 प्रतिशत तेल तथा प्राकृतिक गैस से मिले रकम से आया और 31 प्रतिशत करों और चुंगियों से। ईरान के पास क़रीब 70 अरब [[अमेरिकी डॉलर]] रिज़र्व में है और इसकी सालाना [[सकल घरेलू उत्पाद]] 206 अरब अमेरिकी डॉलर थी। इसकी वार्षिक विकास दर 6 प्रतिशत है। [[संयुक्त राष्ट्र]] के मुताबिक़ ईरान एक अर्ध-विकसित अर्थव्यवस्था है। सेवाक्षेत्र का योगदान सकल घरेलू उत्पाद में सबसे ज्यादा है। देश के रोज़गार में 1.8 प्रतिशत रोजगार पर्यटन के क्षेत्र में है। वर्ष 2004 में ईरान में 16,59,000 पर्यटक आए थे। ईरान का पर्यटन से होने वाली आय वाले देशों की सूची में 89वाँ स्थान है पर इसका नाम सबसे ज्यादा पर्यटकों की दृष्टि से 10वें स्थान पर आता है। प्राकृतिक गैसों के रिज़र्व (भंडार) की दृष्टि से ईरान विश्व का सबसे बड़ा देश है। तेल उत्पादक देशों के संगठन [[ओपेक]] का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है।ईरान (Listeni/ɪˈrɑːn /, भी/ɪˈræn /; [ 10] [11] फ़ारसी: ایران Irān [ʔiːˈɾɒːn] (के बारे में यह ध्वनि सुनो)), भी रूप में फारस [12] (ˈpɜːrʒə /), [13] ईरान के इस्लामी गणराज्य की आधिकारिक तौर पर जाना जाता (फारसी: جمهوری اسلامی ایران Jomhuri-तु Eslāmi-तु Irān (के बारे में यह ध्वनि सुनो)), [14] पश्चिमी एशिया में एक संप्रभु राज्य है। [15] [16] यह पश्चिमोत्तर आर्मेनिया, Artsakh के वास्तविक स्वतंत्र गणराज्य, अज़रबैजान और exclave Nakhchivan के द्वारा bordered है; कैस्पियन सागर से उत्तर करने के लिए; तुर्कमेनिस्तान ने पूर्वोत्तर के लिए; करने के लिए पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान द्वारा; फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से दक्षिण करने के लिए; और तुर्की और इराक द्वारा पश्चिम। (मार्च 2017) के रूप में पर 79.92 लाख निवासियों के साथ, ईरान दुनिया के 18-सबसे-अधिक आबादी वाला देश है। [17] 1,648,195 km2 (636,372 वर्ग मील), का एक भूमि क्षेत्र शामिल हैं यह दूसरा सबसे बड़ा देश मध्य पूर्व में और 18 वीं दुनिया में सबसे बड़ा है। यह दोनों एक कैस्पियन सागर और हिंद महासागर तट से केवल देश है। मध्य देश की महान geostrategic महत्त्व के यूरेशिया और पश्चिमी एशिया, और होर्मुज के लिए अपनी निकटता में स्थान बनाते। [18] तेहरान देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है, साथ ही इसके प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र है। ईरान है दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं, [19] [20] 4 सहस्राब्दी ई. पू. में Elamite राज्यों के गठन के साथ शुरुआत के एक घर। यह पहले ईरानी मीदि साम्राज्य द्वारा 7 वीं सदी ईसा पूर्व में, [21] एकीकृत और हख़ामनी साम्राज्य महान सिंधु घाटी करने के लिए, दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य बनने पूर्वी यूरोप से खींच 6 वीं सदी ई. पू., में अभी तक देखा था साइरस द्वारा की स्थापना के दौरान इसकी सबसे बड़ी सीमा तक पहुँच गया था। [22] ईरानी दायरे के लिए अलेक्जेंडर महान 4 शताब्दी ईसा पूर्व में गिर गया, लेकिन अंतिम ससानी साम्राज्य, जो अगले चार सदियों के लिए एक अग्रणी विश्व शक्ति बन गया के बाद साम्राज्य के रूप में कुछ ही समय बाद reemerged. [23] [24] अरब मुसलमानों साम्राज्य 7 शताब्दी ईसा में, मोटे तौर पर स्वदेशी धर्मों के पारसी धर्म और इस्लाम के साथ मानी थापन पर विजय प्राप्त की। कला और विज्ञान में कई प्रभावशाली आंकड़े उत्पादन ईरान इस्लामी स्वर्ण युग और उसके बाद, करने के लिए प्रमुख योगदान दिया। दो शताब्दियों के बाद, विभिन्न देशी मुस्लिम राजवंशों की अवधि, जो बाद में तुर्कों और मंगोलों द्वारा विजय प्राप्त थे शुरू कर दिया। 15 वीं सदी में Safavids के उदय का एक एकीकृत ईरानी राज्य और जो शिया इस्लाम, ईरानी और मुस्लिम इतिहास में एक मोड़ चिह्नित करने के लिए देश के रूपांतरण के बाद राष्ट्रीय पहचान, [4] के reestablishment करने के लिए नेतृत्व किया। [5] [25] द्वारा 18 वीं सदी, नादिर शाह, के तहत ईरान संक्षेप में क्या यकीनन उस समय सबसे शक्तिशाली साम्राज्य था पास। [26] 19 वीं सदी में रूसी साम्राज्य के साथ विरोध करता महत्वपूर्ण क्षेत्रीय नुकसान के लिए नेतृत्व किया। [27] [28] लोकप्रिय अशांति में संवैधानिक क्रांति 1906, जो एक संवैधानिक राजशाही और देश का पहला विधानमंडल की स्थापना का समापन हुआ। यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में 1953, ईरान द्वारा धीरे-धीरे उकसाया एक तख्तापलट के बाद पश्चिमी देशों के साथ बारीकी से गठबंधन बन गया, और तेजी से निरंकुश हो गया। [29] विदेशी प्रभाव और राजनीतिक दमन एक धर्म द्वारा 1979 क्रांति, जो संसदीय लोकतंत्र के तत्त्व भी शामिल है जो एक राजनीतिक प्रणाली संचालित और निगरानी की एक इस्लामी गणराज्य, [30] की स्थापना के बाद के नेतृत्व के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा एक निरंकुश 'सर्वोच्च नेता' नियंत्रित होता. ईरान संयुक्त राष्ट्र, पर्यावरण, NAM, ओ, और ओपेक के एक संस्थापक सदस्य है। यह एक प्रमुख क्षेत्रीय और मध्य शक्ति, है और जीवाश्म ईंधन, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और चौथा सबसे बड़ा तेल सिद्ध शामिल हैं-के अपने बड़े भंडार सुरक्षित रखता है अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और विश्व अर्थव्यवस्था में काफी प्रभाव डालती। देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भाग में अपने 21 यूनेस्को विश्व धरोहर, दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी संख्या एशिया में और 11 वीं सबसे बड़ी द्वारा परिलक्षित होता है। [37] ईरान कई जातीय और भाषायी समूहों, सबसे बड़ा होने के नाते फारसियों (61 प्रतिशत), जिसमें एक बहुसांस्कृतिक देश है Azeris (16 %), कुर्द (10 %), और Lurs (6 %). [ 36] सामग्री [छुपाने के] 1 नाम 2 इतिहास 2.1 प्रागितिहास 2.2 शास्त्रीय पुरातनता 2.3 मध्ययुगीन काल 2.4 प्रारंभिक आधुनिक काल 1940 के दशक के लिए 1800 से 2.5 2.6 समकालीन युग 3 भूगोल 3.1 जलवायु 3.2 जीव 3.3 क्षेत्र, प्रांत और शहर 4 सरकार और राजनीति 4.1 नेता 4.2 राष्ट्रपति 4.3 इस्लामी परामर्शक सभा (संसद) 4.4 कानून 4.5 विदेश संबंध 4.6 सेना 5 अर्थव्यवस्था 5.1 पर्यटन 5.2 ऊर्जा 6 शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी 7 जनसांख्यिकी 7.1 भाषाएँ 7.2 जातीय समूह 7.3 धर्म 8 संस्कृति 8.1 कला 8.2 वास्तुकला 8.3 साहित्य 8.4 दर्शन 8.5 पौराणिक कथाओं 8.6 पालन 8.7 संगीत 8.8 थियेटर 8.9 सिनेमा और एनिमेशन 8.10 मीडिया 8.11 खेल 8.12 भोजन 9 यह भी देखें 10 नोट्स 11 संदर्भ 12 ग्रंथ सूची 13 बाह्य लिंक नाम मुख्य लेख: ईरान का नाम शब्द ईरान निकला == यह भी देखिए == * [[पारस]] * [[पह्लव]] * [[पारद]] * [[ईरानी चित्रकला]] * [[पारसी]] * [[wikt:ईरान]] (विक्षनरी) == बाहरी कड़ियाँ == {{Sister project links|auto=yes}} * [https://web.archive.org/web/20100205052517/http://rachanakar.blogspot.com/2007/03/asghar-wazahat-ka-iraan-yatra-sansmaran.html "चलते तो अच्छा था" ईरान और आज़रबाईजान के यात्रा संस्मरण - [[असग़र वजाहत]]] {{दक्षिण एशिया के देश और क्षेत्र}} {{एशिया के देश}} {{हिन्द महासागर तटवर्ती देश}} {{इस्लामी गणराज्य}} {{Authority control}} [[श्रेणी:इस्लामी गणराज्य]] [[श्रेणी:एशिया के देश]] [[श्रेणी:ईरान]] [[श्रेणी:पश्चिमी एशिया]] rry9us91jm9w4llmk7c5d525ikuhi2n 6540975 6540971 2026-04-15T17:25:48Z ~2026-23341-69 920552 /* राफजी */ 6540975 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक देश | native_name = {{naskh|جمهوری اسلامی ايران}} | conventional_long_name = ईरान इस्लामी गणराज्य | common_name = ईरान | image_flag = Flag of Iran.svg | image_coat = Coat of arms of Iran.svg | image_map = Iran (orthographic projection).svg | national_motto = {{naskh|"استقلال، آزادی، جمهوری اسلامی"}}<br>{{small|("स्वतंत्रता, मुक्ति, इस्लामी गणराज्य")}}<br>[[तकबीर|{{naskh|"اَللَّٰهُ أَكْبَرُ"}}]] <br>{{small|("अल्लाह सबसे महान है")}} 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है और यह देश पश्चिम में [[इराक़]] और [[तुर्की]], उत्तर-पश्चिम में [[अज़रबैजान]] और [[आर्मीनिया]], उत्तर में [[कैस्पियन सागर]], उत्तर-पूर्व में [[तुर्कमेनिस्तान]], पूर्व में [[अफ़ग़ानिस्तान|अफ़्ग़ानिस्तान]] और [[पाकिस्तान]] और दक्षिण में [[फ़ारस की खाड़ी]] और [[ओमान की खाड़ी]] से घिरा है। यह क्षेत्र कभी फारसी बहुल ईरान दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है। छठी शताब्दी ईसा पूर्व में [[साइरस महान]] ने [[हख़ामनी साम्राज्य]] की स्थापना की जो इतिहास के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक बना। चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में [[सिकंदर]] ने इस साम्राज्य को परास्त कर दिया। यूनानी राज के बाद इस पर [[पहलवी साम्राज्य|पहलवी]] तथा [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] साम्राज्यों का राज रहा। [[अरब लोग|अरब]] मुसलमानों ने सातवीं शताब्दी ईस्वी में इस क्षेत्र पर विजय प्राप्त की और इसका इस्लामीकरण किया। आगे चलके यह इस्लामी संस्कृति और शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन गया। इसकी कला, साहित्य, दर्शन और वास्तुकला [[इस्लामी स्वर्ण युग]] के दौरान [[इस्लामी दुनिया]] में और उससे आगे फैल गई। [[तुर्क लोग|तुर्क]] और [[मंगोल साम्राज्य|मंगोल]] शासन के बाद पंद्रहवीं शताब्दी में ईरान फिर से एकजुट हुआ। उन्नीसवीं सदी तक इसने अपनी काफ़ी ज़मीन खो दी थी। [[1953 का ईरानी तख्तापलट|1953 के तख्तापलट]] ने निरंकुश शासक [[मोहम्मद रज़ा पहलवी]] को और ताकतवर बना दिया जिसने [[इंक़िलाब-ए-सफ़ेद|दूरगामी सुधारों की एक श्रृंखला]] शुरू की। [[ईरान की इस्लामी क्रांति|इस्लामी क्रांति]] के बाद ईरान को 1979 में इस्लामी गणराज्य घोषित किया गया था। आज, ईरान एक [[इस्लामी गणराज्य]] तथा धर्मतंत्र है। ईरानी सरकार [[मानवाधिकार|मानवाधिकारों]] और नागरिक स्वतंत्रता के हनन के लिए, विशेष रूप से [[महिलाओं के अधिकार|महिलाओं]] के लिए, व्यापक आलोचनाओं को आकर्षित करती है। इसे [[सुन्नी इस्लाम|सुन्नी]] बहुल [[सउदी अरब]] और [[इज़राइल]] का विरोधी माना जाता है। इसकी सरकार अधिकांश [[मध्य पूर्व में आधुनिक संघर्षों की सूची|आधुनिक मध्य पूर्वी संघर्षों]] में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहती है। तेहरान, [[इस्फ़हान]], [[तबरेज़]], [[मशहद]] इत्यादि इसके कुछ प्रमुख शहर हैं। राजधानी तेहरान में देश की 15 प्रतिशत जनता वास करती है। ईरान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः [[तेल]] और [[प्राकृतिक गैस]] निर्यात पर निर्भर है। [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] यहाँ की मुख्य भाषा है। फ़ारसी लोगों के बाद अज़रबैजानी, [[कुर्द लोग|कुर्द]] और [[लुर लोग|लुर]] यहाँ की सबसे बड़े जातीय समूह हैं। नाबालिगों को मृत्युदंड देने के मामले में ईरान विश्व में प्रथम स्थान पर है।<ref name="n741">{{cite journal | last=Nations | first=United | title=Human Development Report 2011 | journal=Human Development Reports | date=1 January 2011 | url=https://hdr.undp.org/content/human-development-report-2011 | access-date=11 December 2025 | page=}}</ref> == नाम == ईरान का प्राचीन नाम फ़ारस था। इस नाम की उत्पत्ति के पीछे इसके साम्राज्य का इतिहास शामिल है। [[बाबिल]] के समय (4000-700 ईसा पूर्व) तक पार्स प्रान्त इन साम्राज्यों के अधीन था। जब 550 ईस्वी में कुरोश ने पार्स की सत्ता स्थापित की तो उसके बाद मिस्र से लेकर आधुनिक अफ़गानिस्तान तक और बुखारा से फ़ारस की खाड़ी तक ये साम्राज्य फैल गया। इस साम्राज्य के तहत [[मिस्र]]ी, [[अरब]], [[यूनानी]], [[आर्य]] ([[ईरान]]), [[यहूदी]] तथा अन्य कई नस्ल के लोग थे। अगर सबों ने नहीं तो कम से कम यूनानियों ने इन्हें, इनकी राजधानी पार्स के नाम पर, पारसी कहना आरम्भ किया। इसी के नाम पर इसे पारसी साम्राज्य कहा जाने लगा। यहाँ का समुदाय प्राचीन काल में हिन्दुओ की तरह सूर्य पूजक था। यहाँ हवन भी हुआ करते थे लेकिन सातवीं सदी में जब [[इस्लाम धर्म]] आया तो अरबों का प्रभुत्व ईरानी क्षेत्र पर हो गया। अरबों की वर्णमाला में (''प'') उच्चारण नहीं होता है। उन्होंने इसे ''पारस'' के बदले ''[[फ़ारस|फ़ारस]]'' कहना चालू किया और भाषा पारसी के बदले फ़ारसी बन गई। यह नाम [[फ़ारसी भाषा]] के बोलने वालों के लिए प्रयोग किया जाता था। ईरान (या एरान) शब्द [[आर्य]] मूल के लोगों के लिए प्रयुक्त शब्द ''एर्यनम'' से आया है, जिसका अर्थ है [[आर्य|आर्यों]] की भूमि। [[हख़ामनी साम्राज्य|हख़ामनी]] शासकों के समय भी ''आर्यम'' तथा ''एइरयम'' शब्दों का प्रयोग हुआ है। ईरानी स्रोतों में यह शब्द सबसे पहले अवेस्ता में मिलता है। अवेस्ता ईरान में आर्यों के आगमन (दूसरी सदी ईसापूर्व) के बाद लिखा गया ग्रंथ माना जाता है। इसमें आर्यों तथा अनार्यों के लिए कई छन्द लिखे हैं और इसकी पंक्तियाँ [[ऋग्वेद]] से मेल खाती है। लगभग इसी समय [[भारत]] में भी आर्यों का आगमन हुआ था। पहलवी शासकों ने ''एरान'' तथा ''आर्यन'' दोनों शब्दों का प्रयोग किया है। बाहरी दुनिया के लिए 1935 तक नाम फ़ारस था। सन् 1935 में [[रज़ाशाह पहलवी]] के नवीनीकरण कार्यक्रमों के तहत देश का नाम बदलकर फ़ारस से ईरान कर दिया गया थ। == [[भौगोलिक]] स्थिति और विभाग == ईरान को पारम्परिक रूप से मध्यपूर्व का अंग माना जाता है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से यह मध्यपूर्व के अन्य देशों से जुड़ा रहा है। यह [[अरब सागर]] के उत्तर तथा [[कैस्पियन सागर]] के बीच स्थित है और इसका क्षेत्रफल 16,48,000 वर्ग किलोमीटर है जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग आधा है। इसकी कुल स्थलसीमा 5440 किलोमीटर है और यह [[इराक़|इराक]](1458 कि॰मी॰), [[आर्मीनिया|अर्मेनिया]](35), [[तुर्की]](499), [[अज़रबाइजान|अज़रबैजान]](432), [[अफ़ग़ानिस्तान|अफग़ानिस्तान]](936) तथा [[पाकिस्तान]] (906 कि॰मी॰) के बीच स्थित है। कैस्पियन सागर के इसकी सीमा सगभग 740 किलोमीटर लम्बी है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह विश्व में 18वें नम्बर पर आता है। यहाँ का भूतल मुख्यतः पठारी, पहाड़ी और मरुस्थलीय है। वार्षिक वर्षा 25 सेमी होती है। समुद्र तल से तुलना करने पर ईरान का सबसे निचला स्थान उत्तर में कैस्पियन सागर का तट आता है जो 28 मीटर की उचाई पर स्थित है जबकि [[कूह-ए-दमवन्द]] जो कैस्पियन तट से सिर्फ 70 किलोमीटर दक्षिण में है, सबसे ऊँचा शिखर है। इसकी समुद्रतल से ऊँचाई 5,610 मीटर है। {{ईरान का प्रांतीय मानचित्र}} ईरान तीस प्रान्तों में बँटा है। इनमें से मुख्य क्षेत्रों का विवरण इस प्रकार है - * [[आर्दबील|अर्दाबिल]] * [[अज़रबाजान]] * [[ख़ोरासान|खोरासान]] * [[गोलेस्तान]] * [[फ़ार्स|फार्स]] * [[हमादान]] * [[इस्फ़हान]]*[[करमान]] * [[ख़ूज़स्तान|क़ुज़ेस्तान]] * [[तेहरान]] * [[क़ुर्दिस्तान]] * [[माज़न्दरान]] * [[क़ोम प्रांत|क़ोम]] * [[यज़्द]] * [[सिस्तान और बलूचिस्तान|सिस्तान और बलुचिस्तान]] == इतिहास == {{main|ईरान का इतिहास}} माना जाता है कि ईरान में पहले पुरापाषाणयुग कालीन लोग रहते थे। यहाँ पर मानव निवास एक लाख साल पुराना हो सकता है। लगभग 5000 ईसापूर्व से खेती आरंभ हो गई थी। [[मेसोपोटामिया]] की सभ्यता के स्थल के पूर्व में मानव बस्तियों के होने के प्रमाण मिले हैं। ईरानी लोग ([[आर्य]]) लगभग 2000 ईसापूर्व के आसपास उत्तर तथा पूरब की दिशा से आए। इन्होंने यहाँ के लोगों के साथ एक मिश्रित संस्कृति की आधारशिला रखी जिससे ईरान को उसकी पहचान मिली। आधिनुक ईरान इसी संस्कृति पर विकसित हुआ। ये यायावर लोग ईरानी भाषा बोलते थे और धीरे धीरे इन्होंने कृषि करना आरंभ किया। आर्यों का कई शाखाए ईरान (तथा अन्य देशों तथा क्षेत्रों) में आई। इनमें से कुछ [[मिदि]], कुछ पार्थियन, कुछ फारसी, कुछ सोगदी तो कुछ अन्य नामों से जाने गए। मीदी तथा फारसियों का ज़िक्र [[अश्शूर|असीरियाई]] स्रोतों में 836 ईसापूर्व के आसपास मिलता है। लगभग यही समय [[ज़रथुश्त्र]] (''ज़रदोश्त'' या ''ज़ोरोएस्टर'' के नाम से भी प्रसिद्ध) का काल माना जाता है। हालाँकि कई लोगों तथा ईरानी लोककथाओं के अनुसार ज़रदोश्त बस एक मिथक था कोई वास्तविक आदमी नहीं। पर चाहे जो हो उसी समय के आसपास उसके धर्म का प्रचार उस पूरे प्रदेश में हुआ। असीरिया के शाह ने लगभग 720 ईसापूर्व के आसपास [[इज़राइल|इज़रायल]] पर अधिपत्य जमा लिया। इसी समय कई यहूदियों को वहाँ से हटा कर मीदि प्रदेशों में लाकर बसाया गया। 530 ईसापूर्व के आसपास [[बाबिल|बेबीलोन]] फ़ारसी नियंत्रण में आ गया। उसी समय कई [[यहूदी]] वापस इसरायल लौट गए। इस दोरान जो यहूदी मीदी में रहे उनपर जरदोश्त के धर्म का बहुत असर पड़ा और इसके बाद यहूदी धर्म में काफ़ी परिवर्तन आया। === [[हख़ामनी साम्राज्य|हखामनी]] साम्राज्य === इस समय तक फारस मीदि साम्राज्य का अंग और सहायक रहा था। लेकिन ईसापूर्व 549 के आसपास एक फारसी राजकुमार सायरस (आधुनिक फ़ारसी में कुरोश) ने मीदी के राजा के खिलाफ़ विद्रोह कर दिया। उसने मीदी राजा एस्टिएज़ को पदच्युत कर राजधानी एक्बताना (आधुनिक [[हमादान]]) पर नियन्त्रण कर लिया। उसने फारस में [[हख़ामनी साम्राज्य|हखामनी वंश]] की नींव रखी और मीदिया और फ़ारस के रिश्तों को पलट दिया। अब फ़ारस सत्ता का केन्द्र और मीदिया उसका सहायक बन गया। पर कुरोश यहाँ नहीं रुका। उसने [[लीडिया]], [[आनातोलिया|एशिया माइनर]] (तुर्की) के प्रदेशों पर भी अधिकार कर लिया। उसका साम्राज्य तुर्की के पश्चिमी तट (जहाँ पर उसके दुश्मन [[यूनान|ग्रीक]] थे) से लेकर [[अफ़ग़ानिस्तान|अफ़गानिस्तान]] तक फैल गया था। उसके पुत्र कम्बोजिया (केम्बैसेस) ने साम्राज्य को [[मिस्र]] तक फैला दिया। इसके बाद कई विद्रोह हुए और फिर दारा प्रथम ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। उसने धार्मिक सहिष्णुता का मार्ग अपनाया और यहूदियों को जेरुशलम लौटने और अपना मन्दिर फ़िर से बनाने की इजाज़त दी। यूनानी इतिहासकार [[हिरोडोटस|हेरोडोटस]] के अनुसार दारा ने युवाओं का समर्थन प्राप्त करने की पूरी कोशिश की। उसने सायरस या केम्बैसेस की तरह कोई खास सैनिक सफलता तो अर्जित नहीं की पर उसने 512 इसापूर्व के आसपास य़ूरोप में अपना सैन्य अभियान चलाया था। डेरियस के काल में कई सुधार हुए, जैसे उसने शाही सिक्का चलाया और शाहंशाह (राजाओं के राजा) की उपाधि धारण की। उसने अपनी प्रजा पर पारसी संस्कृति थोपने का प्रयास नहीं किया जो उसकी सहिष्णुता को दिखाता है। अपने विशालकाय साम्राज्य की महिमा के लिए दारुश ने पर्सेलोलिस (तख़्त-ए-जमशेद) का भी निर्माण करवाया। उसके बाद पुत्र खशायर्श (क्ज़ेरेक्सेस) शासक बना जिसे उसके ग्रीक अभियानों के लिए जाना जाता है। उसने [[एथेंस|एथेन्स]] तथा [[स्पार्टा]] के राजा को हराया पर बाद में उसे सलामिस के पास हार का मुँह देखना पड़ा, जिसके बाद उसकी सेना बिखर गई। क्ज़ेरेक्सेस के पुत्र अर्तेक्ज़ेरेक्सेस ने 465 ईसा पूर्व में गद्दी सम्हाली। उसके बाद के प्रमुश शासकों में अर्तेक्ज़ेरेक्सेस द्वितीय, अर्तेक्ज़ेरेक्सेस तृतीय और उसके बाद दारा तृतीय का नाम आता है। दारा तृतीय के समय तक (336 ईसा पूर्व) फ़ारसी सेना काफ़ी संगठित हो गी थी। === सिकन्दर === इसी समय [[उत्तर मैसिडोनिया|मेसीडोनिया]] में [[सिकंदर|सिकन्दर]] का प्रभाव बढ़ रहा था। 334 ईसापूर्व में सिकन्दर ने [[आनातोलिया|एशिया माईनर]] (तुर्की के तटीय प्रदेश) पर धावा बोल दिया। दारा को भूमध्य सागर के तट पर [[इसुस]] में हार का मुँह देखना पड़ा। इसके बाद सिकन्दर ने तीन बार दारा को हराया। सिकन्दर इसापूर्व 330 में पर्सेपोलिस (तख़्त-ए-जमशेद) आया और उसके फतह के बाद उसने शहर को जला देने का आदेश दिया। सिकन्दर ने 326 इस्वी में भारत पर आक्रमण किया और फिर वो वापस लौट गया। 323 इसापूर्व के आसपास, बेबीलोन में उसकी मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के बाद उसके जीते फारसी साम्राज्य को इसके सेनापतियों ने आपस में विभाजित कर लिया। सिकन्दर के सबसे काबिल सेनापतियों में से एक [[सेल्युकस]] का नियन्त्रण मेसोपोटामिया तथा इरानी पठारी क्षेत्रों पर था। लेकिन इसी समय से उत्तर पूर्व में पार्थियों का विद्रोह आरम्भ हो गया था। पार्थियनों ने हखामनी शासकों की भी नाक में दम कर रखा था। मित्राडेट्स ने ईसापूर्व 123 से ईसापूर्व 87 तक अपेक्षाकृत स्थायित्व से शासन किया। अगले कुछ सालों तक शासन की बागडोर तो पार्थियनों के हाथ ही रही पर उनका नेतृत्व और समस्त ईरानी क्षेत्रों पर उनकी पकड़ ढीली ही रही। === सासानी === पर दूसरी सदी के बाद से [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] लोग, जो प्राचीन हख़ामनी वंश से अपने को जोड़ते थे और उन्हीं प्रदेश (आज का फ़ार्स प्रंत) से आए थे, की शक्ति में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई। उन्होंने रोमन साम्राज्य को चुनौती दी और कई सालों तक उनपर आक्रमण करते रहे। सन् 241 में शापुर ने रोमनों को मिसिको के युद्ध में हराया। 244 इस्वी तक [[आर्मीनिया|आर्मेनिया]] फारसी नियन्त्रण में आ गया। इसके अलावा भी पार्थियनों ने रोमनों को कई जगहों पर परेशान किया। सन् 273 में शापुर की मृत्यु हो गई। सन् 283 में रोमनों ने फारसी क्षेत्रों पर फिर से आक्रमण कर दिया। इसके फलस्वरूप आर्मेनिया के दो भाग हो गए - रोमन नियंत्रण वाले और फारसी नियंत्रण वाले। शापुर के पुत्रों को और भी समझौते करने पड़े और कुछ और क्षेत्र रोमनों के नियंत्रण में चले गए। सन् 310 में शापुर द्वितीय गद्दी पर युवावस्था में बैठा। उसने 379 इस्वी तक शासन किया। उसका शासन अपेक्षाकृत शान्त रहा। उसने धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाई। उसके उत्तराधिकारियों ने वही शान्ति पूर्ण विदेश नीति अपनाई पर उनमें सैन्य सबलता की कमी रही। आर्दशिर द्वितीय, शापुर तृतीय तथा बहराम चतुर्थ सभी संदेहजनक परिस्थितियों में मारे गए। उनके वारिस यज़्देगर्द ने रोमनों के साथ शान्ति बनाए रखा। उसके शासनकाल में रोमनों के साथ सम्बंध इतने शांतिपूर्ण हो गए कि पूर्वी रोमन साम्राज्य के शासक अर्केडियस ने यज़्देगर्द को अपने बेटे का अभिभावक बना दिया। उसके बाद बहरम पंचम शासक बना जो जंगली जानवरों के शिकार का शौकिन था। वो 438 इस्वी के आसपास एक जंगली खेल देखते वक्त लापता हो गया, जिसके बाद उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद की अराजकता में कावद प्रथम 488 इस्वी में शासक बना। इसके बाद खुसरो (531-579), होरमुज़्द चतुर्थ (579-589), खुसरो द्वितीय (490 - 627) तथा यज्देगर्द तृतीय का शासन आया। जब यज़्देगर्द ने सत्ता सम्हाली, तब वो केवल 8 साल का था। इसी समय [[अरब]], [[मुहम्मद|मुहम्मद]] के नेतृत्व में काफी शक्तिशाली हो गए थे। सन् 634 में उन्होंने ग़ज़ा के निकट बेजेन्टाइनों को एक निर्णायक युद्ध में हरा दिया। फारसी साम्राज्य पर भी उन्होंने आक्रमण किए थे पर वे उतने सफल नहीं रहे थे। सन् 641 में उन्होने हमादान के निकट यज़्देगर्द को हरा दिया जिसके बाद वो पूरब की तरफ सहायता याचना के लिए भागा पर उसकी मृत्यु मर्व में सन् 651 में उसके ही लोगों द्वारा हुई। इसके बाद अरबों का प्रभुत्व बढ़ता गया। उन्होंने 654 में खोरासान पर अधिकार कर लिया और 707 इस्वी तक [[बाल्ख़]]। === राफजी === [[चित्र:Iran circa 1000AD.png|thumbnail|left|360px|लगभग 1000 इस्वी का ईरान : मध्यकाल में ईरान में कोई एक केन्द्रीय सत्ता नहीं रह गई थी]] मुहम्मद साहब की मृत्यु के उपरान्त उनके वारिस को ख़लीफा कहा जाता था, जो इस्लाम का प्रमुख माने जाते थे। चौथे खलीफा (सुन्नी समुदाय के अनुसार) हज़रत अली (शिया समुदाय इन्हें पहला इमाम मानता है), मुहम्मद साहब के फरीक थे और उनकी पुत्री फ़ातिमा के पति। पर उनके खिलाफत को चुनौती दी गई और विद्रोह भी हुए। सन् 661 में अली की हत्या कर उन्हें शहीद कर दिया गया। इसके बाद उम्मयदों का प्रभुत्व इस्लाम पर हो गया। सन् 680 में करबला में हजरत अली के दूसरे पुत्र इमाम हुसैन ने उम्मयदों के अधर्म की नीति का समर्थन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बयत नहीं की। जिसे तत्कालीन शासक ने बगावत का नाम देते हुए उनको एक युद्ध में कत्ल कर शहीद कर दिया। इसी दिन की याद में शिया मुसलमान गम में मुहर्रम मनाते हैं। इस समय तक इस्लाम दो खेमे में बट गया था - उम्मयदों का खेमा और अली के खेमा। 740 में उम्मयदों को तुर्कों से मुँह की खानी पड़ी। उसी साल एक फारसी परिवर्तित - अबू मुस्लिम - ने मुहम्मद साहब के वंश के नाम पर उम्मयदों के खिलाफ एक बड़ा जनमानस तैयार किया। उन्होंने सन् 749-50 के बीच उम्मयदों को हरा दिया और एक नया खलीफ़ा घोषित किया - अबुल अब्बास। अबुल अब्बास अली और हुसैन का वंशज तो नहीं पर मुहम्मद साहब के एक और फरीक का वंशज थे। उनसे अबु मुस्लिम की बढ़ती लोकप्रियता देखी नहीं गई और उसको 755 इस्वी में फाँसी पर लटका दिए। इस घटना को शिया संप्रदाय में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है क्योंकि एक बार फिर हजरत अली रजियल्लाहु अन्हु के समर्थकों को हाशिये पर ला खड़ा किया गया था। अबुल अब्बास के वंशजों ने कई सदियों तक राज किया। उनका वंश अब्बासी (अब्बासिद) वंश कहलाया और उन्होंने अपनी राजदानी बगदाद में स्थापित की। तेरहवी सदी में मंगोलों के आक्रमण के बाद बगदाद का पतन हो गया और ईरान में फिर से कुछ सालों के लिए राजनैतिक अराजकता छाई रही। === सूफीवाद === अब्बासिद काल में ईरान की प्रमुख घटनाओं में से एक थी सूफी आन्दोलन का विकास। सूफी वे लोग थे जो धार्मिक कट्टरता के खिलाफ थे और सरल जीवन पसन्द करते थे। इस आन्दोलन ने फ़ारसी भाषा में नामचीन कवियों को जन्म दिया। [[रुदाकी]], [[हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी|फिरदौसी]], [[उमर खय्याम]], [[नासिर-ए-खुसरो]], [[जलालुद्दीन रूमी|रुमी]], [[इराकी]], [[शेख़ सादी|सादी]], [[हफीज]] आदि उस काल के प्रसिद्ध कवि हुए। इस काल की फारसी कविता को कई जगहों पर विश्व की सबसे बेहतरीन काव्य कहा गया है। इनमें से कई कवि सूफी विचारदारा से ओतप्रोत थे और अब्बासी शासन के अलावा कईयों को [[मंगोल|मंगोलों]] का जुल्म भी सहना पड़ा था। पन्द्रहवीं सदी में जब मंगोलों की शक्ति क्षीण होने लगी तब ईरान के उत्तर पश्चिम में तुर्क घुड़सवारों से लैश एक सेना का उदय हुआ। इसके मूल के बारे में मतभेद है पर उन्होंने [[सफावी वंश]] की स्थापना की। वे सूफी बन गए और आने वाली कई सदियों तक उन्होंने इरानी भूभाग और फ़ारस के प्रभुत्व वाले इलाकों पर राज किया। इस समय सूफी इस्लाम बहुत फला फूला। 1720 के अफगान और पूर्वी विद्रोहों के बाद धीरे-धीरे साफावियों का पतन हो गया। 1729 में [[नादिर शाह|नादिर कोली]] ने अफ़गानों के प्रभुत्व को कम किया और शाह बन बैठा। वह एक बहुत बड़ा विजेता था और उसने भारत पर भी सन् 1739 में आक्रमण किया और भारी मात्रा में धन सम्पदा लूटकर वापस आ गया। भारत से हासिल की गई चीजों में [[कोहिनूर हीरा|कोहिनूर]] हीरा भी शामिल था। पर उसके बाद क़जार वंश का शासन आया जिसके काल में यूरोपीय प्रभुत्व बढ़ गया। उत्तर से रूस, पश्चिम से फ़्रांस तथा पूरब से ब्रिटेन की निगाहें फारस पर पड़ गईं। सन् 1905-1911 में यूरोपीय प्रभाव बढ़ जाने और शाह की निष्क्रियता के खिलाफ एक जनान्दोलन हुआ। ईरान के तेल क्षेत्रों को लेकर तनाव बना रहा। प्रथम विश्वयुद्ध में तुर्की के पराजित होने के बाद ईरान को भी उसका फल भुगतना पड़ा। 1930 और 40 के दशक में रज़ा शाह पहलवी ने सुधारों की पहल की। 1979 में इस्लामिक क्रान्ति हुई और ईरान एक इस्लामिक गणतन्त्र घोषित कर दिया गया। इसके बाद अयातोल्ला ख़ुमैनी, जिन्हें शाह ने देश निकाला दे दिया था, ईरान के प्रथम राष्ट्रपति बने। इराक़ के साथ युद्ध होने से देश की स्थिति खराब हो गई। === आधुनिकीकरण === रजा शाह पहलवी ने 1930 के दशक में इरान का आधुनिकीकरण प्रारम्भ किया। पर वो अपने प्रेरणस्रोत तुर्की के कमाल पाशा की तरह सफल नहीं रह सका। उसने शिक्षा के लिए अभूतपूर्व बन्दोबस्त किए तथा सेना को सुगठित किया। उसने ईरान की सम्प्रभुता को बरकरार रखते हुए ब्रिटेन और रूस के सन्तुलित प्रभावों को बनाए रखने की कोशिश की पर द्वितीय विश्वयुद्ध के ठीक पहले [[जर्मनी]] के साथ उसके बढ़ते ताल्लुकात से ब्रिटेन और रूस को गम्भीर चिन्ता हुई। दोनों देशों ने रज़ा पहलवी पर दबाब बनाया और बाद में उसे उपने बेटे मोहम्मद रज़ा के पक्ष में गद्दी छोड़नी पड़ी। मोहम्मद रज़ा के प्रधानमन्त्री मोहम्मद मोसद्देक़ को भी इस्तीफ़ा देना पड़ा। === ईरानी इस्लामिक क्रान्ति === बीसवीं सदी के ईरान की सबसे महत्वपूर्ण घटना थी [[ईरान की इस्लामी क्रांति|ईरान की इस्लामिक क्रान्ति]]। शहरों में तेल के पैसों की समृद्धि और गाँवों में गरीबी; सत्तर के दशक का सूखा और शाह द्वारा यूरोपीय तथा बाकी देशों के प्रतिनिधियों को दिए गए भोज जिसमें अकूत पैसा खर्च किया गया था ने ईरान की गरीब जनता को शाह के खिलाफ़ भड़काया। इस्लाम में निहित समानता को अपना नारा बनाकर लोगों ने शाह के शासन का विरोध करना आरम्भ किया। आधुनिकीकरण के पक्षधर शाह को गरीब लोग पश्चिमी देशों का पिट्ठू के रूप में देखने लगे। 1979 में अभूतपूर्व प्रदर्शन हुए जिसमें हिसंक प्रदर्शनों की संख्या बढ़ती गई। अमेरिकी दूतावास को घेर लिया गया और इसके कर्मचारियों को बन्धक बना लिया गया। शाह के समर्थकों तथा संस्थानों में हिसक झड़पें हुईं और इसके फलस्वरूप 1989 में फलस्वरूप पहलवी वंश का पतन हो गया और ईरान एक इस्लामिक गणराज्य बना जिसका शीर्ष नेता एक धार्मिक मौलाना होता था। अयातोल्ला खोमैनी को शीर्ष नेता का पद मिला और ईरान ने इस्लामिक में अपनी स्थिति मजबूत की। उनका देहान्त 1989 में हुआ। इसके बाद से ईरान में विदेशी प्रभुत्व लगभग समाप्त हो गया। == जनवृत्त == ईरान में भिन्न-भिन्न जाति के लोग रहते हैं। यहाँ 70 प्रतिशत जनता भारोपीय जाति की है और हिन्द-ईरानी भाषाएँ बोलती है। जातिगत आँकड़ो को देखें तो 54 प्रतिशत फारसी, 24 प्रतिशत अज़री, मज़न्दरानी और गरकी 8 प्रतिशत, कुर्द 7 प्रतिशत, अरबी 3 प्रतिशत, बलोची, लूरी और तुर्कमेन 2, प्रतिशत (प्रत्येक) तथा कई अन्य जातिय़ाँ शामिल हैं। सात करोड़ की जनसंख्या वाला ईरान विश्व में शरणागतों के सबसे बड़े देशों में से एक है, जहाँ इराक़ तथा अफ़गानिस्तान से कई शरणार्थियों ने अपने देशों में चल रहे युद्धों के कारण शरण ले रखी है। === पन्थ === ईरान का प्राचीन नाम पार्स (फ़ारस) था और पार्स के रहने वाले लोग पारसी कहलाए, जो [[ज़रथुस्त्र]] के अनुयायी थे और सूर्य व अग्नि पूजक थे। सातवीं शताब्दी में [[अरब|अरबों]] ने पार्स पर विजय पाई और वहाँ जबरन [[इस्लाम]] का प्रसार हुआ। वहां की जनता को जबर से इस्लाम में मिलाया जा रहा था इसलिए जो पारसी इस्लाम अपना गए वो आगे चलकर पारसी कहलाये व उत्पीड़न से बचने के लिए बहुत से पारसी [[भारत]] आ गए। वे अपना मूल धर्म (सूर्य पूजन) नहीं छोड़ना चाहते थे| आज भी दक्षिण एशियाई देश भारत में पारसी मन्दिर देखने को मिलते हैं | इस्लाम में ईरान का एक विशेष स्थान है। सातवीं सदी से पहले यहाँ जरथुस्ट्र धर्म के अलावा कई और धर्मों तथा मतों के अनुयायी थे। अरबों द्वारा ईरान विजय (फ़ारस) के बाद यहाँ शिया इस्लाम का उदय हुआ। आज ईरान के अलावा भारत, दक्षिणी इराक, अफ़गानिस्तान, अजरबैजान तथा पाकिस्तान में भी शिया मुस्लिमों की आबादी निवास करती है। लगभग सम्पूर्ण [[अरब]], [[मिस्र]], [[तुर्की]], उत्तरी तथा पश्चिमी इराक, लेबनॉन को छोड़कर लगभग सम्पूर्ण मध्यपूर्व, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताज़िकिस्तान तुर्केमेनिस्तान तथा भारतोत्तर पूर्वी एशिया के मुसलमान मुख्यतः सुन्नी हैं। == अर्थव्यवस्था == ईरान की अर्थव्यवस्था तेल और प्राकृतिक गैस से संबंधित उद्योगों तथा कृषि पर आधारित है। सन् 2006 में ईरान के बज़ट का 45 प्रतिशत तेल तथा प्राकृतिक गैस से मिले रकम से आया और 31 प्रतिशत करों और चुंगियों से। ईरान के पास क़रीब 70 अरब [[अमेरिकी डॉलर]] रिज़र्व में है और इसकी सालाना [[सकल घरेलू उत्पाद]] 206 अरब अमेरिकी डॉलर थी। इसकी वार्षिक विकास दर 6 प्रतिशत है। [[संयुक्त राष्ट्र]] के मुताबिक़ ईरान एक अर्ध-विकसित अर्थव्यवस्था है। सेवाक्षेत्र का योगदान सकल घरेलू उत्पाद में सबसे ज्यादा है। देश के रोज़गार में 1.8 प्रतिशत रोजगार पर्यटन के क्षेत्र में है। वर्ष 2004 में ईरान में 16,59,000 पर्यटक आए थे। ईरान का पर्यटन से होने वाली आय वाले देशों की सूची में 89वाँ स्थान है पर इसका नाम सबसे ज्यादा पर्यटकों की दृष्टि से 10वें स्थान पर आता है। प्राकृतिक गैसों के रिज़र्व (भंडार) की दृष्टि से ईरान विश्व का सबसे बड़ा देश है। तेल उत्पादक देशों के संगठन [[ओपेक]] का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है।ईरान (Listeni/ɪˈrɑːn /, भी/ɪˈræn /; [ 10] [11] फ़ारसी: ایران Irān [ʔiːˈɾɒːn] (के बारे में यह ध्वनि सुनो)), भी रूप में फारस [12] (ˈpɜːrʒə /), [13] ईरान के इस्लामी गणराज्य की आधिकारिक तौर पर जाना जाता (फारसी: جمهوری اسلامی ایران Jomhuri-तु Eslāmi-तु Irān (के बारे में यह ध्वनि सुनो)), [14] पश्चिमी एशिया में एक संप्रभु राज्य है। [15] [16] यह पश्चिमोत्तर आर्मेनिया, Artsakh के वास्तविक स्वतंत्र गणराज्य, अज़रबैजान और exclave Nakhchivan के द्वारा bordered है; कैस्पियन सागर से उत्तर करने के लिए; तुर्कमेनिस्तान ने पूर्वोत्तर के लिए; करने के लिए पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान द्वारा; फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से दक्षिण करने के लिए; और तुर्की और इराक द्वारा पश्चिम। (मार्च 2017) के रूप में पर 79.92 लाख निवासियों के साथ, ईरान दुनिया के 18-सबसे-अधिक आबादी वाला देश है। [17] 1,648,195 km2 (636,372 वर्ग मील), का एक भूमि क्षेत्र शामिल हैं यह दूसरा सबसे बड़ा देश मध्य पूर्व में और 18 वीं दुनिया में सबसे बड़ा है। यह दोनों एक कैस्पियन सागर और हिंद महासागर तट से केवल देश है। मध्य देश की महान geostrategic महत्त्व के यूरेशिया और पश्चिमी एशिया, और होर्मुज के लिए अपनी निकटता में स्थान बनाते। [18] तेहरान देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है, साथ ही इसके प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र है। ईरान है दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं, [19] [20] 4 सहस्राब्दी ई. पू. में Elamite राज्यों के गठन के साथ शुरुआत के एक घर। यह पहले ईरानी मीदि साम्राज्य द्वारा 7 वीं सदी ईसा पूर्व में, [21] एकीकृत और हख़ामनी साम्राज्य महान सिंधु घाटी करने के लिए, दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य बनने पूर्वी यूरोप से खींच 6 वीं सदी ई. पू., में अभी तक देखा था साइरस द्वारा की स्थापना के दौरान इसकी सबसे बड़ी सीमा तक पहुँच गया था। [22] ईरानी दायरे के लिए अलेक्जेंडर महान 4 शताब्दी ईसा पूर्व में गिर गया, लेकिन अंतिम ससानी साम्राज्य, जो अगले चार सदियों के लिए एक अग्रणी विश्व शक्ति बन गया के बाद साम्राज्य के रूप में कुछ ही समय बाद reemerged. [23] [24] अरब मुसलमानों साम्राज्य 7 शताब्दी ईसा में, मोटे तौर पर स्वदेशी धर्मों के पारसी धर्म और इस्लाम के साथ मानी थापन पर विजय प्राप्त की। कला और विज्ञान में कई प्रभावशाली आंकड़े उत्पादन ईरान इस्लामी स्वर्ण युग और उसके बाद, करने के लिए प्रमुख योगदान दिया। दो शताब्दियों के बाद, विभिन्न देशी मुस्लिम राजवंशों की अवधि, जो बाद में तुर्कों और मंगोलों द्वारा विजय प्राप्त थे शुरू कर दिया। 15 वीं सदी में Safavids के उदय का एक एकीकृत ईरानी राज्य और जो शिया इस्लाम, ईरानी और मुस्लिम इतिहास में एक मोड़ चिह्नित करने के लिए देश के रूपांतरण के बाद राष्ट्रीय पहचान, [4] के reestablishment करने के लिए नेतृत्व किया। [5] [25] द्वारा 18 वीं सदी, नादिर शाह, के तहत ईरान संक्षेप में क्या यकीनन उस समय सबसे शक्तिशाली साम्राज्य था पास। [26] 19 वीं सदी में रूसी साम्राज्य के साथ विरोध करता महत्वपूर्ण क्षेत्रीय नुकसान के लिए नेतृत्व किया। [27] [28] लोकप्रिय अशांति में संवैधानिक क्रांति 1906, जो एक संवैधानिक राजशाही और देश का पहला विधानमंडल की स्थापना का समापन हुआ। यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में 1953, ईरान द्वारा धीरे-धीरे उकसाया एक तख्तापलट के बाद पश्चिमी देशों के साथ बारीकी से गठबंधन बन गया, और तेजी से निरंकुश हो गया। [29] विदेशी प्रभाव और राजनीतिक दमन एक धर्म द्वारा 1979 क्रांति, जो संसदीय लोकतंत्र के तत्त्व भी शामिल है जो एक राजनीतिक प्रणाली संचालित और निगरानी की एक इस्लामी गणराज्य, [30] की स्थापना के बाद के नेतृत्व के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा एक निरंकुश 'सर्वोच्च नेता' नियंत्रित होता. ईरान संयुक्त राष्ट्र, पर्यावरण, NAM, ओ, और ओपेक के एक संस्थापक सदस्य है। यह एक प्रमुख क्षेत्रीय और मध्य शक्ति, है और जीवाश्म ईंधन, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और चौथा सबसे बड़ा तेल सिद्ध शामिल हैं-के अपने बड़े भंडार सुरक्षित रखता है अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और विश्व अर्थव्यवस्था में काफी प्रभाव डालती। देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भाग में अपने 21 यूनेस्को विश्व धरोहर, दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी संख्या एशिया में और 11 वीं सबसे बड़ी द्वारा परिलक्षित होता है। [37] ईरान कई जातीय और भाषायी समूहों, सबसे बड़ा होने के नाते फारसियों (61 प्रतिशत), जिसमें एक बहुसांस्कृतिक देश है Azeris (16 %), कुर्द (10 %), और Lurs (6 %). [ 36] सामग्री [छुपाने के] 1 नाम 2 इतिहास 2.1 प्रागितिहास 2.2 शास्त्रीय पुरातनता 2.3 मध्ययुगीन काल 2.4 प्रारंभिक आधुनिक काल 1940 के दशक के लिए 1800 से 2.5 2.6 समकालीन युग 3 भूगोल 3.1 जलवायु 3.2 जीव 3.3 क्षेत्र, प्रांत और शहर 4 सरकार और राजनीति 4.1 नेता 4.2 राष्ट्रपति 4.3 इस्लामी परामर्शक सभा (संसद) 4.4 कानून 4.5 विदेश संबंध 4.6 सेना 5 अर्थव्यवस्था 5.1 पर्यटन 5.2 ऊर्जा 6 शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी 7 जनसांख्यिकी 7.1 भाषाएँ 7.2 जातीय समूह 7.3 धर्म 8 संस्कृति 8.1 कला 8.2 वास्तुकला 8.3 साहित्य 8.4 दर्शन 8.5 पौराणिक कथाओं 8.6 पालन 8.7 संगीत 8.8 थियेटर 8.9 सिनेमा और एनिमेशन 8.10 मीडिया 8.11 खेल 8.12 भोजन 9 यह भी देखें 10 नोट्स 11 संदर्भ 12 ग्रंथ सूची 13 बाह्य लिंक नाम मुख्य लेख: ईरान का नाम शब्द ईरान निकला == यह भी देखिए == * [[पारस]] * [[पह्लव]] * [[पारद]] * [[ईरानी चित्रकला]] * [[पारसी]] * [[wikt:ईरान]] (विक्षनरी) == बाहरी कड़ियाँ == {{Sister project links|auto=yes}} * [https://web.archive.org/web/20100205052517/http://rachanakar.blogspot.com/2007/03/asghar-wazahat-ka-iraan-yatra-sansmaran.html "चलते तो अच्छा था" ईरान और आज़रबाईजान के यात्रा संस्मरण - [[असग़र वजाहत]]] {{दक्षिण एशिया के देश और क्षेत्र}} {{एशिया के देश}} {{हिन्द महासागर तटवर्ती देश}} {{इस्लामी गणराज्य}} {{Authority control}} [[श्रेणी:इस्लामी गणराज्य]] [[श्रेणी:एशिया के देश]] [[श्रेणी:ईरान]] [[श्रेणी:पश्चिमी एशिया]] 9z2nwp5pyyzfgaokgdtdtkf9m2kk7d0 6540976 6540975 2026-04-15T17:31:46Z ~2026-23341-69 920552 /* राफजी */ 6540976 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक देश | native_name = {{naskh|جمهوری اسلامی ايران}} | conventional_long_name = ईरान इस्लामी गणराज्य | common_name = ईरान | image_flag = Flag of Iran.svg | image_coat = Coat of arms of Iran.svg | image_map = Iran (orthographic projection).svg | national_motto = {{naskh|"استقلال، آزادی، جمهوری اسلامی"}}<br>{{small|("स्वतंत्रता, मुक्ति, इस्लामी गणराज्य")}}<br>[[तकबीर|{{naskh|"اَللَّٰهُ أَكْبَرُ"}}]] <br>{{small|("अल्लाह सबसे महान है")}} 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है और यह देश पश्चिम में [[इराक़]] और [[तुर्की]], उत्तर-पश्चिम में [[अज़रबैजान]] और [[आर्मीनिया]], उत्तर में [[कैस्पियन सागर]], उत्तर-पूर्व में [[तुर्कमेनिस्तान]], पूर्व में [[अफ़ग़ानिस्तान|अफ़्ग़ानिस्तान]] और [[पाकिस्तान]] और दक्षिण में [[फ़ारस की खाड़ी]] और [[ओमान की खाड़ी]] से घिरा है। यह क्षेत्र कभी फारसी बहुल ईरान दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है। छठी शताब्दी ईसा पूर्व में [[साइरस महान]] ने [[हख़ामनी साम्राज्य]] की स्थापना की जो इतिहास के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक बना। चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में [[सिकंदर]] ने इस साम्राज्य को परास्त कर दिया। यूनानी राज के बाद इस पर [[पहलवी साम्राज्य|पहलवी]] तथा [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] साम्राज्यों का राज रहा। [[अरब लोग|अरब]] मुसलमानों ने सातवीं शताब्दी ईस्वी में इस क्षेत्र पर विजय प्राप्त की और इसका इस्लामीकरण किया। आगे चलके यह इस्लामी संस्कृति और शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन गया। इसकी कला, साहित्य, दर्शन और वास्तुकला [[इस्लामी स्वर्ण युग]] के दौरान [[इस्लामी दुनिया]] में और उससे आगे फैल गई। [[तुर्क लोग|तुर्क]] और [[मंगोल साम्राज्य|मंगोल]] शासन के बाद पंद्रहवीं शताब्दी में ईरान फिर से एकजुट हुआ। उन्नीसवीं सदी तक इसने अपनी काफ़ी ज़मीन खो दी थी। [[1953 का ईरानी तख्तापलट|1953 के तख्तापलट]] ने निरंकुश शासक [[मोहम्मद रज़ा पहलवी]] को और ताकतवर बना दिया जिसने [[इंक़िलाब-ए-सफ़ेद|दूरगामी सुधारों की एक श्रृंखला]] शुरू की। [[ईरान की इस्लामी क्रांति|इस्लामी क्रांति]] के बाद ईरान को 1979 में इस्लामी गणराज्य घोषित किया गया था। आज, ईरान एक [[इस्लामी गणराज्य]] तथा धर्मतंत्र है। ईरानी सरकार [[मानवाधिकार|मानवाधिकारों]] और नागरिक स्वतंत्रता के हनन के लिए, विशेष रूप से [[महिलाओं के अधिकार|महिलाओं]] के लिए, व्यापक आलोचनाओं को आकर्षित करती है। इसे [[सुन्नी इस्लाम|सुन्नी]] बहुल [[सउदी अरब]] और [[इज़राइल]] का विरोधी माना जाता है। इसकी सरकार अधिकांश [[मध्य पूर्व में आधुनिक संघर्षों की सूची|आधुनिक मध्य पूर्वी संघर्षों]] में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहती है। तेहरान, [[इस्फ़हान]], [[तबरेज़]], [[मशहद]] इत्यादि इसके कुछ प्रमुख शहर हैं। राजधानी तेहरान में देश की 15 प्रतिशत जनता वास करती है। ईरान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः [[तेल]] और [[प्राकृतिक गैस]] निर्यात पर निर्भर है। [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] यहाँ की मुख्य भाषा है। फ़ारसी लोगों के बाद अज़रबैजानी, [[कुर्द लोग|कुर्द]] और [[लुर लोग|लुर]] यहाँ की सबसे बड़े जातीय समूह हैं। नाबालिगों को मृत्युदंड देने के मामले में ईरान विश्व में प्रथम स्थान पर है।<ref name="n741">{{cite journal | last=Nations | first=United | title=Human Development Report 2011 | journal=Human Development Reports | date=1 January 2011 | url=https://hdr.undp.org/content/human-development-report-2011 | access-date=11 December 2025 | page=}}</ref> == नाम == ईरान का प्राचीन नाम फ़ारस था। इस नाम की उत्पत्ति के पीछे इसके साम्राज्य का इतिहास शामिल है। [[बाबिल]] के समय (4000-700 ईसा पूर्व) तक पार्स प्रान्त इन साम्राज्यों के अधीन था। जब 550 ईस्वी में कुरोश ने पार्स की सत्ता स्थापित की तो उसके बाद मिस्र से लेकर आधुनिक अफ़गानिस्तान तक और बुखारा से फ़ारस की खाड़ी तक ये साम्राज्य फैल गया। इस साम्राज्य के तहत [[मिस्र]]ी, [[अरब]], [[यूनानी]], [[आर्य]] ([[ईरान]]), [[यहूदी]] तथा अन्य कई नस्ल के लोग थे। अगर सबों ने नहीं तो कम से कम यूनानियों ने इन्हें, इनकी राजधानी पार्स के नाम पर, पारसी कहना आरम्भ किया। इसी के नाम पर इसे पारसी साम्राज्य कहा जाने लगा। यहाँ का समुदाय प्राचीन काल में हिन्दुओ की तरह सूर्य पूजक था। यहाँ हवन भी हुआ करते थे लेकिन सातवीं सदी में जब [[इस्लाम धर्म]] आया तो अरबों का प्रभुत्व ईरानी क्षेत्र पर हो गया। अरबों की वर्णमाला में (''प'') उच्चारण नहीं होता है। उन्होंने इसे ''पारस'' के बदले ''[[फ़ारस|फ़ारस]]'' कहना चालू किया और भाषा पारसी के बदले फ़ारसी बन गई। यह नाम [[फ़ारसी भाषा]] के बोलने वालों के लिए प्रयोग किया जाता था। ईरान (या एरान) शब्द [[आर्य]] मूल के लोगों के लिए प्रयुक्त शब्द ''एर्यनम'' से आया है, जिसका अर्थ है [[आर्य|आर्यों]] की भूमि। [[हख़ामनी साम्राज्य|हख़ामनी]] शासकों के समय भी ''आर्यम'' तथा ''एइरयम'' शब्दों का प्रयोग हुआ है। ईरानी स्रोतों में यह शब्द सबसे पहले अवेस्ता में मिलता है। अवेस्ता ईरान में आर्यों के आगमन (दूसरी सदी ईसापूर्व) के बाद लिखा गया ग्रंथ माना जाता है। इसमें आर्यों तथा अनार्यों के लिए कई छन्द लिखे हैं और इसकी पंक्तियाँ [[ऋग्वेद]] से मेल खाती है। लगभग इसी समय [[भारत]] में भी आर्यों का आगमन हुआ था। पहलवी शासकों ने ''एरान'' तथा ''आर्यन'' दोनों शब्दों का प्रयोग किया है। बाहरी दुनिया के लिए 1935 तक नाम फ़ारस था। सन् 1935 में [[रज़ाशाह पहलवी]] के नवीनीकरण कार्यक्रमों के तहत देश का नाम बदलकर फ़ारस से ईरान कर दिया गया थ। == [[भौगोलिक]] स्थिति और विभाग == ईरान को पारम्परिक रूप से मध्यपूर्व का अंग माना जाता है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से यह मध्यपूर्व के अन्य देशों से जुड़ा रहा है। यह [[अरब सागर]] के उत्तर तथा [[कैस्पियन सागर]] के बीच स्थित है और इसका क्षेत्रफल 16,48,000 वर्ग किलोमीटर है जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग आधा है। इसकी कुल स्थलसीमा 5440 किलोमीटर है और यह [[इराक़|इराक]](1458 कि॰मी॰), [[आर्मीनिया|अर्मेनिया]](35), [[तुर्की]](499), [[अज़रबाइजान|अज़रबैजान]](432), [[अफ़ग़ानिस्तान|अफग़ानिस्तान]](936) तथा [[पाकिस्तान]] (906 कि॰मी॰) के बीच स्थित है। कैस्पियन सागर के इसकी सीमा सगभग 740 किलोमीटर लम्बी है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह विश्व में 18वें नम्बर पर आता है। यहाँ का भूतल मुख्यतः पठारी, पहाड़ी और मरुस्थलीय है। वार्षिक वर्षा 25 सेमी होती है। समुद्र तल से तुलना करने पर ईरान का सबसे निचला स्थान उत्तर में कैस्पियन सागर का तट आता है जो 28 मीटर की उचाई पर स्थित है जबकि [[कूह-ए-दमवन्द]] जो कैस्पियन तट से सिर्फ 70 किलोमीटर दक्षिण में है, सबसे ऊँचा शिखर है। इसकी समुद्रतल से ऊँचाई 5,610 मीटर है। {{ईरान का प्रांतीय मानचित्र}} ईरान तीस प्रान्तों में बँटा है। इनमें से मुख्य क्षेत्रों का विवरण इस प्रकार है - * [[आर्दबील|अर्दाबिल]] * [[अज़रबाजान]] * [[ख़ोरासान|खोरासान]] * [[गोलेस्तान]] * [[फ़ार्स|फार्स]] * [[हमादान]] * [[इस्फ़हान]]*[[करमान]] * [[ख़ूज़स्तान|क़ुज़ेस्तान]] * [[तेहरान]] * [[क़ुर्दिस्तान]] * [[माज़न्दरान]] * [[क़ोम प्रांत|क़ोम]] * [[यज़्द]] * [[सिस्तान और बलूचिस्तान|सिस्तान और बलुचिस्तान]] == इतिहास == {{main|ईरान का इतिहास}} माना जाता है कि ईरान में पहले पुरापाषाणयुग कालीन लोग रहते थे। यहाँ पर मानव निवास एक लाख साल पुराना हो सकता है। लगभग 5000 ईसापूर्व से खेती आरंभ हो गई थी। [[मेसोपोटामिया]] की सभ्यता के स्थल के पूर्व में मानव बस्तियों के होने के प्रमाण मिले हैं। ईरानी लोग ([[आर्य]]) लगभग 2000 ईसापूर्व के आसपास उत्तर तथा पूरब की दिशा से आए। इन्होंने यहाँ के लोगों के साथ एक मिश्रित संस्कृति की आधारशिला रखी जिससे ईरान को उसकी पहचान मिली। आधिनुक ईरान इसी संस्कृति पर विकसित हुआ। ये यायावर लोग ईरानी भाषा बोलते थे और धीरे धीरे इन्होंने कृषि करना आरंभ किया। आर्यों का कई शाखाए ईरान (तथा अन्य देशों तथा क्षेत्रों) में आई। इनमें से कुछ [[मिदि]], कुछ पार्थियन, कुछ फारसी, कुछ सोगदी तो कुछ अन्य नामों से जाने गए। मीदी तथा फारसियों का ज़िक्र [[अश्शूर|असीरियाई]] स्रोतों में 836 ईसापूर्व के आसपास मिलता है। लगभग यही समय [[ज़रथुश्त्र]] (''ज़रदोश्त'' या ''ज़ोरोएस्टर'' के नाम से भी प्रसिद्ध) का काल माना जाता है। हालाँकि कई लोगों तथा ईरानी लोककथाओं के अनुसार ज़रदोश्त बस एक मिथक था कोई वास्तविक आदमी नहीं। पर चाहे जो हो उसी समय के आसपास उसके धर्म का प्रचार उस पूरे प्रदेश में हुआ। असीरिया के शाह ने लगभग 720 ईसापूर्व के आसपास [[इज़राइल|इज़रायल]] पर अधिपत्य जमा लिया। इसी समय कई यहूदियों को वहाँ से हटा कर मीदि प्रदेशों में लाकर बसाया गया। 530 ईसापूर्व के आसपास [[बाबिल|बेबीलोन]] फ़ारसी नियंत्रण में आ गया। उसी समय कई [[यहूदी]] वापस इसरायल लौट गए। इस दोरान जो यहूदी मीदी में रहे उनपर जरदोश्त के धर्म का बहुत असर पड़ा और इसके बाद यहूदी धर्म में काफ़ी परिवर्तन आया। === [[हख़ामनी साम्राज्य|हखामनी]] साम्राज्य === इस समय तक फारस मीदि साम्राज्य का अंग और सहायक रहा था। लेकिन ईसापूर्व 549 के आसपास एक फारसी राजकुमार सायरस (आधुनिक फ़ारसी में कुरोश) ने मीदी के राजा के खिलाफ़ विद्रोह कर दिया। उसने मीदी राजा एस्टिएज़ को पदच्युत कर राजधानी एक्बताना (आधुनिक [[हमादान]]) पर नियन्त्रण कर लिया। उसने फारस में [[हख़ामनी साम्राज्य|हखामनी वंश]] की नींव रखी और मीदिया और फ़ारस के रिश्तों को पलट दिया। अब फ़ारस सत्ता का केन्द्र और मीदिया उसका सहायक बन गया। पर कुरोश यहाँ नहीं रुका। उसने [[लीडिया]], [[आनातोलिया|एशिया माइनर]] (तुर्की) के प्रदेशों पर भी अधिकार कर लिया। उसका साम्राज्य तुर्की के पश्चिमी तट (जहाँ पर उसके दुश्मन [[यूनान|ग्रीक]] थे) से लेकर [[अफ़ग़ानिस्तान|अफ़गानिस्तान]] तक फैल गया था। उसके पुत्र कम्बोजिया (केम्बैसेस) ने साम्राज्य को [[मिस्र]] तक फैला दिया। इसके बाद कई विद्रोह हुए और फिर दारा प्रथम ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। उसने धार्मिक सहिष्णुता का मार्ग अपनाया और यहूदियों को जेरुशलम लौटने और अपना मन्दिर फ़िर से बनाने की इजाज़त दी। यूनानी इतिहासकार [[हिरोडोटस|हेरोडोटस]] के अनुसार दारा ने युवाओं का समर्थन प्राप्त करने की पूरी कोशिश की। उसने सायरस या केम्बैसेस की तरह कोई खास सैनिक सफलता तो अर्जित नहीं की पर उसने 512 इसापूर्व के आसपास य़ूरोप में अपना सैन्य अभियान चलाया था। डेरियस के काल में कई सुधार हुए, जैसे उसने शाही सिक्का चलाया और शाहंशाह (राजाओं के राजा) की उपाधि धारण की। उसने अपनी प्रजा पर पारसी संस्कृति थोपने का प्रयास नहीं किया जो उसकी सहिष्णुता को दिखाता है। अपने विशालकाय साम्राज्य की महिमा के लिए दारुश ने पर्सेलोलिस (तख़्त-ए-जमशेद) का भी निर्माण करवाया। उसके बाद पुत्र खशायर्श (क्ज़ेरेक्सेस) शासक बना जिसे उसके ग्रीक अभियानों के लिए जाना जाता है। उसने [[एथेंस|एथेन्स]] तथा [[स्पार्टा]] के राजा को हराया पर बाद में उसे सलामिस के पास हार का मुँह देखना पड़ा, जिसके बाद उसकी सेना बिखर गई। क्ज़ेरेक्सेस के पुत्र अर्तेक्ज़ेरेक्सेस ने 465 ईसा पूर्व में गद्दी सम्हाली। उसके बाद के प्रमुश शासकों में अर्तेक्ज़ेरेक्सेस द्वितीय, अर्तेक्ज़ेरेक्सेस तृतीय और उसके बाद दारा तृतीय का नाम आता है। दारा तृतीय के समय तक (336 ईसा पूर्व) फ़ारसी सेना काफ़ी संगठित हो गी थी। === सिकन्दर === इसी समय [[उत्तर मैसिडोनिया|मेसीडोनिया]] में [[सिकंदर|सिकन्दर]] का प्रभाव बढ़ रहा था। 334 ईसापूर्व में सिकन्दर ने [[आनातोलिया|एशिया माईनर]] (तुर्की के तटीय प्रदेश) पर धावा बोल दिया। दारा को भूमध्य सागर के तट पर [[इसुस]] में हार का मुँह देखना पड़ा। इसके बाद सिकन्दर ने तीन बार दारा को हराया। सिकन्दर इसापूर्व 330 में पर्सेपोलिस (तख़्त-ए-जमशेद) आया और उसके फतह के बाद उसने शहर को जला देने का आदेश दिया। सिकन्दर ने 326 इस्वी में भारत पर आक्रमण किया और फिर वो वापस लौट गया। 323 इसापूर्व के आसपास, बेबीलोन में उसकी मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के बाद उसके जीते फारसी साम्राज्य को इसके सेनापतियों ने आपस में विभाजित कर लिया। सिकन्दर के सबसे काबिल सेनापतियों में से एक [[सेल्युकस]] का नियन्त्रण मेसोपोटामिया तथा इरानी पठारी क्षेत्रों पर था। लेकिन इसी समय से उत्तर पूर्व में पार्थियों का विद्रोह आरम्भ हो गया था। पार्थियनों ने हखामनी शासकों की भी नाक में दम कर रखा था। मित्राडेट्स ने ईसापूर्व 123 से ईसापूर्व 87 तक अपेक्षाकृत स्थायित्व से शासन किया। अगले कुछ सालों तक शासन की बागडोर तो पार्थियनों के हाथ ही रही पर उनका नेतृत्व और समस्त ईरानी क्षेत्रों पर उनकी पकड़ ढीली ही रही। === सासानी === पर दूसरी सदी के बाद से [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] लोग, जो प्राचीन हख़ामनी वंश से अपने को जोड़ते थे और उन्हीं प्रदेश (आज का फ़ार्स प्रंत) से आए थे, की शक्ति में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई। उन्होंने रोमन साम्राज्य को चुनौती दी और कई सालों तक उनपर आक्रमण करते रहे। सन् 241 में शापुर ने रोमनों को मिसिको के युद्ध में हराया। 244 इस्वी तक [[आर्मीनिया|आर्मेनिया]] फारसी नियन्त्रण में आ गया। इसके अलावा भी पार्थियनों ने रोमनों को कई जगहों पर परेशान किया। सन् 273 में शापुर की मृत्यु हो गई। सन् 283 में रोमनों ने फारसी क्षेत्रों पर फिर से आक्रमण कर दिया। इसके फलस्वरूप आर्मेनिया के दो भाग हो गए - रोमन नियंत्रण वाले और फारसी नियंत्रण वाले। शापुर के पुत्रों को और भी समझौते करने पड़े और कुछ और क्षेत्र रोमनों के नियंत्रण में चले गए। सन् 310 में शापुर द्वितीय गद्दी पर युवावस्था में बैठा। उसने 379 इस्वी तक शासन किया। उसका शासन अपेक्षाकृत शान्त रहा। उसने धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाई। उसके उत्तराधिकारियों ने वही शान्ति पूर्ण विदेश नीति अपनाई पर उनमें सैन्य सबलता की कमी रही। आर्दशिर द्वितीय, शापुर तृतीय तथा बहराम चतुर्थ सभी संदेहजनक परिस्थितियों में मारे गए। उनके वारिस यज़्देगर्द ने रोमनों के साथ शान्ति बनाए रखा। उसके शासनकाल में रोमनों के साथ सम्बंध इतने शांतिपूर्ण हो गए कि पूर्वी रोमन साम्राज्य के शासक अर्केडियस ने यज़्देगर्द को अपने बेटे का अभिभावक बना दिया। उसके बाद बहरम पंचम शासक बना जो जंगली जानवरों के शिकार का शौकिन था। वो 438 इस्वी के आसपास एक जंगली खेल देखते वक्त लापता हो गया, जिसके बाद उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद की अराजकता में कावद प्रथम 488 इस्वी में शासक बना। इसके बाद खुसरो (531-579), होरमुज़्द चतुर्थ (579-589), खुसरो द्वितीय (490 - 627) तथा यज्देगर्द तृतीय का शासन आया। जब यज़्देगर्द ने सत्ता सम्हाली, तब वो केवल 8 साल का था। इसी समय [[अरब]], [[मुहम्मद|मुहम्मद]] के नेतृत्व में काफी शक्तिशाली हो गए थे। सन् 634 में उन्होंने ग़ज़ा के निकट बेजेन्टाइनों को एक निर्णायक युद्ध में हरा दिया। फारसी साम्राज्य पर भी उन्होंने आक्रमण किए थे पर वे उतने सफल नहीं रहे थे। सन् 641 में उन्होने हमादान के निकट यज़्देगर्द को हरा दिया जिसके बाद वो पूरब की तरफ सहायता याचना के लिए भागा पर उसकी मृत्यु मर्व में सन् 651 में उसके ही लोगों द्वारा हुई। इसके बाद अरबों का प्रभुत्व बढ़ता गया। उन्होंने 654 में खोरासान पर अधिकार कर लिया और 707 इस्वी तक [[बाल्ख़]]। === राफजी === [[चित्र:Iran circa 1000AD.png|thumbnail|left|360px|लगभग 1000 इस्वी का ईरान : मध्यकाल में ईरान में कोई एक केन्द्रीय सत्ता नहीं रह गई थी]] मुहम्मद साहब की मृत्यु के उपरान्त उनके वारिस को ख़लीफा कहा जाता था, जो इस्लाम के प्रमुख माने जाते थे। चौथे खलीफा (सुन्नी संप्रदाय के अनुसार) हज़रत अली रजियल्लाहु अन्हु (शिया इन्हें पहला इमाम मानता है), मुहम्मद साहब के फरीक थे और उनकी पुत्री फ़ातिमा रजियल्लाहु अन्हा के पति। पर उनके खिलाफत को चुनौती दी गई और विद्रोह भी हुए। सन् 661 में हजरत अली की हत्या कर उन्हें शहीद कर दिया गया। इसके बाद उम्मयदों का प्रभुत्व इस्लाम पर हो गया। सन् 680 में करबला में हजरत अली के दूसरे पुत्र इमाम हुसैन ने उम्मयदों के अधर्म की नीति का समर्थन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बयत नहीं की। जिसे तत्कालीन शासक ने बगावत का नाम देते हुए उनको एक युद्ध में कत्ल कर शहीद कर दिया। इसी दिन की याद में शिया मुसलमान गम में मुहर्रम मनाते हैं। इस समय तक इस्लाम दो खेमे में बट गया था - उम्मयदों का खेमा और अली के खेमा। 740 में उम्मयदों को तुर्कों से मुँह की खानी पड़ी। उसी साल एक फारसी परिवर्तित - अबू मुस्लिम - ने मुहम्मद साहब के वंश के नाम पर उम्मयदों के खिलाफ एक बड़ा जनमानस तैयार किया। उन्होंने सन् 749-50 के बीच उम्मयदों को हरा दिया और एक नया खलीफ़ा घोषित किया - अबुल अब्बास। अबुल अब्बास अली और हुसैन का वंशज तो नहीं पर मुहम्मद साहब के एक और फरीक का वंशज थे। उनसे अबु मुस्लिम की बढ़ती लोकप्रियता देखी नहीं गई और उसको 755 इस्वी में फाँसी पर लटका दिए। इस घटना को शिया संप्रदाय में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है क्योंकि एक बार फिर हजरत अली रजियल्लाहु अन्हु के समर्थकों को हाशिये पर ला खड़ा किया गया था। अबुल अब्बास के वंशजों ने कई सदियों तक राज किया। उनका वंश अब्बासी (अब्बासिद) वंश कहलाया और उन्होंने अपनी राजदानी बगदाद में स्थापित की। तेरहवी सदी में मंगोलों के आक्रमण के बाद बगदाद का पतन हो गया और ईरान में फिर से कुछ सालों के लिए राजनैतिक अराजकता छाई रही। === सूफीवाद === अब्बासिद काल में ईरान की प्रमुख घटनाओं में से एक थी सूफी आन्दोलन का विकास। सूफी वे लोग थे जो धार्मिक कट्टरता के खिलाफ थे और सरल जीवन पसन्द करते थे। इस आन्दोलन ने फ़ारसी भाषा में नामचीन कवियों को जन्म दिया। [[रुदाकी]], [[हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी|फिरदौसी]], [[उमर खय्याम]], [[नासिर-ए-खुसरो]], [[जलालुद्दीन रूमी|रुमी]], [[इराकी]], [[शेख़ सादी|सादी]], [[हफीज]] आदि उस काल के प्रसिद्ध कवि हुए। इस काल की फारसी कविता को कई जगहों पर विश्व की सबसे बेहतरीन काव्य कहा गया है। इनमें से कई कवि सूफी विचारदारा से ओतप्रोत थे और अब्बासी शासन के अलावा कईयों को [[मंगोल|मंगोलों]] का जुल्म भी सहना पड़ा था। पन्द्रहवीं सदी में जब मंगोलों की शक्ति क्षीण होने लगी तब ईरान के उत्तर पश्चिम में तुर्क घुड़सवारों से लैश एक सेना का उदय हुआ। इसके मूल के बारे में मतभेद है पर उन्होंने [[सफावी वंश]] की स्थापना की। वे सूफी बन गए और आने वाली कई सदियों तक उन्होंने इरानी भूभाग और फ़ारस के प्रभुत्व वाले इलाकों पर राज किया। इस समय सूफी इस्लाम बहुत फला फूला। 1720 के अफगान और पूर्वी विद्रोहों के बाद धीरे-धीरे साफावियों का पतन हो गया। 1729 में [[नादिर शाह|नादिर कोली]] ने अफ़गानों के प्रभुत्व को कम किया और शाह बन बैठा। वह एक बहुत बड़ा विजेता था और उसने भारत पर भी सन् 1739 में आक्रमण किया और भारी मात्रा में धन सम्पदा लूटकर वापस आ गया। भारत से हासिल की गई चीजों में [[कोहिनूर हीरा|कोहिनूर]] हीरा भी शामिल था। पर उसके बाद क़जार वंश का शासन आया जिसके काल में यूरोपीय प्रभुत्व बढ़ गया। उत्तर से रूस, पश्चिम से फ़्रांस तथा पूरब से ब्रिटेन की निगाहें फारस पर पड़ गईं। सन् 1905-1911 में यूरोपीय प्रभाव बढ़ जाने और शाह की निष्क्रियता के खिलाफ एक जनान्दोलन हुआ। ईरान के तेल क्षेत्रों को लेकर तनाव बना रहा। प्रथम विश्वयुद्ध में तुर्की के पराजित होने के बाद ईरान को भी उसका फल भुगतना पड़ा। 1930 और 40 के दशक में रज़ा शाह पहलवी ने सुधारों की पहल की। 1979 में इस्लामिक क्रान्ति हुई और ईरान एक इस्लामिक गणतन्त्र घोषित कर दिया गया। इसके बाद अयातोल्ला ख़ुमैनी, जिन्हें शाह ने देश निकाला दे दिया था, ईरान के प्रथम राष्ट्रपति बने। इराक़ के साथ युद्ध होने से देश की स्थिति खराब हो गई। === आधुनिकीकरण === रजा शाह पहलवी ने 1930 के दशक में इरान का आधुनिकीकरण प्रारम्भ किया। पर वो अपने प्रेरणस्रोत तुर्की के कमाल पाशा की तरह सफल नहीं रह सका। उसने शिक्षा के लिए अभूतपूर्व बन्दोबस्त किए तथा सेना को सुगठित किया। उसने ईरान की सम्प्रभुता को बरकरार रखते हुए ब्रिटेन और रूस के सन्तुलित प्रभावों को बनाए रखने की कोशिश की पर द्वितीय विश्वयुद्ध के ठीक पहले [[जर्मनी]] के साथ उसके बढ़ते ताल्लुकात से ब्रिटेन और रूस को गम्भीर चिन्ता हुई। दोनों देशों ने रज़ा पहलवी पर दबाब बनाया और बाद में उसे उपने बेटे मोहम्मद रज़ा के पक्ष में गद्दी छोड़नी पड़ी। मोहम्मद रज़ा के प्रधानमन्त्री मोहम्मद मोसद्देक़ को भी इस्तीफ़ा देना पड़ा। === ईरानी इस्लामिक क्रान्ति === बीसवीं सदी के ईरान की सबसे महत्वपूर्ण घटना थी [[ईरान की इस्लामी क्रांति|ईरान की इस्लामिक क्रान्ति]]। शहरों में तेल के पैसों की समृद्धि और गाँवों में गरीबी; सत्तर के दशक का सूखा और शाह द्वारा यूरोपीय तथा बाकी देशों के प्रतिनिधियों को दिए गए भोज जिसमें अकूत पैसा खर्च किया गया था ने ईरान की गरीब जनता को शाह के खिलाफ़ भड़काया। इस्लाम में निहित समानता को अपना नारा बनाकर लोगों ने शाह के शासन का विरोध करना आरम्भ किया। आधुनिकीकरण के पक्षधर शाह को गरीब लोग पश्चिमी देशों का पिट्ठू के रूप में देखने लगे। 1979 में अभूतपूर्व प्रदर्शन हुए जिसमें हिसंक प्रदर्शनों की संख्या बढ़ती गई। अमेरिकी दूतावास को घेर लिया गया और इसके कर्मचारियों को बन्धक बना लिया गया। शाह के समर्थकों तथा संस्थानों में हिसक झड़पें हुईं और इसके फलस्वरूप 1989 में फलस्वरूप पहलवी वंश का पतन हो गया और ईरान एक इस्लामिक गणराज्य बना जिसका शीर्ष नेता एक धार्मिक मौलाना होता था। अयातोल्ला खोमैनी को शीर्ष नेता का पद मिला और ईरान ने इस्लामिक में अपनी स्थिति मजबूत की। उनका देहान्त 1989 में हुआ। इसके बाद से ईरान में विदेशी प्रभुत्व लगभग समाप्त हो गया। == जनवृत्त == ईरान में भिन्न-भिन्न जाति के लोग रहते हैं। यहाँ 70 प्रतिशत जनता भारोपीय जाति की है और हिन्द-ईरानी भाषाएँ बोलती है। जातिगत आँकड़ो को देखें तो 54 प्रतिशत फारसी, 24 प्रतिशत अज़री, मज़न्दरानी और गरकी 8 प्रतिशत, कुर्द 7 प्रतिशत, अरबी 3 प्रतिशत, बलोची, लूरी और तुर्कमेन 2, प्रतिशत (प्रत्येक) तथा कई अन्य जातिय़ाँ शामिल हैं। सात करोड़ की जनसंख्या वाला ईरान विश्व में शरणागतों के सबसे बड़े देशों में से एक है, जहाँ इराक़ तथा अफ़गानिस्तान से कई शरणार्थियों ने अपने देशों में चल रहे युद्धों के कारण शरण ले रखी है। === पन्थ === ईरान का प्राचीन नाम पार्स (फ़ारस) था और पार्स के रहने वाले लोग पारसी कहलाए, जो [[ज़रथुस्त्र]] के अनुयायी थे और सूर्य व अग्नि पूजक थे। सातवीं शताब्दी में [[अरब|अरबों]] ने पार्स पर विजय पाई और वहाँ जबरन [[इस्लाम]] का प्रसार हुआ। वहां की जनता को जबर से इस्लाम में मिलाया जा रहा था इसलिए जो पारसी इस्लाम अपना गए वो आगे चलकर पारसी कहलाये व उत्पीड़न से बचने के लिए बहुत से पारसी [[भारत]] आ गए। वे अपना मूल धर्म (सूर्य पूजन) नहीं छोड़ना चाहते थे| आज भी दक्षिण एशियाई देश भारत में पारसी मन्दिर देखने को मिलते हैं | इस्लाम में ईरान का एक विशेष स्थान है। सातवीं सदी से पहले यहाँ जरथुस्ट्र धर्म के अलावा कई और धर्मों तथा मतों के अनुयायी थे। अरबों द्वारा ईरान विजय (फ़ारस) के बाद यहाँ शिया इस्लाम का उदय हुआ। आज ईरान के अलावा भारत, दक्षिणी इराक, अफ़गानिस्तान, अजरबैजान तथा पाकिस्तान में भी शिया मुस्लिमों की आबादी निवास करती है। लगभग सम्पूर्ण [[अरब]], [[मिस्र]], [[तुर्की]], उत्तरी तथा पश्चिमी इराक, लेबनॉन को छोड़कर लगभग सम्पूर्ण मध्यपूर्व, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताज़िकिस्तान तुर्केमेनिस्तान तथा भारतोत्तर पूर्वी एशिया के मुसलमान मुख्यतः सुन्नी हैं। == अर्थव्यवस्था == ईरान की अर्थव्यवस्था तेल और प्राकृतिक गैस से संबंधित उद्योगों तथा कृषि पर आधारित है। सन् 2006 में ईरान के बज़ट का 45 प्रतिशत तेल तथा प्राकृतिक गैस से मिले रकम से आया और 31 प्रतिशत करों और चुंगियों से। ईरान के पास क़रीब 70 अरब [[अमेरिकी डॉलर]] रिज़र्व में है और इसकी सालाना [[सकल घरेलू उत्पाद]] 206 अरब अमेरिकी डॉलर थी। इसकी वार्षिक विकास दर 6 प्रतिशत है। [[संयुक्त राष्ट्र]] के मुताबिक़ ईरान एक अर्ध-विकसित अर्थव्यवस्था है। सेवाक्षेत्र का योगदान सकल घरेलू उत्पाद में सबसे ज्यादा है। देश के रोज़गार में 1.8 प्रतिशत रोजगार पर्यटन के क्षेत्र में है। वर्ष 2004 में ईरान में 16,59,000 पर्यटक आए थे। ईरान का पर्यटन से होने वाली आय वाले देशों की सूची में 89वाँ स्थान है पर इसका नाम सबसे ज्यादा पर्यटकों की दृष्टि से 10वें स्थान पर आता है। प्राकृतिक गैसों के रिज़र्व (भंडार) की दृष्टि से ईरान विश्व का सबसे बड़ा देश है। तेल उत्पादक देशों के संगठन [[ओपेक]] का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है।ईरान (Listeni/ɪˈrɑːn /, भी/ɪˈræn /; [ 10] [11] फ़ारसी: ایران Irān [ʔiːˈɾɒːn] (के बारे में यह ध्वनि सुनो)), भी रूप में फारस [12] (ˈpɜːrʒə /), [13] ईरान के इस्लामी गणराज्य की आधिकारिक तौर पर जाना जाता (फारसी: جمهوری اسلامی ایران Jomhuri-तु Eslāmi-तु Irān (के बारे में यह ध्वनि सुनो)), [14] पश्चिमी एशिया में एक संप्रभु राज्य है। [15] [16] यह पश्चिमोत्तर आर्मेनिया, Artsakh के वास्तविक स्वतंत्र गणराज्य, अज़रबैजान और exclave Nakhchivan के द्वारा bordered है; कैस्पियन सागर से उत्तर करने के लिए; तुर्कमेनिस्तान ने पूर्वोत्तर के लिए; करने के लिए पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान द्वारा; फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से दक्षिण करने के लिए; और तुर्की और इराक द्वारा पश्चिम। (मार्च 2017) के रूप में पर 79.92 लाख निवासियों के साथ, ईरान दुनिया के 18-सबसे-अधिक आबादी वाला देश है। [17] 1,648,195 km2 (636,372 वर्ग मील), का एक भूमि क्षेत्र शामिल हैं यह दूसरा सबसे बड़ा देश मध्य पूर्व में और 18 वीं दुनिया में सबसे बड़ा है। यह दोनों एक कैस्पियन सागर और हिंद महासागर तट से केवल देश है। मध्य देश की महान geostrategic महत्त्व के यूरेशिया और पश्चिमी एशिया, और होर्मुज के लिए अपनी निकटता में स्थान बनाते। [18] तेहरान देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है, साथ ही इसके प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र है। ईरान है दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं, [19] [20] 4 सहस्राब्दी ई. पू. में Elamite राज्यों के गठन के साथ शुरुआत के एक घर। यह पहले ईरानी मीदि साम्राज्य द्वारा 7 वीं सदी ईसा पूर्व में, [21] एकीकृत और हख़ामनी साम्राज्य महान सिंधु घाटी करने के लिए, दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य बनने पूर्वी यूरोप से खींच 6 वीं सदी ई. पू., में अभी तक देखा था साइरस द्वारा की स्थापना के दौरान इसकी सबसे बड़ी सीमा तक पहुँच गया था। [22] ईरानी दायरे के लिए अलेक्जेंडर महान 4 शताब्दी ईसा पूर्व में गिर गया, लेकिन अंतिम ससानी साम्राज्य, जो अगले चार सदियों के लिए एक अग्रणी विश्व शक्ति बन गया के बाद साम्राज्य के रूप में कुछ ही समय बाद reemerged. [23] [24] अरब मुसलमानों साम्राज्य 7 शताब्दी ईसा में, मोटे तौर पर स्वदेशी धर्मों के पारसी धर्म और इस्लाम के साथ मानी थापन पर विजय प्राप्त की। कला और विज्ञान में कई प्रभावशाली आंकड़े उत्पादन ईरान इस्लामी स्वर्ण युग और उसके बाद, करने के लिए प्रमुख योगदान दिया। दो शताब्दियों के बाद, विभिन्न देशी मुस्लिम राजवंशों की अवधि, जो बाद में तुर्कों और मंगोलों द्वारा विजय प्राप्त थे शुरू कर दिया। 15 वीं सदी में Safavids के उदय का एक एकीकृत ईरानी राज्य और जो शिया इस्लाम, ईरानी और मुस्लिम इतिहास में एक मोड़ चिह्नित करने के लिए देश के रूपांतरण के बाद राष्ट्रीय पहचान, [4] के reestablishment करने के लिए नेतृत्व किया। [5] [25] द्वारा 18 वीं सदी, नादिर शाह, के तहत ईरान संक्षेप में क्या यकीनन उस समय सबसे शक्तिशाली साम्राज्य था पास। [26] 19 वीं सदी में रूसी साम्राज्य के साथ विरोध करता महत्वपूर्ण क्षेत्रीय नुकसान के लिए नेतृत्व किया। [27] [28] लोकप्रिय अशांति में संवैधानिक क्रांति 1906, जो एक संवैधानिक राजशाही और देश का पहला विधानमंडल की स्थापना का समापन हुआ। यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में 1953, ईरान द्वारा धीरे-धीरे उकसाया एक तख्तापलट के बाद पश्चिमी देशों के साथ बारीकी से गठबंधन बन गया, और तेजी से निरंकुश हो गया। [29] विदेशी प्रभाव और राजनीतिक दमन एक धर्म द्वारा 1979 क्रांति, जो संसदीय लोकतंत्र के तत्त्व भी शामिल है जो एक राजनीतिक प्रणाली संचालित और निगरानी की एक इस्लामी गणराज्य, [30] की स्थापना के बाद के नेतृत्व के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा एक निरंकुश 'सर्वोच्च नेता' नियंत्रित होता. ईरान संयुक्त राष्ट्र, पर्यावरण, NAM, ओ, और ओपेक के एक संस्थापक सदस्य है। यह एक प्रमुख क्षेत्रीय और मध्य शक्ति, है और जीवाश्म ईंधन, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और चौथा सबसे बड़ा तेल सिद्ध शामिल हैं-के अपने बड़े भंडार सुरक्षित रखता है अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और विश्व अर्थव्यवस्था में काफी प्रभाव डालती। देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भाग में अपने 21 यूनेस्को विश्व धरोहर, दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी संख्या एशिया में और 11 वीं सबसे बड़ी द्वारा परिलक्षित होता है। [37] ईरान कई जातीय और भाषायी समूहों, सबसे बड़ा होने के नाते फारसियों (61 प्रतिशत), जिसमें एक बहुसांस्कृतिक देश है Azeris (16 %), कुर्द (10 %), और Lurs (6 %). [ 36] सामग्री [छुपाने के] 1 नाम 2 इतिहास 2.1 प्रागितिहास 2.2 शास्त्रीय पुरातनता 2.3 मध्ययुगीन काल 2.4 प्रारंभिक आधुनिक काल 1940 के दशक के लिए 1800 से 2.5 2.6 समकालीन युग 3 भूगोल 3.1 जलवायु 3.2 जीव 3.3 क्षेत्र, प्रांत और शहर 4 सरकार और राजनीति 4.1 नेता 4.2 राष्ट्रपति 4.3 इस्लामी परामर्शक सभा (संसद) 4.4 कानून 4.5 विदेश संबंध 4.6 सेना 5 अर्थव्यवस्था 5.1 पर्यटन 5.2 ऊर्जा 6 शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी 7 जनसांख्यिकी 7.1 भाषाएँ 7.2 जातीय समूह 7.3 धर्म 8 संस्कृति 8.1 कला 8.2 वास्तुकला 8.3 साहित्य 8.4 दर्शन 8.5 पौराणिक कथाओं 8.6 पालन 8.7 संगीत 8.8 थियेटर 8.9 सिनेमा और एनिमेशन 8.10 मीडिया 8.11 खेल 8.12 भोजन 9 यह भी देखें 10 नोट्स 11 संदर्भ 12 ग्रंथ सूची 13 बाह्य लिंक नाम मुख्य लेख: ईरान का नाम शब्द ईरान निकला == यह भी देखिए == * [[पारस]] * [[पह्लव]] * [[पारद]] * [[ईरानी चित्रकला]] * [[पारसी]] * [[wikt:ईरान]] (विक्षनरी) == बाहरी कड़ियाँ == {{Sister project links|auto=yes}} * [https://web.archive.org/web/20100205052517/http://rachanakar.blogspot.com/2007/03/asghar-wazahat-ka-iraan-yatra-sansmaran.html "चलते तो अच्छा था" ईरान और आज़रबाईजान के यात्रा संस्मरण - [[असग़र वजाहत]]] {{दक्षिण एशिया के देश और क्षेत्र}} {{एशिया के देश}} {{हिन्द महासागर तटवर्ती देश}} {{इस्लामी गणराज्य}} {{Authority control}} [[श्रेणी:इस्लामी गणराज्य]] [[श्रेणी:एशिया के देश]] [[श्रेणी:ईरान]] [[श्रेणी:पश्चिमी एशिया]] 58megrkv4em8fgdhru6essbpiwhtvfl 6540992 6540976 2026-04-15T19:27:04Z ~2026-21496-92 919279 [[Special:Diff/6540971|6540971]] से [[Special:Diff/6540976|6540976]] तक 3 अवतरण पूर्ववत किए 6540992 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक देश | native_name = {{naskh|جمهوری اسلامی ايران}} | conventional_long_name = ईरान इस्लामी गणराज्य | common_name = ईरान | image_flag = Flag of Iran.svg | image_coat = Coat of arms of Iran.svg | image_map = Iran (orthographic projection).svg | national_motto = {{naskh|"استقلال، آزادی، جمهوری اسلامی"}}<br>{{small|("स्वतंत्रता, मुक्ति, इस्लामी गणराज्य")}}<br>[[तकबीर|{{naskh|"اَللَّٰهُ أَكْبَرُ"}}]] <br>{{small|("अल्लाह सबसे महान है")}} | national_anthem = {{naskh|سرود ملی جمهوری اسلامی ایران}}<br><small>([[ईरान इस्लामी गणराज्य का राष्ट्रगान]])<br> <div style="display:inline-block;margin-top:0.4em;">{{center|[[File:Sorud-e Mellí-e Yomhurí-e Eslamí-e Irán (instrumental).oga]]}}</div> | capital = [[तेहरान]] | largest_city = [[तेहरान]] | official_languages = [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] | demonym = ईरानी | government_type = एकात्मक [[अध्यक्षीय प्रणाली|अध्यक्षीय]] [[धर्मतंत्र|धर्मतांत्रिक]] [[इस्लामी गणराज्य]] | leader_title1 = [[ईरान का सर्वोच्च नेता|सर्वोच्च नेता]] | leader_name1 = Vacant | leader_title2 = [[राष्ट्रपति]] | leader_name2 = [[मसूद पेज़ेशकियान]] | leader_title3 = [[ईरान के उपराष्ट्रपति की सूची|उपराष्ट्रपति]] | leader_name3 = [[मोहम्मद रेज़ा आरेफ़]] | sovereignty_type = एकीकरण | established_event1 = [[मादी राज्य]] | established_date1 = {{circa|678 ई.पू.}} | established_event2 = [[हख़ामनी साम्राज्य]] | established_date2 = 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दिसंबर 1905 |coordinates={{coord|35|41|N|51|25|E|display=inline}}|established_event9=[[पहलवी ईरान]]|established_event10=[[ईरान की इस्लामी क्रांति|ईरानी क्रांति]]|established_event11=[[ईरान का संविधान|वर्तमान संविधान]]|established_event12=संविधान सुधार|established_date9=15 दिसंबर 1925|established_date10=11 फ़रवरी 1979|established_date11=3 दिसंबर 1979|established_date12=28 जुलाई 1989|population_estimate={{IncreaseNeutral}} 8,59,61,000|population_density_km2=52|population_estimate_year=2024|population_estimate_rank=17वीं|GDP_nominal={{Increase}} $4.342 खरब|GDP_nominal_year=2024|GDP_nominal_per_capita={{Increase}} $5,013|GDP_nominal_rank=37वाँ|GDP_nominal_per_capita_rank=120वाँ|Gini=34.8|Gini_change=decrease|Gini_year=2022|iso3166code=IR|legislature=[[इस्लामी परामर्शक सभा (ईरान)|इस्लामी परामर्शक सभा]]}} '''ईरान''' ({{Langx|fa|{{naskh|ایران}}}}), आधिकारिक नाम '''ईरान इस्लामी गणराज्य''', [[पश्चिमी एशिया]] में स्थित एक देश है। इसे सन 1935 तक फ़ारस (पर्शिया) नाम से भी जाना जाता है। इसकी राजधानी [[तेहरान]] है और यह देश पश्चिम में [[इराक़]] और [[तुर्की]], उत्तर-पश्चिम में [[अज़रबैजान]] और [[आर्मीनिया]], उत्तर में [[कैस्पियन सागर]], उत्तर-पूर्व में [[तुर्कमेनिस्तान]], पूर्व में [[अफ़ग़ानिस्तान|अफ़्ग़ानिस्तान]] और [[पाकिस्तान]] और दक्षिण में [[फ़ारस की खाड़ी]] और [[ओमान की खाड़ी]] से घिरा है। यह क्षेत्र कभी फारसी बहुल ईरान दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है। छठी शताब्दी ईसा पूर्व में [[साइरस महान]] ने [[हख़ामनी साम्राज्य]] की स्थापना की जो इतिहास के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक बना। चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में [[सिकंदर]] ने इस साम्राज्य को परास्त कर दिया। यूनानी राज के बाद इस पर [[पहलवी साम्राज्य|पहलवी]] तथा [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] साम्राज्यों का राज रहा। [[अरब लोग|अरब]] मुसलमानों ने सातवीं शताब्दी ईस्वी में इस क्षेत्र पर विजय प्राप्त की और इसका इस्लामीकरण किया। आगे चलके यह इस्लामी संस्कृति और शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन गया। इसकी कला, साहित्य, दर्शन और वास्तुकला [[इस्लामी स्वर्ण युग]] के दौरान [[इस्लामी दुनिया]] में और उससे आगे फैल गई। [[तुर्क लोग|तुर्क]] और [[मंगोल साम्राज्य|मंगोल]] शासन के बाद पंद्रहवीं शताब्दी में ईरान फिर से एकजुट हुआ। उन्नीसवीं सदी तक इसने अपनी काफ़ी ज़मीन खो दी थी। [[1953 का ईरानी तख्तापलट|1953 के तख्तापलट]] ने निरंकुश शासक [[मोहम्मद रज़ा पहलवी]] को और ताकतवर बना दिया जिसने [[इंक़िलाब-ए-सफ़ेद|दूरगामी सुधारों की एक श्रृंखला]] शुरू की। [[ईरान की इस्लामी क्रांति|इस्लामी क्रांति]] के बाद ईरान को 1979 में इस्लामी गणराज्य घोषित किया गया था। आज, ईरान एक [[इस्लामी गणराज्य]] तथा धर्मतंत्र है। ईरानी सरकार [[मानवाधिकार|मानवाधिकारों]] और नागरिक स्वतंत्रता के हनन के लिए, विशेष रूप से [[महिलाओं के अधिकार|महिलाओं]] के लिए, व्यापक आलोचनाओं को आकर्षित करती है। इसे [[सुन्नी इस्लाम|सुन्नी]] बहुल [[सउदी अरब]] और [[इज़राइल]] का विरोधी माना जाता है। इसकी सरकार अधिकांश [[मध्य पूर्व में आधुनिक संघर्षों की सूची|आधुनिक मध्य पूर्वी संघर्षों]] में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहती है। तेहरान, [[इस्फ़हान]], [[तबरेज़]], [[मशहद]] इत्यादि इसके कुछ प्रमुख शहर हैं। राजधानी तेहरान में देश की 15 प्रतिशत जनता वास करती है। ईरान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः [[तेल]] और [[प्राकृतिक गैस]] निर्यात पर निर्भर है। [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] यहाँ की मुख्य भाषा है। फ़ारसी लोगों के बाद अज़रबैजानी, [[कुर्द लोग|कुर्द]] और [[लुर लोग|लुर]] यहाँ की सबसे बड़े जातीय समूह हैं। नाबालिगों को मृत्युदंड देने के मामले में ईरान विश्व में प्रथम स्थान पर है।<ref name="n741">{{cite journal | last=Nations | first=United | title=Human Development Report 2011 | journal=Human Development Reports | date=1 January 2011 | url=https://hdr.undp.org/content/human-development-report-2011 | access-date=11 December 2025 | page=}}</ref> == नाम == ईरान का प्राचीन नाम फ़ारस था। इस नाम की उत्पत्ति के पीछे इसके साम्राज्य का इतिहास शामिल है। [[बाबिल]] के समय (4000-700 ईसा पूर्व) तक पार्स प्रान्त इन साम्राज्यों के अधीन था। जब 550 ईस्वी में कुरोश ने पार्स की सत्ता स्थापित की तो उसके बाद मिस्र से लेकर आधुनिक अफ़गानिस्तान तक और बुखारा से फ़ारस की खाड़ी तक ये साम्राज्य फैल गया। इस साम्राज्य के तहत [[मिस्र]]ी, [[अरब]], [[यूनानी]], [[आर्य]] ([[ईरान]]), [[यहूदी]] तथा अन्य कई नस्ल के लोग थे। अगर सबों ने नहीं तो कम से कम यूनानियों ने इन्हें, इनकी राजधानी पार्स के नाम पर, पारसी कहना आरम्भ किया। इसी के नाम पर इसे पारसी साम्राज्य कहा जाने लगा। यहाँ का समुदाय प्राचीन काल में हिन्दुओ की तरह सूर्य पूजक था। यहाँ हवन भी हुआ करते थे लेकिन सातवीं सदी में जब [[इस्लाम धर्म]] आया तो अरबों का प्रभुत्व ईरानी क्षेत्र पर हो गया। अरबों की वर्णमाला में (''प'') उच्चारण नहीं होता है। उन्होंने इसे ''पारस'' के बदले ''[[फ़ारस|फ़ारस]]'' कहना चालू किया और भाषा पारसी के बदले फ़ारसी बन गई। यह नाम [[फ़ारसी भाषा]] के बोलने वालों के लिए प्रयोग किया जाता था। ईरान (या एरान) शब्द [[आर्य]] मूल के लोगों के लिए प्रयुक्त शब्द ''एर्यनम'' से आया है, जिसका अर्थ है [[आर्य|आर्यों]] की भूमि। [[हख़ामनी साम्राज्य|हख़ामनी]] शासकों के समय भी ''आर्यम'' तथा ''एइरयम'' शब्दों का प्रयोग हुआ है। ईरानी स्रोतों में यह शब्द सबसे पहले अवेस्ता में मिलता है। अवेस्ता ईरान में आर्यों के आगमन (दूसरी सदी ईसापूर्व) के बाद लिखा गया ग्रंथ माना जाता है। इसमें आर्यों तथा अनार्यों के लिए कई छन्द लिखे हैं और इसकी पंक्तियाँ [[ऋग्वेद]] से मेल खाती है। लगभग इसी समय [[भारत]] में भी आर्यों का आगमन हुआ था। पहलवी शासकों ने ''एरान'' तथा ''आर्यन'' दोनों शब्दों का प्रयोग किया है। बाहरी दुनिया के लिए 1935 तक नाम फ़ारस था। सन् 1935 में [[रज़ाशाह पहलवी]] के नवीनीकरण कार्यक्रमों के तहत देश का नाम बदलकर फ़ारस से ईरान कर दिया गया थ। == [[भौगोलिक]] स्थिति और विभाग == ईरान को पारम्परिक रूप से मध्यपूर्व का अंग माना जाता है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से यह मध्यपूर्व के अन्य देशों से जुड़ा रहा है। यह [[अरब सागर]] के उत्तर तथा [[कैस्पियन सागर]] के बीच स्थित है और इसका क्षेत्रफल 16,48,000 वर्ग किलोमीटर है जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग आधा है। इसकी कुल स्थलसीमा 5440 किलोमीटर है और यह [[इराक़|इराक]](1458 कि॰मी॰), [[आर्मीनिया|अर्मेनिया]](35), [[तुर्की]](499), [[अज़रबाइजान|अज़रबैजान]](432), [[अफ़ग़ानिस्तान|अफग़ानिस्तान]](936) तथा [[पाकिस्तान]] (906 कि॰मी॰) के बीच स्थित है। कैस्पियन सागर के इसकी सीमा सगभग 740 किलोमीटर लम्बी है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह विश्व में 18वें नम्बर पर आता है। यहाँ का भूतल मुख्यतः पठारी, पहाड़ी और मरुस्थलीय है। वार्षिक वर्षा 25 सेमी होती है। समुद्र तल से तुलना करने पर ईरान का सबसे निचला स्थान उत्तर में कैस्पियन सागर का तट आता है जो 28 मीटर की उचाई पर स्थित है जबकि [[कूह-ए-दमवन्द]] जो कैस्पियन तट से सिर्फ 70 किलोमीटर दक्षिण में है, सबसे ऊँचा शिखर है। इसकी समुद्रतल से ऊँचाई 5,610 मीटर है। {{ईरान का प्रांतीय मानचित्र}} ईरान तीस प्रान्तों में बँटा है। इनमें से मुख्य क्षेत्रों का विवरण इस प्रकार है - * [[आर्दबील|अर्दाबिल]] * [[अज़रबाजान]] * [[ख़ोरासान|खोरासान]] * [[गोलेस्तान]] * [[फ़ार्स|फार्स]] * [[हमादान]] * [[इस्फ़हान]]*[[करमान]] * [[ख़ूज़स्तान|क़ुज़ेस्तान]] * [[तेहरान]] * [[क़ुर्दिस्तान]] * [[माज़न्दरान]] * [[क़ोम प्रांत|क़ोम]] * [[यज़्द]] * [[सिस्तान और बलूचिस्तान|सिस्तान और बलुचिस्तान]] == इतिहास == {{main|ईरान का इतिहास}} माना जाता है कि ईरान में पहले पुरापाषाणयुग कालीन लोग रहते थे। यहाँ पर मानव निवास एक लाख साल पुराना हो सकता है। लगभग 5000 ईसापूर्व से खेती आरंभ हो गई थी। [[मेसोपोटामिया]] की सभ्यता के स्थल के पूर्व में मानव बस्तियों के होने के प्रमाण मिले हैं। ईरानी लोग ([[आर्य]]) लगभग 2000 ईसापूर्व के आसपास उत्तर तथा पूरब की दिशा से आए। इन्होंने यहाँ के लोगों के साथ एक मिश्रित संस्कृति की आधारशिला रखी जिससे ईरान को उसकी पहचान मिली। आधिनुक ईरान इसी संस्कृति पर विकसित हुआ। ये यायावर लोग ईरानी भाषा बोलते थे और धीरे धीरे इन्होंने कृषि करना आरंभ किया। आर्यों का कई शाखाए ईरान (तथा अन्य देशों तथा क्षेत्रों) में आई। इनमें से कुछ [[मिदि]], कुछ पार्थियन, कुछ फारसी, कुछ सोगदी तो कुछ अन्य नामों से जाने गए। मीदी तथा फारसियों का ज़िक्र [[अश्शूर|असीरियाई]] स्रोतों में 836 ईसापूर्व के आसपास मिलता है। लगभग यही समय [[ज़रथुश्त्र]] (''ज़रदोश्त'' या ''ज़ोरोएस्टर'' के नाम से भी प्रसिद्ध) का काल माना जाता है। हालाँकि कई लोगों तथा ईरानी लोककथाओं के अनुसार ज़रदोश्त बस एक मिथक था कोई वास्तविक आदमी नहीं। पर चाहे जो हो उसी समय के आसपास उसके धर्म का प्रचार उस पूरे प्रदेश में हुआ। असीरिया के शाह ने लगभग 720 ईसापूर्व के आसपास [[इज़राइल|इज़रायल]] पर अधिपत्य जमा लिया। इसी समय कई यहूदियों को वहाँ से हटा कर मीदि प्रदेशों में लाकर बसाया गया। 530 ईसापूर्व के आसपास [[बाबिल|बेबीलोन]] फ़ारसी नियंत्रण में आ गया। उसी समय कई [[यहूदी]] वापस इसरायल लौट गए। इस दोरान जो यहूदी मीदी में रहे उनपर जरदोश्त के धर्म का बहुत असर पड़ा और इसके बाद यहूदी धर्म में काफ़ी परिवर्तन आया। === [[हख़ामनी साम्राज्य|हखामनी]] साम्राज्य === इस समय तक फारस मीदि साम्राज्य का अंग और सहायक रहा था। लेकिन ईसापूर्व 549 के आसपास एक फारसी राजकुमार सायरस (आधुनिक फ़ारसी में कुरोश) ने मीदी के राजा के खिलाफ़ विद्रोह कर दिया। उसने मीदी राजा एस्टिएज़ को पदच्युत कर राजधानी एक्बताना (आधुनिक [[हमादान]]) पर नियन्त्रण कर लिया। उसने फारस में [[हख़ामनी साम्राज्य|हखामनी वंश]] की नींव रखी और मीदिया और फ़ारस के रिश्तों को पलट दिया। अब फ़ारस सत्ता का केन्द्र और मीदिया उसका सहायक बन गया। पर कुरोश यहाँ नहीं रुका। उसने [[लीडिया]], [[आनातोलिया|एशिया माइनर]] (तुर्की) के प्रदेशों पर भी अधिकार कर लिया। उसका साम्राज्य तुर्की के पश्चिमी तट (जहाँ पर उसके दुश्मन [[यूनान|ग्रीक]] थे) से लेकर [[अफ़ग़ानिस्तान|अफ़गानिस्तान]] तक फैल गया था। उसके पुत्र कम्बोजिया (केम्बैसेस) ने साम्राज्य को [[मिस्र]] तक फैला दिया। इसके बाद कई विद्रोह हुए और फिर दारा प्रथम ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। उसने धार्मिक सहिष्णुता का मार्ग अपनाया और यहूदियों को जेरुशलम लौटने और अपना मन्दिर फ़िर से बनाने की इजाज़त दी। यूनानी इतिहासकार [[हिरोडोटस|हेरोडोटस]] के अनुसार दारा ने युवाओं का समर्थन प्राप्त करने की पूरी कोशिश की। उसने सायरस या केम्बैसेस की तरह कोई खास सैनिक सफलता तो अर्जित नहीं की पर उसने 512 इसापूर्व के आसपास य़ूरोप में अपना सैन्य अभियान चलाया था। डेरियस के काल में कई सुधार हुए, जैसे उसने शाही सिक्का चलाया और शाहंशाह (राजाओं के राजा) की उपाधि धारण की। उसने अपनी प्रजा पर पारसी संस्कृति थोपने का प्रयास नहीं किया जो उसकी सहिष्णुता को दिखाता है। अपने विशालकाय साम्राज्य की महिमा के लिए दारुश ने पर्सेलोलिस (तख़्त-ए-जमशेद) का भी निर्माण करवाया। उसके बाद पुत्र खशायर्श (क्ज़ेरेक्सेस) शासक बना जिसे उसके ग्रीक अभियानों के लिए जाना जाता है। उसने [[एथेंस|एथेन्स]] तथा [[स्पार्टा]] के राजा को हराया पर बाद में उसे सलामिस के पास हार का मुँह देखना पड़ा, जिसके बाद उसकी सेना बिखर गई। क्ज़ेरेक्सेस के पुत्र अर्तेक्ज़ेरेक्सेस ने 465 ईसा पूर्व में गद्दी सम्हाली। उसके बाद के प्रमुश शासकों में अर्तेक्ज़ेरेक्सेस द्वितीय, अर्तेक्ज़ेरेक्सेस तृतीय और उसके बाद दारा तृतीय का नाम आता है। दारा तृतीय के समय तक (336 ईसा पूर्व) फ़ारसी सेना काफ़ी संगठित हो गी थी। === सिकन्दर === इसी समय [[उत्तर मैसिडोनिया|मेसीडोनिया]] में [[सिकंदर|सिकन्दर]] का प्रभाव बढ़ रहा था। 334 ईसापूर्व में सिकन्दर ने [[आनातोलिया|एशिया माईनर]] (तुर्की के तटीय प्रदेश) पर धावा बोल दिया। दारा को भूमध्य सागर के तट पर [[इसुस]] में हार का मुँह देखना पड़ा। इसके बाद सिकन्दर ने तीन बार दारा को हराया। सिकन्दर इसापूर्व 330 में पर्सेपोलिस (तख़्त-ए-जमशेद) आया और उसके फतह के बाद उसने शहर को जला देने का आदेश दिया। सिकन्दर ने 326 इस्वी में भारत पर आक्रमण किया और फिर वो वापस लौट गया। 323 इसापूर्व के आसपास, बेबीलोन में उसकी मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के बाद उसके जीते फारसी साम्राज्य को इसके सेनापतियों ने आपस में विभाजित कर लिया। सिकन्दर के सबसे काबिल सेनापतियों में से एक [[सेल्युकस]] का नियन्त्रण मेसोपोटामिया तथा इरानी पठारी क्षेत्रों पर था। लेकिन इसी समय से उत्तर पूर्व में पार्थियों का विद्रोह आरम्भ हो गया था। पार्थियनों ने हखामनी शासकों की भी नाक में दम कर रखा था। मित्राडेट्स ने ईसापूर्व 123 से ईसापूर्व 87 तक अपेक्षाकृत स्थायित्व से शासन किया। अगले कुछ सालों तक शासन की बागडोर तो पार्थियनों के हाथ ही रही पर उनका नेतृत्व और समस्त ईरानी क्षेत्रों पर उनकी पकड़ ढीली ही रही। === सासानी === पर दूसरी सदी के बाद से [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] लोग, जो प्राचीन हख़ामनी वंश से अपने को जोड़ते थे और उन्हीं प्रदेश (आज का फ़ार्स प्रंत) से आए थे, की शक्ति में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई। उन्होंने रोमन साम्राज्य को चुनौती दी और कई सालों तक उनपर आक्रमण करते रहे। सन् 241 में शापुर ने रोमनों को मिसिको के युद्ध में हराया। 244 इस्वी तक [[आर्मीनिया|आर्मेनिया]] फारसी नियन्त्रण में आ गया। इसके अलावा भी पार्थियनों ने रोमनों को कई जगहों पर परेशान किया। सन् 273 में शापुर की मृत्यु हो गई। सन् 283 में रोमनों ने फारसी क्षेत्रों पर फिर से आक्रमण कर दिया। इसके फलस्वरूप आर्मेनिया के दो भाग हो गए - रोमन नियंत्रण वाले और फारसी नियंत्रण वाले। शापुर के पुत्रों को और भी समझौते करने पड़े और कुछ और क्षेत्र रोमनों के नियंत्रण में चले गए। सन् 310 में शापुर द्वितीय गद्दी पर युवावस्था में बैठा। उसने 379 इस्वी तक शासन किया। उसका शासन अपेक्षाकृत शान्त रहा। उसने धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाई। उसके उत्तराधिकारियों ने वही शान्ति पूर्ण विदेश नीति अपनाई पर उनमें सैन्य सबलता की कमी रही। आर्दशिर द्वितीय, शापुर तृतीय तथा बहराम चतुर्थ सभी संदेहजनक परिस्थितियों में मारे गए। उनके वारिस यज़्देगर्द ने रोमनों के साथ शान्ति बनाए रखा। उसके शासनकाल में रोमनों के साथ सम्बंध इतने शांतिपूर्ण हो गए कि पूर्वी रोमन साम्राज्य के शासक अर्केडियस ने यज़्देगर्द को अपने बेटे का अभिभावक बना दिया। उसके बाद बहरम पंचम शासक बना जो जंगली जानवरों के शिकार का शौकिन था। वो 438 इस्वी के आसपास एक जंगली खेल देखते वक्त लापता हो गया, जिसके बाद उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद की अराजकता में कावद प्रथम 488 इस्वी में शासक बना। इसके बाद खुसरो (531-579), होरमुज़्द चतुर्थ (579-589), खुसरो द्वितीय (490 - 627) तथा यज्देगर्द तृतीय का शासन आया। जब यज़्देगर्द ने सत्ता सम्हाली, तब वो केवल 8 साल का था। इसी समय [[अरब]], [[मुहम्मद|मुहम्मद]] के नेतृत्व में काफी शक्तिशाली हो गए थे। सन् 634 में उन्होंने ग़ज़ा के निकट बेजेन्टाइनों को एक निर्णायक युद्ध में हरा दिया। फारसी साम्राज्य पर भी उन्होंने आक्रमण किए थे पर वे उतने सफल नहीं रहे थे। सन् 641 में उन्होने हमादान के निकट यज़्देगर्द को हरा दिया जिसके बाद वो पूरब की तरफ सहायता याचना के लिए भागा पर उसकी मृत्यु मर्व में सन् 651 में उसके ही लोगों द्वारा हुई। इसके बाद अरबों का प्रभुत्व बढ़ता गया। उन्होंने 654 में खोरासान पर अधिकार कर लिया और 707 इस्वी तक [[बाल्ख़]]। === शिया इस्लाम === [[चित्र:Iran circa 1000AD.png|thumbnail|left|360px|लगभग 1000 इस्वी का ईरान : मध्यकाल में ईरान में कोई एक केन्द्रीय सत्ता नहीं रह गई थी]] मुहम्मद साहब की मृत्यु के उपरान्त उनके वारिस को ख़लीफा कहा जाता था, जो इस्लाम का प्रमुख माना जाता था। चौथे खलीफा (सुन्नी समुदाय के अनुसार) हज़रत अली (शिया समुदाय इन्हें पहला इमाम मानता है), मुहम्मद साहब के फरीक थे और उनकी पुत्री फ़ातिमा के पति। पर उनके खिलाफत को चुनौती दी गई और विद्रोह भी हुए। सन् 661 में अली की हत्या कर उन्हें शहीद कर दिया गया। इसके बाद उम्मयदों का प्रभुत्व इस्लाम पर हो गया। सन् 680 में करबला में हजरत अली के दूसरे पुत्र इमाम हुसैन ने उम्मयदों के अधर्म की नीति का समर्थन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बयत नहीं की। जिसे तत्कालीन शासक ने बगावत का नाम देते हुए उनको एक युद्ध में कत्ल कर शहीद कर दिया। इसी दिन की याद में शिया मुसलमान गम में मुहर्रम मनाते हैं। इस समय तक इस्लाम दो खेमे में बट गया था - उम्मयदों का खेमा और अली के खेमा। 740 में उम्मयदों को तुर्कों से मुँह की खानी पड़ी। उसी साल एक फारसी परिवर्तित - अबू मुस्लिम - ने मुहम्मद साहब के वंश के नाम पर उम्मयदों के खिलाफ एक बड़ा जनमानस तैयार किया। उन्होंने सन् 749-50 के बीच उम्मयदों को हरा दिया और एक नया खलीफ़ा घोषित किया - अबुल अब्बास। अबुल अब्बास अली और हुसैन का वंशज तो नहीं पर मुहम्मद साहब के एक और फरीक का वंशज था। उससे अबु मुस्लिम की बढ़ती लोकप्रियता देखी नहीं गई और उसको 755 इस्वी में फाँसी पर लटका दिया। इस घटना को शिया इस्लाम में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है क्योंकि एक बार फिर अली के समर्थकों को हाशिये पर ला खड़ा किया गया था। अबुल अब्बास के वंशजों ने कई सदियों तक राज किया। उसका वंश अब्बासी (अब्बासिद) वंश कहलाया और उन्होंने अपनी राजदानी बगदाद में स्थापित की। तेरहवी सदी में मंगोलों के आक्रमण के बाद बगदाद का पतन हो गया और ईरान में फिर से कुछ सालों के लिए राजनैतिक अराजकता छाई रही। === सूफीवाद === अब्बासिद काल में ईरान की प्रमुख घटनाओं में से एक थी सूफी आन्दोलन का विकास। सूफी वे लोग थे जो धार्मिक कट्टरता के खिलाफ थे और सरल जीवन पसन्द करते थे। इस आन्दोलन ने फ़ारसी भाषा में नामचीन कवियों को जन्म दिया। [[रुदाकी]], [[हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी|फिरदौसी]], [[उमर खय्याम]], [[नासिर-ए-खुसरो]], [[जलालुद्दीन रूमी|रुमी]], [[इराकी]], [[शेख़ सादी|सादी]], [[हफीज]] आदि उस काल के प्रसिद्ध कवि हुए। इस काल की फारसी कविता को कई जगहों पर विश्व की सबसे बेहतरीन काव्य कहा गया है। इनमें से कई कवि सूफी विचारदारा से ओतप्रोत थे और अब्बासी शासन के अलावा कईयों को [[मंगोल|मंगोलों]] का जुल्म भी सहना पड़ा था। पन्द्रहवीं सदी में जब मंगोलों की शक्ति क्षीण होने लगी तब ईरान के उत्तर पश्चिम में तुर्क घुड़सवारों से लैश एक सेना का उदय हुआ। इसके मूल के बारे में मतभेद है पर उन्होंने [[सफावी वंश]] की स्थापना की। वे सूफी बन गए और आने वाली कई सदियों तक उन्होंने इरानी भूभाग और फ़ारस के प्रभुत्व वाले इलाकों पर राज किया। इस समय सूफी इस्लाम बहुत फला फूला। 1720 के अफगान और पूर्वी विद्रोहों के बाद धीरे-धीरे साफावियों का पतन हो गया। 1729 में [[नादिर शाह|नादिर कोली]] ने अफ़गानों के प्रभुत्व को कम किया और शाह बन बैठा। वह एक बहुत बड़ा विजेता था और उसने भारत पर भी सन् 1739 में आक्रमण किया और भारी मात्रा में धन सम्पदा लूटकर वापस आ गया। भारत से हासिल की गई चीजों में [[कोहिनूर हीरा|कोहिनूर]] हीरा भी शामिल था। पर उसके बाद क़जार वंश का शासन आया जिसके काल में यूरोपीय प्रभुत्व बढ़ गया। उत्तर से रूस, पश्चिम से फ़्रांस तथा पूरब से ब्रिटेन की निगाहें फारस पर पड़ गईं। सन् 1905-1911 में यूरोपीय प्रभाव बढ़ जाने और शाह की निष्क्रियता के खिलाफ एक जनान्दोलन हुआ। ईरान के तेल क्षेत्रों को लेकर तनाव बना रहा। प्रथम विश्वयुद्ध में तुर्की के पराजित होने के बाद ईरान को भी उसका फल भुगतना पड़ा। 1930 और 40 के दशक में रज़ा शाह पहलवी ने सुधारों की पहल की। 1979 में इस्लामिक क्रान्ति हुई और ईरान एक इस्लामिक गणतन्त्र घोषित कर दिया गया। इसके बाद अयातोल्ला ख़ुमैनी, जिन्हें शाह ने देश निकाला दे दिया था, ईरान के प्रथम राष्ट्रपति बने। इराक़ के साथ युद्ध होने से देश की स्थिति खराब हो गई। === आधुनिकीकरण === रजा शाह पहलवी ने 1930 के दशक में इरान का आधुनिकीकरण प्रारम्भ किया। पर वो अपने प्रेरणस्रोत तुर्की के कमाल पाशा की तरह सफल नहीं रह सका। उसने शिक्षा के लिए अभूतपूर्व बन्दोबस्त किए तथा सेना को सुगठित किया। उसने ईरान की सम्प्रभुता को बरकरार रखते हुए ब्रिटेन और रूस के सन्तुलित प्रभावों को बनाए रखने की कोशिश की पर द्वितीय विश्वयुद्ध के ठीक पहले [[जर्मनी]] के साथ उसके बढ़ते ताल्लुकात से ब्रिटेन और रूस को गम्भीर चिन्ता हुई। दोनों देशों ने रज़ा पहलवी पर दबाब बनाया और बाद में उसे उपने बेटे मोहम्मद रज़ा के पक्ष में गद्दी छोड़नी पड़ी। मोहम्मद रज़ा के प्रधानमन्त्री मोहम्मद मोसद्देक़ को भी इस्तीफ़ा देना पड़ा। === ईरानी इस्लामिक क्रान्ति === बीसवीं सदी के ईरान की सबसे महत्वपूर्ण घटना थी [[ईरान की इस्लामी क्रांति|ईरान की इस्लामिक क्रान्ति]]। शहरों में तेल के पैसों की समृद्धि और गाँवों में गरीबी; सत्तर के दशक का सूखा और शाह द्वारा यूरोपीय तथा बाकी देशों के प्रतिनिधियों को दिए गए भोज जिसमें अकूत पैसा खर्च किया गया था ने ईरान की गरीब जनता को शाह के खिलाफ़ भड़काया। इस्लाम में निहित समानता को अपना नारा बनाकर लोगों ने शाह के शासन का विरोध करना आरम्भ किया। आधुनिकीकरण के पक्षधर शाह को गरीब लोग पश्चिमी देशों का पिट्ठू के रूप में देखने लगे। 1979 में अभूतपूर्व प्रदर्शन हुए जिसमें हिसंक प्रदर्शनों की संख्या बढ़ती गई। अमेरिकी दूतावास को घेर लिया गया और इसके कर्मचारियों को बन्धक बना लिया गया। शाह के समर्थकों तथा संस्थानों में हिसक झड़पें हुईं और इसके फलस्वरूप 1989 में फलस्वरूप पहलवी वंश का पतन हो गया और ईरान एक इस्लामिक गणराज्य बना जिसका शीर्ष नेता एक धार्मिक मौलाना होता था। अयातोल्ला खोमैनी को शीर्ष नेता का पद मिला और ईरान ने इस्लामिक में अपनी स्थिति मजबूत की। उनका देहान्त 1989 में हुआ। इसके बाद से ईरान में विदेशी प्रभुत्व लगभग समाप्त हो गया। == जनवृत्त == ईरान में भिन्न-भिन्न जाति के लोग रहते हैं। यहाँ 70 प्रतिशत जनता भारोपीय जाति की है और हिन्द-ईरानी भाषाएँ बोलती है। जातिगत आँकड़ो को देखें तो 54 प्रतिशत फारसी, 24 प्रतिशत अज़री, मज़न्दरानी और गरकी 8 प्रतिशत, कुर्द 7 प्रतिशत, अरबी 3 प्रतिशत, बलोची, लूरी और तुर्कमेन 2, प्रतिशत (प्रत्येक) तथा कई अन्य जातिय़ाँ शामिल हैं। सात करोड़ की जनसंख्या वाला ईरान विश्व में शरणागतों के सबसे बड़े देशों में से एक है, जहाँ इराक़ तथा अफ़गानिस्तान से कई शरणार्थियों ने अपने देशों में चल रहे युद्धों के कारण शरण ले रखी है। === पन्थ === ईरान का प्राचीन नाम पार्स (फ़ारस) था और पार्स के रहने वाले लोग पारसी कहलाए, जो [[ज़रथुस्त्र]] के अनुयायी थे और सूर्य व अग्नि पूजक थे। सातवीं शताब्दी में [[अरब|अरबों]] ने पार्स पर विजय पाई और वहाँ जबरन [[इस्लाम]] का प्रसार हुआ। वहां की जनता को जबर से इस्लाम में मिलाया जा रहा था इसलिए जो पारसी इस्लाम अपना गए वो आगे चलकर पारसी कहलाये व उत्पीड़न से बचने के लिए बहुत से पारसी [[भारत]] आ गए। वे अपना मूल धर्म (सूर्य पूजन) नहीं छोड़ना चाहते थे| आज भी दक्षिण एशियाई देश भारत में पारसी मन्दिर देखने को मिलते हैं | इस्लाम में ईरान का एक विशेष स्थान है। सातवीं सदी से पहले यहाँ जरथुस्ट्र धर्म के अलावा कई और धर्मों तथा मतों के अनुयायी थे। अरबों द्वारा ईरान विजय (फ़ारस) के बाद यहाँ शिया इस्लाम का उदय हुआ। आज ईरान के अलावा भारत, दक्षिणी इराक, अफ़गानिस्तान, अजरबैजान तथा पाकिस्तान में भी शिया मुस्लिमों की आबादी निवास करती है। लगभग सम्पूर्ण [[अरब]], [[मिस्र]], [[तुर्की]], उत्तरी तथा पश्चिमी इराक, लेबनॉन को छोड़कर लगभग सम्पूर्ण मध्यपूर्व, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताज़िकिस्तान तुर्केमेनिस्तान तथा भारतोत्तर पूर्वी एशिया के मुसलमान मुख्यतः सुन्नी हैं। == अर्थव्यवस्था == ईरान की अर्थव्यवस्था तेल और प्राकृतिक गैस से संबंधित उद्योगों तथा कृषि पर आधारित है। सन् 2006 में ईरान के बज़ट का 45 प्रतिशत तेल तथा प्राकृतिक गैस से मिले रकम से आया और 31 प्रतिशत करों और चुंगियों से। ईरान के पास क़रीब 70 अरब [[अमेरिकी डॉलर]] रिज़र्व में है और इसकी सालाना [[सकल घरेलू उत्पाद]] 206 अरब अमेरिकी डॉलर थी। इसकी वार्षिक विकास दर 6 प्रतिशत है। [[संयुक्त राष्ट्र]] के मुताबिक़ ईरान एक अर्ध-विकसित अर्थव्यवस्था है। सेवाक्षेत्र का योगदान सकल घरेलू उत्पाद में सबसे ज्यादा है। देश के रोज़गार में 1.8 प्रतिशत रोजगार पर्यटन के क्षेत्र में है। वर्ष 2004 में ईरान में 16,59,000 पर्यटक आए थे। ईरान का पर्यटन से होने वाली आय वाले देशों की सूची में 89वाँ स्थान है पर इसका नाम सबसे ज्यादा पर्यटकों की दृष्टि से 10वें स्थान पर आता है। प्राकृतिक गैसों के रिज़र्व (भंडार) की दृष्टि से ईरान विश्व का सबसे बड़ा देश है। तेल उत्पादक देशों के संगठन [[ओपेक]] का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है।ईरान (Listeni/ɪˈrɑːn /, भी/ɪˈræn /; [ 10] [11] फ़ारसी: ایران Irān [ʔiːˈɾɒːn] (के बारे में यह ध्वनि सुनो)), भी रूप में फारस [12] (ˈpɜːrʒə /), [13] ईरान के इस्लामी गणराज्य की आधिकारिक तौर पर जाना जाता (फारसी: جمهوری اسلامی ایران Jomhuri-तु Eslāmi-तु Irān (के बारे में यह ध्वनि सुनो)), [14] पश्चिमी एशिया में एक संप्रभु राज्य है। [15] [16] यह पश्चिमोत्तर आर्मेनिया, Artsakh के वास्तविक स्वतंत्र गणराज्य, अज़रबैजान और exclave Nakhchivan के द्वारा bordered है; कैस्पियन सागर से उत्तर करने के लिए; तुर्कमेनिस्तान ने पूर्वोत्तर के लिए; करने के लिए पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान द्वारा; फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से दक्षिण करने के लिए; और तुर्की और इराक द्वारा पश्चिम। (मार्च 2017) के रूप में पर 79.92 लाख निवासियों के साथ, ईरान दुनिया के 18-सबसे-अधिक आबादी वाला देश है। [17] 1,648,195 km2 (636,372 वर्ग मील), का एक भूमि क्षेत्र शामिल हैं यह दूसरा सबसे बड़ा देश मध्य पूर्व में और 18 वीं दुनिया में सबसे बड़ा है। यह दोनों एक कैस्पियन सागर और हिंद महासागर तट से केवल देश है। मध्य देश की महान geostrategic महत्त्व के यूरेशिया और पश्चिमी एशिया, और होर्मुज के लिए अपनी निकटता में स्थान बनाते। [18] तेहरान देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है, साथ ही इसके प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र है। ईरान है दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं, [19] [20] 4 सहस्राब्दी ई. पू. में Elamite राज्यों के गठन के साथ शुरुआत के एक घर। यह पहले ईरानी मीदि साम्राज्य द्वारा 7 वीं सदी ईसा पूर्व में, [21] एकीकृत और हख़ामनी साम्राज्य महान सिंधु घाटी करने के लिए, दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य बनने पूर्वी यूरोप से खींच 6 वीं सदी ई. पू., में अभी तक देखा था साइरस द्वारा की स्थापना के दौरान इसकी सबसे बड़ी सीमा तक पहुँच गया था। [22] ईरानी दायरे के लिए अलेक्जेंडर महान 4 शताब्दी ईसा पूर्व में गिर गया, लेकिन अंतिम ससानी साम्राज्य, जो अगले चार सदियों के लिए एक अग्रणी विश्व शक्ति बन गया के बाद साम्राज्य के रूप में कुछ ही समय बाद reemerged. [23] [24] अरब मुसलमानों साम्राज्य 7 शताब्दी ईसा में, मोटे तौर पर स्वदेशी धर्मों के पारसी धर्म और इस्लाम के साथ मानी थापन पर विजय प्राप्त की। कला और विज्ञान में कई प्रभावशाली आंकड़े उत्पादन ईरान इस्लामी स्वर्ण युग और उसके बाद, करने के लिए प्रमुख योगदान दिया। दो शताब्दियों के बाद, विभिन्न देशी मुस्लिम राजवंशों की अवधि, जो बाद में तुर्कों और मंगोलों द्वारा विजय प्राप्त थे शुरू कर दिया। 15 वीं सदी में Safavids के उदय का एक एकीकृत ईरानी राज्य और जो शिया इस्लाम, ईरानी और मुस्लिम इतिहास में एक मोड़ चिह्नित करने के लिए देश के रूपांतरण के बाद राष्ट्रीय पहचान, [4] के reestablishment करने के लिए नेतृत्व किया। [5] [25] द्वारा 18 वीं सदी, नादिर शाह, के तहत ईरान संक्षेप में क्या यकीनन उस समय सबसे शक्तिशाली साम्राज्य था पास। [26] 19 वीं सदी में रूसी साम्राज्य के साथ विरोध करता महत्वपूर्ण क्षेत्रीय नुकसान के लिए नेतृत्व किया। [27] [28] लोकप्रिय अशांति में संवैधानिक क्रांति 1906, जो एक संवैधानिक राजशाही और देश का पहला विधानमंडल की स्थापना का समापन हुआ। यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में 1953, ईरान द्वारा धीरे-धीरे उकसाया एक तख्तापलट के बाद पश्चिमी देशों के साथ बारीकी से गठबंधन बन गया, और तेजी से निरंकुश हो गया। [29] विदेशी प्रभाव और राजनीतिक दमन एक धर्म द्वारा 1979 क्रांति, जो संसदीय लोकतंत्र के तत्त्व भी शामिल है जो एक राजनीतिक प्रणाली संचालित और निगरानी की एक इस्लामी गणराज्य, [30] की स्थापना के बाद के नेतृत्व के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा एक निरंकुश 'सर्वोच्च नेता' नियंत्रित होता. ईरान संयुक्त राष्ट्र, पर्यावरण, NAM, ओ, और ओपेक के एक संस्थापक सदस्य है। यह एक प्रमुख क्षेत्रीय और मध्य शक्ति, है और जीवाश्म ईंधन, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और चौथा सबसे बड़ा तेल सिद्ध शामिल हैं-के अपने बड़े भंडार सुरक्षित रखता है अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और विश्व अर्थव्यवस्था में काफी प्रभाव डालती। देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भाग में अपने 21 यूनेस्को विश्व धरोहर, दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी संख्या एशिया में और 11 वीं सबसे बड़ी द्वारा परिलक्षित होता है। [37] ईरान कई जातीय और भाषायी समूहों, सबसे बड़ा होने के नाते फारसियों (61 प्रतिशत), जिसमें एक बहुसांस्कृतिक देश है Azeris (16 %), कुर्द (10 %), और Lurs (6 %). [ 36] सामग्री [छुपाने के] 1 नाम 2 इतिहास 2.1 प्रागितिहास 2.2 शास्त्रीय पुरातनता 2.3 मध्ययुगीन काल 2.4 प्रारंभिक आधुनिक काल 1940 के दशक के लिए 1800 से 2.5 2.6 समकालीन युग 3 भूगोल 3.1 जलवायु 3.2 जीव 3.3 क्षेत्र, प्रांत और शहर 4 सरकार और राजनीति 4.1 नेता 4.2 राष्ट्रपति 4.3 इस्लामी परामर्शक सभा (संसद) 4.4 कानून 4.5 विदेश संबंध 4.6 सेना 5 अर्थव्यवस्था 5.1 पर्यटन 5.2 ऊर्जा 6 शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी 7 जनसांख्यिकी 7.1 भाषाएँ 7.2 जातीय समूह 7.3 धर्म 8 संस्कृति 8.1 कला 8.2 वास्तुकला 8.3 साहित्य 8.4 दर्शन 8.5 पौराणिक कथाओं 8.6 पालन 8.7 संगीत 8.8 थियेटर 8.9 सिनेमा और एनिमेशन 8.10 मीडिया 8.11 खेल 8.12 भोजन 9 यह भी देखें 10 नोट्स 11 संदर्भ 12 ग्रंथ सूची 13 बाह्य लिंक नाम मुख्य लेख: ईरान का नाम शब्द ईरान निकला == यह भी देखिए == * [[पारस]] * [[पह्लव]] * [[पारद]] * [[ईरानी चित्रकला]] * [[पारसी]] * [[wikt:ईरान]] (विक्षनरी) == बाहरी कड़ियाँ == {{Sister project links|auto=yes}} * [https://web.archive.org/web/20100205052517/http://rachanakar.blogspot.com/2007/03/asghar-wazahat-ka-iraan-yatra-sansmaran.html "चलते तो अच्छा था" ईरान और आज़रबाईजान के यात्रा संस्मरण - [[असग़र वजाहत]]] {{दक्षिण एशिया के देश और क्षेत्र}} {{एशिया के देश}} {{हिन्द महासागर तटवर्ती देश}} {{इस्लामी गणराज्य}} {{Authority control}} [[श्रेणी:इस्लामी गणराज्य]] [[श्रेणी:एशिया के देश]] [[श्रेणी:ईरान]] [[श्रेणी:पश्चिमी एशिया]] 3ks0cx1by03v1gok5mj5g4ofmpykuwu बुद्धदेव भट्टाचार्य 0 2408 6541084 6534143 2026-04-16T05:13:14Z Shourjya Gayen 916348 6541084 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = बुद्धदेव भट्टाचार्य | native_name = {{lang|bn|বুদ্ধদেব ভট্টাচার্য}} | image = Buddhadeb Bhattacharjee in 2009.jpg | caption = बुद्धदेव भट्टाचार्य | birth_date = {{Birth date and age|1944|3|1|df=y}} | birth_place = [[कलकत्ता]], बंगाल, ब्रितानी भारत | residence = पाम एवेन्यू, [[कलकत्ता]] | death_date = {{Death date and age|2024|8|8|1944|3|1|df=y}} | death_place = [[कलकाता]], [[पश्चिम 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[[मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]] | religion = | alma_mater = [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] | website = | footnotes = | date = २७ जनवरी | year = २००७ | source = [http://www.cpim.org/ माकपा आधिकारिक जालस्थल] | signature = Buddhadeb Bhattacharjee signature.jpg }} '''बुद्धदेव भट्टाचार्य''' ({{lang-bn|বুদ্ধদেব ভট্টাচার্য}}; १ मार्च १९४४, - 8 अगस्त 2024) भारतीय राजनीतिज्ञ तथा [[पश्चिम बंगाल]] के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे। वे [[मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]] के [[पोलित ब्यूरो]] सदस्य भी रहे। वे २००० से २०११ तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे। वो [[जाधवपुर विधानसभा]] क्षेत्र से १४ मई २०११ तक विधायक रहे। २४ वर्षों तक विधायक रहने के बाद वो अपनी ही सरकार के पूर्व मुख्य सचिव मनीष गुप्ता से १६,६८४ मतों से पराजित हो गये थे।<ref name="hindustantimes1">{{cite web|title=Buddhadeb loses at Jadavpur constituency |trans-title=बुद्धदेव जाधवपुर निर्वाचन क्षेत्र से पराजित |url=http://www.hindustantimes.com/Buddhadeb-loses-at-Jadavpur-constituency/Article1-697161.aspx |publisher=हिन्दुस्तान टाइम्स |date=१३ मई २०११ |archiveurl=https://web.archive.org/web/20141206223520/http://www.hindustantimes.com/india-news/kolkata/buddhadeb-loses-at-jadavpur-constituency/article1-697161.aspx |archivedate=६ दिसम्बर २०१४}}</ref> वो अपने ही विधानसभा क्षेत्र से हारने वाले पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री हैं। उनसे पहले [[प्रफुल चन्द्र सेन]] १९६७ में अपने ही निर्वाचन क्षेत्र से हारे थे।<ref>{{cite web |title=Buddhadeb loses from Jadavpore |trans-title=बुद्धदेव जाधवपुर से पराजित |url=http://in.news.yahoo.com/buddhadeb-loses-jadavpore-114750853.html |date=१३ मई २०११ |publisher=आईएएनएस |accessdate=८ मार्च २०१५ |language=अंग्रेज़ी |archive-url=https://web.archive.org/web/20141204060706/https://in.news.yahoo.com/buddhadeb-loses-jadavpore-114750853.html |archive-date=4 दिसंबर 2014 |url-status=dead }}</ref> == प्रारंभिक जीवन == भट्टाचार्य का जन्म ब्रिटिश राज के दौरान 1 मार्च 1944 को कलकत्ता में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके दादा, कृष्णचंद्र स्मृतितीर्थ, एक [[संस्कृत]] विद्वान थे, जिन्होंने पुरोहित दर्पण नामक एक पुरोहिती पुस्तिका की रचना की थी, जो पश्चिम बंगाल के बंगाली हिंदू ब्राह्मणों के बीच आज भी लोकप्रिय है। बुद्धदेव के पिता, नेपालचंद्र, पुरोहिती में शामिल नहीं हुए थे और हिंदू धार्मिक सामग्री बेचने के लिए समर्पित पारिवारिक प्रकाशन, सारस्वत पुस्तकालय से जुड़े थे।<ref>{{Citation|title=THE RITUAL:|date=2020-07-21|url=https://doi.org/10.2307/j.ctv131bwmg.10|work=Becoming the Buddha|pages=77–121|publisher=Princeton University Press|access-date=2025-08-11}}</ref>कवि सुकांत भट्टाचार्य नेपालचंद्र के चचेरे भाई थे। शैलेंद्र सरकार विद्यालय के पूर्व छात्र, बुद्धदेव ने कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में बंगाली साहित्य का अध्ययन किया और बंगाली (ऑनर्स) में बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे दमदम स्थित आदर्श शंख विद्या मंदिर विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत हो गए।<ref>{{Citation|title=Shephard, Jonathan, (born 20 March 1949), Chief Executive, Autism West Midlands, 2010–16|date=2007-12-01|url=https://doi.org/10.1093/ww/9780199540884.013.u4000727|work=Who's Who|publisher=Oxford University Press|access-date=2025-08-11}}</ref><ref>{{Citation|last=Ray|first=Rabindra|title=The Communist Party of India (Marxist–Leninist)|date=2012-04-05|url=https://doi.org/10.1093/acprof:oso/9780198077381.003.0005|work=The Naxalites and their Ideology|pages=109–159|publisher=Oxford University Press|access-date=2025-08-11}}</ref><ref>{{Cite journal|last=Rajan|first=Sreenivas|date=2012|title=Rediff: Innovation in India|url=https://doi.org/10.2139/ssrn.2056197|journal=SSRN Electronic Journal|doi=10.2139/ssrn.2056197|issn=1556-5068}}</ref> == राजनीतिक करियर == '''प्रारंभिक करियर (1966-1971):'''भट्टाचार्य 1966 में माकपा के प्राथमिक सदस्य के रूप में पार्टी में शामिल हुए। खाद्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के अलावा, उन्होंने 1968 में वियतनाम के मुद्दे का भी समर्थन किया। 1968 में, उन्हें माकपा की युवा शाखा, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन का राज्य सचिव चुना गया, जिसका बाद में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया में विलय हो गया। वे 1981 तक इस पद पर रहे, जब उनके बाद बोरेन बसु ने कार्यभार संभाला। प्रमोद दासगुप्ता ने उनका मार्गदर्शन किया।<ref>{{Citation|title=Shephard, Jonathan, (born 20 March 1949), Chief Executive, Autism West Midlands, 2010–16|date=2007-12-01|url=https://doi.org/10.1093/ww/9780199540884.013.u4000727|work=Who's Who|publisher=Oxford University Press|access-date=2025-08-11}}</ref><ref>{{Citation|last=Ray|first=Rabindra|title=The Communist Party of India (Marxist–Leninist)|date=2012-04-05|url=https://doi.org/10.1093/acprof:oso/9780198077381.003.0005|work=The Naxalites and their Ideology|pages=109–159|publisher=Oxford University Press|access-date=2025-08-11}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{commons category|Buddhadeb Bhattacharjee|बुद्धदेव भट्टाचार्य}} *[https://web.archive.org/web/20120806191331/http://cpim.org/node/1550 माकपा जालस्थल पर जीवनी लेख] {{s-start}} {{succession box | before=[[ज्योति बसु]]| title=[[पश्चिम बंगाल के मुख्यमन्त्री]]| years=२०००-२०११| after=[[ममता बनर्जी]]| }} {{s-end}} {{Persondata <!-- मेटाडाटा: [[विकिपीडिया:व्यक्तिगत आँकड़े]] देखें। --> | NAME = भट्टाचार्य, बुद्धदेव | ALTERNATIVE NAMES = | SHORT DESCRIPTION = भारतीय राजनेता | DATE OF BIRTH = १ मार्च १९४४ | PLACE OF BIRTH = [[कलकत्ता]], ब्रितानी भारत | DATE OF DEATH = | PLACE OF DEATH = }} {{DEFAULTSORT:भट्टाचार्य, बुद्धदेव}} [[श्रेणी:1944 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राजनीतिज्ञ]] [[श्रेणी:पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] oe8rdt8uwtv5k7ua7wup5ixkknbszm8 गूगल 0 6041 6541246 6462457 2026-04-16T11:41:22Z Cicihwahyuni6 766847 6541246 wikitext text/x-wiki {{अन्य प्रयोग|सर्च इंजन|गूगल खोज|गूगल (बहुविकल्पी)}} {{Infobox_Company | image = File:Google 2015 logo.svg |company_type = सार्वजनिक |foundation = मेन्लो पार्क, [[कैलिफ़ोर्निया]]<br /><small>(4 सितंबर 1998) |founder = सर्गेइ ब्रिन<br />लैरी पेज |location = गूगलप्लेक्स <br /> [[माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया]],<br /> संयुक्त राज्य अमेरिका |area_served = विश्वव्यापी |key_people = [[सुंदर पिचाई]]<br /><small>(सह-संस्थापक एवं सीईओ)</small><br />एरिक श्मिट<br /><small>(कार्यकारी अध्यक्ष)</small><br />सर्गेइ<br /><small>(सह-संस्थापक)</small> |industry = [[इंटरनेट]]<br />कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर |products = गूगल उत्पादों की सूची देखें। |revenue = {{increase}} US$ 29.321 अरब <small>(2010)<ref name="SEC">[[अमरीकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग]] (2010)। [http://www.sec.gov/Archives/edgar/data/1288776/000119312511032930/d10k.htm "फॉर्म 10-K"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110629093647/http://www.sec.gov/Archives/edgar/data/1288776/000119312511032930/d10k.htm |date=29 जून 2011 }}। वॉशिंगटन, डी.सी.: संयुक्त राज्य अमेरिका। भाग 2, विषय 6। प्राप्ति प्राप्तियां मार्च, 2011।</ref></small> |operating_income = {{increase}} US$ 10.381 अरब <small>(2010)<ref name="SEC" /></small> |net_income = {{increase}} US$ 8.505 अरब <small>(2010)<ref name="SEC" /></small> |num_employees = 139,995 <small>(2021)<ref name="SEC" /></small> |subsid = [[यूट्यूब]], [[:en:DoubleClick|डबलक्लिक]], [[:en:On2 Technologies|On2 टेक्नोलॉजीज़]], [[गूगल वॉयस]], पिकनिक (सॉफ़्टवेयर), [[एर्डवार्क (खोज इंजन)|आद्वर्क]], [[ऐडमॉब]] |homepage = {{आधिकारिक यूआरएल}} }} '''गूगल लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी''' ({{lang-en|Google limited liability company}}) एक अमेरीकी [[बहुराष्ट्रीय कम्पनी|बहुराष्ट्रीय]] [[प्रौद्योगिकी]] कम्पनी है, जिसने [[खोज संयन्त्र|इंटरनेट सर्च]], [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] और [[विज्ञापन]] तंत्र में [[पूँजी]] लगायी है। यह इंटरनेट पर आधारित कई सेवाएँ और उत्पाद<ref>देखें: [[गूगल उत्पाद की सूची]]</ref> बनाता तथा विकसित करता है और यह मुनाफा मुख्यतया अपने विज्ञापन कार्यक्रम [[गूगल ऐडवर्ड्स|ऐडवर्ड्स]] (AdWords) से कमाता है।<ref>[http://investor.google.com/financial/tables.html "वित्तीय तालिका"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120510004043/http://investor.google.com/financial/tables.html |date=10 मई 2012}}। गूगल, इंक। प्राप्ति प्राप्तियों जुलाई, 2010।</ref><ref>वाईज़, डेविड ए (21 अक्टूबर 2005)। "Online Ads Give Google Huge Gain in Profit". ''द वाशिंग्टन पोस्ट।''</ref> गूगल को [[एप्पल]], [[एमाज़ॉन.कॉम|एमाज़ॉन]], [[फेसबुक इंक |फेसबुक ]]<nowiki/>और [[माइक्रोसॉफ्ट]] के साथ सूचना प्रौद्योगिकी के [[बिग फाइव]] में से एक माना जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nytimes.com/interactive/2019/11/13/magazine/internet-platform.html|title=We're Stuck With the Tech Giants. But They're Stuck With Each Other.|date=November 13, 2019|website=New York Times|language=en-US|access-date=April 22, 2020}}</ref><ref>{{Cite web|date=November 15, 2017|title=The 'Big Five' Could Destroy the Tech Ecosystem|url=https://www.bloomberg.com/opinion/articles/2017-11-15/the-big-five-could-destroy-the-tech-ecosystem|access-date=August 28, 2020|website=Bloomberg.com}}</ref> यह कम्पनी [[स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय]] से [[पीएचडी|पी॰एच॰डी॰]] के दो छात्र [[लैरी पेज]] और [[सर्गेई ब्रिन]] द्वारा स्थापित की गयी थी। इन्हें प्रायः "गूगल गाइस"<ref>इग्नाटियस, आदि (12 फ़रवरी 2006). [http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1158956,00.html "मीट द गूगल गाईस"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130823131911/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1158956,00.html |date=23 अगस्त 2013}}. टाइम पत्रिका।</ref><ref>[http://www.cbsnews.com/video/watch/?id=4835250n&tag=mncol;lst;1 "द गूगल गाईस"]{{Dead link|date=दिसंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot}}। CBS News.com (CBS Interactive).</ref><ref>बैरेट, ब्रायन (4 फ़रवरी 2010). [http://gizmodo.com/#!5464532/google-wants-to-add-store-interiors-to-maps "Google Wants to Add Store Interiors to Maps"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130207154205/http://gizmodo.com/#!5464532/google-wants-to-add-store-interiors-to-maps |date=7 फ़रवरी 2013}}. Gizmodo.</ref> के नाम से सम्बोधित किया जाता है। सितम्बर 4, 1998 को इसे एक निजी-आयोजित कम्पनी में निगमित किया गया। इसका [[सार्वजनिक प्रस्ताव|पहला सार्वजनिक कार्य/सेवा]] 19 अगस्त 2004 को प्रारम्भ हुआ। इसी दिन [[लैरी पेज]], सर्गेई ब्रिन और एरिक स्ख्मिड्ट ने गूगल में अगले बीस वर्षों (2024) तक एक साथ कार्य करने की रजामंदी की। कम्पनी का शुरूआत से ही "विश्व में ज्ञान को व्यवस्थित तथा सर्वत्र उपलब्ध और लाभप्रद करना" कथित मिशन रहा है। कम्पनी का गैर-कार्यालयीन नारा, जो कि गूगल इन्जीनियर पौल बुखीट ने निकाला था— "डोन्ट बी इवल (बुरा न बनें)"। सन् 2006 से [[कंपनी|कम्पनी]] का [[मुख्यालय]] [[माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया]] में है। गूगल विश्वभर में फैले अपने डाटा-केन्द्रों से दस लाख से ज़्यादा [[सर्वर]] चलाता है और दस अरब से ज़्यादा खोज-अनुरोध तथा चौबीस [[:en:Petabyte|पेटाबाईट]] उपभोक्ता-सम्बन्धी जानकारी (डाटा) संसाधित करता है। गूगल की सन्युक्ति के पश्चात् इसका विकास काफ़ी तेज़ी से हुआ है, जिसके कारण कम्पनी की मूलभूत सेवा वेब-सर्च-इंजन के अलावा, गूगल ने कई नये उत्पादों का उत्पादन, अधिग्रहण और भागीदारी की है। कम्पनी ऑनलाइन उत्पादक सॅाफ्टवेअर, जैसे कि [[जीमेल]] ईमेल सेवा और [[सामाजिक नेटवर्क]] साधन, [[ऑर्कुट]] और हाल ही का, गूगल बज़ प्रदान करती है। गूगल डेस्कटॉप कम्प्यूटर के उत्पादक सॅाफ्टवेअर का भी उत्पादन करती है, जैसे— वेब ब्राउज़र [[गूगल क्रोम]], फोटो व्यवस्थापन और सम्पादन सोफ़्ट्वेयर [[पिकासा]] और [[त्वरित संदेश प्रेषण (इंस्टेंट मेसेजिंग)|शीघ्र संदेशन]] ऍप्लिकेशन [[गूगल चॅट|गूगल टॉक]]। विशेषतः गूगल, [[नेक्सस वन]] तथा मोटोरोला ऍन्ड्रोइड जैसे फोनों में डाले जाने वाले [[प्रचालन तन्त्र|ऑपरेटिंग सिस्टम]] [[ऍण्ड्रॉइड प्रचालन तन्त्र|ऍन्ड्रोइड]], साथ-ही-साथ क्रोम ओएस, जो फिलहाल भारी विकास के अन्तर्गत है, पर सीआर-48 के मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में प्रसिद्ध है, जो गूगल के विकास में अग्रणी है। [[एलेक्सा]] google.com को [[अंतरजाल|इंटरनेट]] की सबसे ज़्यादा दर्शित वेबसाइट बताती है। इसके अलावा गूगल की अन्य वेबसाइटें (google.co.in, google.co.uk, आदि) शीर्ष की सौ वेबासाइटों में आती हैं। यही स्थिति गूगल की साइट [[यूट्यूब]] और [[ब्लॉगर (सेवा)|ब्लॉगर]] की है। ब्रैंडज़ी के अनुसार गूगल विश्व का सबसे ताकतवर (नामी) ब्राण्ड है। बाज़ार में गूगल की सेवाओं का प्रमुख होने के कारण, गूगल की आलोचना कई समस्याओं, जिनमें व्यक्तिगतता, कॉपीराइट और सरशिप शामिल हैं, से हुई है। गूगल के [[मुख्य कार्यकारी अधिकारी|CEO]] भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक सुंदर पिचाई हैं | == गूगल का इतिहास == [[चित्र:Google1998.png|thumb|left|गूगल का प्रारम्भिक मुखपृष्ठ एक साधारण डिजाइन था, क्योंकि इसके संस्थापक वेब पेज डिजाइनिंग की भाषा, [[एच.टी.एम.एल.|एचटीएमएल]] (HTML) में अनुभवी नहीं थे।]] गूगल की शुरुआत 1996 में एक रिसर्च परियोजना के दौरान [[लैरी पेज]] तथा [[सर्गेई ब्रिन]] ने की। उस वक्त लैरी और सर्गी [[स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय]], [[कैलिफ़ोर्निया]] में [[पीएचडी]] के छात्र थे। उस समय, पारम्परिक [[सर्च इंजन]] सुझाव (रिजल्ट) की वरीयता वेब-पेज पर सर्च-टर्म की गणना से तय करते थे, जब कि लैरी और सर्गेई के अनुसार एक अच्छा सर्च सिस्टम वह होगा जो वेबपेजों के ताल्लुक का विश्लेषण करे। इस नये [[तकनीक]] को उन्होंने [[पेजरैंक]] (PageRank) का नाम दिया। इस तकनीक में किसी [[वेबसाइट]] की प्रासंगिकता/योग्यता का अनुमान, वेबपेजों की गिनती, तथा उन पेजों की प्रतिष्ठा, जो आरम्भिक वेबसाइट को लिंक करते हैं के आधार पर लगाया जाता है। 1996 में आईडीडी इन्फ़ोर्मेशन सर्विसेस के [[:en:Robin Li |रॉबिन ली]] ने “रैंकडेक्स” नामक एक छोटा सर्च इंजन बनाया था, जो इसी तकनीक पर काम कर रहा था। रैंकडेक्स की तकनीक को ली ने पेटेंट करवा लिया और बाद में इसी तकनीक पर उन्होंने [[बैदू|बायडु]] नामक कम्पनी की चीन में स्थापना की। पेज और ब्रिन ने शुरुआत में अपने सर्च इंजन का नाम “बैकरब” रखा था, क्योंकि यह सर्च इंजन पिछली कड़ियाँ (backlinks) के आधार पर किसी साइट की वरीयता तय करता था। अंततः, पेज और ब्रिन ने अपने सर्च इंजन का नाम गूगल (Google) रखा। गूगल अंग्रेज़ी के शब्द '''गूगोल''' की गलत वर्तनी है, जिसका मतलब है− वह नंबर जिसमें एक के बाद सौ शून्य हों। नाम “गूगल” इस बात को दर्शाता है कि कम्पनी का सर्च इंजन लोगों के लिए जानकारी बड़ी मात्रा में उपलब्ध करने के लिए कार्यरत है। अपने शुरुआती दिनों में गूगल स्टैनफौर्ड विश्वविद्यालय की वेबसाइट के अधीन google.stanford.edu नामक डोमेन से चला। गूगल के लिए उसका डोमेन नाम 15 सितंबर 1997 को पंजीकृत हुआ। सितम्बर 4, 1998 को इसे एक निजी-आयोजित कम्पनी में निगमित किया गया। कम्पनी का पहला कार्यालय सुसान वोज्सिकि (उनकी दोस्त) के गराज [[:en:Menlo Park, California|मेंलो पार्क]], [[कैलिफोर्निया]] में स्थापित हुआ। क्रेग सिल्वरस्टीन व एक साथी पीएचडी छात्र कम्पनी के पहले कर्मचारी बनें।<ref>{{Cite journal|last=Brin|first=Sergey|author-link=Sergey Brin|last2=Page|first2=Lawrence|author-link2=Larry Page|year=1998|title=The anatomy of a large-scale hypertextual Web search engine|url=http://infolab.stanford.edu/pub/papers/google.pdf|journal=Computer Networks and ISDN Systems|volume=30|issue=1–7|pages=107–117|citeseerx=10.1.1.115.5930|doi=10.1016/S0169-7552(98)00110-X|access-date=17 दिसंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20150927004511/http://infolab.stanford.edu/pub/papers/google.pdf|archive-date=27 सितंबर 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite journal |last=Barroso |first=L.A. |last2=Dean |first2=J. |last3=Holzle |first3=U. |date=April 29, 2003 |title=Web search for a planet: the google cluster architecture |journal=IEEE Micro |volume=23 |issue=2 |pages=22–28 |doi=10.1109/mm.2003.1196112 |quote=We believe that the best price/performance tradeoff for our applications comes from fashioning a reliable computing infrastructure from clusters of unreliable commodity PCs. |url=https://semanticscholar.org/paper/8db8e53c92af2f97974707119525aa089f6ed53a |access-date=17 दिसंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200124054201/https://www.semanticscholar.org/paper/Web-Search-for-a-Planet%3A-The-Google-Cluster-Barroso-Dean/c1a0e40c06392f263bb2614d0d5ed290c3b3602c |archive-date=24 जनवरी 2020 |url-status=dead }}</ref> === वित्तीयन और आरम्भिक सार्वजनिक सेवाएँ === गूगल के निगमन से पहले ही [[:en:Andy Bechtolsheim | एंडी बेख़्टोल्शीम]], [[:en:Sun Microsystems | सन माइक्रोसिस्टम्स]] के सहसंस्थापक, ने अगस्त 1998 में गूगल को एक लाख़ [[अमेरिकी डॉलर|डॉलर]] की [[वित्तीय सेवाएँ|वित्तीय]] सहायता दी। 1999 के शुरुआत में जब वे स्नातक के छात्र थे, ब्रिन और पेज को लगा कि वे सर्च इंजन पर काफ़ी समय व्यतीत कर रहे हैं और पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, इस कारण उन्होंने इसे बेचने का निर्णय लिया और [[:en:Excite |एक्साइट]] कम्पनी के सीईओ जॉर्ज बेल को दस लाख़ में बेचने का प्रस्ताव रखा, उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और बाद में अपने इस फैसले के लिए [[विनोद खोसला]] की आलोचना की। जबकि खोसला ने 750,000 डॉलर में कम्पनी खरीदने की ब्रिन और पेज से बात भी कर ली थी। तब खोसला एक्साइट के उद्यम पूँजीपति थे। 7 जून 1999 को कम्पनी में 250 लाख़ डॉलर लगाने की घोषणा की गयी, यह घोषणा प्रमुख निवेशकों के सहित उद्यम पूंजी कम्पनी क्लीनर पर्किन्स कौफ़ील्ड एन्ड बायर्स तथा सीकोइया कैपीटल के तरफ़ से की गयी। गूगल की [[सार्वजनिक प्रस्ताव|आरम्भिक सार्वजनिक सेवाएँ]] (IPO) पाँच साल बाद 19 अगस्त 2004 से चालु हुई। कम्पनी ने अपने 1,96,05,052 शेयरों का दाम 85 डॉलर प्रति शेयर रखा। शेयरों को बेचने के लिए एक अनूठे ऑनलाइन निलामी फ़ॉर्मेट का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए [[मॉर्गन स्टेनली]] और [[क्रेडिट सुइस]], जो कि इस निलामी के बीमाकर्ता थे, द्वारा बनाये गये एक प्रणाली का उपयोग किया गया। 1.67 अरब डॉलर की बिक्री ने गूगल को बाज़ार में 23 अरब डॉलर से अधिक की राशि से [[बाजार पूंजीकरण]] किया। 2,710 लाख शेयरों का विशाल बहुमत गूगल के नियंत्रण में रहा और काफी गूगल कर्मचारी शीघ्र ही कागज़ी लखपति बन गये। [[याहू|याहू!]] (Yahoo!), गूगल का प्रतिद्वंद्वी, को भी बड़ा फ़ायदा हुआ, क्योंकि उस समय याहू! के पास गूगल के 84 लाख शेयरों का स्वामित्व था। कुछ लोगों को लगा कि गूगल का यह आईपीओ निस्संदेह कम्पनी संस्कृति में हेर-फेर करेगा। इसके कई कारण थे, जैसे कि शेयरधारकों का कम्पनी पर उसके कर्मचारियों को होने वाले लाभ में कटौती के लिए दबाव, क्योंकि यह एक तथ्य था कि कम्पनी को हुए बड़े फायदे से कई कर्मचारी शीघ्र कागज़ी लखपति बन गये थे। इसकी जवाबदेही में सह-संस्थापक [[सर्गी ब्रिन|सर्गेई ब्रिन]] और [[लैरी पेज]] ने एक रिपोर्ट में अपने सम्भावित निवेशकों को यह आश्वासन दिया कि कम्पनी के आईपीओ से कम्पनी के कार्य करने की [[प्रणाली]] में कोई अनचाहा बदलाव नहीं होगा। वर्ष 2005 में यद्यपि, [[न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]] में छपे लेखों तथा अन्य सूत्रों से ऐसा लगने लगा कि गूगल अपने "एंटी-कॉर्पोरेट, नो इवल" सिद्धांत से भटक रहा है। कम्पनी ने इस विशिष्ट कार्य-प्रणाली को बनाये रखने के लिए एक मुख्य संस्कृति अधिकारी का पद नियुक्त किया। इस पद का अधिकारी मानव संसाधन निदेशक भी होता है। मुख्य संस्कृति अधिकारी का उद्देश्य कम्पनी में कम्पनी के सिद्धांत को विकसित करना तथा उसे बनाये रखना है। इसके साथ-साथ उन विषयों पर भी काम करना है, जिनसे कम्पनी अपने मूलभूत सिद्धांत: एक स्पष्ट संगठन के साथ एक सहयोगपूर्ण परिवेश पर कायम रहे। गूगल को अपने पूर्व कर्मचारियों से लैंगिक भेद-भाव तथा वृद्धों के प्रति अनुचित व्यवहार जैसे आरोपों का भी सामना करना पड़ा है। ऑनलाइन विज्ञापन से हुई भारी बिक्री और आय से आईपीओ के बाद बाकी बचे शेयरों का प्रदर्शन भी बाज़ार में अच्छा रहा, उस समय पहली बार 31 अक्टूबर 2007 को शेयरों का दाम 700 डॉलर हुआ था। शेयरों के दाम में बढोतरी का मुख्य कारण व्यक्तिगत निवेशक थे, न कि प्रमुख संस्थागत निवेशक और [[म्यूचुअल फंड]]। गूगल, अब [[नैस्डैक]] स्टॉक एक्सचेंज में टिकर चिन्ह ''GOOG'' तथा फ़्रैंकफ़र्ट शेयर बाज़ार में टिकर चिन्ह ''GGQ1'' से सूचीबद्ध है। === विकास === मार्च 1999 में कम्पनी ने अपने कार्यालयों को [[पालो अल्टो, कैलिफ़ोर्निया]] में स्थानान्तरित किया, जो कि कई अन्य बड़ी [[सिलिकॉन वैली]] कम्पनियों का ठिकाना है। इसके एक वर्ष बाद पेज और ब्रिन के शुरूआती विमुखता के बावजूद, गूगल ने खोज-शब्दों/संकेतशब्द (Keywords) से जुड़े विज्ञापनों को बेचना शुरू किया। खोज-पृष्ठ को साफ-सुथरा तथा गति बनाये रखने के लिए, विज्ञापन केवल पाठ आधारित थे। संकेतशब्द की बिक्री उसकी बोली तथा क्लिकों के संयोजन के आधार पर की जाती थी। इसके लिए न्यूनतम बोली पाँच सेन्ट प्रति क्लिक थी। संकेतशब्द से विज्ञापनों को बेचने का यह मॉडल पहली बार गोटू.कॉम (Goto.com)—[[आइडियालैब]] के [[बिल ग्रौस]] का एक उपोत्पाद द्वारा किया गया। इस कम्पनी ने अपना नाम ओवरचर सर्विसेस रख लिया और गूगल पर उसके ॠण-प्रति-क्लिक और बोली के पेटेंट्स का कथित उल्लंघन करने का मुकदमा किया। ओवरचर सर्विसेस बाद में याहू द्वारा खरीद लिया गया और इसका नया नाम [[याहू! सर्च मार्केटिंग]] रखा गया। पेटेंट्स के उल्लंघन का मामला आपस में सुलझा लिया गया। इसके लिए गूगल ने अपने सामान्य शेयरों में से कुछ की हिस्सेदारी याहू! को दी और उसके बदले पेटेंट्स का शाश्वत लाईसेंस अपने नाम करवा लिया। उसी समय गूगल को अपने पृष्ठ-वरियता (PageRank) तंत्र के पेटेंट की प्राप्ति हुई। यह पेटेंट आधिकारिक तौर पर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय को सौंपा गया था और आविष्कारक के रूप में लॉरेंस पेज को सूचीबद्ध करता है। 2003 में दो अन्य कार्यालयों को कम पड़ता देखते हुए, कम्पनी ने अपना वर्तमान कार्यालय [[सिलिकॉन ग्राफ़िक्स]] से लीज़ पर 1600 एम्फीथिएटर पार्कवे, [[माउंटेन व्यु, कैलिफ़ोर्निया]] में चालू किया। गूगल का यह कार्यालय परिसर [[गूगलप्लेक्स]] के नाम से जाना जाता है, यह अंग्रेज़ी शब्द googolplex का तर्क है, जिसका मतलब/मान है 10<sup>10<sup>100</sup></sup>। तीन वर्ष पश्चात्, गूगल ने 319 मिलियन डॉलर में सिलिकॉन ग्राफ़िक्स से अपना कार्यालय परिसर खरीद लिया। तब तक, “गूगल” रोज़मर्रा में इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द बन चुका था। इस कारण शब्द “गूगल” [[मेरियम वेबस्टर]] शब्दकोश और[[ऑक्सफोर्ड अंग्रेजी शब्दकोश]] में “जानकारी प्राप्त करने के लिए गूगल सर्च इंजन का प्रयोग” के परिभाषा से शामिल कर लिया गया। === अधिग्रहण और भागीदारी === {{मुख्य&nbsp;|&nbsp;गूगल द्वारा की गयी अधिग्रहणों सूची}} 2001 से गूगल ने मुख्यतया लघु उद्यम पूंजी कम्पनियों पर अपना ध्यान केन्द्रित करते हुए, कई कम्पनियों को अधिकृत किया। 2004 में गूगल ने [[कीहोल, निग]] को अधिकृत किया। उस समय कीहोल ने अर्थ व्युवर नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया था जो पृथ्वी का [[त्रिआयामी]] दृश्य प्रदर्शित करता था। 2005 में गूगल ने इसे [[गूगल धरती|गूगल अर्थ]] का नाम दिया। 2007 में गूगल ने ऑनलाइन विडियो साइट यूट्यूब को 1.65 अरब डॉलर में खरीद लिया। 13 अप्रैल 2007 को गूगल ने [[डबलक्लिक]] नामक कम्पनी को 3.1 अरब डॉलर में अधिकृत किया। इस अधिग्रहण से गूगल को डबलक्लिक के साथ-साथ उसके वेब प्रकाशकों और विज्ञापन एजेंसियों से अच्छे सम्बन्धों की अमूल्य प्राप्ति हुई। बाद में उसी वर्ष गूगल ने 50 मिलियन डॉलर में [[ग्रैंडसेंट्रल]] को खरीदा। इसे बाद में [[गूगल वॉयस]] का नाम दिया गया। 5 अगस्त 2009 को गूगल ने अपनी पहली सार्वजनिक कम्पनी वीडियो सॉफ्टवेयर निर्माता ऑन2 टेक्नोलॉजीज़ को 106.5 मिलियन डॉलर में अधिकृत किया। गूगल ने [[एर्डवार्क (खोज इंजन)|आर्द्वर्क]], एक सामाजिक नेटवर्क खोज इंजन को 50 मिलियन डॉलर में अधिकृत किया। गूगल ने अपनी आन्तरिक ब्लॉग में टिप्पणी की, “हम सहकारिता के लिए अग्रसर हैं, ताकि हम देख सकें कि हम इसे कहाँ तक ले जा पाते हैं”। और अप्रैल 2010 में गूगल ने एक छोटे हार्डवेयर उद्यम एग्निलक्स के अधिकरण की घोषणा की। कई कम्पनियों को खरीदने के साथ-साथ गूगल ने अन्य कई संगठनों के साथ शोध से लेकर विज्ञापन के क्षेत्र में भागीदारी की। 2005 में गूगल ने [[नासा]] [[एमेस अनुसन्धान केन्द्र]] के साथ 1,000,000 वर्ग फुट (93,000 वर्ग मीटर) कार्यालयी क्षेत्र के निर्माण के लिए भागीदारी की। इन कार्यालयों का उपयोग बड़े पैमाने पर डेटा प्रबन्धन, [[नैनो तकनीकी|नैनो तकनीक]], [[वितरित संगणन]] तथा अंतरिक्ष उद्योग के उद्यम से जुड़े परियोजनाओं पर शोध करने के लिए किया जाएगा। उसी वर्ष अक्टूबर में गूगल ने सन माइक्रोसिस्टम्स से एक-दूसरे की तकनीकों का आदान-प्रदान और वितरण के लिए भागीदारी की। कम्पनी ने [[टाइम वॉर्नर]] के [[एओऍल|एओएल]] के साथ एक-दूसरे की वीडियो खोज सेवाओं में वृद्धि के लिए भागीदारी की। गूगल की 2005 में हुई कई भागीदारियों में मोबाईल यन्त्रों के लिए [[.मोबी]] [[शीर्ष स्तरीय डोमेन]] का वित्तीयन तथा बड़ी कम्पनियाँ जैसे [[माइक्रोसॉफ़्ट]], [[नोकिया]] और [[एरिक्सन]] शामिल हैं। गूगल ने मोबाईल विज्ञापन बाज़ार को देखते हुए, “एड्सेंस फॉर मोबाईल” चालू किया। विज्ञापन जगत में अपनी पहुँच आगे बढ़ाते हुए गूगल और [[न्यूज़ कॉर्पोरेशन]] के फॉक्स इंटरएक्टिव मीडिया ने लोकप्रिय सामाजिक नेटवर्किंग साइट [[माईस्पेस|माइस्पेस]] पर खोज और विज्ञापन प्रदान करने के लिए 900 मिलियन डॉलर का समझौता किया। अक्टूबर 2006 में गूगल ने विडियो-शेयरिंग साइट यूट्युब को 165 अरब डॉलर में अधिकृत करने की घोषणा की। 13 नवम्बर 2006 को इस सौदे को अन्तिम रूप दिया गया। गूगल यूट्युब चलाने के खर्च का विस्तृत आँकड़े प्रस्तुत नहीं करता है और 2007 में यूट्युब के राजस्व की एक नियामक सूची में गूगल ने उसे “[[:en:Materiality (auditing)|अनावश्यक]]” बताया। जून 2008 में अंग्रेज़ी मैगज़ीन [[फ़ोर्ब्स|फ़ॉर्ब्स]] में छपे एक लेख के अनुसार विज्ञापनों की बिक्री में हुई वृद्धी से 2008 में यूट्युब ने 200 मिलियन अमरीकी डॉलर कमाया। 2007 में गूगल ने [[नोरैड ट्रैक्स सांता]], एक सेवा जो क्रिसमस की पूर्वसंध्या पर सांता क्लॉस के यात्रा का अनुकरण करने का दावा करती है, का प्रयोजन भूतपूर्व प्रायोजक [[एओऍल|एओएल]] को विस्थापित करते हुए गूगल अर्थ के माध्यम से “सांता का अनुकरण” पहली बार त्रि-आयाम (3-डी) में चालू किया। गूगल-स्वामित्व के अधीन यूट्यूब पर नोराड ट्रैक्स सांता को एक नया चैनल भी मिल गया।<ref>[https://www.mghindinews.in/2020/09/goog-news-in-hindi.html]</ref>{{Dead link|date=अप्रैल 2021 |bot=InternetArchiveBot }} 2008 में गूगल ने [[जियोआई]] से एक उपग्रह, जो गूगल अर्थ को उच्च-विश्लेषण (0.41 मीटर मोनोक्रोम और 1.65 मीटर रंगीन) चित्र उपलब्ध कराता है, के प्रक्षेपण के लिए साझेदारी की। यह उपग्रह [[वैंडेनबर्ग वायुसेना केन्द्र]] से 6 सितम्बर 2008 को प्रक्षेपित किया गया। 2008 में गूगल ने यह घोषणा किया कि वह [[लाइफ़ (पत्रिका)]] से साझेदारी करेगा और उसके तस्वीरों के एक संग्रह की मेजबानी भी करेगा। संग्रह के चित्रों में से कुछ का प्रकाशन पत्रिका में कभी हुआ ही नहीं। वे चित्र [[:en:Watermark|जलांकित]] थे और सबपर सर्वाधिकार सूचना (कॉपीराइट नोटिस) छपा हुआ था, इसके बावजूद कि वे [[:en:Public domain|लोक प्रक्षेत्र]] के दर्जे की थीं। 2010 में [[गूगल एनर्जी]] ने अपना पहला निवेश, एक अक्षय-उर्जा परियोजना में 38.8 मिलियन डॉलर का उत्तर डकोटा में दो वायु ऊर्जा फार्मों पर किया। कम्पनी ने बताया कि इन दो फार्मों से 169.5 [[मेगावाट]] का विद्युत उत्पन्न होगा, जो कि 55,000 घरों को बिजली प्रदान करा सकता है। यह फार्म जो कि नेक्स्टएरा एनर्जी रिसोर्सेस द्वारा विकसित किया गया था, उस इलाके में खनिज इंधन के इस्तेमाल को कम कर देगा और लाभांवित भी करेगा। नेक्स्टएरा एनर्जी रिसोर्सेस ने गूगल को उसके बीस प्रतिशत शेयर की हिस्सेदारी बेची, ताकि वे उस परियोजना के विकास में और पैसा लगा सके; और फिर 2010 में गूगल ने ग्लोबल आईपी सोल्युशन्स, जो कि नॉर्वे में वेब-आधारित टेलेकॉन्फ़्रेंसिंग और अन्य सम्बन्धित सेवाएँ प्रदान करती हैं, को खरीदा। इस अधिग्रहण से गूगल ने टेलीफोन शैली की सेवाओं को अपनी उत्पादों-सूची में जोड़ लिया। 27 मई 2010 को गूगल ने मोबाईल विज्ञापन नेट्वर्क, एड्मोब के अधिग्रहण की घोषणा की। यह अधिग्रहण [[संघीय व्यापार आयोग]] द्वारा की गई इस अधिग्रहण के छानबीन के बाद हुआ। गूगल ने इस अधिग्रहण के लागत की व्याख्या नहीं की। जुलाई 2010 में गूगल ने आयोवा विंड फार्म से 114 मेगावाट की ऊर्जा अगले 20 वर्षों तक खरीदने का समझौता किया। 4 अप्रैल 2011 को [[द ग्लोब एण्ड मेल]] की एक रिपोर्ट में कहा गया कि गूगल ने छह हज़ार [[नॉर्टेल नेटवर्क]] पेटेंट के लिए 900 मिलियन डॉलर की बोली लगायी है। == उत्पाद और सेवाएँ == {{see also|गूगल उत्पादों की सूची}} === विज्ञापन === गूगल की आय का निन्यानवे प्रतिशत भाग उसके विज्ञापन कार्यक्रमों से आता है। 2006 के वित्तीय वर्ष में, कम्पनी ने कुल 10.492 अरब डॉलर विज्ञापन से और केवल 112 मिलियन डॉलर लाइसेंस प्राप्ति और अन्य श्रोतों से कमाने की सूचना दी। ऑनलाइन विज्ञापन के बाज़ार में गूगल ने अपने कई नव उत्पादों को कार्यान्वित किया है, इस कारण गूगल बाज़ार के शीर्ष आढ़तिया (ब्रोकरों) में से है। [[डबलक्लिक]] कम्पनी के तकनीक का इस्तेमाल करके गूगल प्रयोक्ता के हित तथा उन विज्ञापनों को लक्षित करती है जो अपने तथा प्रयोक्ता के सन्दर्भ में प्रासंगिक है। [[गूगल एनालिटिक्स|गूगल विश्लेषिकी]] (गूगल एनालिटिक्स) वेबसाइट के मालिकों को लोगों द्वारा उनकी वेबसाइट के इस्तेमाल की जानकारी प्राप्त कराता है। उदाहरण के लिए किसी पेज पर सभी लिंक्स के क्लिक दर परखना। गूगल विज्ञापन एक दो-भाग कार्यक्रम में तीसरे पक्ष की वेबसाइट पर रखा जा सकता है। गूगल [[गूगल एडवर्ड्स|ऐडवर्ड्स]] विज्ञापनकर्ता को गूगल के नेटवर्क में विज्ञापन प्रदर्शित करने की अनुमति ॠण-प्रति-क्लिक या ॠण-प्रति-दर्शन की योजना के द्वारा देता है। समान सेवा, [[गूगल ऐडसेन्स|गूगल एडसेन्स]], वेबसाइट धारकों को विज्ञापन उनके वेबसाइट पर प्रदर्शित करने तथा विज्ञापन के प्रति क्लिक पर पैसे कमाने की अनुमति देता है। [[क्लिक धोखाधड़ी]], किसी व्यक्ति या स्वचालित स्क्रिप्ट का बिना किसी दिलचस्पी से उत्पादों के विज्ञापनों पर “क्लिक” करना, से निपटने में गूगल की असमर्थता इस कार्यक्रम के कई नुकसान और आलोचनाओं में से एक है, जिस कारण विज्ञापनकर्ता को अनावश्यक भुगतान करना पड़ता है। 2006 की उद्योग रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि लगभग 14 से 20 प्रतिशत क्लिक कपटी या अमान्य थे। इसके अलावा, गूगल की “खोज के भीतर खोज” सेवा पर भी विवाद हुआ है, जिसमें एक माध्यमिक खोज बॉक्स किसी वेबसाइट के भीतर उपयोगकर्ता को खोज करने में मदद करता है। शीघ्र ही यह बताया गया कि जब “खोज के भीतर खोज” सेवा का प्रयोग किसी विशेष कम्पनी के लिए किया जाता, तब सम्बन्धित विज्ञापनों के साथ-साथ प्रतियोगी तथा प्रतिद्वंदी कम्पनियों के विज्ञापन भी दर्शित होते थे, जिस कारण कई उपयोगकर्ता साइट से बाहर निकल जाते थे। गूगल के विज्ञापन कार्यक्रम के खिलाफ एक और शिकायत विज्ञापनदाताओं की उनके सेंसरशिप है, हालाँकि कई मामले [[डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट अधिनियम]] के अनुपालन में दिलचस्पी रखते हैं। उदाहरण के लिए फरवरी 2003 में, गूगल ने [[:en:Oceana (non-profit group)|ओशियाना]], एक गैर सरकारी संस्था है जो एक प्रमुख क्रूज जहाज की मलजल उपचार पद्धतियों का विरोध कर रही थी, का विज्ञापन दिखाना बन्द कर दिया था। उस समय गूगल ने सम्पादकीय नीति उद्धृत करते हुए कहा, “गूगल ऐसे विज्ञापन या साइट स्वीकार नहीं करता है जो अन्य व्यक्तियों, समूहों, या संगठनों के खिलाफ वकालत करता हो।" इस नीति को बाद में बदल दिया गया। जून 2008 में, गूगल ने याहू! के साथ एक विज्ञापन सम्बन्धी समझौता किया, जिसमें याहू! अपने वेबपेजों पर गूगल को विज्ञापन प्रदर्शित करने की अनुमति देगा। दोनों कम्पनियों के बीच यह गठबंधन कभी पूरा न हो सका क्योंकि [[अमेरीकी न्याय विभाग]] को लगा कि यह गठबंधन [[अविश्वसनीयता]] (स्पर्धारोधी तत्त्वों) को जन्म देगा। परिणामस्वरूप, गूगल ने नवम्बर 2008 में सभी सौदे वापस ले लिये। अपने उत्पादों के विज्ञापन के एक प्रयास में गूगल ने डेमो स्लैम नामक वेबसाइट का शुभारम्भ किया जो उसके उत्पादों के तकनीकी का वर्णन करने के लिए विकसित किया गया। हर सप्ताह, दो टीमों को नये सन्दर्भों में गूगल की तकनीक लगाने पर प्रतिस्पर्धा होती है। सर्च इंजन जर्नल ने बताया कि डेमो स्लैम, “एक ऐसी जगह है जहाँ रचनात्मक तथा तकनीकी की समझ रखने वाले लोग दुनिया के बाकी लोगों को दुनिया की नवीनतम और महानतम प्रौद्योगिकी समझाने के लिए विडियो बना सकते हैं।” === सर्च (खोज) इंजन === [[चित्र:गूगल भारत.png|left|thumb|गूगल के वेबपृष्ठ भारतीय संस्करण २०११]] [[गूगल खोज|गूगल सर्च]], एक वेब खोज इंजन, कम्पनी की सबसे लोकप्रिय सेवा है। नवम्बर 2009 में [[कॉमस्कोर]] (comScore) द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार, गूगल संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के बाजार में प्रमुख खोज इंजन है, जिसकी बाज़ार में 65.6% की [[:en:Market share|हिस्सेदारी]] है। गूगल अरबों वेब पृष्ठों को अनुक्रमित करता है, ताकि उपयोगकर्ता, खोजशब्दों और प्रचालकों (ऑपरेटरों) के प्रयोग के माध्यम से सही जानकारी की खोज कर सके। इसकी लोकप्रियता के बावजूद, गूगल सर्च को कई संगठनों से आलोचना मिली है। 2003 में, [[न्यू यॉर्क टाइम्स|न्यूयॉर्क टाइम्स]] ने गूगल अनुक्रमण के बारे में शिकायत की, उसने अपने साइट के सामग्री की गूगल [[कैशे|कैशिंग]] को उस सामग्री पर लागू उनके कॉपीराइट का उल्लंघन बताया। इस मामले में नेवादा के संयुक्त राज्य जिला न्यायालय ने [[फील्ड बनाम गूगल]] और पार्कर बनाम गूगल का फैसला गूगल के पक्ष में सुनाया। इसके अलावा, प्रकाशन [[:en:2600: The Hacker Quarterly|द हैकर क्वार्टर्ली]] ने उन शब्दों की एक ऐसी सूची तैयार की है जिनमें इस दिग्गज कम्पनी की नयी [[गूगल खोज|त्वरित खोज सुविधा]] खोज नहीं करेगी। गूगल वॉच ने गूगल पेजरेंक एल्गोरिथम की आलोचना करते हुए कहा कि यह नयी वेबसाइटों के खिलाफ़ भेदभाव और स्थापित साइटों के पक्ष में है और गूगल और [[नेशनल सेक्यूरिटी एजेंसी|एनएसए]] और [[सी आइ ए|सीआईए]] के बीच सम्बन्ध होने का आरोप लगाया। आलोचना के बावजूद, बुनियादी खोज इंजन विशिष्ट सेवाओं, जैसे कि छवि खोज इंजन, गूगल समाचार खोज साइट, गूगल नक्शा और अन्य सहित फैल गया है। 2006 की शुरूआत में कम्पनी ने गूगल वीडियो का शुभारम्भ किया, जिसका प्रयोग उपयोगकर्ता इंटरनेट पर वीडियो अपलोड, खोज और देखने के लिए कर सकते हैं। 2009 में तथापि, खोज सेवा के पहलु पर ध्यान केंद्रित करने के लिए गूगल ने गूगल वीडियो में अपलोड की सेवा बन्द कर दी। यहाँ तक कि उपयोगकर्ता के कम्प्यूटर में फाइलों की खोज के लिए गूगल ने [[गूगल डैस्कटॉप|गूगल डेस्कटॉप]] विकसित किया। गूगल की खोज में सबसे हाल ही की गतिविधि [[संयुक्त राज्य पेटेंट और ट्रेडमार्क कार्यालय]] से साझेदारी की है, जिससे पेटेंट और ट्रेडमार्क के बारे में जानकारी मुफ़्त में उपलब्ध होगी। [[गूगल पुस्तकें|गूगल बुक्स्]], एक और विवादास्पद खोज सेवा है जिसकी गूगल मेज़बानी करता है। कम्पनी ने पुस्तकों की स्कैनिंग तथा सीमित पूर्वावलोकन और अनुमति के साथ पुस्तकों की पूर्ण अपलोडिंग अपने नये पुस्तक खोज इंजन में चालू किया। 2005 में, [[ऑथर्स गिल्ड]], एक समूह जो 8000 अमेरिकी लेखकों का प्रतिनिधित्व करता है, ने न्यूयॉर्क शहर के एक संघीय अदालत में इस नयी सेवा पर गूगल के खिलाफ एक वर्ग कार्रवाई मुकदमा दायर किया। पुस्तकों के सम्बन्ध में गूगल ने कहा है कि यह सेवा कॉपीराइट कानून के सभी मौजूदा और ऐतिहासिक अनुप्रयोगों का अनुपालन करती है। अंततः एक संशोधित निपटान के लिए 2009 में गूगल ने स्कैनिंग अमेरीका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की किताबों तक सीमित कर दिया। इसके अलावा, पेरिस सिविल कोर्ट ने 2009 के अन्त में गूगल के खिलाफ़ उसके डेटाबेस से ला मार्टिनियर ([[:en:Éditions du Seuil|एडिशन डु सिउल]]) का काम हटाने का फ़ैसला सुनाया। [[अमेज़न.कॉम]] (Amazon.com) से आगे निकलने के लिए गूगल नयी किताबों का डिजिटल संस्करण बेचने की योजना कर रहा है। इसी तरह, नवागंतुक [[बिंग]] के जवाब में, 21 जुलाई 2010 को गूगल ने अपने छवि खोज में [[:en:Thumbnails|अँगूठकार]] का प्रवाहित क्रम चालू किया, जो इंगित करने पर फ़ैल (बड़े हो) जाते हैं। हालाँकि वेब खोज अभी भी एक थोक (बैच) प्रति पृष्ठ के प्रारूप के अनुसार दिखाई देते हैं, 23 जुलाई 2010 से, कुछ अंग्रेजी शब्दों के शब्दकोश परिभाषा वेब खोजों के लिए लिंक किये गये परिणामों के ऊपर दिखने लगे। उच्च-गुणवत्ता को महत्त्व देते हुए मार्च 2011 में गूगल ने अपना एल्गोरिथम परिवर्तित किया। === आय और आंकड़े === गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का 80% से अधिक राजस्व Google विज्ञापनों से आता है, जिसने वर्ष 2023 में 237 बिलियन डॉलर का राजस्व अर्जित किया था। Google एक दशक से अधिक समय से ऑनलाइन विज्ञापन में मार्केट लीडर रहा है। "Google Search" इसकी सबसे लाभप्रद इकाई है. जो Google के विज्ञापन राजस्व का 71% और अल्फाबेट के कुल राजस्व का 57% था। === उत्पादकता उपकरण === अपने मानक वेब खोज सेवाओं के अलावा, गूगल ने पिछ्ले कुछ वर्षों में कई ऑनलाइन उत्पादकता उपकरण जारी किये हैं। जीमेल, गूगल द्वारा एक मुक्त वेबमेल सेवा है, जो उस वक्त निमंत्रण-आधारित [[बीटा]] कार्यक्रम के रूप में 1 अप्रैल 2004 को शुरू किया गया और 7 फ़रवरी 2007 को आम जनता के लिए उपलब्ध कर दिया गया। इस सेवा को बीटा स्थिति से 7 जुलाई 2009 को उन्नत किया गया, उस समय इस सेवा के 146 मिलियन मासिक प्रयोक्ता थे। यह ऑनलाइन ई-मेल कोई पहली ऐसी सेवा होगी जो एक [[गीगाबाइट]] भण्डारण के लिए प्रदान करेगी तथा किसी इंटरनेट फोरम की तरह एक ही वार्तालाप के लिए भेजे गये ई-मेलों को एक सूत्र में रखने वाली पहली सेवा होगी। यह सेवा वर्तमान में 7400 मेगाबाइट से भी अधिक भण्डारण मुफ़्त में प्रदान करती है और अतिरिक्त भण्डारण जो 20 जीबी से 16 टेराबाइट है, 0.25 अमरीकी डॉलर प्रति जीबी प्रति वर्ष के दर से उपलब्ध है। इसके अलावा, [[एजैक्स]], एक प्रोग्रामिंग तकनीक जो वेबपेजों को बिना ताज़ा (रिफ़्रेश) किये संवादात्मक बनाता है, के अग्रणी इस्तेमाल के लिए जीमेल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के बीच जाना जाता है। जीमेल की आलोचना सम्भावित डेटा प्रकटीकरण, एक जोखिम जो कई ऑनलाइन वेब अनुप्रयोगों के साथ जुड़ा है, के कारण भी हुई है। [[स्टीव बाल्मर]] (माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ), [[लिज़ फ़िगेरोआ]], मार्क रैश और गूगल वॉच के सम्पादकों का मानना है कि जीमेल में ई-मेल संदेशों का प्रसंस्करण यथार्थ उपयोग की सीमा के बाहर है, लेकिन गूगल का दावा है कि जीमेल को या उससे भेजा जाने वाला मेल कभी भी खाता धारक के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं पढ़ा जाता और उनका प्रयोग केवल विज्ञापनों की प्रासंगिकता में सुधार लाने के लिए किया जाता है। [[गूगल डॉक्स]], गूगल की उत्पादकता समूह का एक उत्पाद है, जो उपयोगकर्ताओं को [[माइक्रोसॉफ्ट वर्ड|माइक्रोसॉफ़्ट वर्ड]] जैसा एक ऑनलाइन परिवेश में सृजन, सम्पादन और दस्तावेज़ों के मिलाप की सुविधा देता है। यह सेवा मूलतः राइटली के नाम से जानी जाती थी, लेकिन 9 मार्च 2006 को गूगल ने इसे प्राप्त कर लिया और आमंत्रण-आधारित पूर्वालोकन के रूप में जारी किया। अधिग्रहण के बाद 6 जून को गूगल ने एक प्रायोगिक स्प्रैडशीट सम्पादन कार्यक्रम बनाया, जो 10 अक्टूबर को गूगल डॉक्स के साथ संयुक्त किया गया था। 17 सितम्बर 2007 को प्रस्तुतियों को सम्पादित करने का कार्यक्रम सेट को पूरा करता है, यह कार्य बाकी तीन सेवाओं सहित जीमेल, गूगल कैलेंडर, तथा गूगल एप्स सुईट के अन्य सभी उत्पादों का 7 जुलाई 2009 के पूर्ण संस्करण के बाद किया गया। === उद्यम उत्पाद === [[चित्र:Google Search Appliance.jpg|right|thumb|170px|2008 के [[आरएसए सम्मेलन]] में गूगल का खोज उपकरण।]] गूगल का उद्यम बाज़ार में प्रवेश फरवरी 2002 में के साथ हुआ [[गूगल मिनी|गूगल खोज उपकरण]], जो बड़े संगठनों को खोज तकनीक प्रदान करने की ओर लक्षित है। गूगल ने छोटे संगठनों को ध्यान में रखते हुए [[गूगल मिनी|मिनी]] तीन साल बाद बाज़ार में उतारा। 2006 के अन्त में गूगल ने परिपाटी (कस्टम) खोज व्यवसाय संस्करण बेचना चालू किया, जिससे ग्राहकों को Google.com के सूची में विज्ञापन मुक्त विंडो उपलब्ध होता है। 2008 में इस सेवा का नाम गूगल साइट सर्च रख दिया गया। गूगल के उद्यम उत्पादों में से एक उत्पाद गूगल ऐप्स प्रीमियर संस्करण है। यह सेवा और उसके साथ गूगल ऐप्स शिक्षण संस्करण तथा सामान्य संस्करण, कम्पनियों, विद्यालयों और अन्य संगठनों को गूगल के ऑनलाइन अनुप्रयोगों को, जैसे कि जीमेल और गूगल डॉक्यूमेंट्स, अपने डोमेन में डालने की अनुमति देते हैं। प्रीमियर संस्करण, विशेष रूप से सामान्य संस्करण से अधिक सुविधाएँ, जैसे कि अधिक डिस्क स्पेस, एपीआई का उपयोग और प्रीमियम सहायता 50 डॉलर प्रति उपयोगकर्ता प्रति वर्ष के दर से प्रदान करता है। गूगल ऐप्स का एक बड़ा कार्यान्वयन 38,000 उपयोगकर्ताओं के साथ [[थंडर बे]], ओंटारिओ, कनाडा में [[लेकहेड विश्वविद्यालय]] में किया गया है। उसी वर्ष गूगल ऐप्स शुरू किया गया। गूगल ने [[पोस्तिनी]] को अधिकृत किया और गूगल ने इस कम्पनी के सुरक्षा प्रौद्योगिकी को गूगल ऐप्स से गूगल पोस्तिनी सेवाएँ के अन्तर्गत संगठित किया। [[गूगल अनुवाद|गूगल ट्रांसलेट]] एक सर्वर-साइड [[यान्त्रिक अनुवाद|मशीन अनुवाद]] सेवा है, जो 35 अलग भाषाओं के बीच अनुवाद कर सकता है। ब्राउज़र एक्सटेंशन ब्राउज़र से गूगल अनुवाद और आसान कर देते हैं। सॉफ्टवेयर [[कॉर्पस भाषाविज्ञान|कोष भाषा विज्ञान]] तकनीक का उपयोग करता है, जहाँ प्रोग्राम पेशेवर अनुवाद दस्तावेजों से विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र और [[यूरोपीय संसद]] की कार्यवाही से सीखता है। इसके अलावा एक “बेहतर अनुवाद सुझाएँ” सुविधा अनुवादित पाठ के साथ जोड़ा गया है, जो उपयोगकर्ता को गलत या अमानक अनुवाद संकेत करने की अनुमति देता है। गूगल ने 2002 में [[गूगल समाचार|गूगल न्यूज़]] सेवा प्रारम्भ किया था। इस साइट ने घोषणा की कि कम्पनी ने एक “बेहद असामान्य” साइट बनाई है, जो “समाचार के संकलन की सेवा बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के कम्प्यूटर एल्गोरिदम द्वारा प्रदान करती है। गूगल कोई सम्पादक, प्रबन्धक सम्पादक, या कार्यकारी सम्पादक नियुक्त नहीं करता।” याहू! समाचार की अपेक्षा गूगल न्यूज़ ने लाइसेंसी समाचार कम प्रदर्शित किया है और बदले में विषय के आधार पर समाचार और सुझावों से जोड़ने वाले लिंकों के साथ उनकी सुर्खियों, नमूने और तस्वीरों को प्रदर्शित करता है। कॉपीराइट उल्लंघन के उलझनों को कम करने के लिए गूगल आमतौर पर तस्वीरों को अंगुष्ठ नखाकार (थम्बनेल) का बनाकर उसी विषय पर अन्य समाचार स्रोतों से लिये गये सुर्खियों के सामने लगाता है। फिर भी, एजेंस फ़्रास प्रेस ने कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में कोलम्बिया जिला के संघीय अदालत में गूगल के खिलाफ़ मुकदमा दायर किया, वह मुकदमा जिसे गूगल ने एक अज्ञात राशि देकर एक नियम के अन्तर्गत एएफ़पी के लेखों का पूर्ण पाठ्य लाइसेंस गूगल न्यूज़ पर इस्तेमाल करने के लिए ले लिया। 2006 में, गूगल ने [[सैन फ्रांसिस्को|सैन फ़्रांसिस्को]] में मुफ़्त वायरलेस ब्रॉड्बैंड सेवा [[अन्तर्जाल सेवा प्रदाता|इंटरनेट सेवा प्रदाता]] [[अर्थलिंक]] के मदद से देने का ऐलान किया। [[कॉमकास्ट]] और [[वेरीज़ोन]] जैसे बड़े दूरसंचार कम्पनियों ने इस तरह के प्रयासों का विरोध किया और कहा कि यह “अनुचित प्रतिस्पर्धा” है तथा कई शहर अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करते हुए इन कम्पनियों के समक्ष एकाधिकार का प्रस्ताव रख देंगे। 2006 में, [[नेटवर्क तटस्थता]] पर कांग्रेस के सामने अपनी गवाही में, गूगल के चीफ़ इंटरनेट मत प्रचारक [[विंट सर्फ़]] यह तथ्य देते हुए इन रणनितियों की निंदा की कि लगभग कुल में से आधे उपभोगताओं के पास सार्थक ब्रॉडबैंड प्रदाताओं के विकल्प का अभाव है। गूगल फ़िलहाल माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया के अपने गृहनगर में मुफ्त वाई-फाई (Wi-Fi) सेवा प्रदान कर रहा है। एक साल बाद, गूगल का बाज़ार में मोबाईल फ़ोन उतारने की रिपोर्टें, सम्भवतः [[ऍपल इंक०|एप्पल]] [[आईफ़ोन]] (iPhone) के प्रतियोगी के रूप में सामने आयीं। यह परियोजना, जिसे [[ऍण्ड्रॉइड प्रचालन तन्त्र|एंड्रोइड]] कहा गया, मोबाईल उपकरणों के लिए एक [[प्रचालन तन्त्र|ऑपरेटिंग सिस्टम]] निकला, जो गूगल के अधिग्रण के बाद गूगल द्वारा [[अपाचे लाइसेंस]] के अन्तर्गत एक [[मुक्त स्रोत]] परियोजना के रूप में जारी कर दिया गया। एंड्रोइड आधारित फ़ोन पर चलने वाले एप्लिकेशन बनाने के लिए गूगल डेवलपर्स को [[सॉफ़्टवेर डेवलपमेंट किट]] प्रदान करता है। सितम्बर 2008 में, [[टी-मोबाईल]] ने पहला एंड्रोएड फ़ोन G1 जारी किया। 5 जनवरी 2010 को गूगल ने अपने नाम के तहत अपना पहला एंड्रोइड फ़ोन [[नेक्सस वन]] जारी किया। अन्य परियोजनाएँ जिन पर गूगल ने काम किया है, उनमें एक नयी सहयोगपूर्ण संचार सेवा, एक वेब ब्राउज़र और एक मोबाईल ऑपरेटिंग सिस्टम भी शामिल हैं। इनमें से प्रारम्भिक सेवा की घोषणा पहली बार 27 मई 2009 को की गयी। [[गूगल वेब]] एक ऐसा उत्पाद बताया गया जो उपयोगकर्ताओं को वेब पर सम्पर्क साधने तथा सहयोग देने में मदद करता है। यह गूगल की “ई-मेल पुनः अभिकल्पित” सेवा है, जो रियलटाइम में सम्पादन, ऑडियो, विडियो तथा अन्य मीडिया और एक्सटेंशनों के साथ संचार के अनुभव को और अच्छा बना देता है। गूगल वेब डेवलपर पूर्वालोकन में था, जहाँ इच्छुक उपयोगकर्ताओं को इस सेवा के परीक्षण का अधिकार आमंत्रण पर मिलता था, लेकिन 19 मई 2010 को यह सेवा आम जनता के लिए गूगल आई/ओ के भाषण में जारी कर दी गयी। 1 सितम्बर 2008 को गूगल ने [[गूगल क्रोम]], एक [[मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर|मुक्त स्रोत]] [[वेब ब्राउज़र|वेब ब्राउसर]], के आगामी उपलब्धता की पूर्व-घोषणा की, जो 2 सितम्बर 2008 को जारी कर दिया गया। अगले वर्ष, 7 जुलाई 2009 को गूगल ने [[गूगल क्रोम ओएस]], एक मुक्त स्रोत [[लिनक्स|लीनक्स]]-आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम की घोषणा की, जिसमें केवल एक वेब ब्राउज़र है और इसका डिज़ाइन उपयोगकर्ताओं को उनके गूगल खाते में लॉगिन करने के लिए किया गया है। == निगमित (कॉर्पोरेट) मामले और संस्कृति == [[चित्र:Schmidt-Brin-Page-20080520.jpg|right|thumb|220px|तत्कालीन सीईओ, अब गूगल के अध्यक्ष एरिक श्मिट, 2008 में, लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन (दायें से बायें) के साथ।]] गूगल एक अनौपचारिक कॉर्पोरेट संस्कृति होने के लिए जाना जाता है। [[फॉर्च्यून (पत्रिका)]] की ‘सबसे अच्छी कम्पनियाँ जिनमें काम करें’ की सूची में 2007 और 2008 में पहला और 2009 तथा 2010 में चौथा स्थान प्राप्त किया। यूनिवर्सम कम्युनिकेशन्स के प्रतिभा आकर्षण सूचकांक में गूगल 2010 में स्नातक छात्रों के लिए विश्व की सबसे आकर्षक नियोक्ता नामांकित की गयी। गूगल की कॉर्पोरेट धारणा ढीले सिद्धांत जैसे कि “आप बिना कुछ बुरा किये पैसा कमा सकते हैं”, “आप किसी सूट बिना भी गम्भीर हो सकते हैं” और “काम चुनौतीपूर्ण हो और चुनौती मनोरंजक” को सम्मिलित करती है। === कर्मचारी === [[चित्र:Noogler.png|left|thumb|200px|नये कर्मचारियों को "नूगलर्स" कहा जाता है और उन्हें अपने पहले [[टीजीआईएफ़]] पर प्रोपेलर युक्त एक बीनी हैट पहनने के लिए दिया जाता है।]] आरम्भिक सार्वजनिक पेशकश के बाद गूगल के शेयर प्रदर्शन ने कई प्रारम्भिक कर्मचारियों को एक अच्छे मुआवज़े के लिए सक्षम किया है। कम्पनी के आईपीओ के बाद, संस्थापक सेर्गेई ब्रिन और लैरी पेज और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक श्मिट ने अनुरोध किया कि उनका आधार वेतन कम कर एल डॉलर कर दिया जाए। वेतन में वृद्धि के लिए कम्पनी द्वारा की गयीं कई पेशकशों को उन्होंने ठुकराया है, मुख्यत: इसलिए कि उनके वेतन की सम्पूर्ति अब भी गूगल के शेयर के स्वामित्व से होती है। 2004 से पूर्व, श्मिट प्रति वर्ष 250,000 डॉलर कमा रहे थे, तथा पेज और ब्रिन 150,000 डॉलर प्रत्येक वेतन के तौर पर अर्जित कर रहें थे। 2007 में तथा शुरूआती 2008 के दौरान, कई आला अधिकारियों ने गूगल छोड़ दिया। अक्टूबर 2007 में, युट्यूब के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी गिदोन यू ने बेंजामिन लिंग, एक वरिष्ठ अभियन्ता (इंजीनियर) के साथ फ़ेसबुक में सम्मिलित हो गये। मार्च 2008 में शेरिल सैंड्बर्ग, उस समय ऑनलाइन बिक्री और परिचालन की उपाध्यक्ष ने फ़ेसबुक में मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में कार्य शुरू किया, जबकि ऐश एल्डिफ़्रोवी, ब्राण्ड विज्ञापन के पूर्व अध्यक्ष ने गूगल छोड़ नेटशॉप्स, एक ऑनलाइन खुदरा कम्पनी जिसे 2009 में [[:en:Hayneedle|हेएनीडल]] का नाम दिया गया, में मुख्य विपणन अधिकारी बनें। 4 अप्रैल 2011 को लैरी पेज गूगल के सीईओ और एरिक श्मिट गूगल के कार्यकारी अध्यक्ष बनें। एक प्रेरणा तकनीक के रूप में, गूगल एक नीति का उपयोग करता है जिसे अक्सर इनोवेशन टाईम ऑफ़ कहा जाता है, जिसमें गूगल अभियन्ताओं को उनके कार्य-समय का 20 प्रतिशत उनकी रुचि की परियोजनाओं पर खर्च करने के लिए प्रोत्साहित करता है। गूगल की कुछ नयी सेवाएँ जैसे कि जीमेल, गूगल समाचार, ऑर्कुट और ऐडसेंस इन्हीं स्वतंत्र प्रयासों से उत्पन्न हुए हैं। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में हुई एक बातचीत में, [[:en:Marissa Mayer|मैरिसा मेयर]], गूगल में खोज उत्पाद और उपयोगकर्ता अनुभव की उपाध्यक्ष, ने दिखाया कि नये उत्पादों में आधे से ज़्यादा उत्पाद लॉन्च के समय इनोवेशन टाईम ऑफ़ की उत्पत्ति थे। मार्च 2011 को, कंसल्टिंग (परामर्श) फ़र्म यूनिवर्सम ने आँकड़े जारी किये कि गूगल आदर्श नियोक्ताओं की सूची में पहले स्थान पर पूछे गये 10,000 युवा पेशेवर में से लगभग 25 प्रतिशत द्वारा चुना गया। इसका मतलब लगभग दोगुना युवाओं ने गूगल को दूसरी वरीयता के लिए चुना। === गूगलप्लेक्स === ''मुख्य लेख: [[:en:Googleplex|गूगलप्लेक्स]]'' [[चित्र:Googleplexsouthsidesecondangle.jpg|left|thumb|220px|[[:en:Googleplex|गूगलप्लेक्स]], गूगल का सर्वप्रथम तथा सबसे बड़ा कॉर्पोरेट परिसर]] कैलिफ़ोर्निया के [[माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया]] में स्थित गूगल के मुख्यालय को [[गूगलप्लेक्स]] के नाम से सम्बोधित किया जाता है, जो कि संख्या गूगलप्लेक्स के अंग्रेज़ी शब्द [[गूगलप्लेक्स]] और शब्द complex, मुख्यालय खुद में ही इमारतों का एक कॉम्प्लेक्स है पर किया गया एक तर्क है। लॉबी को एक पियानो, [[लावा लैंप|लावा लैंपों]], पुराने सर्वर के समूहों और दीवार पर खोज प्रश्नों के एक प्रक्षेपण से सजाया गया है। गलियारे व्यायाम गेंदों और साइकिलों से भरे हुए हैं। प्रत्येक कर्मचारी को कॉर्पोरेट मनोरंजन केन्द्र में प्रवेश की अनुमति है। मनोरंजन सुविधाएँ तमाम परिसर में फैले हुए हैं और इनमें एक कसरत कमरे के साथ वज़न और रोइंग मशीन, लॉकर कमरे, वाशर और सुखाने की मशीनें, एक मालिश कक्ष, विविध वीडियो गेम, [[टेबल फुटबाल]], एक भव्य बेबी पियानो, एक बिलियर्ड टेबल और पिंग पोंग शामिल हैं। मनोरंजन कमरों के साथ-साथ वहाँ जलपान गृह विभिन्न खाद्य तथा पेय पदार्थों से भरपूर हैं। 2006 में, गूगल ने अपना विस्थापन न्यू यॉर्क सिटी में 311,000 वर्ग फ़िट (28,900 वर्ग मीटर) के कार्यालय प्रसार में, 111 एट्थ अवेन्यु मैनहट्टन में किया। यह कार्यालय विशेष रूप से गूगल के लिए डिज़ाइन तथा तैयार किया गया, जो अब गूगल की सबसे बड़ी विज्ञापन बिक्री टीम का ठिकाना है जो गूगल के लिए बड़ी भागीदारी हासिल करने में सहायक रही है। सन् 2003 में, गूगल ने न्यू यॉर्क सिटी के कार्यालय में एक अभियांत्रिकी क्रमचारीवर्ग जोड़ा, जो 100 से अधिक अभियांत्रिकी परियोजनाओं, जैसे कि गूगल मैप्स, गूगल स्प्रेडशीट्स और अन्य के लिए विख्यात है। यह अनुमान है कि इस कार्यालय का कुल किराया गूगल को 10 मिलियन डॉलर प्रति वर्ष लगता है और इस कार्यालय की कार्यात्मकता और डिज़ाइन गूगल के माउंटेन व्यू मुख्यालय के, टेबल फुटबाल, एयर हॉकी और पिंग-पाँग की मेज, साथ-ही-साथ वीडियोगेम स्थल सहित समान है। खरीददारी सम्बन्धी विज्ञापन कोडिंग और स्मार्टफोन अनुप्रयोगों और प्रोग्रामों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, नवम्बर 2006 में, गूगल ने [[कार्नेगी मेलॉन]], [[पिट्सबर्ग, पेन्सिलवेनिया|पिट्सबर्ग]] के परिसर में अपने ने कार्यालय खोले। 2006 के अन्त तक, गूगल ने [[ऐन आर्बर|एन आर्बर]], [[मिशिगन]] में अपने ऐडवर्ड्स विभाग के लिए एक नये मुख्यालय की स्थापना कर दिया था। इसके अलावा, गूगल के कार्यालय संयुक्त राज्य अमेरिका में अटलांटा, ऑस्टिन, बोल्डर, सैन फ्रांसिस्को, सिएटल और वाशिंग्टन डीसी सहित दुनिया भर में फैले हैं। [[चित्र:PONYA Inland Term 1 jeh.JPG|right|thumb|170px|न्यूयॉर्क सिटी में गूगल का कार्यालय जो गूगल की सबसे बड़ी विज्ञापन बिक्री टीम कार्य-स्थल है।]] गूगल अपने परिचालन को पर्यावरण की दृष्टि से सही रखने को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। अक्टूबर 2006 में, कम्पनी ने 1.6 [[वॉट|मेगावाट]] की बिजली उपलब्ध कराने के लिए हजारों की मात्रा में [[सौर पैनल|सौर्य ऊर्जा पैनल]] लगाने की योजना की घोषणा की, जो परिसर की लगभग 30% ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने के लिए काफ़ी है। यह किसी अमेरीकी कॉर्पोरेट परिसर में सबसे बड़ी सौर्य ऊर्जा और विश्व में किसी भी कॉर्पोरेट साइट पर सबसे बड़ी है। इसके अतिरिक्त, गूगल ने 2009 में घोषणा की कि वह गूगलप्लेक्स के आसपास के घास के मैदान में घास की लम्बाई कम करने के लिए बकरियों के झुंड की तैनाती करेगा, जो मौसमी झाड़ी आग से खतरा कम करते हुए व्यापक मात्रा में घास काटने की कार्बन फुट प्रिंट को कम करने में मदद करेगा। बकरियों द्वारा मैदान के घास कतरन का उपाय आर जे विड्लर, एक अभियन्ता जो पहले [[नेशनल सेमीकंडक्टर|नेशनल सेमीकण्डक्टर]] के लिए काम करते थे, ने सुझाया। इसके बावजूद, गूगल को ''[[:en:Harper's Magazine|हार्पर पत्रिका]]'' द्वारा अत्यधिक ऊर्जा के इस्तेमाल के आरोप का सामना करना पड़ा है और ‘डोन्ट बी ईवल’ आदर्श के साथ-साथ उनके यथार्थ ऊर्जा बचत अभियानों का, उनके सर्वरों द्वारा वास्तविकता में भारी मात्रा में ऊर्जा की जरूरतों को गुप्त रखने या पूर्ति करने के लिए साधन के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप भी लगा है। === ईस्टर के अंडे और अप्रैल फूल्स दिवस के चुटकुले === ''मुख्य लेख: [[:en:Google's hoaxes|गूगल की अफवाहें]]'' गूगल में [[अप्रैल फूल दिवस|अप्रैल फूल्स दिवस]] पर चुटकुले बनाने की परम्परा रही है। उदाहरण के लिए, [[:en:Google's hoaxes#2000|गूगल मेंटलप्लेक्स]] को मानसिक शक्ति का प्रयोग कर वेब खोज करने की सेवा बतायी गयी। सन् 2007 में, गूगल ने एक मुफ़्त इंटरनेट सेवा [[:en:List of Google April Fools' Day jokes#Google TiSP|टिस्प]] (TiSP) या शौचालय इंटरनेट सेवा प्रदाता की घोषणा की, जहाँ कोई भी व्यक्ति [[प्रकाशीय तन्तु|फाइबर ऑप्टिक]] केबल का एक सिरा अपने शौच में डालकर कनेक्शन प्राप्त कर सकता था। सन् 2007 में ही, गूगल के जीमेल पेज पर सेवा: [[:en:List of Google April Fools' Day jokes#Gmail Paper|जीमेल पेपर]] की घोषणा प्रदर्शित की गयी, जिसमें उपयोगकर्ताओं को उनके ईमेल प्रिंट तथा उन्हें पहुँचाने की सेवा मिलती। सन् 2008 में गूगल ने जीमेल कस्टम टाइम की घोषणा की, जिसके उपयोग से उपयोगकर्ता को भेजे गये ई-मेल का समय बदलने की अनुमति मिलती है। सन् 2010 में, गूगल ने, मज़ाक में, केंज़स के [[:en:Topeka, Kansas|टपाइका]] शहर, जिसके मेयर ने कुछ समय के लिए शहर का नाम गूगल इस प्रयास में कर दिया कि गूगल अपनी नयी [[:en:Google Fiber|गूगल फाइबर]] परियोजना में लिए गये अपने निर्णय को बदले, के सम्मान में अपना नाम टपाइका कर दिया था। सन् 2011 में, गूगल ने जीमेल मोशन, जीमेल और कम्प्यूटर को वेबकैम की मदद से शारीरिक चालों द्वारा नियंत्रित करने का एक संवादात्मक उपाय की घोषणा की। अप्रैल फ़ूल्स दिवस के चुटकुलों के अलावा, गूगल की सेवाओं में कई [[:en:Easter egg (virtual)|ईस्टरी अंडे]] भी होते हैं। उदाहरण के लिए, गूगल ने अपने सर्च इंजन के भाषा चुनाव के विकल्पों में [[:en:Swedish Chef|स्विडिश शेफ़]] के “बोर्क बोर्क बोर्क”, [[:en:Pig Latin|पिग लैटिन]], “हैकर” या [[:en:Leetspeak|लीटस्पीक] (leetspeak), [[:en:Elmer Fudd|ऐल्मर फ़ड्ड]] और [[:en:Klingon language|क्लिंगन]] भाषा के तौर पर शामिल किया। इसके अलावा, सर्च इंजन कैलकुलेटर [[:en:Douglas Adams|डगलस एडम्स]] की किताब ‘[[:en:The Hitchhiker's Guide to the Galaxy|द हिचहाईकर्स गाइड टू द गैलक्सी]]’ से लिया गया [[:en:Phrases from The Hitchhiker's Guide to the Galaxy#The Answer to the Ultimate Question of Life, the Universe, and Everything is 42|जीवन, ब्रह्माण्ड और प्रत्येक चीज़ के परम प्रश्न का उत्तर]] (Answer to the Ultimate Question of Life, the Universe, and Everything) प्रदान करता है। इसके अलावा, जब अंग्रेज़ी शब्द “recursion” (पुनरावृति) की खोज की जाती है तब, वर्तनी-परीक्षक का परिणाम, एक पुनरावर्ती लिंक बनाते हुए, बिल्कुल वही शब्द रहता है। इसी तरह, जब अंग्रेज़ी शब्द “अनाग्राम” (Anagram), किसी शब्द के अक्षरों की पुनर्व्यवस्था की प्रक्रिया जिससे और वैध शब्द बनते हों, की खोज की जाती है, तब गूगल की सुझाव-सुविधा “क्या आपका मतलब है: ना अ ग्राम (nag a ram, नैग अ रैम)?” दर्शाती है। गूगल मैप्स में, दो स्थानों, जो पानी के विशाल फ़ैलाव से अलग हों, जैसे कि लॉस ऐंजेलिस और टोक्यो, के बीच के रास्ते की खोज “प्रशांत महासागर नाव से पार करें” के निर्देशों का परिणाम देता है। फीफा विश्व कप 2010 के दौरान, खोज पूछताछ जैसे कि “वर्ल्ड कप”, “फीफा”, आदि से परिणाम पृष्ठ के निचले भाग में दिखने वाला पृष्ठ सूचक “Goooo...gle” के बजाय “Goooo...al!” प्रदर्शित किया जाता था। === लोकोपकार === सन् 2004 में, गूगल ने लोकोपकार के लिए 1 अरब डॉलर के शुरुआती फंड सहित, लाभ-रहित साइट Google.org गठन किया। इस संगठन का मिशन [[जलवायु परिवर्तन]], वैश्विक लोक-स्वास्थ्य और वैश्विक गरीबी के सम्बन्ध में जागरूकता फैलाना है। इसकी प्रथम परियोजनाओं में से पहली एक साध्य [[प्लग-इन हाइब्रिड]] [[विद्युत वाहन]], जो 100 मील प्रति गैलन तय करेगी, का विकास था। सन् 2004 में गूगल ने डॉ॰ लैरी ब्रिलियंट को कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक के रूप में चुना और वर्तमान में मेगन स्मिथ कार्यक्रम की निदेशिका हैं। सन् 2008 में गूगल ने अपनी “परियोजना 10100” की घोषणा की, जो समुदाय के मदद के मुद्दे पर विचारों को स्वीकारता था और फिर गूगल उपयोगकर्ता को अपने पसंदीदा विचार पर वोट करने की अनुमति देता था। दो वर्षों की खामोशी के बाद, जिसके दौरान लोग सोचने लगे कि कार्यक्रम का क्या फल था, गूगल ने इस परियोजना के विजेताओं जिन्होनें विभिन्न उपाय जैसे कि शिक्षा को बढ़ावा देने वाले गैर-लाभ संगठन से लेकर एक ऐसी वेबसाइट जो सभी वैध दस्तावेज़ों को सार्वजनिक तथा ऑनलाइन करने का इरादा रखती हो को 10 मिलियन डॉलर देकर प्रत्यक्ष किया। सन् 2011 में, गूगल ने 10 लाख यूरो का दान इंटरनेशनल मैथमैटिकल ओलंपियाड को उसके अगले पाँच वर्ष के [[:en:International Mathematical Olympiad|इंटरनेशनल मैथमैटिकल ओलंपियाडों]] (2011-2015) के समर्थन में किया। === नेटवर्क तटस्थता === गूगल [[नेटवर्क तटस्थता]] का एक नामी प्रसिद्ध समर्थक है। गूगल की नेट तटस्थता गाइड के अनुसार: :नेटवर्क तटस्थता का सिद्धान्त यह है कि [[अंतरजाल|इंटरनेट]] उपयोगकर्ता के नियंत्रण में यह रहना चाहिए कि वे इंटरनेट पर क्या देखते हैं और कौन से [[ऍप्लिकेशन सॉफ्टवेयर|ऐप्लीकेशन]] का इस्तेमाल करते हैं। अपने शुरुआती दिनों से ही इंटरनेट इसी [[सिद्धान्त]] के तहत संचालित है। मूलतः नेट तटस्थता इंटरनेट के समान ऐक्सेस (पहुँच) के संबंध में है। हमारी राय में ब्रॉडबैंड कैरियरओं को प्रतियोगी अनुप्रयोगों या सामग्री के खिलाफ पक्षपात करने के लिए उन्हें अपनी बाज़ारी पैठ के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। जिस प्रकार [[दूरभाष|टेलिफोन]] कम्पनियों को उपयोगकर्ताओं से वे किसे कॉल करें या क्या बातें करें कहने की अनुमति नहीं है, उसी प्रकार ब्रॉडबैंड कैरियरों को इस बात की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए कि वे अपनी बाज़ारी पैठ का इस्तेमाल कर ऑनलाइन गतिविधि नियंत्रित करें। 7 फ़रवरी 2006 को, [[विंट सर्फ़]] ने, [[इंटरनेट प्रोटोकॉल]] (आईपी) के एक सह-आविष्कारक और गूगल के वर्तमान उपाध्यक्ष तथा “मुख्य इंटरनेट प्रचारक”, कांग्रेस के समक्ष गवाही में कहा कि “ब्रॉडबैंड कैरियरों को ‘लोग ऑनलाइन क्या देखते और करते हैं’ के नियंत्रण की अनुमति दी जाती है तो यह मूलतः उन सिद्धान्तों का उल्लंघन होगा जिनकी बदौलत इंटरनेट आज एक बड़ी सफ़लता है।” === गोपनियता === ऐरिक श्मिट, गूगल के [[मुख्य कार्यकारी अधिकारी|मुख्य कार्यकारी]] अधिकारी सन् 2007 में फाइनेंशियल टाईम्स के साथ हुए एक इंटरव्यू में कहा: “हमारा लक्ष्य गूगल उपयोगकर्ताओं को उस योग्य करना है कि वह ‘कल मुझे क्या करना चाहिए?’ और ‘मुझे कैसा काम करना चाहिए?’ जैसे प्रश्न पूछ सकें।” इसी कथन पर ज़ोर डालते हुए 2010 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के साथ हुए एक इंटरव्यू में श्मिट ने कहा: “मुझे वास्तव में लगता है कि ज़्यादातर लोग यह नहीं चाहते कि गूगल उनके सवालों का जवाब दे, बल्कि वे चाहते हैं कि गूगल उन्हें यह बताए कि उन्हें आगे करना क्या है।” दिसम्बर 2010 में, गूगल के सीईओ ऐरिक श्मिट, गोपनियता के मुद्दों पर यह घोषणा करते हैं: “अगर आपके पास कुछ ऐसा है जो आप किसी और से जताना नहीं चाहते, तो शायद पहले स्थान में आपको ही वह नहीं करना चाहिए। अगर आपको वास्तविकता में वैसी गोपनियता चाहिए, तो फिर सच्चाई यह है कि [[खोज इंजन]] — गूगल सहित — कुछ समय के लिए वह जानकारी बनाए रखते हैं और यह महत्त्वपूर्ण है, उदाहरण के लिए, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका में हम सब पैट्रियट एक्ट (देशभक्त अधिनियम) के अधीन हैं और यह सम्भव है कि वह सब जानकारी अधिकारियों को उपलब्ध करायी जा सकती है।” [https://web.archive.org/web/20110608070504/http://en.wikipedia.org/wiki/Privacy_International प्राइवेसी इंटरनेशनल] ने गूगल को “गोपनीयता का प्रतिपक्षी” की वरीयता दी, उनकी रिपोर्ट का न्यूनतम दर्ज़ा, जिस कारण गूगल ही एकमात्र ऐसी कम्पनी है जिसने उस सूची में यह वरीयता प्राप्त की है। सन् 2010 में हुए टेकोनॉमी सम्मेलन में एरिक श्मिट ने यह अनुमान लगाया कि “सही पारदर्शिता और गुमनामी का न होना” [[अंतरजाल|इंटरनेट]] के उन्नति के लिए सही पथ है: “अतुल्यकालिक खतरों की इस दुनिया में यह बहुत खतरनाक होगा कि आपके पहचान के लिए कोई उपाय या रास्ता न हो। हमें लोगों के लिए एक [सत्यापित] नाम सेवा की आवश्यकता है। सरकारें इसकी माँग करेंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि, “अगर मैं उचित मात्रा में आपके संदेशन और आपका ठिकाना देखूँ और [[कृत्रिम बुद्धि]] का प्रयोग कर, हम इसका अनुमान लगा सकते हैं कि आप कहाँ जाने वाले हैं। हमें अपनी 14 तस्वीरें दिखाइए और हम पहचान लेंगे की आप कौन हैं? क्या आपको लगता है कि आपकी 14 तस्वीरें इंटरनेट पर नहीं हैं? तो जान लें, आपकी तस्वीरें [[फेसबुक]] पर हैं।” सार्वजनिक सूचना अनुसन्धान, एक गैर लाभ समूह ने गूगल वॉच, एक [[वेबसाइट]] जिसे “गूगल एकाधिकार, एल्गोरिदम और गोपनीयता के मुद्दों पर एक नज़र” के नाम से विज्ञापित किया गया, को आरम्भ किया। इस साइट ने गूगल में [[:en:HTTP cookie|कुकीज़]] के भंडारण, जिनका 2007 में भंडारण जीवन काल 32 वर्षों से अधिक था और जिनमें एक अद्वितीय आईडी संकलित की गई जो गूगल को उपयोगकर्ता का [[:en:Data logger|डेटा लॉग]] बनाने में सक्षम करता है, से जुडे मुद्दों पर प्रश्न उठाए। गूगल की उसके सामाजिक नेटवर्किंग संस्करण, [[:en:Google Buzz|गूगल बज़्ज़], जहाँ अगर जीमेल उपयोगकर्ता ने चुना न हो तो उनकी सम्पर्क सूचियों को अपनेआप सार्वजनिक कर दिया जाता था, के रिलीज़ पर भी आलोचना हुई है। गूगल की आलोचना विशिष्ट देशों और क्षेत्रों में उसके द्वारा कुछ साइटों के सेंसरशिप के कारण भी हुई है। मार्च 2010 तक, गूगल [[:en:Internet censorship in the People's Republic of China|चीन की सेंसरशिप नीतियों]] का पालन किया, जो फ़िल्टर्स जिन्हें सामान्य बोलचाल में “[[:en:Great Firewall of China| चीन का महान फायरवॉल]” कहा जाता है, के माध्यम से लागू की गई थी। सन् 2010 में लीक हुई कूटनीतिक कड़ियों द्वारा गूगल के कम्प्यूटरों की [[हैकर (कम्प्यूटर सुरक्षा)|हैकिंग]], जो चीनी पोलितब्यूरो ने एक विश्वव्यापी समन्वित कम्प्यूटर यंत्र बिगाड़ने के अभियान में “चीनी सरकार द्वारा भर्ती किये गये सरकारी कार्यकर्ताओं, निजी सुरक्षा विशेषज्ञों और [[अंतरजाल|इंटरनेट]] अपराधियों” द्वारा चलाया गया था, की रिपोर्टें सामने आयीं। स्थानीय और राष्ट्रीय लोक नीति में अत्यन्त प्रभावशाली होने के बावजूद, गूगल अपने राजनीतिक खर्च का ऑनलाइन खुलासा नहीं करता है। अगस्त 2010 में, न्यूयॉर्क शहर के लोक अधिवक्ता [[:en:Bill de Blasio|बिल डे ब्लेसिओ]] ने गूगल द्वारा उसके राजनैतिक खर्चों के खुलासा का आग्रह करते हुए एक राष्ट्रीय अभियान चलाया। सन् 2006 से 2010 के दौरान गूगल स्ट्रीट्व्यू कैमरा कारों ने 30 से ज़्यादा देशों से लगभग 600 [[गीगाबाइट]] का डाटा अनएन्क्रिप्टेड सार्वजनिक तथा निजी [[वाई-फ़ाई]] (Wi-Fi) नेटवर्कों के उपयोगकर्ताओं से डाटा एकत्रित किया है। इस कार्यक्रम के बारे में या इसकी गोपनियता नीति प्रभावित लोगों और न ही वाई-फ़ाई केन्द्रों के मालिकों को दिया गया। एक गूगल प्रतिनिधि ने दावा किया कि उन्हें अपने डाटा संग्रह गतिविधियों के बारे में पता तब चला जब उन्हें जर्मन नियामकों द्वारा भेजा गया एक जाँच पत्र मिला और यह भी कहा कि इस डाटा का प्रयोग गूगल के सर्च इंजन या अन्य सेवाओं में नहीं किया गया है। [[:en:Consumer Watchdog|कंस्युमर वॉचडॉग]] के एक प्रतिनिधि ने इसके जवाब में कहा— “एक बार फिर से, गूगल ने प्रदर्शित किया है कि वह दूसरों की गोपनीयता को ज़्यादा महत्त्व नहीं देता है। इसके [[कंप्यूटर|कम्प्यूटर]] अभियन्ता आपा खोकर, सब सीमाओं को लांघते हैं और कैसा भी [[डाटा]] तब तक इकट्ठा करते हैं जब तक कि वे रंगे हाथों पकड़े नहीं जाते।” कानूनी दण्ड परिणाम के संकेतों को देखते हुए, गूगल ने कहा कि वह उन डाटा को नष्ट तब तक नहीं करेगा जब तक नियामक उसकी अनुमति नहीं देते। == इन्हें भी देखें == * [[गूगल उत्पादों की सूची]] == सन्दर्भ == ''नोट: यह अंग्रेज़ी विकिपीडिया में मुख्य लेख [[:en:Google]] का हिंदी अनुवाद है। इस लेख को और अच्छा करने में योगदान दें।'' {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20110824235751/http://www.google.com/webhp?hl=hi आधिकारिक वेबसाइट] (अन्तर्राष्ट्रीय) * [https://web.archive.org/web/20150905191158/http://www.google.co.in/webhp?hl=hi आधिकारिक वेबसाइट] (भारत) * [https://web.archive.org/web/20110426041405/http://www.google.com/corporate/ कॉर्पोरेट मुख्यपृष्ठ] * [https://web.archive.org/web/20140322155938/http://googleblog.blogspot.com/ आधिकारिक ब्लॉग] {{Google Inc.}} {{NASDAQ-100}} [[श्रेणी:अमेरिकी इन्टरनेट कम्पनियाँ]] [[श्रेणी:सॉफ़्टवेयर कम्पनियाँ]] g0xczj51lnc0tux4owkj8131e1i5pwz आधुनिक हिंदी पद्य का इतिहास 0 6236 6541049 6528733 2026-04-16T03:17:25Z ~2026-23529-68 920608 /* प्रयोगवाद-नयी कविता युग की कविता (1990-अब तक) */ छोटा सा सुधार किया। 6541049 wikitext text/x-wiki '''आधुनिक काल 1850 से''' [[हिंदी साहित्य]] के इस युग को भारत में राष्ट्रीयता के बीज अंकुरित होने लगे थे। [[स्वतंत्रता संग्राम]] लड़ा और जीता गया। छापेखाने का आविष्कार हुआ, आवागमन के साधन आम आदमी के जीवन का हिस्सा बने, जन संचार के विभिन्न साधनों का विकास हुआ, रेडिओ, टी वी व समाचार पत्र हर घर का हिस्सा बने और शिक्षा हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार। इन सब परिस्थितियों का प्रभाव हिंदी साहित्य पर अनिवार्यतः पड़ा। आधुनिक काल का हिंदी [[काव्य|पद्य]] साहित्य पिछली सदी में विकास के अनेक पड़ावों से गुज़रा। जिसमें अनेक विचार धाराओं का बहुत तेज़ी से विकास हुआ। जहाँ काव्य में इसे [[छायावाद|छायावादी युग]], प्रगतिवादी युग, [[प्रयोगवादी युग]], नई कविता युग और [[साठोत्तरी हिन्दी साहित्य|साठोत्तरी कविता]] इन नामों से जाना गया, छायावाद से पहले के पद्य को [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेंदु हरिश्चंद्र युग]] और [[महावीर प्रसाद द्विवेदी|महावीर प्रसाद द्विवेदी युग]] के दो और युगों में बाँटा गया। इसके विशेष कारण भी हैं। == भारतेंदु हरिश्चंद्र युग की कविता (1868-1902)(DESHU) == ईस्वी सन १८५० से १९०० तक की कविताओं पर [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेंदु हरिश्चंद्र]] का गहरा प्रभाव पड़ा है। वे ही आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह हैं। उन्होंने भाषा को एक चलता हुआ रूप देने की कोशिश की। आपके काव्य-साहित्य में प्राचीन एवं नवीन का मेल लक्षित होता है। भक्तिकालीन, रीतिकालीन परंपराएं आपके काव्य में देखी जा सकती हैं तो आधुनिक नूतन विचार और भाव भी आपकी कविताओं में पाए जाते हैं। आपने भक्ति-प्रधान, श्रृंगार-प्रधान, देश-प्रेम-प्रधान तथा सामाजिक-समस्या-प्रधान कविताएं की हैं। आपने ब्रजभाषा से खड़ीबोली की ओर हिंदी-कविता को ले जाने का प्रयास किया। आपके युग में अन्य कई महानुभाव ऐसे हैं जिन्होंने विविध प्रकार हिंदी साहित्य को समृध्द किया। इस काल के प्रमुख कवि हैं- * भार्तेन्दु हरिश्चन्द्र * प्रताप नारायण मिश्र * बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' * राधाचरण गोस्वामी * अम्बिका दत्त व्यास == पं महावीर प्रसाद द्विवेदी युग की कविता (1903-1916) == सन 1900 के बाद दो दशकों पर [[महावीर प्रसाद द्विवेदी|पं महावीर प्रसाद द्विवेदी]] का पूरा प्रभाव पड़ा। इस युग को इसीलिए द्विवेदी-युग कहते हैं। [['सरस्वती']] पत्रिका के संपादक के रूप में आप उस समय पूरे हिंदी साहित्य पर छाए रहे। आपकी प्रेरणा से ब्रज-भाषा हिंदी कविता से हटती गई और खड़ी बोली ने उसका स्थान ले लिया। भाषा को स्थिर, परिष्कृत एवं व्याकरण-सम्मत बनाने में आपने बहुत परिश्रम किया। कविता की दृष्टि से वह इतिवृत्तात्मक युग था। आदर्शवाद का बोलबाला रहा। भारत का उज्ज्वल अतीत, देश-भक्ति, सामाजिक सुधार, स्वभाषा-प्रेम वगैरह कविता के मुख्य विषय थे। नीतिवादी विचारधारा के कारण शृंगार का वर्णन मर्यादित हो गया। कथा-काव्य का विकास इस युग की विशेषता है। भाषा खुरदरी और सरल रही। मधुरता एवं सरलता के गुण अभी खड़ी-बोली में आ नहीं पाए थे। सर्वश्री [[मैथिलीशरण गुप्त]], [[अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध']], [[श्रीधर पाठक]], [[रामनरेश त्रिपाठी]] आदि इस युग के यशस्वी कवि हैं। [[जगन्नाथदास रत्नाकर|जगन्नाथदास 'रत्नाकर']] ने इसी युग में ब्रज भाषा में सरस रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस युग के प्रमुख कवि- * अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' * रामचरित उपध्याय * जगन्नाथ दास रत्नाकर * गया प्रसाद शुक्ल 'सनेही' * श्रीधर पाठक * राम नरेश त्रिपाठी * मैथिलीशरण गुप्त * लोचन प्रसाद पाण्डेय * सियारामशरण गुप्त == छायावादी युग की कविता (1917-1936 ) == सन 1920 के आसपास हिंदी में कल्पनापूर्ण स्वछंद और भावुक कविताओं की एक बाढ़ आई। यह यूरोप के रोमांटिसिज़्म से प्रभावित थी। भाव, शैली, छंद, अलंकार सब दृष्टियों से इसमें नयापन था। भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता के बाद लोकप्रिय हुई इस कविता को आलोचकों ने [[छायावाद|छायावादी युग]] का नाम दिया। छायावादी कवियों की उस समय भारी कटु आलोचना हुई परंतु आज यह निर्विवाद तथ्य है कि आधुनिक हिंदी कविता की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि इसी समय के कवियों द्वारा हुई। [[जयशंकर प्रसाद]], [[सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'|निराला]], [[सुमित्रानन्दन पन्त|सुमित्रानंदन पंत]], [[महादेवी वर्मा]] इस युग के प्रधान कवि हैं। == उत्तर-छायावाद युग-(1936-1943) == यह काल भारतीय राजनीति में भारी उथल-पुथल का काल रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय, कई विचारधाराओं और आन्दोलनों का प्रभाव इस काल की कविता पर पड़ा। द्वितीय विश्वयुद्ध के भयावह परिणामों के प्रभाव से भी इस काल की कविता बहुत हद तक प्रभावित है। निष्कर्षत:राष्ट्रवादी, गांधीवादी, विप्लववादी, प्रगतिवादी, यथार्थवादी, हालावादी आदि विविध प्रकार की कवितायें इस काल में लिखी गई। इस काल के प्रमुख कवि हैं-- * माखनलाल चतुर्वेदी * [[बालकृष्ण शर्मा नवीन|बालकृष्ण शर्मा 'नवीन']] * सुभद्रा कुमारी चौहान * रामधारी सिंह 'दिनकर' * हरिवंश राय 'बच्चन' * भगवतीचरण वर्मा * नरेन्द्र शर्मा * रामेश्वर शुक्ल 'अंचल' * शिवमंगल सिंह 'सुमन' * नागार्जुन * केदारनाथ अग्रवाल * त्रिलोचन * रांगेयराघव == प्रगतिवादी युग की कविता (1944-1990) == छायावादी काव्य बुद्धिजीवियों के मध्य ही रहा। जन-जन की वाणी यह नहीं बन सका। सामाजिक एवं राजनैतिक आंदोलनों का सीधा प्रभाव इस युग की कविता पर सामान्यतः नहीं पड़ा। संसार में समाजवादी विचारधारा तेज़ी से फैल रही थी। सर्वहारा वर्ग के शोषण के विरुध्द जनमत तैयार होने लगा। इसकी प्रतिच्छाया हिंदी कविता पर भी पड़ी और हिंदी साहित्य के [[प्रगतिवादी युग]] का जन्म हुआ। १९३० क़े बाद की हिंदी कविता ऐसी प्रगतिशील विचारधारा से प्रभावित है। १९३६ में "प्रगतिशील लेखक संघ" के गठन के साथ हिन्दी साहित्य में मार्क्सवादी विचारधारा से प्रेरित प्रगतिवादी आन्दोलन की शुरुआत हुई .इसका सबसे अधिक दूरगामी प्रभाव हिन्दी आलोचना पर पड़ा।मार्क्सवादी आलोचकों ने हिन्दी साहित्य के समूचे इतिहास को वर्ग-संघर्ष के दॄष्टिकोण से पुनर्मूल्यांकन करने का प्रयास आरंभ किया। प्रगतिवादी कवियों में नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल और त्रिलोचन के साथ नई कविता के कवि मुक्तिबोध और शमशेर को भी रक्खा जाता है। . == प्रयोगवाद-नयी कविता युग की कविता (1990-अब तक) == दूसरे विश्वयुध्द के पश्चात संसार भर में घोर निराशा तथा अवसाद की लहर फैल गई। साहित्य पर भी इसका प्रभाव पड़ा। 'अज्ञेय' के संपादन में १९४३ में 'तार सप्तक' का प्रकाशन हुआ। तब से हिंदी कविता में [[प्रयोगवादी युग]] का जन्म हुआ ऐसी मान्यता है। इसी का विकसित रूप [[नयी कविता]] कहलाता है। दुर्बोधता, निराशा, कुंठा, वैयक्तिकता, छंदहीनता के आक्षेप इस कविता पर भी किए गए हैं। वास्तव में नई कविता नई रुचि का प्रतिबिंब है। इस धारा के मुख्य कवि हैं- * [[अज्ञेय]], * [[गिरिजा कुमार माथुर|गिरिजाकुमार माथुर]], * [[प्रभाकर माचवे]], * [[भारतभूषण अग्रवाल]], * [[बिहारी लाल हरित]], *[[ अशर्फी लाल मिश्र ]] * [[मुक्तिबोध]], * [[शमशेर बहादुर सिंह]], * [[धर्मवीर भारती]], * [[नरेश मेहता]], * [[रघुवीर सहाय]], * [[जगदीश गुप्त]], * [[सर्वेश्वर दयाल सक्सेना]], * [[कुँवर नारायण|कुंवर नारायण]], * [[केदारनाथ सिंह|केदार नाथ सिंह]] इस प्रकार आधुनिक हिंदी खड़ी बोली कविता ने भी अल्प समय में उपलब्धि के उच्च शिखर सर किए हैं। क्या प्रबंध काव्य, क्या मुक्तक काव्य, दोनों में हिंदी कविता ने सुंदर रचनाएं प्राप्त की हैं। गीति-काव्य के क्षेत्र में भी कई सुंदर रचनाएं हिंदी को मिली हैं। आकार और प्रकार का वैविध्य बरबस हमारा ध्यान आकर्षित करता है। संगीत-रूपक, गीत-नाटय वगैरह क्षेत्रों में भी प्रशंसनीय कार्य हुआ है। कविता के बाह्य एवं अंतरंग रूपों में युगानुरूप जो नये-नये प्रयोग नित्य-प्रति होते रहते हैं, वे हिंदी कविता की जीवनी-शक्ति एवं स्फूर्ति के परिचायक हैं। == इन्हें भी देखें == * [[आधुनिक हिंदी गद्य का इतिहास]] * [[आदिकाल]] * [[भक्ति काल]] * [[रीति काल]] * [[हिंदी साहित्य]] == बाहरी कडियाँ == * [https://web.archive.org/web/20081108052922/http://www.kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE_%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B6_%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 कविता कोश - हिन्दी काव्य का अकूत खज़ाना] * [https://web.archive.org/web/20080917012126/http://www.srijangatha.com/Permanent%20matter/kavita.htm सृजनगाथा- हिन्दी कविता और कवि] * [https://web.archive.org/web/20190510024004/http://preetkegeet.blogspot.com/ '''प्रीत के गीत : गंगा धर शर्मा "हिंदुस्तान"'''] [[श्रेणी:हिन्दी]] [[श्रेणी:साहित्य]] exw3igsva0ylwubwrldjkbfhkl5ube5 6541053 6541049 2026-04-16T03:19:37Z AMAN KUMAR 911487 /* भारतेंदु हरिश्चंद्र युग की कविता (1868-1902)(DESHU) */ अन्य भाषा 6541053 wikitext text/x-wiki '''आधुनिक काल 1850 से''' [[हिंदी साहित्य]] के इस युग को भारत में राष्ट्रीयता के बीज अंकुरित होने लगे थे। [[स्वतंत्रता संग्राम]] लड़ा और जीता गया। छापेखाने का आविष्कार हुआ, आवागमन के साधन आम आदमी के जीवन का हिस्सा बने, जन संचार के विभिन्न साधनों का विकास हुआ, रेडिओ, टी वी व समाचार पत्र हर घर का हिस्सा बने और शिक्षा हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार। इन सब परिस्थितियों का प्रभाव हिंदी साहित्य पर अनिवार्यतः पड़ा। आधुनिक काल का हिंदी [[काव्य|पद्य]] साहित्य पिछली सदी में विकास के अनेक पड़ावों से गुज़रा। जिसमें अनेक विचार धाराओं का बहुत तेज़ी से विकास हुआ। जहाँ काव्य में इसे [[छायावाद|छायावादी युग]], प्रगतिवादी युग, [[प्रयोगवादी युग]], नई कविता युग और [[साठोत्तरी हिन्दी साहित्य|साठोत्तरी कविता]] इन नामों से जाना गया, छायावाद से पहले के पद्य को [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेंदु हरिश्चंद्र युग]] और [[महावीर प्रसाद द्विवेदी|महावीर प्रसाद द्विवेदी युग]] के दो और युगों में बाँटा गया। इसके विशेष कारण भी हैं। == भारतेंदु हरिश्चंद्र युग की कविता (1868-1902) == ईस्वी सन १८५० से १९०० तक की कविताओं पर [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेंदु हरिश्चंद्र]] का गहरा प्रभाव पड़ा है। वे ही आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह हैं। उन्होंने भाषा को एक चलता हुआ रूप देने की कोशिश की। आपके काव्य-साहित्य में प्राचीन एवं नवीन का मेल लक्षित होता है। भक्तिकालीन, रीतिकालीन परंपराएं आपके काव्य में देखी जा सकती हैं तो आधुनिक नूतन विचार और भाव भी आपकी कविताओं में पाए जाते हैं। आपने भक्ति-प्रधान, श्रृंगार-प्रधान, देश-प्रेम-प्रधान तथा सामाजिक-समस्या-प्रधान कविताएं की हैं। आपने ब्रजभाषा से खड़ीबोली की ओर हिंदी-कविता को ले जाने का प्रयास किया। आपके युग में अन्य कई महानुभाव ऐसे हैं जिन्होंने विविध प्रकार हिंदी साहित्य को समृध्द किया। इस काल के प्रमुख कवि हैं- * भार्तेन्दु हरिश्चन्द्र * प्रताप नारायण मिश्र * बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' * राधाचरण गोस्वामी * अम्बिका दत्त व्यास == पं महावीर प्रसाद द्विवेदी युग की कविता (1903-1916) == सन 1900 के बाद दो दशकों पर [[महावीर प्रसाद द्विवेदी|पं महावीर प्रसाद द्विवेदी]] का पूरा प्रभाव पड़ा। इस युग को इसीलिए द्विवेदी-युग कहते हैं। [['सरस्वती']] पत्रिका के संपादक के रूप में आप उस समय पूरे हिंदी साहित्य पर छाए रहे। आपकी प्रेरणा से ब्रज-भाषा हिंदी कविता से हटती गई और खड़ी बोली ने उसका स्थान ले लिया। भाषा को स्थिर, परिष्कृत एवं व्याकरण-सम्मत बनाने में आपने बहुत परिश्रम किया। कविता की दृष्टि से वह इतिवृत्तात्मक युग था। आदर्शवाद का बोलबाला रहा। भारत का उज्ज्वल अतीत, देश-भक्ति, सामाजिक सुधार, स्वभाषा-प्रेम वगैरह कविता के मुख्य विषय थे। नीतिवादी विचारधारा के कारण शृंगार का वर्णन मर्यादित हो गया। कथा-काव्य का विकास इस युग की विशेषता है। भाषा खुरदरी और सरल रही। मधुरता एवं सरलता के गुण अभी खड़ी-बोली में आ नहीं पाए थे। सर्वश्री [[मैथिलीशरण गुप्त]], [[अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध']], [[श्रीधर पाठक]], [[रामनरेश त्रिपाठी]] आदि इस युग के यशस्वी कवि हैं। [[जगन्नाथदास रत्नाकर|जगन्नाथदास 'रत्नाकर']] ने इसी युग में ब्रज भाषा में सरस रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस युग के प्रमुख कवि- * अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' * रामचरित उपध्याय * जगन्नाथ दास रत्नाकर * गया प्रसाद शुक्ल 'सनेही' * श्रीधर पाठक * राम नरेश त्रिपाठी * मैथिलीशरण गुप्त * लोचन प्रसाद पाण्डेय * सियारामशरण गुप्त == छायावादी युग की कविता (1917-1936 ) == सन 1920 के आसपास हिंदी में कल्पनापूर्ण स्वछंद और भावुक कविताओं की एक बाढ़ आई। यह यूरोप के रोमांटिसिज़्म से प्रभावित थी। भाव, शैली, छंद, अलंकार सब दृष्टियों से इसमें नयापन था। भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता के बाद लोकप्रिय हुई इस कविता को आलोचकों ने [[छायावाद|छायावादी युग]] का नाम दिया। छायावादी कवियों की उस समय भारी कटु आलोचना हुई परंतु आज यह निर्विवाद तथ्य है कि आधुनिक हिंदी कविता की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि इसी समय के कवियों द्वारा हुई। [[जयशंकर प्रसाद]], [[सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'|निराला]], [[सुमित्रानन्दन पन्त|सुमित्रानंदन पंत]], [[महादेवी वर्मा]] इस युग के प्रधान कवि हैं। == उत्तर-छायावाद युग-(1936-1943) == यह काल भारतीय राजनीति में भारी उथल-पुथल का काल रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय, कई विचारधाराओं और आन्दोलनों का प्रभाव इस काल की कविता पर पड़ा। द्वितीय विश्वयुद्ध के भयावह परिणामों के प्रभाव से भी इस काल की कविता बहुत हद तक प्रभावित है। निष्कर्षत:राष्ट्रवादी, गांधीवादी, विप्लववादी, प्रगतिवादी, यथार्थवादी, हालावादी आदि विविध प्रकार की कवितायें इस काल में लिखी गई। इस काल के प्रमुख कवि हैं-- * माखनलाल चतुर्वेदी * [[बालकृष्ण शर्मा नवीन|बालकृष्ण शर्मा 'नवीन']] * सुभद्रा कुमारी चौहान * रामधारी सिंह 'दिनकर' * हरिवंश राय 'बच्चन' * भगवतीचरण वर्मा * नरेन्द्र शर्मा * रामेश्वर शुक्ल 'अंचल' * शिवमंगल सिंह 'सुमन' * नागार्जुन * केदारनाथ अग्रवाल * त्रिलोचन * रांगेयराघव == प्रगतिवादी युग की कविता (1944-1990) == छायावादी काव्य बुद्धिजीवियों के मध्य ही रहा। जन-जन की वाणी यह नहीं बन सका। सामाजिक एवं राजनैतिक आंदोलनों का सीधा प्रभाव इस युग की कविता पर सामान्यतः नहीं पड़ा। संसार में समाजवादी विचारधारा तेज़ी से फैल रही थी। सर्वहारा वर्ग के शोषण के विरुध्द जनमत तैयार होने लगा। इसकी प्रतिच्छाया हिंदी कविता पर भी पड़ी और हिंदी साहित्य के [[प्रगतिवादी युग]] का जन्म हुआ। १९३० क़े बाद की हिंदी कविता ऐसी प्रगतिशील विचारधारा से प्रभावित है। १९३६ में "प्रगतिशील लेखक संघ" के गठन के साथ हिन्दी साहित्य में मार्क्सवादी विचारधारा से प्रेरित प्रगतिवादी आन्दोलन की शुरुआत हुई .इसका सबसे अधिक दूरगामी प्रभाव हिन्दी आलोचना पर पड़ा।मार्क्सवादी आलोचकों ने हिन्दी साहित्य के समूचे इतिहास को वर्ग-संघर्ष के दॄष्टिकोण से पुनर्मूल्यांकन करने का प्रयास आरंभ किया। प्रगतिवादी कवियों में नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल और त्रिलोचन के साथ नई कविता के कवि मुक्तिबोध और शमशेर को भी रक्खा जाता है। . == प्रयोगवाद-नयी कविता युग की कविता (1990-अब तक) == दूसरे विश्वयुध्द के पश्चात संसार भर में घोर निराशा तथा अवसाद की लहर फैल गई। साहित्य पर भी इसका प्रभाव पड़ा। 'अज्ञेय' के संपादन में १९४३ में 'तार सप्तक' का प्रकाशन हुआ। तब से हिंदी कविता में [[प्रयोगवादी युग]] का जन्म हुआ ऐसी मान्यता है। इसी का विकसित रूप [[नयी कविता]] कहलाता है। दुर्बोधता, निराशा, कुंठा, वैयक्तिकता, छंदहीनता के आक्षेप इस कविता पर भी किए गए हैं। वास्तव में नई कविता नई रुचि का प्रतिबिंब है। इस धारा के मुख्य कवि हैं- * [[अज्ञेय]], * [[गिरिजा कुमार माथुर|गिरिजाकुमार माथुर]], * [[प्रभाकर माचवे]], * [[भारतभूषण अग्रवाल]], * [[बिहारी लाल हरित]], *[[ अशर्फी लाल मिश्र ]] * [[मुक्तिबोध]], * [[शमशेर बहादुर सिंह]], * [[धर्मवीर भारती]], * [[नरेश मेहता]], * [[रघुवीर सहाय]], * [[जगदीश गुप्त]], * [[सर्वेश्वर दयाल सक्सेना]], * [[कुँवर नारायण|कुंवर नारायण]], * [[केदारनाथ सिंह|केदार नाथ सिंह]] इस प्रकार आधुनिक हिंदी खड़ी बोली कविता ने भी अल्प समय में उपलब्धि के उच्च शिखर सर किए हैं। क्या प्रबंध काव्य, क्या मुक्तक काव्य, दोनों में हिंदी कविता ने सुंदर रचनाएं प्राप्त की हैं। गीति-काव्य के क्षेत्र में भी कई सुंदर रचनाएं हिंदी को मिली हैं। आकार और प्रकार का वैविध्य बरबस हमारा ध्यान आकर्षित करता है। संगीत-रूपक, गीत-नाटय वगैरह क्षेत्रों में भी प्रशंसनीय कार्य हुआ है। कविता के बाह्य एवं अंतरंग रूपों में युगानुरूप जो नये-नये प्रयोग नित्य-प्रति होते रहते हैं, वे हिंदी कविता की जीवनी-शक्ति एवं स्फूर्ति के परिचायक हैं। == इन्हें भी देखें == * [[आधुनिक हिंदी गद्य का इतिहास]] * [[आदिकाल]] * [[भक्ति काल]] * [[रीति काल]] * [[हिंदी साहित्य]] == बाहरी कडियाँ == * [https://web.archive.org/web/20081108052922/http://www.kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE_%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B6_%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 कविता कोश - हिन्दी काव्य का अकूत खज़ाना] * [https://web.archive.org/web/20080917012126/http://www.srijangatha.com/Permanent%20matter/kavita.htm सृजनगाथा- हिन्दी कविता और कवि] * [https://web.archive.org/web/20190510024004/http://preetkegeet.blogspot.com/ '''प्रीत के गीत : गंगा धर शर्मा "हिंदुस्तान"'''] [[श्रेणी:हिन्दी]] [[श्रेणी:साहित्य]] 3jehl4837lymnc5yyo6ejmzbn0aw4j3 म्यूचुअल फंड 0 6845 6541164 6435278 2026-04-16T08:19:48Z ~2026-23558-99 920644 /* बाहरी कडियाँ */ 6541164 wikitext text/x-wiki {{आज का आलेख}} {{वित्तीय बाज़ार}} '''म्यूचुअल फंड'''([[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]:''Mutual fund'') जिसे [[हिन्दी]] में '''पारस्परिक निधि''' कहते हैं, किन्तु इसका [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] नाम अधिक प्रचलित है, म्यूचुअल फंड एक प्रकार का एक सामूहिक [[निवेश]] होता है। निवेशकों के समूह मिल कर [[स्टॉक]], अल्प अविधि के निवेश या अन्य प्रतिभूतियों (सेक्यूरीटीज) मे निवेश करते है।। [[यूटीआई एमएफ|यूटीआई एएमसी]] भारत की सबसे पुरानी म्यूचुअल फंड कंपनी है।<ref name="नवभारत ">[http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/5110648.cms म्यूचुअल फंड कंपनियां कौड़ी के भाव बेच रही हैं हिस्सा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091012185556/http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/5110648.cms |date=12 अक्तूबर 2009 }}।[[नवभारत टाइम्स]]-हिन्दी।[[९ अक्टूबर]], [[२००९]]</ref> म्यूचुअल फंड मे एक फंड प्रबंधक होता है जो फंड के निवेशों को निर्धारित करता है और लाभ और हानि का हिसाब रखता है। इस प्रकार हुए फायदे-नुकसान को निवेशको मे बाँट दिया जाता है। स्टॉक बाजार की पर्याप्त जानकारी न होने पर भी निवेश की इच्छा रखने वालों के लिए एक सुलभ मार्ग म्यूचुअल फंड होता है।<ref name="इकोनॉमिक ">[http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/4795868.cms म्यूचुअल फंड में निवेश की बारीकियां जानें] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090724141605/http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/4795868.cms |date=24 जुलाई 2009 }}।[[द इकॉनोमिक टाइम्स|इकोनॉमिक टाइम्स]]।[[२० जुलाई]], [[२००९]]</ref><ref name="हिन्दुस्तान २">[http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/mantra/67-76-76573.html म्यूचुअल फंड जोखिम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180927165151/https://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/mantra/67-76-76573.html |date=27 सितंबर 2018 }}।[[हिन्दुस्तान लाइव]]।[[१५ अक्टूबर]], [[२००९]]</ref> म्यूचुअल फंड संचालक (कंपनी) सभी निवेशकों के निवेश राशि को लेकर इकट्ठे करती है और उनसे कुछ सुविधा शुल्क भी लेती है। फिर इस राशि को उनके लिए बाजार में निवेश करती है। इनमें में निवेश करने का फायदा यह है कि निवेशक को इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं होती कि आप कब शेयर खरीदें या बेचें, क्योंकि यह चिंता फंड मैनेजर की होती है। वही निवेशक के निवेश का रखरखाव करने वाला होता है। एक दूसरा लाभ ये भी होता है, कि छोटे निवेशक बहुत कम राशि जैसे १०० रु.प्रतिमाह तक निवेश कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान लेना होता है, जिसमें बैंक से ये राशि मासिक सीधे फंड में स्थानांतरित होती रहती है।<ref name="हिन्दुस्तान २"/> म्यूचुअल फंड के शेयर की कीमत ''नेट ऐसेट वैल्यु'' या एनएवी (''NAV'') कहलाती है। इसकी गणना के लिए फंड के कुल मूल्य को निवेशको द्वारा खरीदे गए कुल शेयरो की संख्या से भाग दिया जाता है।<ref name="हिन्दुस्तान">[http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/gyan/67-75-79815.html म्यूचुअल फंड] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091113194613/http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/gyan/67-75-79815.html |date=13 नवंबर 2009 }}।[[हिन्दुस्तान लाइव]]।[[६ नवम्बर|६ नवंबर]], [[२००९]]</ref> == प्रकार == म्यूचुअल फंड की इक्विटी योजना में [[इंडेक्स फंड]], डायवर्सिफाइड फंड, लार्ज-कैप फंड, मिड-कैप स्कीम और कर-बचाव योजना (टैक्स सेविंग स्कीम) जैसे बहुत से विकल्प उपलब्ध होते हैं। निवेशक निवेश के उद्देश्यों और लक्ष्य पर सही बैठने वाली योजना चुन सकते हैं। === सूचकांक योजना === जो निवेशक किसी विशेष शेयर के लिए कॉल नहीं चाहते वे सूचकांक आधारित योजना यानि इंडेक्स स्कीम में निवेश कर सकते हैं क्योंकि इंडेक्स स्कीम उन विशेष शेयरों में ही निवेश करती है जो किसी विशेष इंडेक्स का हिस्सा होते हैं। यदि इंडेक्स ऊपर जाता है तो निवेशक फायदे में रहते हैं। === विविध योजना=== इसे ''डायवर्सिफाइड स्कीम'' भी कहते हैं। यदि किसी विशेष सेक्टर या इकनॉमी के किसी एक सेगमेंट में निवेश को लेकर नहीं रहना चाहते तो डायवर्सिफाइड स्कीम का विकल्प उपलब्ध होता है। === ओपेन एंडेड और क्लोज एंडेड फंड === युनिट जारी करने के अनुसार दो प्रकार के होते हैं- ओपेन एंडेड फंड योजना के जीवनकाल में किसी भी समय यूनिट जारी किए जा सकते हैं या उनका भुगतान कर सकते हैं। क्लोज एंडेड फंड बोनस या राइट निर्गम को छोड़कर योजना के अंतर्गत कोई भी नया यूनिट जारी नहीं कर सकते हैं। इस ही कारण से ओपेन एंडेड योजना की इकाई पूंजी में शेयर की ही तरह उतार चढ़ाव हो सकते हैं, जबकि क्लोज एंडेड के मामले में ऐसा नहीं होता।<ref name="इकोनॉमिक "/> ओपन एंडेड योजना में कभी भी प्रवेश लिया जा सकता है या उससे बाहर निकला जा सकता है और कई बार इनमें एक लॉक-इन पीरियड होता है, जिसके अंदर रीडेंपशन नहीं हो सकता, इसलिये इनमें प्रवेश के समय ही निश्चिंत हो जाना चाहिये। क्लोज एंडेड योजना में सब्सक्रिप्शन एक ही बार लिया जा सकता है और रीडेंपशन भी न्यूनतम तय समय सीमा के अंतराल पर ही हो सकता है। इस तरह क्लोज एंडेड स्कीम की तरलता (''लिक्विडिटी'') कम हो जाती है। === लार्ज कैप और मिड कैप === अधिक जोखिम लेने की क्षमता वाले लोग स्मॉल या मिड कैप स्कीम का चुनाव कर सकते हैं। यह स्कीम अच्छी संभावनाओं वाली छोटी और मझोली कंपनियों में निवेश करती हैं। इनमें जोखिम अधिक होता है लेकिन इनमें अधिक रिटर्न देने की क्षमता होती है। शेयर बाजार में लंबी अवधि का निवेश लाभादायक होता है और अल्पावधि निवेश करने वालों के लिए जोखिम अधिक होता है।<ref name="इकोनॉमिक "/> लार्ज कैप म्यूचुअल फंड में निवेश किसी ब्लूचिप कंपनी के स्टॉक में किया जाता है। इनमें निवेश सुरक्षित माना जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इनके बारे में जानकारी हर जगह उपलब्ध होती है। मिड कैप म्यूचुअल फंड में निवेश मध्यम और छोटे आकार की कंपनियों में किया जाता है। === बैलेंस्ड फंड === बैलेंस्ड फंड को हाइब्रिड फंड कहते हैं। यह कॉमन स्टॉक, प्रैफर्ड स्टॉक, बांड और अल्पावधि बांड होता है। यह फंड लाभादायक होते हैं, क्योंकि इनमें जोखिम कारक भी कम हो जाता है और बहुत हद तक पूंजी की सुरक्षा निश्चित होती है। === ग्रोथ फंड === ग्रोथ फंड की सहायता से अधिकतम फायदा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। इनमें निवेश उन कंपनियों में किया जाता है जो बाजार में तेज प्रगति करती हैं। इन फंड्स में निवेश अधिक लाभ के लिए करते हैं और इस कारण से जोखिम अधिक होता है। '''डिविडेंड फंड''' यदि कोई निवेशक डिविडेंड फंड में निवेश करता है| तो कंपनियों द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाला डिविडेंड भी निवेशक को मिलता रहता है| यह नकद धनराशी निवेशक के खाते में जमा कर दी जाती है| === वैल्यू फंड === यह ऐसे फंड हैं जो सुरक्षा को वरीयता देते हैं। इनमें अपेक्षाकृत कम लाभ होता है, किन्तु हानि की संभावना बहुत कम होती है। === मनी मार्केट फंड === सामान्यत: मनी मार्केट सबसे सुरक्षित फंड माने जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य निवेशित पूंजी सुरक्षित रखना होता है। == म्युच्युअल फंड का गठन कैसे किया जाता है? == म्युच्युअल फंड का गठन एक ट्रस्ट के रूप में किया जाता है जो स्पांसर (प्रायोजक), ट्रस्टी, एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) और कस्टोडियन के अधीन होता है। ट्रस्ट की स्थापना एक या उससे अधिक स्पांसर द्वारा की जाती है। कंपनी में जिस तरह प्रमोटर होते हैं उसी तरह म्युच्युअल फंड में प्रायोजक होते हैं। म्युच्युअल फंड के ट्रस्टी लोग निवेशकों के लाभार्थ फंड की प्रापर्टी धारण कर रखते हैं। सेबी द्वारा मान्यता प्राप्त [[एसेट मैनेजमेंट कंपनी]] (एएमसी) विभिन सिक्युरिटीज में पूंजी निवेश द्वारा धन का प्रशासन करती है। [[भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड|सेबी]] द्वारा मान्य कस्टोडियन विविध स्कीमों की सिक्युरिटीज अपने कब्जे में रखता है। एएमसी पर सर्वसामान्य देखरेख और नियंत्रण की सत्ता ट्रस्टियों की होती है। वे फंड के कार्य का संचालन करते हैं और सेबी के नियमों का पालन हो, यह देखते हैं। सेबी के नियमानुसार ट्रस्टी कंपनी के डाइरेक्टर अथवा ट्रस्टी मंडल के दो तिहाई सदस्य स्वतंत्र होने चाहिए ताकि वे स्पांसर के साथ जुडे न हों। इसके अलावा एएमसी के 50 प्रतिशत डाइरेक्टर स्वतंत्र होने चाहिए। सभी म्युच्युअल फंडो को कोई भी स्कीम खोलने से पहले सेबी का रजिस्ट्रेशन प्राप्त करना पडता है। == भारत में म्यूचुअल फंड == वैसे तो भारत में काफी सारे म्युचअल फण्ड स्कीम है और बाजार में कोई भी फंड हाउस जब कोई नई योजना निकालता है, तब इससे जुड़े सभी नियमों, शर्त और दूसरी बातों की जानकारी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराता है। यह जानकारी जिस दस्तावेज के द्वारा सेबी को दी जाती है, उसे 'स्कीम का ऑफर डॉक्युमेंट' कहते हैं। इसमें इनवेस्टमेंट का उद्देश्य, जोखिम कारक, लोड व अन्य व्यय आदि से जुड़ी पर्याप्त जानकारियां दी गई होती हैं। म्यूचुअल फंड संचालन करने में अडवाइजरी, कस्टोडियल, ऑडिट ट्रांसफर एजेंट व ट्रस्टी फीस और एजेंट कमिशन आदि कई मदों में व्यय होता है, ऑफर डॉक्युमेंट में इन मदों में किए जाने वाले व्यय के बारे में पूरी दी गई होती है। इसके अलावा, यह भी बताया गया होता है कि स्कीम में निवेश करने पर निवेशक को कौन-कौन से शुल्क देने होंगे, जैसे एंट्री लोड, एग्जिट लोड, स्विचिंग चाजेर्ज, रेकरिंग एक्सपेंस आदि। जिस योजना में खर्चे कम आते हों, फंड हाउस के पास निवेशक के लिए रकम अधिक होगी और इससे रिटर्न भी अधिक मिलने की उम्मीद बनेगी। ऐसी योजना निवेशकों के लिए अधिक लाभदायक होती हैं। किसी भी योजना के तहत ६५ प्रतिशत से अधिक रकम यदि इक्विटी में लगाई जाने वाली है तो ऐसी योजना को इक्विटी योजना कहा जाता है। यदि कंपनी इक्विटी व ऋण (''डेट'') में बराबर-बराबर रकम निवेश करने जा रही है, तो ऐसी योजना ''बैलेंस्ड स्कीम'' के अंतर्गत आती है। बैलेंस्ड स्कीम की तुलना में इक्विटी स्कीम अधिक जोखिमकारी होती हैं। भारत मे २०१० तक म्यूचुअल फंड में निवेश हेतु बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जायेगी। [[नेशनल स्टॉक एक्सचेंज]] यानी एनएसई और एनएसडीएल मिलकर एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं, जिसके जरिए म्यूचुअल फंड के यूनिट सीधे खरीदे या बेचे जा सकेंगे। एकाधिकार से बचने के लिए [[एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया]] (एम्फी) ने बीएसई की अंग सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज और रजिस्ट्रार सीएएमएस-कार्वी को इसी तरह का प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए कहा है। == सन्दर्भ == <references /> == यह भी देखे == *[[भारतीय म्यूचुअल फंड]] *[[भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड]] (सेबी) == बाहरी कडियाँ == * [https://web.archive.org/web/20110802221133/http://www.amfiindia.com/index.aspx एशोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इण्डिया (AMFI) का जालघर] (अंग्रेजी में) * [https://web.archive.org/web/20080501061324/http://www.bhaskar.com/2008/02/23/0802231955_mutual_fund.html म्यूचुअल फंडों में अब आएंगी उद्देश्य-आधारित योजनाएं]- [[दैनिक भास्कर]] पर * [https://www.bajajbroking.in/mutual-funds Mutual Funds] {{निवेश प्रबंधन}} [[श्रेणी:स्टॉक]] [[श्रेणी:वित्त]] [[श्रेणी:निवेश]] [[श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना]] m2f6c57yvbnbdw97xf9zdlveffsal90 6541167 6541164 2026-04-16T08:23:10Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/~2026-23558-99|~2026-23558-99]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-23558-99|वार्ता]]) द्वारा किया गया1 संपादन प्रत्यावर्तित किया गया: प्रचार 6541167 wikitext text/x-wiki {{आज का आलेख}} {{वित्तीय बाज़ार}} '''म्यूचुअल फंड'''([[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]:''Mutual fund'') जिसे [[हिन्दी]] में '''पारस्परिक निधि''' कहते हैं, किन्तु इसका [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] नाम अधिक प्रचलित है, म्यूचुअल फंड एक प्रकार का एक सामूहिक [[निवेश]] होता है। निवेशकों के समूह मिल कर [[स्टॉक]], अल्प अविधि के निवेश या अन्य प्रतिभूतियों (सेक्यूरीटीज) मे निवेश करते है।। [[यूटीआई एमएफ|यूटीआई एएमसी]] भारत की सबसे पुरानी म्यूचुअल फंड कंपनी है।<ref name="नवभारत ">[http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/5110648.cms म्यूचुअल फंड कंपनियां कौड़ी के भाव बेच रही हैं हिस्सा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091012185556/http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/5110648.cms |date=12 अक्तूबर 2009 }}।[[नवभारत टाइम्स]]-हिन्दी।[[९ अक्टूबर]], [[२००९]]</ref> म्यूचुअल फंड मे एक फंड प्रबंधक होता है जो फंड के निवेशों को निर्धारित करता है और लाभ और हानि का हिसाब रखता है। इस प्रकार हुए फायदे-नुकसान को निवेशको मे बाँट दिया जाता है। स्टॉक बाजार की पर्याप्त जानकारी न होने पर भी निवेश की इच्छा रखने वालों के लिए एक सुलभ मार्ग म्यूचुअल फंड होता है।<ref name="इकोनॉमिक ">[http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/4795868.cms म्यूचुअल फंड में निवेश की बारीकियां जानें] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090724141605/http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/4795868.cms |date=24 जुलाई 2009 }}।[[द इकॉनोमिक टाइम्स|इकोनॉमिक टाइम्स]]।[[२० जुलाई]], [[२००९]]</ref><ref name="हिन्दुस्तान २">[http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/mantra/67-76-76573.html म्यूचुअल फंड जोखिम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180927165151/https://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/mantra/67-76-76573.html |date=27 सितंबर 2018 }}।[[हिन्दुस्तान लाइव]]।[[१५ अक्टूबर]], [[२००९]]</ref> म्यूचुअल फंड संचालक (कंपनी) सभी निवेशकों के निवेश राशि को लेकर इकट्ठे करती है और उनसे कुछ सुविधा शुल्क भी लेती है। फिर इस राशि को उनके लिए बाजार में निवेश करती है। इनमें में निवेश करने का फायदा यह है कि निवेशक को इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं होती कि आप कब शेयर खरीदें या बेचें, क्योंकि यह चिंता फंड मैनेजर की होती है। वही निवेशक के निवेश का रखरखाव करने वाला होता है। एक दूसरा लाभ ये भी होता है, कि छोटे निवेशक बहुत कम राशि जैसे १०० रु.प्रतिमाह तक निवेश कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान लेना होता है, जिसमें बैंक से ये राशि मासिक सीधे फंड में स्थानांतरित होती रहती है।<ref name="हिन्दुस्तान २"/> म्यूचुअल फंड के शेयर की कीमत ''नेट ऐसेट वैल्यु'' या एनएवी (''NAV'') कहलाती है। इसकी गणना के लिए फंड के कुल मूल्य को निवेशको द्वारा खरीदे गए कुल शेयरो की संख्या से भाग दिया जाता है।<ref name="हिन्दुस्तान">[http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/gyan/67-75-79815.html म्यूचुअल फंड] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091113194613/http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/gyan/67-75-79815.html |date=13 नवंबर 2009 }}।[[हिन्दुस्तान लाइव]]।[[६ नवम्बर|६ नवंबर]], [[२००९]]</ref> == प्रकार == म्यूचुअल फंड की इक्विटी योजना में [[इंडेक्स फंड]], डायवर्सिफाइड फंड, लार्ज-कैप फंड, मिड-कैप स्कीम और कर-बचाव योजना (टैक्स सेविंग स्कीम) जैसे बहुत से विकल्प उपलब्ध होते हैं। निवेशक निवेश के उद्देश्यों और लक्ष्य पर सही बैठने वाली योजना चुन सकते हैं। === सूचकांक योजना === जो निवेशक किसी विशेष शेयर के लिए कॉल नहीं चाहते वे सूचकांक आधारित योजना यानि इंडेक्स स्कीम में निवेश कर सकते हैं क्योंकि इंडेक्स स्कीम उन विशेष शेयरों में ही निवेश करती है जो किसी विशेष इंडेक्स का हिस्सा होते हैं। यदि इंडेक्स ऊपर जाता है तो निवेशक फायदे में रहते हैं। === विविध योजना=== इसे ''डायवर्सिफाइड स्कीम'' भी कहते हैं। यदि किसी विशेष सेक्टर या इकनॉमी के किसी एक सेगमेंट में निवेश को लेकर नहीं रहना चाहते तो डायवर्सिफाइड स्कीम का विकल्प उपलब्ध होता है। === ओपेन एंडेड और क्लोज एंडेड फंड === युनिट जारी करने के अनुसार दो प्रकार के होते हैं- ओपेन एंडेड फंड योजना के जीवनकाल में किसी भी समय यूनिट जारी किए जा सकते हैं या उनका भुगतान कर सकते हैं। क्लोज एंडेड फंड बोनस या राइट निर्गम को छोड़कर योजना के अंतर्गत कोई भी नया यूनिट जारी नहीं कर सकते हैं। इस ही कारण से ओपेन एंडेड योजना की इकाई पूंजी में शेयर की ही तरह उतार चढ़ाव हो सकते हैं, जबकि क्लोज एंडेड के मामले में ऐसा नहीं होता।<ref name="इकोनॉमिक "/> ओपन एंडेड योजना में कभी भी प्रवेश लिया जा सकता है या उससे बाहर निकला जा सकता है और कई बार इनमें एक लॉक-इन पीरियड होता है, जिसके अंदर रीडेंपशन नहीं हो सकता, इसलिये इनमें प्रवेश के समय ही निश्चिंत हो जाना चाहिये। क्लोज एंडेड योजना में सब्सक्रिप्शन एक ही बार लिया जा सकता है और रीडेंपशन भी न्यूनतम तय समय सीमा के अंतराल पर ही हो सकता है। इस तरह क्लोज एंडेड स्कीम की तरलता (''लिक्विडिटी'') कम हो जाती है। === लार्ज कैप और मिड कैप === अधिक जोखिम लेने की क्षमता वाले लोग स्मॉल या मिड कैप स्कीम का चुनाव कर सकते हैं। यह स्कीम अच्छी संभावनाओं वाली छोटी और मझोली कंपनियों में निवेश करती हैं। इनमें जोखिम अधिक होता है लेकिन इनमें अधिक रिटर्न देने की क्षमता होती है। शेयर बाजार में लंबी अवधि का निवेश लाभादायक होता है और अल्पावधि निवेश करने वालों के लिए जोखिम अधिक होता है।<ref name="इकोनॉमिक "/> लार्ज कैप म्यूचुअल फंड में निवेश किसी ब्लूचिप कंपनी के स्टॉक में किया जाता है। इनमें निवेश सुरक्षित माना जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इनके बारे में जानकारी हर जगह उपलब्ध होती है। मिड कैप म्यूचुअल फंड में निवेश मध्यम और छोटे आकार की कंपनियों में किया जाता है। === बैलेंस्ड फंड === बैलेंस्ड फंड को हाइब्रिड फंड कहते हैं। यह कॉमन स्टॉक, प्रैफर्ड स्टॉक, बांड और अल्पावधि बांड होता है। यह फंड लाभादायक होते हैं, क्योंकि इनमें जोखिम कारक भी कम हो जाता है और बहुत हद तक पूंजी की सुरक्षा निश्चित होती है। === ग्रोथ फंड === ग्रोथ फंड की सहायता से अधिकतम फायदा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। इनमें निवेश उन कंपनियों में किया जाता है जो बाजार में तेज प्रगति करती हैं। इन फंड्स में निवेश अधिक लाभ के लिए करते हैं और इस कारण से जोखिम अधिक होता है। '''डिविडेंड फंड''' यदि कोई निवेशक डिविडेंड फंड में निवेश करता है| तो कंपनियों द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाला डिविडेंड भी निवेशक को मिलता रहता है| यह नकद धनराशी निवेशक के खाते में जमा कर दी जाती है| === वैल्यू फंड === यह ऐसे फंड हैं जो सुरक्षा को वरीयता देते हैं। इनमें अपेक्षाकृत कम लाभ होता है, किन्तु हानि की संभावना बहुत कम होती है। === मनी मार्केट फंड === सामान्यत: मनी मार्केट सबसे सुरक्षित फंड माने जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य निवेशित पूंजी सुरक्षित रखना होता है। == म्युच्युअल फंड का गठन कैसे किया जाता है? == म्युच्युअल फंड का गठन एक ट्रस्ट के रूप में किया जाता है जो स्पांसर (प्रायोजक), ट्रस्टी, एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) और कस्टोडियन के अधीन होता है। ट्रस्ट की स्थापना एक या उससे अधिक स्पांसर द्वारा की जाती है। कंपनी में जिस तरह प्रमोटर होते हैं उसी तरह म्युच्युअल फंड में प्रायोजक होते हैं। म्युच्युअल फंड के ट्रस्टी लोग निवेशकों के लाभार्थ फंड की प्रापर्टी धारण कर रखते हैं। सेबी द्वारा मान्यता प्राप्त [[एसेट मैनेजमेंट कंपनी]] (एएमसी) विभिन सिक्युरिटीज में पूंजी निवेश द्वारा धन का प्रशासन करती है। [[भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड|सेबी]] द्वारा मान्य कस्टोडियन विविध स्कीमों की सिक्युरिटीज अपने कब्जे में रखता है। एएमसी पर सर्वसामान्य देखरेख और नियंत्रण की सत्ता ट्रस्टियों की होती है। वे फंड के कार्य का संचालन करते हैं और सेबी के नियमों का पालन हो, यह देखते हैं। सेबी के नियमानुसार ट्रस्टी कंपनी के डाइरेक्टर अथवा ट्रस्टी मंडल के दो तिहाई सदस्य स्वतंत्र होने चाहिए ताकि वे स्पांसर के साथ जुडे न हों। इसके अलावा एएमसी के 50 प्रतिशत डाइरेक्टर स्वतंत्र होने चाहिए। सभी म्युच्युअल फंडो को कोई भी स्कीम खोलने से पहले सेबी का रजिस्ट्रेशन प्राप्त करना पडता है। == भारत में म्यूचुअल फंड == वैसे तो भारत में काफी सारे म्युचअल फण्ड स्कीम है और बाजार में कोई भी फंड हाउस जब कोई नई योजना निकालता है, तब इससे जुड़े सभी नियमों, शर्त और दूसरी बातों की जानकारी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराता है। यह जानकारी जिस दस्तावेज के द्वारा सेबी को दी जाती है, उसे 'स्कीम का ऑफर डॉक्युमेंट' कहते हैं। इसमें इनवेस्टमेंट का उद्देश्य, जोखिम कारक, लोड व अन्य व्यय आदि से जुड़ी पर्याप्त जानकारियां दी गई होती हैं। म्यूचुअल फंड संचालन करने में अडवाइजरी, कस्टोडियल, ऑडिट ट्रांसफर एजेंट व ट्रस्टी फीस और एजेंट कमिशन आदि कई मदों में व्यय होता है, ऑफर डॉक्युमेंट में इन मदों में किए जाने वाले व्यय के बारे में पूरी दी गई होती है। इसके अलावा, यह भी बताया गया होता है कि स्कीम में निवेश करने पर निवेशक को कौन-कौन से शुल्क देने होंगे, जैसे एंट्री लोड, एग्जिट लोड, स्विचिंग चाजेर्ज, रेकरिंग एक्सपेंस आदि। जिस योजना में खर्चे कम आते हों, फंड हाउस के पास निवेशक के लिए रकम अधिक होगी और इससे रिटर्न भी अधिक मिलने की उम्मीद बनेगी। ऐसी योजना निवेशकों के लिए अधिक लाभदायक होती हैं। किसी भी योजना के तहत ६५ प्रतिशत से अधिक रकम यदि इक्विटी में लगाई जाने वाली है तो ऐसी योजना को इक्विटी योजना कहा जाता है। यदि कंपनी इक्विटी व ऋण (''डेट'') में बराबर-बराबर रकम निवेश करने जा रही है, तो ऐसी योजना ''बैलेंस्ड स्कीम'' के अंतर्गत आती है। बैलेंस्ड स्कीम की तुलना में इक्विटी स्कीम अधिक जोखिमकारी होती हैं। भारत मे २०१० तक म्यूचुअल फंड में निवेश हेतु बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जायेगी। [[नेशनल स्टॉक एक्सचेंज]] यानी एनएसई और एनएसडीएल मिलकर एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं, जिसके जरिए म्यूचुअल फंड के यूनिट सीधे खरीदे या बेचे जा सकेंगे। एकाधिकार से बचने के लिए [[एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया]] (एम्फी) ने बीएसई की अंग सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज और रजिस्ट्रार सीएएमएस-कार्वी को इसी तरह का प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए कहा है। == सन्दर्भ == <references /> == यह भी देखे == *[[भारतीय म्यूचुअल फंड]] *[[भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड]] (सेबी) == बाहरी कडियाँ == * [https://web.archive.org/web/20110802221133/http://www.amfiindia.com/index.aspx एशोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इण्डिया (AMFI) का जालघर] (अंग्रेजी में) * [https://web.archive.org/web/20080501061324/http://www.bhaskar.com/2008/02/23/0802231955_mutual_fund.html म्यूचुअल फंडों में अब आएंगी उद्देश्य-आधारित योजनाएं]- [[दैनिक भास्कर]] पर {{निवेश प्रबंधन}} [[श्रेणी:स्टॉक]] [[श्रेणी:वित्त]] [[श्रेणी:निवेश]] [[श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना]] gv69xfeib05eqr8bcqrec2tebph5pwd तहसील 0 7230 6541054 6188631 2026-04-16T03:20:31Z Bharathomo01 920606 यह मेरा अनुभव है। 6541054 wikitext text/x-wiki '''तहसील''' (तहसील, तालुका या तालुक के रूप में भी जाना जाता है) [[दक्षिण एशिया]] के कुछ देशों में प्रशासनिक प्रभाग की एक स्थानीय इकाई है । यह एक [[जिला|जिले]] के भीतर क्षेत्र का एक उप- जिला है जिसमें निर्दिष्ट आबादी वाले स्थान शामिल हैं जो संभावित अतिरिक्त कस्बों और आम तौर पर कई गाँवों के साथ अपने प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करता है । [[आंध्र प्रदेश]] और [[तेलंगाना]] में तहसीलों की व्यवस्था को बदलने के लिए "मंडल" नामक एक नई इकाई आई है। यह आम तौर पर एक तहसील से छोटा होता है और पंचायत प्रणाली में स्थानीय स्वशासन की सुविधा के लिए होता है। [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[झारखंड]] में सामुदायिक विकास खंड तहसीलों की जगह सशक्त जमीनी स्तर की प्रशासनिक इकाई हैं। चुनाव और कार्यकारी कार्यों के अलावा, तहसील कार्यालय मुख्य रूप से भूमि राजस्व प्रशासन के लिए जिम्मेदार है। तहसील कार्यालय राज्य के राजस्व विभाग के अधीन कार्य करता है। एक तहसील के अधिकार क्षेत्र में कई गाँव होते हैं। स्थानीय सरकार की एक इकाई के रूप में तहसील कार्यालय (पंचायत समिति) अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर [[गाँव|गाँवों]] और [[नगर पालिका|नगर पालिकाओं]] पर कुछ वित्तीय और प्रशासनिक शक्ति का प्रयोग करता है। यह भूमि रिकॉर्ड और संबंधित प्रशासनिक मामलों के लिए अंतिम कार्यकारी एजेंसी है। मुख्य अधिकारी को [[तहसीलदार]] या कम आधिकारिक तौर पर, तालुकदार या तालुका मुक्तियारकर कहा जाता है। तालुक या तहसील को भारतीय संदर्भ में उप-जिला माना जा सकता है। । दक्षिणी भारतीय राज्यों [[केरल]], [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] और [[कर्नाटक]] में, प्रशासनिक शब्द "'''तालुक'''" का उपयोग भारत के अन्य क्षेत्रों में प्रयुक्त "तहसील" शब्द के साथ परस्पर उपयोग किया जाता है। तालुक के प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी को "तहसीलदार" कहा जाता है, जो देश के बाकी हिस्सों के नामकरण के समान है। तहसील में लोगों के मकानों, कृषि भूमि, प्लाटों के बैनामे होते हैं। ==प्रशासनिक व्यवस्था== [[तहसीलदार]] प्रत्येक तहसील या तालुका का प्रमुख या प्रमुख सरकारी अधिकारी होता है। कुछ राज्यों में तालुकदार, मामलेदार, अमलदार, मंडल अधिकारी जैसे विभिन्न नामकरण का उपयोग किया जाता है। भारत के कई राज्यों में तहसीलदार, मजिस्ट्रेट के रूप में काम करता है। तालुका मुख्यालय के रूप में जाने वाले तालुका क्षेत्र के भीतर एक निर्दिष्ट स्थान पर प्रत्येक तालुका में तालुका कार्यालय या तहसील कार्यालय या तहसीलदार कार्यालय नामक एक कार्यालय होगा। तहसीलदार तालुका कार्यालय का प्रभारी होता है। यह जिला स्तर पर जिला कार्यालय या जिला कलेक्टर के समान है। पूरे भारत में राज्य के भीतर त्रिस्तरीय स्थानीय निकाय/[[पंचायती राज]] व्यवस्था है। सबसे ऊपर जिला/[[जिला पंचायत|जिला पंचायत (परिषद)]] है। तालुका/मंडल पंचायत/सामुदायिक विकास खंड इस प्रणाली की दूसरी परत है और उनके नीचे [[ग्राम पंचायत]] हैं। तीनों स्तरों पर इन पंचायतों में विशेष अनुमंडलों के पात्र मतदाताओं में से निर्वाचित सदस्य होते हैं। ये निर्वाचित सदस्य निकाय बनाते हैं जो प्रशासन को नीति-निर्माण, विकास कार्यों और आम जनता की शिकायतों को प्रशासन के ध्यान में लाने में मदद करते हैं। '''नायबत''' तहसील का निचला भाग है जिसके पास तहसील जैसी कुछ शक्तियाँ हैं। इसे ऐसे समझा जा सकता है जैसे तहसील एक जिले का उप-जिला है, इसी तरह नयाबत एक तहसील की उप-तहसील है। ==Ghshle== *[[तहसीलदार]] == सन्दर्भ == {{reflist}} [[श्रेणी:प्रशासनिक विभाग]] [[श्रेणी:प्रशासन]] e1k65w1k7haymw8gw4oc47ihkl6qkt4 6541062 6541054 2026-04-16T03:31:08Z ~2026-21496-92 919279 [[Special:Contributions/Bharathomo01|Bharathomo01]] ([[User talk:Bharathomo01|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6541054|6541054]] को पूर्ववत किया 6541062 wikitext text/x-wiki '''तहसील''' (तहसील, तालुका या तालुक के रूप में भी जाना जाता है) [[दक्षिण एशिया]] के कुछ देशों में प्रशासनिक प्रभाग की एक स्थानीय इकाई है । यह एक [[जिला|जिले]] के भीतर क्षेत्र का एक उप- जिला है जिसमें निर्दिष्ट आबादी वाले स्थान शामिल हैं जो संभावित अतिरिक्त कस्बों और आम तौर पर कई गाँवों के साथ अपने प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करता है । [[आंध्र प्रदेश]] और [[तेलंगाना]] में तहसीलों की व्यवस्था को बदलने के लिए "मंडल" नामक एक नई इकाई आई है। यह आम तौर पर एक तहसील से छोटा होता है और पंचायत प्रणाली में स्थानीय स्वशासन की सुविधा के लिए होता है। [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[झारखंड]] में सामुदायिक विकास खंड तहसीलों की जगह सशक्त जमीनी स्तर की प्रशासनिक इकाई हैं। चुनाव और कार्यकारी कार्यों के अलावा, तहसील कार्यालय मुख्य रूप से भूमि राजस्व प्रशासन के लिए जिम्मेदार है। तहसील कार्यालय राज्य के राजस्व विभाग के अधीन कार्य करता है। एक तहसील के अधिकार क्षेत्र में कई गाँव होते हैं। स्थानीय सरकार की एक इकाई के रूप में तहसील कार्यालय (पंचायत समिति) अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर [[गाँव|गाँवों]] और [[नगर पालिका|नगर पालिकाओं]] पर कुछ वित्तीय और प्रशासनिक शक्ति का प्रयोग करता है। यह भूमि रिकॉर्ड और संबंधित प्रशासनिक मामलों के लिए अंतिम कार्यकारी एजेंसी है। मुख्य अधिकारी को [[तहसीलदार]] या कम आधिकारिक तौर पर, तालुकदार या तालुका मुक्तियारकर कहा जाता है। तालुक या तहसील को भारतीय संदर्भ में उप-जिला माना जा सकता है। । दक्षिणी भारतीय राज्यों [[केरल]], [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] और [[कर्नाटक]] में, प्रशासनिक शब्द "'''तालुक'''" का उपयोग भारत के अन्य क्षेत्रों में प्रयुक्त "तहसील" शब्द के साथ परस्पर उपयोग किया जाता है। तालुक के प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी को "तहसीलदार" कहा जाता है, जो देश के बाकी हिस्सों के नामकरण के समान है। ==प्रशासनिक व्यवस्था== [[तहसीलदार]] प्रत्येक तहसील या तालुका का प्रमुख या प्रमुख सरकारी अधिकारी होता है। कुछ राज्यों में तालुकदार, मामलेदार, अमलदार, मंडल अधिकारी जैसे विभिन्न नामकरण का उपयोग किया जाता है। भारत के कई राज्यों में तहसीलदार, मजिस्ट्रेट के रूप में काम करता है। तालुका मुख्यालय के रूप में जाने वाले तालुका क्षेत्र के भीतर एक निर्दिष्ट स्थान पर प्रत्येक तालुका में तालुका कार्यालय या तहसील कार्यालय या तहसीलदार कार्यालय नामक एक कार्यालय होगा। तहसीलदार तालुका कार्यालय का प्रभारी होता है। यह जिला स्तर पर जिला कार्यालय या जिला कलेक्टर के समान है। पूरे भारत में राज्य के भीतर त्रिस्तरीय स्थानीय निकाय/[[पंचायती राज]] व्यवस्था है। सबसे ऊपर जिला/[[जिला पंचायत|जिला पंचायत (परिषद)]] है। तालुका/मंडल पंचायत/सामुदायिक विकास खंड इस प्रणाली की दूसरी परत है और उनके नीचे [[ग्राम पंचायत]] हैं। तीनों स्तरों पर इन पंचायतों में विशेष अनुमंडलों के पात्र मतदाताओं में से निर्वाचित सदस्य होते हैं। ये निर्वाचित सदस्य निकाय बनाते हैं जो प्रशासन को नीति-निर्माण, विकास कार्यों और आम जनता की शिकायतों को प्रशासन के ध्यान में लाने में मदद करते हैं। '''नायबत''' तहसील का निचला भाग है जिसके पास तहसील जैसी कुछ शक्तियाँ हैं। इसे ऐसे समझा जा सकता है जैसे तहसील एक जिले का उप-जिला है, इसी तरह नयाबत एक तहसील की उप-तहसील है। ==Ghshle== *[[तहसीलदार]] == सन्दर्भ == {{reflist}} [[श्रेणी:प्रशासनिक विभाग]] [[श्रेणी:प्रशासन]] rvwk3jmkmd9jdkzg0thsa0wz8e0xdrf 6541063 6541062 2026-04-16T03:32:19Z ~2026-21496-92 919279 [[Special:Contributions/2A02:810D:BAC0:1978:A0F7:C85C:1980:63CB|2A02:810D:BAC0:1978:A0F7:C85C:1980:63CB]] ([[User talk:2A02:810D:BAC0:1978:A0F7:C85C:1980:63CB|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6086441|6086441]] को पूर्ववत किया 6541063 wikitext text/x-wiki '''तहसील''' (तहसील, तालुका या तालुक के रूप में भी जाना जाता है) [[दक्षिण एशिया]] के कुछ देशों में प्रशासनिक प्रभाग की एक स्थानीय इकाई है । यह एक [[जिला|जिले]] के भीतर क्षेत्र का एक उप- जिला है जिसमें निर्दिष्ट आबादी वाले स्थान शामिल हैं जो संभावित अतिरिक्त कस्बों और आम तौर पर कई गाँवों के साथ अपने प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करता है । [[आंध्र प्रदेश]] और [[तेलंगाना]] में तहसीलों की व्यवस्था को बदलने के लिए "मंडल" नामक एक नई इकाई आई है। यह आम तौर पर एक तहसील से छोटा होता है और पंचायत प्रणाली में स्थानीय स्वशासन की सुविधा के लिए होता है। [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[झारखंड]] में सामुदायिक विकास खंड तहसीलों की जगह सशक्त जमीनी स्तर की प्रशासनिक इकाई हैं। चुनाव और कार्यकारी कार्यों के अलावा, तहसील कार्यालय मुख्य रूप से भूमि राजस्व प्रशासन के लिए जिम्मेदार है। तहसील कार्यालय राज्य के राजस्व विभाग के अधीन कार्य करता है। एक तहसील के अधिकार क्षेत्र में कई गाँव होते हैं। स्थानीय सरकार की एक इकाई के रूप में तहसील कार्यालय (पंचायत समिति) अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर [[गाँव|गाँवों]] और [[नगर पालिका|नगर पालिकाओं]] पर कुछ वित्तीय और प्रशासनिक शक्ति का प्रयोग करता है। यह भूमि रिकॉर्ड और संबंधित प्रशासनिक मामलों के लिए अंतिम कार्यकारी एजेंसी है। मुख्य अधिकारी को [[तहसीलदार]] या कम आधिकारिक तौर पर, तालुकदार या तालुका मुक्तियारकर कहा जाता है। तालुक या तहसील को भारतीय संदर्भ में उप-जिला माना जा सकता है। । दक्षिणी भारतीय राज्यों [[केरल]], [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] और [[कर्नाटक]] में, प्रशासनिक शब्द "'''तालुक'''" का उपयोग भारत के अन्य क्षेत्रों में प्रयुक्त "तहसील" शब्द के साथ परस्पर उपयोग किया जाता है। तालुक के प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी को "तहसीलदार" कहा जाता है, जो देश के बाकी हिस्सों के नामकरण के समान है। ==प्रशासनिक व्यवस्था== [[तहसीलदार]] प्रत्येक तहसील या तालुका का प्रमुख या प्रमुख सरकारी अधिकारी होता है। कुछ राज्यों में तालुकदार, मामलेदार, अमलदार, मंडल अधिकारी जैसे विभिन्न नामकरण का उपयोग किया जाता है। भारत के कई राज्यों में तहसीलदार, मजिस्ट्रेट के रूप में काम करता है। तालुका मुख्यालय के रूप में जाने वाले तालुका क्षेत्र के भीतर एक निर्दिष्ट स्थान पर प्रत्येक तालुका में तालुका कार्यालय या तहसील कार्यालय या तहसीलदार कार्यालय नामक एक कार्यालय होगा। तहसीलदार तालुका कार्यालय का प्रभारी होता है। यह जिला स्तर पर जिला कार्यालय या जिला कलेक्टर के समान है। पूरे भारत में राज्य के भीतर त्रिस्तरीय स्थानीय निकाय/[[पंचायती राज]] व्यवस्था है। सबसे ऊपर जिला/[[जिला पंचायत|जिला पंचायत (परिषद)]] है। तालुका/मंडल पंचायत/सामुदायिक विकास खंड इस प्रणाली की दूसरी परत है और उनके नीचे [[ग्राम पंचायत]] हैं। तीनों स्तरों पर इन पंचायतों में विशेष अनुमंडलों के पात्र मतदाताओं में से निर्वाचित सदस्य होते हैं। ये निर्वाचित सदस्य निकाय बनाते हैं जो प्रशासन को नीति-निर्माण, विकास कार्यों और आम जनता की शिकायतों को प्रशासन के ध्यान में लाने में मदद करते हैं। '''नायबत''' तहसील का निचला भाग है जिसके पास तहसील जैसी कुछ शक्तियाँ हैं। इसे ऐसे समझा जा सकता है जैसे तहसील एक जिले का उप-जिला है, इसी तरह नयाबत एक तहसील की उप-तहसील है। ==इन्हें भी देखें== *[[तहसीलदार]] == सन्दर्भ == {{reflist}} [[श्रेणी:प्रशासनिक विभाग]] [[श्रेणी:प्रशासन]] 47bwu2322ys1k1weo12ft7nk9g4q5qu लेबनान 0 10948 6540940 6506884 2026-04-15T13:34:40Z ATallSteve 542504 अरबी नाम के लिए लिप्यांतरण डाला 6540940 wikitext text/x-wiki {{Infobox country | native_name = الْجُمْهُورِيَّة الْلُّبْنَانِيَّة | conventional_long_name = लेबनान गणराज्य | common_name = लेबनान | image_flag = Flag of Lebanon.svg | image_map = Lebanon (orthographic projection).svg | national_anthem = "[[लेबनान का राष्ट्रगान|النشيد الوطني اللبناني]]" <br> <small> ("लेबनान का राष्ट्रगान") </small> [[File:Lebanese national anthem.ogg]] | official_languages = [[अरबी भाषा|अरबी]] | languages_type = बोली जाने वाली भाषआ | languages = [[लेबनानी अरबी|अरबी]]&nbsp;<small>(लेबनानी&nbsp;भाषा)</small>, [[फ्रांसिसी भाषा|फ्रांसिसी]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]], [[आर्मीनियाई भाषा|आर्मेनियन]] | ethnic_groups = 95% [[Arab]]{{ref|infobox_fn_2|2}}, 4% [[Armenian]], 1% other | demonym = लेबनानी | capital = [[बेयरूत|बेरूत]] | latd = 33 | latm = 54 | latNS = N | longd = 35 | longm = 32 | longEW = E | largest_city = [[बेयरूत|बेरूत]] | government_type 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|url=http://hdr.undp.org/sites/default/files/hdr14-summary-en.pdf |title=2014 Human Development Report Summary |date=२०१४ |accessdate=२७ जुलाई २०१४ |publisher=संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम |pages=२१–२५ |archive-url=https://web.archive.org/web/20160729080443/http://hdr.undp.org/sites/default/files/hdr14-summary-en.pdf |archive-date=29 जुलाई 2016 |url-status=live }}</ref> | HDI_rank = ६५वाँ | sovereignty_type = [[स्वतन्त्रता|स्वतंत्रता]] | sovereignty_note = [[फ़्रान्स|फ्रांस]] से | established_event1 = घोषणा | established_date1 = २६ नवम्बर १९४१ | established_event2 = मान्यता | established_date2 = २२ नंवबर १९४३ | currency = [[लेबनानी पाउंड]] | currency_code = LBP | time_zone = [[Eastern European Time|EET]] | utc_offset = +२ | time_zone_DST = [[Eastern European Summer Time|EEST]] | utc_offset_DST = +३ | cctld = [[.lb]] | calling_code = ९६१ | footnote1 = {{note|infobox_fn_1}}Article 11 of the [[Constitution of Lebanon]] states that "a law shall determine the cases in which the French 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तुर्कों के कब्जे में रहने के बाद यह [[फ़्रान्स|फ्रांस]] के शासन में भी रहा। इसी ऐतिहासिक वजह से देश की धार्मिक और जातीय विविधता इसकी अनूठी सांस्कृतिक पहचान बनाती है। यहाँ 60 प्रतिशत लोग मुस्लिम हैं जिनमें [[शिया इस्लाम|शिया]] और [[सुन्नी इस्लाम|सुन्नी]] का लगभग समान हिस्सा है और लगभग 38 प्रतिशत [[ईसाई]]। 1943 में फ्रांस से स्वतंत्रता मिलने के बाद यहाँ एक गृहयुद्ध चला था और 2006 में इसराइल के साथ एक युद्ध। यहाँ एक विशेष प्राकर की गणतांत्रिक सरकार का शासन है जिसमें राष्ट्रपति एक ईसाई होता है, प्रधान मंत्री एक सुन्नी मुस्लिम, निव्राचित प्रतिनिधियों की सभा का अध्यक्ष एक शिया मुस्लिम और उप प्रधान मंत्री एक ग्रीक परंपरावादी धर्म का होता है। [[अरबी]] यहाँ की सबसे बोले जाने वाली और सांवैधानिक भाषा है। == शब्द-व्युत्पत्ति == [[लेबनान पर्वत]] (Mount Lebanon) <ref name="v874">{{cite web | title=Map, Location, Heights, & Names | website=Encyclopedia Britannica | date=20 July 1998 | url=https://www.britannica.com/place/Lebanon-Mountains | access-date=20 December 2025}}</ref>का नाम [[फ़ोनीशियाई भाषा|फ़ोनीशियाई]] [[सामी मूल|सामी मूल]] शब्द 'lbn' (𐤋𐤁𐤍) से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है "सफेद"। माना जाता है कि यह नाम यहाँ की बर्फ से ढकी चोटियों के कारण पड़ा है।<ref>{{cite book |title=Placenames of the World |last1=Room |first1=Adrian |year=2005 |pages=214–216}}</ref> इस नाम के प्रमाण [[कांस्य युग]] के उन ग्रंथों में मिलते हैं जो [[एबला]] (Ebla) के पुस्तकालय से प्राप्त हुए थे। इसके अतिरिक्त, प्रसिद्ध महाकाव्य 'गिल्गामेश' की बारह में से तीन पट्टिकाओं पर भी इस नाम का उल्लेख मिलता है। प्राचीन मिस्र के अभिलेखों में इस नाम को 'rmnn' (𓂋𓏠𓈖𓈖𓈉) के रूप में दर्ज किया गया था (चूंकि प्राचीन मिस्र की लिपि में 'l' के संगत कोई अक्षर नहीं था)।<ref>{{cite web| title=The Pronunciation of Ancient Egyptian| last=Ross| first=Kelley L| publisher=Friesian School}}</ref> [[हिब्रू बाइबिल]] में भी 'लेबनान' शब्द का प्रयोग लगभग 70 बार 'Ləḇānon' (לְבָנוֹן) के रूप में हुआ है। पहाड़ी श्रृंखला के बजाय एक प्रशासनिक इकाई के रूप में 'लेबनान' नाम का प्रयोग 1861 के [[तंजी़मात|ओटोमन सुधारों]] के साथ शुरू हुआ, जब '[[माउंट लेबनान मुतसर्रिफ़ते|माउंट लेबनान मुतसर्रिफ़त]]' (अरबी: متصرفية جبل لبنان) की स्थापना की गई। बाद में 1920 में इसका विस्तार 'ग्रेटर लेबनान' (अरबी: دولة لبنان الكبير) के रूप में हुआ। अंततः, 1943 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद इसे संप्रभु 'लेबनान गणराज्य' (अरबी: الجمهورية اللبنانية) का आधिकारिक नाम दिया गया। == इतिहास == लेबनॉन की भूमि का इतिहास ईसापूर्व 2500 इस्वी के आसपास की फ़ीनिक संस्कृति से शुरु होता है जो सामुद्रिक शक्ति थे। इन्होंने भूमध्य सागर में [[स्पेन]] और अफ़्रीक़ा के तटों पर अपने उपनिवेश बनाए थे जिसमें आधुनिक [[लीबिया]] का कार्थेज सबसे प्रसिद्ध है। इन जगहों पर फ़ीनिसियन अपने व्यापार के सिलसिले में बसते भी गए। इन्होंने एक 24 अक्षरों की वर्णमाला बनाई जो आधुनिक कई एशियाई और यूरोपीय वर्णमालाओं की पूर्वज मानी जाती है। इसमें रोमन, ग्रीक, अरबी, हिब्रू, आरामाईक और देवनागरी शामिल हैं। [[अश्शूर|असीरिया]] तथा [[बाबिल|बेबीलोन]] के साम्राज्यों के ये सहायक भी रहे पर इनका रिश्ता उतना सामंजस्यपूर्ण नहीं था। ईसा के 539 वर्ष पहले जब दक्षिणी [[ईरान]] के फ़ार्स प्रांत के एक साम्राज्य के राजकुमार [[कुरोश]] (सायसस) ने असीरिया के साम्रज्य को हराकर इस प्रदेश को जीतने के अभियान पर निकला तो फ़ीनिशिया को जीतने के बाद इसे एक क्षत्रप (राज्य) बना दिया गया। इसके बाद इस पर [[फ़ारसी साम्राज्य|फ़ारसियों]] का शासन कोई 200 सालों तक रहा। पर पश्चिम में शक्तिशाली हो रहे मेसीडोन के [[सिकंदर]] ने 331 ईसापूर्व में इसे जीत लिया। उसके मरने के बाद यह सेल्युकस के प्रदेश का हिस्सा बना। रोमनों ने यूनानियों को सन् 24 ईसापूर्व में हरा दिया जिसके बाद यह रोमनों के शासन काल में आ गया और अगले 6 सदियों तक रहा। इसी दौरान यहाँ [[ईसाई]] धर्म का प्रसार हुआ। === मुस्लिम शासन === अरबों ने इस प्रदेश के उपर सातवीं सदी के उत्तरार्ध में ध्यान दिया जब [[उमय्यद|उमय्यदों]] की राजधानी पूर्व में [[दमिश्क]]़ में बनी। मध्य काल में लेबनॉन [[क्रूसेड|क्रूसेड युध्दो]] में लिप्त रहा। [[सलाउद्दीन|सलाउद्दीन अय्युबी]] ने इसको ईसाई क्रूसदारों से मुक्त करवाया। में [[मिस्र]] के [[मामलुक साम्राज्य|मामलुक]] शासकों ने लेबनान पर कब्ज़ा कर लिया।[[उस्मानी साम्राज्य|उस्मानी तुर्कों]] ने जब सोलहवीं सदी में भूमध्यसागर के पूर्वी तट पर कब्जा किया तो लेबनान भी सिसली से लेकर कैस्पियन सागर तर फैले औटोमन [[उस्मानी साम्राज्य]] का अंग बना। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद यह [[फ़्रान्स|फ्रांस]] के शासन में आया। सन १९७५-९० तक यहाँ एक गृहयुद्ध चला जिसका मुख्य कारण - [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फिलिस्तीन]] से आए [[शरणार्थी]], अरब-इसरायल युद्ध, [[ईरान की इस्लामी क्रांति|ईरान की इस्लामिक क्रांति]] और धार्मिक टकराव थे। == फ़्रांस से स्वतंत्रता== यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद, फ़्रांसीसी शासनादेश को [[राष्ट्र संघ]] (League of Nations) या उसके उत्तराधिकारी [[संयुक्त राष्ट्र]] द्वारा किसी औपचारिक कार्रवाई के बिना ही समाप्त माना जा सकता था। शासनादेश की समाप्ति स्वयं अनिवार्य शक्तिऔर नए राज्यों द्वारा उनकी स्वतंत्रता की घोषणा के साथ हुई। इसके बाद अन्य वैश्विक शक्तियों द्वारा बिना किसी शर्त के उन्हें धीरे-धीरे मान्यता दी गई, जिसका समापन संयुक्त राष्ट्र में उनकी औपचारिक सदस्यता के साथ हुआ। संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 78 किसी भी सदस्य राज्य के लिए संरक्षण की स्थिति को समाप्त करता है: "न्यास पद्धति उन क्षेत्रों पर लागू नहीं होगी जो संयुक्त राष्ट्र के सदस्य बन गए हैं, जिनके बीच संबंध संप्रभु समानता के सिद्धांत के सम्मान पर आधारित होंगे।"<ref>Mandates, Dependencies and Trusteeship, by H. Duncan Hall, Carnegie Endowment, 1948, pages 265–266</ref> अतः जब 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आया, तो सीरिया और लेबनान दोनों इसके संस्थापक सदस्य राज्य थे। इस तिथि को दोनों के लिए फ़्रांसीसी शासनादेश कानूनी रूप से समाप्त हो गया और पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.un.org/aboutun/unhistory/ |title=History of the United Nations |publisher=United Nations}}</ref> अंतिम फ़्रांसीसी सैनिकों को दिसंबर 1946 में लेबनान से वापस बुला लिया गया था। ===राष्ट्रीय समझौता === 1943 के लेबनान के अलिखित राष्ट्रीय समझौते (National Pact) के अनुसार सत्ता के बँटवारे के लिए एक सांप्रदायिक ढांचा तैयार किया गया, जिसमें अनिवार्य था कि: राष्ट्रपति: मारोनाइट ईसाई हो। संसद अध्यक्ष: एक [[लेबनान के शिया मुस्लिम|शिया मुस्लिम]] हो। प्रधानमंत्री: एक [[लेबनान के सुन्नी मुस्लिम|सुन्नी मुस्लिम]] हो। उप संसद अध्यक्ष और उप प्रधानमंत्री: ग्रीक रूढ़िवादी (Greek Orthodox) ईसाई हों।<ref>{{cite web|url=http://www.usip.org/publications/lebanons-confessionalism-problems-and-prospects|title=Lebanon's Confessionalism: Problems and Prospects|last=Harb|first=Imad|publisher=United States Institute of Peace|access-date=20 दिसंबर 2025|archive-date=9 जुलाई 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080709034419/http://www.usip.org/pubs/usipeace_briefings/2006/0330_lebanon_confessionalism.html|url-status=dead}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[लेबनान के प्रान्त]] * [[लेबनान के राष्ट्रपतियों की सूची]] * [[लेबनानी गणराज्य के राष्ट्रपति]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} {{एशिया के देश}} [[श्रेणी:लेबनान]] [[श्रेणी:एशिया के देश]] [[श्रेणी:अरब लीग के देश]] 6bcixzp7njd2gvumqrp23s8n13wrgpe राकेश शर्मा 0 18647 6541034 6324210 2026-04-16T00:43:26Z CommonsDelinker 743 6541034 wikitext text/x-wiki {{Infobox astronaut | name = राकेश शर्मा | image = Rakesh Sharma.jpg | caption = [[भारतीय वायुसेना]] के स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा | birth_date = {{Birth date and age|1949|01|13|df=yes}} | birth_place = [[पटियाला]], [[पटियाला एवं पूर्वी पंजाब राज्य संघ]], [[भारतीय अधिराज्य]]<br />(वर्तमान [[पंजाब (भारत)|पंजाब]], [[भारत]] में) | occupation = भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानचालक<br />[[भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन|इसरो]] के [[खगोलयात्री|अंतरिक्ष यात्री]]<br />[[हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड|हिएली]] में टेस्ट पायलेट | selection = 1982 इंटरकॉस्मोस (भारत) | time = 7{{abbr|d||दिन}} 21{{abbr|h|घंटे}} 40{{abbr|m|मिनट}} | mission = सोयुज टी-11/टी-10 | insignia = [[File:Soyuz-T-11-Mission-Patch.svg|45px]] [[File:Rakesh Sharma Chest Patch.svg|45px]] | honorific_prefix = विंग कमांडर | honorific_suffix = [[Ashoka Chakra (military decoration)|AC]] | module = {{Infobox military person| embed = yes | allegiance = {{flag|India}} | branch = {{air force|India}} | rank = [[File:Indian IAF OF-4.svg|24px]] [[Wing Commander (rank)|Wing Commander]] | servicenumber = 12396 F(P) |serviceyears = 1970 {{endash}} 1990 | battles = [[१९७१ का भारत-पाक युद्ध|1971 भारत-पाक युद्ध]] | awards = [[File:Ashoka_Chakra_ribbon.svg|35px]] [[अशोक चक्र (पदक)|अशोक चक्र]] <br />[[File:Золотая Звезда Героя Советского Союза.svg|20px]] सोवियत संघ के हीरो | spouse=मधु शर्मा | children=2 }} | type = [[भारत के लोग|भारतीय]] अंतरिक्ष यात्री | status = सेवानिवृत्त | alma_mater = [[राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (भारत)|राष्ट्रीय रक्षा अकादमी]]<br />[[डिंडिगल विमानक्षेत्र|वायु सेना अकादमी]] | native_name = }} विंग कमांडर '''राकेश शर्मा''' [[अशोक चक्र (पदक)|एसी]] (जन्म 13 जनवरी 1949) भारतीय [[खगोलयात्री|अंतरिक्ष यात्री]] और पूर्व [[भारतीय वायुसेना]] अधिकारी हैं। उन्होंने सोवियत इंटरकोसमोस के साथ 3 अप्रैल 1984 को सोयुज़ टी-11 में उड़ान भरी। वो अब तक अकेले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं, हालांकि भारतीय मूल के कुछ गैर-भारतीय नागरिक के रूप में अन्य अंतरिक्ष यात्री भी हैं।<ref name="spacefacts">{{cite web|url=http://www.spacefacts.de/bios/international/english/sharma_rakesh.htm|title=Cosmonaut Biography: Rakesh Sharma|publisher=Spacefacts.de|access-date=5 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.mapsofindia.com/who-is-who/miscellaneous/rakesh-sharma.html|title=Rakesh Sharma|publisher=Mapsofindia.com|access-date=5 नवम्बर 2024}}</ref> उस समय अन्य वायु सेना पायलेट रवीश मल्होत्रा को राकेश के विकल्प के रूप में तैयार किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://www.spacefacts.de/bios/international/english/malhotra_ravish.htm|title=Cosmonaut Biography: Ravish Malhotra|access-date=5 नवम्बर 2024}}</ref> == पूर्व जीवन == शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1949 को वर्तमान भारतीय राज्य [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] के [[पटियाला]] में एक [[पंजाबी समुदाय|पंजाबी]] परिवार में हुआ।<ref name="aerospace" /> शर्मा की विद्यालयी शिक्षा सेंट जॉर्ज ग्रामर स्कूल, [[हैदराबाद]] में हुई<ref name="aerospace" /> और उनकी स्नातक शिक्षा [[निजाम कॉलेज]], [[हैदराबाद]] में हुई। वो जुलाई 1966 में भारतीय वायु सेना के अंग के रूप में [[राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (भारत)|राष्ट्रीय रक्षा अकादमी]] से जुड़े<ref>{{cite book|title=Tragedy and triumph in orbit : the eighties and early nineties|url=https://archive.org/details/tragedytriumphin0000evan|date=जून 2012|publisher=स्प्रिंगर|isbn=978-1-4614-3430-6}}</ref> और सन् 1970 में [[भारतीय वायुसेना]] के पायलेट बने।<ref>{{cite web|url=http://www.bharat-rakshak.com/IAF/Database/12396|title=Service Record for Wing Commander Rakesh Sharma 12396 F(P) at Bharat Rakshak.com|website=[[भारत रक्षक]]|language=en-gb}}</ref> उन्होंने [[बांग्लादेश मुक्ति युद्ध]] के दौरान [[मिकोयान-गुरेविच मिग-21|मिग-21]] से 21 लड़ाकू उड़ाने भरी।<ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/biography/Rakesh-Sharma|title=Rakesh Sharma {{!}} Biography & Space Journey {{!}} Britannica|date=3 मार्च 2024|website=ब्रितानिका|language=en|access-date=5 नवम्बर 2024}}</ref> ==पेशेवर जीवन== ===वायुसेना कार्यकाल=== [[राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (भारत)|राष्ट्रीय रक्षा अकादमी]] के 35वें पूर्व छात्र के रूप में शर्मा ने सन् 1970 में [[भारतीय वायु सेना]] में सेवायें देना आरम्भ किया और बार-बार प्रोन्नति प्राप्त की। सन् 1984 मे वो स्क्वाड्रन लीडर की रैंक पर प्रोन्नत हो गये।<ref name=aerospace>{{cite web|url=http://www.aerospaceguide.net/astronaut/rakesh_sharma.html|website=aerospaceguide.net|title=Rakesh Sharma|access-date=5 नवम्बर 2024}}</ref> वो 20 सितम्बर 1982 [[भारतीय वायु सेना]] और सोवियत इंटरकोसमोस स्पेस प्रोग्राम के संयुक्त कार्यक्रम के भाग के रूप में अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुने गये।<ref name=hin>{{cite news|url=https://www.thehindu.com/features/metroplus/The-down-to-earth-Rakesh-Sharma/article16363952.ece|title=The down to earth Rakesh Sharma|work=[[The Hindu]]|date=4 April 2010|access-date=5 April 2014|first=Pankaja|last=Srinivasan|archive-date=24 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150724161536/http://m.thehindu.com/features/metroplus/the-down-to-earth-rakesh-sharma/article381946.ece/|url-status=dead}}</ref> ==इन्हें भी देखें== * [[स्कॉट केली]] * [[कल्पना चावला]] * [[एडगर मिशेल]] * [[नील आर्मस्ट्रांग]] ==सन्दर्भ== {{reflist}} [[श्रेणी:भारतीय सेना|चक्र, अशोक]] [[श्रेणी:भारत के अंतरिक्षयात्री]] [[श्रेणी:1949 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:अशोक चक्र सम्मानित लोग]] [[श्रेणी:पटियाला के लोग]] {{जीवनचरित-आधार}} em841gusia91oq8b7lgswzn7xsdfm0m औग्स्बुर्ग 0 27531 6540984 6216812 2026-04-15T18:35:46Z -wuppertaler 232555 changed one image for a better one (straight, less shadow) 6540984 wikitext text/x-wiki {| cellpadding="2" style="float: right; width: 307px; background: #e3e3e3; margin-left: 1em; border-spacing: 1px;" ! '''कुलचिह्न''' ! '''मानचित्र''' |- style="background: #ffffff; text-align: center;" | style="width: 145px;" | [[चित्र:DEU Augsburg COA 1811.svg|140px]] | style="width: 145px;" | [[चित्र:Karte augsburg in deutschland.png|140px]] |- ! colspan="2" | मौलिक वास्तविकताएँ |- bgcolor="#FFFFFF" | '''राज्य''': || [[जर्मनी]] |- bgcolor="#FFFFFF" | '''संघीया भूमि''': || [[बवरिया]] |- bgcolor="#FFFFFF" | '''क्षेत्रफल''': || 146,93 km² |- bgcolor="#FFFFFF" | '''समुद्रतल से ऊँचाई''': || 446-561 m |- bgcolor="#FFFFFF" | '''जनसंख्या''': || 263.804 ''<small>(1 जनवरी 2006)</small>'' |- bgcolor="#FFFFFF" | '''जनसंख्या की सघनता''': || 1.795 आदमी km² |- bgcolor="#FFFFFF" | '''डाक सूचकांक''': || 86000-86199 |- bgcolor="#FFFFFF" | '''फ़ोन-कोड''': || +49 821 |- bgcolor="#FFFFFF" | '''कार-कोड''': || А |- bgcolor="#FFFFFF" | '''डाक पता''': || Stadtverwaltung, Maximilianstraße 4, 86150 Augsburg |- bgcolor="#FFFFFF" | '''नगर का सरकारी पन्ना''': || [https://web.archive.org/web/20140504072231/http://www.augsburg.de/ www.augsburg.de] |- ! colspan="2" | '''राजनीति''' |- bgcolor="#FFFFFF" | '''नगरपाल''': || पाउल वेंगेर्त |- ! colspan="2" | [[जर्मनी के नगर]] |- bgcolor="#FFFFFF" |} '''औग्स्बुर्ग''' ([[जर्मन भाषा|जर्मन]]: Augsburg) — विश्वविद्यालयी एक नगर [[बवरिया]] में, [[त्रीर]] के बाद [[जर्मनी]] का सब से पुराना नगर समझा जाता है। वर्त्तमान काल में औग्स्बुर्ग में 270 हज़ार लोग रहते हैं और वह बवरिया के 3 सब से बडे नगरों में से एक है [[म्यूनिख|म्यूनिक]] और [[न्यूर्ण्बेर्ग]] के बाद। <br /> नगर का नाम प्राचीन [[रोमन]] बस्ती से उत्पन्न हुआ है, जिस की स्थापना ईसवी पूर्व 15 वर्ष में सैनिक शिविर के रूप में हुई थी। [[चित्र:The Town Hall of Augsburg.jpg|300px|right|thumb|औग्स्बुर्ग का नगरपालिका भवन]] ==चित्रदीर्घा== <gallery> Fuenfgratturm1.JPG|''Fünfgratturm'' tower Germany Augsburg Dom-St-Maria Door Handle.jpg|Ring of Mercy on the Dom (Cathedral) St. Maria Augsburg Synagoge.jpg|Augsburg Synagogue Augsburg - st ulrich u afra.jpg|St. Ulrich and St. Afra Cathedral </gallery> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:जर्मनी के शहर]] e0pmlp4xkn8b6ac2syz3dgq2ga67p80 अनुवाद 0 28504 6541103 6537328 2026-04-16T05:53:55Z Minesh701 919339 /* इतिहास */ कड़ियाँ लगाई 6541103 wikitext text/x-wiki [[Image:Jingangjing.jpg|right|thumb|350px|[[वज्रच्छेदिकाप्रज्ञापारमितासूत्र]] नामक बौद्ध ग्रन्थ का [[संस्कृत]] से [[चीनी भाषा]] में अनुवाद [[कुमारजीव]] ने किया था। यह विश्व की सबसे प्राचीन (८६८ ई) प्रिन्ट की गयी पुस्तक भी है। ]] किसी [[भाषा]] में कही या लिखी गयी बात का किसी दूसरी भाषा में सार्थक परिवर्तन '''अनुवाद''' (Translation) कहलाता है। अनुवाद का कार्य बहुत पुराने समय से होता आया है। [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] में 'अनुवाद' शब्द का उपयोग [[शिष्य]] द्वारा [[गुरु]] की बात के दुहराए जाने, पुनः कथन, समर्थन के लिए प्रयुक्त कथन, आवृत्ति जैसे कई संदर्भों में किया गया है। संस्कृत के ’वद्‘ धातु सेृृृृ ’अनुवाद‘ शब्द का निर्माण हुआ है। ’वद्‘ का अर्थ है बोलना। ’वद्‘ धातु में 'अ' [[प्रत्यय]] जोड़ देने पर भाववाचक संज्ञा में इसका परिवर्तित रूप है 'वाद' जिसका अर्थ है- 'कहने की क्रिया' या 'कही हुई बात'। 'वाद' में 'अनु' [[उपसर्ग]] उपसर्ग जोड़कर 'अनुवाद' शब्द बना है, जिसका अर्थ है, प्राप्त कथन को पुनः कहना। इसका प्रयोग पहली बार [[मोनियर विलियम्स]] ने अँग्रेजी शब्द ट्रांसलेशन (translation) के पर्याय के रूप में किया। इसके बाद ही 'अनुवाद' शब्द का प्रयोग एक भाषा में किसी के द्वारा प्रस्तुत की गई सामग्री की दूसरी भाषा में पुनः प्रस्तुति के संदर्भ में किया गया। वास्तव में अनुवाद भाषा के इन्द्रधनुषी रूप की पहचान का समर्थतम मार्ग है। अनुवाद की अनिवार्यता को किसी भाषा की समृद्धि का शोर मचा कर टाला नहीं जा सकता और न अनुवाद की बहुकोणीय उपयोगिता से इन्कार किया जा सकता है। ज्त्।छैस्।ज्प्व्छ के पर्यायस्वरूप ’अनुवाद‘ शब्द का स्वीकृत अर्थ है, एक भाषा की विचार सामग्री को दूसरी भाषा में पहुँचना। अनुवाद के लिए हिंदी में 'उल्था' का प्रचलन भी है।अँग्रेजी में TRANSLATION के साथ ही TRANSCRIPTION का प्रचलन भी है, जिसे हिन्दी में '[[लिप्यन्तरण]]' कहा जाता है। अनुवाद और लिप्यन्तरण का अन्तर इस उदाहरण से स्पष्ट है- : ''उसके सपने सच हुए। : ''HIS DREAMS BECAME TRUE - अनुवाद : '''USKE SAPNE SACH HUE - लिप्यन्तरण (TRANSCRIPTION) इससे स्पष्ट है कि 'अनुवाद' में हिन्दी वाक्य को अँग्रेजी में प्रस्तुत किया गया है जबकि लिप्यन्तरण में [[नागरी लिपि]] में लिखी गयी बात को मात्र [[रोमन लिपि]] में रख दिया गया है। अनुवाद के लिए 'भाषान्तर' और 'रूपान्तर' का प्रयोग भी किया जाता रहा है। लेकिन अब इन दोनों ही शब्दों के नए अर्थ और उपयोग प्रचलित हैं। 'भाषान्तर' और 'रूपान्तर' का प्रयोग अँग्रेजी के INTERPRETATION शब्द के पर्याय-स्वरूप होता है, जिसका अर्थ है दो व्यक्तियों के बीच भाषिक सम्पर्क स्थापित करना। [[कन्नड़ भाषा|कन्नडभाषी]] व्यक्ति और [[असमिया भाषा|असमियाभाषी]] व्यक्ति के बीच की भाषिक दूरी को भाषान्तरण के द्वारा ही दूर किया जाता है। 'रूपान्तर' शब्द इन दिनों प्रायः किसी एक विधा की रचना की अन्य विधा में प्रस्तुति के लिए प्रयुक्त है। जैस, प्रेमचन्द के उपन्यास '[[गोदान (उपन्यास)|गोदान]]' का रूपान्तरण 'होरी' नाटक के रूप में किया गया है। किसी भाषा में अभिव्यक्त विचारों को दूसरी भाषा में यथावत् प्रस्तुत करना अनुवाद है। इस विशेष अर्थ में ही 'अनुवाद' शब्द का अभिप्राय सुनिश्चित है। जिस भाषा से अनुवाद किया जाता है, वह मूलभाषा या स्रोतभाषा है। उससे जिस नई भाषा में अनुवाद करना है, वह 'प्रस्तुत भाषा' या 'लक्ष्य भाषा' है। इस तरह, स्रोत भाषा में प्रस्तुत भाव या विचार को बिना किसी परिवर्तन के लक्ष्यभाषा में प्रस्तुत करना ही अनुवाद है अनुवाद ही देश दुनिया को एक सूत्र में बांधता है ==अनुवादक== '''अनुवाद''' (translator) का कार्य स्रोतभाषा के पाठ को अर्थपूर्ण रूप से लक्ष्यभाषा में अनूदित करता है। अनुवाद का कार्य अन्ततोगत्वा एक ही व्यक्ति करता है । एकाकी अनुवाद में तो अनुवादक अकेला होता ही है, सहयोगात्मक अनुवाद में भी, अन्तिम भाग में, सम्पादन का काम अनुवादक को अकेले करना होता है। अतः अनुवादक के साथ अनेक दायित्व जुड़ जाते हैं और कार्य के सफल निष्पादन में उससे अनेक अपेक्षाएँ रहती हैं। भाषा ज्ञान, विषय ज्ञान, अभिव्यक्ति कौशल, व्यक्तिगत गुण आदि की दृष्टि से अनुवादक से होने वाली अपेक्षाओं पर विचार करना होता है । एक अच्छा अनुवादक वह है जो- # स्रोत भाषा (जिससे अनुवाद करना है) के लिखित एवं वाचिक दोनों रूपों का अच्छा ज्ञाता हो। # लक्ष्य भाषा (जिसमें अनुवाद करना है) के लिखित रूप का अच्छा ज्ञाता हो, # पाठ जिस विषय या टॉपिक का है, उसकी जानकारी रखता हो। === अनुवादक एवं इण्टरप्रेटर === अनुवाद एक लिखित विधा है, जिसे करने के लिए कई साधनों की जरूरत पड़ती है। शब्दकोश, सन्दर्भ ग्रन्थ, विषय विशेषज्ञ या मार्गदर्शक की सहायता से अनुवाद कार्य को पूरा किया जाता है। इसकी कोई समय सीमा नहीं होती। अपनी इच्छानुसार अनुवादक इसे कई बार शुद्धीकरण के बाद पूरा कर सकता है। इण्टरप्रेटशन यानी '''भाषान्तरण''' एक भाषा का दूसरी भाषा में मौखिक रूपान्तरण है। इसे करने वाला इण्टरप्रेटर कहलाता है। इण्टरप्रेटर का काम तात्कालिक है। वह किसी भाषा को सुन कर, समझ कर दूसरी भाषा में तुरन्त उसका मौखिक तौर पर रूपान्तरण करता है। इसे मूल भाषा के साथ मौखिक तौर पर आधा मिनट पीछे रहते हुए किया जाता है। बहुत कुछ यान्त्रिक ढँग का भी होता है। इतिहास अनुवाद असाधारण रूप से कठिन और आह्वानात्मक कार्य माना जाता है। यह एक जटिल, कृत्रिम, आवश्यकता-जनित, और एक दृष्टि से सर्जनात्मक प्रक्रिया है जिसमें असाधारण और विशिष्ट कोटि की प्रतिभा की आवश्यकता होती है। यह इसकी अपनी प्रकृति है। परन्तु माना जाता है कि मौलिक लेखन न होने के कारण अनुवाद को सम्मान का स्थान नहीं मिलता है। क्योंकि इस बात की अवगणना होती है कि अनुवाद इसीलिए कठिन है क्योंकि उसमें मौलिक लेखन नहीं, बल्कि पहले कही गई बात को ही दुबारा कहना होता है, जिसमें अनेक नियन्त्रणों और बन्धनों का पालन करना आवश्यक हो जाता है। इस प्रकार अमौलिक होने के कारण अनुवाद का महत्त्व तो कम हो गया, परन्तु इसी कारण इसके लिए अपेक्षित नियन्त्रणों और बन्धनों को महत्त्वपूर्ण नहीं समझा गया। इस सम्बन्ध में सृजनशील लेखकों के विचारों की प्रायः चर्चा होती रही है। कुछ विचार इस प्रकार हैं : अनुवाद : कला और समस्याएँ', 1961 :(क) ''सम्पूर्ण अनुवाद कार्य केवल एक असमाधेय समस्या का समाधान खोजने के लिए किया गया प्रयास मात्र है।'' विल्हेम वॉन हम्बोल्ट|हुम्बोल्त :(ख) ''किसी कृति का अनुवाद उसके दोषों को बढ़ा देता है और उसके गुणों को विद्रूप कर देता है।'' वोल्टेयर|वाल्तेयर :(ग) ''कला की एक विधा के रूप में अनुवाद कभी सफल नहीं हो सकते।'' (चक्रवर्ती राजगोपालाचारी) :(घ) ''अनुवादक वंचक होते हैं।'' (एक इतालवी कहावत) ऐसे विचारों के उद्भव के पीछे तत्कालीन परिस्थितियाँ तथा उनसे प्रेरित धारणाएँ मानी जाती हैं। पहले अनुवाद सामग्री का बहुलांश साहित्यिक रचनाएँ होती थीं, जिनका अनुवाद रचनाओं की साहित्यिक प्रकृति की सीमाओं के कारण पाठक की आशा के अनुरूप नहीं हो पाता था। साथ ही यह भी धारणा थी कि रचना की भाषा के प्रत्येक अंश का अनुवाद अपेक्षित है, जिससे मूल संवेदना का कोई अंश छट न पाए, और क्योंकि यह सम्भव नहीं, अतः अनुवाद को प्रवञ्चना की कोटि में रख दिया गया था। पृष्ठभूमि यह स्थिति स्थूल रूप से उन्नीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध तक रही जिसमें अनुवाद मुख्य रूप से व्यक्तिगत रुचि से प्रेरित अधिक था, सामाजिक आवश्यकता से प्रेरित कम। इसके अतिरिक्त मौलिक लेखन की परिमाणगत प्रचुरता के कारण भी इस प्रकार की राय बनी। दूसरे विश्वयुद्ध के पश्चात् साम्राज्यवाद के खण्डित होने के फलस्वरूप अनेक छोटे-बड़े राष्ट्र स्वतन्त्र हुए तथा उनकी अस्मिता का प्रश्न महत्त्वपूर्ण हो गया। संघीय गणराज्यों के घटक भी अपनी अस्मिता के विषय में सचेत होने लगे। इस सम्पर्क-स्थापना तथा अस्मिता-विकास की स्थिति में भाषा का केन्द्रीय स्थान है, जो बहुभाषिकता की स्थिति के रूप में दिखाई पड़ता है। इसमें अनुवाद की सत्ता अवश्यम्भावी है। इसके फलस्वरूप अनुवाद प्रधान रूप से एक सामाजिक आवश्यकता बन गया है। विविध प्रकार के लेखनों के अनुवाद होने लगे। अनुवाद कार्य एक व्यवसाय हो गया। अनुवादकों को प्रशिक्षित करने के अभिकरण स्थापित हो गए, जिनमें अल्पकालीन और पूर्णसत्रीय पाठ्यक्रमों और कार्यशालाओं आदि का आयोजन किया जाने लगा। इसका यह भी परिणाम हुआ कि एक ओर तो अनुवाद के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण बदला तथा दूसरी ओर ज्ञानात्मक दृष्टि से अनुवाद सिद्धान्त के विकास को विशेष बल मिला तथा अनुवाद प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए अनुवाद सिद्धान्त की आवश्यकता को स्वीकार किया गया। फलस्वरूप, अनुवाद सिद्धान्त एक अपेक्षाकृत स्वतन्त्र ज्ञानशाखा बन गया, जिसकी जानकारी अनुवादक, अनुवाद शिक्षक, और अनुवाद समीक्षक, तीनों के लिए उपादेय हुआ। सामयिक सन्दर्भ अनुवाद के विषय में सैद्धान्तिक चर्चा का सूत्रपात आधुनिक युग में ही हुआ, ऐसा समझना तथ्य और तर्क दोनों के ही विपरीत माना जाने लगा। अनुवाद कार्य की लम्बी परम्परा को देखते हुए यह मानना तर्कसंगत बन गया कि अनुवाद कार्य के विषय में सैद्धान्तिक चर्चा की परम्परा भी पुरानी है। ईसा पूर्व पहली शताब्दी में सिसरो के लेखन में अनुवाद चिन्तन के बीज प्राप्त होते हैं और तत्पश्चात् भी इस विषय पर विद्वान् अपने विचार प्रकट करते रहे हैं। इस चिन्तन की पृष्ठभूमि भी अवश्य रही है, यद्यपि उसे स्पष्ट रूप से पारिभाषित नहीं किया गया। यह अवश्य माना गया कि जिस प्रकार अनुवाद कार्य का संगठित रूप में होना आधुनिक युग की देन है, उसी प्रकार अनुवाद सिद्धान्त की अपेक्षाकृत सुपरिभाषित पृष्ठभूमि का विकसित होना भी आधुनिक युग की देन है। अनुवाद सिद्धान्त के आधुनिक सन्दर्भ की मूल विशेषता है इसकी '''बहुपक्षीयता'''। यह किसी एकान्वित पृष्ठभूमि पर आधारित न होकर अनेक परन्तु परस्पर सम्बद्ध शास्त्रों की समन्वित पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिनके प्रसङ्गोचित अंशों से वह पृष्ठभूमि निर्मित है। मुख्य शास्त्र हैं - ''पाठ संकेत विज्ञान, सम्प्रेषण सिद्धान्त, भाषा प्रयोग सिद्धान्त, और तुलनात्मक अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान''। यह स्पष्ट करना भी उचित होगा कि एक ओर मानव अनुवाद तथा यान्त्रिक अनुवाद, तथा दूसरी ओर लिखित अनुवाद और मौखिक अनुवाद के व्यावहारिक महत्त्व के कारण इनके सैद्धान्तिक पक्ष के विषय में भी चिन्तन आरम्भ होने लगा है। तथापि मानवकृत लिखित माध्यम के अनुवाद की ही परिमाणगत तथा गुणात्मक प्रधानता मानी जाती रही है तथा इनसे सम्बन्धित सैद्धान्तिक चिन्तन के मुद्दे विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। यद्यपि प्राचीन भारतीय परम्परा में अनुवाद चिन्तन की परम्परा उतने व्यवस्थित तथा लेखबद्ध रूप में प्राप्त नहीं होती, जिस प्रकार पश्चिम में, तथापि अनुवाद चिन्तन के बीज अवश्य उपलब्ध हैं। तदनुसार, अनुवाद पुनरुक्ति है - एक भाषा में व्यंजित सन्देश को दूसरी भाषा में पुनः कहना। अनुवाद के प्रति यह दृष्टि पश्चिमी परम्परा में स्वीकृत धारणा से बाह्य स्तर पर ही भिन्न प्रतीत होती है। परन्तु इस दृष्टि को अपनाने से अनुवाद सम्बन्धी अनेक सैद्धान्तिक बिन्दुओं की अधिक विशद तथा संगत व्याख्या की गई है। इसी सम्बन्ध में दूसरी दृष्टि द्वन्द्वात्मकता की है। जो आधुनिक है तथा मुख्य रूप से संरचनावाद की देन है। अनुवाद कार्य की परम्परा को देखने से यह स्पष्ट है कि अनवाद सिद्धान्त सम्बन्धी चिन्तन साहित्यिक कृतियों को लेकर ही अधिक हुआ है। यह स्थिति सङ्गत भी है। विगत युग में साहित्यिक कृतियों को ही अनुवाद के लिए चुना जाता था। अब भी साहित्यिक कृतियों के ही अनुवाद अधिक परिमाण में होते हैं। तथापि, परिस्थितियों के अनुरोध से अब ''साहित्येतर लेखन'' का अनुवाद भी अधिक मात्रा में होने लगा है। विशेष बात यह है कि दोनों कोटियों के लेखनों में एक मूलभूत अन्तर है। जिसे लेखक की व्यक्तिनिष्ठता तथा निर्वैयक्तिकता की शब्दावली में अधिक स्पष्ट रीति से प्रकट कर सकते हैं। व्यक्तिनिष्ठ लेखन का, अपनी प्रकृति की विशेषता से, कुछ अपना ही सन्दर्भ है। यह कहकर हम दोनों की उभयनिष्ठ पृष्ठभूमि का निषेध नहीं कर रहे, परन्तु प्रस्तुत सन्दर्भ में हम दोनों की दूरी और आपेक्षिक स्वायत्तता को विशेष रूप से उभारना चाहते हैं। यह उचित ही है कि भाषाप्रयोग के पक्ष से ''निर्वैयक्तिक लेखन'' के अनुवाद के सैद्धान्तिक सन्दर्भ को भी विशेष रूप से उभारा जाए। विस्तार अनुवाद सिद्धान्त का एक विकासमान आयाम है '''अनुसन्धान की प्रवृत्ति'''। अनुवाद सिद्धान्त की बहुविद्यापरक प्रकृति के कारण विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ-भाषाविज्ञानी, समाजशास्त्री, मनोविज्ञानी, शिक्षाविद्, नृतत्वविज्ञानी, सूचना सिद्धान्त विशेषज्ञ-परस्पर सहयोग के साथ अनुवाद के सैद्धान्तिक अंशो पर शोधकार्य में रुचि लेने लगे। अनुवाद कार्य का क्षेत्र बढ़ता गया। अलग-अलग संस्कृतियों के लोगों में सम्पर्क बढ़ा - लोग विदेशों में शिक्षा के लिए जाते, व्यापारिक-औद्योगिक संगठन विभिन्न देशों में काम करते, विभिन्न भाषा भाषी लोग सम्मेलनों में एक साथ बैठकर विमर्श करते, राष्ट्रों के मध्य राजनयिक अनुबन्ध होने लगे। इन सभी में अनुवाद की अनिवार्य रूप से आवश्यकता प्रतीत हुई और अनुवाद की विशिष्ट समस्याएँ उभरने लगी। इन समस्याओं का अध्ययन अनुवाद सम्बन्धी अनुसन्धान का उर्वर क्षेत्र बना। एक ओर भाषा और संस्कृति तथा दूसरी ओर भाषा और विचार के मध्य सम्बन्ध पर अनुवाद द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर नया चिन्तन सामने आया। मशीन अनुवाद तथा मौखिक अनुवाद के क्षेत्रों में नई-नई सम्भावनाएँ सामने आने लगी, जिसने इन क्षेत्रों में अनुवाद अनुसन्धान को गति प्रदान की। मानव अनुवाद तथा लिखित अनुवाद के परम्परागत क्षेत्रों पर भी भाषा अध्ययन की नई दृष्टियों ने विशेषज्ञों को नूतन पद्धति से विचार करने के लिए प्रेरित किया। इन सब प्रवृत्तियों से अनवाद सिद्धान्त को प्रतिष्ठा का पद मिलने लगा और इसे सैद्धान्तिक शोध के एक उपयुक्त क्षेत्र के रूप में स्वीकृति प्राप्त होने लगी।<ref>अनुवाद व्यवहार में शोध के लिए देखें, डफ 1981</ref> <ref>अनुवाद सिद्धान्त में शोध के लिए ब्रिसलिन १९७६</ref> अनुवाद दशा में पहला सार्थक प्रयास एच. एच. विल्सन ने [[१८५५|1855]] में ‘ग्लोरी ऑफ़ ज्यूडिशियल एण्ड रेवेन्यू टर्म्स' के द्वारा किया। सन् [[१९६१|1961]] में राजभाषा विधायी आयोग की स्थापना हुई। इसका काम अखिल भारतीय मानक विधि शब्दावली तैयार करना था। [[१९७०|1970]] में विधि शब्दावली का प्रकाशन हुआ। इसका परिवर्धन होता आ रहा है। इसका नवीन संस्करण [[१९८४|1984]] में निकला। इस आयोग ने कानून सम्बन्धी अनेक ग्रन्थो का अनुवाद किया है। कई न्यायालयों में न्यायाधीश हिन्दी में भी निर्णय देने लगे है। ==अनुवाद की परम्परा == अनुवाद की परम्परा बहुत पुरानी है। [[बाबल का मीनार|बेबल के मीनार]] (Tower of Babel) की कथा प्रसिद्ध ही है, जो इस तथ्य की ओर सङ्केत करती है कि, मानव समाज में अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं। यह तर्कसङ्गत रूप से अनुमान किया जा सकता है कि पारस्परिक सम्पर्क की सामाजिक अनिवार्यता के कारण अनुवाद व्यवहार का जन्म भी बहुत पहले हो गया होगा। परन्तु जहाँ तक लिखित प्रमाणों का सम्बन्ध है, * अनुवाद परम्परा के आरम्भिक बिन्दु का प्रमाण ईसा से तीन सहस्र वर्ष पहले प्राचीन मिस्र के राज्य में, द्विभाषिक शिलालेखों के रूप में मिलता है। * तत्पश्चात् ईसा से तीन सौ वर्ष पूर्व [[रोमन साम्राज्य|रोमन]] लोगों के [[यूनान|ग्रीक]] लोगों के सम्पर्क में आने पर [[यूनानी भाषा|ग्रीक]] से [[लातिन भाषा|लैटिन]] में अनुवाद हुए। * बारहवीं शताब्दी में [[स्पेन]] में [[इस्लाम]] के साथ सम्पर्क होने पर यूरोपीय भाषाओं में [[अरबी]] से अनुवाद हुए। बृहत् स्तर पर अनुवाद तभी होता है, जब दो भिन्न भाषाभाषी समुदायों में दीर्घकाल पर्यन्त सम्पर्क बना रहे तथा उसे सन्तुलित करने के प्रयास के अन्तर्गत अल्प विकसित संस्कृति के लोग सुविकसित संस्कृति के लोगों के साहित्य का अनुवाद कर अपने साहित्य को समृद्ध करें। ग्रीक से लैटिन में और अरबी से यूरोपीय भाषाओं में प्रचर अनुवाद इसी प्रवृत्ति के परिणाम माने जाते हैं। अनुवाद कार्य को इतिहास की प्रवृत्तियों की दृष्टि से दो भागों में विभाजित किजा जाता है - प्राचीन और आधुनिक। === प्राचीन परम्परा === प्राचीन युग में मुख्यतः तीन प्रकार की रचनाओँ के अनुवाद प्राप्त होते हैं। क्योंकि इन तीन क्षेत्रों में ही प्रायः ग्रन्थों की रचना होती थी। वें क्षेत्र हैं - साहित्य, दर्शन और धर्म। साहित्यिक रचनाओं में ग्रीक के [[इलियाड|इलियड]] और [[ओदिसी|ओडेसी]], [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के [[रामायण]] और [[महाभारत]] ऐसे ग्रन्थ हैं, जिनका व्यापक स्तर अनुवाद हुआ। दार्शनिक रचनाओं में [[प्लेटो]] के संवाद, अनुवाद की दृष्टि से लोकप्रिय हुए। धार्मिक रचनाओं में बाइबिल के सबसे अधिक अनुवाद पाए जाते हैं। === आधुनिक परम्परा === आधुनिक युग में अनुवाद के माध्यम से प्राचीन युग के ये महान ग्रन्थ अब विभिन्न भाषा भाषियों को उपलब्ध होने लगे हैं। अनुवाद तकनीक की दृष्टि से इन अनुवादों की विशेषता यह है कि, प्राचीन युग में ये अनुवाद विशेष रूप से एकपक्षीय रूप में होते थे अर्थात् जिस भाषा में अनुवाद किए जाते थे (= लक्ष्यभाषा) उनसे उनकी किसी रचना का मूल ग्रन्थ भाषा (= मूलभाषा या स्रोत भाषा) में अनुवाद नहीं होता था। इसका कारण यह कि मूल ग्रन्थों की तुलना में लक्ष्यभाषा के ग्रन्थ प्रायः उतने उत्कृष्ट नहीं होते थे, दूसरी बात यह कि मूल ग्रथों की भाषा के प्रति अत्यन्त आदर भावना के कारण लक्ष्य भाषा के रूप में प्रयोग में लाना सम्भवतः अनुचित समझा जाता था। आधुनिक युग में अनुवाद का क्षेत्र विस्तृत हो गया है। उपर्युक्त तीन के अतिरि [[विज्ञान]], [[प्रौद्योगिकी]], [[चिकित्साशास्त्र]], [[प्रशासन]], [[राजनय|कूटनीति]], [[विधिशास्त्र|विधि]], [[जनसंपर्क|जनसम्पर्क]] ([[भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची|समाचार पत्र]] इत्यादि) तथा अन्य अनेक क्षेत्रों के ग्रन्थों और रचनाओं का अनवाद भी होने लगा है। प्राचीन युग के अनुवादों की तुलना में आधुनिक युग के अनुवाद द्विपक्षीय (बहुपक्षीय) रूप में होते हैं। आधुनिक युग में अनुवाद का आर्थिक और राजनीतिक महत्त्व भी प्रतिष्ठित हो गया है। विभिन्न राष्ट्रों के मध्य राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अनुबन्धों के प्रपत्र के द्विभाषिक पाठ तैयार किए जाते हैं। बहुराष्ट्रीय संस्थाओं को एक से अधिक भाषाओं का प्रयोग करना पड़ता है। [[संयुक्त राष्ट्र]] में प्रत्येक कार्य पाँच या छः भाषाओं में किया जाता है। इन सब में अनिवार्य रूप से अनुवाद की आवश्यकता होती है। इस स्थिति का औचित्य भी है। आधुनिक युग में हुई औद्योगिक, प्रौद्योगिक, आर्थिक और राजनीतिक क्रान्ति के फलस्वरूप विश्व के राष्ट्रों में एक-दूसरे के निकट सम्पर्क की आवश्यकता की चेतना का अतीव शीघ्र विकास हुआ, उसके कारण अनुवाद को यह महत्त्व मिलना स्वाभाविक माना जाता है। यही कारण है कि यदि प्राचीन युग की प्रेरक शक्ति अनुवादक की व्यक्तिगत रुचि अधिक थी, तो आधुनिक युग में अनुवाद की सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक आवश्यकता एक प्रबल प्रेरक शक्ति बनकर सामने आई है। इस स्थिति के अनेक उदाहरण मिलते हैं। भाषायी अल्पसंख्यक वर्ग के लेखकों की रचनाएँ दूसरी भाषाओं में अनूदित होकर अधिक पढ़ी जाती हैं। अपेक्षाकृत छोटे तथा बहुभाषी राष्ट्रों को अपने देश के भीतर ही विभिन्न भाषाभाषी समुदायों के मध्य सम्पर्क स्थापित करने की समस्या का सामना करना पड़ता है। सामाजिक आवश्यकता के अनुरूप अनुवाद के इस महत्त्व के कारण अनुवाद कार्य अब संगठित रूप से होता देखा जाता है। राजनीतिक-आर्थिक कारणों से उत्पन्न आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनुवाद अब एक व्यवसाय बन चुका है तथा व्यक्तिगत होने के साथ-साथ उसका संगठनात्मक रूप भी प्रतिष्ठित होता दिखता है। अनुवाद कौशल को सिखाने के लिए शिक्षा संस्थाओं में प्रबन्ध किए जाते हैं तथा स्वतन्त्र रूप से भी प्रशिक्षण संस्थान काम करते हैं। ==भारत में अनुवाद की परम्परा == भारत एक बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक और बहुधर्मी देश है। यहाँ सदियों से संस्कृत, पालि, प्राकृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बांग्ला, हिंदी, उर्दू जैसी सैकड़ों भाषाएँ साथ-साथ फलती-फूलती रही हैं। ऐसी स्थिति में अनुवाद कोई नई बात नहीं, बल्कि एक स्वाभाविक आवश्यकता रही है। अनुवाद का अर्थ केवल शब्दों को बदलना नहीं है, बल्कि विचारों, भावनाओं, धार्मिक उपदेशों, साहित्य और ज्ञान को एक भाषा से दूसरी भाषा में ले जाना है—बिना मूल भाव खोए। भारत में अनुवाद का इतिहास संवाद, आदान-प्रदान और समरसता की परंपरा का इतिहास है। यह धर्म को फैलाता रहा, संस्कृति को जोड़ता रहा, ज्ञान को साझा करता रहा और राष्ट्र को एक रखता रहा। इस लेख में हम अनुवाद की यात्रा को बौद्ध काल से आधुनिक काल तक देखेंगे। यह यात्रा दिखाती है कि अनुवाद ने भारत को विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण बनाया है। === अनुवाद की प्रारंभिक नींव === : (बौद्ध काल ; लगभग ५वीं शताब्दी ई.पू. से 5वीं शताब्दी ई.) भारत में संगठित और बड़े पैमाने पर अनुवाद की शुरुआत [[बौद्ध धर्म|बौद्ध काल]] से मानी जाती है। बौद्ध धर्म का प्रसार जब उत्तर भारत से दक्षिण, पूर्व और विदेशों तक हुआ, तो उसके ग्रंथों और उपदेशों को आम लोगों की भाषा में पहुँचाना आवश्यक हो गया। बुद्ध के [[उपदेश]] मूल रूप से [[मागधी]] में थे, जिन्हें [[त्रिपिटक]] के रूप में संकलित किया गया। बौद्ध धर्म जब [[श्रीलंका]], म्यांमार, थाईलैंड गया, तो [[पालि]] में अनुवाद हुआ। भारत में ही इन्हें [[प्राकृत]] और बाद में [[संस्कृत]] में अनूदित किया गया। [[कुमारजीव]] (४थी शताब्दी) ने [[चीन]] जाकर सैकड़ों बौद्ध सूत्रों का [[चीनी भाषा]] में अनुवाद किया। [[अतीश दीपंकर]] और बोधिधर्म ने [[तिब्बती]] और चीनी में अनुवाद किए। श्रीलंका में [[बुद्धघोष]] ने पालि टीकाएँ लिखीं और ग्रंथों को व्यवस्थित किया। बौद्ध अनुवादक शब्द-शब्द अनुवाद नहीं करते थे, वे अर्थ और भाव को प्राथमिकता देते थे। उदाहरण के लिए “दुख” शब्द को चीनी में “कू” कहा गया, जो दुख के साथ जीवन की कठिनाई को भी दर्शाता है। इस प्रकार बौद्ध काल में अनुवाद ने धर्म को जन-जन तक पहुँचाया और भारतीय दर्शन को विश्व स्तर पर स्थापित किया। === गुप्तोत्तर काल और मध्यकाल में अनुवाद परम्परा === (५वीं से १६वीं शताब्दी तक) यह काल भक्ति और सांस्कृतिक एकीकरण का काल था। [[रामायण]] और [[महाभारत]] के अनगिनत अनुवाद हुए : [[तमिल]] में [[कंबन रामायण]] (12वीं शताब्दी), बांग्ला में कृतिवास रामायण, अवधी में तुलसीदास की [[रामचरितमानस]] (16वीं शताब्दी), मराठी में एकनाथ की भागवत रामायण। ये अनुवाद केवल कहानी नहीं, लोक संस्कृति का हिस्सा बने। भक्ति आंदोलन में कबीर, सूरदास, मीरा, नानक ने संस्कृत ग्रंथों के दर्शन को लोकभाषा में ढाला। तुलसीदास ने वाल्मीकि रामायण को भावानुवाद के रूप में प्रस्तुत किया। जयदेव के गीतगोविंद का अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ। इस्लामी शासन में अकबर ने अनुवाद विभाग बनवाया। महाभारत का फ़ारसी अनुवाद रज़्मनामा, रामायण, उपनिषद, [[पंचतंत्र]], हितोपदेश का [[फ़ारसी]] में अनुवाद हुआ। [[दारा शिकोह]] ने [[उपनिषद|उपनिषदों]] का फ़ारसी अनुवाद कराया, जिसका बाद में [[लैटिन]] अनुवाद हुआ। इस काल में अनुवाद ने हिंदू-मुस्लिम संवाद, भक्ति भाव और क्षेत्रीय साहित्य की समृद्धि को बढ़ावा दिया। ===औपनिवेशिक काल === (१८वीं–२०वीं शताब्दी का पूर्वार्ध तक) ब्रिटिश शासन के साथ भारत में अनुवाद की दिशा बदली। अब यह शिक्षा, प्रशासन और मिशनरी कार्य का हिस्सा बना। लेकिन भारतीयों ने इसे राष्ट्रीय जागरण का हथियार भी बनाया। विलियम केरी (फोर्ट विलियम कॉलेज) ने बाइबिल का बांग्ला, हिंदी, मराठी, उड़िया, संस्कृत में अनुवाद किया। इससे भारतीय भाषाओं में आधुनिक गद्य शैली का विकास हुआ। [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र]] ने अंग्रेजी नाटक (शेक्सपियर), संस्कृत नाटक और बांग्ला साहित्य का हिंदी में अनुवाद किया। [[महावीर प्रसाद द्विवेदी]] ने वैज्ञानिक और सामाजिक लेखों का अनुवाद किया। हिंदी में पहली बार निबंध, नाटक, उपन्यास की नई शैली आई। [[रवींद्रनाथ ठाकुर]] ने [[गीतांजलि]] का खुद अंग्रेजी में अनुवाद किया और 1913 में [[नोबेल पुरस्कार]] जीता। यह स्वानुवाद की अनोखी मिसाल थी। राष्ट्रीय आंदोलन में गांधीजी के [[हिन्द स्वराज]] का गुजराती से हिंदी, अंग्रेजी, मराठी में अनुवाद हुआ। नेहरू, टैगोर, प्रेमचंद के लेख विभिन्न भाषाओं में अनूदित हुए। समाचार-पत्र जैसे केसरी, बॉम्बे क्रॉनिकल में अनुवादित लेख छपते थे। अनुवाद ने आधुनिक शिक्षा, राष्ट्रीय चेतना और भाषाई जागरण को बल दिया। यह औपनिवेशिक शासन के खिलाफ हथियार भी बना। === स्वतंत्र भारत और आधुनिक काल === (1947 से अब तक) भारत की स्वतंत्रता के बाद अनुवाद राष्ट्रीय एकता, शिक्षा, विज्ञान और वैश्विक संवाद का आधार बना। सरकार, संस्थाएँ और व्यक्ति तीनों स्तरों पर अनुवाद होने लगे। भारतीय संविधान अंग्रेजी और हिंदी में है, सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में अनुवाद हुआ। संसद, विधानसभा, सरकारी योजनाओं का बहुभाषी अनुवाद होता है। [[साहित्य अकादमी]] ने 1954 से परस्पर अनुवाद योजना शुरू की। प्रेमचंद (हिंदी) साहित्य का तमिल, मलयालम; महाश्वेता देवी (बांग्ला) के साहित्य का हिंदी और अंग्रेजी में, आर.के. नारायण के साहित्य का विश्व की 30 से अधिक भाषाओं में, दलित और स्त्री साहित्य का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद हुआ। टॉलस्टॉय, दोस्तोव्स्की, काफ्का, मार्केज़, नेरुदा के हिंदी अनुवाद हुए। हैरि पॉटर, लॉर्ड ऑफ द रिंग्स का हिंदी, तमिल, बांग्ला में अनुवाद हुआ । [[जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय]], [[दिल्ली विश्वविद्यालय]] जैसे अनेक भारतीय विश्वविद्यालयों में अनुवाद अध्ययन कोर्स या विषय के रूप स्नातक पाठ्यक्रम शुरू हुआ। == व्याख्याएँ == * ''ज्ञातस्य कथनमनुवादः'' - ज्ञात का (पुनः) कथन अनुवाद है। ([[जैमिनिन्यायमाला]]) * ''प्राप्तस्य पुनः कथनेऽनुवादः'' - पूर्वकथित का पुनः कथन अनुवाद है। ([[शब्दार्थचिन्तामणिः]]) * ''आवृत्तिरनुवादो वा'' - पुनरावर्तन ही अनुवाद है। ([[भर्तृहरि]], वाक्यपदीयम्) <ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/वाक्यपदीयम्/द्वितीयः_खण्डः|title=वाक्यप्रदीपीयम्, द्वितीयः खण्डः, श्लो. ११५|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref> * लेखक होना सरल है, किन्तु अनुवादक होना अत्यन्त कठिन है। - मामा वरेरकर * प्रत्येक कृति अनुवाद योग्य है, परन्तु प्रत्येक कृति का अच्छा अनुवाद नहीं किया जा सकता। -खुशवन्त सिंह * अनुवाद, प्रकाश के आने के लिए वातायन खोल देता है; वह छिलके को छोड़ देता है जिससे हम गूदे का स्वाद ले सकें। - बाइबिल * If one denies the concept of translation, one must give up the concept of a language community. - KARL VOSSLER * The peculiar (विलक्षण) genious of a language appears best in the process of translation. - MARGARET MUNSTERBERG * Say what one will of the inadequacy of translation, it remains one of the most important and worthiest concerns in the totality of world affaris. - J.W.V. GOETHE == अनुवाद की परिभाषा == एक विशिष्ट प्रकार के भाषिक व्यापार के रूप में अनुवाद, भारतीय परम्परा की दृष्टि से, कोई नई बात नहीं। वस्तुतः 'अनुवाद' शब्द और उससे उपलक्षित भाषिक व्यापार भारतीय परम्परा में बहुत पहले से चले आए हैं। अतः 'अनुवाद' शब्द और इसके अंग्रेजी पर्याय ‘ट्रांसलेशन' के व्युत्पत्तिमूलक और प्रवृत्तिमूलक अर्थों की सहायता से अनुवाद की परिभाषा और उसके स्वरूप को श्रेष्ठतर रूप से जाना जा सकता है। === व्यत्पत्तिमूलक अर्थ === 'अनुवाद' का व्युत्पत्तिमूलक अर्थ है - पुनः कथन; एक बार कही हुई बात को दोबारा कहना। इसमें 'अर्थ की पुनरावृत्ति होती हैं, शब्द (शब्द रूप) की नहीं। 'ट्रांसलेशन' शब्द का व्युत्पत्तिमूलक अर्थ है 'परिवहन' अर्थात् एक स्थान-बिन्दु से दूसरे स्थान-बिन्दु पर ले जाना। यह स्थान-बिन्दु भाषिक पाठ है। इसमें भी ले जाई जाने वाली वस्तु अर्थ होता है, शब्द नहीं। उपर्युक्त दोनों शब्दों में अन्तर व्युत्पत्तिमूलक अर्थ की दृष्टि से है, अतः सतही है। वास्तविक व्यवहार में दोनों की समानता स्पष्ट है। अर्थ की पुनरावृत्ति को ही दूसरे शब्दों में और प्रकारान्तर से, अर्थ का भाषान्तरण कहा जाता है, जिसमें कई बार मूल भाषा की रूपात्मक-गठनात्मक विशेषताएँ लक्ष्यभाषा में संक्रान्त हो जाती है। वस्तुतः 'अनुवाद' शब्द का भारतीय परम्परा वाला अर्थ आधुनिक सन्दर्भ में भी मान्य है और इसी को केन्द्र बिन्दु बनाकर अनुवाद की प्रकृति को अंशशः समझा जाता है। तदनुसार, '''अनुवाद कार्य के तीन सन्दर्भ हैं - समभाषिक, अन्यभाषिक और अन्तरसंकेतपरक।''' ==== समभाषिक अनुवाद ==== समभाषिक सन्दर्भ में अर्थ की पुनरावृत्ति एक ही भाषा की सीमा के अन्तर्गत होती है, परन्तु इसके आयाम भिन्न-भिन्न हो जाते हैं। मुख्य आयाम दो हैं -'''कालक्रमिक और समकालिक'''। कालक्रमिक आयाम पर समभाषिक अनुवाद एक ही भाषा के ऐतिहासिक विकास की दो निकटस्थ अवस्थाओं में होता है, जैसे, पुरानी हिन्दी से आधुनिक हिन्दी में अनुवाद। समकालिक आयाम पर समभाषिक अनुवाद मुख्य रूप से तीन स्तरों पर होता है - '''बोली, शैली और माध्यम'''। बोली स्तर पर समभाषिक अनुवाद के चार उपस्तर हो सकते हैं : (क) एक भौगोलिक बोली से दूसरी भौगोलिक बोली में; जैसे [[बृज भाषा|ब्रज]] से [[अवधी]] में। (ख) अमानक बोली से मानक बोली में; जैसे [[गंजाम जिला|गंजाम ओड़िया]] से [[पुरी जिला|पुरी की ओड़िया]] में अथवा [[नागपुरी भाषा|नागपुर मराठी]] से [[पुणे जिला|पुणे मराठी]] में। (ग) बोली रूप से भाषा रूप में, जैसे ब्रज या अवधी से [[हिन्दी]] में (घ) एक सामाजिक बोली से दूसरी सामाजिक बोली में, जैसे अशिक्षितों या अल्पशिक्षितों की भाषा से शिक्षितों की भाषा में या एक धर्म में दीक्षित लोगों की भाषा से अन्य धर्म में दीक्षित लोगों की भाषा में। शैली स्तर पर समभाषिक अनुवाद को शैली-विकल्पन के रूप में भी देखा जा सकता है। इसका एक अच्छा उदाहरण है औपचारिक शैली से अनौपचारिक शैली में अनुवाद; जैसे ‘धूम्रपान वर्जित है' (औपचारिक शैली) → ‘बीड़ी सिगरेट पीना मना है' (अनौपचारिक शैली)। इसी प्रकार ‘ट्यूबीय वायु आधान में सममिति नहीं रह गई। है' (तकनीकी शैली) -> 'टायर की हवा निकल गई है' (गैरतकनीकी शैली)। माध्यम की दृष्टि से समभाषिक अनुवाद की स्थिति वहाँ होती है जहाँ मौखिक माध्यम में प्रस्तुत सन्देश की लिखित माध्यम में या इसके विपरीत पुनरावृत्ति की जाए; जैसे, मौखिक माध्यम का का एक वाक्य है : "समय की सीमा के कारण मैं अपने श्रोताओं को अधिक विस्तार से इस विषय में नहीं बता पाऊँगा।" इसी को लिखित माध्यम में इस प्रकार से कहना सम्भवतः उचित माना जाता है : "स्थान की सीमा के कारण मैं अपने पाठकों को अधिक विस्तार से इस विषय का स्पष्टीकरण नहीं कर सकुंगा।" ('समय' → 'स्थान', 'श्रोता' → 'पाठक'; 'विषय में बता पाना' > 'का स्पष्टीकरण कर सकना')। समभाषिक अनुवाद के उपर्युक्त उदाहरणों से दो बातें स्पष्ट होती हैं। (क) अर्थान्तरण या अर्थ की पुनरावृत्ति की प्रक्रिया में शब्दचयन तथा वाक्य-विन्यास दोनों प्रभावित होते हैं। माध्यम अनुवाद में [[स्वनप्रक्रिया]] की विशेषताएँ (बलाघात, अनुतान आदि) लिखित व्यवस्था की विशेषताओं (विराम-चिह्न आदि) का रूप ले लेती हैं या इसके विपरीत होता है। (ख) बोली, शैली, और माध्यम के आयामों के मध्य कठोर विभाजन रेखा नहीं, अपि तु इनमें आंशिक अतिव्याप्ति पाई जाती है, जिसकी सम्भावना भाषा प्रयोग की प्रवृत्ति में ही निहित है। जैसे, शैलीगत अनुवाद की आंशिक सत्ता माध्यम अनुवाद में दिखाई देती है, और तदनुसार 'के विषय में बता पाना' जैसा मौखिक माध्यम का, अत एव अनौपचारिक, चयन, लिखित माध्यम में औपचारिकता का स्पर्श लेता हुआ 'का स्पष्टीकरण कर सकना' हो जाता है। इसी प्रकार शैलीगत अनुवाद में सामाजिक बोलीगत अनुवाद भी कभी-कभी समाविष्ट हो जाता है। जैसे, शिक्षितों की बोली में, औपचारिक शैली की प्रधानता की प्रवृत्ति हो सकती है और अल्पशिक्षितों या अशिक्षितों की बोली में अनौपचारिक शैली की। समभाषिक अनुवाद की समस्याएँ न केवल रोचक हैं अपि तु अन्यभाषिक अनुवाद की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण भी हैं। अनुवाद को भाषाप्रयोग की एक विधा के रूप में देखने पर समभाषिक अनुवाद का महत्त्व और भी स्पष्ट हो जाता है। इसके अतिरिक्त अन्यभाषिक अनुवाद की प्रकृति को समझने की दृष्टि से समभाषिक अनुवाद की प्रकृति को समझना न केवल सहायक है, अपि तु आवश्यक भी है। ये कहा जा सकता है कि '''अनुवाद व्युत्पन्न भाषाप्रयोग है,''' जिसके दो सन्दर्भ हैं - समभाषिक और अन्यभाषिक। इस सन्दर्भ भेद से अनुवाद व्यवहार में अन्तर आ जाता है, परन्तु दोनों ही स्थितियों में अनुवाद की प्रकृति वही रहती है। ==== अन्यभाषिक अनुवाद ==== अन्यभाषिक अनुवाद दो भाषाओं के बीच में होता है। ये दो भाषाएँ ऐतिहासिकता और क्षेत्रीयता के समन्वित मानदण्ड पर स्वतन्त्र भाषाओं के रूप में पहचानी जाती हैं। ऐतिहासिक दृष्टि से एक ही धारा में आने वाली भाषाओं को सामान्यतः उस स्थिति में स्वतन्त्र भाषा के रूप में देखते हैं यदि वह कालक्रम में एक दूसरे के निकट सन्निहित न हों, जैसे संस्कृत और हिन्दी; इन दोनों के मध्य प्राकृत भाषाएँ आ जाती हैं। इसी प्रकार क्षेत्रीयता की दृष्टि से प्रतिवेशी भाषाओं में अत्यधिक आदन-प्रदान होने पर भी उन्हें भिन्न भाषाएँ ही मानना होगा, जैसे हिन्दी और [[पंजाबी]]। अन्यभाषिक अनुवाद के सन्दर्भ में सम्बन्धित भाषाओं का स्वतन्त्र अस्तित्व महत्त्व की बात होती है। समभाषिक अनुवाद की तुलना में अन्यभाषिक अनुवाद सामाजिक और व्यावहारिक दृष्टि से अधिक महत्त्वपूर्ण है। भाषाप्रयोग की दृष्टि से अन्यभाषिक अनुवाद की समस्याओं में समभाषिक अनुवाद की समस्याओं से गुणात्मक अन्तर दिखाई पड़ता है। इस प्रकार समभाषिक अनुवाद से सम्बन्धित होते हुए भी अन्यभाषिक अनुवाद, अपेक्षाकृत स्वनिष्ठ व्यापार है। ==== अन्तरसंकेतभाषिक / अन्तरसङ्केतभाषिक अनुवाद ==== अनुवाद शब्द के उपर्युक्त दोनों सन्दर्भ अपेक्षाकृत सीमित हैं। इनमें अनुवाद को भाषा-संकेतों का व्यापार माना गया है। वस्तुतः भाषा-संकेत, संंकेतों की एक विशिष्ट श्रेणी है, जिनके द्वारा सम्प्रेषण कार्य सम्पन्न होता है। सम्प्रेषण के लिए विभिन्न कोटियों के संकेतों को काम में लिया जाता है। इन्हें सामान्य संकेत कहा जाता है। इस दृष्टि से भी अनुवाद शब्द की परिभाषा की जाती है। इसके अनुसार एक संकेतों द्वारा कही गई बात को दुसरी कोटि के संकेतों द्वारा पुनः कहना इस प्रकार के अनुवाद को अन्तरसंकेतपरक अनुवाद कहा जाता है। यह सामान्य संकेत विज्ञान के अन्तर्गत है। भाषिक संकेतों को प्रवर्तन बिन्दु मानकर संकेतों को भाषिक और भाषेतर में विभक्त किया जाता है। भाषेतर में दो भाग हैं - बाह्य (बाह्य ज्ञानेन्द्रियों द्वारा ग्राह्य) और आन्तरिक (अन्तरिन्द्रिय द्वारा ग्राह्य)। अनुवाद की दृष्टि से संकेत-परिवर्तन के व्यापार की निम्नलिखित कोटियाँ बन सकती हैं : '''[[१|1]]. बाह्य संकेत का बाह्य संकेत में अनुवाद''' - इसके अनुसार किसी देश का मानचित्र उस देश का अनुवाद है; किसी प्राणी का चित्र उस प्राणी का अनुवाद है। '''[[२|2]]. बाह्य संकेत का भाषिक संकेत में अनुवाद -''' इसके अनुसार किसी प्राणी के लिये किसी भाषा में प्रयुक्त कोई शब्द उस प्राणी का अनुवाद है। इस दृष्टि से वस्तुतः यहाँ भाषा दर्शन की समस्या है जिसकी व्याख्या अर्थ के संकेत सिद्धान्त में की गई है। '''[[३|3]]. आन्तरिक संकेत से आन्तरिक संकेत में अनुवाद -''' इसके अनुसार किसी एक घटना को उसकी समशील संवेदना में परिवर्तित करना इस श्रेणी का '''[[४|4]]. आन्तरिक संकेत से भाषिक संकेत में अनुवाद -''' इसके अनुसार किसी आन्तरिक संवेदना के लिए किसी शब्द का प्रयोग करना इस कोटि का अनुवाद है। इसको अधिक स्पष्टता से कहा जाता है कि, किसी भौतिक स्थिति के साथ सम्पर्क होने पर - जैसे, किसी दुर्घटना को देखकर, प्रकृति के किसी दृश्य को देखकर, किसी वस्तु को हाथ लगाकर, कुछ सँघकर; दूसरे शब्दों में इन्द्रियार्थ सन्निकर्ष होने पर - मन में जिस संवेदना का उदय होता है वह एक प्रकार का संकेत है। उसके लिये भाषा के किसी शब्द का प्रयोग करना या भाषिक संकेत द्वारा उसकी पुनरावृत्ति करना इस कोटि का अनुवाद कहलाएगा। उदाहरण के लिए, एक विशिष्ट प्रकार की वेदना का संकेत करने के लिए हिन्दी में ‘शोक' शब्द का प्रयोग किया जाता है और दूसरी के लिए 'प्रेम' का। समझा जाता है कि एक संवेदना का अनुवाद ‘शोक' शब्द द्वारा किया जाता है और दूसरी का 'प्रेम' द्वारा। इस दृष्टि से यह कहा जाता है कि समस्त मौलिक अभिव्यक्ति अनुवाद है।<ref>स० ही वात्स्यायन कहते हैं, "समस्त अभिव्यक्ति अनुवाद है क्योंकि वह अव्यक्त (या अदृश्य आदि) को भाषा (या रेखा या रंग) में प्रस्तुत करती है।" ('अनुवाद : कला और समस्याएँ' 1961, पृ० 4)। यह भी द्रष्टव्य है कि संस्कृत परम्परा में 'अनुवाद' शब्द का एक अर्थ है वाणी का प्रयोग = वाचारंभनमात्रम् (शब्दकल्पद्रुम), जो मौलिक अभिव्यक्ति का पर्याय है ।</ref> वक्ता या लेखक अपने संवेदना रूपी संकेतों की भाषिक संकेतों में पुनरावृत्ति कर देता है। इस दृष्टि से यह भाषा मनोविज्ञान की समस्या है, जिसकी व्याख्या [[उद्दीपक (मनोविज्ञान)|उद्दीपन-अनुक्रिया]] सिद्धान्त में की गई है। इस प्रकार, अनुवाद शब्द की व्यापक परिधि में तीनों सन्दर्भों के अनुवादों का स्थान है -समभाषिक अनुवाद, अन्यभाषिक अनुवाद, और अन्तरसंकेतपरक अनुवाद। तीनों का अपना-अपना सैद्धान्तिक आधार है। इन तीनों के मध्य का भेद जानना महत्त्वपूर्ण है। अनुवादक को यह स्थिर करना है कि इन तीनों में केन्द्रीय स्थिति किसकी है तथा शेष दो का उनके साथ कैसा सम्बन्ध है। सैद्धान्तिक औचित्य की दृष्टि से अन्यभाषिक अनुवाद की स्थिति केन्द्रीय है। केवल ‘अनुवाद' शब्द (विशेषणरहित पद) से अन्यभाषिक अनुवाद का अर्थ ग्रहण किया जाता है। इसका मूल है द्विभाषाबद्धता। अनुवादक का बोधन तथा अभिव्यक्ति दोनों स्थितियों में ही भाषा से बँधे रहते हैं और ये भाषाएँ भी भेद (काल, स्थान या प्रयोग सन्दर्भ पर आधारित भेद) की दृष्टि से नहीं, अपि तु कोड की दृष्टि से भिन्न-भिन्न होती हैं; जैसे हिन्दी और अंग्रेजी, हिन्दी और सिन्धी आदि। इस केन्द्रीय स्थिति के दो छोर हैं। प्रथम छोर पर दोनों स्थितियों में भाषाबद्धता रहती है, परन्तु भाषा वही रहती है। स्थितियों को अन्तर उसी भाषा के भेदों के अन्तर पर आधारित होता है। यह समभाषिक अनुवाद है। पारिभाषिक शब्दों के प्रयोग की स्पष्टता के लिए इसे 'अन्वयान्तर' या 'शब्दान्तरण' कहा जाता है। दूसर छोर पर भाषेतर संकेत का भाषिक संकेत में परिवर्तन होता है। संकेत पद्धति का यह परिवर्तन भाषा प्रयोग की सामान्य स्थिति को जन्म देता है। पारिभाषिक शब्दावली में इसे 'भाषा व्यवहार' कहा जाता है। इन तीनों (समभाषिक अनुवाद, अन्यभाषिक अनुवाद, और अन्तरसंकेतपरक अनुवाद) में सम्बन्ध तथा अन्तर दोनों हैं। यह सम्बन्ध उभयनिष्ठ है। अनुवाद (अन्यभाषिक अनुवाद) की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बात यह है कि वास्तविक अनुवाद कार्य में तथा अनूदित पाठ के मूल्यांकन में अनुवादकों को समभाषिक अनुवाद तथा अन्तरसंकेतपरक अनुवाद की संकल्पनाओं से सहायता मिलती है। यह आवश्यकता तभी मुखर रूप से सामने आती है, जब अनुवाद करते-करते अनुवादक कभी अटक जाते हैं -मूल पाठ का सम्यक् बोधन नहीं हो पातें, लक्ष्यभाषा में शुद्ध और उपयुक्त अनुवाद का पर्याप्ततया अन्वेषण करने में कठिनाई होती है, अनुवादक को यह जाँचना होता है कि अनुवाद कितना सफल है, इत्यादि। === प्रवृत्तिमूलक अर्थ === प्रवृत्तिमूलक में (व्यवहार में) 'अनुवाद' शब्द से अन्यभाषिक अनुवाद का ही अर्थ लिया जाता है। और इसी कारण शनैः शनैः यह बात सिद्धान्त का भी अङ्ग बन गई है कि अनुवाद दो भाषाओं के मध्य होने वाली प्रक्रिया है। इस स्थिति का स्वीकार किया जाता है। संस्कृत परम्परा का 'छाया' शब्द इसी स्थिति का सङ्केत करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। === परिभाषा के दृष्टिकोण === अनुवाद के स्वरूप को समझने के लिए अनुवाद की परिभाषा विशेष रूप से सहायक है। अनुवाद की बहुपक्षीयता को देखते हुए अनुवाद की परिभाषा विभिन्न दृष्टिकोणों से प्रस्तुत की गई है। मुख्य दृष्टिकोण तीन प्रकार के हैं - (१) अनुवाद एक प्रक्रिया है। (२) अनुवाद एक प्रक्रिया अथवा/और उसका परिणाम है। (३) अनुवाद एक सम्बन्ध का नाम है। ==== अनुवाद एक प्रक्रिया है ==== इस दृष्टिकोण के अन्तर्गत निम्नलिखित परिभाषाएँ उद्धृत की जाती हैं : (क) "मूलभाषा के सन्देश के सममूल्य सन्देश को लक्ष्यभाषा में प्रस्तुत करने की क्रिया को अनुवाद कहते हैं। सन्देशों की यह मूल्यसमता पहले अर्थ और फिर शैली की दृष्टि से, तथा निकटतम एवं स्वाभाविक होती है।" (नाइडा तथा टेबर)<ref>नाइडा तथा टेबर १९६९ : १२</ref> (ख) "अनुवाद वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा सार्थक अनुभव (अर्थपूर्ण सन्देश या देश का अर्थ) एक भाषा-समुदाय से दूसरे भाषा-समुदाय को सम्प्रेषित किया जाता है।" (पट्टनायक)<ref>पट्टनायक १९६८ : ५७</ref> (ग) "एक भाषा की पाठ्यसामग्री को दूसरी भाषा की समानार्थक पाठ्यसामग्री द्वारा प्रस्थापित करना अनुवाद कहलाता है।" (कैटफोर्ड)<ref>कैटफोर्ड १९६५ : २०</ref> (घ) "अनुवाद एक शिल्प है जिसमें एक भाषा में लिखित सन्देश के स्थान पर दूसरी भाषा के उसी सन्देश को प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया जाता है।" (न्यूमार्क)<ref>न्यूमार्क १९७६ : ९</ref> ==== अनुवाद एक प्रक्रिया या उसका परिणाम है ==== इसके अन्तर्गत निम्न लिखित परिभाषा को उद्धृत किया जाता है : (क) "एक भाषा या भाषाभेद से दूसरी भाषा या भाषाभेद में प्रतिपाद्य को स्थानान्तरित करने की प्रक्रिया या उसके परिणाम को अनुवाद कहते हैं।" (हार्टमन तथा स्टार्क)<ref>हार्टमन तथा स्टार्क १९७२: २४२</ref> ==== अनुवाद एक सम्बन्ध का नाम है ==== इसके अन्तर्गत निम्नलिखित परिभाषा आती है : (क) "अनुवाद एक सम्बन्ध है, जो दो या दो से अधिक पाठों के बीच होता है; ये पाठ समान स्थिति में समान प्रकार्य सम्पादित करते हैं (दोनों पाठों का सन्दर्भ समान होता है और उनसे व्यंजित होने वाला सन्देश भी समान होता है)।" (हैलिडे)<ref>हैलिडे १९६४ : १२४</ref> अनुवाद की परिभाषाओं का यह वर्गीकरण जहाँ अनुवाद की प्रकृति की बहुपक्षीयता को स्पष्ट करता है, वहाँ इससे यह संकेत भी मिलता है कि, विभिन्न उद्देश्यों के अनुसार अनुवाद की परिभाषाएँ भी भिन्न-भन्न हो सकती हैं। इस प्रकार ये सभी परिभाषाएँ मान्य हैं। इन परिभाषाओं के आधार पर अनुवाद के दो पक्ष माने जाते हैं। === अनुवाद के पक्ष === अनुवाद के दो पक्ष हैं - पहला '''संक्रियात्मक पक्ष''' अत एव गतिशील और दूसरा '''सैद्धान्तिक पक्ष''' अत एव स्थितिशील। ==== संक्रियात्मक पक्ष ==== संक्रियात्मक दृष्टि से अनुवाद एक प्रक्रिया है। अनुवाद के पक्ष का सम्बन्ध अनुवाद करने के कार्य से है जिसके लिए 'अनुवाद कार्य' शब्द का प्रयोग करना उचित माना जाता है। ==== सैद्धान्तिक पक्ष ==== सैद्धान्तिक दृष्टि से अनुवाद एक सम्बन्ध है जो दो या दो से अधिक, परन्तु विभिन्न भाषाओं के पाठों के मध्य होता है; परन्तु वे समानार्थक होने चाहिए। इस सम्बन्ध का उद्घाटन तुलनात्मक पद्धति के अध्ययन से किया जाता है। इन दोनों का समन्वित रूप इस धारणा में मिलता है कि अनुवाद एक निष्पत्ति है - कार्य का परिणाम अनुवाद है - जो अपने मूल पाठ से पर्यायता के सम्बन्ध से जुड़ा है। निष्पत्ति के रूप में अनुवाद को 'अनूदित पाठ' कहा जाता है। इस दृष्टि से एक मूल पाठ के अनेक अनुवाद हो सकते हैं। इस प्रकार संक्रियात्मक दृष्टि से अनुवाद को जहाँ भाषा प्रयोग की एक विधा के रूप में जाना जाता है, वहाँ सैद्धान्तिक दृष्टि से इसका सम्बन्ध भाषा पाठ तुलना तथा व्यतिरेकी विश्लेषण की तकनीकों पर आधारित भाषा सम्बन्धों के प्रश्न से (तुलनात्मक-व्यतिरेकी पाठ भाषाविज्ञान यही है) जोड़ा जाता है। अनुवाद को अनुप्रयुक्त [[भाषाविज्ञान]] की शाखा कहा गया है। वस्तुतः, अपने इस रूप में यह अपने प्रक्रिया रूप तथा सम्बन्ध रूप परिभाषाओं की योजक कड़ी है, जिसका संक्रियात्मक आधार अनूदित पाठ है, जिसके मूल में 'अनुवाद एक निष्पत्ति है' की धारणा निहित है। इन परिभाषाओं से अनुवाद के विषय में जो अन्य जानकारी मिलती है, वें बन्दुवार निम्न प्रकार से हैं - (१) अनुवाद एक भाषा या भाषाभेद से दूसरी भाषा या भाषा भेद में होता है। (२) यह प्रक्रिया, परिवर्तन, स्थानान्तरण, प्रतिस्थापन, या पुनरावृत्ति की प्रकृति की होती है। (३) स्थानान्तरित होने वाली वस्तु को विभिन्न नामों से इङ्गित कर सकते हैं, जैसे पाठ्यसामग्री, सार्थक अनुभव, सूचना, सन्देश। ये विभिन्न नाम अनुवाद की सैद्धान्तिक पृष्ठभूमि के विभिन्न आयोमों तथा अनुवाद कार्य के उद्देश्यों में अन्तर से जुड़े हैं। जैसे, भाषागत 'पाठ्यसामग्री' नाम से व्यक्त होने वाली सुनिश्चितता अनुवाद के भाषावैज्ञानिक आधार की विशेषता है, जिसका विशेष उपयोग मशीन अनुवाद में होता है। 'सूचना' और 'सार्थक अनुभव' अनुवाद के समाजभाषागत आधार का संकेत करते हैं; और ‘सन्देश' से अनुवाद की पाठसंकेतपरक पृष्ठभूमि उपलक्षित होती है। (४) उपर्युक्त की विशेषता यह होती है कि इसका दोनों भाषाओं में समान अर्थ होता है। यह अर्थ की समानता व्यापक दृष्टि से होती है और भाषिक अर्थ से लेकर सन्दर्भमूलक अर्थ तक व्याप्त रहती है। संक्षेप में, एक भाषा के विशिष्ट भाषाभेद के विशिष्ट पाठ को दूसरी भाषा में इस प्रकार प्रस्तुत करना अनुवाद है, जिसमें वह मूल के भाषिक अर्थ, प्रयोग के वैशिष्ट्य से निष्पन्न अर्थ, प्रयुक्ति और शैली की विशेषता, विषयवस्तु, तथा सम्बद्ध सांस्कृतिक वैशष्ट्यि को यथासम्भव संरक्षित रखते हुए दूसरी भाषा के पाठक को स्वाभाविक रूप से ग्राह्य प्रतीत हो। == अनुवाद का महत्त्व == बीसवीं सदी को अनुवाद का युग कहा गया है। यद्यपि अनुवाद सबसे प्राचीन व्यवसाय या व्यवसायों में से एक कहलाता है तथापि उसके जो महत्त्व बीसवीं सदी में प्राप्त हुआ वह उससे पहले उसे नहीं मिला ऐसा माना जाता है। इसका मुख्य कारण माना गया है कि बीसवीं शताब्दी में ही भाषासम्पर्क अर्थात् भिन्न भाषाभाषी समुदायों में सम्पर्क की स्थिति प्रमुख रूप से आरम्भ हुई। इसके मूल कारण आर्थिक और राजनीतिक माने जाते हैं। फलस्वरूप, विश्व का आर्थिक-राजनीतिक मानचित्र परिवर्तित होने लगा। वर्तमान यग में अधिकतर राष्ट्रों में यदि एक भाषा प्रधान है तो एक या अधिक भाषाएँ गौण पद पर दिखाई देती हैं। दूसरे शब्दों में, एक ही राजनीतिक-प्रशासनिक इकाई की सीमा के अन्तर्गत भाषायी बहुसंख्यक भी रहते हैं और भाषायी अल्पसंख्यक भी। [[लोकतंत्र|लोकतन्त्र]] में सब लोगों का प्रशासन में समान रूप से भाग लेने का अधिकार तभी सार्थक माना जाता है, जब उनके साथ उनकी भाषा के माध्यम से सम्पर्क किया जाए। इससे बहुभाषिकता की स्थिति उत्पन्न होती है और उसके संरक्षण की प्रक्रिया में अनुवाद कार्य का आश्रय लेना अनिवार्य हो जाता है। इसके अतिरिक्त अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राष्ट्रों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिक, तथा साहित्यिक और सांस्कृतिक स्तर पर बढ़ते हुए आदान-प्रदान के कारण अनुवाद कार्य की अनिवार्यता और महत्ता की नई चेतना प्रबल रूप से विकसित होती हुई दिखती है। अतः अनुवाद एक व्यापक तथा बहुधा अनिवार्य और तर्कसंगत स्थिति मानी जाती है। अनुवाद के महत्त्व को दो भिन्न, परन्तु सम्बन्धित सन्दर्भो में अधिक स्पष्टता से समझया जाता है : (क) सामाजिक एवं व्यावहारिक महत्त्व, (ख) शैक्षणिक एवं ज्ञानात्मक महत्त्व। === सामाजिक एवं व्यावहारिक महत्त्व === सामाजिक सन्दर्भ में अनुवाद व्यापार अनौपचारिक परिस्थितियों में होता है। इसका सम्बन्ध द्विभाषिकता की स्थिति से है। द्विभाषिकता का सामान्य अर्थ है एक समय में दो भाषाओं का वैकल्पिक रूप से प्रयोग। वर्तमान युग के समाज का एक बृहद् भाग ऐसा है, जो सामाजिक सन्दर्भ की अनौपचारिक स्थिति में दो भाषाओं का वैकल्पिक प्रयोग करता है। सामान्य रूप से प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति, नगरीय परिवेश का अर्ध शिक्षित व्यक्ति, दो भिन्न भाषाभाषी राज्यों के सीमा प्रदेश में रहने वाली जनता, तथा भाषायी अल्पसङ्ख्यक, इनमें अधिक स्पष्ट रूप से द्विभाषिकता की स्थिी देखी जाती है। यह द्विभाषिकता प्रायः आश्रित/संयुक्त द्विभाषिकता की कोटि की होती है। जिसका सामान्य लक्षण यह है कि, सब एक भाषा में (मातृभाषा में) सोचते हैं, परन्तु अन्य भाषा में अभिव्यक्त करते हैं। इस स्थिति में अनुवाद प्रक्रिया का होना अनिवार्य है। परन्तु यह प्रक्रिया अनौपचारिक रूप में ही होती है। व्यक्ति मन ही मन पहली भाषा से अन्य भाषा में अनुवाद कर अपनी बात कह देते हैं। यह माना गया है कि, अन्य भाषा परिवेश में अन्य भाषा सीखते समय अनुवाद का प्रत्यक्ष रूप से अस्तित्व रहता है। यदि स्व-भाषा के ही परिवेश में अन्य भाषा सीखी जाए तो "कोड" परिवर्तन की स्थिति आती है, जिसमें अनुवाद की स्थिति कुछ परोक्ष हो जाती है। अतः द्विभाषी रूप में सभी अनुवाद अनौपचारिक हैं। इस दृष्टि से अनुवाद एक सामाजिक भाषा व्यवहार में महत्त्वपूर्ण भूमिका में दिखता है। === शैक्षणिक एवं ज्ञानात्मक महत्त्व === शैक्षणिक एवं ज्ञानात्मक सन्दर्भ में अनुवाद व्यापार औपचारिक स्थिति में होता है। इसके दो भेद हैं : साधन रूप में अनुवाद और साध्य रूप में अनुवाद। ==== साधन रूप में अनुवाद ==== साधन रूप में अनुवाद का प्रयोग [[भाषा शिक्षण]] की एक विधि के रूप में किया जाता है। संज्ञानात्मक कौशल के रूप में अनुवाद के अभ्यास से भाषा अधिगम के दो कौशलों-बोधन और अभिव्यक्ति को पुष्ट किया जाता है। इसी प्रकार साधन रूप में अनुवाद के दो और क्षेत्र हैं : भाषाओं का तुलनात्मक व्यतिरेकी अध्ययन तथा तुलनात्मक साहित्य विवेचन। ===== भाषाओं का तुलनात्मक व्यतिरेकी अध्ययन ===== वस्तुतः भाषाओं के अध्ययन-विश्लेषण के लिए अनुवाद के द्वारा ही व्यक्ति को यह ज्ञात होता है कि, एक वाक्य में किस शब्द का क्या अर्थ है। उसके पश्चात् ही वह दोनों में समानता तथा असमानता के बिन्दु से अवगत हो पाता है। अतः व्यतिरेकी भाषा विश्लेषण को '''अनुवादात्मक विश्लेषण''' (ट्रांसलेटिव एनालसिस) भी कहा गया है। ===== तुलनात्मक साहित्य विवेचन ===== तुलनात्मक साहित्य विवेचन में साहित्यों के तुलनात्मक अध्ययन के साधन रूप में अनुवाद के प्रयोग के द्वारा सदृश-विसदृश अंशों का अर्थबोध होता है, जिससे अंशों की तुलना की जा सके। इसके अतिरिक्त अन्य भाषा साहित्य की कृतियों के अनुवाद का अभ्यास करना अथवा/और उन्हें अनूदित रूप में पढ़ना तुलनात्मक साहित्य विवेचन में अनुवाद के योगदान का उदाहरण है। ==== साध्य रूप में अनुवाद ==== साध्य रूप में अनुवाद व्यापार अनेक क्षेत्रों में दिखाई पड़ता है। कोशकार्य भी उक प्रकार का अनुवाद कार्य है। समभाषिक कोश में एक ही भाषा के अन्दर अनुवाद होता है और द्विभाषी कोश में दो भाषाओं के मध्य। यह अनुवाद, पाठ की अपेक्षा भाषा के आयाम पर होता है, जिसमें भाषा विश्लेषण के दो स्तर प्रभावित होते हैं। वे दो स्तर - शब्द और शब्द शृङ्खला हैं। इसी प्रकार किसी भाषा के विकास के लिए भी अनुवाद-व्यापार का आश्रय लिया जाता है। जब किसी भाषा को ऐसे व्यवहार-क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलता है, जिनमें पहले उसका प्रयोग नहीं होता था, तब उसे विषयवस्तु और अभिव्यक्ति पद्धति दोनों ही दृष्टियों से विकसित करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए अन्य भाषाओं से विभिन्न प्रकार के साहित्य का उसमें अनुवाद किया जाता है। फलस्वरूप, विषयवस्तु की परिधि के विस्तार के साथ-साथ भाषा के अभिव्यक्ति-कोश का क्षेत्र भी विस्तृत होता है। अनेक नये शब्द बन जाते हैं, कई बार प्रचलित शब्दों को नया अर्थ मिल जाता है, नये सहप्रयोग विकसित होने लगते हैं, संकर-शब्दावली प्रयोग में आने लगती है, और भाषा प्रयोग के सन्दर्भ की विशेषता के कारण कुल मिलाकर भाषा का एक नवीन भेद विकसित हो जाता है। आधुनिक प्रशासनिक हिन्दी तथा पत्रकारिता हिन्दी इसके अच्छे उदाहरण हैं। इस प्रक्रिया को भाषा नियोजन और भाषा विकास कहते हैं, जो अपने व्यापकतर सन्दर्भ में राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास का अंग है। इस प्रकार अनुवाद के माध्यम से विकासशील भाषा में आवश्यक और महत्त्वपूर्ण साहित्य का प्रवेश होता है। तब कह सकते हैं कि इस रूप में अनुवाद राष्ट्रीय विकास में भी योगदान करता है। अपने व्यापकतम रूप में अनुवाद भाषा की शक्ति में संवर्धन करता है, पाठों की व्याख्या एवं निर्वचन में सहायक है, भाषा तथा विचार के बीच सम्बन्ध को स्पष्ट करता है, ज्ञान का प्रसार करता है, संस्कृति का संवाहक है, तथा राष्ट्रों के मध्ये परस्पर अवगमन और सद्भाव की वृद्धि में योगदान करता है। गेटे के शब्दों में, अनुवाद (अपनी प्रकृति से) असम्भव होते हुए भी (सामाजिक दृष्टि से) आवश्यक तथा महत्त्वपूर्ण है। == स्वरूप == अनुवाद के स्वरूप के दो उल्लेखनीय पक्ष हैं - समन्वय और सन्तुलन। अनुवाद सिद्धान्त का बहुविद्यापरक आयाम इसका '''समन्वयशील''' पक्ष है। तदनुसार, यद्यपि अनुवाद सिद्धान्त का मूल उद्गम है '''अनुप्रयुक्त तुलनात्मक पाठसङ्केतविज्ञान''', तथापि उसे कुछ अन्य शास्त्र भी स्पर्श करते हैं। 'तुलनात्मक' से अनुवाद का दो भाषाओं से सम्बन्धित होना स्पष्ट ही है, जिसमें भाषाओं की समानता-असमानता के प्रश्न उपस्थित होते हैं। पाठसंकेतविज्ञान के तीनों पक्ष - अर्थविचार, वाक्यविचार तथा सन्दर्भमीमांसा - अनुवाद सिद्धान्त के लिए प्रासंगिक हैं। अर्थविचार में भाषिक संकेत तथा भाषाबाह्य यथार्थ के बीच में सम्बन्ध का अध्ययन होता है। सन्दर्भमीमांसा के अन्तर्गत भाषाप्रयोग की स्थिति के सन्दर्भ के विभिन्न आयामों - वक्ता एवं श्रोता की सामाजिक पहचान, भाषाप्रयोग का उद्देश्य तथा सन्देश के प्रति वक्ता - श्रोता की अभिवृत्ति, भाषाप्रयोग की भौतिक परिस्थितियों की तथा अभिव्यक्ति, माध्यम आदि - की मीमांसा होती है। स्पष्ट है कि संकेतविज्ञान की परिधि भाषाविज्ञान की अपेक्षा व्यापकतर है तथा अनुवाद कार्य जैसे व्यापक सम्प्रेषण व्यापार के अध्ययन के उपयुक्त है। === समन्वय पक्ष === अनुवाद सिद्धान्त को स्पर्श करने वाले शास्त्रों में है सम्प्रेषण सिद्धान्त जिसकी मान्यताओं के अनुसार अनुवाद कार्य एक सम्प्रेषण व्यापार है, तथा तदनुसार उस पर वे सभी बातें लागू होती हैं, जो सम्प्रेषण व्यापार की प्रकृति में हैं, जैसे सम्प्रेषण का शत्प्रतिशत् यथातथ न होना, अपूर्णता, उद्रिक्तता (व्यतिरिक्तता), आंशिक कृत्रिमता आदि। इसी से अनुवाद कार्य में शब्द-प्रति-शब्द तथा अर्थ-प्रति-अर्थ समानता के स्थान पर सन्देशस्तरीय समानता का औचित्य भी साधा जा सकता है। संक्रियात्मक दृष्टि से एक पाठ या प्रोक्ति अनुवाद कार्य का प्रवर्तन बिन्दु होता है। एक पाठ की अपनी संरचना होती है, भाषिक संसक्ति तथा सन्देशगत सुबद्धता की सङ्कल्पनाओं द्वारा उसके सुगठित अथवा शिथिल होने की जाँच कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त एक पाठ को भाषाप्रकायों की एकीभूत समष्टि के रूप में देखते हुए, उसमें भाषा-प्रयोग शैलीओँ के भाषाप्रकार्यमूलक वितरण के विषय में अधिक निश्चित जानकारी प्राप्त होती हैं। इसी से सम्बन्धित शास्त्र है, समाजभाषाशास्त्र तथा शैलीविज्ञान, जिसमें सामाजिक बोलियों तथा प्रयुक्तियों के अध्ययन के साथ सन्दर्भानुकूल भाषाप्रयोग की शैलीओँ के वितरण की जानकारी अनुवाद सिद्धान्त के लिए वाञ्छनीय है। भाषा से समन्धित होने के कारण [[तर्कशास्त्र का इतिहास|तर्कशास्त्र]] तथा [[भाषा दर्शन|भाषादर्शन]] भी अनुवाद सिद्धान्त को पुष्ट करते हैं। तर्कशास्त्र के अनुसार अनूदित पाठ के सत्यमूल्य की परीक्षा अनुवाद की विशुद्धता को शुद्ध करने का आधार है। भाषादर्शन में होने वाले अर्थ सम्बन्धी चिन्तन से अनुवाद कार्य में अर्थ के अन्तरण या उसकी पुनरावृत्ति से सम्बन्धित समस्याओं को जानने में सहायता मिलती है। विटजेन्स्टीन की मान्यता 'भाषा में शब्द का 'प्रयोग' ही उसका अर्थ है'। अनुवाद सिद्धान्त के लिए इस कारण से विशेष प्रासंगिक है कि पाठ ही अनुवाद कार्य की इकाई है, जिसका सफल अर्थबोध अनुवाद की पहली आवश्यकता है। इस प्रकार वक्ता की विवक्षा में अर्थ का मूल खोजना, भाषिक अर्थ तथा भाषाबाह्य स्थिति (सन्दर्भ) अनुवाद सिद्धान्त के आवश्यक अंग हैं। अर्थ के अन्तरण में जहाँ उपर्युक्त मान्यताओं की एक भूमिका है, वहाँ अर्थगत द्विभाषिक समानता के निर्धारण में घटकीय विश्लेषण की पद्धति की विशेष उपयोगिता स्वीकार की गई है। यह बात विशेष रूप से ध्यान में ली जाती है कि जहाँ विविध शास्त्रों की प्रासङ्गिक मान्यताओं से अनुवाद सिद्धान्त का स्वरूप निर्मित है, वहाँ स्वयं अनुवाद सिद्धान्त उन शास्त्रों का एक विशिष्ट अंग है। === सन्तुलन पक्ष === अनुवाद सिद्धान्त का 'सामान्य' पक्ष भी है और विशिष्ट पक्ष भी, और यह इसका सन्तुलनशील स्वरूप है - सामान्य और विशिष्ट का सन्तुलन। अनुवाद की परिभाषा के अनुसार कहा जाता है कि अनुवाद व्यवहारतः विशिष्ट भाषाभेद के स्तर पर तथा इसीलिए सिद्धान्ततः सामान्य भाषा के स्तर पर होता है - अंग्रेजी भाषा के एक भेद पत्रकारिता की अंग्रेजी से हिन्दी भाषा के सममूल्य भेद पत्रकारिता की हिन्दी में। तदनुसार, युगपद् रूप से अनुवाद सिद्धान्त का एक सामान्य पक्ष भी है और विशिष्ट पक्ष भी। हम जो बात सामान्य के स्तर पर कहते हैं, उसे व्यावहारिक रूप में भाषाभेद के विशिष्ट स्तर पर उदाहृत करते हैं। == क्षेत्र == 'यथासम्भव अधिकतम पाठ प्रकारों के लिए एक उपयुक्त तथा सामान्य अनुवाद प्रणाली का निर्धारण' ये अनुवाद के क्षेत्र सम्बन्धित एक विचारणीय प्रश्न माना जाता है। प्रणाली के निर्धारण के सम्बन्ध में अनुवाद प्रक्रिया की प्रकृति, अनुवाद (वस्तुतः अनुवाद कार्य) के विभिन्न प्रकार, अनुवाद के सूत्र तथा विभिन्न कोटि के पाठों के अनुवाद के निर्देश निश्चित करने के प्रारूप का निर्धारण, आदि पर विचार करना होता है। अनुवाद का मुख्य उद्देश्य, अनुवाद की इकाई, अनुवाद का कला-कौशल-विज्ञान का स्वरूप, अनुवाद कार्य की सीमाएँ, आदि कुछ अन्य विषय हैं, जिन पर विचार अपेक्षित होता है। === मूलभाषा का ज्ञान === अनुवाद कार्य का मेरुदण्ड है मूलभाषा पाठ। इसकी संरचना, इसका प्रकार, भाषाप्रकार्य प्रारूप के अनुसार मूलपाठ का स्वरूप निर्धारण, आदि के साथ शब्दार्थ-व्यवस्था एवं व्याकरणिक संरचना के विश्लेषणात्मक बोधन के विभिन्न प्रारूप, उनकी शक्तियों और सीमाओं का आकलन, आदि के सम्बन्ध में सैद्धान्तिक चर्चा तथा इनके संक्रियात्मक ढाँचे का निर्धारण, इसके अन्तर्गत आने वाले मुख्य बिन्दु हैं। अनुवाद सिद्धान्त के ही अन्तर्गत कुछ गौण बिन्दुओं की चर्चा भी होती है - रूपक, व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ, पारिभाषिक शब्द, आद्याक्षर (परिवर्णी) शब्द, भौगोलिक नाम, व्यापारिक नाम, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नाम, सांस्कृतिक शब्द, आदि के अनुवाद के लिए कौन-सी प्रणाली अपनाई जाए; साहित्यिक रचनाओं, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय लेखन, प्रचार साहित्य आदि के लिए अनुवाद प्रणाली का रूप क्या हो, इत्यादि। === विविध शास्त्रों का ज्ञान === इसी से सम्बन्धित एक महत्त्वपूर्ण बिन्दु है, अनुवाद की विभिन्न युक्तियाँ - लिप्यन्तरण, शब्द-प्रति-शब्द अनुवाद, शब्दानुगामी अनुवाद, आगत अनुवाद, व्याख्या, विस्तरण, सङ्क्षेपण, सांस्कृतिक पर्याय, स्वभाषीकरण आदि। अनुवाद का काम अन्ततोगत्वा एक ही व्यक्ति करता है। एकाकी अनुवाद में तो अनुवादक अकेला होता ही है, सहयोगात्मक अनुवाद में भी, अन्तिम अवधि में, सम्पादन का कार्य अनुवादक को अकेले करना होता है। अतः अनुवादक के साथ अनेक दायित्व जुड़ जाते हैं और कार्य के सफल निष्पादन में उससे अनेक अपेक्षाएं रहती हैं। भाषा ज्ञान, विषय ज्ञान, अभिव्यक्ति कौशल, व्यक्तिगत गुण आदि की दृष्टि से अनुवादक से होने वाली अपेक्षाओं पर विचार करना होता है। अनुवाद शिक्षा और अनुवाद समीक्षा, दो अन्य महत्त्वपूर्ण बिन्दु हैं। === शिक्षा === अनुवाद की शिक्षा भाषा-अधिगम के, विशेष रूप से अन्य भाषा अधिगम के, साधन के रूप में दी जा सकती है (भाषाशिक्षण की द्विभाषिक पद्धति भी इसी के अन्तर्गत है)। इसमें अनुवाद शिक्षण, भाषा-शिक्षण के अधीन है तथा एक मध्यवर्ती अल्पकालिक अभ्यासक्रम में इसकी योजना की जाती है, जिसमें शिक्षण के सोपान तथा लक्ष्य बिन्दु स्पष्ट तथा निश्चित होते हैं। इसमें शिक्षार्थी का लक्ष्य भाषा सीखना है, अनुवाद करना नहीं। शिक्षा के दूसरे चरण में अनुवाद का अभ्यास, अनुवाद को एक शिल्प या कौशल के रूप में सीखने के लिए किया जाता है, जिसकी प्रगत अवस्था 'अनुवाद कला है' की शब्दावली में निर्दिष्ट की जाती है। इस स्थिति में जो भाषा (मूलभाषा या लक्ष्यभाषा) अनुवादक की अपनी नहीं, उसके अधिगम को भी आनुषङ्गिक रूप में पुष्ट करता जाता है। अभ्यास सामग्री के रूप में पाठ प्रकारों की विविधता तथा कठिनाई की मात्रा के अनुसार पाठों का अनुस्तरण करना होता है। यदि एक सजातीय/विजातीय, स्वेदशी या विदेशी भाषा को सीखने की योजना में उससे या उसमें अनुवाद करने की क्षमता को विकसित करना एक उद्देश्य हो तो अनुवाद-शिक्षण के दोनों सोपानों - साधनपरक तथा साध्यपरक – को अनुस्तरित रूप में देखा जा सकता है। === समीक्षा === अनुवाद समीक्षा, अनुवाद सिद्धान्त का ऐसा अङ्ग है, जिसका शिथिल रूप में व्यवहार, अनूदित कृति का एक सामान्य पाठक भी करता है, परन्तु जिसकी एक पर्याप्त स्पष्ट सैद्धान्तिक पृष्ठभूमि है। सिद्धान्तपुष्ट अनुवाद समीक्षा एक ज्ञानात्मक व्यापार है। इसमें एक मूलपाठ के एक या एक से अधिक अनुवादों की समीक्षा की जाती है, तथा मूल की तुलना में अनुवाद का या मूल के विभिन्न अनुवादों का पारस्परिक तुलना द्वारा मूल्यांकन किया जाता है। इसके तीन सोपान हैं - मूलभाषा पाठ तथा लक्ष्यभाषा पाठ का विश्लेषण, दोनों की तुलना (प्रत्यक्ष तथा परोक्ष समानताओं की तालिका, और अभिव्यक्ति विच्छेदों का परिचयन), और अन्त में लक्ष्यभाषागत विशुद्धता, उपयुक्तता और स्वाभाविकता की दृष्टि से अनुवाद का मूल्यांकन। मूल्याङ्कन के सोपान पर अनुवाद की सफलता की जाँच के लिए विभिन्न परीक्षण तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। == प्रकार == अनुवाद को [[कला]] और [[विज्ञान]] दोनों ही रूपों में स्वीकारने की मानसिकता इसी कारण पल्लवित हुई है कि संसारभर की भाषाओं के पारस्परिक अनुवाद की कोशिश अनुवाद की अनेक शैलियों और प्रविधियों की ओर संकेत करती हैं। अनुवाद की एक भंगिमा तो यही है कि किसी रचना का साहित्यिक-विधा के आधार पर अनुवाद उपस्थित किया जाए। यदि किसी [[नाटक]] का नाटक के रूप में ही अनुवाद किया जाए तो ऐसे अनुवादों में अनुवादक की अपनी सर्जनात्मक प्रतिभा का वैशिष्ट्य भी अपेक्षित होता है। अनुवाद का एक आधार अनुवाद के गद्यात्मक अथवा पद्यात्मक होने पर भी आश्रित है। ऐसा पाया जाता है कि अधिकांशतः गद्य का अनुवाद गद्य में अथवा पद्य में ही उपस्थित हो, लेकिन कभी-कभी यह क्रम बदला हुआ नज़र आता है। कई गद्य कृतियों के पद्यानुवाद मिलते हैं, तो कई काव्यकृतियों के गद्यानुवाद भी उपलब्ध हैं। अनुवादों को विषय के आधार पर भी वर्गीकृत किया जाता है। इस आधार पर 'साहित्यिक अनुवाद' , 'तकनीकी अनुवाद' , 'चिकित्सकीय अनुवाद' , और 'विधिक अनुवाद' आदि अनुवाद के वर्ग हैं। और कई स्तरों पर अनुवाद की प्रकृति के अनुरूप उसे मूल-केंद्रित और मूलमुक्त दो वर्गों में भी बाँटा गया है। अनुवाद के जिन सार्थक और प्रचलित प्रभेदों का उल्लेख अनुवाद विज्ञानियों ने किया है, उनमें शब्दानुवाद, भावानुवाद, छायानुवाद, सारानुवाद, व्याख्यानुवाद, आशुअनुवाद और रूपान्तरण को सर्वाधिक स्वीकृति मिली है। उदाहरण के लिए अंग्रेजी का एक छोटा वाक्य "There is no room in the car" को लेते हैं। इस वाक्य के शब्दानुवाद, भावानुवाद और सार्थक अनुवाद के उदहरण देखिए- :(१) '''शब्दानुवाद''' : "कार में कोई कमरा नहीं है।" :(२) '''भावानुवाद''' : "कार में कोई स्थान नहीं है।" :(३) '''सार्थक अनुवाद''' : "कार में कोई जगह ही नहीं है।" कहने का आशय है कि अनुवाद ऐसा होना चाहिए कि वह यांत्रिक या निर्जीव न लगे। उसमें सहज प्रवाह तभी आएगा जब वह लक्ष्य-भाषा की प्रकृति एवं संस्कृति के अनुसार होगा। ===शब्दानुवाद=== स्रोतभाषा के प्रत्येक शब्द का लक्ष्यभाषा के प्रत्येक शब्द में यथावत् अनुवादन को शब्दानुवाद कहते हैं। 