विकिपीडिया hiwiki https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.46.0-wmf.24 first-letter मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विकिपीडिया विकिपीडिया वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता प्रवेशद्वार प्रवेशद्वार वार्ता TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk ऋग्वेद 0 203 6541632 6507075 2026-04-17T16:14:41Z ~2026-23705-20 920833 6541632 wikitext text/x-wiki {{Infobox religious text | religion = [[हिन्दू धर्म]] | image = Four vedas.jpg | alt = Four Vedas | language = [[वैदिक संस्कृत]] | caption = चार वेद | period = 1200 BC-1500 BC | oldest manuscript = 1464 AD | chapters = १० (10) मण्डल | sutras = | verses = १०,५८० (10 580)मंत्र<ref>https://hi.quora.com/%E0%A4%8B%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82</ref> }} {{सन्दूक हिन्दू ग्रन्थ}} '''ऋग्वेद''' [[सनातन धर्म]] और सम्पूर्ण विश्व का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है जो उपलब्ध है। इसमें १० मण्डल,<ref>{{cite web|url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/opinion/columnists/devdutt-pattanaik/who-is-ahindu-how-breaking-india-started/articleshow/76239140.cms|title=WHO IS AHINDU? How ‘breaking India’ started}}</ref> १०२८ [[सूक्त]] और वर्तमान में १०,४६२ [[मन्त्र]] हैं, [[मन्त्र]] संख्या के विषय में विद्वानों में कुछ मतभेद है। मन्त्रों में [[देवता|देवताओं]] की [[स्तुति]] की गयी है। इसमें देवताओं का [[यज्ञ]] में आह्वान करने के लिये [[मन्त्र]] हैं। यही सर्वप्रथम [[वेद]] है। ऋग्वेद को इतिहासकार [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार]] की अभी तक उपलब्ध पहली रचनाओं में एक मानते हैं। यह संसार के उन सर्वप्रथम ग्रन्थों में से एक है जिसकी किसी रूप में मान्यता आज तक समाज में बनी हुई है। यह सनातन धर्म का प्रमुख ग्रन्थ है। ऋग्वेद की रचनाओं को पढ़ने वाले ऋषि को होत्र कहा जाता है। ऋग्वेद सबसे पुराना ज्ञात [[वैदिक संस्कृत]] पुस्तक है।<ref>{{cite book|author1=Stephanie W. Jamison|author2=Joel Brereton|title=The Rigveda: 3-Volume Set|url=https://books.google.com/books?id=fgzVAwAAQBAJ|year=2014|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-972078-1|page=3}}</ref> इसकी प्रारम्भिक परतें किसी भी [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार|इंडो-यूरोपीय भाषा]] में सबसे पुराने मौजूदा ग्रन्थों में से एक हैं।<ref>{{cite book|author=Edwin F. Bryant|title=The Yoga Sutras of Patañjali: A New Edition, Translation, and Commentary|url=https://books.google.com/books?id=yivABQAAQBAJ&pg=PT565|year=2015|publisher=Farrar, Straus and Giroux|isbn=978-1-4299-9598-6|pages=565{{ndash}}566}}</ref>{{refn|group=note|According to Edgar Polome, the Hittite language [[Anitta]] text from the 17th century BCE is older. This text is about the conquest of Kanesh city of Anatolia, and mentions the same Indo-European gods as in the Rigveda.<ref>{{cite book|author=Edgar Polome|editor=Per Sture Ureland|title=Entstehung von Sprachen und Völkern: glotto- und ethnogenetische Aspekte europäischer Sprachen|url=https://books.google.com/books?id=T9su8E8eOsgC&pg=PA51|year=2010|publisher=Walter de Gruyter|isbn=978-3-11-163373-2|page=51}}</ref>}} '' ऋग्वेद '' की ध्वनियों और ग्रन्थों को दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व से मौखिक रूप से प्रसारित किया गया है।{{sfn|Wood|2007}}{{sfn|Hexam|2011|p=chapter 8}}{{sfn|Dwyer|2013}} दार्शनिक और भाषायी साक्ष्य इंगित करते हैं कि ऋग्वेद संहिता के अधिकांश भाग की रचना [[भारतीय उपमहाद्वीप]] के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में हुई थी। [[ऋग्वेद संहिता|ऋक् संहिता]] में [[१०|१०]] मण्डल तथा बालखिल्य सहित [[१०२८|१०२८]] [[सूक्त]] हैं। वेद मन्त्रों के समूह को सूक्त कहा जाता है, जिसमें एकदैवत्व तथा एकार्थ का ही प्रतिपादन रहता है। ऋग्वेद में ही मृत्युनिवारक त्र्यम्बक-मंत्र या [[महामृत्युञ्जय मन्त्र|मृत्युंजय मन्त्र]] ([[७|७]]/[[५९|५९]]/[[१२|१२]]) वर्णित है, ऋग्विधान के अनुसार इस मन्त्र के जप के साथ विधिवत व्रत तथा हवन करने से दीर्घ आयु प्राप्त होती है तथा मृत्यु दूर हो कर सब प्रकार का सुख प्राप्त होता है। विश्व-विख्यात [[गायत्री मन्त्र]] (ऋ० [[३|३]]/[[६२|६२]]/[[१०|१०]]) भी इसी में वर्णित है। ऋग्वेद में अनेक प्रकार के लोकोपयोगी-सूक्त, तत्त्वज्ञान-सूक्त, संस्कार-सुक्त उदाहरणतः रोग निवारक-सूक्त (ऋ॰ [[१०|१०]]/[[१३७|१३७]]/[[१|१]]-[[७|७]]), [[श्री सूक्त]] या लक्ष्मी सूक्त (ऋग्वेद के परिशिष्ट सूक्त के खिलसूक्त में), तत्त्वज्ञान के [[नासदीय सूक्त|नासदीय-सूक्त]] (ऋ॰ [[१०|१०]]/[[१२९|१२९]]/[[१|१]]-[[७|७]]) तथा [[हिरण्यगर्भ|हिरण्यगर्भ सूक्त]] (ऋ॰ [[१०|१०]]/[[१२१|१२१]]/[[१|१]]-[[१०|१०]]) और [[विवाह]] आदि के सूक्त (ऋ॰ [[१०|१०]]/[[८५|८५]]/[[१|१]]-[[४७|४७]]) वर्णित हैं, जिनमें ज्ञान विज्ञान का चरमोत्कर्ष दिखलाई देता है। इस ग्रन्थ को इतिहास की दृष्टि से भी एक महत्त्वपूर्ण रचना माना गया है। ईरानी [[अवेस्ता]] की [[गाथा|गाथाओं]] का ऋग्वेद के श्लोकों के जैसे स्वरों में होना, जिसमें कुछ विविध भारतीय देवताओं जैसे [[अग्नि]], [[वायु]], [[जल]], [[सोम]] आदि का वर्णन है। ==कालनिर्धारण और ऐतिहासिक सन्दर्भ== ऋग्वेद किसी भी अन्य इण्डो-आर्यन पाठ की तुलना में कहीं अधिक पुरातन है। इस कारण से, यह [[मैक्स मूलर]] और रूडोल्फ रोथ के समय से पश्चिमी विद्वानों के ध्यान के केन्द्र में था। ऋग्वेद [[वैदिक धर्म]] के प्रारम्भिक चरण को दर्ज करता है। [[ईरानी भाषा परिवार|प्रारम्भिक ईरानी]] [[अवेस्ता]]<ref>{{Harvcolnb|Oldenberg|1894}} (tr. Shrotri), p. 14 "The Vedic diction has a great number of favourite expressions which are common with the Avestic, though not with later Indian diction. In addition, there is a close resemblance between them in metrical form, in fact, in their overall poetic character. If it is noticed that whole Avesta verses can be easily translated into the Vedic alone by virtue of comparative phonetics, then this may often give, not only correct Vedic words and phrases, but also the verses, out of which the soul of Vedic poetry appears to speak."</ref><ref>{{Harvcolnb|Bryant|2001|pp=130{{ndash}}131}} "The oldest part of the Avesta... is linguistically and culturally very close to the material preserved in the Rigveda... There seems to be economic and religious interaction and perhaps rivalry operating here, which justifies scholars in placing the Vedic and Avestan worlds in close chronological, geographical and cultural proximity to each other not far removed from a joint Indo-Iranian period."</ref> के साथ मजबूत भाषायी और सांस्कृतिक समानताएं हैं, जो प्रोटो-इंडो-ईरानी काल से व्युत्पन्न हैं, <ref>{{Harvcolnb|Mallory|1989}} p. 36 "Probably the least-contested observation concerning the various Indo-European dialects is that those languages grouped together as Indic and Iranian show such remarkable similarities with one another that we can confidently posit a period of Indo-Iranian unity..."</ref> अक्सर प्रारम्भिक एण्ड्रोनोवो संस्कृति (या बल्कि, प्रारम्भिक एण्ड्रोनोवो के भीतर सिंटाष्ट संस्कृति) से जुड़ी हैं। क्षितिज) २००० ईसा पूर्व। ऋग्वेद का समय ईपू १०००० से अधिक प्राचीनतम माना गया है। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=9VooDwAAQBAJ&printsec=frontcover&dq=is+rig+veda+oldest+book&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiB1dPquM_4AhU6TmwGHZ10DZwQ6AF6BAgFEAM|title=The Celestial Key to the Vedas: Discovering the Origins of the World's oldest civilization.|publisher=B. G. Sidharth|year=1999|quote=astronomer B. G. Sidharth proves conclusively that the earliest portions of the Rig Veda can be dated as far back as 10,000 b.c.}}</ref> ==[[प्रमुख धार्मिक समूह|प्रमुख]] विषय== ऋग्वेद के विषय में कुछ '''प्रमुख बातें''' निम्नलिखित है- * ॠग्वेद में कुल दस मण्डल हैं जिनमें १०२८ [[सूक्त]] हैं और कुल १०,५८० [[ऋचा]]एँ हैं। इन मण्डलों में कुछ मण्डल छोटे हैं और कुछ बड़े हैं। * ऋग्वेद विश्व का सबसे प्राचीन ग्रंथ है जो वर्तमान समय में उपलब्ध है। * ॠग्वेद के कई सूक्तों में विभिन्न वैदिक [[देवता|देवताओं]] की स्तुति करने वाले मंत्र हैं। यद्यपि ॠग्वेद में अन्य प्रकार के सूक्त भी हैं, परन्तु देवताओं की स्तुति करने वाले स्तोत्रों की प्रधानता है। * ऋग्वेद में ३३ [[देवी]]-[[देवता]]ओं का उल्लेख है। इस वेद में सूर्या, उषा तथा अदिति जैसी देवियों का वर्णन किया है। इसमें [[अग्नि]] को आशीर्षा, अपाद, घृतमुख, घृत पृष्ठ, घृत-लोम, अर्चिलोम तथा वभ्रलोम कहा गया है। इसमें [[इन्द्र]] को सर्वमान्य तथा सबसे अधिक शक्तिशाली देवता माना गया है। इन्द्र की स्तुति में ऋग्वेद में २५० [[ऋचा]]एँ हैं। ऋग्वेद के एक मण्डल में केवल एक ही देवता की स्तुति में श्लोक हैं, वह [[सोम]] देवता है। * इस वेद में [[बहुदेववाद]], [[एकेश्वरवाद]], [[एकात्मवाद]] का उल्लेख है। * ऋग्वेद के [[नासदीय सूक्त]] में [[निर्गुण ब्रह्म]] का वर्णन है। * इस वेद में [[आर्य|आर्यों]] के निवास स्थल के लिए सर्वत्र 'सप्त सिन्धवः' शब्द का प्रयोग हुआ है। * इस में कुछ अनार्यों जैसे - पिसाकास, सीमियां आदि के नामों का उल्लेख हुआ है। इसमें अनार्यों के लिए 'अव्रत' (व्रतों का पालन न करने वाला), 'मृद्धवाच' (अस्पष्ट वाणी बोलने वाला), 'अनास' (चपटी नाक वाले) कहा गया है। * इस वेद लगभग २५ [[नदी|नदियों]] का उल्लेख किया गया है जिनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण नदी [[सिन्धु नदी|सिन्धु]] का वर्णन अधिक है।सर्वाधिक पवित्र नदी [[सरस्वती नदी|सरस्वती]] को माना गया है तथा सरस्वती का उल्लेख भी कई बार हुआ है। इसमें [[गंगा नदी|गंगा]] का प्रयोग एक बार तथा [[यमुना नदी|यमुना]] का प्रयोग तीन बार हुआ है। * ऋग्वेद में [[राजा]] का पद वंशानुगत होता था। ऋग्वेद में सूत, रथकार तथा कर्मार नामों का उल्लेख हुआ है, जो [[राज्याभिषेक]] के समय पर उपस्थित रहते थे। इन सभी की संख्या राजा को मिलाकर १२ थी। * ऋग्वेद में 'वाय' शब्द का प्रयोग जुलाहा तथा 'ततर' शब्द का प्रयोग करघा के अर्थ में हुआ है। * ऋग्वेद के ९वें मण्डल में [[सोम|सोम रस]] की प्रशंसा की गई है। * ऋग्वेद के १०वे मंडल में पुरुषसुक्त का वर्णन है। * "[[असतो मा सद्गमय]]" वाक्य ऋग्वेद से लिया गया है। [[सूर्य]] ([[सवितृ]] को सम्बोधित "[[गायत्री मन्त्र|गायत्री मंत्र]]" ऋग्वेद में उल्लेखित है। * इस वेद में [[गाय]] के लिए 'अहन्या' शब्द का प्रयोग किया गया है। * ऋग्वेद में ऐसी [[कन्या राशि|कन्याओं]] के उदाहरण मिलते हैं जो दीर्घकाल तक या आजीवन अविवाहित रहती थीं। इन कन्याओं को 'अमाजू' कहा जाता था। * इस वेद में हिरण्यपिण्ड का वर्णन किया गया है। इस वेद में 'तक्षन्' अथवा 'त्वष्ट्रा' का वर्णन किया गया है। आश्विन का वर्णन भी ऋग्वेद में कई बार हुआ है। आश्विन को नासत्य ([[अश्विनीकुमार (पौराणिक पात्र)|अश्विनी कुमार]]) भी कहा गया है। * इस वेद के ७वें मण्डल में [[सुदास]] तथा दस राजाओं के मध्य हुए [[युद्ध]] का वर्णन किया गया है, जो कि पुरुष्णी ([[रावी नदी|रावी]]) नदी के तट पर लड़ा गया। इस युद्ध में सुदास की जीत हुई । * ऋग्वेद में कई ग्रामों के समूह को 'विश' कहा गया है और अनेक विशों के समूह को 'जन'। ऋग्वेद में 'जन' का उल्लेख २७५ बार तथा 'विश' का १७० बार किया गया है। एक बड़े प्रशासनिक क्षेत्र के रूप में 'जनपद' का उल्लेख ऋग्वेद में केवल एक बार हुआ है। जनों के प्रधान को 'राजन्' या राजा कहा जाता था। आर्यों के पाँच कबीले होने के कारण उन्हें ऋग्वेद में 'पञ्चजनाः' कहा गया – ये थे- पुरु, यदु, अनु, तुर्वशु तथा द्रहयु। * 'विदथ' सबसे प्राचीन संस्था थी। इसका ऋग्वेद में १२२ बार उल्लेख आया है। 'समिति' का ९ बार तथा 'सभा' का ८ बार उल्लेख आया है। * ऋग्वेद में [[कृषि]] का उल्लेख २४ बार हुआ है। * ऋग्वेद में में कपड़े के लिए वस्त्र, वास तथा वसन शब्दों का उल्लेख किया गया है। इस वेद में 'भिषक्' को देवताओं का [[चिकित्सक]] कहा गया है। * इस वेद में केवल [[हिमालय|हिमालय पर्वत]] तथा इसकी एक चोटी [[मुञ्जवन्त]] का उल्लेख हुआ है। == पाठ == इस पाठ को दस मण्डलों में बांटा गया है,जो कि अलग-अलग समय में लिखे गए हैं और अलग-अलग लम्बाई के हैं। मण्डल संख्या २ से ७ ऋग्वेद के सबसे पुराने और सूक्ष्मतम मंडल हैं। यह मण्डल कुल पाठ का ३८% है। ==भाषा== उत्तर वैदिक काल से पहले का वह काल जिसमें [[ऋग्वेद]] की ऋचाओं की रचना हुई थी। इन [[ऋचा|ऋचाओं]] की जो भाषा थी वो '''ऋग्वैदिक भाषा''' कहलाती है। ऋग्वैदिक भाषा हिंद यूरोपीय भाषा परिवार की एक भाषा है। इसकी परवर्ती पुत्री भाषाएँ [[अवेस्ता]], पुरानी [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]], [[पालि भाषा|पालि,]] [[प्राकृत]] और [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] हैं। === मातृभाषी === ऋग्वैदिक भाषा के मूल मातृभाषी संस्कृत भाषी [[हिन्द-ईरानी भाषाएँ|हिंद-इरानी]] थे। === व्याकरण === ==== नामन् (संज्ञा)==== {|class="wikitable" ! !! एकवचन !! द्विवचन !! बहुवचन |- | '''कर्ता''' | -स् (-म्) || -ॲउ, -ई, -ऊ (-नी) || -अस् (-नि) |- | '''संबोधन''' | -स् (-) || -उ, -ई, -ऊ (-नी) || -अस् (-नि) |- | '''कर्म''' | -अम् (-म्) || -ॲउ, -ई, -ऊ (-नी) || -न्, -अस् (-नि) |- | '''करण''' | -ना, -या || -भ्यॅम् || -भिस् |- | '''संप्रदान''' | -अइ || -भ्यॅम् || -भ्यस् |-N। | '''आपादान''' | -अस् || -भ्यॅम् || -भ्यस् |- | '''संबंध'''। | -अस् || -अउस् || -नॅम |- | '''अधिकरण''' | -इ, -ॲम् || -अउस् || -सु/-षु |} ==== ऋग्वैदिक भाषा और संस्कृत में अंतर ==== जैसे होमेरिक ग्रीक क्लासिकल [[यूनान|ग्रीक]] से भिन्न है वैसै [[ऋग्वैदिक भाषा]] [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा से भिन्न है। तिवारी ([1955] 2005) ने दोनोँ के बीच अंतर को निम्न सिद्धान्त स्वरूप सूचित किया: * ऋग्वैदिक भाषा में [[voiceless bilabial fricative]] ({{IPA|[ɸ]}} [[फ़]], जो ''उपधमानीय'' कहलाता था और एक अघोष वर्त्य संघर्षी [[voiceless velar fricative]] ({{IPA|[x]}}, यानि [[ख़]] जो ''जिह्वामूलीय'' कहलाता था)—यह तब प्रयोग होता है जब श्वास विसर्ग [[अः]] क्रमशः अघोष ओष्ठ्य और velar व्यंजनोँ के ठीक पहले आता है। दोनोँ ही संस्कृत में लुप्त हो गए और विसर्ग बन गए। उपधमानीय प''{{IAST|p}}'' और फ''{{IAST|ph}}'', जिह्वामूलीय क''{{IAST|k}}'' और ख''{{IAST|kh}}'' से ठीक पहले आता है। * ऋग्वैदिक भाषा में [[retroflex lateral approximant]] [[ळ]]({{IPA|[ ɭ ]}}) और इसका [[बलाघाती]] सहायक {{IPA|[ɭʰ]}} [[ळ्ह]] भी, संस्कृत में लुप्त हो गए, {{IPA|[ɖ]}} (ड़) और {{IPA|[ɖʱ]}} (ढ़) में बदल गए। (''क्षेत्रानुसार; वैदिक उच्चारण अभी तक कुछ क्षेत्रोँ में मौलिक हैं, जैसे. दक्षिण भारत, महाराष्ट्र सहित''.) * अक्षरात्मक {{IPA|[ɻ̩]}} (ऋ), {{IPA|[l̩]}} (लृ) और उनके दीर्घ स्वर उत्तर ऋग्वैदिक काल में लुप्त हो गए। बाद में {{IPA|[ɻi]}} (रि) और {{IPA|[li]}} (ल्रि) के रूप उच्चारित होने लगा. * स्वर '''e''' (ए) और '''o''' (ओ) वैदिक में अइ {{IPA|[ai]}} और अउ {{IPA|[au]}} रूप में उच्चारित हो, पर बाद में संस्कृत में ये पूर्ण शुद्ध ए {{IPA|[eː]}} और ओ {{IPA|[oː]}} हो गए।. * स्वर '''ai''' (ऐ) और '''au''' (औ) वैदिक में {{IPA|[aːi]}} (आइ) और {{IPA|[aːu]}} (आउ) हो गए, पर संस्कृत में ये {{IPA|[ai]}} (अइ) और {{IPA|[au]}} (अउ) हो गए। * [[प्रातिशाख्यस्]] का दावा है कि दंत्य व्यंजन वस्तुतः दाँतोँ की जड़ (''दंतमूलीय'') थे, पर बाद में पूर्ण दंत्य हो गए। इसमें {{IPA|[r]}} र भी है जो बाद में retroflex हो गया। * वैदिक में [[सुर]] का बड़ा महत्त्व था जो कभी भी शब्द का अर्थ बदल देता था और पाणिनि से पहले तक सुरक्षित था। आजकल, सुरभेद केवल पारंपरिक वैदिक में पाया जाता है, बजाय इसके संस्कृत एक [[राग]] भेदी भाषा है। * [[प्लुति]] स्वर या ([[त्रैमात्रिक स्वर]]) वैदिक में ध्वन्यात्मक थे पर संस्कृत में लुप्त हो गए। * वैदिक में दो समान स्वरोँ में संधि के दौरान विकार न होकर मूल ध्वनि सुरक्षित रहती है। === अवेस्ता की भाषा तथा ऋग्वेद की भाषा की तुलना === १९वीं शताब्दी में [[अवस्ताई भाषा|अवस्ताई फ़ारसी]] और ऋग्वैदिक भाषा दोनों पर पश्चिमी विद्वानों की नज़र नई-नई पड़ी थी और इन दोनों के गहरे सम्बन्ध का तथ्य उनके सामने जल्दी ही आ गया। उन्होने देखा के अवस्ताई फ़ारसी और ऋग्वैदिक भाषा के शब्दों में कुछ सरल नियमों के साथ एक से दुसरे को अनुवादित किया जा सकता था और व्याकरण की दृष्टि से यह दोनों बहुत नज़दीक थे। अपनी सन् १८९२ में प्रकाशित किताब "अवस्ताई व्याकरण की संस्कृत से तुलना और अवस्ताई वर्णमाला और उसका लिप्यन्तरण" में भाषावैज्ञानिक और विद्वान एब्राहम जैक्सन ने उदाहरण के लिए एक अवस्ताई धार्मिक श्लोक का ऋग्वैदिक भाषा में सीधा अनुवाद किया। {| cellpadding="5" || :'''मूल अवस्ताई''' || :'''वैदिक संस्कृत अनुवाद''' |- |style="font-size:100%"| :तम अमवन्तम यज़तम :सूरम दामोहु सविश्तम :मिथ़्रम यज़ाइ ज़ओथ़्राब्यो |style="font-size:100%"| :तम आमवन्तम यजताम :शूरम धामेसु शाविष्ठम :मित्राम यजाइ होत्राभ्यः |} == संगठन == एक प्रचलित मान्यता के अनुसार, वेद पहले एक संहिता में थे पर [[व्यास]] ऋषि ने अध्ययन की सुगमता के लिए इन्हें चार भागों में बाँट दिया। इस विभक्तीकरण के कारण ही उनका नाम [[वेदव्यास|वेद व्यास]] पड़ा। इनका विभाजन दो क्रम से किया जाता है - *(१) '''अष्टक क्रम''' - यह पुराना विभाजन क्रम है जिसमें संपूर्ण ऋक संहिता को आठ भागों (अष्टक) में बाँटा गया है। प्रत्येक अष्टक ८ अध्याय के हैं और हर अध्याय में कुछ वर्ग हैं। प्रत्येक अध्याय में कुछ ऋचाएँ (गेय मंत्र) हैं - सामान्यतः ५। *(२) '''मण्डल क्रम''' - संपूर्ण ऋग्वेद संहिता १० मण्डलों में विभक्त हैं। प्रत्येक मण्डल में अनेक अनुवाक और प्रत्येक अनुवाक में अनेक सूक्त और प्रत्येक सूक्त में कई मंत्र (ऋचा)। कुल दसों मण्डल में ८५ अनुवाक और १०१७ सूक्त हैं। इसके अतिरिक्त ११ सूक्त बालखिल्य नाम से जाने जाते हैं। ([[ऋग्वेद के मंडल]] देखें) ऋग्वेद के सूक्तों के पुरुष रचियताओं में गृत्समद, विश्वामित्र, वामदेव, अत्रि, भारद्वाज, वशिष्ठ आदि प्रमुख हैं। सूक्तों के स्त्री रचयिताओं में [[लोपामुद्रा]], [[घोषा]], [[शची]], [[कांक्षावृत्ति]], [[पौलोमी]] आदि प्रमुख हैं। ऋग्वेद के १० वें मंडल के ९५ सूक्त में [[पुरुरवा]], ऐल और [[उर्वशी]] का संवाद है। वेदों में किसी प्रकार की मिलावट न हो इसके लिए ऋषियों ने शब्दों तथा अक्षरों को गिन कर लिख दिया था। [[कात्यायन]] प्रभृति ऋषियों की [[सर्वानुक्रमणी|अनुक्रमणी]] के अनुसार ऋचाओं की संख्या १०,५८०, शब्दों की संख्या १५३५२६ तथा [[शौनक]]कृत अनुक्रमणी के अनुसार ४,३२,००० अक्षर हैं। [[शतपथ ब्राह्मण]] जैसे ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि प्रजापति कृत अक्षरों की संख्या १२००० बृहती थी। अर्थात् १२००० गुणा ३६ यानि ४,३२,००० अक्षर। आज जो [[शाकल संहिता]] के रूप में ऋग्वेद उपलब्ध है उनमें केवल १०५५२ ऋचाएँ हैं। ऋग्वेद में [[ऋचा|ऋचाओं]] का बाहुल्य होने के कारण इसे 'ज्ञान का वेद' कहा जाता है। ==शाखाएँ== {{मुख्य|वैदिक शाखाएँ}} ऋग्वेद की जिन २१ शाखाओं का वर्णन मिलता है, उनमें से चरणव्युह ग्रंथ के अनुसार पाँच ही प्रमुख हैं- :१. [[शाकल]], २. वाष्कल, ३. आश्वलायन, ४. शांखायन और ५. माण्डूकायन। == भाष्य == सबसे पुराना [[भाष्य]] (यानि ''टीका, समीक्षा'') किसने लिखा यह कहना मुश्किल है पर सबसे प्रसिद्ध उपलब्द्ध प्राचीन भाष्य आचार्य [[सायण]] का है। आचार्य सायण से पूर्व के भाष्यकार अधिक गूढ़ भाष्य बना गए थे। [[यास्क]] ने ईसापूर्व पाँचवीं सदी में (अनुमानित) एक कोष लिखा था जिसमें वैदिक शब्दों के अर्थ दिए गए थे। लेकिन सायण ही एक ऐसे भाष्यकार हैं जिनके चारों वेदों के भाष्य मिलते हैं। ऋग्वेद के परिप्रेक्ष्य में क्रम से इन भाष्यकारों ने ऋग्वेद की टीका लिखी - * '''[[स्कन्द स्वामी]]''' - ऐतिहासिक ग्रंथों के अनुसार वेदों का अर्थ समझने और समझाने की क्रिया कुमारिल-शंकर के समय शुरु हुई। स्कन्द स्वामी का काल भी यही माना जाता है - सन् ६२५ के आसपास। ऐसी प्रसिद्धि है कि [[शतपथ ब्राह्मण]] के भाष्यकार [[हरिस्वामी]] (सन् ६३८) को स्कन्द स्वामी ने अपना भाष्य पढ़ाया था। ऋग्वेद भाष्य के प्रथमाष्टक के अन्त में प्राप्त श्लोक से पता चलता है कि स्कन्द स्वामी गुजरात के वलभी के रहने वाले थे। इसमें प्रत्येक सूक्त के आरंभ में उस सूक्त के ऋषि-देवता और छन्द का उल्लेख किया गया है। साथ ही अन्य ग्रंथों से उद्धरण प्रस्तुत किया गया है। ऐसा माना जाता है कि स्क्न्द स्वामी ने प्रथम चार मंडल पर ही अपना भाष्य लिखा था, शेष भाग नारायण तथा उद्गीथ ने मिलकर पूरा किया था। *'''[[माधव भट्ट]]'''- प्रसिद्ध भाष्यकारों में ''माधव'' नाम के चार भाष्यकार हुए हैं। एक सामवेद भाष्यकार के रूप में ज्ञात हैं तो शेष तीन ऋक् के - लेकिन इन तीनों को सटीक पहचानना ऐतिहासिक रूप से संभव न हो पाया है। एक तो आचार्य सायण खुद हैं जिन्होंने अपने बड़े भाई माधव से प्रेरणा लेकर भाष्य लिखा और इसका नाम ''माधवीय भाष्य'' रखा। कुछ विद्वान वेंकट माधव को ही माधव समझते हैं पर ऐसा होना मुश्किल लगता है। वेंकट माधव नामक भाष्यकार की जो आंशिक ऋग्टीका मिलती है उससे प्रतीत होता है कि इनका वेद ज्ञान उच्च कोटि का था। इनके भाष्य का प्रभाव वेंकट माधव तथा स्कन्द स्वामी तक पर मिलता है। इससे यह भी प्रतीत होता है कि इनका काल स्कन्द स्वामी से भी पहले था। *'''[[वेंकटमाधव|वेंकट माधव]]''' - इनका लिखा भाष्य बहुत संक्षिप्त है। इसमें न कोई व्याकरण संबंधी टिप्पणी है और न ही अन्य कोई टिप्पणी। इसमें एक विशेष बात यह है कि ब्राहमण ग्रंथों से सुन्दर रीति से प्रस्तुत प्रमाण। *'''[[धानुष्कयज्वा]]''' - विक्रम की १६वीं शती से पूर्व वेद् भाष्यकार धानुष्कयज्वा का उल्लेख मिलता है जिन्होंने तीन वेदों के भाष्य लिखे। * '''[[आनन्दतीर्थ]]''' - चौदहवीं सदी के मध्य में वैष्णवाचार्य आन्नदतीर्थ जी ने ऋग्वेद के कुछ मंत्रों पर अपना भाष्य लिखा है। * '''[[आत्मानन्द]]''' - ऋग्वेद भाष्य जहाँ सर्वदा यज्ञपरक और देवपरक मिलते हैं, इनके द्वारा लिखा भाष्य आध्यात्मिक लगता है। * '''[[सायण]]''' - ये मध्यकाल का लिखा सबसे विश्वसनीय, संपूर्ण और प्रभावकारी भाष्य है। [[विजयनगर]] के महाराज [[बुक्क राय प्रथम|बुक्का]] (वुक्काराय) ने वेदों के भाष्य का कार्य अपने आध्यात्मिक गुरु और राजनीतिज्ञ अमात्य [[मध्वाचार्य|माधवाचार्य]] को सौंपा था। पमन्चु इस वृहत कार्य को छोड़कर उन्होंने अपने छोटे भाई सायण को ये दायित्व सौंप दिया। उन्होंने अपने विशाल ज्ञानकोश से इस टीका का न केवल सम्पादन किया बल्कि २४ वर्षों तक सेनापतित्व का दायित्व भी निभाया। === आधुनिक भाष्य तथा व्याख्या === आधुनिक कल में ऋग्वेद को समझने हेतु महर्षि [[दयानन्द सरस्वती]] द्वारा "[[ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका]]" की रचना की गई। और उस भाष्य का फिर आगे सरल संस्कृत एवं हिन्दी में अनुवाद स्वामी [[दयानन्द सरस्वती]] ने किया। इसी प्रकार स्वामी जी ने यजुर्वेद का भी भाष्य लिखा। उन्होने अंधविश्वास मिटाने हेतु और सत्य विद्या को जन जन तक पहुँचने हेतु [[हिन्दी]] में " [[सत्यार्थ प्रकाश]] " नामक ग्रंथ की रचना की और आर्य समाज संस्था कि स्थापना की। ==हिंदू धर्म में अभिग्रहण== ===श्रुति=== संपूर्ण रूप से वेदों को हिंदू परंपरा में "श्रुति" के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसकी तुलना पश्चिमी धार्मिक परंपरा में दैवीय रहस्योद्घाटन की अवधारणा से की गई है, लेकिन स्टाल का तर्क है कि "यह कहीं नहीं कहा गया है कि वेद प्रकट हुआ था", और उस श्रुति का सीधा अर्थ है "जो सुना जाता है, इस अर्थ में कि यह से प्रसारित होता है पिता से पुत्र या शिक्षक से शिष्य तक"।<ref name=fritsstaal>Frits Staal (2009), ''Discovering the Vedas: Origins, Mantras, Rituals, Insights'', Penguin, {{ISBN|978-0-14-309986-4}}, pp. xv{{ndash}}xvi</ref> ===हिंदू राष्ट्रवाद=== {{See also|पौराणिक कालक्रम}} ऋग्वेद एक हिंदू पहचान के आधुनिक निर्माण में एक भूमिका निभाता है, जिसमें हिंदुओं को भारत के मूल निवासियों के रूप में चित्रित किया गया है। ऋग्वेद को "स्वदेशी आर्यों" और भारत के बाहर सिद्धांत में संदर्भित किया गया है। ऋग्वेद को समसामयिक बताते हुए, या यहां तक कि [[सिंधु घाटी सभ्यता]] से भी पहले, एक तर्क दिया जाता है कि आईवीसी आर्य था, और ऋग्वेद का वाहक था। ==अवेस्ता के साथ समानता== ऋग्वेद के तत्वों में [[पारसी धर्म]] के [[अवेस्ता]] के साथ समानता है;, उदाहरण के लिए: अहुरा से [[असुर]],[[देवा]] डेवा से, [[अहुरा मज़्दा]] से हिंदू एकेश्वरवाद, [[वरुण]], [[विष्णु]] और [[गरुड़]], [[अग्नि]] से [[अग्नि मंदिर]], स्वर्गीय रस सोमा - हाओमा नामक पेय से, समकालीन [[भारतीय]] और [[फारसी]] युद्ध से देवासुर का युद्ध, अरिया से [[आर्य]], मिथरा से [[मित्र]], [[द्यौष्पिता]] और ज़ीउस से [[बृहस्पति (ज्योतिष)|बृहस्पति]], यज्ञ से [[यज्ञ]], नरिसंग से नरसंगसा, [[इंद्र]], गंधर्व से [[गंधर्व]], [[वज्र]], [[वायु]], [[मंत्र]] , [[यम]], अहुति, हमता से सुमति इत्यादि।<ref>{{cite book |last1=Muesse |first1=Mark W. |title=The Hindu Traditions: A Concise Introduction |date=2011 |publisher=Fortress Press |isbn=978-1-4514-1400-4 |page=30-38 |url=https://books.google.com.bd/books?id=VlQBfbwk7CwC&pg=PA30&dq=hinduism+and+zoroastrianism&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwj7hq2E-qnuAhXRxzgGHZTRCc0Q6AEwAXoECAMQAg#v=onepage&q=hinduism%20and%20zoroastrianism&f=false |access-date=21 January 2021 |language=en}}</ref><ref>{{cite book |last1=Griswold |first1=H. D. |last2=Griswold |first2=Hervey De Witt |title=The Religion of the Ṛigveda |date=1971 |publisher=Motilal Banarsidass Publishe |isbn=978-81-208-0745-7|url=https://books.google.com.bd/books?id=Vhkt5K1fw2wC&pg=PA21&dq=dev+asura+arya+persian&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiUjuqj9KnuAhXGzDgGHZmJAFEQ6AEwAXoECAIQAg#v=onepage&q=dev%20asura%20arya%20persian&f=false |page=1-21 |access-date=21 January 2021}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[ऋग्वेद संहिता]] * [[वैदिक साहित्य]] * [[यजुर्वेद]] * [[सामवेद संहिता|सामवेद]] * [[अथर्ववेद संहिता|अथर्ववेद]] * [[वैदिक सभ्यता|वैदिक काल]] * [[वैदिक धर्म]] * [[वैदिक संस्कृति]] * [[वैदिक कला]] * [[वैदिक संस्कृत]] * [[ऋचा]] * [[सर्वानुक्रमणी]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|2}} == बाहरी कडियाँ == * [https://www.hamarivirasat.com/scripture/india/vedas/rigveda/ हिंदी में पढ़े सभी अध्याय ऋग्वेद के ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210117062749/https://www.hamarivirasat.com/scripture/india/vedas/rigveda/ |date=17 जनवरी 2021 }} * [https://web.archive.org/web/20111103023614/http://wikisource.org/wiki/%E0%A4%8B%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%83 ऋग्वेद (संस्कृत)] (विकिस्रोत) *[https://web.archive.org/web/20160820211546/https://books.google.co.in/books?id=EcEXBgAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false ऋग्वेद, हिन्दी अर्थ सहित] * [https://web.archive.org/web/20100515172142/http://www.vedpuran.com/ '''वेद-पुराण'''] - यहाँ चारों वेद एवं दस से अधिक पुराण हिन्दी अर्थ सहित उपलब्ध हैं। पुराणों को यहाँ सुना भी जा सकता है। * [https://web.archive.org/web/20080408110939/http://is1.mum.edu/vedicreserve/puran.htm महर्षि प्रबंधन विश्वविद्यालय] - यहाँ सम्पूर्ण वैदिक साहित्य संस्कृत में उपलब्ध है। * [https://web.archive.org/web/20100928022018/http://tdil.mit.gov.in/vedicjan04/hdefault.html ज्ञानामृतम्] - वेद, अरण्यक, उपनिषद् आदि पर सम्यक जानकारी * [https://web.archive.org/web/20100106153131/http://www.aryasamajjamnagar.org/vedang.htm वेद एवं वेदांग] - आर्य समाज, जामनगर के जालघर पर सभी वेद एवं उनके भाष्य दिये हुए हैं। * [http://www.samaydarpan.com/july/pehal5.aspx जिनका उदेश्य है - '''वेद प्रचार''']{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [https://web.archive.org/web/20100521212751/http://veda-vidya.com/puran.php वेद-विद्या_डॉट_कॉम] * [https://web.archive.org/web/20150206003458/http://gkv.ac.in/?page_id=1265 ऋग्वेद और सामवेद डाउनलोड करें] (गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय) * [https://web.archive.org/web/20140620180319/http://www.cincinnatitemple.com/articles/Why_Read_Rig_Veda.pdf Why Read Rig Veda] * [https://web.archive.org/web/20181003101118/https://gkhindi.net/%E0%A4%8B%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2/ ऋग्वेद काल] {{ऋग्वेद}} {{वैदिक साहित्य}} {{महाभारत}} {{रामायण}} {{पुराण}} {{हिन्दू धर्म}} [[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]] [[श्रेणी:वेद]] [[श्रेणी:वैदिक धर्म]] 0jjpjpjfss4kybh6nv4viake7icrs8a 6541633 6541632 2026-04-17T16:19:04Z ~2026-23705-20 920833 Sahi jankari jaruri hai 6541633 wikitext text/x-wiki {{Infobox religious text | religion = [[हिन्दू धर्म]] | image = Four vedas.jpg | alt = Four Vedas | language = [[वैदिक संस्कृत]] | caption = चार वेद | period = 1500 BC-1200 BC | oldest manuscript = 1464 AD | chapters = १० (10) मण्डल | sutras = | verses = १०,५८० (10 580)मंत्र<ref>https://hi.quora.com/%E0%A4%8B%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82</ref> }} {{सन्दूक हिन्दू ग्रन्थ}} '''ऋग्वेद''' [[सनातन धर्म]] और सम्पूर्ण विश्व का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है जो उपलब्ध है। इसमें १० मण्डल,<ref>{{cite web|url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/opinion/columnists/devdutt-pattanaik/who-is-ahindu-how-breaking-india-started/articleshow/76239140.cms|title=WHO IS AHINDU? How ‘breaking India’ started}}</ref> १०२८ [[सूक्त]] और वर्तमान में १०,४६२ [[मन्त्र]] हैं, [[मन्त्र]] संख्या के विषय में विद्वानों में कुछ मतभेद है। मन्त्रों में [[देवता|देवताओं]] की [[स्तुति]] की गयी है। इसमें देवताओं का [[यज्ञ]] में आह्वान करने के लिये [[मन्त्र]] हैं। यही सर्वप्रथम [[वेद]] है। ऋग्वेद को इतिहासकार [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार]] की अभी तक उपलब्ध पहली रचनाओं में एक मानते हैं। यह संसार के उन सर्वप्रथम ग्रन्थों में से एक है जिसकी किसी रूप में मान्यता आज तक समाज में बनी हुई है। यह सनातन धर्म का प्रमुख ग्रन्थ है। ऋग्वेद की रचनाओं को पढ़ने वाले ऋषि को होत्र कहा जाता है। ऋग्वेद सबसे पुराना ज्ञात [[वैदिक संस्कृत]] पुस्तक है।<ref>{{cite book|author1=Stephanie W. Jamison|author2=Joel Brereton|title=The Rigveda: 3-Volume Set|url=https://books.google.com/books?id=fgzVAwAAQBAJ|year=2014|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-972078-1|page=3}}</ref> इसकी प्रारम्भिक परतें किसी भी [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार|इंडो-यूरोपीय भाषा]] में सबसे पुराने मौजूदा ग्रन्थों में से एक हैं।<ref>{{cite book|author=Edwin F. Bryant|title=The Yoga Sutras of Patañjali: A New Edition, Translation, and Commentary|url=https://books.google.com/books?id=yivABQAAQBAJ&pg=PT565|year=2015|publisher=Farrar, Straus and Giroux|isbn=978-1-4299-9598-6|pages=565{{ndash}}566}}</ref>{{refn|group=note|According to Edgar Polome, the Hittite language [[Anitta]] text from the 17th century BCE is older. This text is about the conquest of Kanesh city of Anatolia, and mentions the same Indo-European gods as in the Rigveda.<ref>{{cite book|author=Edgar Polome|editor=Per Sture Ureland|title=Entstehung von Sprachen und Völkern: glotto- und ethnogenetische Aspekte europäischer Sprachen|url=https://books.google.com/books?id=T9su8E8eOsgC&pg=PA51|year=2010|publisher=Walter de Gruyter|isbn=978-3-11-163373-2|page=51}}</ref>}} '' ऋग्वेद '' की ध्वनियों और ग्रन्थों को दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व से मौखिक रूप से प्रसारित किया गया है।{{sfn|Wood|2007}}{{sfn|Hexam|2011|p=chapter 8}}{{sfn|Dwyer|2013}} दार्शनिक और भाषायी साक्ष्य इंगित करते हैं कि ऋग्वेद संहिता के अधिकांश भाग की रचना [[भारतीय उपमहाद्वीप]] के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में हुई थी। [[ऋग्वेद संहिता|ऋक् संहिता]] में [[१०|१०]] मण्डल तथा बालखिल्य सहित [[१०२८|१०२८]] [[सूक्त]] हैं। वेद मन्त्रों के समूह को सूक्त कहा जाता है, जिसमें एकदैवत्व तथा एकार्थ का ही प्रतिपादन रहता है। ऋग्वेद में ही मृत्युनिवारक त्र्यम्बक-मंत्र या [[महामृत्युञ्जय मन्त्र|मृत्युंजय मन्त्र]] ([[७|७]]/[[५९|५९]]/[[१२|१२]]) वर्णित है, ऋग्विधान के अनुसार इस मन्त्र के जप के साथ विधिवत व्रत तथा हवन करने से दीर्घ आयु प्राप्त होती है तथा मृत्यु दूर हो कर सब प्रकार का सुख प्राप्त होता है। विश्व-विख्यात [[गायत्री मन्त्र]] (ऋ० [[३|३]]/[[६२|६२]]/[[१०|१०]]) भी इसी में वर्णित है। ऋग्वेद में अनेक प्रकार के लोकोपयोगी-सूक्त, तत्त्वज्ञान-सूक्त, संस्कार-सुक्त उदाहरणतः रोग निवारक-सूक्त (ऋ॰ [[१०|१०]]/[[१३७|१३७]]/[[१|१]]-[[७|७]]), [[श्री सूक्त]] या लक्ष्मी सूक्त (ऋग्वेद के परिशिष्ट सूक्त के खिलसूक्त में), तत्त्वज्ञान के [[नासदीय सूक्त|नासदीय-सूक्त]] (ऋ॰ [[१०|१०]]/[[१२९|१२९]]/[[१|१]]-[[७|७]]) तथा [[हिरण्यगर्भ|हिरण्यगर्भ सूक्त]] (ऋ॰ [[१०|१०]]/[[१२१|१२१]]/[[१|१]]-[[१०|१०]]) और [[विवाह]] आदि के सूक्त (ऋ॰ [[१०|१०]]/[[८५|८५]]/[[१|१]]-[[४७|४७]]) वर्णित हैं, जिनमें ज्ञान विज्ञान का चरमोत्कर्ष दिखलाई देता है। इस ग्रन्थ को इतिहास की दृष्टि से भी एक महत्त्वपूर्ण रचना माना गया है। ईरानी [[अवेस्ता]] की [[गाथा|गाथाओं]] का ऋग्वेद के श्लोकों के जैसे स्वरों में होना, जिसमें कुछ विविध भारतीय देवताओं जैसे [[अग्नि]], [[वायु]], [[जल]], [[सोम]] आदि का वर्णन है। ==कालनिर्धारण और ऐतिहासिक सन्दर्भ== ऋग्वेद किसी भी अन्य इण्डो-आर्यन पाठ की तुलना में कहीं अधिक पुरातन है। इस कारण से, यह [[मैक्स मूलर]] और रूडोल्फ रोथ के समय से पश्चिमी विद्वानों के ध्यान के केन्द्र में था। ऋग्वेद [[वैदिक धर्म]] के प्रारम्भिक चरण को दर्ज करता है। [[ईरानी भाषा परिवार|प्रारम्भिक ईरानी]] [[अवेस्ता]]<ref>{{Harvcolnb|Oldenberg|1894}} (tr. Shrotri), p. 14 "The Vedic diction has a great number of favourite expressions which are common with the Avestic, though not with later Indian diction. In addition, there is a close resemblance between them in metrical form, in fact, in their overall poetic character. If it is noticed that whole Avesta verses can be easily translated into the Vedic alone by virtue of comparative phonetics, then this may often give, not only correct Vedic words and phrases, but also the verses, out of which the soul of Vedic poetry appears to speak."</ref><ref>{{Harvcolnb|Bryant|2001|pp=130{{ndash}}131}} "The oldest part of the Avesta... is linguistically and culturally very close to the material preserved in the Rigveda... There seems to be economic and religious interaction and perhaps rivalry operating here, which justifies scholars in placing the Vedic and Avestan worlds in close chronological, geographical and cultural proximity to each other not far removed from a joint Indo-Iranian period."</ref> के साथ मजबूत भाषायी और सांस्कृतिक समानताएं हैं, जो प्रोटो-इंडो-ईरानी काल से व्युत्पन्न हैं, <ref>{{Harvcolnb|Mallory|1989}} p. 36 "Probably the least-contested observation concerning the various Indo-European dialects is that those languages grouped together as Indic and Iranian show such remarkable similarities with one another that we can confidently posit a period of Indo-Iranian unity..."</ref> अक्सर प्रारम्भिक एण्ड्रोनोवो संस्कृति (या बल्कि, प्रारम्भिक एण्ड्रोनोवो के भीतर सिंटाष्ट संस्कृति) से जुड़ी हैं। क्षितिज) २००० ईसा पूर्व। ऋग्वेद का समय ईपू १०००० से अधिक प्राचीनतम माना गया है। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=9VooDwAAQBAJ&printsec=frontcover&dq=is+rig+veda+oldest+book&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiB1dPquM_4AhU6TmwGHZ10DZwQ6AF6BAgFEAM|title=The Celestial Key to the Vedas: Discovering the Origins of the World's oldest civilization.|publisher=B. G. Sidharth|year=1999|quote=astronomer B. G. Sidharth proves conclusively that the earliest portions of the Rig Veda can be dated as far back as 10,000 b.c.}}</ref> ==[[प्रमुख धार्मिक समूह|प्रमुख]] विषय== ऋग्वेद के विषय में कुछ '''प्रमुख बातें''' निम्नलिखित है- * ॠग्वेद में कुल दस मण्डल हैं जिनमें १०२८ [[सूक्त]] हैं और कुल १०,५८० [[ऋचा]]एँ हैं। इन मण्डलों में कुछ मण्डल छोटे हैं और कुछ बड़े हैं। * ऋग्वेद विश्व का सबसे प्राचीन ग्रंथ है जो वर्तमान समय में उपलब्ध है। * ॠग्वेद के कई सूक्तों में विभिन्न वैदिक [[देवता|देवताओं]] की स्तुति करने वाले मंत्र हैं। यद्यपि ॠग्वेद में अन्य प्रकार के सूक्त भी हैं, परन्तु देवताओं की स्तुति करने वाले स्तोत्रों की प्रधानता है। * ऋग्वेद में ३३ [[देवी]]-[[देवता]]ओं का उल्लेख है। इस वेद में सूर्या, उषा तथा अदिति जैसी देवियों का वर्णन किया है। इसमें [[अग्नि]] को आशीर्षा, अपाद, घृतमुख, घृत पृष्ठ, घृत-लोम, अर्चिलोम तथा वभ्रलोम कहा गया है। इसमें [[इन्द्र]] को सर्वमान्य तथा सबसे अधिक शक्तिशाली देवता माना गया है। इन्द्र की स्तुति में ऋग्वेद में २५० [[ऋचा]]एँ हैं। ऋग्वेद के एक मण्डल में केवल एक ही देवता की स्तुति में श्लोक हैं, वह [[सोम]] देवता है। * इस वेद में [[बहुदेववाद]], [[एकेश्वरवाद]], [[एकात्मवाद]] का उल्लेख है। * ऋग्वेद के [[नासदीय सूक्त]] में [[निर्गुण ब्रह्म]] का वर्णन है। * इस वेद में [[आर्य|आर्यों]] के निवास स्थल के लिए सर्वत्र 'सप्त सिन्धवः' शब्द का प्रयोग हुआ है। * इस में कुछ अनार्यों जैसे - पिसाकास, सीमियां आदि के नामों का उल्लेख हुआ है। इसमें अनार्यों के लिए 'अव्रत' (व्रतों का पालन न करने वाला), 'मृद्धवाच' (अस्पष्ट वाणी बोलने वाला), 'अनास' (चपटी नाक वाले) कहा गया है। * इस वेद लगभग २५ [[नदी|नदियों]] का उल्लेख किया गया है जिनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण नदी [[सिन्धु नदी|सिन्धु]] का वर्णन अधिक है।सर्वाधिक पवित्र नदी [[सरस्वती नदी|सरस्वती]] को माना गया है तथा सरस्वती का उल्लेख भी कई बार हुआ है। इसमें [[गंगा नदी|गंगा]] का प्रयोग एक बार तथा [[यमुना नदी|यमुना]] का प्रयोग तीन बार हुआ है। * ऋग्वेद में [[राजा]] का पद वंशानुगत होता था। ऋग्वेद में सूत, रथकार तथा कर्मार नामों का उल्लेख हुआ है, जो [[राज्याभिषेक]] के समय पर उपस्थित रहते थे। इन सभी की संख्या राजा को मिलाकर १२ थी। * ऋग्वेद में 'वाय' शब्द का प्रयोग जुलाहा तथा 'ततर' शब्द का प्रयोग करघा के अर्थ में हुआ है। * ऋग्वेद के ९वें मण्डल में [[सोम|सोम रस]] की प्रशंसा की गई है। * ऋग्वेद के १०वे मंडल में पुरुषसुक्त का वर्णन है। * "[[असतो मा सद्गमय]]" वाक्य ऋग्वेद से लिया गया है। [[सूर्य]] ([[सवितृ]] को सम्बोधित "[[गायत्री मन्त्र|गायत्री मंत्र]]" ऋग्वेद में उल्लेखित है। * इस वेद में [[गाय]] के लिए 'अहन्या' शब्द का प्रयोग किया गया है। * ऋग्वेद में ऐसी [[कन्या राशि|कन्याओं]] के उदाहरण मिलते हैं जो दीर्घकाल तक या आजीवन अविवाहित रहती थीं। इन कन्याओं को 'अमाजू' कहा जाता था। * इस वेद में हिरण्यपिण्ड का वर्णन किया गया है। इस वेद में 'तक्षन्' अथवा 'त्वष्ट्रा' का वर्णन किया गया है। आश्विन का वर्णन भी ऋग्वेद में कई बार हुआ है। आश्विन को नासत्य ([[अश्विनीकुमार (पौराणिक पात्र)|अश्विनी कुमार]]) भी कहा गया है। * इस वेद के ७वें मण्डल में [[सुदास]] तथा दस राजाओं के मध्य हुए [[युद्ध]] का वर्णन किया गया है, जो कि पुरुष्णी ([[रावी नदी|रावी]]) नदी के तट पर लड़ा गया। इस युद्ध में सुदास की जीत हुई । * ऋग्वेद में कई ग्रामों के समूह को 'विश' कहा गया है और अनेक विशों के समूह को 'जन'। ऋग्वेद में 'जन' का उल्लेख २७५ बार तथा 'विश' का १७० बार किया गया है। एक बड़े प्रशासनिक क्षेत्र के रूप में 'जनपद' का उल्लेख ऋग्वेद में केवल एक बार हुआ है। जनों के प्रधान को 'राजन्' या राजा कहा जाता था। आर्यों के पाँच कबीले होने के कारण उन्हें ऋग्वेद में 'पञ्चजनाः' कहा गया – ये थे- पुरु, यदु, अनु, तुर्वशु तथा द्रहयु। * 'विदथ' सबसे प्राचीन संस्था थी। इसका ऋग्वेद में १२२ बार उल्लेख आया है। 'समिति' का ९ बार तथा 'सभा' का ८ बार उल्लेख आया है। * ऋग्वेद में [[कृषि]] का उल्लेख २४ बार हुआ है। * ऋग्वेद में में कपड़े के लिए वस्त्र, वास तथा वसन शब्दों का उल्लेख किया गया है। इस वेद में 'भिषक्' को देवताओं का [[चिकित्सक]] कहा गया है। * इस वेद में केवल [[हिमालय|हिमालय पर्वत]] तथा इसकी एक चोटी [[मुञ्जवन्त]] का उल्लेख हुआ है। == पाठ == इस पाठ को दस मण्डलों में बांटा गया है,जो कि अलग-अलग समय में लिखे गए हैं और अलग-अलग लम्बाई के हैं। मण्डल संख्या २ से ७ ऋग्वेद के सबसे पुराने और सूक्ष्मतम मंडल हैं। यह मण्डल कुल पाठ का ३८% है। ==भाषा== उत्तर वैदिक काल से पहले का वह काल जिसमें [[ऋग्वेद]] की ऋचाओं की रचना हुई थी। इन [[ऋचा|ऋचाओं]] की जो भाषा थी वो '''ऋग्वैदिक भाषा''' कहलाती है। ऋग्वैदिक भाषा हिंद यूरोपीय भाषा परिवार की एक भाषा है। इसकी परवर्ती पुत्री भाषाएँ [[अवेस्ता]], पुरानी [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]], [[पालि भाषा|पालि,]] [[प्राकृत]] और [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] हैं। === मातृभाषी === ऋग्वैदिक भाषा के मूल मातृभाषी संस्कृत भाषी [[हिन्द-ईरानी भाषाएँ|हिंद-इरानी]] थे। === व्याकरण === ==== नामन् (संज्ञा)==== {|class="wikitable" ! !! एकवचन !! द्विवचन !! बहुवचन |- | '''कर्ता''' | -स् (-म्) || -ॲउ, -ई, -ऊ (-नी) || -अस् (-नि) |- | '''संबोधन''' | -स् (-) || -उ, -ई, -ऊ (-नी) || -अस् (-नि) |- | '''कर्म''' | -अम् (-म्) || -ॲउ, -ई, -ऊ (-नी) || -न्, -अस् (-नि) |- | '''करण''' | -ना, -या || -भ्यॅम् || -भिस् |- | '''संप्रदान''' | -अइ || -भ्यॅम् || -भ्यस् |-N। | '''आपादान''' | -अस् || -भ्यॅम् || -भ्यस् |- | '''संबंध'''। | -अस् || -अउस् || -नॅम |- | '''अधिकरण''' | -इ, -ॲम् || -अउस् || -सु/-षु |} ==== ऋग्वैदिक भाषा और संस्कृत में अंतर ==== जैसे होमेरिक ग्रीक क्लासिकल [[यूनान|ग्रीक]] से भिन्न है वैसै [[ऋग्वैदिक भाषा]] [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] भाषा से भिन्न है। तिवारी ([1955] 2005) ने दोनोँ के बीच अंतर को निम्न सिद्धान्त स्वरूप सूचित किया: * ऋग्वैदिक भाषा में [[voiceless bilabial fricative]] ({{IPA|[ɸ]}} [[फ़]], जो ''उपधमानीय'' कहलाता था और एक अघोष वर्त्य संघर्षी [[voiceless velar fricative]] ({{IPA|[x]}}, यानि [[ख़]] जो ''जिह्वामूलीय'' कहलाता था)—यह तब प्रयोग होता है जब श्वास विसर्ग [[अः]] क्रमशः अघोष ओष्ठ्य और velar व्यंजनोँ के ठीक पहले आता है। दोनोँ ही संस्कृत में लुप्त हो गए और विसर्ग बन गए। उपधमानीय प''{{IAST|p}}'' और फ''{{IAST|ph}}'', जिह्वामूलीय क''{{IAST|k}}'' और ख''{{IAST|kh}}'' से ठीक पहले आता है। * ऋग्वैदिक भाषा में [[retroflex lateral approximant]] [[ळ]]({{IPA|[ ɭ ]}}) और इसका [[बलाघाती]] सहायक {{IPA|[ɭʰ]}} [[ळ्ह]] भी, संस्कृत में लुप्त हो गए, {{IPA|[ɖ]}} (ड़) और {{IPA|[ɖʱ]}} (ढ़) में बदल गए। (''क्षेत्रानुसार; वैदिक उच्चारण अभी तक कुछ क्षेत्रोँ में मौलिक हैं, जैसे. दक्षिण भारत, महाराष्ट्र सहित''.) * अक्षरात्मक {{IPA|[ɻ̩]}} (ऋ), {{IPA|[l̩]}} (लृ) और उनके दीर्घ स्वर उत्तर ऋग्वैदिक काल में लुप्त हो गए। बाद में {{IPA|[ɻi]}} (रि) और {{IPA|[li]}} (ल्रि) के रूप उच्चारित होने लगा. * स्वर '''e''' (ए) और '''o''' (ओ) वैदिक में अइ {{IPA|[ai]}} और अउ {{IPA|[au]}} रूप में उच्चारित हो, पर बाद में संस्कृत में ये पूर्ण शुद्ध ए {{IPA|[eː]}} और ओ {{IPA|[oː]}} हो गए।. * स्वर '''ai''' (ऐ) और '''au''' (औ) वैदिक में {{IPA|[aːi]}} (आइ) और {{IPA|[aːu]}} (आउ) हो गए, पर संस्कृत में ये {{IPA|[ai]}} (अइ) और {{IPA|[au]}} (अउ) हो गए। * [[प्रातिशाख्यस्]] का दावा है कि दंत्य व्यंजन वस्तुतः दाँतोँ की जड़ (''दंतमूलीय'') थे, पर बाद में पूर्ण दंत्य हो गए। इसमें {{IPA|[r]}} र भी है जो बाद में retroflex हो गया। * वैदिक में [[सुर]] का बड़ा महत्त्व था जो कभी भी शब्द का अर्थ बदल देता था और पाणिनि से पहले तक सुरक्षित था। आजकल, सुरभेद केवल पारंपरिक वैदिक में पाया जाता है, बजाय इसके संस्कृत एक [[राग]] भेदी भाषा है। * [[प्लुति]] स्वर या ([[त्रैमात्रिक स्वर]]) वैदिक में ध्वन्यात्मक थे पर संस्कृत में लुप्त हो गए। * वैदिक में दो समान स्वरोँ में संधि के दौरान विकार न होकर मूल ध्वनि सुरक्षित रहती है। === अवेस्ता की भाषा तथा ऋग्वेद की भाषा की तुलना === १९वीं शताब्दी में [[अवस्ताई भाषा|अवस्ताई फ़ारसी]] और ऋग्वैदिक भाषा दोनों पर पश्चिमी विद्वानों की नज़र नई-नई पड़ी थी और इन दोनों के गहरे सम्बन्ध का तथ्य उनके सामने जल्दी ही आ गया। उन्होने देखा के अवस्ताई फ़ारसी और ऋग्वैदिक भाषा के शब्दों में कुछ सरल नियमों के साथ एक से दुसरे को अनुवादित किया जा सकता था और व्याकरण की दृष्टि से यह दोनों बहुत नज़दीक थे। अपनी सन् १८९२ में प्रकाशित किताब "अवस्ताई व्याकरण की संस्कृत से तुलना और अवस्ताई वर्णमाला और उसका लिप्यन्तरण" में भाषावैज्ञानिक और विद्वान एब्राहम जैक्सन ने उदाहरण के लिए एक अवस्ताई धार्मिक श्लोक का ऋग्वैदिक भाषा में सीधा अनुवाद किया। {| cellpadding="5" || :'''मूल अवस्ताई''' || :'''वैदिक संस्कृत अनुवाद''' |- |style="font-size:100%"| :तम अमवन्तम यज़तम :सूरम दामोहु सविश्तम :मिथ़्रम यज़ाइ ज़ओथ़्राब्यो |style="font-size:100%"| :तम आमवन्तम यजताम :शूरम धामेसु शाविष्ठम :मित्राम यजाइ होत्राभ्यः |} == संगठन == एक प्रचलित मान्यता के अनुसार, वेद पहले एक संहिता में थे पर [[व्यास]] ऋषि ने अध्ययन की सुगमता के लिए इन्हें चार भागों में बाँट दिया। इस विभक्तीकरण के कारण ही उनका नाम [[वेदव्यास|वेद व्यास]] पड़ा। इनका विभाजन दो क्रम से किया जाता है - *(१) '''अष्टक क्रम''' - यह पुराना विभाजन क्रम है जिसमें संपूर्ण ऋक संहिता को आठ भागों (अष्टक) में बाँटा गया है। प्रत्येक अष्टक ८ अध्याय के हैं और हर अध्याय में कुछ वर्ग हैं। प्रत्येक अध्याय में कुछ ऋचाएँ (गेय मंत्र) हैं - सामान्यतः ५। *(२) '''मण्डल क्रम''' - संपूर्ण ऋग्वेद संहिता १० मण्डलों में विभक्त हैं। प्रत्येक मण्डल में अनेक अनुवाक और प्रत्येक अनुवाक में अनेक सूक्त और प्रत्येक सूक्त में कई मंत्र (ऋचा)। कुल दसों मण्डल में ८५ अनुवाक और १०१७ सूक्त हैं। इसके अतिरिक्त ११ सूक्त बालखिल्य नाम से जाने जाते हैं। ([[ऋग्वेद के मंडल]] देखें) ऋग्वेद के सूक्तों के पुरुष रचियताओं में गृत्समद, विश्वामित्र, वामदेव, अत्रि, भारद्वाज, वशिष्ठ आदि प्रमुख हैं। सूक्तों के स्त्री रचयिताओं में [[लोपामुद्रा]], [[घोषा]], [[शची]], [[कांक्षावृत्ति]], [[पौलोमी]] आदि प्रमुख हैं। ऋग्वेद के १० वें मंडल के ९५ सूक्त में [[पुरुरवा]], ऐल और [[उर्वशी]] का संवाद है। वेदों में किसी प्रकार की मिलावट न हो इसके लिए ऋषियों ने शब्दों तथा अक्षरों को गिन कर लिख दिया था। [[कात्यायन]] प्रभृति ऋषियों की [[सर्वानुक्रमणी|अनुक्रमणी]] के अनुसार ऋचाओं की संख्या १०,५८०, शब्दों की संख्या १५३५२६ तथा [[शौनक]]कृत अनुक्रमणी के अनुसार ४,३२,००० अक्षर हैं। [[शतपथ ब्राह्मण]] जैसे ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि प्रजापति कृत अक्षरों की संख्या १२००० बृहती थी। अर्थात् १२००० गुणा ३६ यानि ४,३२,००० अक्षर। आज जो [[शाकल संहिता]] के रूप में ऋग्वेद उपलब्ध है उनमें केवल १०५५२ ऋचाएँ हैं। ऋग्वेद में [[ऋचा|ऋचाओं]] का बाहुल्य होने के कारण इसे 'ज्ञान का वेद' कहा जाता है। ==शाखाएँ== {{मुख्य|वैदिक शाखाएँ}} ऋग्वेद की जिन २१ शाखाओं का वर्णन मिलता है, उनमें से चरणव्युह ग्रंथ के अनुसार पाँच ही प्रमुख हैं- :१. [[शाकल]], २. वाष्कल, ३. आश्वलायन, ४. शांखायन और ५. माण्डूकायन। == भाष्य == सबसे पुराना [[भाष्य]] (यानि ''टीका, समीक्षा'') किसने लिखा यह कहना मुश्किल है पर सबसे प्रसिद्ध उपलब्द्ध प्राचीन भाष्य आचार्य [[सायण]] का है। आचार्य सायण से पूर्व के भाष्यकार अधिक गूढ़ भाष्य बना गए थे। [[यास्क]] ने ईसापूर्व पाँचवीं सदी में (अनुमानित) एक कोष लिखा था जिसमें वैदिक शब्दों के अर्थ दिए गए थे। लेकिन सायण ही एक ऐसे भाष्यकार हैं जिनके चारों वेदों के भाष्य मिलते हैं। ऋग्वेद के परिप्रेक्ष्य में क्रम से इन भाष्यकारों ने ऋग्वेद की टीका लिखी - * '''[[स्कन्द स्वामी]]''' - ऐतिहासिक ग्रंथों के अनुसार वेदों का अर्थ समझने और समझाने की क्रिया कुमारिल-शंकर के समय शुरु हुई। स्कन्द स्वामी का काल भी यही माना जाता है - सन् ६२५ के आसपास। ऐसी प्रसिद्धि है कि [[शतपथ ब्राह्मण]] के भाष्यकार [[हरिस्वामी]] (सन् ६३८) को स्कन्द स्वामी ने अपना भाष्य पढ़ाया था। ऋग्वेद भाष्य के प्रथमाष्टक के अन्त में प्राप्त श्लोक से पता चलता है कि स्कन्द स्वामी गुजरात के वलभी के रहने वाले थे। इसमें प्रत्येक सूक्त के आरंभ में उस सूक्त के ऋषि-देवता और छन्द का उल्लेख किया गया है। साथ ही अन्य ग्रंथों से उद्धरण प्रस्तुत किया गया है। ऐसा माना जाता है कि स्क्न्द स्वामी ने प्रथम चार मंडल पर ही अपना भाष्य लिखा था, शेष भाग नारायण तथा उद्गीथ ने मिलकर पूरा किया था। *'''[[माधव भट्ट]]'''- प्रसिद्ध भाष्यकारों में ''माधव'' नाम के चार भाष्यकार हुए हैं। एक सामवेद भाष्यकार के रूप में ज्ञात हैं तो शेष तीन ऋक् के - लेकिन इन तीनों को सटीक पहचानना ऐतिहासिक रूप से संभव न हो पाया है। एक तो आचार्य सायण खुद हैं जिन्होंने अपने बड़े भाई माधव से प्रेरणा लेकर भाष्य लिखा और इसका नाम ''माधवीय भाष्य'' रखा। कुछ विद्वान वेंकट माधव को ही माधव समझते हैं पर ऐसा होना मुश्किल लगता है। वेंकट माधव नामक भाष्यकार की जो आंशिक ऋग्टीका मिलती है उससे प्रतीत होता है कि इनका वेद ज्ञान उच्च कोटि का था। इनके भाष्य का प्रभाव वेंकट माधव तथा स्कन्द स्वामी तक पर मिलता है। इससे यह भी प्रतीत होता है कि इनका काल स्कन्द स्वामी से भी पहले था। *'''[[वेंकटमाधव|वेंकट माधव]]''' - इनका लिखा भाष्य बहुत संक्षिप्त है। इसमें न कोई व्याकरण संबंधी टिप्पणी है और न ही अन्य कोई टिप्पणी। इसमें एक विशेष बात यह है कि ब्राहमण ग्रंथों से सुन्दर रीति से प्रस्तुत प्रमाण। *'''[[धानुष्कयज्वा]]''' - विक्रम की १६वीं शती से पूर्व वेद् भाष्यकार धानुष्कयज्वा का उल्लेख मिलता है जिन्होंने तीन वेदों के भाष्य लिखे। * '''[[आनन्दतीर्थ]]''' - चौदहवीं सदी के मध्य में वैष्णवाचार्य आन्नदतीर्थ जी ने ऋग्वेद के कुछ मंत्रों पर अपना भाष्य लिखा है। * '''[[आत्मानन्द]]''' - ऋग्वेद भाष्य जहाँ सर्वदा यज्ञपरक और देवपरक मिलते हैं, इनके द्वारा लिखा भाष्य आध्यात्मिक लगता है। * '''[[सायण]]''' - ये मध्यकाल का लिखा सबसे विश्वसनीय, संपूर्ण और प्रभावकारी भाष्य है। [[विजयनगर]] के महाराज [[बुक्क राय प्रथम|बुक्का]] (वुक्काराय) ने वेदों के भाष्य का कार्य अपने आध्यात्मिक गुरु और राजनीतिज्ञ अमात्य [[मध्वाचार्य|माधवाचार्य]] को सौंपा था। पमन्चु इस वृहत कार्य को छोड़कर उन्होंने अपने छोटे भाई सायण को ये दायित्व सौंप दिया। उन्होंने अपने विशाल ज्ञानकोश से इस टीका का न केवल सम्पादन किया बल्कि २४ वर्षों तक सेनापतित्व का दायित्व भी निभाया। === आधुनिक भाष्य तथा व्याख्या === आधुनिक कल में ऋग्वेद को समझने हेतु महर्षि [[दयानन्द सरस्वती]] द्वारा "[[ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका]]" की रचना की गई। और उस भाष्य का फिर आगे सरल संस्कृत एवं हिन्दी में अनुवाद स्वामी [[दयानन्द सरस्वती]] ने किया। इसी प्रकार स्वामी जी ने यजुर्वेद का भी भाष्य लिखा। उन्होने अंधविश्वास मिटाने हेतु और सत्य विद्या को जन जन तक पहुँचने हेतु [[हिन्दी]] में " [[सत्यार्थ प्रकाश]] " नामक ग्रंथ की रचना की और आर्य समाज संस्था कि स्थापना की। ==हिंदू धर्म में अभिग्रहण== ===श्रुति=== संपूर्ण रूप से वेदों को हिंदू परंपरा में "श्रुति" के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसकी तुलना पश्चिमी धार्मिक परंपरा में दैवीय रहस्योद्घाटन की अवधारणा से की गई है, लेकिन स्टाल का तर्क है कि "यह कहीं नहीं कहा गया है कि वेद प्रकट हुआ था", और उस श्रुति का सीधा अर्थ है "जो सुना जाता है, इस अर्थ में कि यह से प्रसारित होता है पिता से पुत्र या शिक्षक से शिष्य तक"।<ref name=fritsstaal>Frits Staal (2009), ''Discovering the Vedas: Origins, Mantras, Rituals, Insights'', Penguin, {{ISBN|978-0-14-309986-4}}, pp. xv{{ndash}}xvi</ref> ===हिंदू राष्ट्रवाद=== {{See also|पौराणिक कालक्रम}} ऋग्वेद एक हिंदू पहचान के आधुनिक निर्माण में एक भूमिका निभाता है, जिसमें हिंदुओं को भारत के मूल निवासियों के रूप में चित्रित किया गया है। ऋग्वेद को "स्वदेशी आर्यों" और भारत के बाहर सिद्धांत में संदर्भित किया गया है। ऋग्वेद को समसामयिक बताते हुए, या यहां तक कि [[सिंधु घाटी सभ्यता]] से भी पहले, एक तर्क दिया जाता है कि आईवीसी आर्य था, और ऋग्वेद का वाहक था। ==अवेस्ता के साथ समानता== ऋग्वेद के तत्वों में [[पारसी धर्म]] के [[अवेस्ता]] के साथ समानता है;, उदाहरण के लिए: अहुरा से [[असुर]],[[देवा]] डेवा से, [[अहुरा मज़्दा]] से हिंदू एकेश्वरवाद, [[वरुण]], [[विष्णु]] और [[गरुड़]], [[अग्नि]] से [[अग्नि मंदिर]], स्वर्गीय रस सोमा - हाओमा नामक पेय से, समकालीन [[भारतीय]] और [[फारसी]] युद्ध से देवासुर का युद्ध, अरिया से [[आर्य]], मिथरा से [[मित्र]], [[द्यौष्पिता]] और ज़ीउस से [[बृहस्पति (ज्योतिष)|बृहस्पति]], यज्ञ से [[यज्ञ]], नरिसंग से नरसंगसा, [[इंद्र]], गंधर्व से [[गंधर्व]], [[वज्र]], [[वायु]], [[मंत्र]] , [[यम]], अहुति, हमता से सुमति इत्यादि।<ref>{{cite book |last1=Muesse |first1=Mark W. |title=The Hindu Traditions: A Concise Introduction |date=2011 |publisher=Fortress Press |isbn=978-1-4514-1400-4 |page=30-38 |url=https://books.google.com.bd/books?id=VlQBfbwk7CwC&pg=PA30&dq=hinduism+and+zoroastrianism&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwj7hq2E-qnuAhXRxzgGHZTRCc0Q6AEwAXoECAMQAg#v=onepage&q=hinduism%20and%20zoroastrianism&f=false |access-date=21 January 2021 |language=en}}</ref><ref>{{cite book |last1=Griswold |first1=H. D. |last2=Griswold |first2=Hervey De Witt |title=The Religion of the Ṛigveda |date=1971 |publisher=Motilal Banarsidass Publishe |isbn=978-81-208-0745-7|url=https://books.google.com.bd/books?id=Vhkt5K1fw2wC&pg=PA21&dq=dev+asura+arya+persian&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiUjuqj9KnuAhXGzDgGHZmJAFEQ6AEwAXoECAIQAg#v=onepage&q=dev%20asura%20arya%20persian&f=false |page=1-21 |access-date=21 January 2021}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[ऋग्वेद संहिता]] * [[वैदिक साहित्य]] * [[यजुर्वेद]] * [[सामवेद संहिता|सामवेद]] * [[अथर्ववेद संहिता|अथर्ववेद]] * [[वैदिक सभ्यता|वैदिक काल]] * [[वैदिक धर्म]] * [[वैदिक संस्कृति]] * [[वैदिक कला]] * [[वैदिक संस्कृत]] * [[ऋचा]] * [[सर्वानुक्रमणी]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|2}} == बाहरी कडियाँ == * [https://www.hamarivirasat.com/scripture/india/vedas/rigveda/ हिंदी में पढ़े सभी अध्याय ऋग्वेद के ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210117062749/https://www.hamarivirasat.com/scripture/india/vedas/rigveda/ |date=17 जनवरी 2021 }} * [https://web.archive.org/web/20111103023614/http://wikisource.org/wiki/%E0%A4%8B%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%83 ऋग्वेद (संस्कृत)] (विकिस्रोत) *[https://web.archive.org/web/20160820211546/https://books.google.co.in/books?id=EcEXBgAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false ऋग्वेद, हिन्दी अर्थ सहित] * [https://web.archive.org/web/20100515172142/http://www.vedpuran.com/ '''वेद-पुराण'''] - यहाँ चारों वेद एवं दस से अधिक पुराण हिन्दी अर्थ सहित उपलब्ध हैं। पुराणों को यहाँ सुना भी जा सकता है। * [https://web.archive.org/web/20080408110939/http://is1.mum.edu/vedicreserve/puran.htm महर्षि प्रबंधन विश्वविद्यालय] - यहाँ सम्पूर्ण वैदिक साहित्य संस्कृत में उपलब्ध है। * [https://web.archive.org/web/20100928022018/http://tdil.mit.gov.in/vedicjan04/hdefault.html ज्ञानामृतम्] - वेद, अरण्यक, उपनिषद् आदि पर सम्यक जानकारी * [https://web.archive.org/web/20100106153131/http://www.aryasamajjamnagar.org/vedang.htm वेद एवं वेदांग] - आर्य समाज, जामनगर के जालघर पर सभी वेद एवं उनके भाष्य दिये हुए हैं। * [http://www.samaydarpan.com/july/pehal5.aspx जिनका उदेश्य है - '''वेद प्रचार''']{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [https://web.archive.org/web/20100521212751/http://veda-vidya.com/puran.php वेद-विद्या_डॉट_कॉम] * [https://web.archive.org/web/20150206003458/http://gkv.ac.in/?page_id=1265 ऋग्वेद और सामवेद डाउनलोड करें] (गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय) * [https://web.archive.org/web/20140620180319/http://www.cincinnatitemple.com/articles/Why_Read_Rig_Veda.pdf Why Read Rig Veda] * [https://web.archive.org/web/20181003101118/https://gkhindi.net/%E0%A4%8B%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2/ ऋग्वेद काल] {{ऋग्वेद}} {{वैदिक साहित्य}} {{महाभारत}} {{रामायण}} {{पुराण}} {{हिन्दू धर्म}} [[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]] [[श्रेणी:वेद]] [[श्रेणी:वैदिक धर्म]] qif12ubxmln8yl60cfw52d9w9x4p8wj विकिपीडिया:चौपाल 4 1001 6541593 6541541 2026-04-17T13:10:50Z ~2026-23734-52 920819 /* Yash devanand */ नया अनुभाग 6541593 wikitext text/x-wiki {{/शीर्ष}} <!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। --> == Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में == विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese == Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में == Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire == Satyajit Rāy के सही वर्तनी == Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC) :यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC) ::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]] ::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) :::yes [[विशेष:योगदान/&#126;2025-39710-56|&#126;2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) ::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) :::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC) == लिंक जोडें == मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC) :मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC) == विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी  == [[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]] नमस्ते विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है। यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें! –[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC) == तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध == प्रिय साथी विकीमीडियन्स, मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके। 2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया। मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं। दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी। मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके। आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC) :बिना विश्वसनीय  स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC) ::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC) == Istanbul का सही उच्चारण == "इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323 :@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC) == ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध == नमस्ते, कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें। ड्राफ्ट का लिंक: https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC) == अनुरोध == मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC) == हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना == सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं: :अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं: # [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। # [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। :जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है: # [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला। # [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक। : वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है: # [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। # [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है। : 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं। :सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC) ==सहायता== मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC) ::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC) :::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC) == मसौदे की समीक्षा का अनुरोध == नमस्ते, मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है। मसौदा यहाँ उपलब्ध है: https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा। धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC) ::नमस्ते, :: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा। :: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC) == नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध == नमस्ते संपादकों, मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] -- धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC) == Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 == Dear Wikimedia communities, We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year. ''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.'' In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects. We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community. 📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]] If you have questions about the project, please refer to the FAQs: * [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]] * [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]] ''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]''''' ''Stay connected and receive updates:'' * [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel] * [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list] We look forward to collaborating with you and your community. '''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == स्वागत सन्देश में चित्र == पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]] [[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं। :[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC) {{-}} :: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center> :::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है। :::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है। :::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही। ::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में। ::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) :::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC) ::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं। ::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा? ::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा''' ::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब ::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया''' ::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली ::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा ::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ ::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन ::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC) :::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC) ::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय :::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है। ::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है। ::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं। ::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC) :::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय ::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था| ::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC) :::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC). :::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC) :{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC) == Feminism and Folklore 2026 starts soon == <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> ;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026 Dear Wiki Community, We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia. The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects. ;About the Campaign '''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices. ;What Can Participants Write About? Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to: * Folk festivals, rituals, and celebrations * Folk dances, music, and traditional performances * Women and queer figures in folklore * Women in mythology and oral traditions * Women warriors, witches, and witch-hunting narratives * Fairy tales, folk stories, and legends * Folk games, sports, and cultural practices Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools. ;How to Sign Up as an Organizer Organizers are requested to complete the following steps to register their community: # Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]] # Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool # Prepare a local article list and clearly mention: #* Campaign timeline #* Local and international prizes # Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]] # Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]''' ;Campaign Tools The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants: * '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats. * '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore. Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]''' ;Learn More & Get Support For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''. If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via: * '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]''' * Email us using details on the contact page. ;Join Us We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia. Thank you and best wishes, '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]''' ---- ''Stay connected:'' [[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]&nbsp; [[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]] </div></div> == Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> [[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]] Hello everyone, We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe. ;About Wiki Loves Folklore '''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight: * Folk traditions and rituals * Cultural festivals and celebrations * Traditional attire and crafts * Performing arts, music, and dance * Everyday practices rooted in folk heritage Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world. [[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]] ; Host a Local Edition As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to: * Increase visibility of your region’s folk culture * Engage new contributors in your community * Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content '''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:''' If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know. If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region. ;Get in Touch If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via: * The project Talk pages * Email: '''support@wikilovesfolklore.org''' We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail. Warm regards, '''The Wiki Loves Folklore International Team''' </div> [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा == <section begin="announcement-content" /> मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]। कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें। -- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" /> 21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे == :हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC) [[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC) ==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड== विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं। '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) :[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) ::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC) LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) :[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) ::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC) == शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध == Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature. Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC) :नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC) == ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' == हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है। प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है। हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे- '''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) ::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC) == हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक == तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से। :कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा) :''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही :''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही'' :'' :''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा'' :''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"'' :यह हमारी स्थिति है। :और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि :''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया'' :''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) :कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC) :::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया: :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]] :::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC) :::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है। :::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए: :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]। :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]। :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC) ::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC) :::::::@[[सदस्य: संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, उल्लेखनीयता का मापदंड इसलिए बनाया गया था, कि यदि एक ही विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक दावेदार आ जाते हैं, तो इस नाम से उस विषय या व्यक्ति का लेख बनेगा जो अधिक उल्लेखनीय होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि विकिपीडिया के संदर्भ में एक phrase कई बार सामने आता है, जिसमें लिखा होता है, "sum of all knowledge""। कहने का तात्पर्य यह है कि उल्लेखनीयता के नाम पर तब तक कोई पृष्ठ नही हटाना चाहिए, जब तक उस विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक असंबंधित संभावनाएं न हों। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 'रमेश सिंह' के नाम से उद्धरण सहित लेख बना रहा है तो वह लेख रहने देना चाहिए, जब तक कि कोई उससे भी अधिक उल्लेखनीय 'रमेश सिंह' नाम के व्यक्ति पर उद्धरण सहित लेख बनाने का दावेदार नहीं आ जाता। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 31 मार्च 2026 (UTC) ::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, बहुत अच्छा अर्थ निकाला है आपने। साथ में अपने तर्क के पक्ष में कोई स्रोत भी दे दीजियेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:39, 31 मार्च 2026 (UTC) :::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, [[:en:Wikipedia:Notability]] की भूमिका में लिखा है - ''Information on Wikipedia must be'' '''verifiable'''''... Wikipedia's'' '''concept of notability applies this basic standard''' ''to avoid indiscriminate inclusion of topics... Determining notability does not necessarily depend on things such as fame, importance, or popularity''. -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:53, 31 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने इसके नीचे वाला भाग क्यों नहीं पढ़ा? यद्यपि वो उस विषय की स्वीकार्यता को बढ़ा सकते हैं जो नीचे बताए गए दिशानिर्देशों को पूरा करता हो। इसके बाद विस्तार से बहुत कुछ लिखा हुआ है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:04, 31 मार्च 2026 (UTC) :::::::::::उसके नीचे भी पढ़ा है, वहां लिखा है कि यदि कोई सामग्री एक नया लेख बनाने के लिए उल्लेखनीय नहीं है, तो उस सामग्री को किसी अन्य संबंधित पृष्ठ में विलय कर देना चाहिए। यह सही भी है यदि वह सामग्री स्रोत/संदर्भ युक्त है तो। ऐसा भी देखा गया है कि राष्ट्रपति इत्यादि से अनेक उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति पर बना लेख उल्लेखनीयता के नाम पर हटा दिया गया परन्तु उसमें दर्ज संदर्भित सामग्री कहीं और संजोई नहीं गई, न ही लेखक को उसे दर्ज करने के लिए किसी अन्य पृष्ठ की ओर निर्देशित किया गया। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:16, 31 मार्च 2026 (UTC) {{od|10}}@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने से व्यक्ति उल्लेखनीय कैसे हो गया? विभिन्न विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में [[दीक्षान्त समारोह]] के समय डिग्री वितरण राष्ट्रपति या राज्यपाल के हाथों से करवाया जाता है। आपके अनुसार वो सभी लोग उल्लेखनीय हो गये? सम्बंधित लोगों के नामों की सूची सम्बंधित संस्थान के आधिकारिक जालस्थल पर मिल जायेगा जिसे आप विश्वसनीय स्रोत कह सकते हो। राष्ट्रपति के हाथों से मिला पुरस्कार इतना उल्लेखनीय होना चाहिए जो सम्बंधित व्यक्ति को किसी विशिष्ट कार्य के लिए मिला हो और उस कार्य के कारण व्यक्ति उल्लेखनीय हुआ हो, तो उसे उल्लेखनीय माना जाता है, न कि केवल राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने से। ऐसे समारोह राष्ट्रपति भवन में हमेशा होते हैं और उनके समाचार प्रतिदिन समाचार पत्रों में छपते हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:08, 1 अप्रैल 2026 (UTC) : उदाहरण के लिए, क्या इस ([[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]) पृष्ठ को हटाते समय, इसमें उपलब्ध संदर्भित जानकारी किसी अन्य पृष्ठ पर स्थानांतरित की गई? -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 01:49, 3 अप्रैल 2026 (UTC) == हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा == नमस्ते, मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा। मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है। कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है। धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}} : अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) =="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें == हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। # [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव। # [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता। :इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) == प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन == मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC) :प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक कैसे बदले == महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC) :प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC) :::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC) == Reference Previews – experiment == Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this. <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Problem === <div class="mw-collapsible-content"> In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Assumption === <div class="mw-collapsible-content"> We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Idea === <div class="mw-collapsible-content"> We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision. When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list. <gallery heights="275" widths="250"> File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker''' </gallery> When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list. <gallery heights="275" widths="250"> File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker''' File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview''' File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview''' </gallery> By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Experiment === <div class="mw-collapsible-content"> We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews. We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps. </div> </div> We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC) :As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC) ==विकि लव्ज़ रमजान 2026== <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;> [[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]] प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद '''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC) </div> == इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है == नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है। इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया। डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा। यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC) == अली ख़ामेनेई == <nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC) ::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنه‌ای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा। ::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC) == Lua त्रुटि == जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है: Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'. मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC) :{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC) :::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC) == सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध == नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC) :{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC) ::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote> ::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC) ::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC) ::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें... ::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC) :::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक अनुवाद में मदद == [[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए- * [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या * [[अति-समानांतरीय]] [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC) == Request for Comment: VisualEditor automatic reference names == <div lang="en" dir="ltr"> Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]]. We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community. * Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>). * Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name. * Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation). * Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community. === Feedback === [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]]. '''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism. We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic. Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings. Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == मार्च गतिविधि अपडेट == :हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ: * 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है। * गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया। * फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए। * फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए। * राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ। * आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं। : हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC) == अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले == नमस्ते , विकिपीडियन ‎[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते। ‎तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC) == Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki == [Please help translate this message] Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक अनुवाद में मदद == मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC) == विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं == नमस्ते, विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी । विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂 अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है । आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक] अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]] कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें । धन्यवाद ! विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम -[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC) == Join the sixth Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia! == <div lang="en" dir="ltr"> [[File:Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia 2026.png|right|250px|thumb|link=https://meta.wikimedia.org/wiki/Ukraine%27s_Cultural_Diplomacy_Month_2026|Join our campaign!]] {{int:please-translate}} Dear Wikipedians! [[:m:Special:MyLanguage/Wikimedia Ukraine|Wikimedia Ukraine]], in cooperation with the [[:en:Ministry of Foreign Affairs of Ukraine|MFA of Ukraine]] and [[:en:Ukrainian Institute|Ukrainian Institute]], has launched the sixth edition of writing challenge "'''[[:m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Ukraine's Cultural Diplomacy Month]]'''", which lasts from '''1st April''' until '''30th April 2026'''. The initiative aims to promote knowledge about Ukrainian culture abroad by creating and improving Wikipedia articles in multiple languages. This year marks the sixth edition of the campaign, which will focus on contemporary culture, making today’s artistic voices and practices more visible to international audiences. 🧩'''How to participate?''' Choose an article from the suggested list → Write an article in your language, or improve an existing one according to the rules → Add your contribution to the contest page and calculate your points → Win prizes and receive a certificate of participation → Become a promoter of truthful knowledge about Ukraine. 