'मक्षिका स्थाने मक्षिका' पर आधारित शब्दानुवाद वास्तव में अनुवाद की सबसे निकृष्ट कोटि का परिचायक होता है। प्रत्येक भाषा की प्रकृति अन्य भाषा से भिन्न होती है और हर भाषा में शब्द के अनेकानेक अर्थ विद्यमान रहते हैं। इसीलिए मूल भाषा की हर शब्दाभिव्यक्ति को यथावत् लक्ष्यभाषा में नहीं अनुवादित किया जा सकता। कई बार ऐसे शब्दानुवादों के कारण बड़ी हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो जाती है। [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] से [[हिन्दी|हिंदी]] में किये गये अनुवाद को कई बार प्रकृति की साम्यता के कारण सह्य होते हैं, लेकिन यूरोपीय परिवार की भाषाओं से किये गए अनुवाद में अर्थ और पदक्रम के दोष सामान्यतः नज़र आते हैं। वास्तव में यदि स्रोत और लक्ष्यभाषा में अर्थ, प्रयोग, वाक्य-विन्यास और शैली की समानता हो, तभी शब्दानुवाद सही होता है, अन्यथा यंत्रावत् किये गए शब्दानुवाद अबोधगम्य, हास्यास्पद एवं कृत्रिम हो जाते हैं। उदाहरण के लिए अंग्रेजी का निम्नलिखित वाक्य देखें : : " The boy, who does not understand that his future depends on hard studies, is a fool." यदि हिन्दी में इसका अनुवाद इस प्रकार किया जाता है- : "वह लड़का,जो यह नहीं समझता कि उसका भविष्य सख्त अध्ययन पर निर्भर करता है, मूर्ख है।" --> यह वाक्य विन्यास हिन्दी भाषा के वाक्य विन्यास के अनुरूप नहीं होगा, hard के लिए यहाँ 'सख्त' शब्द भी उपयुक्त समानार्थी नहीं लगता। यदि उपर्युक्त अंग्रेजी वाक्य का अनुवाद इस प्रकार किया जाए : : "वह लड़का मूर्ख है जो यह नहीं समझता कि उसका भविष्य कठोर अध्ययन पर निर्भर है।" -- > तो अनुवाद का वाक्य-विन्यास हिन्दी भाषा की प्रकृति के अनुरूप होगा और इसी में अनुवाद की सार्थकता निहित है। इसी प्रकार, हिन्दी की प्रकृति के प्रतिकूल और अनुकूल कुछ अनुवाद देखिए- : अंग्रेजी : "I will not go", he said. : हिन्दी की प्रकृति के प्रतिकूल अनुवाद : "मैं नहीं जाऊँगा", उसने कहा। : हिन्दी की प्रकृति के अनुकूल अनुवाद : "उसने कहा कि मैं नहीं जाऊँगा।" ===भावानुवाद=== ऐसे अनुवादकों में स्रोत-भाषा के शब्द, पदक्रम और वाक्य-विन्यास पर ध्यान न देकर अनुवाद मूलभाषा की विचार-सामग्री या भावधारा पर अपने आपको केंद्रित करता है। ऐसे अनुवादों में स्रोतभाषा की भाव-सामग्री को उपस्थित करना ही अनुवादक का लक्ष्य होता है। भावानुवाद की प्रक्रिया में कभी-कभी मूल रचना जैसा मौलिक वैभव आ जाता है, लेकिन कई बार पाठकों को यह शिकायत होती है कि अनुवादक ने मूलभाषा की भावधारा को समझे बिना, लक्ष्य-भाषा की प्रकृति के अनुरूप भाव सामग्री प्रस्तुत कर दी है। जब पाठक किसी रचना को रचनाकार के अभिव्यक्ति-कौशल की दष्ष्टि से पढ़ना चाहता है, तो भावानुवाद उसकी लक्ष्यसिद्धि में सहायक नहीं होता। ===छायानुवाद=== संस्कृत नाटकों में लगातार ऐसे प्रयोग मिलते हैं कि उनकी स्त्रा-पात्रा तथा सेवक, दासी आदि जिस [[प्राकृत]] भाषा का प्रयोग करते हैं , उसकी संस्कृत छाया भी नाटक में विद्यमान रहती है। ऐसे ही प्रयोगों से छायानुवाद का उद्भव हुआ है। अनुवाद की प्रविधि के अंतर्गत अनुवादक न शब्दानुवाद की तरह केवल मूल शब्दों का अनुसरण करता है और न सिर्फ भावों का ही परिपालन करता है, बल्कि मूलभाषा से पूरी तरह बंधा हुआ उसकी छाया में लक्ष्यभाषा में वर्ण्य-विषय की प्रस्तुति करता है। ===सारानुवाद=== इस अनुवाद में मूलभाषा की सामग्री का संक्षिप्त और अतिसंक्षिप्त अनुवाद लक्ष्यभाषा में किया जाता है। लंबे भाषणों और वाद-विवादों के अनुवाद प्रस्तुत करने में यह विधि सहायक होती है। ===व्याख्यानुवाद=== ऐसे अनुवादों में मूलभाषा की सामग्री का लक्ष्यभाषा में व्याख्या सहित अनुवाद उपस्थित किया जाता है। इसमें अनुवादक अपने अध्ययन और दष्ष्टिकोण के अनुरूप मूल भाषा की सामग्री की व्याख्या अपेक्षित प्रमाणों और उदाहरणों आदि के साथ करता है। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य तिलक]] ने ’गीता‘ का अनुवाद इस शैली में किया है। संस्कृत के बहुत सारे भाष्यकारों और हिन्दी के टीकाकारों ने व्याख्यानुवाद की शैली का ही अनुगमन किया है। स्वभावतः व्याख्यानुवाद अथवा भाष्यानुवाद मूल से बहुत बड़ा हो जाता है और कई स्तरों पर तो एकदम मौलिक बन जाता है। ===आशु अनुवाद=== जहाँ अनुवाद दुभाषिये की भूमिका में काम करता है, वहाँ वह केवल आशुअनुवाद कर पाता है। दो दूरस्थ देशों के भिन्न भाषा-भाषी जब आपस में बातें करते हैं, तो उनके बीच दुभाषिया संवाद का माध्यम बनता है। ऐसे अवसरों पर वे अनुवाद शब्द और भाव की सीमाओं को तोड़कर अनुवादक की सत्वर अनुवाद क्षमता पर आधारित हो जाता है। उसके पास इतना समय नहीं होता है कि शब्द के सही भाषायी पर्याय के बारे में सोचे अथवा कोशों की सहायता ले सके। कई बार ऐसे दुभाषिये के आशुअनुवाद के कारण दो देशों में तनाव की स्थिति भी बन जाती है। आशुअनुवाद ही अब भाषांतरण के रूप में चर्चित है। ===रूपान्तरण=== अनुवाद के इस प्रभेद में अनुवादक मूलभाषा से लक्ष्यभाषा में केवल शब्द और भाव का अनुवादन नहीं करता, अपितु अपनी प्रतिभा और सुविधा के अनुसार मूल रचना का पूरी तरह रूपांतरण कर डालता है। [[विलियम शेक्सपीयर]] के प्रसिद्ध नाटक 'मर्चेन्ट ऑफ वेनिस' का अनुवाद [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेन्दु हरिश्चन्द्र]] ने 'दुर्लभ बन्धु' अर्थात् 'वंशपुर का महाजन' नाम से किया है जो रूपांतरण के अनुवाद का अन्यतम उदाहरण है। मूल नाटक के एंटोनियो, बैसोलियो, पोर्शिया, शाइलॉक जैसे नामों को भारतेंदु ने क्रमशः अनंत, बसंत, पुरश्री, शैलाक्ष जैसे रूपांतर प्रदान किये हैं। ऐसे रूपांतरण में अनुवाद की मौलिकता सबसे अधिक उभरकर सामने आती है। अनुवादक के इन प्रभेदों से ज्ञापित होता है कि संसार भर की भाषाओं में अनुवाद की कई शैलियाँ और प्रविधियाँ अपनाई गई हैं, लेकिन यदि अनुवादक सावधानीपूर्वक शब्द और भाव की आत्मा का स्पर्श करते हुए मूलभाषा की प्रकृति के अनुरूप लक्ष्यभाषा में अनुवाद उपस्थित करे तो यही आदर्श अनुवाद होगा। इसीलिए श्रेष्ठ अनुवादक को ऐसा कुशल चिकित्सक कहा जाता है, जो बोतल में रखी दवा को अपनी सिरिंज के द्वारा रोगी के शरीर में यथावत पहुँचा देता है। == अनुवाद के सिद्धान्त == अनुवाद सिद्धान्त कोई अपने में स्वतन्त्र, स्वनिष्ठ, सिद्धान्त नहीं है और न ही यह उस अर्थ में कोई ‘विज्ञान' ही है, जिस अर्थ में [[गणितशास्त्र]], [[भाषाविज्ञान|भाषाशास्त्र]], [[समाजशास्त्र]] आदि हैं। इसकी ऐसी कोई विशिष्ट अध्ययन सामग्री तथा अध्ययन प्रणाली भी नहीं, जो अन्य शास्त्रों की अध्ययन सामग्री तथा प्रणाली से इस रूप में भिन्न हो कि, इसका मूलतः स्वतन्त्र व्यक्तित्व बन सके। वस्तुतः, यह अनुवाद के विभिन्न मुद्दों से सम्बन्धित ज्ञानात्मक सूचनाओं का एक निकाय है, जिससे अनुवाद को एक प्रक्रिया (अनुवाद कार्य), एक निष्पत्ति (अनुदित पाठ), तथा एक सम्बन्ध (सममूल्यता) के रूप में समझने में सहायता मिलती है। इसके लिए सद्यः 'अनुवाद विद्या (ट्रांसलेशन स्टडीज), 'अनुवाद विज्ञान' (साइंस ऑफ ट्रांसलेशन), और 'अनुवादिकी' (ट्रांसलेटालजी) शब्द भी प्रचलित हैं। अनुवाद, भाषाप्रयोग सम्बन्धी एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसकी एक सुनिश्चित परिणति होती है तथा जिसके फलस्वरूप मूल एवं निष्पत्ति में 'मूल्य' की दृष्टि से समानता का सम्बन्ध स्थापित हो जाता है। इस प्रकार प्रक्रिया, निष्पत्ति, और सम्बन्ध की सङ्घटित इकाई के रूप में अनुवाद सम्बन्धी सामान्य प्रकृति की जानकारी ही अनुवाद सिद्धान्त है, जो मूलतः एकान्वित न होते हुए भी सङ्ग्रहणीय, रोचक, ज्ञानवर्धक, तथा एक सीमा तक वास्तविक अनुवाद कार्य के लिए उपादेय है। अपने विकास की वर्तमान अवस्था में यह बहु-विद्यापरक अनुशासन बन गया है। जिसका ज्ञान प्राप्त करना स्वयमेव एक लक्ष्य है तथा जो जिज्ञासु पाठक के लिए बौद्धिक सन्तोष का स्रोत है। अनुवाद सिद्धान्त की अनुवाद कार्य में उपयोगिता का आकलन के समय इस सामयिक तथ्य को ध्यान में रखा जाता है कि वर्तमान काल में अनुवाद एक सङ्गठित व्यवसाय हो गया है, जिसमें व्यक्तिगत रुचि की अपेक्षा व्यावसायिक-सामाजिक आवश्यकता से प्रेरित प्रशिक्षणार्थियों की सङ्ख्या अधिक होती है । विशेष रूप से ऐसे लोगों के लिए तथा सामान्य रूप से रुचिशील अनुवादकों के लिए अनुवाद कार्य में दक्षता विकसित करने में अनुवाद सिद्धान्त के योगदान को निरूपित किया जाता है । इस योगदान का सैद्धान्तिक औचित्य इस दृष्टि से भी है कि अनुवाद कार्य सर्जनात्मक होने के कारण ही गौण रूप से समीक्षात्मक भी होता है । इसे 'सर्जनात्मक-समीक्षात्मक' भी कहा जाता है । सर्जनात्मकता को विशुद्ध तथा पुष्ट करने के लिए जो समीक्षात्मक स्फुरणाएँ अनुवादक में होती हैं, वे अनुवाद सिद्धान्त के ज्ञान से प्ररित होती हैं । अनुवाद की विशुद्धता की निष्पत्ति में सिद्धान्त ज्ञान का योगदान रहता है । साथ ही, अनुवाद प्रक्रिया की जानकारी उसे पर्याय-चयन में अधिक सावधानी से काम करने में सहायता कर सकती है । इससे अधिक महत्त्वपर्ण बात मानी जाती है कि वह मूर्खतापूर्ण त्रुटियाँ करने से बच सकता है । मूलपाठ का भाषिक, विषयवस्तुगत, तथा सांस्कृतिक महत्त्व का कोई अंश अनूदित होने से न रह जाए, इसके लिए अपेक्षित सतर्क दृष्टि को विकसित करने में भी अनुवाद सिद्धान्त का ज्ञान अनुवादक की सहायता करता है । इसी प्रश्न को दूसरे छोर से भी देखा जाता है । कहा जाता है कि जो लोग मौलिक लिख सकते हैं, वे लिखते हैं, जो लिख नहीं पाते वे अनुवाद करते हैं, और जो लोग अनुवाद नहीं कर सकते, वे अनुवाद के बारे में चर्चा किया करते हैं । वस्तुतः इन तीनों में परिपूरकता है - ये तीनों कुछ भिन्न-भिन्न हैं – तथापि यह माना जाता है कि अनुवाद विषयक चर्चा को अधिक प्रामाणिक तथा विशद बनाने में अनुवाद सिद्धान्त के विद्यार्थी को अनुवाद कार्य सम्बन्धी अनुभव सहायक होता है । यह बात कुछ ऐसा ही है कि सर्जनात्मकता से अनुभव के स्तर पर परिचित साहित्य समीक्षक अपनी समीक्षात्मक प्रतिक्रियाओं को अधिक विश्वासोत्पादक रीति से प्रस्तुत कर सकता है। == अनुवाद सिद्धान्त का विकास == अनुवाद सिद्धान्त के वर्तमान स्वरूप को देखते हुए इसके विकास कों विहङ्ग-दृश्य से दो चरणों में विभक्त करके देखा जाता है : :(१) आधुनिक भाषाविज्ञान, विशेष रूप से अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान, के विकास से पूर्व का युग - बीसवीं सदी पूर्वार्ध; :(२) इसके पश्चात् का युग - बीसवीं सदी उत्तरार्ध । सामान्य रूप से कहा जाता है कि, सिद्धान्त विकास के विभिन्न युगों में और उसी विभिन्न धाराओं में विवाद का विषय यह रहा कि, अनुवाद शब्दानुगामी हो या अर्थानुगामी, यद्यपि विवाद की 'भाषा' बदलती रही । ईसापूर्व प्रथम शताब्दी में [[रोमन साम्राज्य|रोमन]] युग से आरम्भ होता है, जब [[होरेस|होरेंस]] तथा [[सिसरो]] ने शब्दानुगामी तथा अर्थानुगामी अनुवाद में अन्तर स्पष्ट किया तथा साहित्यिक रचनाओं के लिए अर्थानुगामी अनुवाद को प्रधानता दी । सिसरो ने अच्छे अनुवादक को व्याख्याकार तथा अलङ्कार प्रयोग में दक्ष बताया । रोमन युग के पश्चात्, जिसमें साहित्यिक अनुवादों की प्रधानता थी, दूसरी शक्तिशाली धारा [[बाइबिल]] अनुवाद की है । सन्त [[जेरोम]] (४०० ईस्वी) ने भी बाइबिल के अनुवाद में अर्थानुगामिता को प्रधानता दी तथा अनुवाद में दैनन्दिन के व्यवहार की भाषा के प्रयोग का समर्थन किया। इसमें विचार यह था कि, बाइबिल का सन्देश जनसाधारण पर्यन्त पहुँच जाए और इसके निमित्त जनसाधारण के लिए बोधगम्य भाषा का प्रयोग किया जाए, जिसमें स्वभावतः अर्थानुगामी दृष्टिकोण को प्रधानता मिली । [[जान वाइक्लिफ]] (१३३०-८४) तथा [[विलियम टिन्डेल|विलियम टिंडल]] (१४९४-१९३६) ने इस प्रवृत्ति का समर्थन किया। बोधगम्य तथा सुन्दर भाषा में, तथा शैली एवं अर्थ के मध्य सामञ्जस्य की रक्षा करते हुए, बाइबिल के अनुवाद की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिला, जिसमें मार्टिन लूथर (१५३०) का योगदान उल्लेखनीय रहा। तृतीय धारा शिक्षाक्रम में अनुवाद के योगदान से सम्बन्धित रही है। [[क्विटिलियन]] (प्रथम शताब्दी) ने अनुवाद तथा समभाषी व्याख्यात्मक शब्दान्तरण की उपयोगिता को लेखन अभ्यास तथा भाषण-दक्षता विकसित करने के सन्दर्भ में देखा। जिसका मध्यकालीन यूरोप में अधिक प्रसार हुआ । इससे स्थानीय भाषाओं का स्तर ऊपर उठा तथा उनकी अभिव्यक्ति सामर्थ्य में वृद्धि भी हुई । समृद्ध और विकसित भाषाओं से विकासशील भाषाओं में अनुवाद की प्रवृत्ति [[मध्यकालीन यूरोप]] के साहित्यिक जगत् की एक प्रमुख प्रवृत्ति है, जिसे ऊर्ध्वस्तरी आयाम की प्रवृत्ति कहा गया और इसी समय प्रचलित समान रूप से विकसित या अविकसित भाषाओं के मध्य अनुवाद की प्रवृत्ति को समस्तरी आयाम की प्रवृत्ति के रूप में देखा गया। मध्यकालीन यूरोप के आरम्भिक सिद्धान्तकारों में फ्रेंच विद्वान ई० दोलेत (१५०९-४६) ने १५४० में प्रकाशित निबन्ध में अनुवाद के पाँच विधि-निषेध प्रस्तावित किए : :(क) अनुवादक को मूल लेखक की भाषा की पूरा ज्ञान हो, परन्तु वह चाहे तो मूलभाषा की दुर्बोधता और अस्पष्टता को दूर कर सकता है। :(ख) अनुवादक का मूलभाषा और लक्ष्यभाषा का पूर्ण ज्ञान हो; :(ग) अनुवादक शब्द-प्रति-शब्द अनुवाद से बचे; :(घ) अनुवादक दैनन्दिन के व्यवहार की भाषा का प्रयोग करे; :(ङ) अनुवादक ऐसा शब्दचयन तथा शब्दविन्यास करे कि उचित प्रभाव की निष्पत्ति हो। [[जार्ज चैपमन]] (१५५९-१६३४) ने भी इसी प्रकार '[[इलियड]]' के सन्दर्भ में अनुवाद के तीन सूत्र प्रस्तावित किए : :(क) शब्द-प्रति-शब्द अनुवाद से बचा जाए; :(ख) मूल की भावना पर्यन्त पहुँचने का प्रयास किया जाए; :(ग) अनुवाद, विद्वत्ता के स्पर्श के कारण अति शिथिल न हो । यूरोप के पुनर्जागरण युग में अनुवाद की धारा एक गौण प्रवृत्ति रही । इस युग के अनुवादकों में अर्थ की प्रधानता के साथ पाठक के हितों की रक्षा की प्रवृत्ति दिखाई देती है । [[हालैण्ड]] (१५५२-१६३७) के अनुवाद में मूलपाठ के अर्थ में परिवर्तन-परिवर्धन द्वारा अनूदित पाठ के संस्कार की झलक दीखती है। सत्रहवीं शताब्दी में इंग्लैण्ड में सर जान डेनहम (१६१५-६९) ने कविता के अनुवाद में शब्दानुगामी होने की प्रवृत्ति का विरोध किया और मूल पाठ के केन्द्रीय तत्त्व को ग्रहण कर लक्ष्यभाषा में उसके पुनस्सर्जन की बात कही; उसे 'अनुसर्जन' (ट्रांसक्रिएशन) कहा जाने लगा। इस अविध में [[जॉन ड्राइडेन|जान ड्राइडन]] (१६३१-१७००) ने महत्त्वपर्ण विचार प्रकट किए। उन्होंने अनुवाद कार्य की तीन कोटियाँ निर्धारित की : :(क) शब्द-प्रति-शब्द अनुवाद (मेटाफ्रेझ); :(ख) अर्थानुगामी अनुवाद (पैराफ्रेझ), :(ग) अनुकरण (इमिटेशन) । ड्राइडन के अनुसार (क) और (ख) के मध्य का मार्ग अवलम्बन योग्य है । उनके अनुसार कविता के अनुवाद में अनुवादक को दोनों भाषाओं पर अधिकार हो, उसे मूल लेखक के साहित्यिक गुणों और उसकी 'भावना' का ज्ञान हो, तथा वह अपने समय के साहित्यिक आदर्शों का पालन करे। अलेग्जेंडर पोप (१६८८-१७४४) ने भी डाइडन के समान ही विचार प्रकट किए । अठारहवीं शताब्दी में अनुवाद की अतिमूलनिष्ठता तथा अतिस्वतन्त्रता के विवाद से एक सोपान आगे बढ़कर एक समस्या थी कि अपने समकालीन पाठक के प्रति अनुवादक का कर्तव्य । पाठक की ओर अत्यधिक झुकाव के कारण अनूदित पाठ का स्वरूप मूल पाठ से काफी दूर पड़ जाता था। इस पर डॉ. सैम्युएल जानसन (१७०९-८४) ने कहा कि, अनुवाद में मूलपाठ की अपेक्षा परिवर्धन के कारण उत्पन्न परिष्कृति का स्वागत किया जा सकता है, परन्तु मूलपाठ की हानि न हो ये ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार लेखक अपने समकालीन पाठक के लिए लिखता है, उसी प्रकार अनुवादक भी अपने समकालीन पाठक के लिए अनुवाद करता है । डॉ. जानसन की सम्मति में अनुवाद की मूलनिष्ठता तथा पाठकधर्मिता में सन्तुलन मिलता है । उन्होंने अनुवादक को ऐसा चित्रकार या अनुकर्ता कहा जो मूल के प्रति निष्ठावान होते हुए भी उद्दिष्ट दर्शक के हितों का ध्यान रखता है । [[एलेग्जेंडर फ्रेजर टिटलर]] की पुस्तक 'प्रिंसिपल्स आफ ट्रांसलेशन' (१७९१) अनुवाद सिद्धान्त पर पहली व्यवस्थित पुस्तक मानी जाती है । टिटलर ने तीन अनुवाद सूत्र प्रस्तावित किए : :(क) अनुवाद में मूल रचना के भाव का पूरा अनुरक्षण हो; :(ख) अनुवाद की शैली मूल के अनुरूप हो; :(ग) अनुवाद में मूल वाली सुबोधता हो। टिटलर ने ही यह कहा कि, अनुवाद में मूल की भावना इस प्रकार पूर्णतया सङ्क्रान्त हो जाए कि उसे पढकर पाठकों को उतनी ही तीव्र अनुभूति हो, जितनी मूल के पाठकों को हुई थी; प्रभावसमता का सिद्धान्त यही है । उन्नीसवीं शताब्दी में रोमांटिक तथा उत्तर-रोमांटिक युगों में अनुवाद चिन्तन पर तत्कालीन काव्यचिन्तन का प्रभाव दिखाई देता है । ए० डब्ल्यू० श्लेगल ने सब प्रकार के मौखिक एवं लिखित भाषा व्यवहार को अनुवाद की संज्ञा दी (तुलना करें, आधुनिक चिन्तन में 'अन्तर संकेतपरक अनुवाद' से), तथा मूल के गठन को संरक्षित रखने पर बल दिया । इस युग में एक ओर तो अनुवादक को सर्जनात्मक लेखक के तुल्य समझने की प्रवृत्ति दिखाई देती है, तो दूसरी ओर अनुवाद को शब्दानुगामी बनाने पर बल देने की बात कही गई । कुछ विद्वानों ने अनुवाद की भिन्न उपभाषा होने का चर्चा की जो उपर्युक्त मान्यताओं से मेल खाती है। विक्टोरियन धारा के अनुवादक इस बात के लिए प्रयत्नशील रहे कि देश और काल की दूरी को अनुवाद में सुरक्षित रखा जाए – विदेशी भाषाओं की प्राचीन रचनाओं के अनुवाद में विदेशीयता और प्राचीनता की हानि न हो - जिसके फलस्वरूप शब्दानुगामी अनुवाद की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिला । लौंगफेलो (१८०७-८१) इसके समर्थक थे । परन्तु उमर खैयाम की रुबाइयों के अनुवादक फिटजेरल्ड (1809-63) के विचार इसके विपरीत थे । वे इस मान्यता के समर्थक थे कि, अनुवाद के पाठक को मूल भाषा पाठ के निकट लाने के स्थान पर मूलभाषा पाठ की सांस्कृतिक विशेषताओं को लक्ष्यभाषा में इस प्रकार प्रस्तुत किया जाए कि, वह लक्ष्यभाषा का अपनी सजीव सम्पत्ति प्रतीत हो, तथा इस प्रक्रिया में मूलभाषा से अनुवाद की बढ़ी हुई दूरी की उपेक्षा कर दी जाए । बीसवीं सदी के पूर्वार्ध में दो-तीन अनुवाद चिन्तक उल्लेखनीय हैं । क्रोचे तथा वेलरी ने अनुवाद की सफलता, विशेष रूप से कविता के अनुवाद की सफलता, में सन्देह व्यक्त किये हैं। मैथ्यू आर्नल्ड ने [[होमर]] की कृतियों के अनुवाद में सरल, प्रत्यक्ष और उदात्त शैली को अपनाने पर बल दिया। इस प्रकार आधुनिक भाषाविज्ञान के उदय से पूर्व की अवधि में अनुवाद चिन्तन प्रायः दो विरोधात्मक मान्यताओं के चारों ओर घूमता रहा। वो दो मान्यताएँ इस प्रकार हैं - :(१) अनुवाद शब्दानुगामी हो या स्वतन्त्र हो, :(२) अनुवाद अपनी आन्तरिक प्रकृति की दृष्टि से असम्भव है, परन्तु सामाजिक दृष्टि से नितान्त आवश्यक । इस अवधि के अनुवाद चिन्तन में कुल मिलाकर सङ्घटनात्मक तथा विभेदात्मक दृष्टियों का सन्तुलन देखा जाता रहा - संघटनात्मक दृष्टि से अनुवाद सिद्धान्त का ऐसा स्वरूप अभिप्रेत है जो सामान्य कोटि का हो, तथा विभेदात्मक दृष्टि में पाठों की प्रकृतिगत विभिन्नता के आधार पर अनुवाद की प्रणाली में आवश्यक परिवर्तन की चर्चा का अन्तर्भाव है । विद्वानों ने इस अवधि में अमूर्त चिन्तन तो किया परन्तु वे अनुवाद प्रणाली का सोदाहरण पल्लवन नहीं कर पाए । मूलपाठ के अन्तर्ज्ञानमूलक बोधन से वे विश्लेषणात्मक बोधन के लक्ष्य की ओर तो बढे परन्तु उसके पीछे सुनिश्चित सिद्धान्त की भूमिका नहीं रही। ऐसे चिन्तकों में अनुवादकों के अतिरिक्त साहित्यकार तथा साहित्य-समीक्षक ही अधिक थे, भाषाविज्ञानी नहीं । इसके अतिरिक्त वे एक-दूसरे के चिन्तन से परिचित हों, ऐसा भी प्रतीत नहीं होता था। आधुनिक [[भाषाविज्ञान का इतिहास|भाषाविज्ञान]] का उदय यद्यपि बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में हुआ, परन्तु अनुवाद सिद्धान्त की प्रासंगिकता की दृष्टि से उत्तरार्ध की अवधि का महत्त्व है । इस अवधि में भाषाविज्ञान से परिचित अनुवादकों तथा भाषाविज्ञनियों का ध्यान अनुवाद सिद्धान्त की ओर आकृष्ट हुआ । संरचनात्मक भाषाविज्ञान का विकास, अर्थविज्ञान की प्रगति, सम्प्रेषण सिद्धान्त तथा भाषाविज्ञान का समन्वय, तथा अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान की विभिन्न शाखाओं - समाजभाषाविज्ञान, शैलीविज्ञान, मनोभाषाविज्ञान, प्रोक्ति विश्लेषण - का विकास, तथा सङ्केतविज्ञान, विशेषतः पाठ संकेतविज्ञान, का उदय ऐसी घटनाएँ मानी जाती हैं, जो अनुवाद सिद्धान्त को पुष्ट तथा विकसित करने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जाती रही। आङ्ग्ल-अमरीकी धारा में एक विद्वान् यूजेन नाइडा भी माने जाते हैं। उन्होंने बाइबिल-अनुवाद के अनुभव के आधार पर अनुवाद सिद्धान्त और व्यवहार पर अपने विचार ग्रन्थों के रूप में प्रकट किए (१९६४-१९६९) । इनमें अनुवाद सिद्धान्त का विस्तृत, विशद तथा तर्कसङ्गत रूप देखने को मिलता है। नाइडा ने अनुवाद प्रक्रिया का विवरण देते हुए मूलभाषा पाठ के विश्लेषण के लिए एक सुनिश्चित भाषासिद्धान्त प्रस्तुत किया तथा लक्ष्यभाषा में सङ्क्रान्त सन्देश के पुनर्गठन के विभिन्न आयाम निर्धारित किए। उन्होंने अनुवाद की स्थिति से सम्बद्ध दोनों भाषाओं के बीच विविधस्तरीय समायोजनों का विवरण प्रस्तुत किया । अन्य विद्वान् कैटफोर्ड (१९६५) हैं, जिनके अनुवाद सिद्धान्त में संरचनात्मक भाषाविज्ञान के अनुप्रयोग का उदाहरण मिलता है । उन्होंने शुद्ध भाषावैज्ञानिक आधार पर अनुवाद के प्रारूपो का निर्धारण किया, अनुवाद-परिवृत्ति का भाषावैज्ञानिक विवरण दिया, तथा अनुवाद की सीमाओं पर विचार किया । तीसरे प्रभावशाली विद्वान् पीटर न्युमार्क (1981) हैं जिन्होंने सुगठित और घनिष्ठ शैली में अनुवाद सिद्धान्त का तर्कसङ्गत तथा गहन विवेचन प्रस्तुत करने का प्रयास किया । वे अपने विचारों को उपयुक्त उदाहरणों से स्पष्ट करते चलते हैं। उन्होंने नाइडा के विपरीत, पाठ प्ररूपभेद के अनुसार विशिष्ट अनुवाद प्रणाली की मान्यता प्रस्तुत की । उनका अनुवाद सिद्धान्त को योगदान है कि, अनुवाद की अर्थकेन्द्रित (मूलभाषापाठ केन्द्रित) तथा सम्प्रेषण केन्द्रित (अनुवाद के पाठक पर केन्द्रित) प्रणाली की सङ्कल्पना । उन्होंने पाठ विश्लेषण, सन्देशान्तरण तथा लक्ष्यभाषा में अभिव्यक्ति की स्थितियों में सम्बन्धित अनेक अनुवाद सूत्र प्रस्तुत किए; यह भी इनका एक उल्लेखनीय वैशिष्ट्य माना जाता है। यूरोपीय परम्परा में [[जर्मन भाषा]] का लीपझिग स्कूल प्रभावशाली माना जाता है । इसकी मान्यता है कि, सब प्रकार के अनुभवों का अनुवाद सम्भव है । यह स्कूल पाठ के संज्ञानात्मक (विकल्पनरहित) तथा सन्दर्भपरक (विकल्पनशील) अङ्गों में अन्तर मानता है तथा रूपान्तरण व्याकरण और पाठसंकेतविज्ञान का भी उपयोग करता है । इस शाला ने साहित्येतर पाठों के अनुवाद पर अधिक ध्यान केन्द्रित किया । वस्तुतः अनवाद सिद्धान्त पर सबसे अधिक साहित्य जर्मन भाषा में मिलता है ऐसा माना जाता है । रूसी परम्परा में फेदोरोव अनुवाद सिद्धान्त को स्वतन्त्र भाषिक अनुशासन मानते हैं । कोमिसारोव ने अनुवाद सम्बन्धी समस्याओं की चर्चा निम्नलिखित शीर्षकों से की : :(क) अनुवाद सिद्धान्त का प्रतिपाद्य, उद्देश्य तथा अनुवाद प्रणाली, :(ख) अनुवाद का सामान्य सिद्धान्त, :(ग) अनुवादगत मूल्यसमता, :(घ) अनुवाद प्रक्रिया, :(ङ) अनुवादक की दृष्टि से भाषाओं का व्यतिरेकी विश्लेषण। [[यान्त्रिक अनुवाद]], आधुनिक युग की एक मुख्य गतिविधि है । यन्त्र की आवश्यकताओं के अनुसार भाषा के भाषावैज्ञानिक विश्लेषण के प्रारूप तैयार किए गए हैं, तथा विशेषतया प्रौद्योगिकीय पाठों के अनुवाद में सङ्गणक से सहायता ली गई है। [[भोलानाथ तिवारी]] के अनुसार द्विभाषिक शब्द-संग्रह में तो संगणक बहुत सहायक है ही; अब अनुवाद के क्षेत्र में इसकी सम्भावनाएँ निरन्तर बढ़ती जा रही हैं।<ref>अनुवाद सिद्धान्त और प्रयोग, भोलानाथ तिवारी १९७२ : २०२-१४</ref> == अनुवाद की प्रक्रिया == सैद्धान्तिक दृष्टि से '[[अनुवाद]] कैसे होता है' का निर्वैयक्तिक विवरण ही '''अनुवाद की प्रक्रिया''' है । भाषा व्यवहार की एक विशिष्ट विधा के रूप में अनुवाद प्रक्रिया का स्पष्टीकरण एक ऐसी दृष्टि की अपेक्षा रखता है, जिसमें अनुवाद कार्य सम्बन्धी बहिर्लक्षी परिस्थतियों और भाषा-संरचना एवं भाषा-प्रयोग सम्बन्धी अन्तर्लक्षी स्थितियों का सन्तुलन हो । उपर्युक्त परिस्थितियों से सम्बन्धित सैद्धान्तिक प्रारूपों के सन्दर्भ में यह स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना आधुनिक अनुवाद सिद्धान्त का वैशिष्ट्य माना जाता है । तदनुसार चिन्तन के अंग के रूप में अनुवाद की इकाई, अनुवाद का पाठक, और कला, कौशल (या शिल्प) एवं विज्ञान की दृष्टि से अनुवाद के स्वरूप पर दृष्टिपात के साथ साथ अनुवाद की प्रक्रिया का विशद विवरण किया जाता है। === अनुवाद की इकाई === सामान्यतः सन्देश का अनुवाद किया जाता है : अतः अनुवाद की इकाई भी सन्देश को माना जाता है। विभिन्न प्रकार के अनुवादों में सन्देश की अभिव्यञ्जक भाषिक इकाई का आकार भी भिन्न-भिन्न रहता है। यान्त्रिक अनुवाद में एक रूप या पद अनुवाद की इकाई होती है, परन्तु मानव अनुवाद में इकाई का आकार अधिक विशाल होता है । इसी प्रकार आशु मौखिक अनुवाद (अनुभाषण) में यह इकाई एक वाक्य होती है, तो लिखित अनुवाद में इकाई का आकार वाक्य से बड़ा होता है (और क्रमिक मौखिक अनुवाद की इकाई भी एक वाक्य होती है, कभी एकाधिक वाक्यों का समुच्चय भी)। लिखित माध्यम के मानव अनुवाद में, अनुवाद की इकाई एक पाठ को माना जाता है । अनुवादक पाठ स्तर के सन्देश का अनुवाद करते हैं । पाठ के आकार की सीमा एक वाक्य से लेकर एक सम्पूर्ण पुस्तक या पुस्तकों के एक विशिष्ट समूह पर्यन्त कुछ भी हो सकती है, परन्तु एक सन्देश उसमें अपनी पूर्णता में अभिव्यक्त हो जाता हो ये आवश्यक है। उदाहरण के लिए, किसी सार्वजनिक सूचना या निर्देश का एक वाक्य ही पूर्ण सन्देश बन सकता है। जैसे 'प्रवेश वर्जित' है। दूसरी ओर 'रंगभूमि' या 'कामायनी' की पूरी पुस्तक ही पाठ स्तर की हो सकती है। भौतिक सुविधा की दृष्टि से अनुवादक पाठ को तर्कसंगत खण्डों में बाँटकर अनुवाद कार्य करते हैं, ऐसे खण्डों को अनुवादक पाठांश कह सकते हैं अथवा तात्कालिक सन्दर्भ में उन्हें ही पाठ भी कहा जाता है। इन्हें अनुवादक अनुवाद की तात्कालिक इकाई कहते हैं तथा सम्पूर्ण पाठ को अनुवाद की पूर्ण इकाई। ==== पाठ की संरचना ==== पाठ की संरचना का ज्ञान, अनुवाद प्रक्रिया को समझने में विशेष सहायक माना जाता है । पाठ संरचना के तीन आयाम माने गये हैं - '''पाठगत, पाठसहवर्ती तथा अन्य पाठपरक''' । संकेतविज्ञान की मान्यता के अनुसार तीनों का समकालिक अस्तित्व होता है तथा ये तीनों अन्योन्याश्रित होते हैं । ===== पाठगत आयाम ===== पाठगत (पाठान्तर्वर्ती) आयाम पाठ का आन्तरिक आयाम है, जिसमें उसके भाषा पक्ष का ग्रहण होता है । दोनों ही स्थितियों में सुगठनात्मकता पाठ का आन्तरिक गुण है। पाठ की पाठगत संरचना के दो पक्ष हैं - (१) वाक्य के अन्तर्गत आने वाली इकाइयों का अधिक्रम, (२) भाषा-विश्लेषण के विभिन्न स्तरों पर, अनुभव होने वाली संसक्ति । वाक्य की इकाइयाँ, वाक्य, उपवाक्य, पदबन्ध, पद और रूप (प्रत्यय) इस अधिक्रम में संयोजित होती हैं, परन्तु पाठ की दृष्टि से यह बात महत्त्वपूर्ण है कि एक से अधिक वाक्यों वाले पाठ के वाक्य अन्तरवाक्ययोजकों द्वारा इस प्रकार समन्वित होते हैं कि, पूरे पाठ में संसक्ति का गुण अनुभव होने लगता है । परन्तु संसक्ति तत्पर्यन्त सीमित नहीं । उसे हम पाठ विश्लेषण के विभिन्न स्तरों पर भी अनुभव कर सकते हैं । तदनुसार सन्दर्भगत संसक्ति, शब्दगत संसक्ति, और व्याकरणिक संसक्ति की बात की जाती है । ===== पाठसहवर्ती आयाम ===== पाठसहवर्ती आयाम में पाठ की विषयवस्तु, उसकी विशिष्ट विधा, उसका सामाजिक-सांस्कृतिक पक्ष, पाठ के समय या लेखक का अभिव्यक्तिपरक विशिष्ट आशय, उद्दिष्ट पाठक का सामाजिक व्यक्तित्व और उसकी आवश्यकता आदि का अन्तर्भाव होता है । पाठसहवर्ती आयाम के उपर्युक्त पक्ष परस्पर इस प्रकार सुबद्ध रहते हैं कि सम्पूर्ण पाठ एकान्वित इकाई के रूप में अनुभव होता है । यह स्पष्टतया माना जाता है कि, पाठ में पाठगत आयाम से ही पाठसहवर्ती आयाम की अभिव्यक्ति होती है और पाठसहवर्ती आयाम से पाठगत आयाम अनुशासित होता है। इस प्रकार ये दोनों अन्योंन्याश्रित हैं । पाठभेद से सुगठनात्मकता की गहनता में भी अन्तर आ जाता है - अनुभवी पाठक अपने अभ्यासपुष्ट अन्तर्ज्ञान से ग्रहण करता है । तदनुसार, साहित्यिक रचना में सुगठनात्मकता की जो गहनता उपलब्ध होती है वह अन्तिम विवरण में अनुभूत नहीं होती। ===== पाठपरक आयाम ===== पाठ संरचना के अन्य पाठपरक आयाम में एक विशिष्ट पाठ की, उसके समान या भिन्न सन्दर्भ वाले अन्य पाठों से सम्बन्ध की चर्चा होती है। उदाहरण के लिए, एक वस्त्र के विज्ञापन की भाषा की, प्रसाधन सामग्री के विज्ञापन की भाषा से प्रयोग शैली की दृष्टि से जो समानता होगी तथा बैंकिग सेवा के विज्ञापन से जो भिन्नता होगी वो सम्बन्ध पर चर्चा की जाती है। === विभिन्न प्रारूप === इस में अनुवाद प्रक्रिया के प्रमुख प्रारूपों की प्रक्रिया सम्बन्धी चिन्तन के विभिन्न पक्षों को जानने के लिये चर्चा होती है। प्रारूपकार प्रायः अपनी अनुवाद परिस्थितियों तथा तत्सम्बन्धी चिन्तन से प्रेरित होने के कारण प्रक्रिया के कुछ ही पक्षों पर विशेष बल दे पाते हैं । सर्वांगीणता में इस न्यूनता की पूर्ति इस रूप में हो जाती है कि, विवेचित पक्ष के सम्बन्ध में पर्याप्त जानकारी मिल जाती है । इस दृष्टि से बाथगेट (१९८१) द्रष्टव्य है । अनुवाद प्रक्रिया के प्रारूपों की रचना के पीछे दो प्रेरक तत्त्व प्रधान रूप से माने जाते हैं - मानव अनुवादकों का प्रशिक्षण तथा यन्त्र अनुवाद का यान्त्रिक पक्ष। इन दोनों की आवश्यकताओं से प्रेरित होकर अनुवाद प्रक्रिया के सैद्धान्तिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए गए । बहुधा केवल मानव अनुवादकों के प्रशिक्षण की आवश्यकता से प्रेरित अनुवाद प्रक्रिया प्रारूपों से होती है। अनुप्रयोगात्मक आयाम में इनकी उपयोगिता स्पष्ट की जाती है । ==== सामान्य सन्दर्भ ==== अनुवाद प्रक्रिया का केन्द्र बिन्दु है लक्ष्यभाषा में मूलभाषा पाठ के अनुवाद पर्याय प्रस्तुत करना । यह प्रक्रिया एकपक्षीय होती है - मूलभाषा से लक्ष्यभाषा में । परन्तु भाषाओं की यह स्थिति अन्तःपरिवर्त्य होती है - जो प्रथम बार में मूलभाषा है, वह द्वितीय बार में लक्ष्यभाषा हो सकती है । इस प्रक्रिया को सम्प्रेषण सिद्धान्त से समर्थित मानचित्र द्वारा भी समाझाया जाता है, जो निम्न प्रकार से है (न्यूमार्क १९६९) : (१) वक्ता/लेखक का विचार → (२) मूलभाषा की अभिव्यक्ति रुढियाँ → (३) मूलभाषा पाठ → (४) प्रथम श्रोता/पाठक की प्रतिक्रिया → (५) अनुवादक का अर्थबोध → (६) लक्ष्यभाषा की अभिव्यक्ति रुढियाँ → (७) लक्ष्यभाषा पाठ → (८) द्वितीय श्रोता/पाठक की प्रतिक्रिया इस प्रारूप के अनुसार अनुवाद प्रक्रिया के कुल आठ सोपान हो सकते हैं । लेखक या वक्ता के मन में उठने वाला विचार मूलभाषा की अभिव्यक्ति रूढियों में बँधकर मूलभाषा के पाठ का आकार ग्रहण करता है, जिससे पहले (मूलभाषा के) श्रोता या पाठक के मन में वक्ता/लेखक के विचार के अनुरूप प्रतिक्रिया प्रकट होती है । तत्पश्चात् अनुवादक अपनी प्रतिभा, भाषाज्ञान और विषयज्ञान के अनुसार मूलभाषा के पाठ का अर्थ समझकर लक्ष्यभाषा की अभिव्यक्ति रूढ़ियों का पालन करते हुए लक्ष्यभाषा के पाठ का सर्जन करता है, जिसे दूसरा (लक्ष्यभाषा का) पाठक ग्रहण करता है । इस व्याख्या से स्पष्ट होता है कि सं० ५, अर्थात् अनुवादक का सं० ३, ४ और १ इन तीनों से सम्बन्ध है । वह मूलभाषा के पाठ का अर्थबोध करते हुए पहले पाठक के समान आचरण करता है, और मूलभाषा का पाठ क्योंकि वक्ता/लेखक के विचार का प्रतीक होता है, अतः अनुवादक उससे भी जुड़ जाता है । इसी प्रारूप को विद्वानों ने प्रकारान्तर से भी प्रस्तुत किया है । उदारण के लिये नाइडा, न्यूमार्क, और बाथगेट के अंशदानों की चर्चा की जाती है। == नाइडा का चिन्तन == नाइडा (१९६४) के अनुसार <ref name="Pandey2007">{{cite book|author=Kailash Nath Pandey|title=Prayojanmulak Hindi Ki Nai Bhumika|url=https://books.google.com/books?id=xBpEuN9CsTMC&pg=PP1|year=2007|publisher=Rajkamal Prakashan Pvt Ltd|isbn=978-81-8031-123-9|pages=1–}}</ref> ये अनुवाद पर्याय जिस प्रक्रिया से निर्धारित होते हैं, उसके दो रूप हैं : प्रत्यक्ष और परोक्ष । इन दोनों में आधारभूत अन्तर है । प्रत्यक्ष प्रक्रिया के प्रारूप के अनुसार मूल पाठ की बाह्यतलीय संरचना के स्तर पर उपलब्ध भाषिक इकाइयों के लक्ष्यभाषा में अनुवाद पर्याय निश्चित होते हैं; और अनुवाद प्रक्रिया एक क्रमबद्ध प्रक्रिया है, जिसमें मूल पाठ के प्रत्येक अंश का अनुवाद होता है । इस प्रक्रिया में एक मध्यवर्ती स्थिति भी होती है जिसमें एक निर्विशेष और सार्वभौम भाषिक संरचना रहती है; इसका केवल सैद्धान्तिक महत्त्व है । इस प्रारूप की मान्यता के अनुसार, अनुवादक मूलभाषा पाठ के सन्देश को सीधे लक्ष्यभाषा में ले जाता है; वह इन दोनों स्थितियों में मूलभाषा पाठ और लक्ष्यभाषा पाठ की बाह्यतलीय संरचना के स्तर पर ही रहता है । अनुवाद-पर्यायों के चयन और प्रस्तुतीकरण का कार्य एक स्वचालित प्रक्रिया के समान होता है । नाइडा ने एक आरेख के द्वारा इसे स्पष्ट किया है : <poem> क ---------------- (य) ---------------- ख </poem> इसमें 'क' मूलभाषा है, 'ख' लक्ष्यभाषा है, और '(य)' वह मध्यवर्ती संरचना है, जो दोनों भाषाओं के लिए समान होती है और जो अनुवाद को सम्भव बनाती है; यहाँ दोनों भाषाएँ एक-दूसरे के साथ इस प्रकार सम्बद्ध हो जाती हैं कि उनका अपना वैशिष्ट्य कुछ समय के लिए लुप्त हो जाता है । परोक्ष प्रक्रिया के प्रारूप में धारणा यह है कि अनुवादक पाठ की बाह्यतलीय संरचना पर्यन्त सीमित रहकर आवश्यकतानुसार, अपि तु प्रायः सदा, पाठ की गहन संरचना में भी जाता है और फिर लक्ष्यभाषा में उपयुक्त अनुवाद पर्याय प्रस्तुत करता है । वस्तुतः इस प्रारूप में पूर्ववर्णित प्रत्यक्ष प्रक्रिया प्रारूप का अन्तर्भाव हो जाता है; दोनों में विरोध नहीं है। प्रत्यक्ष प्रक्रिया प्रारूप की यह नियम है कि अनुवाद कार्य बाह्यतलीय संरचना के स्तर पर ही हो जाता है, जबकि परोक्ष प्रक्रिया के अनुसार अनुवाद कार्य प्रायः पाठ की गहन संरचना के माध्यम से होता है, यद्यपि इस बात की सदा सम्भावना रहती है कि भाषा में मूलभाषा के अनेक अनुवाद पर्याय बाह्यतलीय संरचना के स्तर पर ही मिल जाएँ। नाइडा परोक्ष प्रक्रिया प्रारूप के समर्थक हैं । निम्नलिखित आरेख द्वारा वे इसे स्पष्ट करने का प्रयास करते हैं - <code> क (मूलभाषा पाठ) ख (लक्ष्यभाषा पाठ) | ↑ | | | | ↓ ↑ (विश्लेषण) (पुनर्गठन) | | | | ↓ ↑ य ———————————— संक्रमण ——————————— र य = मूलभाषा का गहनस्तरीय विश्लेषित पाठ र = लक्ष्यभाषा में सङ्क्रान्त गहनस्तरीय (और समसंरचनात्मक) पाठ </code> नाइडा के अनुसार अनुवाद प्रक्रिया के वास्तव में तीन सोपान होते हैं- (१) अनुवादक सर्वप्रथम मूलभाषा के पाठ का विश्लेषण करता है; पाठ की व्याकरणिक संरचना तथा शब्दों एवं शब्द श्रृङ्खलाओं का अर्थगत विश्लेषण कर वह मूलपाठ के सन्देश को ग्रहण करता है । इसके लिए वह भाषा-सिद्धान्त पर आधारित भाषा-विश्लेषण की तकनीकों का उपयुक्त रीति से अनुप्रयोग करता है । विशेषतः असामान्य रूप से जटिल तथा दीर्घ और अनेकार्थ वाक्यों और वाक्यांशों/पदबन्धों के अर्थबोधन में हो सकने वाली कठिनाइयों का हल करने में मूलपाठ का विश्लेषण सहायक रहता है। (२) अर्थबोध हो जाने के पश्चात् सन्देश का लक्ष्यभाषा में संक्रमण होता है । यह प्रक्रिया अनुवादक के मस्तिष्क में होती है । इसमें मूलपाठ के लक्ष्यभाषागत अनुवाद-पर्याय निर्धारित होते हैं तथा दोनों भाषाओं के मध्य विभिन्न स्तरों और श्रेणियों में सामञ्जस्य स्थापित होता है । (३) अन्त में अनुवादक मूलभाषा के सन्देश को लक्ष्य भाषा में उसकी संरचना एवं प्रयोग नियमों तथा विधागत रूढ़ियों के अनुसार इस प्रकार पुनर्गठित करता है कि वह लक्ष्यभाषा के पाठक को स्वाभाविक प्रतीत होता है या कम से कम अस्वाभाविक प्रतीत नहीं होता । === विश्लेषण === अनुवाद प्रक्रिया के स्पष्टीकरण के सन्दर्भ में नाइडा ने मूलपाठ के विश्लेषण के लिए एक सुनिश्चित भाषा सिद्धान्त तथा विश्लेषण की रूपरेखा प्रस्तुत की है। उनके अनुसार भाषा के दो पक्षों का विश्लेषण अपेक्षित है - व्याकरण तथा शब्दार्थ । नाइडा व्याकरण को केवल वाक्य अथवा निम्नतर श्रेणियों - उपवाक्य, पदबन्ध आदि - के गठनात्मक विश्लेषण पर्यन्त सीमित नहीं मानते । उनके अनुसार व्याकरणिक गठन भी एक प्रकार से अर्थवान् होता है । उदाहरण के लिए, कर्तृवाच्य संरचना और कर्मवाच्य/भाववाच्य संरचना में केवल गठनात्मक अन्तर ही नहीं, अपितु अर्थ का अन्तर भी है । इस सम्बन्ध में उन्होंने अनेकार्थ संरचनाओं की ओर विशेष रूप से ध्यान खींचा है। उदाहरण के लिए, 'यह राम का चित्र है' इस वाक्य के निम्नलिखित तीन अर्थ हो सकते हैं : :(१) यह चित्र राम ने बनाया है। :(२) इस चित्र में राम अंकित है। :(३) यह चित्र राम की सम्पत्ति है। ये तीनों वाक्य, नाइडा के अनुसार, बीजवाक्य या उपबीजवाक्य हैं, जिनका निर्धारण अनुवर्ति रूपान्तरण की विधि से किया गया है । बाह्यस्तरीय संरचना पर इन तीनों वाक्यों का प्रत्यक्षीकरण 'यह राम का चित्र है' इस एक ही वाक्य के रूप में होता है । नाइडा ने उपर्युक्त रूपान्तरण विधि का विस्तार से वर्णन किया है । उनकी रूपान्तरण विषयक धारणा चाम्स्की के रूपान्तरण-प्रजनक व्याकरण की धारणा के समान कठोर तथा गठनबद्ध नहीं, अपि तु अनुप्रयोग की प्रकृति तथा उसके उद्देश्य के अनुरूप लचीली तथा अन्तर्ज्ञानमलक है । इसी प्रकार उन्होंने शब्दार्थ की दो कोटियों - वाच्यार्थ और लक्ष्य-व्यंग्यार्थ- का वर्णनात्मक विश्लेषण किया है । यह ध्यान देने योग्य है कि, नाइडा ने विश्लेषण की उपर्युक्त प्रणाली को मूलभाषा पाठ के अर्थबोधन के साधन के रूप में प्रस्तुत किया है । उनका बल मूलपाठ के अर्थ का यथासम्भव पूर्ण और शुद्ध रीति से समझने पर रहा है । उनकी प्रणाली बाइबिल एवं उसके सदृश अन्य प्राचीन ग्रन्थों की भाषा के विश्लेषणात्मक अर्थबोधन के लिए उपयुक्त माना जाता है; यद्यपि उसका प्रयोग अन्य और आधुनिक भाषाभेदों के पाठों के अर्थबोधन के लिए भी किया जा सकता है । === सङ्क्रमण === विश्लेषण की सहायता से हुए अर्थबोध का लक्ष्यभाषा में संक्रान्त अनुवाद-प्रक्रिया का केन्द्रस्थ सोपान है। अनुवादकार्य में अनुवादक को विश्लेषण और पुनर्गठन के दो ध्रुवों के मध्य गति करते रहना होता है, परन्तु यह गति संक्रमण मध्यवर्ती सोपान के मार्ग से होती है, जहाँ अनुवादक को (क्षण भर के लिए रुकते हुए) पुनर्गठन के सोपान के अंशो को और अधिक स्पष्टता से दर्शन होता है । संक्रमण की यह प्रक्रिया अनुवादक के मस्तिष्क में तथा अपनी प्रकृति से त्वरित तथा अन्तर्ज्ञानमूलक होती है । अनुवाद प्रक्रिया में अनुवादक के व्यक्तित्व की संगति इस सोपान पर है । विश्लेषण से प्राप्त भाषिक तथा सम्प्रेषण सम्बन्धी तथ्यों का, उपयुक्त अनुवाद-पर्याय स्थिर करने में, अनुवादक जैसा उपयोग करता है, उसी में उसकी कुशलता निहित होती है । विश्लेषण तथा पुनर्गठन के सोपानों पर एक अनुवादक अन्य व्यक्तियों से भी कभी कुछ सहायता ले सकता है, परन्तु संक्रमण के सोपान पर वह एकाकी ही होता है । संक्रमण के सोपान पर विचारणीय बातें दो हैं - अनुवादक का अपना व्यक्तित्व तथा मूलभाषा एवं लक्ष्यभाषा के बीच संक्रमणकालीन सामञ्जस्य । अनुवादक के व्यक्तित्व में उसका विषयज्ञान, भाषाज्ञान, प्रतिभा, तथा कल्पना इन चार की विशेष अपेक्षा होती है । तथापि प्रधानता की दृष्ट से प्रतिभा और कल्पना को विषयज्ञान तथा भाषाज्ञान से अधिक महत्त्व देना होता है, क्योंकि अनुवाद प्रधानतया एक व्यावहारिक और क्रियात्मक कार्य है । विषयज्ञान तथा भाषाज्ञान की कमी को अनुवादक दूसरों की सहायता से भी पूरा कर सकता है, परन्तु प्रतिभा और कल्पना की दृष्टि से अपने ऊपर ही निर्भर रहना होता है। मूलभाषा एवं लक्ष्यभाषा के मध्य सामञ्जस्य स्थापित होना अनुवाद-प्रक्रिया की अनिवार्य एवं आन्तरिक आवश्यकता है । भाषान्तरण में सन्देश का प्रतिकूल रूप से प्रभावित होना सम्भावित रहता है । इस प्रतिकूलता के प्रभाव को यथासम्भव कम करने के लिए अर्थपक्ष और व्याकरण दोनों की दृष्टि से दोनों भाषाओं के बीच सामंजस्य की स्थिति लानी होती है । मुहावरे एवं उनका लाक्षणिक प्रयोग, अनेकार्थकता, अर्थ की सामान्यता तथा विशिष्टता, आदि अनेक ऐसे मुद्दे हैं जिनका सामंजस्य करना होता है । व्याकरण की दृष्टि से प्रोक्ति-संरचना एवं प्रकार, वाक्य-संरचना एवं प्रकार तथा पद-संरचना एवं प्रकार सम्बन्धी अनेक ऐसी बातें हैं, जिनका समायोजन अपेक्षित होता है । उदाहरण के लिए, मूलपाठ में प्रयुक्त किसी विशेष अन्तरवाक्ययोजक के लिए लक्ष्यभाषा के पाठ में किसी अन्तरवाक्ययोजक का प्रयोग अपेक्षित न होना, मूलपाठ की कर्मवाच्य संरचना के लिए लक्ष्यभाषा में कर्तृवाच्य संरचना का उपयुक्त होना व्याकरणिक समायोजन के मुद्दे हैं । संक्रमण का सोपान अनुवाद कार्य की दृष्टि से जितना महत्त्वपूर्ण है, अनुवाद प्रक्रिया के स्पष्टीकरण में उसका अपेक्षाकृत स्वतन्त्र अस्तित्व शेष दो सोपानों की तुलना में उतना स्पष्ट नहीं । बहुधा संक्रमण तथा पुनर्गठन के सोपानों के अन्तर को प्रक्रिया के विशदीकरण में स्थापित करना कठिन हो जाता है । विश्लेषण और पुनर्गठन के सोपानों पर, अनुवादक का कर्तृत्व यदि अपेक्षाकृत स्वतन्त्र होता है, तो संक्रमण के सोपान पर वह कुछ अधीनता की स्थिति में रहता है । अधिक मुख्य बात यह है कि, अनुवादक को उन सब मुद्दों की चेतना हो जिनका ऊपर वर्णन किया गया है । यदि अनुवाद-प्रशिक्षणार्थी के लिए ये प्रत्यक्ष रूप से उपयोगी माने जाएँ, तो अभ्यस्त अनुवादक के अनुवाद-व्यवहार के ये स्वाभाविक अङ्ग माने जा सकते हैं। === पुनर्गठन === मूलपाठ के सन्देश का अर्थबोध, संक्रमण के सोपान में से होते हुए लक्ष्यभाषा में पुनर्गठित होकर अनुवाद (अनुदित पाठ) का रूप धारण करता है । पुनर्गठन का सोपान लक्ष्यभाषा में मूर्त अभिव्यक्ति का सोपान है । अनुवाद प्रक्रिया की जानकारी के सम्बन्ध में अनुवादकों को पुनर्गठन के सोपान पर पाठ के जिन प्रमुख आयामों की उपयुक्तता पर ध्यान देना अभीष्ट है वे हैं - :१) व्याकरणिक संरचना तथा प्रकार, :२) शब्दक्रम, :३) सहप्रयोग, :४) भाषाभेद तथा शैलीगत प्रतिमान । लक्ष्यभाषागत उपयुक्तता तथा स्वाभाविकता ही इन सबकी आधारभूत कसौटी है। इन गुणों की निष्पत्ति के लिए कई बार दोनों भाषाओं में समानता की स्थिति सहायक होती है, कई बार असमानता की । उदाहरण के लिए, यह आवश्यक नहीं कि, मूलभाषा के पदबन्ध के लिए लक्ष्यभाषा का उपयुक्त अनुवाद-पर्याय एक पदबन्ध ही हो; यह संरचना एक समस्त पद भी हो सकती है; जैसे, Diploma in translation = अनुवाद डिप्लोमा । देखना यह होता है कि, लक्ष्यभाषा में सन्देश का पुनर्गठन उपर्युक्त घटकों की दृष्टि से उपयुक्तता तथा स्वाभाविकता की स्थिति की निष्पत्ति करें; वे घटक लक्ष्यभाषा की 'आत्मीयता' (जीनियस) तथा परम्परा के अनुरूप हों । मूलभाषा में व्याकरणिक संरचना के कतिपय तथ्यों का लक्ष्यभाषा में स्वरूप बदल सकता है, यद्यपि यह सदा आवश्यक नहीं होता । उदाहरण के लिए, आङ्ग्ल मूलपाठ की कर्मवाच्य संरचना "Steps have been taken by the Government to meet the situation" को हिन्दी में कर्मवाच्य संरचना में भी प्रस्तुत किया जा सकता है, [[कर्तृवाच्य]] संरचना में भी : " स्थिति का सामना करने के लिए सरकार द्वारा कार्यवाही की गई हैं/स्थिति का सामना करने के लिए सरकार ने कार्यवाही की हैं ।" परन्तु "The meeting was chaired by X" के लिए हिन्दी में कर्तृवाच्य संरचना "य ने बैठक की अध्यक्षता की" उपयुक्त प्रतीत होता है। ऐसे निर्णय पुनर्गठन के स्तर पर किए जाते हैं । यही बात सहप्रयोग के लिए है । सहप्रयोग प्रत्येक भाषा के अपने-अपने होते हैं । अंग्रेजी में to take a step कहते हैं, तो हिन्दी में 'कार्यवाही करना' । इस उदाहरण में to take का अनुवाद 'उठाना' समझना भूल मानी जाएगी : ये दोनों अपनी-अपनी भाषा में ऐसे शाब्दिक इकाइयों के रूप में प्रयुक्त होते हैं, जिन्हें खण्डित नहीं किया जा सकता। भाषाभेद के अन्तर्गत, कालगत, स्थानगत और प्रयोजनमूलक भाषाभेदों की गणना होती है । तथापि एक सुगठित पाठ के स्तर पर ये सब शैलीभेद के रूप में देखे जाते हैं । उदाहरण के लिए, पुरानी अंग्रेजी की रचना का हिन्दी में अनुवाद करते समय, पुनर्गठन के सोपान पर अनुवादक को यह निर्णय करना होगा कि, लक्ष्यभाषा के किस भाषाभेद के शैलीगत प्रभाव मूलभाषापाठ के शैलीगत प्रभावों के समकक्ष हो सकते हैं । इस दृष्टि से पुरानी अंग्रेजी के पाठ का पुरानी हिन्दी में भी अनुवाद उपयुक्त हो सकता है, आधुनिक हिन्दी में भी । शैलीगत प्रतिमान को विहङ्ग दृष्टि से दो रूपों में समझाया जाता है : साहित्येतर शैली और साहित्यिक शैली । साहित्येतर शैली में औपचारिक के विरुद्ध अनौपचारिक तथा तकनीकी के विरुद्ध गैर-तकनीकी, ये दो भेद प्रमुख रूप से मिलते हैं । साहित्यिक शैली में पाठ के विधागत भेदों - गद्य और पद्य, आदि का विशेष रूप से उल्लेख किया जाता है । इस दृष्टि से औपचारिक शैली के मूलपाठ को लक्ष्यभाषा में औपचारिक शैली में ही प्रस्तुत किया जाए, या मूल गद्य रचना को लक्ष्यभाषा में गद्य के रूप में ही प्रस्तुत किया जाए, यह निर्णय लक्ष्यभाषा की परम्परा पर आधारित उपयुक्तता के अनुसार करना होता है । उदाहरण के लिए, भारतीय भाषाओं में गद्य की तुलना में पद्य की परम्परा अधिक पुष्ट है; अतः उनमें मूल गद्य पाठ का यदि पद्यात्मक भाषान्तरण हो, तो वह भी उपयुक्त प्रतीत हो सकता है । सारांश यह कि लक्ष्यभाषा में जो स्वाभिक और उपयुक्त प्रतीत हो तथा जो लक्ष्यभाषा की परम्परा के अनुकूल हो – स्वाभाविकता, उपयुक्तता तथा परम्परानुवर्तिता, ये तीनों एक सीमा तक अन्योन्याश्रित हैं - उसके आधार पर लक्ष्यभाषा में सन्देश का पुनर्गठन होता है । नाइडा की प्रणाली किस प्रकार काम करती है, उसे निम्न उदहारणों की सहायता से भी समझाया जाता है। सार्वजनिक सूचना के सन्दर्भ से एक उदाहरण इस प्रकार है । (१) क = No admission य = Admission is not allowed र = प्रवेश की अनुमति नहीं है। ख = प्रवेश वर्जित है/अन्दर आना मना है । उक्त अनुवाद के अनुसार, 'क' मूलभाषा का पाठ है जो एक सार्वजनिक निर्देश की भाषा का उदाहरण है । यह एक अल्पांग (न्यूनीकृत) वाक्य है । इसके अर्थ को स्पष्ट करने के लिए विश्लेषण की विधि से अनुगामी रूपान्तरण द्वारा अनुवादक इसका बीजवाक्य निर्धारित करता है, यह बीजवाक्य 'य' है; इसी से 'क' व्युत्पन्न है । संक्रमण के सोपान पर 'य' समसंरचनात्मक और समानार्थक वाक्य 'र' है जो पुरोगामी रूपान्तरण द्वारा पुनर्गठन के स्तर पर 'ख' का रूप धारण कर लेता है । 'ख' के दो भेद हैं; दोनों ही शुद्ध माने जाते हैं; उनमें अन्तर शैली की दृष्टि से है । ‘प्रवेश वर्जित है' में औपचारिकता है तथा वह सुशिक्षित वर्ग के उपयुक्त है; 'अन्दर आना मना है' में अनौपचारिकता है और उसे सामान्य रूप से सभी के लिए और विशेष रूप से अल्पशिक्षित वर्ग के लिए उपयुक्त माना जाता है; सूचनात्मकता तथा (निषेधात्मक) आदेशात्मकता दोनों में सुरक्षित है । यहाँ प्रशासनिक अंग्रेजी का निम्नलिखत वाक्य है, जो मूलपाठ है और उक्त अनुवाद के अनुसार 'क' के स्तर पर है : (२) ''It becomes very inconvenient to move to the section officer's table along with all the relevant papers a number of times during the day in connection with the above mentioned work. [[चित्र:अनुवाद की प्रक्रिया.jpg|center|500px]] :(१) ''one moves to the section officer's table. :(२) ''one moves to the section officer's table, with all the relevant papers. :(३) ''one moves to the section officer's table, with all the relevant papers, a number of times during the day. :(४) ''one moves to the section officer's table with all the relevant papers, a number of times during the day, in connection will above mentioned work. चित्र में इस वाक्य का विश्लेषण दो खण्डों में किया गया है । पहले खण्ड (अ) में इसे दो भागों में विभक्त किया गया है - उच्चतर वाक्य तथा निम्नतर वाक्य, जिन्हें स्थूल रूप से वाक्य रचना की परम्परागत कोटियों - मुख्य उपवाक्य और आश्रित उपवाक्यसमकक्ष माना जाता हैं। दूसरे खण्ड (ब) में दोनों - उच्चतर तथा निम्नतर वाक्यों का विश्लेषण है। उच्चतर वाक्य के तीन अङ्ग हैं, जिनमें पूरक का सम्बन्ध कर्ता से है; वह कर्ता का पूरक है । निम्नतर वाक्य में It का पूरक है to move और वह कर्ता के स्थान पर आने के कारण संज्ञापदबन्ध (=संप) है, क्योंकि कर्ता कोई संप ही हो सकता है । यह संप एक वाक्य से व्युत्पन्न है जिसकी आधारभूत संरचना में कर्ता, क्रिया तथा तीन क्रियाविशेषकों की शृंखला दिखाई पड़ती है (चित्र में इसे स्पष्ट किया गया है) । इस आधारभूत, निम्नतर वाक्य की संरचना का स्पष्टीकरण (१) से (४) पर्यन्त के उपवाक्यों में हुआ है । इसमें क्रियाविशेषकों का क्रमिक संयोजन स्पष्ट किया गया है। चित्र में प्रदर्शित नाइडा के मतानुसार यह प्रक्रिया का 'य' स्तर है। तत्पश्चात् प्रत्यक्ष तथा परोक्ष अनुवाद प्रक्रिया प्रारूपों की तुलना की जाती है। प्रत्यक्ष प्रक्रिया प्रारूप के अनुसार उपर्युक्त वाक्य के निम्नलिखित अनुवाद किए जा सकते हैं (इन्हें 'र' स्तर पर माना जा सकता है) : "उपर्युक्त कार्य के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित पत्रों को लेकर अनुभाग अधिकारी के पास दिन में अनेक बार जाना असुविधाजनक रहता है" अथवा "यह असुविधाजनक है कि उपर्युक्त कार्य के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित पत्रों को लेकर अनुभाग अधिकारी के पास दिन में अनेक बार जाया जाए।" 'य' से 'र' पर आना संक्रमण का सोपान है, जिस पर मूलपाठ तथा लक्ष्यभाषा पाठ के मध्य ताल-मेल बैठाने के प्रयत्न के चिह्न भी मलते हैं । परन्तु परोक्ष प्रक्रिया प्रारूप के अनुसार अनुवादक उपर्युक्त विश्लेषण की विधि का उपयोग करते हैं, और तदनुसार प्रस्तुत वाक्य का उपयुक्त अनुवाद इस प्रकर हो सकता है -"उपर्युक्त काम के सम्बन्ध में सारे सम्बन्धित पत्रों के साथ अनुभाग अधिकारी के पास, जो दिन में कई बार जाना पड़ता है, उसमें बड़ी असुविधा होती है ।" यह वाक्य 'ख' स्तर पर है तथा पुर्नगठन के सोपान से सम्बन्धित है । उक्त अनुवाद में क्रियाविशेषकों का संयोजन और मूलपाठ के निम्नतर वाक्य की पदबन्धात्मक संरचना - to move to the section officer's table - के स्थान पर अनुवाद में क्रियाविशेषण उपवाक्य की संरचना - 'अनुभाग अधिकारी के पास जो दिन में कई बार जाना पड़ता है' का प्रयोग, ये दो बिन्दु ध्यान देने योग्य हैं, यह बात अनुवादक या अनुवाद प्रशिक्षणार्थी को स्पष्टता के लिये समझाई जाती है । फलस्वरूप, अनुवाद में स्पष्टता और स्वाभाविकता की निष्पत्ति की अपेक्षा होती है । साथ ही, मूलपाठ में मुख्य उपवाक्य (उच्चतर वाक्य) पर अर्थ की दृष्टि से जो बल अभीष्ट है, वह भी सुरक्षित रहता है । इन दोनों वाक्यों का अनुवाद तथा विश्लेषण, मुख्य रूप से विश्लेषण की तकनीक तथा उसकी उपयोगिता के स्पष्टीकरण के लिए द्वारा किया गया है । इन दोनों में भाषाभेद तथा भाषा संरचना की अपनी विशेषताएँ हैं, जिन्हें अनुवाद-प्रशिक्षणार्थीओं को सैद्धान्तिक तथा प्रणालीवैज्ञानिक भूमिका पर समझाया जाता है और अनुवाद प्रक्रिया तथा अनूदित पाठ की उपयुक्तता की जानकारी के प्रति उसमें आत्मविश्वास की भावना का विकास हो सकता है, जो सफल अनुवादक बनने के लिए अपेक्षित माना जाता है। == न्यूमार्क का चिन्तन == न्यूमार्क (१९७६) के अनुसार अनुवाद प्रक्रिया का प्रारूप निम्नलिखित आरेख के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है : <ref name="Neeraja2015">{{cite book|author=Gurramkaunda Neeraja|title=Anuprayukta Bhasha vigyan Ki Vyavaharik Parakh|url=https://books.google.com/books?id=dK3KDgAAQBAJ&pg=PA31|date=5 June 2015|publisher=Vani Prakashan|isbn=978-93-5229-249-3|pages=31–}}</ref> [[चित्र:न्यूमार्क आरेख.jpg|center|500px|]] नाइडा और न्यूमार्क द्वारा प्रस्तावित प्रक्रिया का विहङ्गावलोकन करने से पता चला है कि दोनों की अनुवाद-प्रक्रिया सम्बन्धी धारणा में कोई मौलिक अन्तर नहीं। बाइबिल अनुवादक होने के कारण नाइडा की दृष्टि प्राचीन पाठ के अनुवाद की समस्याओं से अधिक बँधी दिखी; अतः वे विश्लेषण, संक्रमण तथा पुनर्गठन के सोपानों की कल्पना करते हैं । प्राचीन रचना होने के कारण बाइबिल की भाषा में अर्थग्रहण की समस्या भाषा की व्याकरणिक संरचना से अधिक जुड़ी हुई है । इतः नाइडा के अनुवाद सम्बन्धी भाषा सिद्धान्त में व्याकरण को विशेष महत्त्व का स्थान प्राप्त होता है। व्याकरणिक गठन से सम्बन्धित अर्थग्रहण में 'विश्लेषण' विशेष सहायक माना जाता है, अतः नाइडा ने सोपान का नामकरण भी 'विश्लेषण' किया । न्यूमार्क की दृष्टि आधुनिक तथा वैविध्यपूर्ण भाषाभेदों के अनुवाद कार्य की समस्याओं से अनुप्राणित मानी जाती है। अतः वे बोधन तथा अभिव्यक्ति के सोपानों की कल्पना करते हैं। परन्तु वे मूलभाषा पाठ को लक्ष्यभाषा पाठ से भी जोड़ते हैं, जिससे दोनों पाठों का अनुवाद-सम्बन्ध तुलना तथा व्यतिरेक के सन्दर्भ में स्पष्ट हो सके । न्युमार्क भी बोधन के लिए विशिष्ट भाषा सिद्धान्त प्रस्तुत करते हैं, जिसमें वे शब्दार्थविज्ञान को केन्द्रीय महत्त्व का स्थान देते हैं। अपने विभिन्न लेखों में उन्होंने (१९८१) अपनी सैद्धान्तिक स्थापना का विवरण प्रस्तुत किया है । एक उदाहरण के द्वारा उनके प्रारूप को स्पष्ट किया जाता है : १. मूलभाषा पाठ : Judgment has been reserved. १.१ बोधन (तथा व्याख्या) : Judgment will not be announced immediately. २. अभिव्यक्ति (तथा पुनस्सर्जन) : निर्णय अभी नहीं सुनाया जाएगा। २.१ लक्ष्यभाषा पाठ : निर्णय बाद में सुनाया जाएगा । ३. शब्द-प्रति-शब्द अनुवाद : निर्णय कर लिया गया है सुरक्षित । शब्द-प्रति-शब्द अनुवाद से जहाँ दोनों भाषाओं के शब्दक्रम का अन्तर स्पष्ट होता है, वहाँ शब्दार्थ स्तर पर दोनों भाषाओं का सम्बन्ध भी प्रकट हो जाता है । अनुवादकों को ज्ञात हो जाता है कि reserved के लिए हिन्दी में 'सुरक्षित' या 'आरक्षित' सही शब्द है, परन्तु Judgement या 'निर्णय' के ऐसे सहप्रयोग में, जैसा कि उपर्युक्त वाक्य में दिखाई देता है, शब्द-प्रति-शब्द अनुवाद करना उपयुक्त न होगा । इससे यह सैद्धान्तिक भी स्पष्ट हो जाता है कि, अनुवाद को दो भाषाओं के मध्य का सम्बन्ध कहने की अपेक्षा दो विशिष्ट भाषा भेदों या दो विशिष्ट पाठों के मध्य का सम्बन्ध कहना अधिक उपयुक्त है, जिसमें अनुवाद की इकाई का आकार, सम्बन्धित भाषाभेद या पाठगत सन्देश की प्रकृति से निर्धारित होता है । प्रस्तुत वाक्य में सम्पूर्ण वाक्य ही अनुवाद की इकाई है, क्योंकि इसमें शब्दों का उपयुक्त अनुवाद अन्योन्याश्रय सम्बन्ध आधारित है । अनुवादक यह भी जान जाते हैं कि, उपर्युक्त वाक्य का हिन्दी समाचार में जो 'निर्णय सुरक्षित रख लिया गया है' यह अनुवाद प्रायः दिखाई देता है वह क्यों अस्वभाविक, अनुपयुक्त तथा असम्प्रेषणीय-वत् प्रतीत होता है । शब्दशः अनुवाद की उपर्युक्त प्रवृत्ति का प्रदर्शन करने वाले अनुवादों को '''<nowiki/>'अनुवादाभास'''' कहा जाता है। वस्तुतः अनुवाद की प्रक्रिया में आवृत्ति का तत्त्व होता है, अर्थात् अनुवादक दो बार अनुवाद करते हैं । मूलपाठ के बोधन के लिए मूलभाषा में अनुवाद किया जाता है : No admission → admission is not allowed; इसी प्रकार लक्ष्यभाषा में सन्देश के पुनर्गठन या अभिव्यक्ति को लक्ष्यभाषा पाठ का आकार देते हुए हम लक्ष्यभाषा में उसका पुन: अनुवाद करते हैं; 'प्रवेश की अनुमति नहीं है' → 'अन्दर आना मना है'। इस प्रकार अन्यभाषिक अनुवाद में दोनों भाषाओं के स्तर पर समभाषिक अनुवाद की स्थिति आती है। इन्हें क्रमशः बोधनात्मक अनुवाद (डिकोडिंग ट्रांसलेशन) पुनरभिव्यक्तिमूलक अनुवाद (रि-इनकोडिंग ट्रांसलेशन) कहा जाता है । बोधनात्मक अनुवाद साधन रूप है - मूलपाठ के अर्थ को स्पष्ट करने के लिए किया गया है। पुनरभिव्यक्तिमूलक अनुवाद साध्य रूप है - वास्तविक अनूदित पाठ । यदि एक अभ्यस्त अनुवादक के यह अर्ध–औपचारिक या अनौपचारिक रूप में होता है, तो अनुवाद-प्रशिक्षणार्थी के लिए इसके औपचारिक प्रस्तुतीकरण की आवश्यकता और उपयोगिता होती है जिससे वह अनुवाद-प्रक्रिया को (अनुभवस्तर के साथ-साथ) ज्ञान के स्तर पर भी आत्मसात् कर सके। == बाथगेट का चिन्तन == बाथगेट (१९८०) अपने प्रारूप को संक्रियात्मक प्रारूप कहते हैं, जो अनुवाद कार्य की व्यावहारिक प्रकृति से विशेष मेल खाने के साथ-साथ नाइडा और न्यूमार्क के प्रारूपों से अधिक व्यापक माना जाता है । इसमें सात सोपानों की कल्पना की गई है, जिनमें से पर्यालोचन के सोपान के अतिरिक्त शेष सर्व में अतिव्याप्ति का अवकाश माना जाता है (जो असंगत नहीं) परन्तु सैद्धान्तिक स्तर पर इनके अपेक्षाकृत स्वतन्त्र अस्तित्व को मान्यता प्रदान की गई है । मूलभाषा पाठ का मूल जानना और तदनुसार अपनी मानसिकता का मूलपाठ से तालमेल बैठाना समन्वयन है । यह सोपान मूलपाठ के सब पक्षों के धूमिल से अवबोधन पर आधारित मानसिक सज्जता का सोपान है, जो अनुवाद कार्य में प्रयुक्त होने की अभिप्रेरणा की व्याख्या करता है तथा अनुवाद की कार्यनीति के निर्धारण के लिए आवश्यक भूमिका निर्माण का स्पष्टीकरण प्रस्तुत करता है । विश्लेषण और बोधन के सोपान (नाइडा और न्यूमार्क-वत्) पूर्ववत् हैं । पारिभाषिक अभिव्यक्तियों के अन्तर्गत बाथगेट उन अंशों को लेते हैं, जो मूलपाठ के सन्देश की निष्पत्ति में अन्य अंशों की तुलना में विशेष महत्त्व के हैं और जिनके अनुवाद पर्यायों के निर्धारण में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता वो मानते है । पुनर्गठन भी पहले के ही समान है । पुनरीक्षण के अन्तर्गत अनूदित पाठ का सम्पूर्ण अन्वेषण आता है । हस्तलेखन या टङ्कण की त्रुटियों को दूर करने के अतिरिक्त अभिव्यक्ति में व्याकरणनिष्ठता, परिष्करण, श्रुतिमधुरता, स्पष्टता, स्वाभाविकता, उपयुक्तता, सुरुचि, तथा आधुनिक प्रयोग रूढि की दृष्टि से अनूदित पाठ का आवश्यक संशोधन पुनरीक्षण है । यह कार्य प्रायः अनुवादक से भिन्न व्यक्ति, अनुवादक से यथोचित् सहायता लेते हुए, करता है । यदि स्वयं अनुवादक को यह कार्य करना हो तो अनुवाद कार्य तथा पुनरीक्षण कार्य में समय का इतना व्यवधान अवश्य हो कि अनुवादक अनुवाद कार्य कालीन स्मृति के पाश से मुक्तप्राय होकर अनूदित पाठ के प्रति तटस्थ और आलोचनात्मक दृष्टि अपना सके तथा इस प्रकार अनुवादक से भिन्न पुनरीक्षक के दायित्व का वहन कर सके । पर्यालोचन के सोपान में विषय विशेषज्ञ और अनुवादक के मध्य संवाद के द्वारा अनूदित पाठ की प्रामाणिकता की पुष्टि का प्रावधान है । जिन पाठों की विषयवस्तु प्रामाणिकता की अपेक्षा रखती है - जैसे [[विधि]], प्रकृतिविज्ञान, समाज विज्ञान, [[प्रौद्योगिकी]], आदि - उनमें पर्यलोचन की उपयोगिता स्पष्ट होती है। एक उदाहरण के द्वारा बाथगेट के प्रारूप को स्पष्ट किया जाता है। मूलभाषा पाठ है किसी ट्रक पर लिखा हुआ सूचना वाक्यांश Public Carrier. इसके अनुवाद की मानसिक सज्जता करते समय अनुवादक को यह स्पष्ट होता है कि, इस वाक्यांश का उद्देश्य जनता को ट्रक की उपलब्धता के विषय में एक विशिष्ट सूचना देना है । इस वाक्यांश के सन्देश में जहाँ प्रभावपरक या सम्बोधनात्मक (श्रोता केन्द्रित) प्रकार्य की सत्ता है, वहाँ सूचनात्मक प्रकार्य भी इस दृष्टि से उपस्थित है कि, उसका [[विधिशास्त्र|विधि]]<nowiki/>क्षेत्रीय और प्रशासनिक पक्ष है - इन दोनों दृष्टियों से ऐसे ट्रक पर कुछ प्रतिबन्ध लागू होते हैं । अतः कुल मिलाकर यह वाक्यांश सम्प्रेषण केन्द्रित प्रणाली के द्वारा अनूदित होने योग्य है। विश्लेषण के सोपान पर अनुगामी रूपान्तरण के द्वारा अनुवादक इसका बोधनात्मक अनुवाद करते हुए बीजवाक्य या वाक्यांश निर्धारित करते हैं : It carries goods of the public = Carrier of public goods. बोधन के सोपान पर अनुवादक को यह स्पष्ट होता है कि, It can be hired = "इसे भाडे पर लिया जा सकता है ।" पारिभाषिक अभिव्यक्ति के सोपान पर अनुवादक इसे विधि-प्रशासनिक अभिव्यक्ति के रूप में पहचानते हैं, जिसके सन्देश के अनुवाद को सम्प्रेषणीय बनाते हुए अनुवादक को उसकी विशुद्धता को भी यथोचित् रूप से सुरक्षित रखना है । पुनर्गठन के सोपान पर अनुवादक के सामने इस वाक्यांश के दो अनुवाद हैं : 'लोकवाहन' (उत्तर प्रदेश में प्रचलित) और 'भाडे का ट्रक' (बिहार में प्रचलित) । पिछले सोपानों की भूमिका पर अनुवादक के सामने यह स्पष्ट हो जाता है कि - ‘लोकवाहन' में सन्देश का वैधानिक पक्ष भले सुरक्षित हो परन्तु यह सम्प्रेषण के उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर पाता । इस अभिव्यक्ति से साधारण पढ़े-लिखे को यह तुरन्त पता नहीं चलता कि लोकवाहन का उसके लिए क्या उपयोग है । इसको सम्प्रेषणीय बनाने के लिए इसका पुनरभिव्यक्तिमूलक (समभाषिक) अनुवाद अपेक्षित है - 'भाड़े का ट्रक' – जिससे जनता को यह स्पष्ट हो जाता है कि, इस ट्रक का उसके लिए क्या उपयोग है । मूल अभिव्यक्ति इतनी छोटी तथा उसकी स्वीकृत अनुवाद 'भाड़े का ट्रक' इतना स्पष्ट है कि, इसके सम्बन्ध में पुनरीक्षण तथा पर्यालोचन के सोपान अपेक्षित नहीं, ऐसा कहा जाता है। === निष्कर्ष === अनुवाद प्रक्रिया के विभिन्न प्रारूपों के विवेचन से निष्कर्षस्वरूप दो बातें स्पष्टतः मानी जाती हैं । पहली, अनुवाद प्रक्रिया एक क्रमिक प्रक्रिया है, जिसमें तीन स्थितियाँ बनती हैं - '''(क) अनुवादपूर्व स्थिति -''' अनुवाद कार्य के सन्दर्भ को समझना । किस पाठसामग्री का, किस उद्देश्य से, किस कोटि के पाठक के लिए, किस माध्यम में, अनुवाद करना है, आदि इसके अन्तर्गत है । '''(ख) अनुवाद कार्य की स्थिति -''' मूलभाषा पाठ का बोधन, सङ्क्रमण, लक्ष्य भाषा में अभिव्यक्ति । '''(ग) अनुवादोत्तर स्थिति -''' अनूदित पाठ का पुनरीक्षण-सम्पादन तथा इस प्रकार अन्ततः ‘सुरचित' पाठ की निष्पत्ति। दूसरी बात यह है कि अनुवाद, मूलपाठ के बोधन तथा लक्ष्यभाषा में अभिव्यक्ति, इन दो ध्रुवों के मध्य निरन्तर होते रहने वाली प्रक्रिया है, जो सीधी और प्रत्यक्ष न होकर घुमावदार तथा परोक्ष है । वह मध्यवर्ती स्थिति जिसके जरिए यह प्रक्रिया सम्पन्न होती है, एक वैचारिक संज्ञानात्मक संरचना है, जो मूलपाठ के बोधन (जिसके लिए आवश्यकतानुसार विश्लेषण की सहायता लेनी होती है) से निष्पन्न होती है तथा जिसमें लक्ष्यभाषागत अभिव्यक्ति के भी बीज निहित रहते हैं । यह भाषा विशेष सापेक्ष शब्दों के बन्धन से मुक्त शुद्ध अर्थमयी सत्ता है । इस मध्यवर्ती संरचना का अधिष्ठान अनुवादक का मस्तिष्क होता है । सांस्कृतिक-संरचनात्मक दृष्टि से अपेक्षाकृत निकट भाषाओं में इस वैचारिक संरचना की सत्ता की चेतना अपेक्षाकृत स्पष्ट होती है । वैचारिक स्तर पर स्थित होने के कारण इसकी भौतिक सत्ता नहीं होती - भाषिक अभिव्यक्ति के स्तर पर यह यथातथ रूप में एक यथार्थ का रूप ग्रहण नहीं करती; यदि अनुवादक भाषिक स्तर पर इसे अभिव्यक्त भी करते हैं, तो केवल सैद्धान्तिक आवश्यकता की दृष्टि से, जिसमें विश्लेषण के रूप में कुछ वाक्यों तथा वाक्यांशों का पुनर्लेखन अन्तर्भूत होता है । परन्तु यह भी सत्य है कि यही वह संरचना है, जो अनूदित होकर लक्ष्यभाषा पाठ में परिणत होती है । इस बात को अन्य शब्दो में भी कहा जाता है कि, अनुवादक मूलभाषापाठ की वैचारिक संरचना का अनुवाद करता है परन्तु अनुवाद की प्रक्रिया की यह आन्तरिक विशेषता है कि जो सरंचना अन्ततोगत्वा लक्ष्य भाषा में अनूदित होती है, वह है मध्यवर्ती वैचारिक संरचना जो मूलपाठ की वैचारिक संरचना के अनुवादक कृत बोध से निष्पन्न है ! अनुवाद प्रक्रिया के इस निरूपण से सैद्धान्तिक स्तर पर दो बातों का स्पष्टीकरण होता है । एक, मूलभाषापाठ के अनुवादकीय बोध से निष्पन्न वैचारिक संरचना ही क्योंकि लक्ष्यभाषापाठ का रूप ग्रहण करती है, अतः अनुवादक भेद से अनुवाद भेद दिखाई पड़ता है । दूसरे, उपर्युक्त वैचारिक संरचना विशिष्ट भाषा निरपेक्ष (या उभय भाषा सापेक्ष) होती है - उसमें दोनों भाषाओं (मूल तथा लक्ष्य) के माध्यम से यथासम्भव समान तथा निकटतम रूप में अभिव्यक्त होने की संभाव्यता होती है । मूलभाषापाठ का सन्देश जो अनूदित हो जाता है उसकी यह व्याख्या है । == अनुवाद प्रक्रिया की प्रकृति == अनुवाद प्रक्रिया के उपर्युक्त विवरण के आधार पर अनुवाद प्रक्रिया की प्रकृति के परस्पर सम्बद्ध तीन मूलतत्त्व निर्धारित किए जाते हैं : '''सममूल्यता, द्वन्द्वात्मकता, और अनुवाद परिवृत्ति'''। === सममूल्यता === अनुवाद कार्य में अनुवादक मूलभाषापाठ के लक्ष्यभाषागत पर्यायों से जिस समानता की बात करता है, वह मूल्य (वैल्यू) की दृष्टि से होती है । यह मूल्य का तत्त्व भाषा के शब्दार्थ तथा व्याकरण के तथ्यों तक सीमित नहीं होता, अपितु प्रायः उनसे कुछ अधिक तथा भाषाप्रयोग के सन्दर्भ से (आन्तरिक और बाह्य दोनों) से उद्भूत होता है । वस्तुतः यह एक पाठसंकेतवैज्ञानिक संकल्पना है तथा सन्देश स्तर की समानता से जुड़ी है । भाषा के भाषावैज्ञानिक विश्लेषण में अर्थ के स्तर पर पर्यायत्ता या अन्ययांतर सम्बन्ध पर आधारित होते हुए भी सममूल्यता सन्देश का गुण है, जिसमें पाठ का उसकी समग्रता में ग्रहण होता है । यह अवश्य है कि सममूल्यता के निर्धारण में पाठसङ्केतविज्ञान के तीन घटकों के अधिक्रम का योगदान रहता है - वाक्यस्तरीय सममूल्यता पर अर्थस्तरीय सममूल्यता को प्राधान्य मिलता है तथा अर्थस्तरीय सममूल्यता पर सन्दर्भस्तरीय सममूल्यता को मान्यता दी जाती है । दूसरे शब्दों में, यदि दोनों भाषाओं में वाक्यरचना के स्तर पर सममूल्यता स्थापित न हो तो अर्थस्तरीय सममूल्यता निर्धारित करनी होगी, और यदि अर्थस्तरीय सममूल्यता निर्धारित न हो सके, तो सन्दर्भस्तरीय सममूल्यता को मान्यता देनी होगी । उदाहरण के लिए, The meeting was chaired by X" (कर्मवाच्य) के हिन्दी अनुवाद “क्ष ने बैठक की अध्यक्षता की" (कर्तृवाच्य) में सममूल्यता का निर्धारण वाक्य स्तर से ऊपर अर्थ स्तर पर हुआ है, क्योंकि दोनों की वाक्यरचनाओं में वाच्य की दृष्टि से असमानता है । इसी प्रकार, What time is it? के हिन्दी अनुवाद 'कितने बजे हैं ?' (न कि समय क्या है जो हिन्दी का सहज प्रयोग न होकर अंग्रेजी का शाब्दिक अनुवाद ही अधिक प्रतीत होता है) के बीच सममूल्यता का निर्धारण अर्थस्तर से ऊपर सन्दर्भ - समय पूछना, जो एक दैनिक सामाजिक व्यवहार का सन्दर्भ है - के स्तर पर हुआ है । इस प्रकार सममूल्यता की स्थिति पाठसङ्केत के सङ्घटनात्मक पक्ष में होने के साथ-साथ सम्प्रेषणात्मक पक्ष में भी होती है, जिसमें सम्प्रेषणात्मक पक्ष का स्थान संघटनात्मक पक्ष से ऊपर होता है । सममूल्यता को पाठसंकेत वैज्ञानिक संकल्पना मानने से व्यवहार में जो छूट मिलती है, वह सम्प्रेषण की मान्यता पर आधारित अनुवाद कार्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में समर्थ है । मूलभाषा का पाठ किस भाषाभेद (प्रयुक्ति) से सम्बन्धित है, उसका उद्दिष्ट/सम्भावित पाठक कौन है (उसका शैक्षिक-सांस्कृतिक स्तर क्या है), अनुवाद करने का उद्देश्य क्या है - इन तथ्यों के आधार पर अनुवाद सममूल्यों का निर्धारण होता है । इस प्रक्रिया में वे यदि कभी शब्दार्थगत पर्यायों तथा गठनात्मक संरचनाओं की सम्वादिता से कभी-कभी भिन्न हो सकते हैं, तो कुछ प्रसंगों में उनसे अभिन्न, अत एव तद्रूप होने की सम्भावना को नकारा भी नहीं किया जा सकता । यह ठीक है कि भाषाएँ संरचना, शैलीय प्रतिमान आदि की दृष्टि से अंशतः असमान होती हैं और यह भी ठीक है कि वे अंशतः समान भी होती हैं; मुख्य बात यह है कि उन समान तथा असमान बिन्दुओं को पहचाना जाए । सम्प्रेषण के सन्दर्भ में समानता एक लचीली स्थिति बन जाती है । अनुवाद में मूल्यगत समानता ही उपलब्ध करनी होती है । अनुवादगत सममूल्यता लक्ष्य भाषापाठ की दृष्टि से यथासम्भव स्वाभाविक तथा मूलभाषापाठ के यथासम्भव निकटतम होती है । इसका एक उल्लेखनीय गुण है। गत्यात्मकता, जिसका तात्पर्य यह है कि अनुवाद के पाठक की अनुवाद सममूल्यों के प्रति वही स्वीकार्यता है जो मूल के पाठकों की मूल की सम्बद्ध अभिव्यक्तियों के प्रति है । स्वीकार्यता या प्रतिक्रिया की यह समानता उभयपक्षीय होने से गतिशील है, और यही अनुवाद सममूल्यता की गत्यात्मकता है । === द्वन्द्वात्मकता === अनुवाद का सम्बन्ध दो स्थितियों के साथ है । इसे अनुवादक द्वन्द्वात्मकता कहेते हैं। यह द्वन्द्वात्मकता केवल भाषा के आयाम तक सीमित नहीं, अपितु समस्त अनुवाद परिस्थिति में व्याप्त है । इसकी मूल विशेषता है सन्तुलन, सामंजस्य या समझौता । एक प्रक्रिया, सम्बन्ध, और निष्पत्ति के रूप में अनुवाद की द्वन्द्वात्मकता के विभिन्न आयामों को इस प्रकार निरूपित किया जाता है : ==== (क) अनुवाद का बाह्य सन्दर्भ ==== १. अनुवाद में, मूल लेखक तथा दूसरे पाठक (अनुवाद का पाठक) के बीच सम्पर्क स्थापित होता है । मूल लेखक और दूसरे पाठक के बीच देश या काल या दोनों की दृष्टि से दूरी या निकटता से द्वन्द्वात्मकता के स्वरूप में अन्तर आता है । स्थान की दृष्टि से मूल लेखक तथा पाठक दोनों ही विदेशी हो सकते हैं, स्वदेशी हो सकते हैं, या इनमें से एक विदेशी और एक स्वदेशी हो सकता है । काल की दृष्टि से दोनों अतीतकालीन हो सकते हैं, दोनों समकालीन हो सकते हैं, या लेखक अतीत का और पाठक समसामयिक हो सकता है । इन सब स्थितियों से अनुवाद प्रक्रिया प्रभावित होती है। २. अनुवाद में, मूल लेखक और अनुवादक में सन्तुलन अपेक्षित होता है । अनुवादक को मूल लेखक की चिन्तन पद्धति और अभिव्यक्ति पद्धति के साथ अपनी चिन्तन पद्धति तथा अभिव्यक्ति पद्धति का सामञ्जस्य स्थापित करना होता है। ३. अनुवाद में, अनुवादक तथा अनुवाद के पाठक के मध्य अनुबन्ध होता है । अनुवादक का अनुवाद करने का उद्देश्य वही हो जो अनुवाद के पाठक का अनुवाद पढ़ने के सम्बन्ध में है । अनुवादक के लिए आवश्यक है कि, वह अपने भाषा प्रयोग को अनुवाद के सम्भावित पाठक की बोधनक्षमता के अनुसार ढाले । ४. अनुवाद में, अनुवादक की व्यक्तिगत रुचि (अनुवाद कार्य तथा अनुवाद सामग्री दोनों की दृष्टि से) तथा उसकी व्यावसायिक आवश्यकता का समन्वय अपेक्षित है । ५. अपनी प्रकृति की दृष्टि से पूर्ण अनुवाद असम्भव है तथा अनूदित रचना मूल रचना के पूर्णतया समान नहीं हो सकती, परन्तु सामाजिक-सांस्कृतिक तथा राजनीतिक-आर्थिक दृष्टि से अनुवाद कार्य न केवल महत्त्वपूर्ण है अपितु आवश्यक और सुसंगत भी । एक सफल अनुवाद में उक्त दोनों स्थितियों का सन्तुलन होता है। ==== (ख) अनुवाद का आन्तरिक सन्दर्भ ==== ६. अनुवाद में, दो भाषाओं के मध्य सम्बन्ध के परिप्रेक्ष्य में, एक और भाषा-संरचना (सन्दर्भरहित) तथा भाषा-प्रयोग (सन्दर्भसहित) के मध्य द्वन्दात्मक सम्बन्ध स्पष्ट होता है, तो दूसरी ओर भाषा-प्रयोग के सामान्य पक्ष और विशिष्ट पक्ष के मध्य सन्तुलन की स्थिति उभरकर सामने आती है । ७. अनुवाद में, दो भाषाओं की विशिष्ट प्रयुक्तियों के दो विशिष्ट पाठों के मध्य विभिन्न स्तरों और आयामों पर समायोजन अपेक्षित होता है । ये स्तर/आयाम हैं - व्याकरणिक गठन, शब्दकोश के स्तर, शब्दक्रम की व्यवस्था, सहप्रयोग, शब्दार्थ, व्यवस्था, भाषाशैली की रूढ़ियाँ, भाषा-प्रकार्य, पाठ प्रकार, साहित्यिक सामाजिक-सांस्कृतिक रूढ़ियाँ । ८. गुणात्मक दृष्टि से अनुवाद में विविध प्रकार के सन्तुलन दिखाई देते हैं। किसी भी पाठ का सब स्तरों/आयामों पर पूर्ण अनुवाद असम्भव है, परन्तु सब प्रकार के पाठों का अनुवाद सम्भव है । एक सफल अनुवाद में निम्नलिखित युग्मों के घटक सन्तुलन की स्थिति में दिखाई देते हैं - विशुद्धता और सम्प्रेषणीयता, रूपनिष्ठता और प्रकार्यात्मकता, शाब्दिकता और स्वतन्त्रता, मूलनिष्ठता और सुन्दरता (रोचकता), और उद्रिक्तता तथा सामासिकता । तदनुसार एक सफल अनुवाद जितना सम्भव हो, उतना विशुद्ध, रूपनिष्ठ, शाब्दिक, और मूलनिष्ठ होता है तथा जितना आवश्यक हो उतना सम्प्रेषणीय प्रकार्यात्मक, स्वतन्त्र, और सुन्दर (रोचक) होता है । इसी प्रकार एक सफल अनुवाद में उद्रिक्तता (सूचना की दृष्टि से मूलपाठ की अपेक्षा लम्बा होना) की प्रवृत्ति है, परन्तु लक्ष्यभाषा प्रयोग के कौशल की दृष्टि से उसका संक्षिप्त होना वाञ्छित होता है। ९. कार्यप्रणाली की दृष्टि से, क्षतिपूर्ति के नियम के अनुसार अनुवाद में मुख्यतया निम्नलिखित युग्मों के घटकों में सह-अस्तित्व दिखाई देता है : छूटना-जुड़ना (सूचना के स्तर पर) और आलंकारिकता-सुबोधता (अभिव्यक्ति के स्तर पर) । लक्ष्यभाषा में व्यक्त सन्देश के सौष्ठवपूर्ण पुनर्गठन के लिए मूल पाठ में से कुछ छूटना तथा लक्ष्यभाषा पाठ में कुछ जुड़ना अवश्यम्भावी है । यदि कुछ छूटेगा तो कुछ जुड़ेगा भी; विशेष बात यह है कि न छूटने लायक यथासम्भव छूटे नहीं तथा न जुड़ने लायक जुड़े नहीं । मूलपाठ की कुछ आलंकारिक अभिव्यक्तियाँ, जैसे रूपक, अनुवाद में जब लक्ष्यभाषा में संक्रान्त नहीं हो पातीं तो अनलंकृत अभिव्यक्तियों का प्रयोग करना होता है - अलंकार की प्रभावोत्पादकता का स्थान सामान्य कथन की सुबोधता ले लेती है । यही बात विपरीत ढंग से भी हो सकती है - मूल की सुबोध अभिव्यक्ति के लिए लक्ष्यभाषा में एक अलंकृत अभिव्यक्ति का चयन कर लिया जाता है, परन्तु वह लक्ष्यभाषा की बहुप्रचलित रूढि हो जो प्रभावोत्पादक होने के साथ-साथ सुबोध भी हो ये अत्यावश्यक होता है। द्वन्द्वात्मकता के विभिन्न आयामों के विवेचन से अनुवादसापेक्ष सम्प्रेषण की प्रकृति पर व्यापक प्रकाश पड़ता है । यह सन्तुलन जितना स्वीकार्य होता है, अनुवाद उतना ही सफल प्रतीत होता है। === अनुवाद परिवृत्ति === अनुवाद कार्य में अनुवाद परिवृत्ति एक अवश्यम्भावी तथा वांछनीय एवं स्वाभाविक स्थिति है । परिवृत्ति से अभिप्राय है दोनों भाषाओं के मध्य विभिन्न स्तरीय सम्वादिता से विचलन । विचलन की दो स्थितियाँ हो सकती हैं - '''अनिवार्य तथा ऐच्छिक''' । अनिवार्य विचलन भाषा की शब्दार्थगत एवं व्याकरणिक संरचना का अन्तरङ्ग है; उदाहरण के लिए [[मराठी भाषा|मराठी]] नपुंसकलिङ्ग संज्ञा [[हिन्दी]] में पुल्लिंग या स्त्रीलिंग संज्ञा के रूप में ही अनूदित होगी । कुछ इसी प्रकार की बात अंग्रेजी वाक्य I have fever के हिन्दी अनुवाद 'मुझे ज्वर है' के लिए कही जा सकती है, क्योंकि 'मैं ज्वर रखता हूँ' हिन्दी में सम्प्रेषणात्मक तथ्य के रूप में स्वीकृत नहीं । ऐच्छिक विचलन में विकल्प की व्यवस्था होती है । अंग्रेजी "The rule states that" को हिन्दी में दो रूपों में कहा जा सकता है - “इस नियम में यह व्यवस्था है कि/ कहा गया है कि " या "यह नियम कहता है कि "। इन दोनों में पहला वाक्य हिन्दी में स्वाभाविक प्रतीत होता है, उतना दूसरा नहीं यद्यपि अब यह भी अधिक प्रचलित माना जाता है । एक उपयुक्त अनुवाद में पहले अनुवाद को प्राथमिकता मिलेगी । अनुवाद के सन्दर्भ में ऐच्छिक विचलन की विशेष प्रासङ्गिकता इस दृष्टि से है कि, इससे अनुवाद को स्वाभाविक बनाने में सहायता मिलती है । अनिवार्य विचलन, तुलनात्मक-व्यतिरेकी भाषा विश्लेषण का एक सामान्य तथ्य है, जिसमें अनुवाद का प्रयोग एक उपकरण के रूप में किया जाता है। ==== अनुवाद-परिवृत्ति की संकल्पना ==== अनुवाद-परिवृत्ति की संकल्पना का सम्बन्ध प्रधान रूप से [[व्याकरण]] के साथ माना गया है।<ref>कैटफोर्ड १९६५ : ७३-८२</ref> यह दो रूपों में दिखाई देता है - '''व्याकरणिक शब्दों की परिवृत्ति तथा व्याकरणिक कोटियों की परिवृत्ति''' । ===== व्याकरणिक शब्दों की परिवृत्ति ===== व्याकरणिक शब्दों की परिवृत्ति का एक उदाहरण उपर्युक्त वाक्ययुग्म में दिखाई देता है । अंग्रेजी का निर्धारक या निश्चयत्मक आर्टिकल the हिन्दी में (सार्वनामिक) सङ्केतवाचक विशेषण 'यह/इस' हो गया है, यद्यपि यह अनिवार्य विचलन के अन्तर्गत है । ===== व्याकरणिक कोटियों की परिवृत्ति ===== व्याकरणिक कोटियों की परिवृत्ति में अनुवादक दो भेदों की ओर विशेष ध्यान देते हैं - '''व्याकरणिक कोटियों की परिवृत्ति तथा श्रेणी-परिवृत्ति''' । वाक्य में व्याकरणिक कोटियों की विन्यासक्रमात्मक संरचना में परिवृत्ति का उदाहरण है अंग्रेजी के सकर्मक वाक्य में प्रकार्यात्मक कोटियों के क्रम, [[कर्ता]] + [[क्रिया (व्याकरण)|क्रिया]] + [[कर्म]], का हिन्दी में बदलकर कर्ता + कर्म + क्रिया हो जाना । यह परिवृत्ति के अनिवार्य विचलन के अन्तर्गत है; अतः व्यतिरेक है । श्रेणी परिवृत्ति का प्रसिद्ध उदाहरण है मूलभाषा के पदबन्ध का लक्ष्यभाषा में उपवाक्य हो जाना या उपवाक्य का पदबन्ध हो जाना । अंग्रेजी-हिन्दी अनुवाद में इस प्रकार की परिवृत्ति के उदाहरण प्रायः मिल जाते हैं -भारतीय रेलों में सुरक्षा सम्बन्धी निर्देशावली के अंग्रेजी पाठ का शीर्षक है : "Travel safely" (उपवाक्य) और हिन्दी पाठ का शीर्षक है : ‘सुरक्षा के उपाय' (पदबन्ध), जबकि अंग्रेजी में भी एक पदबन्ध हो सकता है - "Measures of safety." इसी प्रकार पदस्तरीय, विशेषतः समस्त पद के स्तर की, इकाई का एक पदबन्ध के रूप में अनूदित होने के उदाहरण भी प्रायः मिल जाते हैं - अंग्रेज़ी "She is a good natured girl" = "वह अच्छे स्वभाव की लड़की है" ('वह एक सुशील लड़की है' में परिवृत्ति नहीं है) । श्रेणी परिवृत्ति के दोनों उदाहरण ऐच्छिक विचलन के अन्तर्गत हैं । अंग्रेज़ी से हिन्दी के अनुवाद के सन्दर्भ में, विशेषतया प्रशासनिक पाठों के अनुवाद के सन्दर्भ में, पाई जाने वाली प्रमुख अनुवाद परिवृत्तियाँ निम्नलिखित हैं <ref>सुरेश कुमार : १९८० : २८</ref> : (१) अं० निर्जीव कर्ता युक्त सकर्मक संरचना = हि० अकर्मकीकृत संरचना : : The rule states that = इस नियम में यह व्यवस्था है कि (२) अं० कर्मवाच्य/कर्तृवाच्य = हि० कर्तृवाच्य/कर्मवाच्य : : The meeting was chaired by X = य ने बैठक की अध्यक्षता की। : I cannot drink milk now = मुझसे अब दूध नहीं पिया जाएगा । (३) अं० पूर्वसर्गयुक्त/वर्तमानकालिक कृदन्त पदबन्ध = हि० उपवाक्य : : (They are further requested) to issue instructions = (उनसे अनुरोध है कि) वे अनुदेश जारी करें । (४) अं० उपवाक्य = हि० पदबन्ध : : (This may be kept pending) till a decision is taken on the main file = मुख्य मिसिल पर निर्णय होने तक (इसे रोक रखिए)। == अनुवाद की तकनीकें== === मशीनी अनुवाद === [[कंप्यूटर|कम्प्यूटर]] और [[सॉफ्टवेयर|साफ्टवेयर]] की क्षमताओं में अत्यधिक विकास के कारण आजकल अनेक भाषाओं का दूसरी भाषाओं में मशीनी अनुवाद सम्भव हो गया है। यद्यपि इन अनुवादों की गुणवता अभी भी संतोषप्रद नहीं कही जा सकती, तथापि अपने इस रूप में भी यह मशीनी अनुवाद कई अर्थों में और अनेक दृष्टियों से बहुत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। जहाँ कोई चारा न हो, वहाँ मशीनी अनुवाद से कुछ न कुछ अर्थ तो समझ में आ ही जाता है। [[यान्त्रिक अनुवाद|मशीनी अनुवाद]] की दिशा में आने वाले दिनों में काफी प्रगति होने वाली है। मशीनी अनुवाद के कारण दुनिया में एक नयी क्रान्ति आयेगी। === कम्यूटर सहाय्यित अनुवाद === {{मुख्य|संगणक सहायित अनुवाद}} == 20 भाषाएँ जिनसे/जिनमें सर्वाधिक अनुवाद होते हैं == {| class="wikitable" style="text-align:center; border-collapse: collapse;" |- ! किससे !! style="border-right: 3px solid black;" | किसको !! किससे !! style="border-right: 3px solid black;" | किसको !! किससे !! style="border-right: 3px solid black;" | किसको !! किससे !! किसको |- | [[अंग्रेज़ी 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style="border-right: 3px solid black;" | [[हंगेरी|हंगेरियन]] || [[पोलिश भाषा|पोलिश]] || style="border-right: 3px solid black;" | [[फिनिश]] || [[हंगेरी|हंगेरियन]] || style="border-right: 3px solid black;" | [[नार्वेजियन]] || [[अरबी]] || [[स्वीडिश भाषा|स्वीडिश]] |- | [[नार्वेजियन]] || style="border-right: 3px solid black;" | [[यूनानी]] || [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तगाली]] || style="border-right: 3px solid black;" | [[बुल्गारियाई]] || [[इब्रानी भाषा|हिब्रू]] || style="border-right: 3px solid black;" | [[कोरियाई भाषा|कोरियाई]] || [[चीनी]] || [[स्लोवाक भाषा|स्लोवाक]] |} == संस्कृत ग्रन्थों के अरबी में अनुवाद == {| class="wikitable sortable" |+ संस्कृत ग्रंथों के अरबी अनुवाद की सूची |- ! क्रम !! संस्कृत ग्रंथ !! अरबी नाम !! विषय !! मुख्य अनुवादक / विद्वान !! अनुवाद का अनुमानित समय (ईस्वी) |- | 1 || [[ब्रह्मस्फुट सिद्धांत]] || अल-सिंदहिंद || ज्योतिष / गणित || इब्राहिम अल-फजारी, याकूब इब्न तारिक || 771 – 773 ई. |- | 2 || [[खण्डखाद्यक]] || अल-अरकंद || ज्योतिष || अज्ञात (बगदाद दरबार) || 8वीं सदी |- | 3 || [[चरक संहिता]] || किताब अल-सरसुर || आयुर्वेद || नाणिक्य || 8वीं सदी के अंत में |- | 4 || [[सुश्रुत संहिता]] || किताब सुसरुद || चिकित्सा / शल्य || माणिक्य और इब्न धन || 8वीं-9वीं सदी |- | 5 || [[अष्टांग हृदय]] || अस्तंकर (Asankar) || आयुर्वेद || इब्न धन || 9वीं सदी के प्रारंभ में |- | 6 || [[माधव निदान]] || किताब अल-बदन || रोग निदान || मणिक्य || 8वीं-9वीं सदी |- | 7 || [[आर्यभटीय]] || अर्जबहर || गणित / खगोल || अज्ञात || 800 ई. के आसपास |- | 8 || [[पंचतंत्र]] || कलिला व दिमना || नीति शास्त्र || इब्न अल-मुकफा || 750 ई. के आसपास |- | 9 || [[योगसूत्र]] ([[पतंजलि]]) || किताब पतंजल || दर्शन / योग || [[अल बेरुनी]] || 1017 – 1030 ई. |- | 10 || [[बृहज्जातक]] || अल-बजीदक || फलित ज्योतिष || अबू माशर अल-बल्खी || 9वीं सदी |- | 11 || [[विष्णु पुराण]] || — || पुराण / दर्शन || अल-बिरूनी || 11वीं सदी |- | 12 || [[सुश्रुत संहिता]] (कल्प स्थान) /<br> [[चाणक्य]] कृत विष-शास्त्र || किताब अल-सुमूम || विष विज्ञान || मनक || 800 ई. के आसपास |} == इन्हें भी देखें== *[[राष्ट्रीय अनुवाद मिशन]] *[[तकनीकी अनुवाद]] *[[यान्त्रिक अनुवाद]] *[[यांत्रिक अनुवाद का इतिहास]] *[[लिप्यन्तरण]] *[[मशीनी लिप्यन्तरण]] *[[अरबी अनुवाद आन्दोलन]] == बाहरी कड़ियाँ == {{विकिसूक्ति|अनुवाद}} * [https://www.hindistack.com/notes/college-notes/अनुवाद-की-भारतीय-परम्परा/ अनुवाद की भारतीय परम्परा] * [https://www.hindistack.com/notes/college-notes/अनुवाद-की-पाश्चात्य-परम्परा/#google_vignette अनुवाद की पाश्चात्य परम्परा] * [https://web.archive.org/web/20090202094158/http://itaindia.org/home.php भारतीय अनुवादक संघ] * * [https://web.archive.org/web/20211225183220/http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6_%E0%A4%95%E0%A5%80_%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%81_/_%E0%A4%86%E0%A4%A8%E0%A4%82%E0%A4%A6_%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2 काव्यानुवाद की समस्याएँ― डॉ.आनंद कुमार शुक्ल] *[https://web.archive.org/web/20130123072201/http://www.ntm.org.in/languages/hindi/translationtradition.asp भारत की अनुवाद परम्परा] * [https://web.archive.org/web/20150924105237/http://www.srijangatha.com/Vyaakaran1-1-Aug-2k10 अनुवाद के नियम-अनियम] (सृजनगाथा) * [https://web.archive.org/web/20140303102959/http://www.prayaslt.blogspot.in/2009/10/blog-post_919.html अनुवाद का स्वरुप] (प्रयास) * [https://web.archive.org/web/20140303093558/http://www.prakashblog-google.blogspot.in/2008/04/translation-definition.html अनुवाद की परिभाषाएं] * [https://web.archive.org/web/20160307010648/http://deoshankarnavin.blogspot.in/2011/01/1.html अनुवाद परम्‍परा की पहचान] *[https://web.archive.org/web/20160403185755/https://www.scribd.com/doc/72664748/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A6-%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%A7-%E0%A4%AF%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%A1%E0%A5%89-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%A6-%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%B6 अनुवाद के सिद्धांत और अनुवादों का तुलनात्‍मक अध्‍ययन] * [https://web.archive.org/web/20121215052543/http://books.google.co.in/books?id=opjrCSOJn1EC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false अंग्रेजी-हिंदी अनुवाद व्याकरण] (गूगल पुस्तक ; लेखक - सूरज भान सिंह) * [https://web.archive.org/web/20121215064434/http://books.google.co.in/books?id=1gYUxwircQEC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false अनुवाद विज्ञान की भूमिका] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कृष्ण कुमार गोस्वामी) * [http://books.google.co.in/books?id=a1pg1Ph1XhUC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false साहित्यानुवाद : संवाद और संवेदना] (गूगल पुस्तक) * [https://web.archive.org/web/20140328213340/http://books.google.co.in/books?id=eYXDauxfMBwC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false अनुवाद क्या है? ] (गूगल पुस्तक ; सम्पादक - राजमल वोरा) * [https://web.archive.org/web/20121215060919/http://books.google.co.in/books?id=zfZVQhsH0rUC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false अनुवाद कला] (गूगल पुस्तक ; लेखक एनई विश्वनाथ अय्यर) * [https://web.archive.org/web/20121215060421/http://books.google.co.in/books?id=-kVvXkoZVyUC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false अनुवाद : भाषाएं, समस्याएँ] (गूगल पुस्तक ; लेखक एनई विश्वनाथ अय्यर) * [https://web.archive.org/web/20121215060737/http://books.google.co.in/books?id=f483H-de_fYC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false भारतीय भाषाएं एवं हिन्दी अनुवाद : समस्या समाधान] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैलाशचन्द्र भाटिया) * [https://web.archive.org/web/20120104170710/http://anuvaadak.blogspot.com/2010/02/blog-post.html बहुभाषिकता, वैश्विककरण और अनुवाद] * [https://web.archive.org/web/20120105152030/http://www.hinditech.in/news_detail.php?Enews_Id=49&back=1 अनुप्रयुक्त गणित के संदर्भ में अनुवाद] * [https://web.archive.org/web/20071011023948/http://www.unesco.org/culture/lit/ UNESCO Clearing House for Literary Translation] * [https://web.archive.org/web/20090201174507/http://www.proz.com/?sp=profile&eid_s=48653&sp_mode=ctab&tab_id=1214 TRANSLATORS NOW AND THEN : HOW TECHNOLOGY HAS CHANGED THEIR TRADE] By - Luciano O. Monteiro * [https://web.archive.org/web/20131231014913/http://freetranslations.org/ Online Translation] * [https://web.archive.org/web/20100501063154/http://www.indianscripts.com/ IndianScripts] - Translation service provider for Hindi, Bengali, Gujarati, Urdu,Tamil, Telegu, Marathi, Malayalam, Nepali, Sanskrit, Tulu, Assamese, Oriya, English and other languages by native translators == सन्दर्भ == {{reflist}} [[श्रेणी:अनुवाद सिद्धान्त]] [[श्रेणी:संचार]] [[श्रेणी:भाषा]] n794dkgwa0q0dkdop2gvjb2znt38w62 रेड आर्मी गुट 0 29982 6541070 6216472 2026-04-16T04:14:29Z Citexji 915668 लेख का पुनर्लेखन; संरचना सुधार, तटस्थ भाषा और विश्वसनीय स्रोत जोड़े गए 6541070 wikitext text/x-wiki {{Short description|आतंकवादी संगठन}} '''तालिबान''' एक इस्लामी उग्रवादी संगठन है, जिसकी स्थापना 1990 के दशक में [[अफगानिस्तान]] में हुई थी। यह संगठन मुख्य रूप से अफगानिस्तान में सक्रिय रहा है और इसे विभिन्न देशों द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।<ref name=":0">{{Cite web |title=Taliban |url=https://www.britannica.com/topic/Taliban |website=Encyclopaedia Britannica}}</ref> == स्थापना == तालिबान की स्थापना वर्ष 1994 में मुल्ला मोहम्मद उमर के नेतृत्व में हुई थी। यह संगठन सोवियत-अफगान युद्ध के बाद उत्पन्न राजनीतिक अस्थिरता के दौरान उभरा।<ref>{{Cite web |title=Who are the Taliban? |url=https://www.bbc.com/news/world-south-asia-11451718 |website=BBC News}}</ref> == विस्तार == 1996 में तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी [[काबुल]] पर कब्जा कर लिया और देश के बड़े हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। 2001 में अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य अभियान के बाद तालिबान सत्ता से हट गया, लेकिन बाद के वर्षों में उसने पुनः अपनी उपस्थिति मजबूत की।<ref name=":0" /> == प्रमुख गतिविधियाँ == तालिबान पर कई आतंकी हमलों, मानवाधिकार उल्लंघनों और सशस्त्र संघर्षों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इसकी गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की है।<ref>{{Cite web |title=Security Council Committee pursuant to resolution 1988 (2011) concerning the Taliban |url=https://www.un.org/securitycouncil/sanctions/1988 |website=United Nations}}</ref> == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.un.org/securitycouncil/sanctions/1988 संयुक्त राष्ट्र: तालिबान पर जानकारी] == सन्दर्भ == {{Reflist}} {{विश्व के प्रमुख आतंकवादी संगठन}} [[श्रेणी:आतंकवादी संगठन]] [[श्रेणी:अफगानिस्तान के संगठन]] nrptmj5s82eftiensujlu03tlj4y7wt 6541071 6541070 2026-04-16T04:16:56Z Citexji 915668 लेख का पुनर्लेखन; रेड आर्मी गुट (RAF) पर संरचित जानकारी एवं विश्वसनीय स्रोत जोड़े गए 6541071 wikitext text/x-wiki {{Short description|जर्मनी का वामपंथी उग्रवादी संगठन}} '''रेड आर्मी गुट''' (अंग्रेज़ी: ''Red Army Faction'', संक्षेप: RAF), जिसे [[बाडर-माइनहोफ समूह]] (Baader–Meinhof Group) के नाम से भी जाना जाता है, पश्चिमी [[जर्मनी]] का एक वामपंथी उग्रवादी संगठन था, जिसकी स्थापना 1970 में हुई थी।<ref>{{Cite web |title=Red Army Faction |url=https://www.britannica.com/topic/Red-Army-Faction |website=Encyclopaedia Britannica}}</ref> == स्थापना == रेड आर्मी गुट की स्थापना 1970 में एंड्रियास बाडर, उल्रिके माइनहोफ, गुडरुन एन्सलिन और होर्स्ट माहलर जैसे नेताओं द्वारा की गई थी। यह संगठन पूंजीवाद और पश्चिमी व्यवस्था के विरोध में सशस्त्र संघर्ष में विश्वास रखता था। == विचारधारा == यह संगठन मार्क्सवादी-लेनिनवादी विचारधारा से प्रेरित था और स्वयं को साम्राज्यवाद तथा पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्षरत मानता था। RAF ने स्वयं को एक क्रांतिकारी शहरी गुरिल्ला संगठन के रूप में प्रस्तुत किया। == प्रमुख गतिविधियाँ == रेड आर्मी गुट ने 1970 और 1980 के दशक में कई बम धमाकों, अपहरण और हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया। 1977 का "जर्मन शरद ऋतु" (German Autumn) इस संगठन की सबसे प्रमुख गतिविधियों में से एक माना जाता है, जिसमें कई उच्च-प्रोफ़ाइल हमले और अपहरण शामिल थे।<ref>{{Cite web |title=German Autumn |url=https://www.britannica.com/event/German-Autumn |website=Encyclopaedia Britannica}}</ref> == अंत == 1990 के दशक में संगठन की गतिविधियाँ कम हो गईं और अंततः 1998 में रेड आर्मी गुट ने आधिकारिक रूप से स्वयं को भंग करने की घोषणा की। == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:उग्रवादी संगठन]] [[श्रेणी:जर्मनी के संगठन]] [[श्रेणी:1970 में स्थापित संगठन]] [[श्रेणी:1998 में समाप्त संगठन]] k8jhz8dt8yqf5tswwxhxgm1vfekg512 6541072 6541071 2026-04-16T04:23:09Z Citexji 915668 लेख की सुदृढ़ किया 6541072 wikitext text/x-wiki {{Short description|जर्मनी का वामपंथी उग्रवादी संगठन}} '''रेड आर्मी गुट''' (अंग्रेज़ी: ''Red Army Faction'', संक्षेप: RAF), जिसे बाडर–माइनहोफ समूह (Baader–Meinhof Group) भी कहा जाता है, पश्चिम जर्मनी का एक वामपंथी उग्रवादी संगठन था, जिसकी स्थापना 1970 में हुई थी। == स्थापना == इस संगठन की स्थापना 1970 में एंड्रियास बाडर, उल्रिके माइनहोफ और गुडरुन एन्सलिन जैसे सदस्यों द्वारा की गई थी। यह समूह पूंजीवाद और पश्चिमी राजनीतिक व्यवस्था के विरोध में सक्रिय था।<ref name=":0" /> == विचारधारा == रेड आर्मी गुट मार्क्सवादी-लेनिनवादी विचारधारा से प्रभावित था और स्वयं को साम्राज्यवाद के विरोध में संघर्षरत संगठन मानता था। इसे एक शहरी गुरिल्ला आंदोलन के रूप में भी वर्णित किया गया है।<ref name=":0" /> == गतिविधियाँ == 1970 और 1980 के दशक में इस संगठन ने बम विस्फोट, अपहरण और हत्या जैसी हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया। 1977 की घटनाएँ, जिन्हें "जर्मन शरद ऋतु" कहा जाता है, इसकी प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं।<ref name=":0" /> == अंत == 1998 में रेड आर्मी गुट ने स्वयं को औपचारिक रूप से भंग करने की घोषणा की। == सन्दर्भ == [[श्रेणी:उग्रवादी संगठन]] [[श्रेणी:जर्मनी के संगठन]] [[श्रेणी:1970 में स्थापित संगठन]] [[श्रेणी:1998 में समाप्त संगठन]] sw2du2e12j1rc8eyrp3bqjj1pab5uvf भारत का उच्चतम न्यायालय 0 30472 6541141 6509942 2026-04-16T07:49:09Z ~2026-23553-89 920641 6541141 wikitext text/x-wiki {{Infobox high court | court_name = भारत का उच्चतम न्यायालय | image = Insignia of the Supreme Court of India.svg | imagesize = 150px | established = {{start date and age|1937|10|1|df=yes}}<br /> {{small|([[भारत_की_संघीय_अदालत|भारत का संघीय न्यायालय]] के रूप में)}}<br />{{start date and age|1950|1|28 |df=yes}}<br />{{small|(भारत के उच्चतम न्यायालय के रूप में)}}<ref>26 January 1950 [https://www.sci.gov.in/history History of the Supreme Court of India] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190128191141/https://www.sci.gov.in/history |date=28 January 2019 }}</ref> | city = [[नई दिल्ली]] | state = [[दिल्ली]] | location = तिलक मार्ग, [[नई दिल्ली]], [[दिल्ली]] | country = [[भारत]] | coordinates = {{coord|28.622237|N|77.239584|E|region:IN_type:landmark|display=inline, title}}<!-- {{coord|45.000|-122.000|display=inline,title}} --> | authority = [[भारत का संविधान]] | appeals = | terms = 65 वर्ष की आयु में अनिवार्य सेवानिवृत्ति | positions = 34 (33+1; वर्तमान संख्या)<ref>{{cite web|title=Chief Justice & Judges|url=https://www.sci.gov.in/chief-justice-judges|publisher=Supreme Court of India|accessdate=12 October 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20191025230422/https://sci.gov.in/chief-justice-judges|archive-date=25 October 2019|url-status=dead}}</ref> | website = {{url|www.sci.gov.in}} | motto = [[यतो धर्मस्ततो जयः॥]] (जहां धर्म है, वहां विजय है।) | chiefjudgetitle = [[भारत के मुख्य न्यायाधीश]] | chiefjudgename = [[Surya Kant] |termstart = 11 नवंबर 2024 }} '''भारत का उच्चतम न्यायालय''' भारत का सर्वोच्च न्यायिक निकाय है और [[भारत का संविधान|संविधान]] के तहत [[भारत|भारत गणराज्य]] का सर्वोच्च न्यायालय है। यह सबसे वरिष्ठ संवैधानिक न्यायालय है, और इसके पास [[न्यायिक पुनरावलोकन(अमेरिका से लिया गया)]] की शक्ति है। [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|भारत का मुख्य न्यायाधीश]] सर्वोच्च न्यायालय का प्रमुख और मुख्य न्यायाधीश होता है, जिसमें अधिकतम 34 न्यायाधीश होते हैं और इसके पास मूल, अपीलीय और सलाहकार क्षेत्राधिकार के रूप में व्यापक शक्तियाँ होती हैं। भारत में सर्वोच्च संवैधानिक न्यायालय के रूप में, यह मुख्य रूप से संघ के [[भारत के उच्च न्यायालयों की सूची|विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों]] और अन्य अदालतों और न्यायाधिकरणों के फैसले के विरुद्ध अपील करता है। यह नागरिकों के [[मूल अधिकार|मूल अधिकारों]] की रक्षा करने और विभिन्न सरकारी प्राधिकरणों के साथ-साथ केंद्र सरकार बनाम राज्य सरकारों या राज्य सरकारों बनाम देश में किसी अन्य राज्य सरकार के बीच विवादों को निपटाने के लिए आवश्यक है। एक सलाहकार अदालत के रूप में, यह उन मामलों की सुनवाई करता है जिन्हें विशेष रूप से भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के तहत संदर्भित किया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित कानून भारत के भीतर और केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा भी सभी अदालतों पर बाध्यकारी हो जाता है। संविधान के अनुच्छेद 142 के अनुसार, [[भारत के राष्ट्रपति]] का यह कर्तव्य है कि वे सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को लागू करें और न्याय के हित में आवश्यक समझे जाने वाले किसी भी आदेश को पारित करने के लिए न्यायालय को अंतर्निहित क्षेत्राधिकार प्रदान किया गया है। 28 जनवरी 1950 से सर्वोच्च न्यायालय ने प्रिवी काउंसिल की न्यायिक समिति को अपील की सर्वोच्च अदालत के रूप में बदल दिया है। न्यान्याधीशों के वेतन और भत्ते- [[भारत का संविधान|भारतीय संविधान]] के अनुच्छेद 125 मे कहा गया कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के वेतन व भत्ते दिये जाये जो संसद (भारत की संचित) निधि निर्मित करे। न्यायाधीश के लिए वेतन भत्ते अधिनियम 1 जनवरी 2009 के अनुसार उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को 2,80,000 मासिक आय और न्यायाधीश को 2,50,000 मासिक आय प्राप्त हुए है। निःशुल्क आवास, मनोरंजन कर्मी, कार और यातायात भत्ता मिलता है। इनके लिए वेतन संसद तय करती है जो कि संचित निधि से पारित होती है। कार्यकाल के दौरान वेतन मे कोई कटौती नही होती है। न्यायाधीश के कार्यकाल- 65 वर्ष की आयु। वर्तमान में उच्चतम न्यायलाय के मुख्य न्यायधीश संजीव खन्ना हैं। उच्चतम न्यायलाय के मुख्य न्यायधीश संजीव खन्ना,13 मई, 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।<ref>{{Cite web|url=https://ecommitteesci.gov.in/whoswho/honble-justice-sanjiv-khanna-the-chief-justice-of-india-2/|title=Hon’ble Justice Sanjiv Khanna, The Chief Justice of India {{!}} Official Website of e-Committee, Supreme Court of India {{!}} India|language=en|access-date=2025-01-07}}</ref> भारत का सर्वोच्च न्यायालय "कार्य दिवसों की सबसे लंबी अवधि" के साथ दुनिया की शीर्ष अदालतों में से एक है।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/completely-unfounded-ex-chief-justice-of-india-dy-chandrachud-on-criticisms-over-supreme-court-vacations-7429928|title="Completely Unfounded": Ex-Chief Justice DY Chandrachud On Criticism Over Supreme Court Vacations|website=www.ndtv.com|language=en|access-date=2025-01-09}}</ref> == न्यायालय का गठन == [[चित्र:Supreme_Court_of_India_-_200705.jpg|thumb|right|300px|भारत का सर्वोच्च न्यायालय]] [[Image:Supreme Court of India - Central Wing.jpg|thumb|right|300px|सर्वोच्च न्यायालय का मध्य भाग जहाँ मुख्य न्यायधीश का न्यायकक्ष स्थित है।]] 28 जनवरी 1950, भारत के एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बनने के दो दिन बाद, भारत का उच्चतम न्यायालय अस्तित्व में आया। उद्घाटन समारोह का आयोजन संसद भवन के [[नरेंद्रमण्डल]](चेंबर ऑफ़ प्रिंसेज़) भवन में किया गया था। इससे पहले सन् 1937 से 1950 तक [[चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस]] ही [[भारत की संघीय अदालत]] का भवन था। स्वतंत्रता के पश्चात भी सन् 1958 तक चैंबर ऑफ प्रिंसेस ही भारत के उच्चतम न्यायालय का भवन था, जब तक कि 1958 में उच्चतम न्यायालय ने अपने वर्तमान तिलक मार्ग, नई दिल्ली स्थित परिसर का अधिग्रहण किया। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय अदालत प्रणाली के शीर्ष पर पहुँचते हुए [[भारत की संघीय अदालत]] और [[प्रिवी काउंसिल की न्यायिक समिति]] को प्रतिस्थापित किया था। 28 जनवरी 1950 को इसके उद्घाटन के बाद, उच्चतम न्यायालय ने [[संसद भवन]] के चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस में अपनी बैठकों की शुरुआत की। उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एस. सी. बी. ए.) सर्वोच्च न्यायालय की बार है। एस. सी . बी. ए. के वर्तमान अध्यक्ष प्रवीण पारेख हैं, जबकि के. सी. कौशिक मौजूदा मानद सचिव हैं।<<ref name="उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन ()">>{{cite web|title=वर्ष २०११-१२ के किये एस. सी. बी. ए. की एग्जीक्यूटिव कमेटी के दायित्वधारियों एयर सदस्यों की सूची|url=http://scbaindia.org/Web/aspx/CommitteeMember.aspx|publisher=Supreme Court Bar Association of India|accessdate=28 जून 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120512002455/http://scbaindia.org/Web/aspx/CommitteeMember.aspx|archive-date=12 मई 2012|url-status=dead}}</ref> == सुप्रीम कोर्ट परिसर == सुप्रीम कोर्ट भवन के मुख्य ब्लॉक को भारत की राजधानी [[नई दिल्ली]] में तिलक रोड स्थित 22 एकड़ जमीन के एक वर्गाकार भूखंड पर बनाया गया है। निर्माण का डिजाइन [[केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, भारत|केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग]] के प्रथम भारतीय अध्यक्ष मुख्य वास्तुकार गणेश भीकाजी देवलालीकर द्वारा इंडो-ब्रिटिश स्थापत्य शैली में बनाया गया था। न्यायालय 1958 में वर्तमान इमारत में स्थानान्तरित किया गया। भवन को न्याय के तराजू की छवि देने की वास्तुकारों की कोशिश के अंतर्गत भवन के केन्द्रीय ब्लाक को इस तरह बनाया गया है की वह तराजू के केन्द्रीय बीम की तरह लगे। 1979 में दो नए हिस्से पूर्व विंग और पश्चिम विंग को 1958 में बने परिसर में जोड़ा गया। कुल मिलकर इस परिसर में 15<ref>{{cite web |url=http://www.supremecourtofindia.nic.in/constitution.htm |title=संरचना |publisher=Supreme Court of India |date=1950-01-28 |accessdate=2012-09-18 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130330233810/http://supremecourtofindia.nic.in/constitution.htm |archive-date=30 मार्च 2013 |url-status=dead }}</ref> अदालती कमरे हैं। मुख्य न्यायाधीश की अदालत, जो कि केन्द्रीय विंग के केंद्र में स्थित है सबसे बड़ा अदालती कार्यवाही का कमरा है। इसमें एक ऊंची छत के साथ एक बड़ा गुंबद भी है। == सुप्रीम कोर्ट की संरचना == === न्यायालय का आकार === भारत के संविधान द्वारा उच्चतम न्यायालय के लिए मूल रूप से दी गयी व्यवस्था में एक मुख्य [[न्यायाधीश]] तथा सात अन्य न्यायाधीशों को अधिनियमित किया गया था और इस संख्या को बढ़ाने का दायित्व संसद पर छोड़ा गया था। प्रारंभिक वर्षों में, न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मामलों को सुनने के लिए उच्चतम न्यायालय की पूरी पीठ एक साथ बैठा करती थी। जैसे जैसे न्यायालय के कार्य में वृद्धि हुई और लंबित मामले बढ़ने लगे, [[भारतीय संसद]] द्वारा न्यायाधीशों की मूल संख्या को आठ से बढ़ाकर 1956 में ग्यारह (11), 1960 में चौदह (14), 1978 में अठारह (18), 1986 में छब्बीस (26), 2008 में इकत्तीस (31) और 2019 में चौंतीस (34) तक कर दिया गया। न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि हुई है, वर्तमान में वे दो या तीन की छोटी न्यायपीठों (जिन्हें 'खंडपीठ' कहा जाता है) के रूप में सुनवाई करते हैं। संवैधानिक मामले और ऐसे मामले जिनमें विधि के मौलिक प्रश्नों की व्याख्या देनी हो, की सुनवाई पांच या इससे अधिक न्यायाधीशों की पीठ (जिसे 'संवैधानिक पीठ' कहा जाता है) द्वारा की जाती है। कोई भी पीठ किसी भी विचाराधीन मामले को आवश्यकता पड़ने पर संख्या में बड़ी पीठ के पास सुनवाई के लिए भेज सकती है।<ref name="भारत का सर्वोच्च न्यायालय - इतिहास">{{cite web|title=भारत का सर्वोच्च न्यायालय - इतिहास|url=http://supremecourtofindia.nic.in/history.htm|publisher=Supreme Court of India|accessdate=२९ जून २०१२|archive-url=https://web.archive.org/web/20120527162408/http://supremecourtofindia.nic.in/history.htm|archive-date=27 मई 2012|url-status=dead}}</ref> === सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की नियुक्ति === संविधान में तैतीस (33) न्यायधीश तथा एक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीशों की नियुक्ति [[भारत के राष्ट्रपति]] द्वारा उच्चतम न्यायालय के परामर्शानुसार की जाती है। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इस प्रसंग में राष्ट्रपति को परामर्श देने से पूर्व अनिवार्य रूप से चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों के समूह से परामर्श प्राप्त करते हैं तथा इस समूह से प्राप्त परामर्श के आधार पर राष्ट्रपति को परामर्श देते हैं। अनु 124[2] के अनुसार मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते समय राष्ट्रपति अपनी इच्छानुसार [[सर्वोच्च न्यायालय]] के न्यायाधीशों की सलाह लेगा। वहीं अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के समय उसे अनिवार्य रूप से मुख्य न्यायाधीश की सलाह माननी पड़ेगी <br /> [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] एडवोकेट्स आन रिकार्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ वाद 1993 मे दिये गये निर्णय के अनुसार [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]], उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्थानांतरण इस प्रकार की प्रक्रिया है जो सर्वाधिक योग्य उपलब्ध व्यक्तियों की नियुक्ति की जा सके। भारत के मुख्य न्यायाधीश का मत प्राथमिकता पायेगा। उच्च न्यायपालिका मे कोई नियुक्ति बिना उनकी सहमति के नहीं होती है। संवैधानिक सत्ताओं के संघर्ष के समय भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका का प्रतिनिधित्व करेगा। राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश को अपने मत पर फिर से विचार करने को तभी कहेगा जब इस हेतु कोई तार्किक कारण मौजूद होगा। पुनः विचार के बाद उसका मत राष्ट्रपति पर बाध्यकारी होगा यद्यपि अपना मत प्रकट करते समय वह उच्चतम न्यायालय के दो वरिष्ठम न्यायधीशों का मत अवश्य लेगा। पुनःविचार की स्थिति में फिर से उसे दो वरिष्ठम न्यायधीशों की राय लेनी होगी वह चाहे तो उच्च न्यायालय/उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की राय भी ले सकता है लेकिन सभी राय सदैव लिखित में होगी<br /> बाद में अपना मत बदलते हुए न्यायालय ने कम से कम 4 जजों के साथ सलाह करना अनिवार्य कर दिया था। वह कोई भी सलाह राष्ट्रपति को अग्रेषित नहीं करेगा यदि दो या अधिक न्यायाधीशों की सलाह इसके विरूद्ध हो किंतु 4 न्यायाधीशों की सलाह उसे अन्य न्यायाधीशों जिनसे वो चाहे, सलाह लेने से नहीं रोकेगी। === न्यायाधीशों की योग्यताएँ === * व्यक्ति भारत का [[नागरिकता|नागरिक]] हो। * कम से कम पांच साल के लिए उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या दो या दो से अधिक न्यायालयों में लगातार कम से कम पांच वर्षों तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो। अथवा * किसी उच्च न्यायालय या न्यायालयों में लगातार दस वर्ष तक अधिवक्ता रह चुका हो। अथवा * वह व्यक्ति राष्ट्रपति की राय में एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता होना चाहिए। *यहाँ पर ये जानना आवश्यक है की उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने हेतु किसी भी प्रदेश के उच्च न्यायालय में न्यायाधीश का पांच वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है , और वह 65 वर्ष की आयु पूरी न किया हो, वर्तमान समय में CJAC निर्णय लेगी। किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या फिर उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय के एक तदर्थ न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। === कार्यकाल === सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष होती है। न्यायाधीशों को केवल ([[महाभियोग]]) दुर्व्यवहार या असमर्थता के सिद्ध होने पर संसद के दोनों सदनों द्वारा दो-तिहाई बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर ही राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है। === पदच्युति === सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों की राष्ट्रपति तब पदच्युत करेगा जब संसद के दोनों सदनों के कम से कम 2/3 उपस्थित तथा मत देने वाले तथा सदन के कुल बहुमत द्वारा पारित प्रस्ताव जो कि सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर लाया गया हो के द्वारा उसे अधिकार दिया गया हो। ये आदेश उसी संसद सत्र मे लाया जायेगा जिस सत्र मे ये प्रस्ताव संसद ने पारित किया हो। अनु 124[5] मे वह प्रक्रिया वर्णित है जिससे जज पदच्युत होते है। इस प्रक्रिया के आधार पर संसद ने न्यायधीश अक्षमता अधिनियम 1968 पारित किया था। इसके अन्तर्गत *(1) संसद के किसी भी सदन मे प्रस्ताव लाया जा सकता है। लोकस्भा मे 100 राज्यसभा मे 50 सदस्यों का समर्थन अनिवार्य है *(2) प्रस्ताव मिलने पर सदन का सभापति एक 3 सदस्य समिति बनायेगा जो आरोपों की जाँच करेगी। समिति का अध्यक्ष सप्रीम कोर्ट का कार्यकारी जज होगा दूसरा सदस्य किसी हाई कोर्ट का मुख्य कार्यकारी जज होगा। तीसरा सदस्य माना हुआ विधिवेत्ता होगा। इसकी जाँच-रिपोर्ट सदन के सामने आयेगी। यदि इस में न्यायाधीश को दोषी बताया हो तब भी सदन प्रस्ताव पारित करने को बाध्य नहीं होता किंतु यदि समिति आरोपों को खारिज कर दे तो सदन प्रस्ताव पारित नही कर सकता है।<br /> अभी तक सिर्फ एक बार किसी जज के विरूद्ध जांच की गयी है। न्यायाधीश रामास्वामी दोषी सिद्ध हो गये थे किंतु संसद मे आवश्यक बहुमत के अभाव के चलते प्रस्ताव पारित नहीं किया जा सका था। === न्यायालय की जनसांख्यिकी === सुप्रीम कोर्ट ने हमेशा एक विस्तृत क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बनाए रखा है। इसमें धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक वर्गों से संबंधित न्यायाधीशों का एक अच्छा हिस्सा है। उच्चतम न्यायालय में नियुक्त होने वाली प्रथम महिला न्यायाधीश 1987 में नियुक्त हुईं न्यायमूर्ति [[फातिमा बीवी]] थीं। उनके बाद इसी क्रम में न्यायमूर्ति सुजाता मनोहर, न्यायमूर्ति रूमा पाल और न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा का नाम आता है। न्यायमूर्ति रंजना देसाई, जो सबसे हाल ही में उच्चतम न्यायालय की महिला जज नियुक्त हुईं हैं, को मिलाकर वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में दो महिला न्यायाधीश हैं, उच्चतम न्यायालय के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो महिलायें एक साथ न्यायाधीश हों।<br /> 2000 में [[न्यायमूर्ति के. जी. बालकृष्णन]] दलित समुदाय से पहले न्यायाधीश बने। बाद में, सन् 2007 में वे ही उच्चतम न्यायालय के पहले दलित मुख्य न्यायाधीश भी बने। 2010 में, भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद सँभालने वाले [[न्यायमूर्ति एस. एच. कपाड़िया]] [[पारसी]] अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बन्ध रखते हैं। === सर्वोच्च न्यायालय की खण्डपीठ === अनुच्छेद 130 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली मे होगा परन्तु यह भारत मे और कही भी मुख्य न्यायाधीश के निर्णय के अनुसार राष्ट्रपति की स्वीकृति से सुनवाई कर सकेगा<br /> '''क्षेत्रीय खंडपीठों का प्रश्न'''- [[विधि आयोग]] अपनी रिपोर्ट के माध्यम से क्षेत्रीय खंडपीठों के गठन की अनुसंशा कर चुका है न्यायालय के वकीलों ने भी प्रार्थना की है कि वह अपनी क्षेत्रीय खंडपीठों का गठन करे ताकि देश के विभिन्न भागों मे निवास करने वाले वासियों के धन तथा समय दोनो की बचत हो सके, किंतु न्यायालय ने इस प्रश्न पर विचार करने के बाद निर्णय दिया है कि पीठों के गठन से <br /> 1. ये पीठें क्षेत्र के राजनैतिक दबाव मे आ जायेंगी <br /> 2. इनके द्वारा उच्चतम न्यायालय के एकात्मक चरित्र तथा संगठन को हानि पहुँच सकती है <br /> किंतु इसके विरोध मे भी तर्क दिये गये हैं। ==सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय== {| class="wikitable" |- ! क्र. सं. !! मामला !! उच्चतम न्यायालय का निर्णय |- | 1. || शंकरी प्रसाद बनाम भारत सरकार, 1951 || संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति है। |- | 2. || सज्जन सिंह बनाम राजस्थान सरकार, 1965 || संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति है। |- | 3. || गोलक नाथ बनाम पंजाब सरकार, 1967 || संसद को संविधान के भाग III (मौलिक अधिकारों) में संशोधन करने का अधिकार '''नहीं''' है। |- | 4. || केशवानंद भारती बनाम केरल सरकार, 1973 || संसद के किसी भी प्रावधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन 'बुनियादी संरचना' को कमजोर नहीं कर सकती है। |- | 5. || इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण, 1975 || सर्वोच्च न्यायालय ने बुनियादी संरचना की अपनी अवधारणा की भी पुष्टि की। |- | 6. || मिनर्वा मिल्स बनाम भारत सरकार, 1980 || बुनियादी विशेषताओं में 'न्यायिक समीक्षा' और 'मौलिक अधिकारों तथा निर्देशक सिद्धांतों के बीच संतुलन' को जोड़कर बुनियादी ढांचे की अवधारणा को आगे विकसित किया गया। |- | 7. || [[शाहबानो प्रकरण|मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम]] , १९८५ || [[भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता]] की धारा १२५ के अन्तर्गत स्त्री को भरण-पोषण पाने का अधिकार है क्योंकि यह एक अपराधिक मामला है न कि दीवानी (सिविल)। |- | 8. || कीहोतो होल्लोहन बनाम जाचील्लहु, 1992 || 'स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव' को बुनियादी विशेषताओं में जोड़ा गया। |- | 9. || इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार, 1992 || 'कानून का शासन', बुनियादी विशेषताओं में जोड़ा गया। |- | 10. || एस.आर बोम्मई बनाम भारत सरकार, 1994 || संघीय ढांचे, भारत की एकता और अखंडता, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, सामाजिक न्याय और न्यायिक समीक्षा को बुनियादी विशेषताओं के रूप में दोहराया गया। |} == समालोचना == ===भ्रष्टाचार=== वर्ष 2008 में सर्वोच्य न्यायालय विभिन्न विवादों में उलझा जिसमें न्यायप्रणाली के उच्चतम स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला,<ref>{{cite web |title=Ex-CJI under corruption panel scanner |trans-title=भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भ्रष्टाचार पैनल की निगरानी सूची में |url=https://www.hindustantimes.com/delhi-news/ex-cji-under-corruption-panel-scanner/story-4TT1PRjwKGfqJ7hCn8FPsM.html |publisher=हिन्दुस्तान टाइम्स |date=९ जून २००८ |language=अंग्रेज़ी |accessdate=२० अक्टूबर २०१८ |archive-url=https://web.archive.org/web/20181020223819/https://www.hindustantimes.com/delhi-news/ex-cji-under-corruption-panel-scanner/story-4TT1PRjwKGfqJ7hCn8FPsM.html |archive-date=20 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> करदाताओं के पैसे से महंगी निजी छुट्टियाँ,<ref>{{cite web|url= http://ibnlive.in.com/news/judges-junk-rules-for-junkets-with-wives/65630-3.html?xml |title= Are judges holidaying at public expense? |trans-title=क्या न्यायाधीश जनता की राशी से छुटियाँ मना रहे हैं? |date= मई 2008 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20131019182030/http://ibnlive.in.com/news/judges-junk-rules-for-junkets-with-wives/65630-3.html|archivedate=19 अक्टूबर 2013|language=अंग्रेज़ी}}</ref> न्यायाधीशों की परिसम्पतियों को सार्वजनिक करने से मना करने का मामला,<ref>{{cite web|url= http://www.indianexpress.com/news/judges-asset-declaration-before-cji-not.../381980/ |title = Judges' asset declaration before CJI not for public eye: SC to CIC |trans-title=जजों की सम्पतियाँ से पहले सीजेआई सार्वजनिक निगरानी के लिए नहीं: सर्वोच्य न्यायालय से सीआईसी |publisher=द इंडियन एक्सप्रेस |date= 6 नवम्बर 2008 |accessdate=20 अक्टूबर 2018|language= अंग्रेज़ी}}</ref> न्यायाधीशों की नियुक्ति में गोपनीयता, [[सूचना का अधिकार|सूचना के अधिकार]] के तहत सूचना को सार्वजनिक करने से मना करना<ref>{{cite web |url= http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-04-20/india/27754645_1_cji-chief-justice-corruption-cases |title= RTI Act does not apply to my office: CJI |trans-title= आरटीआई अधिनियम मेरे कार्यालय पर लागू नहीं होता: सीजेआई |publisher= द टाइम्स ऑफ़ इंडिया |date= 20 अप्रैल 2008 |accessdate= 20 अक्टूबर 2018 |language= अंग्रेज़ी |archive-url= https://web.archive.org/web/20131113034608/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-04-20/india/27754645_1_cji-chief-justice-corruption-cases |archive-date= 13 नवंबर 2013 |url-status= live }}</ref> जैसे सभी मामले शामिल रहे। मुख्य न्यायाधीश [[के॰ जी॰ बालकृष्णन]] ने अपने पद को जनसेवक का न होकर एक संवैधानिक प्राधिकारी का होने को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना किया।<ref>{{cite web |url= http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-04-22/india/27760531_1_chief-justice-justice-balakrishnan-high-court |title= Is the CJI a public servant? |trans-title= क्या सीजेआई जनता का नौकर है? |publisher= द टाइम्स ऑफ़ इंडिया |date= 22 अप्रैल 2008 |accessdate= 20 अक्टूबर 2018 |language= अंग्रेज़ी |archive-url= https://web.archive.org/web/20131113034741/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-04-22/india/27760531_1_chief-justice-justice-balakrishnan-high-court |archive-date= 13 नवंबर 2013 |url-status= live }}</ref> बाद में उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया।<ref>{{cite web |url= http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-05-06/india/27783655_1_servant-judges-cji |title= I am a public servant: CJI |trans-title= मैं जनता का नौकर हूँ: सीजेआई |publisher= द टाइम्स ऑफ़ इंडिया |date= 6 मई 2008 |accessdate= 20 अक्टूबर 2018 |language= अंग्रेज़ी |archive-url= https://web.archive.org/web/20131113034815/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-05-06/india/27783655_1_servant-judges-cji |archive-date= 13 नवंबर 2013 |url-status= live }}</ref> न्यायव्यवस्था को अपनी धीमी प्रक्रिया के लिए पूर्व राष्ट्रपतियों [[प्रतिभा पाटिल]] और [[ए॰पी॰जे॰ अब्दुल कलाम]] से भी कठिन आलोचना झेलनी पड़ी।<ref name="c1">{{cite web|titile= Delayed justice leading to lynching mobs: Pratibha |trans-title= न्याय में देरी सामूहिक हत्याओं को जन्म देती है: प्रतिभा |publisher=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया |date= 24 फ़रवरी 2008 |accessdate=20 अक्टूबर 2018|language=अंग्रेज़ी}}</ref> पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह]] ने कहा था कि न्यायव्यवस्था का भ्रष्टाचार के दौर से गुजरना बहुत बड़ी समस्या है और सुझाव दिया कि इसको बहुत शीघ्र इससे उबारने की आवश्यकता है।<ref>{{cite web |url= http://www.thaindian.com/newsportal/world-news/manmohan-singh-calls-for-check-on-corruption-in-the-judiciary_10039700.html |title= Manmohan Singh calls for check on corruption in judiciary |trans-title= मनमोहन सिंह ने न्यायव्यवस्था में भ्रष्टाचार की जाँच की बात की |publisher= थाइंडियन न्यूज़ |date= 19 अप्रैल 2008 |accessdate= 20 अक्टूबर 2018 |language= अंग्रेज़ी |archive-url= https://web.archive.org/web/20180820162458/http://www.thaindian.com/newsportal/world-news/manmohan-singh-calls-for-check-on-corruption-in-the-judiciary_10039700.html |archive-date= 20 अगस्त 2018 |url-status= live }}</ref> [[भारत के मंत्रिमंडल सचिव]] ने भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्याय परिषद् का पैनल गठित करने के लिए संसद में न्यायाधीश जाँच (संशोधन) विधेयक 2008 प्रस्तुत किया। यह परिषद् उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों पर लगे भ्रष्टाचार और दुराचार के आरोपों की जाँच करेगी।<ref>{{cite web |url = http://www.igovernment.in/site/Bill-for-probe-panel-against-errant-judges-cleared/ |title = Bill for probe panel against errant judges cleared |publisher = iGovernment |date = 10 अक्टूबर 2008 |access-date = 20 अक्तूबर 2018 |archive-url = https://web.archive.org/web/20110721163011/http://www.igovernment.in/site/Bill-for-probe-panel-against-errant-judges-cleared/ |archive-date = 21 जुलाई 2011 |url-status = dead }}</ref> ==नियमावली== भारत के संविधान के अनुच्छेद 145 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय को अपने क्रियाकलापों एवं प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए स्वयं के नियमों को लागू करने का अधिकार देता है (राष्ट्रपति के अनुमोदन के साथ)। तदनुसार, "उच्चतम न्यायालय की नियमावली, 1950" तैयार किए गए थे। इसके बाद 1966 में इसमें संशोधन करके नयी नियमावली बनायी गयी। 2014 में, उच्चतम न्यायालय ने 1966 के नियमों को बदलकर 'उच्चतम न्यायालय नियमावली 2013' अधिसूचित किया जो 19 अगस्त 2015 से प्रभावी हुई।<ref>{{Cite web |url=https://www.sci.gov.in/sites/default/files/Supreme%20Court%20Rules%2C%202013.pdf |title=सर्वोच्च न्यायालय नियमावली २०१३ |access-date=15 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180403173034/http://sci.gov.in/sites/default/files/Supreme%20Court%20Rules,%202013.pdf |archive-date=3 अप्रैल 2018 |url-status=dead }}</ref> जुलाई 2019 से उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं में भी निर्णय की प्रति उपलब्ध करायी जा रही है।<ref>{{Cite web |url=https://www.jagran.com/editorial/apnibaat-politics-on-language-if-any-of-hindi-bidders-join-eighth-schedule-of-constitution-hindi-will-be-shattered-19409018.html |title=सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अब हिन्दी और प्रादेशिक भाषाओं में पढ़ें फैसले |access-date=21 जुलाई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190721104357/https://www.jagran.com/editorial/apnibaat-politics-on-language-if-any-of-hindi-bidders-join-eighth-schedule-of-constitution-hindi-will-be-shattered-19409018.html |archive-date=21 जुलाई 2019 |url-status=live }}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[भारत के मुख्य न्यायाधीश|भारत के मुख्य न्यायाधीशगण]] * [[उच्च न्यायालय]] * [[दिल्ली जिला न्यायालय]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20170805075040/http://supremecourtofindia.nic.in/ आधिकारिक वेबसाइट भारतीय उच्चतम न्यायालय] * [https://web.archive.org/web/20190815235845/http://164.100.79.153/judis/ JUDIS (फैसला सूचना तंत्र) - भारतीय उच्चतम न्यायालय और अन्य उच्च न्यायालय] *'''[https://www.dailyadarshjeevan.in/2020/01/supreme-court-case-status.html इंटरनेट को प्रतिबन्धित करना मौलिक अधिकारों का हननः Supreme Court।]{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }}''' {{भारत सरकार}} [[श्रेणी:भारत की न्यायपालिका]] [[श्रेणी:भारत का उच्चतम न्यायालय|*]] [[श्रेणी:राष्ट्रीय उच्चतम न्यायालय]] [[श्रेणी:संवैधानिक न्यायालय]] osydvgrl5b03he0xdgjla12b5jby65b 6541165 6541141 2026-04-16T08:21:15Z AMAN KUMAR 911487 केवल ज्ञानसंदूक को सुधारा 6541165 wikitext text/x-wiki {{Infobox high court | court_name = भारत का उच्चतम न्यायालय | native_name = Supreme Court of India | image = Insignia of the Supreme Court of India.svg | imagesize = 150px | caption = भारत के उच्चतम न्यायालय का प्रतीक चिह्न | established = {{start date and age|1937|10|1|df=yes}}<br /> {{small|([[भारत_की_संघीय_अदालत|भारत का संघीय न्यायालय]] के रूप में)}}<br />{{start date and age|1950|1|28|df=yes}}<br />{{small|(भारत के उच्चतम न्यायालय के रूप में)}}<ref>26 January 1950 [https://www.sci.gov.in/history History of the Supreme Court of India] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190128191141/https://www.sci.gov.in/history |date=28 January 2019 }}</ref> | country = [[भारत]] | location = तिलक मार्ग, [[नई दिल्ली]], [[दिल्ली]] | coordinates = {{coord|28.622237|N|77.239584|E|region:IN_type:landmark|display=inline,title}} | type = सर्वोच्च न्यायालय | authority = [[भारत का संविधान]] | appeals = | terms = 65 वर्ष की आयु में अनिवार्य सेवानिवृत्ति | positions = 34 (33+1; वर्तमान संख्या)<ref>{{cite web|title=Chief Justice & Judges|url=https://www.sci.gov.in/chief-justice-judges|publisher=Supreme Court of India|access-date=12 October 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20191025230422/https://sci.gov.in/chief-justice-judges|archive-date=25 October 2019|url-status=dead}}</ref> | website = {{url|www.sci.gov.in}} | motto = [[यतो धर्मस्ततो जयः॥]] | chiefjudgetitle = [[भारत के मुख्य न्यायाधीश]] | chiefjudgename = [[सूर्य कांत]] | termstart = 11 नवंबर 2024 | termend = | termend2 = }} '''भारत का उच्चतम न्यायालय''' भारत का सर्वोच्च न्यायिक निकाय है और [[भारत का संविधान|संविधान]] के तहत [[भारत|भारत गणराज्य]] का सर्वोच्च न्यायालय है। यह सबसे वरिष्ठ संवैधानिक न्यायालय है, और इसके पास [[न्यायिक पुनरावलोकन(अमेरिका से लिया गया)]] की शक्ति है। [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|भारत का मुख्य न्यायाधीश]] सर्वोच्च न्यायालय का प्रमुख और मुख्य न्यायाधीश होता है, जिसमें अधिकतम 34 न्यायाधीश होते हैं और इसके पास मूल, अपीलीय और सलाहकार क्षेत्राधिकार के रूप में व्यापक शक्तियाँ होती हैं। भारत में सर्वोच्च संवैधानिक न्यायालय के रूप में, यह मुख्य रूप से संघ के [[भारत के उच्च न्यायालयों की सूची|विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों]] और अन्य अदालतों और न्यायाधिकरणों के फैसले के विरुद्ध अपील करता है। यह नागरिकों के [[मूल अधिकार|मूल अधिकारों]] की रक्षा करने और विभिन्न सरकारी प्राधिकरणों के साथ-साथ केंद्र सरकार बनाम राज्य सरकारों या राज्य सरकारों बनाम देश में किसी अन्य राज्य सरकार के बीच विवादों को निपटाने के लिए आवश्यक है। एक सलाहकार अदालत के रूप में, यह उन मामलों की सुनवाई करता है जिन्हें विशेष रूप से भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के तहत संदर्भित किया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित कानून भारत के भीतर और केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा भी सभी अदालतों पर बाध्यकारी हो जाता है। संविधान के अनुच्छेद 142 के अनुसार, [[भारत के राष्ट्रपति]] का यह कर्तव्य है कि वे सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को लागू करें और न्याय के हित में आवश्यक समझे जाने वाले किसी भी आदेश को पारित करने के लिए न्यायालय को अंतर्निहित क्षेत्राधिकार प्रदान किया गया है। 28 जनवरी 1950 से सर्वोच्च न्यायालय ने प्रिवी काउंसिल की न्यायिक समिति को अपील की सर्वोच्च अदालत के रूप में बदल दिया है। न्यान्याधीशों के वेतन और भत्ते- [[भारत का संविधान|भारतीय संविधान]] के अनुच्छेद 125 मे कहा गया कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के वेतन व भत्ते दिये जाये जो संसद (भारत की संचित) निधि निर्मित करे। न्यायाधीश के लिए वेतन भत्ते अधिनियम 1 जनवरी 2009 के अनुसार उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को 2,80,000 मासिक आय और न्यायाधीश को 2,50,000 मासिक आय प्राप्त हुए है। निःशुल्क आवास, मनोरंजन कर्मी, कार और यातायात भत्ता मिलता है। इनके लिए वेतन संसद तय करती है जो कि संचित निधि से पारित होती है। कार्यकाल के दौरान वेतन मे कोई कटौती नही होती है। न्यायाधीश के कार्यकाल- 65 वर्ष की आयु। वर्तमान में उच्चतम न्यायलाय के मुख्य न्यायधीश संजीव खन्ना हैं। उच्चतम न्यायलाय के मुख्य न्यायधीश संजीव खन्ना,13 मई, 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।<ref>{{Cite web|url=https://ecommitteesci.gov.in/whoswho/honble-justice-sanjiv-khanna-the-chief-justice-of-india-2/|title=Hon’ble Justice Sanjiv Khanna, The Chief Justice of India {{!}} Official Website of e-Committee, Supreme Court of India {{!}} India|language=en|access-date=2025-01-07}}</ref> भारत का सर्वोच्च न्यायालय "कार्य दिवसों की सबसे लंबी अवधि" के साथ दुनिया की शीर्ष अदालतों में से एक है।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/completely-unfounded-ex-chief-justice-of-india-dy-chandrachud-on-criticisms-over-supreme-court-vacations-7429928|title="Completely Unfounded": Ex-Chief Justice DY Chandrachud On Criticism Over Supreme Court Vacations|website=www.ndtv.com|language=en|access-date=2025-01-09}}</ref> == न्यायालय का गठन == [[चित्र:Supreme_Court_of_India_-_200705.jpg|thumb|right|300px|भारत का सर्वोच्च न्यायालय]] [[Image:Supreme Court of India - Central Wing.jpg|thumb|right|300px|सर्वोच्च न्यायालय का मध्य भाग जहाँ मुख्य न्यायधीश का न्यायकक्ष स्थित है।]] 28 जनवरी 1950, भारत के एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बनने के दो दिन बाद, भारत का उच्चतम न्यायालय अस्तित्व में आया। उद्घाटन समारोह का आयोजन संसद भवन के [[नरेंद्रमण्डल]](चेंबर ऑफ़ प्रिंसेज़) भवन में किया गया था। इससे पहले सन् 1937 से 1950 तक [[चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस]] ही [[भारत की संघीय अदालत]] का भवन था। स्वतंत्रता के पश्चात भी सन् 1958 तक चैंबर ऑफ प्रिंसेस ही भारत के उच्चतम न्यायालय का भवन था, जब तक कि 1958 में उच्चतम न्यायालय ने अपने वर्तमान तिलक मार्ग, नई दिल्ली स्थित परिसर का अधिग्रहण किया। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय अदालत प्रणाली के शीर्ष पर पहुँचते हुए [[भारत की संघीय अदालत]] और [[प्रिवी काउंसिल की न्यायिक समिति]] को प्रतिस्थापित किया था। 28 जनवरी 1950 को इसके उद्घाटन के बाद, उच्चतम न्यायालय ने [[संसद भवन]] के चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस में अपनी बैठकों की शुरुआत की। उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एस. सी. बी. ए.) सर्वोच्च न्यायालय की बार है। एस. सी . बी. ए. के वर्तमान अध्यक्ष प्रवीण पारेख हैं, जबकि के. सी. कौशिक मौजूदा मानद सचिव हैं।<<ref name="उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन ()">>{{cite web|title=वर्ष २०११-१२ के किये एस. सी. बी. ए. की एग्जीक्यूटिव कमेटी के दायित्वधारियों एयर सदस्यों की सूची|url=http://scbaindia.org/Web/aspx/CommitteeMember.aspx|publisher=Supreme Court Bar Association of India|accessdate=28 जून 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120512002455/http://scbaindia.org/Web/aspx/CommitteeMember.aspx|archive-date=12 मई 2012|url-status=dead}}</ref> == सुप्रीम कोर्ट परिसर == सुप्रीम कोर्ट भवन के मुख्य ब्लॉक को भारत की राजधानी [[नई दिल्ली]] में तिलक रोड स्थित 22 एकड़ जमीन के एक वर्गाकार भूखंड पर बनाया गया है। निर्माण का डिजाइन [[केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, भारत|केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग]] के प्रथम भारतीय अध्यक्ष मुख्य वास्तुकार गणेश भीकाजी देवलालीकर द्वारा इंडो-ब्रिटिश स्थापत्य शैली में बनाया गया था। न्यायालय 1958 में वर्तमान इमारत में स्थानान्तरित किया गया। भवन को न्याय के तराजू की छवि देने की वास्तुकारों की कोशिश के अंतर्गत भवन के केन्द्रीय ब्लाक को इस तरह बनाया गया है की वह तराजू के केन्द्रीय बीम की तरह लगे। 1979 में दो नए हिस्से पूर्व विंग और पश्चिम विंग को 1958 में बने परिसर में जोड़ा गया। कुल मिलकर इस परिसर में 15<ref>{{cite web |url=http://www.supremecourtofindia.nic.in/constitution.htm |title=संरचना |publisher=Supreme Court of India |date=1950-01-28 |accessdate=2012-09-18 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130330233810/http://supremecourtofindia.nic.in/constitution.htm |archive-date=30 मार्च 2013 |url-status=dead }}</ref> अदालती कमरे हैं। मुख्य न्यायाधीश की अदालत, जो कि केन्द्रीय विंग के केंद्र में स्थित है सबसे बड़ा अदालती कार्यवाही का कमरा है। इसमें एक ऊंची छत के साथ एक बड़ा गुंबद भी है। == सुप्रीम कोर्ट की संरचना == === न्यायालय का आकार === भारत के संविधान द्वारा उच्चतम न्यायालय के लिए मूल रूप से दी गयी व्यवस्था में एक मुख्य [[न्यायाधीश]] तथा सात अन्य न्यायाधीशों को अधिनियमित किया गया था और इस संख्या को बढ़ाने का दायित्व संसद पर छोड़ा गया था। प्रारंभिक वर्षों में, न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मामलों को सुनने के लिए उच्चतम न्यायालय की पूरी पीठ एक साथ बैठा करती थी। जैसे जैसे न्यायालय के कार्य में वृद्धि हुई और लंबित मामले बढ़ने लगे, [[भारतीय संसद]] द्वारा न्यायाधीशों की मूल संख्या को आठ से बढ़ाकर 1956 में ग्यारह (11), 1960 में चौदह (14), 1978 में अठारह (18), 1986 में छब्बीस (26), 2008 में इकत्तीस (31) और 2019 में चौंतीस (34) तक कर दिया गया। न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि हुई है, वर्तमान में वे दो या तीन की छोटी न्यायपीठों (जिन्हें 'खंडपीठ' कहा जाता है) के रूप में सुनवाई करते हैं। संवैधानिक मामले और ऐसे मामले जिनमें विधि के मौलिक प्रश्नों की व्याख्या देनी हो, की सुनवाई पांच या इससे अधिक न्यायाधीशों की पीठ (जिसे 'संवैधानिक पीठ' कहा जाता है) द्वारा की जाती है। कोई भी पीठ किसी भी विचाराधीन मामले को आवश्यकता पड़ने पर संख्या में बड़ी पीठ के पास सुनवाई के लिए भेज सकती है।<ref name="भारत का सर्वोच्च न्यायालय - इतिहास">{{cite web|title=भारत का सर्वोच्च न्यायालय - इतिहास|url=http://supremecourtofindia.nic.in/history.htm|publisher=Supreme Court of India|accessdate=२९ जून २०१२|archive-url=https://web.archive.org/web/20120527162408/http://supremecourtofindia.nic.in/history.htm|archive-date=27 मई 2012|url-status=dead}}</ref> === सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की नियुक्ति === संविधान में तैतीस (33) न्यायधीश तथा एक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीशों की नियुक्ति [[भारत के राष्ट्रपति]] द्वारा उच्चतम न्यायालय के परामर्शानुसार की जाती है। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इस प्रसंग में राष्ट्रपति को परामर्श देने से पूर्व अनिवार्य रूप से चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों के समूह से परामर्श प्राप्त करते हैं तथा इस समूह से प्राप्त परामर्श के आधार पर राष्ट्रपति को परामर्श देते हैं। अनु 124[2] के अनुसार मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते समय राष्ट्रपति अपनी इच्छानुसार [[सर्वोच्च न्यायालय]] के न्यायाधीशों की सलाह लेगा। वहीं अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के समय उसे अनिवार्य रूप से मुख्य न्यायाधीश की सलाह माननी पड़ेगी <br /> [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] एडवोकेट्स आन रिकार्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ वाद 1993 मे दिये गये निर्णय के अनुसार [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]], उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्थानांतरण इस प्रकार की प्रक्रिया है जो सर्वाधिक योग्य उपलब्ध व्यक्तियों की नियुक्ति की जा सके। भारत के मुख्य न्यायाधीश का मत प्राथमिकता पायेगा। उच्च न्यायपालिका मे कोई नियुक्ति बिना उनकी सहमति के नहीं होती है। संवैधानिक सत्ताओं के संघर्ष के समय भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका का प्रतिनिधित्व करेगा। राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश को अपने मत पर फिर से विचार करने को तभी कहेगा जब इस हेतु कोई तार्किक कारण मौजूद होगा। पुनः विचार के बाद उसका मत राष्ट्रपति पर बाध्यकारी होगा यद्यपि अपना मत प्रकट करते समय वह उच्चतम न्यायालय के दो वरिष्ठम न्यायधीशों का मत अवश्य लेगा। पुनःविचार की स्थिति में फिर से उसे दो वरिष्ठम न्यायधीशों की राय लेनी होगी वह चाहे तो उच्च न्यायालय/उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की राय भी ले सकता है लेकिन सभी राय सदैव लिखित में होगी<br /> बाद में अपना मत बदलते हुए न्यायालय ने कम से कम 4 जजों के साथ सलाह करना अनिवार्य कर दिया था। वह कोई भी सलाह राष्ट्रपति को अग्रेषित नहीं करेगा यदि दो या अधिक न्यायाधीशों की सलाह इसके विरूद्ध हो किंतु 4 न्यायाधीशों की सलाह उसे अन्य न्यायाधीशों जिनसे वो चाहे, सलाह लेने से नहीं रोकेगी। === न्यायाधीशों की योग्यताएँ === * व्यक्ति भारत का [[नागरिकता|नागरिक]] हो। * कम से कम पांच साल के लिए उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या दो या दो से अधिक न्यायालयों में लगातार कम से कम पांच वर्षों तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो। अथवा * किसी उच्च न्यायालय या न्यायालयों में लगातार दस वर्ष तक अधिवक्ता रह चुका हो। अथवा * वह व्यक्ति राष्ट्रपति की राय में एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता होना चाहिए। *यहाँ पर ये जानना आवश्यक है की उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने हेतु किसी भी प्रदेश के उच्च न्यायालय में न्यायाधीश का पांच वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है , और वह 65 वर्ष की आयु पूरी न किया हो, वर्तमान समय में CJAC निर्णय लेगी। किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या फिर उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय के एक तदर्थ न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। === कार्यकाल === सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष होती है। न्यायाधीशों को केवल ([[महाभियोग]]) दुर्व्यवहार या असमर्थता के सिद्ध होने पर संसद के दोनों सदनों द्वारा दो-तिहाई बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर ही राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है। === पदच्युति === सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों की राष्ट्रपति तब पदच्युत करेगा जब संसद के दोनों सदनों के कम से कम 2/3 उपस्थित तथा मत देने वाले तथा सदन के कुल बहुमत द्वारा पारित प्रस्ताव जो कि सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर लाया गया हो के द्वारा उसे अधिकार दिया गया हो। ये आदेश उसी संसद सत्र मे लाया जायेगा जिस सत्र मे ये प्रस्ताव संसद ने पारित किया हो। अनु 124[5] मे वह प्रक्रिया वर्णित है जिससे जज पदच्युत होते है। इस प्रक्रिया के आधार पर संसद ने न्यायधीश अक्षमता अधिनियम 1968 पारित किया था। इसके अन्तर्गत *(1) संसद के किसी भी सदन मे प्रस्ताव लाया जा सकता है। लोकस्भा मे 100 राज्यसभा मे 50 सदस्यों का समर्थन अनिवार्य है *(2) प्रस्ताव मिलने पर सदन का सभापति एक 3 सदस्य समिति बनायेगा जो आरोपों की जाँच करेगी। समिति का अध्यक्ष सप्रीम कोर्ट का कार्यकारी जज होगा दूसरा सदस्य किसी हाई कोर्ट का मुख्य कार्यकारी जज होगा। तीसरा सदस्य माना हुआ विधिवेत्ता होगा। इसकी जाँच-रिपोर्ट सदन के सामने आयेगी। यदि इस में न्यायाधीश को दोषी बताया हो तब भी सदन प्रस्ताव पारित करने को बाध्य नहीं होता किंतु यदि समिति आरोपों को खारिज कर दे तो सदन प्रस्ताव पारित नही कर सकता है।<br /> अभी तक सिर्फ एक बार किसी जज के विरूद्ध जांच की गयी है। न्यायाधीश रामास्वामी दोषी सिद्ध हो गये थे किंतु संसद मे आवश्यक बहुमत के अभाव के चलते प्रस्ताव पारित नहीं किया जा सका था। === न्यायालय की जनसांख्यिकी === सुप्रीम कोर्ट ने हमेशा एक विस्तृत क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बनाए रखा है। इसमें धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक वर्गों से संबंधित न्यायाधीशों का एक अच्छा हिस्सा है। उच्चतम न्यायालय में नियुक्त होने वाली प्रथम महिला न्यायाधीश 1987 में नियुक्त हुईं न्यायमूर्ति [[फातिमा बीवी]] थीं। उनके बाद इसी क्रम में न्यायमूर्ति सुजाता मनोहर, न्यायमूर्ति रूमा पाल और न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा का नाम आता है। न्यायमूर्ति रंजना देसाई, जो सबसे हाल ही में उच्चतम न्यायालय की महिला जज नियुक्त हुईं हैं, को मिलाकर वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में दो महिला न्यायाधीश हैं, उच्चतम न्यायालय के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो महिलायें एक साथ न्यायाधीश हों।<br /> 2000 में [[न्यायमूर्ति के. जी. बालकृष्णन]] दलित समुदाय से पहले न्यायाधीश बने। बाद में, सन् 2007 में वे ही उच्चतम न्यायालय के पहले दलित मुख्य न्यायाधीश भी बने। 2010 में, भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद सँभालने वाले [[न्यायमूर्ति एस. एच. कपाड़िया]] [[पारसी]] अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बन्ध रखते हैं। === सर्वोच्च न्यायालय की खण्डपीठ === अनुच्छेद 130 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली मे होगा परन्तु यह भारत मे और कही भी मुख्य न्यायाधीश के निर्णय के अनुसार राष्ट्रपति की स्वीकृति से सुनवाई कर सकेगा<br /> '''क्षेत्रीय खंडपीठों का प्रश्न'''- [[विधि आयोग]] अपनी रिपोर्ट के माध्यम से क्षेत्रीय खंडपीठों के गठन की अनुसंशा कर चुका है न्यायालय के वकीलों ने भी प्रार्थना की है कि वह अपनी क्षेत्रीय खंडपीठों का गठन करे ताकि देश के विभिन्न भागों मे निवास करने वाले वासियों के धन तथा समय दोनो की बचत हो सके, किंतु न्यायालय ने इस प्रश्न पर विचार करने के बाद निर्णय दिया है कि पीठों के गठन से <br /> 1. ये पीठें क्षेत्र के राजनैतिक दबाव मे आ जायेंगी <br /> 2. इनके द्वारा उच्चतम न्यायालय के एकात्मक चरित्र तथा संगठन को हानि पहुँच सकती है <br /> किंतु इसके विरोध मे भी तर्क दिये गये हैं। ==सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय== {| class="wikitable" |- ! क्र. सं. !! मामला !! उच्चतम न्यायालय का निर्णय |- | 1. || शंकरी प्रसाद बनाम भारत सरकार, 1951 || संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति है। |- | 2. || सज्जन सिंह बनाम राजस्थान सरकार, 1965 || संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति है। |- | 3. || गोलक नाथ बनाम पंजाब सरकार, 1967 || संसद को संविधान के भाग III (मौलिक अधिकारों) में संशोधन करने का अधिकार '''नहीं''' है। |- | 4. || केशवानंद भारती बनाम केरल सरकार, 1973 || संसद के किसी भी प्रावधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन 'बुनियादी संरचना' को कमजोर नहीं कर सकती है। |- | 5. || इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण, 1975 || सर्वोच्च न्यायालय ने बुनियादी संरचना की अपनी अवधारणा की भी पुष्टि की। |- | 6. || मिनर्वा मिल्स बनाम भारत सरकार, 1980 || बुनियादी विशेषताओं में 'न्यायिक समीक्षा' और 'मौलिक अधिकारों तथा निर्देशक सिद्धांतों के बीच संतुलन' को जोड़कर बुनियादी ढांचे की अवधारणा को आगे विकसित किया गया। |- | 7. || [[शाहबानो प्रकरण|मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम]] , १९८५ || [[भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता]] की धारा १२५ के अन्तर्गत स्त्री को भरण-पोषण पाने का अधिकार है क्योंकि यह एक अपराधिक मामला है न कि दीवानी (सिविल)। |- | 8. || कीहोतो होल्लोहन बनाम जाचील्लहु, 1992 || 'स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव' को बुनियादी विशेषताओं में जोड़ा गया। |- | 9. || इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार, 1992 || 'कानून का शासन', बुनियादी विशेषताओं में जोड़ा गया। |- | 10. || एस.आर बोम्मई बनाम भारत सरकार, 1994 || संघीय ढांचे, भारत की एकता और अखंडता, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, सामाजिक न्याय और न्यायिक समीक्षा को बुनियादी विशेषताओं के रूप में दोहराया गया। |} == समालोचना == ===भ्रष्टाचार=== वर्ष 2008 में सर्वोच्य न्यायालय विभिन्न विवादों में उलझा जिसमें न्यायप्रणाली के उच्चतम स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला,<ref>{{cite web |title=Ex-CJI under corruption panel scanner |trans-title=भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भ्रष्टाचार पैनल की निगरानी सूची में |url=https://www.hindustantimes.com/delhi-news/ex-cji-under-corruption-panel-scanner/story-4TT1PRjwKGfqJ7hCn8FPsM.html |publisher=हिन्दुस्तान टाइम्स |date=९ जून २००८ |language=अंग्रेज़ी |accessdate=२० अक्टूबर २०१८ |archive-url=https://web.archive.org/web/20181020223819/https://www.hindustantimes.com/delhi-news/ex-cji-under-corruption-panel-scanner/story-4TT1PRjwKGfqJ7hCn8FPsM.html |archive-date=20 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> करदाताओं के पैसे से महंगी निजी छुट्टियाँ,<ref>{{cite web|url= http://ibnlive.in.com/news/judges-junk-rules-for-junkets-with-wives/65630-3.html?xml |title= Are judges holidaying at public expense? |trans-title=क्या न्यायाधीश जनता की राशी से छुटियाँ मना रहे हैं? |date= मई 2008 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20131019182030/http://ibnlive.in.com/news/judges-junk-rules-for-junkets-with-wives/65630-3.html|archivedate=19 अक्टूबर 2013|language=अंग्रेज़ी}}</ref> न्यायाधीशों की परिसम्पतियों को सार्वजनिक करने से मना करने का मामला,<ref>{{cite web|url= http://www.indianexpress.com/news/judges-asset-declaration-before-cji-not.../381980/ |title = Judges' asset declaration before CJI not for public eye: SC to CIC |trans-title=जजों की सम्पतियाँ से पहले सीजेआई सार्वजनिक निगरानी के लिए नहीं: सर्वोच्य न्यायालय से सीआईसी |publisher=द इंडियन एक्सप्रेस |date= 6 नवम्बर 2008 |accessdate=20 अक्टूबर 2018|language= अंग्रेज़ी}}</ref> न्यायाधीशों की नियुक्ति में गोपनीयता, [[सूचना का अधिकार|सूचना के अधिकार]] के तहत सूचना को सार्वजनिक करने से मना करना<ref>{{cite web |url= http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-04-20/india/27754645_1_cji-chief-justice-corruption-cases |title= RTI Act does not apply to my office: CJI |trans-title= आरटीआई अधिनियम मेरे कार्यालय पर लागू नहीं होता: सीजेआई |publisher= द टाइम्स ऑफ़ इंडिया |date= 20 अप्रैल 2008 |accessdate= 20 अक्टूबर 2018 |language= अंग्रेज़ी |archive-url= https://web.archive.org/web/20131113034608/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-04-20/india/27754645_1_cji-chief-justice-corruption-cases |archive-date= 13 नवंबर 2013 |url-status= live }}</ref> जैसे सभी मामले शामिल रहे। मुख्य न्यायाधीश [[के॰ जी॰ बालकृष्णन]] ने अपने पद को जनसेवक का न होकर एक संवैधानिक प्राधिकारी का होने को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना किया।<ref>{{cite web |url= http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-04-22/india/27760531_1_chief-justice-justice-balakrishnan-high-court |title= Is the CJI a public servant? |trans-title= क्या सीजेआई जनता का नौकर है? |publisher= द टाइम्स ऑफ़ इंडिया |date= 22 अप्रैल 2008 |accessdate= 20 अक्टूबर 2018 |language= अंग्रेज़ी |archive-url= https://web.archive.org/web/20131113034741/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-04-22/india/27760531_1_chief-justice-justice-balakrishnan-high-court |archive-date= 13 नवंबर 2013 |url-status= live }}</ref> बाद में उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया।<ref>{{cite web |url= http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-05-06/india/27783655_1_servant-judges-cji |title= I am a public servant: CJI |trans-title= मैं जनता का नौकर हूँ: सीजेआई |publisher= द टाइम्स ऑफ़ इंडिया |date= 6 मई 2008 |accessdate= 20 अक्टूबर 2018 |language= अंग्रेज़ी |archive-url= https://web.archive.org/web/20131113034815/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-05-06/india/27783655_1_servant-judges-cji |archive-date= 13 नवंबर 2013 |url-status= live }}</ref> न्यायव्यवस्था को अपनी धीमी प्रक्रिया के लिए पूर्व राष्ट्रपतियों [[प्रतिभा पाटिल]] और [[ए॰पी॰जे॰ अब्दुल कलाम]] से भी कठिन आलोचना झेलनी पड़ी।<ref name="c1">{{cite web|titile= Delayed justice leading to lynching mobs: Pratibha |trans-title= न्याय में देरी सामूहिक हत्याओं को जन्म देती है: प्रतिभा |publisher=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया |date= 24 फ़रवरी 2008 |accessdate=20 अक्टूबर 2018|language=अंग्रेज़ी}}</ref> पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह]] ने कहा था कि न्यायव्यवस्था का भ्रष्टाचार के दौर से गुजरना बहुत बड़ी समस्या है और सुझाव दिया कि इसको बहुत शीघ्र इससे उबारने की आवश्यकता है।<ref>{{cite web |url= http://www.thaindian.com/newsportal/world-news/manmohan-singh-calls-for-check-on-corruption-in-the-judiciary_10039700.html |title= Manmohan Singh calls for check on corruption in judiciary |trans-title= मनमोहन सिंह ने न्यायव्यवस्था में भ्रष्टाचार की जाँच की बात की |publisher= थाइंडियन न्यूज़ |date= 19 अप्रैल 2008 |accessdate= 20 अक्टूबर 2018 |language= अंग्रेज़ी |archive-url= https://web.archive.org/web/20180820162458/http://www.thaindian.com/newsportal/world-news/manmohan-singh-calls-for-check-on-corruption-in-the-judiciary_10039700.html |archive-date= 20 अगस्त 2018 |url-status= live }}</ref> [[भारत के मंत्रिमंडल सचिव]] ने भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्याय परिषद् का पैनल गठित करने के लिए संसद में न्यायाधीश जाँच (संशोधन) विधेयक 2008 प्रस्तुत किया। यह परिषद् उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों पर लगे भ्रष्टाचार और दुराचार के आरोपों की जाँच करेगी।<ref>{{cite web |url = http://www.igovernment.in/site/Bill-for-probe-panel-against-errant-judges-cleared/ |title = Bill for probe panel against errant judges cleared |publisher = iGovernment |date = 10 अक्टूबर 2008 |access-date = 20 अक्तूबर 2018 |archive-url = https://web.archive.org/web/20110721163011/http://www.igovernment.in/site/Bill-for-probe-panel-against-errant-judges-cleared/ |archive-date = 21 जुलाई 2011 |url-status = dead }}</ref> ==नियमावली== भारत के संविधान के अनुच्छेद 145 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय को अपने क्रियाकलापों एवं प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए स्वयं के नियमों को लागू करने का अधिकार देता है (राष्ट्रपति के अनुमोदन के साथ)। तदनुसार, "उच्चतम न्यायालय की नियमावली, 1950" तैयार किए गए थे। इसके बाद 1966 में इसमें संशोधन करके नयी नियमावली बनायी गयी। 2014 में, उच्चतम न्यायालय ने 1966 के नियमों को बदलकर 'उच्चतम न्यायालय नियमावली 2013' अधिसूचित किया जो 19 अगस्त 2015 से प्रभावी हुई।<ref>{{Cite web |url=https://www.sci.gov.in/sites/default/files/Supreme%20Court%20Rules%2C%202013.pdf |title=सर्वोच्च न्यायालय नियमावली २०१३ |access-date=15 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180403173034/http://sci.gov.in/sites/default/files/Supreme%20Court%20Rules,%202013.pdf |archive-date=3 अप्रैल 2018 |url-status=dead }}</ref> जुलाई 2019 से उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं में भी निर्णय की प्रति उपलब्ध करायी जा रही है।<ref>{{Cite web |url=https://www.jagran.com/editorial/apnibaat-politics-on-language-if-any-of-hindi-bidders-join-eighth-schedule-of-constitution-hindi-will-be-shattered-19409018.html |title=सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अब हिन्दी और प्रादेशिक भाषाओं में पढ़ें फैसले |access-date=21 जुलाई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190721104357/https://www.jagran.com/editorial/apnibaat-politics-on-language-if-any-of-hindi-bidders-join-eighth-schedule-of-constitution-hindi-will-be-shattered-19409018.html |archive-date=21 जुलाई 2019 |url-status=live }}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[भारत के मुख्य न्यायाधीश|भारत के मुख्य न्यायाधीशगण]] * [[उच्च न्यायालय]] * [[दिल्ली जिला न्यायालय]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20170805075040/http://supremecourtofindia.nic.in/ आधिकारिक वेबसाइट भारतीय उच्चतम न्यायालय] * [https://web.archive.org/web/20190815235845/http://164.100.79.153/judis/ JUDIS (फैसला सूचना तंत्र) - भारतीय उच्चतम न्यायालय और अन्य उच्च न्यायालय] *'''[https://www.dailyadarshjeevan.in/2020/01/supreme-court-case-status.html इंटरनेट को प्रतिबन्धित करना मौलिक अधिकारों का हननः Supreme Court।]{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }}''' {{भारत सरकार}} [[श्रेणी:भारत की न्यायपालिका]] [[श्रेणी:भारत का उच्चतम न्यायालय|*]] [[श्रेणी:राष्ट्रीय उच्चतम न्यायालय]] [[श्रेणी:संवैधानिक न्यायालय]] 84oihanq747g3jfpzc13mke0kq56n5i फ़र्रूख़ाबाद 0 32871 6541056 6490943 2026-04-16T03:24:32Z ~2026-21496-92 919279 -_ 6541056 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement |name=फ़र्रूख़ाबाद |other_name= |image= |image_caption=पंचाल घाट |pushpin_label=फ़र्रूख़ाबाद |pushpin_map=India Uttar Pradesh |coordinates={{coord|27.37|79.63|display=inline, title}} |pushpin_map_caption=उत्तर प्रदेश में स्थिति |subdivision_type=[[भारत के ज़िले|ज़िला]] |subdivision_name=[[फ़र्रूख़ाबाद ज़िला]] |subdivision_type2=[[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] |subdivision_name2=[[उत्तर प्रदेश]] |subdivision_type3=देश |subdivision_name3={{IND}} |population_total=276581 |population_as_of=2011 |demographics_type1=भाषाएँ |demographics1_title1=प्रचलित |demographics1_info1=[[हिन्दी]] |timezone1=[[भारतीय मानक समय]] |utc_offset1=+5:30 |established_title = Founded |established_date = 1714 |postal_code_type = [[पिनकोड]] |postal_code = 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Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref> पौराणिक मान्यताओं के अनुसार फर्रुखाबाद का प्राचीन नाम [[महाभारत]] के पांचाली के पिता पांचाल नरेश यहां के राजा थे। उस समय इसका नाम पांचाल नगर था। फर्रुखाबाद जरदोजी कढ़ाई और ज़री बुनाई के लिए उल्लेखनीय शहरों में से एक है। यह शिल्प 12वीं शताब्दी में अफगानों द्वारा लाया गया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ehrzDwAAQBAJ&dq=Farrukhabad+zardozi+12th+century&pg=PA282&redir_esc=y#v=onepage&q=Farrukhabad%20zardozi%2012th%20century&f=false|title=Know Your State Uttar Pradesh|last=Experts|first=Arihant|date=2019-07-22|publisher=Arihant Publications India limited|isbn=978-93-131-9643-3|language=en}}</ref> बाबा नींव करौली महाराज का जन्म स्थान यही है == विवरण == फ़र्रूख़ाबाद एक प्रमुख शहर एवं [[लोक सभा|लोकसभा]] क्षेत्र है। फ़र्रूख़ाबाद जिला, उत्तर प्रदेश की उत्तर-पश्चिमी दिशा में स्थित है। इसका परिमाप १०५ किलो मीटर लम्बा तथा ६० किलो मीटर चौड़ा है। इसका क्षेत्रफल ४३४९ वर्ग किलो मीटर है, [[गंगा नदी|गंगा]], [[रामगंगा नदी|रामगंगा]], [[कालिन्दी]] व [[ईसन नदी]] इस क्षेत्र की प्रमुख नदियां हैं। यहाँ गंगा के पश्चिमी तट पर आबादी बहुत समय पहले से पायी जाती है। इसी जगह महान कवियत्री महादेवी वर्मा जी का जन्म हुआ था। == पौराणिक सन्दर्भ == पांचाल देश जो कि पौराणिक-काल से जाना जाता है। इसका उल्लेख, पांचाली व पांचाल-नरेश अनेकानेक रुपों में महाभारत में उद्धृत है। == शहर == व्यापार तथा व्यवसाय की दृष्टि से फ़र्रूख़ाबाद एक महत्त्वपूर्ण शहर है। यह १०० किलो मीटर के अर्द्धव्यास का शहर आज भी अपना एक महत्व रखता है। शहर में ३००-४०० वर्ष पुराने अनेक खण्डहर अभी बचे हैं। परवर्ती शासकों और अन्य शासकवंशों के समर्थकों ने ही संभवत: इन भवनों को नष्ट किया है। फ़र्रूख़ाबाद में लगभग २० मकबरे हैं। इनका सूक्ष्म विश्लेषण एक पृथक तथ्य का उद्घाटन करता है। प्लास्टर की परत के नीचे छिपे स्थापत्य-कला के वे मौलिक तत्व प्राचीन स्थापत्य-कौशल तथा हिन्दू कलाकारी के प्रतीक चिह्न हैं। गंगा तट पर पांचाल घाट, टोंक-घाट और रानी घाट,भैरों घाट पर ईंटों के प्राचीन निर्माण देखा जा सकता है। [[पंचाल घाट पुराना नाम घटिया घाट ]] अन्त्येष्टि के लिए प्रयोग किया जाता है। घटिया का अर्थ यहाँ आवागमन स्थल है। कुछ जीर्ण-शीर्ण खण्डहर इधर-उधर हैं। फ़र्रूख़ाबाद के इतिहास को परिलक्षित करने के लिए अधिक कुछ शेष नहीं है। दस वर्ष पूर्व [[डी. एन. कालेज]] में खुदाई कार्य से प्राप्त कुछ मूर्तियां, जो पूर्व और उत्तरी (पश्चात) गुप्त कालीन है। ये मूर्तियाँ हिन्दू मंदिर स्थापत्य कला के अभिन्न अंग हैं और अब वे डी. एन. कालेज के प्रांगण में स्थित हैं। ये सभी मूर्तियां मूर्तिकारों की उत्तम कोटि की कला की श्रेष्ठता के जीवन्त प्रतीक हैं जो गुप्त काल में अधोगति को प्राप्त हुई। == मंदिर == (फर्रुखाबाद ) में सबसे प्राचीन मंदिर पंडाबाग मंदिर यहाँ के लोगो का मानना है की इस मंदिर की स्थापना स्वम् पांड्वो ने की थी . व इस मंदिर भगवन शिव की प्राचीन मूर्ति व शिवलिंग स्थापित है व इस मंदिर में भगवन शिव के साथ कई और भगवानो की भी मुर्तिया स्थापित की गई है। [[फ़तेहगढ़|फतेहगढ़]] के मंदिरों में से एक मंदिर में उमा-महेश्वर और गणेश की प्रतिमाएं हैं। शैली और प्रतीकात्मक आधार पर ये ११-१२ सदी की हैं। जो कि कला पारखियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उत्तर-मुगलकालीन समय के अनेक मंदिर यहां हैं। ये मंदिर दार्व्हिष्टक सौंदर्य और स्थापत्य कला के श्रेष्ठता के उदाहरण हैं। सौंदर्य और काव्य-शास्त्र जनसाधारण की कलात्मक अभिरुचियों के विषय में कहता नहीं अघाता। फ़र्रूख़ाबाद में बढ़पुर में ईंटों से निर्मित एक मंदिर है, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं की पाषाण-मूर्तियां हैं। [[उलवेरुनी]] ने अपनी पुस्तक किताब उल-हिन्द में भी फ़र्रूख़ाबाद का उल्लेख किया है। == दुर्ग == एक दुर्ग जो कि अभी भी अक्षय है, राजपूत रेजीमेंटल सेंटर के अधिपत्य में है। यह गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित है। इन किलों के विषय में फ़र्रूख़ाबाद में बहुत अधिक शेष नहीं है। एक किला जो कि अभी तक सही-सलामत है वह राजपूत रेजीमेंटल सेंटर के अधीन है। यह गंगा के पश्चिमी तट पर अवस्थित है। किले के प्रमुखद्वार का जीर्णोद्धार कर उसे नया बनाया गया है। फर्रूखाबाद शहर के चारों तरफ की प्राचीर में दस दरवाजे हैं दरवाजों के नामों में लाल दरवाजा, रानी दरवाजा, हुसैनिया दरवाजा, कादरी दरवाजा, जसमाई दरवाजा, मऊ दरवाजा शामिल है। फ़र्रूख़ाबाद में रानी मस्जिद है, रानी शब्द अनेक रुपों और स्थानों से जुड़ा है। यहां जैसे रानी बाग, रानी घाट, रानी दरवाजा और रानी मस्जिद। शहर में एक दुर्ग था, जो कि ध्वस्त कर दिया गया और उसके मलवे से एक नये टाऊनहॉल का निर्माण किया गया। फ़र्रूख़ाबाद से १२ किलो मीटर कानपुर मार्ग पर एक किला है जो कि अब भग्नावशेष मात्र है। मोहम्दाबाद, फ़र्रूख़ाबाद से २० किलो मीटर दूर में से किले की दीवारें अभी भी देखी जा सकती हैं। जो कि बहुत ही जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। मोहम्मदाबाद का किला सैनिक विद्रोह के पश्चात ध्वस्त हुआ। [[जयचन्द]] के समय में फतेहगढ़ छावनी क्षेत्र था। मोहम्मद तुगलक १३४३ में फतेहगढ़ आया। वह स्वयं फ़र्रूख़ाबाद में ठहरा और उसके सैनिक फतेहगढ़ में। दिलीप सिंह, पंजाब के अंतिम सिख शासक [[लाहौर]] में राज्यच्युत हुए और फ़र्रूख़ाबाद में उन्हें बंदी बनाकर रखा गया। वे यहां ३ वर्ष ८ माह तक बंदी रहे। == संकिशा == फतेहगढ़ से ३५ किलो मीटर दूर स्थित संकिशा है। इसका प्रथमोल्लेख वाल्मीकि रामायण में पाया जाता है। [[संकिशा]] नरेश सीता स्वयंवर में आमन्त्रित थे। जनसमूह में उन्होंने अपने मि गर्व का प्रदर्शन किया। वे सीता को बिना शर्त ले जाना चाहते थे। वे राजा जनक द्वारा परास्त और वीरगति को प्राप्त हुए तत्पश्चात् जनक ने अपने अनुज कुंशध्वज को संकिशा पर अधिकार करने के लिए कहा परन्तु महाभारत में इस स्थल का कोई उल्लेख नहीं पाया जाता। बुद्ध धर्म के इतिहास में इसका उल्लेख बहुधा पाया जाता है। कहा जाता है कि भगवान बुद्ध यहां ८-१० दिन ठहरे थे। यहां से वो फ़र्रूख़ाबाद शहर गए, जबकि वे संकिशा से कन्नौज की यात्रा पर थे। यदि बुद्ध काल में ही नहीं, तो बाद में यहां बौद्ध विहारों, का आगमन हुआ। संकिशा का उत्खन्न कार्य यह सिद्ध करता है कि अनेक उच्चकोटि के भवन व धार्मिक स्थल तदन्तर यहां आए, बौद्ध धर्मावलम्बियों के आश्रयदाताओं द्वारा बनावाए गये। संकिशा भी बौद्धों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थली है। संकिशा का उल्लेख पाणिनी की [[अष्टाध्यायी]] में भी पाया जाता है। चीनी यात्री फाह्मवान ने भी इस स्थान का उल्लेख किया है। इस स्थान से अनेक बुद्ध मूर्तियां खुदाई में प्राप्त हुई। जो कि अब मथुरा संग्रहालय में रखी हैं। चीनी तीर्थ-यात्री हवेनत्सांग के अनुसार संकिशा उच्च कोटि के भवनों से सुसज्जित नगर है जिसका निर्माण सम्राट अशोक ने तथा उसके उत्तरवर्ती शासकों ने किया। संकिशा ने अब अपना वैभव खो दिया और मात्र ग्राम रूप में शेष है। == कन्नौज == फतेहगढ़ से २५ किलो मीटर दूर प्राचीन भारत का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण केन्द्र कन्नौज स्थित है। रामायण के अनुसार यह नगर कौशाम्ब द्वारा बसाया गया। जो कि कुश का पुत्र था। महाभारत में भी इसके विषय में उल्लेख पाये जाते हैं। ६०६ ई० में हर्षवर्धन जब थानेश्वर (दिल्ली के उत्तर में) का शासक बना, उसने अपनी राजधानी गंगातटीय कन्नौज में स्थानांन्तरित की। कठियाद से बंगाल तक उसके ४१ वर्ष के शासनकाल में भारत का एक महत्वपूर्ण केन्द्र [[हर्षवर्धन]] की राजधानी होने के कारण यहां अनेक उत्तम कोटि के भवनों का निर्माण हुआ जो कि अब लुप्त हो गए हैं। ६वीं शदी से इस स्थान का महत्व बढ़ा। [[कन्नौज]] अनेक शताब्दियों तक महत्व का केन्द्र रहा। दुर्भाग्यवश यह विदेशी आक्रमणकारियों का कोप भाजन हो गया। जो अपने स्वर्णिम इतिहास के साक्षी हैं। पुरानी पोशाक, पुराने परिधान फूलमती मंदिर में आज भी देखे जा सकते हैं। गौरी शंकर मंदिर और निकटस्थ चौधरीपुर क्षेत्र, देवकाली और सलीमपुर ग्राम सभी प्राचीन विरासत के केन्द्र हैं। इन सभी स्थलों पर स्थापत्य कला और मूर्तिकला का अद्वितीय सौंदर्य देखा जा सकता है। ८३६ ई० में कन्नौज पर प्रतिहारों का अधिपत्य हो गया। प्रतिहार वंश का अंतिम शासक राज्यपाल था, उसकी राजधानी पर मोहम्मद गजनी के १०१८ ई० में आक्रमण किया। बारा-बार हुए आक्रमणों ने नगर को छिन्न-भिन्न कर दिया जिससे वह पुन: न उभर पाया। मोहम्मद गजनी के ऐतिहासिक वृतान्त उत्वी के अनुसार १०,००० हिन्दू मंदिरों को मोहम्मद की तलवार का शिकार होना पड़ा। १०३० में अलवेरुनी कन्नौज आया, उसने वहां मुस्लिम आबादी का उल्लेख किया है। उसके उल्लेख के अनुसार मुस्लिम आबादी वहां पहले से थी जबकि मुगल शासन आरम्भ भी नहीं हुआ था। तब भी हिन्दू-मुस्लिम शान्ति व सहृदयता से वहां रहते थे। कन्नौज के महाराजा जयचन्द गरवार ११९३ में पराजय तथा वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने मुस्लिम प्रजा पर विशेष कर (तुर्कुश) लगाया जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुस्लिम जनसंख्या हिन्दू साम्राज्य में कम थी। लेकिन अब दुबारा से संकिसा बोध धर्म का एक धार्मिक स्थल ब॑न्त जा रहा हे। == कम्पिल == फतेहगढ़ से उत्तर-पश्चिम दिशा में ४५ किलो मीटर की दूरी पर स्थित यह स्थान ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसका उल्लेख रामायण, महाभारत में भी पाया जाता है। महाभारत में इसका उल्लेख द्रौपदी के स्वयंवर के समय किया गया है कि राजा [[द्रुपद]] ने द्रौपदी स्वयंवर यहां आयोजित किया था। काम्पिल्य पांचाल देश की राजधानी थी। यहां कपिल मुनि का आश्रम है जिसके अनुरुप यह नामकरण प्रसिद्ध हुआ। यह स्थान हिन्दू व जैन दोनों ही के लिए पवित्र है। जैन धर्मग्रन्थों के अनुसार प्रथम तीर्थकर श्री ॠषभदेव ने नगर को बसाया तथा अपना पहला उपदेश दिया। तेरहवें तीर्थकर बिमलदेव ने अपना सम्पूर्ण जीवन व्यतीत किया। कम्पिल में अनेकों वैभवशाली मंदिर हैं। समग्रतया सुधार संभव है यदि जिला भारतीय पर्यटन मानचित्र पर लाया जाए। इससे उन्नतिशील परियोजनाएं कुछ गति प्राप्त कर सकती हैं। जिससे नि:सन्देह प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति होगी। अविलम्बावश्यकता क्षेत्र में प्रचार और तत्संबंधी सभी परियोजनाओं को सुचारु रूप से आयोजित व क्रियान्वित करने की है जिसमें वहां की स्थानीय प्रजा सहभागी हो तभी सर्वा प्रगति संभव है। फ़र्रूख़ाबाद में एक पर्यटक के लिए पर्याप्त दर्शनीय स्थल व सामग्री है। काम्पिल में देवी-देवताओं की प्राचीन प्रतिमाएं हैं, जो कि शिलाखण्डों पर उत्कीर्णित हैं। जो कि अनेक शताब्दियों के बाद भी जीवन्त प्रतीत होती हैं। [[संकिशा]] को तो बौद्धों का मक्का संसारभर में कहा जाता है। [[कन्नौज]] अपने उत्पादों से दुनियाभर को सुरभित करता है। यह अनेंक शताब्दियों तक भारत की राजधानी रहा। कन्नौज के वैभव-ऐश्वर्य के साक्षी उसके भग्न शेष हैं। वैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा अन्वेषण इसके वैभवशाली इतिहास पर प्रकाश डालने में सक्षम हैं। अतीत में की गई एक खुदाई फ़र्रूख़ाबाद के इतिहास के विषय में बहुत कुछ उद्घाटित करती है। बहुत कुछ समय के द्वारा नष्ट हो गया जो भी बचा है उसे भावी संततियों के लए सुरक्षित व संरक्षित करने की आवश्यकता है। ये भवन मात्र ईंट चूने के ढ़ेर ही नहीं हैं अपितु अतीत के मौन प्रत्यक्षदर्शी हैं। आज कला, संस्कृति व स्थापत्य कला के विविध आयामों के गहन अध्ययन की परमावश्यकता है। आज सुलभ भवनों की उचित जानकारी देना भी भावी इतिहासान्वेषियों के अध्ययनार्थ एक अद्वितीय योगदान है। == जनसंख्या == 2011 में फर्रुखाबाद की जनसंख्या 1,885,204 थी, जिसमें पुरुष और महिलाएं क्रमशः 1,006,240 और 878,964 थीं। 2024 में फर्रुखाबाद जिले की अनुमानित जनसंख्या 2,280,000 है | <ref>{{Cite web|url=https://www.census2011.co.in/census/district/530-farrukhabad.html|title=Farrukhabad District Population Census 2011 - 2021 - 2024, Uttar Pradesh literacy sex ratio and density|website=www.census2011.co.in|access-date=2024-12-02}}</ref>[[फ़र्रूख़ाबाद ज़िला]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} {{फ़र्रूख़ाबाद जिला के प्रखण्ड}} {{फ़र्रूख़ाबाद जिला}} {{उत्तर प्रदेश}} [[श्रेणी:फ़र्रूख़ाबाद ज़िला]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर]] [[श्रेणी:फ़र्रूख़ाबाद ज़िले के नगर]] e4rph71zc2djkfszfi6vtwaub440z6o बिहार के मुख्यमंत्रियों की सूची 0 33580 6541037 6540600 2026-04-16T01:48:05Z ~2026-23304-24 920599 सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री का पदभार 15 अप्रैल, 2026 से संभाला है। 6541037 wikitext text/x-wiki {{Infobox official post |post = मुख्यमंत्री |title = मुख्यमंत्री |body = [[बिहार]] |flag = |flagsize = 100px |flagcaption = |insignia = Seal of Bihar.svg |insigniasize = 150px |insigniacaption = बिहार का प्रतीक चिन्ह ||image = Nitish Kumar, Samrat Chaudhary and Vijay Sinha boarding on Patna Metro (cropped).jpg |image_size = 150px |incumbent = [[सम्राट चौधरी]] |incumbentsince = १५ अप्रैल २०२६ |style = माननीय |residence = १ अणे मार्ग, [[पटना]] |termlength = ५ वर्ष |appointer = [[बिहार सरकार]] |formation = २५ जनवरी १९५० |inaugural = [[श्रीकृष्ण सिंह]] |website = https://cm.bihar.gov.in/ }} ==बिहार के प्रमुख== बिहार मुख्यमंत्री [[बिहार]] का राजधानी मुख्यालय [[पटना]] में है। तात्कालीन बिहार में वर्तमान का [[बिहार]] और [[झारखण्ड]] राज्य शामिल हैं। 1 अप्रैल 1936 को [[बिहार और उड़ीसा ]] का विभाजन करके बिहार एवं उड़ीसा का निर्माण किया गया था। भारत सरकार के अधिनियम 1935 के तहत द्विसदनी सरकार की व्यवस्था की गयी थी जिसमें विधानसभा एवं विधानपरिषद् शामिल हैं। सरकार के मुखिया को प्रमुख (प्रीमिर) कहा गया। {| class="wikitable sortable" align="center" ! rowspan="2" | {{Abbr|क्र॰|क्रमांक}}{{efn|अंक का कोष्टक में होना यह प्रदर्शित करता है कि पदस्थ व्यक्ति पहले भी इस पद पर रह चुका है।}} ! rowspan=2| चित्र ! rowspan="2" | नाम ! colspan="3" | पद पर कार्यकाल ! rowspan="2" | पार्टी |- ! पदासीन ! पदच्युत ! कार्यकाल |- |- style="height: 60px;" align="center" | 1 | [[File:Mohammad Yunus, First Premier of Bihar.jpg|75x75px]] | [[मोहम्मद युनुस (राजनेता)|मोहम्मद युनुस]] | 1 अप्रैल 1937 | 19 जुलाई 1937 | 3 माह 19 दिन | [[मुस्लिम इंडिपेंडेंट पार्टी]]<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india/2015/04/150331_bihar_prime_minister_sr|title=मोहम्मद यूनुस थे पहले 'प्रधानमंत्री'!|date=2015-04-01|website=बीबीसी हिन्दी|language=hi|access-date=2022-08-17}}</ref> |- style="height: 60px;" align="center" | 2 | [[File:Shri_Krishna_Singh_2016_stamp_of_India.jpg|101x101px]] | [[श्रीकृष्ण सिंह]] | 20 जुलाई 1937 | 31 अक्टूबर 1939 |{{Age in years and days|1937|07|20|1939|10|31}} |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- align="center" |- | align="center"|(2) | align="center"|[[File:Shri_Krishna_Singh_2016_stamp_of_India.jpg|101x101px]] | [[श्रीकृष्ण सिंह]] |23 मार्च 1946 |25 जनवरी 1950 |{{Age in years and days|1946|3|23|1950|1|25}} |align="center"|[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |} == बिहार के मुख्यमंत्री == {| class="wikitable" !क्र॰ !चित्र !नाम !निर्वाचन क्षेत्र ! colspan="2" |पद पर कार्यकाल !कार्यकाल की अवधि !विधानसभा {{small|(चुनाव)}} ! colspan="2" |पार्टी{{efn|इस स्तम्भ में केवल मुख्यमंत्री की पार्टी लिखी जाती है। राज्य सरकार विभिन्न दलों एवं निर्दलियों का जटिल गठबंधन हो सकता है, उनको यहाँ सूचीबद्ध नहीं किया गया है।}} |- align="center" | rowspan="2" style="height: 60px;" |1 | rowspan="2" |[[File:Shri_Krishna_Singh_2016_stamp_of_India.jpg|101x101px]] | rowspan="2" |[[श्रीकृष्ण सिंह]] | rowspan="2" |बसंतपुर | rowspan="2" |26 जनवरी 1950 | rowspan="2" |31 जनवरी 1961 | rowspan="2" |{{Age in years and days|1950|1|26|1961|1|31}} |[[बिहार विधान सभा|पहली विधानसभा]]<br><small>(1952 के चुनाव)</small> | rowspan="5" |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] | rowspan="5" style="background-color: #19AAED" | |- align="center" | rowspan="2" |[[बिहार विधान सभा|दूसरी विधानसभा]]<br><small>(1957 के चुनाव)</small> |- align="center" | style="height: 60px;" |2 | |[[दीप नारायण सिंह]] |हाजीपुर |1 फ़रवरी 1961 |18 फ़रवरी 1961 |{{Age in years and days|1961|02|01|1961|02|18}} |- align="center" |3 |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[बिनोदानंद झा]] |[[राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|राजमहल]] |18 फ़रवरी 1961 |2 अक्टूबर 1963 |{{Age in years and days|1961|2|18|1963|10|2}} | rowspan="2" |[[बिहार विधान सभा|तीसरी विधानसभा]]<br><small>(1962 के चुनाव)</small> |- align="center" |4 | [[File:No image available.svg|75x75px]] |[[कृष्ण वल्लभ सहाय]] |पटना पश्चिम |2 अक्टूबर 1963 |5 मार्च 1967 |{{Age in years and days|1963|10|2|1967|3|5}} |- align="center" style="height: 60px;" |5 |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[महामाया प्रसाद सिन्हा]] |पटना पश्चिम |5 मार्च 1967 |28 जनवरी 1968 |{{Age in years and days|1967|3|5|1968|1|28}} | rowspan="4" |[[बिहार विधान सभा|4वीं विधानसभा]] <small>(1967 के चुनाव)</small> |जन क्रान्ति दल |style="background-color: red" | |- align="center" style="height: 60px;" |6 |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[सतीश प्रसाद सिंह]] |परबत्ता |28 जनवरी 1968 |1 फ़रवरी 1968 |5 दिन | rowspan="2" |शोषित दल | rowspan="2" style="background-color:#F8F9FA" | |- align="center" style="height: 60px;" |7 | [[File:B.P Mandal.jpg|75x75px]] |[[बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल]] |[[बिहार विधान परिषद]] |1 फ़रवरी 1968 |22 मार्च 1968 |51 दिन |- align="center" style="height: 60px;" |8 |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[भोला पासवान शास्त्री]] |कोढ़ा |22 मार्च 1968 |29 जून 1968 |100 दिन |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |style="background-color: #19AAED" | |- align="center" style="height: 60px;" |– |[[File:Emblem_of_India.svg|alt=State Emblem of India|101x101px]] |''रिक्त''{{efn|name=PR|जब "किसी राज्य में सरकार को संविधान के अनुरूप नहीं चलाया गया हो तो वहाँ [[राष्ट्रपति शासन]] लगाया जा सकता है, जो अक्सर उस स्थिति में होता है जब कोई भी पार्टी अथवा गठबंधन विधानसभा में बहुमत नहीं प्राप्त करता है। जब राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होता है तब इसका मंत्रीपरिषद् भी भंग रहता है। इस स्थिति में मुख्यमंत्री का कार्यालय रिक्त रहता है एवं सभी प्रशासनिक कार्य राज्यपाल के अधीन हो जाते हैं, जो केन्द्र सरकार की ओर से कार्य करत है। इस समय पर विधानसभा भी भंग रहती है।<ref name="Diwanji">{{cite web |url=http://www.rediff.co.in/news/2005/mar/15spec1.htm |title=A dummy's guide to President's rule |website=Rediff.com |date=15 मार्च 2005 |access-date=17 अगस्त 2022 |archive-date=19 मई 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130519111701/http://www.rediff.co.in/news/2005/mar/15spec1.htm |url-status=dead }}</ref>}}<br />([[राष्ट्रपति शासन]]) |N/A |29 जून 1968 |26 फ़रवरी 1969 |{{Age in years and days|1968|6|29|1969|2|26}} |''भंग'' |N/A | style="background-color: white" | |- align="center" style="height: 60px;" |9 |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[हरिहर सिंह]] |नयाग्राम |26 फ़रवरी 1969 |22 जून 1969 |117 दिन | rowspan="6" |[[बिहार विधान सभा|5वीं विधानसभा]]<br><small>(1969 के चुनाव)</small> |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] | style="background-color: #19AAED" | |- align="center" style="height: 60px;" |(8) |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[भोला पासवान शास्त्री]] |कोढ़ा |22 जून 1969 |4 जुलाई 1969 |13 दिन |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (संगठन)|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ)]] | style="background-color: yellow" | |- align="center" style="height: 60px;" |– |[[File:Emblem_of_India.svg|alt=State Emblem of India|101x101px]] |''रिक्त''{{efn|name=PR}} |N/A |6 जुलाई 1969 |16 फ़रवरी 1970 |{{Age in years and days|1969|7|6|1970|2|16}} |N/A | style="background-color: white" | |- align="center" style="height: 60px;" |10 |[[File:Daroga Prasad Rai.jpg|75x75px]] |[[दरोगा प्रसाद राय]] |परसा |16 फ़रवरी 1970 |22 दिसम्बर 1970 |310 दिन |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] | style="background-color: #19AAED" | |- align="center" style="height: 60px;" |11 |[[File:Karpoori_Thakur_1991_stamp_of_India.jpg|99x99px]] |[[कर्पूरी ठाकुर]] |समस्तीपुर |22 दिसम्बर 1970 |2 जून 1971 |163 दिन |शोशलिस्ट पार्टी | style="background-color: pink" | |- align="center" | style="height: 60px;" |(8) |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[भोला पासवान शास्त्री]] |कोढ़ा |2 जून 1971 |9 जनवरी 1972 |222 दिन |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] | width="4px" style="background-color: #19AAED" | |- align="center" |– |[[File:Emblem_of_India.svg|alt=State Emblem of India|101x101px]] |''रिक्त''{{efn|name=PR}} |N/A |9 जनवरी 1972 |19 मार्च 1972 |{{Age in years and days|1972|1|9|1972|3|19}} |''भंग'' |N/A | |- align="center" style="height: 60px;" |12 |[[File:Kedar_Pandey.jpg|94x94px]] |[[केदार पांडे]] |नौतन |19 मार्च 1972 |2 जुलाई 1973 |{{Age in years and days|1972|3|19|1973|7|2}} | rowspan="3" |[[बिहार विधान सभा|6वीं विधानसभा]]<br><small>(1972 के चुनाव)</small> | rowspan="3" |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] | rowspan="3" style="background-color: #19AAED" | |- align="center" style="height: 60px;" |13 |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[अब्दुल गफ़ूर]] |[[बिहार विधान परिषद]] |2 जुलाई 1973 |11 अप्रैल [[1975]] |{{Age in years and days|1973|7|2|1975|4|11}} |- align="center" style="height: 60px;" |14 | |[[जगन्नाथ मिश्र]] |झंझारपुर |11 अप्रैल 1975 |30 अप्रैल 1977 |{{Age in years and days|1975|4|11|1977|4|30}} |- align="center" style="height: 60px;" |– |[[File:Emblem_of_India.svg|alt=State Emblem of India|101x101px]] |''रिक्त''{{efn|name=PR}} |N/A |30 अप्रैल 1977 |24 जून 1977 |{{Age in years and days|1977|4|30|1977|6|24}} |''भंग'' |N/A | style="background-color: white" | |- align="center" style="height: 60px;" |(11) |[[File:Karpoori_Thakur_1991_stamp_of_India.jpg|99x99px]] |[[कर्पूरी ठाकुर]] |फुलपरास |24 जून 1977 |21 April 1979 |{{Age in years and days|1977|6|24|1979|4|21}} | rowspan="2" |[[बिहार विधान सभा|7वीं विधानसभा]]<br><small>(1977 के चुनाव)</small> | rowspan="2" |[[जनता पार्टी]] | rowspan="2" style="background-color: #1F75FE" | |- align="center" style="height: 60px;" |15 |[[File:No_image_available.svg|75x75px]] |[[रामसुंदर दास]] |सोनपुर |21 April 1979 |17 फ़रवरी 1980 |{{Age in years and days|1979|4|21|1980|2|17}} |- align="center" style="height: 60px;" |– |[[File:Emblem_of_India.svg|alt=State Emblem of India|101x101px]] |''रिक्त''{{efn|name=PR}} |N/A |17 फ़रवरी 1980 |8 जून 1980 |{{Age in years and days|1980|2|17|1980|6|8}} | |N/A | style="background-color: white" | |- align="center" style="height: 60px;" |(14) |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[जगन्नाथ मिश्र]] |झंझारपुर |8 जून 1980 |14 अगस्त 1983 |{{Age in years and days|1980|6|8|1983|8|14}} | rowspan="2" |[[बिहार विधान सभा|8वीं विधानसभा]]<br><small>(1980 के चुनाव)</small> | rowspan="6" |[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] | rowspan="6" style="background-color: #19AAED" | |- align="center" | style="height: 60px;" |16 |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[चंद्रशेखर सिंह]] |[[बिहार विधान परिषद]] |14 अगस्त 1983 |12 मार्च 1985 |{{Age in years and days|1983|8|14|1985|3|12}} |- align="center" |17 |[[File:B.dubey(3).jpg|94x94px]] |[[बिंदेश्वरी दुबे]] |शाहपुर |12 मार्च 1985 |13 फ़रवरी 1988 |{{Age in years and days|1985|3|12|1988|2|13}} | rowspan="4" |[[बिहार विधान सभा|9वीं विधानसभा]]<br><small>(1985 के चुनाव)</small> |- align="center" style="height: 60px;" |18 |[[File:Bhagwat_Jha_Azad.jpg|108x108px]] |[[भागवत झा आजाद]] |[[बिहार विधान परिषद]] |14 फ़रवरी 1988 |10 मार्च 1989 |{{Age in years and days|1988|2|14|1989|3|10}} |- align="center" style="height: 60px;" |19 |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[सत्येन्द्र नारायण सिन्हा]] |[[बिहार विधान परिषद]] |11 मार्च 1989 |6 दिसम्बर 1989 |{{Age in years and days|1989|3|11|1989|12|6}} |- align="center" style="height: 60px;" |(14) |[[File:No image available.svg|75x75px]] |[[जगन्नाथ मिश्र]] |झंझारपुर |6 दिसम्बर 1989 |10 मार्च 1990 |{{Age in years and days|1989|12|6|1990|3|10}} |- align="center" style="height: 60px;" |20 |[[File:The Union Minister for Railways, Shri Lalu Prasad addressing the Media to announce a policy matter in New Delhi on September 12, 2004.jpg|94x94px]] |[[लालू प्रसाद यादव]] |[[बिहार विधान परिषद]] |10 मार्च 1990 |28 मार्च 1995 |{{Age in years and days|1990|3|10|1995|3|28}} |[[बिहार विधान सभा|10वीं विधानसभा]]<br><small>(1990 के चुनाव)</small> |[[जनता दल]] | style="background-color: #2E8B57" | |- align="center" style="height: 60px;" |– |[[File:Emblem_of_India.svg|alt=State Emblem of India|101x101px]] |''रिक्त''{{efn|name=PR}} |N/A |28 मार्च 1995 |4 April 1995 |{{Age in years and days|1995|3|28|1995|4|4}} |''भंग'' |N/A | style="background-color: white" | |- align="center" style="height: 60px;" | rowspan="2" |(20) | rowspan="2" |[[File:The Union Minister for Railways, Shri Lalu Prasad addressing the Media to announce a policy matter in New Delhi on September 12, 2004.jpg|94x94px]] | rowspan="2" |[[लालू प्रसाद यादव]] | rowspan="2" |राघोपुर | rowspan="2" |4 April 1995 | rowspan="2" |25 जुलाई 1997 | rowspan="2" |{{Age in years and days|1995|4|4|1997|7|25}} | rowspan="5" |[[बिहार विधान सभा|11वीं विधानसभा]]<br><small>(1995 के चुनाव)</small> |[[जनता दल]] | style="background-color: #2E8B57" | |- align="center" style="height: 60px;" | rowspan="2" |[[राष्ट्रीय जनता दल]] | rowspan="2" style="background-color: #008000" | |- align="center" | style="height: 60px;" |21 |[[File:Rabri Devi presenting a cheque for Rs. 10 crore on behalf of the State Government to the Prime Minister, Dr. Manmohan Singh for the Prime Minister's National Relief Fund, in New Delhi on January 04, 2005 (cropped).jpg|94x94px]] |[[राबड़ी देवी]] |[[बिहार विधान परिषद]] |25 जुलाई 1997 |11 फ़रवरी 1999 |{{Age in years and days|1997|7|25|1999|2|11}} |- align="center" |– |[[File:Emblem_of_India.svg|alt=State Emblem of India|101x101px]] |''रिक्त''{{efn|name=PR}}) |N/A |11 फ़रवरी 1999 |9 मार्च 1999 |{{Age in years and days|1999|2|11|1999|3|9}} |N/A | |- align="center" style="height: 60px;" |(21) |[[File:Rabri Devi presenting a cheque for Rs. 10 crore on behalf of the State Government to the Prime Minister, Dr. Manmohan Singh for the Prime Minister's National Relief Fund, in New Delhi on January 04, 2005 (cropped).jpg|94x94px]] |[[राबड़ी देवी]] |[[बिहार विधान परिषद]] |9 मार्च 1999 |2 मार्च 2000 |{{Age in years and days|1999|3|9|2000|3|2}} |[[राष्ट्रीय जनता दल]] | style="background-color: #008000" | |- align="center" style="height: 60px;" |22 |[[File:The_Chief_Minister_of_Bihar,_Shri_Nitish_Kumar_meeting_with_the_Deputy_Chairman,_Planning_Commission,_Shri_Montek_Singh_Ahluwalia_to_finalize_Annual_Plan_2007-08_of_the_State,_in_New_Delhi_on_February_14,_2007_(Nitish_Kumar)_(cropped).jpg|99x99px]] |[[नितीश कुमार]] {{efn|15 नवम्बर 2000 को नये राज्य [[झारखण्ड]] के निर्माण से बिहार की ज्यामिति बदल गयी।}} |[[बिहार विधान परिषद]] |3 मार्च 2000 |10 मार्च 2000 |{{Age in years and days|2000|3|3|2000|3|10}} | rowspan="2" |[[बिहार विधान सभा|12वीं विधानसभा]]<br><small>(2000 के चुनाव)</small> |[[समता पार्टी]] | width="4px" style="background-color: #fcad03" | |- align="center" style="height: 60px;" |(21) |[[File:Rabri Devi presenting a cheque for Rs. 10 crore on behalf of the State Government to the Prime Minister, Dr. Manmohan Singh for the Prime Minister's National Relief Fund, in New Delhi on January 04, 2005 (cropped).jpg|94x94px]] |[[राबड़ी देवी]] |राघोपुर |11 मार्च 2000 |6 मार्च 2005 |{{Age in years and days|2000|3|11|2005|3|6}} |[[राष्ट्रीय जनता दल]]<ref>{{cite web | url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000320-nitish-kumars-government-in-bihar-not-outvoted-as-much-as-outmanoeuvred-by-laloo-yadav-777236-2000-03-20 | title=Nitish Kumar's government in Bihar not outvoted as much as outmanoeuvred by Laloo Yadav }}</ref> |style="background-color: #008000" | |- align="center" style="height: 60px;" |– |[[File:Emblem_of_India.svg|alt=State Emblem of India|101x101px]] |''रिक्त''{{efn|name=PR}} |N/A |7 मार्च 2005 |24 नवम्बर 2005 |{{Age in years and days|2005|3|7|2005|11|24}} |[[बिहार विधान सभा|13वीं विधानसभा]]<br/> <small>(फ़रवरी 2005 के चुनाव)</small> |N/A | |- align="center" style="height: 60px;" | rowspan="2" |(22) | rowspan="2" |[[File:The_Chief_Minister_of_Bihar,_Shri_Nitish_Kumar_meeting_with_the_Deputy_Chairman,_Planning_Commission,_Shri_Montek_Singh_Ahluwalia_to_finalize_Annual_Plan_2007-08_of_the_State,_in_New_Delhi_on_February_14,_2007_(Nitish_Kumar)_(cropped).jpg|99x99px]] | rowspan="2" |[[नितीश कुमार]] | rowspan="2" |[[बिहार विधान परिषद]] |24 नवम्बर 2005 |26 नवम्बर 2010 | rowspan="2" |{{Age in years and days|2005|11|24|2014|5|20}} |[[बिहार विधान सभा|14वीं विधानसभा]]<br/> <small>(अक्टूबर 2005 के चुनाव)</small> | rowspan="7" |[[जनता दल (यूनाइटेड)]] | rowspan="7" style="background-color: #003366" | |- align="center" style="height: 60px;" |26 नवम्बर 2010 |20 मई 2014 | rowspan="3" |[[बिहार विधान सभा|15वीं विधानसभा]]<br><small>(2010 के चुनाव)</small> |- align="center" style="height: 60px;" |23 |[[File:Sri_Jitan_Ram_Manjhi.jpg|79x79px]] |[[जीतन राम मांझी]] |मखदूमपुर |20 मई 2014 |22 फ़रवरी 2015 |278 दिन |- align="center" style="height: 60px;" | rowspan="4" |(22) | rowspan="4" |[[File:The_Chief_Minister_of_Bihar,_Shri_Nitish_Kumar_meeting_with_the_Deputy_Chairman,_Planning_Commission,_Shri_Montek_Singh_Ahluwalia_to_finalize_Annual_Plan_2007-08_of_the_State,_in_New_Delhi_on_February_14,_2007_(Nitish_Kumar)_(cropped).jpg|99x99px]] | rowspan="4" |नीतीश कुमार | rowspan="4" |[[बिहार विधान परिषद]] |22 फ़रवरी 2015 |20 नवम्बर 2015 | rowspan="4" |{{Age in years and days|2015|2|22}} |- align="center" style="height: 60px;" |20 नवम्बर 2015 |16 नवम्बर 2020 |16वीं विधानसभा<br> [[बिहार विधान सभा चुनाव,२०१५|<small>(2015 के चुनाव)</small>]] |- align="center" style="height: 60px;" |16 नवम्बर 2020 |17 नवम्बर 2025 |17वीं विधानसभा<br> [[बिहार विधानसभा चुनाव, 2020|<small>(2020 के चुनाव)</small>]] |- align="center" |20 नवम्बर 2025 |14 अप्रैल 2026 |rowspan="2" |18वीं विधानसभा<br> [[बिहार विधानसभा चुनाव, 2025|<small>(2025 के चुनाव)</small>]] |- align="center" style="height: 60px;" |24 |[[File:Nitish Kumar, Samrat Chaudhary and Vijay Sinha boarding on Patna Metro (cropped).jpg|99x99px]] |[[सम्राट चौधरी]] |तारापुर |15 अप्रैल 2026 |''पदधारी'' |{{Age in years and days|2026|4|15}} |[[भारतीय जनता पार्टी]] | style="background-color: #FF9933" | |- align="center" style="height: 60px;" |} == सन्दर्भ == ===टिप्पणियाँ=== {{notelist}} ===स्रोत=== {{टिप्पणीसूची}} {{बिहार के मुख्यमंत्री}} {{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}} {{आधार}} [[श्रेणी:बिहार के मुख्यमंत्री]] [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूचियाँ]] izq9tzgoa47uowaifmbs2ivfano77ye एंडी मरे 0 43429 6541129 5428160 2026-04-16T06:55:05Z AMAN KUMAR 911487 सुधार किया संदर्भ तथा भाषा 6541129 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसंदूक टेनिस खिलाड़ी | playername = एंडी मरे | image = [[चित्र:Andy Murray at the 2009 French Open 6.jpg|180px|एंडी मरे]] | country = {{पताका|यूनाइटेड किंगडम}} | residence = [[लंदन]], [[यूनाइटेड किंगडम]] | datebirth = {{जन्म तिथि एवं आयु|1987|5|15|df=y}} | placebirth = [[डनब्लेन]], [[स्कॉटलैंड]] | height = 1.91 मी. | weight = 82 कि.ग्रा. | turnedpro = 2005 | retired = 2024 | plays = दाएं हाथ से; दोनों हाथों से बैकहैंड | careerprizemoney = US $64,687,542 | singlesrecord = 739–262 | singlestitles = 46 | highestsinglesranking = नंबर 1 ([[7 नवम्बर]] []) | AustralianOpenresult = उप-विजेता (2010, 2011, 2013, 2015, 2016) | FrenchOpenresult = उप-विजेता (2016) | Wimbledonresult = विजेता (2013, 2016) | USOpenresult = विजेता (2012) | doublesrecord = 83–86 | doublestitles = 3 | highestdoublesranking = नंबर 51 ([[17 अक्टूबर]] []) | updated = [[1 अगस्त]] [] }} '''सर एंड्रयू बैरोन "एंडी" मरे''' (जन्म: [[15 मई]] []) [[स्कॉटलैंड]] के एक पूर्व पेशेवर टेनिस खिलाड़ी हैं, जो [[यूनाइटेड किंगडम]] का प्रतिनिधित्व करते थे।<ref name="ATP">{{Cite web|url=http://www.atptour.com/en/players/andy-murray/mc10/overview|title=Andy Murray {{!}} Overview {{!}} ATP Tour {{!}} Tennis|website=ATP Tour|language=en|access-date=2026-04-16}}</ref> वे 41 हफ्तों तक विश्व के नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने अपने करियर में 3 ग्रैंड स्लैम (Grand Slam) और 2 ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते हैं। मरे ने [[16 अप्रैल]] [] को पहली बार आधिकारिक एटीपी (ATP) टॉप 10 में जगह बनाई थी। अगस्त [] में [[नोवाक जोकोविच]] को हराकर [[2008 सिनसिनाटी मास्टर्स]] जीतने के बाद उनकी रैंकिंग 6 हो गई थी, और अंततः 2016 में वे दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी बने।<ref name="guardian">{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/sport/2008/aug/03/andymurray.tennis1|title=Tennis: Murray masters Djokovic to claim Cincinnati triumph|last=Anthony|first=Scott|date=2008-08-03|work=The Guardian|access-date=2026-04-16|language=en-GB|issn=0261-3077}}</ref> अगस्त 2024 में उन्होंने पेशेवर टेनिस से संन्यास ले लिया। == करियर आँकड़े == === प्रमुख ग्रैंड स्लैम एकल फाइनल === ==== विजेता (3) ==== {| class="wikitable" |- bgcolor="#eeeeee" ! वर्ष !! प्रतियोगिता !! फाइनल में प्रतिद्वंद्वी !! स्कोर |- bgcolor="#CCFFCC" | [[2012 अमरीकी ओपन टेनिस प्रतियोगिता|2012]] || [[2012 अमेरिकी ओपन टेनिस प्रतियोगिता|अमरीकी ओपन]] || {{पताका प्रतिरूप|सर्बिया}} [[नोवाक जोकोविच]] || 7–6, 7–5, 2–6, 3–6, 6–2 |- bgcolor="#CCFFCC" | [[2013 विंबलडन टेनिस प्रतियोगिता|2013]] || [[2013 विंबलडन टेनिस प्रतियोगिता|विंबलडन]] || {{पताका प्रतिरूप|सर्बिया}} [[नोवाक जोकोविच]] || 6–4, 7–5, 6–4 |- bgcolor="#CCFFCC" | [[2016 विंबलडन टेनिस प्रतियोगिता|2016]] || [[2016 विंबलडन टेनिस प्रतियोगिता|विंबलडन]] || {{पताका प्रतिरूप|कनाडा}} [[मिलोस राओनिक]] || 6–4, 7–6, 7–6 |} ==== उप-विजेता (8) ==== {| class="wikitable" |- bgcolor="#eeeeee" ! वर्ष !! प्रतियोगिता !! फाइनल में प्रतिद्वंद्वी !! स्कोर |- bgcolor="#FFFFCC" | [[2008 अमरीकी ओपन टेनिस प्रतियोगिता|2008]] || अमरीकी ओपन || {{पताका प्रतिरूप|स्विट्ज़रलैंड}} [[रोज़र फ़ेडरर]] || 2–6, 5–7, 2–6 |- bgcolor="#FFFFCC" | [[2010 ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस प्रतियोगिता|2010]] || ऑस्ट्रेलियाई ओपन || {{पताका प्रतिरूप|स्विट्ज़रलैंड}} [[रोज़र फ़ेडरर]] || 3–6, 4–6, 6–7 |- bgcolor="#FFFFCC" | [[2011 ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस प्रतियोगिता|2011]] || ऑस्ट्रेलियाई ओपन || {{पताका प्रतिरूप|सर्बिया}} [[नोवाक जोकोविच]] || 4–6, 2–6, 3–6 |} *(नोट: मरे ने अपने करियर में कुल 11 ग्रैंड स्लैम फाइनल खेले हैं, यहाँ केवल प्रमुख दर्शाए गए हैं) === एटीपी मास्टर्स 1000 फाइनल === {| class="wikitable" style="font-size:97%;" |- bgcolor="#eeeeee" ! वर्ष !! प्रतियोगिता !! प्रतिद्वंद्वी !! स्कोर |- bgcolor="#CCCCFF" | [[2008 सिनसिनाटी मास्टर्स|2008]] || [[2008 सिनसिनाटी मास्टर्स - पुरुष एकल|सिनसिनाटी]] || {{पताका प्रतिरूप|सर्बिया}} [[नोवाक जोकोविच]] || 7-6(4), 7-6(5) |- bgcolor="#CCCCFF" | [[2008 मैड्रिड मास्टर्स|2008]] || [[2008 मैड्रिड मास्टर्स - पुरुष एकल|मैड्रिड]] || {{पताका प्रतिरूप|फ़्राँस}} [[जाइल्स सिमौं]] || 6–4, 7–6(6) |} == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} {{आधार}} [[श्रेणी:टेनिस खिलाड़ी]] [[श्रेणी:पुरुष टेनिस खिलाड़ी]] [[श्रेणी:1987 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:स्कॉटिश खिलाड़ी]] nb5ydb71ifmu3wqgojnj45daszbqnql इक्ष्वाकु वंश 0 65410 6540953 6372060 2026-04-15T14:44:42Z ~2026-23122-44 920536 से नागवंश आरंभ हुआ जिनसे गोंड/राजगोंड और टांक क्षत्रिय हुए ये दोनों राजवंशों का उत्पत्ति छोटा नागपुर के नागवंशी शाखा से हुए है अर्थात् ये सभी एक कुल के क्षत्रिय है। 6540953 wikitext text/x-wiki '''इक्ष्वाकु वंश''' प्राचीन वैदिक [[भारत]] के शासकों का एक वंश है। इनकी उत्पत्ति राजा इक्ष्वाकु जिनको जैन लोग [[ऋषभदेव]] भगवान के नाम से जाने जाते है उनके प्रथम आहार [[गन्ना|ईख]] के रस के मिलने से हुई थी इक्ष्वाकु वंश की स्थापना ।आदिनाथ भगवान के जैन दीक्षा लेने के बाद आहार के लिए कोई नही जानता था ऐसे मैं राजा सोम श्रेयांश को पूर्व भाव से आहार विधि याद आई चुकी जैन साधु की आहार विधि पूर्ण शुद्ध होती है जिससे कठिनाई होती है छह माह के बाद राजा सोम श्रेयांश को यह विधि याद आने पर भगवान आदिनाथ को आहार जो कराया वो प्रथम आहार ईख का था इससे प्रभावित होकर भगवान आदिनाथ के पुत्र [[भरत चक्रवर्ती]] ने ही '''इक्ष्वाकु कुल की स्थापना आदिनाथ से ही मानी,''' आदिनाथ या [[ऋषभदेव]] प्राचीन [[कोशल]] देश जिसे विनीता नगरी भी कहा जाता है के राजा थे और इनकी राजधानी [[अयोध्या]] थी। [[रामायण]] और [[महाभारत]] में इन दोनों वंशों के अनेक प्रसिद्ध शासकों का उल्लेख मिलता है। श्रीराम इस वंश में जन्मे और [[बौद्ध धर्म]] में भी इक्ष्वाकु वंश का बहुत महत्त्व है। सभी [[तीर्थंकर|जैन तीर्थंकर]] [[ऋषभदेव]] से प्रारंभ होकर इक्ष्वाकु वंश में उत्पन्न हुए थे ऋषभदेव ही इस वंश के जनक है। [[बुद्धवंश]] के अनुसार शाक्यमुनि [[गौतम बुद्ध]] शाक्य कोलिय, ओक्काक के कुल में जन्मे थे जो संस्कृत के 'इक्ष्वाकु' का ही [[पालि]] रूप है। इक्ष्वाकु वंश को रघुवंश कहा जाता है जिसके वंशज [[रघुवंशी]] है जो मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश और राजस्थान में मुख्यता पाए जाते है == शासकों की सूची == [[ब्रह्मा]] जी के 10 मानस पुत्रों में से एक [[मरीचि]] जो की जैन मान्यता अनुसार आदिनाथ के प्रपौत्र और भरत के पुत्र हैं। [[इक्ष्वाकु]] को भगवान ऋषभदेव भी कहा जाता है। भगवान ऋषभदेव [[आदिनाथ]] के पुत्र [[भरत]] के नाम पर भारत का नाम पड़ा ये आदिनाथ के बाद इक्ष्वाकु वंश में प्रथम चक्रवर्ती भी माने जाते है। यहाँ से सनातन सतयुग आरम्भ होता हैं। संपादित करें 1- ब्रह्मा जी के पुत्र [[मरीचि]] 2- मरीचि के पुत्र [[कश्यप]] 3- कश्यप के पुत्र [[विवस्वान]] या [[सूर्य]] 4- विवस्वान के पुत्र वैवस्वत [[मनु]] – जिनसे [[सूर्यवंश]] का आरम्भ हुआ। 5- वैवस्वत के पुत्र [[नाभाग]] 6- [[नाभाग]] 7- [[अम्बरीष]] 8- विरुप 9- पृषदश्व 10- रथीतर 11- इक्ष्वाकु कोलिय – ये परम प्रतापी राजा थे, इनसे इस वंश का एक नाम इक्ष्वाकु कोलिय नागवंशी वंश' हुआ। (दूसरी जगह इनके पिता वैवस्वत मनु भी वताये जाते हैं ) *12- कुक्षि *13- विकुक्षि *14- पुरन्जय *15- अनरण्य प्रथम *16- [[पृथु]] *17- विश्वरन्धि *18- [[चंद्र]] *19- [[युवनाश्व]] *20- वृहदश्व *21- धुन्धमार *22- [[दृढाश्व]] *23- [[हर्यश्व]] *24- [[निकुम्भ]] *25- वर्हणाश्व *26- कृशाष्व *27- सेनजित *28- युवनाश्व द्वितीय === यहाँ से [[त्रेतायुग]] आरम्भ होता हैं। === *29- [[मान्धातृ|मान्धाता]] ''सूर्यवंशी कोलिय क्षत्रिय के इष्टदेव भगवान श्री मान्धाता महाराजा हैं। राजा मान्धाता ने पूरी पृथ्वी पर शासन किया, इसी कारण से मांधाता को पृथ्वीपति के नाम से जाना जाता हैं।'' *30- [[पुरुकुत्स]] *31- [[त्रसदस्यु]] *32- [[अनरण्य]] *33- [[हर्यश्व]] *34- [[अरुण]] *35- निबंधन *36- सत्यवृत ([[त्रिशंकु]]) *37- सत्यवादी [[राजा हरिश्चन्द्र]] *38- रोहिताश *39- चम्प *40- [[वसुदेव]] *41- [[विजय]] *42- भसक *43- [[वृक]] *44- बाहुक *45- [[सगर]] *46- अमंजस *47- [[अंशुमान]] *48- दिलीप प्रथम *49- [[भगीरथ]] – ''जो [[गंगा नदी|गंगा]] को धरती पर लाये।'' *50- [[श्रुत]] *51- नाभ *52- सिन्धुदीप *53- अयुतायुष *54- [[ऋतुपर्ण]] *55- [[सर्वकाम]] *56- [[सुदास]] *57- सौदास *58- [[अश्मक]] *59- [[मूलक]] *60- सतरथ *61- एडविड *62- विश्वसह *63- [[खटवाँग]] *64- [[दिलीप]] (दीर्घवाहु) *65- '''[[रघु]]''' – ''ये सूर्यवंश के सवसे प्रतापी राजा थे।'' *66- [[अज]] *67- [[दशरथ]] *68- '''[[राम]]''' ([[लक्ष्मण]], [[भरत]], [[शत्रुघ्न]]) *69- [[कुश]] === यहाँ से [[द्वापर युग]] शुरु होता है। === *70- [[अतिथि]] *71- [[निषध]] *72- [[नल-दमयन्ती|नल]] *73- [[नभ]] *74- [[पुण्डरीक]] *75- क्षेमधन्मा *76- [[देवानीक]] *77- अनीह *78- परियात्र *79- [[बल]] *80- [[उक्थ]] *81- वज्रना *82- खगण *83- व्युतिताष्व *84- विश्वसह *85- [[हिरण्याभ]] *86- [[पुष्य]] *87- ध्रुवसंधि *88- [[सुदर्शन]] *89- [[अग्निवर्ण]] *90- [[शीघ्र]] *91- [[मरु]] *92- प्रश्रुत *93- सुसंधि *94- [[अमर्ष]] *95- महस्वान *96- विश्वबाहु *97- प्रसेनजक *98- [[तक्षक]] से नागवंश आरंभ हुआ जिनसे गोंड/राजगोंड और टांक क्षत्रिय हुए ये दोनों राजवंशों का उत्पत्ति छोटा नागपुर के नागवंशी शाखा से हुए है अर्थात् ये सभी एक कुल के क्षत्रिय है। *99- [[बृहद्बल|वृहद्वल]] *100- वृहत्रछत् === यहाँ से [[कलियुग]] आरम्भ होता हैं। === *101- उरुक्रीय (या गुरुक्षेत्र) *102- वत्सव्यूह *103- प्रतियोविमा *104- [[भानु]] *105- दिवाकर (या दिवाक) *106- वीर सहदेव *107- बृहदश्व II *108- भानुराठ (या भानुमान) *109- प्रतिमाव *110- सुप्रिक *111- मरुदेव *112- सूर्यक्षेत्र *113- [[पुष्कर]] (या किन्नरा) *114- अंतरीक्ष *115- सुवर्णा (या सुताप) *116- [[सुमित्रा]] (या अमितराजित) *117- ब्रुहदराज (ओक्काका) *118- [[बरही]] (ओक्कामुखा) *119- कृतांजय (सिविसमंजया) *120- रणजय्या (सिहसारा) * [[संजय]] ([[महाकोशल]] या जयसेना) *121- [[शाक्य]] (सिहानू:शाक्य कोलिय वंश के संस्थापक) *122- [[शुद्धोधन]] *123- [[गौतम बुद्ध|सिद्धार्थ]], गौतम बुद्ध (शाक्य कोलिय वंश) *124- [[राहुल]] शाक्य ही फिर मौर्य बन गये शाक्यों ओर कोलियो के नरसंघार के बाद *125- प्रसेनजीत *126- कुशद्रका (या [[कुंतल]]) *127- रानाक (या कुलका) *128- [[सुरथ]] *129- सुमित्र राजा सुमित्र एक क्रूर राजा था अंतिम शासक सूर्यवंश थे, जिन्हें 362 ईसा पूर्व में [[मगध]] के शक्तिशाली सम्राट महापद्म नंद ने हराया था। महापद्मनंद ने क्षत्रिय कर नरसंहार किया इसलिए इन्हे २ परशुराम कहा जाता है राजा सुमित्रा इसके पश्चात वह [[बिहार]] में स्थित रोहतास चले गये थे और आगे चलकर उन्होंने कछवाहा की स्थापना किया [[श्रेणी:प्राचीन भारत]] == इन्हें भी देखें == * [[सूर्यवंश]] * [[चंद्रवंश]] * [[सनातन धर्म]] * [[भारत का इतिहास]] * [[हिन्दू साम्राज्यों और राजवंशों की सूची]] == सन्दर्भ == k9sp5qahwqxzrv3m39m9084cwesyrf0 डीडी उर्दू 0 65915 6541125 5593164 2026-04-16T06:35:15Z AMAN KUMAR 911487 पहले से अनुवादित 6541125 wikitext text/x-wiki {{Infobox broadcasting network |network_name = दूरदर्शन उर्दू <br>دوردرشن اردو |network_logo = <!-- Commented out: [[File:Doordarshan.png|185px|Doordarshan Logo]] --> |country = [[भारत]] |network_type = [[स्थलीय और उपग्रह टेलीविज़न]]<br>[[टेलीविज़न नेटवर्क]] |available = भारत और एशिया में चीन व खाड़ी देशों में |owner = [[प्रसार भारती]] |launch_date = 2002 (दूरदर्शन केंद्र दिल्ली के अनुसार) |past_names = दूरदर्शन केंद्र दिल्ली |brand = डीडी (दूरदर्शन) |headquarters = [[नई दिल्ली]], [[भारत]] |website = }} '''डीडी उर्दू''' [[प्रसार भारती]] द्वारा संचालित टीवी चैनल है जो दिल्ली के दूरदर्शन केन्द्र से प्रसारित होता है। डीडी उर्दू चैनल का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकों के बीच [[उर्दू भाषा]] का प्रसार करने से है। डीडी उर्दू का प्रमुख कार्यालय [[दिल्ली]] के [[मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन]] के पास में है। डीडी उर्दू का प्रसारण [[भारतीय उपमहाद्वीप]] और [[खाड़ी देश|खाड़ी देशों]] के कुछ हिस्सों में उपलब्ध है। == इन्हें भी देखें == * [[डीडी नेशनल पर प्रसारित कार्यक्रमों की सूची]] * [[आकाशवाणी|ऑल इंडिया रेडियो]] * [[डीडी फ्री डिश|डीडी डायरेक्ट प्लस]] * [[देश अनुसार दक्षिण एशियाई टेलीविजन चैनलों की सूची]] * [[चेन्नई में मीडिया]] * [[प्रसार भारती|सूचना और प्रसारण मंत्रालय]] ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20130726051932/http://www.ddindia.gov.in/ दूरदर्शन की आधिकारिक इंटरनेट साईट] * [https://web.archive.org/web/20130904045856/http://www.ddinews.gov.in/ दूरदर्शन न्यूज़ साईट ] * [https://web.archive.org/web/20120414015108/http://passionforcinema.com/doordarshan-down-memory-lane PFC पर एक लेख ] * [https://web.archive.org/web/20190511140251/http://www.mediaworldasia.dk/ मीडिया वर्ल्ड एशिया ] ==सन्दर्भ == {{उर्दु चैनल}}{{भारत में टीवी}} [[श्रेणी:उर्दु चैनल]] [[श्रेणी:पाकिस्तान के टी वी चैनल]] [[श्रेणी:दूरदर्शन चैनल]] how8nx9s94ez5n57ym9ue5m1zl6kr34 सदस्य वार्ता:आलोचक 3 72653 6541060 6539545 2026-04-16T03:29:17Z Sanjeev bot 127039 बॉट: {{subst:हहेच लेख सूचना|पृष्ठ=फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव|कारण=[[वि:निर्देशिकानहीं]]।}}~~~~ जोड़ रहा है 6541060 wikitext text/x-wiki {{विकि प्रगति}} --<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> १६:३३, २ मई २००९ (UTC) :: सबसे अधिक कार्य आशीष भटनागर विकी पर जितना कार्य कर रहे हें उतना कोई ऑर नहीं कर रहा हे।--[[सदस्य:आलोचक|आलोचक]] ०५:०६, २५ अप्रैल २००९ (UTC) :: अशुद्ध शब्द को शुद्ध करें पूर्णिमा जी के परिचय वाले पन्ने पर '''"चिन्ह"''' शब्द तीन बार प्रयुक्त हुआ है जो अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप है " '''चिह्न''' " इसे ठीक कर दीजिए। --[[सदस्य:आलोचक|आलोचक]] १४:३३, २५ अप्रैल २००९ (UTC) :: संतरा का चित्र नमस्कार, संतरा वाले लेख में जो चित्र है वो तो कीनू का ही लगता है। पर अंग्रेजी वाले लेख से पता चलता है कि यह संतरे की कोई प्रजाति है शायद। आप एक बार देख लिजिए। यदि सही चित्र मिले तो बदल दें या सुझाव दें मैं ही दल दूंगी। धन्यवाद। --<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> ०२:११, ५ मई २००९ (UTC) ::आलेख मेरी वार्ता पर कृपया आज का आलेख के लिए चयनित अंश देखें। कुछ छोटा हो सके तो बताएं। बड़ा होने के कारण चित्र भी नहीं लगा। इस कारण नीरस सा तो नहीं लग रहा है?--<b>[[User:आशीष भटनागर|<font color="maroon">आशीष भटनागर</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:आशीष भटनागर |<font color="fuchsia">''संदेश''</font>]]</sup> ०३:४३, ८ जून २००९ (UTC) ::आज का आलेख आचार्य रामचन्द्र शुक्ल आज का आलेख के अन्तर्गत आचार्य रामचन्द्र शुक्ल लेख में कई कमियाँ हैं फिर भी इसे आज का लेख बना दिया गया। जैसे-<br /> १. " उन्होंने जिस रूप में भावों और मनोविकारों पर वे सर्वथा अभिनव और अनूठे हैं।" .... इस वाक्य का क्या आशय है ??? ......<br /> २. अंक हिन्दी में नहीं हैं।<br /> ३. प्रमुख कृति - "हिन्दी साहित्य का इतिहास चिंतामणि" ---- यह कौन सी कृति है ??<br /> ४. प्रगति मैदान में जीवनी का विमोचन जैसी खबर को यहाँ देने का कोई औचित्य नहीं है।<br /> कृपया इन त्रुटियों को दूर करें। '''--[[सदस्य:आलोचक|आलोचक]] ०७:३२, १४ जून २००९ (UTC)''' ::आलोचक जी, एक बात जानना चाहती थी अगर आप जानते हों तो बताएँ कि यायावर नाम से जो यहाँ टिप्पणियाँ लिखी गई हैं क्या वे डॉ रामसनेही लाल शर्मा 'यायावर' द्वारा लिखी गई हैं? जो हिंदी का जाने माने कवि, लेखक, प्रोफ़ेसर और पत्रकार हैं? उन्होंने परिचय नहीं दिया है पर मुझे भाषा से ऐसा ही आभास हो रहा है। उन्होंने कोई गलत बात तो नहीं कही है फिर कुछ सदस्य उनके विरुद्ध अशिष्ट भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। क्या गलत हिंदी लिखने के लिए किसी को टोका नहीं जाना चाहिए? या विकि की हिंदी ऐसी ही रहनी चाहिए जैसी इन लोगों ने बना रखी है। क्या प्रबंधक ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करते हैं?--[[सदस्य:सुरुचि|सुरुचि]] ०६:२६, २९ जून २००९ (UTC)<br /> ::सुरुचि जी ! मुझे भी यही लगता है कि "यायावर" शायद डा० यायावर जी ही हों। और यदि न भी हों तो भी जो बातें उठाई गई हैं वे एकदम ठीक हैं और विकी के लिए बहुत आवश्यक हैं। चौपाल पर न जाने क्या-क्या लिखा जा रहा है। कोई गलती बताओ तो ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं कि दुबारा कोई कुछ लिखने की हिम्मत ही न जुटाए। वह भी प्रबंधक स्तर के लोग ! ये हिन्दी भाषा की अस्मिता से जुड़ा प्रश्न है, सही हिन्दी ही लिखी जानी चाहिए विकी पर। मैंने चौपाल पर कुछ लिखा है, जब भी समय मिले उसे आप भी देख लीजिए। <br />--[[सदस्य:आलोचक|आलोचक]] ०५:२३, ४ जुलाई २००९ (UTC) ::आलोचक जी! सादर प्रणाम,<br /> आप मुझसे कुछ खास नाराज हैं शायद। इसीलिए मैंने कारण पूछने के लिए संदेश लिखा है। कोई खास कृत्य है क्या? क्या मैंने कहीं कुछ ऐसा गलत लिखा है संदेशों में कि जो झूठ हो, या एकदम ही गलत हो? या मैंने कभी आपके द्वारा बतायी गई गलतियों को नहीं माना है, बल्कि सदा धन्यवाद ही किया है, व प्रयास किया है कि सुधार भी कर दूं। मैंने कभी अपनी भाषा का कोई गुणगान नहीं किया, कि मुझे बड़बोले की उपाधि मिले। वैसे तो मेरी ऐसी भाषा है भी नहीं कि कुछ बढ़ाई करूं। किसी अन्य सदस्य ने कुछ गलत बात लिखी हो, तो शायद मैंने अनदेखी कर दी हो, सार्वजनिक रूप से, तो उसके लिए तो सभी प्रबंधक समान रूप से जिम्मेदार हैं। पूर्णीमा जी के जहां तक छोड़कर जाने की बात है, उनसे मेरी बात हो चुकी है, व उन्होंने बताया है, कि वे अपने शहर से बाहर हैं, व जुलाई के अंत तक ही वापस आयेंगीं, तभी सामान्य संपादन कार्य आरंभ करेंगीं। तब तक यदा-कदा मौका एवं समय मिलने पर दिखाई देतीं हैं। मुझे ये भी याद है कि आपने समय समय पर मेरी प्रशंसा भी की है। जहां तक आलेख स्तंभ की बात है, तो मैंने कहीं लिखा भी था, कि वह दो सदस्यों के एकदम से छुट्टी पर चले जाने के कारण मुझे आपात स्थिति में संभालना पड़ा, जिसे मैंने अकेले संभाला था। साथ ही लेखों को प्रत्याशी सूची में भी रखा था। २-३ दिनों के लेख एडवांस में तैयार रहते थे, कि जिससे कोई भूल सुधार का समय रहे, व मुझे ७ दिन छुट्टी पर जाना पड़ा, तो आगे तक का काम पूरा कर के गया। जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो लेख मुखपृष्ठ पर ज्यों का त्यों आ गया। इसमें मुझसे नाराजगी का कारण समझ नहीं आया। कभी क्षमा मांगने में भी कमी नहीं की। और कोरी क्षमा ही नहीं, उन गलतियों को सुधारा भी है। फिर भी कुछ गलतियां हों तो अवश्य बताएं, किंतु यों नाराज व निरुत्साह न हों। आप व अन्य विद्वान यहां की शोभा हैं, यदि शोभा ही चली गई तो बस आगे क्या कहूं..... कृपया भूलों को क्षमा करें व उसी उत्साह एवं कड़ाई(आलोचना करने में) से यहां शोभायमान रहें, जिससे आप पहले आए थे। आप हिन्दी विकि की सेवा करें, हम सदा आपकी सेवा में तत्पर हैं।--<small><span style="border:1px solid #0000ff;padding:1px;">[[User:आशीष भटनागर|<b>आशीष भटनागर</b>]][[User_talk:आशीष भटनागर|<font style="color:#FF4F00;background:#4B0082;"> &nbsp;वार्ता&nbsp;</font>]] </span></small> ०७:०८, ४ जुलाई २००९ (UTC) ::नमस्कार नमस्कार जी, धन्यवाद। --<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> ०३:२७, १२ जुलाई २००९ (UTC) :आलोचक जी, चौपाल पर आपके संदेश के ऊपर मुक्ता जी का एक संदेश है। उसको आपने पढ़ा क्या? मैं सोच रही हूँ कि इस सम्बन्ध में कुछ किया जाए नहीं तो हम पीछे रह जाएँगें। --<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> ०३:३७, १२ जुलाई २००९ (UTC) : मैंने मुक्ता जी का संदेश पढ़ा है और अंग्रेजी विकी के मुखपृष्ठ को भी देखा है। हम सभी अधिक से अधिक नए पन्ने बनाने का कार्य करें परन्तु केवल पन्नों की संख्या मात्र बढ़ाने के लिए ही पन्ने न बनाए जाएँ, कुछ सार्थक काम हो। <br />--[[सदस्य:आलोचक|आलोचक]] ०५:५५, १२ जुलाई २००९ (UTC) ::कृपया [[नेल्सन मंडेला]] को जरा देख लीजिए।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> ०२:२४, २० जुलाई २००९ (UTC) ::मुनिता जी ! नेलस्न मण्डेला लेख को मैंने देख लिया है और यथासम्भव वर्तनी की अशुद्धियों को ठीक कर दिया है।<br />--[[सदस्य:आलोचक|आलोचक]] ०३:२०, २० जुलाई २००९ (UTC) धन्यवाद जी।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> ०३:२४, २० जुलाई २००९ (UTC) ::अफ़्रीका को निर्वाचन का प्रस्ताव आलोचक जी अफ्रीका की आलोचना करने के लिए धन्यवाद। कुछ सुधार करके इसको निर्वाचित लेख उम्मीदवार पर डालना होगा। पर पहले कमियों को दूर कर लेते हैं।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> ०४:३७, २४ जुलाई २००९ (UTC) ::[[विकिपीडिया:चौपाल#ध्वन्यात्मक रोमन-से-देवनागरी के लिए सुझाव]] कृपया इस विषय को देखें व सहयोग दें--<b>[[User:sumit sinha|<font color="orange">सुमित सिन्हा</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:sumit sinha|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> १९:२६, २६ जुलाई २००९ (UTC) ::गुलाब आलोचक जी,<br /> नमस्कार, ये कहां से पेस्ट किए गये हैं मुझे जानकारी नहीं है। यूरोप तो देश नहीं है जी, एक महाद्वीप है एवं प्रदेश का प्रयोग मूल प्रदेश के रूप में मूल-स्थान के लिए हुआ है। पर यदि आप मूल स्थान ठीक समझते है तो निःसंकोच परिवर्तन कर सकते हैं। संस्कृत के पर्याय भी तो उसी अनुच्छेद में हैं जिसमें यह वाक्य है कि गुलाब के अनेक संस्कृत पर्याय है। बहुवर्षीय, एकवर्षीय, साक, झाड़ीदार, वृक्ष, शब्द तो जीव विज्ञान के पादप सम्बन्धी लेखों में आएगा ही उसको स्पष्ट करने के लिए कुछ परिभाषाएँ लिखने का प्रयास कर रही हूँ जिससे किसी को समझने में कठिनाई न हो। धन्यवाद।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> १४:३८, ५ अगस्त २००९ (UTC) ::अफ़्रीका आप कृपया [[अफ़्रीका]] लेख को भी देख लीजिए कि कुछ कमी तो नहीं है न। इसको अगला निर्वाचित लेख बनाने का प्रयास चल रहा है आपकी आलोचना काम आएगी।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> १४:४९, ५ अगस्त २००९ (UTC) ::[[चेन्नई]] आलोचक जी, इस सप्ताह हमलोग चेन्नई लेख का विस्तार कर रहे हैं आपका योगदान अपेक्षित है। कृपया समय निकालिए।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> १०:४०, ८ अगस्त २००९ (UTC)<br /> ::मुनिता जी मैं चेन्नई को कल देख लूँगा।<br />--[[सदस्य:आलोचक|आलोचक]] १४:५१, ८ अगस्त २००९ (UTC) धन्यवाद जी।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> १४:५५, ८ अगस्त २००९ (UTC) ::[[प्रकाश उत्सर्जक डायोड]] नमस्कार,<br />समय मिलने पर उपरोक्त लेख को देख लें। भाषा संबंधी सुधार आप बेहतर कर सकते हैं।--<small><span style="border:1px solid #0000ff;padding:1px;">[[User:आशीष भटनागर|<b>आशीष भटनागर</b>]][[User_talk:आशीष भटनागर|<font style="color:#FF4F00;background:#4B0082;"> &nbsp;वार्ता&nbsp;</font>]] </span></small> ०६:०३, २५ अगस्त २००९ (UTC) :मैं शीघ्र ही इस लेख को देख लूँगा।<br />--[[सदस्य:आलोचक|आलोचक]] ०४:५२, २६ अगस्त २००९ (UTC) ::चौपाल नमस्कार ! चौपाल पर वार्ता शीर्षक के लिये एक बॉट बनाने के उपर चर्चा चल रही कृपया आप अपने विचार से अवगत करये। धन्यवाद --<b>[[सदस्य: Gunjan_verma81 |<font color="taupe">गुंजन वर्मा</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Gunjan_verma81 |<font color="orange">संदेश</font>]]</sup> ०२:१२, २६ अगस्त २००९ (UTC) ::चौपाल नमस्कार ! चौपाल पर वार्ता शीर्षक के लिये एक बॉट बनाने के उपर चर्चा चल रही कृपया आप अपने विचार से अवगत करये। धन्यवाद --<b>[[सदस्य: Gunjan_verma81 |<font color="taupe">गुंजन वर्मा</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Gunjan_verma81 |<font color="orange">संदेश</font>]]</sup> ०२:१४, २६ अगस्त २००९ (UTC) ::हिन्दी विकि पर ५०००० लेख नमस्कार, हिन्दी विकि पर ५०००० लेख होने में बस २०० लेख ही बचे हैं। आज इसे पूरा करने में मदद करें। -- [[सदस्य: Sbharti |सौरभ भारती]] ([[सदस्य वार्ता:Sbharti |वार्ता]]) ०७:४८, १४ सितंबर २००९ (UTC) == आज का आलेख == आलोचक जी<br />नमस्कार<br />आपसे अनुरोध है कि कृपया मुखपृष्ठ पर आज का आलेख के अन्तर्गत प्रकाशित लेख [[देवदार]] में जो भी संभव हो वह आवश्यक सुधार कर दें।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> ०२:३७, ३ अक्तूबर २००९ (UTC) == दक्षिण अमेरिका == आलोचक जी, दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ। एक नया लेख [[दक्षिण अमेरिका]] को विकसित कर रही हूँ आपकी आलोचनाओं की आवश्यकता है, संभव हो तो भाषा एवं वर्तनी आदि कुछ सुधार भी कर दें।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> १०:०२, १७ अक्तूबर २००९ (UTC) :चौपाल पर आपकी वार्ता पढ़ रही थी बहुत अच्छे एवं सुलझे हुए विचार हैं आपके। कृपया थोड़ा अधिक सक्रिय रहिए।--<b>[[User:Munita Prasad|<font color="green">Munita Prasad</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Munita Prasad|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> ०४:५२, ८ नवंबर २००९ (UTC) :धन्यवाद !! --आलोचक ०५:००, ८ नवंबर २००९ (UTC) ==[[साँचा:श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ]]== नमस्कार,<br />आपके द्वारा रचित उपरोक्त सांचे में कुछ बदलाव किये हैं मैंने। आशा है आपको मनोरम लगेगा।--<small><span style="border:1px solid #0000ff;padding:1px;">[[User:आशीष भटनागर|<b>आशीष भटनागर</b>]][[User_talk:आशीष भटनागर|<font style="color:#FF4F00;background:#4B0082;"> &nbsp;वार्ता&nbsp;</font>]] </span></small> ०७:२६, १० नवंबर २००९ (UTC) == विकिपीडिया:प्रबंधक लेख में गलतिया == नमस्कार आलोचक जी,<br> मैंने हाल में देखा की आपने मेरे बनाये लेख विकिपीडिया:प्रबंधक में कुछ गलतिया पायी है व वहा वार्ता पूष्ठ पर इस बारे में लिखा है. कृपया कर के मुझे बता देवे की गलतिया कहा हुई व हो सके तो यथा संभव सही भी कर दे. में खुद भी इस लेख को दुबारा जाच लेता हूँ. साथ ही कहना चाहूंगा की आशीष जी द्वारा प्रदान किया गया बार्नस्टार मेरे किये गए कार्य के जज्बे की सरहाना के लिए दिया गया है. जहातक गलती होने की बात है तो वोह तो सब से हो सकती है. आप त्रुटी सुधार करे, में उन्हें सही कर दूंगा. उम्मीद करता हू की आपके विचार यूही आते रहेंगे.<br> धन्यवाद --[[User:Wikisidd |'''<span style="color: rgb(255, 102, 0);">सिद्धार्थ </span><span style="color: rgb(0, 153, 0);">गौड़ </span>''']]<sup>[[सदस्य वार्ता:Wikisidd |<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> १७:०७, १९ नवंबर २००९ (UTC) == [[साँचा:हिन्दी हाइकु]] == आलोचक जी नमस्कार। इस साँचे और इस साँचे पर सूचीबद्ध सभी हाइकुकारों और हाइकू संग्रहों पर जो लेख हैं, सभी को हटाने पर चर्चा [[साँचा वार्ता:हिन्दी हाइकु]] पर चल रही है। हटाने का मुख्य कारण है इनका उल्लेखनीय न होना। आप [[साँचा वार्ता:हिन्दी हाइकु]] पर इस सम्बन्ध में अपने विचार प्रकट कर सकते हैं। धन्यवाद--[[User:Siddhartha Ghai|सिद्धार्थ घई]] ([[User talk:Siddhartha Ghai|वार्ता]]) 12:01, 25 सितंबर 2011 (UTC) ==[[Wikipedia:Criteria for speedy deletion|Speedy deletion]] nomination of [[:डा०भगवत शरण अग्रवाल]]== [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] {{Quote box|quote=<p>If this is the first article that you have created, you may want to read [[WP:Your first article|the guide to writing your first article]].</p><p>You may want to consider using the [[Wikipedia:Article wizard|Article Wizard]] to help you create articles.</p>|width=20%|align=right}} A tag has been placed on [[:डा०भगवत शरण अग्रवाल]] requesting that it be speedily deleted from Wikipedia. This has been done under [[WP:CSD#A7|section A7 of the criteria for speedy deletion]], because the article appears to be about a person or group of people, but it does not indicate how or why the subject is important or significant: that is, why an article about that subject should be included in an encyclopedia. Under the [[WP:CSD#Articles|criteria for speedy deletion]], such articles may be deleted at any time. Please [[Wikipedia:उल्लेखनीयता|see the guidelines for what is generally accepted as notable]]. If you think that this notice was placed here in error, contest the deletion by clicking on the button labelled "Click here to contest this speedy deletion," which appears inside of the speedy deletion (<code><nowiki>{{db-...}}</nowiki></code>) tag (if no such tag exists, the page is no longer a speedy delete candidate). Doing so will take you to the talk page where you will find a pre-formatted place for you to explain why you believe the page should not be deleted. You can also visit the '''[[वार्ता:डा०भगवत शरण अग्रवाल|the page's talk page directly]]''' to give your reasons, but be aware that once tagged for ''speedy'' deletion, if the page meets the criterion, it may be deleted without delay. Please do not remove the speedy deletion tag yourself, but don't hesitate to add information to the page that would render it more in conformance with Wikipedia's policies and guidelines. If the page is deleted, you can contact [[:Category:Wikipedia administrators who will provide copies of deleted articles|one of these administrators]] to request that the administrator [[Wikipedia:Userfication#Userfication_of_deleted_content|userfy]] the page or email a copy to you. <!-- Template:Db-notability-notice --> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <font color="ORANGE">[[User:Ashliveslove|'''आशू''']]</font><font color="NAVY"><sup>'''[[User talk:Ashliveslove|<span style="color:RED">बातकरें</span>]]''' </sup></font> 16:24, 24 दिसम्बर 2011 (UTC) ==[[Wikipedia:Criteria for speedy deletion|Speedy deletion]] nomination of [[:उर्मिला कौल]]== [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] {{Quote box|quote=<p>If this is the first article that you have created, you may want to read [[WP:Your first article|the guide to writing your first article]].</p><p>You may want to consider using the [[Wikipedia:Article wizard|Article Wizard]] to help you create articles.</p>|width=20%|align=right}} A tag has been placed on [[:उर्मिला कौल]] requesting that it be speedily deleted from Wikipedia. This has been done under [[WP:CSD#A7|section A7 of the criteria for speedy deletion]], because the article appears to be about a person or group of people, but it does not indicate how or why the subject is important or significant: that is, why an article about that subject should be included in an encyclopedia. Under the [[WP:CSD#Articles|criteria for speedy deletion]], such articles may be deleted at any time. Please [[Wikipedia:उल्लेखनीयता|see the guidelines for what is generally accepted as notable]]. If you think that this notice was placed here in error, contest the deletion by clicking on the button labelled "Click here to contest this speedy deletion," which appears inside of the speedy deletion (<code><nowiki>{{db-...}}</nowiki></code>) tag (if no such tag exists, the page is no longer a speedy delete candidate). Doing so will take you to the talk page where you will find a pre-formatted place for you to explain why you believe the page should not be deleted. You can also visit the '''[[वार्ता:उर्मिला कौल|the page's talk page directly]]''' to give your reasons, but be aware that once tagged for ''speedy'' deletion, if the page meets the criterion, it may be deleted without delay. Please do not remove the speedy deletion tag yourself, but don't hesitate to add information to the page that would render it more in conformance with Wikipedia's policies and guidelines. If the page is deleted, you can contact [[:Category:Wikipedia administrators who will provide copies of deleted articles|one of these administrators]] to request that the administrator [[Wikipedia:Userfication#Userfication_of_deleted_content|userfy]] the page or email a copy to you. <!-- Template:Db-notability-notice --> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <font color="ORANGE">[[User:Ashliveslove|'''आशू''']]</font><font color="NAVY"><sup>'''[[User talk:Ashliveslove|<span style="color:RED">बातकरें</span>]]''' </sup></font> 16:41, 24 दिसम्बर 2011 (UTC) ==[[Wikipedia:Criteria for speedy deletion|Speedy deletion]] nomination of [[:सत्यानन्द जावा]]== [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] {{Quote box|quote=<p>If this is the first article that you have created, you may want to read [[WP:Your first article|the guide to writing your first article]].</p><p>You may want to consider using the [[Wikipedia:Article wizard|Article Wizard]] to help you create articles.</p>|width=20%|align=right}} A tag has been placed on [[:सत्यानन्द जावा]] requesting that it be speedily deleted from Wikipedia. This has been done under [[WP:CSD#A7|section A7 of the criteria for speedy deletion]], because the article appears to be about a person or group of people, but it does not indicate how or why the subject is important or significant: that is, why an article about that subject should be included in an encyclopedia. Under the [[WP:CSD#Articles|criteria for speedy deletion]], such articles may be deleted at any time. Please [[Wikipedia:उल्लेखनीयता|see the guidelines for what is generally accepted as notable]]. If you think that this notice was placed here in error, contest the deletion by clicking on the button labelled "Click here to contest this speedy deletion," which appears inside of the speedy deletion (<code><nowiki>{{db-...}}</nowiki></code>) tag (if no such tag exists, the page is no longer a speedy delete candidate). Doing so will take you to the talk page where you will find a pre-formatted place for you to explain why you believe the page should not be deleted. You can also visit the '''[[वार्ता:सत्यानन्द जावा|the page's talk page directly]]''' to give your reasons, but be aware that once tagged for ''speedy'' deletion, if the page meets the criterion, it may be deleted without delay. Please do not remove the speedy deletion tag yourself, but don't hesitate to add information to the page that would render it more in conformance with Wikipedia's policies and guidelines. If the page is deleted, you can contact [[:Category:Wikipedia administrators who will provide copies of deleted articles|one of these administrators]] to request that the administrator [[Wikipedia:Userfication#Userfication_of_deleted_content|userfy]] the page or email a copy to you. <!-- Template:Db-notability-notice --> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <font color="ORANGE">[[User:Ashliveslove|'''आशू''']]</font><font color="NAVY"><sup>'''[[User talk:Ashliveslove|<span style="color:RED">बातकरें</span>]]''' </sup></font> 16:45, 24 दिसम्बर 2011 (UTC) ==[[Wikipedia:Criteria for speedy deletion|Speedy deletion]] nomination of [[:डा० सुधा गुप्ता]]== [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] {{Quote box|quote=<p>If this is the first article that you have created, you may want to read [[WP:Your first article|the guide to writing your first article]].</p><p>You may want to consider using the [[Wikipedia:Article wizard|Article Wizard]] to help you create articles.</p>|width=20%|align=right}} A tag has been placed on [[:डा० सुधा गुप्ता]] requesting that it be speedily deleted from Wikipedia. This has been done under [[WP:CSD#A7|section A7 of the criteria for speedy deletion]], because the article appears to be about a person or group of people, but it does not indicate how or why the subject is important or significant: that is, why an article about that subject should be included in an encyclopedia. Under the [[WP:CSD#Articles|criteria for speedy deletion]], such articles may be deleted at any time. Please [[Wikipedia:उल्लेखनीयता|see the guidelines for what is generally accepted as notable]]. If you think that this notice was placed here in error, contest the deletion by clicking on the button labelled "Click here to contest this speedy deletion," which appears inside of the speedy deletion (<code><nowiki>{{db-...}}</nowiki></code>) tag (if no such tag exists, the page is no longer a speedy delete candidate). Doing so will take you to the talk page where you will find a pre-formatted place for you to explain why you believe the page should not be deleted. You can also visit the '''[[वार्ता:डा० सुधा गुप्ता|the page's talk page directly]]''' to give your reasons, but be aware that once tagged for ''speedy'' deletion, if the page meets the criterion, it may be deleted without delay. Please do not remove the speedy deletion tag yourself, but don't hesitate to add information to the page that would render it more in conformance with Wikipedia's policies and guidelines. 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You can also visit the '''[[वार्ता:डा० शैल रस्तोगी|the page's talk page directly]]''' to give your reasons, but be aware that once tagged for ''speedy'' deletion, if the page meets the criterion, it may be deleted without delay. Please do not remove the speedy deletion tag yourself, but don't hesitate to add information to the page that would render it more in conformance with Wikipedia's policies and guidelines. 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This has been done under [[WP:CSD#A7|section A7 of the criteria for speedy deletion]], because the article appears to be about a person or group of people, but it does not indicate how or why the subject is important or significant: that is, why an article about that subject should be included in an encyclopedia. Under the [[WP:CSD#Articles|criteria for speedy deletion]], such articles may be deleted at any time. Please [[Wikipedia:उल्लेखनीयता|see the guidelines for what is generally accepted as notable]]. If you think that this notice was placed here in error, contest the deletion by clicking on the button labelled "Click here to contest this speedy deletion," which appears inside of the speedy deletion (<code><nowiki>{{db-...}}</nowiki></code>) tag (if no such tag exists, the page is no longer a speedy delete candidate). Doing so will take you to the talk page where you will find a pre-formatted place for you to explain why you believe the page should not be deleted. You can also visit the '''[[वार्ता:डा० शैल रस्तोगी|the page's talk page directly]]''' to give your reasons, but be aware that once tagged for ''speedy'' deletion, if the page meets the criterion, it may be deleted without delay. Please do not remove the speedy deletion tag yourself, but don't hesitate to add information to the page that would render it more in conformance with Wikipedia's policies and guidelines. If the page is deleted, you can contact [[:Category:Wikipedia administrators who will provide copies of deleted articles|one of these administrators]] to request that the administrator [[Wikipedia:Userfication#Userfication_of_deleted_content|userfy]] the page or email a copy to you. <!-- Template:Db-notability-notice --> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <font color="ORANGE">[[User:Ashliveslove|'''आशू''']]</font><font color="NAVY"><sup>'''[[User talk:Ashliveslove|<span style="color:RED">बातकरें</span>]]''' </sup></font> 16:52, 24 दिसम्बर 2011 (UTC) ==[[Wikipedia:Criteria for speedy deletion|Speedy deletion]] nomination of [[:राजेन जयपुरिया]]== [[Image:Ambox warning pn.svg|left|48px|alt=|link=]]<!-- use [[Image:Ambox warning yellow.svg|left|48px|alt=|link=]] for YELLOW flag --> {{Quote box | quote = You may want to consider using the [[Wikipedia:Article wizard|Article Wizard]] to help you create articles. If this is the first article that you have created, you may want to read [[WP:Your first article|the guide to writing your first article]]. | width = 20% | align = right }} A tag has been placed on [[:राजेन जयपुरिया]] requesting that it be [[Wikipedia:Criteria for speedy deletion|speedily deleted]] from Wikipedia. This has been done because the article, which appears to be about a real person, individual animal(s), an organization (band, club, company, etc.), or web content, does not indicate how or why the subject of the article is important or significant: that is, why an article about it should be included in an encyclopedia. Under the [[WP:CSD#Articles|criteria for speedy deletion]], articles that do not indicate the subject's importance or significance may be deleted at any time. Please see the [[Wikipedia:उल्लेखनीयता|guidelines for what is generally accepted as notable]]. If you can assert the notability of the subject, [[File:Speedy delete contest button.png|link={{fullurl:{{TALKPAGENAME:राजेन जयपुरिया}}|action=edit&section=new&preload=Template:Hangon_preload&preloadtitle=This+{{pagetype|subjectspace=yes}}+should+not+be+speedy+deleted+because...+}}]]. Clicking that button will take you to the talk page where you will find a pre-formatted place for you to explain why you believe the page should not be deleted. You can also visit the '''[[{{TALKPAGENAME:राजेन जयपुरिया}}|the article's talk page directly]]''' to give your reasons, but be aware that once tagged for ''speedy'' deletion, if the article meets the criterion, it may be deleted without delay. Please do not remove the speedy deletion tag yourself. You may freely add information to the article that would confirm the subject's notability under Wikipedia guidelines. See the guidelines for specific types of articles: [[Wikipedia:उल्लेखनीयता (people)|biographies]], [[WP:WEB|websites]], [[WP:BAND|bands]], or [[WP:CORP|companies]].<!-- Template:Nn-warn --> [[User:Lovysinghal|लवी सिंघल]] ([[User talk:Lovysinghal|वार्ता]]) 07:20, 2 जनवरी 2012 (UTC) {{subst:prodwarning|1=हाइकु संकलन|concern=too small article without any meaningful content, only a template and wholly unreferenced.}} [[User:Lovysinghal|लवी सिंघल]] ([[User talk:Lovysinghal|वार्ता]]) 05:09, 25 जनवरी 2012 (UTC) ==[[Wikipedia:Criteria for speedy deletion|Speedy deletion]] nomination of [[:हाइकु संकलन]]== [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] {{Quote box|quote=<p>If this is the first article that you have created, you may want to read [[WP:Your first article|the guide to writing your first article]].</p><p>You may want to consider using the [[Wikipedia:Article wizard|Article Wizard]] to help you create articles.</p>|width=20%|align=right}} A tag has been placed on [[:हाइकु संकलन]] requesting that it be speedily deleted from Wikipedia. This has been done under [[WP:CSD#A1|section A1 of the criteria for speedy deletion]], because it is a very short article providing little or no context to the reader. Please see [[Wikipedia:Stub#Essential information about stubs|Wikipedia:Stub]] for our minimum information standards for short articles. Also please note that articles must be on [[Wikipedia:उल्लेखनीयता|notable]] subjects and should provide references to [[Wikipedia:Reliable sources|reliable sources]] that [[Wikipedia:Verifiability|verify]] their content. If you think that this notice was placed here in error, contest the deletion by clicking on the button labelled "Click here to contest this speedy deletion," which appears inside of the speedy deletion (<code><nowiki>{{db-...}}</nowiki></code>) tag (if no such tag exists, the page is no longer a speedy delete candidate). Doing so will take you to the talk page where you will find a pre-formatted place for you to explain why you believe the page should not be deleted. You can also visit the '''[[वार्ता:हाइकु संकलन|the page's talk page directly]]''' to give your reasons, but be aware that once tagged for ''speedy'' deletion, if the page meets the criterion, it may be deleted without delay. Please do not remove the speedy deletion tag yourself, but don't hesitate to add information to the page that would render it more in conformance with Wikipedia's policies and guidelines. If the page is deleted, you can contact [[:Category:Wikipedia administrators who will provide copies of deleted articles|one of these administrators]] to request that the administrator [[Wikipedia:Userfication#Userfication_of_deleted_content|userfy]] the page or email a copy to you. <!-- Template:Db-nocontext-notice --><!-- Template:Db-csd-notice-custom --> [[User:Lovysinghal|लवी सिंघल]] ([[User talk:Lovysinghal|वार्ता]]) 05:11, 25 जनवरी 2012 (UTC) ==[[:शिक्षाविद् सुभाष(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] का [[Wikipedia:Criteria for speedy deletion|शीघ्र हटाए जाने]] हेतू नामांकन== [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] A tag has been placed on [[:शिक्षाविद् सुभाष(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]], requesting that it be speedily deleted from Wikipedia for multiple reasons. '''Please see the page to see the reasons'''. If the page has since been deleted, you can ask me the reasons by leaving a message on [[User talk:Lovysinghal|my user talk page]]. यदि आपको लगता है की यह चेतावनी यहाँ गलती से डी गई है तो आप पृष्ठ पर जा कर आक्षेप लेने के लिए "हटाने पर आक्षेप लेने के लिए यहाँ क्लिक करे" बटन पर क्लिक करे जों शीघ्र हटाए जाने के टैग के अंतर्गत है (यदि ऐसा कोई टैग नहीं मिलता है तो इसका अर्थ यह है की पृष्ठ हटाए जाने के लिए पात्र नहीं रहा है)। ऐसा करने पर आप पृष्ठ के संवाद पृष्ठ पर चले जाएंगे जहां आपको पहले से बनाई गई जगह में पृष्ठ न हटाने का कारण देना है। आप सीधा '''[[वार्ता:शिक्षाविद् सुभाष(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|पृष्ठ के संवाद पृष्ठ पर जाकर]]''' अपने कारण दे सकते है परन्तु ध्यान रखे की एक बार ''शीघ्र'' हटाने के लिए टैग किए जाने के बाद यदि पृष्ठ मापदंडो पर खरा उतरता है तो उसे बिना देरी के हटा दिया जाएगा। कृपया स्वयं हटाए जाने का टैग न हटाए परन्तु पृष्ठ पर आप और अधिक जानकारी डाल कर आप उसे ना हटाने योग्य बना सकते है। यदि पृष्ठ हटा दिया जाता है तो आप [[:श्रेणी:प्रबन्धक|इनमे से एक प्रबंधक]] से कह कर पृष्ठ को सदस्य पन्ने में बदलवा सकते है या इसकी एक प्रति स्वयं को इ-मेल करवा सकते है। [[User:Lovysinghal|लवी सिंघल]] ([[User talk:Lovysinghal|वार्ता]]) 20:38, 14 फ़रवरी 2012 (UTC) == [[:जगदीश व्योम|जगदीश व्योम]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:जगदीश व्योम|जगदीश व्योम]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है। BLP issue. Notability is questionable. No RS to support at all. Self-created propaganda by a sysop. यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[User:Lovysinghal|लवी सिंघल]] ([[User talk:Lovysinghal|वार्ता]]) 14:50, 3 जून 2012 (UTC) == [[:आलोक कुमार श्रीवास्तव|आलोक कुमार श्रीवास्तव]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:आलोक कुमार श्रीवास्तव|आलोक कुमार श्रीवास्तव]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है। उल्लेखनीय नहीं यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।<font color="ORANGE">[[User:Ashliveslove|'''आशू''']]</font><font color="NAVY"><sup>'''[[User talk:Ashliveslove|<span style="color:RED">बातकरें</span>]]''' </sup></font> 11:02, 14 जून 2012 (UTC) ==संदेश== आलोचक जी आप सूचना कृपया मेरे वार्ता पृष्ठ पर दिया करें--[[User:Dr.jagdish|डा० जगदीश व्योम]] ([[User talk:Dr.jagdish|वार्ता]]) 07:31, 19 जून 2012 (UTC) == आलोक श्रिवास्तव == आलोक श्रिवास्तव लेख सुधारने के लिए धन्यवाद। नाम में आपके कहे अनुसार बदलाव कर दिया गया है। लेख विवादित है इसलिए अभी नोटेब्लिटी का साँचा लगा रहने दिया गया है। <small><span style="border:1px solid magenta;padding:1px;">[[User:aniruddhajnu|<b>अनिरुद्ध</b>]][[User_talk:अनिरुद्ध|<font style="color:purple;background:lightgreen;"> &nbsp;वार्ता&nbsp;</font>]] </span></small> 13:19, 19 जून 2012 (UTC) : ऐसा लगता है आप् ही आलोक श्रीवास्तव है। इसको डिलिट् करिए। जिवनी मे टाइम् बरबाद् नकरिए इसका अलावा साइन्स्, अन्य सोसियल् लेख् लिखे। == [[:त्रिलोक सिंह ठकुरेला|त्रिलोक सिंह ठकुरेला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:त्रिलोक सिंह ठकुरेला|त्रिलोक सिंह ठकुरेला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है। Questionable notability. No references to support either. यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[User:Lovysinghal|लवी सिंघल]] ([[User talk:Lovysinghal|वार्ता]]) 04:46, 30 जून 2012 (UTC) ==लेख== ::::आलोचक जी, [[दिनेश सिंह]] प्रसिद्ध नवगीतकार थे जिनका निधन अभी २ दिन पहले ही हुआ है, वे हिन्दी साहित्य के एक बड़े साहित्यकार थे, उन पर बना लेख आज बिल क्राम्प्टन जी ने हटा दिया है, यह तो हद हो गई, भारत के इतने प्रसिद्ध साहित्यकार का पन्ना हटा दिया जाये वह भी उनकी मृत्यु के दूसरे दिन यह तो अपमान करने जैसा है, आप कुछ कर सकते हैं तो कृपया जरूर करें। --सुगन्धा 16:57, 5 जुलाई 2012 (UTC) ==सन्देश== {{सन्देश|विकिपीडिया:चौपाल|डॉक्टर जगदीश व्योम एवं सम्बंधित सदस्य खाते|ts=11:15, 12 जुलाई 2012 (UTC)}} [[User:Siddhartha Ghai|सिद्धार्थ घई]] ([[User talk:Siddhartha Ghai|वार्ता]]) 11:15, 12 जुलाई 2012 (UTC) == [[:तीन ताल|तीन ताल]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:तीन ताल|तीन ताल]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व1|मापदंड व1]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व1|व1]]{{*}} अर्थहीन नाम अथवा सम्पूर्णतया अर्थहीन सामग्री वाले पृष्ठ'''</center> इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिनका नाम अर्थहीन है, उदाहरण:"स्द्ग्फ्द्ग"; अथवा जिनमें सामग्री अर्थहीन है, चाहे उसका नाम अर्थहीन न हो, उदाहरण:लेख जिसमें सामग्री है:"ध्ब्द्फ्ह्फ़" यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।<b>[[User:हिंदुस्थान वासी|<font color="sky blue">पीयूष</font>]]</b><sup>[[User talk:हिंदुस्थान वासी|<font color="kesari">वार्ता</font>]]</sup> 11:33, 20 दिसम्बर 2014 (UTC) == [[:इतिहास झूठ बोलता है|इतिहास झूठ बोलता है]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:इतिहास झूठ बोलता है|इतिहास झूठ बोलता है]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व1|मापदंड व1]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व1|व1]]{{*}} अर्थहीन नाम अथवा सम्पूर्णतया अर्थहीन सामग्री वाले पृष्ठ'''</center> इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिनका नाम अर्थहीन है, उदाहरण:"स्द्ग्फ्द्ग"; अथवा जिनमें सामग्री अर्थहीन है, चाहे उसका नाम अर्थहीन न हो, उदाहरण:लेख जिसमें सामग्री है:"ध्ब्द्फ्ह्फ़" यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[User:हिंदुस्थान वासी|पीयूष]] ([[User talk:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]])<sup>''[[विशेष:योगदान/हिंदुस्थान_वासी|योगदान]]''</sup> 15:57, 4 फ़रवरी 2015 (UTC) == [[:इतिहास का पन्ना|इतिहास का पन्ना]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:इतिहास का पन्ना|इतिहास का पन्ना]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व1|मापदंड व1]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व1|व1]]{{*}} अर्थहीन नाम अथवा सम्पूर्णतया अर्थहीन सामग्री वाले पृष्ठ'''</center> इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिनका नाम अर्थहीन है, उदाहरण:"स्द्ग्फ्द्ग"; अथवा जिनमें सामग्री अर्थहीन है, चाहे उसका नाम अर्थहीन न हो, उदाहरण:लेख जिसमें सामग्री है:"ध्ब्द्फ्ह्फ़" यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[User:हिंदुस्थान वासी|पीयूष]] ([[User talk:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]])<sup>''[[विशेष:योगदान/हिंदुस्थान_वासी|योगदान]]''</sup> 15:57, 4 फ़रवरी 2015 (UTC) == [[:डी. एन. कालेज|डी. एन. कालेज]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:डी. एन. कालेज|डी. एन. कालेज]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डी. एन. कालेज|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डी. एन. कालेज]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीय नहीं</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<b>[[User:सत्यम् मिश्र|<font color="#FF00FF">स</font><font color="#FF7E00">त्य</font><font color="#00A300">म्</font> <font color="#0A20F0">मिश्र</font>]]</b> <sup>[[User talk:सत्यम् मिश्र|<font color="#9932CC"> ''बातचीत''</font>]]</sup> 03:51, 26 मई 2015 (UTC) == [[:आलोक श्रीवास्तव|आलोक श्रीवास्तव]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:आलोक श्रीवास्तव|आलोक श्रीवास्तव]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आलोक श्रीवास्तव|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आलोक श्रीवास्तव]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>Seems like promotion and is this guy so notable that page should exist?</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:26, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:सत्यभूषण वर्मा|सत्यभूषण वर्मा]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:सत्यभूषण वर्मा|सत्यभूषण वर्मा]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सत्यभूषण वर्मा|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सत्यभूषण वर्मा]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:34, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:रामेश्वर काम्बोज|रामेश्वर काम्बोज]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:रामेश्वर काम्बोज|रामेश्वर काम्बोज]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/रामेश्वर काम्बोज|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/रामेश्वर काम्बोज]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:35, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कमल किशोर गोयनका|कमल किशोर गोयनका]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कमल किशोर गोयनका|कमल किशोर गोयनका]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कमल किशोर गोयनका|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कमल किशोर गोयनका]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:36, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कमलेश भट्ट कमल|कमलेश भट्ट कमल]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कमलेश भट्ट कमल|कमलेश भट्ट कमल]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कमलेश भट्ट कमल|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कमलेश भट्ट कमल]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:37, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रान्ति-कथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्ति-कथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रान्ति-कथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्ति-कथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्ति-कथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्ति-कथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:37, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रान्तिवीर (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिवीर (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रान्तिवीर (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिवीर (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिवीर (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिवीर (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:38, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:देश के दुलारे (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|देश के दुलारे (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:देश के दुलारे (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|देश के दुलारे (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/देश के दुलारे (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/देश के दुलारे (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:38, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रान्तिकारियों की कहानिया - भाग-४(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानिया - भाग-४(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रान्तिकारियों की कहानिया - भाग-४(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानिया - भाग-४(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानिया - भाग-४(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानिया - भाग-४(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:38, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:39, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-३(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:40, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:देश के प्रहरी (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|देश के प्रहरी (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:देश के प्रहरी (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|देश के प्रहरी (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/देश के प्रहरी (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/देश के प्रहरी (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:47, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:बलिदान गाथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बलिदान गाथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:बलिदान गाथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बलिदान गाथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बलिदान गाथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बलिदान गाथाएँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:47, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:शहीदों की कहानियाँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|शहीदों की कहानियाँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:शहीदों की कहानियाँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|शहीदों की कहानियाँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शहीदों की कहानियाँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शहीदों की कहानियाँ (कहानियाँ) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:47, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-१(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-१(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-१(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-१(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-१(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-१(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:47, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-२(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-२(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-२(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-२(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-२(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारियों की कहानियाँ - भाग-२(कहानियाँ)(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:48, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:दूसरा हिमालय (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|दूसरा हिमालय (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:दूसरा हिमालय (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|दूसरा हिमालय (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/दूसरा हिमालय (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/दूसरा हिमालय (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:51, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:चटगाँव का सूर्य (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|चटगाँव का सूर्य (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:चटगाँव का सूर्य (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|चटगाँव का सूर्य (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/चटगाँव का सूर्य (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/चटगाँव का सूर्य (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:51, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:बाधा जतीन (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बाधा जतीन (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:बाधा जतीन (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बाधा जतीन (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बाधा जतीन (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बाधा जतीन (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:51, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:चन्द्रशेखर आजाद (उपन्यास)|चन्द्रशेखर आजाद (उपन्यास)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:चन्द्रशेखर आजाद (उपन्यास)|चन्द्रशेखर आजाद (उपन्यास)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/चन्द्रशेखर आजाद (उपन्यास)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/चन्द्रशेखर आजाद (उपन्यास)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:51, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:जयहिन्द (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|जयहिन्द (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:जयहिन्द (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|जयहिन्द (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/जयहिन्द (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/जयहिन्द (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:52, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:राजगुरु (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राजगुरु (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:राजगुरु (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राजगुरु (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राजगुरु (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राजगुरु (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:52, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:रामप्रसाद(उपन्यास) बिस्मिल(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|रामप्रसाद(उपन्यास) बिस्मिल(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:रामप्रसाद(उपन्यास) बिस्मिल(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|रामप्रसाद(उपन्यास) बिस्मिल(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/रामप्रसाद(उपन्यास) बिस्मिल(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/रामप्रसाद(उपन्यास) बिस्मिल(श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:52, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:यतीन्द्रनाथ दास (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|यतीन्द्रनाथ दास (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:यतीन्द्रनाथ दास (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|यतीन्द्रनाथ दास (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/यतीन्द्रनाथ दास (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/यतीन्द्रनाथ दास (उपन्यास) (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:52, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:नेताजी के सपनों का भारत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|नेताजी के सपनों का भारत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:नेताजी के सपनों का भारत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|नेताजी के सपनों का भारत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नेताजी के सपनों का भारत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नेताजी के सपनों का भारत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:53, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:सुभाष दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सुभाष दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:सुभाष दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सुभाष दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सुभाष दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सुभाष दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:54, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:राष्ट्रपति सुभाषचन्द्र बोस (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राष्ट्रपति सुभाषचन्द्र बोस (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:राष्ट्रपति सुभाषचन्द्र बोस (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राष्ट्रपति सुभाषचन्द्र बोस (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राष्ट्रपति सुभाषचन्द्र बोस (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राष्ट्रपति सुभाषचन्द्र बोस (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:54, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:नेताजी सुभाष जर्मनी में (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|नेताजी सुभाष जर्मनी में (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:नेताजी सुभाष जर्मनी में (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|नेताजी सुभाष जर्मनी में (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नेताजी सुभाष जर्मनी में (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नेताजी सुभाष जर्मनी में (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:54, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:सेनाध्यक्ष सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सेनाध्यक्ष सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:सेनाध्यक्ष सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सेनाध्यक्ष सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सेनाध्यक्ष सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सेनाध्यक्ष सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:54, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कालजयी सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कालजयी सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कालजयी सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कालजयी सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कालजयी सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कालजयी सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:54, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अल्लूरी सीताराम राजू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|अल्लूरी सीताराम राजू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अल्लूरी सीताराम राजू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|अल्लूरी सीताराम राजू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अल्लूरी सीताराम राजू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अल्लूरी सीताराम राजू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:55, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:श्रृंगार गीत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|श्रृंगार गीत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:श्रृंगार गीत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|श्रृंगार गीत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/श्रृंगार गीत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/श्रृंगार गीत (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:58, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:सरल मुक्तक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सरल मुक्तक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:सरल मुक्तक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सरल मुक्तक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सरल मुक्तक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सरल मुक्तक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:58, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:देश के दीवाने (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|देश के दीवाने (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:देश के दीवाने (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|देश के दीवाने (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/देश के दीवाने (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/देश के दीवाने (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:58, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रान्तिकारी शहीदों की संस्मृतियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारी शहीदों की संस्मृतियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रान्तिकारी शहीदों की संस्मृतियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रान्तिकारी शहीदों की संस्मृतियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारी शहीदों की संस्मृतियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रान्तिकारी शहीदों की संस्मृतियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:59, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कुलपति सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कुलपति सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कुलपति सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कुलपति सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कुलपति सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कुलपति सुभाष (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 05:59, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:सुभाष की राजनैतिक भविष्यवाणियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सुभाष की राजनैतिक भविष्यवाणियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:सुभाष की राजनैतिक भविष्यवाणियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सुभाष की राजनैतिक भविष्यवाणियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सुभाष की राजनैतिक भविष्यवाणियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सुभाष की राजनैतिक भविष्यवाणियाँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:00, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:सरल दोहावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सरल दोहावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:सरल दोहावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सरल दोहावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सरल दोहावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सरल दोहावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:01, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:काव्य गीता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|काव्य गीता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:काव्य गीता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|काव्य गीता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/काव्य गीता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/काव्य गीता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:01, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:जयहिन्द गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|जयहिन्द गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:जयहिन्द गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|जयहिन्द गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/जयहिन्द गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/जयहिन्द गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:01, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कौमी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कौमी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कौमी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कौमी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कौमी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कौमी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:01, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:शहीदी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|शहीदी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:शहीदी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|शहीदी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शहीदी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शहीदी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:01, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:बागी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बागी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:बागी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बागी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बागी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बागी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:02, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:इन्कलाबी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|इन्कलाबी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:इन्कलाबी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|इन्कलाबी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/इन्कलाबी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/इन्कलाबी गज़लें (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:02, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:राष्ट्र-वीणा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राष्ट्र-वीणा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:राष्ट्र-वीणा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राष्ट्र-वीणा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राष्ट्र-वीणा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राष्ट्र-वीणा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:02, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:शहीदों की काव्य कथाएँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|शहीदों की काव्य कथाएँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:शहीदों की काव्य कथाएँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|शहीदों की काव्य कथाएँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शहीदों की काव्य कथाएँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शहीदों की काव्य कथाएँ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:02, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:मौत के आँसू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|मौत के आँसू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:मौत के आँसू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|मौत के आँसू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/मौत के आँसू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/मौत के आँसू (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:02, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:मुझको यह धरती प्यारी है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|मुझको यह धरती प्यारी है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:मुझको यह धरती प्यारी है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|मुझको यह धरती प्यारी है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/मुझको यह धरती प्यारी है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/मुझको यह धरती प्यारी है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:04, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:हेड मास्टरजी का पायजामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|हेड मास्टरजी का पायजामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:हेड मास्टरजी का पायजामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|हेड मास्टरजी का पायजामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/हेड मास्टरजी का पायजामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/हेड मास्टरजी का पायजामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:04, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:भारत का खून उबलता है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|भारत का खून उबलता है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:भारत का खून उबलता है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|भारत का खून उबलता है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/भारत का खून उबलता है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/भारत का खून उबलता है (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:04, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:रक्त गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|रक्त गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:रक्त गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|रक्त गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/रक्त गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/रक्त गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:04, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:राष्ट्र भारती (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राष्ट्र भारती (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:राष्ट्र भारती (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राष्ट्र भारती (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राष्ट्र भारती (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राष्ट्र भारती (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:04, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:काव्य मुक्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|काव्य मुक्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:काव्य मुक्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|काव्य मुक्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/काव्य मुक्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/काव्य मुक्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:05, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:वतन हमारा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|वतन हमारा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:वतन हमारा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|वतन हमारा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/वतन हमारा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/वतन हमारा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:05, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:काव्य कथानक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|काव्य कथानक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:काव्य कथानक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|काव्य कथानक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/काव्य कथानक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/काव्य कथानक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:05, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:विवेकांजलि (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विवेकांजलि (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:विवेकांजलि (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विवेकांजलि (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/विवेकांजलि (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/विवेकांजलि (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:05, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:राष्ट्र की चिन्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राष्ट्र की चिन्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:राष्ट्र की चिन्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|राष्ट्र की चिन्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राष्ट्र की चिन्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राष्ट्र की चिन्ता (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:05, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:क्रांति गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रांति गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:क्रांति गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|क्रांति गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रांति गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/क्रांति गंगा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:07, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कवि और सैनिक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कवि और सैनिक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कवि और सैनिक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कवि और सैनिक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि और सैनिक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि और सैनिक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:07, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:महारानी अहिल्याबाई (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|महारानी अहिल्याबाई (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:महारानी अहिल्याबाई (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|महारानी अहिल्याबाई (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/महारानी अहिल्याबाई (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/महारानी अहिल्याबाई (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:07, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अद्भुत कवि सम्मेलन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|अद्भुत कवि सम्मेलन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अद्भुत कवि सम्मेलन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|अद्भुत कवि सम्मेलन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अद्भुत कवि सम्मेलन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अद्भुत कवि सम्मेलन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:07, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:जीवंत आहुति (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|जीवंत आहुति (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:जीवंत आहुति (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|जीवंत आहुति (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/जीवंत आहुति (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/जीवंत आहुति (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:07, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:बापू-स्मृति-ग्रंथ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बापू-स्मृति-ग्रंथ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:बापू-स्मृति-ग्रंथ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बापू-स्मृति-ग्रंथ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बापू-स्मृति-ग्रंथ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बापू-स्मृति-ग्रंथ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:08, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:मुक्ति-गान (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|मुक्ति-गान (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:मुक्ति-गान (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|मुक्ति-गान (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/मुक्ति-गान (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/मुक्ति-गान (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:08, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:स्मृति-पूजा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|स्मृति-पूजा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:स्मृति-पूजा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|स्मृति-पूजा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/स्मृति-पूजा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/स्मृति-पूजा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:08, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:बच्चों की फुलवारी (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बच्चों की फुलवारी (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:बच्चों की फुलवारी (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बच्चों की फुलवारी (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बच्चों की फुलवारी (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बच्चों की फुलवारी (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:08, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:स्नेह सौरभ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|स्नेह सौरभ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:स्नेह सौरभ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|स्नेह सौरभ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/स्नेह सौरभ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/स्नेह सौरभ (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:08, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:काव्य कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|काव्य कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:काव्य कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|काव्य कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/काव्य कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/काव्य कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:09, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:किरण कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|किरण कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:किरण कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|किरण कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/किरण कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/किरण कुसुम (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:09, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:विवेक श्री (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विवेक श्री (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:विवेक श्री (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विवेक श्री (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/विवेक श्री (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/विवेक श्री (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:23, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:स्वराज्य तिलक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|स्वराज्य तिलक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:स्वराज्य तिलक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|स्वराज्य तिलक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/स्वराज्य तिलक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/स्वराज्य तिलक (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:23, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अम्बेडकर दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|अम्बेडकर दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अम्बेडकर दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|अम्बेडकर दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अम्बेडकर दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अम्बेडकर दर्शन (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:24, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कान्ति ज्वालकामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कान्ति ज्वालकामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कान्ति ज्वालकामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|कान्ति ज्वालकामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कान्ति ज्वालकामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कान्ति ज्वालकामा (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:24, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:बागी करतार (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बागी करतार (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:बागी करतार (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|बागी करतार (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बागी करतार (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बागी करतार (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:24, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:सरल महाकाव्य ग्रंथावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सरल महाकाव्य ग्रंथावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:सरल महाकाव्य ग्रंथावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|सरल महाकाव्य ग्रंथावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सरल महाकाव्य ग्रंथावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सरल महाकाव्य ग्रंथावली (श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:24, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:और कन्हाईचरण ढोल मर गया|और कन्हाईचरण ढोल मर गया]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:और कन्हाईचरण ढोल मर गया|और कन्हाईचरण ढोल मर गया]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/और कन्हाईचरण ढोल मर गया|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/और कन्हाईचरण ढोल मर गया]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:26, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:एक और महाभारत|एक और महाभारत]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:एक और महाभारत|एक और महाभारत]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/एक और महाभारत|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/एक और महाभारत]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:27, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:एक मुट्ठी आसमान|एक मुट्ठी आसमान]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:एक मुट्ठी आसमान|एक मुट्ठी आसमान]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/एक मुट्ठी आसमान|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/एक मुट्ठी आसमान]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:27, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:एक सवाल एवं अंकशायनी|एक सवाल एवं अंकशायनी]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:एक सवाल एवं अंकशायनी|एक सवाल एवं अंकशायनी]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/एक सवाल एवं अंकशायनी|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/एक सवाल एवं अंकशायनी]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:27, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-१|ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-१]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-१|ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-१]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-१|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-१]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:27, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-२|ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-२]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-२|ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-२]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-२|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/ए.सी.कर्षण नियमावली अनुरक्षण एवं परिचालन जिल्द-२]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:28, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कनउजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण|कनउजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कनउजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण|कनउजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कनउजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कनउजी लोकगाथाओं का सर्वेक्षण और विश्लेषण]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:28, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:कार्य मूल्यांकन|कार्य मूल्यांकन]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कार्य मूल्यांकन|कार्य मूल्यांकन]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कार्य मूल्यांकन|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कार्य मूल्यांकन]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:28, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:टूटी हुई जमीन (उपन्यास)|टूटी हुई जमीन (उपन्यास)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:टूटी हुई जमीन (उपन्यास)|टूटी हुई जमीन (उपन्यास)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/टूटी हुई जमीन (उपन्यास)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/टूटी हुई जमीन (उपन्यास)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:28, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:ब्रजस्थ मैथिल कवि|ब्रजस्थ मैथिल कवि]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:ब्रजस्थ मैथिल कवि|ब्रजस्थ मैथिल कवि]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/ब्रजस्थ मैथिल कवि|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/ब्रजस्थ मैथिल कवि]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notabilty, seems like promotional material...1 liner with no proof or reference</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:28, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अंगारों के आगे|अंगारों के आगे]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अंगारों के आगे|अंगारों के आगे]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अंगारों के आगे|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अंगारों के आगे]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:32, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अन्तिम साक्ष्य|अन्तिम साक्ष्य]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अन्तिम साक्ष्य|अन्तिम साक्ष्य]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अन्तिम साक्ष्य|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अन्तिम साक्ष्य]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:32, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अनुत्तरित|अनुत्तरित]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अनुत्तरित|अनुत्तरित]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अनुत्तरित|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अनुत्तरित]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:32, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अनुपम बाल कहानियाँ|अनुपम बाल कहानियाँ]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अनुपम बाल कहानियाँ|अनुपम बाल कहानियाँ]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अनुपम बाल कहानियाँ|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अनुपम बाल कहानियाँ]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:33, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अपना मकान|अपना मकान]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अपना मकान|अपना मकान]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अपना मकान|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अपना मकान]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:33, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अपने ही खिलाफ|अपने ही खिलाफ]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अपने ही खिलाफ|अपने ही खिलाफ]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अपने ही खिलाफ|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अपने ही खिलाफ]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:33, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:अमर ज्योति|अमर ज्योति]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:अमर ज्योति|अमर ज्योति]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अमर ज्योति|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अमर ज्योति]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:33, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:आग और लाठी|आग और लाठी]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:आग और लाठी|आग और लाठी]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आग और लाठी|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आग और लाठी]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:33, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:आत्मा का सौन्दर्य|आत्मा का सौन्दर्य]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:आत्मा का सौन्दर्य|आत्मा का सौन्दर्य]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आत्मा का सौन्दर्य|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आत्मा का सौन्दर्य]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:34, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:आदमी को तलाशते हुए|आदमी को तलाशते हुए]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:आदमी को तलाशते हुए|आदमी को तलाशते हुए]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आदमी को तलाशते हुए|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आदमी को तलाशते हुए]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:34, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:आधार शिला (उपन्यास)|आधार शिला (उपन्यास)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:आधार शिला (उपन्यास)|आधार शिला (उपन्यास)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आधार शिला (उपन्यास)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आधार शिला (उपन्यास)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:34, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:आधार शिला|आधार शिला]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:आधार शिला|आधार शिला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आधार शिला|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आधार शिला]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:34, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:आधुनिक रेलवे दूर संचार|आधुनिक रेलवे दूर संचार]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:आधुनिक रेलवे दूर संचार|आधुनिक रेलवे दूर संचार]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आधुनिक रेलवे दूर संचार|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आधुनिक रेलवे दूर संचार]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:34, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:आधे पर अंत|आधे पर अंत]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:आधे पर अंत|आधे पर अंत]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आधे पर अंत|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आधे पर अंत]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>No notability, seems like promotional material...1 liner with no reference or proof</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 06:35, 27 जुलाई 2015 (UTC) == [[:साँचा:श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ|साँचा:श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:साँचा:श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ|साँचा:श्रीकृष्ण सरल की कृतियाँ]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व1|मापदंड व1]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व1|व1]]{{*}} अर्थहीन नाम अथवा सम्पूर्णतया अर्थहीन सामग्री वाले पृष्ठ'''</center> इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिनका नाम अर्थहीन है, उदाहरण:"स्द्ग्फ्द्ग"; अथवा जिनमें सामग्री अर्थहीन है, चाहे उसका नाम अर्थहीन न हो, उदाहरण:लेख जिसमें सामग्री है:"ध्ब्द्फ्ह्फ़" यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:54, 21 अक्टूबर 2015 (UTC) == [[:सीलीगढ़|सीलीगढ़]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:सीलीगढ़|सीलीगढ़]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व5|मापदंड व5]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व5|व5]]{{*}} ख़ाली पृष्ठ'''</center> इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें कोई सामग्री नहीं है, और न ही किसी पुराने अवतरण में थी। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। [[सदस्य:PunjabPunjab|PunjabPunjab]] ([[सदस्य वार्ता:PunjabPunjab|वार्ता]]) 14:26, 26 मई 2017 (UTC) == [[:सीलीगढ़|सीलीगढ़]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:सीलीगढ़|सीलीगढ़]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सीलीगढ़|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सीलीगढ़]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>स्थान की भूगोलीय अवस्थिति स्पष्ट नहीं है। खोज के परिणाम भी ऐसे किसी उल्लेखनीय स्थान के बारे में नहीं बता रहे।</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।--[[User:SM7|<font color="#00A300">SM7</font>]]<sup><small>[[User talk:SM7|<font color="#6F00FF">--बातचीत--</font>]]</small></sup> 19:17, 23 अगस्त 2017 (UTC) == [[:चित्र:Kannaujiboliyan.jpg|चित्र:Kannaujiboliyan.jpg]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:चित्र:Kannaujiboliyan.jpg|चित्र:Kannaujiboliyan.jpg]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#फ़1|मापदंड फ़1]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#फ़1|फ़1]]{{*}} 14 दिन(2 सप्ताह) से अधिक समय तक कोई लाइसेंस न होना'''</center> इसमें वे सभी फाइलें आती हैं जिनमें अपलोड होने से दो सप्ताह के बाद तक भी कोई लाइसेंस नहीं दिया गया है। ऐसा होने पर यदि फ़ाइल पुरानी होने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र(पब्लिक डोमेन) में नहीं होगी, तो उसे शीघ्र हटा दिया जाएगा। ध्यान रखें कि विकिपीडिया पर केवल मुक्त फ़ाइलें ही रखी जा सकती हैं। यह फ़ाइल तभी रखी जा सकती है यदि इसका कॉपीराइट धारक इसे किसी मुक्त लाइसेंस के अंतर्गत विमोचित करे। यदि ऐसा न हो तो इसे विकिपीडिया पर नहीं रखा जा सकता। यदि इस फ़ाइल के कॉपीराइट की जानकारी आपको नहीं है तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर सहायता माँग सकते हैं। सहायता माँगते समय कृपया इसका स्रोत (जहाँ से आपको यह फ़ाइल मिली) अवश्य बताएँ। यदि आपको इसके कॉपीराइट की जानकारी है तो कृपया [[:श्रेणी:कॉपीराइट साँचे]] में से कोई उपयुक्त साँचा फ़ाइल पर लगा दें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[User:CptViraj|<b style="color:black">केप्टनविराज</b>]] ([[File:Emoji u1f4e7.svg|18px|link=User talk:CptViraj]]) 05:05, 30 अप्रैल 2020 (UTC) == [[:चित्र:Kahaniyonkakunba.jpg|चित्र:Kahaniyonkakunba.jpg]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:चित्र:Kahaniyonkakunba.jpg|चित्र:Kahaniyonkakunba.jpg]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#फ़3|मापदंड फ़3]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#फ़3|फ़3]]{{*}} अप्रयुक्त ग़ैर मुक्त उचित उपयोग फ़ाइल'''</center> इस मापदंड के अंतर्गत वे फ़ाइलें आती हैं जो कॉपीराइट सुरक्षित हैं और उचित उपयोग हेतु विकिपीडिया पर डाली गई हैं, परंतु जिनका कोई उपयोग न किया जा रहा है और न ही होने की संभावना है। जो चित्र किसी ऐसे लेख के लिये अपलोड किये गए हैं जो बनाया जाना है, उन्हें इस मापदंड के अंतर्गत तभी हटाया जा सकता है यदि उनके अपलोड होने के 7 दिन पश्चात तक वो लेख न बने। ध्यान रखें कि विकिपीडिया पर कॉपीराइट सुरक्षित सामग्री तभी रखी जा सकती है यदि उनका उपयोग "उचित उपयोग" (fair use) में गिना जाता हो। यदि इस फ़ाइल का उपयोग कहीं भी इसके अंतर्गत नहीं किया जा सकता तो इसे हटा दिया जाएगा। यदि आपने इस फ़ाइल का उपयोग कहीं किया था और इसे वहाँ से किसी ने हटाया है तो आप उस लेख की जानकारी इसके वार्ता पृष्ठ पर दे सकते हैं। यदि इस फ़ाइल पर उचित उपयोग औचित्य (fair use rationale) नहीं दिया हुआ है तो एक उचित उपयोग औचित्य लगा दें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य वार्ता:MGA73|वार्ता]]) 16:13, 6 मई 2020 (UTC) == [[:बेले(गाँव)|बेले(गाँव)]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:बेले(गाँव)|बेले(गाँव)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व5|मापदंड व5]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व5|व5]]{{*}} ख़ाली पृष्ठ'''</center> इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें कोई सामग्री नहीं है, और न ही किसी पुराने अवतरण में थी। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:52, 3 अप्रैल 2025 (UTC) == [[:पदमनगला|पदमनगला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:पदमनगला|पदमनगला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व5|मापदंड व5]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व5|व5]]{{*}} ख़ाली पृष्ठ'''</center> इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें कोई सामग्री नहीं है, और न ही किसी पुराने अवतरण में थी। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 08:17, 13 अप्रैल 2026 (UTC) == [[:फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव|फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव|फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>[[वि:निर्देशिकानहीं]]।