🧩'''[[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Check our main page for more information]]'''. '''If you are interested in coordinating long-term community engagement for the campaign and becoming a local ambassador, we would love to hear from you! Please let us know your interest.''' If not, then we encourage you to translate the [[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|landing page of the contest]] and [https://meta.wikimedia.org/wiki/Special:MessageGroupStats?group=Centralnotice-tgroup-UCDM2026banner&messages=&language=en&x=D banner] into your own language. Also, we set up a [[:m:CentralNotice/Request/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|banner]] to notify users of the possibility to participate in this challenge! [[:m:User:OlesiaLukaniuk (WMUA)|OlesiaLukaniuk (WMUA)]] ([[:m:User talk:OlesiaLukaniuk (WMUA)|talk]]) 04:35, 1 April 2026 (UTC) </div> <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:OlesiaLukaniuk_(WMUA)/list_of_wikis&oldid=28552112 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:OlesiaLukaniuk (WMUA)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == Action Required: Update templates/modules for electoral maps (Migrating from P1846 to P14226) == Hello everyone, This is a notice regarding an ongoing data migration on Wikidata that may affect your election-related templates and Lua modules (such as <code>Module:Itemgroup/list</code>). '''The Change:'''<br /> Currently, many templates pull electoral maps from Wikidata using the property [[:d:Property:P1846|P1846]], combined with the qualifier [[:d:Property:P180|P180]]: [[:d:Q19571328|Q19571328]]. We are migrating this data (across roughly 4,000 items) to a newly created, dedicated property: '''[[:d:Property:P14226|P14226]]'''. '''What You Need To Do:'''<br /> To ensure your templates and infoboxes do not break or lose their maps, please update your local code to fetch data from [[:d:Property:P14226|P14226]] instead of the old [[:d:Property:P1846|P1846]] + [[:d:Property:P180|P180]] structure. A [[m:Wikidata/Property Migration: P1846 to P14226/List|list of pages]] was generated using Wikimedia Global Search. '''Deadline:'''<br /> We are temporarily retaining the old data on [[:d:Property:P1846|P1846]] to allow for a smooth transition. However, to complete the data cleanup on Wikidata, the old [[:d:Property:P1846|P1846]] statements will be removed after '''May 1, 2026'''. Please update your modules and templates before this date to prevent any disruption to your wiki's election articles. Let us know if you have any questions or need assistance with the query logic. Thank you for your help! [[User:ZI Jony|ZI Jony]] using [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 17:12, 3 अप्रैल 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29941252 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == Wikimedia Foundation की वार्षिक योजना की चर्चाओं में शामिल होने का आमंत्रण == नमस्ते, मैं आप सभी को '''साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल''' के अप्रैल एडिशन में इनवाइट करना चाहता हूँ, जो विकिमीडिया फाउंडेशन की लीडरशिप के साथ उनके [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan/2026-2027 एनुअल प्लान (2026-2027)] पर चर्चा करेगा। फ़ाउंडेशन की [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan वार्षिक योजना] एक उच्च-स्तरीय रोडमैप है, जिसमें यह बताया गया है कि संगठन आने वाले वर्ष में क्या हासिल करना चाहता है। इसमें न केवल फाउंडेशन के लक्ष्य, प्रगति और योजना शामिल है, बल्कि वैश्विक रुझानों का सारांश भी शामिल है जो हमारे मूवमेंट के वर्तमान और भविष्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए, अगला '[https://meta.wikimedia.org/wiki/South%20Asia%20Open%20Community%20Call साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल]' नीचे दी गई तारीखों/समय पर आयोजित कि जाएगी। कृपया इसे अपने कैलेंडर में नोट कर लें और [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 यहाँ साइन अप करें।] Platform: Google Meet Date: 17th April, 2026 Time: 1930-2045 IST (1400-1515 UTC) [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 Registration Link] '''नोट:''' सिर्फ़ रजिस्टर्ड लोगों को ही जॉइनिंग लिंक मिलेगा। कॉल पर आपसे मिलने का इंतज़ार रहेगा, --[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 12:49, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) अधिकार और नए सुरक्षा स्तर पर पुनर्विचार हेतु प्रस्ताव == सभी सदस्य महोदय, मैं समुदाय का ध्यान पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) से जुड़ी [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख_48#केवल_स्वतः_परीक्षित_सदस्यों_द्वारा_स्थानांतरण|2017 की एक पुरानी चर्चा (पुरालेख 48)]] और नीति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। उस समय अनुचित स्थानांतरणों को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया था कि केवल 'स्वतः परीक्षित' (Autopatrolled), रोलबैकर या प्रबंधक स्तर के सदस्य ही पृष्ठों का स्थानांतरण कर सकेंगे। उस समय की चर्चा में और फैब्रिकेटर (Phabricator) पर एक अन्य विकल्प (विकल्प 2) का भी सुझाव दिया गया था, जिसका उल्लेख आदरणीय @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी ने किया था: '''"एक नया सुरक्षा स्तर बना कर बर्बरता के शिकार पन्नों को इस स्तर पर सुरक्षित करने का।"''' मेरा प्रस्ताव है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हमें अब इस विकल्प (नया स्थानांतरण सुरक्षा स्तर) को लागू करना चाहिए। मेरी रूपरेखा कुछ इस प्रकार है: # '''सुरक्षित पृष्ठ:''' जिन पृष्ठों को अर्ध-सुरक्षा (Semi-protection) या पूर्ण सुरक्षा (Full protection) प्राप्त है या जो बर्बरता के प्रति अति-संवेदनशील हैं, उन्हें स्थानांतरित करने का अधिकार केवल 'स्वतः परीक्षित', रोलबैकर, पुनरीक्षक, प्रशासक या प्रबंधक स्तर के सदस्यों तक ही सीमित रहे। # '''सामान्य पृष्ठ:''' जो पृष्ठ पूरी तरह से असुरक्षित और सामान्य हैं, उनका स्थानांतरण (नाम परिवर्तन) करने का अधिकार 'स्वतः स्थापित' (Autoconfirmed) सदस्यों को वापस दे दिया जाए (जैसा कि अंग्रेजी व अन्य विकिपीडिया परियोजनाओं पर होता है)। '''इस बदलाव की आवश्यकता क्यों है (ठोस आँकड़े)?''' सक्रिय अधिकार-प्राप्त सदस्यों की भारी कमी के कारण, छोटे-छोटे और स्पष्ट स्थानांतरण कार्यों (जैसे वर्तनी सुधार) के लिए भी सक्रिय 'स्वतः स्थापित' सदस्यों को <code><nowiki>{{नाम बदलें}}</nowiki></code> का अनुरोध करना पड़ता है। इससे काम की गति धीमी होती है और प्रबंधकों पर भी अनावश्यक अनुरोधों का बोझ पड़ता है। हाल ही में मैंने Quarry टूल के माध्यम से हिंदी विकिपीडिया के डेटाबेस का विश्लेषण किया (क्वेरी लिंक: [https://quarry.wmcloud.org/query/104224 Quarry Query: 104224])। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान में दर्जनों ऐसे अधिकार-प्राप्त सदस्य हैं, जिन्होंने पिछले कई महीनों या वर्षों से हिंदी विकिपीडिया पर एक भी संपादन नहीं किया है। आप नीचे दी गई तालिका का विस्तार करके स्वयं देख सकते हैं: {| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;" |+ अधिकार प्राप्त सदस्यों के अंतिम संपादन की सूची ! अधिकार (Group) !! सदस्य का नाम !! आखिरी संपादन (दिनांक) |- | autopatrolled || Naziah rizvi || 20-10-2016 |- | autopatrolled || Somesh Tripathi || 05-10-2017 |- | autopatrolled || Jeeteshvaishya || 22-10-2017 |- | autopatrolled || रोहित रावत || 02-09-2018 |- | autopatrolled || Salma Mahmoud || 23-10-2018 |- | rollbacker || FR30799386 || 02-10-2019 |- | autopatrolled || SGill (WMF) || 03-03-2020 |- | autopatrolled || RacIndian || 21-08-2020 |- | autopatrolled || Jaswant Singh4 || 25-09-2020 |- | autopatrolled || Teacher1943 || 28-08-2021 |- | autopatrolled || Navinsingh133 || 23-12-2021 |- | rollbacker || Navinsingh133 || 23-12-2021 |- | autopatrolled || Mala chaubey || 29-12-2021 |- | autopatrolled || Navodian || 20-01-2022 |- | autopatrolled || AbhiSuryawanshi || 08-06-2022 |- | autopatrolled || Innocentbunny || 21-09-2022 |- | autopatrolled || Biplab Anand || 22-10-2022 |- | autopatrolled || सुनील मलेठिया || 08-01-2023 |- | autopatrolled || Sushilmishra || 20-04-2023 |- | autopatrolled || Gaurav561 || 01-05-2023 |- | autopatrolled || Ahmed Nisar || 02-07-2023 |- | autopatrolled || JamesJohn82 || 20-08-2023 |- | autopatrolled || जैन || 02-11-2023 |- | autopatrolled || Samee || 13-01-2024 |- | autopatrolled || Dinesh smita || 15-04-2024 |- | autopatrolled || सीमा1 || 15-04-2024 |- | rollbacker || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 |- | autopatrolled || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 |- | autopatrolled || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 |- | rollbacker || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 |- | autopatrolled || Anamdas || 07-11-2024 |- | autopatrolled || चक्रपाणी || 02-12-2024 |- | autopatrolled || Charan Gill || 14-12-2024 |- | autopatrolled || Satdeep Gill || 10-02-2025 |- | autopatrolled || MKar || 23-03-2025 |- | autopatrolled || ArmouredCyborg || 15-05-2025 |- | rollbacker || ArmouredCyborg || 15-05-2025 |- | rollbacker || स || 20-05-2025 |- | autopatrolled || स || 20-05-2025 |- | rollbacker || Stang || 26-05-2025 |- | autopatrolled || AshokChakra || 29-05-2025 |- | rollbacker || AshokChakra || 29-05-2025 |- | rollbacker || PQR01 || 12-06-2025 |- | autopatrolled || WhisperToMe || 26-06-2025 |- | autopatrolled || Hunnjazal || 03-07-2025 |- | autopatrolled || MGA73 || 13-07-2025 |- | autopatrolled || Jayprakash12345 || 19-07-2025 |- | rollbacker || Nilesh shukla || 21-07-2025 |- | autopatrolled || Nilesh shukla || 21-07-2025 |- | autopatrolled || Raju Babu || 03-08-2025 |- | autopatrolled || Trikutdas || 06-10-2025 |- | autopatrolled || Surenders25 || 29-10-2025 |- | rollbacker || राजकुमार || 01-11-2025 |- | rollbacker || Nadzik || 22-11-2025 |- | autopatrolled || Srajaltiwari || 15-12-2025 |- | autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 22-12-2025 |- | autopatrolled || आशीष भटनागर || 23-12-2025 |- | autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 |- | rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 |- | autopatrolled || कलमकार || 12-02-2026 |- | autopatrolled || शीतल सिन्हा || 21-02-2026 |- | rollbacker || रोहित साव27 || 22-02-2026 |- | autopatrolled || रोहित साव27 || 22-02-2026 |- | autopatrolled || नीलम || 09-03-2026 |- | autopatrolled || Dr.jagdish || 10-03-2026 |- | rollbacker || Chronos.Zx || 12-03-2026 |- | rollbacker || Eihel || 13-03-2026 |- | autopatrolled || Eihel || 13-03-2026 |- | autopatrolled || Utcursch || 17-03-2026 |- | rollbacker || J ansari || 24-03-2026 |- | autopatrolled || J ansari || 24-03-2026 |- | autopatrolled || Mahensingha || 27-03-2026 |- | autopatrolled || 1997kB || 29-03-2026 |- | rollbacker || 1997kB || 29-03-2026 |- | rollbacker || Saroj || 31-03-2026 |- | autopatrolled || Ziv || 01-04-2026 |- | rollbacker || TypeInfo || 02-04-2026 |- | sysop || संजीव कुमार || 07-04-2026 |- | autopatrolled || Dharmadhyaksha || 07-04-2026 |- | autopatrolled || CommonsDelinker || 08-04-2026 |- | sysop || SM7 || 08-04-2026 |- | sysop || अजीत कुमार तिवारी || 09-04-2026 |- | sysop || अनिरुद्ध कुमार || 09-04-2026 |- | autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026 |- | rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026 |- | sysop || DreamRimmer || 09-04-2026 |- | autopatrolled || अनुनाद सिंह || 09-04-2026 |- | sysop || Sanjeev bot || 10-04-2026 |} यदि हम यह नई तकनीकी व्यवस्था लागू करते हैं, तो सक्रिय सदस्यों को काम करने में सहूलियत मिलेगी, विकिपीडिया का विकास तेज़ी से होगा, और प्रबंधकों का कीमती समय बचेगा। कृपया इस प्रस्ताव पर अपने बहुमूल्य विचार साझा करें ताकि हम इस सुधार को प्रबंधकों के माध्यम से लागू करवा सकें। धन्यवाद। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 09:22, 10 अप्रैल 2026 (UTC) ==आप सभी से विनम्र निवेदन है कि== मेरे [[विकिपीडिया:स्वतः_परीक्षित_अधिकार_हेतु_निवेदन#चाहर_धर्मेंद्र|इस]] निवेदन के संबंध में आपके विचार मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कृपया अपना बहुमूल्य समय निकालकर इस पर अपना मत अवश्य साझा करें। आपके सुझाव और प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 11:34, 10 अप्रैल 2026 (UTC) == अनुरोध == नमस्कार! मैं आपसे [[मॉड्यूल:Lang/data]] पर एक संपादन करने का अनुरोध करता हूँ। ["hbo"] = "Biblical Hebrew" ===> ["hbo"] = "बाइबिली इब्रानी" [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:28, 10 अप्रैल 2026 (UTC) :{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 08:56, 17 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद! [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 09:51, 17 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:44, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> ==अंतिम कुछ दिन: विकि सम्मेलन भारत 2026 छात्रवृत्ति आवेदन== प्रिय विकिमीडिया समुदाय सदस्य, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि '''[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|विकि सम्मेलन भारत 2026]]''' के लिए छात्रवृत्ति आवेदन वर्तमान में खुले हैं, और अंतिम तिथि अब बहुत निकट है। विकि सम्मेलन भारत 2026 इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का चौथा संस्करण है, जो भारत और दक्षिण एशिया में इंडिक भाषाओं के विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स तथा मुक्त ज्ञान आंदोलन से जुड़े विकिमीडियनों और हितधारकों को एक साथ लाता है। यह सम्मेलन 4–6 सितंबर 2026 को कोच्चि, केरल में आयोजित किया जाएगा। * आप अधिक जानकारी और [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|आवेदन फॉर्म Meta-Wiki पर उपलब्ध]] छात्रवृत्ति पृष्ठ पर प्राप्त कर सकते हैं। * छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026, रात 11:59 बजे (IST) अब जबकि केवल कुछ ही दिन शेष हैं, हम आपको आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है। साथ ही, कृपया इस अवसर को अपने समुदाय में साझा करें और अन्य लोगों को भी आवेदन करने के लिए प्रेरित करें। अधिक जानकारी और नियमित अपडेट के लिए, कृपया सम्मेलन के Meta पृष्ठ पर जाएँ। सादर, <br> विकि सम्मेलन भारत 2026 आयोजन टीम की ओर से <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 23:38, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == फॉण्ट == हिन्दी विकिपीडिया पर पिछले कुछ दिनों से लैटिन लिपि के लिए जो फॉण्ट है, वे [[:hak:Hakkapedia|Hakkapedia]] एवं [[:nan:Pang-chān:Holopedia|Holopedia]] के फॉण्ट की तरह दिख रहा है। क्या default फॉण्ट को बदल दिया गया है? [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) {{Font color|grey|११:२५, १२ अप्रैल २०२६ (IST)}} == Yash devanand == @[[सदस्य:YashDevanand|YashDevanand]] [[विशेष:योगदान/&#126;2026-23734-52|&#126;2026-23734-52]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-23734-52|वार्ता]]) 13:10, 17 अप्रैल 2026 (UTC) fqo9k3cdui2ufdypteldxwk8lnms9hg 6541607 6541593 2026-04-17T14:48:41Z AMAN KUMAR 911487 [[Special:Contributions/~2026-23734-52|~2026-23734-52]] ([[User talk:~2026-23734-52|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6541593|6541593]] को पूर्ववत किया गया 6541607 wikitext text/x-wiki {{/शीर्ष}} <!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। --> == Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में == विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese == Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में == Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire == Satyajit Rāy के सही वर्तनी == Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC) :यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC) ::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]] ::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) :::yes [[विशेष:योगदान/&#126;2025-39710-56|&#126;2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) ::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) :::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC) == लिंक जोडें == मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC) :मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC) == विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी  == [[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]] नमस्ते विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है। यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें! –[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC) == तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध == प्रिय साथी विकीमीडियन्स, मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके। 2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया। मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं। दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी। मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके। आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC) :बिना विश्वसनीय  स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC) ::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC) == Istanbul का सही उच्चारण == "इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323 :@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC) == ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध == नमस्ते, कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें। ड्राफ्ट का लिंक: https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC) == अनुरोध == मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC) == हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना == सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं: :अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं: # [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। # [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। :जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है: # [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला। # [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक। : वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है: # [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। # [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है। : 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं। :सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC) ==सहायता== मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC) ::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC) :::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC) == मसौदे की समीक्षा का अनुरोध == नमस्ते, मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है। मसौदा यहाँ उपलब्ध है: https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा। धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC) ::नमस्ते, :: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा। :: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC) == नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध == नमस्ते संपादकों, मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] -- धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC) == Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 == Dear Wikimedia communities, We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year. ''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.'' In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects. We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community. 📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]] If you have questions about the project, please refer to the FAQs: * [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]] * [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]] ''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]''''' ''Stay connected and receive updates:'' * [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel] * [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list] We look forward to collaborating with you and your community. '''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == स्वागत सन्देश में चित्र == पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]] [[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं। :[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC) {{-}} :: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center> :::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है। :::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है। :::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही। ::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में। ::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) :::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC) ::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं। ::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा? ::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा''' ::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब ::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया''' ::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली ::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा ::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ ::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन ::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC) :::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC) ::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय :::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है। ::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है। ::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं। ::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC) :::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय ::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था| ::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC) :::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC). :::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC) :{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC) == Feminism and Folklore 2026 starts soon == <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> ;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026 Dear Wiki Community, We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia. The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects. ;About the Campaign '''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices. ;What Can Participants Write About? Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to: * Folk festivals, rituals, and celebrations * Folk dances, music, and traditional performances * Women and queer figures in folklore * Women in mythology and oral traditions * Women warriors, witches, and witch-hunting narratives * Fairy tales, folk stories, and legends * Folk games, sports, and cultural practices Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools. ;How to Sign Up as an Organizer Organizers are requested to complete the following steps to register their community: # Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]] # Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool # Prepare a local article list and clearly mention: #* Campaign timeline #* Local and international prizes # Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]] # Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]''' ;Campaign Tools The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants: * '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats. * '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore. Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]''' ;Learn More & Get Support For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''. If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via: * '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]''' * Email us using details on the contact page. ;Join Us We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia. Thank you and best wishes, '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]''' ---- ''Stay connected:'' [[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]&nbsp; [[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]] </div></div> == Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> [[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]] Hello everyone, We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe. ;About Wiki Loves Folklore '''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight: * Folk traditions and rituals * Cultural festivals and celebrations * Traditional attire and crafts * Performing arts, music, and dance * Everyday practices rooted in folk heritage Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world. [[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]] ; Host a Local Edition As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to: * Increase visibility of your region’s folk culture * Engage new contributors in your community * Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content '''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:''' If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know. If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region. ;Get in Touch If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via: * The project Talk pages * Email: '''support@wikilovesfolklore.org''' We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail. Warm regards, '''The Wiki Loves Folklore International Team''' </div> [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा == <section begin="announcement-content" /> मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]। कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें। -- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" /> 21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे == :हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC) [[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC) ==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड== विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं। '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) :[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) ::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC) LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) :[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) ::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC) == शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध == Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature. Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC) :नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC) == ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' == हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है। प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है। हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे- '''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) ::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC) == हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक == तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से। :कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा) :''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही :''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही'' :'' :''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा'' :''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"'' :यह हमारी स्थिति है। :और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि :''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया'' :''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) :कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC) :::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया: :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]] :::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC) :::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है। :::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए: :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]। :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]। :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC) ::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC) :::::::@[[सदस्य: संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, उल्लेखनीयता का मापदंड इसलिए बनाया गया था, कि यदि एक ही विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक दावेदार आ जाते हैं, तो इस नाम से उस विषय या व्यक्ति का लेख बनेगा जो अधिक उल्लेखनीय होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि विकिपीडिया के संदर्भ में एक phrase कई बार सामने आता है, जिसमें लिखा होता है, "sum of all knowledge""। कहने का तात्पर्य यह है कि उल्लेखनीयता के नाम पर तब तक कोई पृष्ठ नही हटाना चाहिए, जब तक उस विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक असंबंधित संभावनाएं न हों। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 'रमेश सिंह' के नाम से उद्धरण सहित लेख बना रहा है तो वह लेख रहने देना चाहिए, जब तक कि कोई उससे भी अधिक उल्लेखनीय 'रमेश सिंह' नाम के व्यक्ति पर उद्धरण सहित लेख बनाने का दावेदार नहीं आ जाता। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 31 मार्च 2026 (UTC) ::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, बहुत अच्छा अर्थ निकाला है आपने। साथ में अपने तर्क के पक्ष में कोई स्रोत भी दे दीजियेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:39, 31 मार्च 2026 (UTC) :::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, [[:en:Wikipedia:Notability]] की भूमिका में लिखा है - ''Information on Wikipedia must be'' '''verifiable'''''... Wikipedia's'' '''concept of notability applies this basic standard''' ''to avoid indiscriminate inclusion of topics... Determining notability does not necessarily depend on things such as fame, importance, or popularity''. -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:53, 31 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने इसके नीचे वाला भाग क्यों नहीं पढ़ा? यद्यपि वो उस विषय की स्वीकार्यता को बढ़ा सकते हैं जो नीचे बताए गए दिशानिर्देशों को पूरा करता हो। इसके बाद विस्तार से बहुत कुछ लिखा हुआ है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:04, 31 मार्च 2026 (UTC) :::::::::::उसके नीचे भी पढ़ा है, वहां लिखा है कि यदि कोई सामग्री एक नया लेख बनाने के लिए उल्लेखनीय नहीं है, तो उस सामग्री को किसी अन्य संबंधित पृष्ठ में विलय कर देना चाहिए। यह सही भी है यदि वह सामग्री स्रोत/संदर्भ युक्त है तो। ऐसा भी देखा गया है कि राष्ट्रपति इत्यादि से अनेक उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति पर बना लेख उल्लेखनीयता के नाम पर हटा दिया गया परन्तु उसमें दर्ज संदर्भित सामग्री कहीं और संजोई नहीं गई, न ही लेखक को उसे दर्ज करने के लिए किसी अन्य पृष्ठ की ओर निर्देशित किया गया। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:16, 31 मार्च 2026 (UTC) {{od|10}}@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने से व्यक्ति उल्लेखनीय कैसे हो गया? विभिन्न विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में [[दीक्षान्त समारोह]] के समय डिग्री वितरण राष्ट्रपति या राज्यपाल के हाथों से करवाया जाता है। आपके अनुसार वो सभी लोग उल्लेखनीय हो गये? सम्बंधित लोगों के नामों की सूची सम्बंधित संस्थान के आधिकारिक जालस्थल पर मिल जायेगा जिसे आप विश्वसनीय स्रोत कह सकते हो। राष्ट्रपति के हाथों से मिला पुरस्कार इतना उल्लेखनीय होना चाहिए जो सम्बंधित व्यक्ति को किसी विशिष्ट कार्य के लिए मिला हो और उस कार्य के कारण व्यक्ति उल्लेखनीय हुआ हो, तो उसे उल्लेखनीय माना जाता है, न कि केवल राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने से। ऐसे समारोह राष्ट्रपति भवन में हमेशा होते हैं और उनके समाचार प्रतिदिन समाचार पत्रों में छपते हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:08, 1 अप्रैल 2026 (UTC) : उदाहरण के लिए, क्या इस ([[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]) पृष्ठ को हटाते समय, इसमें उपलब्ध संदर्भित जानकारी किसी अन्य पृष्ठ पर स्थानांतरित की गई? -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 01:49, 3 अप्रैल 2026 (UTC) == हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा == नमस्ते, मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा। मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है। कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है। धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}} : अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) =="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें == हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। # [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव। # [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता। :इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) == प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन == मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC) :प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक कैसे बदले == महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC) :प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC) :::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC) == Reference Previews – experiment == Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this. <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Problem === <div class="mw-collapsible-content"> In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Assumption === <div class="mw-collapsible-content"> We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Idea === <div class="mw-collapsible-content"> We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision. When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list. <gallery heights="275" widths="250"> File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker''' </gallery> When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list. <gallery heights="275" widths="250"> File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker''' File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview''' File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview''' </gallery> By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Experiment === <div class="mw-collapsible-content"> We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews. We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps. </div> </div> We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC) :As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC) ==विकि लव्ज़ रमजान 2026== <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;> [[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]] प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद '''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC) </div> == इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है == नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है। इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया। डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा। यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC) == अली ख़ामेनेई == <nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC) ::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنه‌ای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा। ::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC) == Lua त्रुटि == जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है: Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'. मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC) :{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC) :::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC) == सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध == नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC) :{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC) ::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote> ::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC) ::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC) ::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें... ::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC) :::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक अनुवाद में मदद == [[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए- * [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या * [[अति-समानांतरीय]] [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC) == Request for Comment: VisualEditor automatic reference names == <div lang="en" dir="ltr"> Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]]. We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community. * Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>). * Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name. * Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation). * Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community. === Feedback === [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]]. '''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism. We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic. Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings. Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == मार्च गतिविधि अपडेट == :हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ: * 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है। * गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया। * फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए। * फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए। * राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ। * आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं। : हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC) == अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले == नमस्ते , विकिपीडियन ‎[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते। ‎तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC) == Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki == [Please help translate this message] Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक अनुवाद में मदद == मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC) == विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं == नमस्ते, विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी । विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂 अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है । आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक] अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]] कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें । धन्यवाद ! विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम -[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC) == Join the sixth Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia! == <div lang="en" dir="ltr"> [[File:Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia 2026.png|right|250px|thumb|link=https://meta.wikimedia.org/wiki/Ukraine%27s_Cultural_Diplomacy_Month_2026|Join our campaign!]] {{int:please-translate}} Dear Wikipedians! [[:m:Special:MyLanguage/Wikimedia Ukraine|Wikimedia Ukraine]], in cooperation with the [[:en:Ministry of Foreign Affairs of Ukraine|MFA of Ukraine]] and [[:en:Ukrainian Institute|Ukrainian Institute]], has launched the sixth edition of writing challenge "'''[[:m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Ukraine's Cultural Diplomacy Month]]'''", which lasts from '''1st April''' until '''30th April 2026'''. The initiative aims to promote knowledge about Ukrainian culture abroad by creating and improving Wikipedia articles in multiple languages. This year marks the sixth edition of the campaign, which will focus on contemporary culture, making today’s artistic voices and practices more visible to international audiences. 🧩'''How to participate?''' Choose an article from the suggested list → Write an article in your language, or improve an existing one according to the rules → Add your contribution to the contest page and calculate your points → Win prizes and receive a certificate of participation → Become a promoter of truthful knowledge about Ukraine. 🧩'''[[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Check our main page for more information]]'''. '''If you are interested in coordinating long-term community engagement for the campaign and becoming a local ambassador, we would love to hear from you! Please let us know your interest.''' If not, then we encourage you to translate the [[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|landing page of the contest]] and [https://meta.wikimedia.org/wiki/Special:MessageGroupStats?group=Centralnotice-tgroup-UCDM2026banner&messages=&language=en&x=D banner] into your own language. Also, we set up a [[:m:CentralNotice/Request/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|banner]] to notify users of the possibility to participate in this challenge! [[:m:User:OlesiaLukaniuk (WMUA)|OlesiaLukaniuk (WMUA)]] ([[:m:User talk:OlesiaLukaniuk (WMUA)|talk]]) 04:35, 1 April 2026 (UTC) </div> <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:OlesiaLukaniuk_(WMUA)/list_of_wikis&oldid=28552112 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:OlesiaLukaniuk (WMUA)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == Action Required: Update templates/modules for electoral maps (Migrating from P1846 to P14226) == Hello everyone, This is a notice regarding an ongoing data migration on Wikidata that may affect your election-related templates and Lua modules (such as <code>Module:Itemgroup/list</code>). '''The Change:'''<br /> Currently, many templates pull electoral maps from Wikidata using the property [[:d:Property:P1846|P1846]], combined with the qualifier [[:d:Property:P180|P180]]: [[:d:Q19571328|Q19571328]]. We are migrating this data (across roughly 4,000 items) to a newly created, dedicated property: '''[[:d:Property:P14226|P14226]]'''. '''What You Need To Do:'''<br /> To ensure your templates and infoboxes do not break or lose their maps, please update your local code to fetch data from [[:d:Property:P14226|P14226]] instead of the old [[:d:Property:P1846|P1846]] + [[:d:Property:P180|P180]] structure. A [[m:Wikidata/Property Migration: P1846 to P14226/List|list of pages]] was generated using Wikimedia Global Search. '''Deadline:'''<br /> We are temporarily retaining the old data on [[:d:Property:P1846|P1846]] to allow for a smooth transition. However, to complete the data cleanup on Wikidata, the old [[:d:Property:P1846|P1846]] statements will be removed after '''May 1, 2026'''. Please update your modules and templates before this date to prevent any disruption to your wiki's election articles. Let us know if you have any questions or need assistance with the query logic. Thank you for your help! [[User:ZI Jony|ZI Jony]] using [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 17:12, 3 अप्रैल 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29941252 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == Wikimedia Foundation की वार्षिक योजना की चर्चाओं में शामिल होने का आमंत्रण == नमस्ते, मैं आप सभी को '''साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल''' के अप्रैल एडिशन में इनवाइट करना चाहता हूँ, जो विकिमीडिया फाउंडेशन की लीडरशिप के साथ उनके [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan/2026-2027 एनुअल प्लान (2026-2027)] पर चर्चा करेगा। फ़ाउंडेशन की [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan वार्षिक योजना] एक उच्च-स्तरीय रोडमैप है, जिसमें यह बताया गया है कि संगठन आने वाले वर्ष में क्या हासिल करना चाहता है। इसमें न केवल फाउंडेशन के लक्ष्य, प्रगति और योजना शामिल है, बल्कि वैश्विक रुझानों का सारांश भी शामिल है जो हमारे मूवमेंट के वर्तमान और भविष्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए, अगला '[https://meta.wikimedia.org/wiki/South%20Asia%20Open%20Community%20Call साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल]' नीचे दी गई तारीखों/समय पर आयोजित कि जाएगी। कृपया इसे अपने कैलेंडर में नोट कर लें और [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 यहाँ साइन अप करें।] Platform: Google Meet Date: 17th April, 2026 Time: 1930-2045 IST (1400-1515 UTC) [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 Registration Link] '''नोट:''' सिर्फ़ रजिस्टर्ड लोगों को ही जॉइनिंग लिंक मिलेगा। कॉल पर आपसे मिलने का इंतज़ार रहेगा, --[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 12:49, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) अधिकार और नए सुरक्षा स्तर पर पुनर्विचार हेतु प्रस्ताव == सभी सदस्य महोदय, मैं समुदाय का ध्यान पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) से जुड़ी [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख_48#केवल_स्वतः_परीक्षित_सदस्यों_द्वारा_स्थानांतरण|2017 की एक पुरानी चर्चा (पुरालेख 48)]] और नीति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। उस समय अनुचित स्थानांतरणों को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया था कि केवल 'स्वतः परीक्षित' (Autopatrolled), रोलबैकर या प्रबंधक स्तर के सदस्य ही पृष्ठों का स्थानांतरण कर सकेंगे। उस समय की चर्चा में और फैब्रिकेटर (Phabricator) पर एक अन्य विकल्प (विकल्प 2) का भी सुझाव दिया गया था, जिसका उल्लेख आदरणीय @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी ने किया था: '''"एक नया सुरक्षा स्तर बना कर बर्बरता के शिकार पन्नों को इस स्तर पर सुरक्षित करने का।"''' मेरा प्रस्ताव है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हमें अब इस विकल्प (नया स्थानांतरण सुरक्षा स्तर) को लागू करना चाहिए। मेरी रूपरेखा कुछ इस प्रकार है: # '''सुरक्षित पृष्ठ:''' जिन पृष्ठों को अर्ध-सुरक्षा (Semi-protection) या पूर्ण सुरक्षा (Full protection) प्राप्त है या जो बर्बरता के प्रति अति-संवेदनशील हैं, उन्हें स्थानांतरित करने का अधिकार केवल 'स्वतः परीक्षित', रोलबैकर, पुनरीक्षक, प्रशासक या प्रबंधक स्तर के सदस्यों तक ही सीमित रहे। # '''सामान्य पृष्ठ:''' जो पृष्ठ पूरी तरह से असुरक्षित और सामान्य हैं, उनका स्थानांतरण (नाम परिवर्तन) करने का अधिकार 'स्वतः स्थापित' (Autoconfirmed) सदस्यों को वापस दे दिया जाए (जैसा कि अंग्रेजी व अन्य विकिपीडिया परियोजनाओं पर होता है)। '''इस बदलाव की आवश्यकता क्यों है (ठोस आँकड़े)?''' सक्रिय अधिकार-प्राप्त सदस्यों की भारी कमी के कारण, छोटे-छोटे और स्पष्ट स्थानांतरण कार्यों (जैसे वर्तनी सुधार) के लिए भी सक्रिय 'स्वतः स्थापित' सदस्यों को <code><nowiki>{{नाम बदलें}}</nowiki></code> का अनुरोध करना पड़ता है। इससे काम की गति धीमी होती है और प्रबंधकों पर भी अनावश्यक अनुरोधों का बोझ पड़ता है। हाल ही में मैंने Quarry टूल के माध्यम से हिंदी विकिपीडिया के डेटाबेस का विश्लेषण किया (क्वेरी लिंक: [https://quarry.wmcloud.org/query/104224 Quarry Query: 104224])। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान में दर्जनों ऐसे अधिकार-प्राप्त सदस्य हैं, जिन्होंने पिछले कई महीनों या वर्षों से हिंदी विकिपीडिया पर एक भी संपादन नहीं किया है। आप नीचे दी गई तालिका का विस्तार करके स्वयं देख सकते हैं: {| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;" |+ अधिकार प्राप्त सदस्यों के अंतिम संपादन की सूची ! अधिकार (Group) !! सदस्य का नाम !! आखिरी संपादन (दिनांक) |- | autopatrolled || Naziah rizvi || 20-10-2016 |- | autopatrolled || Somesh Tripathi || 05-10-2017 |- | autopatrolled || Jeeteshvaishya || 22-10-2017 |- | autopatrolled || रोहित रावत || 02-09-2018 |- | autopatrolled || Salma Mahmoud || 23-10-2018 |- | rollbacker || FR30799386 || 02-10-2019 |- | autopatrolled || SGill (WMF) || 03-03-2020 |- | autopatrolled || RacIndian || 21-08-2020 |- | autopatrolled || Jaswant Singh4 || 25-09-2020 |- | autopatrolled || Teacher1943 || 28-08-2021 |- | autopatrolled || Navinsingh133 || 23-12-2021 |- | rollbacker || Navinsingh133 || 23-12-2021 |- | autopatrolled || Mala chaubey || 29-12-2021 |- | autopatrolled || Navodian || 20-01-2022 |- | autopatrolled || AbhiSuryawanshi || 08-06-2022 |- | autopatrolled || Innocentbunny || 21-09-2022 |- | autopatrolled || Biplab Anand || 22-10-2022 |- | autopatrolled || सुनील मलेठिया || 08-01-2023 |- | autopatrolled || Sushilmishra || 20-04-2023 |- | autopatrolled || Gaurav561 || 01-05-2023 |- | autopatrolled || Ahmed Nisar || 02-07-2023 |- | autopatrolled || JamesJohn82 || 20-08-2023 |- | autopatrolled || जैन || 02-11-2023 |- | autopatrolled || Samee || 13-01-2024 |- | autopatrolled || Dinesh smita || 15-04-2024 |- | autopatrolled || सीमा1 || 15-04-2024 |- | rollbacker || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 |- | autopatrolled || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 |- | autopatrolled || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 |- | rollbacker || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 |- | autopatrolled || Anamdas || 07-11-2024 |- | autopatrolled || चक्रपाणी || 02-12-2024 |- | autopatrolled || Charan Gill || 14-12-2024 |- | autopatrolled || Satdeep Gill || 10-02-2025 |- | autopatrolled || MKar || 23-03-2025 |- | autopatrolled || ArmouredCyborg || 15-05-2025 |- | rollbacker || ArmouredCyborg || 15-05-2025 |- | rollbacker || स || 20-05-2025 |- | autopatrolled || स || 20-05-2025 |- | rollbacker || Stang || 26-05-2025 |- | autopatrolled || AshokChakra || 29-05-2025 |- | rollbacker || AshokChakra || 29-05-2025 |- | rollbacker || PQR01 || 12-06-2025 |- | autopatrolled || WhisperToMe || 26-06-2025 |- | autopatrolled || Hunnjazal || 03-07-2025 |- | autopatrolled || MGA73 || 13-07-2025 |- | autopatrolled || Jayprakash12345 || 19-07-2025 |- | rollbacker || Nilesh shukla || 21-07-2025 |- | autopatrolled || Nilesh shukla || 21-07-2025 |- | autopatrolled || Raju Babu || 03-08-2025 |- | autopatrolled || Trikutdas || 06-10-2025 |- | autopatrolled || Surenders25 || 29-10-2025 |- | rollbacker || राजकुमार || 01-11-2025 |- | rollbacker || Nadzik || 22-11-2025 |- | autopatrolled || Srajaltiwari || 15-12-2025 |- | autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 22-12-2025 |- | autopatrolled || आशीष भटनागर || 23-12-2025 |- | autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 |- | rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 |- | autopatrolled || कलमकार || 12-02-2026 |- | autopatrolled || शीतल सिन्हा || 21-02-2026 |- | rollbacker || रोहित साव27 || 22-02-2026 |- | autopatrolled || रोहित साव27 || 22-02-2026 |- | autopatrolled || नीलम || 09-03-2026 |- | autopatrolled || Dr.jagdish || 10-03-2026 |- | rollbacker || Chronos.Zx || 12-03-2026 |- | rollbacker || Eihel || 13-03-2026 |- | autopatrolled || Eihel || 13-03-2026 |- | autopatrolled || Utcursch || 17-03-2026 |- | rollbacker || J ansari || 24-03-2026 |- | autopatrolled || J ansari || 24-03-2026 |- | autopatrolled || Mahensingha || 27-03-2026 |- | autopatrolled || 1997kB || 29-03-2026 |- | rollbacker || 1997kB || 29-03-2026 |- | rollbacker || Saroj || 31-03-2026 |- | autopatrolled || Ziv || 01-04-2026 |- | rollbacker || TypeInfo || 02-04-2026 |- | sysop || संजीव कुमार || 07-04-2026 |- | autopatrolled || Dharmadhyaksha || 07-04-2026 |- | autopatrolled || CommonsDelinker || 08-04-2026 |- | sysop || SM7 || 08-04-2026 |- | sysop || अजीत कुमार तिवारी || 09-04-2026 |- | sysop || अनिरुद्ध कुमार || 09-04-2026 |- | autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026 |- | rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026 |- | sysop || DreamRimmer || 09-04-2026 |- | autopatrolled || अनुनाद सिंह || 09-04-2026 |- | sysop || Sanjeev bot || 10-04-2026 |} यदि हम यह नई तकनीकी व्यवस्था लागू करते हैं, तो सक्रिय सदस्यों को काम करने में सहूलियत मिलेगी, विकिपीडिया का विकास तेज़ी से होगा, और प्रबंधकों का कीमती समय बचेगा। कृपया इस प्रस्ताव पर अपने बहुमूल्य विचार साझा करें ताकि हम इस सुधार को प्रबंधकों के माध्यम से लागू करवा सकें। धन्यवाद। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 09:22, 10 अप्रैल 2026 (UTC) ==आप सभी से विनम्र निवेदन है कि== मेरे [[विकिपीडिया:स्वतः_परीक्षित_अधिकार_हेतु_निवेदन#चाहर_धर्मेंद्र|इस]] निवेदन के संबंध में आपके विचार मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कृपया अपना बहुमूल्य समय निकालकर इस पर अपना मत अवश्य साझा करें। आपके सुझाव और प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 11:34, 10 अप्रैल 2026 (UTC) == अनुरोध == नमस्कार! मैं आपसे [[मॉड्यूल:Lang/data]] पर एक संपादन करने का अनुरोध करता हूँ। ["hbo"] = "Biblical Hebrew" ===> ["hbo"] = "बाइबिली इब्रानी" [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:28, 10 अप्रैल 2026 (UTC) :{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 08:56, 17 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद! [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 09:51, 17 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:44, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> ==अंतिम कुछ दिन: विकि सम्मेलन भारत 2026 छात्रवृत्ति आवेदन== प्रिय विकिमीडिया समुदाय सदस्य, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि '''[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|विकि सम्मेलन भारत 2026]]''' के लिए छात्रवृत्ति आवेदन वर्तमान में खुले हैं, और अंतिम तिथि अब बहुत निकट है। विकि सम्मेलन भारत 2026 इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का चौथा संस्करण है, जो भारत और दक्षिण एशिया में इंडिक भाषाओं के विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स तथा मुक्त ज्ञान आंदोलन से जुड़े विकिमीडियनों और हितधारकों को एक साथ लाता है। यह सम्मेलन 4–6 सितंबर 2026 को कोच्चि, केरल में आयोजित किया जाएगा। * आप अधिक जानकारी और [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|आवेदन फॉर्म Meta-Wiki पर उपलब्ध]] छात्रवृत्ति पृष्ठ पर प्राप्त कर सकते हैं। * छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026, रात 11:59 बजे (IST) अब जबकि केवल कुछ ही दिन शेष हैं, हम आपको आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है। साथ ही, कृपया इस अवसर को अपने समुदाय में साझा करें और अन्य लोगों को भी आवेदन करने के लिए प्रेरित करें। अधिक जानकारी और नियमित अपडेट के लिए, कृपया सम्मेलन के Meta पृष्ठ पर जाएँ। सादर, <br> विकि सम्मेलन भारत 2026 आयोजन टीम की ओर से <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 23:38, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == फॉण्ट == हिन्दी विकिपीडिया पर पिछले कुछ दिनों से लैटिन लिपि के लिए जो फॉण्ट है, वे [[:hak:Hakkapedia|Hakkapedia]] एवं [[:nan:Pang-chān:Holopedia|Holopedia]] के फॉण्ट की तरह दिख रहा है। क्या default फॉण्ट को बदल दिया गया है? [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) {{Font color|grey|११:२५, १२ अप्रैल २०२६ (IST)}} qqqjaavhpe4u8w526o8p43ax35e720j 6541798 6541607 2026-04-18T08:04:16Z The Sorter 845290 /* Lua त्रुटि */ नया अनुभाग 6541798 wikitext text/x-wiki {{/शीर्ष}} <!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। --> == Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में == विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese == Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में == Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire == Satyajit Rāy के सही वर्तनी == Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC) :यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC) ::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]] ::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) :::yes [[विशेष:योगदान/&#126;2025-39710-56|&#126;2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) ::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC) :::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC) == लिंक जोडें == मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC) :मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC) == विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी  == [[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]] नमस्ते विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है। यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें! –[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC) == तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध == प्रिय साथी विकीमीडियन्स, मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके। 2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया। मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं। दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी। मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके। आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC) :बिना विश्वसनीय  स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC) ::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC) == Istanbul का सही उच्चारण == "इस्तांबुल" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323 :@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC) == ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध == नमस्ते, कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें। ड्राफ्ट का लिंक: https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC) == अनुरोध == मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC) == हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना == सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं: :अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं: # [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। # [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। :जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है: # [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला। # [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक। : वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है: # [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव। # [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है। : 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं। :सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC) ==सहायता== मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC) ::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC) :::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC) == मसौदे की समीक्षा का अनुरोध == नमस्ते, मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है। मसौदा यहाँ उपलब्ध है: https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा। धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC) ::नमस्ते, :: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा। :: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC) == नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध == नमस्ते संपादकों, मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] -- धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC) == Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 == Dear Wikimedia communities, We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year. ''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.'' In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects. We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community. 📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]] If you have questions about the project, please refer to the FAQs: * [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]] * [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]] ''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]''''' ''Stay connected and receive updates:'' * [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel] * [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list] We look forward to collaborating with you and your community. '''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == स्वागत सन्देश में चित्र == पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]] [[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं। :[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC) {{-}} :: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center> :::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है। :::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है। :::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही। ::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में। ::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) :::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC) ::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं। ::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा? ::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा''' ::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब ::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया''' ::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली ::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा ::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ ::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन ::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC) :::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC) ::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय :::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है। ::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है। ::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं। ::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC) :::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय ::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था| ::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC) :::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC). :::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC) :{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC) == Feminism and Folklore 2026 starts soon == <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> ;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026 Dear Wiki Community, We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia. The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects. ;About the Campaign '''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices. ;What Can Participants Write About? Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to: * Folk festivals, rituals, and celebrations * Folk dances, music, and traditional performances * Women and queer figures in folklore * Women in mythology and oral traditions * Women warriors, witches, and witch-hunting narratives * Fairy tales, folk stories, and legends * Folk games, sports, and cultural practices Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools. ;How to Sign Up as an Organizer Organizers are requested to complete the following steps to register their community: # Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]] # Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool # Prepare a local article list and clearly mention: #* Campaign timeline #* Local and international prizes # Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]] # Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]''' ;Campaign Tools The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants: * '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats. * '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore. Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]''' ;Learn More & Get Support For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''. If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via: * '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]''' * Email us using details on the contact page. ;Join Us We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia. Thank you and best wishes, '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]''' ---- ''Stay connected:'' [[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]&nbsp; [[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]] </div></div> == Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> [[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]] Hello everyone, We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe. ;About Wiki Loves Folklore '''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight: * Folk traditions and rituals * Cultural festivals and celebrations * Traditional attire and crafts * Performing arts, music, and dance * Everyday practices rooted in folk heritage Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world. [[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]] ; Host a Local Edition As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to: * Increase visibility of your region’s folk culture * Engage new contributors in your community * Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content '''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:''' If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know. If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region. ;Get in Touch If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via: * The project Talk pages * Email: '''support@wikilovesfolklore.org''' We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail. Warm regards, '''The Wiki Loves Folklore International Team''' </div> [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा == <section begin="announcement-content" /> मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]। कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें। -- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" /> 21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे == :हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC) [[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC) ==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड== विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं। '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) :[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) ::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC) LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) :[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC) ::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC) == शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध == Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature. Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC) :नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC) == ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' == हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है। प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है। हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे- '''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) ::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC) == हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक == तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से। :कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा) :''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही :''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही'' :'' :''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा'' :''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"'' :यह हमारी स्थिति है। :और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि :''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया'' :''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC) :कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC) :::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया: :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]] :::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]] :::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC) :::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है। :::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए: :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]। :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]। :::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC) ::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC) :::::::@[[सदस्य: संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, उल्लेखनीयता का मापदंड इसलिए बनाया गया था, कि यदि एक ही विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक दावेदार आ जाते हैं, तो इस नाम से उस विषय या व्यक्ति का लेख बनेगा जो अधिक उल्लेखनीय होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि विकिपीडिया के संदर्भ में एक phrase कई बार सामने आता है, जिसमें लिखा होता है, "sum of all knowledge""। कहने का तात्पर्य यह है कि उल्लेखनीयता के नाम पर तब तक कोई पृष्ठ नही हटाना चाहिए, जब तक उस विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक असंबंधित संभावनाएं न हों। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 'रमेश सिंह' के नाम से उद्धरण सहित लेख बना रहा है तो वह लेख रहने देना चाहिए, जब तक कि कोई उससे भी अधिक उल्लेखनीय 'रमेश सिंह' नाम के व्यक्ति पर उद्धरण सहित लेख बनाने का दावेदार नहीं आ जाता। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 31 मार्च 2026 (UTC) ::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, बहुत अच्छा अर्थ निकाला है आपने। साथ में अपने तर्क के पक्ष में कोई स्रोत भी दे दीजियेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:39, 31 मार्च 2026 (UTC) :::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, [[:en:Wikipedia:Notability]] की भूमिका में लिखा है - ''Information on Wikipedia must be'' '''verifiable'''''... Wikipedia's'' '''concept of notability applies this basic standard''' ''to avoid indiscriminate inclusion of topics... Determining notability does not necessarily depend on things such as fame, importance, or popularity''. -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:53, 31 मार्च 2026 (UTC) ::::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने इसके नीचे वाला भाग क्यों नहीं पढ़ा? यद्यपि वो उस विषय की स्वीकार्यता को बढ़ा सकते हैं जो नीचे बताए गए दिशानिर्देशों को पूरा करता हो। इसके बाद विस्तार से बहुत कुछ लिखा हुआ है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:04, 31 मार्च 2026 (UTC) :::::::::::उसके नीचे भी पढ़ा है, वहां लिखा है कि यदि कोई सामग्री एक नया लेख बनाने के लिए उल्लेखनीय नहीं है, तो उस सामग्री को किसी अन्य संबंधित पृष्ठ में विलय कर देना चाहिए। यह सही भी है यदि वह सामग्री स्रोत/संदर्भ युक्त है तो। ऐसा भी देखा गया है कि राष्ट्रपति इत्यादि से अनेक उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति पर बना लेख उल्लेखनीयता के नाम पर हटा दिया गया परन्तु उसमें दर्ज संदर्भित सामग्री कहीं और संजोई नहीं गई, न ही लेखक को उसे दर्ज करने के लिए किसी अन्य पृष्ठ की ओर निर्देशित किया गया। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:16, 31 मार्च 2026 (UTC) {{od|10}}@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने से व्यक्ति उल्लेखनीय कैसे हो गया? विभिन्न विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में [[दीक्षान्त समारोह]] के समय डिग्री वितरण राष्ट्रपति या राज्यपाल के हाथों से करवाया जाता है। आपके अनुसार वो सभी लोग उल्लेखनीय हो गये? सम्बंधित लोगों के नामों की सूची सम्बंधित संस्थान के आधिकारिक जालस्थल पर मिल जायेगा जिसे आप विश्वसनीय स्रोत कह सकते हो। राष्ट्रपति के हाथों से मिला पुरस्कार इतना उल्लेखनीय होना चाहिए जो सम्बंधित व्यक्ति को किसी विशिष्ट कार्य के लिए मिला हो और उस कार्य के कारण व्यक्ति उल्लेखनीय हुआ हो, तो उसे उल्लेखनीय माना जाता है, न कि केवल राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने से। ऐसे समारोह राष्ट्रपति भवन में हमेशा होते हैं और उनके समाचार प्रतिदिन समाचार पत्रों में छपते हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:08, 1 अप्रैल 2026 (UTC) : उदाहरण के लिए, क्या इस ([[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]) पृष्ठ को हटाते समय, इसमें उपलब्ध संदर्भित जानकारी किसी अन्य पृष्ठ पर स्थानांतरित की गई? -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 01:49, 3 अप्रैल 2026 (UTC) == हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा == नमस्ते, मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा। मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है। कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है। धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}} : अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) =="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें == हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। # [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव। # [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता। :इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC) == प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन == मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC) :प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक कैसे बदले == महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC) :प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC) :::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC) == Reference Previews – experiment == Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this. <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Problem === <div class="mw-collapsible-content"> In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Assumption === <div class="mw-collapsible-content"> We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Idea === <div class="mw-collapsible-content"> We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision. When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list. <gallery heights="275" widths="250"> File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker''' </gallery> When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list. <gallery heights="275" widths="250"> File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker''' File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview''' File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview''' </gallery> By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version. </div> </div> <div class="mw-collapsible mw-collapse"> === Experiment === <div class="mw-collapsible-content"> We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews. We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps. </div> </div> We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC) :As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC) ==विकि लव्ज़ रमजान 2026== <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;> [[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]] प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद '''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC) </div> == इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है == नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है। इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया। डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा। यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC) == अली ख़ामेनेई == <nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC) ::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنه‌ای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा। ::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC) == Lua त्रुटि == जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है: Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'. मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC) :{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC) :::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC) == सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध == नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC) :{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC) ::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote> ::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC) ::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC) ::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें... ::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC) :::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक अनुवाद में मदद == [[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए- * [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या * [[अति-समानांतरीय]] [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC) == Request for Comment: VisualEditor automatic reference names == <div lang="en" dir="ltr"> Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]]. We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community. * Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>). * Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name. * Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation). * Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community. === Feedback === [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]]. '''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism. We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic. Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings. Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == मार्च गतिविधि अपडेट == :हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ: * 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है। * गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया। * फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए। * फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए। * राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ। * आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं। : हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC) == अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले == नमस्ते , विकिपीडियन ‎[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते। ‎तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC) == Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki == [Please help translate this message] Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC) == शीर्षक अनुवाद में मदद == मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC) == विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं == नमस्ते, विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी । विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂 अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है । आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक] अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]] कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें । धन्यवाद ! विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम -[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC) == Join the sixth Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia! == <div lang="en" dir="ltr"> [[File:Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia 2026.png|right|250px|thumb|link=https://meta.wikimedia.org/wiki/Ukraine%27s_Cultural_Diplomacy_Month_2026|Join our campaign!]] {{int:please-translate}} Dear Wikipedians! [[:m:Special:MyLanguage/Wikimedia Ukraine|Wikimedia Ukraine]], in cooperation with the [[:en:Ministry of Foreign Affairs of Ukraine|MFA of Ukraine]] and [[:en:Ukrainian Institute|Ukrainian Institute]], has launched the sixth edition of writing challenge "'''[[:m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Ukraine's Cultural Diplomacy Month]]'''", which lasts from '''1st April''' until '''30th April 2026'''. The initiative aims to promote knowledge about Ukrainian culture abroad by creating and improving Wikipedia articles in multiple languages. This year marks the sixth edition of the campaign, which will focus on contemporary culture, making today’s artistic voices and practices more visible to international audiences. 🧩'''How to participate?''' Choose an article from the suggested list → Write an article in your language, or improve an existing one according to the rules → Add your contribution to the contest page and calculate your points → Win prizes and receive a certificate of participation → Become a promoter of truthful knowledge about Ukraine. 