</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 03:29, 16 अप्रैल 2026 (UTC) bamss9qwjtfzbeq1xd03ychl3n7a8sd आधारिक संरचना 0 73019 6541011 6259329 2026-04-15T21:49:59Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 0 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6541011 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=सितंबर 2014}} [[चित्र:I-80 Eastshore Fwy.jpg|thumb|300px|अमेरिका की "इन्टरस्टेट ८०" नामक राजपथ]] किसी [[समाज]] या [[उद्योग]] के सुचारु रूप से काम करने के लिये आवश्यक मूलभूत भौतिक एवं संगठनात्मक संरचना को '''अवसंरचना''' या '''आधारिक संरचना''' ({{lang-en|Infrastructure}}) कहते हैं। दूसरे शब्दों में, अर्थव्यवस्था को काम करने के लिये जिन सेवाओं और सुविधाओं की जरूरत होती है उसे अधोसंरचना कहते हैं। आधारिक संरचना सार्वजनिक और निजी भौतिक संरचनाओं जैसे [[सड़क]], [[रेलवे]], [[पुल]], [[सुरंग]], जल आपूर्ति, सीवर, [[विद्युत ग्रिड]] और [[दूरसंचार]] से बना है। == यह भी देखें == * [[संभार-तंत्र]] == बाहरी कड़ियाँ == * [http://www.worldbank.org/inf/ विकास के लिए विश्व बैंक अवसंरचना]{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }} * [https://web.archive.org/web/20190103173336/http://regulationbodyofknowledge.org/ इंफ्रास्ट्रक्चर रेगुलेशन पर ज्ञान का निकाय] 0kn4juox77yytlowtj5uejq3mmgbbxv अमरावती–अजनी इंटरसिटी एक्सप्रेस 0 77486 6541236 6534432 2026-04-16T10:58:03Z संजीव कुमार 78022 संजीव कुमार ने अनुप्रेषण छोड़े बिना पृष्ठ [[अमरावती नागपुर एक्स्प्रेस 2119]] को [[अमरावती–अजनी इंटरसिटी एक्सप्रेस]] पर स्थानांतरित किया: शीर्षक में गाड़ी क्रमांक अनावश्यक 6534432 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail service|name=अमरावती - अजनी इंटरसिटी एक्सप्रेस|image=|type=[[भारत में एक्स्प्रेस और मेल रेलगाड़ियाँ|एक्सप्रेस]]|first={{start date and age|df=yes|2008|09|08}}|last=|operator=[[मध्य रेलवे (भारत)|मध्य रेलवे]]|ridership=|start={{rws|अमरावती}}|stops=3|end={{rws|अजनी}}|distance={{convert|178|km|0|abbr=on}}|journeytime=3 घंटा 17 मिनट|frequency=हमेशा (शनिवार के अतिरिक्त)|class=सामान्य अनारक्षित|seating=हाँ|sleeping=हाँ|catering=नहीं|observation=|entertainment=|other facilities=|stock=मानक [[भारतीय रेल]] डिब्बे|gauge={{RailGauge|1676mm|al=on|allk=on}}|electrification=|trainnumber=12119 / 12120|speed={{convert|32.5|km/h|0|abbr=on}}|map=|map_state=}} रेलगाडी 12119 / 20 '''अमरावती - अजनी इंटरसिटी एक्सप्रेस''' [[भारतीय रेल]] के [[मध्य रेलवे, भारत|मध्य रेलवे]] द्वारा संचालित एक्सप्रेस ट्रैन है। यह रेलगाडी अमरावती रेलवे स्टेशन (स्टेशन कोड:AMI) और अजनी रेलवे स्टेशन (स्टेशन कोड: AJNI) के मध्य संचालित होती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/article/pti-stories/rains-disrupt-railway-traffic-between-nagpur-and-wardha-113072000597_1.html|title=Rains disrupt railway traffic between Nagpur and Wardha|date=20 जुलाई 2013|website=बिजनेस स्टैण्डर्ड|access-date=30 मार्च 2026}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/nagpur/nagpur-trains-not-to-halt-at-ajni-station-for-3-months/articleshow/113075453.cms|title=Nagpur trains not to halt at Ajni stn for 3 months|date=2024-09-05|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2026-03-17|issn=0971-8257}}</ref> यह रेलगाडी अमरावती से अजनी की तरफ़ गाडी क्रमांक 12119 के साथ चलती है जबकि विपरीत दिशा में रेलगाडी क्रमांक 12120 के साथ चलती है। यह रेलगाडी [[महाराष्ट्र]] के दो नगरीय क्षेत्रों को जोड़ती है। == डिब्बे == इस रेलगाडी में नौ अनारक्षित सामान्य डिब्बे और दो विकलांगों के लिए आरक्षित डिब्बे हैं। इसमें [[पैंट्री कार|रसोई भण्डार यान]] नहीं है। जून 2023 में इस रेलगाडी को मेमु (MEMU अर्थात् मैनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट) में बदला गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.nagpurtoday.in/ajni-amravati-ajni-express-train-to-run-as-memu/06071702|title=Ajni-Amravati-Ajni Express train to run as MEMU|date=2023-06-07|website=नागपुर टुडे|language=en-US|access-date=2026-03-17}}</ref> == सेवा == रेलगाडी 12119 कुल {{convert|178|km|0|abbr=on}} दूरी 2 घंटा 45 मिनट (65 किमी/घंटा) में और 12120 रेलगाडी 3 घंटा 10 मिनट (56 किमी/घंटा) में तय करती है। यदि रेलगाडी की गति {{convert|55|km/h|0|abbr=on}} से कम हो तो रेलवे के नियमानुसार उसमें सुपरफास्ट का किराया नहीं लगता। == पथ == रेलगाडी 12119 / 20 अमरावती से अजनी तक चांदूर, धामणगांव, पुलगांव, वर्धा जंक्शन होते हुये चलती है। == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * इंडिया रेल इन्फो पर [https://indiarailinfo.com/train/amravati-ajni-nagpur-intercity-sf-express-12119/2141/3446/196 12119 इंटरसिटी एक्सप्रेस] * इंडिया रेल इन्फो पर [https://indiarailinfo.com/train/ajni-amravati-intercity-sf-express-12120/2089/196/3446 12120 इंटरसिटी एक्सप्रेस] {{मेल एक्स्प्रेस ट्रेन}}{{भारतीय रेल}} [[श्रेणी:मेल एक्स्प्रेस ट्रेन]] 2sckugucdavap081cenqu7ypgscjhjl वार्ता:अमरावती–अजनी इंटरसिटी एक्सप्रेस 1 77789 6541237 358919 2026-04-16T10:58:04Z संजीव कुमार 78022 संजीव कुमार ने अनुप्रेषण छोड़े बिना पृष्ठ [[वार्ता:अमरावती नागपुर एक्स्प्रेस 2119]] को [[वार्ता:अमरावती–अजनी इंटरसिटी एक्सप्रेस]] पर स्थानांतरित किया: शीर्षक में गाड़ी क्रमांक अनावश्यक 358919 wikitext text/x-wiki {{वार्ता शीर्षक}} gpfqtvs6ipx5lqjhtgasmr80u6e2dmv नागपुर अमरावती एक्स्प्रेस २१२० 0 81310 6541240 2536937 2026-04-16T11:01:30Z संजीव कुमार 78022 शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#ल4|शीह ल4]]) 6541240 wikitext text/x-wiki {{db-duplicate|1=अमरावती–अजनी इंटरसिटी एक्सप्रेस}} ''' नागपुर अमरावती एक्स्प्रेस 2120 ''' [[भारतीय रेल]] द्वारा संचालित एक [[मेल एक्स्प्रेस ट्रेन]] है। यह ट्रेन [[नागपुर रेलवे स्टेशन]] (स्टेशन कोड:NGP) से 06:25PM बजे छूटती है और [[अमरावती रेलवे स्टेशन]] (स्टेशन कोड:AMI) पर 09:45PM बजे पहुंचती है। इसकी यात्रा अवधि है 3 घंटे 20 मिनट। {{मेल एक्स्प्रेस ट्रेन}}{{भारतीय रेल}} [[श्रेणी:मेल एक्स्प्रेस ट्रेन]] 9d0uikzdz7gy1m0aoi453rafdk33v1r फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव 0 99952 6541058 3964080 2026-04-16T03:27:15Z ~2026-21496-92 919279 +हहेच 6541058 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख|कारण=[[वि:निर्देशिकानहीं]], यदि आवश्यक हो तो उचित स्रोत के साथ सूची बनायी जाये।}} [[फ़र्रूख़ाबाद]] जिला उत्तर-प्रदेश राज्य के अन्तर्गत एक प्रसिद्ध जिला है। यहाँ कन्नौजी बोली बोली जाती है।<br /> [[मदारपुर]], [[अल्लापुर]], [[शम्भूनगला]], [[बराबिकू]], [[पैथान]], [[उलियापुर]], [[पदमनगला]], [[आजमपुर]], [[हजियाँपुर]], [[किन्नर नगला]], [[हजरतपुर]], [[ललई]], [[नवाबगंज]], [[मंझना]], [[रसीदाबाद]], [[बरई गाँव, कायमगंज (फर्रुखाबाद)|बरई]], [[बेला (गाँव)]], [[हरसिंहपुर गोवा]], [[रसीदाबाद]], [[रुटॉल]], [[लुखड़पुरा]], [[मुराठी]], [[रमापुर]], [[फरीदपुर]], [[गठवाया]], [[सिलसंडा]], [[बिराइमपुर]], [[परौली]], [[भटासा]], [[अंगरैया]], {{फ़र्रूख़ाबाद जिला}} [[श्रेणी:फर्रुखाबाद जिला के गाँव]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश]] cq5rh5s585by0ow237j81r2is95sycu साँचा:फ़र्रूख़ाबाद जिला 10 100033 6541055 6017162 2026-04-16T03:24:05Z ~2026-21496-92 919279 -पदमनगला; गाँव वास्तविक होने का कोई साक्ष्य नहीं 6541055 wikitext text/x-wiki <noinclude>{{साँचा:फ़र्रूख़ाबाद जिला/doc}}</noinclude>{{Navbox |name = फ़र्रूख़ाबाद जिला |title = [[फ़र्रूख़ाबाद जिला |फ़र्रूख़ाबाद जिले]] में नगर व गांव |groupstyle = line-height:1.1em; |state=collapsed |group1 = [[फ़र्रूख़ाबाद ]] अ - अः |list1 = <div> [[अवाजपुर]]. 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|url=http://www.phonescoop.com/glossary/term.php?gid=131 |title=Smartphone |publisher=''Phone Scoop'' |accessdate=2011-12-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141017002825/http://www.phonescoop.com/glossary/term.php?gid=131 |archive-date=17 अक्तूबर 2014 |url-status=live }}</ref><ref name="phonescoop-featurephone">{{cite web |url=http://www.phonescoop.com/glossary/term.php?gid=310 |title=Feature Phone |publisher=''Phone Scoop'' |accessdate=2011-12-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141017002738/http://www.phonescoop.com/glossary/term.php?gid=310 |archive-date=17 अक्तूबर 2014 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.zdnet.com/blog/gadgetreviews/smartphone-vs-feature-phone-arms-race-heats-up-which-did-you-buy/6836 |title=Smartphone vs. feature phone arms race heats up; which did you buy? |author=Andrew Nusca |date=20 अगस्त 2009 |publisher=[[ZDNet]] |accessdate=2011-12-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141006100443/http://www.zdnet.com/blog/gadgetreviews/smartphone-vs-feature-phone-arms-race-heats-up-which-did-you-buy/6836 |archive-date=6 अक्तूबर 2014 |url-status=live }}</ref> आरम्भ में जो स्मार्टफोन आये उनमें प्रायः मोबाइल फोन की विशेषताओं के अलावा अन्य उपभोक्ता युक्तियों जैसे [[पीडीऍफ]] , [[मीडिया प्लेयर (सॉफ्टवेयर)|मिडिया प्लेयर]], [[डिजिटल कैमरा]], [[वैश्विक स्थान-निर्धारण प्रणाली|जीपीएस]] फोन आदि के गुण भी होते थे। बाद के स्मार्टफोनों में इन सभी विशेषताओं के अलावा [[स्पर्श पटल|टचस्क्रीन]], वेब-ब्राउजिंग, [[वाई-फ़ाई|वाई-फाई]], अन्य पार्टियों के मोबाइल अनुप्रयोग (ऐप्स), गति-संसूचक (motion sensor), मोबाइल पेमेण्ट आदि भी उपलब्ध हैं। वर्तमान समय में लगभग 80% स्मार्टफोन [[गूगल]] के [[एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)|एंड्रॉइड]] तथा [[एप्पल_इंक॰]] के iOS [[मोबाइल प्रचालन तंत्र|मोबाइल प्रचालन तंत्रों]] पर आधारित हैं।.<ref name="ios-android-popular">{{cite news|title=Nokia revenues slide 24% but Lumia sales rise offers hope|url=http://www.guardian.co.uk/technology/2013/jul/18/nokia-revenues-fall-lumia-sales?CMP=EMCNEWEML6619I2|accessdate=19 जुलाई 2013|newspaper=द गार्डियन|date=18 जुलाई 2013|author=Charles Arthur}}</ref><ref>{{cite web |title=Worldwide Smartphone Shipments Edge Past 300 Million Units in the Second Quarter; Android and iOS Devices Account for 96% of the Global Market, According to IDC |url=http://www.idc.com/getdoc.jsp?containerId=prUS25037214 |accessdate=4 सितंबर 2014 |publisher=IDC |date=14 अगस्त 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160119225659/http://www.idc.com/getdoc.jsp?containerId=prUS25037214 |archive-date=19 जनवरी 2016 |url-status=dead }}</ref> == बिक्री के ऐतिहासिक आंकड़े (लाख इकाइयों में)== {| class="wikitable sortable" style="font-size: 85%; text-align: center; width: auto;" |- ! साल ! एंड्राइड (गूगल) ! ब्लैकबेरी (रिम) ! आईओएस (एप्पल) ! लिनक्स (एंड्राइड को छोड़कर) ! पाम/वेबओएस (पाम/एचपी) ! सिम्बियन (नोकिया) ! आशा फुल टच (नोकिया) ! विंडोज़ मोबाइल/फ़ोन (माइक्रोसॉफ्ट) ! बाडा (सैमसंग) ! अन्य |- ! 2007<ref name="gartner.com">[http://www.gartner.com/it/page.jsp?id=910112 Gartner Says Worldwide Smartphone Sales Reached Its Lowest Growth Rate With 3.7 Per Cent Increase in Fourth Quarter of 2008] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130128074411/https://www.gartner.com/it/page.jsp?id=910112 |date=28 जनवरी 2013 }}. Gartner.com. अभिगमन तिथि 2012-08-09.</ref> ! ! 117.7 ! 33 ! 117.6 ! 17.6 ! 776.8 ! ! 147 ! ! |- ! 2008<ref name="gartner.com"/> ! ! 231.5 ! 114.2 ! 112.6 ! 25.1 ! 729.3 ! ! 165 ! ! |- ! 2009<ref>[http://www.gartner.com/it/page.jsp?id=1306513 Gartner Says Worldwide Mobile Phone Sales to End Users Grew 8 Per Cent in Fourth Quarter 2009; Market Remained Flat in 2009] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120923124113/http://www.gartner.com/it/page.jsp?id=1306513 |date=23 सितंबर 2012 }}. Gartner.com. अभिगमन तिथि 2012-08-09.</ref> ! 68 ! 343.5 ! 248.9 ! 81.3 ! 11.9 ! 808.8 ! ! 150.3 ! ! |- ! 2010<ref>[http://www.gartner.com/it/page.jsp?id=1543014 Gartner Says Worldwide Mobile Device Sales to End Users Reached 1.6 Billion Units in 2010; Smartphone Sales Grew 72 Percent in 2010] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120606001247/http://www.gartner.com/it/page.jsp?id=1543014 |date=6 जून 2012 }}. Gartner.com. अभिगमन तिथि 2012-08-09.</ref> ! 672.2 ! 474.5 ! 466 ! ! ! 1115.8 ! ! 123.8 ! ! |- ! 2011<ref>{{cite web|title=Quarterly Device Sales In 2011|url=http://www.mobilestatistics.com/mobile-statistics|work=Mobile Statistics|publisher=Mobile Statistics|accessdate=25 जुलाई 2013|format=Infographic|year=2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130710074329/http://www.mobilestatistics.com/mobile-statistics/|archive-date=10 जुलाई 2013|url-status=dead}}</ref> ! 2195.2 ! 515.4 ! 892.6 ! ! ! 934.1 ! ! 87.7 ! ! 142.4 |- ! 2012<br /><small>(पहली तिमाही)</small><ref>[http://www.gartner.com/it/page.jsp?id=2017015 Gartner Says Worldwide Sales of Mobile Phones Declined 2 Percent in First Quarter of 2012; Previous Year-over-Year Decline Occurred in Second Quarter of 2009] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130128063220/https://www.gartner.com/it/page.jsp?id=2017015 |date=28 जनवरी 2013 }}. Gartner.com. अभिगमन तिथि 2012-08-09.</ref> ! 810.7 ! 99.4 ! 331.2 ! ! ! 124.7 ! ! 27.1 ! 38.4 ! 12.4 |- !2012<br /><small>(दूसरी तिमाही)</small><ref>[http://finance.yahoo.com/news/worldwide-market-share-smartphones-220747882--finance.html Worldwide market share for smartphones] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131214032916/http://finance.yahoo.com/news/worldwide-market-share-smartphones-220747882--finance.html |date=14 दिसंबर 2013 }}. finance.yahoo.com. अभिगमन तिथि 2012-10-12.</ref> !1048 !74 !260 !35 ! !68 ! !54 ! !1 |- !2012<br /><small>(तीसरी तिमाही)</small><ref>[http://www.gartner.com/it/page.jsp?id=2237315 Gartner Says Worldwide Sales of Mobile Phones Declined 3 Percent in Third Quarter of 2012; Smartphone Sales Increased 47 Percent] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130128063549/https://www.gartner.com/it/page.jsp?id=2237315 |date=28 जनवरी 2013 }}. Gartner.com. अभिगमन तिथि 2012-11-21.</ref> !1225 !90 !236 ! ! !44 !65<ref>{{cite web |url=http://www.allaboutsymbian.com/news/item/15977_Nokia_Q3_2012_results-smartpho.php |title=Nokia Q3 2012 results - smartphone sales down, but return to non-IFRS profitability |publisher=Allaboutsymbian.com |date=2012-10-18 |accessdate=2013-05-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131213092031/http://www.allaboutsymbian.com/news/item/15977_Nokia_Q3_2012_results-smartpho.php |archive-date=13 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> !41 !51 !7 |- !2012<br /><small>(चौथी तिमाही)</small><ref>[http://www.gartner.com/newsroom/id/2335616 Gartner Says Worldwide Mobile Phone Sales Declined 1.7 Percent in 2012] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151228152133/http://www.gartner.com/newsroom/id/2335616 |date=28 दिसंबर 2015 }}. Gartner.com. अभिगमन तिथि 2013-02-15.</ref> !1447 !73 !435 ! ! !26 !93<ref>[http://www.allaboutsymbian.com/news/item/16707_Nokia_Q4_2012_results-return_t.php Nokia Q4 2012 results - return to profitability] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131213092435/http://www.allaboutsymbian.com/news/item/16707_Nokia_Q4_2012_results-return_t.php |date=13 दिसंबर 2013 }}. अभिगमन तिथि 2013-02-15.</ref> !62 !27 !07 |- !2013<br /><small>(पहली तिमाही)</small><ref>{{cite web |last=Graziano |first=Dan |url=http://bgr.com/2013/05/16/smartphone-shipments-q1-2013-idc/ |title=Smartphone Shipments Q1 2013: Android up, iPhone flat, Microsoft No.3 |publisher=BGR |date=2013-05-16 |accessdate=2013-12-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131207054838/http://bgr.com/2013/05/16/smartphone-shipments-q1-2013-idc/ |archive-date=7 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> !1621 !63 !374 ! ! !__ !-- !70 !-- !-- |- !2013<br /><small>(दूसरी तिमाही)</small><ref>{{cite web |url=http://www.gartner.com/newsroom/id/2573415 |title=Gartner Says Smartphone Sales Grew 46.5 Percent in Second Quarter of 2013 and Exceeded Feature Phone Sales for First Time |publisher=Gartner.com |date=2013-08-14 |accessdate=2013-12-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424035556/https://www.gartner.com/newsroom/id/2573415 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> !1779 !62 !319 ! ! !6.31 !--g !74 !8.38 !4.71 |} == सन्दर्भ == {{reflist|2}} ==इन्हें भी देखें== *[[स्मार्टफोनों की तुलना]] == बाहरी कड़ियाँ == {{विकिसुक्ति|स्मार्ट फोन}} * [https://web.archive.org/web/20140917233745/http://abpnews.abplive.in/gadgets/2014/09/15/article399676.ece/google-android-one-smartphones जानिए आखिर क्यों खास हैं गूगल एंड्रॉयड वन स्मार्टफोन] * [https://web.archive.org/web/20111019164049/http://epandit.shrish.in/430/smartphone-and-its-operating-systems/ स्मार्टफ़ोन क्या होता है?] (स्मार्टफ़ोन ऑपरेटिंग सिस्टमों की संक्षिप्त जानकारी) * [https://web.archive.org/web/20140702194515/http://www.palpalindia.com/2014/05/24/mobile-smartphone-selection-criteria-service-provider-operating-system-processor-battery-news-hindi-india-64070.html कैसे चुनें सही स्मार्टफोन] [[श्रेणी:मोबाइल फ़ोन|*]] nzl6l642mgq2e2lqoveuhz9qowy1qym भारतीय इतिहास की समयरेखा 0 181617 6541035 6508702 2026-04-16T00:43:30Z CommonsDelinker 743 6541035 wikitext text/x-wiki {{भारतीय इतिहास}} यह '''भारतीय इतिहास की समयरेखा''' है, जिसमें भारत और इसके पूर्ववर्ती राज्यों में महत्वपूर्ण कानूनी और क्षेत्रीय परिवर्तन और राजनीतिक घटनाएं शामिल हैं। [[पाकिस्तान]], [[बांग्लादेश]] एवं [[भारत]] एक साझा इतिहास के भागीदार हैं, इसलिए [[भारत का इतिहास|भारतीय इतिहास]] की इस समय रेखा में सम्पूर्ण [[भारतीय उपमहाद्वीप]] के इतिहास की झलक है। == पाषाण युग == {{Main|पाषाण युग}} '''पाषाण युग''' [[इतिहास]] का वह काल है जब मानव का जीवन पत्थरों (संस्कृत - पाषाणः) पर अत्यधिक आश्रित था। उदाहरनार्थ पत्थरों से शिकार करना, पत्थरों की गुफाओं में शरण लेना, पत्थरों से [[आग]] पैदा करना इत्यादि। इसके तीन चरण माने जाते हैं; पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल एवं नवपाषाण काल जो मानव इतिहास के आरम्भ (२५ लाख साल पूर्व) से लेकर [[कांस्य युग|काँस्य युग]] तक फैला हुआ है। === भीमबेटका पाषाण आश्रय (9000- 7000 ई. पूर्व) === {{Main|भीमबेटका पाषाण आश्रय}} '''भीमबेटका''' (भीमबैठका) [[भारत]] के [[मध्य प्रदेश]] प्रान्त के [[रायसेन ज़िला|रायसेन जिले]] में स्थित एक [[पुरापाषाण काल|पुरापाषाणिक]] आवासीय पुरास्थल है। यह आदि-मानव द्वारा बनाये गए शैल चित्रों और शैलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है। इन चित्रो को [[पुरापाषाण काल]] से [[मध्यपाषाण काल]] के समय का माना जाता है। अन्य पुरावशेषों में प्राचीन किले की दीवार, लघुस्तूप, पाषाण निर्मित भवन, [[शुंग राजवंश|शुंग]]-[[गुप्त राजवंश|गुप्त कालीन]] अभिलेख, शंख अभिलेख और [[परमार वंश|परमार कालीन]] मंदिर के अवशेष भी यहां मिले हैं। भीम बेटका क्षेत्र को [[भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण]], [[भोपाल|भोपाल मंडल]] ने [[अगस्त]] [[१९९०|1990]] में राष्ट्रीय महत्त्व का स्थल घोषित किया। इसके बाद [[जुलाई]] [[२००३|2003]] में [[युनेस्को|यूनेस्को]] ने इसे [[विश्व धरोहर|विश्व धरोहर स्थल]] घोषित किया है। ये भारत में मानव जीवन के प्राचीनतम चिह्न हैं। ऐसा माना जाता है कि यह स्थान [[महाभारत]] के चरित्र [[भीम]] से संबन्धित है एवं इसी से इसका नाम ''भीमबैठका'' पड़ा। ये गुफाएँ मध्य भारत के [[पठार]] के दक्षिणी किनारे पर स्थित [[विन्ध्याचल]] की पहाड़ियों के निचले छोर पर हैं।<ref name="इन्क्रेडिबल">{{cite web|first=|last=|author=|authorlink=|coauthors=|title=भीमबेटका की गुफाएँ|url=http://www.incredibleindia.org/hindi/heritage/bhimbetka.htm|archiveurl=https://web.archive.org/web/20100613003926/http://incredibleindia.org/hindi/heritage/bhimbetka.htm|work=|publisher=इन्क्रेडिबल इण्डिया|location=|trans_title=|page=|pages=०१|language=हिन्दी|format=एचटीएम|doi=|date=|month=|year=|archivedate=13 जून 2010|quote=|accessdate=१८ जुलाई २००९|url-status=dead}}</ref>; इसके दक्षिण में [[सतपुड़ा]] की पहाड़ियाँ आरम्भ हो जाती हैं।<ref name="भारत">{{cite web|first= |last= |author= |authorlink= |coauthors= |title= भीमबेटका की पहाड़ी गुफाएं|url= http://bharat.gov.in/knowindia/bhimbetka.php|archiveurl= https://web.archive.org/web/20090513191854/http://bharat.gov.in/knowindia/bhimbetka.php|work= राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल|publisher= भारत सरकार|location= |trans_title= |page= |pages= 01|language= हिन्दी|format= पीएचपी|doi= |date= |month= |year= |archivedate= 13 मई 2009|quote= |accessdate= 18 जुलाई 2009|url-status= live}}</ref> इनकी खोज वर्ष [[१९५७|1957-]][[१९५८|1958]] में डाक्टर [[विष्णु श्रीधर वाकणकर]] द्वारा की गई थी। === मेहरगढ़ सभ्यता (७०००-३३०० ई पूर्व) === {{Main|मेहरगढ़}} '''मेहरगढ़''' पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण एक स्थान है जहाँ [[नवपाषाण युग]] (७००० ईसा-पूर्व से 33०० ईसा-पूर्व) के बहुत से अवशेष मिले हैं। यह स्थान वर्तमान [[बलूचिस्तान (पाकिस्तान)|बलोचिस्तान]] ([[पाकिस्तान]]) के कच्ची मैदानी क्षेत्र में है। यह स्थान विश्व के उन स्थानों में से एक है जहाँ प्राचीनतम [[कृषि]] एवं [[पशुपालन]] से सम्बन्धित साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इन अवशेषों से पता चलता है कि यहाँ के लोग [[गेहूँ]] एवं [[जौ]] की खेती करते थे तथा [[भेड़]], [[बकरी]] एवं अन्य जानवर पालते थे। "<ref>Hirst, K. Kris. 2005. [http://archaeology.about.com/od/mterms/g/mehrgarh.htm "Mehrgarh"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110825144459/http://archaeology.about.com/od/mterms/g/mehrgarh.htm |date=25 अगस्त 2011 }}. '' Guide to Archaeology''</ref>. === सिंधु घाटी की सभ्यता (3300-2500 ई पूर्व) === {{Main|हड़प्पा सभ्यता}} '''हड़प्पा सभ्यता'''(2350-1750 ई.पू.) विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता थी। यह सिंधु घाटी सभ्यता और सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नाम से भी जानी जाती है। इसका विकास [[सिन्धु नदी|सिंधु]] और घघ्घर/हकड़ा (प्राचीन सरस्वती) के किनारे हुआ। [[मोहन जोदड़ो|मोहनजोदड़ो]], [[कालीबंगा]], [[चनहुदड़ो|चन्हुदडो]], [[रन्गपुर्]], [[लोथल]], [[धोलावीरा]], [[राखीगढ़ी]], [[दैमाबाद]], [[सुत्कन्गेदोर]], [[सुरकोतदा]] और [[हड़प्पा]] इसके प्रमुख केन्द्र थें। ब्रिटिश काल में हुई खुदाइयों के आधार पर पुरातत्ववेत्ता और इतिहासकारों का अनुमान है कि यह अत्यंत विकसित सभ्यता थी और ये शहर अनेक बार बसे और उजड़े हैं। === वैदिक काल (१५००-५०० ई पूर्व) === {{main|वैदिक काल}} '''वैदिक काल''' प्राचीन [[भारत की संस्कृति|भारतीय संस्कृति]] का एक काल खंड है, जब वेदों की रचना हुई थी। [[सिंधु घाटी सभ्यता|हड़प्पा संस्कृति]] के पतन के बाद भारत में एक नई सभ्यता का आविर्भाव हुआ। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत [[वेद|वेदों]] के आधार पर इसे [[वैदिक सभ्यता]] का नाम दिया गया। वैदिक काल को दो भागों ऋग्वैदिक काल (1500- 1000 ई. पू.) तथा उत्तर वैदिक काल (1000 - 700 ई. पू.) में बांटा गया जाता है। == लौह Nahi h == {{Main|लौह युग}} == प्राचीन भारत (५०० ईसा पूर्व- ५५० ईस्वी == {{Main|भारतीय इतिहास}} {{Main|प्राचीन भारत}} १००० ई पू के पश्चात १६ [[महाजनपद]] उत्तर भारत में मिलते हैं। [[५वीं शताब्दी ईसा|५०० ईसवी]] पूर्व के बाद, कई स्वतंत्र राज्य बन गए| उत्तर में [[मौर्य राजवंश|मौर्य]] वंश, जिसमें [[चन्द्रगुप्त मौर्य]] और [[अशोक]] सम्मिलित थे, ने भारत के सांस्कृतिक पटल पर उल्लेखनीय छाप छोडी | [[१८० ईसवी]] के आरम्भ से, [[मध्य एशिया]] से कई आक्रमण हुए, जिनके परिणामस्वरूप उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप में [[इंडो-ग्रीक]], [[इंडो-स्किथिअन]], [[इंडो-पार्थियन]] और अंततः [[कुषाण राजवंश|कुषाण]] राजवंश स्थापित हुए | [[तृतीय शताब्दी|तीसरी शताब्दी]] के आगे का समय जब भारत पर [[गुप्त राजवंश|गुप्त वंश]] का शासन था, भारत का "स्वर्णिम काल" कहलाया| [[दक्षिण भारत]] में भिन्न-भिन्न समयकाल में कई राजवंश [[चालुक्य]], [[चेर]], [[चोल राजवंश|चोल]], [[कदम्ब]], [[पल्लव]] तथा [[पाण्ड्य राजवंश|पांड्य]] चले | [[प्राचीन भारतीय विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी|विज्ञान]], [[भारतीय कला|कला]], [[भारतीय साहित्य|साहित्य]], [[भारतीय गणित|गणित]], [[खगोल शास्त्र]], [[प्राचीन प्रौद्योगिकी]], [[धर्म]], तथा [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] इन्हीं राजाओं के शासनकाल में फ़ले-फ़ूले। == मध्यकालीन भारत == {{main|मध्यकालीन भारत}} 12वीं शताब्दी के प्रारम्भ में, भारत पर मुसलानों के आक्रमण करने और विजयी होने के पश्चात, उत्तरी व केन्द्रीय भारत का अधिकांश भाग [[दिल्ली सल्तनत]] के शासनाधीन हो गया; और बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप [[मुग़ल साम्राज्य|मुगल]] वंश के अधीन। दक्षिण भारत में [[विजयनगर साम्राज्य]] शक्तिशाली निकला। हालांकि, विशेषतः तुलनात्मक रूप से, संरक्षित दक्षिण में, अनेक राज्य शेष रहे अथवा अस्तित्व में आये। 17वीं शताब्दी के मध्यकाल में [[पुर्तगाल]], [[डच]], [[फ़्रान्स|फ्रांस]], [[ब्रिटेन]] सहित अनेकों युरोपीय देशों, जो कि भारत से व्यापार करने के इच्छुक थे, उन्होनें देश में स्थापित शासित प्रदेश, जो कि आपस में युद्ध करने में व्यस्त थे, का लाभ प्राप्त किया। अंग्रेज दुसरे देशों से व्यापार के इच्छुक लोगों को रोकने में सफल रहे और [[१८४० ई]] तक लगभग संपूर्ण देश पर शासन करने में सफल हुए। [[१८५७ ई]] में ब्रिटिश इस्ट इंडिया कम्पनी के विरुद्ध असफल विद्रोह, जो कि [[१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम|भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम]] से जाना जाता है, के बाद भारत का अधिकांश भाग सीधे [[ब्रिटिश साम्राज्य|अंग्रेजी शासन]] के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया। ब्रिटिश शासन के अन्तर्गत भारतीयों ने संघर्ष जारी रखे। अनेक छोटे-बड़े विद्रोह हुए। सन १८८५ [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना हुई। अनेक क्रान्तिकारी और सशस्त्र संगठन भी अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करते रहे। १९३७ में अंग्रेजों ने [[बर्मा]] को भारत से अलग कर दिया। १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] हुआ। १९४३ में [[आजाद हिन्द फौज]] ने बर्मा सीमा की तरफ से अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया। १९४६ में भारतीय नौसेना ने [[नौसेना विद्रोह|अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह]] हुआ। == स्वतन्त्र भारत == {{main|स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास}} === १९४७ से १९५० === * '''देश आजाद''': १४ अगस्त १९४७ को जैसे ही घड़ी की सुई में रात के १२ बजे, प्रथम [[प्रधानमन्त्री|प्रधानमंत्री]] श्री [[जवाहरलाल नेहरू|जवाहर लाल नेहरू]] ने देश के स्वतंत्र होने की घोषणा की। * '''शोक की लहर''': ३० जनवरी १९४८ को उस समय सारे देश में शोक की लहर दौड़ गई, जब [[नाथूराम गोडसे|नाथूराम गोड्से]] ने [[महात्मा गांधी]] की हत्या कर दी। * '''[[१९४७ का भारत-पाक युद्ध|भारत-पाकिस्तान के बीच प्रथम युद्ध]]''' : देश विभाजन के बाद नए पड़ोसी बने [[पाकिस्तान]] ने [[भारत]] पर हमला कर दिया। यह लड़ाई ३१ दिसम्बर १९४८ को समाप्त हुई और इसमें दोनों देशों के लगभग १५००-१५०० सैनिक मारे गए तथा पाकिस्तान ने [[कश्मीर]] के एक भूभाग पर अधिकार कर लिया। * '''भारत बना गणतंत्र''': [[संविधान]] सभा द्वारा १९४९ में पारित किए जाने के बाद २६ जनवरी १९५० को पहली बार देश का संविधान स्वीकार किया गया। * '''जेल की बैरक में [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान|आईआईटी]] की स्थापना''': सन् १९५० में [[पश्चिम बंगाल]] के [[खड़गपुर]] के निकट [[हुबली जेल]] के परिव्यक्त [[बैरक]] में [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (आईआईटी) के रूप में देश के पहले तकनीकी उच्च शिक्षा संस्थान की नींव डाली गई। === १९५० से १९७० === * '''भाषाई आधार पर राज्यों का गठन''': अलग [[तेलुगू भाषा|तेलुगू]] राज्य की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद १९५३ में पहली बार भाषाई आधार पर [[आन्ध्र प्रदेश|आंध्रप्रदेश]] राज्य का गठन किया गया। * '''वामपंथ का उदय''': सन् १९५४ में शीत युद्ध के दौर से गुजर रहे विश्व के समक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू ने [[गुटनिरपेक्षता]] का सिद्धान्त प्रस्तुत किया, जिसे बाद में [[यूगोस्लाविया]] के [[मार्शल टीटो]], [[इंडोनेशिया]] के [[सुकर्णो]] और [[मिस्र]] के [[गमाल अब्दुल नासिर]] ने अंगीकार करते हुए गुटनिरपेक्ष आंदोलन को जन्म दिया। * '''[[भारत-चीन युद्ध]]''': २० अक्टूबर १९६२ को पड़ोसी चीन ने विश्वासघात करते हुए [[अरुणाचल प्रदेश]] और [[लद्दाख़|लद्दाख]] की सीमा पर धावा बोल दिया। इस युद्ध में भारत की शर्मनाक हार हुई और चीन ने [[अक्साई चिन]] पर अधिकार कर लिया। * '''पंडित नेहरू का देहान्त''': [[पक्षाघात]] का शिकार होने के बाद सन् १९६४ में पंडित नेहरू का निधन हो गया और प्रधानमंत्री की कुर्सी उनकी पुत्री [[इन्दिरा गांधी|इंदिरा गांधी]] के स्थान पर [[लालबहादुर शास्त्री|लाल बहादुर शास्त्री]] को प्राप्त हुई। * '''इंदिरा बनीं प्रधानमंत्री''': ११ जनवरी १९६६ को [[ताशकन्द|ताशकंद]] में लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद इंदिरा गांधी भारत की प्रथम [[महिला प्रधानमन्त्री]] बनीं। * '''[[हरित क्रांति]] का जन्म''': सन् १९६७ से लेकर १९७८ तक चली हरित क्रांति ने भारत को [[खाद्यान्न]] के मामले में आत्मनिर्भर बना दिया। * '''[[सूचना प्रौद्योगिकी|आईटी]] क्रांति''': १९६८ में [[टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज|टाटा कन्सल्टन्सी सर्विसिज़]] की स्थापना से भारत नई ऊँचाई पर पहुंचा दिया। * '''[[भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण|बैंकों का राष्ट्रीयकरण]] और [[भारत में राजभत्ता|निजी कोश]]([[भारत में राजभत्ता|प्रिवी पर्स]]) का उन्नमूलन''': १९ जुलाई १९६९ को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया और साथ ही, उन्होंने लगभग ४०० रजवाड़ों को आजादी के समय से ही मिल रहे राजभत्ते(प्रिवी पर्स) को बंद कर दिया। === १९७० से १९८० === * '''[[भारत-पाक के मध्य तीसरा युद्ध]]''': सन् १९७१ में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान आपस में भिड़ गए। परिणामस्वरूप एक नए देश [[बांग्लादेश]](२५ दिसम्बर १९७१) का जन्म हुआ। [[शिमला समझौता|शिमला समझौते]] के अंतर्गत दोनों देशों के बीच शांति स्थापित हुई। * '''[[चिपको आन्दोलन]] का जन्म''': सन् १९७३ में [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]] राज्य के कुछ ग्राम वासियों ने वनों को काटने से बचाने के लिए एक अनोखे आंदोलन आरंभ किया, जिसमें वे पेड़ से चिपक जाते थे। * '''[[भारतीय परमाणु परीक्षण|पहला परमाणु परीक्षण]]''': १८ मई १९७४ को [[राजस्थान]] के [[पोखरण]] में भारत ने पहली बार सफल परमाणु परीक्षा किया। इस मिशन का नाम [[बुद्धा स्माइल्स]] रखा गया। * '''[[शोले (1975 फ़िल्म)|शोले]] की रिकार्ड तोड़ सफलता''': १९७५ में [[रमेश सिप्पी]] द्वारा निर्देशित चलचित्र शोले ने [[हिन्दी सिनेमा|बालीवुड]] नया कीर्तिमान रचा और उस समय तक का यह [[सर्वश्रेष्ठ चलचित्र]] घोषित किया गया। * '''अन्तरिक्ष में भारत''': १९ अप्रैल १९७५ को पहले भारतीय [[उपग्रह]] [[आर्यभट]]्ट का सफल प्रक्षेपण। * '''[[आपातकाल (भारत)|आपातकाल]] की घोषणा''': जून १९७५ में इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की। * '''[[टीकाकरण अभियान]] की शुभारंभ''': १९७८ में सभी शिशुओं और [[गर्भवती]] महिलाओं को [[डिप्थीरिया]], [[पोलियोमेलाइटिस|पोलियो]], [[धनुस्तम्भ|टिटनेस]] और [[कुकुरखांसी]] से बचाने के लिए [[टीकाकरण]] का सघन अभियान छेड़ा गया। * '''[[मदर टेरेसा]] को [[नोबेल पुरस्कार]]''': अपने जीवन का अधिकांश भाग [[कोलकाता|कलकत्ता]] की मलिन बस्तियों में रहने वाले गरीबों की सेवा में गुजार देने वाली मदर टेरेसा को सन् १९७९ में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। === १९८० से १९९० === * ''' [[एशियाई खेल|एशियाई खेलों]] का सफल आयोजन''': सन् १९८२ में भारत में दूसरी बार एशियाई खेलों का सफल आयोजन किया गया, जो कि पिछली बार की अपेक्षा कहीं बड़े पैमाने पर रहा और साथ ही इसी वर्ष [[रंगीन टीवी]] भी भारत आया। * '''भारत बना क्रिकेट विश्व चैंपियन''': १९८३ में खेलों की दुनिया में सबसे बड़ी जीत दर्ज करते हुए भारत ने [[कपिलदेव|कपिल देव]] की कप्तानी में [[वेस्ट इंडीज़ संघ|वेस्ट इंडीज]] को हराकर [[आईसीसी क्रिकेट विश्व कप|क्रिकेट विश्व कप]] अपने नाम कर लिया। * 18-02-1983 को असम के नेल्ली में 10000 मुसलमानों का नरसंहार लेखक - श्रेष्ठ बाजपेई * '''[[ऑपरेशन ब्लू स्टार|ऑपरेशन ब्लूस्टार]]''': जून १९८४ में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्देश पर [[अमृतसर]] के [[हरिमन्दिर साहिब|स्वर्ण मंदिर]] में [[जरनैल सिंह भिंडरावाले]] के नेतृत्व में घुसे [[खालिस्तानी]] आतंकवादियों को निकाल बाहर करने के लिए सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया। * '''[[अंतरिक्ष]] में प्रथम भारतीय''': अप्रैल १९८४ में भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और सफलता प्राप्त की, जब पहला भारतीय [[खगोलयात्री|अंतरिक्ष यात्री]] [[राकेश शर्मा]], जो [[भारतीय वायुसेना]] के एक [[वायुयान चालक|पायलट]] थे, अंतरिक्ष पहुंचे। [[चित्र:Rakesh Sharma.jpg|thumb|100px|right|पहला भारतीय [[खगोलयात्री|अंतरिक्ष यात्री]], [[राकेश शर्मा]]।]] * '''इंदिरा गांधी की हत्या''': ३१ अक्टूबर १९८४ को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही [[सिख]] [[अंगरक्षकों]] ने [[गोली]] मारकर [[हत्या]] कर दी। इस हत्या को ऑपरेशन ब्लू स्टार के प्रतिकार के रूप में देखा गया। (यह केवल कुछ इतिहासकारो की राय है)। इंदिरा गांधी की हत्या के हुए [[सिख|सिक्ख]] विरोधी दंगों में २,००० से अधिक लोग मारे गए। * '''[[एवरेस्ट पर्वत|एवरेस्ट]] विजय''': २३ मई १९८४ को [[बछेंद्री पाल|बचेंद्री पाल]] विश्व की सबसे ऊंची चोटी [[एवरेस्ट पर्वत|माउंट एवरेस्ट]] पर चढ़ाई करने वाली भारत की पहली और विश्व की पांचवीं महिला बनीं। * '''[[भोपाल गैस काण्ड|भोपाल गैस त्रासदी]]''': ३ दिसम्बर १९८४ को विश्व का सर्वाधिक भीषण [[कार्यस्थल दुर्घटना|औद्योगिक दुर्घटना]] सामने आई, जब [[मध्य प्रदेश|मध्यप्रदेश]] की [[राजधानी]] [[भोपाल]] में [[यूनियन कार्बाइड]] के कारखाने में गैस का रिसाब होने से लगभग ३,००० लोग अकाल मृत्यु का शिकार बने। [[चित्र:Bhopal-Union Carbide 1.jpg|thumb|150px|right|भोपाल गैस कांड स्मारक।]] * '''सड़क पर उतरी [[मारुति]]''': १९८४ में ८०० [[सीसी]] की मारुति [[मोटरवाहन|कार]] लांच हुई, जिसने देश में वाहन क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया। * '''[[शाहबानो प्रकरण|शाह बानो]] मामला''': इस विवादास्पद मामले में उच्चतम न्यायालय ने [[मुस्लिम बोर्ड]] के निर्णय को पलटते हुए शाह बानो को [[गुजारा भत्ता]] देने को कहा लेकिन कट्टरपंथी मुस्लिम कार्यकर्ताओं के दबाव के आगे राजीव गांधी सरकार ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय को प्रभावहीन बनाया। * [[कनिष्क बमकांड]]: २३ जून १९८५ को [[बब्बर खालसा]] के आतंकवादियों ने [[आयरलैण्ड|आयरलैंड]] से [[टोरोंटो|टोरंटो]] आ रहे [[एअर इंडिया|एयर इंडिया]] के विमान को बम से उड़ा दिया, जिसमें सवार सभी ३२९ यात्री मारे गए। * '''[[असम समझौता]]''': १९८५ में [[राजीव गांधी]] सरकार और [[असम]] के [[चरमपंथी]] गुटों में ऐतिहासिक समझौते से यह आस बंधी थी कि इस राज्य में शांति हो जाएगी, लेकिन ऐसा पूरी तरह संभव नहीं हो सका। * '''भारत-[[श्रीलंका]] शांति समझौता''': भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी और श्रीलंका के राष्ट्रपति [[जेआर]] ने १९८७ में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता एक भूल साबित हुआ और इसके चलते श्रीलंका में हिंसक आंदोलन जोर पकड़ने लगा। * '''[[मताधिकार]] की आयु सीमा घटी''': १९८८ में राजीव गांधी सरकार ने मतदान के लिए न्यूनतम आयु सीमा २१ वर्ष से घटाकर १८ वर्ष कर दी। * '''[[पृथ्वी प्रक्षेपास्त्र]] का सफल परीक्षण''': भारत ने पूर्णतया स्वदेशी तकनीक पर आधारित [[बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र]] का १९८८ में सफल परीक्षण किया। * '''[[आरक्षण]] का पेंच''': अगस्त १९९० में तत्कालीन प्रधानमंत्री [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने [[मंडल आयोग]] की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए सरकारी नौकरियों में [[अन्य पिछड़ा वर्गों]] के लिए २७ प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू कर दिया। === १९९० से २००० === * '''[[राजीव गांधी की हत्या]]''': २१ मई १९९१ को [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के [[श्रीपेराम्बदुर]] में [[तमिल ईलम के मुक्ति बाघ|लिट्टे]] की [[आत्मघाती]] हमलावर [[धनु]] ने राजीव गांधी की हत्या कर दी। * '''आर्थिक उदारीकरण''': १९९२ में तत्कालीन प्रधानमंत्री [[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव|नरसिंह राव]] और [[वित्त मंत्री]] [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] ने देश में [[आर्थिक सुधारों]] का नया दौर आरंभ किया। * '''[[सत्यजित राय|सत्यजीत राय]] को ऑस्कर अवार्ड''': [[विश्व सिनेमा]] को यादगार फिल्में देने वाले निर्माता-निर्देशक सत्यजीत राय को १९९२ में [[अकेडमी पुरस्कार|ऑस्कर]] का लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। * '''[[प्रतिभूति घोटाला]]''': [[शेयर बाजारों]] में नियोजित तरीके से तेजी लाकर शेयरधारकों के करोड़ों रुपए का वारा-न्यारा करने का खेल पहली बार जगजाहिर हुआ। इस पूरे प्रकरण में [[हर्षद मेहता]] नामक व्यक्ति की सबसे बड़ी भूमिका थी। * '''बाबरी विध्वंस''': ६ दिसम्बर १९९२ को [[अयोध्या]] में विवादास्पद [[बाबरी ढांचे]] को हिंदुओं की भीड़ ने ढहा दिया। जिसकी प्रतिक्रिया में देश [[सांप्रदायिक दंगों]] की आग धधकने लगा था। * '''[[मुंबई बमकांड]]''': बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की घटना के बाद [[मुम्बई|मुंबई]](१९९३) में [[श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट]] हुए, जिसमें लगभग २५० लोग मारे गए। * '''सुष्मिता को ब्रह्मांड सुंदरी का ताज''': [[सुष्मिता]] सेन [[ब्रह्मांड सुंदरी]] का ताज पहनने वाली भारत की पहली महिला बनीं। * '''सेलफोन की शुरूआत''': १९९५ में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री [[ज्योति बसु]] और [[केंद्रीय संचार मंत्री]] [[सुखराम]] ने सेलफोन पर पहली बार बात करते हुए देश में [[मोबाइल फ़ोन|मोबाइल]] सेवा की शुरूआत की। * '''[[इंटरनेट युग]] का आरंभ''': १९९५ में [[विदेश संचार निगम लिमिटेड]] (वीएसएनएल) ने देश के छह नगरों में इंटरनेट सेवा का शुभारंभ किया। * '''[[पोखरण-2]]''': [[अटल बिहारी वाजपेयी]] सरकार के शासनकाल में भारतीय वैज्ञानिकों ने ११-१३ मई १९९८ में पोखरण में पांच परमाणु परीक्षण किए। पाकिस्तान ने भी प्रतिकार स्वरूप २८ मई १९९८ में छह परमाणु परीक्षण कर डाले। * '''[[अमर्त्य सेन]] को [[नोबेल पुरस्कार]]''': १९९८ में अमर्त्य सेन को [[अर्थशास्त्र]] का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। * '''[[भारत-पाक बस सेवा]]''': १९९९ में तत्कालीन प्रधानमंत्री [[अटल बिहारी वाजपेयी]] ने भारत-पाकिस्तान के बीच बस सेवा आरंभ की। * '''[[कारगिल]] की लड़ाई''': जुलाई, १९९९ में भीरतीय सेना को कारगिल में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ की जानकारी मिली। जिसके बाद भारतीय सेना ने घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ कर दी। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप पाकिस्तानी सेना और घुसपैठिये पीछे हटे। * '''[[मैच फिक्सिन्ग]]''': अप्रैल, २००० में क्रिकेट में मैच फिक्सिन्ग् उजागर होने से क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा। [[दिल्ली पुलिस]] ने [[दक्षिण अफ्रीका]] के [[कप्तान]] [[हेन्स क्रोनिये]] के विरुद्ध इस संबंध में मामला दर्ज किया। === २००० से २०१० तक === * '''[[२००१ संसद भवन हमला|भारतीय संसद भवन पर हमला]]''': १३ दिसम्बर २००१ को आतंकवादियों ने संसद भवन पर हमला किया, लेकिन देश के बहादुर सिपाहियों ने अपनी प्राणों की आहुति देकर भी आतंकवादियों के इरादों को विफल कर दिया। * '''[[तहलका कांड]]''': तहलका डॉटकॉम ने स्टिंग ऑपरेशन के द्वारा रक्षा सौदों के लिए सांसदों और सैन्य अधिकारियों को घूस लेते हुए उजागर किया। * '''[[गोधरा जनसंहार]]''': [[गुजरात]] के [[गोधरा]] में २७ फ़रवरी २००२ को हिंदू तीर्थयात्रियों से भरी एक ट्रेन की बोगी को कुछ असामाजिक तत्वों ने जला डाला और जिसकी प्रतिक्रिया स्वरूप अगले ही दिन पूरे राज्य में दंगे भड़क उठे। * '''[[कल्पना चावला]] का दुखद अंत''': अंतरिक्ष पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना चावला की दूसरी अंतरिक्ष यात्रा ही उनकी अंतिम यात्रा साबित हुई। 1 फ़रवरी २००३ के दिन पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते समय [[कोलंबिया शटल यान]] दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कल्पना सहित इसमें सवार सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गए। * '''सहवाग बनें `[[मुल्तान]] का सुल्तान´''': २००४ में पाकिस्तान के विरुद्ध मुल्तान टेस्ट में [[वीरेन्द्र सहवाग|सहवाग]] शानदार [[तिहरा शतक]] जमाने वाले पहले क्रिकेटर बने। * '''[[भारत-अमेरिका परमाणु समझौता]]''': २००५ में भारतीय प्रधानमंत्री डॉ॰ मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज वॉकर बुश|जॉर्ज बुश]] ने ऐतिहासिक [[असैन्य परमाणु सहयोग संधि]] पर हस्ताक्षर किए। * '''[[सूचना का अधिकार अधिनियम, २००५|सूचना का अधिकार]]''': २००५ के सूचना के अधिकार कानून ने सरकारी बाबुओं को जवाबदेह बनाया। * '''११/७, मुंबई की उपनगरीय रेलों में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फ़ोट''': ११ जुलाई २००६ को एक बार फिर मुंबई आतंकवादियो के निशाने पर आ गई। शाम के समय अपने घरों को लौट रहे लोकल ट्रेन के खचाखच भरे डिब्बों में २० मिनट के अंतराल पर हुए सात बम धमाको में २५० लोग मारे गए। * '''[[टाटा समूह|टाटा]] ने [[वृन्दगान|कोरस]] को खरीदा''': २००७ में किसी भारतीय कंपनी द्वारा अब तक के सबसे बड़े अधिग्रहण के रूप में [[टाटा इस्पात|टाटा स्टील]] ने [[एंग्लो-डच]] कंपनी कोरस को खरीद लिया। * '''पहली महिला राष्ट्रपति''': [[महाराष्ट्र]] की पहली महिला राज्यपाल बनने वाली [[प्रतिभा देवीसिंह पाटिल|प्रतिभा पाटील]] ने २५ जुलाई २००७ को देश की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। * '''मुंबई २६/११''': एक बार फिर राष्ट्र की वित्तीय राजधानी पर आतंकवादियों का हमला। बुधवार, २६ नवम्बर २००८ की रात लगभग १० पाकिस्तानी आतंकवादी आधुनिक हथियारों से युक्त होकर चर्चगेट स्टेशन, कामा अस्पताल और ताज और ओबेरॉय-ट्रायडैन्ट में घुसे। ३ दिन तक चले कमांडो ऑपरेशन में २०० से अधिक लोग मारे गए और १० में से नौ आतंकवादी भी। एक आतंकवादी, [[अजमल क़साब|अजमल कसाब]] को जीवित पकड़ लिया गया। === २०१० से २०२० तक === * '''अगस्त २०११''' में [[भ्रष्टाचार]] के विरुद्ध [[अन्ना हजारे]] का आन्दोलन * '''भारत दूसरी बार बना क्रिकेट विश्व चैंपियन''': २०११ में क्रिकेट की दुनिया में बड़ी जीत दर्ज करते हुए भारत ने [[महेंद्र सिंह धोनी]] की कप्तानी में श्री लंका को हराकर दूसरी बार [[२०११ क्रिकेट विश्व कप|क्रिकेट विश्व कप]] अपने नाम कर लिया। * '''नरेन्द्र मोदी प्रधानमन्त्री बने''' : 26 मई, 2014 को नरेन्द्र मोदी भारत के १५वें प्रधानमन्त्री बने। * '''भारतीय अंतरिक्ष मिशन (मंगलयान'''): २०१४ में इसरो ने इतिहास रचा जहां भारत अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। * '''वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)''': २०१७ में भारत की संसद ने ऐतिहासिक वस्तु एवं सेवा कर या जीएसटी लॉन्च किया जो आजादी के बाद कर(टैक्स) में सबसे बड़ा संशोधन बना। * '''उरी आतंकी हमला''': २०१६ में १८ सितंबर को आंतकवादी संगठन [[जैश-ए-मोहम्मद|जैश-ए-मुहम्मद]] द्वारा उरी के पास स्थित भारतीय सेना के मुख्यालय पर हमला किया गया जिसमे १९ भारतीय जवानों की मृत्यु हो गई। * '''विमुद्रीकरण या 'नोटबंदी'''': २०१६ में ८ नवंबर को आरबीआई द्वारा ५०० और १००० रुपये के करेंसी नोटों को अवैध मुद्रा घोषित कर दिया गया, या सरल शब्दों में कहें तो इनका कोई मूल्य नहीं रहा। * '''अनुच्छेद ३७० हटाया गया''': २०१९ में भारत के संविधान के अनुच्छेद ३७० के तहत जम्मू और कश्मीर को "अस्थायी" विशेष दर्जा राष्ट्रपति के आदेश द्वारा हटा दिया गया था। * '''पुलवामा आतंकी हमला''': २०१९ में १४ फ़रवरी को आंतकवादी संगठन [[जैश-ए-मोहम्मद|जैश-ए-मुहम्मद]] द्वारा भारतीय जवानों को ले जाती हुई गाड़ियों पर आत्मघाती आंतकवादी के सहयोग से हमला किया गया। इस हमले में [[केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल|सीआरपीएफ]] के ४० जवानों की मृत्यु हो गई। * '''राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामला''': २०१९ में विश्व स्तर पर सबसे लंबे अदालती मामलों में से एक माने जाने वाले मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने [[अयोध्या विवाद|राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद]] मामले में अपना फैसला सुनाया। * '''नरेन्द्र मोदी दूसरी बार प्रधानमन्त्री''' : 30 मई 2019 को नरेन्द्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। === २०२० से अब तक === * मई २०२० में लद्दाख के पैंगोंग त्सो के पास चीन और भारत के गश्ती दल के बीच हिंसक टकराव के बाद लगभग नौ महीने तक टकराव की स्थिति बनी रही। फरवरी २०२१ में दोनों सेनाएं पुनः अपने मूल पोस्टों पर वापस लौटना शुरू हुईं। * ४ जून २०२४ : [[नरेन्द्र मोदी]] तीसरी बार भारत के प्रधनमन्त्री बने। ==भारतीय इतिहास का संक्षिप्त कालक्रम== === ईसा पूर्व === '''2500-1800''' : [[सिंधु घाटी सभ्यता|सिंधु घाटी सभ्‍यता]] '''1500-1000''' : [[ वैदिक सभ्यता]] '''563''' : [[गौतम बुद्ध]] का जन्‍म कपिलवस्तु के निकट [[लुंबिनी|लुम्बिनी]] गाँव में '''540''' : [[महावीर]] का जन्‍म [[वैशाली]] के पास [[कुण्डलग्राम]] मैं '''327-326''' : [[भारत]] पर एलेक्‍जेंडर का हमला। इसने भारत और [[यूरोप]] के बीच एक भू-मार्ग खोल दिया '''322''' : [[ चंद्रगुप्त मगध की राजगद्दी पर बैठा]] '''313''' : जैन परंपरा के अनुसार चंद्रगुप्‍त का राज्‍याभिषेक '''305''' : [[चन्द्रगुप्त मौर्य|चंद्रगुप्‍त मौर्य]] के हाथों सेल्‍युकस की पराजय '''273-232''' : [[अशोक]] का शासन '''261''' : [[कलिंग]] की विजय '''145-101''' : एलारा का क्षेत्र, [[श्रीलंका]] के चोल राजा '''58''' : [[विक्रम संवत]]् का आरम्‍भ === ईसवी === '''78''' : [[शक संवत]] का आरम्‍भ '''120''' : [[कनिष्‍क]] का राज्‍याभिषेक '''320''' : [[गुप्‍त युग]] का आरम्‍भ, भारत का स्‍वर्णिम काल '''380''' : [[विक्रमादित्‍य]] का राज्‍याभिषेक '''405-411''' : चीनी यात्री [[फाहयान]] की यात्रा '''415''' : कुमार गुप्‍त-1 का राज्‍याभि‍षेक '''455''' : [[स्‍कंदगुप्‍त]] का राज्‍याभिषेक '''606-647''' : हर्षवर्धन का शासन '''712''' : [[सिंध]] पर पहला अरब आक्रमण '''836''' : कन्‍नौज के भोज राजा का राज्‍याभिषेक '''985''' : चोल शासक राजाराज का राज्‍याभिषेक '''998''' : सुल्‍तान महमूद का राज्‍याभिषेक '''1001''' : [[महमूद ग़ज़नवी|महमूद गजनी]] द्वारा भारत पर पहला आक्रमण, जिसने [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] के शासक [[जयपाल]] को हराया था '''1025''' : महमूद गजनी द्वारा [[सोमनाथ मन्दिर|सोमनाथ मंदिर]] का विध्‍वंस '''1191''' : तराई का पहला युद्ध '''1192''' : तराई का दूसरा युद्ध '''1206''' : दिल्‍ली की गद्दी पर कुतुबुद्दीन ऐबक का राज्‍याभिषेक '''1210''' : कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्‍यु '''1221''' : भारत पर [[चंगेज़ ख़ान|चंगेज खान]] का हमला (मंगोल का आक्रमण) '''1236''' : दिल्‍ली की गद्दी पर [[रज़िया सुल्तान|रजिया सुल्‍तान]] का राज्‍याभिषेक '''1240''' : रजिया सुल्‍तान की मृत्‍यु '''1296''' : [[अलाउद्दीन खिलजी]] का हमला '''1316''' : अलाउद्दीन खिलजी की मृत्‍यु '''1325''' : [[मुहम्मद बिन तुग़लक़|मोहम्‍मद तुगलक]] का राज्‍याभिषेक '''1327''' : तुगलकों द्वारा दिल्‍ली से दौलताबाद और फिर दक्‍कन को राजधानी बनाया जाना '''1336''' : दक्षिण में [[विजयानगर साम्राज्‍य]] की स्‍थापना '''1351''' : [[फिरोजशाह]] का राज्‍याभिषेक '''1398''' : [[तैमूरलंग]] द्वारा भारत पर हमला '''1469''' : [[गुरुनानक]] का जन्‍म '''1494''' : फरघाना में [[बाबर]] का राज्‍याभिषेक '''1497-98''' : [[वास्‍को-डि-गामा]] की भारत की पहली यात्रा (केप ऑफ गुड होप के जरिए भारत तक समुद्री रास्‍ते की खोज) '''1526''' : पानीपत की पहली लड़ाई, बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया; बाबर द्वारा मुगल शासन की स्‍थापना '''1527''' : खानवा की लड़ाई, बाबर ने [[राणा सांगा]] को हराया '''1530''' : बाबर की मृत्‍यु और हुमायूं का राज्‍याभिषेक '''1539''' : शेरशाह सूरी ने हुमायूं का हराया और भारतीय का सम्राट बन गया '''1540''' : कन्‍नौज की लड़ाई '''1545''': कालिंजर का युद्ध '''1555''' : हुमायूं ने दिल्‍ली की गद्दी को फिर से हथिया लिया '''1556''' : पानीपत की दूसरी लड़ाई '''1565''' : तालीकोट की लड़ाई '''1576''' : हल्‍दीघाटी की लड़ाई- राणा प्रताप ने अकबर को हराया '''1582''' : दिवेर-छापली का युुद्ध '''1582''' : अकबर द्वारा दीन-ए-इलाही की स्‍थापना '''1597''' : राणा प्रताप की मृत्‍यु '''1600''' : ईस्‍ट इंडिया कंपनी की स्‍थापना '''1605''' : अकबर की मृत्‍यु और जहाँगीर का राज्‍याभिषेक '''1606''' : गुरु अर्जुन देव का वध '''1611''' : नूरजहाँ से जहांगीर का विवाह '''1616''' : सर थॉमस रो ने जहाँगीर से मुलाकात की '''1627''' : छत्रपती शिवाजी महाराजांचा जन्‍म और जहांगीर की मृत्‍यु '''1628''' : शाहजहां भारत के सम्राट बने '''1631''' : मुमताज महल की मृत्‍यु '''1634''' : भारत के बंगाल में अंग्रेजों को व्‍यापार करने की अनुमति दे दी गई '''1659''' : औरंगजेब का राज्‍याभिषेक, शाहजहाँ को कैद कर लिया गया '''1665''' : औरंगजेब द्वारा छत्रपती शिवाजी महाराज को कैद कर लिया गया '''1680''' : छत्रपती शिवाजी महाराजांचा मृत्‍यु झाला '''1707''' : औरंगजेब की मृत्‍यु '''1708''' : गुरु गोबिंद सिंह की मृत्‍यु '''1739''' : नादिरशाह का भारत पर हमला '''1757''' : प्‍लासी की लड़ाई, लॉर्ड क्‍लाइव के हाथों भारत में अंग्रेजों के राजनीतिक शासन की स्‍थापना '''1761''' : पानीपत की तीसरी लड़ाई, शाहआलम द्वितीय भारत के सम्राट बने '''1764''' : बक्‍सर की लड़ाई '''1765''' : क्‍लाइव को भारत में कंपनी का गर्वनर नियुक्‍त किया गया '''1767-69''' : पहला मैसूर युद्ध '''1770''' : बंगाल का महान अकाल '''1780''' : महाराजा रणजीत सिंह का जन्‍म '''1780-84''' : दूसरा मैसूर युद्ध '''1784''' : पिट्स अधिनियम '''1793''' : बंगाल में स्‍थायी बंदोबस्‍त '''1799''' : चौथा मैसूर युद्ध ; टीपू सुल्‍तान की मृत्‍यु === 1800 – 1900 === '''1802''' : बेसेन की संधि '''1809''' : अमृतसर की संधि '''1827''': महात्मा जोतिबा फुले जन्म '''1829''' : सती प्रथा को प्रतिबंधित किया गया '''1830''' : [[ब्रह्म समाज]] के संस्‍थापक [[राजाराम मोहन राय]] की इंग्‍लैंड की यात्रा '''1833''' : राजाराम मोहन राय की मृत्‍यु '''1839''' : [[महाराजा रणजीत सिंह]] की मृत्‍यु '''1839-42''' : पहला अफगान युद्ध '''1845-46''' : पहला अंग्रेज-सिक्‍ख युद्ध '''1852''' : दूसरा अंग्रेज-बर्मा युद्ध '''1853''' : बांबे से थाने के बीच पहली रेलवे लाइन और कलकत्‍ता में टेलीग्राफ लाइन खोली गई '''1857''' : स्‍वतंत्रता का पहला संग्राम (या सिपाही विद्रोह) '''1861''' : रबीन्‍द्रनाथ टैगोर का जन्‍म '''1869''' : [[महात्‍मा गांधी]] का जन्‍म '''1875''' : [[स्वामी दयानन्द सरस्वती]] द्वारा आर्य समाज की स्थापना '''1889''' : जवाहरलाल नेहरु का जन्‍म '''1897''' : [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] का जन्‍म '''1891''' : [[डा. भीम राव अंबेडकर]] का जन्‍म === 1900 से भारत की स्वतंत्रतता तक === '''1904''' : तिब्‍बत की यात्रा '''1905''' : लॉर्ड कर्जन द्वारा [[बंगाल का विभाजन (1905)|बंगाल का पहला बंटवारा]] '''1906''' : [[मुस्लिम लीग]] की स्‍थापना '''1911''' : दिल्‍ली दरबार- ब्रिटिश के राजा और रानी की भारत यात्रा- दिल्‍ली भारत की राजधानी बनी '''1914''' : पहले विश्‍व युद्ध की शुरुआत '''1916''' : मुस्लिम लीग और कांग्रेस द्वारा लखनऊ समझौते पर हस्‍‍ताक्षर '''1918''' : पहले विश्‍व युद्ध की समाप्ति '''1919''' : मताधिकार पर साउथबरो कमिटी, मांटेग्‍यू-चेम्‍सफोर्ड सुधार- अमृतसर में जालियाँवाला बाग हत्‍याकांड '''1920''' : खिलाफत आंदोलन की शुरुआत '''1927''' : साइमन कमीशन का बहिष्‍कार, भारत में प्रसारण की शुरुआत '''1928''' : [[लाला लाजपत राय|लाला लाजपतराय]] की मृत्‍यु (शेर-ए-पंजाब) '''1929''' : लॉर्ड ऑर्वम समझौता, लाहौर कांग्रेस में पूर्ण स्‍वतंत्रता का प्रस्‍ताव पास '''1930''' : सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत- महात्‍मा गांधी द्वारा दांडी मार्च (अप्रैल 6, 1930) '''1931''' : गांधी-इर्विन समझौता '''1935''' : भारत सरकार अधिनियम पारित '''1937''' : प्रांतीय स्‍वायतता, कांग्रेस मंत्रियों का पदग्रहण, अम्ग्रेजों ने [[म्यान्मार|बर्मा]] को भारत से अलग कर दिया। '''1941''' : रबीन्‍द्रनाथ टैगोर की मृत्‍यु, भारत से सुभाष चंद्र बोस का पलायन '''1942''' : क्रिप्‍स मिशन के भारत आगमन पर भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत '''1943-44''' : नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने प्रांतीय आजाद हिंदू हुकूमत, भारतीय राष्‍ट्रीय सेना की स्‍थापना की और बंगाल में अकाल '''1945''' : लाल‍ किले में आईएनए का ट्रायल, शिमला समझौता और द्वितीय विश्‍व युद्ध की समाप्ति '''1946''' : ब्रिटिश कैबिनेट मिशन की भारत यात्रा- केंद्र में अंतरिम सरकार का गठन '''1947''' : [[भारत का विभाजन]] व [[भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम १९४७|स्वतंत्रता]] === [[21वीं सदी]] {{anchor|3rd millennium}} === {| class="wikitable" style="width:100%" |- ! style="width:6%" | वर्ष || style="width:10%" | तारीख ||style="width:84%"| आयोजन |- | rowspan="9" style="vertical-align:top;" | 2001|| 26 जनवरी|| 7.7 {{M|w}} [[2001 गुजरात भूकंप|गुजरात भूकंप]] ने [[पश्चिमी भारत]] को अधिकतम [[मर्केली तीव्रता पैमाने|मर्केली तीव्रता]] एक्स (''अत्यधिक'') के साथ हिला दिया, जिससे 13,805-20,023 लोग मारे गए और लगभग 166,800 घायल हो गए। |- | जुलाई || [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] ने दो साल से ज़्यादा समय में दोनों पड़ोसियों के बीच पहली शिखर वार्ता में पाकिस्तानी राष्ट्रपति [[परवेज़ मुशर्रफ़]] से मुलाक़ात की। कश्मीर पर मतभेदों के कारण यह बैठक बिना किसी सफलता या संयुक्त बयान के समाप्त हो गई। |- | जुलाई || वाजपेयी की भाजपा पार्टी ने कई राजनीतिक घोटालों और [[पाकिस्तानी राष्ट्रपति]] [[परवेज़ मुशर्रफ]] के साथ उनकी वार्ता की स्पष्ट विफलता के कारण उनके इस्तीफे की पेशकश को अस्वीकार कर दिया। |- | सितंबर || [[अमेरिका]] ने 1998 में परमाणु परीक्षण करने के बाद [[भारत]] और [[पाकिस्तान]] के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लिया। इस कदम को अमेरिका के नेतृत्व वाले आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए उनके समर्थन के लिए एक पुरस्कार के रूप में देखा जाता है। |- | अक्टूबर || भारत और पाकिस्तान ने [[कश्मीर]] में [[नियंत्रण रेखा]] पर एक-दूसरे की सैन्य चौकियों पर लगभग एक वर्ष में सबसे भारी गोलीबारी की।<ref name="in.reuters.com">{{Cite news |url=http://in.reuters.com/article/india-pakistan-idINKCN0HV0OY20141006 |title=India-Pakistan fighting kills 9 civilians, 3 militants |publisher=Reuters|date=2014-10-06 |access-date=27 November 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141219133539/http://in.reuters.com/article/2014/10/06/india-pakistan-idINKCN0HV0OY20141006 |archive-date=19 December 2014 |url-status=dead}}</ref> |- | अक्टूबर || [[पाकिस्तानी सेना]] ने सोमवार 6 जून की सुबह सीमा से लगभग तीन किमी. (दो मील) दूर [[अरनिया]] गांव पर गोलाबारी की, जिसमें पांच लोग मारे गए और कम से कम दो दर्जन नागरिक घायल हो गए।<ref name="in.reuters.com" /> |- | दिसम्बर || आत्मघाती दस्ते ने [[नई दिल्ली]] में [[संसद भवन|संसद]] पर हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए। हमले में पांच बंदूकधारी मारे गए। |- | दिसंबर || भारत ने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाए, ताकि वह संसद पर आत्मघाती हमले के लिए जिम्मेदार दो [[कश्मीरी आतंकवादी समूहों]] के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर हो। पाकिस्तान ने भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए और जनवरी में इन समूहों पर प्रतिबंध लगा दिया। |- |दिसंबर |भारत और पाकिस्तान ने युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच साझा सीमा पर भारी संख्या में [[सैनिक]] तैनात किए। |- | rowspan="6" style="vertical-align:top;" | 2002 || || भारतीय और पाकिस्तानी नेताओं के बीच वाकयुद्ध तेज़ हो गया है। वास्तविक युद्ध आसन्न प्रतीत होता है। |- | जनवरी || भारत ने अपने पूर्वी तट पर परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल - अग्नि - का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। |- | फरवरी || [[अयोध्या]] से लौट रहे 59 हिंदू तीर्थयात्रियों के [[गोधरा]], [[गुजरात]] में ट्रेन में आग लगने से मारे जाने के बाद अंतर-धार्मिक रक्तपात शुरू हो गया। इसके बाद हुए दंगों में 1,000 से अधिक लोग मारे गए। (पुलिस और अधिकारियों ने आग के लिए मुस्लिम भीड़ को दोषी ठहराया; 2005 की सरकारी जांच में कहा गया कि यह एक दुर्घटना थी, हालांकि बाद में [[अदालत]] और एसआईटी रिपोर्ट ने मुस्लिम भीड़ को जिम्मेदार ठहराया।) |- | मई || पाकिस्तान ने तीन मध्यम दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली गौरी मिसाइलों का परीक्षण किया, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। |- | जून || [[ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड का यूनाइटेड किंगडम|ब्रिटेन]] और [[अमेरिका]] ने युद्ध को टालने के लिए कूटनीतिक आक्रामकता बनाए रखते हुए अपने नागरिकों से भारत और पाकिस्तान छोड़ने का आग्रह किया। |- | जुलाई || सेवानिवृत्त [[वैज्ञानिक]] और भारत के मिसाइल कार्यक्रम के वास्तुकार [[ए.पी.जे. अब्दुल कलाम]] [[भारत के राष्ट्रपति|राष्ट्रपति]] चुने गए। |- | rowspan="3" style="vertical-align:top;" | 2003 || अगस्त || [[बम्बई]] में एक साथ हुए दो बम विस्फोटों में कम से कम 50 लोग मारे गए। |- | नवम्बर || भारत ने कश्मीर में युद्ध विराम की पाकिस्तान की घोषणा का अनुपालन किया। |- | दिसम्बर || भारत, पाकिस्तान ने सीधे हवाई संपर्क बहाल करने तथा हवाई मार्ग से उड़ान भरने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की। |- | rowspan="5" style="vertical-align:top;" | 2004 || जनवरी || [[भारत सरकार|सरकार]] और उदारवादी कश्मीर अलगाववादियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। |- | मई || [[2004 आम चुनावों]] में [[कांग्रेस पार्टी]] की आश्चर्यजनक जीत। [[मनमोहन सिंह]] ने [[भारत के प्रधान मंत्री|प्रधान मंत्री]] के रूप में शपथ ली। |- | सितंबर || [[भारत]], [[ब्राजील]], [[जर्मनी]] और [[जापान]] के साथ मिलकर [[संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद]] में स्थायी सीट के लिए आवेदन करता है। |- | नवंबर || भारत ने कश्मीर से अपने कुछ सैनिकों को वापस बुलाना शुरू कर दिया। |- | दिसंबर || [[इंडोनेशिया]] के तट पर [[2004 हिंद महासागर भूकंप और सुनामी|2004 हिंद महासागर भूकंप]] के कारण आई [[सुनामी]] से हजारों लोग मारे गए, जिसने [[दक्षिण भारत|दक्षिण]] में और [[अंडमान]] और [[निकोबार द्वीप समूह|निकोबार]] द्वीपों में तटीय समुदायों को तबाह कर दिया। |- | rowspan="2" style="vertical-align:top;" | 2005 || जुलाई || [[मुंबई]] (बॉम्बे) और [[महाराष्ट्र]] क्षेत्र में मानसून की बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन में 1,000 से अधिक लोग मारे गए। |- | 8 अक्टूबर || 7.6 {{M|w}} [[2005 कश्मीर भूकंप|कश्मीर भूकंप]] अधिकतम [[मर्कली तीव्रता]] VIII (''गंभीर'') के साथ आता है, जिससे 86,000-87,351 लोग मारे गए, 69,000-75,266 घायल हुए और 2.8 मिलियन लोग बेघर हो गए। |- | rowspan="2" style="vertical-align:top;" | 2006 || फरवरी || भारत की अब तक की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना शुरू की गई, जिसका उद्देश्य लगभग 60 मिलियन परिवारों को गरीबी से बाहर निकालना है। |- | मार्च || अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू बुश]] की यात्रा के दौरान अमेरिका और भारत ने [[हाईड एक्ट|परमाणु समझौते]] पर हस्ताक्षर किए। अमेरिका ने भारत को असैन्य परमाणु प्रौद्योगिकी तक पहुंच प्रदान की, जबकि भारत ने अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए अधिक जांच पर सहमति व्यक्त की। |- | rowspan="8" style="vertical-align:top;" | 2007 || फरवरी || भारत और पाकिस्तान ने आकस्मिक परमाणु युद्ध के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। |- | 18 फरवरी || [[नई दिल्ली]] से पाकिस्तान के शहर [[लाहौर]] जा रही एक ट्रेन में बम विस्फोट और आग लगने से 68 यात्री मारे गए, जिनमें से अधिकांश पाकिस्तानी थे। |- | मार्च || [[छत्तीसगढ़]] राज्य में माओवादी विद्रोहियों ने भोर में हुए हमले में 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को मार डाला। |- | अप्रैल || भारत का पहला वाणिज्यिक अंतरिक्ष रॉकेट लॉन्च किया गया, जिसमें एक भारतीय उपग्रह था। |- | मई || सरकार ने 20 वर्षों के अपने सबसे मजबूत आर्थिक विकास के आंकड़ों की घोषणा की - मार्च तक के वर्ष में 9.4%। |- | मई || [[हैदराबाद]] में मुख्य मस्जिद में बम विस्फोट में कम से कम नौ लोग मारे गए। बाद में हुए दंगों में कई अन्य मारे गए। |- | जुलाई || भारत का कहना है कि उसके [[एचआईवी]] या [[एड्स]] से पीड़ित लोगों की संख्या पहले के आधिकारिक आंकड़ों की लगभग आधी है। [[भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय|स्वास्थ्य मंत्रालय]] के आंकड़ों के अनुसार कुल मामले 2 मिलियन से 3.1 मिलियन के बीच हैं, जबकि पहले अनुमान 5 मिलियन से अधिक था। |- | 25 जुलाई || [[प्रतिभा पाटिल]] [[भारत के राष्ट्रपति|भारत की राष्ट्रपति]] निर्वाचित होने वाली पहली महिला बनीं। |- | rowspan="5" style="vertical-align:top;" | [[2008 in India|2008]] || July || Series of explosions kills 49 in Ahmedabad, in Gujarat state. The little-known terrorist group Indian Mujahideen claims responsibility. |- | October || Following approval by the US Congress, President [[George W. Bush]] signs into law a nuclear deal with India, which ends a three-decade ban on US nuclear trade with Delhi. |- | 22 October || India successfully launches its first mission to the moon, the uncrewed lunar probe [[Chandrayaan-1]].<ref>{{cite news |date=22 October 2008 |title=PSLV-C11 Successfully Launches Chandrayaan-1 |url=http://www.isro.gov.in/pressrelease/scripts/pressreleasein.aspx?Oct22_2008 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120107014114/http://isro.gov.in/pressrelease/scripts/pressreleasein.aspx?Oct22_2008 |archive-date=7 January 2012 |access-date=11 March 2012 |publisher=ISRO}}</ref> |- | 26–29 November || The [[2008 Mumbai attacks]] (often called the 26/11 attacks) kill 174 people, including 9 of the 10 terrorists from [[Lashkar-e-Taiba]], an Islamic terrorist organisation based in Pakistan. India decides not to attack Pakistan in retaliation. |- | December || India announces "pause" in peace process with Pakistan. Indian cricket team cancels planned tour of Pakistan. |- | rowspan="3" style="vertical-align:top;" | [[2009 in India|2009]] || February || India and Russia sign deals worth $700 million, according to which Moscow will supply Uranium to Delhi. |- | May || Resounding general election victory gives governing Congress-led alliance of PM [[Manmohan Singh]] an enhanced position in parliament, only 11 seats short of an absolute majority. |- | July || Delhi court decriminalizes gay sex |- | rowspan="1" style="vertical-align:top;" | [[2010 in India|2010]] || 13 February <td> 16 people are killed in a [[2010 Pune bombing|bomb explosion at German Bakery]] in the city of [[Pune]], Maharashtra.<ref>{{cite news |date=21 February 2010 |title=Death toll rises to 15 in Pune German Bakery blast |url=http://www.dnaindia.com/mumbai/report_pune-blast-toll-rises-to-15_1350620 |access-date=21 February 2010 |newspaper=Daily News and Analysis}}</ref></td> |- | rowspan="2" style="vertical-align:top;" | [[2011 in India|2011]] || 2 April <td> India wins cricket world cup after 28 years under the captaincy of [[MS Dhoni]].</td> |- | 13 May <td> After 34 years of [[Left Front (West Bengal)|Left Front]] Government, [[Trinamool Congress]] and Congress alliance come to power in [[West Bengal]].</td> |- | rowspan="1" style="vertical-align:top;" | [[2012 in India|2012]] || 25 July <td> [[Pranab Mukherjee]], the former Finance Minister is elected as the 13th president of India.</td> |- | rowspan="3" style="vertical-align:top;" | [[2013 in India|2013]] || 12 February || [[2013 Indian helicopter bribery scandal|Indian helicopter bribery scandal]] comes to light. |- | 21 February || [[2013 Hyderabad blasts|Terror attacks in Hyderabad]] in [[Dilsukhnagar]] area. |- | 5 November || [[Mars Orbiter Mission]], is successfully launched into Mars orbit by the [[Indian Space Research Organisation]] (ISRO).<ref name='Pro'>{{cite news |last=Walton |first=Zach |title=India Announces Mars Mission One Week After Curiosity Landing |url=http://www.webpronews.com/india-announces-mars-mission-one-week-after-curiosity-landing-2012-08 |date=15 August 2012 |work=Web Pro News |access-date=8 September 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130925110129/http://www.webpronews.com/india-announces-mars-mission-one-week-after-curiosity-landing-2012-08 |archive-date=25 September 2013 |url-status=live}}</ref><ref name="India-20120815">{{cite news |title=Manmohan Singh formally announces India's Mars mission |url=http://www.thehindu.com/sci-tech/science/article3775271.ece |date=15 August 2012 |newspaper=[[The Hindu]] |access-date=31 August 2012 |author=Staff |archive-url=https://web.archive.org/web/20120831120009/http://www.thehindu.com/sci-tech/science/article3775271.ece |archive-date=31 August 2012 |url-status=live}}</ref><ref name="NYT-20120830">{{cite news |last=Bal |first=Hartosh Singh |title=BRICS in Space |url=http://latitude.blogs.nytimes.com/2012/08/30/india-and-china-race-to-send-a-mission-to-mars/ |date=30 August 2012 |newspaper=[[The New York Times]]|access-date=31 August 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120902000018/http://latitude.blogs.nytimes.com/2012/08/30/india-and-china-race-to-send-a-mission-to-mars/ |archive-date=2 September 2012 |url-status=live}}</ref> |- | rowspan="2" style="vertical-align:top;" | [[2014 in India|2014]] || 16 May || [[Narendra Modi]] elected as prime minister of India, Congress was routed in the general elections. |- | 2 June || [[Telangana]], The state of Telangana was officially formed on 2 June 2014. |- | rowspan="5" style="vertical-align:top;" | [[2016 in India|2016]] || 2–5 January || [[2016 Pathankot attack|Terror Attacks]] on [[Pathankot]] Air Base.<ref>{{Cite web|title = Pathankot terror attack: Terrorists hid overnight in airbase shed|url = http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/pathankot-attack-terrorists-hid-overnight-in-airbase-shed/|website = The Indian Express|date = 2016-01-13|access-date = 2016-01-13|archive-url = https://web.archive.org/web/20160113195307/http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/pathankot-attack-terrorists-hid-overnight-in-airbase-shed/|archive-date = 13 January 2016|url-status = live}}</ref> |- | 27 June || India becomes a member of [[Missile Technology Control Regime]]. |- | 23 September || India signs a billion-dollar defence deal with France to buy 36 Rafale fighter jets. |- | 27 September || India launches its first space laboratory, [[AstroSat]], in its biggest project since its Mars orbiter mission in 2014. |- | 8 November || In a surprise announcement, the government withdraws high denomination notes from circulation causing chaotic scenes at banks across the country as customers try to exchange old notes. |- | rowspan="1" style="vertical-align:top;" | [[2017 in India|2017]] || 30 June || The [[Goods and Services Tax (India)|Goods and Services Tax]] (GST) launched, the biggest tax reform in history of India. |- | rowspan="6" style="vertical-align:top;"|[[2019 in India|2019]] | 14 February ||A convoy of vehicles carrying [[Central Reserve Police Force]] (CRPF) personnel on the [[Jammu–Srinagar National Highway]] was attacked by a vehicle-borne [[Suicide Bomber|suicide bomber]] in the [[Pulwama district]], [[Jammu and Kashmir (union territory)|Jammu and Kashmir]], India. |- |26 February||The [[2019 Balakot airstrike]] was conducted by India, when Indian warplanes crossed the [[Line of Control|de facto border]] in the disputed region of [[Kashmir]], and dropped bombs in the vicinity of the town of Balakot in [[Khyber Pakhtunkhwa]] province in Pakistan. |- |27 February ||The 2019 Balakot strike from Indian side was given a reply named "Swift Retort". After a dog fight between Pakistani and Indian Fighter Pilots. Indian Wing Commander [[Abhinandan Varthaman]] was captured by the Pakistani side. However acting to the pressure of various global leaders and bound by the [[Vienna Convention on the Law of Treaties|Vienna Convention]]. Pakistan was Forced to release the Indian Pilot with all due respect. |- | 22 May ||Narendra Modi gets re-elected as the Prime Minister of India. |- | 5 August || The state of Jammu and Kashmir divided into two separate union territories known as Jammu Kashmir and Ladakh by scrapping of [[Article 370 of the Constitution of India]]. |- |11 December ||The [[Citizenship (Amendment) Act, 2019]] was passed by the Parliament of India on 11 December 2019. It amended the Citizenship Act of 1955 by providing a path to Indian citizenship for members of Hindu, Sikh, Buddhiist, Jain, Parsi, and Christian religious minorities, who had fled persecution from Pakistan, Bangladesh and Afghanistan before December 2014. |- |[[2020 in India|2020]] |30 January ||The first COVID-19 case of the country was reported in Kerala's Thrissur district. |- |[[2021 in India|2021]] |12 May|| [[COVID-19 pandemic in India]]: The country's death toll exceeds 250,000. [[Delhi]] cremation grounds were running out of places while hundreds of bodies were reported washed up on the banks of the [[Ganges]]. |- | rowspan="2" style="vertical-align:top;" | [[2022 in India|2022]] |18 July|| [[Droupadi Murmu]] is [[Election|elected]] as [[President of India]], making her the first tribal woman and youngest person to the office. |- |30 October|| The [[2022 Morbi bridge collapse|collapse of a suspension bridge]] in Gujarat, leaves at least 135 dead. |- | rowspan="5" |[[2023 in India|2023]] |2 June|| A [[2023 Odisha train collision|train collision in Odisha]] results in at least 296 deaths and more than 1,200 others injured. |- |3 July|| Indian [[oil refiners]] start payments for Russian oil imports in [[Chinese yuan]] as an alternative to the [[US dollar]] due to increasing [[sanctions against Russia]]. |- |23 August|| [[Chandrayaan-3]] becomes the first spacecraft to land near the [[south pole]] of the [[Moon]], carrying a [[lunar lander]] named [[Vikram (spacecraft)|Vikram]] and a [[lunar rover]] named [[Pragyan (Chandrayaan-3)|Pragyan]]. |- |2 September|| The [[Indian Space Research Organisation (ISRO)]] successfully launches [[Aditya-L1]], India's first solar observation mission. |} == सन्दर्भ == {{reflist}} == इन्हें भी देखें == * [[भारत का इतिहास]] * [[भारत का आर्थिक इतिहास]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20181214114311/http://itihaasam.blogspot.com/ भारत का इतिहास] * [https://web.archive.org/web/20070825075205/http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/south_asia/1155813.stm BBC India Timeline] [[श्रेणी:इतिहास| भारत]] [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] [[श्रेणी:ऐतिहासिक समयरेखायें]] dcuv2is7zylb6tdh3iqkpj92k3wpyf0 आत्मविश्वास 0 181741 6541003 6524114 2026-04-15T20:48:00Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 0 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6541003 wikitext text/x-wiki {{भावना साइडबार}} '''आत्मविश्वास''' [[अंग्रेजी|(अंग्रेजी: self-confidence)]] वस्तुतः एक मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति है।<ref>{{cite web|title=यह है आत्मविश्वास ‍बढ़ाने की कुंजी|date=3 अक्टूबर 2012|publisher=वेबदुनिया|accessdate=11 अगस्त 2015|url=http://hindi.webdunia.com/career-planning/%E0%A4%AF%E0%A4%B9-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E2%80%8D%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%80-112100300024_1.htm|archive-url=https://web.archive.org/web/20151201042759/http://hindi.webdunia.com/career-planning/%E0%A4%AF%E0%A4%B9-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E2%80%8D%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%80-112100300024_1.htm|archive-date=1 दिसंबर 2015|url-status=dead}}</ref> आत्मविश्वास से ही विचारों की स्वाधीनता प्राप्त होती है और इसके कारण ही महान कार्यों के सम्पादन में सरलता और सफलता मिलती है। इसी के द्वारा आत्मरक्षा होती है। जो व्यक्ति आत्मविश्वास से ओत-प्रोत है, उसे अपने भविष्य के प्रति किसी प्रकार की चिन्ता नहीं रहती। उसे कोई [[चिंता|चिन्ता]] नहीं सताती। दूसरे व्यक्ति जिन सन्देहों और शंकाओं से दबे रहते हैं, वह उनसे सदैव मुक्त रहता है। यह [[प्राणी]] की आंतरिक भावना है। इसके बिना जीवन में सफल होना अनिश्चित है।<ref>{{cite web|title=आत्मविश्वास बढ़ाने के 5 मंत्र|date=1 सितम्बर 2011|publisher=लाइव हिन्दुस्तान|accessdate=11 अगस्त 2015|url=http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/tayaarinews/article1-story-67-67-188347.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20160803112918/http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/tayaarinews/article1-story-67-67-188347.html|archive-date=3 अगस्त 2016|url-status=dead}}</ref> == बाहरी कड़ियाँ == * [http://books.google.co.in/books?id=MLTbVL3OhUEC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=true आत्म विकास] (गूगल पुस्तक; लेखक - आनन्द कुमार) * [https://web.archive.org/web/20160308174625/http://swargvibha.0fees.net/aalekh/all aalekh/laksha se jeet.htm लक्ष्य से जीत तक] * [http://books.google.co.in/books?id=0gWz5IB0cmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false सफल कैसे बनें?] (गूगल पुस्तक; लेखक - आनन्द पै] * [https://web.archive.org/web/20100106153157/http://www.viewonbuddhism.org/self-confidence.html "Lack of self-confidence"], a Buddhist view. * [http://आत्म%20सम्मान%20के%204%20कदमhttps://personayukti.com/आत्म-सम्मान-के-4-कदम/ आत्म सम्मान के 4 कदम]{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }} * ''[https://www.dailygyankasagar.com/14-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82/ आत्म सम्मान] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221209032911/https://www.dailygyankasagar.com/14-%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/ |date=9 दिसंबर 2022 }}'' ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:मनोविज्ञान]] 1ztjgziptuzw7gsb7x1uwah2fmhu8zl महिला आरक्षण विधेयक 0 187955 6541096 5959347 2026-04-16T05:38:39Z अनुनाद सिंह 1634 6541096 wikitext text/x-wiki {{Infobox legislation | imagesize = 150 | enacted_by = [[भारतीय संसद]] }} '''नारी शक्ति वंदन अधिनियम''' अथवा '''महिला आरक्षण विधेयक''' [[भारतीय संसद]] में प्रस्तुत किया गया वह विधेयक है जिसके पारित होने से संसद में महिलाओं की भागीदारी 33% सुनिश्चित हो जाएगी।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/womens-reservation-bill-imperfect-but-important-8949050/|title=Women’s reservation Bill – imperfect but important}}</ref> 1996 में महिला आरक्षण विधेयक की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति देने के लिए संविधान में संशोधन होने के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/should-there-be-sub-quota-for-obc-women-debate-rages/articleshow/103792096.cms|title=Should there be sub-quota for OBC women? Debate rages}}</ref> 19 सितंबर 2023 को, नरेंद्र मोदी सरकार ने नए संसद भवन में लोकसभा में संसद के विशेष सत्र के दौरान इस विधेयक को 128वें संवैधानिक संशोधन विधेयक, 2023<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/govt-brings-in-womens-reservation-bill-one-third-of-seats-reserved-also-in-sc-st-quota-parliament-8946943/|title=Calling himself ‘chosen one’, PM Modi brings in women’s Bill, with SC/ST quota}}</ref> के रूप में पेश किया।<ref>{{cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/govt-brings-in-womens-reservation-bill-one-third-of-seats-reserved-also-in-sc-st-quota-parliament-8946943/|title=Govt brings in women’s reservation Bill: One-third of seats to be reserved, also in SC/ST quota}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/womens-reservation-bill-updates-mallikarjun-kharge-lok-sabha-rajya-sabha-pm-modi-101695117504188.html|title=Mallikarjun Kharge vs Nirmala Sitharaman in Rajya Sabha over women’s reservation bill remarks}}</ref> नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा से पारित होने के बाद दोबारा राज्यसभा में जाएगा।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/national/pm-modi-urges-rajya-sabha-mps-to-unanimously-approve-womens-reservation-bill/article67322231.ece|title=PM Modi urges Rajya Sabha MPs to unanimously approve women's reservation bill}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/rajya-sabha-proceedings-adjourned-for-day-house-to-meet-on-september-20/cid/1967416|title=Rajya Sabha proceedings adjourned for day; House to meet on September 20}}</ref> ==इन्हें भी देखें== * [[भारतीय संविधान के संशोधनों की सूची]] ==बाहरी कड़ियाँ== *[https://www.amarujala.com/india-news/parliament-historical-special-session-for-women-reservation-constitution-amendment-delimitation-bill-2026-04-16?src=top-subnav-amp ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर संसद, आज पेश होंगे महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े विधेयक] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:महिला सशक्तिकरण]] [[श्रेणी:संसद विधेयक]] f0hys0igrsvkn6nly78i6yw26rwpftb आध्यात्मिकता 0 193348 6541013 6450634 2026-04-15T21:59:05Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6541013 wikitext text/x-wiki '''अध्यात्मविद्या''' गूढ़ या [[पराप्राकृतिक|अलौकिक]] मान्यताओं एवं प्रथाओं की श्रेणी है, जो सामान्यतः संगठित धर्म और विज्ञान के दायरे से बाहर होती हैं। इसमें 'गुप्त' या 'रहस्यमय' शक्तियों से जुड़ी घटनाएँ शामिल हैं, जैसे [[जादू]]<nowiki/>-टोना और [[रहस्यवाद]]। यह असामान्य विचारों जैसे अतींद्रिय बोध और [[परामनोविज्ञान|पारमनोविज्ञान]] को भी संदर्भित करता है। == ऐतिहासिक विकास == १६वीं शताब्दी के यूरोप में "अध्यात्म विज्ञान" शब्द का प्रयोग ज्योतिष, कीमिया और प्राकृतिक जादू के लिए किया जाता था। १९वीं शताब्दी में फ्रांस में अध्यात्मवाद शब्द उभरा, जिसे एंटोनी कोर्ट डे गेबलिन जैसे विद्वानों ने लोकप्रिय बनाया। यह एलिफास लेवी और पापस से जुड़े गूढ़ समूहों से जुड़ा, और १८७५ में हेलेना ब्लावात्स्की द्वारा अंग्रेजी भाषा में पेश किया गया। २०वीं शताब्दी में 'अध्यात्म' शब्द का विविध लेखकों द्वारा विशिष्ट उपयोग हुआ। २१वीं सदी तक 'अध्यात्मवाद' शब्द पश्चिमी गूढ़वाद अध्ययन के विद्वानों द्वारा भी प्रयुक्त होने लगा, जो १९वीं सदी के मध्य में उभरी गूढ़ धाराओं और उनकी उपशाखाओं को दर्शाता है। इसमें क़बाला, आत्मवाद, थियोसोफी, एंथ्रोपोसोफी, विचा, हर्मेटिक ऑर्डर ऑफ द गोल्डन डॉन, न्यू एज आंदोलन, तथा वाममार्ग एवं दक्षिणमार्ग जैसी परंपराएँ शामिल हैं।{{sfn|Stone|2014|p=[https://books.google.com/books?id=fW64AwAAQBAJ&pg=PA60 60]}} == अध्यात्म विज्ञान == अध्यात्म विज्ञान की अवधारणा १६वीं शताब्दी में विकसित हुई। इसमें मुख्यतः तीन प्रथाएँ सम्मिलित थीं—[[ज्योतिष]], कीमिया और प्राकृतिक जादू—हालाँकि कभी-कभी [[पूर्वानुमान|भविष्यवाणी]] की विभिन्न विधियाँ भी इसमें शामिल की गईं। डच विद्वान वाउटर हानेग्राफ के अनुसार, इन्हें एक श्रेणी में रखा गया क्योंकि प्रत्येक ने प्रकृति और प्राकृतिक प्रक्रियाओं का व्यवस्थित अध्ययन किया, जो गुप्त शक्तियों में विश्वास पर आधारित सैद्धांतिक ढाँचे का हिस्सा था। यद्यपि इनमें कुछ समानताएँ हैं, किंतु ये स्वतंत्र हैं और कई बार एक के अनुयायी दूसरे को अमान्य मानते थे।{{sfn|Hanegraaff|2006|p=887}} == गूढ़ गुण == गूढ़ गुण वे हैं जिनका कोई तर्कसंगत स्पष्टीकरण नहीं होता। मध्ययुग में चुंबकत्व को ऐसा ही गुण माना जाता था। ईथर भी एक ऐसा तत्व था। न्यूटन के सिद्धांत कि गुरुत्वाकर्षण दूरी पर क्रिया करता है, को उनके समकालीनों ने गूढ़ मानकर आलोचना की। == प्रमुख अध्यात्मवादी विचारक == अंग्रेज़ी भाषी जगत में हेलेना ब्लावात्स्की और उनकी थियोसोफिकल सोसाइटी, विलियम विन वेस्टकॉट तथा सैमुअल मैकग्रेगर मैथर्स जैसे हर्मेटिक ऑर्डर के प्रमुख सदस्य, साथ ही पास्कल बेवरली रैंडोल्फ, एम्मा हार्डिंग ब्रिटन, आर्थर एडवर्ड वेट, और २०वीं सदी के एलिस्टर क्रोली, डायन फॉर्च्यून एवं इज़राइल रेगार्डी जैसे व्यक्तित्व उल्लेखनीय हैं। १९वीं सदी के अंत तक अध्यात्मवादी विचार जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी और इटली तक फैल गए।{{sfn|Pasi|2006|pp=1365–1366}} == अध्यात्मवाद और प्रौद्योगिकी == आधुनिक विद्वान अध्यात्मवाद को प्रौद्योगिकी से जुड़ा मानते हैं। फिल्म सिद्धांतकार जेफ्री स्कॉन्स और धर्मशास्त्री जॉन डरहम पीटर्स के अनुसार, अध्यात्मवादी आंदोलन ऐतिहासिक रूप से मीडिया एवं उपकरणों का उपयोग वास्तविकता के गुप्त पहलुओं को उजागर करने में करते रहे हैं। एरिक डेविस ने अपनी पुस्तक टेकग्नोसिस में साइबरनेटिक्स के परिप्रेक्ष्य से प्राचीन व आधुनिक अध्यात्मवाद का विश्लेषण किया है। दार्शनिक यूजीन थैकर ने हेनरिक कॉर्नेलियस एग्रिप्पा की "थ्री बुक्स ऑफ़ ऑकल्ट फिलॉसफी" पर चर्चा करते हुए दिखाया है कि हॉरर विधा कैसे अध्यात्मवादी विषयों के माध्यम से गहरी वास्तविकताओं को प्रकट करती है।{{sfn|Thacker|2011|pp=49–97}} === उद्धरण === {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ (अंग्रेज़ी में) == * [http://www.huss.ex.ac.uk/research/exeseso/ गूढ़ता के अध्ययन के लिए एक्सेटर केंद्र विश्वविद्यालय (EXESESO)] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080906082656/http://www.huss.ex.ac.uk/research/exeseso/ |date=6 सितंबर 2008 }} * [http://www.esswe.org ईएसएसडब्ल्यूई] यूरोपियन सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ वेस्टर्न एसोटेरिसिज्म, जिसमें संबद्ध संगठनों, पुस्तकालयों, विद्वानों आदि के कई लिंक हैं। * जोसेफ एच. पीटरसन, ट्विलिट ग्रोटोः पश्चिमी गूढ़ता के अभिलेखागार (एसोटेरिक अभिलेखागारः गुप्त साहित्य) * [http://exhibitions.blogs.lib.lsu.edu/?p=1257 ''पुनर्जागरण का गुप्त विज्ञान और दर्शन''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160731000510/http://exhibitions.blogs.lib.lsu.edu/?p=1257 |date=31 जुलाई 2016 }} लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी पुस्तकालयों विशेष संग्रह से ऑनलाइन प्रदर्शनी। hma3f8wwb534plcubs11igthtgn39vz प्राकृतिक स्वास्थ्य 0 214460 6540956 6540887 2026-04-15T15:06:56Z चाहर धर्मेंद्र 703114 [[Special:Diff/6540838|6540838]] से [[Special:Diff/6540887|6540887]] तक 3 अवतरण पूर्ववत किए 6540956 wikitext text/x-wiki {{वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली}} '''प्राकृतिक चिकित्सा''' (जिसे''' नेचुरोपैथिक मेडिसिन''' या''' नेचुरल मेडिसिन ''' के नाम से भी जाना जाता है) एक वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली है, जो प्राकृतिक उपचार और निरोग रखने की शरीर की अपनी अहम क्षमता पर केंद्रित होती है। प्राकृतिक दर्शन सर्जरी और दवाओं के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण और उनके कम से कम उपयोग का पक्षधर है। प्राकृतिक चिकित्सा मेंचिकित्सकसमुदाय द्वारा विभिन्न स्तरों पर स्वीकृति उपचार के विविध तरीके भी शामिल होते हैं, जैसे भोजन और जीवन शैली संबंधी परामर्श पूरी तरह वही हो सकते हैं, जो गैर-प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली में होता है और एक्युपंक्चर भी कुछ मामलों में दर्द को कम करने में मदद कर सकता है, पर होम्योपैथी को अक्सर छद्म विज्ञान या नीमहकीमी के रूप में प्रचारित किया जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="cnme-handbook"/><ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="atwood2004"/><ref name="ACS"/> प्राकृतिक चिकित्सा के वैज्ञानिक आधार के निर्धारण के लिए उपयुक्त पद्धति अपनाने हेतु साक्ष्य आधारित चिकित्सा (ईबीएम) की वकालत की गई है।<ref name="Naturo2006"/> प्राकृतिक चिकित्सकों का टीकाकरण का विरोध इसके पहले आकार ले चुके दर्शन का एक हिस्सा है।<ref name="Ernst-2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा का मूल यूरोप के प्राकृतिक उपचार आंदोलन में है।<ref name="pmid1139856">{{cite journal |pmc=1139856 |title=Nineteenth-century American health reformers and the early nature cure movement in Britain |author=Brown PS |journal=Medical History |volume=32 |pages=174–194 |pmid=3287059 |issue=2 |date= अप्रैल 1, 1988 }}</ref><ref name="N-UK-hist">{{citation|author=Langley, Stephen|chapter=History of Naturopathy|title=Excerpt from The Naturopathy Workbook|publisher=College of Natural Medicine (CNM)|location=UK|url=http://www.naturopathy-uk.com/blog/2007/11/28/history-of-naturopathy/|year=2007|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20120829125721/http://www.naturopathy-uk.com/blog/2007/11/28/history-of-naturopathy/|archive-date=29 अगस्त 2012|url-status=dead}}</ref> 1895 में जॉन स्कील ने इस शब्द को गढ़ा और "अमेरिकी प्राकृतिक चिकित्सा के पिता" बेनेडिक्ट लस्ट<ref name="ama_1997"/> ने इसे लोकप्रिय बनाया.<ref name="Baer2001"/> 1970 के दशक की शुरुआत में, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में समग्र स्वास्थ्य आंदोलन के साथ मिलकर इसके प्रति रुचि पुनर्जीवित हुई.<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Baer2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा कई देशों में प्रचलित है, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में तथा यह वहां विनियमन और स्वीकृति के स्तर के विभिन्न मानकों के अनुरूप है। प्राकृतिक औषधि प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र की एक आधुनिक अभिव्यक्ति है, जो 19 वीं सदी के स्वास्थ्य आंदोलन के "निरोग करने की प्रकृ‍ति की शक्ति" के विश्वास के रूप में उभरा. प्राकृतिक चिकित्सक अब कई राज्यों में पारंपरिक और प्राकृतिक चिकित्सा दोनों के व्यवहार में कुशल प्राथमिक देखभाल चिकित्सक के रूप में लाइसेंस प्राप्त कर रहे हैं। प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा का पूर्व प्रशिक्षण संस्थान के हिसाब से अलग-अलग होता है, जिसके बाद फार्मेसी और छोटे स्तर की सर्जरी सहित 4 साल की प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा लेनी होती है। संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में नेचुरोपैथिक डॉक्टर (एनडी) या नेचुरोपैथिक मेडिकल डॉक्टर (एनएमडी) की उपाधि किसी मान्यताप्राप्त प्राकृतिक चिकित्सा स्कूल से चार साल का कार्यक्रम पूरा किया हो, जिसमें चिकित्सा विज्ञान के बुनियादी तत्वों और साथ ही प्राकृतिक उपचार और चिकित्सा देखभाल भी शामिल है।<ref name="CNME-handbook"/><ref>{{cite web |title=Academic Curriculum |year=2008 |url=http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |publisher=Association of Accredited Naturopathic Medical Colleges |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120222210216/http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |archive-date=22 फ़रवरी 2012 |url-status=dead }}(प्राथमिक स्रोत)</ref>{{POV-वक्तव्य |date= जनवरी 2010}} इसमें पैक्टिस की गुंजाइश कई न्यायक्षेत्रों में है और अविनियमित न्यायक्षेत्र में भी प्राकृतिक चिकित्सक नेचुरोपैथिक डॉक्टर की उपाधि या शिक्षा के स्तर से मतलब न रखते हुए अन्य उपाधि रख सकते हैं।<ref name="IA_med"/> == इतिहास == [[चित्र:SKneipp.jpg|thumb|मोंसिग्नोर सेबस्टियन नेइप, 1821-1897]] [[चित्र:BenedictLust.jpg|thumb|डॉ॰ बेनेडिक्ट लस्ट, 1872-1945]] कुछ लोग इस शब्द को गढ़े जाने से पहले प्राचीन ग्रीक "फादर ऑफ मेडिसिन" [[हिपोक्रेटिस|हिप्पोक्रेट्स]] को प्राकृतिक चिकित्सा का प्रथम अधिवक्ता मानते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.naturopathy-uk.com/home/home-what-is-naturopathy/ |title=What is Naturopathy? |year=1998 |accessdate= |doi= |pmid= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100918040756/http://www.naturopathy-uk.com/home/home-what-is-naturopathy/ |archive-date=18 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="NCAHF_np">{{cite web |url=http://www.ncahf.org/articles/j-n/naturo.html |title=NCAHF Fact Sheet on Naturopathy |accessdate=17 अप्रैल 2009 |date=30 जुलाई 2001 |publisher=[[National Council Against Health Fraud]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110927173337/http://www.ncahf.org/articles/j-n/naturo.html |archive-date=27 सितंबर 2011 |url-status=live }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा के आधुनिक अभ्यास की जड़े यूरोप के प्राकृतिक चिकित्सा आंदोलन में हैं।<ref name="pmid1139856"/><ref name="N-UK-hist"/> स्कॉटलैंड में थॉमस एलिनसन ने 1880 में तम्बाकू और अधिक कार्यभार का परिहार कर प्राकृतिक आहार और व्यायाम को बढ़ावा देकर अपने "हाईजेनिक मेडिसिन"(स्वच्छ चिकित्सा) की वकालत शुरू कर दी.<ref>{{cite web|url=http://www.allinsonflour.co.uk/history/|title=How it all began|accessdate=|doi=|pmid=|archive-url=https://web.archive.org/web/20100813230535/http://www.allinsonflour.co.uk/history/|archive-date=13 अगस्त 2010|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite journal |url=http://www.bmj.com/cgi/content/extract/336/7651/1023-a |journal=British Medical Journal |title=Views & Reviews Medical Classics A System of Hygienic Medicine (1886) and The Advantages of Wholemeal Bread (1889) |author=John A S Beard |issue=336 |page=1023 |date=3 मई 2008 |doi=10.1136/bmj.39562.446528.59 |volume=336 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081208040137/http://www.bmj.com/cgi/content/extract/336/7651/1023-a |archive-date=8 दिसंबर 2008 |url-status=live }}</ref> ''सैनीप्रैक्टर'' शब्द कभी-कभी विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तर पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में नेचुरोपैथ के संदर्भ में कहा जाता था।<ref name="Baer2001"/> ''प्राकृतिक चिकित्सा '' शब्द 1895 में जॉन स्कील द्वारा गढ़ा गया था[33] और "अमेरिकी प्राकृतिक चिकित्सा के पिता" बेनेडिक्ट लस्ट द्वारा खरीदा गया।<ref name="Baer2001">{{Cite journal | last = Baer |first = H.A | year = 2001 | title = The sociopolitical status of US naturopathy at the dawn of the 21st century | url = https://archive.org/details/sim_medical-anthropology-quarterly_2001-09_15_3/page/329 | journal = Medical Anthropology Quarterly | volume = 15 | issue = 3 | pages = 329–346| doi = 10.1525/maq.2001.15.3.329 }}</ref> फादर सेबस्टियन निप्प ने [[जर्मनी]] में लस्ट को हाइड्रोथेरेपी (जल चिकित्सा) व अन्य प्राकृतिक स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की शिक्षा दी; निप्प ने लस्ट को अपनी दवा रहित पद्धतियों के प्रसार के लिए [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] भेजा.<ref name="Barrett-Naturopathy"/> लस्ट ने ''प्राकृतिक चिकित्सा विधि'' को एक खास पद्धति के बदले एक व्यापक अनुशासनत्मक जीवन शैली के रूप में परिभाषित किया और इसमें जल चिकित्सा, हर्बल दवाओं और होम्योपैथी जैसी तकनीकों साथ ही चाय, कॉफी और अल्कोहल के अधिक सेवन का निषेध शामिल किया।<ref name="Gale_Frey"/> उन्होंने शरीर को आध्यात्मिक व जीवनी शक्ति से पूर्ण अर्थ में देखा, जो "मनुष्य की प्रकृति के लौकिक बलों पर पूरी तरह निर्भर" होता है।<ref name="Whorton_2002">बेनेडिक्ट वासना से उद्धृत: {{cite book |author=Whorton, James C. |title=Nature cures: the history of alternative medicine in America |url=https://archive.org/details/naturecureshisto00whor |publisher=Oxford University Press|location=Oxford [Oxfordshire] |year=2002 |page=[https://archive.org/details/naturecureshisto00whor/page/224 224] |isbn=0-19-517162-4 |oclc= |doi=|accessdate=}}</ref> 1901 में लस्ट ने [[नया यॉर्क|न्यूयॉर्क]] में अमेरिकन स्कूल ऑफ नेचुरोपैथी की स्थापना की. 1902 में प्राकृतिक सोसायटी मूल उत्तर अमेरिकी निप्प सोसाइटियां बंद हो गईं और और उनका "नेचुरोपैथिक सोसायटिज" के रूप में पुन: नामकरण किया गया। सितंबर 1919 में नेचुरोपैथिक सोसायटी ऑफ अमेरिका भंग कर दी गई और डॉ बेनेडिक्ट लस्ट ने इसके पूरक के रूप में "अमेरिकन नेचुरोपैथिक एसोसिएशन" की स्थापना की.<ref name="Baer2001"/><ref>कॉर्पोरेट डिवीजन, डीसी विभाग के उपभोक्ता मामले. (1909 के बाद से लगातार शामिल)</ref><ref name="Beyerstein_NW">{{cite web |url=http://www.naturowatch.org/general/beyerstein.html |title=Naturopathy: a critical analysis |accessdate=21 मार्च 2009 |last=Beyersteine |first=Barry L. |author2=Susan Downie |archive-url=https://web.archive.org/web/20090307135314/http://naturowatch.org/general/beyerstein.html |archive-date=7 मार्च 2009 |url-status=dead }}</ref><ref name="Beyerstein_NW"/> बीसवीं सदी के प्रथम 3 दशकों में 25 राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा या नशारहित पेशा कानून के तहत प्राकृतिक चिकित्सकों को लाइसेंस दिये गये।<ref name="Baer2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा को शरीर के जोड़ बैठाने वाले कई चिकित्सकों ने अपनाया और कई स्कूलों ने डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी (एनडी) और डॉक्टर ऑफ चिरोप्रेक्टर्स (डीसी) की डिग्रियां देने का प्रस्ताव दिया.<ref name="Baer2001"/> इस अवधि में संयुक्त राज्य अमेरिका में सक्रिय हुए प्राकृतिक चिकित्सा स्कूलों की संख्या अनुमा‍नित रूप से एक से दो दर्जन थी।<ref name="ACS"/><ref name="ama_1997">{{cite web | url = http://www.ama-assn.org/ama/no-index/about-ama/13638.shtml | title = Report 12 of the Council on Scientific Affairs (A-97) | year = 1997 | publisher = [[American Medical Association]] | accessdate = | doi = | pmid = | archive-url = https://web.archive.org/web/20090614085504/http://www.ama-assn.org/ama/no-index/about-ama/13638.shtml | archive-date = 14 जून 2009 | url-status = live }}</ref><ref name="Baer2001"/> तेजी से विकास की अवधि के बाद, प्राकृतिक चिकित्सा की प्रैक्टिस में 1930 के दशक के बाद कई दशकों तक गिरावट देखी गई। 1910 में द कार्नेगी फाउंडेशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ टीचिंग ने फ्लेक्सनर रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें चिकित्सा शिक्षा के के कई पहलुओं, खासकर गुणवत्ता और वैज्ञानिक व्यापकता की कमी की आलोचना की. पेनिसिलिन और अन्य "चमत्का‍रिक दवाओं" के प्रचलन में आने और इस वजह से आधुनिक दवाओं की लोकप्रियता के फलस्वरूप भी प्राकृतिक चिकित्सा में गिरावट आई. 1940 और 1950 के दशक में पेशागत कानूनों के दायरे में विस्तार से कई चिरोप्रैक्टिक स्कूलों ने एनडी डिग्री देना बंद कर दिया, हालांकि इस प्रणाली के कई डॉक्टरों ने प्राकृतिक चिकित्सा का अभ्यास जारी रखा. 1940 से 1963 तक अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने विधर्मी चिकित्सा प्रणालियों के खिलाफ अभियान चलाया। 1958 तक प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास का लाइसेंस केवल पांच राज्यों में दिया गया।<ref name="Baer2001"/> 1968 में अमेरिकी स्वास्थ्य, शिक्षा व कल्याण विभाग ने प्राकृतिक चिकित्सा पर एक रिपोर्ट जारी की, जिसका निष्कर्ष था कि प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान में नहीं शामिल है और प्राकृतिक उपचार वैसे ग्रेजुएट तैयार करने के लिए अपर्याप्त है, जो रोग का पता लगाने और उसके निदान में सक्षम हो सकें. रिपोर्ट में चिकित्सा दायरे के विस्तार में प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल करने के खिलाफ सिफारिश की.<ref name="ACS"/><ref name="HEW1968">{{cite book | last = Cohen | first = Wilbur J | authorlink = | author2 = | title = Independent Practitioners Under Medicare: a report to the Congress | publisher = [[United States Department of Health, Education, and Welfare]] | date = 1968-12 | location = | pages = | url = http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/hew.html | doi = | id = | isbn = | access-date = 18 अगस्त 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100814052625/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/hew.html | archive-date = 14 अगस्त 2010 | url-status = live }}</ref> 1977 में एक ऑस्ट्रेलियाई जाचं समिति ठीक ऐसे ही निष्कर्ष तक पहुँची और इसने नेचुरोपैथ डॉक्टरों को लाइसेंस नहीं देने की सिफारिश की.<ref name="Aust1977">{{cite book |author=Webb, Edwin C |title=Report of the Committee of Inquiry into Chiropractic, Osteopathy, Homoeopathy and Naturopathy |publisher=Australian Government Publishing Service |location=Canberra |year=1977 |pages= |isbn=064292287X |oclc= |doi= |url=http://www.naturowatch.org/hx/australia.html |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100906221113/http://www.naturowatch.org/hx/australia.html |archive-date=6 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> 2009 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 50 में से 15 राज्यों ने प्राकृतिक चिकित्सकों को लाइसेंस दिया था।<ref>{{cite web |url=http://www.naturopathic.org/content.asp?contentid=57 |title=Licensed States & Licensing Authorities |publisher=American Association of Naturopathic Physicians |date=2 जुलाई 2009 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091130234327/http://naturopathic.org/content.asp?contentid=57 |archive-date=30 नवंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> और दो राज्यों (डब्ल्यूए व वीटी) में बीमा कंपनियों को प्राकृतिक चिकित्सकों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की प्रतिपूर्ति के लिए बीमा कंपनियों की पेशकश की जरूरत होती है।<ref name="fammed.washington.edu">{{cite web |title=Naturopathic medicine |url=http://www.fammed.washington.edu/predoctoral/CAM/images/naturopathy.pdf |format=PDF |date=21 अक्टूबर 2004 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050304073806/http://www.fammed.washington.edu/predoctoral/CAM/images/naturopathy.pdf |archive-date=4 मार्च 2005 |url-status=dead }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा का अस्तित्व कभी भी पूर्णता के साथ मौजूद नहीं रहा. 1970 के दशक की शुरुआत में कनाडा और अमेरिका में समग्र स्वास्थ्य आंदोलन के साथ इसके प्रति रुचि जगी.<ref name="Gale_Frey">{{cite encyclopedia |last=Frey |first=Rebecca J |authorlink= |author2= |editor= |encyclopedia=Gale Encyclopedia of Medicine |title=Naturopathic Medicine |url=http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |accessdate=21 मार्च 2009 |edition= |year=2009 |month=March |publisher=[[Gale (Cengage)]] |volume= |location= |id= |doi= |pages= |quote= |isbn= |oclc= |archiveurl=https://web.archive.org/web/20100214022623/http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954/ |archivedate=14 फ़रवरी 2010 |url-status=live }} {{Cite web |url=http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-date=27 अगस्त 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130827000141/http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |url-status=bot: unknown }}</ref><ref name="Baer2001"/> वर्तमान में पांपरिक प्राकृतिक चिकित्सा के नौ स्कूलों में अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एक्रीडियेशन बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र या डिग्री प्रोग्राम प्रदान किया जा रहा है।<ref>{{Cite web |url=http://www.anmab.org/members.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110723052523/http://www.anmab.org/members.html |archive-date=23 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> एएनए के नेशनल बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स वर्तमान में दो स्कूलों को मान्यता देता है, जो डाक्टर ऑफ नेचुरोपैथी डिग्री प्रोग्राम की पेशकश कर रहे हैं।<ref>एना नेशनन बोर्ड परीक्षकों की प्राकृतिक, अनुमोदित कार्यक्रमों की सूची, अमेरिकन एसोसिएशन प्राकृतिक, वॉशिंगटन डीसी</ref> प्राकृतिक दवाओं का छह मान्यता प्राप्त स्कूलों, मान्यता प्राप्त प्राकृतिक चिकित्सा स्कूलों और उत्तरी अमेरिका में मान्यता के एक अभ्यर्थी स्कूल के तौर पर प्रतिनिधित्व हासिल है। 1956 में, चार्ल्स स्टोन, फ्रैंक स्पॉल्डिंग और डब्ल्यू मार्टिन ब्लेथिंग ने वेस्टर्न स्टेट्स चिरोप्रैक्टिक कॉलेज द्वारा एनडी कार्यक्रम को बंद करने की योजना को देखते हुए ओरेगोन के पोर्टलैंड में नेशनल कॉलेज ऑफ नेचुरल मेडिसिन (एनसीएनएम) की स्थापना की. 1978 में शीला क्विनन, जोसेफ पिजोरनो, विलियम मिशेल और लेस ग्रिफ़िथ ने वाशिंगटन के सीटल में जॉन बस्टायर कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन (अब बस्टायर विश्वविद्यालय) की स्थापना की. उसी वर्ष कनाडा के टोरंटो में कनाडियन कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन स्थापित किया गया। हाल ही में स्थापित स्कूलों में 1992 शुरू किये गये साउथवेस्ट कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन और 1992 में ही स्थापित बाउचर इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन शामिल हैं। कनेक्टिकट में ब्रिजपोर्ट विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन के माध्यम से एनडी डिग्रियां देता है और इलिनोइस में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने हाल ही में नेचुरोपैथिक कार्यक्रम शुरू किया है और वह मान्यता का एक अभ्यर्थी है। == सिद्धांत == प्राकृतिक चिकित्सा स्वाभाविक रूप से घटनेवाले और कम से कम आक्रामक पद्धतियों पर केंद्रित है, जिसे "प्रकृति के घाव भरने की अपनी ताकत" पर विश्वास है।<ref name="ACS"/> इसमें "सिंथेटिक या कृत्रिम" दवाओं, रेडियेशन व बड़ी सर्जरी के जरिये निदान से बचा जाता है और शरीर और प्रकृति के सहज और जीवनी शक्ति से पूर्ण अवधारणा का पक्ष लेते हुए बॉयोमेडिसिन और आधुनिक विज्ञान को नकारना आम होता है।<ref name="ACS"/><ref name="Beyerstein_NW"/> इसमें तनाव कम करने, एक स्वस्थ आहार और जीवन शैली के माध्यम से निदान पर बल दिया जाता है। नेचुरोपैथिक चिकित्सा का दर्शन 6 मुख्य मूल्यों के जरिये स्वत: वर्णित होता है।<ref name="ECHP">{{Cite book|url=http://books.google.co.uk/books?id=cwYnA1qunUwC&pg=PA58&dq=modalities+naturopathy&lr=&sig=ACfU3U3Z418Eg_P2yDetYOMmsclZ9mJGpg#PPA57,M1 |title=Encyclopedia of Complementary Health Practice |first=Carolyn Chambers |last=Clark |pages=57–58 |year=1999 |isbn=9780826112392 |publisher=स्प्रिंगर |location=New York }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सकों की शपथ के रूपों के एकाधिक संस्करण हो सकते हैं,<ref name="oath">{{cite web|title=Naturopathic Doctor's Oath|url=http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=62|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20091210220924/http://naturopathic.org/viewbulletin.php?id=62|archive-date=10 दिसंबर 2009|url-status=dead}}</ref> स्कूल विभिन्न तरह के मिशन वक्तव्य प्रकाशित कर सकते हैं{1/ और नियामक निकायों द्वारा या पेशेवर संगठनों द्वारा नैतिक आचरण दिशा निर्देश प्रकाशित किये जा सकते हैं।{2/} # पहला, कोई नुकसान नहीं पहुंचाएं; हर समय सबसे प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल के लिए रोगियों को बिल्कुल कम से कम जोखिम में डालें.(प्रिमम नॉन नोकेयर). # प्रत्येक व्यक्ति में निहित प्रकृति की आत्म उपचार क्षमता को मान्यता दें, आदर करें व इन्हें बढ़ावा दें. (विस मेडिकैट्रिक्स, जीवनी शक्ति का एक रूप)<ref name="Di Stefano 2006">{{cite book|author=Vincent Di Stefano |title=Holism and Complementary Medicine: Origins and Principles|url=https://archive.org/details/holismcomplement00stef |publisher=Allen & Unwin Academic |location= |year=2006 |page=[https://archive.org/details/holismcomplement00stef/page/n137 107] |isbn=1741148464 |oclc= |doi=|accessdate=}}</ref> # रोग के लक्षणों को खत्म करने या दबाने के बदले बीमारी के कारणों को पहचानें और उनका निदान करें.(''टॉली कॉजम'') # स्वास्थ्य के लिए शिक्षित करें, तर्कसंगत आशा की ओर प्रेरित करें और जिम्मेदारी के लिए स्वयं को प्रोत्साहित करें.''(चिकित्सक शिक्षक बनें).'' # प्रत्येक व्यक्ति का सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारकों और प्रभावों पर विचार करके उपचार करें. (''पूरे व्यक्ति का उपचार करें.'') # व्यक्ति, हर समुदाय और हमारी दुनिया के लिए बेहतरी और बीमारियों की रोकथाम को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य की स्थिति पर ज़ोर दें. ''(स्वास्थ्य संवर्धन, सर्वश्रेष्ठ निवारण)'' == अभ्यास == प्राकृतिक चिकित्सा का ध्यान कुछ ख्दास पद्धतियों के बजाय प्राकृतिक स्व-चिकित्सा के दर्शन पर केंद्रित होता है और चिकित्सक उपचार के लिए विभिन्न तरह के तरीकों का उपयोग करते हैं।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Skepdic_naturopathy">{{cite web |url=http://skepdic.com/natpathy.html |title=Naturopathy |accessdate=17 अप्रैल 2009 |last=Carroll |first=Robert Todd |work=Skeptic's Dictionary |archive-url=https://web.archive.org/web/20100901033549/http://www.skepdic.com/natpathy.html |archive-date=1 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> कुछ तरीके सारहीन अहम ऊर्जा क्षेत्रों पर निर्भर होते हैं, जिनका अस्तित्व सिद्ध नहीं किया गया है और वहाँ यह भी चिंता रहती है कि प्राकृतिक चिकित्सा एक ऐसा क्षेत्र है, जो आम वैज्ञानिक मान्यता से अलग होता है, हालांकि बास्तर, एनसीएनएम और सीसीएनएम वर्तमान अनुसंधान कार्यक्रमों को बरकरार रख्ने हुए हैं।<ref>{{cite web |url=http://bastyr.edu/research/default.asp |title=Bastyr University Research Institute |publisher=Bastyr University |accessdate=27 जनवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100527090814/http://www.bastyr.edu/research/default.asp |archive-date=27 मई 2010 |url-status=dead }}(प्राथमिक स्रोत)</ref><ref>{{cite web |url=http://helfgott.org/ |title=Helfgott Research Institute |publisher=Helfgott |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090301061251/http://helfgott.org/ |archive-date=1 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ccnm.edu/?q=research_0 |title=Research |publisher=The Canadian College of Naturopathic Medicine |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100524091350/http://www.ccnm.edu/?q=research_0 |archive-date=24 मई 2010 |url-status=dead }}</ref> बास्तर एनआईएच से अनुसंधान के लिए अनुदान भी प्राप्त करते हैं, जिससे उनका रिश्ता 1984 में तब शुरू हुआ, जब बास्तर एनआईएच से अनुसंधान के लिए अनुदारन पाने वाले पहले स्कूल बने.<ref>{{cite web |url=http://www.bastyr.edu/news/news.asp?NewsID=1607 |title=Students and Graduates Receive CAM Research Training Under NIH Grant |publisher=Bastyr University |date=5 नवंबर 2008 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029222647/http://bastyr.edu/news/news.asp?NewsId=1607 |archive-date=29 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref> एक संपूर्ण प्रणाली के रूप में प्राकृतिक चिकित्सा की प्रभावशीलता का व्यवस्थित मूल्यांकन नहीं किया गया है और व्यक्तिगत तरीकों की प्रभावकारिता अलग-अलग होती है।<ref name="ACS"/><ref name="ToT_Ernst">{{cite book |author2=Ernst E|author2-link=Edzard Ernst|author1=Singh S |title=Trick or treatment : the undeniable facts about alternative medicine |url=https://archive.org/details/trickortreatment0000sing_x2b0|publisher=W. W. Norton |location=New York |year=2008 |pages= |isbn=0393066614 |oclc=181139440}}</ref> आमतौर पर परामर्श रोगी के एक लंबे साक्षात्कार से शुरू होता है, जिसमें रोगी की जीवन शैली, चिकित्सा संबंधी इतिहास, भावनात्मक अनुभूति और साथ ही शारीरिक परीक्षण से शुरू होता है।<ref name="Gale_Frey"/> पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक जीवन शैली में परिवर्तन और दृष्टिकोणों पर केंद्रित होती है, जो शरीर की सहज चिकित्सा क्षमता का समर्थन करती है। पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक रोग की पहचान और निदान नहीं शुरू करते हैं, बलिक वे पूरे शरीर के स्वस्थ होने और शरीर के खुद निरोग होने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पारंपरिक नेचुरोपैथ न तो कोई दवा लिखते हैं और न ही दवा, सीरम, तरल दवा, सर्जरी या रोग के लिए खास उपचार या पारंपरिक दवाओं का प्रयोग करते हैं।<ref name="nccam.nih.gov">{{Cite web |url=http://nccam.nih.gov/health/naturopathy/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100812195824/http://nccam.nih.gov/health/naturopathy/ |archive-date=12 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा के चिकित्सक स्वयं को प्राथमिक देखभाल प्रदाता के रूप में पेश करते हैं और इसके अलावा विभिन्न प्राकृतिक तरीकों निर्धारित पुरानी दवाएं लिखते हैं, छोटी-मोटी सर्जरी करते हैं, नहीं तो अपनी प्रैक्टिस को विभिन्न अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली पर केंद्रित करते हैं। नेचुरोपैथ जरूरी नहीं कि एंटीबायोटिक व टीके की सलाह दें और वे अनुपयुक्त वैकल्पिक उपचार भी कर सकते हैं, जिसके लिए सबूत पर आधारित दवाएं प्रभावी बताई गई हैं।<ref name="Downey2009"/><ref name="LiveSci2004"/> प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा के सभी रूपों में बुनियादी विज्ञान से असंगत अवधारणाएं शामिल होती हैं और जरूरी नहीं कि चिकित्सक उचित निदान और या निदान की सिफ़ारिशें करने के लिए तैयार हो.<ref name="ToT_Ernst"/><ref name="LiveSci2004"/><ref name="MassMed2005"/> 50% से भी से कम प्राकृतिक चिकित्सकों का कहना है कि वे बुखार से पीड़ित 2-सप्ताह के शिशु को उस स्थिति में भी रेफर कर सकते हैं, जहां वास्तविक नुकसान की संभावना हो.<ref>{{cite journal |author=Yussman SM, Ryan SA, Auinger P, Weitzman M |title=Visits to complementary and alternative medicine providers by children and adolescents in the United States |journal=Ambul Pediatr |volume=4 |issue=5 |pages=429–35 |year=2004 |pmid=15369404 |doi=10.1367/A03-091R1.1 |url=}}</ref> === पद्धतियां === एक प्राकृतिक चिकित्सक द्वारा उपयोग की जाने वाली पद्धतियां प्रशिक्षण और अभ्यास की गुंजाइश के साथ बदलती रहती है। प्रदर‍ि्शत प्रभावशीलता और वैज्ञानिक तर्क भी बदलते हैं। इनमें शामिल हैं: [[एक्यूपंक्चर]], एप्लाइड किनसियोलॉजी (शरीर के सचल होने की प्रक्रिया का अध्ययन,)<ref name="PoaP"/> वानस्पतिक चिकित्सा, दिमाग की तरंगों का संचरण, एथरोसक्लेरोसिस (धमनियों की दीवारों में चर्बी जमना) के लिए कीलेट चिकित्सा,<ref name="atwood2004"/> बड़ी आंत का एनीमा<ref name="LiveSci2004"/> रंग चिकित्सा,<ref name="PoaP">{{Cite book |url=http://www.pewscholars.com/pdf_files/Naturo2.pdf |format=PDF |title=Profile of a profession: naturopathic practice |author=Holly J. Hough, Catherine Dower, Edward H. O’Neil |publisher=Center for the Health Professions, University of California |month=September |year=2001 |page=54 |doi= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002072928/http://www.pewscholars.com/pdf_files/Naturo2.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> कपालीय आस्टियोपैथसी,<ref name="LiveSci2004"/> बालों का विश्लेषण,<ref name="LiveSci2004">{{cite news | first=Andrew A. | last=Skolnick | author2= | authorlink= | title=Voice of Reason: Licensing Naturopaths May Be Hazardous to Your Health | date=18 नवंबर 2004 | publisher= | url=http://www.livescience.com/health/naturopathy_license_041118.html | work=Live Science | pages= | accessdate=17 अप्रैल 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20070527222226/http://www.livescience.com/health/naturopathy_license_041118.html | archive-date=27 मई 2007 | url-status=live }}</ref> [[होम्योपैथी]]<ref name="Boon HS"/>, आइरोडोलॉजी (आंख के उपतारे का परीक्षण)<ref name="PoaP"/> रक्त विश्लेषण, ''प्राकृतिक इलाज'' - प्रकृति के तत्वों, जैसे सूर्य-स्नान, ताजी हवा, गर्म या ठंडी सेंक, पोषण (इसके उदाहरणों में शामिल हैं शाकाहारी और संपूर्ण संतुलित आहार, उपवास, शराब और चीनी से परहेज) के प्रयोग से कई तरह का उपचार, जैसे<ref name="dummy">{{Cite book |title=Complementary Medicine for Dummies |url=https://archive.org/details/complementarymed0000youn |author=Jacqueline Young |chapters=8, 13 |isbn=9780470026250|year=2007|publisher=Wiley |location=Chichester, England |oclc=174043853}}</ref> अल्ट्रवायलेट किरणों द्वारा [[ओजोन थेरेपी]],<ref name="ACS"/>शारीरिक चिकित्सा (इसमें नेचुरोपैथिक, हड्डी से संबंधित [[ओजोन थेरेपी|ओसियस चिकित्सा]] और कोमल ऊतकों के जरिये जोड़ तोड़ चिकित्सा, खेल चिकित्सा, [[शारीरिक व्यायाम|व्यायाम]] और स्वीमिंग शामिल हैं), मनोवैज्ञानिक परामर्श (इसके उदाहरणों में ध्यान, विश्राम तथा तनाव दूर करने के अन्य तरीके शामिल हैं<ref name="dummy"/>, सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों और स्वच्छता,<ref name="ECHP"/> संवेदनशीलता, मालिश,<ref name="Beyerstein_NW"/>और पारंपरिक चीनी दवाएं. 2004 में वॉशिंगटन राज्य व कनेक्टिकट में हुए एक सर्वेक्षण से पता चला कि सबसे आम निर्धारित प्राकृतिक चिकित्सा में जड़ी-बूटियां, विटामिन, खनिज, होम्योपैथी और एलर्जी उपचार शामिल थे।<ref name="Boon HS">{{cite journal |journal=BMC Complement Altern Med |year=2004 |volume=20 |issue=4 |pages=14 |title=Practice patterns of naturopathic physicians: results from a random survey of licensed practitioners in two US States |author=Boon HS, Cherkin DC, Erro J, Sherman KJ, Milliman B, Booker J, Cramer EH, Smith MJ, Deyo RA, Eisenberg DM |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC529271/?tool=pubmed |doi= |pmid=15496231 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190212055924/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC529271/?tool=pubmed |archive-date=12 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref> == चिकित्सक == प्राकृतिक चिकित्सकों के समूह दो भागों में विभाजित किया जा सकता है।<ref name="nccam.nih.gov"/><ref>प्राकृतिक एसोसिएशन अमेरिकन मंच के रूप में ऊपर से कांग्रेस गोल्डन जुबली तैयार. 27 जुलाई - 2 अगस्त 1947</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.health.state.mn.us/divs/hpsc/hop/nawg/summary092308.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110726104027/http://www.health.state.mn.us/divs/hpsc/hop/nawg/summary092308.pdf |archive-date=26 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100107110956/http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |archive-date=7 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://careers.stateuniversity.com/pages/7827/Naturopath.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100701024754/http://careers.stateuniversity.com/pages/7827/Naturopath.html |archive-date=1 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref>{{स्रोत सत्यापित करें|date= फ़रवरी 2010}} 1. अमेरिका में 'पारंपरिक' नेचुरोपैथ दो राष्ट्रीय संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं, द अमेरिकन नेचुरोपैथिक एसोसियोशन (एएनए), जिसका गठन बेनेडिक्ट लस्ट<ref>अमेरिकी निगमन और खड़ी की प्राकृतिक एसोसिएशन प्रमाणपत्र, प्रभाग कॉर्पोरेट, उपभोक्ता के मामले के द्वारा जारी किए डीसी विभाग.</ref>द्वारा 1919 में किया गया व जिसमें 4500 चिकित्सकों<ref>संघों के विश्वकोश: 40वां संस्करण पीपी 1594</ref>{{स्रोत सत्यापित करें|date= फ़रवरी 2010}} का प्रतिनिधित्व है और द अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एसोसियोशन (एएनएमए), जिसका गठन 1981 में हुआ व जिसमें प्रमाणपत्रोंे के विभिन्न स्तरों के 4500 चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व है।<ref>{{Cite web |url=http://anma.org/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100820204516/http://www.anma.org/ |archive-date=20 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> एएनएमए एमडी डॉक्टरों, डीओ डॉक्टरों और अन्य परम्परागत चिकित्सा पेशेवरों को भी मान्यता देता है, जिन्होंने अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा में एकीकृत किया है।<ref name="ACS"/> संयुक्त राज्य अमेरिका में पारंपरिक नेचुरोपैथ डॉक्टरों में प्राकृतिक चिकित्सा प्रशिक्षण का स्तर अलग-अलग है। पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक गैर-डिग्री प्रमाणपत्र कार्यक्रम या अंडर-ग्रेजुएट कार्यक्रमों को पूरा कर सकते हैं और प्राकृतिक चिकित्सा का प्रमाणन अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल सर्टिफिकेशन बोर्ड (एएनएमसीबी) से हासिल कर सकते हैं और आमतौर पर ये खुद को नेचुरोपैथिक कंसल्टेंट्स के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.anmcb.org |title=American Naturopathic Medical Certification Board |publisher==American Naturopathic Medical Certification Board |accessdate=मार्च 12, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110107114316/http://www.anmcb.org/ |archive-date=7 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> वहाँ भी पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सकों के लिए स्नातकोत्तर डॉक्टरेट की डिग्री ली जा सकती है। एएनएमसीएबी से मान्यता प्राप्त स्कूलों से डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी (एनडी) की डिग्री जिन्होंने हासिल कर ली है, वे एएनएमसीबी के साथ बोर्ड द्वारा प्रमाणित प्राकृतिक चिकित्सक बन सकते हैं<ref>ibid</ref> पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक, जिन्होंने एएनए (एनबीएनई) द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों के नेशनल बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स की डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी की डिग्री ली है, वे एएनए के एक डेलीगेट का प्रमाणपत्र हासिल कर सकते हैं।<ref>{{cite book |author=Paul Wendel |title=Standardized Naturopathy |year=1951 |location=Brooklyn |publisher=Wendel |oclc=6617124}}</ref> मेडिकल डॉक्टर (एमडी) या डॉक्टर ऑफ ऑस्टियोपैथी, जिन्होंने नेचुरोपैथी का पूरक प्रशिक्षण प्राप्त किया है, वे नेशनल बोर्ड से प्रमाणित प्राकृतिक चिकित्सक बन सकते हैं।<ref name="anmcb.org">{{Cite web |url=http://www.anmcb.org/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110107114316/http://www.anmcb.org/ |archive-date=7 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> बीसवीं सदी के प्रारंभ में<ref>तड़कना. 352 @ 1326, 5.3936, सार्वजनिक नं. 831 [45 सेंट 1339 पर भी देखा गया] 27 फ़रवरी 1929 और उसकी 5 मई 1930 को एच.आर. 12169 अपनी स्पष्ट संशोधन के रूप में पाया और 28 जनवरी 1931 और कॉरेसपौन्डिंग हाउस रिपोर्ट #2432 30 जनवरी 1930.</ref> अमेरिकी कांग्रेस द्वारा एक पेशे के रूप में परिभाषित पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सा के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती थी।<ref>लॉटन वी. स्टील, 152 अमेरिकी 133 (1894)</ref> क्योंकि प्राकृतिक चिकित्सा की गतिविधियों में संलग्न होने के लिए आम तौर पर लाइसेंस की आवश्यकता होती है, इसलिए इसका अभ्यास केवल उन 15 राज्यों में कानूनी है, जो पेशे का विनियमन करता है, हालांकि नेचुरोपैथिक दवाओं का उपयोग करने वाले चिकित्सक पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सा का अभ्यास कर सकते हैं। {{Citation needed|date= फ़रवरी 2010}} 2. अमेरिका में प्राकृतिक चिकित्सा का प्रतिनिधित्व अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ नेचुरोपैथिक फिजिशियन करता है, जिसकी स्थापना 1985 में की गई थी और जिसमें 2000 चिकित्सकों, छात्रों व सपोर्टिंग व कॉरपोरेट सदस्यों का प्रतिनिधित्व हैं।<ref name="ACS"/><ref>{{Cite web |url=http://www.naturopathic.org/content.asp?pl=9&contentid=9 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180101221830/http://www.naturopathic.org/content.asp?pl=9&contentid=9 |archive-date=1 जनवरी 2018 |url-status=dead }}</ref> === प्राकृतिक चिकित्सा के डॉक्टर === {{Main|नेचुरोपैथिक डॉक्टर }} {{वैश्विकृत करें|date= जनवरी 2010}} नेचुरोपैथिक डॉक्टर (एनडी या एनएमडी) या समकक्ष शब्द कम से कम 15 अमेरिकी राज्यों, कोलंबिया जिला, अमेरिका के पोर्टा रिको, अमेरिकी वर्जिन द्वीप समूह और कनाडा के पांच प्रांतों में लाइसेंस देने और प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं के कुछ रूपों में एक संरक्षित पदवी है।<ref name="autogenerated1">{{cite web |url=http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=118 |title=American Association of Naturopathic Physicians |publisher= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100415231513/http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=118 |archive-date=15 अप्रैल 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.cand.ca |publisher=Canadian Association of Naturopathic Doctors |title=Welcome |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20191005024700/https://www.cand.ca/ |archive-date=5 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> कौंसिल ऑन नेचुरोपैथिक मेडिकल एजुकेशन द्वारा प्रमाणित कॉलेजों में शैक्षिक और नैदानिक प्रशिक्षण हासिल करने के बाद इन अधिकार क्षेत्रों में नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को नॉर्थ अमेरिकन बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स (एनएबीएनई)<ref>{{cite web |url=http://www.nabne.org |title=NABNE |publisher=North American Board of Naturopathic Examiners |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20190607010518/https://www.nabne.org/ |archive-date=7 जून 2019 |url-status=live }}</ref>द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा पास करनी होती है।<ref>{{cite web |url=http://www.cnme.org |title=Council on Naturopathic Medical Education |publisher= |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20191005024641/https://cnme.org/ |archive-date=5 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> सीएनएमई अमेरिकी शिक्षा विभाग द्वारा नेचुरोपैथिक मेडिकल कार्यक्रमों के लिए मान्यता प्राप्त निकाय के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त है।<ref>{{cite web |url=http://www.ed.gov/admins/finaid/accred/accreditation_pg8.html |title=College Accreditation in the United States |page=8 |publisher=[[U.S. Secretary of Education]] |date=9 सितंबर 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508122029/http://www.ed.gov/admins/finaid/accred/accreditation_pg8.html |archive-date=8 मई 2009 |url-status=dead }}</ref> रेजीडेंसी कार्यक्रम की पेशकश बास्तर विश्वविद्यालय<ref>{{cite web |url=http://www.bastyr.edu/education/naturopath/degree/training.asp |title=Degree : Naturopathic Medicine |publisher=[[Bastyr University]] |date=28 मई 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100815043410/http://www.bastyr.edu/education/naturopath/degree/training.asp |archive-date=15 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> एनसीएमएम,<ref>{{cite web |url=http://www.ncnm.edu/naturopathic-medicine-residency-program.php |publisher=National College of Natural Medicine |title=Naturopathic Medicine Residency Program |date=26 जनवरी 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101006063216/http://www.ncnm.edu/naturopathic-medicine-residency-program.php |archive-date=6 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref>एससीएनएम,<ref>{{cite web |url=http://scnm.edu/residencies.html |title=Residencies at SCNM |publisher=Scnm.edu |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100603072857/http://www.scnm.edu/residencies.html |archive-date=3 जून 2010 |url-status=dead }}</ref> सीसीएनएम<ref>{{cite web |url=http://www.ccnm.edu/?q=clinical_resident |title=Clinical Residency at The Canadian College of Naturopathic Medicine |publisher=Ccnm.edu |date=4 फरवरी 2008 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-date=17 अगस्त 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220817111713/https://ccnm.edu/?q=clinical_resident |url-status=dead }}</ref> और ब्रिजपोर्ट विश्वविद्यालय द्वारा की जाती है।<ref>{{cite web |url=https://www.bridgeport.edu/pages/2657.asp |title=Residency Programs at Bridgeport |publisher=[[University of Bridgeport]] |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100527194055/https://www.bridgeport.edu/pages/2657.asp |archive-date=27 मई 2010 |url-status=dead }}</ref> एनडी डाक्टरों को रेसिडेंसी प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होती.<ref name="ACS"/> कई नेचुरोपैथ डाक्टर स्वयं को प्राथमिक देखभाल प्रदाताओं के रूप में खुद को पेश करते हैं।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="CNME-handbook">{{cite web |url=http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |title=Handbook of Accreditation for Naturopathic Medicine Programs |format=PDF |page=45 |publisher=Council on Naturopathic Medical Education |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20170209083708/http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |archive-date=9 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref name="atwood2003"/> एनडी प्रशिक्षण में बुनियादी चिकित्सा नैदानिक परीक्षण और प्रक्रियाएं जैसे मेडिकल इमेजिंग, छोटी सर्जरी और रक्त परीक्षण शामिल हैं। सीएनएमई मामूली सर्जरी, प्राकृतिक प्रसव और अंतर्शिरा चिकित्सा यानी इंट्रावेनस थेरेपी सहित वैकल्पिक ऐच्छिक पद्धतियों को शामिल करने की अनुमति प्रदान करता है, हालांकि उन्हें आम तौर पर इन कार्यों का लाइसेंस प्राप्त नहीं होता है; इन पद्धतियों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है और सभी क्षेत्रों में इनका अभ्यास नहीं किया जा सकता है। यह प्रशिक्षण एमडी डॉक्टरों द्वारा लिये गये प्रशिक्षण से अलग होता है, क्योंकि इसमें उस तरह की थेरेपी की आवश्यकता होती है, जिनकी जरूरत मेडिकल स्कूलों में नहीं होती, जैसे जड़ी-बूटियों द्वारा चिकित्सा, नैदानिक पोषण प्राकृतिक गतिविधियां व होम्योपैथी चिकित्सा.<ref>{{cite web |url=http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |title=Academic Curriculum - Association of Accredited Naturopathic Medical Colleges |publisher=Aanmc.org |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120222210216/http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |archive-date=22 फ़रवरी 2012 |url-status=dead }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा स्कूल भी वाइटलिज़्म (शरीर की अपनी शक्ति) सिखाते है, क्योंकि यह एक ऐसी अवधारणा है जिसे आधुनिक विज्ञान व औषधि के साथ असंगत माना जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="atwood2004"/><ref name="atwood2003"/><ref name="McKnight2009"/> होम्योपैथी अत्यधिक विवादास्पद है और अक्सर इसे "नीमहकीमी" या "छद्म विज्ञान" कहा जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="atwood2004"/><ref name="ACS"/> 2005 में मैसाचुसेट्स मेडिकल सोसायटी ने इस चिंता के आधार पर राष्ट्रमंडल में इसे लाइसेंस देने का विरोध किया कि एनडी डॉक्टरों को रेसीडेंसी में भाग लेने की जरूरत नहीं है और वे अनुचित या हानिकारक सुझाव भी दे सकते हैं।<ref name="MassMed2005">{{cite news | first=Richard P. | last=Gulla | author2= | authorlink= | title=Massachusetts Medical Society Testifies in Opposition to Licensing Naturopaths | date=मई 11, 2005 | publisher=[[Massachusetts Medical Society]] | url=http://www.massmed.org/AM/PrinterTemplate.cfm?Section=Home&CONTENTID=12458&TEMPLATE=/CM/ContentDisplay.cfm | work= | pages= | accessdate=17 अप्रैल 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20110716132319/http://www.massmed.org/AM/PrinterTemplate.cfm?Section=Home&CONTENTID=12458&TEMPLATE=%2FCM%2FContentDisplay.cfm | archive-date=16 जुलाई 2011 | url-status=live }}</ref> पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा चिकित्सकों के लिए बने मैसाचुसेट्स स्पेशल कमीशन ने उसकी चिंताओं को खारिज कर दिया और लाइसेंस देने की सिफारिश की.<ref name="MassCtte">{{cite web |url=http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/majority.pdf |format=PDF |title=Majority Report of the Special Commission on Complementary and Alternative Medical Practitioners: A Report to the Legislature |month=January |year=2002 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120121012802/http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/majority.pdf |archive-date=21 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> कौंसिल ऑन नेचुरोपैथिक मेडिकल एजुकेशन द्वारा परिभाषित हस्तक्षेपों के मुख्य बिंदु निर्धारित किये गये हैं और उत्तर अमेरिका से मान्यता प्राप्त सभी छह स्कूलों में इसे सिखाया भी जाता है। इनमें शामिल हैं:<ref name="cnme-handbook">{{cite web |url=http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |format=PDF |title=Handbook of accreditation for Naturopathic Programs |year=2008 |page=51 |publisher=Council on Naturopathic Medical Education |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20170209083708/http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |archive-date=9 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref> एक्यूपंक्चर और पारंपरिक चीनी चिकित्सा, वानस्पतिक चिकित्सा, होम्योपैथी,'' प्राकृतिक निदान'' (इसमें प्राकृतिक तत्वों के उपयोग से कई तरह की चिकित्सा की जाती है।) पोषण, भौतिक चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक परामर्श. वाशिंगटन राज्य में, जहां नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को प्राथमिक देखभाल करने वाले डॉक्टरों के समकक्ष लाइसेंस दिये जाते हैं,<ref>{{cite web |url=http://apps.leg.wa.gov/RCW/default.aspx?cite=18.36A&full=true |title=Chapter 18.36A RCW: Naturopathy |publisher=Apps.leg.wa.gov |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091017023722/http://apps.leg.wa.gov/rcw/default.aspx?cite=18.36A&full=true |archive-date=17 अक्तूबर 2009 |url-status=live }}</ref> हालांकि कई डॉक्टर बीमा भी स्वीकार करते हैं और इसके साथ नेचुरोपैथ को एक प्राथमिक चिकित्सा प्रदाता के रूप में पेश करने के एक विकल्प की कुछ योजनाओं की पेशकश करते हैं।<ref name="fammed.washington.edu"/> कनेक्टिकट और वॉशिंगटन में में राज्य के कानून में बीमा प्रदाताओं को नेचुरोपैथिक सेवाओं के लिए कुछ बीमा कवरेज प्रदान करने का प्रवाधान होता है, जबकि नेचुरोपैथिक डाक्टरों की महत्वपूर्ण संख्या वाले ओरेगोन राज्य में इसकी जरूरत नहीं होती.<ref name="fammed.washington.edu"/> === अन्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर === 1998 की एक कार्यबल रिपोर्ट के अनुसार कुछ चिकित्सक अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा के तौर-तरीकों को शामिल करना चुनते हैं,<ref>{{cite web |url=http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/RTF.PDF |format=PDF |author=Finocchio LJ, Dower CM, Blick NT, Gragnola CM and the Taskforce on Health Care Workforce Regulation |title=Strengthening Consumer Protection: Priorities for Health Care Workforce Regulation |publisher=Pew Health Professions Commission |location=San Francisco |year=1998 |month=October |accessdate=1 अप्रैल 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110720045035/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/RTF.PDF |archive-date=20 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>और टेक्सास जैसे राज्यों में उन एमडी डॉक्टरों के लिए प्रैक्टिस के दिशा-निर्देश तय करना शुरू किया है, जो अपनी प्रैक्टिस में वैकल्पिक और पूरक दवाएं शामिल करते हैं।<ref>टेक्सास प्रशासनिक संहिता शीर्षक 22, भाग 9 § 200.3, 1998</ref> स्वास्थ्य की देखभाल में लगे पेशेवरों की प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों की सतत् शिक्षा में बहुत भिन्नता हो सकती है, लेकिन इसमें चिकित्सक, शारीरिक चिकित्सक, चिरोप्रैक्टर्स, एक्यूपंक्चर चिकित्सक, दंत चिकित्सक, [[पीएचडी|शोधकर्ता]], पशु चिकित्सक, डॉक्टरों के सहायक और नर्सों सहित कई पेशेवर शामिल होते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf |format=PDF |author=Hough HJ, Dower C, O’Neil EH |title=Profile of a profession: naturopathic practice |publisher=Center for the Health Professions, University of California, San Francisco |location=San Francisco |year=2001 |month=September |doi= |pmid= |accessdate=21 अप्रैल 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160112043423/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf |archive-date=12 जनवरी 2016 |url-status=dead }}</ref> ये पेशेवरों आमतौर पर अपने मूल पद को बनाए रखते हैं, पर अपनी प्रैक्टिस को वर्णित करने के लिए 'समग्र', 'प्राकृतिक', या 'एकीकृत जैसे शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं। अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एसोसिएशन (एएनएमए) और अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल सर्टिफिकेशन एंड एक्रीडियोशन बोर्ड (एएनएमसीएबी) के पास मेडिकल डॉक्टरों (एमडी) और डॉक्टर्स आॅफ अस्टियोपैथी (डीओ) को मान्यता व प्रमाणन कार्यक्रम होता है, जिन्होंने पूरक के रूप में प्राकृतिक चिकित्सा के अध्ययन के साथ अपनी शिक्षा पाई है और अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल किया है।<ref name="anmcb.org"/> == विनियमन == === आस्ट्रेलिया === [[ऑस्ट्रेलिया]] के किसी भी राज्य में इसके लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जाता, बल्कि यह उद्योग आत्म-विनियमित है। वहाँ टाइटिल का संरक्षण नहीं है, इसका मतलब यह हुआ कि तकनीकी रूप से किसी को भी प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में अभ्यास करने की आजादी है। पेशागत क्षतिपूर्ति या सार्वजनिक देयता के लिए बीमा प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता प्रोफेशनल एसोसिएशन में शामिल होना है, जो केवल एक मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम पूरा करने और पेशेवर प्रमाणीकरण प्राप्त करने से हो सकता है। वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में प्राकृतिक चिकित्सा की पंजीकृत गतिविधियां वही हैं, जो चीनी चिकित्सा से संबंधित हैं और वह भी केवल [[विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया)|विक्टोरिया]] राज्य में.<ref>{{cite web |publisher=The Royal Australian College of General Practitioners |url=http://www.racgp.org.au/racgpaimajwp |title=Joint RACGP/AIMA Working Party Terms of Reference |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110305062144/http://www.racgp.org.au/racgpaimajwp |archive-date=5 मार्च 2011 |url-status=dead }}</ref> 1977 में ऑस्ट्रेलिया में एक समिति ने प्राकृतिक चिकित्सा के सभी कॉलेजों की समीक्षा की और पाया कि हालांकि कई कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में कागज पर बुनियादी जैव चिकित्सा विज्ञान को उचित मात्रा में शामिल किया था, पर वास्तविक अनुदेश के प्रलेखित कोर्स का संबंध मामूली ही था। किसी भी मामले में किसी परिणाम का व्यावहारिक काम उपलब्ध नहीं हुआ। समिति ने जिन व्याख्यानों को सुना, वे पाठ्यपुस्तक की सामग्री के श्रुतिलेख से अलग और धीमे मगर अपेक्षाक्रत व्यवस्थित, चिकित्सा विज्ञान की शब्दावली की व्याख्या से पूर्ण थे। शब्दकोश परिभाषा के एक स्तर पर वे व्याख्यान गहराई (अध्ययन के) के लाभ या तंत्र की समझ-बूझ या अवधारणाओं का व्यापक महत्व से वंचित थे। इस समिति ने प्राकृतिक चिकित्सकों की पसंद के विभिन्न चिकित्सीय दृष्टिकोण की कोई महत्वपूर्ण शिक्षण पद्धति नहीं देखी. पता चला कि लोगों की विशेष रूप से होम्योपैथी में रुचि थी, बैच की पुष्प चिकित्सा या खनिज लवण उपचार के बारे में साक्षात्कार किये गये, लेकिन विभिन्न कॉलेजों में इस चिक्त्सिा पद्धतियों के चयन और उपयोग में कोई व्यवस्थित पाठ्यक्रम नहीं देखा गया। समिति का यही मानना था कि चिकित्सात्मक पद्धति का चयन नेचुरोपैथ की आम धारणा पर आधा‍िरत है और चूंकि विभिन्न पाठ्यक्रमों सुझाए गये अनुप्रयोग और व्यवस्थाएं काफी बड़े पैमाने पर ओवरलैप (एक के उपर एक रखे हुए) किये हुए हैं कि कोई विशेष संकेत नहीं मिल पाते हैं और उन्हें पढ़ाया भी नहीं जा सकता.<ref name="Aust1977"/> === भारत === भारत में बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड यौगिक साइंसेज (बीएनवाईएस) का 5 साल का डिग्री पाठ्यक्रम है। [[भारत]] में कुल 11 कॉलेज हैं, जिनमें चार कॉलेज [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] राज्य में हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.findnd.com/naturopathic-education/indian-colleges/113-naturopathic-colleges-in-india.html |title=Naturopathic Colleges in India |publisher=Findnd.com |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100819023221/http://www.findnd.com/naturopathic-education/indian-colleges/113-naturopathic-colleges-in-india.html |archive-date=19 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> भारतीय चिकित्सा प्रणाली के रूप में नेचुरौपैथी और योग भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आयुष विभाग के तहत आता है।<ref name="AYUSH">{{Cite web |url=http://www.indianmedicine.nic.in/ |title=आयुर्वेद विभाग, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100920151259/http://indianmedicine.nic.in/ |archive-date=20 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> भारत सरकार ने 1969 में कंेन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन के रूप में "सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेद, योग एंड नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध एंड होम्योपैथी" की स्थापना की. 1978 तक, इस संगठन का दायित्व वैकल्पिक चिकित्सा की विभिन्न शाखाओं में वैज्ञानिक अनुसंधान करना था। इस अवधि के दौरान प्राकृतिक चिकित्सा के विकास के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सीधे देखा गया था। मार्च 1978 में संयुक्त परिषद को भंग किया गया और उसकी जगह आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी, होम्योपैथी, योग और नेचुरोपैथी के लिए एक-एक स्वतंत्र अनुसंधान परिषदों का गठन किया गया।<ref>{{cite web |url=http://www.findnd.com/regulation/67-india/112-central-council-for-research-in-yoga-and-naturopathy-.html |title=Central Council for Research in Yoga and Naturopathy |publisher=Findnd.com |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110711002614/http://www.findnd.com/regulation/67-india/112-central-council-for-research-in-yoga-and-naturopathy-.html |archive-date=11 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> [[पुणे]] का राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान 22 दिसम्बर 1986 में स्थापित किया गया। यह संस्थान पूरे देश में प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान के माध्यम से मौजूदा ज्ञान और इसके प्रयोग का मानकीकरण और प्रचार करता है। यह संस्थान "एक शासी निकाय" के रूप में काम करता है, जिसके अध्यक्ष होते हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री.<ref>{{Cite web |url=http://www.punenin.org/ |title=नैशनल इंस्टीटयूट ऑफ़ न्युट्रोपैथी, पुणे |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100823043946/http://www.punenin.org/ |archive-date=23 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> === उत्तर अमेरिका === कनाडा के पांच प्रांतों में, पन्द्रह अमेरिकी राज्यों और कोलंबिया जिले में नेचुरोपैथिक डॉक्टर, जो उत्तर अमेरिका में प्राकृतिक चिकित्सा के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में प्रशिक्षित हैं, एनडी या एनएमडी पदनाम का उपयोग करने के लिए हकदार हैं। अन्यत्र "नेचुरोपैथ", "नेचुरोपै‍थिक डॉक्टर", और "डॉक्टर ऑफ नेचुरल मेडिसिन" आम तौर पर सुरक्षारहित हैं।<ref name="IA_med">{{cite web |url=http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |title=A Policy Statement on Naturopathy |publisher= |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100107110956/http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |archive-date=7 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> उत्तरी अमेरिका में, प्राकृतिक चिकित्सा को नियंत्रित करने वाले प्रत्येक क्षेत्राधिकार में प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टरों की प्रैक्टिस काफी भिन्न हो सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में इसमें मामूली सर्जरी, दवाएं लिखना, रीढ़ की हड्डी के उपचार, प्रसूति एवं स्त्री रोगों के निदान की मंजूरी दी जाती है, जबकि दूसरे क्षेत्रों में इन्हें प्राकृतिक चिकित्सा के दायरे से बाहर रखा जाता है।<ref name="Sunrise-2008">{{cite web |url=http://www.dora.state.co.us/OPR/archive/2008NaturopathicPhysiciansSunrise.pdf |format=PDF |year=2008 |title=Sunrise Review: Naturopathic Physicians |page=19 |publisher=State of Colorado |accessdate= |pmid= |doi= |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002001141/http://www.dora.state.co.us/opr/archive/2008NaturopathicPhysiciansSunrise.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> ==== कनाडा ==== कनाडा के पांच प्रांतों में नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को लाइसेंस दिये जाते हैं : ब्रिटिश कोलंबिया, मानीतोवा, नोवा स्कोटिया, [[ओन्टारियो|ओंटारियो]] और सासकेचवान.<ref>{{Cite web |url=http://www.cand.ca/index.php?40 |title=न्यूटरपैथिक डॉक्टरों के कनाडा की एसोसिएशन |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110706170455/http://www.cand.ca/index.php?40 |archive-date=6 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> ब्रिटिश कोलंबिया ने 1936 से नेचुरोपैथिक दवाओं को विनियमित किया है और यही कनाडा का एकमात्र प्रांत है, जो प्रमाणित डॉक्टरों को फार्मास्यूटिकल्स लिखने और मामूली सर्जरी की अनुमति देता है। ==== संयुक्त राज्य अमेरिका ==== * अमेरिका के न्याय क्षेत्र में, जहां वर्वेतमान में नेचुरोपैथी का विनियमन होता है और लाइसेंस दिया जाता है, वे हैं : [[अलास्का|अलास्का,]] [[एरीजोना|एरिज़ोना,]] [[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया,]] [[कनाटीकट|कनेक्टिकट,]] कोलंबिया जिला, [[हवाई|हवाई,]] [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइनी,]][[मिनेसोटा|मिनेसोटा,]] मोंटाना, [[नया हेम्पशायर|न्यू हैम्पशायर,]] [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[प्युर्तो रिको|पर्टो रीको,]]<ref>{{cite web |url=http://www.oslpr.org/download/ES/1997/208s0783.pdf |format=PDF |title=Ley para Reglamentar el Ejercicio de la Medicina Naturopática en Puerto Rico [Law to Regulate the Practice of Naturopathic Medicine in Puerto Rico] |language=es |date=30 दिसम्बर 1997 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002072926/http://www.oslpr.org/download/ES/1997/208s0783.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> अमेरिका वर्जिन द्वीप समूह, [[यूटाह|उताह]], [[वर्मांट|वरमोंट]] और [[वाशिंगटन|वाशिंगटन.]]<ref name="autogenerated1"/> इसके अतिरिक्त [[फ़्लोरिडा|फ्लोरिडा]] और वर्जीनिया में एक ग्रैंडफादर क्लाज के अंतर्गत प्राकृतिक चिकित्सा की प्रैक्टिस का लाइसेंस दिया जाता है।<ref name="AMA_report_2006">{{cite news | first= | last= | author2= | authorlink= | title=Reports to the Board of Trustees | date=2006-11 | publisher=[[American Medical Association]] | url=http://www.ama-assn.org/ama1/pub/upload/mm/38/i-06bot.pdf | format=PDF | work= | pages= | accessdate=19 मार्च 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20081119233832/http://www.ama-assn.org/ama1/pub/upload/mm/38/i-06bot.pdf | archive-date=19 नवंबर 2008 | url-status=dead }}</ref> : :* अमेरिका के न्याय क्षेत्र में, जहां प्रेसक्रिप्शन वाली दवाओं तक पहुंच की अनुमति दी जाती है, वे हैं पर्चे दवाओं का उपयोग करने की अनुमति: [[एरीजोना|एरिज़ोना,]][[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया]] कोलंबिया जिला, [[हवाई|हवाई,]] [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइन,]] मोंटाना, [[नया हेम्पशायर|न्यू हैम्पशायर,]] [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[यूटाह|उताह,]] [[वर्मांट|वरमोंट,]] और[[वाशिंगटन|वॉशिंगटन]]. :* अमेरिकी न्याय क्षेत्र में, जहां मामूली सर्जरी की अनुमति दी जाती है, वे हैं: [[एरीजोना|एरिज़ोना]] कोलंबिया जिला, [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइन]] {5 }मोंटाना, [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[यूटाह|उताह,]] [[वर्मांट|वरमोंट,]] और [[वाशिंगटन|वाशिंगटन.]] * अमेरिकी राज्यों, जिनमें विशेष रूप से प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास का निषेध है, वे हैं : दक्षिण कैरोलिना,<ref name="AMA_report_2006"/><ref>{{cite web|url=http://www.scstatehouse.net/code/t40c031.htm|title=South Carolina Code of Laws Section 40-31-10|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20081015195851/http://www.scstatehouse.net/CODE/t40c031.htm|archive-date=15 अक्तूबर 2008|url-status=dead}}</ref> और [[टेनेसी|टेनेसी.]]<ref name="AMA_report_2006"/><ref>{{cite web |url=http://www.michie.com/tennessee/lpext.dll/tncode/257b9/25b48/25b6e/25ba9?f=templates&fn=document-frame.htm&2.0#JD_63-6-205 |title=Tennessee Code 63-6-205 |publisher=Tennessee State Legislature |date= |accessdate= |doi= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110929004205/http://www.michie.com/tennessee/lpext.dll/tncode/257b9/25b48/25b6e/25ba9?f=templates&fn=document-frame.htm&2.0#JD_63-6-205 |archive-date=29 सितंबर 2011 |url-status=dead }}</ref> नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को स्नातक स्तर की पढ़ाई और प्रैक्टिस शुरू करने के बीच रेसिडेंसी की अनुमति नहीं होती है, हालांकि<ref name="ACS"/> यूटा राज्य अपवाद है।<ref>{{cite web |url=http://www.dopl.utah.gov/licensing/forms/applications/072_naturopathic_phys.pdf |format=PDF |title=Application for licensure : naturopathic physician |publisher=State of Utah Division of Occupational and Professional Licensing |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100629150914/http://dopl.utah.gov/licensing/forms/applications/072_naturopathic_phys.pdf |archive-date=29 जून 2010 |url-status=live }}</ref> === युनाइटेड किंगडम === [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|यूनाइटेड किंगडम]] में चूंकि, प्राकृतिक चिकित्सा पेशे का सरकार प्रायोजित कोई भी विनियमन नहीं है, इसलिए नेचुरोपैथ डॉक्टर अविनियमित हैं। सबसे बड़े पंजीयक निकाय द जनरल, कौंसिल एंड रजिस्टर ऑफ नेचुरोपैथ ब्रिटेन में तीन पाठ्यक्रमों को मान्यता देता है, जिनमें से दो ओस्टियोपैथिक स्कूलों : द ब्रिटिश कॉलेज ऑफ ओस्टियोपैथिक मेडिसिन, द कॉलेज ऑफ ओस्टियोपैथिक एजुकेशनल ट्रस्ट में और एक बीएससी हेल्थ साइंस (नेचुरोपैथी) कोर्स के तत्वावधान में यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर स्कूल ऑफ इंटेग्रेटेड हेल्थ में पढ़ाया जाता है। {{Citation needed|date=जुलाई 2008}} वहाँ ''एसोसिएशन ऑफ नेचुरोपैथिक प्रैक्टिसनर्स '' और'' ब्रिटिश नेचुरोपैथिक एसोसिएशन '' भी हैं। == सबूत के आधार == साक्ष्य आधारित चिकित्सा (ईबीएम) की वकालत नेचुरोपैथी जैसे प्राकृतिक इलाज अनुसंधान के लिए एक उपयुक्त पद्धति के रूप में की गई है, जिसे पर्याप्त वैज्ञानिक आधार के अभाव वाली प्रणाली कहा गया है।<ref name="Naturo2006"/> ऑस्ट्रेलिया में हुए सर्वेक्षण में पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक ईबीएम को जीवनी शक्ति और व्यापक सिद्धांतों में विश्वासों पर एक सैद्धांतिक हमला मानते हैं<ref name="Naturo2006"/> वे प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास की सचाई की वकालत करते हैं।<ref name="Naturo2006"/> ऑस्ट्रेलिया में सर्वेक्षण में शामिल पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सकों को ईबीएम की अवधारणा की समझ और उसे लागू करने में दिक्कत हो सकती है।<ref name="Naturo2006">{{cite journal |journal= J Altern Complement Med |year=2006 |volume=12 |issue=3 |pages=323–8 |title=Evidence-based medicine and naturopathy |author=Jagtenberg T, Evans S, Grant A, Howden I, Lewis M, Singer J |doi= |pmid=16646733}}</ref> हालांकि प्राकृतिक चिकित्सा की आम लोगों में स्वीकार्यता बढ़ रही है, पर चिकित्सा समुदाय के सदस्यों का रुख आलोचनात्मक रहा है और वे प्राकृतिक चिकित्सा के विचार को नामंजूर करते हैं।<ref name="Beck T"/> प्राकृतिक चिकित्सा के व्यापक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ उपचार के बेहतर नजरिये को हासिल किया जा सकता है, जिससे इस चिकित्सा प्रणाली के मॉडल में विकास किया जा सकता है और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के लिए एक आर्थिक लाभ भी हासिल किया जा सकता है।<ref name="Beck T">{{cite journal |journal=Forsch Komplementarmed Klass Naturheilkd |year=2001 |volume=8 |issue=1 |pages=24–32 |title=[On the general basis of naturopathy and complementary medicine]|author=Beck T |doi= |pmid=11340311}}</ref> प्राकृतिक चिकित्सकों ने नैदानिक प्रैक्टिस में अनुसंधान और आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धांतों को स्वीकार करने के प्रति अपना योगदान शुरू किया है, जिससे इस पेशे को और विकसित करने और मान्य बनाने में मदद मिलेगी.<ref>{{cite journal |journal=Med Clin North Am |year=2002 |volume=86 |issue=1 |pages=173–84 |title=Naturopathy|url=https://archive.org/details/sim_medical-clinics-of-north-america_2002-01_86_1/page/173 |author=Smith MJ, Logan AC |doi= |pmid=11795088}}</ref> नेचुरोपैथ और मेडिकल डॉक्टरों में आम बीमारियों के व्यापक रेंज के निदान और प्रबंधन में प्राकृतिक चिकित्सा की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने और यह तय करने के लिए कि प्राकृतिक सेवाओं की पहुंव ऐसी हो कि कम खर्च में रोगियों की सेहत में सुधार हो सके.<ref>{{cite journal |journal=J Fam Pract |year=2005 |volume=54 |issue=12 |pages=1067–72 |title=Naturopathic medicine: what can patients expect? |author=Dunne N, Benda W, Kim L, Mittman P, Barrett R, Snider P, Pizzorno J |url=http://www.jfponline.com/Pages.asp?AID=3698 |doi= |pmid=16321345 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120324072742/http://www.jfponline.com/Pages.asp?AID=3698 |archive-date=24 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> जर्मनी में कई प्राकृतिक चिकित्सा के वैकल्पिक उपचार एक विश्वसनीय विज्ञान के रूप में किये जाते है, जैसे कि मालिश द्वारा चिकित्सा. हालांकि मालिश द्वारा चिकित्सा एक गैर-पारंपरिक पद्धति है और न यह गंभीर प्राकृतिक चिकित्सा के समान नहीं है और मालिश द्वारा चिकित्सा की गुणवत्ता भी नहीं है।<ref name="Heide"/> मालिश द्वारा चिकित्सा के विपरीत, वैज्ञानिक रूप से वास्तविक प्राकृतिक चिकित्सा के तरीके वैकल्पिक नहीं हैं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा के लिए एक पूरक के रूप में कार्य करते हैं।<ref name="Heide">{{cite journal |journal=Versicherungsmedizin|year=2009 |volume=61 |issue=3 |pages=129–35 |title=[Reflexology--nothing in common with scientific naturopathic treatments]|author=Heide M, Heide MH |doi= |pmid=19860172}}</ref> === आलोचना === प्राकृतिक चिकित्सा की आलोचना बिना साबित हुए, गलत साबित हुए और अन्य विवादास्पद वैकल्पिक चिकित्सा उपचार और इसके जीवनी शक्ति वाले आधार पर आश्रित होने और संबंधित होने के लिए की जाती है।<ref name="McKnight2009">{{cite news |first=P |last=McKnight |author2= |authorlink= |title=Naturopathy's main article of faith cannot be validated: Reliance on vital forces leaves its practises based on beliefs without scientific backing |date=7 मार्च 2009 |url=http://www.vancouversun.com/story_print.html?id=1364389 |work=[[Vancouver Sun]] |pages= |accessdate=21 मार्च 2009 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> किसी भी वैकल्पिक चिकित्सा में रोग का पता लगाने में भूल का जोखिम होता है और यह जोखिम प्रशिक्षण के स्तर के आधार पर कम हो सकता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="atwood2004"/> यह भी एक खतरा है अगर रोगी अपने प्राकृतिक चिकित्सकों द्वारा सुझाये गये तरीकों के आधार पर इलाज का प्रयास करें तो नेचुरोपैथ उन बीमारियों का पता ही नहीं कर सकें और रोगी अनुपचारित रह जायें. कुछ प्राकृतिक उपचार पद्धतियां, जैसे होम्योपैथी और इरिडोलॉजी व्यापक रूप से छद्मविज्ञान या नीमहकीमी ही मानी जाती हैं।<ref name="NSBattitudes">{{cite web |author=National Science Board |month=April |year=2002 |title=Science and engineering indicators |chapter=7 |chapter_title=Science and technology: public attitudes and public understanding |url=http://www.nsf.gov/statistics/seind02/c7/c7s5.htm |section_title=Science Fiction and Pseudoscience |location=Arlington, Virginia |publisher=National Science Foundation Directorate for Social, Behavioral and Economic Sciences |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://wayback.archive-it.org/5902/20150818104004/http://www.nsf.gov/statistics/seind02/c7/c7s5.htm |archive-date=18 अगस्त 2015 |url-status=live }}</ref><ref name="WahlbergQuack"> {{cite journal |author=Wahlberg A |year=2007 |doi=10.1016/j.socscimed.2007.07.024 |title=A quackery with a difference—new medical pluralism and the problem of 'dangerous practitioners' in the United Kingdom |journal=Social Science & Medicine |volume=65 |issue=11 |pages=2307–2316 |pmid=17719708 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/iridology.html |title=Iridology is nonsense |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110406120005/http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/iridology.html |archive-date=6 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}, आगे के संदर्भ में एक वेब पृष्ठ</ref> ''प्राकृतिक'' तरीके और रसायन जरूरी नहीं कि ''कृत्रिम'' या'' सिंथेटिक '' तरीकों से सुरक्षित और ज्यादा प्रभावकारी हों. क्योंकि कोई भी उपचार जो असरदार होता है, उसके हानिकारक पार्श्व प्रभाव भी हो सकते हैं।<ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="ACS">{{cite news |first= |last= |author2= |authorlink= |title=Naturopathic medicine |date=26 मार्च 2007 |publisher=[[American Cancer Society]] |url=http://www.cancer.org/docroot/ETO/content/ETO_5_3X_Naturopathic_Medicine.asp |work= |pages= |accessdate=21 मार्च 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100627111334/http://www.cancer.org/docroot/ETO/content/ETO_5_3X_Naturopathic_Medicine.asp |archive-date=27 जून 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="SkepDic_natural">{{cite web |url=http://skepdic.com/natural.html |title=Natural |accessdate=21 मार्च 2009 |last=Carroll |first=Robert |work=[[The Skeptic's Dictionary]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110514011749/http://skepdic.com/natural.html |archive-date=14 मई 2011 |url-status=live }}</ref><ref name="NCAHF_herb">{{cite web |url=http://www.ncahf.org/pp/herbal.html |title=NCAHF Position Paper on Over the Counter Herbal Remedies (1995) |accessdate=17 अप्रैल 2009 |year=1995 |publisher=[[National Council Against Health Fraud]] |archive-url=http://webarchive.loc.gov/all/20110707163329/http://www.ncahf.org/pp/herbal.html |archive-date=7 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> नेचुरोपैथ सहित "गैर वैज्ञानिक स्वास्थ्य सेवा चिकित्सक अवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं और जनता को धोखा देते हैं और जिनमें स्वास्थ्य देखभाल की गहरी जानकारी नहीं होती, उन्हें प्रदाताओं के आश्वासन पर भरोसा करना चाहिए.<ref name="Jarvis WT"/> विलियम टी जार्विस का कहना है, कि नीमहकीमी से केवल आम लोगों का ही नुकसान नहीं होता, यह वैज्ञानिक अनुसंधान करने क्षमता को कमजोर करता है और वैज्ञानिकों को इसका विरोध करना चाहिए.<ref name="Jarvis WT">{{cite journal |pmid=1643742 |year=1992 |month=August |last1=Jarvis |first1=WT |title=Quackery: a national scandal |volume=38 |issue=8B Pt 2 |pages=1574–86 |issn=0009-9147 |journal=Clinical chemistry}}</ref> क्वैकवाच और द नेशनल कौंसिल एगेंस्ट फ्रॉड के स्टीफन बैरेट ने कहा है चकि प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन "साधारण है और इसकी प्रैक्टिस नीमहकीमी के आवरण से लिपटी है।"<ref name="Barrett-Naturopathy">{{cite web |url=http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/naturopathy.html |author=Barrett S |title=A close look at naturopathy |date= |accessdate= |pmid= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110406111422/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/naturopathy.html |archive-date=6 अप्रैल 2011 |url-status=live }}</ref> ''मेडस्केप जनरल मेडिसिन'' पत्रिका में के.सी. एटवुड्स लिखते हैं, "प्राकृतिक चिकित्सक अब यह दावा करते हैं कि वे प्राथमिक स्वस्थ्य देखभाल करने वाले चिकित्सक हैं और वे "पारंपरिक" और "प्राकृतिक" दोनों प्रकार की चिकित्सा में दक्ष हैं। उनका प्रशिक्षण, हालांकि, उनकी ट्रेनिंग के एक छोटे से अंश के बराबर है, जिससे मेडिकल डॉक्टर केवल प्राथमिक देखभाल ही कर सकते हैं। उनके साहित्य की परीक्षा से पता चलता है, यह छद्म वैज्ञानिक, अप्रभावी, अनैतिक और संभावित खतरनाक प्रथाओं से भरा है।"<ref name="atwood2003"> {{cite journal |author=Atwood KC |year=2003 |doi= |title=Naturopathy: a critical appraisal |volume=5 |issue=4 |page=39 |pmid=14745386 }}</ref> एक अन्य लेख में, एटवुड लिखते हैं "जो चिकित्सक नेचुरोपैथ को अपना साथ मानते हैं, वे स्वयं को आधुनिक चिकित्सा के बुनियादी नैतिक अवधारणाओं के खिलाफ खड़े पाते हैं। अगर नेचुरोपैथ चि‍िकत्सकों को "अवैज्ञानिक इलाज करने वालों के रूप में" नहीं घोषित किया जाता है तो इस शब्द का कोई उपयोगी अर्थ नहीं निकलता. नीमहकीमी को उजागर करने वाले एक चिकित्सक का लेख हालांकि इसके लेखक को "पूर्वाग्रहग्रस्त" के रूप में पहचान नहीं कराता, बल्कि साधारणत: वह एक चिकित्सक के रूप में अपने नैतिक दायित्वों को पूरा करने वाला बताता है।"<ref name="atwood2004">{{cite journal|author=Atwood KC |date= मार्च 26, 2004 |title=Naturopathy, pseudoscience, and medicine: myths and fallacies vs truth |work=Medscape Gen Med |volume=6 |issue=1 |page=33 |pmid=15208545|pmc=1140750}}</ref> अर्नोल्ड एस रेलमैन के अनुसार ''प्राकृतिक चिकित्सा की पाठ्यपुस्तक'' शिक्षण का एक उपकरण बनने के लिए अपर्याप्त है, क्योंकि इसमें कई आम बीमारियों के बारे में व उनके इलाज के लिए विस्तार से उल्लेख नहीं है और अनुचित तरीके से उन उपचारों पर जोर दिया गया है, जिनके "प्रभावी नहीं होने की संभावना है" और यह दवाइयों की कीमत पर बिना सिद्ध हुए हर्बल उपचार को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि " एक औसत प्राकृतिक चिकित्सक के पास चिकित्सा करा रहे बीमार रोगियों का जोखिम संभावित लाभ की तुलना में काफी ज्यादा है।"<ref name="Relman_text">{{cite web |url=http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/relman1.html |title=Textbook of Natural Medicine |accessdate=17 अप्रैल 2009 |last=Relman |first=Arnold S. |date=9 जनवरी 2001 |publisher=Quackwatch |archive-url=https://web.archive.org/web/20110511175643/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/relman1.html |archive-date=11 मई 2011 |url-status=live }}</ref> === टीकाकरण === नेचुरोपैथी, होम्योपैथी और चिरोप्रैक्टिक सहित वैकल्पिक चिकित्सा के कई रूप के विश्वासों पर आधारित हैं, जो टीकाकरण का विरोध करते हैं और उनके चिकित्सक विरोध में अपनी आवाज बुलंद करते हैं। इनमें गैर चिकित्सकीय रूप से प्रशिक्षित नेचुरोपैथ भी शामिल हैं। टीकाकरण के प्रति इस नकारात्मक विचार के कारण काफी जटिल हैं और कम से कम कुछ अंश में उन शुरुआती दर्शनों पर आधारित हैं, जिन्होंने इन पेशों की बुनियाद को आकार दिया है।<ref name="Ernst-2001">{{cite journal |journal=Vaccine |year=2001 |volume=20 |issue= Suppl 1 |pages=S89–93 |title=Rise in popularity of complementary and alternative medicine: reasons and consequences for vaccination |author=Ernst E |doi=10.1016/S0264-410X(01)00290-0 |pmid=11587822}}</ref> कनाडा में एक बड़े पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा कॉलेज के हर वर्ग के छात्रों के बीच कराये गये एक सर्वेक्षण से पता चला कि अंतिम वर्षों के छात्रों ने नये छात्रों की तुलना में टीकाकरण का ज्यादा जोरदार रूप से विरोध किया।<ref>{{cite journal |journal=Vaccine |year=2008 |volume=26 |issue=49 |pages=6237–42 |title=Attitudes towards vaccination among chiropractic and naturopathic students |author= Busse JW, Wilson K, Campbell JB |doi=10.1016/j.vaccine.2008.07.020 |pmid=18674581}}</ref> वाशिंगटन विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में निवारणीय बीमारियों के खिलाफ हुए टीकाकरण की रसीद के संबंध में प्रयोग की गई वैकल्पिक चिकित्सा के इतिहास के बीमा दावे की जांच की. इसमें 1-2 साल और 1-17 साल उम्र के बच्चों के समूह बनाये गये। दोनों समूहों में टीका लगने की संख्या उल्लेखनीय रूप से कम रही, जब वे नेचुरोपैथ डॉक्टरों के पास गये। इस अध्ययन से पता चला कि प्राकृतिक चिकित्सकों के पास जाने से बच्चों में टीकारण की कम हुई दर और निवारणीय बीमारियों के टीके लगवाने के बीच अहम संबंध हैं।<ref name="Downey2009">{{cite journal |journal=Matern Child Health J |year=2009 |volume= |pages= |title=Pediatric vaccination and vaccine-preventable disease acquisition: associations with care by complementary and alternative medicine providers |author=Downey L, Tyree PT, Huebner CE, Lafferty WE |pmid=19760163 |url=http://www.springerlink.com/content/2mpl5g3480466684/ |doi=10.1007/s10995-009-0519-5 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == इन्हें भी देखें == {{Col-begin}} {{Col-1-of-3}} * [[प्राकृतिक चिकित्सा]] * अर्नोल्ड एह्रेट * आवश्यक पोषक तत्व * साक्ष्य आधारित चिकित्सा * स्वास्थ्य स्वतंत्रता आंदोलन * [[जड़ी-बूटी चिकित्सा|हेर्बलिज़म]] {{Col-2-of-3}} * [[जलचिकित्सा|हाइड्रोथेरेपी]] * औषधीय मशरूम * मेगाविटामिन चिकित्सा * कायान्तरित तकनीक * मल्टीविटामिन {{Col-3-of-3}} * ऑर्थोमॉलिक्युलर चिकित्सा * [[ऑस्टियोपैथी]] और ऑस्टियोपैथिक की दवाई * फैय्टोन्यूट्रीशियन {{col-end}} == सन्दर्भ == {{Ibid|date=मार्च 2010}} {{reflist|colwidth=30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20191005024649/https://www.anma.org/ अमेरिकन न्यूटरपैथिक मेडिकल एसोसिएशन] * [https://web.archive.org/web/20190904072704/https://www.naturopathic.org/ प्राकृतिक चिकित्सकों के अमेरिकन एसोसिएशन] * {{DMOZ|Health/Alternative/Naturopathy}} * (312 KB) व्यवसायों स्वास्थ्य के केंद्र युसीएसऍफ़ (UCSF) पर [https://web.archive.org/web/20160112043423/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf पेशे के प्रोफाइल: प्राकृतिक अभ्यास पीडीएफ] * [https://web.archive.org/web/20191005024641/https://cnme.org/ प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा परिषद] * [https://web.archive.org/web/20140209071928/http://www.naturopathicassoc.ca/ न्यूटरपैथिक डॉक्टरों के कनाडा की एसोसिएशन] * [http://www.naturaldatabase.com/(S(eqksko55xppvuhehdii3xn55))/home.aspx?cs=&amp;s=ND प्राकृतिक चिकित्सा व्यापक डाटाबेस: निष्पक्ष, पूरक, वैकल्पिक और एकीकृत चिकित्सा पर वैज्ञानिक नैदानिक सूचना] {{पारम्परिक औषधि}} [[श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों]] [[श्रेणी:प्राकृतिक चिकित्सा]] [[श्रेणी:सरल जीवन]] [[श्रेणी:महत्त्व]] [[श्रेणी:पूरे चिकित्सा प्रणाली]] nh7gmdkxjuwrv15l24x97qirla7v0rf 6540957 6540956 2026-04-15T15:15:18Z चाहर धर्मेंद्र 703114 इन्फोबॉक्स 6540957 wikitext text/x-wiki {{Infobox alternative medicine | name = प्राकृतिक स्वास्थ्य | image = Hepar.jpg | image_size = 200 | alt = Old homeopathic remedy, Hepar sulph. | caption = हेपर सल्फ की होम्योपैथिक तैयारी - होम्योपैथी को प्राकृतिक चिकित्सा उपचार के हिस्से के रूप में पेश किया जा सकता है ।<ref name=Gale_Frey/> | claims = शरीर की "प्राकृतिक उपचार" क्षमता के माध्यम से रोगों का इलाज किया जाता है, जिसमें मुख्य रूप से "प्राकृतिक" कही जाने वाली पद्धतियों का योगदान होता है (न कि मुख्य रूप से [[औषधि|दवाइयों]], सर्जरी और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा के अंतर्गत आने वाले अन्य उपचारों का, जिन्हें "प्राकृतिक" नहीं माना जाता है), जिसमें व्यापक रूप से प्रचलित "प्रकृति उपचार" और किसी भी प्रकार की वैकल्पिक चिकित्सा शामिल है जिसे "प्राकृतिक" कहा जा सकता है। | topics = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | orig-date = early 20th century | origprop = बेनेडिक्ट वासना; सेबस्टियन कनीप | laterprop = | seealso = हास्यवाद, वीर चिकित्सा, [[प्राणतत्ववाद|जीववाद]] | MeshID = D009324 }} {{वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली}} '''प्राकृतिक चिकित्सा''' (जिसे''' नेचुरोपैथिक मेडिसिन''' या''' नेचुरल मेडिसिन ''' के नाम से भी जाना जाता है) एक वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली है, जो प्राकृतिक उपचार और निरोग रखने की शरीर की अपनी अहम क्षमता पर केंद्रित होती है। प्राकृतिक दर्शन सर्जरी और दवाओं के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण और उनके कम से कम उपयोग का पक्षधर है। प्राकृतिक चिकित्सा मेंचिकित्सकसमुदाय द्वारा विभिन्न स्तरों पर स्वीकृति उपचार के विविध तरीके भी शामिल होते हैं, जैसे भोजन और जीवन शैली संबंधी परामर्श पूरी तरह वही हो सकते हैं, जो गैर-प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली में होता है और एक्युपंक्चर भी कुछ मामलों में दर्द को कम करने में मदद कर सकता है, पर होम्योपैथी को अक्सर छद्म विज्ञान या नीमहकीमी के रूप में प्रचारित किया जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="cnme-handbook"/><ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="atwood2004"/><ref name="ACS"/> प्राकृतिक चिकित्सा के वैज्ञानिक आधार के निर्धारण के लिए उपयुक्त पद्धति अपनाने हेतु साक्ष्य आधारित चिकित्सा (ईबीएम) की वकालत की गई है।<ref name="Naturo2006"/> प्राकृतिक चिकित्सकों का टीकाकरण का विरोध इसके पहले आकार ले चुके दर्शन का एक हिस्सा है।<ref name="Ernst-2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा का मूल यूरोप के प्राकृतिक उपचार आंदोलन में है।<ref name="pmid1139856">{{cite journal |pmc=1139856 |title=Nineteenth-century American health reformers and the early nature cure movement in Britain |author=Brown PS |journal=Medical History |volume=32 |pages=174–194 |pmid=3287059 |issue=2 |date= अप्रैल 1, 1988 }}</ref><ref name="N-UK-hist">{{citation|author=Langley, Stephen|chapter=History of Naturopathy|title=Excerpt from The Naturopathy Workbook|publisher=College of Natural Medicine (CNM)|location=UK|url=http://www.naturopathy-uk.com/blog/2007/11/28/history-of-naturopathy/|year=2007|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20120829125721/http://www.naturopathy-uk.com/blog/2007/11/28/history-of-naturopathy/|archive-date=29 अगस्त 2012|url-status=dead}}</ref> 1895 में जॉन स्कील ने इस शब्द को गढ़ा और "अमेरिकी प्राकृतिक चिकित्सा के पिता" बेनेडिक्ट लस्ट<ref name="ama_1997"/> ने इसे लोकप्रिय बनाया.<ref name="Baer2001"/> 1970 के दशक की शुरुआत में, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में समग्र स्वास्थ्य आंदोलन के साथ मिलकर इसके प्रति रुचि पुनर्जीवित हुई.<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Baer2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा कई देशों में प्रचलित है, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में तथा यह वहां विनियमन और स्वीकृति के स्तर के विभिन्न मानकों के अनुरूप है। प्राकृतिक औषधि प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र की एक आधुनिक अभिव्यक्ति है, जो 19 वीं सदी के स्वास्थ्य आंदोलन के "निरोग करने की प्रकृ‍ति की शक्ति" के विश्वास के रूप में उभरा. प्राकृतिक चिकित्सक अब कई राज्यों में पारंपरिक और प्राकृतिक चिकित्सा दोनों के व्यवहार में कुशल प्राथमिक देखभाल चिकित्सक के रूप में लाइसेंस प्राप्त कर रहे हैं। प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा का पूर्व प्रशिक्षण संस्थान के हिसाब से अलग-अलग होता है, जिसके बाद फार्मेसी और छोटे स्तर की सर्जरी सहित 4 साल की प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा लेनी होती है। संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में नेचुरोपैथिक डॉक्टर (एनडी) या नेचुरोपैथिक मेडिकल डॉक्टर (एनएमडी) की उपाधि किसी मान्यताप्राप्त प्राकृतिक चिकित्सा स्कूल से चार साल का कार्यक्रम पूरा किया हो, जिसमें चिकित्सा विज्ञान के बुनियादी तत्वों और साथ ही प्राकृतिक उपचार और चिकित्सा देखभाल भी शामिल है।<ref name="CNME-handbook"/><ref>{{cite web |title=Academic Curriculum |year=2008 |url=http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |publisher=Association of Accredited Naturopathic Medical Colleges |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120222210216/http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |archive-date=22 फ़रवरी 2012 |url-status=dead }}(प्राथमिक स्रोत)</ref>{{POV-वक्तव्य |date= जनवरी 2010}} इसमें पैक्टिस की गुंजाइश कई न्यायक्षेत्रों में है और अविनियमित न्यायक्षेत्र में भी प्राकृतिक चिकित्सक नेचुरोपैथिक डॉक्टर की उपाधि या शिक्षा के स्तर से मतलब न रखते हुए अन्य उपाधि रख सकते हैं।<ref name="IA_med"/> == इतिहास == [[चित्र:SKneipp.jpg|thumb|मोंसिग्नोर सेबस्टियन नेइप, 1821-1897]] [[चित्र:BenedictLust.jpg|thumb|डॉ॰ बेनेडिक्ट लस्ट, 1872-1945]] कुछ लोग इस शब्द को गढ़े जाने से पहले प्राचीन ग्रीक "फादर ऑफ मेडिसिन" [[हिपोक्रेटिस|हिप्पोक्रेट्स]] को प्राकृतिक चिकित्सा का प्रथम अधिवक्ता मानते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.naturopathy-uk.com/home/home-what-is-naturopathy/ |title=What is Naturopathy? |year=1998 |accessdate= |doi= |pmid= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100918040756/http://www.naturopathy-uk.com/home/home-what-is-naturopathy/ |archive-date=18 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="NCAHF_np">{{cite web |url=http://www.ncahf.org/articles/j-n/naturo.html |title=NCAHF Fact Sheet on Naturopathy |accessdate=17 अप्रैल 2009 |date=30 जुलाई 2001 |publisher=[[National Council Against Health Fraud]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110927173337/http://www.ncahf.org/articles/j-n/naturo.html |archive-date=27 सितंबर 2011 |url-status=live }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा के आधुनिक अभ्यास की जड़े यूरोप के प्राकृतिक चिकित्सा आंदोलन में हैं।<ref name="pmid1139856"/><ref name="N-UK-hist"/> स्कॉटलैंड में थॉमस एलिनसन ने 1880 में तम्बाकू और अधिक कार्यभार का परिहार कर प्राकृतिक आहार और व्यायाम को बढ़ावा देकर अपने "हाईजेनिक मेडिसिन"(स्वच्छ चिकित्सा) की वकालत शुरू कर दी.<ref>{{cite web|url=http://www.allinsonflour.co.uk/history/|title=How it all began|accessdate=|doi=|pmid=|archive-url=https://web.archive.org/web/20100813230535/http://www.allinsonflour.co.uk/history/|archive-date=13 अगस्त 2010|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite journal |url=http://www.bmj.com/cgi/content/extract/336/7651/1023-a |journal=British Medical Journal |title=Views & Reviews Medical Classics A System of Hygienic Medicine (1886) and The Advantages of Wholemeal Bread (1889) |author=John A S Beard |issue=336 |page=1023 |date=3 मई 2008 |doi=10.1136/bmj.39562.446528.59 |volume=336 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081208040137/http://www.bmj.com/cgi/content/extract/336/7651/1023-a |archive-date=8 दिसंबर 2008 |url-status=live }}</ref> ''सैनीप्रैक्टर'' शब्द कभी-कभी विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तर पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में नेचुरोपैथ के संदर्भ में कहा जाता था।<ref name="Baer2001"/> ''प्राकृतिक चिकित्सा '' शब्द 1895 में जॉन स्कील द्वारा गढ़ा गया था[33] और "अमेरिकी प्राकृतिक चिकित्सा के पिता" बेनेडिक्ट लस्ट द्वारा खरीदा गया।<ref name="Baer2001">{{Cite journal | last = Baer |first = H.A | year = 2001 | title = The sociopolitical status of US naturopathy at the dawn of the 21st century | url = https://archive.org/details/sim_medical-anthropology-quarterly_2001-09_15_3/page/329 | journal = Medical Anthropology Quarterly | volume = 15 | issue = 3 | pages = 329–346| doi = 10.1525/maq.2001.15.3.329 }}</ref> फादर सेबस्टियन निप्प ने [[जर्मनी]] में लस्ट को हाइड्रोथेरेपी (जल चिकित्सा) व अन्य प्राकृतिक स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की शिक्षा दी; निप्प ने लस्ट को अपनी दवा रहित पद्धतियों के प्रसार के लिए [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] भेजा.<ref name="Barrett-Naturopathy"/> लस्ट ने ''प्राकृतिक चिकित्सा विधि'' को एक खास पद्धति के बदले एक व्यापक अनुशासनत्मक जीवन शैली के रूप में परिभाषित किया और इसमें जल चिकित्सा, हर्बल दवाओं और होम्योपैथी जैसी तकनीकों साथ ही चाय, कॉफी और अल्कोहल के अधिक सेवन का निषेध शामिल किया।<ref name="Gale_Frey"/> उन्होंने शरीर को आध्यात्मिक व जीवनी शक्ति से पूर्ण अर्थ में देखा, जो "मनुष्य की प्रकृति के लौकिक बलों पर पूरी तरह निर्भर" होता है।<ref name="Whorton_2002">बेनेडिक्ट वासना से उद्धृत: {{cite book |author=Whorton, James C. |title=Nature cures: the history of alternative medicine in America |url=https://archive.org/details/naturecureshisto00whor |publisher=Oxford University Press|location=Oxford [Oxfordshire] |year=2002 |page=[https://archive.org/details/naturecureshisto00whor/page/224 224] |isbn=0-19-517162-4 |oclc= |doi=|accessdate=}}</ref> 1901 में लस्ट ने [[नया यॉर्क|न्यूयॉर्क]] में अमेरिकन स्कूल ऑफ नेचुरोपैथी की स्थापना की. 1902 में प्राकृतिक सोसायटी मूल उत्तर अमेरिकी निप्प सोसाइटियां बंद हो गईं और और उनका "नेचुरोपैथिक सोसायटिज" के रूप में पुन: नामकरण किया गया। सितंबर 1919 में नेचुरोपैथिक सोसायटी ऑफ अमेरिका भंग कर दी गई और डॉ बेनेडिक्ट लस्ट ने इसके पूरक के रूप में "अमेरिकन नेचुरोपैथिक एसोसिएशन" की स्थापना की.<ref name="Baer2001"/><ref>कॉर्पोरेट डिवीजन, डीसी विभाग के उपभोक्ता मामले. (1909 के बाद से लगातार शामिल)</ref><ref name="Beyerstein_NW">{{cite web |url=http://www.naturowatch.org/general/beyerstein.html |title=Naturopathy: a critical analysis |accessdate=21 मार्च 2009 |last=Beyersteine |first=Barry L. |author2=Susan Downie |archive-url=https://web.archive.org/web/20090307135314/http://naturowatch.org/general/beyerstein.html |archive-date=7 मार्च 2009 |url-status=dead }}</ref><ref name="Beyerstein_NW"/> बीसवीं सदी के प्रथम 3 दशकों में 25 राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा या नशारहित पेशा कानून के तहत प्राकृतिक चिकित्सकों को लाइसेंस दिये गये।<ref name="Baer2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा को शरीर के जोड़ बैठाने वाले कई चिकित्सकों ने अपनाया और कई स्कूलों ने डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी (एनडी) और डॉक्टर ऑफ चिरोप्रेक्टर्स (डीसी) की डिग्रियां देने का प्रस्ताव दिया.<ref name="Baer2001"/> इस अवधि में संयुक्त राज्य अमेरिका में सक्रिय हुए प्राकृतिक चिकित्सा स्कूलों की संख्या अनुमा‍नित रूप से एक से दो दर्जन थी।<ref name="ACS"/><ref name="ama_1997">{{cite web | url = http://www.ama-assn.org/ama/no-index/about-ama/13638.shtml | title = Report 12 of the Council on Scientific Affairs (A-97) | year = 1997 | publisher = [[American Medical Association]] | accessdate = | doi = | pmid = | archive-url = https://web.archive.org/web/20090614085504/http://www.ama-assn.org/ama/no-index/about-ama/13638.shtml | archive-date = 14 जून 2009 | url-status = live }}</ref><ref name="Baer2001"/> तेजी से विकास की अवधि के बाद, प्राकृतिक चिकित्सा की प्रैक्टिस में 1930 के दशक के बाद कई दशकों तक गिरावट देखी गई। 1910 में द कार्नेगी फाउंडेशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ टीचिंग ने फ्लेक्सनर रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें चिकित्सा शिक्षा के के कई पहलुओं, खासकर गुणवत्ता और वैज्ञानिक व्यापकता की कमी की आलोचना की. पेनिसिलिन और अन्य "चमत्का‍रिक दवाओं" के प्रचलन में आने और इस वजह से आधुनिक दवाओं की लोकप्रियता के फलस्वरूप भी प्राकृतिक चिकित्सा में गिरावट आई. 1940 और 1950 के दशक में पेशागत कानूनों के दायरे में विस्तार से कई चिरोप्रैक्टिक स्कूलों ने एनडी डिग्री देना बंद कर दिया, हालांकि इस प्रणाली के कई डॉक्टरों ने प्राकृतिक चिकित्सा का अभ्यास जारी रखा. 1940 से 1963 तक अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने विधर्मी चिकित्सा प्रणालियों के खिलाफ अभियान चलाया। 1958 तक प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास का लाइसेंस केवल पांच राज्यों में दिया गया।<ref name="Baer2001"/> 1968 में अमेरिकी स्वास्थ्य, शिक्षा व कल्याण विभाग ने प्राकृतिक चिकित्सा पर एक रिपोर्ट जारी की, जिसका निष्कर्ष था कि प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान में नहीं शामिल है और प्राकृतिक उपचार वैसे ग्रेजुएट तैयार करने के लिए अपर्याप्त है, जो रोग का पता लगाने और उसके निदान में सक्षम हो सकें. रिपोर्ट में चिकित्सा दायरे के विस्तार में प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल करने के खिलाफ सिफारिश की.<ref name="ACS"/><ref name="HEW1968">{{cite book | last = Cohen | first = Wilbur J | authorlink = | author2 = | title = Independent Practitioners Under Medicare: a report to the Congress | publisher = [[United States Department of Health, Education, and Welfare]] | date = 1968-12 | location = | pages = | url = http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/hew.html | doi = | id = | isbn = | access-date = 18 अगस्त 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100814052625/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/hew.html | archive-date = 14 अगस्त 2010 | url-status = live }}</ref> 1977 में एक ऑस्ट्रेलियाई जाचं समिति ठीक ऐसे ही निष्कर्ष तक पहुँची और इसने नेचुरोपैथ डॉक्टरों को लाइसेंस नहीं देने की सिफारिश की.<ref name="Aust1977">{{cite book |author=Webb, Edwin C |title=Report of the Committee of Inquiry into Chiropractic, Osteopathy, Homoeopathy and Naturopathy |publisher=Australian Government Publishing Service |location=Canberra |year=1977 |pages= |isbn=064292287X |oclc= |doi= |url=http://www.naturowatch.org/hx/australia.html |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100906221113/http://www.naturowatch.org/hx/australia.html |archive-date=6 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> 2009 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 50 में से 15 राज्यों ने प्राकृतिक चिकित्सकों को लाइसेंस दिया था।<ref>{{cite web |url=http://www.naturopathic.org/content.asp?contentid=57 |title=Licensed States & Licensing Authorities |publisher=American Association of Naturopathic Physicians |date=2 जुलाई 2009 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091130234327/http://naturopathic.org/content.asp?contentid=57 |archive-date=30 नवंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> और दो राज्यों (डब्ल्यूए व वीटी) में बीमा कंपनियों को प्राकृतिक चिकित्सकों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की प्रतिपूर्ति के लिए बीमा कंपनियों की पेशकश की जरूरत होती है।<ref name="fammed.washington.edu">{{cite web |title=Naturopathic medicine |url=http://www.fammed.washington.edu/predoctoral/CAM/images/naturopathy.pdf |format=PDF |date=21 अक्टूबर 2004 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050304073806/http://www.fammed.washington.edu/predoctoral/CAM/images/naturopathy.pdf |archive-date=4 मार्च 2005 |url-status=dead }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा का अस्तित्व कभी भी पूर्णता के साथ मौजूद नहीं रहा. 1970 के दशक की शुरुआत में कनाडा और अमेरिका में समग्र स्वास्थ्य आंदोलन के साथ इसके प्रति रुचि जगी.<ref name="Gale_Frey">{{cite encyclopedia |last=Frey |first=Rebecca J |authorlink= |author2= |editor= |encyclopedia=Gale Encyclopedia of Medicine |title=Naturopathic Medicine |url=http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |accessdate=21 मार्च 2009 |edition= |year=2009 |month=March |publisher=[[Gale (Cengage)]] |volume= |location= |id= |doi= |pages= |quote= |isbn= |oclc= |archiveurl=https://web.archive.org/web/20100214022623/http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954/ |archivedate=14 फ़रवरी 2010 |url-status=live }} {{Cite web |url=http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-date=27 अगस्त 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130827000141/http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |url-status=bot: unknown }}</ref><ref name="Baer2001"/> वर्तमान में पांपरिक प्राकृतिक चिकित्सा के नौ स्कूलों में अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एक्रीडियेशन बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र या डिग्री प्रोग्राम प्रदान किया जा रहा है।<ref>{{Cite web |url=http://www.anmab.org/members.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110723052523/http://www.anmab.org/members.html |archive-date=23 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> एएनए के नेशनल बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स वर्तमान में दो स्कूलों को मान्यता देता है, जो डाक्टर ऑफ नेचुरोपैथी डिग्री प्रोग्राम की पेशकश कर रहे हैं।<ref>एना नेशनन बोर्ड परीक्षकों की प्राकृतिक, अनुमोदित कार्यक्रमों की सूची, अमेरिकन एसोसिएशन प्राकृतिक, वॉशिंगटन डीसी</ref> प्राकृतिक दवाओं का छह मान्यता प्राप्त स्कूलों, मान्यता प्राप्त प्राकृतिक चिकित्सा स्कूलों और उत्तरी अमेरिका में मान्यता के एक अभ्यर्थी स्कूल के तौर पर प्रतिनिधित्व हासिल है। 1956 में, चार्ल्स स्टोन, फ्रैंक स्पॉल्डिंग और डब्ल्यू मार्टिन ब्लेथिंग ने वेस्टर्न स्टेट्स चिरोप्रैक्टिक कॉलेज द्वारा एनडी कार्यक्रम को बंद करने की योजना को देखते हुए ओरेगोन के पोर्टलैंड में नेशनल कॉलेज ऑफ नेचुरल मेडिसिन (एनसीएनएम) की स्थापना की. 1978 में शीला क्विनन, जोसेफ पिजोरनो, विलियम मिशेल और लेस ग्रिफ़िथ ने वाशिंगटन के सीटल में जॉन बस्टायर कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन (अब बस्टायर विश्वविद्यालय) की स्थापना की. उसी वर्ष कनाडा के टोरंटो में कनाडियन कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन स्थापित किया गया। हाल ही में स्थापित स्कूलों में 1992 शुरू किये गये साउथवेस्ट कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन और 1992 में ही स्थापित बाउचर इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन शामिल हैं। कनेक्टिकट में ब्रिजपोर्ट विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन के माध्यम से एनडी डिग्रियां देता है और इलिनोइस में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने हाल ही में नेचुरोपैथिक कार्यक्रम शुरू किया है और वह मान्यता का एक अभ्यर्थी है। == सिद्धांत == प्राकृतिक चिकित्सा स्वाभाविक रूप से घटनेवाले और कम से कम आक्रामक पद्धतियों पर केंद्रित है, जिसे "प्रकृति के घाव भरने की अपनी ताकत" पर विश्वास है।<ref name="ACS"/> इसमें "सिंथेटिक या कृत्रिम" दवाओं, रेडियेशन व बड़ी सर्जरी के जरिये निदान से बचा जाता है और शरीर और प्रकृति के सहज और जीवनी शक्ति से पूर्ण अवधारणा का पक्ष लेते हुए बॉयोमेडिसिन और आधुनिक विज्ञान को नकारना आम होता है।<ref name="ACS"/><ref name="Beyerstein_NW"/> इसमें तनाव कम करने, एक स्वस्थ आहार और जीवन शैली के माध्यम से निदान पर बल दिया जाता है। नेचुरोपैथिक चिकित्सा का दर्शन 6 मुख्य मूल्यों के जरिये स्वत: वर्णित होता है।<ref name="ECHP">{{Cite book|url=http://books.google.co.uk/books?id=cwYnA1qunUwC&pg=PA58&dq=modalities+naturopathy&lr=&sig=ACfU3U3Z418Eg_P2yDetYOMmsclZ9mJGpg#PPA57,M1 |title=Encyclopedia of Complementary Health Practice |first=Carolyn Chambers |last=Clark |pages=57–58 |year=1999 |isbn=9780826112392 |publisher=स्प्रिंगर |location=New York }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सकों की शपथ के रूपों के एकाधिक संस्करण हो सकते हैं,<ref name="oath">{{cite web|title=Naturopathic Doctor's Oath|url=http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=62|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20091210220924/http://naturopathic.org/viewbulletin.php?id=62|archive-date=10 दिसंबर 2009|url-status=dead}}</ref> स्कूल विभिन्न तरह के मिशन वक्तव्य प्रकाशित कर सकते हैं{1/ और नियामक निकायों द्वारा या पेशेवर संगठनों द्वारा नैतिक आचरण दिशा निर्देश प्रकाशित किये जा सकते हैं।{2/} # पहला, कोई नुकसान नहीं पहुंचाएं; हर समय सबसे प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल के लिए रोगियों को बिल्कुल कम से कम जोखिम में डालें.(प्रिमम नॉन नोकेयर). # प्रत्येक व्यक्ति में निहित प्रकृति की आत्म उपचार क्षमता को मान्यता दें, आदर करें व इन्हें बढ़ावा दें. (विस मेडिकैट्रिक्स, जीवनी शक्ति का एक रूप)<ref name="Di Stefano 2006">{{cite book|author=Vincent Di Stefano |title=Holism and Complementary Medicine: Origins and Principles|url=https://archive.org/details/holismcomplement00stef |publisher=Allen & Unwin Academic |location= |year=2006 |page=[https://archive.org/details/holismcomplement00stef/page/n137 107] |isbn=1741148464 |oclc= |doi=|accessdate=}}</ref> # रोग के लक्षणों को खत्म करने या दबाने के बदले बीमारी के कारणों को पहचानें और उनका निदान करें.(''टॉली कॉजम'') # स्वास्थ्य के लिए शिक्षित करें, तर्कसंगत आशा की ओर प्रेरित करें और जिम्मेदारी के लिए स्वयं को प्रोत्साहित करें.''(चिकित्सक शिक्षक बनें).'' # प्रत्येक व्यक्ति का सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारकों और प्रभावों पर विचार करके उपचार करें. (''पूरे व्यक्ति का उपचार करें.'') # व्यक्ति, हर समुदाय और हमारी दुनिया के लिए बेहतरी और बीमारियों की रोकथाम को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य की स्थिति पर ज़ोर दें. ''(स्वास्थ्य संवर्धन, सर्वश्रेष्ठ निवारण)'' == अभ्यास == प्राकृतिक चिकित्सा का ध्यान कुछ ख्दास पद्धतियों के बजाय प्राकृतिक स्व-चिकित्सा के दर्शन पर केंद्रित होता है और चिकित्सक उपचार के लिए विभिन्न तरह के तरीकों का उपयोग करते हैं।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Skepdic_naturopathy">{{cite web |url=http://skepdic.com/natpathy.html |title=Naturopathy |accessdate=17 अप्रैल 2009 |last=Carroll |first=Robert Todd |work=Skeptic's Dictionary |archive-url=https://web.archive.org/web/20100901033549/http://www.skepdic.com/natpathy.html |archive-date=1 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> कुछ तरीके सारहीन अहम ऊर्जा क्षेत्रों पर निर्भर होते हैं, जिनका अस्तित्व सिद्ध नहीं किया गया है और वहाँ यह भी चिंता रहती है कि प्राकृतिक चिकित्सा एक ऐसा क्षेत्र है, जो आम वैज्ञानिक मान्यता से अलग होता है, हालांकि बास्तर, एनसीएनएम और सीसीएनएम वर्तमान अनुसंधान कार्यक्रमों को बरकरार रख्ने हुए हैं।<ref>{{cite web |url=http://bastyr.edu/research/default.asp |title=Bastyr University Research Institute |publisher=Bastyr University |accessdate=27 जनवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100527090814/http://www.bastyr.edu/research/default.asp |archive-date=27 मई 2010 |url-status=dead }}(प्राथमिक स्रोत)</ref><ref>{{cite web |url=http://helfgott.org/ |title=Helfgott Research Institute |publisher=Helfgott |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090301061251/http://helfgott.org/ |archive-date=1 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ccnm.edu/?q=research_0 |title=Research |publisher=The Canadian College of Naturopathic Medicine |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100524091350/http://www.ccnm.edu/?q=research_0 |archive-date=24 मई 2010 |url-status=dead }}</ref> बास्तर एनआईएच से अनुसंधान के लिए अनुदान भी प्राप्त करते हैं, जिससे उनका रिश्ता 1984 में तब शुरू हुआ, जब बास्तर एनआईएच से अनुसंधान के लिए अनुदारन पाने वाले पहले स्कूल बने.<ref>{{cite web |url=http://www.bastyr.edu/news/news.asp?NewsID=1607 |title=Students and Graduates Receive CAM Research Training Under NIH Grant |publisher=Bastyr University |date=5 नवंबर 2008 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029222647/http://bastyr.edu/news/news.asp?NewsId=1607 |archive-date=29 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref> एक संपूर्ण प्रणाली के रूप में प्राकृतिक चिकित्सा की प्रभावशीलता का व्यवस्थित मूल्यांकन नहीं किया गया है और व्यक्तिगत तरीकों की प्रभावकारिता अलग-अलग होती है।<ref name="ACS"/><ref name="ToT_Ernst">{{cite book |author2=Ernst E|author2-link=Edzard Ernst|author1=Singh S |title=Trick or treatment : the undeniable facts about alternative medicine |url=https://archive.org/details/trickortreatment0000sing_x2b0|publisher=W. W. Norton |location=New York |year=2008 |pages= |isbn=0393066614 |oclc=181139440}}</ref> आमतौर पर परामर्श रोगी के एक लंबे साक्षात्कार से शुरू होता है, जिसमें रोगी की जीवन शैली, चिकित्सा संबंधी इतिहास, भावनात्मक अनुभूति और साथ ही शारीरिक परीक्षण से शुरू होता है।<ref name="Gale_Frey"/> पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक जीवन शैली में परिवर्तन और दृष्टिकोणों पर केंद्रित होती है, जो शरीर की सहज चिकित्सा क्षमता का समर्थन करती है। पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक रोग की पहचान और निदान नहीं शुरू करते हैं, बलिक वे पूरे शरीर के स्वस्थ होने और शरीर के खुद निरोग होने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पारंपरिक नेचुरोपैथ न तो कोई दवा लिखते हैं और न ही दवा, सीरम, तरल दवा, सर्जरी या रोग के लिए खास उपचार या पारंपरिक दवाओं का प्रयोग करते हैं।<ref name="nccam.nih.gov">{{Cite web |url=http://nccam.nih.gov/health/naturopathy/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100812195824/http://nccam.nih.gov/health/naturopathy/ |archive-date=12 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा के चिकित्सक स्वयं को प्राथमिक देखभाल प्रदाता के रूप में पेश करते हैं और इसके अलावा विभिन्न प्राकृतिक तरीकों निर्धारित पुरानी दवाएं लिखते हैं, छोटी-मोटी सर्जरी करते हैं, नहीं तो अपनी प्रैक्टिस को विभिन्न अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली पर केंद्रित करते हैं। नेचुरोपैथ जरूरी नहीं कि एंटीबायोटिक व टीके की सलाह दें और वे अनुपयुक्त वैकल्पिक उपचार भी कर सकते हैं, जिसके लिए सबूत पर आधारित दवाएं प्रभावी बताई गई हैं।<ref name="Downey2009"/><ref name="LiveSci2004"/> प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा के सभी रूपों में बुनियादी विज्ञान से असंगत अवधारणाएं शामिल होती हैं और जरूरी नहीं कि चिकित्सक उचित निदान और या निदान की सिफ़ारिशें करने के लिए तैयार हो.<ref name="ToT_Ernst"/><ref name="LiveSci2004"/><ref name="MassMed2005"/> 50% से भी से कम प्राकृतिक चिकित्सकों का कहना है कि वे बुखार से पीड़ित 2-सप्ताह के शिशु को उस स्थिति में भी रेफर कर सकते हैं, जहां वास्तविक नुकसान की संभावना हो.<ref>{{cite journal |author=Yussman SM, Ryan SA, Auinger P, Weitzman M |title=Visits to complementary and alternative medicine providers by children and adolescents in the United States |journal=Ambul Pediatr |volume=4 |issue=5 |pages=429–35 |year=2004 |pmid=15369404 |doi=10.1367/A03-091R1.1 |url=}}</ref> === पद्धतियां === एक प्राकृतिक चिकित्सक द्वारा उपयोग की जाने वाली पद्धतियां प्रशिक्षण और अभ्यास की गुंजाइश के साथ बदलती रहती है। प्रदर‍ि्शत प्रभावशीलता और वैज्ञानिक तर्क भी बदलते हैं। इनमें शामिल हैं: [[एक्यूपंक्चर]], एप्लाइड किनसियोलॉजी (शरीर के सचल होने की प्रक्रिया का अध्ययन,)<ref name="PoaP"/> वानस्पतिक चिकित्सा, दिमाग की तरंगों का संचरण, एथरोसक्लेरोसिस (धमनियों की दीवारों में चर्बी जमना) के लिए कीलेट चिकित्सा,<ref name="atwood2004"/> बड़ी आंत का एनीमा<ref name="LiveSci2004"/> रंग चिकित्सा,<ref name="PoaP">{{Cite book |url=http://www.pewscholars.com/pdf_files/Naturo2.pdf |format=PDF |title=Profile of a profession: naturopathic practice |author=Holly J. Hough, Catherine Dower, Edward H. O’Neil |publisher=Center for the Health Professions, University of California |month=September |year=2001 |page=54 |doi= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002072928/http://www.pewscholars.com/pdf_files/Naturo2.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> कपालीय आस्टियोपैथसी,<ref name="LiveSci2004"/> बालों का विश्लेषण,<ref name="LiveSci2004">{{cite news | first=Andrew A. | last=Skolnick | author2= | authorlink= | title=Voice of Reason: Licensing Naturopaths May Be Hazardous to Your Health | date=18 नवंबर 2004 | publisher= | url=http://www.livescience.com/health/naturopathy_license_041118.html | work=Live Science | pages= | accessdate=17 अप्रैल 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20070527222226/http://www.livescience.com/health/naturopathy_license_041118.html | archive-date=27 मई 2007 | url-status=live }}</ref> [[होम्योपैथी]]<ref name="Boon HS"/>, आइरोडोलॉजी (आंख के उपतारे का परीक्षण)<ref name="PoaP"/> रक्त विश्लेषण, ''प्राकृतिक इलाज'' - प्रकृति के तत्वों, जैसे सूर्य-स्नान, ताजी हवा, गर्म या ठंडी सेंक, पोषण (इसके उदाहरणों में शामिल हैं शाकाहारी और संपूर्ण संतुलित आहार, उपवास, शराब और चीनी से परहेज) के प्रयोग से कई तरह का उपचार, जैसे<ref name="dummy">{{Cite book |title=Complementary Medicine for Dummies |url=https://archive.org/details/complementarymed0000youn |author=Jacqueline Young |chapters=8, 13 |isbn=9780470026250|year=2007|publisher=Wiley |location=Chichester, England |oclc=174043853}}</ref> अल्ट्रवायलेट किरणों द्वारा [[ओजोन थेरेपी]],<ref name="ACS"/>शारीरिक चिकित्सा (इसमें नेचुरोपैथिक, हड्डी से संबंधित [[ओजोन थेरेपी|ओसियस चिकित्सा]] और कोमल ऊतकों के जरिये जोड़ तोड़ चिकित्सा, खेल चिकित्सा, [[शारीरिक व्यायाम|व्यायाम]] और स्वीमिंग शामिल हैं), मनोवैज्ञानिक परामर्श (इसके उदाहरणों में ध्यान, विश्राम तथा तनाव दूर करने के अन्य तरीके शामिल हैं<ref name="dummy"/>, सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों और स्वच्छता,<ref name="ECHP"/> संवेदनशीलता, मालिश,<ref name="Beyerstein_NW"/>और पारंपरिक चीनी दवाएं. 2004 में वॉशिंगटन राज्य व कनेक्टिकट में हुए एक सर्वेक्षण से पता चला कि सबसे आम निर्धारित प्राकृतिक चिकित्सा में जड़ी-बूटियां, विटामिन, खनिज, होम्योपैथी और एलर्जी उपचार शामिल थे।<ref name="Boon HS">{{cite journal |journal=BMC Complement Altern Med |year=2004 |volume=20 |issue=4 |pages=14 |title=Practice patterns of naturopathic physicians: results from a random survey of licensed practitioners in two US States |author=Boon HS, Cherkin DC, Erro J, Sherman KJ, Milliman B, Booker J, Cramer EH, Smith MJ, Deyo RA, Eisenberg DM |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC529271/?tool=pubmed |doi= |pmid=15496231 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190212055924/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC529271/?tool=pubmed |archive-date=12 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref> == चिकित्सक == प्राकृतिक चिकित्सकों के समूह दो भागों में विभाजित किया जा सकता है।<ref name="nccam.nih.gov"/><ref>प्राकृतिक एसोसिएशन अमेरिकन मंच के रूप में ऊपर से कांग्रेस गोल्डन जुबली तैयार. 27 जुलाई - 2 अगस्त 1947</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.health.state.mn.us/divs/hpsc/hop/nawg/summary092308.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110726104027/http://www.health.state.mn.us/divs/hpsc/hop/nawg/summary092308.pdf |archive-date=26 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100107110956/http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |archive-date=7 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://careers.stateuniversity.com/pages/7827/Naturopath.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100701024754/http://careers.stateuniversity.com/pages/7827/Naturopath.html |archive-date=1 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref>{{स्रोत सत्यापित करें|date= फ़रवरी 2010}} 1. अमेरिका में 'पारंपरिक' नेचुरोपैथ दो राष्ट्रीय संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं, द अमेरिकन नेचुरोपैथिक एसोसियोशन (एएनए), जिसका गठन बेनेडिक्ट लस्ट<ref>अमेरिकी निगमन और खड़ी की प्राकृतिक एसोसिएशन प्रमाणपत्र, प्रभाग कॉर्पोरेट, उपभोक्ता के मामले के द्वारा जारी किए डीसी विभाग.</ref>द्वारा 1919 में किया गया व जिसमें 4500 चिकित्सकों<ref>संघों के विश्वकोश: 40वां संस्करण पीपी 1594</ref>{{स्रोत सत्यापित करें|date= फ़रवरी 2010}} का प्रतिनिधित्व है और द अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एसोसियोशन (एएनएमए), जिसका गठन 1981 में हुआ व जिसमें प्रमाणपत्रोंे के विभिन्न स्तरों के 4500 चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व है।<ref>{{Cite web |url=http://anma.org/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100820204516/http://www.anma.org/ |archive-date=20 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> एएनएमए एमडी डॉक्टरों, डीओ डॉक्टरों और अन्य परम्परागत चिकित्सा पेशेवरों को भी मान्यता देता है, जिन्होंने अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा में एकीकृत किया है।<ref name="ACS"/> संयुक्त राज्य अमेरिका में पारंपरिक नेचुरोपैथ डॉक्टरों में प्राकृतिक चिकित्सा प्रशिक्षण का स्तर अलग-अलग है। पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक गैर-डिग्री प्रमाणपत्र कार्यक्रम या अंडर-ग्रेजुएट कार्यक्रमों को पूरा कर सकते हैं और प्राकृतिक चिकित्सा का प्रमाणन अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल सर्टिफिकेशन बोर्ड (एएनएमसीबी) से हासिल कर सकते हैं और आमतौर पर ये खुद को नेचुरोपैथिक कंसल्टेंट्स के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.anmcb.org |title=American Naturopathic Medical Certification Board |publisher==American Naturopathic Medical Certification Board |accessdate=मार्च 12, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110107114316/http://www.anmcb.org/ |archive-date=7 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> वहाँ भी पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सकों के लिए स्नातकोत्तर डॉक्टरेट की डिग्री ली जा सकती है। एएनएमसीएबी से मान्यता प्राप्त स्कूलों से डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी (एनडी) की डिग्री जिन्होंने हासिल कर ली है, वे एएनएमसीबी के साथ बोर्ड द्वारा प्रमाणित प्राकृतिक चिकित्सक बन सकते हैं<ref>ibid</ref> पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक, जिन्होंने एएनए (एनबीएनई) द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों के नेशनल बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स की डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी की डिग्री ली है, वे एएनए के एक डेलीगेट का प्रमाणपत्र हासिल कर सकते हैं।<ref>{{cite book |author=Paul Wendel |title=Standardized Naturopathy |year=1951 |location=Brooklyn |publisher=Wendel |oclc=6617124}}</ref> मेडिकल डॉक्टर (एमडी) या डॉक्टर ऑफ ऑस्टियोपैथी, जिन्होंने नेचुरोपैथी का पूरक प्रशिक्षण प्राप्त किया है, वे नेशनल बोर्ड से प्रमाणित प्राकृतिक चिकित्सक बन सकते हैं।<ref name="anmcb.org">{{Cite web |url=http://www.anmcb.org/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110107114316/http://www.anmcb.org/ |archive-date=7 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> बीसवीं सदी के प्रारंभ में<ref>तड़कना. 352 @ 1326, 5.3936, सार्वजनिक नं. 831 [45 सेंट 1339 पर भी देखा गया] 27 फ़रवरी 1929 और उसकी 5 मई 1930 को एच.आर. 12169 अपनी स्पष्ट संशोधन के रूप में पाया और 28 जनवरी 1931 और कॉरेसपौन्डिंग हाउस रिपोर्ट #2432 30 जनवरी 1930.</ref> अमेरिकी कांग्रेस द्वारा एक पेशे के रूप में परिभाषित पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सा के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती थी।<ref>लॉटन वी. स्टील, 152 अमेरिकी 133 (1894)</ref> क्योंकि प्राकृतिक चिकित्सा की गतिविधियों में संलग्न होने के लिए आम तौर पर लाइसेंस की आवश्यकता होती है, इसलिए इसका अभ्यास केवल उन 15 राज्यों में कानूनी है, जो पेशे का विनियमन करता है, हालांकि नेचुरोपैथिक दवाओं का उपयोग करने वाले चिकित्सक पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सा का अभ्यास कर सकते हैं। {{Citation needed|date= फ़रवरी 2010}} 2. अमेरिका में प्राकृतिक चिकित्सा का प्रतिनिधित्व अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ नेचुरोपैथिक फिजिशियन करता है, जिसकी स्थापना 1985 में की गई थी और जिसमें 2000 चिकित्सकों, छात्रों व सपोर्टिंग व कॉरपोरेट सदस्यों का प्रतिनिधित्व हैं।<ref name="ACS"/><ref>{{Cite web |url=http://www.naturopathic.org/content.asp?pl=9&contentid=9 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180101221830/http://www.naturopathic.org/content.asp?pl=9&contentid=9 |archive-date=1 जनवरी 2018 |url-status=dead }}</ref> === प्राकृतिक चिकित्सा के डॉक्टर === {{Main|नेचुरोपैथिक डॉक्टर }} {{वैश्विकृत करें|date= जनवरी 2010}} नेचुरोपैथिक डॉक्टर (एनडी या एनएमडी) या समकक्ष शब्द कम से कम 15 अमेरिकी राज्यों, कोलंबिया जिला, अमेरिका के पोर्टा रिको, अमेरिकी वर्जिन द्वीप समूह और कनाडा के पांच प्रांतों में लाइसेंस देने और प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं के कुछ रूपों में एक संरक्षित पदवी है।<ref name="autogenerated1">{{cite web |url=http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=118 |title=American Association of Naturopathic Physicians |publisher= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100415231513/http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=118 |archive-date=15 अप्रैल 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.cand.ca |publisher=Canadian Association of Naturopathic Doctors |title=Welcome |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20191005024700/https://www.cand.ca/ |archive-date=5 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> कौंसिल ऑन नेचुरोपैथिक मेडिकल एजुकेशन द्वारा प्रमाणित कॉलेजों में शैक्षिक और नैदानिक प्रशिक्षण हासिल करने के बाद इन अधिकार क्षेत्रों में नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को नॉर्थ अमेरिकन बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स (एनएबीएनई)<ref>{{cite web |url=http://www.nabne.org |title=NABNE |publisher=North American Board of Naturopathic Examiners |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20190607010518/https://www.nabne.org/ |archive-date=7 जून 2019 |url-status=live }}</ref>द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा पास करनी होती है।<ref>{{cite web |url=http://www.cnme.org |title=Council on Naturopathic Medical Education |publisher= |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20191005024641/https://cnme.org/ |archive-date=5 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> सीएनएमई अमेरिकी शिक्षा विभाग द्वारा नेचुरोपैथिक मेडिकल कार्यक्रमों के लिए मान्यता प्राप्त निकाय के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त है।<ref>{{cite web |url=http://www.ed.gov/admins/finaid/accred/accreditation_pg8.html |title=College Accreditation in the United States |page=8 |publisher=[[U.S. Secretary of Education]] |date=9 सितंबर 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508122029/http://www.ed.gov/admins/finaid/accred/accreditation_pg8.html |archive-date=8 मई 2009 |url-status=dead }}</ref> रेजीडेंसी कार्यक्रम की पेशकश बास्तर विश्वविद्यालय<ref>{{cite web |url=http://www.bastyr.edu/education/naturopath/degree/training.asp |title=Degree : Naturopathic Medicine |publisher=[[Bastyr University]] |date=28 मई 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100815043410/http://www.bastyr.edu/education/naturopath/degree/training.asp |archive-date=15 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> एनसीएमएम,<ref>{{cite web |url=http://www.ncnm.edu/naturopathic-medicine-residency-program.php |publisher=National College of Natural Medicine |title=Naturopathic Medicine Residency Program |date=26 जनवरी 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101006063216/http://www.ncnm.edu/naturopathic-medicine-residency-program.php |archive-date=6 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref>एससीएनएम,<ref>{{cite web |url=http://scnm.edu/residencies.html |title=Residencies at SCNM |publisher=Scnm.edu |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100603072857/http://www.scnm.edu/residencies.html |archive-date=3 जून 2010 |url-status=dead }}</ref> सीसीएनएम<ref>{{cite web |url=http://www.ccnm.edu/?q=clinical_resident |title=Clinical Residency at The Canadian College of Naturopathic Medicine |publisher=Ccnm.edu |date=4 फरवरी 2008 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-date=17 अगस्त 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220817111713/https://ccnm.edu/?q=clinical_resident |url-status=dead }}</ref> और ब्रिजपोर्ट विश्वविद्यालय द्वारा की जाती है।<ref>{{cite web |url=https://www.bridgeport.edu/pages/2657.asp |title=Residency Programs at Bridgeport |publisher=[[University of Bridgeport]] |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100527194055/https://www.bridgeport.edu/pages/2657.asp |archive-date=27 मई 2010 |url-status=dead }}</ref> एनडी डाक्टरों को रेसिडेंसी प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होती.<ref name="ACS"/> कई नेचुरोपैथ डाक्टर स्वयं को प्राथमिक देखभाल प्रदाताओं के रूप में खुद को पेश करते हैं।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="CNME-handbook">{{cite web |url=http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |title=Handbook of Accreditation for Naturopathic Medicine Programs |format=PDF |page=45 |publisher=Council on Naturopathic Medical Education |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20170209083708/http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |archive-date=9 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref name="atwood2003"/> एनडी प्रशिक्षण में बुनियादी चिकित्सा नैदानिक परीक्षण और प्रक्रियाएं जैसे मेडिकल इमेजिंग, छोटी सर्जरी और रक्त परीक्षण शामिल हैं। सीएनएमई मामूली सर्जरी, प्राकृतिक प्रसव और अंतर्शिरा चिकित्सा यानी इंट्रावेनस थेरेपी सहित वैकल्पिक ऐच्छिक पद्धतियों को शामिल करने की अनुमति प्रदान करता है, हालांकि उन्हें आम तौर पर इन कार्यों का लाइसेंस प्राप्त नहीं होता है; इन पद्धतियों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है और सभी क्षेत्रों में इनका अभ्यास नहीं किया जा सकता है। यह प्रशिक्षण एमडी डॉक्टरों द्वारा लिये गये प्रशिक्षण से अलग होता है, क्योंकि इसमें उस तरह की थेरेपी की आवश्यकता होती है, जिनकी जरूरत मेडिकल स्कूलों में नहीं होती, जैसे जड़ी-बूटियों द्वारा चिकित्सा, नैदानिक पोषण प्राकृतिक गतिविधियां व होम्योपैथी चिकित्सा.<ref>{{cite web |url=http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |title=Academic Curriculum - Association of Accredited Naturopathic Medical Colleges |publisher=Aanmc.org |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120222210216/http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |archive-date=22 फ़रवरी 2012 |url-status=dead }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा स्कूल भी वाइटलिज़्म (शरीर की अपनी शक्ति) सिखाते है, क्योंकि यह एक ऐसी अवधारणा है जिसे आधुनिक विज्ञान व औषधि के साथ असंगत माना जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="atwood2004"/><ref name="atwood2003"/><ref name="McKnight2009"/> होम्योपैथी अत्यधिक विवादास्पद है और अक्सर इसे "नीमहकीमी" या "छद्म विज्ञान" कहा जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="atwood2004"/><ref name="ACS"/> 2005 में मैसाचुसेट्स मेडिकल सोसायटी ने इस चिंता के आधार पर राष्ट्रमंडल में इसे लाइसेंस देने का विरोध किया कि एनडी डॉक्टरों को रेसीडेंसी में भाग लेने की जरूरत नहीं है और वे अनुचित या हानिकारक सुझाव भी दे सकते हैं।<ref name="MassMed2005">{{cite news | first=Richard P. | last=Gulla | author2= | authorlink= | title=Massachusetts Medical Society Testifies in Opposition to Licensing Naturopaths | date=मई 11, 2005 | publisher=[[Massachusetts Medical Society]] | url=http://www.massmed.org/AM/PrinterTemplate.cfm?Section=Home&CONTENTID=12458&TEMPLATE=/CM/ContentDisplay.cfm | work= | pages= | accessdate=17 अप्रैल 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20110716132319/http://www.massmed.org/AM/PrinterTemplate.cfm?Section=Home&CONTENTID=12458&TEMPLATE=%2FCM%2FContentDisplay.cfm | archive-date=16 जुलाई 2011 | url-status=live }}</ref> पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा चिकित्सकों के लिए बने मैसाचुसेट्स स्पेशल कमीशन ने उसकी चिंताओं को खारिज कर दिया और लाइसेंस देने की सिफारिश की.<ref name="MassCtte">{{cite web |url=http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/majority.pdf |format=PDF |title=Majority Report of the Special Commission on Complementary and Alternative Medical Practitioners: A Report to the Legislature |month=January |year=2002 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120121012802/http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/majority.pdf |archive-date=21 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> कौंसिल ऑन नेचुरोपैथिक मेडिकल एजुकेशन द्वारा परिभाषित हस्तक्षेपों के मुख्य बिंदु निर्धारित किये गये हैं और उत्तर अमेरिका से मान्यता प्राप्त सभी छह स्कूलों में इसे सिखाया भी जाता है। इनमें शामिल हैं:<ref name="cnme-handbook">{{cite web |url=http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |format=PDF |title=Handbook of accreditation for Naturopathic Programs |year=2008 |page=51 |publisher=Council on Naturopathic Medical Education |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20170209083708/http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |archive-date=9 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref> एक्यूपंक्चर और पारंपरिक चीनी चिकित्सा, वानस्पतिक चिकित्सा, होम्योपैथी,'' प्राकृतिक निदान'' (इसमें प्राकृतिक तत्वों के उपयोग से कई तरह की चिकित्सा की जाती है।) पोषण, भौतिक चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक परामर्श. वाशिंगटन राज्य में, जहां नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को प्राथमिक देखभाल करने वाले डॉक्टरों के समकक्ष लाइसेंस दिये जाते हैं,<ref>{{cite web |url=http://apps.leg.wa.gov/RCW/default.aspx?cite=18.36A&full=true |title=Chapter 18.36A RCW: Naturopathy |publisher=Apps.leg.wa.gov |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091017023722/http://apps.leg.wa.gov/rcw/default.aspx?cite=18.36A&full=true |archive-date=17 अक्तूबर 2009 |url-status=live }}</ref> हालांकि कई डॉक्टर बीमा भी स्वीकार करते हैं और इसके साथ नेचुरोपैथ को एक प्राथमिक चिकित्सा प्रदाता के रूप में पेश करने के एक विकल्प की कुछ योजनाओं की पेशकश करते हैं।<ref name="fammed.washington.edu"/> कनेक्टिकट और वॉशिंगटन में में राज्य के कानून में बीमा प्रदाताओं को नेचुरोपैथिक सेवाओं के लिए कुछ बीमा कवरेज प्रदान करने का प्रवाधान होता है, जबकि नेचुरोपैथिक डाक्टरों की महत्वपूर्ण संख्या वाले ओरेगोन राज्य में इसकी जरूरत नहीं होती.<ref name="fammed.washington.edu"/> === अन्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर === 1998 की एक कार्यबल रिपोर्ट के अनुसार कुछ चिकित्सक अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा के तौर-तरीकों को शामिल करना चुनते हैं,<ref>{{cite web |url=http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/RTF.PDF |format=PDF |author=Finocchio LJ, Dower CM, Blick NT, Gragnola CM and the Taskforce on Health Care Workforce Regulation |title=Strengthening Consumer Protection: Priorities for Health Care Workforce Regulation |publisher=Pew Health Professions Commission |location=San Francisco |year=1998 |month=October |accessdate=1 अप्रैल 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110720045035/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/RTF.PDF |archive-date=20 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>और टेक्सास जैसे राज्यों में उन एमडी डॉक्टरों के लिए प्रैक्टिस के दिशा-निर्देश तय करना शुरू किया है, जो अपनी प्रैक्टिस में वैकल्पिक और पूरक दवाएं शामिल करते हैं।<ref>टेक्सास प्रशासनिक संहिता शीर्षक 22, भाग 9 § 200.3, 1998</ref> स्वास्थ्य की देखभाल में लगे पेशेवरों की प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों की सतत् शिक्षा में बहुत भिन्नता हो सकती है, लेकिन इसमें चिकित्सक, शारीरिक चिकित्सक, चिरोप्रैक्टर्स, एक्यूपंक्चर चिकित्सक, दंत चिकित्सक, [[पीएचडी|शोधकर्ता]], पशु चिकित्सक, डॉक्टरों के सहायक और नर्सों सहित कई पेशेवर शामिल होते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf |format=PDF |author=Hough HJ, Dower C, O’Neil EH |title=Profile of a profession: naturopathic practice |publisher=Center for the Health Professions, University of California, San Francisco |location=San Francisco |year=2001 |month=September |doi= |pmid= |accessdate=21 अप्रैल 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160112043423/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf |archive-date=12 जनवरी 2016 |url-status=dead }}</ref> ये पेशेवरों आमतौर पर अपने मूल पद को बनाए रखते हैं, पर अपनी प्रैक्टिस को वर्णित करने के लिए 'समग्र', 'प्राकृतिक', या 'एकीकृत जैसे शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं। अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एसोसिएशन (एएनएमए) और अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल सर्टिफिकेशन एंड एक्रीडियोशन बोर्ड (एएनएमसीएबी) के पास मेडिकल डॉक्टरों (एमडी) और डॉक्टर्स आॅफ अस्टियोपैथी (डीओ) को मान्यता व प्रमाणन कार्यक्रम होता है, जिन्होंने पूरक के रूप में प्राकृतिक चिकित्सा के अध्ययन के साथ अपनी शिक्षा पाई है और अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल किया है।<ref name="anmcb.org"/> == विनियमन == === आस्ट्रेलिया === [[ऑस्ट्रेलिया]] के किसी भी राज्य में इसके लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जाता, बल्कि यह उद्योग आत्म-विनियमित है। वहाँ टाइटिल का संरक्षण नहीं है, इसका मतलब यह हुआ कि तकनीकी रूप से किसी को भी प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में अभ्यास करने की आजादी है। पेशागत क्षतिपूर्ति या सार्वजनिक देयता के लिए बीमा प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता प्रोफेशनल एसोसिएशन में शामिल होना है, जो केवल एक मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम पूरा करने और पेशेवर प्रमाणीकरण प्राप्त करने से हो सकता है। वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में प्राकृतिक चिकित्सा की पंजीकृत गतिविधियां वही हैं, जो चीनी चिकित्सा से संबंधित हैं और वह भी केवल [[विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया)|विक्टोरिया]] राज्य में.<ref>{{cite web |publisher=The Royal Australian College of General Practitioners |url=http://www.racgp.org.au/racgpaimajwp |title=Joint RACGP/AIMA Working Party Terms of Reference |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110305062144/http://www.racgp.org.au/racgpaimajwp |archive-date=5 मार्च 2011 |url-status=dead }}</ref> 1977 में ऑस्ट्रेलिया में एक समिति ने प्राकृतिक चिकित्सा के सभी कॉलेजों की समीक्षा की और पाया कि हालांकि कई कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में कागज पर बुनियादी जैव चिकित्सा विज्ञान को उचित मात्रा में शामिल किया था, पर वास्तविक अनुदेश के प्रलेखित कोर्स का संबंध मामूली ही था। किसी भी मामले में किसी परिणाम का व्यावहारिक काम उपलब्ध नहीं हुआ। समिति ने जिन व्याख्यानों को सुना, वे पाठ्यपुस्तक की सामग्री के श्रुतिलेख से अलग और धीमे मगर अपेक्षाक्रत व्यवस्थित, चिकित्सा विज्ञान की शब्दावली की व्याख्या से पूर्ण थे। शब्दकोश परिभाषा के एक स्तर पर वे व्याख्यान गहराई (अध्ययन के) के लाभ या तंत्र की समझ-बूझ या अवधारणाओं का व्यापक महत्व से वंचित थे। इस समिति ने प्राकृतिक चिकित्सकों की पसंद के विभिन्न चिकित्सीय दृष्टिकोण की कोई महत्वपूर्ण शिक्षण पद्धति नहीं देखी. पता चला कि लोगों की विशेष रूप से होम्योपैथी में रुचि थी, बैच की पुष्प चिकित्सा या खनिज लवण उपचार के बारे में साक्षात्कार किये गये, लेकिन विभिन्न कॉलेजों में इस चिक्त्सिा पद्धतियों के चयन और उपयोग में कोई व्यवस्थित पाठ्यक्रम नहीं देखा गया। समिति का यही मानना था कि चिकित्सात्मक पद्धति का चयन नेचुरोपैथ की आम धारणा पर आधा‍िरत है और चूंकि विभिन्न पाठ्यक्रमों सुझाए गये अनुप्रयोग और व्यवस्थाएं काफी बड़े पैमाने पर ओवरलैप (एक के उपर एक रखे हुए) किये हुए हैं कि कोई विशेष संकेत नहीं मिल पाते हैं और उन्हें पढ़ाया भी नहीं जा सकता.<ref name="Aust1977"/> === भारत === भारत में बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड यौगिक साइंसेज (बीएनवाईएस) का 5 साल का डिग्री पाठ्यक्रम है। [[भारत]] में कुल 11 कॉलेज हैं, जिनमें चार कॉलेज [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] राज्य में हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.findnd.com/naturopathic-education/indian-colleges/113-naturopathic-colleges-in-india.html |title=Naturopathic Colleges in India |publisher=Findnd.com |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100819023221/http://www.findnd.com/naturopathic-education/indian-colleges/113-naturopathic-colleges-in-india.html |archive-date=19 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> भारतीय चिकित्सा प्रणाली के रूप में नेचुरौपैथी और योग भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आयुष विभाग के तहत आता है।<ref name="AYUSH">{{Cite web |url=http://www.indianmedicine.nic.in/ |title=आयुर्वेद विभाग, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100920151259/http://indianmedicine.nic.in/ |archive-date=20 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> भारत सरकार ने 1969 में कंेन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन के रूप में "सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेद, योग एंड नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध एंड होम्योपैथी" की स्थापना की. 1978 तक, इस संगठन का दायित्व वैकल्पिक चिकित्सा की विभिन्न शाखाओं में वैज्ञानिक अनुसंधान करना था। इस अवधि के दौरान प्राकृतिक चिकित्सा के विकास के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सीधे देखा गया था। मार्च 1978 में संयुक्त परिषद को भंग किया गया और उसकी जगह आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी, होम्योपैथी, योग और नेचुरोपैथी के लिए एक-एक स्वतंत्र अनुसंधान परिषदों का गठन किया गया।<ref>{{cite web |url=http://www.findnd.com/regulation/67-india/112-central-council-for-research-in-yoga-and-naturopathy-.html |title=Central Council for Research in Yoga and Naturopathy |publisher=Findnd.com |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110711002614/http://www.findnd.com/regulation/67-india/112-central-council-for-research-in-yoga-and-naturopathy-.html |archive-date=11 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> [[पुणे]] का राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान 22 दिसम्बर 1986 में स्थापित किया गया। यह संस्थान पूरे देश में प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान के माध्यम से मौजूदा ज्ञान और इसके प्रयोग का मानकीकरण और प्रचार करता है। यह संस्थान "एक शासी निकाय" के रूप में काम करता है, जिसके अध्यक्ष होते हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री.<ref>{{Cite web |url=http://www.punenin.org/ |title=नैशनल इंस्टीटयूट ऑफ़ न्युट्रोपैथी, पुणे |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100823043946/http://www.punenin.org/ |archive-date=23 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> === उत्तर अमेरिका === कनाडा के पांच प्रांतों में, पन्द्रह अमेरिकी राज्यों और कोलंबिया जिले में नेचुरोपैथिक डॉक्टर, जो उत्तर अमेरिका में प्राकृतिक चिकित्सा के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में प्रशिक्षित हैं, एनडी या एनएमडी पदनाम का उपयोग करने के लिए हकदार हैं। अन्यत्र "नेचुरोपैथ", "नेचुरोपै‍थिक डॉक्टर", और "डॉक्टर ऑफ नेचुरल मेडिसिन" आम तौर पर सुरक्षारहित हैं।<ref name="IA_med">{{cite web |url=http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |title=A Policy Statement on Naturopathy |publisher= |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100107110956/http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |archive-date=7 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> उत्तरी अमेरिका में, प्राकृतिक चिकित्सा को नियंत्रित करने वाले प्रत्येक क्षेत्राधिकार में प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टरों की प्रैक्टिस काफी भिन्न हो सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में इसमें मामूली सर्जरी, दवाएं लिखना, रीढ़ की हड्डी के उपचार, प्रसूति एवं स्त्री रोगों के निदान की मंजूरी दी जाती है, जबकि दूसरे क्षेत्रों में इन्हें प्राकृतिक चिकित्सा के दायरे से बाहर रखा जाता है।<ref name="Sunrise-2008">{{cite web |url=http://www.dora.state.co.us/OPR/archive/2008NaturopathicPhysiciansSunrise.pdf |format=PDF |year=2008 |title=Sunrise Review: Naturopathic Physicians |page=19 |publisher=State of Colorado |accessdate= |pmid= |doi= |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002001141/http://www.dora.state.co.us/opr/archive/2008NaturopathicPhysiciansSunrise.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> ==== कनाडा ==== कनाडा के पांच प्रांतों में नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को लाइसेंस दिये जाते हैं : ब्रिटिश कोलंबिया, मानीतोवा, नोवा स्कोटिया, [[ओन्टारियो|ओंटारियो]] और सासकेचवान.<ref>{{Cite web |url=http://www.cand.ca/index.php?40 |title=न्यूटरपैथिक डॉक्टरों के कनाडा की एसोसिएशन |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110706170455/http://www.cand.ca/index.php?40 |archive-date=6 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> ब्रिटिश कोलंबिया ने 1936 से नेचुरोपैथिक दवाओं को विनियमित किया है और यही कनाडा का एकमात्र प्रांत है, जो प्रमाणित डॉक्टरों को फार्मास्यूटिकल्स लिखने और मामूली सर्जरी की अनुमति देता है। ==== संयुक्त राज्य अमेरिका ==== * अमेरिका के न्याय क्षेत्र में, जहां वर्वेतमान में नेचुरोपैथी का विनियमन होता है और लाइसेंस दिया जाता है, वे हैं : [[अलास्का|अलास्का,]] [[एरीजोना|एरिज़ोना,]] [[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया,]] [[कनाटीकट|कनेक्टिकट,]] कोलंबिया जिला, [[हवाई|हवाई,]] [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइनी,]][[मिनेसोटा|मिनेसोटा,]] मोंटाना, [[नया हेम्पशायर|न्यू हैम्पशायर,]] [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[प्युर्तो रिको|पर्टो रीको,]]<ref>{{cite web |url=http://www.oslpr.org/download/ES/1997/208s0783.pdf |format=PDF |title=Ley para Reglamentar el Ejercicio de la Medicina Naturopática en Puerto Rico [Law to Regulate the Practice of Naturopathic Medicine in Puerto Rico] |language=es |date=30 दिसम्बर 1997 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002072926/http://www.oslpr.org/download/ES/1997/208s0783.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> अमेरिका वर्जिन द्वीप समूह, [[यूटाह|उताह]], [[वर्मांट|वरमोंट]] और [[वाशिंगटन|वाशिंगटन.]]<ref name="autogenerated1"/> इसके अतिरिक्त [[फ़्लोरिडा|फ्लोरिडा]] और वर्जीनिया में एक ग्रैंडफादर क्लाज के अंतर्गत प्राकृतिक चिकित्सा की प्रैक्टिस का लाइसेंस दिया जाता है।<ref name="AMA_report_2006">{{cite news | first= | last= | author2= | authorlink= | title=Reports to the Board of Trustees | date=2006-11 | publisher=[[American Medical Association]] | url=http://www.ama-assn.org/ama1/pub/upload/mm/38/i-06bot.pdf | format=PDF | work= | pages= | accessdate=19 मार्च 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20081119233832/http://www.ama-assn.org/ama1/pub/upload/mm/38/i-06bot.pdf | archive-date=19 नवंबर 2008 | url-status=dead }}</ref> : :* अमेरिका के न्याय क्षेत्र में, जहां प्रेसक्रिप्शन वाली दवाओं तक पहुंच की अनुमति दी जाती है, वे हैं पर्चे दवाओं का उपयोग करने की अनुमति: [[एरीजोना|एरिज़ोना,]][[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया]] कोलंबिया जिला, [[हवाई|हवाई,]] [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइन,]] मोंटाना, [[नया हेम्पशायर|न्यू हैम्पशायर,]] [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[यूटाह|उताह,]] [[वर्मांट|वरमोंट,]] और[[वाशिंगटन|वॉशिंगटन]]. :* अमेरिकी न्याय क्षेत्र में, जहां मामूली सर्जरी की अनुमति दी जाती है, वे हैं: [[एरीजोना|एरिज़ोना]] कोलंबिया जिला, [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइन]] {5 }मोंटाना, [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[यूटाह|उताह,]] [[वर्मांट|वरमोंट,]] और [[वाशिंगटन|वाशिंगटन.]] * अमेरिकी राज्यों, जिनमें विशेष रूप से प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास का निषेध है, वे हैं : दक्षिण कैरोलिना,<ref name="AMA_report_2006"/><ref>{{cite web|url=http://www.scstatehouse.net/code/t40c031.htm|title=South Carolina Code of Laws Section 40-31-10|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20081015195851/http://www.scstatehouse.net/CODE/t40c031.htm|archive-date=15 अक्तूबर 2008|url-status=dead}}</ref> और [[टेनेसी|टेनेसी.]]<ref name="AMA_report_2006"/><ref>{{cite web |url=http://www.michie.com/tennessee/lpext.dll/tncode/257b9/25b48/25b6e/25ba9?f=templates&fn=document-frame.htm&2.0#JD_63-6-205 |title=Tennessee Code 63-6-205 |publisher=Tennessee State Legislature |date= |accessdate= |doi= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110929004205/http://www.michie.com/tennessee/lpext.dll/tncode/257b9/25b48/25b6e/25ba9?f=templates&fn=document-frame.htm&2.0#JD_63-6-205 |archive-date=29 सितंबर 2011 |url-status=dead }}</ref> नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को स्नातक स्तर की पढ़ाई और प्रैक्टिस शुरू करने के बीच रेसिडेंसी की अनुमति नहीं होती है, हालांकि<ref name="ACS"/> यूटा राज्य अपवाद है।<ref>{{cite web |url=http://www.dopl.utah.gov/licensing/forms/applications/072_naturopathic_phys.pdf |format=PDF |title=Application for licensure : naturopathic physician |publisher=State of Utah Division of Occupational and Professional Licensing |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100629150914/http://dopl.utah.gov/licensing/forms/applications/072_naturopathic_phys.pdf |archive-date=29 जून 2010 |url-status=live }}</ref> === युनाइटेड किंगडम === [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|यूनाइटेड किंगडम]] में चूंकि, प्राकृतिक चिकित्सा पेशे का सरकार प्रायोजित कोई भी विनियमन नहीं है, इसलिए नेचुरोपैथ डॉक्टर अविनियमित हैं। सबसे बड़े पंजीयक निकाय द जनरल, कौंसिल एंड रजिस्टर ऑफ नेचुरोपैथ ब्रिटेन में तीन पाठ्यक्रमों को मान्यता देता है, जिनमें से दो ओस्टियोपैथिक स्कूलों : द ब्रिटिश कॉलेज ऑफ ओस्टियोपैथिक मेडिसिन, द कॉलेज ऑफ ओस्टियोपैथिक एजुकेशनल ट्रस्ट में और एक बीएससी हेल्थ साइंस (नेचुरोपैथी) कोर्स के तत्वावधान में यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर स्कूल ऑफ इंटेग्रेटेड हेल्थ में पढ़ाया जाता है। {{Citation needed|date=जुलाई 2008}} वहाँ ''एसोसिएशन ऑफ नेचुरोपैथिक प्रैक्टिसनर्स '' और'' ब्रिटिश नेचुरोपैथिक एसोसिएशन '' भी हैं। == सबूत के आधार == साक्ष्य आधारित चिकित्सा (ईबीएम) की वकालत नेचुरोपैथी जैसे प्राकृतिक इलाज अनुसंधान के लिए एक उपयुक्त पद्धति के रूप में की गई है, जिसे पर्याप्त वैज्ञानिक आधार के अभाव वाली प्रणाली कहा गया है।<ref name="Naturo2006"/> ऑस्ट्रेलिया में हुए सर्वेक्षण में पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक ईबीएम को जीवनी शक्ति और व्यापक सिद्धांतों में विश्वासों पर एक सैद्धांतिक हमला मानते हैं<ref name="Naturo2006"/> वे प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास की सचाई की वकालत करते हैं।<ref name="Naturo2006"/> ऑस्ट्रेलिया में सर्वेक्षण में शामिल पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सकों को ईबीएम की अवधारणा की समझ और उसे लागू करने में दिक्कत हो सकती है।<ref name="Naturo2006">{{cite journal |journal= J Altern Complement Med |year=2006 |volume=12 |issue=3 |pages=323–8 |title=Evidence-based medicine and naturopathy |author=Jagtenberg T, Evans S, Grant A, Howden I, Lewis M, Singer J |doi= |pmid=16646733}}</ref> हालांकि प्राकृतिक चिकित्सा की आम लोगों में स्वीकार्यता बढ़ रही है, पर चिकित्सा समुदाय के सदस्यों का रुख आलोचनात्मक रहा है और वे प्राकृतिक चिकित्सा के विचार को नामंजूर करते हैं।<ref name="Beck T"/> प्राकृतिक चिकित्सा के व्यापक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ उपचार के बेहतर नजरिये को हासिल किया जा सकता है, जिससे इस चिकित्सा प्रणाली के मॉडल में विकास किया जा सकता है और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के लिए एक आर्थिक लाभ भी हासिल किया जा सकता है।<ref name="Beck T">{{cite journal |journal=Forsch Komplementarmed Klass Naturheilkd |year=2001 |volume=8 |issue=1 |pages=24–32 |title=[On the general basis of naturopathy and complementary medicine]|author=Beck T |doi= |pmid=11340311}}</ref> प्राकृतिक चिकित्सकों ने नैदानिक प्रैक्टिस में अनुसंधान और आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धांतों को स्वीकार करने के प्रति अपना योगदान शुरू किया है, जिससे इस पेशे को और विकसित करने और मान्य बनाने में मदद मिलेगी.<ref>{{cite journal |journal=Med Clin North Am |year=2002 |volume=86 |issue=1 |pages=173–84 |title=Naturopathy|url=https://archive.org/details/sim_medical-clinics-of-north-america_2002-01_86_1/page/173 |author=Smith MJ, Logan AC |doi= |pmid=11795088}}</ref> नेचुरोपैथ और मेडिकल डॉक्टरों में आम बीमारियों के व्यापक रेंज के निदान और प्रबंधन में प्राकृतिक चिकित्सा की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने और यह तय करने के लिए कि प्राकृतिक सेवाओं की पहुंव ऐसी हो कि कम खर्च में रोगियों की सेहत में सुधार हो सके.<ref>{{cite journal |journal=J Fam Pract |year=2005 |volume=54 |issue=12 |pages=1067–72 |title=Naturopathic medicine: what can patients expect? |author=Dunne N, Benda W, Kim L, Mittman P, Barrett R, Snider P, Pizzorno J |url=http://www.jfponline.com/Pages.asp?AID=3698 |doi= |pmid=16321345 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120324072742/http://www.jfponline.com/Pages.asp?AID=3698 |archive-date=24 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> जर्मनी में कई प्राकृतिक चिकित्सा के वैकल्पिक उपचार एक विश्वसनीय विज्ञान के रूप में किये जाते है, जैसे कि मालिश द्वारा चिकित्सा. हालांकि मालिश द्वारा चिकित्सा एक गैर-पारंपरिक पद्धति है और न यह गंभीर प्राकृतिक चिकित्सा के समान नहीं है और मालिश द्वारा चिकित्सा की गुणवत्ता भी नहीं है।<ref name="Heide"/> मालिश द्वारा चिकित्सा के विपरीत, वैज्ञानिक रूप से वास्तविक प्राकृतिक चिकित्सा के तरीके वैकल्पिक नहीं हैं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा के लिए एक पूरक के रूप में कार्य करते हैं।<ref name="Heide">{{cite journal |journal=Versicherungsmedizin|year=2009 |volume=61 |issue=3 |pages=129–35 |title=[Reflexology--nothing in common with scientific naturopathic treatments]|author=Heide M, Heide MH |doi= |pmid=19860172}}</ref> === आलोचना === प्राकृतिक चिकित्सा की आलोचना बिना साबित हुए, गलत साबित हुए और अन्य विवादास्पद वैकल्पिक चिकित्सा उपचार और इसके जीवनी शक्ति वाले आधार पर आश्रित होने और संबंधित होने के लिए की जाती है।<ref name="McKnight2009">{{cite news |first=P |last=McKnight |author2= |authorlink= |title=Naturopathy's main article of faith cannot be validated: Reliance on vital forces leaves its practises based on beliefs without scientific backing |date=7 मार्च 2009 |url=http://www.vancouversun.com/story_print.html?id=1364389 |work=[[Vancouver Sun]] |pages= |accessdate=21 मार्च 2009 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> किसी भी वैकल्पिक चिकित्सा में रोग का पता लगाने में भूल का जोखिम होता है और यह जोखिम प्रशिक्षण के स्तर के आधार पर कम हो सकता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="atwood2004"/> यह भी एक खतरा है अगर रोगी अपने प्राकृतिक चिकित्सकों द्वारा सुझाये गये तरीकों के आधार पर इलाज का प्रयास करें तो नेचुरोपैथ उन बीमारियों का पता ही नहीं कर सकें और रोगी अनुपचारित रह जायें. कुछ प्राकृतिक उपचार पद्धतियां, जैसे होम्योपैथी और इरिडोलॉजी व्यापक रूप से छद्मविज्ञान या नीमहकीमी ही मानी जाती हैं।<ref name="NSBattitudes">{{cite web |author=National Science Board |month=April |year=2002 |title=Science and engineering indicators |chapter=7 |chapter_title=Science and technology: public attitudes and public understanding |url=http://www.nsf.gov/statistics/seind02/c7/c7s5.htm |section_title=Science Fiction and Pseudoscience |location=Arlington, Virginia |publisher=National Science Foundation Directorate for Social, Behavioral and Economic Sciences |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://wayback.archive-it.org/5902/20150818104004/http://www.nsf.gov/statistics/seind02/c7/c7s5.htm |archive-date=18 अगस्त 2015 |url-status=live }}</ref><ref name="WahlbergQuack"> {{cite journal |author=Wahlberg A |year=2007 |doi=10.1016/j.socscimed.2007.07.024 |title=A quackery with a difference—new medical pluralism and the problem of 'dangerous practitioners' in the United Kingdom |journal=Social Science & Medicine |volume=65 |issue=11 |pages=2307–2316 |pmid=17719708 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/iridology.html |title=Iridology is nonsense |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110406120005/http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/iridology.html |archive-date=6 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}, आगे के संदर्भ में एक वेब पृष्ठ</ref> ''प्राकृतिक'' तरीके और रसायन जरूरी नहीं कि ''कृत्रिम'' या'' सिंथेटिक '' तरीकों से सुरक्षित और ज्यादा प्रभावकारी हों. क्योंकि कोई भी उपचार जो असरदार होता है, उसके हानिकारक पार्श्व प्रभाव भी हो सकते हैं।<ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="ACS">{{cite news |first= |last= |author2= |authorlink= |title=Naturopathic medicine |date=26 मार्च 2007 |publisher=[[American Cancer Society]] |url=http://www.cancer.org/docroot/ETO/content/ETO_5_3X_Naturopathic_Medicine.asp |work= |pages= |accessdate=21 मार्च 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100627111334/http://www.cancer.org/docroot/ETO/content/ETO_5_3X_Naturopathic_Medicine.asp |archive-date=27 जून 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="SkepDic_natural">{{cite web |url=http://skepdic.com/natural.html |title=Natural |accessdate=21 मार्च 2009 |last=Carroll |first=Robert |work=[[The Skeptic's Dictionary]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110514011749/http://skepdic.com/natural.html |archive-date=14 मई 2011 |url-status=live }}</ref><ref name="NCAHF_herb">{{cite web |url=http://www.ncahf.org/pp/herbal.html |title=NCAHF Position Paper on Over the Counter Herbal Remedies (1995) |accessdate=17 अप्रैल 2009 |year=1995 |publisher=[[National Council Against Health Fraud]] |archive-url=http://webarchive.loc.gov/all/20110707163329/http://www.ncahf.org/pp/herbal.html |archive-date=7 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> नेचुरोपैथ सहित "गैर वैज्ञानिक स्वास्थ्य सेवा चिकित्सक अवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं और जनता को धोखा देते हैं और जिनमें स्वास्थ्य देखभाल की गहरी जानकारी नहीं होती, उन्हें प्रदाताओं के आश्वासन पर भरोसा करना चाहिए.<ref name="Jarvis WT"/> विलियम टी जार्विस का कहना है, कि नीमहकीमी से केवल आम लोगों का ही नुकसान नहीं होता, यह वैज्ञानिक अनुसंधान करने क्षमता को कमजोर करता है और वैज्ञानिकों को इसका विरोध करना चाहिए.<ref name="Jarvis WT">{{cite journal |pmid=1643742 |year=1992 |month=August |last1=Jarvis |first1=WT |title=Quackery: a national scandal |volume=38 |issue=8B Pt 2 |pages=1574–86 |issn=0009-9147 |journal=Clinical chemistry}}</ref> क्वैकवाच और द नेशनल कौंसिल एगेंस्ट फ्रॉड के स्टीफन बैरेट ने कहा है चकि प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन "साधारण है और इसकी प्रैक्टिस नीमहकीमी के आवरण से लिपटी है।"<ref name="Barrett-Naturopathy">{{cite web |url=http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/naturopathy.html |author=Barrett S |title=A close look at naturopathy |date= |accessdate= |pmid= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110406111422/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/naturopathy.html |archive-date=6 अप्रैल 2011 |url-status=live }}</ref> ''मेडस्केप जनरल मेडिसिन'' पत्रिका में के.सी. एटवुड्स लिखते हैं, "प्राकृतिक चिकित्सक अब यह दावा करते हैं कि वे प्राथमिक स्वस्थ्य देखभाल करने वाले चिकित्सक हैं और वे "पारंपरिक" और "प्राकृतिक" दोनों प्रकार की चिकित्सा में दक्ष हैं। उनका प्रशिक्षण, हालांकि, उनकी ट्रेनिंग के एक छोटे से अंश के बराबर है, जिससे मेडिकल डॉक्टर केवल प्राथमिक देखभाल ही कर सकते हैं। उनके साहित्य की परीक्षा से पता चलता है, यह छद्म वैज्ञानिक, अप्रभावी, अनैतिक और संभावित खतरनाक प्रथाओं से भरा है।"<ref name="atwood2003"> {{cite journal |author=Atwood KC |year=2003 |doi= |title=Naturopathy: a critical appraisal |volume=5 |issue=4 |page=39 |pmid=14745386 }}</ref> एक अन्य लेख में, एटवुड लिखते हैं "जो चिकित्सक नेचुरोपैथ को अपना साथ मानते हैं, वे स्वयं को आधुनिक चिकित्सा के बुनियादी नैतिक अवधारणाओं के खिलाफ खड़े पाते हैं। अगर नेचुरोपैथ चि‍िकत्सकों को "अवैज्ञानिक इलाज करने वालों के रूप में" नहीं घोषित किया जाता है तो इस शब्द का कोई उपयोगी अर्थ नहीं निकलता. नीमहकीमी को उजागर करने वाले एक चिकित्सक का लेख हालांकि इसके लेखक को "पूर्वाग्रहग्रस्त" के रूप में पहचान नहीं कराता, बल्कि साधारणत: वह एक चिकित्सक के रूप में अपने नैतिक दायित्वों को पूरा करने वाला बताता है।"<ref name="atwood2004">{{cite journal|author=Atwood KC |date= मार्च 26, 2004 |title=Naturopathy, pseudoscience, and medicine: myths and fallacies vs truth |work=Medscape Gen Med |volume=6 |issue=1 |page=33 |pmid=15208545|pmc=1140750}}</ref> अर्नोल्ड एस रेलमैन के अनुसार ''प्राकृतिक चिकित्सा की पाठ्यपुस्तक'' शिक्षण का एक उपकरण बनने के लिए अपर्याप्त है, क्योंकि इसमें कई आम बीमारियों के बारे में व उनके इलाज के लिए विस्तार से उल्लेख नहीं है और अनुचित तरीके से उन उपचारों पर जोर दिया गया है, जिनके "प्रभावी नहीं होने की संभावना है" और यह दवाइयों की कीमत पर बिना सिद्ध हुए हर्बल उपचार को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि " एक औसत प्राकृतिक चिकित्सक के पास चिकित्सा करा रहे बीमार रोगियों का जोखिम संभावित लाभ की तुलना में काफी ज्यादा है।"<ref name="Relman_text">{{cite web |url=http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/relman1.html |title=Textbook of Natural Medicine |accessdate=17 अप्रैल 2009 |last=Relman |first=Arnold S. |date=9 जनवरी 2001 |publisher=Quackwatch |archive-url=https://web.archive.org/web/20110511175643/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/relman1.html |archive-date=11 मई 2011 |url-status=live }}</ref> === टीकाकरण === नेचुरोपैथी, होम्योपैथी और चिरोप्रैक्टिक सहित वैकल्पिक चिकित्सा के कई रूप के विश्वासों पर आधारित हैं, जो टीकाकरण का विरोध करते हैं और उनके चिकित्सक विरोध में अपनी आवाज बुलंद करते हैं। इनमें गैर चिकित्सकीय रूप से प्रशिक्षित नेचुरोपैथ भी शामिल हैं। टीकाकरण के प्रति इस नकारात्मक विचार के कारण काफी जटिल हैं और कम से कम कुछ अंश में उन शुरुआती दर्शनों पर आधारित हैं, जिन्होंने इन पेशों की बुनियाद को आकार दिया है।<ref name="Ernst-2001">{{cite journal |journal=Vaccine |year=2001 |volume=20 |issue= Suppl 1 |pages=S89–93 |title=Rise in popularity of complementary and alternative medicine: reasons and consequences for vaccination |author=Ernst E |doi=10.1016/S0264-410X(01)00290-0 |pmid=11587822}}</ref> कनाडा में एक बड़े पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा कॉलेज के हर वर्ग के छात्रों के बीच कराये गये एक सर्वेक्षण से पता चला कि अंतिम वर्षों के छात्रों ने नये छात्रों की तुलना में टीकाकरण का ज्यादा जोरदार रूप से विरोध किया।<ref>{{cite journal |journal=Vaccine |year=2008 |volume=26 |issue=49 |pages=6237–42 |title=Attitudes towards vaccination among chiropractic and naturopathic students |author= Busse JW, Wilson K, Campbell JB |doi=10.1016/j.vaccine.2008.07.020 |pmid=18674581}}</ref> वाशिंगटन विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में निवारणीय बीमारियों के खिलाफ हुए टीकाकरण की रसीद के संबंध में प्रयोग की गई वैकल्पिक चिकित्सा के इतिहास के बीमा दावे की जांच की. इसमें 1-2 साल और 1-17 साल उम्र के बच्चों के समूह बनाये गये। दोनों समूहों में टीका लगने की संख्या उल्लेखनीय रूप से कम रही, जब वे नेचुरोपैथ डॉक्टरों के पास गये। इस अध्ययन से पता चला कि प्राकृतिक चिकित्सकों के पास जाने से बच्चों में टीकारण की कम हुई दर और निवारणीय बीमारियों के टीके लगवाने के बीच अहम संबंध हैं।<ref name="Downey2009">{{cite journal |journal=Matern Child Health J |year=2009 |volume= |pages= |title=Pediatric vaccination and vaccine-preventable disease acquisition: associations with care by complementary and alternative medicine providers |author=Downey L, Tyree PT, Huebner CE, Lafferty WE |pmid=19760163 |url=http://www.springerlink.com/content/2mpl5g3480466684/ |doi=10.1007/s10995-009-0519-5 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == इन्हें भी देखें == {{Col-begin}} {{Col-1-of-3}} * [[प्राकृतिक चिकित्सा]] * अर्नोल्ड एह्रेट * आवश्यक पोषक तत्व * साक्ष्य आधारित चिकित्सा * स्वास्थ्य स्वतंत्रता आंदोलन * [[जड़ी-बूटी चिकित्सा|हेर्बलिज़म]] {{Col-2-of-3}} * [[जलचिकित्सा|हाइड्रोथेरेपी]] * औषधीय मशरूम * मेगाविटामिन चिकित्सा * कायान्तरित तकनीक * मल्टीविटामिन {{Col-3-of-3}} * ऑर्थोमॉलिक्युलर चिकित्सा * [[ऑस्टियोपैथी]] और ऑस्टियोपैथिक की दवाई * फैय्टोन्यूट्रीशियन {{col-end}} == सन्दर्भ == {{Ibid|date=मार्च 2010}} {{reflist|colwidth=30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20191005024649/https://www.anma.org/ अमेरिकन न्यूटरपैथिक मेडिकल एसोसिएशन] * [https://web.archive.org/web/20190904072704/https://www.naturopathic.org/ प्राकृतिक चिकित्सकों के अमेरिकन एसोसिएशन] * {{DMOZ|Health/Alternative/Naturopathy}} * (312 KB) व्यवसायों स्वास्थ्य के केंद्र युसीएसऍफ़ (UCSF) पर [https://web.archive.org/web/20160112043423/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf पेशे के प्रोफाइल: प्राकृतिक अभ्यास पीडीएफ] * [https://web.archive.org/web/20191005024641/https://cnme.org/ प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा परिषद] * [https://web.archive.org/web/20140209071928/http://www.naturopathicassoc.ca/ न्यूटरपैथिक डॉक्टरों के कनाडा की एसोसिएशन] * [http://www.naturaldatabase.com/(S(eqksko55xppvuhehdii3xn55))/home.aspx?cs=&amp;s=ND प्राकृतिक चिकित्सा व्यापक डाटाबेस: निष्पक्ष, पूरक, वैकल्पिक और एकीकृत चिकित्सा पर वैज्ञानिक नैदानिक सूचना] {{पारम्परिक औषधि}} [[श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों]] [[श्रेणी:प्राकृतिक चिकित्सा]] [[श्रेणी:सरल जीवन]] [[श्रेणी:महत्त्व]] [[श्रेणी:पूरे चिकित्सा प्रणाली]] dkeluerwr6nd08l9gvbcmbzj9yyim20 6540966 6540957 2026-04-15T16:26:12Z चाहर धर्मेंद्र 703114 6540966 wikitext text/x-wiki {{Infobox alternative medicine | name = प्राकृतिक स्वास्थ्य | image = Hepar.jpg | image_size = 200 | alt = Old homeopathic remedy, Hepar sulph. | caption = हेपर सल्फ की होम्योपैथिक तैयारी - होम्योपैथी को प्राकृतिक चिकित्सा उपचार के हिस्से के रूप में पेश किया जा सकता है ।<ref name=Gale_Frey/> | claims = शरीर की "प्राकृतिक उपचार" क्षमता के माध्यम से रोगों का इलाज किया जाता है, जिसमें मुख्य रूप से "प्राकृतिक" कही जाने वाली पद्धतियों का योगदान होता है (न कि मुख्य रूप से [[औषधि|दवाइयों]], सर्जरी और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा के अंतर्गत आने वाले अन्य उपचारों का, जिन्हें "प्राकृतिक" नहीं माना जाता है), जिसमें व्यापक रूप से प्रचलित "प्रकृति उपचार" और किसी भी प्रकार की वैकल्पिक चिकित्सा शामिल है जिसे "प्राकृतिक" कहा जा सकता है। | topics = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | orig-date = early 20th century | origprop = बेनेडिक्ट वासना; सेबस्टियन कनीप | laterprop = | seealso = हास्यवाद, वीर चिकित्सा, [[प्राणतत्ववाद|जीववाद]] | MeshID = D009324 }} {{वैकल्पिक चिकित्सा साइडबार}} '''प्राकृतिक चिकित्सा''' (जिसे''' नेचुरोपैथिक मेडिसिन''' या''' नेचुरल मेडिसिन ''' के नाम से भी जाना जाता है) एक वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली है, जो प्राकृतिक उपचार और निरोग रखने की शरीर की अपनी अहम क्षमता पर केंद्रित होती है। प्राकृतिक दर्शन सर्जरी और दवाओं के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण और उनके कम से कम उपयोग का पक्षधर है। प्राकृतिक चिकित्सा मेंचिकित्सकसमुदाय द्वारा विभिन्न स्तरों पर स्वीकृति उपचार के विविध तरीके भी शामिल होते हैं, जैसे भोजन और जीवन शैली संबंधी परामर्श पूरी तरह वही हो सकते हैं, जो गैर-प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली में होता है और एक्युपंक्चर भी कुछ मामलों में दर्द को कम करने में मदद कर सकता है, पर होम्योपैथी को अक्सर छद्म विज्ञान या नीमहकीमी के रूप में प्रचारित किया जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="cnme-handbook"/><ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="atwood2004"/><ref name="ACS"/> प्राकृतिक चिकित्सा के वैज्ञानिक आधार के निर्धारण के लिए उपयुक्त पद्धति अपनाने हेतु साक्ष्य आधारित चिकित्सा (ईबीएम) की वकालत की गई है।<ref name="Naturo2006"/> प्राकृतिक चिकित्सकों का टीकाकरण का विरोध इसके पहले आकार ले चुके दर्शन का एक हिस्सा है।<ref name="Ernst-2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा का मूल यूरोप के प्राकृतिक उपचार आंदोलन में है।<ref name="pmid1139856">{{cite journal |pmc=1139856 |title=Nineteenth-century American health reformers and the early nature cure movement in Britain |author=Brown PS |journal=Medical History |volume=32 |pages=174–194 |pmid=3287059 |issue=2 |date= अप्रैल 1, 1988 }}</ref><ref name="N-UK-hist">{{citation|author=Langley, Stephen|chapter=History of Naturopathy|title=Excerpt from The Naturopathy Workbook|publisher=College of Natural Medicine (CNM)|location=UK|url=http://www.naturopathy-uk.com/blog/2007/11/28/history-of-naturopathy/|year=2007|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20120829125721/http://www.naturopathy-uk.com/blog/2007/11/28/history-of-naturopathy/|archive-date=29 अगस्त 2012|url-status=dead}}</ref> 1895 में जॉन स्कील ने इस शब्द को गढ़ा और "अमेरिकी प्राकृतिक चिकित्सा के पिता" बेनेडिक्ट लस्ट<ref name="ama_1997"/> ने इसे लोकप्रिय बनाया.<ref name="Baer2001"/> 1970 के दशक की शुरुआत में, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में समग्र स्वास्थ्य आंदोलन के साथ मिलकर इसके प्रति रुचि पुनर्जीवित हुई.<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Baer2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा कई देशों में प्रचलित है, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में तथा यह वहां विनियमन और स्वीकृति के स्तर के विभिन्न मानकों के अनुरूप है। प्राकृतिक औषधि प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र की एक आधुनिक अभिव्यक्ति है, जो 19 वीं सदी के स्वास्थ्य आंदोलन के "निरोग करने की प्रकृ‍ति की शक्ति" के विश्वास के रूप में उभरा. प्राकृतिक चिकित्सक अब कई राज्यों में पारंपरिक और प्राकृतिक चिकित्सा दोनों के व्यवहार में कुशल प्राथमिक देखभाल चिकित्सक के रूप में लाइसेंस प्राप्त कर रहे हैं। प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा का पूर्व प्रशिक्षण संस्थान के हिसाब से अलग-अलग होता है, जिसके बाद फार्मेसी और छोटे स्तर की सर्जरी सहित 4 साल की प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा लेनी होती है। संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में नेचुरोपैथिक डॉक्टर (एनडी) या नेचुरोपैथिक मेडिकल डॉक्टर (एनएमडी) की उपाधि किसी मान्यताप्राप्त प्राकृतिक चिकित्सा स्कूल से चार साल का कार्यक्रम पूरा किया हो, जिसमें चिकित्सा विज्ञान के बुनियादी तत्वों और साथ ही प्राकृतिक उपचार और चिकित्सा देखभाल भी शामिल है।<ref name="CNME-handbook"/><ref>{{cite web |title=Academic Curriculum |year=2008 |url=http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |publisher=Association of Accredited Naturopathic Medical Colleges |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120222210216/http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |archive-date=22 फ़रवरी 2012 |url-status=dead }}(प्राथमिक स्रोत)</ref>{{POV-वक्तव्य |date= जनवरी 2010}} इसमें पैक्टिस की गुंजाइश कई न्यायक्षेत्रों में है और अविनियमित न्यायक्षेत्र में भी प्राकृतिक चिकित्सक नेचुरोपैथिक डॉक्टर की उपाधि या शिक्षा के स्तर से मतलब न रखते हुए अन्य उपाधि रख सकते हैं।<ref name="IA_med"/> == इतिहास == [[चित्र:SKneipp.jpg|thumb|मोंसिग्नोर सेबस्टियन नेइप, 1821-1897]] [[चित्र:BenedictLust.jpg|thumb|डॉ॰ बेनेडिक्ट लस्ट, 1872-1945]] कुछ लोग इस शब्द को गढ़े जाने से पहले प्राचीन ग्रीक "फादर ऑफ मेडिसिन" [[हिपोक्रेटिस|हिप्पोक्रेट्स]] को प्राकृतिक चिकित्सा का प्रथम अधिवक्ता मानते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.naturopathy-uk.com/home/home-what-is-naturopathy/ |title=What is Naturopathy? |year=1998 |accessdate= |doi= |pmid= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100918040756/http://www.naturopathy-uk.com/home/home-what-is-naturopathy/ |archive-date=18 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="NCAHF_np">{{cite web |url=http://www.ncahf.org/articles/j-n/naturo.html |title=NCAHF Fact Sheet on Naturopathy |accessdate=17 अप्रैल 2009 |date=30 जुलाई 2001 |publisher=[[National Council Against Health Fraud]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110927173337/http://www.ncahf.org/articles/j-n/naturo.html |archive-date=27 सितंबर 2011 |url-status=live }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा के आधुनिक अभ्यास की जड़े यूरोप के प्राकृतिक चिकित्सा आंदोलन में हैं।<ref name="pmid1139856"/><ref name="N-UK-hist"/> स्कॉटलैंड में थॉमस एलिनसन ने 1880 में तम्बाकू और अधिक कार्यभार का परिहार कर प्राकृतिक आहार और व्यायाम को बढ़ावा देकर अपने "हाईजेनिक मेडिसिन"(स्वच्छ चिकित्सा) की वकालत शुरू कर दी.<ref>{{cite web|url=http://www.allinsonflour.co.uk/history/|title=How it all began|accessdate=|doi=|pmid=|archive-url=https://web.archive.org/web/20100813230535/http://www.allinsonflour.co.uk/history/|archive-date=13 अगस्त 2010|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite journal |url=http://www.bmj.com/cgi/content/extract/336/7651/1023-a |journal=British Medical Journal |title=Views & Reviews Medical Classics A System of Hygienic Medicine (1886) and The Advantages of Wholemeal Bread (1889) |author=John A S Beard |issue=336 |page=1023 |date=3 मई 2008 |doi=10.1136/bmj.39562.446528.59 |volume=336 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081208040137/http://www.bmj.com/cgi/content/extract/336/7651/1023-a |archive-date=8 दिसंबर 2008 |url-status=live }}</ref> ''सैनीप्रैक्टर'' शब्द कभी-कभी विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तर पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में नेचुरोपैथ के संदर्भ में कहा जाता था।<ref name="Baer2001"/> ''प्राकृतिक चिकित्सा '' शब्द 1895 में जॉन स्कील द्वारा गढ़ा गया था[33] और "अमेरिकी प्राकृतिक चिकित्सा के पिता" बेनेडिक्ट लस्ट द्वारा खरीदा गया।<ref name="Baer2001">{{Cite journal | last = Baer |first = H.A | year = 2001 | title = The sociopolitical status of US naturopathy at the dawn of the 21st century | url = https://archive.org/details/sim_medical-anthropology-quarterly_2001-09_15_3/page/329 | journal = Medical Anthropology Quarterly | volume = 15 | issue = 3 | pages = 329–346| doi = 10.1525/maq.2001.15.3.329 }}</ref> फादर सेबस्टियन निप्प ने [[जर्मनी]] में लस्ट को हाइड्रोथेरेपी (जल चिकित्सा) व अन्य प्राकृतिक स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की शिक्षा दी; निप्प ने लस्ट को अपनी दवा रहित पद्धतियों के प्रसार के लिए [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] भेजा.<ref name="Barrett-Naturopathy"/> लस्ट ने ''प्राकृतिक चिकित्सा विधि'' को एक खास पद्धति के बदले एक व्यापक अनुशासनत्मक जीवन शैली के रूप में परिभाषित किया और इसमें जल चिकित्सा, हर्बल दवाओं और होम्योपैथी जैसी तकनीकों साथ ही चाय, कॉफी और अल्कोहल के अधिक सेवन का निषेध शामिल किया।<ref name="Gale_Frey"/> उन्होंने शरीर को आध्यात्मिक व जीवनी शक्ति से पूर्ण अर्थ में देखा, जो "मनुष्य की प्रकृति के लौकिक बलों पर पूरी तरह निर्भर" होता है।<ref name="Whorton_2002">बेनेडिक्ट वासना से उद्धृत: {{cite book |author=Whorton, James C. |title=Nature cures: the history of alternative medicine in America |url=https://archive.org/details/naturecureshisto00whor |publisher=Oxford University Press|location=Oxford [Oxfordshire] |year=2002 |page=[https://archive.org/details/naturecureshisto00whor/page/224 224] |isbn=0-19-517162-4 |oclc= |doi=|accessdate=}}</ref> 1901 में लस्ट ने [[नया यॉर्क|न्यूयॉर्क]] में अमेरिकन स्कूल ऑफ नेचुरोपैथी की स्थापना की. 1902 में प्राकृतिक सोसायटी मूल उत्तर अमेरिकी निप्प सोसाइटियां बंद हो गईं और और उनका "नेचुरोपैथिक सोसायटिज" के रूप में पुन: नामकरण किया गया। सितंबर 1919 में नेचुरोपैथिक सोसायटी ऑफ अमेरिका भंग कर दी गई और डॉ बेनेडिक्ट लस्ट ने इसके पूरक के रूप में "अमेरिकन नेचुरोपैथिक एसोसिएशन" की स्थापना की.<ref name="Baer2001"/><ref>कॉर्पोरेट डिवीजन, डीसी विभाग के उपभोक्ता मामले. (1909 के बाद से लगातार शामिल)</ref><ref name="Beyerstein_NW">{{cite web |url=http://www.naturowatch.org/general/beyerstein.html |title=Naturopathy: a critical analysis |accessdate=21 मार्च 2009 |last=Beyersteine |first=Barry L. |author2=Susan Downie |archive-url=https://web.archive.org/web/20090307135314/http://naturowatch.org/general/beyerstein.html |archive-date=7 मार्च 2009 |url-status=dead }}</ref><ref name="Beyerstein_NW"/> बीसवीं सदी के प्रथम 3 दशकों में 25 राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा या नशारहित पेशा कानून के तहत प्राकृतिक चिकित्सकों को लाइसेंस दिये गये।<ref name="Baer2001"/> प्राकृतिक चिकित्सा को शरीर के जोड़ बैठाने वाले कई चिकित्सकों ने अपनाया और कई स्कूलों ने डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी (एनडी) और डॉक्टर ऑफ चिरोप्रेक्टर्स (डीसी) की डिग्रियां देने का प्रस्ताव दिया.<ref name="Baer2001"/> इस अवधि में संयुक्त राज्य अमेरिका में सक्रिय हुए प्राकृतिक चिकित्सा स्कूलों की संख्या अनुमा‍नित रूप से एक से दो दर्जन थी।<ref name="ACS"/><ref name="ama_1997">{{cite web | url = http://www.ama-assn.org/ama/no-index/about-ama/13638.shtml | title = Report 12 of the Council on Scientific Affairs (A-97) | year = 1997 | publisher = [[American Medical Association]] | accessdate = | doi = | pmid = | archive-url = https://web.archive.org/web/20090614085504/http://www.ama-assn.org/ama/no-index/about-ama/13638.shtml | archive-date = 14 जून 2009 | url-status = live }}</ref><ref name="Baer2001"/> तेजी से विकास की अवधि के बाद, प्राकृतिक चिकित्सा की प्रैक्टिस में 1930 के दशक के बाद कई दशकों तक गिरावट देखी गई। 1910 में द कार्नेगी फाउंडेशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ टीचिंग ने फ्लेक्सनर रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें चिकित्सा शिक्षा के के कई पहलुओं, खासकर गुणवत्ता और वैज्ञानिक व्यापकता की कमी की आलोचना की. पेनिसिलिन और अन्य "चमत्का‍रिक दवाओं" के प्रचलन में आने और इस वजह से आधुनिक दवाओं की लोकप्रियता के फलस्वरूप भी प्राकृतिक चिकित्सा में गिरावट आई. 1940 और 1950 के दशक में पेशागत कानूनों के दायरे में विस्तार से कई चिरोप्रैक्टिक स्कूलों ने एनडी डिग्री देना बंद कर दिया, हालांकि इस प्रणाली के कई डॉक्टरों ने प्राकृतिक चिकित्सा का अभ्यास जारी रखा. 1940 से 1963 तक अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने विधर्मी चिकित्सा प्रणालियों के खिलाफ अभियान चलाया। 1958 तक प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास का लाइसेंस केवल पांच राज्यों में दिया गया।<ref name="Baer2001"/> 1968 में अमेरिकी स्वास्थ्य, शिक्षा व कल्याण विभाग ने प्राकृतिक चिकित्सा पर एक रिपोर्ट जारी की, जिसका निष्कर्ष था कि प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान में नहीं शामिल है और प्राकृतिक उपचार वैसे ग्रेजुएट तैयार करने के लिए अपर्याप्त है, जो रोग का पता लगाने और उसके निदान में सक्षम हो सकें. रिपोर्ट में चिकित्सा दायरे के विस्तार में प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल करने के खिलाफ सिफारिश की.<ref name="ACS"/><ref name="HEW1968">{{cite book | last = Cohen | first = Wilbur J | authorlink = | author2 = | title = Independent Practitioners Under Medicare: a report to the Congress | publisher = [[United States Department of Health, Education, and Welfare]] | date = 1968-12 | location = | pages = | url = http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/hew.html | doi = | id = | isbn = | access-date = 18 अगस्त 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100814052625/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/hew.html | archive-date = 14 अगस्त 2010 | url-status = live }}</ref> 1977 में एक ऑस्ट्रेलियाई जाचं समिति ठीक ऐसे ही निष्कर्ष तक पहुँची और इसने नेचुरोपैथ डॉक्टरों को लाइसेंस नहीं देने की सिफारिश की.<ref name="Aust1977">{{cite book |author=Webb, Edwin C |title=Report of the Committee of Inquiry into Chiropractic, Osteopathy, Homoeopathy and Naturopathy |publisher=Australian Government Publishing Service |location=Canberra |year=1977 |pages= |isbn=064292287X |oclc= |doi= |url=http://www.naturowatch.org/hx/australia.html |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100906221113/http://www.naturowatch.org/hx/australia.html |archive-date=6 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> 2009 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 50 में से 15 राज्यों ने प्राकृतिक चिकित्सकों को लाइसेंस दिया था।<ref>{{cite web |url=http://www.naturopathic.org/content.asp?contentid=57 |title=Licensed States & Licensing Authorities |publisher=American Association of Naturopathic Physicians |date=2 जुलाई 2009 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091130234327/http://naturopathic.org/content.asp?contentid=57 |archive-date=30 नवंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> और दो राज्यों (डब्ल्यूए व वीटी) में बीमा कंपनियों को प्राकृतिक चिकित्सकों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की प्रतिपूर्ति के लिए बीमा कंपनियों की पेशकश की जरूरत होती है।<ref name="fammed.washington.edu">{{cite web |title=Naturopathic medicine |url=http://www.fammed.washington.edu/predoctoral/CAM/images/naturopathy.pdf |format=PDF |date=21 अक्टूबर 2004 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050304073806/http://www.fammed.washington.edu/predoctoral/CAM/images/naturopathy.pdf |archive-date=4 मार्च 2005 |url-status=dead }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा का अस्तित्व कभी भी पूर्णता के साथ मौजूद नहीं रहा. 1970 के दशक की शुरुआत में कनाडा और अमेरिका में समग्र स्वास्थ्य आंदोलन के साथ इसके प्रति रुचि जगी.<ref name="Gale_Frey">{{cite encyclopedia |last=Frey |first=Rebecca J |authorlink= |author2= |editor= |encyclopedia=Gale Encyclopedia of Medicine |title=Naturopathic Medicine |url=http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |accessdate=21 मार्च 2009 |edition= |year=2009 |month=March |publisher=[[Gale (Cengage)]] |volume= |location= |id= |doi= |pages= |quote= |isbn= |oclc= |archiveurl=https://web.archive.org/web/20100214022623/http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954/ |archivedate=14 फ़रवरी 2010 |url-status=live }} {{Cite web |url=http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-date=27 अगस्त 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130827000141/http://findarticles.com/p/articles/mi_g2601/is_0009/ai_2601000954 |url-status=bot: unknown }}</ref><ref name="Baer2001"/> वर्तमान में पांपरिक प्राकृतिक चिकित्सा के नौ स्कूलों में अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एक्रीडियेशन बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र या डिग्री प्रोग्राम प्रदान किया जा रहा है।<ref>{{Cite web |url=http://www.anmab.org/members.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110723052523/http://www.anmab.org/members.html |archive-date=23 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> एएनए के नेशनल बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स वर्तमान में दो स्कूलों को मान्यता देता है, जो डाक्टर ऑफ नेचुरोपैथी डिग्री प्रोग्राम की पेशकश कर रहे हैं।<ref>एना नेशनन बोर्ड परीक्षकों की प्राकृतिक, अनुमोदित कार्यक्रमों की सूची, अमेरिकन एसोसिएशन प्राकृतिक, वॉशिंगटन डीसी</ref> प्राकृतिक दवाओं का छह मान्यता प्राप्त स्कूलों, मान्यता प्राप्त प्राकृतिक चिकित्सा स्कूलों और उत्तरी अमेरिका में मान्यता के एक अभ्यर्थी स्कूल के तौर पर प्रतिनिधित्व हासिल है। 1956 में, चार्ल्स स्टोन, फ्रैंक स्पॉल्डिंग और डब्ल्यू मार्टिन ब्लेथिंग ने वेस्टर्न स्टेट्स चिरोप्रैक्टिक कॉलेज द्वारा एनडी कार्यक्रम को बंद करने की योजना को देखते हुए ओरेगोन के पोर्टलैंड में नेशनल कॉलेज ऑफ नेचुरल मेडिसिन (एनसीएनएम) की स्थापना की. 1978 में शीला क्विनन, जोसेफ पिजोरनो, विलियम मिशेल और लेस ग्रिफ़िथ ने वाशिंगटन के सीटल में जॉन बस्टायर कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन (अब बस्टायर विश्वविद्यालय) की स्थापना की. उसी वर्ष कनाडा के टोरंटो में कनाडियन कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन स्थापित किया गया। हाल ही में स्थापित स्कूलों में 1992 शुरू किये गये साउथवेस्ट कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन और 1992 में ही स्थापित बाउचर इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन शामिल हैं। कनेक्टिकट में ब्रिजपोर्ट विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथिक मेडिसिन के माध्यम से एनडी डिग्रियां देता है और इलिनोइस में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने हाल ही में नेचुरोपैथिक कार्यक्रम शुरू किया है और वह मान्यता का एक अभ्यर्थी है। == सिद्धांत == प्राकृतिक चिकित्सा स्वाभाविक रूप से घटनेवाले और कम से कम आक्रामक पद्धतियों पर केंद्रित है, जिसे "प्रकृति के घाव भरने की अपनी ताकत" पर विश्वास है।<ref name="ACS"/> इसमें "सिंथेटिक या कृत्रिम" दवाओं, रेडियेशन व बड़ी सर्जरी के जरिये निदान से बचा जाता है और शरीर और प्रकृति के सहज और जीवनी शक्ति से पूर्ण अवधारणा का पक्ष लेते हुए बॉयोमेडिसिन और आधुनिक विज्ञान को नकारना आम होता है।<ref name="ACS"/><ref name="Beyerstein_NW"/> इसमें तनाव कम करने, एक स्वस्थ आहार और जीवन शैली के माध्यम से निदान पर बल दिया जाता है। नेचुरोपैथिक चिकित्सा का दर्शन 6 मुख्य मूल्यों के जरिये स्वत: वर्णित होता है।<ref name="ECHP">{{Cite book|url=http://books.google.co.uk/books?id=cwYnA1qunUwC&pg=PA58&dq=modalities+naturopathy&lr=&sig=ACfU3U3Z418Eg_P2yDetYOMmsclZ9mJGpg#PPA57,M1 |title=Encyclopedia of Complementary Health Practice |first=Carolyn Chambers |last=Clark |pages=57–58 |year=1999 |isbn=9780826112392 |publisher=स्प्रिंगर |location=New York }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सकों की शपथ के रूपों के एकाधिक संस्करण हो सकते हैं,<ref name="oath">{{cite web|title=Naturopathic Doctor's Oath|url=http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=62|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20091210220924/http://naturopathic.org/viewbulletin.php?id=62|archive-date=10 दिसंबर 2009|url-status=dead}}</ref> स्कूल विभिन्न तरह के मिशन वक्तव्य प्रकाशित कर सकते हैं{1/ और नियामक निकायों द्वारा या पेशेवर संगठनों द्वारा नैतिक आचरण दिशा निर्देश प्रकाशित किये जा सकते हैं।{2/} # पहला, कोई नुकसान नहीं पहुंचाएं; हर समय सबसे प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल के लिए रोगियों को बिल्कुल कम से कम जोखिम में डालें.(प्रिमम नॉन नोकेयर). # प्रत्येक व्यक्ति में निहित प्रकृति की आत्म उपचार क्षमता को मान्यता दें, आदर करें व इन्हें बढ़ावा दें. (विस मेडिकैट्रिक्स, जीवनी शक्ति का एक रूप)<ref name="Di Stefano 2006">{{cite book|author=Vincent Di Stefano |title=Holism and Complementary Medicine: Origins and Principles|url=https://archive.org/details/holismcomplement00stef |publisher=Allen & Unwin Academic |location= |year=2006 |page=[https://archive.org/details/holismcomplement00stef/page/n137 107] |isbn=1741148464 |oclc= |doi=|accessdate=}}</ref> # रोग के लक्षणों को खत्म करने या दबाने के बदले बीमारी के कारणों को पहचानें और उनका निदान करें.(''टॉली कॉजम'') # स्वास्थ्य के लिए शिक्षित करें, तर्कसंगत आशा की ओर प्रेरित करें और जिम्मेदारी के लिए स्वयं को प्रोत्साहित करें.''(चिकित्सक शिक्षक बनें).'' # प्रत्येक व्यक्ति का सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारकों और प्रभावों पर विचार करके उपचार करें. (''पूरे व्यक्ति का उपचार करें.'') # व्यक्ति, हर समुदाय और हमारी दुनिया के लिए बेहतरी और बीमारियों की रोकथाम को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य की स्थिति पर ज़ोर दें. ''(स्वास्थ्य संवर्धन, सर्वश्रेष्ठ निवारण)'' == अभ्यास == प्राकृतिक चिकित्सा का ध्यान कुछ ख्दास पद्धतियों के बजाय प्राकृतिक स्व-चिकित्सा के दर्शन पर केंद्रित होता है और चिकित्सक उपचार के लिए विभिन्न तरह के तरीकों का उपयोग करते हैं।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Skepdic_naturopathy">{{cite web |url=http://skepdic.com/natpathy.html |title=Naturopathy |accessdate=17 अप्रैल 2009 |last=Carroll |first=Robert Todd |work=Skeptic's Dictionary |archive-url=https://web.archive.org/web/20100901033549/http://www.skepdic.com/natpathy.html |archive-date=1 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> कुछ तरीके सारहीन अहम ऊर्जा क्षेत्रों पर निर्भर होते हैं, जिनका अस्तित्व सिद्ध नहीं किया गया है और वहाँ यह भी चिंता रहती है कि प्राकृतिक चिकित्सा एक ऐसा क्षेत्र है, जो आम वैज्ञानिक मान्यता से अलग होता है, हालांकि बास्तर, एनसीएनएम और सीसीएनएम वर्तमान अनुसंधान कार्यक्रमों को बरकरार रख्ने हुए हैं।<ref>{{cite web |url=http://bastyr.edu/research/default.asp |title=Bastyr University Research Institute |publisher=Bastyr University |accessdate=27 जनवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100527090814/http://www.bastyr.edu/research/default.asp |archive-date=27 मई 2010 |url-status=dead }}(प्राथमिक स्रोत)</ref><ref>{{cite web |url=http://helfgott.org/ |title=Helfgott Research Institute |publisher=Helfgott |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090301061251/http://helfgott.org/ |archive-date=1 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ccnm.edu/?q=research_0 |title=Research |publisher=The Canadian College of Naturopathic Medicine |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100524091350/http://www.ccnm.edu/?q=research_0 |archive-date=24 मई 2010 |url-status=dead }}</ref> बास्तर एनआईएच से अनुसंधान के लिए अनुदान भी प्राप्त करते हैं, जिससे उनका रिश्ता 1984 में तब शुरू हुआ, जब बास्तर एनआईएच से अनुसंधान के लिए अनुदारन पाने वाले पहले स्कूल बने.<ref>{{cite web |url=http://www.bastyr.edu/news/news.asp?NewsID=1607 |title=Students and Graduates Receive CAM Research Training Under NIH Grant |publisher=Bastyr University |date=5 नवंबर 2008 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029222647/http://bastyr.edu/news/news.asp?NewsId=1607 |archive-date=29 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref> एक संपूर्ण प्रणाली के रूप में प्राकृतिक चिकित्सा की प्रभावशीलता का व्यवस्थित मूल्यांकन नहीं किया गया है और व्यक्तिगत तरीकों की प्रभावकारिता अलग-अलग होती है।<ref name="ACS"/><ref name="ToT_Ernst">{{cite book |author2=Ernst E|author2-link=Edzard Ernst|author1=Singh S |title=Trick or treatment : the undeniable facts about alternative medicine |url=https://archive.org/details/trickortreatment0000sing_x2b0|publisher=W. W. Norton |location=New York |year=2008 |pages= |isbn=0393066614 |oclc=181139440}}</ref> आमतौर पर परामर्श रोगी के एक लंबे साक्षात्कार से शुरू होता है, जिसमें रोगी की जीवन शैली, चिकित्सा संबंधी इतिहास, भावनात्मक अनुभूति और साथ ही शारीरिक परीक्षण से शुरू होता है।<ref name="Gale_Frey"/> पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक जीवन शैली में परिवर्तन और दृष्टिकोणों पर केंद्रित होती है, जो शरीर की सहज चिकित्सा क्षमता का समर्थन करती है। पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक रोग की पहचान और निदान नहीं शुरू करते हैं, बलिक वे पूरे शरीर के स्वस्थ होने और शरीर के खुद निरोग होने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पारंपरिक नेचुरोपैथ न तो कोई दवा लिखते हैं और न ही दवा, सीरम, तरल दवा, सर्जरी या रोग के लिए खास उपचार या पारंपरिक दवाओं का प्रयोग करते हैं।<ref name="nccam.nih.gov">{{Cite web |url=http://nccam.nih.gov/health/naturopathy/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100812195824/http://nccam.nih.gov/health/naturopathy/ |archive-date=12 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा के चिकित्सक स्वयं को प्राथमिक देखभाल प्रदाता के रूप में पेश करते हैं और इसके अलावा विभिन्न प्राकृतिक तरीकों निर्धारित पुरानी दवाएं लिखते हैं, छोटी-मोटी सर्जरी करते हैं, नहीं तो अपनी प्रैक्टिस को विभिन्न अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली पर केंद्रित करते हैं। नेचुरोपैथ जरूरी नहीं कि एंटीबायोटिक व टीके की सलाह दें और वे अनुपयुक्त वैकल्पिक उपचार भी कर सकते हैं, जिसके लिए सबूत पर आधारित दवाएं प्रभावी बताई गई हैं।<ref name="Downey2009"/><ref name="LiveSci2004"/> प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा के सभी रूपों में बुनियादी विज्ञान से असंगत अवधारणाएं शामिल होती हैं और जरूरी नहीं कि चिकित्सक उचित निदान और या निदान की सिफ़ारिशें करने के लिए तैयार हो.<ref name="ToT_Ernst"/><ref name="LiveSci2004"/><ref name="MassMed2005"/> 50% से भी से कम प्राकृतिक चिकित्सकों का कहना है कि वे बुखार से पीड़ित 2-सप्ताह के शिशु को उस स्थिति में भी रेफर कर सकते हैं, जहां वास्तविक नुकसान की संभावना हो.<ref>{{cite journal |author=Yussman SM, Ryan SA, Auinger P, Weitzman M |title=Visits to complementary and alternative medicine providers by children and adolescents in the United States |journal=Ambul Pediatr |volume=4 |issue=5 |pages=429–35 |year=2004 |pmid=15369404 |doi=10.1367/A03-091R1.1 |url=}}</ref> === पद्धतियां === एक प्राकृतिक चिकित्सक द्वारा उपयोग की जाने वाली पद्धतियां प्रशिक्षण और अभ्यास की गुंजाइश के साथ बदलती रहती है। प्रदर‍ि्शत प्रभावशीलता और वैज्ञानिक तर्क भी बदलते हैं। इनमें शामिल हैं: [[एक्यूपंक्चर]], एप्लाइड किनसियोलॉजी (शरीर के सचल होने की प्रक्रिया का अध्ययन,)<ref name="PoaP"/> वानस्पतिक चिकित्सा, दिमाग की तरंगों का संचरण, एथरोसक्लेरोसिस (धमनियों की दीवारों में चर्बी जमना) के लिए कीलेट चिकित्सा,<ref name="atwood2004"/> बड़ी आंत का एनीमा<ref name="LiveSci2004"/> रंग चिकित्सा,<ref name="PoaP">{{Cite book |url=http://www.pewscholars.com/pdf_files/Naturo2.pdf |format=PDF |title=Profile of a profession: naturopathic practice |author=Holly J. Hough, Catherine Dower, Edward H. O’Neil |publisher=Center for the Health Professions, University of California |month=September |year=2001 |page=54 |doi= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002072928/http://www.pewscholars.com/pdf_files/Naturo2.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> कपालीय आस्टियोपैथसी,<ref name="LiveSci2004"/> बालों का विश्लेषण,<ref name="LiveSci2004">{{cite news | first=Andrew A. | last=Skolnick | author2= | authorlink= | title=Voice of Reason: Licensing Naturopaths May Be Hazardous to Your Health | date=18 नवंबर 2004 | publisher= | url=http://www.livescience.com/health/naturopathy_license_041118.html | work=Live Science | pages= | accessdate=17 अप्रैल 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20070527222226/http://www.livescience.com/health/naturopathy_license_041118.html | archive-date=27 मई 2007 | url-status=live }}</ref> [[होम्योपैथी]]<ref name="Boon HS"/>, आइरोडोलॉजी (आंख के उपतारे का परीक्षण)<ref name="PoaP"/> रक्त विश्लेषण, ''प्राकृतिक इलाज'' - प्रकृति के तत्वों, जैसे सूर्य-स्नान, ताजी हवा, गर्म या ठंडी सेंक, पोषण (इसके उदाहरणों में शामिल हैं शाकाहारी और संपूर्ण संतुलित आहार, उपवास, शराब और चीनी से परहेज) के प्रयोग से कई तरह का उपचार, जैसे<ref name="dummy">{{Cite book |title=Complementary Medicine for Dummies |url=https://archive.org/details/complementarymed0000youn |author=Jacqueline Young |chapters=8, 13 |isbn=9780470026250|year=2007|publisher=Wiley |location=Chichester, England |oclc=174043853}}</ref> अल्ट्रवायलेट किरणों द्वारा [[ओजोन थेरेपी]],<ref name="ACS"/>शारीरिक चिकित्सा (इसमें नेचुरोपैथिक, हड्डी से संबंधित [[ओजोन थेरेपी|ओसियस चिकित्सा]] और कोमल ऊतकों के जरिये जोड़ तोड़ चिकित्सा, खेल चिकित्सा, [[शारीरिक व्यायाम|व्यायाम]] और स्वीमिंग शामिल हैं), मनोवैज्ञानिक परामर्श (इसके उदाहरणों में ध्यान, विश्राम तथा तनाव दूर करने के अन्य तरीके शामिल हैं<ref name="dummy"/>, सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों और स्वच्छता,<ref name="ECHP"/> संवेदनशीलता, मालिश,<ref name="Beyerstein_NW"/>और पारंपरिक चीनी दवाएं. 2004 में वॉशिंगटन राज्य व कनेक्टिकट में हुए एक सर्वेक्षण से पता चला कि सबसे आम निर्धारित प्राकृतिक चिकित्सा में जड़ी-बूटियां, विटामिन, खनिज, होम्योपैथी और एलर्जी उपचार शामिल थे।<ref name="Boon HS">{{cite journal |journal=BMC Complement Altern Med |year=2004 |volume=20 |issue=4 |pages=14 |title=Practice patterns of naturopathic physicians: results from a random survey of licensed practitioners in two US States |author=Boon HS, Cherkin DC, Erro J, Sherman KJ, Milliman B, Booker J, Cramer EH, Smith MJ, Deyo RA, Eisenberg DM |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC529271/?tool=pubmed |doi= |pmid=15496231 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190212055924/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC529271/?tool=pubmed |archive-date=12 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref> == चिकित्सक == प्राकृतिक चिकित्सकों के समूह दो भागों में विभाजित किया जा सकता है।<ref name="nccam.nih.gov"/><ref>प्राकृतिक एसोसिएशन अमेरिकन मंच के रूप में ऊपर से कांग्रेस गोल्डन जुबली तैयार. 27 जुलाई - 2 अगस्त 1947</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.health.state.mn.us/divs/hpsc/hop/nawg/summary092308.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110726104027/http://www.health.state.mn.us/divs/hpsc/hop/nawg/summary092308.pdf |archive-date=26 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100107110956/http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |archive-date=7 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://careers.stateuniversity.com/pages/7827/Naturopath.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100701024754/http://careers.stateuniversity.com/pages/7827/Naturopath.html |archive-date=1 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref>{{स्रोत सत्यापित करें|date= फ़रवरी 2010}} 1. अमेरिका में 'पारंपरिक' नेचुरोपैथ दो राष्ट्रीय संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं, द अमेरिकन नेचुरोपैथिक एसोसियोशन (एएनए), जिसका गठन बेनेडिक्ट लस्ट<ref>अमेरिकी निगमन और खड़ी की प्राकृतिक एसोसिएशन प्रमाणपत्र, प्रभाग कॉर्पोरेट, उपभोक्ता के मामले के द्वारा जारी किए डीसी विभाग.</ref>द्वारा 1919 में किया गया व जिसमें 4500 चिकित्सकों<ref>संघों के विश्वकोश: 40वां संस्करण पीपी 1594</ref>{{स्रोत सत्यापित करें|date= फ़रवरी 2010}} का प्रतिनिधित्व है और द अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एसोसियोशन (एएनएमए), जिसका गठन 1981 में हुआ व जिसमें प्रमाणपत्रोंे के विभिन्न स्तरों के 4500 चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व है।<ref>{{Cite web |url=http://anma.org/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100820204516/http://www.anma.org/ |archive-date=20 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> एएनएमए एमडी डॉक्टरों, डीओ डॉक्टरों और अन्य परम्परागत चिकित्सा पेशेवरों को भी मान्यता देता है, जिन्होंने अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा में एकीकृत किया है।<ref name="ACS"/> संयुक्त राज्य अमेरिका में पारंपरिक नेचुरोपैथ डॉक्टरों में प्राकृतिक चिकित्सा प्रशिक्षण का स्तर अलग-अलग है। पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक गैर-डिग्री प्रमाणपत्र कार्यक्रम या अंडर-ग्रेजुएट कार्यक्रमों को पूरा कर सकते हैं और प्राकृतिक चिकित्सा का प्रमाणन अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल सर्टिफिकेशन बोर्ड (एएनएमसीबी) से हासिल कर सकते हैं और आमतौर पर ये खुद को नेचुरोपैथिक कंसल्टेंट्स के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.anmcb.org |title=American Naturopathic Medical Certification Board |publisher==American Naturopathic Medical Certification Board |accessdate=मार्च 12, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110107114316/http://www.anmcb.org/ |archive-date=7 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> वहाँ भी पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सकों के लिए स्नातकोत्तर डॉक्टरेट की डिग्री ली जा सकती है। एएनएमसीएबी से मान्यता प्राप्त स्कूलों से डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी (एनडी) की डिग्री जिन्होंने हासिल कर ली है, वे एएनएमसीबी के साथ बोर्ड द्वारा प्रमाणित प्राकृतिक चिकित्सक बन सकते हैं<ref>ibid</ref> पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक, जिन्होंने एएनए (एनबीएनई) द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों के नेशनल बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स की डॉक्टर ऑफ नेचुरोपैथी की डिग्री ली है, वे एएनए के एक डेलीगेट का प्रमाणपत्र हासिल कर सकते हैं।<ref>{{cite book |author=Paul Wendel |title=Standardized Naturopathy |year=1951 |location=Brooklyn |publisher=Wendel |oclc=6617124}}</ref> मेडिकल डॉक्टर (एमडी) या डॉक्टर ऑफ ऑस्टियोपैथी, जिन्होंने नेचुरोपैथी का पूरक प्रशिक्षण प्राप्त किया है, वे नेशनल बोर्ड से प्रमाणित प्राकृतिक चिकित्सक बन सकते हैं।<ref name="anmcb.org">{{Cite web |url=http://www.anmcb.org/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110107114316/http://www.anmcb.org/ |archive-date=7 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> बीसवीं सदी के प्रारंभ में<ref>तड़कना. 352 @ 1326, 5.3936, सार्वजनिक नं. 831 [45 सेंट 1339 पर भी देखा गया] 27 फ़रवरी 1929 और उसकी 5 मई 1930 को एच.आर. 12169 अपनी स्पष्ट संशोधन के रूप में पाया और 28 जनवरी 1931 और कॉरेसपौन्डिंग हाउस रिपोर्ट #2432 30 जनवरी 1930.</ref> अमेरिकी कांग्रेस द्वारा एक पेशे के रूप में परिभाषित पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सा के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती थी।<ref>लॉटन वी. स्टील, 152 अमेरिकी 133 (1894)</ref> क्योंकि प्राकृतिक चिकित्सा की गतिविधियों में संलग्न होने के लिए आम तौर पर लाइसेंस की आवश्यकता होती है, इसलिए इसका अभ्यास केवल उन 15 राज्यों में कानूनी है, जो पेशे का विनियमन करता है, हालांकि नेचुरोपैथिक दवाओं का उपयोग करने वाले चिकित्सक पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सा का अभ्यास कर सकते हैं। {{Citation needed|date= फ़रवरी 2010}} 2. अमेरिका में प्राकृतिक चिकित्सा का प्रतिनिधित्व अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ नेचुरोपैथिक फिजिशियन करता है, जिसकी स्थापना 1985 में की गई थी और जिसमें 2000 चिकित्सकों, छात्रों व सपोर्टिंग व कॉरपोरेट सदस्यों का प्रतिनिधित्व हैं।<ref name="ACS"/><ref>{{Cite web |url=http://www.naturopathic.org/content.asp?pl=9&contentid=9 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180101221830/http://www.naturopathic.org/content.asp?pl=9&contentid=9 |archive-date=1 जनवरी 2018 |url-status=dead }}</ref> === प्राकृतिक चिकित्सा के डॉक्टर === {{Main|नेचुरोपैथिक डॉक्टर }} {{वैश्विकृत करें|date= जनवरी 2010}} नेचुरोपैथिक डॉक्टर (एनडी या एनएमडी) या समकक्ष शब्द कम से कम 15 अमेरिकी राज्यों, कोलंबिया जिला, अमेरिका के पोर्टा रिको, अमेरिकी वर्जिन द्वीप समूह और कनाडा के पांच प्रांतों में लाइसेंस देने और प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं के कुछ रूपों में एक संरक्षित पदवी है।<ref name="autogenerated1">{{cite web |url=http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=118 |title=American Association of Naturopathic Physicians |publisher= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100415231513/http://www.naturopathic.org/viewbulletin.php?id=118 |archive-date=15 अप्रैल 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.cand.ca |publisher=Canadian Association of Naturopathic Doctors |title=Welcome |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20191005024700/https://www.cand.ca/ |archive-date=5 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> कौंसिल ऑन नेचुरोपैथिक मेडिकल एजुकेशन द्वारा प्रमाणित कॉलेजों में शैक्षिक और नैदानिक प्रशिक्षण हासिल करने के बाद इन अधिकार क्षेत्रों में नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को नॉर्थ अमेरिकन बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथिक एक्जामिनर्स (एनएबीएनई)<ref>{{cite web |url=http://www.nabne.org |title=NABNE |publisher=North American Board of Naturopathic Examiners |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20190607010518/https://www.nabne.org/ |archive-date=7 जून 2019 |url-status=live }}</ref>द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा पास करनी होती है।<ref>{{cite web |url=http://www.cnme.org |title=Council on Naturopathic Medical Education |publisher= |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20191005024641/https://cnme.org/ |archive-date=5 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> सीएनएमई अमेरिकी शिक्षा विभाग द्वारा नेचुरोपैथिक मेडिकल कार्यक्रमों के लिए मान्यता प्राप्त निकाय के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त है।<ref>{{cite web |url=http://www.ed.gov/admins/finaid/accred/accreditation_pg8.html |title=College Accreditation in the United States |page=8 |publisher=[[U.S. Secretary of Education]] |date=9 सितंबर 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508122029/http://www.ed.gov/admins/finaid/accred/accreditation_pg8.html |archive-date=8 मई 2009 |url-status=dead }}</ref> रेजीडेंसी कार्यक्रम की पेशकश बास्तर विश्वविद्यालय<ref>{{cite web |url=http://www.bastyr.edu/education/naturopath/degree/training.asp |title=Degree : Naturopathic Medicine |publisher=[[Bastyr University]] |date=28 मई 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100815043410/http://www.bastyr.edu/education/naturopath/degree/training.asp |archive-date=15 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> एनसीएमएम,<ref>{{cite web |url=http://www.ncnm.edu/naturopathic-medicine-residency-program.php |publisher=National College of Natural Medicine |title=Naturopathic Medicine Residency Program |date=26 जनवरी 2009 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101006063216/http://www.ncnm.edu/naturopathic-medicine-residency-program.php |archive-date=6 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref>एससीएनएम,<ref>{{cite web |url=http://scnm.edu/residencies.html |title=Residencies at SCNM |publisher=Scnm.edu |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100603072857/http://www.scnm.edu/residencies.html |archive-date=3 जून 2010 |url-status=dead }}</ref> सीसीएनएम<ref>{{cite web |url=http://www.ccnm.edu/?q=clinical_resident |title=Clinical Residency at The Canadian College of Naturopathic Medicine |publisher=Ccnm.edu |date=4 फरवरी 2008 |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-date=17 अगस्त 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220817111713/https://ccnm.edu/?q=clinical_resident |url-status=dead }}</ref> और ब्रिजपोर्ट विश्वविद्यालय द्वारा की जाती है।<ref>{{cite web |url=https://www.bridgeport.edu/pages/2657.asp |title=Residency Programs at Bridgeport |publisher=[[University of Bridgeport]] |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100527194055/https://www.bridgeport.edu/pages/2657.asp |archive-date=27 मई 2010 |url-status=dead }}</ref> एनडी डाक्टरों को रेसिडेंसी प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होती.<ref name="ACS"/> कई नेचुरोपैथ डाक्टर स्वयं को प्राथमिक देखभाल प्रदाताओं के रूप में खुद को पेश करते हैं।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="CNME-handbook">{{cite web |url=http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |title=Handbook of Accreditation for Naturopathic Medicine Programs |format=PDF |page=45 |publisher=Council on Naturopathic Medical Education |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20170209083708/http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |archive-date=9 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref name="atwood2003"/> एनडी प्रशिक्षण में बुनियादी चिकित्सा नैदानिक परीक्षण और प्रक्रियाएं जैसे मेडिकल इमेजिंग, छोटी सर्जरी और रक्त परीक्षण शामिल हैं। सीएनएमई मामूली सर्जरी, प्राकृतिक प्रसव और अंतर्शिरा चिकित्सा यानी इंट्रावेनस थेरेपी सहित वैकल्पिक ऐच्छिक पद्धतियों को शामिल करने की अनुमति प्रदान करता है, हालांकि उन्हें आम तौर पर इन कार्यों का लाइसेंस प्राप्त नहीं होता है; इन पद्धतियों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है और सभी क्षेत्रों में इनका अभ्यास नहीं किया जा सकता है। यह प्रशिक्षण एमडी डॉक्टरों द्वारा लिये गये प्रशिक्षण से अलग होता है, क्योंकि इसमें उस तरह की थेरेपी की आवश्यकता होती है, जिनकी जरूरत मेडिकल स्कूलों में नहीं होती, जैसे जड़ी-बूटियों द्वारा चिकित्सा, नैदानिक पोषण प्राकृतिक गतिविधियां व होम्योपैथी चिकित्सा.<ref>{{cite web |url=http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |title=Academic Curriculum - Association of Accredited Naturopathic Medical Colleges |publisher=Aanmc.org |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120222210216/http://www.aanmc.org/education/academic-curriculum.php |archive-date=22 फ़रवरी 2012 |url-status=dead }}</ref> प्राकृतिक चिकित्सा स्कूल भी वाइटलिज़्म (शरीर की अपनी शक्ति) सिखाते है, क्योंकि यह एक ऐसी अवधारणा है जिसे आधुनिक विज्ञान व औषधि के साथ असंगत माना जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="atwood2004"/><ref name="atwood2003"/><ref name="McKnight2009"/> होम्योपैथी अत्यधिक विवादास्पद है और अक्सर इसे "नीमहकीमी" या "छद्म विज्ञान" कहा जाता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="atwood2004"/><ref name="ACS"/> 2005 में मैसाचुसेट्स मेडिकल सोसायटी ने इस चिंता के आधार पर राष्ट्रमंडल में इसे लाइसेंस देने का विरोध किया कि एनडी डॉक्टरों को रेसीडेंसी में भाग लेने की जरूरत नहीं है और वे अनुचित या हानिकारक सुझाव भी दे सकते हैं।