🧩'''[[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Check our main page for more information]]'''. '''If you are interested in coordinating long-term community engagement for the campaign and becoming a local ambassador, we would love to hear from you! Please let us know your interest.''' If not, then we encourage you to translate the [[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|landing page of the contest]] and [https://meta.wikimedia.org/wiki/Special:MessageGroupStats?group=Centralnotice-tgroup-UCDM2026banner&messages=&language=en&x=D banner] into your own language. Also, we set up a [[:m:CentralNotice/Request/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|banner]] to notify users of the possibility to participate in this challenge! [[:m:User:OlesiaLukaniuk (WMUA)|OlesiaLukaniuk (WMUA)]] ([[:m:User talk:OlesiaLukaniuk (WMUA)|talk]]) 04:35, 1 April 2026 (UTC) </div> <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:OlesiaLukaniuk_(WMUA)/list_of_wikis&oldid=28552112 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:OlesiaLukaniuk (WMUA)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == Action Required: Update templates/modules for electoral maps (Migrating from P1846 to P14226) == Hello everyone, This is a notice regarding an ongoing data migration on Wikidata that may affect your election-related templates and Lua modules (such as <code>Module:Itemgroup/list</code>). '''The Change:'''<br /> Currently, many templates pull electoral maps from Wikidata using the property [[:d:Property:P1846|P1846]], combined with the qualifier [[:d:Property:P180|P180]]: [[:d:Q19571328|Q19571328]]. We are migrating this data (across roughly 4,000 items) to a newly created, dedicated property: '''[[:d:Property:P14226|P14226]]'''. '''What You Need To Do:'''<br /> To ensure your templates and infoboxes do not break or lose their maps, please update your local code to fetch data from [[:d:Property:P14226|P14226]] instead of the old [[:d:Property:P1846|P1846]] + [[:d:Property:P180|P180]] structure. A [[m:Wikidata/Property Migration: P1846 to P14226/List|list of pages]] was generated using Wikimedia Global Search. '''Deadline:'''<br /> We are temporarily retaining the old data on [[:d:Property:P1846|P1846]] to allow for a smooth transition. However, to complete the data cleanup on Wikidata, the old [[:d:Property:P1846|P1846]] statements will be removed after '''May 1, 2026'''. Please update your modules and templates before this date to prevent any disruption to your wiki's election articles. Let us know if you have any questions or need assistance with the query logic. Thank you for your help! [[User:ZI Jony|ZI Jony]] using [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 17:12, 3 अप्रैल 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29941252 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> == Wikimedia Foundation की वार्षिक योजना की चर्चाओं में शामिल होने का आमंत्रण == नमस्ते, मैं आप सभी को '''साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल''' के अप्रैल एडिशन में इनवाइट करना चाहता हूँ, जो विकिमीडिया फाउंडेशन की लीडरशिप के साथ उनके [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan/2026-2027 एनुअल प्लान (2026-2027)] पर चर्चा करेगा। फ़ाउंडेशन की [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan वार्षिक योजना] एक उच्च-स्तरीय रोडमैप है, जिसमें यह बताया गया है कि संगठन आने वाले वर्ष में क्या हासिल करना चाहता है। इसमें न केवल फाउंडेशन के लक्ष्य, प्रगति और योजना शामिल है, बल्कि वैश्विक रुझानों का सारांश भी शामिल है जो हमारे मूवमेंट के वर्तमान और भविष्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए, अगला '[https://meta.wikimedia.org/wiki/South%20Asia%20Open%20Community%20Call साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल]' नीचे दी गई तारीखों/समय पर आयोजित कि जाएगी। कृपया इसे अपने कैलेंडर में नोट कर लें और [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 यहाँ साइन अप करें।] Platform: Google Meet Date: 17th April, 2026 Time: 1930-2045 IST (1400-1515 UTC) [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 Registration Link] '''नोट:''' सिर्फ़ रजिस्टर्ड लोगों को ही जॉइनिंग लिंक मिलेगा। कॉल पर आपसे मिलने का इंतज़ार रहेगा, --[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 12:49, 6 अप्रैल 2026 (UTC) == पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) अधिकार और नए सुरक्षा स्तर पर पुनर्विचार हेतु प्रस्ताव == सभी सदस्य महोदय, मैं समुदाय का ध्यान पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) से जुड़ी [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख_48#केवल_स्वतः_परीक्षित_सदस्यों_द्वारा_स्थानांतरण|2017 की एक पुरानी चर्चा (पुरालेख 48)]] और नीति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। उस समय अनुचित स्थानांतरणों को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया था कि केवल 'स्वतः परीक्षित' (Autopatrolled), रोलबैकर या प्रबंधक स्तर के सदस्य ही पृष्ठों का स्थानांतरण कर सकेंगे। उस समय की चर्चा में और फैब्रिकेटर (Phabricator) पर एक अन्य विकल्प (विकल्प 2) का भी सुझाव दिया गया था, जिसका उल्लेख आदरणीय @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी ने किया था: '''"एक नया सुरक्षा स्तर बना कर बर्बरता के शिकार पन्नों को इस स्तर पर सुरक्षित करने का।"''' मेरा प्रस्ताव है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हमें अब इस विकल्प (नया स्थानांतरण सुरक्षा स्तर) को लागू करना चाहिए। मेरी रूपरेखा कुछ इस प्रकार है: # '''सुरक्षित पृष्ठ:''' जिन पृष्ठों को अर्ध-सुरक्षा (Semi-protection) या पूर्ण सुरक्षा (Full protection) प्राप्त है या जो बर्बरता के प्रति अति-संवेदनशील हैं, उन्हें स्थानांतरित करने का अधिकार केवल 'स्वतः परीक्षित', रोलबैकर, पुनरीक्षक, प्रशासक या प्रबंधक स्तर के सदस्यों तक ही सीमित रहे। # '''सामान्य पृष्ठ:''' जो पृष्ठ पूरी तरह से असुरक्षित और सामान्य हैं, उनका स्थानांतरण (नाम परिवर्तन) करने का अधिकार 'स्वतः स्थापित' (Autoconfirmed) सदस्यों को वापस दे दिया जाए (जैसा कि अंग्रेजी व अन्य विकिपीडिया परियोजनाओं पर होता है)। '''इस बदलाव की आवश्यकता क्यों है (ठोस आँकड़े)?''' सक्रिय अधिकार-प्राप्त सदस्यों की भारी कमी के कारण, छोटे-छोटे और स्पष्ट स्थानांतरण कार्यों (जैसे वर्तनी सुधार) के लिए भी सक्रिय 'स्वतः स्थापित' सदस्यों को <code><nowiki>{{नाम बदलें}}</nowiki></code> का अनुरोध करना पड़ता है। इससे काम की गति धीमी होती है और प्रबंधकों पर भी अनावश्यक अनुरोधों का बोझ पड़ता है। हाल ही में मैंने Quarry टूल के माध्यम से हिंदी विकिपीडिया के डेटाबेस का विश्लेषण किया (क्वेरी लिंक: [https://quarry.wmcloud.org/query/104224 Quarry Query: 104224])। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान में दर्जनों ऐसे अधिकार-प्राप्त सदस्य हैं, जिन्होंने पिछले कई महीनों या वर्षों से हिंदी विकिपीडिया पर एक भी संपादन नहीं किया है। आप नीचे दी गई तालिका का विस्तार करके स्वयं देख सकते हैं: {| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;" |+ अधिकार प्राप्त सदस्यों के अंतिम संपादन की सूची ! अधिकार (Group) !! सदस्य का नाम !! आखिरी संपादन (दिनांक) |- | autopatrolled || Naziah rizvi || 20-10-2016 |- | autopatrolled || Somesh Tripathi || 05-10-2017 |- | autopatrolled || Jeeteshvaishya || 22-10-2017 |- | autopatrolled || रोहित रावत || 02-09-2018 |- | autopatrolled || Salma Mahmoud || 23-10-2018 |- | rollbacker || FR30799386 || 02-10-2019 |- | autopatrolled || SGill (WMF) || 03-03-2020 |- | autopatrolled || RacIndian || 21-08-2020 |- | autopatrolled || Jaswant Singh4 || 25-09-2020 |- | autopatrolled || Teacher1943 || 28-08-2021 |- | autopatrolled || Navinsingh133 || 23-12-2021 |- | rollbacker || Navinsingh133 || 23-12-2021 |- | autopatrolled || Mala chaubey || 29-12-2021 |- | autopatrolled || Navodian || 20-01-2022 |- | autopatrolled || AbhiSuryawanshi || 08-06-2022 |- | autopatrolled || Innocentbunny || 21-09-2022 |- | autopatrolled || Biplab Anand || 22-10-2022 |- | autopatrolled || सुनील मलेठिया || 08-01-2023 |- | autopatrolled || Sushilmishra || 20-04-2023 |- | autopatrolled || Gaurav561 || 01-05-2023 |- | autopatrolled || Ahmed Nisar || 02-07-2023 |- | autopatrolled || JamesJohn82 || 20-08-2023 |- | autopatrolled || जैन || 02-11-2023 |- | autopatrolled || Samee || 13-01-2024 |- | autopatrolled || Dinesh smita || 15-04-2024 |- | autopatrolled || सीमा1 || 15-04-2024 |- | rollbacker || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 |- | autopatrolled || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 |- | autopatrolled || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 |- | rollbacker || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 |- | autopatrolled || Anamdas || 07-11-2024 |- | autopatrolled || चक्रपाणी || 02-12-2024 |- | autopatrolled || Charan Gill || 14-12-2024 |- | autopatrolled || Satdeep Gill || 10-02-2025 |- | autopatrolled || MKar || 23-03-2025 |- | autopatrolled || ArmouredCyborg || 15-05-2025 |- | rollbacker || ArmouredCyborg || 15-05-2025 |- | rollbacker || स || 20-05-2025 |- | autopatrolled || स || 20-05-2025 |- | rollbacker || Stang || 26-05-2025 |- | autopatrolled || AshokChakra || 29-05-2025 |- | rollbacker || AshokChakra || 29-05-2025 |- | rollbacker || PQR01 || 12-06-2025 |- | autopatrolled || WhisperToMe || 26-06-2025 |- | autopatrolled || Hunnjazal || 03-07-2025 |- | autopatrolled || MGA73 || 13-07-2025 |- | autopatrolled || Jayprakash12345 || 19-07-2025 |- | rollbacker || Nilesh shukla || 21-07-2025 |- | autopatrolled || Nilesh shukla || 21-07-2025 |- | autopatrolled || Raju Babu || 03-08-2025 |- | autopatrolled || Trikutdas || 06-10-2025 |- | autopatrolled || Surenders25 || 29-10-2025 |- | rollbacker || राजकुमार || 01-11-2025 |- | rollbacker || Nadzik || 22-11-2025 |- | autopatrolled || Srajaltiwari || 15-12-2025 |- | autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 22-12-2025 |- | autopatrolled || आशीष भटनागर || 23-12-2025 |- | autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 |- | rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 |- | autopatrolled || कलमकार || 12-02-2026 |- | autopatrolled || शीतल सिन्हा || 21-02-2026 |- | rollbacker || रोहित साव27 || 22-02-2026 |- | autopatrolled || रोहित साव27 || 22-02-2026 |- | autopatrolled || नीलम || 09-03-2026 |- | autopatrolled || Dr.jagdish || 10-03-2026 |- | rollbacker || Chronos.Zx || 12-03-2026 |- | rollbacker || Eihel || 13-03-2026 |- | autopatrolled || Eihel || 13-03-2026 |- | autopatrolled || Utcursch || 17-03-2026 |- | rollbacker || J ansari || 24-03-2026 |- | autopatrolled || J ansari || 24-03-2026 |- | autopatrolled || Mahensingha || 27-03-2026 |- | autopatrolled || 1997kB || 29-03-2026 |- | rollbacker || 1997kB || 29-03-2026 |- | rollbacker || Saroj || 31-03-2026 |- | autopatrolled || Ziv || 01-04-2026 |- | rollbacker || TypeInfo || 02-04-2026 |- | sysop || संजीव कुमार || 07-04-2026 |- | autopatrolled || Dharmadhyaksha || 07-04-2026 |- | autopatrolled || CommonsDelinker || 08-04-2026 |- | sysop || SM7 || 08-04-2026 |- | sysop || अजीत कुमार तिवारी || 09-04-2026 |- | sysop || अनिरुद्ध कुमार || 09-04-2026 |- | autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026 |- | rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026 |- | sysop || DreamRimmer || 09-04-2026 |- | autopatrolled || अनुनाद सिंह || 09-04-2026 |- | sysop || Sanjeev bot || 10-04-2026 |} यदि हम यह नई तकनीकी व्यवस्था लागू करते हैं, तो सक्रिय सदस्यों को काम करने में सहूलियत मिलेगी, विकिपीडिया का विकास तेज़ी से होगा, और प्रबंधकों का कीमती समय बचेगा। कृपया इस प्रस्ताव पर अपने बहुमूल्य विचार साझा करें ताकि हम इस सुधार को प्रबंधकों के माध्यम से लागू करवा सकें। धन्यवाद। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 09:22, 10 अप्रैल 2026 (UTC) ==आप सभी से विनम्र निवेदन है कि== मेरे [[विकिपीडिया:स्वतः_परीक्षित_अधिकार_हेतु_निवेदन#चाहर_धर्मेंद्र|इस]] निवेदन के संबंध में आपके विचार मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कृपया अपना बहुमूल्य समय निकालकर इस पर अपना मत अवश्य साझा करें। आपके सुझाव और प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 11:34, 10 अप्रैल 2026 (UTC) == अनुरोध == नमस्कार! मैं आपसे [[मॉड्यूल:Lang/data]] पर एक संपादन करने का अनुरोध करता हूँ। ["hbo"] = "Biblical Hebrew" ===> ["hbo"] = "बाइबिली इब्रानी" [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:28, 10 अप्रैल 2026 (UTC) :{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 08:56, 17 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद! [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 09:51, 17 अप्रैल 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु == <div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे। मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है। चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर,<br> [[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:44, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> ==अंतिम कुछ दिन: विकि सम्मेलन भारत 2026 छात्रवृत्ति आवेदन== प्रिय विकिमीडिया समुदाय सदस्य, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि '''[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|विकि सम्मेलन भारत 2026]]''' के लिए छात्रवृत्ति आवेदन वर्तमान में खुले हैं, और अंतिम तिथि अब बहुत निकट है। विकि सम्मेलन भारत 2026 इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का चौथा संस्करण है, जो भारत और दक्षिण एशिया में इंडिक भाषाओं के विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स तथा मुक्त ज्ञान आंदोलन से जुड़े विकिमीडियनों और हितधारकों को एक साथ लाता है। यह सम्मेलन 4–6 सितंबर 2026 को कोच्चि, केरल में आयोजित किया जाएगा। * आप अधिक जानकारी और [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|आवेदन फॉर्म Meta-Wiki पर उपलब्ध]] छात्रवृत्ति पृष्ठ पर प्राप्त कर सकते हैं। * छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026, रात 11:59 बजे (IST) अब जबकि केवल कुछ ही दिन शेष हैं, हम आपको आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है। साथ ही, कृपया इस अवसर को अपने समुदाय में साझा करें और अन्य लोगों को भी आवेदन करने के लिए प्रेरित करें। अधिक जानकारी और नियमित अपडेट के लिए, कृपया सम्मेलन के Meta पृष्ठ पर जाएँ। सादर, <br> विकि सम्मेलन भारत 2026 आयोजन टीम की ओर से <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 23:38, 11 अप्रैल 2026 (UTC) </div> == फॉण्ट == हिन्दी विकिपीडिया पर पिछले कुछ दिनों से लैटिन लिपि के लिए जो फॉण्ट है, वे [[:hak:Hakkapedia|Hakkapedia]] एवं [[:nan:Pang-chān:Holopedia|Holopedia]] के फॉण्ट की तरह दिख रहा है। क्या default फॉण्ट को बदल दिया गया है? [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) {{Font color|grey|११:२५, १२ अप्रैल २०२६ (IST)}} == Lua त्रुटि == मॉड्यूल:Designation/lookup को बनाने में मुझे "Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'." त्रुटि मिलती है। कृपया उस पृष्ठ का निर्माण करें। कोड अंग्रेज़ी विकिपीडिया से लिया गया है (Module:Designation/lookup) [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 08:04, 18 अप्रैल 2026 (UTC) chfyxcl8vjapzjzd64vp241vvgmu1l3 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 0 6394 6541591 6541581 2026-04-17T12:29:15Z एस. विनायक मिश्रा 920806 6541591 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय जनता पार्टी | leader = [[नरेंद्र दामोदर मोदी]] | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' (संक्षिप्त में, '''भा॰रा॰कां॰'''), सामान्यतः '''कांग्रेस पार्टी''' या बस '''कांग्रेस''' के नाम से जानी जाती है, यह भारत में एक [[राजनीतिक दल]] है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> 19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से 1920 के बाद, [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001" /> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक "[[बड़ी तम्बू]]" पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में [[मुंबई|बंबई]] में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) हैं। == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 2 दिसंबर 2026 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]],[[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]],[[विनायक मिश्रा (भीम)]],[[मलखान(सुखाई]], [[मल्हूर मामा]],[[विदेशी]],[[माता प्रसाद]],[[मंगली]],[[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[महत्मा गांधी]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया बाल गंगाधर तिलक आखिरी बार अधिवेशन में भाग लिए |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] 11c6ol1wn74yb4pn2zowr2fu7v4ib5k 6541592 6541591 2026-04-17T12:39:51Z एस. विनायक मिश्रा 920806 6541592 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' (संक्षिप्त में, '''भा॰रा॰कां॰'''), सामान्यतः '''कांग्रेस पार्टी''' या बस '''कांग्रेस''' के नाम से जानी जाती है, यह भारत में एक [[राजनीतिक दल]] है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> 19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से 1920 के बाद, [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001" /> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक "[[बड़ी तम्बू]]" पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में [[मुंबई|बंबई]] में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) हैं। == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 2 दिसंबर 2026 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]],[[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]],[[विनायक मिश्रा (भीम)]],[[मलखान(सुखाई]], [[मल्हूर मामा]],[[विदेशी]],[[माता प्रसाद]],[[मंगली]],[[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़ जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया बाल गंगाधर तिलक आखिरी बार अधिवेशन में भाग लिए |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] 0bd1g4d3orsc9pdxj41d9l7ui4tu6zt 6541611 6541592 2026-04-17T15:18:18Z संजीव कुमार 78022 [[Special:Contributions/एस. विनायक मिश्रा|एस. विनायक मिश्रा]] ([[User talk:एस. विनायक मिश्रा|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:~2026-22102-01|~2026-22102-01]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6538302 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस<br/>Indian National Congress | party_logo = [[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]] | abbreviation = कांग्रेस, आईएनसी | leader = [[राहुल गांधी]] | chairman = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] | national_convener = | presidium = अखिल भारतीय काँग्रेस कमिटी | founder = [[एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम]] | ppchairman = [[सोनिया गांधी]] | loksabha_leader = [[राहुल गांधी]] | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' (संक्षिप्त में, '''भा॰रा॰कां॰'''), सामान्यतः '''कांग्रेस पार्टी''' या बस '''कांग्रेस''' के नाम से जानी जाती है, यह भारत में एक [[राजनीतिक दल]] है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> 19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से 1920 के बाद, [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001" /> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक "[[बड़ी तम्बू]]" पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में [[मुंबई|बंबई]] में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) हैं। == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]], [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]], [[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]], [[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[एलन ऑक्टेवियन ह्यूम]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया बाल गंगाधर तिलक आखिरी बार अधिवेशन में भाग लिए |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] qidjc0l7wcbc440th1ptv7lnswwslub 6541612 6541611 2026-04-17T15:19:03Z संजीव कुमार 78022 [[Special:Contributions/~2026-22102-01|~2026-22102-01]] ([[User talk:~2026-22102-01|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6538302|6538302]] को पूर्ववत किया 6541612 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस<br/>Indian National Congress | party_logo = [[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]] | abbreviation = कांग्रेस, आईएनसी | leader = [[राहुल गांधी]] | chairman = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] | national_convener = | presidium = अखिल भारतीय काँग्रेस कमिटी | founder = [[एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम]] | ppchairman = [[सोनिया गांधी]] | loksabha_leader = [[राहुल गांधी]] | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' (संक्षिप्त में, '''भा॰रा॰कां॰'''), सामान्यतः '''कांग्रेस पार्टी''' या बस '''कांग्रेस''' के नाम से जानी जाती है, यह भारत में एक [[राजनीतिक दल]] है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> 19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से 1920 के बाद, [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001" /> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक "[[बड़ी तम्बू]]" पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में [[मुंबई|बंबई]] में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) हैं। == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]], [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]], [[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]], [[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[एलन ऑक्टेवियन ह्यूम]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] l75nxcqe4eajolj64nustqkb9baiclo 6541652 6541612 2026-04-17T17:58:31Z एस. विनायक मिश्रा 920806 6541652 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस<br/>Indian National Congress | party_logo = [[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]] | abbreviation = कांग्रेस, आईएनसी | Supporter = [[मलखान दास]] | leader = [[राहुल गांधी]] | chairman = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] | national_convener = | presidium = अखिल भारतीय काँग्रेस कमिटी | founder = [[एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम]] | ppchairman = [[सोनिया गांधी]] | loksabha_leader = [[राहुल गांधी]] | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' (संक्षिप्त में, '''भा॰रा॰कां॰'''), सामान्यतः '''कांग्रेस पार्टी''' या बस '''कांग्रेस''' के नाम से जानी जाती है, यह भारत में एक [[राजनीतिक दल]] है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> 19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से 1920 के बाद, [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001" /> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक "[[बड़ी तम्बू]]" पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में [[मुंबई|बंबई]] में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) हैं। == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]], [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]], [[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]], [[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[एलन ऑक्टेवियन ह्यूम]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] 1x029bldufhrd24fl61qx1qycge3cid 6541655 6541652 2026-04-17T18:11:10Z एस. विनायक मिश्रा 920806 6541655 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस<br/>Indian National Congress | party_logo = [[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]] | abbreviation = कांग्रेस, आईएनसी | Supporter = [[मलखान(सुखाई)]] अध्यक्ष बिहटा बाल कल्याण एवं जन जागरूकता | leader = [[राहुल गांधी]] | chairman = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] | national_convener = | presidium = अखिल भारतीय काँग्रेस कमिटी | founder = [[एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम]] | ppchairman = [[सोनिया गांधी]] | loksabha_leader = [[राहुल गांधी]] | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' (संक्षिप्त में, '''भा॰रा॰कां॰'''), सामान्यतः '''कांग्रेस पार्टी''' या बस '''कांग्रेस''' के नाम से जानी जाती है, यह भारत में एक [[राजनीतिक दल]] है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> 19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से 1920 के बाद, [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001" /> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक "[[बड़ी तम्बू]]" पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में [[मुंबई|बंबई]] में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी जो कि लगातार 13 साल से सत्ता में है जिसके नेता एवं वर्तमान भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी है (2014-2026) == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]],[[मलखान सुखाई]],==इन्हें भी देखें==बिहटा बाल कल्याण एवं जन जागरूकता के प्रमुख मलखान भारती सुखाई [[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]], [[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[एलन ऑक्टेवियन ह्यूम]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] lqbsg92kwpdaoa45kigvj5uuk9b9emt 6541656 6541655 2026-04-17T18:14:25Z एस. विनायक मिश्रा 920806 6541656 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस<br/>Indian National Congress | party_logo = [[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]] | abbreviation = कांग्रेस, आईएनसी [[मलखान(सुखाई)]] अध्यक्ष बिहटा बाल कल्याण एवं जन जागरूकता | Supporter = [[मलखान(सुखाई)]] अध्यक्ष बिहटा बाल कल्याण एवं जन जागरूकता | leader = [[राहुल गांधी]] | chairman = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] | national_convener = | presidium = अखिल भारतीय काँग्रेस कमिटी | founder = [[एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम]] | ppchairman = [[सोनिया गांधी]] | loksabha_leader = [[राहुल गांधी]] | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' (संक्षिप्त में, '''भा॰रा॰कां॰'''), सामान्यतः '''कांग्रेस पार्टी''' या बस '''कांग्रेस''' के नाम से जानी जाती है, यह भारत में एक [[राजनीतिक दल]] है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> 19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से 1920 के बाद, [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001" /> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक "[[बड़ी तम्बू]]" पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में [[मुंबई|बंबई]] में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी जो कि लगातार 13 साल से सत्ता में है जिसके नेता एवं वर्तमान भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी है (2014-2026) == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]],[[मलखान सुखाई]],==इन्हें भी देखें==बिहटा बाल कल्याण एवं जन जागरूकता के प्रमुख मलखान भारती सुखाई [[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]], [[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[एलन ऑक्टेवियन ह्यूम]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] ll3680w7ygr7dfegmcojxs0k7uoqj31 6541675 6541656 2026-04-17T22:49:53Z Mr.padhaiwala 920870 6541675 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस<br/>Indian National Congress | party_logo = [[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]] | abbreviation = कांग्रेस, बुजुर्ग विभाग [[मलखान(सुखाई)]] अध्यक्ष बुजुर्ग कल्याण एवं जागरूकता | Supporter = [[मलखान(सुखाई)]] अध्यक्ष बिहटा बाल कल्याण एवं जन जागरूकता | leader = [[राहुल गांधी]] | chairman = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] | national_convener = | presidium = अखिल भारतीय काँग्रेस कमिटी | founder = [[एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम]] | ppchairman = [[सोनिया गांधी]] | loksabha_leader = [[राहुल गांधी]] इसका कारण नरेंद्र मोदी 😂 | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}|विरोधी पार्टी=भारतीय जनता पार्टी}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' , सामान्यतः '''कांग्रेस''' या पंजा के नाम से जानी जाती है, इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से के बाद, [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्रमोदी]]<nowiki/>के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी जो कि लगातार 13 साल से सत्ता में है जिसके नेता एवं वर्तमान भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी है (2014-2026) == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]],[[मलखान सुखाई]], बाल कल्याण एवं जन जागरूकता के प्रमुख मलखान भारती सुखाई [[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]], [[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[एलन ऑक्टेवियन ह्यूम]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] eub5861vx171jtb4tvd72s58v6cmclm 6541676 6541675 2026-04-17T22:56:17Z एस. विनायक मिश्रा 920806 6541676 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस<br/>Indian National Congress | party_logo = [[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]] | abbreviation = कांग्रेस, |। = बुजुर्ग विभाग [[मलखान(सुखाई)]] अध्यक्ष बुजुर्ग कल्याण एवं जागरूकता | Supporter = [[मलखान(सुखाई)]] अध्यक्ष बिहटा बाल कल्याण एवं जन जागरूकता | leader = [[राहुल गांधी]] | chairman = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] | national_convener = | presidium = अखिल भारतीय काँग्रेस कमिटी | founder = [[एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम]] | ppchairman = [[सोनिया गांधी]] | loksabha_leader = [[राहुल गांधी]] इसका कारण नरेंद्र मोदी 😂 | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}|विरोधी पार्टी=भारतीय जनता पार्टी}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' , सामान्यतः '''कांग्रेस''' या पंजा के नाम से जानी जाती है, इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से के बाद, [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्रमोदी]]<nowiki/>के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी जो कि लगातार 13 साल से सत्ता में है जिसके नेता एवं वर्तमान भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी है (2014-2026) == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]],[[मलखान सुखाई]], बाल कल्याण एवं जन जागरूकता के प्रमुख मलखान भारती सुखाई [[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]], [[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[एलन ऑक्टेवियन ह्यूम]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] 24dl7aa79co61rjrggstjpidofprar8 6541701 6541676 2026-04-18T01:16:48Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/संजीव कुमार|संजीव कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार|वार्ता]]) के अवतरण 6541612 पर पुनर्स्थापित : पूर्ववत किया 6541701 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian Political Party | country = [[भारत]] | party_name = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस<br/>Indian National Congress | party_logo = [[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]] | abbreviation = कांग्रेस, आईएनसी | leader = [[राहुल गांधी]] | chairman = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] | national_convener = | presidium = अखिल भारतीय काँग्रेस कमिटी | founder = [[एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम]] | ppchairman = [[सोनिया गांधी]] | loksabha_leader = [[राहुल गांधी]] | rajyasabha_leader = [[मल्लिकार्जुन खड़गे]]<br>{{small|(विपक्ष के नेता)}} | foundation = {{Start date and age|df=yes|p=y|1885|12|28}} | headquarters = २४, अकबर रोड, नई दिल्ली, ११०००१ | publication = {{ubl|काँग्रेस सन्देश|[[नेशनल हेराल्ड]]}} | students = [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] | youth = [[भारतीय युवा काँग्रेस]] | women = [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] | labour = [[इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस]] | peasants = [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]] | membership = 5.5 करोड़<ref>{{cite news|url=https://theprint.in/india/southern-states-ahead-in-congress-membership-drive-telangana-unit-leads/892158/|title=Southern states ahead in Congress membership drive, Telangana unit leads|date=28 March 2022|website=ThePrint}}</ref><ref>{{cite web|website=ABP News|title=Congress' Digital Membership Drive Gains Focus With Boost in Participation, South Contributes Significantly|url=https://news.abplive.com/news/india/congress-digital-membership-drive-gains-focus-with-47-percent-men-42-percent-women-participation-significant-contribution-by-south-1521959|date=27 March 2022}}</ref> | ideology = {{ublist<!--IMPORTANT: Do not change party ideology or position without bringing reliable sources to the Talk page and garnering consensus.-->|[[उदारतावाद]]{{refn|<ref>{{cite book|editor1=Emiliano Bosio|editor2=Yusef Waghid|url=https://books.google.com/books?id=Hb6ZEAAAQBAJ&pg=PA270|title=Global Citizenship Education in the Global South: Educators' Perceptions and Practices|date=31 October 2022|page=270|publisher=Brill|isbn=9789004521742}}</ref><ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield]|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9 }}</ref>}}|सामाजिक उदारवाद{{refn|<ref name="Liberal1">{{cite book|last=DeSouza|first=Peter Ronald|date=2006|title=India's Political Parties Readings in Indian Government and Politics series|url=https://books.google.com/books?id=eeRhDwAAQBAJ&q=Indian+National+Congress+liberal+ideology|publisher=SAGE Publishing|page=420|isbn=978-9-352-80534-1}}</ref><ref name="Liberal2">{{cite book|last1=Rosow|first1=Stephen J.|last2=George|first2=Jim|date=2014|title=Globalization and Democracy|url=https://books.google.com/books?id=v3mVoAEACAAJ|publisher= Rowman & Littlefield|pages=91–96|isbn=978-1-442-21810-9}}</ref><ref name="NSGehlot1991">{{cite book|author=N. S. Gehlot|title=The Congress Party in India: Policies, Culture, Performance|url={{Google books|06HLD2_3Qj4C|page=PM177|keywords=|text=|plainurl=yes}}|year=1991|publisher=Deep & Deep Publications|isbn=978-81-7100-306-8|pages=150–200}}</ref><ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>}}|[[सामाजिक लोकतंत्र]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="Agarwal1989">{{cite book|year=1989|editor1-last=Agrawal|editor1-first=S. P.|editor2-last=Aggarwal|editor2-first=J. C.|title=Nehru on Social Issues|location=New Delhi|publisher= Concept Publishing|isbn=978-817022207-1}}</ref>}}|आर्थिक उदारवाद<ref>{{cite web|title=Political Parties|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|last=Mohan, Rakesh.|url=https://www.worldcat.org/oclc/1056070747|title=India Transformed : Twenty-Five Years of Economic Reforms|date=2018 |publisher=Brookings Institution Press|isbn=978-0-8157-3662-2|location=Washington, DC|pages=44–49|oclc=1056070747}}</ref>|[[धर्मनिरपेक्षता]]<ref name="J.Soper">{{cite book|last1=Soper|first1=J. Christopher|last2=Fetzer|first2=Joel S.|date=2018|title=Religion and Nationalism in Global Perspective|url=https://books.google.com/books?id=y7BoDwAAQBAJ |publisher=Cambridge University Press|pages=200–210|isbn=978-1-107-18943-0}}</ref>|[[नागरिक राष्ट्रवाद]]<ref name="J.Soper"/>}} | international ={{nowrap|[[en:Progressive Alliance|प्रगतिशील गठबंधन]]}}<ref>{{cite web|url=http://progressive-alliance.info/participants/|title=Progressive Alliance Participants|work=Progressive Alliance|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20150302142054/http://progressive-alliance.info/participants/|archive-date=2 March 2015|url-status=dead}}</ref><br>{{nowrap|[[समाजवादी इंटरनेशनल]]}}<ref>{{cite web|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticlePageID=931|title=Full Member Parties of Socialist International|work=Socialist International}}</ref><ref name="Sheffer1993">{{cite book|author=Gabriel Sheffer|title=Innovative Leaders in International Politics|url=https://books.google.com/books?id=__efKLSD3M0C&pg=PA202|access-date=30 January 2013|year=1993|publisher=SUNY Press|isbn=978-0-7914-1520-7|page=202}}</ref><ref>{{cite web|title=Meeting of the SI Council at the United Nations in Geneva|url=http://www.socialistinternational.org/viewArticle.cfm?ArticleID=2326|publisher=Socialist International}}</ref> | colours = {{colorbox|#F37022|border=darkgray}} [[केसरिया|सैफ्रन]]<br>{{colorbox|#FFFFFF|border=darkgray}} [[सफ़ेद]]<br>{{colorbox|#0F823F|border=darkgray}} [[हरा]]<br>(आधिकारिक,<br>[[भारत का ध्वज|भारतीय राष्ट्रीय रंग]]){{efn|The Indian national colours of the Indian flag serve as the official visual identification of the Indian National Congress.}} <br>{{Colorbox|{{party color|Indian National Congress}}|border=darkgray}} [[आसमानी नीला]]<br>(प्रथागत) |position = <!-- महत्वपूर्ण। वार्ता पृष्ठ पर विश्वसनीय स्रोत लाए बिना और आम सहमति प्राप्त किए बिना पार्टी की विचारधारा या स्थिति में परिवर्तन न करें। -->{{nowrap|[[केन्द्रवाद]]{{refn|<ref name="Barrington2009"/><ref name="centrist">{{cite web|title=Political Parties – NCERT|url=https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess406.pdf|publisher=National Council of Educational Research and Training|access-date=8 May 2021}}</ref><ref>{{cite book|editor=Jean-Pierre Cabestan, Jacques deLisle|title=Inside India Today (Routledge Revivals)|url=https://books.google.com/books?id=heFSAQAAQBAJ&dq=Centrist+Indian+National+Congress&pg=PR10|date=2013 |publisher=Routledge|isbn=978-1-135-04823-5}}</ref>}}}} | eci = [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राष्ट्रीय पार्टी]] | alliance = {{ubl|[[भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन]] (2023 से)|[[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (2023 तक)}} | colourcode = | loksabha_seats = {{Composition bar|102|543|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | rajyasabha_seats = {{Composition bar|29|245|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state_seats_name = [[विधान सभा]] | state_seats = {{Composition bar|676|4036|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | state2_seats_name = [[विधान परिषद]] | state2_seats = {{Composition bar|55|426|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | no_states = {{Composition bar|5|31|hex={{party color|Indian National Congress}}}} | symbol = [[File:Hand INC.svg|150px]] | website = {{URL|https://www.inc.in/|inc.in}} | flag = [[File:Indian National Congress Flag.svg]] |name=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|logo=[[File:Indian National Congress hand logo.svg|150px]]|electoral_symbol=[[File:Hand INC.svg|150px]]|colorcode={{party color|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}}}} {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्श्वपट}} '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस''' (संक्षिप्त में, '''भा॰रा॰कां॰'''), सामान्यतः '''कांग्रेस पार्टी''' या बस '''कांग्रेस''' के नाम से जानी जाती है, यह भारत में एक [[राजनीतिक दल]] है। इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई थी, यह एशिया और अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक [[राष्ट्रीयता|राष्ट्रीयता आंदोलन]] था।{{efn|"गैर-यूरोपीय साम्राज्य में उभरने वाला पहला आधुनिक राष्ट्रीयता आंदोलन, और जिसने कई अन्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वह भारतीय कांग्रेस थी।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001">{{citation|last=Marshall|first=P. J.|title=ब्रिटिश साम्राज्य का कैम्ब्रिज चित्रित इतिहास|url={{Google books|S2EXN8JTwAEC|page=PA179|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=179|year=2001|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-00254-7}}</ref> 19वीं सदी के अंत से, और विशेष रूप से 1920 के बाद, [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में, कांग्रेस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता बन गई।<ref name="research">{{cite web|url=http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में जानकारी|website=open.ac.uk|publisher=Arts & Humanities Research council|access-date=29 July 2015|archive-date=22 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180922061005/http://www.open.ac.uk/researchprojects/makingbritain/content/indian-national-congress|url-status=dead}}</ref> कांग्रेस ने [[यूनाइटेड किंगडम]] से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में मदद की,{{efn|"दक्षिण एशियाई पार्टियों में कई पोस्ट-कोलोनियल दुनिया में सबसे पुरानी पार्टियाँ शामिल हैं, जिनमें से प्रमुख 129 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है जिसने 1947 में भारत को स्वतंत्रता दिलाई।"<ref name="Chiriyankandath2016" />}}<ref name="Chiriyankandath2016">{{citation|last=Chiriyankandath|first=James|title=दक्षिण एशिया में पार्टियाँ और राजनीतिक परिवर्तन|url={{Google books|c4n7CwAAQBAJ|page=PA2|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=2|year=2016|publisher=Routledge|isbn=978-1-317-58620-3}}</ref>{{efn|"जिस संगठन ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस थी, जिसकी स्थापना 1885 में हुई।"<ref name="KopsteinLichbach2014" /> }}<ref name="KopsteinLichbach2014">{{citation|last1=Kopstein|first1=Jeffrey|title=तुलनात्मक राजनीति: एक बदलते वैश्विक आदेश में हित, पहचान और संस्थान|url={{Google books|L2jwAwAAQBAJ|page=PA344|keywords=|text=|plainurl=yes}}|page=344|year=2014|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-139-99138-4|last2=Lichbach|first2=Mark|last3=Hanson|first3=Stephen E.}}</ref> और ब्रिटिश साम्राज्य में अन्य विरोधी उपनिवेशवादी राष्ट्रीयता आंदोलनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।{{efn|"... विरोधी उपनिवेशवादी आंदोलन ... जो, ब्रिटिश साम्राज्य में कई अन्य राष्ट्रीयता आंदोलनों की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से गहरा प्रभावित थे।"<ref name="Marshall2001" />}}<ref name="Marshall2001" /> १९वीं सदी के आखिर में और शुरूआत से लेकर मध्य २०वीं सदी में, कांग्रेस [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] में, अपने १.५ करोड़ से अधिक सदस्यों और ७ करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी। आईएनसी एक "[[बड़ी तम्बू]]" पार्टी है जिसे भारतीय राजनीतिक स्पेक्ट्रम के [[केंद्र]] पर स्थित माना गया है।<ref name="Barrington2009" /><ref name="centrist" /><ref name="British-Journal">{{cite journal|last1=Saez|first1=Lawrence|last2=Sinha|first2=Aseema|year=2010|title=राजनीतिक चक्र, राजनीतिक संस्थान और भारत में सार्वजनिक व्यय, 1980–2000|url=https://archive.org/details/sim_british-journal-of-political-science_2010-01_40_1/page/91|journal=British Journal of Political Science|volume=40|issue=1|pages=91–113|doi=10.1017/s0007123409990226|issn=0007-1234|s2cid=154767259}}</ref> पार्टी ने 1885 में [[मुंबई|बंबई]] में अपनी पहली बैठक आयोजित की जहाँ वोमेश चंद्र बनर्जी ने इसकी अध्यक्षता की।<ref>{{Cite web|url=https://inc.in/|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|website=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|access-date=2023-11-05}}</ref> 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस एक [[कैच-ऑल पार्टी|कैच-ऑल]] और [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] पार्टी के रूप में उभरी, जो अगले 50 वर्षों तक भारतीय राजनीति में हावी रही। पार्टी के पहले प्रधानमंत्री, [[पंडित जवाहरलाल नेहरू]], ने योजनाबंदी आयोग बनाकर, पांच वर्षीय योजनाएँ पेश करके, मिश्रित अर्थव्यवस्था को लागू करके और [[धर्मनिरपेक्ष राज्य]] स्थापित करके कांग्रेस का समर्थन किया। नेहरू की मृत्यु के बाद और [[लाल बहादुर शास्त्री]] की संक्षिप्त अवधि के बाद, [[इंदिरा गांधी]] पार्टी की नेता बन गईं। स्वतंत्रता के बाद से 17 आम चुनावों में, इसने सात बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और तीन बार सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व किया है, केंद्रीय सरकार का नेतृत्व 54 वर्षों से अधिक समय तक किया है। कांग्रेस पार्टी से छह प्रधानमंत्री रहे हैं, पहले [[जवाहरलाल नेहरू]] (1947–1964) और सबसे हाल के मनमोहन सिंह (2004–2014) हैं। == इतिहास == भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का इतिहास दो विभिन्न काल से गुज़रता हैं। *भारतीय स्वतन्त्रता से पूर्व - जब यह पार्टी स्वतन्त्रता अभियान की संयुक्त संगठन थी। *भारतीय स्वतन्त्रता के बाद - जब यह पार्टी [[भारतीय राजनीति]] में प्रमुख स्थान पर विद्यमान रही हैं। <timeline> ImageSize = width:1100 height:auto barincrement:50 PlotArea = top:10 bottom:50 right:200 left:20 AlignBars = late DateFormat = dd/mm/yyyy Period = from:01/01/1885 till:01/10/2020 TimeAxis = orientation:horizontal ScaleMajor = unit:year increment:10 start:1885 Colors = id:Pre-Independence value:rgb(0.2,0.9,1) legend:"स्वतन्त्रता-पूर्व" id:Post-Independence value:red legend:"स्वतन्त्रता-पश्चात्" Legend = columns:2 left:100 top:24 columnwidth:150 TextData = pos:(20,27) textcolor:black fontsize:M text:"युग :" BarData = barset:PM PlotData= width:5 align:left fontsize:M shift:(5,-4) anchor:till barset:PM from: 28/12/1885 till: 14/08/1947 color:Pre-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 15/08/1947 till: 13/04/1969 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 13/04/1969 till: 02/10/1971 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आर)]]" fontsize:10 from: 02/10/1971 till: 02/01/1978 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 from: 02/01/1978 till: 02/10/1996 color:Post-Independence text:"[[काँग्रेस (आई)]]" fontsize:10 from: 02/10/1996 till: 01/10/2016 color:Post-Independence text:"[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]" fontsize:10 </timeline> [[File:Indian National Congress Flag.svg|thumb|पार्टी का वर्तमान ध्वज]] [[File:1931 Flag of India.svg|thumb|यह ध्वज 1931 में अपनाया गया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान [[आज़ाद हिंद|स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार]] द्वारा उपयोग किया गया]] [[File:Marche sel.jpg|thumb|नमक सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी]] [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को हुई, बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में इसका गठन किया गया। जब देश भर से आए 72 प्रतिनिधि [[मुंबई|बंबई]] में एकत्र हुए। प्रमुख प्रतिनिधियों में [[दादाभाई नौरोजी]], [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]], [[बदरुद्दीन तैयबजी]], [[फिरोज़शाह मेहता]], [[डब्ल्यू. सी. बनर्जी]], [[एस. रामास्वामी मुदलियार]],<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rzWKAAAAMAAJ&q=Rao+Bahadur+Savalai+Mudaliar |title=The Encyclopaedia of Indian National Congress: 1885–1890, The founding fathers |author=A. Moin Zaidi |year=1976 |page=609 |language=en }}</ref> [[एस. सुब्रमण्यम अय्यर]] तथा [[रोमेश चंद्र दत्त]] शामिल थे। एक अंग्रेज़, [[एलन ऑक्टेवियन ह्यूम]], जो ब्रिटिश शासन के पूर्व सिविल सेवक थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। === स्वतन्त्रता संग्राम === {{मुख्य|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}} ====स्थापना और प्रारंभिक दिन (1885–1905)==== सेवानिवृत्त ब्रिटिश भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम ने शिक्षित भारतीयों के बीच नागरिक और राजनीतिक संवाद का मंच बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। [[1857 का भारतीय विद्रोह]] के बाद, भारत का नियंत्रण [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] से [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में स्थानांतरित कर दिया गया। ब्रिटिश नियंत्रित भारत, जिसे [[ब्रिटिश राज]] या बस राज कहा जाता है, ने भारतीयों को अपने शासन का समर्थन करने के लिए और इसके औचित्य को प्रस्तुत करने के लिए काम किया, जो आमतौर पर ब्रिटिश संस्कृति और राजनीतिक सोच से अधिक परिचित और अनुकूल थे। विडंबना यह है कि कांग्रेस के बढ़ने और जीवित रहने के कुछ कारण, विशेष रूप से 19वीं सदी में ब्रिटिश प्रभुत्व के समय, ब्रिटिश अधिकारियों के संरक्षण और अंग्रेज़ी भाषा में शिक्षा प्राप्त भारतीयों और एंग्लो-भारतीयों के बढ़ते वर्ग के माध्यम से थे। ह्यूम ने एक संगठन शुरू करने का प्रयास किया। उन्होंने [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] के चयनित पूर्व छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। 1883 में एक पत्र में, उन्होंने लिखा कि, <blockquote>हर राष्ट्र को उसी तरह का शासन प्राप्त होता है जैसा वह योग्य होता है। यदि आप, चुने हुए लोग, राष्ट्र के सबसे शिक्षित लोग, व्यक्तिगत आराम और स्वार्थी उद्देश्यों को नकारते हुए, अपने और अपने देश के लिए अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक दृढ़ संघर्ष नहीं कर सकते, तो हम, आपके मित्र, गलत हैं और हमारे विरोधी सही हैं, फिर, वर्तमान में, सभी प्रगति की आशाएँ समाप्त हो जाती हैं[,] और भारत वास्तव में न तो बेहतर शासन की इच्छा करता है और न ही इसके योग्य है।<ref name="pattabhi1935">{{Citation | title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास | author=B. पट्टाभि सीतारामय्या | year=1935 | publisher=कांग्रेस की कार्य समिति | url=https://archive.org/details/TheHistoryOfTheIndianNationalCongress |page=12}}</ref></blockquote> मई 1885 में, ह्यूम ने "भारतीय राष्ट्रीय संघ" बनाने के लिए [[उपाध्याक्ष#ब्रिटिश भारत|उपाध्याक्ष]] की स्वीकृति प्राप्त की, जो सरकार के साथ संबद्ध होगा और भारतीय जनमत को व्यक्त करने का मंच बनेगा। ह्यूम और एक समूह शिक्षित भारतीयों ने 12 अक्टूबर को एकत्र होकर "भारत के लोगों की ओर से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के मतदाताओं के लिए एक अपील" प्रकाशित की, जिसमें ब्रिटिश मतदाताओं से [[1885 ब्रिटिश आम चुनाव]] में भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करने का अनुरोध किया गया। इनमें अफगानिस्तान में ब्रिटिश अभियानों के वित्तपोषण के लिए भारत पर कर लगाने के विरोध और भारत में legislative सुधार का समर्थन शामिल था।<ref name="riddick2006">{{Citation | title=ब्रिटिश भारत का इतिहास: एक कालक्रम | author=जॉन एफ. रिडडिक | year=2006 | publisher=ग्रीनवुड पब्लिशिंग ग्रुप | isbn=0-313-32280-5 | url=https://books.google.com/books?id=Es6x4u_g19UC}}</ref> हालाँकि, यह अपील विफल रही, और इसे कई भारतीयों द्वारा "एक कठोर झटका, लेकिन एक सच्ची वास्तविकता के रूप में देखा गया कि उन्हें अपनी लड़ाइयाँ अकेले लड़नी होंगी।"<ref name="yasin1996">{{Citation | title=राष्ट्रीयता, कांग्रेस और पृथकतावाद का उदय | author=माधवी यासीन | year=1996 | publisher=राज पब्लिकेशंस | isbn=81-86208-05-4 | url=https://books.google.com/books?id=NiJuAAAAMAAJ}}</ref> 28 दिसंबर 1885 को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना गोपालदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में बंबई में हुई, जिसमें 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। ह्यूम ने महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और [[वोमेश चंदर बनर्जी]] को अध्यक्ष चुना गया।<ref name="riddick2006" /> इसके अलावा, ह्यूम के साथ दो अतिरिक्त ब्रिटिश सदस्य (दोनों स्कॉटिश सिविल सेवक) संस्थापक समूह के सदस्य थे, [[विलियम वेडरबर्न]] और जस्टिस (बाद में, सर) [[सर जॉन जार्डिन, 1st बारोनेट|जॉन जार्डिन]]। अन्य सदस्य ज्यादातर [[बंबई प्रेसीडेंसी|बंबई]] और [[मद्रास प्रेसीडेंसी|मद्रास प्रेसीडेंसी]] के हिंदू थे। '''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियाँ (1885–1905)''' 1885 और 1905 के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी वार्षिक सत्रों में कई प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों के माध्यम से, कांग्रेस द्वारा किए गए विनम्र मांगों में नागरिक अधिकार, प्रशासनिक, संवैधानिक और आर्थिक नीतियाँ शामिल थीं। इन तरीकों पर पारित प्रस्तावों पर नजर डालने से यह पता चलता है कि कांग्रेस के कार्यक्रम किस दिशा में बढ़ रहे थे। क) नागरिक अधिकार: कांग्रेस के नेताओं ने भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता, जुलूसों, बैठकों और इसी तरह के अन्य अधिकारों के आयोजन का महत्व समझा। ख) प्रशासनिक: कांग्रेस के नेताओं ने सरकार से कुछ प्रशासनिक दुरुपयोगों को हटाने और जनकल्याण के उपायों को चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं में भारतीयों की नियुक्ति पर जोर दिया। किसानों की राहत के लिए कृषि बैंकों की स्थापना के लिए विशेष प्रस्ताव दिए गए। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार द्वारा लागू किए गए भेदभावपूर्ण कानूनों के खिलाफ भी विरोध की आवाज उठाई। ग) संवैधानिक: संवैधानिक मामलों में प्रारंभिक कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विनम्र मांगें थीं: विधायी परिषदों की शक्तियों को बढ़ाना; निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करना। यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस द्वारा की गई उपरोक्त मांगों को कम महत्व दिया। घ) आर्थिक: आर्थिक क्षेत्र में, कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों को दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और अन्य आर्थिक समस्याएँ हुईं जो भारतीय लोगों को प्रभावित करती थीं। कांग्रेस ने देश और उसके लोगों के आर्थिक सुधार के लिए कुछ विशेष सुझाव भी पेश किए। इनमें आधुनिक उद्योग की स्थापना, सार्वजनिक सेवाओं का भारतीयकरण, आदि शामिल थे। कांग्रेस ने विशेष रूप से गरीब वर्ग के लाभ के लिए नमक कर को समाप्त करने की भी मांग की। ====आर्थिक नीति==== भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ निम्नलिखित हैं: * खुली बाजार अर्थव्यवस्था के लाभों को दोहराने के लिए आर्थिक नीतियों को फिर से स्थापित करना * धन सृजन का समर्थन करना * अमीरों, मध्यवर्ग और गरीबों के बीच असमानता को कम करना * निजी और सक्षम सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा संचालित विकास को तेज करना ====विदेश नीति==== [[भारत की स्वतंत्रता]] से पहले भी, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने स्पष्ट रूप से [[विदेश नीति]] के मुद्दों पर अपनी स्थिति व्यक्त की। [[रेजाउल करीम लस्कर]], जो [[भारतीय विदेश नीति]] के विद्वान और कांग्रेस के विचारक हैं, के शब्दों में, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के तुरंत बाद, इसने विदेशी मामलों पर अपने विचार व्यक्त करना शुरू कर दिया। 1885 में अपने पहले सत्र में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश भारतीय सरकार द्वारा ऊपरी बर्मा के अधिग्रहण की निंदा की।"<ref>{{cite book|last1=Laskar|first1=Rejaul Karim|title=भारत की विदेश नीति: एक परिचय|date=2013|publisher=पैरागॉन इंटरनेशनल पब्लिशर्स|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-83154-06-7|page=5}}</ref> ====मुस्लिम प्रतिक्रिया==== कई मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे प्रमुख शिक्षाविद [[सैयद अहमद खान]], ने कांग्रेस को नकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इसके सदस्य अधिकांशत: हिंदुओं द्वारा प्रभावी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-Z9ODwAAQBAJ&pg=PT94|title=प्रागैतिहासिक प्राचीन भारत की खोज: कृष्ण और राधा|first=डॉ जगत के.|last=मोतवानी|date=22 फरवरी 2018|publisher=iUniverse|isbn=9781532037900|via=Google Books}}</ref> [[हिंदू]] समुदाय और धार्मिक नेताओं ने भी इसे नकारा, कांग्रेस को यूरोपीय सांस्कृतिक आक्रमण का समर्थक मानते हुए।<ref name="auto">{{Cite journal|url=http://www.jstor.org/stable/20078547|title=भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति पर: क्रॉस-कल्चरल सिंथेसिस का एक केस अध्ययन|author=हेन्स, डब्ल्यू. ट्रैविस|year=1993|journal=जर्नल ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री|volume=4|issue=1|pages=69–98|jstor=20078547|via=JSTOR}}</ref> भारत के सामान्य लोग कांग्रेस के अस्तित्व के बारे में बहुत कम जानते थे या चिंतित थे, क्योंकि कांग्रेस ने गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल की कमी, सामाजिक उत्पीड़न, और ब्रिटिश सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं की भेदभावपूर्ण उपेक्षा के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस जैसी संस्थाओं की धारणा एक विशिष्ट, शिक्षित और संपन्न लोगों की संस्था के रूप में थी।<ref name="auto"/> ====भारतीय राष्ट्रीयता का उदय==== [[File:1st INC1885.jpg|right|300px|thumb|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र, बंबई, 28-31 दिसंबर, 1885]] कांग्रेस के सदस्यों के बीच जो राष्ट्रीयता का पहला स्पर्श था, वह सरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की इच्छा थी, कानून बनाने और भारत के प्रशासन के मुद्दों पर एक वोट प्राप्त करना। कांग्रेस के सदस्य खुद को वफादार मानते थे, लेकिन वे अपने देश के शासन में एक सक्रिय भूमिका चाहते थे, हालांकि साम्राज्य का हिस्सा रहकर।<ref name="auto1"/> यह [[दादाभाई नौरोजी]] द्वारा व्यक्त किया गया, जिन्हें कई लोग सबसे बुजुर्ग भारतीय राज्य पुरुष मानते हैं। नौरोजी ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनाव में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा, और इसके पहले भारतीय सदस्य बन गए। उनके अभियान में युवा, महत्वाकांक्षी भारतीय छात्र कार्यकर्ताओं जैसे [[मुहम्मद अली जिन्ना]] का समर्थन मिला, जो नए भारतीय पीढ़ी की कल्पना को दर्शाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52829458|title=भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन जिसने ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद का पद ग्रहण किया|publisher=BBC News|date=4 जुलाई 2020}}</ref> [[बाल गंगाधर तिलक]] पहले भारतीय राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने ''[[स्वराज]]'' को राष्ट्र की नियति के रूप में अपनाया। तिलक ने ब्रिटिश उपनिवेशी शिक्षा प्रणाली का गहरा विरोध किया, जिसे उन्होंने भारत की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की अनदेखी और अपमानजनक माना। उन्होंने राष्ट्रवादियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनकार और साधारण भारतीयों के लिए अपने देश के मामलों में किसी भी आवाज़ या भूमिका की कमी पर असंतोष व्यक्त किया। इसलिए, उन्होंने ''स्वराज'' को प्राकृतिक और एकमात्र समाधान माना: सभी ब्रिटिश चीजों का परित्याग, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को आर्थिक शोषण से बचाएगा और धीरे-धीरे भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा। उन्हें [[बिपिन चंद्र पाल]] और [[लाला लाजपत राय]], [[आरोबिंदो घोष]], [[वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई]] जैसे उभरते जन नेता भी समर्थन करते थे। उनके नेतृत्व में, भारत के चार बड़े राज्य – मद्रास, बंबई, बंगाल, और पंजाब क्षेत्र ने लोगों की मांग और भारत के राष्ट्रवाद को आकार दिया।<ref name="auto1">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p2qFYxtq3GYC&pg=PA55|title=भारत के स्वतंत्रता सेनानी (चार खंडों में)|first=M. G.|last=अग्रवाल|date=31 जुलाई 2008|publisher=ज्ञान पब्लिशिंग हाउस|isbn=9788182054684|via=Google Books}}</ref> संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।<ref>संModerate, जो [[गोपाल कृष्ण गोखले]], [[फिरोज़शाह मेहता]], और दादाभाई नौरोजी द्वारा नेतृत्व किए जाते थे, ने वार्ता और राजनीतिक संवाद की मांग को बनाए रखा। गोखले ने तिलक की आलोचना की कि उन्होंने हिंसा और अराजकता के कृत्यों को बढ़ावा दिया। 1906 की कांग्रेस में सार्वजनिक सदस्यता नहीं थी, और इसलिए तिलक और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।</ref> तिलक की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय आक्रमण के सभी प्रयास ठप हो गए। कांग्रेस का लोगों में विश्वास कम हो गया। मुसलमानों ने 1906 में आल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन किया, कांग्रेस को भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त मानते हुए।<ref name="auto1"/> ===विश्व युद्ध I: आत्मा की लड़ाई=== [[File:Annie Besant.png|thumbnail|right|भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाली यूरोपीय नेताओं में एनी बेसेंट सबसे प्रमुख थीं]] जब ब्रिटिश सरकार ने [[ब्रिटिश भारतीय सेना]] को [[प्रथम विश्व युद्ध]] में उतारा, तो भारत में पहली बार इस स्तर की एक निर्णायक और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक बहस शुरू हुई। राजनीतिक स्वतंत्रता की माँग करने वाली आवाज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/fyi/story/indian-soldiers-world-war-one-germany-british-army-1026848-2017-07-28|title=World War I: Role of Indian Army in Britain's victory over Germany|date=28 July 2017|website=India Today}}</ref> 1916 में [[लखनऊ]] अधिवेशन में विभाजित कांग्रेस पुनः एकजुट हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसे [[बाल गंगाधर तिलक]] और [[मुहम्मद अली जिन्ना]] के प्रयासों से संभव बनाया गया।<ref>{{Cite news |url=https://scroll.in/article/968926/the-tilak-jinnah-pact-embodied-communal-harmony-that-is-much-needed-in-modern-day-india|title=The Tilak-Jinnah pact embodied communal harmony that is much needed in modern-day India|first=Sudheendra|last=Kulkarni|work=Scroll.in}}</ref> तिलक ने अपने विचारों में पर्याप्त नरमी लाई और अब वे ब्रिटिश सरकार के साथ राजनीतिक संवाद के पक्षधर बन गए। उन्होंने युवा [[मुहम्मद अली जिन्ना]] और श्रीमती [[एनी बेसेंट]] के साथ मिलकर [[होम रूल आंदोलन]] की शुरुआत की, ताकि ''होम रूल''—अर्थात अपने ही देश के शासन में भारतीयों की भागीदारी—की माँग को आगे बढ़ाया जा सके। यह आगे चलकर ''[[स्वराज]]'' की अवधारणा का पूर्वरूप बना। ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर डोमिनियन दर्जे की माँग के लिए अखिल भारतीय होम रूल लीग का गठन किया गया।<ref name="auto2"/> लेकिन इसी दौरान एक अन्य भारतीय नेता कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के लिए उभरने वाला था। [[मोहनदास गांधी]] एक वकील थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण क़ानूनों के विरुद्ध सफल संघर्ष का नेतृत्व किया था। 1915 में भारत लौटने के बाद, गांधी ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, लोगों के मूल्यों और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर एक नए प्रकार की क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अहिंसा और [[सविनय अवज्ञा]] की अवधारणा के साथ ''[[सत्याग्रह]]'' शब्द को गढ़ा।<ref>{{Cite news |url=https://www.deccanherald.com/opinion/the-making-of-gandhi-in-south-africa-and-after-852712.html|title=The making of Gandhi in South Africa and after|date=23 June 2020|work=Deccan Herald}}</ref> === चंपारण और खेड़ा === {{main|चंपारण सत्याग्रह|खेड़ा सत्याग्रह}} [[File:Gandhiji and Sub-Inspector Qurban Ali in Champaran (1917).jpg|thumb|चंपारण (1917) में गांधीजी और उप-निरीक्षक कुर्बान अली<ref>{{Cite book |title=Select Documents On Mahatma Gandhi's Movement In Champaran 1916-17 |publisher=Government of Bihar |year=1963 |pages=Page No. 63}}</ref>|271x271px]] मोहनदास करमचंद गांधी, जो आगे चलकर महात्मा गांधी के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने चंपारण और खेड़ा में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सफलता प्राप्त की और भारत को स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी जीत दिलाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/gandhi-fought-the-british-with-weapons-of-truth-non-violence/article29577336.ece|title=Gandhi fought the British with weapons of truth, non-violence|newspaper=The Hindu|date=2 October 2019}}</ref> उस आंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इससे भारतीयों का इस संगठन पर विश्वास बढ़ा और यह धारणा बनी कि ब्रिटिश शासन को कांग्रेस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। परिणामस्वरूप देश भर से लाखों युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़ गए।{{citation needed|date=October 2015}} === आत्मा के लिए संघर्ष === राजनीतिक नेताओं का एक पूरा वर्ग गांधी के विचारों से असहमत था। [[बिपिन चंद्र पाल]], [[मुहम्मद अली जिन्ना]], [[एनी बेसेंट]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] सभी ने सविनय अवज्ञा के विचार की आलोचना की। लेकिन गांधी को जनता और भारतीय राष्ट्रवादियों की एक नई पीढ़ी का व्यापक समर्थन प्राप्त था।<ref name="auto2">{{cite book | last=Singh | first=M.K. | title=Encyclopaedia of Indian War of Independence, 1857–1947: Birth of Indian National Congress : establishment of Indian National Congress | publisher=Anmol Publications| year=2009 | isbn=978-81-261-3745-9 | url=https://books.google.com/books?id=IlYwAQAAIAAJ}}</ref> 1918, 1919 और 1920 के दौरान हुए कई कांग्रेस अधिवेशनों में पुरानी और नई पीढ़ियों के बीच तीखी और ऐतिहासिक बहसें हुईं। इन बैठकों में गांधी और उनके युवा समर्थकों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष के लिए जोश और ऊर्जा भर दी।<ref name="auto2"/> 1919 के [[जलियांवाला बाग हत्याकांड]] और पंजाब में हुए दंगों की त्रासदी के बाद भारतीयों का आक्रोश और भावनाएँ उग्र हो गईं।<ref>{{Cite news|last=Prakash|first=Gyan|date=2019-04-13|title=Opinion {{!}} The Massacre That Led to the End of the British Empire|language=en-US|work=The New York Times|url=https://www.nytimes.com/2019/04/13/opinion/1919-amrtisar-british-empire-india.html|access-date=2021-08-24|issn=0362-4331}}</ref> जब मोहनदास करमचंद गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया, तो पार्टी की “आत्मा” के लिए चल रहा संघर्ष समाप्त हुआ और भारत की नियति की ओर जाने वाला एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ।<ref name="auto2"/> लोकमान्य तिलक—जिन्हें गांधी ने ''आधुनिक भारत का पिता'' कहा था—का निधन 1920 में हुआ, जबकि [[गोपाल कृष्ण गोखले]] का देहांत चार वर्ष पहले ही हो चुका था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=i7yKAAAAMAAJ|title = Indian Political Parties|year = 1984|publisher = Meenakshi Prakashan}}</ref> [[मोतीलाल नेहरू]], [[लाला लाजपत राय]] और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधी का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि वे तिलक और गोखले की तरह जनता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रकार अब राष्ट्र को दिशा दिखाने की पूरी जिम्मेदारी गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर आ गई। ===महात्मा गांधी का युग=== गांधीजी ने 1919 से 1948 तक भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष पर राज किया। इसलिए इस अवधि को भारतीय इतिहास में गांधी युग कहा जाता है। इस समय, महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रभुत्व बनाया, जो बदले में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर थी। गांधी ने 1915 में कांग्रेस में शामिल हुए और 1923 में इसे छोड़ दिया। ===विस्तार और पुनर्गठन=== विश्व युद्ध के कुछ वर्षों बाद, गांधी की चंपारण और खेड़ा में सफलताओं के कारण कांग्रेस काफी विस्तारित हुई। भारत के विभिन्न हिस्सों से पूरी नई पीढ़ी के नेताओं ने उभरना शुरू किया, जो गांधी के अनुयायी थे, जैसे [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[राजेंद्र प्रसाद]], [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], [[नरहरी पारिख]], [[महादेव देसाई]] – साथ ही गर्म खून वाले राष्ट्रवादी जो गांधी की सक्रिय नेतृत्व से जागरूक हुए – [[चित्तरंजन दास]], [[सुभाष चंद्र बोस]], [[एस. श्रीनिवास अयंगर]]। गांधी ने कांग्रेस को एक शहरों में आधारित एलीट पार्टी से एक जन संगठन में बदल दिया: *सदस्यता शुल्क को काफी कम किया गया। *कांग्रेस ने भारत भर में राज्य इकाइयाँ स्थापित कीं – जिन्हें ''प्रदेश कांग्रेस समितियाँ'' कहा जाता था – जो भारत के राज्यों के भाषाई समूहों के आधार पर बनाई गईं। *जाति, जातीयता, धर्म और लिंग के आधार पर कांग्रेस में भेदभाव करने वाले सभी पुराने प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया – अखिल भारतीय एकता पर जोर दिया गया। *स्थानीय भाषाओं को कांग्रेस बैठकों में आधिकारिक उपयोग और सम्मान दिया गया – विशेषकर ''उर्दू'', जिसे गांधी ने ''हिंदुस्तानी'' नाम दिया था, जिसका उपयोग अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा अपनाया गया। *सभी स्तरों पर नेतृत्व पदों को चुनावों द्वारा भरा जाएगा, नियुक्तियों द्वारा नहीं। इस लोकतंत्र की शुरुआत ने पार्टी को पुनर्जीवित करने में मदद की, सामान्य सदस्यों को आवाज दी। *नेतृत्व के लिए पात्रता यह निर्धारित की जाएगी कि सदस्य ने कितना सामाजिक कार्य और सेवा की है, न कि उसकी दौलत या सामाजिक स्थिति। ====सामाजिक विकास==== 1920 के दशक के दौरान, एम.के. गांधी ने कांग्रेस के हजारों स्वयंसेवकों को बड़े पैमाने पर संगठित कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत में प्रमुख सामाजिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। कांग्रेस समितियों और गांधी के आश्रमों के नेटवर्क के मार्गदर्शन में, कांग्रेस ने निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया: *[[अछूतता]] और जाति भेदभाव *शराबखोरी *अस्वच्छता और स्वच्छता की कमी *स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा सहायता की कमी *[[पर्दा]] और महिलाओं का दमन *अक्षरता, राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों के आयोजन के साथ *गरीबी, [[खादी]] कपड़े और [[हस्तशिल्प]] उद्योगों के माध्यम से गांधी के इस गहन कार्य ने भारतीय लोगों को खासतौर पर आश्रमों की स्थापना के माध्यम से प्रभावित किया, जिससे बाद में उन्हें ''महात्मा'', महान आत्मा, के रूप में सम्मानित किया गया। ===(1937–1942)=== [[File:Katni1.jpg|left|thumb|350px| [[कटनी]] में एक पुरानी इमारत जो [[स्वराज|भारत की स्वतंत्रता]] का स्मरण करती है, जिसमें [[नेहरू]], [[गांधी]] और [[सुभाष चंद्र बोस]] की मूर्तियाँ हैं]] [[भारत सरकार अधिनियम 1935]] के तहत, कांग्रेस ने पहली बार [[भारतीय प्रांतीय चुनाव, 1937|1937 के प्रांतीय चुनावों]] में राजनीतिक शक्ति का अनुभव किया। इसने आठ में से ग्यारह प्रांतों में जबर्दस्त सफलता हासिल की। इसकी आंतरिक संगठनात्मक संरचना विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों और विचारधाराओं में खिल उठी। ध्यान पूर्ण स्वतंत्रता की एकमात्र भक्ति से थोड़ा बदल गया, और राष्ट्र के भविष्य की शासन की थ्योरी और उत्साह पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, जब वायसराय लॉर्ड लिंलिथगो ने बिना चुने गए प्रतिनिधियों से सलाह किए बिना भारत को [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में युद्धरत घोषित किया, तो कांग्रेस की मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया। [[सुभाष चंद्र बोस]] के कट्टर अनुयायी, जो समाजवाद और सक्रिय क्रांति में विश्वास करते थे, बोस के 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही पदानुक्रम में उभरे। ====परंपरावादी==== एक दृष्टिकोण के अनुसार, परंपरावादी दृष्टिकोण, हालांकि राजनीतिक अर्थ में नहीं, कांग्रेस के नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, पुरुषोत्तम दास टंडन, खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और मौलाना आज़ाद द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो गांधी के सहयोगी और अनुयायी थे। उनके संगठनात्मक ताकत, जो सरकार के साथ संघर्षों का नेतृत्व करने के माध्यम से हासिल की गई, निस्संदेह थी और यह साबित हो गया जब 1939 के चुनावों में जीतने के बावजूद, बोस ने राष्ट्रीय नेताओं के बीच अपनी कमी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि एक साल पहले, 1938 के चुनाव में, बोस को गांधी के समर्थन से चुना गया था। 1939 में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हुए कि बोस को दूसरा कार्यकाल मिलना चाहिए या नहीं। जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें गांधी ने हमेशा बोस पर प्राथमिकता दी, पहले ही दूसरा कार्यकाल पा चुके थे। बोस के अपने मतभेद मुख्य रूप से अहिंसक और क्रांतिकारी तरीकों के बीच स्थान को लेकर थे। जब उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो उन्होंने गांधी के नाम का उल्लेख किया और उन्हें राष्ट्रपिता कहा। यह गलत होगा यह सुझाव देना कि所谓 परंपरावादी नेता केवल प्राचीन भारतीय, एशियाई या, मौलाना आज़ाद और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान के मामले में, इस्लामी सभ्यता से प्रेरणा लेते थे। उन्होंने, शिक्षा के क्षेत्र के शिक्षाविदों जैसे ज़ाकिर हुसैन और ई. डब्ल्यू. आर्यनायक के साथ, यह विश्वास किया कि शिक्षा इस तरीके से प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्र अपने हाथों से चीजें बना सकें और कौशल सीख सकें, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। इस प्रकार की शिक्षा कुछ क्षेत्रों में मिस्र में भी अपनाई गई। (देखें: रेगिनाल्ड रेनॉल्ड्स, Beware of Africans)। ज़ाकिर हुसैन कुछ यूरोपीय शिक्षाविदों से प्रेरित थे और गांधी के समर्थन से, इस दृष्टिकोण को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा पेश किए गए बुनियादी शिक्षा पद्धति के अनुरूप बनाने में सफल रहे। उन्होंने विश्वास किया कि भविष्य के राष्ट्र के लिए शिक्षा प्रणाली, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय मॉडल को विशेष स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। जबकि अधिकांश पश्चिमी प्रभावों और समाजवाद के सामाजिक-आर्थिक समानता के लाभों के प्रति खुले थे, वे किसी भी मॉडल द्वारा परिभाषित होने का विरोध करते थे। ===1942-1946=== कांग्रेस में अंतिम महत्वपूर्ण घटनाएँ स्वतंत्रता के अंतिम कदम और धर्मों के आधार पर देश के विभाजन से संबंधित थीं। ====भारत छोड़ो==== [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]], जो [[तमिल नाडु]] से प्रमुख नेता थे, ने ब्रिटिश युद्ध प्रयास का समर्थन करने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। यह 1942 में शुरू हुआ। ====भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुकदमे==== 1946 के [[INA मुकदमे]] के दौरान, कांग्रेस ने [[INA रक्षा समिति]] का गठन करने में मदद की, जिसने [[आज़ाद हिंद]] सरकार के सैनिकों के मामले को मजबूती से पेश किया। समिति ने INA के लिए कांग्रेस की रक्षा टीम के गठन की घोषणा की और इसमें उस समय के प्रसिद्ध वकील शामिल थे, जैसे [[भुलाभाई देसाई]], [[असफ अली]], और [[जवाहरलाल नेहरू]]। भारत छोड़ो बिल 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ। ====रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह==== कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शुरू में [[रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह]] के नाविकों का समर्थन किया। हालाँकि, उन्होंने महत्वपूर्ण क्षण पर समर्थन वापस ले लिया, क्योंकि विद्रोह विफल हो गया। ====भारत का विभाजन==== कांग्रेस के भीतर, विभाजन का विरोध [[खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]], [[सैफुद्दीन किचलू]], [[डॉ. खान साहिब]] और उन कांग्रेसियों द्वारा किया गया जो उन प्रांतों से थे, जो अनिवार्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से बन गए। [[मौलाना आज़ाद]], एक भारतीय इस्लामिक विद्वान, ने सिद्धांत के स्तर पर विभाजन का विरोध किया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व में बाधा नहीं डालना चाहते थे; उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ रहना पसंद किया। ===1947=== ====संविधान==== संसद और संविधान की चर्चाओं में, कांग्रेस का दृष्टिकोण समावेशिता और उदारवाद से चिह्नित था। सरकार ने कुछ प्रमुख भारतीयों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जो राज के प्रति वफादार और उदार थे, और उन्होंने उन भारतीय सिविल सेवकों के प्रति कोई दंडात्मक नियंत्रण नहीं अपनाया जिन्होंने राज के शासन में सहायता की और राष्ट्रीय गतिविधियों को दबाया। एक कांग्रेस-प्रभुत्व वाली सभा ने [[B.R. अंबेडकर]], जो कांग्रेस के एक कठोर आलोचक थे, को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष चुना। [[श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], एक [[हिंदू महासभा]] नेता, उद्योग मंत्री बने। कांग्रेस ने अपनी मूलभूत वादों पर मजबूती से खड़े रहते हुए एक ऐसा संविधान प्रस्तुत किया जिसने अस्पृश्यता और जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया। प्राथमिक शिक्षा को एक अधिकार बनाया गया, और कांग्रेस सरकारों ने [[जमींदार]] प्रणाली को अवैध घोषित किया, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की और हड़ताल करने और श्रमिक संघ बनाने का अधिकार दिया।<ref>{{Cite web |title=Shyama Prasad Mukherjee, the barrister who founded Bharatiya Janta Party |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/remembering-shyama-prasad-mukherjee-the-founder-of-bharatiya-jana-sangh-that-later-became-bharatiya-janta-party-1563356-2019-07-06 |access-date=2024-03-10 |website=India Today |language=en}}</ref> '''काँग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में''' काँग्रेस में बहुत बड़ा बदलाव आया। चम्पारन एवं खेड़ा में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को जन समर्थन से अपनी पहली सफलता मिली। १९१९ में [[जालियाँवाला बाग हत्याकांड]] के पश्चात गान्धी जी काँग्रेस के महासचिव बने। उनके मार्गदर्शन में काँग्रेस कुलीन वर्गीय संस्था से बदलकर एक जनसमुदाय संस्था बन गयी। तत्पश्चात् राष्ट्रीय नेताओं की एक नयी पीढ़ी आयी जिसमें [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], [[जवाहरलाल नेहरू]], डॉक्टर [[राजेन्द्र प्रसाद]], [[महादेव देसाई]] एवं [[सुभाष चंद्र बोस]] आदि शामिल थे। गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश काँग्रेस कमेटियों का निर्माण हुआ, काँग्रेस में सभी पदों के लिये चुनाव की शुरुआत हुई एवं कार्यवाहियों के लिये भारतीय भाषाओं का प्रयोग शुरू हुआ। काँग्रेस ने कई प्रान्तों में सामाजिक समस्याओं को हटाने के प्रयत्न किये जिनमें छुआछूत, पर्दाप्रथा एवं मद्यपान आदि शामिल थे।<ref name="test5">{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|title=Indian National Congress: A Select Bibliography|first1=Manikrao Hodlya|last1=Gavit|first2=Attar|last2=Chand|date=1 मार्च 1989|publisher=U.D.H. Publishing House|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024905/https://books.google.co.in/books?id=LdvfAAAAMAAJ&hl=en|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए काँग्रेस को धन की कमी का सामना करना पड़ता था। गाँधीजी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का धन जमा किया और इसे [[बाल गंगाधर तिलक]]के स्मरणार्थ तिलक स्वराज कोष का नाम दिया। ४ आना का नाममात्र सदस्यता शुल्क भी शुरू किया गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |title=Headlines given in 'Bombay Chronicle' for his successful drive for the collection of one crore of rupees for The Tilak Swaraj Fund, 1921 |publisher=Bombay Chronicle |accessdate=५ मई २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170226042810/http://www.mkgandhi-sarvodaya.org/gphotgallery/1915-1932/pages/b1.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite book|url= https://books.google.co.in/books?id=Z0ydNvMbPI0C&pg=PA24&dq=tilak+swaraj+fund&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi7x_j5r9_TAhXMvY8KHeInABkQ6AEIRzAH#v=onepage&q=tilak%20swaraj%20fund&f=false|title = What Congress & Gandhi Have done to the Untouchables |author=[[भीमराव आम्बेडकर]] |publisher= Gautam Book Center|year= १९४५ |isbn=9788187733997 |accessdate= ५ मई २०१७ |page= १९ | language = en |trans-title= काँग्रेस और गाँधी ने अछूतों के साथ क्या किया}}</ref> === स्वतन्त्र भारत === 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस भारत के मुख्य राजनैतिक दलों में से एक रही है। इस दल के कई प्रमुख नेता भारत के प्रधानमन्त्री रह चुके हैं। पंडित [[जवाहरलाल नेहरू]], [[लाल बहादुर शास्त्री]],पण्डित नेहरू की पुत्री [[इंदिरा गाँधी|इन्दिरा गाँधी]] एवं उनके नाती [[राजीव गाँधी|राजीव गाँधी]] इसी दल से थे। राजीव गाँधी के बाद सीताराम केसरी काँग्रेस के अध्यक्ष बने जिन्हे सोनिया गाँधी के समर्थकों ने नामंजूर कर दिया तथा सोनिया गाँधी को हाईकमान बनाया, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी काँग्रेस की अध्यक्ष तथा यूपीए की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। [[कपिल सिब्बल]], काँग्रेस महासचिव [[दिग्विजय सिंह]], अहमद पटेल, [[राहुल गांधी]], [[प्रियंका गांधी]], राशिद अल्वी, [[राज बब्बर]], [[मनीष तिवारी]] आदि काँग्रेस के वरिष्ट नेता हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह|डॉ॰ मनमोहन सिंह]] भी काँग्रेस से ताल्लुक रखते हैं। ==कांग्रेस के अधिवेशन == स्वतंत्रता से पहले आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी ऐतिहासिक अधिवेशनों की सूची यहां दी गई है। {| class="wikitable sortable" Manish. Kumar ! वर्ष !! स्थान !! अध्यक्ष !! टिप्पणी |- | 1885 || बॉम्बे ||व्योमेश चन्द्र बनर्जी || 72 प्रतिनिधि उपस्थित थे। |- | 1886 || कलकत्ता || [[दादाभाई नौरोजी]] || प्रतिनिधियों की संख्या बढकर 434 हो गई। |- | 1887 || मद्रास|| सैयद बद्रूद्दीन तैयबजी || प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |- | 1888 || इलाहाबाद || जॉर्ज यूल || प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |- | 1889 || मुंबई || सर विलियम वेदरबर्न || पहली बार महिला ने भाग लिया |- | 1890 || कलकत्ता || [[फिरोजशाह मेहता]] || स्नातक डिग्री प्राप्त महिला कादम्बिनी ने भाग लिया |- | 1891 || नागपुर || आनन्दचार्लु || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नाम दिया • दादा भाई नारौजी |- | 1892 || प्रयागराज || व्योमेश चंद्र बनर्जी ||लंदन में आम चुनाव |- | 1893 || लाहौर || दादाभाई नौरोजी || Demand Of • civil service exam in india |- | 1894 || मद्रास || ए.वेब || |- | 1895 || पुणे || [[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] || |- | 1896 || कलकत्ता || एम.रहीमतुल्ला सयानी || पहली बार राष्ट्रीय गीत गाया गया था |- | 1897 || अमरावती || सी.शंकर नायर || |- | 1898 || मद्रास || आनंद मोहन बोस || |- | 1899 || लखनऊ || रोमेश चंद्र बोस || |- | 1900 || लाहौर || एन.जी. चंदूनरकर || |- | 1901 || कलकत्ता || ई.दिंशा वाचा || पहली बार गांधी जी ने भाग लिया |- | 1902 || अहमदाबाद || सुरेन्द्रनाथ बनर्जी || |- | 1903 || मद्रास || लालमोहन बोस || |- | 1904 || मुंबई || सर हेनरी कॉटन || पहली बार मो. अली जिन्ना ने भाग लिया |- | 1905 || बनारस || [[गोपाल कृष्ण गोखले]] || बंग भंग आंदोलन का समर्थन स्वदेशी आंदोलन को समर्थन मिला |- | 1906 || कलकत्ता || दादाभाई नौरोजी || 'स्वराज्य' शब्द का प्रथम बार प्रयोग अध्यक्ष द्वारा किया गया। मुस्लिम लीग की स्थापना |- | 1907 || सूरत || [[रास बिहारी घोष|रासबिहारी घोष]] || कांग्रेस का विभाजन (नरम दल और गरम दल ) एवं सत्र की समाप्ति। |- | 1908 || मद्रास || रासबिहरी घोष || कांग्रेस के लिये एक संविधान। |- | 1909 || लाहौर || [[मदनमोहन मालवीय]] || पृथक निर्वाचिका का विरोध |- | 1910 ||प्रयागराज || सर विलियम वेदरबर्न || |- | 1911 || कलकत्ता || बिसन नारायण धर || इस अधिवेशन मे पहली बार राष्ट्रगान गाया गया। |- | 1912 || पटना || आर.एन. मुधालकर || A O Hume - कांग्रेस का पिता घोशित किया गया |- | 1913 || कराची || सैयद मुहम्मद बहादुर || |- | 1914 || मद्रास || भूपेन्द्रनाथ बोस || |- | 1915 || मुंबई || सर एस.पी. सिन्हा || Lord Wellington भाग लिया (आगे चलकर vaceray भी बना) |- | 1916 || लखनऊ || ए.जी. मजुमदार || कांग्रेस में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई और गरम दल और नरम दल का मिलन हुआ |- | 1917 || कलकता || [[एनी बेसेंट|श्रीमती एनी बेसेंट]] || प्रथम महिला अध्यक्ष(कांग्रेस ने तिरंगे झंडों को अपनाया ) |- | 1918 || मुंबई || सैयद हसन इमाम || |- | 1918 || दिल्ली || मदनमोहन मालवीय || नरमदल वालों जैसे एस.एन.बनर्जी का त्यागपत्र |- | 1919 || अमृतसर || [[मोतीलाल नेहरू]] || •जलियांवाला बाग हत्याकांड का विरोध किया •खिलाफत आंदोलन को समर्थन दिया |- | 1920 || नागपुर || सी. विजय राघवाचार्य || आशायोग आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया |- | 1921 || अहमदाबाद || हकीम अजलम खान (कार्यकारी अध्यक्ष) || अध्यक्ष सी.आर.दास जेल में कैद |- | 1922 || गया || [[चित्तरंजन दास]] || स्वराज्य पार्टी का गठन |- | 1923 || दिल्ली || [[अबुल कलाम आज़ाद]] || सबसे कम उम्र के अध्यक्ष |- | 1923 || कोकोनाडा || मौलाना मुहम्मद अली || |- | 1924 || बेलगांव || [[महात्मा गांधी]] || एकमात्रा अधिवेशन गांधी जी ने किया |- | 1925 || कानपुर || [[सरोजिनी नायडू]] || प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |- | 1926 || गोहाटी || [[श्रीनिवास अयंगर]] || |- | 1927 || मद्रास || एम.ए. अंसारी || साइमन कमीशन का विरोध किया गया और साइमन वापस जाओ का नारा दिया गया |- | 1928 || कलकत्ता || [[मोतीलाल नेहरू]] || प्रथम अखिल भारतीय युवा कांग्रेस |- | 1929 || लाहौर || जवाहरलाल नेहरू || पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव |- | 1930 || अधिवेशन नहीं हुआ || जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने रहे || |- | 1931 || कराची || [[वल्लभ भाई पटेल]] || मूल अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव |- | 1932 || दिल्ली || आर.डी. अमृतलाल || |- | 1933 || कलकत्ता || श्रीमती नलिनी सेनगुप्ता || |- | 1934 || मुंबई || राजेन्द्र प्रसाद || कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन |- | 1935 || अधिवेशन नहीं हुआ || राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने रहे || |- | 1936 || लखनऊ || जवाहरलाल नेहरू || समाजवादी कांग्रेस का लक्ष्य |- | 1937 || फैजपुर || जवाहरलाल नेहरू || पहली बार गांव में सत्र हुआ। |- | 1938 || हरिपुरा || [[सुभाष चन्द्र बोस]] || राष्ट्रीय योजना समिति |- | 1939 || त्रिपुरी || सुभाष चंद्र बोस || बोस का त्यागपत्र, राजेन्द्र प्रसाद का अध्यक्ष बनना तथा बोस द्वारा [[फॉरवर्ड ब्लाक]] की स्थापना की गई। सुभाष चंद्र बोस पट्टाभि सीतारमैय्या को पराजित कर के अध्यक्ष बने थे। |- | 1940 || रामगढ || अबुल कलाम आजाद || भारत छोड़ो का प्रस्ताव दिया गया |- | 1941-45 || अधिवेशन नहीं हुआ || अबुल कलाम आजाद अध्यक्ष बने रहे। || द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण नही हुए |- | 1946 || मेरठ || [[जे॰ बी॰ कृपलानी|जीवटराम भगवानदास कृपलानी]] || |- | 1947 || दिल्ली || [[राजेन्द्र प्रसाद]] || |- ! colspan="4" | कुल अधिवेशन = 61 |} ==राजनीतिक स्थिति और नीतियाँ== ===सामाजिक मामले=== कांग्रेस पार्टी सामाजिक समानता, [[स्वतंत्रता]], [[धर्मनिरपेक्षता]] और [[समान अवसर]] पर जोर देती है। इसकी राजनीतिक स्थिति सामान्यत: मध्य में मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, पार्टी ने किसानों, श्रमिकों और [[महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005|महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम]] (MGNREGA) का प्रतिनिधित्व किया है। MGNREGA का उद्देश्य "ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार के वयस्क सदस्यों को अन-skilled मैनुअल काम करने के लिए 100 दिन की गारंटी वाली मजदूरी रोजगार प्रदान करना शामिल है।" MGNREGA का एक अन्य लक्ष्य टिकाऊ संपत्तियों (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों और कुंडों) का निर्माण करना है।<ref name="MGNREGA">{{cite web |title=National Rural Employment Guarantee Act, 2005 |url=https://rural.nic.in/sites/default/files/nrega/Library/Books/1_MGNREGA_Act.pdf |publisher=Ministry of Law and Justice |access-date=11 July 2021}}</ref> कांग्रेस ने खुद को हिंदू समर्थक और अल्पसंख्यकों के रक्षक के रूप में पेश किया है। पार्टी महात्मा गांधी के सिद्धांत [[सर्व धर्म समभाव]] का समर्थन करती है, जिसे इसके सदस्य धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखते हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य [[अमरिंदर सिंह]] ने कहा, "भारत सभी धर्मों का है, जो इसकी ताकत है, और कांग्रेस इसकी प्रिय धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को नष्ट नहीं होने देगी।"<ref name="Captain CM">{{cite news |title=Congress will safeguard secularism |url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-will-safeguard-secularism/article27074338.ece |access-date=6 July 2021 |work=The Hindu |date=9 May 2019}}</ref> 9 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने विवादित [[राम जन्मभूमि]] स्थल के निकट शिलान्यास समारोह की अनुमति दी। इसके बाद उनकी सरकार को [[मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 1986]] को पारित करने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसने सुप्रीम कोर्ट के [[शाह बानो]] मामले में निर्णय को निरस्त कर दिया। [[1984 के दंगे]] ने कांग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता पर नैतिक तर्क खोने पर मजबूर किया। भाजपा ने [[2002 के गुजरात दंगों]] के मामले में कांग्रेस पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठाए।<ref name="ThePrint">{{cite news |last1=Vij |first1=Shivam |title=Reclaiming Indian pluralism will need annihilation of Congress party |url=https://theprint.in/opinion/reclaiming-indian-pluralism-will-need-annihilation-of-congress/485212/ |access-date=6 July 2021 |work=ThePrint |publisher=Shekhar Gupta |date=19 August 2020}}</ref> कांग्रेस ने हिंदुत्व विचारधारा से खुद को दूर रखा है, हालांकि 2014 और 2019 के आम चुनावों में हार के बाद पार्टी ने अपने रुख को नरम किया है।<ref name="Hindutva">{{cite news |title='Rajiv Gandhi opened locks, called for Ram Rajya in 1985': Kamal Nath |url=https://www.timesnownews.com/india/article/rajiv-gandhi-opened-locks-called-for-ram-rajya-in-1985-kamal-nath/632586 |access-date=6 July 2021 |work=Times Now |date=6 August 2020}}</ref> नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री पद के दौरान, [[पंचायती राज]] और [[नगर निगम (भारत)|नगर सरकार]] को संवैधानिक दर्जा मिला। संविधान में 73वीं और 74वीं संशोधन के साथ, एक नया अध्याय, भाग- IX, जोड़ा गया।<ref name="73rd">{{cite web |title=Panchayati Raj System in Independent India |url=http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |publisher=Department of Rural Development and Panchayats, Punjab |access-date=10 March 2022 |archive-date=1 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220201062705/http://www.pbrdp.gov.in/documents/6205745/98348119/Panchayati%20Raj%20System%20in%20Independent%20India.pdf |url-status=dead }}</ref> राज्यों को पंचायती राज प्रणाली अपनाने में अपने भौगोलिक, राजनीतिक-प्रशासनिक और अन्य पहलुओं पर विचार करने की लचीलापन दी गई। पंचायतों और नगर निकायों में, स्थानीय स्वशासन में समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रयास में, अनुसूचित जातियों/जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया।<ref name="Self Governance">{{cite web |title=Governance and Development |url=https://niti.gov.in/planningcommission.gov.in/docs/plans/mta/midterm/english-pdf/chapter-17.pdf |publisher=[[NITI Aayog]] |access-date=10 March 2022}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस ने [[हिंदी]] को भारत की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने का समर्थन किया। नेहरू ने कांग्रेस पार्टी के उस धड़े का नेतृत्व किया, जिसने हिंदी को भारतीय राष्ट्र की ''[[lingua franca]]'' के रूप में बढ़ावा दिया।<ref name="Lingua">{{cite journal |url=https://www.jstor.org/stable/43950462 |publisher=JSTOR |jstor=43950462 |access-date=5 July 2021|title=Jawaharlal Nehru and the Language Problem |last1=Agrawala |first1=S. K. |journal=Journal of the Indian Law Institute |year=1977 |volume=19 |issue=1 |pages=44–67 }}</ref> हालांकि, गैर-हिंदी भाषी भारतीय राज्यों, विशेष रूप से [[तमिलनाडु]], ने इसका विरोध किया और अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग की मांग की। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में कई प्रदर्शनों और दंगों का सामना करना पड़ा, जिसमें मद्रास [[Anti-Hindi agitations of Tamil Nadu|1965 का एंटी-हिंदी आंदोलन]] शामिल था।<ref name="Tamil protest">{{cite news |last1=Nair |first1=Chitralekha |title=A brief history of anti-Hindi imposition agitations in India |url=https://www.theweek.in/news/india/2019/06/07/brief-history-anti-hindi-imposition-agitations-india.html |access-date=5 July 2021 |work=The Week (Indian magazine) |publisher=Jacob Mathew |date=7 June 2019}}</ref> शास्त्री ने आंदोलनों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस लें और आश्वासन दिया कि अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में तब तक उपयोग में लाया जाएगा जब तक गैर-हिंदी भाषी राज्य इसकी इच्छा करते रहें।<ref name="Assurance">{{cite news |last1=Madan |first1=Karuna |title=Anti-Hindi agitation: How it all began |url=https://gulfnews.com/world/asia/india/anti-hindi-agitation-how-it-all-began-1.2018146 |access-date=5 July 2021 |work=Gulf News |agency=Al Nisr Publishing |date=28 April 2017}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1967 में आधिकारिक भाषाओं के अधिनियम को संशोधित कर गैर-हिंदी भाषी राज्यों के भावनाओं को शांत किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंग्रेजी का उपयोग तब तक जारी रह सकता है जब तक हर राज्य की विधानमंडल ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का प्रस्ताव पारित नहीं किया।<ref name="Language 1967">{{cite web |title=THE OFFICIAL LANGUAGES ACT, 1963 |url=https://rajbhasha.gov.in/en/official-languages-act-1963 |publisher=Department of Official Language, Government of India |access-date=10 March 2022}}</ref> यह दोनों हिंदी और अंग्रेजी के आधिकारिक भाषाओं के रूप में प्रयोग की गारंटी थी, जिससे भारत में द्विभाषिकता स्थापित हुई।<ref name="Language Act">{{cite web |title=Complete Text of the Official Languages Act |url=https://www.uottawa.ca/clmc/india-official-languages-act#:~:text=Bill%2019%20(1963)%20as%20amended%201967&text=An%20Act%20to%20provide%20for,certain%20communication%20purposes%20in%20HighCourts.&text=1)%20This%20Act%20may%20be,the%20Official%20Languages%20Act%2C%201963. |publisher=The University of Ottawa |access-date=10 March 2022}}</ref> इस कदम ने राज्यों में एंटी-हिंदी प्रदर्शनों और दंगों का अंत किया। [[भारतीय दंड संहिता की धारा 377]], जो समलैंगिकता को अपराध मानती है; पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यौन संबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे व्यक्तियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए।" पार्टी के प्रमुख सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री [[पी. चिदंबरम]] ने कहा कि ''[[Navtej Singh Johar v. Union of India]]'' का निर्णय जल्दी से पलटा जाना चाहिए। 18 दिसंबर 2015 को, पार्टी के प्रमुख सदस्य शशि थरूर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को प्रतिस्थापित करने और सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराधमुक्त करने के लिए एक [[निजी सदस्य का बिल]] पेश किया। यह बिल पहले पठन में अस्वीकृत कर दिया गया। मार्च 2016 में, थरूर ने फिर से समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने के लिए निजी सदस्य का बिल पेश किया, लेकिन इसे दूसरी बार भी अस्वीकृत कर दिया गया। आर्थिक नीतियाँ {{See also|Economic liberalisation in India}} कांग्रेस-नेतृत्व वाले सरकारों की आर्थिक नीति का इतिहास दो चरणों में बाँटा जा सकता है। पहला चरण स्वतंत्रता से 1991 तक चला और इसमें सार्वजनिक क्षेत्र पर बहुत जोर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/a-short-history-of-indian-economy-1947-2019-tryst-with-destiny-other-stories-1565801528109.html|title=A short history of Indian economy 1947–2019: Tryst with destiny & other stories|date=14 August 2019|newspaper=Mint}}</ref> दूसरा चरण 1991 में [[आर्थिक उदारीकरण|आर्थिक उदारीकरण]] के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में, कांग्रेस एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है जिसमें निजी क्षेत्र और राज्य दोनों अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं, जो [[बाजार अर्थव्यवस्था|बाजार]] और [[योजित अर्थव्यवस्था|योजित अर्थव्यवस्थाओं]] के विशेषताओं को दर्शाता है। कांग्रेस आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण का समर्थन करती है—आयात को घरेलू उत्पाद से बदलने का और मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण करना चाहिए ताकि विकास की गति बढ़ सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nehrus-economic-philosophy/article18589548.ece|title=Nehru's economic philosophy|first=H.|last=Venkatasubbiah|newspaper=The Hindu|date=27 May 2017}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/manmohan-singh-credits-jawarharlal-nehru-for-the-idea-of-mixed-economy/articleshow/45197661.cms|title=Manmohan Singh credits Jawarharlal Nehru for the 'idea of mixed economy'|newspaper=The Economic Times}}</ref> [[File Mukherjee - World Economic Forum Annual Meeting Davos 2009.jpg|thumb|left|alt=refer caption | तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] [[विश्व आर्थिक मंच|विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन]] 2009 में नई दिल्ली में]] पहले चरण की शुरुआत में, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर आधारित नीतियों को लागू किया और एक [[मिश्रित अर्थव्यवस्था]] की वकालत की जहां सरकारी-नियंत्रित [[सार्वजनिक क्षेत्र]] निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में होगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण के लिए बुनियादी और भारी उद्योग की स्थापना को महत्वपूर्ण माना। इसलिए, सरकार ने निवेश को प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की उद्योगों—इस्पात, लौह, कोयला, और बिजली में निर्देशित किया, उनके विकास को सब्सिडी और संरक्षणवादी नीतियों के साथ बढ़ावा दिया। इस अवधि को [[लाइसेंस राज]], या परमिट राज कहा गया,<ref>Oxford English Dictionary, 2nd edition, 1989: from [[Sanskrit|Skr.]] ''rāj'': to reign, rule; cognate with [[Latin|L.]] ''rēx'', ''rēg-is'', [[Old Irish|OIr.]] ''rī'', ''rīg'' king (see RICH).</ref> जो कि 1947 से 1990 के बीच भारत में व्यवसाय स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस, नियम और accompanying [[red tape]] की विस्तृत प्रणाली थी।<ref>[http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm Street Hawking Promise Jobs in Future] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20080329023451/http://www.swaminomics.org/articles/20011125_streethawking.htm |date=29 March 2008 }}, ''[[The Times of India]]'', 25 November 2001</ref> लाइसेंस राज ने नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों की इच्छा का परिणाम था कि वे एक [[योजित अर्थव्यवस्था]] बनाना चाहते थे जहां अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं पर राज्य का नियंत्रण हो, और लाइसेंस केवल कुछ विशेष लोगों को दिए जाते थे। 80 सरकारी एजेंसियों को संतुष्ट करना आवश्यक था ताकि निजी कंपनियां कुछ उत्पादित कर सकें; और यदि लाइसेंस दिया जाता, तो सरकार उत्पादन को नियंत्रित करती।<ref name="bbcindia1998">{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/55427.stm|title=India: the economy|year=1998|publisher=BBC}}</ref> लाइसेंस राज प्रणाली इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी जारी रही। इसके अलावा, कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इस्पात, कोयला और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया।<ref name="Rosser" /><ref name="Kapila1">{{Cite book | publisher=Academic Foundation| page=126|url={{Google books|de66PkzcfusC|page=PA126|plainurl=yes}} |isbn=978-8171881055| last1=Kapila| first1=Raj| last2=Kapila| first2=Uma| title=Understanding India's economic Reforms| year=2004}}</ref> राजीव गांधी के दौरान, व्यापार प्रणाली को कई आयात वस्तुओं पर शुल्क में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों के साथ उदार बनाया गया।<ref name="princeton.edu">{{cite journal |author1=Philippe Aghion|author2=Robin Burgess |author3=Stephen J. Redding|author4=Fabrizio Zilibotti |year=2008|url=http://www.princeton.edu/~reddings/pubpapers/ABRZ_AER_Sept2008.pdf|title=The Unequal Effects of Liberalization: Evidence from Dismantling the License Raj in India|journal=American Economic Review |volume=98|issue=4|pages=1397–1412|doi=10.1257/aer.98.4.1397|s2cid=966634 }}</ref> करों की दरों में कमी की गई और कंपनियों की संपत्ति पर प्रतिबंधों को ढीला किया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19910615-in-an-india-known-for-thinking-small-rajiv-gandhi-generated-high-stakes-optimism-814461-1991-06-15|title=In an India known for thinking small, Rajiv Gandhi generated high-stakes optimism|first=Sudeep |last=Chakravarti|date=15 June 1991|website=India Today}}</ref> 1991 में, नए कांग्रेस सरकार ने, [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] के नेतृत्व में, संभावित [[1991 भारत आर्थिक संकट|1991 आर्थिक संकट]] से बचने के लिए सुधारों की शुरुआत की।<ref name="Narasimha Rao was father of economic reform: Pranab" /><ref name="Ghosh">{{cite web|url=http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|archive-date=25 October 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131025042847/http://www.globaleconomicgovernance.org/wp-content/uploads/ghosh-pathways_india.pdf|title= India's Pathway through Financial Crisis|work=globaleconomicgovernance.org|first=Arunabha |last=Ghosh|publisher=Global Economic Governance Programme|access-date=2 March 2007}}</ref> ये सुधार [[नई आर्थिक नीति]] (NEP) या "1991 आर्थिक सुधार" या "एलपीजी सुधार" के रूप में जाने जाते हैं, जो विदेशी निवेश के लिए क्षेत्रों को खोलने, पूंजी बाजारों में सुधार, घरेलू व्यवसाय को [[डिरिसगुलेट|डिरिसगुलेट]] करने, और व्यापार प्रणाली में सुधार में सबसे आगे बढ़े। ये सुधार उस समय लागू किए गए जब भारत भुगतान संतुलन संकट, उच्च मुद्रास्फीति, कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs), और एक बड़ा वित्तीय घाटा का सामना कर रहा था।<ref name="LPG Rao">{{cite news |last1=Tiwari |first1=Brajesh Kumar |title=Dr Manmohan Singh: The Architect of India's Economic Reform |url=https://news.abplive.com/blog/dr-manmohan-singh-the-architect-of-india-s-economic-reform-1632067 |access-date=3 December 2023 |work=ABP News |agency=ABP Group |date=26 September 2023}}</ref> इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को समाजवादी मॉडल से बाजार अर्थव्यवस्था की ओर स्थानांतरित करना भी था।<ref name="Economy Reforms">{{cite news |last1=Chundawat |first1=Keshav Singh |title=Dr Manmohan Singh, the man who opened up Indian economy |url=https://www.cnbctv18.com/politics/pm-modi-extends-birthday-wishes-to-dr-manmohan-singh-the-man-who-opened-up-indian-economy-17886361.htm |access-date=3 December 2023 |work=CNBC TV18 |agency=Network18 Group |date=26 September 2023}}</ref> राव सरकार के लक्ष्यों में [[वित्तीय घाटा]] को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र का [[निजीकरण|निजीकरण]] करना, और अवसंरचना में निवेश बढ़ाना शामिल था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZbWF5hykvwYC&q=1991+economic+reforms+progressed+furthest+in+opening+up+areas+to+foreign+investment%2C+reforming+capital+markets%2C+deregulating+domestic+business%2C+and+reforming+the+trade+regime.&pg=PA65|title=Methodology And Perspectives of Business Studies|first=G.|last=Balachandran|date=28 July 2010|publisher=Ane Books India|isbn=9789380156682}}</ref> व्यापार सुधार और विदेशी निवेश के नियमों में बदलावों को पेश किया गया ताकि भारत को विदेशी व्यापार के लिए खोला जा सके जबकि बाहरी ऋण को स्थिर किया जा सके।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/narasimha-rao-s-bold-economic-reforms-helped-in-india-s-development-naidu-11609062633183.html|title=Narasimha Rao's bold economic reforms helped in India's development: Naidu|author=Staff Writer|date=27 December 2020|newspaper=Mint}}</ref> राव ने इस कार्य के लिए [[मनमोहन सिंह]] को चुना। सिंह, जो एक प्रशंसित अर्थशास्त्री और पूर्व [[भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर्स की सूची|भारतीय रिजर्व बैंक]] के गवर्नर थे, ने इन सुधारों को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/this-day-the-half-lion-saved-india-when-rao-and-manmohan-brought-economy-back-from-the-brink/articleshow/59738979.cms|title=This day the half-lion saved India: When Rao and Manmohan brought economy back from the brink|newspaper=The Economic Times}}</ref> 2004 में, मनमोहन सिंह ने कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2009 में हुए आम चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री का पद बनाए रखा। सिंह सरकार ने बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतियों की शुरुआत की।<ref>{{cite news|title=Banking on reform|url=http://www.indianexpress.com/news/banking-on-reform/1059372/|access-date=14 June 2013|newspaper=The Indian Express}}</ref> इसके अतिरिक्त, किसानों के कर्ज़ में राहत देने वाली नीतियाँ भी लागू की गईं।<ref>{{cite web|title=Farmer Waiver Scheme- PM statement|url=http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=39122|publisher=PIB|access-date=14 June 2013}}</ref> 2005 में, सिंह सरकार ने [[मूल्य वर्धित कर|मूल्य वर्धित कर (VAT)]] लागू किया, जिसने बिक्री कर को प्रतिस्थापित किया। भारत ने 2008 की वैश्विक आर्थिक संकट के सबसे बुरे प्रभावों का सामना करने में सफलता हासिल की।<ref>Mohan, R., 2008. Global financial crisis and key risks: impact on India and Asia. RBI Bulletin, pp.2003–2022.</ref><ref>{{cite news|title=Global inflation climbs to historic levels|url=https://www.nytimes.com/2008/02/12/business/worldbusiness/12iht-inflate.1.9963291.html|newspaper=The New York Times|author=Kevin Plumberg|author2=Steven C. Johnson|access-date=17 June 2011|date=2 November 2008}}</ref> सिंह सरकार ने [[गोल्डन क्वाड्रिलैटरल]] को जारी रखा, जो [[अटल बिहारी वाजपेयी|वाजपेयी]] सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतीय राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम था।<ref>{{cite web|title=Economic benefits of golden Quadilateral|date=4 May 2013 |url=http://businesstoday.intoday.in/story/economic-benefits-of-the-golden-quadrilateral-project/1/194321.html|publisher=Business today|access-date=14 June 2013}}</ref> तब के वित्त मंत्री [[प्रणब मुखर्जी]] ने कई कर सुधार लागू किए, जिनमें [[फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स (भारत)|फ्रिंज बेनेफिट्स टैक्स]] और वस्तुओं के लेन-देन कर को समाप्त करना शामिल था।<ref>{{cite web|date=6 July 2009|title=Fringe benefit tax abolished|url=https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|access-date=31 August 2020|website=The Hindustan Times|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040931/https://www.hindustantimes.com/business/fringe-benefit-tax-abolished/story-w54pPgAH9TN3SE9ze9fdiI.html|url-status=live}}</ref> उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान [[वस्तु एवं सेवा कर (भारत)|वस्तु एवं सेवा कर (GST)]] को भी लागू किया।<ref>{{Cite news|date=13 April 2017|title=President Pranab Mukherjee gives nod to four supporting Bills on GST|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|access-date=31 August 2020|issn=0971-751X|archive-date=10 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200610130246/https://www.thehindu.com/news/national/president-pranab-mukherjee-gives-nod-to-four-supporting-legislations-on-gst/article17982848.ece|url-status=live}}</ref> उनके सुधारों को प्रमुख कॉर्पोरेट अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला। हालाँकि, कुछ अर्थशास्त्रियों ने रेट्रोस्पेक्टिव कराधान की आलोचना की।<ref>{{cite web|date=27 October 2017|title=Manmohan & Sonia opposed retrospective tax: Pranab Mukherjee |url=https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040859/https://theprint.in/pageturner/excerpt/retrospective-tax-pranab-mukherjee/13673/|archive-date=1 September 2020|url-status=live|access-date=31 August 2020|website=ThePrint}}</ref> मुखर्जी ने कई सामाजिक क्षेत्र योजनाओं के लिए फंडिंग बढ़ाने के साथ-साथ [[जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन]] (JNNURM) का समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए बजट में वृद्धि का समर्थन किया और [[राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम]] जैसे अवसंरचना कार्यक्रमों का विस्तार किया।<ref>{{cite web|title=More Funds for Infrastructure Development, Farmers|url=https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040912/https://www.outlookindia.com/newswire/story/more-funds-for-infrastructure-development-farmers/662289|magazine=Outlook|location=New Delhi}}</ref> उनके कार्यकाल के दौरान बिजली कवरेज का भी विस्तार हुआ। मुखर्जी ने राजकोषीय विवेक के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने उनके कार्यकाल के दौरान बढ़ते राजकोषीय घाटे के बारे में चिंता व्यक्त की, जो 1991 के बाद से सबसे ऊंचा था। उन्होंने यह भी घोषित किया कि सरकारी खर्च में वृद्धि केवल अस्थायी थी।<ref>{{Cite news|title=Big spender|newspaper=The Economist |issn=0013-0613|url=https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender |access-date=1 September 2020|url-status=live|archive-date=1 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200901040901/https://www.economist.com/news/2009/07/07/big-spender}}</ref> ===राष्ट्रीय रक्षा और गृह मामले=== [[File:The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and his wife, Smt. Gursharan Kaur during the Passing Out Parade at the Platinum Jubilee Course of Indian Military Academy, in Dehradun, on December 10, 2007.jpg|thumb|10 दिसंबर 2007 को IMA के प्लेटिनम जुबली कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान [[मनमोहन सिंह]] और उनकी पत्नी; विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स के साथ।]] भारत ने स्वतंत्रता के बाद से ही परमाणु क्षमताओं की दिशा में प्रयास किए हैं। नेहरू का मानना था कि परमाणु ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इसके विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस दिशा में, उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका से सहायता प्राप्त करने की कोशिश की।<ref name="Vision">{{cite web |title=Indian Nuclear Program |url=https://www.atomicheritage.org/history/indian-nuclear-program |publisher=National Museum of Nuclear Science & History |access-date=7 July 2021}}</ref> 1958 में, भारत सरकार ने [[होमी जे. भाभा]] की मदद से तीन-चरणीय ऊर्जा उत्पादन योजना अपनाई, और [[भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र]] की स्थापना 1954 में की गई।<ref name="Perkovich2001">{{cite book|author=George Perkovich|title=India's Nuclear Bomb: The Impact on Global Proliferation|url=https://books.google.com/books?id=UDA9dUryS8EC&pg=PA22|year=2001|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23210-5|page=22}}</ref> इंदिरा गांधी ने 1964 से [[चीन]] द्वारा निरंतर परमाणु परीक्षणों को देखा, जिसे उन्होंने भारत के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा माना।<ref name="JSTOR">{{cite journal |last1=Couper |first1=Frank E. |title=Indian Party Conflict on the Issue of Atomic Weapons |journal=The Journal of Developing Areas |year=1969 |volume=3 |issue=2 |pages=191–206 |url=https://www.jstor.org/stable/4189559 |publisher=JSTOR |jstor=4189559 |access-date=7 July 2021}}</ref><ref name="LATimes1998">{{cite news |last1=Tempest |first1=Rone |title=India's Nuclear Tests Jolt Its Relations With China |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1998-jun-11-mn-58841-story.html |access-date=7 July 2021 |work=Los Angeles Times Communications LLC |date=11 June 1998}}</ref> भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के [[पोखरण]] में पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे [[ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा]] कहा गया।<ref name="First Test">{{cite news |last1=Nair |first1=Arun |title=Smiling Buddha: All You Need To Know About India's First Nuclear Test at Pokhran |url=https://www.ndtv.com/india-news/smiling-buddha-all-you-need-to-know-about-indias-first-nuclear-test-at-pokhran-2230645 |access-date=5 July 2021 |publisher=NDTV |date=18 May 2020}}</ref> भारत ने दावा किया कि परीक्षण "[[शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट|शांतिपूर्ण उद्देश्यों]]" के लिए था, हालाँकि इस परीक्षण की अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई और अमेरिका और कनाडा ने भारत को सभी परमाणु सहायता रोक दी।<ref name="PNE">{{cite web |title=India's Nuclear Weapons Program Smiling Buddha: 1974 |url=https://nuclearweaponarchive.org/India/IndiaSmiling.html |publisher=The Nuclear Weapon Archive |access-date=5 July 2021}}</ref> गंभीर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बावजूद, यह परमाणु परीक्षण देश में लोकप्रिय रहा और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता में तुरंत पुनरुद्धार हुआ, जो 1971 के युद्ध के बाद से काफी गिर चुकी थी।<ref name="Buddha">{{cite news |last1=Chaturvedi |first1=Amit |title=Smiling Buddha: How India successfully conducted first nuclear test in Pokhran |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/smiling-buddha-how-india-successfully-conducted-first-nuclear-test-in-pokhran-101621301524390.html |access-date=4 July 2021 |work=The Hindustan Times|agency=HT Media Ltd |date=18 May 2021}}</ref><ref name="Popularity">{{cite news |last1=Malhotra |first1=Inder |title=When the Buddha first smiled |url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/when-the-buddha-first-smiled/ |access-date=5 July 2021 |work=The Indian Express |date=15 May 2009}}</ref> भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों को राज्यत्व में परिवर्तन का सफल प्रबंधन इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान किया गया।<ref name="Statehood NE">{{cite news |last1=Karmakar |first1=Rahul |title=Renewed push for Statehood in the Northeast |url=https://www.thehindu.com/news/national/renewed-push-for-statehood-in-the-northeast/article25032429.ece |access-date=20 July 2021 |work=The Hindu |date=25 September 2018}}</ref> 1972 में, उनके प्रशासन ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को राज्य का दर्जा दिया, जबकि उत्तर-पूर्वी सीमा एजेंसी को एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया।<ref>{{Cite news |url=https://www.nytimes.com/1972/01/23/archives/india-rearranges-northeast-region-3-states-and-2-territories.html|title=INDIA REARRANGES NORTHEAST REGION|newspaper=The New York Times|date=23 January 1972}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/arunachal-pradesh-309685-2016-02-20|title=Arunachal Pradesh became an Indian State today: Some interesting facts about the 'Land of the Dawn-Lit Mountains' |date=20 February 2017 |website=India Today}}</ref> इसके बाद, 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/19780430-did-india-have-a-right-to-annex-sikkim-in-1975-818651-2015-02-18|title=Did India have a right to annex Sikkim in 1975?|first1=Sunil |last1=Sethi|date=18 February 2015 |website=India Today}}</ref> 1960 के अंत और 1970 के दशक में, गांधी ने पश्चिम बंगाल राज्य में नक्सलवादी उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना को भेजा। भारत में नक्सलवादी-माओवादी उग्रवाद को आपातकाल के दौरान पूरी तरह से कुचल दिया गया।<ref name="Naxalite">{{cite web |title=A historical introduction to Naxalism in India |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/an-introduction-to-naxalism-in-india/ |publisher=European Foundation for South Asian Studies |access-date=3 December 2023}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रशासन ने कश्मीर में क्षेत्र को स्थिर करने के लिए एक विशाल पुनर्निर्माण प्रयास शुरू किया और आतंकवाद विरोधी कानूनों को संशोधन के साथ मजबूत किया।<ref name="UAPA">{{cite web|title=The Unlawful Activities (Prevention) |url=http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|website=nic.in |publisher=National Informatics Centre|access-date=17 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161017053842/http://mha.nic.in/hindi/sites/upload_files/mhahindi/files/pdf/UAPA-1967.pdf|archive-date=17 October 2016|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक सफलता के बाद, 2009 से कश्मीर में उग्रवादी घुसपैठ और आतंकवाद में वृद्धि हुई है। हालांकि, सिंह प्रशासन उत्तर-पूर्व भारत में आतंकवाद को कम करने में सफल रहा।<ref name=Buzz7>[http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html Infiltration has not reduced in Kashmir, insurgency down in North East: Chidambaram] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160107072045/http://buzz7.com/news/infiltration-has-not-reduced-in-kashmir-insurgency-down-in-north-east-chidambaram.html |date=7 January 2016 }}</ref> पंजाब के उग्रवाद के संदर्भ में, आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (निवारण) अधिनियम (TADA) पारित किया गया। इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से घुसपैठियों को समाप्त करना था। कानून ने राष्ट्रीय आतंकवादी और सामाजिक विघटनकारी गतिविधियों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक शक्तियाँ दीं। पुलिस को 24 घंटे के भीतर एक detenue को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता नहीं थी। इस कानून की मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई। नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) बनाई।<ref>{{cite web|author=TNN |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |archive-url=https://web.archive.org/web/20121022154006/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-16/india/27904311_1_special-anti-terror-law-nia-terror-related |url-status=dead |archive-date=22 October 2012 |title=Finally, govt clears central terror agency, tougher laws |date=16 December 2008 |work=[[The Times of India]] |access-date=28 September 2013}}</ref> अद्वितीय पहचान प्राधिकरण भारत की स्थापना फरवरी 2009 में की गई ताकि प्रस्तावित बहुउद्देशीय राष्ट्रीय पहचान पत्र को लागू किया जा सके, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना था।<ref>{{cite book |last1=K |first1=Watfa, Mohamed |title=E-Healthcare Systems and Wireless Communications: Current and Future Challenges: Current and Future Challenges |date=2011 |publisher=IGI Global |isbn=978-1-61350-124-5 |page=190 |url=https://books.google.com/books?id=kOaeBQAAQBAJ&q=The+Unique+Identification+Authority+of+India+was+established+in+February+2009+to+implement+the+proposed+Multipurpose+National+Identity+Card%2C+with+the+objective+of+increasing+national+security&pg=PA190 |access-date=6 June 2018}}</ref> ===शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा=== नेहरू के तहत कांग्रेस सरकार ने कई उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की, जिसमें [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] और [[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] शामिल हैं। [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] (NCERT) 1961 में समाजों के पंजीकरण अधिनियम के तहत एक साहित्यिक, वैज्ञानिक और चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में स्थापित की गई।<ref name="NCERT">{{cite web |title=NCERT Full form |url=https://www.vedantu.com/full-form/ncert-full-form |publisher=Vedantu |access-date=7 July 2021}}</ref> जवाहरलाल नेहरू ने अपने [[पाँच वर्षीय योजनाएँ|पाँच वर्षीय योजनाओं]] में भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता का outlines किया। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रीत्व ने भारत में सार्वजनिक सूचना बुनियादी ढाँचे और नवाचार की शुरुआत की।<ref name="Rajiv Modern">{{cite news |last1=Shakti Shekhar |first1=Kumar |title=5 ways how Rajiv Gandhi changed India forever |url=https://www.indiatoday.in/india/story/5-ways-how-rajiv-gandhi-changed-india-forever-1318979-2018-08-20 |access-date=4 July 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=20 August 2018}}</ref> उनके सरकार ने पूरी तरह से असंबद्ध [[मदरबोर्ड]] के आयात की अनुमति दी, जिससे कंप्यूटर की कीमतें कम हुईं।<ref name="computer">{{cite web |last1=Singal |first1=Aastha |title=Rajiv Gandhi –The Father of Information Technology & Telecom Revolution of India |url=https://www.entrepreneur.com/article/338415 |website=entrepreneur.com/ |date=20 August 2019 |publisher=Entrepreneur India |access-date=4 July 2021}}</ref> हर जिले में [[नवोदय विद्यालय]] की स्थापना का विचार [[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]] (NPE) का हिस्सा था।<ref name="NPE TOI">{{cite news |last1=Sharma |first1=Sanjay |title=National Education Policy 2020: All You Need to Know |url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/national-education-policy-2020-all-you-need-to-know/articleshow/77239854.cms |access-date=24 July 2021 |work=The Times of India |date=30 July 2020}}</ref> 2005 में, कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की, जिसमें लगभग 500,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इसे अर्थशास्त्री [[जेफ्री सैक्स]] द्वारा सराहा गया।<ref name="timepoverty">{{cite news|title=The End of Poverty|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20050317031951/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1034738,00.html|url-status=dead|archive-date=17 March 2005|first=Jeffrey D.|last=Sachs|date=6 March 2005|magazine=Time}}</ref> 2006 में, इसने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]] (IITs), [[भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (IIMs) और अन्य केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] के लिए 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव लागू किया, जिसके कारण [[2006 भारतीय विरोध प्रदर्शन]] हुए।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/Students-cry-out-No-reservation-please/articleshow/1513316.cms |title=Students cry out: No reservation please |work=The Times of India |date=3 May 2006 |access-date=16 August 2018}}</ref> सिंह सरकार ने [[सर्व शिक्षा अभियान]] कार्यक्रम को भी जारी रखा, जिसमें मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्कूलों की स्थापना शामिल है, ताकि [[अनपढ़ता]] से लड़ सके।<ref>{{cite news|title=Direct SSA funds for school panels|url=http://www.deccanherald.com/content/338571/direct-ssa-funds-school-panels.html|access-date=14 June 2013|newspaper=Deccan Herald}}</ref> मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व के दौरान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में आठ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की गई।<ref>{{cite news|title=LS passes bill to provide IIT for eight states.|url=http://www.deccanherald.com/content/148456/ls-passes-bill-provide-iit.html|newspaper=Deccan Herald|access-date=14 June 2013}}</ref> ===विदेश नीति=== [[File:NATO vs. Warsaw Pact (1949-1990).svg|thumb|उत्तर गोलार्ध में ''संबद्ध देशों'': [[NATO]] नीले रंग में और [[वारसॉ संधि]] लाल रंग में।]] [[File:Stevan Kragujevic, Tito, Naser, Nehru, Dolazak na Brione.jpg|thumb|right|alt=refer caption|[[गमाल अब्देल नासिर]], [[जवाहरलाल नेहरू]], और [[जोसेप ब्रोज टिटो]], [[गैर-आश्रित आंदोलन]] के अग्रदूत]] [[शीत युद्ध]] के अधिकांश समय में, कांग्रेस ने [[गैर-आश्रित आंदोलन|गैर-आश्रित]] नीति का समर्थन किया, जिसमें भारत को पश्चिमी और पूर्वी ब्लॉकों दोनों के साथ संबंध स्थापित करने का आह्वान किया गया, लेकिन किसी भी ओर औपचारिक गठबंधन से बचने की सलाह दी गई।<ref>{{cite web |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jawaharlal-nehru-the-architect-of-indias-foreign-policy/articleshow/58767014.cms |title=गैर-आश्रित आंदोलन: जवाहरलाल नेहरू - भारत की विदेश नीति के वास्तुकार|work=The Times of India |date=20 मई 2017 |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति समर्थन ने पार्टी को 1971 में सोवियत संघ के साथ एक मित्रता संधि को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite web |url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/ChanakyaCode/the-indo-pak-war-1965-and-the-tashkent-agreement-role-of-external-powers/ |title=1965 का भारत-पाक युद्ध और ताशकंद समझौता: बाहरी शक्तियों की भूमिका |date=24 अक्टूबर 2015 |work=The Times of India |access-date=16 अगस्त 2018}}</ref> कांग्रेस ने पी.वी. नरसिम्हा राव द्वारा शुरू की गई विदेश नीति को जारी रखा, जिसमें [[भारत-पाकिस्तान संबंध|पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया]] और दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय विजिट का आदान-प्रदान शामिल है।<ref name=peace>{{cite news|title=Negotiation की स्थिति|url=http://www.firstpost.com/india/loc-violation-are-talks-enough-or-should-india-take-action-582121.html|access-date=18 अगस्त 2014|publisher=[[Firstpost]]|agency=[[Network 18]]|date=9 जनवरी 2013}}</ref> यूपीए सरकार ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ सीमा विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया।<ref name="Economist news">{{cite news|title=भारत के प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह, व्यापार और सीमा रक्षा के मामलों पर चर्चा करने के लिए बीजिंग में|url=https://www.economist.com/news/world-week/21588422-politics-week|access-date=18 अगस्त 2014|newspaper=[[The Economist]]|date=26 अक्टूबर 2013}}</ref><ref name=republic>{{cite news|title=भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजिंग का दौरा किया|url=http://www.china-briefing.com/news/2008/01/14/indian-prime-minister-manmohan-singh-visits-beijing.html|access-date=18 अगस्त 2014|work=China Briefing|agency=Dezan Shira & Associates|publisher=Business Intelligence|date=14 जनवरी 2008}}</ref> [[अफगानिस्तान-भारत संबंध|अफगानिस्तान के साथ संबंध]] भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रहे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|title=भारत-अफगानिस्तान संबंध|access-date=11 दिसंबर 2008|last=Bajoria|first=Jayshree|date=23 अक्टूबर 2008|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081129231738/http://www.cfr.org/publication/17474/indiaafghanistan_relations.html|archive-date=29 नवंबर 2008}}</ref> अफगान राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]] के अगस्त 2008 में नई दिल्ली दौरे के दौरान, मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य क्लिनिक, बुनियादी ढाँचा और रक्षा के विकास के लिए सहायता पैकेज बढ़ाया।<ref name=BBC2>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7540204.stm|title=भारत ने अफगानिस्तान के लिए अधिक सहायता की घोषणा की|date=4 अगस्त 2008|publisher=BBC News}}</ref> भारत अब अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़े एकल सहायता दाताओं में से एक है।<ref name=BBC2 /> मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत ने 2012 में [[कनेक्ट सेंट्रल एशिया]] नीति शुरू की। यह नीति [[कजाखस्तान]], [[किर्गिस्तान]], [[ताजिकिस्तान]], [[तुर्कमेनिस्तान]], और [[उज़्बेकिस्तान]] के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से है। [[पूर्व की ओर देखो नीति (भारत)|पूर्व की ओर देखो नीति]] 1992 में [[नरसिम्हा राव|नरसिम्हा राव]] द्वारा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए शुरू की गई, ताकि भारत की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रणनीतिक प्रभाव का प्रतिरोध किया जा सके। इसके बाद, 1992 में राव ने इसराइल के साथ भारत के संबंधों को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, जो उनके विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुछ वर्षों तक गुप्त रूप से सक्रिय थे, और इसराइल को नई दिल्ली में एक दूतावास खोलने की अनुमति दी।<ref name="IsraelRao">{{cite news |title=भारत और इसराइल के बीच संबंधों का समय-रेखा |url=https://www.livemint.com/Politics/9zCAQDe5L5mKdtU21A6pkN/Narendra-Modi-in-Israel-A-timeline-of-Indias-ties-with-Isr.html |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=Mint |agency=HT Media |date=4 जुलाई 2017}}</ref> राव ने [[दलाई लामा]] से दूर रहने का निर्णय लिया ताकि बीजिंग की शंकाओं और चिंताओं को न बढ़ाया जा सके, और [[तेहरान]] के साथ सफल संपर्क बनाए।<ref name="Irish1996">{{cite news |last1=Bedi |first1=Rahul |title=दलाई लामा फिल्मों के लिए अनुमति अस्वीकृत |url=https://www.irishtimes.com/news/permission-for-dalai-lama-films-denied-1.41053 |access-date=2 अगस्त 2021 |newspaper=The Irish Times |date=19 अप्रैल 1996}}</ref> हालाँकि कांग्रेस की विदेश नीति का सिद्धांत सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने का है, लेकिन यह हमेशा अफ्रीका-एशिया के देशों के प्रति विशेष झुकाव प्रदर्शित करती है। इसने [[Group of 77]] (1964), [[Group of 15]] (1990), [[Indian Ocean Rim Association]], और [[SAARC]] के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। इंदिरा गांधी ने अफ्रीका में भारतीय एंटी-इंपीरियलिस्ट हितों को सोवियत संघ के हितों से मजबूती से जोड़ा। उन्होंने अफ्रीका में मुक्ति संघर्षों का खुलकर और उत्साहपूर्वक समर्थन किया।<ref name="MEAIndira">{{cite web |title=भारत – ज़ाम्बिया संबंध |url=https://mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/Zambia_Jan_2016.pdf |publisher=भारतीय विदेश मंत्रालय |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> अप्रैल 2006 में, नई दिल्ली ने 15 अफ्रीकी राज्यों के नेताओं की उपस्थिति में एक भारत-आफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। कांग्रेस पार्टी ने हथियारों की दौड़ का विरोध किया है और पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के निरस्त्रीकरण की वकालत की है।<ref name="IndiaToday2000">{{cite news |last1=Mitra |first1=Sumit |title=क्या भारत को और परमाणु परीक्षण करने चाहिए, इस पर कांग्रेस में विभाजन|url=https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20000508-congress-divided-against-itself-on-whether-india-should-have-more-nuclear-tests-777525-2000-05-08 |access-date=7 जुलाई 2021 |work=India Today |agency=Living Media Pvt. Ltd. |date=8 मई 2000}}</ref> 2004 से 2014 के बीच सत्ता में रहते हुए, कांग्रेस ने [[भारत-यूएस संबंध|भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध]] पर काम किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 2005 में अमेरिका का दौरा किया ताकि [[भारत-यूएस नागरिक परमाणु समझौता]] पर बातचीत की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू. बुश]] मार्च 2006 में भारत आए; इस दौरे के दौरान, एक परमाणु समझौता प्रस्तावित किया गया, जिसके तहत भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी की पहुंच प्राप्त होती और इसके बदले में [[अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी|IAEA]] द्वारा इसके नागरिक [[परमाणु रिएक्टर]]ों का निरीक्षण किया जाता। दो वर्षों की बातचीत के बाद, IAEA, [[परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह]] और [[संयुक्त राज्य कांग्रेस]] से स्वीकृति मिलने के बाद, यह समझौता 10 अक्टूबर 2008 को हस्ताक्षरित किया गया।<ref>{{cite web|url=http://english.peopledaily.com.cn/90001/90777/90852/6513319.html| title=यू.एस., भारत ने ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए|access-date=11 दिसंबर 2008|date=11 अक्टूबर 2008|work=People's Daily}}</ref> हालांकि, भारत ने [[परमाणु अप्रसार संधि]] (NPT) और [[व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि]] (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वे भेदभावपूर्ण और साम्राज्यवादी प्रकृति के हैं।<ref name="NTI2019">{{cite web |title=भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम |url=https://www.nti.org/learn/countries/india/nuclear/ |publisher=The Nuclear Threat Initiative|access-date=7 जुलाई 2021}}</ref><ref name="Sipri2010">{{cite report |last1=Gopalaswamy |first1=Bharat |title=भारत और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि: हस्ताक्षर करें या न करें? |date=जनवरी 2010 |url=https://www.sipri.org/publications/sipri-policy-briefs/india-and-comprehensive-nuclear-test-ban-treaty-sign-or-not-sign |publisher=SIPRI |access-date=7 जुलाई 2021}}</ref> कांग्रेस की नीति जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ के देशों, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, और जर्मनी के साथ मित्रता संबंधों को विकसित करने की रही है।<ref name=conversation>{{cite web|last1=Haass|first1=Richard N.|title=प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ एक वार्तालाप|url=http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|date=23 नवंबर 2009|website=cfr.org|publisher=[[Council on Foreign Relations]]|access-date=18 अगस्त 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140819083228/http://www.cfr.org/india/conversation-prime-minister-dr-manmohan-singh/p20840|archive-date=19 अगस्त 2014}}</ref> ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रहे हैं, और [[ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन]] पर बातचीत हुई है।<ref name="Iran relations">{{cite web|title=शांति पाइपलाइन|url=http://www.thenational.ae/news/the-peace-pipeline|work=The National|location=अबू धाबी|date=28 मई 2009|access-date=18 अगस्त 2014}}</ref> कांग्रेस की नीति अन्य विकासशील देशों, विशेषकर ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंध सुधारने की भी रही है।<ref>{{cite web|title=भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंध|url=http://www.mea.gov.in/Portal/ForeignRelation/India-SouthAfrica_Relations.pdf|website=mea.gov.in|publisher=[[Ministry of External Affairs (India)|भारतीय विदेश मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]|access-date=18 सितंबर 2014}}</ref> == संरचना और संगठन == {{See also|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची|अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी|कांग्रेस कार्यसमिति}} [[File:Stamp of India - 1985 - Colnect 167209 - Indian National Congress.jpeg|thumb|right|200px|कांग्रेस की शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी डाक टिकट]] वर्तमान में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची|अध्यक्ष]] और [[अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी]] (एआईसीसी) का चुनाव वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य एवं ज़िला स्तरीय इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—या ''प्रदेश''—में एक [[प्रदेश कांग्रेस कमेटी]] (पीसीसी) होती है,<ref name="Committee">{{cite web |title=President of Pradesh Congress Committee |url=https://www.inc.in/en/pcc-presidents |publisher=INC web portal |access-date=26 May 2020 |archive-date=16 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200416160136/https://www.inc.in/en/pcc-presidents |url-status=dead }}</ref> जो पार्टी की राज्य-स्तरीय इकाई होती है और स्थानीय व राज्य स्तर पर राजनीतिक अभियानों का संचालन करती है तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के अभियानों में सहायता करती है।<ref>{{cite web |title=The Past And Future of the Indian National Congress |url=http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |website=[[द कारवां]] |access-date=6 June 2018 |date=March 2010 |via=[[रामचंद्र गुहा]] |archive-date=20 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180620095241/http://ramachandraguha.in/archives/the-past-and-future-of-the-indian-national-congresscaravan.html |url-status=dead }}</ref> प्रत्येक पीसीसी की 20 सदस्यों की एक कार्यसमिति होती है, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति पार्टी अध्यक्ष द्वारा की जाती है। राज्य पार्टी के नेता का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए कांग्रेस विधायक विभिन्न राज्यों में कांग्रेस विधायक दल का गठन करते हैं; इनका अध्यक्ष सामान्यतः मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का नामित उम्मीदवार होता है। पार्टी विभिन्न समितियों और विभागों में संगठित है तथा एक दैनिक समाचार पत्र ''[[नेशनल हेराल्ड (भारत)|नेशनल हेराल्ड]]'' प्रकाशित करती है।<ref name="Kumar1990">{{cite book|author=Kedar Nath Kumar|title=Political Parties in India, Their Ideology and Organisation|url={{Google books|x3pJ8t4rxIsC|page=PA41|plainurl=yes}}|date=1 January 1990|publisher=Mittal Publications|isbn=978-81-7099-205-9|pages=41–43}}</ref> संरचना होने के बावजूद, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 1972 के बाद कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराए।<ref>{{cite book|last1=Sanghvi|first1=Vijay|title=The Congress Indira to Sonia Gandhi|date=2006|publisher=Kalpaz Publications|location=Delhi|isbn=978-8178353401|page=128|url=https://books.google.com/books?id=npdqD_TXucQC|access-date=4 November 2016}}</ref> इसके बावजूद, 2004 में जब कांग्रेस पुनः सत्ता में आई, तो [[मनमोहन सिंह]] पार्टी अध्यक्ष न होते हुए भी प्रधानमंत्री बने—जो इस परंपरा के बाद पहली बार हुआ।<ref>{{Cite news |url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/rahul-gandhi-congress-president-gandhi-chief-1564307-2019-07-08|title=Goodbye, Rahul Gandhi?|website=India Today|agency=Living Media India Limited|date=8 July 2019|last=Deka|first=Kaushik|accessdate=22 May 2021}}</ref> एआईसीसी, पीसीसी से भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनती है।<ref name="Kumar1990" /> ये प्रतिनिधि [[कांग्रेस कार्यसमिति]] सहित विभिन्न कांग्रेस समितियों का चुनाव करते हैं, जिनमें वरिष्ठ पार्टी नेता और पदाधिकारी शामिल होते हैं। एआईसीसी सभी महत्वपूर्ण कार्यकारी और राजनीतिक निर्णय लेती है। 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन के बाद से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष]] प्रभावी रूप से पार्टी के राष्ट्रीय नेता, संगठन प्रमुख, कार्यसमिति प्रमुख, मुख्य प्रवक्ता और [[भारत के प्रधानमंत्री]] पद के लिए पार्टी की पसंद रहे हैं। संवैधानिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव पीसीसी और एआईसीसी के सदस्यों द्वारा किया जाता है; हालांकि, कई बार कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ही उम्मीदवार चुना गया है।<ref name="Kumar1990" /> [[File:NSUI National Convention INQUILAB 1.jpg|thumb|right|alt=कांग्रेस छात्र संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन| [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय अधिवेशन ‘इंक़िलाब-1’, जयपुर]] कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) में लोकसभा और [[राज्यसभा]] के निर्वाचित सांसद शामिल होते हैं। प्रत्येक राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का एक नेता भी होता है। सीएलपी में उस राज्य के सभी कांग्रेस [[भारत के विधायक]] शामिल होते हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस अकेले सरकार बनाती है, वहाँ सीएलपी नेता ही [[मुख्यमंत्री]] होता है। अन्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध संगठन इस प्रकार हैं: * [[राष्ट्रीय छात्र संघ भारत]] (एनएसयूआई), कांग्रेस का छात्र संगठन। * [[भारतीय युवा कांग्रेस]], पार्टी का युवा संगठन। * [[भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस]], श्रमिक संगठन। * [[अखिल भारतीय महिला कांग्रेस]], पार्टी का महिला संगठन। * [[किसान और खेत मजदूर कांग्रेस]], पार्टी का किसान प्रकोष्ठ। * [[अखिल भारतीय प्रोफेशनल्स कांग्रेस]], कार्यरत पेशेवरों का संगठन। * कांग्रेस [[सेवा दल]], पार्टी का स्वयंसेवी संगठन।<ref>{{cite web|url=http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|title=All India 2014 Results|website=Political Baba|access-date=26 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150527000402/http://www.politicalbaba.com/election-2014/all-india-2014-results-partywise/|archive-date=27 May 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|title=Lok Sabha Election 2014 Analysis, Infographics, Election 2014 Map, Election 2014 Charts|publisher=Firstpost|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924142920/http://www.firstpost.com/lok-sabha-election-2014/data|archive-date=24 September 2015}}</ref> * अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग, जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस भी कहा जाता है, कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ है। यह [[भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों]] में ''प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग'' के माध्यम से कार्य करता है।<ref>{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/congress-minority-cell-opposes-quota-cut-36478|title=Congress minority cell opposes quota cut|website=Tribuneindia News Service|date=5 February 2020|access-date=6 February 2020}}</ref> === चुनाव चिह्न === [[File:Cow and Calf INC.svg|thumb|150px|alt=इंदिरा गांधी कांग्रेस का स्वीकृत चुनाव चिह्न| 1971–1977 के दौरान कांग्रेस (आर) पार्टी का चुनाव चिह्न]] {{as of|2021}}, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का [[चुनाव चिह्न]], जैसा कि [[भारत निर्वाचन आयोग]] द्वारा स्वीकृत है, सामने की ओर खुली हथेली वाला दाहिने हाथ का प्रतीक है, जिसमें उंगलियाँ आपस में जुड़ी होती हैं;<ref name=hand>{{cite news|title=A Short History of the Congress Hand|url=https://blogs.wsj.com/indiarealtime/2012/03/28/a-short-history-of-the-congress-hand/|access-date=27 June 2014|work=[[The Wall Street Journal]]|agency=[[Dow Jones & Company]]|publisher=[[News Corp (2013–present)|News Corp]]|date=28 March 2012}}</ref> इसे सामान्यतः तिरंगे झंडे के मध्य में प्रदर्शित किया जाता है। हाथ का यह चिह्न पहली बार इंदिरा गांधी द्वारा 1977 के चुनावों के बाद कांग्रेस (आर) से अलग होकर नई कांग्रेस (आई) के गठन के समय अपनाया गया था।<ref name="hand symbol">{{cite news|title=How Indira's Congress got its hand symbol|url=http://www.ndtv.com/article/lifestyle/how-indira-s-congress-got-its-hand-symbol-74104|access-date=27 June 2014|publisher=[[एनडीटीवी]]|date=22 December 2010}}</ref> हाथ शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है। नेहरू के नेतृत्व में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुए के साथ बैलों की जोड़ी’ था, जिसने उस समय की जनता—जो मुख्यतः किसान थी—के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया।<ref name=bullocks>{{cite news|title=Indian political party election symbols from 1951|url=http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407090702/http://ibnlive.in.com/news/indian-political-party-election-symbols-from-1951-when-congress-had-bullocks-and-the-hand-was-forward-blocs/462504-81.html|url-status=dead|archive-date=7 April 2014|access-date=27 June 2014|publisher=CNN-IBN|date=4 April 2014}}</ref> 1969 में कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्षों के कारण इंदिरा गांधी ने अलग होकर अपनी पार्टी बनाने का निर्णय लिया। कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया और नई पार्टी का नाम कांग्रेस (आर) रखा गया। 1971–1977 की अवधि के दौरान इंदिरा गांधी की [[कांग्रेस (आर)]] या कांग्रेस (रिक्विज़िशनिस्ट्स) का चुनाव चिह्न बछड़े के साथ गाय था।<ref name="Electoral Symbol">{{cite news |title=A tale of changing election symbols of Congress, BJP |url=https://timesofindia.indiatimes.com/elections/news/a-tale-of-congress-bjp-election-symbols/articleshow/68732103.cms |access-date=26 May 2020 |work=The Times of India |date=5 April 2019}}</ref><ref name="book"/> लोकसभा में पार्टी के 153 सदस्यों में से 76 का समर्थन खो देने के बाद, इंदिरा गांधी की नई राजनीतिक इकाई कांग्रेस (आई) या कांग्रेस (इंदिरा) के रूप में विकसित हुई और उन्होंने हाथ (खुली हथेली) को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। === वंशवाद === भारत की कई [[भारत के राजनीतिक दलों की सूची|राजनीतिक पार्टियों]] में वंशवाद अपेक्षाकृत सामान्य है, और कांग्रेस पार्टी भी इसका अपवाद नहीं है।<ref name="Denyer2014">{{cite book|author=Simon Denyer|title=Rogue Elephant: Harnessing the Power of India's Unruly Democracy|url=https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny|url-access=registration|date=24 June 2014|publisher=Bloomsbury USA|isbn=978-1-62040-608-3|pages=[https://archive.org/details/rogueelephanthar0000deny/page/115 115]–116}}</ref> [[नेहरू–गांधी परिवार]] के छह सदस्य पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।<ref name="Gandhi presidents">{{cite news |last1=Radhakrishnan |first1=Sruthi |title=Presidents of Congress past: A look at the party's presidency since 1947 |url=https://www.thehindu.com/news/national/presidents-of-congress-past-a-look-at-the-partys-presidency-since-1947/article21639174.ece |access-date=26 May 2020 |work=The Hindu |date=14 December 2017}}</ref> [[भारत में आपातकाल]] के दौरान पार्टी पर इंदिरा गांधी के परिवार का प्रभाव बढ़ गया, जिसमें उनके छोटे पुत्र [[संजय गांधी]] की प्रमुख भूमिका रही।<ref name="Tarlo2003">{{cite book|author=Emma Tarlo|title=Unsettling Memories: Narratives of the Emergency in Delhi|url=https://books.google.com/books?id=3IO1WB2H8UUC&pg=PR5|date=24 July 2003|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-23122-1|pages=27–29}}</ref> इस अवधि को परिवार के प्रति चाटुकारिता और अधीनता से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या के बाद [[राजीव गांधी]] का उत्तराधिकारी के रूप में चयन हुआ। बाद में राजीव गांधी की हत्या के पश्चात पार्टी ने [[सोनिया गांधी]] को उनका उत्तराधिकारी चुना, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।<ref name="Bose2013">{{cite book|author=Sumantra Bose|title=Transforming India|url={{Google books|reiwAAAAQBAJ|page=PP8|plainurl=yes}}|date=16 September 2013|publisher=Harvard University Press|isbn=978-0-674-72819-6|pages=28–29}}</ref> 1978 में इंदिरा गांधी द्वारा कांग्रेस (आई) के गठन से लेकर 2022 तक, 1991 से 1998 के बीच की अवधि को छोड़कर, पार्टी अध्यक्ष उनके ही परिवार से रहा। लोकसभा के पिछले तीन चुनावों को मिलाकर देखें तो कांग्रेस के 37 प्रतिशत सांसदों के परिवार के सदस्य उनसे पहले राजनीति में सक्रिय रहे हैं।<ref name="Chandra2016">{{cite book|editor1=Kanchan Chandra|author1=Adam Ziegfeld|title=Democratic Dynasties: State, Party and Family in Contemporary Indian Politics|url={{Google books|tesIDAAAQBAJ|page=PR10|plainurl=yes}}|date=28 April 2016|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-12344-1|page=105}}</ref> == काँग्रेस की नीतियों का विरोध == समय-समय पर विभिन्न नेताओं ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया और उसे हटाने के लिये संघर्ष किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |title=30 rebels against the Nehru-Gandhi dynasty |access-date=16 अप्रैल 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190416041531/http://www.sify.com/news/30-rebels-against-the-nehru-gandhi-dynasty-imagegallery-2-features-nliivnffegesi.html |archive-date=16 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> इनमें [[राममनोहर लोहिया]] का नाम अग्रणी है जो [[जवाहरलाल नेहरू]] के कट्टर विरोधी थे। इसके अलावा [[जयप्रकाश नारायण]] ने [[इंदिरा गाँधी]] की सत्ता को उखाड़ फेंका और एक नया रूप दिया। [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] ने बोफोर्स दलाली काण्ड को लेकर [[राजीव गाँधी]] को सत्ता से हटा दिया। === लोहिया का 'काँग्रेस हटाओ' आन्दोलन === '''[[संयुक्त विधायक दल]]''' भी देखें [[राम मनोहर लोहिया]] लोगों को आगाह करते आ रहे थे कि देश की हालत को सुधारने में काँग्रेस नाकाम रही है। काँग्रेस शासन नए समाज की रचना में सबसे बड़ा रोड़ा है। उसका सत्ता में बने रहना देश के लिये हितकर नहीं है। इसलिए लोहिया ने नारा दिया - "काँग्रेस हटाओ, देश बचाओ।" 1967 के आम चुनाव में एक बड़ा परिवर्तन हुआ। देश के 9 राज्यों - [[पश्चिम बंगाल]], [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्यप्रदेश]], [[तमिलनाडु]], [[केरल]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[उत्तर प्रदेश]] में गैर काँग्रेसी सरकारें गठित हो गई। लोहिया इस परिवर्तन के प्रणेता और सूत्रधार बने। === जेपी आन्दोलन === {{मुख्य|सम्पूर्ण क्रांति}} सन् 1974 में जयप्रकाश नारायण ने इन्दिरा गान्धी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये [[सम्पूर्ण क्रांति|सम्पूर्ण क्रान्ति]] का नारा दिया। आन्दोलन को भारी जनसमर्थन मिला। इससे निपटने के लिये इन्दिरा गान्धी ने देश में [[आपातकाल|इमर्जेंसी]] लगा दी। विरोधी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसका आम जनता में जमकर विरोध हुआ। [[जनता पार्टी]] की स्थापना हुई और सन् 1977 में काँग्रेस पार्टी बुरी तरह हारी। पुराने काँग्रेसी नेता [[मोरारजी देसाई]] के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी किन्तु [[चौधरी चरण सिंह]] की महत्वाकांक्षा के कारण वह सरकार अधिक दिनों तक न चल सकी। === भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन === {{मुख्य|बोफोर्स घोटाला}} सन् 1987 में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कम्पनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी और उसके प्रधानमन्त्री राजीव गान्धी थे। स्वीडन रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। इस खुलासे के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने [[सरकार]] के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन चलाया जिसके परिणाम स्वरूप [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] प्रधान मन्त्री बने। === 'कांग्रेस-मुक्त भारत' अभियान === जून २०१३ में [[गोवा]] में हुई [[भारतीय जनता पार्टी]] की कार्यकारिणी में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] को 2014 चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया तब इस घोषणा के कुछ देर बाद नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "वरिष्ठ नेताओं ने मुझमें विश्वास जताया है. हम कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।" फिर सन २०१९ में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि '[[महात्मा गांधी]] खुद कांग्रेस को खत्म करना चाह रहे थे। इसलिए कांग्रेस-मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है, लेकिन मैं तो गांधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूं। श्रद्धांजलि के रूप में ये तो करना ही करना है, कितनी भी मिलावट कर लो बच नहीं सकते।'<ref>[https://hindi.oneindia.com/news/india/congress-mukt-bharat-was-mahatma-gandhi-s-idea-not-mine-narendra-modi-492321.html 'कांग्रेस मुक्त भारत' का आइडिया गांधीजी का था, मेरा नहीं : पीएम मोदी]</ref> बाद में उन्होंने 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की उनकी अवधारणा को समझाते हुए कहा था कि कांग्रेस-मुक्त भारत का उनका नारा राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं, बल्कि देश को 'कांग्रेस संस्कृति' से छुटकारा दिलाने के लिए है। एक दूसरा विचार यह भी है कि [[नन्दमूरि तारक रामाराव|एन टी रामाराव]] के राजनीतिक सिद्धांत में कांग्रेस-विरोधी विचाराधारा इस हद तक समाहित थी कि उन्हें ‘ कांग्रेस मुक्त भारत ’ के सिद्धांत का मूल प्रस्तावक कहा जा सकता है। यह बात पत्रकार रमेश कांदुला ने [[तेलुगु देशम पार्टी]] के संस्थापक के बारे में अपनी किताब ‘मैवरिक मसीहा : ए पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ एन टी रामा राव’ में लिखा है, ‘‘एनटीआर ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस के खिलाफ बिना समझौते के लड़ाई लड़ी। ==प्रधानमंत्रियों की सूची == {| class="wikitable sortable" style="text-align: center;" |- ! rowspan="2"| प्रधानमंत्री ! rowspan="2"| चित्र ! colspan="3"| '''कार्यकाल''' '''<small>वर्ष एवं दिन में अवधि</small>''' ! rowspan="2" | सरकार ! rowspan="2" | लोक सभा ! rowspan="2" | निर्वाचन क्षेत्र ! rowspan="2" | राष्ट्राध्यक्ष |- !प्रारंभ !समाप्ति ! अवधि |- | rowspan="4" |[[जवाहरलाल नेहरू]] <small>(1889–1964)</small> | rowspan="4" |[[File:Jawaharlal Nehru, 1947.jpg|80px]] |15 अगस्त 1947 |15 अप्रैल 1952 | rowspan="4" |{{age in years and days|1947|08|15|1964|5|27}} |[[प्रथम नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू १]] | colspan="3" | [[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |- |15 अप्रैल 1952 |4 अप्रैल 1957 |[[द्वितीय नेहरू मंत्रिमंडल|नेहरू २]] | [[प्रथम लोक सभा]] | rowspan="3" |[[फूलपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|फूलपुर]] | rowspan="2" |[[राजेन्द्र प्रसाद]] |- |17 अप्रैल 1957 |2 अप्रैल 1962 |नेहरू ३ | [[द्वितीय लोक सभा]] |- |2 अप्रैल 1962 |27 मई 1964 |नेहरू ४ | rowspan="5" | [[तृतीय लोक सभा]] | rowspan="5" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- | rowspan="2" | [[गुलज़ारीलाल नंदा]] <small>(1898–1998)</small> | rowspan="2" |[[File:Gulzarilal Nanda 1999 stamp of India.jpg|80px]] |27 मई 1964 |9 जून 1964 | rowspan="2" |26 दिन | नंदा १ | [[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |11 जनवरी 1966 |24 जनवरी 1966 |नंदा I २ |[[साबरकंठा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|साबरकांठा]] |- |[[लाल बहादुर शास्त्री]] <small>(1904–1966)</small> |[[File:Lal Bahadur Shastri (cropped).jpg|80px]] |9 जून 1964 |11 जनवरी 1966 |{{age in years and days|1964|6|9|1966|1|11}} |शास्त्री |[[इलाहाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|इलाहाबाद]] |- | rowspan="4" |[[इंदिरा गांधी]] <small>(1917–1984)</small> | rowspan="4" |[[File:Indira Gandhi official portrait.png|80px]] |24 जनवरी 1966 |13 मार्च 1967 | rowspan="4" |15 वर्ष, 350 दिन |इंदिरा १ |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, उत्तर प्रदेश]] |- |13 मार्च 1967 |18 मार्च 1971 |इंदिरा २ | [[चौथी लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[रायबरेली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|रायबरेली]] | rowspan="3" |[[ज़ाकिर हुसैन]]<br/>[[वी॰ वी॰ गिरि|वी. वी. गिरि]]<br/>''[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]]''<br/>[[फखरुद्दीन अली अहमद]]<br/>[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]<br/>[[नीलम संजीव रेड्डी]]<br/>[[ज़ैल सिंह]] |- |18 मार्च 1971 |24 मार्च 1977 |इंदिरा ३ | [[पाँचवीं लोक सभा]] |- | 14 जनवरी 1980 | 31 अक्टूबर 1984 |इंदिरा ४ | rowspan="2" | [[सातवीं लोक सभा]] |[[मेदक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|मेदक]] |- | rowspan ="2" |[[राजीव गांधी]] <small>(1944–1991)</small> | rowspan ="2" |[[File:RajivGandhi.jpg|frameless|100x100px]] |31 अक्टूबर 1984 |31 दिसंबर 1984 | rowspan ="2" |{{age in years and days|1984|10|31|1989|12|2}} |राजीव १ | rowspan="2" |[[अमेठी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|अमेठी]] | rowspan="2" |[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |31 दिसंबर 1984 |2 दिसंबर 1989 |राजीव २ | [[आठवीं लोक सभा]] |- |[[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] <small>(1921–2004)</small> |[[File:Visit of Narasimha Rao, Indian Minister for Foreign Affairs, to the CEC (cropped).jpg|80px]] |21 जून 1991 |16 मई 1996 |{{age in years and days|1991|6|21|1996|5|16}} |राव | [[दसवीं लोक सभा]] |[[नांदयाल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नांदयाल]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- | rowspan ="2" |[[मनमोहन सिंह]] <small>(1932–2024)</small> | rowspan ="2" |[[File:Prime Minister Dr. Manmohan Singh in March 2014.jpg|80px]] |22 मई 2004 |26 मई 2009 | rowspan="2" |{{age in years and days|2004|5|22|2014|5|26}} |सिंह १ | [[चौदहवीं लोक सभा]] | rowspan ="2" |[[सांसद, राज्य सभा|राज्य सभा सांसद, असम]] | rowspan="2" |[[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम]]<br/>[[प्रतिभा पाटिल]]<br/>[[प्रणब मुखर्जी]] |- |22 मई 2009 |26 मई 2014 |सिंह २ | [[पंद्रहवीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|पंद्रहवीं लोक सभा]] |} ==राष्ट्रपतियों की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[राष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं:- #{{further|भारत के राष्ट्रपति}} {| class="wikitable sortable" style="width:100%; text-align:center" ! rowspan="2" |चित्र ! rowspan="2" |नाम {{small|{{nowrap|(जन्म–मृत्यु)}}}} ! rowspan="2" |गृह राज्य ! rowspan="2" |पूर्व पद ! colspan="3" |कार्यकाल ! rowspan="2" |शपथ दिलाने वाले (मुख्य न्यायाधीश) ! rowspan="2" |चुनाव ! rowspan="2" |चुनाव मानचित्र ! rowspan="2" |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- | rowspan="3" |[[File:Rajendra_Prasad_(Indian_President),_signed_image_for_Walter_Nash_(NZ_Prime_Minister),_1958_(16017609534).jpg|124x124px]] | rowspan="3" |'''[[राजेन्द्र प्रसाद]]''' {{small|(1884–1963)}} | rowspan="3" |[[बिहार]] | rowspan="3" |कृषि मंत्री |26 जनवरी 1950 |13 मई 1952 | rowspan="3" |12 वर्ष, 107 दिन |[[एच जे कनिया|एच. जे. कानिया]] |1950 | |{{Endash}} |- |13 मई 1952 |13 मई 1957 |[[एम पी शास्त्री|एम. पतंजलि शास्त्री]] |1952 |[[File:1952_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] |- |13 मई 1957 |13 मई 1962 |[[एस आर दास|सुधी रंजन दास]] |1957 |[[File:1957_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |- |[[File:President_Fakhruddin_Ali_Ahmed.jpg|133x133px]] |'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(1905–1977)}} |[[दिल्ली]] |कृषि मंत्री |24 अगस्त 1974 |11 फरवरी 1977{{ref label|†|†|†}} |2 वर्ष, 171 दिन |[[ए एन रे|ए. एन. रे]] |[[1974 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव|1974]] |[[File:1974_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[गोपाल स्वरूप पाठक]] ----[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]] |- | style="background:wheat;" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | style="background:wheat;" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} |[[कर्नाटक]] | style="background:wheat;" |[[कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची|कर्नाटक के मुख्यमंत्री]] | style="background:wheat;" |11 फरवरी 1977 | style="background:wheat;" |25 जुलाई 1977 | style="background:wheat;" |164 दिन |- |[[File:President_Giani_Zail_Singh_(cropped).jpg|134x134px]] |'''[[ज़ैल सिंह]]''' {{small|(1916–1994)}} |[[पंजाब]] |[[पंजाब (भारत) के मुख्यमंत्रियों की सूची|पंजाब के मुख्यमंत्री]] |25 जुलाई 1982 |25 जुलाई 1987 |5 वर्ष |[[वाई वी चंद्रचूड़|वाई. वी. चंद्रचूड़]] |1982 |[[File:1982_Indian_Presidential_Election.svg|50x50px]] |[[मुहम्मद हिदायतुल्लाह]] ----[[रामास्वामी वेंकटरमण]] |- |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} |[[तमिलनाडु]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] |25 जुलाई 1987 |25 जुलाई 1992 |5 वर्ष |[[आर एस पाठक|रघुनंदन स्वरूप पाठक]] |1987 |[[File:Indian_presidential_election,_1987.svg|50x50px]] |[[शंकर दयाल शर्मा]] |- |[[File:Shanker_Dayal_Sharma.jpg|127x127px]] |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} |[[मध्य प्रदेश]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची|महाराष्ट्र के राज्यपाल]] |25 जुलाई 1992 |25 जुलाई 1997 |5 वर्ष |[[एम एच कनिया|एम. एच. कानिया]] |1992 |[[File:1992_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] |[[के. आर. नारायणन]] |- |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} |[[केरल]] |[[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] |25 जुलाई 1997 |25 जुलाई 2002 |5 वर्ष |[[जे एस वर्मा|जे. एस. वर्मा]] |1997 |[[File:Indian_presidential_election,_1997.svg|59x59px]] |[[कृष्ण कान्त|कृष्ण कांत]] |- |[[File:The_President_of_India,_Smt._Pratibha_Patil.jpg|140x140px]] |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(जन्म 1934)}} |[[महाराष्ट्र]] |[[राजस्थान के राज्यपालों की सूची|राजस्थान की राज्यपाल]] |25 जुलाई 2007 |25 जुलाई 2012 |5 वर्ष |[[के. जी. बालकृष्णन]] |2007 |[[File:2007_Indian_Presidential_Election.svg|59x59px]] | rowspan="2" |[[मोहम्मद हामिद अंसारी]] |- |[[File:Pranab_Mukherjee_Portrait_(cropped).jpg|129x129px]] |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(1935–2020)}} |[[पश्चिम बंगाल]] |[[भारत के रक्षा मंत्री|रक्षा मंत्री]] [[भारत के वित्त मंत्री|वित्त मंत्री]] [[भारत के विदेश मंत्री|विदेश मंत्री]] |25 जुलाई 2012 |25 जुलाई 2017 |5 वर्ष |[[एस एच कापड़िया|एस. एच. कपाड़िया]] |2012 |[[File:Indian_presidential_election_2012.svg|59x59px]] |} ==उपराष्ट्रपतियो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी से संबंधित विभिन्न राजनेता [[उपराष्ट्रपति]] पद के लिए निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं । {{further|भारत के उपराष्ट्रपति}} {| class="wikitable" style="line-height:1.4em; text-align:center" |+ !चित्र !नाम {{small|(जीवनकाल)}} !गृह राज्य ! colspan="2" |कार्यकाल {{small|वर्ष व दिन में अवधि}} !निर्वाचन !पूर्व पद !राष्ट्रपति {{small|(कार्यकाल)}} |- | rowspan="3" |[[File:Basappa_Danappa_Jatti,_5th_Vice_President_of_India.jpg|125x125px]] | rowspan="3" |'''[[बासप्पा दनप्पा जत्ती|बी. डी. जट्टी]]''' {{small|(1912–2002)}} | rowspan="3" |[[कर्नाटक]] |{{small|31 अगस्त}} 1974 |{{small|31 अगस्त}} 1979 | rowspan="2" |[[1974 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1974]] {{small|(78.7%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[मैसूर राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1958–1962)}} * [[पुदुचेरी]] के उपराज्यपाल {{small|(1968–1972)}} * [[ओडिशा]] के राज्यपाल {{small|(1972–1974)}} !'''[[फखरुद्दीन अली अहमद]]''' {{small|(24 अगस्त 1974–<br>11 फरवरी 1977)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1969|8|31|1974|8|31}} ! style="font-weight:normal" |'''''स्वयं''''' (कार्यवाहक) {{small|(11 फरवरी 1977–<br>25 जुलाई 1977)}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | मैसूर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल। 1974 में पाँचवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी [[निरल एनम होरो]] को पराजित किया। राष्ट्रपति [[फखरुद्दीन अली अहमद]] के निधन के पश्चात 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने तथा जुलाई 1977 में [[नीलम संजीव रेड्डी]] के निर्वाचन तक इस पद पर रहे। 1979 में कार्यकाल पूर्ण होने पर उपराष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए। ! style="font-weight:normal" |'''[[नीलम संजीव रेड्डी]]''' {{small|(25 जुलाई 1977–<br>25 जुलाई 1982)}} |- | rowspan="3" |[[File:Ramaswamy_Venkataraman_(2012_stamp_of_India)_(cropped).jpg|122x122px]] | rowspan="3" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(1910–2009)}} | rowspan="3" |[[तमिलनाडु]] |{{small|31 अगस्त}} 1984 |{{small|24 जुलाई}} 1987{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1984 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1984]] {{small|(71.05%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1952–1957)}} * उद्योग, श्रम, सहकारिता मंत्री, [[मद्रास राज्य]] {{small|(1957–1967)}} * [[भारत के वित्त मंत्री|केंद्रीय वित्त मंत्री]] {{small|(1980–1982)}} * [[भारत के गृह मंत्री|केंद्रीय गृह मंत्री]] {{small|(1982)}} * [[भारत के रक्षा मंत्री|केंद्रीय रक्षा मंत्री]] {{small|(1982–1984)}} ! rowspan="3" |'''[[ज़ैल सिंह|ज्ञानी ज़ैल सिंह]]''' {{small|(25 जुलाई 1982–<br>25 जुलाई 1987)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1984|8|31|1987|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1984 में [[बी. सी. कांबले]] को पराजित कर सातवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कूटनीतिक यात्राओं में राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व किया तथा प्रधानमंत्री [[राजीव गांधी]] और राष्ट्रपति [[ज़ैल सिंह]] के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। 25 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पूर्व उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया। |- | rowspan="3" |[[File:Shri_Shankar_Dayal_Sharma.jpg|140x140px]] | rowspan="3" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(1918–1999)}} | rowspan="3" |[[मध्य प्रदेश]] |{{small|3 सितंबर}} 1987 |{{small|24 जुलाई}} 1992{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1987 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1987]] {{small|(निर्विरोध)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[भोपाल राज्य]] के मुख्यमंत्री {{small|(1952–1956)}} * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राष्ट्रीय अध्यक्ष {{small|(1972–1974)}} * [[भारत के संचार मंत्री|केंद्रीय संचार मंत्री]] {{small|(1974–1977)}} * [[आंध्र प्रदेश]] {{small|(1984–1985)}}, [[पंजाब]] {{small|(1985)}}, [[महाराष्ट्र]] {{small|(1985–1987)}} के राज्यपाल ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[रामास्वामी वेंकटरमण]]''' {{small|(25 जुलाई 1987–<br>25 जुलाई 1992)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1987|9|3|1992|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व केंद्रीय मंत्री। 1987 में आठवें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। 1992 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="3" |[[File:President_Clinton_with_Indian_president_K._R._Narayanan_(cropped).jpg|137x137px]] | rowspan="3" |'''[[के. आर. नारायणन]]''' {{small|(1920–2005)}} | rowspan="3" |[[केरल]] |{{small|21 अगस्त}} 1992 |{{small|24 जुलाई}} 1997{{ref label|RES|RES|RES}} | rowspan="2" |[[1992 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|1992]] {{small|(99.86%)}} | rowspan="2" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[थाईलैंड]] एवं [[तुर्की]] में भारत के राजदूत * [[भारत के विदेश मंत्रालय]] में सचिव * [[चीन]] एवं [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राजदूत * [[लोक सभा]] सदस्य {{small|(1984–1992)}} * योजना, विदेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में राज्य मंत्री ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[शंकर दयाल शर्मा]]''' {{small|(25 जुलाई 1992–<br>25 जुलाई 1997)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|1992|8|21|1997|7|24}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक एवं केंद्रीय मंत्री। 1992 में नौवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और [[जोगिंदर सिंह (राजनीतिज्ञ)|जोगिंदर सिंह]] को पराजित किया। भारत के पहले दलित उपराष्ट्रपति। 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया। |- | rowspan="6" |[[File:The_Vice_President_Shri_M._Hamid_Ansari_in_July_2016.jpg|134x134px]] | rowspan="6" |'''[[मोहम्मद हामिद अंसारी]]''' {{small|(जन्म 1937)}} | rowspan="6" |[[पश्चिम बंगाल]] | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2007 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |[[2007 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2007]] {{small|(60.50%)}} | rowspan="5" style="text-align:left; background:#eaecf0; font-size:95%" | * [[संयुक्त अरब अमीरात]] में राजदूत * [[ऑस्ट्रेलिया]] में उच्चायुक्त * [[अफगानिस्तान]], [[ईरान]], [[सऊदी अरब]] में राजदूत * [[संयुक्त राष्ट्र]] में भारत के स्थायी प्रतिनिधि * [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] के कुलपति * [[राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग]] के अध्यक्ष ! style="font-weight:normal" |'''[[प्रतिभा पाटिल]]''' {{small|(25 जुलाई 2007–<br>25 जुलाई 2012)}} |- ! rowspan="2" style="font-weight:normal" |'''[[प्रणब मुखर्जी]]''' {{small|(25 जुलाई 2012–<br>25 जुलाई 2017)}} |- | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2012 | rowspan="2" |{{small|11 अगस्त}} 2017 | rowspan="3" |[[2012 भारतीय उपराष्ट्रपति चुनाव|2012]] {{small|(67.31%)}} |- ! rowspan="3" style="font-weight:normal" |'''[[राम नाथ कोविंद]]''' {{small|(25 जुलाई 2017–<br>25 जुलाई 2022)}} |- ! colspan="2" style="font-size:90%; font-weight:normal" |{{age in years and days|2007|8|11|2017|8|11}} |- | colspan="4" style="text-align:left; font-size:95%" | पूर्व राजनयिक। 