<ref name="MassMed2005">{{cite news | first=Richard P. | last=Gulla | author2= | authorlink= | title=Massachusetts Medical Society Testifies in Opposition to Licensing Naturopaths | date=मई 11, 2005 | publisher=[[Massachusetts Medical Society]] | url=http://www.massmed.org/AM/PrinterTemplate.cfm?Section=Home&CONTENTID=12458&TEMPLATE=/CM/ContentDisplay.cfm | work= | pages= | accessdate=17 अप्रैल 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20110716132319/http://www.massmed.org/AM/PrinterTemplate.cfm?Section=Home&CONTENTID=12458&TEMPLATE=%2FCM%2FContentDisplay.cfm | archive-date=16 जुलाई 2011 | url-status=live }}</ref> पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा चिकित्सकों के लिए बने मैसाचुसेट्स स्पेशल कमीशन ने उसकी चिंताओं को खारिज कर दिया और लाइसेंस देने की सिफारिश की.<ref name="MassCtte">{{cite web |url=http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/majority.pdf |format=PDF |title=Majority Report of the Special Commission on Complementary and Alternative Medical Practitioners: A Report to the Legislature |month=January |year=2002 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120121012802/http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/majority.pdf |archive-date=21 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> कौंसिल ऑन नेचुरोपैथिक मेडिकल एजुकेशन द्वारा परिभाषित हस्तक्षेपों के मुख्य बिंदु निर्धारित किये गये हैं और उत्तर अमेरिका से मान्यता प्राप्त सभी छह स्कूलों में इसे सिखाया भी जाता है। इनमें शामिल हैं:<ref name="cnme-handbook">{{cite web |url=http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |format=PDF |title=Handbook of accreditation for Naturopathic Programs |year=2008 |page=51 |publisher=Council on Naturopathic Medical Education |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20170209083708/http://www.cnme.org/resources/2007_hoa.pdf |archive-date=9 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref> एक्यूपंक्चर और पारंपरिक चीनी चिकित्सा, वानस्पतिक चिकित्सा, होम्योपैथी,'' प्राकृतिक निदान'' (इसमें प्राकृतिक तत्वों के उपयोग से कई तरह की चिकित्सा की जाती है।) पोषण, भौतिक चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक परामर्श. वाशिंगटन राज्य में, जहां नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को प्राथमिक देखभाल करने वाले डॉक्टरों के समकक्ष लाइसेंस दिये जाते हैं,<ref>{{cite web |url=http://apps.leg.wa.gov/RCW/default.aspx?cite=18.36A&full=true |title=Chapter 18.36A RCW: Naturopathy |publisher=Apps.leg.wa.gov |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091017023722/http://apps.leg.wa.gov/rcw/default.aspx?cite=18.36A&full=true |archive-date=17 अक्तूबर 2009 |url-status=live }}</ref> हालांकि कई डॉक्टर बीमा भी स्वीकार करते हैं और इसके साथ नेचुरोपैथ को एक प्राथमिक चिकित्सा प्रदाता के रूप में पेश करने के एक विकल्प की कुछ योजनाओं की पेशकश करते हैं।<ref name="fammed.washington.edu"/> कनेक्टिकट और वॉशिंगटन में में राज्य के कानून में बीमा प्रदाताओं को नेचुरोपैथिक सेवाओं के लिए कुछ बीमा कवरेज प्रदान करने का प्रवाधान होता है, जबकि नेचुरोपैथिक डाक्टरों की महत्वपूर्ण संख्या वाले ओरेगोन राज्य में इसकी जरूरत नहीं होती.<ref name="fammed.washington.edu"/> === अन्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर === 1998 की एक कार्यबल रिपोर्ट के अनुसार कुछ चिकित्सक अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा के तौर-तरीकों को शामिल करना चुनते हैं,<ref>{{cite web |url=http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/RTF.PDF |format=PDF |author=Finocchio LJ, Dower CM, Blick NT, Gragnola CM and the Taskforce on Health Care Workforce Regulation |title=Strengthening Consumer Protection: Priorities for Health Care Workforce Regulation |publisher=Pew Health Professions Commission |location=San Francisco |year=1998 |month=October |accessdate=1 अप्रैल 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110720045035/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/RTF.PDF |archive-date=20 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>और टेक्सास जैसे राज्यों में उन एमडी डॉक्टरों के लिए प्रैक्टिस के दिशा-निर्देश तय करना शुरू किया है, जो अपनी प्रैक्टिस में वैकल्पिक और पूरक दवाएं शामिल करते हैं।<ref>टेक्सास प्रशासनिक संहिता शीर्षक 22, भाग 9 § 200.3, 1998</ref> स्वास्थ्य की देखभाल में लगे पेशेवरों की प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों की सतत् शिक्षा में बहुत भिन्नता हो सकती है, लेकिन इसमें चिकित्सक, शारीरिक चिकित्सक, चिरोप्रैक्टर्स, एक्यूपंक्चर चिकित्सक, दंत चिकित्सक, [[पीएचडी|शोधकर्ता]], पशु चिकित्सक, डॉक्टरों के सहायक और नर्सों सहित कई पेशेवर शामिल होते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf |format=PDF |author=Hough HJ, Dower C, O’Neil EH |title=Profile of a profession: naturopathic practice |publisher=Center for the Health Professions, University of California, San Francisco |location=San Francisco |year=2001 |month=September |doi= |pmid= |accessdate=21 अप्रैल 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160112043423/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf |archive-date=12 जनवरी 2016 |url-status=dead }}</ref> ये पेशेवरों आमतौर पर अपने मूल पद को बनाए रखते हैं, पर अपनी प्रैक्टिस को वर्णित करने के लिए 'समग्र', 'प्राकृतिक', या 'एकीकृत जैसे शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं। अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल एसोसिएशन (एएनएमए) और अमेरिकन नेचुरोपैथिक मेडिकल सर्टिफिकेशन एंड एक्रीडियोशन बोर्ड (एएनएमसीएबी) के पास मेडिकल डॉक्टरों (एमडी) और डॉक्टर्स आॅफ अस्टियोपैथी (डीओ) को मान्यता व प्रमाणन कार्यक्रम होता है, जिन्होंने पूरक के रूप में प्राकृतिक चिकित्सा के अध्ययन के साथ अपनी शिक्षा पाई है और अपनी प्रैक्टिस में प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल किया है।<ref name="anmcb.org"/> == विनियमन == === आस्ट्रेलिया === [[ऑस्ट्रेलिया]] के किसी भी राज्य में इसके लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जाता, बल्कि यह उद्योग आत्म-विनियमित है। वहाँ टाइटिल का संरक्षण नहीं है, इसका मतलब यह हुआ कि तकनीकी रूप से किसी को भी प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में अभ्यास करने की आजादी है। पेशागत क्षतिपूर्ति या सार्वजनिक देयता के लिए बीमा प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता प्रोफेशनल एसोसिएशन में शामिल होना है, जो केवल एक मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम पूरा करने और पेशेवर प्रमाणीकरण प्राप्त करने से हो सकता है। वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में प्राकृतिक चिकित्सा की पंजीकृत गतिविधियां वही हैं, जो चीनी चिकित्सा से संबंधित हैं और वह भी केवल [[विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया)|विक्टोरिया]] राज्य में.<ref>{{cite web |publisher=The Royal Australian College of General Practitioners |url=http://www.racgp.org.au/racgpaimajwp |title=Joint RACGP/AIMA Working Party Terms of Reference |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110305062144/http://www.racgp.org.au/racgpaimajwp |archive-date=5 मार्च 2011 |url-status=dead }}</ref> 1977 में ऑस्ट्रेलिया में एक समिति ने प्राकृतिक चिकित्सा के सभी कॉलेजों की समीक्षा की और पाया कि हालांकि कई कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में कागज पर बुनियादी जैव चिकित्सा विज्ञान को उचित मात्रा में शामिल किया था, पर वास्तविक अनुदेश के प्रलेखित कोर्स का संबंध मामूली ही था। किसी भी मामले में किसी परिणाम का व्यावहारिक काम उपलब्ध नहीं हुआ। समिति ने जिन व्याख्यानों को सुना, वे पाठ्यपुस्तक की सामग्री के श्रुतिलेख से अलग और धीमे मगर अपेक्षाक्रत व्यवस्थित, चिकित्सा विज्ञान की शब्दावली की व्याख्या से पूर्ण थे। शब्दकोश परिभाषा के एक स्तर पर वे व्याख्यान गहराई (अध्ययन के) के लाभ या तंत्र की समझ-बूझ या अवधारणाओं का व्यापक महत्व से वंचित थे। इस समिति ने प्राकृतिक चिकित्सकों की पसंद के विभिन्न चिकित्सीय दृष्टिकोण की कोई महत्वपूर्ण शिक्षण पद्धति नहीं देखी. पता चला कि लोगों की विशेष रूप से होम्योपैथी में रुचि थी, बैच की पुष्प चिकित्सा या खनिज लवण उपचार के बारे में साक्षात्कार किये गये, लेकिन विभिन्न कॉलेजों में इस चिक्त्सिा पद्धतियों के चयन और उपयोग में कोई व्यवस्थित पाठ्यक्रम नहीं देखा गया। समिति का यही मानना था कि चिकित्सात्मक पद्धति का चयन नेचुरोपैथ की आम धारणा पर आधा‍िरत है और चूंकि विभिन्न पाठ्यक्रमों सुझाए गये अनुप्रयोग और व्यवस्थाएं काफी बड़े पैमाने पर ओवरलैप (एक के उपर एक रखे हुए) किये हुए हैं कि कोई विशेष संकेत नहीं मिल पाते हैं और उन्हें पढ़ाया भी नहीं जा सकता.<ref name="Aust1977"/> === भारत === भारत में बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड यौगिक साइंसेज (बीएनवाईएस) का 5 साल का डिग्री पाठ्यक्रम है। [[भारत]] में कुल 11 कॉलेज हैं, जिनमें चार कॉलेज [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] राज्य में हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.findnd.com/naturopathic-education/indian-colleges/113-naturopathic-colleges-in-india.html |title=Naturopathic Colleges in India |publisher=Findnd.com |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100819023221/http://www.findnd.com/naturopathic-education/indian-colleges/113-naturopathic-colleges-in-india.html |archive-date=19 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> भारतीय चिकित्सा प्रणाली के रूप में नेचुरौपैथी और योग भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आयुष विभाग के तहत आता है।<ref name="AYUSH">{{Cite web |url=http://www.indianmedicine.nic.in/ |title=आयुर्वेद विभाग, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100920151259/http://indianmedicine.nic.in/ |archive-date=20 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> भारत सरकार ने 1969 में कंेन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन के रूप में "सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेद, योग एंड नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध एंड होम्योपैथी" की स्थापना की. 1978 तक, इस संगठन का दायित्व वैकल्पिक चिकित्सा की विभिन्न शाखाओं में वैज्ञानिक अनुसंधान करना था। इस अवधि के दौरान प्राकृतिक चिकित्सा के विकास के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सीधे देखा गया था। मार्च 1978 में संयुक्त परिषद को भंग किया गया और उसकी जगह आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी, होम्योपैथी, योग और नेचुरोपैथी के लिए एक-एक स्वतंत्र अनुसंधान परिषदों का गठन किया गया।<ref>{{cite web |url=http://www.findnd.com/regulation/67-india/112-central-council-for-research-in-yoga-and-naturopathy-.html |title=Central Council for Research in Yoga and Naturopathy |publisher=Findnd.com |date= |accessdate=22 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110711002614/http://www.findnd.com/regulation/67-india/112-central-council-for-research-in-yoga-and-naturopathy-.html |archive-date=11 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> [[पुणे]] का राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान 22 दिसम्बर 1986 में स्थापित किया गया। यह संस्थान पूरे देश में प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान के माध्यम से मौजूदा ज्ञान और इसके प्रयोग का मानकीकरण और प्रचार करता है। यह संस्थान "एक शासी निकाय" के रूप में काम करता है, जिसके अध्यक्ष होते हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री.<ref>{{Cite web |url=http://www.punenin.org/ |title=नैशनल इंस्टीटयूट ऑफ़ न्युट्रोपैथी, पुणे |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100823043946/http://www.punenin.org/ |archive-date=23 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> === उत्तर अमेरिका === कनाडा के पांच प्रांतों में, पन्द्रह अमेरिकी राज्यों और कोलंबिया जिले में नेचुरोपैथिक डॉक्टर, जो उत्तर अमेरिका में प्राकृतिक चिकित्सा के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में प्रशिक्षित हैं, एनडी या एनएमडी पदनाम का उपयोग करने के लिए हकदार हैं। अन्यत्र "नेचुरोपैथ", "नेचुरोपै‍थिक डॉक्टर", और "डॉक्टर ऑफ नेचुरल मेडिसिन" आम तौर पर सुरक्षारहित हैं।<ref name="IA_med">{{cite web |url=http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |title=A Policy Statement on Naturopathy |publisher= |doi= |pmid= |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100107110956/http://medicalboard.iowa.gov/Naturopathy.html |archive-date=7 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> उत्तरी अमेरिका में, प्राकृतिक चिकित्सा को नियंत्रित करने वाले प्रत्येक क्षेत्राधिकार में प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टरों की प्रैक्टिस काफी भिन्न हो सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में इसमें मामूली सर्जरी, दवाएं लिखना, रीढ़ की हड्डी के उपचार, प्रसूति एवं स्त्री रोगों के निदान की मंजूरी दी जाती है, जबकि दूसरे क्षेत्रों में इन्हें प्राकृतिक चिकित्सा के दायरे से बाहर रखा जाता है।<ref name="Sunrise-2008">{{cite web |url=http://www.dora.state.co.us/OPR/archive/2008NaturopathicPhysiciansSunrise.pdf |format=PDF |year=2008 |title=Sunrise Review: Naturopathic Physicians |page=19 |publisher=State of Colorado |accessdate= |pmid= |doi= |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002001141/http://www.dora.state.co.us/opr/archive/2008NaturopathicPhysiciansSunrise.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> ==== कनाडा ==== कनाडा के पांच प्रांतों में नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को लाइसेंस दिये जाते हैं : ब्रिटिश कोलंबिया, मानीतोवा, नोवा स्कोटिया, [[ओन्टारियो|ओंटारियो]] और सासकेचवान.<ref>{{Cite web |url=http://www.cand.ca/index.php?40 |title=न्यूटरपैथिक डॉक्टरों के कनाडा की एसोसिएशन |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110706170455/http://www.cand.ca/index.php?40 |archive-date=6 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> ब्रिटिश कोलंबिया ने 1936 से नेचुरोपैथिक दवाओं को विनियमित किया है और यही कनाडा का एकमात्र प्रांत है, जो प्रमाणित डॉक्टरों को फार्मास्यूटिकल्स लिखने और मामूली सर्जरी की अनुमति देता है। ==== संयुक्त राज्य अमेरिका ==== * अमेरिका के न्याय क्षेत्र में, जहां वर्वेतमान में नेचुरोपैथी का विनियमन होता है और लाइसेंस दिया जाता है, वे हैं : [[अलास्का|अलास्का,]] [[एरीजोना|एरिज़ोना,]] [[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया,]] [[कनाटीकट|कनेक्टिकट,]] कोलंबिया जिला, [[हवाई|हवाई,]] [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइनी,]][[मिनेसोटा|मिनेसोटा,]] मोंटाना, [[नया हेम्पशायर|न्यू हैम्पशायर,]] [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[प्युर्तो रिको|पर्टो रीको,]]<ref>{{cite web |url=http://www.oslpr.org/download/ES/1997/208s0783.pdf |format=PDF |title=Ley para Reglamentar el Ejercicio de la Medicina Naturopática en Puerto Rico [Law to Regulate the Practice of Naturopathic Medicine in Puerto Rico] |language=es |date=30 दिसम्बर 1997 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081002072926/http://www.oslpr.org/download/ES/1997/208s0783.pdf |archive-date=2 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> अमेरिका वर्जिन द्वीप समूह, [[यूटाह|उताह]], [[वर्मांट|वरमोंट]] और [[वाशिंगटन|वाशिंगटन.]]<ref name="autogenerated1"/> इसके अतिरिक्त [[फ़्लोरिडा|फ्लोरिडा]] और वर्जीनिया में एक ग्रैंडफादर क्लाज के अंतर्गत प्राकृतिक चिकित्सा की प्रैक्टिस का लाइसेंस दिया जाता है।<ref name="AMA_report_2006">{{cite news | first= | last= | author2= | authorlink= | title=Reports to the Board of Trustees | date=2006-11 | publisher=[[American Medical Association]] | url=http://www.ama-assn.org/ama1/pub/upload/mm/38/i-06bot.pdf | format=PDF | work= | pages= | accessdate=19 मार्च 2009 | language= | archive-url=https://web.archive.org/web/20081119233832/http://www.ama-assn.org/ama1/pub/upload/mm/38/i-06bot.pdf | archive-date=19 नवंबर 2008 | url-status=dead }}</ref> : :* अमेरिका के न्याय क्षेत्र में, जहां प्रेसक्रिप्शन वाली दवाओं तक पहुंच की अनुमति दी जाती है, वे हैं पर्चे दवाओं का उपयोग करने की अनुमति: [[एरीजोना|एरिज़ोना,]][[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया]] कोलंबिया जिला, [[हवाई|हवाई,]] [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइन,]] मोंटाना, [[नया हेम्पशायर|न्यू हैम्पशायर,]] [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[यूटाह|उताह,]] [[वर्मांट|वरमोंट,]] और[[वाशिंगटन|वॉशिंगटन]]. :* अमेरिकी न्याय क्षेत्र में, जहां मामूली सर्जरी की अनुमति दी जाती है, वे हैं: [[एरीजोना|एरिज़ोना]] कोलंबिया जिला, [[आयडाहो|इदाहो,]] [[कैंसास|कान्सास,]] [[मेन|माइन]] {5 }मोंटाना, [[औरिगन|ओरेगोन,]] [[यूटाह|उताह,]] [[वर्मांट|वरमोंट,]] और [[वाशिंगटन|वाशिंगटन.]] * अमेरिकी राज्यों, जिनमें विशेष रूप से प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास का निषेध है, वे हैं : दक्षिण कैरोलिना,<ref name="AMA_report_2006"/><ref>{{cite web|url=http://www.scstatehouse.net/code/t40c031.htm|title=South Carolina Code of Laws Section 40-31-10|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20081015195851/http://www.scstatehouse.net/CODE/t40c031.htm|archive-date=15 अक्तूबर 2008|url-status=dead}}</ref> और [[टेनेसी|टेनेसी.]]<ref name="AMA_report_2006"/><ref>{{cite web |url=http://www.michie.com/tennessee/lpext.dll/tncode/257b9/25b48/25b6e/25ba9?f=templates&fn=document-frame.htm&2.0#JD_63-6-205 |title=Tennessee Code 63-6-205 |publisher=Tennessee State Legislature |date= |accessdate= |doi= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110929004205/http://www.michie.com/tennessee/lpext.dll/tncode/257b9/25b48/25b6e/25ba9?f=templates&fn=document-frame.htm&2.0#JD_63-6-205 |archive-date=29 सितंबर 2011 |url-status=dead }}</ref> नेचुरोपैथिक डॉक्टरों को स्नातक स्तर की पढ़ाई और प्रैक्टिस शुरू करने के बीच रेसिडेंसी की अनुमति नहीं होती है, हालांकि<ref name="ACS"/> यूटा राज्य अपवाद है।<ref>{{cite web |url=http://www.dopl.utah.gov/licensing/forms/applications/072_naturopathic_phys.pdf |format=PDF |title=Application for licensure : naturopathic physician |publisher=State of Utah Division of Occupational and Professional Licensing |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100629150914/http://dopl.utah.gov/licensing/forms/applications/072_naturopathic_phys.pdf |archive-date=29 जून 2010 |url-status=live }}</ref> === युनाइटेड किंगडम === [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|यूनाइटेड किंगडम]] में चूंकि, प्राकृतिक चिकित्सा पेशे का सरकार प्रायोजित कोई भी विनियमन नहीं है, इसलिए नेचुरोपैथ डॉक्टर अविनियमित हैं। सबसे बड़े पंजीयक निकाय द जनरल, कौंसिल एंड रजिस्टर ऑफ नेचुरोपैथ ब्रिटेन में तीन पाठ्यक्रमों को मान्यता देता है, जिनमें से दो ओस्टियोपैथिक स्कूलों : द ब्रिटिश कॉलेज ऑफ ओस्टियोपैथिक मेडिसिन, द कॉलेज ऑफ ओस्टियोपैथिक एजुकेशनल ट्रस्ट में और एक बीएससी हेल्थ साइंस (नेचुरोपैथी) कोर्स के तत्वावधान में यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर स्कूल ऑफ इंटेग्रेटेड हेल्थ में पढ़ाया जाता है। {{Citation needed|date=जुलाई 2008}} वहाँ ''एसोसिएशन ऑफ नेचुरोपैथिक प्रैक्टिसनर्स '' और'' ब्रिटिश नेचुरोपैथिक एसोसिएशन '' भी हैं। == सबूत के आधार == साक्ष्य आधारित चिकित्सा (ईबीएम) की वकालत नेचुरोपैथी जैसे प्राकृतिक इलाज अनुसंधान के लिए एक उपयुक्त पद्धति के रूप में की गई है, जिसे पर्याप्त वैज्ञानिक आधार के अभाव वाली प्रणाली कहा गया है।<ref name="Naturo2006"/> ऑस्ट्रेलिया में हुए सर्वेक्षण में पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक ईबीएम को जीवनी शक्ति और व्यापक सिद्धांतों में विश्वासों पर एक सैद्धांतिक हमला मानते हैं<ref name="Naturo2006"/> वे प्राकृतिक चिकित्सा के अभ्यास की सचाई की वकालत करते हैं।<ref name="Naturo2006"/> ऑस्ट्रेलिया में सर्वेक्षण में शामिल पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सकों को ईबीएम की अवधारणा की समझ और उसे लागू करने में दिक्कत हो सकती है।<ref name="Naturo2006">{{cite journal |journal= J Altern Complement Med |year=2006 |volume=12 |issue=3 |pages=323–8 |title=Evidence-based medicine and naturopathy |author=Jagtenberg T, Evans S, Grant A, Howden I, Lewis M, Singer J |doi= |pmid=16646733}}</ref> हालांकि प्राकृतिक चिकित्सा की आम लोगों में स्वीकार्यता बढ़ रही है, पर चिकित्सा समुदाय के सदस्यों का रुख आलोचनात्मक रहा है और वे प्राकृतिक चिकित्सा के विचार को नामंजूर करते हैं।<ref name="Beck T"/> प्राकृतिक चिकित्सा के व्यापक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ उपचार के बेहतर नजरिये को हासिल किया जा सकता है, जिससे इस चिकित्सा प्रणाली के मॉडल में विकास किया जा सकता है और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के लिए एक आर्थिक लाभ भी हासिल किया जा सकता है।<ref name="Beck T">{{cite journal |journal=Forsch Komplementarmed Klass Naturheilkd |year=2001 |volume=8 |issue=1 |pages=24–32 |title=[On the general basis of naturopathy and complementary medicine]|author=Beck T |doi= |pmid=11340311}}</ref> प्राकृतिक चिकित्सकों ने नैदानिक प्रैक्टिस में अनुसंधान और आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धांतों को स्वीकार करने के प्रति अपना योगदान शुरू किया है, जिससे इस पेशे को और विकसित करने और मान्य बनाने में मदद मिलेगी.<ref>{{cite journal |journal=Med Clin North Am |year=2002 |volume=86 |issue=1 |pages=173–84 |title=Naturopathy|url=https://archive.org/details/sim_medical-clinics-of-north-america_2002-01_86_1/page/173 |author=Smith MJ, Logan AC |doi= |pmid=11795088}}</ref> नेचुरोपैथ और मेडिकल डॉक्टरों में आम बीमारियों के व्यापक रेंज के निदान और प्रबंधन में प्राकृतिक चिकित्सा की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने और यह तय करने के लिए कि प्राकृतिक सेवाओं की पहुंव ऐसी हो कि कम खर्च में रोगियों की सेहत में सुधार हो सके.<ref>{{cite journal |journal=J Fam Pract |year=2005 |volume=54 |issue=12 |pages=1067–72 |title=Naturopathic medicine: what can patients expect? |author=Dunne N, Benda W, Kim L, Mittman P, Barrett R, Snider P, Pizzorno J |url=http://www.jfponline.com/Pages.asp?AID=3698 |doi= |pmid=16321345 |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120324072742/http://www.jfponline.com/Pages.asp?AID=3698 |archive-date=24 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> जर्मनी में कई प्राकृतिक चिकित्सा के वैकल्पिक उपचार एक विश्वसनीय विज्ञान के रूप में किये जाते है, जैसे कि मालिश द्वारा चिकित्सा. हालांकि मालिश द्वारा चिकित्सा एक गैर-पारंपरिक पद्धति है और न यह गंभीर प्राकृतिक चिकित्सा के समान नहीं है और मालिश द्वारा चिकित्सा की गुणवत्ता भी नहीं है।<ref name="Heide"/> मालिश द्वारा चिकित्सा के विपरीत, वैज्ञानिक रूप से वास्तविक प्राकृतिक चिकित्सा के तरीके वैकल्पिक नहीं हैं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा के लिए एक पूरक के रूप में कार्य करते हैं।<ref name="Heide">{{cite journal |journal=Versicherungsmedizin|year=2009 |volume=61 |issue=3 |pages=129–35 |title=[Reflexology--nothing in common with scientific naturopathic treatments]|author=Heide M, Heide MH |doi= |pmid=19860172}}</ref> === आलोचना === प्राकृतिक चिकित्सा की आलोचना बिना साबित हुए, गलत साबित हुए और अन्य विवादास्पद वैकल्पिक चिकित्सा उपचार और इसके जीवनी शक्ति वाले आधार पर आश्रित होने और संबंधित होने के लिए की जाती है।<ref name="McKnight2009">{{cite news |first=P |last=McKnight |author2= |authorlink= |title=Naturopathy's main article of faith cannot be validated: Reliance on vital forces leaves its practises based on beliefs without scientific backing |date=7 मार्च 2009 |url=http://www.vancouversun.com/story_print.html?id=1364389 |work=[[Vancouver Sun]] |pages= |accessdate=21 मार्च 2009 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> किसी भी वैकल्पिक चिकित्सा में रोग का पता लगाने में भूल का जोखिम होता है और यह जोखिम प्रशिक्षण के स्तर के आधार पर कम हो सकता है।<ref name="Gale_Frey"/><ref name="atwood2004"/> यह भी एक खतरा है अगर रोगी अपने प्राकृतिक चिकित्सकों द्वारा सुझाये गये तरीकों के आधार पर इलाज का प्रयास करें तो नेचुरोपैथ उन बीमारियों का पता ही नहीं कर सकें और रोगी अनुपचारित रह जायें. कुछ प्राकृतिक उपचार पद्धतियां, जैसे होम्योपैथी और इरिडोलॉजी व्यापक रूप से छद्मविज्ञान या नीमहकीमी ही मानी जाती हैं।<ref name="NSBattitudes">{{cite web |author=National Science Board |month=April |year=2002 |title=Science and engineering indicators |chapter=7 |chapter_title=Science and technology: public attitudes and public understanding |url=http://www.nsf.gov/statistics/seind02/c7/c7s5.htm |section_title=Science Fiction and Pseudoscience |location=Arlington, Virginia |publisher=National Science Foundation Directorate for Social, Behavioral and Economic Sciences |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://wayback.archive-it.org/5902/20150818104004/http://www.nsf.gov/statistics/seind02/c7/c7s5.htm |archive-date=18 अगस्त 2015 |url-status=live }}</ref><ref name="WahlbergQuack"> {{cite journal |author=Wahlberg A |year=2007 |doi=10.1016/j.socscimed.2007.07.024 |title=A quackery with a difference—new medical pluralism and the problem of 'dangerous practitioners' in the United Kingdom |journal=Social Science & Medicine |volume=65 |issue=11 |pages=2307–2316 |pmid=17719708 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/iridology.html |title=Iridology is nonsense |accessdate= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110406120005/http://www.quackwatch.com/01QuackeryRelatedTopics/iridology.html |archive-date=6 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}, आगे के संदर्भ में एक वेब पृष्ठ</ref> ''प्राकृतिक'' तरीके और रसायन जरूरी नहीं कि ''कृत्रिम'' या'' सिंथेटिक '' तरीकों से सुरक्षित और ज्यादा प्रभावकारी हों. क्योंकि कोई भी उपचार जो असरदार होता है, उसके हानिकारक पार्श्व प्रभाव भी हो सकते हैं।<ref name="Barrett-Naturopathy"/><ref name="ACS">{{cite news |first= |last= |author2= |authorlink= |title=Naturopathic medicine |date=26 मार्च 2007 |publisher=[[American Cancer Society]] |url=http://www.cancer.org/docroot/ETO/content/ETO_5_3X_Naturopathic_Medicine.asp |work= |pages= |accessdate=21 मार्च 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100627111334/http://www.cancer.org/docroot/ETO/content/ETO_5_3X_Naturopathic_Medicine.asp |archive-date=27 जून 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="SkepDic_natural">{{cite web |url=http://skepdic.com/natural.html |title=Natural |accessdate=21 मार्च 2009 |last=Carroll |first=Robert |work=[[The Skeptic's Dictionary]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110514011749/http://skepdic.com/natural.html |archive-date=14 मई 2011 |url-status=live }}</ref><ref name="NCAHF_herb">{{cite web |url=http://www.ncahf.org/pp/herbal.html |title=NCAHF Position Paper on Over the Counter Herbal Remedies (1995) |accessdate=17 अप्रैल 2009 |year=1995 |publisher=[[National Council Against Health Fraud]] |archive-url=http://webarchive.loc.gov/all/20110707163329/http://www.ncahf.org/pp/herbal.html |archive-date=7 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> नेचुरोपैथ सहित "गैर वैज्ञानिक स्वास्थ्य सेवा चिकित्सक अवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं और जनता को धोखा देते हैं और जिनमें स्वास्थ्य देखभाल की गहरी जानकारी नहीं होती, उन्हें प्रदाताओं के आश्वासन पर भरोसा करना चाहिए.<ref name="Jarvis WT"/> विलियम टी जार्विस का कहना है, कि नीमहकीमी से केवल आम लोगों का ही नुकसान नहीं होता, यह वैज्ञानिक अनुसंधान करने क्षमता को कमजोर करता है और वैज्ञानिकों को इसका विरोध करना चाहिए.<ref name="Jarvis WT">{{cite journal |pmid=1643742 |year=1992 |month=August |last1=Jarvis |first1=WT |title=Quackery: a national scandal |volume=38 |issue=8B Pt 2 |pages=1574–86 |issn=0009-9147 |journal=Clinical chemistry}}</ref> क्वैकवाच और द नेशनल कौंसिल एगेंस्ट फ्रॉड के स्टीफन बैरेट ने कहा है चकि प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन "साधारण है और इसकी प्रैक्टिस नीमहकीमी के आवरण से लिपटी है।"<ref name="Barrett-Naturopathy">{{cite web |url=http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/naturopathy.html |author=Barrett S |title=A close look at naturopathy |date= |accessdate= |pmid= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110406111422/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/naturopathy.html |archive-date=6 अप्रैल 2011 |url-status=live }}</ref> ''मेडस्केप जनरल मेडिसिन'' पत्रिका में के.सी. एटवुड्स लिखते हैं, "प्राकृतिक चिकित्सक अब यह दावा करते हैं कि वे प्राथमिक स्वस्थ्य देखभाल करने वाले चिकित्सक हैं और वे "पारंपरिक" और "प्राकृतिक" दोनों प्रकार की चिकित्सा में दक्ष हैं। उनका प्रशिक्षण, हालांकि, उनकी ट्रेनिंग के एक छोटे से अंश के बराबर है, जिससे मेडिकल डॉक्टर केवल प्राथमिक देखभाल ही कर सकते हैं। उनके साहित्य की परीक्षा से पता चलता है, यह छद्म वैज्ञानिक, अप्रभावी, अनैतिक और संभावित खतरनाक प्रथाओं से भरा है।"<ref name="atwood2003"> {{cite journal |author=Atwood KC |year=2003 |doi= |title=Naturopathy: a critical appraisal |volume=5 |issue=4 |page=39 |pmid=14745386 }}</ref> एक अन्य लेख में, एटवुड लिखते हैं "जो चिकित्सक नेचुरोपैथ को अपना साथ मानते हैं, वे स्वयं को आधुनिक चिकित्सा के बुनियादी नैतिक अवधारणाओं के खिलाफ खड़े पाते हैं। अगर नेचुरोपैथ चि‍िकत्सकों को "अवैज्ञानिक इलाज करने वालों के रूप में" नहीं घोषित किया जाता है तो इस शब्द का कोई उपयोगी अर्थ नहीं निकलता. नीमहकीमी को उजागर करने वाले एक चिकित्सक का लेख हालांकि इसके लेखक को "पूर्वाग्रहग्रस्त" के रूप में पहचान नहीं कराता, बल्कि साधारणत: वह एक चिकित्सक के रूप में अपने नैतिक दायित्वों को पूरा करने वाला बताता है।"<ref name="atwood2004">{{cite journal|author=Atwood KC |date= मार्च 26, 2004 |title=Naturopathy, pseudoscience, and medicine: myths and fallacies vs truth |work=Medscape Gen Med |volume=6 |issue=1 |page=33 |pmid=15208545|pmc=1140750}}</ref> अर्नोल्ड एस रेलमैन के अनुसार ''प्राकृतिक चिकित्सा की पाठ्यपुस्तक'' शिक्षण का एक उपकरण बनने के लिए अपर्याप्त है, क्योंकि इसमें कई आम बीमारियों के बारे में व उनके इलाज के लिए विस्तार से उल्लेख नहीं है और अनुचित तरीके से उन उपचारों पर जोर दिया गया है, जिनके "प्रभावी नहीं होने की संभावना है" और यह दवाइयों की कीमत पर बिना सिद्ध हुए हर्बल उपचार को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि " एक औसत प्राकृतिक चिकित्सक के पास चिकित्सा करा रहे बीमार रोगियों का जोखिम संभावित लाभ की तुलना में काफी ज्यादा है।"<ref name="Relman_text">{{cite web |url=http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/relman1.html |title=Textbook of Natural Medicine |accessdate=17 अप्रैल 2009 |last=Relman |first=Arnold S. |date=9 जनवरी 2001 |publisher=Quackwatch |archive-url=https://web.archive.org/web/20110511175643/http://www.quackwatch.org/01QuackeryRelatedTopics/Naturopathy/relman1.html |archive-date=11 मई 2011 |url-status=live }}</ref> === टीकाकरण === नेचुरोपैथी, होम्योपैथी और चिरोप्रैक्टिक सहित वैकल्पिक चिकित्सा के कई रूप के विश्वासों पर आधारित हैं, जो टीकाकरण का विरोध करते हैं और उनके चिकित्सक विरोध में अपनी आवाज बुलंद करते हैं। इनमें गैर चिकित्सकीय रूप से प्रशिक्षित नेचुरोपैथ भी शामिल हैं। टीकाकरण के प्रति इस नकारात्मक विचार के कारण काफी जटिल हैं और कम से कम कुछ अंश में उन शुरुआती दर्शनों पर आधारित हैं, जिन्होंने इन पेशों की बुनियाद को आकार दिया है।<ref name="Ernst-2001">{{cite journal |journal=Vaccine |year=2001 |volume=20 |issue= Suppl 1 |pages=S89–93 |title=Rise in popularity of complementary and alternative medicine: reasons and consequences for vaccination |author=Ernst E |doi=10.1016/S0264-410X(01)00290-0 |pmid=11587822}}</ref> कनाडा में एक बड़े पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा कॉलेज के हर वर्ग के छात्रों के बीच कराये गये एक सर्वेक्षण से पता चला कि अंतिम वर्षों के छात्रों ने नये छात्रों की तुलना में टीकाकरण का ज्यादा जोरदार रूप से विरोध किया।<ref>{{cite journal |journal=Vaccine |year=2008 |volume=26 |issue=49 |pages=6237–42 |title=Attitudes towards vaccination among chiropractic and naturopathic students |author= Busse JW, Wilson K, Campbell JB |doi=10.1016/j.vaccine.2008.07.020 |pmid=18674581}}</ref> वाशिंगटन विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में निवारणीय बीमारियों के खिलाफ हुए टीकाकरण की रसीद के संबंध में प्रयोग की गई वैकल्पिक चिकित्सा के इतिहास के बीमा दावे की जांच की. इसमें 1-2 साल और 1-17 साल उम्र के बच्चों के समूह बनाये गये। दोनों समूहों में टीका लगने की संख्या उल्लेखनीय रूप से कम रही, जब वे नेचुरोपैथ डॉक्टरों के पास गये। इस अध्ययन से पता चला कि प्राकृतिक चिकित्सकों के पास जाने से बच्चों में टीकारण की कम हुई दर और निवारणीय बीमारियों के टीके लगवाने के बीच अहम संबंध हैं।<ref name="Downey2009">{{cite journal |journal=Matern Child Health J |year=2009 |volume= |pages= |title=Pediatric vaccination and vaccine-preventable disease acquisition: associations with care by complementary and alternative medicine providers |author=Downey L, Tyree PT, Huebner CE, Lafferty WE |pmid=19760163 |url=http://www.springerlink.com/content/2mpl5g3480466684/ |doi=10.1007/s10995-009-0519-5 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == इन्हें भी देखें == {{Col-begin}} {{Col-1-of-3}} * [[प्राकृतिक चिकित्सा]] * अर्नोल्ड एह्रेट * आवश्यक पोषक तत्व * साक्ष्य आधारित चिकित्सा * स्वास्थ्य स्वतंत्रता आंदोलन * [[जड़ी-बूटी चिकित्सा|हेर्बलिज़म]] {{Col-2-of-3}} * [[जलचिकित्सा|हाइड्रोथेरेपी]] * औषधीय मशरूम * मेगाविटामिन चिकित्सा * कायान्तरित तकनीक * मल्टीविटामिन {{Col-3-of-3}} * ऑर्थोमॉलिक्युलर चिकित्सा * [[ऑस्टियोपैथी]] और ऑस्टियोपैथिक की दवाई * फैय्टोन्यूट्रीशियन {{col-end}} == सन्दर्भ == {{Ibid|date=मार्च 2010}} {{reflist|colwidth=30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20191005024649/https://www.anma.org/ अमेरिकन न्यूटरपैथिक मेडिकल एसोसिएशन] * [https://web.archive.org/web/20190904072704/https://www.naturopathic.org/ प्राकृतिक चिकित्सकों के अमेरिकन एसोसिएशन] * {{DMOZ|Health/Alternative/Naturopathy}} * (312 KB) व्यवसायों स्वास्थ्य के केंद्र युसीएसऍफ़ (UCSF) पर [https://web.archive.org/web/20160112043423/http://www.futurehealth.ucsf.edu/pdf_files/Naturo2.pdf पेशे के प्रोफाइल: प्राकृतिक अभ्यास पीडीएफ] * [https://web.archive.org/web/20191005024641/https://cnme.org/ प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा परिषद] * [https://web.archive.org/web/20140209071928/http://www.naturopathicassoc.ca/ न्यूटरपैथिक डॉक्टरों के कनाडा की एसोसिएशन] * [http://www.naturaldatabase.com/(S(eqksko55xppvuhehdii3xn55))/home.aspx?cs=&amp;s=ND प्राकृतिक चिकित्सा व्यापक डाटाबेस: निष्पक्ष, पूरक, वैकल्पिक और एकीकृत चिकित्सा पर वैज्ञानिक नैदानिक सूचना] {{पारम्परिक औषधि}} [[श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों]] [[श्रेणी:प्राकृतिक चिकित्सा]] [[श्रेणी:सरल जीवन]] [[श्रेणी:महत्त्व]] [[श्रेणी:पूरे चिकित्सा प्रणाली]] l7lqtygz4kadg30x0cu9zhhk0p7r7y2 साँचा:पारम्परिक औषधि 10 215956 6540958 6027922 2026-04-15T15:24:11Z चाहर धर्मेंद्र 703114 पूर्व एशियाई 6540958 wikitext text/x-wiki {{Navbox |name = पारंपरिक चिकित्सा |title = [[पारम्परिक चिकित्सा]] |image = [[Image:Palm Fruit I IMG 2100.jpg|40px|]] |group1 = पूर्व एशियाई |list1 = {{nowrap begin}}[[पारंपरिक चीनी चिकित्सा]]{{!w}}कम्पो (जापानी){{!w}}पारंपरिक कोरियाई चिकित्सा{{!w}}पारंपरिक मंगोलियाई चिकित्सा{{!w}}[[सोवा रिग्पा|पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा]]{{nowrap end}} |group2 = South & 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simplified. Aswini Kumar M.D | publisher = LifeHugger | accessdate = 2010-02-11 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100528030809/http://pn.lifehugger.com/doc/120/ecg-100-steps | archive-date = 28 मई 2010 | url-status = dead }}</ref> यह एक विद्युतहृद्‌लेखी उपकरण द्वारा उत्पन्न अप्रसारक रिकॉर्डिंग है। शब्द की व्युत्पत्ति, [[यूनानी भाषा|ग्रीक]] शब्द ''इलेक्ट्रो'', क्योंकि यह वैद्युत गतिविधि से संबंधित है, ''कार्डियो'', जिसका [[यूनानी भाषा|ग्रीक]] भाषा में अर्थ हृदय है, एवं ''ग्राफ'', एक [[यूनानी भाषा|ग्रीक]] मूल का शब्द जिसका अर्थ "लिखना" होता है, से हुई है। मुख्य रूप से ईसीजी हृदय की हर धड़कन के दौरान हृदय की मांशपेशी के विध्रुवीकृत होने के समय त्वचा पर सूक्ष्म वैद्युत परिवर्तनों का पता लगा कर और उसमें विस्तार कर कार्य करता है। विश्राम की स्थिति में, हृदय के प्रत्येक मांसपेशी कोशिका की बाहरी दीवार, या कोशिका झिल्ली के एक सिरे से दूसरे सिरे तक एक आवेश होता है। इस आवेश को कम कर शून्य कर देना विध्रुवीकरण कहलाता है जो कोशिका के तंत्र को क्रियाशील करता है जो इसे सिकुड़ने के लिए प्रेरित करता है। हृदय की प्रत्येक धड़कन के दौरान एक स्वस्थ हृदय में विध्रुवीकरण के लहर की सुव्यवस्थित रूप से क्रमानुसार वृद्धि होती है जो शिरानाल-अलिन्द पर्व की कोशिकाओं के द्वारा सक्रिय कर दी जाती है, अलिन्द से होकर अलग हो जाती है, "अन्तस्थ चालन पथ" से होकर गुजरती है एवं फिर संपूर्ण निलय में फैल जाती है। इसकी पहचान हृदय के किसी एक हिस्से में लगाये गए दो विद्युत् चालकों की वोल्टता में सूक्ष्म उतार-चढ़ाव के रूप में की जाती है जिसे किसी स्क्रीन या कागज पर लहरदार रेखा के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। यह प्रदर्शन हृदय की मांसपेशी के विभिन्न भागों में हृदय की समग्र कमजोरियों को दर्शाता है। आमतौर पर 2 से अधिक विद्युत् चालकों का इस्तेमाल किया जाता है और उन्हें कई युग्मों में संयोजित किया जा सकता है। (उदाहरण के लिए: बायीं बाहु (एल ए), दायीं बाहु (आर ए) एवं बायें टांग (एल एल) वाले विद्युत् चालक युग्मों का निर्माण करते हैं: एलए+आरए, एलए+एलएल, आरए+एलएल) प्रत्येक युग्म से प्राप्त आउटपुट को '''लीड''' कहा जाता है। कहा जाता है कि प्रत्येक लीड हृदय पर विभिन्न दृष्टिकोण से देखते हैं। विभिन्न प्रकार के ईसीजी को रिकॉर्ड किए गए लीडों की संख्या के द्वारा सूचित किया जा सकता है, उदाहरण के लिए 3-लीड, 5-लीड या 12-लीड ईसीजी (कभी-कभी सिर्फ "एक 12-लीड). 12-लीड वाला ईसीजी वह है जिसमें 12 विभिन्न विद्युत संकेत लगभग एक ही समय में रिकॉर्ड किए जाते हैं एवं उनका अक्सर ईसीजी के एकबारगी रिकॉर्डिंग के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, आम तौर पर उसे एक पेपर प्रति के रूप में मुद्रित किया जाता है। 3- और 5-लीड वाले ईसीजी में निरन्तर निरीक्षण किए जाने एवं एक उपयुक्त अनुवीक्षण उपकरण के स्क्रीन पर देखे जाने की प्रवृत्ति होती है, उदाहरण के लिए एक शल्य-चिकित्सा के दौरान या एक एम्बुलेंस में पहुंचाए जाने तक. प्रयुक्त उपकरणों के आधार पर 3- और 5-लीड वाले ईसीजी में कोई स्थायी रिकार्ड -हो भी सकता है या नहीं भी हो सकता है। यह हृदय के असामान्य तालों<ref>ई. ब्रौन्वाल्ड (संपादक), ''हार्ट डिजीज: ए टेक्स्ट बुक ऑफ़ कार्डियो वैस्कुलर मेडिसिन, फिफ्थ एडिशन'', पृष्ठ 108, फिलाडेल्फिया, डब्ल्यू. बी.सौन्दर्स कं., 1997. ISBN 0-671-43457-8.</ref> की माप एवं निदान करने का सर्वोत्तम तरीका है, विशेष रूप से वैद्युत संकेतों का वहन करने वाले संवहन ऊतक को होने वाले नुकसान के द्वारा उत्पन्न असामान्य ताल, या विद्युत-अपघट्य के असंतुलनों के द्वारा उत्पन्न असामान्य ताल.<ref name="ECG_Noncardiac">"नॉनकार्डियक हालातों में ईसीजी का नैदानिक मूल्य". ''छाती'' 2004; '''125(4)''' : 1561-76. PMID 15078775</ref> हृद्‌रोधगलन (एमआई) में, ईसीजी विशिष्ट क्षेत्रों में हृदय की मांसपेशी को होने वाले नुकसान की पहचान कर सकता है, यद्यपि इसमें हृदय के सभी क्षेत्र शामिल नहीं होते हैं।<ref name="ECC_2005_ACS">"2005 अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन गाइड लाइंस फॉर कार्डियो पल्मोनरी रस्ससाइटेशन एंड इमरजेंसी कार्डियो वैस्कुलर केयर - पार्ट 8: एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम से पीड़ित रोगियों का स्थिरीकरण." ''वितरण'' 2005; '''112''' : IV-89 - IV-110.</ref> ईसीजी विश्वसनीय रूप से हृदय के पम्प करने की क्षमता की माप नहीं कर सकता है, जिसके लिए पराध्वनि या अल्ट्रासाउण्ड आधारित (विद्युतहृद्‌लेख) या आण्विक औषधि परीक्षणों का इस्तेमाल किया जाता है। हृदय की गति के रूकने के दौरान एक सामान्य ईसीजी संकेत (एक स्थिति जिसे नाड़ीस्पन्द रहित वैद्युत गतिविधि के रूप में जाना जाता है) का होना संभव है। == इतिहास == कहा जाता है कि 1872 में सेंट बार्थोलोमियू हॉस्पीटल में डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि प्राप्त करने के लिए अध्ययन करते समय मरीज के हृदय की धड़कन का रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए अलेक्जेंडर मुइरहेड ने ज्वरग्रस्त मरीज की कलाई में तार संलग्न किया।<ref>रोनाल्ड एम. बीरसे, रेव. पैट्रीसिया ई. नोल्देन [http://0-www.oxforddnb.com.innopac.up.ac.za:80/view/article/37794 ]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ऑफ़ नैशनल बायोग्राफी 2004 (सब्सक्रिप्शन रिक्वायर्ड) - (मूल स्रोत उनकी पत्नी - एलिज़ाबेथ मुइर्हेद द्वारा उनकी लिखी गई जीवनी है। अलेक्जेंडर मुइरहेड 1848 - 1920. ऑक्सफोर्ड: ब्लैकवेल निजी तौर पर 1926 में छपी.)</ref> इस गतिविधि को ब्रिटिश शरीरक्रियाविज्ञानी जॉन बुर्डन सैन्डरसन के द्वारा लिपमैन के सूक्ष्म-वाहिका विद्युतमापी का प्रयोग करते हुए प्रत्यक्ष रूप से रिकॉर्ड किया गया।<ref>{{cite journal | author = Burdon Sanderson J | title = Experimental results relating to the rhythmical and excitatory motions of the ventricle of the frog heart | journal = Proc Roy Soc Lond | year = 1878 | volume = 27 | pages = 410&ndash;14 | doi = 10.1098/rspl.1878.0068 | issn=0370-1662}}</ref> विद्युतीय दृष्टिकोण से हृदय की सुव्यवस्थित रूप से चर्चा करने वाले प्रथम व्यक्ति ऑगस्तस वालर थे, जो [[पैडिंगटन|पैडिंग्टन]], [[लंदन]] में सेंट मैरी हॉस्पीटल में कार्यरत थे।<ref name="Waller_1887">{{cite journal | author = Waller AD | title = A demonstration on man of electromotive changes accompanying the heart's beat | url = https://archive.org/details/sim_journal-of-physiology_the-journal-of-physiology_1887_8/page/229 | journal = J Physiol (Lond) | year = 1887 | volume = 8 | pages = 229&ndash;34 }}</ref> उनके विद्युतहृद्‍लेख मशीन में प्रक्षेपक (प्रोजेक्टर) में लिपमैन का सूक्ष्म-वाहिका विद्युतमापी लगा हुआ था। हृदय की धड़कन के अनुरेख को एक फोटोग्राफिक प्लेट में प्रक्षेपित किया गया जो स्वयं एक टॉय ट्रेन में संलग्न था। इसने वास्तविक समय में हृदय की धड़कन को रिकॉर्ड करने दिया। 1911 में उन्होंने अब भी अपने काम के लिए बहुत थोड़ा नैदानिक अनुप्रयोग देखा. [[चित्र:Willem Einthoven ECG.jpg|thumb|left|आइन्थोवेन का ईसीजी उपकरण]] एक प्रारंभिक सफलता तब हाथ लगी जब लीडेन, [[नीदरलैण्ड|नीदरलैंड]] में कार्यरत, विलियम ईंथोवेन ने 1903 में आविष्कार किए गए रज्जुनुमा विद्युतधारामापी का प्रयोग किया।<ref>{{cite web |url=http://www.pubmedcentral.nih.gov/articlerender.fcgi?artid=2435435 |title=Einthoven's String Electrovanometer |publisher=Pubmedcentral.nih.gov |date=1927-09-29 |accessdate=2009-08-15 |archive-date=1 अगस्त 2013 |archive-url=https://archive.today/20130801115712/http://www.pubmedcentral.nih.gov/articlerender.fcgi?artid=2435435 |url-status=dead }}</ref> यह उपकरण वालर द्वारा प्रयोग किए गए सूक्ष्म-वाहिका विद्युतमापी एवं 1897 में फ्रांसीसी इंजीनियर क्लीमेंट एडर द्वारा स्वतंत्र रूप से आविष्कार किए गए रज्जुनुमा विद्युतधारामापी दोनों की तुलना में अधिक संवेदनशील था।<ref>एंथोवें डब्ल्यू अन नोव्यू गल्वानोमीटर. आर्क निर्ल एससी पूर्व 1901 नेट, 6:625</ref>. आज के स्वयं चिपकने वाले विद्युत् चालकों का प्रयोग करने की बजाय ईंथोवेन के मरीज लवण को घोल से भरे उन पात्रों में अपने अंगों को डाल देते थे जिसमें से ईसीजी को रिकॉर्ड किया गया था। ईंथोवेन नि विभिन्न विक्षेपों को पी, क्यू, आर, एस अक्षरों से निर्दिष्ट किया और कई हृदय एवं रक्तवाहिकाओं संबंधी विकारों के विद्युतहृद्‌लेख संबंधी विशेषताओं का वर्णन किया। 1924 में, उन्हें अपनी खोज के लिए चिकित्साशास्त्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।<ref name="Cooper_1986">{{cite journal |author=Cooper J |title=Electrocardiography 100 years ago. Origins, pioneers, and contributors |url=https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_1986-08-14_315_7/page/460 |journal=N Engl J Med |volume=315 |issue=7 |pages=461–4 |year=1986 |pmid=3526152}}</ref> यद्यपि उस युग के बुनियादी सिद्धांतों का अभी भी प्रयोग किया जा रहा है, वर्षों से विद्यतहृद्‌लेख में अनेक प्रगति हुई है। उदाहरण के लिए, यन्त्र विन्यास बोझिल प्रयोगशाला उपकरण से एक ठोस इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्थाओं में विकसित हुआ है, जिसमें अक्सर विद्यतहृद्‌लेख की कम्प्यूटरीकृत व्याख्या शामिल होती है।<ref>{{cite book |last=Mark |first=Jonathan B. |title=Atlas of cardiovascular monitoring |url=https://archive.org/details/atlasofcardiovas0000mark |year=1998 |publisher=Churchill Livingstone |location=New York |isbn=0443088918}}</ref> == ईसीजी ग्राफ पेपर == [[चित्र:ECG Paper v2.svg|thumb|ईसीजी ग्राफ कागज का एक दूसरा]] ईसीजी रिकॉर्डर का आउटपुट एक ग्राफ (या कभी-कभी कई ग्राफ हैं, जो विभिन्न लीडों का प्रतिनिधित्व करते हैं) है जिसमें समय को x-अक्ष पर एवं वोल्टता को y-अक्ष पर दर्शाया जाता है। एक समर्पित ईसीजी मशीन आम तौर पर ग्राफ पेपर पर मुद्रित करेगा जिसमें 1 मिमी वर्ग मी का पृष्ठभूमि पैटर्न (अक्सर लाल या हरे रंग में) होता है, जिसमें क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों दिशाओं में प्रत्येक 5 मिमी पर स्पष्ट विभाजन होते हैं। अधिकांश ईसीजी उपकरणों के आउटपुट में परिवर्तन लाना संभव है, लेकिन प्रत्येक मिलीवोल्ट (mV) को y अक्ष पर 1 सेमी के रूप में एवं प्रत्येक सेकंड को 25 मिमी के रूप में x-अक्ष पर दर्शाना मानक होता है (अर्थात्‌ पेपर की गति 25 मिमी/सेकंड होती है). कागज (पेपर) की अधिक तेज गति का उपयोग किया जा सकता है - उदाहरण के लिए - ईसीजी में अधिक सूक्ष्म विवरण निश्चित करने के लिए। पेपर (कागज) की गति 25 मिमी/सेकंड रख कर, ईसीजी कागज के एक छोटे ब्लॉक को की गति में 40 मिलीसेकंड में परिवर्तित होता है। पांच छोटे ब्लॉक मिलकर एक बड़े ब्लॉक बनाते है, जो 200 मिलीसेकंड में परिवर्तित करता है। इसलिए, प्रतिसेकंड पांच बड़े ब्लॉक हैं। एक अंशांकन संकेत को रिकॉर्ड एक साथ शामिल किया जा सकता है। 1 मिलीवोल्ट (mV) का मानक संकेत शलाका को ऊर्ध्वाधर रूप से 1 सेमी आगे खिसका सकता है, जो ईसीजी कागज पर दो बड़े वर्ग होते हैं। === अभिन्यास === परिभाषा के द्वारा एक 12-लीड वाला ईसीजी प्रत्येक 12-लीडों के रिकॉर्डिंग का एक छोटा खंड दर्शाएगा. इसे अक्सर 4 कॉलमों एवं तीन कतारों वाले एक ग्रिड में व्यवस्थित किया जाता है, जिसमें से आरंभ वाले कॉलम लिम्ब लीड (I, II एवं III) होते हैं, दूसरे कॉलम संवर्धित लिम्ब लीड (aVR, aVL एवं aVF) एवं अंतिम दो कॉलम चेस्ट लीड (V1-V6) होते हैं। आमतौर पर इस अभिविन्यास में परिवर्तन करना संभव है इसलिए यह देखने के लिए लेबलों की जांच करना आवश्यक है कि किस लीड को दर्शाया गया है। आम तौर पर प्रत्येक कॉलम तीन लीडों के लिए समय में समान क्षण रिकॉर्ड करेंगे एवं फिर रिकॉर्डिंग अगले कॉलम में स्थानांतरित हो जाएगा जो उस बिन्दु के बाद हृदय की धड़कनों को रिकॉर्ड करेगा। हृदय के तालों के लिए लीड के कॉलमों के बीच परिवर्तित होना संभव है। हृदय की गति पर निर्भय करते हुए, इनमें से प्रत्येक खंड छोटा होता है और किसी ऐसे हृदय ताल का विश्लेषण करना कठिन हो सकता है जो हृदय की धड़कनों के बीच परिवर्तन दर्शाते हैं। विश्लेषण में मदद करने के लिए एक या दो "ताल पट्टी" को भी मुद्रित करना आम बात है। यह आमतौर पर लीड II होगा (जो अलिन्द से वैद्युत संकेत, पी-तरंग दर्शाता है) एवं यह ईसीजी रिकॉर्ड किए जाने के संपूर्ण समय के लिए ताल दर्शाता है (आम तौर पर5-6 सेकंड). "ताल पट्टी" शब्द सतत निरीक्षण प्रणाली के सम्पूर्ण मुद्रित अभिलेख (प्रिंटआउट) को सूचित कर सकता है जो केवल एक लीड को दर्शा सकता है और इसे या तो चिकित्सक के द्वारा शुरू किया जाता है या यह किसी खतरे के संकेत या घटना के प्रतिक्रियास्वरूप शुरू होता है। == लीड्स == विद्युतहृद्‌लेख में "लीड" शब्द बहुत अधिक भ्रम पैदा करता है क्योंकि इसका प्रयोग दो ''भिन्न'' बातों को सूचित करने के लिए किया जाता है। आम भाषा के अनुसार लीड शब्द का प्रयोग विद्युत् चालकों को ईसीजी रिकॉर्डर के साथ जोड़ने वाले विद्युत केबल को सूचित करने के लिए किया जा सकता है। वैसे तो "बायीं बाहु वाले लीड" को विद्युत् चालक (और इसके केबल) के रूप में उल्लेख करना स्वीकार्य हो सकता है जिसे बायीं बाहु के निकट जोड़ा जाना चाहिए। एक मानक "12-लीड" वाले ईसीजी में आम तौर पर दस विद्युत् चालक होते हैं। वैकल्पिक रूप से (और कुछ लोग उचित ढ़ंग से कहेंगे, विद्युतहृद्‌लेख के सन्दर्भ में) ''लीड'' शब्द दो विद्युत् चालकों के बीच वोल्टता के अंतर एवं ईसीजी रिकॉर्डर के द्वारा वास्तविक रूप से उत्पादित बात का पता लगाने को सूचित कर सकता है। प्रत्येक का एक विशिष्ट नाम होगा। उदाहरण के लिए, "लीड I" (लीड एक) दायीं बाहु वाले विद्युत् चालक एवं बायीं बाहु वाले इलेक्ट्रोड के बीच वोल्टता है, जबकि "लीड II" (लीड दो) दायें लिम्ब एवं पाद के बीच वोल्टता है। (यह तेजी से और अधिक जटिल हो जाता है क्योंकि एक "विद्युत् चालक" अन्य विद्युत् चालकों के सम्मिश्रण के संयोजन हो सकते हैं। (बाद में देखें.) इस प्रकार के लीड "12-लीड" वाले ईसीजी का निर्माण करते हैं। अतिरिक्त भ्रम पैदा करने के लिए आम तौर पर "लिम्ब लीड" लिम्ब के साथ संलग्न विद्युत् चालकों की बजाय लीड I, II एवं III से प्राप्त लेखाचित्रीय रिकॉर्ड को सूचित करता है। <small>छोटा अवतरण</small>=== विद्युत् चालकों का निर्धारण === 12-लीड वाले ईसीजी के लिए दस विद्युत् चालकों का प्रयोग किया जाता है। आम तौर पर विद्युत् चालकों में एक चालक जैल होता है, जो एक स्वयं चिपकने वाले पैड के बीच में अन्त:स्थापित होता है जिसमें केबल को क्लिप किया जाता है। कभी कभी जैल भी चिपकने वाला पदार्थ का काम करता है।<ref>ईसीजी इलेक्ट्रोड के चित्रों को यहां देखें: http://www.superboverseas.com/show_product.asp?id=104 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110405090055/http://www.superboverseas.com/show_product.asp?id=104 |date=5 अप्रैल 2011 }} or here: http://images.google.com/images?q=ecg+electrode&amp;oe=UTF-8&amp;rls=org.mozilla:en-US:official&amp;client=firefox-a&amp;um=1&amp;ie=UTF-8&amp;sa=N&amp;tab=wi&amp;ei=IOEHSqCELp3ItgeY8_2HBw&amp;oi=property_suggestions&amp;resnum=0&amp;ct=property-revision&amp;cd=1)</ref> उन्हें मरीज के शरीर में निम्नांकित तरीके से लेबल एवं स्थापित किया जाता है।<ref>{{cite web |url=http://library.med.utah.edu/kw/ecg/ecg_outline/Lesson1/lead_dia.html |title=lead_dia |publisher=Library.med.utah.edu |date= |accessdate=2009-08-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060919224639/http://library.med.utah.edu/kw/ecg/ecg_outline/Lesson1/lead_dia.html |archive-date=19 सितंबर 2006 |url-status=live }}</ref><ref>20ECG/poster_110807_pcexerecg.pdf 20Stress http://www.welchallyn.com/documents/Cardiopulmonary/Electrocardiographs/PC-Based{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} 20Exercise%%%</ref> [[चित्र:Limb leads.svg|thumb|अंग इलेक्ट्रोड का समुचित स्थान, अमेरिकन स्वास्थ्य संगठन (यूरोप में एक अलग रंग योजना का प्रयोग किया जाता है) की सिफारिश के अनुसार कूटबद्ध किया गया रंग.ध्यान दें कि अंग इलेक्ट्रोड अंगों से बहुत नीचे या कूल्हों/कन्धों के पास हो सकते हैं, लेकिन उनका समतल होना जरूरी है (बायां बनाम दायां).<ref>[24][25]</ref>]] [[चित्र:ECG 12derivations.png|thumb|12 सुराग]] {| class="wikitable" border="1" |- ! विद्युत् चालक लेबल (संयुक्त राज्य अमेरिका में) ! विद्युत् चालक का स्थापन |- | आरए (RA) | दाहिने हाथ पर, अस्थिमय उभारों से बचते हुए. |- | एलए (LA) | एक ही स्थान पर जहां आरए स्थापित किया गया, लेकिन इस बार बायें बांह पर. |- | आरएल (RL) | दाहिने पैर पर, अस्थिमय उभारों से बचते हुए. |- | एलएल (LL) | एक ही स्थान पर जहां आरए स्थापित किया गया, लेकिन इस बार बायीं टांग पर. |- | V1 (वी1) | पसलियों के बीच ''चौंथे'' स्थान (पसली 4 और 5 के बीच) पर उरोस्थि (छाती की हड्डी) के ठीक ''दाहिने'' तरफ. |- | V2 (वी2) | पसलियों के बीच ''चौंथे'' स्थान (पसली 4 और 5 के बीच) पर उरोस्थि (छाती की हड्डी) के ठीक ''बायें'' तरफ. |- | V<sub>3</sub> (वी3) | लीड V<sub>2</sub> एवं V<sub>4</sub> के बीच. |- | V<sub>4</sub> (वी4) | पसलियों के बीच {0}पांचवें{/0} स्थान (पसली 5 और 6 के बीच) पर मध्य हंसुली रेखा (एक काल्पनिक रेखा जो हंसुली (कंठास्थि) के मध्य बिन्दु से नीचे की तरफ फैली हुई है। |- | V<sub>5</sub> (वी5) | V<sub>4</sub> के साथ क्षैतिज रूप से समान, लेकिन अग्रस्थ कांख-संबंधी रेखा में. (कांख संबंधी अग्रस्थ रेखा एक काल्पनिक रेखा है जो हंसुली के मध्य एवं हंसुली के पार्श्व सिरे के बीच की बिन्दु तक होती है; कंठास्थि का पार्श्व सिरा बांह के निकट का सिरा होता है।) |- | V<sub>6</sub> (वी6) | कांख संबंधी मध्य रेखा में V<sub>4</sub> एवं V<sub>5</sub> के साथ क्षैतिज रूप से समान होता है। (कांख संबंधी मध्य रेखा वह काल्पनिक रेखा है मरीज के कांख से नीचे फैली हुई होती है।) |} ==== अतिरिक्त विद्युत् चालक ==== हृद्‌पेशीयरोधगलन, जिसमें वे क्षेत्र शामिल होते हैं जिन्हें आम तौर पर अच्छी तरह से नहीं "देखा" जाता है, की पहचान करने में इसकी सूक्षमग्राहिता में सुधार करने के एक प्रयास के रूप में क्लासिकल 12-लीड वाले ईसीजी में कई तरीकों से विस्तार किया जा सकता है। इसमें एक rV<sub>4</sub> लीड शामिल होता है जो V<sub>4</sub> के समतुल्य महत्त्व वाले चिह्नों का छाती की दीवार के ''दाहिने'' तरफ प्रयोग करता है एवं चेस्ट लीड को पीठ पर V<sub>7</sub>, V<sub>8</sub> एवं V<sub>9</sub> के द्वारा फैलाता है। === लिम्ब लीड === 5- और 12-लीड वाले दोनों विन्यास में, लीड I, II एवं III ''लिम्ब लीड'' कहलाते हैं। इन संकेतों को उत्पन्न करने वाले विद्युत् चालक लिम्ब पर स्थित होते हैं - एक प्रत्येक बाहु पर एवं एक बांये टांग पर.<ref name="umaryland1">{{cite web |url=http://davidge2.umaryland.edu/~emig/ekgtu03.html |title=Univ. of Maryland School of Medicine Emergency Medicine Interest Group |publisher=Davidge2.umaryland.edu |date= |accessdate=2009-08-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110720090219/http://davidge2.umaryland.edu/~emig/ekgtu03.html |archive-date=20 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.nottingham.ac.uk/nursing/practice/resources/cardiology/function/limb_leads.php |title=Limb Leads - ECG Lead Placement - Normal Function of the Heart - Cardiology Teaching Package - Practice Learning - Division of Nursing - The University of Nottingham |publisher=Nottingham.ac.uk |date= |accessdate=2009-08-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100826152347/http://www.nottingham.ac.uk/nursing/practice/resources/cardiology/function/limb_leads.php |archive-date=26 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://library.med.utah.edu/kw/ecg/ecg_outline/Lesson1/index.html#orientation |title=Lesson 1: The Standard 12 Lead ECG |publisher=Library.med.utah.edu |date= |accessdate=2009-08-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090322042804/http://library.med.utah.edu/kw/ecg/ecg_outline/Lesson1/index.html#orientation |archive-date=22 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref> लिम्ब लीड उन बिन्दुओं का निर्माण करते हैं जिन्हें ईंथोवेन के त्रिकोण (''ईंथोवेन्स ट्राइऐंगल'') के रूप में जाना जाता है।<ref>{{Cite web |url=http://nobelprize.org/medicine/educational/ecg/images/triangle.gif |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060525133559/http://nobelprize.org/medicine/educational/ecg/images/triangle.gif |archive-date=25 मई 2006 |url-status=live }}</ref> * लीड I (धनात्मक) बायें बाहु (एलए) वाले विद्युत् चालक एवं दाहिने बाहु (आरए) वाले इलेक्ट्रोड के बीच वोल्टता (वोल्टेज) है: :<math> I = LA - RA. </math> * लीड II (धनात्मक) बायें टांग (एलएल) वाले विद्युत् चालक एवं दाहिने बाहु (आरए) वाले विद्युत् चालक के बीच वोल्टता (वोल्टेज) है: :<math> II = LL - RA. </math> * लीड III (धनात्मक) बायें टांग (एलएल) वाले विद्युत् चालक एवं बांयी बाहु (एलए) वाले विद्युत् चालक के बीच वोल्टता (वोल्टेज) है: :<math> III = LL - LA. </math> उदाहरण के लिए उच्च विद्यालय स्तर पर शिक्षण के उद्देश्य से तैयार किये गए सरलीकृत विद्युतहृद्‌लेख संवेदक आम तौर पर समान उद्देश्यों को पूरा करने वाले तीन बाहु वाले विद्युत् चालकों तक सीमित होते हैं। <ref>जैसे पास्को पासपोर्ट ईकेजी सेंसर पीएस-2111, साइंस स्कोप ईस्सिजी सेंसर, इत्यादि.</ref> === एकध्रुवीय बनाम द्विध्रुवी लीड === लीड दो प्रकार के होते हैं: ''एकध्रुवीय'' और ''द्विध्रुवी'' . द्विध्रुवी लीड में एक धनात्मक एवं एक ऋणात्मक ध्रुव होता है।<ref>{{Cite web |url=http://academic.cuesta.edu/fjohnson/PowerPoint_PDF/12leadecg.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100215074821/http://academic.cuesta.edu/fjohnson/PowerPoint_PDF/12leadecg.pdf |archive-date=15 फ़रवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> एक 12-लीड वाले ईसीजी में, लिम्ब लीड (I,II एवं III) द्विध्रुवी लीड होते हैं। एकध्रुवीय लीड में भी दो ध्रुव होते हैं, जैसे कि वोल्टता की माप की जाती है; हालांकि, ऋण ध्रुव एक संयुक्त ध्रुव (विल्सन का केन्द्रीय टर्मिनल) जो कई अन्य विद्युत् चालकों के संकेतों का बना हुआ होता है।<ref>{{cite web |url=http://www.cvphysiology.com/Arrhythmias/A013.htm |title=Electrocardiogram Leads |publisher=CV Physiology |date=2007-03-26 |accessdate=2009-08-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100914092838/http://www.cvphysiology.com/Arrhythmias/A013.htm |archive-date=14 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> 12-लीड वाले ईसीजी में, लिम्ब लीड के अतिरिक्त सभी एकध्रुवीय (aVR, aVL, aVF, V<sub>1</sub>, V<sub>2</sub>, V<sub>3</sub>, V<sub>4</sub>, V<sub>5</sub>, एवं V<sub>6</sub>) होते हैं। ''विल्सन का केंद्रीय टर्मिनल'' V<sub>W</sub> RA; LA; एवं LL विद्युत् चालकों को एकसाथ, एक सामान्य प्रतिरोध क्षमता वाले नेटवर्क के माध्यम से, विद्युत् चालकों को जोड़कर तैयार किया जाता है जिससे कि संपूर्ण निकाय में औसत विभव (विद्युत-तनाव) आरोपित किया जा सके, जो अनन्त (अर्थात्‌ शून्य) में विभव के लगभग होता है। :<math> V_W = \frac{1}{3}(RA+LA+LL). </math> === संवर्धित लिम्ब लीड === aaVR, aVL और aVF लीड ''संवर्धित लीड'' (अपने आविष्कारकर्ता डॉ॰ इमैनुएल गोल्बर्गर के नाम से सामूहिक रूप से ''गोल्बर्गर का लीड'' कहा जाता है) हैं। उन्हें उसी तीन विद्युत् चालकों से लीड I, II एवं III के रूप में लिए गए हैं। हालांकि, वे हृदय को विभिन्न कोणों (या सदिशों) से देखते हैं क्योंकि इन लीडों के लिए ऋणात्मक विद्युत् चालक विल्सन के केन्द्रीय टर्मिनल का रूपांतरण है। यह ऋण विद्युत् चालक को प्रभावहीन कर देता है और धनात्मक विद्युत् चालकों को "अन्वेषक विद्युत् चालक" बनने देता है। यह संभव है क्योंकि ''ईंथोवेन का नियम'' कहता है कि I + (−II) + III = 0. समीकरण को यह भी लिखा जा सकता I + III = II. इसे इस प्रकार लिखा जाता है (I − II + III = 0 के बदले में) क्योंकि ईंथोवेन ने ईंथोवेन के त्रिकोण में लीड II की ध्रुवीयता को पूर्णतया बदल दिया, शायद इसलिए कि वे सीधे क्यूआरएस (QRS) समष्टियों को देखना चाहते थे। विल्सन के केंद्रीय टर्मिनल ने संवर्धित लिम्ब लीड aVR, aVL, aVF एवं पुरोहृदीय लीड V<sub>1</sub>, V<sub>2</sub>, V<sub>3</sub>, V<sub>4</sub>, V<sub>5</sub> एवं V<sub>6</sub> के विकास का मार्ग प्रशस्त किया। * लीड '''संवर्धित सदिश दायां (aVR)''' में दाहिने बाहु पर धनात्मक विद्युत् चालक (''सफेद'') होता है। ऋणात्मक विद्युत् चालक बांयी बाहु (काला) एवं बांया पैर (लाल) इलेक्ट्रोड का संयोजन होता है, जो दांयी बाहु पर धनात्मक विद्युत् चालक की संकेत क्षमता को "संवर्धित" करता है: :<math> aVR = RA - \frac{1}{2} (LA + LL). </math> * लीड '''संवर्धित सदिश बांया (aVL)''' में बांयी बाहु पर धनात्मक (''काला'') विद्युत् चालक होता है। ऋणात्मक विद्युत् चालक दांयी बाहु (सफेद) एवं बांया पैर (लाल) विद्युत् चालक का संयोजन होता है, जो बांयी बाहु पर धनात्मक विद्युत् चालक की संकेत क्षमता को "संवर्धित" करता है: :<math> aVL = LA - \frac{1}{2} (RA + LL). </math> * लीड '''संवर्धित सदिश पैर (aVF)''' में बांये पैर पर धनात्मक (''लाल'') विद्युत् चालक होता है। ऋणात्मक विद्युत् चालक दांयी बाहु (सफेद) एवं बांयी बाहु (काला) विद्युत् चालक का संयोजन होता है, जो बांये पैर पर धनात्मक विद्युत् चालक की संकेत क्षमता को "संवर्धित" करता है: :<math> aVF = LL - \frac{1}{2} (RA + LA). </math> संवर्धित लिम्ब लीड aVR, aVL, एवं aVF को इस प्रकार से विस्तारित किया जाता है क्योंकि ऋणात्मक विद्युत् चालक विल्सन का केंद्रीय टर्मिनल रहने पर संकेत अत्यधिक छोटा होने के कारण उपयोगी नहीं होता है। लीड I,II, एवं III के साथ-साथ, संवर्धित लीड aVR, aVL, एवं aVF ''छह अक्षीय सन्दर्भ प्रणाली'' का आधार तैयार करते हैं, जिसका उपयोग ''अग्रपश्चज तल'' में हृदय के वैद्युत अक्ष की गणना करने में किया जाता है। aVR, aVL, एवं aVF लीड को I एवं II लिम्ब लीड का प्रयोग कर भी व्यक्त किया जा सकता है: :<math>\begin{align} aVR &amp;= -\frac{I + II}{2}\\ aVL &amp;= I - \frac{II}{2}\\ aVF &amp;= II - \frac{I}{2} \end{align}</math> === पुरोहृदीय लीड === पुरोहृदीय लीड (V<sub>1</sub>, V<sub>2</sub>, V<sub>3</sub>, V<sub>4</sub>, V<sub>5</sub> एवं V<sub>6</sub>) के लिए विद्युत् चालकों को सीधे छाती पर स्थापित किया जाता है। हृदय से उनकी सन्निकटता के कारण, उनमें संवर्धन की जरूरत नहीं होती है। विल्सन के केंद्रीय टर्मिनल का प्रयोग ऋणात्मक विद्युत् चालक के लिए किया जाता है और इन लीडों को ''एकध्रुवीय'' माना जाता है (स्मरण करें कि विल्सन का केंद्रीय टर्मिनल तीन लिम्ब लीडों का औसत होता है यह निकाय के ऊपर सामान्य, या औसत विभव के अनुरूप होता है). पुरोहृदीय लीड हृदय की वैद्युत गतिविधि को तथाकथित ''क्षैतिज तल'' में देखते हैं। क्षैतिज तल में हृदय के वैद्युत अक्ष को ''Z अक्ष'' के रूप में सूचित किया जाता है। == तरंग और समयांतराल == [[चित्र:SinusRhythmLabels.svg|right|thumb|सामान्य ईसीजी का योजनाबद्ध प्रदर्शन]] [[चित्र:ECG principle slow.gif|thumb|एक सामान्य ईसीजी तरंग का एनिमेशन.]] [[चित्र:QRS complex.png|thumb|क्यूआर परिसर का विस्तार, वेंट्रिकुलर सक्रियण समय (वैट) और आयाम दिखा रहा है।]] हृदय चक्र के एक विशिष्ट ईसीजी अनुरेखण (हृदय की धड़कन) में एक पी (P) तरंग, एक क्यूआरएस (QRS) समष्टि, एक टी (T) तरंग, एवं 50 से 75% ईसीजी में सामान्य रूप से दिखाई देने वाले यू (U) तरंग शामिल होते हैं।<ref>इस साईट में नैशनल हार्ट लंग एंड ब्लड इंस्टीटयूट की एक फिल्म देखें जिसमें आपके दिल में ईसीजी और बिजली के बीच के सम्बन्ध की व्याख्या की गई है http://www.nhlbi.nih.gov/health/dci/Diseases/hhw/hhw_electrical.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100708072218/http://www.nhlbi.nih.gov/health/dci/Diseases/hhw/hhw_electrical.html |date=8 जुलाई 2010 }}</ref> विद्युतहृद्‌लेख की आधार-रेखा वोल्टता को ''समविद्युतविभव रेखा'' कहा जाता है। आम तौर समविद्युतविभव रेखा को टी (T) तरंग के परवर्ती एवं अगले पी (P) तरंग के पूर्ववर्ती अनुरेखण के भाग के रूप में मापा जाता है। {| class="wikitable" |- !विशेषता !विवरण !अवधि |- | आर आर (RR) समयांतराल | आर (R) तरंग एवं अगले आर (R) तरंग के बीच का समयांतराल हृदय की गति का व्युत्क्रम होता है। हृदय की सामान्य विश्राम दर 50 एवं 100 धड़कन (bpm) प्रति मिनट के बीच होती है। | 0.6 से 1.2 सेकंड |- | पी (P) तरंग | सामान्य अलिन्दी विध्रुवण के दौरान, मुख्य वैद्युत सदिश शिरानाल-अलिन्द (SA) पर्व से अलिन्द-निलयी पर्व की तरफ निर्देशित होते हैं, एवं दांये अलिन्द से बांये अलिन्द की तरफ फैलते हैं। यह ईसीजी पर पी (P) तरंग में परिवर्तित हो जाता है। | 80 मिलीसेकंड |- | पीआर (PR) समयांतराल | पीआर (PR) समयांतराल को पी (P) तरंग की शुरुआत से क्यूआरएस (QRS) समष्टि की शुरुआत तक मापा जाता है। पीआर (PR) समयांतराल विद्युत आवेग द्वारा शिरानाल-अलिन्द पर्व से अलिन्द-निलयी पर्व निलय में प्रवेश करने में लगे समय को व्यक्त करता है। इसलिए पीआर (PR) समयांतराल अलिन्द-निलयी पर्व के कार्य का एक अच्छा मुल्यांकन है। | 120 से 200 मिलीसेकंड |- | पीआर (PR) खंड | पीआर (PR) खंड पी (P) तरंग एवं क्यूआरएस (QRS) समष्टि को जोड़ता है। यह अलिन्द-निलयी पर्व से बण्डल ऑफ हिज से बण्डल की शाखाओं एवं फिर पर्किन्जी तन्तु में विद्युत प्रवाह के अनुरूप होता है। यह विद्युत गतिविधि सीधे एक संकुचन नहीं पैदा करता है और केवल निलय में नीचे की तरफ यात्रा करता है और ईसीजी में यह सपाट दिखता है। पीआर (PR) समयांतराल नैदानिक रूप से अधिक प्रासंगिक है। | 50 से 120 मिलीसेकंड |- | क्यूआरएस (QRS) समष्टि | क्यूआरएस (QRS) समष्टि दांये एवं बायें निलय के तीव्र विध्रुवण को दर्शाता है। उनमें अलिन्द की तुलना में मांशपेशी का अधिक बड़ा द्रव्यमान होता है एवं इसलिए क्यूआरएस (QRS) समष्टि में पी (P) तरंग की अपेक्षा बहुत बड़ा आयाम होता है। | 80 से 120 मिलीसेकंड |- | जे (J) बिंदु | जिस बिंदु पर क्यूआरएस (QRS) समष्टि समाप्त होती है एवं एसटी (ST) खंड शुरू होता है। इसका प्रयोग एसटी (ST) ऊंचाई या उपस्थित अवसाद की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है। | लागू नहीं (एन/ए) |- | एसटी (ST) खंड | एसटी (ST) खंड क्यूआरएस (QRS) समष्टि एवं टी (T) तरंग को जोड़ता है। एसटी (ST) खंड उस समय को व्यक्त करता है जब निलय विध्रुवित हो जाता है। यह समविद्युतविभव होता है। | 80 से 120 मिलीसेकंड |- | टी (T) तरंग | टी (T) तरंग निलयों के पुनर्ध्रुवीकरण (या सही हालत में आने) को व्यक्त करता है। क्यूआरएस (QRS) समष्टि की शुरुआत से लेकर टी (T) तरंग के शीर्ष तक के समयांतराल को ''परम दु:साध्य अवधि'' कहा जाता है। टी (T) तरंग के उत्तरार्द्ध को ''सापेक्ष दु:साध्य अवधि'' (या सुभेद्य अवधि) कहा जाता है). | 160 मिलीसेकंड |- | एसटी (ST) समयांतराल | एसटी (ST) समयांतराल को जे (J) बिन्दु से टी (T) तरंग के अंत तक मापा जाता है। | 320 मिलीसेकंड |- | क्यूटी (QT) समयांतराल | क्यूटी (QT) समयांतराल को क्यूआरएस (QRS) समष्टि की शुरुआत से टी (T) तरंग के अंत तक मापा जाता है। क्यूटी (QT) का एक लंबा समयांतराल निलय संबंधी तीव्र हृदय गति एवं अचानक मृत्यु का एक जोखिम संबंधी कारक होता। हृदय की गति के साथ यह भिन्न होता है एवं नैदानिक प्रासंगिकता के लिए क्यूटीसी (QTC) का प्रयोग करते हुए इसमें सुधार की जरूरत होती है। | 300 से 430 मिलीसेकंड{{Citation needed|date= जनवरी 2008}} |- | यू (U) तरंग | यू (U) तरंग हमेशा दिखाई नहीं देता है। यह आम तौर पर कम आयाम का होता है और, परिभाषा के अनुसार, टी (T) तरंग का अनुसरण करता है। |- | जे (J) तरंग | जे (J) तरंग, उन्नत जे-बिन्दु या ऑसबॉर्न तरंग एक विलंबित डेल्टा तरंग के रूप में दिखाई देता है जो क्यूआरएस (QRS) का अनुसरण करता है या एक छोटे द्वितीयक तरंग के रूप में होता है। इसे अल्पोष्णता या अल्पकैल्शियमरक्तता का विशिष्ट व्याधिज्ञापक माना जाता है।<ref>गैन-जिन यान, चार्ल्स एंट्ज़ेलविच. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफिक जे वेव का सेलुलर आधार. संचलन. 1996; 93:372-379. ; Http://circ.ahajournals.org/cgi/content/full/circulationaha{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }} 93/2/372</ref> | |} मूलतः चार विचलन थे, लेकिन आरंभिक ऐम्प्लीफायर द्वारा शुरू किए गए गणितीय संशोधन के बाद, पांच विचलनों का खोज किया गया। इंथोवेन ने अनुरेखण की पहचान करने के लिए पी (P), क्यू (Q), आर (R), एस (S) और टी (T) अक्षरों को चुना जिसे असंशोधित लेबलयुक्त ए (A), बी (B), सी (C) और डी (D) के ऊपर अध्यारोपित किया गया।<ref>हर्स्ट जे डब्ल्यू. वर्तमान परिप्रेक्ष्य: उनकी उत्पत्ति के एक संक्षिप्त विवरण के साथ ईसीजी में तरंगों का नामकरण. संचलन. 1998; 98:1937-1942. http://www.circ.ahajournals.org/cgi/content/full/98/18/1937 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100520011550/http://www.circ.ahajournals.org/cgi/content/full/98/18/1937 |date=20 मई 2010 }}</ref> == सदिश एवं दृष्टिकोण == [[चित्र:ECG Vector.svg|thumb|left|ग्राफिक सकारात्मक इलेक्ट्रो, विध्रुवण अग्रतरंग (या औसत बिजली वेक्टर) और ईसीजी पर प्रदर्शित परिसरों के बीच के सम्बन्ध को दिखा रहा है।]] ईसीजी की व्याख्या इस विचार पर निर्भर करती है कि अलग-अलग लीड (जिससे हमारा तात्पर्य ईसीजी लीड, I,II,III, aVR, aVL, aVF और चेस्ट लीड है) हृदय को अलग-अलग "दृष्टिकोणों" से देखते हैं। इसके दो लाभ हैं। सबसे पहले, समस्या दर्शाने वाले लीड (उदाहरण के लिए एसटी खंड उन्नयन) का प्रयोग यह अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है कि हृदय का कौन सा प्रदेश प्रभावित है। दूसरे, विध्रुवीकरण के तरंग की यात्रा की समग्र दिशा का भी अनुमान लगाया जा सकता है जो अन्य समस्याओं को प्रकट कर सकते हैं। इसे हृदय संबंधी '''अक्ष''' कहा जाता है। हृदय संबंधी अक्ष का निर्धारण सदिश की अवधारणा पर निर्भर करता है जो विध्रुवीकरण तरंग की गति का वर्णन करता है। तब इस सदिश का इसके घटकों के रूप में विचार किए गए लीड की दिशा के संबंध में वर्णन किया जा सकता है। एक घटक लीड की दिशा में होगा है और इसे क्यूआरएस (QRS) समष्टि के व्यवहार में प्रकट किया जाएगा एवं एक घटक इससे 90 डिग्री पर होगा (जो नहीं होगा). क्यूआरएस (QRS) समष्टि का धनात्मक निवल विक्षेपण (अर्थात् ‌R-तरंग की ऊंचाई में से S-तरंग की गहराई को घटाकर) यह सुझाव देता है कि ध्रुवीकरण का तरंग हृदय से होकर उस दिशा में फैल रहा है जिसके कुछ घटक (सदिश के) लीड की ही दिशा में होते हैं। === अक्ष === [[चित्र:Rapid Axis Vector.svg|thumb|चित्र से पता चलता है कि किस तरह लीड्स प्रथम, द्वितीय और तृतीय में क्यूआर कॉम्प्लेक्स की पोलारिती को फ्रंटल प्लेन में दिल के विद्युतीय अक्ष का अनुमान लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।]] हृदय का ''विद्युतीय अक्ष'' ललाट तल में हृदय के विध्रुवीकरण तरंगाग्र (या ''माध्य विद्युतीय सदिश'') की सामान्य दिशा को सूचित करता है। एक स्वस्थ संचालन प्रणाली के द्वारा हृदय संबंधी अक्ष उस भाग से संबंधित होता है जहां हृदय के मुख्य मांशपेशी का विशाल आकार स्थित होता है। आम तौर पर यह दांये निलय की कुछ भूमिका के साथ बांया निलय होता है। आमतौर पर यह बांये पैर की दिशा में दांये कंधे में अभिविन्यस्त होता है, जो छह अक्षीय सन्दर्भ प्रणाली के बांये निम्न चतुर्थ भाग के संगत होता है, हालांकि −30° से +90° को सामान्य माना जाता है। यदि बांया निलय अपनी गतिविधि या विशाल आकार में वृद्धि करता है तो इसे "बांये अक्ष का विचलन" कहा जाता है क्योंकि अक्ष बांयें ओर शीघ्रता के साथ -30° से अधिक मुड़ जाता है, वैकल्पिक रूप से उन स्थितियों में जहां दांया निलय तनावपूर्ण या विबृद्धिग्रस्त होता है तब अक्ष +90° से अधिक मुड़ जाता है एवं कहा जाता है कि "दांया अक्ष विक्षेपण" मौजूद हैं। हृदय के चालन प्रणाली के विकार मांसपेशी के विशाल आकार में महत्वपूर्ण परिवर्तन दर्शाये बिना विद्युतीय अक्ष को बाधित कर सकते हैं। {| class="wikitable" border="1" |- | ''सामान्य'' | -30 ° से 90 ° तक | सामान्य | सामान्य |- | ''बांया अक्ष विक्षेपण (विचलन)'' | -30 ° से -90 ° तक | बांये अग्र पूलिका संबंधी अवरोध या एमआई (MI) से क्यू (Q) तरंग सूचित कर सकता है। | बाएं अक्ष का विचलन गर्भवती महिलाओं एवं वातस्फीति से पीड़ित व्यक्तियों में सामान्य माना जाता है। |- | ''दांया अक्ष विचलन'' | 90 ° से 180 ° तक | बांये पश्च पूलिका संबंधी अवरोध या उच्च पार्श्व एमआई (MI) से क्यू तरंग, या एक दांया निलय संबंधी तनाव पैटर्न सूचित कर सकता है। | सही विचलन बच्चों में सामान्य माना जाता है और यह दक्षिण-हृदयता का एक मानक प्रभाव होता है। |- | ''चरम दांया अक्ष विचलन'' | 180 ° से -90 ° तक | यह दुर्लभ है और इसे एक 'विद्युतीय निर्जन भूमि' माना जाता है। | |} दायें बण्डल शाखा अवरोध वाले समायोजन में, दांये या बांये अक्ष का विचलन द्विपूलिका संबंधी अवरोध सूचित कर सकता है। === नैदानिक लीड समूह === कुल बारह लीड होते हैं, जिनमें से प्रत्येक विभिन्न दृष्टिकोण से हृदय के विद्युतीय गतिविधि का रिकॉर्ड करता है, जो गंभीर हृद्‌धमनी संबंधी स्थानिक-अरक्तता या चोट की पहचान करने के उद्देश्य से हृदय के विभिन्न शारीरिक क्षेत्रों को परस्पर संबंधित करता है। कहा जाता है कि दो लीड जो हृदय के निकटवर्ती शारीरिक क्षेत्रों को देखते हैं वे ''सटे हुए'' होते हैं (रंग द्वारा कोडित चार्ट) इसकी प्रासंगिकता इस बात का निर्धारण करने में है कि क्या ईसीजी में असामान्यता सही रोग या मिथ्या निष्कर्ष दर्शा सकते हैं। [[चित्र:Contiguous leads.svg|thumb|चित्र से एक ही रंग में सन्निहित लीडों का पता चलता है]] {| class="wikitable" |- ! श्रेणी ! चार्ट में रंग ! लीड्स ! गतिविधि |- | ''निम्न लीड'' | पीला | लीड II, III एवं aVF | निम्न सतह के लाभप्रद बिन्दु से विद्युतीय गतिविधि को देखें (हृदय का मध्यपट संबंधी सतह). |- | ''पार्श्व लीड'' | हरा | I, aVL, V<sub>5</sub> एवं V<sub>6</sub> | बांये निलय की पार्श्व दीवार के लाभप्रद बिन्दु से विद्युतीय गतिविधि को देखें. * लीड I एवं aVL के लिए धनात्मक विद्युत् चालक बांये बाहु पर दूरस्थ रूप से स्थित होना चाहिए जिसके कारण, लीड I एवं aVL को कभी-कभी ''उच्च पार्श्व लीड'' कहा जाता है। * क्योंकि लीड V5 एवं V6 लीड के लिए धनात्मक विद्युत् चालक मरीज की छाती पर होते हैं, उन्हें कभी-कभी ''निम्न पार्श्व लीड'' कहा जाता है। |- | ''पटलीय लीड'' | नारंगी | V<sub>1</sub> एवं V<sub>2</sub> | निलयों (अन्तरानिलयी पटल) के पटलीय दीवार के लाभप्रद बिन्दु से विद्युतीय गतिविधि को देखें. |- | ''अग्र लीड'' | नीला | V<sub>3</sub> एवं V<sub>4</sub> | हृदय के अग्र सतह (हृदय के छाती एवं पसली संबंधी सतह) के लाभप्रद बिन्दु से विद्युतीय गतिविधि को देखें. |} इसके अलावा, कोई भी दो पुरोहृदीय लीड जो एक-दूसरे के बगल में स्थित होते हैं, सटे हुए माने जाते हैं। उदाहरण के लिए, हालांकि V4 एक अग्र लीड और V5 एक पार्श्व लीड है, वे सटे हुए होते हैं क्योंकि वे एक-दूसरे के बगल में स्थित होते हैं। लीड aVR बांये निलय का कोई विशिष्ट दृश्य नहीं प्रस्तुत करता है। बल्कि, यह दांये कंधे पर दृष्टि रखकर अन्तर्हृद्‍ दीवार के भीतरी भाग से लेकर दायें अलिन्द की सतह तक देखता है। == फ़िल्टर चयन == आधुनिक ईसीजी मॉनिटर संकेत प्रक्रमण के लिए विविध फ़िल्टर प्रदान करते हैं। सबसे आम समायोजन मॉनीटर मोड और नैदानिक मोड हैं। मॉनिटर मोड में, कम आवृत्ति वाले फ़िल्टर (जिन्हें उच्च-पास वाला फ़िल्टर भी कहा जाता है क्योंकि सीमा से ऊपर संकेतों को निकलने दिया जाता है) को या तो 0.5 हर्ट्ज़ या 1 हर्ट्ज़ पर समायोजित किया जाता है एवं उच्च आवृत्ति वाले फ़िल्टर (जिन्हें निम्न-पास फ़िल्टर भी कहा जाता है क्योंकि सीमा से नीचे के संकेतों को निकलने दिया जाता है) को 40 हर्ट्ज़ पर समायोजित किया जाता है। यह कृतक नियमित हृदय ताल के निरीक्षण को सीमित करता है। उच्च-पास फ़िल्टर अस्थिर आधार-रेखा को कम करने में मदद करता है एवं निम्न-पास फ़िल्टर 50 या 60 हर्ट्ज़ पावर लाइन वाले शोर को कम करने में मदद करता है (विभिन्न देशों में पावर लाइन नेटवर्क आवृत्ति 50 से 60 हर्ट्ज़ के बीच भिन्न होती है). नैदानिक मोड में, उच्च पास फ़िल्टर को 0.05 हर्ट्ज पर समायोजित किया जाता है, जो सटीक एसटी (ST) खंड को रिकॉर्ड करने की अनुमति प्रदान करता है। निम्न-पास फ़िल्टर को 40, 100, या 150 हर्ट्ज पर समायोजित किया जाता है। परिणामस्वरूप, ईसीजी का मॉनीटर मोड प्रदर्शन नैदानिकि मोड की तुलना में अधिक फ़िल्टर किया हुआ होता है, क्योंकि इसका पासबैंड अधिक पतला होता है।<ref name="Atlas_Cardio_Monitor_130">मार्क जेबी मॉनिटरिंग "कार्डियोवास्कुलर एटलस की." पी. 130. न्यू यॉर्क: चर्चिल लिविंगस्टोन, 1998. ISBN 0-671-43457-8.</ref> == संकेत == विद्युतहृद्‌लेख का उपयोग करने पर आमतौर पर सूचित होने वाले लक्षणों में शामिल हैं: * हृद्‌-मर्मर<ref name="masters">[http://books.google.se/books?id=K1I8aTnBe5sC 244 पेज] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121015105424/http://books.google.se/books?id=K1I8aTnBe5sC |date=15 अक्तूबर 2012 }} में: {{cite book |author=Masters, Jo; Bowden, Carole; Martin, Carole |title=Textbook of veterinary medical nursing |url=https://archive.org/details/textbookofveteri0000unse |publisher=Butterworth-Heinemann |location=Oxford |year=2003 |pages= |isbn=0-7506-5171-7 |oclc= |doi= |accessdate=}}</ref> * मूर्च्छा या निपात<ref name="masters"/> * दर्द या अपस्मार (मिर्गी) का अचानक आक्रमण या दौरा पड़ना<ref name="masters"/>. * गोचर दुस्तालता * हृद्‍पेशीयरोधगलन के लक्षण ''हृद्‍पेशीयरोधगलन में विद्युतहृद्‌लेख को देखें.'' इसका प्रयोग सार्वदैहिक रोग से पीड़ित मरीजों का मूल्यांकन करने और साथ ही संज्ञाहरण के दौरान निरीक्षण करने एवं गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए भी किया जाता है।<ref name="masters"/> == ईसीजी पर देखे जा जा सकने वाले कुछ नैदानिक तत्त्व == {| class="wikitable" |- ! लघुकृत क्यूटी (QT) समयांतराल | अतिकैल्शियमरक्तता, कुछ औषधियां, कुछ आनुवंशिक असामान्यताएं |- ! विस्तृत क्यूटी (QT) समयांतराल | अल्पकैल्शियमरक्तता, कुछ औषधियां, कुछ आनुवंशिक असामान्यताएं |- ! समतल या उल्टा टी (T) तरंग | हृद्‌धमनी स्थानिक-अरक्तता, बायें निलय संबंधी अतिवृद्धि, डाइगॉक्सिन का प्रभाव, कुछ औषधियां |- ! अतितीव्र टी (T) तरंग | संभवत: तीव्र हृद्‌पेशीय्रोधगलन का प्रथम प्रकटीकरण |- ! प्रमुख यू (U) तरंगें | अल्पपोटैशियमरक्तता |} === विद्युतहृद्‌लेख संबंधी विविधता === {{अनुभाग-साफ करें|date=March 2010}} विद्युतहृद्‌लेख (ईसीजी) संबंधी विविधता एक ईसीजी तरंग रूप एवं दूसरे के बीच भिन्नता के परिमाण की माप है। इस विविधता को एकाधिक ईसीजी विद्युत् चालकों को छाती पर स्थापित कर एवं विद्युत् चालकों से प्राप्त सम्पूर्ण संकेतों में तरंग रूप के आकार-विज्ञान में भिन्नता की संगणना के द्वारा मापा जा सकता है। हाल का शोध यह सुझाव देता है कि अक्सर ईसीजी संबंधी विविधता खतरनाक हृदय संबंधी दुस्तालता के पूर्व होती है। भविष्य में, विविधता की माप एवं खोज करने के लिए प्रतिरोपणीय उपकरण का प्रोग्राम तैयार किया जा सकता है। ये उपकरण तंत्रिकाओं जैसे कि वेगस तंत्रिका को उत्तेजित कर, औषधियां जैसे कि बीटा अवरोधक देकर, एवं यदि आवश्यक हो, हृदय का विकम्पतन्तुहरण करने हेतु, दुस्तालता को प्रभावशाली ढ़ंग से दूर करने में मदद कर सकता है।<ref>Verrier रिचर्ड, एल "गतिशील ईसीजी हेतारोजेनीती का अनुमान करने के लिए ट्रैकिंग के जीवन को खतरा अरैथ्मियास का जोखिम. " CIMIT फोरम. 22 सितम्बर 2007.</ref> == उपकरण == वर्षों से विद्युतहृद्‍लेख मशीन आकार में छोटे हो चुके हैं। हस्तधारित संस्करण 800 डॉलर में बेचे जाते हैं। [https://web.archive.org/web/20100528122903/http://www.economist.com/specialreports/displaystory.cfm?story_id=15879359 ] == इन्हें भी देखें == {{स्तंभ-सूची|2| * [[एडवान्स्ड कार्डिअक लाइफ सपोर्ट]] (एसीएलएस) * [[एन्गियोग्राम]] * [[ऑटोमेटेड ईसीजी इंटरप्रेटेशन]] * [[हार्ट स्कैन]] * [[बल्लिसस्टोकार्डियोग्राफी]] * [[बण्डल ब्रांच ब्लॉक]] * [[कार्डियक साइकल]] * [[इकोकार्डियोग्राम]] * [[इलेक्ट्रिकल कंडकशन सिस्टम ऑफ़ द हार्ट]] * [[इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम टेक्नीशियन]] * [[इलेक्ट्रोनसेफलॉजी]] * [[इलेक्ट्रोगैस्ट्रोग्राम]] * [[इलेक्ट्रोप्लेटोग्राफ]] * [[इलेक्ट्रोटीनोग्राफी]] * [[ह्युमन हार्ट]] * [[हार्ट रेट मॉनिटर]] * [[हॉल्टर मॉनिटर]] * [[इंट्रीन्स्कोइड डेफ्लेकशन]] * [[मैग्नेटिक फील्ड इमेजिंग]] * [[मैग्नेटोकार्डियोग्राफी]] * [[मायोकार्डियल इन्फ्रैकशन]] * [[ओपन ईसीजी (ECG) प्रोजेक्ट]] * [[ट्रेयकेरस टेक्नीशियन सिंड्रोम]] }} == सन्दर्भ == {{Reflist|2}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{commonscat|ECG}} * [https://web.archive.org/web/20100722052856/http://www.holstcentre.com/en/NewsPress/PressList/ECGnecklace.aspx दीर्घकालिक सुदृढ़ ईसीजी] (ECG) रिकॉर्डिंग्स के लिए एक ईसीजी नेकलेस में आईएमईसी (IMEC) का ईसीजी नेकलेस रिसर्च * [https://web.archive.org/web/20100723125339/http://www.nhlbi.nih.gov/health/dci/Diseases/ekg/ekg_what.html इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (विद्युतयंत्र द्वारा हृदय की धड़कनों का रेखाचित्रण), ईकेजी (EKG), या ईसीजी] - ईसीजी क्या है, इसकी जरूरत किसे है, इस दौरान क्या उम्मीद किया जाता है, इत्यादि की व्याख्या. नैशनल हार्ट लंग एण्ड ब्लड इंस्टिट्यूट (एनआईएच (NIH) का एक डिवीज़न) द्वारा लिखित. * [https://web.archive.org/web/20110720090120/http://davidge2.umaryland.edu/~emig/ekgtu01.html यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैरीलैंड स्कूल ऑफ़ मेडिसिन इमरजेंसी मेडिसिन इंटरेस्ट ग्रुप] - एक मेडिकल छात्र और एक हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा लिखित ईकेजी का परिचय * 100 चरणों में ईसीजी: [http://pn.lifehugger.com/sites/default/files/filefieldppts/ECG_in_100_steps.ppt स्लाइड शो]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [https://web.archive.org/web/20180506205156/https://www.nottingham.ac.uk/nursing/practice/resources/cardiology/function/placement_of_leads.php ईसीजी लीड प्लेसमेंट] – "कार्डियोलोजी के बारे में कुछ भी न जानने वाली छात्रा नर्सों के लिए डिजाइन किया गया" एक शिक्षण गाइड * [https://web.archive.org/web/20160424075043/http://en.ecgpedia.org/ ईसीजीपीडिया: ईसीजी की व्याख्या के लिए पाठ्यक्रम] * [https://web.archive.org/web/20170515225815/http://www.ecglibrary.com/ 12-लीड ईसीजी पुस्तकालय] * [https://web.archive.org/web/20190503043813/https://www.ecgsim.org/ हृदय और ईसीजी की विद्युत गतिविधि के बीच के सम्बन्ध का प्रदर्शन और अध्ययन करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला अनुकार उपकरण] * [https://web.archive.org/web/20090408064314/http://www.epi.umn.edu/ecg/ मिनेसोटा ईसीजी कोड] * [https://web.archive.org/web/20120124012640/http://www.open-ecg-project.org/ ओपनईसीजीप्रोजेक्ट - एक मुक्त ईसीजी समाधान विकसित करने में मदद करता है] * [https://web.archive.org/web/20100614214230/http://www.gwc.maricopa.edu/class/bio202/cyberheart/ekgqzr0.htm ईकेजी की समीक्षा: अरैथ्मियास] - विश्वविद्यालय एक एक [[जीव विज्ञान]] (शरीर विज्ञान और शरीर रचना विज्ञान) पाठ्यक्रम लिए न लिखे गए ईसीजी को पढ़ने का एक गाइड. * [https://web.archive.org/web/20160421131752/http://ecg.emka.fr/ पूर्वरोगविषयक शोध का ईसीजी विश्लेषण सॉफ्टवेयर] - आकार के आधार पर तरंग मान्यता, एचआरवी विश्लेषण, अतालता का पता लगाना. {{आपातकालीन चिकित्सा}} {{हृदय संबंधी पद्धतियां}} {{वैद्युतनिदान}} {{ह्रदवाहिनी जीवन विद्या}} {{लिंक GA|id}} [[श्रेणी:कार्डियलजी]] [[श्रेणी:मेडिकल परीक्षण]] [[श्रेणी:कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी]] [[श्रेणी:इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी]] [[श्रेणी:चिकित्सकीय परीक्षण]] pgs1isg5din1dhsigxb8szn8pno05ly धसान नदी 0 216175 6541131 6421619 2026-04-16T07:02:32Z ~2026-23461-52 920637 ग्राम जसरथी उदगम 6541131 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=मार्च 2021}} '''धसान नदी''' मध्य भारत में बहने वाली [[बेतवा नदी|बेतवा]] की सहायक नदी है जो इससे दायें से आकार जुड़ती है। यह नदी [[मध्य प्रदेश]] के [[रायसेन जिला|रायसेन ज़िले]] के ग्राम '''जसरथी घाना कला में दसरथ बाबा की टेकरी''' से निकलती है और [[उत्तर प्रदेश]] के [[ललितपुर जिला|ललितपुर जिले]] के साथ मध्य प्रदेश की सीमा का निर्धारण करती है। धसान नदी पर एक बहुत ही बड़ा बांध बनाया गया है। जिसका नाम सुजारा बांध रखा गया है। जिससे कई जनपद पंचायतों को लाभ मिला है। जैसे बल्देवगढ़ टीकमगढ़ आदि और ग्रामीणों का तेजी से विकास हुआ है और लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए [[श्रेणी:भारत की नदियाँ]] {{भूगोल-आधार}} ocqu5ezc08l966b6ryb7pyp6vut8g83 6541135 6541131 2026-04-16T07:19:30Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/~2026-23461-52|~2026-23461-52]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-23461-52|वार्ता]]) द्वारा 1 संपादन 2401:4900:7CE9:CC6F:34AF:EC8F:F050:3BD9के अंतिम अवतरण पर प्रत्यावर्तित किया गया 6541135 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=मार्च 2021}} '''धसान नदी''' मध्य भारत में बहने वाली [[बेतवा नदी|बेतवा]] की सहायक नदी है जो इससे दायें से आकार जुड़ती है। यह नदी [[मध्य प्रदेश]] के [[रायसेन जिला|रायसेन ज़िले]] से निकलती है और [[उत्तर प्रदेश]] के [[ललितपुर जिला|ललितपुर जिले]] के साथ मध्य प्रदेश की सीमा का निर्धारण करती है। धसान नदी पर एक बहुत ही बड़ा बांध बनाया गया है। जिसका नाम सुजारा बांध रखा गया है। जिससे कई जनपद पंचायतों को लाभ मिला है। जैसे बल्देवगढ़ टीकमगढ़ आदि और ग्रामीणों का तेजी से विकास हुआ है और लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए [[श्रेणी:भारत की नदियाँ]] {{भूगोल-आधार}} nqbzp6rj9b8xxexug6bmrxpn2c2rjra प्राचीन भारतीय शिक्षा 0 221223 6541047 6175030 2026-04-16T03:12:10Z अनुनाद सिंह 1634 /* बाहरी कड़ियाँ */ 6541047 wikitext text/x-wiki [[भारत]] की प्राचीन शिक्षा पद्धति में हमें अनौपचारिक तथा औपचारिक दोनों प्रकार के शैक्षणिक केन्द्रों का उल्लेख प्राप्त होता है। औपचारिक शिक्षा मन्दिर, आश्रमों और गुरुकुलों के माध्यम से दी जाती थी। ये ही उच्च शिक्षा के केन्द्र भी थे। जबकि परिवार, पुरोहित, पण्डित, सन्यासी और त्यौहार प्रसंग आदि के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा प्राप्त होती थी। विभिन्न [[धर्मसूत्र|धर्मसूत्रों]] में इस बात का उल्लेख है कि [[माता]] ही बच्चे की <span lang="hi" dir="ltr">श्रेष्ठ</span> गुरु है। कुछ विद्वानों ने पिता को बच्चे के शिक्षक के रुप में स्वीकार किया है जैसे-जैसे सामाजिक विकास हुआ वैसे-वैसे शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित होने लगी। वैदिक काल में परिषद, शाखा और चरण जैसे संघों का स्थापन हो गया था, लेकिन व्यवस्थित शिक्षण संस्थाएँ सार्वजनिक स्तर पर बौद्धों द्वारा प्रारम्भ की गई थी।<ref>{{Cite web |url=http://shodhganga.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/143380/11/11_chapter%207.pdf |title=प्राचीन भारतीय शिक्षा की प्रशासनिक व्यवस्था |access-date=11 मई 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180511215351/http://shodhganga.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/143380/11/11_chapter%207.pdf |archive-date=11 मई 2018 |url-status=live }}</ref> [[गुरुकुल|गुरुकुलों]] की स्थापना प्रायः वनों, उपवनों तथा ग्रामों या नगरों में की जाती थी। वनों में गुरुकुल बहुत कम होते थे। अधिकतर दार्शनिक आचार्य निर्जन वनों में निवास, अध्ययन तथा चिन्तन पसन्द करते थे। [[वाल्मीकि]], [[संदीपनी|सन्दीपनि]], [[कण्व]] आदि ऋषियों के आश्रम वनों में ही स्थित थे और इनके यहाँ दर्शन शास्त्रों के साथ-साथ व्याकरण, ज्योतिष तथा नागरिक शास्त्र भी पढ़ाये जाते थे। अधिकांश गुरुकुल गांवों या नगरों के समीप किसी वाग अथवा वाटिला में बनाये जाते थे। जिससे उन्हें एकान्त एवं पवित्र वातावरण प्राप्त हो सके। इससे दो लाभ थे; एक तो गृहस्थ आचार्यों को सामग्री एकत्रित करने में सुविधा थी, दूसरे ब्रह्मचारियों को भिक्षाटन में अधिक भटकना नहीं पड़ता था। मनु के अनुसार `ब्रह्मचारों को गुरु के कुल में, अपनी जाति वालों में तथा कुल बान्धवों के यहाँ से भिक्षा याचना नहीं करनी चाहिए, यदि भिक्षा योग्य दूसरा घर नहीं मिले, तो पूर्व-पूर्व गृहों का त्याग करके भिक्षा याचना करनी चाहिये। इससे स्पष्ट होता है कि गुरुकुल गांवों के सन्निकट ही होते थे। स्वजातियों से भिक्षा याचना करने में उनके पक्षपात तथा ब्रह्मचारी के गृह की ओर आकर्षण का भय भी रहता था अतएव स्वजातियों से भिक्षा-याचना का पूर्ण निषेध कर दिया गया था। बहुधा राजा तथा सामन्तों का प्रोत्साहन पाकर विद्वान् पण्डित उनकी सभाओं की ओर आकर्षित होते थे और अधिकतर उनकी राजधानी में ही बस जाते थे, जिससे वे नगर शिक्षा के केन्द्र बन जाते थे। इनमें [[तक्षशिला]], [[पाटलिपुत्र]], [[कन्नौज|कान्यकुब्ज]], [[मिथिला]], [[धारा]], [[तंजावुर|तंजोर]] आदि प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार तीर्थ स्थानों की ओर भी विद्वान् आकृष्ट होते थे। फलत: [[काशी]], [[कर्नाटक]], [[नासिक]] आदि शिक्षा के प्रसिद्ध केन्द्र बन गये। कभी-कभी राजा भी अनेक विद्वानों को आमंत्रित करके दान में भूमि आदि देकर तथा जीविका निश्चित करके उन्हें बसा लेते थे। उनके बसने से वहाँ एक नया गाँव बन जाता था। इन गाँवों को `[[अग्रहारम|अग्रहार]]' कहते थे। इसके अतिरिक्त विभिन्न हिन्दू सम्प्रदायों एवं मठों के आचार्यों के प्रभाव से ईसा की दूसरी शताब्दी के लगभग मठ शिक्षा के महत्त्वपूर्ण केन्द्र बन गये। इनमें [[शंकराचार्य]], [[रामानुज]]ाचार्य, [[मध्वाचार्य]] आदि के [[मठ]] प्रसिद्ध हैं। सार्वजनिक शिक्षण संस्थाएँ सर्वप्रथम बौद्ध विहारों में स्थापित हुई थीं। [[गौतम बुद्ध|भगवान बुद्ध]] ने उपासकों की शिक्षा-दीक्षा पर अत्यधिक बल दिया। इस संस्थाओं में धार्मिक ग्रन्थों का अध्यापन एवं आध्यात्मिक अभ्यास कराया जाता था। [[अशोक]] (300 ई॰ पू॰) ने बौद्ध विहारों की विशेष उन्नति करायी। कुछ समय पश्चात् ये विद्या के महान केन्द्र बन गये। ये वस्तुत: गुरुकुलों के ही समान थे। किन्तु इनमें गुरु किसी एक कुल का प्रतिनिधि न होकर सारे विहार का ही प्रधान होता था। ये धर्म प्रचार की दृष्टि से जनसाधारण के लिए भी सुलभ थे। इनमें [[नालन्दा विश्वविद्यालय]] (450 ई॰), [[वल्लभीपुर|वल्लभी]] (700 ई.), [[विक्रमशिला]] (800 ई॰) प्रमुख शिक्षण संस्थाएँ थीं। इन संस्थाओं का अनुसरण करके हिन्दुओं ने भी मन्दिरों में विद्यालय खोले जो आगे चल कर मठों के रूप में परिवर्तित हो गये। == नारियों के लिये पाठशालाएँ == [[वेद|वेदों]] में उल्लिखित कुछ [[मन्त्र]] इस बात को रेखांकित करते है कि कुमारियों के लिए शिक्षा अपरिहार्य एवं महत्वपूर्ण मानी जाती थी। स्त्रियों को लौकिक एवं आध्यात्मिक दोनों प्रकार की शिक्षाएँ दी जाती थी। सहशिक्षा को बुरा नहीं समझा जाता था। [[गोभिल गृहसूत्र]] में कहा गया है कि अशिक्षित पत्नी [[यज्ञ]] करने में समर्थ नहीं होती थी। [[संगीत]] शिक्षा पर जोर दिया जाता था। इच्छा और योग्यता के अनुसार शिक्षा प्राप्ति के लिए श्रमणक्रमणिका में उल्लिखित प्राचीन परम्परा के अनुसार [[ऋग्वेद]] की रचना में २०0 स्त्रियों का योगदान है। शकुन्तला राव शास्त्री ने इसे तीन कोटि में विभाजित किया है। (१) महिला ऋषि द्वारा लिखे गये श्लोक, (२) आंशिक रूप से महिला ऋषि द्वारा लिखे गये श्लोक एवं (३) महिला ऋषिकाओं को समर्पित श्लोक। ऋग्वेद के दशम मंडल के ३९ एवं ४० [[सूक्त]] की ऋषिका [[घोषा]], [[रोमशा]], [[विश्ववारा]], [[शची|इन्द्राणी]], [[शची]] और [[अपाला]] थी। वैदिक युग में स्त्रियाँ यज्ञोपवीत घारण कर वेदाध्ययन एवं सायं- प्रात होम आदि कर्म करती थी। शतपथ ब्राह्मण में व्रतोपनयन का उल्लेख है। हरित संहिता के अनुसार वैदिक काल में शिक्षा ग्रहण करने वाली दो प्रकार की कन्याएँ होती थी - ब्रह्मवादिनी एवं सद्योवात्। सद्योवात् 15 या 16 वर्ष की उम्र तक, जब तक उनका विवाह नहीं हो जाता था, तब तक अध्ययन करती थी। इन्हें प्रार्थना एवं यज्ञों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण वैदिक मंत्र पढ़ाये जाते थे तथा संगीत एवं नृत्य की भी शिक्षा दी जाती थी। महावीर और गौतम बुद्ध ने संघ मे नारियों के प्रवेश की अनुमति दी थी, ये धर्म और दर्शन के मनन के लिए ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करती थीं। जैन और बौद्व सहित्य से पता चलता है कि कुछ भिक्षुणियों ने साहित्य के विकास और शिक्षा में अपूर्व योगदान दिया जिसमें अशोक की पुत्री संघमित्रा प्रमुख थी। यहाँ बौद्ध आगमों की महान शिक्षिकाओं के रूप में उनकी बड़ी ख्याति थी। जैन साहित्य से जयंती नामक महिला का पता चलता है जो धर्म और दर्शन के ज्ञान की प्यास में अविवाहित रही और अंत में भिक्षुणी हो गई। हाल की [[गाथासप्तशती]] में सात कवयित्रियों की रचनाएँ संग्रहीत है। शीलभट्टारिका अपनी सरल तथा प्रासादयुक्त शैली तथा शब्द और अर्थ के सामंजस्य के लिए प्रसिद्ध थी। देवी लाट प्रदेश की कवियित्री थी। विदर्भ में विजयांका की कीर्ति की समता केवल कालिदास ही कर सकते थे। अवंतीसुन्दरी कवियत्री और टीकाकार देनों ही थी। कतिपय महिलाओं ने आयुर्वेद पर पांडित्यपूर्ण और प्रामाणिक रचनायें की हैं जिनमें रुसा का नाम बड़ा प्रसिद्ध है। आलोच्य काल में नारियों के लिए किसी प्रकार की पाठशाला का पृथक्-प्रबन्ध किया गया हो ऐसा वर्णन प्राप्त नहीं होता। बौद्धों ने अपने विहारों में भिक्षुणियों की शिक्षा की व्यवस्था की थी किन्तु कालान्तर में उसके भी उदाहरण प्राप्त नहीं होते। वस्तुत: कन्याओं के लिए पृथक् पाठशालाएँ न थीं। जिन कन्याओं को गुरुकुल में अध्ययन करने का अवसर प्राप्त होता था वे पुरुषों के साथ ही अध्ययन करती थीं। [[उत्तररामचरितम्|उत्तररामचरित]] में [[वाल्मीकि]] के आश्रम में [[आत्रेयी]] अध्ययन कर रही थी। [[भवभूति]] ने `[[मालती माधव]]' (प्रथमांक) में [[कामन्दकी]] के गुरुकुल में अध्ययन करने का वर्णन किया है। किन्तु ये उदाहरण बहुत कम हैं। अधिकतर गुरुपत्नी, गुरुकन्या अथवा गुरु की पुत्रवधू ही गुरुकुल में रहने के कारण अध्ययन का लाभ उठा पाती थीं वस्तुत: शास्त्रों के अनुरोध पर कन्याओं की शिक्षा गृह पर ही होती थी। == छात्रावासों का प्रबन्ध == प्राचीन भारत में गुरु के प्रत्यक्ष निरीक्षण में रहकर विद्योपार्जन श्रेष्ठ माना जाता था। अतएव अधिकांश विद्यार्थी गुरु कुलों में ही रहते थे। गुरु जन अपने घर पर ही विद्यार्थी के आवास-निवास की व्यवस्था करते थे। भोजन का कार्य [[भिक्षाटन|भिक्षा]] वृत्ति द्वारा चलता था अथवा अध्यापक के गृह में भी व्यवस्था हो जाती थीं। उस समय एक गुरु के पास एक साथ प्राय: पन्द्रह से अधिक विद्यार्थी नहीं पढ़ते थे। कभी-कभी तो केवल चार विद्यार्थी ही एक गुरु के अधीन अध्ययन करते थे। अतएव उनके भोजन व निवास की व्यवस्था करना गुरु के लिए कोई कठिन कार्य नहीं होता था। किन्तु गुरु के विद्यार्थियों का प्रबन्ध करने में असमर्थ होने पर विद्यार्थी अपने रहने का प्रबन्ध स्वयं करते थे। अध्यापन कार्य में विद्यार्थी से धन मांगना अध्यापक के लिए अत्यन्त निन्दनीय माना जाता था। गुरु निर्धन से निर्धन विद्यार्थी को भी पढ़ाने से मना नहीं कर सकता था। जो गुरु विद्या के लिए मोल-भाव करता था उसको विद्या का व्यवसायी कह कर हेय समझा जाता था। ऐसे अध्यापकों को धार्मिक अवसरों पर ऋत्विक के कार्य के अयोग्य कहा गया। किन्तु गुरु के पढ़ाये हुए एक ही अक्षर द्वारा शिष्य उसका ऋणी समझा जाता था। अतएव समावर्तन के अवसर पर शिष्य [[गुरु-दक्षिणा]] के रूप में सामर्थ्यानुसार गुरु को धन देते थे। जो अत्यन्त निर्धन होते थे वे गुरु की गृहस्थी में सेवा-कार्य करके तथा समावर्तन के समय भिक्षा मांग कर गुरु दक्षिणा देते थे। वस्तुत: राजा और प्रजा दोनों का कर्त्तव्य था कि वे विद्वान आचार्यों एवं शिक्षण संस्थाओं को मुक्त हस्त दान दें। == सह-शिक्षा एवं पृथक् शिक्षा विवेचन == प्रागैतिहासिक काल में साहित्यिक तथा व्यावसायिक हर प्रकार की शिक्षा की व्यवस्था परिवार में ही होती थी। ऐसी अवस्था में सम्भवत: सगे भाई-बहन तथा चचेरे भाई-बहन सम्मिलित होकर ही परिवार के शिक्षित अग्रजनों के संरक्षण में विद्योपार्जन करते रहे होगे। किन्तु धीरे-धीरे विद्या के भण्डार में प्रचुर वृद्धि हो जाने से विशेषाध्ययन की ओर लोगों की रुचि बढ़ने लगी। अतएव विद्यार्थियों के लिए परिवार से दूरस्थ स्थानों पर जाकर प्रतिष्ठित विद्वानों के संरक्षण में वांछित विषयों का अध्ययन करना आवश्यक हो गया। प्राय: कन्याओं को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए घर के बाहर विद्वान् आचार्यों के पास जाना पड़ता था। किन्तु इस सम्बन्ध में हमारे ग्रन्थों से बहुत कम संकेत प्राप्त होते हैं। [[उत्तररामचरितम्|उत्तररामचरित]] में [[वाल्मीकि]] के आश्रम में लव-कुश के साथ पढ़ने वाली आत्रेयी नामक स्त्री का उल्लेख हुआ है। जो इस बात का पुष्ट प्रमाण है कि उस युग में सह-शिक्षा का प्रचार था। इसी प्रकार `मालती-माधव' में भी भवभूति ने भूरिवसु एवं देवराट के साथ कामन्दकी नामक स्त्री के एक ही पाठशाला में शिक्षा प्राप्त करने का वर्णन किया है। भवभूति आठवी शताब्दी के कवि हैं। अतएव ऐसा प्रतीत होता है कि यदि भवभूति के समय में नहीं तो उनसे कुछ समय पूर्व तक बालक-बालिकाओं की सह-शिक्षा का प्रचलन अवश्य रहा होगा। इसी प्रकार पुराणों में कहोद और सुजाता, रूहु और प्रमदवरा की कथाएं वर्णित हैं। इनसे ज्ञात होता है कि कन्याएं बालकों के साथ-साथ पाठशालाओं में पढ़ती थीं तथा उनका विवाह युवती हो जाने पर होता था। परिणामत: कभी-कभी गान्धर्व विवाह भी हो जाते थे। ये समस्त प्रमाण इस तथ्य पर प्रकाश डालते हैं कि उस युग में स्त्रियाँ बिना पर्दे के पुरुषों के बीच रह कर ज्ञान की प्राप्ति कर सकती थीं। उस युग में सहशिक्षा-प्रणाली का अस्तित्व भी इनसे सिद्ध होता है। गुरुकुलों में सहशिक्षा का प्रचार था, इस धारणा का समर्थन आश्वलायन गृह ससूत्र में वर् णित समावर्तन संस्कार की विधि से भी मिलता है। इस विधि में स्नातक के अनुलेपन क्रिया के वर्णन में बालक एवं बालिका का समार्वतन संस्कार साथ-साथ सम्पन्न होना पाया जाता है। उस युग में स्त्री के ब्रह्मचर्याश्रम, वेदाध्ययन तथा समावर्तन संस्कार का औचित्य आश्वलायन के मतानुसार प्रमाणित हो जाता है। पूर्व काल में जब बड़ी संख्या में स्त्रियां उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही थीं और अपना अमूल्य योगदान देकर साहित्य के गौरव को बढ़ा रही थीं, उस समय उनमें से कुछ अध्यापन कार्य भी अवश्य ही करती होंगी। संस्कृत साहित्य में उपाध्याया एवं उपाध्यायानी शब्दों का प्रयोग पाया जाता है। उपाध्याय की पत्नी को आदर पूर्वक उपाध्यायानी कहा गया है, किन्तु उपाध्याया उन विदुषी नारियों के लिये प्रयुक्त हुआ है जो अध्यापन कार्य करती थीं। महिला शिक्षिकाओं का बोध कराने वाले एक अन्य शब्द की रचना करने की आवश्यकता पड़ना तभी सम्भव रहा होगा जबकि महिला शिक्षिकाएँ पर्याप्त संख्या में रही हों। इसके अतिरिक्त पर्दाप्रथा बारहवीं शताब्दी के बाद भारतीय समाज में आयी, अतएवं स्त्रियों के लिए अध्यापन कार्य में किसी प्रकार के बन्धन की सम्भावना भी न थी। हो सकता है ये उपाध्यायाएँ केवल कन्याओं को ही पढ़ाती रही हों अथवा बालक-बालिकाओं दोनों को। पाणिनि ने भी आचार्य एवं आचार्यानी के अन्तर को स्पष्ट किया है तथा छात्रीशालाओं का उल्लेख किया है। इससे भी अनुमान लगाया जा सकता है कि आचार्याएँ इन छात्रीशालाओं की संरक्षि-काएँ भी होती होंगी। रामदास गौड़ ने लिखा है- `हर्ष के बाद सातवीं-आठवीं शती में भी स्त्रियों के अध्यापन कार्य का पता मिलता है। [[शंकराचार्य]] से हार जाने के फलस्वरूप अपने पति मण्डन मिश्र के सन्यास ले लेने पर उभयभारती श्रृंगगिरि में अध्यापन कार्य करने लगी थी। कहा जाता है कि भारती द्वारा शिक्षा प्राप्त करने के कारण ही [[शृंगेरी]] और [[द्वारका]] के मठों का शिष्य सम्प्रदाय `भारती' नाम से अभिहित हुआ। किन्तु फिर भी स्थान की कमी एवं असुविधाओं के कारण अधिकांश कन्याएँ घर पर ही पढ़ती होंगी तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का साहस न कर पाती होंगी। सम्भवत: इसी कारण इन छात्राशालाओं एवं उपाध्यायाओं के सम्बन्ध में अधिक विवरण प्राप्त नहीं होते। यद्यपि इस काल में मैत्रेयी, गार्गी, विश्ववारा एवं लीला-वती के समान उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाएँ थी, किन्तु इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इस युग में स्त्री शिक्षा का पर्याप्त प्रचलन था अथवा स्त्री-शिक्षा अपने संगठित रूप में विद्यमान थी। इस सम्बन्ध में एल। मुकर्जी के अनुसार--`यह सम्भव है कि इस युग में स्त्रियों के लिए शिक्षा की कोई संगठित व्यवस्था नहीं थीं। सम्भवत: जब समाज में योग्य उपाध्यायाएँ प्राप्त हो जाती होंगी तब उन्हीं के संरक्षण में कन्याओं को भेजा जाता होगा किन्तु इनके उपलब्ध न होने पर बाध्य होकर आचार्यों के पास पुत्रियों की अध्ययनार्थ भेजना पड़ता होगा। जिस काल में गान्धर्व विवाह समाज में असामान्य न था, सहशिक्षा में कन्याओं के अभिभावकों को कोई आपत्ति भी न रही होगी। किन्तु आगे चलकर गान्धर्व-विवाह से कन्याओं के नैतिक पतन की आशंका बढ़ने लगी। अतएव लोग घर पर ही शिक्षक नियुक्त करके कन्याओं की उच्च शिक्षा-दीक्षा का प्रबन्ध करने लगे। उच्च शिक्षा हेतु दूरस्थ आचार्यों के पास जाने वाली कन्याओं की सख्या भी अधिक न रही होगी क्योंकि जातकों में शिक्षा हेतु तक्षशिला जाने वाली बालिकाओं का उल्लेख प्राप्त नहीं होता। ईसा की चौथी शताब्दी तक लड़कों के लिए भी सार्वजनिक पाठशालाएँ न थीं। हारीत ने व्यवस्था दी है कि कन्याओं की शिक्षा घर पर ही पिता, चाचा अथवा भाई द्वारा होनी चाहिए। इसी प्रकार मनु भी कन्याओं को पुरुष शिक्षकों के सरंक्षण में रखकर लड़कों के साथ अध्ययन करने के लिए घर से बाहर भेजने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि सह-शक्षा से कन्याओं का कौसार्यत्व नष्ट होने की आशंका बढ़ जाती है। स्त्री-शिक्षा का प्रथम संगठित प्रयास करने का श्रेय बौद्धो को प्राप्त है। बुद्ध ने संघ में नारियों के प्रवेश की अनुमति दे दी थी। बौद्धों ने विहारों में निवास करने वाली भिक्षुणियों के लिए शिक्षा की सन्तोषजनक व्यवस्था भी की थी। ब्रह्मवादिनियों के समान इनमें से बहुत-सी नारियों ने धर्म और दर्शन ज्ञान के लिए ब्रह्मचर्य पालन किया। इनमें से कुछ सिंहल देश भी गयी तथा वहाँ बौद्ध धर्म की महान शिक्षिकाओं के रूप में उन्होंने विशेष प्रसिद्धि प्राप्त की। इन विहारों में ये नारियाँ सहशिक्षा ही ग्रहण करतीं थीं। किन्तु इन बौद्ध संघों में भी ईसा की चौथी शताब्दी के लगभग नारी शिक्षा का पूर्ण ह्रास हो चुका था। कितनी प्रतिशत छात्राएँ सहशिक्षा ग्रहण करती होगी, इस प्रश्न का निश्चित रूप से कोई उत्तर नहीं दिया जा सकता। किन्तु निश्चय ही यह संख्या अधिक नहीं रही होगी। वर्तमान में वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बाबा रामदेव ने आचार्यकूलम की स्थापना की है। आचार्यकुलम की स्थापना करने के पीछे बाबा रामदेव का उद्देश्य है वैदिक और भारतीय शिक्षा को बढ़ावा मिले। आचार्यकुलम गुरुकुल पद्धति पर आधारित गुरुकुल शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा पद्धति का एक आवासीय शैक्षणिक संस्थान है, जो भारत देश के उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में स्थित है। इसकी सबसे खास बात है कि यहाँ 8 वीं तक 50 प्रतिशत वैदिक और 50 प्रतिशत सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। इसके बाद 8 वीं के 25 प्रतिशत वैदिक और 75 प्रतिशत सीबीएसई का सिलेबस होता है।साथ ही यह ऐसा पहला स्कूल है जहां विद्यार्थी को जितनी अंग्रेजी सिखाई जाती उतनी ही संस्कृत में भी पारंगत किया जाता है|हाल ही में आचार्यकुलम सीबीएसई बोर्ड से जुड़ा है। आचार्यकुलम में आधुनिक और वैदिक शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, यहां एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अलावा तीन पीरियड वैदिक शिक्षा के होते हैं। इनमें वेद, उपनिषद, संस्कृत, योग, हवन-पूजन आदि का ज्ञान दिया जाता है। == शिक्षा के विषय == प्राचीन भारतीय शिक्षा का इतिहास सहस्रों वर्षों की लम्बी अवधि में लिखा गया है। अत: यह अत्यन्त विशाल है। स्मृतियाँ संस्कृत साहित्य में परिवर्तनशील एक विशिष्ट काल की ओर संकेत करती हैं। उनके माध्यम से वैदिक काल से लेकर उनके अपने समय तक की समस्त साहित्यिक रचनाओं की श्रृंखला का पूर्वाभास कराया गया है। अतएव स्मृतिकालीन विद्यार्थियों के अध्ययनार्थ वेदों, ब्राह्मणों, उपनिषदों एवं सूत्रों के काल की समस्त मुख्य रचनाएँ थीं। ईसा पूर्व पन्द्रह सौ शताब्दी तक अधिकांश वैदिक मन्त्रों के सम्पादन का कार्य पूर्ण हो चुका था। तत्पश्चात् वेदों के अर्थ-बोध के लिए जिन टीकात्मक एवं चर्चात्मक ग्रन्थों का विकास हुआ वे `ब्राह्मण' ग्रन्थों के नाम से प्रतिष्ठित हुए। इस काल के विद्वानों की प्रतिभा का उपयोग वेदों के स्वरूप की रक्षा एवं अर्थों के स्पष्टी-करण में किया गया, न कि नवीन साहित्यिक-रचनाओं के निरुपण में। फलत: वैदिक यज्ञों से सम्बनध अनेक सिद्धान्तों, मतवादों और रीतियों का विवेचन `ब्राह्मणों' में होने लगा। विद्वानों ने विशेष रूप से अपनी साधना का केन्द्र यज्ञों के कर्मकाण्ड को बनाया। परिणाम स्वरूप कर्मकाण्डों में जटिलता एवं दुरूहता आ गयी। दूसरी ओर वेदों की दार्शनिक प्रवृत्ति का विकास हुआ और उसने `उपनिषदों' के रूप में पूर्णता प्राप्त की। कालानुक्रम से वेदातिरिक्त साहित्य में भी प्रचुर वृद्धि हुई। फलत: इस सतत वर्धमान साहित्य में पारंगत होना अकेले एक व्यक्ति की सामर्थ्य के बाहर हो गया। उस काल में मुद्रण कला का विकास नहीं हुआ था। अतएव [[वैदिक साहित्य]] के लोप हो जाने का भय सदा बना रहता था। साहित्य-सुरक्षा के दृष्टिकोण से अध्ययन क्षेत्र को दो भागों में विभाजित कर दिया गया। वैदिक पण्डितों में से कुछ को इस विशाल साहित्य को ज्यों का त्यों कण्ठस्थ करने का कार्य सौंपा गया, जिससे साहित्य का शुद्ध स्वरूप अक्षुण्ण बना रहे तथा अन्य विद्वानों की टीकाओं निरुक्तों और शब्दकोश आदि का अध्ययन करके इनकी व्याख्या करने में अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर दिया गया। इस काल में हिन्दू मेघा की सबसे अधक निर्णयात्मक एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रादुर्भाव हुआ। फलस्वरूप शिक्षा, दर्शन, न्याय, महाकाव्य, भाषाविज्ञान, व्याकरण, ज्योतिष, निरुक्त, कल्प, अनेकों कलाएँ, व्यावहारिक विद्या आदि के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सफलताएँ प्राप्त हुई। इन ग्रन्थों के विद्वानों ने अपने विद्यार्थीयों की सुगमता के लिए इन विषयों का नवीनीकरण करते हुए उन्हें सक्षेप में एकत्रि त कर दिया। उपनिषदों एवं सूत्रों के काल (ई. पू. प्रथम सहस्राब्दि) में लेखन कला का ज्ञान हो जाने पर भी इन्हें [[लिपि]]बद्ध नहीं किया गया क्योंकि वैदिक मन्त्रों को लिपि बद्ध करना अधार्मिक माना जाता था। इसी काल में वैदिक चरणों के आधारों पर विद्वानों ने [[धर्मसूत्र|धर्मसूत्रों]] में एक नवीन साहित्य की रचना भी कर डाली। उपर्युक्त संस्कृत-वाङ्मय के परिवर्तनशील इतिहास को दृष्टिगत करते हुए हम उसकी विविधता एवं विशालता का सहज ही अनुमान लगा सकते हैं। स्मृतियों में इस समस्त बाङ्मय में वर्णित सामाजिक रीतियों, धार्मिक कर्मकाण्डों, एवं संस्कारों का सर्वेक्षण किया गया है। वस्तुत: स्मृतियाँ एक विशाल समाज को लक्ष्य करके ही निर्मित की गयी हैं। स्मृति ग्रन्थों में हम इसी साहित्य के उल्लेख की आशा भी रखते हैं। अतएव इनमें गृह्यसूत्रों, धर्मसूत्रों, उपनिषदों तथा मीमांसाओं में पूर्व विद्यमान श्रेष्ठ प्रथाओं, रीतियों, मान्यताओं एवं संस्कारों का संकलन किया गया है। इस कार्य में जितनी सफलता मनुस्मृति ने प्राप्त की हैं उतनी अन्य किसी स्मृति ने नहीं। अत: यहां पर मनु स्मृति में संकेतित विषयों का ही उल्लेख किया जा रहा है। [[मनु]] ने तीनों वेदों को श्रुति कहा है। ये तीन वेद ही संस्कृत साहित्य की प्रथम कड़ी हैं। वैदिक मन्त्रों का विकास चरणों के रूप में हुआ जिनकी वांछित शाखाओं का ज्ञान पुरोहित वर्ग अवश्य प्राप्त करता था। मन्त्र, ब्राह्मण, शाखा को पढ़े हुए 'ऋग्वेदी'; वेदों के पारगामी, समस्त शाखाओं के ज्ञाता 'ऋत्विज्' तथा वेदों को पढ़कर पारंगत हुए विद्वान् ब्राह्मण को विशिष्ट सम्मान प्राप्त था। जो ब्राह्मण तीन वेदों के ज्ञाता होते थे उन्हें 'त्रिवेदी' कहा जाता था। [[मनुस्मृति]] में अध्ययन के लिए वेदों के कुछ प्रमुख विशेष रूप से पारित किये गये हैं। वस्तुत: इस काल तक धार्मिक क्रियाओं एंव प्रायश्चितों द्वारा शुद्धीकरण की प्रक्रियाओं में अत्यन्त विस्तार हो गया था। अतएव विशिष्ट अवसरों पर वेदों की कुछ ऋचाओं के उच्चारण का महत्व भी बढ़ गया। मनु स्मृति में ऐसी ऋचाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इनका उच्चारण पूर्ण सन्तुलन एवं नियम के साथ होना चाहिए जिससे पापों से मुक्ति पायी जा सके। ब्राह्मण अथर्ववेद की अंगिरस श्रुति का प्रयोग शत्रु के नाश के लिए शस्त्र के रूप में करते थे। स्नातकों के प्रतिदिन के स्वाध्याय पाठ में ब्राह्मण ग्रन्थों के अध्ययन का प्रोत्साहन दिया गया है। मनु ने [[ऐतरेय ब्राह्मण]] (६.२) के `सुब्रह्मण्य' नामक मन्त्रों एवं [[ऐतरेय ब्राह्मण]] (८. १३-१६) तथा बह् वृच ब्राह्मण में वर्णित [[शुनःशेप]] गाथा का भी उल्लेख किया है। == इन्हें भी देखें == * [[भारत की शिक्षा व्यवस्था]] * [[भारतीय शिक्षा का इतिहास]] * [[गुरुकुल]] * [[चौसठ कलाएँ]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20101025090919/http://agoodplace4all.com/?p=1073 भारत में शिक्षा व्यवस्था] * [https://web.archive.org/web/20140222153646/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4544 कैसी थी पारंपरिक भारतीय शिक्षा पद्धति?] (आन्नद सुब्रमण्यम शास्त्री) * [https://web.archive.org/web/20140328213423/http://books.google.co.in/books?id=mjFfqpq7HhkC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false Ancient Indian Education: Brahmanical and Buddhist] (गूगल पुस्तक ; रचनाकार : राधाकुमुद मुखर्जी) * [https://web.archive.org/web/20140322001954/http://www.bharatiyashiksha.com/?p=282 18वीं सदी में दुनिया में सबसे अधिक शिक्षा संस्थाएँ भारत में थीं] * [https://web.archive.org/web/20170912234559/https://www.pravakta.com/glorious-past-of-indian-education-hridaynarayn-dikshit/ भारतीय शिक्षा का स्वर्णिम अतीत] (हृदयनारायण दीक्षित) * [https://web.archive.org/web/20200710163629/https://www.rknaidunia.com/2020/05/education-in-ancient-india-in-hindi-ii.html प्राचीन भारत में शिक्षा] *[https://www.prabha001.com/प्राचीन-भारतीय-शिक्षा/ प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था कैसी थी?] *[https://www.uou.ac.in/sites/default/files/slm/BAED-301.pdf शिक्षा और भारतीय विरासत] *[https://hindi.theprint.in/culture/british-indian-education-system-india-university-schools/437712/ अंग्रेजों और मुसलमानों के आने से पहले ही भारत की शिक्षा व्यवस्था का दुनिया में कोई मुकाबला नहीं था] *[https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.62024 Report On The State Of Education In Bengal (1941)] by William Adam ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारत में शिक्षा]] 3i2ll6ok8beolke2202pgfvbofr3swn 6541050 6541047 2026-04-16T03:17:30Z अनुनाद सिंह 1634 6541050 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Parmarth4.jpg|right|thumb|300px|प्राचीन काल के गुरुकुल का एक चित्र]] [[भारत]] की प्राचीन [[शिक्षा]]पद्धति में हमें अनौपचारिक तथा औपचारिक दोनों प्रकार के शैक्षणिक केन्द्रों का उल्लेख प्राप्त होता है। औपचारिक शिक्षा मन्दिर, आश्रमों और गुरुकुलों के माध्यम से दी जाती थी। ये ही उच्च शिक्षा के केन्द्र भी थे। जबकि परिवार, पुरोहित, पण्डित, सन्यासी और त्यौहार प्रसंग आदि के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा प्राप्त होती थी। विभिन्न [[धर्मसूत्र|धर्मसूत्रों]] में इस बात का उल्लेख है कि [[माता]] ही बच्चे की <span lang="hi" dir="ltr">श्रेष्ठ</span> गुरु है। कुछ विद्वानों ने पिता को बच्चे के शिक्षक के रुप में स्वीकार किया है जैसे-जैसे सामाजिक विकास हुआ वैसे-वैसे शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित होने लगी। वैदिक काल में परिषद, शाखा और चरण जैसे संघों का स्थापन हो गया था, लेकिन व्यवस्थित शिक्षण संस्थाएँ सार्वजनिक स्तर पर बौद्धों द्वारा प्रारम्भ की गई थी।<ref>{{Cite web |url=http://shodhganga.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/143380/11/11_chapter%207.pdf |title=प्राचीन भारतीय शिक्षा की प्रशासनिक व्यवस्था |access-date=11 मई 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180511215351/http://shodhganga.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/143380/11/11_chapter%207.pdf |archive-date=11 मई 2018 |url-status=live }}</ref> [[गुरुकुल|गुरुकुलों]] की स्थापना प्रायः वनों, उपवनों तथा ग्रामों या नगरों में की जाती थी। वनों में गुरुकुल बहुत कम होते थे। अधिकतर दार्शनिक आचार्य निर्जन वनों में निवास, अध्ययन तथा चिन्तन पसन्द करते थे। [[वाल्मीकि]], [[संदीपनी|सन्दीपनि]], [[कण्व]] आदि ऋषियों के आश्रम वनों में ही स्थित थे और इनके यहाँ दर्शन शास्त्रों के साथ-साथ व्याकरण, ज्योतिष तथा नागरिक शास्त्र भी पढ़ाये जाते थे। अधिकांश गुरुकुल गांवों या नगरों के समीप किसी वाग अथवा वाटिला में बनाये जाते थे। जिससे उन्हें एकान्त एवं पवित्र वातावरण प्राप्त हो सके। इससे दो लाभ थे; एक तो गृहस्थ आचार्यों को सामग्री एकत्रित करने में सुविधा थी, दूसरे ब्रह्मचारियों को भिक्षाटन में अधिक भटकना नहीं पड़ता था। मनु के अनुसार `ब्रह्मचारों को गुरु के कुल में, अपनी जाति वालों में तथा कुल बान्धवों के यहाँ से भिक्षा याचना नहीं करनी चाहिए, यदि भिक्षा योग्य दूसरा घर नहीं मिले, तो पूर्व-पूर्व गृहों का त्याग करके भिक्षा याचना करनी चाहिये। इससे स्पष्ट होता है कि गुरुकुल गांवों के सन्निकट ही होते थे। स्वजातियों से भिक्षा याचना करने में उनके पक्षपात तथा ब्रह्मचारी के गृह की ओर आकर्षण का भय भी रहता था अतएव स्वजातियों से भिक्षा-याचना का पूर्ण निषेध कर दिया गया था। बहुधा राजा तथा सामन्तों का प्रोत्साहन पाकर विद्वान् पण्डित उनकी सभाओं की ओर आकर्षित होते थे और अधिकतर उनकी राजधानी में ही बस जाते थे, जिससे वे नगर शिक्षा के केन्द्र बन जाते थे। इनमें [[तक्षशिला]], [[पाटलिपुत्र]], [[कन्नौज|कान्यकुब्ज]], [[मिथिला]], [[धारा]], [[तंजावुर|तंजोर]] आदि प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार तीर्थ स्थानों की ओर भी विद्वान् आकृष्ट होते थे। फलत: [[काशी]], [[कर्नाटक]], [[नासिक]] आदि शिक्षा के प्रसिद्ध केन्द्र बन गये। कभी-कभी राजा भी अनेक विद्वानों को आमंत्रित करके दान में भूमि आदि देकर तथा जीविका निश्चित करके उन्हें बसा लेते थे। उनके बसने से वहाँ एक नया गाँव बन जाता था। इन गाँवों को `[[अग्रहारम|अग्रहार]]' कहते थे। इसके अतिरिक्त विभिन्न हिन्दू सम्प्रदायों एवं मठों के आचार्यों के प्रभाव से ईसा की दूसरी शताब्दी के लगभग मठ शिक्षा के महत्त्वपूर्ण केन्द्र बन गये। इनमें [[शंकराचार्य]], [[रामानुज]]ाचार्य, [[मध्वाचार्य]] आदि के [[मठ]] प्रसिद्ध हैं। सार्वजनिक शिक्षण संस्थाएँ सर्वप्रथम बौद्ध विहारों में स्थापित हुई थीं। [[गौतम बुद्ध|भगवान बुद्ध]] ने उपासकों की शिक्षा-दीक्षा पर अत्यधिक बल दिया। इस संस्थाओं में धार्मिक ग्रन्थों का अध्यापन एवं आध्यात्मिक अभ्यास कराया जाता था। [[अशोक]] (300 ई॰ पू॰) ने बौद्ध विहारों की विशेष उन्नति करायी। कुछ समय पश्चात् ये विद्या के महान केन्द्र बन गये। ये वस्तुत: गुरुकुलों के ही समान थे। किन्तु इनमें गुरु किसी एक कुल का प्रतिनिधि न होकर सारे विहार का ही प्रधान होता था। ये धर्म प्रचार की दृष्टि से जनसाधारण के लिए भी सुलभ थे। इनमें [[नालन्दा विश्वविद्यालय]] (450 ई॰), [[वल्लभीपुर|वल्लभी]] (700 ई.), [[विक्रमशिला]] (800 ई॰) प्रमुख शिक्षण संस्थाएँ थीं। इन संस्थाओं का अनुसरण करके हिन्दुओं ने भी मन्दिरों में विद्यालय खोले जो आगे चल कर मठों के रूप में परिवर्तित हो गये। == नारियों के लिये पाठशालाएँ == [[वेद|वेदों]] में उल्लिखित कुछ [[मन्त्र]] इस बात को रेखांकित करते है कि कुमारियों के लिए शिक्षा अपरिहार्य एवं महत्वपूर्ण मानी जाती थी। स्त्रियों को लौकिक एवं आध्यात्मिक दोनों प्रकार की शिक्षाएँ दी जाती थी। सहशिक्षा को बुरा नहीं समझा जाता था। [[गोभिल गृहसूत्र]] में कहा गया है कि अशिक्षित पत्नी [[यज्ञ]] करने में समर्थ नहीं होती थी। [[संगीत]] शिक्षा पर जोर दिया जाता था। इच्छा और योग्यता के अनुसार शिक्षा प्राप्ति के लिए श्रमणक्रमणिका में उल्लिखित प्राचीन परम्परा के अनुसार [[ऋग्वेद]] की रचना में २०0 स्त्रियों का योगदान है। शकुन्तला राव शास्त्री ने इसे तीन कोटि में विभाजित किया है। (१) महिला ऋषि द्वारा लिखे गये श्लोक, (२) आंशिक रूप से महिला ऋषि द्वारा लिखे गये श्लोक एवं (३) महिला ऋषिकाओं को समर्पित श्लोक। ऋग्वेद के दशम मंडल के ३९ एवं ४० [[सूक्त]] की ऋषिका [[घोषा]], [[रोमशा]], [[विश्ववारा]], [[शची|इन्द्राणी]], [[शची]] और [[अपाला]] थी। वैदिक युग में स्त्रियाँ यज्ञोपवीत घारण कर वेदाध्ययन एवं सायं- प्रात होम आदि कर्म करती थी। शतपथ ब्राह्मण में व्रतोपनयन का उल्लेख है। हरित संहिता के अनुसार वैदिक काल में शिक्षा ग्रहण करने वाली दो प्रकार की कन्याएँ होती थी - ब्रह्मवादिनी एवं सद्योवात्। सद्योवात् 15 या 16 वर्ष की उम्र तक, जब तक उनका विवाह नहीं हो जाता था, तब तक अध्ययन करती थी। इन्हें प्रार्थना एवं यज्ञों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण वैदिक मंत्र पढ़ाये जाते थे तथा संगीत एवं नृत्य की भी शिक्षा दी जाती थी। महावीर और गौतम बुद्ध ने संघ मे नारियों के प्रवेश की अनुमति दी थी, ये धर्म और दर्शन के मनन के लिए ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करती थीं। जैन और बौद्व सहित्य से पता चलता है कि कुछ भिक्षुणियों ने साहित्य के विकास और शिक्षा में अपूर्व योगदान दिया जिसमें अशोक की पुत्री संघमित्रा प्रमुख थी। यहाँ बौद्ध आगमों की महान शिक्षिकाओं के रूप में उनकी बड़ी ख्याति थी। जैन साहित्य से जयंती नामक महिला का पता चलता है जो धर्म और दर्शन के ज्ञान की प्यास में अविवाहित रही और अंत में भिक्षुणी हो गई। हाल की [[गाथासप्तशती]] में सात कवयित्रियों की रचनाएँ संग्रहीत है। शीलभट्टारिका अपनी सरल तथा प्रासादयुक्त शैली तथा शब्द और अर्थ के सामंजस्य के लिए प्रसिद्ध थी। देवी लाट प्रदेश की कवियित्री थी। विदर्भ में विजयांका की कीर्ति की समता केवल कालिदास ही कर सकते थे। अवंतीसुन्दरी कवियत्री और टीकाकार देनों ही थी। कतिपय महिलाओं ने आयुर्वेद पर पांडित्यपूर्ण और प्रामाणिक रचनायें की हैं जिनमें रुसा का नाम बड़ा प्रसिद्ध है। आलोच्य काल में नारियों के लिए किसी प्रकार की पाठशाला का पृथक्-प्रबन्ध किया गया हो ऐसा वर्णन प्राप्त नहीं होता। बौद्धों ने अपने विहारों में भिक्षुणियों की शिक्षा की व्यवस्था की थी किन्तु कालान्तर में उसके भी उदाहरण प्राप्त नहीं होते। वस्तुत: कन्याओं के लिए पृथक् पाठशालाएँ न थीं। जिन कन्याओं को गुरुकुल में अध्ययन करने का अवसर प्राप्त होता था वे पुरुषों के साथ ही अध्ययन करती थीं। [[उत्तररामचरितम्|उत्तररामचरित]] में [[वाल्मीकि]] के आश्रम में [[आत्रेयी]] अध्ययन कर रही थी। [[भवभूति]] ने `[[मालती माधव]]' (प्रथमांक) में [[कामन्दकी]] के गुरुकुल में अध्ययन करने का वर्णन किया है। किन्तु ये उदाहरण बहुत कम हैं। अधिकतर गुरुपत्नी, गुरुकन्या अथवा गुरु की पुत्रवधू ही गुरुकुल में रहने के कारण अध्ययन का लाभ उठा पाती थीं वस्तुत: शास्त्रों के अनुरोध पर कन्याओं की शिक्षा गृह पर ही होती थी। == छात्रावासों का प्रबन्ध == प्राचीन भारत में गुरु के प्रत्यक्ष निरीक्षण में रहकर विद्योपार्जन श्रेष्ठ माना जाता था। अतएव अधिकांश विद्यार्थी गुरु कुलों में ही रहते थे। गुरु जन अपने घर पर ही विद्यार्थी के आवास-निवास की व्यवस्था करते थे। भोजन का कार्य [[भिक्षाटन|भिक्षा]] वृत्ति द्वारा चलता था अथवा अध्यापक के गृह में भी व्यवस्था हो जाती थीं। उस समय एक गुरु के पास एक साथ प्राय: पन्द्रह से अधिक विद्यार्थी नहीं पढ़ते थे। कभी-कभी तो केवल चार विद्यार्थी ही एक गुरु के अधीन अध्ययन करते थे। अतएव उनके भोजन व निवास की व्यवस्था करना गुरु के लिए कोई कठिन कार्य नहीं होता था। किन्तु गुरु के विद्यार्थियों का प्रबन्ध करने में असमर्थ होने पर विद्यार्थी अपने रहने का प्रबन्ध स्वयं करते थे। अध्यापन कार्य में विद्यार्थी से धन मांगना अध्यापक के लिए अत्यन्त निन्दनीय माना जाता था। गुरु निर्धन से निर्धन विद्यार्थी को भी पढ़ाने से मना नहीं कर सकता था। जो गुरु विद्या के लिए मोल-भाव करता था उसको विद्या का व्यवसायी कह कर हेय समझा जाता था। ऐसे अध्यापकों को धार्मिक अवसरों पर ऋत्विक के कार्य के अयोग्य कहा गया। किन्तु गुरु के पढ़ाये हुए एक ही अक्षर द्वारा शिष्य उसका ऋणी समझा जाता था। अतएव समावर्तन के अवसर पर शिष्य [[गुरु-दक्षिणा]] के रूप में सामर्थ्यानुसार गुरु को धन देते थे। जो अत्यन्त निर्धन होते थे वे गुरु की गृहस्थी में सेवा-कार्य करके तथा समावर्तन के समय भिक्षा मांग कर गुरु दक्षिणा देते थे। वस्तुत: राजा और प्रजा दोनों का कर्त्तव्य था कि वे विद्वान आचार्यों एवं शिक्षण संस्थाओं को मुक्त हस्त दान दें। == सह-शिक्षा एवं पृथक् शिक्षा विवेचन == प्रागैतिहासिक काल में साहित्यिक तथा व्यावसायिक हर प्रकार की शिक्षा की व्यवस्था परिवार में ही होती थी। ऐसी अवस्था में सम्भवत: सगे भाई-बहन तथा चचेरे भाई-बहन सम्मिलित होकर ही परिवार के शिक्षित अग्रजनों के संरक्षण में विद्योपार्जन करते रहे होगे। किन्तु धीरे-धीरे विद्या के भण्डार में प्रचुर वृद्धि हो जाने से विशेषाध्ययन की ओर लोगों की रुचि बढ़ने लगी। अतएव विद्यार्थियों के लिए परिवार से दूरस्थ स्थानों पर जाकर प्रतिष्ठित विद्वानों के संरक्षण में वांछित विषयों का अध्ययन करना आवश्यक हो गया। प्राय: कन्याओं को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए घर के बाहर विद्वान् आचार्यों के पास जाना पड़ता था। किन्तु इस सम्बन्ध में हमारे ग्रन्थों से बहुत कम संकेत प्राप्त होते हैं। [[उत्तररामचरितम्|उत्तररामचरित]] में [[वाल्मीकि]] के आश्रम में लव-कुश के साथ पढ़ने वाली आत्रेयी नामक स्त्री का उल्लेख हुआ है। जो इस बात का पुष्ट प्रमाण है कि उस युग में सह-शिक्षा का प्रचार था। इसी प्रकार `मालती-माधव' में भी भवभूति ने भूरिवसु एवं देवराट के साथ कामन्दकी नामक स्त्री के एक ही पाठशाला में शिक्षा प्राप्त करने का वर्णन किया है। भवभूति आठवी शताब्दी के कवि हैं। अतएव ऐसा प्रतीत होता है कि यदि भवभूति के समय में नहीं तो उनसे कुछ समय पूर्व तक बालक-बालिकाओं की सह-शिक्षा का प्रचलन अवश्य रहा होगा। इसी प्रकार पुराणों में कहोद और सुजाता, रूहु और प्रमदवरा की कथाएं वर्णित हैं। इनसे ज्ञात होता है कि कन्याएं बालकों के साथ-साथ पाठशालाओं में पढ़ती थीं तथा उनका विवाह युवती हो जाने पर होता था। परिणामत: कभी-कभी गान्धर्व विवाह भी हो जाते थे। ये समस्त प्रमाण इस तथ्य पर प्रकाश डालते हैं कि उस युग में स्त्रियाँ बिना पर्दे के पुरुषों के बीच रह कर ज्ञान की प्राप्ति कर सकती थीं। उस युग में सहशिक्षा-प्रणाली का अस्तित्व भी इनसे सिद्ध होता है। गुरुकुलों में सहशिक्षा का प्रचार था, इस धारणा का समर्थन आश्वलायन गृह ससूत्र में वर् णित समावर्तन संस्कार की विधि से भी मिलता है। इस विधि में स्नातक के अनुलेपन क्रिया के वर्णन में बालक एवं बालिका का समार्वतन संस्कार साथ-साथ सम्पन्न होना पाया जाता है। उस युग में स्त्री के ब्रह्मचर्याश्रम, वेदाध्ययन तथा समावर्तन संस्कार का औचित्य आश्वलायन के मतानुसार प्रमाणित हो जाता है। पूर्व काल में जब बड़ी संख्या में स्त्रियां उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही थीं और अपना अमूल्य योगदान देकर साहित्य के गौरव को बढ़ा रही थीं, उस समय उनमें से कुछ अध्यापन कार्य भी अवश्य ही करती होंगी। संस्कृत साहित्य में उपाध्याया एवं उपाध्यायानी शब्दों का प्रयोग पाया जाता है। उपाध्याय की पत्नी को आदर पूर्वक उपाध्यायानी कहा गया है, किन्तु उपाध्याया उन विदुषी नारियों के लिये प्रयुक्त हुआ है जो अध्यापन कार्य करती थीं। महिला शिक्षिकाओं का बोध कराने वाले एक अन्य शब्द की रचना करने की आवश्यकता पड़ना तभी सम्भव रहा होगा जबकि महिला शिक्षिकाएँ पर्याप्त संख्या में रही हों। इसके अतिरिक्त पर्दाप्रथा बारहवीं शताब्दी के बाद भारतीय समाज में आयी, अतएवं स्त्रियों के लिए अध्यापन कार्य में किसी प्रकार के बन्धन की सम्भावना भी न थी। हो सकता है ये उपाध्यायाएँ केवल कन्याओं को ही पढ़ाती रही हों अथवा बालक-बालिकाओं दोनों को। पाणिनि ने भी आचार्य एवं आचार्यानी के अन्तर को स्पष्ट किया है तथा छात्रीशालाओं का उल्लेख किया है। इससे भी अनुमान लगाया जा सकता है कि आचार्याएँ इन छात्रीशालाओं की संरक्षि-काएँ भी होती होंगी। रामदास गौड़ ने लिखा है- `हर्ष के बाद सातवीं-आठवीं शती में भी स्त्रियों के अध्यापन कार्य का पता मिलता है। [[शंकराचार्य]] से हार जाने के फलस्वरूप अपने पति मण्डन मिश्र के सन्यास ले लेने पर उभयभारती श्रृंगगिरि में अध्यापन कार्य करने लगी थी। कहा जाता है कि भारती द्वारा शिक्षा प्राप्त करने के कारण ही [[शृंगेरी]] और [[द्वारका]] के मठों का शिष्य सम्प्रदाय `भारती' नाम से अभिहित हुआ। किन्तु फिर भी स्थान की कमी एवं असुविधाओं के कारण अधिकांश कन्याएँ घर पर ही पढ़ती होंगी तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का साहस न कर पाती होंगी। सम्भवत: इसी कारण इन छात्राशालाओं एवं उपाध्यायाओं के सम्बन्ध में अधिक विवरण प्राप्त नहीं होते। यद्यपि इस काल में मैत्रेयी, गार्गी, विश्ववारा एवं लीला-वती के समान उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाएँ थी, किन्तु इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इस युग में स्त्री शिक्षा का पर्याप्त प्रचलन था अथवा स्त्री-शिक्षा अपने संगठित रूप में विद्यमान थी। इस सम्बन्ध में एल। मुकर्जी के अनुसार--`यह सम्भव है कि इस युग में स्त्रियों के लिए शिक्षा की कोई संगठित व्यवस्था नहीं थीं। सम्भवत: जब समाज में योग्य उपाध्यायाएँ प्राप्त हो जाती होंगी तब उन्हीं के संरक्षण में कन्याओं को भेजा जाता होगा किन्तु इनके उपलब्ध न होने पर बाध्य होकर आचार्यों के पास पुत्रियों की अध्ययनार्थ भेजना पड़ता होगा। जिस काल में गान्धर्व विवाह समाज में असामान्य न था, सहशिक्षा में कन्याओं के अभिभावकों को कोई आपत्ति भी न रही होगी। किन्तु आगे चलकर गान्धर्व-विवाह से कन्याओं के नैतिक पतन की आशंका बढ़ने लगी। अतएव लोग घर पर ही शिक्षक नियुक्त करके कन्याओं की उच्च शिक्षा-दीक्षा का प्रबन्ध करने लगे। उच्च शिक्षा हेतु दूरस्थ आचार्यों के पास जाने वाली कन्याओं की सख्या भी अधिक न रही होगी क्योंकि जातकों में शिक्षा हेतु तक्षशिला जाने वाली बालिकाओं का उल्लेख प्राप्त नहीं होता। ईसा की चौथी शताब्दी तक लड़कों के लिए भी सार्वजनिक पाठशालाएँ न थीं। हारीत ने व्यवस्था दी है कि कन्याओं की शिक्षा घर पर ही पिता, चाचा अथवा भाई द्वारा होनी चाहिए। इसी प्रकार मनु भी कन्याओं को पुरुष शिक्षकों के सरंक्षण में रखकर लड़कों के साथ अध्ययन करने के लिए घर से बाहर भेजने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि सह-शक्षा से कन्याओं का कौसार्यत्व नष्ट होने की आशंका बढ़ जाती है। स्त्री-शिक्षा का प्रथम संगठित प्रयास करने का श्रेय बौद्धो को प्राप्त है। बुद्ध ने संघ में नारियों के प्रवेश की अनुमति दे दी थी। बौद्धों ने विहारों में निवास करने वाली भिक्षुणियों के लिए शिक्षा की सन्तोषजनक व्यवस्था भी की थी। ब्रह्मवादिनियों के समान इनमें से बहुत-सी नारियों ने धर्म और दर्शन ज्ञान के लिए ब्रह्मचर्य पालन किया। इनमें से कुछ सिंहल देश भी गयी तथा वहाँ बौद्ध धर्म की महान शिक्षिकाओं के रूप में उन्होंने विशेष प्रसिद्धि प्राप्त की। इन विहारों में ये नारियाँ सहशिक्षा ही ग्रहण करतीं थीं। किन्तु इन बौद्ध संघों में भी ईसा की चौथी शताब्दी के लगभग नारी शिक्षा का पूर्ण ह्रास हो चुका था। कितनी प्रतिशत छात्राएँ सहशिक्षा ग्रहण करती होगी, इस प्रश्न का निश्चित रूप से कोई उत्तर नहीं दिया जा सकता। किन्तु निश्चय ही यह संख्या अधिक नहीं रही होगी। वर्तमान में वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बाबा रामदेव ने आचार्यकूलम की स्थापना की है। आचार्यकुलम की स्थापना करने के पीछे बाबा रामदेव का उद्देश्य है वैदिक और भारतीय शिक्षा को बढ़ावा मिले। आचार्यकुलम गुरुकुल पद्धति पर आधारित गुरुकुल शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा पद्धति का एक आवासीय शैक्षणिक संस्थान है, जो भारत देश के उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में स्थित है। इसकी सबसे खास बात है कि यहाँ 8 वीं तक 50 प्रतिशत वैदिक और 50 प्रतिशत सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। इसके बाद 8 वीं के 25 प्रतिशत वैदिक और 75 प्रतिशत सीबीएसई का सिलेबस होता है।साथ ही यह ऐसा पहला स्कूल है जहां विद्यार्थी को जितनी अंग्रेजी सिखाई जाती उतनी ही संस्कृत में भी पारंगत किया जाता है|हाल ही में आचार्यकुलम सीबीएसई बोर्ड से जुड़ा है। आचार्यकुलम में आधुनिक और वैदिक शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, यहां एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अलावा तीन पीरियड वैदिक शिक्षा के होते हैं। इनमें वेद, उपनिषद, संस्कृत, योग, हवन-पूजन आदि का ज्ञान दिया जाता है। == शिक्षा के विषय == प्राचीन भारतीय शिक्षा का इतिहास सहस्रों वर्षों की लम्बी अवधि में लिखा गया है। अत: यह अत्यन्त विशाल है। स्मृतियाँ संस्कृत साहित्य में परिवर्तनशील एक विशिष्ट काल की ओर संकेत करती हैं। उनके माध्यम से वैदिक काल से लेकर उनके अपने समय तक की समस्त साहित्यिक रचनाओं की श्रृंखला का पूर्वाभास कराया गया है। अतएव स्मृतिकालीन विद्यार्थियों के अध्ययनार्थ वेदों, ब्राह्मणों, उपनिषदों एवं सूत्रों के काल की समस्त मुख्य रचनाएँ थीं। ईसा पूर्व पन्द्रह सौ शताब्दी तक अधिकांश वैदिक मन्त्रों के सम्पादन का कार्य पूर्ण हो चुका था। तत्पश्चात् वेदों के अर्थ-बोध के लिए जिन टीकात्मक एवं चर्चात्मक ग्रन्थों का विकास हुआ वे `ब्राह्मण' ग्रन्थों के नाम से प्रतिष्ठित हुए। इस काल के विद्वानों की प्रतिभा का उपयोग वेदों के स्वरूप की रक्षा एवं अर्थों के स्पष्टी-करण में किया गया, न कि नवीन साहित्यिक-रचनाओं के निरुपण में। फलत: वैदिक यज्ञों से सम्बनध अनेक सिद्धान्तों, मतवादों और रीतियों का विवेचन `ब्राह्मणों' में होने लगा। विद्वानों ने विशेष रूप से अपनी साधना का केन्द्र यज्ञों के कर्मकाण्ड को बनाया। परिणाम स्वरूप कर्मकाण्डों में जटिलता एवं दुरूहता आ गयी। दूसरी ओर वेदों की दार्शनिक प्रवृत्ति का विकास हुआ और उसने `उपनिषदों' के रूप में पूर्णता प्राप्त की। कालानुक्रम से वेदातिरिक्त साहित्य में भी प्रचुर वृद्धि हुई। फलत: इस सतत वर्धमान साहित्य में पारंगत होना अकेले एक व्यक्ति की सामर्थ्य के बाहर हो गया। उस काल में मुद्रण कला का विकास नहीं हुआ था। अतएव [[वैदिक साहित्य]] के लोप हो जाने का भय सदा बना रहता था। साहित्य-सुरक्षा के दृष्टिकोण से अध्ययन क्षेत्र को दो भागों में विभाजित कर दिया गया। वैदिक पण्डितों में से कुछ को इस विशाल साहित्य को ज्यों का त्यों कण्ठस्थ करने का कार्य सौंपा गया, जिससे साहित्य का शुद्ध स्वरूप अक्षुण्ण बना रहे तथा अन्य विद्वानों की टीकाओं निरुक्तों और शब्दकोश आदि का अध्ययन करके इनकी व्याख्या करने में अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर दिया गया। इस काल में हिन्दू मेघा की सबसे अधक निर्णयात्मक एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रादुर्भाव हुआ। फलस्वरूप शिक्षा, दर्शन, न्याय, महाकाव्य, भाषाविज्ञान, व्याकरण, ज्योतिष, निरुक्त, कल्प, अनेकों कलाएँ, व्यावहारिक विद्या आदि के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सफलताएँ प्राप्त हुई। इन ग्रन्थों के विद्वानों ने अपने विद्यार्थीयों की सुगमता के लिए इन विषयों का नवीनीकरण करते हुए उन्हें सक्षेप में एकत्रि त कर दिया। उपनिषदों एवं सूत्रों के काल (ई. पू. प्रथम सहस्राब्दि) में लेखन कला का ज्ञान हो जाने पर भी इन्हें [[लिपि]]बद्ध नहीं किया गया क्योंकि वैदिक मन्त्रों को लिपि बद्ध करना अधार्मिक माना जाता था। इसी काल में वैदिक चरणों के आधारों पर विद्वानों ने [[धर्मसूत्र|धर्मसूत्रों]] में एक नवीन साहित्य की रचना भी कर डाली। उपर्युक्त संस्कृत-वाङ्मय के परिवर्तनशील इतिहास को दृष्टिगत करते हुए हम उसकी विविधता एवं विशालता का सहज ही अनुमान लगा सकते हैं। स्मृतियों में इस समस्त बाङ्मय में वर्णित सामाजिक रीतियों, धार्मिक कर्मकाण्डों, एवं संस्कारों का सर्वेक्षण किया गया है। वस्तुत: स्मृतियाँ एक विशाल समाज को लक्ष्य करके ही निर्मित की गयी हैं। स्मृति ग्रन्थों में हम इसी साहित्य के उल्लेख की आशा भी रखते हैं। अतएव इनमें गृह्यसूत्रों, धर्मसूत्रों, उपनिषदों तथा मीमांसाओं में पूर्व विद्यमान श्रेष्ठ प्रथाओं, रीतियों, मान्यताओं एवं संस्कारों का संकलन किया गया है। इस कार्य में जितनी सफलता मनुस्मृति ने प्राप्त की हैं उतनी अन्य किसी स्मृति ने नहीं। अत: यहां पर मनु स्मृति में संकेतित विषयों का ही उल्लेख किया जा रहा है। [[मनु]] ने तीनों वेदों को श्रुति कहा है। ये तीन वेद ही संस्कृत साहित्य की प्रथम कड़ी हैं। वैदिक मन्त्रों का विकास चरणों के रूप में हुआ जिनकी वांछित शाखाओं का ज्ञान पुरोहित वर्ग अवश्य प्राप्त करता था। मन्त्र, ब्राह्मण, शाखा को पढ़े हुए 'ऋग्वेदी'; वेदों के पारगामी, समस्त शाखाओं के ज्ञाता 'ऋत्विज्' तथा वेदों को पढ़कर पारंगत हुए विद्वान् ब्राह्मण को विशिष्ट सम्मान प्राप्त था। जो ब्राह्मण तीन वेदों के ज्ञाता होते थे उन्हें 'त्रिवेदी' कहा जाता था। [[मनुस्मृति]] में अध्ययन के लिए वेदों के कुछ प्रमुख विशेष रूप से पारित किये गये हैं। वस्तुत: इस काल तक धार्मिक क्रियाओं एंव प्रायश्चितों द्वारा शुद्धीकरण की प्रक्रियाओं में अत्यन्त विस्तार हो गया था। अतएव विशिष्ट अवसरों पर वेदों की कुछ ऋचाओं के उच्चारण का महत्व भी बढ़ गया। मनु स्मृति में ऐसी ऋचाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इनका उच्चारण पूर्ण सन्तुलन एवं नियम के साथ होना चाहिए जिससे पापों से मुक्ति पायी जा सके। ब्राह्मण अथर्ववेद की अंगिरस श्रुति का प्रयोग शत्रु के नाश के लिए शस्त्र के रूप में करते थे। स्नातकों के प्रतिदिन के स्वाध्याय पाठ में ब्राह्मण ग्रन्थों के अध्ययन का प्रोत्साहन दिया गया है। मनु ने [[ऐतरेय ब्राह्मण]] (६.२) के `सुब्रह्मण्य' नामक मन्त्रों एवं [[ऐतरेय ब्राह्मण]] (८. १३-१६) तथा बह् वृच ब्राह्मण में वर्णित [[शुनःशेप]] गाथा का भी उल्लेख किया है। == इन्हें भी देखें == * [[भारत की शिक्षा व्यवस्था]] * [[भारतीय शिक्षा का इतिहास]] * [[गुरुकुल]] * [[चौसठ कलाएँ]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20101025090919/http://agoodplace4all.com/?p=1073 भारत में शिक्षा व्यवस्था] * [https://web.archive.org/web/20140222153646/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4544 कैसी थी पारंपरिक भारतीय शिक्षा पद्धति?] (आन्नद सुब्रमण्यम शास्त्री) * [https://web.archive.org/web/20140328213423/http://books.google.co.in/books?id=mjFfqpq7HhkC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false Ancient Indian Education: Brahmanical and Buddhist] (गूगल पुस्तक ; रचनाकार : राधाकुमुद मुखर्जी) * [https://web.archive.org/web/20140322001954/http://www.bharatiyashiksha.com/?p=282 18वीं सदी में दुनिया में सबसे अधिक शिक्षा संस्थाएँ भारत में थीं] * [https://web.archive.org/web/20170912234559/https://www.pravakta.com/glorious-past-of-indian-education-hridaynarayn-dikshit/ भारतीय शिक्षा का स्वर्णिम अतीत] (हृदयनारायण दीक्षित) * [https://web.archive.org/web/20200710163629/https://www.rknaidunia.com/2020/05/education-in-ancient-india-in-hindi-ii.html प्राचीन भारत में शिक्षा] *[https://www.prabha001.com/प्राचीन-भारतीय-शिक्षा/ प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था कैसी थी?] *[https://www.uou.ac.in/sites/default/files/slm/BAED-301.pdf शिक्षा और भारतीय विरासत] *[https://hindi.theprint.in/culture/british-indian-education-system-india-university-schools/437712/ अंग्रेजों और मुसलमानों के आने से पहले ही भारत की शिक्षा व्यवस्था का दुनिया में कोई मुकाबला नहीं था] *[https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.62024 Report On The State Of Education In Bengal (1941)] by William Adam ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारत में शिक्षा]] 06uhw36iuqbq001zqcmjxgtznt8isab 6541052 6541050 2026-04-16T03:18:08Z अनुनाद सिंह 1634 6541052 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Parmarth4.jpg|right|thumb|300px|प्राचीन काल के एक गुरुकुल में शिक्षण का एक चित्र]] [[भारत]] की प्राचीन [[शिक्षा]]पद्धति में हमें अनौपचारिक तथा औपचारिक दोनों प्रकार के शैक्षणिक केन्द्रों का उल्लेख प्राप्त होता है। औपचारिक शिक्षा मन्दिर, आश्रमों और गुरुकुलों के माध्यम से दी जाती थी। ये ही उच्च शिक्षा के केन्द्र भी थे। जबकि परिवार, पुरोहित, पण्डित, सन्यासी और त्यौहार प्रसंग आदि के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा प्राप्त होती थी। विभिन्न [[धर्मसूत्र|धर्मसूत्रों]] में इस बात का उल्लेख है कि [[माता]] ही बच्चे की <span lang="hi" dir="ltr">श्रेष्ठ</span> गुरु है। कुछ विद्वानों ने पिता को बच्चे के शिक्षक के रुप में स्वीकार किया है जैसे-जैसे सामाजिक विकास हुआ वैसे-वैसे शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित होने लगी। वैदिक काल में परिषद, शाखा और चरण जैसे संघों का स्थापन हो गया था, लेकिन व्यवस्थित शिक्षण संस्थाएँ सार्वजनिक स्तर पर बौद्धों द्वारा प्रारम्भ की गई थी।<ref>{{Cite web |url=http://shodhganga.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/143380/11/11_chapter%207.pdf |title=प्राचीन भारतीय शिक्षा की प्रशासनिक व्यवस्था |access-date=11 मई 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180511215351/http://shodhganga.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/143380/11/11_chapter%207.pdf |archive-date=11 मई 2018 |url-status=live }}</ref> [[गुरुकुल|गुरुकुलों]] की स्थापना प्रायः वनों, उपवनों तथा ग्रामों या नगरों में की जाती थी। वनों में गुरुकुल बहुत कम होते थे। अधिकतर दार्शनिक आचार्य निर्जन वनों में निवास, अध्ययन तथा चिन्तन पसन्द करते थे। [[वाल्मीकि]], [[संदीपनी|सन्दीपनि]], [[कण्व]] आदि ऋषियों के आश्रम वनों में ही स्थित थे और इनके यहाँ दर्शन शास्त्रों के साथ-साथ व्याकरण, ज्योतिष तथा नागरिक शास्त्र भी पढ़ाये जाते थे। अधिकांश गुरुकुल गांवों या नगरों के समीप किसी वाग अथवा वाटिला में बनाये जाते थे। जिससे उन्हें एकान्त एवं पवित्र वातावरण प्राप्त हो सके। इससे दो लाभ थे; एक तो गृहस्थ आचार्यों को सामग्री एकत्रित करने में सुविधा थी, दूसरे ब्रह्मचारियों को भिक्षाटन में अधिक भटकना नहीं पड़ता था। मनु के अनुसार `ब्रह्मचारों को गुरु के कुल में, अपनी जाति वालों में तथा कुल बान्धवों के यहाँ से भिक्षा याचना नहीं करनी चाहिए, यदि भिक्षा योग्य दूसरा घर नहीं मिले, तो पूर्व-पूर्व गृहों का त्याग करके भिक्षा याचना करनी चाहिये। इससे स्पष्ट होता है कि गुरुकुल गांवों के सन्निकट ही होते थे। स्वजातियों से भिक्षा याचना करने में उनके पक्षपात तथा ब्रह्मचारी के गृह की ओर आकर्षण का भय भी रहता था अतएव स्वजातियों से भिक्षा-याचना का पूर्ण निषेध कर दिया गया था। बहुधा राजा तथा सामन्तों का प्रोत्साहन पाकर विद्वान् पण्डित उनकी सभाओं की ओर आकर्षित होते थे और अधिकतर उनकी राजधानी में ही बस जाते थे, जिससे वे नगर शिक्षा के केन्द्र बन जाते थे। इनमें [[तक्षशिला]], [[पाटलिपुत्र]], [[कन्नौज|कान्यकुब्ज]], [[मिथिला]], [[धारा]], [[तंजावुर|तंजोर]] आदि प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार तीर्थ स्थानों की ओर भी विद्वान् आकृष्ट होते थे। फलत: [[काशी]], [[कर्नाटक]], [[नासिक]] आदि शिक्षा के प्रसिद्ध केन्द्र बन गये। कभी-कभी राजा भी अनेक विद्वानों को आमंत्रित करके दान में भूमि आदि देकर तथा जीविका निश्चित करके उन्हें बसा लेते थे। उनके बसने से वहाँ एक नया गाँव बन जाता था। इन गाँवों को `[[अग्रहारम|अग्रहार]]' कहते थे। इसके अतिरिक्त विभिन्न हिन्दू सम्प्रदायों एवं मठों के आचार्यों के प्रभाव से ईसा की दूसरी शताब्दी के लगभग मठ शिक्षा के महत्त्वपूर्ण केन्द्र बन गये। इनमें [[शंकराचार्य]], [[रामानुज]]ाचार्य, [[मध्वाचार्य]] आदि के [[मठ]] प्रसिद्ध हैं। सार्वजनिक शिक्षण संस्थाएँ सर्वप्रथम बौद्ध विहारों में स्थापित हुई थीं। [[गौतम बुद्ध|भगवान बुद्ध]] ने उपासकों की शिक्षा-दीक्षा पर अत्यधिक बल दिया। इस संस्थाओं में धार्मिक ग्रन्थों का अध्यापन एवं आध्यात्मिक अभ्यास कराया जाता था। [[अशोक]] (300 ई॰ पू॰) ने बौद्ध विहारों की विशेष उन्नति करायी। कुछ समय पश्चात् ये विद्या के महान केन्द्र बन गये। ये वस्तुत: गुरुकुलों के ही समान थे। किन्तु इनमें गुरु किसी एक कुल का प्रतिनिधि न होकर सारे विहार का ही प्रधान होता था। ये धर्म प्रचार की दृष्टि से जनसाधारण के लिए भी सुलभ थे। इनमें [[नालन्दा विश्वविद्यालय]] (450 ई॰), [[वल्लभीपुर|वल्लभी]] (700 ई.), [[विक्रमशिला]] (800 ई॰) प्रमुख शिक्षण संस्थाएँ थीं। इन संस्थाओं का अनुसरण करके हिन्दुओं ने भी मन्दिरों में विद्यालय खोले जो आगे चल कर मठों के रूप में परिवर्तित हो गये। == नारियों के लिये पाठशालाएँ == [[वेद|वेदों]] में उल्लिखित कुछ [[मन्त्र]] इस बात को रेखांकित करते है कि कुमारियों के लिए शिक्षा अपरिहार्य एवं महत्वपूर्ण मानी जाती थी। स्त्रियों को लौकिक एवं आध्यात्मिक दोनों प्रकार की शिक्षाएँ दी जाती थी। सहशिक्षा को बुरा नहीं समझा जाता था। [[गोभिल गृहसूत्र]] में कहा गया है कि अशिक्षित पत्नी [[यज्ञ]] करने में समर्थ नहीं होती थी। [[संगीत]] शिक्षा पर जोर दिया जाता था। इच्छा और योग्यता के अनुसार शिक्षा प्राप्ति के लिए श्रमणक्रमणिका में उल्लिखित प्राचीन परम्परा के अनुसार [[ऋग्वेद]] की रचना में २०0 स्त्रियों का योगदान है। शकुन्तला राव शास्त्री ने इसे तीन कोटि में विभाजित किया है। (१) महिला ऋषि द्वारा लिखे गये श्लोक, (२) आंशिक रूप से महिला ऋषि द्वारा लिखे गये श्लोक एवं (३) महिला ऋषिकाओं को समर्पित श्लोक। ऋग्वेद के दशम मंडल के ३९ एवं ४० [[सूक्त]] की ऋषिका [[घोषा]], [[रोमशा]], [[विश्ववारा]], [[शची|इन्द्राणी]], [[शची]] और [[अपाला]] थी। वैदिक युग में स्त्रियाँ यज्ञोपवीत घारण कर वेदाध्ययन एवं सायं- प्रात होम आदि कर्म करती थी। शतपथ ब्राह्मण में व्रतोपनयन का उल्लेख है। हरित संहिता के अनुसार वैदिक काल में शिक्षा ग्रहण करने वाली दो प्रकार की कन्याएँ होती थी - ब्रह्मवादिनी एवं सद्योवात्। सद्योवात् 15 या 16 वर्ष की उम्र तक, जब तक उनका विवाह नहीं हो जाता था, तब तक अध्ययन करती थी। इन्हें प्रार्थना एवं यज्ञों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण वैदिक मंत्र पढ़ाये जाते थे तथा संगीत एवं नृत्य की भी शिक्षा दी जाती थी। महावीर और गौतम बुद्ध ने संघ मे नारियों के प्रवेश की अनुमति दी थी, ये धर्म और दर्शन के मनन के लिए ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करती थीं। जैन और बौद्व सहित्य से पता चलता है कि कुछ भिक्षुणियों ने साहित्य के विकास और शिक्षा में अपूर्व योगदान दिया जिसमें अशोक की पुत्री संघमित्रा प्रमुख थी। यहाँ बौद्ध आगमों की महान शिक्षिकाओं के रूप में उनकी बड़ी ख्याति थी। जैन साहित्य से जयंती नामक महिला का पता चलता है जो धर्म और दर्शन के ज्ञान की प्यास में अविवाहित रही और अंत में भिक्षुणी हो गई। हाल की [[गाथासप्तशती]] में सात कवयित्रियों की रचनाएँ संग्रहीत है। शीलभट्टारिका अपनी सरल तथा प्रासादयुक्त शैली तथा शब्द और अर्थ के सामंजस्य के लिए प्रसिद्ध थी। देवी लाट प्रदेश की कवियित्री थी। विदर्भ में विजयांका की कीर्ति की समता केवल कालिदास ही कर सकते थे। अवंतीसुन्दरी कवियत्री और टीकाकार देनों ही थी। कतिपय महिलाओं ने आयुर्वेद पर पांडित्यपूर्ण और प्रामाणिक रचनायें की हैं जिनमें रुसा का नाम बड़ा प्रसिद्ध है। आलोच्य काल में नारियों के लिए किसी प्रकार की पाठशाला का पृथक्-प्रबन्ध किया गया हो ऐसा वर्णन प्राप्त नहीं होता। बौद्धों ने अपने विहारों में भिक्षुणियों की शिक्षा की व्यवस्था की थी किन्तु कालान्तर में उसके भी उदाहरण प्राप्त नहीं होते। वस्तुत: कन्याओं के लिए पृथक् पाठशालाएँ न थीं। जिन कन्याओं को गुरुकुल में अध्ययन करने का अवसर प्राप्त होता था वे पुरुषों के साथ ही अध्ययन करती थीं। [[उत्तररामचरितम्|उत्तररामचरित]] में [[वाल्मीकि]] के आश्रम में [[आत्रेयी]] अध्ययन कर रही थी। [[भवभूति]] ने `[[मालती माधव]]' (प्रथमांक) में [[कामन्दकी]] के गुरुकुल में अध्ययन करने का वर्णन किया है। किन्तु ये उदाहरण बहुत कम हैं। अधिकतर गुरुपत्नी, गुरुकन्या अथवा गुरु की पुत्रवधू ही गुरुकुल में रहने के कारण अध्ययन का लाभ उठा पाती थीं वस्तुत: शास्त्रों के अनुरोध पर कन्याओं की शिक्षा गृह पर ही होती थी। == छात्रावासों का प्रबन्ध == प्राचीन भारत में गुरु के प्रत्यक्ष निरीक्षण में रहकर विद्योपार्जन श्रेष्ठ माना जाता था। अतएव अधिकांश विद्यार्थी गुरु कुलों में ही रहते थे। गुरु जन अपने घर पर ही विद्यार्थी के आवास-निवास की व्यवस्था करते थे। भोजन का कार्य [[भिक्षाटन|भिक्षा]] वृत्ति द्वारा चलता था अथवा अध्यापक के गृह में भी व्यवस्था हो जाती थीं। उस समय एक गुरु के पास एक साथ प्राय: पन्द्रह से अधिक विद्यार्थी नहीं पढ़ते थे। कभी-कभी तो केवल चार विद्यार्थी ही एक गुरु के अधीन अध्ययन करते थे। अतएव उनके भोजन व निवास की व्यवस्था करना गुरु के लिए कोई कठिन कार्य नहीं होता था। किन्तु गुरु के विद्यार्थियों का प्रबन्ध करने में असमर्थ होने पर विद्यार्थी अपने रहने का प्रबन्ध स्वयं करते थे। अध्यापन कार्य में विद्यार्थी से धन मांगना अध्यापक के लिए अत्यन्त निन्दनीय माना जाता था। गुरु निर्धन से निर्धन विद्यार्थी को भी पढ़ाने से मना नहीं कर सकता था। जो गुरु विद्या के लिए मोल-भाव करता था उसको विद्या का व्यवसायी कह कर हेय समझा जाता था। ऐसे अध्यापकों को धार्मिक अवसरों पर ऋत्विक के कार्य के अयोग्य कहा गया। किन्तु गुरु के पढ़ाये हुए एक ही अक्षर द्वारा शिष्य उसका ऋणी समझा जाता था। अतएव समावर्तन के अवसर पर शिष्य [[गुरु-दक्षिणा]] के रूप में सामर्थ्यानुसार गुरु को धन देते थे। जो अत्यन्त निर्धन होते थे वे गुरु की गृहस्थी में सेवा-कार्य करके तथा समावर्तन के समय भिक्षा मांग कर गुरु दक्षिणा देते थे। वस्तुत: राजा और प्रजा दोनों का कर्त्तव्य था कि वे विद्वान आचार्यों एवं शिक्षण संस्थाओं को मुक्त हस्त दान दें। == सह-शिक्षा एवं पृथक् शिक्षा विवेचन == प्रागैतिहासिक काल में साहित्यिक तथा व्यावसायिक हर प्रकार की शिक्षा की व्यवस्था परिवार में ही होती थी। ऐसी अवस्था में सम्भवत: सगे भाई-बहन तथा चचेरे भाई-बहन सम्मिलित होकर ही परिवार के शिक्षित अग्रजनों के संरक्षण में विद्योपार्जन करते रहे होगे। किन्तु धीरे-धीरे विद्या के भण्डार में प्रचुर वृद्धि हो जाने से विशेषाध्ययन की ओर लोगों की रुचि बढ़ने लगी। अतएव विद्यार्थियों के लिए परिवार से दूरस्थ स्थानों पर जाकर प्रतिष्ठित विद्वानों के संरक्षण में वांछित विषयों का अध्ययन करना आवश्यक हो गया। प्राय: कन्याओं को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए घर के बाहर विद्वान् आचार्यों के पास जाना पड़ता था। किन्तु इस सम्बन्ध में हमारे ग्रन्थों से बहुत कम संकेत प्राप्त होते हैं। [[उत्तररामचरितम्|उत्तररामचरित]] में [[वाल्मीकि]] के आश्रम में लव-कुश के साथ पढ़ने वाली आत्रेयी नामक स्त्री का उल्लेख हुआ है। जो इस बात का पुष्ट प्रमाण है कि उस युग में सह-शिक्षा का प्रचार था। इसी प्रकार `मालती-माधव' में भी भवभूति ने भूरिवसु एवं देवराट के साथ कामन्दकी नामक स्त्री के एक ही पाठशाला में शिक्षा प्राप्त करने का वर्णन किया है। भवभूति आठवी शताब्दी के कवि हैं। अतएव ऐसा प्रतीत होता है कि यदि भवभूति के समय में नहीं तो उनसे कुछ समय पूर्व तक बालक-बालिकाओं की सह-शिक्षा का प्रचलन अवश्य रहा होगा। इसी प्रकार पुराणों में कहोद और सुजाता, रूहु और प्रमदवरा की कथाएं वर्णित हैं। इनसे ज्ञात होता है कि कन्याएं बालकों के साथ-साथ पाठशालाओं में पढ़ती थीं तथा उनका विवाह युवती हो जाने पर होता था। परिणामत: कभी-कभी गान्धर्व विवाह भी हो जाते थे। ये समस्त प्रमाण इस तथ्य पर प्रकाश डालते हैं कि उस युग में स्त्रियाँ बिना पर्दे के पुरुषों के बीच रह कर ज्ञान की प्राप्ति कर सकती थीं। उस युग में सहशिक्षा-प्रणाली का अस्तित्व भी इनसे सिद्ध होता है। गुरुकुलों में सहशिक्षा का प्रचार था, इस धारणा का समर्थन आश्वलायन गृह ससूत्र में वर् णित समावर्तन संस्कार की विधि से भी मिलता है। इस विधि में स्नातक के अनुलेपन क्रिया के वर्णन में बालक एवं बालिका का समार्वतन संस्कार साथ-साथ सम्पन्न होना पाया जाता है। उस युग में स्त्री के ब्रह्मचर्याश्रम, वेदाध्ययन तथा समावर्तन संस्कार का औचित्य आश्वलायन के मतानुसार प्रमाणित हो जाता है। पूर्व काल में जब बड़ी संख्या में स्त्रियां उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही थीं और अपना अमूल्य योगदान देकर साहित्य के गौरव को बढ़ा रही थीं, उस समय उनमें से कुछ अध्यापन कार्य भी अवश्य ही करती होंगी। संस्कृत साहित्य में उपाध्याया एवं उपाध्यायानी शब्दों का प्रयोग पाया जाता है। उपाध्याय की पत्नी को आदर पूर्वक उपाध्यायानी कहा गया है, किन्तु उपाध्याया उन विदुषी नारियों के लिये प्रयुक्त हुआ है जो अध्यापन कार्य करती थीं। महिला शिक्षिकाओं का बोध कराने वाले एक अन्य शब्द की रचना करने की आवश्यकता पड़ना तभी सम्भव रहा होगा जबकि महिला शिक्षिकाएँ पर्याप्त संख्या में रही हों। इसके अतिरिक्त पर्दाप्रथा बारहवीं शताब्दी के बाद भारतीय समाज में आयी, अतएवं स्त्रियों के लिए अध्यापन कार्य में किसी प्रकार के बन्धन की सम्भावना भी न थी। हो सकता है ये उपाध्यायाएँ केवल कन्याओं को ही पढ़ाती रही हों अथवा बालक-बालिकाओं दोनों को। पाणिनि ने भी आचार्य एवं आचार्यानी के अन्तर को स्पष्ट किया है तथा छात्रीशालाओं का उल्लेख किया है। इससे भी अनुमान लगाया जा सकता है कि आचार्याएँ इन छात्रीशालाओं की संरक्षि-काएँ भी होती होंगी। रामदास गौड़ ने लिखा है- `हर्ष के बाद सातवीं-आठवीं शती में भी स्त्रियों के अध्यापन कार्य का पता मिलता है। [[शंकराचार्य]] से हार जाने के फलस्वरूप अपने पति मण्डन मिश्र के सन्यास ले लेने पर उभयभारती श्रृंगगिरि में अध्यापन कार्य करने लगी थी। कहा जाता है कि भारती द्वारा शिक्षा प्राप्त करने के कारण ही [[शृंगेरी]] और [[द्वारका]] के मठों का शिष्य सम्प्रदाय `भारती' नाम से अभिहित हुआ। किन्तु फिर भी स्थान की कमी एवं असुविधाओं के कारण अधिकांश कन्याएँ घर पर ही पढ़ती होंगी तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का साहस न कर पाती होंगी। सम्भवत: इसी कारण इन छात्राशालाओं एवं उपाध्यायाओं के सम्बन्ध में अधिक विवरण प्राप्त नहीं होते। यद्यपि इस काल में मैत्रेयी, गार्गी, विश्ववारा एवं लीला-वती के समान उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाएँ थी, किन्तु इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इस युग में स्त्री शिक्षा का पर्याप्त प्रचलन था अथवा स्त्री-शिक्षा अपने संगठित रूप में विद्यमान थी। इस सम्बन्ध में एल। मुकर्जी के अनुसार--`यह सम्भव है कि इस युग में स्त्रियों के लिए शिक्षा की कोई संगठित व्यवस्था नहीं थीं। सम्भवत: जब समाज में योग्य उपाध्यायाएँ प्राप्त हो जाती होंगी तब उन्हीं के संरक्षण में कन्याओं को भेजा जाता होगा किन्तु इनके उपलब्ध न होने पर बाध्य होकर आचार्यों के पास पुत्रियों की अध्ययनार्थ भेजना पड़ता होगा। जिस काल में गान्धर्व विवाह समाज में असामान्य न था, सहशिक्षा में कन्याओं के अभिभावकों को कोई आपत्ति भी न रही होगी। किन्तु आगे चलकर गान्धर्व-विवाह से कन्याओं के नैतिक पतन की आशंका बढ़ने लगी। अतएव लोग घर पर ही शिक्षक नियुक्त करके कन्याओं की उच्च शिक्षा-दीक्षा का प्रबन्ध करने लगे। उच्च शिक्षा हेतु दूरस्थ आचार्यों के पास जाने वाली कन्याओं की सख्या भी अधिक न रही होगी क्योंकि जातकों में शिक्षा हेतु तक्षशिला जाने वाली बालिकाओं का उल्लेख प्राप्त नहीं होता। ईसा की चौथी शताब्दी तक लड़कों के लिए भी सार्वजनिक पाठशालाएँ न थीं। हारीत ने व्यवस्था दी है कि कन्याओं की शिक्षा घर पर ही पिता, चाचा अथवा भाई द्वारा होनी चाहिए। इसी प्रकार मनु भी कन्याओं को पुरुष शिक्षकों के सरंक्षण में रखकर लड़कों के साथ अध्ययन करने के लिए घर से बाहर भेजने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि सह-शक्षा से कन्याओं का कौसार्यत्व नष्ट होने की आशंका बढ़ जाती है। स्त्री-शिक्षा का प्रथम संगठित प्रयास करने का श्रेय बौद्धो को प्राप्त है। बुद्ध ने संघ में नारियों के प्रवेश की अनुमति दे दी थी। बौद्धों ने विहारों में निवास करने वाली भिक्षुणियों के लिए शिक्षा की सन्तोषजनक व्यवस्था भी की थी। ब्रह्मवादिनियों के समान इनमें से बहुत-सी नारियों ने धर्म और दर्शन ज्ञान के लिए ब्रह्मचर्य पालन किया। इनमें से कुछ सिंहल देश भी गयी तथा वहाँ बौद्ध धर्म की महान शिक्षिकाओं के रूप में उन्होंने विशेष प्रसिद्धि प्राप्त की। इन विहारों में ये नारियाँ सहशिक्षा ही ग्रहण करतीं थीं। किन्तु इन बौद्ध संघों में भी ईसा की चौथी शताब्दी के लगभग नारी शिक्षा का पूर्ण ह्रास हो चुका था। कितनी प्रतिशत छात्राएँ सहशिक्षा ग्रहण करती होगी, इस प्रश्न का निश्चित रूप से कोई उत्तर नहीं दिया जा सकता। किन्तु निश्चय ही यह संख्या अधिक नहीं रही होगी। वर्तमान में वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बाबा रामदेव ने आचार्यकूलम की स्थापना की है। आचार्यकुलम की स्थापना करने के पीछे बाबा रामदेव का उद्देश्य है वैदिक और भारतीय शिक्षा को बढ़ावा मिले। आचार्यकुलम गुरुकुल पद्धति पर आधारित गुरुकुल शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा पद्धति का एक आवासीय शैक्षणिक संस्थान है, जो भारत देश के उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में स्थित है। इसकी सबसे खास बात है कि यहाँ 8 वीं तक 50 प्रतिशत वैदिक और 50 प्रतिशत सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। इसके बाद 8 वीं के 25 प्रतिशत वैदिक और 75 प्रतिशत सीबीएसई का सिलेबस होता है।साथ ही यह ऐसा पहला स्कूल है जहां विद्यार्थी को जितनी अंग्रेजी सिखाई जाती उतनी ही संस्कृत में भी पारंगत किया जाता है|हाल ही में आचार्यकुलम सीबीएसई बोर्ड से जुड़ा है। आचार्यकुलम में आधुनिक और वैदिक शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, यहां एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अलावा तीन पीरियड वैदिक शिक्षा के होते हैं। इनमें वेद, उपनिषद, संस्कृत, योग, हवन-पूजन आदि का ज्ञान दिया जाता है। == शिक्षा के विषय == प्राचीन भारतीय शिक्षा का इतिहास सहस्रों वर्षों की लम्बी अवधि में लिखा गया है। अत: यह अत्यन्त विशाल है। स्मृतियाँ संस्कृत साहित्य में परिवर्तनशील एक विशिष्ट काल की ओर संकेत करती हैं। उनके माध्यम से वैदिक काल से लेकर उनके अपने समय तक की समस्त साहित्यिक रचनाओं की श्रृंखला का पूर्वाभास कराया गया है। अतएव स्मृतिकालीन विद्यार्थियों के अध्ययनार्थ वेदों, ब्राह्मणों, उपनिषदों एवं सूत्रों के काल की समस्त मुख्य रचनाएँ थीं। ईसा पूर्व पन्द्रह सौ शताब्दी तक अधिकांश वैदिक मन्त्रों के सम्पादन का कार्य पूर्ण हो चुका था। तत्पश्चात् वेदों के अर्थ-बोध के लिए जिन टीकात्मक एवं चर्चात्मक ग्रन्थों का विकास हुआ वे `ब्राह्मण' ग्रन्थों के नाम से प्रतिष्ठित हुए। इस काल के विद्वानों की प्रतिभा का उपयोग वेदों के स्वरूप की रक्षा एवं अर्थों के स्पष्टी-करण में किया गया, न कि नवीन साहित्यिक-रचनाओं के निरुपण में। फलत: वैदिक यज्ञों से सम्बनध अनेक सिद्धान्तों, मतवादों और रीतियों का विवेचन `ब्राह्मणों' में होने लगा। विद्वानों ने विशेष रूप से अपनी साधना का केन्द्र यज्ञों के कर्मकाण्ड को बनाया। परिणाम स्वरूप कर्मकाण्डों में जटिलता एवं दुरूहता आ गयी। दूसरी ओर वेदों की दार्शनिक प्रवृत्ति का विकास हुआ और उसने `उपनिषदों' के रूप में पूर्णता प्राप्त की। कालानुक्रम से वेदातिरिक्त साहित्य में भी प्रचुर वृद्धि हुई। फलत: इस सतत वर्धमान साहित्य में पारंगत होना अकेले एक व्यक्ति की सामर्थ्य के बाहर हो गया। उस काल में मुद्रण कला का विकास नहीं हुआ था। अतएव [[वैदिक साहित्य]] के लोप हो जाने का भय सदा बना रहता था। साहित्य-सुरक्षा के दृष्टिकोण से अध्ययन क्षेत्र को दो भागों में विभाजित कर दिया गया। वैदिक पण्डितों में से कुछ को इस विशाल साहित्य को ज्यों का त्यों कण्ठस्थ करने का कार्य सौंपा गया, जिससे साहित्य का शुद्ध स्वरूप अक्षुण्ण बना रहे तथा अन्य विद्वानों की टीकाओं निरुक्तों और शब्दकोश आदि का अध्ययन करके इनकी व्याख्या करने में अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर दिया गया। इस काल में हिन्दू मेघा की सबसे अधक निर्णयात्मक एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रादुर्भाव हुआ। फलस्वरूप शिक्षा, दर्शन, न्याय, महाकाव्य, भाषाविज्ञान, व्याकरण, ज्योतिष, निरुक्त, कल्प, अनेकों कलाएँ, व्यावहारिक विद्या आदि के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सफलताएँ प्राप्त हुई। इन ग्रन्थों के विद्वानों ने अपने विद्यार्थीयों की सुगमता के लिए इन विषयों का नवीनीकरण करते हुए उन्हें सक्षेप में एकत्रि त कर दिया। उपनिषदों एवं सूत्रों के काल (ई. पू. प्रथम सहस्राब्दि) में लेखन कला का ज्ञान हो जाने पर भी इन्हें [[लिपि]]बद्ध नहीं किया गया क्योंकि वैदिक मन्त्रों को लिपि बद्ध करना अधार्मिक माना जाता था। इसी काल में वैदिक चरणों के आधारों पर विद्वानों ने [[धर्मसूत्र|धर्मसूत्रों]] में एक नवीन साहित्य की रचना भी कर डाली। उपर्युक्त संस्कृत-वाङ्मय के परिवर्तनशील इतिहास को दृष्टिगत करते हुए हम उसकी विविधता एवं विशालता का सहज ही अनुमान लगा सकते हैं। स्मृतियों में इस समस्त बाङ्मय में वर्णित सामाजिक रीतियों, धार्मिक कर्मकाण्डों, एवं संस्कारों का सर्वेक्षण किया गया है। वस्तुत: स्मृतियाँ एक विशाल समाज को लक्ष्य करके ही निर्मित की गयी हैं। स्मृति ग्रन्थों में हम इसी साहित्य के उल्लेख की आशा भी रखते हैं। अतएव इनमें गृह्यसूत्रों, धर्मसूत्रों, उपनिषदों तथा मीमांसाओं में पूर्व विद्यमान श्रेष्ठ प्रथाओं, रीतियों, मान्यताओं एवं संस्कारों का संकलन किया गया है। इस कार्य में जितनी सफलता मनुस्मृति ने प्राप्त की हैं उतनी अन्य किसी स्मृति ने नहीं। अत: यहां पर मनु स्मृति में संकेतित विषयों का ही उल्लेख किया जा रहा है। [[मनु]] ने तीनों वेदों को श्रुति कहा है। ये तीन वेद ही संस्कृत साहित्य की प्रथम कड़ी हैं। वैदिक मन्त्रों का विकास चरणों के रूप में हुआ जिनकी वांछित शाखाओं का ज्ञान पुरोहित वर्ग अवश्य प्राप्त करता था। मन्त्र, ब्राह्मण, शाखा को पढ़े हुए 'ऋग्वेदी'; वेदों के पारगामी, समस्त शाखाओं के ज्ञाता 'ऋत्विज्' तथा वेदों को पढ़कर पारंगत हुए विद्वान् ब्राह्मण को विशिष्ट सम्मान प्राप्त था। जो ब्राह्मण तीन वेदों के ज्ञाता होते थे उन्हें 'त्रिवेदी' कहा जाता था। [[मनुस्मृति]] में अध्ययन के लिए वेदों के कुछ प्रमुख विशेष रूप से पारित किये गये हैं। वस्तुत: इस काल तक धार्मिक क्रियाओं एंव प्रायश्चितों द्वारा शुद्धीकरण की प्रक्रियाओं में अत्यन्त विस्तार हो गया था। अतएव विशिष्ट अवसरों पर वेदों की कुछ ऋचाओं के उच्चारण का महत्व भी बढ़ गया। मनु स्मृति में ऐसी ऋचाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इनका उच्चारण पूर्ण सन्तुलन एवं नियम के साथ होना चाहिए जिससे पापों से मुक्ति पायी जा सके। ब्राह्मण अथर्ववेद की अंगिरस श्रुति का प्रयोग शत्रु के नाश के लिए शस्त्र के रूप में करते थे। स्नातकों के प्रतिदिन के स्वाध्याय पाठ में ब्राह्मण ग्रन्थों के अध्ययन का प्रोत्साहन दिया गया है। मनु ने [[ऐतरेय ब्राह्मण]] (६.२) के `सुब्रह्मण्य' नामक मन्त्रों एवं [[ऐतरेय ब्राह्मण]] (८. १३-१६) तथा बह् वृच ब्राह्मण में वर्णित [[शुनःशेप]] गाथा का भी उल्लेख किया है। == इन्हें भी देखें == * [[भारत की शिक्षा व्यवस्था]] * [[भारतीय शिक्षा का इतिहास]] * [[गुरुकुल]] * [[चौसठ कलाएँ]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20101025090919/http://agoodplace4all.com/?p=1073 भारत में शिक्षा व्यवस्था] * [https://web.archive.org/web/20140222153646/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4544 कैसी थी पारंपरिक भारतीय शिक्षा पद्धति?] (आन्नद सुब्रमण्यम शास्त्री) * [https://web.archive.org/web/20140328213423/http://books.google.co.in/books?id=mjFfqpq7HhkC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false Ancient Indian Education: Brahmanical and Buddhist] (गूगल पुस्तक ; रचनाकार : राधाकुमुद मुखर्जी) * [https://web.archive.org/web/20140322001954/http://www.bharatiyashiksha.com/?p=282 18वीं सदी में दुनिया में सबसे अधिक शिक्षा संस्थाएँ भारत में थीं] * [https://web.archive.org/web/20170912234559/https://www.pravakta.com/glorious-past-of-indian-education-hridaynarayn-dikshit/ भारतीय शिक्षा का स्वर्णिम अतीत] (हृदयनारायण दीक्षित) * [https://web.archive.org/web/20200710163629/https://www.rknaidunia.com/2020/05/education-in-ancient-india-in-hindi-ii.html प्राचीन भारत में शिक्षा] *[https://www.prabha001.com/प्राचीन-भारतीय-शिक्षा/ प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था कैसी थी?] *[https://www.uou.ac.in/sites/default/files/slm/BAED-301.pdf शिक्षा और भारतीय विरासत] *[https://hindi.theprint.in/culture/british-indian-education-system-india-university-schools/437712/ अंग्रेजों और मुसलमानों के आने से पहले ही भारत की शिक्षा व्यवस्था का दुनिया में कोई मुकाबला नहीं था] *[https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.62024 Report On The State Of Education In Bengal (1941)] by William Adam ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारत में शिक्षा]] s1cau0hbzdjwq192antmw9brxavx9e5 गोगनातला, गैरसैण तहसील 0 272548 6540932 6176078 2026-04-15T13:06:53Z Khushi200 920506 विकिपीडिया शैली के अनुसार अद्यतन किया गया। 6540932 wikitext text/x-wiki {{Orphan|date=सितंबर 2011}} {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र | type = गाँव | native_name = गोगनातला | state_name = उत्तराखण्ड | district = [[चमोली जिला|चमोली]] | subdivision_name1 = [[गैरसैण]] | official_languages = [[हिन्दी]], [[गढ़वाली भाषा|गढ़वाली]] | website = https://uttarakhand.gov.in }} '''गोगनातला''' [[भारत]] के [[उत्तराखण्ड]] राज्य के [[चमोली जिला|चमोली]] जिले की [[गैरसैण]] तहसील में स्थित एक गाँव है। यह क्षेत्र [[गढ़वाल मण्डल]] का हिस्सा है। == भूगोल == गोगनातला गाँव उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यह [[गढ़वाल]] क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहाँ का भूभाग पर्वतीय है। == जनसांख्यिकी == गाँव की जनसंख्या और साक्षरता से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। आधिकारिक आँकड़े उपलब्ध होने पर यहाँ जोड़े जा सकते हैं। == बाहरी कड़ियाँ == * [https://uttarakhand.gov.in उत्तराखण्ड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट] * [https://bharat.gov.in भारत सरकार का आधिकारिक पोर्टल] {{उत्तराखण्ड}} [[श्रेणी:चमोली ज़िले के गाँव]] [[श्रेणी:उत्तराखण्ड के गाँव]] {{भारत के गाँव आधार}} 689pznxzh85x4oegddedansotw9ye9g भारतीय शिक्षा का इतिहास 0 384044 6541046 6501106 2026-04-16T03:10:39Z अनुनाद सिंह 1634 /* बाहरी कड़ियाँ */ 6541046 wikitext text/x-wiki [[चित्र:MohraMuraduMainStupa.JPG|right|thumb|300px|शिक्षा का केन्द्र : तक्षशिला का बौद्ध मठ]] [[Image:Nalanda_University_India_ruins.jpg|right|thumb|300px|नालन्दा बिहार के अवशेष]] '''भारतीय शिक्षा का इतिहास''' [[भारत का इतिहास|भारतीय सभ्यता]] का भी [[इतिहास]] है। [[भारतीय समाज और संस्कृति|भारतीय समाज]] के विकास और उसमें होने वाले परिवर्तनों की रूपरेखा में शिक्षा की जगह और उसकी भूमिका को भी निरंतर विकासशील पाते हैं। [[सूत्र]]काल तथा [[चार्वाक दर्शन|लोकायत]] के बीच शिक्षा की सार्वजनिक प्रणाली के पश्चात हम बौद्धकालीन शिक्षा को निरंतर भौतिक तथा सामाजिक प्रतिबद्धता से परिपूर्ण होते देखते हैं। बौद्धकाल में स्त्रियों और शूद्रों को भी शिक्षा की मुख्य धारा में सम्मिलित किया गया। गुरु शिष्य प्रथा में कभी भेद नई हवा करते थे सभी जातियों को एक समान मान कर शिक्षा दी जाती थी,पर कई लोग कर्ण का उदाहरण दे कर उसे गलत बताते हैं किंतु ऐसा नहीं था, दरअसल [[पाण्डव|पांडव]] और [[कौरव|कौरवों]] के शिक्षा के लिए एक गुरु द्रोण को निर्धारित किया गया था और गुरु द्रोण भी अपने मित्र से बदला लेने के लिए सिर्फ निर्धारित सिस्यो को प्रशिक्षित कर रहे थे, इस लिए उन्होंने उसे और किसी और को भी शिक्षा नई दी। प्राचीन भारत में जिस शिक्षा व्यवस्था का निर्माण किया गया था वह समकालीन विश्व की शिक्षा व्यवस्था से समुन्नत व उत्कृष्ट थी लेकिन कालान्तर में भारतीय शिक्षा का व्यवस्था ह्रास हुआ। विदेशियों ने यहाँ की शिक्षा व्यवस्था को उस अनुपात में विकसित नहीं किया, जिस अनुपात में होना चाहिये था। अपने संक्रमण काल में भारतीय शिक्षा को कई चुनौतियों व समस्याओं का सामना करना पड़ा। आज भी ये चुनौतियाँ व समस्याएँ हमारे सामने हैं जिनसे दो-दो हाथ करना है। १८५० तक भारत में [[गुरुकुल]] की प्रथा चलती आ रही थी परन्तु मैकाले द्वारा अंग्रेजी शिक्षा के संक्रमण के कारण भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था का अन्त हुआ और भारत में कई गुरुकुल बंद हुए और उनके स्थान पर कान्वेंट और पब्लिक स्कूल खोले गए। == प्राचीन काल == '''{{मुख्य|प्राचीन भारतीय शिक्षा}}''' भारत की प्राचीन शिक्षा [[आध्यात्मिकता]] पर आधारित थी। शिक्षा, [[मुक्ति]] एवं [[आत्मबोध]] के साधन के रूप में थी। यह व्यक्ति के लिये नहीं बल्कि [[धर्म]] के लिये थी। भारत की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक परम्परा विश्व इतिहास में प्राचीनतम है। डॉ॰ अल्टेकर के अनुसार, :''वैदिक युग से लेकर अब तक भारतवासियों के लिये शिक्षा का अभिप्राय यह रहा है कि शिक्षा प्रकाश का स्रोत है तथा जीवन के विभिन्न कार्यों में यह हमारा मार्ग आलोकित करती है।'' प्राचीन काल में शिक्षा को अत्यधिक महत्व दिया गया था। भारत '[[विश्व गुरु|विश्वगुरु]]' कहलाता था। विभिन्न विद्वानों ने शिक्षा को प्रकाश स्रोत, [[अन्तर्दर्शन|अन्तर्दृष्टि]], अन्तर्ज्योति, ज्ञानचक्षु और तीसरा नेत्र आदि उपमाओं से विभूषित किया है। उस युग की यह मान्यता थी कि जिस प्रकार अन्धकार को दूर करने का साधन [[प्रकाश]] है, उसी प्रकार व्यक्ति के समस्त संशयों और भ्रमों को दूर करने का साधन शिक्षा है। प्राचीन काल में इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षा व्यक्ति को जीवन का यथार्थ दर्शन कराती है तथा इस योग्य बनाती है कि वह भवसागर की बाधाओं को पार करके अन्त में [[मोक्ष]] को प्राप्त कर सके जो कि मानव जीवन का चरम लक्ष्य है। प्राचीन भारत की शिक्षा का प्रारंभिक रूप हम [[ऋग्वेद]] में देखते हैं। ऋग्वेद युग की शिक्षा का उद्देश्य था तत्व साक्षात्कार। [[ब्रह्मचर्य]], [[तप]] और [[योग|योगाभ्यास]] से तत्व का साक्षात्कार करने वाले ऋषि, विप्र, वैघस, कवि, मुनि, मनीषी के नामों से प्रसिद्ध थे। साक्षात्कृत तत्वों का मंत्रों के आकार में संग्रह होता गया वैदिक संहिताओं में, जिनका स्वाध्याय, सांगोपांग अध्ययन, श्रवण, मनन और निदिध्यासन वैदिक शिक्षा रही। विद्यालय '[[गुरुकुल]]', 'आचार्यकुल', 'गुरु गृह' इत्यादि नामों से विदित थे। आचार्य के कुल में निवास करता हुआ, गुरु सेवा और ब्रह्मचर्य व्रतधारी विद्यार्थी षडंग [[वेद]] का अध्ययन करता था। शिक्षक को 'आचार्य' और '[[गुरु]]' कहा जाता था और विद्यार्थी को [[ब्रह्मचारी]], व्रतधारी, अंतेवासी, आचार्य कुलवासी। मंत्रों के द्रष्टा अर्थात्‌ साक्षात्कार करनेवाले ऋषि अपनी अनुभूति और उसकी व्याख्या और प्रयोग को ब्रह्मचारी, अंतेवासी को देते थे। गुरु के उपदेश पर चलते हुए वेदग्रहण करनेवाले व्रतचारी श्रुतर्षि होते थे। वेदमंत्र कंठस्थ किए जाते थे। आचार्य स्वर से मंत्रों का परायण करते और ब्रह्मचारी उनको उसी प्रकार दोहराते चले जाते थे। इसके पश्चात्‌ अर्थबोध कराया जाता था। ब्रह्मचर्य का पालन सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य था। स्त्रियों के लिए भी यह आवश्यक समझा जाता था। आजीवन ब्रह्मचर्य पालन करनेवाले विद्यार्थी को नैष्ठिक ब्रह्मचारी कहते थे। ऐसी विद्यार्थिनी ब्रह्मवादिनी कही जाती थी। [[यज्ञ|यज्ञों]] का अनुष्ठान विधि से हो, इसलिए होता, उद्गाता, अध्वर्यु और ब्रह्मा को आवश्यक शिक्षा दी जाती थी। वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, छंद, ज्योतिष और निरुक्त उनके पाठ्य होते थे। पाँच वर्ष के बालक की प्राथमिक शिक्षा आरंभ कर दी जाती थी। गुरुगृह में रहकर गुरुकुल की शिक्षा प्राप्त करने की योग्यता उपनयन संस्कार से प्राप्त होती थी। 8 वें वर्ष में ब्राह्मण बालक के, 11 वें वर्ष में क्षत्रिय के और 12 वें वर्ष में वैश्य के उपनयन की विधि थी। अधिक से अधिक यह 16, 22 और 24 वर्षों की अवस्था में होता था। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए विद्यार्थी गुरुगृह में 12 वर्ष वेदाध्ययन करते थे। तब वे स्नातक कहलाते थे। समावर्तन के अवसर पर गुरुदक्षिणा देन की प्रथा थी। समावर्तन के पश्चात्‌ भी स्नातक स्वाध्याय करते रहते थे। नैष्ठिक ब्रह्मचारी आजीवन अध्ययन करते थे। समावर्तन के सम ब्रह्मचारी दंड, कमंडलु, मेखला, आदि को त्याग देते थे। ब्रह्मचर्य व्रत में जिन - जिन वस्तुओं का निषेध था अब से उनका उपयोग हो सकता था। प्राचीन भारत में किसी प्रकार की परीक्षा नहीं होती थी और न कोई उपाधि ही दी जाती थी। नित्य पाठ पढ़ाने के पूर्व ब्रह्मचारी ने पढ़ाए हुए षष्ठ को समझा है और उसका अभ्यास नियम से किया है या नहीं, इसका पता आचार्य लगा लेते थे। ब्रह्मचारी अध्ययन और अनुसंधान में सदा लगे रहते थे तथा बाद विवाद और शास्त्रार्थ में सम्मिलित होकर अपनी योग्यता का प्रमाण देते थे। भारतीय शिक्षा में आचार्य का स्थान बड़ा ही गौरव का था। उनका बड़ा आदर और सम्मान होता था। आचार्य पारंगत विद्वान्‌, सदाचारी, क्रियावान्‌, नि:स्पृह, निरभिमान होते थे और विद्यार्थियों के कल्याण के लिए सदा कटिबद्ध रहते थे। अध्यापक, छात्रों का चरित्र निर्माण, उनके लिए भोजन वस्त्र का प्रबंध, रुग्ण छात्रों की चिकित्सा, शुश्रूषा करते थे। कुल में सम्मिलित ब्रह्मचारी मात्र को आचार्य अपने परिवार का अंग मानते थे और उनसे वैसा ही व्यवहार रखते थे। आचार्य धर्मबुद्धि से नि:शुल्क शिक्षा देते थे। विद्यार्थी गुरु का सम्मान और उनकी आज्ञा का पालन करते थे। आचार्य का चरणस्पर्श कर दिनचर्या के लिए प्रात:काल ही प्रस्तुत हो जाते थे। गुरु के आसन के नीचे आसन ग्रहण करना, सुसंयत वेश में रहना, गुरु के लिए दातौन इत्यादि की व्यवस्था करना, उनके आसन को उठाना और बिछाना, स्नान के लिए जल ला देना, समय पर वस्त्र और भोजन के पात्र को साफ करना, ईंधन संग्रह करना, पशुओं को चराना इत्यादि छात्रों के कर्तव्य माने जाते थे। विद्यार्थी ब्रह्ममुहूर्त में उठते थे और प्रात: काल कृत्यों से निवृत्त होकर, स्नान, संध्या, होम आदि कर लेते थे। फिर अध्ययन में लग जाते थे। इसके उपरांत भोजन करते थे और विश्राम के पश्चात्‌ आचार्य के पाठ ग्रहण करते थे। सांयकाल समिधा एकत्र कर ब्रह्मचारी संध्या ओर होम का अनुष्ठान करते थे। विद्यार्थी के लिए भिक्षाटन अनिवार्य कृत्य था। भिक्षा से प्राप्त अन्न गुरु को समर्पित कर विद्यार्थी मनन और निदिध्यासन में लग जाते थे। वेदों का अध्ययन श्रावण पूर्णिमा को उपाकर्म से प्रारंभ होकर पौष पूर्णिमा को उपसर्जन से समाप्त होता था। शेष महीनों में अधीत पाठों की आवृत्ति, पुनरावृत्ति होती रहती थी। विद्यार्थी पृथक्‌ पृथक्‌ पाठ ग्रहण करते थे, एक साथ नहीं। प्रतिपदा और अष्टमी को अनध्याय होता था। गाँव, नगर अथवा पड़ोस में आकस्मिक विपत्ति से और शिष्टजनों के आगमन से विशेष अनध्याय होते थे। अनध्याय में अधीत वेदमंत्रों की पुनरावृत्ति और विषयांतर का अध्ययन निषिद्ध न थे। विनय के नियमों का उल्लंघन करनेवाले विद्यार्थी को दंड देने की परिपाटी थी। पाठ्यक्रम के विस्तार के साथ वेदों ओर वेदांगों के अतिरिक्त साहित्य, दर्शन, ज्योतिष, व्याकरण और चिकित्साशास्त्र इत्यादि विषयों का अध्यापन होने लगा। टोल पाठशाला, मठ ओर विहारों में पढ़ाई होती थी। [[काशी]], [[तक्षशिला]], [[नालन्दा महाविहार|नालंदा]], [[विक्रमशिला]], [[वल्लभीपुर|वलभी]], [[ओदंतपुरी]], [[जगद्दल]], [[नदिया]], [[मिथिला]], [[इलाहाबाद|प्रयाग]], [[अयोध्या]] आदि शिक्षा के केंद्र थे। दक्षिण भारत के एन्नारियम, सलौत्गि, तिरुमुक्कुदल, मलकपुरम्‌ तिरुवोरियूर में प्रसिद्ध विद्यालय थे। अग्रहारों के द्वारा शिक्षा का प्रचार और प्रसार शताब्दियों होता रहा। कादिपुर और सर्वज्ञपुर के [[अग्रहारम|अग्रहार]] विशिष्ट शिक्षाकेंद्र थे। प्राचीन शिक्षा प्राय: वैयक्तिक ही थी। कथा, अभिनय इत्यादि शिक्षा के साधन थे। अध्यापन विद्यार्थी के योग्यतानुसार होता था अर्थात्‌ विषयों को स्मरण रखने के लिए सूत्र, कारिका और सारनों से काम लिया जाता था। पूर्वपक्ष और उत्तरपक्ष पद्धति किसी भी विषय की गहराई तक पहुँचने के लिए बड़ी उपयोगी थी। भिन्न भिन्न अवस्था के छात्रों को कोई एक विषय पढ़ाने के लिए समकेंद्रिय विधि का विशेष रूप से उपयोग होता था सूत्र, वृत्ति, भाष्य, वार्तिक इस विधि के अनुकूल थे। कोई एक ग्रंथ के बृहत्‌ और लघु संस्करण इस परिपाटी के लिए उपयोगी समझे जाते थे। [[बौद्ध धर्म|बौद्धों]] और [[जैन धर्म|जैनों]] की शिक्षापद्धति भी इसी प्रकार की थी। == मध्यकाल == भारत में [[मुस्लिम]] राज्य की स्थापना होते ही इस्लामी शिक्षा का प्रसार होने लगा। फारसी जानने वाले ही सरकारी कार्य के योग्य समझे जाने लगे। हिंदू [[अरबी भाषा|अरबी]] और फारसी पढ़ने लगे। बादशाहों और अन्य शासकों की व्यक्तिगत रुचि के अनुसार इस्लामी आधार पर शिक्षा दी जाने लगी। इस्लाम के संरक्षण और प्रचार के लिए मस्जिदें बनती गई, साथ ही मकतबों, मदरसों और पुस्तकालयों की स्थापना होने लगी। मकतब प्रारंभिक शिक्षा के केंद्र होते थे और मदरसे उच्च शिक्षा के। मकतबों की शिक्षा धार्मिक होती थी। विद्यार्थी कुरान के कुछ अंशों का कंठस्थ करते थे। वे पढ़ना, लिखना, गणित, अर्जीनवीसी और चिट्ठीपत्री भी सीखते थे। इनमें हिंदू बालक भी पढ़ते थे। मकतबों में शिक्षा प्राप्त कर विद्यार्थी मदरसों में प्रविष्ट होते थे। यहाँ प्रधानता धार्मिक शिक्षा दी जाती थी। साथ साथ इतिहास, साहित्य, व्याकरण, तर्कशास्त्र, गणित, कानून इत्यादि की पढ़ाई होती थी। सरकार शिक्षकों को नियुक्त करती थी। कहीं कहीं प्रभावशाली व्यक्तियों के द्वारा भी उनकी नियुक्ति होती थी। अध्यापन फारसी के माध्यम से होता था। अरबी मुसलमानों के लिए अनिवार्य पाठ्य विषय था। छात्रावास का प्रबंध किसी किसी मदरसे में होता था। दरिद्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलती थी। अनाथालयों का संचालन होता था। शिक्षा नि:शुल्क थी। हस्तलिखित पुस्तकें पढ़ी और पढ़ाई जाती थीं। राजकुमारों के लिए महलों के भीतर शिक्षा का प्रबंध था। राज्यव्यवस्था, सैनिक संगठन, युद्धसंचालन, साहित्य, इतिहास, व्याकरण, कानून आदि का ज्ञान गृहशिक्षक से प्राप्त होता था। राजकुमारियाँ भी शिक्षा पाती थीं। शिक्षकों का बड़ा सम्मान था। वे विद्वान्‌ और सच्चरित्र होते थे। छात्र और शिक्षकों को आपसी संबंध प्रेम और सम्मान का था। सादगी, सदाचार, विद्याप्रेम और धर्माचरण पर जोर दिया जाता था। कंठस्थ करने की परंपरा थी। प्रश्नोत्तर, व्याख्या और उदाहरणों द्वारा पाठ पढ़ाए जाते थे। कोई परीक्षा नहीं थी। अध्ययन अध्यापन में प्राप्त अवसरों में शिक्षक छात्रों की योग्यता और विद्वत्ता के विषय में तथ्य प्राप्त करते थे। दंड प्रयोग किया जाता था। जीविका उपार्जन के लिए भी शिक्षा दी जाती थी। दिल्ली, आगरा, बीदर, जौनपुर, मालवा मुस्लिम शिक्षा के केंद्र थे। मुसलमान शासकों के संरक्षण के अभाव में भी संस्कृत काव्य, नाटक, व्याकरण, दर्शन ग्रंथों की रचना और उनका पठन पाठन बराबर होता रहा। == आधुनिक काल == भारत में आधुनिक शिक्षा की नींव यूरोपीय ईसाई धर्मप्रचारक तथा व्यापारियों के हाथों से डाली गई। उन्होंने कई विद्यालय स्थापित किए। प्रारंभ में [[चेन्नई|मद्रास]] ही उनका कार्यक्षेत्र रहा। धीरे धीरे कार्यक्षेत्र का विस्तार बंगाल में भी होने लगा। इन विद्यालयों में ईसाई धर्म की शिक्षा के साथ साथ इतिहास, भूगोल, व्याकरण, गणित, साहित्य आदि विषय भी पढ़ाए जाते थे। रविवार को विद्यालय बंद रहता था। अनेक शिक्षक छात्रों की पढ़ाई अनेक श्रेणियों में कराते थे। अध्यापन का समय नियत था। साल भर में छोटी बड़ी अनेक छुट्टियाँ हुआ करती थीं। प्राय: 150 वर्षों के बीतते बीतते व्यापारी [[ईस्ट इण्डिया कम्पनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] राज्य करने लगी। विस्तार में बाधा पड़ने के डर से कंपनी शिक्षा के विषय में उदासीन रही। फिर भी विशेष कारण और उद्देश्य से 1781 में कलकत्ते में 'कलकत्ता मदरसा' कंपनी द्वारा और 1792 में बनारस में 'संस्कृत कालेज' जोनाथन डंकन द्वारा स्थापित किए गए। धर्मप्रचार के विषय में भी कंपनी की पूर्वनीति बदलने लगी। कंपनी अब अपने राज्य के भारतीयों को शिक्षा देने की आवश्यकता को समझने लगी। 1813 के आज्ञापत्र के अनुसार शिक्षा में धन व्यय करने का निश्चय किया गया। किस प्रकार की शिक्षा दी जाए, इसपर प्राच्य और पाश्चात्य शिक्षा के समर्थकों में मतभेद रहा। वाद विवाद चलता चला। अंत में लार्ड मेकाले के तर्क वितर्क और राजा [[राजा राममोहन राय|राममोहन राय]] के समर्थन से प्रभावित हो 1835 ई. में लार्ड बेंटिक ने निश्चय किया कि अंग्रेजी भाषा और साहित्य और यूरोपीय इतिहास, विज्ञान, इत्यादि की पढ़ाई हो और इसी में 1813 के आज्ञापत्र में अनुमोदित धन का व्यय हो। प्राच्य शिक्षा चलती चले, परंतु अंग्रेजी और पश्चिमी विषयों के अध्ययन और अध्यापन पर जोर दिया जाए। पाश्चात्य रीति से शिक्षित भारतीयों की आर्थिक स्थिति सुधरते देख जनता इधर झुकने लगी। अंग्रेजी विद्यालयों में अधिक संख्या में विद्यार्थी प्रविष्ट होने लगे क्योंकि अंग्रेजी पढ़े भारतीयों को सरकारी पदों पर नियुक्त करने की नीति की सरकारी घोषणा हो गई थी। सरकारी प्रोत्साहन के साथ साथ अंग्रेजी शिक्षा को पर्याप्त मात्रा में व्यक्तिगत सहयोग भी मिलता गया। अंग्रेजी साम्राज्य के विस्तार के साथ साथ अधिक कर्मचारियों की और चिकित्सकों, इंजिनियरों और कानून जाननेवालों की आवश्यकता पड़ने लगी। उपयोगी शिक्षा की ओर सरकार की दृष्टि गई। मेडिकल, इजिनियरिंग और लॉ कालेजों की स्थापना होने लगी। स्त्रियों की दशा सुधारने और उनकी शिक्षा के लिए [[ज्योतिराव गोविंदराव फुले|ज्योतिबा फुले]] ने 1848 में एक स्कूल खोला। यह इस काम के लिए देश में पहला विद्यालय था। लड़कियों को पढ़ाने के लिए अध्यापिका नहीं मिली तो उन्होंने कुछ दिन स्वयं यह काम करके अपनी पत्नी सावित्री बाई फुले को इस योग्य बना दिया। उच्च वर्ग के लोगों ने आरंभ से ही उनके काम में बाधा डालने की चेष्टा की, किंतु जब फुले आगे बढ़ते ही गए तो उनके पिता पर दबाब डालकर पति-पत्नी को घर से निकालवा दिया इससे कुछ समय के लिए उनका काम रुका अवश्य, पर शीघ्र ही उन्होंने एक के बाद एक बालिकाओं के तीन स्कूल खोल दिए। स्त्री शिक्षा पर ध्यान दिया जाने लगा। 1853 में शिक्षा की प्रगति की जाँच के लिए एक समिति बनी। 1854 में बुड के शिक्षासंदेश पत्र में समिति के निर्णय कंपनी के पास भेज दिए गए। संस्कृत, अरबी और फारसी का ज्ञान आवश्यक समझा गया। औद्योगिक विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया। प्रातों में शिक्षा विभाग अध्यापक प्रशिक्षण नारीशिक्षा इत्यादि की सिफारिश की गई। 1857 में स्वतंत्रता युद्ध छिड़ गया जिससे शिक्षा की प्रगति में बाधा पड़ी। प्राथमिक शिक्षा उपेक्षित ही रही। उच्च शिक्षा की उन्नति होती गई। 1857 में कलकत्ता, बंबई और मद्रास में विश्वविद्यालय स्थापित हुए। मुख्यतः प्राथमिक शिक्षा की दशा की जाँच करते हुए शिक्षा के प्रश्नों पर विचार करने के लिए 1882 में सर विलियम विल्सन हंटर की अध्यक्षता में भारतीय शिक्षा आयोग की नियुक्ति हुई। आयोग ने प्राथमिक शिक्षा के लिए उचित सुझाव दिए। सरकारी प्रयत्न को माध्यमिक शिक्षा से हटाकर प्राथमिक शिक्षा के संगठन में लगाने की सिफारिश की। सरकारी माध्यमिक स्कूल प्रत्येक जिले में एक से अधिक न हो; शिक्षा का माध्यम माध्यमिक स्तर में अंग्रेजी रहे। माध्यमिक स्कूलों के सुधार और व्यावसायिक शिक्षा के प्रसार के लिए आयोग ने सिफारिशें कीं। सहायता अनुदान प्रथा और सरकारी शिक्षाविभागों का सुधार, धार्मिक शिक्षा, स्त्री शिक्षा, मुसलमानों की शिक्षा इत्यादि पर भी आयोग ने प्रकाश डाला। [[Image:Rajabai under Const.jpg|right|thumb|300px|[[मुंबई विश्वविद्यालय|मुम्बई विश्वविद्यालय]] का फोर्ट कैम्पस, १८७० के दशक में]] आयोग की सिफारिशों से भारतीय शिक्षा में उन्नति हुई। विद्यालयों की संख्या बढ़ी। नगरों में नगरपालिका और गाँवों में जिला परिषद् का निर्माण हुआ और शिक्षा आयोग ने प्राथमिक शिक्षा को इनपर छोड़ दिया परंतु इससे विशेष लाभ न हो पाया। प्राथमिक शिक्षा की दशा सुधर न पाई। सरकारी शिक्षा विभाग माध्यमिक शिक्षा की सहायता करता रहा। शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी ही रही। मातृभाषा की उपेक्षा होती गई। शिक्षा संस्थाओं और शिक्षितों की संख्या बढ़ी, परंतु शिक्षा का स्तर गिरता गया। देश की उन्नति चाहनेवाले भारतीयों में व्यापक और स्वतंत्र राष्ट्रीय शिक्षा की आवश्यकता का बोध होने लगा। स्वतंत्रताप्रेमी भारतीयों और भारतप्रेमियों ने सुधार का काम उठा लिया। 1870 में [[बाल गंगाधर तिलक]] और उनके सहयोगियों द्वारा [[पुणे|पूना]] में [[फर्ग्यूसन कालेज]], 1886 में [[आर्य समाज|आर्यसमाज]] द्वारा [[लाहौर]] में [[दयानंद ऐंग्लो वैदिक कालेज]] और 1898 में [[काशी]] में श्रीमती [[एनी बेसेन्ट|एनी बेसेंट]] द्वारा [[सेन्ट्रल हिन्दू कालेज|सेंट्रल हिंदू कालेज]] स्थापित किए गए। <ref>http://www.ifsj.in/Icons-Details/?id=5 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240902212241/http://www.ifsj.in/Icons-Details/?id=5 |date=2 सितंबर 2024 }} वंचितों के लिए स्कूलों व छात्रावासों की स्थापना</ref> 1894 में [[कोल्हापुर]] रियासत के राजा [[छत्रपति साहूजी महाराज]] ने दलित और पिछड़ी जाति के लोगों के लिए विद्यालय खोले और छात्रावास बनवाए। इससे उनमें शिक्षा का प्रचार हुआ और सामाजिक स्थिति बदलने लगी। 1894 से 1922 तक पिछड़ी जातियों समेत समाज के सभी वर्गों के लिए अलग-अलग सरकारी संस्थाएं खोलने की पहल की। यह अनूठी पहल थी उन जातियों को शिक्षित करने के लिए, जो सदियों से उपेक्षित थीं, इस पहल में दलित-पिछड़ी जातियों के बच्चों की शिक्षा के लिए ख़ास प्रयास किये गए थे। वंचित और गरीब घरों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। 1920 को नासिक में छात्रावास की नींव रखी। साहू महाराज के प्रयासों का परिणाम उनके शासन में ही दिखने लग गया था। साहू जी महाराज ने जब देखा कि अछूत-पिछड़ी जाति के छात्रों की राज्य के स्कूल-कॉलेजों में पर्याप्त संख्या हैं, तब उन्होंने वंचितों के लिए खुलवाये गए पृथक स्कूल और छात्रावासों को बंद करवा दिया और उन्हें सामान्य छात्रों के साथ ही पढ़ने की सुविधा प्रदान की। डा० भीमराव अम्बेडकर बड़ौदा नरेश की छात्रवृति पर पढ़ने के लिए विदेश गए लेकिन छात्रवृत्ति बीच में ही रोक दिए जाने के कारण उन्हे वापस भारत आना पड़ा। इसकी जानकारी जब साहू जी महाराज को हुई तो महाराज ने आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्हें सहयोग दिया। 1901 में [[लॉर्ड कर्जन|लार्ड कर्ज़न]] ने शिमला में एक गुप्त शिक्षा सम्मेलन किया था जिसें 152 प्रस्ताव स्वीकृत हुए थे। इसमें कोई भारतीय नहीं बुलाया गया था और न सम्मेलन के निर्णयों का प्रकाशन ही हुआ। इसको भारतीयों ने अपने विरुद्ध रचा हुआ षड्यंत्र समझा। कर्ज़न को भारतीयों का सहयोग न मिल सका। प्राथमिक शिक्षा की उन्नति के लिए कर्ज़न ने उचित रकम की स्वीकृति दी, शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की तथा शिक्षा अनुदान पद्धति और पाठ्यक्रम में सुधार किया। कर्ज़न का मत था कि प्राथमिक शिक्षा [[मातृभाषा]] के माध्यम से ही दी जानी चाहिए। माध्यमिक स्कूलों पर सरकारी शिक्षाविभाग और विश्वविद्यालय दोनों का नियंत्रण आवश्यक मान लिया गया। आर्थिक सहायता बढ़ा दी गई। पाठ्यक्रम में सुधार किया गया। कर्जन माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में सरकार का हटना उचित नहीं समझता था, प्रत्युत सरकारी प्रभाव का बढ़ाना आवश्यक मानता था। इसलिए वह सरकारी स्कूलों की संख्या बढ़ाना चाहता था। लार्ड कर्जन ने विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा की उन्नति के लिए 1902 में भारतीय विश्वविद्यालय आयोग नियुक्त किया। पाठ्यक्रम, परीक्षा, शिक्षण, कालेजों की शिक्षा, विश्वविद्यालयों का पुनर्गठन इत्यादि विषयों पर विचार करते हुए आयोग ने सुझाव उपस्थित किए। इस आयोग में भी कोई भारतीय न था। इसपर भारतीयों में क्षोभ बढ़ा। उन्होंने विरोध किया। 1904 में भारतीय विश्वविद्यालय कानून बना। पुरातत्व विभाग की स्थापना से प्राचीन भारत के इतिहास की सामग्रियों का संरक्षण होने लगा। 1905 के स्वदेशी आंदोलन के समय कलकत्ते में जातीय शिक्षा परिषद् की स्थापना हुई और नैशनल कालेज स्थापित हुआ जिसके प्रथम प्राचार्य अरविंद घोष थे। बंगाल टेकनिकल इन्स्टिट्यूट की स्थापना भी हुई। 1911 में [[गोपाल कृष्ण गोखले]] ने प्राथमिक शिक्षा को नि:शुल्क और अनिवार्य करने का प्रयास किया। अंग्रेज़ सरकार और उसके समर्थकों के विरोध के कारण वे सफल न हो सके। 1913 में भारत सरकार ने शिक्षानीति में अनेक परिवर्तनों की कल्पना की। परंतु प्रथम विश्वयुद्ध के कारण कुछ हो न पाया। प्रथम महायुद्ध के समाप्त होने पर कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग नियुक्त हुआ। आयोग ने शिक्षकों का प्रशिक्षण, इंटरमीडिएट कालेजों की स्थापना, हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्डों का संगठन, शिक्षा का माध्यम, ढाका में विश्वविद्यालय की स्थापना, कलकत्ते में कालेजों की व्यवस्था, वैतनिक उपकुलपति, परीक्षा, मुस्लिम शिक्षा, स्त्रीशिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक शिक्षा आदि विषयों पर सिफारिशें की। बंबई, बंगाल, बिहार, आसाम आदि प्रांतों में प्राथमिक शिक्षा कानून बनाये जाने लगे। माध्यमिक क्षेत्र में भी उन्नति होती गई। छात्रों की संख्या बढ़ी। माध्यमिक पाठ्य में वाणिज्य और व्यवसाय रखे दिए गए। स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा चली। अंग्रेजी का महत्व बढ़ता गया। अधिक संख्या में शिक्षकों का प्रशिक्षण होने लगा। 1916 तक भारत में पाँच [[विश्वविद्यालय]] थे। अब सात नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय तथा मैसूर विश्वविद्यालय 1916 में, पटना विश्वविद्यालय 1917 में, ओसमानिया विश्वविद्यालय 1918 में, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 1920 में और लखनऊ और ढाका विश्वविद्यालय 1921 में स्थापित हुए। असहयोग आंदोलन से राष्ट्रीय शिक्षा की प्रगति में बल और वेग आए। बिहार विद्यापीठ, काशी विद्यापीठ, गौड़ीय सर्वविद्यायतन, तिलक विद्यापीठ, गुजरात विद्यापीठ, जामिया मिल्लिया इस्लामिया आदि राष्ट्रीय संस्थाओं की स्थापना हुई। शिक्षा में व्यावहारिकता लाने की चेष्टा की गई। 1921 से नए शासनसुधार कानून के अनुसार सभी प्रांतों में शिक्षा भारतीय मंत्रियों के अधिकार में आ गई। परंतु सरकारी सहयोग के अभाव के कारण उपयोगी योजनाओं का कार्यान्वित करना संभव न हुआ। प्राय: सभी प्रांतों में प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य करने की कोशिश व्यर्थ हुई। माध्यमिक शिक्षा में विस्तार होता गया परंतु उचित संगठन के अभाव से उसकी समस्याएँ हल न हो पाईं। शिक्षा समाप्त कर विद्यार्थी कुछ करने के योग्य न बन पाते। दिल्ली (1922), नागपुर (1923) आगरा (1927), आंध्र (1926) और अन्नामलाई (1926) में विश्वविद्यालय स्थापित हुए। बंबई, पटना, कलकत्ता, पंजाब, मद्रास और इलाहबाद विश्वविद्यालयों का पुनर्गठन हुआ। कालेजों की संख्या में वृद्धि होती गई। व्यावसायिक शिक्षा, स्त्रीशिक्षा, मुसलमानों की शिक्षा, हरिजनों की शिक्षा, तथा अपराधी जातियों की शिक्षा में उन्नति होती गई। अगले शासनसुधार के लिए [[साइमन आयोग]] की नियुक्ति हुई। हर्टाग समिति इस आयोग का एक आवश्यक अंग थी। इसका काम था भारतीय शिक्षा की समस्याओं की सागोपांग जाँच करना। समिति ने रिपोर्ट में 1918 से 1927 क प्रचलित शिक्षा के गुण और दोष का विवेचन किया और सुधार के लिए निर्देश दिया। 1930-1935 के बीच [[संयुक्त प्रदेश]] में बेकारी की समस्या के समाधान के लिए समिति बनी। व्यावहारिक शिक्षा पर जोर दिया गया। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दो वर्षों में से एक वर्ष स्कूल के साथ कर दिया जाए, जिससे पढ़ाई 11 वर्ष की हो। बाकी एक वर्ष बी.ए. के साथ जोड़कर बी.ए. पाठ्यक्रम तीन वर्ष का कर दिया जाए। माध्यमिक छह वर्ष के दो भाग हों - तीन वर्ष का निम्न माध्यमिक और तीन वर्ष का उच्च माध्यमिक। अंतिम तीन वर्षों में साधारण पढ़ाई के साथ साथ कृषि, शिल्प, व्यवसाय सिखाए जायँ। समिति की ये सिफारिशें कार्यान्वित नहीं हुई। 1937 में शिक्षा की एक योजना तैयार की गई जो 1938 में [[वर्धा शिक्षा योजना|बुनियादी शिक्षा]] के नाम से प्रसिद्ध हुई। सात से 11 वर्ष के बालक बालिकाओं की शिक्षा अनिवार्य हो। शिक्षा मातृभाषा में हो। हिंदुस्तानी पढ़ाई जाए। चरखा, करघा, कृषि, लकड़ी का काम शिक्षा का केंद्र हो जिसकी बुनियाद पर साहित्य, भूगोल, इतिहास, गणित की पढ़ाई हो। 1945 में इसमें परिवर्तन किए गए और परिवर्तित योजना का नाम रखा गया 'नई तालीम'। इसके चार भाग थे - (1) पूर्व बुनियादी, (2) बुनियादी, (3) उच्च बुनियादी और (4) वयस्क शिक्षा। [[हिंदुस्तानी तालीमी संघ]] (भारतीय शैक्षिक संघ) पर इसका संचालनभार छोड़ दिया गया। 1945 में [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होते होते सार्जेट योजना का निर्माण हुआ। छह से 14 वर्ष की अवस्था के बालकों तथा बालिकाओं के लिए अनिवार्य शिक्षा हो। जूनियर बेसिक स्कूल, सीनियर बेसिक स्कूल, साहित्यिक हाई स्कूल ओर व्यावसायिक हाई स्कूल की पढ़ाई 11 वर्ष की अवस्था से 17 वर्ष की अवस्था तक हो। इसके बाद विश्वविद्यालय में प्रवेश हो। डिग्री पाठ्यक्रम तीन वर्ष का हो। इंटरमीडिएट कक्षा समाप्त कर दी जाए। पाँच से कम अवस्थावालों के लिए नर्सरी स्कूल हो। माध्यम [[मातृभाषा]] हो। == भारत के लिये अंग्रेजों की शिक्षा नीति == {{मुख्य|अंग्रेजी शिक्षा अधिनियम १८३५}} ब्रिटिश काल में शिक्षा में मिशनरियों का प्रवेश हुआ, इस काल में महत्वपूर्ण शिक्षा दस्तावेज में मैकाले का घोषणा पत्र 1835, [[वुड का आदेश पत्र|वुड का घोषणा पत्र]] 1854, [[हण्टर आयोग]] 1882 सम्मिलित हैं। इस काल में शिक्षा का उद्देश्य अंग्रेजों के राज्य के शासन सम्बन्धी हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया था। प्राय: लोग इसे मैकाले की शिक्षा प्रणाली के नाम से पुकारते हैं। [[लार्ड मैकाले]] ब्रिटिश पार्लियामेन्ट के ऊपरी सदन (हाउस ऑफ लार्ड्स) का सदस्य था। [[१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम|1857 की क्रान्ति]] के बाद जब 1860 में भारत के शासन को [[ईस्ट इण्डिया कम्पनी]] से छीनकर रानी विक्टोरिया के अधीन किया गया तब मैकाले को भारत में अंग्रेजों के शासन को मजबूत बनाने के लिये आवश्यक नीतियां सुझाने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया था। उसने सारे देश का भ्रमण किया। उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि यहां झाडू देने वाला, चमड़ा उतारने वाला, करघा चलाने वाला, कृषक, व्यापारी (वैश्य), मंत्र पढ़ने वाला आदि सभी वर्ण के लोग अपने-अपने कर्म को बड़ी श्रद्धा से हंसते-गाते कर रहे थे। सारा समाज संबंधों की डोर से बंधा हुआ था। शूद्र भी समाज में किसी का भाई, चाचा या दादा था तथा ब्राहमण भी ऐसे ही रिश्तों से बंधा था। बेटी गांव की हुआ करती थी तथा दामाद, मामा आदि रिश्ते गांव के हुआ करते थे। इस प्रकार भारतीय समाज भिन्नता के बीच भी एकता के सूत्र में बंधा हुआ था। इस समय धार्मिक सम्प्रदायों के बीच भी सौहार्दपूर्ण संबंध था। यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि 1857 की क्रान्ति में हिन्दू-मुसलमान दोनों ने मिलकर अंग्रेजों का विरोध किया था। मैकाले को लगा कि जब तक हिन्दू-मुसलमानों के बीच वैमनस्यता नहीं होगी तथा वर्ण व्यवस्था के अन्तर्गत संचालित समाज की एकता नहीं टूटेगी तब तक भारत पर अंग्रेजों का शासन मजबूत नहीं होगा। भारतीय समाज की एकता को नष्ट करने तथा वर्णाश्रित कर्म के प्रति घृणा उत्पन्न करने के लिए मैकाले ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली को बनाया। अंग्रेजों की इस शिक्षा नीति का लक्ष्य था - [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]], [[फ़ारसी भाषा|फारसी]] तथा लोक भाषाओं के वर्चस्व को तोड़कर [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] का वर्चस्व कायम करना। साथ ही सरकार चलाने के लिए देशी अंग्रेजों को तैयार करना। इस प्रणाली के जरिए वंशानुगत कर्म के प्रति घृणा पैदा करने और परस्पर विद्वेष फैलाने की भी कोशिश की गई थी। इसके अलावा पश्चिमी सभ्यता एवं जीवन पद्धति के प्रति आकर्षण पैदा करना भी मैकाले का लक्ष्य था। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में [[ईसाई मिशनरी|ईसाई मिशनरियों]] ने भी महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई। ईसाई मिशनरियों ने ही सर्वप्रथम मैकाले की शिक्षा-नीति को लागू किया। मार्च १८९० में [[गोपाल कृष्ण गोखले]] द्वारा पहली बार अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा सम्बन्धी प्रस्ताव किया गया था। [[हर्टांग समिति]] 1929 ने प्राथमिक विद्यालयों की संख्यात्मक वृद्धि पर बल न देकर गुणात्मक उन्नति पर जोर दिया था। [[महात्मा गांधी|गाँधी जी]] द्वारा प्रतिपादित [[बुनियादी शिक्षा]] का महत्वपूर्ण लक्ष्य, शिल्प आधारित शिक्षा द्वारा बालक का सर्वांगीण विकास कर उसे आत्मनिर्भर आदर्श नागरिक बनाना था। मैकाले ने सुझाव दिया कि अंग्रेजी सीखने से ही विकाैस संभव है == स्वतंत्रता के बाद == आजादी के बाद '''[[राधाकृष्ण आयोग]]''' (1948-49), '''[[माध्यमिक शिक्षा आयोग]]''' (मुदालियर आयोग) 1953, '''[[विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत)|विश्वविद्यालय अनुदान आयोग]]''' (1953), '''[[कोठारी आयोग|कोठारी शिक्षा आयोग]]''' (1964), '''[[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]]''' (1968) एवं '''[[नवीन शिक्षा नीति]]''' (1986) आदि के द्वारा भारतीय शिक्षा व्यवस्था को समय-समय पर सही दिशा देनें की गंभीर कोशिश की गयी। '''1948-49''' में विश्वविद्यालयों के सुधार के लिए [[भारतीय विश्वविद्यालय आयोग]] की नियुक्ति हुई। आयोग की सिफारिशों को बड़ी तत्परता के साथ कार्यान्वित किया गया। उच्च शिक्षा में पर्याप्त सफलता प्राप्त हुई। पंजाब, गौहाटी, पूना, रुड़की, कश्मीर, बड़ौदा, कर्णाटक, गुजरात, महिला विश्वविद्यालय, विश्वभारती, बिहार, श्रीवेकंटेश्वर, यादवपुर, वल्लभभाई, कुरुक्षेत्र, गोरखपुर, विक्रम, संस्कृत वि.वि. आदि अनेक नए विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई। स्वतंत्रताप्राप्ति के पश्चात्‌ शिक्षा में प्रगति होने लगी। विश्वभारती, गुरुकुल, अरविंद आश्रम, जामिया मिल्लिया इसलामिया, विद्याभवन, महिला विश्वक्षेत्र में प्रशंसनीय वनस्थली विद्यापीठ आधुनिक भारतीय शिक्षा के विद्यालय और प्रयोग हैं। '''1952-53''' में [[माध्यमिक शिक्षा आयोग]] ने [[माध्यमिक शिक्षा]] की उन्नति के लिए अनेक सुझाव दिए। माध्यमिक शिक्षा के पुनर्गठन से शिक्षा में पर्याप्त सफलता प्राप्त हुई। == भारतीय शिक्षा के आधुनिक इतिहास की प्रमुख घटनाएँ== * '''१७८०''' : [[ईस्ट इण्डिया कम्पनी]] द्वारा 'कोलकाता मदरसा' स्थापित * '''१७९१''' : ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा [[वाराणसी|बनारस]] में '[[राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, वाराणसी|संस्कृत कालेज]]' की स्थापना * '''१० जुलाई सन् १८०० ''' : [[कोलकाता]] में [[फोर्ट विलियम कॉलेज]] की स्थापना तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेजली ने की। * '''१८१३''' : एक आज्ञापत्र के द्वारा शिक्षा में धन व्यय करने का निश्चय किया गया। * '''१८३५''' : मैकाले का घोषणापत्र * '''१८४८''' : [[ज्योतिराव गोविंदराव फुले|महात्मा जोतिबा फुले]] ने अपनी पत्नी [[सावित्रीबाई फुले]] को पढ़ाने के बाद १८४८ में [[पुणे]] में लड़कियों के लिए भारत का पहला प्राथमिक विद्यालय खोला।<ref>{{Cite web |url=https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5_%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5_%E0%A4%AB%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=4 जुलाई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170904053021/https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5_%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5_%E0%A4%AB%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87 |archive-date=4 सितंबर 2017 |url-status=live }}</ref> * '''१८५४''' : [[वुड का आदेश पत्र|वुड का घोषणापत्र]] * '''१८५७''' : [[कोलकाता|कलकत्ता]], [[मुम्बई|बंबई]] और [[चेन्नई|मद्रास]] में [[विश्वविद्यालय]] स्थापित हुए। * '''१८७०''' : [[बाल गंगाधर तिलक]] और उनके सहयोगियों द्वारा [[पुणे|पूना]] में [[फर्ग्यूसन कालेज]] की स्थापना। * '''१८८२''' : [[हण्टर आयोग]] * '''१८८६''' : [[आर्य समाज|आर्यसमाज]] द्वारा [[लाहौर]] में [[दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय|दयानन्द ऐंग्लो वैदिक कालेज]] की स्थापना। * '''१८९३''' : [[नागरीप्रचारिणी सभा|काशी नागरीप्रचारिणी सभा]] की स्थापना। * '''१८९३''' : [[वड़ोदरा|बड़ोदा]] के महाराज [[सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय|सयाजी राव गायकवाड़]] ने पहली बार राज्य को [[अनिवार्य शिक्षा]] से परिचित कराया। * '''१८९४-१९२२''' : [[शाहु|छत्रपति साहू जी महाराज]] द्वारा वंचितों और गरीब बच्चों के लिए स्कूलों व छात्रावासों की स्थापना की तथा उच्च शिक्षा के लिए उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। * '''१८९८''' : [[काशी]] में श्रीमती [[एनी बेसेन्ट|एनी बेसेंट]] द्वारा '[[केंद्रीय हिन्दू विद्यालय, वाराणसी|सेंट्रल हिंदू कालेज]]' स्थापित। * '''१९०१''' : [[लॉर्ड कर्जन|लार्ड कर्ज़न]] ने [[शिमला]] में एक गुप्त शिक्षा सम्मेलन किया जिसमें 152 प्रस्ताव स्वीकृत हुए थे। * '''१९०२''' : [[भारतीय विश्वविद्यालय आयोग]] की नियुक्ति (लॉर्ड कर्जन द्वारा) ::: [[स्वामी श्रद्धानन्द]] द्वारा [[हरिद्वार]] के पास [[काँगड़ी|कांगड़ी]] में [[गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय]] की स्थापना। * '''१९०४''' : भारतीय विश्वविद्यालय कानून बना। * '''१९०५''' : [[स्वदेशी आन्दोलन|स्वदेशी आंदोलन]] के समय कलकत्ते में [[जातीय शिक्षा परिषद]] की स्थापना हुई और नैशनल कालेज स्थापित हुआ जिसके प्रथम प्राचार्य [[अरविन्द घोष|अरविंद घोष]] थे। [[बंगाल टेकनिकल इन्स्टिट्यूट]] की स्थापना भी हुई। * '''१९०६''' : [[वड़ोदरा|बड़ोदा]] के महाराज [[सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय|सयाजी राव गायकवाड़]] भारत के प्रथम शासक थे जिन्होने १९०६ में अपने राज्य में निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा आरम्भ की।<ref>{{Cite web |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Sayajirao_Gaekwad_III |title=संग्रहीत प्रति |access-date=4 जुलाई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170414095420/https://en.wikipedia.org/wiki/Sayajirao_Gaekwad_III |archive-date=14 अप्रैल 2017 |url-status=live }}</ref> * '''१९११''' : [[गोपाल कृष्ण गोखले]] ने प्राथमिक शिक्षा को निःशुल्क और अनिवार्य करने का प्रयास किया। * '''१९१६''' : [[मदनमोहन मालवीय|मदन मोहन मालवीय]] द्वारा [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी हिन्दू विश्वविद्यालय]] की स्थापना * '''१९१९ - १९२०''' : [[महर्षि अरविन्द]] ने 'अ सिस्टम ओफ़ नेशनल एजुकेशन' नाम से अनेक लेख प्रकाशित किये। * '''१९३७-३८''' : [[गांधीवाद|गांधीवादी]] विचारों पर आधारित [[बुनियादी शिक्षा]] योजना लागू। * '''१९४५''' : सार्जेण्ट योजना लागू। * '''१९४८-४९''' : [[विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत)|विश्‍वविद्यालय शिक्षा आयोग]] का गठन * '''१९५१''' : [[खड़गपुर]] में प्रथम [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान|आईआईटी]] की स्थापना * '''१९५२-५३''' : माध्यमिक शिक्षा आयोग का गठन * '''१९५६''' : [[विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत)|विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग]] की स्‍थापना * '''१९५८''' : दूसरा [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] [[मुम्बई]] में स्थापित * '''१९५९''' : [[कानपुर]] एवं [[चेन्नई]] में क्रमशः तीसरा एवं चौथा [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान|आईआईटी]] स्थापित। * '''१९६१''' : [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद|एनसीईआरटी]] की स्‍थापना ::: प्रथम दो [[भारतीय प्रबन्धन संस्थान]] [[अहमदाबाद]] एवं [[कोलकाता]] में स्थापित किए गए। * '''१९६३''' : पाँचवां आईआईटी [[दिल्ली]] में स्थापित किया गया। ::: तीसरा I.I.M. [[बंगलौर]] में स्थापित। * '''१९६४-६६''' : [[कोठारी आयोग|कोठारी शिक्षा आयोग]] की स्‍थापना, रिपोर्ट प्रस्‍तुत की। * '''१९६८''' : कोठारी शिक्षा आयोग की सिफारिशों के अनुसरण में प्रथम [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] अपनाई गई। * '''१९७५''' : छह वर्ष तक के बच्चों के उचित विकास के लिए [[समन्वित बाल विकास योजना|समेकित बाल विकास सेवा योजना]] प्रारम्भ। * १९७६''' : [[शिक्षा]] को 'राज्य' विषय से "समवर्ती" विषय में परिवर्तन करने हेतु संविधान संशोधन। * '''१९८४''' : लखनऊ में चौथा IIM स्थापित। * '''१९८५''' : संसद के अधिनियम द्वारा [[इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय|इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्‍वविद्यालय]] की स्‍थापना। * '''१९८६''' : [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति|नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] को अपनाया| * '''१९८७-८८''' : संसद के अधिनियम द्वारा सांविधिक निकाय के रूप में [[अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद]] (AICTE) स्थापित। ::: [[राष्ट्रीय साक्षरता मिशन]] प्रारम्भ। * '''१९९२''' : [[आचार्य राममूर्ति समिति]] द्वारा समीक्षा के आधार पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में संशोधन * '''१९९३''' : संसद के अधिनियम द्वारा सांविधिक निकाय के रूप में [[राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद]] स्थापित। * '''१९९४''' : उच्चतर शिक्षा की संस्थाओं का मूल्यांकन एवं प्रत्यायन करने के लिए विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा [[राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद]] की स्‍थापना। ([[बंगलौर]] में मुख्यालय) ::: [[गुवाहाटी]] में छठे IIT की स्‍थापना। * '''१९९५''' : प्राथमिक स्कूलों में केन्द्रीय सहायता प्राप्त [[मध्याह्न भोजन योजना]] आरम्‍भ की गई। * '''१९९६''' : पाँचवाँ IIM [[कोझीकोड]] में स्‍थापित * '''१९९८''' : छठा IIM [[इन्दौर|इंदौर]] में स्‍थापित * '''२००१''' : [[जनगणना]] में साक्षरता दर 65.4 % (समग्र), 53.7 % (महिला) ::: पूरे देश में गुणवत्‍तापरक प्रारंभिक शिक्षा के सर्वसुलभीकरण हेतु [[सर्व शिक्षा अभियान]] प्रारंभ। ::: [[रुड़की विश्वविद्यालय|रूड़की विश्‍वविद्यालय]] सातवें IIT में परिवर्तित। * '''२००२''' : मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने के लिए संविधान संशोधन। * '''२००३''' : 17 क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कालेज, [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान|राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थानों]] में परिवर्तित। * '''२००४''' : शिक्षा को समर्पित उपग्रह "एडूसैट" (EduSat) छोड़ा गया। * '''२००५''' : संसद अधिनियम द्वारा [[राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक शैक्षणिक संस्‍था आयोग]] गठित। ::: एनसीईआरटी द्वारा तैयार राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 स्वीकृत। * '''२००६''' : [[कोलकाता]] और [[पुणे]] में दो [[भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान|भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थान]] स्‍थापित। * '''२००७''' : सातवां IIM [[शिलांग]] में स्‍थापित किया गया। ::: [[अजीतगढ़|मोहाली]] में एक [[भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान|भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थान]] स्‍थापित किया गया। ::: [[राष्ट्रीय संस्‍कृत परिषद]] गठित। ::: [[केन्‍द्रीय शैक्षिक संस्‍था (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम]] अधिसूचित। * '''२००९''' : भारतीय संसद द्वारा [[निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा विधेयक, २००९|निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम]] (RTE) पारित। * '''२० मार्च २०१८''' : ६२ विश्वविद्यालयों और ८ महाविद्यालयों (जिनमें जेएनयू, बीएचयू और एचसीयू सहित पाँच केन्द्रीय विश्वविद्यालय शामिल हैं) को स्वायत्तता देने की घोषणा <ref>{{Cite web |url=https://www.patrika.com/miscellenous-india/jnu-bhu-amu-with-60-institutions-graded-autonomy-nod-by-ugc-2524981/ |title=अब जेएनयू और बीएचयू समेत 60 संस्थान खुद लागू कर सकेंगे नियम, यूजीसी ने दी स्वायत्तता |access-date=3 अप्रैल 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180403174713/https://www.patrika.com/miscellenous-india/jnu-bhu-amu-with-60-institutions-graded-autonomy-nod-by-ugc-2524981/ |archive-date=3 अप्रैल 2018 |url-status=live }}</ref> * '''२९ जुलाई, २०२०''' : नयी [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]]-२०२० लागू । ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हें भी देखें == * [[प्राचीन भारतीय शिक्षा]] * [[गुरुकुल]] * [[नालन्दा महाविहार]] * [[महात्मा गांधी का शिक्षा दर्शन]] * [[वर्धा शिक्षा योजना]] * [[बुनियादी शिक्षा]] * [[गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय]] * [[दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय|दयानन्द एंग्लो वैदिक कॉलेज]] * [[भारत की शिक्षा व्यवस्था]] * [[कोठारी आयोग|राष्ट्रीय शिक्षा आयोग]] * [[सर्वशिक्षा अभियान]] * [[निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा विधेयक, २००९|शिक्षा का अधिकार अधिनियम]] * [[विद्या और अविद्या]] * [[शिक्षा (वेदांग)]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20110901055816/http://hindi.anypursuit.com/tiki-read_article.php?articleId=231 भारतीय शिक्षा का स्वर्णिम अतीत] * [https://web.archive.org/web/20140222153646/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4544 कैसी थी पारंपरिक भारतीय शिक्षा पद्धति?] (आन्नद सुब्रमण्यम शास्त्री) * [https://dharmawiki.org/index.php/राष्ट्रीय_शिक्षा_आन्दोलन_का_स्वरूप_(स्वतन्त्रता_पूर्व) राष्ट्रीय शिक्षा आन्दोलन का स्वरूप (स्वतन्त्रता पूर्व)] * [https://web.archive.org/web/20160706163949/http://www.sansarlochan.in/history-of-modern-indian-education-committee-commission-in-hindi/ आधुनिक भारतीय शिक्षा का विकास] * [http://mahilashakti.blogspot.com/2009/12/blog-post_28.html भारत में नारी शिक्षा का इतिहास] * [https://web.archive.org/web/20170923043540/http://prakashblog-google.blogspot.com/2011/03/blog-post_22.html भारतीय परिवेश में भाषा, समाज, संस्कृति और शिक्षा का अन्तःसंबंध] * [https://web.archive.org/web/20111112113442/http://www.amaidi.org/pdf/History_of_Indian_Education.pdf History of Indian Education] * [https://archive.today/20130105012938/india_resource.tripod.com/britishedu.htm British Education In India] * [https://web.archive.org/web/20160305075116/http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1091 हमें गर्व हैं भारतीय शिक्षा के स्वर्णिम अतीत पर] * [https://web.archive.org/web/20160305123408/http://abhindumahasabha.blogspot.com/2011/06/blog-post_2268.html मैकाले की प्रासंगिकता और भारत की वर्तमान शिक्षा एवं समाज व्यवस्था में मैकाले प्रभाव] * [https://web.archive.org/web/20160305050633/http://www.funonthenet.in/forums/index.php?topic=213709.0;wap2 भारत की वर्तमान शिक्षा एवं समाज व्यवस्था में मैकाले प्रभाव] * [https://web.archive.org/web/20140322001954/http://www.bharatiyashiksha.com/?p=282 18वीं सदी में दुनिया में सबसे ज्यादा शिक्षा संस्थाएँ भारत में थीं] (भारतीय शिक्षा) * [https://web.archive.org/web/20170706120436/http://www.vivacepanorama.com/development-of-education-in-india/ भारत में शिक्षा का विकास] (vivacepanorama) * [https://web.archive.org/web/20180403174801/https://books.google.co.in/books?id=idERT6Tg4MMC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false Evolution of educational thought in India] (लेखक - भँवर लाल द्विवेदी) * [https://kamat.com/database/books/kareducation/index.htm Education in Karnataka through the ages] by Jyotsna Kamat * [https://www.teachingworld.in/history-and-development-of-indian-education/ भारतीय शिक्षा का इतिहास और विकास] (अच्युत कुमार) * [https://www.drishtiias.com/hindi/paper1/development-of-education-in-colonial-india औपनिवेशिक भारत में शिक्षा का विकास] [[श्रेणी:भारत का सामाजिक इतिहास]] [[श्रेणी:भारतीय शिक्षा का इतिहास]] mcy7qqhttsmek9ob1qapr4js6u70c8z मीडियाविकि:Gadget-Numeral converter.css 8 486925 6540939 2320359 2026-04-15T13:34:15Z Ladsgroup 34023 Using a standard thumb size, since non-standard ones will be blocked [[phab:T414805]]. This change is visually noop. 6540939 css text/css #pt-numconvert { padding-left: 30px; background-image: url(//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/5/50/Numeral_converter_icon_1.svg/40px-Numeral_converter_icon_1.svg.png); background-repeat: no-repeat; background-position: 0 0; background-size: 25px; } .skin-monobook .mw-numerakri-menu { display: inline-block; vertical-align: top; } .skin-modern .mw-numerakri-menu { display: inline-block; } .skin-modern #pt-numconvert { padding-left: 50px; background-image: url(//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/7/7b/Numeral_converter_icon_1_white.svg/40px-Numeral_converter_icon_1_white.svg.png); background-position: 10px 50%; } /* Need the extra ".portlet" to override the "#quickbar .portlet li" selector of the skin which is setting padding: 0 */ .skin-cologneblue .portlet #pt-numconvert { padding-right: 30px; background-position: 100% 0; } ak1xypf1xis23mxmkeac5xi6ds4x2sg बाबू जगदेव प्रसाद 0 493084 6541226 6319281 2026-04-16T10:38:50Z ~2026-23337-56 920670 जगदेव प्रसाद जी दांगी जाति से आते है और क्षत्रिय है न कि कोइरी या कुशवाहा मै इसे प्रोफ या दस्तावेज भी दे सकता हु 6541226 wikitext text/x-wiki '''बाबू जगदेव प्रसाद''' ( 2 फरवरी 1922 - 5 सितम्बर 1974) [[भारत]] के [[बिहार]] प्रान्त में जन्मे के एक क्रन्तिकारी राजनेता थे। इन्हें 'बिहार लेनिन' के नाम से जाना जाता है जिन्होने एक अच्छे समाज को गढने में जी जान लगा दिया।<ref>{{cite web|url=https://www.forwardpress.in/2016/10/babu-jagdev-prasad-bahujans-real-hero/|title=babu-jagdev-prasad-bahujans-real-hero|website=forward press|date=2016-05-05|access-date=2 जून 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20161023185358/https://www.forwardpress.in/2016/10/babu-jagdev-prasad-bahujans-real-hero/|archive-date=23 अक्तूबर 2016|url-status=live}}</ref> [[File:Jagdev Prasad Statue.jpg|thumb]] ==जीवन परिचय== जगदेव प्रसाद का जन्म 2 फरवरी 1922 को [[बोध गया|जहानाबाद]] के समीप कुर्था प्रखण्ड के कुरहारी ग्राम में क्षत्रिय दांगी समुदाय के परिवार में हुआ था। इनके पिता प्रयाग नारायण पास के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे तथा माता रासकली अनपढ़ थीं। अपने पिता के मार्गदर्शन में बालक जगदेव ने मिडिल की परीक्षा पास की। हाईस्कूल के लिए [[जहानाबाद]] चले गए। निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होने के कारण जगदेव जी की प्रवृत्ति शुरू से ही संघर्षशील तथा जुझारू रही तथा बचपन से ही विद्रोही स्वाभाव' के थे।<ref>{{cite book |last=Kumar|first=Sanjay |title=Post mandal politics in Bihar:Changing electoral patterns|publisher=SAGE publication|year=2018|isbn=978-93-528-0585-3|url=https://books.google.co.in/books?id=2zhODwAAQBAJ&pg=PA39&dq=jagdeo+prasad&hl=en&sa=X&ved|date=2018-06-05}}</ref><ref>{{cite web|url=https://m.timesofindia.com/city/patna/kushwaha-injured-as-rlsp-leaders-clash-with-police-in-bihar/articleshow/67808089.cms|title=Kushwaha injured as RLSP leaders clash with police in Bihar|website=Times of India |accessdate=2019-02-02}}</ref> {{Quote box |quoted=true |bgcolor=#FFFFF0 |align=center|quote= 60 एवं 70 के दशक में पूरे भारत भर में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहां हमने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए तो वहीं राष्ट्रीय स्तर पर हरित क्रांति को अपने देश में पंजाब हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू किए तो वही बिहार की परिपेक्ष में अगर बात करें तो कई तरह के क्रांतिकारी बदलाव सामने आते हैं 1970 आते-आते भिखारी ठाकुर समाज में सांस्कृतिक बदलाव ला चुके थे तमाम तरह की कुरीतियां को मिटाने के लिए उन्होंने अपने नाटक गीत संगीत के माध्यम से लोगों में जागरूकता लाने का काम किया तो वही सामंतियों के खिलाफ जगदेव प्रसाद और जगदीश मास्टर समेत तमाम लोगों ने बिगुल फूंका था। बिहार में बहुत बड़े बदलाव 1970 के आसपास देखा जा सकता है जमींदारी प्रथा के तहत जो गरीब वंचित तबका था उसे प्रताड़ित करने की जो परंपरा थी उसके विरुद्ध जगदेव बाबू , जगदीश मास्टर, रामेश्वर यादव ,रामनरेश राम, विनोद मिश्रा,नागभूषण पटनायक समेत लोगों ने जबरदस्त जन संघर्ष किया , आज भी जब भी किसी वंचित तबके के लिए आवाज उठाने की बात होती है बिना '''जगदेव प्रसाद''' के नाम लिए बातों को पूरा नहीं किया जा सकता।<ref>{{cite book | last=Sinha | first=A. | title=Nitish Kumar and the Rise of Bihar | publisher=Viking | year=2011 | isbn=978-0-670-08459-3 | url=https://books.google.com/books?id=rT2xWp_iTCYC&pg=PA95 | ref=harv | accessdate=7 April 2015}}</ref><ref>{{cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=dEaaDwAAQBAJ&pg=PT99&dq=|title=Bihar Ki Chunavi Rajniti: Jati-Varg ka Samikaran (1990-2015)|last=Kumar|first=Sanjay|publisher=SAGE Publishing India|year= 2019|isbn=9353286174|accessdate =2019-05-06}}</ref>}} [[File:The Minister of Stae for Social Justice and Empowerment Shri Nagmani at the inauguration of the three-day International Meet on Adoption, organised by the Central Adoption Resource Agency (CARA), in New Delhi on December 8, 2003.jpg|thumb|एक उद्घाटन समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री, '''नागमणि कुशवाहा'''( जगदेव प्रसाद के पुत्र )]] ==राजनीति== जब वे शिक्षा हेतु घर से बाहर रह रहे थे, उनके पिता अस्वस्थ रहने लगे। जगदेव जी की माँ धार्मिक स्वाभाव की थी। जगदेव जी ने तमाम घरेलू झंझावतों के बीच उच्च शिक्षा ग्रहण किया। [[पटना विश्वविद्यालय]] से स्नातक तथा परास्नातक उत्तीर्ण किया। वही उनका परिचय चन्द्रदेव प्रसाद वर्मा से हुआ। चंद्रदेव ने जगदेव बाबू को विभिन्न विचारको को पढने, जानने-सुनने के लिए प्रेरित किया। अब जगदेव जी ने सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया और राजनीति की तरफ प्रेरित हुए। इसी बीच वे '''शोसलिस्ट पार्टी''' से जुड़ गए और पार्टी के मुखपत्र 'जनता' का संपादन भी किया। एक संजीदा पत्रकार की हैसियत से उन्होंने दलित-पिछड़ों-शोषितों की समस्याओं के बारे में खूब लिखा तथा उनके समाधान के बारे में अपनी कलम चलायी। 1955 में [[हैदराबाद]] जाकर अंग्रेजी साप्ताहिक 'सिटिजेन' तथा हिन्दी साप्ताहिक 'उदय' का संपादन आरभ किया। प्रकाशक से भी मन-मुटाव हुआ लेकिन जगदेव बाबू ने अपने सिद्धान्तों से कभी समझौता नहीं किया। संपादक पद से त्यागपत्र देकर पटना वापस लौट आये और समाजवादियों के साथ आन्दोलन शुरू किया।<ref>{{cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=Sq1aDwAAQBAJ&pg=PT134&dq=|title=Bihar Samanya Gyan|first=Manish|last=Ranjan|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=9386300850|date=2020-05-06}}</ref> बिहार में उस समय समाजवादी आन्दोलन की बयार थी, लेकिन जे.पी. तथा लोहिया के बीच सद्धान्तिक मतभेद था। जब जे. पी. ने [[राम मनोहर लोहिया]] का साथ छोड़ दिया तब बिहार में जगदेव बाबू ने लोहिया का साथ दिया। उन्होंने सोशलिस्ट पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया और समाजवादी विचारधारा का देशीकरण करके इसको घर-घर पहुंचा दिया। जगदेव बाबू ने 1967 के विधानसभा चुनाव में संसोपा ('''संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी'''), 1966 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी का एकीकरण हुआ था) के उम्मीदवार के रूप में कुर्था में जोरदार जीत दर्ज की। उनके अथक प्रयासों से स्वतंत्र बिहार के इतिहास में पहली बार 'संविद सरकार ' बनी तथा [[महामाया प्रसाद सिन्हा]] को मुख्यमंत्री बनाया गया। <ref>{{cite book|last=Malhotra|first=G.C|title=Cabinet responsibility to the legislature|publisher=Metropolitan book company pvt. Ltd |year=1998|isbn=81-200-0400-0|url=https://books.google.co.in/books?id=DFqbAAAAMAAJ&pg=PA268&dq=jagdeo+prasad&hl=en&sa=X&ved|date=1998-12-04}}</ref> जगदेव बाबू तथा कर्पूरी ठाकुर की सूझ-बूझ से पहली गैर-कांग्रेस सरकार का गठन हुआ, लेकिन पार्टी की नीतियों तथा विचारधारा के मसले लोहिया से अनबन हुयी और 'कमाए धोती वाला और खाए टोपी वाला' की स्थिति देखकर संसोपा छोड़कर 25 अगस्त 1967 को 'शोषित दल' नाम से नयी पार्टी बनाई। उस समय अपने भाषण में उन्होने कहा था- {{Quote box |width=24em | bgcolor=#FFE0BB |align=right |salign = right "|quote= जिस लड़ाई की बुनियाद आज मै डाल रहा हूँ, वह लम्बी और कठिन होगी। चूंकि मै एक क्रांतिकारी पार्टी का निर्माण कर रहा हूँ इसलिए इसमें आने-जाने वालों की कमी नहीं रहेगी परन्तु इसकी धारा रुकेगी नहीं। इसमें पहली पीढ़ी के लोग मारे जायेगे, दूसरी पीढ़ी के लोग जेल जायेगे तथा तीसरी पीढ़ी के लोग राज करेंगे। जीत अंततोगत्वा हमारी ही होगी।" |source=-जगदेव प्रसाद }} जगदेव बाबू एक महान राजनीतिक दूरदर्शी थे, वे हमेशा शोषित समाज की भलाई के बारे में सोचा और इसके लिए उन्होंने पार्टी तथा विचारधारा किसी को महत्त्व नहीं दिया। मार्च 1970 में जगदेव बाबू के दल के समर्थन से [[दरोगा प्रसाद राय]] मुख्यमंत्री बने।<ref>{{cite web|url=https://www.forwardpress.in/2020/02/jagdeo-prasad-birth-anniversary-hindi/|title=Jagdeo prasad jivan parichay |accessdate=2020-02-01}}</ref> <ref>{{cite book |last=Kumar|first=Sanjay |title=Post mandal politics in Bihar:Changing electoral patterns|publisher=SAGE publication|year=2018|isbn=978-93-528-0585-3|url=https://books.google.co.in/books?id=2zhODwAAQBAJ&pg=PA37&dq=jagdeo+prasad&hl=en&sa=X&ved|date=2018-06-05}}</ref> बिहार में राजनीति का [[प्रजातन्त्र|प्रजातंत्रीकरण]] को स्थाई रूप देने के लिए उन्होंने सामाजिक-सांस्कृतिक क्रान्ति की आवश्यकता महसूस किया। वे [[रामस्वरूप वर्मा]] द्वारा स्थापित 'अर्जक संघ' (स्थापना 1 जून, 1968) में शामिल हुए। 7 अगस्त 1972 को शोषित दल तथा रामस्वरूप वर्मा जी की पार्टी 'समाज दल' का एकीकरण हुआ और 'शोषित समाज दल' नमक नयी पार्टी का गठन किया गया। एक दार्शनिक तथा एक क्रांतिकारी के संगम से पार्टी में नयी उर्जा का संचार हुआ। जगदेव बाबू पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में जगह-जगह तूफानी दौरा आरम्भ किया। वे नए-नए तथा जनवादी नारे गढ़ने में निपुण थे. सभाओं में जगदेव बाबू के भाषण बहुत ही प्रभावशाली होते थे, जहानाबाद की सभा में उन्होंने कहा था- {{Quote box |width=24em | bgcolor=#FFE0BB |align=right |salign = right "|quote= : ''दस का शासन नब्बे पर, नहीं चलेगा, नहीं चलेगा. : ''सौ में नब्बे शोषित है, नब्बे भाग हमारा है। : ''धन-धरती और राजपाट में, नब्बे भाग हमारा है॥ |source=-जगदेव प्रसाद}} {{Quote box |width=24em | bgcolor=#FFE0BB |align=right"|quote= मानववाद की क्या पहचान- ब्रह्मण भंगी एक सामान, पुनर्जन्म और भाग्यवाद- इनसे जन्मा ब्राह्मणवाद। |source=-जगदेव प्रसाद}} इसी समय बिहार में कांग्रेस की तानाशाही सरकार के खिलाफ जे.पी. के नेतृत्व में विशाल छात्र आन्दोलन शुरू हुआ और राजनीति की एक नयी दिशा-दशा का सूत्रपात हुआ। मई 1974 को 6 सूत्री मांगो को लेकर पूरे बिहार में जन सभाएं की तथा सरकार पर भी दबाव डाला गया लेकिन भ्रष्ट प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा, जिससे 5 सितम्बर 1974 से राज्य-व्यापी सत्याग्रह शुरू करने की योजना बनी।<ref>{{cite web|url=http://magnificentbihar.com/?p=11095|title=जन आंदोलन का जनक|date=2020-06-11|access-date=11 जून 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20140808094201/http://magnificentbihar.com/?p=11095|archive-date=8 अगस्त 2014|url-status=dead}}</ref> ==मृत्यु== '5 सितम्बर 1974' को जगदेव बाबू हजारों की संख्या में 'शोषित समाज' का नेतृत्व करते हुए अपने दल का काला झंडा लेकर आगे बढ़ने लगे। कुर्था में तैनात डी.एस.पी. ने सत्याग्रहियों को रोका तो जगदेव बाबू ने इसका प्रतिवाद किया और विरोधियों के पूर्वनियोजित जाल में फंस गए। सत्याग्रहियों पर पुलिस ने अचानक हमला बोल दिया। जगदेव बाबू चट्टान की तरह जमें रहे और और अपना क्रांतिकारी भाषण जरी रखा, निर्दयी पुलिस ने उनके ऊपर गोली चला दी। गोली सीधे उनके गर्दन में जा लगी, वे गिर पड़े। पुलिस घायलावस्था में उन्हें पुलिस स्टेशन ले गयी। पानी-पानी चिल्लाते हुए जगदेव जी ने थाने में ही अंतिम सांसे ली।<ref>{{cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=rmNvBQAAQBAJ&pg=PA64&dq=|title=Aankhan Dekhi Bihar Andolan|first=singh|last=Bajrang|isbn=9350483602|publisher=Prabhat Prakashan|year=2013|accessdate=2013-05-04}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.forwardpress.in/2020/02/jagdeo-prasad-remembered-nk-nanda-hindi/?amp|website=Forward press|title =jagdeo-prasad-remembered-nk-nanda|date=2020-02-02}}</ref> ==लोकप्रिय संस्कृति में== बिहार में विभिन्न स्थानों का नाम बाबू जगदेव प्रसाद के नाम पर रखा गया है। उनकी याद में कई प्रतिमाओं का भी अनावरण किया गया है। [[File:A pond.jpg|thumb| '''जगदेव पथ''' अनीसाबाद रोड, पटना से एक दृश्य ]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} 4bbfxcguyjirhp6o900rdwbmz5nkipn सदस्य वार्ता:SM7 3 520128 6540942 6540831 2026-04-15T13:41:02Z संजीव कुमार 78022 /* पिण्डार या पिण्डर नदी */ उत्तर 6540942 wikitext text/x-wiki <!-- Please do NOT delete this line. Thanks! -->{{/header}} <!-- कृपया इस लाइन और ऊपर की लाइन को को न हटायें, धन्यवाद !--> साले नीच वामपंथी कुत्ते == हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ "राजकुमार वर्मा" को नही हटाना चाहिए था। == मै हिंदी विकिपीडिया का ३ साल से सक्रिय सदस्य हूं और संपादन कार्य कर रहा हूं। मैने एक हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ " राजकुमार वर्मा" बनाया था जिसमें किसी भी प्रकार का प्रचार कार्य नहीं था, और जब पृष्ठ को हटाने के लिए नामांकित किया गया तब उसके प्रति स्पष्ट जवाब भी दिया गया था कि पृष्ठ को क्यों नहीं हटाना चाहिए, फिर भी आपने पृष्ठ को हटा ही दिया। आपको अधिकार मिले हैं तो उसका दुरुपयोग न करें , मेरे द्वारा निर्मित पृष्ठ में किसी भी प्रकार की प्रचार संबंधी लेख या सामग्री नहीं है। अतः मेरे पृष्ठ को पुनः वापस लाएं।। [[सदस्य:धनंजय अहीर|धनंजय अहीर]] ([[सदस्य वार्ता:धनंजय अहीर|वार्ता]]) 16:58, 7 मार्च 2025 (UTC)धनंजय अहीर == महाराज जी == नमस्ते SM7, पिछले कई सालों से आप अपने अधिकार का हिंदी विकिपीडिया पर दुरूपयोग कर रहे हैं। जिसका बिल्कुल सही उधारन है प्रेमानंद महाराज जी। कोशिश तो आपने बहुत की इसे ([[प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज]]) डिलीट करने की, लेकिन महाराज जी का चमत्कार देखिए, उनके किसी चाहने वाले ने बना ही दिया। और आप कुछ भी ना कर पाये । और ना कर पायेंगे । [[विशेष:योगदान/&#126;2025-128983|&#126;2025-128983]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-128983|talk]]) 16:02, 4 जुलाई 2025 (UTC) == हम अस्थायी खातों के साथ आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेंगे == <section begin="body" /> उत्पाद सुरक्षा एवं अखंडता टीम अस्थायी खातों के संबंध में आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेगी। इस सर्वेक्षण में आपकी भागीदारी हमें यह समझने में सहयता करने में बेहद मूल्यवान होगी कि अस्थायी खाते कितनी अच्छी तरह कार्य कर रहे हैं और हम आगे क्या सुधार कर सकते हैं। इसे पूरा होने में ५ मिनट से अधिक समय नहींं लगना चाहिए। इस सर्वेक्षण की गोपनीयता नीति [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Survey:Temporary_Accounts_Second_Pilot_Feedback_Privacy_Statement|इस लिंक पर देखी जा सकती है]]। इस सर्वेक्षण को पूरा करके, आप गोपनीयता नीति में निर्धारित शर्तों से सहमत होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि हम आपसे संपर्क करें, तो कृपया हमें अपना विकि उपयोगकर्ता नाम बताएँ। '''<big>[https://wikimedia.qualtrics.com/jfe/form/SV_emJJxsotBxVpS18?Q_Language=HI सर्वेक्षण में भाग लें]</big>'''. धन्यवाद!<section end="body" /> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]]</bdi> 00:44, 21 अगस्त 2025 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Quiddity_(WMF)/sandbox4&oldid=29158797 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Quiddity (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == soc == I would like to bring to your attention that [[:en:User:Krishnarthiindia|User:Krishnarthiindia]], previously blocked on English Wikipedia as a sockpuppet of ''MediaTribe'', is currently active on Hindi Wikipedia and creating multiple promotional pages. 🔗 [[सदस्य:Krishnarthiindia|User page on Hindi Wikipedia]] I raised this issue with Hindi Wikipedia administrator सदस्य:संजीव कुमार, but his response suggests that the matter is being overlooked. Our discussion is here: 🔗 Talk page discussion As an example, the article on ''Yohan Poonawalla'' has been repeatedly deleted on English Wikipedia due to COI and promotional issues: * EN: [[:en:Yohan_Poonawalla|Yohan Poonawalla (deleted multiple times)]] * HI: योहान पूनावाला This demonstrates a clear case of cross-wiki paid/COI editing. Further evidence of promotional editing by this user includes: * ''Abhay Singh (Jamshedpur politician)'' (created and later deleted) * ''Anshuman Bhagat'' * ''Yohan Poonawalla'' * ''Ajay Mehgi'' ([https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%8B%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80 ऋतु मेंगी]) Given the user’s established connection to ''MediaTribe'' and a pattern of COI and promotional activity across projects, I kindly request an investigation into their activities on Hindi Wikipedia. [[सदस्य:The BO57!|The BO57!]] ([[सदस्य वार्ता:The BO57!|वार्ता]]) 15:46, 25 सितंबर 2025 (UTC) == अभिनेता गौरव देवासी का पेज बनाने के सन्दर्भ में == अभिनेता गौरव देवासी जो की राजस्थान राज्य में अभिनेता हे और गूगल पर बहुत आर्टिकल उपलब्ध हे.आपसे अनुरोध हे की इनका पेज बनाया जाये [[विशेष:योगदान/&#126;2025-49619-4|&#126;2025-49619-4]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-49619-4|talk]]) 10:16, 3 अक्टूबर 2025 (UTC) == सदस्य:Vedic Art द्वारा बन रहे LLM आधारित पेजों पर चिंता == '''मैं एडमिन्स का ध्यान इस बात पर लाना चाहता हूँ कि सदस्य:Vedic_Art लगातार ऐसे पेज बना रहे हैं जो देखने में AI या LLM से तैयार लगते हैं। इन पेजों में न स्रोत होते हैं, न ढंग की जानकारी, और कई जगह गलतियाँ भी हैं।''' '''साथ ही ये यूज़र “सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव अक्टूबर 2025” वाले पेज-निर्माण कार्यक्रम में भी हिस्सा ले रहे हैं। अगर ऐसे कार्यक्रमों में AI से बने पेज भेजे जाते हैं, तो हिंदी विकिपीडिया की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा।''' '''मेरी मुख्य बातेँ:''' * '''विकिपीडिया का मकसद भरोसेमंद और सत्यापित जानकारी देना है, न कि AI से बना कंटेंट डालना।''' * '''AI के पेज अक्सर बिना स्रोतोँ वाले, गलत या गढ़ी हुई बातें रखते हैं।''' * '''गूगल पर विकिपीडिया की रैंकिंग ऊँची होती है, अगर झूठी या AI से बनी जानकारी जाएगी तो लोग गलतफ़हमी में पड़ेंगे।''' * '''अगर गलत जानकारी फैलती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?''' '''मेरी विनती है कि:''' * '''सदस्य:Vedic_Art के हाल के पेजों की जाँच हो।''' * '''जो पेज सत्यापित नहीं हैं, उन पर कार्रवाई हो।''' * '''साफ किया जाए कि ऐसे AI-जनित पेजों की अनुमति है या नहीं।''' * '''क्या ऐसे यूज़र्स को प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए?''' '''क्या एडमिन लोग इस तरह की गतिविधियों को स्वीकार करते हैं? इस पर साफ राय जरूरी है।''' '''धन्यवाद,''' '''WeSeeAllButNot''' [[सदस्य:WeSeeAllButNot|WeSeeAllButNot]] ([[सदस्य वार्ता:WeSeeAllButNot|वार्ता]]) 17:48, 5 अक्टूबर 2025 (UTC) == Requested Page Moves == To align with the original title name: * Move [[द बैड्स ऑफ बॉलीवुड]] → [[द बा***ड्स ऑफ़ बॉलीवुड]] ** Reason: The current title contains an incorrect word ("बैड्स", "ऑफ"). The proposed title reflects the accurate and original english title name. To correct spelling errors: * Move [[गौरी खान]] → [[गौरी ख़ान]] ** Reason: The current title misspells "ख़ान" as "खान". * Move [[फराह खान]] → [[फ़राह ख़ान]] ** Reason: The current title misspells both "फ़राह" (as "फराह") and "ख़ान" (as "खान"). * Move [[बॉलीवुड हँगामा]] → [[बॉलीवुड हंगामा]] ** Reason: The current title uses an incorrect spelling ("हँगामा"). The proposed title corrects it to the standard spelling "हंगामा". For consistency and commonly accepted spelling: * Move [[इण्डिया टुडे]] → [[इंडिया टुडे]] * Move [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] → [[द टाइम्स ऑफ़ इंडिया]] ** Reason: The current title uses an outdated spelling ("इण्डिया"). The proposed title updates it to the standard and widely used spelling "इंडिया" for consistency. [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 02:05, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:Anoopspeaks|Anoopspeaks]] कृपया संबंधित पृष्ठों के वार्ता पन्नों पर साँचा:नाम बदलें के प्रयोग द्वारा लिखें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ::जी, किया [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 08:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ==युद्ध हाथी पृष्ठ हटाने के संबंध में== नमस्ते SM7 जी। मैंने कल रात में एक पृष्ठ बनाया था [[युद्ध हाथी]] नाम से हालांकि लेख में अभी बहुत काम बाकी था जिसे मैं आज पूरा करने वाला था परंतु आज जब मैंने अपना लेख देखा तो वह आपके द्वारा हटाया जा चुका है। कृपया हटाने का कारण बताएं? धन्यवाद --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 12:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) :नमस्ते @[[सदस्य: रोहित साव27|रोहित जी]], लेख आईपी द्वारा बनाया गया था और लेख में केवल एक वाक्य लिखा हुआ था - "इनका इस्तेमाल युद्ध के लिए होता।" जिसे सदस्य:MathXplore द्वारा परीक्षण पृष्ठ के रूप में शीह नामांकित किया गया था और मैंने इसी मापदंड के तहत हटाया है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:21, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) ::माफी चाहूंगा SM7 जी शायद मेरी ग़लती है क्योंकि कल रात को मैं इस लेख पर काम कर रहा था और करते-करते सो गया था। शायद मैंने सेव नहीं किया होगा। मुझे लगा कि मैंने सेव किया होगा। माफी चाहूंगा शायद मेरी तरफ से ही गलती हुई है। आपका धन्यवाद।--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) == अस्थायी खातों को सूचना भेजना == नमस्ते SM7 जी, मैंने देखा है कि ट्विंकल से किसी लेख को शीह-नामांकित करने पर वो सम्बंधित खातों को सूचना सन्देश भेजता है। आईपी (मोबाइल) पतों से बने खाते को ये सन्देश नहीं भेजे जाते हैं लेकिन वर्तमान में हिन्दी विकिपीडिया पर ऐसे खातों को अस्थायी खातों से बदला जा चुका है और ये टिल्डे (~) से आरम्भ होते हैं। इन अस्थायी खातों पर सन्देश जा रहे हैं। मुझे लगता है कि इन खातों को भी डिफॉल्ट रूप से सन्देश भेजना बंद कर देना चाहिए। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:52, 20 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैं समय मिलते ही इसे देखता हूँ। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 13:27, 21 अक्टूबर 2025 (UTC) == 2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल == नमस्ते SM7 जी, [[2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल]] नामक लेख को पिछले माह @[[सदस्य:TypeInfo|TypeInfo]] जी ने [[वि:शीह#व2|परीक्षण पाठ]] के रूप में नामांकित किया। उनका ये कैसा रौलबैक था, ये तो वो ही बता सकते हैं (अपेक्षा करता हूँ कि वो इसके बारे में बतायेंगे) लेकिन आपने भी बिना इतिहास देखे लेख को हटा दिया। सम्भवतः ये परीक्षण पाठ तो नहीं था और [[:d:Q209222|विकिडाटा आयटम]] से भी जुड़ा हुआ था जहाँ 29 अन्य भाषायें भी सूचीबद्ध हैं। अतः मुझे लगता है यह परीक्षण पाठ के रूप में नहीं हटाना चाहिए था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:09, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, बिना देखे तो नहीं हटाया - यह वैसे ही लिखा हुआ था कि - "अमुक फलाने की लिखी पुस्तक है" और 2009 से बस यही पाठ था। विकिडेटा से जुड़े होने के बावज़ूद यह परीक्षण ही लगा भले उल्लेखनीय हो। आगे आप निर्णय ले सकते हैं कि इसे वापस स्थापित करना है या नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:20, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::मेरे पास कोई उल्लेखनीय स्रोत नहीं है लेकिन निम्नलिखित सामग्री के साथ रखा जा सकता है: :::'''2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल''' (Dichlorophenoxyacetic acid) एक [[कार्बनिक यौगिक]] है जिसका रासायनिक सूत्र {{chem|C|8|H|6|Cl|2|O|3}} है। इसे अक्सर इसके [[ISO|आईएसओ]] सामान्य नाम '''2,4-डी''' कहा जाता है। यह प्रणालीगत [[शाकनाशक]] है जो अधिकतर चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार को नष्ट करने का काम करता है लेकिन [[खाद्यान्न]], [[घास|दूब]] और [[घासभूमि]] जैसे पौधे इससे अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। :::2,4-डी दुनिया के सबसे पुराने और सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध शाकनाशी रसायनों में से एक है जो सन् 1945 से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। वर्तमान में कई रासायनिक कंपनियों द्वारा इसका उत्पादन किया जाता है क्योंकि इसका पेटेंट बहुत पहले समाप्त हो चुका है। यह कई व्यावसायिक लॉन शाकनाशी मिश्रणों में पाया जाता है और अनाज की फसलों, चरागाहों और बागों में खरपतवारनाशक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। 1,500 से ज़्यादा शाकनाशी उत्पादों में सक्रिय घटक के रूप में 2,4-डी होता है। ::आवश्यक हो तो उपरोक्त सामग्री के साथ स्रोतहीन का टैग रख सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:03, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, वो तो [[1,4-डाइमिथाइलबेंजिन]] टाइप के लेख भी एक लाइन के साथ स्रोतहीन का टैग लगा के रखे हुए ही हैं। मेरी कोई हार्दिक इच्छा नहीं। यदि कोई इसे परीक्षण कह के शीह कर दे तो मैं इसे भी हटा ही दूँगा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:21, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::::मेरी भी ऐसी कोई इच्छा नहीं है लेकिन इस तरह के 10 हज़ार पृष्ठ [[विशेष:छोटे_पृष्ठ|यहाँ]] सूचीबद्ध हैं। आप बार-बार मुझे परीक्षण पृष्ठ कहने पर डांट चुके हो, लेकिन अब आप भी उसी के साथ जुड़े हो। इन सभी को यदि हटाना है तो [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा]] करके हटाया जा सकता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:08, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप उल्टा कह रहे हैं। जैसा कि आप ख़ुद बता रहे - ''आप'' बार-बार ऐसे पृष्ठ परीक्षण कह के नामांकित कर चुके हैं और देख-देख के और हटा-हटा के जब मैंने एक ऐसा ही पृष्ठ किसी दूसरे के नामांकन पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हटा ही दिया तो, अब, आप कह रहे कि वो परीक्षण नहीं था। तो आप ही बताइये कि मैं कहाँ स्टैंड लूँ? मुझे नहीं पता कि हहेच में रखा जाय तो इन्हें हटाने पे ही सहमति बनेगी या नहीं; यह पहले से प्रेडिक्शन करना मुश्किल है। एक ही तरीका बचता है कि शीह-परीक्षण की नियमावली को शब्दशः अनुसरित करें 'स्फद्घ्झा स्झाज्घ' जैसे कुछ लिखा हो केवल तभी उसे परीक्षण मान के हटायें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 04:23, 13 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::वो अर्थहीन सामग्री में आता है। परीक्षण में वो लेख भी शामिल होते हैं जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन जाते हैं। 15 वर्ष पुराने लेख को इस श्रेणी में कैसे रख सकते हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:07, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] यानी आप तैयार हैं कि केवल उन्हीं लेखों को परीक्षण के मापदंड के तहत नामांकित किया जाए जो - "जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन..." गए हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:17, 14 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::::मैं तो सदैव ही तैयार था लेकिन जब चर्चायें बिना किसी चर्चा के वर्षों तक चलने लगी और शीह में भी महिनों का समय लगने लगा तब मैं ऐसे हटाने लगा था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 11:52, 14 नवम्बर 2025 (UTC) == नए साल की शुभकामनाएँ == <div style="background:#E8F5E9; padding:10px; border:1px solid #81C784; border-radius:6px;"> '''SM7 जी, नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!''' यह नया साल आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा स्वास्थ्य, सफलता और सुख-समृद्धि लेकर आए। [[File:Everlasting Fireworks looped.gif|left|x173px]] हिंदी विकिपीडिया पर आपके योगदान के लिए धन्यवाद। [[सदस्य:Chronos.Zx|<span style="color:blue; font-weight:bold;">क्रोनोस.Zx</span>]] ([[सदस्य वार्ता:Chronos.Zx|वार्ता]]) 13:15, 1 जनवरी 2026 (UTC) </div> :@[[सदस्य:Chronos.Zx|Chronos.Zx]] जी, बहुत-बहुत धन्यवाद। आपको भी नववर्ष अत्यंत मंगलमय हो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:24, 2 जनवरी 2026 (UTC) == विशेष: कार्यक्रम आयोजक अधिकार == नमस्ते [[सदस्य:SM7|SM7]], आप मुझे कार्यक्रम आयोजक के अधिकार के आवेदन दर्ज करने के लिए पृष्ठ बताने के कृपा करे | [[सदस्य:Dev Jadiya|Dev Jadiya]] ([[सदस्य वार्ता:Dev Jadiya|वार्ता]]) 09:08, 18 मार्च 2026 (UTC) == जांच == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] के अभी के कुछ संपादनों को जांच लें <br> धन्यवाद, [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:48, 1 अप्रैल 2026 (UTC) :किसी से पूछने से पहले इंग्लिश विकिपीडिया पर ज़रूर जाएँ अथवा समाचार पढ़कर अपना ज्ञानवर्धन करें| [[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] ([[सदस्य वार्ता:Ankit231132|वार्ता]]) 14:36, 1 अप्रैल 2026 (UTC) == एक सदस्य को अवरोधित करने का नामांकन == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] को बहुत बार चेतावनी दे चुका हूं पर अपमानजनक सम्पादन कर रहे है, कृपया आप इस पर संज्ञान लें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:16, 5 अप्रैल 2026 (UTC) == मदद == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, सदस्य @[[सदस्य:~2026-21206-80|~2026-21206-80]] बार बार प्रचार सम्पादन कर रहा है| केवल इनके लिए ही नहीं बल्कि और भी सदस्यों के लिए बताए [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:06, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == व7 के अंतर्गत हटाए गए लेख के पुनर्विचार हेतु अनुरोध == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, मैं आपको [[कमलेश कमल]] लेख के संबंध में लिख रहा हूँ जिसे आपने [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]] के अंतर्गत हटाया था। जब लेख को शीघ्र हटाने के लिए चिह्नित किया गया, तब मैंने तुरंत उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए आवश्यक बदलाव किए। मैंने पूरे लेख में महत्वपूर्ण सुधार किए, जिसमें प्रचारात्मक और प्रशंसात्मक भाषा हटाना, सामग्री को निष्पक्ष दृष्टिकोण (neutral point of view) में दोबारा लिखना, और इसे अधिक विश्वकोशीय बनाने के लिए विस्तार करना शामिल था। मेरा मानना है कि संशोधित संस्करण अब प्रचारात्मक नहीं था, या कम से कम इतना नहीं कि उसे व7 के अंतर्गत हटाया जाए। मैंने इन परिवर्तनों का उल्लेख लेख के वार्ता पृष्ठ पर भी किया था। मेरी समझ के अनुसार, व7 उन पृष्ठों पर लागू होता है जो पूरी तरह से प्रचारात्मक होते हैं और जिनमें सुधार की संभावना नहीं होती। किए गए सुधारों को देखते हुए, आपसे निवेदन है कि कृपया लेख को पुनर्स्थापित करने पर विचार करें। साथ ही, यदि कोई अन्य कमी या समस्या शेष हो, तो कृपया उसे बताने का कष्ट करें ताकि मैं सामग्री में और सुधार कर सकूँ। [[सदस्य:BBBhagwati|BBBhagwati]] ([[सदस्य वार्ता:BBBhagwati|वार्ता]]) 16:41, 7 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:29, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == पिण्डार या पिण्डर नदी == नमस्ते SM7 जी, मैं आज [[पिण्डार नदी]] नामक लेख पर देख रहा हूँ कि आपने इसके समकक्ष भोजपुरी लेख निर्मित किया। वहाँ आपने शीर्षक में "पिण्डार" के स्थान पर "पिंडर" रखा। इस हिसाब से यहाँ भी "पिण्डर नदी" या "पिंडर नदी" होना चाहिए। यदि आपको सही लगता है तो यह स्थानान्तरण कर देना चाहिए। मुझे इसकी सही जानकारी नहीं है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:36, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, अब जांचा तो कुछ उदाहरण मिले :*[https://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-garhwal-pindar-river-water-poured-into-kumaon-kosi-river-jal-jeevan-mission-6775827.html लाइव हिन्दुस्तान] :* [https://www.jagran.com/uttarakhand/almora-pindar-river-water-advocates-for-release-in-nonviolent-rivers-19447355.html दैनिक जागरण] :* [https://www.drishtiias.com/hindi/state-pcs-current-affairs/pindari-glacier-to-make-kumaon-s-drying-rivers-sadaneera दृष्टि आईएएस] :इन संदर्भों के अनुसार इसका नाम स्थानांतरण करके [[पिंडर नदी]] करना चाहिए| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 18:56, 14 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] हाँ, इसके नाम में ड पर आ की मात्रा नहीं है। मैं इस नदी का पानी भी पी चुका हूँ, पर मेरी हिम्मत नहीं कि मैं आधा ण हटाऊँ। यह विवादास्पद बदलाव लेख के वार्ता पन्ने पे चर्चा के बाद पर्याप्त समर्थन से किया जाय तो बेहतर होगा। सादर। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 08:37, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी, चर्चा के बिना मैं स्थानान्तरित कर सकता हूँ। बाकी आप चाहो तो चर्चा भी आरम्भ कर सकते हैं। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपने जो स्रोत दिये हैं उनमें पिंडर और पिंडार दोनों लिखे हैं। इसके अतिरिक्त दृष्टि आईएएस वाला स्रोत विश्वसनीय नहीं है जबकि समाचार वाले भी एकरूप नहीं होने के कारण उचित नहीं माने जा सकते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:41, 15 अप्रैल 2026 (UTC) iuf7iogm3szr95b0zefm6kwolrqx9wk 6540943 6540942 2026-04-15T13:45:25Z संजीव कुमार 78022 /* पिण्डार या पिण्डर नदी */ उत्तर 6540943 wikitext text/x-wiki <!-- Please do NOT delete this line. Thanks! -->{{/header}} <!-- कृपया इस लाइन और ऊपर की लाइन को को न हटायें, धन्यवाद !--> साले नीच वामपंथी कुत्ते == हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ "राजकुमार वर्मा" को नही हटाना चाहिए था। == मै हिंदी विकिपीडिया का ३ साल से सक्रिय सदस्य हूं और संपादन कार्य कर रहा हूं। मैने एक हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ " राजकुमार वर्मा" बनाया था जिसमें किसी भी प्रकार का प्रचार कार्य नहीं था, और जब पृष्ठ को हटाने के लिए नामांकित किया गया तब उसके प्रति स्पष्ट जवाब भी दिया गया था कि पृष्ठ को क्यों नहीं हटाना चाहिए, फिर भी आपने पृष्ठ को हटा ही दिया। आपको अधिकार मिले हैं तो उसका दुरुपयोग न करें , मेरे द्वारा निर्मित पृष्ठ में किसी भी प्रकार की प्रचार संबंधी लेख या सामग्री नहीं है। अतः मेरे पृष्ठ को पुनः वापस लाएं।। [[सदस्य:धनंजय अहीर|धनंजय अहीर]] ([[सदस्य वार्ता:धनंजय अहीर|वार्ता]]) 16:58, 7 मार्च 2025 (UTC)धनंजय अहीर == महाराज जी == नमस्ते SM7, पिछले कई सालों से आप अपने अधिकार का हिंदी विकिपीडिया पर दुरूपयोग कर रहे हैं। जिसका बिल्कुल सही उधारन है प्रेमानंद महाराज जी। कोशिश तो आपने बहुत की इसे ([[प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज]]) डिलीट करने की, लेकिन महाराज जी का चमत्कार देखिए, उनके किसी चाहने वाले ने बना ही दिया। और आप कुछ भी ना कर पाये । और ना कर पायेंगे । [[विशेष:योगदान/&#126;2025-128983|&#126;2025-128983]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-128983|talk]]) 16:02, 4 जुलाई 2025 (UTC) == हम अस्थायी खातों के साथ आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेंगे == <section begin="body" /> उत्पाद सुरक्षा एवं अखंडता टीम अस्थायी खातों के संबंध में आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेगी। इस सर्वेक्षण में आपकी भागीदारी हमें यह समझने में सहयता करने में बेहद मूल्यवान होगी कि अस्थायी खाते कितनी अच्छी तरह कार्य कर रहे हैं और हम आगे क्या सुधार कर सकते हैं। इसे पूरा होने में ५ मिनट से अधिक समय नहींं लगना चाहिए। इस सर्वेक्षण की गोपनीयता नीति [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Survey:Temporary_Accounts_Second_Pilot_Feedback_Privacy_Statement|इस लिंक पर देखी जा सकती है]]। इस सर्वेक्षण को पूरा करके, आप गोपनीयता नीति में निर्धारित शर्तों से सहमत होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि हम आपसे संपर्क करें, तो कृपया हमें अपना विकि उपयोगकर्ता नाम बताएँ। '''<big>[https://wikimedia.qualtrics.com/jfe/form/SV_emJJxsotBxVpS18?Q_Language=HI सर्वेक्षण में भाग लें]</big>'''. धन्यवाद!<section end="body" /> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]]</bdi> 00:44, 21 अगस्त 2025 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Quiddity_(WMF)/sandbox4&oldid=29158797 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Quiddity (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == soc == I would like to bring to your attention that [[:en:User:Krishnarthiindia|User:Krishnarthiindia]], previously blocked on English Wikipedia as a sockpuppet of ''MediaTribe'', is currently active on Hindi Wikipedia and creating multiple promotional pages. 🔗 [[सदस्य:Krishnarthiindia|User page on Hindi Wikipedia]] I raised this issue with Hindi Wikipedia administrator सदस्य:संजीव कुमार, but his response suggests that the matter is being overlooked. Our discussion is here: 🔗 Talk page discussion As an example, the article on ''Yohan Poonawalla'' has been repeatedly deleted on English Wikipedia due to COI and promotional issues: * EN: [[:en:Yohan_Poonawalla|Yohan Poonawalla (deleted multiple times)]] * HI: योहान पूनावाला This demonstrates a clear case of cross-wiki paid/COI editing. Further evidence of promotional editing by this user includes: * ''Abhay Singh (Jamshedpur politician)'' (created and later deleted) * ''Anshuman Bhagat'' * ''Yohan Poonawalla'' * ''Ajay Mehgi'' ([https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%8B%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80 ऋतु मेंगी]) Given the user’s established connection to ''MediaTribe'' and a pattern of COI and promotional activity across projects, I kindly request an investigation into their activities on Hindi Wikipedia. [[सदस्य:The BO57!|The BO57!]] ([[सदस्य वार्ता:The BO57!|वार्ता]]) 15:46, 25 सितंबर 2025 (UTC) == अभिनेता गौरव देवासी का पेज बनाने के सन्दर्भ में == अभिनेता गौरव देवासी जो की राजस्थान राज्य में अभिनेता हे और गूगल पर बहुत आर्टिकल उपलब्ध हे.आपसे अनुरोध हे की इनका पेज बनाया जाये [[विशेष:योगदान/&#126;2025-49619-4|&#126;2025-49619-4]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-49619-4|talk]]) 10:16, 3 अक्टूबर 2025 (UTC) == सदस्य:Vedic Art द्वारा बन रहे LLM आधारित पेजों पर चिंता == '''मैं एडमिन्स का ध्यान इस बात पर लाना चाहता हूँ कि सदस्य:Vedic_Art लगातार ऐसे पेज बना रहे हैं जो देखने में AI या LLM से तैयार लगते हैं। इन पेजों में न स्रोत होते हैं, न ढंग की जानकारी, और कई जगह गलतियाँ भी हैं।''' '''साथ ही ये यूज़र “सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव अक्टूबर 2025” वाले पेज-निर्माण कार्यक्रम में भी हिस्सा ले रहे हैं। अगर ऐसे कार्यक्रमों में AI से बने पेज भेजे जाते हैं, तो हिंदी विकिपीडिया की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा।''' '''मेरी मुख्य बातेँ:''' * '''विकिपीडिया का मकसद भरोसेमंद और सत्यापित जानकारी देना है, न कि AI से बना कंटेंट डालना।''' * '''AI के पेज अक्सर बिना स्रोतोँ वाले, गलत या गढ़ी हुई बातें रखते हैं।''' * '''गूगल पर विकिपीडिया की रैंकिंग ऊँची होती है, अगर झूठी या AI से बनी जानकारी जाएगी तो लोग गलतफ़हमी में पड़ेंगे।''' * '''अगर गलत जानकारी फैलती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?''' '''मेरी विनती है कि:''' * '''सदस्य:Vedic_Art के हाल के पेजों की जाँच हो।''' * '''जो पेज सत्यापित नहीं हैं, उन पर कार्रवाई हो।''' * '''साफ किया जाए कि ऐसे AI-जनित पेजों की अनुमति है या नहीं।''' * '''क्या ऐसे यूज़र्स को प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए?''' '''क्या एडमिन लोग इस तरह की गतिविधियों को स्वीकार करते हैं? इस पर साफ राय जरूरी है।''' '''धन्यवाद,''' '''WeSeeAllButNot''' [[सदस्य:WeSeeAllButNot|WeSeeAllButNot]] ([[सदस्य वार्ता:WeSeeAllButNot|वार्ता]]) 17:48, 5 अक्टूबर 2025 (UTC) == Requested Page Moves == To align with the original title name: * Move [[द बैड्स ऑफ बॉलीवुड]] → [[द बा***ड्स ऑफ़ बॉलीवुड]] ** Reason: The current title contains an incorrect word ("बैड्स", "ऑफ"). The proposed title reflects the accurate and original english title name. To correct spelling errors: * Move [[गौरी खान]] → [[गौरी ख़ान]] ** Reason: The current title misspells "ख़ान" as "खान". * Move [[फराह खान]] → [[फ़राह ख़ान]] ** Reason: The current title misspells both "फ़राह" (as "फराह") and "ख़ान" (as "खान"). * Move [[बॉलीवुड हँगामा]] → [[बॉलीवुड हंगामा]] ** Reason: The current title uses an incorrect spelling ("हँगामा"). The proposed title corrects it to the standard spelling "हंगामा". For consistency and commonly accepted spelling: * Move [[इण्डिया टुडे]] → [[इंडिया टुडे]] * Move [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] → [[द टाइम्स ऑफ़ इंडिया]] ** Reason: The current title uses an outdated spelling ("इण्डिया"). The proposed title updates it to the standard and widely used spelling "इंडिया" for consistency. [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 02:05, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:Anoopspeaks|Anoopspeaks]] कृपया संबंधित पृष्ठों के वार्ता पन्नों पर साँचा:नाम बदलें के प्रयोग द्वारा लिखें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ::जी, किया [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 08:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ==युद्ध हाथी पृष्ठ हटाने के संबंध में== नमस्ते SM7 जी। मैंने कल रात में एक पृष्ठ बनाया था [[युद्ध हाथी]] नाम से हालांकि लेख में अभी बहुत काम बाकी था जिसे मैं आज पूरा करने वाला था परंतु आज जब मैंने अपना लेख देखा तो वह आपके द्वारा हटाया जा चुका है। कृपया हटाने का कारण बताएं? धन्यवाद --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 12:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) :नमस्ते @[[सदस्य: रोहित साव27|रोहित जी]], लेख आईपी द्वारा बनाया गया था और लेख में केवल एक वाक्य लिखा हुआ था - "इनका इस्तेमाल युद्ध के लिए होता।" जिसे सदस्य:MathXplore द्वारा परीक्षण पृष्ठ के रूप में शीह नामांकित किया गया था और मैंने इसी मापदंड के तहत हटाया है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:21, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) ::माफी चाहूंगा SM7 जी शायद मेरी ग़लती है क्योंकि कल रात को मैं इस लेख पर काम कर रहा था और करते-करते सो गया था। शायद मैंने सेव नहीं किया होगा। मुझे लगा कि मैंने सेव किया होगा। माफी चाहूंगा शायद मेरी तरफ से ही गलती हुई है। आपका धन्यवाद।--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) == अस्थायी खातों को सूचना भेजना == नमस्ते SM7 जी, मैंने देखा है कि ट्विंकल से किसी लेख को शीह-नामांकित करने पर वो सम्बंधित खातों को सूचना सन्देश भेजता है। आईपी (मोबाइल) पतों से बने खाते को ये सन्देश नहीं भेजे जाते हैं लेकिन वर्तमान में हिन्दी विकिपीडिया पर ऐसे खातों को अस्थायी खातों से बदला जा चुका है और ये टिल्डे (~) से आरम्भ होते हैं। इन अस्थायी खातों पर सन्देश जा रहे हैं। मुझे लगता है कि इन खातों को भी डिफॉल्ट रूप से सन्देश भेजना बंद कर देना चाहिए। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:52, 20 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैं समय मिलते ही इसे देखता हूँ। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 13:27, 21 अक्टूबर 2025 (UTC) == 2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल == नमस्ते SM7 जी, [[2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल]] नामक लेख को पिछले माह @[[सदस्य:TypeInfo|TypeInfo]] जी ने [[वि:शीह#व2|परीक्षण पाठ]] के रूप में नामांकित किया। उनका ये कैसा रौलबैक था, ये तो वो ही बता सकते हैं (अपेक्षा करता हूँ कि वो इसके बारे में बतायेंगे) लेकिन आपने भी बिना इतिहास देखे लेख को हटा दिया। सम्भवतः ये परीक्षण पाठ तो नहीं था और [[:d:Q209222|विकिडाटा आयटम]] से भी जुड़ा हुआ था जहाँ 29 अन्य भाषायें भी सूचीबद्ध हैं। अतः मुझे लगता है यह परीक्षण पाठ के रूप में नहीं हटाना चाहिए था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:09, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, बिना देखे तो नहीं हटाया - यह वैसे ही लिखा हुआ था कि - "अमुक फलाने की लिखी पुस्तक है" और 2009 से बस यही पाठ था। विकिडेटा से जुड़े होने के बावज़ूद यह परीक्षण ही लगा भले उल्लेखनीय हो। आगे आप निर्णय ले सकते हैं कि इसे वापस स्थापित करना है या नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:20, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::मेरे पास कोई उल्लेखनीय स्रोत नहीं है लेकिन निम्नलिखित सामग्री के साथ रखा जा सकता है: :::'''2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल''' (Dichlorophenoxyacetic acid) एक [[कार्बनिक यौगिक]] है जिसका रासायनिक सूत्र {{chem|C|8|H|6|Cl|2|O|3}} है। इसे अक्सर इसके [[ISO|आईएसओ]] सामान्य नाम '''2,4-डी''' कहा जाता है। यह प्रणालीगत [[शाकनाशक]] है जो अधिकतर चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार को नष्ट करने का काम करता है लेकिन [[खाद्यान्न]], [[घास|दूब]] और [[घासभूमि]] जैसे पौधे इससे अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। :::2,4-डी दुनिया के सबसे पुराने और सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध शाकनाशी रसायनों में से एक है जो सन् 1945 से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। वर्तमान में कई रासायनिक कंपनियों द्वारा इसका उत्पादन किया जाता है क्योंकि इसका पेटेंट बहुत पहले समाप्त हो चुका है। यह कई व्यावसायिक लॉन शाकनाशी मिश्रणों में पाया जाता है और अनाज की फसलों, चरागाहों और बागों में खरपतवारनाशक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। 1,500 से ज़्यादा शाकनाशी उत्पादों में सक्रिय घटक के रूप में 2,4-डी होता है। ::आवश्यक हो तो उपरोक्त सामग्री के साथ स्रोतहीन का टैग रख सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:03, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, वो तो [[1,4-डाइमिथाइलबेंजिन]] टाइप के लेख भी एक लाइन के साथ स्रोतहीन का टैग लगा के रखे हुए ही हैं। मेरी कोई हार्दिक इच्छा नहीं। यदि कोई इसे परीक्षण कह के शीह कर दे तो मैं इसे भी हटा ही दूँगा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:21, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::::मेरी भी ऐसी कोई इच्छा नहीं है लेकिन इस तरह के 10 हज़ार पृष्ठ [[विशेष:छोटे_पृष्ठ|यहाँ]] सूचीबद्ध हैं। आप बार-बार मुझे परीक्षण पृष्ठ कहने पर डांट चुके हो, लेकिन अब आप भी उसी के साथ जुड़े हो। इन सभी को यदि हटाना है तो [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा]] करके हटाया जा सकता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:08, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप उल्टा कह रहे हैं। जैसा कि आप ख़ुद बता रहे - ''आप'' बार-बार ऐसे पृष्ठ परीक्षण कह के नामांकित कर चुके हैं और देख-देख के और हटा-हटा के जब मैंने एक ऐसा ही पृष्ठ किसी दूसरे के नामांकन पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हटा ही दिया तो, अब, आप कह रहे कि वो परीक्षण नहीं था। तो आप ही बताइये कि मैं कहाँ स्टैंड लूँ? मुझे नहीं पता कि हहेच में रखा जाय तो इन्हें हटाने पे ही सहमति बनेगी या नहीं; यह पहले से प्रेडिक्शन करना मुश्किल है। एक ही तरीका बचता है कि शीह-परीक्षण की नियमावली को शब्दशः अनुसरित करें 'स्फद्घ्झा स्झाज्घ' जैसे कुछ लिखा हो केवल तभी उसे परीक्षण मान के हटायें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 04:23, 13 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::वो अर्थहीन सामग्री में आता है। परीक्षण में वो लेख भी शामिल होते हैं जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन जाते हैं। 15 वर्ष पुराने लेख को इस श्रेणी में कैसे रख सकते हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:07, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] यानी आप तैयार हैं कि केवल उन्हीं लेखों को परीक्षण के मापदंड के तहत नामांकित किया जाए जो - "जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन..." गए हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:17, 14 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::::मैं तो सदैव ही तैयार था लेकिन जब चर्चायें बिना किसी चर्चा के वर्षों तक चलने लगी और शीह में भी महिनों का समय लगने लगा तब मैं ऐसे हटाने लगा था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 11:52, 14 नवम्बर 2025 (UTC) == नए साल की शुभकामनाएँ == <div style="background:#E8F5E9; padding:10px; border:1px solid #81C784; border-radius:6px;"> '''SM7 जी, नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!''' यह नया साल आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा स्वास्थ्य, सफलता और सुख-समृद्धि लेकर आए। [[File:Everlasting Fireworks looped.gif|left|x173px]] हिंदी विकिपीडिया पर आपके योगदान के लिए धन्यवाद। [[सदस्य:Chronos.Zx|<span style="color:blue; font-weight:bold;">क्रोनोस.Zx</span>]] ([[सदस्य वार्ता:Chronos.Zx|वार्ता]]) 13:15, 1 जनवरी 2026 (UTC) </div> :@[[सदस्य:Chronos.Zx|Chronos.Zx]] जी, बहुत-बहुत धन्यवाद। आपको भी नववर्ष अत्यंत मंगलमय हो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:24, 2 जनवरी 2026 (UTC) == विशेष: कार्यक्रम आयोजक अधिकार == नमस्ते [[सदस्य:SM7|SM7]], आप मुझे कार्यक्रम आयोजक के अधिकार के आवेदन दर्ज करने के लिए पृष्ठ बताने के कृपा करे | [[सदस्य:Dev Jadiya|Dev Jadiya]] ([[सदस्य वार्ता:Dev Jadiya|वार्ता]]) 09:08, 18 मार्च 2026 (UTC) == जांच == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] के अभी के कुछ संपादनों को जांच लें <br> धन्यवाद, [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:48, 1 अप्रैल 2026 (UTC) :किसी से पूछने से पहले इंग्लिश विकिपीडिया पर ज़रूर जाएँ अथवा समाचार पढ़कर अपना ज्ञानवर्धन करें| [[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] ([[सदस्य वार्ता:Ankit231132|वार्ता]]) 14:36, 1 अप्रैल 2026 (UTC) == एक सदस्य को अवरोधित करने का नामांकन == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] को बहुत बार चेतावनी दे चुका हूं पर अपमानजनक सम्पादन कर रहे है, कृपया आप इस पर संज्ञान लें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:16, 5 अप्रैल 2026 (UTC) == मदद == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, सदस्य @[[सदस्य:~2026-21206-80|~2026-21206-80]] बार बार प्रचार सम्पादन कर रहा है| केवल इनके लिए ही नहीं बल्कि और भी सदस्यों के लिए बताए [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:06, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == व7 के अंतर्गत हटाए गए लेख के पुनर्विचार हेतु अनुरोध == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, मैं आपको [[कमलेश कमल]] लेख के संबंध में लिख रहा हूँ जिसे आपने [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]] के अंतर्गत हटाया था। जब लेख को शीघ्र हटाने के लिए चिह्नित किया गया, तब मैंने तुरंत उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए आवश्यक बदलाव किए। मैंने पूरे लेख में महत्वपूर्ण सुधार किए, जिसमें प्रचारात्मक और प्रशंसात्मक भाषा हटाना, सामग्री को निष्पक्ष दृष्टिकोण (neutral point of view) में दोबारा लिखना, और इसे अधिक विश्वकोशीय बनाने के लिए विस्तार करना शामिल था। मेरा मानना है कि संशोधित संस्करण अब प्रचारात्मक नहीं था, या कम से कम इतना नहीं कि उसे व7 के अंतर्गत हटाया जाए। मैंने इन परिवर्तनों का उल्लेख लेख के वार्ता पृष्ठ पर भी किया था। मेरी समझ के अनुसार, व7 उन पृष्ठों पर लागू होता है जो पूरी तरह से प्रचारात्मक होते हैं और जिनमें सुधार की संभावना नहीं होती। किए गए सुधारों को देखते हुए, आपसे निवेदन है कि कृपया लेख को पुनर्स्थापित करने पर विचार करें। साथ ही, यदि कोई अन्य कमी या समस्या शेष हो, तो कृपया उसे बताने का कष्ट करें ताकि मैं सामग्री में और सुधार कर सकूँ। [[सदस्य:BBBhagwati|BBBhagwati]] ([[सदस्य वार्ता:BBBhagwati|वार्ता]]) 16:41, 7 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:29, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == पिण्डार या पिण्डर नदी == नमस्ते SM7 जी, मैं आज [[पिण्डार नदी]] नामक लेख पर देख रहा हूँ कि आपने इसके समकक्ष भोजपुरी लेख निर्मित किया। वहाँ आपने शीर्षक में "पिण्डार" के स्थान पर "पिंडर" रखा। इस हिसाब से यहाँ भी "पिण्डर नदी" या "पिंडर नदी" होना चाहिए। यदि आपको सही लगता है तो यह स्थानान्तरण कर देना चाहिए। मुझे इसकी सही जानकारी नहीं है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:36, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, अब जांचा तो कुछ उदाहरण मिले :*[https://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-garhwal-pindar-river-water-poured-into-kumaon-kosi-river-jal-jeevan-mission-6775827.html लाइव हिन्दुस्तान] :* [https://www.jagran.com/uttarakhand/almora-pindar-river-water-advocates-for-release-in-nonviolent-rivers-19447355.html दैनिक जागरण] :* [https://www.drishtiias.com/hindi/state-pcs-current-affairs/pindari-glacier-to-make-kumaon-s-drying-rivers-sadaneera दृष्टि आईएएस] :इन संदर्भों के अनुसार इसका नाम स्थानांतरण करके [[पिंडर नदी]] करना चाहिए| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 18:56, 14 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] हाँ, इसके नाम में ड पर आ की मात्रा नहीं है। मैं इस नदी का पानी भी पी चुका हूँ, पर मेरी हिम्मत नहीं कि मैं आधा ण हटाऊँ। यह विवादास्पद बदलाव लेख के वार्ता पन्ने पे चर्चा के बाद पर्याप्त समर्थन से किया जाय तो बेहतर होगा। सादर। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 08:37, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी, चर्चा के बिना मैं स्थानान्तरित कर सकता हूँ। बाकी आप चाहो तो चर्चा भी आरम्भ कर सकते हैं। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपने जो स्रोत दिये हैं उनमें पिंडर और पिंडार दोनों लिखे हैं। इसके अतिरिक्त दृष्टि आईएएस वाला स्रोत विश्वसनीय नहीं है जबकि समाचार वाले भी एकरूप नहीं होने के कारण उचित नहीं माने जा सकते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:41, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::कृपया {{tlx|virusbox}} को भी देखें। इसे आपने बहुत पहले आयात किया था लेकिन सम्बंधित मोड्यूल का आयात नहीं किया गया। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी ने {{tlx|विषाणु}} क्यों निर्मित किया है, मुझे इसका कोई कारण समझ में नहीं आया। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:45, 15 अप्रैल 2026 (UTC) iix1p2k09ls36exgd3xrimmypmfwgjg 6540944 6540943 2026-04-15T13:55:44Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* पिण्डार या पिण्डर नदी */ उत्तर 6540944 wikitext text/x-wiki <!-- Please do NOT delete this line. Thanks! -->{{/header}} <!-- कृपया इस लाइन और ऊपर की लाइन को को न हटायें, धन्यवाद !--> साले नीच वामपंथी कुत्ते == हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ "राजकुमार वर्मा" को नही हटाना चाहिए था। == मै हिंदी विकिपीडिया का ३ साल से सक्रिय सदस्य हूं और संपादन कार्य कर रहा हूं। मैने एक हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ " राजकुमार वर्मा" बनाया था जिसमें किसी भी प्रकार का प्रचार कार्य नहीं था, और जब पृष्ठ को हटाने के लिए नामांकित किया गया तब उसके प्रति स्पष्ट जवाब भी दिया गया था कि पृष्ठ को क्यों नहीं हटाना चाहिए, फिर भी आपने पृष्ठ को हटा ही दिया। आपको अधिकार मिले हैं तो उसका दुरुपयोग न करें , मेरे द्वारा निर्मित पृष्ठ में किसी भी प्रकार की प्रचार संबंधी लेख या सामग्री नहीं है। अतः मेरे पृष्ठ को पुनः वापस लाएं।। [[सदस्य:धनंजय अहीर|धनंजय अहीर]] ([[सदस्य वार्ता:धनंजय अहीर|वार्ता]]) 16:58, 7 मार्च 2025 (UTC)धनंजय अहीर == महाराज जी == नमस्ते SM7, पिछले कई सालों से आप अपने अधिकार का हिंदी विकिपीडिया पर दुरूपयोग कर रहे हैं। जिसका बिल्कुल सही उधारन है प्रेमानंद महाराज जी। कोशिश तो आपने बहुत की इसे ([[प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज]]) डिलीट करने की, लेकिन महाराज जी का चमत्कार देखिए, उनके किसी चाहने वाले ने बना ही दिया। और आप कुछ भी ना कर पाये । और ना कर पायेंगे । [[विशेष:योगदान/&#126;2025-128983|&#126;2025-128983]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-128983|talk]]) 16:02, 4 जुलाई 2025 (UTC) == हम अस्थायी खातों के साथ आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेंगे == <section begin="body" /> उत्पाद सुरक्षा एवं अखंडता टीम अस्थायी खातों के संबंध में आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेगी। इस सर्वेक्षण में आपकी भागीदारी हमें यह समझने में सहयता करने में बेहद मूल्यवान होगी कि अस्थायी खाते कितनी अच्छी तरह कार्य कर रहे हैं और हम आगे क्या सुधार कर सकते हैं। इसे पूरा होने में ५ मिनट से अधिक समय नहींं लगना चाहिए। इस सर्वेक्षण की गोपनीयता नीति [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Survey:Temporary_Accounts_Second_Pilot_Feedback_Privacy_Statement|इस लिंक पर देखी जा सकती है]]। इस सर्वेक्षण को पूरा करके, आप गोपनीयता नीति में निर्धारित शर्तों से सहमत होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि हम आपसे संपर्क करें, तो कृपया हमें अपना विकि उपयोगकर्ता नाम बताएँ। '''<big>[https://wikimedia.qualtrics.com/jfe/form/SV_emJJxsotBxVpS18?Q_Language=HI सर्वेक्षण में भाग लें]</big>'''. धन्यवाद!<section end="body" /> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]]</bdi> 00:44, 21 अगस्त 2025 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Quiddity_(WMF)/sandbox4&oldid=29158797 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Quiddity (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == soc == I would like to bring to your attention that [[:en:User:Krishnarthiindia|User:Krishnarthiindia]], previously blocked on English Wikipedia as a sockpuppet of ''MediaTribe'', is currently active on Hindi Wikipedia and creating multiple promotional pages. 🔗 [[सदस्य:Krishnarthiindia|User page on Hindi Wikipedia]] I raised this issue with Hindi Wikipedia administrator सदस्य:संजीव कुमार, but his response suggests that the matter is being overlooked. Our discussion is here: 🔗 Talk page discussion As an example, the article on ''Yohan Poonawalla'' has been repeatedly deleted on English Wikipedia due to COI and promotional issues: * EN: [[:en:Yohan_Poonawalla|Yohan Poonawalla (deleted multiple times)]] * HI: योहान पूनावाला This demonstrates a clear case of cross-wiki paid/COI editing. Further evidence of promotional editing by this user includes: * ''Abhay Singh (Jamshedpur politician)'' (created and later deleted) * ''Anshuman Bhagat'' * ''Yohan Poonawalla'' * ''Ajay Mehgi'' ([https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%8B%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80 ऋतु मेंगी]) Given the user’s established connection to ''MediaTribe'' and a pattern of COI and promotional activity across projects, I kindly request an investigation into their activities on Hindi Wikipedia. [[सदस्य:The BO57!|The BO57!]] ([[सदस्य वार्ता:The BO57!|वार्ता]]) 15:46, 25 सितंबर 2025 (UTC) == अभिनेता गौरव देवासी का पेज बनाने के सन्दर्भ में == अभिनेता गौरव देवासी जो की राजस्थान राज्य में अभिनेता हे और गूगल पर बहुत आर्टिकल उपलब्ध हे.आपसे अनुरोध हे की इनका पेज बनाया जाये [[विशेष:योगदान/&#126;2025-49619-4|&#126;2025-49619-4]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-49619-4|talk]]) 10:16, 3 अक्टूबर 2025 (UTC) == सदस्य:Vedic Art द्वारा बन रहे LLM आधारित पेजों पर चिंता == '''मैं एडमिन्स का ध्यान इस बात पर लाना चाहता हूँ कि सदस्य:Vedic_Art लगातार ऐसे पेज बना रहे हैं जो देखने में AI या LLM से तैयार लगते हैं। इन पेजों में न स्रोत होते हैं, न ढंग की जानकारी, और कई जगह गलतियाँ भी हैं।''' '''साथ ही ये यूज़र “सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव अक्टूबर 2025” वाले पेज-निर्माण कार्यक्रम में भी हिस्सा ले रहे हैं। अगर ऐसे कार्यक्रमों में AI से बने पेज भेजे जाते हैं, तो हिंदी विकिपीडिया की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा।''' '''मेरी मुख्य बातेँ:''' * '''विकिपीडिया का मकसद भरोसेमंद और सत्यापित जानकारी देना है, न कि AI से बना कंटेंट डालना।''' * '''AI के पेज अक्सर बिना स्रोतोँ वाले, गलत या गढ़ी हुई बातें रखते हैं।''' * '''गूगल पर विकिपीडिया की रैंकिंग ऊँची होती है, अगर झूठी या AI से बनी जानकारी जाएगी तो लोग गलतफ़हमी में पड़ेंगे।''' * '''अगर गलत जानकारी फैलती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?''' '''मेरी विनती है कि:''' * '''सदस्य:Vedic_Art के हाल के पेजों की जाँच हो।''' * '''जो पेज सत्यापित नहीं हैं, उन पर कार्रवाई हो।''' * '''साफ किया जाए कि ऐसे AI-जनित पेजों की अनुमति है या नहीं।''' * '''क्या ऐसे यूज़र्स को प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए?''' '''क्या एडमिन लोग इस तरह की गतिविधियों को स्वीकार करते हैं? इस पर साफ राय जरूरी है।''' '''धन्यवाद,''' '''WeSeeAllButNot''' [[सदस्य:WeSeeAllButNot|WeSeeAllButNot]] ([[सदस्य वार्ता:WeSeeAllButNot|वार्ता]]) 17:48, 5 अक्टूबर 2025 (UTC) == Requested Page Moves == To align with the original title name: * Move [[द बैड्स ऑफ बॉलीवुड]] → [[द बा***ड्स ऑफ़ बॉलीवुड]] ** Reason: The current title contains an incorrect word ("बैड्स", "ऑफ"). The proposed title reflects the accurate and original english title name. To correct spelling errors: * Move [[गौरी खान]] → [[गौरी ख़ान]] ** Reason: The current title misspells "ख़ान" as "खान". * Move [[फराह खान]] → [[फ़राह ख़ान]] ** Reason: The current title misspells both "फ़राह" (as "फराह") and "ख़ान" (as "खान"). * Move [[बॉलीवुड हँगामा]] → [[बॉलीवुड हंगामा]] ** Reason: The current title uses an incorrect spelling ("हँगामा"). The proposed title corrects it to the standard spelling "हंगामा". For consistency and commonly accepted spelling: * Move [[इण्डिया टुडे]] → [[इंडिया टुडे]] * Move [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] → [[द टाइम्स ऑफ़ इंडिया]] ** Reason: The current title uses an outdated spelling ("इण्डिया"). The proposed title updates it to the standard and widely used spelling "इंडिया" for consistency. [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 02:05, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:Anoopspeaks|Anoopspeaks]] कृपया संबंधित पृष्ठों के वार्ता पन्नों पर साँचा:नाम बदलें के प्रयोग द्वारा लिखें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ::जी, किया [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 08:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ==युद्ध हाथी पृष्ठ हटाने के संबंध में== नमस्ते SM7 जी। मैंने कल रात में एक पृष्ठ बनाया था [[युद्ध हाथी]] नाम से हालांकि लेख में अभी बहुत काम बाकी था जिसे मैं आज पूरा करने वाला था परंतु आज जब मैंने अपना लेख देखा तो वह आपके द्वारा हटाया जा चुका है। कृपया हटाने का कारण बताएं? धन्यवाद --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 12:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) :नमस्ते @[[सदस्य: रोहित साव27|रोहित जी]], लेख आईपी द्वारा बनाया गया था और लेख में केवल एक वाक्य लिखा हुआ था - "इनका इस्तेमाल युद्ध के लिए होता।" जिसे सदस्य:MathXplore द्वारा परीक्षण पृष्ठ के रूप में शीह नामांकित किया गया था और मैंने इसी मापदंड के तहत हटाया है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:21, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) ::माफी चाहूंगा SM7 जी शायद मेरी ग़लती है क्योंकि कल रात को मैं इस लेख पर काम कर रहा था और करते-करते सो गया था। शायद मैंने सेव नहीं किया होगा। मुझे लगा कि मैंने सेव किया होगा। माफी चाहूंगा शायद मेरी तरफ से ही गलती हुई है। आपका धन्यवाद।--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) == अस्थायी खातों को सूचना भेजना == नमस्ते SM7 जी, मैंने देखा है कि ट्विंकल से किसी लेख को शीह-नामांकित करने पर वो सम्बंधित खातों को सूचना सन्देश भेजता है। आईपी (मोबाइल) पतों से बने खाते को ये सन्देश नहीं भेजे जाते हैं लेकिन वर्तमान में हिन्दी विकिपीडिया पर ऐसे खातों को अस्थायी खातों से बदला जा चुका है और ये टिल्डे (~) से आरम्भ होते हैं। इन अस्थायी खातों पर सन्देश जा रहे हैं। मुझे लगता है कि इन खातों को भी डिफॉल्ट रूप से सन्देश भेजना बंद कर देना चाहिए। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:52, 20 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैं समय मिलते ही इसे देखता हूँ। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 13:27, 21 अक्टूबर 2025 (UTC) == 2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल == नमस्ते SM7 जी, [[2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल]] नामक लेख को पिछले माह @[[सदस्य:TypeInfo|TypeInfo]] जी ने [[वि:शीह#व2|परीक्षण पाठ]] के रूप में नामांकित किया। उनका ये कैसा रौलबैक था, ये तो वो ही बता सकते हैं (अपेक्षा करता हूँ कि वो इसके बारे में बतायेंगे) लेकिन आपने भी बिना इतिहास देखे लेख को हटा दिया। सम्भवतः ये परीक्षण पाठ तो नहीं था और [[:d:Q209222|विकिडाटा आयटम]] से भी जुड़ा हुआ था जहाँ 29 अन्य भाषायें भी सूचीबद्ध हैं। अतः मुझे लगता है यह परीक्षण पाठ के रूप में नहीं हटाना चाहिए था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:09, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, बिना देखे तो नहीं हटाया - यह वैसे ही लिखा हुआ था कि - "अमुक फलाने की लिखी पुस्तक है" और 2009 से बस यही पाठ था। विकिडेटा से जुड़े होने के बावज़ूद यह परीक्षण ही लगा भले उल्लेखनीय हो। आगे आप निर्णय ले सकते हैं कि इसे वापस स्थापित करना है या नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:20, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::मेरे पास कोई उल्लेखनीय स्रोत नहीं है लेकिन निम्नलिखित सामग्री के साथ रखा जा सकता है: :::'''2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल''' (Dichlorophenoxyacetic acid) एक [[कार्बनिक यौगिक]] है जिसका रासायनिक सूत्र {{chem|C|8|H|6|Cl|2|O|3}} है। इसे अक्सर इसके [[ISO|आईएसओ]] सामान्य नाम '''2,4-डी''' कहा जाता है। यह प्रणालीगत [[शाकनाशक]] है जो अधिकतर चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार को नष्ट करने का काम करता है लेकिन [[खाद्यान्न]], [[घास|दूब]] और [[घासभूमि]] जैसे पौधे इससे अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। :::2,4-डी दुनिया के सबसे पुराने और सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध शाकनाशी रसायनों में से एक है जो सन् 1945 से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। वर्तमान में कई रासायनिक कंपनियों द्वारा इसका उत्पादन किया जाता है क्योंकि इसका पेटेंट बहुत पहले समाप्त हो चुका है। यह कई व्यावसायिक लॉन शाकनाशी मिश्रणों में पाया जाता है और अनाज की फसलों, चरागाहों और बागों में खरपतवारनाशक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। 1,500 से ज़्यादा शाकनाशी उत्पादों में सक्रिय घटक के रूप में 2,4-डी होता है। ::आवश्यक हो तो उपरोक्त सामग्री के साथ स्रोतहीन का टैग रख सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:03, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, वो तो [[1,4-डाइमिथाइलबेंजिन]] टाइप के लेख भी एक लाइन के साथ स्रोतहीन का टैग लगा के रखे हुए ही हैं। मेरी कोई हार्दिक इच्छा नहीं। यदि कोई इसे परीक्षण कह के शीह कर दे तो मैं इसे भी हटा ही दूँगा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:21, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::::मेरी भी ऐसी कोई इच्छा नहीं है लेकिन इस तरह के 10 हज़ार पृष्ठ [[विशेष:छोटे_पृष्ठ|यहाँ]] सूचीबद्ध हैं। आप बार-बार मुझे परीक्षण पृष्ठ कहने पर डांट चुके हो, लेकिन अब आप भी उसी के साथ जुड़े हो। इन सभी को यदि हटाना है तो [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा]] करके हटाया जा सकता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:08, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप उल्टा कह रहे हैं। जैसा कि आप ख़ुद बता रहे - ''आप'' बार-बार ऐसे पृष्ठ परीक्षण कह के नामांकित कर चुके हैं और देख-देख के और हटा-हटा के जब मैंने एक ऐसा ही पृष्ठ किसी दूसरे के नामांकन पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हटा ही दिया तो, अब, आप कह रहे कि वो परीक्षण नहीं था। तो आप ही बताइये कि मैं कहाँ स्टैंड लूँ? मुझे नहीं पता कि हहेच में रखा जाय तो इन्हें हटाने पे ही सहमति बनेगी या नहीं; यह पहले से प्रेडिक्शन करना मुश्किल है। एक ही तरीका बचता है कि शीह-परीक्षण की नियमावली को शब्दशः अनुसरित करें 'स्फद्घ्झा स्झाज्घ' जैसे कुछ लिखा हो केवल तभी उसे परीक्षण मान के हटायें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 04:23, 13 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::वो अर्थहीन सामग्री में आता है। परीक्षण में वो लेख भी शामिल होते हैं जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन जाते हैं। 15 वर्ष पुराने लेख को इस श्रेणी में कैसे रख सकते हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:07, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] यानी आप तैयार हैं कि केवल उन्हीं लेखों को परीक्षण के मापदंड के तहत नामांकित किया जाए जो - "जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन..." गए हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:17, 14 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::::मैं तो सदैव ही तैयार था लेकिन जब चर्चायें बिना किसी चर्चा के वर्षों तक चलने लगी और शीह में भी महिनों का समय लगने लगा तब मैं ऐसे हटाने लगा था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 11:52, 14 नवम्बर 2025 (UTC) == नए साल की शुभकामनाएँ == <div style="background:#E8F5E9; padding:10px; border:1px solid #81C784; border-radius:6px;"> '''SM7 जी, नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!''' यह नया साल आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा स्वास्थ्य, सफलता और सुख-समृद्धि लेकर आए। [[File:Everlasting Fireworks looped.gif|left|x173px]] हिंदी विकिपीडिया पर आपके योगदान के लिए धन्यवाद। [[सदस्य:Chronos.Zx|<span style="color:blue; font-weight:bold;">क्रोनोस.Zx</span>]] ([[सदस्य वार्ता:Chronos.Zx|वार्ता]]) 13:15, 1 जनवरी 2026 (UTC) </div> :@[[सदस्य:Chronos.Zx|Chronos.Zx]] जी, बहुत-बहुत धन्यवाद। आपको भी नववर्ष अत्यंत मंगलमय हो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:24, 2 जनवरी 2026 (UTC) == विशेष: कार्यक्रम आयोजक अधिकार == नमस्ते [[सदस्य:SM7|SM7]], आप मुझे कार्यक्रम आयोजक के अधिकार के आवेदन दर्ज करने के लिए पृष्ठ बताने के कृपा करे | [[सदस्य:Dev Jadiya|Dev Jadiya]] ([[सदस्य वार्ता:Dev Jadiya|वार्ता]]) 09:08, 18 मार्च 2026 (UTC) == जांच == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] के अभी के कुछ संपादनों को जांच लें <br> धन्यवाद, [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:48, 1 अप्रैल 2026 (UTC) :किसी से पूछने से पहले इंग्लिश विकिपीडिया पर ज़रूर जाएँ अथवा समाचार पढ़कर अपना ज्ञानवर्धन करें| [[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] ([[सदस्य वार्ता:Ankit231132|वार्ता]]) 14:36, 1 अप्रैल 2026 (UTC) == एक सदस्य को अवरोधित करने का नामांकन == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] को बहुत बार चेतावनी दे चुका हूं पर अपमानजनक सम्पादन कर रहे है, कृपया आप इस पर संज्ञान लें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:16, 5 अप्रैल 2026 (UTC) == मदद == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, सदस्य @[[सदस्य:~2026-21206-80|~2026-21206-80]] बार बार प्रचार सम्पादन कर रहा है| केवल इनके लिए ही नहीं बल्कि और भी सदस्यों के लिए बताए [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:06, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == व7 के अंतर्गत हटाए गए लेख के पुनर्विचार हेतु अनुरोध == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, मैं आपको [[कमलेश कमल]] लेख के संबंध में लिख रहा हूँ जिसे आपने [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]] के अंतर्गत हटाया था। जब लेख को शीघ्र हटाने के लिए चिह्नित किया गया, तब मैंने तुरंत उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए आवश्यक बदलाव किए। मैंने पूरे लेख में महत्वपूर्ण सुधार किए, जिसमें प्रचारात्मक और प्रशंसात्मक भाषा हटाना, सामग्री को निष्पक्ष दृष्टिकोण (neutral point of view) में दोबारा लिखना, और इसे अधिक विश्वकोशीय बनाने के लिए विस्तार करना शामिल था। मेरा मानना है कि संशोधित संस्करण अब प्रचारात्मक नहीं था, या कम से कम इतना नहीं कि उसे व7 के अंतर्गत हटाया जाए। मैंने इन परिवर्तनों का उल्लेख लेख के वार्ता पृष्ठ पर भी किया था। मेरी समझ के अनुसार, व7 उन पृष्ठों पर लागू होता है जो पूरी तरह से प्रचारात्मक होते हैं और जिनमें सुधार की संभावना नहीं होती। किए गए सुधारों को देखते हुए, आपसे निवेदन है कि कृपया लेख को पुनर्स्थापित करने पर विचार करें। साथ ही, यदि कोई अन्य कमी या समस्या शेष हो, तो कृपया उसे बताने का कष्ट करें ताकि मैं सामग्री में और सुधार कर सकूँ। [[सदस्य:BBBhagwati|BBBhagwati]] ([[सदस्य वार्ता:BBBhagwati|वार्ता]]) 16:41, 7 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:29, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == पिण्डार या पिण्डर नदी == नमस्ते SM7 जी, मैं आज [[पिण्डार नदी]] नामक लेख पर देख रहा हूँ कि आपने इसके समकक्ष भोजपुरी लेख निर्मित किया। वहाँ आपने शीर्षक में "पिण्डार" के स्थान पर "पिंडर" रखा। इस हिसाब से यहाँ भी "पिण्डर नदी" या "पिंडर नदी" होना चाहिए। यदि आपको सही लगता है तो यह स्थानान्तरण कर देना चाहिए। मुझे इसकी सही जानकारी नहीं है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:36, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, अब जांचा तो कुछ उदाहरण मिले :*[https://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-garhwal-pindar-river-water-poured-into-kumaon-kosi-river-jal-jeevan-mission-6775827.html लाइव हिन्दुस्तान] :* [https://www.jagran.com/uttarakhand/almora-pindar-river-water-advocates-for-release-in-nonviolent-rivers-19447355.html दैनिक जागरण] :* [https://www.drishtiias.com/hindi/state-pcs-current-affairs/pindari-glacier-to-make-kumaon-s-drying-rivers-sadaneera दृष्टि आईएएस] :इन संदर्भों के अनुसार इसका नाम स्थानांतरण करके [[पिंडर नदी]] करना चाहिए| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 18:56, 14 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] हाँ, इसके नाम में ड पर आ की मात्रा नहीं है। मैं इस नदी का पानी भी पी चुका हूँ, पर मेरी हिम्मत नहीं कि मैं आधा ण हटाऊँ। यह विवादास्पद बदलाव लेख के वार्ता पन्ने पे चर्चा के बाद पर्याप्त समर्थन से किया जाय तो बेहतर होगा। सादर। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 08:37, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी, चर्चा के बिना मैं स्थानान्तरित कर सकता हूँ। बाकी आप चाहो तो चर्चा भी आरम्भ कर सकते हैं। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपने जो स्रोत दिये हैं उनमें पिंडर और पिंडार दोनों लिखे हैं। इसके अतिरिक्त दृष्टि आईएएस वाला स्रोत विश्वसनीय नहीं है जबकि समाचार वाले भी एकरूप नहीं होने के कारण उचित नहीं माने जा सकते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:41, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::कृपया {{tlx|virusbox}} को भी देखें। इसे आपने बहुत पहले आयात किया था लेकिन सम्बंधित मोड्यूल का आयात नहीं किया गया। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी ने {{tlx|विषाणु}} क्यों निर्मित किया है, मुझे इसका कोई कारण समझ में नहीं आया। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:45, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप स्थानान्तरित कर सकते है। खोजने पर काफ़ी विश्वसनीय स्रोत है, जिन में '''पिंडर नदी''' ही लिखा है। [https://www.google.co.th/books/edition/Prachin_Madhya_Himalaya_izkphu_e_fgeky/SeKkhjTwMbcC?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA8&printsec=frontcover], [https://www.google.co.th/books/edition/2026_27_UKPSV_UKSSSC_Special_General_Stu/YOS4EQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA132&printsec=frontcover], [https://www.google.co.th/books/edition/Aao_Karen_Himalaya_Mein_Trekking/qfVzBQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA95&printsec=frontcover] <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:55, 15 अप्रैल 2026 (UTC) 0e9bg4y5sw6vl6q8bg2zo3ilfv05b0s 6540946 6540944 2026-04-15T13:58:08Z AMAN KUMAR 911487 /* पिण्डार या पिण्डर नदी */ उत्तर 6540946 wikitext text/x-wiki <!-- Please do NOT delete this line. Thanks! -->{{/header}} <!-- कृपया इस लाइन और ऊपर की लाइन को को न हटायें, धन्यवाद !--> साले नीच वामपंथी कुत्ते == हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ "राजकुमार वर्मा" को नही हटाना चाहिए था। == मै हिंदी विकिपीडिया का ३ साल से सक्रिय सदस्य हूं और संपादन कार्य कर रहा हूं। मैने एक हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ " राजकुमार वर्मा" बनाया था जिसमें किसी भी प्रकार का प्रचार कार्य नहीं था, और जब पृष्ठ को हटाने के लिए नामांकित किया गया तब उसके प्रति स्पष्ट जवाब भी दिया गया था कि पृष्ठ को क्यों नहीं हटाना चाहिए, फिर भी आपने पृष्ठ को हटा ही दिया। आपको अधिकार मिले हैं तो उसका दुरुपयोग न करें , मेरे द्वारा निर्मित पृष्ठ में किसी भी प्रकार की प्रचार संबंधी लेख या सामग्री नहीं है। अतः मेरे पृष्ठ को पुनः वापस लाएं।। [[सदस्य:धनंजय अहीर|धनंजय अहीर]] ([[सदस्य वार्ता:धनंजय अहीर|वार्ता]]) 16:58, 7 मार्च 2025 (UTC)धनंजय अहीर == महाराज जी == नमस्ते SM7, पिछले कई सालों से आप अपने अधिकार का हिंदी विकिपीडिया पर दुरूपयोग कर रहे हैं। जिसका बिल्कुल सही उधारन है प्रेमानंद महाराज जी। कोशिश तो आपने बहुत की इसे ([[प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज]]) डिलीट करने की, लेकिन महाराज जी का चमत्कार देखिए, उनके किसी चाहने वाले ने बना ही दिया। और आप कुछ भी ना कर पाये । और ना कर पायेंगे । [[विशेष:योगदान/&#126;2025-128983|&#126;2025-128983]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-128983|talk]]) 16:02, 4 जुलाई 2025 (UTC) == हम अस्थायी खातों के साथ आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेंगे == <section begin="body" /> उत्पाद सुरक्षा एवं अखंडता टीम अस्थायी खातों के संबंध में आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेगी। इस सर्वेक्षण में आपकी भागीदारी हमें यह समझने में सहयता करने में बेहद मूल्यवान होगी कि अस्थायी खाते कितनी अच्छी तरह कार्य कर रहे हैं और हम आगे क्या सुधार कर सकते हैं। इसे पूरा होने में ५ मिनट से अधिक समय नहींं लगना चाहिए। इस सर्वेक्षण की गोपनीयता नीति [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Survey:Temporary_Accounts_Second_Pilot_Feedback_Privacy_Statement|इस लिंक पर देखी जा सकती है]]। इस सर्वेक्षण को पूरा करके, आप गोपनीयता नीति में निर्धारित शर्तों से सहमत होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि हम आपसे संपर्क करें, तो कृपया हमें अपना विकि उपयोगकर्ता नाम बताएँ। '''<big>[https://wikimedia.qualtrics.com/jfe/form/SV_emJJxsotBxVpS18?Q_Language=HI सर्वेक्षण में भाग लें]</big>'''. धन्यवाद!<section end="body" /> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]]</bdi> 00:44, 21 अगस्त 2025 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Quiddity_(WMF)/sandbox4&oldid=29158797 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Quiddity (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == soc == I would like to bring to your attention that [[:en:User:Krishnarthiindia|User:Krishnarthiindia]], previously blocked on English Wikipedia as a sockpuppet of ''MediaTribe'', is currently active on Hindi Wikipedia and creating multiple promotional pages. 🔗 [[सदस्य:Krishnarthiindia|User page on Hindi Wikipedia]] I raised this issue with Hindi Wikipedia administrator सदस्य:संजीव कुमार, but his response suggests that the matter is being overlooked. Our discussion is here: 🔗 Talk page discussion As an example, the article on ''Yohan Poonawalla'' has been repeatedly deleted on English Wikipedia due to COI and promotional issues: * EN: [[:en:Yohan_Poonawalla|Yohan Poonawalla (deleted multiple times)]] * HI: योहान पूनावाला This demonstrates a clear case of cross-wiki paid/COI editing. Further evidence of promotional editing by this user includes: * ''Abhay Singh (Jamshedpur politician)'' (created and later deleted) * ''Anshuman Bhagat'' * ''Yohan Poonawalla'' * ''Ajay Mehgi'' ([https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%8B%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80 ऋतु मेंगी]) Given the user’s established connection to ''MediaTribe'' and a pattern of COI and promotional activity across projects, I kindly request an investigation into their activities on Hindi Wikipedia. [[सदस्य:The BO57!|The BO57!]] ([[सदस्य वार्ता:The BO57!|वार्ता]]) 15:46, 25 सितंबर 2025 (UTC) == अभिनेता गौरव देवासी का पेज बनाने के सन्दर्भ में == अभिनेता गौरव देवासी जो की राजस्थान राज्य में अभिनेता हे और गूगल पर बहुत आर्टिकल उपलब्ध हे.आपसे अनुरोध हे की इनका पेज बनाया जाये [[विशेष:योगदान/&#126;2025-49619-4|&#126;2025-49619-4]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-49619-4|talk]]) 10:16, 3 अक्टूबर 2025 (UTC) == सदस्य:Vedic Art द्वारा बन रहे LLM आधारित पेजों पर चिंता == '''मैं एडमिन्स का ध्यान इस बात पर लाना चाहता हूँ कि सदस्य:Vedic_Art लगातार ऐसे पेज बना रहे हैं जो देखने में AI या LLM से तैयार लगते हैं। इन पेजों में न स्रोत होते हैं, न ढंग की जानकारी, और कई जगह गलतियाँ भी हैं।''' '''साथ ही ये यूज़र “सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव अक्टूबर 2025” वाले पेज-निर्माण कार्यक्रम में भी हिस्सा ले रहे हैं। अगर ऐसे कार्यक्रमों में AI से बने पेज भेजे जाते हैं, तो हिंदी विकिपीडिया की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा।''' '''मेरी मुख्य बातेँ:''' * '''विकिपीडिया का मकसद भरोसेमंद और सत्यापित जानकारी देना है, न कि AI से बना कंटेंट डालना।''' * '''AI के पेज अक्सर बिना स्रोतोँ वाले, गलत या गढ़ी हुई बातें रखते हैं।''' * '''गूगल पर विकिपीडिया की रैंकिंग ऊँची होती है, अगर झूठी या AI से बनी जानकारी जाएगी तो लोग गलतफ़हमी में पड़ेंगे।''' * '''अगर गलत जानकारी फैलती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?''' '''मेरी विनती है कि:''' * '''सदस्य:Vedic_Art के हाल के पेजों की जाँच हो।''' * '''जो पेज सत्यापित नहीं हैं, उन पर कार्रवाई हो।''' * '''साफ किया जाए कि ऐसे AI-जनित पेजों की अनुमति है या नहीं।''' * '''क्या ऐसे यूज़र्स को प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए?''' '''क्या एडमिन लोग इस तरह की गतिविधियों को स्वीकार करते हैं? इस पर साफ राय जरूरी है।''' '''धन्यवाद,''' '''WeSeeAllButNot''' [[सदस्य:WeSeeAllButNot|WeSeeAllButNot]] ([[सदस्य वार्ता:WeSeeAllButNot|वार्ता]]) 17:48, 5 अक्टूबर 2025 (UTC) == Requested Page Moves == To align with the original title name: * Move [[द बैड्स ऑफ बॉलीवुड]] → [[द बा***ड्स ऑफ़ बॉलीवुड]] ** Reason: The current title contains an incorrect word ("बैड्स", "ऑफ"). The proposed title reflects the accurate and original english title name. To correct spelling errors: * Move [[गौरी खान]] → [[गौरी ख़ान]] ** Reason: The current title misspells "ख़ान" as "खान". * Move [[फराह खान]] → [[फ़राह ख़ान]] ** Reason: The current title misspells both "फ़राह" (as "फराह") and "ख़ान" (as "खान"). * Move [[बॉलीवुड हँगामा]] → [[बॉलीवुड हंगामा]] ** Reason: The current title uses an incorrect spelling ("हँगामा"). The proposed title corrects it to the standard spelling "हंगामा". For consistency and commonly accepted spelling: * Move [[इण्डिया टुडे]] → [[इंडिया टुडे]] * Move [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] → [[द टाइम्स ऑफ़ इंडिया]] ** Reason: The current title uses an outdated spelling ("इण्डिया"). The proposed title updates it to the standard and widely used spelling "इंडिया" for consistency. [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 02:05, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:Anoopspeaks|Anoopspeaks]] कृपया संबंधित पृष्ठों के वार्ता पन्नों पर साँचा:नाम बदलें के प्रयोग द्वारा लिखें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ::जी, किया [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 08:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ==युद्ध हाथी पृष्ठ हटाने के संबंध में== नमस्ते SM7 जी। मैंने कल रात में एक पृष्ठ बनाया था [[युद्ध हाथी]] नाम से हालांकि लेख में अभी बहुत काम बाकी था जिसे मैं आज पूरा करने वाला था परंतु आज जब मैंने अपना लेख देखा तो वह आपके द्वारा हटाया जा चुका है। कृपया हटाने का कारण बताएं? धन्यवाद --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 12:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) :नमस्ते @[[सदस्य: रोहित साव27|रोहित जी]], लेख आईपी द्वारा बनाया गया था और लेख में केवल एक वाक्य लिखा हुआ था - "इनका इस्तेमाल युद्ध के लिए होता।" जिसे सदस्य:MathXplore द्वारा परीक्षण पृष्ठ के रूप में शीह नामांकित किया गया था और मैंने इसी मापदंड के तहत हटाया है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:21, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) ::माफी चाहूंगा SM7 जी शायद मेरी ग़लती है क्योंकि कल रात को मैं इस लेख पर काम कर रहा था और करते-करते सो गया था। शायद मैंने सेव नहीं किया होगा। मुझे लगा कि मैंने सेव किया होगा। माफी चाहूंगा शायद मेरी तरफ से ही गलती हुई है। आपका धन्यवाद।--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) == अस्थायी खातों को सूचना भेजना == नमस्ते SM7 जी, मैंने देखा है कि ट्विंकल से किसी लेख को शीह-नामांकित करने पर वो सम्बंधित खातों को सूचना सन्देश भेजता है। आईपी (मोबाइल) पतों से बने खाते को ये सन्देश नहीं भेजे जाते हैं लेकिन वर्तमान में हिन्दी विकिपीडिया पर ऐसे खातों को अस्थायी खातों से बदला जा चुका है और ये टिल्डे (~) से आरम्भ होते हैं। इन अस्थायी खातों पर सन्देश जा रहे हैं। मुझे लगता है कि इन खातों को भी डिफॉल्ट रूप से सन्देश भेजना बंद कर देना चाहिए। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:52, 20 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैं समय मिलते ही इसे देखता हूँ। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 13:27, 21 अक्टूबर 2025 (UTC) == 2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल == नमस्ते SM7 जी, [[2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल]] नामक लेख को पिछले माह @[[सदस्य:TypeInfo|TypeInfo]] जी ने [[वि:शीह#व2|परीक्षण पाठ]] के रूप में नामांकित किया। उनका ये कैसा रौलबैक था, ये तो वो ही बता सकते हैं (अपेक्षा करता हूँ कि वो इसके बारे में बतायेंगे) लेकिन आपने भी बिना इतिहास देखे लेख को हटा दिया। सम्भवतः ये परीक्षण पाठ तो नहीं था और [[:d:Q209222|विकिडाटा आयटम]] से भी जुड़ा हुआ था जहाँ 29 अन्य भाषायें भी सूचीबद्ध हैं। अतः मुझे लगता है यह परीक्षण पाठ के रूप में नहीं हटाना चाहिए था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:09, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, बिना देखे तो नहीं हटाया - यह वैसे ही लिखा हुआ था कि - "अमुक फलाने की लिखी पुस्तक है" और 2009 से बस यही पाठ था। विकिडेटा से जुड़े होने के बावज़ूद यह परीक्षण ही लगा भले उल्लेखनीय हो। आगे आप निर्णय ले सकते हैं कि इसे वापस स्थापित करना है या नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:20, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::मेरे पास कोई उल्लेखनीय स्रोत नहीं है लेकिन निम्नलिखित सामग्री के साथ रखा जा सकता है: :::'''2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल''' (Dichlorophenoxyacetic acid) एक [[कार्बनिक यौगिक]] है जिसका रासायनिक सूत्र {{chem|C|8|H|6|Cl|2|O|3}} है। इसे अक्सर इसके [[ISO|आईएसओ]] सामान्य नाम '''2,4-डी''' कहा जाता है। यह प्रणालीगत [[शाकनाशक]] है जो अधिकतर चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार को नष्ट करने का काम करता है लेकिन [[खाद्यान्न]], [[घास|दूब]] और [[घासभूमि]] जैसे पौधे इससे अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। :::2,4-डी दुनिया के सबसे पुराने और सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध शाकनाशी रसायनों में से एक है जो सन् 1945 से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। वर्तमान में कई रासायनिक कंपनियों द्वारा इसका उत्पादन किया जाता है क्योंकि इसका पेटेंट बहुत पहले समाप्त हो चुका है। यह कई व्यावसायिक लॉन शाकनाशी मिश्रणों में पाया जाता है और अनाज की फसलों, चरागाहों और बागों में खरपतवारनाशक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। 1,500 से ज़्यादा शाकनाशी उत्पादों में सक्रिय घटक के रूप में 2,4-डी होता है। ::आवश्यक हो तो उपरोक्त सामग्री के साथ स्रोतहीन का टैग रख सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:03, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, वो तो [[1,4-डाइमिथाइलबेंजिन]] टाइप के लेख भी एक लाइन के साथ स्रोतहीन का टैग लगा के रखे हुए ही हैं। मेरी कोई हार्दिक इच्छा नहीं। यदि कोई इसे परीक्षण कह के शीह कर दे तो मैं इसे भी हटा ही दूँगा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:21, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::::मेरी भी ऐसी कोई इच्छा नहीं है लेकिन इस तरह के 10 हज़ार पृष्ठ [[विशेष:छोटे_पृष्ठ|यहाँ]] सूचीबद्ध हैं। आप बार-बार मुझे परीक्षण पृष्ठ कहने पर डांट चुके हो, लेकिन अब आप भी उसी के साथ जुड़े हो। इन सभी को यदि हटाना है तो [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा]] करके हटाया जा सकता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:08, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप उल्टा कह रहे हैं। जैसा कि आप ख़ुद बता रहे - ''आप'' बार-बार ऐसे पृष्ठ परीक्षण कह के नामांकित कर चुके हैं और देख-देख के और हटा-हटा के जब मैंने एक ऐसा ही पृष्ठ किसी दूसरे के नामांकन पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हटा ही दिया तो, अब, आप कह रहे कि वो परीक्षण नहीं था। तो आप ही बताइये कि मैं कहाँ स्टैंड लूँ? मुझे नहीं पता कि हहेच में रखा जाय तो इन्हें हटाने पे ही सहमति बनेगी या नहीं; यह पहले से प्रेडिक्शन करना मुश्किल है। एक ही तरीका बचता है कि शीह-परीक्षण की नियमावली को शब्दशः अनुसरित करें 'स्फद्घ्झा स्झाज्घ' जैसे कुछ लिखा हो केवल तभी उसे परीक्षण मान के हटायें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 04:23, 13 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::वो अर्थहीन सामग्री में आता है। परीक्षण में वो लेख भी शामिल होते हैं जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन जाते हैं। 15 वर्ष पुराने लेख को इस श्रेणी में कैसे रख सकते हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:07, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] यानी आप तैयार हैं कि केवल उन्हीं लेखों को परीक्षण के मापदंड के तहत नामांकित किया जाए जो - "जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन..." गए हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:17, 14 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::::मैं तो सदैव ही तैयार था लेकिन जब चर्चायें बिना किसी चर्चा के वर्षों तक चलने लगी और शीह में भी महिनों का समय लगने लगा तब मैं ऐसे हटाने लगा था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 11:52, 14 नवम्बर 2025 (UTC) == नए साल की शुभकामनाएँ == <div style="background:#E8F5E9; padding:10px; border:1px solid #81C784; border-radius:6px;"> '''SM7 जी, नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!''' यह नया साल आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा स्वास्थ्य, सफलता और सुख-समृद्धि लेकर आए। [[File:Everlasting Fireworks looped.gif|left|x173px]] हिंदी विकिपीडिया पर आपके योगदान के लिए धन्यवाद। [[सदस्य:Chronos.Zx|<span style="color:blue; font-weight:bold;">क्रोनोस.Zx</span>]] ([[सदस्य वार्ता:Chronos.Zx|वार्ता]]) 13:15, 1 जनवरी 2026 (UTC) </div> :@[[सदस्य:Chronos.Zx|Chronos.Zx]] जी, बहुत-बहुत धन्यवाद। आपको भी नववर्ष अत्यंत मंगलमय हो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:24, 2 जनवरी 2026 (UTC) == विशेष: कार्यक्रम आयोजक अधिकार == नमस्ते [[सदस्य:SM7|SM7]], आप मुझे कार्यक्रम आयोजक के अधिकार के आवेदन दर्ज करने के लिए पृष्ठ बताने के कृपा करे | [[सदस्य:Dev Jadiya|Dev Jadiya]] ([[सदस्य वार्ता:Dev Jadiya|वार्ता]]) 09:08, 18 मार्च 2026 (UTC) == जांच == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] के अभी के कुछ संपादनों को जांच लें <br> धन्यवाद, [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:48, 1 अप्रैल 2026 (UTC) :किसी से पूछने से पहले इंग्लिश विकिपीडिया पर ज़रूर जाएँ अथवा समाचार पढ़कर अपना ज्ञानवर्धन करें| [[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] ([[सदस्य वार्ता:Ankit231132|वार्ता]]) 14:36, 1 अप्रैल 2026 (UTC) == एक सदस्य को अवरोधित करने का नामांकन == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] को बहुत बार चेतावनी दे चुका हूं पर अपमानजनक सम्पादन कर रहे है, कृपया आप इस पर संज्ञान लें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:16, 5 अप्रैल 2026 (UTC) == मदद == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, सदस्य @[[सदस्य:~2026-21206-80|~2026-21206-80]] बार बार प्रचार सम्पादन कर रहा है| केवल इनके लिए ही नहीं बल्कि और भी सदस्यों के लिए बताए [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:06, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == व7 के अंतर्गत हटाए गए लेख के पुनर्विचार हेतु अनुरोध == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, मैं आपको [[कमलेश कमल]] लेख के संबंध में लिख रहा हूँ जिसे आपने [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]] के अंतर्गत हटाया था। जब लेख को शीघ्र हटाने के लिए चिह्नित किया गया, तब मैंने तुरंत उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए आवश्यक बदलाव किए। मैंने पूरे लेख में महत्वपूर्ण सुधार किए, जिसमें प्रचारात्मक और प्रशंसात्मक भाषा हटाना, सामग्री को निष्पक्ष दृष्टिकोण (neutral point of view) में दोबारा लिखना, और इसे अधिक विश्वकोशीय बनाने के लिए विस्तार करना शामिल था। मेरा मानना है कि संशोधित संस्करण अब प्रचारात्मक नहीं था, या कम से कम इतना नहीं कि उसे व7 के अंतर्गत हटाया जाए। मैंने इन परिवर्तनों का उल्लेख लेख के वार्ता पृष्ठ पर भी किया था। मेरी समझ के अनुसार, व7 उन पृष्ठों पर लागू होता है जो पूरी तरह से प्रचारात्मक होते हैं और जिनमें सुधार की संभावना नहीं होती। किए गए सुधारों को देखते हुए, आपसे निवेदन है कि कृपया लेख को पुनर्स्थापित करने पर विचार करें। साथ ही, यदि कोई अन्य कमी या समस्या शेष हो, तो कृपया उसे बताने का कष्ट करें ताकि मैं सामग्री में और सुधार कर सकूँ। [[सदस्य:BBBhagwati|BBBhagwati]] ([[सदस्य वार्ता:BBBhagwati|वार्ता]]) 16:41, 7 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:29, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == पिण्डार या पिण्डर नदी == नमस्ते SM7 जी, मैं आज [[पिण्डार नदी]] नामक लेख पर देख रहा हूँ कि आपने इसके समकक्ष भोजपुरी लेख निर्मित किया। वहाँ आपने शीर्षक में "पिण्डार" के स्थान पर "पिंडर" रखा। इस हिसाब से यहाँ भी "पिण्डर नदी" या "पिंडर नदी" होना चाहिए। यदि आपको सही लगता है तो यह स्थानान्तरण कर देना चाहिए। मुझे इसकी सही जानकारी नहीं है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:36, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, अब जांचा तो कुछ उदाहरण मिले :*[https://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-garhwal-pindar-river-water-poured-into-kumaon-kosi-river-jal-jeevan-mission-6775827.html लाइव हिन्दुस्तान] :* [https://www.jagran.com/uttarakhand/almora-pindar-river-water-advocates-for-release-in-nonviolent-rivers-19447355.html दैनिक जागरण] :* [https://www.drishtiias.com/hindi/state-pcs-current-affairs/pindari-glacier-to-make-kumaon-s-drying-rivers-sadaneera दृष्टि आईएएस] :इन संदर्भों के अनुसार इसका नाम स्थानांतरण करके [[पिंडर नदी]] करना चाहिए| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 18:56, 14 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] हाँ, इसके नाम में ड पर आ की मात्रा नहीं है। मैं इस नदी का पानी भी पी चुका हूँ, पर मेरी हिम्मत नहीं कि मैं आधा ण हटाऊँ। यह विवादास्पद बदलाव लेख के वार्ता पन्ने पे चर्चा के बाद पर्याप्त समर्थन से किया जाय तो बेहतर होगा। सादर। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 08:37, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी, चर्चा के बिना मैं स्थानान्तरित कर सकता हूँ। बाकी आप चाहो तो चर्चा भी आरम्भ कर सकते हैं। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपने जो स्रोत दिये हैं उनमें पिंडर और पिंडार दोनों लिखे हैं। इसके अतिरिक्त दृष्टि आईएएस वाला स्रोत विश्वसनीय नहीं है जबकि समाचार वाले भी एकरूप नहीं होने के कारण उचित नहीं माने जा सकते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:41, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::कृपया {{tlx|virusbox}} को भी देखें। इसे आपने बहुत पहले आयात किया था लेकिन सम्बंधित मोड्यूल का आयात नहीं किया गया। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी ने {{tlx|विषाणु}} क्यों निर्मित किया है, मुझे इसका कोई कारण समझ में नहीं आया। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:45, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप स्थानान्तरित कर सकते है। खोजने पर काफ़ी विश्वसनीय स्रोत है, जिन में '''पिंडर नदी''' ही लिखा है। [https://www.google.co.th/books/edition/Prachin_Madhya_Himalaya_izkphu_e_fgeky/SeKkhjTwMbcC?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA8&printsec=frontcover], [https://www.google.co.th/books/edition/2026_27_UKPSV_UKSSSC_Special_General_Stu/YOS4EQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA132&printsec=frontcover], [https://www.google.co.th/books/edition/Aao_Karen_Himalaya_Mein_Trekking/qfVzBQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA95&printsec=frontcover] <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:55, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, :::::नदी के नाम पर उचित मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। वर्तनी के संबंध में आपका निर्णय मुझे पूरी तरह स्वीकार है, कृपया आप ही इसे उपयुक्त नाम पर स्थानांतरित कर दें। :::::'''<code><nowiki>{{विषाणु}}</nowiki></code>''' साँचे के निर्माण का कारण केवल तकनीकी था। पुराना <code><nowiki>{{virusbox}}</nowiki></code> साँचा संबंधित मॉड्यूल्स के अभाव में काम नहीं कर रहा था और लेखों में कोडिंग की त्रुटियाँ (error) दिखा रहा था। मुझे जटिल मॉड्यूल आयात करने की जानकारी नहीं थी, इसलिए लेखों को त्रुटिमुक्त करने के लिए मैंने सीधे स्वदेशी '''<code><nowiki>{{ज्ञानसंदूक}}</nowiki></code>''' ढाँचे का उपयोग करके यह नया साँचा बनाया, जिसे किसी बाहरी मॉड्यूल की आवश्यकता ही नहीं है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:58, 15 अप्रैल 2026 (UTC) sz3dj9ld6ora6zn7pv8amj9smw806ph 6540947 6540946 2026-04-15T13:59:54Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* पिण्डार या पिण्डर नदी */ 6540947 wikitext text/x-wiki <!-- Please do NOT delete this line. Thanks! -->{{/header}} <!-- कृपया इस लाइन और ऊपर की लाइन को को न हटायें, धन्यवाद !--> साले नीच वामपंथी कुत्ते == हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ "राजकुमार वर्मा" को नही हटाना चाहिए था। == मै हिंदी विकिपीडिया का ३ साल से सक्रिय सदस्य हूं और संपादन कार्य कर रहा हूं। मैने एक हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ " राजकुमार वर्मा" बनाया था जिसमें किसी भी प्रकार का प्रचार कार्य नहीं था, और जब पृष्ठ को हटाने के लिए नामांकित किया गया तब उसके प्रति स्पष्ट जवाब भी दिया गया था कि पृष्ठ को क्यों नहीं हटाना चाहिए, फिर भी आपने पृष्ठ को हटा ही दिया। आपको अधिकार मिले हैं तो उसका दुरुपयोग न करें , मेरे द्वारा निर्मित पृष्ठ में किसी भी प्रकार की प्रचार संबंधी लेख या सामग्री नहीं है। अतः मेरे पृष्ठ को पुनः वापस लाएं।। [[सदस्य:धनंजय अहीर|धनंजय अहीर]] ([[सदस्य वार्ता:धनंजय अहीर|वार्ता]]) 16:58, 7 मार्च 2025 (UTC)धनंजय अहीर == महाराज जी == नमस्ते SM7, पिछले कई सालों से आप अपने अधिकार का हिंदी विकिपीडिया पर दुरूपयोग कर रहे हैं। जिसका बिल्कुल सही उधारन है प्रेमानंद महाराज जी। कोशिश तो आपने बहुत की इसे ([[प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज]]) डिलीट करने की, लेकिन महाराज जी का चमत्कार देखिए, उनके किसी चाहने वाले ने बना ही दिया। और आप कुछ भी ना कर पाये । और ना कर पायेंगे । [[विशेष:योगदान/&#126;2025-128983|&#126;2025-128983]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-128983|talk]]) 16:02, 4 जुलाई 2025 (UTC) == हम अस्थायी खातों के साथ आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेंगे == <section begin="body" /> उत्पाद सुरक्षा एवं अखंडता टीम अस्थायी खातों के संबंध में आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेगी। इस सर्वेक्षण में आपकी भागीदारी हमें यह समझने में सहयता करने में बेहद मूल्यवान होगी कि अस्थायी खाते कितनी अच्छी तरह कार्य कर रहे हैं और हम आगे क्या सुधार कर सकते हैं। इसे पूरा होने में ५ मिनट से अधिक समय नहींं लगना चाहिए। इस सर्वेक्षण की गोपनीयता नीति [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Survey:Temporary_Accounts_Second_Pilot_Feedback_Privacy_Statement|इस लिंक पर देखी जा सकती है]]। इस सर्वेक्षण को पूरा करके, आप गोपनीयता नीति में निर्धारित शर्तों से सहमत होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि हम आपसे संपर्क करें, तो कृपया हमें अपना विकि उपयोगकर्ता नाम बताएँ। '''<big>[https://wikimedia.qualtrics.com/jfe/form/SV_emJJxsotBxVpS18?Q_Language=HI सर्वेक्षण में भाग लें]</big>'''. धन्यवाद!<section end="body" /> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]]</bdi> 00:44, 21 अगस्त 2025 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Quiddity_(WMF)/sandbox4&oldid=29158797 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Quiddity (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == soc == I would like to bring to your attention that [[:en:User:Krishnarthiindia|User:Krishnarthiindia]], previously blocked on English Wikipedia as a sockpuppet of ''MediaTribe'', is currently active on Hindi Wikipedia and creating multiple promotional pages. 🔗 [[सदस्य:Krishnarthiindia|User page on Hindi Wikipedia]] I raised this issue with Hindi Wikipedia administrator सदस्य:संजीव कुमार, but his response suggests that the matter is being overlooked. Our discussion is here: 🔗 Talk page discussion As an example, the article on ''Yohan Poonawalla'' has been repeatedly deleted on English Wikipedia due to COI and promotional issues: * EN: [[:en:Yohan_Poonawalla|Yohan Poonawalla (deleted multiple times)]] * HI: योहान पूनावाला This demonstrates a clear case of cross-wiki paid/COI editing. Further evidence of promotional editing by this user includes: * ''Abhay Singh (Jamshedpur politician)'' (created and later deleted) * ''Anshuman Bhagat'' * ''Yohan Poonawalla'' * ''Ajay Mehgi'' ([https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%8B%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80 ऋतु मेंगी]) Given the user’s established connection to ''MediaTribe'' and a pattern of COI and promotional activity across projects, I kindly request an investigation into their activities on Hindi Wikipedia. [[सदस्य:The BO57!|The BO57!]] ([[सदस्य वार्ता:The BO57!|वार्ता]]) 15:46, 25 सितंबर 2025 (UTC) == अभिनेता गौरव देवासी का पेज बनाने के सन्दर्भ में == अभिनेता गौरव देवासी जो की राजस्थान राज्य में अभिनेता हे और गूगल पर बहुत आर्टिकल उपलब्ध हे.आपसे अनुरोध हे की इनका पेज बनाया जाये [[विशेष:योगदान/&#126;2025-49619-4|&#126;2025-49619-4]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-49619-4|talk]]) 10:16, 3 अक्टूबर 2025 (UTC) == सदस्य:Vedic Art द्वारा बन रहे LLM आधारित पेजों पर चिंता == '''मैं एडमिन्स का ध्यान इस बात पर लाना चाहता हूँ कि सदस्य:Vedic_Art लगातार ऐसे पेज बना रहे हैं जो देखने में AI या LLM से तैयार लगते हैं। इन पेजों में न स्रोत होते हैं, न ढंग की जानकारी, और कई जगह गलतियाँ भी हैं।''' '''साथ ही ये यूज़र “सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव अक्टूबर 2025” वाले पेज-निर्माण कार्यक्रम में भी हिस्सा ले रहे हैं। अगर ऐसे कार्यक्रमों में AI से बने पेज भेजे जाते हैं, तो हिंदी विकिपीडिया की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा।''' '''मेरी मुख्य बातेँ:''' * '''विकिपीडिया का मकसद भरोसेमंद और सत्यापित जानकारी देना है, न कि AI से बना कंटेंट डालना।''' * '''AI के पेज अक्सर बिना स्रोतोँ वाले, गलत या गढ़ी हुई बातें रखते हैं।''' * '''गूगल पर विकिपीडिया की रैंकिंग ऊँची होती है, अगर झूठी या AI से बनी जानकारी जाएगी तो लोग गलतफ़हमी में पड़ेंगे।''' * '''अगर गलत जानकारी फैलती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?''' '''मेरी विनती है कि:''' * '''सदस्य:Vedic_Art के हाल के पेजों की जाँच हो।''' * '''जो पेज सत्यापित नहीं हैं, उन पर कार्रवाई हो।''' * '''साफ किया जाए कि ऐसे AI-जनित पेजों की अनुमति है या नहीं।''' * '''क्या ऐसे यूज़र्स को प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए?''' '''क्या एडमिन लोग इस तरह की गतिविधियों को स्वीकार करते हैं? इस पर साफ राय जरूरी है।''' '''धन्यवाद,''' '''WeSeeAllButNot''' [[सदस्य:WeSeeAllButNot|WeSeeAllButNot]] ([[सदस्य वार्ता:WeSeeAllButNot|वार्ता]]) 17:48, 5 अक्टूबर 2025 (UTC) == Requested Page Moves == To align with the original title name: * Move [[द बैड्स ऑफ बॉलीवुड]] → [[द बा***ड्स ऑफ़ बॉलीवुड]] ** Reason: The current title contains an incorrect word ("बैड्स", "ऑफ"). The proposed title reflects the accurate and original english title name. To correct spelling errors: * Move [[गौरी खान]] → [[गौरी ख़ान]] ** Reason: The current title misspells "ख़ान" as "खान". * Move [[फराह खान]] → [[फ़राह ख़ान]] ** Reason: The current title misspells both "फ़राह" (as "फराह") and "ख़ान" (as "खान"). * Move [[बॉलीवुड हँगामा]] → [[बॉलीवुड हंगामा]] ** Reason: The current title uses an incorrect spelling ("हँगामा"). The proposed title corrects it to the standard spelling "हंगामा". For consistency and commonly accepted spelling: * Move [[इण्डिया टुडे]] → [[इंडिया टुडे]] * Move [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] → [[द टाइम्स ऑफ़ इंडिया]] ** Reason: The current title uses an outdated spelling ("इण्डिया"). The proposed title updates it to the standard and widely used spelling "इंडिया" for consistency. [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 02:05, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:Anoopspeaks|Anoopspeaks]] कृपया संबंधित पृष्ठों के वार्ता पन्नों पर साँचा:नाम बदलें के प्रयोग द्वारा लिखें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ::जी, किया [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 08:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ==युद्ध हाथी पृष्ठ हटाने के संबंध में== नमस्ते SM7 जी। मैंने कल रात में एक पृष्ठ बनाया था [[युद्ध हाथी]] नाम से हालांकि लेख में अभी बहुत काम बाकी था जिसे मैं आज पूरा करने वाला था परंतु आज जब मैंने अपना लेख देखा तो वह आपके द्वारा हटाया जा चुका है। कृपया हटाने का कारण बताएं? धन्यवाद --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 12:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) :नमस्ते @[[सदस्य: रोहित साव27|रोहित जी]], लेख आईपी द्वारा बनाया गया था और लेख में केवल एक वाक्य लिखा हुआ था - "इनका इस्तेमाल युद्ध के लिए होता।" जिसे सदस्य:MathXplore द्वारा परीक्षण पृष्ठ के रूप में शीह नामांकित किया गया था और मैंने इसी मापदंड के तहत हटाया है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:21, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) ::माफी चाहूंगा SM7 जी शायद मेरी ग़लती है क्योंकि कल रात को मैं इस लेख पर काम कर रहा था और करते-करते सो गया था। शायद मैंने सेव नहीं किया होगा। मुझे लगा कि मैंने सेव किया होगा। माफी चाहूंगा शायद मेरी तरफ से ही गलती हुई है। आपका धन्यवाद।--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) == अस्थायी खातों को सूचना भेजना == नमस्ते SM7 जी, मैंने देखा है कि ट्विंकल से किसी लेख को शीह-नामांकित करने पर वो सम्बंधित खातों को सूचना सन्देश भेजता है। आईपी (मोबाइल) पतों से बने खाते को ये सन्देश नहीं भेजे जाते हैं लेकिन वर्तमान में हिन्दी विकिपीडिया पर ऐसे खातों को अस्थायी खातों से बदला जा चुका है और ये टिल्डे (~) से आरम्भ होते हैं। इन अस्थायी खातों पर सन्देश जा रहे हैं। मुझे लगता है कि इन खातों को भी डिफॉल्ट रूप से सन्देश भेजना बंद कर देना चाहिए। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:52, 20 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैं समय मिलते ही इसे देखता हूँ। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 13:27, 21 अक्टूबर 2025 (UTC) == 2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल == नमस्ते SM7 जी, [[2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल]] नामक लेख को पिछले माह @[[सदस्य:TypeInfo|TypeInfo]] जी ने [[वि:शीह#व2|परीक्षण पाठ]] के रूप में नामांकित किया। उनका ये कैसा रौलबैक था, ये तो वो ही बता सकते हैं (अपेक्षा करता हूँ कि वो इसके बारे में बतायेंगे) लेकिन आपने भी बिना इतिहास देखे लेख को हटा दिया। सम्भवतः ये परीक्षण पाठ तो नहीं था और [[:d:Q209222|विकिडाटा आयटम]] से भी जुड़ा हुआ था जहाँ 29 अन्य भाषायें भी सूचीबद्ध हैं। अतः मुझे लगता है यह परीक्षण पाठ के रूप में नहीं हटाना चाहिए था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:09, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, बिना देखे तो नहीं हटाया - यह वैसे ही लिखा हुआ था कि - "अमुक फलाने की लिखी पुस्तक है" और 2009 से बस यही पाठ था। विकिडेटा से जुड़े होने के बावज़ूद यह परीक्षण ही लगा भले उल्लेखनीय हो। आगे आप निर्णय ले सकते हैं कि इसे वापस स्थापित करना है या नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:20, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::मेरे पास कोई उल्लेखनीय स्रोत नहीं है लेकिन निम्नलिखित सामग्री के साथ रखा जा सकता है: :::'''2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल''' (Dichlorophenoxyacetic acid) एक [[कार्बनिक यौगिक]] है जिसका रासायनिक सूत्र {{chem|C|8|H|6|Cl|2|O|3}} है। इसे अक्सर इसके [[ISO|आईएसओ]] सामान्य नाम '''2,4-डी''' कहा जाता है। यह प्रणालीगत [[शाकनाशक]] है जो अधिकतर चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार को नष्ट करने का काम करता है लेकिन [[खाद्यान्न]], [[घास|दूब]] और [[घासभूमि]] जैसे पौधे इससे अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। :::2,4-डी दुनिया के सबसे पुराने और सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध शाकनाशी रसायनों में से एक है जो सन् 1945 से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। वर्तमान में कई रासायनिक कंपनियों द्वारा इसका उत्पादन किया जाता है क्योंकि इसका पेटेंट बहुत पहले समाप्त हो चुका है। यह कई व्यावसायिक लॉन शाकनाशी मिश्रणों में पाया जाता है और अनाज की फसलों, चरागाहों और बागों में खरपतवारनाशक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। 1,500 से ज़्यादा शाकनाशी उत्पादों में सक्रिय घटक के रूप में 2,4-डी होता है। ::आवश्यक हो तो उपरोक्त सामग्री के साथ स्रोतहीन का टैग रख सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:03, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, वो तो [[1,4-डाइमिथाइलबेंजिन]] टाइप के लेख भी एक लाइन के साथ स्रोतहीन का टैग लगा के रखे हुए ही हैं। मेरी कोई हार्दिक इच्छा नहीं। यदि कोई इसे परीक्षण कह के शीह कर दे तो मैं इसे भी हटा ही दूँगा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:21, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::::मेरी भी ऐसी कोई इच्छा नहीं है लेकिन इस तरह के 10 हज़ार पृष्ठ [[विशेष:छोटे_पृष्ठ|यहाँ]] सूचीबद्ध हैं। आप बार-बार मुझे परीक्षण पृष्ठ कहने पर डांट चुके हो, लेकिन अब आप भी उसी के साथ जुड़े हो। इन सभी को यदि हटाना है तो [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा]] करके हटाया जा सकता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:08, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप उल्टा कह रहे हैं। जैसा कि आप ख़ुद बता रहे - ''आप'' बार-बार ऐसे पृष्ठ परीक्षण कह के नामांकित कर चुके हैं और देख-देख के और हटा-हटा के जब मैंने एक ऐसा ही पृष्ठ किसी दूसरे के नामांकन पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हटा ही दिया तो, अब, आप कह रहे कि वो परीक्षण नहीं था। तो आप ही बताइये कि मैं कहाँ स्टैंड लूँ? मुझे नहीं पता कि हहेच में रखा जाय तो इन्हें हटाने पे ही सहमति बनेगी या नहीं; यह पहले से प्रेडिक्शन करना मुश्किल है। एक ही तरीका बचता है कि शीह-परीक्षण की नियमावली को शब्दशः अनुसरित करें 'स्फद्घ्झा स्झाज्घ' जैसे कुछ लिखा हो केवल तभी उसे परीक्षण मान के हटायें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 04:23, 13 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::वो अर्थहीन सामग्री में आता है। परीक्षण में वो लेख भी शामिल होते हैं जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन जाते हैं। 15 वर्ष पुराने लेख को इस श्रेणी में कैसे रख सकते हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:07, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] यानी आप तैयार हैं कि केवल उन्हीं लेखों को परीक्षण के मापदंड के तहत नामांकित किया जाए जो - "जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन..." गए हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:17, 14 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::::मैं तो सदैव ही तैयार था लेकिन जब चर्चायें बिना किसी चर्चा के वर्षों तक चलने लगी और शीह में भी महिनों का समय लगने लगा तब मैं ऐसे हटाने लगा था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 11:52, 14 नवम्बर 2025 (UTC) == नए साल की शुभकामनाएँ == <div style="background:#E8F5E9; padding:10px; border:1px solid #81C784; border-radius:6px;"> '''SM7 जी, नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!''' यह नया साल आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा स्वास्थ्य, सफलता और सुख-समृद्धि लेकर आए। [[File:Everlasting Fireworks looped.gif|left|x173px]] हिंदी विकिपीडिया पर आपके योगदान के लिए धन्यवाद। [[सदस्य:Chronos.Zx|<span style="color:blue; font-weight:bold;">क्रोनोस.Zx</span>]] ([[सदस्य वार्ता:Chronos.Zx|वार्ता]]) 13:15, 1 जनवरी 2026 (UTC) </div> :@[[सदस्य:Chronos.Zx|Chronos.Zx]] जी, बहुत-बहुत धन्यवाद। आपको भी नववर्ष अत्यंत मंगलमय हो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:24, 2 जनवरी 2026 (UTC) == विशेष: कार्यक्रम आयोजक अधिकार == नमस्ते [[सदस्य:SM7|SM7]], आप मुझे कार्यक्रम आयोजक के अधिकार के आवेदन दर्ज करने के लिए पृष्ठ बताने के कृपा करे | [[सदस्य:Dev Jadiya|Dev Jadiya]] ([[सदस्य वार्ता:Dev Jadiya|वार्ता]]) 09:08, 18 मार्च 2026 (UTC) == जांच == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] के अभी के कुछ संपादनों को जांच लें <br> धन्यवाद, [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:48, 1 अप्रैल 2026 (UTC) :किसी से पूछने से पहले इंग्लिश विकिपीडिया पर ज़रूर जाएँ अथवा समाचार पढ़कर अपना ज्ञानवर्धन करें| [[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] ([[सदस्य वार्ता:Ankit231132|वार्ता]]) 14:36, 1 अप्रैल 2026 (UTC) == एक सदस्य को अवरोधित करने का नामांकन == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] को बहुत बार चेतावनी दे चुका हूं पर अपमानजनक सम्पादन कर रहे है, कृपया आप इस पर संज्ञान लें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:16, 5 अप्रैल 2026 (UTC) == मदद == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, सदस्य @[[सदस्य:~2026-21206-80|~2026-21206-80]] बार बार प्रचार सम्पादन कर रहा है| केवल इनके लिए ही नहीं बल्कि और भी सदस्यों के लिए बताए [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:06, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == व7 के अंतर्गत हटाए गए लेख के पुनर्विचार हेतु अनुरोध == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, मैं आपको [[कमलेश कमल]] लेख के संबंध में लिख रहा हूँ जिसे आपने [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]] के अंतर्गत हटाया था। जब लेख को शीघ्र हटाने के लिए चिह्नित किया गया, तब मैंने तुरंत उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए आवश्यक बदलाव किए। मैंने पूरे लेख में महत्वपूर्ण सुधार किए, जिसमें प्रचारात्मक और प्रशंसात्मक भाषा हटाना, सामग्री को निष्पक्ष दृष्टिकोण (neutral point of view) में दोबारा लिखना, और इसे अधिक विश्वकोशीय बनाने के लिए विस्तार करना शामिल था। मेरा मानना है कि संशोधित संस्करण अब प्रचारात्मक नहीं था, या कम से कम इतना नहीं कि उसे व7 के अंतर्गत हटाया जाए। मैंने इन परिवर्तनों का उल्लेख लेख के वार्ता पृष्ठ पर भी किया था। मेरी समझ के अनुसार, व7 उन पृष्ठों पर लागू होता है जो पूरी तरह से प्रचारात्मक होते हैं और जिनमें सुधार की संभावना नहीं होती। किए गए सुधारों को देखते हुए, आपसे निवेदन है कि कृपया लेख को पुनर्स्थापित करने पर विचार करें। साथ ही, यदि कोई अन्य कमी या समस्या शेष हो, तो कृपया उसे बताने का कष्ट करें ताकि मैं सामग्री में और सुधार कर सकूँ। [[सदस्य:BBBhagwati|BBBhagwati]] ([[सदस्य वार्ता:BBBhagwati|वार्ता]]) 16:41, 7 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:29, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == पिण्डार या पिण्डर नदी == नमस्ते SM7 जी, मैं आज [[पिण्डार नदी]] नामक लेख पर देख रहा हूँ कि आपने इसके समकक्ष भोजपुरी लेख निर्मित किया। वहाँ आपने शीर्षक में "पिण्डार" के स्थान पर "पिंडर" रखा। इस हिसाब से यहाँ भी "पिण्डर नदी" या "पिंडर नदी" होना चाहिए। यदि आपको सही लगता है तो यह स्थानान्तरण कर देना चाहिए। मुझे इसकी सही जानकारी नहीं है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:36, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, अब जांचा तो कुछ उदाहरण मिले :*[https://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-garhwal-pindar-river-water-poured-into-kumaon-kosi-river-jal-jeevan-mission-6775827.html लाइव हिन्दुस्तान] :* [https://www.jagran.com/uttarakhand/almora-pindar-river-water-advocates-for-release-in-nonviolent-rivers-19447355.html दैनिक जागरण] :* [https://www.drishtiias.com/hindi/state-pcs-current-affairs/pindari-glacier-to-make-kumaon-s-drying-rivers-sadaneera दृष्टि आईएएस] :इन संदर्भों के अनुसार इसका नाम स्थानांतरण करके [[पिंडर नदी]] करना चाहिए| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 18:56, 14 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] हाँ, इसके नाम में ड पर आ की मात्रा नहीं है। मैं इस नदी का पानी भी पी चुका हूँ, पर मेरी हिम्मत नहीं कि मैं आधा ण हटाऊँ। यह विवादास्पद बदलाव लेख के वार्ता पन्ने पे चर्चा के बाद पर्याप्त समर्थन से किया जाय तो बेहतर होगा। सादर। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 08:37, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी, चर्चा के बिना मैं स्थानान्तरित कर सकता हूँ। बाकी आप चाहो तो चर्चा भी आरम्भ कर सकते हैं। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपने जो स्रोत दिये हैं उनमें पिंडर और पिंडार दोनों लिखे हैं। इसके अतिरिक्त दृष्टि आईएएस वाला स्रोत विश्वसनीय नहीं है जबकि समाचार वाले भी एकरूप नहीं होने के कारण उचित नहीं माने जा सकते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:41, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::कृपया {{tlx|virusbox}} को भी देखें। इसे आपने बहुत पहले आयात किया था लेकिन सम्बंधित मोड्यूल का आयात नहीं किया गया। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी ने {{tlx|विषाणु}} क्यों निर्मित किया है, मुझे इसका कोई कारण समझ में नहीं आया। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:45, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::नमस्ते SM7 जी, @[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप स्थानान्तरित कर सकते है। खोजने पर काफ़ी विश्वसनीय स्रोत है, जिन में '''पिंडर नदी''' ही लिखा है। [https://www.google.co.th/books/edition/Prachin_Madhya_Himalaya_izkphu_e_fgeky/SeKkhjTwMbcC?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA8&printsec=frontcover], [https://www.google.co.th/books/edition/2026_27_UKPSV_UKSSSC_Special_General_Stu/YOS4EQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA132&printsec=frontcover], [https://www.google.co.th/books/edition/Aao_Karen_Himalaya_Mein_Trekking/qfVzBQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA95&printsec=frontcover] <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:55, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, :::::नदी के नाम पर उचित मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। वर्तनी के संबंध में आपका निर्णय मुझे पूरी तरह स्वीकार है, कृपया आप ही इसे उपयुक्त नाम पर स्थानांतरित कर दें। :::::'''<code><nowiki>{{विषाणु}}</nowiki></code>''' साँचे के निर्माण का कारण केवल तकनीकी था। पुराना <code><nowiki>{{virusbox}}</nowiki></code> साँचा संबंधित मॉड्यूल्स के अभाव में काम नहीं कर रहा था और लेखों में कोडिंग की त्रुटियाँ (error) दिखा रहा था। मुझे जटिल मॉड्यूल आयात करने की जानकारी नहीं थी, इसलिए लेखों को त्रुटिमुक्त करने के लिए मैंने सीधे स्वदेशी '''<code><nowiki>{{ज्ञानसंदूक}}</nowiki></code>''' ढाँचे का उपयोग करके यह नया साँचा बनाया, जिसे किसी बाहरी मॉड्यूल की आवश्यकता ही नहीं है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:58, 15 अप्रैल 2026 (UTC) mw5s44ibw4x40oqcnj0smqjnms5vqar 6541221 6540947 2026-04-16T10:04:02Z चाहर धर्मेंद्र 703114 जिज्ञासा 6541221 wikitext text/x-wiki <!-- Please do NOT delete this line. Thanks! -->{{/header}} <!-- कृपया इस लाइन और ऊपर की लाइन को को न हटायें, धन्यवाद !--> साले नीच वामपंथी कुत्ते == हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ "राजकुमार वर्मा" को नही हटाना चाहिए था। == मै हिंदी विकिपीडिया का ३ साल से सक्रिय सदस्य हूं और संपादन कार्य कर रहा हूं। मैने एक हिंदी विकिपीडिया पृष्ठ " राजकुमार वर्मा" बनाया था जिसमें किसी भी प्रकार का प्रचार कार्य नहीं था, और जब पृष्ठ को हटाने के लिए नामांकित किया गया तब उसके प्रति स्पष्ट जवाब भी दिया गया था कि पृष्ठ को क्यों नहीं हटाना चाहिए, फिर भी आपने पृष्ठ को हटा ही दिया। आपको अधिकार मिले हैं तो उसका दुरुपयोग न करें , मेरे द्वारा निर्मित पृष्ठ में किसी भी प्रकार की प्रचार संबंधी लेख या सामग्री नहीं है। अतः मेरे पृष्ठ को पुनः वापस लाएं।। [[सदस्य:धनंजय अहीर|धनंजय अहीर]] ([[सदस्य वार्ता:धनंजय अहीर|वार्ता]]) 16:58, 7 मार्च 2025 (UTC)धनंजय अहीर == महाराज जी == नमस्ते SM7, पिछले कई सालों से आप अपने अधिकार का हिंदी विकिपीडिया पर दुरूपयोग कर रहे हैं। जिसका बिल्कुल सही उधारन है प्रेमानंद महाराज जी। कोशिश तो आपने बहुत की इसे ([[प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज]]) डिलीट करने की, लेकिन महाराज जी का चमत्कार देखिए, उनके किसी चाहने वाले ने बना ही दिया। और आप कुछ भी ना कर पाये । और ना कर पायेंगे । [[विशेष:योगदान/&#126;2025-128983|&#126;2025-128983]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-128983|talk]]) 16:02, 4 जुलाई 2025 (UTC) == हम अस्थायी खातों के साथ आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेंगे == <section begin="body" /> उत्पाद सुरक्षा एवं अखंडता टीम अस्थायी खातों के संबंध में आपके अनुभवों के बारे में जानना चाहेगी। इस सर्वेक्षण में आपकी भागीदारी हमें यह समझने में सहयता करने में बेहद मूल्यवान होगी कि अस्थायी खाते कितनी अच्छी तरह कार्य कर रहे हैं और हम आगे क्या सुधार कर सकते हैं। इसे पूरा होने में ५ मिनट से अधिक समय नहींं लगना चाहिए। इस सर्वेक्षण की गोपनीयता नीति [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Survey:Temporary_Accounts_Second_Pilot_Feedback_Privacy_Statement|इस लिंक पर देखी जा सकती है]]। इस सर्वेक्षण को पूरा करके, आप गोपनीयता नीति में निर्धारित शर्तों से सहमत होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि हम आपसे संपर्क करें, तो कृपया हमें अपना विकि उपयोगकर्ता नाम बताएँ। '''<big>[https://wikimedia.qualtrics.com/jfe/form/SV_emJJxsotBxVpS18?Q_Language=HI सर्वेक्षण में भाग लें]</big>'''. धन्यवाद!<section end="body" /> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]]</bdi> 00:44, 21 अगस्त 2025 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Quiddity_(WMF)/sandbox4&oldid=29158797 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Quiddity (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == soc == I would like to bring to your attention that [[:en:User:Krishnarthiindia|User:Krishnarthiindia]], previously blocked on English Wikipedia as a sockpuppet of ''MediaTribe'', is currently active on Hindi Wikipedia and creating multiple promotional pages. 🔗 [[सदस्य:Krishnarthiindia|User page on Hindi Wikipedia]] I raised this issue with Hindi Wikipedia administrator सदस्य:संजीव कुमार, but his response suggests that the matter is being overlooked. Our discussion is here: 🔗 Talk page discussion As an example, the article on ''Yohan Poonawalla'' has been repeatedly deleted on English Wikipedia due to COI and promotional issues: * EN: [[:en:Yohan_Poonawalla|Yohan Poonawalla (deleted multiple times)]] * HI: योहान पूनावाला This demonstrates a clear case of cross-wiki paid/COI editing. Further evidence of promotional editing by this user includes: * ''Abhay Singh (Jamshedpur politician)'' (created and later deleted) * ''Anshuman Bhagat'' * ''Yohan Poonawalla'' * ''Ajay Mehgi'' ([https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%8B%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80 ऋतु मेंगी]) Given the user’s established connection to ''MediaTribe'' and a pattern of COI and promotional activity across projects, I kindly request an investigation into their activities on Hindi Wikipedia. [[सदस्य:The BO57!|The BO57!]] ([[सदस्य वार्ता:The BO57!|वार्ता]]) 15:46, 25 सितंबर 2025 (UTC) == अभिनेता गौरव देवासी का पेज बनाने के सन्दर्भ में == अभिनेता गौरव देवासी जो की राजस्थान राज्य में अभिनेता हे और गूगल पर बहुत आर्टिकल उपलब्ध हे.आपसे अनुरोध हे की इनका पेज बनाया जाये [[विशेष:योगदान/&#126;2025-49619-4|&#126;2025-49619-4]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-49619-4|talk]]) 10:16, 3 अक्टूबर 2025 (UTC) == सदस्य:Vedic Art द्वारा बन रहे LLM आधारित पेजों पर चिंता == '''मैं एडमिन्स का ध्यान इस बात पर लाना चाहता हूँ कि सदस्य:Vedic_Art लगातार ऐसे पेज बना रहे हैं जो देखने में AI या LLM से तैयार लगते हैं। इन पेजों में न स्रोत होते हैं, न ढंग की जानकारी, और कई जगह गलतियाँ भी हैं।''' '''साथ ही ये यूज़र “सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव अक्टूबर 2025” वाले पेज-निर्माण कार्यक्रम में भी हिस्सा ले रहे हैं। अगर ऐसे कार्यक्रमों में AI से बने पेज भेजे जाते हैं, तो हिंदी विकिपीडिया की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा।''' '''मेरी मुख्य बातेँ:''' * '''विकिपीडिया का मकसद भरोसेमंद और सत्यापित जानकारी देना है, न कि AI से बना कंटेंट डालना।''' * '''AI के पेज अक्सर बिना स्रोतोँ वाले, गलत या गढ़ी हुई बातें रखते हैं।''' * '''गूगल पर विकिपीडिया की रैंकिंग ऊँची होती है, अगर झूठी या AI से बनी जानकारी जाएगी तो लोग गलतफ़हमी में पड़ेंगे।''' * '''अगर गलत जानकारी फैलती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?''' '''मेरी विनती है कि:''' * '''सदस्य:Vedic_Art के हाल के पेजों की जाँच हो।''' * '''जो पेज सत्यापित नहीं हैं, उन पर कार्रवाई हो।''' * '''साफ किया जाए कि ऐसे AI-जनित पेजों की अनुमति है या नहीं।''' * '''क्या ऐसे यूज़र्स को प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए?''' '''क्या एडमिन लोग इस तरह की गतिविधियों को स्वीकार करते हैं? इस पर साफ राय जरूरी है।''' '''धन्यवाद,''' '''WeSeeAllButNot''' [[सदस्य:WeSeeAllButNot|WeSeeAllButNot]] ([[सदस्य वार्ता:WeSeeAllButNot|वार्ता]]) 17:48, 5 अक्टूबर 2025 (UTC) == Requested Page Moves == To align with the original title name: * Move [[द बैड्स ऑफ बॉलीवुड]] → [[द बा***ड्स ऑफ़ बॉलीवुड]] ** Reason: The current title contains an incorrect word ("बैड्स", "ऑफ"). The proposed title reflects the accurate and original english title name. To correct spelling errors: * Move [[गौरी खान]] → [[गौरी ख़ान]] ** Reason: The current title misspells "ख़ान" as "खान". * Move [[फराह खान]] → [[फ़राह ख़ान]] ** Reason: The current title misspells both "फ़राह" (as "फराह") and "ख़ान" (as "खान"). * Move [[बॉलीवुड हँगामा]] → [[बॉलीवुड हंगामा]] ** Reason: The current title uses an incorrect spelling ("हँगामा"). The proposed title corrects it to the standard spelling "हंगामा". For consistency and commonly accepted spelling: * Move [[इण्डिया टुडे]] → [[इंडिया टुडे]] * Move [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] → [[द टाइम्स ऑफ़ इंडिया]] ** Reason: The current title uses an outdated spelling ("इण्डिया"). The proposed title updates it to the standard and widely used spelling "इंडिया" for consistency. [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 02:05, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:Anoopspeaks|Anoopspeaks]] कृपया संबंधित पृष्ठों के वार्ता पन्नों पर साँचा:नाम बदलें के प्रयोग द्वारा लिखें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ::जी, किया [[सदस्य:Anoopspeaks|अनूप भाटिया]] ([[सदस्य वार्ता:Anoopspeaks|वार्ता]]) 08:04, 7 अक्टूबर 2025 (UTC) ==युद्ध हाथी पृष्ठ हटाने के संबंध में== नमस्ते SM7 जी। मैंने कल रात में एक पृष्ठ बनाया था [[युद्ध हाथी]] नाम से हालांकि लेख में अभी बहुत काम बाकी था जिसे मैं आज पूरा करने वाला था परंतु आज जब मैंने अपना लेख देखा तो वह आपके द्वारा हटाया जा चुका है। कृपया हटाने का कारण बताएं? धन्यवाद --[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 12:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) :नमस्ते @[[सदस्य: रोहित साव27|रोहित जी]], लेख आईपी द्वारा बनाया गया था और लेख में केवल एक वाक्य लिखा हुआ था - "इनका इस्तेमाल युद्ध के लिए होता।" जिसे सदस्य:MathXplore द्वारा परीक्षण पृष्ठ के रूप में शीह नामांकित किया गया था और मैंने इसी मापदंड के तहत हटाया है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:21, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) ::माफी चाहूंगा SM7 जी शायद मेरी ग़लती है क्योंकि कल रात को मैं इस लेख पर काम कर रहा था और करते-करते सो गया था। शायद मैंने सेव नहीं किया होगा। मुझे लगा कि मैंने सेव किया होगा। माफी चाहूंगा शायद मेरी तरफ से ही गलती हुई है। आपका धन्यवाद।--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:39, 13 अक्टूबर 2025 (UTC) == अस्थायी खातों को सूचना भेजना == नमस्ते SM7 जी, मैंने देखा है कि ट्विंकल से किसी लेख को शीह-नामांकित करने पर वो सम्बंधित खातों को सूचना सन्देश भेजता है। आईपी (मोबाइल) पतों से बने खाते को ये सन्देश नहीं भेजे जाते हैं लेकिन वर्तमान में हिन्दी विकिपीडिया पर ऐसे खातों को अस्थायी खातों से बदला जा चुका है और ये टिल्डे (~) से आरम्भ होते हैं। इन अस्थायी खातों पर सन्देश जा रहे हैं। मुझे लगता है कि इन खातों को भी डिफॉल्ट रूप से सन्देश भेजना बंद कर देना चाहिए। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:52, 20 अक्टूबर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैं समय मिलते ही इसे देखता हूँ। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 13:27, 21 अक्टूबर 2025 (UTC) == 2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल == नमस्ते SM7 जी, [[2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल]] नामक लेख को पिछले माह @[[सदस्य:TypeInfo|TypeInfo]] जी ने [[वि:शीह#व2|परीक्षण पाठ]] के रूप में नामांकित किया। उनका ये कैसा रौलबैक था, ये तो वो ही बता सकते हैं (अपेक्षा करता हूँ कि वो इसके बारे में बतायेंगे) लेकिन आपने भी बिना इतिहास देखे लेख को हटा दिया। सम्भवतः ये परीक्षण पाठ तो नहीं था और [[:d:Q209222|विकिडाटा आयटम]] से भी जुड़ा हुआ था जहाँ 29 अन्य भाषायें भी सूचीबद्ध हैं। अतः मुझे लगता है यह परीक्षण पाठ के रूप में नहीं हटाना चाहिए था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:09, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, बिना देखे तो नहीं हटाया - यह वैसे ही लिखा हुआ था कि - "अमुक फलाने की लिखी पुस्तक है" और 2009 से बस यही पाठ था। विकिडेटा से जुड़े होने के बावज़ूद यह परीक्षण ही लगा भले उल्लेखनीय हो। आगे आप निर्णय ले सकते हैं कि इसे वापस स्थापित करना है या नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:20, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::मेरे पास कोई उल्लेखनीय स्रोत नहीं है लेकिन निम्नलिखित सामग्री के साथ रखा जा सकता है: :::'''2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल''' (Dichlorophenoxyacetic acid) एक [[कार्बनिक यौगिक]] है जिसका रासायनिक सूत्र {{chem|C|8|H|6|Cl|2|O|3}} है। इसे अक्सर इसके [[ISO|आईएसओ]] सामान्य नाम '''2,4-डी''' कहा जाता है। यह प्रणालीगत [[शाकनाशक]] है जो अधिकतर चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार को नष्ट करने का काम करता है लेकिन [[खाद्यान्न]], [[घास|दूब]] और [[घासभूमि]] जैसे पौधे इससे अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। :::2,4-डी दुनिया के सबसे पुराने और सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध शाकनाशी रसायनों में से एक है जो सन् 1945 से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। वर्तमान में कई रासायनिक कंपनियों द्वारा इसका उत्पादन किया जाता है क्योंकि इसका पेटेंट बहुत पहले समाप्त हो चुका है। यह कई व्यावसायिक लॉन शाकनाशी मिश्रणों में पाया जाता है और अनाज की फसलों, चरागाहों और बागों में खरपतवारनाशक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। 1,500 से ज़्यादा शाकनाशी उत्पादों में सक्रिय घटक के रूप में 2,4-डी होता है। ::आवश्यक हो तो उपरोक्त सामग्री के साथ स्रोतहीन का टैग रख सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:03, 12 नवम्बर 2025 (UTC) :::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, वो तो [[1,4-डाइमिथाइलबेंजिन]] टाइप के लेख भी एक लाइन के साथ स्रोतहीन का टैग लगा के रखे हुए ही हैं। मेरी कोई हार्दिक इच्छा नहीं। यदि कोई इसे परीक्षण कह के शीह कर दे तो मैं इसे भी हटा ही दूँगा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:21, 12 नवम्बर 2025 (UTC) ::::मेरी भी ऐसी कोई इच्छा नहीं है लेकिन इस तरह के 10 हज़ार पृष्ठ [[विशेष:छोटे_पृष्ठ|यहाँ]] सूचीबद्ध हैं। आप बार-बार मुझे परीक्षण पृष्ठ कहने पर डांट चुके हो, लेकिन अब आप भी उसी के साथ जुड़े हो। इन सभी को यदि हटाना है तो [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा]] करके हटाया जा सकता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:08, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप उल्टा कह रहे हैं। जैसा कि आप ख़ुद बता रहे - ''आप'' बार-बार ऐसे पृष्ठ परीक्षण कह के नामांकित कर चुके हैं और देख-देख के और हटा-हटा के जब मैंने एक ऐसा ही पृष्ठ किसी दूसरे के नामांकन पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हटा ही दिया तो, अब, आप कह रहे कि वो परीक्षण नहीं था। तो आप ही बताइये कि मैं कहाँ स्टैंड लूँ? मुझे नहीं पता कि हहेच में रखा जाय तो इन्हें हटाने पे ही सहमति बनेगी या नहीं; यह पहले से प्रेडिक्शन करना मुश्किल है। एक ही तरीका बचता है कि शीह-परीक्षण की नियमावली को शब्दशः अनुसरित करें 'स्फद्घ्झा स्झाज्घ' जैसे कुछ लिखा हो केवल तभी उसे परीक्षण मान के हटायें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 04:23, 13 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::वो अर्थहीन सामग्री में आता है। परीक्षण में वो लेख भी शामिल होते हैं जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन जाते हैं। 15 वर्ष पुराने लेख को इस श्रेणी में कैसे रख सकते हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:07, 13 नवम्बर 2025 (UTC) :::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] यानी आप तैयार हैं कि केवल उन्हीं लेखों को परीक्षण के मापदंड के तहत नामांकित किया जाए जो - "जो अनजाने में प्रयोगपृष्ठ की तरह बना हो या फिर किसी कड़ी पर क्लिक करने के बाद किसी नये सदस्य या अस्थायी खातों से अज्ञानतावश बन..." गए हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:17, 14 नवम्बर 2025 (UTC) ::::::::मैं तो सदैव ही तैयार था लेकिन जब चर्चायें बिना किसी चर्चा के वर्षों तक चलने लगी और शीह में भी महिनों का समय लगने लगा तब मैं ऐसे हटाने लगा था। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 11:52, 14 नवम्बर 2025 (UTC) == नए साल की शुभकामनाएँ == <div style="background:#E8F5E9; padding:10px; border:1px solid #81C784; border-radius:6px;"> '''SM7 जी, नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!''' यह नया साल आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा स्वास्थ्य, सफलता और सुख-समृद्धि लेकर आए। [[File:Everlasting Fireworks looped.gif|left|x173px]] हिंदी विकिपीडिया पर आपके योगदान के लिए धन्यवाद। [[सदस्य:Chronos.Zx|<span style="color:blue; font-weight:bold;">क्रोनोस.Zx</span>]] ([[सदस्य वार्ता:Chronos.Zx|वार्ता]]) 13:15, 1 जनवरी 2026 (UTC) </div> :@[[सदस्य:Chronos.Zx|Chronos.Zx]] जी, बहुत-बहुत धन्यवाद। आपको भी नववर्ष अत्यंत मंगलमय हो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:24, 2 जनवरी 2026 (UTC) == विशेष: कार्यक्रम आयोजक अधिकार == नमस्ते [[सदस्य:SM7|SM7]], आप मुझे कार्यक्रम आयोजक के अधिकार के आवेदन दर्ज करने के लिए पृष्ठ बताने के कृपा करे | [[सदस्य:Dev Jadiya|Dev Jadiya]] ([[सदस्य वार्ता:Dev Jadiya|वार्ता]]) 09:08, 18 मार्च 2026 (UTC) == जांच == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] के अभी के कुछ संपादनों को जांच लें <br> धन्यवाद, [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:48, 1 अप्रैल 2026 (UTC) :किसी से पूछने से पहले इंग्लिश विकिपीडिया पर ज़रूर जाएँ अथवा समाचार पढ़कर अपना ज्ञानवर्धन करें| [[सदस्य:Ankit231132|Ankit231132]] ([[सदस्य वार्ता:Ankit231132|वार्ता]]) 14:36, 1 अप्रैल 2026 (UTC) == एक सदस्य को अवरोधित करने का नामांकन == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] को बहुत बार चेतावनी दे चुका हूं पर अपमानजनक सम्पादन कर रहे है, कृपया आप इस पर संज्ञान लें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:16, 5 अप्रैल 2026 (UTC) == मदद == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, सदस्य @[[सदस्य:~2026-21206-80|~2026-21206-80]] बार बार प्रचार सम्पादन कर रहा है| केवल इनके लिए ही नहीं बल्कि और भी सदस्यों के लिए बताए [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:06, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == व7 के अंतर्गत हटाए गए लेख के पुनर्विचार हेतु अनुरोध == @[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, मैं आपको [[कमलेश कमल]] लेख के संबंध में लिख रहा हूँ जिसे आपने [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]] के अंतर्गत हटाया था। जब लेख को शीघ्र हटाने के लिए चिह्नित किया गया, तब मैंने तुरंत उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए आवश्यक बदलाव किए। मैंने पूरे लेख में महत्वपूर्ण सुधार किए, जिसमें प्रचारात्मक और प्रशंसात्मक भाषा हटाना, सामग्री को निष्पक्ष दृष्टिकोण (neutral point of view) में दोबारा लिखना, और इसे अधिक विश्वकोशीय बनाने के लिए विस्तार करना शामिल था। मेरा मानना है कि संशोधित संस्करण अब प्रचारात्मक नहीं था, या कम से कम इतना नहीं कि उसे व7 के अंतर्गत हटाया जाए। मैंने इन परिवर्तनों का उल्लेख लेख के वार्ता पृष्ठ पर भी किया था। मेरी समझ के अनुसार, व7 उन पृष्ठों पर लागू होता है जो पूरी तरह से प्रचारात्मक होते हैं और जिनमें सुधार की संभावना नहीं होती। किए गए सुधारों को देखते हुए, आपसे निवेदन है कि कृपया लेख को पुनर्स्थापित करने पर विचार करें। साथ ही, यदि कोई अन्य कमी या समस्या शेष हो, तो कृपया उसे बताने का कष्ट करें ताकि मैं सामग्री में और सुधार कर सकूँ। [[सदस्य:BBBhagwati|BBBhagwati]] ([[सदस्य वार्ता:BBBhagwati|वार्ता]]) 16:41, 7 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:29, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == पिण्डार या पिण्डर नदी == नमस्ते SM7 जी, मैं आज [[पिण्डार नदी]] नामक लेख पर देख रहा हूँ कि आपने इसके समकक्ष भोजपुरी लेख निर्मित किया। वहाँ आपने शीर्षक में "पिण्डार" के स्थान पर "पिंडर" रखा। इस हिसाब से यहाँ भी "पिण्डर नदी" या "पिंडर नदी" होना चाहिए। यदि आपको सही लगता है तो यह स्थानान्तरण कर देना चाहिए। मुझे इसकी सही जानकारी नहीं है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:36, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, अब जांचा तो कुछ उदाहरण मिले :*[https://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-garhwal-pindar-river-water-poured-into-kumaon-kosi-river-jal-jeevan-mission-6775827.html लाइव हिन्दुस्तान] :* [https://www.jagran.com/uttarakhand/almora-pindar-river-water-advocates-for-release-in-nonviolent-rivers-19447355.html दैनिक जागरण] :* [https://www.drishtiias.com/hindi/state-pcs-current-affairs/pindari-glacier-to-make-kumaon-s-drying-rivers-sadaneera दृष्टि आईएएस] :इन संदर्भों के अनुसार इसका नाम स्थानांतरण करके [[पिंडर नदी]] करना चाहिए| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 18:56, 14 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] हाँ, इसके नाम में ड पर आ की मात्रा नहीं है। मैं इस नदी का पानी भी पी चुका हूँ, पर मेरी हिम्मत नहीं कि मैं आधा ण हटाऊँ। यह विवादास्पद बदलाव लेख के वार्ता पन्ने पे चर्चा के बाद पर्याप्त समर्थन से किया जाय तो बेहतर होगा। सादर। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 08:37, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी, चर्चा के बिना मैं स्थानान्तरित कर सकता हूँ। बाकी आप चाहो तो चर्चा भी आरम्भ कर सकते हैं। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपने जो स्रोत दिये हैं उनमें पिंडर और पिंडार दोनों लिखे हैं। इसके अतिरिक्त दृष्टि आईएएस वाला स्रोत विश्वसनीय नहीं है जबकि समाचार वाले भी एकरूप नहीं होने के कारण उचित नहीं माने जा सकते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:41, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::कृपया {{tlx|virusbox}} को भी देखें। इसे आपने बहुत पहले आयात किया था लेकिन सम्बंधित मोड्यूल का आयात नहीं किया गया। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी ने {{tlx|विषाणु}} क्यों निर्मित किया है, मुझे इसका कोई कारण समझ में नहीं आया। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:45, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::::नमस्ते SM7 जी, @[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, आप स्थानान्तरित कर सकते है। खोजने पर काफ़ी विश्वसनीय स्रोत है, जिन में '''पिंडर नदी''' ही लिखा है। [https://www.google.co.th/books/edition/Prachin_Madhya_Himalaya_izkphu_e_fgeky/SeKkhjTwMbcC?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA8&printsec=frontcover], [https://www.google.co.th/books/edition/2026_27_UKPSV_UKSSSC_Special_General_Stu/YOS4EQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA132&printsec=frontcover], [https://www.google.co.th/books/edition/Aao_Karen_Himalaya_Mein_Trekking/qfVzBQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA95&printsec=frontcover] <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:55, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, :::::नदी के नाम पर उचित मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। वर्तनी के संबंध में आपका निर्णय मुझे पूरी तरह स्वीकार है, कृपया आप ही इसे उपयुक्त नाम पर स्थानांतरित कर दें। :::::'''<code><nowiki>{{विषाणु}}</nowiki></code>''' साँचे के निर्माण का कारण केवल तकनीकी था। पुराना <code><nowiki>{{virusbox}}</nowiki></code> साँचा संबंधित मॉड्यूल्स के अभाव में काम नहीं कर रहा था और लेखों में कोडिंग की त्रुटियाँ (error) दिखा रहा था। मुझे जटिल मॉड्यूल आयात करने की जानकारी नहीं थी, इसलिए लेखों को त्रुटिमुक्त करने के लिए मैंने सीधे स्वदेशी '''<code><nowiki>{{ज्ञानसंदूक}}</nowiki></code>''' ढाँचे का उपयोग करके यह नया साँचा बनाया, जिसे किसी बाहरी मॉड्यूल की आवश्यकता ही नहीं है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:58, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ==जिज्ञासा== नमस्कार! SM7 जी, लेख हटाने हेतु चल रही चर्चाओं के संबंध में एक जिज्ञासा है। सामान्यतः ऐसी चर्चाओं की एक निर्धारित समयसीमा होती है, किन्तु देखा गया है कि [[:श्रेणी:लेख हटाने हेतु वर्तमान चर्चाएँ|कई चर्चाएँ लंबे समय तक बिना किसी निष्कर्ष]] के लंबित रहती हैं। कुछ लेखों पर हुई चर्चाओं का अभी तक कोई स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया है कि उन्हें रखा जाना है या हटाया जाना है। * जिज्ञासा ये है की सामान्यतः इन चर्चाओं के निष्कर्ष तक पहुँचने की समय-सीमा क्या निर्धारित होती है तथा किन परिस्थितियों में इनका परिणाम घोषित किया जाता है।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 09:56, 16 अप्रैल 2026 (UTC) oo4wazq2rj3fp1ta44xg7bjkenpvpay सदस्य वार्ता:Agyat agyani 3 520288 6541020 6483161 2026-04-15T23:13:56Z NguoiDungKhongDinhDanh 641769 [[Special:Contributions/अज्ञात अज्ञानी|अज्ञात अज्ञानी]] ([[User talk:अज्ञात अज्ञानी|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 2162352 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Agyat agyani}} -- [[User:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[User talk:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 05:57, 2 जून 2013 (UTC) k0guz3bgy8o7u3cwofnta0u79s52vm2 मेधातिथि 0 605213 6540936 6203665 2026-04-15T13:27:50Z Khushi200 920506 भाषा, संरचना और संदर्भों में सुधार करते हुए सामग्री को तटस्थ एवं विश्वकोशीय शैली में अद्यतन किया गया। 6540936 wikitext text/x-wiki '''मेधातिथि''' [[मनुस्मृति]] के प्राचीनतम ज्ञात भाष्यकारों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने मनुस्मृति पर 'मनुभाष्य' नामक एक विस्तृत टीका लिखी, जो इस ग्रंथ के अध्ययन में महत्वपूर्ण मानी जाती है। == जीवन और काल == मेधातिथि के जीवनकाल के बारे में निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है, किन्तु उनके ग्रंथ में [[कुमारिल भट्ट]] का उल्लेख मिलता है, जिससे उनका काल सातवीं शताब्दी के बाद का माना जाता है।<ref name="jha">{{cite book |last=Jha |first=Ganganath |title=Manusmriti with the Commentary of Medhatithi}}</ref> मनुस्मृति पर लिखी गई [[मिताक्षरा]] (लगभग 11वीं–12वीं शताब्दी) में भी उनका उल्लेख मिलता है, जिसके आधार पर डॉ॰ [[गंगानाथ झा]] ने उनका काल 9वीं शताब्दी के आसपास माना है।<ref name="jha" /> विद्वानों में उनके निवास स्थान को लेकर मतभेद है। कुछ विद्वान उन्हें [[कश्मीर]] का मानते हैं, जबकि अन्य उन्हें दक्षिण भारत से संबंधित बताते हैं। उनके ग्रंथ में कश्मीर और पंजाब क्षेत्र की सामाजिक परंपराओं का उल्लेख मिलता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे इन क्षेत्रों से परिचित थे। == कृतियाँ == * '''मनुभाष्य''' — [[मनुस्मृति]] पर लिखी गई टीका * '''स्मृति विवेक''' — एक अन्य ग्रंथ (जिसका उल्लेख कुछ स्रोतों में मिलता है) == महत्व == मेधातिथि का 'मनुभाष्य' मनुस्मृति की व्याख्या करने वाले प्रारंभिक और महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक माना जाता है। उनके विचार धर्मशास्त्र और भारतीय विधि परंपरा के अध्ययन में उपयोगी माने जाते हैं। == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180612141813/https://www.wisdomlib.org/hinduism/book/manusmriti-with-the-commentary-of-medhatithi मनुस्मृति (मेधातिथि मनुभाष्य)] == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:संस्कृत विद्वान]] [[श्रेणी:धर्मशास्त्र]] [[श्रेणी:भारतीय दार्शनिक]] {{आधार}} 7e3fy4uq17gw19oz039ys8ihf9s496l कोराँव 0 621716 6541243 6027722 2026-04-16T11:33:56Z ~2026-23510-67 920680 /* यातायात */ 6541243 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement |name = कोराँव |other_name = Koraon |image = |image_caption = |pushpin_label = कोराँव |pushpin_map = India Uttar Pradesh |coordinates = {{coord|25.000|82.068|display=inline, title}} |pushpin_map_caption = उत्तर प्रदेश में स्थिति |subdivision_type = देश |subdivision_name = {{IND}} |subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|प्रान्त]] |subdivision_name1 = [[उत्तर प्रदेश]] |subdivision_type2 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] |subdivision_name2 = [[प्रयागराज ज़िला]] |subdivision_type3 = [[तहसील]] |subdivision_name3 = |elevation_m = |population_total = 14821 |population_as_of = 2011 |demographics_type1 = भाषाएँ |demographics1_title1 = प्रचलित |demographics1_info1 = [[हिन्दी]], [[अवधी भाषा|अवधी]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]] |timezone1 = [[भारतीय मानक समय|भामस]] |utc_offset1 = +5:30 |postal_code_type = [[पिनकोड]] |postal_code = 212306 |area_code_type = दूरभाष कोड |area_code = +91-5334 |registration_plate = UP-70 |website = }} '''कोराँव''' (Koraon) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[प्रयागराज ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह इसी नाम की [[तहसील]] में स्थित है, जो ज़िले की आठ तहसीलों में से एक है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|date=23 अप्रैल 2017}}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref> == विवरण == कोराँव नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्र मिलकर बना हुआ है। प्रयागराज से मिर्ज़ापुर मार्ग (लगभग दूरी 47 किलोमीटर) स्थित मेजारोड चौराहे से तथा मेजारोड रेलवे स्टेशन से 32 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। == ब्लॉक == कोरांव तहसील गोला इसी नाम का ब्लॉक है। == जनसांख्यिकी == जनगणना 2001 के अनुसार पूरी कोराँव तहसील की जनसंख्या (नगरीय) 12142 तथा ग्रामीण 286982 थी। जिसमे से 53% पुरुष और 47% महिलाएँ सम्मिलित थी। == यातायातकोरांव केवल सड़क द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ से [[राष्ट्रीय राजमार्ग 135सी (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग 135सी]] निकलता है। निजी बसें प्रत्येक 20 मिनट में [[इलाहाबाद|प्रयागराज]] के लिये उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग [[NH76E]] से जुडा़ है।मिर्ज़ापुर से दूरी 68 किमी या 42 मील जिसको तय करने में लगभग 2 घण्टे का समय लगता है। प्रयागराज से 64 किमी या 33 मील जिसको तय करने में 2:45 घण्टे का समय लगता है। सड़क मार्ग से यह [[मिर्ज़ापुर]] और पड़ोसी तहसील [[मेजा]] को जोडता है। == == दर्शनीय स्थल == कोरावं बौद्ध काल और मौर्य काल मे एक प्रसिद्ध और एक विकाशित नगर रहा होगा क्योंकि कोरावं के विभिन्न जगहों से मिल रहे मौर्य काल के असोक स्तम्भ के अवशेष और बुद्ध की मूर्तिया इस बात की प्रामाणिकता सिद्ध करती है और कोरावं के एरिया डिजाइन और एरिया के तालाबों के बनने और उनके एरिया डिजाइन भी इस बात की प्रमाण है | और अब फिर से कोरावं मे लोगों के द्वारा बड़े पैमाने पर बौद्ध महोत्सव कराए जाते है जिससे कोरावं अपनी खोई हुई इतिहास फिर से प्राप्त करने के ओर अग्रसर है | कोरावं मुख्य बाजार, माहुली पियरी, मझीगवा हटवार, रतयोरा, लेडियारी, आदि जगहों पर बौद्ध महोत्सव बड़े ही धूमधाम से होता है | * इस तहसील के अंतर्गत लोगों को देखने के लिए भोगन के प्रसिद्ध हनुमान जी, बघोल के हनुमान जी, कालिकन की माँ काली एवम् पथरताल के हनुमान जी हैं। * इस तहसील के अंतर्गत कुछ पहाड़ी क्षेत्र भी जहां जाकर आनन्द प्राप्त किया जा सकता है, जैसे- बड़ोखर ,देवघाट, महुली एवम् तहसील के पश्चिम में कोहड़ार की पहाड़ी इलाका। * प्रत्येक वर्ष यहां के कई जगहों पर दशहरे पर क्षेत्रीय मेले का आयोजन होता है जिसमे महुआव में पूस का मेल, कोरांव में दशहरे का मेला एवम् कई गांवों में रामलीला का आयोजन जैसे नथऊपुर( नवयुवक रामलीला कमेटी नथऊपुर सिकरो# 'संचालक' - रामनरेशओझा)" , डिहिया में दुर्गा मंदिर के पास, लेंडियारी, बडोखर,भगेसर् में होता है वहीं डिहिया गांव में दुर्गा मंदिर के पास भव्य रामलीला, होली मिलन समारोह व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का शानदार आयोजन होता है। * कोरांव तहसील के महुली बाजार में. काली माता का मंदिर है। यहां लगभग सौ साल से रामलीला का आयोजन होता है। ( माता काली रामलीला कमेटी महुली बाजार #संचालक श्री उमा शंकर पांडेय )और ठीक पहाड़ियों में बाबा रंग नाथ धाम है। यह बहुत ही रमणीक और बहुत ही सुंदर स्थान है। आप सब यहां आकर इस पर्यटन स्थल का लुत्फ उठा सकते हैं और भोले बाबा का दर्शन कर सकते हैं। और निवेदन है कि कोरांव के इतिहास में इसको भी जोड़ा जाए. धन्यवाद * महुली गांव तीन तरफ से पहाड़ से घिरा है पूर्व में रमगड़वा व इटहा पहाड़ है इन दोनो के बीच में मुरलिया पहाड़ चोटी है और दक्षिण की ओर 3 से 5 किलो मीटर पर पहाड़ है और पश्चिम की तरफ 7 से 8 किलो मीटर पर है उत्तर की तरफ ही पहाड़ नही है लेकिन उत्तर की बेलन नदी बहती जिसमे पूरे साल भर पानी रहा है । महुली में सेवटी नदी बहती जो तीन तरह से दक्षिण से पश्चिम से उतर की ओर बहती है और पूर्व की ओर पहाड़ के नजदीक बेलन नदी में मिल जाती है Sanjay computer ki report == इन्हें भी देखें == * [[प्रयागराज ज़िला]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:प्रयागराज ज़िला]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर]] [[श्रेणी:प्रयागराज ज़िले के नगर]] gt2tq9g1rs33n8k03u1lpkcvq5iv5w7 6541245 6541243 2026-04-16T11:35:58Z ~2026-23510-67 920680 6541245 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement |name = कोराँव |other_name = Koraon |image = |image_caption = |pushpin_label = कोराँव |pushpin_map = India Uttar Pradesh |coordinates = {{coord|25.000|82.068|display=inline, title}} |pushpin_map_caption = उत्तर प्रदेश में स्थिति |subdivision_type = देश |subdivision_name = {{IND}} |subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|प्रान्त]] |subdivision_name1 = [[उत्तर प्रदेश]] |subdivision_type2 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] |subdivision_name2 = [[प्रयागराज ज़िला]] |subdivision_type3 = [[तहसील]] |subdivision_name3 = |elevation_m = |population_total = 14821 |population_as_of = 2011 |demographics_type1 = भाषाएँ |demographics1_title1 = प्रचलित 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9788131707975</ref> == विवरण == कोराँव नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्र मिलकर बना हुआ है। प्रयागराज से मिर्ज़ापुर मार्ग (लगभग दूरी 47 किलोमीटर) स्थित मेजारोड चौराहे से तथा मेजारोड रेलवे स्टेशन से 32 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। == ब्लॉक == कोरांव तहसील गोला इसी नाम का ब्लॉक है। == जनसांख्यिकी == जनगणना 2001 के अनुसार पूरी कोराँव तहसील की जनसंख्या (नगरीय) 12142 तथा ग्रामीण 286982 थी। जिसमे से 53% पुरुष और 47% महिलाएँ सम्मिलित थी। == यातायातकोरांव केवल सड़क द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ से [[राष्ट्रीय राजमार्ग 135सी (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग 135सी]] निकलता है। निजी बसें प्रत्येक 20 मिनट में [[इलाहाबाद|प्रयागराज]] के लिये उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग [[NH76E]] से जुडा़ है।मिर्ज़ापुर से दूरी 68 किमी या 42 मील जिसको तय करने में लगभग 2 घण्टे का समय लगता है। प्रयागराज से 64 किमी या 33 मील जिसको तय करने में 2:45 घण्टे का समय लगता है। सड़क मार्ग से यह [[मिर्ज़ापुर]] और पड़ोसी तहसील [[मेजा]] को जोडता है। == == दर्शनीय स्थल == कोरावं बौद्ध काल और मौर्य काल मे एक प्रसिद्ध और एक विकाशित नगर रहा होगा क्योंकि कोरावं के विभिन्न जगहों से मिल रहे मौर्य काल के असोक स्तम्भ के अवशेष और बुद्ध की मूर्तिया इस बात की प्रामाणिकता सिद्ध करती है और कोरावं के एरिया डिजाइन और एरिया के तालाबों के बनने और उनके एरिया डिजाइन भी इस बात की प्रमाण है | जिससे कोरावं अपनी खोई हुई इतिहास फिर से प्राप्त करने के ओर अग्रसर है | * इस तहसील के अंतर्गत लोगों को देखने के लिए भोगन के प्रसिद्ध हनुमान जी, बघोल के हनुमान जी, कालिकन की माँ काली, एवम् पथरताल के हनुमान जी हैं। * इस तहसील के अंतर्गत कुछ पहाड़ी क्षेत्र भी जहां जाकर आनन्द प्राप्त किया जा सकता है, जैसे- बड़ोखर ,देवघाट, महुली एवम् तहसील के पश्चिम में कोहड़ार की पहाड़ी इलाका। * प्रत्येक वर्ष यहां के कई जगहों पर दशहरे पर क्षेत्रीय मेले का आयोजन होता है जिसमे महुआव में पूस का मेल, कोरांव में दशहरे का मेला एवम् कई गांवों में रामलीला का आयोजन जैसे नथऊपुर( नवयुवक रामलीला कमेटी नथऊपुर सिकरो# 'संचालक' - रामनरेशओझा)" , डिहिया में दुर्गा मंदिर के पास, लेंडियारी, बडोखर,भगेसर् में होता है वहीं डिहिया गांव में दुर्गा मंदिर के पास भव्य रामलीला, होली मिलन समारोह व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का शानदार आयोजन होता है। * कोरांव तहसील के महुली बाजार में. काली माता का मंदिर है। यहां लगभग सौ साल से रामलीला का आयोजन होता है। ( माता काली रामलीला कमेटी महुली बाजार #संचालक श्री उमा शंकर पांडेय )और ठीक पहाड़ियों में बाबा रंग नाथ धाम है। यह बहुत ही रमणीक और बहुत ही सुंदर स्थान है। आप सब यहां आकर इस पर्यटन स्थल का लुत्फ उठा सकते हैं और भोले बाबा का दर्शन कर सकते हैं। और निवेदन है कि कोरांव के इतिहास में इसको भी जोड़ा जाए. धन्यवाद * महुली गांव तीन तरफ से पहाड़ से घिरा है पूर्व में रमगड़वा व इटहा पहाड़ है इन दोनो के बीच में मुरलिया पहाड़ चोटी है और दक्षिण की ओर 3 से 5 किलो मीटर पर पहाड़ है और पश्चिम की तरफ 7 से 8 किलो मीटर पर है उत्तर की तरफ ही पहाड़ नही है लेकिन उत्तर की बेलन नदी बहती जिसमे पूरे साल भर पानी रहा है । महुली में सेवटी नदी बहती जो तीन तरह से दक्षिण से पश्चिम से उतर की ओर बहती है और पूर्व की ओर पहाड़ के नजदीक बेलन नदी में मिल जाती है Sanjay computer ki report == इन्हें भी देखें == * [[प्रयागराज ज़िला]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:प्रयागराज ज़िला]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर]] [[श्रेणी:प्रयागराज ज़िले के नगर]] jpnr2ec09htv6qf030q5s6uldre7qrt जेरोम 0 642937 6540969 6342795 2026-04-15T16:55:04Z Asimamit 905921 6540969 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) [[आदिम-हिन्द-यूरोपीय लोग|हिन्द-यूरोपीय]]<ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref> ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर, धर्मज्ञानी और इतिहासकार थे इसके अतिरिक्त वो बाद में कालीसा के उस्ताद भी बन गये थे। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|thumb|MatthiasStom-SaintJerome-Nantes]] ==बाहरी कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] qhbxnucwnj74p6fqjdtoiynz0xvx2jx 6540970 6540969 2026-04-15T16:58:19Z Asimamit 905921 6540970 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) [[आदिम-हिन्द-यूरोपीय लोग|हिन्द-यूरोपीय]]<ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref> ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर, धर्मज्ञानी और इतिहासकार थे इसके अतिरिक्त वो बाद में कालीसा के उस्ताद भी बन गये थे। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] 1q7to0hh6h11hrjmv8ry0pqm35ql92r 6540974 6540970 2026-04-15T17:24:43Z Asimamit 905921 6540974 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] gymav1hedk7xfz2ro5a74uqh2x4kak1 6540977 6540974 2026-04-15T17:42:45Z Asimamit 905921 6540977 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं।[[en:]]<ref>{{cite journal |last1=williams |date=2006 |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] t0e5vo1w75yiggcj5zdp7tmquhagkk3 6540978 6540977 2026-04-15T18:04:03Z Asimamit 905921 6540978 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं।[[en:]]<ref>{{cite journal |last1=williams |date=2006 |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है। उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] dd1e2qgl31npdjhby14tuxkd69eh80a 6540985 6540978 2026-04-15T19:03:16Z Asimamit 905921 6540985 wikitext text/x-wiki == == संत जेरोम == == '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं।[[en:]]<ref>{{cite journal |last1=williams |date=2006 |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है। उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref>{{cite journal |last1=williams |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref> वे इलिरियन वंश के थे।<ref>{{cite book |last1=pevvarello |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{cite book |last1=walsh |first1=michael |title=Walsh, Michael, ed. (1992), Butler's Lives of the Saints, New York: HarperCollins |date=1992 |location=new york}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{cite book |last1=kelly |first1=j , n d |title=Kelly, J.N.D. (1975). Jerome: His Life, Writings, and Controversies. New York: Harper & Row. |date=1975 |location=new york}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref>{{cite book |last1=payne |first1=robert |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] hgdcnnmncaonit0e13mwhuo2gkwonuv 6540987 6540985 2026-04-15T19:11:05Z Asimamit 905921 6540987 wikitext text/x-wiki == == संत जेरोम == == '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं।[[en:]]<ref>{{cite journal |last1=williams |date=2006 |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है। उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref>{{cite journal |last1=williams |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref> वे इलिरियन वंश के थे।<ref>{{cite book |last1=pevvarello |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{cite book |last1=walsh |first1=michael |title=Walsh, Michael, ed. (1992), Butler's Lives of the Saints, New York: HarperCollins |date=1992 |location=new york}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{cite book |last1=kelly |first1=j , n d |title=Kelly, J.N.D. (1975). Jerome: His Life, Writings, and Controversies. New York: Harper & Row. |date=1975 |location=new york}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref>{{cite book |last1=payne |first1=robert |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।” ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] 4ryozizsst4gwdve3fowv1fvg4yv5a1 6540989 6540987 2026-04-15T19:18:19Z Asimamit 905921 6540989 wikitext text/x-wiki == == संत जेरोम == == '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं।[[en:]]<ref>{{cite journal |last1=williams |date=2006 |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है। उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref>{{cite journal |last1=williams |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref> वे इलिरियन वंश के थे।<ref>{{cite book |last1=pevvarello |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{cite book |last1=walsh |first1=michael |title=Walsh, Michael, ed. (1992), Butler's Lives of the Saints, New York: HarperCollins |date=1992 |location=new york}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{cite book |last1=kelly |first1=j , n d |title=Kelly, J.N.D. (1975). Jerome: His Life, Writings, and Controversies. New York: Harper & Row. |date=1975 |location=new york}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref>{{cite book |last1=payne |first1=robert |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] q1goh8n9vrjd2qqi0yek9oi91kkkmf6 6540993 6540989 2026-04-15T19:46:49Z Asimamit 905921 6540993 wikitext text/x-wiki == == संत जेरोम == == '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं।[[en:]]<ref>{{cite journal |last1=williams |date=2006 |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है। उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref>{{cite journal |last1=williams |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref> वे इलिरियन वंश के थे।<ref>{{cite book |last1=pevvarello |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{cite book |last1=walsh |first1=michael |title=Walsh, Michael, ed. (1992), Butler's Lives of the Saints, New York: HarperCollins |date=1992 |location=new york}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{cite book |last1=kelly |first1=j , n d |title=Kelly, J.N.D. (1975). Jerome: His Life, Writings, and Controversies. New York: Harper & Row. |date=1975 |location=new york}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref>{{cite book |last1=payne |first1=robert |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> === विद्वत्तापूर्ण कार्य (Scholarly Works) बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी ) === जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] 2xdqtv8q838i6aq1s1a2awvm4wydaoe 6540994 6540993 2026-04-15T19:56:18Z Asimamit 905921 6540994 wikitext text/x-wiki == == संत जेरोम == == '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. 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(1992), Butler's Lives of the Saints, New York: HarperCollins |date=1992 |location=new york}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{cite book |last1=kelly |first1=j , n d |title=Kelly, J.N.D. (1975). Jerome: His Life, Writings, and Controversies. 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ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref> वे इलिरियन वंश के थे।<ref>{{cite book |last1=pevvarello |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{cite book |last1=walsh |first1=michael |title=Walsh, Michael, ed. (1992), Butler's Lives of the Saints, New York: HarperCollins |date=1992 |location=new york}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{cite book |last1=kelly |first1=j , n d |title=Kelly, J.N.D. (1975). Jerome: His Life, Writings, and Controversies. New York: Harper & Row. |date=1975 |location=new york}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref>{{cite book |last1=payne |first1=robert |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> === == विद्वतापूर्ण कार्य == === बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी ) जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] tv7uggcjx2rpnjyflv1w573czj0qj2i 6540996 6540995 2026-04-15T19:58:02Z Asimamit 905921 6540996 wikitext text/x-wiki == == संत जेरोम == == '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं।[[en:]]<ref>{{cite journal |last1=williams |date=2006 |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है। उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref>{{cite journal |last1=williams |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. 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(1992), Butler's Lives of the Saints, New York: HarperCollins |date=1992 |location=new york}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{cite book |last1=kelly |first1=j , n d |title=Kelly, J.N.D. (1975). Jerome: His Life, Writings, and Controversies. New York: Harper & Row. |date=1975 |location=new york}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref>{{cite book |last1=payne |first1=robert |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> === == विद्वतापूर्ण कार्य == ब === ाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी ) === जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] obr2x7s1sm5utpx1vqn1bjddpctzsa8 6540997 6540996 2026-04-15T19:58:46Z Asimamit 905921 6540997 wikitext text/x-wiki == == संत जेरोम == == '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{cite journal |last1=schaff |first1=philip |title=a select library of nicene and post nicene of the christian |date=2010 |volume=2 |url=Schaff, Philip, ed. (1893). A Select Library of Nicene and Post-Nicene Fathers of the Christian Church. 2nd series. Vol. VI. Henry Wace. New York: The Christian Literature Company. Archived from the original on 11 July 2014. Retrieved 7 June 2010.}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं।[[en:]]<ref>{{cite journal |last1=williams |date=2006 |url=Williams, Megan Hale (2006). The Monk and the Book: Jerome and the Making of Christian Scholarship. Chicago: U of Chicago Press. 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ISBN 978-0-226-89900-8.}}</ref> वे इलिरियन वंश के थे।<ref>{{cite book |last1=pevvarello |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{cite book |last1=walsh |first1=michael |title=Walsh, Michael, ed. (1992), Butler's Lives of the Saints, New York: HarperCollins |date=1992 |location=new york}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{cite book |last1=kelly |first1=j , n d |title=Kelly, J.N.D. (1975). Jerome: His Life, Writings, and Controversies. New York: Harper & Row. |date=1975 |location=new york}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref>{{cite book |last1=payne |first1=robert |title=Payne, Robert (1951), The Fathers of the Western Church, New York: Viking Press |date=1951 |location=new york}}</ref> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> === == विद्वतापूर्ण कार्य == == बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी == ) === जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया {{टिप्पणीसूची}} [[File:MatthiasStom-SaintJerome-Nantes.jpg|संत ==बाहरी जेरोम कड़ियाँ== {{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] 7dokieby9am03y2t5pf9bc3ompnejla 6541040 6540997 2026-04-16T02:54:50Z AMAN KUMAR 911487 लेख और संदर्भ संरचना सुधारी 6541040 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/aselectlibrary06unknuoft|title=A Select library of the Nicene and post-Nicene fathers of the Christian church : [first series|last=Schaff|first=Philip|date=1886-1890|publisher=Buffalo : Christian Literature Co|others=Trinity College - University of Toronto}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं। [[en:]]<ref name=":0">{{Cite journal|last=Kamesar|first=Adam|date=|title=The monk and the book. Jerome and the making of Christian scholarship. By Megan Hale Williams. Pp. xi+315 incl. 9 figs. Chicago–London: University of Chicago Press, 2006. £28.50 ($45). 13 978 0 226 89900 8; 10 0 226 89900 4|url=https://www.cambridge.org/core/product/identifier/S0022046907004083/type/journal_article|journal=The Journal of Ecclesiastical History|language=en|volume=59|issue=2|pages=303–304|doi=10.1017/S0022046907004083|issn=0022-0469}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है।उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref name=":0" /> वे इलिरियन वंश के थे।<ref name=":1">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Fathers_of_the_Western_Church.html?id=nVOpiKiBCasC&redir_esc=y|title=The Fathers of the Western Church|last=Payne|first=Robert|date=1952|publisher=London|language=en}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ButlersLivesOfTheSaintsCompleteEdition|title=Butler's Lives Of The Saints Complete Edition|last=Butler|language=English}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Jerome.html?id=6DgJAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Jerome: His Life, Writings, and Controversies|last=Kelly|first=John Norman Davidson|date=1975|publisher=Harper & Row|isbn=978-0-7156-0738-1|language=en}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref name=":1" /> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> == बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी == जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}}{{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] a5j16rj6hlfkuuy063598g214w236yk 6541083 6541040 2026-04-16T05:11:31Z ~2026-23123-36 920523 6541083 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/aselectlibrary06unknuoft|title=A Select library of the Nicene and post-Nicene fathers of the Christian church : [first series|last=Schaff|first=Philip|date=1886-1890|publisher=Buffalo : Christian Literature Co|others=Trinity College - University of Toronto}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं। [[en:]]<ref name=":0">{{Cite journal|last=Kamesar|first=Adam|date=|title=The monk and the book. Jerome and the making of Christian scholarship. By Megan Hale Williams. Pp. xi+315 incl. 9 figs. Chicago–London: University of Chicago Press, 2006. £28.50 ($45). 13 978 0 226 89900 8; 10 0 226 89900 4|url=https://www.cambridge.org/core/product/identifier/S0022046907004083/type/journal_article|journal=The Journal of Ecclesiastical History|language=en|volume=59|issue=2|pages=303–304|doi=10.1017/S0022046907004083|issn=0022-0469}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है।उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref name=":0" /> वे इलिरियन वंश के थे।<ref name=":1">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Fathers_of_the_Western_Church.html?id=nVOpiKiBCasC&redir_esc=y|title=The Fathers of the Western Church|last=Payne|first=Robert|date=1952|publisher=London|language=en}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ButlersLivesOfTheSaintsCompleteEdition|title=Butler's Lives Of The Saints Complete Edition|last=Butler|language=English}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Jerome.html?id=6DgJAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Jerome: His Life, Writings, and Controversies|last=Kelly|first=John Norman Davidson|date=1975|publisher=Harper & Row|isbn=978-0-7156-0738-1|language=en}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref name=":1" /> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> == बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी == जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया उन्होंने 382 ईस्वी में नव विधान (न्यू टेस्टामेंट) के लैटिन भाषा में उपलब्ध संस्करण को सुधारने का कार्य शुरू किया, जिसे सामान्यतः वेटस लेटिना कहा जाता है। 390 तक आते-आते उन्होंने हिब्रू बाइबिल का अनुवाद सीधे मूल हिब्रू भाषा से करना शुरू किया, जबकि इससे पहले वे सेप्टुआगिन्त्, जो कि अलेक्ज़ेंड्रिया से आया था, से कुछ अंशों का अनुवाद कर चुके थे। उनका मानना था कि मुख्यधारा के रब्बीनिक यहूदी धर्म ने सेप्टुआगिन्त् को इसलिए अस्वीकार कर दिया था क्योंकि उसमें कुछ अनुवाद संबंधी त्रुटियाँ थीं और उसमें हेलेनिस्टिक (यूनानी प्रभाव वाले) अप्रामाणिक तत्व शामिल थे। उन्होंने यह कार्य 405 तक पूरा कर लिया। जेरोम के वुलगेट से पहले,पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) के सभी लैटिन अनुवाद हिब्रू के बजाय सेप्टुआगिन्त् पर आधारित थे। जेरोम का हिब्रू पाठ का उपयोग करने का निर्णय अधिकांश अन्य ईसाइयों की सलाह के खिलाफ था, जिनमें ऑगस्टीन भी शामिल थे, जो सेप्टुआगिन्त को प्रेरणा मानते थे। कुछ आधुनिक विद्वानों का मानना है कि ग्रीक हेक्सपला जेरोम के “हिब्रुओं के अनुसार” या “हिब्रू के निकट” पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) अनुवाद का मुख्य स्रोत था। हालांकि, कुछ शोधों ने जेरोम के हिब्रू ज्ञान की गुणवत्ता पर संदेह भी जताया है, लेकिन विस्तृत अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि वे काफी हद तक एक सक्षम हिब्रू विद्वान थे। == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}}{{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] pkjbiqgdybwc927qwvabi68bsdl9r46 6541089 6541083 2026-04-16T05:19:49Z ~2026-23123-36 920523 6541089 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/aselectlibrary06unknuoft|title=A Select library of the Nicene and post-Nicene fathers of the Christian church : [first series|last=Schaff|first=Philip|date=1886-1890|publisher=Buffalo : Christian Literature Co|others=Trinity College - University of Toronto}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं। [[en:]]<ref name=":0">{{Cite journal|last=Kamesar|first=Adam|date=|title=The monk and the book. Jerome and the making of Christian scholarship. By Megan Hale Williams. Pp. xi+315 incl. 9 figs. Chicago–London: University of Chicago Press, 2006. £28.50 ($45). 13 978 0 226 89900 8; 10 0 226 89900 4|url=https://www.cambridge.org/core/product/identifier/S0022046907004083/type/journal_article|journal=The Journal of Ecclesiastical History|language=en|volume=59|issue=2|pages=303–304|doi=10.1017/S0022046907004083|issn=0022-0469}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है।उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref name=":0" /> वे इलिरियन वंश के थे।<ref name=":1">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Fathers_of_the_Western_Church.html?id=nVOpiKiBCasC&redir_esc=y|title=The Fathers of the Western Church|last=Payne|first=Robert|date=1952|publisher=London|language=en}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ButlersLivesOfTheSaintsCompleteEdition|title=Butler's Lives Of The Saints Complete Edition|last=Butler|language=English}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Jerome.html?id=6DgJAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Jerome: His Life, Writings, and Controversies|last=Kelly|first=John Norman Davidson|date=1975|publisher=Harper & Row|isbn=978-0-7156-0738-1|language=en}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref name=":1" /> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> == बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी == जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया उन्होंने 382 ईस्वी में नव विधान (न्यू टेस्टामेंट) के लैटिन भाषा में उपलब्ध संस्करण को सुधारने का कार्य शुरू किया, जिसे सामान्यतः वेटस लेटिना कहा जाता है। 390 तक आते-आते उन्होंने हिब्रू बाइबिल का अनुवाद सीधे मूल हिब्रू भाषा से करना शुरू किया, जबकि इससे पहले वे सेप्टुआगिन्त्, जो कि अलेक्ज़ेंड्रिया से आया था, से कुछ अंशों का अनुवाद कर चुके थे। उनका मानना था कि मुख्यधारा के रब्बीनिक यहूदी धर्म ने सेप्टुआगिन्त् को इसलिए अस्वीकार कर दिया था क्योंकि उसमें कुछ अनुवाद संबंधी त्रुटियाँ थीं और उसमें हेलेनिस्टिक (यूनानी प्रभाव वाले) अप्रामाणिक तत्व शामिल थे। उन्होंने यह कार्य 405 तक पूरा कर लिया। जेरोम के वुलगेट से पहले,पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) के सभी लैटिन अनुवाद हिब्रू के बजाय सेप्टुआगिन्त् पर आधारित थे। जेरोम का हिब्रू पाठ का उपयोग करने का निर्णय अधिकांश अन्य ईसाइयों की सलाह के खिलाफ था, जिनमें ऑगस्टीन भी शामिल थे, जो सेप्टुआगिन्त को प्रेरणा मानते थे। कुछ आधुनिक विद्वानों का मानना है कि ग्रीक हेक्सपला जेरोम के “हिब्रुओं के अनुसार” या “हिब्रू के निकट” पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) अनुवाद का मुख्य स्रोत था।<ref>{{cite book |last1=Nautin |first1=Pierre |title=Pierre Nautin 1986, "Hieronymus",Theologische Realenzyklopädie, Vol. 15, Walter de Gruyter, Berlin & New York, pp. 304–15 [309–10]. |date=1986 |location=New york}}</ref>हालांकि, कुछ शोधों ने जेरोम के हिब्रू ज्ञान की गुणवत्ता पर संदेह भी जताया है, लेकिन विस्तृत अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि वे काफी हद तक एक सक्षम हिब्रू विद्वान थे।<ref>{{cite book |last1=Graves |first1=Michael |title=Graves, Michael (2007). Jerome's Hebrew Philology: A Study Based on his Commentary on Jeremiah. Brill. pp. 196–98 [197]. ISBN 978-90-47-42181-8. In his discussion he gives clear evidence of having consulted the Hebrew himself, providing details about the Hebrew that could not have been learned from the Greek translations. |date=2007}}</ref> == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}}{{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] o2dt556pci1i8g9kpqcqqvtkdvwqigy 6541090 6541089 2026-04-16T05:21:16Z ~2026-23123-36 920523 /* बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी */ 6541090 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/aselectlibrary06unknuoft|title=A Select library of the Nicene and post-Nicene fathers of the Christian church : [first series|last=Schaff|first=Philip|date=1886-1890|publisher=Buffalo : Christian Literature Co|others=Trinity College - University of Toronto}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं। [[en:]]<ref name=":0">{{Cite journal|last=Kamesar|first=Adam|date=|title=The monk and the book. Jerome and the making of Christian scholarship. By Megan Hale Williams. Pp. xi+315 incl. 9 figs. Chicago–London: University of Chicago Press, 2006. £28.50 ($45). 13 978 0 226 89900 8; 10 0 226 89900 4|url=https://www.cambridge.org/core/product/identifier/S0022046907004083/type/journal_article|journal=The Journal of Ecclesiastical History|language=en|volume=59|issue=2|pages=303–304|doi=10.1017/S0022046907004083|issn=0022-0469}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है।उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref name=":0" /> वे इलिरियन वंश के थे।<ref name=":1">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Fathers_of_the_Western_Church.html?id=nVOpiKiBCasC&redir_esc=y|title=The Fathers of the Western Church|last=Payne|first=Robert|date=1952|publisher=London|language=en}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ButlersLivesOfTheSaintsCompleteEdition|title=Butler's Lives Of The Saints Complete Edition|last=Butler|language=English}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Jerome.html?id=6DgJAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Jerome: His Life, Writings, and Controversies|last=Kelly|first=John Norman Davidson|date=1975|publisher=Harper & Row|isbn=978-0-7156-0738-1|language=en}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref name=":1" /> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; 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In his discussion he gives clear evidence of having consulted the Hebrew himself, providing details about the Hebrew that could not have been learned from the Greek translations. |date=2007}}</ref> == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}}{{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] rqmzm7i0re5hremmy52tskaffl451wt 6541175 6541090 2026-04-16T08:47:45Z Asimamit 905921 6541175 wikitext text/x-wiki '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/aselectlibrary06unknuoft|title=A Select library of the Nicene and post-Nicene fathers of the Christian church : [first series|last=Schaff|first=Philip|date=1886-1890|publisher=Buffalo : Christian Literature Co|others=Trinity College - University of Toronto}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं। [[en:]]<ref name=":0">{{Cite journal|last=Kamesar|first=Adam|date=|title=The monk and the book. Jerome and the making of Christian scholarship. By Megan Hale Williams. Pp. xi+315 incl. 9 figs. Chicago–London: University of Chicago Press, 2006. £28.50 ($45). 13 978 0 226 89900 8; 10 0 226 89900 4|url=https://www.cambridge.org/core/product/identifier/S0022046907004083/type/journal_article|journal=The Journal of Ecclesiastical History|language=en|volume=59|issue=2|pages=303–304|doi=10.1017/S0022046907004083|issn=0022-0469}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है।उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref name=":0" /> वे इलिरियन वंश के थे।<ref name=":1">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Fathers_of_the_Western_Church.html?id=nVOpiKiBCasC&redir_esc=y|title=The Fathers of the Western Church|last=Payne|first=Robert|date=1952|publisher=London|language=en}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ButlersLivesOfTheSaintsCompleteEdition|title=Butler's Lives Of The Saints Complete Edition|last=Butler|language=English}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Jerome.html?id=6DgJAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Jerome: His Life, Writings, and Controversies|last=Kelly|first=John Norman Davidson|date=1975|publisher=Harper & Row|isbn=978-0-7156-0738-1|language=en}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref name=":1" /> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> == बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी) == जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया उन्होंने 382 ईस्वी में नव विधान (न्यू टेस्टामेंट) के लैटिन भाषा में उपलब्ध संस्करण को सुधारने का कार्य शुरू किया, जिसे सामान्यतः वेटस लेटिना कहा जाता है। 390 तक आते-आते उन्होंने हिब्रू बाइबिल का अनुवाद सीधे मूल हिब्रू भाषा से करना शुरू किया, जबकि इससे पहले वे सेप्टुआगिन्त्, जो कि अलेक्ज़ेंड्रिया से आया था, से कुछ अंशों का अनुवाद कर चुके थे। उनका मानना था कि मुख्यधारा के रब्बीनिक यहूदी धर्म ने सेप्टुआगिन्त् को इसलिए अस्वीकार कर दिया था क्योंकि उसमें कुछ अनुवाद संबंधी त्रुटियाँ थीं और उसमें हेलेनिस्टिक (यूनानी प्रभाव वाले) अप्रामाणिक तत्व शामिल थे। उन्होंने यह कार्य 405 तक पूरा कर लिया। जेरोम के वुलगेट से पहले,पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) के सभी लैटिन अनुवाद हिब्रू के बजाय सेप्टुआगिन्त् पर आधारित थे। जेरोम का हिब्रू पाठ का उपयोग करने का निर्णय अधिकांश अन्य ईसाइयों की सलाह के खिलाफ था, जिनमें ऑगस्टीन भी शामिल थे, जो सेप्टुआगिन्त को प्रेरणा मानते थे। कुछ आधुनिक विद्वानों का मानना है कि ग्रीक हेक्सपला जेरोम के “हिब्रुओं के अनुसार” या “हिब्रू के निकट” पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) अनुवाद का मुख्य स्रोत था।<ref>{{cite book |last1=Nautin |first1=Pierre |title=Pierre Nautin 1986, "Hieronymus",Theologische Realenzyklopädie, Vol. 15, Walter de Gruyter, Berlin & New York, pp. 304–15 [309–10]. |date=1986 |location=New york}}</ref>हालांकि, कुछ शोधों ने जेरोम के हिब्रू ज्ञान की गुणवत्ता पर संदेह भी जताया है, लेकिन विस्तृत अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि वे काफी हद तक एक सक्षम हिब्रू विद्वान थे।<ref>{{cite book |last1=Graves |first1=Michael |title=Graves, Michael (2007). Jerome's Hebrew Philology: A Study Based on his Commentary on Jeremiah. Brill. pp. 196–98 [197]. ISBN 978-90-47-42181-8. In his discussion he gives clear evidence of having consulted the Hebrew himself, providing details about the Hebrew that could not have been learned from the Greek translations. |date=2007}}</ref> ===== टीकाएँ ===== अगले 15 वर्षों तक, जेरोम ने शास्त्र(धर्मग्रंथ ) पर कई टीकाएँ लिखी | इन लेखों में अक्सर यह समझाते थे कि उन्होंने अपने अनुवाद में संदिग्ध अनुवादों के बजाय मूल हिब्रू पाठ का उपयोग क्यों किया। उनके पैट्रिस्टिक (प्राचीन चर्च-परंपरा से जुड़े) व्याख्यान यहूदी परंपरा के काफी निकट हैं, और वे फिलो तथा अलेक्ज़ेंड्रियन विचारधारा की शैली में रूपकात्मक और रहस्यात्मक व्याख्याओं का भी उपयोग करते है | अपने समकालीनों से भिन्न, जेरोम हिब्रू बाइबिल के "अपोक्रिफा" और प्रोटोकैनोनिकल (prot पुस्तकों की "हेब्राइका वेरितास" ( अर्थात् हिब्रू सत्य) के बीच स्पष्ट अंतर पर ज़ोर देते हैं। अपनी वुलगेट की प्रस्तावनाओं में, वे सेपटुआगिन्त की उन कुछ पुस्तकों के अंशों को, जो हिब्रू में नहीं मिलते, गैर-धर्मसिद्ध बताते हैं (उन्हें वे अपोक्रिफा कहते हैं)। बारूक के विषय में, वे जर्मयाह की प्रस्तावना में उसका नाम लेकर उल्लेख करते हैं और कहते हैं कि इसे हिब्रू परंपरा में न तो पढ़ा जाता है और न ही मान्यता दी जाती है, लेकिन वे इसे स्पष्ट रूप से अपोक्रिफा या "कैनन के बाहर" नहीं कहते। == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}}{{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] schpwuqrckppfuqi2ch38qmirm32an4 6541224 6541175 2026-04-16T10:15:53Z Mnjkhan 900134 टैग {{[[साँचा:सफाई|सफाई]]}} लेख में जोड़ा जा रहा ([[वि:ट्विंकल|ट्विंकल]]) 6541224 wikitext text/x-wiki {{सफाई|reason=गैर हिंदी भाषी शब्द |date=अप्रैल 2026}} '''संत जेरोम''' (347 - 30 सितंबर 420) <ref>{{cite book |title=Truth of Our Faith |trans-title=हमारे विश्वास का सत्य |url=https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |publisher=आई-यूनिवर्स |year=२०११ |author=जेम्स किलियन |language=अंग्रेज़ी |page=१९३ |isbn=9781450293204 |access-date=20 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/aselectlibrary06unknuoft|title=A Select library of the Nicene and post-Nicene fathers of the Christian church : [first series|last=Schaff|first=Philip|date=1886-1890|publisher=Buffalo : Christian Literature Co|others=Trinity College - University of Toronto}}</ref>जेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं। [[en:]]<ref name=":0">{{Cite journal|last=Kamesar|first=Adam|date=|title=The monk and the book. Jerome and the making of Christian scholarship. By Megan Hale Williams. Pp. xi+315 incl. 9 figs. Chicago–London: University of Chicago Press, 2006. £28.50 ($45). 13 978 0 226 89900 8; 10 0 226 89900 4|url=https://www.cambridge.org/core/product/identifier/S0022046907004083/type/journal_article|journal=The Journal of Ecclesiastical History|language=en|volume=59|issue=2|pages=303–304|doi=10.1017/S0022046907004083|issn=0022-0469}}</ref>संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है।उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | == प्रारंभिक जीवन == संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था।<ref name=":0" /> वे इलिरियन वंश के थे।<ref name=":1">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Fathers_of_the_Western_Church.html?id=nVOpiKiBCasC&redir_esc=y|title=The Fathers of the Western Church|last=Payne|first=Robert|date=1952|publisher=London|language=en}}</ref> उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ButlersLivesOfTheSaintsCompleteEdition|title=Butler's Lives Of The Saints Complete Edition|last=Butler|language=English}}</ref> हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Jerome.html?id=6DgJAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Jerome: His Life, Writings, and Controversies|last=Kelly|first=John Norman Davidson|date=1975|publisher=Harper & Row|isbn=978-0-7156-0738-1|language=en}}</ref> एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था।<ref name=":1" /> अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"<ref>{{cite book |last1=jerome |title=commentarius in ezzechie}}</ref> == बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी) == जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया उन्होंने 382 ईस्वी में नव विधान (न्यू टेस्टामेंट) के लैटिन भाषा में उपलब्ध संस्करण को सुधारने का कार्य शुरू किया, जिसे सामान्यतः वेटस लेटिना कहा जाता है। 390 तक आते-आते उन्होंने हिब्रू बाइबिल का अनुवाद सीधे मूल हिब्रू भाषा से करना शुरू किया, जबकि इससे पहले वे सेप्टुआगिन्त्, जो कि अलेक्ज़ेंड्रिया से आया था, से कुछ अंशों का अनुवाद कर चुके थे। उनका मानना था कि मुख्यधारा के रब्बीनिक यहूदी धर्म ने सेप्टुआगिन्त् को इसलिए अस्वीकार कर दिया था क्योंकि उसमें कुछ अनुवाद संबंधी त्रुटियाँ थीं और उसमें हेलेनिस्टिक (यूनानी प्रभाव वाले) अप्रामाणिक तत्व शामिल थे। उन्होंने यह कार्य 405 तक पूरा कर लिया। जेरोम के वुलगेट से पहले,पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) के सभी लैटिन अनुवाद हिब्रू के बजाय सेप्टुआगिन्त् पर आधारित थे। जेरोम का हिब्रू पाठ का उपयोग करने का निर्णय अधिकांश अन्य ईसाइयों की सलाह के खिलाफ था, जिनमें ऑगस्टीन भी शामिल थे, जो सेप्टुआगिन्त को प्रेरणा मानते थे। कुछ आधुनिक विद्वानों का मानना है कि ग्रीक हेक्सपला जेरोम के “हिब्रुओं के अनुसार” या “हिब्रू के निकट” पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) अनुवाद का मुख्य स्रोत था।<ref>{{cite book |last1=Nautin |first1=Pierre |title=Pierre Nautin 1986, "Hieronymus",Theologische Realenzyklopädie, Vol. 15, Walter de Gruyter, Berlin & New York, pp. 304–15 [309–10]. |date=1986 |location=New york}}</ref>हालांकि, कुछ शोधों ने जेरोम के हिब्रू ज्ञान की गुणवत्ता पर संदेह भी जताया है, लेकिन विस्तृत अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि वे काफी हद तक एक सक्षम हिब्रू विद्वान थे।<ref>{{cite book |last1=Graves |first1=Michael |title=Graves, Michael (2007). Jerome's Hebrew Philology: A Study Based on his Commentary on Jeremiah. Brill. pp. 196–98 [197]. ISBN 978-90-47-42181-8. In his discussion he gives clear evidence of having consulted the Hebrew himself, providing details about the Hebrew that could not have been learned from the Greek translations. |date=2007}}</ref> ===== टीकाएँ ===== अगले 15 वर्षों तक, जेरोम ने शास्त्र(धर्मग्रंथ ) पर कई टीकाएँ लिखी | इन लेखों में अक्सर यह समझाते थे कि उन्होंने अपने अनुवाद में संदिग्ध अनुवादों के बजाय मूल हिब्रू पाठ का उपयोग क्यों किया। उनके पैट्रिस्टिक (प्राचीन चर्च-परंपरा से जुड़े) व्याख्यान यहूदी परंपरा के काफी निकट हैं, और वे फिलो तथा अलेक्ज़ेंड्रियन विचारधारा की शैली में रूपकात्मक और रहस्यात्मक व्याख्याओं का भी उपयोग करते है | अपने समकालीनों से भिन्न, जेरोम हिब्रू बाइबिल के "अपोक्रिफा" और प्रोटोकैनोनिकल (prot पुस्तकों की "हेब्राइका वेरितास" ( अर्थात् हिब्रू सत्य) के बीच स्पष्ट अंतर पर ज़ोर देते हैं। अपनी वुलगेट की प्रस्तावनाओं में, वे सेपटुआगिन्त की उन कुछ पुस्तकों के अंशों को, जो हिब्रू में नहीं मिलते, गैर-धर्मसिद्ध बताते हैं (उन्हें वे अपोक्रिफा कहते हैं)। बारूक के विषय में, वे जर्मयाह की प्रस्तावना में उसका नाम लेकर उल्लेख करते हैं और कहते हैं कि इसे हिब्रू परंपरा में न तो पढ़ा जाता है और न ही मान्यता दी जाती है, लेकिन वे इसे स्पष्ट रूप से अपोक्रिफा या "कैनन के बाहर" नहीं कहते। == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}}{{commons category|Saint Jerome|संत जेरोम}} {{Authority control}} [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:347 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:४२० में निधन]] se2y8oxuveuccegy0u2q0ohkx5f94b0 इम्रे लक़तोस 0 658060 6541134 4573623 2026-04-16T07:16:44Z AMAN KUMAR 911487 हिन्दी अनुवाद किया 6541134 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक दार्शनिक | region = पाश्चात्य दर्शन | era = [[20वीं सदी का दर्शन]] | image = Professor Imre Lakatos, c1960s.jpg | caption = इम्रे लाकातोस, लगभग 1960 का दशक | name = इम्रे लाकातोस | birth_date = {{birth date|1922|11|9|df=y}} | birth_place = [[डेब्रेसेन]], [[हंगरी गणराज्य (1920–1946)|हंगरी]] | death_date = {{death date and age|1974|2|2|1922|11|9|df=y}} | death_place = [[लंदन]], [[इंग्लैण्ड]] | school_tradition = त्रुटिवाद, [[तार्किक प्रत्यक्षवाद]] और [[रूपवाद (गणित)|रूपवाद]] के आलोचक, 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वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रमों की कार्यप्रणाली पर अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Authority control}} [[श्रेणी:विज्ञान के दार्शनिक]] [[श्रेणी:पाश्चात्य दार्शनिक]] [[श्रेणी:1922 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:1974 में निधन]] k8qmmrsvbcsgqy4laahm1c5jgxwq2h8 डीडी न्यूज़ 0 710432 6541124 5918267 2026-04-16T06:33:44Z AMAN KUMAR 911487 अनुवाद किया तथा संदर्भ जोड़े और संरचना सुधारी 6541124 wikitext text/x-wiki {{Infobox television channel | name = दूरदर्शन न्यूज़ | logo = | logo_size = 150px | logo_caption = केवल खबर पूरी खबर | launch_date = 3 नवम्बर 2003 | owner = [[प्रसार भारती]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]], [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] | area = भारत, विश्वभर | picture_format = [[16:9]] ([[576i]], [[SDTV]]) | terr_serv_1 = [[एनालॉग टेलीविज़न|एनालॉग]] | terr_chan_1 = वीएचएफ़ (VHF) बैण्ड | terr_serv_2 = [[टाटा प्ले|टाटा स्काई]] | terr_chan_2 = चैनल 453 | terr_serv_3 = [[डिश टीवी]] | terr_chan_3 = चैनल 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वाले 'डीडी मेट्रो' चैनल के स्थान पर एक 24-घण्टे का समाचार चैनल शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। बाद में 3 अक्टूबर 2003 की बैठक में केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल ने इसे अपनी मंजूरी दे दी।<ref>{{Cite news|url=https://www.telegraphindia.com/india/fresh-lease-of-life-for-dd-news/cid/793311|title=Fresh lease of life for DD news|access-date=2026-04-16|language=en}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[डीडी नेशनल पर प्रसारित कार्यक्रमों की सूची]] * [[डीडी फ्री डिश]] * [[प्रसार भारती]] * [[सूचना और प्रसारण मंत्रालय (भारत)|सूचना और प्रसारण मंत्रालय]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://ddnews.gov.in/hi/ डीडी न्यूज़ की आधिकारिक वेबसाइट] * [https://prasarbharati.gov.in/doordarshan/ दूरदर्शन की आधिकारिक वेबसाइट] [[श्रेणी:भारत में 24 घंटे के टेलीविजन समाचार चैनल]] [[श्रेणी:हिन्दी टीवी चैनल]] [[श्रेणी:दूरदर्शन चैनल]] 5fh08iiyoe0x9usxej4ac96p4tye36a हरिवंश नारायण सिंह 0 737906 6540924 6540916 2026-04-15T12:04:08Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/Lokraag|Lokraag]] ([[सदस्य वार्ता:Lokraag|वार्ता]]) द्वारा किया गया1 संपादन प्रत्यावर्तित किया गया: प्रचार 6540924 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = हरिवंश नारायण सिंह | image = Shri Harivansh Narayan Singh.jpg | caption = | birth_name= | birth_date = 30 जून 1956 | birth_place = [[सिताब दियारा]],[[बलिया]], [[उत्तर प्रदेश]], [[भारत]] | death_date = | death_place = |office = [[राज्य सभा के उपाध्यक्ष|राज्य सभा के उपसभापति]] |term_start = 9 अगस्त 2018 |term_end = |predecessor = [[पी जे कुरियन]] |successor = | office2 = [[सांसद| सांसद]] [[राज्य सभा|राज्यसभा]] | constituency2 = [[बिहार]] | term_start2 = 10 अप्रैल 2014 | term_end2= | predecessor2 = | successor2 = | party = [[जनता दल (यूनाइटेड)]] | profession = | spouse = आशा | children = | footnotes = | date = | year = | source = |office3 = प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार 1990-1991 }} '''हरिवंश नारायण सिंह''' (हरिवंश के नाम से चर्चित, जन्म: 30 जून 1956), एक भारतीय पत्रकार और राजनेता हैं. वर्तमान में वह राज्यसभा के उप सभापति हैं.<ref>{{Cite web|url=https://rajyasabha.nic.in/rsnew/member_site/ErrorPage.aspx|title=Error Page|website=rajyasabha.nic.in|access-date=2021-09-14}}</ref> हरिवंश, दूसरी बार इस पद के लिए चुने गए हैं. इस पद पर उन्होंने [[पी जे कुरियन]] का स्थान लिया है.<ref>{{cite web|title= राज्य सभा की आधिकारिक वैबसाइट|url= http://rajyasabha.nic.in/|accessdate= 28 अगस्त 2016|archive-url= https://web.archive.org/web/20160829001143/http://www.rajyasabha.nic.in/|archive-date= 29 अगस्त 2016|url-status= dead|archivedate= 29 अगस्त 2016|archiveurl= https://web.archive.org/web/20160829001143/http://www.rajyasabha.nic.in/}}</ref> उन्होंने [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|टाइम्स ऑफ इंडिया]] समूह की हिंदी पत्रिका ‘धर्मयुग’ से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर कोलकाता के 'आनंद बाजार पत्रिका' समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ से जुड़े. वह 1989 में रांची से प्रकाशित अखबार ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक बने. चार दशकों की सक्रिय पत्रकारिता में उन्होंने कई मीडिया संस्थानों में काम किया है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री [[चन्द्रशेखर|चंद्रशेखर]] के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है. वर्ष 2014 में, [[जनता दल (यूनाइटेड)]] के उम्मीदवार के रूप में बिहार से हरिवंश, [[राज्य सभा|राज्यसभा]] के लिए निर्वाचित हुए.<ref name="the-hindu">{{cite news|title=All five candidates elected unopposed to RS from Bihar|trans-title=सभी पांच उम्मीदवार बिहार से आरएस के लिए निर्विवाद चुने गए|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/all-five-candidates-elected-unopposed-to-rs-from-bihar/article5641715.ece|accessdate=25 अगस्त 2018|date=1 फरवरी 2014|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20160124235946/http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/all-five-candidates-elected-unopposed-to-rs-from-bihar/article5641715.ece|archive-date=24 जनवरी 2016|url-status=live}}</ref> पहली बार 8 अगस्त, 2018 को, [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के उप सभापति के रूप में निर्वाचित हुए.<ref>{{cite web|title=Harivansh Narayan Singh is Rajya Sabha Deputy Chairman: NDA's candidate beats Congress' BK Hariprasad, 125 ayes against 105 noes|trans-title=हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उप सभापति हुए: एनडीए के उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को 105 मतों के मुकवाले 125 मतों से हराया|url=https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html|website=फर्स्ट्पोस्ट|language=en|access-date=24 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180810084016/https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html|archive-date=10 अगस्त 2018|url-status=dead|archivedate=10 अगस्त 2018|archiveurl=https://web.archive.org/web/20180810084016/https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html}}</ref> दूसरी बार 14 सितंबर, 2020 को वह पुनः राज्य सभा के उप सभापति निर्वाचित हुए.<ref>{{Cite web|url=https://ndtv.in/india-news/harivansh-elected-deputy-chairman-of-the-rajya-sabha-2295232|title=हरिवंश लगातार दूसरी बार चुने गए राज्‍यसभा के उप सभापति|website=NDTVIndia|access-date=2021-09-14}}</ref> == '''जन्म व आरंभिक जीवन''' == 30 जून 1956 को बलिया<ref>{{Cite web|url=https://ballia.nic.in/hi/|title=जिला बलिया {{!}} उत्तर प्रदेश सरकार {{!}} बागी बलिया {{!}} India|language=hi-IN|access-date=2021-09-14}}</ref> जिले (उत्तरप्रदेश) के सिताबदियारा<ref>{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/hindi/jharkhand/state/ranchi/loknayak-jayaprakash-narayan-birth-anniversary-unkonwn-facts-about-jp/jh20201011144011273|title=जयंती विशेष: देश की आवाज थे सिताबदियारा के लोकनायक जयप्रकाश नारायण|website=ETV Bharat News|access-date=2021-09-14}}</ref> (दलजीत टोला) में जन्म. यह गांव जयप्रकाश नारायण<ref>{{Citation|title=जयप्रकाश नारायण|date=2021-08-20|url=https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B6_%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3&oldid=5289680|work=विकिपीडिया|language=hi|access-date=2021-09-14}}</ref> का गांव है. 27 टोलों का गांव सिताबदियारा देश के दो राज्यों बिहार और उत्तरप्रदेश तथा तीन जिलों आरा, बलिया और छपरा में आता है. बचपन में ही कुछ लोगों ने हरिवंश को गहरे प्रभावित किया. सबसे ज्यादा असर पिता (बांके बिहारी सिंह) का रहा. उनको देख जीवन में अनुशासन की सीख मिली. बांके बिहारी सिंह गांव के प्रधान भी थे. हरिवंश की मां (देवयानी देवी) धर्मपारायण, आध्यात्मिक व कर्मठ महिला थी. उनकी जीवनचर्या में विनम्रता, अनुशासन सहज-स्वाभाविक रूप से शामिल था. बड़े भाई के अभिभावकत्व ने इस अनुशासन को और बढ़ाया. घर के लोगों ने बचपन से जो मेंटरिंग की वह सहज-स्वाभाविक रूप से हरिवंश के जीवन का हिस्सा बन गया. == '''शिक्षा-अध्ययन''' == घर के बाद पढ़ाई की शुरुआत गांव के स्कूल में हुई. [[जयप्रकाश नारायण]] के नाम पर बने हाईस्कूल से मैट्रिक किया. इंटर में पढ़ाई के लिए बनारस के उदयप्रताप कॉलेज में दाखिला हुआ. बीएचयू ([[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|बनारस हिंदू विश्वविद्यालय]])<ref>{{Cite web|url=https://new.bhu.ac.in/Site/Page/2_2_32_65_Main-Site-About-BHU|title=Banaras Hindu University, [BHU], Varanasi-221005, U.P., India. - Banaras Hindu University, Varanasi, India.|website=new.bhu.ac.in|access-date=2021-09-14}}</ref> से स्नातक व अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई. फिर बीएचयू के ही पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण भी प्राप्त किया. ==== '''बीएचयू और इमरजेंसी के दिन''' ==== बीएचयू के बिड़ला हॉस्टल में रहते हुए, हरिवंश ने महामंत्री का चुनाव लड़ा. कला संकाय से छात्र संघ के लिए वह चुने गए. इमरजेंसी के समय में उन्होंने भूमिगत परचा-पोस्टर चिपकाने, बांटने का काम भी किया. जेपी आंदोलन के दौरान छात्र राजनीति का असर, पढ़ने-लिखने की ऐसी आदत लगी कि उसी से प्रेरित व प्रभावित होकर पत्रकारिता में आना हुआ. == '''कैरियर''' == === '''सक्रिय पत्रकारिता''' === सांस्थानिक रूप में हरिवंश की पत्रकारिता के तीन पड़ाव बने. ‘धर्मयुग’, ‘रविवार’ और ‘प्रभात खबर’. पत्रकारिता के कैरियर में तीनों का अपना खास महत्व रहा. पत्रकारिता के जरिये सामाजिक राजनीतिक बदलाव में सार्थक व सक्रिय हस्तक्षेप के लिए 'इंडिया टुडे', 'तहलका' जैसी पत्रिका ने विशेष स्टोरी की. दिल्ली से प्रकाशित प्रतिष्ठित अंग्रेजी पत्रिका ‘सिविल सोसाइटी’ ने 'प्रभात खबर' को भंवरजाल से निकाल हिंदी पत्रकारिता और क्षेत्रीय पत्रकारिता का एक मानक या मॉडल बनाने के लिए व्यक्तित्व-कृतित्व पर दो बार विशेष कवर स्टोरी की. ऐसे संपादक के रूप में पहचान बनी जो संपादक बनकर भी लिखते रहे. '''‘धर्मयुग’''' सक्रिय पत्रकारिता की शुरुआत ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह से हुई. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में चयन हुआ. फिर उसी समूह की हिंदी पत्रिका ‘धर्मयुग’ में उप-संपादक के रूप में 1977-1981 तक कार्य किया. ‘धर्मयुग’ में धर्मवीर भारती से लेकर गणेश मंत्री जैसे पत्रकार का सान्निध्य और मार्गदर्शन मिला. इसका असर हमेशा रहा. पत्रकारिता की वैचारिकी और सरोकार का पाठ सिखने का अवसर कैरियर के आरंभिक दिनों में ही मिला. '''‘रविवार’''' आनंद बाजार पत्रिका समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ में सहायक संपादक के तौर पर 1985 -1989 तक कार्यरत रहे. ‘रविवार’ पत्रिका से जुड़ने के बाद बिहार, झारखंड (तब अविभाजित बिहार का ही हिस्सा) समेत देश के कई इलाकों में, ग्रासरूट रिपोर्टिंग का अवसर मिला. '''<nowiki/>'प्रभात खबर'''' हरिवंश की पत्रकारिता के कैरियर में अहम और सबसे लंबा पड़ाव बना [[प्रभात खबर]]. यह समाचार पत्र बिहार के [[चारा घोटाला]] सहित कई उच्च प्रोफ़ाइल घोटालों की जांच के लिए जाना जाता है.<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/harivansh-narayan-singh-from-rs-500-job-to-rs-dy-chairperson-10-things-you-should-know-about-him/articleshow/65333983.cms|title=Harivansh Narayan Singh: From Rs 500 job to RS Dy Chairperson, 10 things you should know about him|website=इकोनॉमिक्स टाइम्स|language=en|trans-title=हरिवंश नारायण सिंह: 500 रुपये से लेकर राज्यसभा के उपसभापति तक, 10 चीजें जिन्हें आप उनके बारे में जानना चाहिए|archive-url=https://web.archive.org/web/20180810072701/https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/harivansh-narayan-singh-from-rs-500-job-to-rs-dy-chairperson-10-things-you-should-know-about-him/articleshow/65333983.cms|archive-date=10 अगस्त 2018|access-date=24 अगस्त 2018|url-status=live}}</ref> वह अक्तूबर 1989 में रांची से प्रकाशित अखबार ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक बने. अगले ही साल देश के प्रधानमंत्री चंद्रशेखर बने. उन्होंने पीएमओ से जुड़ने का प्रस्ताव दिया. अतिरिक्त सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के रूप में पीएमओ से जुड़े. 1990 से जून 1991 तक. चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री के पद छोड़ते ही वहां से इस्तीफा देकर 1991 में पुन: प्रभात खबर में वापसी की. तब से जून 2016 तक अखबार में प्रधान संपादक के रूप में कार्यरत. जब वह ‘प्रभात खबर’ से जुड़े, तब यह बंदप्राय अखबार था. पर, मृतप्राय- बंदप्राय अखबार हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का मॉडल अखबार बना. '''भारतीय प्रेस संस्थान की पत्रिका ‘विदुरा’ का संपादन.''' '''अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अलग-अलग विषयों पर लेखन''' ‘धर्मयुग’, ‘रविवार’, ‘प्रभात खबर’ से इतर अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अलग-अलग विषयों पर लेखन. इनमें ‘[[नवभारत टाइम्स]]<nowiki/>’, ‘[[दैनिक भास्कर]]<nowiki/>’, ‘फस्टपोस्ट’, ‘संडे (अंग्रेजी) जैसे प्रकाशन प्रमुखता से शामिल हैं. === '''बैंक सेवा''' === 1981 से 1984 तक बैंक आफ इंडिया, हैदराबाद व पटना में अधिकारी के रूप में कार्यरत. == '''राजनीतिक जीवन''' == * अप्रैल 2014 में जनता दल यू की ओर से बिहार से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित. * 09 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए पहली बार निर्वाचित. * 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए दूसरी  बार निर्वाचित. '''संसदीय समितियों से संबद्धता''' * बतौर सांसद और राज्यसभा उपसभापति के रूप में अनेक संसदीय समितियों से संबद्धता रही है. # सितंबर 2014 से जून 2018 तक हाउस कमिटी के सदस्य रहे. # सितंबर 2014 से अगस्त 2018 तक स्टैंडिंग कमिटी आन डिफेंस के मेंबर रहे. कंस्लटैटिव कमिटी फार द मिनिस्ट्री आफ इनफार्मेशन एंड ब्राडकास्टिंग के सदस्य रहे. # जुलाई 2016 से अगस्त 2016 तक राज्यसभा के सेलेक्ट कमिटी आन प्रिवेंशन आफ करप्शन (एमेंडमेंट बिल) 2013 के सदस्य रहे. # अगस्त 2016 से सितंबर 2018 तक ज्वाइंट कमिटी आन द बिल टू एमेंड द सिटिजनशिप एक्ट, 1955 के सदस्य रहे. # जून 2017 में नेशनल प्लेटफार्म फार डिजास्टर रिस्क रिडक्शन कमिटी के सदस्य बनाये गये. # अगस्त 2017 से दिसंबर 2017 तक राज्यसभा के मोटर व्हिकल (एमेंडमेंट) बिल—2017 के सेलेक्ट कमिटी के सदस्य बने. # मई 2018 से अगस्त 2018 तक विश्वभारती,शांति निकेतन के सम्सद (कोर्ट) के सदस्य रहे. # अगस्त 2018 से नवंबर 2019 तक राज्यसभा के कमिटी आन प्रोविजन आफ कंप्यूटर टू मेंबर्स आफ राज्यसभा कमिटी के चेयरमैन रहे. # अगस्त 2018 से अप्रैल 2020 तक राज्यसभा के एमपीलैड कमिटी के चेयरमैन रहे. पुन: सितंबर 2020 में इस कमिटी के चेयरमैन बने. # राज्यसभा के कमिटी आन प्रिविलेजेज के चेयरमैन हैं. राज्यसभा के बिजनेस एडवाइजरी कमिटी, कमिटी आन रूल्स के सदस्य हैं. # अक्तूबर 2018 से अप्रैल 2020 तक कमिटी आन मेंटेनेंस आफ हेरिटेज कैरेक्टर एंड डेवलपमेंट आफ पार्लियामेंट हाउस कांप्लेक्स के सदस्य रहे. # पूर्व में अक्तूबर 2018 से अप्रैल 2020 तक और पुन: सितंबर 2020 में राज्यसभा के जनरल परपस कमिटी के सदस्य बनाये गये. # मई 2019 से अप्रैल 2020 तक राज्यसभा टीवी के कंटेंट एडवाइजरी कमिटी के चेयरमैन रहे. # जुलाई 2020 में कमिटी आन एग्रीकल्चर के मेंबर बने, तीन माह के लिए. == '''लेखन व संपादन''' == हरिवंश की आखिरी किताब 2019 में आयी है, जो देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की अंग्रेजी में पहली आधिकारिक जीवनी है. 'चंद्रशेखर:द लास्ट आइकॉन आफ आइडियोलाजिकल पोलिटिक्स' नाम से प्रकाशित इस किताब का लोकार्पण देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में किया.<ref>{{Cite web|url=https://www.pmindia.gov.in/hi/news_updates/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d-50/|title=प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘चंद्रशेखर-द लास्‍ट आइकन ऑफ आइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्‍स’ पुस्‍तक का विमोचन किया|website=www.pmindia.gov.in|language=en|access-date=2021-09-14}}</ref> इसके पूर्व भी चंद्रशेखर से संबंधित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का संपादन. इन पुस्तकों में चंद्रशेखर के विचार (2002), चंद्रशेखर संवाद एक- उथल-पुथल और ध्रुवीकरण (2002). चंद्रशेखर संवाद दो- रचनात्मक बेचैनी में (2002). चंद्रशेखर संवाद तीन- एक दूसरे शिखर से (2002). चंद्रशेखर के बारे में (2002). मेरी जेल डायरीः भाग एक और दो (2002) शामिल है. इसके अलावा अलग-अलग विषय पर अनेक किताबों का लेखन व संपादन किया है. इनमें प्रमुख किताबें हैं- दिल से मैंने दुनिया देखी (2018). शब्द संसार (2016). झारखंड- सपने और यथार्थ (2012). झारखंड- समय और सवाल (2012). झारखंड- अस्मिता के आयाम (2011). झारखंड- दिसुम मुक्ति गाथा और सृजन के सपने. बिहारनामा (2011). बिहार: रास्ते की तलाश (2011). बिहार: अस्मिता के आयाम (2011). झारखंड: सुशासन अब भी संभावना है (2009). संताल हूल: आदिवासी प्रतिरोध संस्कृति (2009). जोहार झारखंड (2002). जनसरोकार की पत्रकारिता.    == '''सम्मान एवं पुरस्कार''' == * अखिल भारतीय पत्रकारिता विकास परिषद, कोलकाता द्वारा अगस्त 1996 में '''आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान'''. * पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान व कार्य के लिए अगस्त 2008 में भोपाल (मध्य प्रदेश) में प्रथम '''माधव राव सप्रे पुरस्कार''' से पुरस्कृत व सम्मानित. * सितंबर 2012 में जोहांसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित नौवें विश्व हिंदी सम्मेलन के दौरान हिंदी के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान. == '''व्यक्तिगत जानकारी''' == पिता का नाम: बांके बिहारी सिंह माता का नाम: देवयानी देवी जन्म तिथि: 30 जून 1956 [ जन्म स्थान: बलिया (उत्तर प्रदेश)] पत्नी का नाम: आशा सिंह संतान: एक बेटा, एक बेटी ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:राज्यसभा सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी: रांची के लोग]] [[श्रेणी:1956 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:बलिया के लोग ]] 4k6y18r1sym9tl5jw3oksxe9v86foag 6540926 6540924 2026-04-15T12:06:18Z AMAN KUMAR 911487 /* '''व्यक्तिगत जानकारी''' */ - 6540926 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = हरिवंश नारायण सिंह | image = Shri Harivansh Narayan Singh.jpg | caption = | birth_name= | birth_date = 30 जून 1956 | birth_place = [[सिताब दियारा]],[[बलिया]], [[उत्तर प्रदेश]], [[भारत]] | death_date = | death_place = |office = [[राज्य सभा के उपाध्यक्ष|राज्य सभा के उपसभापति]] |term_start = 9 अगस्त 2018 |term_end = |predecessor = [[पी जे कुरियन]] |successor = | office2 = [[सांसद| सांसद]] [[राज्य सभा|राज्यसभा]] | constituency2 = [[बिहार]] | term_start2 = 10 अप्रैल 2014 | term_end2= | predecessor2 = | successor2 = | party = [[जनता दल (यूनाइटेड)]] | profession = | spouse = आशा | 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कोलकाता के 'आनंद बाजार पत्रिका' समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ से जुड़े. वह 1989 में रांची से प्रकाशित अखबार ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक बने. चार दशकों की सक्रिय पत्रकारिता में उन्होंने कई मीडिया संस्थानों में काम किया है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री [[चन्द्रशेखर|चंद्रशेखर]] के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है. वर्ष 2014 में, [[जनता दल (यूनाइटेड)]] के उम्मीदवार के रूप में बिहार से हरिवंश, [[राज्य सभा|राज्यसभा]] के लिए निर्वाचित हुए.<ref name="the-hindu">{{cite news|title=All five candidates elected unopposed to RS from Bihar|trans-title=सभी पांच उम्मीदवार बिहार से आरएस के लिए निर्विवाद चुने गए|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/all-five-candidates-elected-unopposed-to-rs-from-bihar/article5641715.ece|accessdate=25 अगस्त 2018|date=1 फरवरी 2014|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20160124235946/http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/all-five-candidates-elected-unopposed-to-rs-from-bihar/article5641715.ece|archive-date=24 जनवरी 2016|url-status=live}}</ref> पहली बार 8 अगस्त, 2018 को, [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के उप सभापति के रूप में निर्वाचित हुए.<ref>{{cite web|title=Harivansh Narayan Singh is Rajya Sabha Deputy Chairman: NDA's candidate beats Congress' BK Hariprasad, 125 ayes against 105 noes|trans-title=हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उप सभापति हुए: एनडीए के उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को 105 मतों के मुकवाले 125 मतों से हराया|url=https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html|website=फर्स्ट्पोस्ट|language=en|access-date=24 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180810084016/https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html|archive-date=10 अगस्त 2018|url-status=dead|archivedate=10 अगस्त 2018|archiveurl=https://web.archive.org/web/20180810084016/https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html}}</ref> दूसरी बार 14 सितंबर, 2020 को वह पुनः राज्य सभा के उप सभापति निर्वाचित हुए.<ref>{{Cite web|url=https://ndtv.in/india-news/harivansh-elected-deputy-chairman-of-the-rajya-sabha-2295232|title=हरिवंश लगातार दूसरी बार चुने गए राज्‍यसभा के उप सभापति|website=NDTVIndia|access-date=2021-09-14}}</ref> == '''जन्म व आरंभिक जीवन''' == 30 जून 1956 को बलिया<ref>{{Cite web|url=https://ballia.nic.in/hi/|title=जिला बलिया {{!}} उत्तर प्रदेश सरकार {{!}} बागी बलिया {{!}} India|language=hi-IN|access-date=2021-09-14}}</ref> जिले (उत्तरप्रदेश) के सिताबदियारा<ref>{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/hindi/jharkhand/state/ranchi/loknayak-jayaprakash-narayan-birth-anniversary-unkonwn-facts-about-jp/jh20201011144011273|title=जयंती विशेष: देश की आवाज थे सिताबदियारा के लोकनायक जयप्रकाश नारायण|website=ETV Bharat News|access-date=2021-09-14}}</ref> (दलजीत टोला) में जन्म. यह गांव जयप्रकाश नारायण<ref>{{Citation|title=जयप्रकाश नारायण|date=2021-08-20|url=https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B6_%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3&oldid=5289680|work=विकिपीडिया|language=hi|access-date=2021-09-14}}</ref> का गांव है. 27 टोलों का गांव सिताबदियारा देश के दो राज्यों बिहार और उत्तरप्रदेश तथा तीन जिलों आरा, बलिया और छपरा में आता है. बचपन में ही कुछ लोगों ने हरिवंश को गहरे प्रभावित किया. सबसे ज्यादा असर पिता (बांके बिहारी सिंह) का रहा. उनको देख जीवन में अनुशासन की सीख मिली. बांके बिहारी सिंह गांव के प्रधान भी थे. हरिवंश की मां (देवयानी देवी) धर्मपारायण, आध्यात्मिक व कर्मठ महिला थी. उनकी जीवनचर्या में विनम्रता, अनुशासन सहज-स्वाभाविक रूप से शामिल था. बड़े भाई के अभिभावकत्व ने इस अनुशासन को और बढ़ाया. घर के लोगों ने बचपन से जो मेंटरिंग की वह सहज-स्वाभाविक रूप से हरिवंश के जीवन का हिस्सा बन गया. == '''शिक्षा-अध्ययन''' == घर के बाद पढ़ाई की शुरुआत गांव के स्कूल में हुई. [[जयप्रकाश नारायण]] के नाम पर बने हाईस्कूल से मैट्रिक किया. इंटर में पढ़ाई के लिए बनारस के उदयप्रताप कॉलेज में दाखिला हुआ. बीएचयू ([[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|बनारस हिंदू विश्वविद्यालय]])<ref>{{Cite web|url=https://new.bhu.ac.in/Site/Page/2_2_32_65_Main-Site-About-BHU|title=Banaras Hindu University, [BHU], Varanasi-221005, U.P., India. - Banaras Hindu University, Varanasi, India.|website=new.bhu.ac.in|access-date=2021-09-14}}</ref> से स्नातक व अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई. फिर बीएचयू के ही पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण भी प्राप्त किया. ==== '''बीएचयू और इमरजेंसी के दिन''' ==== बीएचयू के बिड़ला हॉस्टल में रहते हुए, हरिवंश ने महामंत्री का चुनाव लड़ा. कला संकाय से छात्र संघ के लिए वह चुने गए. इमरजेंसी के समय में उन्होंने भूमिगत परचा-पोस्टर चिपकाने, बांटने का काम भी किया. जेपी आंदोलन के दौरान छात्र राजनीति का असर, पढ़ने-लिखने की ऐसी आदत लगी कि उसी से प्रेरित व प्रभावित होकर पत्रकारिता में आना हुआ. == '''कैरियर''' == === '''सक्रिय पत्रकारिता''' === सांस्थानिक रूप में हरिवंश की पत्रकारिता के तीन पड़ाव बने. ‘धर्मयुग’, ‘रविवार’ और ‘प्रभात खबर’. पत्रकारिता के कैरियर में तीनों का अपना खास महत्व रहा. पत्रकारिता के जरिये सामाजिक राजनीतिक बदलाव में सार्थक व सक्रिय हस्तक्षेप के लिए 'इंडिया टुडे', 'तहलका' जैसी पत्रिका ने विशेष स्टोरी की. दिल्ली से प्रकाशित प्रतिष्ठित अंग्रेजी पत्रिका ‘सिविल सोसाइटी’ ने 'प्रभात खबर' को भंवरजाल से निकाल हिंदी पत्रकारिता और क्षेत्रीय पत्रकारिता का एक मानक या मॉडल बनाने के लिए व्यक्तित्व-कृतित्व पर दो बार विशेष कवर स्टोरी की. ऐसे संपादक के रूप में पहचान बनी जो संपादक बनकर भी लिखते रहे. '''‘धर्मयुग’''' सक्रिय पत्रकारिता की शुरुआत ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह से हुई. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में चयन हुआ. फिर उसी समूह की हिंदी पत्रिका ‘धर्मयुग’ में उप-संपादक के रूप में 1977-1981 तक कार्य किया. ‘धर्मयुग’ में धर्मवीर भारती से लेकर गणेश मंत्री जैसे पत्रकार का सान्निध्य और मार्गदर्शन मिला. इसका असर हमेशा रहा. पत्रकारिता की वैचारिकी और सरोकार का पाठ सिखने का अवसर कैरियर के आरंभिक दिनों में ही मिला. '''‘रविवार’''' आनंद बाजार पत्रिका समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ में सहायक संपादक के तौर पर 1985 -1989 तक कार्यरत रहे. ‘रविवार’ पत्रिका से जुड़ने के बाद बिहार, झारखंड (तब अविभाजित बिहार का ही हिस्सा) समेत देश के कई इलाकों में, ग्रासरूट रिपोर्टिंग का अवसर मिला. '''<nowiki/>'प्रभात खबर'''' हरिवंश की पत्रकारिता के कैरियर में अहम और सबसे लंबा पड़ाव बना [[प्रभात खबर]]. यह समाचार पत्र बिहार के [[चारा घोटाला]] सहित कई उच्च प्रोफ़ाइल घोटालों की जांच के लिए जाना जाता है.<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/harivansh-narayan-singh-from-rs-500-job-to-rs-dy-chairperson-10-things-you-should-know-about-him/articleshow/65333983.cms|title=Harivansh Narayan Singh: From Rs 500 job to RS Dy Chairperson, 10 things you should know about him|website=इकोनॉमिक्स टाइम्स|language=en|trans-title=हरिवंश नारायण सिंह: 500 रुपये से लेकर राज्यसभा के उपसभापति तक, 10 चीजें जिन्हें आप उनके बारे में जानना चाहिए|archive-url=https://web.archive.org/web/20180810072701/https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/harivansh-narayan-singh-from-rs-500-job-to-rs-dy-chairperson-10-things-you-should-know-about-him/articleshow/65333983.cms|archive-date=10 अगस्त 2018|access-date=24 अगस्त 2018|url-status=live}}</ref> वह अक्तूबर 1989 में रांची से प्रकाशित अखबार ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक बने. अगले ही साल देश के प्रधानमंत्री चंद्रशेखर बने. उन्होंने पीएमओ से जुड़ने का प्रस्ताव दिया. अतिरिक्त सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के रूप में पीएमओ से जुड़े. 1990 से जून 1991 तक. चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री के पद छोड़ते ही वहां से इस्तीफा देकर 1991 में पुन: प्रभात खबर में वापसी की. तब से जून 2016 तक अखबार में प्रधान संपादक के रूप में कार्यरत. जब वह ‘प्रभात खबर’ से जुड़े, तब यह बंदप्राय अखबार था. पर, मृतप्राय- बंदप्राय अखबार हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का मॉडल अखबार बना. '''भारतीय प्रेस संस्थान की पत्रिका ‘विदुरा’ का संपादन.''' '''अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अलग-अलग विषयों पर लेखन''' ‘धर्मयुग’, ‘रविवार’, ‘प्रभात खबर’ से इतर अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अलग-अलग विषयों पर लेखन. इनमें ‘[[नवभारत टाइम्स]]<nowiki/>’, ‘[[दैनिक भास्कर]]<nowiki/>’, ‘फस्टपोस्ट’, ‘संडे (अंग्रेजी) जैसे प्रकाशन प्रमुखता से शामिल हैं. === '''बैंक सेवा''' === 1981 से 1984 तक बैंक आफ इंडिया, हैदराबाद व पटना में अधिकारी के रूप में कार्यरत. == '''राजनीतिक जीवन''' == * अप्रैल 2014 में जनता दल यू की ओर से बिहार से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित. * 09 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए पहली बार निर्वाचित. * 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए दूसरी  बार निर्वाचित. '''संसदीय समितियों से संबद्धता''' * बतौर सांसद और राज्यसभा उपसभापति के रूप में अनेक संसदीय समितियों से संबद्धता रही है. # सितंबर 2014 से जून 2018 तक हाउस कमिटी के सदस्य रहे. # सितंबर 2014 से अगस्त 2018 तक स्टैंडिंग कमिटी आन डिफेंस के मेंबर रहे. कंस्लटैटिव कमिटी फार द मिनिस्ट्री आफ इनफार्मेशन एंड ब्राडकास्टिंग के सदस्य रहे. # जुलाई 2016 से अगस्त 2016 तक राज्यसभा के सेलेक्ट कमिटी आन प्रिवेंशन आफ करप्शन (एमेंडमेंट बिल) 2013 के सदस्य रहे. # अगस्त 2016 से सितंबर 2018 तक ज्वाइंट कमिटी आन द बिल टू एमेंड द सिटिजनशिप एक्ट, 1955 के सदस्य रहे. # जून 2017 में नेशनल प्लेटफार्म फार डिजास्टर रिस्क रिडक्शन कमिटी के सदस्य बनाये गये. # अगस्त 2017 से दिसंबर 2017 तक राज्यसभा के मोटर व्हिकल (एमेंडमेंट) बिल—2017 के सेलेक्ट कमिटी के सदस्य बने. # मई 2018 से अगस्त 2018 तक विश्वभारती,शांति निकेतन के सम्सद (कोर्ट) के सदस्य रहे. # अगस्त 2018 से नवंबर 2019 तक राज्यसभा के कमिटी आन प्रोविजन आफ कंप्यूटर टू मेंबर्स आफ राज्यसभा कमिटी के चेयरमैन रहे. # अगस्त 2018 से अप्रैल 2020 तक राज्यसभा के एमपीलैड कमिटी के चेयरमैन रहे. पुन: सितंबर 2020 में इस कमिटी के चेयरमैन बने. # राज्यसभा के कमिटी आन प्रिविलेजेज के चेयरमैन हैं. राज्यसभा के बिजनेस एडवाइजरी कमिटी, कमिटी आन रूल्स के सदस्य हैं. # अक्तूबर 2018 से अप्रैल 2020 तक कमिटी आन मेंटेनेंस आफ हेरिटेज कैरेक्टर एंड डेवलपमेंट आफ पार्लियामेंट हाउस कांप्लेक्स के सदस्य रहे. # पूर्व में अक्तूबर 2018 से अप्रैल 2020 तक और पुन: सितंबर 2020 में राज्यसभा के जनरल परपस कमिटी के सदस्य बनाये गये. # मई 2019 से अप्रैल 2020 तक राज्यसभा टीवी के कंटेंट एडवाइजरी कमिटी के चेयरमैन रहे. # जुलाई 2020 में कमिटी आन एग्रीकल्चर के मेंबर बने, तीन माह के लिए. == '''लेखन व संपादन''' == हरिवंश की आखिरी किताब 2019 में आयी है, जो देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की अंग्रेजी में पहली आधिकारिक जीवनी है. 'चंद्रशेखर:द लास्ट आइकॉन आफ आइडियोलाजिकल पोलिटिक्स' नाम से प्रकाशित इस किताब का लोकार्पण देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में किया.<ref>{{Cite web|url=https://www.pmindia.gov.in/hi/news_updates/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d-50/|title=प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘चंद्रशेखर-द लास्‍ट आइकन ऑफ आइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्‍स’ पुस्‍तक का विमोचन किया|website=www.pmindia.gov.in|language=en|access-date=2021-09-14}}</ref> इसके पूर्व भी चंद्रशेखर से संबंधित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का संपादन. इन पुस्तकों में चंद्रशेखर के विचार (2002), चंद्रशेखर संवाद एक- उथल-पुथल और ध्रुवीकरण (2002). चंद्रशेखर संवाद दो- रचनात्मक बेचैनी में (2002). चंद्रशेखर संवाद तीन- एक दूसरे शिखर से (2002). चंद्रशेखर के बारे में (2002). मेरी जेल डायरीः भाग एक और दो (2002) शामिल है. इसके अलावा अलग-अलग विषय पर अनेक किताबों का लेखन व संपादन किया है. इनमें प्रमुख किताबें हैं- दिल से मैंने दुनिया देखी (2018). शब्द संसार (2016). झारखंड- सपने और यथार्थ (2012). झारखंड- समय और सवाल (2012). झारखंड- अस्मिता के आयाम (2011). झारखंड- दिसुम मुक्ति गाथा और सृजन के सपने. बिहारनामा (2011). बिहार: रास्ते की तलाश (2011). बिहार: अस्मिता के आयाम (2011). झारखंड: सुशासन अब भी संभावना है (2009). संताल हूल: आदिवासी प्रतिरोध संस्कृति (2009). जोहार झारखंड (2002). जनसरोकार की पत्रकारिता.    == '''सम्मान एवं पुरस्कार''' == * अखिल भारतीय पत्रकारिता विकास परिषद, कोलकाता द्वारा अगस्त 1996 में '''आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान'''. * पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान व कार्य के लिए अगस्त 2008 में भोपाल (मध्य प्रदेश) में प्रथम '''माधव राव सप्रे पुरस्कार''' से पुरस्कृत व सम्मानित. * सितंबर 2012 में जोहांसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित नौवें विश्व हिंदी सम्मेलन के दौरान हिंदी के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान. ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:राज्यसभा सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी: रांची के लोग]] [[श्रेणी:1956 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:बलिया के लोग ]] lxwdtk14kdy8u14yff43dnmghwd6fwn 6540929 6540926 2026-04-15T12:30:34Z Lokraag 920504 updated information about harivansh 6540929 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = हरिवंश नारायण सिंह | image = Shri Harivansh Narayan Singh.jpg | caption = | birth_name= | birth_date = 30 जून 1956 | birth_place = [[सिताब दियारा]],[[बलिया]], [[उत्तर प्रदेश]], [[भारत]] | death_date = | death_place = |office = [[राज्य सभा के उपाध्यक्ष|राज्य सभा के उपसभापति]] |term_start = 9 अगस्त 2018 |term_end = |predecessor = [[पी जे कुरियन]] |successor = | office2 = [[सांसद| सांसद]] [[राज्य सभा|राज्यसभा]] | constituency2 = [[बिहार]] | term_start2 = 10 अप्रैल 2014 | term_end2= | predecessor2 = | successor2 = | party = [[जनता दल (यूनाइटेड)]] | profession = | spouse = आशा | children = | footnotes = | date = | year = | source = |office3 = प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार 1990-1991 }} '''हरिवंश नारायण सिंह''' (हरिवंश के नाम से चर्चित, जन्म: 30 जून 1956), एक भारतीय पत्रकार,लेखक और राजनेता हैं. वर्तमान में वह राज्यसभा के मनोनीत सदस्य (10 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्वारा नामित) हैं.[1] इसके पूर्व वह राज्यसभा के उपसभापति रहे हैं. राज्यसभा में उनका दूसरा कार्यकाल 09 अप्रैल 2026 को खत्म हुआ. कुल 12 वर्षों (अप्रैल 2014 से अप्रैल 2026) का कार्यकाल रहा. सांसद के रूप में लगभग चार वर्षों तक (अप्रैल, 2014 से 8 अगस्त 2018 तक). उपसभापति के रूप में आठ वर्ष ( 09 अगस्त 2018 से 09 अप्रैल 2020 तक और फिर दोबारा सितंबर 2020 से नौ अप्रैल 2026 तक). हरिवंश, दो बार राज्यसभा के निर्वाचित (जदयू पार्टी से) सदस्य रहे हैं.[2] लगभग चार दशकों की सक्रिय और सरोकारी पत्रकारिता, अध्ययनशील लेखक, विचारक, चंद्रशेखर जैसे नेताओं के जीवनीकार के रूप में काम ने हरिवंश को अनुच्छेद 80(3) की कसौटी पर एक स्वाभाविक उम्मीदवार बनने का अवसर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं के सार्वजनिक वक्तव्यों में हरिवंश की छवि मृदुभाषी, निष्पक्ष, नियम-सम्मत और 'सबका विश्वास जीतने' का सतत प्रयास करने वाले उपसभापति के रूप में उभरती है, जो इस नामांकन के नैतिक-राजनीतिक आधार को पुष्ट करती है. '''पूर्व में पत्रकारिता के क्षेत्र से नामित सदस्य''' पत्रकारिता के क्षेत्र से मनोनीत सदस्यों को देखें, तो 1952 से यानी राज्यसभा के आरंभिक दौर से ही कला, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, खेल, समाज सेवा आदि संबंधित क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देनेवाले लोग आते रहे हैं. विशेष तौर पर पत्रकारिता में बात करें, तो रूसी करंजिया (अंग्रेज़ी साप्ताहिक ब्लिट्ज़ के संस्थापक, खोजी पत्रकारिता1991–1997), कुलदीप नैयर ( वरिष्ठ पत्रकार, syndicated columnist, मानवाधिकार कार्यकर्ता 1997–2002), पंडित विद्यानिवास मिश्र (हिंदी-संस्कृत साहित्यकार, नवभारत टाइम्स के प्रधान संपादक), खुशवंत सिंह, नरेंद्र मोहन (दैनिक जागरण, 1996) शोभना भारतीय (हिंदुस्तान टाइम्स समूह की चेयरपर्सन और संपादकीय निदेशक, 2006–2012), एच.के. दुआ (हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, ट्रिब्यून के पूर्व संपादक, 2009–2015) ,स्वपन दासगुप्ता (वरिष्ठ अंग्रेज़ी पत्रकार और स्तंभकार, 2016–2022) जैसे पत्रकारों या मीडिया से संबद्ध लोगों के नाम आते हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र से राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होनेवाले सदस्यों में हरिवंश का नाम 10 अप्रैल 2026 को जुड़ा. पर, हरिवंश का नाम इसके पूर्व के नामित सदस्यों से कुछ मायने में अलग है. इसके पहले जो पत्रकार राष्ट्रपति द्वारा हिंदी में मनोनीत होते रहें, उनमें अधिकांश अंग्रेजी के ही रहें या फिर मूल रूप से पत्रकारिता के साथ प्रबंधन या मालिकाना हक वाले. हरिवंश से पहले, दो नाम हिंदी से आते हैं. एक नाम विद्वान साहित्यकार विद्यानिवास मिश्र और दूसरा नाम नरेंद्र मोहन का. विद्यानिवास मिश्र, 'नवभारत टाइम्स' के संपादक बनें. इस अर्थ में समाचार पत्रों की पत्रकारिता से उन्हें संबद्ध किया जाता है. पर, उनकी मूल पहचान संस्कृत और हिंदी के विलक्षण विद्वान, व्याख्याकार, निबंधकार और अपने किस्म के अनूठे साहित्यकार की रही. नरेंद्र मोहन की मूल पहचान पत्रकार के रूप में न होकर, 'दैनिक जागरण' जैसे बड़े अखबार समूह के मालिक की रही. इस अर्थ में देखें, तो 1952 से अब तक की यात्रा में अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा में नामित सदस्य के रूप में हरिवंश, हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र से, मूल रूप से पत्रकार के रूप में नामित होनेवाले संभवत: पहले सदस्य हैं. यह सर्वज्ञात तथ्य है कि हरिवंश की मूल पहचान सामाजिक सरोकार वाले पत्रकार की ही रही है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उप संपादक से लेकर प्रधान संपादक तक चार दशक का लंबा अनुभव है, वो भी देश के अलग—अलग हिस्सों में. बड़े महानगरों से प्रकाशित होनेवाले अपने समय के नामी और प्रतिष्ठित पत्रिकाओं से जुड़कर पत्रकारिता करने से लेकर, सुदूर इलाके में गुमनामी के दौर में पहुंचकर मृतप्राय हो चुके अखबार के पुनरूद्धार और उसे हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का मॉडल बनाने तक की यात्रा. पर, हरिवंश अपने पैशन के साथ, अपनी च्वाइस से पत्रकार बने और कैरियर सफर में दूसरी संभावनाओं के द्वार खुले होने के बावजूद, पत्रकारिता के ही पेशे में बने रहें या फिर कहें कि दूसरी संभावनाओं को छोड़कर, इसी पेशे से जुड़े रहे. == '''जन्म व आरंभिक जीवन''' == हरिवंश का जन्म 30 जून 1956 को, सिताबदियारा में हुआ. यह गांव, लोकनायक जयप्रकाश नारायण का भी जन्मस्थान है. भौगोलिक बनावट की दृष्टि से दुरूह इलाका. देश के दो राज्यों (उत्तर प्रदेश और बिहार), दो नदियों गंगा और घाघरा के बीच तीन जिलों भोजपुर (आरा), बलिया और सारण (छपरा) की सीमा में 27 टोलों में बंटा और फैला गांव. पढ़ाई की शुरुआत गांव में ही. जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर गांव में ही बने एकमात्र हाईस्कूल से मैट्रिक. इंटर, बनारस के उदयप्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) से. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से स्नातक व अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर. बीएचयू के ही पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण. == '''पत्रकारिता के पेशे से जुड़ाव''' == काशी हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई करते हुए हरिवंश का सपना अर्थशास्त्र के क्षेत्र में करियर बनाने का था. जयप्रकाश जी के गांव के होने की वजह से सार्वजनिक और सामाजिक जीवन के प्रति एक स्वाभाविक रुचि थी. अपने गांव में उन्होंने जयप्रकाश जी की आभा को देखा था. उनके बुलावे पर उस गांव पहुंचने वाले देश के विद्वानों और बड़े नेताओं को देखा था. राजनीति में इसी रुचि ने उन्हें बीएचयू में पढ़ाई करते हुए छात्र संघ का चुनाव लड़ने को भी प्रेरित किया. फैकल्टी लेवल पर. कला संकाय से चुने गये. उसी दौरान जेपी का छात्र आंदोलन शुरू हुआ. इमरजेंसी का समय आया. हरिवंश, भूमिगत परचा-पोस्टर चिपकाने, बांटने का काम करने लगे. बनारस में समाजवादी अर्थशास्त्री, राजनीतिक विचारक कृष्णनाथजी के यहां आना-जाना शुरू हुआ. सर्वसेवा संघ में आने—जाने की शुरुआत हुई. दादा धर्माधिकारी समेत कई लोगों को करीब से जानने का मौका मिला. राजनीतिक चेतना का विस्तार होता रहा. जेपी के निजी सचिव जगदीश बाबू से आत्मीय रिश्ता था. उन्होंने इमरजेंसी के दिनों में तीन बड़े लोगों के नाम पत्र लिखकर हरिवंश को दिल्ली भेजा. जेपी के गांव का होने की वजह से और जगदीश बाबू का पत्रवाहक होने की वजह से तीन में से दो लोगों ने मिलने से मना कर दिया. एक पत्र अनुपम मिश्र के नाम था. अनुपम जी के पिता कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने उत्साह और आत्मीयता दिखायी. इस तरह श्री हरिवंश को राजनीति को करीब से देखने-समझने का अवसर मिलना शुरू हुआ. इसी दौरान राजनीतिक सामग्री पढ़ने—लिखने की आदत लगी. अर्थशास्त्री बनने के सपने ने नया मोड़ लिया. हरिवंश को लगा कि सामाजिक, सार्वजनिक सवालों से जुड़ने के लिए पत्रकारिता का पेशा बेहतर माध्यम है. तब, बीएचयू में पत्रकारिता में डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण कोर्स शुरू हुआ था. हरिवंश ने अर्थशास्त्री या प्राध्यापक बनने का सपना परे कर, पत्रकारिता में दाखिला ले लिया. उन दिनों टाइम्स आफ इंडिया समूह ट्रेनी जर्नलिस्टों के लिए परीक्षा लेता था. हरिवंश ने पढ़ाई करते हुए ही अप्लाई किया. एग्जाम में बैठे. चयनित हो गये. इंटरव्यू हुआ. खुशवंत सिंह, श्यामलाल, डॉ धर्मवीर भारती, कमलेश्वर, रघुवीर सहाय, अरविंद कुमार, गिरिलाल जैन जैसे बड़े संपादकों ने इंटरव्यू लिया. चयन हो गया. उन्हें टाइम्स ग्रुप (मुंबई) से ट्रेनी जर्नलिस्ट बनने का मौका मिला. बनारस से निकलकर मुंबई चले गये. == '''कैरियर''' == 'टाइम्स आफ इंडिया' समूह से हरिवंश की पत्रकारिता की शुरुआत हुई. ट्रेनी जर्नलिस्ट ( हिंदी) के रूप में. तब, टाइम्स समूह की मशहूर और प्रतिष्ठित हिंदी पत्रिका थी,'धर्मयुग'. उन दिनों की सर्वाधिक बिकनेवाली साप्ताहिक पत्रिका. इसके संपादक थे, यशस्वी साहित्यकार डॉ धर्मवीर भारती. ट्रेनिंग के बाद हरिवंश को 'धर्मयुग' से जुड़ने का मौका मिला. वहां बतौर पत्रकार उनकी मेंटरिंग डॉ धर्मवीर भारती, गणेश मंत्री जैसे यशस्वी संपादकों ने की. ‘धर्मयुग’ में उप-संपादक के रूप में 1977-1981 तक कार्यरत रहे. इसी बीच  उनका चयन बैंक आफ इंडिया में पदाधिकारी रूप में हुआ. मुंबई छूटा. हैदराबाद चले गये.1981 से 1984 तक बैंक आफ इंडिया, हैदराबाद व पटना में कार्यरत रहे. अधिकारी के रूप में. पर, हरिवंश का मन पत्रकारिता की दुनिया से निकल नहीं रहा था. इसी बीच उनका चयन भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी अधिकारी के तौर पर हुआ. पर, इसे उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया. बैंक अधिकारी की नौकरी छोड़, फिर से पत्रकारिता के पेशे में आ गये. इस बार कोलकाता में 'आनंद बाजार पत्रिका' समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ के साथ जुड़े. सहायक संपादक के तौर पर  1985 से 1989 तक काम करते रहे. रविवार में काम करते हुए, रिपोर्टिंग के लिए हरिवंश का बिहार के अलग—अलग हिस्से में लगातार आना—जाना बढ़ा. बिहार की राजनीति पर लिखने के साथ ही सुदूर गांव व इलाकों में रिपोर्टिंग के लिए जाते. उस दौर में जो भी नरसंहार या जातीय संघर्ष की घटनाएं हुईं, उसे हरिवंश ने कवर किया. राजनीतिक टकरावों को भी. विशेषकर तब के दक्षिण बिहार (अब झारखंड) के पिछड़ेपन पर हरिवंश ने अनेक रिपोर्ट किये. सुदूर आदिवासी इलाकों में जाकर. देश के तीन बड़े महानगरों, मुंबई—हैदराबाद—कोलकाता में काम करने के बाद हरिवंश को रांची में पत्रकारिता का अवसर मिला. लगभग बंदी के मुहाने पर पहुंच चुके स्थानीय अखबार 'प्रभात खबर' के साथ जुड़ने का प्रस्ताव मिला. हरिवंश ने हामी भर दी. उनके पत्रकार साथियों व मीडिया जगत के जानकारों ने कहा कि यह आत्मघाती कदम है, क्योंकि उस अखबार का कोई भविष्य नहीं है. वह दौर भी ऐसा था कि बड़ी पूंजी के साथ, बड़े अखबारों का उदय हो रहा था. दशकों से जमे—जमाये, नामी—गिरामी अखबार, एक—एक कर बंद हो रहे थे. स्थापित पत्र—पत्रिकाएं बंद हो रही थीं. दूसरी अहम बात थी कि 'धर्मयुग', 'रविवार' जैसी पत्रिकाओं में काम करने, मुंबई—कोलकाता में रहकर पत्रकारिता करने के बाद रांची जैसे एक छोटे शहर में कौन जाता है? तब वह बिहार का एक शहर भर था. दक्षिण बिहार का उपेक्षित इलाका.पिछड़ापन ही उसकी पहचान थी. पर, हरिवंश ने इसे स्वीकारा. और 'प्रभात खबर' में काम करते हुए जो कीर्तिमान रचे, वह हिंदी पत्रकारिता में एक नजीर बन गए. '''<nowiki/>'प्रभात खबर' की पत्रकारिता और हरिवंश''' बतौर प्रधान संपादक, वह 'प्रभात खबर' से जुड़े. उन्होंने सामाजिक सरोकार और हाशिये पर खड़े लोगों के स्वर को मुख्य धारा से जोड़ने को ही 'प्रभात खबर' की पत्रकारिता का मिशन बनाया. साथ ही गवर्नेंस, डेवलपमेंट, बदलती दुनिया, टेक्नोलॉजी वगैरह को पत्रकारिता के मुख्य मुद्दे मानकर अभियान चलाया. अखबार का स्लोगन था, 'अखबार नहीं आंदोलन'. संयुक्त बिहार में लगभग 12 वर्षों तक पत्रकारिता के बाद, अलग झारखंड आंदोलन ने गति पकड़ी. तब, केंद्र और बिहार, दोनों जगह सत्तारूढ़ सरकार, झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं थे. हरिवंश ने अखबार को झारखंड आंदोलन के संघर्ष को सृजनात्मक स्वर देना शुरू किया. रामदयाल मुंडा, बीपी केशरी से लेकर तमाम दूसरे निर्णायक स्वरों को अपनी बात कहने का एक विश्वसनीय मंच मिला. पत्रकारिता में आदिवासियों की कोई उपस्थिति नहीं थी. हरिवंश ने उन्हें जोड़ा. यह छूट भी दी कि आप हिंदी में नहीं लिख सकते, तो अपनी मातृभाषा में ही लिखें, उसे ही छापेंगे. आदिवासी युवाओं में एक नया जोश आया. उनकी बातें छपने लगीं. पर, हरिवंश सिर्फ यहीं तक नहीं रूके. ' प्रभात खबर' का काम संभालते ही वह 1989 में बिहार के पिछड़ेपन से संबंधित मुद्दों को लेकर दिल्ली पहुंचे. खास तौर से दक्षिण बिहार के सांसदों व नेताओं को बुलाकर एक आयोजन कराया. पिछड़ेपन के इन तथ्यों को, प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर. दिल्ली में बहस का मुद्दा बनाया. आशय बस इतना था कि दिल्ली में चुनकर आये बिहार के जनप्रतिनिधि, दक्षिण बिहार की वास्तविक स्थिति को जानें.केंद्र में यह तथ्य उठायें. पत्रकारिता में यह एकदम नायाब प्रयोग था. आगे चलकर, झारखंड राज्य निर्माण के बाद हरिवंश ने अखबार के माध्यम से सालाना 'सोशल आडिट रिपोर्ट' प्रकाशित करना शुरू किया, ताकि झारखंड के विकास को सही दिशा और गति मिल सके. इसी  तरह समानांतर रूप से बिहार के विकास को भी मुद्दा बनाया. बिहार के विकास पर भी लगातार वार्षिक 'इकोनॉकि डेवलपमेंट रिपोर्ट' का प्रकाशन होता रहा. इन रिपोर्टों को तैयार करने में देश की प्रमुख संस्थाओं को इनवॉल्व किया गया. इस तरह का काम पत्रकारिता में शायद पहले नहीं हुआ. हर साल झारखंड स्थापना दिवस (15 नवंबर) पर 100 पेज के करीब का विशेष अखबार प्रकाशित कर, झारखंड के असल हाल-हालात को बयां किया, ताकि नीति-नियंताओं के साथ आम जन भी अपने राज्य की वास्तविक स्थिति जान सकें. उस दौर में ही अलग-अलग विचारधारा के बौद्धिकों और अपने क्षेत्र के विशेषकों को रांची जैसे छोटे शहर में बुलाकर संवाद श्रृंखला आयोजन की शुरुआत की, जिसका शीर्षक था, ' भारत किधर' या 'बिहार किधर'. एक इलाका राज्य बनने के क्रम में था. वहां के नागरिकों को, युवाओं को देश के हाल-हालात और भविष्य से जोड़ने का यह अभियान, पत्रकारिता के जरिये एक नया और अनूठा प्रयोग था. 'भारत किधर' व्याख्यानमाला चर्चित हुआ और लोगों के बीच लोकप्रियता मिली. ऐसे ही प्रयास 'बिहार' को लेकर पटना में भी होते रहे. इस समाचार पत्र ने एक-एक कर ऐसे नये प्रयोग शुरू किये. अखबार के माध्यम से 'बचपन बचाओ आंदोलन' शुरू किया. मकसद और उद्देश्य यह कि अभिभावक अपने दायित्व को समझें. बच्चों का बचपना बचाये, नहीं तो आगे चलकर वे मानसिक अवसाद का शिकार होंगे. डिजिटल मीडिया के कुप्रभावों के खिलाफ शायद यह पहला अभियान था. बाद में बचपन को बचाने का आंदोलन राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दूसरी संस्थाओं द्वारा चलाया गया. इसी तरह हरिवंश ने सामान्य पाठकों के पत्रों को भी, पहले पन्ने पर प्रमुखता से छापना शुरू किया. 'व्वायसलेस सोसाइटी' या 'अनसुनी आवाजों' को पत्रकारिता में स्थान देना शुरू किया. जब सूचनाधिकार का आंदोलन शुरू हुआ, तो हरिवंश ने अखबार को सूचनाधिकार का प्रयोग अखबार में शुरू किया.अखबार ने 'घूस को घूसा' अभियान चलाया. लोग अपनी शिकायतें लेकर अखबार में पहुंचने लगे. तथ्यों के साथ बताने लगे कि कहां पर उनसे घूस मांगा जा रहा है? फिर अखबार में सूचनाधिकार के जरिये पत्रकारिता करनेवाले संवाददाताओं की नियुक्ति अलग से की गयी, जिससे बड़े—बड़े मामले सामने निकलकर आये. इस तरह पत्रकारिता को व्यापक जनसरोकार से जोड़ने का यह अभियान, पत्रकारिता में नये प्रयोग की तरह हरिवंश के नेतृत्व में निरंतर चलता रहा. झारखंड में नक्सल आंदोलन चरम पर था. नक्सलियों का अभियान था, वोट बहिष्कार. हरिवंश ने परचा छापा. उसे लाखों की संख्यों में रखकर सुदूर इलाके में जनसंवाद शुरू किया. वे नक्सली इलाकों व गांवों में गये. संवाद कर व परचा बांट कर लोगों को लोकतंत्र और लोकतंत्र में चुनाव के महत्व को समझाया. अपील की कि चुनाव का बहिष्कार रास्ता नहीं, चुनाव ही लोकतंत्र को मजबूत करेगा. इस अभियान का व्यापक असर पड़ा. पर, अखबार सिर्फ इन अभियानों तक ही सीमित नहीं रहा. हरिवंश ने पत्रकारिता में 'पशुपालन घोटाला' जैसे अनेक प्रसंगों को उठाया. पशुपालन घोटाले के बारे में सिलसिलेवार लगातार छापकर, तथ्यों को सामने लाकर आम जनमानस को तत्कालीन बिहार में हुए सबसे बड़े घोटाले का सच बताया. ऐसे अनेक नये प्रयोगों, साहसिक और सरोकारी पत्रकारिता की वजह से 'प्रभात खबर' जो मरणासन्न था, वह देश में हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का एक मानक व प्रतिमान बन गया. === पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से जुड़ाव === अखबार से जुड़ने के बाद 1990–91 में हरिवंश को तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ काम करने का अवसर मिला. प्रधानमंत्री के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार के रूप में. चंद्रशेखर अल्पकाल के लिए प्रधानमंत्री रहे. उनके प्रधानमंत्री न रहने के बाद हरिवंश के पास दिल्ली में ही रहने और बड़े मीडिया संस्थानों से जुड़ने के अवसर थे. पर, हरिवंश फिर से रांची ही लौट आये. उसी बंदप्राय अखबार की पत्रकारिता में लग गये. पर, ऐसा नहीं हुआ कि चंद्रशेखर के साथ काम करने तक का ही रिश्ता सीमित रहा. कुछ ही वर्षों बाद चंद्रशेखर 75 वर्ष के हुए. इस अवसर पर उन पर अनेक पुस्तकों का प्रकाशन हुआ. उन पुस्तकों में सात का संपादन हरिवंश ने किया. इनमें ही चंद्रशेखर की जेल डायरी (दो खंड) भी है. बाद में उनके जीवनीकार भी बने. ‘Chandra Shekhar: The Last Icon of Ideological Politics’ शीर्षक से प्रकाशित इस किताब में चंद्रशेखर की वैचारिक राजनीति, आपातकाल-विरोध, भारत यात्रा, आर्थिक संकट और साम्प्रदायिक सौहार्द जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा है. == '''राजनीतिक जीवन''' == * अप्रैल 2014 में जनता दल यू की ओर से बिहार से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित. * 09 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए पहली बार निर्वाचित. * 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए दूसरी  बार निर्वाचित. * 10 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत (राज्यसभा सदस्य) == '''लेखन व संपादन''' == हरिवंश खुद को बेहतर पाठक मानते हैं. बतौर पाठक, छात्र जीवन से ही उन्हें किताबें खरीदना,पढ़ना और सहेजना, उनका प्रिय काम रहा है. पाठक के रूप में उनकी सक्रियता और गंभीरता को उनकी निजी लाइब्रेरी (रांची स्थित उनके आवास पर) के रूप में देखा जा सकता है. गांव—समाज से लेकर देश—दुनिया के विविध विषयों पर पुस्तकों का समृद्ध संग्रह है, निजी लाइब्रेरी में. पत्रकारिता के दिनों में नयी किताबों पर नियमित आलेख भी लिखते रहे, जो 'शब्द संसार' नाम से पुस्तक रूप में प्रकाशित संकलन में है. किताबों से यह लगाव और जुड़ाव ने पत्रकार हरिवंश को भी लेखक बनाया. अखबारों और पत्र—पत्रिकाओं में लेखन के साथ उन्होंने अपने समय के सवालों और निजी अनुभवों को समूह की आकांक्षा से जोड़कर किताबें लिखनी भी शुरू की. करीब चार दशकों तक सक्रिय पत्रकारिता और 12 सालों तक संसदीय राजनीति में रहते हुए हरिवंश की अब तक प्रकाशित व संपादित कुल पुस्तकों की संख्या 35 है. इनमें हिंदी में लिखित किताबों की संख्या उन्नीस (19) व अंग्रेजी में एक (01) है. शेष पंद्रह (15) पुस्तकें श्री हरिवंश द्वारा संपादित हैं. संसदीय जीवन में आने से पहले (2014 से पहले) की प्रकाशित पुस्तकें संपादित पुस्तकें • झारखंड: दिसुम मुक्तिगाथा और सृजन के सपने - (2002) राजकमल प्रकाशन • जोहार झारखंड - (2002) राजकमल प्रकाशन • झारखंड: सुशासन अब भी संभावना है - (2009) प्रभात प्रकाशन • संताल हूल: आदिवासी प्रतिरोध संस्कृति - (2009) प्रकाशन संस्थान • झारखंड: अस्मिता के आयाम - (2011) प्रकाशन संस्थान • बिहारनामा (2011) - प्रकाशन संस्थान • बिहार: रास्ते की तलाश - (2011) प्रकाशन संस्थान • बिहार: अस्मिता के आयाम - (2011) प्रकाशन संस्थान लिखित पुस्तकें ( हिंदी में) • झारखंड: समय और सवाल - (2012) प्रभात प्रकाशन • झारखंड: सपने और यथार्थ - (2012) प्रभात प्रकाशन पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर पर संपादित पुस्तकें • चंद्रशेखर के विचार - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद एक : उथल-पुथल और ध्रुवीकरण -(2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद दो : रचनात्मक बेचैनी में - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद तीन :  एक दूसरे शिखर से - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर के बारे में  - (2002) राजकमल प्रकाशन • मेरी जेल डायरी: एक - (2002) राजकमल प्रकाशन • मेरी जेल डायरी: दो - (2002) राजकमल प्रकाशन संसदीय जीवन में आने के बाद (2014) प्रकाशित-लिखित व संपादित पुस्तकें लिखित पुस्तक (अंग्रेजी में) • चंद्रशेखर : द लास्ट आइकॉन ऑफ ऑइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्स - (2019) :रूपा पब्लिकेशंस. इसका विमोचन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 24 जुलाई 2019 को संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग के बालयोगी सभागार में किया था. लिखित पुस्तकें ( हिंदी में) • शब्द संसार  - (2016) इंडिया टेलिंग बुक्स • दिल से मैंने दुनिया देखी - (2018) राजकमल प्रकाशन • गणेश मंत्री: आधुनिक हिंदी पत्रकारिता के यशस्वी स्तंभ- (2022): रूद्र पब्लिशर्स • कलश - (2022) वाणी प्रकाशन • सृष्टि का मुकुटः कैलास मानसरोवर - (2022) वाणी प्रकाशन • पथ के प्रकाश पुंज - (2022): वाणी प्रकाशन • सत्याग्रही संन्यासी (भवानी दयाल संन्यासी की संक्षिप्त जीवनी) (2023), नॉटनल (ई बुक) • समय के सवाल श्रृंखला के तहत प्रकाशन संस्थान, नई दिल्ली से प्रकाशित दस किताबें 'समय के सवाल' शृंखला के तहत 2024 में दस किताबें प्रकाशित हुई हैं. प्रकाशन संस्थान (नई दिल्ली) से. 5211 पृष्ठों में समाहित इन किताबों में हरिवंश के 1977 से 2017 तक का लेखन है. .'नवभारत टाइम्स', 'धर्मयुग', 'रविवार', 'प्रभात खबर' और अन्य प्रकाशन संस्थानों में प्रकाशित आलेखों का संकलन है.सभी खंडों के विषय अलग हैं. गुजरे चार दशकों में राज-समाज, देश-दुनिया की सामाजिक-राजनतिक-आर्थिक-सांस्कृतिक सवालों पर अलग-अलग कालखंडों में लिखी सामग्री. विभिन्न विधाओं में. रिपोर्ट, रिपोर्ताज, अग्रलेख, विश्लेषणात्मक टिप्पणी, त्वरित टिप्पणी, साक्षात्कार, यात्रा वृतांत, समीक्षाएं वगैरह. 1.'बिहार: सपना और सच' 2. 'झारखंड: संपन्न धरती, उदास बसंत' 3. 'झारखंड: चुनौतियां भी-अवसर भी' 4. 'राष्ट्रीय चरित्र का आईना' 5. 'पतन की होड़' 6. 'भविष्य का भारत' 7. 'सरोकार और संवाद' 8. 'अतीत के पन्ने' 9. ऊर्जा के उत्स 10. सफर के शेष 2014 के बाद हरिवंश पर लिखी गयी किताबें 1. हरिवंश: पत्रकारिता का लोकधर्म (प्रलेक प्रकाशन.) संपादक: कृपाशंकर चौबे.(2024) 2. Newsprint To Heartprint: An Ingenious Odyssey of Harivansh in Prabhat Khabar. Srinath Sridharan, Abhijit K Chattoraj, Saloni Sinha (2024) Writersgram Publications. (2024) 3.  Harivansh’s Experiment with AD-Vocacy Journalism – From Ads to Action; From Words to Change. A.S. Raghunath (2024). IndiaStat Publications. 4. जन सरोकार के पत्रकार (प्रभात प्रकाशन ) : डॉ.  आर के नीरद. == '''सम्मान एवं पुरस्कार''' == * अखिल भारतीय पत्रकारिता विकास परिषद, कोलकाता द्वारा अगस्त 1996 में '''आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान'''. * पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान व कार्य के लिए अगस्त 2008 में भोपाल (मध्य प्रदेश) में प्रथम '''माधव राव सप्रे पुरस्कार''' से पुरस्कृत व सम्मानित. * सितंबर 2012 में जोहांसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित नौवें विश्व हिंदी सम्मेलन के दौरान हिंदी के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान. ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:राज्यसभा सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी: रांची के लोग]] [[श्रेणी:1956 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:बलिया के लोग ]] 1pnpaktk1lbss12c6vqvr9bxt6leuac 6540930 6540929 2026-04-15T12:33:57Z Lokraag 920504 updated information 6540930 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = हरिवंश | image = Shri Harivansh Narayan Singh.jpg | caption = | birth_name = | birth_date = 30 जून 1956 | birth_place = [[सिताब दियारा]],[[बलिया]], [[उत्तर प्रदेश]], [[भारत]] | death_date = | death_place = | office = राज्यसभा सदस्य (मनोनीत) | term_start = 10 अप्रैल 2026 | term_end = | predecessor = | successor = | office2 = [[सांसद| सांसद]] [[राज्य सभा|राज्यसभा]] | constituency2 = [[बिहार]] | term_start2 = 10 अप्रैल 2014 | term_end2 = | predecessor2 = | successor2 = | party = राष्ट्रपति द्वारा नामित | profession = | spouse = आशा | children = | footnotes = | date = | year = | source = | office3 = प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार 1990-1991 }} '''हरिवंश नारायण सिंह''' (हरिवंश के नाम से चर्चित, जन्म: 30 जून 1956), एक भारतीय पत्रकार,लेखक और राजनेता हैं. वर्तमान में वह राज्यसभा के मनोनीत सदस्य (10 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्वारा नामित) हैं.[1] इसके पूर्व वह राज्यसभा के उपसभापति रहे हैं. राज्यसभा में उनका दूसरा कार्यकाल 09 अप्रैल 2026 को खत्म हुआ. कुल 12 वर्षों (अप्रैल 2014 से अप्रैल 2026) का कार्यकाल रहा. सांसद के रूप में लगभग चार वर्षों तक (अप्रैल, 2014 से 8 अगस्त 2018 तक). उपसभापति के रूप में आठ वर्ष ( 09 अगस्त 2018 से 09 अप्रैल 2020 तक और फिर दोबारा सितंबर 2020 से नौ अप्रैल 2026 तक). हरिवंश, दो बार राज्यसभा के निर्वाचित (जदयू पार्टी से) सदस्य रहे हैं.[2] लगभग चार दशकों की सक्रिय और सरोकारी पत्रकारिता, अध्ययनशील लेखक, विचारक, चंद्रशेखर जैसे नेताओं के जीवनीकार के रूप में काम ने हरिवंश को अनुच्छेद 80(3) की कसौटी पर एक स्वाभाविक उम्मीदवार बनने का अवसर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं के सार्वजनिक वक्तव्यों में हरिवंश की छवि मृदुभाषी, निष्पक्ष, नियम-सम्मत और 'सबका विश्वास जीतने' का सतत प्रयास करने वाले उपसभापति के रूप में उभरती है, जो इस नामांकन के नैतिक-राजनीतिक आधार को पुष्ट करती है. '''पूर्व में पत्रकारिता के क्षेत्र से नामित सदस्य''' पत्रकारिता के क्षेत्र से मनोनीत सदस्यों को देखें, तो 1952 से यानी राज्यसभा के आरंभिक दौर से ही कला, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, खेल, समाज सेवा आदि संबंधित क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देनेवाले लोग आते रहे हैं. विशेष तौर पर पत्रकारिता में बात करें, तो रूसी करंजिया (अंग्रेज़ी साप्ताहिक ब्लिट्ज़ के संस्थापक, खोजी पत्रकारिता1991–1997), कुलदीप नैयर ( वरिष्ठ पत्रकार, syndicated columnist, मानवाधिकार कार्यकर्ता 1997–2002), पंडित विद्यानिवास मिश्र (हिंदी-संस्कृत साहित्यकार, नवभारत टाइम्स के प्रधान संपादक), खुशवंत सिंह, नरेंद्र मोहन (दैनिक जागरण, 1996) शोभना भारतीय (हिंदुस्तान टाइम्स समूह की चेयरपर्सन और संपादकीय निदेशक, 2006–2012), एच.के. दुआ (हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, ट्रिब्यून के पूर्व संपादक, 2009–2015) ,स्वपन दासगुप्ता (वरिष्ठ अंग्रेज़ी पत्रकार और स्तंभकार, 2016–2022) जैसे पत्रकारों या मीडिया से संबद्ध लोगों के नाम आते हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र से राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होनेवाले सदस्यों में हरिवंश का नाम 10 अप्रैल 2026 को जुड़ा. पर, हरिवंश का नाम इसके पूर्व के नामित सदस्यों से कुछ मायने में अलग है. इसके पहले जो पत्रकार राष्ट्रपति द्वारा हिंदी में मनोनीत होते रहें, उनमें अधिकांश अंग्रेजी के ही रहें या फिर मूल रूप से पत्रकारिता के साथ प्रबंधन या मालिकाना हक वाले. हरिवंश से पहले, दो नाम हिंदी से आते हैं. एक नाम विद्वान साहित्यकार विद्यानिवास मिश्र और दूसरा नाम नरेंद्र मोहन का. विद्यानिवास मिश्र, 'नवभारत टाइम्स' के संपादक बनें. इस अर्थ में समाचार पत्रों की पत्रकारिता से उन्हें संबद्ध किया जाता है. पर, उनकी मूल पहचान संस्कृत और हिंदी के विलक्षण विद्वान, व्याख्याकार, निबंधकार और अपने किस्म के अनूठे साहित्यकार की रही. नरेंद्र मोहन की मूल पहचान पत्रकार के रूप में न होकर, 'दैनिक जागरण' जैसे बड़े अखबार समूह के मालिक की रही. इस अर्थ में देखें, तो 1952 से अब तक की यात्रा में अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा में नामित सदस्य के रूप में हरिवंश, हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र से, मूल रूप से पत्रकार के रूप में नामित होनेवाले संभवत: पहले सदस्य हैं. यह सर्वज्ञात तथ्य है कि हरिवंश की मूल पहचान सामाजिक सरोकार वाले पत्रकार की ही रही है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उप संपादक से लेकर प्रधान संपादक तक चार दशक का लंबा अनुभव है, वो भी देश के अलग—अलग हिस्सों में. बड़े महानगरों से प्रकाशित होनेवाले अपने समय के नामी और प्रतिष्ठित पत्रिकाओं से जुड़कर पत्रकारिता करने से लेकर, सुदूर इलाके में गुमनामी के दौर में पहुंचकर मृतप्राय हो चुके अखबार के पुनरूद्धार और उसे हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का मॉडल बनाने तक की यात्रा. पर, हरिवंश अपने पैशन के साथ, अपनी च्वाइस से पत्रकार बने और कैरियर सफर में दूसरी संभावनाओं के द्वार खुले होने के बावजूद, पत्रकारिता के ही पेशे में बने रहें या फिर कहें कि दूसरी संभावनाओं को छोड़कर, इसी पेशे से जुड़े रहे. == '''जन्म व आरंभिक जीवन''' == हरिवंश का जन्म 30 जून 1956 को, सिताबदियारा में हुआ. यह गांव, लोकनायक जयप्रकाश नारायण का भी जन्मस्थान है. भौगोलिक बनावट की दृष्टि से दुरूह इलाका. देश के दो राज्यों (उत्तर प्रदेश और बिहार), दो नदियों गंगा और घाघरा के बीच तीन जिलों भोजपुर (आरा), बलिया और सारण (छपरा) की सीमा में 27 टोलों में बंटा और फैला गांव. पढ़ाई की शुरुआत गांव में ही. जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर गांव में ही बने एकमात्र हाईस्कूल से मैट्रिक. इंटर, बनारस के उदयप्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) से. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से स्नातक व अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर. बीएचयू के ही पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण. == '''पत्रकारिता के पेशे से जुड़ाव''' == काशी हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई करते हुए हरिवंश का सपना अर्थशास्त्र के क्षेत्र में करियर बनाने का था. जयप्रकाश जी के गांव के होने की वजह से सार्वजनिक और सामाजिक जीवन के प्रति एक स्वाभाविक रुचि थी. अपने गांव में उन्होंने जयप्रकाश जी की आभा को देखा था. उनके बुलावे पर उस गांव पहुंचने वाले देश के विद्वानों और बड़े नेताओं को देखा था. राजनीति में इसी रुचि ने उन्हें बीएचयू में पढ़ाई करते हुए छात्र संघ का चुनाव लड़ने को भी प्रेरित किया. फैकल्टी लेवल पर. कला संकाय से चुने गये. उसी दौरान जेपी का छात्र आंदोलन शुरू हुआ. इमरजेंसी का समय आया. हरिवंश, भूमिगत परचा-पोस्टर चिपकाने, बांटने का काम करने लगे. बनारस में समाजवादी अर्थशास्त्री, राजनीतिक विचारक कृष्णनाथजी के यहां आना-जाना शुरू हुआ. सर्वसेवा संघ में आने—जाने की शुरुआत हुई. दादा धर्माधिकारी समेत कई लोगों को करीब से जानने का मौका मिला. राजनीतिक चेतना का विस्तार होता रहा. जेपी के निजी सचिव जगदीश बाबू से आत्मीय रिश्ता था. उन्होंने इमरजेंसी के दिनों में तीन बड़े लोगों के नाम पत्र लिखकर हरिवंश को दिल्ली भेजा. जेपी के गांव का होने की वजह से और जगदीश बाबू का पत्रवाहक होने की वजह से तीन में से दो लोगों ने मिलने से मना कर दिया. एक पत्र अनुपम मिश्र के नाम था. अनुपम जी के पिता कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने उत्साह और आत्मीयता दिखायी. इस तरह श्री हरिवंश को राजनीति को करीब से देखने-समझने का अवसर मिलना शुरू हुआ. इसी दौरान राजनीतिक सामग्री पढ़ने—लिखने की आदत लगी. अर्थशास्त्री बनने के सपने ने नया मोड़ लिया. हरिवंश को लगा कि सामाजिक, सार्वजनिक सवालों से जुड़ने के लिए पत्रकारिता का पेशा बेहतर माध्यम है. तब, बीएचयू में पत्रकारिता में डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण कोर्स शुरू हुआ था. हरिवंश ने अर्थशास्त्री या प्राध्यापक बनने का सपना परे कर, पत्रकारिता में दाखिला ले लिया. उन दिनों टाइम्स आफ इंडिया समूह ट्रेनी जर्नलिस्टों के लिए परीक्षा लेता था. हरिवंश ने पढ़ाई करते हुए ही अप्लाई किया. एग्जाम में बैठे. चयनित हो गये. इंटरव्यू हुआ. खुशवंत सिंह, श्यामलाल, डॉ धर्मवीर भारती, कमलेश्वर, रघुवीर सहाय, अरविंद कुमार, गिरिलाल जैन जैसे बड़े संपादकों ने इंटरव्यू लिया. चयन हो गया. उन्हें टाइम्स ग्रुप (मुंबई) से ट्रेनी जर्नलिस्ट बनने का मौका मिला. बनारस से निकलकर मुंबई चले गये. == '''कैरियर''' == 'टाइम्स आफ इंडिया' समूह से हरिवंश की पत्रकारिता की शुरुआत हुई. ट्रेनी जर्नलिस्ट ( हिंदी) के रूप में. तब, टाइम्स समूह की मशहूर और प्रतिष्ठित हिंदी पत्रिका थी,'धर्मयुग'. उन दिनों की सर्वाधिक बिकनेवाली साप्ताहिक पत्रिका. इसके संपादक थे, यशस्वी साहित्यकार डॉ धर्मवीर भारती. ट्रेनिंग के बाद हरिवंश को 'धर्मयुग' से जुड़ने का मौका मिला. वहां बतौर पत्रकार उनकी मेंटरिंग डॉ धर्मवीर भारती, गणेश मंत्री जैसे यशस्वी संपादकों ने की. ‘धर्मयुग’ में उप-संपादक के रूप में 1977-1981 तक कार्यरत रहे. इसी बीच  उनका चयन बैंक आफ इंडिया में पदाधिकारी रूप में हुआ. मुंबई छूटा. हैदराबाद चले गये.1981 से 1984 तक बैंक आफ इंडिया, हैदराबाद व पटना में कार्यरत रहे. अधिकारी के रूप में. पर, हरिवंश का मन पत्रकारिता की दुनिया से निकल नहीं रहा था. इसी बीच उनका चयन भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी अधिकारी के तौर पर हुआ. पर, इसे उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया. बैंक अधिकारी की नौकरी छोड़, फिर से पत्रकारिता के पेशे में आ गये. इस बार कोलकाता में 'आनंद बाजार पत्रिका' समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ के साथ जुड़े. सहायक संपादक के तौर पर  1985 से 1989 तक काम करते रहे. रविवार में काम करते हुए, रिपोर्टिंग के लिए हरिवंश का बिहार के अलग—अलग हिस्से में लगातार आना—जाना बढ़ा. बिहार की राजनीति पर लिखने के साथ ही सुदूर गांव व इलाकों में रिपोर्टिंग के लिए जाते. उस दौर में जो भी नरसंहार या जातीय संघर्ष की घटनाएं हुईं, उसे हरिवंश ने कवर किया. राजनीतिक टकरावों को भी. विशेषकर तब के दक्षिण बिहार (अब झारखंड) के पिछड़ेपन पर हरिवंश ने अनेक रिपोर्ट किये. सुदूर आदिवासी इलाकों में जाकर. देश के तीन बड़े महानगरों, मुंबई—हैदराबाद—कोलकाता में काम करने के बाद हरिवंश को रांची में पत्रकारिता का अवसर मिला. लगभग बंदी के मुहाने पर पहुंच चुके स्थानीय अखबार 'प्रभात खबर' के साथ जुड़ने का प्रस्ताव मिला. हरिवंश ने हामी भर दी. उनके पत्रकार साथियों व मीडिया जगत के जानकारों ने कहा कि यह आत्मघाती कदम है, क्योंकि उस अखबार का कोई भविष्य नहीं है. वह दौर भी ऐसा था कि बड़ी पूंजी के साथ, बड़े अखबारों का उदय हो रहा था. दशकों से जमे—जमाये, नामी—गिरामी अखबार, एक—एक कर बंद हो रहे थे. स्थापित पत्र—पत्रिकाएं बंद हो रही थीं. दूसरी अहम बात थी कि 'धर्मयुग', 'रविवार' जैसी पत्रिकाओं में काम करने, मुंबई—कोलकाता में रहकर पत्रकारिता करने के बाद रांची जैसे एक छोटे शहर में कौन जाता है? तब वह बिहार का एक शहर भर था. दक्षिण बिहार का उपेक्षित इलाका.पिछड़ापन ही उसकी पहचान थी. पर, हरिवंश ने इसे स्वीकारा. और 'प्रभात खबर' में काम करते हुए जो कीर्तिमान रचे, वह हिंदी पत्रकारिता में एक नजीर बन गए. '''<nowiki/>'प्रभात खबर' की पत्रकारिता और हरिवंश''' बतौर प्रधान संपादक, वह 'प्रभात खबर' से जुड़े. उन्होंने सामाजिक सरोकार और हाशिये पर खड़े लोगों के स्वर को मुख्य धारा से जोड़ने को ही 'प्रभात खबर' की पत्रकारिता का मिशन बनाया. साथ ही गवर्नेंस, डेवलपमेंट, बदलती दुनिया, टेक्नोलॉजी वगैरह को पत्रकारिता के मुख्य मुद्दे मानकर अभियान चलाया. अखबार का स्लोगन था, 'अखबार नहीं आंदोलन'. संयुक्त बिहार में लगभग 12 वर्षों तक पत्रकारिता के बाद, अलग झारखंड आंदोलन ने गति पकड़ी. तब, केंद्र और बिहार, दोनों जगह सत्तारूढ़ सरकार, झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं थे. हरिवंश ने अखबार को झारखंड आंदोलन के संघर्ष को सृजनात्मक स्वर देना शुरू किया. रामदयाल मुंडा, बीपी केशरी से लेकर तमाम दूसरे निर्णायक स्वरों को अपनी बात कहने का एक विश्वसनीय मंच मिला. पत्रकारिता में आदिवासियों की कोई उपस्थिति नहीं थी. हरिवंश ने उन्हें जोड़ा. यह छूट भी दी कि आप हिंदी में नहीं लिख सकते, तो अपनी मातृभाषा में ही लिखें, उसे ही छापेंगे. आदिवासी युवाओं में एक नया जोश आया. उनकी बातें छपने लगीं. पर, हरिवंश सिर्फ यहीं तक नहीं रूके. ' प्रभात खबर' का काम संभालते ही वह 1989 में बिहार के पिछड़ेपन से संबंधित मुद्दों को लेकर दिल्ली पहुंचे. खास तौर से दक्षिण बिहार के सांसदों व नेताओं को बुलाकर एक आयोजन कराया. पिछड़ेपन के इन तथ्यों को, प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर. दिल्ली में बहस का मुद्दा बनाया. आशय बस इतना था कि दिल्ली में चुनकर आये बिहार के जनप्रतिनिधि, दक्षिण बिहार की वास्तविक स्थिति को जानें.केंद्र में यह तथ्य उठायें. पत्रकारिता में यह एकदम नायाब प्रयोग था. आगे चलकर, झारखंड राज्य निर्माण के बाद हरिवंश ने अखबार के माध्यम से सालाना 'सोशल आडिट रिपोर्ट' प्रकाशित करना शुरू किया, ताकि झारखंड के विकास को सही दिशा और गति मिल सके. इसी  तरह समानांतर रूप से बिहार के विकास को भी मुद्दा बनाया. बिहार के विकास पर भी लगातार वार्षिक 'इकोनॉकि डेवलपमेंट रिपोर्ट' का प्रकाशन होता रहा. इन रिपोर्टों को तैयार करने में देश की प्रमुख संस्थाओं को इनवॉल्व किया गया. इस तरह का काम पत्रकारिता में शायद पहले नहीं हुआ. हर साल झारखंड स्थापना दिवस (15 नवंबर) पर 100 पेज के करीब का विशेष अखबार प्रकाशित कर, झारखंड के असल हाल-हालात को बयां किया, ताकि नीति-नियंताओं के साथ आम जन भी अपने राज्य की वास्तविक स्थिति जान सकें. उस दौर में ही अलग-अलग विचारधारा के बौद्धिकों और अपने क्षेत्र के विशेषकों को रांची जैसे छोटे शहर में बुलाकर संवाद श्रृंखला आयोजन की शुरुआत की, जिसका शीर्षक था, ' भारत किधर' या 'बिहार किधर'. एक इलाका राज्य बनने के क्रम में था. वहां के नागरिकों को, युवाओं को देश के हाल-हालात और भविष्य से जोड़ने का यह अभियान, पत्रकारिता के जरिये एक नया और अनूठा प्रयोग था. 'भारत किधर' व्याख्यानमाला चर्चित हुआ और लोगों के बीच लोकप्रियता मिली. ऐसे ही प्रयास 'बिहार' को लेकर पटना में भी होते रहे. इस समाचार पत्र ने एक-एक कर ऐसे नये प्रयोग शुरू किये. अखबार के माध्यम से 'बचपन बचाओ आंदोलन' शुरू किया. मकसद और उद्देश्य यह कि अभिभावक अपने दायित्व को समझें. बच्चों का बचपना बचाये, नहीं तो आगे चलकर वे मानसिक अवसाद का शिकार होंगे. डिजिटल मीडिया के कुप्रभावों के खिलाफ शायद यह पहला अभियान था. बाद में बचपन को बचाने का आंदोलन राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दूसरी संस्थाओं द्वारा चलाया गया. इसी तरह हरिवंश ने सामान्य पाठकों के पत्रों को भी, पहले पन्ने पर प्रमुखता से छापना शुरू किया. 'व्वायसलेस सोसाइटी' या 'अनसुनी आवाजों' को पत्रकारिता में स्थान देना शुरू किया. जब सूचनाधिकार का आंदोलन शुरू हुआ, तो हरिवंश ने अखबार को सूचनाधिकार का प्रयोग अखबार में शुरू किया.अखबार ने 'घूस को घूसा' अभियान चलाया. लोग अपनी शिकायतें लेकर अखबार में पहुंचने लगे. तथ्यों के साथ बताने लगे कि कहां पर उनसे घूस मांगा जा रहा है? फिर अखबार में सूचनाधिकार के जरिये पत्रकारिता करनेवाले संवाददाताओं की नियुक्ति अलग से की गयी, जिससे बड़े—बड़े मामले सामने निकलकर आये. इस तरह पत्रकारिता को व्यापक जनसरोकार से जोड़ने का यह अभियान, पत्रकारिता में नये प्रयोग की तरह हरिवंश के नेतृत्व में निरंतर चलता रहा. झारखंड में नक्सल आंदोलन चरम पर था. नक्सलियों का अभियान था, वोट बहिष्कार. हरिवंश ने परचा छापा. उसे लाखों की संख्यों में रखकर सुदूर इलाके में जनसंवाद शुरू किया. वे नक्सली इलाकों व गांवों में गये. संवाद कर व परचा बांट कर लोगों को लोकतंत्र और लोकतंत्र में चुनाव के महत्व को समझाया. अपील की कि चुनाव का बहिष्कार रास्ता नहीं, चुनाव ही लोकतंत्र को मजबूत करेगा. इस अभियान का व्यापक असर पड़ा. पर, अखबार सिर्फ इन अभियानों तक ही सीमित नहीं रहा. हरिवंश ने पत्रकारिता में 'पशुपालन घोटाला' जैसे अनेक प्रसंगों को उठाया. पशुपालन घोटाले के बारे में सिलसिलेवार लगातार छापकर, तथ्यों को सामने लाकर आम जनमानस को तत्कालीन बिहार में हुए सबसे बड़े घोटाले का सच बताया. ऐसे अनेक नये प्रयोगों, साहसिक और सरोकारी पत्रकारिता की वजह से 'प्रभात खबर' जो मरणासन्न था, वह देश में हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का एक मानक व प्रतिमान बन गया. === पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से जुड़ाव === अखबार से जुड़ने के बाद 1990–91 में हरिवंश को तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ काम करने का अवसर मिला. प्रधानमंत्री के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार के रूप में. चंद्रशेखर अल्पकाल के लिए प्रधानमंत्री रहे. उनके प्रधानमंत्री न रहने के बाद हरिवंश के पास दिल्ली में ही रहने और बड़े मीडिया संस्थानों से जुड़ने के अवसर थे. पर, हरिवंश फिर से रांची ही लौट आये. उसी बंदप्राय अखबार की पत्रकारिता में लग गये. पर, ऐसा नहीं हुआ कि चंद्रशेखर के साथ काम करने तक का ही रिश्ता सीमित रहा. कुछ ही वर्षों बाद चंद्रशेखर 75 वर्ष के हुए. इस अवसर पर उन पर अनेक पुस्तकों का प्रकाशन हुआ. उन पुस्तकों में सात का संपादन हरिवंश ने किया. इनमें ही चंद्रशेखर की जेल डायरी (दो खंड) भी है. बाद में उनके जीवनीकार भी बने. ‘Chandra Shekhar: The Last Icon of Ideological Politics’ शीर्षक से प्रकाशित इस किताब में चंद्रशेखर की वैचारिक राजनीति, आपातकाल-विरोध, भारत यात्रा, आर्थिक संकट और साम्प्रदायिक सौहार्द जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा है. == '''राजनीतिक जीवन''' == * अप्रैल 2014 में जनता दल यू की ओर से बिहार से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित. * 09 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए पहली बार निर्वाचित. * 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए दूसरी  बार निर्वाचित. * 10 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत (राज्यसभा सदस्य) == '''लेखन व संपादन''' == हरिवंश खुद को बेहतर पाठक मानते हैं. बतौर पाठक, छात्र जीवन से ही उन्हें किताबें खरीदना,पढ़ना और सहेजना, उनका प्रिय काम रहा है. पाठक के रूप में उनकी सक्रियता और गंभीरता को उनकी निजी लाइब्रेरी (रांची स्थित उनके आवास पर) के रूप में देखा जा सकता है. गांव—समाज से लेकर देश—दुनिया के विविध विषयों पर पुस्तकों का समृद्ध संग्रह है, निजी लाइब्रेरी में. पत्रकारिता के दिनों में नयी किताबों पर नियमित आलेख भी लिखते रहे, जो 'शब्द संसार' नाम से पुस्तक रूप में प्रकाशित संकलन में है. किताबों से यह लगाव और जुड़ाव ने पत्रकार हरिवंश को भी लेखक बनाया. अखबारों और पत्र—पत्रिकाओं में लेखन के साथ उन्होंने अपने समय के सवालों और निजी अनुभवों को समूह की आकांक्षा से जोड़कर किताबें लिखनी भी शुरू की. करीब चार दशकों तक सक्रिय पत्रकारिता और 12 सालों तक संसदीय राजनीति में रहते हुए हरिवंश की अब तक प्रकाशित व संपादित कुल पुस्तकों की संख्या 35 है. इनमें हिंदी में लिखित किताबों की संख्या उन्नीस (19) व अंग्रेजी में एक (01) है. शेष पंद्रह (15) पुस्तकें श्री हरिवंश द्वारा संपादित हैं. संसदीय जीवन में आने से पहले (2014 से पहले) की प्रकाशित पुस्तकें संपादित पुस्तकें • झारखंड: दिसुम मुक्तिगाथा और सृजन के सपने - (2002) राजकमल प्रकाशन • जोहार झारखंड - (2002) राजकमल प्रकाशन • झारखंड: सुशासन अब भी संभावना है - (2009) प्रभात प्रकाशन • संताल हूल: आदिवासी प्रतिरोध संस्कृति - (2009) प्रकाशन संस्थान • झारखंड: अस्मिता के आयाम - (2011) प्रकाशन संस्थान • बिहारनामा (2011) - प्रकाशन संस्थान • बिहार: रास्ते की तलाश - (2011) प्रकाशन संस्थान • बिहार: अस्मिता के आयाम - (2011) प्रकाशन संस्थान लिखित पुस्तकें ( हिंदी में) • झारखंड: समय और सवाल - (2012) प्रभात प्रकाशन • झारखंड: सपने और यथार्थ - (2012) प्रभात प्रकाशन पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर पर संपादित पुस्तकें • चंद्रशेखर के विचार - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद एक : उथल-पुथल और ध्रुवीकरण -(2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद दो : रचनात्मक बेचैनी में - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद तीन :  एक दूसरे शिखर से - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर के बारे में  - (2002) राजकमल प्रकाशन • मेरी जेल डायरी: एक - (2002) राजकमल प्रकाशन • मेरी जेल डायरी: दो - (2002) राजकमल प्रकाशन संसदीय जीवन में आने के बाद (2014) प्रकाशित-लिखित व संपादित पुस्तकें लिखित पुस्तक (अंग्रेजी में) • चंद्रशेखर : द लास्ट आइकॉन ऑफ ऑइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्स - (2019) :रूपा पब्लिकेशंस. इसका विमोचन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 24 जुलाई 2019 को संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग के बालयोगी सभागार में किया था. लिखित पुस्तकें ( हिंदी में) • शब्द संसार  - (2016) इंडिया टेलिंग बुक्स • दिल से मैंने दुनिया देखी - (2018) राजकमल प्रकाशन • गणेश मंत्री: आधुनिक हिंदी पत्रकारिता के यशस्वी स्तंभ- (2022): रूद्र पब्लिशर्स • कलश - (2022) वाणी प्रकाशन • सृष्टि का मुकुटः कैलास मानसरोवर - (2022) वाणी प्रकाशन • पथ के प्रकाश पुंज - (2022): वाणी प्रकाशन • सत्याग्रही संन्यासी (भवानी दयाल संन्यासी की संक्षिप्त जीवनी) (2023), नॉटनल (ई बुक) • समय के सवाल श्रृंखला के तहत प्रकाशन संस्थान, नई दिल्ली से प्रकाशित दस किताबें 'समय के सवाल' शृंखला के तहत 2024 में दस किताबें प्रकाशित हुई हैं. प्रकाशन संस्थान (नई दिल्ली) से. 5211 पृष्ठों में समाहित इन किताबों में हरिवंश के 1977 से 2017 तक का लेखन है. .'नवभारत टाइम्स', 'धर्मयुग', 'रविवार', 'प्रभात खबर' और अन्य प्रकाशन संस्थानों में प्रकाशित आलेखों का संकलन है.सभी खंडों के विषय अलग हैं. गुजरे चार दशकों में राज-समाज, देश-दुनिया की सामाजिक-राजनतिक-आर्थिक-सांस्कृतिक सवालों पर अलग-अलग कालखंडों में लिखी सामग्री. विभिन्न विधाओं में. रिपोर्ट, रिपोर्ताज, अग्रलेख, विश्लेषणात्मक टिप्पणी, त्वरित टिप्पणी, साक्षात्कार, यात्रा वृतांत, समीक्षाएं वगैरह. 1.'बिहार: सपना और सच' 2. 'झारखंड: संपन्न धरती, उदास बसंत' 3. 'झारखंड: चुनौतियां भी-अवसर भी' 4. 'राष्ट्रीय चरित्र का आईना' 5. 'पतन की होड़' 6. 'भविष्य का भारत' 7. 'सरोकार और संवाद' 8. 'अतीत के पन्ने' 9. ऊर्जा के उत्स 10. सफर के शेष 2014 के बाद हरिवंश पर लिखी गयी किताबें 1. हरिवंश: पत्रकारिता का लोकधर्म (प्रलेक प्रकाशन.) संपादक: कृपाशंकर चौबे.(2024) 2. Newsprint To Heartprint: An Ingenious Odyssey of Harivansh in Prabhat Khabar. Srinath Sridharan, Abhijit K Chattoraj, Saloni Sinha (2024) Writersgram Publications. (2024) 3.  Harivansh’s Experiment with AD-Vocacy Journalism – From Ads to Action; From Words to Change. A.S. Raghunath (2024). IndiaStat Publications. 4. जन सरोकार के पत्रकार (प्रभात प्रकाशन ) : डॉ.  आर के नीरद. == '''सम्मान एवं पुरस्कार''' == * अखिल भारतीय पत्रकारिता विकास परिषद, कोलकाता द्वारा अगस्त 1996 में '''आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान'''. * पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान व कार्य के लिए अगस्त 2008 में भोपाल (मध्य प्रदेश) में प्रथम '''माधव राव सप्रे पुरस्कार''' से पुरस्कृत व सम्मानित. * सितंबर 2012 में जोहांसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित नौवें विश्व हिंदी सम्मेलन के दौरान हिंदी के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान. ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:राज्यसभा सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी: रांची के लोग]] [[श्रेणी:1956 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:बलिया के लोग ]] rleq1gtsnk5uiw4vqp86jvlcq81tssw 6540931 6540930 2026-04-15T12:35:50Z Lokraag 920504 updated information about harivansh 6540931 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = हरिवंश | image = Shri Harivansh Narayan Singh.jpg | caption = | birth_name = | birth_date = 30 जून 1956 | birth_place = [[सिताब दियारा]],[[बलिया]], [[उत्तर प्रदेश]], [[भारत]] | death_date = | death_place = | office = राज्यसभा सदस्य (मनोनीत) | term_start = 10 अप्रैल 2026 | term_end = | predecessor = | successor = | office2 = [[सांसद| सांसद]] [[राज्य सभा|राज्यसभा]] | predecessor2 = | successor2 = | party = राष्ट्रपति द्वारा नामित | profession = | spouse = आशा | children = | footnotes = | date = | year = | source = | office3 = प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार 1990-1991 }} '''हरिवंश नारायण सिंह''' (हरिवंश के नाम से चर्चित, जन्म: 30 जून 1956), एक भारतीय पत्रकार,लेखक और राजनेता हैं. वर्तमान में वह राज्यसभा के मनोनीत सदस्य (10 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्वारा नामित) हैं.[1] इसके पूर्व वह राज्यसभा के उपसभापति रहे हैं. राज्यसभा में उनका दूसरा कार्यकाल 09 अप्रैल 2026 को खत्म हुआ. कुल 12 वर्षों (अप्रैल 2014 से अप्रैल 2026) का कार्यकाल रहा. सांसद के रूप में लगभग चार वर्षों तक (अप्रैल, 2014 से 8 अगस्त 2018 तक). उपसभापति के रूप में आठ वर्ष ( 09 अगस्त 2018 से 09 अप्रैल 2020 तक और फिर दोबारा सितंबर 2020 से नौ अप्रैल 2026 तक). हरिवंश, दो बार राज्यसभा के निर्वाचित (जदयू पार्टी से) सदस्य रहे हैं.[2] लगभग चार दशकों की सक्रिय और सरोकारी पत्रकारिता, अध्ययनशील लेखक, विचारक, चंद्रशेखर जैसे नेताओं के जीवनीकार के रूप में काम ने हरिवंश को अनुच्छेद 80(3) की कसौटी पर एक स्वाभाविक उम्मीदवार बनने का अवसर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं के सार्वजनिक वक्तव्यों में हरिवंश की छवि मृदुभाषी, निष्पक्ष, नियम-सम्मत और 'सबका विश्वास जीतने' का सतत प्रयास करने वाले उपसभापति के रूप में उभरती है, जो इस नामांकन के नैतिक-राजनीतिक आधार को पुष्ट करती है. '''पूर्व में पत्रकारिता के क्षेत्र से नामित सदस्य''' पत्रकारिता के क्षेत्र से मनोनीत सदस्यों को देखें, तो 1952 से यानी राज्यसभा के आरंभिक दौर से ही कला, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, खेल, समाज सेवा आदि संबंधित क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देनेवाले लोग आते रहे हैं. विशेष तौर पर पत्रकारिता में बात करें, तो रूसी करंजिया (अंग्रेज़ी साप्ताहिक ब्लिट्ज़ के संस्थापक, खोजी पत्रकारिता1991–1997), कुलदीप नैयर ( वरिष्ठ पत्रकार, syndicated columnist, मानवाधिकार कार्यकर्ता 1997–2002), पंडित विद्यानिवास मिश्र (हिंदी-संस्कृत साहित्यकार, नवभारत टाइम्स के प्रधान संपादक), खुशवंत सिंह, नरेंद्र मोहन (दैनिक जागरण, 1996) शोभना भारतीय (हिंदुस्तान टाइम्स समूह की चेयरपर्सन और संपादकीय निदेशक, 2006–2012), एच.के. दुआ (हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, ट्रिब्यून के पूर्व संपादक, 2009–2015) ,स्वपन दासगुप्ता (वरिष्ठ अंग्रेज़ी पत्रकार और स्तंभकार, 2016–2022) जैसे पत्रकारों या मीडिया से संबद्ध लोगों के नाम आते हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र से राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होनेवाले सदस्यों में हरिवंश का नाम 10 अप्रैल 2026 को जुड़ा. पर, हरिवंश का नाम इसके पूर्व के नामित सदस्यों से कुछ मायने में अलग है. इसके पहले जो पत्रकार राष्ट्रपति द्वारा हिंदी में मनोनीत होते रहें, उनमें अधिकांश अंग्रेजी के ही रहें या फिर मूल रूप से पत्रकारिता के साथ प्रबंधन या मालिकाना हक वाले. हरिवंश से पहले, दो नाम हिंदी से आते हैं. एक नाम विद्वान साहित्यकार विद्यानिवास मिश्र और दूसरा नाम नरेंद्र मोहन का. विद्यानिवास मिश्र, 'नवभारत टाइम्स' के संपादक बनें. इस अर्थ में समाचार पत्रों की पत्रकारिता से उन्हें संबद्ध किया जाता है. पर, उनकी मूल पहचान संस्कृत और हिंदी के विलक्षण विद्वान, व्याख्याकार, निबंधकार और अपने किस्म के अनूठे साहित्यकार की रही. नरेंद्र मोहन की मूल पहचान पत्रकार के रूप में न होकर, 'दैनिक जागरण' जैसे बड़े अखबार समूह के मालिक की रही. इस अर्थ में देखें, तो 1952 से अब तक की यात्रा में अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा में नामित सदस्य के रूप में हरिवंश, हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र से, मूल रूप से पत्रकार के रूप में नामित होनेवाले संभवत: पहले सदस्य हैं. यह सर्वज्ञात तथ्य है कि हरिवंश की मूल पहचान सामाजिक सरोकार वाले पत्रकार की ही रही है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उप संपादक से लेकर प्रधान संपादक तक चार दशक का लंबा अनुभव है, वो भी देश के अलग—अलग हिस्सों में. बड़े महानगरों से प्रकाशित होनेवाले अपने समय के नामी और प्रतिष्ठित पत्रिकाओं से जुड़कर पत्रकारिता करने से लेकर, सुदूर इलाके में गुमनामी के दौर में पहुंचकर मृतप्राय हो चुके अखबार के पुनरूद्धार और उसे हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का मॉडल बनाने तक की यात्रा. पर, हरिवंश अपने पैशन के साथ, अपनी च्वाइस से पत्रकार बने और कैरियर सफर में दूसरी संभावनाओं के द्वार खुले होने के बावजूद, पत्रकारिता के ही पेशे में बने रहें या फिर कहें कि दूसरी संभावनाओं को छोड़कर, इसी पेशे से जुड़े रहे. == '''जन्म व आरंभिक जीवन''' == हरिवंश का जन्म 30 जून 1956 को, सिताबदियारा में हुआ. यह गांव, लोकनायक जयप्रकाश नारायण का भी जन्मस्थान है. भौगोलिक बनावट की दृष्टि से दुरूह इलाका. देश के दो राज्यों (उत्तर प्रदेश और बिहार), दो नदियों गंगा और घाघरा के बीच तीन जिलों भोजपुर (आरा), बलिया और सारण (छपरा) की सीमा में 27 टोलों में बंटा और फैला गांव. पढ़ाई की शुरुआत गांव में ही. जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर गांव में ही बने एकमात्र हाईस्कूल से मैट्रिक. इंटर, बनारस के उदयप्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) से. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से स्नातक व अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर. बीएचयू के ही पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण. == '''पत्रकारिता के पेशे से जुड़ाव''' == काशी हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई करते हुए हरिवंश का सपना अर्थशास्त्र के क्षेत्र में करियर बनाने का था. जयप्रकाश जी के गांव के होने की वजह से सार्वजनिक और सामाजिक जीवन के प्रति एक स्वाभाविक रुचि थी. अपने गांव में उन्होंने जयप्रकाश जी की आभा को देखा था. उनके बुलावे पर उस गांव पहुंचने वाले देश के विद्वानों और बड़े नेताओं को देखा था. राजनीति में इसी रुचि ने उन्हें बीएचयू में पढ़ाई करते हुए छात्र संघ का चुनाव लड़ने को भी प्रेरित किया. फैकल्टी लेवल पर. कला संकाय से चुने गये. उसी दौरान जेपी का छात्र आंदोलन शुरू हुआ. इमरजेंसी का समय आया. हरिवंश, भूमिगत परचा-पोस्टर चिपकाने, बांटने का काम करने लगे. बनारस में समाजवादी अर्थशास्त्री, राजनीतिक विचारक कृष्णनाथजी के यहां आना-जाना शुरू हुआ. सर्वसेवा संघ में आने—जाने की शुरुआत हुई. दादा धर्माधिकारी समेत कई लोगों को करीब से जानने का मौका मिला. राजनीतिक चेतना का विस्तार होता रहा. जेपी के निजी सचिव जगदीश बाबू से आत्मीय रिश्ता था. उन्होंने इमरजेंसी के दिनों में तीन बड़े लोगों के नाम पत्र लिखकर हरिवंश को दिल्ली भेजा. जेपी के गांव का होने की वजह से और जगदीश बाबू का पत्रवाहक होने की वजह से तीन में से दो लोगों ने मिलने से मना कर दिया. एक पत्र अनुपम मिश्र के नाम था. अनुपम जी के पिता कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने उत्साह और आत्मीयता दिखायी. इस तरह श्री हरिवंश को राजनीति को करीब से देखने-समझने का अवसर मिलना शुरू हुआ. इसी दौरान राजनीतिक सामग्री पढ़ने—लिखने की आदत लगी. अर्थशास्त्री बनने के सपने ने नया मोड़ लिया. हरिवंश को लगा कि सामाजिक, सार्वजनिक सवालों से जुड़ने के लिए पत्रकारिता का पेशा बेहतर माध्यम है. तब, बीएचयू में पत्रकारिता में डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण कोर्स शुरू हुआ था. हरिवंश ने अर्थशास्त्री या प्राध्यापक बनने का सपना परे कर, पत्रकारिता में दाखिला ले लिया. उन दिनों टाइम्स आफ इंडिया समूह ट्रेनी जर्नलिस्टों के लिए परीक्षा लेता था. हरिवंश ने पढ़ाई करते हुए ही अप्लाई किया. एग्जाम में बैठे. चयनित हो गये. इंटरव्यू हुआ. खुशवंत सिंह, श्यामलाल, डॉ धर्मवीर भारती, कमलेश्वर, रघुवीर सहाय, अरविंद कुमार, गिरिलाल जैन जैसे बड़े संपादकों ने इंटरव्यू लिया. चयन हो गया. उन्हें टाइम्स ग्रुप (मुंबई) से ट्रेनी जर्नलिस्ट बनने का मौका मिला. बनारस से निकलकर मुंबई चले गये. == '''कैरियर''' == 'टाइम्स आफ इंडिया' समूह से हरिवंश की पत्रकारिता की शुरुआत हुई. ट्रेनी जर्नलिस्ट ( हिंदी) के रूप में. तब, टाइम्स समूह की मशहूर और प्रतिष्ठित हिंदी पत्रिका थी,'धर्मयुग'. उन दिनों की सर्वाधिक बिकनेवाली साप्ताहिक पत्रिका. इसके संपादक थे, यशस्वी साहित्यकार डॉ धर्मवीर भारती. ट्रेनिंग के बाद हरिवंश को 'धर्मयुग' से जुड़ने का मौका मिला. वहां बतौर पत्रकार उनकी मेंटरिंग डॉ धर्मवीर भारती, गणेश मंत्री जैसे यशस्वी संपादकों ने की. ‘धर्मयुग’ में उप-संपादक के रूप में 1977-1981 तक कार्यरत रहे. इसी बीच  उनका चयन बैंक आफ इंडिया में पदाधिकारी रूप में हुआ. मुंबई छूटा. हैदराबाद चले गये.1981 से 1984 तक बैंक आफ इंडिया, हैदराबाद व पटना में कार्यरत रहे. अधिकारी के रूप में. पर, हरिवंश का मन पत्रकारिता की दुनिया से निकल नहीं रहा था. इसी बीच उनका चयन भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी अधिकारी के तौर पर हुआ. पर, इसे उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया. बैंक अधिकारी की नौकरी छोड़, फिर से पत्रकारिता के पेशे में आ गये. इस बार कोलकाता में 'आनंद बाजार पत्रिका' समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ के साथ जुड़े. सहायक संपादक के तौर पर  1985 से 1989 तक काम करते रहे. रविवार में काम करते हुए, रिपोर्टिंग के लिए हरिवंश का बिहार के अलग—अलग हिस्से में लगातार आना—जाना बढ़ा. बिहार की राजनीति पर लिखने के साथ ही सुदूर गांव व इलाकों में रिपोर्टिंग के लिए जाते. उस दौर में जो भी नरसंहार या जातीय संघर्ष की घटनाएं हुईं, उसे हरिवंश ने कवर किया. राजनीतिक टकरावों को भी. विशेषकर तब के दक्षिण बिहार (अब झारखंड) के पिछड़ेपन पर हरिवंश ने अनेक रिपोर्ट किये. सुदूर आदिवासी इलाकों में जाकर. देश के तीन बड़े महानगरों, मुंबई—हैदराबाद—कोलकाता में काम करने के बाद हरिवंश को रांची में पत्रकारिता का अवसर मिला. लगभग बंदी के मुहाने पर पहुंच चुके स्थानीय अखबार 'प्रभात खबर' के साथ जुड़ने का प्रस्ताव मिला. हरिवंश ने हामी भर दी. उनके पत्रकार साथियों व मीडिया जगत के जानकारों ने कहा कि यह आत्मघाती कदम है, क्योंकि उस अखबार का कोई भविष्य नहीं है. वह दौर भी ऐसा था कि बड़ी पूंजी के साथ, बड़े अखबारों का उदय हो रहा था. दशकों से जमे—जमाये, नामी—गिरामी अखबार, एक—एक कर बंद हो रहे थे. स्थापित पत्र—पत्रिकाएं बंद हो रही थीं. दूसरी अहम बात थी कि 'धर्मयुग', 'रविवार' जैसी पत्रिकाओं में काम करने, मुंबई—कोलकाता में रहकर पत्रकारिता करने के बाद रांची जैसे एक छोटे शहर में कौन जाता है? तब वह बिहार का एक शहर भर था. दक्षिण बिहार का उपेक्षित इलाका.पिछड़ापन ही उसकी पहचान थी. पर, हरिवंश ने इसे स्वीकारा. और 'प्रभात खबर' में काम करते हुए जो कीर्तिमान रचे, वह हिंदी पत्रकारिता में एक नजीर बन गए. '''<nowiki/>'प्रभात खबर' की पत्रकारिता और हरिवंश''' बतौर प्रधान संपादक, वह 'प्रभात खबर' से जुड़े. उन्होंने सामाजिक सरोकार और हाशिये पर खड़े लोगों के स्वर को मुख्य धारा से जोड़ने को ही 'प्रभात खबर' की पत्रकारिता का मिशन बनाया. साथ ही गवर्नेंस, डेवलपमेंट, बदलती दुनिया, टेक्नोलॉजी वगैरह को पत्रकारिता के मुख्य मुद्दे मानकर अभियान चलाया. अखबार का स्लोगन था, 'अखबार नहीं आंदोलन'. संयुक्त बिहार में लगभग 12 वर्षों तक पत्रकारिता के बाद, अलग झारखंड आंदोलन ने गति पकड़ी. तब, केंद्र और बिहार, दोनों जगह सत्तारूढ़ सरकार, झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं थे. हरिवंश ने अखबार को झारखंड आंदोलन के संघर्ष को सृजनात्मक स्वर देना शुरू किया. रामदयाल मुंडा, बीपी केशरी से लेकर तमाम दूसरे निर्णायक स्वरों को अपनी बात कहने का एक विश्वसनीय मंच मिला. पत्रकारिता में आदिवासियों की कोई उपस्थिति नहीं थी. हरिवंश ने उन्हें जोड़ा. यह छूट भी दी कि आप हिंदी में नहीं लिख सकते, तो अपनी मातृभाषा में ही लिखें, उसे ही छापेंगे. आदिवासी युवाओं में एक नया जोश आया. उनकी बातें छपने लगीं. पर, हरिवंश सिर्फ यहीं तक नहीं रूके. ' प्रभात खबर' का काम संभालते ही वह 1989 में बिहार के पिछड़ेपन से संबंधित मुद्दों को लेकर दिल्ली पहुंचे. खास तौर से दक्षिण बिहार के सांसदों व नेताओं को बुलाकर एक आयोजन कराया. पिछड़ेपन के इन तथ्यों को, प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर. दिल्ली में बहस का मुद्दा बनाया. आशय बस इतना था कि दिल्ली में चुनकर आये बिहार के जनप्रतिनिधि, दक्षिण बिहार की वास्तविक स्थिति को जानें.केंद्र में यह तथ्य उठायें. पत्रकारिता में यह एकदम नायाब प्रयोग था. आगे चलकर, झारखंड राज्य निर्माण के बाद हरिवंश ने अखबार के माध्यम से सालाना 'सोशल आडिट रिपोर्ट' प्रकाशित करना शुरू किया, ताकि झारखंड के विकास को सही दिशा और गति मिल सके. इसी  तरह समानांतर रूप से बिहार के विकास को भी मुद्दा बनाया. बिहार के विकास पर भी लगातार वार्षिक 'इकोनॉकि डेवलपमेंट रिपोर्ट' का प्रकाशन होता रहा. इन रिपोर्टों को तैयार करने में देश की प्रमुख संस्थाओं को इनवॉल्व किया गया. इस तरह का काम पत्रकारिता में शायद पहले नहीं हुआ. हर साल झारखंड स्थापना दिवस (15 नवंबर) पर 100 पेज के करीब का विशेष अखबार प्रकाशित कर, झारखंड के असल हाल-हालात को बयां किया, ताकि नीति-नियंताओं के साथ आम जन भी अपने राज्य की वास्तविक स्थिति जान सकें. उस दौर में ही अलग-अलग विचारधारा के बौद्धिकों और अपने क्षेत्र के विशेषकों को रांची जैसे छोटे शहर में बुलाकर संवाद श्रृंखला आयोजन की शुरुआत की, जिसका शीर्षक था, ' भारत किधर' या 'बिहार किधर'. एक इलाका राज्य बनने के क्रम में था. वहां के नागरिकों को, युवाओं को देश के हाल-हालात और भविष्य से जोड़ने का यह अभियान, पत्रकारिता के जरिये एक नया और अनूठा प्रयोग था. 'भारत किधर' व्याख्यानमाला चर्चित हुआ और लोगों के बीच लोकप्रियता मिली. ऐसे ही प्रयास 'बिहार' को लेकर पटना में भी होते रहे. इस समाचार पत्र ने एक-एक कर ऐसे नये प्रयोग शुरू किये. अखबार के माध्यम से 'बचपन बचाओ आंदोलन' शुरू किया. मकसद और उद्देश्य यह कि अभिभावक अपने दायित्व को समझें. बच्चों का बचपना बचाये, नहीं तो आगे चलकर वे मानसिक अवसाद का शिकार होंगे. डिजिटल मीडिया के कुप्रभावों के खिलाफ शायद यह पहला अभियान था. बाद में बचपन को बचाने का आंदोलन राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दूसरी संस्थाओं द्वारा चलाया गया. इसी तरह हरिवंश ने सामान्य पाठकों के पत्रों को भी, पहले पन्ने पर प्रमुखता से छापना शुरू किया. 'व्वायसलेस सोसाइटी' या 'अनसुनी आवाजों' को पत्रकारिता में स्थान देना शुरू किया. जब सूचनाधिकार का आंदोलन शुरू हुआ, तो हरिवंश ने अखबार को सूचनाधिकार का प्रयोग अखबार में शुरू किया.अखबार ने 'घूस को घूसा' अभियान चलाया. लोग अपनी शिकायतें लेकर अखबार में पहुंचने लगे. तथ्यों के साथ बताने लगे कि कहां पर उनसे घूस मांगा जा रहा है? फिर अखबार में सूचनाधिकार के जरिये पत्रकारिता करनेवाले संवाददाताओं की नियुक्ति अलग से की गयी, जिससे बड़े—बड़े मामले सामने निकलकर आये. इस तरह पत्रकारिता को व्यापक जनसरोकार से जोड़ने का यह अभियान, पत्रकारिता में नये प्रयोग की तरह हरिवंश के नेतृत्व में निरंतर चलता रहा. झारखंड में नक्सल आंदोलन चरम पर था. नक्सलियों का अभियान था, वोट बहिष्कार. हरिवंश ने परचा छापा. उसे लाखों की संख्यों में रखकर सुदूर इलाके में जनसंवाद शुरू किया. वे नक्सली इलाकों व गांवों में गये. संवाद कर व परचा बांट कर लोगों को लोकतंत्र और लोकतंत्र में चुनाव के महत्व को समझाया. अपील की कि चुनाव का बहिष्कार रास्ता नहीं, चुनाव ही लोकतंत्र को मजबूत करेगा. इस अभियान का व्यापक असर पड़ा. पर, अखबार सिर्फ इन अभियानों तक ही सीमित नहीं रहा. हरिवंश ने पत्रकारिता में 'पशुपालन घोटाला' जैसे अनेक प्रसंगों को उठाया. पशुपालन घोटाले के बारे में सिलसिलेवार लगातार छापकर, तथ्यों को सामने लाकर आम जनमानस को तत्कालीन बिहार में हुए सबसे बड़े घोटाले का सच बताया. ऐसे अनेक नये प्रयोगों, साहसिक और सरोकारी पत्रकारिता की वजह से 'प्रभात खबर' जो मरणासन्न था, वह देश में हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का एक मानक व प्रतिमान बन गया. === पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से जुड़ाव === अखबार से जुड़ने के बाद 1990–91 में हरिवंश को तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ काम करने का अवसर मिला. प्रधानमंत्री के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार के रूप में. चंद्रशेखर अल्पकाल के लिए प्रधानमंत्री रहे. उनके प्रधानमंत्री न रहने के बाद हरिवंश के पास दिल्ली में ही रहने और बड़े मीडिया संस्थानों से जुड़ने के अवसर थे. पर, हरिवंश फिर से रांची ही लौट आये. उसी बंदप्राय अखबार की पत्रकारिता में लग गये. पर, ऐसा नहीं हुआ कि चंद्रशेखर के साथ काम करने तक का ही रिश्ता सीमित रहा. कुछ ही वर्षों बाद चंद्रशेखर 75 वर्ष के हुए. इस अवसर पर उन पर अनेक पुस्तकों का प्रकाशन हुआ. उन पुस्तकों में सात का संपादन हरिवंश ने किया. इनमें ही चंद्रशेखर की जेल डायरी (दो खंड) भी है. बाद में उनके जीवनीकार भी बने. ‘Chandra Shekhar: The Last Icon of Ideological Politics’ शीर्षक से प्रकाशित इस किताब में चंद्रशेखर की वैचारिक राजनीति, आपातकाल-विरोध, भारत यात्रा, आर्थिक संकट और साम्प्रदायिक सौहार्द जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा है. == '''राजनीतिक जीवन''' == * अप्रैल 2014 में जनता दल यू की ओर से बिहार से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित. * 09 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए पहली बार निर्वाचित. * 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए दूसरी  बार निर्वाचित. * 10 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत (राज्यसभा सदस्य) == '''लेखन व संपादन''' == हरिवंश खुद को बेहतर पाठक मानते हैं. बतौर पाठक, छात्र जीवन से ही उन्हें किताबें खरीदना,पढ़ना और सहेजना, उनका प्रिय काम रहा है. पाठक के रूप में उनकी सक्रियता और गंभीरता को उनकी निजी लाइब्रेरी (रांची स्थित उनके आवास पर) के रूप में देखा जा सकता है. गांव—समाज से लेकर देश—दुनिया के विविध विषयों पर पुस्तकों का समृद्ध संग्रह है, निजी लाइब्रेरी में. पत्रकारिता के दिनों में नयी किताबों पर नियमित आलेख भी लिखते रहे, जो 'शब्द संसार' नाम से पुस्तक रूप में प्रकाशित संकलन में है. किताबों से यह लगाव और जुड़ाव ने पत्रकार हरिवंश को भी लेखक बनाया. अखबारों और पत्र—पत्रिकाओं में लेखन के साथ उन्होंने अपने समय के सवालों और निजी अनुभवों को समूह की आकांक्षा से जोड़कर किताबें लिखनी भी शुरू की. करीब चार दशकों तक सक्रिय पत्रकारिता और 12 सालों तक संसदीय राजनीति में रहते हुए हरिवंश की अब तक प्रकाशित व संपादित कुल पुस्तकों की संख्या 35 है. इनमें हिंदी में लिखित किताबों की संख्या उन्नीस (19) व अंग्रेजी में एक (01) है. शेष पंद्रह (15) पुस्तकें श्री हरिवंश द्वारा संपादित हैं. संसदीय जीवन में आने से पहले (2014 से पहले) की प्रकाशित पुस्तकें संपादित पुस्तकें • झारखंड: दिसुम मुक्तिगाथा और सृजन के सपने - (2002) राजकमल प्रकाशन • जोहार झारखंड - (2002) राजकमल प्रकाशन • झारखंड: सुशासन अब भी संभावना है - (2009) प्रभात प्रकाशन • संताल हूल: आदिवासी प्रतिरोध संस्कृति - (2009) प्रकाशन संस्थान • झारखंड: अस्मिता के आयाम - (2011) प्रकाशन संस्थान • बिहारनामा (2011) - प्रकाशन संस्थान • बिहार: रास्ते की तलाश - (2011) प्रकाशन संस्थान • बिहार: अस्मिता के आयाम - (2011) प्रकाशन संस्थान लिखित पुस्तकें ( हिंदी में) • झारखंड: समय और सवाल - (2012) प्रभात प्रकाशन • झारखंड: सपने और यथार्थ - (2012) प्रभात प्रकाशन पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर पर संपादित पुस्तकें • चंद्रशेखर के विचार - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद एक : उथल-पुथल और ध्रुवीकरण -(2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद दो : रचनात्मक बेचैनी में - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर संवाद तीन :  एक दूसरे शिखर से - (2002) राजकमल प्रकाशन • चंद्रशेखर के बारे में  - (2002) राजकमल प्रकाशन • मेरी जेल डायरी: एक - (2002) राजकमल प्रकाशन • मेरी जेल डायरी: दो - (2002) राजकमल प्रकाशन संसदीय जीवन में आने के बाद (2014) प्रकाशित-लिखित व संपादित पुस्तकें लिखित पुस्तक (अंग्रेजी में) • चंद्रशेखर : द लास्ट आइकॉन ऑफ ऑइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्स - (2019) :रूपा पब्लिकेशंस. इसका विमोचन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 24 जुलाई 2019 को संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग के बालयोगी सभागार में किया था. लिखित पुस्तकें ( हिंदी में) • शब्द संसार  - (2016) इंडिया टेलिंग बुक्स • दिल से मैंने दुनिया देखी - (2018) राजकमल प्रकाशन • गणेश मंत्री: आधुनिक हिंदी पत्रकारिता के यशस्वी स्तंभ- (2022): रूद्र पब्लिशर्स • कलश - (2022) वाणी प्रकाशन • सृष्टि का मुकुटः कैलास मानसरोवर - (2022) वाणी प्रकाशन • पथ के प्रकाश पुंज - (2022): वाणी प्रकाशन • सत्याग्रही संन्यासी (भवानी दयाल संन्यासी की संक्षिप्त जीवनी) (2023), नॉटनल (ई बुक) • समय के सवाल श्रृंखला के तहत प्रकाशन संस्थान, नई दिल्ली से प्रकाशित दस किताबें 'समय के सवाल' शृंखला के तहत 2024 में दस किताबें प्रकाशित हुई हैं. प्रकाशन संस्थान (नई दिल्ली) से. 5211 पृष्ठों में समाहित इन किताबों में हरिवंश के 1977 से 2017 तक का लेखन है. .'नवभारत टाइम्स', 'धर्मयुग', 'रविवार', 'प्रभात खबर' और अन्य प्रकाशन संस्थानों में प्रकाशित आलेखों का संकलन है.सभी खंडों के विषय अलग हैं. गुजरे चार दशकों में राज-समाज, देश-दुनिया की सामाजिक-राजनतिक-आर्थिक-सांस्कृतिक सवालों पर अलग-अलग कालखंडों में लिखी सामग्री. विभिन्न विधाओं में. रिपोर्ट, रिपोर्ताज, अग्रलेख, विश्लेषणात्मक टिप्पणी, त्वरित टिप्पणी, साक्षात्कार, यात्रा वृतांत, समीक्षाएं वगैरह. 1.'बिहार: सपना और सच' 2. 'झारखंड: संपन्न धरती, उदास बसंत' 3. 'झारखंड: चुनौतियां भी-अवसर भी' 4. 'राष्ट्रीय चरित्र का आईना' 5. 'पतन की होड़' 6. 'भविष्य का भारत' 7. 'सरोकार और संवाद' 8. 'अतीत के पन्ने' 9. ऊर्जा के उत्स 10. सफर के शेष 2014 के बाद हरिवंश पर लिखी गयी किताबें 1. हरिवंश: पत्रकारिता का लोकधर्म (प्रलेक प्रकाशन.) संपादक: कृपाशंकर चौबे.(2024) 2. Newsprint To Heartprint: An Ingenious Odyssey of Harivansh in Prabhat Khabar. Srinath Sridharan, Abhijit K Chattoraj, Saloni Sinha (2024) Writersgram Publications. (2024) 3.  Harivansh’s Experiment with AD-Vocacy Journalism – From Ads to Action; From Words to Change. A.S. Raghunath (2024). IndiaStat Publications. 4. जन सरोकार के पत्रकार (प्रभात प्रकाशन ) : डॉ.  आर के नीरद. == '''सम्मान एवं पुरस्कार''' == * अखिल भारतीय पत्रकारिता विकास परिषद, कोलकाता द्वारा अगस्त 1996 में '''आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान'''. * पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान व कार्य के लिए अगस्त 2008 में भोपाल (मध्य प्रदेश) में प्रथम '''माधव राव सप्रे पुरस्कार''' से पुरस्कृत व सम्मानित. * सितंबर 2012 में जोहांसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित नौवें विश्व हिंदी सम्मेलन के दौरान हिंदी के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान. ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:राज्यसभा सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी: रांची के लोग]] [[श्रेणी:1956 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:बलिया के लोग ]] exu0m2ihkbnp3xchvd2jjg08jxtrgtu 6540949 6540931 2026-04-15T14:06:12Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] ([[सदस्य वार्ता:AMAN KUMAR|वार्ता]]) के अवतरण 6540926 पर पुनर्स्थापित : प्रचार 6540949 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = हरिवंश नारायण सिंह | image = Shri Harivansh 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गए हैं. इस पद पर उन्होंने [[पी जे कुरियन]] का स्थान लिया है.<ref>{{cite web|title= राज्य सभा की आधिकारिक वैबसाइट|url= http://rajyasabha.nic.in/|accessdate= 28 अगस्त 2016|archive-url= https://web.archive.org/web/20160829001143/http://www.rajyasabha.nic.in/|archive-date= 29 अगस्त 2016|url-status= dead|archivedate= 29 अगस्त 2016|archiveurl= https://web.archive.org/web/20160829001143/http://www.rajyasabha.nic.in/}}</ref> उन्होंने [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|टाइम्स ऑफ इंडिया]] समूह की हिंदी पत्रिका ‘धर्मयुग’ से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर कोलकाता के 'आनंद बाजार पत्रिका' समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ से जुड़े. वह 1989 में रांची से प्रकाशित अखबार ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक बने. चार दशकों की सक्रिय पत्रकारिता में उन्होंने कई मीडिया संस्थानों में काम किया है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री [[चन्द्रशेखर|चंद्रशेखर]] के अतिरिक्त मीडिया सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है. वर्ष 2014 में, [[जनता दल (यूनाइटेड)]] के उम्मीदवार के रूप में बिहार से हरिवंश, [[राज्य सभा|राज्यसभा]] के लिए निर्वाचित हुए.<ref name="the-hindu">{{cite news|title=All five candidates elected unopposed to RS from Bihar|trans-title=सभी पांच उम्मीदवार बिहार से आरएस के लिए निर्विवाद चुने गए|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/all-five-candidates-elected-unopposed-to-rs-from-bihar/article5641715.ece|accessdate=25 अगस्त 2018|date=1 फरवरी 2014|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20160124235946/http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/all-five-candidates-elected-unopposed-to-rs-from-bihar/article5641715.ece|archive-date=24 जनवरी 2016|url-status=live}}</ref> पहली बार 8 अगस्त, 2018 को, [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के उप सभापति के रूप में निर्वाचित हुए.<ref>{{cite web|title=Harivansh Narayan Singh is Rajya Sabha Deputy Chairman: NDA's candidate beats Congress' BK Hariprasad, 125 ayes against 105 noes|trans-title=हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उप सभापति हुए: एनडीए के उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को 105 मतों के मुकवाले 125 मतों से हराया|url=https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html|website=फर्स्ट्पोस्ट|language=en|access-date=24 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180810084016/https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html|archive-date=10 अगस्त 2018|url-status=dead|archivedate=10 अगस्त 2018|archiveurl=https://web.archive.org/web/20180810084016/https://www.firstpost.com/india/harivansh-narayan-singh-is-rajya-sabha-deputy-chairman-jdus-candidate-beats-congress-bk-hariprasad-125-ayes-against-105-noes-4926611.html}}</ref> दूसरी बार 14 सितंबर, 2020 को वह पुनः राज्य सभा के उप सभापति निर्वाचित हुए.<ref>{{Cite web|url=https://ndtv.in/india-news/harivansh-elected-deputy-chairman-of-the-rajya-sabha-2295232|title=हरिवंश लगातार दूसरी बार चुने गए राज्‍यसभा के उप सभापति|website=NDTVIndia|access-date=2021-09-14}}</ref> == '''जन्म व आरंभिक जीवन''' == 30 जून 1956 को बलिया<ref>{{Cite web|url=https://ballia.nic.in/hi/|title=जिला बलिया {{!}} उत्तर प्रदेश सरकार {{!}} बागी बलिया {{!}} India|language=hi-IN|access-date=2021-09-14}}</ref> जिले (उत्तरप्रदेश) के सिताबदियारा<ref>{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/hindi/jharkhand/state/ranchi/loknayak-jayaprakash-narayan-birth-anniversary-unkonwn-facts-about-jp/jh20201011144011273|title=जयंती विशेष: देश की आवाज थे सिताबदियारा के लोकनायक जयप्रकाश नारायण|website=ETV Bharat News|access-date=2021-09-14}}</ref> (दलजीत टोला) में जन्म. यह गांव जयप्रकाश नारायण<ref>{{Citation|title=जयप्रकाश नारायण|date=2021-08-20|url=https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B6_%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3&oldid=5289680|work=विकिपीडिया|language=hi|access-date=2021-09-14}}</ref> का गांव है. 27 टोलों का गांव सिताबदियारा देश के दो राज्यों बिहार और उत्तरप्रदेश तथा तीन जिलों आरा, बलिया और छपरा में आता है. बचपन में ही कुछ लोगों ने हरिवंश को गहरे प्रभावित किया. सबसे ज्यादा असर पिता (बांके बिहारी सिंह) का रहा. उनको देख जीवन में अनुशासन की सीख मिली. बांके बिहारी सिंह गांव के प्रधान भी थे. हरिवंश की मां (देवयानी देवी) धर्मपारायण, आध्यात्मिक व कर्मठ महिला थी. उनकी जीवनचर्या में विनम्रता, अनुशासन सहज-स्वाभाविक रूप से शामिल था. बड़े भाई के अभिभावकत्व ने इस अनुशासन को और बढ़ाया. घर के लोगों ने बचपन से जो मेंटरिंग की वह सहज-स्वाभाविक रूप से हरिवंश के जीवन का हिस्सा बन गया. == '''शिक्षा-अध्ययन''' == घर के बाद पढ़ाई की शुरुआत गांव के स्कूल में हुई. [[जयप्रकाश नारायण]] के नाम पर बने हाईस्कूल से मैट्रिक किया. इंटर में पढ़ाई के लिए बनारस के उदयप्रताप कॉलेज में दाखिला हुआ. बीएचयू ([[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|बनारस हिंदू विश्वविद्यालय]])<ref>{{Cite web|url=https://new.bhu.ac.in/Site/Page/2_2_32_65_Main-Site-About-BHU|title=Banaras Hindu University, [BHU], Varanasi-221005, U.P., India. - Banaras Hindu University, Varanasi, India.|website=new.bhu.ac.in|access-date=2021-09-14}}</ref> से स्नातक व अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई. फिर बीएचयू के ही पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण भी प्राप्त किया. ==== '''बीएचयू और इमरजेंसी के दिन''' ==== बीएचयू के बिड़ला हॉस्टल में रहते हुए, हरिवंश ने महामंत्री का चुनाव लड़ा. कला संकाय से छात्र संघ के लिए वह चुने गए. इमरजेंसी के समय में उन्होंने भूमिगत परचा-पोस्टर चिपकाने, बांटने का काम भी किया. जेपी आंदोलन के दौरान छात्र राजनीति का असर, पढ़ने-लिखने की ऐसी आदत लगी कि उसी से प्रेरित व प्रभावित होकर पत्रकारिता में आना हुआ. == '''कैरियर''' == === '''सक्रिय पत्रकारिता''' === सांस्थानिक रूप में हरिवंश की पत्रकारिता के तीन पड़ाव बने. ‘धर्मयुग’, ‘रविवार’ और ‘प्रभात खबर’. पत्रकारिता के कैरियर में तीनों का अपना खास महत्व रहा. पत्रकारिता के जरिये सामाजिक राजनीतिक बदलाव में सार्थक व सक्रिय हस्तक्षेप के लिए 'इंडिया टुडे', 'तहलका' जैसी पत्रिका ने विशेष स्टोरी की. दिल्ली से प्रकाशित प्रतिष्ठित अंग्रेजी पत्रिका ‘सिविल सोसाइटी’ ने 'प्रभात खबर' को भंवरजाल से निकाल हिंदी पत्रकारिता और क्षेत्रीय पत्रकारिता का एक मानक या मॉडल बनाने के लिए व्यक्तित्व-कृतित्व पर दो बार विशेष कवर स्टोरी की. ऐसे संपादक के रूप में पहचान बनी जो संपादक बनकर भी लिखते रहे. '''‘धर्मयुग’''' सक्रिय पत्रकारिता की शुरुआत ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह से हुई. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में चयन हुआ. फिर उसी समूह की हिंदी पत्रिका ‘धर्मयुग’ में उप-संपादक के रूप में 1977-1981 तक कार्य किया. ‘धर्मयुग’ में धर्मवीर भारती से लेकर गणेश मंत्री जैसे पत्रकार का सान्निध्य और मार्गदर्शन मिला. इसका असर हमेशा रहा. पत्रकारिता की वैचारिकी और सरोकार का पाठ सिखने का अवसर कैरियर के आरंभिक दिनों में ही मिला. '''‘रविवार’''' आनंद बाजार पत्रिका समूह की हिंदी पत्रिका ‘रविवार’ में सहायक संपादक के तौर पर 1985 -1989 तक कार्यरत रहे. ‘रविवार’ पत्रिका से जुड़ने के बाद बिहार, झारखंड (तब अविभाजित बिहार का ही हिस्सा) समेत देश के कई इलाकों में, ग्रासरूट रिपोर्टिंग का अवसर मिला. '''<nowiki/>'प्रभात खबर'''' हरिवंश की पत्रकारिता के कैरियर में अहम और सबसे लंबा पड़ाव बना [[प्रभात खबर]]. यह समाचार पत्र बिहार के [[चारा घोटाला]] सहित कई उच्च प्रोफ़ाइल घोटालों की जांच के लिए जाना जाता है.<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/harivansh-narayan-singh-from-rs-500-job-to-rs-dy-chairperson-10-things-you-should-know-about-him/articleshow/65333983.cms|title=Harivansh Narayan Singh: From Rs 500 job to RS Dy Chairperson, 10 things you should know about him|website=इकोनॉमिक्स टाइम्स|language=en|trans-title=हरिवंश नारायण सिंह: 500 रुपये से लेकर राज्यसभा के उपसभापति तक, 10 चीजें जिन्हें आप उनके बारे में जानना चाहिए|archive-url=https://web.archive.org/web/20180810072701/https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/harivansh-narayan-singh-from-rs-500-job-to-rs-dy-chairperson-10-things-you-should-know-about-him/articleshow/65333983.cms|archive-date=10 अगस्त 2018|access-date=24 अगस्त 2018|url-status=live}}</ref> वह अक्तूबर 1989 में रांची से प्रकाशित अखबार ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक बने. अगले ही साल देश के प्रधानमंत्री चंद्रशेखर बने. उन्होंने पीएमओ से जुड़ने का प्रस्ताव दिया. अतिरिक्त सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के रूप में पीएमओ से जुड़े. 1990 से जून 1991 तक. चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री के पद छोड़ते ही वहां से इस्तीफा देकर 1991 में पुन: प्रभात खबर में वापसी की. तब से जून 2016 तक अखबार में प्रधान संपादक के रूप में कार्यरत. जब वह ‘प्रभात खबर’ से जुड़े, तब यह बंदप्राय अखबार था. पर, मृतप्राय- बंदप्राय अखबार हिंदी की क्षेत्रीय पत्रकारिता का मॉडल अखबार बना. '''भारतीय प्रेस संस्थान की पत्रिका ‘विदुरा’ का संपादन.''' '''अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अलग-अलग विषयों पर लेखन''' ‘धर्मयुग’, ‘रविवार’, ‘प्रभात खबर’ से इतर अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अलग-अलग विषयों पर लेखन. इनमें ‘[[नवभारत टाइम्स]]<nowiki/>’, ‘[[दैनिक भास्कर]]<nowiki/>’, ‘फस्टपोस्ट’, ‘संडे (अंग्रेजी) जैसे प्रकाशन प्रमुखता से शामिल हैं. === '''बैंक सेवा''' === 1981 से 1984 तक बैंक आफ इंडिया, हैदराबाद व पटना में अधिकारी के रूप में कार्यरत. == '''राजनीतिक जीवन''' == * अप्रैल 2014 में जनता दल यू की ओर से बिहार से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित. * 09 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए पहली बार निर्वाचित. * 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए दूसरी  बार निर्वाचित. '''संसदीय समितियों से संबद्धता''' * बतौर सांसद और राज्यसभा उपसभापति के रूप में अनेक संसदीय समितियों से संबद्धता रही है. # सितंबर 2014 से जून 2018 तक हाउस कमिटी के सदस्य रहे. # सितंबर 2014 से अगस्त 2018 तक स्टैंडिंग कमिटी आन डिफेंस के मेंबर रहे. कंस्लटैटिव कमिटी फार द मिनिस्ट्री आफ इनफार्मेशन एंड ब्राडकास्टिंग के सदस्य रहे. # जुलाई 2016 से अगस्त 2016 तक राज्यसभा के सेलेक्ट कमिटी आन प्रिवेंशन आफ करप्शन (एमेंडमेंट बिल) 2013 के सदस्य रहे. # अगस्त 2016 से सितंबर 2018 तक ज्वाइंट कमिटी आन द बिल टू एमेंड द सिटिजनशिप एक्ट, 1955 के सदस्य रहे. # जून 2017 में नेशनल प्लेटफार्म फार डिजास्टर रिस्क रिडक्शन कमिटी के सदस्य बनाये गये. # अगस्त 2017 से दिसंबर 2017 तक राज्यसभा के मोटर व्हिकल (एमेंडमेंट) बिल—2017 के सेलेक्ट कमिटी के सदस्य बने. # मई 2018 से अगस्त 2018 तक विश्वभारती,शांति निकेतन के सम्सद (कोर्ट) के सदस्य रहे. # अगस्त 2018 से नवंबर 2019 तक राज्यसभा के कमिटी आन प्रोविजन आफ कंप्यूटर टू मेंबर्स आफ राज्यसभा कमिटी के चेयरमैन रहे. # अगस्त 2018 से अप्रैल 2020 तक राज्यसभा के एमपीलैड कमिटी के चेयरमैन रहे. पुन: सितंबर 2020 में इस कमिटी के चेयरमैन बने. # राज्यसभा के कमिटी आन प्रिविलेजेज के चेयरमैन हैं. राज्यसभा के बिजनेस एडवाइजरी कमिटी, कमिटी आन रूल्स के सदस्य हैं. # अक्तूबर 2018 से अप्रैल 2020 तक कमिटी आन मेंटेनेंस आफ हेरिटेज कैरेक्टर एंड डेवलपमेंट आफ पार्लियामेंट हाउस कांप्लेक्स के सदस्य रहे. # पूर्व में अक्तूबर 2018 से अप्रैल 2020 तक और पुन: सितंबर 2020 में राज्यसभा के जनरल परपस कमिटी के सदस्य बनाये गये. # मई 2019 से अप्रैल 2020 तक राज्यसभा टीवी के कंटेंट एडवाइजरी कमिटी के चेयरमैन रहे. # जुलाई 2020 में कमिटी आन एग्रीकल्चर के मेंबर बने, तीन माह के लिए. == '''लेखन व संपादन''' == हरिवंश की आखिरी किताब 2019 में आयी है, जो देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की अंग्रेजी में पहली आधिकारिक जीवनी है. 'चंद्रशेखर:द लास्ट आइकॉन आफ आइडियोलाजिकल पोलिटिक्स' नाम से प्रकाशित इस किताब का लोकार्पण देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में किया.<ref>{{Cite web|url=https://www.pmindia.gov.in/hi/news_updates/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d-50/|title=प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘चंद्रशेखर-द लास्‍ट आइकन ऑफ आइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्‍स’ पुस्‍तक का विमोचन किया|website=www.pmindia.gov.in|language=en|access-date=2021-09-14}}</ref> इसके पूर्व भी चंद्रशेखर से संबंधित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का संपादन. इन पुस्तकों में चंद्रशेखर के विचार (2002), चंद्रशेखर संवाद एक- उथल-पुथल और ध्रुवीकरण (2002). चंद्रशेखर संवाद दो- रचनात्मक बेचैनी में (2002). चंद्रशेखर संवाद तीन- एक दूसरे शिखर से (2002). चंद्रशेखर के बारे में (2002). मेरी जेल डायरीः भाग एक और दो (2002) शामिल है. इसके अलावा अलग-अलग विषय पर अनेक किताबों का लेखन व संपादन किया है. इनमें प्रमुख किताबें हैं- दिल से मैंने दुनिया देखी (2018). शब्द संसार (2016). झारखंड- सपने और यथार्थ (2012). झारखंड- समय और सवाल (2012). झारखंड- अस्मिता के आयाम (2011). झारखंड- दिसुम मुक्ति गाथा और सृजन के सपने. बिहारनामा (2011). बिहार: रास्ते की तलाश (2011). बिहार: अस्मिता के आयाम (2011). झारखंड: सुशासन अब भी संभावना है (2009). संताल हूल: आदिवासी प्रतिरोध संस्कृति (2009). जोहार झारखंड (2002). जनसरोकार की पत्रकारिता.    == '''सम्मान एवं पुरस्कार''' == * अखिल भारतीय पत्रकारिता विकास परिषद, कोलकाता द्वारा अगस्त 1996 में '''आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान'''. * पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान व कार्य के लिए अगस्त 2008 में भोपाल (मध्य प्रदेश) में प्रथम '''माधव राव सप्रे पुरस्कार''' से पुरस्कृत व सम्मानित. * सितंबर 2012 में जोहांसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित नौवें विश्व हिंदी सम्मेलन के दौरान हिंदी के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान. ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:राज्यसभा सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी: रांची के लोग]] [[श्रेणी:1956 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:बलिया के लोग ]] lxwdtk14kdy8u14yff43dnmghwd6fwn परिसीमन आयोग 0 746511 6541094 6328791 2026-04-16T05:34:58Z अनुनाद सिंह 1634 6541094 wikitext text/x-wiki '''परिसीमन आयोग (Delimitation commission) '''भारत सरकार द्वारा परिसीमन अधिनियम के अन्तर्गत स्थापित [[आयोग]] है। इस सम्बन्ध में अधिसूचना [[भारत के राष्ट्रपति]] द्वारा जारी की जाती है। <ref>http://www.thehindu.com/todays-paper/article1205516.ece</ref> वर्ष 1952,1963,1973 और 2002 में परसीमन आयोग गठित किये गये थे। ==आयोग के मुख्य कार्य == * हाल की जनगणना के आधार पर भारत की सभी लोक सभा और विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्रों सीमायें की पुनः निर्धारित करना। * सीमाओं के पुनर्निर्धारण में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधित्व को अपरिवर्तित रखना अर्थात प्रतिनधियों की संख्या में कोई परिवर्तन न करना। * अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की विधान सभा सीटों का निर्धारण क्षेत्र की जन गणना के अनुसार। ==वर्ष 2002 में गठित आयोग== भारत के उच्चतम न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में १२ जुलाई २००२ को परिसीमन आयोग का गठन किया गया। यह आयोग वर्ष २००१ की जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन करेगा। दिसंबर २००७ में इस आयोग ने नये परिसीमन की संसुतिति भारत सरकार को सौंप दी। लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस पर उच्चतम न्यायलय ने, एक दाखिल की गई रिट याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी की। फलस्वरूप कैविनेट की राजनीतिक समिति ने १० जनवरी २००८ को इस आयोग की संस्तुतियों को लागू करने का निश्चय किया। <ref>{{Cite web |url=http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/delimitation-process-now-gets-ccpa-nod/articleshow/2673204.cms |title=संग्रहीत प्रति |access-date=1 अक्तूबर 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170314065807/http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/delimitation-process-now-gets-ccpa-nod/articleshow/2673204.cms |archive-date=14 मार्च 2017 |url-status=live }}</ref> १९ फरवरी २००८ को राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने इस परिसीमन आयोग को लागू करने की स्वीकृति प्रदान की। <ref>Delimitation notification comes into effect - The Hindu 20 February 2008</ref> ==सन्दर्भ== {{Reflist}} ==इन्हें भी देखें== *[[भारतीय चुनाव आयोग|चुनाव आयोग (भारत)]] [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:भारत के सरकारी आयोग]] [[श्रेणी:भारत सरकार की कार्यकारी शाखा]] [[श्रेणी:भारत में चुनाव]] qr8jdy0byy5ew0tlcdjq601tc1bfgsm 6541095 6541094 2026-04-16T05:37:40Z अनुनाद सिंह 1634 /* इन्हें भी देखें */ 6541095 wikitext text/x-wiki '''परिसीमन आयोग (Delimitation commission) '''भारत सरकार द्वारा परिसीमन अधिनियम के अन्तर्गत स्थापित [[आयोग]] है। इस सम्बन्ध में अधिसूचना [[भारत के राष्ट्रपति]] द्वारा जारी की जाती है। <ref>http://www.thehindu.com/todays-paper/article1205516.ece</ref> वर्ष 1952,1963,1973 और 2002 में परसीमन आयोग गठित किये गये थे। ==आयोग के मुख्य कार्य == * हाल की जनगणना के आधार पर भारत की सभी लोक सभा और विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्रों सीमायें की पुनः निर्धारित करना। * सीमाओं के पुनर्निर्धारण में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधित्व को अपरिवर्तित रखना अर्थात प्रतिनधियों की संख्या में कोई परिवर्तन न करना। * अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की विधान सभा सीटों का निर्धारण क्षेत्र की जन गणना के अनुसार। ==वर्ष 2002 में गठित आयोग== भारत के उच्चतम न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में १२ जुलाई २००२ को परिसीमन आयोग का गठन किया गया। यह आयोग वर्ष २००१ की जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन करेगा। दिसंबर २००७ में इस आयोग ने नये परिसीमन की संसुतिति भारत सरकार को सौंप दी। लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस पर उच्चतम न्यायलय ने, एक दाखिल की गई रिट याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी की। फलस्वरूप कैविनेट की राजनीतिक समिति ने १० जनवरी २००८ को इस आयोग की संस्तुतियों को लागू करने का निश्चय किया। <ref>{{Cite web |url=http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/delimitation-process-now-gets-ccpa-nod/articleshow/2673204.cms |title=संग्रहीत प्रति |access-date=1 अक्तूबर 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170314065807/http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/delimitation-process-now-gets-ccpa-nod/articleshow/2673204.cms |archive-date=14 मार्च 2017 |url-status=live }}</ref> १९ फरवरी २००८ को राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने इस परिसीमन आयोग को लागू करने की स्वीकृति प्रदान की। <ref>Delimitation notification comes into effect - The Hindu 20 February 2008</ref> ==सन्दर्भ== {{Reflist}} ==इन्हें भी देखें== *[[भारतीय चुनाव आयोग|चुनाव आयोग (भारत)]] ==बाहरी कड़ियाँ== *[https://www.india.com/hindi-news/explainer/what-is-delimitation-of-lok-sabha-seats-meaning-formula-method-process-parliament-special-session-key-takeaways-8382538/ क्या होता है परिसीमन? जिसके जरिए लोकसभा की सीटें बढ़ाने जा रही सरकार] *[https://www.amarujala.com/india-news/parliament-historical-special-session-for-women-reservation-constitution-amendment-delimitation-bill-2026-04-16?src=top-subnav-amp ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर संसद, आज पेश होंगे महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े विधेयक] [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:भारत के सरकारी आयोग]] [[श्रेणी:भारत सरकार की कार्यकारी शाखा]] [[श्रेणी:भारत में चुनाव]] 4on54qus4bsq928ipr46rib9wn54svs प्रवेशद्वार:अंतरिक्ष उड़ान/Selected biography/2 100 771984 6541036 3239647 2026-04-16T00:43:34Z CommonsDelinker 743 6541036 wikitext text/x-wiki [[Image:Rakesh Sharma.jpg|180px|right|राकेश शर्मा]] '''राकेश शर्मा''' भारत के पहले और विश्व के 138 वें अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। राकेश शर्मा एक अच्छे मनुष्य थे राकेश बचपन से ही विज्ञान में काफी रूचि रखते थें। बिगड़ी चीजों को बनाना और इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर बारीकी से नजर रखना उनकी आदत थी। राकेश जब बड़े हुए तो आसमान में उड़ते हवाई जहाज को तब तक देखा करते थे जब तक वह उनकी आंखो से ओझल ना हो जाए। जल्द ही राकेश के मन में आसमान में उड़ने की तमन्ना जाग गई। फिर क्या, वह बस उसी ओर लग गए और एक दिन वो कर दिखाया जिससे हर भारतीय को उन पर गर्व है। पटियाला के एक हिंदू गौड़ ब्राह्मण परिवार में जन्में राकेश ने हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। किस्मत ने लिया यू-टर्न 1966 में एनडीए पास कर इंडियन एयर फोर्स कैडेट बने राकेश शर्मा ने 1970 में भारतीय वायु सेना को ज्वाइन कर लिया। फिर यहीं से इनकी किस्मत ने यू-टर्न लिया और राकेश ने कुछ ऎसा कर दिखाया कि आज उनके नाम से हर भारतीय का सीना फक्र से चौड़ा हो जाता है। मात्र 21 साल की उम्र में ही भारतीय वायु सेना में शामिल होने का बाद राकेश का जोश दूगना हो गया और वो इसे बरकरार रखते हुए तेजी से आगे बढ़ते गए। पाकिस्तान से युद्ध के बाद चर्चा में आए 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान राकेश शर्मा ने अपने विमान "मिग एअर क्रॉफ्ट" से महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। इसी युद्ध के बाद से राकेश शर्मा चर्चा में आए और लोगों ने उनकी योग्यता की जमकर तारीफ की। शर्मा ने दिखा दिया था कि कठिन परिस्थितियों में भी किस तरह शानदार काम किया जा सकता है। '''आठ दिन के लिए अंतरिक्ष''' में रहे 1984 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और सोवियत संघ के इंटरकॉसमॉस कार्यक्रम के एक संयुक्त अंतरिक्ष अभियान के अंतर्गत राकेश शर्मा आठ दिन तक अंतरिक्ष में रहे। ये उस समय भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर और विमानचालक थे। 2 अप्रैल 1984 को दो अन्य सोवियत अंतरिक्षयात्रियों के साथ सोयूज टी-11 में राकेश शर्मा को लॉन्च किया गया। इस उड़ान में और साल्युत 7 अंतरिक्ष केंद्र में उन्होंने उत्तरी भारत की फोटोग्राफी की और गुरूत्वाकर्षण-हीन योगाभ्यास किया। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा उनकी अन्तरिक्ष उड़ान के दौरान भारत की तत्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राकेश शर्मा से पूछा कि ऊपर से अन्तरिक्ष से भारत कैसा दिखता है। राकेश शर्मा ने उत्तर दिया- "सारे जहाँ से अच्छा"। धरती से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का यह सवाल और अंतरिक्ष में रूसी अंतरिक्ष यान से भारत के अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के इस जवाब ने हर हिन्दुस्तानी को रोमांचित कर दिया था। '''अशोक चक्र''' से सम्मानित भारत सरकार ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया। विंग कमांडर के पद पर सेवा-निवृत्त होने पर राकेश शर्मा ने हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड में परीक्षण विमानचालक के रूप में काम किया। नवम्बर 2006 में इन्होंने भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन की एक समिति में भाग लिया जिसने एक नए भारतीय अन्तरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को स्वीकृति दी। {| width="100%" border="0" style="padding: 0; margin:0; background:transparent;" | style="text-align:right;margin-right:10px;margin-bottom:-4px;" | <small>'''[[प्रवेशद्वार:अंतरिक्ष उड़ान/Selected biography|पुरालेख/नामांकन]]'''</small> |} e1d63061oq4zbuac0k14htz1sb71lat समर्थ चतुर्वेदी 0 806361 6541174 6513942 2026-04-16T08:47:03Z Suyash.dwivedi 164531 पाठ में सुधार (छोटा) 6541174 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक अभिनेता | image = Samarth Chaturvedi.jpg | birthname = समर्थ चतुर्वेदी | birthdate = 10 मई | birth_place = [[होशंगाबाद]],[[भारत]] | occupation = [[अभिनेता]] | yearsactive = 2001–वर्तमान | spouse = | children = | father = जे पी चतुर्वेदी | mother = शारदा चतुर्वेदी | othername = | awards= मध्य प्रदेश गौरव }} '''समर्थ चतुर्वेदी''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Samarth Chaturvedi}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेता]] हैं, जो मुख्य रूप से [[भोजपुरी सिनेमा]] और रंगमंच में सक्रिय हैं। उनका जन्म [[10 मई]] को [[मध्य प्रदेश]] के [[होशंगाबाद]] में हुआ था।<ref name="mumbaiaaspaas.com 2015">{{cite web | title=नायक से खलनायक तक का सफर बहुत ही दिलचस्प है समर्थ चतुर्वेदी का – मुंबई आस पास | website=mumbaiaaspaas.com | date=10 मार्च 2015 | url=http://mumbaiaaspaas.com/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AB%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%B9/ | language=hi | accessdate=10 जनवरी 2018 | archive-date=20 सितंबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20190920115741/http://mumbaiaaspaas.com/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AB%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%B9/ | url-status=dead }}</ref>। बलमा बड़ा नादान - फिल्म से उन्होंने फ़िल्मी कॅरियर की शुरुवात<ref>{{Cite web |url=http://www.anjoria.com/entertainment/%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%9B%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0/ |title=अँजोरिया |access-date=10 मई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170921000742/http://www.anjoria.com/entertainment/%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%9B%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0/ |archive-date=21 सितंबर 2017 |url-status=dead }}</ref> की जिसमे उनकी नायिका [[रश्मि देसाई]] थीं। 35 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में समर्थ ने प्रमुख चरित्र निभाया है<ref>[http://www.bhaskar.com/news/c-58-2658260-bp0618-NOR.html दैनिक भास्कर]</ref>।प्रारम्भ में उन्होंने [[भोपाल]] से रंगमंच की शुरुवात की विभिन्न नाटकों में अभिनय कर उन्होंने फिल्मो की और रुख किया। भोजपुरी फिल्म त्रिनेत्र, बीबी नंबर वन, बहिल तोरा से प्यार, टाइगर, तेरी कसम और संसार में उन्होंने खलनायक की भी भूमिका की। रश्मि देसाई के साथ ‘गज़ब भाईल रामा’, सीमा पाण्डेय के साथ ‘गंगा मैया तोहे चुनरी चढईबो’ और ‘गोधन’, गुंजन पन्त के साथ ‘नचनिया एक तमाशा’ और सीमा मालिक के साथ ‘रक्षा बंधन’ फिल्मो में बतौर नायक की भूमिका <ref>{{Cite web |url=https://bhojpuriaa.com/tag/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%9A%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80/ |title=नायक ना खलनायक हईं हम |access-date=10 मई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170921001909/https://bhojpuriaa.com/tag/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%9A%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80/ |archive-date=21 सितंबर 2017 |url-status=dead }}</ref> की ==फिल्मे== *राजा बाबू- भोजपुरी फिल्म २०१५<ref name="Web 2015">{{cite web | last=Web | first=Real Time | title=शहर के समर्थ चतुर्वेदी भोजपुरी फिल्म राजा बाबू में अहम किरदार में... | website=dainikbhaskar | date=14 अगस्त 2015 | url=https://www.bhaskar.com/news/c-58-2658260-bp0618-NOR.html | language = hi | accessdate=10 जनवरी 2018}}</ref> *डांस दोस्ती और इस्कूल २०१५ *जिंदगी जलेबी<ref>[http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/bollywood/news-interviews/Karan-Kashyyap-talks-about-Zindagi-Jalebi/articleshow/17806241.cms?referral=PM टाइम्स ऑफ़ इंडिया]</ref> (पात्र - रक्कू भैया) - हिंदी फिल्म २०१३ *सी डी कांड - हिंदी फिल्म *कॉकटेल - द डेडली कॉम्बिनेशन २००७ *निरहुआ हिंदुस्तानी २ *दुलहिन गंगा पार के -निर्माणाधीन *बम बम बोल रहा है काशी (भोजपुरी) - अतिथि कलाकार ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भोपाल के लोग]] [[श्रेणी:भोजपुरी अभिनेता]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] rymfgk1iwrqc8mik2lf33rb10xct6da 6541176 6541174 2026-04-16T08:51:03Z Suyash.dwivedi 164531 /* फिल्मे */ 6541176 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक अभिनेता | image = Samarth Chaturvedi.jpg | birthname = समर्थ चतुर्वेदी | birthdate = 10 मई | birth_place = [[होशंगाबाद]],[[भारत]] | occupation = [[अभिनेता]] | yearsactive = 2001–वर्तमान | spouse = | children = | 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}}</ref> की जिसमे उनकी नायिका [[रश्मि देसाई]] थीं। 35 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में समर्थ ने प्रमुख चरित्र निभाया है<ref>[http://www.bhaskar.com/news/c-58-2658260-bp0618-NOR.html दैनिक भास्कर]</ref>।प्रारम्भ में उन्होंने [[भोपाल]] से रंगमंच की शुरुवात की विभिन्न नाटकों में अभिनय कर उन्होंने फिल्मो की और रुख किया। भोजपुरी फिल्म त्रिनेत्र, बीबी नंबर वन, बहिल तोरा से प्यार, टाइगर, तेरी कसम और संसार में उन्होंने खलनायक की भी भूमिका की। रश्मि देसाई के साथ ‘गज़ब भाईल रामा’, सीमा पाण्डेय के साथ ‘गंगा मैया तोहे चुनरी चढईबो’ और ‘गोधन’, गुंजन पन्त के साथ ‘नचनिया एक तमाशा’ और सीमा मालिक के साथ ‘रक्षा बंधन’ फिल्मो में बतौर नायक की भूमिका <ref>{{Cite web |url=https://bhojpuriaa.com/tag/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%9A%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80/ |title=नायक ना खलनायक हईं हम |access-date=10 मई 2017 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}}</ref> की जिसमे उनकी नायिका [[रश्मि देसाई]] थीं<ref name="m701">{{cite web | last=Yadav | first=Rahul | title=ना रवि किशन ना मनोज तिवारी, ये भोजपुरी एक्टर था रश्मि देसाई का पहला हीरो, मिल चुका राष्ट्रपति अवॉर्ड भी | website=News18 हिंदी | date=13 February 2023 | url=https://hindi.news18.com/photogallery/entertainment/bhojpuri-happy-birthday-rashami-desai-first-hero-samarth-chaturvedi-know-here-real-name-and-career-life-story-in-bhojpuri-debut-5375161.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref>। 35 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में समर्थ ने प्रमुख चरित्र निभाया है<ref>[http://www.bhaskar.com/news/c-58-2658260-bp0618-NOR.html दैनिक भास्कर]</ref>।प्रारम्भ में उन्होंने [[भोपाल]] से रंगमंच की शुरुवात की विभिन्न नाटकों में अभिनय कर उन्होंने फिल्मो की और रुख किया। भोजपुरी फिल्म त्रिनेत्र, बीबी नंबर वन, बहिल तोरा से प्यार, टाइगर, तेरी कसम और संसार में उन्होंने खलनायक की भी भूमिका की। रश्मि देसाई के साथ ‘गज़ब भाईल रामा’, सीमा पाण्डेय के साथ ‘गंगा मैया तोहे चुनरी चढईबो’ और ‘गोधन’, गुंजन पन्त के साथ ‘नचनिया एक तमाशा’ और सीमा मालिक के साथ ‘रक्षा बंधन’ फिल्मो में बतौर नायक की भूमिका <ref>{{Cite web |url=https://bhojpuriaa.com/tag/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%9A%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80/ |title=नायक ना खलनायक हईं हम |access-date=10 मई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170921001909/https://bhojpuriaa.com/tag/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%9A%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80/ |archive-date=21 सितंबर 2017 |url-status=dead }}</ref> की ==फिल्मे== * सास बहू यमराज - 2026 (पात्र - यमराज)<ref name="m358">{{cite web | last=सिंह | first=पूजा | title='सासु मां' को खुश करने के जतन करती दिखीं आम्रपाली दुबे, 'सास बहू यमराज' का नया गाना रिलीज | website=Navbharat Times | date=28 January 2026 | 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[[श्रेणी:भोपाल के लोग]] [[श्रेणी:भोजपुरी अभिनेता]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] 2hppb5pc2jhswi3052dzsxhrnx1m2ar पुत्ताण्डु 0 817057 6541064 6540696 2026-04-16T03:32:56Z QuestForTrueTruth 852879 पुत्ताण्डु के विषय में जानकारी जोड़ी गई है। 6541064 wikitext text/x-wiki {{Infobox Holiday |holiday_name = पुत्ताण्डु<br>तमिल नव वर्ष |image = A colorful Puthandu welcome to Sinhala and Tamil New Year in Sri Lanka.jpg |caption = पुत्ताण्डु के लिए तमिल नव वर्ष की सजावट |observedby = तमिल लोग|[[भारत]], श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर में तमिल हिन्दू<ref name="Melton2011p633"/> |date = तमिल कालदर्शक में चित्तेराय का पहला दिन |celebrations = दावत देना, उपहार भेजना, दूसरों के घरों और मंदिरों में जाना |longtype = धार्मिक, सामाजिक |type = हिन्दू |significance = तमिल नव वर्ष |date2017 = शुक्रवार, 14 अप्रैल<ref>[http://www.tn.gov.in/holiday/2017 Holiday Calendar 2017] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170702205251/http://www.tn.gov.in/holiday/2017 |date=2 जुलाई 2017 }}, Government of Tamil Nadu</ref> |relatedto = Vaisakhi, Vishu (Kerala), Thingyan|Burmese New Year, Cambodian New Year, Songkran (Lao)|Lao New Year, Vishu|Malayali New Year, Pana Sankranti|Odia New Year, Sinhalese New Year|Sri Lankan New Year, Songkran (Thailand)|Thai New Year }} '''पुत्ताण्डु''' (तमिल: புத்தாண்டு), जिसे पुथुरूषम या तमिल नव वर्ष भी कहा जाता है, [[तमिल]] कैलेंडर पर वर्ष का पहला दिन है। <ref name="Melton2011p633"/> तमिल तारीख को तमिल महीने चिधिराई के पहले दिन के रूप में, लन्नीसरोल हिंदू कैलेंडर के सौर चक्र के साथ स्थापित किया गया है। इसलिए यह हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस पास ही मनाया जाता हैं। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन हिंदुओं के द्वारा पारंपरिक तौर पर नए साल के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसके नाम अलग अलग होते हैं जिसे केरल में विशु एवं मध्य और उत्तर भारत में वैसाखी जैसे अन्य नामों से जाना जाता है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन, तमिल लोग "पुट्टू वतुत्काका!" कहकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं जो हिंदी के "नया साल मुबारक हो" के बराबर है। <ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide|url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331125215/https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं एवं लोग अपने घर-द्वार की साफ सफाई करते हैं। एक थाली भी सजाते हैं जिसमे [[फल]]ों, [[पुष्प|फूलों]] और अन्य शुभ वस्तुएं राखी जाती हैं। पुत्ताण्डु तमिलनाडु और पोंडिचेरी के बाहर रहने वाले तमिल हिंदुओं के द्वारा भी मनाया जाता है, जैसे श्रीलंका, [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], रीयूनियन, [[मॉरिशस|मॉरीशस]] और अन्य देशों में भी जहाँ तमिल लोग प्रवासी के तौर पर रहते हैं। <ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations|url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331123838/https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन, तमिल लोग एक-दूसरे को "Puttāṇṭu vāḻttukaḷ!" ({{lang|ta| புத்தாண்டு வாழ்த்துகள்}}) या "Iṉiya puttāṇṭu nalvāḻttukaḷ!" ({{lang|ta|இனிய புத்தாண்டு நல்வாழ்த்துகள்}}) कहकर अभिवादन करते हैं, जिसका अर्थ "नव वर्ष की शुभकामनाएं" के समान है।<ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide |url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220 |year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220}}</ref> यह दिन पारिवारिक समय के रूप में मनाया जाता है। घरों में लोग घर की सफाई करते हैं, फलों, फूलों और शुभ वस्तुओं के साथ एक थाली तैयार करते हैं, परिवार के [[Puja (Hinduism)|पूजा]] वेदी को प्रज्वलित करते हैं और अपने स्थानीय मंदिरों में जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और बच्चे बड़ों के पास जाकर उनका सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर परिवार एक साथ बैठकर शाकाहारी भोजन करता है।<ref>{{cite book|author=Samuel S. Dhoraisingam|title=Peranakan Indians of Singapore and Melaka |url=https://books.google.com/books?id=QHwcAgAAQBAJ |year=2006|publisher=Institute of Southeast Asian Studies|isbn=978-981-230-346-2|page=38}}</ref><math display="block"></math> पुत्ताण्डु [[तमिल लोग]] द्वारा [[तमिलनाडु]] और [[पुदुचेरी]] में, तथा [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], [[मॉरीशस]] और [[रियूनियन]] में मनाया जाता है। तमिल प्रवासी समुदाय<ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations |url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633}}</ref><ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ |year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> इसे [[म्यांमार]], [[दक्षिण अफ्रीका]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] जैसे देशों में भी मनाता है। ==उद्गभव और महत्व== [[File:A food treats arrangement for Puthandu (Vaisakhi) Tamil New Year.jpg|thumb|left|पुत्ताण्डु के लिए पारंपरिक उत्सव व्यंजनों की सजावट।]] तमिल नव वर्ष वसंत विषुव के बाद होता है एवं आम तौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के 14 अप्रैल को होता है। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन पारंपरिक तौर पर तमिल कैलेंडर के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है और तमिलनाडु और श्रीलंका दोनों जगहों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इसी दिन [[असम]], पश्चिम बंगाल, केरल, [[मणिपुर]], त्रिपुरा, [[बिहार]], ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, [[राजस्थान]] में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश। श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में उसी दिन भी मनाता हैं,<ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520031624/https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/Hindu New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> ==समारोह== तमिल लोग पुत्ताण्डु को पारंपरिक हिंदू नया साल के रूप में मनाते हैं, जिसे पुथुरूषम भी कहा जाता है,। यह तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चित्राई का महीना है और पुत्ताण्डु आमतौर पर 14 अप्रैल को ही पड़ता है। दक्षिणी [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, त्योहार को चित्तारीय विशु कहा जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर इस दिन सभी लोग बहुत ही आकर्षक [[रंगोली]] बनाकर नए वर्ष का स्वागत करते है। ==विवाद== जब २००८ में जब द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (द्रमुक) की तमिलनाडु में सरकार थी तब उन्होंने घोषित किया था कि तमिल नए साल को तमिल थाई महीने के पहले दिन ((14 जनवरी) [[पोंगल]] के फसल त्योहार के साथ मनाया जाएगा। 29 जनवरी 2008 को डीएमके विधानसभा सदस्यों और तमिलनाडु सरकार द्वारा तमिलनाडु नया साल (घोषणा बिल 2008) राज्य कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था। <ref>{{cite web |url=http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |title=Bill on new Tamil New Year Day is passed unanimously |publisher=Tn.gov.in |accessdate=18 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111028094334/http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |archive-date=28 अक्तूबर 2011 |url-status=live }}</ref> डीएमके की बहुमत वाली सरकार का यह कानून बाद में 23 अगस्त 2011 को एआईएडीएमके की बहुमत वाली सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में एक अलग कानून बनाकर रद्द कर दिया गया। हालाकि तमिलनाडु के कई लोगों ने DMK सरकार के कानून को नजरअंदाज कर दिया था जो त्योहार की तारीख को बदलने से सम्बंधित था, और अप्रैल के मध्य में ही अपने पारंपरिक पुत्ताण्डु नए साल के त्यौहार को मनाते रहे। ==संबंधित त्यौहार== पुत्ताण्डु का त्यौहार अन्य जगहों पर मनाया जाता है लेकिन इनके नाम अलग है जो हैं: #[[केरल]] में [[विषु|विशु]] #[[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]] एवं तेलंगाना में उगाडी #मध्य और [[उत्तर भारत|उत्तरी भारत]] में वैसाखी #[[ओडिशा]] में [[विष्णु]] संक्रांति #[[असम]] में रोंगली बीहु == इन्हें भी देखें == *[[तमिल]] ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:त्योहार]] [[श्रेणी:तमिल]] enfjraitkjcuauozdy0nv735tfza32n फ्लाइट क्रू (फिल्म) 0 864819 6541133 6302954 2026-04-16T07:10:59Z AMAN KUMAR 911487 हिन्दी अनुवाद किया 6541133 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक फ़िल्म | name = फ्लाइट क्रू | image = | caption = | director = निकोलाय लेबेदेव | producer = निकिता मिखाल्कोव<br>लियोनिद वेरेश्चागिन<br> अन्तोन ज्लातोप्ल्सकी | writer = तिखों कोर्नेव <br> निकोलाय कुलिकोव <br> निकोलाय लेबेदेव | starring = व्लादिमीर मश्कोव <br> दनिला कोज्लोव्सकी <br> अग्ने ग्रुद्य्ते <br> कटरीना श्पित्सा <br> सेर्गी केम्पो <br> सेर्गी शकोरोव <br> एलेना याकोव्लेवा <br> सेर्गे रोमानोविच | music = अर्तेम वस्सिलिएव | cinematography = इरेक खर्तोविच | studio = Russia-1|रूस-1 | distributor = सिनेमा फण्ड <br> Central Partnership|सेंट्रल पार्टनरशिप <br> Paramount Pictures|पैरामाउंट पिक्चर्स | released = {{Film date|2016|02|20}} (बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव)<br /> {{Film date|2016|04|21}} (रूस) | runtime = 140 मिनट | country = रूस | language = रूसी | budget = $90 लाख | gross = $27,305,571 }} '''''फ्लाइट क्रू''''' (रूसी: Экипаж, लिप्यंतरण: एकिपाज़) 2016 में बनी एक [[रूस|रूसी]] आपदा फ़िल्म है। इसका निर्देशन निकोलाय लेबेदेव ने किया है और इसका निर्माण रूस-1 चैनल द्वारा किया गया है। फ़िल्म में व्लादिमीर मश्कोव, दनिला कोज्लोव्स्की और अग्ने ग्रुद्य्ते ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई हैं। यह 1979 की सोवियत फ़िल्म 'एयर क्रू' से प्रेरित है और [[सोवियत संघ|रूसी संघ]] में बनी दूसरी बड़ी आपदा फ़िल्म है। इस फ़िल्म की शूटिंग [[आईमैक्स]] (IMAX) डिजिटल [[त्रिविम समष्टि|त्रिविम]] [[कैमरा|कैमरों]] से की गई थी और इस तकनीक का उपयोग करने वाली यह दूसरी रूसी फ़िल्म है। इसका प्रीमियर 21 अप्रैल 2016 को हुआ था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके वितरण के अधिकार [[पैरामाउंट पिक्चर्स]] के पास थे। == कथानक == एलेक्सी गशचिन एक प्रतिभाशाली युवा सैन्य पायलट है, जो अधिकारियों के बेतुके आदेश मानने से इनकार कर देता है। ऐसे ही एक अनुचित आदेश की अवहेलना करने पर उसे सैन्य उड़ानों से बर्खास्त कर दिया जाता है। अपने [[पिता]]<ref>जो एक प्रसिद्ध विमान इंजीनियर है|</ref> की मदद से वह एक यात्री [[एयरलाइन हब|एयरलाइन]] में नौकरी के लिए आवेदन करता है। प्रशिक्षण के दौरान अपनी उल्लेखनीय उड़ान प्रतिभा का प्रदर्शन करने के बाद, एलेक्सी एक अनुभवी और सख्त क्रू कमांडर लियोनिद ज़ीनचेको के मार्गदर्शन में 'टीयू-204 एसएम' विमान का सह-पायलट बन जाता है। शुरुआत में दोनों के बीच तालमेल बिठाना मुश्किल होता है, लेकिन एलेक्सी की प्रतिभा को देखकर लियोनिद उसे अपनी टीम में बनाए रखने का फैसला करता है। दक्षिण-पूर्व एशिया की एक उड़ान के दौरान, चालक दल को अलेउशियन द्वीप समूह के एक [[ज्वालामुखीय द्वीप|ज्वालामुखी द्वीप]] पर आए भीषण [[भूकम्प|भूकंप]] की सूचना मिलती है। [[ज्वालामुखी]] फटने से पहले वे लोगों को वहाँ से सुरक्षित निकालने का फैसला करते हैं। द्वीप पर पहुँचने के बाद, दोनों पायलट दो अलग-अलग विमानों से लोगों को सुरक्षित निकालने में सफल हो जाते हैं, लेकिन छोटे कार्गो विमान में पर्याप्त ईंधन नहीं होता। एक बेहद खतरनाक पैंतरेबाज़ी करते हुए, उड़ान के बीच आसमान में ही चालक दल कार्गो विमान से यात्रियों को दूसरे विमान में स्थानांतरित कर लेता है। इसके तुरंत बाद ईंधन खत्म होने के कारण कार्गो विमान महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है। एक भीषण तूफ़ान के बीच क्षतिग्रस्त विमान की सफल लैंडिंग कराने के बावजूद, सीधे आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में दोनों पायलटों को नौकरी से निकाल दिया जाता है। हालाँकि, बाद में उन्हें एयरोफ़्लोट कंपनी में प्रशिक्षु के रूप में स्थानांतरित कर दिया जाता है। == कलाकार == {{Columns-list|2| * दनिला कोज्लोव्सकी - एलेक्सी गशचिन के रूप में * व्लादिमीर मश्कोव - लियोनिद ज़ीनचेको के रूप में * अग्ने ग्रुद्य्ते - एलेक्जेंड्रा कुज़मीना के रूप में * कटरीना श्पित्सा - विका, एयरहोस्टेस * सेर्गी केम्पो - एंड्रे, फ़्लाइट अटेंडेंट * सेर्गी शकोरोव - निकोलाई गशचिन, एलेक्सी के पिता * एलेना याकोव्लेवा - इरीना, लियोनिद की पत्नी * सेर्गे रोमानोविच - वालेरा, लियोनिद का बेटा * वासिली मिशचेंको - मिखाइल स्मिरनोव * सेर्गे गज़ारोव - शेस्ताकोव, "पेगासस एयर" के निदेशक * दिमित्री ज़ोलोतुखिन - पेट्रीत्स्की, वीआईपी यात्री * सेर्गे रुबलेव - पेट्रीत्स्की का सहायक * नीना ग्रेबेशकोवा - बिजनेस-क्लास यात्री * इरीना लाचीना - महिला वकील यात्री * यांग गे - लियू, चीनी यात्री लड़की * एलेना बाबेंको - मार्गरीटा, यात्री * ओल्गा लिट्विनोवा - नताशा, यात्री * व्याचेस्लाव रज़बेगेव - विक्टर, कानवू हवाई अड्डे पर पायलट * इरीना नीज़िना - कानवू हवाई अड्डे पर महिला डॉक्टर * एकातेरिना विनोग्रादोवा - मारिया, कानवू हवाई अड्डे पर नर्स * मारिया बुद्रिना - माशा * निकोले अलेक्सेव - पेट्या * ल्यूडमिला कुरेपोवा - ओल्गा * डेनियल मिखेव - साशा * अलेक्जेंड्रा याकोव्लेवा - तमारा, ऑफिस क्लर्क * नीना उसातोवा - फंड कर्मचारी * दिमित्री मुल्यार - अलेक्जेंडर पिवनेव, क्रू कमांडर (मेजर) * एंटोन पम्पुश्नी - पायलट-प्रशिक्षु * व्लादिमीर यगलीच - सिनित्सिन, पायलट * इरीना पेगोवा - लेना * विक्टोरिया रायकोवा - एयरहोस्टेस * एवगेनिया ख्रापोवित्सकाया - एयरहोस्टेस }} == बॉक्स ऑफ़िस == रूस में फ़िल्म ने कुल $2.16 करोड़ की कमाई की। यह 2016 में रूस में पाँचवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म थी और उस वर्ष देश की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली रूसी फ़िल्म बनी।<ref>{{Cite web|url=https://variety.com/2017/film/global/russian-box-office-2016-1201961000/|title=Russian Box Office Grows 9.5% to $727 Million in 2016|last=Barraclough|first=Leo|date=2017-01-16|website=Variety|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> यह फ़िल्म 19 अगस्त 2016 को चीन में रिलीज़ हुई थी और वहाँ चीनी बॉक्स ऑफ़िस पर इसने {{CNY|3.08 करोड़}} की कमाई की।<ref>{{Cite web|url=http://cbooo.cn/m/653155|title=火海凌云_电影详情_中国票房|website=cbooo.cn|access-date=2026-04-16}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:2016 की फ़िल्में]] [[श्रेणी:रूसी फ़िल्में]] kjy1illmcef67isd59xmm29hmrum975 बटेश्वर हिन्दू मंदिर, मध्य प्रदेश 0 892797 6541069 6495882 2026-04-16T04:04:16Z ~2026-23550-85 920614 ये हिन्दू धर्म से संबंधित मंदिर है 6541069 wikitext text/x-wiki {{Infobox religious building | name = बटेश्वर हिन्दू मन्दिर | image = Bateshwar Temple Complex - 3.jpg | alt = बटेश्वर में 200 हिन्दू मंदिर | caption = बटेश्वर में 200 हिन्दी मंदिर | map_type = India #India Madhya Pradesh | relief = yes | religious_affiliation = [[हिन्दू]] | other_names = बटेसर, बटेसरा | proper_name = | coordinates = {{coord|26|25|37.4|N|78|11|48.6|E|display=inline,title}} | country = [[भारत]] | state = [[मध्य प्रदेश]] | district = [[मुरैना]] | location = [[पड़ावली]], [[ चम्बल ]] | elevation_m = | deity = ]], [[भैरव]], [[देवी]], अन्य | festivals= | architecture = [[नागर शैली]] | year_completed = 8th to 10th-century<ref name="Subramanian"/> | creator | website = }} [[चित्र:बटेश्वर के मंदिर समूह .jpg|अंगूठाकार|बटेश्वर के मंदिर समूह]] [[चित्र:बटेश्वर के मंदिर समूहों का चित्र .jpg|अंगूठाकार|पुनर्निर्माण के बाद संरक्षित बटेश्वर के मंदिर समूहों का चित्र ]] बटेश्वर, बौद्ध महायान वज्रयान मन्दिर (विहार) स्थानीय प्रचलित नाम '''बटेसर, बटेसरा'''), [[मध्य प्रदेश]] के [[मुरैना]] जिले में के द्वारा निर्मित लगभग २०० [[बलुआ पत्थर]] से बने बौद्ध मंदिर व खण्डहर हैं। यह [[ग्वालियर]] के उत्तर में लगभग ३५ किलोमीटर (२२ मील) और मुरैना शहर से लगभग ३० किलोमीटर (१९ मील) है। ये मंदिर समूह उत्तर भारतीय मंदिर [[वास्तुकला]] की शैली के हैं। मंदिरों में ज्यादातर छोटे हैं और लगभग २५ एकड़ (१० हेक्टेयर) में फैले हुए हैं। [[शक्ति]] को समर्पित हैं - हिन्दू भीतर प्रमुख परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह स्थल [[चंबल नदी]] घाटी में स्थित पड़ावली, जो कि प्रमुख हर मंदिर के लिए जाना जाता है, के किले के निकट एक पहाड़ी के उत्तर-पश्चिमी ढलान पर है। बटेश्वर मंदिर ८ वीं और १० वीं शताब्दी के बीच बनाए गए थे। इस स्थान का नाम संभवतः इस मंदिर प्राँगण के सबसे बड़े मंदिर भूतेश्वर मंदिर के नाम पर है, तथा इसे बटेस्वर, बटेसर अथवा बटेसरा के नाम से भी जाना जाता है। <ref name="Mevissen2012p95">{{cite book|author1=Dietrich Boschung|author2=Corinna Wessels-Mevissen|title=Figurations of Time in Asia|url=https://books.google.com/books?id=vy6NMQEACAAJ|year=2012|publisher=Wilhelm Fink|isbn=978-3-7705-5447-8|pages=82–97}}</ref> <ref name=viennot>O. VIENNOT (1968), [https://www.jstor.org/stable/43485318 Le problème des temples à toit plat dans l'Inde du Nord], Arts Asiatiques, Vol. 18 (1968), École française d’Extrême-Orient, pages 40-51 with Figures 50, 53-56, 76, 80-82 and 88 context: 23-84 (in French)</ref> जिन मंदिरों के रूप में वे वर्तमान में दिख रहे हैं, उनमें से अधिकांश २००५ में [[भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण]] द्वारा शुरू की गई एक परियोजना के अंतर्गत खंडहर के पत्थरों से पुनर्निर्मित हुए हैं।<ref name="Subramanian">{{Cite news|last=Subramanian|first=T.S.|date=16–29 Jan 2010|title=Restored Glory|url=http://www.frontline.in/static/html/fl2702/stories/20100129270212200.htm|accessdate=17 January 2010|publisher=Frontline, Volume 27 – Issue 02|archive-date=22 जनवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220122120234/http://www.frontline.in/static/html/fl2702/stories/20100129270212200.htm|url-status=dead}}</re उसके साथियों ने मंदिरों के संरक्षण में सहायता की थी।<ref>{{cite web |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/asi-to-resume-restoration-of-bateshwar-temple-complex-in-chambal/story-kBaxGfcRWVsrNbw3Vw8dLN.html |title=ASI to resume restoration of Bateshwar temple complex in Chambal |date=21 May 2018 |website=[[Hindustan Times]] }}</ref> == इतिहास == मध्य प्रदेश के पुरातत्व निदेशालय के अनुसार, [[गुर्जर-प्रतिहार राजवंश]] के शासनकाल में २०० मंदिरों का यह समूह बनाया गया था। कला इतिहासकार और भारतीय मंदिर वास्तुकला में विशेषज्ञ प्रोफेसर माइकल मीस्टर के अनुसार, ग्वालियर के पास बटेश्वर समूह के प्रारंभिक मंदिर ७५०-८०० ईसवी के होने की संभावना है। <ref>{{Cite book|last=Madhya Pradesh (India)-Directorate of Archaeology & Museums|author=Madhya Pradesh (India)-Directorate of Archaeology & Museums|year=1989|title=Puratan, Volumes 6–7|page=113|publisher=Dept. of Archaeology and Museums, Madhya Pradesh}}</ref> <ref>Michael W. Meister (1976), [https://www.jstor.org/stable/29756319 Construction and Conception: Maṇḍapikā Shrines of Central India] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190302024855/https://www.jstor.org/stable/29756319 |date=2 मार्च 2019 }}, ''East and West'', Vol. 26, No. 3/4 (September - December 1976), page 415, Figure 21 caption, context: 409-418</ref> कनिंघम के विवरण के अनुसार एक अभिलेख पर सम्वत् ११०७ (१०५० ई०) अंकित था।<ref name="cunningham107"/> १३ वीं शताब्दी के बाद ये मंदिर नष्ट हो गए; यह स्पष्ट नहीं है कि यह भूकंप या मुस्लिम बलों द्वारा किया गया था। १८८२ में अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा साइट का दौरा किया गया और इसके खंडहरों का उल्लेख "परवली (पड़ावली ) के दक्षिण-पूर्व में बड़े और छोटे से १०० मंदिरों के संग्रह" के रूप में "एक बहुत ही पुराना मंदिर" के साथ उत्तरार्द्ध था। बट्टेश्वर को १९२० में एक संरक्षित स्थल के रूप में [[भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण]] द्वारा नामांकित किया गया था। औपनिवेशिक ब्रिटिश युग के दौरान सीमित वसूली, मानकीकृत मंदिर संख्या, फोटोग्राफी के साथ खंडहर अलगाव, और स्थल संरक्षण प्रयास शुरू किया गया था। कई विद्वानों ने स्थल का अध्ययन किया और उन्हें अपनी रिपोर्ट में शामिल किया। उदाहरण के लिए, फ्रेंच पुरातत्त्ववेत्ता ओडेट वियॉन ने १९६८ में एक पत्र प्रकाशित किया था जिसमें संख्याबद्ध बटेश्वर मंदिरों की चर्चा और चित्र सम्मिलित थे । २००५ में, एएसआई ने सभी खण्डों को इकट्ठा करने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की, उन्हें पुन: इकट्ठा करने और संभव के रूप में कई मंदिरों को बहाल करना, एएसआई भोपाल क्षेत्र के अधीक्षक पुरातत्वविद् [[के के मुहम्मद]] के नेतृत्व में, कुछ ६० मंदिरों को बहाल किया गया था। मुहम्मद ने साइट की आगे की बहाली के लिए अभियान जारी रखा है और इसे "मेरी तीर्थस्थल की जगह कहते हैं। मैं यहां हर तीन महीनों में एक बार आ रहा हूं। मैं इस मंदिर परिसर के बारे में भावुक हूं।" मुहम्मद के मुताबिक, बट्टेश्वर परिसर "संस्कृत हिंदू मंदिर वास्तुकला ग्रंथों, [[मानसार शिल्पशास्त्र]](चौथी शताब्दी में रचित वास्तुशिल्प सिद्धांत) और 7 वीं शताब्दी में लिखित मायामत वास्तु शास्त्र " के आधार पर बनाया गया था। [1] उन्होंने इन ग्रंथों का पालन किया क्योंकि 50 से अधिक श्रमिकों की उनकी टीम ने साइट से खंडहर के टुकड़े एकत्र किए और एक पहेली की तरह इसे एक साथ वापस बनाने की कोशिश की।<ref name="cunningham107">[https://archive.org/stream/reports07indigoog#page/n122/mode/2up Eastern Rajputana Tour Report], A Cunningham, Archaeological Survey of India, Volume XX, pages 107, 110-112</ref> <ref name="viennot"/> == विवरण == [[चित्र:8th_to_10th_century_Batesvar_Hindu_temples_plan_Madhya_Pradesh_India.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|तीन उदाहरण फर्श योजनाओं पर पाया Batesvar साइट मध्यप्रदेश में है । ]] [[चित्र:बटेश्वर के मंदिर खण्डहरों का एक दृश्य.jpg|अंगूठाकार|बटेश्वर के मंदिर खण्डहरों का एक दृश्य]] [[चित्र:बटेश्वर के मंदिरों की कलाकारी .jpg|अंगूठाकार|भगवान् विष्णु की शेषनाग रूप में उकेरी गयी आकृति ]] इस क्षेत्र का उल्लेख ऐतिहासिक साहित्य में धरोण या पड़ावली के रूप में किया गया है। मंदिरों के समूह के लिए स्थानीय नाम बटेश्वर या बटेश्वर मंदिर हैं। १८८२ की कनिंघम की रिपोर्ट के अनुसार, यह उत्खनन क्षेत्र "विभिन्न आकारों के सौ से ज्यादा ,अधिकतर छोटे ,मंदिरों की संरचनाये है" है। कनिंघम ने लिखा ,सबसे बड़ा खड़ा मंदिर शिव का था और मंदिर को स्थानीय रूप से भूतेश्वर कहा जाता था। हालांकि, आश्चर्य की बात है कि मंदिर में शीर्ष पर गरुड़ की प्रतिमाये भी मिली, जिससे उन्होंने यह अनुमान लगाया कि यह मंदिर पहले विष्णु मंदिर था और क्षतिग्रस्त हो गया था और फिर से इसका उपयोग किया गया था। भूतेश्वर मंदिर में ६.७५ फुट (२.०६ मीटर) की तरफ एक चौकोर मंदिर था, जिसमें अपेक्षाकृत छोटे २२० वर्ग फुट महामंडप थे । गंगा और यमुना नदी की देवी रूप में मंदिर के दोनों ओर स्थित है। एएसआई टीम ने २००५ के बाद से ,भग्नावशेषों की पहचान और बहाली के प्रयास किये है और क्षेत्र के बारे में निम्नलिखित अतिरिक्त जानकारी सामने आई हैं: * कुछ मंदिरों में कीर्ति-मुख पर नटराज था * लखुलीसा के "अति सुंदर नक्काशी" है * शिव पार्वती का हाथ पकड़ी मूर्तिया है * कल्याण-सुंदराम की कथा, शिव और पार्वती की विवाह, ब्रह्मा विष्णु के सानिध्य में और दूसरे देवताओ की कथा * प्रेमालाप और अंतरंगता के विभिन्न चरणों में कामुक मूर्तिया (मिथुन, काम के दृश्य) * भगवत पुराण जैसे कृष्ण लीला के दृश्यों की मूर्तिया गर्ड मेविसेन के अनुसार, बटेश्वर मंदिर परिसर में कई दिलचस्प लिंटेल हैं, जैसे नवग्रह के साथ, कई वैष्णववाद परंपरा के दशावतार (विष्णु के दस अवतार), शक्तिवाद परंपरा से सप्तमातृक (सात माताओं) की प्रदर्शनी ।मेविसेन के अनुसार मंदिर परिसर 600 ईस्वी के बाद के होना चाहिए। साइट पर ब्रह्मवैज्ञानिक विषयों की विविधता बताती है कि बटेश्वर (जिसे बटेसरा भी कहा जाता है) ,कभी ये क्षेत्र मंदिर से संबंधित कला और कलाकारों का केंद्र था। <ref name="Mevissen2012p95"/> == महत्व == माइकल मीस्टर के अनुसार, बटेश्वर स्थल मध्य भारत में "मंडपिका मंदिर" अवधारणा के संकल्पना और निर्माण को दर्शाता है।<ref name="meister415">Michael W. Meister (1976), [https://www.jstor.org/stable/29756319 Construction and Conception: Maṇḍapikā Shrines of Central India] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190302024855/https://www.jstor.org/stable/29756319 |date=2 मार्च 2019 }}, ''East and West'', Vol. 26, No. 3/4 (September - December 1976), pages 415-417, context: 409-418</ref>ये मंदिरों में एक "साधारण स्तम्भ वाली दीवार होती है जो एक व्यापक, समतल -धार वाले शामक के सबसे ऊपर होती है जो प्रवेश द्वार से लेकर पवित्र स्थान ,गर्भ गृह ,के आसपास फैली हुई होती है। ==आवागमन== निकटतम हवाई अड्डा [[ग्वालियर विमानक्षेत्र | ग्वालियर]] है। सड़क व रेल के माध्यम से मुरैना आथवा [[ग्वालियर जंक्शन रेलवे स्टेशन | ग्वालियर ]] से यहाँ पहुँचा जा सकता है। == चित्र दीर्घा == <gallery widths="200px" heights="200px" perrow="4"> File:Bateshwar Temple Complex - 1.jpg|बटेश्वर हिन्दू मंदिर अवशेष File:Bateshwar Temple Complex - 3.jpg|बहाल मंदिर File:Bateshwar Temples (16313906851).jpg|एक जैसे दो मंदिर File:Bateshwar Temples (16313836371).jpg|पानी की बावड़ी और अवशेष File:The Ruins of Bateshwar Group of Temples.jpg|खंडहर और अलग अलग मंदिर शैली प्रदर्शित File:Vishnu Temple, Bateshwar.jpg|बटेश्वर में विष्णु मंदिर File:Vishnu Temple at Bateshwar (16129557249).jpg|विष्णु मंदिर File:Vishnu Temple at Bateshwar (16313711321).jpg|विष्णु मंदिर,एएसआई द्वारा निर्मित </gallery> == यह भी देखें == * [[मितावली]] * [[पड़ावली]] == संदर्भ == {{reflist}} === ग्रंथ सूची === * {{Cite book|last=Prasanna Kumar Acharya|author=Prasanna Kumar Acharya|year=2010|title=An encyclopaedia of Hindu architecture|url=https://archive.org/stream/encyclopaediaofh07achauoft#page/n9/mode/2up|publisher=Oxford University Press (Republished by Motilal Banarsidass)|isbn=978-81-7536-534-6|ISBN=978-81-7536-534-6|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20160410160655/https://archive.org/stream/encyclopaediaofh07achauoft#page/n9/mode/2up|archive-date=10 अप्रैल 2016|url-status=live}} * {{Cite book|last=Prasanna Kumar Acharya|author=Prasanna Kumar Acharya|year=1997|title=A Dictionary of Hindu Architecture: Treating of Sanskrit Architectural Terms with Illustrative Quotations|url=https://books.google.com/books?id=rbayQwAACAAJ|publisher=Oxford University Press (Reprinted in 1997 by Motilal Banarsidass)|isbn=978-81-7536-113-3|ISBN=978-81-7536-113-3|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073145/https://books.google.com/books?id=rbayQwAACAAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{Cite book|last=Vinayak Bharne|author1=Vinayak Bharne|last2=Krupali Krusche|author2=Krupali Krusche|year=2014|title=Rediscovering the Hindu Temple: The Sacred Architecture and Urbanism of India|url=https://books.google.com/books?id=CGukBgAAQBAJ|publisher=Cambridge Scholars Publishing|isbn=978-1-4438-6734-4|ISBN=978-1-4438-6734-4|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073236/https://books.google.com/books?id=CGukBgAAQBAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{Cite book|last=Alice Boner|author=Alice Boner|year=1990|title=Principles of Composition in Hindu Sculpture: Cave Temple Period|url=https://books.google.com/books?id=doQLZ21CGScC|publisher=Motilal Banarsidass|isbn=978-81-208-0705-1|ISBN=978-81-208-0705-1|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20170222102015/https://books.google.com/books?id=doQLZ21CGScC|archive-date=22 फ़रवरी 2017|url-status=live}} * {{Cite book|last=Alice Boner|author1=Alice Boner|last2=Sadāśiva Rath Śarmā|author2=Sadāśiva Rath Śarmā|year=2005|title=Silpa Prakasa|url=https://books.google.com/books?id=itQUAAAAIAAJ|publisher=Brill Academic (Reprinted by Motilal Banarsidass)|isbn=978-8120820524|ISBN=978-8120820524|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20170222004631/https://books.google.com/books?id=itQUAAAAIAAJ|archive-date=22 फ़रवरी 2017|url-status=live}} * {{Cite book|last=A.K. Coomaraswamy|author1=A.K. Coomaraswamy|last2=Michael W. Meister|author2=Michael W. Meister|year=1995|title=Essays in Architectural Theory|url=https://books.google.com/books?id=5B1QAAAAMAAJ|publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts|isbn=978-0-19-563805-9|ISBN=978-0-19-563805-9|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073146/https://books.google.com/books?id=5B1QAAAAMAAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * Dehejia, V. (1997). ''Indian Art''. Phaidon: London. {{ISBN|0-7148-3496-3}}0-7148-3496-3. * {{Cite book|last=Adam Hardy|author=Adam Hardy|year=1995|title=Indian Temple Architecture: Form and Transformation|url=https://books.google.com/books?id=aU0hCAS2-08C|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-81-7017-312-0|ISBN=978-81-7017-312-0|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073331/https://books.google.com/books?id=aU0hCAS2-08C|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author=Adam Hardy|title=The Temple Architecture of India|url=https://books.google.com/books?id=ofUVAQAAIAAJ|year=2007|publisher=Wiley|isbn=978-0470028278|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073332/https://books.google.com/books?id=ofUVAQAAIAAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author=Adam Hardy|title=Theory and Practice of Temple Architecture in Medieval India: Bhoja's Samarāṅgaṇasūtradhāra and the Bhojpur Line Drawings|url=https://books.google.com/books?id=_oADrgEACAAJ|year=2015|publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts|isbn=978-93-81406-41-0|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073330/https://books.google.com/books?id=_oADrgEACAAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * Harle, J.C., ''The Art and Architecture of the Indian Subcontinent'', 2nd edn. 1994, Yale University Press Pelican History of Art, {{ISBN|0300062176}}0300062176 * {{cite book|author=Monica Juneja|title=Architecture in Medieval India: Forms, Contexts, Histories|url=https://books.google.com/books?id=7N7VAAAAMAAJ|year=2001|publisher=Orient Blackswan|isbn=978-8178242286|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073238/https://books.google.com/books?id=7N7VAAAAMAAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author=Stella Kramrisch|title=The Hindu Temple Volume 1|url=https://books.google.com/books?id=NNcXrBlI9S0C|year=1976|publisher=Motilal Banarsidass (Reprinted 1946 Princeton University Press)|isbn=978-81-208-0223-0|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073257/https://books.google.com/books?id=NNcXrBlI9S0C|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author=Stella Kramrisch|title=The Hindu Temple Volume 2|url=https://books.google.com/books?id=8-aS52MgIkMC|year=1979|publisher=Motilal Banarsidass (Reprinted 1946 Princeton University Press)|isbn=978-81-208-0224-7|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073313/https://books.google.com/books?id=8-aS52MgIkMC|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author1=Michael W. Meister|author2=Madhusudan Dhaky|title=Encyclopaedia of Indian temple architecture|url=https://books.google.com/books?id=DRY3AQAAIAAJ|year=1986|publisher=American Institute of Indian Studies|isbn=978-0-8122-7992-4|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073145/https://books.google.com/books?id=DRY3AQAAIAAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author=George Michell|title=The Hindu Temple: An Introduction to Its Meaning and Forms|url=https://books.google.com/books?id=ajgImLs62gwC|year=1988|publisher=University of Chicago Press|isbn=978-0-226-53230-1|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20170204224928/https://books.google.com/books?id=ajgImLs62gwC|archive-date=4 फ़रवरी 2017|url-status=live}} * {{cite book|author=George Michell|title=Hindu Art and Architecture|url=https://books.google.com/books?id=YVl2QgAACAAJ|year=2000|publisher=Thames & Hudson|isbn=978-0-500-20337-8|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073328/https://books.google.com/books?id=YVl2QgAACAAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author=T. 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Sinha|title=Imagining Architects: Creativity in the Religious Monuments of India|url=https://books.google.com/books?id=WvqLzaSUGi8C|year=2000|publisher=University of Delaware Press|isbn=978-0-87413-684-5|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073300/https://books.google.com/books?id=WvqLzaSUGi8C|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|title=South Indian Temples|author=Burton Stein|isbn=978-0706904499|publisher=Vikas|url=https://books.google.com/books?id=Hq5BngAACAAJ|year=1978|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073149/https://books.google.com/books?id=Hq5BngAACAAJ|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author=Burton Stein|title=The New Cambridge History of India: Vijayanagara|url=https://books.google.com/books?id=OpxeaYQbGDMC|year=1989|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-26693-2|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073231/https://books.google.com/books?id=OpxeaYQbGDMC|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} * {{cite book|author1=Burton Stein|author2=David Arnold|title=A History of India|url=https://books.google.com/books?id=QY4zdTDwMAQC|year=2010|publisher=John Wiley & Sons|isbn=978-1-4443-2351-1|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20161220024451/https://books.google.com/books?id=QY4zdTDwMAQC|archive-date=20 दिसंबर 2016|url-status=live}} * {{cite book|author=Kapila Vatsyayan|title=The Square and the Circle of the Indian Arts|url=https://books.google.com/books?id=vwLJc3pBzzUC&pg=PR10|year=1997|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-81-7017-362-5|access-date=31 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190809073224/https://books.google.com/books?id=vwLJc3pBzzUC&pg=PR10|archive-date=9 अगस्त 2019|url-status=live}} == बाहरी लिंक == * {{Commons category-inline|Bateshwar Temple Complex}} {{ग्वालियर}} {{मध्य प्रदेश पर्यटन}} [[श्रेणी:मध्य प्रदेश के हिन्दू मंदिर]] [[श्रेणी:मुरैना ज़िला]] [[श्रेणी:मध्य प्रदेश में पुरातत्व स्थल]] [[श्रेणी:मुरैना ज़िले में पर्यटन आकर्षण]] gmjh8xqkm5gj7ex7pyoj5z792pnza02 विकिपीडिया:प्रयोगस्थल 4 935970 6541026 6539802 2026-04-15T23:33:15Z Hyderabad ki awaaz news channel 920591 Hyderabad 6541026 wikitext text/x-wiki {{Infobox news organization | name = Hyderabad Ki Awaaz News | logo = Hyderabad Ki Awaaz News logo used for a news media organization in Hyderabad Telangana India.jpg | founded = 2021 | headquarters = Hyderabad, Telangana, India | key_people = Junaid Hussain | owner = Junaid Hussain | type = Digital news media | industry = News media | language = Hindi, Urdu, English }} '''Hyderabad Ki Awaaz News''' is an Indian digital news media organization based in Hyderabad, Telangana. It publishes news content covering local, national, and international topics including politics, crime, sports, and social issues. == History == Hyderabad Ki Awaaz News was founded in 2021 by Junaid Hussain. It started as a digital news initiative focusing on local reporting from Hyderabad and gradually expanded its coverage to wider regional and national news topics. == Coverage Areas == The platform reports on a variety of topics including: * Local Hyderabad news * Telangana state news * National news (India) * International news * Political developments * Crime and law enforcement updates * Sports news * Social and public interest stories == Operations == Hyderabad Ki Awaaz News operates as a digital-first news platform. Its content is distributed through online channels and social media platforms. == Editorial Structure == The organization is managed by its founder Junaid Hussain, who oversees editorial and operational activities. == Management & Key Personnel == '''Chairman:''' Tayyab Bin Mahmood Jabri Provides strategic leadership and long-term vision for the organization. '''Managing Director:''' Mohd Ahmad (Khaled Shah) Oversees administrative functions and day-to-day operations of the organization. '''Legal Advisor:''' Advocate Aslam Parvez Provides legal guidance, ensures compliance with media laws, and advises on editorial and operational legal matters. == Reception == ''(This section requires independent reliable sources)'' == See also == * Digital journalism in India * Media in Telangana == References == ''No independent references available. This article requires citations from reliable sources.'' == External links == * Official website (add here) * Social media pages (YouTube / Instagram / etc.) [[Category:News websites in India]] [[Category:Digital media in India]] [[Category:Mass media in Hyderabad, India]] [[Category:Organizations established in 2021]] 9ts1gtfaxh5wt3upqz3uav325jp0p0t 6541045 6541026 2026-04-16T03:09:25Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] ([[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|वार्ता]]) के अवतरण 6539802 पर पुनर्स्थापित : प्रयोगस्थल खाली किया। 6541045 wikitext text/x-wiki {{Please leave this line alone (sandbox heading)}}<!-- * Welcome to the sandbox! * * Please leave this part alone * * The page is cleared regularly * * Feel free to try your editing skills below * * अपने परीक्षण संपादन इस लाइन के नीचे करें * ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■--> nqyrael75jv4pl2ws5ryi3yf27rl3hh 6541057 6541045 2026-04-16T03:25:50Z Kzende 920604 6541057 wikitext text/x-wiki ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■--> किरण झेंडे मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने मोटिवेशनल और स्पिरिचुअल विचार शेयर करने के लिए मशहूर हैं। सोलापुर जिले के गुरसाले के रहने वाले झेंडे अपने 'किरण ज़ेंडे विचारधारा' के ज़रिए समाज को एजुकेट करते हैं। किरण झेंडे सोलापुर जिले के गुरसाले के एक सोशल मीडिया पर्सनैलिटी हैं, जो मुख्य रूप से ShareChat, गूगल, यूट्यूब, फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने इंस्पिरेशनल, स्पिरिचुअल और सोशल विचार शेयर करने के लिए मशहूर हैं। 'किरण झेंडे विचारधारा' नाम से, वे स्टेटस और अच्छे विचार शेयर करते हैं, जो समाज पर पॉजिटिव असर डालने की कोशिश करते हैं। उनका पूरा नाम किरण महावीर झेंडे है और वे सोलापुर जिले के मालशिरस तालुका के गुरसाले गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सोलापुर यूनिवर्सिटी से BSC (ECS) एंटायर कंप्यूटर साइंस किया और बाद में पुणे यूनिवर्सिटी से MCS (MAster in computer science) किया। ShareChat, Instagram, प्रतिलिपि, YouTube और Facebook पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। किरण झेंडे के विचारों की खास बातें: प्रेरणा देने वाले विचार: वह ज़िंदगी में मुश्किल हालात से उबरने और पॉजिटिव सोच बनाए रखने के लिए प्रेरणा देने वाले विचार शेयर करते हैं। सोशल कमेंट्री: 'आँखें खोलो - ध्यान से पढ़ो' जैसे कैंपेन के ज़रिए, वह समाज की कड़वी सच्चाई और करंट अफेयर्स पर अपने विचार बताते हैं। स्पिरिचुअलिटी और कल्चर: वह स्टेटस के ज़रिए अच्छी वैल्यूज़ सिखाने और स्पिरिचुअल विचारों को फैलाने का काम करते हैं। लोकल पहचान: क्योंकि वह गुरसाले, सोलापुर (महाराष्ट्र) से हैं, इसलिए उनके वीडियो और स्टेटस लोकल लेवल पर बहुत पॉपुलर हैं। उनके कुछ चुने हुए और पॉपुलर विचार इस तरह हैं: ज़िंदगी पर विचार कर्ज़ बनाए रखने की सलाह: "भले ही आप आज ऊपर हों, लेकिन कल आपको फिर से नीचे आना पड़ सकता है। इसलिए, आपको उन लोगों का कर्ज़ ध्यान में रखना चाहिए जिन्होंने आपका साथ दिया।" सेल्फ-डेवलपमेंट फ़ॉर्मूला: "जब तक आपसे कहा न जाए, किसी के काम में दखल न दें। लोग क्या कहते हैं, इस पर ध्यान दिए बिना अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।" शुक्रिया अदा करने की भावना: एहसान हमेशा पैसे से नहीं चुकाए जाते, लेकिन उन्हें शुक्रगुज़ारी की भावना के साथ संभालकर रखना चाहिए। सामाजिक और प्रैक्टिकल विचार शांति बनाए रखना: जब तक कोई सीधे तौर पर कुछ न कहे, तब तक शांति से स्थिति को संभालना चाहिए। रिश्ते बनाए रखना: वह उन लोगों के साथ भी सब्र रखने की सलाह देते हैं जिनसे आपकी अनबन या लड़ाई हुई हो। संस्कार और विचार: "विचार नए रखें लेकिन संस्कार पुराने रहने चाहिए" यह उनके ज़रूरी संदेशों में से एक है। भक्ति और प्रेरणा वह रेगुलर तौर पर इन टॉपिक पर अपने विचार और स्टेटस शेयर करते हैं: भक्ति स्पेशल: मंगलवार और रविवार जैसे दिनों के लिए खास भक्ति स्टेटस। प्रेरणा देने वाले विचार: रोज़मर्रा की ज़िंदगी में पॉज़िटिव रहने की प्रेरणा... उनके दूसरे विचार: प्रेरणा देने वाला नज़रिया: वह ज़िंदगी में मुश्किल हालात से पॉज़िटिविटी के साथ उबरने के लिए प्रेरणा देने वाले विचार शेयर करते हैं। सेल्फ-डेवलपमेंट और रिश्ते: जब तक कहा न जाए, किसी के काम में दखल न दें। लोग कुछ भी कहें, जब तक कोई असल में कुछ न कहे, चुप रहना चाहिए। इंसानियत और कर्ज़: आज भले ही कामयाबी मिल जाए, लेकिन आगे हालात बदल सकते हैं, इसलिए बुरे वक्त में साथ देने वाले लोगों का हमेशा कर्ज़दार रहना चाहिए। संस्कार और तरक्की: सोच हमेशा फ्रेश और मॉडर्न रखनी चाहिए, लेकिन अपने असली संस्कार कभी नहीं भूलना चाहिए। 0fl5s6p96aixxglk6zo51xi3egdxgnw 6541067 6541057 2026-04-16T03:51:21Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] ([[सदस्य वार्ता:AMAN KUMAR|वार्ता]]) के अवतरण 6541045 पर पुनर्स्थापित : प्रयोगस्थल खाली किया। 6541067 wikitext text/x-wiki {{Please leave this line alone (sandbox heading)}}<!-- * Welcome to the sandbox! * * Please leave this part alone * * The page is cleared regularly * * Feel free to try your editing skills below * * अपने परीक्षण संपादन इस लाइन के नीचे करें * ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■--> nqyrael75jv4pl2ws5ryi3yf27rl3hh 6541142 6541067 2026-04-16T07:49:14Z Kzende 920604 6541142 wikitext text/x-wiki किरण झेंडे मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने मोटिवेशनल और स्पिरिचुअल विचार शेयर करने के लिए मशहूर हैं। सोलापुर जिले के गुरसाले के रहने वाले झेंडे अपने 'किरण झेंडे विचारधारा' के ज़रिए समाज को एजुकेट करते हैं। किरण झेंडे  सोलापुर जिले के गुरसाले के एक सोशल मीडिया पर्सनैलिटी हैं, जो मुख्य रूप से ShareChat, गूगल, यूट्यूब, फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने इंस्पिरेशनल, स्पिरिचुअल और सोशल विचार शेयर करने के लिए मशहूर हैं। 