2007 में बारहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए तथा 2012 में पुनः निर्वाचित हुए। [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] के बाद पुनः निर्वाचित होने वाले पहले एवं सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपराष्ट्रपति। 11 अगस्त 2017 को कार्यकाल पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त हुए। |} ==उपप्रधानमंत्रियो की सूची== {{further|भारत के उपप्रधानमंत्री}} {|class="wikitable sortable" style="text-align:center;" !rowspan=2|चित्र !rowspan=2|नाम<br />{{small|(जन्म–मृत्यु)}} !colspan=3 |कार्यकाल !rowspan=2 |[[लोक सभा|लोक सभा]]<br />{{small|([[भारत में चुनाव|चुनाव]])}} !rowspan=2|निर्वाचन क्षेत्र<br />{{small|(सदन)}} !rowspan=2|[[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] ! rowspan="2" |राष्ट्राध्यक्ष |- !पदभार ग्रहण !पदत्याग !कार्यकाल अवधि |- |[[File:Sardar patel (cropped).jpg|100px]] |'''[[वल्लभभाई पटेल]]'''<br /><small>(1875–1950)</small> |15 अगस्त 1947 |15 दिसंबर 1950 ''<small>(मृत्यु)</small>'' |3 वर्ष, 122 दिन |[[भारत की संविधान सभा|संविधान सभा]] |लागू नहीं |[[जवाहरलाल नेहरू]] |''कोई नहीं'' |- |[[File:Morarji Desai During his visit to the United States of America .jpg|100px]] |'''[[मोरारजी देसाई]]'''<br /><small>(1896–1995)</small> |13 मार्च 1967 |19 जुलाई 1969 |2 वर्ष, 128 दिन |[[चौथी लोक सभा|4वीं]]<br /><small>([[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]])</small> |[[सूरत लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|सूरत]]<br /><small>([[लोक सभा]])</small> |[[इंदिरा गांधी]] |[[ज़ाकिर हुसैन]] |} ==लोकसभा अध्यक्षो की सूची== [[कांग्रेस]] पार्टी को सत्ता मिलने के बाद, पार्टी ने विभिन्न राजनेता [[लोकसभा]] स्पीकर के रुप में निर्वाचित हुए, जिनके नाम एवं कार्यकाल निम्न प्रकार हैं :- # [[गणेश वासुदेव मावलंकर]] (1952 - 1956) # [[अनन्त शयनम् अयंगार]] (1956 - 1962) # [[सरदार हुकम सिंह]] (1962 - 1967) # [[नीलम संजीव रेड्डी]] (1967 - 1969 # जी. एस. ढिल्‍लों (1969 - 1975) # [[बलि राम भगत]] (1976 - 1977) # [[मीरा कुमार]] (2009-2014) == विपक्ष के नेता == * [[अधीर रंजन चौधरी|राहुल गांधी]] - [[लोकसभा]] * [[मल्लिकार्जुन खड़गे]] - [[राज्यसभा]] ==आम चुनाव परिणाम == 1952 में हुए [[भारतीय आम चुनाव, १९५१-१९५२|प्रथम संसदीय]] आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 479 में से 364 सीटें जीतीं, जो कुल लड़ी गयी सीटों का 76 प्रतिशत था।<ref name="India Today 2007">{{cite web | title=Congress led by Jawaharlal Nehru won the first general election in 1952 | website=India Today | date=2 July 2007 | url=https://www.indiatoday.in/magazine/cover-story/story/20070702-1952-first-lok-sabha-elections-748237-2007-07-01 | access-date=20 March 2024}}</ref> आईएनसी का कुल मतों में से वोट शेयर 45 प्रतिशत था।<ref name="Ganguly 2022">{{cite web | last=Ganguly | first=Siddharth | title=The Parties That Contested India's First General Election | website=The Wire | date=2 February 2022 | url=https://thewire.in/history/the-parties-that-contested-indias-first-general-election | access-date=20 March 2024}}</ref> [[भारतीय आम चुनाव, १९७१|1971 के आम चुनाव]] तक पार्टी का मतदान प्रतिशत लगभग 40 प्रतिशत पर बना रहा। हालांकि, [[भारतीय आम चुनाव, १९७७|1977 के आम चुनाव]] आईएनसी के लिए भारी पराजय लेकर आए। कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने अपनी सीटें खो दीं और पार्टी केवल 154 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।<ref name="Analysisb">{{cite news |last1=Gupta |first1=Abhinav |title=Lok Sabha Poll Results: A vote-share and performance analysis of BJP vs Congress from 1996 to 2019 |url=https://english.newsnationtv.com/election/lok-sabha-election/lok-sabha-poll-results-a-vote-share-and-performance-analysis-of-bjp-vs-congress-from-1996-to-2019-225277.html |access-date=8 March 2022 |work=News Nation |agency=News Nation Network Pvt Ltd. |date=24 May 2019}}</ref> इसके बाद आईएनसी ने [[भारतीय आम चुनाव, १९८०|1980 के आम चुनाव]] में सत्ता में वापसी की और कुल मतों के 42.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस का वोट शेयर 1980 तक बढ़ता रहा और 1984/85 में रिकॉर्ड 48.1 प्रतिशत तक पहुँच गया। अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद [[राजीव गांधी]] ने [[1984 Indian general election|शीघ्र आम चुनाव]] कराने की सिफारिश की। आम चुनाव जनवरी 1985 में होने थे, लेकिन इसके बजाय दिसंबर 1984 में ही करा लिए गए। कांग्रेस ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की और 533 में से 415 सीटें हासिल कीं, जो स्वतंत्र भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत था।<ref name="Hindustan Times 2003">{{cite web | title=Chronology of Lok Sabha elections (1952–1999) | website=The Hindustan Times| date=13 October 2003 | url=https://www.hindustantimes.com/india/chronology-of-lok-sabha-elections-1952-1999/story-592mMFUB4HLQKlLyUamnjN.html | access-date=20 March 2024}}</ref> इस जीत में पार्टी को 49.1 प्रतिशत वोट मिले, जिससे कुल वोट शेयर बढ़कर 48.1 प्रतिशत हो गया। 1985 में [[पंजाब]] और [[असम]] में हुए चुनावों में कांग्रेस को 32.14 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।<ref name="Ganguly 2022"/> नवंबर 1989 में 9वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव आयोजित किए गए।<ref name="Anon">{{cite web | title=Statistical Report on General Elections, 1989 to the Ninth Lok Sabha| url=https://ceomadhyapradesh.nic.in/Links/Books/89_Vol_II.pdf | access-date=20 March 2024}}</ref> इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा, हालांकि वह लोकसभा में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रही। 1989 के आम चुनावों में पार्टी का वोट शेयर घटकर 39.5 प्रतिशत रह गया। 13वीं लोकसभा का कार्यकाल अक्टूबर 2004 में समाप्त होना था, लेकिन [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] (एनडीए) सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का निर्णय लिया। फरवरी में लोकसभा भंग कर दी गई और अप्रैल–मई 2004 में चुनाव कराए गए। [[सोनिया गांधी]] के नेतृत्व में आईएनसी अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।<ref name="2004 Result">{{cite news |last1=Chakravarty |first1=Shubhodeep |title=INKredible India: The story of 2004 Lok Sabha election – All you need to know |url=https://zeenews.india.com/lok-sabha-general-elections-2019/inkredible-india-the-story-of-2004-lok-sabha-election-all-you-need-to-know-2204202.html |access-date=10 March 2022 |publisher=Zee News|agency=[[Essel Group]] |date=18 May 2019}}</ref> चुनावों के बाद कांग्रेस ने अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर [[संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन]] (यूपीए) का गठन किया। यूपीए को [[बहुजन समाज पार्टी]], [[समाजवादी पार्टी]], केरल कांग्रेस और वाम मोर्चा से बाहरी समर्थन मिला, जिससे सरकार को आरामदायक बहुमत प्राप्त हुआ।<ref name="2004 Result"/> 1996 से 2009 के बीच हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने अपने वोट शेयर का लगभग 20 प्रतिशत खो दिया।<ref name="Analysis"/> [[File:Seats Won by INC in Indian General Elections over the years.png|thumb|650px|center|वर्षों के दौरान भारतीय आम चुनावों में आईएनसी द्वारा जीती गई सीटें]] {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |- ! वर्ष ! विधायिका ! पार्टी नेता ! जीती गई सीटें ! सीटों में परिवर्तन ! मत प्रतिशत ! वोट स्विंग ! परिणाम |- |[[1934 भारतीय आम चुनाव|1934]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|5वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[भूलाभाई देसाई]] |{{Composition bar|42|147|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 42 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{n/a}} |- |[[1945 भारतीय आम चुनाव|1945]] |[[केन्द्रीय विधान सभा|6वीं केंद्रीय विधान सभा]] |[[शरत्चन्द्र बोस]] |{{Composition bar|59|102|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 17 |{{n/a}} |{{n/a}} |{{partial|[[भारत की अंतरिम सरकार]] (1946–1947)}} |- |[[1951 भारतीय आम चुनाव|1951]] |[[प्रथम लोक सभा|प्रथम लोकसभा]] |rowspan=3|[[जवाहरलाल नेहरू]] |{{Composition bar|364|489|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 364 |44.99% |{{n/a}} |{{yes|बहुमत}} |- |[[1957 भारतीय आम चुनाव|1957]] |[[द्वितीय लोक सभा|द्वितीय लोकसभा]] |{{Composition bar|371|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 7 |47.78% |{{increase}} 2.79% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1962 भारतीय आम चुनाव|1962]] |[[तृतीय लोक सभा|तृतीय लोकसभा]] |{{Composition bar|361|494|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 10 |44.72% |{{decrease}} 3.06% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1967 भारतीय आम चुनाव|1967]] |[[चौथी लोक सभा|चतुर्थ लोकसभा]] |rowspan=4|[[इंदिरा गांधी]] |{{Composition bar|283|520|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 78 |40.78% |{{decrease}} 2.94% |{{yes|बहुमत (1967–69)}} |- |[[1971 भारतीय आम चुनाव|1971]] |[[पाँचवीं लोक सभा|पंचम लोकसभा]] |{{Composition bar|352|518|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 69 |43.68% |{{increase}} 2.90% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1977 भारतीय आम चुनाव|1977]] |[[छठी लोक सभा|षष्ठ लोकसभा]] |{{Composition bar|153|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 199 |34.52% |{{decrease}} 9.16% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1980 भारतीय आम चुनाव|1980]] |[[सातवीं लोक सभा|सप्तम लोकसभा]] |{{Composition bar|351|542|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 198 |42.69% |{{increase}} 8.17% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1984 भारतीय आम चुनाव|1984]] |[[आठवीं लोक सभा|अष्टम लोकसभा]] |rowspan=2|[[राजीव गांधी]] |{{Composition bar|415|533|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 64 |49.01% |{{increase}} 6.32% |{{yes|बहुमत}} |- |[[1989 भारतीय आम चुनाव|1989]] |[[नौंवीं लोक सभा|नवम लोकसभा]] |{{Composition bar|197|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 218 |39.53% |{{decrease}} 9.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1991 भारतीय आम चुनाव|1991]] |[[दसवीं लोक सभा|दशम लोकसभा]] |rowspan=2|[[पी. वी. नरसिंह राव]] |{{Composition bar|244|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |35.66% |{{decrease}} 3.87% |{{yes2|अल्पमत}} |- |[[1996 भारतीय आम चुनाव|1996]] |[[ग्यारहवीं लोक सभा|एकादश लोकसभा]] |{{Composition bar|140|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 104 |28.80% |{{decrease}} 7.46% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1998 भारतीय आम चुनाव|1998]] |[[बारहवीं लोक सभा|द्वादश लोकसभा]] |[[सीताराम केसरी]] |{{Composition bar|141|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 1 |25.82% |{{decrease}} 2.98% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[1999 भारतीय आम चुनाव|1999]] |[[तेरहवीं लोक सभा|त्रयोदश लोकसभा]] |rowspan=2|[[सोनिया गांधी]] |{{Composition bar|114|545|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 27 |28.30% |{{increase}} 2.48% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |- |[[2004 भारतीय आम चुनाव|2004]] |[[चौदहवीं लोकसभा|चतुर्दश लोकसभा]] |{{Composition bar|145|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 31 |26.7% |{{decrease}} 1.6% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2009 भारतीय आम चुनाव|2009]] |[[पंद्रहवीं लोकसभा]] |[[मनमोहन सिंह]] |{{Composition bar|206|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 61 |28.55% |{{increase}} 2.02% |{{yes2|गठबंधन}} |- |[[2014 भारतीय आम चुनाव|2014]] |[[सोलहवीं लोकसभा]] |rowspan=2|[[राहुल गांधी]] |{{Composition bar|44|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{decrease}} 162 |19.3% |{{decrease}} 9.25% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2019 भारतीय आम चुनाव|2019]] |[[सत्रहवीं लोकसभा]] |{{Composition bar|52|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 8 |19.5% |{{increase}} 0.2% |{{no|विपक्ष}} |- |[[2024 भारतीय आम चुनाव|2024]] |[[अठारहवीं लोक सभा|अठारहवीं लोकसभा]] |[[मल्लिकार्जुन खड़गे]] |{{Composition bar|99|543|{{party color|Indian National Congress}}}} |{{increase}} 47 |21.19% |{{increase}} 1.7% |{{no2|आधिकारिक विपक्ष}} |} == इन्हें भी देखें== {{div col|colwidth=30em}} * [[कांग्रेस कार्यकारिणी समिति]] * [[ऑल इंडिया महिला कांग्रेस]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास]] * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] * [[भारत की राजनीति]] * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची]] {{div col end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}} {{Commons category|Indian National Congress}} * {{official website}} * [https://web.archive.org/web/20091125084548/http://www.aicc.org.in/new/hindi/home.php काँग्रेस का जालघर] {{भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{India topics}} {{Authority control}} {{भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम}} [[श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारत के राजनीतिक दल|काँग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय]] [[श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] [[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] l75nxcqe4eajolj64nustqkb9baiclo समस्तीपुर 0 7090 6541756 6521183 2026-04-18T04:10:40Z Arjun Prasad Singh Prabhat 920765 /* यातायात */ छोटा सा सुधार किया। 6541756 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement | name = समस्तीपुर | type = शहर | image_skyline = Khudneshwar Dham Mandir.jpg | image_caption = खुदनेश्वर धाम मंदिर | image_flag = | image_seal = | motto = | image_map = | map_caption = बिहार में स्थिति | pushpin_map = India Bihar | pushpin_label_position = right | pushpin_map_caption = भारत में स्थिति | coordinates = {{coord|25.862931|N|85.781064|E|format=dms|display=inline,title}} | subdivision_type = देश | subdivision_name = {{IND}} | subdivision_type1 = [[भारत के राज्य|राज्य]] | subdivision_name1 = [[बिहार]] | subdivision_type2 = [[भारत के क्षेत्र|क्षेत्र]] | subdivision_name2 = [[मिथिला]] | subdivision_type3 = [[बिहार के प्रमंडल|प्रमंडल]] | subdivision_name3 = [[दरभंगा प्रमंडल|दरभंगा]] | subdivision_type4 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] | subdivision_name4 = [[समस्तीपुर ज़िला|समस्तीपुर]] | demographics_type1 = भाषाएँ | demographics1_title1 = आधिकारिक | demographics1_info1 = [[हिन्दी]] | demographics1_title2 = अतिरिक्त आधिकारिक | demographics1_info2 = [[उर्दू]] | demographics1_title3 = क्षेत्रीय | demographics1_info3 = [[मैथिली भाषा|मैथिली]] | established_title = | established_date = | leader_title = महापौर | leader_name = अनीता राम | leader_title1 = उपमहापौर | leader_name1 = रामबालक पासवान | leader_title2 = नगर आयुक्त | leader_name2 = विभूति रंजन चौधरी | unit_pref = Metric | area_footnotes = | area_total_km2 = 155 | elevation_footnotes = | elevation_m = 46.54 | population_footnotes = <ref name="Census2011Gov"/> | population_total = 253136 | population_rank = 10वाँ (बिहार)<br>177वाँ (भारत) | population_as_of = 2011 | population_density_km2 = auto | population_note = | timezone = [[भारतीय मानक समय|IST]] | utc_offset = +5.30 | postal_code_type = पिन कोड | postal_code = 848101 | registration_plate = BR-33 | area_code_type = दूरभाष कोड | area_code = 06274 | website = {{URL|samastipur.nic.in}}<br />{{URL|samastipurnagarnigam.net}} | government_type = [[नगर निगम (भारत)|नगर निगम]] | governing_body = समस्तीपुर नगर निगम | blank3_name_sec1 = [[लोक सभा]] निर्वाचन क्षेत्र | blank3_info_sec1 = [[समस्तीपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|समस्तीपुर]] | blank4_name_sec1 = [[विधान सभा]] निर्वाचन क्षेत्र | blank4_info_sec1 = [[समस्तीपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र|समस्तीपुर]] | blank5_name_sec1 = [[मानव विकास सूचकांक|HDI]] | blank5_info_sec1 = {{increase}} 554 ({{yellow|मध्यम}}) | native_name = Samastipur | native_name_lang = en }} '''समस्तीपुर''' ({{Langx|en|Samastipur|italic=no}}) [[भारत]] के [[बिहार]] राज्य के [[समस्तीपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह उस ज़िले का मुख्यालय भी है और [[दरभंगा प्रमंडल]] के अंतर्गत आता है। [[बूढ़ी गंडक नदी]] शहर से होकर बहती है। यह पूर्व मध्य रेलवे (ECR), हाजीपुर के पांच रेलवे डिवीजनों में से एक है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=dSZ987-0Fb8C Bihar Tourism: Retrospect and Prospect] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170118113423/https://books.google.com/books?id=dSZ987-0Fb8C|date=18 जनवरी 2017}}," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=MMmNVZ4mP98C Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar]," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810</ref> == जनसांख्यिकी == [[2011 की भारत की जनगणना]] के अनुसार, समस्तीपुर की कुल जनसंख्या 62,935 थी, जिसमें 33,025 पुरुष और 29,910 महिलाएं थीं। 0 से 6 वर्ष की आयु के भीतर जनसंख्या 8,252 थी। समस्तीपुर में साक्षरों की कुल संख्या 46,416 थी, जो कुल जनसंख्या का 73.8% थी। == शिक्षा == समस्तीपुर में कई स्कूल और कॉलेज हैं। अधिकांश कॉलेज [[ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय]], [[दरभंगा]] से संबद्ध हैं। * [[डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय]], पूसा में स्थित है। * [[इग्नू]] (IGNOU) के समस्तीपुर में कई अध्ययन केंद्र हैं। == यातायात == '''सड़क मार्ग:''' बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम (B.S.R.T.C) पड़ोसी राज्यों [[झारखंड]], [[पश्चिम बंगाल]] और [[उत्तर प्रदेश]] के लिए बस सेवाएं संचालित करता है। '''रेल मार्ग:''' [[समस्तीपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन]] [[भारतीय रेलवे]] नेटवर्क के [[पूर्व मध्य रेलवे]] क्षेत्र में स्थित है और भारत के अधिकांश क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करता है। यह उत्तर बिहार के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है। '''जल मार्ग''' गंगा नदी में नाव के माध्यम से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात होता है। == डिजिटल मीडिया == समस्तीपुर में स्थानीय समाचार और डिजिटल मीडिया की उपस्थिति बढ़ रही है। {| class="wikitable" ! मीडिया आउटलेट ! मालिक (Owner) ! वेबसाइट लिंक |- | [https://samastipurnews.in समस्तीपुर न्यूज़ (Samastipur News)] | सौरभ ठाकुर | {{URL|samastipurnews.in}} |} == इन्हें भी देखें == * [[समस्तीपुर ज़िला]] * [[रोसड़ा]] * [[पूसा, समस्तीपुर]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} {{बिहार}} [[श्रेणी:समस्तीपुर जिला]] [[श्रेणी:बिहार के शहर]] [[श्रेणी:समस्तीपुर ज़िले के नगर]] [[श्रेणी:समस्तीपुर|*]] 1nxi6gycgpvmcr70admbx5oaccd0zo8 कुशीनगर जिला 0 7454 6541658 6535672 2026-04-17T18:25:11Z ~2026-23727-42 920852 6541658 wikitext text/x-wiki यह लेख 'कुशीनगर जिला' के बारे में है। कुशीनगर कस्बे के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए ''[[कुशीनगर]]'' देखें। ---- {{India Districts |Name = कुशीनगर जिला |Local = |State = उत्तर प्रदेश |Division = [[गोरखपुर मंडल|गोरखपुर]] |HQ = पडरौना |Map = India Uttar Pradesh districts 2012 Kushinagar.svg |Area = 2873.5 |Rain = |Population = 3,560,830 |Urban = 4.87 प्रतिशत |Year = 2011 |Density = 1228 |Literacy = 68.00 प्रतिशत |SexRatio = 960 |Tehsils = |LokSabha = [[कुशीनगर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|कुशीनगर]] |Assembly = |Highways = |Website = http://www.kushinagar.nic.in }} '''कुशीनगर जिला''' भारतीय राज्य [[उत्तर प्रदेश]] के गोरखपुर मंडल के अन्तर्गत एक [[ज़िला|जिला]] है। इस जनपद का मुख्यालय [[कुशीनगर]] से कोई १५ किमी दूर [[पडरौना]] में स्थित है। कुशीनगर जिला पहले [[देवरिया]] जिले का भाग था। कुशीनगर जिले के पूर्व में [[बिहार]] राज्य, दक्षिण-पश्चिम में [[देवरिया जिला]], पश्चिम में [[गोरखपुर जिला]], उत्तर-पश्चिम में [[महराजगंज जिला]] स्थित हैं। कुशीनगर जिला का मुख्यालय [[पडरौना]] कस्बे के पास ही स्थित रवीन्द्र नगर धूस है। जिले का क्षेत्रफल 2,873.5 वर्ग कि॰मी है तो जनसंख्या 3,560,830 (2011)। साक्षरता दर 67.66 प्रतिशत और लिंगानुपात 955 है। इस जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र ([[कुशीनगर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र]]) है और सात विधानसभा क्षेत्र- फाजिलनगर, खड्डा, रामकोला, हाटा, कसया, पडरौना, तमकुही राज हैं। जिले में 6 तहसीलें हैं - पडरौना, कुशीनगर, हाटा, तमकुहीराज , खड्डा, कप्तानगंज और 14 विकासखण्ड (block) हैं - पडरौना, बिशुनपुरा, कुशीनगर, हाटा, मोतीचक, सेवरही, नेबुआ नौरंगिया, खड्डा, दुदही, फाजिल नगर, सुकरौली, कप्तानगंज, रामकोला और तमकुहीराज। जिले में ग्रामों की संख्या 1447 हैं। कुशीनगर के हाटा तहसील में एक सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज है जो कि मुजहना ग्राम में पड़ता है।जिले में तीन नगरपालिका क्रमशः पडरौना, हाटा एवम् कुशीनगर तथा दस नगर पंचायत हैं जिनमें सुकरौली, मथौली, कप्तानगंज, रामकोला, खड्डा, छितौनी, दुदही, फाजिलनगर, तमकुही व सेवरही हैं। नगरपालिका हाटा के ढाढ़ा ((राजमार्ग के निकट) में एक राजकीय महाविद्यालय भी है।और ढाढ़ा बुजुर्ग में एक उन्नत तकनीकी से स्थापित आधुनिक गन्ना मिल भी है।यहाँ गन्ने की खेती बहुतायत होती है। हाटा के दक्षिण में दो किलोमीटर दूरी पर प्रसिद्ध करमहां मठ है जो कि सिद्ध स्थान है।यहाँ पुरा काल में सिद्ध संत रहते थे।आज भी मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पञ्चमी तिथि को सीता स्वयंवर और श्रीराम विवाह की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा जनसहयोग से की जाती है।दूर दूर से लोग यहाँ आते हैं।यहाँ के प्राचीन धार्मिक स्थलों में कुबेर स्थान के निकट खन्हवार देवी स्थान, कसया के निकट मैनपुर देवी एवम् कसया से दक्षिण पूर्व में कुलकुला देवी का सिद्ध स्थान स्थापित है। ==धार्मिक व ऐतिहासिक परिचय [[हिमालय]] की [[तराई क्षेत्र|तराई]] वाले क्षेत्र में स्थित कुशीनगर का इतिहास अत्यन्त ही प्राचीन व गौरवशाली है। वर्ष 1876 ई0 में अंग्रेज पुरातत्वविद [[अलेक्ज़ैंडर कन्निघम|ए कनिंघम]] ने यहाँ पुरातात्विक खुदाई करायी थी और उसके बाद सी एल कार्लाइल ने भी खुदाई करायी जिसमें यहाँ का मुख्य स्तूप ([[रामाभार स्तूप]]) और 6.10 मीटर लम्बी भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा मिली थी। इन खोजों के परिणामस्वरूप कुशीनगर का गौरव पुनर्स्थापित हुआ। जे पीएच वोगेल ( J. Ph. Vogel) के देखरेख में पुनः 1904-5, 1905-6 एवं 1906-7 में खुदाई हुई जिससे बुद्ध धर्म से सम्बन्धित अनेकों वस्तुएँ प्राप्त हुईं। [[वाल्मीकि रामायण]] के अनुसार यह स्थान [[त्रेतायुग|त्रेता युग]] में भी आबाद था और यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान [[राम]] के पुत्र [[कुश]] की [[राजधानी]] थी जिसके चलते इसे 'कुशावती' के नाम से जाना गया। [[पालि भाषा का साहित्य|पालि साहित्य]] के ग्रन्थ [[त्रिपिटक]] के अनुसार बौद्ध काल में यह स्थान [[महाजनपद|षोड्श महाजनपदों]] में से एक था और [[मल्ल महाजनपद|मल्ल राजाओं]] की राजधानी। तब इसे 'कुशीनारा' के नाम से जाना जाता था। ईसापूर्व छठी शताब्दी के अन्त या ईसापूर्व पांचवी शताब्दी के आरम्भ में यहां भगवान बुद्ध का आगमन हुआ था। कुशीनगर में ही उन्होंने अपना अन्तिम [[उपदेश]] देने के बाद [[महापरिनिर्वाण]] को प्राप्त किया था। कुशीनगर से 16 किलोमीटर दक्षिण- पूर्व में मल्लों का एक और गणराज्य [[पावापुरी|पावा]] था। यहाँ [[बौद्ध धर्म]] के समानान्तर ही [[जैन धर्म]] का प्रभाव था। माना जाता है कि जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर [[महावीर|महावीर स्वामी]] (जो बुद्ध के समकालीन थे) ने पावानगर (वर्तमान में [[फाजिलनगर|फाजिलनगर]]) में ही परिनिर्वाण प्राप्त किया था। इन दो धर्मों के अलावा प्राचीन काल से ही यह स्थल सनातन हिन्दू धर्मावलंम्बियों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। [[गुप्त राजवंश|गुप्तकाल]] के तमाम भग्नावशेष आज भी जिले में बिखरे पड़े हैं। इनमें लगभग डेढ़ दर्जन प्राचीन टीले हैं जिसे पुरातात्विक महत्व का मानते हुए पुरातत्व विभाग ने संरक्षित घोषित कर रखा है। उत्तर भारत का एकमात्र [[सूर्य मंदिर]] भी इसी जिले के [[तुर्कपट्टी]] में स्थित है। भगवान सूर्य की प्रतिमा यहां खुदाई के दौरान ही मिली थी जो [[गुप्त राजवंश|गुप्तकालीन]] मानी जाती है। इसके अलावा भी जनपद के विभिन्न भागों में अक्सर ही जमीन के नीचे से पुरातन निर्माण व अन्य अवशेष मिलते ही रहते हैं। कुशीनगर जनपद का जिला मुख्यालय [[पडरौना]] है जिसके नामकरण के सम्बन्ध में यह कहा जाता है कि भगवान राम [[विवाह]] के उपरान्त पत्नी [[सीता]] व अन्य सगे-संबंधियों के साथ इसी रास्ते [[जनकपुर]] से [[अयोध्या]] लौटे थे। उनके पैरों से रमित धरती पहले 'पदरामा' और बाद में पडरौना के नाम से जानी गई। जनकपुर से अयोध्या लौटने के लिए भगवान राम और उनके साथियों ने पडरौना से 10 किलोमीटर पूरब से होकर बह रही [[बांसी नदी]] को पार किया था। आज भी बांसी नदी के इस स्थान को 'रामघाट' के नाम से जाना जाता है। हर वर्ष यहां भव्य मेला लगता है जहाँ [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] के लाखों श्रद्धालु आते हैं। बांसी नदी के इस घाट को स्थानीय लोग इतना महत्व देते हैं कि 'सौ [[काशी]] न एक बांसी' की कहावत ही बन गई है। मुगल काल में भी यह जनपद अपनी खास पहचान रखता था। ==तहसीलें == कुशीनगर जिले में 6 तहसीलें हैं - * [[पडरौना]], * [[कुशीनगर]], * [[हाटा, कुशीनगर|हाटा]], * [[तमकुही रोड|तमकुहीराज]] , * [[खड्डा]], * [[कप्तानगंज (भारत)|कप्तानगंज]] ==विकासखण्ड== कुशीनगर जिले में १४ विकासखण्ड (block) हैं - [[पडरौना]], बिशुनपुरा, [[कुशीनगर]], [[हाटा, कुशीनगर|हाटा]], [[मोतीचक]], [[तमकुही रोड|सेवरही]], [[नेबुआ नौरंगिया]], [[खड्डा]], [[दुदही]], [[फाजिल नगर]], [[सुकरौली]], [[कप्तानगंज (भारत)|कप्तानगंज]], [[रामकोला]] और [[तमकुही रोड|तमकुहीराज]]। ==विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र== * फाजिलनगर, * खड्डा, * रामकोला, * हाटा, * कसया, * पडरौना, * तमकुही राज ==प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थल== [[चित्र:Kusinara.jpg|right|thumb|350px|कुशीनगर का '''परिनिर्वाण मंदिर''']] ===कुशीनगर=== कुशीनगर में [[महात्मा बुद्ध]] का परिनिर्वाण हुअ था। तत्कालीन मल्ल महाजनपद एवं कुशीनगर के बघोचिया/ बौद्धोचिया राजवंश के शासक ने तथागत बुद्ध का अंतिम संस्कार किया था। बघोचिया राजवंश के द्वारा कुशीनगर में आठ स्तूपों का निर्माण करवाया गया था। तथागत बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद बघोचिया राजवंश में पैदा हुए राजकुमार का नाम " निर्वाण सेन" रखा गया था जो मल्ल महाजनपद के अगले शासक बने थे। मल्ल महाजनपद के शासक राजा निर्वाण सेन के पुत्र राजा जगत सेन को मगध के शासक ने " सिम्हा" उपाधि से सम्मानित किया था। राजा जगत सिम्हा को मगध के शासक ने अपना सेनापति नियुक्त किया था। यहां पर मुख्य रूप से महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप तथा माथाकुँवर मंदिर है। आज कुशीनगर में म्यांमार बुद्ध विहार,थाईलैंड बुद्ध विहार,कोरिया बुद्ध विहार,चीनी बुद्ध विहार,जापानी बुद्ध विहार,श्री लंका बुद्ध विहार, कम्बोडिया बुद्ध विहार, एकयुप्रेशर परिषद्, प्रबुद्ध सोसाइटी, भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार एवं भिक्षु संघ सेवारत है तथा प्रत्येक बर्ष बुद्ध पूर्णिमा धूमधाम से कुशीनगर में मनाया जाता है जिसमे देश विदेश के लाखों श्रद्धालु आते हैं । कुशीनगर में प्रत्येक वर्ष 10 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन , मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन कुशीनगर भिक्षु संघ,एकयुप़ेशर काउंसिल एवं प्रबुद्ध सोसाइटी द्वारा किया जाता है. === तुर्पट्टी का सूर्य मंदिर=== [[तुर्कपट्टी|तुर्पट्टी]] से लगभग 800 मीटर दक्षिण की ओर एक [[सूर्य]] [[मंदिर]] है। कुशीनगर का '[[कोणार्क]]' कहे जाने वाले इस स्थान पर मिले [[सूर्य]] प्रतिमा की कथा सुदामा शर्मा से जुड़ी है। परिवार के लोगों के आकस्मिक निधन से परेशान श्री शर्मा ने रात में सपना देखा। स्वप्न में देखे गए स्थान की खुदाई में नीलमणि पत्थर की दो खंडित प्रतिमाएं मिली। अध्ययन के बाद इतिहासकारों ने बताया कि इनमें मिली मूर्तियां [[गुप्त राजवंश|गुप्तकालीन]] हैं। एक प्रतिमा सूर्यदेव की है। 24 अप्रैल 1998 को इस प्रतिमा की चोरी हो गई थी, लेकिन पुलिस के प्रयास से प्रतिमा को बरामद कर लिया गया। अब यहां मंदिर बन चुका है। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहता है। इस मूर्ति की विशेषता है कि सूर्य के उगने के साथ ही मूर्ति की चमक बढ़ती है और दोपहर बाद मूर्ति की चमक मंद पड़ने लगती है। ===अन्य=== कुशीनगर के [[पनियहवा]] में [[गण्डकी नदी|गंडक नदी]] पर बना पुल देखने में काफी रोचक लगता है। [[पडरौना]] का बहुत पुराना राज दरबार भी पर्यटकों का दिल लुभाता है। कुशीनगर का सबसे बड़ा गांव जंगल खिरकिया में भव्य मंदिर है जहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। ग्राम जंगल अमवा के समीप मुसहर टोली में बना पंचवटी पार्क भी देखने योग्य हैं। इस जिले में शिक्षा का स्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। बहुत सारे कालेज व शैक्षिण संस्थान हैं। जिनमें बुद्ध डिग्री कॉलेज, उदित नारायण डिग्री कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज खड्डा में श्री गाँधी स्मारक इंटरमीडिएट कॉलेज,श्री राजरूप मेमोरियल महाविद्यालय आई टी आई मुजहना प्रमुख हैं। इस जिले में [[पडरौना]], [[कप्तानगंज जं]], [[बोदरवार]], [[लक्ष्मीगंज]], [[रामकोला]], [[कठकुईयां]], [[खड्डा]], [[दुदही]], [[तमकुही रोड]], [[पनियहवा]] समेत कई छोटे बड़े रेलवे स्टेशन हैं। वर्तमान में कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम प्रगति पर हैतथागत बुद्ध के समय में राजा लक्ष्मण सेन समस्त मल्ल महाजनपद के शासक थे जो बघोचिया / बौद्धोचिया राजवंश के अंतर्गत आते थे। राजा लक्ष्मण सेन के पूर्वज एवं तत्कालीन मल्ल महाजनपद के शासक "राजा वीरसेन " ने छठी शताब्दी ईसा पूर्व में "बघोचिया राजवंश" की स्थापना किया था। कुशीनगर में कुकुत्था ( घाघी) नदी के किनारे ऐतिहासिक मल्लूडीह पर मल्ल महाजनपद के शासक राजा वीरसेन की समाधि/ स्तूप मौजूद हैं। पिछले सैकड़ों वर्षों से स्थानीय लोगों के द्वारा राजा वीरसेन को बघउच बाबा/ बौद्धउच बाबा के नाम से पूजा जाता रहा है। मल्ल महाजनपद के शासक "राजा लक्ष्मण" ने तथागत बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद पैदा हुए अपने पुत्र का नाम "निर्वाण सेन" रखा था जो मल्ल महाजनपद के अगले शासक बने थे। मल्ल महाजनपद के अंतर्गत वर्तमान बिहार के छपरा, सिवान एवं गोपालगंज जिले एवं उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, देवरिया एवं गोरखपुर जिले आते थे जिन्हें संयुक्त रूप से एक विशेष संस्कृति के अंतर्गत एकीकृत किया गया था। मुगल शासनकाल में मल्ल महाजनपद के अंतर्गत आनेवाले क्षेत्र दो भागों में बट गए। बिहार के छपरा, सिवान एवं गोपालगंज जिले बंगाल के नवाब के नियंत्रण में थे जबकि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, देवरिया एवं गोरखपुर जिले अवध के नवाब के अधीन आते थे। हालांकि इस बंटवारे के बाद भी इन क्षेत्रों की संस्कृति सदैव एकसमान बनी र ==कृषि== कुशीनगर मुख्यतः कृषि-प्रधान जनपद है। [[गन्ना]], [[गेहूँ]], [[धान]] यहाँ की प्रमुख फसलें हैं। इसके अलावा [[मक्का]], [[बजड़ी|बाजरा]], [[मूँग|मूंग]], [[उड़द दाल|उड़द]], [[अरहर दाल|अरहर]] एवं सब्जियों की खेती भी की जाती है। ===चीनी मिलें=== कुशीनगर जिला [[गन्ना]] एवं चीनी उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां [[गन्ना|गन्ने]] की सर्वाधिक खेती की जाती है। अतः यहां [[चीनी मिल|चीनी मिलों]] की अधिकता है। इस जिले में निम्न स्थानों पर मिलें स्थापित की गयी है- :[[तमकुही रोड|सेवरही]], [[पडरौना]], [[खड्डा]], [[कप्तानगंज (भारत)|कप्तानगंज]], [[रामकोला]] (02), [[लक्ष्मीगंज]], [[कटकुंइयाँ]], [[छितौनी]], [[ढाढ़ा]] ==जनसांख्यिकी== {{bar box |title=कुशीनगर जिले की धार्मिक जनसांख्यिकी |titlebar=#Fcd116 |left1=धर्म |right1=प्रतिशत |float=right |bars= {{bar percent|[[हिन्दू]]|orange|82.16}} {{bar percent|[[मुसलमान]]|green|17.40}} }} सन २०११ की भारत की जनगणना के अनुसार कुशीनगर जिले की कुल जनसंख्या 3,560,830 है,<ref name=districtcensus>{{cite web | url = http://www.census2011.co.in/district.php | title = District Census 2011 | accessdate = 2011-09-30 | year = 2011 | publisher = Census2011.co.in | archive-url = https://web.archive.org/web/20110611224943/http://www.census2011.co.in/district.php | archive-date = 11 जून 2011 | url-status = live }}</ref> जो [[लिथुआनिया]] की जनसंख्या के लगभग बराबर है।<ref name="cia">{{cite web | author = US Directorate of Intelligence | title = Country Comparison:Population | url = https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/rankorder/2119rank.html | accessdate = 2011-10-01 | quote = Lithuania 3,535,547 July 2011 est. | archive-url = https://web.archive.org/web/20110927165947/https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/rankorder/2119rank.html | archive-date = 27 सितंबर 2011 | url-status = live }}</ref> इस प्रकार कुशीनगर जिला भारत के ६४० जिलों में ८१वाँ सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला है।<ref name=districtcensus/> इस जिले का जनसंख्या घनत्व १२२६ व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।<ref name=districtcensus/> २००१ से २०११ के बीच इस जिले की जनसंख्या की वृद्धि दर 23.08% रही।<ref name=districtcensus/> [[लिंगानुपात]] की दृष्टि से इस जिले में १००० पुरुषों पर ९५५ स्त्रियाँ हैं।<ref name=districtcensus/> साक्षरता दर 67.66% है।<ref name=districtcensus/> कुशीनगर जिले में [[हिन्दू]], [[मुसलमान]] व [[बौद्ध धर्म]] के अधिकतर लोग निवास करते है। हिन्दू समुदाय के [[सैंथवार|मल्ल-सैंथवार]], अहिर, कोइरी, कुर्मी,[[बाभन]]/[[भूमिहार]], [[ब्राह्मण]] राजपूत, कायस्थ, चमार, डोम, दुसाद, मुसहर, पासी, बीन, मल्लाह, भर, बारी, कुम्हार, भेड़िहार, हजाम, आदि जातियाँ निवास करती हैं और मुस्लिम समुदाय की शेख, पठान, अंसारी (जुलाहा), देवान, कुरैशी, चुड़ीहार, मिसकार, गद्दी, राकी इत्यादि । === लोकरंग === लोकरंग सांस्कृतिक समिति´ विगत तीन वषों से लोक संस्कृतियों के अन्वेषण, संवर्धन और संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है। किसी भी समाज की लोक संस्कृति, कला और संगीत का उसके मानवीय संवेदनाओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान होता है। हम असीम लिप्सा, धूर्तता, पाखण्ड से आवृत परिवेश में जी रहे हैं, जहां ठहर कर लोकसंस्कृतियों की हिफाजत के लिए वक्त नहीं है। ऐसे में हमारी लोक संस्कृतियां समाप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। इन्हीं चिन्ताओं को केंन्द्र में रखकर `लोकरंग सांस्कृतिक समिति´ ने ग्राम-जोगिया जनूबी पट्टी, फाजिलनगर, कुशीनगर के ग्रामीण इलाके में हस्तक्षेप किया है। `लोकरंग 2008´ के माध्यम से हमने प्रयास किया था कि पूर्वांचल के, देवीगीत, हुड़का, पखावज, फरी नृत्य, विविध लोकगीतों और नुक्कड़ नाटकों को एक मंच पर लाया जाए और इस दिशा में हम सफल भी हुए थे। `लोकरंग 2009´ में हमने चइता, बिरहा, जोगीरा, कहरवा, कबीर, कजरी और निर्गुन गायकी, एकतारा वादन, जांघिया, धोबियाऊ और फरी नृत्य, विविध लोकगीतों और नाटकों को मंच प्रदान किया। दोनों ही वर्ष हमने विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जिनमें देश के महत्वपूर्ण साहित्यकार और लोक कलाकार सम्मिलित हुए। 'लोकरंग-2010' में [[पंवरिया]], [[पखावज]], [[हुड़का]] और अहिरऊ नृत्य, छत्तीसगढ़ी लोकगीत, बुन्देलखण्डी अचरी, बृजवासी, ईसुरी फाग एवं आल्हा गायकी को स्थान दिया गया है। भोजपुरी गीतों को मंच प्रदान करने के लिए तमाम लोक गायकों को आमन्त्रित किया गया है। हमारा प्रयास होगा कि `लोकरंग 2010´ लोकसंगीत /संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। ==इन्हें भी देखें== * [[कुशीनगर]] (कस्बा) * [[पडरौना]] - जहाँ कुशीनगर जिले का मुख्यालय स्थित है। * [[कप्तानगंज]] (कस्बा) * [[गौतम बुद्ध|महात्मा बुद्ध]] ==बाहरी कड़ियाँ== *[https://web.archive.org/web/20190810051528/https://kushinagar.nic.in/ कुशीनगर जिला] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के जिले]] [[श्रेणी:कुशीनगर ज़िला|*]] 17rjdsb2kmmjec8rkm56z3dqjxry6vu 6541692 6541658 2026-04-18T01:03:14Z अनुनाद सिंह 1634 6541692 wikitext text/x-wiki यह लेख 'कुशीनगर जिला' के बारे में है। कुशीनगर कस्बे के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए ''[[कुशीनगर]]'' देखें। ---- {{India Districts |Name = कुशीनगर जिला |Local = |State = उत्तर प्रदेश |Division = [[गोरखपुर मंडल|गोरखपुर]] |HQ = पडरौना |Map = India Uttar Pradesh districts 2012 Kushinagar.svg |Area = 2873.5 |Rain = |Population = 3,560,830 |Urban = 4.87 प्रतिशत |Year = 2011 |Density = 1228 |Literacy = 68.00 प्रतिशत |SexRatio = 960 |Tehsils = |LokSabha = [[कुशीनगर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|कुशीनगर]] |Assembly = |Highways = |Website = http://www.kushinagar.nic.in }} [[चित्र:Buddha's cremation stupa, Kushinagar.jpg|right|thumb|300px|'''रामभर स्तूप''' जहाँ महात्मा बुद्ध का दाह-संकार हुआ था।]] '''कुशीनगर जिला''' भारतीय राज्य [[उत्तर प्रदेश]] के गोरखपुर मंडल के अन्तर्गत एक [[ज़िला|जिला]] है। इस जनपद का मुख्यालय [[कुशीनगर]] से कोई १५ किमी दूर [[पडरौना]] में स्थित है। कुशीनगर जिला पहले [[देवरिया]] जिले का भाग था। कुशीनगर जिले के पूर्व में [[बिहार]] राज्य, दक्षिण-पश्चिम में [[देवरिया जिला]], पश्चिम में [[गोरखपुर जिला]], उत्तर-पश्चिम में [[महराजगंज जिला]] स्थित हैं। कुशीनगर जिला का मुख्यालय [[पडरौना]] कस्बे के पास ही स्थित रवीन्द्र नगर धूस है। इस जिले का क्षेत्रफल 2,873.5 वर्ग कि॰मी है। जनसंख्या 3,560,830 (2011), साक्षरता दर 67.66 प्रतिशत और लिंगानुपात 955 है। इस जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र ([[कुशीनगर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र]]) है और सात विधानसभा क्षेत्र- [[फाजिलनगर]], [[खड्डा]], [[रामकोला]], [[हाटा]], [[कसया]], [[पडरौना]], [[तमकुही राज]] हैं। जिले में 6 तहसीलें हैं - पडरौना, कुशीनगर, हाटा, तमकुहीराज , खड्डा, कप्तानगंज और 14 विकासखण्ड (block) हैं - पडरौना, बिशुनपुरा, कुशीनगर, हाटा, मोतीचक, सेवरही, नेबुआ नौरंगिया, खड्डा, दुदही, फाजिल नगर, सुकरौली, कप्तानगंज, रामकोला और तमकुहीराज। जिले में ग्रामों की संख्या 1447 हैं। कुशीनगर के हाटा तहसील में एक सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज है जो कि मुजहना ग्राम में पड़ता है। इस जिले में तीन नगरपालिका क्रमशः पडरौना, हाटा एवम् कुशीनगर तथा दस नगर पंचायत हैं जिनमें सुकरौली, मथौली, कप्तानगंज, रामकोला, खड्डा, छितौनी, दुदही, फाजिलनगर, तमकुही व सेवरही हैं। नगरपालिका हाटा के [[ढाढ़ा]] (राजमार्ग के निकट) में एक राजकीय महाविद्यालय तथा एक उन्नत तकनीकी से स्थापित आधुनिक गन्ना मिल भी है। कुशीनगर जिले में गन्ने की खेती बहुतायत होती है। हाटा के दक्षिण में दो किलोमीटर दूरी पर प्रसिद्ध करमहां मठ है जो कि सिद्ध स्थान है। यहाँ पुरा काल में सिद्ध संत रहते थे। आज भी मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पञ्चमी तिथि को सीता स्वयंवर और श्रीराम विवाह की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा जनसहयोग से की जाती है। दूर दूर से लोग यहाँ आते हैं। यहाँ के प्राचीन धार्मिक स्थलों में [[कुबेर स्थान]] के निकट खन्हवार देवी स्थान, कसया के निकट मैनपुर देवी एवम् कसया से दक्षिण पूर्व में कुलकुला देवी का सिद्ध स्थान स्थापित है। ==धार्मिक व ऐतिहासिक परिचय == [[हिमालय]] की [[तराई क्षेत्र|तराई]] वाले क्षेत्र में स्थित कुशीनगर का इतिहास अत्यन्त ही प्राचीन व गौरवशाली है। वर्ष 1876 ई0 में अंग्रेज पुरातत्वविद [[अलेक्ज़ैंडर कन्निघम|ए कनिंघम]] ने यहाँ पुरातात्विक खुदाई करायी थी और उसके बाद सी एल कार्लाइल ने भी खुदाई करायी जिसमें यहाँ का मुख्य स्तूप ([[रामाभार स्तूप]]) और 6.10 मीटर लम्बी भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा मिली थी। इन खोजों के परिणामस्वरूप कुशीनगर का गौरव पुनर्स्थापित हुआ। जे पीएच वोगेल ( J. Ph. Vogel) के देखरेख में पुनः 1904-5, 1905-6 एवं 1906-7 में खुदाई हुई जिससे बुद्ध धर्म से सम्बन्धित अनेकों वस्तुएँ प्राप्त हुईं। [[वाल्मीकि रामायण]] के अनुसार यह स्थान [[त्रेतायुग|त्रेता युग]] में भी आबाद था और यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान [[राम]] के पुत्र [[कुश]] की [[राजधानी]] थी जिसके चलते इसे 'कुशावती' के नाम से जाना गया। [[पालि भाषा का साहित्य|पालि साहित्य]] के ग्रन्थ [[त्रिपिटक]] के अनुसार बौद्ध काल में यह स्थान [[महाजनपद|षोड्श महाजनपदों]] में से एक था और [[मल्ल महाजनपद|मल्ल राजाओं]] की राजधानी। तब इसे 'कुशीनारा' के नाम से जाना जाता था। ईसापूर्व छठी शताब्दी के अन्त या ईसापूर्व पांचवी शताब्दी के आरम्भ में यहां भगवान बुद्ध का आगमन हुआ था। कुशीनगर में ही उन्होंने अपना अन्तिम [[उपदेश]] देने के बाद [[महापरिनिर्वाण]] को प्राप्त किया था। कुशीनगर से 16 किलोमीटर दक्षिण- पूर्व में मल्लों का एक और गणराज्य [[पावापुरी|पावा]] था। यहाँ [[बौद्ध धर्म]] के समानान्तर ही [[जैन धर्म]] का प्रभाव था। माना जाता है कि जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर [[महावीर|महावीर स्वामी]] (जो बुद्ध के समकालीन थे) ने पावानगर (वर्तमान में [[फाजिलनगर|फाजिलनगर]]) में ही परिनिर्वाण प्राप्त किया था। इन दो धर्मों के अलावा प्राचीन काल से ही यह स्थल सनातन हिन्दू धर्मावलंम्बियों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। [[गुप्त राजवंश|गुप्तकाल]] के तमाम भग्नावशेष आज भी जिले में बिखरे पड़े हैं। इनमें लगभग डेढ़ दर्जन प्राचीन टीले हैं जिसे पुरातात्विक महत्व का मानते हुए पुरातत्व विभाग ने संरक्षित घोषित कर रखा है। उत्तर भारत का एकमात्र [[सूर्य मंदिर]] भी इसी जिले के [[तुर्कपट्टी]] में स्थित है। भगवान सूर्य की प्रतिमा यहां खुदाई के दौरान ही मिली थी जो [[गुप्त राजवंश|गुप्तकालीन]] मानी जाती है। इसके अलावा भी जनपद के विभिन्न भागों में अक्सर ही जमीन के नीचे से पुरातन निर्माण व अन्य अवशेष मिलते ही रहते हैं। कुशीनगर जनपद का जिला मुख्यालय [[पडरौना]] है जिसके नामकरण के सम्बन्ध में यह कहा जाता है कि भगवान राम [[विवाह]] के उपरान्त पत्नी [[सीता]] व अन्य सगे-संबंधियों के साथ इसी रास्ते [[जनकपुर]] से [[अयोध्या]] लौटे थे। उनके पैरों से रमित धरती पहले 'पदरामा' और बाद में पडरौना के नाम से जानी गई। जनकपुर से अयोध्या लौटने के लिए भगवान राम और उनके साथियों ने पडरौना से 10 किलोमीटर पूरब से होकर बह रही [[बांसी नदी]] को पार किया था। आज भी बांसी नदी के इस स्थान को 'रामघाट' के नाम से जाना जाता है। हर वर्ष यहां भव्य मेला लगता है जहाँ [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] के लाखों श्रद्धालु आते हैं। बांसी नदी के इस घाट को स्थानीय लोग इतना महत्व देते हैं कि 'सौ [[काशी]] न एक बांसी' की कहावत ही बन गई है। मुगल काल में भी यह जनपद अपनी खास पहचान रखता था। ==तहसीलें == कुशीनगर जिले में 6 तहसीलें हैं - * [[पडरौना]], * [[कुशीनगर]], * [[हाटा, कुशीनगर|हाटा]], * [[तमकुही रोड|तमकुहीराज]] , * [[खड्डा]], * [[कप्तानगंज (भारत)|कप्तानगंज]] ==विकासखण्ड== कुशीनगर जिले में १४ विकासखण्ड (block) हैं - [[पडरौना]], बिशुनपुरा, [[कुशीनगर]], [[हाटा, कुशीनगर|हाटा]], [[मोतीचक]], [[तमकुही रोड|सेवरही]], [[नेबुआ नौरंगिया]], [[खड्डा]], [[दुदही]], [[फाजिल नगर]], [[सुकरौली]], [[कप्तानगंज (भारत)|कप्तानगंज]], [[रामकोला]] और [[तमकुही रोड|तमकुहीराज]]। ==विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र== * फाजिलनगर, * खड्डा, * रामकोला, * हाटा, * कसया, * पडरौना, * तमकुही राज ==प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थल== [[चित्र:Kusinara.jpg|right|thumb|350px|कुशीनगर का '''परिनिर्वाण मंदिर''']] ===कुशीनगर=== {{मुख्य|कुशीनगर}} कुशीनगर में [[महात्मा बुद्ध]] का परिनिर्वाण हुअ था। तत्कालीन मल्ल महाजनपद एवं कुशीनगर के बघोचिया/ बौद्धोचिया राजवंश के शासक ने तथागत बुद्ध का अंतिम संस्कार किया था। बघोचिया राजवंश के द्वारा कुशीनगर में आठ स्तूपों का निर्माण करवाया गया था। तथागत बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद बघोचिया राजवंश में पैदा हुए राजकुमार का नाम " निर्वाण सेन" रखा गया था जो मल्ल महाजनपद के अगले शासक बने थे। मल्ल महाजनपद के शासक राजा निर्वाण सेन के पुत्र राजा जगत सेन को मगध के शासक ने " सिम्हा" उपाधि से सम्मानित किया था। राजा जगत सिम्हा को मगध के शासक ने अपना सेनापति नियुक्त किया था। यहां पर मुख्य रूप से महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप तथा माथाकुँवर मंदिर है। आज कुशीनगर में म्यांमार बुद्ध विहार,थाईलैंड बुद्ध विहार,कोरिया बुद्ध विहार,चीनी बुद्ध विहार,जापानी बुद्ध विहार,श्री लंका बुद्ध विहार, कम्बोडिया बुद्ध विहार, एकयुप्रेशर परिषद्, प्रबुद्ध सोसाइटी, भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार एवं भिक्षु संघ सेवारत है तथा प्रत्येक बर्ष बुद्ध पूर्णिमा धूमधाम से कुशीनगर में मनाया जाता है जिसमे देश विदेश के लाखों श्रद्धालु आते हैं । कुशीनगर में प्रत्येक वर्ष 10 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन , मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन कुशीनगर भिक्षु संघ,एकयुप़ेशर काउंसिल एवं प्रबुद्ध सोसाइटी द्वारा किया जाता है. === तुर्पट्टी का सूर्य मंदिर=== [[तुर्कपट्टी|तुर्पट्टी]] से लगभग 800 मीटर दक्षिण की ओर एक [[सूर्य]] [[मंदिर]] है। कुशीनगर का '[[कोणार्क]]' कहे जाने वाले इस स्थान पर मिले [[सूर्य]] प्रतिमा की कथा सुदामा शर्मा से जुड़ी है। परिवार के लोगों के आकस्मिक निधन से परेशान श्री शर्मा ने रात में सपना देखा। स्वप्न में देखे गए स्थान की खुदाई में नीलमणि पत्थर की दो खंडित प्रतिमाएं मिली। अध्ययन के बाद इतिहासकारों ने बताया कि इनमें मिली मूर्तियां [[गुप्त राजवंश|गुप्तकालीन]] हैं। एक प्रतिमा सूर्यदेव की है। 24 अप्रैल 1998 को इस प्रतिमा की चोरी हो गई थी, लेकिन पुलिस के प्रयास से प्रतिमा को बरामद कर लिया गया। अब यहां मंदिर बन चुका है। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहता है। इस मूर्ति की विशेषता है कि सूर्य के उगने के साथ ही मूर्ति की चमक बढ़ती है और दोपहर बाद मूर्ति की चमक मंद पड़ने लगती है। ===अन्य=== कुशीनगर के [[पनियहवा]] में [[गण्डकी नदी|गंडक नदी]] पर बना पुल देखने में काफी रोचक लगता है। [[पडरौना]] का बहुत पुराना राज दरबार भी पर्यटकों का दिल लुभाता है। कुशीनगर का सबसे बड़ा गांव जंगल खिरकिया में भव्य मंदिर है जहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। ग्राम जंगल अमवा के समीप मुसहर टोली में बना पंचवटी पार्क भी देखने योग्य हैं। इस जिले में शिक्षा का स्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। बहुत सारे कालेज व शैक्षिण संस्थान हैं। जिनमें बुद्ध डिग्री कॉलेज, उदित नारायण डिग्री कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज खड्डा में श्री गाँधी स्मारक इंटरमीडिएट कॉलेज,श्री राजरूप मेमोरियल महाविद्यालय आई टी आई मुजहना प्रमुख हैं। इस जिले में [[पडरौना]], [[कप्तानगंज जं]], [[बोदरवार]], [[लक्ष्मीगंज]], [[रामकोला]], [[कठकुईयां]], [[खड्डा]], [[दुदही]], [[तमकुही रोड]], [[पनियहवा]] समेत कई छोटे बड़े रेलवे स्टेशन हैं। वर्तमान में कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम प्रगति पर हैतथागत बुद्ध के समय में राजा लक्ष्मण सेन समस्त मल्ल महाजनपद के शासक थे जो बघोचिया / बौद्धोचिया राजवंश के अंतर्गत आते थे। राजा लक्ष्मण सेन के पूर्वज एवं तत्कालीन मल्ल महाजनपद के शासक "राजा वीरसेन " ने छठी शताब्दी ईसा पूर्व में "बघोचिया राजवंश" की स्थापना किया था। कुशीनगर में कुकुत्था ( घाघी) नदी के किनारे ऐतिहासिक मल्लूडीह पर मल्ल महाजनपद के शासक राजा वीरसेन की समाधि/ स्तूप मौजूद हैं। पिछले सैकड़ों वर्षों से स्थानीय लोगों के द्वारा राजा वीरसेन को बघउच बाबा/ बौद्धउच बाबा के नाम से पूजा जाता रहा है। मल्ल महाजनपद के शासक "राजा लक्ष्मण" ने तथागत बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद पैदा हुए अपने पुत्र का नाम "निर्वाण सेन" रखा था जो मल्ल महाजनपद के अगले शासक बने थे। मल्ल महाजनपद के अंतर्गत वर्तमान बिहार के छपरा, सिवान एवं गोपालगंज जिले एवं उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, देवरिया एवं गोरखपुर जिले आते थे जिन्हें संयुक्त रूप से एक विशेष संस्कृति के अंतर्गत एकीकृत किया गया था। मुगल शासनकाल में मल्ल महाजनपद के अंतर्गत आनेवाले क्षेत्र दो भागों में बट गए। बिहार के छपरा, सिवान एवं गोपालगंज जिले बंगाल के नवाब के नियंत्रण में थे जबकि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, देवरिया एवं गोरखपुर जिले अवध के नवाब के अधीन आते थे। हालांकि इस बंटवारे के बाद भी इन क्षेत्रों की संस्कृति सदैव एकसमान बनी र ==कृषि== कुशीनगर मुख्यतः कृषि-प्रधान जनपद है। [[गन्ना]], [[गेहूँ]], [[धान]] यहाँ की प्रमुख फसलें हैं। इसके अलावा [[मक्का]], [[बजड़ी|बाजरा]], [[मूँग|मूंग]], [[उड़द दाल|उड़द]], [[अरहर दाल|अरहर]] एवं सब्जियों की खेती भी की जाती है। ===चीनी मिलें=== कुशीनगर जिला [[गन्ना]] एवं चीनी उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां [[गन्ना|गन्ने]] की सर्वाधिक खेती की जाती है। अतः यहां [[चीनी मिल|चीनी मिलों]] की अधिकता है। इस जिले में निम्न स्थानों पर मिलें स्थापित की गयी है- :[[तमकुही रोड|सेवरही]], [[पडरौना]], [[खड्डा]], [[कप्तानगंज (भारत)|कप्तानगंज]], [[रामकोला]] (02), [[लक्ष्मीगंज]], [[कटकुंइयाँ]], [[छितौनी]], [[ढाढ़ा]] ==जनसांख्यिकी== {{bar box |title=कुशीनगर जिले की धार्मिक जनसांख्यिकी |titlebar=#Fcd116 |left1=धर्म |right1=प्रतिशत |float=right |bars= {{bar percent|[[हिन्दू]]|orange|82.16}} {{bar percent|[[मुसलमान]]|green|17.40}} }} सन २०११ की भारत की जनगणना के अनुसार कुशीनगर जिले की कुल जनसंख्या 3,560,830 है,<ref name=districtcensus>{{cite web | url = http://www.census2011.co.in/district.php | title = District Census 2011 | accessdate = 2011-09-30 | year = 2011 | publisher = Census2011.co.in | archive-url = https://web.archive.org/web/20110611224943/http://www.census2011.co.in/district.php | archive-date = 11 जून 2011 | url-status = live }}</ref> जो [[लिथुआनिया]] की जनसंख्या के लगभग बराबर है।<ref name="cia">{{cite web | author = US Directorate of Intelligence | title = Country Comparison:Population | url = https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/rankorder/2119rank.html | accessdate = 2011-10-01 | quote = Lithuania 3,535,547 July 2011 est. | archive-url = https://web.archive.org/web/20110927165947/https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/rankorder/2119rank.html | archive-date = 27 सितंबर 2011 | url-status = live }}</ref> इस प्रकार कुशीनगर जिला भारत के ६४० जिलों में ८१वाँ सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला है।<ref name=districtcensus/> इस जिले का जनसंख्या घनत्व १२२६ व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।<ref name=districtcensus/> २००१ से २०११ के बीच इस जिले की जनसंख्या की वृद्धि दर 23.08% रही।<ref name=districtcensus/> [[लिंगानुपात]] की दृष्टि से इस जिले में १००० पुरुषों पर ९५५ स्त्रियाँ हैं।<ref name=districtcensus/> साक्षरता दर 67.66% है।<ref name=districtcensus/> कुशीनगर जिले में [[हिन्दू]], [[मुसलमान]] व [[बौद्ध धर्म]] के अधिकतर लोग निवास करते है। हिन्दू समुदाय के [[सैंथवार|मल्ल-सैंथवार]], अहिर, कोइरी, कुर्मी,[[बाभन]]/[[भूमिहार]], [[ब्राह्मण]] राजपूत, कायस्थ, चमार, डोम, दुसाद, मुसहर, पासी, बीन, मल्लाह, भर, बारी, कुम्हार, भेड़िहार, हजाम, आदि जातियाँ निवास करती हैं और मुस्लिम समुदाय की शेख, पठान, अंसारी (जुलाहा), देवान, कुरैशी, चुड़ीहार, मिसकार, गद्दी, राकी इत्यादि । === लोकरंग === लोकरंग सांस्कृतिक समिति´ विगत तीन वषों से लोक संस्कृतियों के अन्वेषण, संवर्धन और संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है। किसी भी समाज की लोक संस्कृति, कला और संगीत का उसके मानवीय संवेदनाओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान होता है। हम असीम लिप्सा, धूर्तता, पाखण्ड से आवृत परिवेश में जी रहे हैं, जहां ठहर कर लोकसंस्कृतियों की हिफाजत के लिए वक्त नहीं है। ऐसे में हमारी लोक संस्कृतियां समाप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। इन्हीं चिन्ताओं को केंन्द्र में रखकर `लोकरंग सांस्कृतिक समिति´ ने ग्राम-जोगिया जनूबी पट्टी, फाजिलनगर, कुशीनगर के ग्रामीण इलाके में हस्तक्षेप किया है। `लोकरंग 2008´ के माध्यम से हमने प्रयास किया था कि पूर्वांचल के, देवीगीत, हुड़का, पखावज, फरी नृत्य, विविध लोकगीतों और नुक्कड़ नाटकों को एक मंच पर लाया जाए और इस दिशा में हम सफल भी हुए थे। `लोकरंग 2009´ में हमने चइता, बिरहा, जोगीरा, कहरवा, कबीर, कजरी और निर्गुन गायकी, एकतारा वादन, जांघिया, धोबियाऊ और फरी नृत्य, विविध लोकगीतों और नाटकों को मंच प्रदान किया। दोनों ही वर्ष हमने विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जिनमें देश के महत्वपूर्ण साहित्यकार और लोक कलाकार सम्मिलित हुए। 'लोकरंग-2010' में [[पंवरिया]], [[पखावज]], [[हुड़का]] और अहिरऊ नृत्य, छत्तीसगढ़ी लोकगीत, बुन्देलखण्डी अचरी, बृजवासी, ईसुरी फाग एवं आल्हा गायकी को स्थान दिया गया है। भोजपुरी गीतों को मंच प्रदान करने के लिए तमाम लोक गायकों को आमन्त्रित किया गया है। हमारा प्रयास होगा कि `लोकरंग 2010´ लोकसंगीत /संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। ==इन्हें भी देखें== * [[कुशीनगर]] (कस्बा) * [[पडरौना]] - जहाँ कुशीनगर जिले का मुख्यालय स्थित है। * [[कप्तानगंज]] (कस्बा) * [[गौतम बुद्ध|महात्मा बुद्ध]] ==बाहरी कड़ियाँ== *[https://web.archive.org/web/20190810051528/https://kushinagar.nic.in/ कुशीनगर जिला] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के जिले]] [[श्रेणी:कुशीनगर ज़िला|*]] b6529y0sep1r349aaycqxsa0lcvozr5 मिर्ज़ापुर जिला 0 7492 6541641 6541525 2026-04-17T16:37:53Z ~2026-23325-55 920457 6541641 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक प्रांत |province_name = विंध्याचल जिला<br /><small>Vindhyachal district</small> |loc_map = India Uttar Pradesh districts 2012 Mirzapur.svg |division = [[विंध्याचल|विंध्याचल]] |capital = [[विंध्याचल|विंध्याचल]] |area = 4,521 |pop = 24,94,533 |pop_year = 2011 |pop_density = 550 |sub_province_title = तहसील |sub_provinces = 4 |languages= [[हिन्दी]] }} '''[[विंध्याचल|विंध्याचल]] जिला''' [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य का एक जिला है। जिले का मुख्यालय [[मिर्ज़ापुर]] [[विंध्याचल|विंध्याचल]] है। जिले में चार तहसीलें हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC|title=Uttar Pradesh in Statistics|date=1987|publisher=APH Publishing|isbn=978-81-7024-071-6|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|title=Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance|last=Pai|first=Sudha|date=2007|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-0797-5|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|archive-date=2017-04-23}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[मिर्ज़ापुर]] * [[विंध्याचल|विंध्याचल]] * [[विंध्याचल मंडल]] * [[उत्तर प्रदेश]] * [[उत्तर प्रदेश के ज़िले|उत्तर प्रदेश के जिले]] qfr8eg93idzhixr2jozf1h4a8frx8mn 6541642 6541641 2026-04-17T16:38:09Z ~2026-23325-55 920457 6541642 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक प्रांत |province_name = विंध्याचल जिला<br /><small>Vindhyachal district</small> |loc_map = India Uttar Pradesh districts 2012 Mirzapur.svg |division = [[विंध्याचल|विंध्याचल]] |capital = [[विंध्याचल|विंध्याचल]] |area = 4,521 |pop = 24,94,533 |pop_year = 2011 |pop_density = 550 |sub_province_title = तहसील |sub_provinces = 4 |languages= [[हिन्दी]] }} '''[[विंध्याचल|विंध्याचल]] जिला''' [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य का एक जिला है। जिले का मुख्यालय [[मिर्ज़ापुर]] [[विंध्याचल|विंध्याचल]] है। जिले में चार तहसीलें हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC|title=Uttar Pradesh in Statistics|date=1987|publisher=APH Publishing|isbn=978-81-7024-071-6|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|title=Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance|last=Pai|first=Sudha|date=2007|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-0797-5|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|archive-date=2017-04-23}}</ref> lzexyhex6ub8z0kxnvhmpd77ywaetnm 6541643 6541642 2026-04-17T16:39:23Z ~2026-23325-55 920457 [[विंध्याचल जिला]] को अनुप्रेषित 6541643 wikitext text/x-wiki #अनुप्रेषित [[विंध्याचल जिला]] 0riu6cgiko437lbutrdu9zhjqz3lscp 6541690 6541643 2026-04-18T00:52:45Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/DreamRimmer|DreamRimmer]] ([[सदस्य वार्ता:DreamRimmer|वार्ता]]) के अवतरण 6541525 पर पुनर्स्थापित : अनुप्रेषण हटाया 6541690 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक प्रांत |province_name = विंध्याचल जिला<br /><small>Vindhyachal district</small> |loc_map = India Uttar Pradesh districts 2012 Mirzapur.svg |division = [[विंध्याचल|विंध्याचल]] |capital = [[विंध्याचल|विंध्याचल]] |area = 4,521 |pop = 24,94,533 |pop_year = 2011 |pop_density = 550 |sub_province_title = तहसील |sub_provinces = 4 |languages= [[हिन्दी]] }} '''[[विंध्याचल|विंध्याचल]] जिला''' [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य का एक जिला है। जिले का मुख्यालय [[मिर्ज़ापुर]] [[विंध्याचल|विंध्याचल]] है। जिले में चार तहसीलें हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC|title=Uttar Pradesh in Statistics|date=1987|publisher=APH Publishing|isbn=978-81-7024-071-6|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|title=Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance|last=Pai|first=Sudha|date=2007|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-0797-5|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|archive-date=2017-04-23}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[मिर्ज़ापुर]] * [[विंध्याचल|विंध्याचल]] * [[विंध्याचल मंडल]] * [[उत्तर प्रदेश]] * [[उत्तर प्रदेश के ज़िले|उत्तर प्रदेश के जिले]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} {{उत्तर प्रदेश के मंडल और जिले}} {{मिर्जापुर जिला}} [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के जिले]] [[श्रेणी:मिर्ज़ापुर ज़िला|*]] 89w04xlwxkih0xyajmny9y7255e1cz9 वंश 0 9374 6541811 6030401 2026-04-18T10:09:28Z ~2026-23765-55 920919 /* भारत */ 6541811 wikitext text/x-wiki {{अनुवाद}} [[चित्र:Tutmask.jpg|200px|thumb|right|[[Tutankhamun]] was a member of the [[Eighteenth dynasty of Egypt]].]] किसी एक ही परिवार से एक के बाद एक जन्म लेने वाले व्यक्तियों को '''वंश''' कहते हैं।<ref>[https://www.rekhtadictionary.com/meaning-of-vansh?lang=hi वंश], rekhtadictionary </ref> == अफ्रीका के वंश == ==== चाड ==== * [[Duguwa dynasty]] (c. 700 – c. 1075) * [[Sayfawa dynasty]] (c. 1075 – 1846) ==== मिस्र ==== * [[First dynasty of Egypt|1st dynasty]] (c. 3050 – 2890 BC) * [[Second dynasty of Egypt|2nd dynasty]] (2890 – 2686 BC) * [[Third dynasty of Egypt|3rd dynasty]] (2686 – 2613 BC) * [[Fourth dynasty of Egypt|4th dynasty]] (2613 – 2498 BC) * [[Fifth dynasty of Egypt|5th dynasty]] (2498 – 2345 BC) * [[sixth dynasty of Egypt|6th dynasty]] (2345 – 2181 BC) * [[Seventh and eighth dynasties of Egypt|7th and 8th dynasties]] (2181 - 2160 BC) * [[ninth dynasty of Egypt|9th dynasty]] (2160 – 2130 BC) * [[tenth dynasty of Egypt|10th dynasty]] (2130 – 2040 BC) * [[eleventh dynasty of Egypt|11th dynasty]] (2134 – 1991 BC) * [[Twelfth dynasty of Egypt|12th dynasty]] (1991 – 1803 BC) * [[thirteenth dynasty of Egypt|13th dynasty]] (1803 – 1649 BC) * [[fourteenth dynasty of Egypt|14th dynasty]] (1705 – 1690 BC) * [[fifteenth dynasty of Egypt|15th dynasty]] (1674 – 1535 BC) * [[sixteenth dynasty of Egypt|16th dynasty]] (1660 – 1600 BC) * [[seventeenth dynasty of Egypt|17th dynasty]] (1650 – 1549 BC) * [[eighteenth dynasty of Egypt|18th dynasty]] (1549 – 1292 BC) * [[nineteenth dynasty of Egypt|19th dynasty]] (1292 – 1186 BC) * [[Twentieth dynasty of Egypt|20th dynasty]] (1186 – 1069 BC) * [[Twenty-first dynasty of Egypt|21st dynasty]] (1069 – 945 BC) * [[Twenty-second dynasty of Egypt|22nd dynasty]] (945 – 720 BC) * [[Twenty-third dynasty of Egypt|23rd dynasty]] (837 – 728 BC) * [[Twenty-fourth dynasty of Egypt|24th dynasty]] (732 – 720 BC) * [[Twenty-fifth dynasty of Egypt|25th dynasty]] (732 – 653 BC) * [[Twenty-sixth dynasty of Egypt|26th dynasty]] (672 – 525 BC) * [[Achaemenid Empire|Achaemenid dynasty]] (525 – 404 BC) * [[Twenty-eighth dynasty of Egypt|28th dynasty]] (404 – 398 BC) * [[Twenty-ninth dynasty of Egypt|29th dynasty]] (398 – 380 BC) * [[Thirtieth dynasty of Egypt|30th dynasty]] (380 – 343 BC) * [[Achaemenid Empire|Achaemenid dynasty]] (343 – 332 BC) * [[Argead dynasty]] (332 – 309 BC) * [[Ptolemaic Dynasty]] (305 – 30 BC) * [[Julio-Claudian dynasty|Julio-Claudian Dynasty]] (27 BC – [[AD 68]]) * [[Flavian dynasty|Flavian Dynasty]] (69 – 96) * [[Nervan-Antonian dynasty|Nervan-Antonian Dynasty]] (96 – 192) * [[Severan Dynasty]] (193 – 235) * [[Constantinian dynasty]] (303 – 336) * [[Valentinian Dynasty]] (364 – 457) ** [[House of Theodosius]] from 379 * [[House of Leo|Leonid dynasty]] (457 – 518) * [[Justinian Dynasty]] (518 – 602) * [[Sassanian dynasty]] * [[Heraclian Dynasty]] (602 – 695 and 705 – 711) * [[Rashidun Caliphate]] * [[Umayyad Caliphate]] * [[Abbasid Caliphate]] * [[Mamelukes]] * [[Ottoman Sultanate]] * [[Muhammad Ali Dynasty]] (1805 – 1953) ==== इथियोपिया ==== * [[Aksumite Empire]] * [[Zagwe dynasty]] (c. 900 – 1270) * [[Solomonic dynasty]] (1270 – 1974) * [[Mudaito Dynasty]] (1734 –वर्तमान) ==== गीनिया (Guinea) ==== * [[Keita dynasty]] (c. 1200 – 1670) ==== मोरक्को ==== * [[Idrisid dynasty]] (789 – 974) * [[Maghrawa dynasty]] (987 – 1070) * [[Almoravid dynasty]] (1073 – 1147) * [[Almohad dynasty]] (1147 – 1269) * [[Marinid dynasty]] (1258 – 1420) * [[Wattasid dynasty]] (1420 – 1554) * [[Saadi dynasty]] (1554 – 1659) * [[Alaouite dynasty]] (1666 onwards) ==== नाइजेरा ==== * [[Eri (Divine King)|Eri dynasty of the Igbo and Igala peoples]] * [[Kingdom of Benin|Eweka dynasty of Benin]] (a cadet branch of the Ooduan dynasty) * [[Usman dan Fodio|Ibn Fodio dynasty of Sokoto and Gwandu]] * [[Jaja of Opobo|Jaja dynasty of Opobu]] * [[Modibo Adama|Modibo Adama dynasty of Adamawa]] * [[Muhammad al-Amin al-Kanemi|el-Kanemi dynasty of Bornu]] * [[Oduduwa|Ooduan dynasty of Ife, Egba, Ketu, Sabe, Oyo, Ijero and the Ilas]] * [[Akure Kingdom|Asodeboyede dynasty of Akure]] (a cadet branch of the Ooduan dynasty) * [[Erelu Kuti|Ologun Kutere dynasty of Lagos]] (a cadet branch of the Ooduan dynasty) * [[Sayfawa dynasty|Sayfawa dynasty of Bornu]] ==== सोमालिया ==== * [[Ajuuraan State|Gareen Dynasty]] * [[Walashma dynasty|Walashma Dynasty]] * [[Gobroon Dynasty]] * [[Sultanate of Mohamoud Ali Shire|Gerad Dynasty]] * [[Sultanate of Hobyo|Hobyo Dynasty]] ==== दक्षिण अफ्रीकाS ==== * [[Zulu Royal Family]] * [[Rain Queen|Rain Queen dynasty]] * [[Thembu|Transkeian dynasty of the Thembus]] (which counts [[Nelson Mandela]] as a non-regnal member) == एशिया के वंश == ==== अफगानिस्तान ==== * [[दुर्रानी साम्राज्य]] (1747 – 1823 and 1839 – 1842) * [[Barakzai Dynasty]] (1818 – 1839, 1842 – 1929 and 1929 – 1973) * [[Habibullah Ghazi|Usurper King]] (January 17, 1929 - October 13, 1929) ==== भूटान ==== * [[House of Wangchuck]] (1907–वर्तमान) ==== भारत ==== * गोस्वामी 100- 1168 CE) * [[गुर्जर]] (300 - 1236 CE) * [[नायर]] (18th century AD) * [[नंद वंश]] (424 – 321 BCE) * [[मौर्य राजवंश|मौर्य वंश]] (321 – 184 BCE) * [[शुंग राजवंश|शुंग वंश]] (185 – 73 BCE) * [[जाडेजा ]] * [[कण्व वंश]] (75 – 26 BCE) * [[सातवाहन|सातवाहन वंश]] (230 BCE – 220 CE) * [[चेर राजवंश]] (300 BCE – 1200 CE) * [[चोल राजवंश|चोल वंश]] (278 BCE – 1279 CE) * [[पाण्ड्य राजवंश]] (300 BCE – 1345 CE) * [[पल्लव राजवंश|पल्लव वंश]] (250 BCE – 800 CE) * [[कुषाण राजवंश|कुषाण वंश]] (60 – 240 CE) * [[वाकाटक ]] (250 – 500 CE) * [[गुप्त राजवंश|गुप्त वंश]] (280 – 550 CE) * [[पश्चिम गंग वंश]] (350 – 1000 CE) * [[हिन्दू शाही]] (6th to 12th CE) * [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य वंश]] (6th to 12th CE) * [[चौहान वंश]] (600 -1194 EC) * [[गुर्जर-प्रतिहार राजवंश]] (650 – 1236 CE) * [[पाल वंश]] (750 – 1174 CE) * [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट वंश]] (753 – 982 CE) * [[तिब्बती साम्राज्य]] (7th to the 11th CE) * [[परमार वंश|परमार राजवंश]] (800 – 1327 CE) * [[यादव ]] (850 – 1334 CE) * [[सोलंकी वंश]] (942 – 1244 CE) * [[होयसल राजवंश]] (1040 – 1346 CE) * [[सेन राजवंश|सेन वंश]] (1070 – 1230 CE) * [[पूर्वी गंगवंश]] (1078 – 1434 CE) * [[काकतीय वंश]] (1083 – 1323 CE) * [[रेड्डी राजवंश]] (1323 – 1448 CE) * [[आहोम साम्राज्य]] (1228 – 1826 CE) * [[दिल्ली सल्तनत]] (1206 – 1526 CE) * [[विजयनगर साम्राज्य]] (1336 – 1646 CE) * [[मुग़ल साम्राज्य|मुगल वंश]] (1526 – 1803 CE) * [[मराठा साम्राज्य]] (1674 – 1818 CE) * [[धार रियासत]] (1730–1947 CE) * [[तोमर वंश]] * [[सिसोदिया (राजपूत)]] * [[त्रवनकोर]] * [[नागवंशी]] गोत्र कश्यप ==== चीन ==== * [[Three Sovereigns and Five Emperors#The Five Emperors|Five Emperors]] (2852 – 2205 BC) * [[Xia Dynasty]] (2100 – 1600 BC) * [[Shang Dynasty]] (1600 – 1046 BC) * [[Zhou Dynasty]] (1046 – 256 BC) * [[Warring States Period]] (475 – 221 BC) (Several of the Dynasties in the Warring States were descended from the Zhou royal family)<ref name="ReferenceA">''The Times Atlas of World History'' (third edition), ISBN, 0-7230-0304-1</ref> ** [[State of Song]] (part of warring states) The rulers of the state of Song were descendants of the Shang royal family.<ref name="ReferenceA"/> ** [[State of Yue]] (part of warring states) The kings of Yueh claimed descent from the royal family of the Xia dynasty.<ref>{{Cite web |url=http://www.cultural-china.com/chinaWH/html/en/History1766bye3553.html |title=The State of Yue |access-date=2 नवंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081216125714/http://www.cultural-china.com/chinaWH/html/en/History1766bye3553.html |archive-date=16 दिसंबर 2008 |url-status=dead }}</ref> ** [[State of Wu]] Same royal family as Zhou dynasty ** [[Jin (Chinese state)|State of Jin]] Same royal family as Zhou dynasty ** [[State of Ba]] (barbarian state, non sinicized) * [[Qin Dynasty]] (221 – 206 BC) (The royal family of Qin ruled the [[State of Qin]] during warring states) (They also claimed descent from one of the Five emperors, [[Zhuanxu]]) * [[Han Dynasty]] (206 BC – 220) ** [[Minyue]] - same royal family as state of yueh- they fled when conquered by Chu and established Minyue, Min yue coexisted with the Warring states period, Qin, and Han dynasty until han conquered it. ** [[Nanyue]] (South Yue) - Proto-[[Cantonese]] state founded by Qin general [[Zhao Tuo]]. (It is also Vietnam's [[Trieu Dynasty]].) ** [[Xin Dynasty]] (AD 9 – 23) Xin dynasty inturepted the han dynasty, splitting it into east and west periods * [[Three Kingdoms]] (220 – 265) (The emperor of Shu was a descandant of the Han Dynasty royal family) * [[Jin Dynasty (265–420)]] * [[Northern Wei]] (controlled northern China to the Huai river) (386 – 534) * [[Southern and Northern Dynasties]] (420 – 589) * [[Sui Dynasty]] (581 – 618) * [[Tang Dynasty]] (618 – 907) (The Tang Emperors were members of the Li family, descended from a ruler in the Southern and Northern Dynasties) ** [[Second Zhou Dynasty]] (690 – 705) Interrupted Tang dynasty * [[Liao Dynasty]] (Khitan) (907 – 1125) (controlled the 16 prefectures) * [[Five Dynasties and Ten Kingdoms Period]] (907 – 960) * [[Song Dynasty]] (960 – 1279) * [[Jin Dynasty (1115–1234)|Jin Dynasty]] (Jurchen) (controlled northern China to the Huai river) (1115–1234) * [[Yuan Dynasty]] (Mongol) (1271 – 1368) * [[Ming Dynasty]] (1368 – 1644) * [[Shun Dynasty]] (1644) * [[Qing Dynasty]] (Manchu) (1644 – 1912) ** [[Kingdom of Tungning]] (Taiwan, with Han Chinese rulers) (1662 – 1683) * [[Empire of China (1915–1916)|Empire of China (1915 – 1916)]] ==== मध्य एशिया ==== * [[Timurid Dynasty|Tamerlane Timurid]] * [[Ghaznavid Empire]] * [[Ghurid Empire]] * [[Ottoman Empire]] * [[Seljuq Khanate]] * [[Mughal Dynasty|Mughal Empire Mughulistan]] * [[Durrani Dynasty|Durrani Empire]] * [[Chagatai Khanate]] * [[Hotaki Dynasty]] * [[Suri Dynasty]] * [[Mamluk Sultanate (Dehli)|Mamluk Sultanate]] * [[Khilji Dynasty]] * [[Tughlaq Khanate]] * [[Lodhi Dynasty]] * [[Khwarazm Dynasty]] * [[Samanid Dynasty]] ==== इजराइल ==== * [[Davidic Dynasty]] * [[Hasmonean Dynasty]] * [[Achaemenid Empire|Achaemenid dynasty]] (343 – 332 BC) * [[Argead dynasty]] (332 – 309 BC) * [[Ptolemaic Dynasty]] (305 – 30 BC) * [[Herodian Dynasty]] * [[Julio-Claudian dynasty|Julio-Claudian Dynasty]] (27 BC – AD 68) * [[Flavian dynasty|Flavian Dynasty]] (69 – 96) * [[Nervan-Antonian dynasty|Nervan-Antonian Dynasty]] (96 – 192) * [[Severan Dynasty]] (193 – 235) * [[Constantinian dynasty]] (303 – 336) * [[Valentinian Dynasty]] (364 – 457) ** [[House of Theodosius]] from 379 * [[House of Leo|Leonid dynasty]] (457 – 518) * [[Justinian Dynasty]] (518 – 602) * [[Heraclian Dynasty]] (602 – 695 and 705 – 711) ==== जापान ==== * [[Yamato]] dynasty, [[Imperial house of Japan]] (660 BC–वर्तमान, with power fluctuating between absolute ruler to ceremonial figurehead to constitutional monarch) ===== Ryūkyū ===== * [[Shunten|Shunten Dynasty]] (1187 – 1259) * [[Eiso (Ryukyu)|Eiso dynasty]] (1260 – 1349) * [[Hokuzan]] (1314 – 1419) * [[Chuzan]] (1314 – 1429) * [[Nanzan]] (1314 – 1429) * [[Ryūkyū Kingdom#List of Ryūkyū Kings|First Shō Dynasty]] (1406 – 1469) * [[Ryūkyū Kingdom#List of Ryūkyū Kings|Second Shō Dynasty]] (1469 – 1879) ==== कोरिया ==== * [[Gojoseon]] (2333 – 108 BCE) * [[Proto–Three Kingdoms]] (108 – 57 BCE) * [[Three Kingdoms of Korea]] (57 BCE – 668) ** [[Silla]] (57 BCE – 935) ** [[Goguryeo]] (37 BCE – 668) ** [[Baekje]] (18 BCE – 660) ** [[Gaya Confederacy|Gaya]] (42 CE – 562) * [[North South States Period|North-South States]] (698 – 935) ** [[Unified Silla]] (668 – 935) ** [[Balhae]] (698 – 926) ** [[Later Three Kingdoms]] (892 – 936) * [[Goryeo Dynasty]] (918 – 1392) * [[Joseon Dynasty]] (1392 – 1897) * [[Korean Empire]] (1897 – 1910) ==== मालदीव ==== * [[House of Theemuge]] (1117 – 1388) * [[Hilaalee dynasty]] (1388 – 1558) * (1558 – 1573) Interregnum * [[Utheemu dynasty]] (1573 – 1692) * (1692 – 1701) Kings who do not belong to a particular dynasty. * [[Isdhoo dynasty]] (1701 – 1704) * [[Dhiyamigili dynasty]] (1704 – 1757) * [[Huraa dynasty]] (1757 – 1766) * [[Dhiyamigili dynasty]] (1766 – 1773) * [[Huraa dynasty]] (1773 – 1953) * (1953 – 1953) Republic (President Muhammad Amin Didi). * [[Huraa dynasty]] (1953 – 1968) * (1968 – 1978) Republic (President Ibrahim Nasir). * (1978 – 2008) Republic (President Maumoon Abdul Gayoom). ==== मलेशिया ==== * [[White Rajahs]] (1841 – 1946) ==== मंगोलिया ==== * [[मंगोल साम्राज्य]] (1206 – 1368) ** [[Yuan Dynasty]] (1271 – 1368) ** [[Golden Horde]] (1240s – 1502) ** [[Ilkhanate]] (1256 – 1335) ** [[Chagatai Khanate]] (1225 – 1687) * [[Northern Yuan Dynasty]] (1368 – 1634) * [[Qing Dynasty]] (1644 – 1912) ==== म्यांमार (बर्मा) ==== * [[Toungoo dynasty]] (1486 – 1752) * [[Konbaung dynasty]] (1752 – 1885) ==== फिलीपींस ==== '''Royal Families''' * Malay Dynasties ** The [[Datu]] Puti Lineage (Ruled the [[defunct]] [[Confederation of Madya-as]]) (1200s – 1565) * हिन्दू वंश ** The [[Rajah Lakandula|Lakandula Dynasty]] (Ruled the [[defunct]] Kingdom of Tondo) (1150 – 1589) ** The [[Rajah Tupas|House of Tupas]] (Ruled the [[defunct]] Rajahnate of Cebu) (up to 1565) ** The [[Kingdom of Butuan|House of Sri Bata Shaja]](Ruled the [[defunct]] [[Kingdom of Butuan|Rajahnate of Butuan]]) (989 – 1586) * मुस्लिम वंश ** The [[Sultanate of Maguindanao|Ud-Din Royal]] [[Hashemite]] Family (A dynasty which ruled the [[Sultanate of Maguindanao|Maguinadanao Sultanate]]) (1480 – 1830) ** The [[List of sultans of Sulu|Kiram Royal]] [[Hashemite]] Family (Rules the [[Sulu Sultanate]]) (1823 – Present) ==== श्री लंका ==== ===== उत्तर ===== * [[Polonnaruwa|Polonnaruwan Dynasty]] * [[Arya Chakaravarthi|Aryacakravartese Dynasty]] * [[Portuguese Ceylon|Ceilão Dynasty]] * [[Dutch Ceylon|Zeylan Dynasty]] * [[Kingdom of Kandy|Kandy Dynasty]] * [[British Ceylon|Ceylon Dynasty]] * [[Dominion of Ceylon|Dominion Dynasty]] * [[Sri Lanka|First Sinhalese Dynasty]] * [[Tamil Eelam|Eelamese Dynasty]] * [[Sri Lanka|Second Sinhalese Dynasty]] ===== दक्षिण ===== * [[Kingdom of Raigama|Raigaman Dynasty]] * [[Kingdom of Kotte|Kotte Dynasty]] * [[Kingdom of Sitawaka|Sitawakan Dynasty]] * [[Kingdom of Kandy|Kandy Dynasty]] * [[British Ceylon|Ceylon Dynasty]] * [[Dominion of Ceylon|Dominion Dynasty]] * [[Sri Lanka|Sinhalese Dynasty]] ==== Saudi Arabia ==== * [[House of Saud]] (1932–वर्तमान) ==== तिब्बत ==== * [[Tibetan Empire|Yarlung Dynasty]] (up to 842) * [[Sakya]] lama (13–14th century, but subordination to the Mongol [[Yuan Dynasty]]) * [[Phagmodrupa Dynasty]] * [[Dalai Lama]] (1492 – 1959, but subordination to Manchu [[Qing Dynasty]] between 1720 and 1912) ==== थाईलैण्ड ==== * Hari Pun Chai dynasty (663 – 1293) * Phra Roung dynasty (Sukhothai Kingdom) (1237 – 1438) * Mangrai dynasty (1261 – 1578) * Eu Thong dynasty (1350 – 1370), (1388 – 1409) * Suphanabhumi dynasty (1370 – 1350), (1409 – 1569) * Phra Roung Dynasty (Ayutthaya Kingdom) (1569 – 1629) * Prasart Thong dynasty (1629 – 1688) * Bann Plu Luang dynasty (1688 – 1767) * Tipchakratiwong dynasty (Seven princes dynasty) (Lanna Kingdom) (1732 – 1932) * Thonburi dynasty (1767 – 1782) * [[Chakri dynasty]] (1782 onwards) ==== तुर्की ==== * [[Seljuq Dynasty]] (1077 – 1307) * [[Ottoman Dynasty]] (1281 – 1923) ==== वियतनाम ==== * [[Hồng Bàng Dynasty]] (2919 – 258 BC) * [[Thục Dynasty]] (257 – 207 BC) * [[Triệu Dynasty]] (207 – 111 BC) * [[Han Dynasty]] (Chinese) (111 BC – 39 AD and 43 – 220) * [[Trưng Sisters]] (40 – 43) * [[Eastern Wu|Eastern Wu Dynasty]] (Chinese) (229 – 280) * [[Jin Dynasty (265-420)|Jin Dynasty]] (Chinese) (280 – 420) * [[Southern Qi Dynasty]] (Chinese) (479 – 502) * [[Liang Dynasty]] (Chinese) (502 – 544) * [[Lý Nam Đế|Anterior Lý Dynasty]] (544 – 602) * [[Sui Dynasty]] (Chinese) (602 – 618) * [[Tang Dynasty]] (Chinese) (618 – 905) * [[Khúc Family]] (906 – 930) * [[Ngô Dynasty]] (939 – 967) * [[Đinh Dynasty]] (968 – 980) * [[Anterior Lê Dynasty|Prior Lê Dynasty]] (980 – 1009) * [[Lý Dynasty]] (1009 – 1225) * [[Trần Dynasty]] (1225 – 1400) * [[Hồ Dynasty]] (1400 – 1407) * [[Posterior Trần Dynasty]] (1407 – 1413) * [[Ming Dynasty]] (Chinese) (1414 – 1427) * [[Later Lê Dynasty]] (1428 – 1527 and 1533 – 1788) * [[Mạc Dynasty]] (1527 – 1677) * [[Trịnh Lords]] (1545 – 1787) * [[Nguyễn Lords]] (1558 – 1777) * [[Tây Sơn Dynasty]] (1778 – 1802) * [[Nguyễn Dynasty]] (1802 – 1945) * [[House of Bonaparte]] (European) (1870) ===== चम्पा ===== * 1st dynasty (192 - 336) * 2nd dynasty (336 - 420) * 3rd dynasty (420 - 529) * 4th dynasty (529 - 758) * 5th dynasty (758 - 854) * 6th dynasty (854 - 989) * 7th dynasty (989 - 1044) * 8th dynasty (1044–1074) * 9th dynasty (1074–1139) * 10th dynasty (1139–1145) * 11th dynasty (1145–1190) * 12th dynasty (1190–1318) * 13th dynasty (1318–1390) * 14th dynasty (1390–1458) * 15th dynasty (1458–1471) * vacant (1471–1695) * Dynasty of Po Saktiraidaputih (1695–1822) == यूरोप के वंश == ==== Austria ==== * [[House of Babenburg]] (976–1230) *[[House of Habsburg]] (1273-1918) ==== Albania ==== * [[Progon Dynasty]] (1190–1216) * [[Capetian House of Anjou|Angevin]] (1272–1368) * [[Kastrioti]] (1444–1468) * [[Wied]] (1914) * [[Zogu]] (1928–1939) ==== Armenia ==== * [[Orontid Dynasty]] * [[Artaxiad Dynasty]] or the Artashesi Dynasty (189 BC-12 AD) * [[Arsacid Dynasty of Armenia|Arsacid Dynasty]] or the Arshakuni Dynasty (54-428) * [[Bagratuni Dynasty]] or the Bagratid Dynasty of Armenia (885-1045) * [[Rubenid Dynasty]] or the [[Armenian Kingdom of Cilicia]] (1080–1225) ==== Belgium ==== * [[House of Saxe-Coburg and Gotha]] (1831–वर्तमान) ==== '''Bohemia''' ==== * [[House of Premyslid]] (870–1306) * [[House of Luxembourg]] (1310–1419) * [[House of Habsburg]] (1437–1457, 1526–1780) * [[House of Wittelsbach]] (1619–1620, 1741–1743) * [[House of Habsburg–Lorraine]] (1780–1918) ==== Bosnia ==== * [[Ban Borić|House of Boričević]] (1154–1163, 1536-) * [[Ban Kulin|House of Kulinić]] (1163–1250) * [[Kotromanić|House of Kotromanić]] (1250–1463) * [[Berislavić|House of Berislavić, deposed]] (1463–1536) ==== Bulgaria ==== * [[Dulo clan|House of Dulo]] (632 - 753) ** [[Krum's dynasty]] (777 - 976/997) ** [[Cometopuli dynasty]] (976/997 - 1018) * [[Asen dynasty|House of Asen]] (1187–1280) * [[Terter|House of Terter]] (1280–1331) * [[Sratsimir dynasty|House of Sratsimir]] (1331–1422) * [[Battenberg family]] (1878–1886) * [[House of Saxe-Coburg and Gotha]] (1886–1947) ==== Barbarians ==== ===== Bavarii ===== * [[Agilolfings|Agilolfing Dynasty]] ===== Franks ===== * [[Merovingian Dynasty]] (481-751) * [[Carolingian Dynasty]] (751-843) * [[Arnulfings]] or [[Pippinids]], [[List of Mayors of the Palaces|mayors of the palaces]] ===== Huns ===== This is a list of rulers of the Huns. Period Ruler * Vund c. 360 * Balamber 360 - 378 * Baltazár (Alypbi) 378 - 390 * Uldin (Khan of the Western Huns) 390 - 410 * Donatus (Khan of the Eastern Black Sea Huns & beyond) 410 - 412 * Charaton (Aksungur) 412 - 422 * Octar[1] 422 - 432 * Rugila 432-434 * Bleda with Attila c. 434-c. 445 * Attila "the Hun" c. 434-453 * Ellac 453-c. 455 * Tuldila fl. c. 457 * Dengizich (Sabirs attack c.460-463) ?