'किरण झेंडे विचारधारा' नाम से, वे स्टेटस और अच्छे विचार शेयर करते हैं, जो समाज पर पॉजिटिव असर डालने की कोशिश करते हैं। उनका पूरा नाम किरण महावीर झेंडे है और वे सोलापुर जिले के मालशिरस तालुका के गुरसाले गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सोलापुर यूनिवर्सिटी से BSC (ECS) एंटायर कंप्यूटर साइंस किया और बाद में पुणे यूनिवर्सिटी से MCS (MAster in computer science) किया। ShareChat, Instagram, प्रतिलिपि, YouTube और Facebook पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। किरण झेंडे के विचारों की खास बातें: प्रेरणा देने वाले विचार: वह ज़िंदगी में मुश्किल हालात से उबरने और पॉजिटिव सोच बनाए रखने के लिए प्रेरणा देने वाले विचार शेयर करते हैं। सोशल कमेंट्री: 'आँखें खोलो - ध्यान से पढ़ो' जैसे कैंपेन के ज़रिए, वह समाज की कड़वी सच्चाई और करंट अफेयर्स पर अपने विचार बताते हैं। स्पिरिचुअलिटी और कल्चर: वह स्टेटस के ज़रिए अच्छी वैल्यूज़ सिखाने और स्पिरिचुअल विचारों को फैलाने का काम करते हैं। लोकल पहचान: क्योंकि वह गुरसाले, सोलापुर (महाराष्ट्र) से हैं, इसलिए उनके वीडियो और स्टेटस लोकल लेवल पर बहुत पॉपुलर हैं। उनके कुछ चुने हुए और पॉपुलर विचार इस तरह हैं: ज़िंदगी पर विचार कर्ज़ बनाए रखने की सलाह: "भले ही आप आज ऊपर हों, लेकिन कल आपको फिर से नीचे आना पड़ सकता है। इसलिए, आपको उन लोगों का कर्ज़ ध्यान में रखना चाहिए जिन्होंने आपका साथ दिया।" सेल्फ-डेवलपमेंट फ़ॉर्मूला: "जब तक आपसे कहा न जाए, किसी के काम में दखल न दें। लोग क्या कहते हैं, इस पर ध्यान दिए बिना अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।" शुक्रिया अदा करने की भावना: एहसान हमेशा पैसे से नहीं चुकाए जाते, लेकिन उन्हें शुक्रगुज़ारी की भावना के साथ संभालकर रखना चाहिए। सामाजिक और प्रैक्टिकल विचार शांति बनाए रखना: जब तक कोई सीधे तौर पर कुछ न कहे, तब तक शांति से स्थिति को संभालना चाहिए। रिश्ते बनाए रखना: वह उन लोगों के साथ भी सब्र रखने की सलाह देते हैं जिनसे आपकी अनबन या लड़ाई हुई हो। संस्कार और विचार: "विचार नए रखें लेकिन संस्कार पुराने रहने चाहिए" यह उनके ज़रूरी संदेशों में से एक है। भक्ति और प्रेरणा वह रेगुलर तौर पर इन टॉपिक पर अपने 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तालुका के गुरसाले गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सोलापुर यूनिवर्सिटी से BSC (ECS) एंटायर कंप्यूटर साइंस किया और बाद में पुणे यूनिवर्सिटी से MCS (MAster in computer science) किया। ShareChat, Instagram, प्रतिलिपि, YouTube और Facebook पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। किरण झेंडे के विचारों की खास बातें: प्रेरणा देने वाले विचार: वह ज़िंदगी में मुश्किल हालात से उबरने और पॉजिटिव सोच बनाए रखने के लिए प्रेरणा देने वाले विचार शेयर करते हैं। सोशल कमेंट्री: 'आँखें खोलो - ध्यान से पढ़ो' जैसे कैंपेन के ज़रिए, वह समाज की कड़वी सच्चाई और करंट अफेयर्स पर अपने विचार बताते हैं। स्पिरिचुअलिटी और कल्चर: वह स्टेटस के ज़रिए अच्छी वैल्यूज़ सिखाने और स्पिरिचुअल विचारों को फैलाने का काम करते हैं। लोकल पहचान: क्योंकि वह गुरसाले, सोलापुर (महाराष्ट्र) से हैं, इसलिए उनके वीडियो और स्टेटस लोकल लेवल पर बहुत पॉपुलर हैं। उनके कुछ चुने हुए और पॉपुलर विचार इस तरह हैं: ज़िंदगी पर विचार कर्ज़ बनाए रखने की सलाह: "भले ही आप आज ऊपर हों, लेकिन कल आपको फिर से नीचे आना पड़ सकता है। इसलिए, आपको उन लोगों का कर्ज़ ध्यान में रखना चाहिए जिन्होंने आपका साथ दिया।" सेल्फ-डेवलपमेंट फ़ॉर्मूला: "जब तक आपसे कहा न जाए, किसी के काम में दखल न दें। लोग क्या कहते हैं, इस पर ध्यान दिए बिना अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।" शुक्रिया अदा करने की भावना: एहसान हमेशा पैसे से नहीं चुकाए जाते, लेकिन उन्हें शुक्रगुज़ारी की भावना के साथ संभालकर रखना चाहिए। सामाजिक और प्रैक्टिकल विचार शांति बनाए रखना: जब तक कोई सीधे तौर पर कुछ न कहे, तब तक शांति से स्थिति को संभालना चाहिए। रिश्ते बनाए रखना: वह उन लोगों के साथ भी सब्र रखने की सलाह देते हैं जिनसे आपकी अनबन या लड़ाई हुई हो। संस्कार और विचार: "विचार नए रखें लेकिन संस्कार पुराने रहने चाहिए" यह उनके ज़रूरी संदेशों में से एक है। भक्ति और प्रेरणा वह रेगुलर तौर पर इन टॉपिक पर अपने विचार और स्टेटस शेयर करते हैं: भक्ति स्पेशल: मंगलवार और रविवार जैसे दिनों के लिए खास भक्ति स्टेटस। प्रेरणा देने वाले विचार: रोज़मर्रा की ज़िंदगी में पॉज़िटिव रहने की प्रेरणा... उनके दूसरे विचार: प्रेरणा देने वाला नज़रिया: वह ज़िंदगी में मुश्किल हालात से पॉज़िटिविटी के साथ उबरने के लिए प्रेरणा देने वाले विचार शेयर करते हैं। सेल्फ-डेवलपमेंट और रिश्ते: जब तक कहा न जाए, किसी के काम में दखल न दें। लोग कुछ भी कहें, जब तक कोई असल में कुछ न कहे, चुप रहना चाहिए। इंसानियत और कर्ज़: आज भले ही कामयाबी मिल जाए, लेकिन आगे हालात बदल सकते हैं, इसलिए बुरे वक्त में साथ देने वाले लोगों का हमेशा कर्ज़दार रहना चाहिए। संस्कार और तरक्की: सोच हमेशा फ्रेश और मॉडर्न रखनी चाहिए, लेकिन अपने असली संस्कार कभी नहीं भूलना चाहिए iujfuu8dsoqf299t7nw8tx7ajoaa8a5 नोएडा मेट्रो 0 1001361 6541149 6472532 2026-04-16T08:02:52Z Ankit231132 874432 /* चरण 1 */ 6541149 wikitext text/x-wiki {{Infobox public transit | box_width = | name = नोएडा मेट्रो<br>{{nobold|Noida Metro}} | image = Noida Metro Logo.png | owner = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] (एनएमआरसी) | operator = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन|एनएमआरसी]] (डीएमआरसी एक सहायक के रूप में)<ref>{{Cite web|title=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. {{!}} ABOUT US|url=http://www.delhimetrorail.com/about_us.aspx|access-date=2021-08-07|website=delhimetrorail.com}}</ref> | locale = | transit_type = [[त्वरित परिवहन]] | lines = 1 | stations = [[नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची|21]] | daily_ridership = 45,881 (2023)<ref>{{Cite web |date=2024-01-26 |title=5 Years of Noida Metro: Daily Ridership Rises 155%, Chandrayaan-3 Emblem on NMRC Cards|url=https://www.timesnownews.com/delhi/5-years-of-noida-metro-daily-ridership-rises-155-chandrayaan-3-emblem-on-nmrc-cards-article-107170891/amp |access-date=2024-03-23 |website=[[Times Now]] |language=en}}</ref> | annual_ridership = | chief_executive = जयदीप <br/> (अध्यक्ष) <br/> आई.ए.एस रितु महेश्वरी <br/> (प्रबंध निदेशक) | headquarters = ब्लॉक-III, गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-29, नोएडा, उत्तर प्रदेश<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/contact-us.htm|title=Contact Us – Noida Metro Rail Corporation Ltd|website=www.nmrcnoida.com|access-date=13 January 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171211022137/http://www.nmrcnoida.com/contact-us.htm|archive-date=11 December 2017|url-status=dead}}</ref> | website = {{official URL}} | 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lines cover only 3% of Gurugram|access-date=3 सितंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190831131021/https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/metro-lines-cover-only-3-of-gurugram/articleshow/70905439.cms|archive-date=31 अगस्त 2019|url-status=live}}</ref> जो कि [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[नोएडा]] और [[ग्रेटर नोएडा]] को जोड़ता है। इस मेट्रो नेटवर्क में कुल २१ स्टेशनों वाली एक लाइन है (जिसे [[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|ऐक्वा लाइन]] कहा जाता है), जिसकी कुल लंबाई २९.७ किलोमीटर (१८.५ मील) है। सिस्टम में स्टैंडर्ड-गेज पटरियों का उपयोग करते हुए ग्रेड और एलिवेटेड स्टेशनों का मिश्रण है। सेवाएं रोजाना ५-१० मिनट के बीच बदलती रहती हैं। लाइन का निर्माण २ चरणों में किया गया है। फेज-१ (डेल्टा-१ से सेक्टर ५१ तक) एवं फेज-२ (सेक्टर-७१ से नॉलेज पार्क-पंचम तक) २०१९ के मध्य में शुरू होकर २०२१ तक पूरा हो गया <ref>{{cite web |title=Noida extension to get metro soon - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-extension-to-get-metro-soon/articleshow/66948947.cms |website=The Times of India |accessdate=6 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181206063319/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-extension-to-get-metro-soon/articleshow/66948947.cms |archive-date=6 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |title=UP government approves 15-km Metro link between Noida Sec 71 and Greater Noida |url=https://www.hindustantimes.com/noida/up-government-approves-15-km-metro-link-between-noida-sec-71-and-greater-noida/story-9c5RxsjKgF9fICGTvD1VbO.html |website=Hindustan Times |accessdate=6 December 2018 |language=en |date=5 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181205150324/https://www.hindustantimes.com/noida/up-government-approves-15-km-metro-link-between-noida-sec-71-and-greater-noida/story-9c5RxsjKgF9fICGTvD1VbO.html |archive-date=5 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref> अगस्त २०१८ में फेज-१ पर ट्रायल रन शुरू हुआ, और इसे १५ जनवरी २०१९ को आम जनता के लिए खोल दिया गया है।<ref>{{cite web |title=Aqua Line ready for launch, nod awaited from UP - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/aqua-line-ready-for-launch-nod-awaited-from-state/articleshow/67201102.cms |website=The Times of India |accessdate=22 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190109033533/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/aqua-line-ready-for-launch-nod-awaited-from-state/articleshow/67201102.cms |archive-date=9 जनवरी 2019 |url-status=live }}</ref> उत्तर प्रदेश राज्य के स्वामित्व वाली '''नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन''' इस मेट्रो सिस्टम का निर्माता और मालिक है।<ref>{{cite web |title=After 1 year, NMRC to operate Aqua Line - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |website=The Times of India |accessdate=29 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181001033236/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |archive-date=1 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> पहले वर्ष में इस लाइन पर मेट्रो का संचालन [[दिल्ली मेट्रो रेल|डीएमआरसी]] द्वारा किया जाएगा।<ref>{{cite web |title=For 1 year, DMRC to operate Aqua Line - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |website=The Times of India |accessdate=29 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181001033236/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |archive-date=1 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> लाइन [[नोएडा सेक्टर ५२ मेट्रो स्टेशन]] पर [[दिल्ली मेट्रो रेल|दिल्ली मेट्रो]] से जुड़ती है। वर्ष 2009 में नोएडा में मेट्रो सेवा शुरू हुई। मेट्रो की मदद से, नोएडा में रहने वाले व्यक्ति कनॉट प्लेस, द्वारका उप-शहर और नई दिल्ली से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा, ऑपरेशन में एक और मेट्रो लिंक है, जो नोएडा को ग्रेटर नोएडा, जीएनआईडीए कार्यालय और सेक्टर 51 से जोड़ेगा<ref>{{Cite web|url=https://guestpostblogging.com/everything-you-need-to-know-about-the-noida-planned-city-in-india/|title=Metro services began in Noida in the year 2009|last=|first=|date=2020-02-06|website=|language=en-US|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=2020-10-09}}</ref>। ==नेटवर्क== [[File:Rapid Transit Map of Delhi.jpg|thumb|right|नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन दिल्ली रेल नेटवर्क का हिस्सा]] === चरण 1 === {{main|ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची}} संचालित 29.7 किलोमीटर (18.5 मील) एक्वा लाइन में 21 स्टेशन हैं।<ref name="noidametrorail.com">{{cite web|title=STATIONS BETWEEN NOIDA-GREATER NOIDA|url=http://noidametrorail.com/?page_id=29|website=noidametrorail.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20160326040441/http://noidametrorail.com/?page_id=29|archive-date=26 March 2016|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/noida-metro-projects-still-offtrack/article6262485.ece|title=Noida Metro Projects Still Off-Track|author=Damini Nath|date=30 July 2014|newspaper=The Hindu}}</ref> यह लाइन नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर सेक्टर 50, 76, 101, 81, एनएसईजेड, 83, 137, 142, 143, 144, 145, 146, 147 और 148 से होकर गुजरती है; इसके बाद यह ग्रेटर नोएडा में प्रवेश करती है और डिपो स्टेशन पर समाप्त होने से पहले पार्क-II, परी चौक, अल्फा-1, डेल्टा-1 और जीएनआईडीए कार्यालय से गुजरती है। पूरा मार्ग एलिवेटेड ट्रैक पर है।<ref>{{cite web|url=http://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|title=Metro rail link between Noida and Greater Noida to be completed by 2017|date=2 May 2014|work=India TV News|access-date=27 दिसंबर 2024|archive-date=27 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241227122617/https://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|url-status=dead}}</ref> सभी स्टेशनों पर प्लैटफ़ॉर्म स्क्रीन डोर लगे हैं। एनएमआरसी के अनुसार, इस कॉरिडोर को 5,503 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इस लाइन पर नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो के साथ एक इंटरचेंज स्टेशन है।<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMRC) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> [[File:Noida Metro Map.svg|center|500px|thumb]] {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" |- ! style="background:#{{rail color|Noida Metro|Aqua}};" colspan="9" |'''[[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|ऐक्वा लाइन]]''' |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |(मीटर में) लंबाई ! rowspan="2" |(मीटर में) अंतर-स्टेशन दूरी ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |जुड़ाव ! rowspan="2" |नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |- |1||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}'''||'''Noida Sector 51'''||0.000||0.000||25 जनवरी 2019||{{color box|#{{rail color|Delhi Metro|Blue}}; font-size:100%|[[Blue Line (Delhi Metro)|<span style="color:white;">'''ब्लू लाइन'''</span>]]|}}||उभरा हुआ |- |2||'''{{stl|Noida Metro|रेनबो}}'''||'''Rainbow / Noida Sector 50'''||1041.5||1041.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |3||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 76}}'''||'''Noida SEctor 76'''||2095.0||1053.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |4||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 101}}'''||'''Soida Sector 101'''||3105.2||1010.2||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |5||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 81}}'''||'''Noida Sector 81'''||4228.9||1123.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |6||'''{{stl|Noida Metro|एनएसईज़ेड}}'''||'''NSEZ'''||5153.3||924.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |7||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 83}}'''||'''Noida Sector 83'''||7130||1976.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |8||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 137}}'''||'''Noida Sector 137'''||8279.4||1149.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |9||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 142}}'''||'''Noida Sector 142'''||9631.1||1351.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |10||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 143}}'''||'''Noida Secotr 143'''||11279.1||1648.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |11||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 144}}'''||'''Noida Sector 144'''||12500.6||1221.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |12||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 145}}'''||'''Noida Sector 145'''||13852.8||1352.2||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |13||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 146}}'''||'''Noida Sector 146'''||15084.1||1231.3||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |14||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 147}}'''||'''Noida Sector 147'''||16617.1||1533.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |15||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 148}}'''||'''Noida Sector 148'''|| || ||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |16||'''{{stl|Noida Metro|नॉलेज पार्क 2}}'''||'''Knowledge Park II'''||19910.6||3293.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |17||'''{{stl|Noida Metro|परी चौक}}'''||'''Pari Chowk'''||22239||2328.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |18||'''{{stl|Noida Metro|अल्फा 1}}'''||'''ALPHA 1'''||24010.8||921.8||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |19||'''{{stl|Noida Metro|डेल्टा 1}}'''||'''DELTA 1'''||25096.7||1085.9||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |20||'''{{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}}'''||'''GNIDA Office'''||26182.6||1855.8||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |21||'''{{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}'''|| '''Depot (or Depot Station)'''||27881.4||1699.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |- |} === चरण 2 === अगले चरण के प्रस्तावित मेट्रो रूट इस प्रकार हैं<ref>{{Cite web|url=https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap|title=Welcome to Noida Metro Rail Corporation Ltd.|website=nmrcnoida.com|access-date=2024-12-27}}</ref> - * नोएडा सेक्टर 51 से नॉलेज पार्क 5 * नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन * ग्रेटर नोएडा से नोएडा एयरपोर्ट * बल्लभगढ़ से नोएडा एयरपोर्ट ==इन्हें भी देखें== * [[दिल्ली मेट्रो]] * [[रैपिड मेट्रो गुरुग्राम]] * [[लखनऊ मेट्रो]] * [[बंगलुरु मेट्रो]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20190819145052/http://www.nmrcnoida.com/ Noida – Greater Noida Metro Rail] * [https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap Current and Proposed Maps for Noida Metro - NMRC]] {{Noida Metro}} [[श्रेणी:मेट्रो रेल]] [[श्रेणी:नोएडा]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] 428alslsrssae99njwpy8hl5eqx59gf 6541215 6541149 2026-04-16T09:59:13Z Ankit231132 874432 6541215 wikitext text/x-wiki {{Infobox public transit | box_width = | name = नोएडा मेट्रो<br>{{nobold|Noida Metro}} | image = Noida Metro Logo.png | owner = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] (एनएमआरसी) | operator = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन|एनएमआरसी]] (डीएमआरसी एक सहायक के रूप में)<ref>{{Cite web|title=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. {{!}} ABOUT US|url=http://www.delhimetrorail.com/about_us.aspx|access-date=2021-08-07|website=delhimetrorail.com}}</ref> | locale = | transit_type = [[त्वरित परिवहन]] | lines = 1 | stations = [[नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची|21]] | daily_ridership = 45,881 (2023)<ref>{{Cite web |date=2024-01-26 |title=5 Years of Noida Metro: Daily Ridership Rises 155%, Chandrayaan-3 Emblem on NMRC Cards|url=https://www.timesnownews.com/delhi/5-years-of-noida-metro-daily-ridership-rises-155-chandrayaan-3-emblem-on-nmrc-cards-article-107170891/amp |access-date=2024-03-23 |website=[[Times Now]] |language=en}}</ref> | annual_ridership = | chief_executive = जयदीप <br/> (अध्यक्ष) <br/> आई.ए.एस रितु महेश्वरी <br/> (प्रबंध निदेशक) | headquarters = ब्लॉक-III, गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-29, नोएडा, उत्तर प्रदेश<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/contact-us.htm|title=Contact Us – Noida Metro Rail Corporation Ltd|website=www.nmrcnoida.com|access-date=13 January 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171211022137/http://www.nmrcnoida.com/contact-us.htm|archive-date=11 December 2017|url-status=dead}}</ref> | website = {{official URL}} | began_operation = {{start date and age|2019|01|25}} | vehicles = | train_length = 4 बोगियाँ | headway = 10-15 मिनट | system_length = {{convert|29.7|km|mi|abbr=on}} | notrack = | track_gauge = {{Track gauge|sg|allk=on}} | ogauge = <!-- {{Track gauge|sg|allk=on}} --> | minimum_radius_of_curvature = <!-- {{convert|0|ft|0|in|mm|0}} --> | el = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | average_speed = <!-- {{convert|0|mph|km/h|abbr=on}} --> | top_speed = {{convert|80|km/h|mph|abbr=on}} | map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line|}} | map_name = | map_state = <!-- show or collapsed --> | area served = [[नोएडा]] व [[ग्रेटर नोएडा]] | line_number = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | start = | end = | character = उभरे हुए | weekly_ridership = | imagesize = 150px }} '''नोएडा मेट्रो''' ({{Langx|en|Noida Metro|italic=no}}) [[भारत]] का एक [[त्वरित परिवहन]] सिस्टम है,<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/metro-lines-cover-only-3-of-gurugram/articleshow/70905439.cms|title=Metro lines cover only 3% of Gurugram|access-date=3 सितंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190831131021/https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/metro-lines-cover-only-3-of-gurugram/articleshow/70905439.cms|archive-date=31 अगस्त 2019|url-status=live}}</ref> जो कि [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[नोएडा]] और [[ग्रेटर नोएडा]] को जोड़ता है। इस मेट्रो नेटवर्क में कुल २१ स्टेशनों वाली एक लाइन है (जिसे [[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|ऐक्वा लाइन]] कहा जाता है), जिसकी कुल लंबाई २९.७ किलोमीटर (१८.५ मील) है। सिस्टम में स्टैंडर्ड-गेज पटरियों का उपयोग करते हुए ग्रेड और एलिवेटेड स्टेशनों का मिश्रण है। सेवाएं रोजाना ५-१० मिनट के बीच बदलती रहती हैं। लाइन का निर्माण २ चरणों में किया गया है। फेज-१ (डेल्टा-१ से सेक्टर ५१ तक) एवं फेज-२ (सेक्टर-७१ से नॉलेज पार्क-पंचम तक) २०१९ के मध्य में शुरू होकर २०२१ तक पूरा हो गया <ref>{{cite web |title=Noida extension to get metro soon - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-extension-to-get-metro-soon/articleshow/66948947.cms |website=The Times of India |accessdate=6 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181206063319/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-extension-to-get-metro-soon/articleshow/66948947.cms |archive-date=6 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |title=UP government approves 15-km Metro link between Noida Sec 71 and Greater Noida |url=https://www.hindustantimes.com/noida/up-government-approves-15-km-metro-link-between-noida-sec-71-and-greater-noida/story-9c5RxsjKgF9fICGTvD1VbO.html |website=Hindustan Times |accessdate=6 December 2018 |language=en |date=5 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181205150324/https://www.hindustantimes.com/noida/up-government-approves-15-km-metro-link-between-noida-sec-71-and-greater-noida/story-9c5RxsjKgF9fICGTvD1VbO.html |archive-date=5 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref> अगस्त २०१८ में फेज-१ पर ट्रायल रन शुरू हुआ, और इसे १५ जनवरी २०१९ को आम जनता के लिए खोल दिया गया है।<ref>{{cite web |title=Aqua Line ready for launch, nod awaited from UP - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/aqua-line-ready-for-launch-nod-awaited-from-state/articleshow/67201102.cms |website=The Times of India |accessdate=22 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190109033533/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/aqua-line-ready-for-launch-nod-awaited-from-state/articleshow/67201102.cms |archive-date=9 जनवरी 2019 |url-status=live }}</ref> उत्तर प्रदेश राज्य के स्वामित्व वाली '''नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन''' इस मेट्रो सिस्टम का निर्माता और मालिक है।<ref>{{cite web |title=After 1 year, NMRC to operate Aqua Line - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |website=The Times of India |accessdate=29 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181001033236/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |archive-date=1 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> पहले वर्ष में इस लाइन पर मेट्रो का संचालन [[दिल्ली मेट्रो रेल|डीएमआरसी]] द्वारा किया जाएगा।<ref>{{cite web |title=For 1 year, DMRC to operate Aqua Line - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |website=The Times of India |accessdate=29 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181001033236/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |archive-date=1 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> लाइन [[नोएडा सेक्टर ५२ मेट्रो स्टेशन]] पर [[दिल्ली मेट्रो रेल|दिल्ली मेट्रो]] से जुड़ती है। वर्ष 2009 में नोएडा में मेट्रो सेवा शुरू हुई। मेट्रो की मदद से, नोएडा में रहने वाले व्यक्ति कनॉट प्लेस, द्वारका उप-शहर और नई दिल्ली से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा, ऑपरेशन में एक और मेट्रो लिंक है, जो नोएडा को ग्रेटर नोएडा, जीएनआईडीए कार्यालय और सेक्टर 51 से जोड़ेगा<ref>{{Cite web|url=https://guestpostblogging.com/everything-you-need-to-know-about-the-noida-planned-city-in-india/|title=Metro services began in Noida in the year 2009|last=|first=|date=2020-02-06|website=|language=en-US|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=2020-10-09}}</ref>। ==नेटवर्क== [[File:Rapid Transit Map of Delhi.jpg|thumb|right|नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन दिल्ली रेल नेटवर्क का हिस्सा]] === चरण 1 === {{main|एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची}} संचालित 29.7 किलोमीटर (18.5 मील) एक्वा लाइन में 21 स्टेशन हैं।<ref name="noidametrorail.com">{{cite web|title=STATIONS BETWEEN NOIDA-GREATER NOIDA|url=http://noidametrorail.com/?page_id=29|website=noidametrorail.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20160326040441/http://noidametrorail.com/?page_id=29|archive-date=26 March 2016|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/noida-metro-projects-still-offtrack/article6262485.ece|title=Noida Metro Projects Still Off-Track|author=Damini Nath|date=30 July 2014|newspaper=The Hindu}}</ref> यह लाइन नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर सेक्टर 50, 76, 101, 81, एनएसईजेड, 83, 137, 142, 143, 144, 145, 146, 147 और 148 से होकर गुजरती है; इसके बाद यह ग्रेटर नोएडा में प्रवेश करती है और डिपो स्टेशन पर समाप्त होने से पहले पार्क-II, परी चौक, अल्फा-1, डेल्टा-1 और जीएनआईडीए कार्यालय से गुजरती है। पूरा मार्ग एलिवेटेड ट्रैक पर है।<ref>{{cite web|url=http://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|title=Metro rail link between Noida and Greater Noida to be completed by 2017|date=2 May 2014|work=India TV News|access-date=27 दिसंबर 2024|archive-date=27 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241227122617/https://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|url-status=dead}}</ref> सभी स्टेशनों पर प्लैटफ़ॉर्म स्क्रीन डोर लगे हैं। एनएमआरसी के अनुसार, इस कॉरिडोर को 5,503 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इस लाइन पर नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो के साथ एक इंटरचेंज स्टेशन है।<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMRC) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> [[File:Noida Metro Map.svg|center|500px|thumb]] {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" |- ! style="background:#{{rail color|Noida Metro|Aqua}};" colspan="9" |'''[[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|ऐक्वा लाइन]]''' |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |(मीटर में) लंबाई ! rowspan="2" |(मीटर में) अंतर-स्टेशन दूरी ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |जुड़ाव ! rowspan="2" |नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |- |1||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}'''||'''Noida Sector 51'''||0.000||0.000||25 जनवरी 2019||{{color box|#{{rail color|Delhi Metro|Blue}}; font-size:100%|[[Blue Line (Delhi Metro)|<span style="color:white;">'''ब्लू लाइन'''</span>]]|}}||उभरा हुआ |- |2||'''{{stl|Noida Metro|रेनबो}}'''||'''Rainbow / Noida Sector 50'''||1041.5||1041.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |3||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 76}}'''||'''Noida SEctor 76'''||2095.0||1053.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |4||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 101}}'''||'''Soida Sector 101'''||3105.2||1010.2||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |5||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 81}}'''||'''Noida Sector 81'''||4228.9||1123.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |6||'''{{stl|Noida Metro|एनएसईज़ेड}}'''||'''NSEZ'''||5153.3||924.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |7||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 83}}'''||'''Noida Sector 83'''||7130||1976.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |8||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 137}}'''||'''Noida Sector 137'''||8279.4||1149.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |9||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 142}}'''||'''Noida Sector 142'''||9631.1||1351.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |10||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 143}}'''||'''Noida Secotr 143'''||11279.1||1648.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |11||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 144}}'''||'''Noida Sector 144'''||12500.6||1221.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |12||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 145}}'''||'''Noida Sector 145'''||13852.8||1352.2||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |13||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 146}}'''||'''Noida Sector 146'''||15084.1||1231.3||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |14||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 147}}'''||'''Noida Sector 147'''||16617.1||1533.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |15||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 148}}'''||'''Noida Sector 148'''|| || ||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |16||'''{{stl|Noida Metro|नॉलेज पार्क 2}}'''||'''Knowledge Park II'''||19910.6||3293.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |17||'''{{stl|Noida Metro|परी चौक}}'''||'''Pari Chowk'''||22239||2328.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |18||'''{{stl|Noida Metro|अल्फा 1}}'''||'''ALPHA 1'''||24010.8||921.8||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |19||'''{{stl|Noida Metro|डेल्टा 1}}'''||'''DELTA 1'''||25096.7||1085.9||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |20||'''{{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}}'''||'''GNIDA Office'''||26182.6||1855.8||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |21||'''{{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}'''|| '''Depot (or Depot Station)'''||27881.4||1699.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |- |} === चरण 2 === अगले चरण के प्रस्तावित मेट्रो रूट इस प्रकार हैं<ref>{{Cite web|url=https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap|title=Welcome to Noida Metro Rail Corporation Ltd.|website=nmrcnoida.com|access-date=2024-12-27}}</ref> - * नोएडा सेक्टर 51 से नॉलेज पार्क 5 * नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन * ग्रेटर नोएडा से नोएडा एयरपोर्ट * बल्लभगढ़ से नोएडा एयरपोर्ट ==इन्हें भी देखें== * [[दिल्ली मेट्रो]] * [[रैपिड मेट्रो गुरुग्राम]] * [[लखनऊ मेट्रो]] * [[बंगलुरु मेट्रो]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20190819145052/http://www.nmrcnoida.com/ Noida – Greater Noida Metro Rail] * [https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap Current and Proposed Maps for Noida Metro - NMRC]] {{Noida Metro}} [[श्रेणी:मेट्रो रेल]] [[श्रेणी:नोएडा]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] ayxx3p4sg3whwk42t6s60vmfgruw6sy 6541217 6541215 2026-04-16T10:00:22Z Ankit231132 874432 6541217 wikitext text/x-wiki {{Infobox public transit | box_width = | name = नोएडा मेट्रो<br>{{nobold|Noida Metro}} | image = Noida Metro Logo.png | owner = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] (एनएमआरसी) | operator = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन|एनएमआरसी]] (डीएमआरसी एक सहायक के रूप में)<ref>{{Cite web|title=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. {{!}} ABOUT US|url=http://www.delhimetrorail.com/about_us.aspx|access-date=2021-08-07|website=delhimetrorail.com}}</ref> | locale = | transit_type = [[त्वरित परिवहन]] | lines = 1 | stations = [[नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची|21]] | daily_ridership = 45,881 (2023)<ref>{{Cite web |date=2024-01-26 |title=5 Years of Noida Metro: Daily Ridership Rises 155%, Chandrayaan-3 Emblem on NMRC Cards|url=https://www.timesnownews.com/delhi/5-years-of-noida-metro-daily-ridership-rises-155-chandrayaan-3-emblem-on-nmrc-cards-article-107170891/amp |access-date=2024-03-23 |website=[[Times Now]] |language=en}}</ref> | annual_ridership = | chief_executive = जयदीप <br/> (अध्यक्ष) <br/> आई.ए.एस रितु महेश्वरी <br/> (प्रबंध निदेशक) | headquarters = ब्लॉक-III, गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-29, नोएडा, उत्तर प्रदेश<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/contact-us.htm|title=Contact Us – Noida Metro Rail Corporation Ltd|website=www.nmrcnoida.com|access-date=13 January 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171211022137/http://www.nmrcnoida.com/contact-us.htm|archive-date=11 December 2017|url-status=dead}}</ref> | website = {{official URL}} | began_operation = {{start date and age|2019|01|25}} | vehicles = | train_length = 4 बोगियाँ | headway = 10-15 मिनट | system_length = {{convert|29.7|km|mi|abbr=on}} | notrack = | track_gauge = {{Track gauge|sg|allk=on}} | ogauge = <!-- {{Track gauge|sg|allk=on}} --> | minimum_radius_of_curvature = <!-- {{convert|0|ft|0|in|mm|0}} --> | el = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | average_speed = <!-- {{convert|0|mph|km/h|abbr=on}} --> | top_speed = {{convert|80|km/h|mph|abbr=on}} | map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line|}} | map_name = | map_state = <!-- show or collapsed --> | area served = [[नोएडा]] व [[ग्रेटर नोएडा]] | line_number = {{rcb|Noida 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लाइन का निर्माण २ चरणों में किया गया है। फेज-१ (डेल्टा-१ से सेक्टर ५१ तक) एवं फेज-२ (सेक्टर-७१ से नॉलेज पार्क-पंचम तक) २०१९ के मध्य में शुरू होकर २०२१ तक पूरा हो गया <ref>{{cite web |title=Noida extension to get metro soon - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-extension-to-get-metro-soon/articleshow/66948947.cms |website=The Times of India |accessdate=6 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181206063319/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-extension-to-get-metro-soon/articleshow/66948947.cms |archive-date=6 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |title=UP government approves 15-km Metro link between Noida Sec 71 and Greater Noida |url=https://www.hindustantimes.com/noida/up-government-approves-15-km-metro-link-between-noida-sec-71-and-greater-noida/story-9c5RxsjKgF9fICGTvD1VbO.html |website=Hindustan Times |accessdate=6 December 2018 |language=en |date=5 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181205150324/https://www.hindustantimes.com/noida/up-government-approves-15-km-metro-link-between-noida-sec-71-and-greater-noida/story-9c5RxsjKgF9fICGTvD1VbO.html |archive-date=5 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref> अगस्त २०१८ में फेज-१ पर ट्रायल रन शुरू हुआ, और इसे १५ जनवरी २०१९ को आम जनता के लिए खोल दिया गया है।<ref>{{cite web |title=Aqua Line ready for launch, nod awaited from UP - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/aqua-line-ready-for-launch-nod-awaited-from-state/articleshow/67201102.cms |website=The Times of India |accessdate=22 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190109033533/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/aqua-line-ready-for-launch-nod-awaited-from-state/articleshow/67201102.cms |archive-date=9 जनवरी 2019 |url-status=live }}</ref> उत्तर प्रदेश राज्य के स्वामित्व वाली '''नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन''' इस मेट्रो सिस्टम का निर्माता और मालिक है।<ref>{{cite web |title=After 1 year, NMRC to operate Aqua Line - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |website=The Times of India |accessdate=29 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181001033236/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |archive-date=1 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> पहले वर्ष में इस लाइन पर मेट्रो का संचालन [[दिल्ली मेट्रो रेल|डीएमआरसी]] द्वारा किया जाएगा।<ref>{{cite web |title=For 1 year, DMRC to operate Aqua Line - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |website=The Times of India |accessdate=29 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181001033236/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |archive-date=1 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> लाइन [[नोएडा सेक्टर ५२ मेट्रो स्टेशन]] पर [[दिल्ली मेट्रो रेल|दिल्ली मेट्रो]] से जुड़ती है। वर्ष 2009 में नोएडा में मेट्रो सेवा शुरू हुई। मेट्रो की मदद से, नोएडा में रहने वाले व्यक्ति कनॉट प्लेस, द्वारका उप-शहर और नई दिल्ली से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा, ऑपरेशन में एक और मेट्रो लिंक है, जो नोएडा को ग्रेटर नोएडा, जीएनआईडीए कार्यालय और सेक्टर 51 से जोड़ेगा<ref>{{Cite web|url=https://guestpostblogging.com/everything-you-need-to-know-about-the-noida-planned-city-in-india/|title=Metro services began in Noida in the year 2009|last=|first=|date=2020-02-06|website=|language=en-US|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=2020-10-09}}</ref>। ==नेटवर्क== [[File:Rapid Transit Map of Delhi.jpg|thumb|right|नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन दिल्ली रेल नेटवर्क का हिस्सा]] === चरण 1 === {{main|एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची}} संचालित 29.7 किलोमीटर (18.5 मील) एक्वा लाइन में 21 स्टेशन हैं।<ref name="noidametrorail.com">{{cite web|title=STATIONS BETWEEN NOIDA-GREATER NOIDA|url=http://noidametrorail.com/?page_id=29|website=noidametrorail.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20160326040441/http://noidametrorail.com/?page_id=29|archive-date=26 March 2016|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/noida-metro-projects-still-offtrack/article6262485.ece|title=Noida Metro Projects Still Off-Track|author=Damini Nath|date=30 July 2014|newspaper=The Hindu}}</ref> यह लाइन नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर सेक्टर 50, 76, 101, 81, एनएसईजेड, 83, 137, 142, 143, 144, 145, 146, 147 और 148 से होकर गुजरती है; इसके बाद यह ग्रेटर नोएडा में प्रवेश करती है और डिपो स्टेशन पर समाप्त होने से पहले पार्क-II, परी चौक, अल्फा-1, डेल्टा-1 और जीएनआईडीए कार्यालय से गुजरती है। पूरा मार्ग एलिवेटेड ट्रैक पर है।<ref>{{cite web|url=http://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|title=Metro rail link between Noida and Greater Noida to be completed by 2017|date=2 May 2014|work=India TV News|access-date=27 दिसंबर 2024|archive-date=27 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241227122617/https://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|url-status=dead}}</ref> सभी स्टेशनों पर प्लैटफ़ॉर्म स्क्रीन डोर लगे हैं। एनएमआरसी के अनुसार, इस कॉरिडोर को 5,503 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इस लाइन पर नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो के साथ एक इंटरचेंज स्टेशन है।<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMRC) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> [[File:Noida Metro Map.svg|center|500px|thumb]] {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" |- ! style="background:#{{rail color|Noida Metro|Aqua}};" colspan="9" |'''[[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|ऐक्वा लाइन]]''' |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |(मीटर में) लंबाई ! rowspan="2" |(मीटर में) अंतर-स्टेशन दूरी ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |जुड़ाव ! rowspan="2" |नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |- |1||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}'''||'''Noida Sector 51'''||0.000||0.000||25 जनवरी 2019||{{color box|#{{rail color|Delhi Metro|Blue}}; font-size:100%|[[Blue Line (Delhi Metro)|<span style="color:white;">'''ब्लू लाइन'''</span>]]|}}||उभरा हुआ |- |2||'''{{stl|Noida Metro|रेनबो}}'''||'''Rainbow / Noida Sector 50'''||1041.5||1041.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |3||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 76}}'''||'''Noida SEctor 76'''||2095.0||1053.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |4||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 101}}'''||'''Soida Sector 101'''||3105.2||1010.2||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |5||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 81}}'''||'''Noida Sector 81'''||4228.9||1123.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |6||'''{{stl|Noida Metro|एनएसईज़ेड}}'''||'''NSEZ'''||5153.3||924.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |7||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 83}}'''||'''Noida Sector 83'''||7130||1976.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |8||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 137}}'''||'''Noida Sector 137'''||8279.4||1149.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |9||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 142}}'''||'''Noida Sector 142'''||9631.1||1351.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |10||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 143}}'''||'''Noida Secotr 143'''||11279.1||1648.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |11||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 144}}'''||'''Noida Sector 144'''||12500.6||1221.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |12||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 145}}'''||'''Noida Sector 145'''||13852.8||1352.2||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |13||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 146}}'''||'''Noida Sector 146'''||15084.1||1231.3||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |14||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 147}}'''||'''Noida Sector 147'''||16617.1||1533.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |15||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 148}}'''||'''Noida Sector 148'''|| || ||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |16||'''{{stl|Noida Metro|नॉलेज पार्क 2}}'''||'''Knowledge Park II'''||19910.6||3293.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |17||'''{{stl|Noida Metro|परी चौक}}'''||'''Pari Chowk'''||22239||2328.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |18||'''{{stl|Noida Metro|अल्फा 1}}'''||'''ALPHA 1'''||24010.8||921.8||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |19||'''{{stl|Noida Metro|डेल्टा 1}}'''||'''DELTA 1'''||25096.7||1085.9||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |20||'''{{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}}'''||'''GNIDA Office'''||26182.6||1855.8||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |21||'''{{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}'''|| '''Depot (or Depot Station)'''||27881.4||1699.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |- |} === चरण 2 === अगले चरण के प्रस्तावित मेट्रो रूट इस प्रकार हैं<ref>{{Cite web|url=https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap|title=Welcome to Noida Metro Rail Corporation Ltd.|website=nmrcnoida.com|access-date=2024-12-27}}</ref> - * नोएडा सेक्टर 51 से नॉलेज पार्क 5 * नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन * ग्रेटर नोएडा से नोएडा एयरपोर्ट * बल्लभगढ़ से नोएडा एयरपोर्ट ==इन्हें भी देखें== * [[दिल्ली मेट्रो]] * [[रैपिड मेट्रो गुरुग्राम]] * [[लखनऊ मेट्रो]] * [[बंगलुरु मेट्रो]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20190819145052/http://www.nmrcnoida.com/ Noida – Greater Noida Metro Rail] * [https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap Current and Proposed Maps for Noida Metro - NMRC]] {{Noida Metro}} [[श्रेणी:मेट्रो रेल]] [[श्रेणी:नोएडा]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] g1a5cn7wj3x1m92ixbei5hs6jm7zstb 6541218 6541217 2026-04-16T10:00:50Z Ankit231132 874432 6541218 wikitext text/x-wiki {{Infobox public transit | box_width = | name = नोएडा मेट्रो<br>{{nobold|Noida Metro}} | image = Noida Metro Logo.png | owner = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] (एनएमआरसी) | operator = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन|एनएमआरसी]] (डीएमआरसी एक सहायक के रूप में)<ref>{{Cite web|title=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. {{!}} ABOUT US|url=http://www.delhimetrorail.com/about_us.aspx|access-date=2021-08-07|website=delhimetrorail.com}}</ref> | locale = | transit_type = [[त्वरित परिवहन]] | lines = 1 | stations = [[नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची|21]] | daily_ridership = 45,881 (2023)<ref>{{Cite web |date=2024-01-26 |title=5 Years of Noida Metro: Daily Ridership Rises 155%, Chandrayaan-3 Emblem on NMRC Cards|url=https://www.timesnownews.com/delhi/5-years-of-noida-metro-daily-ridership-rises-155-chandrayaan-3-emblem-on-nmrc-cards-article-107170891/amp |access-date=2024-03-23 |website=[[Times Now]] |language=en}}</ref> | annual_ridership = | chief_executive = जयदीप <br/> (अध्यक्ष) <br/> आई.ए.एस रितु महेश्वरी <br/> (प्रबंध निदेशक) | headquarters = ब्लॉक-III, गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-29, नोएडा, उत्तर प्रदेश<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/contact-us.htm|title=Contact Us – Noida Metro Rail Corporation Ltd|website=www.nmrcnoida.com|access-date=13 January 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171211022137/http://www.nmrcnoida.com/contact-us.htm|archive-date=11 December 2017|url-status=dead}}</ref> | website = {{official URL}} | began_operation = {{start date and age|2019|01|25}} | vehicles = | train_length = 4 बोगियाँ | headway = 10-15 मिनट | system_length = {{convert|29.7|km|mi|abbr=on}} | notrack = | track_gauge = {{Track gauge|sg|allk=on}} | ogauge = <!-- {{Track gauge|sg|allk=on}} --> | minimum_radius_of_curvature = <!-- {{convert|0|ft|0|in|mm|0}} --> | el = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | average_speed = <!-- {{convert|0|mph|km/h|abbr=on}} --> | top_speed = {{convert|80|km/h|mph|abbr=on}} | map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line|}} | map_name = | map_state = <!-- show or collapsed --> | area served = [[नोएडा]] व [[ग्रेटर नोएडा]] | line_number = {{rcb|Noida 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लाइन का निर्माण २ चरणों में किया गया है। फेज-१ (डेल्टा-१ से सेक्टर ५१ तक) एवं फेज-२ (सेक्टर-७१ से नॉलेज पार्क-पंचम तक) २०१९ के मध्य में शुरू होकर २०२१ तक पूरा हो गया <ref>{{cite web |title=Noida extension to get metro soon - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-extension-to-get-metro-soon/articleshow/66948947.cms |website=The Times of India |accessdate=6 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181206063319/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-extension-to-get-metro-soon/articleshow/66948947.cms |archive-date=6 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |title=UP government approves 15-km Metro link between Noida Sec 71 and Greater Noida |url=https://www.hindustantimes.com/noida/up-government-approves-15-km-metro-link-between-noida-sec-71-and-greater-noida/story-9c5RxsjKgF9fICGTvD1VbO.html |website=Hindustan Times |accessdate=6 December 2018 |language=en |date=5 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181205150324/https://www.hindustantimes.com/noida/up-government-approves-15-km-metro-link-between-noida-sec-71-and-greater-noida/story-9c5RxsjKgF9fICGTvD1VbO.html |archive-date=5 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref> अगस्त २०१८ में फेज-१ पर ट्रायल रन शुरू हुआ, और इसे १५ जनवरी २०१९ को आम जनता के लिए खोल दिया गया है।<ref>{{cite web |title=Aqua Line ready for launch, nod awaited from UP - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/aqua-line-ready-for-launch-nod-awaited-from-state/articleshow/67201102.cms |website=The Times of India |accessdate=22 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190109033533/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/aqua-line-ready-for-launch-nod-awaited-from-state/articleshow/67201102.cms |archive-date=9 जनवरी 2019 |url-status=live }}</ref> उत्तर प्रदेश राज्य के स्वामित्व वाली '''नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन''' इस मेट्रो सिस्टम का निर्माता और मालिक है।<ref>{{cite web |title=After 1 year, NMRC to operate Aqua Line - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |website=The Times of India |accessdate=29 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181001033236/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |archive-date=1 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> पहले वर्ष में इस लाइन पर मेट्रो का संचालन [[दिल्ली मेट्रो रेल|डीएमआरसी]] द्वारा किया जाएगा।<ref>{{cite web |title=For 1 year, DMRC to operate Aqua Line - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |website=The Times of India |accessdate=29 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181001033236/https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/for-1-yr-dmrc-to-operate-aqua-line/articleshow/65957058.cms |archive-date=1 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref> लाइन [[नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन]] पर [[दिल्ली मेट्रो रेल|दिल्ली मेट्रो]] से जुड़ती है। वर्ष 2009 में नोएडा में मेट्रो सेवा शुरू हुई। मेट्रो की मदद से, नोएडा में रहने वाले व्यक्ति कनॉट प्लेस, द्वारका उप-शहर और नई दिल्ली से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा, ऑपरेशन में एक और मेट्रो लिंक है, जो नोएडा को ग्रेटर नोएडा, जीएनआईडीए कार्यालय और सेक्टर 51 से जोड़ेगा<ref>{{Cite web|url=https://guestpostblogging.com/everything-you-need-to-know-about-the-noida-planned-city-in-india/|title=Metro services began in Noida in the year 2009|last=|first=|date=2020-02-06|website=|language=en-US|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=2020-10-09}}</ref>। ==नेटवर्क== [[File:Rapid Transit Map of Delhi.jpg|thumb|right|नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन दिल्ली रेल नेटवर्क का हिस्सा]] === चरण 1 === {{main|एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची}} संचालित 29.7 किलोमीटर (18.5 मील) एक्वा लाइन में 21 स्टेशन हैं।<ref name="noidametrorail.com">{{cite web|title=STATIONS BETWEEN NOIDA-GREATER NOIDA|url=http://noidametrorail.com/?page_id=29|website=noidametrorail.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20160326040441/http://noidametrorail.com/?page_id=29|archive-date=26 March 2016|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/noida-metro-projects-still-offtrack/article6262485.ece|title=Noida Metro Projects Still Off-Track|author=Damini Nath|date=30 July 2014|newspaper=The Hindu}}</ref> यह लाइन नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर सेक्टर 50, 76, 101, 81, एनएसईजेड, 83, 137, 142, 143, 144, 145, 146, 147 और 148 से होकर गुजरती है; इसके बाद यह ग्रेटर नोएडा में प्रवेश करती है और डिपो स्टेशन पर समाप्त होने से पहले पार्क-II, परी चौक, अल्फा-1, डेल्टा-1 और जीएनआईडीए कार्यालय से गुजरती है। पूरा मार्ग एलिवेटेड ट्रैक पर है।<ref>{{cite web|url=http://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|title=Metro rail link between Noida and Greater Noida to be completed by 2017|date=2 May 2014|work=India TV News|access-date=27 दिसंबर 2024|archive-date=27 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241227122617/https://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|url-status=dead}}</ref> सभी स्टेशनों पर प्लैटफ़ॉर्म स्क्रीन डोर लगे हैं। एनएमआरसी के अनुसार, इस कॉरिडोर को 5,503 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इस लाइन पर नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो के साथ एक इंटरचेंज स्टेशन है।<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMRC) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> [[File:Noida Metro Map.svg|center|500px|thumb]] {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" |- ! style="background:#{{rail color|Noida Metro|Aqua}};" colspan="9" |'''[[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|ऐक्वा लाइन]]''' |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |(मीटर में) लंबाई ! rowspan="2" |(मीटर में) अंतर-स्टेशन दूरी ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |जुड़ाव ! rowspan="2" |नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |- |1||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}'''||'''Noida Sector 51'''||0.000||0.000||25 जनवरी 2019||{{color box|#{{rail color|Delhi Metro|Blue}}; font-size:100%|[[Blue Line (Delhi Metro)|<span style="color:white;">'''ब्लू लाइन'''</span>]]|}}||उभरा हुआ |- |2||'''{{stl|Noida Metro|रेनबो}}'''||'''Rainbow / Noida Sector 50'''||1041.5||1041.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |3||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 76}}'''||'''Noida SEctor 76'''||2095.0||1053.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |4||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 101}}'''||'''Soida Sector 101'''||3105.2||1010.2||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |5||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 81}}'''||'''Noida Sector 81'''||4228.9||1123.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |6||'''{{stl|Noida Metro|एनएसईज़ेड}}'''||'''NSEZ'''||5153.3||924.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |7||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 83}}'''||'''Noida Sector 83'''||7130||1976.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |8||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 137}}'''||'''Noida Sector 137'''||8279.4||1149.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |9||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 142}}'''||'''Noida Sector 142'''||9631.1||1351.7||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |10||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 143}}'''||'''Noida Secotr 143'''||11279.1||1648.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |11||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 144}}'''||'''Noida Sector 144'''||12500.6||1221.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |12||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 145}}'''||'''Noida Sector 145'''||13852.8||1352.2||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |13||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 146}}'''||'''Noida Sector 146'''||15084.1||1231.3||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |14||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 147}}'''||'''Noida Sector 147'''||16617.1||1533.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |15||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 148}}'''||'''Noida Sector 148'''|| || ||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |16||'''{{stl|Noida Metro|नॉलेज पार्क 2}}'''||'''Knowledge Park II'''||19910.6||3293.5||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |17||'''{{stl|Noida Metro|परी चौक}}'''||'''Pari Chowk'''||22239||2328.4||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |18||'''{{stl|Noida Metro|अल्फा 1}}'''||'''ALPHA 1'''||24010.8||921.8||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |19||'''{{stl|Noida Metro|डेल्टा 1}}'''||'''DELTA 1'''||25096.7||1085.9||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |20||'''{{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}}'''||'''GNIDA Office'''||26182.6||1855.8||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |21||'''{{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}'''|| '''Depot (or Depot Station)'''||27881.4||1699.0||25 जनवरी 2019||कोई नहीं||उभरा हुआ |- |- |} === चरण 2 === अगले चरण के प्रस्तावित मेट्रो रूट इस प्रकार हैं<ref>{{Cite web|url=https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap|title=Welcome to Noida Metro Rail Corporation Ltd.|website=nmrcnoida.com|access-date=2024-12-27}}</ref> - * नोएडा सेक्टर 51 से नॉलेज पार्क 5 * नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन * ग्रेटर नोएडा से नोएडा एयरपोर्ट * बल्लभगढ़ से नोएडा एयरपोर्ट ==इन्हें भी देखें== * [[दिल्ली मेट्रो]] * [[रैपिड मेट्रो गुरुग्राम]] * [[लखनऊ मेट्रो]] * [[बंगलुरु मेट्रो]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20190819145052/http://www.nmrcnoida.com/ Noida – Greater Noida Metro Rail] * [https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap Current and Proposed Maps for Noida Metro - NMRC]] {{Noida Metro}} [[श्रेणी:मेट्रो रेल]] [[श्रेणी:नोएडा]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] n86vqh30joxh5ppo9cimns0yf5ixa6e मेतोग ज़िला 0 1024035 6541230 4590093 2026-04-16T10:54:00Z Tarzen954 920676 Added translation and history 6541230 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक प्रांत |province_name = मेतोग ज़िला<br /> མེ་ཏོག་རྫོང་<br /> <small>Mêdog County</small> |loc_map =Location of Mêdog within Xizang (China).png |capital = मेतोग |area = 31,394 |pop = 10,963 |pop_year = 2010 |pop_density = 0.35 |sub_province_title = शहर व क़स्बे |sub_provinces = ?+? |languages= [[तिब्बती भाषा|तिब्बती]], [[त्शांगला भाषा|त्शांगला]] }} == इतिहास == '''मेतोग ज़िला''' ([[तिब्बती भाषा|तिब्बती]]: མེ་ཏོག་རྫོང་, <small>Mêdog County</small>) [[तिब्बत]] का एक [[ज़िला]] है जो उस देश के दक्षिणपूर्वी हिस्से में स्थित है। तिब्बत पर [[चीन]] का क़ब्ज़ा होने के बाद यह चीनी प्रशासनिक प्रणाली में [[बोड स्वायत्त क्षेत्र|तिब्बत स्वशासित प्रदेश]] के [[न्यिंगची विभाग]] में पड़ता है। ज़िले की दक्षिणी सीमा [[भारत]] से लगती है। ज़िले के पूर्व में [[ज़ायु ज़िला]] और पश्चिम में [[मनलिंग ज़िला]] है।<ref>Atlas of China. Beijing, China: SinoMaps Press. 2006. ISBN 9787503141782.</ref> फ्रैंक किंडनवार्ड पहले पश्चिमी व्यक्ति थे जिन्होंने 1925 में अपनी पुस्तक, रिडल ऑफ द त्सांगपो गॉर्जेस में इस क्षेत्र का वर्णन किया था। हांगकांग में जन्मे विक्टर चान ने अपनी 1994 की पुस्तक तिब्बत हैंडबुक में पेमाको चुंग से बेयुल गोनपो ने तक की अत्यंत कठिन यात्रा का वर्णन किया है, जो पृथ्वी के सबसे दूरस्थ स्थानों में से एक है। इयान बेकर और उनकी नेशनल ज्योग्राफिक द्वारा प्रायोजित टीम द्वारा पेमाको की आधुनिक यात्रा को उनकी 1994 की पुस्तक द हार्ट ऑफ द वर्ल्ड में विस्तृत रूप से वर्णित किया गया है।[4] 1904 से, जिस वर्ष काब्ग्ये दुदजोम रिनपोचे का जन्म पेमाको में हुआ था, तिब्बत के सभी हिस्सों से, विशेष रूप से खाम्स, गोलोक और उ-त्सांग से, लोग पेमाको आए और अपने लामा के पास बस गए। पेमाको में न्यिंगमा केंद्र भी क्याब्जे दुदजोम रिनपोचे से जुड़े हुए थे। पेमाको के बाहरी दुनिया के लिए खुलने के बाद से ही हजारों लोग इस क्षेत्र में बस गए हैं। पेमाको के मूल निवासी त्सांगला लोग थे, क्योंकि पेमाको मोन्युल का हिस्सा था। मोन्युल में वर्तमान अरुणाचल प्रदेश, भूटान और सिक्किम शामिल हैं। त्सांगला समुदाय 18वीं शताब्दी के आरंभ से लेकर 20वीं शताब्दी के प्रारंभ तक बढ़ता रहा। तिब्बत में राजनीतिक और धार्मिक उथल-पुथल ने कई तिब्बतियों को पेमाको में त्सांगला लोगों के साथ शामिल होने के लिए मजबूर किया। पेमाको एक ऐसी भूमि थी जहाँ कई पूजनीय लामाओं के आगमन से धार्मिक शांति की प्रतिज्ञा की गई थी। पद्मसंभव ने 8वीं शताब्दी के मध्य में भविष्यवाणी की थी कि यह अंतिम आह्वान स्थल होगा जहाँ धार्मिक उत्पीड़न के समय श्रद्धालु एकत्रित होंगे, बौद्ध धर्म का अंतिम आश्रय स्थल होगा। समय के साथ पेमाको की लोकप्रियता बढ़ती गई और इसकी लोकप्रियता के कारण कई तिब्बती लोग, विशेष रूप से खाम से, अपने लामाओं का अनुसरण करते हुए त्सांगला आबादी के साथ बस गए। == इन्हें भी देखें== * [[न्यिंगची विभाग]] * [[ज़ायु ज़िला]] * [[मनलिंग ज़िला]] == सन्दर्भ == {{reflist|2}} [[श्रेणी:तिब्बत के ज़िले]] [[श्रेणी:न्यिंगची विभाग]] [[श्रेणी:तिब्बत]] 5bw95vlpqwllfh3d3n7zgkqclz92mrh विकिपीडिया:जीवित व्यक्तियों की जीवनी 4 1057060 6540922 6540900 2026-04-15T11:59:00Z AMAN KUMAR 911487 [[Special:Contributions/Olampian Bajrang|Olampian Bajrang]] ([[User talk:Olampian Bajrang|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6540900|6540900]] को पूर्ववत किया गया 6540922 wikitext text/x-wiki {{proposal}} किसी भी विकिपीडिया पृष्ठ पर '''जीवित व्यक्तियों के बारे में जानकारी''' जोड़ते समय संपादकों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस तरह की सामग्री के लिए संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है और इस तरह की सामग्री को [[संयुक्त राज्य]] में लागू सभी कानूनों, इस नीति का और विकिपीडिया की तीन मुख्य सामग्री नीतियों का ''सख्ती'' से पालन करना चाहिए: * [[वि:तटस्थ दृष्टिकोण|तटस्थ दृष्टिकोण]] * [[वि:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] * [[वि:मूल शोध नहीं|मूल शोध नहीं]] जीवित व्यक्तियों के बारे में विवादास्पद सामग्री जो बिना स्रोत के है या जिसके स्रोत निम्न गुणवत्ता के हैं, तुरंत और चर्चा के लिए प्रतीक्षा किए बिना हटा दी जानी चाहिए। चाहे वह सामग्री नकारात्मक हो, सकारात्मक हो, तटस्थ हो या केवल संदेहास्पद हो। == बदनाम करना == जीवित व्यक्तियों की जीवनी सतर्कता से और व्यक्ति की गोपनीयता को ध्यान में रखकर लिखी जानी चाहिए। [[वि:नहीं|विकिपीडिया विश्वकोश है]], कोई सनसनीखेज खबर फैलाने वाला अखबार नहीं। ऐसे पृष्ठ एक बार में ही हटा देने जाने चाहिए जो स्रोतहीन और नकारात्मक हैं, विशेष रूप से जब वे मुख्य रूप से किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिये बनाए गए प्रतीत होते हो। वे पृष्ठ जो बिना स्रोत के हैं और नकारात्मक हैं, एक बार में हटा दिये जाने चाहिए। विशेष रूप से जब वे किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए बनाए गए प्रतीत होते हैं। ऐसे पृष्ठों का निर्माण जब दोहराया जाये या गलत नीयत से जारी रखा जाता है, तत्काल अवरुद्ध का आधार बनता है। == जाति जोड़ना == किसी जीवित व्यक्ति को विशेष जाति का बताना भी इस नीति के विरोध में है। यदि व्यक्ति अभी भी जीवित है, तो आपको वास्तव में एक स्रोत ढूंढना चाहिए जहां वे उस जाति का सदस्य होने का स्वयं सत्यापन करते हैं। आमतौर पर जो दावा किया जाता है, उसके विपरीत, किसी व्यक्ति का उपनाम जाति के सत्यापन के लिये अपर्याप्त है। == अफवाह या गपशप == अफवाहें दोहराने से बचें। अपने आप से पूछें कि क्या स्रोत [[वि:विश्वसनीय स्रोत|विश्वसनीय]] है; क्या सामग्री को सच के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है; और क्या, भले ही सच हो, यह विषय के बारे में एक लेख के लिए प्रासंगिक है। ऐसा भी देखा गया है जिसमें विकिपीडिया लेख की सामग्री को किसी स्रोत द्वारा उठाया जाता है, जिसे बाद में विकिपीडिया लेख में संपादन का समर्थन करने के लिए उद्धृत किया जाता है। ar0n58ly4liuxkvrz5jah0ejbjnd9hk नर्मदा प्रसाद प्रजापति 0 1082645 6540972 6165894 2026-04-15T17:14:57Z ~2026-23247-64 920555 Y 6540972 wikitext text/x-wiki '''नर्मदा प्रसाद प्रजापति''' ('''एन॰ पी॰ प्रजापति''') [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राजनीतिज्ञ हैं। [[मध्य प्रदेश विधानसभा|मध्यप्रदेश विधानसभा]] के पूर्व अध्यक्ष हें। एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री मध्य प्रदेश शासन रहे हैं प्रजापति मध्यप्रदेश की गोटेगाँव विधानसभा से विधायक रहे हैं <ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/congress-np-prajapati-elected-madhya-pradesh-assembly-speaker-as-opposition-walks-out/story-LAUARiqqzqZTtITj6eNN3I.html|title=Congress’ NP Prajapati elected Madhya Pradesh assembly speaker as Opposition walks out|date=8 जनवरी 2019|website=Hindustantimes.com/|accessdate=25 जनवरी 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190125091744/https://www.hindustantimes.com/india-news/congress-np-prajapati-elected-madhya-pradesh-assembly-speaker-as-opposition-walks-out/story-LAUARiqqzqZTtITj6eNN3I.html|archive-date=25 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref> ==सन्दर्भ== {{Reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *{{cite web|url=http://www.mpvidhansabha.nic.in/|title=Madhya Pradesh Legislative Assembly|website=Mpvidhansabha.nic.in|accessdate=25 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20141102075551/http://mpvidhansabha.nic.in/|archive-date=2 नवंबर 2014|url-status=dead}} [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1958 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:मध्य प्रदेश के लोग]] {{India-bio-stub}} tq1xzlg72t0zp69st0323rfrlwpl1lp 6540973 6540972 2026-04-15T17:15:17Z Quinlan83 637675 [[Special:Contributions/~2026-23247-64|~2026-23247-64]] ([[User talk:~2026-23247-64|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:DreamRimmer bot III|DreamRimmer bot III]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6165894 wikitext text/x-wiki '''नर्मदा प्रसाद प्रजापति''' ('''एन॰ पी॰ प्रजापति''') [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राजनीतिज्ञ हैं। वर्तमान में ये [[मध्य प्रदेश विधानसभा|मध्यप्रदेश विधानसभा]] के अध्यक्ष हें। प्रजापति मध्यप्रदेश की गोटेगाँव विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं।<ref>{{cite news|url=https://www.indiatoday.in/india/story/np-prajapati-elected-speaker-of-madhya-pradesh-assembly-1426529-2019-01-08|title=NP Prajapati elected Speaker of Madhya Pradesh assembly|author=Rahul Noronha|newspaper=[[इण्डिया टुडे|इंडिया टुडे]]|accessdate=25 जनवरी 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190124041739/https://www.indiatoday.in/india/story/np-prajapati-elected-speaker-of-madhya-pradesh-assembly-1426529-2019-01-08|archive-date=24 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/congress-np-prajapati-elected-madhya-pradesh-assembly-speaker-as-opposition-walks-out/story-LAUARiqqzqZTtITj6eNN3I.html|title=Congress’ NP Prajapati elected Madhya Pradesh assembly speaker as Opposition walks out|date=8 जनवरी 2019|website=Hindustantimes.com/|accessdate=25 जनवरी 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190125091744/https://www.hindustantimes.com/india-news/congress-np-prajapati-elected-madhya-pradesh-assembly-speaker-as-opposition-walks-out/story-LAUARiqqzqZTtITj6eNN3I.html|archive-date=25 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref> ==सन्दर्भ== {{Reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *{{cite web|url=http://www.mpvidhansabha.nic.in/|title=Madhya Pradesh Legislative Assembly|website=Mpvidhansabha.nic.in|accessdate=25 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20141102075551/http://mpvidhansabha.nic.in/|archive-date=2 नवंबर 2014|url-status=dead}} [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1958 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:मध्य प्रदेश के लोग]] {{India-bio-stub}} 9h9ia6hs1yfqwp04zwqkl02j8dqbu9x चंदन तिवारी 0 1145010 6541097 5407496 2026-04-16T05:45:25Z Lokraag 920504 6541097 wikitext text/x-wiki '''''लोकगायिका | संगीतकार | सांस्कृतिक शोधकर्ता'''''[[File:Chandan Tiwari 2.jpg|thumb|चंदन तिवारी 2]] चंदन तिवारी बिहार की मशहूर लोक​गायिका हैं. बिहार लोकसंगीत गायन के लिए इन्हें भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी ने बिस्मिल्ला खान युवा पुरस्कार और बिहार सरकार ने बिहार कला सम्मान से सम्मानित किया है. अपनी गायकी और बिहारी लोकगीतों की दुनिया को अपार विस्तार देने की वजह से पूरे देश में इनकी अलग पहचान बनी है. चंदन तिवारी भोजपुरी,मैथिली,मगही,अवधी,नागपुरी और हिंदी में गाती हैं. इनकी पहचान भोजपुरी गायकी में है. इन्हें भोजपुरी कोकिला के नाम से संबोधित किया जाता है. == '''चंदन तिवारी के बारे में''' == ·        चंदन तिवारी मूल रूप से बिहार के भोजपुर ज़िले के बड़कागांव की रहने वाली हैं. पेशे से लोकगायिका. शिक्षा, झारखंड के बोकारो शहर में हुई. पिछले करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से बिहार, झारखंड एवं पूर्वांचल की लोकसंगीत परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रस्तुति में निरंतर सक्रिय हैं. चंदन तिवारी की पहचान भोजपुरी लोकगायन से है,पर साथ ही मैथिली,मगही,अवधी,नागपुरी,खोरठासमेत दर्जन भर भाषाओं में गायन करती हैं.साथ ही हिंदी कविताओं और गजल गायन में इन्होंने अपनी खास पहचान बनायी है. ·        लोकसंगीत में उल्लेखनीय योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी (भारत सरकार) द्वारा प्रतिष्ठित '''‘बिस्मिल्लाह ख़ान युवा पुरस्कार’''' से सम्मानित किया गया है. बिहार सरकार ने '''‘बिंध्यवासिनी देवी सम्मान (बिहार कला सम्मान)’''' प्रदान किया है. ·        एक ओर जहां प्रसिद्ध राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका '''‘इंडिया टुडे’''' ने चंदन तिवारी को देश के उभरते सितारों में शामिल करते हुए अपने कवर पेज पर स्थान दिया, वहीं दूसरी ओर '''<nowiki/>'न्यूज 24' ने श्रेष्ठ पारंपरिक लोकगायिका''' का खिताब दिया है. भोजपुरी की पुरानी और प्रतिष्ठित सांस्कृतिक—साहित्यिक संस्था पश्चिम बंग भोजपुरी परिषद (कोलकाता) ने चंदन तिवारी को '''‘भोजपुरी कोकिला’''' की उपाधि प्रदान की है. बिहार सरकार की राज्य महिला आयोग ने चंदन तिवारी को राज्य के उन पांच युवा आइकन में स्थान दिया, जिन्होंने राज्य के युवाओं को अपने काम से प्रेरित और प्रभावित किया है. बिहार,झारखंड और बंगाल के प्रमुख अखबार 'प्रभात ख़बर' ने  इनके काम के प्रभाव के आधार पर '''‘अपाराजिता सम्मान’''' से अलंकृत किया है. ·        चंदन तिवारी अब तक देश–विदेश में 500 से अधिक मंचीय प्रस्तुतियां दे चुकी हैं. इन प्रस्तुतियों में दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच शामिल हैं. इन्होंने नीदरलैंड और दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगीत महोत्सवों में भारतीय और पुरबिया लोक संगीत का प्रतिनिधित्व किया है. देश के प्रमुख सांस्कृतिक मंचों जैसे इंडिया हैबिटेट सेंटर (नई दिल्ली), इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (नई दिल्ली), एनसीपीए (मुंबई), भारत भवन (भोपाल), कला भवन (इंफाल), कला भवन (बेंगलुरू), जेएनयू (नई दिल्ली), दिल्ली यूनिवर्सिटी (दिल्ली), बीएचयू (बनारस), गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय (गांधीनगर) ,बिहार म्यूज़ियम, प्रेमचंद रंगशाला, बापू सभागार, बापू टावर, एसके मेमोरियल हॉल (पटना) योगी गंभीरनाथ प्रेक्षागृह (गोरखपुर), आइटीएम(ग्वालियर),समेत देश के अनेक प्रतिष्ठित मंच, महोत्सव शामिल हैं. ·        चंदन तिवारी अपनी चर्चित '''‘पुरबियातान’''' श्रृंखला के लिए विशेष रूप से जानी जाती हैं, जिसके अंतर्गत लोक संगीत को विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत कर चुकी हैं और कर रही हैं. इस श्रृंखला के तहत इन्होंने न सिर्फ महाकवि विद्यापति, कबीर, रसखान, सूरदास, भिखारी ठाकुर, महेंदर मिसिर जैसे लोकप्रिय कवियों की रचनाओं को संकलित किया है, बल्कि पिछले दस सालों में 50 से अधिक वैसे गुमनाम या विस्मृत कर दिये गये लोक​कवियों की रचनाओं को सामने लाया है, जो अब लोकप्रिय रूप में अनेक कलाकारों द्वारा गाये जा रहे हैं. ·        चंदन तिवारी मैथिली–भोजपुरी अकादमी (दिल्ली सरकार) की रिसर्च फेलो रही हैं और इन्होंने अकादमी के लिए भोजपुरी लोक गीतों के संकलन तैयार किया है. इसके साथ ही दैनिक जागरण व अन्य अखबारों के लिए नियमित संगीत स्तंभ लिखती हैं. इंडिया टुडे,आउटलूक , इंडियन एक्सप्रेस, बीबीसी, द क्विंट, फर्स्टपोस्ट, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, प्रभात ख़बर, हिंदुस्तान, अमर उजाला, द लल्लनटॉप, गांव कनेक्शन, राजस्थान पत्रिका सहित अनेक मीडिया मंचों पर इनके साक्षात्कार व लेख प्रकाशित हुए हैं. ·        दूरदर्शन, आकाशवाणी के साथ ही ईटीवी, बीबीसी, एनडीटीवी, आज तक, न्यूज़ 24, न्यूज़18, ज़ी न्यूज़, रेडियो मिर्ची, बिग एफएम, रेडियो धूम, रेडियो धमाल, ग्रामवाणी पर विशेष प्रस्तुतिया दे चुकी हैं. ·        देश के अनेक साहित्य व संस्कृति महोत्सवों में शिरकत करने के साथ ही चंदन तिवारी ने देश की प्रतिष्ठित लिटरेचर फेस्टिवल में बिहार और पूर्वांचल के लोकसंगीत की प्रस्तुतियां दी हैं, जिनमें 'कलिंगा लिट फेस्ट', ' बनारस लिट फेस्ट', 'जागरण संवादी', ' गिरमिटिया फेस्ट', 'गाजीपुर लिट फेस्ट' आदि शामिल हैं. ·        चंदन तिवारी को अनेक विश्वविद्यालयी रिसर्च पेपर में उद्धृत करने के साथ ही मशहूर किताब ''कुली लाइन्स'' (डॉ. प्रवीण झा), ''उम्मीदों के गीतकार – शैलेन्द्र'' (यूनुस ख़ान), ''बयार पुरवइया'' (संजीव) जैसी पुस्तकों में विशेष उल्लेख किया गया है. प्रख्यात कवि ओम निश्चल एवं प्रेमशंकर शुक्ल द्वारा चंदन तिवारी के व्यक्तित्व और गायन को केंद्र में रखकर हिंदी में लंबी कविताएं लिखी हैं. ·        हर महत्वपूर्ण अवसर पर '''<nowiki/>'लोकराग गीतमाला'''' ई बुक का प्रकाशन कर नि:शुल्क युवाओं तक पहुंचाती हैं ताकि युवा पीढ़ी लोकसंगीत से जुड़े. स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ लोकसंगीत की कार्यशाला कर उन्हें संगीत से जोड़ना इनके प्रिय कामों में शामिल हैं. ==व्यवसाय== चंदन तिवारी अब तक देश–विदेश में 500 से अधिक मंचीय प्रस्तुतियां दे चुकी हैं. इन प्रस्तुतियों में दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच शामिल हैं. इन्होंने नीदरलैंड और दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगीत महोत्सवों में भारतीय और पुरबिया लोक संगीत का प्रतिनिधित्व किया है. देश के प्रमुख सांस्कृतिक मंचों जैसे इंडिया हैबिटेट सेंटर (नई दिल्ली), इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (नई दिल्ली), एनसीपीए (मुंबई), भारत भवन (भोपाल), कला भवन (इंफाल), कला भवन (बेंगलुरू), जेएनयू (नई दिल्ली), दिल्ली यूनिवर्सिटी (दिल्ली), बीएचयू (बनारस), गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय (गांधीनगर) ,बिहार म्यूज़ियम, प्रेमचंद रंगशाला, बापू सभागार, बापू टावर, एसके मेमोरियल हॉल (पटना) योगी गंभीरनाथ प्रेक्षागृह (गोरखपुर), आइटीएम(ग्वालियर),समेत देश के अनेक प्रतिष्ठित मंच, महोत्सव शामिल हैं. ==पुरस्कार और सम्मान==        लोकसंगीत में उल्लेखनीय योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी (भारत सरकार) द्वारा प्रतिष्ठित '''‘बिस्मिल्लाह ख़ान युवा पुरस्कार’''' से सम्मानित किया गया है. बिहार सरकार ने '''‘बिंध्यवासिनी देवी सम्मान (बिहार कला सम्मान)’''' प्रदान किया है. ·        एक ओर जहां प्रसिद्ध राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका '''‘इंडिया टुडे’''' ने चंदन तिवारी को देश के उभरते सितारों में शामिल करते हुए अपने कवर पेज पर स्थान दिया, वहीं दूसरी ओर '''<nowiki/>'न्यूज 24' ने श्रेष्ठ पारंपरिक लोकगायिका''' का खिताब दिया है. भोजपुरी की पुरानी और प्रतिष्ठित सांस्कृतिक—साहित्यिक संस्था पश्चिम बंग भोजपुरी परिषद (कोलकाता) ने चंदन तिवारी को '''‘भोजपुरी कोकिला’''' की उपाधि प्रदान की है. बिहार सरकार की राज्य महिला आयोग ने चंदन तिवारी को राज्य के उन पांच युवा आइकन में स्थान दिया, जिन्होंने राज्य के युवाओं को अपने काम से प्रेरित और प्रभावित किया है. बिहार,झारखंड और बंगाल के प्रमुख अखबार 'प्रभात ख़बर' ने  इनके काम के प्रभाव के आधार पर '''‘अपाराजिता सम्मान’''' से अलंकृत किया है. * ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भोजपुरी गायक]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:बिहार के लोग]] [[श्रेणी:1990 में जन्मे लोग]] c11ry1dqs0418onfyzzyqsuuz76w1ir 6541098 6541097 2026-04-16T05:47:46Z Lokraag 920504 6541098 wikitext text/x-wiki '''''लोकगायिका | संगीतकार | सांस्कृतिक शोधकर्ता'''''[[File:Chandan Tiwari 2.jpg|thumb|चंदन तिवारी 2]] चंदन तिवारी बिहार की मशहूर लोक​गायिका हैं. बिहार लोकसंगीत गायन के लिए इन्हें भारत सरकार के '''संगीत नाटक अकादमी ने बिस्मिल्ला खान युवा पुरस्कार''' और '''बिहार सरकार ने बिहार कला सम्मान''' से सम्मानित किया है. अपनी गायकी और बिहारी लोकगीतों की दुनिया को अपार विस्तार देने की वजह से पूरे देश में इनकी अलग पहचान बनी है. चंदन तिवारी भोजपुरी,मैथिली,मगही,अवधी,नागपुरी और हिंदी में गाती हैं. इनकी पहचान भोजपुरी गायकी में है. इन्हें '''भोजपुरी कोकिला''' के नाम से संबोधित किया जाता है. == '''चंदन तिवारी के बारे में''' == ·        चंदन तिवारी '''मूल रूप से बिहार के भोजपुर ज़िले के बड़कागांव की''' रहने वाली हैं. पेशे से लोकगायिका. शिक्षा, झारखंड के बोकारो शहर में हुई. पिछले करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से बिहार, झारखंड एवं पूर्वांचल की लोकसंगीत परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रस्तुति में निरंतर सक्रिय हैं. चंदन तिवारी की पहचान भोजपुरी लोकगायन से है,पर साथ ही मैथिली,मगही,अवधी,नागपुरी,खोरठासमेत दर्जन भर भाषाओं में गायन करती हैं.साथ ही हिंदी कविताओं और गजल गायन में इन्होंने अपनी खास पहचान बनायी है. ·        लोकसंगीत में उल्लेखनीय योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी (भारत सरकार) द्वारा प्रतिष्ठित '''‘बिस्मिल्लाह ख़ान युवा पुरस्कार’''' से सम्मानित किया गया है. बिहार सरकार ने '''‘बिंध्यवासिनी देवी सम्मान (बिहार कला सम्मान)’''' प्रदान किया है. ·        एक ओर जहां प्रसिद्ध राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका '''‘इंडिया टुडे’''' ने चंदन तिवारी को देश के उभरते सितारों में शामिल करते हुए अपने कवर पेज पर स्थान दिया, वहीं दूसरी ओर '''<nowiki/>'न्यूज 24' ने श्रेष्ठ पारंपरिक लोकगायिका''' का खिताब दिया है. भोजपुरी की पुरानी और प्रतिष्ठित सांस्कृतिक—साहित्यिक संस्था पश्चिम बंग भोजपुरी परिषद (कोलकाता) ने चंदन तिवारी को '''‘भोजपुरी कोकिला’''' की उपाधि प्रदान की है. बिहार सरकार की राज्य महिला आयोग ने चंदन तिवारी को राज्य के उन पांच युवा आइकन में स्थान दिया, जिन्होंने राज्य के युवाओं को अपने काम से प्रेरित और प्रभावित किया है. बिहार,झारखंड और बंगाल के प्रमुख अखबार 'प्रभात ख़बर' ने  इनके काम के प्रभाव के आधार पर '''‘अपाराजिता सम्मान’''' से अलंकृत किया है. ·        चंदन तिवारी अब तक देश–विदेश में 500 से अधिक मंचीय प्रस्तुतियां दे चुकी हैं. इन प्रस्तुतियों में दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच शामिल हैं. इन्होंने नीदरलैंड और दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगीत महोत्सवों में भारतीय और पुरबिया लोक संगीत का प्रतिनिधित्व किया है. देश के प्रमुख सांस्कृतिक मंचों जैसे इंडिया हैबिटेट सेंटर (नई दिल्ली), इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (नई दिल्ली), एनसीपीए (मुंबई), भारत भवन (भोपाल), कला भवन (इंफाल), कला भवन (बेंगलुरू), जेएनयू (नई दिल्ली), दिल्ली यूनिवर्सिटी (दिल्ली), बीएचयू (बनारस), गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय (गांधीनगर) ,बिहार म्यूज़ियम, प्रेमचंद रंगशाला, बापू सभागार, बापू टावर, एसके मेमोरियल हॉल (पटना) योगी गंभीरनाथ प्रेक्षागृह (गोरखपुर), आइटीएम(ग्वालियर),समेत देश के अनेक प्रतिष्ठित मंच, महोत्सव शामिल हैं. ·        चंदन तिवारी अपनी चर्चित '''‘पुरबियातान’''' श्रृंखला के लिए विशेष रूप से जानी जाती हैं, जिसके अंतर्गत लोक संगीत को विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत कर चुकी हैं और कर रही हैं. इस श्रृंखला के तहत इन्होंने न सिर्फ महाकवि विद्यापति, कबीर, रसखान, सूरदास, भिखारी ठाकुर, महेंदर मिसिर जैसे लोकप्रिय कवियों की रचनाओं को संकलित किया है, बल्कि पिछले दस सालों में 50 से अधिक वैसे गुमनाम या विस्मृत कर दिये गये लोक​कवियों की रचनाओं को सामने लाया है, जो अब लोकप्रिय रूप में अनेक कलाकारों द्वारा गाये जा रहे हैं. ·        चंदन तिवारी मैथिली–भोजपुरी अकादमी (दिल्ली सरकार) की रिसर्च फेलो रही हैं और इन्होंने अकादमी के लिए भोजपुरी लोक गीतों के संकलन तैयार किया है. इसके साथ ही दैनिक जागरण व अन्य अखबारों के लिए नियमित संगीत स्तंभ लिखती हैं. इंडिया टुडे,आउटलूक , इंडियन एक्सप्रेस, बीबीसी, द क्विंट, फर्स्टपोस्ट, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, प्रभात ख़बर, हिंदुस्तान, अमर उजाला, द लल्लनटॉप, गांव कनेक्शन, राजस्थान पत्रिका सहित अनेक मीडिया मंचों पर इनके साक्षात्कार व लेख प्रकाशित हुए हैं. ·        दूरदर्शन, आकाशवाणी के साथ ही ईटीवी, बीबीसी, एनडीटीवी, आज तक, न्यूज़ 24, न्यूज़18, ज़ी न्यूज़, रेडियो मिर्ची, बिग एफएम, रेडियो धूम, रेडियो धमाल, ग्रामवाणी पर विशेष प्रस्तुतिया दे चुकी हैं. ·        देश के अनेक साहित्य व संस्कृति महोत्सवों में शिरकत करने के साथ ही चंदन तिवारी ने देश की प्रतिष्ठित लिटरेचर फेस्टिवल में बिहार और पूर्वांचल के लोकसंगीत की प्रस्तुतियां दी हैं, जिनमें 'कलिंगा लिट फेस्ट', ' बनारस लिट फेस्ट', 'जागरण संवादी', ' गिरमिटिया फेस्ट', 'गाजीपुर लिट फेस्ट' आदि शामिल हैं. ·        चंदन तिवारी को अनेक विश्वविद्यालयी रिसर्च पेपर में उद्धृत करने के साथ ही मशहूर किताब ''कुली लाइन्स'' (डॉ. प्रवीण झा), ''उम्मीदों के गीतकार – शैलेन्द्र'' (यूनुस ख़ान), ''बयार पुरवइया'' (संजीव) जैसी पुस्तकों में विशेष उल्लेख किया गया है. प्रख्यात कवि ओम निश्चल एवं प्रेमशंकर शुक्ल द्वारा चंदन तिवारी के व्यक्तित्व और गायन को केंद्र में रखकर हिंदी में लंबी कविताएं लिखी हैं. ·        हर महत्वपूर्ण अवसर पर '''<nowiki/>'लोकराग गीतमाला'''' ई बुक का प्रकाशन कर नि:शुल्क युवाओं तक पहुंचाती हैं ताकि युवा पीढ़ी लोकसंगीत से जुड़े. स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ लोकसंगीत की कार्यशाला कर उन्हें संगीत से जोड़ना इनके प्रिय कामों में शामिल हैं. ==व्यवसाय== चंदन तिवारी अब तक देश–विदेश में 600 से अधिक मंचीय प्रस्तुतियां दे चुकी हैं. इन प्रस्तुतियों में दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच शामिल हैं. '''इन्होंने नीदरलैंड और दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगीत महोत्सवों में भारतीय और पुरबिया लोक संगीत का प्रतिनिधित्व किया है'''. देश के प्रमुख सांस्कृतिक मंचों जैसे इंडिया हैबिटेट सेंटर (नई दिल्ली), इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (नई दिल्ली), एनसीपीए (मुंबई), भारत भवन (भोपाल), कला भवन (इंफाल), कला भवन (बेंगलुरू), जेएनयू (नई दिल्ली), दिल्ली यूनिवर्सिटी (दिल्ली), बीएचयू (बनारस), गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय (गांधीनगर) ,बिहार म्यूज़ियम, प्रेमचंद रंगशाला, बापू सभागार, बापू टावर, एसके मेमोरियल हॉल (पटना) योगी गंभीरनाथ प्रेक्षागृह (गोरखपुर), आइटीएम(ग्वालियर),समेत देश के अनेक प्रतिष्ठित मंच, महोत्सव शामिल हैं. ==पुरस्कार और सम्मान==        लोकसंगीत में उल्लेखनीय योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी (भारत सरकार) द्वारा प्रतिष्ठित '''‘बिस्मिल्लाह ख़ान युवा पुरस्कार’''' से सम्मानित किया गया है. बिहार सरकार ने '''‘बिंध्यवासिनी देवी सम्मान (बिहार कला सम्मान)’''' प्रदान किया है. ·        एक ओर जहां प्रसिद्ध राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका '''‘इंडिया टुडे’''' ने चंदन तिवारी को देश के उभरते सितारों में शामिल करते हुए अपने कवर पेज पर स्थान दिया, वहीं दूसरी ओर '''<nowiki/>'न्यूज 24' ने श्रेष्ठ पारंपरिक लोकगायिका''' का खिताब दिया है. भोजपुरी की पुरानी और प्रतिष्ठित सांस्कृतिक—साहित्यिक संस्था पश्चिम बंग भोजपुरी परिषद (कोलकाता) ने चंदन तिवारी को '''‘भोजपुरी कोकिला’''' की उपाधि प्रदान की है. बिहार सरकार की राज्य महिला आयोग ने चंदन तिवारी को राज्य के उन पांच युवा आइकन में स्थान दिया, जिन्होंने राज्य के युवाओं को अपने काम से प्रेरित और प्रभावित किया है. बिहार,झारखंड और बंगाल के प्रमुख अखबार 'प्रभात ख़बर' ने  इनके काम के प्रभाव के आधार पर '''‘अपाराजिता सम्मान’''' से अलंकृत किया है. * ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भोजपुरी गायक]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:बिहार के लोग]] [[श्रेणी:1990 में जन्मे लोग]] eqcidqdwbi9qfcu7fs5d0w5lv2243wv 6541108 6541098 2026-04-16T06:11:37Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/120.56.118.94|120.56.118.94]] ([[सदस्य वार्ता:120.56.118.94|वार्ता]]) के अवतरण 5407496 पर पुनर्स्थापित : प्रचार तथा बायोडाटा की शैली 6541108 wikitext text/x-wiki [[File:Chandan Tiwari 2.jpg|thumb|चंदन तिवारी 2]] चंदन तिवारी बिहार की मशहूर लोक​गायिका हैं. बिहार लोकसंगीत गायन के लिए इन्हें भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी ने बिस्मिल्ला खान युवा पुरस्कार और बिहार सरकार ने बिहार कला सम्मान से सम्मानित किया है. अपनी गायकी और बिहारी लोकगीतों की दुनिया को अपार विस्तार देने की वजह से पूरे देश में इनकी अलग पहचान बनी है. चंदन तिवारी भोजपुरी,मैथिली,मगही,अवधी,नागपुरी और हिंदी में गाती हैं. इनकी पहचान भोजपुरी गायकी में है. इन्हें भोजपुरी कोकिला के नाम से संबोधित किया जाता है. == शुरुआती जीवन और शिक्षा == चंदन तिवारी का जन्म बक्का गाँव, [[भोजपुर जिला, बिहार | भोजपुर जिला]], [[बिहार]], [[भारत]] में हुआ था। उनके पिता हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड बोकारो में नौकरी करते थे, इसी कारण उनकी शिक्षा झारखण्ड के बोकारो स्टील सिटी में ही सपन्न हुई। उन्होंने [[विनोबा भावे विश्वविद्यालय]], [[हजारीबाग]] से [[एंथ्रोपोलॉजी]] में [[बीए ऑनर्स | बीए ऑनर्स]] पूरा किया है। [[प्रयाग संगीत समिति]], [[इलाहाबाद]] से उनका छह साल का [[प्रभाकर]] भी है। चन्दन की पहली गुरु उनकी माता रेखा तिवारी थीं जो उन्हें स्कूल के दिनों में राष्ट्रीय गीतों का अभ्यास कराया करती थीं। वह अपनी माँ के साथ मंदिरो में भजन गाया करती थीं। वे [[लोक गायिका]] के नाम से भी जानी जाती हैं और [[भोजपुरी भाषा | भोजपुरी]], [[मगही भाषा | मगही]], [[मैथिली भाषा | मैथिली]], [[नागपुरी भाषा]] [[नागपुरी]] [[अवधी भाषा | अवधी]] और [[हिंदी]] में गाती हैं। उन्हें बिस्मिल्लाह खान सम्मान से सम्मानित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://sangeetnatak.gov.in/sna/index.php|title=Sangeet Natak Akademi|website=sangeetnatak.gov.in|access-date=2020-02-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20191211180355/https://sangeetnatak.gov.in/sna/index.php|archive-date=11 दिसंबर 2019|url-status=live}}</ref> वे विभिन्न तरह के गीत गाती थी जैसे [[पूरबी]] [[सोहर]], पचरा गांधी गीत, [[रिवर सॉन्ग]], छठ गीत [[कजरी | कजरी]] और [[ठुमरी]]। <ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/news/bhagalpur/story/985439.html|title=गीतों के जरिये चंदन तिवारी ने जोड़ा 'लोक'|date=10 May 2017|access-date=3 मार्च 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200201100319/https://www.prabhatkhabar.com/news/bhagalpur/story/985439.html|archive-date=1 फ़रवरी 2020|url-status=live}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.bhaskar.com/jharkhand/ranchi/news/JHA-RAN-chandan-tiwari-singer-from-bokaro-jharkhand-4556389-PHO.html|title=इंटरनेट पर छाई इनकी आवाज, बचपन में भजन अब भोजपुरी में कर रहीं कमाल|date=21 March 2014|work=dainikbhaskar|access-date=2018-07-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20200201100317/https://www.bhaskar.com/jharkhand/ranchi/news/JHA-RAN-chandan-tiwari-singer-from-bokaro-jharkhand-4556389-PHO.html|archive-date=1 फ़रवरी 2020|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bhadas4media.com/chandan-tiwari/|title=भोजपुरी की प्रतिभावान और तेजस्वी गायिका हैं चंदन तिवारी, सुनें कुछ लोक गीत, देखें वीडियो {{!}} No. 1 Indian Media News Portal|website=www.bhadas4media.com|language=en-US|access-date=2018-07-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20200201100324/https://www.bhadas4media.com/chandan-tiwari/|archive-date=1 फ़रवरी 2020|url-status=live}}</ref> वे मैथिली और भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के लिए दुर्लभ और ग्रामीण भोजपुरी गीत पर अनुसंधान कर रही हैं। ==व्यवसाय== उसने [[दूरदर्शन]] पर कई विशेष संगीत कार्यक्रम किए हैं, जिनमें '''माय म्यूजिकल एफर्ट''' पर विशेष शो शामिल हैं । उन्होंने '' [[महुआ टीवी | महुआ टी.वी.]] '' पर जिला टॉप और सुर संग्राम में भाग लिया था। उन्होंने [[ईटीवी बिहार | ईटीवी]] में भाग लिया और साथ ही लोक जलवा शो भी किया। [[ज़ी मैजिक (इंडिया) | बिग मैजिक गंगा]] टीवी के साथ उन्होंने भक्ति सागर के कई विशेष शो किए हैं। [[ऑल इंडिया रेडियो]] [[पटना]] के साथ उन्होंने विशेष [[लोक संगीत | लोक]] और [[ग़ज़ल | ग़ज़ल]] रिकॉर्डिंग शो किया है। वह हमेशा लोकगीतों में महिलाओं की भागीदारी और महिला सशक्तीकरण के पक्ष में खड़ी रही हैं।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.firstpost.com/culture/bhojpuri-singer-chandan-tiwari-talks-about-public-demand-in-regional-songs-5062.html|title=पब्लिक डिमांड से अलग हटकर सोचना होगा : चंदन|website=Firstpost Hindi|language=hi-IN|access-date=2018-07-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20190509104347/https://hindi.firstpost.com/culture/bhojpuri-singer-chandan-tiwari-talks-about-public-demand-in-regional-songs-5062.html|archive-date=9 मई 2019|url-status=dead}}</ref> उन्होंने कई विशेष संगीत श्रृंखलाएं भी की हैं और [[साक्षात्कार]] कई प्रतिष्ठित निजी [[एफएम प्रसारण | F.M.radio]] चैनलों के साथ किया है। जैसे [[रेडियो मिर्ची]], रेडियो धूम, रेडियो सनेही और मोबाइल रेडियो-ग्रामवाणी। चंदन तिवारी को [https://www.zee5.com/channels/details/big-ganga/0-9-bigगंगा बिग मैजिक गंगा] टीवी शो '' [https://web.archive.org/web/20181004083155/https://www.zee5.com/ tvshows / details / sa-re-ga-ma-pa-rang-purvaiya / 0-6-646 रंग पुरवैया] ''टीम का सदस्य चुना गया था। चंदन तिवारी गायन, त्योहारों और कई तरह के मुद्दों पर विभिन्न रूपों में काम करते रहे हैं। वह हमेशा संगीत उद्योग में [[अश्लीलता]] के खिलाफ रही हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/news/memoir-travelogue/chandan-tiwari-travelogue-prabhat-khabar-literature/amplite/1069060.html|title=लोकगायिका चंदन तिवारी की कलम से एम्स्टर्डम डायरी|access-date=2018-07-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20190509104346/https://www.prabhatkhabar.com/news/memoir-travelogue/chandan-tiwari-travelogue-prabhat-khabar-literature/amplite/1069060.html|archive-date=9 मई 2019|url-status=dead}}</ref> ==पुरस्कार और सम्मान== भोजपुरी के संस्कार और संस्कृति को बचाए रखने के लिए चन्दन तिवारी को अनेकों राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। * भुजल भात संगीत उत्सव- नीदरलैंड के भारतीय समाज द्वारा आयोजित एक लोक उत्सव, [[एम्स्टर्डम]] में आयोजित * गांधी संगीत सम्मान, गांधी स्मृति दर्शन समिति, [[ज्ञान भवन, पटना]] में [[बिहार सरकार]] द्वारा आयोजित * [[एसके मेमोरियल हॉल, पटना]] में आयोजित [[बिहार सरकार]] द्वारा आयोजित बिहार दिवस समारोह। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भोजपुरी गायक]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:बिहार के लोग]] [[श्रेणी:1990 में जन्मे लोग]] d7ko328chbghbhy3fl0gsll1t1z7kn6 6541109 6541108 2026-04-16T06:15:29Z AMAN KUMAR 911487 सुधार किया 6541109 wikitext text/x-wiki [[File:Chandan Tiwari 2.jpg|thumb|चंदन तिवारी]] '''चंदन तिवारी''' एक भारतीय लोक​गायिका हैं, जो मुख्य रूप से भोजपुरी, मैथिली, मगही, अवधी, नागपुरी और हिंदी भाषाओं में गाती हैं। लोक संगीत में उनके योगदान के लिए भारत सरकार की संगीत नाटक अकादमी द्वारा उन्हें 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार' और बिहार सरकार द्वारा 'बिहार कला सम्मान' से सम्मानित किया गया है। उनकी पहचान मुख्य रूप से भोजपुरी गायन के क्षेत्र में है। == शुरुआती जीवन और शिक्षा == चंदन तिवारी का जन्म बक्का गाँव, [[भोजपुर जिला, बिहार|भोजपुर ज़िले]], [[बिहार]] में हुआ था। उनके पिता हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड, बोकारो में कार्यरत थे, जिसके कारण उनकी प्रारंभिक शिक्षा झारखंड के बोकारो स्टील सिटी में हुई। उन्होंने [[विनोबा भावे विश्वविद्यालय]], [[हजारीबाग]] से [[मानव विज्ञान]] (एंथ्रोपोलॉजी) में [[बीए ऑनर्स]] पूरा किया है। इसके अलावा उन्होंने [[प्रयाग संगीत समिति]], [[इलाहाबाद]] से संगीत में छह वर्षीय 'प्रभाकर' की उपाधि भी प्राप्त की है। चंदन की पहली गुरु उनकी माता रेखा तिवारी थीं, जो उन्हें स्कूल के दिनों में राष्ट्रीय गीतों का अभ्यास कराया करती थीं। बचपन में वे अपनी माँ के साथ मंदिरों में भजन गाया करती थीं। == संगीत यात्रा == चंदन तिवारी एक प्रमुख [[लोक गायिका]] के रूप में जानी जाती हैं। उन्हें भोजपुरी, मगही, मैथिली, नागपुरी, अवधी और हिंदी लोकगीतों के लिए जाना जाता है। लोक संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें संगीत नाटक अकादमी के 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खान सम्मान' से सम्मानित किया गया है।<ref>{{Cite web|url=https://sangeetnatak.gov.in/sna/index.php|title=Sangeet Natak Akademi|website=sangeetnatak.gov.in|access-date=2020-02-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20191211180355/https://sangeetnatak.gov.in/sna/index.php|archive-date=11 दिसंबर 2019|url-status=live}}</ref> वे विभिन्न विधाओं के लोकगीत गाती हैं, जिनमें [[पूरबी]], [[सोहर]], पचरा, गांधी गीत, नदी गीत (रिवर सॉन्ग), छठ गीत, [[कजरी]] और [[ठुमरी]] शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/news/bhagalpur/story/985439.html|title=गीतों के जरिये चंदन तिवारी ने जोड़ा 'लोक'|date=10 May 2017|access-date=3 मार्च 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200201100319/https://www.prabhatkhabar.com/news/bhagalpur/story/985439.html|archive-date=1 फ़रवरी 2020|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.bhaskar.com/jharkhand/ranchi/news/JHA-RAN-chandan-tiwari-singer-from-bokaro-jharkhand-4556389-PHO.html|title=इंटरनेट पर छाई इनकी आवाज, बचपन में भजन अब भोजपुरी में कर रहीं कमाल|date=21 March 2014|work=dainikbhaskar|access-date=2018-07-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20200201100317/https://www.bhaskar.com/jharkhand/ranchi/news/JHA-RAN-chandan-tiwari-singer-from-bokaro-jharkhand-4556389-PHO.html|archive-date=1 फ़रवरी 2020|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bhadas4media.com/chandan-tiwari/|title=भोजपुरी की प्रतिभावान और तेजस्वी गायिका हैं चंदन तिवारी, सुनें कुछ लोक गीत, देखें वीडियो {{!}} No. 1 Indian Media News Portal|website=www.bhadas4media.com|language=en-US|access-date=2018-07-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20200201100324/https://www.bhadas4media.com/chandan-tiwari/|archive-date=1 फ़रवरी 2020|url-status=live}}</ref> इसके अतिरिक्त, वे दिल्ली सरकार की मैथिली और भोजपुरी अकादमी के लिए दुर्लभ और ग्रामीण भोजपुरी गीतों पर अनुसंधान (Research) कार्य भी कर चुकी हैं। == मीडिया और प्रसारण == उन्होंने [[दूरदर्शन]] पर कई विशेष संगीत कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी है। उन्होंने [[महुआ टीवी|महुआ टी.वी.]] के 'जिला टॉप' और 'सुर संग्राम' जैसे कार्यक्रमों में भाग लिया। इसके साथ ही वे [[ईटीवी बिहार]] के शो 'लोक जलवा' का भी हिस्सा रहीं। [[बिग मैजिक गंगा]] टीवी पर उन्होंने भक्ति संगीत के कई विशेष शो किए हैं। [[आकाशवाणी (रेडियो प्रसारक)|ऑल इंडिया रेडियो]] (पटना) के लिए उन्होंने विशेष लोक और [[ग़ज़ल]] रिकॉर्डिंग भी की है। उन्होंने कई निजी [[एफएम प्रसारण|एफएम रेडियो]] चैनलों (जैसे रेडियो मिर्ची, रेडियो धूम, रेडियो सनेही और ग्रामवाणी) के साथ विशेष संगीत शृंखलाएँ और साक्षात्कार किए हैं। चंदन तिवारी को बिग मैजिक गंगा के टीवी शो ''सारेगामापा रंग पुरवैया'' में टीम के सदस्य के रूप में भी चुना गया था। चंदन लोकगीतों में महिलाओं की भागीदारी और महिला सशक्तीकरण की प्रबल समर्थक रही हैं, और वे संगीत उद्योग में अश्लीलता का सार्वजनिक रूप से विरोध करती हैं।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.firstpost.com/culture/bhojpuri-singer-chandan-tiwari-talks-about-public-demand-in-regional-songs-5062.html|title=पब्लिक डिमांड से अलग हटकर सोचना होगा : चंदन|website=Firstpost Hindi|language=hi-IN|access-date=2018-07-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20190509104347/https://hindi.firstpost.com/culture/bhojpuri-singer-chandan-tiwari-talks-about-public-demand-in-regional-songs-5062.html|archive-date=9 मई 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/news/memoir-travelogue/chandan-tiwari-travelogue-prabhat-khabar-literature/amplite/1069060.html|title=लोकगायिका चंदन तिवारी की कलम से एम्स्टर्डम डायरी|access-date=2018-07-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20190509104346/https://www.prabhatkhabar.com/news/memoir-travelogue/chandan-tiwari-travelogue-prabhat-khabar-literature/amplite/1069060.html|archive-date=9 मई 2019|url-status=dead}}</ref> == पुरस्कार और सम्मान == * '''उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार:''' संगीत नाटक अकादमी, भारत सरकार द्वारा। * '''बिहार कला सम्मान:''' बिहार सरकार द्वारा। * एम्स्टर्डम ([[नीदरलैंड]]) में भारतीय समाज द्वारा आयोजित 'भुजल भात लोक संगीत उत्सव' में विशेष प्रस्तुति और सम्मान। * [[बिहार सरकार]] द्वारा ज्ञान भवन, पटना में आयोजित 'गांधी संगीत सम्मान' (गांधी स्मृति दर्शन समिति)। * [[एसके मेमोरियल हॉल, पटना]] में आयोजित बिहार दिवस समारोह में सम्मानित। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भोजपुरी गायक]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:बिहार के लोग]] [[श्रेणी:1990 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:भारतीय महिला गायिका]] [[श्रेणी:संगीत नाटक अकादमी बिस्मिल्ला ख़ान युवा पुरस्कार से सम्मानित]] moru7qi2bvyrxz9ibyggdt3xzoockx4 श्रेणी:संक्रामक रोग साँचे 14 1147662 6541085 4627997 2026-04-16T05:17:12Z चाहर धर्मेंद्र 703114 6541085 wikitext text/x-wiki {{Template category}} [[श्रेणी:दवा साँचे]] ahfmjcmrwfucfmcor7o6ui7cz0ltfku सदस्य वार्ता:Netsingh sodha 3 1156597 6541038 4655298 2026-04-16T02:19:45Z ~2026-13948-60 914136 /* इतिहासकार नेत सिंह सोढा एक समाजसेवी सोढा राजपूत है ।वे कच्छ के रहनेवाले हैं।उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में एक अच्छा योगदान दिया है। */ नया अनुभाग 6541038 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Netsingh sodha}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 14:52, 3 अप्रैल 2020 (UTC) == [[:सदस्य:Netsingh sodha|सदस्य:Netsingh sodha]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:सदस्य:Netsingh sodha|सदस्य:Netsingh sodha]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#स3|मापदंड स3]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#स3|स3]]{{*}} वेब होस्ट के रूप में विकिपीडिया का स्पष्ट दुरुपयोग'''</center> सदस्य स्थान में पृष्ठ ऐसे लेखन, जानकारी, चर्चा, और/या गतिविधियों से मिलकर बना है जिसका विकिपीडिया के लक्ष्यों से बारीकी से संबंध नहीं, जहाँ स्वामी ने सदस्य स्थान के बाहर बहुत कम या कोई संपादन नहीं किया है। कृपया ध्यान दें [[वि:वेबसाईटनहीं|विकिपीडिया नि:शुल्क वेब होस्ट या वेबसाइट नहीं है।]] यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:सौरभ तिवारी 05|सौरभ तिवारी 05]] ([[सदस्य वार्ता:सौरभ तिवारी 05|वार्ता]]) 15:51, 9 अप्रैल 2020 (UTC) == इतिहासकार नेत सिंह सोढा एक समाजसेवी सोढा राजपूत है ।वे कच्छ के रहनेवाले हैं।उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में एक अच्छा योगदान दिया है। == नेतसिंह सोढा जी की ओर से विकिपीडिया का बहुत बहुत धन्यवाद॥ [[विशेष:योगदान/&#126;2026-13948-60|&#126;2026-13948-60]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-13948-60|वार्ता]]) 02:19, 16 अप्रैल 2026 (UTC) 6iysqzxl7hzewsful3s0rf5ysrq7g5r नाइजर के प्रधान मंत्री 0 1175743 6540965 6536342 2026-04-15T16:25:54Z ~2026-21496-92 919279 लेख में अत्यावश्यक सामग्री जोड़ी 6540965 wikitext text/x-wiki {{db-blank}}{{Infobox official post|post=नाइजर गणराज्य|body=के प्रधानमंत्री|native_name={{lang|fr|Premier ministre du Niger}}|insignia=Coat of arms of Niger.svg|insigniasize=125px|insigniacaption=नाइजर का राजचिह्न|insigniaalt=|flag=|flagsize=|flagalt=|flagborder=|flagcaption=|image=Ali 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अमादौ ने दो अलग-अलग अवधियों में इस पद पर कार्य किया। नाइजर के वर्तमान प्रधानमंत्रि अली लामिन ज़ीन हैं जिनकी नियुक्ति 8 अगस्त 2023 को जनरल अब्दुर्रहमान त्चियानी के नेतृत्व वाले नेशनल काउंसिल फॉर द सेफगार्ड ऑफ़ द होमलैण्ड द्वारा की गयी।<ref name="auto">{{Cite web|url=https://www.theweek.in/news/world/2023/08/08/niger-coup-leaders-name-new-prime-minister.html|title=Niger coup leaders name new prime minister|website=द वीक|language=en|access-date=2023-08-08}}</ref> यह नियुक्ति एक सैन्य तख्तापलट के बाद हुई<ref>{{Cite web|url=https://www.france24.com/en/live-news/20230726-niger-soldiers-say-president-bazoum-has-been-removed-borders-closed|title=Niger soldiers say President Bazoum has been removed, borders closed|date=26 July 2023|work=France 24|language=en-US|access-date=27 July 2023}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/news/world-africa-66320895|title=Niger soldiers announce coup on national TV|last=Peter|first=Laurence|date=27 July 2023|website=[[बीबीसी]]|access-date=27 July 2023}}</ref> जिसमें राष्ट्रपति मोहम्मद बाज़ौम और प्रधानमंत्री ओहुमौदो महामादौ की सरकार को सत्ता से हटा दिया गया। == टिप्पणी == {{NoteFoot}} == सन्दर्भ == {{reflist}} jqfieuwonm861x0yxb4hcql9gmbntpi निकुंज मलिक 0 1272029 6540937 6036182 2026-04-15T13:29:03Z Khushi200 920506 6540937 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = निकुंज मलिक | birth_date = {{birth date and age|df=yes|1984|10|30}} | image = Nikunj_Malik_at_Shiana_N_C's_ramp_show_to_walk_for_the_cause_of_cancer_patients_on_9th_may_2014_2014-06-27_20-46.jpg | image_size = | caption = Malik at Shiana N C's ramp show, 2014 | birth_place = [[Gurgaon]], [[Haryana]], [[India]] | yearsactive = 2011 – present | occupation = Actor, Footwear Designer | nationality = Indian }} '''निकुंज मलिक''' एक भारतीय अभिनेत्री हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.hindustantimes.com/entertainment/television/i-don-t-want-to-marry-rahul-nikunj-malik/article1-514822.aspx |title=bare url |access-date=17 अप्रैल 2021 |archive-date=6 दिसंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141206180110/http://www.hindustantimes.com/entertainment/television/i-don-t-want-to-marry-rahul-nikunj-malik/article1-514822.aspx |url-status=dead }}</ref> ==प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि== निकुंज की मां शुभलता मलिक दिल्ली राज्य की पूर्व भाजपा प्रमुख हैं- स्लम सेल भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य।<ref>{{cite web|url=https://www.bhaskar.com/news/RAJ-JAI-HMU-nikunj-malik-actress-and-anchor-of-pro-kabbadi-5258093-PHO.html|title=BJP नेता की बेटी है ये एक्ट्रेस, राहुल के स्वयंवर में आई थीं नजर}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/lifestyle/what-s-hot/story/rahul-dulhaniya-the-bride-who-wasnt-69307-2010-03-13|title=Rahul Dulhaniya: The bride who wasn't}}</ref> ==करियर== मलिक पहली बार भारतीय रियलिटी वेडिंग शो, राहुल दुल्हनिया ले जाएंगे में एक प्रतियोगी के रूप में प्रसिद्धि के लिए पहुंचे। यह शो पहली बार एनडीटीवी इमेजिन पर 1 फरवरी 2011 को प्रसारित हुआ। हालांकि वह सबसे लोकप्रिय प्रतियोगियों में से एक थीं, लेकिन मलिक ने समापन प्रकरण में शादी से बाहर होने का फैसला किया। मलिक ने [[कंगना रनौत]] के साथ बॉलीवुड फिल्म [[रिवॉल्वर रानी]] से अपना फिल्मी डेब्यू किया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/hindi/nikunj-malik-the-revolver-rani-actress-received-death-threats-from-extended-family-nikunj-malik-in-revolver-rani/articleshow/33441929.cms?from=mdr|title=Nikunj Malik received death threats from extended family}}</ref> उन्होंने द शौकीन्स में अतिथि भूमिका भी निभाई।<ref>{{Cite web |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-08-10/delhi/41241395_1_musical-evening-mumbai-delhi |title=Archived copy |access-date=28 October 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131029212620/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-08-10/delhi/41241395_1_musical-evening-mumbai-delhi |archive-date=29 October 2013 |url-status=dead |work=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया |df=dmy-all }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-09-16/news-interviews/42112886_1_kangna-ranaut-revolver-rani-toughest-role |title=Archived copy |access-date=28 October 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131029212142/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-09-16/news-interviews/42112886_1_kangna-ranaut-revolver-rani-toughest-role |archive-date=29 October 2013 |url-status=dead |work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] |df=dmy-all }}</ref> ==इन्हें भी देखें== * [[ऐश्वर्या सखुजा]] * अन्वेषी जैन * [[मानवी गगरू]] * डीना उप्पल * अंशुल चौहान * [[कमालिका चंदा]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|2}} ==बाहरी कड़ियाँ== * {{IMDb name|6121753}} * {{Instagram|nikunjmalik9060}} [[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]] [[श्रेणी:1984 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] 0k2xzuzis1tyxuff31qa7zwpcou1uhm दौआ 0 1282024 6541000 6539145 2026-04-15T20:09:50Z ~2026-23325-81 920583 गोत्र 6541000 wikitext text/x-wiki '''दाऊ''', '''दौवा''', '''यदुवंशी ठाकुर''', '''यदुवंशी यादव''' या '''दाउवंशी ठाकुर''' ([[अहीर|यादववंशी क्षत्रिय]]) श्री [[बलराम]] और भगवान [[कृष्ण]] के वंशजों का एक समूह है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?redir_esc=y&id=V0NuAAAAMAAJ&focus=searchwithinvolume&q=Dauwa+|title=Shivaji, Bhakha Sources and Nationalism|last=Singh|first=Mahendra Pratap|date=2001|publisher=Books India International|language=en}}</ref> इनका [[बुंदेलखंड]] और [[अहिरवाड़ा]] में बहुत ही गौरवपूर्ण इतिहास रहा है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?redir_esc=y&id=oJdjAAAAMAAJ&focus=searchwithinvolume&q=%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%8A+%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+|title=Bundelakhaṇḍa ke rasokāvya|last=Bihārī|first=Śyāma|date=1993|publisher=Ārādhanā Bradarsa|language=hi}}</ref> स्थानीय लोग इन्हें सम्मानपूर्वक 'दाऊ साहब' और '[[ठाकुर|ठाकुर साहब]]' कहकर संबोधित करते हैं। दाऊवंशी ठाकुरों ने बुंदेलों से बहुत पहले ही अपने राज्य स्थापित कर लिए थे। चंदेलराज [[परमाल]] के अहीर सेनापति [[आल्हा]] व [[ऊदल]] के साथ युद्घ करने वाले ठाकुर डोगरसिंह दौवा और उनके भाई ठाकुर दलसिंह दौवा भी दाऊवंशी ([[यदुवंश|यादववंशी क्षत्रिय]]) थे।<ref name=":1">{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.405246|title=Prithviraj Raso Vol. - Vi|last=Chandbardai|date=1913}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?redir_esc=y&id=QkKY8dh2jgIC&focus=searchwithinvolume&q=%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%8A+%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1+|title=Apanī dharatī apane loga: Mun̐ḍera para Sūraja|last=Śarmā|first=Rāmavilāsa|date=1996|publisher=Kitāba Ghara|isbn=978-81-7016-305-3|language=hi}}</ref> [[बलवंत यादव]], जो [[ओरछा]] में राज करते थे, वीरसिंह देव के सेनानायक थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books/about/Bundel%C4%AB_m%C4%81%E1%B9%AD%C4%AB_ke_sap%C5%ABta.html?hl=hi&id=o7UbAAAAMAAJ#%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%A4%20%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5%20%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF|title=Bundelī māṭī ke sapūta|last=Ṭhākura|first=Hīrāsiṃha|date=1993|publisher=Bundelakhaṇḍa Prakāśana|language=hi}}</ref> [[मध्य प्रदेश|मध्यप्रदेश]] का [[अहिरवाड़ा]] क्षेत्र, जिसमें [[अशोक नगर ज़िला|अशोकनगर]], [[गुना]], [[शिवपुरी ज़िला|शिवपुरी]], [[विदिशा ज़िला|विदिशा]] और [[सागर ज़िला|सागर]] जिले की [[बीना]] तहसील शामिल हैं, [[बुन्देलखण्ड|बुंदेलखंड]] का हिस्सा माना जाता है। इस क्षेत्र पर ऐतिहासिक रूप से [[यदुवंश|यदुवंशी]] क्षत्रियों का शासन रहा है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books/about/The_Asiatic_Journal_and_Monthly_Register.html?id=OKEIAAAAQAAJ#v=snippet&q=Ahirs&f=false|title=The Asiatic Journal and Monthly Register for British India and Its Dependencies|date=1826|publisher=Black, Parbury, & Allen|language=en}}</ref> यहाँ यादववंशियों को [[राव]] एवं [[ठाकुर]] नाम से भी जाना जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books/about/Imperial_Gazetteer_of_India.html?id=xndDAAAAYAAJ#v=onepage&q=rehli%20rao%20ahir&f=false|title=Imperial Gazetteer of India ...|last=Cotton|first=James Sutherland|last2=Burn|first2=Sir Richard|last3=Meyer|first3=Sir William Stevenson|last4=Meyer|first4=William|date=1908|publisher=Clarendon Press|language=en}}</ref> == संस्कृति एवं रीति-रिवाज == इन [[यदुवंश|यादववंशी]] क्षत्रियों में गोवर्धन पूजा नहीं की जाती है और ये अपनी उत्पत्ति सीधे भगवान [[कृष्ण]] और [[बलराम]] जी से बताते हैं, जिसकी प्रामाणिक वंशावली भी इनके पास उपलब्ध होती है। ये लोग मुख्य रूप से [[मध्य प्रदेश|मध्यप्रदेश]] के [[अहिरवाड़ा]], [[बुन्देलखण्ड|बुंदेलखंड]], [[मालवा का पठार|मालवा]], [[राजस्थान]], [[हरियाणा]] के [[महेंद्रगढ़]] व [[रेवाड़ी जिला|रेवाड़ी]] जिले एवं [[उत्तर प्रदेश|उत्तर प्रदेश]] के [[झाँसी]], [[ललितपुर जिला|ललितपुर]] तथा [[मथुरा]] क्षेत्र में निवास करते हैं। [[गुजरात]] के 'पंचोली' गोत्र के लोग भी मूल रूप से इन्हीं के अंतर्गत आते हैं। == प्रमुख राज्य एवं शासक == [[चित्र:Raja_Narayan_Singh_of_Hansari_Riyasat.jpg|thumb|हंसारी रियासत के राजा नारायण सिंह]] ऐतिहासिक रूप से दाऊवंशी ठाकुरों ने मध्य भारत के कई महत्वपूर्ण किलों और रियासतों पर शासन किया या अपना राजनीतिक प्रभाव स्थापित किया। इनमें [[गुना]] का बजरंगगढ़ व आरोन किला, [[सागर ज़िला|सागर]] का रहली व गढ़पहरा किला, [[अशोक नगर ज़िला|अशोकनगर]] का ईशागढ़ (बहादुर्गढ़), और [[शिवपुरी ज़िला|शिवपुरी]] का अलगी किला प्रमुख रहे हैं। इसके अतिरिक्त [[झाँसी]] की हंसारी और तिलैथा, [[ग्वालियर]] का खल्टोन, तथा [[छतरपुर]] की रिबाई रियासतें भी इनके शासन व प्रभाव क्षेत्र में शामिल थीं। इस समुदाय के उल्लेखनीय शासकों में [[टीकमगढ़]] के दाउ बलवंत सिंह और उनके वंशज रेमन सिंह व श्याम दौवा का नाम प्रमुखता से आता है। सागर क्षेत्र में ठाकुर बोधन दौवा, [[दतिया]] में राव खलक सिंह दौवा, और [[विदिशा]] में ठाकुर मर्दन सिंह यादव ने अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके अतिरिक्त, ग्वालियर के ठाकुर हाज्ञान सिंह यादव, छतरपुर के ठाकुर लक्ष्मण सिंह दौवा और [[अजयगढ़]] के ठाकुर रंजोर सिंह दौवा भी इस ऐतिहासिक वंश के प्रमुख व्यक्तित्व रहे हैं। == गोत्र == इनके मूल रूप से 64 गोत्र माने जाते हैं, जिनकी संख्या वर्तमान समय में लगभग 384 हो गई है। इनमें से कुछ प्रमुख गोत्र इस प्रकार हैं: धोरारिया, डागर, बैला, देलवार, मेहला, बघोलिया, डाबर, वस्यांना, कैशालिया, कौशल्या (अशोकनगर जिला), तमर (गुना जिला), दहिया, तुड़िया (झाँसी जिला), भानगाड़िया, पचेरिया (अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया जिला), खैरवाल (निवाड़ी, टीकमगढ़ जिला), नागिल, सिकरवार, दिनेरिया, पानरवा, भतेला, कररया, बंदेले, बैर्गाड़िया, खोड़ा, फारिया, खमेरिया, परेबा, नाहटा, खडेत/खडेतिया, झिल्मिलिया, जेण्डा और मेता आदि। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} fzzrt3nk2nykrfi22e151opapucpj5d पिण्डार नदी 0 1302149 6540951 6540640 2026-04-15T14:23:40Z चाहर धर्मेंद्र 703114 सन्दर्भ 6540951 wikitext text/x-wiki {{Infobox river |name = पिण्डार नदी |name_native = |name_native_lang = |name_other = Pindar River |name_etymology = <!---------------------- IMAGE & MAP --> |image = Pindari river 2, Uttarakhand, India.jpg |image_size = 300px |image_caption = सितम्बर 2011 में पिण्डार नदी |map = HeadwatersGanges1.jpg |map_size = |map_caption = सुदूर दाई ओर पिण्डार नदी |pushpin_map = |pushpin_map_size = |pushpin_map_caption= <!---------------------- LOCATION --> |subdivision_type1 = देश 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{{coord|30|15|49|N|79|13|00|E|display=inline|region:IN_type:river_mouth}} |mouth_elevation = {{convert|1450|m|abbr=on}} |progression = |river_system = |basin_size = <!-- {{convert|xxxx|km2|abbr=on}} --> |tributaries_left = |tributaries_right = काली नदी |custom_label = |custom_data = |extra = }} '''पिण्डार नदी''' (Pindar River) [[भारत]] के [[उत्तराखण्ड]] राज्य में बहने वाली एक [[हिमालयाई]] [[नदी]] है। यह [[अलकनन्दा नदी]] की एक मुख्य [[उपनदी]] है,<ref>{{cite book |last1=थपलियाला |first1=रेखा |url=https://www.google.co.th/books/edition/Prachin_Madhya_Himalaya_izkphu_e_fgeky/SeKkhjTwMbcC?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&pg=PA8&printsec=frontcover|title=Prachin Madhya Himalaya Kumaon ka Ithasa: Saniskritic Bhugol aur Nrivanshiya Addhyayana|date= 1991 |publisher=Nardarna Open Senṭara|isbn= 9788172110116 }}</ref> जो स्वयं [[गंगा नदी]] की एक स्रोतधारा है। यह 3,820 मीटर (12,530 फुट) की ऊँचाई पर स्थित [[पिण्डारी हिमानी]] (ग्लेशियर) के पिघलाव से आरम्भ होती है, जो उत्तराखण्ड के [[कुमाऊँ मण्डल]] के [[बागेश्वर ज़िले]] में स्थित है। इस नदी का मुख [[कर्णप्रयाग]] में है,<ref>{{cite book |last=विश्वविद्यालय |first=मिशिगन |date= 1962 |title=Sarasvatī Volume 63, Part 1|url=https://www.google.co.th/books/edition/Sarasvat%C4%AB/QKZCBfZ9DToC?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&dq=%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0+%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%80&printsec=frontcover|publisher=इंडियन प्रेसा}}</ref> जहाँ इसका संगम अलकनन्दा नदी से होता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.cambridge.org/core/journals/journal-of-glaciology/article/glaciations-of-the-pindar-river-valley-southern-himalayas/2F792FAC68955CDA19E6DE7E7DB3D9F8/core-reader|title=Pindari Glacier|access-date=5 July 2019}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.euttaranchal.com/uttarakhand/pindar-river|title=Pindar river in Uttarakhand|access-date=5 July 2019|archive-date=5 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190705074704/https://www.euttaranchal.com/uttarakhand/pindar-river|url-status=dead}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[पिण्डारी हिमानी]] * [[अलकनन्दा नदी]] * [[कर्णप्रयाग]] * [[गंगा नदी]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:उत्तराखण्ड की नदियाँ]] [[श्रेणी:गंगा नदी की उपनदियाँ]] [[श्रेणी:बागेश्वर जिला]] [[श्रेणी:चमोली जिला]] 9mo9668ytj5o0iittvd13k3cp2jtl3b निहारिका कोनिडेला 0 1394356 6540928 6304422 2026-04-15T12:30:00Z KishorEdits 665953 6540928 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=निहारिका कोनिदेला|image=NiharikaKonidela.jpg|caption=निहारिका कोनिदेला|birth_date={{birth date and age|df=yes|1993|12|18}}<ref>{{Cite web|title=Pics From Newlywed Actress Niharika Konidela's Birthday Are All Things Nice|url=https://www.ndtv.com/entertainment/pics-from-newlywed-actress-niharika-konidelas-birthday-are-all-things-nice-2341212|access-date=2020-12-24|website=NDTV.com|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20210127020351/https://www.ndtv.com/entertainment/pics-from-newlywed-actress-niharika-konidelas-birthday-are-all-things-nice-2341212|archive-date=27 January 2021}}</ref>|birth_place=[[हैदराबाद]], [[आंध्र प्रदेश]] (अब [[तेलंगाना]]), भारत|occupation={{hlist|[[फिल्म निर्माता]]|[[अभिनेत्री]]}}|yearsactive=2015–वर्तमान|spouse={{Marriage|चैतन्य जोन्नालगड्डा|2020|2023|reason=divorced}}}} [[श्रेणी:Articles with hCards]] '''निहारिका कोनिडेला''' (जन्म 18 दिसंबर 1993) एक भारतीय अभिनेत्री और निर्माता हैं, जो मुख्य रूप से [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]] फिल्मों में काम करती हैं। उन्होंने फिल्म ''ओका मनसु'' (2016) से अपनी शुरुआत की। <ref>[http://www.deccanchronicle.com/151208/entertainment-tollywood/article/waiting-niharika "Waiting for Niharika"]</ref> वह अपने बैनर "पिंक एलीफेंट पिक्चर्स" के तहत फिल्मों और वेब श्रृंखलाओं का निर्माण करती हैं। == प्रारंभिक और व्यक्तिगत जीवन == निहारिका कोनिडेला अभिनेता और निर्माता नागेंद्र बाबू की बेटी हैं। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/telugu/My-father-is-my-biggest-strength-Niharika-Konidela/articleshow/44969797.cms|title=My father is my biggest strength : Niharika Konidela|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=19 October 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20191024002647/https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/telugu/My-father-is-my-biggest-strength-Niharika-Konidela/articleshow/44969797.cms|archive-date=24 October 2019}}</ref> वह अभिनेता [[चिरंजीवी]] और [[पवन कल्याण]] की भतीजी हैं। उनके भाई [[वरुण तेज]] और चचेरे भाई [[राम चरण (अभिनेता)|राम चरण]], [[सांई धरम तेज|साई धर्म तेज]], [[अल्लू अर्जुन]], अल्लू सिरीश और वैष्णव तेज भी [[तेलुगू सिनेमा|तेलुगु सिनेमा]] में अभिनेता हैं।  उन्होंने 9 दिसंबर 2020 को [[उदयपुर]] के ओबेरॉय उदयविलास में चैतन्य जोन्नालगड्डा से शादी की। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/niharika-konidela-turns-bride-for-her-udaipur-wedding-with-chaitanya-unmissable-pics-1747068-2020-12-06|title=Niharika Konidela turns bride for her Udaipur wedding with Chaitanya. Unmissable pics|last=K.|first=Janani|date=6 December 2020|website=India Today|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20201208145338/https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/niharika-konidela-turns-bride-for-her-udaipur-wedding-with-chaitanya-unmissable-pics-1747068-2020-12-06|archive-date=8 December 2020|access-date=2020-12-08}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/entertainment/more-stunning-pics-from-niharika-konidela-and-chaitanya-jvs-wedding-featuring-allu-arjun-and-ram-charan-2336641#News_Trending|title=More Stunning Pics from Niharika Konidela and Chaitanya JV's Wedding, Featuring Allu Arjun and Ram Charan}}</ref> == करियर == कोनिडेला ने एक अभिनेत्री के रूप में अपना करियर बनाने से पहले [[तेलुगू भाषा|तेलुगु भाषा]] के टेलीविजन पर एक प्रस्तुतकर्ता के रूप में काम किया। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/telugu/Ram-Charan-Allu-Arjun-keep-teasing-me-about-my-TV-show-Niharika/articleshow/36396858.cms|title=Ram Charan keep teasing me about my TV show : Niharika|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=12 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20200404185100/https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/telugu/Ram-Charan-Allu-Arjun-keep-teasing-me-about-my-TV-show-Niharika/articleshow/36396858.cms|archive-date=4 April 2020}}</ref> <ref name="Times of India">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/telugu/Niharika-Konidela-I-will-act-in-movies-but-I-need-some-moretime/articleshow/48084685.cms|title=Niharika Konidela: I will act in movies but I need some more time|date=15 July 2015|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=15 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20191014191641/https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/telugu/Niharika-Konidela-I-will-act-in-movies-but-I-need-some-moretime/articleshow/48084685.cms|archive-date=14 October 2019|agency=Times News Network}}</ref> उसने [[ईटीवी नेटवर्क|ETV नेटवर्क]] पर प्रसारित Dhee Junior 1 और Dhee Junior 2 सेगमेंट के लिए ''Dhee अल्टीमेट डांस शो'' की मेजबानी की है। <ref>{{Cite web|url=http://www.tollywoodshow.com/nagababus-daughter-niharika-movie/|title=NagaBabu's Daughter Niharika has the desire to act in films|website=tollywoodshow.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20160221175505/http://www.tollywoodshow.com/nagababus-daughter-niharika-movie/|archive-date=21 February 2016|access-date=3 November 2015}}</ref> उसने अभिनय किया और अपने बैनर पिंक एलीफेंट पिक्चर्स के तहत तेलुगु [[लघु फ़िल्म|वेब-श्रृंखला]] ''मुद्दप्पु अवकाई'' का निर्माण भी किया। यह सीरीज [[यूट्यूब]] पर रिलीज हुई थी और दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया था। <ref name="IB Times">[http://www.ibtimes.co.in/muddapappu-avakai-series-set-cross-2-million-views-youtube-chiranjeevis-niece-niharika-666048 "'Muddapappu Avakai' series set to cross 2 million views on YouTube; Chiranjeevi's niece Niharika impresses audience"]</ref> [ उद्धरण वाक्य रचना की जाँच करें ] सितंबर 2015 में, उन्होंने ''ओका मनसु'' नामक एक फिल्म के लिए हस्ताक्षर किए, जिसने एक अभिनेत्री के रूप में अपनी शुरुआत की। <ref>{{Cite web|url=http://www.deccanchronicle.com/150925/entertainment-bollywood/article/mega-debut-tollywood|title=Mega debut in Tollywood|date=25 September 2015|website=deccanchronicle.com}}</ref> उनकी 2019 की फिल्म, ''सूर्यकांतम'' ने बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन किया, जिसने {{INR}} 3 करोड़ की कमाई की। <ref name="Sakshi Post">{{Cite news|url=https://english.sakshi.com/entertainment/2019/04/03/suryankantham-latest-box-office-collection-niharika-movie-rakes-in-crores-at-box-office|title=Niharika Konidela: Niharika Movie Rakes In Crores At Box Office|date=3 April 2019|work=Sakshi Post|access-date=26 May 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20201202132521/https://english.sakshi.com/entertainment/2019/04/03/suryankantham-latest-box-office-collection-niharika-movie-rakes-in-crores-at-box-office|archive-date=2 December 2020|agency=Sakshi Post}}</ref> उस वर्ष बाद में, उन्होंने ऐतिहासिक एक्शन फिल्म ''सई रा नरसिम्हा रेड्डी'' में एक छोटी भूमिका निभाई। === पिंक एलीफेंट पिक्चर्स === 2015 में, कोनिडेला ने अपनी फिल्म निर्माण कंपनी, पिंक एलीफेंट पिक्चर्स लॉन्च की। <ref>{{Cite web|url=https://www.ritzmagazine.in/konidela-niharika-launches-pink-elephant-pictures/|title=Konidela Niharika Launches 'Pink Elephant Pictures' {{!}} RITZ|date=2015-10-30|website=Ritz}}</ref> == फिल्मोग्राफी == === फिल्म === * ''सभी फिल्में तेलुगु में हैं जब तक कि अन्यथा उल्लेख न किया जाए।'' {| class="wikitable plainrowheaders sortable" ! scope="col" |साल ! scope="col" | शीर्षक ! scope="col" | भूमिका ! class="unsortable" scope="col" | टिप्पणियाँ ! class="unsortable" scope="col" | |- | 2016 ! scope="row" | ''ओका मानसु'' | संध्या | | <ref>{{Cite web|url=https://www.ibtimes.co.in/oka-manasu-star-niharika-says-chiranjeevi-pawan-kalyan-encouraged-her-pursue-her-dream-683664|title='Oka Manasu' star Niharika says Chiranjeevi, Pawan Kalyan encouraged her to pursue her dream|date=21 June 2016|website=Ibtimes|archive-url=https://web.archive.org/web/20190327093054/https://www.ibtimes.co.in/oka-manasu-star-niharika-says-chiranjeevi-pawan-kalyan-encouraged-her-pursue-her-dream-683664|archive-date=27 March 2019}}</ref> |- | rowspan="2" | 2018 ! scope="row" | ''ओरु नल्ला नाल पाथु सोलरेन'' | [[अलक्ष्मी]] | दानव देवी | <ref>{{Cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/entertainment/kollywood/181117/my-role-in-oru-nalla-naal-is-substantial-niharika.html|title=My role in Oru Nalla Naal… is substantial: Niharika|date=18 November 2017|website=DeccanChronicle|archive-url=https://web.archive.org/web/20200713180646/http://www.deccanchronicle.com/entertainment/kollywood/181117/my-role-in-oru-nalla-naal-is-substantial-niharika.html|archive-date=13 July 2020}}</ref> |- ! scope="row" |हैप्पी वेडिंग | अक्षर: | | <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/niharika-konidelas-happy-wedding-to-hit-screens-this-summer/articleshow/62928321.cms|title=Niharika Konidela's 'Happy Wedding' to hit screens this summer|website=TmesofIndia.|archive-url=https://web.archive.org/web/20190402082400/https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/niharika-konidelas-happy-wedding-to-hit-screens-this-summer/articleshow/62928321.cms|archive-date=2 April 2019}}</ref> |- | rowspan="2" | 2019 ! scope="row" | ''सूर्यकांतम'' | सूर्यकांतम | | <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/niharika-konidela-preps-for-the-pre-release-event-of-suryakantham-by-humming-po-pove-song-from-the-movie/articleshow/68536916.cms|title=Niharika Konidela preps for the pre-release event of Suryakantham by humming Po Pove song from the movie|website=TmesofIndia.|archive-url=https://web.archive.org/web/20190406104139/https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/niharika-konidela-preps-for-the-pre-release-event-of-suryakantham-by-humming-po-pove-song-from-the-movie/articleshow/68536916.cms|archive-date=6 April 2019}}</ref> |- ! scope="row" | ''सई रा नरसिम्हा रेड्डी'' | भाग्यम | | <ref>{{Cite web|url=https://www.cinemaexpress.com/stories/news/2018/apr/04/niharika-in-sye-raa-narasimha-reddy-5374.html|title=Niharika in Sye Raa Narasimha Reddy?- Cinema express|access-date=31 अगस्त 2022|archive-date=19 अगस्त 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220819020818/https://www.cinemaexpress.com/stories/news/2018/apr/04/niharika-in-sye-raa-narasimha-reddy-5374.html|url-status=dead}}</ref> |- |} === टेलीविजन === {| class="wikitable sortable" !साल ! शीर्षक ! भूमिका ! class="unsortable" scope="col" | टिप्पणियाँ ! class="unsortable" scope="col" | |- | 2015 | <nowiki><i id="mwnQ">डी जूनियर</i></nowiki> | मेज़बान | नृत्य कार्यक्रम | <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/telugu/niharika-wraps-up-the-first-season-of-dhee-juniors/articleshow/46457455.cms|title=Niharika wraps up the first season of Dhee Juniors|date=2015-03-15|website=The Times of India}}</ref> |- | 2016 | scope="row" | ''मुद्दप्पु अवकाई'' | आशा | [[फ़िल्म निर्माता|निर्माता]] भी | <ref>{{Cite web|url=https://www.ibtimes.co.in/muddapappu-avakai-series-set-cross-2-million-views-youtube-chiranjeevis-niece-niharika-666048|title='Muddapappu Avakai' series set to cross 2 million views on YouTube; Chiranjeevi's niece Niharika impresses audience [Videos]|date=7 February 2016|website=Ibtimes|archive-url=https://web.archive.org/web/20210227014639/https://www.ibtimes.co.in/muddapappu-avakai-series-set-cross-2-million-views-youtube-chiranjeevis-niece-niharika-666048|archive-date=27 February 2021}}</ref> |- | 2018 | scope="row" | ''नन्ना कूचि'' | तारा | [[ज़ी5|ZEE5]] सीरीज, [[फ़िल्म निर्माता|निर्माता]] भी | <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/niharika-konidela-and-nagababus-web-series-nanni-koochi-trailer-is-out-and-trending-at-2/articleshow/61337483.cms|title=Niharika Konidela and Nagababu's web series' 'Nanna Koochi' trailer is out and trending at #2|website=TmesofIndia}}</ref> |- | 2019 | scope="row" | ''हंगामा'' | मीना | [[फ़िल्म निर्माता|निर्माता]] भी | |- | 2021 | ''ओका चिन्ना फैमिली स्टोरी''|{{N/A}} |[[ज़ी5|ZEE5]] सीरीज, केवल निर्माता | |} == संदर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:तेलुगू अभिनेत्री]] [[श्रेणी:1991 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:२१वीं सदी की भारतीय अभिनेत्रियाँ]] [[श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] dwjpjywft81umjounzfr0vp8yebeylo सदस्य:TypeInfo/शीह लॉग 2 1417463 6541113 6528379 2026-04-16T06:22:16Z TypeInfo 719692 शीह नामांकन का लॉग बनाया जा रहा of [[:अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान)]]. 6541113 wikitext text/x-wiki यह [[विकिपीडिया:ट्विंकल|ट्विंकल]] के सीएसडी मॉड्यूल का उपयोग करके इस उपयोगकर्ता द्वारा किए गए सभी त्वरित [[विकिपीडिया:शीह|विलोपन नामांकनों]] का एक लॉग है। यदि आप अब इस लॉग को नहीं रखना चाहते हैं, तो आप [[विकिपीडिया:Twinkle/Preferences|वरीयता पैनल]] का उपयोग करके इसे बंद कर सकते हैं, और [[विकिपीडिया:शीह#U1|सीएसडी यू1]] के तहत इस पृष्ठ को शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर सकते हैं। === दिसम्बर 2022 === # [[:उमंग देव शुक्ला]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Umangdevshukla78}} को सूचित किया गया 08:18, 10 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:गौरव पारीक]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Gauravpareekstudio}} को सूचित किया गया 08:22, 10 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:धर्मपुरीजी महाराज का धर्म धुणा पन्नोणियों का तला नया तारातरा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Harlal siyag}} को सूचित किया गया 10:53, 10 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:विकिपिडिया:प्रसिद्धि]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 15:44, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:विकिपिडिया:उल्लेखनीयता]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 15:45, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सेवन बैटल स्टार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 15:54, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मधुमेह भारत को अपनी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बदलने की आवश्यकता है]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}); सदस्य {{user|1=Sanjay fitness}} को सूचित किया गया 16:42, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सिंह राशि के व्यक्तित्व के 21 राज2023]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Astro 2023}} को सूचित किया गया 17:11, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सिंह राशि के नकारात्मक लक्षण]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Astro 2023}} को सूचित किया गया 17:11, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:राजीव गाँधी आश्रम योजना क्या है]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Dev Online Help}} को सूचित किया गया 18:01, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:बरावन कला]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}); सदस्य {{user|1=वर्तिका}} को सूचित किया गया 18:02, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:श्लेष्मन कफ]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Dr.rizwan lalitpur}} को सूचित किया गया 18:03, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:स्नेहन कफ]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}); सदस्य {{user|1=Dr.rizwan lalitpur}} को सूचित किया गया 18:05, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:अलेक्जेंडर लोवेन]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: स3}; सदस्य {{user|1=Sk5505}} को सूचित किया गया 18:16, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Ranveer Singh Patawat]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Ranveer Singh Patawat}} को सूचित किया गया 18:55, 13 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सिंह राशि वालों को किस्मत में क्या है]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Astro 2023}} को सूचित किया गया 06:08, 14 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:विकिपीडिया:उपयोगकर्ता शीर्ष चिह्न]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:50, 14 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:विकिपीडिया:वैध वैकल्पिक खाता]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 14 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:आप भी जान लें इसके नुकसान! अगर फॉलो Vegan Diet को कर रहें हैं]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Sanjay fitness}} को सूचित किया गया 14:52, 14 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:AACHARYA SHUBHANSHU KRISHNA MAHARAJ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=AACHARYA SHUBHANSHU KRISHNA MAHARAJ}} को सूचित किया गया 16:23, 14 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Satishpwr99]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Satishpwr99}} को सूचित किया गया 17:23, 14 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/प्रगतिशील कविता]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: https://www.drishtiias.com/hindi/mains-practice-question/question-3020} 19:28, 14 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:आखिरी पाठ कक्षा-12th]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: https://gyanpur.in/the-last-lesson-summary/}; सदस्य {{user|1=Rohit9084}} को सूचित किया गया 07:12, 15 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Pardeep singh rawat/प्रयोगपृष्ठ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Pardeep singh rawat}} को सूचित किया गया 11:51, 15 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:धनु राशिफल का भविष्य क्या है]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Astro 2023}} को सूचित किया गया 12:15, 15 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:चुकंदर का औषधीय उपयोग]]: [[वि:शीह#ल4|शीह ल4]] ({{tl|db-duplicate}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {ल4 1: https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE:%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0_%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87_%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE/%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96/%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A4%BE_%E0%A4%94%E0%A4%B7%E0%A4%A7%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97}; सदस्य {{user|1=Anupriyat274}} को सूचित किया गया 13:10, 15 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Radhakrishan bhati]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Radhakrishan bhati}} को सूचित किया गया 17:00, 15 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Sehdev Yadav Mulayam]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Sehdev Yadav Mulayam}} को सूचित किया गया 20:00, 15 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Sehdev Yadav Mulayam]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 20:03, 15 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:केन्द्रीय विद्यालय संगठन]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: https://www.bhaskar.com/news/sarkari-naukri-in-kendriya-vidyalaya-sangathan-finance-officer-and-section-officer-5856152.html}; सदस्य {{user|1=Mr.gyani yadav}} को सूचित किया गया 15:21, 16 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:AACHARYA SHUBHANSHU KRISHNA MAHARAJ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=AACHARYA SHUBHANSHU KRISHNA MAHARAJ}} को सूचित किया गया 16:34, 16 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सात्विक सक्सेना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Satvik22}} को सूचित किया गया 17:12, 16 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सैयद अली हसन]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); सदस्य {{user|1=Syedalihasan21}} को सूचित किया गया 17:55, 16 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:वार्ता:सैयद अली हसन]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); सदस्य {{user|1=Syedalihasan21}} को सूचित किया गया 18:06, 16 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Ak 36 Gadhiya]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Ak 36 Gadhiya}} को सूचित किया गया 10:20, 17 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:चटगाँव जेल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Shivam Jha578}} को सूचित किया गया 11:31, 17 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Rao Aayush Yadav]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Rao Aayush Yadav}} को सूचित किया गया 06:33, 18 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:जेपी शर्मा इंटर कॉलेज बबेरू बांदा]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}); सदस्य {{user|1=WorldPoliticsOfficial}} को सूचित किया गया 06:51, 18 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:पूून]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=WorldPoliticsOfficial}} को सूचित किया गया 06:02, 19 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मिस्टर टीएसके]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Mister TSK}} को सूचित किया गया 11:18, 19 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:थेमोवीएस.कॉम]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=メニレシュクマール}} को सूचित किया गया 13:27, 19 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मणिपुर वेद विद्यापीठ चारहजारे]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=आचार्य हेमंत अधिकारी}} को सूचित किया गया 17:17, 19 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:पारस कलनावत]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}); सदस्य {{user|1=Upasna19}} को सूचित किया गया 17:57, 20 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Pukhraj Saran]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Pukhraj Saran}} को सूचित किया गया 18:54, 20 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:रुद्र प्रताप देव]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:40, 21 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Panku2741999]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 19:14, 21 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 19:47, 21 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Shubham ojjha gormi]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 06:55, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:अल्यूमीनियम]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 10:03, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:AACHARYA SHUBHANSHU KRISHNA MAHARAJ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 12:08, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:शीला पंडित प्रजापति]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 12:12, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:बम्बई का रक्त स्नान]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 12:22, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Subhanshu Shukla]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 12:25, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Attysid]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 14:37, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:JitendraKumar91122]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 16:57, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:करमोदा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:43, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मिस्टर टीएसके]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:05, 22 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सर्वेक्षण में आपका स्वागत है]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 06:31, 23 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Mr Gaurichak Study]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 07:03, 23 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:लर्न फॉर डिजिटल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 07:06, 23 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:चिन्मयानंद बापू जी]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 13:30, 24 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Guglani/प्रयोगपृष्ठ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 15:00, 24 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:रियासतों]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 15:55, 24 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:भार बनाम द्रव्यमान]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 16:05, 24 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 21:35, 24 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Guglani/छोटे साहिबज़ादे साका]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:30, 25 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:साइकेडेलिक संगीत]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 14:34, 25 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मां कुलदेवी डांगी (पटेल) समाज मेवल क्षैत्र संस्थान]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:58, 25 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:कीवी (लोग)]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:53, 25 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:विकिपीडिया:Text of the GNU Free Documentation License]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 09:15, 26 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:लक्ष्मी कुमारी Chundawat]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:24, 26 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:गजपति नरेश]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:24, 26 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:एमसी स्टेन Mc Stan]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:52, 26 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:बाउंसर प्रोडक्शन]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:53, 26 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:वैष्णविवती]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:58, 26 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मेरे पास सार्वजनिक स्नानघर]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 07:15, 27 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:एनिलिडा संघ]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 07:16, 27 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Sarvesh Pathak BJP]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 09:07, 27 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:दक्षिण अफ्रीका में बंदरगाह और हार्बर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 12:32, 27 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Amir Sohail (Techno Sohail)]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 17:16, 27 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:हिन्दू1]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 17:18, 27 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:कर्म भूमि]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 27 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:कर्क राशि के जहरीले लक्षण जो लोगों को डराते हैं]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 07:49, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:ज्योतिष के अनुसार कर्क राशि के 5 नकारात्मक व्यक्तित्व लक्षण]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 07:49, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:5कर्क राशि के कुछ सकारात्मक लक्षण 2023]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 07:50, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मिथुन प्रेम राशिफल 2023]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 07:50, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मिथुन राशि का भविष्य कैसा रहेगा 2023]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 07:51, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:कर्क राशि व्यक्तित्व लक्षण: वे सभी रहस्य जिन्हें आपको जानना आवश्यक है]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 09:03, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:विकिपीडिया:विकीप्रोजेक्ट स्पैम]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 09:43, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:नागेंद्र प्रताप सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 14:15, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झाँसी जंक्शन]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:46, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:महारानी लक्ष्मीबाई टर्मिनस झाँसी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:57, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:छत्रपती संभाजीराजे टर्मिनस]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:58, 28 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी जंक्शन]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 06:40, 29 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:अपने दिमाग को कैसे तेज करें?]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 07:33, 29 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:ठेठी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 09:02, 29 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:साँचा:सदस्य सूत्रों का हवाला]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 11:11, 29 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:ऑटो स्वीप फैसिलिटी]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 06:33, 30 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:वेदप्रकाश काम्बोज]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 06:37, 30 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:मिथुन लग्न ,शिक्षा राशिफल 2023]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 06:44, 30 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:स्मार्ट स्पीकर्स]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 14:07, 30 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:भोंसले कुर्मी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 08:00, 31 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:ठाकुर जी पाठक]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 14:31, 31 दिसम्बर 2022 (UTC) # [[:सदस्य:Newsofindia.in]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 17:32, 31 दिसम्बर 2022 (UTC) === जनवरी 2023 === # [[:बूरबों राजवंश]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 07:25, 1 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Attysid]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:19, 1 जनवरी 2023 (UTC) # [[:पीयूडीपाई]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 11:21, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:साहिबज़ादा अजीत सिंह]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 12:05, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Mr Zishan Mallick]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 17:04, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सेवन बैटल स्टार]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:44, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:आईपीएल कब शुरू होगा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:51, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/आईपीएल कब शुरू होगा]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 18:52, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:चित्र लिपि]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:53, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:ग्रामीण विधुतीकरण निगम लि.]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:54, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 18:57, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:डॉ॰ स्वाति सदानंद गोडबोले]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:04, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Sarvesh Pathak BJP]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 19:47, 2 जनवरी 2023 (UTC) # [[:हेमलेट (जगह)]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 06:49, 3 जनवरी 2023 (UTC) # [[:मिरामार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 06:50, 3 जनवरी 2023 (UTC) # [[:उमंग देव शुक्ला (अभिनेता)]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 12:18, 3 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सूर्य प्रताप सिंह]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 06:15, 4 जनवरी 2023 (UTC) # [[:लोहिया इंटर कॉलेज कुंवरपट्टी में बतौर अध्यापक]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 06:15, 4 जनवरी 2023 (UTC) # [[:लोहिया इंटर कॉलेज]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 06:16, 4 जनवरी 2023 (UTC) # [[:डीजे वायरस]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 06:17, 4 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सूर्य प्रताप सिंह गहरवार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 06:18, 4 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Shkiindustry]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 10:41, 4 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:आचार्य शिवानंद जी महाराज]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 17:59, 4 जनवरी 2023 (UTC) # [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/राम की पैड़ी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 12:28, 5 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सूर्य प्रताप सिंह गहरवार]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 13:02, 5 जनवरी 2023 (UTC) # [[:वार्ता:सूर्य प्रताप सिंह गहरवार]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 13:04, 5 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Skdigitalwebservices]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 15:13, 5 जनवरी 2023 (UTC) # [[:डीजे वायरस]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 21:17, 5 जनवरी 2023 (UTC) # [[:डॉ॰ मोहन यादव]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 21:27, 5 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Astroguru Bhupendra Sharma]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 06:28, 6 जनवरी 2023 (UTC) # [[:कुत्तों की नस्लों की सूची (बहुविकल्पी)]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 06:41, 6 जनवरी 2023 (UTC) # [[:उप-आयुक्त]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 11:54, 6 जनवरी 2023 (UTC) # [[:"गड़रिया"]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 11:59, 6 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:IDAN RAM M CHOUDHARY IFFCO Kisan Finance Limited India]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 19:24, 6 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सॉफ्टवेयर अपडेट]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 10:46, 7 जनवरी 2023 (UTC) # [[:तुषार यमगर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 15:02, 7 जनवरी 2023 (UTC) # [[:शिक्षा मंत्री]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 15:35, 7 जनवरी 2023 (UTC) # [[:उच्च शिक्षा विभाग (भारत)]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 16:07, 7 जनवरी 2023 (UTC) # [[:बिशनगढ़]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 20:26, 7 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:धनंजय अहीर/Enter your new article name here]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 09:23, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:खाली पीली]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:37, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:तिरुक्कुरल अनुवाद]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:50, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:95-थिथिस]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:56, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:महिष्मान]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 14:23, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सनी यादव]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 14:24, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:डीजे वायरस]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 14:30, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सीयक]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 14:32, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:एलन बाजिल मोनटैरो]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 14:50, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:अनूपसिंह]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:15, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:चित्र:Acharya shubhanshu krishna ji maharaj.jpg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Acharya_shubhanshu_krishna_ji_maharaj.jpg}} log]): [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:27, 8 जनवरी 2023 (UTC) # [[:गजेंद्र कुमार जैन]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:21, 9 जनवरी 2023 (UTC) # [[:रामेश्वर दत्त गौतम]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 10:26, 9 जनवरी 2023 (UTC) # [[:शेर खां]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:04, 9 जनवरी 2023 (UTC) # [[:अपन गाम बलवा]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 17:14, 9 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सांदिपनी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 14:29, 11 जनवरी 2023 (UTC) # [[:जे. जे. थॉम्सन]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 16:07, 11 जनवरी 2023 (UTC) # [[:खगोलीय भूगोल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 21:28, 12 जनवरी 2023 (UTC) # [[:मृदा भूगोल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 21:29, 12 जनवरी 2023 (UTC) # [[:प्रवेशद्वार:Literature]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:03, 13 जनवरी 2023 (UTC) # [[:श्रेणी:Wikipedia protected pages without expiry]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:05, 13 जनवरी 2023 (UTC) # [[:चविंडह का युद्ध]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 17:13, 13 जनवरी 2023 (UTC) # [[:विनोद ओझा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:32, 13 जनवरी 2023 (UTC) # [[:पर्वतीय समय मंडल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:32, 13 जनवरी 2023 (UTC) # [[:अशर्फी लाल मिश्र]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:34, 14 जनवरी 2023 (UTC) # [[:होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) पुसा]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 09:02, 14 जनवरी 2023 (UTC) # [[:फर्टिलिटी डॉक्टर]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:47, 14 जनवरी 2023 (UTC) # [[:भदावरी ज्योतिष]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:04, 14 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सौरभ द्विवेदी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 16:50, 14 जनवरी 2023 (UTC) # [[:लोकतांत्रिक जनाधार पार्टी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:44, 14 जनवरी 2023 (UTC) # [[:योगेश चौहान]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 16:32, 15 जनवरी 2023 (UTC) # [[:अवतार 2 द वे ऑफ वाटर]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 15:52, 16 जनवरी 2023 (UTC) # [[:आधार कार्ड में मोबाइल नंबर कैसे चेक करें]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 08:12, 17 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सोनू तिवारी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:44, 19 जनवरी 2023 (UTC) # [[:इनफर्टिलिटी]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 11:45, 19 जनवरी 2023 (UTC) # [[:श्रेणी:बेबल - भाषा के आधार पर सदस्य]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 15:58, 19 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Shashikant Tech]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 17:21, 20 जनवरी 2023 (UTC) # [[:अकरम अली ख़िलजी मशहूर समाजसेवी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:55, 24 जनवरी 2023 (UTC) # [[:कसाणा वंश]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:35, 26 जनवरी 2023 (UTC) # [[:गांधी संग्रहालय पटना]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:39, 26 जनवरी 2023 (UTC) # [[:अगला जम्मू और कश्मीर विधान सभा चुनाव]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:46, 26 जनवरी 2023 (UTC) # [[:Goodnight Desdemona (Good Morning Juliet)]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:20, 26 जनवरी 2023 (UTC) # [[:हल्का युद्धक विमान]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 10:58, 27 जनवरी 2023 (UTC) # [[:अमृत कल्याणी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:28, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:वैष्णवमताब्ज भास्कर:]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 11:30, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:पुरुषोत्तम प्रपत्तिस्टकम]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 11:33, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:बरकत अहमद]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 11:34, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:प्रमोद प्रेमी यादव का जीवन परिचय]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:34, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:पेटेंट एवं कमप्यूटर सॉफ्टवेर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 11:41, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:बम्लेश्वरी देवी मंदिर live darshan]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:42, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:अवनीश सिंह राणा भालेसुलतान]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:44, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:2409:4064:2E02:9A18:0:0:EF89:F30B]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 12:40, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:सुरेन्द्र दौतड़]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 13:46, 29 जनवरी 2023 (UTC) # [[:Chat GPT क्या है]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: https://naukrioptions.usalldaynews.com/chat-gpt-kya-hai-hindi/} 15:12, 30 जनवरी 2023 (UTC) # [[:नेत्रावती नदी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 16:09, 30 जनवरी 2023 (UTC) # [[:राघव]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 21:12, 31 जनवरी 2023 (UTC) === फ़रवरी 2023 === # [[:महिष्मान]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 12:18, 1 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:ट्यूब]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}) 12:58, 1 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:मुद्रण क्रान्ति]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 15:36, 1 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:2409:4064:4B9D:DC5C:CC2D:BA94:37C:704E]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 15:38, 1 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:अंतराणुक बल]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 17:26, 1 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:नाभादास कृत भक्तमाल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 17:28, 1 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:भारत की सभी नदियां और उनकी सहायक नदियां]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 10:50, 2 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:पुरुषोत्तम प्रपत्तिष्टकम्]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:28, 2 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:श्री धर्मपुरी जी महाराज का धर्म धुणा नया तारातरा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 09:55, 3 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:श्री विश्वमंगल हनुमान धाम तारखेडी मंदिर]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 12:35, 3 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:2409:40D4:2C:8E6F:BC83:E5FF:FE97:DCF7]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 14:50, 3 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:वार्ता:SBI Alert: How State Bank Of India Customers Can Withdraw Cash From ATM Without Debit Card]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 20:49, 3 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:आईसीई थिएटर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 21:13, 3 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:उम्मयद साम्राज्य]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 21:17, 3 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:बोरूंदा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 21:18, 3 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:नदी माँ होती हैं]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 12:30, 4 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:विकास गोदारा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 17:37, 4 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:वार्ता:सूर्यकुमार यादव]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:47, 8 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:प्रधानमंत्री शौचालय योजना हरियाणा ऑनलाइन आवेदन 2023]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 15:03, 8 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:पुरुषोत्तम प्रपत्तिष्टकम्]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 08:55, 9 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:चित्र वार्ता:Vishal Meena Phagii.jpg]]: [[वि:शीह#फ़6|शीह फ़6]] ({{tl|db-badfiletype}}) 12:19, 9 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:महेंद्र कुमार दास]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 19:50, 9 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Pilotindex WASI AHMAD QADRI]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 11:01, 10 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:भास्कर शर्मा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 12:59, 10 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:यूट्यूब से पैसे कब मिलता है]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 16:02, 10 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:गणपत सियाग]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:01, 17 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:2409:4052:2317:9515:84F1:444D:32C0:59FB]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 16:41, 19 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:चित्र:Jeeshan ahamad.jpg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Jeeshan_ahamad.jpg}} log]): [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 09:31, 22 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:देखोयार]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 15:57, 23 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:2409:4072:488:6D72:1B14:4B2A:4EFF:7B25]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:12, 24 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:157.33.66.31]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:32, 25 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Harendra Panwar]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 15:08, 25 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:वार्ता:वरुण मुद्रा]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 12:00, 26 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:116.72.233.158]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 15:09, 26 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:गूगल एआई बर्ड]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 20:01, 27 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:केआरएस कला और शिल्प]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 12:40, 28 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Sohansingh01]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 19:42, 28 फ़रवरी 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Govind Bhana ( Director )]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 19:55, 28 फ़रवरी 2023 (UTC) === मार्च 2023 === # [[:सदस्य वार्ता:49.35.182.230]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 09:17, 1 मार्च 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Elivinysushistorias16.]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 10:23, 1 मार्च 2023 (UTC) # [[:टाइटैनिक हिस्टोरिकल सोसायटी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:15, 3 मार्च 2023 (UTC) # [[:विवेक कुमार यादव]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:18, 4 मार्च 2023 (UTC) # [[:चन्देश्वरी यादव]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 13:07, 4 मार्च 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({{tl|db-notwebhost}}) 16:23, 26 अगस्त 2023 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Freeonlineupdate]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 16:24, 26 अगस्त 2023 (UTC) # [[:साँचा:श्री हनुमान चालीसा हिंदी अर्थ सहित]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:57, 26 अगस्त 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Vijaybalrampur]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 15:23, 27 अगस्त 2023 (UTC) # [[:सदस्य:MP1999/twinkleoptions.js]]: [[वि:शीह#स1|शीह स1]] ({{tl|db-userreq}}) 15:31, 27 अगस्त 2023 (UTC) # [[:अजीत सोनकर]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 21:25, 28 अगस्त 2023 (UTC) # [[:ईशु मसीह]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}) 19:08, 29 अगस्त 2023 (UTC) # [[:सुई चिकित्सा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 05:34, 30 अगस्त 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Saurabhsaha/abcd]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 18:53, 30 अगस्त 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Saurabhsaha/@]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 18:53, 30 अगस्त 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Saurabhsaha]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 18:53, 30 अगस्त 2023 (UTC) # [[:सदस्य:MP1999/AntiVandal.js]]: [[वि:शीह#स1|शीह स1]] ({{tl|db-userreq}}) 13:25, 31 अगस्त 2023 (UTC) # [[:फोन फ्रीकिंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 18:28, 31 अगस्त 2023 (UTC) # [[:नेटा डिसूज़ा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:01, 31 अगस्त 2023 (UTC) === सितम्बर 2023 === # [[:अष्टांग योग क्या है]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 10:42, 10 सितंबर 2023 (UTC) === नवम्बर 2023 === # [[:सदस्य:Anju2024]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Anju2024}} को सूचित किया गया 07:47, 21 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:कोच्चि टस्कर्स केरल]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Priyanshu sharma 24}} को सूचित किया गया 16:30, 23 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Anju2024]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया; सदस्य {{user|1=Anju2024}} को सूचित किया गया 06:22, 24 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:बिहार के सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: https://copyvios.toolforge.org/?lang=hi&project=wikipedia&title=%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7_%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B8&oldid=&action=search&use_engine=1&use_links=1}; सदस्य {{user|1=SamMahato}} को सूचित किया गया 07:44, 24 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:बिहार के नालंदा में घूमने के लिए खूबसूरत जगह]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: https://www.prabhatkhabar.com/life-and-style/travel-and-tourism-places-to-visit-in-nalanda-with-family-and-friends-know-about-tourist-attractions-like-nalanda-university-pawapuri-surya-mandir-archaeological-museum-sry}; सदस्य {{user|1=SamMahato}} को सूचित किया गया 08:43, 24 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:बिहार के गया में घूमने के लिए खूबसूरत जगह]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: https://copyvios.toolforge.org/?lang=hi&project=wikipedia&title=%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%97%E0%A4%AF%E0%A4%BE_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82_%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%87_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F_%E0%A4%96%E0%A5%82%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%B9&oldid=&action=search&use_engine=1&use_links=1}; सदस्य {{user|1=SamMahato}} को सूचित किया गया 14:47, 24 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:मोज]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 08:41, 27 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:सदस्य:Anish nellickal/प्रयोगपृष्ठ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:56, 27 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:पालड़ी व्यासा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 16:04, 27 नवम्बर 2023 (UTC) # [[:2023 के बॉलीवुड इंडियन एक्टर कौन है]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Sahilopp}} को सूचित 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जाने वाले सवाल]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); सदस्य {{user|1=Sahiloop}} को सूचित किया गया 17:32, 4 दिसम्बर 2023 (UTC) # [[:अमान मलिक]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}); सदस्य {{user|1=Deepaktony5}} को सूचित किया गया 18:27, 4 दिसम्बर 2023 (UTC) === December 2023 === # [[:सदस्य:Raju singh jamshedpur]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Rajusingh5518}} को सूचित किया गया 17:11, 23 दिसम्बर 2023 (UTC) === February 2024 === # [[:सदस्य:Abdul kuddus chouhan]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Abdul kuddus chouhan}} को सूचित किया गया 17:57, 17 फ़रवरी 2024 (UTC) === March 2024 === # [[:BingX रेफरल कोड 2024: IMOIJ1 (BingX साइन अप बोनस 2024 का दावा करें)]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}); सदस्य {{user|1=NguyenLeAnh198}} को सूचित किया गया 17:23, 6 मार्च 2024 (UTC) === May 2024 === # [[:इलेक्शन का स्टॉक मार्केट पर क्या प्रभाव पड़ता है]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: 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{{user|1=InstaUp}} को सूचित किया गया 08:02, 7 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:सिक्छा म बुद्धि परिछा सिक्छा]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}); सदस्य {{user|1=Ritambhara Vaishnav 25}} को सूचित किया गया 08:30, 7 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:सदस्य:Nareshraghani]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Nareshraghani}} को सूचित किया गया 09:19, 8 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:मोहम्मद सबुज हुसैन]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Helllokim1}} को सूचित किया गया 15:46, 8 दिसम्बर 2024 (UTC) === दिसम्बर 2024 === # [[:सदस्य:2341436greeshmas/प्रयोगपृष्ठ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=2341436greeshmas}} को सूचित किया गया 09:20, 11 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:मनोज जाखड़]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 10:58, 11 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:कोडग के भोजन]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Nishthasview}} को सूचित किया गया 16:04, 18 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:विनीता सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=2320677Tanya}} को सूचित किया गया 16:32, 18 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:निखिल कामथ]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=2320683.Vishesh}} को सूचित किया गया 16:33, 18 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:तथ्य हमारे दिमाग को क्यों नहीं बदलते]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=2313020gunn}} को सूचित किया गया 15:39, 19 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:व्यवसाय में सॉफ्ट स्किल्स का महत्व]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=2323330noopurjain}} को सूचित किया गया 15:49, 19 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:सदस्य:Monaal Production]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Monaal Production}} को सूचित किया गया 15:53, 19 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:प्रारंभिक भारतीय सभ्यता]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=2341315manan}} को सूचित किया गया 11:48, 22 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:डिअने केअतों]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Shubham Rajpoot aka Baba}} को सूचित किया गया 11:49, 22 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:सदस्य:2320361SanyaPhutela]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=2320361SanyaPhutela}} को सूचित किया गया 12:02, 22 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:सदस्य:Ajay NSB]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Ajay NSB}} को सूचित किया गया 16:18, 24 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:लेख नया पेज]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Crezy Smart}} को सूचित किया गया 15:20, 29 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:उत्तराखंड के मंदिर नाग देवता]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=JaiDevBhumiUttarakhandorHimachalPradesh}} को सूचित किया गया 13:13, 30 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:शिव चालीसा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Sonam.jaydew}} को सूचित किया गया 13:14, 30 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:सबुज]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Helloiam11}} को सूचित किया गया 13:16, 30 दिसम्बर 2024 (UTC) # [[:पहाड़ी संस्कृति]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=2320237.mansisharma}} को सूचित किया गया 13:19, 30 दिसम्बर 2024 (UTC) === January 2025 === # [[:सदस्य:Best Black Magic Expert Astrologer IN Ambattur]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Best Black Magic Expert Astrologer IN Ambattur}} को सूचित किया गया 07:48, 1 जनवरी 2025 (UTC) === जनवरी 2025 === # [[:सदस्य:Amit Barsiwal/प्रयोगपृष्ठ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Amit Barsiwal}} को सूचित किया गया 08:21, 4 जनवरी 2025 (UTC) # [[:सदस्य:RPM-Relocation Packers Movers/प्रयोगपृष्ठ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=RPM-Relocation Packers Movers}} को सूचित किया गया 13:33, 4 जनवरी 2025 (UTC) # [[:सदस्य:Ashutosh sharma ashuu]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Ashutosh sharma ashuu}} को सूचित किया गया 13:39, 7 जनवरी 2025 (UTC) # [[:सदस्य:Ravirai033]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Ravirai033}} को सूचित किया गया 13:42, 8 जनवरी 2025 (UTC) # [[:इंडो-आर्यन और भारत में जाति व्यवस्था: ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टिकोण]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}); सदस्य {{user|1=2341411aiyan}} को सूचित किया गया 08:00, 10 जनवरी 2025 (UTC) # [[:सदस्य:Sarvesh Pathak BJP]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=SarveshPathak raja}} को सूचित किया गया 07:24, 12 जनवरी 2025 (UTC) # [[:फखरपुर न्यूज]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Furkanskhan}} को सूचित किया गया 16:39, 13 जनवरी 2025 (UTC) # [[:रामकृपाल यादव जी यूट्यूबर]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Needfff}} को सूचित किया गया 14:37, 14 जनवरी 2025 (UTC) # [[:इंडो-आर्यन और भारत में जाति व्यवस्था: ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टिकोण]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}); सदस्य {{user|1=2341411aiyan}} को सूचित किया गया 16:47, 14 जनवरी 2025 (UTC) # [[:डॉ मीरा शुक्ला]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Akshay2213}} को सूचित किया गया 19:46, 14 जनवरी 2025 (UTC) # [[:सैय्यद वासिल अशरफ जिलानी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] 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को सूचित किया गया 11:03, 21 जनवरी 2025 (UTC) # [[:चीनी बंदगोभी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 11:04, 21 जनवरी 2025 (UTC) # [[:सैय्यद वासिल अशरफ जिलानी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Syedalihasan21}} को सूचित किया गया 11:11, 21 जनवरी 2025 (UTC) # [[:अल्जीरियाई युद्ध]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Bhabha57}} को सूचित किया गया 11:45, 21 जनवरी 2025 (UTC) # [[:एट्रोपेटीन]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Ishu Awana}} को सूचित किया गया 11:46, 21 जनवरी 2025 (UTC) # [[:हज़रत वासिल अशरफ दरगाह]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Syedalihasan21}} को सूचित किया गया 12:07, 21 जनवरी 2025 (UTC) # [[:चित्र:आदित्या कुमार सोशल. 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([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:IMG_Indal_Singh.jpg}} log]): [[वि:शीह#फ़6|शीह फ़6]] ({{tl|db-badfiletype}}); सदस्य {{user|1=Indalsingh.ls}} को सूचित किया गया 14:51, 1 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:बिन ट्रिफ(Bin Trif Madarchod Bhadkhao Behnkade)]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}); सदस्य {{user|1=Prince md.ruhaanazam}} को सूचित किया गया 12:28, 8 फ़रवरी 2025 (UTC) === फ़रवरी 2025 === # [[:सोनाटा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 16:05, 8 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:चंदन कुमार झा-शेरपुर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Themojoanalyst}} को सूचित किया गया 17:28, 8 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:भारतीय राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}); सदस्य {{user|1=Wowlastic10}} को सूचित किया गया 16:29, 9 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:बासून]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 15:43, 12 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:द रेवन]]: 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{{user|1=Indalsingh.ls}} को सूचित किया गया 16:24, 13 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:लोकोमोटिव]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Anuj sahuji 2025}} को सूचित किया गया 18:54, 14 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:मेडेलिन]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 17:09, 17 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:पोपोल वुह]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 17:10, 17 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:कनाडाई ढाल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 17:11, 17 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:यहूदी साहित्य]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 17:16, 17 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:हिन्दुस्तान जनता पार्टी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया; सदस्य {{user|1=हिन्दुस्तान जनता पार्टी}} को सूचित किया गया 19:29, 17 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:सैयद मुनीर हसन अशरफ जिलानी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Syedalihasan21}} को सूचित किया गया 15:11, 18 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:चित्र:Gis bhopal logo.jpg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Gis_bhopal_logo.jpg}} log]): [[वि:शीह#व6फ़|शीह व6फ़]] ({{tl|db-imgcopyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6फ़ url: https://www.facebook.com/MPIndustrialDevelopmentCorporation/}; सदस्य {{user|1=Updesh Dangour}} को सूचित किया गया 16:23, 18 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:चित्र:Om nath mishra.jpeg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Om_nath_mishra.jpeg}} log]): [[वि:शीह#फ़6|शीह फ़6]] ({{tl|db-badfiletype}}); सदस्य {{user|1=OM NATH MISHRA}} को सूचित किया गया 16:27, 18 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:सोमेसर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Madan daiya Somesar}} को सूचित किया गया 18:23, 18 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:हार्मोनिका]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 18:23, 18 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:नेवासा तहसील]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Pawar shushant}} को सूचित किया गया 15:50, 22 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:जारागोसा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 16:47, 26 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:मुक़द्दिमा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 16:47, 26 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:द गोल्डन बाऊ]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 16:48, 26 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:रोलैंड का गीत]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 15:26, 27 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:संगीत वीडियो]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 16:59, 27 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:टू द लाइटहाउस]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 16:59, 27 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:अंकल टॉम्स केबिन]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 17:01, 27 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:मध्यकालीन संगीत]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 17:02, 27 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:पश्चिमी साइबेरियाई समतल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 17:40, 28 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:"आकार देने वाला " नृत्य]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}); सदस्य {{user|1=Michaelsandip}} को सूचित किया गया 17:41, 28 फ़रवरी 2025 (UTC) # [[:चित्र:Penis flaccid glans annotated.png]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Penis_flaccid_glans_annotated.png}} log]): [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Steinmetz2021}} को सूचित किया गया 18:13, 28 फ़रवरी 2025 (UTC) === March 2025 === # [[:ट्रायम्फ ऑफ़ द विल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 16:31, 2 मार्च 2025 (UTC) # [[:द साउंड ऑफ़ म्यूज़िक]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 16:31, 2 मार्च 2025 (UTC) # [[:सिंथेसाइज़र]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Dev Jadiya}} को सूचित किया गया 15:55, 3 मार्च 2025 (UTC) # [[:मुंजया (फिल्म)]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Anna Abel}} को सूचित किया गया 15:56, 3 मार्च 2025 (UTC) # [[:डिजिटल गुलशन]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया; सदस्य {{user|1=Digitalgulshan}} को सूचित किया गया 16:01, 3 मार्च 2025 (UTC) # [[:बिहार का दबंग जिला]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Vishal Singh Patel7}} को सूचित किया गया 19:22, 4 मार्च 2025 (UTC) # [[:सदस्य:Sociseal]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Sociseal}} को सूचित किया गया 16:44, 5 मार्च 2025 (UTC) # [[:संगीत और मानसिक स्वास्थ्य: एक रिश्ते की खोज]]: [[वि:शीह#व6|शीह व6]] ({{tl|db-copyvio}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {व6 sourcepage: https://www.thehealthsite.com/hindi/news/music-gives-peace-to-mind-knowing-its-other-benefits-will-surprise-you-as0618-576917/}; सदस्य {{user|1=Sakshimittal2311071}} को सूचित किया गया 16:52, 5 मार्च 2025 (UTC) # [[:चित्र:UP POLICE PAPER LEAK.jpg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:UP_POLICE_PAPER_LEAK.jpg}} log]): [[वि:शीह#फ़6|शीह फ़6]] ({{tl|db-badfiletype}}); सदस्य {{user|1=Shivam Pandey Gonda}} को सूचित किया गया 19:15, 5 मार्च 2025 (UTC) # [[:पैरों में झुंझुनू क्यों होता है]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}); सदस्य {{user|1=Sureshp627}} को सूचित किया गया 15:24, 11 मार्च 2025 (UTC) # [[:चित्र:SZUBAIR KHAN KHAN.jpg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:SZUBAIR_KHAN_KHAN.jpg}} log]): [[वि:शीह#फ़6|शीह फ़6]] ({{tl|db-badfiletype}}); सदस्य {{user|1=SZUBAIR KHAN KHAN}} को सूचित किया गया 14:30, 16 मार्च 2025 (UTC) # [[:सदस्य:Sony study news]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Ytrsaurabh}} को सूचित किया गया 14:30, 16 मार्च 2025 (UTC) # [[:चित्र:Shivam.Pandey profile.jpg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Shivam.Pandey_profile.jpg}} log]): [[वि:शीह#फ़1|शीह फ़1]] ({{tl|db-license}}); सदस्य {{user|1=Shivam Pandey Gonda}} को सूचित किया गया 08:46, 19 मार्च 2025 (UTC) # [[:हरदीप सिंह, दोराहा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Prof Hardeep}} को सूचित किया गया 05:16, 24 मार्च 2025 (UTC) # [[:राम की वात्सल्य भक्ति में वीर सिंह रत्नालिका प्रसंग : राम रहस्य के सन्दर्भ में]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Prof Hardeep}} को सूचित किया गया 06:49, 26 मार्च 2025 (UTC) === April 2025 === # [[:चित्र:Zahid Md Hizbullah.png]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Zahid_Md_Hizbullah.png}} log]): [[वि:शीह#फ़1|शीह फ़1]] ({{tl|db-license}}); सदस्य {{user|1=Renamed user e9914e01827ba471970626310a1ec88b}} को सूचित किया गया 18:47, 20 अप्रैल 2025 (UTC) === May 2025 === # [[:सदस्य:आदित्या कुमार सोशल/प्रयोगपृष्ठ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=आदित्या कुमार सोशल}} को सूचित किया गया 09:27, 28 मई 2025 (UTC) === June 2025 === # [[:सदस्य:Sameemakhtar93]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया; सदस्य {{user|1=Sameemakhtar93}} को सूचित किया गया 17:36, 4 जून 2025 (UTC) # [[:भिदूकी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); सदस्य {{user|1=Niteshtanwar332}} को सूचित किया गया 17:40, 4 जून 2025 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Advocate Prashant Kokare]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 16:42, 9 जून 2025 (UTC) === August 2025 === # [[:सिम्बियन OS]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया; सदस्य {{user|1=~2025-32047-4}} को सूचित किया गया 17:15, 3 अगस्त 2025 (UTC) # [[:पिस्टल:रानी दुर्गावती.jpg]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}); सदस्य {{user|1=~2025-31858-8}} को सूचित किया गया 17:16, 3 अगस्त 2025 (UTC) === September 2025 === # [[:आदि तत्त्व]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-48377-2}} को सूचित किया गया 10:50, 2 सितंबर 2025 (UTC) # [[:मेनका (अभिनेत्री)]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-48929-3}} को सूचित किया गया 10:51, 2 सितंबर 2025 (UTC) # [[:जयल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-49895-4}} को सूचित किया गया 10:52, 2 सितंबर 2025 (UTC) # [[:शारदीय नवरात्र]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Kesharikartikey11}} को सूचित किया गया 16:54, 10 सितंबर 2025 (UTC) # [[:चन्द्र - ग्रहण]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Kesharikartikey11}} को सूचित किया गया 16:55, 10 सितंबर 2025 (UTC) # [[:Draft:कुण्डी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Braindot}} को सूचित किया गया 16:56, 10 सितंबर 2025 (UTC) # [[:नंदीवर्धन]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-51199-8}} को सूचित किया गया 16:56, 10 सितंबर 2025 (UTC) # [[:पहचान दस्तावेज़]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-55075-3}} को सूचित किया गया 16:57, 10 सितंबर 2025 (UTC) # [[:सदस्य:Kesharikartikey11]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Kesharikartikey11}} को सूचित किया गया 17:07, 10 सितंबर 2025 (UTC) # [[:रामगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, बिहार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-53907-0}} को सूचित किया गया 16:06, 12 सितंबर 2025 (UTC) === October 2025 === # [[:युद्धनीति]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Aditya Singh Rajpurohit}} को सूचित किया गया 05:22, 9 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:सेलेनिक]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-26817-73}} को सूचित किया गया 05:22, 9 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:वत्सला]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया; सदस्य {{user|1=~2025-68158-0}} को सूचित किया गया 05:22, 9 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:झाझा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, बिहार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-28174-05}} को सूचित किया गया 05:23, 9 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:2,4-डाइक्लोरोफिनॉक्सीएसिटिक अम्ल]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Munita Prasad}} को सूचित किया गया 05:23, 9 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:डीसा तालुका]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Dinesh P Purohit}} को सूचित किया गया 18:27, 11 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:लेस्बियन नारीवाद]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-28325-83}} को सूचित किया गया 18:27, 11 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:रुद्र प्रताप देव]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया; सदस्य {{user|1=~2025-51471-2}} को सूचित किया गया 18:28, 11 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:पामीर का पठार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2025-28640-18}} को सूचित किया गया 17:02, 15 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:यहया रहमानी]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया; सदस्य {{user|1=~2025-26806-04}} को सूचित किया गया 09:04, 21 अक्टूबर 2025 (UTC) # [[:मेवाडा (धानेरा तालुका)]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Dinesh P Purohit}} को सूचित किया गया 09:04, 27 अक्टूबर 2025 (UTC) === January 2026 === # [[:प्रकाश सिंह हैरी]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Yogendra rampratap singh}} को सूचित किया गया 12:48, 7 जनवरी 2026 (UTC) # [[:न्यायिक पुनरावलोकन(अमेरिका से लिया गया)]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2026-32140}} को सूचित किया गया 12:48, 7 जनवरी 2026 (UTC) # [[:साइट टाइपिंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=~2026-88115}} को सूचित किया गया 12:49, 7 जनवरी 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Rajendra Bouddh/प्रयोगपृष्ठ]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}); सदस्य {{user|1=Rajendra Bouddh}} को सूचित किया गया 17:36, 18 जनवरी 2026 (UTC) # [[:मचकुण्ड धौलपुर]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Satyaman parmar}} को सूचित किया गया 05:49, 30 जनवरी 2026 (UTC) # [[:शेरगढ़ का किला (धौलपुर)]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Satyaman parmar}} को सूचित किया गया 05:50, 30 जनवरी 2026 (UTC) # [[:सपोटरा (कस्बा)]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}); सदस्य {{user|1=Amitmeenakinhjisapot}} को सूचित किया गया 05:50, 30 जनवरी 2026 (UTC) === February 2026 === # [[:चित्र:Jayappa.auji.jpg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Jayappa.auji.jpg}} log]): [[वि:शीह#फ़1|शीह फ़1]] ({{tl|db-license}}); सदस्य {{user|1=Jayappa.auji}} को सूचित किया गया 16:06, 2 फ़रवरी 2026 (UTC) # [[:चित्र:Jayappa Auji.jpg]] ([{{fullurl:Special:Log|page=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Jayappa_Auji.jpg}} log]): [[वि:शीह#फ़1|शीह फ़1]] ({{tl|db-license}}); सदस्य {{user|1=Jayappa.auji}} को सूचित किया गया 16:07, 2 फ़रवरी 2026 (UTC) === March 2026 === # [[:औगाडौगु]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=Rahulsarkar 29}} को सूचित किया गया 17:00, 1 मार्च 2026 (UTC) # [[:श्रेणी User nan-1]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); सदस्य {{user|1=ङघिञ}} को सूचित किया गया 06:41, 7 मार्च 2026 (UTC) === April 2026 === # [[:अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान)]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}); सदस्य {{user|1=Manikantkmr}} को सूचित किया गया 06:22, 16 अप्रैल 2026 (UTC) culi4ydps5q3w6rvvincndn8mond176 भावार्थ अनुवाद 0 1418822 6541122 6540402 2026-04-16T06:32:02Z Nitinjha65 920001 नई जानकारी जोड़ी गई हैं 6541122 wikitext text/x-wiki '''भावार्थ अनुवाद''', [[अनुवाद]] करने का सबसे पुराना मानदंड है। इसके मूल रूप से यह मतलब है कि अगले वाक्य पर जाने से पहले प्रत्येक पूरे वाक्य के अर्थ का अनुवाद करना, शब्द-से-शब्द अनुवाद के विपरीत इसमें शब्दों पर जोड़ न देकर शब्द के पीछे छिपे हुए भाव का अनुवाद किया जाता है।)<ref>{{Cite book|title=The New Oxford Annotated Bible with the Apocryphal/Deuterocanonical Books: New Revised Standard Version|last=Coogan|first=Michael David|last2=Brettler|first2=Marc Zvi|last3=Newsom|first3=Carol Ann|last4=Perkins|first4=Pheme|date=2007|publisher=Oxford University Press|isbn=9780195288803|location=Oxford|pages=466}}</ref><ref>{{Cite book|title=Translation and Empire|last=Robinson|first=Douglas|date=2014|publisher=Routledge|isbn=9781900650083|location=Oxon|pages=50}}</ref> == इतिहास == इसकी शुरुआत हम संत जेरोम के अनुवाद कार्यों से मानते हैं। जेरोम जिसे एक [[कैथोलिक गिरजाघर|रोमन कैथोलिक]] चर्च के पादरी, [[धर्ममीमांसा|धर्मशास्त्री]] और [[इतिहासकार]] के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने "सेंस-फॉर-सेंस" शब्द गढ़ा जब उन्होंने इस अनुवाद विधि को विकसित किया जब पोप डैमासस द्वारा गॉस्पल(सु समाचार) के मौजूदा अनुवादों की समीक्षा करने और अधिक विश्वसनीय लैटिन संस्करण का प्रकाशन करने का काम सौंपा गया था।<ref>{{Cite book|title=The New Oxford Annotated Bible with the Apocryphal/Deuterocanonical Books: New Revised Standard Version|last=Coogan|first=Michael David|last2=Brettler|first2=Marc Zvi|last3=Newsom|first3=Carol Ann|last4=Perkins|first4=Pheme|date=2007|publisher=Oxford University Press|isbn=9780195288803|location=Oxford|pages=466}}</ref> उन्होंने अपने "पम्माचियस को पत्र" में इस विधि का वर्णन किया, जहां उन्होंने कहा कि, "[[धर्म ग्रंथ|पवित्र शास्त्र]] के मामले को छोड़कर, जहां वाक्य रचना में भी एक रहस्य है", उन्होंने गैर-शब्द का अनुवाद किया शब्द के लिए शब्द नहीं बल्कि अर्थ के लिए अर्थ। उन्होंने एक ऐसी रूपरेखा को अपनाया जिसने पिछले अनुवादकों की गलतियों के साथ-साथ आलोचनात्मक विद्वानों के परिवर्तन और लापरवाह प्रतिलिपिकारों<ref>{{Cite book|title=The Murderous History of Bible Translations: Power, Conflict and the Quest for Meaning|url=https://archive.org/details/murderoushistory0000free_k4j5|last=Freedman|first=Harry|year=2016}}</ref> द्वारा की गई त्रुटियों को सबसे पुरानी यूनानी पांडुलिपियों को एकत्र करके ठीक किया। जिसकी तुलना उन्होंने पुराने लैटिन संस्करणों से की, और ग्रंथों का अनुवाद किया जो पहले संस्करण के मूल अर्थ के करीब है ।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Murderous History of Bible Translations: Power, Conflict and the Quest for Meaning|url=https://archive.org/details/murderoushistory0000free|last=Freedman|first=Harry|date=2016|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=9781472921673|location=London|pages=[https://archive.org/details/murderoushistory0000free/page/44 45]}}</ref> जेरोम ने भावगत अनुवाद के लिए अनुवाद की अवधारणा का आविष्कार नहीं किया था। इसे पहली बार सिसरो द्वारा डी ऑप्टिमो जीनरे ओरेटोरम (द बेस्ट काइंड ऑफ ओरेटर) में प्रस्तावित किया गया था। इस पाठ में, सिसरो कहा कि ग्रीक से लैटिन में अनुवाद करते हुए, "मुझे नहीं लगता था कि मुझे उन्हें पाठकों के लिए सिक्कों की तरह गिनना चाहिए, बल्कि उन्हें भार के हिसाब से भुगतान करना चाहिए, जैसा कि वह दिया गया था।" [[सिसरो|सिसेरो]] ने अपने कार्यों में भाव प्रधान अनुवाद का उल्लेख नहीं किया, लेकिन इसे एक प्रकार का "खंडीय" सिद्धांत माना जाता है, जिसका श्रेय उन्हें और होरेस को दिया जाता है। यह अनुवाद दृष्टिकोण विभाजन पर आधारित है, जो इस बात पर विचार करता है कि अगले खंड पर जाने से पहले एक खंड (शब्द, वाक्यांश, या वाक्य) कितना लंबा है।<ref>{{Cite book|title=Translation and Empire|last=Robinson|first=Douglas|date=2014|publisher=Routledge|isbn=9781900650083|location=Oxon|pages=50}}</ref> कुछ लोगों ने होरेस के उस अंश को अलग तरह से पढ़ा है। 510 ईस्वी में [[बोएथिउस|बोएथियस]] और 9वीं शताब्दी के मध्य में [[जोहन्नेस स्कोतुस युरिउगेना|जोहान्स स्कोटस एरिउजेना]] ने इस अर्थ कि व्याख्या कि की अनुवाद करना शाब्दिक रूप से " समर्पित दुभाषिया/अनुवादक की गलती" है, और डर है कि उन्होंने इसका वहन किया है।<ref name=":1" /> 1170 के दशक में पीसा के बुरगुन्डियो और 1702 में सर रिचर्ड शेरबर्न ने माना कि होरेस अनुवादकों को नहीं बल्कि मूल लेखकों को सलाह दे रहे हैं, लेकिन फिर भी मानते हैं कि वह सभी अनुवाद को शाब्दिक कह रहे हैं।<ref name=":1" /> अंत में, 1656 में जॉन डेनहम तथा 1992 में आंद्रे लेफेवेर ने होरेस को शाब्दिक अनुवाद के खिलाफ अनुवादकों को चेतावनी देने के लिए उदाहरण के रूप में लिया। जेरोम जिसे एक [[कैथोलिक गिरजाघर|रोमन कैथोलिक]] चर्च के पादरी, [[धर्ममीमांसा|धर्मशास्त्री]] और [[इतिहासकार]] के रूप में जाना जाता हैं। उन्होंने "सेंस-फॉर-सेंस" शब्द गढ़ा जब उन्होंने इस अनुवाद विधि को विकसित किया जब पोप डैमासस द्वारा गॉस्पल(सु समाचार) के मौजूदा अनुवादों की समीक्षा करने और अधिक विश्वसनीय लैटिन संस्करण का प्रकाशन करने का काम सौंपा गया था।<ref>{{Cite book|title=The New Oxford Annotated Bible with the Apocryphal/Deuterocanonical Books: New Revised Standard Version|last=Coogan|first=Michael David|last2=Brettler|first2=Marc Zvi|last3=Newsom|first3=Carol Ann|last4=Perkins|first4=Pheme|date=2007|publisher=Oxford University Press|isbn=9780195288803|location=Oxford|pages=466}}</ref> उन्होंने अपने "पम्माचियस को पत्र" में इस विधि का वर्णन किया, जहां उन्होंने कहा कि, "[[धर्म ग्रंथ|पवित्र शास्त्र]] के मामले को छोड़कर, जहां वाक्य रचना में भी एक रहस्य है", उन्होंने गैर-शब्द का अनुवाद किया शब्द के लिए शब्द नहीं बल्कि अर्थ के लिए अर्थ। उन्होंने एक ऐसी रूपरेखा को अपनाया जिसने पिछले अनुवादकों की गलतियों के साथ-साथ आलोचनात्मक विद्वानों के परिवर्तन और लापरवाह प्रतिलिपिकारों<ref>{{Cite book|title=The Murderous History of Bible Translations: Power, Conflict and the Quest for Meaning|url=https://archive.org/details/murderoushistory0000free_k4j5|last=Freedman|first=Harry|year=2016}}</ref> द्वारा की गई त्रुटियों को सबसे पुरानी यूनानी पांडुलिपियों को एकत्र करके ठीक किया, जिसकी तुलना उन्होंने पुराने लैटिन संस्करणों से की, और ग्रंथों का अनुवाद किया जो पहले संस्करण के मूल अर्थ के करीब है ।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Murderous History of Bible Translations: Power, Conflict and the Quest for Meaning|url=https://archive.org/details/murderoushistory0000free|last=Freedman|first=Harry|date=2016|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=9781472921673|location=London|pages=[https://archive.org/details/murderoushistory0000free/page/44 45]}}</ref> जेरोम ने भावगत अनुवाद के लिए अनुवाद की अवधारणा का आविष्कार नहीं किया था। इसे पहली बार सिसरो द्वारा डी ऑप्टिमो जीनरे ओरेटोरम (द बेस्ट काइंड ऑफ ओरेटर) में प्रस्तावित किया गया था। इस पाठ में, सिसरो कहा कि ग्रीक से लैटिन में अनुवाद करते हुए, "मुझे नहीं लगता था कि मुझे उन्हें पाठकों के लिए सिक्कों की तरह गिनना चाहिए, बल्कि उन्हें भार के हिसाब से भुगतान करना चाहिए, जैसा कि वह दिया गया था।" [[सिसरो|सिसेरो]] ने अपने कार्यों में भाव प्रधान अनुवाद का उल्लेख नहीं किया, लेकिन इसे एक प्रकार का "खंडीय" सिद्धांत माना जाता है, जिसका श्रेय उन्हें और होरेस को दिया जाता है। यह अनुवाद दृष्टिकोण विभाजन पर आधारित है, जो इस बात पर विचार करता है कि अगले खंड पर जाने से पहले एक खंड (शब्द, वाक्यांश, या वाक्य) कितना लंबा है।<ref>{{Cite book|title=Translation and Empire|last=Robinson|first=Douglas|date=2014|publisher=Routledge|isbn=9781900650083|location=Oxon|pages=50}}</ref> जेरोम "शब्द-दर-शब्द" शब्द के प्रवर्तक नहीं थे। यह संभवतः सिसेरो से लिया गया है, या संभवतः [[होरेस]] से, जिन्होंने प्राचीन कहानियों को मूल तरीके से फिर से बताने में रुचि रखने वाले लेखक को चेतावनी दी हैः "उन्हें शब्द के लिए शब्द प्रस्तुत करने की कोशिश न करें जैसे कुछ वफादार अनुवादक करते हैं । "। कुछ लोगों ने होरेस के उस अंश को अलग तरह से पढ़ा है। 510 ईस्वी में [[बोएथिउस|बोएथियस]] और 9वीं शताब्दी के मध्य में [[जोहन्नेस स्कोतुस युरिउगेना|जोहान्स स्कोटस एरिउजेना]] ने इस अर्थ कि व्याख्या कि की अनुवाद करना शाब्दिक रूप से " समर्पित दुभाषिया/अनुवादक की गलती" है, और डर है कि उन्होंने इसका वहन किया है।<ref name=":1" /> 1170 के दशक में पीसा के बुरगुन्डियो और 1702 में सर रिचर्ड शेरबर्न ने माना कि होरेस अनुवादकों को नहीं बल्कि मूल लेखकों को सलाह दे रहे हैं, लेकिन फिर भी मानते हैं कि वह सभी अनुवाद को शाब्दिक कह रहे हैं।<ref name=":1" /> अंत में, 1656 में जॉन डेनहम तथा 1992 में आंद्रे लेफेवेर ने होरेस को शाब्दिक अनुवाद के खिलाफ अनुवादकों को चेतावनी देने के लिए उदाहरण के रूप में लिया। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:अनुवाद अध्ययन]] [[श्रेणी:अनुवाद]] ffyhrymzyqx4ye5tnmnfbsxmr9eim5r ऑपइंडिया 0 1450426 6540988 6427920 2026-04-15T19:17:56Z Deltaspace42 917199 svg 6540988 wikitext text/x-wiki '''ऑपइंडिया''' एक भारतीय [[दक्षिणपन्थी राजनीति|दक्षिणपंथी]] समाचार वेबसाइट है जो अक्सर गलत सूचना प्रकाशित करती है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=OhBADwAAQBAJ|title=India Social: HOW SOCIAL MEDIA IS LEADING THE CHARGE AND CHANGING THE COUNTRY|last=लाल|first=ए॰|publisher=Hachette India|year=2017|isbn=978-93-5195-213-8|page=69|access-date=30 नवम्बर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221130141208/https://books.google.com/books?id=OhBADwAAQBAJ|archive-date=30 नवम्बर 2022}}</ref><ref>{{Cite journal|last=चढ़ा|first=कल्याणी|last2=भट|first2=प्रशान्त|date=2022-09-14|title=Alternative News Media and Critique of Mainstream Journalism in India: The Case of OpIndia|journal=Digital Journalism|publisher=Informa UK Limited|volume=10|issue=8|pages=1283–1301|doi=10.1080/21670811.2022.2118143|issn=2167-0811}}</ref>{{Refn|{{r|JIIC|p=1–2}}<ref name="IJNE" /><ref name="Nizaruddin 2021">{{cite journal |last1=Nizaruddin |first1=Fathima |title=Role of Public WhatsApp Groups Within the Hindutva Ecosystem of Hate and Narratives of "CoronaJihad" |journal=इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ कमन्यूकेशन |date=February 2021 |volume=15 |url=https://ijoc.org/index.php/ijoc/article/viewFile/16255/3370 |access-date=25 फ़रवरी 2021 |publisher=यूएससी एन्नेनबर्ग प्रेस |issn=1932-8036 |archive-date=29 अप्रैल 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210429093158/https://ijoc.org/index.php/ijoc/article/viewFile/16255/3370 |url-status=live }}</ref><ref name="Eaton 2020">{{cite book |last1=Eaton |first1=Natasha |title=Travel, Art and Collecting in South Asia: Vertiginous Exchange |date=December 14, 2020 |publisher=[[रूटलेज]] |isbn=978-1-000-26255-1 |url=https://books.google.com/books?id=HyAJEAAAQBAJ |url-access=limited |access-date=19 जनवरी 2021 |language=en |via=[[गूगल बुक्स]] |quote=The online press has many such stories whose intent is largely divided between sensationalism and anti Muslim sentiment as any browse of the right wing site www.opindia.com shows. |archive-date=26 मार्च 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230326135102/https://books.google.com/books?id=HyAJEAAAQBAJ |url-status=live }}</ref><ref name="xeAD7">{{cite web|access-date=21 अप्रैल 2020|title=Jamia Millia Shooting: Making of a Hindutva Terrorist|url=https://thediplomat.com/2020/02/jamia-millia-shootout-making-of-a-hindutva-terrorist/|website=द डिप्लोमेट|first=Soma|last=Bosu|date=3 फ़रवरी 2020|archive-date=15 अप्रैल 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200415101747/https://thediplomat.com/2020/02/jamia-millia-shootout-making-of-a-hindutva-terrorist/|url-status=live}}</ref><ref name="Bhushan" /><ref name="ET IFCN" /><ref name="5AuOT">{{Cite web|url=https://theprint.in/politics/bjp-supporters-have-a-secret-weapon-in-their-online-poll-campaign-satire/232321/|title=BJP supporters have a secret weapon in their online poll campaign — satire|last=Mihindukulasuriya|first=Regina|date=8 मई 2019|website=द प्रिंट|language=en-US|access-date=10 नवम्बर 2019|archive-date=10 नवम्बर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191110073902/https://theprint.in/politics/bjp-supporters-have-a-secret-weapon-in-their-online-poll-campaign-satire/232321/|url-status=live}}</ref><ref name="kuUQI">{{Cite web|url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/others/sunday-read/the-troll-who-turned/articleshow/64618891.cms|title=The troll who turned|last=Ghosh|first=Labonita|date=17 जून 2018|website=[[मुंबई मिरर]]|language=en|access-date=10 नवम्बर 2019|archive-date=10 नवम्बर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191110073857/https://mumbaimirror.indiatimes.com/others/sunday-read/the-troll-who-turned/articleshow/64618891.cms|url-status=live}}</ref><ref name="Manish" /><ref name="Gsyz4">{{Cite book|last=Chaturvedi|first=Swati|author-link=Swati Chaturvedi|url=https://books.google.com/books?id=NK5oDwAAQBAJ|title=I Am a Troll: Inside the Secret World of the BJP's Digital Army|date=2016|publisher=जगरनॉट बुक्स|isbn=9789386228093|pages=11, 23|language=en|access-date=16 सितम्बर 2020|archive-date=26 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230326135104/https://books.google.com/books?id=NK5oDwAAQBAJ|url-status=live}}</ref><ref name="Tables Turn" /><ref name="kamnM">{{cite web|first1=Harish|last1=Pullanoor|access-date=20 मार्च 2020|title=After Pulwama attack, Indians vent their anger at Pakistan, ethnic Kashmiris, and media|url=https://qz.com/india/1552829/after-pulwama-attack-indians-vent-their-anger-at-pakistan-ethnic-kashmiris-and-media/|website=क्वार्ट्ज़|date=17 फ़रवरी 2019|archive-date=20 मार्च 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200320235703/https://qz.com/india/1552829/after-pulwama-attack-indians-vent-their-anger-at-pakistan-ethnic-kashmiris-and-media/|url-status=live}}</ref><ref name="FPJ sacrifice" /><ref name="Caravan" />}} दिसंबर २०१४ में स्थापित,<ref name="Bhushan">{{Cite news|url=https://thewire.in/media/arnabs-republic-modis-ideology|title=Arnab's Republic, Modi's Ideology|last=भूषण|first=संदीप|date=25 जनवरी 2017|work=द वायर|access-date=4 जून 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20191101160231/https://thewire.in/media/arnabs-republic-modis-ideology|archive-date=1 नवम्बर 2019}}</ref> वेबसाइट ने कई मौकों पर [[असत्य समाचार|फर्जी समाचार]]{{Refn|<ref name="Z3blO">{{Cite web|url=https://www.altnews.in/search/OpIndia|title=Search results for OpIndia|website=ऑल्ट न्यूज़|language=en-GB|access-date=16 मार्च 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200316032246/https://www.altnews.in/search/OpIndia|archive-date=16 मार्च 2020|url-status=live}}</ref><ref name="W194m">{{Cite web|url=https://www.boomlive.in/search?search=OpIndia|title=Search results for OpIndia|website=Boom|access-date=16 मार्च 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200316032306/https://www.boomlive.in/search?search=OpIndia|archive-date=16 मार्च 2020|url-status=live}}</ref><ref name="BBC">{{cite web|url=http://downloads.bbc.co.uk/mediacentre/duty-identity-credibility.pdf|title=Duty, Identity, Credibility: 'Fake News' and the ordinary citizen in India|first1=Santanu|last1=Chakrabarti|first2=Lucile|last2=Stengel|first3=Sapna|last3=Solanki|date=20 नवम्बर 2018|publisher=[[बीबीसी]]|access-date=10 नवम्बर 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नकली समाचार|नकली समाचार]]<ref name="Kumar's description">{{cite book |last1=Kumar |first1=Keval J. |title=Mass Communication in India |date=2020 |publisher=जैको पब्लिशिंग हाउस |isbn=9788172243739 |page=71 |url=https://books.google.com/books?id=ECF7hjnZWfcC&pg=PT71 |access-date=1 दिसम्बर 2022 |archive-date=1 दिसम्बर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221201120542/https://books.google.com/books?id=ECF7hjnZWfcC&pg=PT71 |url-status=live }}</ref><br /> [[ट्रॉल (इण्टरनेट)|ट्रोलिंग]]<ref name="Kumar's description" /> | language = [[अंग्रेज़ी]], [[हिन्दी]] | founder = {{plainlist| * राहुल राज * कुमार कमल }} | CEO = राहुल रौशन | owner = आध्यासी मीडिया एवं सामग्री सेवा | editors = {{plainlist| * नूपुर जे० शर्मा (अंग्रेज़ी) * चंदन कुमार (हिन्दी)<ref name="About OpIndia Hindi" /> }} | launch_date = {{Start date and age|2014|12}} }}  ऑपइंडिया "[[उदारतावाद|उदारतावादी]] मीडिया" की [[आलोचना]]<ref name="IJNE" /> और [[भारतीय जनता पार्टी]]{{Refn|{{r|JIIC|p=4}}<ref name="BBC" /><ref 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name="1WmP3">{{cite web|first1=Shoaib|last1=Daniyal|access-date=2020-09-08|title=Modi goes secular? BJP's minimum outreach to Muslims is causing heartburn among party's supporters|url=https://scroll.in/article/931915/modi-goes-secular-bjps-minimum-outreach-to-muslims-is-causing-heartburn-among-partys-supporters|website=स्क्रॉल डॉट इन |date=28 जुलाई 2019|archive-date=1 अक्टूबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201001091404/https://scroll.in/article/931915/modi-goes-secular-bjps-minimum-outreach-to-muslims-is-causing-heartburn-among-partys-supporters|url-status=live}}</ref>}} और [[हिन्दुत्व|हिंदुत्व]] विचारधारा के समर्थन के लिए के लिए समर्पित है।{{Refn|{{r|JIIC|p=4}}<ref name="I5YeX">{{cite web|access-date=2020-09-08|title=Mumbai: Online battle over Aarey car shed gets ugly|url=https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/mumbai-online-battle-over-aarey-car-shed-gets-ugly-6004563/|date=18 सितम्बर 2019|website=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|first1=Mohamed|last1=Thaver|first2=Laxman|last2=Singh|archive-date=16 जनवरी 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पत्रकारों को शर्मसार किया है, जिन्हें वह भाजपा का विरोधी मानता है, और [[मीडिया पक्षपात|मीडिया पर हिंदुओं और भाजपा के खिलाफ पक्षपात का]] आरोप लगाया है।{{R|JIIC}} २०१९ में अंतर्राष्ट्रीय तथ्य जाँच संजाल ने फैक्ट चेकर के रूप में प्रमाणित होने के लिए ऑपइंडिया के आवेदन को खारिज कर दिया।<ref name="IFCN" /> अंतर्राष्ट्रीय तथ्य जाँच संजाल-प्रमाणित फैक्ट चेकर्स ने जनवरी २०१८ से जून २०२० तक ऑपइंडिया द्वारा प्रकाशित २५ फर्जी समाचारों और १४ गलत समाचारों की पहचान की।<ref name="Newslaundry June 2020" /> वेबसाइट का स्वामित्व आध्यासी मीडिया एंड कंटेंट सर्विसेज के पास है जो दक्षिणपंथी पत्रिका [[स्वराज्य (पत्रिका)|स्वराज्य]] की मूल कंपनी की पूर्व सहायक कंपनी है।{{R|JIIC}}<ref name="IJNE" /> ऑपइंडिया के वर्तमान सीईओ राहुल रौशन हैं, और वर्तमान संपादक नूपुर जे० शर्मा (अंग्रेजी) और चंदन कुमार (हिंदी) हैं।<ref name="About OpIndia Hindi">{{Cite web|url=https://hindi.opindia.com/about/|title=हमारे बारे में|website=ऑपइंडिया|language=hi|trans-title=About Us|archive-url=https://web.archive.org/web/20210418011013/https://hindi.opindia.com/about/|archive-date=18 अप्रैल 2021|access-date=14 अप्रैल 2021|quote=ऑपइंडिया (हिन्दी) के वर्तमान संपादक चंदन कुमार है}}</ref> == इतिहास == [[चित्र:OpIndia_ownership_graph.svg|पाठ=Diagram showing the ownership and leadership of OpIndia's parent company, Aadhyaasi Media and Content Services, as of June 2020|बाएँ|अंगूठाकार|261x261पिक्सेल| जून २०२० तक ऑपइंडिया की मूल कंपनी, आध्यासी मीडिया एंड कंटेंट सर्विसेज का स्वामित्व और नेतृत्व<ref name="Newslaundry June 2020" />]] ऑपइंडिया की स्थापना दिसंबर २०१४<ref name="IJNE" /> में राहुल राज और कुमार कमल द्वारा करंट अफेयर्स और समाचार वेबसाइट के रूप में की गई थी। ऑपइंडिया का स्वामित्व आध्यासी मीडिया एवं सामग्री सेवा, एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है।<ref name="Newslaundry June 2020" /> अक्टूबर २०१६ में आध्यासी मीडिया को [[कोयंबतूर|कोयम्बटूर]] स्थित एक कंपनी कोवई मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित किया गया था जो [[दक्षिणपन्थी राजनीति|दक्षिणपंथी]]<ref name="IJNE" /> पत्रिका [[स्वराज्य (पत्रिका)|स्वराज्य]]{{R|JIIC}} के भी मालिक हैं।<ref name="Tables Turn" /><ref name="Io67sDf" /> कोवई मीडिया के सबसे प्रमुख निवेशक [[इंफोसिस|इंफोसिस के]] पूर्व अधिकारी टीवी मोहनदास पई (तीन प्रतिशत स्वामित्व) और [[एन आर नारायणमूर्ति|एनआर नारायण मूर्ति]] (दो प्रतिशत स्वामित्व) थे। कोवई मीडिया ने जुलाई २०१८ तक आध्यासी मीडिया का स्वामित्व बरकरार रखा।<ref name="Newslaundry June 2020" /> साइट के संपादकीय रुख से असहमति के कारण राज ने ऑपइंडिया छोड़ दिया।<ref name="Tables Turn" /> नवंबर २०१८ में कोवई मीडिया से ऑपइंडिया और अध्यासी मीडिया अलग हो गए<ref name="Newslaundry June 2020" /> राहुल रौशन को ऑपइंडिया का सीईओ नियुक्त किया गया,<ref name="vBVq1">{{Cite web|url=https://www.altnews.in/opindia-ceo-rahul-roushan-calls-for-largescale-mindless-violence-deletes-tweet/|title=OpIndia CEO Rahul Roushan calls for mob violence, deletes tweet|date=17 फ़रवरी 2019|website=ऑल्ट न्यूज़ |archive-url=https://web.archive.org/web/20200531024550/https://www.altnews.in/opindia-ceo-rahul-roushan-calls-for-largescale-mindless-violence-deletes-tweet/|archive-date=31 मई 2020|access-date=18 मार्च 2020}}</ref> और नूपुर जे. शर्मा संपादक बनीं।<ref name="Io67sDf">{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/current-affairs/right-vs-wrong-arundhati-roy-mohandas-pai-funding-fake-news-busters-118040600594_1.html|title=Right vs Wrong: Arundhati Roy, Mohandas Pai funding fake news busters|last=मनीष|first=साई|date=7 अप्रैल 2018|work=[[बिजनेस स्टैंडर्ड]]|access-date=10 नवम्बर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191110095504/https://www.business-standard.com/article/current-affairs/right-vs-wrong-arundhati-roy-mohandas-pai-funding-fake-news-busters-118040600594_1.html|archive-date=10 नवम्बर 2019}}</ref> ट्रांज़िशन के बाद रौशन और शर्मा प्रत्येक के पास आधी-अध्य्यासी मीडिया का स्वामित्व था। जनवरी २०१९ में आध्यासी मीडिया को कौट कॉन्सेप्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया, जिसने आध्यासी मीडिया का ९८ प्रतिशत स्वामित्व प्राप्त कर लिया और रौशन और शर्मा को एक-एक प्रतिशत के साथ छोड़ दिया। कौट कॉन्सेप्ट्स की द फ्रस्ट्रैटेड इंडियन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में २६ प्रतिशत हिस्सेदारी है जो टीएफआई पोस्ट, एक [[हिन्दू राष्ट्रवाद|हिंदू राष्ट्रवादी]] वेबसाइट जिसे ''द फ्रस्ट्रेटेड इंडियन'' के नाम से भी जाना जाता है, का संचालक है और अशोक कुमार गुप्ता द्वारा निर्देशित है जो [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] से जुड़े हैं और [[भारतीय जनता पार्टी]] के लिए अभियान चलाते हैं। आध्यासी मीडिया के निदेशक शर्मा, गुप्ता और रौशन की पत्नी शैली रावल हैं।<ref name="Newslaundry June 2020" /> २०१८-२०१९ के वित्तीय वर्ष में आध्यासी मीडिया ने ₹१० लाख के लाभ की सूचना दी।<ref name="Newslaundry June 2020" /> मार्च और जून २०१९ के बीच, ऑपइंडिया ने [[फेसबुक]] पर ₹९०,००० राजनीतिक विज्ञापन खरीदे। नवंबर २०१९ में भाजपा ने फेसबुक को याचिका दी कि वह ऑपइंडिया को सोशल नेटवर्क पर विज्ञापन राजस्व प्राप्त करने की अनुमति दे<ref name="Newslaundry Facebook">{{Cite web|url=https://www.newslaundry.com/2020/09/01/bjp-asked-facebook-to-monetise-opindia-remove-bhim-army-page-indian-express|title=BJP asked Facebook to monetise OpIndia, remove Bhim Army page: Indian Express|date=1 सितम्बर 2020|website=न्यूज़लोंड्री|archive-url=https://web.archive.org/web/20200904121015/https://www.newslaundry.com/2020/09/01/bjp-asked-facebook-to-monetise-opindia-remove-bhim-army-page-indian-express|archive-date=4 सितम्बर 2020|access-date=2020-09-08}}</ref><ref name="pPx9K">{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/before-2019-polls-bjp-flagged-44-rival-pages-14-now-off-facebook-6578139/|title=Before 2019 polls, BJP flagged 44 'rival' pages, 14 now off Facebook|last=Mehrotra|first=Karishma|date=1 सितम्बर 2020|website=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20200905114723/https://indianexpress.com/article/india/before-2019-polls-bjp-flagged-44-rival-pages-14-now-off-facebook-6578139/|archive-date=5 सितम्बर 2020|access-date=2020-09-08}}</ref><ref name="oK1ic">{{Cite web|url=https://thewire.in/tech/bjp-facebook-india-deleted-pages-amit-malviya|title=On BJP's Request, Facebook Pulled Down 14 of 44 Flagged Pages, Reinstated 17 Deleted Pages|date=1 सितम्बर 2020|website=द वायर|archive-url=https://web.archive.org/web/20200913050652/https://thewire.in/tech/bjp-facebook-india-deleted-pages-amit-malviya|archive-date=13 सितम्बर 2020|access-date=2020-09-08}}</ref> २०२० में [[पश्चिम बंगाल पुलिस|पश्चिम बंगाल पुलिस ने]] ऑपइंडिया पर प्रकाशित सामग्री के जवाब में शर्मा, रौशन और अजीत भारती (ऑपइंडिया हिंदी के तत्कालीन संपादक) के खिलाफ [[प्राथमिकी]] दर्ज की। [[भारत का उच्चतम न्यायालय|भारत के सर्वोच्च न्यायालय]] ने प्रतिवादियों की एक याचिका पर सुनवाई के बाद जून २०२० में एफआईआर पर रोक लगा दी, जिसमें तर्क दिया गया था कि यह मामला [[पश्चिम बंगाल सरकार]] के [[अधिकारिता|अधिकार क्षेत्र]] से बाहर है।<ref name="nVhl8">{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/supreme-court-stays-firs-against-opindia-editors-gives-anchor-protection-from-arrest-6478264/|title=Supreme Court stays FIRs against OpIndia editors, gives anchor protection from arrest|date=27 जून 2020|publisher=एक्सप्रेस न्यूज़ सर्विस |via=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20200824184842/https://indianexpress.com/article/india/supreme-court-stays-firs-against-opindia-editors-gives-anchor-protection-from-arrest-6478264/|archive-date=24 अगस्त 2020|access-date=2020-09-07}}</ref><ref name="w4xrq">{{Cite web|url=https://thewire.in/law/supreme-court-stay-fir-journalists|title=As FIRs Against Media Pile Up, Inconsistent SC Response Points to Judicial Incoherence|last=Venkatesan|first=V.|date=28 जून 2020|website=द वायर|archive-url=https://web.archive.org/web/20200924133803/https://thewire.in/law/supreme-court-stay-fir-journalists|archive-date=24 सितम्बर 2020|access-date=2020-09-07}}</ref> दिसंबर २०२१ में सर्वोच्च न्यायालय ने एफआईआर को खारिज कर दिया, जब पश्चिम बंगाल राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने एफआईआर वापस लेने का फैसला किया है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/sc-quashes-fir-west-bengal-police-opindia-7665026/|title=Supreme Court quashes FIRs lodged by West Bengal police against 'OpIndia'|date=2021-12-10|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20220322201953/https://indianexpress.com/article/india/sc-quashes-fir-west-bengal-police-opindia-7665026/|archive-date=22 मार्च 2022|access-date=2022-03-22}}</ref> == संतुष्ट == ऑपइंडिया पूरी तरह से "[[उदारतावाद|उदार]] मीडिया" के रूप में वर्णित की निंदा करता है।<ref name="IJNE" /> २०१८ में ऑपइंडिया द्वारा प्रकाशित २८४ लेखों के विश्लेषण में मैरीलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता प्रशांत भट और कल्याणी चड्ढा ने ऑपइंडिया की सामग्री में पांच आवर्ती पैटर्न की पहचान की:<ref name="JIIC">{{Cite journal|last=Bhat|first=Prashanth|last2=Chadha|first2=Kalyani|date=31 मार्च 2020|title=Anti-media populism: Expressions of media distrust by right-wing media in India|url=https://www.tandfonline.com/doi/full/10.1080/17513057.2020.1739320|journal=Journal of International and Intercultural Communication|publisher=[[रूटलेज]]|volume=13|issue=2|pages=166–182|doi=10.1080/17513057.2020.1739320|archive-url=https://web.archive.org/web/20200615173226/https://www.tandfonline.com/doi/full/10.1080/17513057.2020.1739320|archive-date=15 जून 2020|access-date=21 फ़रवरी 2021|via=टेलर & फ्रांसिस}}</ref><ref name="Caravan" /> # ''गलतियों को [[असत्य समाचार|नकली समाचार]] के रूप में चित्रित करना:'' ऑपइंडिया ने [[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]], [[टाइम्स समूह|द टाइम्स ग्रुप]] और [[बीबीसी]] सहित विभिन्न मुख्यधारा के मीडिया आउटलेट्स में "गलत बयानों, गलत सुर्खियों या त्रुटियों" का कवरेज प्रदान किया है और उन्हें "फर्जी समाचार" होने का दावा किया है। आउटलेट द्वारा सुधार प्रकाशित किए जाने के बाद, ऑपइंडिया ने यह आरोप लगाना जारी रखा कि त्रुटियां जानबूझकर की गई थीं। भट और चड्ढा के अनुसार ऑपइंडिया द्वारा नियोजित बयानबाजी यूरोपीय दक्षिणपंथी लोकलुभावन प्रकाशनों द्वारा उपयोग की जाने वाली रणनीतियों के समान है, जिसका उद्देश्य मुख्यधारा के मीडिया में अविश्वास पैदा करना है।{{R|JIIC|p=5–6}} # ''पत्रकारों को शर्मसार करना :'' ऑपइंडिया ने विशिष्ट मुख्यधारा के मीडिया पत्रकारों की "पेशेवर अखंडता " पर हमला किया है, जिसे वेबसाइट ''द वायर'', ''[[द इंडियन एक्सप्रेस]]'', [[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]] और ''[[द क्विंट]]'' के पत्रकारों सहित सत्तारूढ़ भाजपा का विरोधी मानती है। ऑपइंडिया ने इन पत्रकारों पर [[यौन उत्पीड़न]], साहित्यिक [[साहित्यिक चोरी|चोरी]], वित्तीय कदाचार, "दुर्भावनापूर्ण संपादन" और अन्य प्रकार के अनैतिक व्यवहार का आरोप लगाया है। इस श्रेणी की कुछ ख़बरें "असंगतता या विरोधाभास" के लिए पत्रकारों के [[सामाजिक मीडिया|सोशल मीडिया]] खातों की निगरानी करके प्राप्त की गईं। भट और चड्ढा ने पत्रकारों पर हमला करने के ऑपइंडिया के तरीके की तुलना अमेरिकी दक्षिणपंथी प्रकाशनों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रथाओं से की।{{R|JIIC|p=6–7}} # ''पक्षपात का आरोप लगाना:'' ऑपइंडिया ने एक "समाचार मीडिया साजिश" के अस्तित्व का आरोप लगाया है जिसमें मुख्यधारा के मीडिया आउटलेट सत्तारूढ़ भाजपा और भारत के खिलाफ पक्षपाती हैं, और विपक्षी [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] (आईएनसी) के पक्ष में हैं, जिसे वेबसाइट "का हिस्सा मानती है" स्थापना "। ऑपइंडिया ने दावा किया कि मीडिया ने कैंब्रिज एनालिटिका के कांग्रेस के उपयोग का बहुत कम कवरेज किया, जबकि [[राफेल सौदा विवाद|राफेल सौदे के विवाद]] से निपटने के लिए भाजपा के बहुत अधिक कवरेज प्रदान किया। अंग्रेजी भाषा के आउटलेट ऑपइंडिया की आलोचना के प्राथमिक लक्ष्य हैं।{{R|JIIC|p=7–8}} # ''आलोचना को बढ़ाना:'' ऑपइंडिया ने नियमित रूप से ऐसी कहानियां छापी हैं जिनमें मशहूर हस्तियों और सार्वजनिक अधिकारियों ने मुख्यधारा के मीडिया आउटलेट्स की आलोचना की, और ऐसी रिपोर्टें जिनमें आउटलेट्स ने आलोचकों से माफी मांगी। इन कहानियों में ऑपइंडिया ने पत्रकारों पर "असंवेदनशीलता और गैरजिम्मेदारी", गलत सूचना, संवेदनशील जानकारी प्रकाशित करने और "राष्ट्रीय सुरक्षा" से समझौता करने सहित विभिन्न दोषों का आरोप लगाया। एक कहानी में ऑपइंडिया ने पत्रकार [[निधि राज़दान|निधि राजदान]] [[सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार|की सूचना और प्रसारण मंत्रालय]] की आलोचना को कवर किया, फिर स्थिति को "गलतफहमी" बताने के बाद मंत्री के सुधार को कम करके आंका।{{R|JIIC|p=8–9}} # ''भारत और [[हिन्दू|हिंदुओं]] के खिलाफ पूर्वाग्रह का आरोप लगाना:'' ऑपइंडिया ने भारतीय प्रकाशनों पर एक उदार [[मीडिया पक्षपात|मीडिया पूर्वाग्रह]] रखने और विशेष रूप से [[भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध|भारत-पाकिस्तान संबंधों]] के बारे में "भारत-विरोधी" कहानियों को प्रकाशित करने का आरोप लगाया है। वेबसाइट ने आरोप प्रकाशित किए कि मुख्यधारा के मीडिया आउटलेट "हिंदू विरोधी" थे, जिसमें [[टाइम्स नाऊ|टाइम्स नाउ]] और [[सीएनएन आईबीएन|सीएनएन-न्यूज़१८]] की फटकार भी शामिल है, जिसमें [[दीपावली|दीवाली]] के आसपास वजन घटाने के टिप्स और [[आतिशबाज़ी|आतिशबाजी]] पर प्रतिबंध लगाया गया था। भट और चड्ढा ने लिखा कि ऑपइंडिया द्वारा मुख्यधारा के मीडिया को ''अल्पसंख्यक समर्थक और बहुसंख्यक विरोधी'' के रूप में चित्रित करना नॉर्वेजियन और जर्मन दक्षिणपंथी वेबसाइटों के माध्यम से प्रसारित कथनों के अनुरूप है, और दीवाली के आरोप ''क्रिसमस पर युद्ध'' के आरोपों से मिलते जुलते हैं। अमेरिकी दक्षिणपंथी आउटलेट्स द्वारा प्रकाशित।{{R|JIIC|p=9–11}} राज ने २०१४ में ऑपइंडिया के लिए मीडिया के हेरफेर का मुकाबला करने और "तथ्य क्या हैं" से "क्या रिपोर्ट किया जा रहा है" में अंतर करने का इरादा किया था।<ref name="Newslaundry June 2020" /> २०१८ में शर्मा ने कहा कि ऑपइंडिया खुले तौर पर दक्षिणपंथी है और वैचारिक रूप से तटस्थ होने का दावा नहीं करता है।<ref name="Manish">{{Cite web|url=https://www.rediff.com/news/special/busting-fake-news-who-funds-whom/20180408.htm|title=Busting fake news: Who funds whom?|last=मनीष|first=साई|date=8 अप्रैल 2018|website=[[बिजनेस स्टैंडर्ड]]|language=en|via=[[रीडिफ.कॉम]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20200520174000/https://www.rediff.com/news/special/busting-fake-news-who-funds-whom/20180408.htm|archive-date=20 मई 2020|access-date=3 मार्च 2020}}</ref> शर्मा ने ऑपइंडिया के वाम-उदारवादी विचारों के प्रति अरुचि को २०१९ में वेबसाइट को "[[सत्तामीमांसा|सत्तामीमांसिक]] स्थिति जिसके आधार पर हम संचालित करते हैं" के रूप में वर्णित किया<ref name="ET IFCN" /> जून २०२० तक ऑपइंडिया ने अपनी वेबसाइट पर घोषणा की कि इसका उद्देश्य ऐसी सामग्री का निर्माण करना है जो "उदारवादी पूर्वाग्रह और राजनीतिक शुद्धता के बोझ से मुक्त हो"।<ref name="Newslaundry June 2020" /> साइट अपने पाठकों से लेख योगदान स्वीकार करती है।<ref name="IJNE">{{Cite book|title=Indian Journalism in a New Era: Changes, Challenges, and Perspectives|last=चढ़ा|first=कल्याणी|last2=भट|first2=प्रशान्त|date=14 फ़रवरी 2019|publisher=[[ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस]]|isbn=978-0-19-949082-0|editor-last=Rao|editor-first=Shakuntala|pages=115–140|chapter=The media are biased: Exploring online right wing responses to mainstream news media in India|access-date=12 मई 2020|chapter-url=https://www.researchgate.net/publication/322277601|via=[[रिसर्चगेट]]}}</ref> पॉइन्टर इंस्टिट्यूट के अंतर्राष्ट्रीय तथ्य जाँच संजाल द्वारा प्रमाणित फैक्ट चेकर्स, जिनमें [[ऑल्ट न्यूज़]] और बूम शामिल हैं, ने ऐसे कई उदाहरणों की पहचान की है जिनमें ऑपइंडिया ने फर्जी खबरें प्रकाशित की हैं। न्यूज़लॉन्ड्री डेटा संकलन के अनुसार ऑपइंडिया ने जनवरी २०१८ और जून २०२० के बीच २५ फ़र्ज़ी ख़बरें और १४ गलत ख़बरें प्रकाशित कीं, जिनकी तथ्य-जांच अन्य संगठनों द्वारा की गई थी। ऑपइंडिया पर झूठी खबरें अक्सर [[मुसलमान|मुसलमानों]] की आलोचना करती हैं।<ref name="Newslaundry June 2020" /> ''न्यूज़लॉन्ड्री को'' ऑपइंडिया पर १५ से २९ नवंबर २०१९ तक जारी २८ लेख मिले, जिनमें सुर्खियां थीं, जिनमें स्पष्ट रूप से विभिन्न अपराधों के अपराधियों के रूप में मुसलमानों का नाम था। इस चलन के चलते ऑपइंडिया छोड़ने वाले एक लेखक ने ''न्यूज़लॉन्ड्री को'' बताया, "अगर किसी घटना का आरोपी मुस्लिम समुदाय से है, तो आपको शीर्षक में उसका नाम लिखना होगा. खबर को इस तरह से छापना है कि पढ़ने वाला अगर हिंदू हो तो उसमें मुसलमानों के लिए नफरत पैदा होने लगे।"<ref name="Newslaundry January 2020">{{Cite news|url=https://www.newslaundry.com/2020/01/03/fake-news-lies-muslim-bashing-and-ravish-kumar-inside-opindias-harrowing-world|title=Fake news, lies, Muslim bashing, and Ravish Kumar: Inside OpIndia's harrowing world|last=Kumar|first=Basant|date=3 जनवरी 2020|work=न्यूज़लोंड्री|access-date=3 जनवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20210131220528/https://www.newslaundry.com/2020/01/03/fake-news-lies-muslim-bashing-and-ravish-kumar-inside-opindias-harrowing-world|archive-date=31 जनवरी 2021|language=en-UK}}</ref> अप्रैल २०२० में भारती ने [[हिन्दुत्व|हिंदुत्व]]<nowiki/>-उन्मुख [[वाट्सऐप|व्हाट्सएप]] समूहों के बीच प्रसारित एक ऑपइंडिया वीडियो में मुस्लिम " [[शहीद|शहादत]] " पर [[2020 भारत में कोरोनावायरस महामारी|भारत में कोविड-१९ महामारी]] की गंभीरता को जिम्मेदार ठहराया। मार्च २०२० में [[विकिपीडिया]] समुदाय द्वारा ऑपइंडिया को एक अविश्वसनीय स्रोत घोषित किए जाने के बाद, ऑपइंडिया ने विकिपीडिया को नकारात्मक रूप से चित्रित करते हुए नियमित रूप से समाचार सामग्री प्रकाशित करना शुरू किया; इसने [[अंग्रेज़ी विकिपीडिया|अंग्रेजी विकिपीडिया]] पर वामपंथी और [[समाजवाद|समाजवादी]] पूर्वाग्रह रखने का आरोप लगाया है।<ref>{{Cite web|url=https://slate.com/technology/2022/06/wikipedia-administrator-election-tamzin.html|title=Inside Wikipedia's Historic, Fiercely Contested "Election"|last=Harrison|first=Stephen|date=2022-06-16|website=स्लेट|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20220824123521/https://slate.com/technology/2022/06/wikipedia-administrator-election-tamzin.html|archive-date=24 अगस्त 2022|access-date=2022-09-14}}</ref><ref name="Caravan" /> २०२२ में [[टीकरी, बागपत|टिकरी]] विरोध स्थल पर एक महिला द्वारा ऑपइंडिया को एक कानूनी नोटिस भेजा गया था, जिसमें उन्होंने [[डॉक्सिंग|उसकी जानकारी सार्वजनिक की]] और झूठा दावा किया था कि इलाके पर उसके साथ [[डॉक्सिंग|बलात्कार]] किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.altnews.in/opindia-twists-womans-allegation-of-eve-teasing-at-tikri-border-as-rape-woman-issues-legal-notice/|title=OpIndia twists woman's allegation of eve-teasing at Tikri border as 'rape', woman issues legal notice|date=2021-06-14|website=ऑल्ट न्यूज़|language=en-GB|archive-url=https://web.archive.org/web/20210616043029/https://www.altnews.in/opindia-twists-womans-allegation-of-eve-teasing-at-tikri-border-as-rape-woman-issues-legal-notice/|archive-date=16 जून 2021|access-date=2021-06-15}}</ref> === बिहार मानव बलि का दावा === ९–१४ मई २०२० के बीच ऑपइंडिया ने सात लेखों की एक शृंखला प्रकाशित की (एक अंग्रेजी में और छह हिंदी में) जिसमें झूठा दावा किया गया कि रोहित जायसवाल नामक एक हिंदू लड़के की कटेया, [[गोपालगंज]], [[बिहार]] के बेला दीह नामक गाँव के एक [[मस्जिद]] में [[मानव बलि|बलि दी गई]] थी, जिसके बाद २८ मार्च को उसके [[मानव शव का प्रशमन|शव को नदी में फेंक दिया गया]]।<ref name="Quint sacrifice" /> लेखों में ऑपइंडिया ने आरोप लगाया कि सभी संदिग्ध अपराधी मुसलमान थे।<ref name="Quint sacrifice" /> एक लेख में कहा गया है, "गाँव में एक नई मस्जिद का निर्माण किया गया था और यह आरोप लगाया जा रहा था कि यह धारणा थी कि यदि किसी हिंदू की बलि दी जाती है, तो मस्जिद शक्तिशाली हो जाएगी और उसका प्रभाव बढ़ जाएगा।"<ref name="Quint sacrifice" /><ref name="Alt News sacrifice" /> कहानियों के साथ जायसवाल की बहन और पिता के वीडियो भी थे, जिनमें से किसी ने भी बलिदान या मस्जिद का उल्लेख नहीं किया।<ref name="Alt News sacrifice" /> जायसवाल की [[शवपरीक्षा|पोस्टमॉर्टम]] रिपोर्ट ने संकेत दिया कि उनकी मृत्यु का कारण "[[पानी में डूबना|डूबने]] के कारण [[श्वासावरोध]]" था।<ref name="Alt News sacrifice" /><ref name="Newslaundry sacrifice" /> जायसवाल की माँ सहित [[गाँव]] के स्थानीय निवासियों ने मानव बलि के दावों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया,<ref name="Quint sacrifice" /><ref name="Alt News sacrifice" /> और एक स्थानीय पत्रकार ने कहा कि गाँव में एक नई मस्जिद नहीं थी।<ref name="Quint sacrifice" /> २९ मार्च को पिता द्वारा दायर की गई [[प्राथमिकी|प्रथम सूचना रिपोर्ट]] में छह संदिग्धों (पाँच मुसलमान और एक हिंदू लड़के)<ref name="Wire sacrifice" /> को सूचीबद्ध किया गया था और बलिदान या मस्जिद का संदर्भ नहीं दिया गया था।<ref name="Alt News sacrifice" /><ref name="Newslaundry sacrifice" /> ऑपइंडिया ने बाद में जायसवाल के पिता के साथ अपने साक्षात्कार की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि जायसवाल की एक मस्जिद में हत्या कर दी गई थी। न्यूज़लॉन्ड्री के साथ एक अनुवर्ती साक्षात्कार में पिता ने दावे को वापस ले लिया और कहा कि उन्होंने जायसवाल की मौत के इर्द-गिर्द ध्यान आकर्षित करने के लिए "निराली हताशा" में आरोप लगाए। न्यूज़लॉन्ड्री ने ऑपइंडिया हिंदी के तत्कालीन संपादक भारती का साक्षात्कार लेने के बाद ऑपइंडिया ने संदिग्ध अपराधियों के विवरण में "सभी मुसलमान" वाक्यांश से "सभी" शब्द हटा दिया।<ref name="Newslaundry sacrifice" /> बिहार पुलिस के उपमहानिरीक्षक विजय कुमार वर्मा ने १४ मई को खुलासा किया कि उन्होंने मानव बलि के झूठे दावों की रिपोर्टिंग के लिए [[भारतीय दण्ड संहिता|भारतीय दंड संहिता]] के [[सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000|सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, २०००]] की धारा ६७ (अश्लीलता) और धारा २९५ (ए) (धार्मिक आक्रोश भड़काने) के तहत ऑपइंडिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।<ref name="FPJ sacrifice">{{Cite web|url=https://www.freepressjournal.in/india/why-bihar-police-filed-an-fir-against-opindia-and-other-right-wing-website-against-minors-death|title=Why Bihar Police filed an FIR against OpIndia and other right-wing website over minor's death|date=17 मई 2020|website=द फ्री प्रेस जर्नल|archive-url=https://web.archive.org/web/20200618031914/https://www.freepressjournal.in/india/why-bihar-police-filed-an-fir-against-opindia-and-other-right-wing-website-against-minors-death|archive-date=18 जून 2020|access-date=17 जून 2020}}</ref><ref name="Wire sacrifice">{{Cite web|url=https://thewire.in/communalism/bihar-opindia-khabartak-minor-murder-muslims|title=Bihar: Case Against Rightwing Sites For Fake Claims of Communal Angle in Minor's Murder|last=आलम|first=माहताब|date=15 मई 2020|website=द वायर|archive-url=https://web.archive.org/web/20210501012533/https://thewire.in/communalism/bihar-opindia-khabartak-minor-murder-muslims|archive-date=1 मई 2021|access-date=20 मई 2020}}</ref><ref name="Quint sacrifice">{{Cite web|url=https://www.thequint.com/news/india/bihar-gopalganj-case-minor-hindu-boy-sacrificed-in-mosque-family-says-nobody-witnessed|title=Hindu 'Sacrificed' in Bihar Mosque? Family Says Nobody Witnessed|last=चन्द्रा|first=दिव्या|date=18 मई 2020|website=[[द क्विंट]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20200525234037/https://www.thequint.com/news/india/bihar-gopalganj-case-minor-hindu-boy-sacrificed-in-mosque-family-says-nobody-witnessed|archive-date=25 मई 2020|access-date=20 मई 2020}}</ref> प्राथमिकी में कहा गया है कि ऑपइंडिया ने "मामले को जाने या समझे बिना" दावों को प्रकाशित किया।<ref name="Alt News sacrifice">{{Cite web|url=http://www.altnews.in/gopalganj-boy-drowned-in-river-opindia-falsely-claimed-that-minor-hindu-boy-sacrificed-by-mosque/|title=Gopalganj case: Boy drowns in river, OpIndia claims he was sacrificed in a mosque|last=झा|first=प्रियंका|last2=सिन्हा|first2=प्रतीक|date=17 मई 2020|website=ऑल्ट न्यूज़|archive-url=https://web.archive.org/web/20200517143624/https://www.altnews.in/gopalganj-boy-drowned-in-river-opindia-falsely-claimed-that-minor-hindu-boy-sacrificed-by-mosque/|archive-date=17 मई 2020|access-date=20 मई 2020}}</ref> १७ मई को बिहार पुलिस के [[पुलिस महानिदेशक|महानिदेशक]] गुप्तेश्वर पांडे ने डूबने की घटना की जाँच की और मानव बलि के दावों या मौत के पीछे [[सांप्रदायिक हिंसा|सांप्रदायिक मंशा]] के संदेह का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं मिला।<ref name="Quint sacrifice" /><ref name="Alt News sacrifice" /><ref name="Newslaundry sacrifice">{{Cite web|url=https://www.newslaundry.com/2020/05/19/human-sacrifice-in-mosque-how-opindia-communalised-a-bihar-boys-death|title='Human sacrifice in mosque': How OpIndia communalised a Bihar boy's death|last=कुमार|first=बसन्त|date=19 मई 2020|website=न्यूज़लोंड्री|archive-url=https://web.archive.org/web/20200528025541/https://www.newslaundry.com/2020/05/19/human-sacrifice-in-mosque-how-opindia-communalised-a-bihar-boys-death|archive-date=28 मई 2020|access-date=20 मई 2020}}</ref> === साहित्यिक चोरी === ऑपइंडिया मूल प्रकाशकों को जिम्मेदार ठहराए बिना अपने लेखों में [[साहित्यिक चोरी]] और कॉपीराइट उल्लंघन में भी शामिल रहा है। ऑल्ट न्यूज़ को बाद में इसका पता तब चला जब ऑपइंडिया ने तीन कश्मीरी पत्रकारों के बारे में २०२० पुलित्ज़र पुरस्कार नामांकन को कवर करते हुए एक लेख प्रकाशित किया, जिन्हें उनकी तस्वीरों के लिए सम्मानित किया गया था<ref name="altnews.in">{{Cite web|url=http://www.altnews.in/opindias-article-on-yellow-journalism-is-a-work-of-plagiarism/|title=OpIndia's article on 'yellow journalism' is a work of plagiarism|last=Jawed|first=Sam|date=2020-05-09|website=ऑल्ट न्यूज़|language=en-GB|archive-url=https://web.archive.org/web/20201021103931/https://www.altnews.in/opindias-article-on-yellow-journalism-is-a-work-of-plagiarism/|archive-date=21 अक्टूबर 2020|access-date=2020-09-26}}</ref> जो सत्तारूढ़ पार्टी, भाजपा द्वारा २०१९ में [[कश्मीर विवाद|कश्मीर संघर्ष]] से जुड़े अनुच्छेद ३७० को रद्द करना के बाद लगाए गए राज्यव्यापी तालाबंदी के दौरान ली गई थी।<ref name="Al Jazeera 2020">{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/news/2020/5/4/aps-kashmir-photographers-win-pulitzer-for-lockdown-coverage|title=AP's Kashmir photographers win Pulitzer for lockdown coverage – India|date=2020-05-04|website=अल ज़ज़ीरा|archive-url=https://web.archive.org/web/20210305111936/https://www.aljazeera.com/news/2020/5/4/aps-kashmir-photographers-win-pulitzer-for-lockdown-coverage|archive-date=5 मार्च 2021|access-date=2020-09-26}}</ref> == स्वागत == मार्च २०१९ में अंतर्राष्ट्रीय तथ्य जाँच संजाल ने फैक्ट चेकर के रूप में प्रमाणित होने के लिए ऑपइंडिया के आवेदन को खारिज कर दिया।<ref name="ET IFCN">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/tech/internet/can-fact-checking-emerge-as-big-and-viable-business/articleshow/69210719.cms|title=Can fact-checking emerge as big and viable business?|last=अनन्त|first=वेंकट|date=7 मई 2019|work=[[The Economic Times]]|access-date=10 नवम्बर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190808111231/https://economictimes.indiatimes.com/tech/internet/can-fact-checking-emerge-as-big-and-viable-business/articleshow/69210719.cms|archive-date=8 अगस्त 2019}}</ref> कई श्रेणियों पर आंशिक अनुपालन को ध्यान में रखते हुए, अंतर्राष्ट्रीय तथ्य जाँच संजाल ने राजनीतिक पक्षपात और पारदर्शिता की कमी के आधार पर आवेदन को खारिज कर दिया, और संदिग्ध तथ्य-जांच पद्धतियों पर चिंता जताई।<ref name="IFCN">{{Cite web|url=https://ifcncodeofprinciples.poynter.org/application/public/opindiacom/EED18C9F-C8B2-258A-BB43-7E90FA57C26C|title=OpIndia.com: Conclusions and recommendations|last=कौर|first=कंचन|date=11 फ़रवरी 2019|website=इंटरनेशनल फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क|archive-url=https://web.archive.org/web/20190310013235/https://ifcncodeofprinciples.poynter.org/application/public/opindiacom/EED18C9F-C8B2-258A-BB43-7E90FA57C26C|archive-date=10 मार्च 2019|access-date=12 दिसम्बर 2019}}</ref> अस्वीकृति ने ऑपइंडिया को [[फेसबुक]] और [[गूगल]] के स्वामित्व वाली वेब संपत्तियों के तथ्य-जाँच अनुबंधों से अयोग्य घोषित कर दिया। इसके जवाब में शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय तथ्य जाँच संजाल के आकलन की आलोचना की और "घोषित वैचारिक झुकाव" वाले आउटलेट्स को स्वीकार करने का आग्रह किया।<ref name="ET IFCN" /> सह-संस्थापक राज के ऑपइंडिया छोड़ने के बाद, उन्होंने अगस्त २०१९ में [[ट्विटर]] पर वेबसाइट को भाजपा का "अंधा मुखपत्र" बताया<ref name="Newslaundry June 2020" /> राज ने शर्मा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह और अन्य "[[ट्रॉल (इण्टरनेट)|ट्रोल]] के रूप में शुरू हुए" और "पूछताछ किए जाने पर पीड़ित कार्ड को गाली देते हैं और खेलते हैं"।<ref name="Tables Turn">{{Cite web|url=https://thewire.in/media/twitter-handles-bjp-free-speech-right-wing-media|title=Tables Turn on Twitter's Hindutva Warriors, and It's the BJP Doing the Strong-Arming|last=मथारू|first=अलीशा|website=द वायर|archive-url=https://web.archive.org/web/20200516165733/https://thewire.in/media/twitter-handles-bjp-free-speech-right-wing-media|archive-date=16 मई 2020|access-date=19 मार्च 2020}}</ref> ऑपइंडिया को मार्च २०२० में (''स्वराज्य'' और ''टीएफआईपोस्ट'' के साथ) [[विकिपीडिया]] से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था, जब शर्मा ने ऑपइंडिया के एक टुकड़े में एक विकिपीडिया संपादक के बारे में [[डॉक्सिंग|व्यक्तिगत रूप से पहचानने वाली जानकारी प्रकाशित की]], जिसने [[2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगे|२०२० के दिल्ली दंगों]] पर विश्वकोश के लेख को लिखने में मदद की, जिसके परिणामस्वरूप संपादक ने विकिपीडिया छोड़ दिया।<ref name="Caravan">{{Cite web|url=https://caravanmagazine.in/media/wikipedia-earned-ire-hindu-right|title=How Wikipedia earned the ire of the Hindu Right|last=कौंतिया |first=निशान्त |date=30 नवम्बर 2020|website=द कारवाँ|url-access=subscription|archive-url=https://web.archive.org/web/20201207013821/https://caravanmagazine.in/media/wikipedia-earned-ire-hindu-right|archive-date=7 दिसम्बर 2020|access-date=9 दिसम्बर 2020}}</ref> एक ब्रिटिश [[सामाजिक मीडिया|सोशल मीडिया]] अभियान स्टॉप फंडिंग हेट ने संगठनों से मई २०२० में ऑपइंडिया से अपना विज्ञापन वापस लेने का आग्रह किया, जब वेबसाइट ने एक लेख प्रकाशित किया जिसमें कहा गया था कि व्यवसायों को यह घोषित करने में सक्षम होना चाहिए कि वे मुसलमानों को नौकरी पर नहीं रखते हैं। अभियान के प्रमुख रिचर्ड विल्सन ने कहा कि "ऑपइंडिया अपने घृणित और भेदभावपूर्ण कवरेज के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात हो रहा है" और इस अभियान ने "धार्मिक आधार पर भेदभाव की ऐसी खुली वकालत शायद ही कभी देखी हो"। २० से अधिक संगठन,<ref name="Newslaundry June 2020">{{Cite web|url=https://www.newslaundry.com/2020/06/23/opindia-hate-speech-vanishing-advertisers-and-an-undisclosed-bjp-connection|title=OpIndia: Hate speech, vanishing advertisers, and an undisclosed BJP connection|last=तिवारी|first=आयूष|date=23 जून 2020|website=न्यूज़लोंड्री|archive-url=https://web.archive.org/web/20211217205447/https://www.newslaundry.com/2020/06/23/opindia-hate-speech-vanishing-advertisers-and-an-undisclosed-bjp-connection|archive-date=17 दिसम्बर 2021|access-date=27 जून 2020}}</ref> जिनमें विज्ञापन नेटवर्क रूबिकॉन प्रोजेक्ट, वीडियो स्ट्रीमिंग सेवा मुबी, पर्सनल केयर ब्रांड हैरीज़ और सैद बिजनेस स्कूल शामिल हैं, अभियान के परिणामस्वरूप ऑपइंडिया पर विज्ञापन देना बंद कर दिया। शर्मा ने जवाब दिया कि वह "हमारे लेख और हमारी सामग्री पर १००% टिकी रहेंगी" और यह कि ऑपइंडिया "अपने मूल विश्वास प्रणाली या सामग्री को कभी नहीं बदलेगा"।<ref name="Scroll SFH">{{Cite web|url=https://scroll.in/latest/963320/mubi-other-brands-drop-advertisements-from-opindia-following-stop-funding-hate-campaign|title=MUBI, other brands drop advertisements from OpIndia following 'Stop Funding Hate' campaign|date=30 मई 2020|website=स्क्रॉल डॉट इन|archive-url=https://web.archive.org/web/20200604190002/https://scroll.in/latest/963320/mubi-other-brands-drop-advertisements-from-opindia-following-stop-funding-hate-campaign|archive-date=4 जून 2020|access-date=4 जून 2020}}</ref><ref name="pOFFr">{{Cite web|url=https://www.thequint.com/news/webqoof/opindia-loses-ads-after-uk-based-stop-funding-hate-campaign|title=OpIndia Loses Ads After UK-Based 'Stop Funding Hate' Campaign|last=गोयल|first=कृतिका|date=29 मई 2020|website=[[द क्विंट]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20200604201602/https://www.thequint.com/news/webqoof/opindia-loses-ads-after-uk-based-stop-funding-hate-campaign|archive-date=4 जून 2020|access-date=4 जून 2020}}</ref> रौशन ने कहा कि विज्ञापन ऑपइंडिया के राजस्व का अल्पांश बनाते हैं और दावा किया कि अभियान के दौरान ऑपइंडिया को दान में "७००% उछाल" प्राप्त हुआ।<ref name="Newslaundry June 2020" /> == इन्हें भी देखें == * [[भारत में नकली समाचार]] == सन्दर्भ == {{reflist}} [[श्रेणी:समाचार मीडिया छलसाधन]] [[श्रेणी:हिन्दुत्व]] [[श्रेणी:इस्लाम एवं राजनीति]] [[श्रेणी:हिन्दू आतंकवाद]] cqtrwib9mhwoaf9tvfnrwaut0272kxh बॉय एंड द वर्ल्ड 0 1458570 6540938 6303476 2026-04-15T13:31:39Z Citexji 915668 6540938 wikitext text/x-wiki {{Infobox film | name = बॉय एंड द वर्ल्ड | image = Boy and the World film poster.png | caption = प्रमोशनल रिलीज पोस्टर | director = [[अले अब्रू]] | writer = अले अब्रू | producer = टीटा टेस्लर<br />फर्नांडा कार्वाल्हो | starring = विनीसियस गार्सिया<br />फेलिप ज़िल्से<br />अले अब्रू<br />लू होर्ता<br />मार्को ऑरेलियो कैंपोस<br />कैसियस रोमेरो | editing = अले अब्रू | music = रूबेन फेफर<br />गुस्तावो कुर्लाट | studio = फिल्म डी पपेल | distributor = एसपासो फिल्म्स | released = {{Film date|2013|09|20|[[ओटावा अंतर्राष्ट्रीय एनिमेशन 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World|date=2015-12-11|website=[[रॉटेन टमेटोज़]]|language=en|access-date=2023-05-28}}</ref> [[मॅटाक्रिटिक]], जो एक भारित औसत का उपयोग करता है, ने फिल्म को 18 आलोचकों के आधार पर 100 में से 80 का स्कोर दिया, जो "आम तौर पर अनुकूल समीक्षा" को दर्शाता है।<ref>{{Citation|title=Boy and the World|url=https://www.metacritic.com/movie/boy-and-the-world|work=[[मॅटाक्रिटिक]]|language=en|access-date=2023-05-28}}</ref> === पुरस्कार === {| class="wikitable" |+ !वर्ष !पुरस्कार !श्रेणी !परिणाम |- |2016 |[[अकेडमी पुरस्कार]] |सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फिल्म | {{nom}}<ref>{{Cite web|url=https://g1.globo.com/pop-arte/oscar/2016/noticia/2016/01/brasil-e-indicado-ao-oscar-de-melhor-animacao-com-o-menino-e-o-mundo.html|title=Brasil é indicado ao Oscar de melhor animação com 'O menino e o mundo'|last=G1|first=Do|last2=Paulo|first2=em São|date=2016-01-14|website=Oscar 2016|language=pt-br|access-date=2023-05-28}}</ref> |} == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * {{आईएमडीबी शीर्षक|id=3183630}} * {{रॉटेन टमेटोज़|boy_and_the_world}} * {{मॅटाक्रिटिक फ़िल्म|boy-and-the-world}} * {{AllMovie title|id=2001239577}} * {{Bcdb title|150743}} * {{फिल्म आत्मीयता|298900}} * {{Douban|25741398}} [[श्रेणी:2013 की फ़िल्में]] [[श्रेणी:एनिमेशन]] 2yh43eacomgpp3zvm3sazanfraop17w सदस्य वार्ता:Manikantkmr 3 1459816 6541112 6394324 2026-04-16T06:22:13Z TypeInfo 719692 सूचना: [[:अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान)]] को शीघ्र हटाने का नामांकन 6541112 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Manikantkmr}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 06:19, 3 जून 2023 (UTC) == [[:भारत में सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलन|भारत में सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलन]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:भारत में सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलन|भारत में सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलन]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/भारत में सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलन|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/भारत में सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलन]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>मूल शोध।</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 19:29, 8 अप्रैल 2025 (UTC) == [[:अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान)|अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान)]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान)|अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व3|मापदंड व3]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व3|व3]]{{*}} साफ़ बर्बरता'''</center> इस मापदंड के अंतर्गत ऐसे पृष्ठ आते हैं जिनपर केवल बर्बरता हो। यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि आपके ज्ञान में इस पृष्ठ के इतिहास में बर्बरता-मुक्त कोई अवतरण है तो उसकी जानकारी इस पृष्ठ के वार्ता पृष्ठ पर दें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।<!-- Template:Db-csd-notice-custom --> [[User:TypeInfo|<b style="font-variant:small-caps;border:2px solid #d32730;padding:0 9px;background:linear-gradient(#0842cd,#139c43);color:#f7eda1;border-radius:6px">टाइपइन्फो</b>]] ([[User talk:TypeInfo|talk]]) 06:22, 16 अप्रैल 2026 (UTC) 7b8u13pnqcwqa1x20xrap672udk2tnq आनंद मल्लिगावद 0 1486970 6541039 5966902 2026-04-16T02:42:14Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6541039 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक लेखक | name = आनंद मल्लिगावड | birth_name = आनंद मल्लिगावड | birth_date = {{birth year and age|1981}} | birth_place = [[कोप्पल जिला]], [[कर्नाटक]], [[भारत]] | nationality = Indian | occupation = जल संरक्षणवादी | genre = | period = 2017&ndash;present | movement = | spouse = | children = | signature = | website = }} '''आनंद मल्लिगावड को''' "भारत के लेकमैन" के रूप में भी जाना जाता है। वे बेंगलुरु के एक भारतीय [[संरक्षणवाद|जल संरक्षणवादी]] हैं। <ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2023/09/22/world/asia/bengaluru-india-lake-reclamation.html|title=India’s ‘Lake Man’ Relies on Ancient Methods to Ease a Water Crisis|last=Yasir|first=Sameer|date=2023-09-22|work=The New York Times|access-date=2023-09-25|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> उन्हें उनके 23 बिगड़ती झीलों के पुनरुद्धार के लिए जाना जाता है, जिनमें उनका महत्वपूर्ण योगदान है।<ref>{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/program/witness/2021/3/22/catching-the-rain-in-india-dead-lakes-alive|title=Catching the rain in India: Dead Lakes Alive|website=www.aljazeera.com|language=en|access-date=2023-09-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.newindianexpress.com/cities/bengaluru/2017/jun/16/man-leads-village-to-create-a-lake-1617525.html|title=Man leads village to create a lake|website=The New Indian Express|access-date=2023-09-25}}</ref> == प्रारंभिक जीवन == मल्लिगावद का जन्म 1981 में [[कर्नाटक]] के [[कोप्पल जिला|कोप्पल जिले]] में हुआ था। उनका झील संरक्षण क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम 2017 में शुरू हुआ, जब उन्होंने बी. मुथुरमन के साथ संसेरा फाउंडेशन के साथ काम करना शुरू किया,<ref>{{Cite news|url=https://bangaloremirror.indiatimes.com/bangalore/cover-story/the-lake-whisperer-ex-vice-chairman-of-tata-steel-revives-a-36-acre-water-body-near-electronics-city/articleshow/63549753.cms|title=Meet the lake whisperer of Bengaluru: Ex-Vice Chairman of Tata Steel revives a 36-acre water body near Electronics City|date=31 March 2018|work=Bangalore Mirror|access-date=2023-09-25|language=en}}</ref> ताकि अनेकल के पास क्यालसानाहल्ली झील की पुनर्स्थापना परियोजना को आरंभ किया जा सके।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/lifestyle/life-style/anand-malligavad-mechanical-engineer-bengaluru-lakes-rejuvenation-conservation-7716190/|title=Meet mechanical engineer Anand Malligavad, who left his job to revive Bengaluru’s dying lakes|date=2022-01-17|website=The Indian Express|language=en|access-date=2023-09-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/news/national-anand-malligavad-mechanical-engineer-from-bengaluru-a-man-of-lake-rejuvenation-jagran-special-19829142.html|title=Silicon City में झीलों को नया जीवन देने के मिशन पर Anand Malligavad, पढ़े पूरी खबर - Anand Malligavad Mechanical Engineer from Bengaluru A man of Lake Rejuvenation Jagran Special|website=Jagran|language=hi|access-date=2023-09-25}}</ref> 2019 में, उन्होंने मल्लीगावाद फाउंडेशन की स्थापना की और संरक्षण के लिए खुद को समर्पित करने के लिए अपना इंजीनियरिंग पेशा छोड़ दिया। <ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/biocon-group-launches-month-long-sustainability-initiatives-with-nature-positive-campaign/article67032101.ece|title=Biocon Group concludes month-long sustainability initiatives with ‘Nature Positive’ campaign|last=Bureau|first=The Hindu|date=2023-07-02|work=The Hindu|access-date=2023-09-25|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ObvJEAAAQBAJ&newbks=0&printsec=frontcover&dq=a+life+with+lakes+Anand+Malligavad&hl=en|title=A Life with Lakes|last=Malligavad|first=Anand|date=2023-02-01|publisher=Wyzr Content Pvt. Ltd.|isbn=978-81-958168-7-3|language=en}}</ref> उन्हें [[रोटरी फाउंडेशन]] द्वारा सामुदायिक सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। <ref>{{Cite web|url=https://worldcsrday.com/National-CSR-Leadership-Congress-and-Awards/role_players19.html#anand-malligavad|title=National CSR Leadership Congress & Awards|website=worldcsrday.com|access-date=2023-09-25|archive-date=26 अक्तूबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221026141243/https://worldcsrday.com/National-CSR-Leadership-Congress-and-Awards/role_players19.html#anand-malligavad|url-status=dead}}</ref> == संदर्भ == [[श्रेणी:कन्नड़ लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1981 में जन्मे लोग]] 79gjvc5n4zsjujp0lb8uxsvvj1dlbun केदार कार्की 0 1498335 6540991 6365263 2026-04-15T19:22:21Z ~2026-23169-31 920579 6540991 wikitext text/x-wiki {{Infobox Officeholder|honorific prefix=[[माननीय]]|name=केदार कार्की|image=|office=[[कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री]]|termstart=15 अक्टूबर 2023|termend=9 मई 2024|governor=[[परशुराम खापुङ]]|predecessor=[[हिकमतकुमार कार्की|हिक्मतकुमार कार्की]]|successor=हिक्मतकुमार कार्की}} केदार कार्की एक नेपाली राजनीतिज्ञ और प्रांतीय विधानसभा के सदस्य हैं। कार्की 15 अक्टूबर 2023 से [[ कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री |कोशी प्रांत के वर्तमान मुख्यमंत्री]] हैं।<ref>{{Cite web|url=https://thehimalayantimes.com/nepal/kedar-karki-appointed-chief-minister-of-koshi-province|title=Kedar Karki appointed Chief Minister of Koshi Province|last=Samiti|first=Rastriya Samachar|date=2023-10-14|website=The Himalayan Times|language=en|access-date=2023-11-30}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://kathmandupost.com/province-no-1/2023/10/14/kedar-karki-of-nepali-congress-appointed-koshi-chief-minister|title=Kedar Karki of Nepali Congress appointed Koshi chief minister|website=kathmandupost.com|language=English|access-date=2023-11-30}}</ref> वह मोरंग 6 (बी) से चुने जाने के बाद कोशी प्रांतीय विधानसभा के सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं। == संदर्भ == 2l2ni5w8tr4cmid6f91073mlm4azfrh सदस्य वार्ता:Morvellane 3 1508225 6541184 6047846 2026-04-16T09:28:19Z Syunsyunminmin 702870 Syunsyunminmin ने पृष्ठ [[सदस्य वार्ता:VersedVoyager67]] को [[सदस्य वार्ता:Morvellane]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/VersedVoyager67|VersedVoyager67]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/Morvellane|Morvellane]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6047846 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=VersedVoyager67}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 10:42, 22 जनवरी 2024 (UTC) jpnasud5q5u7ixklacxpdxoubhmmrbg सदस्य वार्ता:Informvk01 3 1526775 6541010 6258556 2026-04-15T21:17:25Z NDG 865253 सूचना: [[दसई राम]] को शीघ्र हटाने का नामांकन। 6541010 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Informvk01}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 16:51, 27 अप्रैल 2024 (UTC) == [[:दसई राम|दसई राम]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Desc-i.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:दसई राम|दसई राम]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|मापदंड व2]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|व2]]{{*}} परीक्षण पृष्ठ'''</center> इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिन्हें परीक्षण के लिये बनाया गया है। यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:18, 16 सितंबर 2024 (UTC) == [[:दसई राम|दसई राम]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:दसई राम|दसई राम]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|मापदंड व7]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center> इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा। यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[सदस्य:NDG|NDG]] ([[सदस्य वार्ता:NDG|वार्ता]]) 21:17, 15 अप्रैल 2026 (UTC) qb9mtyp1om2ahhtoip8dkrasz77a1pq 6541024 6541010 2026-04-15T23:20:21Z Informvk01 825708 उत्तर 6541024 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Informvk01}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 16:51, 27 अप्रैल 2024 (UTC) :यह किसी का प्रचार नही है बल्कि सामाजिक उत्थान में अपना जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति का पुनर्जीवन लेख है [[सदस्य:Informvk01|Informvk01]] ([[सदस्य वार्ता:Informvk01|वार्ता]]) 23:20, 15 अप्रैल 2026 (UTC) == [[:दसई राम|दसई राम]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Desc-i.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:दसई राम|दसई राम]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|मापदंड व2]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|व2]]{{*}} परीक्षण पृष्ठ'''</center> इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिन्हें परीक्षण के लिये बनाया गया है। यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:18, 16 सितंबर 2024 (UTC) == [[:दसई राम|दसई राम]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:दसई राम|दसई राम]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|मापदंड व7]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center> इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा। यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[सदस्य:NDG|NDG]] ([[सदस्य वार्ता:NDG|वार्ता]]) 21:17, 15 अप्रैल 2026 (UTC) l0aifro2catceez3duhrwaohleuk4a6 6541025 6541024 2026-04-15T23:22:10Z Informvk01 825708 /* दसई राम पृष्ठ को शीघ्र हटाने का नामांकन 2 */ उत्तर 6541025 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Informvk01}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 16:51, 27 अप्रैल 2024 (UTC) :यह किसी का प्रचार नही है बल्कि सामाजिक उत्थान में अपना जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति का पुनर्जीवन लेख है [[सदस्य:Informvk01|Informvk01]] ([[सदस्य वार्ता:Informvk01|वार्ता]]) 23:20, 15 अप्रैल 2026 (UTC) == [[:दसई राम|दसई राम]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Desc-i.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:दसई राम|दसई राम]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|मापदंड व2]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|व2]]{{*}} परीक्षण पृष्ठ'''</center> इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिन्हें परीक्षण के लिये बनाया गया है। यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:18, 16 सितंबर 2024 (UTC) == [[:दसई राम|दसई राम]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:दसई राम|दसई राम]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|मापदंड व7]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center> इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा। यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[सदस्य:NDG|NDG]] ([[सदस्य वार्ता:NDG|वार्ता]]) 21:17, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :यह किसी का प्रचार नही है बल्कि सामाजिक उत्थान में अपना जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति का पुनर्जीवन लेख है [[सदस्य:Informvk01|Informvk01]] ([[सदस्य वार्ता:Informvk01|वार्ता]]) 23:22, 15 अप्रैल 2026 (UTC) l7pcpugdubuibxxi0c2y23btabevx0n सदस्य वार्ता:Martinoscag 3 1536866 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[[Special:Contributions/~2026-23123-36|~2026-23123-36]] ([[User talk:~2026-23123-36|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6540933|6540933]] को पूर्ववत किया गया 6540934 wikitext text/x-wiki {{#invoke:Authority control|authorityControl}}<noinclude> {{documentation}} </noinclude> r48ujosbuyn94pk0voopv45idwf5fo2 सदस्य:Informvk01 2 1552562 6541014 6258295 2026-04-15T21:59:40Z Informvk01 825708 6541014 wikitext text/x-wiki Hi, I am [https://x.com/VinodKumarDeo Vinod Kumar Deo], a Freelance Journalist by profession. I have always enjoyed creating and editing Wikipedia articles. I am from India. Mostly, I like editing Wikipedia in my free time. In the future, I will update more information about myself on my 'User Page'. Thank you! hmll3veiedm3pfpkqdv5lg78dpmgs3i 6541015 6541014 2026-04-15T22:04:04Z Informvk01 825708 6541015 wikitext text/x-wiki Hi, I am [https://x.com/VinodKumarDeo Vinod Kumar Deo], a ''Freelance Journalist'' . I have always enjoyed creating and editing Wikipedia articles. I am from India. Mostly, I like editing Wikipedia in my free time. In the future, I will update more information about myself on my 'User Page'. Thank you! gz3iojiz5h3c2n184zlzt6ag6y6uxik सदस्य वार्ता:Bhashaji 3 1553740 6540954 6540849 2026-04-15T14:55:47Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* शेरू (फ़ोटोग्राफ़र) पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन */ उत्तर 6540954 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Bhashaji}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 08:35, 23 सितंबर 2024 (UTC) == [[:शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>यह लेख 'पेड पीआर' है। उल्लेखनीयता सिद्ध करने के लिए इसमें प्रायोजित संदर्भों का उपयोग किया गया है। यह विषय स्वतंत्र रूप से उल्लेखनीय नहीं है।</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:57, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार, :इस नामांकन में लेख को "पेड पीआर" बताया गया है, परंतु उपलब्ध सामग्री और संदर्भों के आधार पर यह निष्कर्ष उचित प्रतीत नहीं होता। लेख में प्रयुक्त स्रोत जैसे ''The Patriot'', [[पंजाब केसरी]], [[इंटर प्रेस सर्विस]] (IPS News) और ''Cinestaan'' स्वतंत्र और संपादकीय रूप से नियंत्रित प्रकाशन हैं, जो सामान्यतः प्रायोजित सामग्री '''('पेड पीआर')''' की श्रेणी में नहीं आते। :लेख की सामग्री इन स्रोतों में प्रकाशित जानकारी पर आधारित है और इसे पुनर्लेखित (rewrite) कर तटस्थ शैली में प्रस्तुत किया गया है। इसमें कोई स्वयं-प्रचारात्मक भाषा या प्रत्यक्ष विज्ञापनात्मक सामग्री शामिल नहीं है, जिससे इसे "पेड पीआर" कहना उचित नहीं है। :यह स्वीकार किया जा सकता है कि कुछ स्रोत अपेक्षाकृत कमज़ोर या फीचर-आधारित हैं, और लेख में और बेहतर स्वतंत्र स्रोत जोड़े जा सकते हैं। इस दिशा में सुधार संभव है। :अतः मेरा मत है कि लेख को "पेड पीआर" के आधार पर हटाना उचित नहीं है। यदि समुदाय को उचित लगे, तो लेख में सुधार (improvement) और स्रोतों को सुदृढ़ करने का अवसर दिया जाना चाहिए। :धन्यवाद। [[सदस्य:Bhashaji|Bhashaji]] ([[सदस्य वार्ता:Bhashaji|वार्ता]]) 10:00, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ::Bhashaji जी, नमस्कार! आपने हाल ही में “[[रत्नहरि]]” लेख पर संपादन करते हुए सारांश में यह उल्लेख किया है कि “संरचना और संदर्भों में सुधार करते हुए सामग्री को तटस्थ एवं विश्वकोशीय शैली में अद्यतन किया गया।” तथापि, अवलोकन करने पर प्रतीत होता है कि न तो अपेक्षित सुधार किए गए हैं और न ही सामग्री में कोई उल्लेखनीय तटस्थता अथवा संरचनात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। इसके विपरीत, पूर्व में उपलब्ध उपयुक्त एवं प्रामाणिक संदर्भ को हटा दिया गया है, जिससे लेख की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया इस संपादन के पीछे का कारण स्पष्ट करने की कृपा करें। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:55, 15 अप्रैल 2026 (UTC) rwfpkjsivnmxx710z5xhudtic8x68bp 6540955 6540954 2026-04-15T14:56:16Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* शेरू (फ़ोटोग्राफ़र) पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन */ 6540955 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Bhashaji}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 08:35, 23 सितंबर 2024 (UTC) == [[:शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>यह लेख 'पेड पीआर' है। उल्लेखनीयता सिद्ध करने के लिए इसमें प्रायोजित संदर्भों का उपयोग किया गया है। यह विषय स्वतंत्र रूप से उल्लेखनीय नहीं है।</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:57, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार, :इस नामांकन में लेख को "पेड पीआर" बताया गया है, परंतु उपलब्ध सामग्री और संदर्भों के आधार पर यह निष्कर्ष उचित प्रतीत नहीं होता। लेख में प्रयुक्त स्रोत जैसे ''The Patriot'', [[पंजाब केसरी]], [[इंटर प्रेस सर्विस]] (IPS News) और ''Cinestaan'' स्वतंत्र और संपादकीय रूप से नियंत्रित प्रकाशन हैं, जो सामान्यतः प्रायोजित सामग्री '''('पेड पीआर')''' की श्रेणी में नहीं आते। :लेख की सामग्री इन स्रोतों में प्रकाशित जानकारी पर आधारित है और इसे पुनर्लेखित (rewrite) कर तटस्थ शैली में प्रस्तुत किया गया है। इसमें कोई स्वयं-प्रचारात्मक भाषा या प्रत्यक्ष विज्ञापनात्मक सामग्री शामिल नहीं है, जिससे इसे "पेड पीआर" कहना उचित नहीं है। :यह स्वीकार किया जा सकता है कि कुछ स्रोत अपेक्षाकृत कमज़ोर या फीचर-आधारित हैं, और लेख में और बेहतर स्वतंत्र स्रोत जोड़े जा सकते हैं। इस दिशा में सुधार संभव है। :अतः मेरा मत है कि लेख को "पेड पीआर" के आधार पर हटाना उचित नहीं है। यदि समुदाय को उचित लगे, तो लेख में सुधार (improvement) और स्रोतों को सुदृढ़ करने का अवसर दिया जाना चाहिए। :धन्यवाद। [[सदस्य:Bhashaji|Bhashaji]] ([[सदस्य वार्ता:Bhashaji|वार्ता]]) 10:00, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ==संपादन के औचित्य का स्पष्टीकरण== Bhashaji जी, नमस्कार! आपने हाल ही में “[[रत्नहरि]]” लेख पर संपादन करते हुए सारांश में यह उल्लेख किया है कि “संरचना और संदर्भों में सुधार करते हुए सामग्री को तटस्थ एवं विश्वकोशीय शैली में अद्यतन किया गया।” तथापि, अवलोकन करने पर प्रतीत होता है कि न तो अपेक्षित सुधार किए गए हैं और न ही सामग्री में कोई उल्लेखनीय तटस्थता अथवा संरचनात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। इसके विपरीत, पूर्व में उपलब्ध उपयुक्त एवं प्रामाणिक संदर्भ को हटा दिया गया है, जिससे लेख की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया इस संपादन के पीछे का कारण स्पष्ट करने की कृपा करें। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:55, 15 अप्रैल 2026 (UTC) mq80vlzbc0kf493vumqe2s2q78f63e0 6541106 6540955 2026-04-16T05:56:05Z Bhashaji 845015 /* संपादन के औचित्य का स्पष्टीकरण */ उत्तर 6541106 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Bhashaji}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 08:35, 23 सितंबर 2024 (UTC) == [[:शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>यह लेख 'पेड पीआर' है। उल्लेखनीयता सिद्ध करने के लिए इसमें प्रायोजित संदर्भों का उपयोग किया गया है। यह विषय स्वतंत्र रूप से उल्लेखनीय नहीं है।</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:57, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार, :इस नामांकन में लेख को "पेड पीआर" बताया गया है, परंतु उपलब्ध सामग्री और संदर्भों के आधार पर यह निष्कर्ष उचित प्रतीत नहीं होता। लेख में प्रयुक्त स्रोत जैसे ''The Patriot'', [[पंजाब केसरी]], [[इंटर प्रेस सर्विस]] (IPS News) और ''Cinestaan'' स्वतंत्र और संपादकीय रूप से नियंत्रित प्रकाशन हैं, जो सामान्यतः प्रायोजित सामग्री '''('पेड पीआर')''' की श्रेणी में नहीं आते। :लेख की सामग्री इन स्रोतों में प्रकाशित जानकारी पर आधारित है और इसे पुनर्लेखित (rewrite) कर तटस्थ शैली में प्रस्तुत किया गया है। इसमें कोई स्वयं-प्रचारात्मक भाषा या प्रत्यक्ष विज्ञापनात्मक सामग्री शामिल नहीं है, जिससे इसे "पेड पीआर" कहना उचित नहीं है। :यह स्वीकार किया जा सकता है कि कुछ स्रोत अपेक्षाकृत कमज़ोर या फीचर-आधारित हैं, और लेख में और बेहतर स्वतंत्र स्रोत जोड़े जा सकते हैं। इस दिशा में सुधार संभव है। :अतः मेरा मत है कि लेख को "पेड पीआर" के आधार पर हटाना उचित नहीं है। यदि समुदाय को उचित लगे, तो लेख में सुधार (improvement) और स्रोतों को सुदृढ़ करने का अवसर दिया जाना चाहिए। :धन्यवाद। [[सदस्य:Bhashaji|Bhashaji]] ([[सदस्य वार्ता:Bhashaji|वार्ता]]) 10:00, 15 अप्रैल 2026 (UTC) ==संपादन के औचित्य का स्पष्टीकरण== Bhashaji जी, नमस्कार! आपने हाल ही में “[[रत्नहरि]]” लेख पर संपादन करते हुए सारांश में यह उल्लेख किया है कि “संरचना और संदर्भों में सुधार करते हुए सामग्री को तटस्थ एवं विश्वकोशीय शैली में अद्यतन किया गया।” तथापि, अवलोकन करने पर प्रतीत होता है कि न तो अपेक्षित सुधार किए गए हैं और न ही सामग्री में कोई उल्लेखनीय तटस्थता अथवा संरचनात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। इसके विपरीत, पूर्व में उपलब्ध उपयुक्त एवं प्रामाणिक संदर्भ को हटा दिया गया है, जिससे लेख की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया इस संपादन के पीछे का कारण स्पष्ट करने की 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خبير أكاديمي ومهني عراقي في مجال التسويق السياحي، يتمتع بخبرة تمتد 12 عام في القطاع السياحي. يعمل كأستاذ ومشرف سياحي، ومدرب معتمد دوليًا في القيادة وإدارة التسويق. يسعى إلى تطوير السياحة الثقافية والدينية في كربلاء والعراق، من خلال الجمع بين الأكاديميا والتطبيق الميداني. --- المعلومات الشخصية · الاسم الكامل: مروان أحمد كاظم الشمري · تاريخ الميلاد: 8 يوليو / تموز 1994 · البلد الأصلي: العراق · المدينة: كربلاء المقدسة · الوظيفة الحالية: أستاذ تسويق سياحي، مشرف سياحي، مدرب معتمد --- المؤهلات العلمية الدرجة العلمية التخصص الجامعة الموقع ماجستير تسويق سياحي جامعة مازندران إيران بكالوريوس إدارة السياحة والتراث الثقافي جامعة أهل البيت (ع) كربلاء، العراق --- اللغات · العربية: اللغة الأم · الإنجليزية: مستوى متقدم · الفارسية: مستوى متوسط --- الخبرات العملية 1. أستاذ التسويق السياحي (حاليًا) · تدريس مواد التسويق السياحي والإدارة. 2. مرشد سياحي ومشرف – العتبة الحسينية المقدسة، قسم السياحة (كربلاء) · تنظيم الجولات السياحية، تقديم المعلومات التاريخية والدينية، تعزيز التجربة الروحية للزوار. 3. مرشد في مركز إرشاد التائين – منظمات المجتمع المدني (النجف) · تقديم استشارات سياحية، تنظيم فعاليات ثقافية، التركيز على السياحة المستدامة. 4. خبير سياحي – وزارة الثقافة العراقية (سابقًا) --- الشهادات والدورات التدريبية المعتمدة · أخلاقيات العمل الوظيفي – جامعة كربلاء · مهارات التسويق الاحترافي – جامعة الكويت · زيارة الأربعين وأبعادها الإنسانية – منظمة اليونسكو · فن الحوار ومهارات التواصل – جامعة تكريت · دورات أخرى: الاقتصاد الدائري، فن صناعة القرار، الإدارة الفعالة، مهارات البيع والتفاوض. --- الأبحاث والمقالات المنشورة 1. دور التسويق السياحي الفعال في ظل التحديات الاقتصادية 2. السياحة التحويلية 3. القيادة التحويلية وأثرها في التحسين والابتكار 4. الاستشراف المستقبلي للدول النفطية 5. مكارم الأخلاق 6. أسس بناء العلامة التجارية 7. القيادة الفعالة 8. فن التفاوض 9. مهارات البيع: أساسيات النجاح – منشور في موقع "تواصل" 10. الأهوار العراقية: واجهة سياحية – منشور في جريدة الزمان النشر في: المجلة الأمريكية، جامعة الكوفة (منتدى التسويق والإعلام الرقمي)، موقع المحطة العلمية (S.S.P)، جريدة الزمان. --- الجوائز والتكريمات · كتاب شكر من العتبة الحسينية المقدسة · كتاب شكر من "أصبوحة للقراء" · شكر من اتحاد الثقافة العربي · شهادة الشرف العليا من المركز الدولي للإبداع والثقافة · وسام القلم الذهبي من "أصبوحة" --- المشاركات المحلية والدولية · جامعات عراقية: جامعة كربلاء، جامعة تكريت، جامعة البصرة (تقديم أبحاث في السياحة والتسويق) · مؤتمرات دولية: جامعة مازندران (إيران)، جامعة الكويت، جامعة الملك سعود (السعودية) · عضوية منظمات دولية: اليونسكو، منظمة العفو الدولية، منظمة السياحة العربية ملاحظة مهمة لنشر المقال في ويكيبيديا: لإضافة هذه السيرة إلى ويكيبيديا بنجاح، يرجى مراعاة: 1. توثيق المصادر: يجب إضافة مصادر موثوقة ومستقلة (روابط أخبار، جهات رسمية، كتب منشورة) لكل معلومة. 2. الحيادية: تجنب أي عبارات دعائية مثل "متميز"، "خبير كبير" إلا بدليل. 3. الصلاحية الموسوعية: التأكد من وجود تغطية كافية في وسائل إعلام موثوقة تثبت الشهرة الأكاديمية أو المهنية. هل تريد مني أن أقوم بتحويل هذه المعلومات إلى قالب معلومات (Infobox) جاهز للنسخ في صفحة ويكيبيديا؟ 73smv2t2k25xs8cxhe6pg2rbu72s9of 6541017 6541016 2026-04-15T22:48:44Z ~2026-23344-32 920590 6541017 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=مروان احمد كاظم}} مروان أحمد كاظم الشمري أستاذ التسويق السياحي | مدرب معتمد في الإدارة والقيادة والتسويق --- لمحة عامة خبير أكاديمي ومهني عراقي في مجال التسويق السياحي، يتمتع بخبرة تمتد 12 عام في القطاع السياحي. يعمل كأستاذ ومشرف سياحي، ومدرب معتمد دوليًا في القيادة وإدارة التسويق. يسعى إلى تطوير السياحة الثقافية والدينية في كربلاء والعراق، من خلال الجمع بين الأكاديميا والتطبيق الميداني. --- المعلومات الشخصية · الاسم الكامل: مروان أحمد كاظم الشمري · تاريخ الميلاد: 8 يوليو / تموز 1994 · البلد الأصلي: العراق · المدينة: كربلاء المقدسة · الوظيفة الحالية: أستاذ تسويق سياحي، مشرف سياحي، مدرب معتمد --- المؤهلات العلمية الدرجة العلمية التخصص الجامعة الموقع ماجستير تسويق سياحي جامعة مازندران إيران بكالوريوس إدارة السياحة والتراث الثقافي جامعة أهل البيت (ع) كربلاء، العراق --- اللغات · العربية: اللغة الأم · الإنجليزية: مستوى متقدم · الفارسية: مستوى متوسط --- الخبرات العملية 1. أستاذ التسويق 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أساسيات النجاح – منشور في موقع "تواصل" 10. الأهوار العراقية: واجهة سياحية – منشور في جريدة الزمان النشر في: المجلة الأمريكية، جامعة الكوفة (منتدى التسويق والإعلام الرقمي)، موقع المحطة العلمية (S.S.P)، جريدة الزمان. --- الجوائز والتكريمات · كتاب شكر من العتبة الحسينية المقدسة · كتاب شكر من "أصبوحة للقراء" · شكر من اتحاد الثقافة العربي · شهادة الشرف العليا من المركز الدولي للإبداع والثقافة · وسام القلم الذهبي من "أصبوحة" --- المشاركات المحلية والدولية · جامعات عراقية: جامعة كربلاء، جامعة تكريت، جامعة البصرة (تقديم أبحاث في السياحة والتسويق) · مؤتمرات دولية: جامعة مازندران (إيران)، جامعة الكويت، جامعة الملك سعود (السعودية) · عضوية منظمات دولية: اليونسكو، منظمة العفو الدولية، منظمة السياحة العربية ملاحظة مهمة لنشر المقال في ويكيبيديا: لإضافة هذه السيرة إلى ويكيبيديا بنجاح، يرجى مراعاة: 1. توثيق المصادر: يجب إضافة مصادر موثوقة ومستقلة (روابط أخبار، جهات رسمية، كتب منشورة) لكل معلومة. 2. الحيادية: تجنب أي عبارات دعائية مثل "متميز"، "خبير كبير" إلا بدليل. 3. الصلاحية الموسوعية: التأكد من وجود تغطية كافية في وسائل إعلام موثوقة تثبت الشهرة الأكاديمية أو المهنية. h66miagkzdl0eomsxfkjewvnlgsztrp 6541041 6541017 2026-04-16T03:00:35Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/~2026-23344-32|~2026-23344-32]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-23344-32|वार्ता]]) द्वारा किये गये2 संपादन प्रत्यावर्तित किये गये: अरबी भाषा का स्पैम/प्रचार बायोडाटा हटाया गया 6541041 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=مروان احمد كاظم}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 16:21, 20 दिसम्बर 2024 (UTC) 044dbso11ng6a0gy8wch28my9zujqjb डिपो स्टेशन मेट्रो स्टेशन 0 1568368 6541182 6331237 2026-04-16T09:22:09Z Ankit231132 874432 6541182 wikitext text/x-wiki 'डिपो स्टेशन' या सिर्फ़ 'डिपो' मेट्रो स्टेशन का मतलब शहरों के मेट्रो रेल नेटवर्क में स्थित स्टेशनों के नाम हो सकते हैं: * [[डिपो स्टेशन मेट्रो स्टेशन (दिल्ली)|डिपो स्टेशन (दिल्ली मेट्रो)]] - [[दिल्ली मेट्रो]] की [[रेड लाइन (दिल्ली मेट्रो)|रेड लाइन]] पर स्थित एक स्टेशन। (नरेला की ओर) * [[डिपो स्टेशन मेट्रो स्टेशन 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{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}<br/><small>'''''(व्यस्त समय के दौरान परिचालन)'''''</small><br/>प्लेटफॉर्म-2 → {{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}<br/>प्लेटफॉर्म-3 → ट्रेन यहाँ समाप्त है | depth = | levels = | tracks = | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = | accessible = | code = | owned = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] (एनएमआरसी) | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | services = {{adjacent stations|system=नोएडा मेट्रो|line=Aqua|left=जीएनआईडीए कार्यालय|right=}} | map_locator = | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Metro Aqua Line Route}} | map_state = collapsed }} डिपो स्टेशन उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर स्थित एलिवेटेड दक्षिणी टर्मिनल मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-date=1 April 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190401093740/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=27 दिसंबर 2024|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {{stack|{{Routemap | title = डिपो स्टेशन पटरी का नक्शा | title-bg = #{{rail color|Noida Metro|Aqua}} | legend = track | collapsible = no | map1 = vCONTgfa cPLT\vSTR\cPLT ~~ ~~ ~~ to {{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}} *'''P2'''\cPLT\vSTR\cPLT\*'''P3''' cPLT\vSTR\cPLT ~~ ~~ ~~ ट्रेन समापन vCONTgfe | map2 = HSTg\HSTg PSTR(L)\PSTR(R) ~~ ~~ ~~ {{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}} की ओर *'''P1'''\PSTR(L)\PSTR(R)\*'''P2''' PSTR(L)\PSTR(R) ~~ ~~ ~~ {{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}} की ओर HSTg\HSTg | bottom = <div style="width:23.5em;text-align:center">तीन पटरी वाला स्टेशन <nowiki>|</nowiki>एक साइड व आइलैंड प्लेटफॉर्म</div> }}}} {| border="0" cellspacing="0" cellpadding="3" | width="50" valign="top" style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" |'''G''' | width="100" valign="top" style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" |भू-स्तर | width="390" valign="top" style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" |प्रवेश/निकास |- | style="border-bottom:solid 1px gray;" |'''L1''' | style="border-bottom:solid 1px gray;" |परछत्ती | style="border-bottom:solid 1px gray;" |किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- | rowspan="5" style="border-bottom:solid 1px grey;text-align:left;" |'''L2''' | colspan="2" style="border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" |<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- | width="100" style="border-bottom:solid 1px grey;" |<span style=color:#{{rail color|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 3'''<br/>'''दक्षिणी-बाध्य'''</span> | width="500" style="border-bottom:solid 1px grey;" |की ओर → ट्रेन समापन |- |<span style=color:#{{rail color|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''उत्तरी-बाध्य'''</span> | width="500" |की ओर ← {{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}<br><small>'''अगला स्टेशन {{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}} है।'''</small> |- | colspan="2" style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" |<small>आइलैंड प्लेटफॉर्म | '''P2''' द्वार बाएँ ओर खुलेंगे | '''P1''' द्वार दाएँ ओर खुलेंगे</small> {{access icon}} |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rail color|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी-बाध्य'''</span> | style="border-bottom:solid 1px gray;" width="500" |की ओर ← {{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}} <small>अगला स्टेशन {{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}} है</small><small>'''''(व्यस्त समय के दौरान परिचालन / कोई सेवा नहीं)'''''</small> |- | style="border-bottom:solid 1px gray;" width="50" valign="top" |'''L2''' | style="border-bottom:solid 1px gray;" width="50" valign="top" | | style="border-bottom:solid 1px gray;" width="50" valign="top" | |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *{{Official website|http://www.nmrcnoida.com}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] qaax3ugw9fukyo7eg7wagfguxzby9vi साँचा:नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन रूट 10 1568372 6541143 6331055 2026-04-16T07:55:56Z Ankit231132 874432 6541143 wikitext text/x-wiki {{Routemap |navbar = नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन रूट |title = नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन |title-bg = #{{rail color|Noida Metro|Aqua}} |inline = <includeonly>1</includeonly> |map = hKINTa cyan~~ ~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}~~ ~~{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|रेनबो}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 76}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 101}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 81}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|एनएसईज़ेड}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 83}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 137}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 142}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 143}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 144}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 145}} hHST cyan~~{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 146}} hHST cyan~~{{stl|Noida 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[[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 51 | type = नोएडा मेट्रो स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = | image_size = | image_caption = | address = ब्लॉक ई, सेक्टर 51, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201301 | coordinates = {{coord|28.5857|77.3753|type:railwaystation_region:IN|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → ट्रेन यहाँ समाप्त है<br/>प्लेटफॉर्म-2 → {{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | connections = '''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 52}}'''<br/>{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा {{25 kV 50 Hz}} AC | accessible = हाँ {{access icon}} | code = | owned = [[नोएडा मेट्रो]] | operator = एनएमआरसी | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_rank = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | website = http://nmrcnoida.com | services = {{Adjacent stations|system1=Noida Metro|line1=Aqua|right1=रेनबो|header2=जुड़ाव स्टेशन बदली|system3=Delhi Metro|line3=Blue|to-left3=नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी|left3=नोएडा सेक्टर 61|right3=नोएडा सेक्टर 34|to-right3=द्वारका सेक्टर 21|transfer3=नोएडा सेक्टर 52}} | map_type = India Delhi#Uttar Pradesh | map_caption = दिल्ली में स्थान##उ.प्र में स्थान | map_dot_label = नोएडा सेक्टर 51 | map_size = 300 | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 51 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण गलियारे पर स्थित एलिवेटेड उत्तरी टर्मिनल मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=28 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=27 दिसंबर 2024|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को जनता के लिए खोल दिया गया था।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन से 300 मीटर लंबे पैदल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।<ref>{{cite web |title=Switching between Noida Metro Aqua Line and Delhi Metro Blue Line gets hassle-free with dedicated pathway! |url=https://www.financialexpress.com/infrastructure/switching-between-noida-metro-aqua-line-and-delhi-metro-blue-line-gets-hassle-free-with-dedicated-pathway/1512025/ |website=The Financial Express |accessdate=11 March 2019 |date=11 March 2019}}</ref> फरवरी 2021 में कंपनी और नोएडा प्राधिकरण के बीच हस्ताक्षरित एक समझौते के तहत IKEA द्वारा दोनों स्टेशनों को जोड़ने वाला एक ओवरहेड वॉकवे बनाया जाएगा।<ref>{{cite web |date=February 20, 2021 |last=Shalabh|title=IKEA to open its first India mall in Noida, pays Rs 850 crore for land |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/ikea-to-open-its-first-india-mall-in-noida-pays-rs-850-crore-for-land/articleshow/81117633.cms |website=The Times of India |access-date=21 February 2021 |language=en}}</ref> हालांकि, बाद में IKEA ने कहा कि नोएडा और आसपास के स्काईवॉक में अपना नया शोरूम खोलने के लिए उसे कम से कम 6 साल की आवश्यकता होगी।<ref>{{Cite web |date=2022-03-14 |title=Noida Authority to soon connect Aqua and Blue line metros with footover bridge |url=https://zeenews.india.com/railways/noida-authority-to-soon-connect-sector-51-52-metro-stations-with-footover-bridge-2445126.html |access-date=2022-04-06 |website=Zee News |language=en}}</ref> मार्च 2022 में, नोएडा प्राधिकरण ने कहा कि उसने दोनों स्टेशनों को जोड़ने वाले 420 मीटर लंबे और पांच मीटर चौड़े, एल-आकार के फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए निविदाएं जारी की हैं।<ref>{{Cite web |agency=TNN|date=Mar 13, 2022 |title=In 6 Months, Noida Plans Fob To Link Sec 51-52 Stns {{!}} Noida News - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/in-6-months-noida-plans-fob-to-link-sec-51-52-stns/articleshow/90177049.cms |access-date=2022-04-06 |website=The Times of India |language=en}}</ref><ref>{{Cite magazine |date=March 16, 2022 |title=Noida: Footover bridge to connect Sector 51, 52 metro stations on Blue, Aqua lines {{!}} Details |url=https://www.indiatoday.in/cities/noida/story/noida-authority-noida-metro-station-sector-51-52-footover-bridge-blue-aqua-metro-lines-1926159-2022-03-16 |access-date=2022-04-06 |magazine=India Today |language=en}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर 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मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] hejrw5sao7jl4jqw65obe4razhpnmea 6541208 6541173 2026-04-16T09:51:20Z Ankit231132 874432 /* बाहरी कड़ियाँ */ 6541208 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 51 | type = नोएडा मेट्रो स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = | image_size = | image_caption = | address = ब्लॉक ई, सेक्टर 51, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201301 | coordinates = {{coord|28.5857|77.3753|type:railwaystation_region:IN|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → ट्रेन यहाँ समाप्त है<br/>प्लेटफॉर्म-2 → {{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | connections = '''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 52}}'''<br/>{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | 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web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=28 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=27 दिसंबर 2024|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को जनता के लिए खोल दिया गया था।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन से 300 मीटर लंबे पैदल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।<ref>{{cite web |title=Switching between Noida Metro Aqua Line and Delhi Metro Blue Line gets hassle-free with dedicated pathway! |url=https://www.financialexpress.com/infrastructure/switching-between-noida-metro-aqua-line-and-delhi-metro-blue-line-gets-hassle-free-with-dedicated-pathway/1512025/ |website=The Financial Express |accessdate=11 March 2019 |date=11 March 2019}}</ref> फरवरी 2021 में कंपनी और नोएडा प्राधिकरण के बीच हस्ताक्षरित एक समझौते के तहत IKEA द्वारा दोनों स्टेशनों को जोड़ने वाला एक ओवरहेड वॉकवे बनाया जाएगा।<ref>{{cite web |date=February 20, 2021 |last=Shalabh|title=IKEA to open its first India mall in Noida, pays Rs 850 crore for land |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/ikea-to-open-its-first-india-mall-in-noida-pays-rs-850-crore-for-land/articleshow/81117633.cms |website=The Times of India |access-date=21 February 2021 |language=en}}</ref> हालांकि, बाद में IKEA ने कहा कि नोएडा और आसपास के स्काईवॉक में अपना नया शोरूम खोलने के लिए उसे कम से कम 6 साल की आवश्यकता होगी।<ref>{{Cite web |date=2022-03-14 |title=Noida Authority to soon connect Aqua and Blue line metros with footover bridge |url=https://zeenews.india.com/railways/noida-authority-to-soon-connect-sector-51-52-metro-stations-with-footover-bridge-2445126.html |access-date=2022-04-06 |website=Zee News |language=en}}</ref> मार्च 2022 में, नोएडा प्राधिकरण ने कहा कि उसने दोनों स्टेशनों को जोड़ने वाले 420 मीटर लंबे और पांच मीटर चौड़े, एल-आकार के फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए निविदाएं जारी की हैं।<ref>{{Cite web |agency=TNN|date=Mar 13, 2022 |title=In 6 Months, Noida Plans Fob To Link Sec 51-52 Stns {{!}} Noida News - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/in-6-months-noida-plans-fob-to-link-sec-51-52-stns/articleshow/90177049.cms |access-date=2022-04-06 |website=The Times of India |language=en}}</ref><ref>{{Cite magazine |date=March 16, 2022 |title=Noida: Footover bridge to connect Sector 51, 52 metro stations on Blue, Aqua lines {{!}} Details |url=https://www.indiatoday.in/cities/noida/story/noida-authority-noida-metro-station-sector-51-52-footover-bridge-blue-aqua-metro-lines-1926159-2022-03-16 |access-date=2022-04-06 |magazine=India Today |language=en}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी-बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}<br><small>''अगला स्टेशन {{stl|Noida Metro|रेनबो}} है''</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी-बाध्य'''</span> |की ओर ← ट्रेन यहाँ समाप्त है। |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ऑरण खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{Commons|Noida Metro}} *{{Official website|http://www.nmrcnoida.com}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] fom8db72o7wck44t18ki7lrzq8qw4a0 ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) 0 1568389 6541170 6472836 2026-04-16T08:31:47Z Ankit231132 874432 [[एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)]] को अनुप्रेषित 6541170 wikitext text/x-wiki #redirect[[एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)]] gzafgelrdnn3onmpebfja499dnw9vp7 साँचा:नोएडा मेट्रो 10 1568391 6541172 6472810 2026-04-16T08:40:28Z Ankit231132 874432 6541172 wikitext text/x-wiki {{Navbox | name = नोएडा मेट्रो | title = [[नोएडा मेट्रो]] | listclass = hlist | image = [[File:Noida Metro Logo.png|120px]] | state = {{{state<includeonly>|autocollapse</includeonly>}}} | group1 = लाइने/रेखाएं | list1 = {{Navbox|subgroup |groupwidth=6.5em| groupstyle = line-height:1.4em; | group1style = {{box-shadow border|r|#{{rail color|Noida Metro|Aqua}}|5px}} | group1 = [[एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|एक्वा लाइन 1]] | list1 = * {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}} * 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This is not redundancy. 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Click on the [[File:Sort_both.gif]] icon in the column header to change sort key and sort order.}} {| class="wikitable sortable" width="100%" ! rowspan="2" width="5%" |सं. ! colspan="2" width="28%" |नाम ! rowspan="2" width="11%" |लाइन ! rowspan="2" width="11%" |प्रारंभ ! rowspan="2" width="8%" |स्तर प्रकार ! rowspan="2" width="24%" |टिप्पणियाँ ! rowspan="2" width="7%" |संदर्भ |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- !1 | align="center" |{{stl|Noida Metro|अल्फा 1}} | align="center" |ALPHA 1 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/5-aqua-line-stations-renamed-private-players-to-manage-them/articleshow/69380975.cms|title=5 Aqua line stations renamed private players to manage them|work=[[Times of India]]|date=18 May 2019|accessdate=20 May 2019}}</ref> |- !2 | align="center" |{{stl|Noida Metro|डेल्टा 1}} | align="center" |DELTA 1 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/noida-news/parking-facility-at-ten-aqua-line-metro-stations-available-from-march-4-2000893|title=Parking facility at ten aqua line metro stations available from March 4|publisher=[[NDTV]]|date=28 February 2019|accessdate=1 March 2019}}</ref> |- !3 | align="center" style="background-color:#AFEEEE" |{{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}† | align="center" |Depot [station] | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://realty.economictimes.indiatimes.com/news/infrastructure/trial-run-of-noida-greater-noida-metro-begins/62350058|title=Trial Run of Noida Metro begins|work=[[The Economic Times]]|date=3 January 2018|accessdate=4 January 2018}}</ref> |- !4 | align="center" |{{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}} | align="center" |GNIDA Office | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=http://www.millenniumpost.in/delhi/gnida-releases-rs-25-crore-as-part-of-its-share-for-extension-of-aqua-line-metro-390791|title=GNIDA releases Rs 25 crore as part of its share for extension of Aqua line Metro|work=Millennium Post|date=12 December 2019|accessdate=13 December 2019}}</ref> |- !5 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नॉलेज पार्क 2}} | align="center" |Knowledge Park II | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/delhi-news/trial-run-on-noida-greater-noida-metro-rail-link-begins-1795043|title=Trial run on Noida Greater Noida Metro rail link begins|publisher=[[NDTV]]|date=2 January 2018|accessdate=3 January 2018}}</ref> |- !6 | align="center" |{{stl|Noida Metro|रेनबो}} | align="center" |Rainbow / Noida Sector 50 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.dnaindia.com/india/report-nmrc-noida-sector-50-metro-station-dedicated-to-transgender-community-2852665|title=NMRC noida sector 50 metro station dedicated to transgender community|publisher=[[DNA News|DNA]]|date=27 October 2020|accessdate=28 October 2020}}</ref> |- !7 | align="center" style="background-color:#FFB6C1" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}†* | align="center" |Noida Sector 51 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |'''[[दिल्ली मेट्रो]]''' के लिए बदलाव स्टेशन |<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/noida/nmrc-to-build-5-metro-stations-on-greater-noida-west-extension-corridor-of-aqua-line/story-SlUjyUvrRXQ07pGmIwUWcN.html|title=NMRC to build 5 metro stations on Greater Noida West extension corridor of aqua line|work=[[Hindustan Times]]|date=29 September 2020|accessdate=30 September 2020}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.dnaindia.com/india/report-great-news-noida-metro-s-aqua-and-delhi-metro-s-blue-line-connected-by-walkway-2782908|title=Great News, Noida Metro's Aqua and Delhi Metro's blue line connected by walkway|work=[[DNA News|DNA]]|date=18 August 2019|accessdate=19 August 2019}}</ref> |- !8 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 76}} | align="center" |Noida Sector 76 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.aninews.in/news/national/general-news/noida-metro-designates-sec-76-pari-chowk-as-pink-stations20200306221502/|title=Noida Metro designates Sec 76 and Pari Chowk as Pink Stations|publisher=[[Asian News International|ANI]]|date=6 March 2020|accessdate=7 March 2020|archive-date=7 मार्च 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210307203456/https://www.aninews.in/news/national/general-news/noida-metro-designates-sec-76-pari-chowk-as-pink-stations20200306221502/|url-status=dead}}</ref> |- !9 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 81}} | align="center" |Noida Sector 81 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.cityspidey.com/news/9173/noida-shiv-shakti-enclave-residents-protest-after-24-hrs-eviction-notice-served|title=Noida:Shiv Shakti Enclave residents protest after 24 Hrs eviction near Sector 81 metro station|publisher=City Spidey|date=27 August 2019|accessdate=28 August 2019}}</ref> |- !10 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 83}} | align="center" |Noida Sector 83 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/noida/parking-facilities-at-six-noida-metro-stations-to-begin-by-march-end/story-Xc68Crpq9RFMhhUlLHvmaO.html|title=Parking Facilities at Six Noida Metro stations to begin by March end|work=[[Hindustan Times]]|date=13 March 2019|accessdate=14 March 2019}}</ref> |- !11 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 101}} | align="center" |Noida Sector 101 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/noida/fear-of-returning-from-sector-101-metro-station-to-79-after-8-pm/articleshow/74104014.cms|title=Fear of returning from sector 101 metro station to 79 after 8pm|publisher=[[Navbharat Times]]|date=13 February 2020|accessdate=14 February 2020}}</ref> |- !12 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 137}} | align="center" |Noida Sector 137 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.financialexpress.com/infrastructure/noida-metro-aqua-line-resumes-services-today-only-one-gate-to-open-for-entry-exit-at-15-stations/2076723/|title=Noida Metro Aqua Line resumes services today! Only one gate to open for entry, exit at 15 stations|work=[[The Financial Express (India)|The Financial Express]]|date=7 September 2020|accessdate=8 September 2020}}</ref> |- !13 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 142}} | align="center" |Noida Sector 142 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/by-2023-take-a-metro-from-gr-noida-to-botanical-garden/articleshow/77751635.cms|title=Noida:By 2023 take a metro from Greater Noida to Botanical Garden|work=[[Times of India]]|date=26 August 2020|accessdate=27 August 2020}}</ref> |- !14 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 143}} | align="center" |Noida Sector 143 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/noida-authority-repairs-lights-on-eway-service-lane-inner-sec-96-143-road/articleshow/72420049.cms|title=Noida Authority repairs lights on eway service lane inner Sec 96-143 metro stations|work=[[Times of India]]|date=7 December 2019|accessdate=8 December 2019}}</ref> |- !15 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 144}} | align="center" |Noida Sector 144 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/noida-news/service-on-noida-greater-noida-metro-hit-due-to-power-failure-1999241|title=Service on Noida greater Noida Metro hit due to power failure|publisher=[[NDTV]]|date=26 February 2019|accessdate=27 February 2019}}</ref> |- !16 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 145}} | align="center" |Noida Sector 145 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.businesstoday.in/current/economy-politics/up-cm-inaugurates-13-projects-rs-2821-crore-noida/story/397309.html|title=UP CM inaugurates 13 projects Rs 2821 crore Noida|work=[[Business Today (India)|Business Today]]|date=2 March 2020|accessdate=3 March 2020}}</ref> |- !17 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 146}} | align="center" |Noida Sector 146 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/trials-cover-all-of-aqua-line-six-of-11-rakes-reach-noida/articleshow/65480331.cms|title=Trials Cover all of Aqua line six of 11 rakes reach Noida|work=[[Times of India]]|date=21 August 2018|accessdate=22 August 2018}}</ref> |- !18 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 147}} | align="center" |Noida Sector 147 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/noida-sector-147-metro-station-averaging-just-20-riders-a-day/article27299267.ece|title=Noida Sector 147 metro station averaging just 20 riders a day|work=[[The Hindu]]|date=30 May 2019|accessdate=31 May 2019}}</ref> |- !19 | align="center" |{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 148}} | align="center" |Noida Sector 148 | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/noida/huge-fire-at-power-substation-in-noida-s-sector-148-none-hurt/story-3ACAPje7ohqyVj9OCI8UuM.html|title=Huge fire at power substation in Noida's Sector 148 metro station none hurt|work=[[Hindustan Times]]|date=20 August 2020|accessdate=21 August 2020}}</ref> |- !20 | align="center" |{{stl|Noida Metro|एनएसईज़ेड}} | align="center" |NSEZ | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/article/pti-stories/nmrc-to-hold-special-camp-to-issue-smart-cards-at-noida-s-nsez-119052200899_1.html|title=NMRC to Hold special camp to Issue smart cards at Noida's NSEZ metro station|work=[[Business Standard]]|date=22 May 2019|accessdate=23 May 2019}}</ref> |- !21 | align="center" |{{stl|Noida Metro|परी चौक}} | align="center" |Pari Chowk | align="center" |{{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | align="center" |25 जनवरी 2019 | align="center" |उभरा हुआ |align="center"|– |<ref>{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/noida/death-of-a-person-found-unconscious-near-pari-chowk-metro-station-in-noida/articleshow/77800353.cms|title=Death of a Unconscious person near Pari Chowk metro station in Noida|work=[[Navbharat Times]]|date=28 August 2020|accessdate=29 August 2020}}</ref> |} == आंकड़े == {| class="₠wikitable" width="35%" |कुल मेट्रो स्टेशन | width="5%" align="center" |<span style="font-size:125%;">'''21'''</span> |- |कुल [निर्माणाधीन] मेट्रो स्टेशन (दूसरा चरण) | width="5%" align="center" |<span style="font-size:125%;">'''9'''</span> |- | width="25%" |बदलाव स्टेशनों की संख्या | width="5%" align="center" |<span style="font-size:125%;">'''1'''</span> |- | width="25%" |उभरे हुए स्टेशनों की संख्या | width="5%" align="center" |<span style="font-size:125%;">'''21'''</span> |- | width="25%" |भूमिगत स्टेशनों की संख्या | width="5%" align="center" |<span style="font-size:125%;">'''0'''</span> |- | width="25%" |भू-स्तरीय स्टेशनों की संख्या | width="5%" align="center" |<span style="font-size:125%;">'''0'''</span> |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{Noida Metro stations|aqua line=yes}} [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश में परिवहन]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] 9id67tc2h8hvmowvnmvqq3fe39gfydd अलेक्जेंडर लुकाशेंको 0 1574680 6541128 6462994 2026-04-16T06:51:38Z Vedsblogofficial 920633 6541128 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = अलेक्जेंडर लुकाशेंको | native_name = {{nobold|Александр Лукашенко<br />Аляксандр Лукашэнка}} | image = Alexander Lukashenko at the Supreme Eurasian Economic Council meeting in 2024 (cropped 2).jpg | caption = लुकाशेंको २०२४ मे | alt = | office = [[बेलारूस के राष्ट्रपति]]{{efn|2020 से उनके राष्ट्रपति पद की वैधता पर विवाद चल रहा है। यूनाइटेड स्टेट्स और यूरोपियन यूनियन समेत कई देश उनकी विपक्ष स्वियातलाना त्सिखानौस्काया को बेलारूस की वैध राष्ट्रपति के तौर पर मान्यता देते हैं।}}<ref>{{cite web| url = https://www.themoscowtimes.com/2020/08/19/eu-rejects-belarus-vote-result-as-lukashenko-orders-clampdown-a71200 |title = EU ने बेलारूस के वोट के नतीजे को खारिज किया, लुकाशेंको ने सख्ती का आदेश दिया}}</ref> | primeminister = | term_start = | term_end = | predecessor = | successor = | order1 = | office1 = | deputy1 = | termstart1 = | termend1 = | predecessor1 = | successor1 = | office2 = | 1blankname2 = | 1namedata2 = | 2blankname2 = | 2namedata2 = | termstart2 = 20 जुलाई 1994 | termend2 = | predecessor2 = | successor2 = | birth_name = अलेक्जेंडर ग्रिगोरीविच लुकाशेंको | birth_date = {{birth date|१९५४|८|३०}} | birth_place = [[कोपीज़]], [[बेलोरूसियन सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक|बेलोरूसियन एसएसआर]], सोवियत संघ<br/>(अब बेलारूस) | death_date = | death_place = | occupation = [[राजनीतिज्ञ]] | profession = [[अर्थशास्त्री]] और [[सामूहिक खेती|सामूहिक किसान]]<ref>{{उद्धरण समाचार |last1=Mirovalev |first1=Mansur |title=यूरोप का 'अंतिम तानाशाह': बेलारूस के अलेक्जेंडर लुकाशेंको कौन हैं? |url=https://www.aljazeera.com/news/2021/11/25/belarus-leaders-trajectory-from-communist-farmer-to-paranoid |work=[[Al Jazeera English|Aljazeera]] |date =25 नवंबर 2021 |पहुंच-तिथि=26 मार्च 2022 |संग्रह-तिथि=26 मार्च 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220326045847/https://www.aljazeera.com/news/2021/11/25/belarus-leaders-trajectory-from-communist-farmer-to -पैरानॉयड |url-status=live }}</ref> | party = | otherparty = | spouse = [[गैलिना झेलनेरोविच]] | children = | website = {{URL|president.gov.by/en/}} | allegiance = | branch = | rank = | serviceyears = | signature = SigAlexanderLukashenko.svg }} '''अलेक्जेंडर ग्रिगोरीविच लुकाशेंको''' (जन्म ३० अगस्त १९५४) एक [[बेलारूस|बेलारूसी]] राजनेता हैं, जो 1994 में कार्यालय की स्थापना के बाद से बेलारूस के पहले और आज तक एकमात्र राष्ट्रपति रहे हैं, उन्हें यूरोप में राज्य का वर्तमान सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाला प्रमुख बनाते हैं।{{Efn|{{langx|ru|Александр Григорьевич Лукашенко|Aleksandr Grigoryevich Lukashenko}}, {{IPA|ru|ɐlʲɪkˈsandr ɡrʲɪˈɡorʲjɪvʲɪtɕ lʊkɐˈʂɛnkə|IPA}}}}{{Efn|{{langx|be|Аляксандр Рыгоравіч Лукашэнка}},<ref>{{cite web|url=https://ofac.treasury.gov/recent-actions/20220315|title=Russia-related Designations and Designation Update; Belarus Designation and Designation Update; Magnitsky-related Designations|website=treasury.gov|date=15 March 2022|access-date=21 June 2023|archive-date=21 June 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230621132335/https://ofac.treasury.gov/recent-actions/20220315|url-status=live}}</ref> {{IPA|be|alʲækˈsand(ɐ)r rɨˈɣɔravʲit͡ʂ lukaˈʂɛnka|IPA}}. In English, both transliterations from Belarusian and Russian are used, and his [[first name]] is often [[anglicized]] to ''Alexander''.}}<ref name="worldfactbook2">{{Cite web|url=https://www.cia.gov/the-world-factbook/countries/belarus/|title=Belarus&nbsp;– Government|date=18 December 2008|website=The World Factbook|publisher=Central Intelligence Agency|archive-url=https://web.archive.org/web/20210109091720/https://www.cia.gov/the-world-factbook/countries/belarus/|archive-date=9 January 2021|access-date=26 December 2008}}</ref><ref name="BBC News-2020">{{Cite web|url=https://www.bbc.co.uk/news/world-europe-53637365|title=Belarus President Alexander Lukashenko under fire|date=11 September 2020|website=BBC News|archive-url=https://web.archive.org/web/20200803214913/https://www.bbc.co.uk/news/world-europe-53637365|archive-date=3 August 2020|access-date=19 September 2020}}</ref> अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने से पहले, लुकाशेंको ने एक राज्य फार्म (सोव्खोज़) के निदेशक के रूप में काम किया और सोवियत सीमा सैनिक और सोवियत सेना दोनों में सेवा की। 1990 में, लुकाशेंको बेलोरूसियन सोवियत समाजवादी गणराज्य के सर्वोच्च सोवियत के लिए चुने गए थे। [[सोवियत संघ का विघटन|सोवियत संघ के विघटन]] के बाद, उन्होंने बेलारूस की सर्वोच्च परिषद की अंतरिम भ्रष्टाचार विरोधी समिति के प्रमुख का पद ग्रहण किया। 1994 में, उन्होंने एक नए संविधान को अपनाने के बाद देश के उद्घाटन राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति पद जीता। लुकाशेंको ने 1990 के दशक के सोवियत संक्रमण के बाद बेलारूस में प्रमुख उद्योगों के राज्य स्वामित्व को बनाए रखते हुए आर्थिक सदमे चिकित्सा का विरोध किया। इसने बेलारूस को मंदी से बचा लिया, जैसा कि सोवियत संघ के बाद के अन्य राज्यों और पूर्व पूर्वी ब्लॉक देशों में हुआ था, जिन्होंने कुलीन वर्ग के उदय को रोका था। लुकाशेंको द्वारा समाजवादी आर्थिक मॉडल का रखरखाव सोवियत युग के प्रतीकवाद को बनाए रखने के अनुरूप है, जिसमें रूसी भाषा, हथियारों का कोट और [[बेलारूस का ध्वज|राष्ट्रीय ध्वज]] शामिल हैं। इन प्रतीकों को 1995 के एक विवादास्पद जनमत संग्रह के बाद अपनाया गया था। उसी जनमत संग्रह के बाद, लुकाशेंको ने बढ़ी हुई शक्ति हासिल कर ली, जिसमें सर्वोच्च परिषद को बर्खास्त करने का अधिकार भी शामिल था। 1996 में एक और जनमत संग्रह ने उनकी शक्ति को मजबूत करने में और मदद की। लुकाशेंको ने तब से एक सत्तावादी सरकार की अध्यक्षता की है और मीडिया द्वारा उन्हें "यूरोप का आखिरी तानाशाह" करार दिया गया है।[1] उनकी प्रारंभिक जीत को छोड़कर, अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने बेलारूसी चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं माना है। सरकार विरोधियों का दमन करती है और मीडिया की स्वतंत्रता को सीमित करती है।[2] इसके परिणामस्वरूप कई पश्चिमी सरकारों ने लुकाशेंको और अन्य बेलारूसी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।[3] 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में लुकाशेंको की चुनाव में जीत से पहले वोट-धांधली के आरोप लगे, सरकार विरोधी प्रदर्शनों को बढ़ाया गया, जो उनके शासन के दौरान सबसे बड़ा देखा गया।[4] नतीजतन, यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका विवादित चुनाव के बाद लुकाशेंको को बेलारूस के वैध राष्ट्रपति के रूप में मान्यता नहीं देते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://eeas.europa.eu/headquarters/headquarters-homepage/84346/el-pais-interview-hrvp-borrell-%E2%80%9Clukashenko-maduro-we-do-not-recognize-him-he-must-deal-him%E2%80%9D_en|title=El Pais interview with HR/VP Borrell: "Lukashenko is like Maduro. We do not recognize him but we must deal with him"|date=24 August 2020|publisher=eeas.europa.eu|archive-url=https://web.archive.org/web/20201008100014/https://eeas.europa.eu/headquarters/headquarters-homepage/84346/el-pais-interview-hrvp-borrell-%E2%80%9Clukashenko-maduro-we-do-not-recognize-him-he-must-deal-him%E2%80%9D_en|archive-date=8 October 2020|access-date=25 August 2020}}</ref><ref name="Axios">Dave Lawler, [https://www.axios.com/us-lukashenko-president-belarus-353ed235-98f7-446f-919a-6a6cdab81975.html U.S. no longer recognizes Lukashenko as legitimate president of Belarus] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211221151140/https://www.axios.com/us-lukashenko-president-belarus-353ed235-98f7-446f-919a-6a6cdab81975.html|date=21 December 2021}}, ''Axios'' (24 September 2020).</ref> पश्चिम के कुछ हिस्सों से इस तरह के अलगाव ने रूस पर उनकी निर्भरता बढ़ा दी है, जिसके साथ व्यापार से संबंधित कुछ असहमतियों के बावजूद लुकाशेंको ने पहले से ही घनिष्ठ संबंध बनाए रखा था। सुधारवादी राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन की जगह व्लादिमीर पुतिन के सत्ता में आने के बाद यह विशेष रूप से मामला बन गया है। लुकाशेंको ने रूस और बेलारूस को संघ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे बेलारूसियों और रूसियों को दोनों देशों के बीच स्वतंत्र रूप से यात्रा करने, काम करने और अध्ययन करने में सक्षम बनाया गया। उन्होंने कथित तौर पर 2023 में रूसी वैगनर समूह के विद्रोह को समाप्त करने के लिए एक समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कुछ वैगनर सैनिकों को बेलारूस में प्रवेश की अनुमति मिली।<ref>{{Cite web|url=https://www.politico.eu/article/the-milk-split-by-the-milk-war/|title=The milk split by the milk war|date=24 June 2009|website=POLITICO|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20191022044035/https://www.politico.eu/article/the-milk-split-by-the-milk-war/|archive-date=22 October 2019|access-date=8 November 2020}}</ref> == प्रारंभिक जीवन, परिवार और शिक्षा == लुकाशेंको का जन्म 30 अगस्त 1954 को बेलोरूसियन सोवियत समाजवादी गणराज्य के विटेब्स्क क्षेत्र में कोपिस की बस्ती में हुआ था।<ref name="president.gov.by">[http://president.gov.by/press10003.html Официальный интернет-портал Президента Республики Беларусь/Биография] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131207094012/http://president.gov.by/press10003.html|date=7 December 2013}}. </ref> 2009 में दिए गए एक साक्षात्कार से शुरुआत करते हुए, लुकाशेंको ने कहा है कि उनका वास्तविक जन्मदिन 31 अगस्त है, जो उनके बेटे निकोलाई के समान है।<ref>[https://zavtra.ru/cgi/veil/data/zavtra/09/812/11.html ТАК ГОВОРИТ ЛУКАШЕНКО] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100328193551/https://zavtra.ru/cgi/veil/data/zavtra/09/812/11.html|date=28 March 2010}}. </ref> इससे कुछ भ्रम पैदा हुआ क्योंकि तब तक सभी आधिकारिक स्रोतों ने 30 अगस्त 1954 तक कहा था। बाद में एक स्पष्टीकरण दिया गया कि उनकी माँ ने 30 तारीख को प्रसव में अस्पताल में प्रवेश किया था, लेकिन आधी रात के बाद तक जन्म नहीं दिया था।<ref>{{Cite news|url=http://belapan.com/archive/2010/09/01/407760/|title=БелаПАН выяснил, почему изменилась дата рождения Александра Лукашенко|date=1 September 2010|work=[[BelaPAN]]|access-date=5 February 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210612003234/http://belapan.com/archive/2010/09/01/407760/|archive-date=12 June 2021}}</ref> लुकाशेंको ने अलेक्जेंड्रिया माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई की। उन्होंने 4 साल की पढ़ाई के बाद 1975 में मोगिलेव में मोगिलेव् शैक्षणिक संस्थान (अब मोगिलेव राज्य ए. कुलेशोव विश्वविद्यालय) से स्नातक किया। उन्होंने 1985 में होर्की में बेलारूसी कृषि अकादमी में भी पढ़ाई पूरी की। == सैन्य और प्रारंभिक राजनीति कैरियर == उन्होंने 1975 से 1977 तक सोवियत सीमा सैनिक में सेवा की, जहां वे ब्रेस्ट में पश्चिमी सीमांत जिले की सैन्य इकाई संख्या 2187 के राजनीतिक विभाग के प्रशिक्षक थे और 1980 से 1982 तक सोवियत सेना में थे। इसके अलावा, उन्होंने 1977 से 1978 तक मोगिलेव में एक अखिल-संघ लेनिनिस्ट युवा कम्युनिस्ट लीग (कोम्सोमोल) अध्याय का नेतृत्व किया। सोवियत सेना में रहते हुए, लुकाशेंको 120वें गार्ड्स मोटर राइफल डिवीजन के एक उप राजनीतिक अधिकारी थे, जो मिन्स्क में स्थित था।<ref name="bio">{{Cite web|url=http://www.president.gov.by/en/press35803.html|title=President Visits New Swimming Complex in Minsk|date=20 September 2007|publisher=President of the Republic of Belarus|archive-url=https://archive.today/20121130162456/http://www.president.gov.by/en/press35803.html|archive-date=30 November 2012|access-date=13 October 2007}}</ref> 1979 में, वह [[सोवियत संघ साम्यवादी दल|सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी]] और बेलोरूसिया की कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हो गए। सेना छोड़ने के बाद, वह 1982 और 1985 में एक सामूहिक फार्म के उपाध्यक्ष बने। {{उद्धरण आवश्यक|date=January 2025}}1987 में, उन्हें श्क्लो जिले में गोरोडेट्स राज्य फार्म के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था और 1988 की शुरुआत में, मोगिलेव क्षेत्र में एक राज्य फार्म को पट्टे पर देने वाले पहले लोगों में से एक थे।<ref>{{Cite web|url=https://uznayvse.ru/znamenitosti/biografiya-aleksandr-lukashenko.html|title=Александр Лукашенко, биография, новости, фото – узнай вce!|date=30 August 2017|publisher=Unayvse|language=ru|archive-url=https://web.archive.org/web/20170921045807/https://uznayvse.ru/znamenitosti/biografiya-aleksandr-lukashenko.html|archive-date=21 September 2017|access-date=20 September 2017}}</ref> 1990 में, लुकाशेंको को बेलारूसी एसएसआर के सर्वोच्च सोवियत का उप-उपाध्यक्ष चुना गया। भ्रष्टाचार के एक मुखर विरोधी के रूप में ख्याति प्राप्त करने के बाद, लुकाशेंको को अप्रैल 1993 में बेलारूसी संसद की भ्रष्टाचार विरोधी समिति के अंतरिम अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।[1] 1993 के अंत में उन्होंने सर्वोच्च सोवियत अध्यक्ष स्टानिस्लाव शुशकेविच और प्रधान मंत्री व्याचेस्लाव केबिच सहित 70 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों पर व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए राज्य धन की चोरी सहित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। जबकि आरोप अंततः निराधार साबित हुए, घटनाओं की इस श्रृंखला की शर्मिंदगी और अविश्वास मत हारने के कारण शुशकेविच ने अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।[2][3] वह जुलाई 1994 तक उस पद पर थे। == प्रेसीडेंसी == 1994 की शुरुआत में अधिनियमित एक नए बेलारूसी संविधान ने 23 जून और 10 जुलाई को पहले लोकतांत्रिक राष्ट्रपति चुनाव का मार्ग प्रशस्त किया। पहले दौर में छह उम्मीदवार खड़े थे, जिनमें लुकाशेंको भी शामिल थे, जिन्होंने एक लोकप्रिय मंच पर एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में प्रचार किया था। ''[[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' के साथ एक साक्षात्कार में, उन्होंने घोषणा कीः "मैं न तो वामपंथियों के साथ हूं और न ही दक्षिणपंथियों के. लेकिन लोगों के साथ उन लोगों के खिलाफ हूं जो उन्हें लूटते और धोखा देते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.euronews.com/2020/09/24/he-stopped-listening-and-became-cruel-lukashenko-remembered-by-former-campaign-manager|title='He stopped listening... and became cruel': Lukashenko remembered by former campaign manager|last=Filtenborg|first=Emil|date=28 September 2020|work=Euro News|access-date=18 November 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20210225144648/https://www.euronews.com/2020/09/24/he-stopped-listening-and-became-cruel-lukashenko-remembered-by-former-campaign-manager|archive-date=25 February 2021|last2=Weichert|first2=Stefan|language=en}}</ref><ref name="white05">{{Cite book|title=Postcommunist Belarus|last=Hill|first=Ronald J.|publisher=Rowman & Littlefield|year=2005|isbn=9780742535558|editor-last=White|editor-first=Stephen|pages=6–7|chapter=Post Soviet Belarus|access-date=11 October 2015|editor-last2=Korosteleva|editor-first2=Elena|editor-last3=John|editor-first3=Löwenhardt|chapter-url=https://books.google.com/books?id=HPjVRSvhFRAC&pg=PA6|archive-url=https://web.archive.org/web/20160425235757/https://books.google.com/books?id=HPjVRSvhFRAC&pg=PA6|archive-date=25 April 2016}}</ref> लुकाशेंको ने वोट का 45.1% जीता जबकि केबिच को 17.4%, ज़ियानोन पाज़्नियाक को 12.9% और शुश्केविच को दो अन्य उम्मीदवारों के साथ, 10% से कम वोट मिले।<ref name="white05" /> लुकाशेंको ने 10 जुलाई को चुनाव के दूसरे दौर में 80.1% वोट के साथ जीत हासिल की।<ref name="white05">{{Cite book|title=Postcommunist Belarus|last=Hill|first=Ronald J.|publisher=Rowman & Littlefield|year=2005|isbn=9780742535558|editor-last=White|editor-first=Stephen|pages=6–7|chapter=Post Soviet Belarus|access-date=11 October 2015|editor-last2=Korosteleva|editor-first2=Elena|editor-last3=John|editor-first3=Löwenhardt|chapter-url=https://books.google.com/books?id=HPjVRSvhFRAC&pg=PA6|archive-url=https://web.archive.org/web/20160425235757/https://books.google.com/books?id=HPjVRSvhFRAC&pg=PA6|archive-date=25 April 2016}}<cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFHill2005">Hill, Ronald J. (2005). </cite></ref><ref name="byind">Country Studies [http://countrystudies.us/belarus/39.htm Belarus&nbsp;– Prelude to Independence] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171010070350/http://countrystudies.us/belarus/39.htm|date=10 October 2017}}. </ref> राष्ट्रपति का उद्घाटन 20 जुलाई 1994 को, चुनाव के ठीक दस दिन बाद, संसद की एक विशेष बैठक, सुप्रीम काउंसिल के दौरान, गवर्नमेंट हाउस के हॉल में आयोजित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://news.tut.by/society/471818.html|title=Пять инаугураций в Беларуси. Как менялся президент, его клятвы и обещания с 1994–го по 2015–й|date=7 November 2015|website=Tut.By|language=ru|archive-url=https://web.archive.org/web/20200929111032/https://news.tut.by/society/471818.html|archive-date=29 September 2020|access-date=5 September 2020}}</ref> अपने उद्घाटन के तुरंत बाद, उन्होंने मास्को में [[रूस|रूसी संघ]] के राज्य ड्यूमा को स्लाव राज्यों के एक नए संघ का प्रस्ताव दिया, जो 1999 में रूस और बेलारूस के संघ के निर्माण में समाप्त हो गया। [[चित्र:1996._Stamp_of_Belarus_0205.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|229x229पिक्सेल|१९९६ से एक डाक टिकट पर राष्ट्रपति लुकाशेंको]] फरवरी 1995 में, लुकाशेंको ने एक जनमत संग्रह कराने के अपने इरादे की घोषणा की। युवा लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए इसने बेलारूस के रूसीकरण का विवादास्पद मुद्दा उठाया। लुकाशेंको ने कहा कि वह सर्वोच्च परिषद में विरोध की परवाह किए बिना जनमत संग्रह के साथ आगे बढ़ेंगे और अगर वे जनमत संग्रह कराने के लिए सहमत नहीं हुए तो इसकी गतिविधियों को निलंबित करने की धमकी दी। 11 अप्रैल 1995 को, लुकाशेंको द्वारा प्रस्तावित चार मुद्दों पर जनमत संग्रह बुलाने पर संसद में एक वोट आयोजित किया गया थाः 1 रूसी को राज्य भाषा का दर्जा देना, 2 राज्य प्रतीकों को बदलना, 3 रूस के साथ आर्थिक एकीकरण पर और 4 राष्ट्रपति को संसद को भंग करने का अधिकार देना। प्रतिनिधियों ने रूस के साथ आर्थिक एकीकरण को छोड़कर सभी मुद्दों को खारिज कर दिया। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या राष्ट्रपति के पास स्वतंत्र रूप से जनमत संग्रह बुलाने की कानूनी शक्ति थी, और यदि ऐसा है, तो क्या वे बाध्यकारी होंगे। लुकाशेंको ने कहा कि प्रतिनिधियों द्वारा अस्वीकृति के बावजूद जनमत संग्रह आयोजित किया जाएगा। इसके विरोध में, जियानोन पाज्नियाक के नेतृत्व में बेलारूसी पॉपुलर फ्रंट और ओलेग ट्रूसोव (बी. Алег Анатолевіч Трусаў) के नेतृत्व में बेलारूसी सोशल डेमोक्रेटिक असेंबली के कुल 238 प्रतिनिधियों में से 19 ने संसदीय बैठक कक्ष में भूख हड़ताल शुरू कर दी और रात भर वहीं रहे। 11-12 अप्रैल की रात को. रात में, बम की धमकी के बहाने, अज्ञात कानून प्रवर्तन कर्मियों ने हमला किया और प्रतिनिधियों को जबरन निष्कासित कर दिया। लुकाशेंको ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा उद्देश्यों के लिए निकासी का आदेश दिया। सर्वोच्च परिषद ने 13 अप्रैल को जनमत संग्रह कराना स्वीकार कर लिया और मई 1995 में बेलारूसी अधिकारियों ने चार मुद्दों पर जनमत संग्रह कराया।[1] ओएससीई संसदीय सभा ने न तो जनमत संग्रह और न ही 1995 के बेलारूसी संसदीय चुनाव को, जो उसी महीने में हुआ था, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की शर्तों को पूरा करते हुए पाया।<ref>{{Cite web|url=https://www.oscepa.org/documents/election-observation/election-observation-statements/belarus/statements-4/2009-1995-parliamentary-first-a-second-round/file|title=Report on parliamentary elections in Belarus – 14 and 28 may 1995|website=OSCE Parliamentary Assembly|archive-url=https://web.archive.org/web/20210123111208/https://www.oscepa.org/documents/election-observation/election-observation-statements/belarus/statements-4/2009-1995-parliamentary-first-a-second-round/file|archive-date=23 January 2021|access-date=13 February 2021}}</ref> [[चित्र:RIAN_archive_141088_Signing_Treaty_on_Establishing_Russian-Belarusian_Union.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|235x235पिक्सेल|रूसी राष्ट्रपति [[बोरिस येल्तसिन]] और बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको के बीच क्रेमलिन पैलेस में रूसी-बेलारूसी संघ की स्थापना पर संधि पर हस्ताक्षर करने का आधिकारिक समारोह, १९९७]] [[चित्र:Alexander_Lukashenko_in_a_meeting_with_Bashar_al-Assad_in_December_2003_(1)_(cropped).jpg|अंगूठाकार|दिसंबर 2003 में सीरिया की राजकीय यात्रा के दौरान [[सीरिया|सीरियाई]] राष्ट्रपति [[बशर अल-असद]] के साथ अलेक्जेंडर लुकाशेंको]] मूल संविधान के तहत, लुकाशेंको को 1999 में फिर से चुनाव के लिए तैयार होना चाहिए था। हालाँकि, 1996 के जनमत संग्रह ने लुकाशेंको के कार्यकाल को दो अतिरिक्त वर्षों के लिए बढ़ा दिया। 9 सितंबर 2001 के चुनाव में, लुकाशेंको का सामना व्लादिमीर गोंचारिक और सर्गेई गैदुकेविच से हुआ। अभियान के दौरान, लुकाशेंको ने कृषि, सामाजिक लाभ के मानकों को बढ़ाने और बेलारूस के औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाने का वादा किया।<ref name="ut2001">{{Cite news|url=https://www.usatoday.com/news/world/2001/09/09/belarus.htm|title=Lukashenko claims victory in Belarus election|date=10 September 2001|work=USA Today|access-date=17 October 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070812031902/http://www.usatoday.com/news/world/2001/09/09/belarus.htm|archive-date=12 August 2007}}</ref> लुकाशेंको ने पहले दौर में 75.65% वोट के साथ जीत हासिल की। यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया "अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने में विफल रही।<ref name="ut2001" /> [[चित्र:Ali_Khamenei_met_with_Belarusian_President_Lukashenko_(2006_11_06)_07.jpg|अंगूठाकार|230x230पिक्सेल|2006 में ईरानी सर्वोच्च नेता [[अली ख़ामेनेई|अली खामेनेई]] और राष्ट्रपति [[महमूद अहमदीनेझ़ाद|महमूद अहमदीनेजाद]] के साथ अलेक्जेंडर लुकाशेंको की बैठक]] जेन के इंटेलिजेंस डाइजेस्ट ने अनुमान लगाया कि 2001 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले लुकाशेंको के लिए रूसी समर्थन की कीमत यमल-यूरोप गैस पाइपलाइन के अपने खंड पर मिन्स्क के नियंत्रण का आत्मसमर्पण था। लुकाशेंको को विजेता घोषित करने के परिणामों की घोषणा के बाद, रूस ने सार्वजनिक रूप से लुकाशेंको के फिर से चुनाव का स्वागत किया-रूसी राष्ट्रपति [[व्लादिमीर पुतिन]] ने लुकाशेंको से फोन पर बात की और बधाई और समर्थन का संदेश दिया।<ref name="ut2001">{{Cite news|url=https://www.usatoday.com/news/world/2001/09/09/belarus.htm|title=Lukashenko claims victory in Belarus election|date=10 September 2001|work=USA Today|access-date=17 October 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070812031902/http://www.usatoday.com/news/world/2001/09/09/belarus.htm|archive-date=12 August 2007}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[https://www.usatoday.com/news/world/2001/09/09/belarus.htm "Lukashenko claims victory in Belarus election"]. </cite></ref> 2003 में इराक पर हमले के बाद, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने बताया कि सद्दाम हुसैन के सहयोगी सीरिया में रहते हुए बेलारूसी पासपोर्ट हासिल करने में कामयाब रहे, लेकिन यह संभावना नहीं थी कि बेलारूस सद्दाम और उनके दो बेटों के लिए एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करेगा।[1] इराक और ईरान के साथ हथियारों के सौदे के साथ-साथ इस कार्रवाई ने पश्चिमी सरकारों को लुकाशेंको के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया। हथियारों की बिक्री से अमेरिका विशेष रूप से नाराज था, और अमेरिकी राजनीतिक नेताओं ने बेलारूस को "यूरोप की आखिरी तानाशाही" के रूप में संदर्भित करना शुरू कर दिया।[2] यूरोपीय संघ रूस से अपनी गैस आपूर्ति की सुरक्षा के लिए चिंतित था, जो बेलारूस के माध्यम से पाइप के माध्यम से आपूर्ति की जाती है, और उसने बेलारूसी मामलों में सक्रिय रुचि ली। पोलैंड, लातविया और लिथुआनिया के विलय के साथ, बेलारूस के साथ यूरोपीय संघ की सीमा 1000 किलोमीटर से अधिक हो गई है।<ref>{{Cite web|url=http://www.mfa.gov.by/print/en/mass_media/c824327c1d35b374.html|title=Belarus Foreign Minister Sergei Martynov interview for The Frankfurter Allgemeine Zeitung – Ministry of Foreign Affairs of the Republic of Belarus|publisher=Mfa.gov.by|archive-url=https://web.archive.org/web/20131221060943/http://www.mfa.gov.by/print/en/mass_media/c824327c1d35b374.html|archive-date=21 December 2013|access-date=7 January 2013}}</ref>&nbsp; [[चित्र:Lukashenko_and_Medvedev_December_2008.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|232x232पिक्सेल|लुकाशेंको क्रेमलिन में [[दिमित्री मेदवेदेव]] के साथ, दिसंबर 2008]] बेलारूसी अधिकारियों ने चुनाव के बाद किसी भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों को रोकने की कसम खाई (जैसे कि यूक्रेन में ऑरेंज क्रांति को चिह्नित करने वाले) । उनके प्रयासों के बावजूद, विपक्ष के पास वर्षों में सबसे अधिक प्रदर्शनकारी थे, चुनाव के बाद कई दिनों तक मिन्स्क में रात में विरोध प्रदर्शन जारी रहे। सबसे बड़ा विरोध चुनाव की रात को हुआ-[[एसोसिएटेड प्रेस]] के संवाददाताओं ने अनुमान लगाया कि लगभग 10,000 लोग बाहर निकले।<ref name="sfgate">{{Cite news|url=http://onlineathens.com/stories/032006/news_20060320034.shtml|title=Incumbent Declared Winner of Belarus Vote|date=20 March 2006|work=Athens Banner-Herald|access-date=13 September 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20130622112747/http://onlineathens.com/stories/032006/news_20060320034.shtml|archive-date=22 June 2013|agency=Associated Press|quote=The gathering was the biggest the opposition had mustered in years, reaching at least 10,000 before it started thinning out, according to AP reporters' estimates.}}</ref> रूस के नेतृत्व वाले स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस) और यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) के चुनाव पर्यवेक्षक बेलारूसी चुनाव पर भिन्न थे।<ref>{{Cite news|url=http://english.people.com.cn/200603/21/eng20060321_252162.html|title=CIS, OSCE observers differ on Belarus vote|date=21 March 2006|work=[[People's Daily]]|access-date=13 October 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20090619193108/http://english.people.com.cn/200603/21/eng20060321_252162.html|archive-date=19 June 2009|quote=Election observers from the Commonwealth of Independent States (CIS) declared the Belarus presidential vote open and transparent on Monday. The Organization for Security and Cooperation in Europe (OSCE) did not assess the election positively.}}</ref> [[चित्र:Dmitry_Medvedev_29_September_2009-3.jpg|अंगूठाकार|238x238पिक्सेल|दिमित्री मेदवेदेव और अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने बेलारूस के बारानाविची में हुए ज़पैड-2009 रणनीतिक अभ्यास के अंतिम चरण का अवलोकन किया।]] लुकाशेंको 19 दिसंबर 2010 को बेलारूस में आयोजित राष्ट्रपति चुनाव के लिए पंजीकृत दस उम्मीदवारों में से एक थे। हालांकि मूल रूप से 2011 के लिए परिकल्पना की गई थी, लेकिन "चुनावी अभियान में नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने और मतदाताओं के लिए सबसे सुविधाजनक समय निर्धारित करने के लिए" एक पूर्व तिथि को मंजूरी दी गई थी।<ref>[http://news.belta.by/en/main_news?id=580390 Belarus sets date of presidential election for 19 December 2010] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110706163519/http://news.belta.by/en/main_news?id=580390|date=6 July 2011}}. </ref> अभियान के लिए रन-अप लुकाशेंको पर रूसी मीडिया हमलों की एक श्रृंखला द्वारा चिह्नित किया गया था। केंद्रीय चुनाव समिति ने कहा कि सभी नौ विपक्षी आंकड़ों को लुकाशेंको को मिलने वाले कुल वोट के आधे से भी कम वोट मिलने की संभावना थी।<ref name="aljaz" /> हालांकि विपक्षी हस्तियों ने धमकी देने का आरोप लगाया और कहा कि "गंदी चालें" खेली जा रही थीं, चुनाव को यूरोप और अमेरिका दोनों के साथ संबंध सुधारने की इच्छा के परिणामस्वरूप तुलनात्मक रूप से खुला देखा गया था।<ref>{{Cite news|url=http://english.aljazeera.net/video/europe/2010/12/20101219113519102551.html|title=Activist fears over Belarus vote|date=19 December 2010|access-date=23 December 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20101223053302/http://english.aljazeera.net/video/europe/2010/12/20101219113519102551.html|archive-date=23 December 2010|publisher=Al Jazeera}}</ref><ref name="aljaz">{{Cite web|url=http://english.aljazeera.net/news/europe/2010/12/20101218142317982604.html|title='Dirty tricks' taint Belarus vote|date=18 December 2010|publisher=Al Jazeera|archive-url=https://web.archive.org/web/20101220044914/http://english.aljazeera.net/news/europe/2010/12/20101218142317982604.html|archive-date=20 December 2010|access-date=23 December 2010}}</ref> लुकाशेंको चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव वैश्विक बुनियादी ढांचा विकास रणनीति के समर्थक थे, और 2012 में मिन्स्क राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास संबंधित कम कर चीन-बेलारूस औद्योगिक पार्क की स्थापना ने 2060 के दशक तक 112 किलोमीटर (43 वर्ग मील) तक बढ़ने की योजना बनाई।<ref name="fdi-20190815">{{Cite news|url=https://www.fdiintelligence.com/article/75443|title=What the BRI brings to Belarus and Great Stone Industrial Park|last=Jacopo Dettoni|date=15 August 2019|work=fDi Intelligence|access-date=10 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200823041156/https://www.fdiintelligence.com/article/75443|archive-date=23 August 2020|publisher=Financial Times|last2=Wendy Atkins}}</ref><ref name="nar-20200716">{{Cite news|url=https://asia.nikkei.com/Spotlight/Belt-and-Road/Unrest-threatens-China-s-Belt-and-Road-success-story-in-Belarus|title=Unrest threatens China's Belt and Road 'success story' in Belarus|last=Simes|first=Dimitri|date=16 July 2020|work=Nikkei Asian Review|access-date=10 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200809201059/https://asia.nikkei.com/Spotlight/Belt-and-Road/Unrest-threatens-China-s-Belt-and-Road-success-story-in-Belarus|archive-date=9 August 2020}}</ref> [[चित्र:Prime_Minister_Narendra_Modi_during_a_bilateral_meeting_with_President_of_Belarus_Alexander_Lukashenko.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|लुकाशेंको 2016 में [[भारत|भारतीय]] प्रधान मंत्री [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्र मोदी]] के साथ एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान]] [[चित्र:Meeting_of_CIS_Council_of_Heads_of_State_(2016-09-16)_03.jpg|अंगूठाकार|बिश्केक, [[किर्गिज़स्तान|किर्गिस्तान]] में [[स्वतंत्र राष्ट्र राष्ट्रमण्डल|सीआईएस]] नेताओं की बैठक, सितंबर 2016]] अप्रैल 2019 में, लुकाशेंको ने घोषणा की कि खेल बजट पर और समय पर थे और अंततः उन्होंने 21 जून को कार्यक्रम का दूसरा संस्करण खोला।<ref name="o">{{Cite web|url=http://aroundtherings.com/site/A__76353/Title__PRESIDENT-ALEKSANDR-LUKASHENKO-EMPHASISES-SIGNIFICANCE-OF-EUROPEAN-GAMES-FOR-BELARUS/292/Articles|title=President Aleksandr Lukashenko Emphasises Significance of European Games For Belarus|website=Around the Rings|archive-url=https://web.archive.org/web/20190512171048/http://aroundtherings.com/site/A__76353/Title__PRESIDENT-ALEKSANDR-LUKASHENKO-EMPHASISES-SIGNIFICANCE-OF-EUROPEAN-GAMES-FOR-BELARUS/292/Articles|archive-date=12 May 2019|access-date=12 May 2019}}</ref><ref name="TRT">{{Cite web|url=https://www.trtworld.com/sport/european-games-open-in-belarus-27695|title=European Games open in Belarus|date=22 June 2019|website=[[TRT World]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20190703124946/https://www.trtworld.com/sport/european-games-open-in-belarus-27695|archive-date=3 July 2019|access-date=3 July 2019}}</ref> 1-3 जुलाई 2019 के बीच, उन्होंने मिन्स्क आक्रामक की 75 वीं वर्षगांठ के देश के समारोहों का निरीक्षण किया, जो अंतिम दिन बेलारूस के सशस्त्र बल की एक शाम सैन्य परेड में समाप्त हुआ, जो देश का स्वतंत्रता दिवस है।<ref name="news.tut.by">{{Cite web|url=https://news.tut.by/society/644087.html|title=Военный парад в честь 75-летия освобождения: Беларусь отметила День независимости|date=3 July 2019|website=Tut.By|archive-url=https://web.archive.org/web/20200828060935/https://news.tut.by/society/644087.html|archive-date=28 August 2020|access-date=13 February 2020}}</ref> [[चित्र:Lukashenko_and_Zelenskyi_(Oct_2019).jpg|अंगूठाकार|[[वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की|वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की]] अक्टूबर 2019 में ज़ाइटोमिर में लुकाशेंको के साथ हाथ मिलाते हुए]] कोविड-19 महामारी के दौरान, उन्होंने [[रूस]] की दो कार्य यात्राएं कीं, जो महामारी के दौरान विदेश यात्राएं करने वाले कुछ यूरोपीय नेताओं में से एक थी। उन्होंने मिन्स्क की राजकीय यात्रा के दौरान हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान का भी स्वागत किया।<ref>{{Cite web|url=http://abouthungary.hu/speeches-and-remarks/statement-by-prime-minister-viktor-orban-following-his-talks-with-alexander-lukashenko-president-of-the-republic-of-belarus/|title=About Hungary – Statement by Prime Minister Viktor Orbán following his talks with Alexander Lukashenko, President of the Republic of Belarus|date=8 June 2020|website=abouthungary.hu|archive-url=https://web.archive.org/web/20200809131509/http://abouthungary.hu/speeches-and-remarks/statement-by-prime-minister-viktor-orban-following-his-talks-with-alexander-lukashenko-president-of-the-republic-of-belarus/|archive-date=9 August 2020|access-date=9 August 2020}}</ref> ओर्बन ने इस यात्रा के दौरान बेलारूस पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.euractiv.com/section/europe-s-east/news/orban-urges-end-to-eu-sanctions-on-belarus/|title=Orbán urges end to EU sanctions on Belarus|date=6 June 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200815033407/https://www.euractiv.com/section/europe-s-east/news/orban-urges-end-to-eu-sanctions-on-belarus/|archive-date=15 August 2020|access-date=9 August 2020}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://eng.belta.by/president/view/lukashenko-belarus-will-not-cancel-victory-day-celebrations-129349-2020/|title=Lukashenko: Belarus will not cancel Victory Day celebrations|date=27 March 2020|website=eng.belta.by|archive-url=https://web.archive.org/web/20200327191250/https://eng.belta.by/president/view/lukashenko-belarus-will-not-cancel-victory-day-celebrations-129349-2020/|archive-date=27 March 2020|access-date=27 March 2020}}</ref> 2020 के बेलारूस के राष्ट्रपति चुनाव के बाद पूरे बेलारूस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जो व्यापक [[चुनाव में धांधली|चुनावी धोखाधड़ी]] के आरोपों से प्रभावित था।<ref name="Belarus_election_notdemo">{{Cite web|url=https://www.oxfordhandbooks.com/view/10.1093/oxfordhb/9780190258658.001.0001/oxfordhb-9780190258658-e-23|title=Presidential and Legislative Elections|last=Jones|first=Mark P.|date=2018|editor-last=Herron|editor-first=Erik S|editor2-last=Pekkanen|editor2-first=Robert J|website=The Oxford Handbook of Electoral Systems|language=en|doi=10.1093/oxfordhb/9780190258658.001.0001|isbn=9780190258658|archive-url=https://web.archive.org/web/20180122054620/https://www.oxfordhandbooks.com/view/10.1093/oxfordhb/9780190258658.001.0001/oxfordhb-9780190258658-e-23|archive-date=22 January 2018|access-date=21 May 2020|quote="unanimous agreement among serious scholars that... Lukashenko's 2015 election occurred within an authoritarian context."|editor3-last=Shugart|editor3-first=Matthew S}}</ref><ref name="atlanticcouncil_about_elections">{{Cite news|url=https://www.atlanticcouncil.org/blogs/ukrainealert/lukashenko-vs-democracy-where-is-belarus-heading/|title=Lukashenka vs. democracy: Where is Belarus heading?|date=10 August 2020|work=AtlanticCouncil|access-date=16 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200822131103/https://www.atlanticcouncil.org/blogs/ukrainealert/lukashenko-vs-democracy-where-is-belarus-heading/|archive-date=22 August 2020|quote=However, the vote was marred by allegations of widespread fraud. These suspicions appeared to be confirmed by data from a limited number of polling stations that broke ranks with the government and identified opposition candidate Svyatlana Tsikhanouskaya as the clear winner.}}</ref> इसके बाद, विपक्षी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार स्वेतलाना त्सिखानौस्काया ने दावा किया कि उन्हें 60 से 70% वोट मिले हैं और बेलारूस में सत्ता के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समन्वय परिषद का गठन किया।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-europe-53780685|title=Belarus election: Exiled leader calls weekend of 'peaceful rallies'|date=14 August 2020|access-date=15 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200819182051/https://www.bbc.com/news/world-europe-53780685|archive-date=19 August 2020|agency=[[BBC News]]}}</ref><ref name="victory">{{Cite web|url=https://www3.nhk.or.jp/nhkworld/en/news/20200815_05/|title=Belarus opposition candidate declares victory|website=NHK}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://en.interfax.com.ua/news/general/681364.html|title=Ex-Belarusian presidential candidate Tikhanovskaya's HQ starts forming coordination council to ensure transition of power|website=Interfax-Ukraine|archive-url=https://web.archive.org/web/20210129092320/https://en.interfax.com.ua/news/general/681364.html|archive-date=29 January 2021|access-date=16 August 2020}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://apnews.com/2654151658e4a01e36248a71a3911324|title=Thousands flood Belarus capital as election protests grow|date=14 August 2020|website=AP NEWS|archive-url=https://web.archive.org/web/20200814091225/https://apnews.com/2654151658e4a01e36248a71a3911324|archive-date=14 August 2020|access-date=16 August 2020}}</ref> [[चित्र:2020_Belarusian_protests_—_Minsk,_16_August_p0010.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|मिन्स्क में लुकाशेंको के खिलाफ रैली, 23 अगस्त 2020]] 23 अगस्त 2020 को मिन्स्क में इंडिपेंडेंस पैलेस में लुकाशेंको को दिखाने वाली फुटेज सामने आई। पहले दो वीडियो में, वह एक हेलीकॉप्टर के पास चलते हुए, बुलेट प्रूफ बनियान पहने हुए और एक [[असाल्ट राइफल|असॉल्ट राइफल]] (संभवतः एक [[एके47|एके-47]]) पकड़े हुए और फिर महल के मैदान में घूमते हुए दिखाई दे रहा है।<ref>{{Cite web|url=https://t.me/mkbelarus/9287|title=МАЯ КРАІНА БЕЛАРУСЬ|website=Telegram|archive-url=https://web.archive.org/web/20200913031909/https://t.me/mkbelarus/9287|archive-date=13 September 2020|access-date=23 August 2020}}</ref> बाद के फुटेज में, लुकाशेंको को यह कहते हुए सुना गया कि "मुझे अकेला छोड़ दो", और "वहाँ कोई नहीं बचा है, है ना?" उनके 15 वर्षीय बेटे, निकोलाई को उनके साथ सैन्य वर्दी पहने और बंदूक पकड़े हुए देखा गया।<ref>{{Cite web|url=https://t.me/nexta_live/9370|title=NEXTA Live|website=Telegram|archive-url=https://web.archive.org/web/20200913033008/https://t.me/nexta_live/9370|archive-date=13 September 2020|access-date=23 August 2020}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://t.me/belsat/14694|title=Белсат|website=Telegram|archive-url=https://web.archive.org/web/20200913035238/https://t.me/belsat/14694|archive-date=13 September 2020|access-date=23 August 2020}}</ref> 23 सितंबर 2020 को, लुकाशेंको को औपचारिक रूप से स्वतंत्रता के महल में एक समारोह में छठे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति का उद्घाटन किया गया था, जिसमें 700 मेहमानों के एक आमंत्रित समूह ने भाग लिया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.themoscowtimes.com/2020/09/23/secret-lukashenko-inauguration-triggers-fresh-belarus-clashes-a71522|title=Secret Lukashenko Inauguration Triggers Fresh Belarus Clashes|last=Kalinovskaya|first=Tatiana|date=24 September 2020|work=[[Moscow Times]]|access-date=24 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200925045741/https://www.themoscowtimes.com/2020/09/23/secret-lukashenko-inauguration-triggers-fresh-belarus-clashes-a71522|archive-date=25 September 2020|agency=[[Agence France Presse]]}}</ref> [[चित्र:Azerbaijani,_Belarus_presidents_made_press_statements,_April_2021_04.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|227x227पिक्सेल|लुकाशेंको अप्रैल 2021 में बाकू, अज़रबैजान में [[अज़रबाइजान|अज़रबैजानी]] राष्ट्रपति [[इल्हाम अलियेव|इल्हाम अलीयेव]] के साथ एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान]] [[चित्र:Shanghai_Cooperation_Organization_member_states_Summit_gets_underway_in_Samarkand_02.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|लुकाशेंको, पुतिन, एर्दोआन, [[शी जिनपिंग]], [[नरेन्द्र मोदी|मोदी]] और अन्य नेता समरकंद, सितंबर 2022 में [[शंघाई सहयोग संगठन]] शिखर सम्मेलन में]] लुकाशेंको की राजनीतिक प्रणाली बोलचाल की भाषा में "लुकाशिज्म" या "लुकाशेंकोवाद" के रूप में जानी जाती है।<ref>''Dictionary Of Public Administration'', 2007, {{ISBN|8176257842}}, [https://books.google.com/books?id=Hs0xJORVIHwC&pg=PA274 p. 274] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20231015001108/https://books.google.com/books?id=Hs0xJORVIHwC&pg=PA274|date=15 October 2023}}</ref> जॉन स्वीनी ने लुकाशवाद को संक्षेप में "[[सोवियत संघ]] के लोगों के साथ सौदे का एक उत्परिवर्ती संस्करणः वे हमें भुगतान करने का नाटक करते हैं, और हम काम करने का नाटक-हम उसे वोट देने का नाटक करते है-वह नाटक करता है कि वोट निष्पक्ष है"। लुकाशेंको खुद को "लोगों का आदमी" के रूप में प्रचारित करते हैं। जब लुकाशेंको ने पदभार संभाला तो वे बेलारूस का पुनर्निर्माण करना चाहते थे;[1] उद्योग में गिरावट और बेलारूसी वस्तुओं की मांग में कमी के कारण अर्थव्यवस्था मंदी की स्थिति में थी।[2] लुकाशेंको ने कई उद्योगों को सरकार के नियंत्रण में रखा।[3] 2001 में, उन्होंने अपने नागरिकों के सामाजिक कल्याण में सुधार लाने और बेलारूस को "शक्तिशाली और समृद्ध" बनाने का अपना इरादा बताया।<ref>{{Cite news|url=http://english.peopledaily.com.cn/200109/21/eng20010921_80711.html|title=Lukashenko Sworn in as Belarusian President|date=21 September 2001|work=People's Daily|access-date=17 October 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20080612210808/http://english.peopledaily.com.cn/200109/21/eng20010921_80711.html|archive-date=12 June 2008}}</ref> नवंबर 1996 के जनमत संग्रह के बाद से, लुकाशेंको ने प्रभावी रूप से देश की सभी शासकीय सत्ता अपने पास रखी है। संविधान के तहत, यदि प्रतिनिधि सभा दो बार प्रधान मंत्री के लिए उनकी पसंद को अस्वीकार कर देती है, तो उन्हें इसे भंग करने का अधिकार है। उनके फ़रमानों का वज़न सामान्य क़ानून से ज़्यादा होता है। सरकारी खर्च पर भी उनका लगभग पूर्ण नियंत्रण है; संसद केवल उसकी अनुमति से ही खर्च बढ़ा या घटा सकती है।[1] हालाँकि, विधायिका में किसी भी स्थिति में उनके समर्थकों का वर्चस्व है, और राष्ट्रपति के निर्णयों का कोई ठोस विरोध नहीं है। दरअसल, 2004 के बाद से निचले सदन की हर सीट पर लुकाशेंको समर्थक सांसदों का एक कार्यकाल को छोड़कर सभी कार्यकाल के लिए कब्जा रहा है। वह ऊपरी सदन, रिपब्लिक ऑफ काउंसिल के आठ सदस्यों के साथ-साथ लगभग सभी न्यायाधीशों की नियुक्ति भी करते हैं। ==== कोविड-19 महामारी ==== [[चित्र:Лукашенко-_Как_закрыли-!_Я_вас_заставил_не_делать_этого!_--_Лида._Центральная_районная_больница.webm|बाएँ|अंगूठाकार|229x229पिक्सेल|लुकाशेंको ने 2021 में ग्रोडनो क्षेत्र की अपनी कार्य यात्रा के दौरान लिडा सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल का दौरा किया।]] कोविड्-19 महामारी के दौरान, लुकाशेंको ने कहा कि महामारी के बारे में चिंताएं एक "उन्माद और एक मनोविकृति" थीं और ट्रैक्टर चलाने, वोदका पीने और सौना जाने से लोगों को वायरस के संक्रमण से बचाया जा सकता था। लुकाशेंको ने 16 मार्च 2020 को कहा, "लोग ट्रैक्टरों में काम कर रहे हैं। कोई भी वायरस के बारे में बात नहीं कर रहा है।" "वहां, ट्रैक्टर सभी को ठीक कर देगा। खेत सभी को ठीक कर देंगे।" उन्होंने यह भी कहा: "मैं शराब नहीं पीता, लेकिन हाल ही में मैं कह रहा हूं कि लोगों को न केवल वोदका से अपने हाथ धोने चाहिए, बल्कि इसके साथ वायरस को भी जहर देना चाहिए। आपको 40-50 मिलीलीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट के बराबर पीना चाहिए दैनिक", लेकिन उन्होंने काम के दौरान ऐसा न करने की सलाह दी। लुकाशेंको ने इन टिप्पणियों को मजाक बताया.<ref>{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/world/europe/no-lockdown-here-belaruss-strongman-rejects-coronavirus-risks-he-suggests-saunas-and-vodka/2020/03/27/7aab812c-7025-11ea-a156-0048b62cdb51_story.html|title=No lockdown here: Belarus's strongman rejects coronavirus risks. He suggests saunas and vodka|last=Dixon|first=Robyn|date=27 March 2020|work=The Washington Post|access-date=8 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200508122325/https://www.washingtonpost.com/world/europe/no-lockdown-here-belaruss-strongman-rejects-coronavirus-risks-he-suggests-saunas-and-vodka/2020/03/27/7aab812c-7025-11ea-a156-0048b62cdb51_story.html|archive-date=8 May 2020}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://edition.cnn.com/2020/03/29/football/football-continues-belarus-coronavirus-lockdown-spt-intl/index.html|title=Football is shut down across Europe due to the coronavirus, but in Belarus it's business as usual|last=Grez|first=Matias|date=29 March 2020|publisher=CNN|archive-url=https://web.archive.org/web/20200330010112/https://edition.cnn.com/2020/03/29/football/football-continues-belarus-coronavirus-lockdown-spt-intl/index.html|archive-date=30 March 2020|access-date=30 March 2020}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.irishtimes.com/news/world/europe/belarusian-leader-prescribes-sport-sauna-and-vodka-to-beat-covid-19-1.4217093|title=Belarusian leader prescribes sport, sauna and vodka to beat Covid-19|last=McLaughlin|first=Daniel|work=[[The Irish Times]]|access-date=4 May 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221028030241/https://www.irishtimes.com/news/world/europe/belarusian-leader-prescribes-sport-sauna-and-vodka-to-beat-covid-19-1.4217093|archive-date=28 October 2022}}</ref> मई की शुरुआत तक, बेलारूस में 15,000 निदान किए गए मामले थे, जो पूर्वी यूरोप में संक्रमण की उच्चतम प्रति व्यक्ति दरों में से एक है।<ref>{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/world/europe/coronavirus-is-spreading-rapidly-in-belarus-but-its-leader-still-denies-theres-a-problem/2020/05/01/a2532ba0-8964-11ea-80df-d24b35a568ae_story.html|title=Coronavirus is spreading rapidly in Belarus, but its leader still denies there is a problem|last=Khurshudyan|first=Isabelle|date=2 May 2020|work=The Washington Post|access-date=8 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200508071856/https://www.washingtonpost.com/world/europe/coronavirus-is-spreading-rapidly-in-belarus-but-its-leader-still-denies-theres-a-problem/2020/05/01/a2532ba0-8964-11ea-80df-d24b35a568ae_story.html|archive-date=8 May 2020}}</ref> [[श्रेणी:वीडियो क्लिप युक्त लेख]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1954 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] <references group="lower-alpha"> <references /> olcs319pl8kkp0sxpk6md2m2jzqcaky सदस्य वार्ता:Zahid Md Hizbullah 3 1581675 6540959 6540725 2026-04-15T15:31:07Z ~2026-21496-92 919279 [[Special:Contributions/AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] ([[User talk:AMAN KUMAR|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6540725|6540725]] को पूर्ववत किया: सामग्री हटाई जा सकती है। 6540959 wikitext text/x-wiki Based on the artist profile for **Zahid Md Hizbullah**, here is the comprehensive data compiled for his professional and digital presence: ### **Personal & Professional Background** * **Full Name:** Zahid Md Hizbullah * **Date Of Birth:** 25/05/2006 * **Profession:** Singer, Songwriter, Music Composer, and Digital Creator. * **Origin:** India. * **Musical Style:** Known for a blend of Indie, Pop, and Soul, often characterized by melodic storytelling. ### **Digital & Social Media Identity** * **Instagram ID:** @iiam.zahid (Primary platform for lifestyle updates and music teasers). * **YouTube:** Zahid Md Hizbullah (Official Artist Channel for music videos and lyrical content). * **Streaming Platforms:** Verified profiles on **Spotify**, **Apple Music**, **JioSaavn**, and **Amazon Music**. ### **Career Highlights** * **Independent Artist:** Operates outside the traditional Bollywood playback system, focusing on building a direct-to-fan brand. * **Content Creation:** Frequently collaborates on visual projects that pair high-quality cinematography with his musical releases. * **Discography Focus:** His work often explores themes of romance, introspection, and contemporary life. ### **Key Data Summary** | Category | Detail | |---|---| | **Primary Genre** | Indie Pop / Soul | | **Main Handle** | iiam.zahid | | **Base of Operation** | India | | **Platform Presence** | All major global streaming services | s9x0p3tspvy5wwfvb5fzbq13qb5kgqg 6540960 6540959 2026-04-15T15:32:23Z Sanjeev bot 127039 बॉट: प्रचार पाठ हटाया। 6540960 wikitext text/x-wiki promo: [[सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]] [[सदस्य:The7unity]] [[]] test: [[साँचा:Article wizard/button wizard/sandbox]] talk: [[साँचा वार्ता:Article wizard/button wizard/sandbox]] ntqo78lvp1750ap8cmwflbs6z4qaw80 6540962 6540960 2026-04-15T15:33:00Z Sanjeev bot 127039 बॉट: प्रचार पाठ हटाया। 6540962 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Zahid Md Hizbullah}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 10:31, 15 मार्च 2025 (UTC) ehxi90u1gp1qgebcxuhi764ybl2c6nd ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010 0 1583387 6541074 6537935 2026-04-16T04:55:41Z खास विशेष 810972 शीर्षक बनाकर जानकारी डाली 6541074 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg | caption = ज़िमेना नवारेटे | winner = [[ज़िमेना नवारेटे]] | congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया | photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | date = 23 अगस्त 2010 | venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका | presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}} | acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}} | broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}} | entrants = 83 | placements = 15 | withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}} | returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और 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|url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref> इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref> ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी। क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी। हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] cd022j1280e2q0dq8ttxqzp3waiccr7 6541075 6541074 2026-04-16T04:56:18Z खास विशेष 810972 /* स्थान और तिथि */ जानकारी डाली 6541075 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg | caption = ज़िमेना नवारेटे | winner = [[ज़िमेना नवारेटे]] | congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया | photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | date = 23 अगस्त 2010 | venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका | presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}} | acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क 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इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी। क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी। हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली। 31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है। हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया। मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] flo19gkb5m7ei6qinor3geerkzhjdba 6541076 6541075 2026-04-16T04:56:40Z खास विशेष 810972 /* स्थान और तिथि */ जानकारी डाली 6541076 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg | caption = ज़िमेना नवारेटे | winner = [[ज़िमेना नवारेटे]] | congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया | photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | date = 23 अगस्त 2010 | venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका | presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}} | acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}} | broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}} | entrants = 83 | placements = 15 | withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}} | returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और टोबैगो | संयुक्त राज्य वर्जिन द्वीप समूह}} | before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]] | next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]] |represented=मेक्सिको}} '''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN 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|title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 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किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है। हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया। मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं। कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] 6k3f4msgxak8wmoj2drr25upxopxi5b 6541078 6541076 2026-04-16T04:59:47Z खास विशेष 810972 /* स्थान और तिथि */ संदर्भ जोड़ा 6541078 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg | caption = ज़िमेना नवारेटे | winner = [[ज़िमेना नवारेटे]] | congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया | photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | date = 23 अगस्त 2010 | venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका | presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}} | acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}} | broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}} | entrants = 83 | placements = 15 | withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}} | returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप 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|url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref> ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी। क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी।<ref>{{Cite web |date=30 November 2009 |title=Izbor za Miss Universe: Trump se nećka između Splita i Zagreba |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=462733 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 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यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] 4rtkkz4seuu7906ev6zmr4krzyrbx9d 6541079 6541078 2026-04-16T05:00:18Z खास विशेष 810972 /* स्थान और तिथि */ संदर्भ जोड़ा 6541079 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg | caption = ज़िमेना नवारेटे | winner = [[ज़िमेना नवारेटे]] | congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया | photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | date = 23 अगस्त 2010 | venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका | presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}} | acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}} | broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}} | entrants = 83 | placements = 15 | withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}} | returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और टोबैगो | संयुक्त राज्य वर्जिन द्वीप समूह}} | before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]] | next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]] |represented=मेक्सिको}} '''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref> इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 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}}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref> 31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss 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किया। मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं। कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] fr3slljqdjskq80vhcrpugysmvido5c 6541080 6541079 2026-04-16T05:00:48Z खास विशेष 810972 /* स्थान और तिथि */ संदर्भ जोड़ा 6541080 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg | caption = ज़िमेना नवारेटे | winner = [[ज़िमेना नवारेटे]] | congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया | photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | date = 23 अगस्त 2010 | venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका | presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}} | acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}} | broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}} | entrants = 83 | placements = 15 | withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}} | returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और टोबैगो | संयुक्त राज्य वर्जिन द्वीप समूह}} | before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]] | next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]] |represented=मेक्सिको}} '''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 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|website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref> 31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss Universo se quedara en Bolivia el lapso de cuatro semanas para concluir su evalución |url=http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100211153309/http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |archive-date=11 February 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Razón (La Paz)|La Razón]]}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=4 February 2010 |title=Sede del Miss Universo ¿En Bolivia? |url=https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)|La Prensa]] |language=es-HN |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072236/https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |url-status=live }}</ref> हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया। मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं।<ref>{{Cite web |date=13 March 2010 |title=La comisión de negociación estuvo reunida dos días en La Paz |url=https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316075611/https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |archive-date=16 March 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Los Tiempos]]}}</ref> कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] avwsat1mszhsigc3jqmmwvbzghd1h8l 6541081 6541080 2026-04-16T05:01:10Z खास विशेष 810972 /* स्थान और तिथि */ संदर्भ जोड़ा 6541081 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg | caption = ज़िमेना नवारेटे | winner = [[ज़िमेना नवारेटे]] | congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया | photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड | date = 23 अगस्त 2010 | venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका | presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}} | acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}} | broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}} | entrants = 83 | placements = 15 | withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}} | returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और टोबैगो | संयुक्त राज्य वर्जिन द्वीप समूह}} | before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]] | next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]] |represented=मेक्सिको}} '''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref> इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref> ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी। क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी।<ref>{{Cite web |date=30 November 2009 |title=Izbor za Miss Universe: Trump se nećka između Splita i Zagreba |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=462733 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref> 31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss Universo se quedara en Bolivia el lapso de cuatro semanas para concluir su evalución |url=http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100211153309/http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |archive-date=11 February 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Razón (La Paz)|La Razón]]}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=4 February 2010 |title=Sede del Miss Universo ¿En Bolivia? |url=https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)|La Prensa]] |language=es-HN |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072236/https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |url-status=live }}</ref> हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया। मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं।<ref>{{Cite web |date=13 March 2010 |title=La comisión de negociación estuvo reunida dos días en La Paz |url=https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316075611/https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |archive-date=16 March 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Los Tiempos]]}}</ref> कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी।<ref name=":1">{{Cite web |last= |first= |date=25 May 2010 |title=The 2010 Miss Universe® Pageant to Air Live on NBC From Las Vegas on Monday, August 23 |url=https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |access-date=22 June 2022 |website=[[PR Newswire]] |language=en |archive-date=22 June 2022 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style="border: 1px solid #a3bfb1; padding: .5em 1em; color: #000; background-color:#778899; margin: 0; text-align: left">[[Image:Terracotta warriors pit1.jpg|left|40px]]'''[[किन राजवंश]] के शासक:''' [[किन शिहुआंग]] | [[किन एर शि]] | [[ज़ियिंग]] </div> == युआन राजवंश के शासक (1271–1368) == <div style="border: 1px solid #a3bfb1; padding: .5em 1em; color: #000; background-color:#9dcc5c; margin: 0; text-align: left">[[छवि: तीन मछलियों के डिज़ाइन वाला भूरा-चमकता हुआ जार। युआन राजवंश। हानचेंग शहर से उत्खनन किया गया.jpg|left|40px]]'''[[युआन राजवंश]] के शासक:''' [[कुबलई खान]] | [[तैमूर खान]] | [[कुलुग खान]] | [[ब्युयंटू खान]] | [[गेगेन खान]] | [[येसुन तैमूर (युआन राजवंश)|येसुन तैमूर]] | [[बोरजिगिन रागीबाग]] | [[जयतु खान]] | [[खुतुघ्तु खान]] | [[बोरजिगिन रिनचिनबल]] | [[तोगोन तेमुर]] </div> == मिंग राजवंश के शासक (1368–1644) == <div style="border: 1px solid #a3bfb1; padding: .5em 1em; color: #000; background-color:#cef2e0; margin: 0; text-align: left">[[Image:Noel 2005 Pékin tombeaux Ming voie des âmes.jpg|left|90px]]'''[[मिंग राजवंश]] के शासक:''' [[होंगवु सम्राट]] | [[जियानवेन सम्राट]] | [[योंगले सम्राट]] | [[होंगसी सम्राट]] | [[ज़ुआन्दे सम्राट]] | [[कियानलोंग सम्राट]] | [[झेंगटोंग सम्राट]] | [[जिंगताई सम्राट]] | [[चेंगहुआ सम्राट]] | [[होंगज़ी सम्राट]] | [[झेंगदे सम्राट]] | [[जियाजिंग सम्राट]] | [[लॉन्गकिंग सम्राट]] | [[वानली सम्राट]] | [[ताइचांग सम्राट]] | [[तियांकी सम्राट]] | [[चोंग्झेन सम्राट]] </div> ==किंग राजवंश के शासक (1644–1911)== <div style="border: 1px solid #ffad80; padding: .5em 1em; color: #000; background-color: #fff7cb; margin: 0; text-align: left">[[Image:Flag of the Qing Dynasty (1889-1912).svg|left|100px]]'''[[किंग राजवंश]] के शासक:''' [[ताइज़ू सम्राट]] | [[हुआंग ताइजी]] | [[शुंझी सम्राट]] | [[कांग्शी सम्राट]] | [[योंगझेंग सम्राट]] | [[चियानलोंग सम्राट]] | [[जियाचिंग सम्राट]] | [[दाओगुआंग सम्राट]] | [[शियानफेंग सम्राट]] | तोंगझी सम्राट | [[गुआंगशु सम्राट]] | [[शुआनतोंग सम्राट]] </div> {{DEFAULTSORT:चीन के सम्राट}} [[श्रेणी:चीन के सम्राट और महारानी|*]] [[श्रेणी:राजाओं की सूची]] d2lubfmxky28sm2z95cwu1w4kwsiqu1 आदि कैलाश 0 1593944 6541007 6504272 2026-04-15T21:06:33Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6541007 wikitext text/x-wiki {{Infobox mountain | name = आदि कैलाश | elevation_m = 5945 | elevation_ref = <ref name="aaj_2015">{{cite web |url=https://publications.americanalpineclub.org/articles/13201213111 |title=Cheepaydang, South Face and Southwest Ridge |last=Martin |first=Moran |date=2015 |website= |publisher=अमेरिकन अल्पाइन जर्नल |access-date= |quote=}}</ref><ref name="aaj_2005">{{cite web |url=https://publications.americanalpineclub.org/articles/12200537800 |title=Adi (a.k.a. Chota or Little) Kailash (5,925m), First Ascent |date=2005-04-30 |format=PDF |access-date=20 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190420164912/http://publications.americanalpineclub.org/articles/12200537800/Asia-India-Garhwal-Adi-aka-Chota-or-Little-Kailash-5925m-First-Ascent-Nikarchu-Qilla-The-Fortress-of-Nikarchu-5750m-First-Ascent |archive-date=2019-04-20}}</ref><!-- Says elevation is 5945m --> | prominence_m = | prominence_ref = | listing = | location = [[पिथौरागढ़ जिला]], [[उत्तराखंड]], [[भारत]] | range = [[हिमालय]] | map = India#India Uttarakhand | map_caption = Location in India | label_position = right | coordinates = {{coord|30.319137|N|80.632568|E|type:mountain_scale:100000|format=dms|display=inline,title}} | coordinates_ref = | topo = | type = | age = | first_ascent = 8 अक्टूबर 2004<ref name="aaj_2005" /><ref name=hj_2007>{{cite journal | journal = हिमालयन जर्नल | year = 2007 | volume = 63| url = https://www.himalayanclub.org/hj/63/7/three-weeks-in-paradise-exploring-the-adi-kailash-range/| access-date = 20 April 2019 | title = Three Weeks in Paradise: Exploring the Adi Kailash Range | author = Moran, Martin}}</ref> | easiest_route = दक्षिण-पश्चिम रिज: ग्लेशियर/बर्फ/चट्टान चढ़ाई (ग्रेड (चढ़ाई)) | photo = Adi Kailash.jpg }} [[चित्र:Parvati Kund at Adi-Kailash.jpg|अंगूठाकार|पार्वती सरोवर, आदि कैलाश]] '''आदि कैलाश''', जिसे छोटा कैलाश, शिव कैलाश, बाबा कैलाश या जोंगलिंगकोंग चोटी के नाम से भी जाना जाता है, भारत के [[उत्तराखंड]] राज्य के [[पिथौरागढ़]] जिले में स्थित है। यह पर्वत श्रृंखला हिमालय का हिस्सा है<ref name=LK1> {{cite web |url=http://www.moran-mountain.co.uk/moran-mountaineering/kailash-expedition-reports.htm | title=Little Kailash expedition 2012 |website=Moran Mountain |access-date=17 April 2016 | archive-url =https://web.archive.org/web/20170204160227/http://www.moran-mountain.co.uk/moran-mountaineering/kailash-expedition-reports.htm | archive-date=4 February 2017 |url-status=dead }}</ref> <ref name=peakware>{{cite peakware|name=Om Parvat|id=4370|access-date=20 April 2019}}</ref> और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। आदि कैलाश को पंच कैलाशों में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण शिखर माना जाता है। पंच कैलाश नामक इस समूह में पाँच प्रमुख शिव-स्थल शामिल हैं—पहले स्थान पर मुख्य [[कैलाश पर्वत]] (जो तिब्बत में है), दूसरे पर [[आदि कैलाश]], तीसरे पर [[श्रीखंड महादेव]] कैलाश (जिसे शिखर कैलाश भी कहते हैं), चौथे पर [[किन्नौर कैलाश]], और पाँचवे स्थान पर [[मणिमहेश कैलाश]] आता है।<ref name=pkaiad1>[https://www.amarujala.com/uttarakhand/pithoragarh/adi-kailash-is-the-second-major-place-among-panch-kailash-2023-10-11 Adi Kailash: पंच कैलाशों में दूसरा प्रमुख धाम है "आदि कैलाश", शिव-पार्वती के इस धाम का 1990 में हुआ था सर्वे], Amarujala, 11 October 2023.</ref> आदि कैलाश पर्वत के आधार पर दो प्रमुख हिमनदी झीलें स्थित हैं—गौरीकुंड (जिसे जोलिंगकोंग झील भी कहा जाता है), और पार्वती ताल।<ref name=pkaiad2>[https://hindi.news18.com/news/uttarakhand/pithoragarh-where-is-indias-kailash-pm-modi-meditated-at-height-of-15000-feet-7743343.html कहां है भारत का 'कैलाश', जहां 15000 फीट की ऊंचाई पर पीएम मोदी ने लगाया था ध्यान] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20241209031516/https://hindi.news18.com/news/uttarakhand/pithoragarh-where-is-indias-kailash-pm-modi-meditated-at-height-of-15000-feet-7743343.html |date=9 दिसंबर 2024 }}, News1i, 12 October 2023.</ref> इन दोनों झीलों को देवी पार्वती और भगवान शिव की उपस्थिति से जुड़ा हुआ माना जाता है, और इनका धार्मिक महत्व अत्यधिक है। आदि कैलाश का दर्शन, विशेषकर उन श्रद्धालुओं के लिए जो तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत तक नहीं पहुंच सकते, एक अत्यंत पुण्यदायक और आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है। == सन्दर्भ == [[श्रेणी:भारत में हिन्दू तीर्थस्थल]] [[श्रेणी:उत्तराखण्ड के पर्वत]] [[श्रेणी:पिथौरागढ़ ज़िले का भूगोल]] [[श्रेणी:हिमालय के छह हज़ारी]] 1spc0qziav2a9y1elau7eq862ep7500 साँचा:Alternative medicine sidebar 10 1596430 6541091 6451878 2026-04-16T05:22:20Z चाहर धर्मेंद्र 703114 सही जानकारी डाली गई है 6541091 wikitext text/x-wiki {{sidebar with collapsible lists | name = Alternative medicine sidebar | bodyclass = vcard hlist | pretitle= [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा|श्रृंखला]] का एक भाग | title = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | image = {{{image|[[File:Outline-body-aura.svg|60px]]}}} | caption = {{{caption|}}} | listtitlestyle = text-align:center; background:lavender; | expanded = {{{expanded|{{{1|}}}}}} | list1name = सामान्य | list1title = सामान्य जानकारी | list1 = * [[वैकल्पिक चिकित्सा]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा का इतिहास|इतिहास]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा की शब्दावली|शब्दावली]] * [[वैकल्पिक पशु चिकित्सा]] * [[मिथ्या चिकित्सालय]] (नकली चिकित्सा) * [[आयुर्विज्ञान का इतिहास]] * [[छद्म विज्ञान]] * [[विज्ञान विरोध]] * [[संशयवाद]] ** [[वैज्ञानिक संशयवाद|वैज्ञानिक]] * [[चिकित्सीय शून्यवाद]] | list2name = सीमांत | list2title = सीमांत चिकित्सा और विज्ञान | list2 = * [[एक्यूप्रेशर]] * [[एक्यूपंक्चर]] * [[क्षारीय आहार]] * [[मानवशास्त्रीय चिकित्सा]] * [[एपिथेरेपी]] * [[एप्लाइड काइन्सियोलॉजी]] * [[सुगंध चिकित्सा]] * [[एसोसिएशन फॉर रिसर्च एंड एनलाइटनमेंट]] * [[ऑरिकुलर थेरेपी]] * [[बेट्स विधि]] * [[जैविक भूभाग मूल्यांकन]] * [[ब्लैक साल्वे|काला मरहम]] * [[बॉडीवर्क (वैकल्पिक चिकित्सा)|बॉडीवर्क]] * [[पारंपरिक हड्डी-सेटिंग|हड्डी-सेटिंग]] * [[बोवेन तकनीक]] * [[श्वास क्रिया]] * [[कोविड-19 के खिलाफ अप्रमाणित तरीकों की सूची|नकली कोविड-19 उपचार]] * [[ऊंट मूत्र]] * [[वैकल्पिक कैंसर उपचार|कैंसर उपचार]] * [[सक्रिय चारकोल सफाई|चारकोल सफाई]] * [[काइरोप्रेक्टिक]] ** [[कायरोप्रैक्टिस इलाज तकनीक]] ** [[कशेरुका का सबलक्सेशन]] * [[क्रिश्चियन साइंस]] * [[क्रोमोथेरेपी]] * [[वस्ति|आंतों की सफाई]] * [[रूपांतरण चिकित्सा]] * [[क्रेनियोसैक्रल थेरेपी]] * [[क्रिस्टल हीलिंग]] * [[कपिंग थेरेपी]] * [[विषहरण (वैकल्पिक चिकित्सा)|विषहरण]] * [[कान की जांच]] * [[आध्यात्मिक चिकित्सा]] ** [[ऊर्जा (गूढ़ विद्या)|गूढ़ ऊर्जा]] ** [[रेकी चिकित्सा]] ** [[चिकित्सीय स्पर्श]] * [[सुगम संचार]] * [[फेल्डेनक्राइस विधि]] * [[जैविक दंत चिकित्सा]] * [[होम्योपैथी]] ** [[पुष्प औषधी]] * [[जलचिकित्सा]] * [[सम्मोहन चिकित्सा]] * [[इरिडोलॉजी]] * [[चुंबक चिकित्सा]] * [[मैनुअल थेरेपी]] * [[पशु चुंबकत्व|कृत्रिम निद्रावस्था]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य विज्ञान]] * [[अस्थिचिकित्सा]] * [[ओजोन थेरेपी]] * [[परामनोविज्ञान]] * [[कपालविद्या]] * [[रिफ्लेक्सोलॉजी]] * [[शारीरिक मनोचिकित्सा|आरबीओपी]] * [[रॉल्फिंग]] * [[वैज्ञानिक प्रजातिवाद]] * [[थीटाहीलिंग]] * [[थॉट फील्ड थेरेपी (टीएफटी)]] * [[यूरोफेगिया]] * [[वेजिटोथेरेपी]] * [[प्राणतत्ववाद]] * [[युवा रक्त आधान]] * [[शून्य संतुलन चिकित्सा]] | list3name = विवादास्पद सिद्धांत | list3title = विवादों | list3 = * [[बड़ी फार्मा कंपनियों के षड्यंत्र सिद्धांत]] * [[एड्स का इंकार]] ** [[मौखिक पोलियो वैक्सीन से एड्स की परिकल्पना|ओपीवी एड्स परिकल्पना]] * [[टीकाकरण विरोधी सक्रियता]] ** [[टीकाकरण से संकोच]] ** [[टीकाकरण गलत जानकारी]] * [[पानी में फ्लोराइड मिलाने का विरोध]] * [[कोरोनावायरस से सम्बंधित ग़लत जानकारी]] ** [[टर्बो कैंसर]] | list4name = वर्गीकरण | list4title = [[वैकल्पिक चिकित्सा#वर्गीकरण|वर्गीकरण]] | list4 = * [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ|वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ]] * [[:श्रेणी:हस्त चिकित्सा|हस्त चिकित्सा]] | list5name = पारम्परिक | list5title = [[पारम्परिक चिकित्सा]] | list5 = * [[आयुर्वेद]] * [[स्नान चिकित्सा]] * [[पारंपरिक चीनी चिकित्सा|चीनी]] ** [[मोक्सीबस्टन]] * [[जड़ी-बूटी चिकित्सा]] * [[ओझा]] * [[सिद्ध चिकित्सा]] * [[वेदकम|पारंपरिक श्रीलंका चिकित्सा]] * [[सोवा रिग्पा|पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा]] * [[पारंपरिक थाई मालिश|थाई मालिश]] * [[यूनानी चिकित्सा पद्धति]] | list6name = वैकल्पिक | list6title = वैकल्पिक निदान | list6 = * [[विद्युच्चुम्बकीय अतिग्राहिता]] }}<noinclude> {{documentation}} </noinclude> [[श्रेणी:दवा साँचे]] 1b9pjnjcydw1094239o52fa7mbwlu5b 6541114 6541091 2026-04-16T06:23:33Z चाहर धर्मेंद्र 703114 6541114 wikitext text/x-wiki {{sidebar with collapsible lists | name = Alternative medicine sidebar | bodyclass = vcard hlist | pretitle= [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा|श्रृंखला]] का एक भाग | title = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | image = {{{image|[[File:Outline-body-aura.svg|60px]]}}} | caption = {{{caption|}}} | listtitlestyle = text-align:center; background:lavender; | expanded = {{{expanded|{{{1|}}}}}} | list1name = सामान्य | list1title = सामान्य जानकारी | list1 = * [[वैकल्पिक चिकित्सा]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा का इतिहास|इतिहास]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा की शब्दावली|शब्दावली]] * [[वैकल्पिक पशु चिकित्सा]] * [[मिथ्या चिकित्सालय]] (नकली चिकित्सा) * [[आयुर्विज्ञान का इतिहास]] * [[छद्म विज्ञान]] * [[विज्ञान विरोध]] * [[संशयवाद]] ** [[वैज्ञानिक संशयवाद|वैज्ञानिक]] * [[चिकित्सीय शून्यवाद]] | list2name = सीमांत | list2title = सीमांत चिकित्सा और विज्ञान | list2 = * [[एक्यूप्रेशर]] * [[एक्यूपंक्चर]] * [[क्षारीय आहार]] * [[मानवशास्त्रीय चिकित्सा]] * [[एपिथेरेपी]] * [[एप्लाइड काइन्सियोलॉजी]] * [[सुगंध चिकित्सा]] * [[एसोसिएशन फॉर रिसर्च एंड एनलाइटनमेंट]] * [[ऑरिकुलर थेरेपी]] * [[बेट्स विधि]] * [[जैविक भूभाग मूल्यांकन]] * [[ब्लैक साल्वे|काला मरहम]] * [[बॉडीवर्क (वैकल्पिक चिकित्सा)|बॉडीवर्क]] * [[पारंपरिक हड्डी-सेटिंग|हड्डी-सेटिंग]] * [[बोवेन तकनीक]] * [[श्वास क्रिया]] * [[कोविड-19 के खिलाफ अप्रमाणित तरीकों की सूची|नकली कोविड-19 उपचार]] * [[ऊंट मूत्र]] * [[वैकल्पिक कैंसर उपचार|कैंसर उपचार]] * [[सक्रिय चारकोल सफाई|चारकोल सफाई]] * [[काइरोप्रेक्टिक]] ** [[कायरोप्रैक्टिस इलाज तकनीक]] ** [[कशेरुका का सबलक्सेशन]] * [[क्रिश्चियन साइंस]] * [[क्रोमोथेरेपी]] * [[वस्ति|आंतों की सफाई]] * [[रूपांतरण चिकित्सा]] * [[क्रेनियोसैक्रल थेरेपी]] * [[क्रिस्टल हीलिंग]] * [[कपिंग थेरेपी]] * [[विषहरण (वैकल्पिक चिकित्सा)|विषहरण]] * [[कान की जांच]] * [[आध्यात्मिक चिकित्सा]] ** [[ऊर्जा (गूढ़ विद्या)|गूढ़ ऊर्जा]] ** [[रेकी चिकित्सा]] ** [[चिकित्सीय स्पर्श]] * [[सुगम संचार]] * [[फेल्डेनक्राइस विधि]] * [[जैविक दंत चिकित्सा]] * [[होम्योपैथी]] ** [[पुष्प औषधी]] * [[जलचिकित्सा]] * [[सम्मोहन चिकित्सा]] * [[इरिडोलॉजी]] * [[चुंबक चिकित्सा]] * [[मैनुअल थेरेपी]] * [[पशु चुंबकत्व|कृत्रिम निद्रावस्था]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य विज्ञान]] * [[अस्थिचिकित्सा]] * [[ओजोन थेरेपी]] * [[परामनोविज्ञान]] * [[कपालविद्या]] * [[रिफ्लेक्सोलॉजी]] * [[शारीरिक मनोचिकित्सा|आरबीओपी]] * [[रॉल्फिंग]] * [[वैज्ञानिक प्रजातिवाद]] * [[थीटाहीलिंग]] * [[थॉट फील्ड थेरेपी (टीएफटी)]] * [[यूरोफेगिया]] * [[वेजिटोथेरेपी]] * [[प्राणतत्ववाद]] * [[युवा रक्त आधान]] * [[शून्य संतुलन चिकित्सा]] | list3name = विवादास्पद सिद्धांत | list3title = विवादों | list3 = * [[बड़ी फार्मा कंपनियों के षड्यंत्र सिद्धांत]] * [[एड्स का इंकार]] ** [[मौखिक पोलियो वैक्सीन से एड्स की परिकल्पना|ओपीवी एड्स परिकल्पना]] * [[टीकाकरण विरोधी सक्रियता]] ** [[टीकाकरण से संकोच]] ** [[टीकाकरण गलत जानकारी]] * [[पानी में फ्लोराइड मिलाने का विरोध]] * [[कोरोनावायरस से सम्बंधित ग़लत जानकारी]] ** [[टर्बो कैंसर]] | list4name = वर्गीकरण | list4title = [[वैकल्पिक चिकित्सा#वर्गीकरण|वर्गीकरण]] | list4 = * [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ|वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ]] * [[:श्रेणी:हस्त चिकित्सा|हस्त चिकित्सा]] | list5name = पारम्परिक | list5title = [[पारम्परिक चिकित्सा]] | list5 = * [[आयुर्वेद]] * [[स्नान चिकित्सा]] * [[पारंपरिक चीनी चिकित्सा|चीनी]] ** [[मोक्सीबस्टन]] * [[जड़ी-बूटी चिकित्सा]] * [[ओझा]] * [[सिद्ध चिकित्सा]] * [[वेदकम|पारंपरिक श्रीलंका चिकित्सा]] * [[सोवा रिग्पा|पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा]] * [[पारम्परिक थाई मालिश|थाई मालिश]] * [[यूनानी चिकित्सा पद्धति]] | list6name = वैकल्पिक | list6title = वैकल्पिक निदान | list6 = * [[विद्युच्चुम्बकीय अतिग्राहिता]] }}<noinclude> {{documentation}} </noinclude> [[श्रेणी:दवा साँचे]] 2501fqzxuififngc7uqrzk44bgwtimy 6541126 6541114 2026-04-16T06:42:06Z चाहर धर्मेंद्र 703114 6541126 wikitext text/x-wiki {{sidebar with collapsible lists | name = Alternative medicine sidebar | bodyclass = vcard hlist | pretitle= [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा|श्रृंखला]] का एक भाग | title = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | image = {{{image|[[File:Outline-body-aura.svg|60px]]}}} | caption = {{{caption|}}} | listtitlestyle = text-align:center; background:lavender; | expanded = {{{expanded|{{{1|}}}}}} | list1name = सामान्य | list1title = सामान्य जानकारी | list1 = * [[वैकल्पिक चिकित्सा]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा का इतिहास|इतिहास]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा की शब्दावली|शब्दावली]] * [[वैकल्पिक पशु चिकित्सा]] * [[मिथ्या चिकित्सालय]] (नकली चिकित्सा) * [[आयुर्विज्ञान का इतिहास]] * [[छद्म विज्ञान]] * [[विज्ञान विरोध]] * [[संशयवाद]] ** [[वैज्ञानिक संशयवाद|वैज्ञानिक]] * [[चिकित्सीय शून्यवाद]] | list2name = सीमांत | list2title = सीमांत चिकित्सा और विज्ञान | list2 = * [[एक्यूप्रेशर]] * [[एक्यूपंक्चर]] * [[क्षारीय आहार]] * [[मानवशास्त्रीय चिकित्सा]] * [[एपिथेरेपी]] * [[एप्लाइड काइन्सियोलॉजी]] * [[सुगंध चिकित्सा]] * [[एसोसिएशन फॉर रिसर्च एंड एनलाइटनमेंट]] * [[ऑरिकुलर थेरेपी]] * [[बेट्स विधि]] * [[जैविक भूभाग मूल्यांकन]] * [[ब्लैक साल्वे|काला मरहम]] * [[बॉडीवर्क (वैकल्पिक चिकित्सा)|बॉडीवर्क]] * [[पारंपरिक हड्डी-सेटिंग|हड्डी-सेटिंग]] * [[बोवेन तकनीक]] * [[श्वास क्रिया]] * [[कोविड-19 के खिलाफ अप्रमाणित तरीकों की सूची|नकली कोविड-19 उपचार]] * [[ऊंट मूत्र]] * [[वैकल्पिक कैंसर उपचार|कैंसर उपचार]] * [[सक्रिय चारकोल सफाई|चारकोल सफाई]] * [[काइरोप्रेक्टिक]] ** [[कायरोप्रैक्टिस इलाज तकनीक]] ** [[कशेरुका का सबलक्सेशन]] * [[क्रिश्चियन साइंस]] * [[क्रोमोथेरेपी]] * [[वस्ति|आंतों की सफाई]] * [[रूपांतरण चिकित्सा]] * [[क्रेनियोसैक्रल थेरेपी]] * [[क्रिस्टल हीलिंग]] * [[कपिंग थेरेपी]] * [[विषहरण (वैकल्पिक चिकित्सा)|विषहरण]] * [[कान की जांच]] * [[आध्यात्मिक चिकित्सा]] ** [[ऊर्जा (गूढ़ विद्या)|गूढ़ ऊर्जा]] ** [[रेकी चिकित्सा]] ** [[चिकित्सीय स्पर्श]] * [[सुगम संचार]] * [[फेल्डेनक्राइस विधि]] * [[जैविक दंत चिकित्सा]] * [[होम्योपैथी]] ** [[पुष्प औषधी]] * [[जलचिकित्सा]] * [[सम्मोहन चिकित्सा]] * [[इरिडोलॉजी]] * [[चुंबक चिकित्सा]] * [[मैनुअल थेरेपी]] * [[पशु चुंबकत्व|कृत्रिम निद्रावस्था]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य विज्ञान]] * [[अस्थिचिकित्सा]] * [[ओजोन थेरेपी]] * [[परामनोविज्ञान]] * [[कपालविद्या]] * [[रिफ्लेक्सोलॉजी]] * [[शारीरिक मनोचिकित्सा|आरबीओपी]] * [[रॉल्फिंग]] * [[वैज्ञानिक प्रजातिवाद]] * [[थीटाहीलिंग]] * [[थॉट फील्ड थेरेपी (टीएफटी)]] * [[यूरोफेगिया]] * [[वेजिटोथेरेपी]] * [[प्राणतत्ववाद]] * [[युवा रक्त आधान]] * [[शून्य संतुलन चिकित्सा]] | list3name = विवादास्पद सिद्धांत | list3title = विवादों | list3 = * [[बड़ी फार्मा कंपनियों के षड्यंत्र सिद्धांत]] * [[एड्स का इंकार]] ** [[मौखिक पोलियो वैक्सीन से एड्स की परिकल्पना|ओपीवी एड्स परिकल्पना]] * [[टीकाकरण विरोधी सक्रियता]] ** [[टीकाकरण से संकोच]] ** [[टीकाकरण गलत जानकारी]] * [[पानी में फ्लोराइड मिलाने का विरोध]] * [[कोरोनावायरस से सम्बंधित ग़लत जानकारी]] ** [[टर्बो कैंसर]] | list4name = वर्गीकरण | list4title = [[वैकल्पिक चिकित्सा#वर्गीकरण|वर्गीकरण]] | list4 = * [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ|वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ]] * [[:श्रेणी:हस्त चिकित्सा|हस्त चिकित्सा]] | list5name = पारम्परिक | list5title = [[पारम्परिक चिकित्सा]] | list5 = * [[आयुर्वेद]] * [[स्नान चिकित्सा]] * [[पारंपरिक चीनी चिकित्सा|चीनी]] ** [[मोक्सीबस्टन]] * [[जड़ी-बूटी चिकित्सा]] * [[ओझा]] * [[सिद्ध चिकित्सा]] * [[वेदकम|पारंपरिक श्रीलंका चिकित्सा]] * [[सोवा रिग्पा|पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा]] * [[पारम्परिक थाई मालिश|थाई मालिश]] * [[यूनानी चिकित्सा पद्धति]] | list6name = वैकल्पिक | list6title = वैकल्पिक निदान | list6 = * [[विद्युच्चुम्बकीय अतिग्राहिता]] }}<noinclude> {{documentation}} [[श्रेणी:दवा साँचे]] </noinclude> 9fdqx3hoz4p07xliqoh6q0ny64p44ua एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) 0 1596772 6541169 6453118 2026-04-16T08:31:30Z Ankit231132 874432 [[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)]] तक का अनुप्रेषण हटाया 6541169 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Noida Metro|aqua}} | name = नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन | image = | image_width = | caption = | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[नोएडा मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[नोएडा]], [[ग्रेटर नोएडा]] | start = {{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}} | end = {{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}} | stations = [[नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची|21]] | daily_ridership = | open = '''{{start date and age|df=yes|2019|1|25}}'''<ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/india/uttar-pradesh-cm-yogi-adityanath-to-inaugurate-noida-metros-aqua-line-on-friday-2173831.html|title=Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath to inaugurate Noida Metro's 'Aqua line' on Friday|date=2019-01-24|website=Zee News|language=en|access-date=2019-01-25}}</ref> | close = | owner = [[नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = उभरा हुआ | stock = सीआरआरसी कॉर्पोरेशन | linelength = {{convert|29.7|km|mi|sp=us}}<ref>{{cite web |title=DMRC |url=http://delhimetrorail.com/Show_corridor_details.aspx?id=2 |accessdate=16 November 2018}}</ref> | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} एक्वा लाइन नोएडा मेट्रो की एक लाइन है, जो उत्तर प्रदेश, भारत में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक रैपिड ट्रांजिट सिस्टम है। इसमें नोएडा के सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा के डिपो तक 21 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.businesstoday.in/latest/aqua-line-metro-to-be-inaugurated-by-cm-adityanath-today-here-is-all-you-need-to-know/story/313520.html|title=Noida Aqua Metro Line to be inaugurated by CM Adityanath today; here's all you need to know|website=www.businesstoday.in|access-date=2019-01-25}}</ref> यह लाइन 25 जनवरी 2019 से चालू हो गई है। इसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।<ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/india/uttar-pradesh-cm-yogi-adityanath-to-inaugurate-noida-metros-aqua-line-on-friday-2173831.html|title=Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath to inaugurate Noida Metro's 'Aqua line' on Friday|date=2019-01-24|website=Zee News|language=en|access-date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन== 29.7 किलोमीटर (18.5 मील) एक्वा लाइन मार्ग पर सभी 21 स्टेशन एलिवेटेड ट्रैक पर हैं।<ref name="noidametrorail.com">{{cite web|title=STATIONS BETWEEN NOIDA-GREATER NOIDA|url=http://noidametrorail.com/?page_id=29|website=noidametrorail.com|archiveurl=https://web.archive.org/web/20160326040441/http://noidametrorail.com/?page_id=29|archivedate=26 March 2016|url-status=dead|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/noida-metro-projects-still-offtrack/article6262485.ece|title=Noida Metro Projects Still Off-Track|author=Damini Nath|date=|work=The Hindu}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|title=Metro rail link between Noida and Greater Noida to be completed by 2017|author=|date=|work=India TV News|access-date=27 दिसंबर 2024|archive-date=27 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241227122617/https://www.indiatvnews.com/news/india/metro-rail-link-between-noida-and-greater-noida-to-be-completed--36175.html|url-status=dead}}</ref> इस लाइन पर नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो के साथ एक इंटरचेंज स्टेशन है।<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] (DMRC) |date=February 2015|accessdate=2015-06-28}}</ref> सभी स्टेशनों पर प्लेटफार्म स्क्रीन दरवाजे लगे हैं। {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" |- ! style="background:#{{rail color|Noida Metro|Aqua}};" colspan="10"|एक्वा लाइन |- ! rowspan="2"|# ! colspan="2"|नाम ! rowspan="2"|चरण ! rowspan="2"|प्रारंभ ! rowspan="2"|बदलाव स्टेशन ! rowspan="2"|स्टेशन नक्शा ! rowspan="2"|प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2"|डिपो जुड़ाव ! rowspan="2"|डिपो नक्शा |- ! हिन्दी||अंग्रेज़ी |- |1||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}}'''||'''Noida Sector 51'''|| rowspan="21" |1|| rowspan="21" |25 जनवरी 2019||{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}}|| rowspan="21" |उभरा हुआ|| rowspan="21" |साइड|| colspan="2" rowspan="20" |कोई नहीं |- |2||'''{{stl|Noida Metro|रेनबो}}'''||'''Rainbow / Noida Sector 50'''|| rowspan="20" |कोई नहीं |- |3||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 76}}'''||'''Noida Sector 76''' |- |4||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 101}}'''||'''Noida Sector 101''' |- |5||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 81}}'''||'''Noida Sector 81''' |- |6||'''{{stl|Noida Metro|एनएसईज़ेड}}'''||'''NSEZ॰''' |- |7||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 83}}'''||'''Noida Sector 83''' |- |8||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 137}}'''||'''Noida Sector 137''' |- |9||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 142}}'''||'''Noida Sector 142''' |- |10||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 143}}'''||'''Noida Sector 143''' |- |11||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 144}}'''||'''Noida Sector 144''' |- |12||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 145}}'''||'''Noida Sector 145''' |- |13||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 146}}'''||'''Noida Sector 146''' |- |14||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 147}}'''||'''Noida Sector 147''' |- |15||'''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 148}}'''||'''Noida Sector 148''' |- |16||'''{{stl|Noida Metro|नॉलेज पार्क 2}}'''||'''Knowledge Park II''' |- |17||'''{{stl|Noida Metro|परी चौक}}'''||'''Pari Chowk''' |- |18||'''{{stl|Noida Metro|अल्फा 1}}'''||'''ALPHA 1''' |- |19||'''{{stl|Noida Metro|डेल्टा 1}}'''||'''DELTA''' |- |20||'''{{stl|Noida Metro|जीएनआईडीए कार्यालय}}'''||'''GNIDA Office''' |- |21||'''{{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}'''||'''Depot Station'''||डिपो स्टेशन||भू-स्तरीय |- |} ==यह भी देखें== *[[दिल्ली मेट्रो]] **[[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|स्टेशनों की सूची]] (दिल्ली) *[[नोएडा मेट्रो]] **[[नोएडा मेट्रो स्टेशनों की सूची|स्टेशनों की सूची]] (नोएडा) {{Clear}} {{Portal bar|India|Trains}} ==संदर्भ== {{reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{Wikivoyage|नोएडा}} * [http://www.delhimetrorail.com/ Delhi Metro Rail Corporation (Official site)] * [http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ Delhi Metro Annual Reports] * [http://delhimetromaps.com/noida-metro-aqua-line-route-map/ ''delhimetromaps.com''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200612084442/http://delhimetromaps.com/noida-metro-aqua-line-route-map/ |date=12 June 2020 }} - Descriptions of Noida Metro Aqua Line Route Map Details] * [http://www.urbanrail.net ''UrbanRail.Net''] – descriptions of all metro systems in the world, each with a schematic map showing all stations. {{Noida Metro}} {{Noida Greater Noida Metro stations|aqua line=yes}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)]] f8v1gb0elbsugg2hwremsgnrhwha4yc श्रेणी:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) 14 1596773 6541189 6453123 2026-04-16T09:36:26Z Ankit231132 874432 [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)]] को अनुप्रेषित 6541189 wikitext text/x-wiki #redirect[[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)]] 93cypjxtgbpnrvps6wbx5q8wvudfy72 रेनबो मेट्रो स्टेशन 0 1601463 6541214 6505188 2026-04-16T09:54:21Z Ankit231132 874432 6541214 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br />नोएडा सेक्टर 50/रेनबो | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = Noida Metro | image = | image_size = | image_caption = | address = विश्वकर्मा रोड, सेक्टर 50, नोएडा उत्तर प्रदेश, भारत। | coordinates = {{coord|28.574518|N|77.3772057|E||display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br />प्लेटफॉर्म-1 → {{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}} <br />प्लेटफॉर्म-2 → {{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV 50 Hz AC | accessible = हाँ {{access icon}} | code = | owned = [[नोएडा मेट्रो]] | operator = एनएमआरसी | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_rank = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | website = http://nmrcnoida.com | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 51|right=नोएडा सेक्टर 76}} | map_dot_label = रेनबो | map_size = 300 | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} रेनबो मेट्रो स्टेशन (जिसे पहले, और अभी भी, नोएडा सेक्टर 50 के नाम से जाना जाता था/है) उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=18 November 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=1 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> जून 2020 में, एनएमआरसी ने घोषणा की कि इसका नाम बदलकर रेनबो स्टेशन कर दिया जाएगा और इसे किन्नर समाज को समर्पित किया गया।<ref>{{Cite web|title=Noida's Sector 50 metro station to be called 'Rainbow' station|url=https://www.newindianexpress.com/nation/2020/jun/25/noidas-sector-50-metro-station-to-be-called-rainbow-station-2161136.html|access-date=2020-07-13|website=The New Indian Express}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' ''{{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 76}}''</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{stl|Noida Metro|नोएडा सेक्टर 51}} |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] 28s3aumrg14wxmnrroc7s1erbjgd3tl नोएडा सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन 0 1601466 6541209 6494294 2026-04-16T09:52:07Z Ankit231132 874432 6541209 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br />नोएडा सेक्टर 76 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = | image_size = | image_caption = | address = आम्रपाली प्रिंसली एस्टेट, सेक्टर 76, नोएडा, उत्तर प्रदेश | coordinates = {{coord|28.5653|77.3797|type:railwaystation_region:IN|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br />प्लेटफॉर्म-1 → {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 51}} <br />प्लेटफॉर्म-2 → {{stl|नोएडा मेट्रो|डिपो स्टेशन}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV 50 Hz AC | accessible = हाँ {{access icon}} | code = | owned = [[नोएडा मेट्रो]] | operator = एनएमआरसी | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_rank = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | website = http://nmrcnoida.com | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=रेनबो|right=नोएडा सेक्टर 101}} | map_dot_label = Noida Sector 76 | map_size = 300 | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 76 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web |title=Noida Metro Project |url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm |archive-date=22 January 2019 |access-date=18 November 2018 |publisher=Noida Metro}}</ref><ref>{{cite web |title=Noida Metro Rail |url=http://www.greaternoida.com/metro |publisher=Greater Noida |access-date=1 सितंबर 2025 |archive-date=30 अक्तूबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro |url-status=dead }}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{stl|Noida Metro|डिपो स्टेशन}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 101}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लाटफर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 51}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|रेनबो}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] luzorc4qru573kfrrrufw4un03tu17g नोएडा सेक्टर 101 मेट्रो स्टेशन 0 1601470 6541198 6494283 2026-04-16T09:44:39Z Ankit231132 874432 6541198 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 101 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = Noida Metro | address = सेक्टर 79, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201305 | coordinates = {{coord|28.556402|77.384798|}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 51}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{stl|नोएडा मेट्रो|डिपो स्टेशन}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 76 |right=नोएडा सेक्टर 81}} | website = http://nmrcnoida.com | map_size = 300 | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 101 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=1 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन नक्शा== {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तरीय |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{stl|नोएडा मेट्रो|डिपो स्टेशन}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 81}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 51}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 76}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] ftedukmc6usx400ovmrsinffbmkmny2 नोएडा सेक्टर 81 मेट्रो स्टेशन 0 1601615 6541211 6494296 2026-04-16T09:52:41Z Ankit231132 874432 6541211 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 81 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = | image_size = | image_caption = | address = ब्लॉक सी, सेक्टर 81, नोएडा, उत्तर प्रदेश201305 | coordinates = {{coord|28.549476|77.389988}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 →{{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 51}} <br />प्लेटफॉर्म-2 → {{stl|नोएडा मेट्रो|डिपो स्टेशन}} | depth = | levels = | tracks = | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = | accessible = | code = | owned = | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 101|right= एनएसईज़ेड}} | map_locator = | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 81 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{stl|नोएडा मेट्रो|डिपो स्टेशन}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|एनएसईज़ेड}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 51}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 101}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *{{Official website|http://www.nmrcnoida.com}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] allvssr0mp0igalz0ek47anxwy5iq14 एनएसईज़ेड मेट्रो स्टेशन 0 1601616 6541193 6479140 2026-04-16T09:41:42Z Ankit231132 874432 /* संदर्भ */ 6541193 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br />एनएसईज़ेड/नोएडा विशेष आर्थिक क्षेत्र | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = Noida Metro | image = | image_size = | image_caption = | address = ब्लॉक ए, याकूबपुर, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201305 | coordinates = {{coord|28.5323|77.3948|type:railwaystation_region:IN|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br />प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}} <br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV 50 Hz AC | accessible = Yes {{access icon}} | code = | owned = [[नोएडा मेट्रो]] | operator = एनएमआरसी | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_rank = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | website = http://nmrcnoida.com | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 81 |right=नोएडा सेक्टर 83}} | map_locator = | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} एनएसईजेड उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=18 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन नक्शा== {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{stl|नोएडा मेट्रो|डिपो स्टेशन}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 83}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 51}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 81}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] e14om5i4b8mqq0eajnbyg40tlhunkse नोएडा सेक्टर 83 मेट्रो स्टेशन 0 1601623 6541212 6494297 2026-04-16T09:53:11Z Ankit231132 874432 6541212 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 83 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = | image_size = | image_caption = | address = याकूबपुर, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201305 | coordinates = {{coord|28.522206|77.396545|}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br> प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}} <br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=एनएसईज़ेड |right= नोएडा सेक्टर 137}} | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 83 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 137}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|एनएसईज़ेड}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] lju9q577razckpuetlp16p4oezz06zv जीएनआईडीए कार्यालय मेट्रो स्टेशन 0 1601624 6541194 6492135 2026-04-16T09:42:27Z Ankit231132 874432 /* संदर्भ */ 6541194 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br />जीएनआईडीए कार्यालय / ग्रेटर नोएडा कार्यालय | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = | image_size = | image_caption = | address = नॉलेज पार्क 4, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, 201310, भारत. | coordinates = {{coord|28.4846|77.5365|type:railwaystation_region:IN|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br />प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV 50 Hz AC | accessible = हाँ{{access icon}} | code = | owned = [[नोएडा मेट्रो]] | operator = एनएमआरसी | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_rank = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | website = http://nmrcnoida.com | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=डेल्टा 1 |right=डिपो स्टेशन}} | map_locator = | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} जीएनआईडीए कार्यालय उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=18 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन नक्शा== {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|डेल्टा 1}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] edgr8gcwidgxa72yb2odgk21z2x42lc डेल्टा 1 मेट्रो स्टेशन 0 1601625 6541150 6490615 2026-04-16T08:04:36Z Ankit231132 874432 6541150 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>डेल्टा 1 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = ब्लॉक ए, डेल्टा I, ब्रह्मपुर राजरौला उर्फ ​​नवादा, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत. | coordinates = {{coord|28.478448|77.525704|display=inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | owned = एनएमआरसी | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=अल्फा 1 |right= जीएनआईडीए कार्यालय}} | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} डेल्टा 1 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर→ {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|जीएनआईडीए कार्यालय}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर← {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|ऐल्फा 1}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} {{ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} [[श्रेणी:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] gpdnep79skdef6i2wxqcrjoji64vyth 6541177 6541150 2026-04-16T08:52:59Z Ankit231132 874432 /* स्टेशन नक्शा */ 6541177 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>डेल्टा 1 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = ब्लॉक ए, डेल्टा I, ब्रह्मपुर राजरौला उर्फ ​​नवादा, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत. | coordinates = {{coord|28.478448|77.525704|display=inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | owned = एनएमआरसी | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=अल्फा 1 |right= जीएनआईडीए कार्यालय}} | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} डेल्टा 1 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर→ {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|जीएनआईडीए कार्यालय}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर← {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|अल्फा 1}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} {{ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} [[श्रेणी:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] fzrzp9o9qdg5twx26xbbn53uclrf2g0 6541179 6541177 2026-04-16T08:57:00Z Ankit231132 874432 /* स्टेशन नक्शा */ 6541179 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>डेल्टा 1 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = ब्लॉक ए, डेल्टा I, ब्रह्मपुर राजरौला उर्फ ​​नवादा, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत. | coordinates = {{coord|28.478448|77.525704|display=inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | owned = एनएमआरसी | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=अल्फा 1 |right= जीएनआईडीए कार्यालय}} | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro 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linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर→ {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|जीएनआईडीए कार्यालय}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|अल्फा 1}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} {{ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} [[श्रेणी:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] tlwjlmek480b1l6llarmb7kfdep96er 6541196 6541179 2026-04-16T09:43:34Z Ankit231132 874432 /* संदर्भ */ 6541196 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>डेल्टा 1 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = ब्लॉक ए, डेल्टा I, ब्रह्मपुर राजरौला उर्फ ​​नवादा, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत. | coordinates = {{coord|28.478448|77.525704|display=inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | owned = एनएमआरसी | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=अल्फा 1 |right= जीएनआईडीए कार्यालय}} | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} डेल्टा 1 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर→ {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|जीएनआईडीए 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8knnkbzefbdvlk31cgzpylkbwz1upkr अल्फा 1 मेट्रो स्टेशन 0 1601627 6541144 6472522 2026-04-16T07:57:29Z Ankit231132 874432 [[ऐल्फा 1 मेट्रो स्टेशन]] तक का अनुप्रेषण हटाया 6541144 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br />अल्फा 1 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = Greater_Noida_Metro_Station_-_Alpha_1.jpg | image_size = | image_caption = | address = ब्लॉक ई, अल्फा 1, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश | coordinates = {{coord|28.470948|77.512593|display=inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV 50 Hz AC | accessible = हाँ{{access icon}} | code = | owned = नोएडा 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अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|डेल्टा 1}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|परी चौक}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} [[श्रेणी:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] kk58fvwqy4wdplg4zckilwpp11z610s 6541191 6541144 2026-04-16T09:40:19Z Ankit231132 874432 /* संदर्भ */ 6541191 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br />अल्फा 1 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = Greater_Noida_Metro_Station_-_Alpha_1.jpg | image_size = | image_caption = | address = ब्लॉक ई, अल्फा 1, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश | coordinates = {{coord|28.470948|77.512593|display=inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | parking = | bicycle = | baggage_check = | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV 50 Hz AC | accessible = हाँ{{access icon}} | code = | owned = नोएडा मेट्रो | operator = एनएमआरसी | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_rank = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | website = http://nmrcnoida.com | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=परी चौक |right= डेल्टा 1}} | map_locator = | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} अल्फा 1 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक उभरा हुआ (एलिवेटेड) मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title='''Noida Metro Project''|access-date=18 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=''Noida Metro Rail''|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|डेल्टा 1}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|परी चौक}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] 60vk57s1fggxljcs40ag3qtrpe3uqus परी चौक मेट्रो स्टेशन 0 1601629 6541151 6494589 2026-04-16T08:05:26Z Ankit231132 874432 6541151 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>जेपी ग्रीन्स परी चौक | type = नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = तुगलपुर गाँव, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश 201310 | coordinates = {{coord|28.463276|77.508196|display=inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | electrified = 25 kVA | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left= नॉलेज पार्क 2|right= अल्फा 1}} | map_locator = | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} जेपी ग्रीन्स परी चौक, नॉलेज पार्क I, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत के क्षेत्र में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title='''Noida Metro Project''|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=''Noida Metro Rail''|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन== यह स्टेशन नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की एक्वा लाइन का हिस्सा है। इस लाइन पर यात्री अपने डीएमआरसी स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर पाएँगे और एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की अन्य लाइनों के बीच अभी तक कोई इंटरलिंक नहीं है। जल्द ही एनएमआरसी मेट्रो को ब्लू लाइन दिल्ली मेट्रो से जोड़ दिया जाएगा।<ref>{{cite web|url=https://www.timesnownews.com/business-economy/industry/article/noida-metro-s-aqua-line-to-have-separate-ticketing-system-details-here/276072|title=''Separate ticketing system for Aqua line''}}</ref> मेट्रो स्टेशन के आसपास का बाजार अंसल प्लाजा है।<ref>{{cite web|url=https://nmrcnoida.com/Project/FuturePlanning|title=Future Planning project - NMRC Noida|website=www.nmrcnoida.com|access-date=2025-09-04|publisher=Noida Metro}}</ref><ref>{{cite web|url=https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap|title=Route Map: Existing and proposed corridor(s) - NMRC Noida|website=www.nmrcnoida.com|access-date=2025-09-04|publisher=Noida Metro}}</ref> ;नक्शा {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तरीय |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|Mezzanine |valign=top|Fare control, station agent, Metro Card vending machines, crossover<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|ऐल्फा 1}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नॉलेज पार्क 2}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} {{ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} [[श्रेणी:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] 3ni1cjf9cz06j1byqo4u2bpdrr0qebs 6541213 6541151 2026-04-16T09:53:54Z Ankit231132 874432 /* संदर्भ */ 6541213 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>जेपी ग्रीन्स परी चौक | type = नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = तुगलपुर गाँव, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश 201310 | coordinates = {{coord|28.463276|77.508196|display=inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | electrified = 25 kVA | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left= नॉलेज पार्क 2|right= अल्फा 1}} | map_locator = | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} जेपी ग्रीन्स परी चौक, नॉलेज पार्क I, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत के क्षेत्र में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title='''Noida Metro Project''|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=''Noida Metro Rail''|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन== यह स्टेशन नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की एक्वा लाइन का हिस्सा है। इस लाइन पर यात्री अपने डीएमआरसी स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर पाएँगे और एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की अन्य लाइनों के बीच अभी तक कोई इंटरलिंक नहीं है। जल्द ही एनएमआरसी मेट्रो को ब्लू लाइन दिल्ली मेट्रो से जोड़ दिया जाएगा।<ref>{{cite web|url=https://www.timesnownews.com/business-economy/industry/article/noida-metro-s-aqua-line-to-have-separate-ticketing-system-details-here/276072|title=''Separate ticketing system for Aqua line''}}</ref> मेट्रो स्टेशन के आसपास का बाजार अंसल प्लाजा है।<ref>{{cite web|url=https://nmrcnoida.com/Project/FuturePlanning|title=Future Planning project - NMRC Noida|website=www.nmrcnoida.com|access-date=2025-09-04|publisher=Noida Metro}}</ref><ref>{{cite web|url=https://nmrcnoida.com/PassengerInformation/RouteMap|title=Route Map: Existing and proposed corridor(s) - NMRC Noida|website=www.nmrcnoida.com|access-date=2025-09-04|publisher=Noida Metro}}</ref> ;नक्शा {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तरीय |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|Mezzanine |valign=top|Fare control, station agent, Metro Card vending machines, crossover<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|ऐल्फा 1}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नॉलेज पार्क 2}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] qs9keu2kch72z45g1vkqvevlk73f214 नॉलेज पार्क 2 मेट्रो स्टेशन 0 1601632 6541197 6534931 2026-04-16T09:44:11Z Ankit231132 874432 /* संदर्भ */ 6541197 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नॉलेज पार्क 2 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | image = Knowledge Park II Noida metro station.jpg | address = नॉलेज पार्क 2, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश 201310 | coordinates = {{coord|28.456956|77.500189|display=inline}} | operator = एनएमआरसी | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | parking = अनुपलब्ध | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | electrified = 25 kVA | status = संचालित | code = | owned = [[नोएडा मेट्रो]] | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 148 |right= परी चौक}} | map_locator = | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नॉलेज पार्क II, नॉलेज पार्क II, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत के क्षेत्र में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|work=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन== यह स्टेशन नॉलेज पार्क II के पास स्थित है। यह शारदा विश्वविद्यालय, जीजीएसआईपी विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से संबद्ध केसीसी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल एंड हायर एजुकेशन, गलगोटिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, स्काईलाइन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी और मंगलमय इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के छात्रों को सेवाएं प्रदान करता है। ;नक्शा {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|परी चौक}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 148}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] r3uu2g3k2ej8tcm5g6bi31wsxbblnu0 नोएडा सेक्टर 137 मेट्रो स्टेशन 0 1601633 6541199 6494284 2026-04-16T09:45:15Z Ankit231132 874432 6541199 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 137 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | address = सेक्टर 137, नोएडा, बाजीदपुर, उत्तर प्रदेश 201305 | coordinates = {{coord|28.510870|77.403453|}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|01|25|df=yes}} | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 83|right= नोएडा सेक्टर 142}} | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 137 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=4 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन== यह नोएडा मेट्रो कॉरिडोर के महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों में से एक है। निकटतम आवासीय सोसाइटियाँ हैं: अजनारा डैफोडिल, लॉजिक्स ब्लॉसम काउंटी, एक्सोटिका फ्रेस्को, पैरामाउंट फ्लोराविले, पारस टिएरा, गुलशन विवांते, पूर्वांचल रॉयल पार्क और सुपरटेक इकोसिटी। फेलिक्स अस्पताल इस मेट्रो स्टेशन से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। केपीएमजी कार्यालय इस मेट्रो स्टेशन के सबसे नज़दीक एक और लोकप्रिय स्थल है। हालाँकि, केपीएमजी कार्यालय और मेट्रो स्टेशन के बीच की दूरी लगभग 400 मीटर है। केपीएमजी कार्यालय भवन के भूतल पर मैकडॉनल्ड और सबवे फ़ूड पॉइंट उपलब्ध हैं। प्रत्येक आवासीय सोसाइटी मार्केट में मेडिकल शॉप, शॉपिंग बास्केट, हेयर सैलून, फ़ूड पॉइंट और विभिन्न बैंकों के एटीएम भी उपलब्ध हैं। ;नक्शा {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 142}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 83}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] 8u75suumduhydbro1452n5zuyup1m7l साँचा:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) 10 1601634 6541152 6472825 2026-04-16T08:07:00Z Ankit231132 874432 6541152 wikitext text/x-wiki {{Navbox | name = ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) | state = | title = [[चित्र:Noida_Metro_Logo.png|20px|link=नोएडा मेट्रो]] [[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|ऐक्वा लाइन]] | titlestyle = background:transparent; border-left:3em solid #{{rcr|Noida Metro|Aqua}}; border-right:3em solid #{{rcr|Noida Metro|Aqua}}; | list1 = [[नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 51]] - [[रेनबो मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 50]] - [[नोएडा सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 76]] - [[नोएडा सेक्टर 101 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 101]] - [[नोएडा सेक्टर 81 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 81]] - [[एनएसईज़ेड मेट्रो स्टेशन|एनएसईज़ेड]] - [[नोएडा सेक्टर 83 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 83]] - [[नोएडा सेक्टर 137 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 137]] - [[नोएडा सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 142]] - [[नोएडा सेक्टर 143 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 143]] - [[नोएडा सेक्टर 144 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 144]] - [[नोएडा सेक्टर 145 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 145]] - [[नोएडा सेक्टर 146 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 146]] - [[नोएडा सेक्टर 147 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 147]] - [[नोएडा सेक्टर 148 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 148]] - [[नॉलेज पार्क 2 मेट्रो स्टेशन|नॉलेज पार्क 2]] - [[परी चौक मेट्रो स्टेशन|परी चौक]] - [[अल्फा 1 मेट्रो स्टेशन|ऐल्फा 1]] - [[डेल्टा 1 मेट्रो स्टेशन|डेल्टा 1]] - [[जीएनआईडीए कार्यालय मेट्रो स्टेशन|ग्रेंडा कार्यालय]] - [[डिपो स्टेशन मेट्रो स्टेशन (नोएडा)|डिपो स्टेशन]] }} <noinclude> [[श्रेणी:ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] </noinclude> 33sqiq14rufvy2ob97ior754jc9nfkm 6541154 6541152 2026-04-16T08:07:30Z Ankit231132 874432 6541154 wikitext text/x-wiki {{Navbox | name = ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) | state = | title = [[चित्र:Noida_Metro_Logo.png|20px|link=नोएडा मेट्रो]] [[ऐक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|ऐक्वा लाइन]] | titlestyle = background:transparent; border-left:3em solid #{{rcr|Noida Metro|Aqua}}; border-right:3em solid #{{rcr|Noida Metro|Aqua}}; | list1 = [[नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 51]] - [[रेनबो मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 50]] - [[नोएडा सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 76]] - [[नोएडा सेक्टर 101 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 101]] - [[नोएडा सेक्टर 81 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 81]] - [[एनएसईज़ेड मेट्रो स्टेशन|एनएसईज़ेड]] - [[नोएडा सेक्टर 83 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 83]] - [[नोएडा सेक्टर 137 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 137]] - [[नोएडा सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 142]] - [[नोएडा सेक्टर 143 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 143]] - [[नोएडा सेक्टर 144 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 144]] - [[नोएडा सेक्टर 145 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 145]] - [[नोएडा सेक्टर 146 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 146]] - [[नोएडा सेक्टर 147 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 147]] - [[नोएडा सेक्टर 148 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 148]] - [[नॉलेज पार्क 2 मेट्रो स्टेशन|नॉलेज पार्क 2]] - [[परी चौक मेट्रो स्टेशन|परी चौक]] - [[अल्फा 1 मेट्रो स्टेशन|अल्फा 1]] - [[डेल्टा 1 मेट्रो स्टेशन|डेल्टा 1]] - [[जीएनआईडीए कार्यालय मेट्रो 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{{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 142 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=5 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 143}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 137}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *{{Official website|http://www.nmrcnoida.com}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] pbmnr6y5vjyyhoc0bfk3qeydt7orscw नोएडा सेक्टर 143 मेट्रो स्टेशन 0 1601678 6541201 6494286 2026-04-16T09:47:06Z Ankit231132 874432 6541201 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 143 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = सेक्टर 143 बी, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201306 | coordinates = {{coord|28.494461|77.422179|display=title,inline}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}} <br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 142 |right= नोएडा सेक्टर 144}} | website = http://nmrcnoida.com }} नोएडा सेक्टर 143 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=5 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन== यह लॉजिक्स ब्लॉसम ग्रीन्स, गुलशन इकेबाना आदि के निवासियों को सेवा प्रदान करता है।<ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=5 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> ;नक्शा {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 144}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |Towards ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:'''{{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 142}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *{{Official website|http://www.nmrcnoida.com}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] envegr9qhuj2kyn6l29v3hz7ikqfy6b नोएडा सेक्टर 144 मेट्रो स्टेशन 0 1601679 6541202 6494287 2026-04-16T09:47:56Z Ankit231132 874432 6541202 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 144 | type = नोएडा मेट्रो स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = सेक्टर 144, नोएडा , उत्तर प्रदेश 201306 | coordinates = {{coord|28.486483|77.432877|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}} <br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 143|right= नोएडा सेक्टर 145}} | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 144 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=5 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 145}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 143}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *{{Official website|http://www.nmrcnoida.com}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] fjh3innf6wmamjfzmrg32ck2t6s33qc नोएडा सेक्टर 145 मेट्रो स्टेशन 0 1601680 6541203 6494288 2026-04-16T09:48:39Z Ankit231132 874432 6541203 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br />नोएडा सेक्टर 145 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = सेक्टर 145, गोहीयापुर, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201306 | coordinates = {{coord|28.4790|77.4425|type:railwaystation_region:IN|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br />प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}} <br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV 50 Hz AC | accessible = हाँ {{access icon}} | code = | owned = [[नोएडा मेट्रो]] | operator = एनएमआरसी | website = https://nmrcnoida.com | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 144 |right= नोएडा सेक्टर 146}} | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 145 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=18 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=5 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> It was opened on 25 January 2019.<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन नक्शा== {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 146}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 144}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] bz2mzt4wru8jb96ooz22fn6k0oycwf5 नोएडा सेक्टर 146 मेट्रो स्टेशन 0 1601681 6541204 6494289 2026-04-16T09:49:11Z Ankit231132 874432 /* बाहरी कड़ियाँ */ 6541204 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br>नोएडा सेक्टर 146 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = नोएडा मेट्रो | address = सेक्टर 146, झट्टा, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201310 | coordinates = {{coord|28.468877|77.454964|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br>प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 145 |right= नोएडा सेक्टर 147}} | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 146 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=5 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन नक्शा== {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 147}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''Platform 1'''<br/>'''Northbound'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:'''{{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 145}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px 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सेक्टर 148}} | map_locator = | website = http://nmrcnoida.com | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 147 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।.<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=20 August 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=5 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> == स्टेशन नक्शा == {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 148}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |की ओर ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 146}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>`1साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{Reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *{{Official website|http://www.nmrcnoida.com}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] ko84kx4c89kcudul36czwcmcxg0l7aa नोएडा सेक्टर 148 मेट्रो स्टेशन 0 1601684 6541207 6494291 2026-04-16T09:50:33Z Ankit231132 874432 6541207 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Noida Metro Logo.png|60px]]<br />नोएडा सेक्टर 148 | type = [[नोएडा मेट्रो]] स्टेशन | style = [[नोएडा मेट्रो]] | address = कोन्डली खादर, नोएडा, उत्तर प्रदेश 201310 | coordinates = {{coord|28.4481|77.4766|type:railwaystation_region:IN|display=inline,title}} | line = {{rcb|Noida Metro|Aqua|croute}} | other = | structure = उभरा हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br />प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}} | levels = 2 | tracks = 2 | opened = {{start date and age|2019|1|25|df=yes}} | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV 50 Hz AC | accessible = हाँ {{access icon}} | owned = [[नोएडा मेट्रो]] | operator = एनएमआरसी | website = http://nmrcnoida.com | services = {{adjacent stations|system=Noida Metro|line=Aqua |left=नोएडा सेक्टर 147 |right= नॉलेज पार्क 2}} | route_map = {{Noida Greater Noida Metro Aqua Line}} | map_state = collapsed }} नोएडा सेक्टर 148 उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है।<ref>{{cite web|url=http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|publisher=Noida Metro|title=Noida Metro Project|access-date=18 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190122102851/http://www.nmrcnoida.com/introduction-metro-rail.htm|archive-date=22 January 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.greaternoida.com/metro|publisher=Greater Noida|title=Noida Metro Rail|access-date=5 सितंबर 2025|archive-date=30 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181030144625/http://greaternoida.com/metro|url-status=dead}}</ref> इसे 25 जनवरी 2019 को खोला गया।<ref>{{cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/metros-aqua-line-linking-noida-and-gr-noida-opens-for-public/articleshow/67687205.cms|newspaper=[[The Economic Times]]|title=Metro's Aqua line linking Noida and Gr Noida opens for public|date=2019-01-25}}</ref> ==स्टेशन नक्शा== {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-bottom:solid 1px gray;border-top:solid 1px gray;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|परछत्ती |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर<br/> |- |style="border-top:solid 1px gray;border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px gray;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''दक्षिणी बाध्य '''</span> |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500|की ओर→ {{ltl|Noida Metro|Aqua|R}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नॉलेज पार्क 2}}</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Noida Metro|Aqua}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तरी बाध्य'''</span> |Towards ← {{ltl|Noida Metro|Aqua|L}}<br><small>'''अगला स्टेशन:''' {{stl|नोएडा मेट्रो|नोएडा सेक्टर 147}}</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px gray;" colspan=2 align=center|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=50 rowspan=2 valign=top|'''L2''' |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=100| |style="border-bottom:solid 1px gray;" width=500| |- |} ==संदर्भ== {{reflist}} {{एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)}} {{नोएडा मेट्रो}} [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) स्टेशन]] 5ggywv0djjwnmsdsyf6yz14x9cw8j7a सदस्य वार्ता:Marty5550 3 1603583 6541029 6486351 2026-04-15T23:58:31Z Xqbot 9835 बॉट: [[सदस्य वार्ता:Martinoscag]] को दोहरे पुननिर्देशित ठीक किया। 6541029 wikitext text/x-wiki #पुनर्प्रेषित [[सदस्य वार्ता:Martinoscag]] mpqk5zisfp9k4sxhri6l62ksh69gjx7 रत्नहरि 0 1605758 6540952 6540866 2026-04-15T14:37:53Z चाहर धर्मेंद्र 703114 [[Special:Contributions/Bhashaji|Bhashaji]] ([[User talk:Bhashaji|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6540866|6540866]] को पूर्ववत किया 6540952 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीय नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/रत्नहरि}} '''''रत्नहरि''''' का जन्म सन् . 1848 वि . कार्तिक अष्टमी को सियालकोट में हुआ था।<ref>{{cite book |last1=पराशर |first1=शोभा |title=उदासी सम्प्रदाय का हिन्दी साहित्य |publisher=पीयूष प्रकाशन |url=https://www.google.co.th/books/edition/%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%80_%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%BE/WhMMAAAAIAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&dq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&printsec=frontcover|accessdate= 3 जून 2006}}</ref>वे एक क्षत्रिय परिवार से थे। उनके पिता का नाम गुलाबसिंह और माता का नाम रामकुमारी था।<ref>{{cite book |last1=पांडे |first1=राजबली |title=हिंदी साहित्य का बृहत् इतिहास |publisher=नागरी प्रचारिणी सभा |url=https://www.google.co.th/books/edition/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80_%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF/fnvRAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&dq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&printsec=frontcover|accessdate= 18 फरवरी 2009}}</ref>वह पंजाब के प्रसिद्ध महाराजा रणजीत सिंह के समय के एक प्रसिद्ध व्यक्ति थे।<ref>{{cite book |title=Madhyakālīna Hindī sāhitya, Pañjāba kā sandarbha |publisher=सन्मार्ग प्रकाशन |url=https://www.google.co.th/books/edition/Madhyak%C4%81l%C4%ABna_Hind%C4%AB_s%C4%81hitya_Pa%C3%B1j%C4%81ba/u8NjAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&dq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&printsec=frontcover|accessdate= 10 मई 2008}}</ref>वे अत्यंत स्वाभिमानी व्यक्तित्व के धनी थे। इसका प्रमाण यह है कि महाराजा रणजीत सिंह द्वारा कई बार आमंत्रित किए जाने के बावजूद, उन्होंने अमृतसर छोड़कर लाहौर जाना स्वीकार नहीं किया। रत्नहरि रीतिकाल और आधुनिककाल की संधिवेला में पंजाब में हुए एक उच्च कोटि के भक्त कवि थे।<ref>{{cite book |last1=भगवती प्रसाद सिंह|first1=वासुदेव सिंह |title=Rādhākr̥shṇa bhaktakośa |publisher=श्रीकृष्ण-जन्मस्थान-सेवा-संस्थान |url=https://www.google.co.th/books/edition/R%C4%81dh%C4%81kr%CC%A5sh%E1%B9%87a_bhaktako%C5%9Ba/GtxjAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&dq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&printsec=frontcover|accessdate= 12 मई 2008}}</ref> ==साहित्यिक विशेषताएँ== इनकी रचनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे लोकगीत शैली के बहुत करीब हैं। इनकी भाषा साधारण बोलचाल की ब्रजभाषा है, जो इसे जनमानस के लिए सुलभ बनाती है। रत्नहरि मुख्य रूप से एक रामभक्त कवि थे।<ref>{{cite book |last1=मैनी|first1=धर्मपाल |title=Encyclopaedia of Hindi language & literature |publisher=भाषा विभाग, पञ्जबा |url=https://www.google.co.th/books/edition/Pa%C3%B1j%C4%81ba_ke_Hind%C4%AB_s%C4%81hitya_k%C4%81_itih%C4%81s/6qhjAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&dq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&printsec=frontcover|accessdate=9 मई 2008}}</ref> उनकी अधिकांश कविताएँ रामभक्ति पर आधारित हैं। वे अपनी रचनाओं की शुरुआत (मंगलाचरण) में अपने आराध्य श्री राम का स्मरण करते हैं, जो उनके अनन्य भक्त होने का प्रमाण है। भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा रचित 'उत्तरभक्तमाल' में भी इनका विवरण मिलता है, जो इनके महत्व को रेखांकित करता है।<ref>{{cite book |last1=गुप्ता|first1=गणपति चंद्र |title=Encyclopaedia of Hindi language & literature |publisher=Eṭalānṭika Pabliśarsa eṇḍa Ḍisṭribyūṭarsa|url=https://www.google.co.th/books/edition/Encyclopaedia_of_Hindi_language_literatu/AlMJAAAAIAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&dq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&printsec=frontcover|accessdate= 25 अप्रैल 2006}}</ref>रामकथा को अपने मतानुसार ब्रज भाषा में कृतियों रघुवीर पद रत्नावली, रघुवीर लीला, विनय बाहरी (द्वादशी), राम रहस्य को लिखा।<ref>{{cite book |last1=कौशिक|first1=जय नारायण |title=Ramkatha Aur Lok Sahitya |publisher=हिंदी पुस्तक केंद्र|url=https://www.google.co.th/books/edition/Ramkatha_Aur_Lok_Sahitya/NvT14yUAS0YC?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF+-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+-wikipedia&pg=PA24&printsec=frontcover}}</ref> इन्होने 32 काव्यग्रंथों की रचना की है। ==सन्दर्भ== s8aik4bicctlmh3vlxgj5u0bzg5ctgz सदस्य वार्ता:AMAN KUMAR 3 1608220 6540948 6540890 2026-04-15T14:00:26Z AMAN KUMAR 911487 /* पूर्ववत सहायता - बर्बरता */ उत्तर 6540948 wikitext text/x-wiki {{Archive box| * [[/पुरालेख 1|पुरालेख 1]] }} नमस्ते @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद। वर्तमान में “से चीज़” पृष्ठ पर जो सामग्री दिखाई दे रही है, वह अंग्रेज़ी वाक्यांश ("say cheese") से संबंधित है, जबकि यह पृष्ठ मूल रूप से 2018 की भारतीय वृत्तचित्र फ़िल्म के लिए बनाया गया था। संभवतः समान शीर्षक के कारण सामग्री में भ्रम या मिश्रण हो गया है। मैं इसे स्पष्ट करने के लिए लेख को पुनः व्यवस्थित कर रहा हूँ, ताकि फ़िल्म से संबंधित जानकारी सही और अलग रूप में प्रस्तुत की जा सके। यदि आवश्यक हुआ, तो वाक्यांश ("say cheese") के लिए अलग पृष्ठ बनाया जा सकता है या उसे पुनर्निर्देशित किया जा सकता है, जिससे दोनों विषय स्पष्ट रूप से अलग बने रहें। आपके सुझावों का स्वागत है। धन्यवाद। — [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 07:19, 13 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Citexji|Citexji]] महोदय, मैने इसे पूर्ववत कर दिया है| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 07:25, 13 अप्रैल 2026 (UTC) == श्रेणी नाम परिवर्तन अनुरोध == महोदय @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, मैं हिन्दी विकिपीडिया पर एक श्रेणी के नाम को स्पष्ट करने के लिए सहायता चाहता हूँ। वर्तमान में "श्रेणी:से चीज़" मौजूद है, जिसे अधिक उपयुक्त रूप से "श्रेणी:से चीज़ (फ़िल्म)" में स्थानांतरित करना आवश्यक है, क्योंकि यह एक फ़िल्म से संबंधित श्रेणी है। कृपया इस श्रेणी को उचित नाम पर स्थानांतरित करने में सहायता करें। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 08:18, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Citexji|Citexji]]महोदय, उसका लिंक उपलब्ध कराएंगे क्या मुझे श्रेणी मिल नहीं रही है| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 08:23, 14 अप्रैल 2026 (UTC) ::नमस्ते @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, ::संबंधित पृष्ठ का लिंक यहाँ है: ::[https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A5%87_%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%BC से चीज़] ::कृपया जाँच कर मार्गदर्शन दें। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 08:38, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:Citexji|Citexji]] महोदय, श्रेणी:से चीज़ का लिंक दें जिसे मैं श्रेणी:से चीज़ (फ़िल्म)" में स्थानांतरण का नामांकन कर सकूं [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 08:45, 14 अप्रैल 2026 (UTC) ::::नमस्ते @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, ::::मैं पृष्ठ (article) के लिंक की बात कर रहा था, न कि श्रेणी के लिंक की। ::::पृष्ठ का लिंक यहाँ है: ::::[https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A5%87_%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%BC से चीज़] ::::मार्गदर्शन दें। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 09:05, 14 अप्रैल 2026 (UTC) == भारत का संविधान की विकिस्रोत प्रति का उपयोग करें। == आपसे दो अनुरोध है: अनुच्छेद संबंधी लेखों में जब आप एआइ की मदद ले रहे हैं तो उन्हें ठीक से देखें। कम-से-कम अंग्रेजी शब्दों के नाम तो जरूर ही हटा दें। हू-ब-हू अनुवाद विकि नीति के विरुद्ध है। :संविधान के मूल पाठ के लिए गूगल बुक के बजाय विकिस्रोत पर उपलब्ध भारत का संविधान का उपयोग करें जैसा कि [[अनुच्छेद 82 (भारत का संविधान)]] लेख में किया गया है। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 10:35, 14 अप्रैल 2026 (UTC) == लेख सुधार बनाम हटाने पर दृष्टिकोण == नमस्कार। @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] मेरा मानना है कि [[विकिपीडिया]] पर हमारा उद्देश्य केवल लेखों पर हटाने के टैग लगाना नहीं, बल्कि उनमें सुधार करना और उन्हें बेहतर बनाने में सहयोग करना भी होना चाहिए। यदि केवल हटाने के टैग लगाने के आधार पर रोलबैक जैसे अधिकार प्राप्त किए जाते हैं, तो यह विकिपीडिया की सहयोगात्मक भावना के अनुरूप नहीं है। रोलबैक का उपयोग मुख्यतः स्पष्ट तोड़फोड़ (vandalism) को रोकने के लिए होता है, न कि सामान्य संपादन या सामग्री विवादों के लिए। इसलिए ऐसे मामलों में मैं समर्थन नहीं कर सकता। बेहतर होगा कि हम लेखों को सुधारने, विश्वसनीय स्रोत जोड़ने और रचनात्मक योगदान देने पर ध्यान [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 08:36, 15 अप्रैल 2026 (UTC) == पूर्ववत सहायता - बर्बरता == @[[सदस्य:SM7|SM7]] और @[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय, @[[सदस्य:Citexji|Citexji]] ने लेख [[प्राकृतिक स्वास्थ्य]] पर बर्बरता की है जिसे मैं पूर्ववत नहीं कर पा रहा हूं| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 09:57, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] मेरे द्वारा किए गए संपादन विश्वसनीय स्रोतों और तटस्थ दृष्टिकोण के आधार पर हैं। यदि किसी विशेष संपादन में समस्या है, तो कृपया उसे स्पष्ट करें ताकि आवश्यक सुधार किया जा सके। बिना स्पष्ट कारण इसे बर्बरता कहना उचित नहीं है। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 10:43, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, आप जांच लें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:00, 15 अप्रैल 2026 (UTC) 3279dorrfa0ybaulb2sa1wrthkq232w सदस्य:AMAN KUMAR/twinkleoptions.js 2 1609551 6541139 6531329 2026-04-16T07:29:46Z AMAN KUMAR 911487 ट्विंकल वरीयताएँ सहेजी जा रही हैं: [[:विकिपीडिया:Twinkle/Preferences]] से स्वचालित संपादन 6541139 javascript text/javascript // twinkleoptions.js: व्यक्तिगत ट्विंकल वरीयता फ़ाइल // // NOTE: The easiest way to change your Twinkle preferences is by using the // Twinkle preferences panel, at [[विकिपीडिया:Twinkle/Preferences]]. // // This file is AUTOMATICALLY GENERATED. Any changes you make (aside from // changing the configuration parameters in a valid-JavaScript way) will be // overwritten the next time you click "save" in the Twinkle preferences // panel. If modifying this file, make sure to use correct JavaScript. // <nowiki> window.Twinkle.prefs = { "optionsVersion": 2.1, "autoMenuAfterRollback": true, "openTalkPage": [], "showRollbackLinks": [ "diff", "others", "mine", "recent", "history" ], "watchSpeedyPages": [ "db", "g1", "g2", "g3", "g4", "g5", "g6", "g7", "g6f", "a1", "a2", "a4", "a5", "u1", "u2", "u3", "f1", "f2", "f3", "f4", "f5", "f6" ], "markSpeedyPagesAsPatrolled": true, "welcomeUserOnSpeedyDeletionNotification": [ "a1", "a2", "a4", "a5", "db", "f1", "f2", "f3", "f4", "f5", "f6", "g1", "g2", "g3", "g4", "g5", "g6", "g6f", "g7", "u3" ], "notifyUserOnSpeedyDeletionNomination": [ "a1", "a2", "a4", "a5", "db", "f1", "f2", "f3", "f4", "f5", "f6", "g1", "g2", "g3", "g4", "g5", "g6", "g6f", "g7", "u3" ], "logSpeedyNominations": true, "noLogOnSpeedyNomination": [], "markTaggedPagesAsMinor": true, "defaultWarningGroup": "3", "oldSelect": true, "logXfdNominations": true, "xfdWatchDiscussion": "1 month" }; // </nowiki> // End of twinkleoptions.js fnw4pp2j14955lh0u1cory1ghc5r3dn 6541153 6541139 2026-04-16T08:07:09Z AMAN KUMAR 911487 सुधार 6541153 javascript text/javascript // twinkleoptions.js: व्यक्तिगत ट्विंकल वरीयता फ़ाइल // // NOTE: The easiest way to change your Twinkle preferences is by using the // Twinkle preferences panel, at [[विकिपीडिया:Twinkle/Preferences]]. // // This file is AUTOMATICALLY GENERATED. Any changes you make (aside from // changing the configuration parameters in a valid-JavaScript way) will be // overwritten the next time you click "save" in the Twinkle preferences // panel. If modifying this file, make sure to use correct JavaScript. // <nowiki> window.Twinkle.prefs = { "optionsVersion": 2.1, // --- सामान्य और रोलबैक सेटिंग्स --- "autoMenuAfterRollback": true, "openTalkPage": [], "showRollbackLinks": [ "diff", "others", "mine", "recent", "history" ], "confirmOnFluff": true, // रोलबैक करने से पहले पुष्टि माँगेगा "markRevertedPagesAsMinor": [ "agf", "norm", "vand", "torev" ], // --- शीघ्र हटाने (CSD) की सेटिंग्स --- "watchSpeedyPages": [ "व1", "व2", "व3", "व4", "व5", "व6", "व6फ़", "व6ल", "व6स", "व7", "ल1", "ल2", "ल4", "फ़1", "फ़2", "फ़3", "फ़4", "फ़5", "फ़6", "स1", "स2", "स3", "सा1", "शीह" ], "markSpeedyPagesAsPatrolled": true, // *** यहाँ है आपकी माँगी गई सुविधा (निर्माता को सूचना भेजना) *** "notifyUserOnSpeedyDeletionNomination": [ "व1", "व2", "व3", "व4", "व5", "व6", "व6फ़", "व6ल", "व6स", "व7", "ल1", "ल2", "ल4", "फ़1", "फ़2", "फ़3", "फ़4", "फ़5", "फ़6", "स1", "स2", "स3", "सा1", "शीह" ], "welcomeUserOnSpeedyDeletionNotification": [ "व1", "व2", "व3", "व4", "व5", "व6", "व6फ़", "व6ल", "व6स", "व7", "ल1", "ल2", "ल4", "फ़1", "फ़2", "फ़3", "फ़4", "फ़5", "फ़6", "स1", "स2", "स3", "सा1", "शीह" ], "logSpeedyNominations": true, // नामांकित किए गए पृष्ठों का लॉग (Log) बनाएगा "noLogOnSpeedyNomination": [], // --- चेतावनी और ध्यानसूची सेटिंग्स (नई सुविधाएँ) --- "markTaggedPagesAsMinor": true, "watchTaggedPages": true, // टैग किए गए पृष्ठों को ध्यानसूची में रखेगा "watchWarnings": true, // चेतावनी दिए गए सदस्यों को ध्यानसूची में रखेगा "defaultWarningGroup": "1", "showSharedIPNotice": true, "oldSelect": true, // --- चर्चा (XfD) सेटिंग्स --- "logXfdNominations": true, "xfdWatchDiscussion": "1 month", // हटाने की चर्चा को 1 महीने तक ध्यानसूची में रखेगा // --- अनलिंक सेटिंग्स --- "unlinkNamespaces": [ 0, // मुख्य नामस्थान (लेख) 10, // साँचा 100 // प्रवेशद्वार ], // --- कस्टम टैग सूची --- "customTagList": [ { "value": "प्रचार", "label": "{{प्रचार}}: यदि लेख विज्ञापन जैसा है" }, { "value": "स्रोतहीन", "label": "{{स्रोतहीन}}: यदि एक भी संदर्भ नहीं है" }, { "value": "अनुवाद", "label": "{{अनुवाद}}: यदि मशीनी अनुवाद खराब है" }, { "value": "सुधार", "label": "{{सुधार}}: यदि लेख की भाषा शैली खराब है" }, { "value": "आधार", "label": "{{आधार}}: छोटे लेखों के लिए" } ] }; // </nowiki> // End of twinkleoptions.js m73z59pnsb7mflm3v1pqcmy6yqn6f3i 6541157 6541153 2026-04-16T08:11:50Z AMAN KUMAR 911487 सुधार 6541157 javascript text/javascript // twinkleoptions.js: व्यक्तिगत ट्विंकल वरीयता फ़ाइल // // NOTE: The easiest way to change your Twinkle preferences is by using the // Twinkle preferences panel, at [[विकिपीडिया:Twinkle/Preferences]]. // // This file is AUTOMATICALLY GENERATED. Any changes you make (aside from // changing the configuration parameters in a valid-JavaScript way) will be // overwritten the next time you click "save" in the Twinkle preferences // panel. If modifying this file, make sure to use correct JavaScript. // <nowiki> window.Twinkle.prefs = { "optionsVersion": 2.1, "autoMenuAfterRollback": true, "openTalkPage": [], "showRollbackLinks": [ "diff", "others", "mine", "recent", "history" ], "confirmOnFluff": true, "markRevertedPagesAsMinor": [ "agf", "norm", "vand", "torev" ], "watchSpeedyPages": [ "व1", "व2", "व3", "व4", "व5", "व6", "व6फ़", "व6ल", "व6स", "व7", "ल1", "ल2", "ल4", "फ़1", "फ़2", "फ़3", "फ़4", "फ़5", "फ़6", "स1", "स2", "स3", "सा1", "शीह" ], "markSpeedyPagesAsPatrolled": true, "notifyUserOnSpeedyDeletionNomination": [ "व1", "व2", "व3", "व4", "व5", "व6", "व6फ़", "व6ल", "व6स", "व7", "ल1", "ल2", "ल4", "फ़1", "फ़2", "फ़3", "फ़4", "फ़5", "फ़6", "स1", "स2", "स3", "सा1", "शीह" ], "welcomeUserOnSpeedyDeletionNotification": [ "व1", "व2", "व3", "व4", "व5", "व6", "व6फ़", "व6ल", "व6स", "व7", "ल1", "ल2", "ल4", "फ़1", "फ़2", "फ़3", "फ़4", "फ़5", "फ़6", "स1", "स2", "स3", "सा1", "शीह" ], "logSpeedyNominations": true, "noLogOnSpeedyNomination": [], "markTaggedPagesAsMinor": true, "watchTaggedPages": true, "watchWarnings": true, "defaultWarningGroup": "1", "showSharedIPNotice": true, "oldSelect": true, "logXfdNominations": true, "xfdWatchDiscussion": "1 month", "unlinkNamespaces": [ 0, 10, 100 ], "customTagList": [ { "value": "प्रचार", "label": "{{प्रचार}}: यदि लेख विज्ञापन जैसा है" }, { "value": "स्रोतहीन", "label": "{{स्रोतहीन}}: यदि एक भी संदर्भ नहीं है" }, { "value": "अनुवाद", "label": "{{अनुवाद}}: यदि मशीनी अनुवाद खराब है" }, { "value": "सुधार", "label": "{{सुधार}}: यदि लेख की भाषा शैली खराब है" }, { "value": "आधार", "label": "{{आधार}}: छोटे लेखों के लिए" } ] }; // </nowiki> // End of twinkleoptions.js m5zyed9jef1fnozyb0ed3dlbnxjipsp सदस्य:AMAN KUMAR/शीह लॉग 2 1609848 6541044 6540833 2026-04-16T03:04:43Z AMAN KUMAR 911487 शीह नामांकन का लॉग बनाया जा रहा of [[:साँचा:Infobox news organization]]. 6541044 wikitext text/x-wiki This is a log of all [[वि:शीह|speedy deletion]] nominations made by this user using [[WP:TW|Twinkle]]'s CSD module. If you no longer wish to keep this log, you can turn it off using the [[Wikipedia:Twinkle/Preferences|preferences panel]], and nominate this page for speedy deletion under [[वि:शीह#U1|CSD U1]]. === मार्च 2026 === # [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC) # [[:साँचा:Fper]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 19 मार्च 2026 (UTC) # [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC) # [[:1973 पेरिस ओपन - पुरुष एकल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: केवल ज्ञान संदूक उपस्थित }; सदस्य {{user|1=मनीष वशिष्ठ}} को सूचित किया गया 10:59, 20 मार्च 2026 (UTC) === अप्रैल 2026 === # [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:Protection]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:विक्रम सिंह मीना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 01:25, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:वार्ता:डिबेटसिলেটবিডি]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: उचित पृष्ठ नहीं}; सदस्य {{user|1=Spacebangla}} को सूचित किया गया 13:30, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:रूसी सम्राटों की सूची]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 08:15, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सोवियत संघ का इतिहास]]: [[वि:शीह#ल4|शीह ल4]] ({{tl|db-duplicate}}); अन्य अतिरिक्त जानकारी: {ल4 1: सोवियत संघ } 08:21, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:अखिलेश अलखनियाँ]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 12:24, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:रोहित गिल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:00, 10 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:कुश सोगुण]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 14:06, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Govind Bhana Artist]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 14:38, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Chandan roy Bhirha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:42, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:पूर्ति आर्या]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 03:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:जो हैरिस (गणितज्ञ)]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 10:00, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Article wizard/button wizard/sandbox]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 20:33, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:The7unity]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 18:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साउथ सिटी इंटर्नैशनल स्कूल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: इसमें उल्लेखनीयता का स्पष्ट अभाव है और कोई भी विश्वसनीय स्रोत नहीं है।}; सदस्य {{user|1=Ahari123}} को सूचित किया गया 19:08, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:14, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Zahid Md Hizbullah]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 04:47, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:ऑस्ट्रेलिया के लिए CDR]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:44, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Infobox news organization]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:04, 16 अप्रैल 2026 (UTC) s7eyk9ztvjee7n8wiuhsor68vyugkz4 6541051 6541044 2026-04-16T03:17:47Z AMAN KUMAR 911487 /* अप्रैल 2026 */ update 6541051 wikitext text/x-wiki This is a log of all [[वि:शीह|speedy deletion]] nominations made by this user using [[WP:TW|Twinkle]]'s CSD module. If you no longer wish to keep this log, you can turn it off using the [[Wikipedia:Twinkle/Preferences|preferences panel]], and nominate this page for speedy deletion under [[वि:शीह#U1|CSD U1]]. === मार्च 2026 === # [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC) # [[:साँचा:Fper]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 19 मार्च 2026 (UTC) # [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC) === अप्रैल 2026 === # [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:Protection]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:विक्रम सिंह मीना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 01:25, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:वार्ता:डिबेटसिলেটবিডি]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: उचित पृष्ठ नहीं}; सदस्य {{user|1=Spacebangla}} को सूचित किया गया 13:30, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:रोहित गिल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:00, 10 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:कुश सोगुण]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 14:06, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Govind Bhana Artist]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 14:38, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Chandan roy Bhirha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:42, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:पूर्ति आर्या]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 03:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Article wizard/button wizard/sandbox]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 20:33, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:The7unity]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 18:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साउथ सिटी इंटर्नैशनल स्कूल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: इसमें उल्लेखनीयता का स्पष्ट अभाव है और कोई भी विश्वसनीय स्रोत नहीं है।}; सदस्य {{user|1=Ahari123}} को सूचित किया गया 19:08, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:14, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:ऑस्ट्रेलिया के लिए CDR]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:44, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Infobox news organization]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:04, 16 अप्रैल 2026 (UTC) sdjlobv02om7bk1rx9f5oh6o1jun2bo 6541138 6541051 2026-04-16T07:22:25Z AMAN KUMAR 911487 शीह नामांकन का लॉग बनाया जा रहा of [[:गुंजन तिवारी]]. 6541138 wikitext text/x-wiki This is a log of all [[वि:शीह|speedy deletion]] nominations made by this user using [[WP:TW|Twinkle]]'s CSD module. If you no longer wish to keep this log, you can turn it off using the [[Wikipedia:Twinkle/Preferences|preferences panel]], and nominate this page for speedy deletion under [[वि:शीह#U1|CSD U1]]. === मार्च 2026 === # [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC) # [[:साँचा:Fper]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 19 मार्च 2026 (UTC) # [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC) === अप्रैल 2026 === # [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:Protection]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:विक्रम सिंह मीना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 01:25, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:वार्ता:डिबेटसिলেটবিডি]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: उचित पृष्ठ नहीं}; सदस्य {{user|1=Spacebangla}} को सूचित किया गया 13:30, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:रोहित गिल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:00, 10 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:कुश सोगुण]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 14:06, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Govind Bhana Artist]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 14:38, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Chandan roy Bhirha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:42, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:पूर्ति आर्या]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 03:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Article wizard/button wizard/sandbox]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 20:33, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:The7unity]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 18:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साउथ सिटी इंटर्नैशनल स्कूल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: इसमें उल्लेखनीयता का स्पष्ट अभाव है और कोई भी विश्वसनीय स्रोत नहीं है।}; सदस्य {{user|1=Ahari123}} को सूचित किया गया 19:08, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:14, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:ऑस्ट्रेलिया के लिए CDR]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:44, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Infobox news organization]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:04, 16 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:गुंजन तिवारी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 07:22, 16 अप्रैल 2026 (UTC) aq3h8p4w7mcwgl6w4m6xevqs441pxdr सदस्य वार्ता:VartamanVarta 3 1609894 6541120 6531721 2026-04-16T06:29:49Z DoubleGrazing 637304 DoubleGrazing ने पृष्ठ [[सदस्य वार्ता:AutobotIndian]] को [[सदस्य वार्ता:VartamanVarta]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/AutobotIndian|AutobotIndian]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/VartamanVarta|VartamanVarta]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6531721 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=AutobotIndian}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:01, 20 मार्च 2026 (UTC) sx9uuars6ug6vwvvhnwr49vkhu3s1lt सदस्य:VartamanVarta 2 1610642 6541118 6534781 2026-04-16T06:29:50Z DoubleGrazing 637304 DoubleGrazing ने पृष्ठ [[सदस्य:AutobotIndian]] को [[सदस्य:VartamanVarta]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/AutobotIndian|AutobotIndian]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/VartamanVarta|VartamanVarta]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6534781 wikitext text/x-wiki Helping around:) 0x7s4smxkritm7brha2850zunytfkgn 6541127 6541118 2026-04-16T06:45:23Z VartamanVarta 916022 6541127 wikitext text/x-wiki Helping around:) ''(Formally '''[[:en:User talk:VartamanVarta#Blocked for username issue|AutobotIndian]])''''' dctyo83ojpej7fshbo9ibeefs44xf5f सदस्य:VartamanVarta/प्रयोगपृष्ठ 2 1610643 6541116 6534782 2026-04-16T06:29:49Z DoubleGrazing 637304 DoubleGrazing ने पृष्ठ [[सदस्य:AutobotIndian/प्रयोगपृष्ठ]] को [[सदस्य:VartamanVarta/प्रयोगपृष्ठ]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/AutobotIndian|AutobotIndian]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/VartamanVarta|VartamanVarta]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6534782 wikitext text/x-wiki मेरा प्रयोगपृष्ठ 30jg9aipkkehsk2hmds8dn05gjoroyd विकिपीडिया:आँकड़े/2026/अप्रैल 4 1610671 6540927 6540370 2026-04-15T12:14:18Z NeechalBOT 98381 statistics 6540927 wikitext text/x-wiki <!--- stats starts--->{{सदस्य:Neechalkaran/statnotice}}{| class="wikitable sortable" style="width:90%" |- ! Date(Time) ! Pages ! Articles ! Edits ! Users ! Files ! Activeusers {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =1-4-2026 6:14 |Pages = 1386987 |dPages = -1 |Articles = 168842 |dArticles = 20 |Edits = 6521355 |dEdits = 305 |Files = 4663 |dFiles = -1 |Users = 898113 |dUsers = 186 |Ausers = 970 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =2-4-2026 6:14 |Pages = 1387020 |dPages = 33 |Articles = 168862 |dArticles = 20 |Edits = 6521679 |dEdits = 324 |Files = 4663 |dFiles = 0 |Users = 898323 |dUsers = 210 |Ausers = 970 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =3-4-2026 6:14 |Pages = 1387050 |dPages = 30 |Articles = 168873 |dArticles = 11 |Edits = 6522057 |dEdits = 378 |Files = 4663 |dFiles = 0 |Users = 898538 |dUsers = 215 |Ausers = 970 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =4-4-2026 6:14 |Pages = 1387101 |dPages = 51 |Articles = 168895 |dArticles = 22 |Edits = 6522480 |dEdits = 423 |Files = 4663 |dFiles = 0 |Users = 898714 |dUsers = 176 |Ausers = 989 |dAusers = 19 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =5-4-2026 6:14 |Pages = 1387117 |dPages = 16 |Articles = 168902 |dArticles = 7 |Edits = 6522796 |dEdits = 316 |Files = 4663 |dFiles = 0 |Users = 898890 |dUsers = 176 |Ausers = 989 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =6-4-2026 6:14 |Pages = 1387148 |dPages = 31 |Articles = 168916 |dArticles = 14 |Edits = 6523186 |dEdits = 390 |Files = 4664 |dFiles = 1 |Users = 899050 |dUsers = 160 |Ausers = 989 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =7-4-2026 6:14 |Pages = 1387181 |dPages = 33 |Articles = 168934 |dArticles = 18 |Edits = 6523614 |dEdits = 428 |Files = 4664 |dFiles = 0 |Users = 899201 |dUsers = 151 |Ausers = 1010 |dAusers = 21 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =8-4-2026 6:14 |Pages = 1387197 |dPages = 16 |Articles = 168940 |dArticles = 6 |Edits = 6523862 |dEdits = 248 |Files = 4664 |dFiles = 0 |Users = 899354 |dUsers = 153 |Ausers = 1010 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =9-4-2026 6:14 |Pages = 1387229 |dPages = 32 |Articles = 168959 |dArticles = 19 |Edits = 6524300 |dEdits = 438 |Files = 4664 |dFiles = 0 |Users = 899516 |dUsers = 162 |Ausers = 1010 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =10-4-2026 6:14 |Pages = 1387259 |dPages = 30 |Articles = 168970 |dArticles = 11 |Edits = 6524620 |dEdits = 320 |Files = 4665 |dFiles = 1 |Users = 899670 |dUsers = 154 |Ausers = 1010 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =11-4-2026 6:14 |Pages = 1387307 |dPages = 48 |Articles = 168993 |dArticles = 23 |Edits = 6525065 |dEdits = 445 |Files = 4666 |dFiles = 1 |Users = 899822 |dUsers = 152 |Ausers = 1023 |dAusers = 13 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =12-4-2026 6:14 |Pages = 1387325 |dPages = 18 |Articles = 169000 |dArticles = 7 |Edits = 6525487 |dEdits = 422 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 899967 |dUsers = 145 |Ausers = 1023 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =13-4-2026 6:14 |Pages = 1387369 |dPages = 44 |Articles = 169021 |dArticles = 21 |Edits = 6525834 |dEdits = 347 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 900122 |dUsers = 155 |Ausers = 1023 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =14-4-2026 6:14 |Pages = 1387429 |dPages = 60 |Articles = 169056 |dArticles = 35 |Edits = 6526601 |dEdits = 767 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 900268 |dUsers = 146 |Ausers = 1013 |dAusers = -10 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =15-4-2026 6:14 |Pages = 1387467 |dPages = 38 |Articles = 169071 |dArticles = 15 |Edits = 6527158 |dEdits = 557 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 900419 |dUsers = 151 |Ausers = 1013 |dAusers = 0 }} <!---Place new stats here---> |} <!--- stats ends---> tmtvzwk0inknzcovv71lzlqn9mrfswm बृहत्तर इसराइल 0 1610738 6541228 6540512 2026-04-16T10:53:38Z The Sorter 845290 6541228 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Greater israel map.png|right|thumb|300px|बृहत्तर इसराइल]] [[चित्र:Map Land of Israel.jpg|right|thumb|300px|बाइबिल के विभिन्न विवरणों के अनुसार 'इसराइल देश' की सीमाएँ: '''लाल''' (गिनती 34), '''नीला''' (यहेज़क़ेल 47)]] '''बृहत्तर इसराइल''' ({{langx|he|ארץ ישראל השלמה}}) [[इसराइल]] का एतिहासिक या वांछित क्षेत्र से संबंधित एक [[समुद्धरणवाद|समुद्धरणवादी]] संकल्पना है। [[ज़ियोनवाद|ज़ियोनवादी]] आंदोलनों के क्षेत्रीय दावे समय तथा [[श्रमिक ज़ियोनवाद|समाजवादी]], [[संशोधनवाद ज़ियोनवाद|संशोधनवादी]] या [[धार्मिक ज़ियोनवाद|धार्मिक ज़ियोनवादी]] समूहों के आधार पर भिन्न हैं।<ref name="Shelef_2018_p5">{{Harvnb|Shelef|2018}}</ref> ''बृहत्तर इसराइल'' शब्द के दो अलग अर्थ होते हैं – एक जो आधुनिक इसराइल के साथ-साथ [[गोलान पहाड़ियाँ]], [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] का मिलन है; और दूसरा जो [[नील नदी]] से [[फ़रात नदी]] तक फैला हुआ विशाल क्षेत्र है।<ref name="theweek_greaterisrael">{{Cite web|url=https://theweek.com/world-news/what-is-the-greater-israel-movement|title=What is the 'Greater Israel' movement?|date=18 October 2024|website=The Week|access-date=29 January 2025}}</ref> == इतिहास == === प्रारंभिक ज़ियोनवाद === [[File:PORTRAIT_OF_THEODOR_HERZL_IN_1898_(3x4_cropped).jpg|दाएँ|अंगूठाकार|ज़ियोनवाद के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]], ल. 1898]] [[ज़ियोनवाद]] के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]] ने [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में एक [[यहूदी राज्य]] के लिए [[तनख़]] से प्रेरणा ली। हर्टज़ल ने [[इसराइल राज्य|दाऊदी राज्य]] से इस यहूदी राज्य का भौगोलिक विस्तार प्राप्त किया।<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> उनकी सोच [[विलियम हेकलर]] नामक अंग्रेज़ी [[ईसाई ज़ियोनवाद|ईसाई ज़ियोनवादी]] से भी प्रेरित थे,{{refn|Haddad 1974: "It was a Christian Zionist, a fundamentalist minister, Rev. Hechler, Chaplain to the British Embassy in Vienna, who gave Herzl the biblical definitions of the boundaries of the prospective state."}} और उन्होंने अपने दैनन्दिनी में लिखा: <blockquote>हेकलर ने हमारे [ट्रेन] कंपार्टमेंट में फ़िलिस्तीन का नक़्शा खोला और मुझे समझाया। उत्तरी सीमा [[कैपाडोशिया]] के सामने वाले पहाड़ होंगे, दक्षिणी सीमा, [[स्वेज़ नहर]]। हमारा नारा होगा: "[[सुलेमान]] और [[दाऊद]] का फ़िलिस्तीन।"<ref>Marvin Lowenthal's translation of The Diaries of Theodore Herzl (New York: Dial Press, 1956), p. 124 [citation copied from Haddad 1974]</ref></blockquote> === इसराइल की भूमि === [[File:The_Book_of_Revelation;_a_study_of_the_last_prophetic_book_of_Holy_Scripture_(1919)_(14803713123).jpg|अंगूठाकार|इब्राहीम को प्रदत्त भूमि, जिसमें [[मिस्र की नदी]] के पूर्व और [[फ़रात नदी|फ़रात]] के पश्चिम, [[कादेश (बाइबिल)|कादेश]] के उत्तर और [[हमा|हमात]] के दक्षिण स्थित सारी भूमि शामिल है। यह मानचित्र [[क्लैरेंस लार्किन]] की एक 1919 की पुस्तक से है।]] [[इसराइल की भूमि]] ({{Langx|he|אֶרֶץ יִשְׂרָאֵל}}) [[दक्षिणी लेवंट]] का एक क्षेत्र है। इसे [[कनान]], प्रतिश्रुत भूमि, [[पवित्र भूमि]], और [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] भी कहा जाता है। इस भूमि की सीमाएँ [[इब्रानी बाइबिल]] के अलग-अलग अध्यायों में भिन्न होती हैं, जैसे उत्पत्ति 15, निर्गमन 23, गिनती 34 और यहेज़ेक़ेल 47 में लिखा गया है। बाइबिल में नौ बार, भूमि को "[[दान से बेर्शेबा तक]]" कहा जाता है, और तीन बार इसे "हमात की घाटी से लेकर मिस्र की नाले तक" कहा जाता है (1 राजा 8:65, 1 इतिहास 13:5 और 2 इतिहास 7:8). बाइबिल में इसराइल की भूमि के तीन भौगोलिक अर्थ होते हैं: # पहले अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/01/15.htm#18 उत्पत्ति 15:18–21]) के अनुसार, इब्राहीम के सभी पुत्रों को प्रदत्त भूमि "मिस्र की नदी से फ़रात तक है"। # दूसरे अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/04/34.htm#1 गिनती 34:1–15] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/26/47.htm#13 यहेज़ेक़ेल 47:13–20]) मिस्र से आज़ादी के बाद [[इसराइल के बारह गोत्र]] के बीच विभाजित भूमि का बात करता है। # एक और अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/05/11.htm#24 व्यवस्थाविवरण 11:24], [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/1.htm#7 व्यवस्थाविवरण 1:7]) के हिसाब से, इसराइलियों यह भूमि धीरे-धीरे सालों के दौरान पाएंगे, जैसे [https://www.wordproject.org/bibles/in/02/23.htm#29 निर्गमन 23:29] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/7.htm#22 व्यवस्थाविवरण 7:22]) में लिखा गया है।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;"></sup> यह विवरण एतिहासिक इसराइली राज्यों की सीमाओं से अलग है। अपने चरम पर, यह राज्य बाइबिल की सीमाएँ के क़रीब होते थे, किन्तु उनके समरूप नहीं। [[यहूदी धर्म]] इसराइल के केवल वह जगहों को मानता है जहाँ यहूदी न्याय प्रचालित होती थी।<ref>Rachel Havelock, [https://books.google.com/books?id=5tCIiwLQr2MC&pg=PA210 ''River Jordan: The Mythology of a Dividing Line,''] University of Chicago Press, 2011 p.210.</ref> वह कहता है कि भूमि [[तौरात]] के आधार से परमेश्वर द्वारा दी गई [[यहूदी|यहूदियों]] की धरोहर है।<ref>{{cite web|url=http://bible.cc/exodus/6-4.htm|title=Exodus 6:4 I also established my covenant with them to give them the land of Canaan, where they resided as foreigners|publisher=Bible.cc|access-date=2013-08-11}}</ref> उत्पत्ति पुस्तक के अनुसार, परमेश्वर ने अब्राम के वंशजों को यह भूमि देने का वादा किया था; यह दोनों के बीच एक [[वाचा (बाइबिल)|वाचा]] है।<ref>{{cite web|url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Gen%2015:18%E2%80%9321;&version=NIV;|title=Gen 15:18–21; NIV; - On that day the LORD made a covenant|publisher=Bible Gateway|access-date=2013-08-11}}</ref> अब्राम का नाम बदलकर इब्राहीम रखा गया, और वादा उनके बेटे [[इसहाक|इसहाक़]] और पोते [[याक़ूब]] के वंशजों, यानी [[इसराइली|इसराइलियों]] को सौंपा गया था। इतिहास के प्राध्यापक एच. एस हद्दाद लिखते हैं "हालाँकि बाइबिल में [[प्रतिज्ञात भूमि]] के अलग-अलग सीमाएँ प्रकट है, एरेत्ज़ इसराइल का ठिकाना स्पष्ट है। चाहे यह "दान से बेर्शेबा तक" और "मरुस्थल से समुद्र तक" हो या, अक्सर, नील से फ़रात तक, [[यरुशलम]] इसका केंद्र है, जिसके चारो ओर सीमाएँ का अंदाज़ा लगाया जाता है।"<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> ==== इसराइल राज्य ==== {{मुख्य|प्राचीन इसराइल और यहूदिया का इतिहास|इसराइल राज्य|इसराइल राज्य (सामरिया)|यहूदा राज्य}} * [[इसराइल राज्य]] (1047 – 931 ई.पू.), इसराइलियों द्वारा स्थापित राज्य था। * [[इसराइल राज्य (सामरिया)]] (930 – ल. 720 ई.पू.), उत्तरी इसराइल का राज्य था, जो पहले राज्य के पतन के बाद स्थापित हुआ। * [[यूदा प्रदेश|यहूदिया राज्य]] (930 – 587 ई.पू.), दक्षिण यहूदी राज्य था, जो इसराइल राज्य के विघटन के बाद स्थापित हुआ। ==== दूसरा मंदिर काल ==== {{मुख्य|दूसरा मंदिर काल|ज़ियोन में वापसी}}[[यहूदी इतिहास]] में, [[दूसरा मंदिर काल]] (516 ई.पू. – 70 ई.) के दौरान, [[यरुशलम]] में [[दूसरा मंदिर]] स्थित था। यह ज़ियोन में वापसी एवं [[यरुशलम मंदिर]] के पुनर्निर्माण से शुरू हुआ तथा [[पहला यहूदी-रोमन युद्ध|पहले यहूदी-रोमन युद्ध]] और [[यरुशलम की घेराबंदी (70 ई.)|यरुशलम की घेराबंदी]] से समाप्त हुआ। === ब्रिटिश फ़िलिस्तीन === {{मुख्य|फ़िलीस्तीन जनादेश}} ==== बाल्फ़ोर घोषणा ==== {{मुख्य|बाल्फ़ोर घोषणा}} [[File:Balfour_declaration_unmarked.jpg|पाठ=An image of a typed letter on aged paper, dated November 2nd, 1917, to Lord Rothschild from the Foreign Office.|अंगूठाकार| 1917 की बाल्फ़ोर घोषणापत्र]] 1917 को [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के समय, [[ब्रिटिश सरकार]] ने [[बाल्फ़ोर घोषणा]] दी, जिसमें कहा गया था कि वह [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में यहूदियों के लिए एक देश की स्थापना से सहमत थे। उस समय, फ़िलिस्तीन [[उस्मानी साम्राज्य|उस्मानियों]] के तहत था, और वहाँ यहूदियों की अल्पसंख्या होती थी।यह घोषणा ब्रिटेन के [[विदेश मंत्री (यूनाइटेड किंगडम)|विदेश मंत्री]] [[आर्थर बाल्फ़ोर]] से ब्रिटिश यहूदी नेता [[वॉल्टर रोथ्सचाइल्ड]] को लिखित 2 नवंबर 1917 के एक पत्र में थी। इसे 9 नवंबर 1917 को प्रेस में प्रकाशित किया गया था। [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के दौरान, [[सीनाई और फ़िलीस्तीन अभियान]] जनवरी 1915 और अक्टूबर 1918 तक चला। ब्रिटिश ने फ़िलिस्तीन को क़ब्ज़ा किया, और 1918 में पश्चिमी फ़िलीस्तीन सहित [[उस्मानी सीरिया]] को बाँटा गया था। ==== फ़िलीस्तीन जनादेश ==== {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} [[File:Irgun_poster_Erez_Jisrael.jpg|अंगूठाकार|1931 से [[इर्गुन]] का एक पोस्टर, जिसमें [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात]] सहित "इसराइल की भूमि" का मानचित्र है।]] बेतार और इर्गुन जैसे प्रारंभिक [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादी]] समूह [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात|ट्रैंसजॉर्डन]] को बृहत्तर इसराइल का भाग मानते थे।<ref>{{cite book|title=The Making of the Arab–Israeli Conflict, 1947–1951|url=https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9|last=Pappé|first=Ilan|publisher=I.B.Tauris|year=1994|isbn=978-1-85043-819-9|location=London|page=[https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9/page/20 21]}}</ref> 1937 को, [[पील आयोग]] ने फ़िलिस्तीन जनादेश के विभाजन का सुझाव दिया। उस वर्ष, अपने बेटे को लिखित एक पत्र में [[डेव्हिड बेन-गुरियन|डेविड बेन-गुरियन]] ने कहा कि बँटवारे को माना जाएगा। उन्होंने लिखा: {{blockquote|क्योंकि क़ब्ज़े में यह बढ़ाई महत्तवपूर्ण है बस अपने आप से ही नहीं, बल्कि इसलिए क्योंकि हम इससे अपनी शक्ति बढ़ाते हैं, और शक्ति में हर बढ़ाई पूरी भूमि को पाने में मदद करता है। राष्ट्र की स्थापना, भले ही भूमि के केवल एक हिस्से पर, आज हमारी शक्ति का महत्तम प्रयोग और पूरे देश को आज़ाद करने के एतिहासिक प्रयासों के लिए शक्तिशाली बढ़ावा है।<ref>[http://www.palestineremembered.com/download/B-G%20LetterTranslation.pdf Letter from David Ben-Gurion to his son Amos, written 5 October 1937], Obtained from the Ben-Gurion Archives in Hebrew, and translated into English by the [[Institute of Palestine Studies]], Beirut</ref><ref>{{Cite book|last=Morris|first=Benny|author-link=Benny Morris|title=Righteous Victims: A History of the Zionist-Arab Conflict, 1881-1998|publisher=Knopf Doubleday Publishing Group |year=2011 |isbn=9780307788054 |page=138 Quote: "No Zionist can forgo the smallest portion of the Land Of Israel. [A] Jewish state in part [of Palestine] is not an end, but a beginning. … Our possession is important not only for itself … through this we increase our power, and every increase in power facilitates getting hold of the country in its entirety. Establishing a [small] state … will serve as a very potent lever in our historical effort to redeem the whole country"}}</ref><ref name=Finkelstein208>{{citation|title=Beyond Chutzpah: On the Misuse of Anti-semitism and the Abuse of History |first=Norman |last=Finkelstein |publisher=University of California Press |year=2005 |isbn=9780520245983 |page=280 |url=https://books.google.com/books?id=Xmi2Yw0QzN8C&pg=PA280}}</ref>}} उन्होंने यह बात कई अवसरों में कहीं, जैसे जून 1938 में यहूदी एजेंसी से मिलने समय,<ref>Quote from a meeting of the Jewish Agency executive in June 1938: "[I am] satisfied with part of the country, but on the basis of the assumption that after we build up a strong force following the establishment of the state, we will abolish the partition of the country and we will expand to the whole Land of Israel." in<br />{{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107 107]|year=1992|publisher=Inst for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}; and<br />{{citation|last=Segev|first=Tom|title=One Palestine, Complete: Jews and Arabs Under the British Mandate|url=https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403|page=[https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403 403]|year=2000|publisher=Henry Holt and Company|isbn=9780805048483}}</ref> और ख़ाइम वाइट्समैन ने भी यह कहा।<ref>From a letter from Chaim Weizmann to [[Arthur Grenfell Wauchope]], [[High Commissioners for Palestine and Transjordan|High Commissioner for Palestine]], while the Peel Commission was convening in 1937: "We shall spread in the whole country in the course of time ... this is only an arrangement for the next 25 to 30 years." {{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62 62]|year=1992|publisher=Inst. for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}</ref> बेन गुरियन ने कहा:{{blockquote|हम पर थोपी गई सीमाएँ को ढा देंगे, और ज़रूरी नहीं कि यह युद्ध से हो। मैं मानता हूँ कि निकट भविष्य में हमारे और अरब राज्य के बीच एक समझौता किया जा सकता है।"<ref>Howard M. Sachar History of Israel from the rise of Zionism to our Time pp. 207-208</ref>}} पील आयोग के ज़ियोनवादी नेता ख़ाइम वाइट्समैन ने कहा "मैं जानता हूँ कि परमेश्वर ने इसराइलियों को फ़िलिस्तीन वादा किया हैं, लेकिन में नहीं जानता उन्होंने क्या सीमाएँ रखी हैं। मैं मानता हूँ कि वह आज के प्रस्तावित सीमाओं से चौड़ी थी, और शायद उनमें ट्रैंसजॉर्डन भी शामिल था।"<ref>Lewis, G. (2009). Balfour and Weizmann: The Zionist, the Zealot and the Emergence of Israel. United Kingdom: Bloomsbury Publishing</ref><ref>Chaim Weizmann, ''Trial and Error: The Autobiography of Chaim Weizmann'' (1949), Volume 2</ref> === इसराइल राज्य का प्रारंभिक काल === [[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]] के जोएल ग्रीनबर्ग ने लिखा: "1948 को इसराइल की स्थापना पर, [[श्रमिक ज़ियोनवाद|श्रमिक ज़ियोनवादी]] सत्ता ने, जिसने इसराइल की स्वतंत्रता के पहले तीस वर्षों तक राज की, ब्रिटिश फ़िलिस्तीन के स्वतंत्र यहूदी और अरब राज्यों में विभाजन को स्वीकार किया। विपक्ष [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादियों]], जो आज के [[लिकुड|लिकुद]] दल हैं, ''एरेत्स यिस्राएल हा-श्लेमा''—बृहत्तर इसराइल, या, इसराइल की सम्पूर्ण भूमि (शालेम, यानी सम्पूर्ण) चाहते थे।"<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref> 1967 के [[छः दिन का युद्ध|छह दिन के युद्ध]] में [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] के क़ब्ज़े से बृहत्तर इसराइल का आंदोलन बढ़ने लगा और वहाँ [[इसराइली बस्ती|इसराइली बस्तियाँ]] भी बनने लगीं। 1977 के चुनाव का भी बड़ा प्रभाव पड़ा, जिससे लिकुद सत्ता में आई। ग्रीनबर्ग ने लिखा: <blockquote>बीज को 1977 में बोया गया था, जब लिकुद के [[मेनाकेम बेगिन|मेनाख़ेम बेगिन]] ने पहली बार श्रमिकों को हराकर अपने दल को सत्ता में लाया। एक दशक पहले, 1967 के युद्ध में, इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में घुसकर 1948 के विभाजन को ख़त्म कर दिए थे। तब से, बेगिन जी ने यहूदिया और सामरिया (पश्चिमी तट) की निष्ठा का उपदेश सुनाने लगे और वहाँ बसने का बढ़ावा दिए। लेकिन जब वह पद ग्रहण किए उन्होंने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पर क़ब्ज़ा नहीं किया, यह मानते हुए कि फ़िलिस्तीनियों को आत्मसात करके इसराइल एक द्विराष्ट्रीय देश बन सकता था।<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref></blockquote> प्रधानमंत्री [[यित्सहाक शामिर]] बृहत्तर इसराइल के एक प्रमुख समर्थक थे; उन्होंने बस्तियों को वित्त पोषित किया और वैधता दी।<ref>Mordechai Bar-On (2004) ''A Never-Ending Conflict: A Guide to Israeli Military History'' Greenwood Publishing Group, {{ISBN|0-275-98158-4}} p 219</ref> ==संदर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:नव-ज़ियोनवाद]] [[श्रेणी:अरब–इसराइली संघर्ष की राजनीति]] [[श्रेणी:इसराइल भूमि]] [[श्रेणी:इसराइल से जुड़े षड्यंत्र सिद्धांत]] ig9b4de3hbxzoj5plmvaqp71mek3acx 6541229 6541228 2026-04-16T10:53:47Z The Sorter 845290 6541229 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Greater israel map.png|right|thumb|300px|बृहत्तर इसराइल]] [[चित्र:Map Land of Israel.jpg|right|thumb|300px|बाइबिल के विभिन्न विवरणों के अनुसार 'इसराइल देश' की सीमाएँ: '''लाल''' (गिनती 34), '''नीला''' (यहेज़क़ेल 47)]] '''बृहत्तर इसराइल''' ({{langx|he|ארץ ישראל השלמה}}) [[इसराइल]] का एतिहासिक या वांछित क्षेत्र से संबंधित एक [[समुद्धरणवाद|समुद्धरणवादी]] संकल्पना है। [[ज़ियोनवाद|ज़ियोनवादी]] आंदोलनों के क्षेत्रीय दावे समय तथा [[श्रमिक ज़ियोनवाद|समाजवादी]], [[संशोधनवाद ज़ियोनवाद|संशोधनवादी]] या [[धार्मिक ज़ियोनवाद|धार्मिक ज़ियोनवादी]] समूहों के आधार पर भिन्न हैं।<ref name="Shelef_2018_p5">{{Harvnb|Shelef|2018}}</ref> ''बृहत्तर इसराइल'' शब्द के दो अलग अर्थ होते हैं – एक जो आधुनिक इसराइल के साथ-साथ [[गोलान पहाड़ियाँ]], [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] का मिलन है; और दूसरा जो [[नील नदी]] से [[फ़रात नदी]] तक फैला हुआ विशाल क्षेत्र है।<ref name="theweek_greaterisrael">{{Cite web|url=https://theweek.com/world-news/what-is-the-greater-israel-movement|title=What is the 'Greater Israel' movement?|date=18 October 2024|website=The Week|access-date=29 January 2025}}</ref> == इतिहास == === प्रारंभिक ज़ियोनवाद === [[File:PORTRAIT_OF_THEODOR_HERZL_IN_1898_(3x4_cropped).jpg|दाएँ|अंगूठाकार|ज़ियोनवाद के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]], ल. 1898]] [[ज़ियोनवाद]] के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]] ने [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में एक [[यहूदी राज्य]] के लिए [[तनख़]] से प्रेरणा ली। हर्टज़ल ने [[इसराइल राज्य|दाऊदी राज्य]] से इस यहूदी राज्य का भौगोलिक विस्तार प्राप्त किया।<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> उनकी सोच [[विलियम हेकलर]] नामक अंग्रेज़ी [[ईसाई ज़ियोनवाद|ईसाई ज़ियोनवादी]] से भी प्रेरित थे,{{refn|Haddad 1974: "It was a Christian Zionist, a fundamentalist minister, Rev. Hechler, Chaplain to the British Embassy in Vienna, who gave Herzl the biblical definitions of the boundaries of the prospective state."}} और उन्होंने अपने दैनन्दिनी में लिखा: <blockquote>हेकलर ने हमारे [ट्रेन] कंपार्टमेंट में फ़िलिस्तीन का नक़्शा खोला और मुझे समझाया। उत्तरी सीमा [[कैपाडोशिया]] के सामने वाले पहाड़ होंगे, दक्षिणी सीमा, [[स्वेज़ नहर]]। हमारा नारा होगा: "[[सुलेमान]] और [[दाऊद]] का फ़िलिस्तीन।"<ref>Marvin Lowenthal's translation of The Diaries of Theodore Herzl (New York: Dial Press, 1956), p. 124 [citation copied from Haddad 1974]</ref></blockquote> === इसराइल की भूमि === [[File:The_Book_of_Revelation;_a_study_of_the_last_prophetic_book_of_Holy_Scripture_(1919)_(14803713123).jpg|अंगूठाकार|इब्राहीम को प्रदत्त भूमि, जिसमें [[मिस्र की नदी]] के पूर्व और [[फ़रात नदी|फ़रात]] के पश्चिम, [[कादेश (बाइबिल)|कादेश]] के उत्तर और [[हमा|हमात]] के दक्षिण स्थित सारी भूमि शामिल है। यह मानचित्र [[क्लैरेंस लार्किन]] की एक 1919 की पुस्तक से है।]] [[इसराइल की भूमि]] ({{Langx|he|אֶרֶץ יִשְׂרָאֵל}}) [[दक्षिणी लेवंट]] का एक क्षेत्र है। इसे [[कनान]], प्रतिश्रुत भूमि, [[पवित्र भूमि]], और [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] भी कहा जाता है। इस भूमि की सीमाएँ [[इब्रानी बाइबिल]] के अलग-अलग अध्यायों में भिन्न होती हैं, जैसे उत्पत्ति 15, निर्गमन 23, गिनती 34 और यहेज़ेक़ेल 47 में लिखा गया है। बाइबिल में नौ बार, भूमि को "[[दान से बेर्शेबा तक]]" कहा जाता है, और तीन बार इसे "हमात की घाटी से लेकर मिस्र की नाले तक" कहा जाता है (1 राजा 8:65, 1 इतिहास 13:5 और 2 इतिहास 7:8). बाइबिल में इसराइल की भूमि के तीन भौगोलिक अर्थ होते हैं: # पहले अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/01/15.htm#18 उत्पत्ति 15:18–21]) के अनुसार, इब्राहीम के सभी पुत्रों को प्रदत्त भूमि "मिस्र की नदी से फ़रात तक है"। # दूसरे अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/04/34.htm#1 गिनती 34:1–15] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/26/47.htm#13 यहेज़ेक़ेल 47:13–20]) मिस्र से आज़ादी के बाद [[इसराइल के बारह गोत्र]] के बीच विभाजित भूमि का बात करता है। # एक और अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/05/11.htm#24 व्यवस्थाविवरण 11:24], [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/1.htm#7 व्यवस्थाविवरण 1:7]) के हिसाब से, इसराइलियों यह भूमि धीरे-धीरे सालों के दौरान पाएंगे, जैसे [https://www.wordproject.org/bibles/in/02/23.htm#29 निर्गमन 23:29] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/7.htm#22 व्यवस्थाविवरण 7:22]) में लिखा गया है।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;"></sup> यह विवरण एतिहासिक इसराइली राज्यों की सीमाओं से अलग है। अपने चरम पर, यह राज्य बाइबिल की सीमाएँ के क़रीब होते थे, किन्तु उनके समरूप नहीं। [[यहूदी धर्म]] इसराइल के केवल वह जगहों को मानता है जहाँ यहूदी न्याय प्रचालित होती थी।<ref>Rachel Havelock, [https://books.google.com/books?id=5tCIiwLQr2MC&pg=PA210 ''River Jordan: The Mythology of a Dividing Line,''] University of Chicago Press, 2011 p.210.</ref> वह कहता है कि भूमि [[तौरात]] के आधार से परमेश्वर द्वारा दी गई [[यहूदी|यहूदियों]] की धरोहर है।<ref>{{cite web|url=http://bible.cc/exodus/6-4.htm|title=Exodus 6:4 I also established my covenant with them to give them the land of Canaan, where they resided as foreigners|publisher=Bible.cc|access-date=2013-08-11}}</ref> उत्पत्ति पुस्तक के अनुसार, परमेश्वर ने अब्राम के वंशजों को यह भूमि देने का वादा किया था; यह दोनों के बीच एक [[वाचा (बाइबिल)|वाचा]] है।<ref>{{cite web|url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Gen%2015:18%E2%80%9321;&version=NIV;|title=Gen 15:18–21; NIV; - On that day the LORD made a covenant|publisher=Bible Gateway|access-date=2013-08-11}}</ref> अब्राम का नाम बदलकर इब्राहीम रखा गया, और वादा उनके बेटे [[इसहाक|इसहाक़]] और पोते [[याक़ूब]] के वंशजों, यानी [[इसराइली|इसराइलियों]] को सौंपा गया था। इतिहास के प्राध्यापक एच. एस हद्दाद लिखते हैं "हालाँकि बाइबिल में [[प्रतिज्ञात भूमि]] के अलग-अलग सीमाएँ प्रकट है, एरेत्ज़ इसराइल का ठिकाना स्पष्ट है। चाहे यह "दान से बेर्शेबा तक" और "मरुस्थल से समुद्र तक" हो या, अक्सर, नील से फ़रात तक, [[यरुशलम]] इसका केंद्र है, जिसके चारो ओर सीमाएँ का अंदाज़ा लगाया जाता है।"<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> ==== इसराइल राज्य ==== {{मुख्य|प्राचीन इसराइल और यहूदिया का इतिहास|इसराइल राज्य|इसराइल राज्य (सामरिया)|यहूदा राज्य}} * [[इसराइल राज्य]] (1047 – 931 ई.पू.), इसराइलियों द्वारा स्थापित राज्य था। * [[इसराइल राज्य (सामरिया)]] (930 – ल. 720 ई.पू.), उत्तरी इसराइल का राज्य था, जो पहले राज्य के पतन के बाद स्थापित हुआ। * [[यूदा प्रदेश|यहूदिया राज्य]] (930 – 587 ई.पू.), दक्षिण यहूदी राज्य था, जो इसराइल राज्य के विघटन के बाद स्थापित हुआ। ==== दूसरा मंदिर काल ==== {{मुख्य|दूसरा मंदिर काल|ज़ियोन में वापसी}}[[यहूदी इतिहास]] में, [[दूसरा मंदिर काल]] (516 ई.पू. – 70 ई.) के दौरान, [[यरुशलम]] में [[दूसरा मंदिर]] स्थित था। यह ज़ियोन में वापसी एवं [[यरुशलम मंदिर]] के पुनर्निर्माण से शुरू हुआ तथा [[पहला यहूदी-रोमन युद्ध|पहले यहूदी-रोमन युद्ध]] और [[यरुशलम की घेराबंदी (70 ई.)|यरुशलम की घेराबंदी]] से समाप्त हुआ। === ब्रिटिश फ़िलिस्तीन === {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} ==== बाल्फ़ोर घोषणा ==== {{मुख्य|बाल्फ़ोर घोषणा}} [[File:Balfour_declaration_unmarked.jpg|पाठ=An image of a typed letter on aged paper, dated November 2nd, 1917, to Lord Rothschild from the Foreign Office.|अंगूठाकार| 1917 की बाल्फ़ोर घोषणापत्र]] 1917 को [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के समय, [[ब्रिटिश सरकार]] ने [[बाल्फ़ोर घोषणा]] दी, जिसमें कहा गया था कि वह [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में यहूदियों के लिए एक देश की स्थापना से सहमत थे। उस समय, फ़िलिस्तीन [[उस्मानी साम्राज्य|उस्मानियों]] के तहत था, और वहाँ यहूदियों की अल्पसंख्या होती थी।यह घोषणा ब्रिटेन के [[विदेश मंत्री (यूनाइटेड किंगडम)|विदेश मंत्री]] [[आर्थर बाल्फ़ोर]] से ब्रिटिश यहूदी नेता [[वॉल्टर रोथ्सचाइल्ड]] को लिखित 2 नवंबर 1917 के एक पत्र में थी। इसे 9 नवंबर 1917 को प्रेस में प्रकाशित किया गया था। [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के दौरान, [[सीनाई और फ़िलीस्तीन अभियान]] जनवरी 1915 और अक्टूबर 1918 तक चला। ब्रिटिश ने फ़िलिस्तीन को क़ब्ज़ा किया, और 1918 में पश्चिमी फ़िलीस्तीन सहित [[उस्मानी सीरिया]] को बाँटा गया था। ==== फ़िलीस्तीन जनादेश ==== {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} [[File:Irgun_poster_Erez_Jisrael.jpg|अंगूठाकार|1931 से [[इर्गुन]] का एक पोस्टर, जिसमें [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात]] सहित "इसराइल की भूमि" का मानचित्र है।]] बेतार और इर्गुन जैसे प्रारंभिक [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादी]] समूह [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात|ट्रैंसजॉर्डन]] को बृहत्तर इसराइल का भाग मानते थे।<ref>{{cite book|title=The Making of the Arab–Israeli Conflict, 1947–1951|url=https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9|last=Pappé|first=Ilan|publisher=I.B.Tauris|year=1994|isbn=978-1-85043-819-9|location=London|page=[https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9/page/20 21]}}</ref> 1937 को, [[पील आयोग]] ने फ़िलिस्तीन जनादेश के विभाजन का सुझाव दिया। उस वर्ष, अपने बेटे को लिखित एक पत्र में [[डेव्हिड बेन-गुरियन|डेविड बेन-गुरियन]] ने कहा कि बँटवारे को माना जाएगा। उन्होंने लिखा: {{blockquote|क्योंकि क़ब्ज़े में यह बढ़ाई महत्तवपूर्ण है बस अपने आप से ही नहीं, बल्कि इसलिए क्योंकि हम इससे अपनी शक्ति बढ़ाते हैं, और शक्ति में हर बढ़ाई पूरी भूमि को पाने में मदद करता है। राष्ट्र की स्थापना, भले ही भूमि के केवल एक हिस्से पर, आज हमारी शक्ति का महत्तम प्रयोग और पूरे देश को आज़ाद करने के एतिहासिक प्रयासों के लिए शक्तिशाली बढ़ावा है।<ref>[http://www.palestineremembered.com/download/B-G%20LetterTranslation.pdf Letter from David Ben-Gurion to his son Amos, written 5 October 1937], Obtained from the Ben-Gurion Archives in Hebrew, and translated into English by the [[Institute of Palestine Studies]], Beirut</ref><ref>{{Cite book|last=Morris|first=Benny|author-link=Benny Morris|title=Righteous Victims: A History of the Zionist-Arab Conflict, 1881-1998|publisher=Knopf Doubleday Publishing Group |year=2011 |isbn=9780307788054 |page=138 Quote: "No Zionist can forgo the smallest portion of the Land Of Israel. [A] Jewish state in part [of Palestine] is not an end, but a beginning. … Our possession is important not only for itself … through this we increase our power, and every increase in power facilitates getting hold of the country in its entirety. Establishing a [small] state … will serve as a very potent lever in our historical effort to redeem the whole country"}}</ref><ref name=Finkelstein208>{{citation|title=Beyond Chutzpah: On the Misuse of Anti-semitism and the Abuse of History |first=Norman |last=Finkelstein |publisher=University of California Press |year=2005 |isbn=9780520245983 |page=280 |url=https://books.google.com/books?id=Xmi2Yw0QzN8C&pg=PA280}}</ref>}} उन्होंने यह बात कई अवसरों में कहीं, जैसे जून 1938 में यहूदी एजेंसी से मिलने समय,<ref>Quote from a meeting of the Jewish Agency executive in June 1938: "[I am] satisfied with part of the country, but on the basis of the assumption that after we build up a strong force following the establishment of the state, we will abolish the partition of the country and we will expand to the whole Land of Israel." in<br />{{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107 107]|year=1992|publisher=Inst for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}; and<br />{{citation|last=Segev|first=Tom|title=One Palestine, Complete: Jews and Arabs Under the British Mandate|url=https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403|page=[https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403 403]|year=2000|publisher=Henry Holt and Company|isbn=9780805048483}}</ref> और ख़ाइम वाइट्समैन ने भी यह कहा।<ref>From a letter from Chaim Weizmann to [[Arthur Grenfell Wauchope]], [[High Commissioners for Palestine and Transjordan|High Commissioner for Palestine]], while the Peel Commission was convening in 1937: "We shall spread in the whole country in the course of time ... this is only an arrangement for the next 25 to 30 years." {{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62 62]|year=1992|publisher=Inst. for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}</ref> बेन गुरियन ने कहा:{{blockquote|हम पर थोपी गई सीमाएँ को ढा देंगे, और ज़रूरी नहीं कि यह युद्ध से हो। मैं मानता हूँ कि निकट भविष्य में हमारे और अरब राज्य के बीच एक समझौता किया जा सकता है।"<ref>Howard M. Sachar History of Israel from the rise of Zionism to our Time pp. 207-208</ref>}} पील आयोग के ज़ियोनवादी नेता ख़ाइम वाइट्समैन ने कहा "मैं जानता हूँ कि परमेश्वर ने इसराइलियों को फ़िलिस्तीन वादा किया हैं, लेकिन में नहीं जानता उन्होंने क्या सीमाएँ रखी हैं। मैं मानता हूँ कि वह आज के प्रस्तावित सीमाओं से चौड़ी थी, और शायद उनमें ट्रैंसजॉर्डन भी शामिल था।"<ref>Lewis, G. (2009). Balfour and Weizmann: The Zionist, the Zealot and the Emergence of Israel. United Kingdom: Bloomsbury Publishing</ref><ref>Chaim Weizmann, ''Trial and Error: The Autobiography of Chaim Weizmann'' (1949), Volume 2</ref> === इसराइल राज्य का प्रारंभिक काल === [[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]] के जोएल ग्रीनबर्ग ने लिखा: "1948 को इसराइल की स्थापना पर, [[श्रमिक ज़ियोनवाद|श्रमिक ज़ियोनवादी]] सत्ता ने, जिसने इसराइल की स्वतंत्रता के पहले तीस वर्षों तक राज की, ब्रिटिश फ़िलिस्तीन के स्वतंत्र यहूदी और अरब राज्यों में विभाजन को स्वीकार किया। विपक्ष [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादियों]], जो आज के [[लिकुड|लिकुद]] दल हैं, ''एरेत्स यिस्राएल हा-श्लेमा''—बृहत्तर इसराइल, या, इसराइल की सम्पूर्ण भूमि (शालेम, यानी सम्पूर्ण) चाहते थे।"<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref> 1967 के [[छः दिन का युद्ध|छह दिन के युद्ध]] में [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] के क़ब्ज़े से बृहत्तर इसराइल का आंदोलन बढ़ने लगा और वहाँ [[इसराइली बस्ती|इसराइली बस्तियाँ]] भी बनने लगीं। 1977 के चुनाव का भी बड़ा प्रभाव पड़ा, जिससे लिकुद सत्ता में आई। ग्रीनबर्ग ने लिखा: <blockquote>बीज को 1977 में बोया गया था, जब लिकुद के [[मेनाकेम बेगिन|मेनाख़ेम बेगिन]] ने पहली बार श्रमिकों को हराकर अपने दल को सत्ता में लाया। एक दशक पहले, 1967 के युद्ध में, इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में घुसकर 1948 के विभाजन को ख़त्म कर दिए थे। तब से, बेगिन जी ने यहूदिया और सामरिया (पश्चिमी तट) की निष्ठा का उपदेश सुनाने लगे और वहाँ बसने का बढ़ावा दिए। लेकिन जब वह पद ग्रहण किए उन्होंने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पर क़ब्ज़ा नहीं किया, यह मानते हुए कि फ़िलिस्तीनियों को आत्मसात करके इसराइल एक द्विराष्ट्रीय देश बन सकता था।<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref></blockquote> प्रधानमंत्री [[यित्सहाक शामिर]] बृहत्तर इसराइल के एक प्रमुख समर्थक थे; उन्होंने बस्तियों को वित्त पोषित किया और वैधता दी।<ref>Mordechai Bar-On (2004) ''A Never-Ending Conflict: A Guide to Israeli Military History'' Greenwood Publishing Group, {{ISBN|0-275-98158-4}} p 219</ref> ==संदर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:नव-ज़ियोनवाद]] [[श्रेणी:अरब–इसराइली संघर्ष की राजनीति]] [[श्रेणी:इसराइल भूमि]] [[श्रेणी:इसराइल से जुड़े षड्यंत्र सिद्धांत]] 31g4gclgqsh4v0fnf9jixwvokanxak3 6541231 6541229 2026-04-16T10:55:39Z The Sorter 845290 6541231 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Greater israel map.png|right|thumb|300px|बृहत्तर इसराइल]] [[चित्र:Map Land of Israel.jpg|right|thumb|300px|बाइबिल के विभिन्न विवरणों के अनुसार 'इसराइल देश' की सीमाएँ: '''लाल''' (गिनती 34), '''नीला''' (यहेज़क़ेल 47)]] '''बृहत्तर इसराइल''' ({{langx|he|ארץ ישראל השלמה}}) [[इसराइल]] का एतिहासिक या वांछित क्षेत्र से संबंधित एक [[समुद्धरणवाद|समुद्धरणवादी]] संकल्पना है। [[ज़ियोनवाद|ज़ियोनवादी]] आंदोलनों के क्षेत्रीय दावे समय तथा [[श्रमिक ज़ियोनवाद|समाजवादी]], [[संशोधनवाद ज़ियोनवाद|संशोधनवादी]] या [[धार्मिक ज़ियोनवाद|धार्मिक ज़ियोनवादी]] समूहों के आधार पर भिन्न हैं।<ref name="Shelef_2018_p5">{{Harvnb|Shelef|2018}}</ref> ''बृहत्तर इसराइल'' शब्द के दो अलग अर्थ होते हैं – एक जो आधुनिक इसराइल के साथ-साथ [[गोलान पहाड़ियाँ]], [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] का मिलन है; और दूसरा जो [[नील नदी]] से [[फ़रात नदी]] तक फैला हुआ विशाल क्षेत्र है।<ref name="theweek_greaterisrael">{{Cite web|url=https://theweek.com/world-news/what-is-the-greater-israel-movement|title=What is the 'Greater Israel' movement?|date=18 October 2024|website=The Week|access-date=29 January 2025}}</ref> == इतिहास == === प्रारंभिक ज़ियोनवाद === [[File:PORTRAIT_OF_THEODOR_HERZL_IN_1898_(3x4_cropped).jpg|दाएँ|अंगूठाकार|ज़ियोनवाद के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]], ल. 1898]] [[ज़ियोनवाद]] के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]] ने [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में एक [[यहूदी राज्य]] के लिए [[तनख़]] से प्रेरणा ली। हर्टज़ल ने [[इसराइल राज्य|दाऊदी राज्य]] से इस यहूदी राज्य का भौगोलिक विस्तार प्राप्त किया।<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> उनकी सोच [[विलियम हेकलर]] नामक अंग्रेज़ी [[ईसाई ज़ियोनवाद|ईसाई ज़ियोनवादी]] से भी प्रेरित थे,{{refn|Haddad 1974: "It was a Christian Zionist, a fundamentalist minister, Rev. Hechler, Chaplain to the British Embassy in Vienna, who gave Herzl the biblical definitions of the boundaries of the prospective state."}} और उन्होंने अपने दैनन्दिनी में लिखा: <blockquote>हेकलर ने हमारे [ट्रेन] कंपार्टमेंट में फ़िलिस्तीन का नक़्शा खोला और मुझे समझाया। उत्तरी सीमा [[कैपाडोशिया]] के सामने वाले पहाड़ होंगे, दक्षिणी सीमा, [[स्वेज़ नहर]]। हमारा नारा होगा: "[[सुलेमान]] और [[दाऊद]] का फ़िलिस्तीन।"<ref>Marvin Lowenthal's translation of The Diaries of Theodore Herzl (New York: Dial Press, 1956), p. 124 [citation copied from Haddad 1974]</ref></blockquote> === इसराइल की भूमि === [[File:The_Book_of_Revelation;_a_study_of_the_last_prophetic_book_of_Holy_Scripture_(1919)_(14803713123).jpg|अंगूठाकार|इब्राहीम को प्रदत्त भूमि, जिसमें [[मिस्र की नदी]] के पूर्व और [[फ़रात नदी|फ़रात]] के पश्चिम, [[कादेश (बाइबिल)|कादेश]] के उत्तर और [[हमा|हमात]] के दक्षिण स्थित सारी भूमि शामिल है। यह मानचित्र [[क्लैरेंस लार्किन]] की एक 1919 की पुस्तक से है।]] [[इसराइल की भूमि]] ({{Langx|he|אֶרֶץ יִשְׂרָאֵל}}) [[दक्षिणी लेवंट]] का एक क्षेत्र है। इसे [[कनान]], प्रतिश्रुत भूमि, [[पवित्र भूमि]], और [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] भी कहा जाता है। इस भूमि की सीमाएँ [[इब्रानी बाइबिल]] के अलग-अलग अध्यायों में भिन्न होती हैं, जैसे उत्पत्ति 15, निर्गमन 23, गिनती 34 और यहेज़ेक़ेल 47 में लिखा गया है। बाइबिल में नौ बार, भूमि को "[[दान से बेर्शेबा तक]]" कहा जाता है, और तीन बार इसे "हमात की घाटी से लेकर मिस्र की नाले तक" कहा जाता है (1 राजा 8:65, 1 इतिहास 13:5 और 2 इतिहास 7:8). बाइबिल में इसराइल की भूमि के तीन भौगोलिक अर्थ होते हैं: # पहले अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/01/15.htm#18 उत्पत्ति 15:18–21]) के अनुसार, इब्राहीम के सभी पुत्रों को प्रदत्त भूमि "मिस्र की नदी से फ़रात तक है"। # दूसरे अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/04/34.htm#1 गिनती 34:1–15] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/26/47.htm#13 यहेज़ेक़ेल 47:13–20]) मिस्र से आज़ादी के बाद [[इसराइल के बारह गोत्र]] के बीच विभाजित भूमि का बात करता है। # एक और अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/05/11.htm#24 व्यवस्थाविवरण 11:24], [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/1.htm#7 व्यवस्थाविवरण 1:7]) के हिसाब से, इसराइलियों यह भूमि धीरे-धीरे सालों के दौरान पाएंगे, जैसे [https://www.wordproject.org/bibles/in/02/23.htm#29 निर्गमन 23:29] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/7.htm#22 व्यवस्थाविवरण 7:22]) में लिखा गया है।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;"></sup> यह विवरण एतिहासिक इसराइली राज्यों की सीमाओं से अलग है। अपने चरम पर, यह राज्य बाइबिल की सीमाएँ के क़रीब होते थे, किन्तु उनके समरूप नहीं। [[यहूदी धर्म]] इसराइल के केवल वह जगहों को मानता है जहाँ यहूदी न्याय प्रचालित होती थी।<ref>Rachel Havelock, [https://books.google.com/books?id=5tCIiwLQr2MC&pg=PA210 ''River Jordan: The Mythology of a Dividing Line,''] University of Chicago Press, 2011 p.210.</ref> वह कहता है कि भूमि [[तौरात]] के आधार से परमेश्वर द्वारा दी गई [[यहूदी|यहूदियों]] की धरोहर है।<ref>{{cite web|url=http://bible.cc/exodus/6-4.htm|title=Exodus 6:4 I also established my covenant with them to give them the land of Canaan, where they resided as foreigners|publisher=Bible.cc|access-date=2013-08-11}}</ref> उत्पत्ति पुस्तक के अनुसार, परमेश्वर ने अब्राम के वंशजों को यह भूमि देने का वादा किया था; यह दोनों के बीच एक [[वाचा (बाइबिल)|वाचा]] है।<ref>{{cite web|url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Gen%2015:18%E2%80%9321;&version=NIV;|title=Gen 15:18–21; NIV; - On that day the LORD made a covenant|publisher=Bible Gateway|access-date=2013-08-11}}</ref> अब्राम का नाम बदलकर इब्राहीम रखा गया, और वादा उनके बेटे [[इसहाक|इसहाक़]] और पोते [[याक़ूब]] के वंशजों, यानी [[इसराइली|इसराइलियों]] को सौंपा गया था। इतिहास के प्राध्यापक एच. एस हद्दाद लिखते हैं "हालाँकि बाइबिल में [[प्रतिज्ञात भूमि]] के अलग-अलग सीमाएँ प्रकट है, एरेत्ज़ इसराइल का ठिकाना स्पष्ट है। चाहे यह "दान से बेर्शेबा तक" और "मरुस्थल से समुद्र तक" हो या, अक्सर, नील से फ़रात तक, [[यरुशलम]] इसका केंद्र है, जिसके चारो ओर सीमाएँ का अंदाज़ा लगाया जाता है।"<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> ==== इसराइल राज्य ==== {{मुख्य|प्राचीन इसराइल और यहूदिया का इतिहास|इसराइल राज्य|इसराइल राज्य (सामरिया)|यहूदा राज्य}} * [[इसराइल राज्य]] (1047 – 931 ई.पू.), इसराइलियों द्वारा स्थापित राज्य था। * [[इसराइल राज्य (सामरिया)]] (930 – ल. 720 ई.पू.), उत्तरी इसराइल का राज्य था, जो पहले राज्य के पतन के बाद स्थापित हुआ। * [[यूदा प्रदेश|यहूदिया राज्य]] (930 – 587 ई.पू.), दक्षिण यहूदी राज्य था, जो इसराइल राज्य के विघटन के बाद स्थापित हुआ। ==== दूसरा मंदिर काल ==== {{मुख्य|दूसरा मंदिर काल|ज़ियोन में वापसी}}[[यहूदी इतिहास]] में, [[दूसरा मंदिर काल]] (516 ई.पू. – 70 ई.) के दौरान, [[यरुशलम]] में [[दूसरा मंदिर]] स्थित था। यह ज़ियोन में वापसी एवं [[यरुशलम मंदिर]] के पुनर्निर्माण से शुरू हुआ तथा [[पहला यहूदी-रोमन युद्ध|पहले यहूदी-रोमन युद्ध]] और [[यरुशलम की घेराबंदी (70 ई.)|यरुशलम की घेराबंदी]] से समाप्त हुआ। === ब्रिटिश फ़िलिस्तीन === {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} ==== बाल्फ़ोर घोषणा ==== {{मुख्य|बाल्फ़ोर घोषणा}} [[File:Balfour_declaration_unmarked.jpg|पाठ=An image of a typed letter on aged paper, dated November 2nd, 1917, to Lord Rothschild from the Foreign Office.|अंगूठाकार| 1917 की बाल्फ़ोर घोषणापत्र]] 1917 को [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के समय, [[ब्रिटिश सरकार]] ने [[बाल्फ़ोर घोषणा]] दी, जिसमें कहा गया था कि वह [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में यहूदियों के लिए एक देश की स्थापना से सहमत थे। उस समय, फ़िलिस्तीन [[उस्मानी साम्राज्य|उस्मानियों]] के तहत था, और वहाँ यहूदियों की अल्पसंख्या होती थी।यह घोषणा ब्रिटेन के [[विदेश मंत्री (यूनाइटेड किंगडम)|विदेश मंत्री]] [[आर्थर बाल्फ़ोर]] से ब्रिटिश यहूदी नेता [[वॉल्टर रोथ्सचाइल्ड]] को लिखित 2 नवंबर 1917 के एक पत्र में थी। इसे 9 नवंबर 1917 को प्रेस में प्रकाशित किया गया था। [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के दौरान, [[सीनाई और फ़िलीस्तीन अभियान]] जनवरी 1915 और अक्टूबर 1918 तक चला। ब्रिटिश ने फ़िलिस्तीन को क़ब्ज़ा किया, और 1918 में पश्चिमी फ़िलीस्तीन सहित [[उस्मानी सीरिया]] को बाँटा गया था। ==== फ़िलीस्तीन जनादेश ==== {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} [[File:Irgun_poster_Erez_Jisrael.jpg|अंगूठाकार|1931 से [[इर्गुन]] का एक पोस्टर, जिसमें [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात]] सहित "इसराइल की भूमि" का मानचित्र है।]] बेतार और इर्गुन जैसे प्रारंभिक [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादी]] समूह [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात|ट्रैंसजॉर्डन]] को बृहत्तर इसराइल का भाग मानते थे।<ref>{{cite book|title=The Making of the Arab–Israeli Conflict, 1947–1951|url=https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9|last=Pappé|first=Ilan|publisher=I.B.Tauris|year=1994|isbn=978-1-85043-819-9|location=London|page=[https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9/page/20 21]}}</ref> 1937 को, [[पील आयोग]] ने फ़िलिस्तीन जनादेश के विभाजन का सुझाव दिया। उस वर्ष, अपने बेटे को लिखित एक पत्र में [[डेव्हिड बेन-गुरियन|डेविड बेन-गुरियन]] ने कहा कि बँटवारे को माना जाएगा। उन्होंने लिखा: {{blockquote|क्योंकि क़ब्ज़े में यह बढ़ाई महत्तवपूर्ण है बस अपने आप से ही नहीं, बल्कि इसलिए क्योंकि हम इससे अपनी शक्ति बढ़ाते हैं, और शक्ति में हर बढ़ाई पूरी भूमि को पाने में मदद करता है। राष्ट्र की स्थापना, भले ही भूमि के केवल एक हिस्से पर, आज हमारी शक्ति का महत्तम प्रयोग और पूरे देश को आज़ाद करने के एतिहासिक प्रयासों के लिए शक्तिशाली बढ़ावा है।<ref>[http://www.palestineremembered.com/download/B-G%20LetterTranslation.pdf Letter from David Ben-Gurion to his son Amos, written 5 October 1937], Obtained from the Ben-Gurion Archives in Hebrew, and translated into English by the [[Institute of Palestine Studies]], Beirut</ref><ref>{{Cite book|last=Morris|first=Benny|author-link=Benny Morris|title=Righteous Victims: A History of the Zionist-Arab Conflict, 1881-1998|publisher=Knopf Doubleday Publishing Group |year=2011 |isbn=9780307788054 |page=138 Quote: "No Zionist can forgo the smallest portion of the Land Of Israel. [A] Jewish state in part [of Palestine] is not an end, but a beginning. … Our possession is important not only for itself … through this we increase our power, and every increase in power facilitates getting hold of the country in its entirety. Establishing a [small] state … will serve as a very potent lever in our historical effort to redeem the whole country"}}</ref><ref name=Finkelstein208>{{citation|title=Beyond Chutzpah: On the Misuse of Anti-semitism and the Abuse of History |first=Norman |last=Finkelstein |publisher=University of California Press |year=2005 |isbn=9780520245983 |page=280 |url=https://books.google.com/books?id=Xmi2Yw0QzN8C&pg=PA280}}</ref>}} उन्होंने यह बात कई अवसरों में कहीं, जैसे जून 1938 में यहूदी एजेंसी से मिलने समय,<ref>Quote from a meeting of the Jewish Agency executive in June 1938: "[I am] satisfied with part of the country, but on the basis of the assumption that after we build up a strong force following the establishment of the state, we will abolish the partition of the country and we will expand to the whole Land of Israel." in<br />{{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107 107]|year=1992|publisher=Inst for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}; and<br />{{citation|last=Segev|first=Tom|title=One Palestine, Complete: Jews and Arabs Under the British Mandate|url=https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403|page=[https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403 403]|year=2000|publisher=Henry Holt and Company|isbn=9780805048483}}</ref> और ख़ाइम वाइट्समैन ने भी यह कहा।<ref>From a letter from Chaim Weizmann to [[Arthur Grenfell Wauchope]], [[High Commissioners for Palestine and Transjordan|High Commissioner for Palestine]], while the Peel Commission was convening in 1937: "We shall spread in the whole country in the course of time ... this is only an arrangement for the next 25 to 30 years." {{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62 62]|year=1992|publisher=Inst. for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}</ref> बेन गुरियन ने कहा:{{blockquote|हम पर थोपी गई सीमाएँ को ढा देंगे, और ज़रूरी नहीं कि यह युद्ध से हो। मैं मानता हूँ कि निकट भविष्य में हमारे और अरब राज्य के बीच एक समझौता किया जा सकता है।"<ref>Howard M. Sachar History of Israel from the rise of Zionism to our Time pp. 207-208</ref>}} पील आयोग के ज़ियोनवादी नेता ख़ाइम वाइट्समैन ने कहा "मैं जानता हूँ कि परमेश्वर ने इसराइलियों को फ़िलिस्तीन वादा किया हैं, लेकिन में नहीं जानता उन्होंने क्या सीमाएँ रखी हैं। मैं मानता हूँ कि वह आज के प्रस्तावित सीमाओं से चौड़ी थी, और शायद उनमें ट्रैंसजॉर्डन भी शामिल था।"<ref>Lewis, G. (2009). Balfour and Weizmann: The Zionist, the Zealot and the Emergence of Israel. United Kingdom: Bloomsbury Publishing</ref><ref>Chaim Weizmann, ''Trial and Error: The Autobiography of Chaim Weizmann'' (1949), Volume 2</ref> === इसराइल राज्य का प्रारंभिक काल === [[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]] के जोएल ग्रीनबर्ग ने लिखा: "1948 को इसराइल की स्थापना पर, [[श्रमिक ज़ियोनवाद|श्रमिक ज़ियोनवादी]] सत्ता ने, जिसने इसराइल की स्वतंत्रता के पहले तीस वर्षों तक राज की, ब्रिटिश फ़िलिस्तीन के स्वतंत्र यहूदी और अरब राज्यों में विभाजन को स्वीकार किया। विपक्ष [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादियों]], जो आज के [[लिकुड|लिकुद]] दल हैं, ''एरेत्स इस्राएल हा-श्लेमा''—बृहत्तर इसराइल, या, इसराइल की सम्पूर्ण भूमि (शालेम, यानी सम्पूर्ण) चाहते थे।"<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref> 1967 के [[छः दिन का युद्ध|छह दिन के युद्ध]] में [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] के क़ब्ज़े से बृहत्तर इसराइल का आंदोलन बढ़ने लगा और वहाँ [[इसराइली बस्ती|इसराइली बस्तियाँ]] भी बनने लगीं। 1977 के चुनाव का भी बड़ा प्रभाव पड़ा, जिससे लिकुद सत्ता में आई। ग्रीनबर्ग ने लिखा: <blockquote>बीज को 1977 में बोया गया था, जब लिकुद के [[मेनाकेम बेगिन|मेनाख़ेम बेगिन]] ने पहली बार श्रमिकों को हराकर अपने दल को सत्ता में लाया। एक दशक पहले, 1967 के युद्ध में, इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में घुसकर 1948 के विभाजन को ख़त्म कर दिए थे। तब से, बेगिन जी ने यहूदिया और सामरिया (पश्चिमी तट) की निष्ठा का उपदेश सुनाने लगे और वहाँ बसने का बढ़ावा दिए। लेकिन जब वह पद ग्रहण किए उन्होंने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पर क़ब्ज़ा नहीं किया, यह मानते हुए कि फ़िलिस्तीनियों को आत्मसात करके इसराइल एक द्विराष्ट्रीय देश बन सकता था।<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref></blockquote> प्रधानमंत्री [[इत्सहाक शामिर]] बृहत्तर इसराइल के एक प्रमुख समर्थक थे; उन्होंने बस्तियों को वित्त पोषित किया और वैधता दी।<ref>Mordechai Bar-On (2004) ''A Never-Ending Conflict: A Guide to Israeli Military History'' Greenwood Publishing Group, {{ISBN|0-275-98158-4}} p 219</ref> ==संदर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:नव-ज़ियोनवाद]] [[श्रेणी:अरब–इसराइली संघर्ष की राजनीति]] [[श्रेणी:इसराइल भूमि]] [[श्रेणी:इसराइल से जुड़े षड्यंत्र सिद्धांत]] l4bxoowi2efvegy5c05nvthjenzvdd3 6541234 6541231 2026-04-16T10:56:36Z The Sorter 845290 6541234 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Greater israel map.png|right|thumb|300px|बृहत्तर इसराइल]] [[चित्र:Map Land of Israel.jpg|right|thumb|300px|बाइबिल के विभिन्न विवरणों के अनुसार 'इसराइल देश' की सीमाएँ: '''लाल''' (गिनती 34), '''नीला''' (यहेज़क़ेल 47)]] '''बृहत्तर इसराइल''' ({{langx|he|ארץ ישראל השלמה}}) [[इसराइल]] का एतिहासिक या वांछित क्षेत्र से संबंधित एक [[समुद्धरणवाद|समुद्धरणवादी]] संकल्पना है। [[ज़ियोनवाद|ज़ियोनवादी]] आंदोलनों के क्षेत्रीय दावे समय तथा [[श्रमिक ज़ियोनवाद|समाजवादी]], [[संशोधनवाद ज़ियोनवाद|संशोधनवादी]] या [[धार्मिक ज़ियोनवाद|धार्मिक ज़ियोनवादी]] समूहों के आधार पर भिन्न हैं।<ref name="Shelef_2018_p5">{{Harvnb|Shelef|2018}}</ref> ''बृहत्तर इसराइल'' शब्द के दो अलग अर्थ होते हैं – एक जो आधुनिक इसराइल के साथ-साथ [[गोलान पहाड़ियाँ]], [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] का मिलन है; और दूसरा जो [[नील नदी]] से [[फ़रात नदी]] तक फैला हुआ विशाल क्षेत्र है।<ref name="theweek_greaterisrael">{{Cite web|url=https://theweek.com/world-news/what-is-the-greater-israel-movement|title=What is the 'Greater Israel' movement?|date=18 October 2024|website=The Week|access-date=29 January 2025}}</ref> == इतिहास == === प्रारंभिक ज़ियोनवाद === [[File:PORTRAIT_OF_THEODOR_HERZL_IN_1898_(3x4_cropped).jpg|दाएँ|अंगूठाकार|ज़ियोनवाद के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]], ल. 1898]] [[ज़ियोनवाद]] के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]] ने [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में एक [[यहूदी राज्य]] के लिए [[तनख़]] से प्रेरणा ली। हर्टज़ल ने [[इसराइल राज्य|दाऊदी राज्य]] से इस यहूदी राज्य का भौगोलिक विस्तार प्राप्त किया।<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> उनकी सोच [[विलियम हेकलर]] नामक अंग्रेज़ी [[ईसाई ज़ियोनवाद|ईसाई ज़ियोनवादी]] से भी प्रेरित थे,{{refn|Haddad 1974: "It was a Christian Zionist, a fundamentalist minister, Rev. Hechler, Chaplain to the British Embassy in Vienna, who gave Herzl the biblical definitions of the boundaries of the prospective state."}} और उन्होंने अपने दैनन्दिनी में लिखा: <blockquote>हेकलर ने हमारे [ट्रेन] कंपार्टमेंट में फ़िलिस्तीन का नक़्शा खोला और मुझे समझाया। उत्तरी सीमा [[कैपाडोशिया]] के सामने वाले पहाड़ होंगे, दक्षिणी सीमा, [[स्वेज़ नहर]]। हमारा नारा होगा: "[[सुलेमान]] और [[दाऊद]] का फ़िलिस्तीन।"<ref>Marvin Lowenthal's translation of The Diaries of Theodore Herzl (New York: Dial Press, 1956), p. 124 [citation copied from Haddad 1974]</ref></blockquote> === इसराइल की भूमि === [[File:The_Book_of_Revelation;_a_study_of_the_last_prophetic_book_of_Holy_Scripture_(1919)_(14803713123).jpg|अंगूठाकार|इब्राहीम को प्रदत्त भूमि, जिसमें [[मिस्र की नदी]] के पूर्व और [[फ़रात नदी|फ़रात]] के पश्चिम, [[कादेश (बाइबिल)|कादेश]] के उत्तर और [[हमा|हमात]] के दक्षिण स्थित सारी भूमि शामिल है। यह मानचित्र [[क्लैरेंस लार्किन]] की एक 1919 की पुस्तक से है।]] [[इसराइल की भूमि]] ({{Langx|he|אֶרֶץ יִשְׂרָאֵל}}) [[दक्षिणी लेवंट]] का एक क्षेत्र है। इसे [[कनान]], प्रतिश्रुत भूमि, [[पवित्र भूमि]], और [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] भी कहा जाता है। इस भूमि की सीमाएँ [[इब्रानी बाइबिल]] के अलग-अलग अध्यायों में भिन्न होती हैं, जैसे उत्पत्ति 15, निर्गमन 23, गिनती 34 और यहेज़ेक़ेल 47 में लिखा गया है। बाइबिल में नौ बार, भूमि को "[[दान से बेर्शेबा तक]]" कहा जाता है, और तीन बार इसे "हमात की घाटी से लेकर मिस्र की नाले तक" कहा जाता है (1 राजा 8:65, 1 इतिहास 13:5 और 2 इतिहास 7:8). बाइबिल में इसराइल की भूमि के तीन भौगोलिक अर्थ होते हैं: # पहले अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/01/15.htm#18 उत्पत्ति 15:18–21]) के अनुसार, इब्राहीम के सभी पुत्रों को प्रदत्त भूमि "मिस्र की नदी से फ़रात तक है"। # दूसरे अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/04/34.htm#1 गिनती 34:1–15] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/26/47.htm#13 यहेज़ेक़ेल 47:13–20]) मिस्र से आज़ादी के बाद [[इसराइल के बारह गोत्र]] के बीच विभाजित भूमि का बात करता है। # एक और अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/05/11.htm#24 व्यवस्थाविवरण 11:24], [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/1.htm#7 व्यवस्थाविवरण 1:7]) के हिसाब से, इसराइलियों यह भूमि धीरे-धीरे सालों के दौरान पाएंगे, जैसे [https://www.wordproject.org/bibles/in/02/23.htm#29 निर्गमन 23:29] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/7.htm#22 व्यवस्थाविवरण 7:22]) में लिखा गया है।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;"></sup> यह विवरण एतिहासिक इसराइली राज्यों की सीमाओं से अलग है। अपने चरम पर, यह राज्य बाइबिल की सीमाएँ के क़रीब होते थे, किन्तु उनके समरूप नहीं। [[यहूदी धर्म]] इसराइल के केवल वह जगहों को मानता है जहाँ यहूदी न्याय प्रचालित होती थी।<ref>Rachel Havelock, [https://books.google.com/books?id=5tCIiwLQr2MC&pg=PA210 ''River Jordan: The Mythology of a Dividing Line,''] University of Chicago Press, 2011 p.210.</ref> वह कहता है कि भूमि [[तौरात]] के आधार से परमेश्वर द्वारा दी गई [[यहूदी|यहूदियों]] की धरोहर है।<ref>{{cite web|url=http://bible.cc/exodus/6-4.htm|title=Exodus 6:4 I also established my covenant with them to give them the land of Canaan, where they resided as foreigners|publisher=Bible.cc|access-date=2013-08-11}}</ref> उत्पत्ति पुस्तक के अनुसार, परमेश्वर ने अब्राम के वंशजों को यह भूमि देने का वादा किया था; यह दोनों के बीच एक [[वाचा (बाइबिल)|वाचा]] है।<ref>{{cite web|url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Gen%2015:18%E2%80%9321;&version=NIV;|title=Gen 15:18–21; NIV; - On that day the LORD made a covenant|publisher=Bible Gateway|access-date=2013-08-11}}</ref> अब्राम का नाम बदलकर इब्राहीम रखा गया, और वादा उनके बेटे [[इसहाक|इसहाक़]] और पोते [[याक़ूब]] के वंशजों, यानी [[इसराइली|इसराइलियों]] को सौंपा गया था। इतिहास के प्राध्यापक एच. एस हद्दाद लिखते हैं "हालाँकि बाइबिल में [[प्रतिज्ञात भूमि]] के अलग-अलग सीमाएँ प्रकट है, एरेत्ज़ इसराइल का ठिकाना स्पष्ट है। चाहे यह "दान से बेर्शेबा तक" और "मरुस्थल से समुद्र तक" हो या, अक्सर, नील से फ़रात तक, [[यरुशलम]] इसका केंद्र है, जिसके चारो ओर सीमाएँ का अंदाज़ा लगाया जाता है।"<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> ==== इसराइल राज्य ==== {{मुख्य|प्राचीन इसराइल और यहूदिया का इतिहास|इसराइल राज्य|इसराइल राज्य (सामरिया)|यहूदा राज्य}} * [[इसराइल राज्य]] (1047 – 931 ई.पू.), इसराइलियों द्वारा स्थापित राज्य था। * [[इसराइल राज्य (सामरिया)]] (930 – ल. 720 ई.पू.), उत्तरी इसराइल का राज्य था, जो पहले राज्य के पतन के बाद स्थापित हुआ। * [[यूदा प्रदेश|यहूदिया राज्य]] (930 – 587 ई.पू.), दक्षिण यहूदी राज्य था, जो इसराइल राज्य के विघटन के बाद स्थापित हुआ। ==== द्वितीय मंदिर काल ==== {{मुख्य|द्वितीय मंदिर काल|ज़ियोन में वापसी}}[[यहूदी इतिहास]] में, [[द्वितीय मंदिर काल]] (516 ई.पू. – 70 ई.) के दौरान, [[यरुशलम]] में [[द्वितीय मंदिर]] स्थित था। यह ज़ियोन में वापसी एवं [[यरुशलम मंदिर]] के पुनर्निर्माण से शुरू हुआ तथा [[पहला यहूदी-रोमन युद्ध|पहले यहूदी-रोमन युद्ध]] और [[यरुशलम की घेराबंदी (70 ई.)|यरुशलम की घेराबंदी]] से समाप्त हुआ। === ब्रिटिश फ़िलिस्तीन === {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} ==== बाल्फ़ोर घोषणा ==== {{मुख्य|बाल्फ़ोर घोषणा}} [[File:Balfour_declaration_unmarked.jpg|पाठ=An image of a typed letter on aged paper, dated November 2nd, 1917, to Lord Rothschild from the Foreign Office.|अंगूठाकार| 1917 की बाल्फ़ोर घोषणापत्र]] 1917 को [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के समय, [[ब्रिटिश सरकार]] ने [[बाल्फ़ोर घोषणा]] दी, जिसमें कहा गया था कि वह [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में यहूदियों के लिए एक देश की स्थापना से सहमत थे। उस समय, फ़िलिस्तीन [[उस्मानी साम्राज्य|उस्मानियों]] के तहत था, और वहाँ यहूदियों की अल्पसंख्या होती थी।यह घोषणा ब्रिटेन के [[विदेश मंत्री (यूनाइटेड किंगडम)|विदेश मंत्री]] [[आर्थर बाल्फ़ोर]] से ब्रिटिश यहूदी नेता [[वॉल्टर रोथ्सचाइल्ड]] को लिखित 2 नवंबर 1917 के एक पत्र में थी। इसे 9 नवंबर 1917 को प्रेस में प्रकाशित किया गया था। [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के दौरान, [[सीनाई और फ़िलीस्तीन अभियान]] जनवरी 1915 और अक्टूबर 1918 तक चला। ब्रिटिश ने फ़िलिस्तीन को क़ब्ज़ा किया, और 1918 में पश्चिमी फ़िलीस्तीन सहित [[उस्मानी सीरिया]] को बाँटा गया था। ==== फ़िलीस्तीन जनादेश ==== {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} [[File:Irgun_poster_Erez_Jisrael.jpg|अंगूठाकार|1931 से [[इर्गुन]] का एक पोस्टर, जिसमें [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात]] सहित "इसराइल की भूमि" का मानचित्र है।]] बेतार और इर्गुन जैसे प्रारंभिक [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादी]] समूह [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात|ट्रैंसजॉर्डन]] को बृहत्तर इसराइल का भाग मानते थे।<ref>{{cite book|title=The Making of the Arab–Israeli Conflict, 1947–1951|url=https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9|last=Pappé|first=Ilan|publisher=I.B.Tauris|year=1994|isbn=978-1-85043-819-9|location=London|page=[https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9/page/20 21]}}</ref> 1937 को, [[पील आयोग]] ने फ़िलिस्तीन जनादेश के विभाजन का सुझाव दिया। उस वर्ष, अपने बेटे को लिखित एक पत्र में [[डेव्हिड बेन-गुरियन|डेविड बेन-गुरियन]] ने कहा कि बँटवारे को माना जाएगा। उन्होंने लिखा: {{blockquote|क्योंकि क़ब्ज़े में यह बढ़ाई महत्तवपूर्ण है बस अपने आप से ही नहीं, बल्कि इसलिए क्योंकि हम इससे अपनी शक्ति बढ़ाते हैं, और शक्ति में हर बढ़ाई पूरी भूमि को पाने में मदद करता है। राष्ट्र की स्थापना, भले ही भूमि के केवल एक हिस्से पर, आज हमारी शक्ति का महत्तम प्रयोग और पूरे देश को आज़ाद करने के एतिहासिक प्रयासों के लिए शक्तिशाली बढ़ावा है।<ref>[http://www.palestineremembered.com/download/B-G%20LetterTranslation.pdf Letter from David Ben-Gurion to his son Amos, written 5 October 1937], Obtained from the Ben-Gurion Archives in Hebrew, and translated into English by the [[Institute of Palestine Studies]], Beirut</ref><ref>{{Cite book|last=Morris|first=Benny|author-link=Benny Morris|title=Righteous Victims: A History of the Zionist-Arab Conflict, 1881-1998|publisher=Knopf Doubleday Publishing Group |year=2011 |isbn=9780307788054 |page=138 Quote: "No Zionist can forgo the smallest portion of the Land Of Israel. [A] Jewish state in part [of Palestine] is not an end, but a beginning. … Our possession is important not only for itself … through this we increase our power, and every increase in power facilitates getting hold of the country in its entirety. Establishing a [small] state … will serve as a very potent lever in our historical effort to redeem the whole country"}}</ref><ref name=Finkelstein208>{{citation|title=Beyond Chutzpah: On the Misuse of Anti-semitism and the Abuse of History |first=Norman |last=Finkelstein |publisher=University of California Press |year=2005 |isbn=9780520245983 |page=280 |url=https://books.google.com/books?id=Xmi2Yw0QzN8C&pg=PA280}}</ref>}} उन्होंने यह बात कई अवसरों में कहीं, जैसे जून 1938 में यहूदी एजेंसी से मिलने समय,<ref>Quote from a meeting of the Jewish Agency executive in June 1938: "[I am] satisfied with part of the country, but on the basis of the assumption that after we build up a strong force following the establishment of the state, we will abolish the partition of the country and we will expand to the whole Land of Israel." in<br />{{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107 107]|year=1992|publisher=Inst for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}; and<br />{{citation|last=Segev|first=Tom|title=One Palestine, Complete: Jews and Arabs Under the British Mandate|url=https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403|page=[https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403 403]|year=2000|publisher=Henry Holt and Company|isbn=9780805048483}}</ref> और ख़ाइम वाइट्समैन ने भी यह कहा।<ref>From a letter from Chaim Weizmann to [[Arthur Grenfell Wauchope]], [[High Commissioners for Palestine and Transjordan|High Commissioner for Palestine]], while the Peel Commission was convening in 1937: "We shall spread in the whole country in the course of time ... this is only an arrangement for the next 25 to 30 years." {{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62 62]|year=1992|publisher=Inst. for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}</ref> बेन गुरियन ने कहा:{{blockquote|हम पर थोपी गई सीमाएँ को ढा देंगे, और ज़रूरी नहीं कि यह युद्ध से हो। मैं मानता हूँ कि निकट भविष्य में हमारे और अरब राज्य के बीच एक समझौता किया जा सकता है।"<ref>Howard M. Sachar History of Israel from the rise of Zionism to our Time pp. 207-208</ref>}} पील आयोग के ज़ियोनवादी नेता ख़ाइम वाइट्समैन ने कहा "मैं जानता हूँ कि परमेश्वर ने इसराइलियों को फ़िलिस्तीन वादा किया हैं, लेकिन में नहीं जानता उन्होंने क्या सीमाएँ रखी हैं। मैं मानता हूँ कि वह आज के प्रस्तावित सीमाओं से चौड़ी थी, और शायद उनमें ट्रैंसजॉर्डन भी शामिल था।"<ref>Lewis, G. (2009). Balfour and Weizmann: The Zionist, the Zealot and the Emergence of Israel. United Kingdom: Bloomsbury Publishing</ref><ref>Chaim Weizmann, ''Trial and Error: The Autobiography of Chaim Weizmann'' (1949), Volume 2</ref> === इसराइल राज्य का प्रारंभिक काल === [[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]] के जोएल ग्रीनबर्ग ने लिखा: "1948 को इसराइल की स्थापना पर, [[श्रमिक ज़ियोनवाद|श्रमिक ज़ियोनवादी]] सत्ता ने, जिसने इसराइल की स्वतंत्रता के पहले तीस वर्षों तक राज की, ब्रिटिश फ़िलिस्तीन के स्वतंत्र यहूदी और अरब राज्यों में विभाजन को स्वीकार किया। विपक्ष [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादियों]], जो आज के [[लिकुड|लिकुद]] दल हैं, ''एरेत्स इस्राएल हा-श्लेमा''—बृहत्तर इसराइल, या, इसराइल की सम्पूर्ण भूमि (शालेम, यानी सम्पूर्ण) चाहते थे।"<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref> 1967 के [[छः दिन का युद्ध|छह दिन के युद्ध]] में [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] के क़ब्ज़े से बृहत्तर इसराइल का आंदोलन बढ़ने लगा और वहाँ [[इसराइली बस्ती|इसराइली बस्तियाँ]] भी बनने लगीं। 1977 के चुनाव का भी बड़ा प्रभाव पड़ा, जिससे लिकुद सत्ता में आई। ग्रीनबर्ग ने लिखा: <blockquote>बीज को 1977 में बोया गया था, जब लिकुद के [[मेनाकेम बेगिन|मेनाख़ेम बेगिन]] ने पहली बार श्रमिकों को हराकर अपने दल को सत्ता में लाया। एक दशक पहले, 1967 के युद्ध में, इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में घुसकर 1948 के विभाजन को ख़त्म कर दिए थे। तब से, बेगिन जी ने यहूदिया और सामरिया (पश्चिमी तट) की निष्ठा का उपदेश सुनाने लगे और वहाँ बसने का बढ़ावा दिए। लेकिन जब वह पद ग्रहण किए उन्होंने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पर क़ब्ज़ा नहीं किया, यह मानते हुए कि फ़िलिस्तीनियों को आत्मसात करके इसराइल एक द्विराष्ट्रीय देश बन सकता था।<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref></blockquote> प्रधानमंत्री [[इत्सहाक शामिर]] बृहत्तर इसराइल के एक प्रमुख समर्थक थे; उन्होंने बस्तियों को वित्त पोषित किया और वैधता दी।<ref>Mordechai Bar-On (2004) ''A Never-Ending Conflict: A Guide to Israeli Military History'' Greenwood Publishing Group, {{ISBN|0-275-98158-4}} p 219</ref> ==संदर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:नव-ज़ियोनवाद]] [[श्रेणी:अरब–इसराइली संघर्ष की राजनीति]] [[श्रेणी:इसराइल भूमि]] [[श्रेणी:इसराइल से जुड़े षड्यंत्र सिद्धांत]] 6n1vv0co04n79o4o88nhyje3dk9x6dq 6541235 6541234 2026-04-16T10:56:47Z The Sorter 845290 6541235 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Greater israel map.png|right|thumb|300px|बृहत्तर इसराइल]] [[चित्र:Map Land of Israel.jpg|right|thumb|300px|बाइबिल के विभिन्न विवरणों के अनुसार 'इसराइल देश' की सीमाएँ: '''लाल''' (गिनती 34), '''नीला''' (यहेज़क़ेल 47)]] '''बृहत्तर इसराइल''' ({{langx|he|ארץ ישראל השלמה}}) [[इसराइल]] के एतिहासिक या वांछित क्षेत्र से संबंधित एक [[समुद्धरणवाद|समुद्धरणवादी]] संकल्पना है। [[ज़ियोनवाद|ज़ियोनवादी]] आंदोलनों के क्षेत्रीय दावे समय तथा [[श्रमिक ज़ियोनवाद|समाजवादी]], [[संशोधनवाद ज़ियोनवाद|संशोधनवादी]] या [[धार्मिक ज़ियोनवाद|धार्मिक ज़ियोनवादी]] समूहों के आधार पर भिन्न हैं।<ref name="Shelef_2018_p5">{{Harvnb|Shelef|2018}}</ref> ''बृहत्तर इसराइल'' शब्द के दो अलग अर्थ होते हैं – एक जो आधुनिक इसराइल के साथ-साथ [[गोलान पहाड़ियाँ]], [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] का मिलन है; और दूसरा जो [[नील नदी]] से [[फ़रात नदी]] तक फैला हुआ विशाल क्षेत्र है।<ref name="theweek_greaterisrael">{{Cite web|url=https://theweek.com/world-news/what-is-the-greater-israel-movement|title=What is the 'Greater Israel' movement?|date=18 October 2024|website=The Week|access-date=29 January 2025}}</ref> == इतिहास == === प्रारंभिक ज़ियोनवाद === [[File:PORTRAIT_OF_THEODOR_HERZL_IN_1898_(3x4_cropped).jpg|दाएँ|अंगूठाकार|ज़ियोनवाद के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]], ल. 1898]] [[ज़ियोनवाद]] के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]] ने [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में एक [[यहूदी राज्य]] के लिए [[तनख़]] से प्रेरणा ली। हर्टज़ल ने [[इसराइल राज्य|दाऊदी राज्य]] से इस यहूदी राज्य का भौगोलिक विस्तार प्राप्त किया।<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> उनकी सोच [[विलियम हेकलर]] नामक अंग्रेज़ी [[ईसाई ज़ियोनवाद|ईसाई ज़ियोनवादी]] से भी प्रेरित थे,{{refn|Haddad 1974: "It was a Christian Zionist, a fundamentalist minister, Rev. Hechler, Chaplain to the British Embassy in Vienna, who gave Herzl the biblical definitions of the boundaries of the prospective state."}} और उन्होंने अपने दैनन्दिनी में लिखा: <blockquote>हेकलर ने हमारे [ट्रेन] कंपार्टमेंट में फ़िलिस्तीन का नक़्शा खोला और मुझे समझाया। उत्तरी सीमा [[कैपाडोशिया]] के सामने वाले पहाड़ होंगे, दक्षिणी सीमा, [[स्वेज़ नहर]]। हमारा नारा होगा: "[[सुलेमान]] और [[दाऊद]] का फ़िलिस्तीन।"<ref>Marvin Lowenthal's translation of The Diaries of Theodore Herzl (New York: Dial Press, 1956), p. 124 [citation copied from Haddad 1974]</ref></blockquote> === इसराइल की भूमि === [[File:The_Book_of_Revelation;_a_study_of_the_last_prophetic_book_of_Holy_Scripture_(1919)_(14803713123).jpg|अंगूठाकार|इब्राहीम को प्रदत्त भूमि, जिसमें [[मिस्र की नदी]] के पूर्व और [[फ़रात नदी|फ़रात]] के पश्चिम, [[कादेश (बाइबिल)|कादेश]] के उत्तर और [[हमा|हमात]] के दक्षिण स्थित सारी भूमि शामिल है। यह मानचित्र [[क्लैरेंस लार्किन]] की एक 1919 की पुस्तक से है।]] [[इसराइल की भूमि]] ({{Langx|he|אֶרֶץ יִשְׂרָאֵל}}) [[दक्षिणी लेवंट]] का एक क्षेत्र है। इसे [[कनान]], प्रतिश्रुत भूमि, [[पवित्र भूमि]], और [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] भी कहा जाता है। इस भूमि की सीमाएँ [[इब्रानी बाइबिल]] के अलग-अलग अध्यायों में भिन्न होती हैं, जैसे उत्पत्ति 15, निर्गमन 23, गिनती 34 और यहेज़ेक़ेल 47 में लिखा गया है। बाइबिल में नौ बार, भूमि को "[[दान से बेर्शेबा तक]]" कहा जाता है, और तीन बार इसे "हमात की घाटी से लेकर मिस्र की नाले तक" कहा जाता है (1 राजा 8:65, 1 इतिहास 13:5 और 2 इतिहास 7:8). बाइबिल में इसराइल की भूमि के तीन भौगोलिक अर्थ होते हैं: # पहले अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/01/15.htm#18 उत्पत्ति 15:18–21]) के अनुसार, इब्राहीम के सभी पुत्रों को प्रदत्त भूमि "मिस्र की नदी से फ़रात तक है"। # दूसरे अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/04/34.htm#1 गिनती 34:1–15] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/26/47.htm#13 यहेज़ेक़ेल 47:13–20]) मिस्र से आज़ादी के बाद [[इसराइल के बारह गोत्र]] के बीच विभाजित भूमि का बात करता है। # एक और अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/05/11.htm#24 व्यवस्थाविवरण 11:24], [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/1.htm#7 व्यवस्थाविवरण 1:7]) के हिसाब से, इसराइलियों यह भूमि धीरे-धीरे सालों के दौरान पाएंगे, जैसे [https://www.wordproject.org/bibles/in/02/23.htm#29 निर्गमन 23:29] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/7.htm#22 व्यवस्थाविवरण 7:22]) में लिखा गया है।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;"></sup> यह विवरण एतिहासिक इसराइली राज्यों की सीमाओं से अलग है। अपने चरम पर, यह राज्य बाइबिल की सीमाएँ के क़रीब होते थे, किन्तु उनके समरूप नहीं। [[यहूदी धर्म]] इसराइल के केवल वह जगहों को मानता है जहाँ यहूदी न्याय प्रचालित होती थी।<ref>Rachel Havelock, [https://books.google.com/books?id=5tCIiwLQr2MC&pg=PA210 ''River Jordan: The Mythology of a Dividing Line,''] University of Chicago Press, 2011 p.210.</ref> वह कहता है कि भूमि [[तौरात]] के आधार से परमेश्वर द्वारा दी गई [[यहूदी|यहूदियों]] की धरोहर है।<ref>{{cite web|url=http://bible.cc/exodus/6-4.htm|title=Exodus 6:4 I also established my covenant with them to give them the land of Canaan, where they resided as foreigners|publisher=Bible.cc|access-date=2013-08-11}}</ref> उत्पत्ति पुस्तक के अनुसार, परमेश्वर ने अब्राम के वंशजों को यह भूमि देने का वादा किया था; यह दोनों के बीच एक [[वाचा (बाइबिल)|वाचा]] है।<ref>{{cite web|url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Gen%2015:18%E2%80%9321;&version=NIV;|title=Gen 15:18–21; NIV; - On that day the LORD made a covenant|publisher=Bible Gateway|access-date=2013-08-11}}</ref> अब्राम का नाम बदलकर इब्राहीम रखा गया, और वादा उनके बेटे [[इसहाक|इसहाक़]] और पोते [[याक़ूब]] के वंशजों, यानी [[इसराइली|इसराइलियों]] को सौंपा गया था। इतिहास के प्राध्यापक एच. एस हद्दाद लिखते हैं "हालाँकि बाइबिल में [[प्रतिज्ञात भूमि]] के अलग-अलग सीमाएँ प्रकट है, एरेत्ज़ इसराइल का ठिकाना स्पष्ट है। चाहे यह "दान से बेर्शेबा तक" और "मरुस्थल से समुद्र तक" हो या, अक्सर, नील से फ़रात तक, [[यरुशलम]] इसका केंद्र है, जिसके चारो ओर सीमाएँ का अंदाज़ा लगाया जाता है।"<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> ==== इसराइल राज्य ==== {{मुख्य|प्राचीन इसराइल और यहूदिया का इतिहास|इसराइल राज्य|इसराइल राज्य (सामरिया)|यहूदा राज्य}} * [[इसराइल राज्य]] (1047 – 931 ई.पू.), इसराइलियों द्वारा स्थापित राज्य था। * [[इसराइल राज्य (सामरिया)]] (930 – ल. 720 ई.पू.), उत्तरी इसराइल का राज्य था, जो पहले राज्य के पतन के बाद स्थापित हुआ। * [[यूदा प्रदेश|यहूदिया राज्य]] (930 – 587 ई.पू.), दक्षिण यहूदी राज्य था, जो इसराइल राज्य के विघटन के बाद स्थापित हुआ। ==== द्वितीय मंदिर काल ==== {{मुख्य|द्वितीय मंदिर काल|ज़ियोन में वापसी}}[[यहूदी इतिहास]] में, [[द्वितीय मंदिर काल]] (516 ई.पू. – 70 ई.) के दौरान, [[यरुशलम]] में [[द्वितीय मंदिर]] स्थित था। यह ज़ियोन में वापसी एवं [[यरुशलम मंदिर]] के पुनर्निर्माण से शुरू हुआ तथा [[पहला यहूदी-रोमन युद्ध|पहले यहूदी-रोमन युद्ध]] और [[यरुशलम की घेराबंदी (70 ई.)|यरुशलम की घेराबंदी]] से समाप्त हुआ। === ब्रिटिश फ़िलिस्तीन === {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} ==== बाल्फ़ोर घोषणा ==== {{मुख्य|बाल्फ़ोर घोषणा}} [[File:Balfour_declaration_unmarked.jpg|पाठ=An image of a typed letter on aged paper, dated November 2nd, 1917, to Lord Rothschild from the Foreign Office.|अंगूठाकार| 1917 की बाल्फ़ोर घोषणापत्र]] 1917 को [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के समय, [[ब्रिटिश सरकार]] ने [[बाल्फ़ोर घोषणा]] दी, जिसमें कहा गया था कि वह [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में यहूदियों के लिए एक देश की स्थापना से सहमत थे। उस समय, फ़िलिस्तीन [[उस्मानी साम्राज्य|उस्मानियों]] के तहत था, और वहाँ यहूदियों की अल्पसंख्या होती थी।यह घोषणा ब्रिटेन के [[विदेश मंत्री (यूनाइटेड किंगडम)|विदेश मंत्री]] [[आर्थर बाल्फ़ोर]] से ब्रिटिश यहूदी नेता [[वॉल्टर रोथ्सचाइल्ड]] को लिखित 2 नवंबर 1917 के एक पत्र में थी। इसे 9 नवंबर 1917 को प्रेस में प्रकाशित किया गया था। [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के दौरान, [[सीनाई और फ़िलीस्तीन अभियान]] जनवरी 1915 और अक्टूबर 1918 तक चला। ब्रिटिश ने फ़िलिस्तीन को क़ब्ज़ा किया, और 1918 में पश्चिमी फ़िलीस्तीन सहित [[उस्मानी सीरिया]] को बाँटा गया था। ==== फ़िलीस्तीन जनादेश ==== {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} [[File:Irgun_poster_Erez_Jisrael.jpg|अंगूठाकार|1931 से [[इर्गुन]] का एक पोस्टर, जिसमें [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात]] सहित "इसराइल की भूमि" का मानचित्र है।]] बेतार और इर्गुन जैसे प्रारंभिक [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादी]] समूह [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात|ट्रैंसजॉर्डन]] को बृहत्तर इसराइल का भाग मानते थे।<ref>{{cite book|title=The Making of the Arab–Israeli Conflict, 1947–1951|url=https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9|last=Pappé|first=Ilan|publisher=I.B.Tauris|year=1994|isbn=978-1-85043-819-9|location=London|page=[https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9/page/20 21]}}</ref> 1937 को, [[पील आयोग]] ने फ़िलिस्तीन जनादेश के विभाजन का सुझाव दिया। उस वर्ष, अपने बेटे को लिखित एक पत्र में [[डेव्हिड बेन-गुरियन|डेविड बेन-गुरियन]] ने कहा कि बँटवारे को माना जाएगा। उन्होंने लिखा: {{blockquote|क्योंकि क़ब्ज़े में यह बढ़ाई महत्तवपूर्ण है बस अपने आप से ही नहीं, बल्कि इसलिए क्योंकि हम इससे अपनी शक्ति बढ़ाते हैं, और शक्ति में हर बढ़ाई पूरी भूमि को पाने में मदद करता है। राष्ट्र की स्थापना, भले ही भूमि के केवल एक हिस्से पर, आज हमारी शक्ति का महत्तम प्रयोग और पूरे देश को आज़ाद करने के एतिहासिक प्रयासों के लिए शक्तिशाली बढ़ावा है।<ref>[http://www.palestineremembered.com/download/B-G%20LetterTranslation.pdf Letter from David Ben-Gurion to his son Amos, written 5 October 1937], Obtained from the Ben-Gurion Archives in Hebrew, and translated into English by the [[Institute of Palestine Studies]], Beirut</ref><ref>{{Cite book|last=Morris|first=Benny|author-link=Benny Morris|title=Righteous Victims: A History of the Zionist-Arab Conflict, 1881-1998|publisher=Knopf Doubleday Publishing Group |year=2011 |isbn=9780307788054 |page=138 Quote: "No Zionist can forgo the smallest portion of the Land Of Israel. [A] Jewish state in part [of Palestine] is not an end, but a beginning. … Our possession is important not only for itself … through this we increase our power, and every increase in power facilitates getting hold of the country in its entirety. Establishing a [small] state … will serve as a very potent lever in our historical effort to redeem the whole country"}}</ref><ref name=Finkelstein208>{{citation|title=Beyond Chutzpah: On the Misuse of Anti-semitism and the Abuse of History |first=Norman |last=Finkelstein |publisher=University of California Press |year=2005 |isbn=9780520245983 |page=280 |url=https://books.google.com/books?id=Xmi2Yw0QzN8C&pg=PA280}}</ref>}} उन्होंने यह बात कई अवसरों में कहीं, जैसे जून 1938 में यहूदी एजेंसी से मिलने समय,<ref>Quote from a meeting of the Jewish Agency executive in June 1938: "[I am] satisfied with part of the country, but on the basis of the assumption that after we build up a strong force following the establishment of the state, we will abolish the partition of the country and we will expand to the whole Land of Israel." in<br />{{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107 107]|year=1992|publisher=Inst for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}; and<br />{{citation|last=Segev|first=Tom|title=One Palestine, Complete: Jews and Arabs Under the British Mandate|url=https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403|page=[https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403 403]|year=2000|publisher=Henry Holt and Company|isbn=9780805048483}}</ref> और ख़ाइम वाइट्समैन ने भी यह कहा।<ref>From a letter from Chaim Weizmann to [[Arthur Grenfell Wauchope]], [[High Commissioners for Palestine and Transjordan|High Commissioner for Palestine]], while the Peel Commission was convening in 1937: "We shall spread in the whole country in the course of time ... this is only an arrangement for the next 25 to 30 years." {{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62 62]|year=1992|publisher=Inst. for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}</ref> बेन गुरियन ने कहा:{{blockquote|हम पर थोपी गई सीमाएँ को ढा देंगे, और ज़रूरी नहीं कि यह युद्ध से हो। मैं मानता हूँ कि निकट भविष्य में हमारे और अरब राज्य के बीच एक समझौता किया जा सकता है।"<ref>Howard M. Sachar History of Israel from the rise of Zionism to our Time pp. 207-208</ref>}} पील आयोग के ज़ियोनवादी नेता ख़ाइम वाइट्समैन ने कहा "मैं जानता हूँ कि परमेश्वर ने इसराइलियों को फ़िलिस्तीन वादा किया हैं, लेकिन में नहीं जानता उन्होंने क्या सीमाएँ रखी हैं। मैं मानता हूँ कि वह आज के प्रस्तावित सीमाओं से चौड़ी थी, और शायद उनमें ट्रैंसजॉर्डन भी शामिल था।"<ref>Lewis, G. (2009). Balfour and Weizmann: The Zionist, the Zealot and the Emergence of Israel. United Kingdom: Bloomsbury Publishing</ref><ref>Chaim Weizmann, ''Trial and Error: The Autobiography of Chaim Weizmann'' (1949), Volume 2</ref> === इसराइल राज्य का प्रारंभिक काल === [[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]] के जोएल ग्रीनबर्ग ने लिखा: "1948 को इसराइल की स्थापना पर, [[श्रमिक ज़ियोनवाद|श्रमिक ज़ियोनवादी]] सत्ता ने, जिसने इसराइल की स्वतंत्रता के पहले तीस वर्षों तक राज की, ब्रिटिश फ़िलिस्तीन के स्वतंत्र यहूदी और अरब राज्यों में विभाजन को स्वीकार किया। विपक्ष [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादियों]], जो आज के [[लिकुड|लिकुद]] दल हैं, ''एरेत्स इस्राएल हा-श्लेमा''—बृहत्तर इसराइल, या, इसराइल की सम्पूर्ण भूमि (शालेम, यानी सम्पूर्ण) चाहते थे।"<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref> 1967 के [[छः दिन का युद्ध|छह दिन के युद्ध]] में [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] के क़ब्ज़े से बृहत्तर इसराइल का आंदोलन बढ़ने लगा और वहाँ [[इसराइली बस्ती|इसराइली बस्तियाँ]] भी बनने लगीं। 1977 के चुनाव का भी बड़ा प्रभाव पड़ा, जिससे लिकुद सत्ता में आई। ग्रीनबर्ग ने लिखा: <blockquote>बीज को 1977 में बोया गया था, जब लिकुद के [[मेनाकेम बेगिन|मेनाख़ेम बेगिन]] ने पहली बार श्रमिकों को हराकर अपने दल को सत्ता में लाया। एक दशक पहले, 1967 के युद्ध में, इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में घुसकर 1948 के विभाजन को ख़त्म कर दिए थे। तब से, बेगिन जी ने यहूदिया और सामरिया (पश्चिमी तट) की निष्ठा का उपदेश सुनाने लगे और वहाँ बसने का बढ़ावा दिए। लेकिन जब वह पद ग्रहण किए उन्होंने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पर क़ब्ज़ा नहीं किया, यह मानते हुए कि फ़िलिस्तीनियों को आत्मसात करके इसराइल एक द्विराष्ट्रीय देश बन सकता था।<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref></blockquote> प्रधानमंत्री [[इत्सहाक शामिर]] बृहत्तर इसराइल के एक प्रमुख समर्थक थे; उन्होंने बस्तियों को वित्त पोषित किया और वैधता दी।<ref>Mordechai Bar-On (2004) ''A Never-Ending Conflict: A Guide to Israeli Military History'' Greenwood Publishing Group, {{ISBN|0-275-98158-4}} p 219</ref> ==संदर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:नव-ज़ियोनवाद]] [[श्रेणी:अरब–इसराइली संघर्ष की राजनीति]] [[श्रेणी:इसराइल भूमि]] [[श्रेणी:इसराइल से जुड़े षड्यंत्र सिद्धांत]] fiwcskxc3g6etkuu6h2ite77s1um9km 6541239 6541235 2026-04-16T11:01:23Z The Sorter 845290 6541239 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Greater israel map.png|right|thumb|300px|बृहत्तर इसराइल]] [[चित्र:Map Land of Israel.jpg|right|thumb|300px|बाइबिल के विभिन्न विवरणों के अनुसार 'इसराइल देश' की सीमाएँ: '''लाल''' (गिनती 34), '''नीला''' (यहेज़क़ेल 47)]] '''बृहत्तर इसराइल''' ({{langx|he|ארץ ישראל השלמה}}) [[इसराइल]] के एतिहासिक या वांछित क्षेत्र से संबंधित एक [[समुद्धरणवाद|समुद्धरणवादी]] संकल्पना है। [[ज़ियोनवाद|ज़ियोनवादी]] आंदोलनों के क्षेत्रीय दावे समय तथा [[श्रमिक ज़ियोनवाद|समाजवादी]], [[संशोधनवाद ज़ियोनवाद|संशोधनवादी]] या [[धार्मिक ज़ियोनवाद|धार्मिक ज़ियोनवादी]] समूहों के आधार पर भिन्न हैं।<ref name="Shelef_2018_p5">{{Harvnb|Shelef|2018}}</ref> ''बृहत्तर इसराइल'' शब्द के दो अलग अर्थ होते हैं – एक जो आधुनिक इसराइल के साथ-साथ [[गोलान पहाड़ियाँ]], [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] का मिलन है; और दूसरा जो [[नील नदी]] से [[फ़रात नदी]] तक फैला हुआ विशाल क्षेत्र है।<ref name="theweek_greaterisrael">{{Cite web|url=https://theweek.com/world-news/what-is-the-greater-israel-movement|title=What is the 'Greater Israel' movement?|date=18 October 2024|website=The Week|access-date=29 January 2025}}</ref> == इतिहास == === प्रारंभिक ज़ियोनवाद === [[File:PORTRAIT_OF_THEODOR_HERZL_IN_1898_(3x4_cropped).jpg|दाएँ|अंगूठाकार|ज़ियोनवाद के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]], ल. 1898]] [[ज़ियोनवाद]] के संस्थापक [[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्टज़ल]] ने [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में एक [[यहूदी राज्य]] के लिए [[तनख़]] से प्रेरणा ली। हर्टज़ल ने [[इसराइल राज्य|दाऊदी राज्य]] से इस यहूदी राज्य का भौगोलिक विस्तार प्राप्त किया।<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> उनकी सोच [[विलियम हेकलर]] नामक अंग्रेज़ी [[ईसाई ज़ियोनवाद|ईसाई ज़ियोनवादी]] से भी प्रेरित थे,{{refn|Haddad 1974: "It was a Christian Zionist, a fundamentalist minister, Rev. Hechler, Chaplain to the British Embassy in Vienna, who gave Herzl the biblical definitions of the boundaries of the prospective state."}} और उन्होंने अपने दैनन्दिनी में लिखा: <blockquote>हेकलर ने हमारे [ट्रेन] कंपार्टमेंट में फ़िलिस्तीन का नक़्शा खोला और मुझे समझाया। उत्तरी सीमा [[कैपाडोशिया]] के सामने वाले पहाड़ होंगे, दक्षिणी सीमा, [[स्वेज़ नहर]]। हमारा नारा होगा: "[[सुलेमान]] और [[दाऊद]] का फ़िलिस्तीन।"<ref>Marvin Lowenthal's translation of The Diaries of Theodore Herzl (New York: Dial Press, 1956), p. 124 [citation copied from Haddad 1974]</ref></blockquote> === इसराइल की भूमि === [[File:The_Book_of_Revelation;_a_study_of_the_last_prophetic_book_of_Holy_Scripture_(1919)_(14803713123).jpg|अंगूठाकार|इब्राहीम को प्रदत्त भूमि, जिसमें [[मिस्र की नदी]] के पूर्व और [[फ़रात नदी|फ़रात]] के पश्चिम, [[कादेश (बाइबिल)|कादेश]] के उत्तर और [[हमा|हमात]] के दक्षिण स्थित सारी भूमि शामिल है। यह मानचित्र [[क्लैरेंस लार्किन]] की एक 1919 की पुस्तक से है।]] [[इसराइल की भूमि]] ({{Langx|he|אֶרֶץ יִשְׂרָאֵל}}) [[दक्षिणी लेवंट]] का एक क्षेत्र है। इसे [[कनान]], प्रतिश्रुत भूमि, [[पवित्र भूमि]], और [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] भी कहा जाता है। इस भूमि की सीमाएँ [[इब्रानी बाइबिल]] के अलग-अलग अध्यायों में भिन्न होती हैं, जैसे उत्पत्ति 15, निर्गमन 23, गिनती 34 और यहेज़ेक़ेल 47 में लिखा गया है। बाइबिल में नौ बार, भूमि को "[[दान से बेर्शेबा तक]]" कहा जाता है, और तीन बार इसे "हमात की घाटी से लेकर मिस्र की नाले तक" कहा जाता है (1 राजा 8:65, 1 इतिहास 13:5 और 2 इतिहास 7:8). बाइबिल में इसराइल की भूमि के तीन भौगोलिक अर्थ होते हैं: # पहले अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/01/15.htm#18 उत्पत्ति 15:18–21]) के अनुसार, इब्राहीम के सभी पुत्रों को प्रदत्त भूमि "मिस्र की नदी से फ़रात तक है"। # दूसरा अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/04/34.htm#1 गिनती 34:1–15] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/26/47.htm#13 यहेज़ेक़ेल 47:13–20]) मिस्र से आज़ादी के बाद [[इसराइल के बारह गोत्र]] के बीच विभाजित भूमि का उल्लेख करता है। # एक और अर्थ ([https://www.wordproject.org/bibles/in/05/11.htm#24 व्यवस्थाविवरण 11:24], [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/1.htm#7 व्यवस्थाविवरण 1:7]) के हिसाब से, इसराइलियों यह भूमि धीरे-धीरे सालों के दौरान पाएंगे, जैसे [https://www.wordproject.org/bibles/in/02/23.htm#29 निर्गमन 23:29] और [https://www.wordproject.org/bibles/in/05/7.htm#22 व्यवस्थाविवरण 7:22]) में लिखा गया है।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;"></sup> यह विवरण एतिहासिक इसराइली राज्यों की सीमाओं से अलग है। अपने चरम पर, यह राज्य बाइबिल की सीमाएँ के क़रीब होते थे, किन्तु उनके समरूप नहीं। [[यहूदी धर्म]] इसराइल के केवल वह जगहों को मानता है जहाँ यहूदी न्याय प्रचालित होती थी।<ref>Rachel Havelock, [https://books.google.com/books?id=5tCIiwLQr2MC&pg=PA210 ''River Jordan: The Mythology of a Dividing Line,''] University of Chicago Press, 2011 p.210.</ref> वह कहता है कि भूमि [[तौरात]] के आधार से परमेश्वर द्वारा दी गई [[यहूदी|यहूदियों]] की धरोहर है।<ref>{{cite web|url=http://bible.cc/exodus/6-4.htm|title=Exodus 6:4 I also established my covenant with them to give them the land of Canaan, where they resided as foreigners|publisher=Bible.cc|access-date=2013-08-11}}</ref> उत्पत्ति पुस्तक के अनुसार, परमेश्वर ने अब्राम के वंशजों को यह भूमि देने का वादा किया था; यह दोनों के बीच एक [[वाचा (बाइबिल)|वाचा]] है।<ref>{{cite web|url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Gen%2015:18%E2%80%9321;&version=NIV;|title=Gen 15:18–21; NIV; - On that day the LORD made a covenant|publisher=Bible Gateway|access-date=2013-08-11}}</ref> अब्राम का नाम बदलकर इब्राहीम रखा गया, और वादा उनके बेटे [[इसहाक|इसहाक़]] और पोते [[याक़ूब]] के वंशजों, यानी [[इसराइली|इसराइलियों]] को सौंपा गया था। इतिहास के प्राध्यापक एच. एस हद्दाद लिखते हैं "हालाँकि बाइबिल में [[प्रतिज्ञात भूमि]] के अलग-अलग सीमाएँ प्रकट है, एरेत्ज़ इसराइल का ठिकाना स्पष्ट है। चाहे यह "दान से बेर्शेबा तक" और "मरुस्थल से समुद्र तक" हो या, अक्सर, नील से फ़रात तक, [[यरुशलम]] इसका केंद्र है, जिसके चारो ओर सीमाएँ का अंदाज़ा लगाया जाता है।"<ref name="auto">Haddad, H. S. (1974). The Biblical Bases of Zionist Colonialism. Journal of Palestine Studies, 3(4), 97–113. https://doi.org/10.2307/2535451</ref> ==== इसराइल राज्य ==== {{मुख्य|प्राचीन इसराइल और यहूदिया का इतिहास|इसराइल राज्य|इसराइल राज्य (सामरिया)|यहूदा राज्य}} * [[इसराइल राज्य]] (1047 – 931 ई.पू.), इसराइलियों द्वारा स्थापित राज्य था। * [[इसराइल राज्य (सामरिया)]] (930 – ल. 720 ई.पू.), उत्तरी इसराइल का राज्य था, जो पहले राज्य के पतन के बाद स्थापित हुआ। * [[यूदा प्रदेश|यहूदिया राज्य]] (930 – 587 ई.पू.), दक्षिण यहूदी राज्य था, जो इसराइल राज्य के विघटन के बाद स्थापित हुआ। ==== द्वितीय मंदिर काल ==== {{मुख्य|द्वितीय मंदिर काल|ज़ियोन में वापसी}}[[यहूदी इतिहास]] में, [[द्वितीय मंदिर काल]] (516 ई.पू. – 70 ई.) के दौरान, [[यरुशलम]] में [[द्वितीय मंदिर]] स्थित था। यह ज़ियोन में वापसी एवं [[यरुशलम मंदिर]] के पुनर्निर्माण से शुरू हुआ तथा [[पहला यहूदी-रोमन युद्ध|पहले यहूदी-रोमन युद्ध]] और [[यरुशलम की घेराबंदी (70 ई.)|यरुशलम की घेराबंदी]] से समाप्त हुआ। === ब्रिटिश फ़िलिस्तीन === {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} ==== बाल्फ़ोर घोषणा ==== {{मुख्य|बाल्फ़ोर घोषणा}} [[File:Balfour_declaration_unmarked.jpg|पाठ=An image of a typed letter on aged paper, dated November 2nd, 1917, to Lord Rothschild from the Foreign Office.|अंगूठाकार| 1917 की बाल्फ़ोर घोषणापत्र]] 1917 को [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के समय, [[ब्रिटिश सरकार]] ने [[बाल्फ़ोर घोषणा]] दी, जिसमें कहा गया था कि वह [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फ़िलिस्तीन]] में यहूदियों के लिए एक देश की स्थापना से सहमत थे। उस समय, फ़िलिस्तीन [[उस्मानी साम्राज्य|उस्मानियों]] के तहत था, और वहाँ यहूदियों की अल्पसंख्या होती थी।यह घोषणा ब्रिटेन के [[विदेश मंत्री (यूनाइटेड किंगडम)|विदेश मंत्री]] [[आर्थर बाल्फ़ोर]] से ब्रिटिश यहूदी नेता [[वॉल्टर रोथ्सचाइल्ड]] को लिखित 2 नवंबर 1917 के एक पत्र में थी। इसे 9 नवंबर 1917 को प्रेस में प्रकाशित किया गया था। [[प्रथम विश्वयुद्ध]] के दौरान, [[सीनाई और फ़िलीस्तीन अभियान]] जनवरी 1915 और अक्टूबर 1918 तक चला। ब्रिटिश ने फ़िलिस्तीन को क़ब्ज़ा किया, और 1918 में पश्चिमी फ़िलीस्तीन सहित [[उस्मानी सीरिया]] को बाँटा गया था। ==== फ़िलीस्तीन जनादेश ==== {{मुख्य|फ़िलिस्तीन जनादेश}} [[File:Irgun_poster_Erez_Jisrael.jpg|अंगूठाकार|1931 से [[इर्गुन]] का एक पोस्टर, जिसमें [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात]] सहित "इसराइल की भूमि" का मानचित्र है।]] बेतार और इर्गुन जैसे प्रारंभिक [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादी]] समूह [[फ़िलिस्तीन जनादेश]] और [[ट्रैंसजॉर्डन अमीरात|ट्रैंसजॉर्डन]] को बृहत्तर इसराइल का भाग मानते थे।<ref>{{cite book|title=The Making of the Arab–Israeli Conflict, 1947–1951|url=https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9|last=Pappé|first=Ilan|publisher=I.B.Tauris|year=1994|isbn=978-1-85043-819-9|location=London|page=[https://archive.org/details/makingofarabisra0000papp_z8o9/page/20 21]}}</ref> 1937 को, [[पील आयोग]] ने फ़िलिस्तीन जनादेश के विभाजन का सुझाव दिया। उस वर्ष, अपने बेटे को लिखित एक पत्र में [[डेव्हिड बेन-गुरियन|डेविड बेन-गुरियन]] ने कहा कि बँटवारे को माना जाएगा। उन्होंने लिखा: {{blockquote|क्योंकि क़ब्ज़े में यह बढ़ाई महत्तवपूर्ण है बस अपने आप से ही नहीं, बल्कि इसलिए क्योंकि हम इससे अपनी शक्ति बढ़ाते हैं, और शक्ति में हर बढ़ाई पूरी भूमि को पाने में मदद करता है। राष्ट्र की स्थापना, भले ही भूमि के केवल एक हिस्से पर, आज हमारी शक्ति का महत्तम प्रयोग और पूरे देश को आज़ाद करने के एतिहासिक प्रयासों के लिए शक्तिशाली बढ़ावा है।<ref>[http://www.palestineremembered.com/download/B-G%20LetterTranslation.pdf Letter from David Ben-Gurion to his son Amos, written 5 October 1937], Obtained from the Ben-Gurion Archives in Hebrew, and translated into English by the [[Institute of Palestine Studies]], Beirut</ref><ref>{{Cite book|last=Morris|first=Benny|author-link=Benny Morris|title=Righteous Victims: A History of the Zionist-Arab Conflict, 1881-1998|publisher=Knopf Doubleday Publishing Group |year=2011 |isbn=9780307788054 |page=138 Quote: "No Zionist can forgo the smallest portion of the Land Of Israel. [A] Jewish state in part [of Palestine] is not an end, but a beginning. … Our possession is important not only for itself … through this we increase our power, and every increase in power facilitates getting hold of the country in its entirety. Establishing a [small] state … will serve as a very potent lever in our historical effort to redeem the whole country"}}</ref><ref name=Finkelstein208>{{citation|title=Beyond Chutzpah: On the Misuse of Anti-semitism and the Abuse of History |first=Norman |last=Finkelstein |publisher=University of California Press |year=2005 |isbn=9780520245983 |page=280 |url=https://books.google.com/books?id=Xmi2Yw0QzN8C&pg=PA280}}</ref>}} उन्होंने यह बात कई अवसरों में कहीं, जैसे जून 1938 में यहूदी एजेंसी से मिलने समय,<ref>Quote from a meeting of the Jewish Agency executive in June 1938: "[I am] satisfied with part of the country, but on the basis of the assumption that after we build up a strong force following the establishment of the state, we will abolish the partition of the country and we will expand to the whole Land of Israel." in<br />{{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/107 107]|year=1992|publisher=Inst for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}; and<br />{{citation|last=Segev|first=Tom|title=One Palestine, Complete: Jews and Arabs Under the British Mandate|url=https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403|page=[https://archive.org/details/onepalestinecomp00sege/page/403 403]|year=2000|publisher=Henry Holt and Company|isbn=9780805048483}}</ref> और ख़ाइम वाइट्समैन ने भी यह कहा।<ref>From a letter from Chaim Weizmann to [[Arthur Grenfell Wauchope]], [[High Commissioners for Palestine and Transjordan|High Commissioner for Palestine]], while the Peel Commission was convening in 1937: "We shall spread in the whole country in the course of time ... this is only an arrangement for the next 25 to 30 years." {{citation|last=Masalha|first=Nur|title=Expulsion of the Palestinians: The Concept of "Transfer" in Zionist Political Thought, 1882-1948|url=https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62|page=[https://archive.org/details/expulsionofpales00masa/page/62 62]|year=1992|publisher=Inst. for Palestine Studies|isbn=9780887282355}}</ref> बेन गुरियन ने कहा:{{blockquote|हम पर थोपी गई सीमाएँ को ढा देंगे, और ज़रूरी नहीं कि यह युद्ध से हो। मैं मानता हूँ कि निकट भविष्य में हमारे और अरब राज्य के बीच एक समझौता किया जा सकता है।"<ref>Howard M. Sachar History of Israel from the rise of Zionism to our Time pp. 207-208</ref>}} पील आयोग के ज़ियोनवादी नेता ख़ाइम वाइट्समैन ने कहा "मैं जानता हूँ कि परमेश्वर ने इसराइलियों को फ़िलिस्तीन वादा किया हैं, लेकिन में नहीं जानता उन्होंने क्या सीमाएँ रखी हैं। मैं मानता हूँ कि वह आज के प्रस्तावित सीमाओं से चौड़ी थी, और शायद उनमें ट्रैंसजॉर्डन भी शामिल था।"<ref>Lewis, G. (2009). Balfour and Weizmann: The Zionist, the Zealot and the Emergence of Israel. United Kingdom: Bloomsbury Publishing</ref><ref>Chaim Weizmann, ''Trial and Error: The Autobiography of Chaim Weizmann'' (1949), Volume 2</ref> === इसराइल राज्य का प्रारंभिक काल === [[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]] के जोएल ग्रीनबर्ग ने लिखा: "1948 को इसराइल की स्थापना पर, [[श्रमिक ज़ियोनवाद|श्रमिक ज़ियोनवादी]] सत्ता ने, जिसने इसराइल की स्वतंत्रता के पहले तीस वर्षों तक राज की, ब्रिटिश फ़िलिस्तीन के स्वतंत्र यहूदी और अरब राज्यों में विभाजन को स्वीकार किया। विपक्ष [[संशोधनवादी ज़ियोनवाद|संशोधनवादी ज़ियोनवादियों]], जो आज के [[लिकुड|लिकुद]] दल हैं, ''एरेत्स इस्राएल हा-श्लेमा''—बृहत्तर इसराइल, या, इसराइल की सम्पूर्ण भूमि (शालेम, यानी सम्पूर्ण) चाहते थे।"<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref> 1967 के [[छः दिन का युद्ध|छह दिन के युद्ध]] में [[पश्चिमी तट]] और [[ग़ज़ा पट्टी]] के क़ब्ज़े से बृहत्तर इसराइल का आंदोलन बढ़ने लगा और वहाँ [[इसराइली बस्ती|इसराइली बस्तियाँ]] भी बनने लगीं। 1977 के चुनाव का भी बड़ा प्रभाव पड़ा, जिससे लिकुद सत्ता में आई। ग्रीनबर्ग ने लिखा: <blockquote>बीज को 1977 में बोया गया था, जब लिकुद के [[मेनाकेम बेगिन|मेनाख़ेम बेगिन]] ने पहली बार श्रमिकों को हराकर अपने दल को सत्ता में लाया। एक दशक पहले, 1967 के युद्ध में, इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में घुसकर 1948 के विभाजन को ख़त्म कर दिए थे। तब से, बेगिन जी ने यहूदिया और सामरिया (पश्चिमी तट) की निष्ठा का उपदेश सुनाने लगे और वहाँ बसने का बढ़ावा दिए। लेकिन जब वह पद ग्रहण किए उन्होंने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पर क़ब्ज़ा नहीं किया, यह मानते हुए कि फ़िलिस्तीनियों को आत्मसात करके इसराइल एक द्विराष्ट्रीय देश बन सकता था।<ref name="nytimes.com">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/11/22/weekinreview/the-world-pursuing-peace-netanyahu-and-his-party-turn-away-from-greater-israel.html|title=The World: Pursuing Peace; Netanyahu and His Party Turn Away from 'Greater Israel'|last=Greenberg|first=Joel|date=22 November 1998|newspaper=The New York Times|access-date=31 January 2019}}</ref></blockquote> प्रधानमंत्री [[इत्सहाक शामिर]] बृहत्तर इसराइल के एक प्रमुख समर्थक थे; उन्होंने बस्तियों को वित्त पोषित किया और वैधता दी।<ref>Mordechai Bar-On (2004) ''A Never-Ending Conflict: A Guide to Israeli Military History'' Greenwood Publishing Group, {{ISBN|0-275-98158-4}} p 219</ref> ==संदर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:नव-ज़ियोनवाद]] [[श्रेणी:अरब–इसराइली संघर्ष की राजनीति]] [[श्रेणी:इसराइल भूमि]] [[श्रेणी:इसराइल से जुड़े षड्यंत्र सिद्धांत]] 5wy80say5e0gsrmmd9vwst1jvr8hs4q स्वर्ण कांता शर्मा 0 1610949 6541088 6538634 2026-04-16T05:19:34Z Dsrprj 780832 6541088 wikitext text/x-wiki '''न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा''' <ref>{{Cite web |date=2026-03-15 |title=Who is Justice Swarana Kanta Sharma? Kejriwal moves SC, seeking to remove Delhi HC judge from excise case {{!}} Today News |url=https://www.livemint.com/news/india/who-is-justice-swarana-kanta-sharma-kejriwal-moves-sc-seeking-to-remove-delhi-hc-judge-from-excise-case-11773592337158.html |access-date=2026-04-09 |website=mint |language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/articles/cgmeev7enezo|title=अरविंद केजरीवाल और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़ा पूरा मामला क्या है?|date=2026-04-15|website=BBC News हिंदी|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref>भारत में [[दिल्ली उच्च न्यायालय]] की [[न्यायाधीश]] हैं । उन्हें 28 मार्च 2022 को न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत किया गया।<ref>{{Cite web |title=Dr. Justice Swarana Kanta Sharma {{!