-469 with Hernach/BelkErmak * Hernach/BelkErmak[2] 469-503 * [[Dulo clan|House of Dulo]] Bulgaria (390-503) A [[Nominalia of the Bulgarian khans]] genealogy claims that the Dulo clan is descended from [[Attila the Hun]]. ===== Scirii ===== * [[Edeko]] * [[Odoacer]] (435–493), was the 5th-century King of Italy ===== [[European Avars|Avars]] ===== =====Lombards===== :''See [[Early kings of the Lombards]].'' * [[Lething Dynasty]] (until early 6th century) * [[Gausian Dynasty]] (546-572) * [[Bavarian Dynasty]] (616-712) ===== Ostrogoths ===== * [[Amal Dynasty]] (before 474-536) ===== Suebi ===== * [[Suebic Kingdom of Galicia#List of Galician Suebic monarchs|Suebic Dynasty]] (409-585) ===== Vandals ===== * [[Hasdingi]] (before 407-534) ===== Visigoths ===== * [[Balti dynasty|Balthi Dynasty]] (395-531) ==== Byzantine Empire ==== * [[Constantinian dynasty]] (303-336) * [[Valentinian Dynasty]] (364-457) ** [[House of Theodosius]] from 379 * [[House of Leo|Leonid dynasty]] (457-518) * [[Justinian Dynasty]] (518-602) * [[Heraclian Dynasty]] (602-695 and 705-711) * [[Isaurian Dynasty]] (717-802) * [[Phrygian Dynasty]] (820-867) * [[Macedonian Dynasty]] (867-1056) * [[Komnenos|Komnenid Dynasty]] (1057–1059 and 1081–1185) * [[Doukas|Doukid Dynasty]] (1059–1081) * [[Angelos|Angelid Dynasty]] (1185–1204) * [[Laskaris|Laskarid Dynasty]] (1204–1261), in exile in [[İznik|Nicaea]] * [[Palaiologos|Palaiologid Dynasty]] (1261–1453) ==== Croatia ==== * [[Trpimirović dynasty|Trpimirović Dynasty]] (845-1091) * [[Árpáds|Árpád Dynasty]] (c.1102-1301) * [[Přemyslid|Přemyslid Dynasty]] (1301–1305) * [[Wittelsbach|House of Wittelsbach]] (1305–1308) * [[Capetian Dynasty]], House of [[Capetian House of Anjou|Anjou]] (1308–1395) * [[House of Luxemburg]] (1387–1437) * [[Habsburg Dynasty]] (1437–1457, 1526-1918) * [[Jagiellonian|Jagiellonian Dynasty]] (1440–1526) * [[Zápolya|Zápolya Dynasty]] (1526–1571) * [[Habsburg|Habsburg Dynasty]] (1526-1918) ==== Denmark ==== * see [[List of Danish monarchs]] (-1412) * [[House of Oldenburg]] (1448-1863) ** [[Schleswig-Holstein-Sonderburg-Glücksburg|House of Schleswig-Holstein-Sonderburg-Glücksburg]] (1863 to the present) ==== France ==== * [[Carolingian Dynasty]] (843-987) * [[Capetian Dynasty]] (987-1792, 1814–1848) ** [[House of Capet|Direct Capetians]] (987-1328) ** [[House of Valois]] (1328–1589) *** Direct [[House of Valois]] (1328–1498) *** [[House of Valois#Valois-Orléans|House of Valois-Orléans]] (1498–1515) *** [[House of Valois#Valois-Angoulême|House of Valois-Angoulême]] (1515–1589) ** [[House of Bourbon]] (1589–1792 and 1814–1848) *** House of Bourbon-[[Vendôme]] (1589–1792, 1814–1830) *** House of Bourbon-[[Orléans]] (1830–1848) * [[Bonaparte|Bonaparte Dynasty]] (1804–1814 and 1852–1870) ==== Georgia ==== * [[Pharnabazid Dynasty]] (299-90 BC, 30BC-189 AD) * [[Artaxiad Dynasty of Iberia|Artaxiad Dynasty]] (90-30 BC) * [[Arsacid Dynasty of Iberia|Arsacid Dynasty]] (189-284 AD) * [[Chosroid Dynasty]] (284-580, 627-684) ** [[Guaramid Dynasty]] (588-627, 684-748, 779-786) * [[Nersianid Dynasty]] (748-780) * [[Bagrationi Dynasty|Bagratid (Bagrationi) dynasty]] (813-1810) ==== Germany ==== * [[Carolingian Dynasty]] (843-911) * [[Conradines]] (911-918) * [[Ottonian Dynasty]] (919-1024) * [[Salian Dynasty]] or [[Franconia]]n Dynasty (1024–1125) * [[Supplinburger Dynasty]] (1125–1137) * [[House of Hohenstaufen]] (1137–1254) * [[House of Habsburg]] (1273–1291, 1298–1308, and 1438-1740) ** [[House of Lorraine]] (1745–1806) * [[Duke of Nassau|House of Nassau]] (1292–1298) * [[House of Luxemburg]] (1308–1313, 1347–1400, and 1410–1437) * [[House of Wittelsbach]] (1314–1347, 1400–1410, and 1742–1745) * [[House of Hohenzollern]] (1871–1918) ===== Bavaria ===== * [[Liutpoldings|Liutpolding Dynasty]] 889-947 * [[Ottonian Dynasty]] 947-1017 * [[House of Luxembourg]] 1017-1026, 1039–1047 * [[Salian Dynasty]] 1026-1039, 1053–1061 * [[House of Welf]] 1070-1138, 1156–1180 * [[House of Babenberg]] 1138-1156 * [[House of Wittelsbach]] 1180-1918 ===== Saxony ===== * [[Ottonian Dynasty|Liudolfing Dynasty]] 843-961 * [[Billung Dynasty]] 961-1106 * [[Supplinburger Dynasty]] 1106-1127 * [[House of Welf]] 1127-1138, 1142–1180 * [[Ascanian Dynasty]] 1138-1142, 1180–1422 * [[Wettin Dynasty]] 1422-1918 ==== Hungary ==== * [[Árpáds|Árpád Dynasty]] (c.895-1301) * [[Samuel Aba of Hungary]] Aba - Árpád Dynasty (1038–1044) * [[Přemyslid|Přemyslid Dynasty]] (1301–1305) * [[Wittelsbach|House of Wittelsbach]] (1305–1308) * [[Capetian Dynasty]], House of [[Capetian House of Anjou|Anjou]] (1308–1395) * [[House of Luxemburg]] (1387–1437) * [[Habsburg Dynasty]] (1437–1457, 1526-1918) * [[Jagiellonian|Jagiellonian Dynasty]] (1440–1526) * [[Zápolya|Zápolya Dynasty]] (1526–1571) * [[Habsburg|Habsburg Dynasty]] (1526-1918) ==== Monaco ==== * [[House of Grimaldi]] which is actually Italian in origin. ==== Montenegro ==== * [[House of Vojislavljević|Vojislavljević Dynasty]] (c. 7th century - 1186) * [[House of Nemanjić|Nemanjić Dynasty]] (1186–1355) * ती[[House of Balšić|Balšić Dynasty]] (1356–1435) * [[House of Crnojević|Crnojević Dynasty]] (1435–1516) * [[House of Petrović|Petrović-Njegुoš Dynasty]] (1696–1918) * [[House of Karađorđević|Karađorđević Dynasty]] (1918–1941) ==== Iberia ==== ===== [[Kingdom of Aragon|Aragon]] ===== * [[Jiménez Dynasty]] (1035–1162) * [[House of Barcelona]] (1162–1410) * [[Trastámara|House of Trastámara]] (1412–1516) * [[Habsburg|House of Habsburg]] (1516–1700 and 1701–1707) ===== Asturias ===== * Peláyez Dynasty (718-739) * [[Pérez Dynasty]] (739-925) ===== [[County of Barcelona|Barcelona]] ===== * [[House of Barcelona]] (878-1410) * [[Trastámara|House of Trastámara]] (1412–1516) * [[Habsburg|House of Habsburg]] (1516–1700 and 1701–1714) * [[House of Bourbon]] (1714–1716) ===== [[Kingdom of Castile|Castile]] ===== * House of Lara (930-1032), counts * [[Jiménez Dynasty]] (1035–1126), kings * [[House of Burgundy]] (1126–1369) * [[Trastámara|House of Trastámara]] (1369–1516) * [[Habsburg|House of Habsburg]] (1516–1700) ===== [[Kingdom of León|León]] ===== * [[Pérez Dynasty]] (910-1037) * [[Jiménez Dynasty]] (1037–1126) * [[House of Burgundy]] (1126–1369) * [[Trastámara|House of Trastámara]] (1369–1516) * [[Habsburg|House of Habsburg]] (1516–1700) ===== Navarre ===== * House of Íñiguez (824-905) * [[Jiménez Dynasty]] (905-1234) * House of Champagne (1234–1305) * [[House of Capet]] (1284–1349) * [[House of Évreux]] (1328–1441) * [[Trastámara|House of Trastámara]] (1425–1479) * [[House of Foix]] (1479–1516) * House of Albret (1483–1572) * [[House of Bourbon]] (1572–1620) ===== Portugal ===== * [[Vímara Peres|House of Vímara Peres]] (868-1071), counts * [[House of Burgundy]] or Afonsine Dynasty (1093–1383), counts until 1139, then kings * [[House of Aviz]] or Joannine Dynasty (1385–1580) ** [[House of Aviz|House of Aviz-Beja]] (1495–1580) * [[Habsburg|House of Habsburg]] or Philippine Dynasty (1580–1640) * [[House of Braganza]] or Brigantine Dynasty (1640–1910) ** [[House of Braganza-Saxe-Coburg and Gotha]] (1853–1910) ===== Spain ===== ====== Before the unification of Castile and Aragon ====== * [[House of Trastámara]] (1492–1516) * [[Habsburg|House of Habsburg]] (1516–1700) * [[House of Bourbon]] (1700–1714) ''(Disputed during the [[War of the Spanish Succession]])'' ====== After the unification of Castile and Aragon ====== * [[House of Bourbon]] (1714–1868, 1874–1931, and 1975 to the present) * [[Bonaparte|House of Bonaparte]] (1808–1813) * [[House of Savoy]] (1871–1873) ==== Ireland ==== * [[Fir Ol nEchmacht]] * [[Dal Fiachrach Suighe]] * [[The Connachta]] * [[Uí Fiachrach]] * [[Uí Néill]] * [[Eóganachta]] * [[Uí Dúnlainge]] * [[Uí Cheinnselaig]] * [[Dál Riata]] * [[Dál nAraidi]] * [[Dál Fiatach]] * [[Clann Cholmáin]] * [[Síl nÁedo Sláine]] * [[Cenél nEógain]] * [[Cenél Conaill]] * [[Uí Briúin Bréifne]] * [[Dál gCais]] * [[MacDermot]] * [[O'Neill dynasty|Ó Neill]] * [[O'Donnell]] (O Domhnaill) * [[O Connor Sligo]] * [[O'Conor Don]] * [[O'Brien dynasty|O'Brien]] ==== Italy ==== * [[House of Savoy]] (1861–1946) ==== '''Nice–Savoy–Piedmont–Sardinia''' ==== * [[House of Savoy]] (1032–1861) * [[House of Bonaparte]] (1860–1870; Nice and Savoy only) ==== '''Tuscany''' ==== * [[House of Boniface]] (812–931) * [[House of Boso]] (931–1001) * [[House of Hucpold]] (1004–1011) * [[House of Canossa]] (1027–1115) * [[House of Medici]] (1434–1737) * [[House of Lorraine]] (1737–1765) * [[House of Habsburg–Lorraine]] (1765–1801, 1801–1859) * [[House of Bourbon–Parma]] (1801–1807) ==== '''Parma''' ==== * [[House of Farnese]] (1514–1731) * [[House of Bourbon–Parma]] (1731–1735, 1748–1802, 1848–1859) * [[House of Habsburg]] (1735–1748) * [[House of Habsburg–Lorraine]] (1814–1847) ==== '''Modena and Reggio''' ==== * [[House of Este]] (940–1796) * [[House of Habsburg–Este]] (1814–1859) ===== '''Mantua''' ===== * House of Gonzaga ===== '''Milan''' ===== * House of Sforza * House of Habsburg ===== Lucca ===== * House of Bourbon ==== Netherlands ==== * [[House of Orange]] (1772- to the present) ==== Norway ==== * [[Fairhair dynasty|Fairhair Dynasty]] (890-1319) * [[House of Lade]] * [[Schleswig-Holstein-Sonderburg-Glücksburg|House of Schleswig-Holstein-Sonderburg-Glücksburg]] (1905 to the present) ==== Poland ==== * [[Piast Dynasty]] (9th century-1296 and 1306–1370) * [[Přemyslid Dynasty]] (1291–1306) * [[Capetian Dynasty]], [[Capetian House of Anjou|House of Anjou]] (1370–1399) * [[Jagiellon Dynasty|Jagiellonian Dynasty]] (1386–1572 and 1575–1586) * [[Valois Dynasty]] (1573–1574) * [[Báthory|House of Báthory]] (1576–1586) * [[House of Vasa]] (1587–1668) * [[Wiśniowiecki|House of Wiśniowiecki]] (1669–1673) * [[Sobieski family|House of Sobieski]] (1674–1696) * [[wettin dynasty|Wettin Dynasty]] (1697–1706, 1709–1733 and 1736–1764) * [[Leszczyński|House of Leszczyński]] (1704–1709 and 1733–1736) * [[Poniatowski|House of Poniatowski]] (1764–1795) ==== Roman Empire ==== * [[Julio-Claudian dynasty|Julio-Claudian Dynasty]] (27 BC-AD 68) * [[Flavian dynasty|Flavian Dynasty]] (69-96) * [[Nervan-Antonian dynasty|Nervan-Antonian Dynasty]] (96-192) * [[Severan Dynasty]] (193-235) * [[Constantinian dynasty]] (303-363) * [[Valentinian Dynasty]] (364-457) ** [[House of Theodosius]] from 379 ==== Romania ==== * [[Hohenzollern-Sigmaringen|House of Hohenzollern-Sigmaringen]] (1866–1947) ==== Russia ==== * [[Rurik Dynasty|House of Rurikovich]] (862-1598, 1606–1610) * [[Romanov|House of Romanov]] (1613–1762) * [[House of Oldenburg|House of Holstein-Gottorp-Romanov]], called [[Romanov]] (1762–1917) ==== Serbia ==== * [[House of Vlastimirović]] (610-960) * [[House of Vojislavljević]] (1034–1186) * [[House of Nemanjić]] (1166–1371) * [[House of Lazarević]] (1371–1427) * [[House of Branković]] (1427–1502) * [[House of Karađorđević]] (1811–1813, 1842–1858 and 1903–1941) * [[House of Obrenović]] (1815–1842 and 1858–1903) ==== Sweden ==== * House of [[Uppsala]] (970-1060) * [[House of Stenkil]] (1060–1130) * [[House of Sverker]] (1130–1222), interspersed with House of Eric * [[House of Eric]] (1156–1250), interspersed with House of Sverker * [[Folkung|House of Bjälbo]] or Folkung Dynasty (1248–1387) * [[House of Vasa]] (1521–1654) * [[Wittelsbach|House of Wittelsbach]] or House of [[Palatinate-Zweibrücken|Palatinate]]&ndash;[[Zweibrücken]]-Kleeburg (1654–1720) * [[House of Hesse]] (1720–1751) * [[House of Holstein-Gottorp (In Sweden)|House of Holstein-Gottorp]] (1751–1818) * [[Bernadotte|House of Bernadotte]] (1818 to the present) ==== [[Two Sicilies]] ==== ===== Sicily ===== * [[House of Hauteville]] (1071–1198), counts until 1130 * [[House of Hohenstaufen]] (1194–1266) * [[Capetian House of Anjou|House of Capet]], House of Anjou (1266–1282) * [[House of Barcelona]] (1282–1410) * [[Trastámara|House of Trastámara]] (1412–1516) * [[Habsburg|House of Habsburg]] (1516–1700 and 1720–1735) * [[House of Bourbon]] (1700–1713) * [[House of Savoy]] (1713–1720) * [[House of Bourbon]] (1735–1861) * (As a region of the Kingdom of Italy.) [[House of Savoy]] (1861–1946) ==== British Isles (under English rule) ==== ===== England ===== * [[House of Wessex]] (802-1016 and 1042–1066) * [[List of English monarchs#House of Denmark|House of Denmark]] (1013–1014 and 1016–1042) * [[Norman Dynasty]] (1066–1154) * [[Plantagenet Dynasty]] (1154-1485) ** [[House of Plantagenet|House of Anjou]] (1154–1399) ** [[House of Lancaster]] (1399–1461 and 1470–1471) (Throne merged with Irish) ** [[House of York]] (1461–1470 and 1471–1485) * [[House of Tudor]] (1485–1603) * [[House of Stuart]] (1603–1714) (Throne merged with Scotland) ===== Ireland ===== * [[Crowley (surname)|Crowley]] * [[House of Burke|Burke]] * [[Clanricarde]] * [[Plantagenet Dynasty]] (1154-1485) ** [[House of Plantagenet|House of Anjou]] (1154–1399) ** [[House of Lancaster]] (1399–1461 and 1470–1471) (Throne merged with English) ===== Scotland ===== * [[House of Alpin]] (843-1034) * [[House of Dunkeld]] (1034–1040, 1058–1286) * [[House of Moray]] (1040–1058) * [[House of Balliol|House of Baliol]] (1292–1296) (see Belgium, [[Flanders]]) * [[Plantagenet Dynasty]] * [[House of Bruce]] (1306–1371) * [[House of Stewart]] (1371-1707) (Throne Merged with English) ===== Kingdoms after the [[Union of the Crowns]] (1603-1707) ===== The crown of the Kingdom of England and Ireland merged with that of the Kingdom of Scotland to form a personal union between England-Ireland and Scotland (the former a personal union itself) * [[House of Stuart]] (1603–1707) ===== Personal Union between Great Britain and Ireland (1707-1801) ===== * [[House of Stuart]] (1707–1801) * [[House of Hanover]] (1714–1801) ===== United Kingdom of Great Britain and Ireland (1801-1921) ===== * [[House of Hanover]] (1801–1901) * [[House of Saxe-Coburg-Gotha]] (1901–1910) ===== Personal Union of the UK [of GB and NI] and several other Irish states (1921-1949) ===== * [[House of Windsor]] (1921–1949) ===== UK [of GB and NI] (Without the personal union with Ireland) (1949–वर्तमान) ===== * [[House of Windsor]] (1949–वर्तमान) === उत्तरी अमेरिका === ==== हैती ==== * [[Jean-Jacques Dessalines|Dessalines Dynasty]] (1804–1806) * [[Henri Christophe|Christophe Dynasty]] (1811–1820) * [[Faustin Soulouque|Soulouque Dynasty]] (1849–1859) ==== मैक्सिको ==== * [[Agustín I of Mexico|House of Iturbide]] (1822–1823) * [[House of Habsburg]] (1864–1867) === ओसीनिया === ==== हवाई ==== * [[Kingdom of Hawaii]] (1795–1810) ** [[House of Kamehameha|Kamehameha Dynasty]] (c.1795-1872) ** [[House of Kalākaua|Kalākaua Dynasty]] (c.1874-1893) ** [[House of Kawananakoa|Kawananakoa Dynasty]] (c.1868-?) ** [[Kalokuokamaile Dynasty]] (c.1860-?) ==== न्यू जीलैण्ड माओरी (New Zealand Māori) ==== * [[Māori King Movement|Te Wherowhero Dynasty]] (1856 to the present) ==== ताहिती (Tahiti) ==== * [[List of rulers of Tahiti|Pōmare Dynasty]] (1788–1880) ==== टोंगा (Tonga) ==== * [[Tu'i Tonga|Tu'i Tonga Dynasty]] (c. 900-1865) * [[List of monarchs of Tonga|Tupou Dynasty]] (1875 to the present) === दक्षिण अमेरिका === ==== [[Kingdom of Araucania and Patagonia]] ==== * [[Orelie-Antoine de Tounens|Tounes dynasty]] (1860–1862) ==== ब्राजील ==== * [[House of Braganza]] (1822–1889) ==== Inca Empire ==== * [[Sapa Inca|Hurin dynasty]] (1197 - c.1350) * [[Sapa Inca|Haran dynasty]] (c.1350 - 1572) == व == Though in elected governments rule does not pass automatically by inheritance, political power often accrues to generations of related individuals even in Republics. Eminence, [[Social influence|Influence]], familiarity, [[tradition]], [[genetics]], and even [[nepotism]] may contribute to this phenomenon. [[Family dictatorship]]s are a slightly different concept, where political power passes within a family due to the overwhelming authority of the leader, rather than informal power accrued to the family. कुछ राजनीतिक वंश: * The Beazley and Crean families ([[Australian Labor Party]]) * [[Ziaur Rahman]]'s and [[Sheikh Mujibur Rahman]]'s families ([[Bangladesh]]) * [[Aung San Suu Kyi]]'s family ([[म्यान्मार|Burma]]) * The [[Nehru-Gandhi family]] (India) * The [[Soekarno]]s ([[इंडोनेशिया|Indonesia]]) * The [[Kim Il-sung|Kims]] ([[उत्तर कोरिया|North Korea]]) * The [[Bhutto family]] (Pakistan) * The Zia family (Pakistan) * The [[Gloria Macapagal-Arroyo|Macapagal Family]] ([[फ़िलीपीन्स|Philippines]]) * The [[Corazon Aquino|Aquino]] Family([[फ़िलीपीन्स|Philippines]]) * The [[Joseph Estrada|Estrada Family]] (Philippines) * The [[Ferdinand E. Marcos|Marcos Family]] (Philippines) * The [[Medici]] family ([[Republic of Florence]]) * [[Lee Kuan Yew]]'s family ([[सिंगापुर|Singapore]]) * [[Solomon West Ridgeway Dias Bandaranaike|Solomon Bandaranaike]]'s family ([[Sri Lanka]]) * The [[Assad]]s ([[Syria]]) * The Churchills/[[John Churchill, 1st Duke of Marlborough|Dukes of Marlborough]] (UK) * The [[John Russell, 1st Earl Russell|(Earl) Russells]] (UK) * The [[Joseph Chamberlain|Chamberlains]] (UK) * The [[Charles Grey, 2nd Earl Grey|Greys]] (UK) * The [[William Pitt, 1st Earl of Chatham|Pitts]] (UK) * The [[Adams political family|Adamses]] (United States) * The [[Kennedy political family|Kennedys]] (United States) * The [[Bush political family|Bushes]] (United States) * The [[Long family]] (United States) * The [[Roosevelt family|Roosevelts]] (United States) * The [[Taft family|Tafts]] (United States) * The [[Cuomo family]] (United States) * The [[Udall family|Udalls]] (United States) == इन्हें भी देखें == * [[वंशवाद]] == सन्दर्भ == {{reflist}} [[श्रेणी:इतिहास]] [[श्रेणी:विश्व का इतिहास]] [[श्रेणी:इतिहास संबन्धित सूची]] qmwl2jen3vbhj7ybel0voqapq40h75i फणि मुकुट राय 0 12744 6541677 6491429 2026-04-17T23:25:53Z Dev0745 355074 श्रोत नहीं है 6541677 wikitext text/x-wiki {{Infobox royalty |name = फणि मुकुट राय |title = मानकी या [[राजा]] |image = |caption = |succession = प्रथम [[नागवंशी राजवंश|नागवंशी राजा]] |reign = c. 94 - 162 CE (पौराणिक कथा के अनुसार) <br /> चौथी शताब्दी (विद्वानों के अनुसार) |predecessor = [[मदरा मुंडा]] |successor = मुकुट राय |birth_date = |birth_place = |Coronation = |death_date = |death_place = |spouse = |issue = मुकुट राय |dynasty = [[नागवंशी राजवंश|नागवंश]] |father = पुंडरीक नाग (पौराणिक कथा के अनुसार) |mother = पार्वती कन्या (पौराणिक कथा के अनुसार) |religion = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]] }} '''फणि मुकुट राय''' एक प्रसिद्ध नागवंशी राजा थे। नागवंशी परंपरा के अनुसार, वह प्रथम नागवंशी शासक थे और पहली शताब्दी ईस्वी में [[छोटा नागपुर पठार|छोटानागपुर पठार]] में [[नागवंशी राजवंश]] के संस्थापक थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.119550|title=The Nagbanshis And The Cheros|last=Virottam|first=Balmukund|date=1969}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/ancient-capital-to-open-for-visitors-caves-temples-at-sutiambe-to-offer-peek-into-history/cid/543971|title=Ancient capital to open for visitors - Caves & temples at Sutiambe to offer peek into history|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/eye-on-nagvanshi-remains-culture-department-dreams-of-another-hampi-at-gumla-heritage-site/cid/626956|title=Eye on Nagvanshi remains - Culture department dreams of another Hampi at Gumla heritage site|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> हालांकि इतिहासकार और विद्वान फणी मुकुट राय की कहानी को एक मिथक मानते हैं, जो चौथी शताब्दी ईस्वी के आसपास नागवंशी राजवंश की स्थापना थी। नागवंशी राजवंश की राजधानी सुतियाम्बे थी, जो सुतिया नामक [[मुण्डा]] शासक के नाम पर रखा गया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=q4S3-EecZbMC&pg=PA82&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=झारखंड के अदिवासियों के बीच: एक एक्टीविस्ट के नोट्स|last=तलवार|first=वीर भारत|date=2008|publisher=भारतीय ज्ञानपीठ|isbn=978-81-263-1567-3|language=hi}}</ref> == मिथक == ''नागवंशावली'' (1876) के अनुसार, फणि मुकुट राय पुंडरीक नाग और [[वाराणसी]] की सकलद्वीपीय ब्राह्मण पार्वती कन्या के पुत्र थे। [[कुरु]] राजा जनमेजय द्वारा नाग को [[तक्षशिला]] से निष्कासित करने के बाद [[तक्षक]] के पुत्र पुंडरीक नागा [[वाराणसी]] में बस गए। उसने स्वयं को [[ब्राह्मण]] बताकर एक सकलद्वीपीय ब्राह्मण के घर में रहकर शास्त्रों का अध्ययन किया और उसकी पुत्री से विवाह किया। अपनी कांटेदार जीभ के कारण वह हमेशा अपनी पत्नी की ओर पीठ करके सोते थे। उसके मुँह से बराबर जहरीली साँस निकलती थी। पत्नी रहस्य जानने को उत्सुक हो गई लेकिन पुण्डरीक नाग ने कभी भी रहस्य नहीं बताया। उन्होंने [[पुरी]] के [[जगन्नाथ मंदिर]] की तीर्थ यात्रा की। तीर्थयात्रा से लौटते समय उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी और वह मरने वाली थीं। वह उसका रहस्य जानना चाहती है। तब पुण्डरीक नाग ने नाग बनकर अपना रहस्य बताया और तालाब में कूद पड़ा। एक बच्चे को जन्म देने के बाद उनकी पत्नी मृत्यु हो गई। पुण्डरीक नाग ने बालक को अपने फन से छप्पर दिया। लकड़हारे ने इसे देखा और जनार्दन नामक एक सकलद्वीपीय ब्राह्मण को सूचित किया, जिसके पास सूर्य की मूर्ति थी। ब्राह्मण ने यह घटना देखी पुण्डरीक नागा ने ब्राह्मण को अपनी कहानी सुनाई और ब्राह्मण से कहा कि वह लड़का नागपुर का राजा बनेगा और ब्राह्मण उसका पुजारी बनेगा। ब्राह्मण ने बालक का नाम फणी मुकुट राय रखा क्योंकि उसे कोबरा के फन से सुरक्षित रखा गया था और उसका पालन-पोषण किया था। ब्राह्मण के पास सूर्य की मूर्ति थी जो पुण्डरीक नगा के सुझाव के अनुसार नागवंशियों की संरक्षक देवता बन गई। ब्राह्मण सुतियाम्बे गांव के मुखिया मदरा मुंडा का पुजारी था। मदरा मुंडा ने फणि मुकुट राय को गोद लिया और अपने पुत्र के साथ उसका पालन-पोषण किया। बाद में, मदरा मुंडा ने दोनों पुत्रों के बीच प्रतियोगिता करवाई जिसमें फणि मुकुट राय सफ़ल हुआ। मदरा मुंडा , सुरगुजा और फटकुम के राजाओं ने फणि मुकुट राय के गुणों से प्रभावित होकर उसे सुतियाम्बे का नया राजा घोषित किया।<ref>{{Cite journal|last=Nath|first=Sanjay|date=2015-01-01|title=Pages from the Old Records: A Note on &#39;The &quot;Kols&quot; of Chota-Nagpore&#39; by E.T. Dalton|url=https://www.academia.edu/42298290/Pages_from_the_Old_Records_A_Note_on_The_Kols_of_Chota_Nagpore_by_E_T_Dalton|journal=Journal of Adivasi and Indigenous Studies}}</ref> नागवंशी परंपरा के अनुसार यह 104 ई. में हुआ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=iYXy1XXNCKoC&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80&pg=PA33&redir_esc=y|title=Jharkhand Encyclopedia Hulgulanon Ki Partidhwaniyan-1|publisher=Vani Prakashan|language=hi}}</ref> हालाँकि, इस कहानी को ज्यादातर इतिहासकारों और विद्वानों द्वारा एक [[मिथक]] माना जाता है और यह बाद के काल में आविष्कृत राजवंश की [[ब्राह्मणवाद|ब्राह्मणवादी]] उत्पत्ति की कहानी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=IpwuDwAAQBAJ&pg=PT113&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Indigeneity, Landscape and History: Adivasi Self-fashioning in India|last=Sen|first=Asoka Kumar|date=2017-07-28|publisher=Taylor & Francis|isbn=978-1-351-61186-2|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.peepultree.world/livehistoryindia/story/places/navratangarh-lost-kingdom-of-the-nagvanshis|title=Navratangarh: Lost Kingdom of the Nagvanshis|date=2019-04-27|website=PeepulTree|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> फणि मुकुट राय का पालन-पोषण एक कन्याभुजा ब्राह्मण द्वारा कहा जाता है। लेकिन [[शरत्चन्द्र राय|शरत चन्द्र राय]] द्वारा एकत्रित कहानियों के अनुसार, फणि मुकुट राय को सुतियाम्बे के पड़हा राजा मदरा मुंडा द्वारा गोद लिया गया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=5hXYDwAAQBAJ&pg=PA12&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=JHARKHAND SAMAGRA (Prabhat Prakashan): Bestseller Book JHARKHAND SAMAGRA (Prabhat Prakashan)|last=BIRENDRA (IAS)|date=2020-03-21|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-93-90101-16-0|language=hi}}</ref> ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह कहानी काल्पनिक प्रतीत होती है। नागवंशियों के वंशावली में फणिमुकुट राय को उनका पहला राजा माना जाता है.<ref>{{Cite news|url=https://www.prabhatkhabar.com/prabhat-khabar-special/history-of-munda-tribes-relationship-between-munda-tribe-and-nagavanshi-empire|title=मदरा मुंडा ने दत्तक पुत्र थे फणिमुकुट राय|date=8 January 2025|work=प्रभात खबर|access-date=13 January 2025}}</ref> == सुतियाम्बे का शासक == मुकुट राय को 94 ईस्वी के आसपास उनके गुणों के कारण पड़हा प्रमुख मदरा मुंडा तथा सरगुजा और पातकुम के अन्य मानकियों (राजाओं) द्वारा सुतियाम्बे के मानकी के रूप में चुना गया था और उन्होंने 68 वर्षों तक शासन किया। उनकी राजधानी सुतियाम्बे में थी, जो अब [[राँची जिला|रांची जिले]] में स्थित है। वह मिट्टी के किले में रहता था।<ref>{{Cite journal|last=Nath|first=Sanjay|date=2015-01-01|title=Pages from the Old Records: A Note on &#39;The &quot;Kols&quot; of Chota-Nagpore&#39; by E.T. Dalton|url=https://www.academia.edu/42298290/Pages_from_the_Old_Records_A_Note_on_The_Kols_of_Chota_Nagpore_by_E_T_Dalton|journal=Journal of Adivasi and Indigenous Studies}}</ref> == शासन काल == अपने शासनकाल के दौरान, उन्होंने [[पंचेत]] के राजा की मदद से कोराम्बे के रक्षेल और [[केन्दुझर जिला|केंदुझार]] के आक्रमणकारियों को हराया। उनका शासन [[खरसावाँ|खरसावां]] के बादिन, [[रामगढ़]], गोला, तोरी और घरवे तक फैला हुआ था। धीरे-धीरे नागवंशी राजा पर ब्राह्मणवाद का प्रभाव पड़ा, उसने सुतियाम्बे में [[सूर्य मंदिर]] बनवाया। उन्होंने [[पुरी]] से पंडा ([[ब्राह्मण]]) को आमंत्रित किया और ठाकुरबाड़ी में मूर्तियां स्थापित की। उन्होंने ब्राह्मणों को सोरंडा और महुगांव गांव देकर स्थापित किया। उनके शासनकाल के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से कई गैर-आदिवासी लोगों का आगमन हुआ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=iYXy1XXNCKoC&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80&pg=PA33&redir_esc=y|title=Jharkhand Encyclopedia Hulgulanon Ki Partidhwaniyan-1|publisher=Vani Prakashan|language=hi}}</ref> उनके दीवान बेलकुपी गांव के निवासी श्रीवास्तव कायस्थ पांडे भाव राय को बनाया गया। ''"नागवंश"'' पुस्तक के लेखक लाल प्रदुमन सिंह के अनुसार, फणी मुकुट राय के शासनकाल के दौरान, नागवंशी साम्राज्य में 66 परगने थे जिनमें से 22 घाटवा में, 18 खुखरागढ़ में, 18 [[नवरतनगढ़|दोइसागढ़]] में और 8 जरीचगढ़ में थे। हालाँकि पिठोरिया के पास सूर्य मंदिर की मूर्ति के अवशेष 12वीं शताब्दी ई.पू. के बताए गए हैं। फणि मुकुट राय की कहानी को प्रमाणित करने के लिए कोई पुरातात्विक अवशेष नहीं खोजा गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/800-years-come-alive-in-pithoria-s-relics-archaeological-explorations-in-two-hamlets-yield-artefacts-from-12th-century-to-colonial-times/cid/482858|title=800 years come alive in Pithoria's relics - Archaeological explorations in two hamlets yield artefacts from 12th Century to colonial times|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> कई विद्वानों ने प्रत्येक राजा की औसत शासन अवधि 25 वर्ष को ध्यान में रखते हुए नागवंशी राजवंश की स्थापना की तारीख चौथी शताब्दी ई.पू. बताई है। 1787 में भारत के गवर्नर जनरल को दृपनाथ शाह द्वारा दी गई वंशावली के अनुसार, फणि मुकुट राय पहले [[नागवंशी राजवंश|नागवंशी]] राजा थे जो पुंडरीक नागा और सकलद्वीपीय ब्राह्मण पार्वती कन्या के पुत्र थे। फणि मुकुट राय की कहानी को विद्वान और इतिहासकार एक [[मिथक]] मानते हैं। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारतीय राजा]] {{आधार}} hrm1hulgjevfwl8sez6ov4rd7y3tz7t 6541678 6541677 2026-04-17T23:29:14Z Dev0745 355074 6541678 wikitext text/x-wiki {{Infobox royalty |name = फणि मुकुट राय |title = मानकी या [[राजा]] |image = |caption = |succession = प्रथम [[नागवंशी राजवंश|नागवंशी राजा]] |reign = c. 94 - 162 CE (पौराणिक कथा के अनुसार) <br /> चौथी शताब्दी (विद्वानों के अनुसार) |predecessor = [[मदरा मुंडा]] |successor = मुकुट राय |birth_date = |birth_place = |Coronation = |death_date = |death_place = |spouse = |issue = मुकुट राय |dynasty = [[नागवंशी राजवंश|नागवंश]] |father = पुंडरीक नाग (पौराणिक कथा के अनुसार) |mother = पार्वती कन्या (पौराणिक कथा के अनुसार) |religion = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]] }} '''फणि मुकुट राय''' एक प्रसिद्ध नागवंशी राजा थे। नागवंशी परंपरा के अनुसार, वह प्रथम नागवंशी शासक थे और पहली शताब्दी ईस्वी में [[छोटा नागपुर पठार|छोटानागपुर पठार]] में [[नागवंशी राजवंश]] के संस्थापक थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.119550|title=The Nagbanshis And The Cheros|last=Virottam|first=Balmukund|date=1969}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/ancient-capital-to-open-for-visitors-caves-temples-at-sutiambe-to-offer-peek-into-history/cid/543971|title=Ancient capital to open for visitors - Caves & temples at Sutiambe to offer peek into history|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/eye-on-nagvanshi-remains-culture-department-dreams-of-another-hampi-at-gumla-heritage-site/cid/626956|title=Eye on Nagvanshi remains - Culture department dreams of another Hampi at Gumla heritage site|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> हालांकि इतिहासकार और विद्वान फणी मुकुट राय की कहानी को एक मिथक मानते हैं। कई ईतीहासकार नागवंशी राजवंश की स्थापना चौथी शताब्दी ईस्वी के आसपास हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=q4S3-EecZbMC&pg=PA82&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=झारखंड के अदिवासियों के बीच: एक एक्टीविस्ट के नोट्स|last=तलवार|first=वीर भारत|date=2008|publisher=भारतीय ज्ञानपीठ|isbn=978-81-263-1567-3|language=hi}}</ref> == मिथक == ''नागवंशावली'' (1876) के अनुसार, फणि मुकुट राय पुंडरीक नाग और [[वाराणसी]] की सकलद्वीपीय ब्राह्मण पार्वती कन्या के पुत्र थे। [[कुरु]] राजा जनमेजय द्वारा नाग को [[तक्षशिला]] से निष्कासित करने के बाद [[तक्षक]] के पुत्र पुंडरीक नागा [[वाराणसी]] में बस गए। उसने स्वयं को [[ब्राह्मण]] बताकर एक सकलद्वीपीय ब्राह्मण के घर में रहकर शास्त्रों का अध्ययन किया और उसकी पुत्री से विवाह किया। अपनी कांटेदार जीभ के कारण वह हमेशा अपनी पत्नी की ओर पीठ करके सोते थे। उसके मुँह से बराबर जहरीली साँस निकलती थी। पत्नी रहस्य जानने को उत्सुक हो गई लेकिन पुण्डरीक नाग ने कभी भी रहस्य नहीं बताया। उन्होंने [[पुरी]] के [[जगन्नाथ मंदिर]] की तीर्थ यात्रा की। तीर्थयात्रा से लौटते समय उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी और वह मरने वाली थीं। वह उसका रहस्य जानना चाहती है। तब पुण्डरीक नाग ने नाग बनकर अपना रहस्य बताया और तालाब में कूद पड़ा। एक बच्चे को जन्म देने के बाद उनकी पत्नी मृत्यु हो गई। पुण्डरीक नाग ने बालक को अपने फन से छप्पर दिया। लकड़हारे ने इसे देखा और जनार्दन नामक एक सकलद्वीपीय ब्राह्मण को सूचित किया, जिसके पास सूर्य की मूर्ति थी। ब्राह्मण ने यह घटना देखी पुण्डरीक नागा ने ब्राह्मण को अपनी कहानी सुनाई और ब्राह्मण से कहा कि वह लड़का नागपुर का राजा बनेगा और ब्राह्मण उसका पुजारी बनेगा। ब्राह्मण ने बालक का नाम फणी मुकुट राय रखा क्योंकि उसे कोबरा के फन से सुरक्षित रखा गया था और उसका पालन-पोषण किया था। ब्राह्मण के पास सूर्य की मूर्ति थी जो पुण्डरीक नगा के सुझाव के अनुसार नागवंशियों की संरक्षक देवता बन गई। ब्राह्मण सुतियाम्बे गांव के मुखिया मदरा मुंडा का पुजारी था। मदरा मुंडा ने फणि मुकुट राय को गोद लिया और अपने पुत्र के साथ उसका पालन-पोषण किया। बाद में, मदरा मुंडा ने दोनों पुत्रों के बीच प्रतियोगिता करवाई जिसमें फणि मुकुट राय सफ़ल हुआ। मदरा मुंडा , सुरगुजा और फटकुम के राजाओं ने फणि मुकुट राय के गुणों से प्रभावित होकर उसे सुतियाम्बे का नया राजा घोषित किया।<ref>{{Cite journal|last=Nath|first=Sanjay|date=2015-01-01|title=Pages from the Old Records: A Note on &#39;The &quot;Kols&quot; of Chota-Nagpore&#39; by E.T. Dalton|url=https://www.academia.edu/42298290/Pages_from_the_Old_Records_A_Note_on_The_Kols_of_Chota_Nagpore_by_E_T_Dalton|journal=Journal of Adivasi and Indigenous Studies}}</ref> नागवंशी परंपरा के अनुसार यह 104 ई. में हुआ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=iYXy1XXNCKoC&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80&pg=PA33&redir_esc=y|title=Jharkhand Encyclopedia Hulgulanon Ki Partidhwaniyan-1|publisher=Vani Prakashan|language=hi}}</ref> हालाँकि, इस कहानी को ज्यादातर इतिहासकारों और विद्वानों द्वारा एक [[मिथक]] माना जाता है और यह बाद के काल में आविष्कृत राजवंश की [[ब्राह्मणवाद|ब्राह्मणवादी]] उत्पत्ति की कहानी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=IpwuDwAAQBAJ&pg=PT113&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Indigeneity, Landscape and History: Adivasi Self-fashioning in India|last=Sen|first=Asoka Kumar|date=2017-07-28|publisher=Taylor & Francis|isbn=978-1-351-61186-2|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.peepultree.world/livehistoryindia/story/places/navratangarh-lost-kingdom-of-the-nagvanshis|title=Navratangarh: Lost Kingdom of the Nagvanshis|date=2019-04-27|website=PeepulTree|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> फणि मुकुट राय का पालन-पोषण एक कन्याभुजा ब्राह्मण द्वारा कहा जाता है। लेकिन [[शरत्चन्द्र राय|शरत चन्द्र राय]] द्वारा एकत्रित कहानियों के अनुसार, फणि मुकुट राय को सुतियाम्बे के पड़हा राजा मदरा मुंडा द्वारा गोद लिया गया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=5hXYDwAAQBAJ&pg=PA12&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=JHARKHAND SAMAGRA (Prabhat Prakashan): Bestseller Book JHARKHAND SAMAGRA (Prabhat Prakashan)|last=BIRENDRA (IAS)|date=2020-03-21|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-93-90101-16-0|language=hi}}</ref> ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह कहानी काल्पनिक प्रतीत होती है। नागवंशियों के वंशावली में फणिमुकुट राय को उनका पहला राजा माना जाता है.<ref>{{Cite news|url=https://www.prabhatkhabar.com/prabhat-khabar-special/history-of-munda-tribes-relationship-between-munda-tribe-and-nagavanshi-empire|title=मदरा मुंडा ने दत्तक पुत्र थे फणिमुकुट राय|date=8 January 2025|work=प्रभात खबर|access-date=13 January 2025}}</ref> == सुतियाम्बे का शासक == मुकुट राय को 94 ईस्वी के आसपास उनके गुणों के कारण पड़हा प्रमुख मदरा मुंडा तथा सरगुजा और पातकुम के अन्य मानकियों (राजाओं) द्वारा सुतियाम्बे के मानकी के रूप में चुना गया था और उन्होंने 68 वर्षों तक शासन किया। उनकी राजधानी सुतियाम्बे में थी, जो अब [[राँची जिला|रांची जिले]] में स्थित है। वह मिट्टी के किले में रहता था।<ref>{{Cite journal|last=Nath|first=Sanjay|date=2015-01-01|title=Pages from the Old Records: A Note on &#39;The &quot;Kols&quot; of Chota-Nagpore&#39; by E.T. Dalton|url=https://www.academia.edu/42298290/Pages_from_the_Old_Records_A_Note_on_The_Kols_of_Chota_Nagpore_by_E_T_Dalton|journal=Journal of Adivasi and Indigenous Studies}}</ref> == शासन काल == अपने शासनकाल के दौरान, उन्होंने [[पंचेत]] के राजा की मदद से कोराम्बे के रक्षेल और [[केन्दुझर जिला|केंदुझार]] के आक्रमणकारियों को हराया। उनका शासन [[खरसावाँ|खरसावां]] के बादिन, [[रामगढ़]], गोला, तोरी और घरवे तक फैला हुआ था। धीरे-धीरे नागवंशी राजा पर ब्राह्मणवाद का प्रभाव पड़ा, उसने सुतियाम्बे में [[सूर्य मंदिर]] बनवाया। उन्होंने [[पुरी]] से पंडा ([[ब्राह्मण]]) को आमंत्रित किया और ठाकुरबाड़ी में मूर्तियां स्थापित की। उन्होंने ब्राह्मणों को सोरंडा और महुगांव गांव देकर स्थापित किया। उनके शासनकाल के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से कई गैर-आदिवासी लोगों का आगमन हुआ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=iYXy1XXNCKoC&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80&pg=PA33&redir_esc=y|title=Jharkhand Encyclopedia Hulgulanon Ki Partidhwaniyan-1|publisher=Vani Prakashan|language=hi}}</ref> उनके दीवान बेलकुपी गांव के निवासी श्रीवास्तव कायस्थ पांडे भाव राय को बनाया गया। ''"नागवंश"'' पुस्तक के लेखक लाल प्रदुमन सिंह के अनुसार, फणी मुकुट राय के शासनकाल के दौरान, नागवंशी साम्राज्य में 66 परगने थे जिनमें से 22 घाटवा में, 18 खुखरागढ़ में, 18 [[नवरतनगढ़|दोइसागढ़]] में और 8 जरीचगढ़ में थे। हालाँकि पिठोरिया के पास सूर्य मंदिर की मूर्ति के अवशेष 12वीं शताब्दी ई.पू. के बताए गए हैं। फणि मुकुट राय की कहानी को प्रमाणित करने के लिए कोई पुरातात्विक अवशेष नहीं खोजा गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/800-years-come-alive-in-pithoria-s-relics-archaeological-explorations-in-two-hamlets-yield-artefacts-from-12th-century-to-colonial-times/cid/482858|title=800 years come alive in Pithoria's relics - Archaeological explorations in two hamlets yield artefacts from 12th Century to colonial times|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> कई विद्वानों ने प्रत्येक राजा की औसत शासन अवधि 25 वर्ष को ध्यान में रखते हुए नागवंशी राजवंश की स्थापना की तारीख चौथी शताब्दी ई.पू. बताई है। 1787 में भारत के गवर्नर जनरल को दृपनाथ शाह द्वारा दी गई वंशावली के अनुसार, फणि मुकुट राय पहले [[नागवंशी राजवंश|नागवंशी]] राजा थे जो पुंडरीक नागा और सकलद्वीपीय ब्राह्मण पार्वती कन्या के पुत्र थे। फणि मुकुट राय की कहानी को विद्वान और इतिहासकार एक [[मिथक]] मानते हैं। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारतीय राजा]] {{आधार}} g6ny7vhrcfjj42vvgusr9jwad8k8wv5 6541679 6541678 2026-04-17T23:41:40Z Dev0745 355074 /* शासन काल */श्रोत नहीं है 6541679 wikitext text/x-wiki {{Infobox royalty |name = फणि मुकुट राय |title = मानकी या [[राजा]] |image = |caption = |succession = प्रथम [[नागवंशी राजवंश|नागवंशी राजा]] |reign = c. 94 - 162 CE (पौराणिक कथा के अनुसार) <br /> चौथी शताब्दी (विद्वानों के अनुसार) |predecessor = [[मदरा मुंडा]] |successor = मुकुट राय |birth_date = |birth_place = |Coronation = |death_date = |death_place = |spouse = |issue = मुकुट राय |dynasty = [[नागवंशी राजवंश|नागवंश]] |father = पुंडरीक नाग (पौराणिक कथा के अनुसार) |mother = पार्वती कन्या (पौराणिक कथा के अनुसार) |religion = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]] }} '''फणि मुकुट राय''' एक प्रसिद्ध नागवंशी राजा थे। नागवंशी परंपरा के अनुसार, वह प्रथम नागवंशी शासक थे और पहली शताब्दी ईस्वी में [[छोटा नागपुर पठार|छोटानागपुर पठार]] में [[नागवंशी राजवंश]] के संस्थापक थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.119550|title=The Nagbanshis And The Cheros|last=Virottam|first=Balmukund|date=1969}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/ancient-capital-to-open-for-visitors-caves-temples-at-sutiambe-to-offer-peek-into-history/cid/543971|title=Ancient capital to open for visitors - Caves & temples at Sutiambe to offer peek into history|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/eye-on-nagvanshi-remains-culture-department-dreams-of-another-hampi-at-gumla-heritage-site/cid/626956|title=Eye on Nagvanshi remains - Culture department dreams of another Hampi at Gumla heritage site|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> हालांकि इतिहासकार और विद्वान फणी मुकुट राय की कहानी को एक मिथक मानते हैं। कई ईतीहासकार नागवंशी राजवंश की स्थापना चौथी शताब्दी ईस्वी के आसपास हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=q4S3-EecZbMC&pg=PA82&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=झारखंड के अदिवासियों के बीच: एक एक्टीविस्ट के नोट्स|last=तलवार|first=वीर भारत|date=2008|publisher=भारतीय ज्ञानपीठ|isbn=978-81-263-1567-3|language=hi}}</ref> == मिथक == ''नागवंशावली'' (1876) के अनुसार, फणि मुकुट राय पुंडरीक नाग और [[वाराणसी]] की सकलद्वीपीय ब्राह्मण पार्वती कन्या के पुत्र थे। [[कुरु]] राजा जनमेजय द्वारा नाग को [[तक्षशिला]] से निष्कासित करने के बाद [[तक्षक]] के पुत्र पुंडरीक नागा [[वाराणसी]] में बस गए। उसने स्वयं को [[ब्राह्मण]] बताकर एक सकलद्वीपीय ब्राह्मण के घर में रहकर शास्त्रों का अध्ययन किया और उसकी पुत्री से विवाह किया। अपनी कांटेदार जीभ के कारण वह हमेशा अपनी पत्नी की ओर पीठ करके सोते थे। उसके मुँह से बराबर जहरीली साँस निकलती थी। पत्नी रहस्य जानने को उत्सुक हो गई लेकिन पुण्डरीक नाग ने कभी भी रहस्य नहीं बताया। उन्होंने [[पुरी]] के [[जगन्नाथ मंदिर]] की तीर्थ यात्रा की। तीर्थयात्रा से लौटते समय उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी और वह मरने वाली थीं। वह उसका रहस्य जानना चाहती है। तब पुण्डरीक नाग ने नाग बनकर अपना रहस्य बताया और तालाब में कूद पड़ा। एक बच्चे को जन्म देने के बाद उनकी पत्नी मृत्यु हो गई। पुण्डरीक नाग ने बालक को अपने फन से छप्पर दिया। लकड़हारे ने इसे देखा और जनार्दन नामक एक सकलद्वीपीय ब्राह्मण को सूचित किया, जिसके पास सूर्य की मूर्ति थी। ब्राह्मण ने यह घटना देखी पुण्डरीक नागा ने ब्राह्मण को अपनी कहानी सुनाई और ब्राह्मण से कहा कि वह लड़का नागपुर का राजा बनेगा और ब्राह्मण उसका पुजारी बनेगा। ब्राह्मण ने बालक का नाम फणी मुकुट राय रखा क्योंकि उसे कोबरा के फन से सुरक्षित रखा गया था और उसका पालन-पोषण किया था। ब्राह्मण के पास सूर्य की मूर्ति थी जो पुण्डरीक नगा के सुझाव के अनुसार नागवंशियों की संरक्षक देवता बन गई। ब्राह्मण सुतियाम्बे गांव के मुखिया मदरा मुंडा का पुजारी था। मदरा मुंडा ने फणि मुकुट राय को गोद लिया और अपने पुत्र के साथ उसका पालन-पोषण किया। बाद में, मदरा मुंडा ने दोनों पुत्रों के बीच प्रतियोगिता करवाई जिसमें फणि मुकुट राय सफ़ल हुआ। मदरा मुंडा , सुरगुजा और फटकुम के राजाओं ने फणि मुकुट राय के गुणों से प्रभावित होकर उसे सुतियाम्बे का नया राजा घोषित किया।<ref>{{Cite journal|last=Nath|first=Sanjay|date=2015-01-01|title=Pages from the Old Records: A Note on &#39;The &quot;Kols&quot; of Chota-Nagpore&#39; by E.T. Dalton|url=https://www.academia.edu/42298290/Pages_from_the_Old_Records_A_Note_on_The_Kols_of_Chota_Nagpore_by_E_T_Dalton|journal=Journal of Adivasi and Indigenous Studies}}</ref> नागवंशी परंपरा के अनुसार यह 104 ई. में हुआ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=iYXy1XXNCKoC&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80&pg=PA33&redir_esc=y|title=Jharkhand Encyclopedia Hulgulanon Ki Partidhwaniyan-1|publisher=Vani Prakashan|language=hi}}</ref> हालाँकि, इस कहानी को ज्यादातर इतिहासकारों और विद्वानों द्वारा एक [[मिथक]] माना जाता है और यह बाद के काल में आविष्कृत राजवंश की [[ब्राह्मणवाद|ब्राह्मणवादी]] उत्पत्ति की कहानी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=IpwuDwAAQBAJ&pg=PT113&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Indigeneity, Landscape and History: Adivasi Self-fashioning in India|last=Sen|first=Asoka Kumar|date=2017-07-28|publisher=Taylor & Francis|isbn=978-1-351-61186-2|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.peepultree.world/livehistoryindia/story/places/navratangarh-lost-kingdom-of-the-nagvanshis|title=Navratangarh: Lost Kingdom of the Nagvanshis|date=2019-04-27|website=PeepulTree|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> फणि मुकुट राय का पालन-पोषण एक कन्याभुजा ब्राह्मण द्वारा कहा जाता है। लेकिन [[शरत्चन्द्र राय|शरत चन्द्र राय]] द्वारा एकत्रित कहानियों के अनुसार, फणि मुकुट राय को सुतियाम्बे के पड़हा राजा मदरा मुंडा द्वारा गोद लिया गया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=5hXYDwAAQBAJ&pg=PA12&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=JHARKHAND SAMAGRA (Prabhat Prakashan): Bestseller Book JHARKHAND SAMAGRA (Prabhat Prakashan)|last=BIRENDRA (IAS)|date=2020-03-21|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-93-90101-16-0|language=hi}}</ref> ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह कहानी काल्पनिक प्रतीत होती है। नागवंशियों के वंशावली में फणिमुकुट राय को उनका पहला राजा माना जाता है.<ref>{{Cite news|url=https://www.prabhatkhabar.com/prabhat-khabar-special/history-of-munda-tribes-relationship-between-munda-tribe-and-nagavanshi-empire|title=मदरा मुंडा ने दत्तक पुत्र थे फणिमुकुट राय|date=8 January 2025|work=प्रभात खबर|access-date=13 January 2025}}</ref> == सुतियाम्बे का शासक == मुकुट राय को 94 ईस्वी के आसपास उनके गुणों के कारण पड़हा प्रमुख मदरा मुंडा तथा सरगुजा और पातकुम के अन्य मानकियों (राजाओं) द्वारा सुतियाम्बे के मानकी के रूप में चुना गया था और उन्होंने 68 वर्षों तक शासन किया। उनकी राजधानी सुतियाम्बे में थी, जो अब [[राँची जिला|रांची जिले]] में स्थित है। वह मिट्टी के किले में रहता था।<ref>{{Cite journal|last=Nath|first=Sanjay|date=2015-01-01|title=Pages from the Old Records: A Note on &#39;The &quot;Kols&quot; of Chota-Nagpore&#39; by E.T. Dalton|url=https://www.academia.edu/42298290/Pages_from_the_Old_Records_A_Note_on_The_Kols_of_Chota_Nagpore_by_E_T_Dalton|journal=Journal of Adivasi and Indigenous Studies}}</ref> == शासन काल == अपने शासनकाल के दौरान, उन्होंने [[पंचेत]] के राजा की मदद से कोराम्बे के रक्षेल और [[केन्दुझर जिला|केंदुझार]] के आक्रमणकारियों को हराया। उनका शासन [[खरसावाँ|खरसावां]] के बादिन, [[रामगढ़]], गोला, तोरी और घरवे तक फैला हुआ था। उसने सुतियाम्बे में [[सूर्य मंदिर]] बनवाया। उन्होंने [[पुरी]] से पंडा ([[ब्राह्मण]]) को आमंत्रित किया और ठाकुरबाड़ी में मूर्तियां स्थापित की। उन्होंने ब्राह्मणों को सोरंडा और महुगांव गांव देकर स्थापित किया। उनके शासनकाल के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से कई गैर-आदिवासी लोगों का आगमन हुआ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=iYXy1XXNCKoC&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80&pg=PA33&redir_esc=y|title=Jharkhand Encyclopedia Hulgulanon Ki Partidhwaniyan-1|publisher=Vani Prakashan|language=hi}}</ref> उनके दीवान बेलकुपी गांव के निवासी श्रीवास्तव कायस्थ पांडे भाव राय को बनाया गया। ''"नागवंश"'' पुस्तक के लेखक लाल प्रदुमन सिंह के अनुसार, फणी मुकुट राय के शासनकाल के दौरान, नागवंशी साम्राज्य में 66 परगने थे जिनमें से 22 घाटवा में, 18 खुखरागढ़ में, 18 [[नवरतनगढ़|दोइसागढ़]] में और 8 जरीचगढ़ में थे। हालाँकि पिठोरिया के पास सूर्य मंदिर की मूर्ति के अवशेष 12वीं शताब्दी ई.पू. के बताए गए हैं। फणि मुकुट राय की कहानी को प्रमाणित करने के लिए कोई पुरातात्विक अवशेष नहीं खोजा गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/800-years-come-alive-in-pithoria-s-relics-archaeological-explorations-in-two-hamlets-yield-artefacts-from-12th-century-to-colonial-times/cid/482858|title=800 years come alive in Pithoria's relics - Archaeological explorations in two hamlets yield artefacts from 12th Century to colonial times|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> कई विद्वानों ने प्रत्येक राजा की औसत शासन अवधि 25 वर्ष को ध्यान में रखते हुए नागवंशी राजवंश की स्थापना की तारीख चौथी शताब्दी ई.पू. बताई है। 1787 में भारत के गवर्नर जनरल को दृपनाथ शाह द्वारा दी गई वंशावली के अनुसार, फणि मुकुट राय पहले [[नागवंशी राजवंश|नागवंशी]] राजा थे जो पुंडरीक नागा और सकलद्वीपीय ब्राह्मण पार्वती कन्या के पुत्र थे। फणि मुकुट राय की कहानी को विद्वान और इतिहासकार एक [[मिथक]] मानते हैं। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारतीय राजा]] {{आधार}} lllt8es9s2pqlrp360ulgkezbfybhmy 6541680 6541679 2026-04-17T23:42:31Z Dev0745 355074 /* शासन काल */ 6541680 wikitext text/x-wiki {{Infobox royalty |name = फणि मुकुट राय |title = मानकी या [[राजा]] |image = |caption = |succession = प्रथम [[नागवंशी राजवंश|नागवंशी राजा]] |reign = c. 94 - 162 CE (पौराणिक कथा के अनुसार) <br /> चौथी शताब्दी (विद्वानों के अनुसार) |predecessor = [[मदरा मुंडा]] |successor = मुकुट राय |birth_date = |birth_place = |Coronation = |death_date = |death_place = |spouse = |issue = मुकुट राय |dynasty = [[नागवंशी राजवंश|नागवंश]] |father = पुंडरीक नाग (पौराणिक कथा के अनुसार) |mother = पार्वती कन्या (पौराणिक कथा के अनुसार) |religion = [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]] }} '''फणि मुकुट राय''' एक प्रसिद्ध नागवंशी राजा थे। नागवंशी परंपरा के अनुसार, वह प्रथम नागवंशी शासक थे और पहली शताब्दी ईस्वी में [[छोटा नागपुर पठार|छोटानागपुर पठार]] में [[नागवंशी राजवंश]] के संस्थापक थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.119550|title=The Nagbanshis And The Cheros|last=Virottam|first=Balmukund|date=1969}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/ancient-capital-to-open-for-visitors-caves-temples-at-sutiambe-to-offer-peek-into-history/cid/543971|title=Ancient capital to open for visitors - Caves & temples at Sutiambe to offer peek into history|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/eye-on-nagvanshi-remains-culture-department-dreams-of-another-hampi-at-gumla-heritage-site/cid/626956|title=Eye on Nagvanshi remains - Culture department dreams of another Hampi at Gumla heritage site|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> हालांकि इतिहासकार और विद्वान फणी मुकुट राय की कहानी को एक मिथक मानते हैं। कई ईतीहासकार नागवंशी राजवंश की स्थापना चौथी शताब्दी ईस्वी के आसपास हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=q4S3-EecZbMC&pg=PA82&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=झारखंड के अदिवासियों के बीच: एक एक्टीविस्ट के नोट्स|last=तलवार|first=वीर भारत|date=2008|publisher=भारतीय ज्ञानपीठ|isbn=978-81-263-1567-3|language=hi}}</ref> == मिथक == ''नागवंशावली'' (1876) के अनुसार, फणि मुकुट राय पुंडरीक नाग और [[वाराणसी]] की सकलद्वीपीय ब्राह्मण पार्वती कन्या के पुत्र थे। [[कुरु]] राजा जनमेजय द्वारा नाग को [[तक्षशिला]] से निष्कासित करने के बाद [[तक्षक]] के पुत्र पुंडरीक नागा [[वाराणसी]] में बस गए। उसने स्वयं को [[ब्राह्मण]] बताकर एक सकलद्वीपीय ब्राह्मण के घर में रहकर शास्त्रों का अध्ययन किया और उसकी पुत्री से विवाह किया। अपनी कांटेदार जीभ के कारण वह हमेशा अपनी पत्नी की ओर पीठ करके सोते थे। उसके मुँह से बराबर जहरीली साँस निकलती थी। पत्नी रहस्य जानने को उत्सुक हो गई लेकिन पुण्डरीक नाग ने कभी भी रहस्य नहीं बताया। उन्होंने [[पुरी]] के [[जगन्नाथ मंदिर]] की तीर्थ यात्रा की। तीर्थयात्रा से लौटते समय उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी और वह मरने वाली थीं। वह उसका रहस्य जानना चाहती है। तब पुण्डरीक नाग ने नाग बनकर अपना रहस्य बताया और तालाब में कूद पड़ा। एक बच्चे को जन्म देने के बाद उनकी पत्नी मृत्यु हो गई। पुण्डरीक नाग ने बालक को अपने फन से छप्पर दिया। लकड़हारे ने इसे देखा और जनार्दन नामक एक सकलद्वीपीय ब्राह्मण को सूचित किया, जिसके पास सूर्य की मूर्ति थी। ब्राह्मण ने यह घटना देखी पुण्डरीक नागा ने ब्राह्मण को अपनी कहानी सुनाई और ब्राह्मण से कहा कि वह लड़का नागपुर का राजा बनेगा और ब्राह्मण उसका पुजारी बनेगा। ब्राह्मण ने बालक का नाम फणी मुकुट राय रखा क्योंकि उसे कोबरा के फन से सुरक्षित रखा गया था और उसका पालन-पोषण किया था। ब्राह्मण के पास सूर्य की मूर्ति थी जो पुण्डरीक नगा के सुझाव के अनुसार नागवंशियों की संरक्षक देवता बन गई। ब्राह्मण सुतियाम्बे गांव के मुखिया मदरा मुंडा का पुजारी था। मदरा मुंडा ने फणि मुकुट राय को गोद लिया और अपने पुत्र के साथ उसका पालन-पोषण किया। बाद में, मदरा मुंडा ने दोनों पुत्रों के बीच प्रतियोगिता करवाई जिसमें फणि मुकुट राय सफ़ल हुआ। मदरा मुंडा , सुरगुजा और फटकुम के राजाओं ने फणि मुकुट राय के गुणों से प्रभावित होकर उसे सुतियाम्बे का नया राजा घोषित किया।<ref>{{Cite journal|last=Nath|first=Sanjay|date=2015-01-01|title=Pages from the Old Records: A Note on &#39;The &quot;Kols&quot; of Chota-Nagpore&#39; by E.T. Dalton|url=https://www.academia.edu/42298290/Pages_from_the_Old_Records_A_Note_on_The_Kols_of_Chota_Nagpore_by_E_T_Dalton|journal=Journal of Adivasi and Indigenous Studies}}</ref> नागवंशी परंपरा के अनुसार यह 104 ई. में हुआ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=iYXy1XXNCKoC&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80&pg=PA33&redir_esc=y|title=Jharkhand Encyclopedia Hulgulanon Ki Partidhwaniyan-1|publisher=Vani Prakashan|language=hi}}</ref> हालाँकि, इस कहानी को ज्यादातर इतिहासकारों और विद्वानों द्वारा एक [[मिथक]] माना जाता है और यह बाद के काल में आविष्कृत राजवंश की [[ब्राह्मणवाद|ब्राह्मणवादी]] उत्पत्ति की कहानी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=IpwuDwAAQBAJ&pg=PT113&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Indigeneity, Landscape and History: Adivasi Self-fashioning in India|last=Sen|first=Asoka Kumar|date=2017-07-28|publisher=Taylor & Francis|isbn=978-1-351-61186-2|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.peepultree.world/livehistoryindia/story/places/navratangarh-lost-kingdom-of-the-nagvanshis|title=Navratangarh: Lost Kingdom of the Nagvanshis|date=2019-04-27|website=PeepulTree|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> फणि मुकुट राय का पालन-पोषण एक कन्याभुजा ब्राह्मण द्वारा कहा जाता है। लेकिन [[शरत्चन्द्र राय|शरत चन्द्र राय]] द्वारा एकत्रित कहानियों के अनुसार, फणि मुकुट राय को सुतियाम्बे के पड़हा राजा मदरा मुंडा द्वारा गोद लिया गया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=5hXYDwAAQBAJ&pg=PA12&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=JHARKHAND SAMAGRA (Prabhat Prakashan): Bestseller Book JHARKHAND SAMAGRA (Prabhat Prakashan)|last=BIRENDRA (IAS)|date=2020-03-21|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-93-90101-16-0|language=hi}}</ref> ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह कहानी काल्पनिक प्रतीत होती है। नागवंशियों के वंशावली में फणिमुकुट राय को उनका पहला राजा माना जाता है.<ref>{{Cite news|url=https://www.prabhatkhabar.com/prabhat-khabar-special/history-of-munda-tribes-relationship-between-munda-tribe-and-nagavanshi-empire|title=मदरा मुंडा ने दत्तक पुत्र थे फणिमुकुट राय|date=8 January 2025|work=प्रभात खबर|access-date=13 January 2025}}</ref> == सुतियाम्बे का शासक == मुकुट राय को 94 ईस्वी के आसपास उनके गुणों के कारण पड़हा प्रमुख मदरा मुंडा तथा सरगुजा और पातकुम के अन्य मानकियों (राजाओं) द्वारा सुतियाम्बे के मानकी के रूप में चुना गया था और उन्होंने 68 वर्षों तक शासन किया। उनकी राजधानी सुतियाम्बे में थी, जो अब [[राँची जिला|रांची जिले]] में स्थित है। वह मिट्टी के किले में रहता था।<ref>{{Cite journal|last=Nath|first=Sanjay|date=2015-01-01|title=Pages from the Old Records: A Note on &#39;The &quot;Kols&quot; of Chota-Nagpore&#39; by E.T. Dalton|url=https://www.academia.edu/42298290/Pages_from_the_Old_Records_A_Note_on_The_Kols_of_Chota_Nagpore_by_E_T_Dalton|journal=Journal of Adivasi and Indigenous Studies}}</ref> == शासन काल == अपने शासनकाल के दौरान, उन्होंने [[पंचेत]] के राजा की मदद से कोराम्बे के रक्षेल और [[केन्दुझर जिला|केंदुझार]] के आक्रमणकारियों को हराया। उनका शासन [[खरसावाँ|खरसावां]] के बादिन, [[रामगढ़]], गोला, तोरी और घरवे तक फैला हुआ था। उसने सुतियाम्बे में [[सूर्य मंदिर]] बनवाया। उन्होंने [[पुरी]] से पंडा ([[ब्राह्मण]]) को आमंत्रित किया और ठाकुरबाड़ी में मूर्तियां स्थापित की। उन्होंने ब्राह्मणों को सोरंडा और महुगांव गांव देकर स्थापित किया। उनके शासनकाल के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से कई गैर-जनजाती लोगों का आगमन हुआ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=iYXy1XXNCKoC&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80&pg=PA33&redir_esc=y|title=Jharkhand Encyclopedia Hulgulanon Ki Partidhwaniyan-1|publisher=Vani Prakashan|language=hi}}</ref> उनके दीवान बेलकुपी गांव के निवासी श्रीवास्तव कायस्थ पांडे भाव राय को बनाया गया। ''"नागवंश"'' पुस्तक के लेखक लाल प्रदुमन सिंह के अनुसार, फणी मुकुट राय के शासनकाल के दौरान, नागवंशी साम्राज्य में 66 परगने थे जिनमें से 22 घाटवा में, 18 खुखरागढ़ में, 18 [[नवरतनगढ़|दोइसागढ़]] में और 8 जरीचगढ़ में थे। हालाँकि पिठोरिया के पास सूर्य मंदिर की मूर्ति के अवशेष 12वीं शताब्दी ई.पू. के बताए गए हैं। फणि मुकुट राय की कहानी को प्रमाणित करने के लिए कोई पुरातात्विक अवशेष नहीं खोजा गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/800-years-come-alive-in-pithoria-s-relics-archaeological-explorations-in-two-hamlets-yield-artefacts-from-12th-century-to-colonial-times/cid/482858|title=800 years come alive in Pithoria's relics - Archaeological explorations in two hamlets yield artefacts from 12th Century to colonial times|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2023-06-23}}</ref> कई विद्वानों ने प्रत्येक राजा की औसत शासन अवधि 25 वर्ष को ध्यान में रखते हुए नागवंशी राजवंश की स्थापना की तारीख चौथी शताब्दी ई.पू. बताई है। 1787 में भारत के गवर्नर जनरल को दृपनाथ शाह द्वारा दी गई वंशावली के अनुसार, फणि मुकुट राय पहले [[नागवंशी राजवंश|नागवंशी]] राजा थे जो पुंडरीक नागा और सकलद्वीपीय ब्राह्मण पार्वती कन्या के पुत्र थे। फणि मुकुट राय की कहानी को विद्वान और इतिहासकार एक [[मिथक]] मानते हैं। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भारतीय राजा]] {{आधार}} gjptq4oot0cg88c4qk7vh4e7i6b8ymv विकिपीडिया:प्रबन्धक सूचनापट 4 28428 6541594 6541577 2026-04-17T13:10:54Z हिंदुस्थान वासी 89741 /* पृष्ठ नाम बदलाव अनुरोध */ नया अनुभाग 6541594 wikitext text/x-wiki {{/शीर्ष}} <!-- ------------------------- चर्चाएँ/सूचनायें/प्रस्ताव --------------------------- --> <!-- ------------------------- नया अनुभाग हमेशा सबसे नीचे बनायें --------------------------- --> == नाम बदलाव == कृपया मेरा यूजरनेम बदलकर InkAndLinks कर दें। [[सदस्य:NS Media India|NS Media India]] ([[सदस्य वार्ता:NS Media India|वार्ता]]) 11:47, 14 जनवरी 2026 (UTC) :@[[सदस्य:NS Media India|NS Media India]] जी, आप अपने खाते का नाम बदलने के लिए [[विशेष:GlobalRenameRequest]] पृष्ठ पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 12:08, 14 जनवरी 2026 (UTC) ::मेरे द्वारा इस पृष्ठ पर फॉर्म के माध्यम से अनुरोध किया जा चुका है। [[सदस्य:NS Media India|NS Media India]] ([[सदस्य वार्ता:NS Media India|वार्ता]]) 03:08, 15 जनवरी 2026 (UTC) == Socks == The user {{user|Kartikeyapur dynasty}} is a confirmed [[विकिपीडिया:कठपुतली|sockpuppet]] of {{user|कत्यूरी राजाका वंशज}} at enwiki. They left caste-cruft about the [[कत्यूरी राजवंश|Katyuri dynasty]] and sites from the time period at enwiki; at hiwiki, I didn't look too deeply, but it includes [[ताड्कासुर (तेडी)]] and some disruptive edits at [[कार्तिकेय (मोहन्याल)]] that included [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%AF_(%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2)&diff=prev&oldid=6518247 copy-paste of a search-engine results page in a place that broke a reference]. (Inspection of the remaining content led me to initiate [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कार्तिकेय (मोहन्याल)|an AfD discussion]] on that page.) [[सदस्य:LaundryPizza03|LaundryPizza03]] ([[सदस्य वार्ता:LaundryPizza03|वार्ता]]) 05:39, 8 फ़रवरी 2026 (UTC) ::See also, [[:w:en:Wikipedia:Sockpuppet_investigations/कत्यूरी_राजाका_वंशज|this sockpuppet investigation]] [[सदस्य:Sohom Datta|Sohom Datta]] ([[सदस्य वार्ता:Sohom Datta|वार्ता]]) 02:50, 16 फ़रवरी 2026 (UTC) :I spotted this user leaving an unsigned, malformed comment at the AfD. [[सदस्य:LaundryPizza03|LaundryPizza03]] ([[सदस्य वार्ता:LaundryPizza03|वार्ता]]) 07:16, 18 फ़रवरी 2026 (UTC) ::Blocked. – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 17:46, 23 फ़रवरी 2026 (UTC) == सदस्य:जट द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग एवं शीह (CSD) सांचा हटाना == नमस्ते प्रबंधकों, मैंने हाल ही में नव-निर्मित पृष्ठ [[मनोजआनंद]] को 'साफ़ प्रचार' (मापदंड ल2) के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया था। इस पृष्ठ के निर्माता [[सदस्य:जट]] ने बिना किसी सुधार या उचित चर्चा के शीह (CSD) सांचे को हटा दिया। इसके अतिरिक्त, वार्ता पृष्ठ पर गंभीर व्यक्तिगत हमले (WP:NPA का उल्लंघन) किए हैं। उन्होंने अपनी टिप्पणियों में "दलाली करना", "बद् दूआ लेना", "अपना जीवन दरिद्रता में गुजारने" और "औकात" जैसे असंसदीय और अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है।([https://drive.google.com/file/d/1MGrtfqmduIAlj0vdqLCMAzq8RZZrObhb/view?usp=drivesdk Pdf देखिए]) मैंने उन्हें उनके वार्ता पृष्ठ पर नामांकन हटाने के संबंध में मानक चेतावनी भी दी थी, लेकिन उनका रवैया और भाषा विकिपीडिया के सहयोगात्मक माहौल के बिल्कुल विपरीत है। कृपया इस मामले का संज्ञान लें, [[मनोजआनंद]] पृष्ठ (यदि अब तक नहीं हटाया गया है) की समीक्षा करें और सदस्य द्वारा किए गए व्यक्तिगत हमलों पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई (चेतावनी या अवरोध) करें। धन्यवाद। --[[User:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:14, 10 मार्च 2026 (UTC) :{{Ping|VIKRAM PRATAP7}} नमस्ते! [[मनोजआनंद]] को {{noping|संजीव बॉट}} द्वारा हटाया जा चुका है, अगर ये दोबारा ऐसा कार्य करते है, तो इन्हे संपादनो से अवरोधित किया जायेगा प्रबंधको द्वारा अगर सदस्य ने व्यक्तिगत हमला पुन:ह करता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 13:10, 10 मार्च 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] सहृदय धन्यवाद ::@[[सदस्य:जट|जट]] को एक और मौका देने के लिए [[User:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:22, 10 मार्च 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] महोदय कृपया आप [[वार्ता:Vikram Singh Meena]] जांच लें [[User:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:24, 10 मार्च 2026 (UTC) ::: विक्रम जी, जाँच की आवश्यकता नही,[[वार्ता:Vikram Singh Meena]] को शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया जा चुका है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 13:38, 10 मार्च 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] महोदय मैने इसे पहले भी नामांकित किया था और यह हट भी गया था, परंतु यूजर ने यह पृष्ठ दुबारा बना लिया जिस कारण मैने जांचने को कहा क्योंकि आपके आपस अतिरिक्त अधिकार हैं| [[User:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:41, 10 मार्च 2026 (UTC) ::::अरे भाई आप की दिक्कत क्या है अब तो सुधार कर दिया है फिर भी आप ने Delete के लिए क्यों बोल रहे हो, और अगर आप को इस में दिक्कत लग रही है तो आप उनके instagram पर massage कर लो या फिर आप अपना कोई content दे दो जिससे मैं आप से बात कर सकु और जो दिक्कत हैं उसे सही कर सकु या फिर आप Delete कि जगह सुधार कर दो। [[विशेष:योगदान/&#126;2026-15277-71|&#126;2026-15277-71]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-15277-71|वार्ता]]) 07:08, 11 मार्च 2026 (UTC) == बांके चमार पृष्ठ को सुरक्षित करने का विचार == महोदय, यूजर @[[सदस्य:~2026-15392-32|~2026-15392-32]] ने उनके ऊपर अभद्र लेख लिखने का प्रयास किया था|([https://drive.google.com/file/d/1bKRbrGksG03hZ55N4H0W88w8Ar0W6mNQ/view?usp=drivesdk पीडीएफ फाइल]) हालांकि मैने बांके चमार को मैने अभी पूर्ववत किया है|([https://drive.google.com/file/d/1_NIR91inZk-Lf_I0nnpfX3DatQbB1mOP/view?usp=drivesdk फोटो]) परन्तु उपद्रवियों को पृष्ठ सुरक्षित कर दिया जाने पर रोका जा सकता है| इसपर अवश्य विचार करें| [[User:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:VIKRAM PRATAP7|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 20:05, 10 मार्च 2026 (UTC) == सदस्य:HHZy7 द्वारा लगातार बर्बरता == नमस्ते प्रबंधकों, @[[सदस्य:HHZy7|HHZy7]] चेतावनी के पश्चात् भी बर्बरता तथा गलत तथ्यों का सम्पादन कर रहें है और मैने इन्हें 3 चेतावनी दी थी इनके सदस्य पृष्ठ पर <br/> पृष्ठ [[लोक देवता]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:27, 9 अप्रैल 2026 (UTC) :{{done}} अवरोधित – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 05:29, 12 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय एक बार सोचे रोलबैक अधिकार हेतु :: केवल आग्रह है [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:30, 12 अप्रैल 2026 (UTC) :::मैंने पहले ही अपना मत व्यक्त कर दिया है और निर्णय अन्य प्रबंधकों पर छोड़ दिया है। आप अच्छा काम कर रहे हैं, उसे जारी रखें। मेरा निवेदन है कि हर जगह पिंग करके एक ही प्रश्न बार-बार न पूछें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 05:40, 12 अप्रैल 2026 (UTC) == सदस्य ~2026-22212-57 द्वारा बार बार अपमानजनक सम्पादन करना == नमस्ते प्रबंधकों, @[[सदस्य:~2026-22212-57|~2026-22212-57]] चेतावनी के पश्चात् भी अपमानजनक सम्पादन कर रहा है, इनकी ip को अवरोधित करने का नामांकन करता हूं| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:03, 11 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय, यह फिर अपमानजनक सम्पादन कर रहें है| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:07, 12 अप्रैल 2026 (UTC) ::{{done}} अवरोधित – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 05:28, 12 अप्रैल 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] नए सदस्य @~2026-22503-37 ने हाल ही में [[बिहार]], [[नीतीश कुमार]] पृष्ठ पर कुछ अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री जोड़ी है। मैंने 'संपादन युद्ध' (Edit War) की स्थिति से बचने के लिए इसे स्वयं पूर्ववत (Revert) नहीं किया है। कृपया आप इस संपादन की जाँच करें और सदस्य के खिलाफ उचित प्रशासनिक कार्रवाई करें। धन्यवाद [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:40, 12 अप्रैल 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय, सदस्य@[[सदस्य:~2026-22457-40|~2026-22457-40]] को हमेशा के लिए अवरोधित करें, मैने इन्हें 2 चेतावनी दी है तथा मैने [[पूर्ति आर्या]],[[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/पूर्ति आर्या]] पर एक एक पूर्ववत किया है| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 अप्रैल 2026 (UTC) == Ajaysingh Mer Rajput ko पूर्ण अवरोध == @[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय, @[[सदस्य:Ajaysingh Mer Rajput ko|Ajaysingh Mer Rajput ko]] जी अवरोधित होने के पश्चात् भी अपने सदस्य वार्ता पृष्ठ प्रचार जोड़ रहें है, मेरा अनुरोध है कि उन्हें उनके वार्ता पृष्ठ को संपादित करने से भी अवरोधित करें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:23, 17 अप्रैल 2026 (UTC) == पृष्ठ नाम बदलाव अनुरोध == नमस्कार, [[विनीत कुमार]] असल में [[विनीत कुमार चौधरी]] के ऊपर लेख है। कृपया इन दोनों का विलय विनीत कुमार चौधरी पे कर दिया जाए। इसी क्रम में [[विनीत कुमार (अभिनेता)]] से 'अभिनेता' हटाया जा सकेगा। धन्यवाद। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 13:10, 17 अप्रैल 2026 (UTC) 8jrwhuhrz876pbyig7sg1dlz2ttse8b हिंदी साहित्यकार 0 39644 6541586 6486533 2026-04-17T12:08:17Z Arjun Prasad Singh Prabhat 920765 कड़ियाँ लगाई 6541586 wikitext text/x-wiki इस सूची में अन्य भाषाओं में लिखनेवाले वे साहित्यकार भी सम्मिलित हैं जिनकी पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद हो चुका है।<table align=center width=100% cellspacing=0 cellpadding=3> <tr><td colspan=4 align=center style="background-color:#E4E4E4"><span style="font-size:large;">अकारादि क्रम से रचनाकारों की सूची</span></td></tr> </table> <span style="font-size:medium;">'''अ'''</span> * [[अंजू बाला]] * [[अक्षय कुमार जैन]] (1915–1993), पत्रकार, सम्पादक और लेखक। * [[अखिलेश मिश्र]] * [[अचला शर्मा]] * [[अजीत कौर]] (1934–), पंजाबी लेखिका। * [[अटल बिहारी वाजपेयी]] (1924 – 2018), हिन्दी कवि और राजनेता। * [[अनंत पई|अनन्त पई]] (1929 – 2011), भारतीय कॉमिक्स लेखक। * [[अनामिका (हिंदी कवयित्री)|अनामिका]] (1961–), कवयित्री और लेखिका। * [[अनीता देसाई]] (1937–), उपन्यासकार। * [[अनिल जनविजय]] * [[अब्दुल बिस्मिल्लाह]] * [[अमरकांत]] * [[अनिल भटनागर]] * [[अफसर बानो]] * [[अब्दुल अज़ीज़]] * [[अब्दुल बिस्मिल्लाह]] * [[अब्दुल मन्नन बगुलिया]] * [[अब्दुल्लाह हुसैन]] * [[अभय कात्यायन]] * [[अभिमन्यु अनत]] * [[अभिलाष वर्मा]] * [[अमर गोस्वामी]] * [[अमर चित्र कथा]] * [[अमरकांत]] * [[अमरसिंह वधान]] * [[अमरीक सिंह दीप]] * [[अमर्त्य सेन]] * [[अमिताभ चौधरी]] * [[अमृतलाल नागर]] * [[अमृता प्रीतम]] * [[अम्बा प्रसाद श्रीवास्तव]] * [[अम्बिका प्रसाद दिव्य]] * [[अयोध्याप्रसाद गोयलीय]] * [[अरविन्द विष्णु गोखले|अरविंद गोखले]] * [[अरविन्द कुमार]] * [[अरविन्द श्रीवास्तव]] * [[अरुण कमल]] * [[अरुण प्रकाश (साहित्यकार)|अरुण प्रकाश]] * [[अरुण कुमार]] * [[अरुण कुमार सिंह]] * [[अरुण कुमार सिंह]] * [[अरुण देव]] * [[अरुण माहेश्वरी]] * [[अरुण शौरी]] * [[अवधेश कुमार]] * [[अशोक भाटिया]] * [[अमृतलाल नागर]] * [[असग़र वजाहत|असगर वजाहत]] * [[अरुण साधू]] * [[अरूंधति रॉय]] * [[अर्चना चतुर्वेदी]] * [[अर्चना वर्मा]] * [[अर्जुनदेव चारण]] * अर्जुन प्रभात ( कवि, लेखक ,समीक्षक, भाषाशास्त्री) * [[अल. वलीअप्पा]] * [[अलका पाठक]] * [[अलका सरावगी]] * [[अली सरदार जाफरी]] * [[श्यामलाल शर्मा|अल्हड़ बीकानेरी]] * [[अवधेश प्रीत]] * [[अशोक आन्द्रे]] * [[अशोक कुमार (अभिनेता)|अशोक कुमार]] * [[अशोक कौशिक]] * [[अशोक चक्रधर]] * [[अशोक वाजपेयी]] * [[अशोकजी]] * [[अशोकमित्रन]] * [[असग़र वजाहत|असगर वजाहत]] * [[अहमद फ़राज़|अहमद फराज]] * [[अत्रिदेव]] * [[अज्ञेय]] <span style="font-size:medium;">'''आ'''</span> * [[आचार्य चतुरसेन शास्त्री|आचार्य चतुरसेन]] * [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्रदेव]] * [[बालकृष्ण|आचार्य बालकृष्ण]] * [[रामचन्द्र शुक्ल|आचार्य रामचंद्र शुक्ल]] * [[आनन्द कुमार]] * [[आबिद रिजवी]] * [[आबिद सुरती]] * [[आरसू]] * [[कैप्टन एस.शेषाद्रि]] * [[आशा]] * [[आशा साकी]] * [[आशापूर्णा देवी]] * [[आशारानी व्होरा]] * [[आशुतोष मुखोपाध्याय]] <span style="font-size:medium;">'''इ'''</span> * [[इलाचन्द्र जोशी]] * [[इवान तुर्गेन्येव]] * [[इवान बूनिन]] * [[इस्मत चुग़ताई]] <span style="font-size:medium;">'''ई'''</span> <span style="font-size:medium;">'''उ'''</span> * [[उदय प्रकाश]] * [[उर्मिला शिरीष]] <span style="font-size:medium;">'''ए'''</span> * [[एस॰आर॰ हरनोट|एस.आर.हरनोट]] <span style="font-size:medium;">'''ओ'''</span> <span style="font-size:medium;">'''औ'''</span> <span style="font-size:medium;">'''ॠ'''</span> <span style="font-size:medium;">'''क'''</span> * [[कमलेश्वर]] * [[कमलेश भट्ट कमल|कमलेशभट्ट कमल]] * [[कृष्ण बिहारी 'नूर'|कृष्ण बिहारी]] * [[कामतानाथ]] * [[काशीनाथ सिंह]] * [[कुर्अतुल ऐन हैदर|क़ुर्रतुल ऎन हैदर]] * [[कृष्ण चंदर|कृश्न चन्दर]] <span style="font-size:medium;">'''ख'''</span> * [[खलील जिब्रान|ख़लील जिब्रान]] * [[ख़्वाजा अहमद अब्बास]] <span style="font-size:medium;">'''ग'''</span> <span style="font-size:medium;">'''घ'''</span> <span style="font-size:medium;">'''च'''</span> * [[चित्रा मुद्गल]] * [[चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी']] <span style="font-size:medium;">'''छ'''</span> <span style="font-size:medium;">'''ज'''</span> * [[जगदीश कश्यप]] * [[जया जादवानी]] * [[जैनेन्द्र कुमार]] <span style="font-size:medium;">'''ठ'''</span> <span style="font-size:medium;">'''त'''</span> * [[तेजेंद्र शर्मा|तेजेन्द्र शर्मा]] * [[तेजपाल सिंह धामा]] <span style="font-size:medium;">'''द'''</span> <span style="font-size:medium;">'''ध'''</span> * [[धर्मवीर भारती]] <span style="font-size:medium;">'''न'''</span> * [[नमिता सिंह]] * [[नागार्जुन]] * [[नासिरा शर्मा]] * [[निर्मल वर्मा]] <span style="font-size:medium;">'''प'''</span> * [[फ्रैंज काफ्का|फ़्रांज काफ़्का]] * [[प्रत्यक्षा]] * [[प्रभा खेतान]] * [[प्रभु जोशी]] * [[प्रेमचंद]] * [[प्रयाग शुक्ल]] * [[प्रियंवद]] * [[पूर्णिमा वर्मन]] <span style="font-size:medium;">'''फ'''</span> * [[फणीश्वर नाथ "रेणु"|फणीश्वरनाथ रेणु]] * [[फ्रैंज काफ्का|फ़्रांज काफ़्का]] <span style="font-size:medium;">'''ब'''</span> * [[बर्तोल्त ब्रेख्त|बर्तोल्त ब्रेख़्त]] * [[बलराम]] * [[बालकवि बैरागी]] <span style="font-size:medium;">'''भ'''</span> * [[भगवती चरण वर्मा|भगवतीचरण वर्मा]] * [[भवानी प्रसाद मिश्र|भवानीप्रसाद मिश्र]] * [[भारत यायावर]] * [[भगीरथ]] * [[भीष्म साहनी]] * [[भैरव प्रसाद गुप्त|भैरवप्रसाद गुप्त]] <span style="font-size:medium;">'''म'''</span> * [[मन्नू भंडारी]] * [[ममता कालिया]] * [[मनोहर श्याम जोशी|मनोहरश्याम जोशी]] * [[महादेवी वर्मा]] * [[मालती जोशी]] * [[मिथिलेश्वर]] * [[मिर्ज़ा हादी रुस्वा]] * [[मेहरुन्निसा परवेज]] * [[मैत्रेयी पुष्पा]] (1944 – ), लेखिका। * [[मोहन राकेश]] (1925 – 1972), लेखक और नाटककार। * [[मृदुला गर्ग]] (1938 – ), हिन्दी और अंग्रेज़ी लेखिका। * [[मृणाल पाण्डे|मृणाल पांडे]] (1946 – ), पत्रकार और लेखक। <span style="font-size:medium;">'''य'''</span> * [[यशपाल]] (1903 – 1976), लेखक। * [[योगेंद्र आहूजा]] <span style="font-size:medium;">'''र'''</span> * [[रघुनन्दन त्रिवेदी]] * [[रघुवीर सहाय]] (1929 – 1990), कवि और लेखक। * [[रवीन्द्र कालिया]] (1939 – 2016), उपन्यासकार और कहानीकार। * [[रांगेय राघव]] (1923 – 1962), लेखक। * [[राजेन्द्र यादव]] (1929 – 2013), लेखक, उपन्यासकार। * [[राजिंदर सिंह बेदी|राजेन्द्रसिंह बेदी]] (1915 – 1984), उर्दू और हिन्दी लेखक। * [[रामविलास शर्मा]] (1912 – 2000), आलोचक। <span style="font-size:medium;">'''ल'''</span> * [[लाल्टू]] * [[लू शुन]] (1881 – 1936), चीनी लेखक। <span style="font-size:medium;">'''व'''</span> * [[विकेश निझावन]] * [[वीरेन्द्र जैन]] * [[विश्वनाथ त्रिपाठी]] (1931 – ), लेखक। * [[विष्णु प्रभाकर]] (1912 – 2009), लेखक। * [[विष्णु नागर]] (1950 – ) <span style="font-size:medium;">'''श'''</span> * [[शंकर पुण्तांबेकर]] (1923 – 2016), लेखक। * [[शमोएल अहमद]] * [[गुलशेर ख़ाँ शानी|शानी]] (1933 – 1995) * [[शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय|शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय]] (1876 – 1938), बंगाली उपन्यासकार। * [[शिवकुमार मिश्र (आलोचक)|शिवकुमार मिश्र]] * [[शिवमूर्ति]] (1950 – ) शिवराज आनंद * [[शेखर जोशी]] (1932 – 2022), लेखक। * [[शैलेश मटियानी]] (1931 – 2001), लेखक और कवि। <span style="font-size:medium;">'''श्र'''</span> * [[श्रीलाल शुक्ल]] (1925 – 2011), लेखक और व्यंग्यकार। * [[श्रीकृष्ण सरल]] (1919 – 2000), कवि और लेखक। <span style="font-size:medium;">'''स'''</span> * [[सज्जाद ज़हीर]] (1905 – 1973), पाकिस्तानी उर्दू लेखक। * [[स्वयं प्रकाश]] (1947 – 2019) * [[सुकेश साहनी]] (1956 – ) * [[सुधा अरोड़ा]] (1946 – ), लेखिका। * [[सुरेन्द्र चौधरी]] (1933 – 2001) * [[सुषमा मुनीन्द्र]] * [[सूरज प्रकाश]] * [[सूर्यबाला]] <span style="font-size:medium;">'''ह'''</span> * [[हृषीकेश सुलभ]] (1955 – ), लेखक। * [[हृदयेश]] * [[हरिशंकर परसाई]] (1922 – 1995), भारतीय लेखक और व्यंग्यकार। <span style="font-size:medium;">'''त्र'''</span> * [[त्रिलोचन शास्त्री|त्रिलोचन]] <span style="font-size:medium;">'''ज्ञ'''</span> * [[ज्ञान चतुर्वेदी]] (1952–), हिन्दी व्यंग्यकार। * [[ज्ञान प्रकाश विवेक]] [[श्रेणी:हिन्दी साहित्यकार]] [[श्रेणी:भारतीय हिंदी साहित्यकार]] onj0tf8zwblruzi0mni66mbkogua94o साँचा:ज्ञानसन्दूक सैन्य निर्माण 10 45671 6541812 6408712 2026-04-18T11:05:37Z The Sorter 845290 नई जानकारी 6541812 wikitext text/x-wiki {{infobox | child = {{yesno|{{{embed|}}}|def=}} | bodyclass = vcard | bodystyle = {{WPMILHIST Infobox style|main_box_raw|vcard}} | abovestyle = {{WPMILHIST Infobox style|header_raw}} | labelstyle = padding-right:1em | headerstyle = {{WPMILHIST Infobox style|header_raw}} | subheaderstyle1 = {{WPMILHIST Infobox style|header_raw}}; font-weight:bold; | {{#ifeq:{{{embed|}}}|yes|subheader1|above}} = {{#if:{{{name|}}}|{{{name}}}|{{#ifeq:{{{embed|}}}|yes|<nowiki />|<includeonly>{{PAGENAMEBASE}}</includeonly>}}}}<!-- -->{{#if:{{{ensign|}}}|<div style="padding-bottom:2px">{{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{ensign|}}}|size={{{ensign_size|}}}|sizedefault=90px|alt={{{ensign_alt|}}}}} {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{ensign2|}}}|size={{{ensign2_size|}}}|sizedefault=90px|alt={{{ensign2_alt|}}}}}</div>}} | subheaderstyle2 = {{WPMILHIST Infobox style|header_raw}} | subheader2 = {{br separated entries |1 = {{#if:{{{native_name|}}}|<div style="display:inline;" class="nickname">{{{native_name|}}}</div>}} |2 = {{#if:{{{nativename|}}}|<div style="display:inline;" class="nickname">{{{nativename|}}}</div>}} |3 = {{#if:{{{nativename-a|}}}|<div style="display:inline;" class="nickname">{{{nativename-a}}}</div>}} |4 = {{#if:{{{nativename-r|}}}|<div style="display:inline;" class="nickname">{{{nativename-r}}}</div>}} }} | subheaderstyle3 = {{WPMILHIST Infobox style|sub_header_raw}} | subheader3 = {{#if:{{{partof|}}}| {{{partof}}} का भाग }} | subheaderstyle4 = {{WPMILHIST Infobox style|sub_header_raw}} | subheader4 = {{#if:{{{location|}}}{{{nearest_town|}}}{{{country|}}} |<span class="label">{{br separated entries |1={{{location|}}} |2={{#if:{{{nearest_town|}}}|{{{nearest_town}}} के निकट}} }} {{#if:{{{country|}}} | {{#if:{{{location|}}}{{{nearest_town|}}}|in&nbsp;}}{{{country}}}}}</span> }} | image = {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{image|}}}|size={{{image_size|}}}|sizedefault=250px|alt={{if empty|{{{image_alt|}}}|{{{alt|}}}}}}} | caption = {{{caption|}}} | image2 = {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{image2|}}}|size={{{image2_size|}}}|sizedefault=75px|alt={{if empty|{{{image2_alt|}}}|{{{alt2|}}}}}}} | caption2 = {{{caption2|}}} | header1 ={{#if:{{{type|}}}{{{code|}}}{{{ownership|}}}{{{owner|}}}{{{operator|}}}{{{controlledby|}}}{{{controlled by|}}}{{{controlled_by|}}}{{{open_to_public|}}}{{{condition|}}}{{{status|}}}{{{site_other|}}}{{{website|}}}|जानकारी}} | label2 = प्रकार | data2 = {{{type|}}} | label3 = कोड | data3 = {{{code|}}} | label4 = स्वामी | data4 = {{if empty|{{{ownership|}}}|{{{owner|}}}}} | label5 = प्रचालक | data5 = {{{operator|}}} | label6 = नियंत्रण | data6 = {{if empty|{{{controlledby|}}}|{{{controlled by|}}}|{{{controlled_by|}}}}} | label7 = जनता के लिए खुला | data7 = {{{open_to_public|}}} | label8 = {{#if: {{{condition|}}}|स्थिति|स्थिति}} | data8 = {{if empty|{{{condition|}}}|{{{status|}}}}} | label9 = {{#if:{{{site_other_label|}}} | {{{site_other_label}}} | अन्य स्थल<br>सुविधाएँ }} | data9 = {{{site_other|}}} | label10 = वेबसाइट | data10 = {{{website|}}} | header11 = {{#if:{{{map|}}}{{{image_map|}}}{{{pushpin_map|}}}{{{map_type|}}}{{{mapframe|}}}{{{coordinates|}}}|अवस्थिति}} | data12 = {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{if empty|{{{map|}}}|{{{image_map|}}}}}|size={{if empty|{{{map_size|}}}|{{{image_mapsize|}}}}}|sizedefault=250px|alt={{if empty|{{{map_alt|}}}|{{{image_map_alt|}}}}}}} | data13 = {{#if:{{{map|}}}{{{image_map|}}}|{{if empty|{{{map_caption|}}}|{{{image_map_caption|}}}}}}} | data14 = {{#if:{{{pushpin_map|}}}{{{map_type|}}} |{{Location map|{{if empty|{{{pushpin_map|}}}|{{{map_type|}}}}} | label = {{#ifeq: {{lc: {{{pushpin_label_position|}}} }} | none | | {{#if:{{{pushpin_label|}}}|{{{pushpin_label}}}|{{{name|<includeonly>{{PAGENAMEBASE}}</includeonly>}}}}} }} | alt = {{{pushpin_map_alt|}}} | coordinates = {{{coordinates|}}} | mark = {{#if: {{{pushpin_mark|}}} | {{{pushpin_mark}}} | Red_pog.svg }} | marksize = {{#if: {{{pushpin_marksize|}}} | {{{pushpin_marksize}}} | 10 }} | float = center | caption = {{if empty|{{{pushpin_map_caption|}}}|{{{map_caption|}}}}} | border = infobox | position = {{{pushpin_label_position|}}} | width = {{#if:{{{pushpin_mapsize|}}}{{{map_size|}}}|{{if empty|{{{pushpin_mapsize|}}}|{{{map_size|}}}}} | 250 }} | relief = {{if empty|{{{pushpin_relief|}}}|{{{map_relief|}}}}} | AlternativeMap = {{{pushpin_image|}}} }}}} | data15 = {{#invoke:Infobox mapframe | autoWithCaption | onByDefault = {{#if:{{{pushpin_map|}}}{{{map_type|}}}{{{map|}}}{{{image_map|}}}{{yesno|{{{embed|}}}|def=}}|no|yes}} | mapframe-marker = observation-tower | mapframe-stroke-width = 2 | mapframe-frame-width = 250 | mapframe-type = landmark | mapframe-wikidata = yes }} | label17 = निर्देशांक | data17 = {{#if:{{{coordinates|}}}|{{{coordinates}}} {{if empty|{{{coordinates_footnotes|}}}|{{{coord_footnotes|}}}}} }} | label18 = [[ग्रिड संदर्भ]] | data18 = {{{gridref|}}} | label19 = क्षेत्र | data19 = {{{site_area|}}} | label20 = फ़र्श क्षेत्रफल | data20 = {{{floor_area|}}} | label21 = ऊँचाई | data21 = {{{height|}}} | label22 = लंबाई | data22 = {{{length|}}} | header27 = {{#if:{{{built|}}}{{{built_for|}}}{{{builder|}}}{{{architect|}}}{{{used|}}}{{{dates|}}}{{{materials|}}}{{{fate|}}}{{{demolished|}}}{{{battles|}}}{{{events|}}} | इतिहास }} | label28 = निर्माण | data28 = {{{built|}}} | label29 = निर्माण का कारण | data29 = {{{built_for|}}} | label30 = निर्माता | data30 = {{{builder|}}} | label31 = वास्तुकार | data31 = {{{architect|}}} | label32 = प्रचलित | data32 = {{if empty|{{{used|}}}|{{{dates|}}}}} | label33 = सामग्रियाँ | data33 = {{{materials|}}} | label34 = भाग्य | data34 = {{{fate|}}} | label35 = नष्ट | data35 = {{{demolished|}}} | label36 = युद्ध | data36 = {{{battles|}}} | label37 = घटना(एँ) | data37 = {{{events|}}} | header38 = {{#if:{{{commander|}}}{{{current_commander|}}}{{{past_commanders|}}}{{{commanders|}}}{{{garrison|}}}{{{occupants|}}} | गैरिसन जानकारी }} | label39 = वर्तमान<br />कमांडर | data39 = {{if empty|{{{current_commander|}}}|{{{commander|}}}}} | label40 = पूर्व<br />कमांडर | data40 = {{if empty|{{{past_commanders|}}}|{{{commanders|}}}}} | label41 = गैरिसन | data41 = {{{garrison|}}} | label42 = सेना(एँ) | data42 = {{{occupants|}}} | label43 = Designations | data43 = {{{designations|}}} | header44 = {{#if:{{{subcritical_tests|}}}{{{nuclear_tests|}}}{{{thermonuclear_tests|}}}{{{other_tests|}}}{{{remediation|}}} | परिक्षण जानकारी }} | label45 = [[उपक्रांतिक]] परीक्षाएँ | data45 = {{{subcritical_tests|}}} | label46 = [[विखण्डन|परमाणु]] परिक्षाएँ | data46 = {{{nuclear_tests|}}} | label47 = [[नाभिकीय संलयन|ऊष्मपरमाणु]] परिक्षाएँ | data47 = {{{thermonuclear_tests|}}} | label48 = {{#if:{{{other_tests_label|}}} | {{{other_tests_label}}} | Other tests }} | data48 = {{{other_tests|}}} | label49 = [[Environmental remediation|Remediation]] | data49 = {{{remediation|}}} <!-- image3 testing area (START) --> | data50 = {{#if:{{{image3|}}}| {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{image3|}}}|size={{{image3_size|}}}|sizedefault=250px|alt={{if empty|{{{image3_alt|}}}|{{{alt3|}}}}}}}{{#if:{{{caption3|}}}|<div>{{{caption3|}}}</div>}}}} <!-- image3 testing area (END) --> | header51 = {{#if:{{{r1-number|}}}{{{r1-length|}}}{{{r1-surface|}}}{{{h1-number|}}}{{{h1-length|}}}{{{h1-surface|}}}{{{airfield_other|}}}{{{elevation|}}}{{{IATA|}}}{{{ICAO|}}}{{{FAA|}}}{{{TC|}}}{{{LID|}}}{{{GPS|}}}{{{WMO|}}} |एयरफ़ील्ड की जानकारी}} <!