}} Welcome To Delhi High Court |url=https://delhihighcourt.nic.in/web/Judges/dr-justice-swarana-kanta-sharma#:~:text=Swarana%20Kanta%20Sharma-,Dr.,settled%20many%20cases%20through%20mediation. |access-date=2026-04-09 |website=delhihighcourt.nic.in}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/zee-hindustan/national/who-is-justice-swarnakanta-sharma-who-justified-arrest-of-cm-arvind-kejriwal-in-delhi-liquor-related-case/2196635|title=कौन हैं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा? जिन्होंने CM केजरीवाल की गिरफ्तारी को ठहराया वैध|date=2024-04-09|website=Zee News Hindi|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/setting-aside-lower-court-order-not-a-comment-on-judges-integrity-hc/article70744594.ece#:~:text=Emphasising%20that%20appellate%20scrutiny%20is,the%20judge%20who%20passed%20it. |access-date=2026-04-09 |website=www.thehindu.com}}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/consensual-adult-ties-cannot-later-be-termed-rape-says-delhi-hc/article70045660.ece/amp/ |access-date=2026-04-09 |website=www.thehindu.com}}</ref> ==संदर्भ== [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:आधार]] [[श्रेणी:भारतीय न्यायाधीश]] [[श्रेणी:न्याय]] cd53jokex6a4mwdp6k6bolbkysfzkre द्विभाषी शब्दकोश 0 1610989 6541225 6538785 2026-04-16T10:20:34Z सुमता 916349 चुनौतियां को जोड़ा गया 6541225 wikitext text/x-wiki {{सफाई|reason=लेख की शैली, बुलेट पॉइंट्स और लेआउट की सफाई|date=अप्रैल 2026}} द्विभाषी शब्दकोश एक विशिष्ट प्रकार का शब्दकोश है, जिसका उपयोग एक भाषा के शब्दों या वाक्यांशों का दूसरी भाषा में अनुवाद करने के लिए किया जाता है। द्विभाषी शब्दकोश एकतरफा हो सकते हैं, जिनमें एक भाषा से दूसरी में अनुवाद किया जाता हैं। जैसे - हिंदी से अंग्रेजी। और दो तरफा भी हो सकते हैं, जो दोनों भाषाओं के बीच पारस्परिक अनुवाद करते हैं। जैसे—एक हिंदी-अंग्रेजी, दूसरा अंग्रेजी-हिंदी। <ref name=":0">{{Cite web|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Bilingual_dictionary|title=Bilingual dictionary}}</ref> दो तरफा द्विभाषी शब्दकोश दो खंडों में विभाजित होते हैं, जिनमें एक खण्ड भाषा के शब्दों और वाक्यांशों को उनके समतुल्य अनुवादित करता है। अनुवाद के अतिरिक्त, द्विभाषी शब्दकोश प्रायः शब्द-भेद, लिंग, क्रिया-प्रकार, विभक्ति-रूप तथा अन्य व्याकरणिक संकेतों को भी निर्दिष्ट करते हैं, जिससे गैर-मातृभाषी वक्ता के लिए शब्दों का उपयुक्त प्रयोग संभव हो सके।<ref name=":0" /> इसके अतिरिक्त, ऐसे शब्दकोशों में कभी-कभी वाक्यांश प्रयोग एवं शैली-निर्देश, क्रिया-रूप , मानचित्र तथा व्याकरण-संदर्भ जैसी सहायक सामग्री भी होती है। और इसके विपरीत, एक तरफा शब्दकोश अनुवाद प्रदान करते समय शब्दों और वाक्यांशों की व्याख्या प्रस्तुत करता है।<ref name=":0" /> === द्विभाषा शब्दकोश की आवश्यकता === •छोटी भाषाओं के समर्थन के लिए।<ref name=":1">{{Cite book|title=BILINGUAL EDUCATION|last=GARCÍA|first=OFELIA|publisher=JOHN BENJAMINS|year=1991|isbn=90 272 2080 8 (Eur.) / 1-55619-116-2 (US) (alk. paper)|location=AMSTERDAM/PHILADELPHIA|pages=5}}</ref> •समाज में भाषाओं और संस्कृतियों के पारस्परिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने में सहायक।<ref name=":1" /> •द्विभाषी शिक्षा ऐसी सामाजिक व्यवस्था को दर्शाती है, जो अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करती है और छात्रों के बौद्धिक व शैक्षिक अनुभवों को बढ़ाने में मदद करती है।<ref>{{Cite book|title=BILINGUAL EDUCATION|last=GARCÍA|first=OFELIA|publisher=JOHN BENJAMINS|year=1991|isbn=90 272 2080 8 (Eur.) / 1-55619-116-2|location=AMSTERDAM/PHILADELPHIA|pages=5}}</ref> •बहुल अभिव्यक्ति के रूप में द्वि लिपि-ज्ञान को बढ़ावा देने के रूप में सहायक।<nowiki><ref></nowiki>{{Cite book|title=BILINGUAL EDUCATION|last=GARCÍA|first=OFELIA|publisher=JOHN BENJAMINS PUBLISHING COMPANY|year=1991|isbn=90 272 2080 8 (Eur.) / 1-55619-116-2 (US)|location=AMSTERDAM/PHILADELPHIA|pages=5}}</ref <nowiki>===</nowiki> === द्विभाषी शब्दकोश का इतिहास === <nowiki>===</nowiki> द्विभाषी शब्दकोश का इतिहास विश्व की प्रमुख सभ्यताओं के मध्य भाषाई आदान-प्रदान, व्यापार, धार्मिक प्रसार और राजनीतिक विस्तार का रहा है। <nowiki>''</nowiki>'''प्राचीन काल'''<nowiki>''</nowiki> में सुमेरियन और अक्कादी सभ्यता जो कि विश्व का सबसे प्राचीन ज्ञात द्विभाषी शब्दकोश (लगभग 2300 ईसा पूर्व) का माना जाता है। मेसोपोटामिया में सुमेरियन-अक्कादी शब्द-सूचियाँ मिली हैं, जिनका उपयोग क्यूनिफॉर्म लिपि सीखने और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता था। और हित्ती सभ्यता ने बहु भाषिकता को और विस्तार दिया तथा त्रिभाषी शब्दकोश (हित्ती-सुमेरी-अक्कादी) विकसित किए, जो भाषाई तुलनात्मक अध्ययन के शुरुआती प्रमाण हैं।<nowiki><ref></nowiki>{{Cite web|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Dictionary|title=Dictionary}}<nowiki></ref></nowiki> '''ग्रीक और रोमन काल -''' यूरोपीय संदर्भ में, द्विभाषी शब्दकोशों का विकास शिक्षा और शास्त्रीय ग्रंथों के संरक्षण के इर्द-गिर्द घूमता रहा।रोमन सम्राट क्लॉडियस ने एक एट्रस्कन-लैटिन शब्दकोश संकलित किया था, जो अब लुप्त हो चुका है। और आठवीं से नौवीं शताब्दी ईस्वी में तिब्बत में महाव्युत्पत्ति नामक एक प्रमुख द्विभाषी शब्दकोश तैयार किया गया। इसे "महान ग्रंथ जो शब्दों को सटीक रूप से समझाता है" कहा जाता है। इसमें हजारों संस्कृत और तिब्बती शब्द शामिल थे, जो तिब्बती भाषा में बौद्ध ग्रंथों को मानकीकृत करने के लिए बनाया गया। यह तिब्बती त्रिपिटक का हिस्सा है। इसके साथ मध्यव्युत्पत्ति का भी उपयोग होता था। तथा दसवीं शताब्दी ईस्वी में यूरोप के यहूदी समुदायों में हिब्रू और अरामी से मध्ययुगीन फ्रेंच भाषा में शब्दकोश बनाए गए। ये तालमुद और अन्य यहूदी ग्रंथों को समझने व पढ़ाने के लिए उपयोगी थे।<ref>{{Cite web|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Bilingual_dictionary|title=Bilingual dictionary}}</ref><ref name=":3">{{Cite web|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Etruscan_language|title=Etruscan language}}</ref> '''भारत में द्विभाषी शब्दकोश का इतिहास''' प्राचीन भारत में 'निघंटु' परंपरा से शब्दकोशों की शुरुआत हुई, जो मध्यकाल तक आते-आते द्विभाषी स्वरूप लेने लगी। 6ठी शताब्दी में अमरसिंह द्वारा रचित 'नामलिंगानुशासन' (अमरकोश) संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं के लिए प्रारंभिक आधार बना। इसमें लगभग 10,000 शब्दों को पर्यायवाची रूप में वर्गीकृत किया गया है। और12वीं शताब्दी चूड़ामणि निघंटु में तमिल और संस्कृत के बीच एक व्यवस्थित संकलन किया गया। इसमें मुख्य रूप से चिकित्सा, खगोल विज्ञान और वनस्पति विज्ञान से संबंधित शब्दावली का संकलन मिलता है। तथा ​खालिक-ए-बारी (16वीं शताब्दी)में मुगल काल के दौरान (1580 के आसपास) रचित फारसी और हिंदुस्तानी (पुरानी हिंदी/उर्दू) का पहला लोकप्रिय पद्यात्मक कोश था। अमीर खुसरो की परंपरा से प्रेरित इस ग्रंथ में लगभग 5,000 शब्दों का अनुवाद मिलता है।<ref name=":2" /> औपनिवेशिक युग (18वीं-19वीं शताब्दी) ​में ​जे. फर्गुसन (1772-73) ने रोमन .लिपि में पहली 'हिंदुस्तानी-अंग्रेजी डिक्शनरी' तैयार की, जिसमें बोलचाल के लगभग 4,000 शब्द शामिल थे। और ​विलियम कैरी ने (1810) सेरामपुर मिशनरी में 'बंगाली-अंग्रेजी डिक्शनरी' का प्रकाशन किया। 40,000 प्रविष्टियों वाला यह कोश क्षेत्रीय भाषाओं और अंग्रेजी के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बना। तथा ​जॉन क्लाइव (1830 के दशक) ने 'हिंदी-अंग्रेजी डिक्शनरी' (लगभग 20,000 शब्द) इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसमें पहली बार शब्दों के साथ व्याकरणिक टिप्पणियाँ भी जोड़ी गई थीं।<ref>{{Cite web|url=https://dsal.uchicago.edu/dictionaries/dasa-hindi/frontmatter/introduction.html?utm|title=प्रथम संस्कारण की भूमिका}}</ref> 1947 के बादः - ​केंद्रीय हिंदी निदेशालय (1950): निदेशालय ने 'हिंदी-अंग्रेजी शब्दकोश' के 12 खंड प्रकाशित किए, जिनका मुख्य केंद्र तकनीकी और प्रशासनिक शब्दावली का मानकीकरण करना था।<ref name=":2" /> ​सर्वभारती कोश (1960-70): इस परियोजना के अंतर्गत 22 भारतीय भाषाओं को आपस में जोड़ने का प्रयास किया गया, जिसमें हिंदी-तमिल और हिंदी-उर्दू जैसे भाषाई युग्मों पर विशेष कार्य हुआ।<ref name=":2" /> CIIL की भूमिका (1990 के दशक): मैसूर स्थित 'भारतीय भाषा संस्थान' (CIIL) ने 50 से अधिक द्विभाषी कोश विकसित किए, जो आदिवासी और लघु भाषाओं को मुख्यधारा की भाषाओं से जोड़ते हैं। 1947 के पश्चात स्वतंत्रता के बाद प्रशासनिक और शैक्षिक कार्यों के लिए भारतीय भाषाओं के कोश निर्माण में सरकारी संस्थाओं की भूमिका अहम रही।<ref name=":2">{{Cite web|url=https://news.prolingoeditors.com/2025/04/bharat-mein-shabdakosh-itihas.html|title=भारत में शब्दकोशों का गौरवशाली इतिहास: प्राचीन ज्ञान से डिजिटल युग तक का सफ़र है रोमांचक}}</ref> == चुनौतियां == व्यावहारिक तथा सैद्धांतिक शब्दकोश कारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती द्विभाषी शब्दकोश के कार्यों को परिभाषित करना है। एक द्विभाषी शब्दकोश का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को एक भाषा से दूसरी भाषा में पाठ का अनुवाद करने में सहायता प्रदान करना, अथवा विदेशी भाषा के पाठों को समझने में उनकी मदद करना होता है।<ref name=":3" /> ऐसी स्थिती में उपयोगकर्ताओं को ऐसे शब्दकोश की आवश्यकता होगी जिसमें विभिन्न प्रकार के आँकड़े सम्मिलित हों, जिन्हें संबंधित कार्य के उद्देश्य से विशेष रूप से चुना गया हो। यदि उद्देश्य विदेशी भाषा के पाठों को समझना है, तो शब्दकोश में विदेशी भाषा के प्रविष्टि-शब्द तथा मातृभाषा में दी गई परिभाषाएँ होंगी, जिन्हें लक्षित उपयोगकर्ता-समूह द्वारा आसानी से समझे जाने योग्य रूप में प्रस्तुत किया गया होगा। यदि शब्दकोश का उद्देश्य पाठों के अनुवाद में सहायता प्रदान करना है, तो उसमें केवल समतुल्य शब्द ही नहीं, बल्कि सहप्रयोग और वाक्यांश भी शामिल होने चाहिए, जिन्हें संबंधित लक्ष्य-भाषा में अनूदित किया गया हो। यह भी सिद्ध हो चुका है कि शिक्षार्थियों के लिए बनाए गए विशिष्ट अनुवाद शब्दकोशों में ऐसे आँकड़े भी सम्मिलित होने चाहिए, जो उपयोगकर्ताओं को जटिल वाक्य-संरचनाओं के अनुवाद में सहायता करें, साथ ही भाषा-विशिष्ट विधागत परंपराओं को समझने में भी सहायक हों।<ref name=":4" /><ref name=":4">{{Cite web|url=https://ebooks.inflibnet.ac.in/hinp09/chapter/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8/?utm|title=कोशविज्ञान - भाषाविज्ञान}}</ref>मानक शब्दकोशीय पारिभाषिकी में, द्विभाषी शब्दकोश की परिभाषा “अनुवाद समतुल्य” प्रदान करती है—अर्थात् ऐसी अभिव्यक्ति, जो किसी एक भाषा में होते हुए दूसरी भाषा की किसी अभिव्यक्ति के समान अर्थ रखती हो, अथवा समान संदर्भ में प्रयुक्त की जा सकती हो, और इस प्रकार उसका अनुवाद करने में सक्षम होती है।<ref>{{Cite book|title=TRANSLATION EQUIVALENT,|last=McArthur|first=Tom|publisher=Concise Oxford Companion to the English Language.|year=(1998)}}</ref>ब्रिटिश शब्दकोशकार रॉबर्ट इल्सन, Collins-Robert French-English English-French Dictionary से उदाहरणात्मक परिभाषाएँ प्रस्तुत करते हैं। चूँकि फ़्रांसीसी chien = अंग्रेज़ी dog तथा dog = chien है, इसलिए chien और dog अनुवाद समतुल्य है ; परन्तु garde champêtre = rural policeman होने के बावजूद, क्योंकि rural policeman अंग्रेज़ी-फ़्रांसीसी शब्दकोश में सम्मिलित नहीं है, अतः ये सांस्कृतिक रूप से समतुल्य नहीं माने जाते। दोनों अभिव्यक्तियों को उनके अवयवों के आधार पर पर्याप्त रूप से समझा जा सकता है, और फ़्रांसीसी में garde urbain या अंग्रेज़ी में urban policeman के साथ इनके स्पष्ट विरोध भी दिखाई देते हैं। तथापि, garde champêtre का फ़्रांसीसी शब्द-तंत्र के भीतर एक विशिष्ट तथा अप्रत्याशित विरोध है—यह gendarme के साथ विरोध स्थापित करता है। दोनों ही पुलिसकर्मी होते हैं, किन्तु gendarme राष्ट्रीय पुलिस बल का सदस्य होता है, जो तकनीकी रूप से फ़्रांसीसी सेना का भाग है, जबकि garde champêtre स्थानीय कम्यून द्वारा नियुक्त किया जाता है। Rural policeman में इस प्रकार का कोई विशिष्ट विरोध नहीं पाया जाता।<ref>{{Cite book|title="The Explanatory Technique of Translation"|last=Ilson|first=Robert|publisher=International Journal of Lexicography,|year=(2013)|pages=Vol. 26 No. 3, p. 390.}}</ref> द्विभाषी शब्दकोश के निर्माण का संभवतः सबसे जटिल पक्ष यह है कि शब्द-इकाइयाँ अथवा शब्द प्रायः एक से अधिक अर्थ-क्षेत्रों को आवृत्त करते हैं, किन्तु ये बहुविध अर्थ लक्ष्य-भाषा में किसी एक ही शब्द के साथ अनुरूपता नहीं रखते। उदाहरणार्थ, अंग्रेज़ी में ticket शब्द का प्रयोग सिनेमा-गृह में प्रवेश के लिए, बस या रेल-यात्रा की अनुमति के लिए, अथवा निर्धारित गति-सीमा का उल्लंघन करने पर पुलिस अधिकारी द्वारा दिए जाने वाले चालान के अर्थ में किया जा सकता है। स्पेनी भाषा में ये तीनों अर्थ अंग्रेज़ी की भाँति एक ही शब्द द्वारा व्यक्त नहीं होते, बल्कि इनके लिए भिन्न-भिन्न विकल्प प्रयुक्त होते हैं—जैसे boleto या entrada तथा infracción/multa; इसी प्रकार फ़्रांसीसी में billet या ticket तथा procès-verbal, और जर्मन में Eintrittskarte या Fahrkarte तथा Mahnung/Bußgeldbescheid।हाल के समय में द्विभाषी शब्दकोशों की प्रविष्टियों के अर्थ भेद को स्पष्ट करने के लिए एक स्वचालित विधि भी प्रस्तावित की गई है। grf7zug5vcgnucjwv35ts0pdwifmpih वार्ता:यांत्रिक अनुवाद का इतिहास 1 1611053 6541104 6539043 2026-04-16T05:54:52Z अनुनाद सिंह 1634 /* शीघ्र हटाने पर चर्चा */ नया अनुभाग 6541104 wikitext text/x-wiki == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस लेख को खराब मशीनी अनुवाद होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 16:33, 11 अप्रैल 2026 (UTC) : इसका अनुवाद उतना खराब नहीं है। मैं भी इसकी भाषा को ठीक कर दूँगा। इसे न हटाएँ।--[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 16:33, 11 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] जी, इस लेख का अनुवाद इतना खराब है कि आप जैसे पुराने सदस्य को इसपर शर्म आनी चाहिए। लेख में कोई भी वाक्य सार्थक नहीं है। कोई नया सदस्य ऐसे अनुवाद करे तो उसे चेतावनी देने में मुझे आसानी होगी लेकिन आप जैसे अनुभवी सदस्यों को चेतावनी देते हुये भी बुरा लगता है। आप लेखों में स्रोत भी नहीं देते हो।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:27, 11 अप्रैल 2026 (UTC) == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस लेख को खराब मशीनी अनुवाद होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 05:54, 16 अप्रैल 2026 (UTC) == इसे न हटाएँ == य्ह एक महत्वपूर्ण विषय है। इसकी भाषा में पर्याप्त सुधार कर दिया गया है। --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 05:54, 16 अप्रैल 2026 (UTC) opxe3egf4qgnlo2u91mg6dhg8q7ijlc 6541105 6541104 2026-04-16T05:55:39Z अनुनाद सिंह 1634 /* शीघ्र हटाने पर चर्चा */ 6541105 wikitext text/x-wiki == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस लेख को खराब मशीनी अनुवाद होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 16:33, 11 अप्रैल 2026 (UTC) : इसका अनुवाद उतना खराब नहीं है। मैं भी इसकी भाषा को ठीक कर दूँगा। इसे न हटाएँ।--[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 16:33, 11 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] जी, इस लेख का अनुवाद इतना खराब है कि आप जैसे पुराने सदस्य को इसपर शर्म आनी चाहिए। लेख में कोई भी वाक्य सार्थक नहीं है। कोई नया सदस्य ऐसे अनुवाद करे तो उसे चेतावनी देने में मुझे आसानी होगी लेकिन आप जैसे अनुभवी सदस्यों को चेतावनी देते हुये भी बुरा लगता है। आप लेखों में स्रोत भी नहीं देते हो।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:27, 11 अप्रैल 2026 (UTC) == इसे न हटाएँ == य्ह एक महत्वपूर्ण विषय है। इसकी भाषा में पर्याप्त सुधार कर दिया गया है। --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 05:54, 16 अप्रैल 2026 (UTC) 8iaul3pnwg226c2i5141q9jcz7pmomp द ट्रेंडिंग पीपल 0 1611063 6540935 6539914 2026-04-15T13:19:35Z Khushi200 920506 भाषा और संरचना में सुधा 6540935 wikitext text/x-wiki {{Short description|भारतीय डिजिटल समाचार मंच}} {{Infobox website | name = द ट्रेंडिंग पीपल | type = डिजिटल मीडिया मंच | language = हिन्दी, अंग्रेज़ी | founded = 2021 | headquarters = [[नई दिल्ली]], भारत }} '''द ट्रेंडिंग पीपल''' ([[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: ''The Trending People'') एक भारतीय डिजिटल मीडिया मंच है, जिसका उल्लेख समाचार स्रोतों में डिजिटल प्रकाशन मंच के रूप में किया गया है।<ref name="ips">{{cite web |url=https://ipsnews.net/business/2026/03/16/independent-digital-platforms-expand-space-for-grassroots-storytelling-in-india/ |title=Independent digital platforms expand space for grassroots storytelling in India |website=IPS News |access-date=2026-04-12}}</ref><ref name="hans">{{cite web |url=https://www.thehansindia.com/life-style/the-trending-people-a-growing-force-in-indias-digital-news-media-931154 |title=The Trending People: A Growing Force in India's Digital News Media |website=The Hans India |access-date=2026-04-12}}</ref> == परिचय == यह मंच डिजिटल पत्रकारिता से संबंधित सामग्री प्रकाशित करता है, जिसमें सामाजिक, सांस्कृतिक तथा समसामयिक विषय शामिल होते हैं। स्रोतों में इसे स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उल्लेखित किया गया है, जो जमीनी स्तर की कहानियों और सामाजिक मुद्दों को प्रकाशित करता है।<ref name="ips" /> == इतिहास == उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, इस मंच की स्थापना 2021 में हुई। प्रारंभिक चरण में इसने समसामयिक घटनाओं और [[सामाजिक|सामाजिक विषयों]] से संबंधित सामग्री प्रकाशित की।<ref name="hans" /> अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में भारत में उभरते स्वतंत्र [[डिजिटल मीडिया]] मंचों के संदर्भ में इसका उल्लेख किया गया है।<ref name="ips" /> == मीडिया में उल्लेख == समाचार स्रोतों में इस मंच का उल्लेख भारत में उभरते [[डिजिटल मीडिया]] प्लेटफॉर्म के संदर्भ में किया गया है।<ref name="pk">{{cite web |url=https://m.haryana.punjabkesari.in/gurgaon/news/thetrendingpeople-a-digital-platform-voice-of-society-2053753 |title=The Trending People: A digital platform voice of society |website=Punjab Kesari |access-date=2026-04-12}}</ref><ref name="jagran">{{cite web |url=https://web.archive.org/web/20260317055630/https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69b7d9af1e5ec/article-48262 |title=The Trending People पर रिपोर्ट |website=दैनिक जागरण |access-date=2026-04-12}}</ref> == सामग्री == मंच पर [[राजनीति]], समाज, [[संस्कृति]] और अन्य सार्वजनिक महत्व के विषयों पर लेख प्रकाशित किए जाते हैं। इसमें विभिन्न लेखकों द्वारा लिखित सामग्री शामिल होती है।<ref name="jagran" /> == यह भी देखें == * [[डिजिटल पत्रकारिता]] * भारत में मीडिया == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:वेबसाइटें]] [[श्रेणी:भारत में मीडिया]] [[श्रेणी:डिजिटल मीडिया]] [[श्रेणी:2021 में स्थापित संगठन]] h75hame8jb4f1tildxwimr4v2g7zigt कुरान के अनुवाद 0 1611079 6541132 6539725 2026-04-16T07:07:37Z Nitinjha65 920001 इतिहास उप शीर्षक में कुछ जोड़ा गया और भाषागत त्रुटि ठीक कि गई 6541132 wikitext text/x-wiki === परिचय === [[चित्र:Der_Koran_by_Friedrich_Eberhard_Boysen_1775.jpg|अंगूठाकार|1775 में प्रकाशित कुरान के जर्मन अनुवाद का शीर्षक पृष्ठ]]कुरान इस्लाम का पवित्र ग्रंथ है । इस्लामी मान्यता के अनुसार , कुरान को स्वर्गदूत गेब्रियल द्वारा प्रकट किया गया था ।पैगंबर मुहम्मद का समय पश्चिमी अरब के शहरों मक्का और मदीना में 610 ईस्वी से शुरू होकर 632 ईस्वी तक रहा है। ''कुरान'' शब्द , जो स्वयं इस्लामी धर्मग्रंथ में मिलता है (जैसे, 9:111 और 75:17-18), क्रिया क़राअ से व्युत्पन्न है ''—'' जिसका अर्थ है "पढ़ना," "पाठ करना"—लेकिन संभवतः इसका संबंध सिरियाई शब्द ''क़ेर्याना से भी है, जिसका अर्थ है "पढ़ना," जिसका प्रयोग'' चर्च सेवाओं के दौरान धर्मग्रंथों के पाठ के लिए किया जाता है । कुरान का ग्रंथ, जो शास्त्रीय अरबी के प्रारंभिक रूप में रचा गया है , परंपरागत रूप से ईश्वर के वचन की शाब्दिक प्रतिलिपि माना जाता है और इसे एक अजन्मे और शाश्वत स्वर्गीय मूल की सांसारिक प्रतिकृति माना जाता है , जैसा कि कुरान में ही "अच्छी तरह से संरक्षित पट्टिका" ( ''अल-लौह अल-महफूज़'' ; कुरान 85:22) के रूप में संदर्भित सामान्य दृष्टिकोण के अनुसार है।<ref>{{Cite web|url=https://www-britannica-com.translate.goog/topic/Quran|title=}}</ref> ==== कुरान के अनुवाद में समस्या ==== {{क़ुरआन|expanded=translation}}कुरान का अनुवाद केवल भाषाई रूपांतरण का कार्य नहीं, बल्कि एक अत्यंत सूक्ष्म, गहन और जिम्मेदारीपूर्ण बौद्धिक प्रयास है। इसकी मूल भाषा [[शास्त्रीय अरबी]] है, जिसकी गहराई और अभिव्यक्तिगत समृद्धि को समझना स्वयं अरबी भाषियों के लिए भी अनेक बार चुनौतीपूर्ण सिद्ध होता है। समय के साथ शास्त्रीय अरबी और [[आधुनिक मानक अरबी]] के बीच अर्थ, प्रयोग और संदर्भ में जो परिवर्तन आए हैं, वे इस जटिलता को और बढ़ा देते हैं। अनुवाद की सामान्य कठिनाइयों के अतिरिक्त, अरबी भाषा की बहुअर्थी प्रकृति भी एक महत्वपूर्ण बाधा बनती है। एक ही शब्द विभिन्न प्रसंगों में अलग-अलग अर्थ धारण कर सकता है,<ref name="Malise Ruthven Page 90">{{Cite book|title=Islam in the World|url=https://archive.org/details/islaminworld0000ruth_l5u9|last=रूथवेन|first=मालिसे|publisher= ग्रांटा |year=2006|isbn=978-1-86207-906-9|page=[https://archive.org/details/islaminworld0000ruth_l5u9/page/90 90]}}</ref> जिससे अनुवादक को अत्यंत सावधानी और विवेक के साथ उपयुक्त अर्थ का चयन करना पड़ता है। किसी भी पाठ को समझने और उसे दूसरी भाषा में रूपांतरित करने की प्रक्रिया में मानवीय निर्णय का तत्व अनिवार्य रूप से उपस्थित रहता है, और यही तत्व क़ुरआन के अनुवादों को भी प्रभावित करता है।<ref>There are occasional misinterpretations, mistranslations, and even distortions. Translating the meanings of the Holy Quran has always been challenging for translators, as the Quran has an exoteric and an esoteric meaning. {{Cite web |title=Itineraries in the Translation History of the Quran: A Guide for Translation Students |url=https://files.eric.ed.gov/fulltext/ED613311.pdf |website=eric.ed.gov}}</ref><ref>{{Cite web | url=https://www.jspt.ir/article_167055_d4455677421c8d1c8ab05b048e5fb3a9.pdf | title=Ideologic Presuppositions Behind Translation: A Case Study of the Orientalist English Translations of the Quran | website=www.jspt.ir}}</ref> फलस्वरूप, कुरान के विभिन्न अनुवादों में अर्थगत विविधताएँ स्वाभाविक रूप से परिलक्षित होती हैं। ये विविधताएँ अनुवादक की शिक्षा, भाषिक दक्षता, सांस्कृतिक परिवेश, भौगोलिक स्थिति, [[इस्लाम के सम्प्रदाय एवं शाखाएँ|संप्रदायिक दृष्टिकोण]] तथा धार्मिक विचारधारा से गहराई से प्रभावित होती हैं।<ref>{{Cite web | url=https://core.ac.uk/download/pdf/19576529.pdf | title=The ideological factor in the translation of sensitive issues from the Quran into English, Spanish and Catalan | website=core.ac.uk}}</ref><ref>Therefore, it can be noted that the ideology of religion, attitude, and social context of the translators, as well as the involvement of the state, might affect the translation of the Holy Qur’an into various target languages. Gunawan, F. (2022). The ideology of translators in Quranic translation: lessons learned from Indonesia. Cogent Arts & Humanities, 9(1). https://doi.org/10.1080/23311983.2022.2088438</ref> इस प्रकार, कुरान की प्रत्येक नई व्याख्या और अनुवाद को केवल शब्दों का रूपांतरण नहीं, बल्कि उसके अर्थों के एक नवीन पुनर्संयोजन और पुनर्प्रस्तुतीकरण के रूप में भी देखा जा सकता है, जो पाठक को उसके भावार्थ के विविध आयामों से परिचित कराता है। इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार कुरान के अनुवाद की कठिनाई उसके ‘[[एजाज़ अल क़ुरआन|इजाज़]]’—अर्थात् उसकी अद्वितीयता और चमत्कारिक प्रकृति—में निहित मानी जाती है। मुसलमानों का विश्वास है कि कुरान केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि दिव्य वाणी है, जिसकी भाषा, शैली और अर्थ-गहनता अपने आप में अनुपम है। इसी कारण यह तर्क प्रस्तुत किया जाता है कि कुरान के पाठ को उसकी मूल अरबी भाषा से पृथक नहीं किया जाना चाहिए, और यदि अनुवाद किया भी जाए, तो उसके साथ मूल अरबी पाठ का होना आवश्यक है,<ref name="translation">{{cite book | last = फतानी | first = अफनान | contribution = Translation and the Qurʻan | year = 2006 | title = The Qurʻan: an encyclopaedia | editor-last = लीमैन | editor-first = ओलिवर | pages = 657–669 | place = ग्रेट ब्रिटेन | publisher = रूटलेज }}</ref><ref>{{Cite web |date=2024-07-14 |title=The Unbroken Chain: A Beginner's Guide to the Preservation of the Quran - Wisdom Connect |url=https://wisdomconnect.io/research-paper/the-unbroken-chain-a-beginners-guide-to-the-preservation-of-the-quran/ |access-date=2025-02-23 |language=en-US}}</ref>ताकि अर्थ की मूल संवेदनशीलता और प्रामाणिकता बनी रहे। कुरान के किसी भी अंश का वास्तविक आशय केवल शब्दों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह पैग़ंबर [[मुहम्मद]] के जीवन की ऐतिहासिक परिस्थितियों तथा उस प्रारंभिक मुस्लिम समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से भी गहराई से जुड़ा होता है, जिसमें वह अवतरित हुआ। इन संदर्भों को समझने के लिए [[हदीस]] और [[सीरत उन-नबी|सीरत]] साहित्य का गहन अध्ययन आवश्यक होता है, जो स्वयं अत्यंत विस्तृत और जटिल है। इस प्रकार, कुरान के अर्थ को पूर्णतः ग्रहण करने की प्रक्रिया केवल भाषाई नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयामों से भी जुड़ी होती है। यही कारण है कि अनुवाद में एक अतिरिक्त अनिश्चितता का तत्व स्वाभाविक रूप से उपस्थित रहता है, जिसे केवल भाषिक नियमों के माध्यम से पूर्णतः समाप्त नहीं किया जा सकता। इस्लामी धर्मशास्त्र के अनुसार कुरान को अरबी भाषा में प्राप्त एक विशिष्ट दिव्य रहस्योद्घाटन माना जाता है, और इसी कारण उसका वास्तविक पाठ केवल [[शास्त्रीय अरबी]] में ही किया जाना उचित समझा जाता है। अन्य भाषाओं में किए गए अनुवाद मानवीय प्रयास का परिणाम होते हैं, इसलिए मुसलमानों के दृष्टिकोण से उनमें मूल अरबी पाठ की वह विशिष्ट पवित्रता और दिव्यता पूर्णतः सुरक्षित नहीं रह पाती। यही कारण है कि क़ुरआन के अनुवादों को प्रायः शाब्दिक अर्थ में “अनुवाद” न मानकर “व्याख्या”<ref name="Malise Ruthven Page 90"/> या “अर्थों का प्रस्तुतीकरण” कहा जाता है। यहाँ “अर्थ” शब्द स्वयं बहुस्तरीय है—यह एक ओर पूरे वाक्य या अंश के भावार्थ की ओर संकेत करता है, तो दूसरी ओर प्रत्येक शब्द के संभावित विविध अर्थों की ओर भी। इस प्रकार यह स्वीकार किया जाता है कि कोई भी अनुवाद मूल पाठ का पूर्ण और अंतिम समकक्ष नहीं हो सकता, बल्कि वह केवल एक संभावित अर्थ-व्याख्या प्रस्तुत करता है। इसी दृष्टिकोण का उदाहरण प्रसिद्ध अनुवादक [[मार्मड्यूक पिकथल|पिकथॉल]] के कार्य में भी दिखाई देता है, जिन्होंने अपने अनुवाद को केवल “कुरान” कहने के स्थान पर “महान कुरान का अर्थ” शीर्षक दिया। यह नामकरण इ2स तथ्य को रेखांकित करता है कि प्रस्तुत पाठ मूल कुरान नहीं, बल्कि उसके अर्थों को समझाने का एक प्रयास है। == इतिहास == कुरान का पहला अनुवाद [[सलमान फ़ारसी]] ने किया था, जिन्होंने सातवीं सदी की शुरुआत में [[अल-फ़ातिहा|सुराह अल-फ़ातिहा]] का अनुवाद मध्य फ़ारसी में किया था।<ref>An-Nawawi, Al-Majmu', (Cairo, Matbacat at-'Tadamun n.d.), 380.</ref> हदीस में वर्णित इस्लामी परंपरा के अनुसार, इथियोपियाई साम्राज्य के नेगस और [[बाइज़ेंटाइन साम्राज्य]] के सम्राट हेराक्लियस को मुहम्मद से पत्र मिले थे, जिनमें कुरान की आयतें शामिल थीं। हालाँकि, मुहम्मद के जीवनकाल के दौरान, कुरान का कोई भी अंश न तो इन भाषाओं में और न ही किसी अन्य भाषा में अनूदित किया गया था।<ref name=":0">{{Cite book|title="Translation and the Qurʻan". In Leaman, Oliver (ed.). The Qurʻan: an encyclopaedia. Great Britain: Routledge.|last=Fatani,|first=Afnan|publisher=Routledge.|year=2006|location=Great Britain|pages=657–669}}</ref> दूसरा ज्ञात अनुवाद ग्रीक भाषा में था, जिसका उपयोग कॉन्स्टेंटिनोपल के एक विद्वान, निकेतस बायज़ेंटियस ने 855 और 870 के बीच लिखी अपनी कृति "रिफ्यूटेशन ऑफ़ कुरान" में किया था। हालाँकि, हमें इस बारे में कुछ भी पता नहीं है कि यह अनुवाद किसने और किस उद्देश्य से किया था। ऐसा कहा जाता है कि यह एक पूर्ण अनुवाद था।<ref>Christian Høgel, "An early anonymous Greek translation of the Qurʻan. The fragments from Niketas Byzantios' Refutatio and the anonymous Abjuratio", ''Collectanea Christiana Orientalia'' 7 (2010), pp. 65–119</ref> कुरान के पहले पूरी तरह से प्रमाणित और संपूर्ण अनुवाद 10वीं और 12वीं शताब्दी के बीच शास्त्रीय फ़ारसी में किए गए थे। [[सामानी साम्राज्य|सामानी सम्राट]], मंसूर प्रथम (961–976) ने [[प्राचीन ख़ुरासान|खुरासान]] के विद्वानों के एक समूह को आदेश दिया कि वे 'तफ़सीर अल-तबरी' का—जो मूल रूप से अरबी में थी—फ़ारसी में अनुवाद करें। बाद में 11वीं शताब्दी में, ख्वाजा अब्दुल्ला अंसारी के शिष्यों में से एक ने फ़ारसी में कुरान की एक संपूर्ण तफ़सीर लिखी। 12वीं शताब्दी में, नज्म अल-दीन 'उमर अल-नसाफ़ी ने कुरान का फ़ारसी में अनुवाद किया। इन तीनों पुस्तकों की पांडुलिपियाँ आज भी सुरक्षित हैं और कई बार प्रकाशित हो चुकी हैं। 1936 में, 102 भाषाओं में अनुवाद उपलब्ध थे। कुरान का अरबी से अधिकांश प्रमुख अफ्रीकी, एशियाई और यूरोपीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है।<ref name=":0" /> == यूरोपीय भाषाओं में अनुवाद == == सन्दर्भ == [[श्रेणी:क़ुरआन]] roshkl3jia1g2y3nvztba3okwxao6m6 वार्ता:सिंक्रो 1 1611086 6541102 6539280 2026-04-16T05:52:31Z अनुनाद सिंह 1634 /* शीघ्र हटाने पर चर्चा */ नया अनुभाग 6541102 wikitext text/x-wiki == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस लेख को खराब मशीनी अनुवाद होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 13:32, 12 अप्रैल 2026 (UTC) :: इसे न हटाएँ क्योंकि इसकी भाषा को मैने ठीक कर दिया है।--[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 13:32, 12 अप्रैल 2026 (UTC) == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस लेख को खराब मशीनी अनुवाद होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 05:52, 16 अप्रैल 2026 (UTC) == इसे न हटाएँ == इसकी भाषा सरल कर दी गयी है।--[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 05:52, 16 अप्रैल 2026 (UTC) 5aiqokbaoqapjcj6uscu51nbcvq2adh जो हैरिस (गणितज्ञ) 0 1611129 6541048 6540698 2026-04-16T03:14:54Z AMAN KUMAR 911487 सुधार के पश्चात् नामांकन वापस लिया 6541048 wikitext text/x-wiki {{Infobox scientist|name=जो हैरिस|image=Joe Harris 2008.jpg|image_size=220px|alt=|caption=|birth_date={{Birth date and age|1951|8|17}}|birth_place=|death_date=|death_place=|fields=[[गणित]]|workplaces=[[ब्राउन विश्वविद्यालय]] <br/> [[हार्वर्ड विश्वविद्यालय]]|alma_mater=[[हार्वर्ड विश्वविद्यालय]] ([[कला स्नातक|एबी]], [[पीएचडी]])|thesis_title=A Bound on the Geometric Genus of Projective Varieties|thesis_url=https://search.worldcat.org/title/76986976?oclcNum=76986976|thesis_year=1978|doctoral_advisor=फिलिप ग्रिफिथ्स|doctoral_students={{plainlist|1= *लुसिया कैपोरासो *ब्रेंडन हैसेट *जेम्स मैककर्नान *[[राहुल पंढरीपांडे]] *ज़्वेज़्डेलिना स्टांकोवा *रवि वकील *डैन अब्रामोविच }}|known_for=|awards=}}'''जोसेफ डेनियल हैरिस''' (Joseph Daniel Harris; जन्म: 17 अगस्त 1951) [[हार्वर्ड विश्वविद्यालय]] में गणित के हिगिंस प्रोफेसर हैं।<ref name="Harris">{{cite web|url=https://pll.harvard.edu/instructor/joseph-harris|title=Joseph Harris|date=28 फ़रवरी 2018|website=हार्वर्ड विश्वविद्यालय|access-date=15 अप्रैल 2026|department=प्रोफेसनल एंड लाइफलोंग लर्निंग}}</ref> वो [[बीजीय ज्यामिति]] के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं। हार्वर्ड कॉलेज से [[कला स्नातक|एबी]] की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने हार्वर्ड में ही फिलिप ग्रिफिथ्स के मार्गदर्शन में [[पीएचडी]] पूर्ण की। == शोध कार्य == 1980 के दशक के दौरान वो ब्राउन यूनिवर्सिटी के शिक्षक थे। सन् 1988 में हार्वर्ड चले गए। उन्होंने सन् 2002 से 2005 तक हार्वर्ड में विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उनका शोधकार्य चिरसम्मित ज्यामितीय स्वरूप में रहा है: उनके अनुसार वो जिस भी ज्यामिति के बारे में सोचते हैं, उसकी कल्पना 19वीं सदी के आखिर और 20वीं सदी की शुरुआत के इतालवी ज्यामितिविदों द्वारा भी की जा सकती थी और अगर उन्हें उनसे ज़्यादा सफलता मिली है, तो इसकी वजह यह है कि उनके पास बेहतर उपकरण उपलब्ध हैं। == सन्दर्भ == {{reflist}} {{Authority control}} [[श्रेणी:1951 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:अमेरिकी गणितज्ञ]] elg65ak7etfu3le4pzhyjgf51ymg35l अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान) 0 1611170 6541111 6539977 2026-04-16T06:22:11Z TypeInfo 719692 शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#व3|शीह व3]]) 6541111 wikitext text/x-wiki {{db-vandalism|help=off}} '''''[[अनुच्छेद 252]]''''' 5iop5nqql3o3omg0r5kk9xmue7e90za 6541232 6541111 2026-04-16T10:55:43Z Manikantkmr 776163 [[Special:Contributions/TypeInfo|TypeInfo]] ([[User talk:TypeInfo|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6541111|6541111]] को पूर्ववत किया 6541232 wikitext text/x-wiki phoiac9h4m842xq45sp7s6u21eteeq1 6541233 6541232 2026-04-16T10:56:13Z Quinlan83 637675 [[Special:Contributions/Manikantkmr|Manikantkmr]] ([[User talk:Manikantkmr|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:TypeInfo|TypeInfo]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6541111 wikitext text/x-wiki {{db-vandalism|help=off}} '''''[[अनुच्छेद 252]]''''' 5iop5nqql3o3omg0r5kk9xmue7e90za शेरू (फ़ोटोग्राफ़र) 0 1611183 6540998 6540479 2026-04-15T20:07:19Z ~2026-23208-86 920582 विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर सामग्री अद्यतन 6540998 wikitext text/x-wiki {{Short description|भारतीय फ़ोटोग्राफ़र और फोटो पत्रकार}} {{हहेच लेख| कारण=यह लेख 'पेड पीआर' है। उल्लेखनीयता सिद्ध करने के लिए इसमें प्रायोजित संदर्भों का उपयोग किया गया है। यह विषय स्वतंत्र रूप से उल्लेखनीय नहीं है।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)}}{{Use Indian English|date=March 2026}} {{Use dmy dates|date=March 2026}} {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = शेरू | birth_date = {{Birth date and age|df=yes|2001|02|03}} | birth_place = [[दिल्ली]], भारत | occupation = {{hlist|फ़ोटोग्राफ़र|फोटो पत्रकार}} | years_active = 2018–वर्तमान }} '''शेरू''' (जन्म 3 फ़रवरी 2001) एक भारतीय [[फोटोग्राफर|फ़ोटोग्राफ़र]] हैं, जो [[दिल्ली]] में कार्यरत हैं। उनका कार्य मुख्य रूप से स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी और सामाजिक विषयों से संबंधित है। == प्रारंभिक जीवन == शेरू का जन्म दिल्ली में हुआ। ''The Patriot'' में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, उन्होंने अपने बचपन का कुछ समय सड़कों पर बिताया और बाद में एक कार्यशाला कार्यक्रम के माध्यम से [[फ़ोटोग्राफ़ी]] से जुड़े।<ref name="patriot">{{cite web |title=Close-up and personal |url=https://thepatriot.in/culture/close-up-and-personal-5185 |website=The Patriot}}</ref> वे ''से चीज़'' नामक एक [[वृत्त चित्र]] में भी दिखाई दिए, जिसका निर्देशन ईशानी के. दत्ता ने किया था। यह फ़िल्म बच्चों द्वारा फ़ोटोग्राफ़ी सीखने की प्रक्रिया को दर्शाती है।<ref name="patriot" /><ref>{{Cite web |last=Rawat |first=Prateek |title=Sheru has been a humbling, learning experience: Filmmaker Ishani K Dutta |url=https://web.archive.org/web/20190818220321/https://www.cinestaan.com/articles/2018/nov/28/17081 |archive-url=http://web.archive.org/web/20221015155959/https://www.cinestaan.com/articles/2018/nov/28/17081/meeting-people-like-sheru-has-been-a-humbling-learning-experience-filmmaker-ishani-k-dutta |archive-date=2022-10-15 |access-date=2026-03-24 |website=Cinestaan}}</ref> == करियर == शेरू ने फ़ोटोग्राफ़ी के क्षेत्र में कार्य करते हुए डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता से भी जुड़ाव किया। ''[[पंजाब केसरी]]'' के अनुसार, उन्होंने सामाजिक विषयों से संबंधित सामग्री पर कार्य किया है।<ref name="pk">{{cite web |title=एक डिजिटल मंच, समाज की आवाज़ को दुनिया के सामने लाने का माध्यम |url=https://haryana.punjabkesari.in/gurgaon/news/thetrendingpeople-a-digital-platform-voice-of-society-2053753 |website=Punjab Kesari |language=hi}}</ref> उन्होंने डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े कार्य भी किए हैं। उनकी रचनाएँ और सामग्री [[अमर उजाला]] के [[ऑनलाइन]] मंच पर भी प्रकाशित हुई हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/user/sheru-photography|title=Sheru Photographer's Photo Journalist On Amarujala.com|website=Amar Ujala|language=hi|access-date=2026-04-15}}</ref> और उन्होंने [[बाल अधिकार]], [[महिला अधिकार]] और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों पर [[रिपोर्टर्स|रिपोर्टिंग]] और [[फोटोग्राफी]] की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.womensweb.in/author/sheru-photography/|title=Sheru Photographer, Author at Women's Web: For Women Who Do|website=Women's Web: For Women Who Do|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref> ''[[इंटर प्रेस सर्विस]]'' (IPS) के अनुसार, वे उन व्यक्तियों में शामिल हैं जो डिजिटल माध्यमों के जरिए दृश्य कहानी कहने (visual storytelling) के माध्यम से सामाजिक वास्तविकताओं को प्रस्तुत कर रहे हैं।<ref name="ips">{{cite web |title=Emerging visual storytellers in India use digital media to document social realities |url=https://ipsnews.net/business/2026/03/18/emerging-visual-storytellers-in-india-use-digital-media-to-document-social-realities/ |website=IPS News}}</ref> कुछ मीडिया रिपोर्टों में उनके कार्य को स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी से डिजिटल मीडिया तक के संक्रमण के रूप में वर्णित किया गया है।<ref>{{cite web |title=Sheru's Journey from Street Photography to Digital Media |url=https://www.thehansindia.com/cinema/the-trending-people-story-sherus-journey-from-street-photography-to-digital-media-1058824 |website=The Hans India}}</ref> भारत में स्वतंत्र डिजिटल मीडिया मंचों की वृद्धि पर आधारित रिपोर्टों में भी ऐसे प्लेटफ़ॉर्मों की भूमिका का उल्लेख किया गया है, जो ऑनलाइन समाचार, फीचर और मल्टीमीडिया सामग्री प्रकाशित करते हैं।<ref>{{cite web |title=Digital Media Startups Reshape India's News Landscape as Independent Platforms Gain Momentum |url=https://www.bizzbuzz.news/media-outreach/digital-media-startups-reshape-indias-news-landscape-as-independent-platforms-gain-momentum-1387376 |website=BizzBuzz}}</ref> == कार्य == शेरू के कार्यों में सामाजिक मुद्दों, समुदाय जीवन और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर आधारित फ़ोटोग्राफ़ी और डिजिटल सामग्री शामिल है।<ref name="pk" /> उन्होंने फोटो पत्रकार के रूप में विभिन्न सामाजिक विषयों का दस्तावेजीकरण भी किया है।<ref>{{Cite web |title=कहानियाँ, जो बदल रहे हैं समाज को |url=https://indiacsr.in/the-trending-people-bringing-stories-of-those-who-are-changing-society/ |website=India CSR}}</ref> == मीडिया में उल्लेख == शेरू के कार्यों का उल्लेख विभिन्न स्वतंत्र मीडिया प्रकाशनों में किया गया है। ''The Patriot'' ने उनके प्रारंभिक जीवन और फ़ोटोग्राफ़ी से जुड़े अनुभवों को प्रकाशित किया है, जबकि [[इंटर प्रेस सर्विस]] ने उन्हें उभरते दृश्य कथाकारों के संदर्भ में शामिल किया है। अन्य मीडिया जैसे ''[[हंस इंडिया]]'', ''[[दैनिक जागरण]]'' और ''[[पंजाब केसरी]]'' में भी उनके कार्य का उल्लेख किया गया है। == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:2001 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:भारतीय फोटोग्राफर]] [[श्रेणी:भारतीय पत्रकार]] [[श्रेणी:2001 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:दिल्ली के लोग]] 4xhxyi4xrn5h3f8re7k4jv1csiol1cy 6540999 6540998 2026-04-15T20:09:31Z ~2026-23208-86 920582 6540999 wikitext text/x-wiki {{Short description|भारतीय फ़ोटोग्राफ़र और फोटो पत्रकार}} {{हहेच लेख| कारण=यह लेख 'पेड पीआर' है। 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|website=The Patriot}}</ref> वे ''से चीज़'' नामक एक [[वृत्त चित्र]] में भी दिखाई दिए, जिसका निर्देशन ईशानी के. दत्ता ने किया था। यह फ़िल्म बच्चों द्वारा फ़ोटोग्राफ़ी सीखने की प्रक्रिया को दर्शाती है।<ref name="patriot" /><ref>{{Cite web |last=Rawat |first=Prateek |title=Sheru has been a humbling, learning experience: Filmmaker Ishani K Dutta |url=https://web.archive.org/web/20190818220321/https://www.cinestaan.com/articles/2018/nov/28/17081 |archive-url=http://web.archive.org/web/20221015155959/https://www.cinestaan.com/articles/2018/nov/28/17081/meeting-people-like-sheru-has-been-a-humbling-learning-experience-filmmaker-ishani-k-dutta |archive-date=2022-10-15 |access-date=2026-03-24 |website=Cinestaan}}</ref> == करियर == शेरू ने फ़ोटोग्राफ़ी के क्षेत्र में कार्य करते हुए डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता से भी जुड़ाव किया। ''[[पंजाब केसरी]]'' के अनुसार, उन्होंने सामाजिक विषयों से संबंधित सामग्री पर कार्य किया है।<ref name="pk">{{cite web |title=एक डिजिटल मंच, समाज की आवाज़ को दुनिया के सामने लाने का माध्यम |url=https://haryana.punjabkesari.in/gurgaon/news/thetrendingpeople-a-digital-platform-voice-of-society-2053753 |website=Punjab Kesari |language=hi}}</ref> उन्होंने डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े कार्य भी किए हैं। उनकी रचनाएँ और सामग्री [[अमर उजाला]] के [[ऑनलाइन]] मंच पर भी प्रकाशित हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/user/sheru-photography|title=Sheru Photographer's Photo Journalist On Amarujala.com|website=Amar Ujala|language=hi|access-date=2026-04-15}}</ref> और उन्होंने [[बाल अधिकार]], [[महिला अधिकार]] और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों पर [[रिपोर्टर्स|रिपोर्टिंग]] और [[फोटोग्राफी]] की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.womensweb.in/author/sheru-photography/|title=Sheru Photographer, Author at Women's Web: For Women Who Do|website=Women's Web: For Women Who Do|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref> ''[[इंटर प्रेस सर्विस]]'' (IPS) के अनुसार, वे उन व्यक्तियों में शामिल हैं जो डिजिटल माध्यमों के जरिए दृश्य कहानी कहने (visual storytelling) के माध्यम से सामाजिक वास्तविकताओं को प्रस्तुत कर रहे हैं।<ref name="ips">{{cite web |title=Emerging visual storytellers in India use digital media to document social realities |url=https://ipsnews.net/business/2026/03/18/emerging-visual-storytellers-in-india-use-digital-media-to-document-social-realities/ |website=IPS News}}</ref> कुछ मीडिया रिपोर्टों में उनके कार्य को स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी से डिजिटल मीडिया तक के संक्रमण के रूप में वर्णित किया गया है।<ref>{{cite web |title=Sheru's Journey from Street Photography to Digital Media |url=https://www.thehansindia.com/cinema/the-trending-people-story-sherus-journey-from-street-photography-to-digital-media-1058824 |website=The Hans India}}</ref> भारत में स्वतंत्र डिजिटल मीडिया मंचों की वृद्धि पर आधारित रिपोर्टों में भी ऐसे प्लेटफ़ॉर्मों की भूमिका का उल्लेख किया गया है, जो ऑनलाइन समाचार, फीचर और मल्टीमीडिया सामग्री प्रकाशित करते हैं।<ref>{{cite web |title=Digital Media Startups Reshape India's News Landscape as Independent Platforms Gain Momentum |url=https://www.bizzbuzz.news/media-outreach/digital-media-startups-reshape-indias-news-landscape-as-independent-platforms-gain-momentum-1387376 |website=BizzBuzz}}</ref> == कार्य == शेरू के कार्यों में सामाजिक मुद्दों, समुदाय जीवन और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर आधारित फ़ोटोग्राफ़ी और डिजिटल सामग्री शामिल है।<ref name="pk" /> उन्होंने फोटो पत्रकार के रूप में विभिन्न सामाजिक विषयों का दस्तावेजीकरण भी किया है।<ref>{{Cite web |title=कहानियाँ, जो बदल रहे हैं समाज को |url=https://indiacsr.in/the-trending-people-bringing-stories-of-those-who-are-changing-society/ |website=India CSR}}</ref> == मीडिया में उल्लेख == शेरू के कार्यों का उल्लेख विभिन्न स्वतंत्र मीडिया प्रकाशनों में किया गया है। ''The Patriot'' ने उनके प्रारंभिक जीवन और फ़ोटोग्राफ़ी से जुड़े अनुभवों को प्रकाशित किया है, जबकि [[इंटर प्रेस सर्विस]] ने उन्हें उभरते दृश्य कथाकारों के संदर्भ में शामिल किया है। अन्य मीडिया जैसे ''[[हंस इंडिया]]'', ''[[दैनिक जागरण]]'' और ''[[पंजाब केसरी]]'' में भी उनके कार्य का उल्लेख किया गया है। == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:2001 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:भारतीय फोटोग्राफर]] [[श्रेणी:भारतीय पत्रकार]] [[श्रेणी:2001 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:दिल्ली के लोग]] ax1dfnok7s2codwhzge3qvgveeyznhb वार्ता:रुबिका 1 1611204 6541227 6540641 2026-04-16T10:52:37Z The Sorter 845290 /* स्थानान्तरण अनुरोध 14 अप्रैल 2026 */ उत्तर 6541227 wikitext text/x-wiki == स्थानान्तरण अनुरोध 14 अप्रैल 2026 == {{नाम बदलें/dated|रिबका}} [[:रुबिका]] → {{no redirect|रिबका}} – हिन्दी बाइबिल में इस स्त्री का नाम "रिबका" है। "रुबिका" तो पूरी तरह से अलग नाम है, जो किसी भी हिन्दी बाइबिल अनुवाद में प्रकट नहीं है।<ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/GEN.24.HHBD|title=उत्पत्ति 24}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/GEN.49.HHBD|title=उत्पत्ति 49}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/ROM.9.HHBD|title=रोमियो 9}}</ref> [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 17:09, 14 अप्रैल 2026 (UTC) {{reflist-talk}} :सुझाव उचित प्रतीत हो रहा है एवं अनुप्रेषण छोड़ने की आवश्यकता भी नहीं लगती।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:32, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] तो क्या हम नाम परिवर्तन के साथ आगे बढ़ें? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:52, 16 अप्रैल 2026 (UTC) p852p4ba8aqe8mpxux0cnufztltt0kc 6541238 6541227 2026-04-16T10:59:40Z संजीव कुमार 78022 /* स्थानान्तरण अनुरोध 14 अप्रैल 2026 */ उत्तर 6541238 wikitext text/x-wiki == स्थानान्तरण अनुरोध 14 अप्रैल 2026 == {{नाम बदलें/dated|रिबका}} [[:रुबिका]] → {{no redirect|रिबका}} – हिन्दी बाइबिल में इस स्त्री का नाम "रिबका" है। "रुबिका" तो पूरी तरह से अलग नाम है, जो किसी भी हिन्दी बाइबिल अनुवाद में प्रकट नहीं है।<ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/GEN.24.HHBD|title=उत्पत्ति 24}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/GEN.49.HHBD|title=उत्पत्ति 49}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/ROM.9.HHBD|title=रोमियो 9}}</ref> [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 17:09, 14 अप्रैल 2026 (UTC) {{reflist-talk}} :सुझाव उचित प्रतीत हो रहा है एवं अनुप्रेषण छोड़ने की आवश्यकता भी नहीं लगती।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:32, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] तो क्या हम नाम परिवर्तन के साथ आगे बढ़ें? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:52, 16 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] जी, हाँ लेकिन मैं अन्य लोगों की टिप्पणी की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। यदि कोई अन्य प्रबन्धक या पुनरीक्षक की टिप्पणी आती है तो मैं स्थानान्तरित कर दूँगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 10:59, 16 अप्रैल 2026 (UTC) fwyvs506dswt6sh3qj9jhr7krbrmv01 6541241 6541238 2026-04-16T11:02:41Z The Sorter 845290 /* स्थानान्तरण अनुरोध 14 अप्रैल 2026 */ उत्तर 6541241 wikitext text/x-wiki == स्थानान्तरण अनुरोध 14 अप्रैल 2026 == {{नाम बदलें/dated|रिबका}} [[:रुबिका]] → {{no redirect|रिबका}} – हिन्दी बाइबिल में इस स्त्री का नाम "रिबका" है। "रुबिका" तो पूरी तरह से अलग नाम है, जो किसी भी हिन्दी बाइबिल अनुवाद में प्रकट नहीं है।<ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/GEN.24.HHBD|title=उत्पत्ति 24}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/GEN.49.HHBD|title=उत्पत्ति 49}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bible.com/bible/819/ROM.9.HHBD|title=रोमियो 9}}</ref> [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 17:09, 14 अप्रैल 2026 (UTC) {{reflist-talk}} :सुझाव उचित प्रतीत हो रहा है एवं अनुप्रेषण छोड़ने की आवश्यकता भी नहीं लगती।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:32, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] तो क्या हम नाम परिवर्तन के साथ आगे बढ़ें? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:52, 16 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] जी, हाँ लेकिन मैं अन्य लोगों की टिप्पणी की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। यदि कोई अन्य प्रबन्धक या पुनरीक्षक की टिप्पणी आती है तो मैं स्थानान्तरित कर दूँगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 10:59, 16 अप्रैल 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] ठीक है। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 11:02, 16 अप्रैल 2026 (UTC) 81piz9jxrb0xn4bwb14nodiadk4kv1l अनुच्छेद 88 (भारत का संविधान) 0 1611215 6541248 6540816 2026-04-16T11:57:10Z MuskanChaudhary121 814916 6541248 wikitext text/x-wiki '''अनुच्छेद 88''' भारत के [[संविधान]] का एक अनुच्छेद है। यह [[संसद]] के सदनों के संबंध में मंत्रियों और भारत के महान्यायवादी के [[अधिकार|अधिकारों]] से संबंधित है। [[श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद]] dysen1qotcn38xu847an4gsozvkpqc9 वार्ता:पिण्डार नदी 1 1611219 6540945 6540834 2026-04-15T13:57:52Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* स्थानान्तरण अनुरोध 15 अप्रैल 2026 */ उत्तर 6540945 wikitext text/x-wiki == स्थानान्तरण अनुरोध 15 अप्रैल 2026 == {{नाम बदलें/dated|पिंडर नदी}} [[:पिण्डार नदी]] → {{no redirect|पिंडर नदी}} – स्थानांतरण के लिए संदर्भ- *[https://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-garhwal-pindar-river-water-poured-into-kumaon-kosi-river-jal-jeevan-mission-6775827.html लाइव हिन्दुस्तान] * [https://www.jagran.com/uttarakhand/almora-pindar-river-water-advocates-for-release-in-nonviolent-rivers-19447355.html दैनिक जागरण] * [https://www.drishtiias.com/hindi/state-pcs-current-affairs/pindari-glacier-to-make-kumaon-s-drying-rivers-sadaneera दृष्टि आईएएस] इन संदर्भों के अनुसार इसका नाम स्थानांतरण करके [[पिंडर नदी]] करना चाहिए [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 08:52, 15 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपका अनुरोध बिल्कुल सही है। नाम बदल देना चाहिए। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:57, 15 अप्रैल 2026 (UTC) czq3f08kboxdqqjkr0too9hlesj0qn1 प्रमाणित अनुवाद 0 1611222 6541130 6540917 2026-04-16T06:56:43Z Raushan Raj JNU 919201 Created by translating the section "Legal requirements" from the page "[[:en:Special:Redirect/revision/1338926927|Certified translation]]" 6541130 wikitext text/x-wiki '''प्रमाणित [[अनुवाद]]''' लक्ष्य भाषा क्षेत्राधिकार की आवश्यकताओं के अनुसार स्रोत पाठ के अर्थ को दूसरी भाषा में प्रस्तुत करता है, जिससे इसे औपचारिक प्रक्रियाओं में उपयोग करने में सक्षम बनाया जा सकता है।अनुवादक इसकी सटीकता के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करता है। ये आवश्यकताएँ देश-दर-देश व्यापक रूप से भिन्न होती हैं। जबकि कुछ देश केवल राज्य द्वारा नियुक्त अनुवादकों को इस तरह के अनुवाद करने की अनुमति देते हैं, वहीं कुछ अन्य देश किसी भी सक्षम द्विभाषी व्यक्ति द्वारा किए गए अनुवाद को स्वीकार कर लेते हैं। इन दो व्यापक सीमाओं के बीच कुछ ऐसे भी देश हैं जहाँ किसी भी पेशेवर अनुवादक द्वारा सही प्रमाण पत्र के साथ एक प्रमाणित अनुवाद किया जा सकता है (जिसमें विशिष्ट अनुवाद संघों की सदस्यता या कुछ योग्यताएँ शामिल हो सकती हैं) । अंग्रेजी बोलने वाले देश, जैसे कि [[यूनाइटेड किंगडम]], संयुक्त राज्य अमेरिका, [[ऑस्ट्रेलिया]] और [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूजीलैंड]], के स्पेक्ट्रम सख्त या थोड़े अनौपचारिक होते हैं, जिसमें अनुवादक प्रमाणित अनुवाद की अनुशंसा अपने आधिकारिक लेटर पैड आदि पर करता है जिसमें उक्त प्रमाणित अनुवाद की आवश्यकता, अनुवादक का विवरण एवं हस्ताक्षर दिनांक के साथ उपेक्षित होता है। यह एक प्रकार का प्रमाणिकरण है जिसकी आवश्यकता यूके सरकार के निकायों, जैसे कि गृह कार्यालय और यूके सीमा एजेंसी के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और अधिकांश विदेशी दूतावासों द्वारा की जाती है। ब्रिटेन के अलावा अन्य यूरोपीय देशों में इस संबंध में बहुत सख्त कानून हैं कि कौन प्रमाणित अनुवाद जारी कर सकता है, जिसमें अधिकांश आधिकारिक प्रमाणित अनुवादकों की नियुक्ति उनके आधार पर स्थानीय राज्य-विनियमित योग्यता प्राप्त करने पर की जाती है। == कानूनी आवश्यकताएँ == कानूनी और आधिकारिक उद्देश्यों के लिए, [[साक्ष्य विधि|साक्ष्य दस्तावेज]] और अन्य आधिकारिक दस्तावेज आमतौर पर [[राजभाषा|आधिकारिक भाषा]] ([[अधिकारिता|अधिकार क्षेत्र]] की भाषा) में आवश्यक होते हैं। कुछ [[देश]] में, ऐसे दस्तावेजों के अनुवाद के लिए यह आवश्यक है कि एक [[अनुवाद|अनुवादक]] [[शपथ]] लेकर यह प्रमाणित करे कि यह(अनूदित प्रमाणित अनुवाद) स्रोत पाठ के कानूनी समकक्ष है। अक्सर, केवल एक विशेष वर्ग के अनुवादकों को ही ऐसी शपथ लेने का अधिकार होता है। कुछ मामलों में, अनुवाद को कानूनी समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार किया जाता है जब इसके साथ इसकी मूल या शपथ या प्रमाणित प्रति संलग्न हो। भले ही कोई अनुवादक कानूनी अनुवाद में माहिर हो या अपने देश में एक वकील हो, यह जरूरी नहीं कि वे एक प्रमाणित अनुवादक बन जाए। कानूनी समतुल्यता में अनुवाद करने की प्रक्रिया देश-दर-देश अलग-अलग होती है। === अर्जेंटीना === स्थानीय कानूनों के अनुपालन में, स्पेनिश के अलावा अन्य भाषाओं में लिखे गए सभी दस्तावेजों का स्थानीय कानूनों के अनुसार एक प्रमाणित लाइसेंस प्राप्त अनुवादक द्वारा स्पेनिश में अनुवाद किया जाना चाहिए। आम तौर पर, अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले सभी दस्तावेजों (व्यक्तिगत कागजात और कुछ वाणिज्यिक अनुबंधों सहित) का अनुवाद और हस्ताक्षर एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा किया जाना चाहिए, जिसका मुहर और हस्ताक्षर उस संबंधित पेशेवर संघ द्वारा प्रमाणित हो जो अनुवादक का लाइसेंस जारी करता हो। सभी निजी व्यक्ति, कंपनियां, न्यायपालिका और अन्य सरकारी विभाग विदेशी भाषा में दस्तावेजों या बयानों के संबंध में विभिन्न कानूनों के अधीन हैं, जैसे कि अर्जेंटीना सिविल और वाणिज्यिक संहिता, अर्जेंटीना कोड ऑफ सिविल एंड क्रिमिनल प्रोसीजर, अन्य।<ref>{{Cite web|url=http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|title=Colegio de Traductores Públicos de la Ciudad de Buenos Aires|archive-url=https://web.archive.org/web/20091001142704/http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|archive-date=October 1, 2009|access-date=March 10, 2010}}</ref> "पब्लिक ट्रांसलेटर" के रूप में प्रमाणित होने के लिए, उम्मीदवारों को "ट्रेडकटोर पब्लिक"/"ट्रेडकटा पब्लिक" की विश्वविद्यालयी डिग्री प्राप्त करना आवश्यक है। === ऑस्ट्रिया === शपथ और प्रमाणित विशेषज्ञ, दुभाषिया और अनुवादक अधिनियम #137/1995 (एसडीजी) की धारा 14 के अनुसार, क्षेत्रीय अदालतें [[जर्मन भाषा|जर्मन]] और किसी भी भाषा (सांकेतिक भाषा सहित) के बीच अनुवाद के लिए ऐसे किसी भी प्रमाणित अनुवादकों को नियुक्त करने के हकदार हैं, जिन्होंने एक आधिकारिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अदालत में शपथ ली है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|title=SV- und Dolmetschergergesetz|archive-url=https://web.archive.org/web/20190306234811/https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|archive-date=2019-03-06|access-date=2019-03-06}}</ref> प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को किसी विश्वविद्यालय से अनुवाद अध्ययन में स्नातक की डिग्री के साथ-साथ अनुवादक या दुभाषिया के रूप में कम से कम 5 वर्षों के अनुभव या कम से कम 2 वर्षों के अनुभव का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। हालांकि ज्यादातर "गेरिच्ट्सडोल्मेट्सचर" के रूप में संदर्भित किया जाता है, जबकि उसका सही नाम "ऑलजेमिन बीडेटे/आर उंड गेरिचट्लिच ज़र्टिफाइज़िएर्ट/आर डॉल्मेट्सचर/इन" है। शपथ लिए हुए अनुवादक मूल अनुवाद पर हस्ताक्षर करके और उन पर मुहर लगाकर सार्वजनिक स्वीकारोक्ति प्रदान करने के हकदार हैं। अनुवादों पर उनके हस्ताक्षर के आगे नोटराइजेशन की आवश्यकता नहीं है, और शपथ लेने वाले अनुवादक एक '''अपोस्टिल''' को जोड़ने के लिए अदालत में आवेदन कर सकते हैं। पुलिस को सलाह दी जाती है कि जब भी संभव हो भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए दुभाषियों को शामिल करें। ऑस्ट्रिया में अधिकांश सार्वजनिक अधिकारी दस्तावेजों के अनुवाद को कानूनी रूप से समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार करते हैं जब दी गई भाषा के लिए एक शपथ दुभाषिया द्वारा सील और हस्ताक्षर किए जाते हैं। यदि कोई दुभाषिया नियमित रूप से पेशेवर प्रशिक्षण में भाग नहीं लेगा तो प्राधिकरण समाप्त हो जाएगा। === बेल्जियम === "शपथ अनुवादक" (एकल [[डच भाषा|डच]] beëdigd vertaler, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] transtuter assermenté अल्लतु "शपथ दुभाषिया" (एकल [[डच भाषा|डच]] beädigd tolk, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] interprète assermente) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के समक्ष उस न्यायिक जिले के प्रथम उदाहरण की शपथ लेते हैं जिसमें उनका निवास स्थान है। अतीत में सभी न्यायिक जिलों में "शपथ" का दर्जा पाने के इच्छुक अनुवादकों और दुभाषियों की क्राउन प्रॉसिक्यूटर द्वारा उपयुक्तता के लिए जांच की जाती थी। उम्मीदवार को शपथ लेने के लिए भाषा संयोजनों(किस भाषा से, किस भाषा में अनुवाद करेंगे) बताना होगा। अनुवादक/दुभाषिया की डिग्री को आमतौर पर योग्यता का पर्याप्त प्रमाण माना जाता है। भाषा संयोजनों की कोई सीमा नहीं है जिन्हें पहचाना जा सकता है। हालांकि, एक अवैध अप्रवासी से जुड़े घोटाले के बाद, जिसने शपथ अनुवादक का दर्जा प्राप्त किया था, [[एंटवर्प]] में प्रथम बार के न्यायाधिकरण के अध्यक्ष ने एक प्रयोगात्मक योजना शुरू की, जिसके तहत शपथ लेने वाले अनुवादकों और दुभाषियों को न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है और परीक्षा में उपस्थित होना पड़ता है। भाषा कानूनों की अपनी व्याख्या के आधार पर, उसी राष्ट्रपति ने यह भी फैसला सुनाया कि एक शपथ अनुवादक/दुभाषिया के दर्जे के लिए मान्यता प्राप्त एकमात्र भाषा संयोजन वे थे जिनमें डच या तो मूल भाषा या लक्ष्य भाषा थी। बेल्जियम के अन्य न्यायिक जिलों द्वारा अभी तक इस दृष्टिकोण को नहीं अपनाया गया है। === ब्राजील === आधिकारिक दस्तावेजों का अनुवाद केवल सार्वजनिक अनुवादकों और दुभाषियों द्वारा किया जा सकता है, जो प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा प्रमाणित और मान्यता प्राप्त हैं। आवेदकों को उक्त भाषाओं मेें मौखिक और लिखित परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना होगा। पंजीकरण संख्या प्राप्त करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जाती है, जिसे प्रत्येक अनुवाद के शीर्षक में सूचित किया जाना चाहिए। जब उक्त भाषाओं के लिए कोई सार्वजनिक अनुवादक पंजीकृत नहीं होता है, तो एकल अनुवाद कार्य करने के लिए वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा अस्थायी अनुवादकों को भी नियुक्त किया जा सकता है। प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री भी अनुवाद शुल्क निर्धारित करती है। यद्यपि सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक/दुभाषिया को पंजीकरण की स्थिति में रहना चाहिए, लेकिन उनके अनुवाद पूरे देश में मान्य हैं। सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक के निवास से अलग शहरों और राज्यों में संस्थानों और सरकारी एजेंसियों को अनुवादक के हस्ताक्षर के नोटरी सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है। विदेशी दस्तावेजों को अनुवाद से पहले ब्राजील के वाणिज्य दूतावास या दूतावास द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए। यदि विदेशी देश की संस्था या सरकारी एजेंसी आवश्यक समझे तो विदेशी भाषा में अनूदित आधिकारिक दस्तावेजों में ब्राजील के विदेश मंत्रालय द्वारा सत्यापित सार्वजनिक शपथ अनुवादक के हस्ताक्षर आवश्यक होता है।[1] == Legal requirements == कानूनी और आधिकारिक उद्देश्यों के लिए, [[साक्ष्य विधि|साक्ष्य दस्तावेज]] और अन्य आधिकारिक दस्तावेज आमतौर पर [[राजभाषा|आधिकारिक भाषा]] ([[अधिकारिता|अधिकार क्षेत्र]] की भाषा) में आवश्यक होते हैं। कुछ [[देश]] में, ऐसे दस्तावेजों के अनुवाद के लिए यह आवश्यक है कि एक [[अनुवाद|अनुवादक]] [[शपथ]] लेकर यह प्रमाणित करे कि यह(अनूदित प्रमाणित अनुवाद) स्रोत पाठ के कानूनी समकक्ष है। अक्सर, केवल एक विशेष वर्ग के अनुवादकों को ही ऐसी शपथ लेने का अधिकार होता है। कुछ मामलों में, अनुवाद को कानूनी समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार किया जाता है जब इसके साथ इसकी मूल या शपथ या प्रमाणित प्रति संलग्न हो। भले ही कोई अनुवादक कानूनी अनुवाद में माहिर हो या अपने देश में एक वकील हो, यह जरूरी नहीं कि वे एक प्रमाणित अनुवादक बन जाए। कानूनी समतुल्यता में अनुवाद करने की प्रक्रिया देश-दर-देश अलग-अलग होती है। === अर्जेंटीना === स्थानीय कानूनों के अनुपालन में, स्पेनिश के अलावा अन्य भाषाओं में लिखे गए सभी दस्तावेजों का स्थानीय कानूनों के अनुसार एक प्रमाणित लाइसेंस प्राप्त अनुवादक द्वारा स्पेनिश में अनुवाद किया जाना चाहिए। आम तौर पर, अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले सभी दस्तावेजों (व्यक्तिगत कागजात और कुछ वाणिज्यिक अनुबंधों सहित) का अनुवाद और हस्ताक्षर एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा किया जाना चाहिए, जिसका मुहर और हस्ताक्षर उस संबंधित पेशेवर संघ द्वारा प्रमाणित हो जो अनुवादक का लाइसेंस जारी करता हो। सभी निजी व्यक्ति, कंपनियां, न्यायपालिका और अन्य सरकारी विभाग विदेशी भाषा में दस्तावेजों या बयानों के संबंध में विभिन्न कानूनों के अधीन हैं, जैसे कि अर्जेंटीना सिविल और वाणिज्यिक संहिता, अर्जेंटीना कोड ऑफ सिविल एंड क्रिमिनल प्रोसीजर, अन्य।<ref>{{Cite web|url=http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|title=Colegio de Traductores Públicos de la Ciudad de Buenos Aires|archive-url=https://web.archive.org/web/20091001142704/http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|archive-date=October 1, 2009|access-date=March 10, 2010}}</ref> "पब्लिक ट्रांसलेटर" के रूप में प्रमाणित होने के लिए, उम्मीदवारों को "ट्रेडकटोर पब्लिक"/"ट्रेडकटा पब्लिक" की विश्वविद्यालयी डिग्री प्राप्त करना आवश्यक है। === ऑस्ट्रिया === शपथ और प्रमाणित विशेषज्ञ, दुभाषिया और अनुवादक अधिनियम #137/1995 (एसडीजी) की धारा 14 के अनुसार, क्षेत्रीय अदालतें [[जर्मन भाषा|जर्मन]] और किसी भी भाषा (सांकेतिक भाषा सहित) के बीच अनुवाद के लिए ऐसे किसी भी प्रमाणित अनुवादकों को नियुक्त करने के हकदार हैं, जिन्होंने एक आधिकारिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अदालत में शपथ ली है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|title=SV- und Dolmetschergergesetz|archive-url=https://web.archive.org/web/20190306234811/https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|archive-date=2019-03-06|access-date=2019-03-06}}</ref> प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को किसी विश्वविद्यालय से अनुवाद अध्ययन में स्नातक की डिग्री के साथ-साथ अनुवादक या दुभाषिया के रूप में कम से कम 5 वर्षों के अनुभव या कम से कम 2 वर्षों के अनुभव का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। हालांकि ज्यादातर "गेरिच्ट्सडोल्मेट्सचर" के रूप में संदर्भित किया जाता है, जबकि उसका सही नाम "ऑलजेमिन बीडेटे/आर उंड गेरिचट्लिच ज़र्टिफाइज़िएर्ट/आर डॉल्मेट्सचर/इन" है। शपथ लिए हुए अनुवादक मूल अनुवाद पर हस्ताक्षर करके और उन पर मुहर लगाकर सार्वजनिक स्वीकारोक्ति प्रदान करने के हकदार हैं। अनुवादों पर उनके हस्ताक्षर के आगे नोटराइजेशन की आवश्यकता नहीं है, और शपथ लेने वाले अनुवादक एक '''अपोस्टिल''' को जोड़ने के लिए अदालत में आवेदन कर सकते हैं। पुलिस को सलाह दी जाती है कि जब भी संभव हो भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए दुभाषियों को शामिल करें। ऑस्ट्रिया में अधिकांश सार्वजनिक अधिकारी दस्तावेजों के अनुवाद को कानूनी रूप से समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार करते हैं जब दी गई भाषा के लिए एक शपथ दुभाषिया द्वारा सील और हस्ताक्षर किए जाते हैं। यदि कोई दुभाषिया नियमित रूप से पेशेवर प्रशिक्षण में भाग नहीं लेगा तो प्राधिकरण समाप्त हो जाएगा। === बेल्जियम === "शपथ अनुवादक" (एकल [[डच भाषा|डच]] beëdigd vertaler, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] transtuter assermenté अल्लतु "शपथ दुभाषिया" (एकल [[डच भाषा|डच]] beädigd tolk, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] interprète assermente) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के समक्ष उस न्यायिक जिले के प्रथम उदाहरण की शपथ लेते हैं जिसमें उनका निवास स्थान है। अतीत में सभी न्यायिक जिलों में "शपथ" का दर्जा पाने के इच्छुक अनुवादकों और दुभाषियों की क्राउन प्रॉसिक्यूटर द्वारा उपयुक्तता के लिए जांच की जाती थी। उम्मीदवार को शपथ लेने के लिए भाषा संयोजनों(किस भाषा से, किस भाषा में अनुवाद करेंगे) बताना होगा। अनुवादक/दुभाषिया की डिग्री को आमतौर पर योग्यता का पर्याप्त प्रमाण माना जाता है। भाषा संयोजनों की कोई सीमा नहीं है जिन्हें पहचाना जा सकता है। हालांकि, एक अवैध अप्रवासी से जुड़े घोटाले के बाद, जिसने शपथ अनुवादक का दर्जा प्राप्त किया था, [[एंटवर्प]] में प्रथम बार के न्यायाधिकरण के अध्यक्ष ने एक प्रयोगात्मक योजना शुरू की, जिसके तहत शपथ लेने वाले अनुवादकों और दुभाषियों को न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है और परीक्षा में उपस्थित होना पड़ता है। भाषा कानूनों की अपनी व्याख्या के आधार पर, उसी राष्ट्रपति ने यह भी फैसला सुनाया कि एक शपथ अनुवादक/दुभाषिया के दर्जे के लिए मान्यता प्राप्त एकमात्र भाषा संयोजन वे थे जिनमें डच या तो मूल भाषा या लक्ष्य भाषा थी। बेल्जियम के अन्य न्यायिक जिलों द्वारा अभी तक इस दृष्टिकोण को नहीं अपनाया गया है। === ब्राजील === आधिकारिक दस्तावेजों का अनुवाद केवल सार्वजनिक अनुवादकों और दुभाषियों द्वारा किया जा सकता है, जो प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा प्रमाणित और मान्यता प्राप्त हैं। आवेदकों को उक्त भाषाओं मेें मौखिक और लिखित परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना होगा। पंजीकरण संख्या प्राप्त करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जाती है, जिसे प्रत्येक अनुवाद के शीर्षक में सूचित किया जाना चाहिए। जब उक्त भाषाओं के लिए कोई सार्वजनिक अनुवादक पंजीकृत नहीं होता है, तो एकल अनुवाद कार्य करने के लिए वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा अस्थायी अनुवादकों को भी नियुक्त किया जा सकता है। प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री भी अनुवाद शुल्क निर्धारित करती है। यद्यपि सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक/दुभाषिया को पंजीकरण की स्थिति में रहना चाहिए, लेकिन उनके अनुवाद पूरे देश में मान्य हैं। सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक के निवास से अलग शहरों और राज्यों में संस्थानों और सरकारी एजेंसियों को अनुवादक के हस्ताक्षर के नोटरी सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है। विदेशी दस्तावेजों को अनुवाद से पहले ब्राजील के वाणिज्य दूतावास या दूतावास द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए। यदि विदेशी देश की संस्था या सरकारी एजेंसी आवश्यक समझे तो विदेशी भाषा में अनूदित आधिकारिक दस्तावेजों में ब्राजील के विदेश मंत्रालय द्वारा सत्यापित सार्वजनिक शपथ अनुवादक के हस्ताक्षर आवश्यक होता है।[1] === कनाडा === दस्तावेजों का आधिकारिक अनुवाद दो तरीकों में से एक तरीके से किया जा सकता है। प्रमाणित अनुवाद, एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा पूरा किए जाते हैं और अनुवादक की घोषणा, हस्ताक्षर और मुहर के साथ सत्यापित होते हैं। "प्रमाणित अनुवादक" का पद कनाडा में एक संरक्षित पद है, जिसमें केवल वे व्यक्ति जो प्रांतीय अनुवादक संघ के सक्रिय सदस्य हैं और एक प्रमाणन परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, इस पद के लिए योग्य हैं और वही प्रमाणित अनुवाद कर सकते हैं। कनाडा में आधिकारिक अनुवाद प्रस्तुत करने का एक वैकल्पिक तरीका यह है कि अनुवाद का शपथ पत्र लेने के लिए एक नोटरी पब्लिक या आयुक्त की उपस्थिति में अनुवादक द्वारा हस्ताक्षरित एक शपथ पत्र संलग्न करना पड़ता है। === जर्मनी === जर्मन में वहां के क्षेत्रीय अदालतों (''लैंडगेरिचटे'') को "शपथ लेने वाले अनुवादकों" को नियुक्त करने की शक्ति है। प्रत्येक [[जर्मनी के राज्य|राज्य]] में विशेष पद और अलग-अलग नियुक्ति प्रक्रिया होती है। अधिकांश मामलों में, उम्मीदवारों को एक परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता होती है। जर्मनी अपने राज्यों में शपथ लेने वाले सभी अनुवादकों को सूचिबद्ध करने के लिए उनकी आधिकारिक सूचना www.justiz-uebersetzer.de पर ऑनलाइन उपलब्ध रखता है। === हंगरी === हंगरी में अनुवादकों और दुभाषियों के योग्यतानुसार लिए पाँच प्रकार हैंः तकनीकी अनुवादक, तकनीकी अनुवादक-प्रूफरीडर, दुभाषिया, तकनीकी दुभाषिया और सम्मेलन दुभाषिया( सभा दुभाषिया)। इन डिग्रियों को बीए और एमए प्रोग्राम्स, स्नातकोत्तर और लोक प्रशासन और न्याय मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्राप्त किया जा सकता है। इस योग्यता परीक्षा के लिए आवेदन करने में आवेदक उम्र की सीमा या अन्य किसी डिग्री के लिए बाध्य नहीं है। तकनीकी अनुवाद, तकनीकी अनुवाद प्रूफरीडिंग, तकनीकी विवेचन सम्मेलन विवेचन के लिए योग्यता निम्नलिखित संकायों (क्षेत्रों) में प्राप्त की जा सकती हैः सामाजिक विज्ञान, प्राकृतिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अर्थशास्त्र। उपर्युक्त क्षेत्रों में से किसी एक में डिग्री रखने वाला कोई भी व्यक्ति दिए गए क्षेत्र में तकनीकी अनुवाद और तकनीकी व्याख्या में योग्यता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है। योग्य तकनीकी दुभाषिया और तकनीकी अनुवादक क्रमशः सम्मेलन विवेचन और तकनीकी अनुवाद प्रूफरीडिंग के लिए भी योग्य हो सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/getdoc2.cgi?dbnum=1&docid=98600007.MM|title=Szakfordító és tolmácsképesítések|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> अनुवाद और साक्ष्यांकण (अनुप्रमाणन) राष्ट्रीय कार्यालय (Országos Fordító és Fordítashitelesító Iroda, OFFi′) हंगरी में एक कंपनी है जिसे कार्यालय या किसी अन्य द्वारा बनाए गए हंगेरियन से और हंगेरियन में दोनों अनुवाद को प्रमाणित करने और विदेशी भाषा में लिखे गए दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां बनाने का विशेष अधिकार है।<ref>{{Cite web|url=http://www.offi.hu/company|title=OFFI|publisher=www.offi.hu|access-date=22 August 2015}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/getdoc2.cgi?dbnum=1&docid=98600024.MT|title=a szakfordításról és tolmácsolásról|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> बुडापेस्ट की अदालतों में व्याख्या ओ. एफ. एफ. आई. द्वारा प्रदान की जाती है। यदि कार्यालय दुभाषिया उपलब्ध नहीं करा सकता है तो बुडापेस्ट के बाहर की अदालतों के लिए, स्थानीय अधिकारियों द्वारा पंजीकृत एक दुभाषिया नियुक्त किया जाएगा। यदि कोई आधिकारिक दुभाषिया उपलब्ध नहीं है, तो आवश्यक भाषा की अच्छी समझ रखने वाला एक योग्य व्यक्ति नियुक्त किया जाएगा।<ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/hjegy_doc.cgi?docid=98600007.IM|title=a szakfordításról és a tolmácsolásról szóló 24/1986. (VI. 26.) MT rendelet végrehajtásáról|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> === भारत === यहां कम दस्तावेज और स्रोत ज्ञात हैं। शपथ अधिनियम, 1969 की धारा 6 के अधीन विहित ओ. ए. टी. एच. एस. और ए. एफ. एफ. आई. डी. ए. वी. आई. टी. एस. के महाराष्ट्र न्यायालय सिविल विधि अध्याय 26 के अनुसार शपथ लेने वाला दुभाषिया या अनुवादक प्रपत्र संख्या 3 की सहायता से शपथ पत्र दे सकता है कि वह गवाहों द्वारा दिए गए साक्ष्यों की अच्छी तरह से और सही अर्थ में व्याख्या करेगा और अनुवाद के लिए उसे दिए गए सभी दस्तावेजों का सही और सटीक अनुवाद करेगा। === इंडोनेशिया === इंडोनेशिया में, शपथ अनुवादक वे व्यक्ति हैं जिन्होंने स्कूल ऑफ लिंग्विस्टिक्स एंड कल्चरल साइंसेज, इंडोनेशिया विश्वविद्यालय (एफ. आई. बी., यू. आई.) द्वारा आयोजित कानूनी अनुवाद परीक्षाओं में भाग लिया और उत्तीर्ण हुए हैं। 1mthe8q3skabzafk5ny833hac0jzwdo 6541216 6541130 2026-04-16T09:59:40Z Raushan Raj JNU 919201 मैंने इस सामग्री का दो अलग-अलग दिनों में अनुवाद किया है जिससे मेरे ही तकनीकी ज्ञान की कमी के कारण मैंने इसे दो बार सेव कर दिया था। 6541216 wikitext text/x-wiki '''प्रमाणित [[अनुवाद]]''' लक्ष्य भाषा क्षेत्राधिकार की आवश्यकताओं के अनुसार स्रोत पाठ के अर्थ को दूसरी भाषा में प्रस्तुत करता है, जिससे इसे औपचारिक प्रक्रियाओं में उपयोग करने में सक्षम बनाया जा सकता है।अनुवादक इसकी सटीकता के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करता है। ये आवश्यकताएँ देश-दर-देश व्यापक रूप से भिन्न होती हैं। जबकि कुछ देश केवल राज्य द्वारा नियुक्त अनुवादकों को इस तरह के अनुवाद करने की अनुमति देते हैं, वहीं कुछ अन्य देश किसी भी सक्षम द्विभाषी व्यक्ति द्वारा किए गए अनुवाद को स्वीकार कर लेते हैं। इन दो व्यापक सीमाओं के बीच कुछ ऐसे भी देश हैं जहाँ किसी भी पेशेवर अनुवादक द्वारा सही प्रमाण पत्र के साथ एक प्रमाणित अनुवाद किया जा सकता है (जिसमें विशिष्ट अनुवाद संघों की सदस्यता या कुछ योग्यताएँ शामिल हो सकती हैं) । अंग्रेजी बोलने वाले देश, जैसे कि [[यूनाइटेड किंगडम]], संयुक्त राज्य अमेरिका, [[ऑस्ट्रेलिया]] और [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूजीलैंड]], के स्पेक्ट्रम सख्त या थोड़े अनौपचारिक होते हैं, जिसमें अनुवादक प्रमाणित अनुवाद की अनुशंसा अपने आधिकारिक लेटर पैड आदि पर करता है जिसमें उक्त प्रमाणित अनुवाद की आवश्यकता, अनुवादक का विवरण एवं हस्ताक्षर दिनांक के साथ उपेक्षित होता है। यह एक प्रकार का प्रमाणिकरण है जिसकी आवश्यकता यूके सरकार के निकायों, जैसे कि गृह कार्यालय और यूके सीमा एजेंसी के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और अधिकांश विदेशी दूतावासों द्वारा की जाती है। ब्रिटेन के अलावा अन्य यूरोपीय देशों में इस संबंध में बहुत सख्त कानून हैं कि कौन प्रमाणित अनुवाद जारी कर सकता है, जिसमें अधिकांश आधिकारिक प्रमाणित अनुवादकों की नियुक्ति उनके आधार पर स्थानीय राज्य-विनियमित योग्यता प्राप्त करने पर की जाती है। == कानूनी आवश्यकताएं == कानूनी और आधिकारिक उद्देश्यों के लिए, [[साक्ष्य विधि|साक्ष्य दस्तावेज]] और अन्य आधिकारिक दस्तावेज आमतौर पर [[राजभाषा|आधिकारिक भाषा]] ([[अधिकारिता|अधिकार क्षेत्र]] की भाषा) में आवश्यक होते हैं। कुछ [[देश]] में, ऐसे दस्तावेजों के अनुवाद के लिए यह आवश्यक है कि एक [[अनुवाद|अनुवादक]] [[शपथ]] लेकर यह प्रमाणित करे कि यह(अनूदित प्रमाणित अनुवाद) स्रोत पाठ के कानूनी समकक्ष है। अक्सर, केवल एक विशेष वर्ग के अनुवादकों को ही ऐसी शपथ लेने का अधिकार होता है। कुछ मामलों में, अनुवाद को कानूनी समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार किया जाता है जब इसके साथ इसकी मूल या शपथ या प्रमाणित प्रति संलग्न हो। भले ही कोई अनुवादक कानूनी अनुवाद में माहिर हो या अपने देश में एक वकील हो, यह जरूरी नहीं कि वे एक प्रमाणित अनुवादक बन जाए। कानूनी समतुल्यता में अनुवाद करने की प्रक्रिया देश-दर-देश अलग-अलग होती है। === अर्जेंटीना === स्थानीय कानूनों के अनुपालन में, स्पेनिश के अलावा अन्य भाषाओं में लिखे गए सभी दस्तावेजों का स्थानीय कानूनों के अनुसार एक प्रमाणित लाइसेंस प्राप्त अनुवादक द्वारा स्पेनिश में अनुवाद किया जाना चाहिए। आम तौर पर, अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले सभी दस्तावेजों (व्यक्तिगत कागजात और कुछ वाणिज्यिक अनुबंधों सहित) का अनुवाद और हस्ताक्षर एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा किया जाना चाहिए, जिसका मुहर और हस्ताक्षर उस संबंधित पेशेवर संघ द्वारा प्रमाणित हो जो अनुवादक का लाइसेंस जारी करता हो। सभी निजी व्यक्ति, कंपनियां, न्यायपालिका और अन्य सरकारी विभाग विदेशी भाषा में दस्तावेजों या बयानों के संबंध में विभिन्न कानूनों के अधीन हैं, जैसे कि अर्जेंटीना सिविल और वाणिज्यिक संहिता, अर्जेंटीना कोड ऑफ सिविल एंड क्रिमिनल प्रोसीजर, अन्य।<ref>{{Cite web|url=http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|title=Colegio de Traductores Públicos de la Ciudad de Buenos Aires|archive-url=https://web.archive.org/web/20091001142704/http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|archive-date=October 1, 2009|access-date=March 10, 2010}}</ref> "पब्लिक ट्रांसलेटर" के रूप में प्रमाणित होने के लिए, उम्मीदवारों को "ट्रेडकटोर पब्लिक"/"ट्रेडकटा पब्लिक" की विश्वविद्यालयी डिग्री प्राप्त करना आवश्यक है। === ऑस्ट्रिया === शपथ और प्रमाणित विशेषज्ञ, दुभाषिया और अनुवादक अधिनियम #137/1995 (एसडीजी) की धारा 14 के अनुसार, क्षेत्रीय अदालतें [[जर्मन भाषा|जर्मन]] और किसी भी भाषा (सांकेतिक भाषा सहित) के बीच अनुवाद के लिए ऐसे किसी भी प्रमाणित अनुवादकों को नियुक्त करने के हकदार हैं, जिन्होंने एक आधिकारिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अदालत में शपथ ली है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|title=SV- und Dolmetschergergesetz|archive-url=https://web.archive.org/web/20190306234811/https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|archive-date=2019-03-06|access-date=2019-03-06}}</ref> प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को किसी विश्वविद्यालय से अनुवाद अध्ययन में स्नातक की डिग्री के साथ-साथ अनुवादक या दुभाषिया के रूप में कम से कम 5 वर्षों के अनुभव या कम से कम 2 वर्षों के अनुभव का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। हालांकि ज्यादातर "गेरिच्ट्सडोल्मेट्सचर" के रूप में संदर्भित किया जाता है, जबकि उसका सही नाम "ऑलजेमिन बीडेटे/आर उंड गेरिचट्लिच ज़र्टिफाइज़िएर्ट/आर डॉल्मेट्सचर/इन" है। शपथ लिए हुए अनुवादक मूल अनुवाद पर हस्ताक्षर करके और उन पर मुहर लगाकर सार्वजनिक स्वीकारोक्ति प्रदान करने के हकदार हैं। अनुवादों पर उनके हस्ताक्षर के आगे नोटराइजेशन की आवश्यकता नहीं है, और शपथ लेने वाले अनुवादक एक '''अपोस्टिल''' को जोड़ने के लिए अदालत में आवेदन कर सकते हैं। पुलिस को सलाह दी जाती है कि जब भी संभव हो भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए दुभाषियों को शामिल करें। ऑस्ट्रिया में अधिकांश सार्वजनिक अधिकारी दस्तावेजों के अनुवाद को कानूनी रूप से समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार करते हैं जब दी गई भाषा के लिए एक शपथ दुभाषिया द्वारा सील और हस्ताक्षर किए जाते हैं। यदि कोई दुभाषिया नियमित रूप से पेशेवर प्रशिक्षण में भाग नहीं लेगा तो प्राधिकरण समाप्त हो जाएगा। === बेल्जियम === "शपथ अनुवादक" (एकल [[डच भाषा|डच]] beëdigd vertaler, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] transtuter assermenté अल्लतु "शपथ दुभाषिया" (एकल [[डच भाषा|डच]] beädigd tolk, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] interprète assermente) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के समक्ष उस न्यायिक जिले के प्रथम उदाहरण की शपथ लेते हैं जिसमें उनका निवास स्थान है। अतीत में सभी न्यायिक जिलों में "शपथ" का दर्जा पाने के इच्छुक अनुवादकों और दुभाषियों की क्राउन प्रॉसिक्यूटर द्वारा उपयुक्तता के लिए जांच की जाती थी। उम्मीदवार को शपथ लेने के लिए भाषा संयोजनों(किस भाषा से, किस भाषा में अनुवाद करेंगे) बताना होगा। अनुवादक/दुभाषिया की डिग्री को आमतौर पर योग्यता का पर्याप्त प्रमाण माना जाता है। भाषा संयोजनों की कोई सीमा नहीं है जिन्हें पहचाना जा सकता है। हालांकि, एक अवैध अप्रवासी से जुड़े घोटाले के बाद, जिसने शपथ अनुवादक का दर्जा प्राप्त किया था, [[एंटवर्प]] में प्रथम बार के न्यायाधिकरण के अध्यक्ष ने एक प्रयोगात्मक योजना शुरू की, जिसके तहत शपथ लेने वाले अनुवादकों और दुभाषियों को न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है और परीक्षा में उपस्थित होना पड़ता है। भाषा कानूनों की अपनी व्याख्या के आधार पर, उसी राष्ट्रपति ने यह भी फैसला सुनाया कि एक शपथ अनुवादक/दुभाषिया के दर्जे के लिए मान्यता प्राप्त एकमात्र भाषा संयोजन वे थे जिनमें डच या तो मूल भाषा या लक्ष्य भाषा थी। बेल्जियम के अन्य न्यायिक जिलों द्वारा अभी तक इस दृष्टिकोण को नहीं अपनाया गया है। === ब्राजील === आधिकारिक दस्तावेजों का अनुवाद केवल सार्वजनिक अनुवादकों और दुभाषियों द्वारा किया जा सकता है, जो प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा प्रमाणित और मान्यता प्राप्त हैं। आवेदकों को उक्त भाषाओं मेें मौखिक और लिखित परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना होगा। पंजीकरण संख्या प्राप्त करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जाती है, जिसे प्रत्येक अनुवाद के शीर्षक में सूचित किया जाना चाहिए। जब उक्त भाषाओं के लिए कोई सार्वजनिक अनुवादक पंजीकृत नहीं होता है, तो एकल अनुवाद कार्य करने के लिए वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा अस्थायी अनुवादकों को भी नियुक्त किया जा सकता है। प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री भी अनुवाद शुल्क निर्धारित करती है। यद्यपि सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक/दुभाषिया को पंजीकरण की स्थिति में रहना चाहिए, लेकिन उनके अनुवाद पूरे देश में मान्य हैं। सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक के निवास से अलग शहरों और राज्यों में संस्थानों और सरकारी एजेंसियों को अनुवादक के हस्ताक्षर के नोटरी सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है। विदेशी दस्तावेजों को अनुवाद से पहले ब्राजील के वाणिज्य दूतावास या दूतावास द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए। यदि विदेशी देश की संस्था या सरकारी एजेंसी आवश्यक समझे तो विदेशी भाषा में अनूदित आधिकारिक दस्तावेजों में ब्राजील के विदेश मंत्रालय द्वारा सत्यापित सार्वजनिक शपथ अनुवादक के हस्ताक्षर आवश्यक होता है।[1] === कनाडा === दस्तावेजों का आधिकारिक अनुवाद दो तरीकों में से एक तरीके से किया जा सकता है। प्रमाणित अनुवाद, एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा पूरा किए जाते हैं और अनुवादक की घोषणा, हस्ताक्षर और मुहर के साथ सत्यापित होते हैं। "प्रमाणित अनुवादक" का पद कनाडा में एक संरक्षित पद है, जिसमें केवल वे व्यक्ति जो प्रांतीय अनुवादक संघ के सक्रिय सदस्य हैं और एक प्रमाणन परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, इस पद के लिए योग्य हैं और वही प्रमाणित अनुवाद कर सकते हैं। कनाडा में आधिकारिक अनुवाद प्रस्तुत करने का एक वैकल्पिक तरीका यह है कि अनुवाद का शपथ पत्र लेने के लिए एक नोटरी पब्लिक या आयुक्त की उपस्थिति में अनुवादक द्वारा हस्ताक्षरित एक शपथ पत्र संलग्न करना पड़ता है। === जर्मनी === जर्मन में वहां के क्षेत्रीय अदालतों (''लैंडगेरिचटे'') को "शपथ लेने वाले अनुवादकों" को नियुक्त करने की शक्ति है। प्रत्येक [[जर्मनी के राज्य|राज्य]] में विशेष पद और अलग-अलग नियुक्ति प्रक्रिया होती है। अधिकांश मामलों में, उम्मीदवारों को एक परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता होती है। जर्मनी अपने राज्यों में शपथ लेने वाले सभी अनुवादकों को सूचिबद्ध करने के लिए उनकी आधिकारिक सूचना www.justiz-uebersetzer.de पर ऑनलाइन उपलब्ध रखता है। === हंगरी === हंगरी में अनुवादकों और दुभाषियों के योग्यतानुसार लिए पाँच प्रकार हैंः तकनीकी अनुवादक, तकनीकी अनुवादक-प्रूफरीडर, दुभाषिया, तकनीकी दुभाषिया और सम्मेलन दुभाषिया( सभा दुभाषिया)। इन डिग्रियों को बीए और एमए प्रोग्राम्स, स्नातकोत्तर और लोक प्रशासन और न्याय मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्राप्त किया जा सकता है। इस योग्यता परीक्षा के लिए आवेदन करने में आवेदक उम्र की सीमा या अन्य किसी डिग्री के लिए बाध्य नहीं है। तकनीकी अनुवाद, तकनीकी अनुवाद प्रूफरीडिंग, तकनीकी विवेचन सम्मेलन विवेचन के लिए योग्यता निम्नलिखित संकायों (क्षेत्रों) में प्राप्त की जा सकती हैः सामाजिक विज्ञान, प्राकृतिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अर्थशास्त्र। उपर्युक्त क्षेत्रों में से किसी एक में डिग्री रखने वाला कोई भी व्यक्ति दिए गए क्षेत्र में तकनीकी अनुवाद और तकनीकी व्याख्या में योग्यता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है। योग्य तकनीकी दुभाषिया और तकनीकी अनुवादक क्रमशः सम्मेलन विवेचन और तकनीकी अनुवाद प्रूफरीडिंग के लिए भी योग्य हो सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/getdoc2.cgi?dbnum=1&docid=98600007.MM|title=Szakfordító és tolmácsképesítések|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> अनुवाद और साक्ष्यांकण (अनुप्रमाणन) राष्ट्रीय कार्यालय (Országos Fordító és Fordítashitelesító Iroda, OFFi′) हंगरी में एक कंपनी है जिसे कार्यालय या किसी अन्य द्वारा बनाए गए हंगेरियन से और हंगेरियन में दोनों अनुवाद को प्रमाणित करने और विदेशी भाषा में लिखे गए दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां बनाने का विशेष अधिकार है।<ref>{{Cite web|url=http://www.offi.hu/company|title=OFFI|publisher=www.offi.hu|access-date=22 August 2015}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/getdoc2.cgi?dbnum=1&docid=98600024.MT|title=a szakfordításról és tolmácsolásról|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> बुडापेस्ट की अदालतों में व्याख्या ओ. एफ. एफ. आई. द्वारा प्रदान की जाती है। यदि कार्यालय दुभाषिया उपलब्ध नहीं करा सकता है तो बुडापेस्ट के बाहर की अदालतों के लिए, स्थानीय अधिकारियों द्वारा पंजीकृत एक दुभाषिया नियुक्त किया जाएगा। यदि कोई आधिकारिक दुभाषिया उपलब्ध नहीं है, तो आवश्यक भाषा की अच्छी समझ रखने वाला एक योग्य व्यक्ति नियुक्त किया जाएगा।<ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/hjegy_doc.cgi?docid=98600007.IM|title=a szakfordításról és a tolmácsolásról szóló 24/1986. (VI. 26.) MT rendelet végrehajtásáról|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> === भारत === यहां कम दस्तावेज और स्रोत ज्ञात हैं। शपथ अधिनियम, 1969 की धारा 6 के अधीन विहित ओ. ए. टी. एच. एस. और ए. एफ. एफ. आई. डी. ए. वी. आई. टी. एस. के महाराष्ट्र न्यायालय सिविल विधि अध्याय 26 के अनुसार शपथ लेने वाला दुभाषिया या अनुवादक प्रपत्र संख्या 3 की सहायता से शपथ पत्र दे सकता है कि वह गवाहों द्वारा दिए गए साक्ष्यों की अच्छी तरह से और सही अर्थ में व्याख्या करेगा और अनुवाद के लिए उसे दिए गए सभी दस्तावेजों का सही और सटीक अनुवाद करेगा। === इंडोनेशिया === इंडोनेशिया में, शपथ अनुवादक वे व्यक्ति हैं जिन्होंने स्कूल ऑफ लिंग्विस्टिक्स एंड कल्चरल साइंसेज, इंडोनेशिया विश्वविद्यालय (एफ. आई. बी., यू. आई.) द्वारा आयोजित कानूनी अनुवाद परीक्षाओं में भाग लिया और उत्तीर्ण हुए हैं। ggljlpk1z3dv9tgfuy0up0o4i5gx9ph 6541244 6541216 2026-04-16T11:34:57Z Raushan Raj JNU 919201 Created by translating the section "Legal requirements" from the page "[[:en:Special:Redirect/revision/1338926927|Certified translation]]" 6541244 wikitext text/x-wiki '''प्रमाणित [[अनुवाद]]''' लक्ष्य भाषा क्षेत्राधिकार की आवश्यकताओं के अनुसार स्रोत पाठ के अर्थ को दूसरी भाषा में प्रस्तुत करता है, जिससे इसे औपचारिक प्रक्रियाओं में उपयोग करने में सक्षम बनाया जा सकता है।अनुवादक इसकी सटीकता के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करता है। ये आवश्यकताएँ देश-दर-देश व्यापक रूप से भिन्न होती हैं। जबकि कुछ देश केवल राज्य द्वारा नियुक्त अनुवादकों को इस तरह के अनुवाद करने की अनुमति देते हैं, वहीं कुछ अन्य देश किसी भी सक्षम द्विभाषी व्यक्ति द्वारा किए गए अनुवाद को स्वीकार कर लेते हैं। इन दो व्यापक सीमाओं के बीच कुछ ऐसे भी देश हैं जहाँ किसी भी पेशेवर अनुवादक द्वारा सही प्रमाण पत्र के साथ एक प्रमाणित अनुवाद किया जा सकता है (जिसमें विशिष्ट अनुवाद संघों की सदस्यता या कुछ योग्यताएँ शामिल हो सकती हैं) । अंग्रेजी बोलने वाले देश, जैसे कि [[यूनाइटेड किंगडम]], संयुक्त राज्य अमेरिका, [[ऑस्ट्रेलिया]] और [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूजीलैंड]], के स्पेक्ट्रम सख्त या थोड़े अनौपचारिक होते हैं, जिसमें अनुवादक प्रमाणित अनुवाद की अनुशंसा अपने आधिकारिक लेटर पैड आदि पर करता है जिसमें उक्त प्रमाणित अनुवाद की आवश्यकता, अनुवादक का विवरण एवं हस्ताक्षर दिनांक के साथ उपेक्षित होता है। यह एक प्रकार का प्रमाणिकरण है जिसकी आवश्यकता यूके सरकार के निकायों, जैसे कि गृह कार्यालय और यूके सीमा एजेंसी के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और अधिकांश विदेशी दूतावासों द्वारा की जाती है। ब्रिटेन के अलावा अन्य यूरोपीय देशों में इस संबंध में बहुत सख्त कानून हैं कि कौन प्रमाणित अनुवाद जारी कर सकता है, जिसमें अधिकांश आधिकारिक प्रमाणित अनुवादकों की नियुक्ति उनके आधार पर स्थानीय राज्य-विनियमित योग्यता प्राप्त करने पर की जाती है। == कानूनी आवश्यकताएं == कानूनी और आधिकारिक उद्देश्यों के लिए, [[साक्ष्य विधि|साक्ष्य दस्तावेज]] और अन्य आधिकारिक दस्तावेज आमतौर पर [[राजभाषा|आधिकारिक भाषा]] ([[अधिकारिता|अधिकार क्षेत्र]] की भाषा) में आवश्यक होते हैं। कुछ [[देश]] में, ऐसे दस्तावेजों के अनुवाद के लिए यह आवश्यक है कि एक [[अनुवाद|अनुवादक]] [[शपथ]] लेकर यह प्रमाणित करे कि यह(अनूदित प्रमाणित अनुवाद) स्रोत पाठ के कानूनी समकक्ष है। अक्सर, केवल एक विशेष वर्ग के अनुवादकों को ही ऐसी शपथ लेने का अधिकार होता है। कुछ मामलों में, अनुवाद को कानूनी समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार किया जाता है जब इसके साथ इसकी मूल या शपथ या प्रमाणित प्रति संलग्न हो। भले ही कोई अनुवादक कानूनी अनुवाद में माहिर हो या अपने देश में एक वकील हो, यह जरूरी नहीं कि वे एक प्रमाणित अनुवादक बन जाए। कानूनी समतुल्यता में अनुवाद करने की प्रक्रिया देश-दर-देश अलग-अलग होती है। === अर्जेंटीना === स्थानीय कानूनों के अनुपालन में, स्पेनिश के अलावा अन्य भाषाओं में लिखे गए सभी दस्तावेजों का स्थानीय कानूनों के अनुसार एक प्रमाणित लाइसेंस प्राप्त अनुवादक द्वारा स्पेनिश में अनुवाद किया जाना चाहिए। आम तौर पर, अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले सभी दस्तावेजों (व्यक्तिगत कागजात और कुछ वाणिज्यिक अनुबंधों सहित) का अनुवाद और हस्ताक्षर एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा किया जाना चाहिए, जिसका मुहर और हस्ताक्षर उस संबंधित पेशेवर संघ द्वारा प्रमाणित हो जो अनुवादक का लाइसेंस जारी करता हो। सभी निजी व्यक्ति, कंपनियां, न्यायपालिका और अन्य सरकारी विभाग विदेशी भाषा में दस्तावेजों या बयानों के संबंध में विभिन्न कानूनों के अधीन हैं, जैसे कि अर्जेंटीना सिविल और वाणिज्यिक संहिता, अर्जेंटीना कोड ऑफ सिविल एंड क्रिमिनल प्रोसीजर, अन्य।<ref>{{Cite web|url=http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|title=Colegio de Traductores Públicos de la Ciudad de Buenos Aires|archive-url=https://web.archive.org/web/20091001142704/http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|archive-date=October 1, 2009|access-date=March 10, 2010}}</ref> "पब्लिक ट्रांसलेटर" के रूप में प्रमाणित होने के लिए, उम्मीदवारों को "ट्रेडकटोर पब्लिक"/"ट्रेडकटा पब्लिक" की विश्वविद्यालयी डिग्री प्राप्त करना आवश्यक है। === ऑस्ट्रिया === शपथ और प्रमाणित विशेषज्ञ, दुभाषिया और अनुवादक अधिनियम #137/1995 (एसडीजी) की धारा 14 के अनुसार, क्षेत्रीय अदालतें [[जर्मन भाषा|जर्मन]] और किसी भी भाषा (सांकेतिक भाषा सहित) के बीच अनुवाद के लिए ऐसे किसी भी प्रमाणित अनुवादकों को नियुक्त करने के हकदार हैं, जिन्होंने एक आधिकारिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अदालत में शपथ ली है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|title=SV- und Dolmetschergergesetz|archive-url=https://web.archive.org/web/20190306234811/https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|archive-date=2019-03-06|access-date=2019-03-06}}</ref> प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को किसी विश्वविद्यालय से अनुवाद अध्ययन में स्नातक की डिग्री के साथ-साथ अनुवादक या दुभाषिया के रूप में कम से कम 5 वर्षों के अनुभव या कम से कम 2 वर्षों के अनुभव का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। हालांकि ज्यादातर "गेरिच्ट्सडोल्मेट्सचर" के रूप में संदर्भित किया जाता है, जबकि उसका सही नाम "ऑलजेमिन बीडेटे/आर उंड गेरिचट्लिच ज़र्टिफाइज़िएर्ट/आर डॉल्मेट्सचर/इन" है। शपथ लिए हुए अनुवादक मूल अनुवाद पर हस्ताक्षर करके और उन पर मुहर लगाकर सार्वजनिक स्वीकारोक्ति प्रदान करने के हकदार हैं। अनुवादों पर उनके हस्ताक्षर के आगे नोटराइजेशन की आवश्यकता नहीं है, और शपथ लेने वाले अनुवादक एक '''अपोस्टिल''' को जोड़ने के लिए अदालत में आवेदन कर सकते हैं। पुलिस को सलाह दी जाती है कि जब भी संभव हो भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए दुभाषियों को शामिल करें। ऑस्ट्रिया में अधिकांश सार्वजनिक अधिकारी दस्तावेजों के अनुवाद को कानूनी रूप से समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार करते हैं जब दी गई भाषा के लिए एक शपथ दुभाषिया द्वारा सील और हस्ताक्षर किए जाते हैं। यदि कोई दुभाषिया नियमित रूप से पेशेवर प्रशिक्षण में भाग नहीं लेगा तो प्राधिकरण समाप्त हो जाएगा। === बेल्जियम === "शपथ अनुवादक" (एकल [[डच भाषा|डच]] beëdigd vertaler, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] transtuter assermenté अल्लतु "शपथ दुभाषिया" (एकल [[डच भाषा|डच]] beädigd tolk, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] interprète assermente) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के समक्ष उस न्यायिक जिले के प्रथम उदाहरण की शपथ लेते हैं जिसमें उनका निवास स्थान है। अतीत में सभी न्यायिक जिलों में "शपथ" का दर्जा पाने के इच्छुक अनुवादकों और दुभाषियों की क्राउन प्रॉसिक्यूटर द्वारा उपयुक्तता के लिए जांच की जाती थी। उम्मीदवार को शपथ लेने के लिए भाषा संयोजनों(किस भाषा से, किस भाषा में अनुवाद करेंगे) बताना होगा। अनुवादक/दुभाषिया की डिग्री को आमतौर पर योग्यता का पर्याप्त प्रमाण माना जाता है। भाषा संयोजनों की कोई सीमा नहीं है जिन्हें पहचाना जा सकता है। हालांकि, एक अवैध अप्रवासी से जुड़े घोटाले के बाद, जिसने शपथ अनुवादक का दर्जा प्राप्त किया था, [[एंटवर्प]] में प्रथम बार के न्यायाधिकरण के अध्यक्ष ने एक प्रयोगात्मक योजना शुरू की, जिसके तहत शपथ लेने वाले अनुवादकों और दुभाषियों को न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है और परीक्षा में उपस्थित होना पड़ता है। भाषा कानूनों की अपनी व्याख्या के आधार पर, उसी राष्ट्रपति ने यह भी फैसला सुनाया कि एक शपथ अनुवादक/दुभाषिया के दर्जे के लिए मान्यता प्राप्त एकमात्र भाषा संयोजन वे थे जिनमें डच या तो मूल भाषा या लक्ष्य भाषा थी। बेल्जियम के अन्य न्यायिक जिलों द्वारा अभी तक इस दृष्टिकोण को नहीं अपनाया गया है। === ब्राजील === आधिकारिक दस्तावेजों का अनुवाद केवल सार्वजनिक अनुवादकों और दुभाषियों द्वारा किया जा सकता है, जो प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा प्रमाणित और मान्यता प्राप्त हैं। आवेदकों को उक्त भाषाओं मेें मौखिक और लिखित परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना होगा। पंजीकरण संख्या प्राप्त करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जाती है, जिसे प्रत्येक अनुवाद के शीर्षक में सूचित किया जाना चाहिए। जब उक्त भाषाओं के लिए कोई सार्वजनिक अनुवादक पंजीकृत नहीं होता है, तो एकल अनुवाद कार्य करने के लिए वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा अस्थायी अनुवादकों को भी नियुक्त किया जा सकता है। प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री भी अनुवाद शुल्क निर्धारित करती है। यद्यपि सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक/दुभाषिया को पंजीकरण की स्थिति में रहना चाहिए, लेकिन उनके अनुवाद पूरे देश में मान्य हैं। सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक के निवास से अलग शहरों और राज्यों में संस्थानों और सरकारी एजेंसियों को अनुवादक के हस्ताक्षर के नोटरी सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है। विदेशी दस्तावेजों को अनुवाद से पहले ब्राजील के वाणिज्य दूतावास या दूतावास द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए। यदि विदेशी देश की संस्था या सरकारी एजेंसी आवश्यक समझे तो विदेशी भाषा में अनूदित आधिकारिक दस्तावेजों में ब्राजील के विदेश मंत्रालय द्वारा सत्यापित सार्वजनिक शपथ अनुवादक के हस्ताक्षर आवश्यक होता है।[1] === कनाडा === दस्तावेजों का आधिकारिक अनुवाद दो तरीकों में से एक तरीके से किया जा सकता है। प्रमाणित अनुवाद, एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा पूरा किए जाते हैं और अनुवादक की घोषणा, हस्ताक्षर और मुहर के साथ सत्यापित होते हैं। "प्रमाणित अनुवादक" का पद कनाडा में एक संरक्षित पद है, जिसमें केवल वे व्यक्ति जो प्रांतीय अनुवादक संघ के सक्रिय सदस्य हैं और एक प्रमाणन परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, इस पद के लिए योग्य हैं और वही प्रमाणित अनुवाद कर सकते हैं। कनाडा में आधिकारिक अनुवाद प्रस्तुत करने का एक वैकल्पिक तरीका यह है कि अनुवाद का शपथ पत्र लेने के लिए एक नोटरी पब्लिक या आयुक्त की उपस्थिति में अनुवादक द्वारा हस्ताक्षरित एक शपथ पत्र संलग्न करना पड़ता है। === जर्मनी === जर्मन में वहां के क्षेत्रीय अदालतों (''लैंडगेरिचटे'') को "शपथ लेने वाले अनुवादकों" को नियुक्त करने की शक्ति है। प्रत्येक [[जर्मनी के राज्य|राज्य]] में विशेष पद और अलग-अलग नियुक्ति प्रक्रिया होती है। अधिकांश मामलों में, उम्मीदवारों को एक परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता होती है। जर्मनी अपने राज्यों में शपथ लेने वाले सभी अनुवादकों को सूचिबद्ध करने के लिए उनकी आधिकारिक सूचना www.justiz-uebersetzer.de पर ऑनलाइन उपलब्ध रखता है। === हंगरी === हंगरी में अनुवादकों और दुभाषियों के योग्यतानुसार लिए पाँच प्रकार हैंः तकनीकी अनुवादक, तकनीकी अनुवादक-प्रूफरीडर, दुभाषिया, तकनीकी दुभाषिया और सम्मेलन दुभाषिया( सभा दुभाषिया)। इन डिग्रियों को बीए और एमए प्रोग्राम्स, स्नातकोत्तर और लोक प्रशासन और न्याय मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्राप्त किया जा सकता है। इस योग्यता परीक्षा के लिए आवेदन करने में आवेदक उम्र की सीमा या अन्य किसी डिग्री के लिए बाध्य नहीं है। तकनीकी अनुवाद, तकनीकी अनुवाद प्रूफरीडिंग, तकनीकी विवेचन सम्मेलन विवेचन के लिए योग्यता निम्नलिखित संकायों (क्षेत्रों) में प्राप्त की जा सकती हैः सामाजिक विज्ञान, प्राकृतिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अर्थशास्त्र। उपर्युक्त क्षेत्रों में से किसी एक में डिग्री रखने वाला कोई भी व्यक्ति दिए गए क्षेत्र में तकनीकी अनुवाद और तकनीकी व्याख्या में योग्यता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है। योग्य तकनीकी दुभाषिया और तकनीकी अनुवादक क्रमशः सम्मेलन विवेचन और तकनीकी अनुवाद प्रूफरीडिंग के लिए भी योग्य हो सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/getdoc2.cgi?dbnum=1&docid=98600007.MM|title=Szakfordító és tolmácsképesítések|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> अनुवाद और साक्ष्यांकण (अनुप्रमाणन) राष्ट्रीय कार्यालय (Országos Fordító és Fordítashitelesító Iroda, OFFi′) हंगरी में एक कंपनी है जिसे कार्यालय या किसी अन्य द्वारा बनाए गए हंगेरियन से और हंगेरियन में दोनों अनुवाद को प्रमाणित करने और विदेशी भाषा में लिखे गए दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां बनाने का विशेष अधिकार है।<ref>{{Cite web|url=http://www.offi.hu/company|title=OFFI|publisher=www.offi.hu|access-date=22 August 2015}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/getdoc2.cgi?dbnum=1&docid=98600024.MT|title=a szakfordításról és tolmácsolásról|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> बुडापेस्ट की अदालतों में व्याख्या ओ. एफ. एफ. आई. द्वारा प्रदान की जाती है। यदि कार्यालय दुभाषिया उपलब्ध नहीं करा सकता है तो बुडापेस्ट के बाहर की अदालतों के लिए, स्थानीय अधिकारियों द्वारा पंजीकृत एक दुभाषिया नियुक्त किया जाएगा। यदि कोई आधिकारिक दुभाषिया उपलब्ध नहीं है, तो आवश्यक भाषा की अच्छी समझ रखने वाला एक योग्य व्यक्ति नियुक्त किया जाएगा।<ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/hjegy_doc.cgi?docid=98600007.IM|title=a szakfordításról és a tolmácsolásról szóló 24/1986. (VI. 26.) MT rendelet végrehajtásáról|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> === भारत === यहां कम दस्तावेज और स्रोत ज्ञात हैं। शपथ अधिनियम, 1969 की धारा 6 के अधीन विहित ओ. ए. टी. एच. एस. और ए. एफ. एफ. आई. डी. ए. वी. आई. टी. एस. के महाराष्ट्र न्यायालय सिविल विधि अध्याय 26 के अनुसार शपथ लेने वाला दुभाषिया या अनुवादक प्रपत्र संख्या 3 की सहायता से शपथ पत्र दे सकता है कि वह गवाहों द्वारा दिए गए साक्ष्यों की अच्छी तरह से और सही अर्थ में व्याख्या करेगा और अनुवाद के लिए उसे दिए गए सभी दस्तावेजों का सही और सटीक अनुवाद करेगा। === इंडोनेशिया === इंडोनेशिया में, शपथ अनुवादक वे व्यक्ति हैं जिन्होंने स्कूल ऑफ लिंग्विस्टिक्स एंड कल्चरल साइंसेज, इंडोनेशिया विश्वविद्यालय (एफ. आई. बी., यू. आई.) द्वारा आयोजित कानूनी अनुवाद परीक्षाओं में भाग लिया और उत्तीर्ण हुए हैं। == Legal requirements == परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, उन्हें डीकेआई जकार्ता के गवर्नर द्वारा शपथ दिलाई जाएगी, बशर्ते कि उनके पास जकार्ता आईडी कार्ड हो। अन्य क्षेत्रों के लिए, प्रत्येक को अपने राज्यपाल द्वारा शपथ लेने के लिए अपने-अपने राज्यपाल को लिखना पड़ता है, इस प्रकार 'शपथ' का दर्जा प्राप्त होता है। वैकल्पिक रूप से, एसोसिएशन ऑफ इंडोनेशियाई ट्रांसलेटर्स या एचपीआई में उन सदस्यों के लिए भी परीक्षाएं होती हैं जो एक योग्य, निपुण अनुवादक या दुभाषिया के रूप में अनुज्ञप्ति प्राप्त करना चाहते हैं। यह अनुज्ञप्ति परीक्षा उत्तीर्ण करने के 5 वर्ष तक ही मान्य होगा और 5 वर्षों के बाद समाप्त हो जाएगा। === इटली === इतालवी अदालतों और वाणिज्य दूतावासों दोनों के पास "''आधिकारिक'' अनुवादकों" (ट्राडुटोरी गियुराटी या आधिकारिक उम्मीदवार) के रूप में उन उम्मीदवारों को नियुक्त करने की शक्ति है जो संबंधित परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं या भाषा प्रवीणता का प्रमाण दिखाते हैं (यह प्रमाण आमतौर पर एक विश्वविद्यालय की डिग्री होता है) । === मेक्सिको === [[मेक्सिको]] में, प्रमाणित अनुवाद एक ऐसे अनुवाद को समझा जाता है जो सरकार द्वारा अधिकृत विशेषज्ञ अनुवादक द्वारा सील और हस्ताक्षरित होता है (पेरीटो अनुवादक ऑटोरिज़ाडो) इन विशेषज्ञ अनुवादकों को आमतौर पर प्रत्येक राज्य के न्यायालय द्वारा या संघीय न्यायिक परिषद द्वारा अधिकृत किया जाता है, लेकिन कुछ मामलों में स्थानीय सरकारी कार्यालय भी प्रमाणित अनुवाद को सत्यापित कर सकते हैं (जैसे गुआनाजुआटो और जलिस्को में नागरिक रजिस्ट्री कार्यालय) ।<ref name="List of the experts authorized by Mexico City's Court of Justice">{{Cite web|url=https://www.iejcdmx.gob.mx/wp-content/uploads/PERITOS_ACTUALIZADA_MARZO-9.pdf|title=List of the experts authorized by Mexico City's Court of Justice, Information available in Spanish|access-date=April 28, 2023}}</ref><ref name="List of the experts authorized by Federal Judicial Council for 2021">{{Cite web|url=https://www.cjf.gob.mx/resources/index/infoRelevante/2021/pdf/peritos/listaPeritosOrganosPJF_2021.pdf|title=List of the experts authorized by Federal Judicial Council for 2021, Information available in Spanish|access-date=April 28, 2023}}</ref> प्रत्येक राज्य में प्राधिकरण प्रक्रिया अलग-अलग होती है, और ज्यादातर मामलों में उम्मीदवारों को एक परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता होती है। यहां अनुवाद की प्रामाणिकता की कोई अतिरिक्त आवश्यकता नहीं है। === नीदरलैंड्स === डच कानूनी सहायता परिषद का एक विभाग, ब्यूरो फॉर स्वोर्न इंटरप्रेटर एंड ट्रांसलेटर्स, जिसे न्याय मंत्रालय द्वारा स्वोर्न ट्रांसलेटर एंड ट्रांसलेटर एक्ट के संबंध में विभिन्न कार्यान्वयन कार्यों के लिए सौंपा गया है। उनके पास प्रमाणीकरण के दो तरीके हैं, हालांकि सबसे उत्तम तरीका कानूनी वैधता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.bureaubtv.nl/en/|title=Bureau BTV|archive-url=https://web.archive.org/web/20150215134200/http://www.bureaubtv.nl/en/|archive-date=2015-02-15|access-date=2015-01-30}}</ref> === नॉर्वे === उम्मीदवारों को एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, सरकारी अधिकृत अनुवादकों के संघ द्वारा प्रमाणित किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.statsaut-translator.no/website.aspx?objectid=1&displayid=1205|title=Statsautoriserte translatørers forening - English|website=www.statsaut-translator.no|archive-url=https://web.archive.org/web/20100115221618/http://www.statsaut-translator.no/website.aspx?objectid=1&displayid=1205|archive-date=January 15, 2010}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="">[https://web.archive.org/web/20100115221618/http://www.statsaut-translator.no/website.aspx?objectid=1&displayid=1205 "Statsautoriserte translatørers forening - English"]. ''www.statsaut-translator.no''. Archived from [http://www.statsaut-translator.no/website.aspx?objectid=1&displayid=1205 the original] on January 15, 2010.</cite></ref> इसके बाद ही सफल उम्मीदवारों को नॉर्वे की सरकार द्वारा "सच्चे प्रमाणित अनुवाद " वाक्यांश के बाद अपने अनुवाद पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया जाता है। इस संगठन की स्थापना 1913 में हुई थी। === पोलैंड === पोलैंड में अनुवाद के मानकों को न्याय मंत्रालय के एक प्रासंगिक विभाग द्वारा विनियमित किया जाता है, और ऐसी सेवाएं प्रदान करने के इच्छुक प्रत्येक अनुवादक को राज्य परीक्षा उत्तीर्ण करना पड़ता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.ms.gov.pl/|title=Home|website=ms.gov.pl}}</ref> इसके बाद ऐसे व्यक्ति की एक आधिकारिक सूची में मुहर के साथ प्रविष्टि की जाती है और उसे एक शपथ अनुवादक घोषित कर दिया जाता है। हालांकि, साधारण अनुवाद (व्यवसाय, प्रशासन, पत्राचार) के लिए इस क्षेत्र में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ होना पर्याप्त है। === दक्षिण अफ्रीका === [[दक्षिण अफ़्रीका|दक्षिण अफ्रीका]] में, अनुवादक को उच्च न्यायालय द्वारा अधिकृत होना चाहिए और उसे अपने स्रोत पाठ (या शपथ की एक मूल प्रति का) उपयोग करना चाहिए। अनुवादक केवल अपने अनुवाद की शपथ ले सकता है। अनुवाद की [[अधिप्रमाणन|प्रामाणिकता]] को प्रमाणित करने के लिए किसी अतिरिक्त गवाह (जैसे एक नोटरी) की कोई आवश्यकता नहीं है। === स्पेन === स्पेन में, शपथ अनुवाद का मतलब एक ऐसे अनुवाद से है जो स्पेनिश विदेश मंत्रालय, यूरोपीय संघ और सहयोग द्वारा नियुक्त अनुवादक द्वारा अनूदित हो। [[स्पेनी भाषा|कैस्टिलियन]] और दूसरी भाषा के संयोजन के लिए स्पेन में एक शपथ अनुवादक बनने के लिए, उम्मीदवार को विदेश मामलों और सहयोग मंत्रालय द्वारा "शपथ अनुवादक और दुभाषिया" (ट्रेड्यूक्टर-इंटर्प्रीट जुराडो) के रूप में प्रमाणित होना चाहिए। फिर, अनुवादक को मंत्रालय के साथ अपनी मुहर और हस्ताक्षर पंजीकृत करने की आवश्यकता होती है, जिसमें अनुवादक का डेटा शपथ लेने वाले दुभाषियों की सार्वजनिक सूची में शामिल होता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.maec.es/es/MenuPpal/Ministerio/Tablondeanuncios/InterpretesJurados/Documents/IIJJ20090429.pdf|title=Archived copy|archive-url=https://web.archive.org/web/20090521005233/http://www.maec.es/es/MenuPpal/Ministerio/Tablondeanuncios/InterpretesJurados/Documents/IIJJ20090429.pdf|archive-date=2009-05-21|access-date=2009-06-12}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="">[https://web.archive.org/web/20090521005233/http://www.maec.es/es/MenuPpal/Ministerio/Tablondeanuncios/InterpretesJurados/Documents/IIJJ20090429.pdf "Archived copy"] <span class="cs1-format">(PDF)</span>. Archived from [http://www.maec.es/es/MenuPpal/Ministerio/Tablondeanuncios/InterpretesJurados/Documents/IIJJ20090429.pdf the original] <span class="cs1-format">(PDF)</span> on 2009-05-21<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">2009-06-12</span></span>.</cite><span class="cs1-maint citation-comment" data-ve-ignore=""><code class="cs1-code"><nowiki>{{</nowiki>[[साँचा:Cite web|cite web]]<nowiki>}}</nowiki></code>: CS1 maint: archived copy as title ([[:Category:CS1 maint: archived copy as title|link]])</span> [[Category:CS1 maint: archived copy as title]]</ref> शपथ लिए हुए अनुवादक पेशेवर अनुवादक होते हैं (सामान्य रूप से ऐसे व्यक्ति जो अनुवाद और व्याख्या में डिग्री रखते हैं) जिन्होंने स्पेनिश विदेश मामलों और सहयोग मंत्रालय द्वारा दी गई परीक्षा उत्तीर्ण की है और इसलिए वे स्पेनिश से अन्य भाषाओं में अनुवाद करने के लिए अधिकृत होते हैं और अन्य भाषाओं से स्पेनिश में भी। पात्रता या तो राज्य परीक्षा के माध्यम से या स्पेनिश विश्वविद्यालय में अनुवाद और व्याख्या के डिग्री अध्ययन को पूरा करके प्राप्त की जा सकती है, बशर्ते कि अनुवादक ने कानून से संबंधित कुछ विषयों को पास किया हो। स्पेन की अन्य तीन सह-आधिकारिक भाषाओं ([[बास्क भाषा|बास्क]], [[कातालान भाषा|कैटलन]] और गैलिशियन) सहित भाषाई मेल के लिए शपथ लेने वाले अनुवादकों को क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा स्पेनिश विदेश मंत्रालय के समान प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रमाणित किया जाता है। एक नियम के रूप में, स्पेन में प्रस्तुत सभी दस्तावेजों का अनुवाद स्पेन के विदेश मंत्रालय और सहयोग द्वारा प्रमाणित अनुवादक द्वारा किया जाना चाहिए, हालांकि, कई मामलों में, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुवाद किए गए और विभिन्न वाणिज्य दूतावासों और दूतावासों में प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का प्रस्तुत करने वाले देश के भीतर प्रमाणित अनुवादकों द्वारा संबंधित देश के भीतर अनुवाद किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में, संयुक्त राज्य अमेरिका में एक प्रमाणित अनुवादक संयुक्त राज्य अमेरिका के स्पेनिश वाणिज्य दूतावासों में से एक के लिए दस्तावेजों का अनुवाद करने में सक्षम है, लेकिन यदि दस्तावेज़ स्पेन में प्रस्तुत किए जाने हैं तो नहीं।<ref>{{Cite web|url=https://www.sespanish.com/2019/04/02/how-to-get-an-apostille-for-an-fbi-background-check/|title=How to Get an Apostille for an FBI Background Check|date=2019-04-02|website=Southeast Spanish|language=en-US|access-date=2019-10-12}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="">[https://www.sespanish.com/2019/04/02/how-to-get-an-apostille-for-an-fbi-background-check/ "How to Get an Apostille for an FBI Background Check"]. ''Southeast Spanish''. 2019-04-02<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">2019-10-12</span></span>.</cite></ref> === स्वीडन === कानूनी, वित्तीय और प्रशासनिक सेवा एजेंसी एक आधिकारिक एजेंसी है जो दुभाषियों और अनुवादकों को अधिकृत करती है, जिन्हें संगठन द्वारा आयोजित एक कड़ी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। अधिकृत अनुवादक एक कानूनी रूप से प्रतिबंधित पदनाम है और उनके अनुवाद को सभी कानूनी उद्देश्यों के लिए कानूनी और बाध्यकारी माना जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.kammarkollegiet.se/kammarkollegiet|title=Kammarkollegiet &#124; Kammarkollegiet|archive-url=https://web.archive.org/web/20140703053352/http://www.kammarkollegiet.se/kammarkollegiet|archive-date=2014-07-03|access-date=2014-08-13}}</ref> === यूनाइटेड किंगडम === यू. के. में, एक प्रमाणित अनुवाद का अर्थ केवल उस अनुवाद से है जो अनुवादक या अनुवाद एजेंसी द्वारा तारीख, अनुवादक के प्रमाण पत्र, संपर्क विवरण के साथ अनुवाद की सटीकता की गारंटी देता हुआ बयान के साथ संलग्न हो। उन्हें अक्सर हस्ताक्षरित और मुहरबंद किया जाता है और सटीकता की अतिरिक्त गारंटी के लिए उन्हें प्रूफरीड किया जाना चाहिए। यह उस प्रकार का प्रमाणन है जिसकी आवश्यकता यूके सरकार के निकायों जैसे गृह कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय और यूके सीमा एजेंसी के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और यूके में अधिकांश विदेशी दूतावासों द्वारा की जाती है। एक प्रमाणित अनुवाद इसकी सटीकता की गारंटी देता है और इसमें अनुवादक या परियोजना प्रबंधक का नाम और संपर्क सूत्र होता है, जो उस सटीकता की पुष्टि कर सकता है और ऐसा करने के लिए अनुरोध करने वाले संगठन द्वारा संपर्क किया जा सकता है। === संयुक्त राज्य अमेरिका === एक प्रमाणित अनुवाद में स्रोत-भाषा पाठ, लक्षित-भाषा पाठ और अनुवादक या अनुवाद कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा हस्ताक्षरित एक बयान होता है कि अनुवादक या अनुवाद कम्पनी के प्रतिनिधि का मानना है कि लक्षित-भाषा के पाठ स्रोत-भाषा के ग्रंथ का सटीक और पूर्ण अनुवाद है। हस्ताक्षर नोटरीकृत होना चाहिए। अनुवादकों के लिए कोई संघीय या राज्य लाइसेंस या प्रमाणन नहीं है। अनुवादकों के लिए कुछ प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं लेकिन वे अन्य देशों में संघीय लाइसेंसिंग या प्रमाणन के समान मान्य नहीं हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.atanet.org/client-assistance/certified-translation-vs-certified-translator/|title=Certified Translation vs. Certified Translator|date=25 May 2016}}</ref> === संयुक्त अरब अमीरात === संयुक्त अरब अमीरात (यू. ए. ई.) में एक प्रमाणित अनुवाद कानूनी अनुवाद का पर्याय है। कानूनी अनुवाद केवल संयुक्त अरब अमीरात के न्याय मंत्रालय द्वारा लाइसेंस प्राप्त अनुवादक द्वारा किया जा सकता है। प्रत्येक अनुवादक को प्रत्येक भाषा जोड़ी(स्रोत भाषा एवं लक्ष्य भाषा) के लिए न्याय मंत्रालय, संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करना होता है। एक भाषा जोड़ी में अरबी और एक विदेशी भाषा होती है। संयुक्त अरब अमीरात में केवल 9 विदेशी भाषाओं के लिए कानूनी अनुवादक उपलब्ध हैं जैसे अंग्रेज़ी, फ़्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, इतालवी, रूसी, चीनी, फ़ारसी (फ़ारसी और तुर्की के रूप में भी जाना जाता है) । केवल कानूनी अनुवाद को संयुक्त अरब अमीरात के नोटरी पब्लिक, संयुक्त अरब अमीरात का न्याय मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय, संयुक्त अरब अरब अमीरात से नोटरीकृत, सत्यापित और वैध किया जा सकता है। संयुक्त अरब अमीरात में स्थित सभी दूतावास और वाणिज्य दूतावास केवल कानूनी अनुवाद को वैध बनाते हैं जो विदेश मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, यूएई द्वारा सत्यापित हैं। विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय, यूएई से कानूनी अनुवाद को वैध बनाने के लिए इसे पहले यूएई के न्याय मंत्रालय या यूएई के नोटरी पब्लिक से वैध किया जाना ज़रूरी होता है। संयुक्त अरब अमीरात का न्याय मंत्रालय केवल उनके लाइसेंस प्राप्त अनुवादकों द्वारा किए गए अनुवाद को वैध बनाता है। oore8jbb3788slnwe87mxo67a0o1bb1 6541247 6541244 2026-04-16T11:54:58Z Raushan Raj JNU 919201 अलग-अलग भाग को जोड़ा। 6541247 wikitext text/x-wiki '''प्रमाणित [[अनुवाद]]''' लक्ष्य भाषा क्षेत्राधिकार की आवश्यकताओं के अनुसार स्रोत पाठ के अर्थ को दूसरी भाषा में प्रस्तुत करता है, जिससे इसे औपचारिक प्रक्रियाओं में उपयोग करने में सक्षम बनाया जा सकता है।अनुवादक इसकी सटीकता के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करता है। ये आवश्यकताएँ देश-दर-देश व्यापक रूप से भिन्न होती हैं। जबकि कुछ देश केवल राज्य द्वारा नियुक्त अनुवादकों को इस तरह के अनुवाद करने की अनुमति देते हैं, वहीं कुछ अन्य देश किसी भी सक्षम द्विभाषी व्यक्ति द्वारा किए गए अनुवाद को स्वीकार कर लेते हैं। इन दो व्यापक सीमाओं के बीच कुछ ऐसे भी देश हैं जहाँ किसी भी पेशेवर अनुवादक द्वारा सही प्रमाण पत्र के साथ एक प्रमाणित अनुवाद किया जा सकता है (जिसमें विशिष्ट अनुवाद संघों की सदस्यता या कुछ योग्यताएँ शामिल हो सकती हैं) । अंग्रेजी बोलने वाले देश, जैसे कि [[यूनाइटेड किंगडम]], संयुक्त राज्य अमेरिका, [[ऑस्ट्रेलिया]] और [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूजीलैंड]], के स्पेक्ट्रम सख्त या थोड़े अनौपचारिक होते हैं, जिसमें अनुवादक प्रमाणित अनुवाद की अनुशंसा अपने आधिकारिक लेटर पैड आदि पर करता है जिसमें उक्त प्रमाणित अनुवाद की आवश्यकता, अनुवादक का विवरण एवं हस्ताक्षर दिनांक के साथ उपेक्षित होता है। यह एक प्रकार का प्रमाणिकरण है जिसकी आवश्यकता यूके सरकार के निकायों, जैसे कि गृह कार्यालय और यूके सीमा एजेंसी के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और अधिकांश विदेशी दूतावासों द्वारा की जाती है। ब्रिटेन के अलावा अन्य यूरोपीय देशों में इस संबंध में बहुत सख्त कानून हैं कि कौन प्रमाणित अनुवाद जारी कर सकता है, जिसमें अधिकांश आधिकारिक प्रमाणित अनुवादकों की नियुक्ति उनके आधार पर स्थानीय राज्य-विनियमित योग्यता प्राप्त करने पर की जाती है। == कानूनी आवश्यकताएं == कानूनी और आधिकारिक उद्देश्यों के लिए, [[साक्ष्य विधि|साक्ष्य दस्तावेज]] और अन्य आधिकारिक दस्तावेज आमतौर पर [[राजभाषा|आधिकारिक भाषा]] ([[अधिकारिता|अधिकार क्षेत्र]] की भाषा) में आवश्यक होते हैं। कुछ [[देश]] में, ऐसे दस्तावेजों के अनुवाद के लिए यह आवश्यक है कि एक [[अनुवाद|अनुवादक]] [[शपथ]] लेकर यह प्रमाणित करे कि यह(अनूदित प्रमाणित अनुवाद) स्रोत पाठ के कानूनी समकक्ष है। अक्सर, केवल एक विशेष वर्ग के अनुवादकों को ही ऐसी शपथ लेने का अधिकार होता है। कुछ मामलों में, अनुवाद को कानूनी समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार किया जाता है जब इसके साथ इसकी मूल या शपथ या प्रमाणित प्रति संलग्न हो। भले ही कोई अनुवादक कानूनी अनुवाद में माहिर हो या अपने देश में एक वकील हो, यह जरूरी नहीं कि वे एक प्रमाणित अनुवादक बन जाए। कानूनी समतुल्यता में अनुवाद करने की प्रक्रिया देश-दर-देश अलग-अलग होती है। === अर्जेंटीना === स्थानीय कानूनों के अनुपालन में, स्पेनिश के अलावा अन्य भाषाओं में लिखे गए सभी दस्तावेजों का स्थानीय कानूनों के अनुसार एक प्रमाणित लाइसेंस प्राप्त अनुवादक द्वारा स्पेनिश में अनुवाद किया जाना चाहिए। आम तौर पर, अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले सभी दस्तावेजों (व्यक्तिगत कागजात और कुछ वाणिज्यिक अनुबंधों सहित) का अनुवाद और हस्ताक्षर एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा किया जाना चाहिए, जिसका मुहर और हस्ताक्षर उस संबंधित पेशेवर संघ द्वारा प्रमाणित हो जो अनुवादक का लाइसेंस जारी करता हो। सभी निजी व्यक्ति, कंपनियां, न्यायपालिका और अन्य सरकारी विभाग विदेशी भाषा में दस्तावेजों या बयानों के संबंध में विभिन्न कानूनों के अधीन हैं, जैसे कि अर्जेंटीना सिविल और वाणिज्यिक संहिता, अर्जेंटीना कोड ऑफ सिविल एंड क्रिमिनल प्रोसीजर, अन्य।<ref>{{Cite web|url=http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|title=Colegio de Traductores Públicos de la Ciudad de Buenos Aires|archive-url=https://web.archive.org/web/20091001142704/http://www.traductores.org.ar/nuevo_org/home/ley/?id_ruta=1&nivel2=8&nivel3=9|archive-date=October 1, 2009|access-date=March 10, 2010}}</ref> "पब्लिक ट्रांसलेटर" के रूप में प्रमाणित होने के लिए, उम्मीदवारों को "ट्रेडकटोर पब्लिक"/"ट्रेडकटा पब्लिक" की विश्वविद्यालयी डिग्री प्राप्त करना आवश्यक है। === ऑस्ट्रिया === शपथ और प्रमाणित विशेषज्ञ, दुभाषिया और अनुवादक अधिनियम #137/1995 (एसडीजी) की धारा 14 के अनुसार, क्षेत्रीय अदालतें [[जर्मन भाषा|जर्मन]] और किसी भी भाषा (सांकेतिक भाषा सहित) के बीच अनुवाद के लिए ऐसे किसी भी प्रमाणित अनुवादकों को नियुक्त करने के हकदार हैं, जिन्होंने एक आधिकारिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अदालत में शपथ ली है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|title=SV- und Dolmetschergergesetz|archive-url=https://web.archive.org/web/20190306234811/https://www.gerichts-sv.at/sdg.html|archive-date=2019-03-06|access-date=2019-03-06}}</ref> प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को किसी विश्वविद्यालय से अनुवाद अध्ययन में स्नातक की डिग्री के साथ-साथ अनुवादक या दुभाषिया के रूप में कम से कम 5 वर्षों के अनुभव या कम से कम 2 वर्षों के अनुभव का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। हालांकि ज्यादातर "गेरिच्ट्सडोल्मेट्सचर" के रूप में संदर्भित किया जाता है, जबकि उसका सही नाम "ऑलजेमिन बीडेटे/आर उंड गेरिचट्लिच ज़र्टिफाइज़िएर्ट/आर डॉल्मेट्सचर/इन" है। शपथ लिए हुए अनुवादक मूल अनुवाद पर हस्ताक्षर करके और उन पर मुहर लगाकर सार्वजनिक स्वीकारोक्ति प्रदान करने के हकदार हैं। अनुवादों पर उनके हस्ताक्षर के आगे नोटराइजेशन की आवश्यकता नहीं है, और शपथ लेने वाले अनुवादक एक '''अपोस्टिल''' को जोड़ने के लिए अदालत में आवेदन कर सकते हैं। पुलिस को सलाह दी जाती है कि जब भी संभव हो भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए दुभाषियों को शामिल करें। ऑस्ट्रिया में अधिकांश सार्वजनिक अधिकारी दस्तावेजों के अनुवाद को कानूनी रूप से समकक्ष के रूप में तभी स्वीकार करते हैं जब दी गई भाषा के लिए एक शपथ दुभाषिया द्वारा सील और हस्ताक्षर किए जाते हैं। यदि कोई दुभाषिया नियमित रूप से पेशेवर प्रशिक्षण में भाग नहीं लेगा तो प्राधिकरण समाप्त हो जाएगा। === बेल्जियम === "शपथ अनुवादक" (एकल [[डच भाषा|डच]] beëdigd vertaler, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] transtuter assermenté अल्लतु "शपथ दुभाषिया" (एकल [[डच भाषा|डच]] beädigd tolk, [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]] interprète assermente) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के समक्ष उस न्यायिक जिले के प्रथम उदाहरण की शपथ लेते हैं जिसमें उनका निवास स्थान है। अतीत में सभी न्यायिक जिलों में "शपथ" का दर्जा पाने के इच्छुक अनुवादकों और दुभाषियों की क्राउन प्रॉसिक्यूटर द्वारा उपयुक्तता के लिए जांच की जाती थी। उम्मीदवार को शपथ लेने के लिए भाषा संयोजनों(किस भाषा से, किस भाषा में अनुवाद करेंगे) बताना होगा। अनुवादक/दुभाषिया की डिग्री को आमतौर पर योग्यता का पर्याप्त प्रमाण माना जाता है। भाषा संयोजनों की कोई सीमा नहीं है जिन्हें पहचाना जा सकता है। हालांकि, एक अवैध अप्रवासी से जुड़े घोटाले के बाद, जिसने शपथ अनुवादक का दर्जा प्राप्त किया था, [[एंटवर्प]] में प्रथम बार के न्यायाधिकरण के अध्यक्ष ने एक प्रयोगात्मक योजना शुरू की, जिसके तहत शपथ लेने वाले अनुवादकों और दुभाषियों को न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है और परीक्षा में उपस्थित होना पड़ता है। भाषा कानूनों की अपनी व्याख्या के आधार पर, उसी राष्ट्रपति ने यह भी फैसला सुनाया कि एक शपथ अनुवादक/दुभाषिया के दर्जे के लिए मान्यता प्राप्त एकमात्र भाषा संयोजन वे थे जिनमें डच या तो मूल भाषा या लक्ष्य भाषा थी। बेल्जियम के अन्य न्यायिक जिलों द्वारा अभी तक इस दृष्टिकोण को नहीं अपनाया गया है। === ब्राजील === आधिकारिक दस्तावेजों का अनुवाद केवल सार्वजनिक अनुवादकों और दुभाषियों द्वारा किया जा सकता है, जो प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा प्रमाणित और मान्यता प्राप्त हैं। आवेदकों को उक्त भाषाओं मेें मौखिक और लिखित परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना होगा। पंजीकरण संख्या प्राप्त करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जाती है, जिसे प्रत्येक अनुवाद के शीर्षक में सूचित किया जाना चाहिए। जब उक्त भाषाओं के लिए कोई सार्वजनिक अनुवादक पंजीकृत नहीं होता है, तो एकल अनुवाद कार्य करने के लिए वाणिज्य रजिस्ट्री द्वारा अस्थायी अनुवादकों को भी नियुक्त किया जा सकता है। प्रत्येक राज्य की वाणिज्य रजिस्ट्री भी अनुवाद शुल्क निर्धारित करती है। यद्यपि सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक/दुभाषिया को पंजीकरण की स्थिति में रहना चाहिए, लेकिन उनके अनुवाद पूरे देश में मान्य हैं। सार्वजनिक रूप से शपथ लेने वाले अनुवादक के निवास से अलग शहरों और राज्यों में संस्थानों और सरकारी एजेंसियों को अनुवादक के हस्ताक्षर के नोटरी सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है। विदेशी दस्तावेजों को अनुवाद से पहले ब्राजील के वाणिज्य दूतावास या दूतावास द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए। यदि विदेशी देश की संस्था या सरकारी एजेंसी आवश्यक समझे तो विदेशी भाषा में अनूदित आधिकारिक दस्तावेजों में ब्राजील के विदेश मंत्रालय द्वारा सत्यापित सार्वजनिक शपथ अनुवादक के हस्ताक्षर आवश्यक होता है।[1] === कनाडा === दस्तावेजों का आधिकारिक अनुवाद दो तरीकों में से एक तरीके से किया जा सकता है। प्रमाणित अनुवाद, एक प्रमाणित अनुवादक द्वारा पूरा किए जाते हैं और अनुवादक की घोषणा, हस्ताक्षर और मुहर के साथ सत्यापित होते हैं। "प्रमाणित अनुवादक" का पद कनाडा में एक संरक्षित पद है, जिसमें केवल वे व्यक्ति जो प्रांतीय अनुवादक संघ के सक्रिय सदस्य हैं और एक प्रमाणन परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, इस पद के लिए योग्य हैं और वही प्रमाणित अनुवाद कर सकते हैं। कनाडा में आधिकारिक अनुवाद प्रस्तुत करने का एक वैकल्पिक तरीका यह है कि अनुवाद का शपथ पत्र लेने के लिए एक नोटरी पब्लिक या आयुक्त की उपस्थिति में अनुवादक द्वारा हस्ताक्षरित एक शपथ पत्र संलग्न करना पड़ता है। === जर्मनी === जर्मन में वहां के क्षेत्रीय अदालतों (''लैंडगेरिचटे'') को "शपथ लेने वाले अनुवादकों" को नियुक्त करने की शक्ति है। प्रत्येक [[जर्मनी के राज्य|राज्य]] में विशेष पद और अलग-अलग नियुक्ति प्रक्रिया होती है। अधिकांश मामलों में, उम्मीदवारों को एक परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता होती है। जर्मनी अपने राज्यों में शपथ लेने वाले सभी अनुवादकों को सूचिबद्ध करने के लिए उनकी आधिकारिक सूचना www.justiz-uebersetzer.de पर ऑनलाइन उपलब्ध रखता है। === हंगरी === हंगरी में अनुवादकों और दुभाषियों के योग्यतानुसार लिए पाँच प्रकार हैंः तकनीकी अनुवादक, तकनीकी अनुवादक-प्रूफरीडर, दुभाषिया, तकनीकी दुभाषिया और सम्मेलन दुभाषिया( सभा दुभाषिया)। इन डिग्रियों को बीए और एमए प्रोग्राम्स, स्नातकोत्तर और लोक प्रशासन और न्याय मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्राप्त किया जा सकता है। इस योग्यता परीक्षा के लिए आवेदन करने में आवेदक उम्र की सीमा या अन्य किसी डिग्री के लिए बाध्य नहीं है। तकनीकी अनुवाद, तकनीकी अनुवाद प्रूफरीडिंग, तकनीकी विवेचन सम्मेलन विवेचन के लिए योग्यता निम्नलिखित संकायों (क्षेत्रों) में प्राप्त की जा सकती हैः सामाजिक विज्ञान, प्राकृतिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अर्थशास्त्र। उपर्युक्त क्षेत्रों में से किसी एक में डिग्री रखने वाला कोई भी व्यक्ति दिए गए क्षेत्र में तकनीकी अनुवाद और तकनीकी व्याख्या में योग्यता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है। योग्य तकनीकी दुभाषिया और तकनीकी अनुवादक क्रमशः सम्मेलन विवेचन और तकनीकी अनुवाद प्रूफरीडिंग के लिए भी योग्य हो सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/getdoc2.cgi?dbnum=1&docid=98600007.MM|title=Szakfordító és tolmácsképesítések|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> अनुवाद और साक्ष्यांकण (अनुप्रमाणन) राष्ट्रीय कार्यालय (Országos Fordító és Fordítashitelesító Iroda, OFFi′) हंगरी में एक कंपनी है जिसे कार्यालय या किसी अन्य द्वारा बनाए गए हंगेरियन से और हंगेरियन में दोनों अनुवाद को प्रमाणित करने और विदेशी भाषा में लिखे गए दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां बनाने का विशेष अधिकार है।<ref>{{Cite web|url=http://www.offi.hu/company|title=OFFI|publisher=www.offi.hu|access-date=22 August 2015}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/getdoc2.cgi?dbnum=1&docid=98600024.MT|title=a szakfordításról és tolmácsolásról|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> बुडापेस्ट की अदालतों में व्याख्या ओ. एफ. एफ. आई. द्वारा प्रदान की जाती है। यदि कार्यालय दुभाषिया उपलब्ध नहीं करा सकता है तो बुडापेस्ट के बाहर की अदालतों के लिए, स्थानीय अधिकारियों द्वारा पंजीकृत एक दुभाषिया नियुक्त किया जाएगा। यदि कोई आधिकारिक दुभाषिया उपलब्ध नहीं है, तो आवश्यक भाषा की अच्छी समझ रखने वाला एक योग्य व्यक्ति नियुक्त किया जाएगा।<ref>{{Cite web|url=http://net.jogtar.hu/jr/gen/hjegy_doc.cgi?docid=98600007.IM|title=a szakfordításról és a tolmácsolásról szóló 24/1986. (VI. 26.) MT rendelet végrehajtásáról|publisher=net.jogtar.hu|access-date=22 August 2015}}</ref> === भारत === यहां कम दस्तावेज और स्रोत ज्ञात हैं। शपथ अधिनियम, 1969 की धारा 6 के अधीन विहित ओ. ए. टी. एच. एस. और ए. एफ. एफ. आई. डी. ए. वी. आई. टी. एस. के महाराष्ट्र न्यायालय सिविल विधि अध्याय 26 के अनुसार शपथ लेने वाला दुभाषिया या अनुवादक प्रपत्र संख्या 3 की सहायता से शपथ पत्र दे सकता है कि वह गवाहों द्वारा दिए गए साक्ष्यों की अच्छी तरह से और सही अर्थ में व्याख्या करेगा और अनुवाद के लिए उसे दिए गए सभी दस्तावेजों का सही और सटीक अनुवाद करेगा। === इंडोनेशिया === इंडोनेशिया में, शपथ अनुवादक वे व्यक्ति हैं जिन्होंने स्कूल ऑफ लिंग्विस्टिक्स एंड कल्चरल साइंसेज, इंडोनेशिया विश्वविद्यालय (एफ. आई. बी., यू. आई.) द्वारा आयोजित कानूनी अनुवाद परीक्षाओं में भाग लिया और उत्तीर्ण हुए हैं। === इटली === इतालवी अदालतों और वाणिज्य दूतावासों दोनों के पास "''आधिकारिक'' अनुवादकों" (ट्राडुटोरी गियुराटी या आधिकारिक उम्मीदवार) के रूप में उन उम्मीदवारों को नियुक्त करने की शक्ति है जो संबंधित परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं या भाषा प्रवीणता का प्रमाण दिखाते हैं (यह प्रमाण आमतौर पर एक विश्वविद्यालय की डिग्री होता है) । === मेक्सिको === [[मेक्सिको]] में, प्रमाणित अनुवाद एक ऐसे अनुवाद को समझा जाता है जो सरकार द्वारा अधिकृत विशेषज्ञ अनुवादक द्वारा सील और हस्ताक्षरित होता है (पेरीटो अनुवादक ऑटोरिज़ाडो) इन विशेषज्ञ अनुवादकों को आमतौर पर प्रत्येक राज्य के न्यायालय द्वारा या संघीय न्यायिक परिषद द्वारा अधिकृत किया जाता है, लेकिन कुछ मामलों में स्थानीय सरकारी कार्यालय भी प्रमाणित अनुवाद को सत्यापित कर सकते हैं (जैसे गुआनाजुआटो और जलिस्को में नागरिक रजिस्ट्री कार्यालय) ।<ref name="List of the experts authorized by Mexico City's Court of Justice">{{Cite web|url=https://www.iejcdmx.gob.mx/wp-content/uploads/PERITOS_ACTUALIZADA_MARZO-9.pdf|title=List of the experts authorized by Mexico City's Court of Justice, Information available in Spanish|access-date=April 28, 2023}}</ref><ref name="List of the experts authorized by Federal Judicial Council for 2021">{{Cite web|url=https://www.cjf.gob.mx/resources/index/infoRelevante/2021/pdf/peritos/listaPeritosOrganosPJF_2021.pdf|title=List of the experts authorized by Federal Judicial Council for 2021, Information available in Spanish|access-date=April 28, 2023}}</ref> प्रत्येक राज्य में प्राधिकरण प्रक्रिया अलग-अलग होती है, और ज्यादातर मामलों में उम्मीदवारों को एक परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता होती है। यहां अनुवाद की प्रामाणिकता की कोई अतिरिक्त आवश्यकता नहीं है। === नीदरलैंड्स === डच कानूनी सहायता परिषद का एक विभाग, ब्यूरो फॉर स्वोर्न इंटरप्रेटर एंड ट्रांसलेटर्स, जिसे न्याय मंत्रालय द्वारा स्वोर्न ट्रांसलेटर एंड ट्रांसलेटर एक्ट के संबंध में विभिन्न कार्यान्वयन कार्यों के लिए सौंपा गया है। उनके पास प्रमाणीकरण के दो तरीके हैं, हालांकि सबसे उत्तम तरीका कानूनी वैधता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.bureaubtv.nl/en/|title=Bureau BTV|archive-url=https://web.archive.org/web/20150215134200/http://www.bureaubtv.nl/en/|archive-date=2015-02-15|access-date=2015-01-30}}</ref> === नॉर्वे === उम्मीदवारों को एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, सरकारी अधिकृत अनुवादकों के संघ द्वारा प्रमाणित किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.statsaut-translator.no/website.aspx?objectid=1&displayid=1205|title=Statsautoriserte translatørers forening - English|website=www.statsaut-translator.no|archive-url=https://web.archive.org/web/20100115221618/http://www.statsaut-translator.no/website.aspx?objectid=1&displayid=1205|archive-date=January 15, 2010}}</ref> इसके बाद ही सफल उम्मीदवारों को नॉर्वे की सरकार द्वारा "सच्चे प्रमाणित अनुवाद " वाक्यांश के बाद अपने अनुवाद पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया जाता है। इस संगठन की स्थापना 1913 में हुई थी। === पोलैंड === पोलैंड में अनुवाद के मानकों को न्याय मंत्रालय के एक प्रासंगिक विभाग द्वारा विनियमित किया जाता है, और ऐसी सेवाएं प्रदान करने के इच्छुक प्रत्येक अनुवादक को राज्य परीक्षा उत्तीर्ण करना पड़ता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.ms.gov.pl/|title=Home|website=ms.gov.pl}}</ref> इसके बाद ऐसे व्यक्ति की एक आधिकारिक सूची में मुहर के साथ प्रविष्टि की जाती है और उसे एक शपथ अनुवादक घोषित कर दिया जाता है। हालांकि, साधारण अनुवाद (व्यवसाय, प्रशासन, पत्राचार) के लिए इस क्षेत्र में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ होना पर्याप्त है। === दक्षिण अफ्रीका === [[दक्षिण अफ़्रीका|दक्षिण अफ्रीका]] में, अनुवादक को उच्च न्यायालय द्वारा अधिकृत होना चाहिए और उसे अपने स्रोत पाठ (या शपथ की एक मूल प्रति का) उपयोग करना चाहिए। अनुवादक केवल अपने अनुवाद की शपथ ले सकता है। अनुवाद की [[अधिप्रमाणन|प्रामाणिकता]] को प्रमाणित करने के लिए किसी अतिरिक्त गवाह (जैसे एक नोटरी) की कोई आवश्यकता नहीं है। === स्पेन === स्पेन में, शपथ अनुवाद का मतलब एक ऐसे अनुवाद से है जो स्पेनिश विदेश मंत्रालय, यूरोपीय संघ और सहयोग द्वारा नियुक्त अनुवादक द्वारा अनूदित हो। [[स्पेनी भाषा|कैस्टिलियन]] और दूसरी भाषा के संयोजन के लिए स्पेन में एक शपथ अनुवादक बनने के लिए, उम्मीदवार को विदेश मामलों और सहयोग मंत्रालय द्वारा "शपथ अनुवादक और दुभाषिया" (ट्रेड्यूक्टर-इंटर्प्रीट जुराडो) के रूप में प्रमाणित होना चाहिए। फिर, अनुवादक को मंत्रालय के साथ अपनी मुहर और हस्ताक्षर पंजीकृत करने की आवश्यकता होती है, जिसमें अनुवादक का डेटा शपथ लेने वाले दुभाषियों की सार्वजनिक सूची में शामिल होता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.maec.es/es/MenuPpal/Ministerio/Tablondeanuncios/InterpretesJurados/Documents/IIJJ20090429.pdf|title=Archived copy|archive-url=https://web.archive.org/web/20090521005233/http://www.maec.es/es/MenuPpal/Ministerio/Tablondeanuncios/InterpretesJurados/Documents/IIJJ20090429.pdf|archive-date=2009-05-21|access-date=2009-06-12}} [[Category:CS1 maint: archived copy as title]]</ref> शपथ लिए हुए अनुवादक पेशेवर अनुवादक होते हैं (सामान्य रूप से ऐसे व्यक्ति जो अनुवाद और व्याख्या में डिग्री रखते हैं) जिन्होंने स्पेनिश विदेश मामलों और सहयोग मंत्रालय द्वारा दी गई परीक्षा उत्तीर्ण की है और इसलिए वे स्पेनिश से अन्य भाषाओं में अनुवाद करने के लिए अधिकृत होते हैं और अन्य भाषाओं से स्पेनिश में भी। पात्रता या तो राज्य परीक्षा के माध्यम से या स्पेनिश विश्वविद्यालय में अनुवाद और व्याख्या के डिग्री अध्ययन को पूरा करके प्राप्त की जा सकती है, बशर्ते कि अनुवादक ने कानून से संबंधित कुछ विषयों को पास किया हो। स्पेन की अन्य तीन सह-आधिकारिक भाषाओं ([[बास्क भाषा|बास्क]], [[कातालान भाषा|कैटलन]] और गैलिशियन) सहित भाषाई मेल के लिए शपथ लेने वाले अनुवादकों को क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा स्पेनिश विदेश मंत्रालय के समान प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रमाणित किया जाता है। एक नियम के रूप में, स्पेन में प्रस्तुत सभी दस्तावेजों का अनुवाद स्पेन के विदेश मंत्रालय और सहयोग द्वारा प्रमाणित अनुवादक द्वारा किया जाना चाहिए, हालांकि, कई मामलों में, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुवाद किए गए और विभिन्न वाणिज्य दूतावासों और दूतावासों में प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का प्रस्तुत करने वाले देश के भीतर प्रमाणित अनुवादकों द्वारा संबंधित देश के भीतर अनुवाद किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में, संयुक्त राज्य अमेरिका में एक प्रमाणित अनुवादक संयुक्त राज्य अमेरिका के स्पेनिश वाणिज्य दूतावासों में से एक के लिए दस्तावेजों का अनुवाद करने में सक्षम है, लेकिन यदि दस्तावेज़ स्पेन में प्रस्तुत किए जाने हैं तो नहीं।<ref>{{Cite web|url=https://www.sespanish.com/2019/04/02/how-to-get-an-apostille-for-an-fbi-background-check/|title=How to Get an Apostille for an FBI Background Check|date=2019-04-02|website=Southeast Spanish|language=en-US|access-date=2019-10-12}}</ref> === स्वीडन === कानूनी, वित्तीय और प्रशासनिक सेवा एजेंसी एक आधिकारिक एजेंसी है जो दुभाषियों और अनुवादकों को अधिकृत करती है, जिन्हें संगठन द्वारा आयोजित एक कड़ी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। अधिकृत अनुवादक एक कानूनी रूप से प्रतिबंधित पदनाम है और उनके अनुवाद को सभी कानूनी उद्देश्यों के लिए कानूनी और बाध्यकारी माना जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.kammarkollegiet.se/kammarkollegiet|title=Kammarkollegiet &#124; Kammarkollegiet|archive-url=https://web.archive.org/web/20140703053352/http://www.kammarkollegiet.se/kammarkollegiet|archive-date=2014-07-03|access-date=2014-08-13}}</ref> === यूनाइटेड किंगडम === यू. के. में, एक प्रमाणित अनुवाद का अर्थ केवल उस अनुवाद से है जो अनुवादक या अनुवाद एजेंसी द्वारा तारीख, अनुवादक के प्रमाण पत्र, संपर्क विवरण के साथ अनुवाद की सटीकता की गारंटी देता हुआ बयान के साथ संलग्न हो। उन्हें अक्सर हस्ताक्षरित और मुहरबंद किया जाता है और सटीकता की अतिरिक्त गारंटी के लिए उन्हें प्रूफरीड किया जाना चाहिए। यह उस प्रकार का प्रमाणन है जिसकी आवश्यकता यूके सरकार के निकायों जैसे गृह कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय और यूके सीमा एजेंसी के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और यूके में अधिकांश विदेशी दूतावासों द्वारा की जाती है। एक प्रमाणित अनुवाद इसकी सटीकता की गारंटी देता है और इसमें अनुवादक या परियोजना प्रबंधक का नाम और संपर्क सूत्र होता है, जो उस सटीकता की पुष्टि कर सकता है और ऐसा करने के लिए अनुरोध करने वाले संगठन द्वारा संपर्क किया जा सकता है। === संयुक्त राज्य अमेरिका === एक प्रमाणित अनुवाद में स्रोत-भाषा पाठ, लक्षित-भाषा पाठ और अनुवादक या अनुवाद कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा हस्ताक्षरित एक बयान होता है कि अनुवादक या अनुवाद कम्पनी के प्रतिनिधि का मानना है कि लक्षित-भाषा के पाठ स्रोत-भाषा के ग्रंथ का सटीक और पूर्ण अनुवाद है। हस्ताक्षर नोटरीकृत होना चाहिए। अनुवादकों के लिए कोई संघीय या राज्य लाइसेंस या प्रमाणन नहीं है। अनुवादकों के लिए कुछ प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं लेकिन वे अन्य देशों में संघीय लाइसेंसिंग या प्रमाणन के समान मान्य नहीं हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.atanet.org/client-assistance/certified-translation-vs-certified-translator/|title=Certified Translation vs. Certified Translator|date=25 May 2016}}</ref> === संयुक्त अरब अमीरात === संयुक्त अरब अमीरात (यू. ए. ई.) में एक प्रमाणित अनुवाद कानूनी अनुवाद का पर्याय है। कानूनी अनुवाद केवल संयुक्त अरब अमीरात के न्याय मंत्रालय द्वारा लाइसेंस प्राप्त अनुवादक द्वारा किया जा सकता है। प्रत्येक अनुवादक को प्रत्येक भाषा जोड़ी(स्रोत भाषा एवं लक्ष्य भाषा) के लिए न्याय मंत्रालय, संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करना होता है। एक भाषा जोड़ी में अरबी और एक विदेशी भाषा होती है। संयुक्त अरब अमीरात में केवल 9 विदेशी भाषाओं के लिए कानूनी अनुवादक उपलब्ध हैं जैसे अंग्रेज़ी, फ़्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, इतालवी, रूसी, चीनी, फ़ारसी (फ़ारसी और तुर्की के रूप में भी जाना जाता है) । केवल कानूनी अनुवाद को संयुक्त अरब अमीरात के नोटरी पब्लिक, संयुक्त अरब अमीरात का न्याय मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय, संयुक्त अरब अरब अमीरात से नोटरीकृत, सत्यापित और वैध किया जा सकता है। संयुक्त अरब अमीरात में स्थित सभी दूतावास और वाणिज्य दूतावास केवल कानूनी अनुवाद को वैध बनाते हैं जो विदेश मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, यूएई द्वारा सत्यापित हैं। विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय, यूएई से कानूनी अनुवाद को वैध बनाने के लिए इसे पहले यूएई के न्याय मंत्रालय या यूएई के नोटरी पब्लिक से वैध किया जाना ज़रूरी होता है। संयुक्त अरब अमीरात का न्याय मंत्रालय केवल उनके लाइसेंस प्राप्त अनुवादकों द्वारा किए गए अनुवाद को वैध बनाता है। dcy92r97hlz9tsrrkeqyvj0469u8vsf लॉस एंजिल्स की 2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए बोली 0 1611225 6540923 6540918 2026-04-15T12:01:15Z Neeelzzz20 693319 /* बोली का इतिहास */ 6540923 wikitext text/x-wiki [[अमेरिका|अमेरिकी]] शहर [[लॉस एंजिल्स]] ने [[2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] और [[2024 ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक]] खेलों की मेजबानी के लिए असफल बोली लगाई, लेकिन इसके बजाय उसे 2028 में मेजबानी के लिए चुना गया। बोली प्रक्रिया के दौरान अन्य बोली लगाने वाले शहरों के नाम वापस लेने के बाद, केवल दो उम्मीदवार शहर (लॉस एंजिल्स और [[पेरिस]]) बचे थे। इसके बाद, [[अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति]] (आईओसी) ने 2024 और [[2028 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] को एक साथ आयोजित करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी, जिसमें लॉस एंजिल्स को 2028 के लिए प्राथमिकता दी गई थी। लंबी बातचीत के बाद, लॉस एंजिल्स ने कुछ शर्तों के पूरा होने पर 2028 खेलों के लिए बोली लगाने पर सहमति व्यक्त की।<ref name="LA May2">{{Cite web|title=अगर 2024 के ओलंपिक की मेजबानी का प्रस्ताव विफल हो जाता है, तो लॉस एंजिल्स 2028 के ओलंपिक की मेजबानी पर विचार कर सकता है|url=https://nypost.com/2017/05/13/la-may-consider-2028-olympics-if-2024-bid-falls-through/|agency=[[एसोसिएटेड प्रेस]]|date=2017-05-13|website=[[न्यूयॉर्क पोस्ट]]|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20170517044743/http://nypost.com/2017/05/13/la-may-consider-2028-olympics-if-2024-bid-falls-through/|archive-date=17 May 2017|access-date=2017-05-18|df=dmy-all|lang=en}}</ref> 31 जुलाई, 2017 को, आईओसी ने लॉस एंजिल्स को 2028 खेलों के लिए एकमात्र उम्मीदवार के रूप में घोषित किया, जिसमें स्थानीय खेलों और खेलों के कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए 1.8 बिलियन [[अमेरिकी डॉलर]] की अतिरिक्त धनराशि शामिल थी।<ref name="LA 20282">{{cite web|title=लॉस एंजिल्स ने 2028 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी उम्मीदवारी घोषित की - आईओसी स्थानीय आयोजन समिति को 1.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान देगी|url=https://www.olympic.org/news/los-angeles-declares-candidature-for-olympic-games-2028-ioc-to-contribute-usd-1-8-billion-to-the-local-organising-committee|publisher=[[अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति]]|access-date=1 अगस्त 2017|archive-date=1 अगस्त 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170801033249/https://www.olympic.org/news/los-angeles-declares-candidature-for-olympic-games-2028-ioc-to-contribute-usd-1-8-billion-to-the-local-organising-committee|url-status=live|lang=en}}</ref> लॉस एंजिल्स को 28 अगस्त, 2015 को [[संयुक्त राज्य ओलंपिक समिति]] (यूएसओसी) द्वारा चुना गया था, जब लॉस एंजिल्स नगर परिषद ने सर्वसम्मति से बोली का समर्थन करने के लिए मतदान किया था।<ref name="auto">{{cite news|date=September 1, 2015|title=USOC names Los Angeles the official U.S. bidder for the 2024 Summer Olympics|work=[[Los Angeles Times]]|url=http://www.latimes.com/sports/more/la-sp-sn-usoc-los-angeles-2024-summer-olympics-20150901-story.html|access-date=September 11, 2015|archive-date=March 31, 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230331030531/https://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-sn-usoc-los-angeles-2024-summer-olympics-20150901-story.html|url-status=live}}</ref><ref name="auto1">{{cite news|date=September 2, 2015|title=Angelenos have mixed opinions about 2024 Olympic bid|publisher=[[KABC-TV|ABC 7 Los Angeles]]|url=http://abc7.com/sports/garcetti-travels-abroad-to-present-las-2024-olympic-bid-to-ioc/966776/|access-date=September 11, 2015|df=mdy-all|archive-date=September 4, 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150904230257/http://abc7.com/sports/garcetti-travels-abroad-to-present-las-2024-olympic-bid-to-ioc/966776/|url-status=live}}</ref> लॉस एंजिल्स, यूएसओसी द्वारा 2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए प्रस्तुत किया गया दूसरा शहर था। [[बोस्टन की 2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए बोली|बोस्टन]] को मूल रूप से अमेरिकी बोली के लिए चुना गया था, लेकिन उसने 27 जुलाई, 2015 को अपनी बोली वापस ले ली।<ref name="biddead">{{cite web|title=Boston's Olympic Bid is Dead|url=http://www.boston.com/news/local/massachusetts/2015/07/27/boston-olympic-dead-sources-say/craNEYZjA6KdHQ0P00GYmL/story.html?p1=ClickedOnBreakingNewsBox|last=Vaccaro|first=Adam|date=July 27, 2015|publisher=Boston Globe|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20150729215858/http://www.boston.com/news/local/massachusetts/2015/07/27/boston-olympic-dead-sources-say/craNEYZjA6KdHQ0P00GYmL/story.html?p1=ClickedOnBreakingNewsBox|archive-date=July 29, 2015|access-date=July 27, 2015|df=mdy-all}}</ref> लॉस एंजिल्स ने मूल रूप से 2014 के अंत में यूएसओसी के नामांकन के लिए बोली लगाई थी, जब बोस्टन को [[लॉस एंजिल्स]], [[वाशिंगटन डी.सी.]] और [[सैन फ्रांसिस्को]] के ऊपर चुना गया था।<ref name="USOC chooses Boston">{{cite news|date=January 8, 2015|title=Boston will bid to host 2024 Olympic Games: USOC|publisher=[[Yahoo! Sports]]|agency=[[Reuters]]|url=https://sports.yahoo.com/news/boston-bid-host-2024-olympic-games-usoc-233713116--oly.html;_ylt=AwrBEiSHFq9UN1AA9KJNbK5_|url-status=dead|access-date=January 8, 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150111185617/http://sports.yahoo.com/news/boston-bid-host-2024-olympic-games-usoc-233713116--oly.html%3B_ylt%3DAwrBEiSHFq9UN1AA9KJNbK5_|archive-date=January 11, 2015|df=mdy-all}}</ref> [[अटलांटा]] में [[1996 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक|शताब्दी ओलंपिक खेलों]] (1996) की मेजबानी के बाद से यह संयुक्त राज्य अमेरिका की तीसरी ग्रीष्मकालीन बोली थी, इससे पहले वह क्रमशः [[लंदन]] और [[रियो डी जनेरियो]] से [[2012 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] और [[2016 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] में हार गया था।<ref>{{cite web|date=2025-03-26|title=Los Angeles 2024 - Where Will You Be in 2024? - Bid Video (February 2016)|publisher=[[YouTube]]|url=https://www.youtube.com/watch?v=hqfb1aMJKxQ|df=mdy-all}}</ref> लॉस एंजिल्स ने इससे पहले [[1932 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] और [[1984 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] की मेजबानी की थी, और यह लंदन और पेरिस (2024) के बाद ग्रीष्मकालीन खेलों की तीन बार मेजबानी करने वाला तीसरा शहर बन जाएगा। लॉस एंजिल्स [[साल्ट लेक सिटी]] में हुए [[2002 शीतकालीन ओलंपिक]] के बाद ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने वाला पहला अमेरिकी शहर होगा। यह पांचवीं बार होगा जब कोई अमेरिकी शहर ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी करेगा। ==बोली का इतिहास== [[File:LA2024 FinalLogo.png|thumb|left|प्रारंभिक अभियान लोगो]] 2006 में, लॉस एंजिल्स ने [[2016 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] के लिए अमेरिकी आवेदक शहर बनने हेतु बोली लगाई; लेकिन [[संयुक्त राज्य ओलंपिक समिति]] (यूएसओसी) ने इसके बजाय [[शिकागो]] को चुना। सितंबर 2011 में, लॉस एंजिल्स को 2015 स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स की मेजबानी सौंपी गई।<ref>{{cite web|url=http://www.specialolympics.org/los-angeles-2015.aspx |archive-url=https://web.archive.org/web/20111111025937/http://specialolympics.org/los-angeles-2015.aspx |archive-date=November 11, 2011 |title=Los Angeles 2015 |publisher=Special Olympics |date=September 14, 2011 |access-date=November 1, 2011 |url-status=dead }}</ref> मार्च 2013 में, मेयर एंटोनियो विलाराईगोसा ने यूएसओसी को एक पत्र भेजा जिसमें कहा गया था कि शहर 2024 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए बोली लगाने में रुचि रखता है।<ref>{{cite web|url=http://www.huffingtonpost.com/2013/03/07/olympics-2024-los-angeles_n_2831607.html|title=2024 Olympic Games?|website=[[HuffPost]] |date=March 7, 2013|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20131204033611/http://www.huffingtonpost.com/2013/03/07/olympics-2024-los-angeles_n_2831607.html|archive-date=December 4, 2013|df=mdy-all}}</ref> 17 सितंबर, 2013 को, एलए काउंटी बोर्ड ऑफ सुपरवाइजर्स ने खेलों में रुचि जानने के लिए एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी।<ref>{{cite web |url=http://losangeles.cbslocal.com/2013/09/17/los-angeles-board-formally-states-interest-in-hosting-2024-olympics/ |title=Los Angeles Board Formally States Interest In Hosting 2024 Olympics |date=September 17, 2013 |publisher=CBS Los Angeles |access-date=September 17, 2013 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20131111041747/http://losangeles.cbslocal.com/2013/09/17/los-angeles-board-formally-states-interest-in-hosting-2024-olympics/ |archive-date=November 11, 2013 |df=mdy-all }}</ref> 26 अप्रैल, 2014 को, दक्षिणी [[कैलिफोर्निया]] ओलंपिक खेल समिति ने 2024 ओलंपिक के लिए अपने बोली प्रस्ताव की घोषणा की।<ref>{{cite web |url=http://www.sccog.org/ |title=Southern California Committee for the Olympic Games |work=sccog.org |year=2014 |access-date=15 June 2014 |archive-date=March 31, 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230331030607/https://www.sccog.org/ |url-status=live }}</ref> 28 जुलाई, 2015 को, बोस्टन द्वारा अपनी बोली वापस लेने के बाद, यूएसओसी ने 2024 ग्रीष्मकालीन खेलों के लिए प्रतिस्थापन बोलीदाता के रूप में आगे आने के बारे में लॉस एंजिल्स से संपर्क किया।<ref name="USOC Contacts LA">{{cite news | url=http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-usoc-contacts-los-angeles-20150728-story.html | title=U.S. Olympic Committee contacts Los Angeles about 2024 Summer Games | date=28 July 2015 | access-date=30 July 2015 | author=Wharton, David | archive-date=August 15, 2022 | archive-url=https://web.archive.org/web/20220815205654/https://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-usoc-contacts-los-angeles-20150728-story.html | url-status=live }}</ref> 1 सितंबर, 2015 को, लॉस एंजिल्स नगर परिषद ने 2024 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए बोली का समर्थन करने के लिए 15-0 से मतदान किया।<ref>{{cite news|url=http://abc7.com/sports/la-city-council-unanimously-in-favor-of-2024-olympic-bid/965189/|archive-url=https://web.archive.org/web/20150925132231/http://abc7.com/sports/la-city-council-unanimously-in-favor-of-2024-olympic-bid/965189/|archive-date=25 September 2015 |title=USOC endorses Los Angeles for 2024 Olympics bid |publisher=[[KABC-TV|ABC 7 Los Angeles]] |date=1 September 2015 |access-date=11 September 2015}}</ref> लॉस एंजिल्स नगर परिषद के मतदान के तुरंत बाद अमेरिकी ओलंपिक समिति ने अपना चयन अंतिम रूप दे दिया।<ref>{{cite news |url=http://www.latimes.com/sports/more/la-sp-sn-usoc-los-angeles-2024-summer-olympics-20150901-story.html |title=USOC names Los Angeles the official U.S. bidder for the 2024 Summer Olympics |work=[[Los Angeles Times]] |date=1 September 2015 |access-date=11 September 2015 |archive-date=March 31, 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230331030531/https://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-sn-usoc-los-angeles-2024-summer-olympics-20150901-story.html |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=http://abc7.com/sports/garcetti-travels-abroad-to-present-las-2024-olympic-bid-to-ioc/966776/ |title=Angelenos have mixed opinions about 2024 Olympic bid |publisher=[[KABC-TV|ABC 7 Los Angeles]] |date=2 September 2015 |access-date=11 September 2015 |df=dmy-all |archive-date=September 25, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150925132029/http://abc7.com/sports/garcetti-travels-abroad-to-present-las-2024-olympic-bid-to-ioc/966776/ |url-status=live }}</ref> 13 जनवरी, 2016 को, लॉस एंजिल्स 2024 समिति के अधिकारियों ने कहा कि वे कैलिफ़ोर्निया के इंग्लवुड में 2 अरब डॉलर से अधिक की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक फुटबॉल स्टेडियम का स्वागत करते हुए "बेहद रोमांचित" हैं और उनका मानना ​​​​था कि [[नेशनल फुटबॉल लीग]] की टीमों में से एक ([[लॉस एंजिल्स रैम्स]]) और संभवतः दो ([[लॉस एंजिल्स चार्जर्स]]) के आने से इसकी संभावनाओं को बल मिलेगा।<ref>{{cite news |url=http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-nfl-olympic-bid-20160113-story.html |title=NFL stadium could boost L.A.'s Olympic bid |work=[[Los Angeles Times]] |date=January 2016 |access-date=13 January 2015 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20160115013152/http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-nfl-olympic-bid-20160113-story.html |archive-date=15 January 2016 |df=dmy-all }}</ref> 25 जनवरी, 2016 को लॉस एंजिल्स 2024 समिति ने घोषणा की कि वह अपना ओलंपिक विलेज [[कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स]] (यूसीएलए) परिसर में स्थापित करने की योजना बना रही है। एलए 2024 ने यह भी घोषणा की कि मीडिया सदस्यों और कुछ ओलंपिक अधिकारियों को [[दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय]] (यूएससी) द्वारा निर्मित किए जाने वाले 15 एकड़ के आवासीय परिसर में ठहराया जाएगा।<ref>{{cite news |url=http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-ucla-2024-olympics-20160125-story.html |title=Where would L.A. put all those Olympic athletes? Panel looks at UCLA |work=[[Los Angeles Times]] |date=January 2016 |access-date=25 January 2015 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20160125232042/http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-ucla-2024-olympics-20160125-story.html |archive-date=25 January 2016 |df=dmy-all }}</ref> 16 फरवरी, 2016 को, एलए 2024 ने अपना नया लोगो और नारा, "फॉलो द सन" का अनावरण किया।<ref>{{cite news |url= http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-la-2024-olympic-logo-20160216-story.html |title= LA 2024 unveils logo for Olympic bid |work= [[Los Angeles Times]] |date= February 2016 |access-date= 16 February 2016 |archive-date= December 23, 2022 |archive-url= https://web.archive.org/web/20221223031216/https://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-la-2024-olympic-logo-20160216-story.html |url-status= live }}</ref> 23 फरवरी, 2016 को, लोयोला मैरीमाउंट विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 88% से अधिक एंजेलिनो शहर द्वारा 2024 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की बोली के पक्ष में थे।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/more/la-sp-la-2024-olympic-bid-public-support-poll-20160223-story.html|title=LA 2024 Olympic bid receives wide public support in new poll|work=[[Los Angeles Times]]|date=February 2016|access-date=23 February 2016|archive-date=November 17, 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211117205231/https://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-la-2024-olympic-bid-public-support-poll-20160223-story.html|url-status=live}}</ref> 10 मार्च, 2016 को, लॉस एंजिल्स के 2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए बोली लगाने वाले अधिकारियों ने अपना ध्यान उन अस्थायी सुविधाओं पर केंद्रित किया जिनकी आवश्यकता हो सकती है। वर्तमान योजनाओं में लॉस एंजिल्स मेमोरियल कोलिज़ियम में फुटबॉल मैदान के ऊपर निर्मित एक एलिवेटेड ट्रैक और फिगुएरो स्ट्रीट को अस्थायी रूप से पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए कई मील लंबे सैरगाह में परिवर्तित करने का प्रस्ताव शामिल है।<ref>{{cite news |url=http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-la-2024-olympics-20160311-story.html |title=LA 2024 mulls temporary Olympic facilities&nbsp;– a raised Coliseum track, maybe? |work=[[Los Angeles Times]] |date=March 2016 |access-date=10 March 2016 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20160311103544/http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-la-2024-olympics-20160311-story.html |archive-date=11 March 2016 |df=dmy-all }}</ref> 2 जून, 2016 को, आईओसी ने पुष्टि की कि लॉस एंजिल्स 2024 ग्रीष्मकालीन खेलों के लिए बोली के दूसरे चरण में आगे बढ़ेगा।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/la-sp-sn-2024-olympic-bid-stage-two-20160602-snap-story.html|title=L.A. advances to next stage of 2024 Olympic bidding process|work=[[Los Angeles Times]]|date=June 2016|access-date=2 June 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160602220621/http://www.latimes.com/sports/la-sp-sn-2024-olympic-bid-stage-two-20160602-snap-story.html|archive-date=2 June 2016|df=dmy-all}}</ref> 29 जुलाई, 2016 को, एलए 2024 के अधिकारियों ने लॉस एंजिल्स मेमोरियल कोलिज़ियम और अस्थायी तैराकी स्टेडियम के अद्यतन कलात्मक चित्र जारी किए, यदि लॉस एंजिल्स को 2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी मिलती है।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/la-sp-oly-rio-2016-la-2024-releases-renderings-of-updated-1469826459-htmlstory.html|title=LA 2024 releases renderings of updated Coliseum, temporary swim stadium|work=[[Los Angeles Times]]|date=July 2016|access-date=29 July 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160801042047/http://www.latimes.com/sports/la-sp-oly-rio-2016-la-2024-releases-renderings-of-updated-1469826459-htmlstory.html|archive-date=1 August 2016|df=dmy-all}}</ref> 31 जुलाई, 2016 को, लॉस एंजिल्स के मेयर एरिक गार्सेटी ने 2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए अपने शहर की बोली को बढ़ावा देने के लिए लॉस एंजिल्स से 25 लोगों के एक दल का नेतृत्व किया।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/la-sp-oly-rio-2016-la-2024-brings-large-crew-to-rio-1469996962-htmlstory.html|title=LA 2024 brings large crew to Rio Olympics|work=[[Los Angeles Times]]|date=July 2016|access-date=31 July 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160731231145/http://www.latimes.com/sports/la-sp-oly-rio-2016-la-2024-brings-large-crew-to-rio-1469996962-htmlstory.html|archive-date=31 July 2016|df=dmy-all}}</ref> 7 सितंबर, 2016 को, एलए 2024 ने दक्षिणी कैलिफोर्निया में ओलंपिक खेलों को वापस लाने के अपने चल रहे अभियान के हिस्से के रूप में, रियो डी जनेरियो में आयोजित होने वाले 2016 पैरालंपिक खेलों में 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बनाई।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-la-2024-paralympics-20160907-snap-story.html|title=LA 2024 will send a delegation of 16 people to 2016 Paralympics in Rio|work=[[Los Angeles Times]]|date=September 2016|access-date=7 September 2016|archive-date=August 15, 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220815064900/https://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-la-2024-paralympics-20160907-snap-story.html|url-status=live}}</ref> 13 सितंबर, 2016 को, एलए 2024 बोली समिति ने एक दो मिनट का वीडियो जारी किया जिसमें स्थानीय दृश्यों का एक मोंटाज दिखाया गया था, जिसमें बच्चे अपने "सपनों के शहर" के बारे में बात कर रहे थे।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-la2024-video-20160913-snap-story.html|title=LA 2024 video marks one year until Olympic leaders select host for 2024 Summer Games|work=[[Los Angeles Times]]|date=September 2016|access-date=13 September 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160914112054/http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-la2024-video-20160913-snap-story.html|archive-date=14 September 2016|df=dmy-all}}</ref> 23 सितंबर, 2016 को, लॉस एंजिल्स 2024 ने [[अमेरिकी ओलंपिक समिति]] के साथ एक अनिवार्य लेकिन विवादास्पद विपणन समझौते पर सहमति व्यक्त की। संयुक्त विपणन कार्यक्रम समझौते में लॉस एंजिल्स और यूएसओसी के बीच साझा जिम्मेदारियों और साझा आय का उल्लेख किया गया है।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-joint-marketing-20160923-snap-story.html|title=LA 2024 and U.S. Olympic leaders come to terms on marketing agreement|work=[[Los Angeles Times]]|date=September 2016|access-date=23 September 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160924014857/http://www.latimes.com/sports/sportsnow/la-sp-sn-joint-marketing-20160923-snap-story.html|archive-date=24 September 2016|df=dmy-all}}</ref> 7 अक्टूबर, 2016 को, एलए 2024 के अधिकारियों ने 2024 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए अपने प्रस्ताव में फिर से समायोजन किया, और एक बड़े और संभावित रूप से महंगे मीडिया सेंटर के आधे हिस्से को [[दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय|यूएससी]] परिसर में स्थानांतरित कर दिया।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/la-sp-sn-la2024-second-filing-20161007-snap-story.html|title=LA 2024 relocates Summer Olympics press center to USC in latest bid documents|work=[[Los Angeles Times]]|date=October 2016|access-date=7 October 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20161008171201/http://www.latimes.com/la-sp-sn-la2024-second-filing-20161007-snap-story.html|archive-date=8 October 2016|df=dmy-all}}</ref> 21 अक्टूबर, 2016 को, एलए 2024 बोली समिति ने लॉस एंजिल्स में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक को बहाल करने के पक्ष में तर्क देने में मदद करने के लिए एक बार फिर अमेरिकी ओलंपियनों को शामिल किया।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-sn-la2024-video-20161021-snap-story.html|title=U.S. Olympians make video pitches for Los Angeles' 2024 bid|work=[[Los Angeles Times]]|date=October 2016|access-date=21 October 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022092645/http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-sn-la2024-video-20161021-snap-story.html|archive-date=22 October 2016|df=dmy-all}}</ref> 9 नवंबर, 2016 को, एलए 2024 ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "एलए 2024 नवनिर्वाचित राष्ट्रपति [[डोनाल्ड जे. ट्रम्प]] को बधाई देता है और संयुक्त राज्य अमेरिका में ओलंपिक आंदोलन के प्रति उनके दीर्घकालिक समर्थन की सराहना करता है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि ओलंपिक और एलए 2024 राजनीति से परे हैं और हमारे विविध समुदायों और हमारी दुनिया को एकजुट करने में मदद कर सकते हैं।"<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-trump-olympics-la2024-20161109-story.html|title=LA 2024 is about to find out how a Donald Trump presidency will affect Los Angeles' Olympic bid|work=[[Los Angeles Times]]|date=November 2016|access-date=9 November 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20161109234228/http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-trump-olympics-la2024-20161109-story.html|archive-date=9 November 2016|df=dmy-all}}</ref> 12 नवंबर, 2016 को, मेयर एरिक गार्सेटी और छह बार की स्वर्ण पदक विजेता स्प्रिंटर एलिसन फेलिक्स ने [[दोहा]], [[कतर]] में [[राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों]] के संघ की एक आम सभा में ओलंपिक नेताओं और खेल अधिकारियों की एक श्रृंखला के समक्ष एलए 2024 प्रस्तुति का नेतृत्व किया।<ref>{{Cite web|url=http://losangeles.cbslocal.com/2016/11/15/2024-olympics-la/|title=LA Committee Lobbies For 2024 Olympics In Qatar|date=November 15, 2016 |access-date=2017-05-18|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20161223135831/http://losangeles.cbslocal.com/2016/11/15/2024-olympics-la/|archive-date=23 December 2016|df=dmy-all}}</ref> 23 नवंबर 2016 को, संयुक्त राज्य अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रम्प ने मेयर एरिक गार्सेटी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान लॉस एंजिल्स की 2024 ओलंपिक बोली के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/local/california/la-me-ln-trump-garcetti-phone-20161123-story.html|title=Trump supports L.A.'s Olympic bid, Mayor Garcetti's office says|work=[[Los Angeles Times]]|date=November 2016|access-date=24 November 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20161124052306/http://www.latimes.com/local/california/la-me-ln-trump-garcetti-phone-20161123-story.html|archive-date=24 November 2016|df=dmy-all}}</ref> 2 दिसंबर, 2016 को, एलए 2024 ने एक नया बजट जारी किया जिसमें अनुमान लगाया गया कि खेलों के आयोजन पर 5.3 बिलियन डॉलर खर्च होंगे।<ref>{{cite news|url=http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-olympics-la-2024-story.html|title=LA 2024 releases revised budget for Olympics, revenue to equal $5.3 billion in costs|work=[[Los Angeles Times]]|date=December 2016|access-date=2 December 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20161202233955/http://www.latimes.com/sports/olympics/la-sp-olympics-la-2024-story.html|archive-date=2 December 2016|df=dmy-all}}</ref> == संदर्भ == {{reflist|2}} l33n168p3xtl6ga7uxe97a4izcn4sfg सदस्य वार्ता:Lokraag 3 1611230 6540925 2026-04-15T12:04:44Z AMAN KUMAR 911487 सावधानी बरतें: विकिपीडिया का प्रोमोशन अथवा प्रचार के लिए प्रयोग करना [[:हरिवंश नारायण सिंह]] पर. 6540925 wikitext text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[Image:Information_orange.svg|25px|alt=|link=]]कृपया विकिपीडिया पर प्रचार सामग्री न जोड़ें, जैसा की आपने [[:हरिवंश नारायण सिंह]] पृष्ठ पर किया। यहाँ भावनाओं, उत्पादों या सेवाओं का [[विकिपीडिया:तटस्थ दृष्टिकोण|तटस्थ उल्लेख]] स्वीकार्य है, परन्तु विकिपीडिया [[विकिपीडिया:विकिपीडिया क्या नहीं है#विकिपीडिया भाषण देने या प्रचार करने का मंच नहीं है|भाषण देने और प्रचार करने का मंच]] नहीं है। धन्यवाद।[[श्रेणी:सदस्य वार्ता पन्नें जिनपर Uw-advert2 सूचना है|{{PAGENAME}}]]<!-- Template:Uw-advert2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:04, 15 अप्रैल 2026 (UTC) 11py6mg21d1cip5ob6vzahrry3iadev 6540950 6540925 2026-04-15T14:08:20Z AMAN KUMAR 911487 चेतावनी: विकिपीडिया का प्रोमोशन अथवा प्रचार के लिए प्रयोग करना [[:हरिवंश नारायण सिंह]] पर. 6540950 wikitext text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[Image:Information_orange.svg|25px|alt=|link=]]कृपया विकिपीडिया पर प्रचार सामग्री न जोड़ें, जैसा की आपने [[:हरिवंश नारायण सिंह]] पृष्ठ पर किया। यहाँ भावनाओं, उत्पादों या सेवाओं का [[विकिपीडिया:तटस्थ दृष्टिकोण|तटस्थ उल्लेख]] स्वीकार्य है, परन्तु विकिपीडिया [[विकिपीडिया:विकिपीडिया क्या नहीं है#विकिपीडिया भाषण देने या प्रचार करने का मंच नहीं है|भाषण देने और प्रचार करने का मंच]] नहीं है। धन्यवाद।[[श्रेणी:सदस्य वार्ता पन्नें जिनपर Uw-advert2 सूचना है|{{PAGENAME}}]]<!-- Template:Uw-advert2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:04, 15 अप्रैल 2026 (UTC) [[File:Nuvola apps important.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:विघटनकारी सम्पादन|विघटनकारी संपादन]] करना बंद करें। अगर आप विकिपीडिया पर [[विकिपीडिया:विकिपीडिया क्या नहीं है#विकिपीडिया भाषण देने या प्रचार करने का मंच नहीं है|भाषण देना, विज्ञापन या प्रचार सामग्री 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[[टीकाकरण गलत जानकारी]] * [[पानी में फ्लोराइड मिलाने का विरोध]] * [[कोरोनावायरस से सम्बंधित ग़लत जानकारी]] ** [[टर्बो कैंसर]] | list4name = वर्गीकरण | list4title = [[वैकल्पिक चिकित्सा#वर्गीकरण|वर्गीकरण]] | list4 = * [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ|वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ]] * [[:श्रेणी:हस्त चिकित्सा|हस्त चिकित्सा]] }}<noinclude> {{documentation}} </noinclude> 8mnbvqejmywr66jwbfiteoyzsx6x9v4 6541077 6541073 2026-04-16T04:58:00Z चाहर धर्मेंद्र 703114 पारम्परिक 6541077 wikitext text/x-wiki {{sidebar with collapsible lists | name = Alternative medicine sidebar | bodyclass = vcard hlist | pretitle= [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा|श्रृंखला]] का एक भाग | title = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | image = {{{image|[[File:Outline-body-aura.svg|60px]]}}} | caption = {{{caption|}}} | listtitlestyle = text-align:center; background:lavender; | expanded = {{{expanded|{{{1|}}}}}} | list1name = सामान्य | list1title = सामान्य जानकारी | list1 = * [[वैकल्पिक चिकित्सा]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा का 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2026-04-16T05:02:41Z चाहर धर्मेंद्र 703114 वैकल्पिक 6541082 wikitext text/x-wiki {{sidebar with collapsible lists | name = Alternative medicine sidebar | bodyclass = vcard hlist | pretitle= [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा|श्रृंखला]] का एक भाग | title = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | image = {{{image|[[File:Outline-body-aura.svg|60px]]}}} | caption = {{{caption|}}} | listtitlestyle = text-align:center; background:lavender; | expanded = {{{expanded|{{{1|}}}}}} | list1name = सामान्य | list1title = सामान्य जानकारी | list1 = * [[वैकल्पिक चिकित्सा]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा का इतिहास|इतिहास]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा की शब्दावली|शब्दावली]] * [[वैकल्पिक पशु चिकित्सा]] * [[मिथ्या चिकित्सालय]] (नकली चिकित्सा) * [[आयुर्विज्ञान का इतिहास]] * [[छद्म विज्ञान]] * [[विज्ञान विरोध]] * [[संशयवाद]] ** [[वैज्ञानिक संशयवाद|वैज्ञानिक]] * [[चिकित्सीय शून्यवाद]] | list2name = सीमांत | list2title = सीमांत चिकित्सा और विज्ञान | list2 = * [[एक्यूप्रेशर]] * [[एक्यूपंक्चर]] * [[क्षारीय आहार]] * [[मानवशास्त्रीय चिकित्सा]] * 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[[वेदकम|पारंपरिक श्रीलंका चिकित्सा]] * [[सोवा रिग्पा|पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा]] * [[पारंपरिक थाई मालिश|थाई मालिश]] * [[यूनानी चिकित्सा पद्धति]] | list6name = वैकल्पिक | list6title = वैकल्पिक निदान | list6 = * [[विद्युच्चुम्बकीय अतिग्राहिता]] }}<noinclude> {{documentation}} </noinclude> [[श्रेणी:दवा साँचे]] 1b9pjnjcydw1094239o52fa7mbwlu5b 6541093 6541087 2026-04-16T05:31:54Z चाहर धर्मेंद्र 703114 [[वि:शीह|शीघ्र हटाने का अनुरोध]] कारण "यह साँचा गलती से बनाया गया है। पहले से ही साँचा:Alternative medicine sidebar उपलब्ध है, जिसे आवश्यकतानुसार साँचा:वैकल्पिक चिकित्सा साइडबार नाम दिया जा सकता है। इसलिए इस नए साँचे की कोई आवश्यकता नहीं है। यह एक डुप्लिकेट साँचा है, अतः कृपया इसे हटाया जाए या मूल साँचे पर पुनर्निर्देशित कर दिया जाए।" 6541093 wikitext text/x-wiki <noinclude>{{db-reason|1=यह साँचा गलती से बनाया गया है। पहले से ही साँचा:Alternative medicine sidebar उपलब्ध है, जिसे आवश्यकतानुसार साँचा:वैकल्पिक चिकित्सा साइडबार नाम दिया जा सकता है। इसलिए इस नए साँचे की कोई आवश्यकता नहीं है। यह एक डुप्लिकेट साँचा है, अतः कृपया इसे हटाया जाए या मूल साँचे पर पुनर्निर्देशित कर दिया जाए।|help=off}}</noinclude> {{sidebar with collapsible lists | name = Alternative medicine sidebar | bodyclass = vcard hlist | pretitle= [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा|श्रृंखला]] का एक भाग | title = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | image = {{{image|[[File:Outline-body-aura.svg|60px]]}}} | caption = {{{caption|}}} | listtitlestyle = text-align:center; background:lavender; | expanded = {{{expanded|{{{1|}}}}}} | list1name = सामान्य | list1title = सामान्य जानकारी | list1 = * [[वैकल्पिक चिकित्सा]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा का इतिहास|इतिहास]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा की शब्दावली|शब्दावली]] * [[वैकल्पिक पशु चिकित्सा]] * [[मिथ्या चिकित्सालय]] (नकली चिकित्सा) * [[आयुर्विज्ञान का इतिहास]] * [[छद्म विज्ञान]] * [[विज्ञान विरोध]] * [[संशयवाद]] ** [[वैज्ञानिक संशयवाद|वैज्ञानिक]] * [[चिकित्सीय शून्यवाद]] | list2name = सीमांत | list2title = सीमांत चिकित्सा और विज्ञान | list2 = * [[एक्यूप्रेशर]] * [[एक्यूपंक्चर]] * [[क्षारीय आहार]] * [[मानवशास्त्रीय चिकित्सा]] * [[एपिथेरेपी]] * [[एप्लाइड काइन्सियोलॉजी]] * [[सुगंध चिकित्सा]] * [[एसोसिएशन फॉर रिसर्च एंड एनलाइटनमेंट]] * [[ऑरिकुलर थेरेपी]] * [[बेट्स विधि]] * [[जैविक भूभाग मूल्यांकन]] * [[ब्लैक साल्वे|काला मरहम]] * [[बॉडीवर्क (वैकल्पिक चिकित्सा)|बॉडीवर्क]] * [[पारंपरिक हड्डी-सेटिंग|हड्डी-सेटिंग]] * [[बोवेन तकनीक]] * [[श्वास क्रिया]] * [[कोविड-19 के खिलाफ अप्रमाणित तरीकों की सूची|नकली कोविड-19 उपचार]] * [[ऊंट मूत्र]] * [[वैकल्पिक कैंसर उपचार|कैंसर उपचार]] * [[सक्रिय चारकोल सफाई|चारकोल सफाई]] * [[काइरोप्रेक्टिक]] ** [[कायरोप्रैक्टिस इलाज तकनीक]] ** [[कशेरुका का सबलक्सेशन]] * [[क्रिश्चियन साइंस]] * [[क्रोमोथेरेपी]] * [[वस्ति|आंतों की सफाई]] * [[रूपांतरण चिकित्सा]] * [[क्रेनियोसैक्रल थेरेपी]] * [[क्रिस्टल हीलिंग]] * [[कपिंग थेरेपी]] * [[विषहरण (वैकल्पिक चिकित्सा)|विषहरण]] * [[कान की जांच]] * [[आध्यात्मिक चिकित्सा]] ** [[ऊर्जा (गूढ़ विद्या)|गूढ़ ऊर्जा]] ** [[रेकी चिकित्सा]] ** [[चिकित्सीय स्पर्श]] * [[सुगम संचार]] * [[फेल्डेनक्राइस विधि]] * [[जैविक दंत चिकित्सा]] * [[होम्योपैथी]] ** [[पुष्प औषधी]] * [[जलचिकित्सा]] * [[सम्मोहन चिकित्सा]] * [[इरिडोलॉजी]] * [[चुंबक चिकित्सा]] * [[मैनुअल थेरेपी]] * [[पशु चुंबकत्व|कृत्रिम निद्रावस्था]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य विज्ञान]] * [[अस्थिचिकित्सा]] * [[ओजोन थेरेपी]] * [[परामनोविज्ञान]] * [[कपालविद्या]] * [[रिफ्लेक्सोलॉजी]] * [[शारीरिक मनोचिकित्सा|आरबीओपी]] * [[रॉल्फिंग]] * [[वैज्ञानिक प्रजातिवाद]] * [[थीटाहीलिंग]] * [[थॉट फील्ड थेरेपी (टीएफटी)]] * [[यूरोफेगिया]] * [[वेजिटोथेरेपी]] * [[प्राणतत्ववाद]] * [[युवा रक्त आधान]] * [[शून्य संतुलन चिकित्सा]] | list3name = विवादास्पद सिद्धांत | list3title = विवादों | list3 = * [[बड़ी फार्मा कंपनियों के षड्यंत्र सिद्धांत]] * [[एड्स का इंकार]] ** [[मौखिक पोलियो वैक्सीन से एड्स की परिकल्पना|ओपीवी एड्स परिकल्पना]] * [[टीकाकरण विरोधी सक्रियता]] ** [[टीकाकरण से संकोच]] ** [[टीकाकरण गलत जानकारी]] * [[पानी में फ्लोराइड मिलाने का विरोध]] * [[कोरोनावायरस से सम्बंधित ग़लत जानकारी]] ** [[टर्बो कैंसर]] | list4name = वर्गीकरण | list4title = [[वैकल्पिक चिकित्सा#वर्गीकरण|वर्गीकरण]] | list4 = * [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ|वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ]] * [[:श्रेणी:हस्त चिकित्सा|हस्त चिकित्सा]] | list5name = पारम्परिक | list5title = [[पारम्परिक चिकित्सा]] | list5 = * [[आयुर्वेद]] * [[स्नान चिकित्सा]] * [[पारंपरिक चीनी चिकित्सा|चीनी]] ** [[मोक्सीबस्टन]] * [[जड़ी-बूटी चिकित्सा]] * [[ओझा]] * [[सिद्ध चिकित्सा]] * [[वेदकम|पारंपरिक श्रीलंका चिकित्सा]] * [[सोवा रिग्पा|पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा]] * [[पारंपरिक थाई मालिश|थाई मालिश]] * [[यूनानी चिकित्सा पद्धति]] | list6name = वैकल्पिक | list6title = वैकल्पिक निदान | list6 = * [[विद्युच्चुम्बकीय अतिग्राहिता]] }}<noinclude> {{documentation}} </noinclude> [[श्रेणी:दवा साँचे]] 1w4wxx3ehi6qvg2qp72em7z3mgua2sv 6541115 6541093 2026-04-16T06:27:58Z चाहर धर्मेंद्र 703114 6541115 wikitext text/x-wiki <noinclude>{{db-reason|1=यह साँचा गलती से बनाया गया है। पहले से ही साँचा:Alternative medicine sidebar उपलब्ध है, जिसे आवश्यकतानुसार साँचा:वैकल्पिक चिकित्सा साइडबार नाम दिया जा सकता है। इसलिए इस नए साँचे की कोई आवश्यकता नहीं है। यह एक डुप्लिकेट साँचा है, अतः कृपया इसे हटाया जाए या मूल साँचे पर पुनर्निर्देशित कर दिया जाए।|help=off}}</noinclude> {{sidebar with collapsible lists | name = Alternative medicine sidebar | bodyclass = vcard hlist | pretitle= [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा|श्रृंखला]] का एक भाग | title = [[वैकल्पिक चिकित्सा]] | image = {{{image|[[File:Outline-body-aura.svg|60px]]}}} | caption = {{{caption|}}} | listtitlestyle = text-align:center; background:lavender; | expanded = {{{expanded|{{{1|}}}}}} | list1name = सामान्य | list1title = सामान्य जानकारी | list1 = * [[वैकल्पिक चिकित्सा]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा का इतिहास|इतिहास]] ** [[वैकल्पिक चिकित्सा की शब्दावली|शब्दावली]] * [[वैकल्पिक पशु चिकित्सा]] * [[मिथ्या चिकित्सालय]] (नकली चिकित्सा) * [[आयुर्विज्ञान का इतिहास]] * [[छद्म विज्ञान]] * [[विज्ञान विरोध]] * [[संशयवाद]] ** [[वैज्ञानिक संशयवाद|वैज्ञानिक]] * [[चिकित्सीय शून्यवाद]] | list2name = सीमांत | list2title = सीमांत चिकित्सा और विज्ञान | list2 = * [[एक्यूप्रेशर]] * [[एक्यूपंक्चर]] * [[क्षारीय आहार]] * [[मानवशास्त्रीय चिकित्सा]] * [[एपिथेरेपी]] * [[एप्लाइड काइन्सियोलॉजी]] * [[सुगंध चिकित्सा]] * [[एसोसिएशन फॉर रिसर्च एंड एनलाइटनमेंट]] * [[ऑरिकुलर थेरेपी]] * [[बेट्स विधि]] * [[जैविक भूभाग मूल्यांकन]] * [[ब्लैक साल्वे|काला मरहम]] * [[बॉडीवर्क (वैकल्पिक चिकित्सा)|बॉडीवर्क]] * [[पारंपरिक हड्डी-सेटिंग|हड्डी-सेटिंग]] * [[बोवेन तकनीक]] * [[श्वास क्रिया]] * [[कोविड-19 के खिलाफ अप्रमाणित तरीकों की सूची|नकली कोविड-19 उपचार]] * [[ऊंट मूत्र]] * [[वैकल्पिक कैंसर उपचार|कैंसर उपचार]] * [[सक्रिय चारकोल सफाई|चारकोल सफाई]] * [[काइरोप्रेक्टिक]] ** [[कायरोप्रैक्टिस इलाज तकनीक]] ** [[कशेरुका का सबलक्सेशन]] * [[क्रिश्चियन साइंस]] * [[क्रोमोथेरेपी]] * [[वस्ति|आंतों की सफाई]] * [[रूपांतरण चिकित्सा]] * [[क्रेनियोसैक्रल थेरेपी]] * [[क्रिस्टल हीलिंग]] * [[कपिंग थेरेपी]] * [[विषहरण (वैकल्पिक चिकित्सा)|विषहरण]] * [[कान की जांच]] * [[आध्यात्मिक चिकित्सा]] ** [[ऊर्जा (गूढ़ विद्या)|गूढ़ ऊर्जा]] ** [[रेकी चिकित्सा]] ** [[चिकित्सीय स्पर्श]] * [[सुगम संचार]] * [[फेल्डेनक्राइस विधि]] * [[जैविक दंत चिकित्सा]] * [[होम्योपैथी]] ** [[पुष्प औषधी]] * [[जलचिकित्सा]] * [[सम्मोहन चिकित्सा]] * [[इरिडोलॉजी]] * [[चुंबक चिकित्सा]] * [[मैनुअल थेरेपी]] * [[पशु चुंबकत्व|कृत्रिम निद्रावस्था]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य]] * [[प्राकृतिक स्वास्थ्य विज्ञान]] * [[अस्थिचिकित्सा]] * [[ओजोन थेरेपी]] * [[परामनोविज्ञान]] * [[कपालविद्या]] * [[रिफ्लेक्सोलॉजी]] * [[शारीरिक मनोचिकित्सा|आरबीओपी]] * [[रॉल्फिंग]] * [[वैज्ञानिक प्रजातिवाद]] * [[थीटाहीलिंग]] * [[थॉट फील्ड थेरेपी (टीएफटी)]] * [[यूरोफेगिया]] * [[वेजिटोथेरेपी]] * [[प्राणतत्ववाद]] * [[युवा रक्त आधान]] * [[शून्य संतुलन चिकित्सा]] | list3name = विवादास्पद सिद्धांत | list3title = विवादों | list3 = * [[बड़ी फार्मा कंपनियों के षड्यंत्र सिद्धांत]] * [[एड्स का इंकार]] ** [[मौखिक पोलियो वैक्सीन से एड्स की परिकल्पना|ओपीवी एड्स परिकल्पना]] * [[टीकाकरण विरोधी सक्रियता]] ** [[टीकाकरण से संकोच]] ** [[टीकाकरण गलत जानकारी]] * [[पानी में फ्लोराइड मिलाने का विरोध]] * [[कोरोनावायरस से सम्बंधित ग़लत जानकारी]] ** [[टर्बो कैंसर]] | list4name = वर्गीकरण | list4title = [[वैकल्पिक चिकित्सा#वर्गीकरण|वर्गीकरण]] | list4 = * [[:श्रेणी:वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ|वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियाँ]] * [[:श्रेणी:हस्त चिकित्सा|हस्त चिकित्सा]] | list5name = पारम्परिक | list5title = [[पारम्परिक चिकित्सा]] | list5 = * [[आयुर्वेद]] * [[स्नान चिकित्सा]] * [[पारंपरिक चीनी चिकित्सा|चीनी]] ** [[मोक्सीबस्टन]] * [[जड़ी-बूटी चिकित्सा]] * [[ओझा]] * [[सिद्ध चिकित्सा]] * [[वेदकम|पारंपरिक श्रीलंका चिकित्सा]] * [[सोवा रिग्पा|पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा]] * [[पारंपरिक थाई मालिश|थाई मालिश]] * [[यूनानी चिकित्सा पद्धति]] | list6name = वैकल्पिक | list6title = वैकल्पिक निदान | list6 = * [[विद्युच्चुम्बकीय अतिग्राहिता]] }}<noinclude> {{documentation}} </noinclude> bo9digaru85qs4in2fnvg4y244xczdq हिकमतकुमार कार्की 0 1611232 6540986 2026-04-15T19:03:37Z CNn21 920578 नया पृष्ठ: '''हिक्मतकुमार कार्की''' (जन्म 26 सितम्बर 1964, [[गौरादह]], [[नेपाल अधिराज्य]])<ref>{{Cite web|url=https://result.election.gov.np/ElectionResultState2079.aspx|title=मतगणना प्रगतिको विवरण|website=result.election.gov.np|access-date=2026-04-15}}</ref> एक नेपाली राजनीतिज्ञ हैं, जो 9 मई 202... 6540986 wikitext text/x-wiki '''हिक्मतकुमार कार्की''' (जन्म 26 सितम्बर 1964, [[गौरादह]], [[नेपाल अधिराज्य]])<ref>{{Cite web|url=https://result.election.gov.np/ElectionResultState2079.aspx|title=मतगणना प्रगतिको विवरण|website=result.election.gov.np|access-date=2026-04-15}}</ref> एक नेपाली राजनीतिज्ञ हैं, जो 9 मई 2024 से [[कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री|कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं।<ref>{{Cite web|url=https://kathmandupost.com/province-no-1/2024/05/09/uml-s-hikmat-karki-appointed-koshi-chief-minister-for-third-term|title=UML’s Hikmat Karki appointed chief minister in Koshi|website=kathmandupost.com|language=|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://en.setopati.com/political/163046/|title=Koshi Chief Minister Hikmat Karki and two ministers take oath|last=|first=|website=Setopati|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ekantipur.com/news/2024/05/10/en/chief-minister-for-the-third-time-in-karki-koshi-53-10.html|title=Chief Minister for the third time in Karki Koshi|website=Ekantipur|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref> इससे पहले वे 9 जनवरी 2023 से 7 जुलाई 2023 तक,<ref>{{Cite web|url=https://risingnepaldaily.com/news/21153|title=Hikmat Kumar Karki appointed as Province 1 CM|website=GorakhaPatra|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.pardafas.com/hikmat-karki-takes-oath-as-province-1-cm-3-ministers-also-sworn-in/|title=Hikmat Karki takes oath as Province 1 CM, 3 ministers also sworn in|last=Adhikari|first=Adarsha|website=epardafas.com|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://myrepublica.nagariknetwork.com/news/cm-and-3-ministers-take-oath-in-province-1|title=CM and 3 ministers take oath in Province 1|date=2024-08-08|website=myrepublica.nagariknetwork.com|language=English|access-date=2026-04-15}}</ref> और 8 सितम्बर 2023 से 14 अक्टूबर 2023 तक भी इसी पद पर रहे।<ref>{{Cite web|url=https://kathmandupost.com/politics/2023/09/08/supreme-court-orders-hikmat-karki-be-appointed-koshi-chief-minister|title=Supreme Court orders Hikmat Karki be appointed Koshi chief minister|website=kathmandupost.com|language=English|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://en.setopati.com/political/161715/|title=Hikmat Karki appointed Koshi chief minister for a second time|last=Setopati|first=Setopati|website=Setopati|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|last=Nepalkhabar|first=|date=2020-06-10|title=Hikmat Karki appointed Koshi CM for 2nd time|url=https://en.nepalkhabar.com/news/detail/5968/|access-date=2026-04-15|website=en.nepalkhabar.com|language=en-gb}}</ref> कार्की [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले)|नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी–लेनिनवादी)]] के सदस्य और सचिव हैं।<ref>{{Cite web|url=https://thehimalayantimes.com/kathmandu/uml-11th-national-congress-elects-office-bearers|title=UML 11th National Congress elects office-bearers|last=Online|first=T. H. T.|date=2025-12-18|website=The Himalayan Times|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.ratopati.com/story/523534/chief-minister-karki-to-be-appointed-as-uml-secretary-in-koshi|title=कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्की एमाले सचिवमा उठ्ने|website=www.ratopati.com|language=Nepali|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://bishwokhabar.com/archives/152993?utm_source=nepalipatro&utm_medium=np_mobile&utm_campaign=np_news|title=कोशी र कर्णाली प्रदेश के मुख्यमंत्री एमाले के सचिवमा निर्वाचित - Bishwokhar.com: News from Nepal Bishwokhar.com: News from Nepal|website=bishwokhabar.com|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref> वे 5 फरवरी 2018 से झापा 5 (क) से [[कोशी प्रांतीय विधानसभा|कोशी प्रदेशसभा]] के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं<ref>{{Cite web|url=https://kathmandupress.com/detail/79023/|title=झापा–५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की निर्वाचित|last=निर्वाचित|first=काठमाडौं प्रेस झापा-५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की|website=झापा–५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की निर्वाचित|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://gorkhapatraonline.com/news/45838|title=झापा ५ (क) प्रदेश सभामा एमाले के हिक्मत कार्की निर्वाचित|website=GorakhaPatra|access-date=2026-04-15}}</ref> और दिसम्बर 2022 में प्रदेश सभा में [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले)|नेकपा (एकीकृत मार्क्सवादी–लेनिनवादी)]] के संसदीय दल के नेता चुने गए।<ref>{{Cite web|url=https://www.onlinekhabar.com/2022/12/1237484/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a8|title=नेकपा एमाले प्रदेश-१ संसदीय दल के नेतामा कार्की निर्विरोध|website=Online Khabar|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://english.ratopati.com/story/26103/hikmat-kumar-karki-cm-province-1|title=UML’s leader Hikmat Kumar Karki to be elected CM of Province 1|website=english.ratopati.com|language=Nepali|access-date=2026-04-15}}</ref> कार्की, जिन्होंने 15 फरवरी 2018 से 26 अगस्त 2021 तक शेरधन राय के मंत्रिमंडल में आन्तरिक मामलों और कानून मंत्री के रूप में सेवा दी,<ref>{{Cite web|url=https://thehimalayantimes.com/nepal/sherdahn-rai-sworn-province-1-chief-minister|title=Rai sworn in as Province 1 chief minister|last=Sureis|date=2018-02-16|website=The Himalayan Times|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://khabarpurwanchal.com/2018/02/15/15172/|title=यह हैं प्रदेश १ के मुख्यमन्त्री शेरधन के मंत्रिमंडल|website=Khabar Purwanchal|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref> ने 7 जुलाई 2023 से 8 सितम्बर 2023 तथा 3 नवम्बर 2023 से 3 मई 2024 तक कोशी प्रदेश सभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य किया।<ref>{{Cite web|url=https://thenepalipost.com/details/28448|title=Hikmat Karki Elected As The Leader Of The Opposition Party Of Province 1|website=The NepaliPost|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref> == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} ea5eqpjr987aova2jvr9gwa0n6hctrn 6540990 6540986 2026-04-15T19:19:35Z ~2026-23169-31 920579 6540990 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | honorific_prefix = [[Honourable]] | name = हिक्मतकुमार कार्की | image = Rt-Hon Hikmat Kumar Karki.jpg | caption = आधिकारिक चित्र, 2023 | office1 = [[कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री]] | term_start1 = 9 मई 2024 | term_end1 = | president1 = [[रामचन्द्र पौडेल]] | governor1 = [[परशुराम खापुङ्ग]] | predecessor1 = [[केदार कार्की]] | successor1 = | term_start2 = 8 सितम्बर 2023 | term_end2 = 14 अक्टूबर 2023 | president2 = रामचन्द्र पौडेल | governor2 = परशुराम खापुङ्ग | predecessor2 = [[उद्धव थापा]] | successor2 = केदार कार्की | term_start3 = 9 जनवरी 2023 | term_end3 = 7 जुलाई 2023 | governor3 = परशुराम खापुङ्ग | president3 = रामचन्द्र पौडेल<br> [[विद्यादेवी भण्डारी]] | predecessor3 = राजेन्द्र कुमार राई | successor3 = उद्धव थापा | birth_date = {{Birth date and age|1964|09|26|df=y}}<ref name=":0" /> | birth_place = गौरादह, [[झापा जिल्ला|झापा]], [[नेपाल अधिराज्य|नेपाल]] | party = [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले)]] | other_party = [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी]] | spouse = अञ्जना पाण्डे कार्की | children = ३ | education = | alma_mater = }} '''हिक्मतकुमार कार्की''' (जन्म 26 सितम्बर 1964, [[गौरादह]], [[नेपाल अधिराज्य]])<ref>{{Cite web|url=https://result.election.gov.np/ElectionResultState2079.aspx|title=मतगणना प्रगतिको विवरण|website=result.election.gov.np|access-date=2026-04-15}}</ref> एक नेपाली राजनीतिज्ञ हैं, जो 9 मई 2024 से [[कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री|कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं।<ref>{{Cite web|url=https://kathmandupost.com/province-no-1/2024/05/09/uml-s-hikmat-karki-appointed-koshi-chief-minister-for-third-term|title=UML’s Hikmat Karki appointed chief minister in Koshi|website=kathmandupost.com|language=|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://en.setopati.com/political/163046/|title=Koshi Chief Minister Hikmat Karki and two ministers take 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हैं।<ref>{{Cite web|url=https://thehimalayantimes.com/kathmandu/uml-11th-national-congress-elects-office-bearers|title=UML 11th National Congress elects office-bearers|last=Online|first=T. 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एमाले के हिक्मतकुमार कार्की निर्वाचित|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://gorkhapatraonline.com/news/45838|title=झापा ५ (क) प्रदेश सभामा एमाले के हिक्मत कार्की निर्वाचित|website=GorakhaPatra|access-date=2026-04-15}}</ref> और दिसम्बर 2022 में प्रदेश सभा में [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले)|नेकपा (एकीकृत मार्क्सवादी–लेनिनवादी)]] के संसदीय दल के नेता चुने गए।<ref>{{Cite web|url=https://www.onlinekhabar.com/2022/12/1237484/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a8|title=नेकपा एमाले प्रदेश-१ संसदीय दल के नेतामा कार्की निर्विरोध|website=Online Khabar|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://english.ratopati.com/story/26103/hikmat-kumar-karki-cm-province-1|title=UML’s leader Hikmat Kumar Karki to be elected CM of Province 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{{टिप्पणीसूची}} 8y41t2yzk0xulbpf6wy9m6c1niyjid1 6541004 6540990 2026-04-15T20:49:03Z Hindustanilanguage 39545 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]] जोड़ी 6541004 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | honorific_prefix = [[Honourable]] | name = हिक्मतकुमार कार्की | image = Rt-Hon Hikmat Kumar Karki.jpg | caption = आधिकारिक चित्र, 2023 | office1 = [[कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री]] | term_start1 = 9 मई 2024 | term_end1 = | president1 = [[रामचन्द्र पौडेल]] | governor1 = [[परशुराम खापुङ्ग]] | predecessor1 = [[केदार कार्की]] | successor1 = | term_start2 = 8 सितम्बर 2023 | term_end2 = 14 अक्टूबर 2023 | president2 = रामचन्द्र पौडेल | governor2 = परशुराम खापुङ्ग | predecessor2 = [[उद्धव थापा]] | successor2 = केदार कार्की | term_start3 = 9 जनवरी 2023 | term_end3 = 7 जुलाई 2023 | governor3 = परशुराम खापुङ्ग | president3 = रामचन्द्र पौडेल<br> [[विद्यादेवी भण्डारी]] | predecessor3 = राजेन्द्र कुमार राई | successor3 = उद्धव थापा | birth_date = {{Birth date and 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Hikmat Karki and two ministers take oath|last=|first=|website=Setopati|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ekantipur.com/news/2024/05/10/en/chief-minister-for-the-third-time-in-karki-koshi-53-10.html|title=Chief Minister for the third time in Karki Koshi|website=Ekantipur|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref> इससे पहले वे 9 जनवरी 2023 से 7 जुलाई 2023 तक,<ref>{{Cite web|url=https://risingnepaldaily.com/news/21153|title=Hikmat Kumar Karki appointed as Province 1 CM|website=GorakhaPatra|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.pardafas.com/hikmat-karki-takes-oath-as-province-1-cm-3-ministers-also-sworn-in/|title=Hikmat Karki takes oath as Province 1 CM, 3 ministers also sworn in|last=Adhikari|first=Adarsha|website=epardafas.com|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://myrepublica.nagariknetwork.com/news/cm-and-3-ministers-take-oath-in-province-1|title=CM and 3 ministers take oath in Province 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{{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]] 9t38ail70m7y7irku0h69hhr7q43ymp 6541005 6541004 2026-04-15T20:50:37Z Hindustanilanguage 39545 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:जीवित लोग]] जोड़ी 6541005 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | honorific_prefix = [[Honourable]] | name = हिक्मतकुमार कार्की | image = Rt-Hon Hikmat Kumar Karki.jpg | caption = आधिकारिक चित्र, 2023 | office1 = [[कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री]] | term_start1 = 9 मई 2024 | term_end1 = | president1 = [[रामचन्द्र पौडेल]] | governor1 = [[परशुराम खापुङ्ग]] | predecessor1 = [[केदार कार्की]] | successor1 = | term_start2 = 8 सितम्बर 2023 | term_end2 = 14 अक्टूबर 2023 | president2 = रामचन्द्र पौडेल | governor2 = परशुराम खापुङ्ग | predecessor2 = [[उद्धव थापा]] | successor2 = केदार कार्की | term_start3 = 9 जनवरी 2023 | term_end3 = 7 जुलाई 2023 | governor3 = परशुराम खापुङ्ग | president3 = रामचन्द्र पौडेल<br> [[विद्यादेवी भण्डारी]] | predecessor3 = राजेन्द्र कुमार राई | successor3 = उद्धव थापा | birth_date = {{Birth date 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H. T.|date=2025-12-18|website=The Himalayan Times|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.ratopati.com/story/523534/chief-minister-karki-to-be-appointed-as-uml-secretary-in-koshi|title=कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्की एमाले सचिवमा उठ्ने|website=www.ratopati.com|language=Nepali|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://bishwokhabar.com/archives/152993?utm_source=nepalipatro&utm_medium=np_mobile&utm_campaign=np_news|title=कोशी र कर्णाली प्रदेश के मुख्यमंत्री एमाले के सचिवमा निर्वाचित - Bishwokhar.com: News from Nepal Bishwokhar.com: News from Nepal|website=bishwokhabar.com|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref> वे 5 फरवरी 2018 से झापा 5 (क) से [[कोशी प्रांतीय विधानसभा|कोशी प्रदेशसभा]] के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं<ref>{{Cite web|url=https://kathmandupress.com/detail/79023/|title=झापा–५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की निर्वाचित|last=निर्वाचित|first=काठमाडौं प्रेस झापा-५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की|website=झापा–५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की निर्वाचित|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://gorkhapatraonline.com/news/45838|title=झापा ५ (क) प्रदेश सभामा एमाले के हिक्मत कार्की निर्वाचित|website=GorakhaPatra|access-date=2026-04-15}}</ref> और दिसम्बर 2022 में प्रदेश सभा में [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले)|नेकपा (एकीकृत मार्क्सवादी–लेनिनवादी)]] के संसदीय दल के नेता चुने गए।<ref>{{Cite web|url=https://www.onlinekhabar.com/2022/12/1237484/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a8|title=नेकपा एमाले प्रदेश-१ संसदीय दल के नेतामा कार्की निर्विरोध|website=Online Khabar|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://english.ratopati.com/story/26103/hikmat-kumar-karki-cm-province-1|title=UML’s leader Hikmat Kumar Karki to be elected CM of Province 1|website=english.ratopati.com|language=Nepali|access-date=2026-04-15}}</ref> कार्की, जिन्होंने 15 फरवरी 2018 से 26 अगस्त 2021 तक शेरधन राय के मंत्रिमंडल में आन्तरिक मामलों और कानून मंत्री के रूप में सेवा दी,<ref>{{Cite web|url=https://thehimalayantimes.com/nepal/sherdahn-rai-sworn-province-1-chief-minister|title=Rai sworn in as Province 1 chief minister|last=Sureis|date=2018-02-16|website=The Himalayan Times|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://khabarpurwanchal.com/2018/02/15/15172/|title=यह हैं प्रदेश १ के मुख्यमन्त्री शेरधन के मंत्रिमंडल|website=Khabar Purwanchal|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref> ने 7 जुलाई 2023 से 8 सितम्बर 2023 तथा 3 नवम्बर 2023 से 3 मई 2024 तक कोशी प्रदेश सभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य किया।<ref>{{Cite web|url=https://thenepalipost.com/details/28448|title=Hikmat Karki Elected As The Leader Of The Opposition Party Of Province 1|website=The NepaliPost|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref> == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] icoi6u1hnjw7z99lohz830zlqxk973k 6541006 6541005 2026-04-15T20:51:20Z Hindustanilanguage 39545 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:नेपाली राजनेता]] जोड़ी 6541006 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | honorific_prefix = [[Honourable]] | name = हिक्मतकुमार कार्की | image = Rt-Hon Hikmat Kumar Karki.jpg | caption = आधिकारिक चित्र, 2023 | office1 = [[कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री]] | term_start1 = 9 मई 2024 | term_end1 = | president1 = [[रामचन्द्र पौडेल]] | governor1 = [[परशुराम खापुङ्ग]] | predecessor1 = [[केदार कार्की]] | successor1 = | term_start2 = 8 सितम्बर 2023 | term_end2 = 14 अक्टूबर 2023 | president2 = रामचन्द्र पौडेल | governor2 = परशुराम खापुङ्ग | predecessor2 = [[उद्धव थापा]] | successor2 = केदार कार्की | term_start3 = 9 जनवरी 2023 | term_end3 = 7 जुलाई 2023 | governor3 = परशुराम खापुङ्ग | president3 = रामचन्द्र पौडेल<br> [[विद्यादेवी भण्डारी]] | predecessor3 = राजेन्द्र कुमार राई | successor3 = उद्धव थापा | birth_date = {{Birth date and age|1964|09|26|df=y}}<ref name=":0" /> | birth_place = गौरादह, [[झापा जिल्ला|झापा]], [[नेपाल अधिराज्य|नेपाल]] | party = [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले)]] | other_party = [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी]] | spouse = अञ्जना पाण्डे कार्की | children = ३ | education = | alma_mater = }} '''हिक्मतकुमार कार्की''' (जन्म 26 सितम्बर 1964, [[गौरादह]], [[नेपाल अधिराज्य]])<ref>{{Cite web|url=https://result.election.gov.np/ElectionResultState2079.aspx|title=मतगणना प्रगतिको विवरण|website=result.election.gov.np|access-date=2026-04-15}}</ref> एक नेपाली राजनीतिज्ञ हैं, जो 9 मई 2024 से [[कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री|कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं।<ref>{{Cite web|url=https://kathmandupost.com/province-no-1/2024/05/09/uml-s-hikmat-karki-appointed-koshi-chief-minister-for-third-term|title=UML’s Hikmat Karki appointed chief minister in Koshi|website=kathmandupost.com|language=|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://en.setopati.com/political/163046/|title=Koshi Chief Minister Hikmat Karki and two ministers take oath|last=|first=|website=Setopati|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ekantipur.com/news/2024/05/10/en/chief-minister-for-the-third-time-in-karki-koshi-53-10.html|title=Chief Minister for the third time in Karki Koshi|website=Ekantipur|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref> इससे पहले वे 9 जनवरी 2023 से 7 जुलाई 2023 तक,<ref>{{Cite web|url=https://risingnepaldaily.com/news/21153|title=Hikmat Kumar Karki appointed as Province 1 CM|website=GorakhaPatra|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.pardafas.com/hikmat-karki-takes-oath-as-province-1-cm-3-ministers-also-sworn-in/|title=Hikmat Karki takes oath as Province 1 CM, 3 ministers also sworn in|last=Adhikari|first=Adarsha|website=epardafas.com|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://myrepublica.nagariknetwork.com/news/cm-and-3-ministers-take-oath-in-province-1|title=CM and 3 ministers take oath in Province 1|date=2024-08-08|website=myrepublica.nagariknetwork.com|language=English|access-date=2026-04-15}}</ref> और 8 सितम्बर 2023 से 14 अक्टूबर 2023 तक भी इसी पद पर रहे।<ref>{{Cite web|url=https://kathmandupost.com/politics/2023/09/08/supreme-court-orders-hikmat-karki-be-appointed-koshi-chief-minister|title=Supreme Court orders Hikmat Karki be appointed Koshi chief minister|website=kathmandupost.com|language=English|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://en.setopati.com/political/161715/|title=Hikmat Karki appointed Koshi chief minister for a second time|last=Setopati|first=Setopati|website=Setopati|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|last=Nepalkhabar|first=|date=2020-06-10|title=Hikmat Karki appointed Koshi CM for 2nd time|url=https://en.nepalkhabar.com/news/detail/5968/|access-date=2026-04-15|website=en.nepalkhabar.com|language=en-gb}}</ref> कार्की [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले)|नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी–लेनिनवादी)]] के सदस्य और सचिव हैं।<ref>{{Cite web|url=https://thehimalayantimes.com/kathmandu/uml-11th-national-congress-elects-office-bearers|title=UML 11th National Congress elects office-bearers|last=Online|first=T. H. T.|date=2025-12-18|website=The Himalayan Times|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.ratopati.com/story/523534/chief-minister-karki-to-be-appointed-as-uml-secretary-in-koshi|title=कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्की एमाले सचिवमा उठ्ने|website=www.ratopati.com|language=Nepali|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://bishwokhabar.com/archives/152993?utm_source=nepalipatro&utm_medium=np_mobile&utm_campaign=np_news|title=कोशी र कर्णाली प्रदेश के मुख्यमंत्री एमाले के सचिवमा निर्वाचित - Bishwokhar.com: News from Nepal Bishwokhar.com: News from Nepal|website=bishwokhabar.com|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref> वे 5 फरवरी 2018 से झापा 5 (क) से [[कोशी प्रांतीय विधानसभा|कोशी प्रदेशसभा]] के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं<ref>{{Cite web|url=https://kathmandupress.com/detail/79023/|title=झापा–५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की निर्वाचित|last=निर्वाचित|first=काठमाडौं प्रेस झापा-५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की|website=झापा–५ (१) मे एमाले के हिक्मतकुमार कार्की निर्वाचित|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://gorkhapatraonline.com/news/45838|title=झापा ५ (क) प्रदेश सभामा एमाले के हिक्मत कार्की निर्वाचित|website=GorakhaPatra|access-date=2026-04-15}}</ref> और दिसम्बर 2022 में प्रदेश सभा में [[नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले)|नेकपा (एकीकृत मार्क्सवादी–लेनिनवादी)]] के संसदीय दल के नेता चुने गए।<ref>{{Cite web|url=https://www.onlinekhabar.com/2022/12/1237484/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a8|title=नेकपा एमाले प्रदेश-१ संसदीय दल के नेतामा कार्की निर्विरोध|website=Online Khabar|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://english.ratopati.com/story/26103/hikmat-kumar-karki-cm-province-1|title=UML’s leader Hikmat Kumar Karki to be elected CM of Province 1|website=english.ratopati.com|language=Nepali|access-date=2026-04-15}}</ref> कार्की, जिन्होंने 15 फरवरी 2018 से 26 अगस्त 2021 तक शेरधन राय के मंत्रिमंडल में आन्तरिक मामलों और कानून मंत्री के रूप में सेवा दी,<ref>{{Cite web|url=https://thehimalayantimes.com/nepal/sherdahn-rai-sworn-province-1-chief-minister|title=Rai sworn in as Province 1 chief minister|last=Sureis|date=2018-02-16|website=The Himalayan Times|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://khabarpurwanchal.com/2018/02/15/15172/|title=यह हैं प्रदेश १ के मुख्यमन्त्री शेरधन के मंत्रिमंडल|website=Khabar Purwanchal|language=en-US|access-date=2026-04-15}}</ref> ने 7 जुलाई 2023 से 8 सितम्बर 2023 तथा 3 नवम्बर 2023 से 3 मई 2024 तक कोशी प्रदेश सभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य किया।<ref>{{Cite web|url=https://thenepalipost.com/details/28448|title=Hikmat Karki Elected As The Leader Of The Opposition Party Of Province 1|website=The NepaliPost|language=en|access-date=2026-04-15}}</ref> == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:नेपाली राजनेता]] co9v2c8ls60al3840p9n616pww1d940 सदस्य वार्ता:Martino714 3 1611233 6541002 2026-04-15T20:18:11Z Civvì 609877 Civvì ने पृष्ठ [[सदस्य वार्ता:Martino714]] को [[सदस्य वार्ता:Martinoscag]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/Martino714|Martino714]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/Martinoscag|Martinoscag]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6541002 wikitext text/x-wiki #पुनर्प्रेषित [[सदस्य वार्ता:Martinoscag]] mpqk5zisfp9k4sxhri6l62ksh69gjx7 सदस्य वार्ता:Swornimwagle 3 1611236 6541030 2026-04-16T00:00:41Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6541030 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Swornimwagle}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 16 अप्रैल 2026 (UTC) h329lq7pmbkv1rmk07s83dq01bowr7a सदस्य वार्ता:Khushi200 3 1611237 6541031 2026-04-16T00:00:51Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6541031 wikitext text/x-wiki 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text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[File:Nuvola apps important.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:विघटनकारी सम्पादन|विघटनकारी संपादन]] करना बंद करें। अगर आप विकिपीडिया पर [[विकिपीडिया:विकिपीडिया क्या नहीं है#विकिपीडिया भाषण देने या प्रचार करने का मंच नहीं है|भाषण देना, विज्ञापन या प्रचार सामग्री जोड़ना]] जारी रखते हैं, जैसा कि आपने [[:सदस्य वार्ता:مروان احمد كاظم]] पर किया है, तो आपको [[विकिपीडिया:निषेध नियमावली|संपादन करने से अवरोधित]] किया जा सकता है। [[श्रेणी:सदस्य वार्ता पन्नें जिनपर Uw-advert3 सूचना है|{{PAGENAME}}]]<!-- Template:Uw-advert3 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 03:01, 16 अप्रैल 2026 (UTC) 5v0uzxoiu7jmpr9xj25icna8ot9zu3c विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव 4 1611241 6541059 2026-04-16T03:29:04Z Sanjeev bot 127039 बॉट: {{subst:हहेच लेख नामांकन|पृष्ठ=फ़र्रूख़ाबाद जिले के 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spq8bgcwzo0yflkfqwy2cjsrbfqgssc 6541068 6541061 2026-04-16T03:56:06Z AMAN KUMAR 911487 /* फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव */ समर्थन दिया हटाने का 6541068 wikitext text/x-wiki === [[:फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=अप्रैल 2026}} :{{la|1=फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|फ़र्रूख़ाबाद जिले के गाँव -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: [[वि:निर्देशिकानहीं]], यदि आवश्यक हो तो उचित स्रोत के साथ सूची बनायी जाये।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 03:29, 16 अप्रैल 2026 (UTC) * {{समर्थन}} [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 03:56, 16 अप्रैल 2026 (UTC) kjhj0mt6n3vsvg01dgbb3e0b4fhcljz विलियम एडम (मंत्री) 0 1611242 6541065 2026-04-16T03:48:15Z अनुनाद सिंह 1634 "[[:en:Special:Redirect/revision/1341650072|William Adam (minister)]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541065 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=विलियम एडम (William Adam)|image=William Adam at The Anti-Slavery Society Convention, 1840.jpg|caption=... पीछे, महिलाओं के साथ|birth_name=|birth_date=1 नवम्बर 1796|birth_place=डनफर्मलाइन (Dunfermline)|death_date=19 फरवरी 1881|death_place=बीकॉन्सफिल्ड (Beaconsfield)|death_cause=|other_names=|known_for=|education=बैप्टिस्ट कॉलेज, ब्रिस्टल, ग्लासगो विश्वविद्यालय|employer=|occupation=मिशनरी एवं मन्त्री|title=Professor of Harvard|height=|term=|predecessor=|successor=|party=|boards=|spouse=|partner=|children=|parents=|relatives=|signature=|website=|footnotes=}} [[श्रेणी:१८८१ में निधन]] sjp2jrqh7axoghbf4txcopjwsaid6b6 6541066 6541065 2026-04-16T03:49:20Z अनुनाद सिंह 1634 "[[:en:Special:Redirect/revision/1341650072|William Adam (minister)]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541066 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=विलियम एडम (William Adam)|image=William Adam at The Anti-Slavery Society Convention, 1840.jpg|caption=... पीछे, महिलाओं के साथ|birth_name=|birth_date=1 नवम्बर 1796|birth_place=डनफर्मलाइन (Dunfermline)|death_date=19 फरवरी 1881|death_place=बीकॉन्सफिल्ड (Beaconsfield)|death_cause=|other_names=|known_for=|education=बैप्टिस्ट कॉलेज, ब्रिस्टल, ग्लासगो विश्वविद्यालय|employer=|occupation=मिशनरी एवं मन्त्री|title=Professor of Harvard|height=|term=|predecessor=|successor=|party=|boards=|spouse=|partner=|children=|parents=|relatives=|signature=|website=|footnotes=}} '''विलियम एडम''' (1 नवंबर 1796-19 फरवरी 1881) स्कॉटलैंड के एक पादरी, मिशनरी और उन्मूलनवादी (abolitionist) विचारक थे। [[श्रेणी:१८८१ में निधन]] tgn53ei6q6vylzgjlv7agsljjssb5lu श्रेणी:दवा साँचे 14 1611243 6541086 2026-04-16T05:17:29Z चाहर धर्मेंद्र 703114 दवा 6541086 wikitext text/x-wiki [[श्रेणी:जीव विज्ञान साँचे]] 436nr5nwgfkk8pvu7cf4bihdi5dduvb साँचा वार्ता:Alternative medicine sidebar 11 1611244 6541092 2026-04-16T05:24:24Z चाहर धर्मेंद्र 703114 लेख का नाम बदल कर [[:साँचा:वैकल्पिक चिकित्सा साइडबार]] करने हेतु अनुरोध 6541092 wikitext text/x-wiki == स्थानान्तरण अनुरोध 16 अप्रैल 2026 == {{नाम बदलें/dated|साँचा:वैकल्पिक चिकित्सा साइडबार}} [[:साँचा:Alternative medicine sidebar]] → {{no redirect|साँचा:वैकल्पिक चिकित्सा साइडबार}} – अंग्रेजी को हिंदी में लिखें <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:24, 16 अप्रैल 2026 (UTC) g4dfwpjbhsf2zmcswa3ykrxxc37dv8a नारी शक्ति वन्दन अधिनियम 0 1611245 6541099 2026-04-16T05:49:17Z अनुनाद सिंह 1634 "[[:en:Special:Redirect/revision/1344911579|One Hundred and Sixth Amendment of the Constitution of India]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541099 wikitext text/x-wiki {{Distinguish|Women's Reservation Bill, 2010}}{{Infobox legislation|short_title=नारी शक्ति वन्दन अधिनियम<ref>{{cite web |title=The Constitution (One Hundred and Sixth Amendment) Act, 2023 |url=https://egazette.gov.in/WriteReadData/2023/249053.pdf |website=The Gazette of India |access-date=10 October 2023 |date=28 September 2023}}</ref>|legislature=[[भारतीय संसद]]|imagesize=150|long_title=An Act further to amend the Constitution of India.|territorial_extent=भारत|enacted_by=[[लोकसभा]]|date_enacted=20 सुतम्बर 2023|enacted_by2=[[राज्यसभा]]|date_enacted2=21 सितम्बर 2023|date_assented=28 सितम्बर 2023|date_of_expiry=लागू होने के १५ वर्ष बाद|bill=संविधान का १२८वाँ संशोधन विधेयक, 2023<ref name="bill pdf">{{cite web|title=Constitution (128th Amendment) Bill 2023|url=https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2023/Constitution_(128th_Amendment)_Bill_2023.pdf}}</ref>|introduced_by=[[अर्जुन राम मेघवाल]], विधि एवं न्याय मन्त्री|bill2=The Constitution (One Hundred and Twenty-Eighth Amendment) Bill, 2023<ref name ="bill pdf" />|summary=To reserve, as nearly as maybe, 33 percent of seats for women in Lok Sabha and state assemblies.|keywords=महिला आरक्षण, ३३ प्रतिशत आरक्षण|status=लागू}} नारी शक्ति वंदन अधिनियम 19 सितंबर 2023 को भारतीय संसद के विशेष सत्र के दौरान [[लोक सभा|लोकसभा]] में पेश किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/womens-reservation-bill-imperfect-but-important-8949050/|title=Women's reservation Bill – imperfect but important|date=21 September 2023}}</ref> यह कानून सीधे निर्वाचित [[लोक सभा|लोकसभा]], राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।{{Efn|A specific provision of the bill includes women reservation in Delhi, despite it not being an Indian State as per the Constitution.<ref>{{Cite web |last=PTI |title=Parliament passes bills to extend women's reservation to Puducherry, J&K assemblies |url=https://www.deccanherald.com/india/parliament-passes-bills-to-extend-womens-reservation-to-puducherry-jk-assemblies-2815662 |access-date=2024-04-14 |website=Deccan Herald |language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/womens-reservation-bill-to-be-tabled-in-lok-sabha-at-3-pm-today-101695109480855.html|title='God has given me the opportunity', says PM Modi as women quota bill tabled in LS|date=19 September 2023|work=Hindustan Times|language=en}}</ref> [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:भारत के संविधान के संशोधन]] 4u2nbywrb26q12zfji9web1z9s1adjz 6541100 6541099 2026-04-16T05:49:51Z अनुनाद सिंह 1634 6541100 wikitext text/x-wiki {{Distinguish|Women's Reservation Bill, 2010}}{{Infobox legislation|short_title=नारी शक्ति वन्दन अधिनियम<ref>{{cite web |title=The Constitution (One Hundred and Sixth Amendment) Act, 2023 |url=https://egazette.gov.in/WriteReadData/2023/249053.pdf |website=The Gazette of India |access-date=10 October 2023 |date=28 September 2023}}</ref>|legislature=[[भारतीय संसद]]|imagesize=150|long_title=An Act further to amend the Constitution of India.|territorial_extent=भारत|enacted_by=[[लोकसभा]]|date_enacted=20 सुतम्बर 2023|enacted_by2=[[राज्यसभा]]|date_enacted2=21 सितम्बर 2023|date_assented=28 सितम्बर 2023|date_of_expiry=लागू होने के १५ वर्ष बाद|bill=संविधान का १२८वाँ संशोधन विधेयक, 2023<ref name="bill pdf">{{cite web|title=Constitution (128th Amendment) Bill 2023|url=https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2023/Constitution_(128th_Amendment)_Bill_2023.pdf}}</ref>|introduced_by=[[अर्जुन राम मेघवाल]], विधि एवं न्याय मन्त्री|bill2=The Constitution (One Hundred and Twenty-Eighth Amendment) Bill, 2023<ref name ="bill pdf" />|summary=To reserve, as nearly as maybe, 33 percent of seats for women in Lok Sabha and state assemblies.|keywords=महिला आरक्षण, ३३ प्रतिशत आरक्षण|status=लागू}} '''नारी शक्ति वंदन अधिनियम''' 19 सितंबर 2023 को भारतीय संसद के विशेष सत्र के दौरान [[लोक सभा|लोकसभा]] में पेश किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/womens-reservation-bill-imperfect-but-important-8949050/|title=Women's reservation Bill – imperfect but important|date=21 September 2023}}</ref> यह कानून सीधे निर्वाचित [[लोक सभा|लोकसभा]], राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।{{Efn|A specific provision of the bill includes women reservation in Delhi, despite it not being an Indian State as per the Constitution.<ref>{{Cite web |last=PTI |title=Parliament passes bills to extend women's reservation to Puducherry, J&K assemblies |url=https://www.deccanherald.com/india/parliament-passes-bills-to-extend-womens-reservation-to-puducherry-jk-assemblies-2815662 |access-date=2024-04-14 |website=Deccan Herald |language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/womens-reservation-bill-to-be-tabled-in-lok-sabha-at-3-pm-today-101695109480855.html|title='God has given me the opportunity', says PM Modi as women quota bill tabled in LS|date=19 September 2023|work=Hindustan Times|language=en}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:भारत के संविधान के संशोधन]] k3nqdq5u0yr8q6j63bem40q9a2l1qp3 6541101 6541100 2026-04-16T05:50:22Z अनुनाद सिंह 1634 6541101 wikitext text/x-wiki {{Infobox legislation|short_title=नारी शक्ति वन्दन अधिनियम<ref>{{cite web |title=The Constitution (One Hundred and Sixth Amendment) Act, 2023 |url=https://egazette.gov.in/WriteReadData/2023/249053.pdf |website=The Gazette of India |access-date=10 October 2023 |date=28 September 2023}}</ref>|legislature=[[भारतीय संसद]]|imagesize=150|long_title=An Act further to amend the Constitution of India.|territorial_extent=भारत|enacted_by=[[लोकसभा]]|date_enacted=20 सुतम्बर 2023|enacted_by2=[[राज्यसभा]]|date_enacted2=21 सितम्बर 2023|date_assented=28 सितम्बर 2023|date_of_expiry=लागू होने के १५ वर्ष बाद|bill=संविधान का १२८वाँ संशोधन विधेयक, 2023<ref name="bill pdf">{{cite web|title=Constitution (128th Amendment) Bill 2023|url=https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2023/Constitution_(128th_Amendment)_Bill_2023.pdf}}</ref>|introduced_by=[[अर्जुन राम मेघवाल]], विधि एवं न्याय मन्त्री|bill2=The Constitution (One Hundred and Twenty-Eighth Amendment) Bill, 2023<ref name ="bill pdf" />|summary=To reserve, as nearly as maybe, 33 percent of seats for women in Lok Sabha and state assemblies.|keywords=महिला आरक्षण, ३३ प्रतिशत आरक्षण|status=लागू}} '''नारी शक्ति वंदन अधिनियम''' 19 सितंबर 2023 को भारतीय संसद के विशेष सत्र के दौरान [[लोक सभा|लोकसभा]] में पेश किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/womens-reservation-bill-imperfect-but-important-8949050/|title=Women's reservation Bill – imperfect but important|date=21 September 2023}}</ref> यह कानून सीधे निर्वाचित [[लोक सभा|लोकसभा]], राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।{{Efn|A specific provision of the bill includes women reservation in Delhi, despite it not being an Indian State as per the Constitution.<ref>{{Cite web |last=PTI |title=Parliament passes bills to extend women's reservation to Puducherry, J&K assemblies |url=https://www.deccanherald.com/india/parliament-passes-bills-to-extend-womens-reservation-to-puducherry-jk-assemblies-2815662 |access-date=2024-04-14 |website=Deccan Herald |language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/womens-reservation-bill-to-be-tabled-in-lok-sabha-at-3-pm-today-101695109480855.html|title='God has given me the opportunity', says PM Modi as women quota bill tabled in LS|date=19 September 2023|work=Hindustan Times|language=en}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:भारत के संविधान के संशोधन]] iq1sug38w59wybf23ukd4c0uk8173pa पारम्परिक थाई मालिश 0 1611246 6541110 2026-04-16T06:21:16Z चाहर धर्मेंद्र 703114 पारम्परिक थाई मालिश 6541110 wikitext text/x-wiki [[File:Thaimassage.jpg|thumb|थाई मालिश]] {{वैकल्पिक चिकित्सा साइडबार}} '''पारम्परिक थाई मालिश''', जिसे थाई योग मालिश के नाम से भी जाना जाता है, केवल शरीर को विश्राम देने की विधि नहीं, बल्कि एक समृद्ध और प्राचीन उपचार परंपरा का जीवंत स्वरूप है। इस पद्धति में एक्यूप्रेशर, भारतीय आयुर्वेद के गूढ़ सिद्धांतों तथा योगासन की संतुलित तकनीकों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।<ref name=":1">{{Cite journal|title=A comparative study of Thai massage and Swedish massage relative to physiological and psychological measures|journal = जर्नल ऑफ बॉडीवर्क एंड मूवमेंट थेरेपीज़|volume = 10|issue = 4|pages = 266–275|doi = 10.1016/j.jbmt.2005.08.006|year = 2006|last1 = कोवेन|first1 = वर्जीनिया एस.|last2 = बर्केट|first2 = ली|last3 = ब्रेडिमस|first3 = जोशुआ|last4 = इवांस|first4 = डैनियल आर.|last5 = लैमी|first5 = सैंड्रा|last6 = न्यूहाउसर|first6 = थेरेसा|last7 = शोजई|first7 = लॉडन}}</ref> थाई भाषा में इसे प्रायः “नुआत फेन थाई” (นวดแผนไทย), अर्थात ‘थाई शैली की मालिश’, या “नुआत फेन बोरान” (นวดแผนโบราณ), अर्थात ‘प्राचीन शैली की मालिश’ कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक थाई चिकित्सा व्यवसाय अधिनियम, बीई 2556 (2013) के अनुसार इसका औपचारिक नाम “नुआत थाई” (นวดไทย) निर्धारित किया गया है,<ref>[https://web.archive.org/web/20130801065109/http://www.ratchakitcha.soc.go.th/DATA/PDF/2556/A/010/1.PDF Traditional Thai Medical Professions Act, BE 2556 (2013)].</ref> जो इसकी सांस्कृतिक और विधिक मान्यता को भी दर्शाता है। यह चिकित्सा पद्धति केवल शारीरिक उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक समग्र प्रयास है। इसकी जड़ें सदियों पुरानी परंपराओं में गहराई तक समाई हुई हैं, जहाँ स्पर्श, ऊर्जा और संतुलन के माध्यम से स्वास्थ्य की पुनर्स्थापना की जाती है। इसी सांस्कृतिक और चिकित्सीय महत्त्व को मान्यता देते हुए, दिसंबर 2019 में यूनेस्को ने पारंपरिक थाई मालिश को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में सम्मिलित किया,<ref>{{cite web |title=Nuad Thai, traditional Thai massage |url=https://ich.unesco.org/en/RL/nuad-thai-traditional-thai-massage-01384 |website=यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत|publisher=संयुक्त राष्ट्र|access-date=13 दिसंबर 2019}}</ref><ref>{{cite news |last1=विपतायोतिन |first1=अपिन्या |title=Unesco lists Nuad Thai as an 'intangible cultural heritage' |url=https://www.bangkokpost.com/thailand/general/1815379/unesco-lists-nuad-thai-as-an-intangible-cultural-heritage#cxrecs_s |access-date=13 दिसंबर 2019 |work=Bangkok Post |date=13 दिसंबर 2019}}</ref><ref>{{cite news |title=Unesco heritage: Traditional Thai massage added to 'cultural heritage' list |url=https://www.bbc.com/news/world-asia-50770641 |access-date=13 दिसंबर 2019 |work=बीबीसी न्यूज़|date=13 दिसंबर 2019}}</ref> जो इस अद्वितीय परंपरा के वैश्विक महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करता है। ==अभ्यास== [[File:Classical Thai Massage at Tara Angkor Hotel (5918685202).jpg|thumb|थाई मसाज मुद्रा]] पारंपरिक थाई मालिश का अभ्यास एक विशिष्ट और सुव्यवस्थित पद्धति पर आधारित है, जिसमें “सेन” नामक ऊर्जा रेखाओं के साथ गहन और सटीक दाब-प्रयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में भारतीय आयुर्वेद के सिद्धांतों और योगासन की लयात्मक गतियों का समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।<ref name=":1" /> सामान्यतः इस उपचार में तेल या लोशन का उपयोग नहीं किया जाता, और इसे ग्रहण करने वाला व्यक्ति हल्के एवं ढीले वस्त्र धारण करता है, जिससे शरीर की स्वाभाविक गति बनी रहे। इस पद्धति की एक प्रमुख विशेषता है—चिकित्सक और प्राप्तकर्ता के बीच निरंतर शारीरिक संपर्क। यहाँ केवल मांसपेशियों को रगड़ने तक सीमित न रहकर, शरीर को संतुलित ढंग से दबाया, खींचा, फैलाया और हल्के रूप से संचालित किया जाता है,<ref>{{cite web |title=A concise description of traditional Thai massage (Nuad Thai / Nuad Boran) |url=https://thaihealingalliance.com/about-thai-massage-2/ |access-date=13 जून 2015 |website=थाई हीलिंग एलायंस इंटरनेशनल}}</ref> जिससे ऊर्जा का प्रवाह सहज रूप से सक्रिय हो सके। यह प्रक्रिया शरीर को लचीला बनाते हुए भीतर छिपे तनाव को मुक्त करती है। थाई मालिश केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव भी है। इसमें बौद्ध शिक्षाओं पर आधारित “मेट्टा” अर्थात् प्रेम और करुणा की भावना को अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। अनुभवी चिकित्सकों के अनुसार, इस अभ्यास की वास्तविक प्रभावशीलता तभी प्रकट होती है जब चिकित्सक स्वयं ध्यानमग्न होकर पूर्ण एकाग्रता और करुणा के भाव के साथ उपचार प्रदान करता है।<ref name=":0">{{Cite book |last=चो |first=काम थाई|title=Advanced Thai Yoga Massage: Postures and Energy Pathways for Healing |publisher=हीलिंग आर्ट्स प्रेस |year=2011 |isbn=978-1-59477-952-7 |location= वरमोंट}}</ref> यही तत्व इस प्राचीन विधा को साधारण मालिश से अलग, एक गहन और समग्र उपचार कला के रूप में स्थापित करता है। ==इतिहास== [[Image:Thai massage.jpg|thumb|left|[[बैंकॉक]] के फ्रा नाखोन जिले में स्थित वाट फो मंदिर में सेन रेखाओं पर [[एक्यूप्रेशर]] बिंदुओं के चित्र।]] थाई मालिश, ठीक थाई पारंपरिक चिकित्सा की भाँति, भारतीय तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई चिकित्सा परंपराओं के गहन प्रभावों का एक संतुलित और समन्वित रूप है। आज जिस रूप में इसका अभ्यास किया जाता है, वह संभवतः उन्नीसवीं शताब्दी में विभिन्न उपचार पद्धतियों के संगठित संश्लेषण का परिणाम है, जब पूरे राज्य में प्रचलित विविध परंपराओं को एक सुव्यवस्थित ढाँचे में रूपांतरित किया गया।<ref>{{cite book |last=साल्गुएरो |first=पियर्स |title=Traditional Thai Medicine: Buddhism, Animism, Ayurveda |publisher=होहम प्रेस |year=2007 |isbn=978-1890772673 |location=फॉरेस, स्कॉटलैंड}}</ref> इतिहास की दृष्टि से, सुखोथाई काल में वाट पा मामुआंग के पत्थर के शिलालेखों में थाई मालिश का स्पष्ट उल्लेख मिलता है, जहाँ रोगों के उपचार हेतु मालिश के प्रयोग का वर्णन किया गया है। इसके उपरांत अयुत्थाया काल में इस परंपरा को संस्थागत स्वरूप प्राप्त हुआ—पारंपरिक मालिश विभाग की स्थापना की गई और चिकित्सकों को उनकी विशिष्ट विशेषज्ञता के आधार पर वर्गीकृत किया गया। यह दर्शाता है कि यह विधा केवल लोक-परंपरा तक सीमित न रहकर एक सुविचारित और संगठित चिकित्सा प्रणाली के रूप में विकसित हुई। इस प्राचीन परंपरा के आध्यात्मिक आधार के रूप में जीवक कोमारभच्च का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है। पाली बौद्ध ग्रंथों के अनुसार वे लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध के चिकित्सक थे। प्राचीन साहित्य में उनके असाधारण चिकित्सकीय कौशल, औषधीय वनस्पतियों के गहन ज्ञान तथा अपने समय के महत्वपूर्ण व्यक्तियों—यहाँ तक कि स्वयं बुद्ध—के उपचार में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका का विस्तार से वर्णन मिलता है।<ref name="THAI">{{cite web|title=Origin and evolution of traditional Thai massage|url=https://thaihealingalliance.com/wp-content/uploads/An-Overview-of-Traditional-Thai-Massage.pdf|website=थाई हीलिंग एलायंस इंटरनेशनल|access-date=13 जून 2015}}</ref><ref>{{Cite web |last=उल्यानोव |first=यूरी |date=2022-05-02 |title=History of Thai Massage: A Journey Through Healing Therapy |url=https://www.thai-massage-school.org/post/history-of-thai-massage-a-journey-through-healing-therapy |access-date=2023-09-25 |website=Школа Юрия Ульянова |language=en}}</ref> इस प्रकार, जीवक कोमारभच्च को न केवल एक महान वैद्य, बल्कि इस संपूर्ण चिकित्सा परंपरा के प्रेरणास्रोत और आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है। == सन्दर्भ == [[श्रेणी:हस्त चिकित्सा]] [[श्रेणी:पारम्परिक चिकित्सा]] m6tisybgtnvqnxsjyh1zadsgzinp0c3 सदस्य:AutobotIndian/प्रयोगपृष्ठ 2 1611247 6541117 2026-04-16T06:29:49Z DoubleGrazing 637304 DoubleGrazing ने पृष्ठ [[सदस्य:AutobotIndian/प्रयोगपृष्ठ]] को [[सदस्य:VartamanVarta/प्रयोगपृष्ठ]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/AutobotIndian|AutobotIndian]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/VartamanVarta|VartamanVarta]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6541117 wikitext text/x-wiki #पुनर्प्रेषित [[सदस्य:VartamanVarta/प्रयोगपृष्ठ]] mhca3fl946dgx7akjpe3i0i3rvdm2iv सदस्य:AutobotIndian 2 1611248 6541119 2026-04-16T06:29:50Z DoubleGrazing 637304 DoubleGrazing ने पृष्ठ [[सदस्य:AutobotIndian]] को [[सदस्य:VartamanVarta]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/AutobotIndian|AutobotIndian]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/VartamanVarta|VartamanVarta]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6541119 wikitext text/x-wiki #पुनर्प्रेषित [[सदस्य:VartamanVarta]] 75puk3ng6xql3rzirn2rtl3lxjt2t92 सदस्य वार्ता:AutobotIndian 3 1611249 6541121 2026-04-16T06:29:50Z DoubleGrazing 637304 DoubleGrazing ने पृष्ठ [[सदस्य वार्ता:AutobotIndian]] को [[सदस्य वार्ता:VartamanVarta]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/AutobotIndian|AutobotIndian]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/VartamanVarta|VartamanVarta]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6541121 wikitext text/x-wiki #पुनर्प्रेषित [[सदस्य वार्ता:VartamanVarta]] 4mrmoe7y1m8s9df9oon78j2lcl6z4ip गुंजन तिवारी 0 1611250 6541123 2026-04-16T06:32:30Z ~2026-23377-00 920627 मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि इस पूरी सामग्री में कॉपीराइट से संबंधित कोई दुविधा नहीं है। ये सभी स्थितियां सार्वजनिक हैं और इनका हर कोई उपयोग कर सकता है। 6541123 wikitext text/x-wiki '''गुंजन तिवारी''' <ref>https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/2/23/Mr_Gunjan_Tiwari.jpg/250px-Mr_Gunjan_Tiwari.jpg</ref> परिचय 20 फरवरी 1974 को जन्में गुंजन तिवारी एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और रणनीतिक सलाहकार हैं। देवभूमि उत्तराखंड में हल्द्वानी स्थित पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के ट्रस्टी होने के साथ ही वे बीजेपी / भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के एक सक्रिय सदस्य भी हैं। '''प्रारंभिक जीवन और शिक्षा''' गुंजन तिवारी का अल्मोड़ा, उत्तराखंड में जन्म हुआ। वे श्री डी.डी. तिवारी (सेवानिवृत्त आईएएएस अधिकारी) और स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा तिवारी के ज्येष्ठ पुत्र हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने ग्वालियर से स्नातक और स्नातकोत्तर (लोक प्रशासन / MPA) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद भोपाल से कार्मिक प्रबंधन एवं औद्योगिक संबंध में "व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर" यानि एमबीए (MBA) किया। '''करियर''' करीब पच्चीस वर्षों तक उन्होंने भारत की प्रमुख विनिर्माण [https://www.hindalco.com/ कंपनियों] आदित्य बिरला [https://www.grasim.com/about-us/plants/nagda समूह] और जेके [[:en:J._K._Organisation|संगठन]] में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। कॉर्पोरेट जगत में उनकी पहचान एक रणनीतिक सलाहकार के रूप में स्थापित रही है। '''सामाजिक कार्य''' साल 2023 में उन्होंने अपनी माता की याद में पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन<ref>https://www.facebook.com/share/v/16tcoSujE7/</ref> की स्थापना की। यह संस्था हल्द्वानी और कालाढूंगी क्षेत्र में वंचित समुदायों के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। '''प्रमुख पहलें''' पलायन रोकने का प्रयास: स्वरोजगार के लिए स्थानीय लोगों को प्रेरित करना साथ ही आवश्यकता होने पर एक वर्ष तक बिना ब्याज आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना। युवा और खेल: युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करके नशे से दूर रखा और इसके तहत उनकी इच्छा व रुचि को देखते हुए खेल सामग्री प्रदान करना। शिक्षा और स्वास्थ्य: विद्यालयों में पंखे, वाटर प्यूरिफायर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराना, साथ ही गर्भवती महिलाओं व उनसे जुड़ी आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम लागत पर जाँच <ref>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:PMF-_mahilao_v_bachho_ki_madad.jpg</ref>और दवाइयों की व्यवस्था करना। साथ ही योग्य बच्चों को जो आर्थिक स्थिति के चलते आगे पढ़ाई करने में अस्मर्थ हैं उन्हें स्कालर्शिप<ref>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bachho_ko_scollership.jpg</ref> दी जा रही है। गरीबों की सहायता: सर्दियों में जरूरतमंदों को गर्म कपड़े वितरित करना और सेवालयों में सहयोग देना। योगदान गुंजन तिवारी के प्रयास उत्तराखंड में पलायन की समस्या को कम करने, ग्रामीण विकास को गति देने और युवाओं को नशामुक्त जीवन <ref>https://www.facebook.com/share/v/1M5DR25FS9/</ref>"Yudh Nasha Virudh" की ओर प्रेरित करने के अलावा भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ रखने की कोशिश में उल्लेखनीय माने जाते हैं। पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन, जो उनके निजी संसाधनों से संचालित है, क्षेत्रीय स्तर पर कई सामाजिक कल्याणकारी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। '''बाहरी कड़ियाँ (External links)''' ==बाहरी कड़ियाँ== गुंजन तिवारी का आधिकारिक पृष्ठ : https://www.gunjantiwari.in/ <ref name="">https://uksamachar.com/</ref>'''संदर्भ (References)''' पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन – गुंजन तिवारी ट्रस्टी। स्थानीय समाचार पत्रों और क्षेत्रीय रिपोर्टों में गुंजन तिवारी व पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के संबंध में प्रकाशित सामाजिक कार्यों का विवरण... https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bachho_ko_scollership.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Uttarakhand_election_2027_preparations.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Logo_ki_khushi.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nasha_mukti_ke_tahat_yuvao_ko_di_khel_samagri_%22_Yudh_Nasha_Virudh%22.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:PMF-_mahilao_v_bachho_ki_madad.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Pushpa_memorial_foundation.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Samaj-sewa.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Samaj-sewa-1.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:That_man_name_is_Toung_on_PM_modi.jpg 6rbpgwqm1wwnfpcaq4skqj4d5b1s9ju 6541136 6541123 2026-04-16T07:20:23Z Shukra swami 920632 6541136 wikitext text/x-wiki '''गुंजन तिवारी''' <ref>https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/2/23/Mr_Gunjan_Tiwari.jpg/250px-Mr_Gunjan_Tiwari.jpg</ref> परिचय 20 फरवरी 1974 को जन्में गुंजन तिवारी एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और रणनीतिक सलाहकार हैं। देवभूमि उत्तराखंड में हल्द्वानी स्थित पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के ट्रस्टी होने के साथ ही वे बीजेपी / भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के एक सक्रिय सदस्य भी हैं। '''प्रारंभिक जीवन और शिक्षा''' गुंजन तिवारी का अल्मोड़ा, उत्तराखंड में जन्म हुआ। वे श्री डी.डी. तिवारी (सेवानिवृत्त आईएएएस अधिकारी) और स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा तिवारी के ज्येष्ठ पुत्र हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने ग्वालियर से स्नातक और स्नातकोत्तर (लोक प्रशासन / MPA) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद भोपाल से कार्मिक प्रबंधन एवं औद्योगिक संबंध में "व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर" यानि एमबीए (MBA) किया। '''करियर''' करीब पच्चीस वर्षों तक उन्होंने भारत की प्रमुख विनिर्माण [https://www.hindalco.com/ कंपनियों] आदित्य बिरला [https://www.grasim.com/about-us/plants/nagda समूह] और जेके [[:en:J._K._Organisation|संगठन]] में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। कॉर्पोरेट जगत में उनकी पहचान एक रणनीतिक सलाहकार के रूप में स्थापित रही है। '''सामाजिक कार्य''' साल 2023 में उन्होंने अपनी माता की याद में पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन<ref>https://www.facebook.com/share/v/16tcoSujE7/</ref> की स्थापना की। यह संस्था हल्द्वानी और कालाढूंगी क्षेत्र में वंचित समुदायों के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। '''प्रमुख पहलें''' पलायन रोकने का प्रयास: स्वरोजगार के लिए स्थानीय लोगों को प्रेरित करना साथ ही आवश्यकता होने पर एक वर्ष तक बिना ब्याज आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना। युवा और खेल: युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करके नशे से दूर रखा और इसके तहत उनकी इच्छा व रुचि को देखते हुए खेल सामग्री प्रदान करना। शिक्षा और स्वास्थ्य: विद्यालयों में पंखे, वाटर प्यूरिफायर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराना, साथ ही गर्भवती महिलाओं व उनसे जुड़ी आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम लागत पर जाँच <ref>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:PMF-_mahilao_v_bachho_ki_madad.jpg</ref>और दवाइयों की व्यवस्था करना। साथ ही योग्य बच्चों को जो आर्थिक स्थिति के चलते आगे पढ़ाई करने में अस्मर्थ हैं उन्हें स्कालर्शिप<ref>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bachho_ko_scollership.jpg</ref> दी जा रही है। गरीबों की सहायता: सर्दियों में जरूरतमंदों को गर्म कपड़े वितरित करना और सेवालयों में सहयोग देना। योगदान गुंजन तिवारी के प्रयास उत्तराखंड में पलायन की समस्या को कम करने, ग्रामीण विकास को गति देने और युवाओं को नशामुक्त जीवन <ref>https://www.facebook.com/share/v/1M5DR25FS9/</ref>"Yudh Nasha Virudh" की ओर प्रेरित करने के अलावा भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ रखने की कोशिश में उल्लेखनीय माने जाते हैं। पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन, जो उनके निजी संसाधनों से संचालित है, क्षेत्रीय स्तर पर कई सामाजिक कल्याणकारी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। '''बाहरी कड़ियाँ (External links)''' ==बाहरी कड़ियाँ== गुंजन तिवारी का आधिकारिक पृष्ठ : https://www.gunjantiwari.in/ <ref name="">https://uksamachar.com/</ref>'''संदर्भ (References)''' पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन – गुंजन तिवारी ट्रस्टी। स्थानीय समाचार पत्रों और क्षेत्रीय रिपोर्टों में गुंजन तिवारी व पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के संबंध में प्रकाशित सामाजिक कार्यों का विवरण... https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bachho_ko_scollership.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Uttarakhand_election_2027_preparations.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Logo_ki_khushi.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nasha_mukti_ke_tahat_yuvao_ko_di_khel_samagri_%22_Yudh_Nasha_Virudh%22.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:PMF-_mahilao_v_bachho_ki_madad.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Pushpa_memorial_foundation.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Samaj-sewa.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Samaj-sewa-1.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:That_man_name_is_Toung_on_PM_modi.jpg == ध्यानसूची == {{सुधार आवश्यक|तारीख=अप्रैल 2026}} {{खबर लिखी हर बात के स्रोत दिए गए हेैं|तारीख=अप्रैल 2026}} {{भाषाशैली सुधार जारी है|तारीख=अप्रैल 2026}} इस लेख में अभी और अधिक विश्वसनीय स्रोत जोड़ें जा रहे हैं - जानकारी का विस्तार भी किया जा रहा है। पाठकों और संपादकों से अनुरोध है कि लेख को बेहतर बनाने में सहयोग करें। p729r8jmbbgcbw6hm8o1ve5vppb1gui 6541137 6541136 2026-04-16T07:22:23Z AMAN KUMAR 911487 शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#ल2|शीह ल2]]) 6541137 wikitext text/x-wiki {{db-promo}} {{salt}} '''गुंजन तिवारी''' <ref>https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/2/23/Mr_Gunjan_Tiwari.jpg/250px-Mr_Gunjan_Tiwari.jpg</ref> परिचय 20 फरवरी 1974 को जन्में गुंजन तिवारी एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और रणनीतिक सलाहकार हैं। देवभूमि उत्तराखंड में हल्द्वानी स्थित पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के ट्रस्टी होने के साथ ही वे बीजेपी / भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के एक सक्रिय सदस्य भी हैं। '''प्रारंभिक जीवन और शिक्षा''' गुंजन तिवारी का अल्मोड़ा, उत्तराखंड में जन्म हुआ। वे श्री डी.डी. तिवारी (सेवानिवृत्त आईएएएस अधिकारी) और स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा तिवारी के ज्येष्ठ पुत्र हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने ग्वालियर से स्नातक और स्नातकोत्तर (लोक प्रशासन / MPA) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद भोपाल से कार्मिक प्रबंधन एवं औद्योगिक संबंध में "व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर" यानि एमबीए (MBA) किया। '''करियर''' करीब पच्चीस वर्षों तक उन्होंने भारत की प्रमुख विनिर्माण [https://www.hindalco.com/ कंपनियों] आदित्य बिरला [https://www.grasim.com/about-us/plants/nagda समूह] और जेके [[:en:J._K._Organisation|संगठन]] में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। कॉर्पोरेट जगत में उनकी पहचान एक रणनीतिक सलाहकार के रूप में स्थापित रही है। '''सामाजिक कार्य''' साल 2023 में उन्होंने अपनी माता की याद में पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन<ref>https://www.facebook.com/share/v/16tcoSujE7/</ref> की स्थापना की। यह संस्था हल्द्वानी और कालाढूंगी क्षेत्र में वंचित समुदायों के उत्थान के लिए 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https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nasha_mukti_ke_tahat_yuvao_ko_di_khel_samagri_%22_Yudh_Nasha_Virudh%22.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:PMF-_mahilao_v_bachho_ki_madad.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Pushpa_memorial_foundation.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Samaj-sewa.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Samaj-sewa-1.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:That_man_name_is_Toung_on_PM_modi.jpg == ध्यानसूची == {{सुधार आवश्यक|तारीख=अप्रैल 2026}} {{खबर लिखी हर बात के स्रोत दिए गए हेैं|तारीख=अप्रैल 2026}} {{भाषाशैली सुधार जारी है|तारीख=अप्रैल 2026}} इस लेख में अभी और अधिक विश्वसनीय स्रोत जोड़ें जा रहे हैं - जानकारी का विस्तार भी किया जा रहा है। पाठकों और संपादकों से अनुरोध है कि लेख को बेहतर बनाने में सहयोग करें। odm4hq2pm2113h7aox2zy4olhtxst2u 6541140 6541137 2026-04-16T07:29:58Z Shukra swami 920632 6541140 wikitext text/x-wiki {{db-promo}} {{salt}} '''गुंजन तिवारी''' <ref>https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/2/23/Mr_Gunjan_Tiwari.jpg/250px-Mr_Gunjan_Tiwari.jpg</ref> परिचय 20 फरवरी 1974 को जन्में गुंजन तिवारी एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और रणनीतिक सलाहकार हैं। देवभूमि उत्तराखंड में हल्द्वानी स्थित पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के ट्रस्टी होने के साथ ही वे बीजेपी / भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के एक सक्रिय सदस्य भी हैं। '''प्रारंभिक जीवन और शिक्षा''' गुंजन तिवारी का अल्मोड़ा, उत्तराखंड में जन्म हुआ। वे श्री डी.डी. तिवारी (सेवानिवृत्त आईएएएस अधिकारी) और स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा तिवारी के ज्येष्ठ पुत्र हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने ग्वालियर से स्नातक और स्नातकोत्तर (लोक प्रशासन / MPA) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद भोपाल से कार्मिक प्रबंधन एवं औद्योगिक संबंध में "व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर" यानि एमबीए (MBA) किया। '''करियर''' करीब पच्चीस वर्षों तक उन्होंने भारत की प्रमुख विनिर्माण [https://www.hindalco.com/ कंपनियों] आदित्य बिरला [https://www.grasim.com/about-us/plants/nagda समूह] और जेके [[:en:J._K._Organisation|संगठन]] में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। कॉर्पोरेट जगत में उनकी पहचान एक रणनीतिक सलाहकार के रूप में स्थापित रही है। '''सामाजिक कार्य''' साल 2023 में उन्होंने अपनी माता की याद में पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन<ref>https://www.facebook.com/share/v/16tcoSujE7/</ref> की स्थापना की। यह संस्था हल्द्वानी और कालाढूंगी क्षेत्र में वंचित समुदायों के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। '''प्रमुख पहलें''' पलायन रोकने का प्रयास: स्वरोजगार के लिए स्थानीय लोगों को प्रेरित करना साथ ही आवश्यकता होने पर एक वर्ष तक बिना ब्याज आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना। युवा और खेल: युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करके नशे से दूर रखा और इसके तहत उनकी इच्छा व रुचि को देखते हुए खेल सामग्री प्रदान करना। शिक्षा और स्वास्थ्य: विद्यालयों में पंखे, वाटर प्यूरिफायर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराना, साथ ही गर्भवती महिलाओं व उनसे जुड़ी आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम लागत पर जाँच <ref>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:PMF-_mahilao_v_bachho_ki_madad.jpg</ref>और दवाइयों की व्यवस्था करना। साथ ही योग्य बच्चों को जो आर्थिक स्थिति के 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संबंध में प्रकाशित सामाजिक कार्यों का विवरण... https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bachho_ko_scollership.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Uttarakhand_election_2027_preparations.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Logo_ki_khushi.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nasha_mukti_ke_tahat_yuvao_ko_di_khel_samagri_%22_Yudh_Nasha_Virudh%22.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:PMF-_mahilao_v_bachho_ki_madad.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Pushpa_memorial_foundation.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Samaj-sewa.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Samaj-sewa-1.jpg https://commons.wikimedia.org/wiki/File:That_man_name_is_Toung_on_PM_modi.jpg == ध्यानसूची == {{सुधार आवश्यक|तारीख=अप्रैल 2026}} {{खबर में लिखी हर बात के स्रोत दिए गए हेैं|तारीख=अप्रैल 2026}} {{भाषाशैली सुधार जारी है|तारीख=अप्रैल 2026}} इस लेख में अभी और अधिक विश्वसनीय स्रोत जोड़ें जा रहे हैं - जानकारी का विस्तार भी किया जा रहा है। पाठकों और संपादकों से अनुरोध है कि लेख को बेहतर बनाने में सहयोग करें। g5nitglehw2bkr57ztbiqkpvylu53fu हुमा खान 0 1611251 6541146 2026-04-16T07:58:10Z Suyash.dwivedi 164531 नया पन्ना 6541146 wikitext text/x-wiki '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== हुमा खान का जन्म मुंबई में हुआ, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-huma-khan-heartbreaking-story-maine-pyar-kiya-movie-actress-career-collapsed-lost-husband-salman-khan-helped-her-life-23772851.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और उन्होंने पाकिस्तान में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया। hci25mt2fm70joe1b1iat8m773iexr4 6541147 6541146 2026-04-16T07:58:37Z Suyash.dwivedi 164531 6541147 wikitext text/x-wiki '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== हुमा खान का जन्म मुंबई में हुआ, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-huma-khan-heartbreaking-story-maine-pyar-kiya-movie-actress-career-collapsed-lost-husband-salman-khan-helped-her-life-23772851.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और उन्होंने पाकिस्तान में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} o89a6y4nqc8kppn3rm9y89ueemsul3q 6541148 6541147 2026-04-16T07:58:57Z Suyash.dwivedi 164531 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]] जोड़ी 6541148 wikitext text/x-wiki '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== हुमा खान का जन्म मुंबई में हुआ, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-huma-khan-heartbreaking-story-maine-pyar-kiya-movie-actress-career-collapsed-lost-husband-salman-khan-helped-her-life-23772851.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और उन्होंने पाकिस्तान में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]] 2ule0is960fcmibqe5peu9jwdchyfuk 6541156 6541148 2026-04-16T08:10:22Z Suyash.dwivedi 164531 ज्ञानसन्दूक जोड़ा 6541156 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = हुमा खान | image = | alt = | caption = | birth_name = हुमा खान | birth_date = {{birth date|1954|12|24}} | birth_place = [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] | nationality = भारतीय | occupation = अभिनेत्री | years_active = 1980–वर्तमान | relatives = सईदा बेगम (माँ) }} '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== हुमा खान का जन्म मुंबई में हुआ, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-huma-khan-heartbreaking-story-maine-pyar-kiya-movie-actress-career-collapsed-lost-husband-salman-khan-helped-her-life-23772851.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और उन्होंने पाकिस्तान में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया। ==करियर== हुमा खान ने 1980 के दशक में बॉलीवुड में प्रवेश किया। उनकी पहली उल्लेखनीय फिल्में सपोर्टिंग भूमिकाओं वाली थीं। वे [[सलमान खान]] की फिल्म ''[[मैंने प्यार किया]]'' (1989) में गुलबिया के किरदार के लिए जानी जाती हैं।<ref name="m188">{{cite web | title= | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/title/tt0100095/fullcredits/ | ref={{sfnref|imdb.com}} | access-date=16 April 2026}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]] d4mrqss9bnt69mdn9c5r1f6zc38s2hc 6541158 6541156 2026-04-16T08:13:14Z Suyash.dwivedi 164531 6541158 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = हुमा खान | image = | alt = | caption = | birth_name = हुमा खान | birth_date = {{birth date|1954|12|24}} | birth_place = [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] | nationality = भारतीय | occupation = अभिनेत्री | years_active = 1980–वर्तमान | relatives = सईदा बेगम (माँ) }} '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== हुमा खान का जन्म मुंबई में हुआ, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-huma-khan-heartbreaking-story-maine-pyar-kiya-movie-actress-career-collapsed-lost-husband-salman-khan-helped-her-life-23772851.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और उन्होंने पाकिस्तान में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया। ==करियर== हुमा खान ने 1980 के दशक में बॉलीवुड में प्रवेश किया। उनकी पहली उल्लेखनीय फिल्में सपोर्टिंग भूमिकाओं वाली थीं। वे [[सलमान खान]] की फिल्म ''[[मैंने प्यार किया]]'' (1989) में गुलबिया के किरदार के लिए जानी जाती हैं।<ref name="m188">{{cite web | title= | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/title/tt0100095/fullcredits/ | ref={{sfnref|imdb.com}} | access-date=16 April 2026}}</ref> === अन्य प्रमुख फिल्मों === * ''[[7 साल बाद]]'' (1987) * ''[[अंदर बाहर]]'' (1984) में रूपा के रूप में * ''[[कल्युग और रामायण]]'' (1987) में कामिनी * ''[[हम साथ-साथ हैं]]'' (1999) * ''जानवर'' (1999) * ''[[इंसाफ अपने लहू से]]'' (1994) वे टीवी धारावाहिकों में भी नजर आईं, जैसे ''बदला औरत का'' । ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1954 में जन्म]] [[श्रेणी:हिन्दी फिल्म अभिनेत्रियाँ]] [[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]] 1mics728zfl9sad3l1piz0oxfh5vbux 6541159 6541158 2026-04-16T08:13:21Z Suyash.dwivedi 164531 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:1954 में जन्म]] हटाई 6541159 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = हुमा खान | image = | alt = | caption = | birth_name = हुमा खान | birth_date = {{birth date|1954|12|24}} | birth_place = [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] | nationality = भारतीय | occupation = अभिनेत्री | years_active = 1980–वर्तमान | relatives = सईदा बेगम (माँ) }} '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== हुमा खान का जन्म मुंबई में हुआ, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-huma-khan-heartbreaking-story-maine-pyar-kiya-movie-actress-career-collapsed-lost-husband-salman-khan-helped-her-life-23772851.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और उन्होंने पाकिस्तान में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया। ==करियर== हुमा खान ने 1980 के दशक में बॉलीवुड में प्रवेश किया। उनकी पहली उल्लेखनीय फिल्में सपोर्टिंग भूमिकाओं वाली थीं। वे [[सलमान खान]] की फिल्म ''[[मैंने प्यार किया]]'' (1989) में गुलबिया के किरदार के लिए जानी जाती हैं।<ref name="m188">{{cite web | title= | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/title/tt0100095/fullcredits/ | ref={{sfnref|imdb.com}} | access-date=16 April 2026}}</ref> === अन्य प्रमुख फिल्मों === * ''[[7 साल बाद]]'' (1987) * ''[[अंदर बाहर]]'' (1984) में रूपा के रूप में * ''[[कल्युग और रामायण]]'' (1987) में कामिनी * ''[[हम साथ-साथ हैं]]'' (1999) * ''जानवर'' (1999) * ''[[इंसाफ अपने लहू से]]'' (1994) वे टीवी धारावाहिकों में भी नजर आईं, जैसे ''बदला औरत का'' । ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:हिन्दी फिल्म अभिनेत्रियाँ]] [[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]] tk9974pli96u3x4u75tyqd6m1wi8u0v 6541160 6541159 2026-04-16T08:13:29Z Suyash.dwivedi 164531 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]] हटाई 6541160 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = हुमा खान | image = | alt = | caption = | birth_name = हुमा खान | birth_date = {{birth date|1954|12|24}} | birth_place = [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] | nationality = भारतीय | occupation = अभिनेत्री | years_active = 1980–वर्तमान | relatives = सईदा बेगम (माँ) }} '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== हुमा खान का जन्म मुंबई में हुआ, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-huma-khan-heartbreaking-story-maine-pyar-kiya-movie-actress-career-collapsed-lost-husband-salman-khan-helped-her-life-23772851.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और उन्होंने पाकिस्तान में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया। ==करियर== हुमा खान ने 1980 के दशक में बॉलीवुड में प्रवेश किया। उनकी पहली उल्लेखनीय फिल्में सपोर्टिंग भूमिकाओं वाली थीं। वे [[सलमान खान]] की फिल्म ''[[मैंने प्यार किया]]'' (1989) में गुलबिया के किरदार के लिए जानी जाती हैं।<ref name="m188">{{cite web | title= | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/title/tt0100095/fullcredits/ | ref={{sfnref|imdb.com}} | access-date=16 April 2026}}</ref> === अन्य प्रमुख फिल्मों === * ''[[7 साल बाद]]'' (1987) * ''[[अंदर बाहर]]'' (1984) में रूपा के रूप में * ''[[कल्युग और रामायण]]'' (1987) में कामिनी * ''[[हम साथ-साथ हैं]]'' (1999) * ''जानवर'' (1999) * ''[[इंसाफ अपने लहू से]]'' (1994) वे टीवी धारावाहिकों में भी नजर आईं, जैसे ''बदला औरत का'' । ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:हिन्दी फिल्म अभिनेत्रियाँ]] alj7ga2j49cmviuqgqotto4esbthdsq 6541161 6541160 2026-04-16T08:13:55Z Suyash.dwivedi 164531 6541161 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = हुमा खान | image = | alt = | caption = | birth_name = हुमा खान | birth_date = {{birth date|1954|12|24}} | birth_place = [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] | nationality = भारतीय | occupation = अभिनेत्री | years_active = 1980–वर्तमान | relatives = सईदा बेगम (माँ) }} '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | 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[[महाराष्ट्र]], [[भारत]] | nationality = भारतीय | occupation = अभिनेत्री | years_active = 1980–वर्तमान | relatives = सईदा बेगम (माँ) }} '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== हुमा खान का जन्म मुंबई में हुआ, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | 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आईं, जैसे ''बदला औरत का'' । ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:हिन्दी फिल्म अभिनेत्री]] szu7gm3hsq3poeejch87vclhp5yrlua 6541163 6541162 2026-04-16T08:17:52Z Suyash.dwivedi 164531 6541163 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = हुमा खान | image = | alt = | caption = | birth_name = हुमा खान | birth_date = {{birth date|1954|12|24}} | birth_place = [[पाकिस्तान]] | nationality = भारतीय | occupation = अभिनेत्री | years_active = 1980–वर्तमान | relatives = सईदा बेगम (माँ) }} '''हुमा खान''' ([[अंग्रेज़ी]]: {{lang|en|Huma Khan}}) एक [[भारतीय]] [[अभिनेत्री]] हैं, जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा]] में सक्रिय रहीं। उनका जन्म [[24 दिसंबर]] को [[पाकिस्तान]] में हुआ था।<ref name="m256">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/name/nm1030497/ | ref={{sfnref|imdb.com}} |language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> ==प्रारंभिक जीवन== कुछ स्रोतों के अनुसार उनका पालन-पोषण [[पाकिस्तान]] में हुआ था। उनके पिता गुलाम फरीद खान स्टील के व्यवसायी थे और माँ सईदा बेगम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री।<ref name="m972">{{cite web | last=Arora | first=Tanya | title=Huma Khan Heartbreaking Story Maine Pyar Kiya Movie Actress Career Collapsed Lost Husband Salman Khan Helped Her Life | website=Jagran | date=6 August 2024 | url=https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-huma-khan-heartbreaking-story-maine-pyar-kiya-movie-actress-career-collapsed-lost-husband-salman-khan-helped-her-life-23772851.html | language=hi | access-date=16 April 2026}}</ref> बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और उन्होंने पाकिस्तान में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम शुरू किया। ==करियर== हुमा खान ने 1980 के दशक में बॉलीवुड में प्रवेश किया। उनकी पहली उल्लेखनीय फिल्में सपोर्टिंग भूमिकाओं वाली थीं। वे [[सलमान खान]] की फिल्म ''[[मैंने प्यार किया]]'' (1989) में गुलबिया के किरदार के लिए जानी जाती हैं।<ref name="m188">{{cite web | title=imdb | website=imdb.com | url=https://www.imdb.com/hi/title/tt0100095/fullcredits/ | ref={{sfnref|imdb.com}} | access-date=16 April 2026}}</ref> === अन्य प्रमुख फिल्मों === * ''[[7 साल बाद]]'' (1987) * ''[[अंदर बाहर]]'' (1984) में रूपा के रूप में * ''[[कल्युग और रामायण]]'' (1987) में कामिनी * ''[[हम साथ-साथ हैं]]'' (1999) * ''जानवर'' (1999) * ''[[इंसाफ अपने लहू से]]'' (1994) वे टीवी धारावाहिकों में भी नजर आईं, जैसे ''बदला औरत का'' । ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:हिन्दी फिल्म अभिनेत्री]] 9vt3ro81185khxlp09fuxcz39w5k6ie सदस्य वार्ता:Ajaysingh Mer Rajput 3 1611252 6541168 2026-04-16T08:30:24Z Ajaysingh Mer Rajput 919585 /* मेर दरबार */ नया अनुभाग 6541168 wikitext text/x-wiki == मेर दरबार == mer rajput [[सदस्य:Ajaysingh Mer Rajput|Ajaysingh Mer Rajput]] ([[सदस्य वार्ता:Ajaysingh Mer Rajput|वार्ता]]) 08:30, 16 अप्रैल 2026 (UTC) sy88felgscczjiz7lt6ljr2udfbvl96 वार्ता:भारत में 2026 के चुनाव 1 1611253 6541181 2026-04-16T09:18:28Z ~2026-23281-21 920659 /* Chunaw kab tak padega */ नया अनुभाग 6541181 wikitext text/x-wiki == Chunaw kab tak padega == Chunaw 2026 [[विशेष:योगदान/&#126;2026-23281-21|&#126;2026-23281-21]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-23281-21|वार्ता]]) 09:18, 16 अप्रैल 2026 (UTC) nu14u2zwhny3afn9p7vtq4oc4dc2fqg छत्तीसगढ़ी उपन्यासकार यशवंत साहू कोंगानिहा 0 1611254 6541183 2026-04-16T09:22:12Z Yashwant Sahu Konganiha 920652 नया पृष्ठ: छत्तीसगढ़ी संदर्भ में यशवंत साहू ‘कोंगनिहा’ (Yashwant Sahu Konganiha) एक लोक-आधारित लेखक माने जाते हैं, जिनकी रचनाएँ ज़्यादातर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोककथाओं और इतिहास पर आधारित हैं। 📚 इनके प्... 6541183 wikitext text/x-wiki छत्तीसगढ़ी संदर्भ में यशवंत साहू ‘कोंगनिहा’ (Yashwant Sahu Konganiha) एक लोक-आधारित लेखक माने जाते हैं, जिनकी रचनाएँ ज़्यादातर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोककथाओं और इतिहास पर आधारित हैं। 📚 इनके प्रमुख किताबें (Chhattisgarhi related) यह जानकारी अलग-अलग स्रोतों से मिलती है: 1. “पलायन (Palayan)” "ISBN - 978-93-9212-909-4" "छत्तीसगढ़ी लोकगाथा “दसमत कैना” पर आधारित उपन्यास" "ओड़ (Oad) जाति की कथा पर आधारित" 2. “दसमत (Dasmat)” "छत्तीसगढ़ी उपन्यास ISBN is 978-93-5607-661-7 " "काफी प्रसिद्ध रचना, विश्वविद्यालय स्तर पर भी संदर्भ पुस्तक के रूप में उपयोग" 3. “दाई (Daai)” छत्तीसगढ़ी उपन्यास ISBN 978-81-971726-5-6 "छत्तीसगढ़ी समाज और छत्मतीसगढ की मात्रु शक्ती माँ बहादुर कलारिन पर आधारित छत्तीसगढ़ी उपन्यास" "हाल के वर्षों में प्रकाशित" 4. "अन्य रचनाएँ" “मैं बस्तर स्वर्णिम अतीत” "ISBN - 978-93-5396-714-7" “वो धरा जहाँ पर सुर गूँजा” "ISBN - 978-93-5768-172-8" “संगम” “राजिम”'' 3ku8tb3lqn3by7uwrd0lcj2f5ugsk3q 6541190 6541183 2026-04-16T09:39:04Z Yashwant Sahu Konganiha 920652 6541190 wikitext text/x-wiki छत्तीसगढ़ी संदर्भ में यशवंत साहू ‘कोंगनिहा’ (Yashwant Sahu Konganiha) एक लोक-आधारित लेखक माने जाते हैं, जिनकी रचनाएँ ज़्यादातर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोककथाओं और इतिहास पर आधारित हैं। 📚 इनके प्रमुख किताबें (Chhattisgarhi related) यह जानकारी अलग-अलग स्रोतों से मिलती है: 1. “पलायन (Palayan)” "ISBN - 978-93-9212-909-4" "छत्तीसगढ़ी लोकगाथा “दसमत कैना” पर आधारित उपन्यास" "ओड़ (Oad) जाति की कथा पर आधारित" 2. “दसमत (Dasmat)” "छत्तीसगढ़ी उपन्यास ISBN is 978-93-5607-661-7 " "काफी प्रसिद्ध रचना, विश्वविद्यालय स्तर पर भी संदर्भ पुस्तक के रूप में उपयोग" 3. “दाई (Daai)” छत्तीसगढ़ी उपन्यास ISBN 978-81-971726-5-6 "छत्तीसगढ़ी समाज और छत्मतीसगढ की मात्रु शक्ती माँ बहादुर कलारिन पर आधारित छत्तीसगढ़ी उपन्यास" "हाल के वर्षों में प्रकाशित" 4. "अन्य रचनाएँ" “मैं बस्तर स्वर्णिम अतीत” "ISBN - 978-93-5396-714-7" “वो धरा जहाँ पर सुर गूँजा” "ISBN - 978-93-5768-172-8" “संगम” “राजिम”'' bs5jsslqrcw96wgz7g77tqn7kv4rvr6 6541219 6541190 2026-04-16T10:02:25Z Yashwant Sahu Konganiha 920652 6541219 wikitext text/x-wiki छत्तीसगढ़ी संदर्भ में यशवंत साहू ‘कोंगनिहा’ (Yashwant Sahu Konganiha) एक लोक-आधारित लेखक माने जाते हैं, जिनकी रचनाएँ ज़्यादातर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोककथाओं और इतिहास पर आधारित हैं। 📚 इनके प्रमुख किताबें (Chhattisgarhi related) यह जानकारी अलग-अलग स्रोतों से मिलती है: 1. “पलायन (Palayan)” "ISBN - 978-93-9212-909-4" "छत्तीसगढ़ी लोकगाथा “दसमत कैना” पर आधारित एवं " मेहनतकश जीवन जीने वाले ओड (Oad) जाति की कथा पर आधारित" हिंदी साहित्य सदन नई दिल्ली से प्रकाशित बहुचर्चित हिंदी उपन्यास"| 2. “दसमत (Dasmat)” "छत्तीसगढ़ी उपन्यास ISBN is 978-93-5607-661-7 " "काफी प्रसिद्ध रचना, विश्वविद्यालय स्तर पर भी संदर्भ पुस्तक के रूप में उपयोग" छत्तीसगढ़ी संस्एकृति से संबंधित एक कालजयी रचना | 3. “दाई (Daai)” छत्तीसगढ़ी उपन्यास ISBN 978-81-971726-5-6 "छत्तीसगढ़ी समाज और छत्मतीसगढ की प्रशिध्ध मातृशक्ति माँ बहादुर कलारिन पर आधारित छत्तीसगढ़ी उपन्यास" "हाल के वर्षों में प्रकाशित "छत्तीसगढ के लोकजीवन से संबंधित उपान्यास| 4. “मैं बस्तर स्वर्णिम अतीत” "ISBN - 978-93-5396-714-7" छत्तीसगढ के बस्तर पर आधारित काव्य संग्रह में बस्तर के पौराणिक एवं ऐतिहासिक जानकारी का संग्रह | 5. “वह धरा जहाँ पर सुर गूँजा” "ISBN - 978-93-5768-172-8" छत्तीसगढ के सरगुजा क्षेत्र पर आधारित काव्य संग्रह में सरगुजा के सुन्दर छवि , पौराणिक एवं ऐतिहासिक जानकारी का संग्रह | यशवंत साहू ‘कोंगनिहा’ की अन्य प्रकाशनाधीन रचनाये “संगम” '''छत्तीसगढ की पृष्पठभूमि पर आधारित एक छत्तीसगढ़ी नाट्य ''' “राजिम”''छत्तीसगढ पर केंद्रित एक छत्तीसगढ़ी उपान्यास ''' s5hqvkb1fa44ph1qxwugdn7luin5u7p सदस्य वार्ता:VersedVoyager67 3 1611255 6541185 2026-04-16T09:28:19Z Syunsyunminmin 702870 Syunsyunminmin ने पृष्ठ [[सदस्य वार्ता:VersedVoyager67]] को [[सदस्य वार्ता:Morvellane]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/VersedVoyager67|VersedVoyager67]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/Morvellane|Morvellane]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 6541185 wikitext text/x-wiki #पुनर्प्रेषित [[सदस्य वार्ता:Morvellane]] 67emzbyf0oa3qeuvtxjtrlnn771y85a चीनी अनुवाद सिद्धांत 0 1611256 6541186 2026-04-16T09:32:03Z Sanskritisinghrawat 920634 "[[:en:Special:Redirect/revision/1348988000|Chinese translation theory]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541186 wikitext text/x-wiki   आधुनिक मानक चीनी शब्द ‘fanyi (翻譯)’ का अर्थ ‘अनुवाद’ या ‘अनुवाद करना’ है। ‘fan’ का अर्थ ‘पलटना’ या ‘पार करना’ होता है और ‘yi’ का अर्थ ‘अनुवाद करना’ या ‘व्याख्या करना’ होता है। इसके कुछ संबंधित पर्यायवाची शब्द हैं, ‘tongyi (通譯)’ जिसका अर्थ ‘व्याख्या करना’ या ‘अनुवाद करना’ है, ‘chuanyi (傳譯)’ जिसका अर्थ ‘व्याख्या करना’ या ‘अनुवाद करना’ है, और ‘zhuanyi (轉譯)’ जिसका अर्थ ‘अनुवाद करना’ या ‘पुनः अनुवाद करना’ है। चीनी शास्त्रीय ग्रंथों में ‘दुभाषिया’ या ‘अनुवादक’ के अर्थ में कई शब्द मिलते हैं। उदाहरण के लिए, ‘शरन (舌人)’ जिसका शाब्दिक अर्थ ‘जीभ व्यक्ति’ है, और ‘फानश (反舌)’ जिसका अर्थ ‘उलटी जीभ’ होता है। The Classic of Rites में चार क्षेत्रीय शब्दों का उल्लेख मिलता है। ‘ji (寄)’ जिसका अर्थ ‘भेजना, सौंपना, भरोसा करना’ है, ‘Dongyi (東夷)’ यानी ‘पूर्वी बर्बर’ के लिए प्रयुक्त होता है। ‘xiang (象)’ जिसका अर्थ ‘जैसा, समान, छवि’ है, ‘Nanman (南蠻)’ यानी ‘दक्षिणी बर्बर’ के लिए प्रयोग होता है। ‘didi (狄鞮)’ ‘Xirong (西戎)’ यानी ‘पश्चिमी बर्बर’ के लिए आता है, और ‘yi (譯)’ जिसका अर्थ ‘अनुवाद’ या ‘व्याख्या’ है, ‘Beidi (北狄)’ यानी ‘उत्तरी बर्बर’ के लिए प्रयुक्त होता है।| <blockquote>उन पाँचों क्षेत्रों के लोगों की भाषाएँ एक-दूसरे को समझ में नहीं आती थीं। उनकी पसंद-नापसंद और इच्छाएँ भी अलग-अलग थीं। उनके विचारों को समझने और अपनी बात पहुँचाने के लिए अधिकारी नियुक्त किए जाते थे। पूर्व में उन्हें ‘प्रेषक’ कहा जाता था, दक्षिण में ‘प्रतिनिधि’, पश्चिम में ‘ती-ती’ और उत्तर में ‘दुभाषिए’।</blockquote>पश्चिमी हान काल की एक रचना में अनुवाद पर एक संवाद को कन्फ्यूशियस से जोड़ा गया है। कन्फ्यूशियस उस शासक को सलाह देते हैं जो विदेशी भाषाएँ सीखना चाहता है कि उसे इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए। वे शासक से कहते हैं कि वह शासन पर ध्यान दे और अनुवाद का काम अनुवादकों पर छोड़ दे। अनुवाद सिद्धांत का सबसे प्रारंभिक उल्लेख संभवतः ‘गुलियांग चुआन’ में मिलता है, जहाँ Confucius से जुड़ा एक वाक्यांश है: “नाम अपने धारकों का अनुसरण करें, जबकि वस्तुएँ चीन का अनुसरण करें” (名從主人, 物從中國)। दूसरे शब्दों में, नामों का लिप्यंतरण करना चाहिए, जबकि वस्तुओं का अनुवाद उनके अर्थ के अनुसार करना चाहिए। बाद में छिंग राजवंश और गणराज्य काल में, लिआंग छिचाओ, हु श॑ और चौऊ त्सोउरन जैसे सुधारकों ने चीनी इतिहास के महान अनुवादकों के अनुवाद-प्रयोग और सिद्धांतों का अध्ययन करना शुरू किया। == ताओ आन (314-385 ई.) == # शब्द-क्रम में परिवर्तन: संस्कृत में शब्द-क्रम (कर्ता–क्रिया–कर्म) निश्चित नहीं होता, जबकि चीनी में शब्द-क्रम कर्ता–क्रिया–कर्म होता है। # साहित्यिक अलंकरण जोड़ना: जहाँ मूल पाठ सरल शैली में है, वहाँ साहित्यिक अलंकरण जोड़े जाते हैं। # तर्क में पुनरावृत्ति हटाना: तर्क में होने वाले दोहराव को समाप्त किया जाता है। # सारांश भाग हटाना: सारांश वाले खंड को हटा दिया जाता है। # परिचय भाग में कटौती: परिचयात्मक भाग में दोहराई गई सामग्री को हटाया जाता है। ताओ आन ने अन्य अनुवादकों की यह कहकर आलोचना की कि अनुवाद में सामग्री खो जाती है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि कोई अनुवादक Shijing या Classic of History जैसी कृतियों के कथित उबाऊ हिस्सों को हटा दे, तो लोगों को कैसा लगेगा? उन्होंने अनुवाद की कठिनाई पर भी विस्तार से चर्चा की, अपनी 'तीन कठिनाइयाँ' (三不易) के सिद्धांत के साथ: बुद्ध द्वारा संबोधित किए गए श्रोताओं से भिन्न श्रोताओं में धर्म का संचार करना। एक संत के शब्दों का अनुवाद करना। ऐसे ग्रंथों का अनुवाद करना जिन्हें शिष्यों की पीढ़ियों ने बड़ी मेहनत से रचा है। == कुमारजीव (1444-413 ई.) == कुमारजीव की अनुवाद पद्धति अर्थानुवाद पर आधारित थी। एक कथा के अनुसार, एक दिन उन्होंने अपने शिष्य सेंगरूई के “स्वर्ग मनुष्य को देखता है, और मनुष्य स्वर्ग को देखता है” (天見人, 人見天) वाले अनुवाद की आलोचना की। कुमारजीव को लगा कि “मनुष्य और स्वर्ग जुड़े हैं, और दोनों एक-दूसरे को देख सकते हैं” (人天交接, 兩得相見) अधिक स्वाभाविक और मुहावरेदार है, हालांकि पहला वाक्य भी पूरी तरह गलत नहीं था। एक अन्य कथा में कुमारजीव सूत्रों के अंत में मंत्रों के अनुवाद की समस्या पर चर्चा करते हैं। मूल पाठ में सौंदर्य पर विशेष ध्यान दिया गया है, लेकिन यह सौंदर्य और उसका साहित्यिक रूप, जो संस्कृत की विशेषताओं पर आधारित है, अनुवाद में खो जाता है। इसे वे ऐसे बताते हैं जैसे चावल चबाकर किसी को खिलाना (嚼飯與人)। == हुई युऐन (334-416 ई.) == हुई युऐन का अनुवाद सिद्धांत संतुलित माना जाता है। यह सुरुचिपूर्ण (文雅) और साधारण (質樸) दोनों के अतियों से बचता है। सुरुचिपूर्ण अनुवाद में भाषा मूल अर्थ से आगे बढ़ जाती है (文過其意), जबकि साधारण अनुवाद में विचार शब्दों पर हावी हो जाता है (理勝其辭)। हुई युआन के अनुसार, शब्दों से अर्थ को नुकसान नहीं होना चाहिए (文不害意)। एक अच्छे अनुवादक को मूल भाव को बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए (務存其本)। == सेंगरूई (371-438 ई.) == सेंगरूई ने वस्तुओं के नामों के अनुवाद में आने वाली समस्याओं की जाँच की। यह एक महत्वपूर्ण पारंपरिक चिंता का विषय है, जिसका स्रोत कन्फ्यूशियस की “नामों को सुधारो” (正名) की अवधारणा में मिलता है। सेंगरूई के लिए यह केवल सैद्धांतिक विषय नहीं था, क्योंकि गलत अनुवाद बौद्ध धर्म को नुकसान पहुँचा सकता है। उन्होंने अपने गुरु कुमारजीव के नामों के अनुवाद में लापरवाही की आलोचना की और इसे इस कारण से जोड़ा कि कुमारजीव चीनी परंपरा से पूरी तरह परिचित नहीं थे, जहाँ नामों को उनके वास्तविक अर्थ (名實) से जोड़ा जाता है। == सेंग्योउ (445-518 ई.) == पहले के अनुवादकों की प्रारंभिक सामग्री का अधिकांश भाग सेंग्योउ ने एकत्र किया था; यदि उन्होंने ऐसा न किया होता, तो यह सामग्री खो जाती। अनुवाद के प्रति सेंग्योउ का दृष्टिकोण हुई युऐन के समान था, क्योंकि दोनों ही अच्छे अनुवाद को सुरुचिपूर्णता और सादगी के बीच का संतुलन मानते थे। हालांकि, हुई युआन के विपरीत, सेंग्योउ ने कुमारजीव के सुरुचिपूर्ण अनुवादों की प्रशंसा की। == शुऐन त्सांग(600-664 ई.) == शुऐन त्सांग का सिद्धांत है पाँच अनुवाद-अयोग्य शब्द (五種不翻), या पाँच ऐसे उदाहरण जहाँ लिप्यंतरण करना चाहिए: '''रहस्य:''' धारणी (陀羅尼) संस्कृत के अनुष्ठानिक वाक्य या मंत्र होते हैं, जिनमें मंत्र शामिल होते हैं। '''बहुवचनता:''' भगवन्त (薄伽梵) के कई अर्थ होते हैं, जैसे— सार्वभौम, तेजस्वी, गंभीर, कीर्तिमान, शुभ और प्रतिष्ठित। '''चीन में नहीं:''' जांबू वृक्ष (閻浮樹) चीन में नहीं पाया जाता। '''अतीत के प्रति सम्मान:''' ‘अनुत्तर-सम्यक-संबोधि’ का अनुवाद पहले से ही ‘अनुपुति’ (阿耨菩提) के रूप में प्रचलित है। '''सम्मान और धर्मभाव जगाने के लिए:''' ‘बुद्धिमत्ता’ (智慧) के स्थान पर ‘प्रज्ञा’ (般若) शब्द का प्रयोग किया जाता है। == यान फू (1898) == यान फू अपने अनुवाद के तीन मानदंडों के लिए प्रसिद्ध हैं, जिन्हें उन्होंने Thomas Henry Huxley की कृति Evolution and Ethics के अनुवाद की प्रस्तावना में “Xin–Da–Ya” के रूप में प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, अनुवाद में तीन मुख्य बातें होती हैं, निष्ठा (信 xìn), यानी मूल के प्रति सच्चा रहना; अभिव्यक्तिशीलता या स्पष्टता (達 dá), यानी पाठक के लिए आसानी से समझ में आना; और सुंदरता (雅 yǎ), यानी भाषा का सौंदर्यपूर्ण और प्रभावी होना। तीनों पहलुओं में से, यान फू ने Evolution and Ethics के अपने अनुवाद में अभिव्यक्ति (達 dá) को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना। उनका तर्क था कि यदि पाठक अनुवादित पाठ का अर्थ समझ ही नहीं पाए, तो अनुवाद का कोई उपयोग नहीं है। समझ को आसान बनाने के लिए शब्दों का क्रम बदला जा सकता है, चीनी उदाहरण मूल उदाहरणों की जगह ले सकते हैं, और लोगों के नाम भी चीनी में लिखे जा सकते हैं। यान फू के अनुवाद के मानदंड उनके अंग्रेज़ी से चीनी में वैज्ञानिक कृतियों के अनुवाद के अनुभव पर आधारित थे। इन मानदंडों का गलत उपयोग तब होता है जब इन्हें साहित्यिक कृतियों पर लागू कर दिया जाता है और इन्हें सार्वभौमिक सिद्धांत मान लिया जाता है। इसके अलावा, इन सिद्धांतों की दो प्रमुख गलत व्याख्याएँ हैं ; (क) सुलभता को ही स्पष्टता या अभिव्यक्तिशीलता मान लेना, और (ख) यान फू के विशेष पाठकों को सामान्य पाठक मानकर सामान्यीकरण कर देना। यान फू के अनुसार, एक ही समय में ‘शिन–दा–या’ के तीनों पहलुओं को पूरी तरह प्राप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने इन मानदंडों का उपयोग केवल Evolution and Ethics के अपने अनुवाद के अंतिम विकल्पों को समझाने के लिए किया था। इन सीमाओं के बावजूद, यान फू के ‘शिन–दा–या’ मानदंडों ने उस समय अनुवाद को समझने का एक नया तरीका दिया और आधी सदी से अधिक समय तक अनुवाद के दृष्टिकोणों को प्रभावित किया। == लियांग छिचाओ (1920) == लियांग छिचाओ ने अनुवाद के इन तीन गुणों को उसी क्रम में रखा: पहले निष्ठा, फिर स्पष्टता, और अंत में सौंदर्य। == लिन युथांग (1933) == लिन युथांग ने मूल, पाठक और कला के प्रति अनुवादक की जिम्मेदारी पर जोर दिया। इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए अनुवादक को निष्ठा (忠實), प्रवाह (通順) और सौंदर्य (美) के मानदंडों को पूरा करना चाहिए। अनुवाद के संबंध में लू शून का सबसे प्रसिद्ध कथन है "मैं सुगमता की अपेक्षा निष्ठावान रहना पसंद करूँगा" (寧信而不順)। == आइ सछी (1937) == आइ सछी ने पश्चिमी अस्तित्ववाद के संदर्भ में निष्ठा, स्पष्टता और सुंदरता के बीच संबंधों का वर्णन किया, जहाँ स्पष्टता और सुंदरता का निष्ठा के साथ वही संबंध है जो गुणों का अस्तित्व के साथ होता है। चोऊ त्सुओरन ने अनुवाद को वज़न आवंटित किया: 50% वफ़ादारी, 30% स्पष्टता और 20% सुंदरता। == चू ग्वांगछिऐन (1944) == चू ग्वांगछिऐन ने लिखा कि अनुवाद में निष्ठा वह मूल है जिसे आप प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन कभी प्राप्त नहीं कर सकते। यह सूत्रीकरण शायद दाओवादी दर्शन में मूल की ओर लौटने की पारंपरिक धारणा को उजागर करता है। फू लेई का मानना था कि अनुवाद चित्रकला की तरह है: जो आवश्यक है वह औपचारिक समानता नहीं बल्कि आध्यात्मिक समानता (神似) है। == छिऐन झोंगशु (1964) == छिऐन झोंगशू ने लिखा कि अनुवाद का सर्वोच्च मानक रूपांतरण (化, प्रकृति में रूपांतरण की शक्ति) है: शरीर त्याग दिए जाते हैं, लेकिन आत्मा (精神), रूप और अंदाज़ (姿致) पहले जैसे ही रहते हैं (故我, पुराना स्वयं). [[श्रेणी:अनुवाद अध्ययन]] n8x9fvvkdpajwp3nwgcbftuxbjkb2oo साँचा:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) 10 1611257 6541192 2026-04-16T09:40:41Z Ankit231132 874432 नया पृष्ठ: {{Navbox | name = एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) | state = | title = [[चित्र:Noida_Metro_Logo.png|20px|link=नोएडा मेट्रो]] [[एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|एक्वा लाइन]] | titlestyle = background:transparent; border-left:3em solid #{{rcr|Noida Metro|Aqua}}; border-right:3em solid #{{rcr|Noida Metro|Aqua}}; | list1 = नोएडा सेक्... 6541192 wikitext text/x-wiki {{Navbox | name = एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो) | state = | title = [[चित्र:Noida_Metro_Logo.png|20px|link=नोएडा मेट्रो]] [[एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)|एक्वा लाइन]] | titlestyle = background:transparent; border-left:3em solid #{{rcr|Noida Metro|Aqua}}; border-right:3em solid #{{rcr|Noida Metro|Aqua}}; | list1 = [[नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 51]] - [[रेनबो मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 50]] - [[नोएडा सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 76]] - [[नोएडा सेक्टर 101 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 101]] - [[नोएडा सेक्टर 81 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 81]] - [[एनएसईज़ेड मेट्रो स्टेशन|एनएसईज़ेड]] - [[नोएडा सेक्टर 83 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 83]] - [[नोएडा सेक्टर 137 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 137]] - [[नोएडा सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 142]] - [[नोएडा सेक्टर 143 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 143]] - [[नोएडा सेक्टर 144 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 144]] - [[नोएडा सेक्टर 145 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 145]] - [[नोएडा सेक्टर 146 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 146]] - [[नोएडा सेक्टर 147 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 147]] - [[नोएडा सेक्टर 148 मेट्रो स्टेशन|सेक्टर 148]] - [[नॉलेज पार्क 2 मेट्रो स्टेशन|नॉलेज पार्क 2]] - [[परी चौक मेट्रो स्टेशन|परी चौक]] - [[अल्फा 1 मेट्रो स्टेशन|अल्फा 1]] - [[डेल्टा 1 मेट्रो स्टेशन|डेल्टा 1]] - [[जीएनआईडीए कार्यालय मेट्रो स्टेशन|ग्रेंडा कार्यालय]] - [[डिपो स्टेशन मेट्रो स्टेशन (नोएडा)|डिपो स्टेशन]] }} <noinclude> [[श्रेणी:एक्वा लाइन (नोएडा मेट्रो)]] [[श्रेणी:नोएडा मेट्रो]] </noinclude> ek4mjtkj2x1w0z2hvxla1yv0pzfi7v2 वार्ता:अतुल सेठ 1 1611258 6541206 2026-04-16T09:50:19Z ~2026-23407-26 920664 कानपुर के उद्योगपति 6541206 wikitext text/x-wiki {{Short description|Indian industrialist from Uttar Pradesh}} {{Infobox person | name = Atul Seth | image = Atul Seth 2024.jpg | caption = Atul Seth in 2024 | birth_date = 18 September 1961 | birth_place = Kanpur, Uttar Pradesh, India | education = M.Com. (1982) | occupation = Industrialist | known_for = MSME and pharmaceutical industry representation }} '''Atul Seth''' (born 18 September 1961) is an Indian industrialist based in Kanpur, Uttar Pradesh. He has been associated with the Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) sector and the pharmaceutical manufacturing industry in the state. He has held leadership roles in industrial associations and has been quoted in media reports on industrial policy, MSME development, and pharmaceutical manufacturing in Uttar Pradesh.<ref>{{cite news |title=Pharma industry welcomes state budget |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/pharma-industry-welcomes-state-budget/articleshow/98167164.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> == Early life and education == Seth was born in Kanpur, Uttar Pradesh. He completed his education in commerce and obtained a Master of Commerce (M.Com.) degree in 1982. == Career == Seth has been active in the MSME and pharmaceutical manufacturing sectors for several decades. Media reports have cited his views regarding state budget allocations, tender participation by pharmaceutical manufacturers, and regulatory concerns of drug manufacturers in Uttar Pradesh.<ref>{{cite news |title=Entrepreneurs to take part in govt meds tender process |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/entrepreneurs-to-take-part-in-govt-meds-tender-process/articleshow/93335933.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> He has also represented industry members in discussions with state authorities concerning infrastructure challenges, delayed payments to MSMEs, and industrial policy matters.<ref>{{cite news |title=CS to look into concerns of drug manufacturers |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/cs-to-look-into-concerns-of-drug-manufacturers/articleshow/92888832.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> == Roles in industrial associations == Seth has served in leadership positions in industrial organizations, including: * Senior Vice President, Provincial Industries Association * Former General Secretary, Pharmaceutical Manufacturers Association His statements on MSME reforms and pharmaceutical sector issues have appeared in regional and national publications.<ref>{{cite news |title=UP pharma industry hails Rs 20 cr allocation for R&D in state budget |url=https://knnindia.co.in/news/newsdetails/state/up-pharma-industry-hails-rs-20-cr-allocation-for-rd-in-state-budget |work=KNN India |access-date=28 February 2026}}</ref> == References == {{reflist}} [[Category:1961 births]] [[Category:Living people]] [[Category:Indian industrialists]] [[Category:People from Kanpur]] t3j2fiwdogcfcu277v6qij3kd6boo19 6541223 6541206 2026-04-16T10:10:53Z चाहर धर्मेंद्र 703114 शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#ल2|शीह ल2]]) 6541223 wikitext text/x-wiki {{Short description|Indian industrialist from Uttar Pradesh}} {{db-promo|help=off}} {{Infobox person | name = Atul Seth | image = Atul Seth 2024.jpg | caption = Atul Seth in 2024 | birth_date = 18 September 1961 | birth_place = Kanpur, Uttar Pradesh, India | education = M.Com. (1982) | occupation = Industrialist | known_for = MSME and pharmaceutical industry representation }} '''Atul Seth''' (born 18 September 1961) is an Indian industrialist based in Kanpur, Uttar Pradesh. He has been associated with the Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) sector and the pharmaceutical manufacturing industry in the state. He has held leadership roles in industrial associations and has been quoted in media reports on industrial policy, MSME development, and pharmaceutical manufacturing in Uttar Pradesh.<ref>{{cite news |title=Pharma industry welcomes state budget |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/pharma-industry-welcomes-state-budget/articleshow/98167164.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> == Early life and education == Seth was born in Kanpur, Uttar Pradesh. He completed his education in commerce and obtained a Master of Commerce (M.Com.) degree in 1982. == Career == Seth has been active in the MSME and pharmaceutical manufacturing sectors for several decades. Media reports have cited his views regarding state budget allocations, tender participation by pharmaceutical manufacturers, and regulatory concerns of drug manufacturers in Uttar Pradesh.<ref>{{cite news |title=Entrepreneurs to take part in govt meds tender process |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/entrepreneurs-to-take-part-in-govt-meds-tender-process/articleshow/93335933.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> He has also represented industry members in discussions with state authorities concerning infrastructure challenges, delayed payments to MSMEs, and industrial policy matters.<ref>{{cite news |title=CS to look into concerns of drug manufacturers |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/cs-to-look-into-concerns-of-drug-manufacturers/articleshow/92888832.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> == Roles in industrial associations == Seth has served in leadership positions in industrial organizations, including: * Senior Vice President, Provincial Industries Association * Former General Secretary, Pharmaceutical Manufacturers Association His statements on MSME reforms and pharmaceutical sector issues have appeared in regional and national publications.<ref>{{cite news |title=UP pharma industry hails Rs 20 cr allocation for R&D in state budget |url=https://knnindia.co.in/news/newsdetails/state/up-pharma-industry-hails-rs-20-cr-allocation-for-rd-in-state-budget |work=KNN India |access-date=28 February 2026}}</ref> == References == {{reflist}} [[Category:1961 births]] [[Category:Living people]] [[Category:Indian industrialists]] [[Category:People from Kanpur]] ecyun49t1k0f76vtilnlarspzc58t7l अतुल सेठ 0 1611259 6541210 2026-04-16T09:52:19Z ~2026-23407-26 920664 कानपुर के उद्योगपति 6541210 wikitext text/x-wiki {{Short description|Indian industrialist from Uttar Pradesh}} {{Infobox person | name = Atul Seth | image = Atul Seth 2024.jpg | caption = Atul Seth in 2024 | birth_date = 18 September 1961 | birth_place = Kanpur, Uttar Pradesh, India | education = M.Com. (1982) | occupation = Industrialist | known_for = MSME and pharmaceutical industry representation }} '''Atul Seth''' (born 18 September 1961) is an Indian industrialist based in Kanpur, Uttar Pradesh. He has been associated with the Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) sector and the pharmaceutical manufacturing industry in the state. He has held leadership roles in industrial associations and has been quoted in media reports on industrial policy, MSME development, and pharmaceutical manufacturing in Uttar Pradesh.<ref>{{cite news |title=Pharma industry welcomes state budget |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/pharma-industry-welcomes-state-budget/articleshow/98167164.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> == Early life and education == Seth was born in Kanpur, Uttar Pradesh. He completed his education in commerce and obtained a Master of Commerce (M.Com.) degree in 1982. == Career == Seth has been active in the MSME and pharmaceutical manufacturing sectors for several decades. Media reports have cited his views regarding state budget allocations, tender participation by pharmaceutical manufacturers, and regulatory concerns of drug manufacturers in Uttar Pradesh.<ref>{{cite news |title=Entrepreneurs to take part in govt meds tender process |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/entrepreneurs-to-take-part-in-govt-meds-tender-process/articleshow/93335933.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> He has also represented industry members in discussions with state authorities concerning infrastructure challenges, delayed payments to MSMEs, and industrial policy matters.<ref>{{cite news |title=CS to look into concerns of drug manufacturers |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/cs-to-look-into-concerns-of-drug-manufacturers/articleshow/92888832.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> == Roles in industrial associations == Seth has served in leadership positions in industrial organizations, including: * Senior Vice President, Provincial Industries Association * Former General Secretary, Pharmaceutical Manufacturers Association His statements on MSME reforms and pharmaceutical sector issues have appeared in regional and national publications.<ref>{{cite news |title=UP pharma industry hails Rs 20 cr allocation for R&D in state budget |url=https://knnindia.co.in/news/newsdetails/state/up-pharma-industry-hails-rs-20-cr-allocation-for-rd-in-state-budget |work=KNN India |access-date=28 February 2026}}</ref> == References == {{reflist}} [[Category:1961 births]] [[Category:Living people]] [[Category:Indian industrialists]] [[Category:People from Kanpur]] t3j2fiwdogcfcu277v6qij3kd6boo19 6541222 6541210 2026-04-16T10:10:20Z चाहर धर्मेंद्र 703114 शीघ्र हटाने का अनुरोध किया जा रहा ([[वि:शीह#ल1|शीह ल1]], [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]]). 6541222 wikitext text/x-wiki {{Short description|Indian industrialist from Uttar Pradesh}} {{db-multiple|ल1|ल2}} {{Infobox person | name = Atul Seth | image = Atul Seth 2024.jpg | caption = Atul Seth in 2024 | birth_date = 18 September 1961 | birth_place = Kanpur, Uttar Pradesh, India | education = M.Com. (1982) | occupation = Industrialist | known_for = MSME and pharmaceutical industry representation }} '''Atul Seth''' (born 18 September 1961) is an Indian industrialist based in Kanpur, Uttar Pradesh. He has been associated with the Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) sector and the pharmaceutical manufacturing industry in the state. He has held leadership roles in industrial associations and has been quoted in media reports on industrial policy, MSME development, and pharmaceutical manufacturing in Uttar Pradesh.<ref>{{cite news |title=Pharma industry welcomes state budget |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/pharma-industry-welcomes-state-budget/articleshow/98167164.cms |work=The Times of India |access-date=28 February 2026}}</ref> == Early life and education == Seth was born in Kanpur, Uttar Pradesh. He completed his education in commerce and obtained a Master of Commerce (M.Com.) degree in 1982. == Career == Seth has been active in the MSME and pharmaceutical manufacturing sectors for several decades. 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