-- this next bit is to display ICAO, IATA etc codes if the airfield has (any of) these --> | label52 = अभिज्ञाताएँ | data52 = {{comma separated entries |1= {{#if:{{{IATA|}}} | [[अन्तर्राष्ट्रीय वायु यातायात संघ|IATA]]: {{{IATA|}}}}} |2= {{#if:{{{ICAO|}}} | [[अन्तर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन|ICAO]]: {{{ICAO}}}}} |3= {{#if:{{{FAA|}}} |[[Location identifier#FAA identifier|FAA LID]]: {{{FAA}}}}} |4= {{#if:{{{TC|}}} | [[Location identifier#Transport Canada identifier|TC LID]]: {{{TC}}}}} |5= {{#if:{{{LID|}}}| [[Location identifier|LID]]: {{{LID}}}}} |6= {{#if:{{{GPS|}}}| [[वैश्विक स्थान-निर्धारण प्रणाली|GPS]]: {{{GPS}}}}} |7= {{#if:{{{WMO|}}}| [[Location identifier#WMO station identifiers|WMO]]: {{{WMO}}}}} }} | label53 = समुद्र तल से ऊँचाई | data53 = {{#if:{{{elevation|}}} |{{{elevation}}} [[समुद्र तल से ऊँचाई|AMSL]] }} | data54 = {{#if: {{{r1-number|}}} {{{r1-length|}}} {{{r1-surface|}}}| <table style="width:100%; margin:-2px -1px -1px -1px; border-spacing:0;"> <tr style="background-color: #ddd; color:inherit;"> <th colspan=2 style="font-weight:normal; border:solid 1px #fafafa; border-width:0 0 1px 0;">Runways</th> </tr><tr style="background-color: #ddd; color:inherit; text-align: left;"> <th scope=col style="font-weight:normal; width: 25%; border:solid 1px #fafafa; border-width:1px 1px 0 0;padding:1px 2px;">[[Runway#Orientation and dimensions|Direction]]</th> <th scope=col style="font-weight:normal; width: 75%; border:solid 1px #fafafa; border-width:1px 0 0 1px;padding:1px 2px;">Length and surface</th> </tr><tr> <td style="text-align: center;">{{{r1-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r1-length}}}&nbsp;{{{r1-surface}}}</td> </tr>{{#if:{{{r2-number|}}} {{{r2-length|}}} {{{r2-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r2-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r2-length}}}&nbsp;{{{r2-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r3-number|}}} {{{r3-length|}}} {{{r3-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r3-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r3-length}}}&nbsp;{{{r3-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r4-number|}}} {{{r4-length|}}} {{{r4-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r4-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r4-length}}}&nbsp;{{{r4-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r5-number|}}} {{{r5-length|}}} {{{r5-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r5-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r5-length}}}&nbsp;{{{r5-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r6-number|}}} {{{r6-length|}}} {{{r6-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r6-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r6-length}}}&nbsp;{{{r6-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r7-number|}}} {{{r7-length|}}} {{{r7-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r7-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r7-length}}}&nbsp;{{{r7-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r8-number|}}} {{{r8-length|}}} {{{r8-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r8-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r8-length}}}&nbsp;{{{r8-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r9-number|}}} {{{r9-length|}}} {{{r9-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r9-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r9-length}}}&nbsp;{{{r9-surface}}}</td> </tr>}}</table>}} | data55 = {{#if: {{{h1-number|}}} {{{h1-length|}}} {{{h1-surface|}}}| <table style="width:100%; margin:-2px -1px -1px -1px; border-spacing:0;"> <tr style="background-color: #ddd; color:inherit;"> <th colspan=2 style="font-weight:normal; border:solid 1px #fafafa; border-width:0 0 1px 0;">Helipads</th> </tr><tr style="background-color: #ddd; color:inherit; text-align: left;"> <th scope=col style="font-weight:normal; width: 25%; border:solid 1px #fafafa; border-width:1px 1px 0 0; padding:1px 2px;">Number</th> <th scope=col style="font-weight:normal; width: 75%; border:solid 1px #fafafa; border-width:1px 0 0 1px; padding:1px 2px;">Length and surface</th> </tr> {{#if:{{{h1-number|}}} {{{h1-length|}}} {{{h1-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h1-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h1-length}}}&nbsp;{{{h1-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h2-number|}}} {{{h2-length|}}} {{{h2-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h2-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h2-length}}}&nbsp;{{{h2-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h3-number|}}} {{{h3-length|}}} {{{h3-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h3-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h3-length}}}&nbsp;{{{h3-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h4-number|}}} {{{h4-length|}}} {{{h4-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h4-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h4-length}}}&nbsp;{{{h4-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h5-number|}}} {{{h5-length|}}} {{{h5-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h5-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h5-length}}}&nbsp;{{{h5-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h6-number|}}} {{{h6-length|}}} {{{h6-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h6-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h6-length}}}&nbsp;{{{h6-surface}}}</td> </tr>}}</table>}} | label56 = {{#if:{{{airfield_other_label|}}} | {{{airfield_other_label}}} | Other airfield<br>facilities }} | data56 = {{{airfield_other|}}} | header57 = _BLANK_ | data58 = {{if empty|{{{nrhp|}}}|{{{embedded|}}}|{{{module|}}}}} | belowstyle = text-align: left; background-color: #eee; color:inherit; | below = {{{footnotes|}}} }}{{<includeonly>safesubst:</includeonly>#invoke:Check for unknown parameters|check|unknown={{main other|[[Category:Pages using infobox military installation with unknown parameters|_VALUE_{{PAGENAME}}]]}}|ignoreblank=y|mapframe_args=y|preview=Page using [[Template:Infobox military installation]] with unknown parameter "_VALUE_" | embed | name| designations| ensign| ensign_size| ensign_alt| ensign2| ensign2_size| ensign2_alt| native_name| nativename| nativename-a| nativename-r|partof| location| nearest_town| country| image| image_size| image_alt| alt| caption| image2| image2_size| image2_alt| alt2| caption2| map| image_map |map_size| image_mapsize| map_alt| image_map_alt| map_caption| image_map_caption| pushpin_map| map_type| pushpin_label_position| pushpin_label| pushpin_map_alt| pushpin_mark| pushpin_marksize| pushpin_mapsize| pushpin_relief| map_relief| pushpin_image| pushpin_map_caption| coordinates| coordinates_footnotes| gridref| type| code| site_area| height| length| ownership| owner| operator| controlledby| controlled by| controlled_by| open_to_public| condition| status| site_other| website| site_other_label| built| built_for| builder| architect| used| dates |materials| fate| demolished| battles| events| current_commander| past_commanders| garrison| occupants| subcritical_tests| nuclear_tests| thermonuclear_tests| other_tests| remediation| other_tests_label| image3| image3_size| image3_alt| alt3| caption3| r1-number| r1-length| r1-surface| h1-number| h1-length| h1-surface| airfield_other| elevation| IATA| ICAO| FAA| TC| LID| GPS| WMO| r2-number| r2-length| r2-surface| r3-number| r3-length| r3-surface| r4-number| r4-length| r4-surface| r5-number| r5-length| r5-surface| r6-number| r6-length| r6-surface| r7-number| r7-length| r7-surface| r8-number| r8-length| r8-surface| r9-number| r9-length| r9-surface| h2-number| h2-length| h2-surface| h3-number| h3-length| h3-surface| h4-number| h4-length| h4-surface| h5-number| h5-length| h5-surface| h6-number| h6-length| h6-surface| airfield_other_label| nrhp |embedded |module| footnotes }}{{#if:{{#if:{{both|{{{ownership|}}}|{{{owner|}}}}}|1}}{{#if:{{both|{{{condition|}}}|{{{status|}}}}}|1}}{{#if:{{both|{{{used|}}}|{{{dates|}}}}}|1}}|[[Category:Pages using infobox military installation with unknown parameters|Δ]] }}{{#ifeq:{{#invoke:string|replace|{{if empty|{{{name|}}}|{{PAGENAME}}}}|.* .*|CHECK|plain=false}}|CHECK|[[Category:Pages using infobox military installation with unknown parameters|Ε]] }}{{#invoke:Check for conflicting parameters|check | template = [[Template:Infobox military installation]] | cat = {{main other|Category:Pages using infobox military installation with conflicting parameters}} | image_alt; alt | image2_alt; alt2 | ownership; owner | controlledby; controlled by; controlled_by | condition; status | map; image_map | map_size; image_mapsize | map_alt; image_map_alt | map_caption; image_map_caption | pushpin_map; map_type | pushpin_map_caption; map_caption | pushpin_mapsize; map_size | pushpin_relief; map_relief | coordinates_footnotes; coord_footnotes | used; dates | current_commander; commander | past_commanders; commanders | image3_alt; alt3 | nrhp; embedded; module }}<noinclude> {{documentation}} <!-- Please add categories to the /doc subpage, not here. --> </noinclude> kv7358h1jg6yd8pq4faer0u6z7i6sf4 6541813 6541812 2026-04-18T11:10:14Z The Sorter 845290 6541813 wikitext text/x-wiki {{infobox | child = {{yesno|{{{embed|}}}|def=}} | bodyclass = vcard | bodystyle = {{WPMILHIST Infobox style|main_box_raw|vcard}} | abovestyle = {{WPMILHIST Infobox style|header_raw}} | labelstyle = padding-right:1em | headerstyle = {{WPMILHIST Infobox style|header_raw}} | subheaderstyle1 = {{WPMILHIST Infobox style|header_raw}}; font-weight:bold; | {{#ifeq:{{{embed|}}}|yes|subheader1|above}} = {{#if:{{{name|}}}|{{{name}}}|{{#ifeq:{{{embed|}}}|yes|<nowiki />|<includeonly>{{PAGENAMEBASE}}</includeonly>}}}}<!-- -->{{#if:{{{ensign|}}}|<div style="padding-bottom:2px">{{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{ensign|}}}|size={{{ensign_size|}}}|sizedefault=90px|alt={{{ensign_alt|}}}}} {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{ensign2|}}}|size={{{ensign2_size|}}}|sizedefault=90px|alt={{{ensign2_alt|}}}}}</div>}} | subheaderstyle2 = {{WPMILHIST Infobox style|header_raw}} | subheader2 = {{br separated entries |1 = {{#if:{{{native_name|}}}|<div style="display:inline;" class="nickname">{{{native_name|}}}</div>}} |2 = {{#if:{{{nativename|}}}|<div style="display:inline;" class="nickname">{{{nativename|}}}</div>}} |3 = {{#if:{{{nativename-a|}}}|<div style="display:inline;" class="nickname">{{{nativename-a}}}</div>}} |4 = {{#if:{{{nativename-r|}}}|<div style="display:inline;" class="nickname">{{{nativename-r}}}</div>}} }} | subheaderstyle3 = {{WPMILHIST Infobox style|sub_header_raw}} | subheader3 = {{#if:{{{partof|}}}| {{{partof}}} का भाग }} | subheaderstyle4 = {{WPMILHIST Infobox style|sub_header_raw}} | subheader4 = {{#if:{{{location|}}}{{{nearest_town|}}}{{{country|}}} |<span class="label">{{br separated entries |1={{{location|}}} |2={{#if:{{{nearest_town|}}}|{{{nearest_town}}} के निकट}} }} {{#if:{{{country|}}} | {{#if:{{{location|}}}{{{nearest_town|}}}|in&nbsp;}}{{{country}}}}}</span> }} | image = {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{image|}}}|size={{{image_size|}}}|sizedefault=250px|alt={{if empty|{{{image_alt|}}}|{{{alt|}}}}}}} | caption = {{{caption|}}} | image2 = {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{image2|}}}|size={{{image2_size|}}}|sizedefault=75px|alt={{if empty|{{{image2_alt|}}}|{{{alt2|}}}}}}} | caption2 = {{{caption2|}}} | header1 ={{#if:{{{type|}}}{{{code|}}}{{{ownership|}}}{{{owner|}}}{{{operator|}}}{{{controlledby|}}}{{{controlled by|}}}{{{controlled_by|}}}{{{open_to_public|}}}{{{condition|}}}{{{status|}}}{{{site_other|}}}{{{website|}}}|जानकारी}} | label2 = प्रकार | data2 = {{{type|}}} | label3 = कोड | data3 = {{{code|}}} | label4 = स्वामी | data4 = {{if empty|{{{ownership|}}}|{{{owner|}}}}} | label5 = प्रचालक | data5 = {{{operator|}}} | label6 = नियंत्रण | data6 = {{if empty|{{{controlledby|}}}|{{{controlled by|}}}|{{{controlled_by|}}}}} | label7 = जनता के लिए खुला | data7 = {{{open_to_public|}}} | label8 = {{#if: {{{condition|}}}|स्थिति|स्थिति}} | data8 = {{if empty|{{{condition|}}}|{{{status|}}}}} | label9 = {{#if:{{{site_other_label|}}} | {{{site_other_label}}} | अन्य स्थल<br>सुविधाएँ }} | data9 = {{{site_other|}}} | label10 = वेबसाइट | data10 = {{{website|}}} | header11 = {{#if:{{{map|}}}{{{image_map|}}}{{{pushpin_map|}}}{{{map_type|}}}{{{mapframe|}}}{{{coordinates|}}}|अवस्थिति}} | data12 = {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{if empty|{{{map|}}}|{{{image_map|}}}}}|size={{if empty|{{{map_size|}}}|{{{image_mapsize|}}}}}|sizedefault=250px|alt={{if empty|{{{map_alt|}}}|{{{image_map_alt|}}}}}}} | data13 = {{#if:{{{map|}}}{{{image_map|}}}|{{if empty|{{{map_caption|}}}|{{{image_map_caption|}}}}}}} | data14 = {{#if:{{{pushpin_map|}}}{{{map_type|}}} |{{Location map|{{if empty|{{{pushpin_map|}}}|{{{map_type|}}}}} | label = {{#ifeq: {{lc: {{{pushpin_label_position|}}} }} | none | | {{#if:{{{pushpin_label|}}}|{{{pushpin_label}}}|{{{name|<includeonly>{{PAGENAMEBASE}}</includeonly>}}}}} }} | alt = {{{pushpin_map_alt|}}} | coordinates = {{{coordinates|}}} | mark = {{#if: {{{pushpin_mark|}}} | {{{pushpin_mark}}} | Red_pog.svg }} | marksize = {{#if: {{{pushpin_marksize|}}} | {{{pushpin_marksize}}} | 10 }} | float = center | caption = {{if empty|{{{pushpin_map_caption|}}}|{{{map_caption|}}}}} | border = infobox | position = {{{pushpin_label_position|}}} | width = {{#if:{{{pushpin_mapsize|}}}{{{map_size|}}}|{{if empty|{{{pushpin_mapsize|}}}|{{{map_size|}}}}} | 250 }} | relief = {{if empty|{{{pushpin_relief|}}}|{{{map_relief|}}}}} | AlternativeMap = {{{pushpin_image|}}} }}}} | data15 = {{#invoke:Infobox mapframe | autoWithCaption | onByDefault = {{#if:{{{pushpin_map|}}}{{{map_type|}}}{{{map|}}}{{{image_map|}}}{{yesno|{{{embed|}}}|def=}}|no|yes}} | mapframe-marker = observation-tower | mapframe-stroke-width = 2 | mapframe-frame-width = 250 | mapframe-type = landmark | mapframe-wikidata = yes }} | label17 = निर्देशांक | data17 = {{#if:{{{coordinates|}}}|{{{coordinates}}} {{if empty|{{{coordinates_footnotes|}}}|{{{coord_footnotes|}}}}} }} | label18 = [[ग्रिड संदर्भ]] | data18 = {{{gridref|}}} | label19 = क्षेत्र | data19 = {{{site_area|}}} | label20 = फ़र्श क्षेत्रफल | data20 = {{{floor_area|}}} | label21 = ऊँचाई | data21 = {{{height|}}} | label22 = लंबाई | data22 = {{{length|}}} | header27 = {{#if:{{{built|}}}{{{built_for|}}}{{{builder|}}}{{{architect|}}}{{{used|}}}{{{dates|}}}{{{materials|}}}{{{fate|}}}{{{demolished|}}}{{{battles|}}}{{{events|}}} | इतिहास }} | label28 = निर्माण | data28 = {{{built|}}} | label29 = निर्माण का कारण | data29 = {{{built_for|}}} | label30 = निर्माता | data30 = {{{builder|}}} | label31 = वास्तुकार | data31 = {{{architect|}}} | label32 = प्रचलित | data32 = {{if empty|{{{used|}}}|{{{dates|}}}}} | label33 = सामग्रियाँ | data33 = {{{materials|}}} | label34 = भाग्य | data34 = {{{fate|}}} | label35 = नष्ट | data35 = {{{demolished|}}} | label36 = युद्ध | data36 = {{{battles|}}} | label37 = घटना(एँ) | data37 = {{{events|}}} | header38 = {{#if:{{{commander|}}}{{{current_commander|}}}{{{past_commanders|}}}{{{commanders|}}}{{{garrison|}}}{{{occupants|}}} | गैरिसन जानकारी }} | label39 = वर्तमान<br />कमांडर | data39 = {{if empty|{{{current_commander|}}}|{{{commander|}}}}} | label40 = पूर्व<br />कमांडर | data40 = {{if empty|{{{past_commanders|}}}|{{{commanders|}}}}} | label41 = गैरिसन | data41 = {{{garrison|}}} | label42 = सेना(एँ) | data42 = {{{occupants|}}} | label43 = Designations | data43 = {{{designations|}}} | header44 = {{#if:{{{subcritical_tests|}}}{{{nuclear_tests|}}}{{{thermonuclear_tests|}}}{{{other_tests|}}}{{{remediation|}}} | परिक्षण जानकारी }} | label45 = [[उपक्रांतिक]] परीक्षाएँ | data45 = {{{subcritical_tests|}}} | label46 = [[विखण्डन|परमाणु]] परिक्षाएँ | data46 = {{{nuclear_tests|}}} | label47 = [[नाभिकीय संलयन|ऊष्मपरमाणु]] परिक्षाएँ | data47 = {{{thermonuclear_tests|}}} | label48 = {{#if:{{{other_tests_label|}}} | {{{other_tests_label}}} | Other tests }} | data48 = {{{other_tests|}}} | label49 = [[Environmental remediation|Remediation]] | data49 = {{{remediation|}}} <!-- image3 testing area (START) --> | data50 = {{#if:{{{image3|}}}| {{#invoke:InfoboxImage|InfoboxImage|image={{{image3|}}}|size={{{image3_size|}}}|sizedefault=250px|alt={{if empty|{{{image3_alt|}}}|{{{alt3|}}}}}}}{{#if:{{{caption3|}}}|<div>{{{caption3|}}}</div>}}}} <!-- image3 testing area (END) --> | header51 = {{#if:{{{r1-number|}}}{{{r1-length|}}}{{{r1-surface|}}}{{{h1-number|}}}{{{h1-length|}}}{{{h1-surface|}}}{{{airfield_other|}}}{{{elevation|}}}{{{IATA|}}}{{{ICAO|}}}{{{FAA|}}}{{{TC|}}}{{{LID|}}}{{{GPS|}}}{{{WMO|}}} |एयरफ़ील्ड की जानकारी}} <!-- this next bit is to display ICAO, IATA etc codes if the airfield has (any of) these --> | label52 = अभिज्ञाताएँ | data52 = {{comma separated entries |1= {{#if:{{{IATA|}}} | [[अन्तर्राष्ट्रीय वायु यातायात संघ|IATA]]: {{{IATA|}}}}} |2= {{#if:{{{ICAO|}}} | [[अन्तर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन|ICAO]]: {{{ICAO}}}}} |3= {{#if:{{{FAA|}}} |[[Location identifier#FAA identifier|FAA LID]]: {{{FAA}}}}} |4= {{#if:{{{TC|}}} | [[Location identifier#Transport Canada identifier|TC LID]]: {{{TC}}}}} |5= {{#if:{{{LID|}}}| [[Location identifier|LID]]: {{{LID}}}}} |6= {{#if:{{{GPS|}}}| [[वैश्विक स्थान-निर्धारण प्रणाली|GPS]]: {{{GPS}}}}} |7= {{#if:{{{WMO|}}}| [[Location identifier#WMO station identifiers|WMO]]: {{{WMO}}}}} }} | label53 = समुद्र तल से ऊँचाई | data53 = {{#if:{{{elevation|}}} |{{{elevation}}} [[समुद्र तल से ऊँचाई|AMSL]] }} | data54 = {{#if: {{{r1-number|}}} {{{r1-length|}}} {{{r1-surface|}}}| <table style="width:100%; margin:-2px -1px -1px -1px; border-spacing:0;"> <tr style="background-color: #ddd; color:inherit;"> <th colspan=2 style="font-weight:normal; border:solid 1px #fafafa; border-width:0 0 1px 0;">उड़ानपट्टियाँ</th> </tr><tr style="background-color: #ddd; color:inherit; text-align: left;"> <th scope=col style="font-weight:normal; width: 25%; border:solid 1px #fafafa; border-width:1px 1px 0 0;padding:1px 2px;">दिशा</th> <th scope=col style="font-weight:normal; width: 75%; border:solid 1px #fafafa; border-width:1px 0 0 1px;padding:1px 2px;">लंबाई और तल</th> </tr><tr> <td style="text-align: center;">{{{r1-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r1-length}}}&nbsp;{{{r1-surface}}}</td> </tr>{{#if:{{{r2-number|}}} {{{r2-length|}}} {{{r2-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r2-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r2-length}}}&nbsp;{{{r2-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r3-number|}}} {{{r3-length|}}} {{{r3-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r3-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r3-length}}}&nbsp;{{{r3-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r4-number|}}} {{{r4-length|}}} {{{r4-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r4-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r4-length}}}&nbsp;{{{r4-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r5-number|}}} {{{r5-length|}}} {{{r5-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r5-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r5-length}}}&nbsp;{{{r5-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r6-number|}}} {{{r6-length|}}} {{{r6-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r6-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r6-length}}}&nbsp;{{{r6-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r7-number|}}} {{{r7-length|}}} {{{r7-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r7-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r7-length}}}&nbsp;{{{r7-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r8-number|}}} {{{r8-length|}}} {{{r8-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r8-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r8-length}}}&nbsp;{{{r8-surface}}}</td> </tr>}}{{#if:{{{r9-number|}}} {{{r9-length|}}} {{{r9-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{r9-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{r9-length}}}&nbsp;{{{r9-surface}}}</td> </tr>}}</table>}} | data55 = {{#if: {{{h1-number|}}} {{{h1-length|}}} {{{h1-surface|}}}| <table style="width:100%; margin:-2px -1px -1px -1px; border-spacing:0;"> <tr style="background-color: #ddd; color:inherit;"> <th colspan=2 style="font-weight:normal; border:solid 1px #fafafa; border-width:0 0 1px 0;">Helipads</th> </tr><tr style="background-color: #ddd; color:inherit; text-align: left;"> <th scope=col style="font-weight:normal; width: 25%; border:solid 1px #fafafa; border-width:1px 1px 0 0; padding:1px 2px;">संख्या</th> <th scope=col style="font-weight:normal; width: 75%; border:solid 1px #fafafa; border-width:1px 0 0 1px; padding:1px 2px;">लंबाई और तल</th> </tr> {{#if:{{{h1-number|}}} {{{h1-length|}}} {{{h1-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h1-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h1-length}}}&nbsp;{{{h1-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h2-number|}}} {{{h2-length|}}} {{{h2-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h2-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h2-length}}}&nbsp;{{{h2-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h3-number|}}} {{{h3-length|}}} {{{h3-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h3-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h3-length}}}&nbsp;{{{h3-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h4-number|}}} {{{h4-length|}}} {{{h4-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h4-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h4-length}}}&nbsp;{{{h4-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h5-number|}}} {{{h5-length|}}} {{{h5-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h5-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h5-length}}}&nbsp;{{{h5-surface}}}</td> </tr>}} {{#if:{{{h6-number|}}} {{{h6-length|}}} {{{h6-surface|}}}| <tr> <td style="text-align: center;">{{{h6-number|}}}</td> <td style="text-align: left;">{{{h6-length}}}&nbsp;{{{h6-surface}}}</td> </tr>}}</table>}} | label56 = {{#if:{{{airfield_other_label|}}} | {{{airfield_other_label}}} | अन्य एयरफ़ील्ड<br>सुविधाएँ }} | data56 = {{{airfield_other|}}} | header57 = _BLANK_ | data58 = {{if empty|{{{nrhp|}}}|{{{embedded|}}}|{{{module|}}}}} | belowstyle = text-align: left; background-color: #eee; color:inherit; | below = {{{footnotes|}}} }}{{<includeonly>safesubst:</includeonly>#invoke:Check for unknown parameters|check|unknown={{main other|[[Category:Pages using infobox military installation with unknown parameters|_VALUE_{{PAGENAME}}]]}}|ignoreblank=y|mapframe_args=y|preview=Page using [[Template:Infobox military installation]] with unknown parameter "_VALUE_" | embed | name| designations| ensign| ensign_size| ensign_alt| ensign2| ensign2_size| ensign2_alt| native_name| nativename| nativename-a| nativename-r|partof| location| nearest_town| country| image| image_size| image_alt| alt| caption| image2| image2_size| image2_alt| alt2| caption2| map| image_map |map_size| image_mapsize| map_alt| image_map_alt| map_caption| image_map_caption| pushpin_map| map_type| pushpin_label_position| pushpin_label| pushpin_map_alt| pushpin_mark| pushpin_marksize| pushpin_mapsize| pushpin_relief| map_relief| pushpin_image| pushpin_map_caption| coordinates| coordinates_footnotes| gridref| type| code| site_area| height| length| ownership| owner| operator| controlledby| controlled by| controlled_by| open_to_public| condition| status| site_other| website| site_other_label| built| built_for| builder| architect| used| dates |materials| fate| demolished| battles| events| current_commander| past_commanders| garrison| occupants| subcritical_tests| nuclear_tests| thermonuclear_tests| other_tests| remediation| other_tests_label| image3| image3_size| image3_alt| alt3| caption3| r1-number| r1-length| r1-surface| h1-number| h1-length| h1-surface| airfield_other| elevation| IATA| ICAO| FAA| TC| LID| GPS| WMO| r2-number| r2-length| r2-surface| r3-number| r3-length| r3-surface| r4-number| r4-length| r4-surface| r5-number| r5-length| r5-surface| r6-number| r6-length| r6-surface| r7-number| r7-length| r7-surface| r8-number| r8-length| r8-surface| r9-number| r9-length| r9-surface| h2-number| h2-length| h2-surface| h3-number| h3-length| h3-surface| h4-number| h4-length| h4-surface| h5-number| h5-length| h5-surface| h6-number| h6-length| h6-surface| airfield_other_label| nrhp |embedded |module| footnotes }}{{#if:{{#if:{{both|{{{ownership|}}}|{{{owner|}}}}}|1}}{{#if:{{both|{{{condition|}}}|{{{status|}}}}}|1}}{{#if:{{both|{{{used|}}}|{{{dates|}}}}}|1}}|[[Category:Pages using infobox military installation with unknown parameters|Δ]] }}{{#ifeq:{{#invoke:string|replace|{{if empty|{{{name|}}}|{{PAGENAME}}}}|.* .*|CHECK|plain=false}}|CHECK|[[Category:Pages using infobox military installation with unknown parameters|Ε]] }}{{#invoke:Check for conflicting parameters|check | template = [[Template:Infobox military installation]] | cat = {{main other|Category:Pages using infobox military installation with conflicting parameters}} | image_alt; alt | image2_alt; alt2 | ownership; owner | controlledby; controlled by; controlled_by | condition; status | map; image_map | map_size; image_mapsize | map_alt; image_map_alt | map_caption; image_map_caption | pushpin_map; map_type | pushpin_map_caption; map_caption | pushpin_mapsize; map_size | pushpin_relief; map_relief | coordinates_footnotes; coord_footnotes | used; dates | current_commander; commander | past_commanders; commanders | image3_alt; alt3 | nrhp; embedded; module }}<noinclude> {{documentation}} <!-- Please add categories to the /doc subpage, not here. --> </noinclude> 61vcv4txo3803o4n2iel8kpu0u8urwh कालापहाड़ 0 96193 6541784 6536369 2026-04-18T06:19:46Z ~2026-23869-31 920897 He was not bramhin but a phastun. 6541784 wikitext text/x-wiki '''कालापहाड़''' या काला पहाड़ बंगाल सल्तनत का एक मुस्लिम जनरल था, जो कर्रानी राजवंश के शासन में था, जिसका उल्लेख मुगल साम्राज्य के रिकॉर्ड में किया गया है, जिसने कोणार्क मंदिर को तोड़ने के लिए अपनी सेना के साथ पुरी जगन्नाथ मंदिर पर हमला किया था। उसका मूल नाम कालाचंद राय था। बाद में उसे सुल्तान की बेटी गुलनाज़ से प्यार हो गया और उसने शादी के लिए इस्लाम धर्म अपना लिया।<ref>{{cite book|author=Mahendra Narayan Behera|title=Brownstudy on Heathenland: A Book on Indology|url=https://books.google.com/books?id=BftYCzpZevQC&pg=PA146|year=2003|publisher=University Press of America|isbn=978-0-7618-2652-1|pages=146–147}}</ref><ref>{{cite book|author=Thomas Donaldson|title= Konark|url= https://books.google.com/books?id=aJBNAAAAYAAJ | year=2005|publisher= Oxford University Press|isbn=978-0-19-567591-7|pages=16–26}}</ref><ref name="ASICon">{{cite web |url= http://asi.nic.in/asi_monu_whs_konark_conservation.asp|title= Konarak, Conservation|publisher = Archaeological Survey of India|accessdate=27 July 2013}}</ref> उसे मुस्लिम जनरल कहा जाता है जिसके आदेश के तहत गुवाहाटी, [[असम]] में कामाख्या मंदिर को तोड़ दिया गया और नष्ट कर दिया गया। लेकिन कुछ इतिहासकार इस बात पर बहस करते हैं कि यह कालापहाड़ और उसकी सेना नहीं थी बल्कि 1498-1506 ईस्वी के दौरान हुसैन शाह थे। वे सूर्य मंदिर कोणार्क के आंशिक विनाश से भी कुख्यात है । हालांकि, जनरल कालापहाड़ और उसकी सेना केवल पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं हो सकते थे। अन्य ग्रंथों में कहा गया है कि 15 वीं और 17 वीं शताब्दी के बीच मुस्लिम सेनाओं द्वारा मंदिर को कई बार नष्ट किया गया था।<ref name=britkonark>[https://www.britannica.com/place/Konark Konark: India], Encyclopaedia Britannica</ref><ref name="Ramaswami1971p161">{{cite book|author=N. S. Ramaswami|title=Indian Monuments|url=https://books.google.com/books?id=TAZc4KLSYjIC|year=1971|publisher=Abhinav|isbn=978-0-89684-091-1|pages=161–163}}</ref> कालापहाड़ के छापे का वर्णन करने वाले इस्लामी ग्रंथों में 1565 में मंदिर को नष्ट करने के लिए उनकी सेना के पहले प्रयास का उल्लेख है, लेकिन वे असफल रहे। उन्होंने केवल मामूली क्षति पहुंचाई और तांबे के कलश को ले गए।<ref name="Ramaswami1971p161"/> ==सैन्य अभियान== जैसा कि सुजान भट्टाचार्य ने बताया, कलिंग (ओडिशा) के हिंदू राजा मुकुंद देव मुगल सम्राट अकबर के सहयोगी और बंगाल के सुल्तान के दुश्मन थे। गजपति और सुल्तान के बीच दो युद्ध हुए, पहला वह जीता, दूसरा वह हार गया। काला पहाड़ ने दोनों लड़ाइयों में हिस्सा लिया लेकिन दोनों तरफ से। पहले युद्ध में वे बंगाल के स्वतंत्र हिंदू साम्राज्य कलिंग और भूरिश्रेष्ठ की संयुक्त सेना के सर्वोच्च सेनापति थे। इसके बाद उन्होंने बंगाल की राजकुमारी, बंगाल के सुल्तान सुलेमान कर्रानी की बेटी गुलनाज़ से शादी के बाद अपना विश्वास बदल दिया, विश्वास में परिवर्तन सुल्तान द्वारा निर्धारित पूर्व विवाह शर्त था और काला पहाड़ नाम से विख्यात हुआ। बंगाल सल्तनत सेना का सेनापति कालापहाड़ था, जिसने दूसरे युद्ध के बाद 1568 में राज्य के प्रमुख शहरों और धार्मिक स्थानों को नष्ट कर दिया, जो कि ओडिशा के समकालीन भारतीय राज्य का निर्माण करते हैं।<ref name="dpp">{{cite book|last=Pathak|first=Durga Prashad|title=Palm leaf etchings of Orissa|publisher=Abhinav Publications|year=1989 |page=4|isbn=9788170172482|url= https://books.google.com/books?id=90_qAeMT1bwC|accessdate=2010-08-19}}</ref> बांग्लादेश के राष्ट्रीय विश्वकोश में शम्सुद्दीन अहमद के अनुसार, सुल्तान सुलेमान ने अपने बेटे "बयाज़ीद और जनरल कालापहाड़ उर्फ ​​राजू" की कमान के तहत अपनी सल्तनत का विस्तार करने के लिए ओडिशा में अपनी सेना भेजी। उन्होंने राजा मुकुंद-देव को हराया और मार डाला। सामान्य कालापहाड़ ने इसे अधीन करने के लिए एक दल को राज्य में गहराई तक ले गया।<ref name=":0"/> ===कोणार्क सूर्य मंदिर=== कालापहाड़ को बार-बार होने वाले हमलों और कोणार्क सूर्य मंदिर के नुकसान से जोड़ा गया है। वह बंगाल के सुल्तान सुलेमान खान कर्रानी के सेनापति थे। शेख कबीर बातिनी के अफसाना-ए-शाहन के अनुसार, वह एक बातिनी अफगान था।<ref>[http://orissagov.nic.in/e-magazine/orissareview/jun2004/englishpdf/gloom.pdf K.S. Behera] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090410033805/http://orissagov.nic.in/e-magazine/Orissareview/jun2004/englishpdf/gloom.pdf |date=2009-04-10 }}, "Gloom and Bloom: The Case of Jagannatha Temples in Midnapore District"</ref> ओडिशा के इतिहास के अनुसार, कालापहाड़ ने 1568 ई. में ओडिशा पर आक्रमण किया। उसने कोणार्क सूर्य मंदिर, साथ ही ओडिशा में कई हिंदू मंदिरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुरी जगन्नाथ मंदिर की मदला पंजी बताती है कि कैसे कालापहाड़ ने 1568 ई. में ओडिशा पर हमला किया था। ===अन्य अभियान=== कलापहाड़ ने अन्य युद्धों में सल्तनत सेना का नेतृत्व किया। शम्सुद्दीन अहमद के अनुसार, कोच राजा द्वारा सल्तनत पर हमला करने के बाद उसने कूचबिहार सेना से लड़ाई लड़ी थी। अहमद बताते हैं, उसने सुखलध्वज को अभिभूत कर दिया, उसे बंदी बना लिया और फिर कूचबिहार की राजधानी को घेर लिया।<ref name=":0">{{cite book |last=Ahmed |first=ABM Shamsuddin |year=2012 |chapter=Sulaiman Karrani |chapter-url=http://en.banglapedia.org/index.php?title=Sulaiman_Karrani |editor1-last=Islam |editor1-first=Sirajul |editor1-link=Sirajul Islam |editor2-last=Jamal |editor2-first=Ahmed A. |title=Banglapedia: National Encyclopedia of Bangladesh |edition=Second |publisher=[[Asiatic Society of Bangladesh]]}}</ref> हालाँकि, मुगल सेनाओं के हमले के डर से, सुल्तान सुलेमान कर्रानी ने कालापहाड़ को कूचबिहार से वापस लेने का आदेश दिया और फिर कूचबिहार में सुखलध्वज को वापस सत्ता में बहाल कर दिया। 1575 में, सुल्तान के बेटे बायज़ीद की विश्वासघाती रूप से हत्या कर दी गई थी। "जुनैद, कुतलू खान और कालापहाड़" जैसे अफगान नेताओं ने कहा, अहमद ने दाऊद कर्रानी के आसपास रैली की, जो बंगाल सल्तनत के सिंहासन पर चढ़ गए।<ref name=daud>{{cite book |last=Ahmed |first=ABM Shamsuddin |year=2012 |chapter=Daud Khan Karrani |url=http://en.banglapedia.org/index.php?title=Daud_Khan_Karrani |editor1-last=Islam |editor1-first=Sirajul |editor1-link=Sirajul Islam |editor2-last=Jamal |editor2-first=Ahmed A. |title=Banglapedia: National Encyclopedia of Bangladesh |edition=Second |publisher=[[Asiatic Society of Bangladesh]]}}</ref> दाऊद और उसके समर्थकों को जुलाई 1576 में राजमहल में पराजित किया गया था।<ref name=daud/> ==विरासत== कालापहाड़ (या अंग्रेजी में ब्लैक माउंटेन) शब्द का अर्थ बंगाल, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में हिंदू आबादी के बीच आइकोनोक्लास्ट है। बंगाली मुसलमानों और उपमहाद्वीप के पूर्वी हिस्से के अन्य मुसलमानों के खिलाफ भी इसका अपमानजनक रूप से इस्तेमाल किया गया है। मार्च 2021 में, [[भारत के गृहमंत्री|भारतीय गृह मंत्री]] [[अमित शाह]] ने एआईयूडीएफ नेता [[बदरुद्दीन अजमल]] को कालापहाड़ और घुसपैठिए के रूप में संदर्भित किया।<ref>{{cite news|url=https://www.deccanherald.com/video/national/rahul-baba-is-on-assam-visit-as-a-tourist-amit-shah-in-chirang-968720.html|work=Deccan Herald|title=Rahul Baba is on Assam visit as a tourist: Amit Shah in Chirang|date=31 March 2021}}</ref> ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:ओड़िशा का इतिहास]] [[श्रेणी:इस्लाम में परिवर्तित लोगों की सूची]] [[श्रेणी:हिन्दू धर्म से इस्लाम में धर्मान्तरित]] hxmsl041c3jqeb4yhoxr4bvgzi3br6w विकिपीडिया 0 179753 6541814 6509589 2026-04-18T11:15:35Z ~2026-23764-50 920925 /* विकिपीडिया की प्रकृति */ 123456 6541814 wikitext text/x-wiki {{about|[[अंतरजाल]] [[विश्वकोश]] के बारे में बतलाता है|विकिपीडिया के मुख्यपृष्ठ|मुखपृष्ठ|विकिपीडिया के आगंतुक परिचय|विकिपीडिया:विकिपीडिया के बारे में}} {{infobox Website | name = विकिपीडिया <br> Wikipedia | logo = Wikipedia-logo-v2-hi.svg | screenshot = [[चित्र:Www.wikipedia screenshot (2021).png|border|300px|विकिपीडिया के बहुभाषी प्रवेशद्वार परियोजना के विभिन्न भाषा संस्करण दिखाते हुए।]] | caption = विकिपीडिया के बहुभाषी प्रवेशद्वार का चित्र। | url = [http://www.wikipedia.org/ www.wikipedia.org] | type of organization= [[गैर लाभकारी]] | location = | type = [[ऑनलाइन विश्वकोश]] | language = 3४३ सक्रिय भाषाएँ<ref name="ListOfWikipedias" /> | registration = वैकल्पिक | owner = [[विकिमीडिया संस्थान]] (गैर-लाभकारी) | author = [[जिमी वेल्स]], [[लैरी सैंगर]]<!-- Please, please, please [discuss] on talk page before rewriting history. This has been in this article for years. --><ref name=Sidener>{{cite news|url=http://www.signonsandiego.com/uniontrib/20041206/news_mz1b6encyclo.html|author=जोनाथन साइडनर|title=Everyone's Encyclopedia|work= सैन डिएगो यूनियन-ट्रिब्यून|accessdate=15 अक्टूबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20090221005820/http://www.signonsandiego.com/uniontrib/20041206/news_mz1b6encyclo.html|archive-date=21 फ़रवरी 2009|url-status=live}}</ref> | launch date = {{Start date and years ago|mf=yes|2001|1|15}} | commercial = नहीं | current status = सक्रिय<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_is_a_work_in_progress |title=Wikipedia:Wikipedia is a work in progress |publisher=Wikipedia |accessdate=3 जुलाई 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081030013904/http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_is_a_work_in_progress |archive-date=30 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> | slogan = मुक्त विश्वकोश, जिसे कोई भी संपादित कर सकता है। | content license = {{nobr|[[क्रिएटिव_कॉमन्स_लाइसेन्स|क्रिएटिव कॉमन्स अट्रिब्यूटीन/शेयर-एलाइक]] 3.0}}<br />और [[जीएनयू फ्री डॉक्यूमेंटेशन लाइसेंस|जीएफडीएल]] दोहरा-लाइसेंस }} '''विकिपीडिया'''{{efn|Pronounced {{IPAc-en|audio=En-uk-Wikipedia.ogg|ˌ|w|ɪ|k|ᵻ|ˈ|p|iː|d|i|ə}} {{respell|WIK|ih|PEE|dee|ə}} or {{IPAc-en|audio=en-us-Wikipedia.ogg|ˌ|w|ɪ|k|i|-}} {{respell|WIK|ee|PEE|dee|ə}}}} एक [[मुक्त सामग्री]] ऑनलाइन विश्वकोश है, जिसकी सामग्री [[स्वयंसेवा|स्वयंसेवकों]] के एक समुदाय, जिन्हें [[विकिपीडियन्स]] कहा जाता है, द्वारा लिखी और बनाए रखी जाती है। यह ओपन कोलैबोरेशन और [[विकि]] [[सॉफ़्टवेयर]] [[मीडियाविकि]] के माध्यम से संचालित होता है। विकिपीडिया इतिहास में सबसे बड़ा और सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला संदर्भ कार्य है,<ref name="Wiki20">{{cite news |date= जनवरी 9, 2021 |title=Wikipedia is 20, and its reputation has never been higher |newspaper=[[दि इकॉनॉमिस्ट]] |url=https://www.economist.com/international/2021/01/09/wikipedia-is-20-and-its-reputation-has-never-been-higher|url-access=subscription|access-date= फरवरी 25, 2021|archive-url=https://archive.today/20210107163155/https://www.economist.com/international/2021/01/09/wikipedia-is-20-and-its-reputation-has-never-been-higher|archive-date= जनवरी 7, 2021}}</ref><ref name="auto1">{{cite magazine |last=एंडरसन |first=क्रिस|date= मई 8, 2006 |title=Jimmy Wales – The 2006 Time 100 |url=https://content.time.com/time/specials/packages/article/0,28804,1975813_1975844_1976488,00.html|url-status=live |magazine=[[टाइम (अंग्रेज़ी पत्रिका)|टाइम]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20221012001311/https://content.time.com/time/specials/packages/article/0,28804,1975813_1975844_1976488,00.html|archive-date= अक्टूबर 12, 2022|access-date= नवंबर 11, 2017}}</ref> और इसे लगातार दस सबसे अधिक देखी जाने वाली वेबसाइटों में रैंक किया जाता है; अगस्त 2024 तक, इसे सेमरश द्वारा चौथे<ref>{{cite web |date= अगस्त 2024 |title=Most Visited Websites in Worldwide 2024 |url=https://www.semrush.com/trending-websites/global/all |access-date= सितंबर 14, 2024 |publisher=Semrush}}</ref> और सिमिलरवेब द्वारा सातवें स्थान पर रैंक किया गया था।<ref>{{Cite web |title=Most viewed website |url=https://www.similarweb.com/top-websites/ |publisher=Similarweb |access-date= सितंबर 14, 2024}}</ref> विकिपीडिया की स्थापना [[जिमी वेल्स]] और [[लैरी सैंगर]] ने 15 जनवरी 2001 को की थी, और 2003 से इसे [[विकिमीडिया संस्थान]] द्वारा होस्ट किया जा रहा है, जो एक [[अमेरिकी]] [[गैर-लाभकारी संगठन]] है, जो मुख्य रूप से पाठकों से प्राप्त दान के माध्यम से वित्त पोषित है।<ref name=WF10.23.23>{{cite web |title=7 reasons you should donate to Wikipedia |url=https://wikimediafoundation.org/news/2022/11/03/7-reasons-you-should-donate-to-wikipedia/ |author= सेट्ज़-ग्रुवेल, लिसा |publisher=[[विकिमीडिया संस्थान]] |language=en-US |date= अक्टूबर 23, 2023|access-date= दिसंबर 27, 2023|archive-date= दिसंबर 27, 2023|archive-url=https://archive.today/20231227155753/https://wikimediafoundation.org/news/2023/10/23/7-reasons-you-should-donate-to-wikipedia/}}</ref> शुरुआत में केवल [[अंग्रेज़ी]] में उपलब्ध, विकिपीडिया के 300 से अधिक [[विकिपीडियाओं की सूची|अन्य भाषाओं में संस्करण]] विकसित किए गए हैं। लगभग 6.9 मिलियन लेखों के साथ [[अंग्रेजी विकिपीडिया]] सबसे बड़ा संस्करण है, जबकि अन्य संस्करणों के साथ कुल मिलाकर 63 मिलियन से अधिक लेख शामिल हैं, और अप्रैल 2024 तक प्रति माह 1.5 बिलियन से अधिक यूनिक डिवाइस विज़िट और 13 मिलियन संपादन (औसतन प्रति सेकंड लगभग 5 संपादन) होते हैं।<!-- To calculate edits per second, I did the number of edits divided by the number of seconds in a month. If anyone finds this math incorrect, please fix it, I'm not a mathematician! --><!-- {{As of|2024|04|lc=y}} PLEASE UPDATE AS NEEDED --><ref name="Wikimedia_Stats">{{cite web |title=Wikistats – Statistics For Wikimedia Projects |url=https://stats.wikimedia.org/#/all-wikipedia-projects|access-date= अगस्त 8, 2023 |website=[[विकिमीडिया संस्थान]]|archive-date= जुलाई 11, 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200711051858/https://stats.wikimedia.org/#/all-wikipedia-projects|url-status=live}}</ref> जुलाई 2024 में, विकिपीडिया का 25% से अधिक [[वेब ट्रैफिक]] [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] से था, इसके बाद [[जापान]] से 6.2%, [[यूनाइटेड किंगडम]] से 5.8%, [[रूस]] से 5.2%, और [[जर्मनी]] से 5% ट्रैफ़िक था, जबकि शेष 51% अन्य देशों में विभाजित था, जैसा कि सिमिलरवेब द्वारा बताया गया।<ref>{{Cite web |url=https://www.similarweb.com/website/wikipedia.org/#geography |title=wikipedia.org |website=similarweb.com|access-date= नवंबर 8, 2023|archive-date= जून 5, 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200605091241/https://www.similarweb.com/website/wikipedia.org#geography|url-status=live}}</ref> विकिपीडिया को ज्ञान के लोकतंत्रीकरण को सक्षम बनाने, व्यापक कवरेज, इसकी अनूठी संरचना और संस्कृति के लिए सराहा गया है। इसे व्यवस्थित पक्षपात, विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ लैंगिक पक्षपात और [[उत्तर-दक्षिण विभाजन]] ([[यूरोकेन्द्रीयता]]) के खिलाफ भौगोलिक पक्षपात के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है।<ref>{{cite web |last1=नूर |first1=पोपी |title=Wikipedia biases |url=https://www.theguardian.com/technology/2018/jul/29/the-five-wikipedia-biases-pro-western-male-dominated |website=[[The Guardian]] |access-date= मई 31, 2024 |date= जुलाई 29, 2018}}</ref><ref>{{cite web |last1=हर्न |first1=एलेक्स |title=Wikipedia's view of the world is written by the west |url=https://www.theguardian.com/technology/2015/sep/15/wikipedia-view-of-the-world-is-still-written-by-the-west |website=द गार्जियन |access-date= मई 31, 2024 |date= सितंबर 15, 2015}}</ref> जबकि 2000 के दशक में विकिपीडिया की विश्वसनीयता पर अक्सर सवाल उठाए गए थे, यह समय के साथ बेहतर हुई है, और 2010 के दशक के अंत से अधिक प्रशंसा प्राप्त कर रही है,<ref name="Wiki20" /><ref name="Econ21">{{Cite news |date= जनवरी 9, 2021 |title=Happy Birthday, Wikipedia |newspaper=[[दि इकॉनॉमिस्ट]] |url=https://www.economist.com/leaders/2021/01/09/happy-birthday-wikipedia|url-access=subscription|access-date= जनवरी 22, 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230101031816/https://www.economist.com/leaders/2021/01/09/happy-birthday-wikipedia|archive-date= जनवरी 1, 2023}}</ref><ref name="Last best">{{cite news |last1=कुक |first1=रिचर्ड |date= फरवरी 17, 2020 |title=Wikipedia Is the Last Best Place on the Internet |magazine=वायर्ड (पत्रिका) |url=https://www.wired.com/story/wikipedia-online-encyclopedia-best-place-internet/|url-access=limited|access-date= अक्टूबर 13, 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20221217081500/https://www.wired.com/story/wikipedia-online-encyclopedia-best-place-internet/|archive-date= दिसंबर 17, 2022}}</ref> एक महत्वपूर्ण तथ्य-जाँच साइट बन गई है।<ref name=":20">{{Cite web |last1=ह्यूजेस |first1=टेलर |last2=स्मिथ |first2=जेफ़ |last3=लेविट |first3=एलेक्स |date= अप्रैल 3, 2018 |title=Helping People Better Assess the Stories They See in News Feed with the Context Button |url=https://about.fb.com/news/2018/04/news-feed-fyi-more-context/|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20230111152311/https://about.fb.com/news/2018/04/news-feed-fyi-more-context/|archive-date= जनवरी 11, 2023|access-date= जनवरी 23, 2023 |website=[[मेटा प्लेटफॉर्म्स|मेटा]]}}</ref><ref name="auto">{{cite news |last= कोहेन |first=नोआम |date= अप्रैल 7, 2018 |title=Conspiracy videos? Fake news? Enter Wikipedia, the 'good cop' of the Internet |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/outlook/conspiracy-videos-fake-news-enter-wikipedia-the-good-cop-of-the-internet/2018/04/06/ad1f018a-3835-11e8-8fd2-49fe3c675a89_story.html|url-access=subscription|archive-url=https://web.archive.org/web/20180614045810/https://www.washingtonpost.com/outlook/conspiracy-videos-fake-news-enter-wikipedia-the-good-cop-of-the-internet/2018/04/06/ad1f018a-3835-11e8-8fd2-49fe3c675a89_story.html|archive-date= जून 14, 2018}}</ref> विकिपीडिया को कुछ राष्ट्रीय सरकारों द्वारा सेंसर भी किया गया है, जिसमें कुछ पृष्ठों से लेकर संपूर्ण साइट तक को ब्लॉक किया गया है।<ref>{{Cite news |last=ट्रेइसमैन |first=रेचल |date= अप्रैल 1, 2022 |title=Russia threatens to fine Wikipedia if it doesn't remove some details about the war |work= नेशनल पब्लिक रेडियो ( एनपीआर)|url=https://www.npr.org/2022/04/01/1090279187/russia-wikipedia-fine|url-status=live|access-date= जनवरी 22, 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20221202215844/https://www.npr.org/2022/04/01/1090279187/russia-wikipedia-fine|archive-date= दिसंबर 2, 2022}}</ref><ref name=":1">{{Cite news |last=स्किपर |first=बेन |date= दिसंबर 7, 2015 |title=China's government has blocked Wikipedia in its entirety again |work=इंटरनेशनल बिज़नेस टाइम्स यूके |url=https://www.ibtimes.co.uk/chinas-government-has-blocked-wikipedia-its-entirety-again-1532138|url-status=live|access-date= मई 2, 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180503111142/https://www.ibtimes.co.uk/chinas-government-has-blocked-wikipedia-its-entirety-again-1532138|archive-date= मई 3, 2018}}</ref> ब्रेकिंग न्यूज़ पर लेख अक्सर उन घटनाओं के बारे में अक्सर अपडेट की गई जानकारी के स्रोत के रूप में एक्सेस किए जाते हैं।<ref>{{Cite web |last=केली |first=सामंथा मर्फी |date= मई 20, 2022 |title=Meet the Wikipedia editor who published the Buffalo shooting entry minutes after it started |url=https://www.cnn.com/2022/05/20/tech/wikipedia-editors-breaking-news/index.html|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20221012001310/https://www.cnn.com/2022/05/20/tech/wikipedia-editors-breaking-news/index.html|archive-date= अक्टूबर 12, 2022|access-date= मई 24, 2022 |website=[[सीएनएन]]}}</ref><ref>{{Cite news |last=मैकनेमी |first=काई |date= सितंबर 15, 2022 |title=Fastest 'was' in the West: Inside Wikipedia's race to cover the queen's death |work=नेशनल पब्लिक रेडियो ( एनपीआर ) |url=https://www.npr.org/2022/09/15/1122943829/wikipedia--queen-elizabeth-ii-death-deaditors-editors-article|url-status=live|access-date= जनवरी 22, 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230115033202/https://www.npr.org/2022/09/15/1122943829/wikipedia--queen-elizabeth-ii-death-deaditors-editors-article|archive-date= जनवरी 15, 2023}}</ref> == इतिहास == {{Main|विकिपीडिया का इतिहास}} ===न्यूपीडिया=== {{Main|न्यूपीडिया}} [[चित्र:Nupedia logo and wordmark.png|thumb|right|विकिपीडिया मूलतः एक और विश्वकोश परियोजना, न्यूपीडिया (Nupedia) से विकसित हुआ।]] विकिपीडिया, [[न्यूपीडिया]] के लिए एक पूरक परियोजना के रूप में शुरू हुई, जो एक मुफ्त ऑनलाइन [[अंग्रेजी भाषा]] की [[विश्वकोश]] परियोजना है, जिसके लेखों को विशेषज्ञों के द्वारा लिखा गया और एक औपचारिक प्रक्रिया के तहत इसकी समीक्षा की गई। न्यूपीडिया की स्थापना 9 मार्च 2000 को एक वेब पोर्टल कम्पनी बोमिस के स्वामित्व के तहत की गई। इसके मुख्य सदस्य थे, [[जिमी वेल्स]], बोमिस [[CEO]] और [[लैरी सैंगर]], न्यूपीडिया के एडिटर-इन-चीफ और बाद के विकिपीडिया। प्रारंभ में न्यूपीडिया को इसके अपने न्यूपीडिया ओपन कंटेंट लाइसेंस के तहत लाइसेंस दिया गया और [[रिचर्ड स्टॉलमैन]] के सुझाव पर विकिपीडिया की स्थापना से पहले इसे GUU फ्री डॉक्युमेंटेशन लाईसेन्स में बदल दिया गया।<ref name="stallman1999">{{cite web|url=http://www.gnu.co/encyclopedia/encyclopedia.html|title=The Free Encyclopedia Project|author=रिचर्ड स्टॉलमैन|authorlink=रिचर्ड स्टॉलमैन|date=20 जून 2007|publisher=फ्री सॉफ्टवेयर फाउंडेशन|accessdate=4 जनवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20190707053305/http://www.gnu.co/encyclopedia/encyclopedia.html|archive-date=7 जुलाई 2019|url-status=dead}}</ref> लैरी सैंगर और जिम्मी वेल्स विकिपीडिया के संस्थापक हैं।<ref name="autogenerated1">{{cite news|url=http://www.signonsandiego.com/uniontrib/20041206/news_mz1b6encyclo.html|author=जोनाथन साइडनर|title=Everyone's Encyclopedia|date=6 दिसंबर 2004|work= सैन डिएगो यूनियन-ट्रिब्यून|accessdate=15 अक्टूबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20090221005820/http://www.signonsandiego.com/uniontrib/20041206/news_mz1b6encyclo.html|archive-date=21 फ़रवरी 2009|url-status=live}}</ref><ref name="Meyers">{{cite news |first=पीटर |last=मेयर्स |title=Fact-Driven? Collegial? This Site Wants You |url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9800E5D6123BF933A1575AC0A9679C8B63&n=Top%2fReference%2fTimes%20Topics%2fSubjects%2fC%2fComputer%20Software |work=न्यू यॉर्क टाइम्स |publisher=दि न्यू यॉर्क टाइम्स Company |date=20 सितंबर 2001 |accessdate=22 नवंबर 2007 |quote=&nbsp;'लास वेगास के लैरी सेंगर, जिन्होंने मिस्टर वेल्स के साथ मिलकर विकिपीडिया की स्थापना की थी, ने कहा, 'मैं एक अनुच्छेद से लेख शुरू कर सकता हूं और फिर एक वास्तविक विशेषज्ञ आएगा और तीन अनुच्छेद जोड़कर मेरे एक अनुच्छेद को साफ कर देगा।' |archive-url=https://web.archive.org/web/20101206032506/http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9800E5D6123BF933A1575AC0A9679C8B63&n=Top%2FReference%2FTimes%20Topics%2FSubjects%2FC%2FComputer%20Software |archive-date=6 दिसंबर 2010 |url-status=live }}</ref> जहाँ एक ओर वेल्स को सार्वजनिक रूप से संपादन योग्य विश्वकोश के निर्माण के उद्देश्य को परिभाषित करने के श्रेय दिया जाता है,<ref name="SangerMemoir">{{cite news |first=सेंगरलैरी |last=सेंगर |title=The Early History of Nupedia and Wikipedia: A Memoir |date=अप्रैल 18, 2005 |work= स्लैशडॉट |url=http://features.slashdot.org/features/05/04/18/164213.shtml |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090525051304/http://features.slashdot.org/features/05/04/18/164213.shtml |archive-date=25 मई 2009 |url-status=live }}</ref><ref name="Sanger">{{cite news|first=सेंगर|last=सेंगर|title=Wikipedia Is Up!|date=जनवरी 17, 2001|publisher=Internet Archive|url=http://www.nupedia.com/pipermail/nupedia-l/2001-January/000684.html|accessdate=26 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20140902051020/http://web.archive.org/web/20010506042824/www.nupedia.com/pipermail/nupedia-l/2001-January/000684.html|archive-date=2 सितंबर 2014|url-status=bot: unknown}}</ref> सेंगर को आमतौर पर इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक [[विकी]] की रणनीति का उपयोग करने का श्रेय दिया जाता है।<ref>{{cite web|url=http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikipedia-l/2001-October/000671.html|title=Wikipedia-l: LinkBacks?|accessdate=20 फरवरी 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20140620072830/http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikipedia-l/2001-October/000671.html|archive-date=20 जून 2014|url-status=dead}}</ref> 10 जनवरी 2001 को, लैरी सैंगर ने न्यूपीडिया के लिए एक "फीडर परियोजना" के रूप में एक विकी का निर्माण करने के लिए न्यूपीडिया [[इलेक्ट्रॉनिक मेलिंग सूची]] की प्रस्तावना दी।<ref>{{cite news|first=सेंगर|last=सेंगर|title=Let's Make a Wiki|date=10 जनवरी 2001|publisher=Internet Archive|url=http://www.nupedia.com/pipermail/nupedia-l/2001-January/000676.html|archiveurl=https://web.archive.org/web/20030414014355/http://www.nupedia.com/pipermail/nupedia-l/2001-January/000676.html|archivedate=14 अप्रैल 2003|accessdate=26 दिसंबर 2008|url-status=dead}}</ref> विकिपीडिया को औपचारिक रूप से 15 जनवरी 2001 को, {{mono|www.wikipedia.com}} पर एकमात्र अंग्रेजी भाषा के संस्करण के रूप में शुरू किया गया।<ref name="WikipediaHome">{{cite web|url=http://www.wikipedia.com/|archiveurl=https://web.archive.org/web/20010331173908/http://www.wikipedia.com/|archivedate=31 मार्च 2001|title=Wikipedia: HomePage|accessdate=31 मार्च 2001|url-status=dead}}</ref> ओर इसकी घोषणा न्यूपीडिया मेलिंग सूची पर सेंगर के द्वारा की गयी।<ref name="SangerMemoir"/> विकिपीडिया की "न्यूट्रल पॉइंट ऑफ़ व्यू"<ref name="NPOV">[http://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Wikipedia:Neutral_point_of_view&oldid=102236018 "] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151103210448/https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Wikipedia:Neutral_point_of_view&oldid=102236018 |date=3 नवंबर 2015 }}[http://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Wikipedia:Neutral_point_of_view&oldid=102236018 विकिपीडिया: निष्पक्ष दृष्टिकोण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151103210448/https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Wikipedia:Neutral_point_of_view&oldid=102236018 |date=3 नवंबर 2015 }}, विकिपीडिया (21 जनवरी 2007)</ref> की नीति को इसके प्रारंभिक महीनों में संकेतबद्ध किया गया, ओर यह न्यूपीडिया की प्रारंभिक "पक्षपातहीन" नीति के समान थी। अन्यथा, प्रारंभ में अपेक्षाकृत कम नियम थे और विकिपीडिया न्यूपीडिया से स्वतंत्र रूप से कार्य करती थी।<ref name="SangerMemoir"/> [[File:EnglishWikipediaArticleCountGraph linear.png|thumb|left|अंग्रेजी विकिपीडिया की लेख गिनती का लेखा-चित्र, 10 जनवरी 2001 से, 9 सितम्बर 2007 तक (दस मिलियनवें लेख की तारीख)]] विकिपीडिया ने न्यूपीडिया से प्रारंभिक योगदानकर्ता प्राप्त किए, ये थे स्लाशडॉट पोस्टिंग और वेब सर्च इंजन इंडेक्सिंग। 2001 के अंत तक इसके लगभग 20,000 लेख और 18 भाषाओं के संस्करण हो चुके थे। 2002 के अंत तक इसके 26 भाषाओं के संस्करण हो गए, 2003 के अंत तक 46 और 2004 के अंतिम दिनों तक 161 भाषाओं के संस्करण हो गए।<ref>{{cite web |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Multilingual_statistics/2004 |title=Multilingual statistics |work=विकिपीडिया |date=मार्च 30, 2005 |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100407022035/http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Multilingual |archive-date=7 अप्रैल 2010 |url-status=live }}</ref> न्यूपीडिया और विकिपीडिया तब तक एक साथ उपस्थित थे जब पहले वाले के सर्वर को स्थायी रूप से 2003 में डाउन कर दिया गया और इसके पाठ्य को विकिपीडिया में डाल दिया गया। 9 सितम्बर 2007 को [[अंग्रेजी विकिपीडिया]] 2 मिलियन लेख की संख्या को पार कर गया, यह तब तक का सबसे बड़ा संकलित विश्वकोश बन गया, यहाँ तक कि इसने योंगल विश्वकोश के रिकॉर्ड (1407) को भी तोड़ दिया, जिसने 600 वर्षों के लिए कायम रखा था।<ref name="EB_encyclopedia">{{cite encyclopedia |title=Encyclopedias and Dictionaries |encyclopedia=Encyclopædia Britannica, 15th ed.|publisher= Encyclopædia Britannica |year=2007 |volume=18 |pages=257–286}}</ref> एक कथित अंग्रेजी केन्द्रित विकिपीडिया में नियंत्रण की कमी और वाणिज्यिक विज्ञापन की आशंका से, स्पेनिश विकिपीडिया के उपयोगकर्ता फरवरी 2002 में ''एनसईंक्लोपीडिया लीब्रे'' के निर्माण के लिए विकिपीडिया से अलग हो गए।<ref>{{cite web |title=<nowiki>[long] Enciclopedia Libre: msg#00008</nowiki> |url=http://osdir.com/ml/science.linguistics.wikipedia.international/2003-03/msg00008.html |work= ओसदिर |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081006065927/http://osdir.com/ml/science.linguistics.wikipedia.international/2003-03/msg00008.html |archive-date=6 अक्तूबर 2008 |url-status=dead }}</ref> बाद में उसी वर्ष, वेल्स ने घोषित किया कि विकिपीडिया विज्ञापनों का प्रदर्शन नहीं करेगा और इसकी वेबसाईट को wikipedia.org में स्थानांतरित कर दिया गया।<ref name="Shirky">{{cite book|author= क्ले शिर्की |title=Here Comes Everybody: The Power of Organizing Without Organizations|date= फ़रवरी 28, 2008|publisher=[[अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या| द पेंगुइन प्रेस]], अमेज़न ऑनलाइन रीडर के माध्यम से|url=http://www.amazon.com/gp/reader/1594201536/ref=sib_dp_srch_pop?v=search-inside&keywords=spanish&go.x=0&go.y=0&go=Go%21 |isbn=1-594201-53-6|page=273 |accessdate=26 दिसंबर 2008}}</ref> तब से कई अन्य परियोजनाओं को सम्पादकीय कारणों से विकिपीडिया से अलग किया गया है। विकिइन्फो के लिए किसी उदासीन दृष्टिकोण की आवश्यकता नहीं होती है और यह मूल अनुसंधान की अनुमति देता है। विकिपीडिया से प्रेरित नई परियोजनाएँ जैसे सिटीजेंडियम, स्कॉलरपीडिया, कांसेरवापीडिया और गूगल्स नोल विकिपीडिया की कथित सीमाओं को संबोधित करने के लिए शुरू की गई हैं, जैसे सहकर्मी समीक्षा, मूल शोध और वाणिज्यिक विज्ञापन पर इसकी नीतियाँ। [[विकिमीडिया फाउंडेशन]] का निर्माण 20 जून 2003 को विकिपीडिया और न्यूपीडिया से किया गया।<ref>जिमी वेल्स: [http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikipedia-l/2003-June/010743.html "अनाउनसिंग विकिमीडिया फाउंडेशन"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130330033331/http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikipedia-l/2003-June/010743.html |date=30 मार्च 2013 }} 20 जून 2003, <Wikipedia-l@wikipedia.org></ref> इसे 17 सितम्बर 2004 को ''विकिपीडिया'' को [[ट्रेडमार्क]] करने के लिए ट्रेडमार्क कार्यालय और अमेरिकी पेटेंट पर लागू किया गया। इस मार्क को 10 जनवरी 2006 को पंजीकरण का दर्जा दिया गया। 16 दिसम्बर 2004 को [[जापान]] के द्वारा ट्रेडमार्क संरक्षण उपलब्ध कराया गया और 20 जनवरी 2005 को [[यूरोपीय संघ]] के द्वारा ट्रेडमार्क संरक्षण उपलब्ध कराया गया। तकनीकी रूप से एक सर्विस मार्क, मार्क का स्कोप "इंटरनेट के माध्यम से आम विश्वकोश के ज्ञान के क्षेत्र में जानकारी के प्रावधान" के लिए है, कुछ उत्पादों जैसे पुस्तकों और DVDs के लिए विकिपीडिया ट्रेडमार्क के उपयोग को लाइसेंस देने की योजनाएँ बनाई जा रही हैं।<ref>{{cite news |first=विपिन |last=नायर |title=Growing on volunteer power |date=दिसम्बर 5, 2005 |publisher=बिज़नस लाइन |url=http://www.thehindubusinessline.com/ew/2005/12/05/stories/2005120500070100.htm |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081217234004/http://www.thehindubusinessline.com/ew/2005/12/05/stories/2005120500070100.htm |archive-date=17 दिसंबर 2008 |url-status=live }}</ref> == विकिपीडिया की प्रकृति == === संपादन प्रतिरूप === [[चित्र:Wiki feel stupid v2.ogv|thumb|IMAGE_OPTIONS अप्रैल 2009 में, विकिपीडिया यूज़ेबिलिटी स्टडी की गई, जिसमें यूज़र्स से एडिटिंग मैकेनिज्म के बारे में सवाल पूछे गए।REF START]] 1पारंपरिक विश्वकोशों जैसे ''[[ब्रिटैनिका विश्वकोष]]'' के विपरीत, विकिपीडिया के लेख किसी औपचारिक सहकर्मी समीक्षा की प्रक्रिया से होकर नहीं गुजरते हैं और लेख में परिवर्तन तुंरत उपलब्ध हो जाते हैं l किसी भी लेख पर इसके निर्माता या किसी अन्य संपादक का अधिकार नहीं है और न ही किसी मान्यता प्राप्त प्राधिकरण के द्वारा इसका निरीक्षण किया जा सकता है। कुछ ही ऐसे विध्वंस-प्रवण पेज हैं जिन्हें केवल इनके स्थापित उपयोगकर्ताओं के द्वारा ही संपादित किया जा सकता है, या विशेष मामलों में केवल प्रशासकों के द्वारा संपादित किया जा सकता है, हर लेख को गुमनाम रूप में या एक उपयोगकर्ता के अकाउंट के साथ संपादित किया जा सकता है, जबकि केवल पंजीकृत उपयोगकर्ता ही एक नया लेख बना सकते हैं (केवल अंग्रेजी संस्करण में)। इसके परिणामस्वरूप, विकिपीडिया अपने अवयवों "की वैद्यता की कोई गारंटी नहीं" देता है।<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:General_disclaimer |title=Wikipedia:General disclaimer |publisher=अंग्रेजी विकिपीडिया |accessdate=22 अप्रैल 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bNEMWP?url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:General_disclaimer |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> एक सामान्य सन्दर्भ कार्य होने के कारण, विकिपीडिया में कुछ ऐसी सामग्री भी है जिसे विकिपीडिया के संपादकों सहित कुछ लोग।<ref>{{cite news |url=http://www.news.com.au/technology/story/0,25642,24318423-5014239,00.html |title=Wikipedia users divided over sexual material |date=9 सितंबर 2008 |last=श्लीब्स |first=मार्क |publisher=news.com.au |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20080911235604/http://www.news.com.au/technology/story/0,25642,24318423-5014239,00.html |archivedate=11 सितंबर 2008 |url-status=live }}</ref> आक्रामक, आपत्तिजनक और अश्लील मानते हैं।<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_is_not#Wikipedia_is_not_censored |title=Wikipedia is not censored |publisher=Wikipedia |accessdate=30 अप्रैल 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bVRcjf?url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_is_not#Wikipedia_is_not_censored |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> उदाहरण के लिए, 2008 में, विकिपीडिया, ने इस निति को ध्यान में रखते हुए, अपने [[अंग्रेजी विकिपीडिया|अंग्रेजी संस्करण]] में, मुहम्मद के वर्णन को शामिल करने के खिलाफ एक एक ऑनलाइन याचिका को अस्वीकार कर दिया। विकिपीडिया में राजनीतिक रूप से संवेदनशील सामग्री की उपस्थिति के कारण, [[चीन का जनवादी गणराज्य]] ने इस वेबसाइट के कुछ भागों का उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया।<ref name="Taylor">{{cite web|url=http://in.reuters.com/article/technologyNews/idINIndia-32865420080405|title=China allows access to English Wikipedia|work= रॉयटर्स |author=सोफी टेलर|date=5 अप्रैल 2008|accessdate=29 जुलाई 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080706185131/http://in.reuters.com/article/technologyNews/idINIndia-32865420080405|archive-date=6 जुलाई 2008|url-status=live}}</ref> (यह भी देखें: [[इंटरनेट निगरानी फाउंडेशन और विकिपीडिया|विकिपीडिया के IWF ब्लॉक]]) विकिपीडिया के अवयव [[फ्लोरिडा]] में कानून के अधीन हैं (विशेष [[कॉपीराइट|कॉपीराईट कानून]] में), जहाँ विकिपीडिया के सर्वरों की मेजबानी की जाती है और कई सम्पादकीय नीतियां और दिशानिर्देश इस बात पर बल देते हैं कि विकिपीडिया एक विश्वकोश है। विकिपीडिया में प्रत्येक प्रविष्टि एक विषय के बारे में होनी चाहिए जो विश्वकोश से सम्बंधित है और इस प्रकार से शामिल किये जाने के योग्य है। एक विषय विश्वकोश से सम्बंधित समझा जा सकता है यदि यह विकिपीडिया के शब्दजाल में "उल्लेखनीय" है,<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Notability |title=Wikipedia:Notability |accessdate=13 फरवरी 2008 |quote=किसी टॉपिक को खास तब माना जाता है जब उसे भरोसेमंद सेकेंडरी सोर्स में काफी कवरेज मिला हो, जो उस सब्जेक्ट से अलग हों।. |archive-url=https://web.archive.org/web/20120731211407/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Notability |archive-date=31 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> अर्थात, यदि इसने उन माध्यमिक विश्वसनीय स्रोतों में महत्वपूर्ण कवरेज़ प्राप्त किया है (अर्थात मुख्यधारा मीडिया या मुख्य अकादमिक जर्नल), जो इस विषय के मामले से स्वतंत्र हैं। दूसरा, विकिपीडिया को केवल उसी ज्ञान को प्रदर्शित करना है जो पहले से ही स्थापित और मान्यता प्राप्त है।<ref name="NOR">{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:No_original_research |title=Wikipedia:No original research |accessdate=13 फरवरी 2008 |quote=विकिपीडिया मूल विचार प्रकाशित नहीं करता है |archive-url=https://www.webcitation.org/616bOrZ4C?url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:No_original_research |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> दूसरे शब्दों में, उदाहरण के लिए इसे नयी जानकारी और मूल कार्य को प्रस्तुत नहीं करना चाहिए। एक दावा जिसे चुनौती दी जा सकती है, उसे विश्वसनीय सूत्रों के सन्दर्भ की आवश्यकता होती है। विकिपीडिया समुदाय के भीतर, इसे अक्सर "सत्यापनीयता, सत्य नहीं" के रूप में बताया जाता है, यह इस विचार को व्यक्त करता है कि पाठक खुद लेख में प्रस्तुत होने वाली सामग्री की सच्चाई की जांच कर सकें और इस विषय में अपनी खुद की व्याख्या बनायें।<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Verifiability |title=Wikipedia:Verifiability |accessdate=13 फरवरी 2008 |quote=जिस मटीरियल को चैलेंज किया गया है या चैलेंज किए जाने की संभावना है, और सभी कोटेशन, किसी भरोसेमंद, पब्लिश्ड सोर्स से लिए जाने चाहिए। |archive-url=https://web.archive.org/web/20120731205724/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Verifiability |archive-date=31 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> अंत में, विकिपीडिया एक पक्ष नहीं लेता है।<ref name="autogenerated2">{{cite web|url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Neutral_point_of_view|title=Wikipedia:Neutral_point_of_view|accessdate=13 फरवरी 2008|quote=सभी विकिपीडिया आर्टिकल और दूसरे एनसाइक्लोपीडिया कंटेंट को न्यूट्रल नज़रिए से लिखा जाना चाहिए, जिसमें ज़रूरी विचारों को सही तरीके से, सही अनुपात में और बिना किसी भेदभाव के दिखाया जाना चाहिए।|archive-url=https://web.archive.org/web/20120731205726/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Neutral_point_of_view|archive-date=31 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> सभी विचार और दृष्टिकोण, यदि बाहरी स्रोतों को निर्दिष्ट कर सकते हैं, उन्हें एक लेख के भीतर कवरेज़ का उपयुक्त हिस्सा मिलना चाहिए।<ref>{{cite web |url=http://www.alternet.org/story/61365/?page=entire |title=Will Unethical Editing Destroy Wikipedia's Credibility? |author=एरिक हास |publisher=AlterNet.org |date=26 अक्टूबर 2007 |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bQVUKu?url=http://www.alternet.org/story/61365/?page=entire |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> विकिपीडिया के संपादक एक समुदाय के रूप में उन नीतियों और दिशानिर्देशों को लिखते हैं और संशोधित करते हैं,<ref>{{cite web |url=http://www.pcworld.idg.com.au/index.php/id;1866322157;fp;2;fpid;2 |title=Who's behind Wikipedia? |publisher=PC World |date=6 फरवरी 2008 |accessdate=7 फरवरी 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bRlS1P?url=http://www.pcworld.idg.com.au/article/205180/who_behind_wikipedia?fp=2 |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=dead }}</ref> और उन्हें डिलीट करके उन पर बल देते हैं, टैग लगा कर उनकी व्याख्या करते हैं, या लेख की उस सामग्री में संशोधन करते हैं जो उसकी जरूरतों को पूरा करने में असफल होती हैं। ([[विकिपीडिया में पदच्युत करना और समावेश|डीलीट करना और शामिल करना भी देखें]])।<ref>{{cite news |title=The battle for Wikipedia's soul |url=http://www.economist.com/printedition/displaystory.cfm?story_id=10789354 |publisher=दि इकॉनॉमिस्ट |date=6 मार्च 2008 |accessdate=7 मार्च 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080310000011/http://www.economist.com/printedition/displaystory.cfm?story_id=10789354 |archive-date=10 मार्च 2008 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=http://www.telegraph.co.uk/connected/main.jhtml?xml=/connected/2007/10/11/dlwiki11.xml |title=Wikipedia: an online encyclopedia torn apart |date=10 नवंबर 2007 |publisher=द डेली टेलीग्राफ |accessdate=11 मार्च 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071228082606/http://www.telegraph.co.uk/connected/main.jhtml?xml=%2Fconnected%2F2007%2F10%2F11%2Fdlwiki11.xml |archive-date=28 दिसंबर 2007 |url-status=live }}</ref> [[File:History comparison example.png|thumb|left|संपादक एक पेज के दो दोहरानों के बीच अंतर की जांच करके लेखों में किये जाने वाले परिवर्तनों का पता लगते हैं, इसे यहाँ लाल रंग में प्रदर्शित किया गया है।]] योगदानकर्ता, चाहे वे पंजीकृत हों या नहीं, सॉफ्टवेयर में उपलब्ध उन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं, जो विकिपीडिया को प्रबल बनाती हैं। प्रत्येक लेख से जुड़ा "इतिहास" का पृष्ठ लेख के प्रत्येक पिछले दोहरान का रिकॉर्ड रखता है, हालाँकि अभियोगपत्र के अवयवों, आपराधिक धमकी या कॉपीराइट के उल्लंघन के दोहरान को बाद में हटाया जा सकता है।<ref name="Torsten_Kleinz"/><ref>[[जापानी विकिपीडिया]] को, उदाहरण के लिए, कुछ उच्च प्रोफ़ाइल अपराधों के पीड़ितों के असली नाम के हर उल्लेख से हटाने के लिए जाना जाता है, हालाँकि वे अभी भी अन्य भाषा संस्करण में वर्णित किया जा सकता है।</ref> यह सुविधा पुराने और नए संस्करणों की तुलना को आसान बनाती है, उन परिवर्तनों को अन्डू करने में मदद करती है जो संपादक को अनावश्यक लगते हैं, या खोये हुए अवयवों को रीस्टोर करने में भी मदद करती है। प्रत्येक लेख से सम्बंधित "डिस्कशन (चर्चा)" के पृष्ठ कई संपादकों के बीच कार्य का समन्वय करने के लिए प्रयुक्त किये जाते हैं।<ref>{{cite journal |url=http://www.research.ibm.com/visual/papers/wikipedia_coordination_final.pdf |format=PDF |author=फर्नांडा बी. विएगास, मार्टिन वॉटनबर्ग, जेसी क्रिस, फ्रैंक वैन हैम |title=Talk Before You Type: Coordination in Wikipedia |publisher=विज़ुअल कम्युनिकेशन लैब, आईबीएम रिसर्च |date=3 जनवरी 2007 |accessdate=27 जून 2008 |journal=द पाम ज़ायर 71 कैमरा इंटरफ़ेस |archive-url=https://web.archive.org/web/20080706062054/http://www.research.ibm.com/visual/papers/wikipedia_coordination_final.pdf |archive-date=6 जुलाई 2008 |url-status=live }}</ref> नियमित योगदानकर्ता अक्सर, अपनी रूचि के लेखों की एक "वॉचलिस्ट" बना कर रखते हैं, ताकि वे उन लेखों में हाल ही में हुए सभी परिवर्तनों पर आसानी से टैब्स रख सकें. [[इंटरनेट बोट|बोट्स]] नामक कंप्यूटर प्रोग्राम के निर्माण के बाद से ही इसका प्रयोग व्यापक रूप से विध्वंस प्रवृति को हटाने के लिए किया जाता रहा है,<ref name="CreatingDestroyingAndRestoringValue">{{cite journal |first1=रीड |last1=प्रीडहोर्स्की |first2=जिलिन |last2=चेन |author3=श्योंग (टोनी) के. लैम |first4=कैथरीन |last4=पैनसिएरा |first5=लोरेन |last5=टेरवीन |first6=जॉन |last6=रीडल |title=Creating, Destroying, and Restoring Value in Wikipedia |journal=एसोसिएशन फ़ॉर कंप्यूटिंग मशीनरी ग्रुप '07 सम्मेलन की कार्यवाही; ग्रुपलेंस रिसर्च, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग, मिनेसोटा विश्वविद्यालय |date= नवंबर 4, 2007 |url=https://www-users.cs.umn.edu/~reid/papers/group282-priedhorsky.pdf|access-date = अक्टूबर 13, 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20071025080718/https://www-users.cs.umn.edu/~reid/papers/group282-priedhorsky.pdf|archive-date = अक्टूबर 25, 2007 |citeseerx=10.1.1.123.7456}}</ref> इसका प्रयोग गलत वर्तनी और शैलीगत मुद्दों को सही करने के लिए और सांख्यिकीय आंकडों से मानक प्रारूप में भूगोल की प्रविष्टियों जैसे लेख को शुरू करने के लिए किया जाता है। संपादन मॉडल का खुला स्वभाव विकिपीडिया के अधिकांश आलोचकों के लिए केंद्र बना रहा है। उदाहरण के लिए, किसी भी अवसर पर, एक लेख का पाठक यह सुनिश्चित नहीं कर सकता कि जिस लेख को वह पढ़ रहा है उसमें विध्वंस प्रवृति शामिल है या नहीं। आलोचक तर्क देते हैं कि गैर विशेषज्ञ सम्पादन गुणवत्ता को कम कर देता है। क्योंकि योगदानकर्ता आम तौर पर पूरे दोहरान के बजाय एक प्रविष्टि के छोटे हिस्से को पुनः लिखते हैं, एक प्रविष्टि में उच्च और निम्न गुणवत्ता के अवयव परस्पर मिश्रित हो सकते हैं। इतिहासकार रॉय रोजेनजवीग ने कहा: "कुल मिलाकर, लेखन विकिपीडिया का कमजोर आधार है। समितियां कभी कभी अच्छा लिखती हैं और विकिपीडिया की प्रविष्टियों की गुणवत्ता अक्सर अस्थिर होती है जो भिन्न लोगों के द्वारा लिखे गए वाक्यों या प्रकरणों के परस्पर मिलने का परिणाम होती हैं।"<ref name="Rosenzweig">{{cite web |url=http://chnm.gmu.edu/resources/essays/d/42 |title=Can History be Open Source? Wikipedia and the Future of the Past |publisher=जर्नल ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री वॉल्यूम 93, नंबर 1 (जून, 2006): 117-46 |author=रॉय रोसेनज़्वेग |accessdate=29 अक्टूबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090430201444/http://chnm.gmu.edu/resources/essays/d/42 |archive-date=30 अप्रैल 2009 |url-status=dead }}</ref> ये सभी सटीक सूचना के एक स्रोत के रूप में विकिपीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल पैदा करते हैं। 2008 में, दो शोधकर्ताओं ने सिद्धांत दिया कि विकिपीडिया का विकास सतत है।<ref name="spinellis">डियोमिडिस स्पैनल्लिस और पनागिओतिस लौरीदस (2008): [http://www.dmst.aueb.gr/dds/pubs/jrnl/2008-CACM-Wikipedia/html/SL08.pdf द कोलाबोरेटिव ओर्गनाइजेशन ऑफ़ नोलेज] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091116230958/http://www.dmst.aueb.gr/dds/pubs/jrnl/2008-CACM-Wikipedia/html/SL08.pdf|date=16 नवंबर 2009}} कमयूनिकेशुंस ऑफ़ द ACM, अगस्त 2008, खंड 51, अंक 8, पृष्ठ 68 - 73. DOI : 10.1145/1378704.1378720. उद्धरण: "मोस्ट आर्टिकल्स आर क्रिएटेड शॉर्ट्ली आफ्टर अ कोरस्पोंडिंग रेफेरेंस टु देम इस एन्टर्ड इनटू द सिस्टम".</ref> === विश्वसनीयता और पूर्वाग्रह === {{Main|विकिपीडिया की विश्वसनीयता}} {{See also|विकिपीडिया की आलोचना}} विकिपीडिया पर व्यवस्थित पूर्वाग्रह और असंगति प्रदर्शित करने का आरोप लगाया गया है; आलोचकों का तर्क है कि अधिकांश जानकारी के लिए उपयुक्त स्रोतों की कमी और विकिपीडिया का खुला स्वभाव इसे अविश्वसनीय बनाता है।<ref name="TNY reliability issues 1">{{cite news |last=शिफ़ |first=स्टेसी|date=जुलाई 23, 2006 |title=Know It All |magazine=द न्यू यॉर्कर |url=https://www.newyorker.com/magazine/2006/07/31/know-it-all|access-date=जनवरी 29, 2023|archive-date=नवम्बर 22, 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081122125817/http://www.newyorker.com/fact/content/articles/060731fa_fact|url-status=live}}</ref> कुछ टिप्पणीकारों का सुझाव है कि विकिपीडिया आमतौर पर विश्वसनीय है, लेकिन किसी भी दिए गए लेख की विश्वसनीयता हमेशा स्पष्ट नहीं होती है।<ref name="AcademiaAndWikipedia">{{cite web |first=दानह |last= बॉयड |url=https://many.corante.com/archives/2005/01/04/academia_and_wikipedia.php|archive-url=https://web.archive.org/web/20060316184224/https://many.corante.com/archives/2005/01/04/academia_and_wikipedia.php|archive-date = March 16, 2006 |title=Academia and Wikipedia |website=Many 2 Many: एक समूह जो सोशल सॉफ्टवेयर पर [[चिट्ठा| ब्लॉग]] करता है|publisher=कोरांटे |date= जनवरी 4, 2005|access-date = दिसंबर 18, 2008 |quote=लेखिका, डाना बॉयड, खुद को सोशल मीडिया की एक्सपर्ट, [[कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले| यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, बर्कले]] के स्कूल ऑफ़ इन्फॉर्मेशन में डॉक्टरेट की स्टूडेंट और [[हार्वर्ड लॉ स्कूल]] में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी बर्कमैन सेंटर फ़ॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी में फेलो बताती हैं।}}</ref> पारंपरिक सन्दर्भ कार्य जैसे ''[[एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका]]'' के सम्पादक, एक विश्वकोश के रूप में परियोजना की उपयोगिता और प्रतिष्ठा पर सवाल उठाते हैं।<ref name="McHenry_2004">रॉबर्ट मैकहेनरी, "द फैथ-बेस्ड एनसाइक्लोपीडिया" {{Cite web|url=http://www.techcentralstation.com/111504A.html|title=संग्रहीत प्रति|archive-url=https://web.archive.org/web/20060116022451/http://www.techcentralstation.com/111504A.html|archive-date=16 जनवरी 2006|access-date=11 दिसंबर 2009|url-status=bot: unknown}}, टेक सेंट्रल स्टेशन, 15 नवम्बर 2004.</ref> [[विश्वविद्यालय|विश्वविद्यालयों]] के कई प्रवक्ता अकादमिक कार्य में किसी भी एनसाइक्लोपीडिया, का प्राथमिक स्रोत के रूप में उपयोग करने से छात्रों को हतोत्साहित करते हैं;<ref name="WideWorldOfWikipedia">{{cite web | title = Wide World of Wikipedia | publisher = द एमोरी व्हील | url = http://www.emorywheel.com/detail.php?n=17902 | date = अप्रैल 21, 2006 | accessdate = 17 अक्टूबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071107052908/http://www.emorywheel.com/detail.php?n=17902 | archive-date = 7 नवंबर 2007 | url-status = dead }}</ref> कुछ तो विशेष रूप से विकिपीडिया के उपयोग को निषिद्ध करते हैं।<ref>{{cite news |first=स्कॉट |last=जस्चिक |title=A Stand Against Wikipedia |url=http://www.insidehighered.com/news/2007/01/26/wiki |publisher=इनसाइड हायर एड|date=26 जनवरी 2007 |accessdate=27 जनवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190223055553/http://www.insidehighered.com/news/2007/01/26/wiki |archive-date=23 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref> सह संस्थापक [[जिमी वेल्स]] इस बात पर ज़ोर देते है कि किसी भी प्रकार का विश्वकोश आमतौर पर प्राथमिक स्रोत के रूप में उपयुक्त नहीं हैं और प्राधिकृत के रूप से इस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।<ref name="AWorkInProgress">{{cite news |first=बर्ट |last=हेल्म |title=Wikipedia: "A Work in Progress" |url=http://www.businessweek.com/technology/content/dec2005/tc20051214_441708.htm |publisher=ब्लूमबर्ग बिज़नेस वीक |date=14 दिसंबर 2005 |accessdate=29 जनवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120421000522/http://www.businessweek.com/technology/content/dec2005/tc20051214_441708.htm |archive-date=21 अप्रैल 2012 |url-status=live }}</ref> [[File:John Seigenthaler Sr. speaking.jpg|thumb|जॉन सीजेनथेलर ने विकिपीडिया को एक "एक गैर जिम्मेदार और त्रुटिपूर्ण टूल" के रूप में वर्णित किया है।]] उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता के परिणामस्वरूप [[लेखा जोखा|लेखे-जोखे की क्षमता]] की कमी के सम्बन्ध में भी मुद्दे उठाये गए हैं,<ref name="WikipediaWatch">सार्वजनिक सूचना अनुसंधान - विकिपीडिया निगरानी. 28 जनवरी 2007 को पुनः प्राप्त</ref> साथ ही कृत्रिम सूचना की प्रविष्टि, विध्वंस प्रवृति और इसी तरह की अन्य समस्याएं भी सामने आयी हैं। विशेष रूप से एक घटना, जिसका बहुत प्रचार हुआ, में अमेरिकी राजनीतिज्ञ जॉन सीजेनथेलर की जीवनी के बारे में गलत जानकारी डाल दी गयी और चार महीने तक इसका पता नहीं लगाया जा सका।<ref name="Seigenthaler">{{cite news |url=http://www.usatoday.com/news/opinion/editorials/2005-11-29-wikipedia-edit_x.htm |last=सिजेनथेलर |first=जॉन |title=A False Wikipedia 'biography' |date=29 नवंबर 2005 |publisher=यूएसए टुडे |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/64PWOeCKO?url=http://www.usatoday.com/news/opinion/editorials/2005-11-29-wikipedia-edit_x.htm |archive-date=3 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> ''USA टुडे'' के फाउन्डिंग एडिटोरिअल डायरेक्टर और वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय में फ्रीडम फोरम फर्स्ट अमेरिकन सेंटर के संस्थापक जॉन सीजेनथेलर ने जिमी वेल्स को बुलाया और उससे पूछा, ".... क्या आप.............जानते हैं कि यह किसने लिखा है?" "नहीं, हम नहीं जानते", जिमी ने कहा।<ref>थॉमस एल फ्रीडमेन''द वर्ल्ड इस फ्लैट '', पृष्ठ 124, फर्रार, स्ट्रास और गिरौक्स, 2007 आई एस बी एन 978-0374292782</ref> कुछ आलोचकों का दावा है कि विकिपीडिया की खुली सरंचना के कारण इंटरनेट उत्पीड़क, विज्ञापनदाता और वे लोग जो कोई हमला बोलना चाहते हैं, इसे आसानी से लक्ष्य बनाते हैं।<ref name="Torsten_Kleinz">{{cite news |first=टॉर्स्टन |last=क्लेन्ज़ |title=World of Knowledge |work=The Wikipedia Project |url=http://w3.linux-magazine.com/issue/51/Wikipedia_Encyclopedia.pdf |format=PDF |publisher=Linux Magazine |date=फरवरी 2005 |quote=विकिपीडिया का खुला स्ट्रक्चर इसे ट्रोल्स और गुंडों का टारगेट बनाता है, जो जानबूझकर आर्टिकल्स में गलत जानकारी डालते हैं, दूसरे लोगों को कभी न खत्म होने वाली बहसों में उलझा देते हैं, और आम तौर पर अपनी ओर ध्यान खींचने के लिए सब कुछ करते हैं। |access-date = जुलाई 13, 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070925220722/http://w3.linux-magazine.com/issue/51/Wikipedia_Encyclopedia.pdf |archive-date=25 सितंबर 2007 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |title=Toward a New Compendium of Knowledge (longer version) |url=http://www.citizendium.org/essay.html |work=Citizendium.org |accessdate=10 अक्टूबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061011230402/http://www.citizendium.org/essay.html |archive-date=11 अक्तूबर 2006 |url-status=dead }}</ref> अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और विशेष हित के समूहों सहित संगठनों के द्वारा दिए गए लेखों में राजनितिक परिप्रेक्ष्य<ref name="DeathByWikipedia">{{cite web |title=Death by Wikipedia: The Kenneth Lay Chronicles |url=http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2006/07/08/AR2006070800135.html |first=फ्रैंक |last=अहरेंस |publisher=द वॉशिंगटन पोस्ट |date=9 जुलाई 2006 |accessdate=1 नवंबर 2006 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bLpXji?url=http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2006/07/08/AR2006070800135.html |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> शामिल किया गया है,<ref>{{cite web |url=http://news.cnet.com/8301-10784_3-6032713-7.html |title=Politicians notice Wikipedia |publisher=सीएनईटी |author=केन, मार्गरेट |date=30 जनवरी 2006 |accessdate=28 जनवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121003001120/http://news.cnet.com/8301-10784_3-6032713-7.html |archive-date=3 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> और संगठन जैसे [[माइक्रोसॉफ्ट]] ने विशेष लेखों पर काम करने के लिए वित्तीय भत्ते देने का प्रस्ताव रखा है।<ref>{{cite web |url=http://www.msnbc.msn.com/id/16775981/ |title=Microsoft offers cash for Wikipedia edit |publisher= एनबीसी न्यूज़ |author=बर्गस्टीन, ब्रायन |date=23 जनवरी 2007 |accessdate=1 फरवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070128194304/http://www.msnbc.msn.com/id/16775981 |archive-date=28 जनवरी 2007 |url-status=live }}</ref> इन मुद्दों को मुख्य रूप से ''कोलबर्ट रिपोर्ट'' में स्टीफन कोलबर्ट के द्वारा ख़राब तरीके से प्रस्तुत किया गया है।<ref name="wikiality">{{cite news |title=Wikiality |publisher=Comedycentral.com |url=http://www.colbertnation.com/the-colbert-report-videos/72347/july-31-2006/the-word---wikiality |author=स्टीफ़न कोलबर्ट |date=30 जुलाई 2006 |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120803062453/http://www.colbertnation.com/the-colbert-report-videos/72347/july-31-2006/the-word---wikiality |archive-date=3 अगस्त 2012 |url-status=live }}</ref> 2009 की पुस्तक ''विकिपीडिया क्रांति'' के लेखक एंड्रयू लिह के अनुसार, "एक विकी में इसकी सभी गतिविधियाँ खुले में होती हैं ताकि इनकी जांच की जा सके......समुदाय में अन्य लोगों की क्रियाओं के प्रेक्षण के द्वारा भरोसा पैदा किया जाता है, इसके लिए लोगों की सामान और पूरक रुचियों का पता लगाया जाता है।"<ref name="fact city">{{cite news |title=Wikipedia: Exploring Fact City |publisher=दि न्यू यॉर्क टाइम्स |url=http://www.nytimes.com/2009/03/29/weekinreview/29cohen.html?_r=1&ref=weekinreview&pagewanted=print |author=कोहेन नोआम |date=29 मार्च 2009 |accessdate=29 मार्च 2009}}</ref> अर्थशास्त्री टायलर कोवेन लिखते हैं, "यदि मुझे यह सोचना पड़े कि अर्थशास्त्र पर विकिपीडिया के जर्नल लेख सच हैं या या मीडियन सम्बन्धी लेख सच हैं, तो मैं विकिपीडिया को चुनूंगा, इसके लिए मुझे ज्यादा सोचना नहीं पडेगा." वह टिप्पणी देते हैं कि नॉन-फिक्शन के कई पारंपरिक स्रोत प्रणालीगत पूर्वाग्रहों से पीड़ित है। जर्नल लेख में नवीन परिणामों की रिपोर्ट जरुरत से ज्यादा दी जाती है और प्रासंगिक जानकारी को समाचार रिपोर्ट में से हटा दिया जाता है। हालाँकि, वे यह चेतावनी भी देते हैं कि इंटरनेट की साइटों पर त्रुटियां अक्सर पायी जाती हैं और शिक्षाविदों तथा विशेषज्ञों को इन्हें सुधारने के लिए सतर्क रहना चाहिए,<ref>{{cite web |url=http://www.tnr.com/story.html?id=82eb5d70-13bd-4086-9ec0-cb0e9e8411b3 |title=Cooked Books |author=टायलर कोवेन |publisher=द न्यू रिपब्लिक |date=14 मार्च 2008 |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080318103017/http://www.tnr.com/story.html?id=82eb5d70-13bd-4086-9ec0-cb0e9e8411b3 |archive-date=18 मार्च 2008 |url-status=live }}</ref> फ़रवरी 2007 में, ''द हार्वर्ड क्रिमसन'' अखबार में एक लेख में कहा गया कि [[हार्वर्ड विश्वविद्यालय]] में कुछ प्रोफेसर अपने पाठ्यक्रम में विकिपीडिया को शामिल करते हैं, लेकिन विकिपीडिया का उपयोग करने में उनकी अवधारणा में मतभेद है।<ref>चाइल्ड, मैक्सवेल एल, [http://www.thecrimson.com/article.aspx?ref=517305 "प्रोफेसर स्प्लिट ऑन विकी डिबेट",] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081220125910/http://www.thecrimson.com/article.aspx?ref=517305 |date=20 दिसंबर 2008 }} द हार्वर्ड क्रिमसन, सोमवार, 26 फ़रवरी 2007.</ref> जून 2007 में [[अमेरिकी लाइब्रेरी एसोसिएशन]] के भूतपूर्व अध्यक्ष [[माइकल गोर्मन (पुस्तकालय अध्यक्ष)|माइकल गोर्मन]]ने [[गूगल]] के साथ, विकिपीडिया को निंदन किया,<ref name="stothart">[http://www.timeshighereducation.co.uk/story.asp?sectioncode=26&storycode=209408] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121221140310/http://www.timeshighereducation.co.uk/story.asp?sectioncode=26&storycode=209408|date=21 दिसंबर 2012}} क्लोए स्टोहार्ट, [http://www.timeshighereducation.co.uk/story.asp?sectioncode=26&storycode=209408 वेब थ्रेतंस लर्निंग ईतोस"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121221140310/http://www.timeshighereducation.co.uk/story.asp?sectioncode=26&storycode=209408|date=21 दिसंबर 2012}} ''द टाइम्स हायर एजुकेशन सप्लीमेंट,'' 2007, '''1799''' (जून 22), पृष्ठ 2</ref> और कहा कि वे शिक्षाविद जो विकिपीडिया के उपयोग का समर्थन करते हैं "बौद्धिक रूप से उस [[आहार विशेषज्ञ]] के समतुल्य हैं जो सब चीजों के साथ बिग मैक्स के निरंतर आहार की सलाह देते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि "बौद्धिक रूप से निष्क्रिय लोगों की एक पीढ़ी जो इन्टरनेट से आगे बढ़ने में असमर्थ है", उसे विश्वविद्यालयों में उत्पन्न किया जा रहा है। उनकी शिकायत है कि वेब आधारित स्रोत उस अधिक दुर्लभ पाठ्य को सीखने से रोक रहे हैं जो या तो केवल दस्तावेजों में मिलता है या सबस्क्रिप्शन-ओनली (जिनमें सदस्यता ली जाती है) वेबसाइट्स पर मिलता है। इसी लेख में जेन्नी फ्राई (ऑक्सफ़ोर्ड इंटरनेट संस्थान में एक अनुसंधान साथी) ने विकिपीडिया की अकादमिक शिक्षा पर टिप्पणी दी कि: "आप यह नहीं कह सकते हैं कि बच्चे बौद्धिक रूप से आलसी हैं क्योंकि वे इंटरनेट का उपयोग कर रहें हैं जबकि दूसरी ओर शिक्षाविद अपने अनुसंधान में सर्च इंजन का उपयोग कर रहे हैं। अंतर यह है कि उन्हें जो भी उन्हें प्राप्त हो रहा है, वह अधिकारिक है या नहीं और इसके बारे में जटिल होने का उन्हें अधिक अनुभव है। बच्चों को यह बताने की आवश्यकता है कि एक महत्वपूर्ण और उचित तरीके से इंटरनेट का उपयोग कैसे किया जाये।"<ref name="stothart"/> विकिपीडिया समुदाय ने विकिपीडिया की विश्वसनीयता को सुधारने की कोशिश की है। अंग्रेजी भाषा के विकिपीडिया ने मूल्यांकन पैमाने की शुरुआत की जिससे लेख की गुणवत्ता की जांच की जाती है;<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Version_1.0_Editorial_Team/Assessment |title=Wikipedia:Version 1.0 Editorial Team/Assessment |accessdate=28 अक्टूबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120731205759/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Version_1.0_Editorial_Team/Assessment |archive-date=31 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> अन्य संस्करणों ने भी इसे अपना लिया है। अंग्रजी में लगभग 2500 लेख "फीचर्ड आर्टिकल" के दर्जे के उच्चतम रैंक तक पहुँचने के लिए मापदंडों के समुच्चय को पास कर चुके हैं;<ref>{{srlink|Wikipedia:Featured articles}}</ref> ऐसे लेख अपने विषय में सम्पूर्ण और भली प्रकार से लिखा गया कवरेज़ उपलब्ध कराते हैं, जिन्हें कई सहकर्मी समीक्षा प्रकाशनों के द्वारा समर्थन प्राप्त है।<ref>{{cite journal |url=http://www.research.ibm.com/visual/papers/hidden_order_wikipedia.pdf |author=फर्नांडा बी. विएगास, मार्टिन वॉटनबर्ग, और मैथ्यू एम. मैककॉन |title=The Hidden Order of Wikipedia |publisher=विज़ुअल कम्युनिकेशन लैब, आईबीएम रिसर्च |date=22 जुलाई 2007 |format=PDF |accessdate=30 अक्टूबर 2007 |journal=1 रोजर्स स्ट्रीट, कैम्ब्रिज, MA 02142, USA |archive-url=https://web.archive.org/web/20090325103856/http://www.research.ibm.com/visual/papers/hidden_order_wikipedia.pdf |archive-date=25 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref> ज़र्मन विकिपीडिया, लेखों के "स्थिर संस्करणों" के रख रखाव की एक प्रणाली का परीक्षण कर रहा है,<ref>{{cite mailing list |first=पी. |last=बिरकेन |url=http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikide-l/2008-December/021594.html |title=Bericht Gesichtete Versionen |mailinglist=विकाइड-एल|date=14 दिसंबर 2008 |language=जर्मन |publisher=विकिमीडिया संस्थान |accessdate=15 फरवरी 2009 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20140622083323/http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikide-l/2008-December/021594.html |archivedate=22 जून 2014 |url-status=live }}</ref> ताकि यह एक पाठक को लेख के उन संस्करणों को देखने में मदद करे जो विशिष्ट समीक्षाओं से होकर गुजर चुके हैं। अन्य भाषाओँ के संस्करण इस "ध्वजांकित संशोधन" के प्रस्ताव को लागू करने के लिए एक सहमति तक नहीं पहुँचे हैं।<ref>{{cite web |author=शेवेक, एसजे, अर्नोमेन |url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Reviewed_article_version |title=Reviewed article version |date=2 जनवरी 2005 |work=मेटा प्लेटफॉर्म्स |publisher=विकिमीडिया संस्थान |accessdate=15 फरवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316200241/http://meta.wikimedia.org/wiki/Reviewed_article_version |archive-date=16 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|author=ज़ोंडोर |url=http://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Wikipedia:Stable_versions&oldid=77160380 |title=Stable versions |date=22 सितंबर 2006 |work=Wikipedia |publisher=विकिमीडिया संस्थान |accessdate=15 फरवरी 2009}}</ref> एक और प्रस्ताव यह है कि व्यक्तिगत विकिपीडिया योगदानकर्ताओं के लिए "ट्रस्ट रेटिंग" बनाने के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग और इन रेटिंग्स का उपयोग यह निर्धारित करने में करना कि कौन से परिवर्तन तुंरत दिखायी देंगे।<ref>{{cite news |url=http://www.newscientist.com/article/mg19526226.200-wikipedia-20--now-with-added-trust.html |last=गाइल्स |first=जिम |title=Wikipedia 2.0 - now with added trust |date=20 सितंबर 2007 |publisher=न्यू साइंटिस्ट |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150428095142/http://www.newscientist.com/article/mg19526226.200-wikipedia-20--now-with-added-trust.html |archive-date=28 अप्रैल 2015 |url-status=live }}</ref> === विकिपीडिया समुदाय === विकिपीडिया समुदाय ने "एक प्रकार की नौकरशाही" की स्थापना की है, जिसमें "एक स्पष्ट सत्ता सरंचना शामिल है जो स्वयं सेवी प्रशासकों को सम्पादकीय नियंत्रण का अधिकार देती है।<ref name="NYTimesJune17-2006">{{cite news |first=केटी |last=हाफनर |title=Growing Wikipedia Refines Its 'Anyone Can Edit' Policy |url=http://www.nytimes.com/2006/06/17/technology/17wiki.html?scp=8&sq=wikipedia&st=cse |publisher=दि न्यू यॉर्क टाइम्स |date=जून 17, 2006 |accessdate=12 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120618054821/http://www.nytimes.com/2006/06/17/technology/17wiki.html?scp=8&sq=wikipedia&st=cse |archive-date=18 जून 2012 |url-status=live }}</ref><ref name="iTWireJune18-2006">{{cite news |first=स्टुअर्ट |last=कॉर्नर |title=What's all the fuss about Wikipedia? |url=http://www.itwire.com/content/view/4666/127/ |publisher=आईटी वायर |date=जून 18, 2006 |accessdate=25 मार्च 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090904183920/http://www.itwire.com/content/view/4666/127/ |archive-date=4 सितंबर 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=http://www.slate.com/id/2184487 |title=The Wisdom of the Chaperones |date=22 फरवरी 2008 |first=क्रिस |last=विल्सन |publisher= स्लेट |accessdate=4 मार्च 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080306021921/http://www.slate.com/id/2184487/ |archive-date=6 मार्च 2008 |url-status=live }}</ref> विकिपीडिया के समुदाय को [[पंथ|"पंथ की तरह (cult-like)"]] के रूप में भी वर्णित किया गया है,<ref>{{cite news |url=http://www.guardian.co.uk/technology/2005/dec/15/wikipedia.web20 |title=Log on and join in, but beware the web cults |first=चार्ल्स |last=आर्थर |date=15 दिसंबर 2005 |publisher=[[द गार्डियन]] |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121004050625/http://www.guardian.co.uk/technology/2005/dec/15/wikipedia.web20 |archive-date=4 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> हालाँकि इसे हमेशा पूरी तरह से नकारात्मक अभिधान के साथ इस तरह से वर्णित नहीं किया गया है,<ref>{{cite news |url=http://www.cnn.com/2003/TECH/internet/08/03/wikipedia/index.html |title=Wikipedia: The know-it-all Web site |date=4 अगस्त 2003 |first=क्रिस्टी |last=लू स्टाउट |publisher= सीएनएन |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090422185847/http://www.cnn.com/2003/TECH/internet/08/03/wikipedia/index.html |archive-date=22 अप्रैल 2009 |url-status=live }}</ref> और अनुभवहीन उपयोगकर्ताओं को समायोजित करने की असफलता के लिए इसकी आलोचना की जाती है।<ref>{{cite web |url=http://wikinfo.org/index.php/Critical_views_of_Wikipedia |title=Critical views of Wikipedia |author=विकिइन्फो |date=30 मार्च 2005 |accessdate=29 जनवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101201195232/http://wikinfo.org/index.php/Critical_views_of_Wikipedia |archive-date=1 दिसंबर 2010 |url-status=dead }}</ref> समुदाय में अच्छी प्रतिष्ठा के सम्पादक स्वयंसेवक स्टेवर्डशिप के कई स्तरों में से एक को चला सकते हैं; यह "प्रशासक" के साथ शुरू होता है,<ref>{{srlink|Wikipedia:Administrators}}</ref><ref name="David_Mehegan">{{cite news |first=डेविड |last=मेहेगन |title=Many contributors, common cause |url=http://www.boston.com/business/technology/articles/2006/02/13/many_contributors_common_cause/ |publisher=बोस्टन ग्लोब |date=फ़रवरी 13, 2006 |accessdate=25 मार्च 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121019033935/http://www.boston.com/business/technology/articles/2006/02/13/many_contributors_common_cause/ |archive-date=19 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> विशेषाधिकृत उपयोगकर्ताओं का एक समूह जिसके पास पृष्ठों को डीलीट करने की क्षमता है, विध्वंस प्रवृति या सम्पादकीय विवादों की स्थिति में लेख में परिवर्तन को रोक (lock) देते हैं और उपयोगकर्ताओं के सम्पादन को अवरुद्ध कर देते हैं। नाम के अलावा, प्रशासक फैसला लेने में किसी भी विशेषाधिकार का उपयोग नहीं करते हैं; इसके बजाय वे अधिकतर उन लेखों के संपादन तक ही सीमित होते हैं, जिनमें परियोजना व्यापक प्रभाव होते हैं और इस प्रकार से ये सामान्य संपादकों को अनुमति नहीं देते हैं और उपयोगकर्ताओं को विघटनकारी संपादन (जैसे विध्वंस प्रवृति) के लिए प्रतिबंधित कर देते हैं।<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Administrators#Administrator_conduct |title=Wikipedia:Administrators |accessdate=12 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120731211455/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Administrators#Administrator_conduct |archive-date=31 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> [[चित्र:WIkimania-2006 010.jpg|thumb|right|विकीमेनिया, विकिपीडिया के उपयोगकर्ताओं के लिए एक वार्षिक सम्मलेन और विकिमीडिया फाउनडेशन के द्वारा संचालित अन्य परियोजनाएं।]] चूंकि विकिपीडिया विश्वकोश निर्माण के अपरंपरागत मोडल के साथ विकसित होता है, "विकिपीडिया को कौन लिखता है?" यह परियोजना के बारे में बार बार, अक्सर अन्य वेब 2.0 परियोजनाओं जैसे [[दिग्ग|डिग]] के सन्दर्भ में पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक बन गया है।<ref>{{cite web |url=http://www.viktoria.se/altchi/submissions/submission_edchi_1.pdf |title=Power of the Few vs. Wisdom of the Crowd: Wikipedia and the Rise of the Bourgeoisie |first=अनिकेत |last=कित्तूर |format=PDF |accessdate=23 फरवरी 2008 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20110722122149/http://www.viktoria.se/altchi/submissions/submission_edchi_1.pdf |archivedate=22 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> जिमी वेल्स ने एक बार तर्क किया कि केवल "एक समुदाय... कुछ सौ स्वयंसेवकों का एक समर्पित समूह" विकिपीडिया को बहुत अधिक योगदान देता है और इसलिए परियोजना "किसी पारंपरिक संगठन से अधिक मिलती जुलती है" वेल्स ने एक अध्ययन में पाया कि 50% से अधिक संपादन केवल .7% उपयोगकर्ताओं के द्वारा ही किये जाते हैं, (उस समय पर: 524 लोग) योगदान के मूल्यांकन की इस विधि पर बाद में आरोन सवार्त्ज़ ने विवाद उठाया उन्होंने नोट किया कि कई लेख जिन पर उन्होंने अध्ययन किया, उनके अवयवों के एक बड़े भाग में उपयोगकर्ताओं ने कम सम्पादन के साथ योगदान दिया था।<ref>{{cite web |url=http://www.aaronsw.com/weblog/whowriteswikipedia |title=Raw Thought: Who Writes Wikipedia? |first=आरोन |last=स्वार्ट्ज़ |date=4 सितंबर 2006 |accessdate=23 फरवरी 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140803134036/http://www.aaronsw.com/weblog/whowriteswikipedia |archive-date=3 अगस्त 2014 |url-status=dead }}</ref> 2007 में डार्टमाउथ कॉलेज के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में यह पाया कि "विकिपीडिया के गुमनाम और विरले योगदानकर्ता.........ज्ञान के स्रोत के रूप में उतने ही विश्वसनीय हैं, जितने कि वे योगदानकर्ता जो साईट के साथ पंजीकरण करते हैं।"<ref name="sciam good samaritans 1">{{cite news |url=https://www.sciam.com/article.cfm?id=good-samaritans-are-on-the-money |title=Wikipedia "Good Samaritans" Are on the Money |work= साइंटिफिक अमेरिकन |date=अक्टूबर 19, 2007|access-date = दिसंबर 26, 2008|archive-date = अप्रैल 28, 2024|archive-url = https://web.archive.org/web/20240428132453/https://www.scientificamerican.com/article/good-samaritans-are-on-the-money/|url-status = live}}</ref> कुछ योगदानकर्ता अपने क्षेत्र में प्राधिकारी हैं, विकिपीडिया के लिए यह आवश्यक है कि यहाँ तक कि उनके योगदानकर्ता को प्रकाशित और निरीक्षण के सूत्रों द्वारा समर्थन प्राप्त हो। परियोजना की योग्यता पर सहमति की प्राथमिकता को "[[उत्कृष्ट#%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F %E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A5%80|उत्कृष्ट-विरोधी]]" के रूप में चिन्हित किया गया है।<ref name="SangerElitism">लैरी सेंगर, [http://www.kuro5hin.org/story/2004/12/30/142458/25 वै विकिपीडिया मस्ट जेटीसन इट्स् एंटी- एलीटिसम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060104040708/http://www.kuro5hin.org/story/2004/12/30/142458/25|date=4 जनवरी 2006}}, कुरो5हिन,31 दिसम्बर 2004.</ref> अगस्त 2007 में, विर्गील ग्रिफ़िथ द्वारा विकसित एक वेबसाईट [[विकी स्कान्नेर|विकिस्केनर]] ने विकिपीडिया के खातों के बिना बेनाम संपादकों के द्वारा विकिपीडिया में किये जाने वाले परिवर्तन के स्रोतों का पता लगाना शुरू किया। इस कार्यक्रम ने प्रकट किया कि कई ऐसे संपादन निगमों या सरकारी एजेंसियों के द्वारा किये गए जिनमें उन से सम्बंधित, उनके कर्मचारियों या उनके कार्यों से सम्बंधित लेखों के अवयवों को बदला गया।<ref name="Seeing Corporate Fingerprints">{{cite news |url=http://www.nytimes.com/2007/08/19/technology/19wikipedia.html |title=Seeing Corporate Fingerprints From the Editing of Wikipedia |first= केटी |last=हाफनर |date=19 अगस्त 2007 |publisher=दि न्यू यॉर्क टाइम्स |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120819082509/http://www.nytimes.com/2007/08/19/technology/19wikipedia.html |archive-date=19 अगस्त 2012 |url-status=live }}</ref> 2003 में एक समुदाय के रूप में विकिपीडिया के एक अध्ययन में, अर्थशास्त्र के [[दर्शनशास्त्र के डॉक्टर|पी.एच.डी.]] विद्यार्थी आंद्रे सिफोलिली ने तर्क दिया कि [[विकी]] सॉफ्टवेयर में भाग लेने की कम [[लेनदेन की लागत|लेन देन लागत]] सहयोगी विकास के लिए एक उत्प्रेरक का काम करती है और यह कि एक "निर्माणात्मक रचना" दृष्टिकोण भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।<ref>एंड्रिया सिफ्फोलिल्ली, [http://firstmonday.org/issues/issue8_12/ciffolilli/index.html "फन्तोम अथॉरिटी, सेल्फ-सर्विस रेकरूटमेंट एंड रिटेनशन ऑफ़ मेम्बेर्स इन वर्चुअल कम्यूनिटीज:द केस ऑफ़ विकिपीडिया" ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106192513/http://www.firstmonday.org/issues/issue8_12/ciffolilli/index.html|date=6 जनवरी 2009}} ''फर्स्ट मंडे'' दिसंबर 2003.</ref> [[ऑक्सफ़ोर्ड इंटरनेट संस्थान|ओक्स्फोर्ड इंटरनेट संस्थान]] और हार्वर्ड लॉ स्कूल्स [[बर्क्मेन सेण्टर फॉर इंटरनेट एंड सोसायटी|बर्क्मेन सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी]] के [[जोनाथन जि़ट्रैन|जोनाथन जीटरेन]] ने अपनी 2008 की पुस्तक ''द फ्यूचर ऑफ़ द इन्टरनेट एंड हाउ टु स्टाप इट'' में कहा कैसे खुले सहयोग में एक केस अध्ययन के रूप में विकिपीडिया की सफलता ने वेब में नवाचार को बढ़ावा दिया है। <ref>{{cite book | last = ज़िट्रेन | first = जोनाथन | title = The Future of the Internet and How to Stop It&nbsp;— Chapter 6: The Lessons of Wikipedia | publisher = Yale University Press | year = 2008 | url = https://archive.org/details/futureofinternet00zitt | isbn = 978-0300124873 | accessdate = 26 दिसंबर 2008 | url-access = registration | archive-url = https://web.archive.org/web/20190831234506/https://archive.org/details/futureofinternet00zitt | archive-date = 31 अगस्त 2019 | url-status = live }}</ref> 2008 में किये गए एक अध्ययन में पाया गया कि विकिपीडिया के उपयोगकर्ता, गैर-विकिपीडिया उपयोगकर्ताओं की तुलना में कम खुले और सहमत होने के कम योग्य थे हालाँकि वे अधिक ईमानदार थे।<ref>येर अमीचाय - हॉमबरगर, नामा लमदन, रीनत मदिएल, साही हयात [http://www.liebertonline.com/doi/abs/10.1089/cpb.2007.0225 पर्सनेलिटी कॉरएक्कटरइस्टइक्स ऑफ़ विकिपीडिया मेम्बेर्स] {{Webarchive|url=https://archive.today/20121209032032/http://www.liebertonline.com/doi/abs/10.1089/cpb.2007.0225 |date=9 दिसंबर 2012 }} ''साइबरसाइकोलोजी एंड बिहेवियर '' 1 दिसम्बर 2008, 11 (6): 679-681. doi: 10.1089/cpb.2007.0225</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.newscientist.com/article/mg20126883-900-wikipedians-are-closed-and-disagreeable/|title=Wikipedians are 'closed' and 'disagreeable'|website=New Scientist|accessdate=19 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190408004033/https://www.newscientist.com/article/mg20126883-900-wikipedians-are-closed-and-disagreeable/|archive-date=8 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> ''विकिपीडिया सईनपोस्ट'' [[अंग्रेजी विकिपीडिया]] पर समुदाय अखबार है,<ref>{{cite web|url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_Signpost|title=''The Wikipedia Signpost''|accessdate=24 मार्च 2009|publisher=Wikipedia|archive-url=https://web.archive.org/web/20120731211536/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_Signpost|archive-date=31 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> और इसकी स्थापना [[विकिमीडिया फाउंडेशन|विकिमीडिया फाउंडेशन]] न्यासी मंडल के वर्तमान अध्यक्ष और प्रशासक [[माइकल स्नो (एटोर्नी)|माइकल स्नो]] के द्वारा की गयी।<ref>{{cite news |url=http://www.nytimes.com/2007/03/05/technology/05wikipedia.html?pagewanted=2&_r=1 |title=A Contributor to Wikipedia Has His Fictional Side |date=5 मार्च 2007 |first=नोआम |last=कोहेन |work=[[दि न्यू यॉर्क टाइम्स]] |accessdate=18 अक्टूबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120618054623/http://www.nytimes.com/2007/03/05/technology/05wikipedia.html?pagewanted=2&_r=1 |archive-date=18 जून 2012 |url-status=live }}</ref> यह साइट से ख़बरों और घटनाओं को शामिल करता है और साथ ही सम्बन्धी परियोजनाओं जैसे [[विकिमीडिया कॉमन्स|विकिमीडिया कोमन्स]] से मुख्य घटनाओं को भी शामिल करता है। <ref>{{cite news |url=http://www.webpronews.com/blogtalk/2005/12/19/ten-more-wikipedia-hacks |title=Ten More Wikipedia Hacks |date=19 दिसंबर 2005 |first=स्टीव |last=रूबेल |work=वेबप्रोन्यूज |accessdate=18 अक्टूबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081029072742/http://www.webpronews.com/blogtalk/2005/12/19/ten-more-wikipedia-hacks |archive-date=29 अक्तूबर 2008 |url-status=dead }}</ref> ==कार्य प्रणाली== === विकिमीडिया फाउंडेशन और विकिमीडिया अध्याय === [[चित्र:Wikimedia Foundation RGB logo with text.svg|thumb|विकिमीडिया फाउंडेशन प्रतीक]] विकिपीडिया की मेजबानी और वित्तपोषण [[विकिमीडिया फाउंडेशन|विकिमीडिया फाउनडेशन]] के द्वारा किया जाता है, यह एक गैर लाभ संगठन है जो विकिपीडिया से सम्बंधित परियोजनाओं जैसे [[विकिबुक्स]] का भी संचालन करता है। विकिमीडिया के अध्याय, विकिपीडिया के उपयोगकर्ताओं का स्थानीय सहयोग भी परियोजना की पदोन्नति, विकास और वित्त पोषण में भाग लेता है। === सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर === विकिपीडिया का संचालन [[मीडियाविकि|मीडियाविकी]] पर निर्भर है। यह एक कस्टम-निर्मित, [[मुफ्त सॉफ्टवेयर|मुफ्त]] और [[खुला स्रोत सॉफ्टवेयर|खुला स्रोत]] [[विकि सॉफ्टवेयर|विकी सॉफ़्टवेयर]] प्लेटफोर्म है, जिसे [[PHP]] में लिखा गया है और [[MySQL]] डेटाबेस पर बनाया गया है।<ref>{{cite web |url=http://www.nedworks.org/~mark/presentations/san/Wikimedia%20architecture.pdf |format=PDF |title=Wikimedia Architecture |author=मार्क बर्गस्मा |publisher=विकिमीडिया संस्थान|accessdate=27 जून 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090303204708/http://www.nedworks.org/~mark/presentations/san/Wikimedia%20architecture.pdf |archive-date=3 मार्च 2009 |url-status=dead }}</ref> इस सॉफ्टवेयर में प्रोग्रामिंग विशेषताएं शामिल हैं जैसे [[मॉक्रो (कंप्यूटर विज्ञान)|मेक्रो लेंग्वेज]], [[चर (प्रोग्रामिंग)|वेरिएबल्स]], अ [[ट्रांस्क्लुशन|ट्रांसक्लुजन]] सिस्टम फॉर [[वेब टेम्पलेट#%E0%A4%89%E0%A4%AA-%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%9F|टेम्पलेट्स]] और [[URL रीडायरेक्शन]]. मीड़याविकी को [[GNU जनरल पब्लिक लाइसेंस]] के तहत लाइसेंस प्राप्त है और इसका उपयोग सभी विकिमीडिया परियोजनाओं और कई अन्य विकी परियोजनाओं के द्वारा किया जाता है। मूल रूप से, विकिपीडिया क्लिफ्फोर्ड एडम्स (पहला चरण) द्वारा [[पर्ल]] में लिखे गए [[UseModWiki|यूजमोडविकी]] पर चलता था, जिसे प्रारंभ में लेख हाइपरलिंक के लिए [[कॉमल केस|केमलकेस]] की आवश्यकता होती थी; वर्तमान डबल ब्रेकेट प्रणाली का समावेश बाद में किया गया। जनवरी 2002 (द्वितीय चरण) में शुरू होकर, विकिपीडिया ने MySQL डेटाबेस के साथ एक [[PhpWiki|PHP विकी]] इंजन पर चलना शुरू कर दिया; यह सॉफ्टवेयर माग्नस मांसके के द्वारा विकिपीडिया के लिए कस्टम-निर्मित था। दूसरे चरण के सॉफ्टवेयर को [[घातीय वृद्धि|तीव्र गति से बढ़ती]] मांग को समायोजित करने के लिए बार बार संशोधित किया गया। जुलाई 2002 (तीसरे चरण) में, विकिपीडिया तीसरी पीढ़ी के सॉफ्टवेयर में स्थानांतरित हो गया, यह मिडिया विकी था जिसे मूल रूप से [[ली डैनियल क्रोकर|ली डेनियल क्रोकर]] के द्वारा लिखा गया था। <ref>{{Cite web|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Special:Version|title=Version|date=18 मार्च 2019|accessdate=19 मार्च 2019|via=Wikipedia|archive-url=https://web.archive.org/web/20190320121042/https://en.wikipedia.org/wiki/Special:Version|archive-date=20 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> मीड़याविकी सॉफ्टवेयर की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कई मीड़याविकी विस्तार इन्सटाल किये गए हैं। अप्रैल 2005 में एक [[लुसेन|ल्युसेन]] विस्तार<ref>{{cite web|url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_Signpost/2005-04-18/Lucene_search|title=Lucene search: Internal search function returns to service|publisher=विकिमीडिया संस्थान|author=माइकल स्नो|accessdate=26 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100407022136/http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_Signpost/2005-04-18/Lucene_search|archive-date=7 अप्रैल 2010|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikitech-l/2005-April/016297.html|title=[Wikitech-l&#93; Lucene search|author=ब्रायन वाइबर|accessdate=26 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20130330033506/http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikitech-l/2005-April/016297.html|archive-date=30 मार्च 2013|url-status=dead}}</ref> को मिडिया विकी के बिल्ट-इन सर्च में जोड़ा गया और विकिपीडिया सर्चिंग के लिए [[MySQL]] से ल्युसेन में बदल गया। वर्तमान में ल्युसेन सर्च 2,<ref>{{cite web|url=http://www.mediawiki.org/wiki/Extension:Lucene-search|title=Extension:Lucene-search|publisher=विकिमीडिया संस्थान|accessdate=26 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20081120003932/http://www.mediawiki.org/wiki/Extension:Lucene-search|archive-date=20 नवंबर 2008|url-status=live}}</ref> जो कि [[जावा (प्रोग्रामिंग भाषा)|जावा]] में लिखी गयी है और ल्युसेन लायब्रेरी 2.0 पर आधारित है,<ref>{{cite web |url=http://svn.wikimedia.org/svnroot/mediawiki/trunk/lucene-search-2/README.txt |title=Lucene Search 2: extension for MediaWiki |publisher=विकिमीडिया संस्थान |accessdate=26 फरवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130331000732/http://svn.wikimedia.org/svnroot/mediawiki/trunk/lucene-search-2/README.txt |archive-date=31 मार्च 2013 |url-status=live }}</ref> का प्रयोग किया जाता है। [[चित्र:Wikimedia-servers-2009-04-05.svg|thumb|प्रणाली वास्तुकला का वलोकन, अप्रैल 2009.मेटा-विकि पर सर्वर लेआउट चित्र देखें.]] विकिपीडिया वर्तमान में [[लिनक्स]] सर्वर (मुख्य रूप से [[उबुन्तु|उबुन्टु]]), के समर्पित [[क्लस्टर (कम्प्यूटिंग)|समूहों]] पर,<ref>{{cite news |url=http://www.computerworld.com/action/article.do?command=viewArticleBasic&taxonomyName=Servers+and+Data+Center&articleId=9116787&taxonomyId=154&pageNumber=1 |title=Wikipedia simplifies IT infrastructure by moving to one Linux vendor |publisher=Computerworld.com |author=टॉड आर. वीस|date=अक्टूबर 9, 2008 |accessdate=1 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081224050203/http://www.computerworld.com/action/article.do?command=viewArticleBasic&taxonomyName=Servers+and+Data+Center&articleId=9116787&taxonomyId=154&pageNumber=1 |archive-date=24 दिसंबर 2008 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://arstechnica.com/news.ars/post/20081009-wikipedia-adopts-ubuntu-for-its-server-infrastructure.html |title=Wikipedia adopts Ubuntu for its server infrastructure |publisher=Arstechnica.com |date= |accessdate=1 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090122015629/http://arstechnica.com/news.ars/post/20081009-wikipedia-adopts-ubuntu-for-its-server-infrastructure.html |archive-date=22 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref> [[ZFS|ज़ेड एफ़ एस]] के लिए कुछ [[ओपनसोलारिस]] मशीनों के साथ संचालित है। फरवरी 2008 में, [[फ्लोरिडा]] में 300, [[एम्स्टर्डम|एम्स्टरडाम]] में 26 और 23 याहू! के कोरियाई होस्टिंग सुविधा [[सियोल]] में थीं।<ref name="servers">{{cite web|url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia_servers|title=Wikimedia servers at wikimedia.org|accessdate=16 फरवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20100110010017/http://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia_servers|archive-date=10 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref> 2004 तक विकिपीडिया ने एकमात्र सर्वर का प्रयोग किया, इसके बाद सर्वर प्रणाली को एक वितरित [[बहुस्तरीय वास्तुकला]] में विस्तृत किया गया। जनवरी 2005 में, यह परियोजना, फ्लोरिडा में स्थित 39 [[समर्पित मेजबान सेवा|समर्पित सर्वरों]] पर संचालित थी। इस विन्यास में [[MySQL]] चलाने वाला एकमात्र मास्टर [[डेटाबेस सर्वर]], मल्टिपल स्लेव डेटाबेस सर्वर, [[अपाचे HTTP सर्वर]] को चलने वाले 21 [[वेब सर्वर]] और सात [[स्कुइड (सॉफ्टवेयर)|स्क्वीड केचे सर्वर]] शामिल हैं। विकिपीडिया दिन के समय के आधार पर प्रति सेकंड 25,000 और 60,000 के बीच पृष्ठ अनुरोधों को प्राप्त करता है। <ref>[[:tools:~leon/stats/reqstats/reqstats-monthly.png|"मंथली रिकवेस्ट स्टेटिस्टिक्स"]], विकी मीडिया. 31 अक्टूबर 2008 पर पुनः प्राप्ति.</ref> पृष्ठ अनुरोधों को पहले [[स्कुइड (सॉफ्टवेयर)|स्क्वीड कैचिंग]] सर्वर की सामने के अंत की परत को पास किया जाता है। <ref>{{cite web |url=http://dammit.lt/uc/workbook2007.pdf |format=PDF |title=Wikipedia: Site internals, configuration, code examples and management issues |author=डोमास मितुजास |publisher=MySQL उपयोगकर्ता सम्मेलन 2007|accessdate=27 जून 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080528030452/http://dammit.lt/uc/workbook2007.pdf |archive-date=28 मई 2008 |url-status=dead }}</ref> जिन अनुरोधों को स्क्वीड केचे से सर्व नहीं किया जा सकता है, उन्हें [[लिनुक्स वर्चुअल सर्वर|लिनक्स वर्चुअल सर्वर]] सॉफ्टवेयर चलाने वाले लोड-बेलेंसिंग सर्वरों को भेज दिया जाता है, जो बदले में डेटाबेस से पृष्ठ प्रतिपादन के लिए अपाचे वेब सर्वरों में से एक को यह अनुरोध भेज देता है। वेब सर्वर अनुरोध के अनुसार पृष्ठों की डिलीवरी करता है और विकिपीडिया के सभी भाषाओँ के संस्करणों के लिए पृष्ठ प्रतिपादन करता है। गति को और बढ़ाने के लिए, प्रतिपादित पृष्ठों को एक वितरित स्मृति केचे में अमान्य करने तक रखा जाता है, जिससे अधिकांश आम पृष्ठों के उपयोग के लिए पृष्ठ प्रतिपादन पूरी तरह से चूक जाता है। नीदरलैंड और कोरिया में दो बड़े समूह अब विकिपीडिया के अधिकांश ट्रेफिक लोड को संभालते हैं। == लाइसेंस और भाषा संस्करण == {{See also|List of Wikipedias}} विकिपीडिया में सभी पाठ्य [[GNU फ्री डॉक्युमेंटेशन लाईसेन्स|GNU फ्री डोक्युमेंटेशन लाइसेंस]] (GFDL) के द्वारा कवर किया गया, यह एक [[कॉपीलेफ्ट]] लाइसेंस है जो पुनर्वितरण, व्युत्पन्न कार्यों के निर्माण और अवयवों के वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति देता है, जबकि लेखक अपने कार्य के कॉपीराइट को बनाये रखते हैं,<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Copyrights |title=Wikipedia:Copyrights |publisher=अंग्रेजी विकिपीडिया |accessdate=22 अप्रैल 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120731211747/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Copyrights |archive-date=31 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> जून 2009 तक, जब साईट [[क्रिएटिव कॉमन्स|क्रिएटिव कोमन्स]] एटरीब्यूशन-शेयर अलाइक (CC-by-SA) 3.0 को स्थानांतरित हो गयी। <ref>{{cite web |url=http://blog.wikimedia.org/2009/05/21/wikimedia-community-approves-license-migration/ |title=Wikimedia community approves license migration |work=विकिमीडिया संस्थान |publisher=विकिमीडिया संस्थान |accessdate=21 मई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090524053509/http://blog.wikimedia.org/2009/05/21/wikimedia-community-approves-license-migration/ |archive-date=24 मई 2009 |url-status=live }}</ref> विकिपीडिया [[क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस|क्रिएटिव कॉमन्स लाईसेन्स]] की ओर स्थानान्तरण पर कार्य करती रही है, क्योंकि जो GFDL प्रारंभ में सॉफ्टवेयर मेनवल के लिए डिजाइन की गयी, वह ऑनलाइन सन्दर्भ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं है, ओर क्योंकि दोनों लाइसेंस असंगत थे। <ref>{{cite web |url=http://wikimediafoundation.org/wiki/Resolution:License_update |title=Resolution:License update |year=2007 |author=वाल्टर वर्मियर |publisher=विकिमीडिया फ़ाउंडेशन |accessdate=4 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120709091001/http://wikimediafoundation.org/wiki/Resolution:License_update |archive-date=9 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> नवम्बर 2008 में विकिमीडिया फाउंडेशन के अनुरोध की प्रतिक्रिया में, [[फ्री सॉफ्टवेयर फाउंडेशन]] (FSF) ने GFDL के नए संस्करण को जारी किया, जिसे विशेष रूप से 1 अगस्त 2009 को {{srlink|Wikipedia:Transition to Creative Commons licensing|relicense its content to CC-BY-SA}} के लिए विकिपीडिया को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया था। विकिपीडिया ओर इसकी सम्बन्धी परियोजनाओं ने एक समुदाय व्यापक जनमत संग्रह का आयोजन किया ताकि यह फैसला लिया जा सके कि इस लाइसेंस को बदला जाना चाहिए या नहीं। <ref>{{cite web |url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Licensing_update/Questions_and_Answers |title=Licensing update/Questions and Answers |work=मेटा प्लेटफॉर्म्स |publisher=विकिमीडिया संस्थान |accessdate=15 फरवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120807035406/http://meta.wikimedia.org/wiki/Licensing_update/Questions_and_Answers |archive-date=7 अगस्त 2012 |url-status=live }}</ref> यह जनमत संग्रह 9 अप्रैल से 30 अप्रैल तक किया गया।<ref>{{cite web |url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Licensing_update/Timeline |title=Licensing_update/Timeline |work=मेटा प्लेटफॉर्म्स |publisher=विकिमीडिया संस्थान |accessdate=5 अप्रैल 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120614213709/http://meta.wikimedia.org/wiki/Licensing_update/Timeline |archive-date=14 जून 2012 |url-status=live }}</ref> परिणाम थे 75.8% "हाँ", 10.5% "नहीं" और 13.7% "कोई राय नहीं"<ref name="voteresult">{{Cite web|url=https://meta.wikimedia.org/wiki/Licensing_update/Result|title=Licensing update/Result - Meta|website=meta.wikimedia.org|accessdate=19 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190309153331/https://meta.wikimedia.org/wiki/Licensing_update/Result|archive-date=9 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> इस जनमत संग्रह के परिणाम में, विकिमीडिया न्यासी मंडल ने क्रिएटिव कॉमन्स लाईसेन्स को, प्रभावी 15 जून 2009 से बदलने के लिए मतदान किया।<ref name="voteresult"/> यह स्थिति कि विकिपीडिया सिर्फ एक मेजबान सेवा है, इसका उपयोग सफलतापूर्वक अदालत में एक बचाव के रूप में किया गया है।<ref>{{cite news |url=http://www.reuters.com/article/internetNews/idUSL0280486220071102?feedType=RSS&feedName=internetNews |title=Wikipedia cleared in French defamation case |publisher=Reuters |date=2 नवंबर 2007 |accessdate=2 नवंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071228030600/http://www.reuters.com/article/internetNews/idUSL0280486220071102?feedType=RSS&feedName=internetNews |archive-date=28 दिसंबर 2007 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://arstechnica.com/news.ars/post/20080502-dumb-idea-suing-wikipedia-for-calling-you-dumb.html |title=Dumb idea: suing Wikipedia for calling you "dumb" |first=नैट |last=एंडरसन |date=2 मई 2008 |publisher=आर्स टेक्निका |accessdate=4 मई 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080503021407/http://arstechnica.com/news.ars/post/20080502-dumb-idea-suing-wikipedia-for-calling-you-dumb.html |archive-date=3 मई 2008 |url-status=live }}</ref> [[चित्र:PercentWikipediasGraph.png|thumb|right|अंग्रेजी में सभी विकिपीडिया लेखों का प्रतिशत (लाल) और शीर्ष के दस सबसे बड़ी भाषा के संस्करण (नीला). जुलाई 2007 में, विकिपीडिया लेख के कम से कम 23% अंग्रेजी में हैं।]] मीडिया फ़ाइलों (उदाहरण छवि फ़ाइलें) की हेंडलिंग का तरीका भाषा संस्करण के अनुसार अलग अलग होता है। कुछ भाषा संस्करण जैसे अंग्रेजी विकिपीडिया में उचित उपयोग सिद्धांत के अर्न्तगत गैर मुफ्त छवि फाइलें शामिल हैं जबकि अन्य में ऐसा नहीं होता है। यह भिन्न देशों के बीच कॉपीराइट कानूनों में अंतर के कारण आंशिक है; उदाहरण के लिए, उचित उपयोग की धारणा [[जापानी कॉपीराइट कानून]] में मौजूद नहीं है। [[मुफ्त विषय-वस्तु|मुफ्त सामग्री]] लाइसेंस के द्वारा कवर की जाने वाली मिडिया फाइलें, (उदाहरण क्रिएटिव कोमन्स cc-by-sa) को [[विकिमीडिया कॉमन्स|विकिमीडिया कोमन्स]] रिपोजिटरी के माध्यम से भाषा संस्करणों में शेयर किया जाता है, यह विकिमीडिया फाउंडेशन द्वारा संचालित परियोजना है। वर्तमान में विकिपीडिया के 262 [[विकिपीडियाओं की सूची|भाषा संस्करण]] हैं; इनमें से 24 भाषाओं में 100,000 से अधिक लेख है और 81 भाषाओं में 1,000 से अधिक लेख है।<ref name="ListOfWikipedias">{{cite web | url = http://en.wikipedia.org/wiki/Special:Statistics | title = Statistics | publisher = अंग्रेजी विकिपीडिया | accessdate = 21 जून 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080624232927/http://en.wikipedia.org/wiki/Special:Statistics | archive-date = 24 जून 2008 | url-status = live }}</ref> एलेक्सा के अनुसार, अंग्रेजी [[उप डोमेन|उपडोमेन]] (en.wikipedia.org; [[अंग्रेजी विकिपीडिया]]) अन्य भाषाओँ में शेष विभाजन के साथ विकिपीडिया के कुल ट्रेफिक का 52% भाग प्राप्त करता है (स्पेनिश: 19%, फ्रेंच: 5%, पॉलिश: 3%, जर्मन: 3%, जापानी: 3%, पुर्तगाली: 2%)। जुलाई 2008 को, पांच सबसे बड़े भाषा संस्करण हैं (लेख गणना के क्रम में)- [[अंग्रेजी विकिपीडिया|अंग्रेजी]], [[जर्मन विकिपीडिया|जर्मन]], [[फ्रेंच विकिपीडिया|फ्रेंच]], [[पॉलिश विकिपीडिया|पॉलिश]] और [[जापानी विकिपीडिया]].<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Multilingual_statistics |title=Wikipedia:Multilingual statistics |publisher=अंग्रेजी विकिपीडिया |accessdate=23 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100208155706/http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Multilingual_statistics |archive-date=8 फ़रवरी 2010 |url-status=live }}</ref> चूंकि विकिपीडिया वेब आधारित है और इसलिए पूरी दुनिया में समान भाषा संस्करण के योगदानकर्ता भिन्न बोलियों का प्रयोग कर सकते हैं या भिन्न देशों से आ सकते हैं (जैसा कि [[अंग्रेजी विकिपीडिया|अंग्रेजी संस्करण]] के मामले में होता है) इन अंतरों के कारण [[अमेरिकी और ब्रिटिश अंग्रेजी वर्तनी मतभेद|वर्तनी अंतर]] (जैसे ''रंग'' बनाम ''रंग'')<ref>{{cite web|url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Spelling|title=spelling|work=Manual of Style|publisher=Wikipedia|accessdate=19 मई 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20120731211544/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Spelling|archive-date=31 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> या दृष्टिकोण पर कुछ मतभेद हो सकते हैं। <ref>{{cite web|url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:WikiProject_Countering_systemic_bias|title=Countering systemic bias|accessdate=19 मई 2007|archive-url=https://www.webcitation.org/616baYYbl?url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:WikiProject_Countering_systemic_bias|archive-date=21 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> हालाँकि वैश्विक नीतियों जैसे "न्यूट्रल पॉइंट ऑफ़ व्यू" के लिए कई भाषाओँ के संस्करण हैं, वे नीति और अभ्यास के कुछ बिन्दुओं पर वितरित हो जाते हैं, सबसे विशेषकर उन छवियों पर जिन्हें [[मुफ्त विषय-वस्तु|मुफ्त लाइसेंस]] प्राप्त नहीं हुआ है, उनका उपयोग [[सही उपयोग|उचित उपयोग]] के एक दावे के अर्न्तगत किया जा सकता है। <ref>{{cite web |url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Fair_use |title=Fair use |publisher=मेटा प्लेटफॉर्म्स |accessdate=14 जुलाई 2007 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bb8G93?url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Fair_use |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Images_on_Wikipedia |title=Images on Wikipedia |accessdate=14 जुलाई 2007 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bbcql9?url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Images_on_Wikipedia |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite journal |url=http://www.research.ibm.com/visual/papers/viegas_hicss_visual_wikipedia.pdf |format=PDF |author=विएगास, फर्नांडा बी.; वॉटनबर्ग , मार्टिन एम.; क्रिस, जेसी; वैन हैम, फ्रैंक |title=The Visual Side of Wikipedia |publisher=विजुअल कम्युनिकेशन लैब, आईबीएम रिसर्च |date=3 जनवरी 2007 |accessdate=30 अक्टूबर 2007 |journal=आईबीएम |archive-url=https://web.archive.org/web/20090303204722/http://www.research.ibm.com/visual/papers/viegas_hicss_visual_wikipedia.pdf |archive-date=3 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref> [[चित्र:English Wikipedia contributors by country.svg|thumb|left|सितम्बर 2006 में देश के अनुसार अंग्रेजी विकिपीडिया के लिए योगदानकर्ता. [241]]] जिमी वेल्स ने विकिपीडिया को इस प्रकार से वर्णित किया है, "ग्रह पर हर एक व्यक्ति के लिए उनकी अपनी भाषा में उच्चतम संभव गुणवत्ता का एक मुफ्त विश्वकोश बनाने और वितरित करने का एक प्रयास"। <ref>[[जिमी वेल्स]], [http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikipedia-l/2005-March/020469.html "विकिपीडिया इस एन एनसाइक्लोपीडिया"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140620074834/http://lists.wikimedia.org/pipermail/wikipedia-l/2005-March/020469.html |date=20 जून 2014 }}, 8 मार्च 2005, <Wikipedia-l@wikimedia.org></ref> हालाँकि प्रत्येक भाषा संस्करण कम या अधिक स्वतंत्र रूप से कार्य करता है, उन सब पर निगरानी रखने के लिए कुछ प्रयास किये जाते हैं। वे आंशिक रूप से मेटा विकी के द्वारा समन्वित किये जाते हैं, विकिमीडिया फाउंडेशन का विकी इसकी सभी परियोजनाओं (विकिपीडिया और अन्य) के रख रखाव के लिए समर्पित है। <ref>{{cite web|url=http://meta.wikimedia.org/|title=Meta-Wiki|accessdate=24 मार्च 2009|publisher=विकिमीडिया संस्थान|archive-url=https://web.archive.org/web/20030921062728/http://meta.wikimedia.org/|archive-date=21 सितंबर 2003|url-status=live}}</ref> उदाहरण के लिए, मेटा-विकी विकिपीडिया के सभी भाषा संस्करणों पर महत्वपूर्ण आंकडे उपलब्ध करता है,<ref>{{cite web|url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Statistics|title=Meta-Wiki Statistics|accessdate=24 मार्च 2008|publisher=विकिमीडिया संस्थान|archive-url=https://web.archive.org/web/20120808154039/http://meta.wikimedia.org/wiki/Statistics|archive-date=8 अगस्त 2012|url-status=live}}</ref> और यह हर विकिपीडिया में आवश्यक लेखों की सूची रखता है।<ref>{{cite web|url=http://meta.wikimedia.org/wiki/List_of_articles_every_Wikipedia_should_have|title=List of articles every Wikipedia should have|accessdate=24 मार्च 2008|publisher=विकिमीडिया संस्थान|archive-url=https://web.archive.org/web/20120818072451/http://meta.wikimedia.org/wiki/List_of_articles_every_Wikipedia_should_have|archive-date=18 अगस्त 2012|url-status=live}}</ref> यह सूची विषय के अनुसार मूल अवयवों से प्रसंग रखती है: जीवनी, इतिहास, भूगोल, समाज, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खाद्य पदार्थ और गणित. शेष के लिए, विशेष भाषा से सम्बंधित लेख के लिए अन्य संस्करणों में समकक्ष न होना दुर्लभ नहीं है। उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका में छोटे शहरों के बारे में लेख केवल अंग्रेजी में ही उपलब्ध हो सकते हैं। अनुवादित लेख अधिकांश संस्करणों में लेख के एक छोटे हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं, क्योंकि लेखों के स्वचालित अनुवाद की अनुमति नहीं होती है। <ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Translations |title=Wikipedia: Translation |work=अंग्रेजी विकिपीडिया |accessdate=3 फरवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120731211548/https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Translations |archive-date=31 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> एक से अधिक भाषा में उपलब्ध लेख [[इंटरविकी|"इंटरविकी"]] लिंक पेश कर सकते हैं, जो अन्य संस्करणों के समकक्ष लेखों से सम्बंधित होते हैं। विकिपीडिया लेखों के संग्रह [[ऑप्टिकल डिस्क|ऑप्टिकल डिस्क्स]] पर प्रकाशित किया गया है। एक अंग्रेजी संस्करण, [[विकिपीडिया CD चयन|2006 विकिपीडिया CD सलेक्शन]] में लगभग 2,000 लेख शामिल थे।<ref>[http://www.wikipediaondvd.com/ "विकिपीडिया ऑन डीवीडी".] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130603205800/http://www.wikipediaondvd.com/ |date=3 जून 2013 }} लिंटरवेब. 1 जून 2007 को प्राप्त "लिंटरवेब, विकिपीडिया के ट्रेडमार्क का विश्वकोश सीडी और डीवीडी की बिक्री के लिए वाणिज्यिक उपयोग करने के लिए अधिकृत है।"</ref><ref>[http://www.wikipediaondvd.com/site.php?temp=buy "विकिपीडिया 0,5 एक ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130503073535/http://www.wikipediaondvd.com/site.php?temp=buy |date=3 मई 2013 }}[http://www.wikipediaondvd.com/site.php?temp=buy CD-ROM पर उपलब्ध".] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130503073535/http://www.wikipediaondvd.com/site.php?temp=buy |date=3 मई 2013 }} ''विकिपीडिया ऑन डीवीडी'' .लिंटरवेब. 1 जून 2007 को प्रविष्टि. "इस डीवीडी या सीडी-रॉम संस्करण 0.5 व्यावसायिक खरीद के लिए उपलब्ध है।"</ref> पॉलिश संस्करण में लगभग 240,000 लेख शामिल हैं।<ref>{{cite web |url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Polska_Wikipedia_na_DVD_%28z_Helionem%29/en |title=Polish Wikipedia on DVD |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/616beliO4?url=http://meta.wikimedia.org/wiki/Polska_Wikipedia_na_DVD_(z_Helionem)/en |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> जर्मन संस्करण भी उपलब्ध हैं।<ref>{{cite web |url=http://de.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia-Distribution |title=Wikipedia:DVD |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bfLmXe?url=http://de.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia-Distribution |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> == सांस्कृतिक महत्व == [[चित्र:Time Between Edits Graph Jul05-Present.png|thumb|[257] की संख्या प्रदर्शित करता ग्राफ]] [[चित्र:White Nerdy YOU SUCK cropped.jpg|thumb|left|विएर्ड एल की म्यूजिक वीडियो में उसके गीत 'व्हाइट एंड नरडी" के लिए विकिपीडिया दिखाया गया था।]] {{Main|Wikipedia in culture}} अपने लेखों की संख्या में तार्किक विकास के अलावा,<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Modelling_Wikipedia%27s_growth |title=Wikipedia:Modelling Wikipedia's growth |accessdate=22 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100407021726/http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Modelling_Wikipedia%27s_growth |archive-date=7 अप्रैल 2010 |url-status=live }}</ref> 2001 में अपनी स्थापना के बाद से विकिपीडिया ने एक आम सन्दर्भ वेबसाइट के रूप में दर्जा प्राप्त किया है।<ref>{{cite web |url=http://www.comscore.com/press/release.asp?press=849 |title=694 Million People Currently Use the Internet Worldwide According To comScore Networks |date=4 मई 2006 |publisher= कॉमस्कोर |accessdate=16 दिसंबर 2007 |quote=विकिपीडिया एक ऐसी साइट के रूप में उभरी है जिसकी लोकप्रियता विश्व स्तर पर और अमेरिका में लगातार बढ़ रही है। |archive-url=https://web.archive.org/web/20080730011713/http://www.comscore.com/press/release.asp?press=849 |archive-date=30 जुलाई 2008 |url-status=dead }}</ref> [[Alexa Internet|अलेक्सा]] और [[अलेक्सा इंटरनेट|कॉमस्कोर]] के अनुसार, दुनिया भर में विकिपीडिया उन अग्रणी दस वेबसाईटों में है जिस पर लोग सबसे ज्यादा जाते हैं।<ref name="AlexaTop500">{{cite web |url=http://www.alexa.com/site/ds/top_sites?ts_mode=global&lang=none |title=Top 500 |publisher=[[एलेक्सा (जालस्थल)|एलेक्सा]] |accessdate=4 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071125174353/http://www.alexa.com/site/ds/top_sites?ts_mode=global&lang=none |archive-date=25 नवंबर 2007 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.comscore.com/press/data.asp |title=comScore Data Center |year=2007 |accessdate=19 जनवरी 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090418055855/http://www.comscore.com/press/data.asp |archive-date=18 अप्रैल 2009 |url-status=dead }}</ref> शीर्ष दस में से, विकिपीडिया ही एकमात्र गैर लाभ वेबसाइट है। गूगल खोज परिणामों में इसके प्रमुख स्थान द्वारा विकिपीडिया के विकास को प्रोत्साहित किया गया है;<ref>{{cite journal |url=http://www.hoover.org/publications/ednext/16111162.html |title=Wikipedia or Wickedpedia? |journal= हूवर इंस्टीट्यूशन |first=माइकल जे.|last=पेट्रिल्ली, माइकल जे. |volume=8 |issue=2 |accessdate=21 मार्च 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080327230211/http://www.hoover.org/publications/ednext/16111162.html |archive-date=27 मार्च 2008 |url-status=dead }}</ref> विकिपीडिया में आने वाले सर्च इंजन ट्रेफिक का लगभग 50% गूगल से आता है,<ref>{{cite web |url=http://weblogs.hitwise.com/leeann-prescott/2007/02/wikipedia_traffic_sources.html |title=Google Traffic To Wikipedia up 166% Year over Year |publisher=हिटवाइज़ |date=16 फरवरी 2007 |accessdate=22 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070219024015/http://weblogs.hitwise.com/leeann-prescott/2007/02/wikipedia_traffic_sources.html |archive-date=19 फ़रवरी 2007 |url-status=dead }}</ref> जिसमें से एक बड़ा भाग अकादमिक अनुसंधान से संबंधित है।<ref>{{cite web |url=http://weblogs.hitwise.com/leeann-prescott/2006/10/wikipedia_and_academic_researc.html |title=Wikipedia and Academic Research |publisher=हिटवाइज़ |date=17 अक्टूबर 2006 |accessdate=6 फरवरी 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100611213635/http://weblogs.hitwise.com/leeann-prescott/2006/10/wikipedia_and_academic_researc.html |archive-date=11 जून 2010 |url-status=dead }}</ref> अप्रैल 2007 में [[प्यु अनुसंधान केंद्र|प्यू]] इन्टरनेट और अमेरिकन लाइफ परियोजना ने यह पाया कि एक तिहाई अमेरिकी इंटरनेट उपयोगकर्ता विकिपीडिया से सलाह लेते हैं।<ref>{{cite web |first=ली |last=रेनी|title=Wikipedia users |publisher=प्यू रिसर्च सेंटर|work=प्यू इंटरनेट और अमेरिकी जीवन परियोजना |date=15 दिसंबर 2007 |url=http://www.pewinternet.org/pdfs/PIP_Wikipedia07.pdf |archiveurl=https://web.archive.org/web/20080306031354/http://www.pewinternet.org/pdfs/PIP_Wikipedia07.pdf |archivedate=6 मार्च 2008 |format=PDF |accessdate=15 दिसंबर 2007 |quote=36% ऑनलाइन अमेरिकी वयस्क विकिपीडिया का उपयोग करते हैं। यह विशेष रूप से सुशिक्षित और वर्तमान कॉलेज-आयु के छात्रों के बीच लोकप्रिय है। |url-status=dead }}</ref> अक्टूबर 2006 में, साइट का एक काल्पनिक खपत मूल्य अनुमानतः $ 580 मिलियन था, अगर साईट ने विज्ञापन चलाये.<ref>{{cite web |url=http://www.watchmojo.com/web/blog/?p=626 |title=What is Wikipedia.org's Valuation? |first=अश्कान |last=करबासफ्रोशन |date=26 अक्टूबर 2006 |accessdate=1 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091213060945/http://www.watchmojo.com/web/blog/?p=626 |archive-date=13 दिसंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> विकिपीडिया के अवयवों को अकादमिक अध्ययन, पुस्क्तकों, सम्मेलनों और अदालत के मामले में प्रयुक्त किया गया है।<ref>{{cite web |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_in_the_media|title=Wikipedia:Wikipedia in the media |work=Wikipedia |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100407022126/http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Wikipedia_in_the_media |archive-date=7 अप्रैल 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.ca11.uscourts.gov/opinions/ops/200216886.pdf|title=Bourgeois ''et al.'' v. Peters ''et al.''|format=PDF|accessdate=6 फरवरी 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20121221140312/http://www.ca11.uscourts.gov/opinions/ops/200216886.pdf|archive-date=21 दिसंबर 2012|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://papers.ssrn.com/sol3/Delivery.cfm/SSRN_ID1346311_code835394.pdf?abstractid=1346311|title=WIKIPEDIAN Justice|format=PDF|accessdate=9 जून 2009}}</ref>[[कनाडा का संसद|कनाडा की संसद]] की वेबसाइट में, [[सिविल विवाह अधिनियम|सिविल विवाह]] अधिनियम के लिए, इसके "आगे पठन" की सूची के "सम्बंधित लिंक्स" सेक्शन में [[समान-लिंग के व्यक्तियों के बीच शादी|समान लिंग विवाह]] पर विकिपीडिया के लेख से सम्बन्ध रखती है।<ref>[http://www.parl.gc.ca/LEGISINFO/index.asp?Session=13&query=4381&List=ot#2 सी-38 गवर्नमेंट ऑफ़ कानडा साईट | साइट डु गवर्नमेंट डु कानडा ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080602062255/http://www.parl.gc.ca/LEGISINFO/index.asp?Session=13&query=4381&List=ot#2 |date=2 जून 2008 }}, LEGISINFO (28 मार्च 2005)</ref> विश्वकोश की स्वीकृतियों को संगठनों जैसे यू॰एस॰ फेडरल कोर्ट और [[विश्व बौद्धिक संपदा संगठन]] के द्वारा प्रयुक्त किया जाता है<ref name="WP_court_source">[286] ^ {{cite journal |last=एरियास |first=मार्था एल.|date=29 जनवरी 2007 |url=http://www.ibls.com/internet_law_news_portal_view.aspx?s=latestnews&id=1668 |title=Wikipedia: The Free Online Encyclopedia and its Use as Court Source |journal=इंटरनेट व्यापार क़ानून सेवाएँ |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120520054827/http://www.ibls.com/internet_law_news_portal_view.aspx?s=latestnews&id=1668 |archive-date=20 मई 2012 |url-status=dead }} (नाम ''"विश्व बौद्धिक संपदा कार्यालय"'' हालाँकि इस स्रोत में) ''विश्व बौद्धिक संपदा संगठन'' पढ़ना चाहिए</ref>- हालाँकि मुख्य रूप से इनका उपयोग मुख्य रूप से एक मामले के लिए जानकारी के फैसले से अधिक ''जानकारी के समर्थन'' के लिए होता है। <ref>{{cite news |last=कोहेन |first=नोआम |date=29 जनवरी 2007 |title=Courts Turn to Wikipedia, but Selectively |url=http://www.nytimes.com/2007/01/29/technology/29wikipedia.html |journal=दि न्यू यॉर्क टाइम्स |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110430045116/http://www.nytimes.com/2007/01/29/technology/29wikipedia.html |archive-date=30 अप्रैल 2011 |url-status=live }}</ref> विकिपीडिया पर प्रकट होने वाले अवयव कुछ [[संयुक्त राज्य खुफिया समुदाय|अमेरिकी खुफिया एजेंसीयों]] की रिपोर्ट में एक स्रोत के रूप में उद्धृत किये गए हैं। <ref>{{cite web |url=http://www.fas.org/blog/secrecy/2007/03/the_wikipedia_factor_in_us_int.html |title=The Wikipedia Factor in U.S. Intelligence |first=स्टीवन |last=आफ्टरगुड |publisher=फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स प्रोजेक्ट ऑन गवर्नमेंट सीक्रेसी |date=21 मार्च 2007 |accessdate=14 अप्रैल 2007 |archive-url=https://www.webcitation.org/616bk1HZi?url=http://www.fas.org/blog/secrecy/2007/03/the_wikipedia_factor_in_us_int.html |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> दिसम्बर 2008 में [[वैज्ञानिक पत्रिका]] ''RNA बायोलोजी'' ने RNA अणुओं के वर्ग के वर्णन के लिए एक नया सेक्शन शुरू किया और इसे ऐसे लेखकों की जरुरत होती है जो विकिपीडिया में प्रकाशन के लिए RNA वर्ग पर एक ड्राफ्ट लेख लिखने में मदद करते हैं। <ref>{{Cite journal | last = बटलर | first = डेक्लन | date = दिसंबर 16, 2008 | year = 2008 | title = Publish in Wikipedia or perish | journal = नेचर न्यूज़ | doi = 10.1038/news.2008.1312 |issn = 0028-0836 }}</ref> [[चित्र:Onion wikipedia.jpg|thumb|ओनीएन अखबार की हेडलाइन "Wikipedia Celebrates 750 Years Of American Independence" (विकिपीडिया ने अमेरिकी स्वतंत्रता के 750 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया).|कड़ी=Special:FilePath/Onion_wikipedia.jpg]] विकिपीडिया को [[पत्रकारिता]] में एक स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया गया है,<ref>{{cite news |title=Wikipedia in the Newsroom |url=http://www.ajr.org/Article.asp?id=4461 |date= फरवरी-मार्च 2008 |publisher=अमेरिकन जर्नलिज्म रिव्यू |first=डोना |last=शॉ |accessdate=11 फरवरी 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120805155909/http://www.ajr.org/Article.asp?id=4461 |archive-date=5 अगस्त 2012 |url-status=dead }}</ref> कभी कभी बिना गुणधर्मों के ऐसा किया गया और कई पत्रकारों को विकिपीडिया से नक़ल करने के लिए बर्खास्त किया गया।<ref>शिज़ुओका अखबार ने विकिपीडिया लेख को नकली बताया, ''जापान न्यूज़ रेवयू'' जुलाई 5, 2007</ref> <ref>{{Cite news |last=रिक्टर |first=बॉब |date=9 जनवरी 2007 |title=Express-News staffer resigns after plagiarism in column is discovered |work= सैन एंटोनियो एक्सप्रेस-न्यूज़ |url=https://www.mysanantonio.com/news/metro/stories/MYSA010307.02A.richter.132c153.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20070123064704/https://www.mysanantonio.com/news/metro/stories/MYSA010307.02A.richter.132c153.html|archive-date=जनवरी 23, 2007}}</ref><ref>[http://archives.starbulletin.com/2006/01/13/news/story03.html "जांच ने पत्रकार की बर्खास्तगी को उत्तेजित किया" ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120729115314/http://archives.starbulletin.com/2006/01/13/news/story03.html|date=29 जुलाई 2012}} ''होनोलुलु स्टार-बुलेटिन'', 13 जनवरी 2007.</ref> जुलाई 2007 में, विकिपीडियाने [[BBC रेडियो 4|बीबीसी रेडियो 4]] पर 30 मिनट के एक वृत्तचित्र को प्रस्तुत किया,<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.co.uk/radio4/factual/pip/efv21/|title=Radio 4 Documentary|accessdate=26 दिसंबर 2008|archive-url=https://www.webcitation.org/616bl0otT?url=http://www.bbc.co.uk/radio4/factual/pip/efv21/|archive-date=21 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> जिसने तर्क दिया कि, उपयोगिता और जागरूकता के बढ़ने के साथ लोकप्रिय संस्कृति में विकिपीडिया के सन्दर्भ की संख्या इस प्रकार से है कि टर्म 21 वीं सदी की संज्ञाओं के एक चयन बैंड में से एक है जो बहुत लोकप्रिय हैं ([[गूगल]], [[फेसबुक]], [[यूट्यूब]]) कि वे उन्हने अधिक व्याख्या की जरुरत नहीं होती है और [[हूवर कंपनी|हूवरिंग]] और [[कोका-कोला|कोक]] की तरह 20 वीं सदी के टर्म्स के समतुल्य हैं। कई हास्यास्पद विकिपीडिया का खुलापन, ऑनलाइन विश्वकोश परियोजना लेखों के संशोधन या विध्वंस प्रवृति के पात्रों को दर्शाता हैं। विशेष रूप से, हास्य अभिनेता [[स्टीफन कोल्बेर्ट]] ने अपने शो ''[[द कोल्बेर्ट रिपोर्ट|द कोलबर्ट रिपोर्ट]]'' के असंख्य प्रकरणों में विकिपीडिया किए हास्य का प्रयोग किया है और इसके लिए एक शब्द दिया [[द कोल्बेर्ट रिपोर्ट#%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE %E0%A4%B8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD|"विकिअलिटी"]].<ref name="wikiality"/> इस साइटने मीडिया के कई रूपों पर एक प्रभाव पैदा किया है। कुछ मीडिया स्रोत त्रुटियों के लिए विकिपीडिया की संवेदनशीलता पर व्यंग्य करते हैं, जैसे जुलाई 2006 में ''[[द ओनीएन|द अनियन]]'' में मुख पृष्ठ का लेख जिसका शीर्षक था "विकिपीडिया सेलेब्रेट्स 750 इयर्स ऑफ़ अमेरिकन इंडीपेनडेंस." <ref>{{cite web |url=http://www.theonion.com/content/node/50902 |title=Wikipedia Celebrates 750 Years Of American Independence |accessdate=26 जुलाई 2006 |year=2006 |work=द अनियन|archive-url=https://www.webcitation.org/616blXYsb?url=http://www.theonion.com/articles/wikipedia-celebrates-750-years-of-american-indepen,2007/ |archive-date=21 अगस्त 2011 |url-status=dead }}</ref> अन्य विकिपीडिया के बारे में कहते हैं कि कोई भी संपादन कर सकता है जैसे ''[[द ऑफिस (अमेरिकी टी वी श्रृंखला)|द ऑफिस]]'' के एक प्रकरण "[[द नेगोशिएशन]]", जिसमें पात्र [[माइकल स्कॉट (द ऑफिस)|माइकल स्कॉट]] ने कहा, "विकिपीडिया एक सबसे अच्छी चीज है". इस दुनिया में कोई भी किसी भी विषय के बारे में कुछ भी लिख सकता है, इसलिए आप जानते हैं कि आपको सर्वोत्तम संभव जानकारी मिल रही है।" कुछ चयनित विकिपीडिया की नीतियों जैसे ''[[xkcd]]'' स्ट्रिप को "विकिपिडियन प्रोटेस्टर" नाम दिया गया है। [[चित्र:Webcomic xkcd - Wikipedian protester - English.svg|thumb|left|एक xkcd स्ट्रिप जिसका शीर्षक है "विकीपीडियन प्रोटेस्टर"]] अप्रैल 2008 में डच फिल्म निर्माता [[VPRO बेकलाइट|एईजेसब्रांड वॉन वीलेन]] ने अपने 45 मिनट के टेलीविजन वृत्तचित्र ''"द ट्रुथ अकार्डिंग टु विकिपीडिया"'' का प्रसारण किया।<ref>{{cite web |url=http://www.techcrunch.com/2008/04/08/the-truth-according-to-wikipedia/ |title=The Truth According to Wikipedia |last=शॉनफेल्ड |first=एरिक |date=अप्रैल 8, 2008 |publisher=TechCruch.com |accessdate=30 मई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090414173058/http://www.techcrunch.com/2008/04/08/the-truth-according-to-wikipedia/ |archive-date=14 अप्रैल 2009 |url-status=dead }}</ref> विकिपीडिया के बारे में एक और वृत्तचित्र शीर्षक ''[[ट्रुथ इन नंबर्स|" ट्रुथ इन नंबर्स: द विकिपीडिया स्टोरी"]]'' 2009 प्रदर्शन के लिए निर्धारित है। कई महाद्वीपों पर शूट की गयी, यह फिल्म विकिपीडिया के इतिहास और दुनिया भर में विकिपीडिया के संपादकों के साथ किये गए साक्षात्कारों को कवर करेगी। <ref>{{cite web |url=http://wikidocumentary.wikia.com/wiki/Main_Page |title=Truth in Numbers: The Wikipedia Story |publisher=Wikidocumentary.wikia.com |date= |accessdate=1 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100111205115/http://wikidocumentary.wikia.com/wiki/Main_Page |archive-date=11 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web| url=http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=/c/a/2007/03/11/PKGRJN87UI1.DTL| title=Industry Buzz| last=हार्ट| first=ह्यूग| date=मार्च 11, 2007| publisher=सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल| accessdate=26 दिसंबर 2008| archive-url=https://web.archive.org/web/20120515042942/http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=%2Fc%2Fa%2F2007%2F03%2F11%2FPKGRJN87UI1.DTL| archive-date=15 मई 2012| url-status=live}}</ref> 28 सितंबर 2007 को, इतालवी राजनीतिज्ञ [[फ्रेंको ग्रिलइनी|फ्रेंको ग्रिल्लिनी]] ने [[पैनोरमाफ़्रेइत|चित्रमाला की स्वतंत्रता]] की आवश्यकता के बारे में सांस्कृतिक संसाधन और गतिविधियों के मंत्री के सम्नाक्ष संसदीय प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी आजादी की कमी विकिपीडिया पर दबाव बनाती है," जो सातवीं ऐसी वेबसाईट है जिस पर लोग विजित करते हैं" यह आधुनिक इतालवी इमारतों और कला की सभी छवियों पर रोक लगाती है और दावा किया कि इसने पर्यटन राजस्व को बेहद क्षति पहुँचायी है। <ref>{{cite web|url=http://www.grillini.it/show.php?4885|title=Comunicato stampa. On. Franco Grillini. Wikipedia. Interrogazione a Rutelli. Con "diritto di panorama" promuovere arte e architettura contemporanea italiana. Rivedere con urgenza legge copyright|date=अक्टूबर 12, 2007|accessdate=26 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20090330141810/http://www.grillini.it/show.php?4885|archive-date=30 मार्च 2009|url-status=dead}}</ref> [[चित्र:Quadriga-verleihung-rr-02.jpg|thumb|जिमी वेल्स को व्काडिगो अ मिशन ऑफ़ एनलाइटएनमेंट पुरस्कार की प्राप्ति]] 16 सितंबर 2007 को ''[[द वाशिंगटन पोस्ट]]'' ने सूचना दी कि विकिपीडिया 2008 [[संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव, 2008|अमेरिकी चुनाव अभियान]] में एक केंद्र बिन्दु बन गया, इसके अनुसार "जब आप गूगल में उम्मीदवार का नाम टाइप करते हैं, एक विकिपीडिया पृष्ठ ही पहला परिणाम होता है, यह इन प्रविष्टियों को उतना ही महत्वपूर्ण बनता है जितना कि एक उम्मीदवार को परिभाषित करना. पहले से ही, राष्ट्रपति प्रविष्टियों को प्रतिदिन अनगिनत बार संपादित, अवलोकित किया जा रहा है और इस पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।" <ref>{{cite news |url=http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2007/09/16/AR2007091601699_pf.html |title=On Wikipedia, Debating 2008 Hopefuls' Every Facet |author=जोस एंटोनियो वर्गास |publisher=द वॉशिंगटन पोस्ट |date=17 सितंबर 2007 |accessdate=26 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121102233457/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2007/09/16/AR2007091601699_pf.html |archive-date=2 नवंबर 2012 |url-status=live }}</ref> अक्टूबर 2007 के [[रायटर्स]] लेख शीर्षक "विकिपीडिया पेज द लेटेस्ट स्टेटस सिम्बल" में इस घटना पर रिपोर्ट दी गयी कि कैसे एक विकिपीडिया लेख किसी की विख्याति को साबित करता है।<ref>{{cite news |url=http://www.reuters.com/article/domesticNews/idUSN2232893820071022?sp=true |title=Wikipedia page the latest status symbol |author=जेनिफर अबलान |publisher=[[रॉयटर्स]] |date=22 अक्टूबर 2007 |accessdate=24 अक्टूबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071224073243/http://www.reuters.com/article/domesticNews/idUSN2232893820071022?sp=true |archive-date=24 दिसंबर 2007 |url-status=live }}</ref> विकिपीडिया ने मई 2004 में दो प्रमुख पुरस्कार जीते। <ref>[[metawiki:ट्राफी बॉक्स|"ट्रोफी बॉक्स"]], मेटा-विकी (28 मार्च 2005).</ref> पहला था, वार्षिक [[प्रिक्स अर्स इलेक्ट्रॉनिका|प्रिक्स अर्स इलेक्ट्रोनिका]] प्रतियोगिता में गोल्डन निका फॉर डिजीटल कमयूनिटीस; यह पुरस्कार € 10000 (£ 6588; $ 12,700) अनुदान के साथ आया था और इसके साथ [[ऑस्ट्रिया]] में पी ए ई सइबरआर्ट्स समारोह में उस वर्ष दस्तावेज़ करने के लिए एक निमंत्रण भी प्राप्त किया गया था। दूसरा, "समुदाय" श्रेणी के लिए में न्यायाधीशों का [[वेब्बी पुरस्कार|वेब्बी अवार्ड]] था।<ref>{{cite web|url=http://www.webbyawards.com/webbys/winners-2004.php|title=Webby Awards 2004|publisher=इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ डिजिटल आर्ट्स एंड साइंसेज|year=2004|accessdate=19 जून 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20110722174246/http://www.webbyawards.com/webbys/winners-2004.php|archive-date=22 जुलाई 2011|url-status=live}}</ref> विकिपीडिया को "बेस्ट प्रक्टिसस" वेब्बी के लिए मनोनीत किया गया। 26 जनवरी 2007 को, विकिपीडिया को ब्रांडचैनल.कॉम के पाठकों द्वारा सर्वोत्तम चौथी ब्रांड श्रेणी से सम्मानित किया गया था; "किस ब्रांड ने 2006 में हमारे जीवन पर सर्वाधिक प्रभाव डाला" सवाल के जवाब में 15% मतदान प्राप्त किया गया।<ref>{{cite news |first=एंथनी |last=ज़म्पानो |title=Similar Search Results: Google Wins |url=http://www.brandchannel.com/features_effect.asp?pf_id=352 |publisher=इंटरब्रांड |date=29 जनवरी 2007 |accessdate=28 जनवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070220095907/http://brandchannel.com/features_effect.asp?pf_id=352 |archive-date=20 फ़रवरी 2007 |url-status=dead }}</ref> सितम्बर 2008 में, विकिपीडिया ने [[बोरिस टाडिक]], [[एकार्ट होफ्लिंग]] और [[पीटर गेब्रियल]] के साथ वेर्कस्टाट डॉइशलैंड का [[क्वाडि्ृगा (पुरस्कार)|क्वाडि्ृगा]] ''अ मिशन ऑफ़ एनलाइटएनमेंट'' पुरस्कार प्राप्त किया। यह पुरस्कार [[जिमी वेल्स]] को [[डेविड वीनबेर्गेर|डेविड वेंबेर्गेर]] द्वारा पेश किया गया।<ref>{{cite web|url=http://loomarea.com/die_quadriga/e/index.php?title=Award_2008|title=Die Quadriga&nbsp;— Award 2008|accessdate=26 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080915140714/http://loomarea.com/die_quadriga/e/index.php?title=Award_2008|archive-date=15 सितंबर 2008|url-status=dead}}</ref> == संबंधित (सम्बन्धित) परियोजनाएँ == {{sisterlinks}} जनता द्वारा लिखित इंटरैक्टिव मल्टीमीडिया विश्वकोश की असंख्य प्रविष्टियाॅं, विकिपीडिया की स्थापना से भी लंबे (लम्बे) समय पहले मौजूद थीं। इनमें से पहला था 1986 [[BBC डोम्सडे परियोजना|BBC डोमस्डे प्रोजेक्ट]], जिसमें ब्रिटेन के 1 मिलियन से अधिक योगदानकर्ताओं के पाठ्य ([[BBC माइक्रो]] कंप्यूटर पर प्रविष्ट) और तस्वीरें शामिल थीं और यह [[यूनाइटेड किंगडम|ब्रिटेन]] के भूगोल, कला और संस्कृति को कवर करता था। यह पहला इंटरैक्टिव मल्टीमीडिया विश्वकोश था (और साथ ही आंतरिक लिंक्स के माध्यम से जुड़ा पहला मुख्य मल्टीमीडिया दस्तावेज़ भी था), इसमें अधिकांश लेख ब्रिटेन के एक इंटरेक्टिव मानचित्र के माध्यम से उपलब्ध थे। उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस और डोमस्डे प्रोजेक्ट के अवयवों के एक हिस्से को अब एक वेबसाईट पर डाल दिया गया है। <ref name="Domesday Project">^ [https://web.archive.org/web/20070115135325/http://www.domesday1986.com/ वेब बेस्ड एमयूलेटर ऑफ़ द डोम्सडे प्रोजेक्ट यूज़र इंटरफ़ेस] और कम्युनिटी डिस्क से विवरण (आम जनता से योगदान) - अधिकतम लेख को इंटरेक्टिव मानचित्र का उपयोग करके पहुँचा जा सकता है</ref> सबसे सफल प्रारंभिक ऑनलाइन विश्वकोशों में से एक था h2g2 जिस पर जनता के द्वारा प्रविष्टियाँ की जाती थीं, जिसे [[डगलस एडम्स]] के द्वारा निर्मित किया गया और इसे [[बीबीसी]] के द्वारा चलाया जाता है। [[h2g2]] विश्वकोश तुलनात्मक रूप से हल्का फुल्का था, यह उन लेखों पर ध्यान केन्द्रित करता था जो हास्यपूर्ण भी हों और जानकारीपूर्ण भी हों। इन दोनों परियोजनाओं में विकिपीडिया के साथ समानता थी, लेकिन दोंनों में से किसी ने भी सार्वजनिक उपयोगकर्ताओं को पूर्ण संपादकीय स्वतंत्रता नहीं दी। ऐसी ही एक गैर-विकी परियोजना [[GNU पीडिया]] परियोजना, अपने इतिहास के आरम्भ में न्यूपीडिया के साथ उपस्थित थी; हालाँकि इसे सेवानिवृत्त कर दिया गया है और इसके निर्माता [[मुफ्त सॉफ्टवेयर]] व्यक्ति [[रिचर्ड स्टालमन|रिचर्ड स्टालमेन]] ने विकिपीडिया को समर्थन दिया है। <ref name="stallman1999"/> विकिपीडिया ने कई सम्बन्धी परियोजनाओं का सूत्रपात भी किया है, इन्हें भी विकिमीडिया फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जाता है। पहला, "इन मेमोरियम: सितंबर 11 विकी",<ref>{{cite web |url=http://www.sep11memories.org/wiki/In_Memoriam |title=In Memoriam: September 11, 2001 |accessdate=6 फरवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070206082335/http://sep11memories.org/wiki/In_Memoriam |archive-date=6 फ़रवरी 2007 |url-status=dead }}</ref> अक्टूबर 2002 में निर्मित,<ref>[http://www.sep11memories.org/index.php?title=In_Memoriam&oldid=1502 फर्स्ट एडिट टु द विकी इन मेमोरियम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110929203116/http://www.sep11memories.org/index.php?title=In_Memoriam&oldid=1502 |date=29 सितंबर 2011 }}: 11 सितंबर विकी (28 अक्टूबर 2002),</ref> जो [[11 सितंबर के हमले|11 सितंबर के हमलों]] को विस्तृत किया; इस परियोजना को अक्टूबर 2006 में बंद कर दिया गया था। [[विकटियोनरी]], एक शब्दकोश परियोजना, दिसंबर 2002 में शुरू की गई थी;<ref>[http://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Wikimedia_News&diff=prev&oldid=4133 " अनाउन्समेंट ऑफ़ विकशियनरी'स क्रिएशन" ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151103211350/https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Wikimedia_News&diff=prev&oldid=4133|date=3 नवंबर 2015}} 12 दिसम्बर 2002। 2 फरवरी 2007 पर पुनः प्राप्ति.</ref> [[विकिकोट]] कोटेशन्स का एक संग्रह, जो विकिमीडिया के उदघाटन के एक सप्ताह बाद शुरू हुआ और [[विकिबुक्स]] सहयोग से लिखी गयी मुफ्त पुस्तकों का एक संग्रह. तब से विकिमीडिया ने कई अन्य परियोजनाएं शुरू की हैं, इसमें [[विकिवेर्सिटी|विकीवर्सिटी]] भी शामिल है, यह मुफ्त अध्ययन सामग्री के निर्माण के लिए और ऑनलाइन शिक्षण गतिविधियों का प्रावधान करने की परियोजना है। <ref name="OurProjects">[http://wikimediafoundation.org/wiki/Our_projects "आवर प्रोजेक्ट्स",] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091211185107/http://wikimediafoundation.org/wiki/Our_projects|date=11 दिसंबर 2009}} [[विकिमीडिया संस्थान|विकिमीडिया फाउंडेशन.]] 24 जनवरी 2007 पर पुनः प्राप्ति.</ref> हालाँकि, इन में से कोई भी सम्बंधित परियोजना, विकिपीडिया की सफलता प्राप्ति में सहायक नहीं रही है। विकिपीडिया की जानकारी के कुछ उपसमुच्चय अक्सर विशिष्ट उद्देश्य के लिए अतिरिक्त समीक्षा के साथ विकसित किये गए हैं। उदाहरण के लिए, विकिपीडीयन्स और SOS बच्चों के द्वारा निर्मित CD /DVD की विकिपीडिया श्रृंखला (उर्फ [[:विकिपीडिया: विकिपीडिया CD चुनाव|"विकिपीडिया फॉर स्कूल्स"]]), एक मुफ्त, हाथ से जांच की गयी, विकिपीडिया से गैर वाणिज्यिक चुनाव है, जो ब्रिटेन के राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में लक्षित है और अधिकांश अंग्रेजी भाषी दुनिया के लिए उपयोगी है। [https://web.archive.org/web/20120804093730/http://schools-wikipedia.org/ विकिपीडिया फॉर स्कूल्स] ऑनलाइन उपलब्ध है: एक समकक्ष प्रिंट विश्वकोश के लिए लगभग बीस संस्करणों की आवश्यकता होगी। ये विकिपीडिया के लेख के एक सलेक्ट सबसेट को एक मुद्रित पुस्तक रूप देने का प्रयास भी किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/news/newstopics/howaboutthat/5549589/Wikipedia-turned-into-book.html|title=Wikipedia turned into book|date=16 जून 2009|accessdate=19 मार्च 2019|via=www.telegraph.co.uk|archive-url=https://www.webcitation.org/5jeCgQjpj?url=http://www.telegraph.co.uk/news/newstopics/howaboutthat/5549589/Wikipedia-turned-into-book.html|archive-date=9 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref> सहयोगी [[ज्ञान आधार]] विकास पर केन्द्रित अन्य वेबसाईटों ने या तो विकिपीडिया से प्रेरणा प्राप्त की है या उसे प्रेरित किया है। कुछ, जैसे [[सुसनिंग.नु|सुस्निंग.नु (Susning.nu)]], [[एन्सिक्लोपेडिया लीब्रे यूनिवर्सल एन एस्पनओल|एनसिक्लोपेडिया लीब्रे (Enciclopedia Libre)]] और [[विकिज़नी|विकिज़नानी (WikiZnanie)]] किसी औपचारिक समीक्षा प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं करते है, जबकि अन्य जैसे [[जीवन का विश्वकोश|एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ लाइफ (Encyclopedia of Life)]], [[स्टैनफोर्ड एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ फिलोसफी|स्टैनफोर्ड एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ फिलोसोफी (Stanford Encyclopedia of Philosophy)]], [[स्कॉलरपीडिया|स्कोलरपीडिया (Scholarpedia)]], [[h2g2]], [[एवेरीथिंग2|एव्रीथिंग2 (Everything2)]], अधिक पारंपरिक [[सहकर्मी समीक्षा]] का उपयोग करते है। एक ऑनलाइन विश्वकोश, [[सिटिज़नडियम]] को विकिपीडिया के सह-संस्थापक लैरी सेंगर के द्वारा विकिपीडिया के "विशेषज्ञ अनुकूल" का निर्माण करने के प्रयास में शुरू किया गया था।<ref name="defactoleader">{{cite news |first=होल्डन |last=फ्रिथ |url=http://technology.timesonline.co.uk/tol/news/tech_and_web/the_web/article1571519.ece |title=Wikipedia founder launches rival online encyclopedia |publisher=[[द टाइम्स]] |date=26 मार्च 2007 |accessdate=27 जून 2007 |quote=विकिपीडिया के असल लीडर, जिमी वेल्स, साइट के फ़ॉर्मेट के साथ खड़े रहे। – होल्डन फ्रिथ। |archive-url=https://web.archive.org/web/20110427034628/http://technology.timesonline.co.uk/tol/news/tech_and_web/the_web/article1571519.ece |archive-date=27 अप्रैल 2011 |url-status=live }}</ref><ref name="Orlowski18">{{cite news |first=एंड्रयू |last=ओर्लोव्स्की |url=http://www.theregister.co.uk/2006/09/18/sanger_forks_wikipedia/ |title=Wikipedia founder forks Wikipedia, More experts, less fiddling? |publisher=द रजिस्टर |date=सितम्बर 18, 2006 |accessdate=27 जून 2007 |quote=लैरी सेंगर ने सिटीज़नडियम परियोजना को "प्रगतिशील या क्रमिक फ़ोर्क" बताया है, जिसमें मुख्य अंतर यह है कि संपादन पर अंतिम निर्णय विशेषज्ञों का होता है। |archive-url=https://web.archive.org/web/20120614020529/http://www.theregister.co.uk/2006/09/18/sanger_forks_wikipedia/ |archive-date=14 जून 2012 |url-status=live }} - एंड्रयू ओर्लोवस्की.</ref><ref name="JayLyman">{{cite news |first=जे |last=लाइमन |url=http://www.crmbuyer.com/story/53137.html |title=Wikipedia Co-Founder Planning New Expert-Authored Site |publisher=लिनक्सइनसाइडर |date=सितम्बर 20, 2006 |accessdate=27 जून 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120524164124/http://www.crmbuyer.com/story/53137.html |archive-date=24 मई 2012 |url-status=dead }}</ref> ==इन्हें भी देखें== {{portal|विकिपीडिया|Wikipedia-logo-en-big.png}} * [[ऑनलाइन विश्वकोशों की सूची]] ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|3}} ;अकादमिक अध्ययन {{Main|विकिपीडिया के बारे में अकादमिक अध्ययन}} * {{cite journal|first=Finn|last=Nielsen|url=http://www.firstmonday.org/issues/issue12_8/nielsen/index.html|title=Scientific Citations in Wikipedia|journal=[[First Monday]]|volume=12|issue=8|month= अगस्त |year=2007|accessdate=22 फरवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081204114114/http://www.firstmonday.org/issues/issue12_8/nielsen/index.html|archive-date=4 दिसंबर 2008|url-status=dead}} * {{cite journal|last=Pfeil|first=Ulrike|co-authors=Panayiotis Zaphiris and Chee Siang Ang|year=2006|title=Cultural Differences in Collaborative Authoring of Wikipedia|journal=Journal of Computer-Mediated Communication|volume=12|issue=1|url=http://jcmc.indiana.edu./vol12/issue1/pfeil.html|accessdate=26 दिसंबर 2008|doi=10.1111/j.1083-6101.2006.00316.x|page=88|pages=88|archive-url=https://web.archive.org/web/20091201202646/http://jcmc.indiana.edu/vol12/issue1/pfeil.html|archive-date=1 दिसंबर 2009|url-status=dead}} * प्रीडहोर्स्की, रीड, जिलिन चेन, श्योंग (टोनी) के.लॉम, कैथरीन पन्सिएरा, लोरेन तरवीन और जॉन रिएद्ल. [http://portal.acm.org/citation.cfm?doid=1316624.1316663 "क्रिएटिंग, डेस्ट्रोयिंग, एंड रेस्टोरिंग वॉलयू इन विकिपीडिया"] प्रोक. ग्रुप 2007, डी ओ आई: 1316624,131663. * {{cite web|author=Reagle, Joseph M., Jr.|title=Do As I Do: Leadership in the Wikipedia|url=http://reagle.org./joseph/2005/ethno/leadership.html|work=Wikipedia Drafts|year=2005|accessdate=26 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20100115031700/http://reagle.org/joseph/2005/ethno/leadership.html|archive-date=15 जनवरी 2010|url-status=dead}} * {{cite journal|url=http://www.firstmonday.org/issues/issue12_4/wilkinson/index.html|title=Assessing the Value of Cooperation in Wikipedia|first=Dennis M.|last=Wilkinson|co-author=Bernardo A. Huberman|journal=First Monday|volume=12|issue=4|month= अप्रैल |year=2007|accessdate=22 फरवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20110430033015/http://firstmonday.org/issues/issue12_4/wilkinson/index.html|archive-date=30 अप्रैल 2011|url-status=dead}} ;पुस्तकें * {{cite book |author=Phoebe Ayers, Charles Matthews, and Ben Yates |title=How Wikipedia Works: And How You Can Be a Part of It |publisher=No Starch Press |location=San Francisco |month= सितंबर |year=2008 |isbn=978-1-59327-176-3 |accessdate=26 दिसंबर 2008 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/howwikipediawork00ayer_0 }} * {{cite book |last=Broughton |first=John|title=[[Wikipedia - The Missing Manual]] |publisher=O'Reilly Media |location= |month= |year=2008 |isbn=0-596-51516-2 |accessdate=26 दिसंबर 2008}} (बेकर द्वारा संशोधित पुस्तक देखें, जैसा कि नीचे सूचीबद्ध किया गया है) * {{cite book | last = Broughton | first = John | title = Wikipedia Reader's Guide | publisher = Pogue Press | location = Sebastopol | year = 2008 | isbn = 059652174X | url-access = registration | url = https://archive.org/details/isbn_9780596521745 }} * {{cite book | last = Lih | first = Andrew | title = [[The Wikipedia Revolution]] | publisher = Hyperion | location = New York | year = 2009 | isbn = 1401303714 }} ;पुस्तक समीक्षायें और अन्य लेख * [[एल गॉर्डन क्रोवइट्ज़|क्रोवित्ज़, एल गॉर्डन.]] [https://web.archive.org/web/20091203075324/http://online.wsj.com/article/SB123897399273491031.html "विकिपीडिया'स ओल्ड -फैशनड रेवोलुशन: द ऑनलाइन एनसाइक्लोपीडिया इस फास्ट बिकमिंग द बेस्ट"] (मूलतः [[वॉल स्ट्रीट जर्नल|"वॉल स्ट्रीट जर्नल" ऑनलाइन]] में प्रकाशित - 6 अप्रैल 2009, 8:34 A.M. ET) * [[निकलसन बेकर|बेकर, निकलसन]]. [https://web.archive.org/web/20080303001807/http://www.nybooks.com/articles/21131 "द चार्म्स ऑफ़ विकिपीडिया".] ''[[द न्यूयॉर्क रेवयू ऑफ़ बुक्स|द न्यू यार्क रेव्यू ऑफ़ बुक्स]] '' 20 मार्च 2008. 17 दिसम्बर 2008 को प्रविष्टि.(जॉन ब्रूटन की '' द मिस्सिंग मेन्यूल'' की पुस्तक समीक्षा, जैसा कि ऊपर सूचीबद्ध है।) * [[रॉय रोसेंज़वेइग|रोसेनविग, रॉय]]. [https://web.archive.org/web/20090430201444/http://chnm.gmu.edu/resources/essays/d/42 कैन हिस्ट्री बी ओपन सोर्स? ][https://web.archive.org/web/20090430201444/http://chnm.gmu.edu/resources/essays/d/42 विकिपीडिया एंड फ्यूचर ऑफ़ द पास्ट.] (मूलतः ''[[जर्नल ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री]]'' 93.1 में प्रकाशित (जून 2006): 117-46) ;सीखने के स्रोत * [[:v: विकिपीडिया#अधिगम संसाधन|स्रोतों को सीखने की विकीवर्सिटी सूची.]](संबंधित पाठ्यक्रम, [[वेब सम्मेलन|वेब आधारित संगोष्ठीयां]], स्लाइड, व्याख्यान नोट्स, पाठ्य पुस्तकें, प्रश्नोत्तरी, शब्दकोश, आदि शामिल है). ;मीडिया विवाद * {{cite news | url = http://www.delta-sky.com/sections/index.php/lifestyle/wikipedia_vs_encyclopedia/ | title = Thought Leader: Wikipedia vs. Encyclopedia | work = Delta-Sky, The Official Inflight Magazine of [[Delta Air Lines]] | date = दिसंबर 2008 | accessdate = 14 जनवरी 2009 | quote = (Earlier this year, [Andrew] [[Andrew Keen|Keen]] and [Jimmy] [[Jimmy Wales|Wales]] appeared at Inforum, a division of the [[Commonwealth Club of California]], which is the largest and oldest public forum in the [[United States]]. Following is a portion of their discussion, moderated by [[National Public Radio]]'s [[David Ewing Duncan]].) | archive-url = https://web.archive.org/web/20081223092909/http://www.delta-sky.com/sections/index.php/lifestyle/wikipedia_vs_encyclopedia/ | archive-date = 23 दिसंबर 2008 | url-status = dead }} ;अन्य मीडिया कवरेज़ * {{cite news |url=http://www.nytimes.com/2007/07/01/magazine/01WIKIPEDIA-t.html?_r=1&ref=magazine&oref=slogin |title=All the News That's Fit to Print Out |first=Jonathan |last=Dee |work=दि न्यू यॉर्क टाइम्स Magazine |publisher=दि न्यू यॉर्क टाइम्स Company |date=1 जुलाई 2007 |accessdate=22 फरवरी 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110430045219/http://www.nytimes.com/2007/07/01/magazine/01WIKIPEDIA-t.html?_r=1&ref=magazine&oref=slogin |archive-date=30 अप्रैल 2011 |url-status=live }} * {{cite news|last name=Balke|first name=Jeff|url=http://blogs.chron.com/brokenrecord/2008/03/for_music_fans_wikipedia_myspa.html|title=For Music Fans: Wikipedia; MySpace|work=[[Houston Chronicle]] ([[Blog]])|date=मार्च 2008|accessdate=17 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20090907093533/http://blogs.chron.com/brokenrecord/2008/03/for_music_fans_wikipedia_myspa.html|archive-date=7 सितंबर 2009|url-status=live}} * {{cite news|first=Mukesh|last=Dangi|url=326023|title=Can We Really Trust Wikipedia?|date=2/1/2001|work=Bajrang dal|publisher=yorkshirepost.co.uk|accessdate=20 सितंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20070928170801/http://www.yorkshirepost.co.uk/highlights?articleid=3115718|archive-date=28 सितंबर 2007|url-status=live}} * {{cite news|first=Jim|last=Giles|title=Wikipedia 2.0 - Now with Added Trust|url=http://www.newscientist.com/article/mg19526226.200|date=20 सितंबर 2007|work=[[New Scientist]]|accessdate=14 जनवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081224150745/http://www.newscientist.com/article/mg19526226.200|archive-date=24 दिसंबर 2008|url-status=live}} * {{cite news|first=Mike|last=Miliard|title=Wikipedia Rules|url=http://thephoenix.com/Boston/Life/52864-Wikipedia-rules/|publisher=[[The Phoenix (newspaper)|The Phoenix]]|date=2 दिसंबर 2007|accessdate=22 फरवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20090929001820/http://thephoenix.com/Boston/Life/52864-Wikipedia-rules/|archive-date=29 सितंबर 2009|url-status=live}} * {{cite news|first=Marshall|last=Poe|authorlink=Marshall Poe|url=http://www.theatlantic.com/doc/200609/wikipedia|title=The Hive|work=[[The Atlantic|The Atlantic Monthly]]|date=सितम्बर 2006|accessdate=22 मार्च 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080517062803/http://www.theatlantic.com/doc/200609/wikipedia|archive-date=17 मई 2008|url-status=live}} * {{cite news|first=Chris|last=Taylor|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1066904-1,00.html|title=It's a Wiki, Wiki World|date=29 मई 2005|work=[[Time (magazine)|Time]]|publisher=Time, Inc|accessdate=22 फरवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20091029161646/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,1066904-1,00.html|archive-date=29 अक्तूबर 2009|url-status=live}} * {{cite news|url=http://www.economist.com/science/tq/displaystory.cfm?story_id=11484062|title=Technological Quarterly: Brain Scan: The Free-knowledge Fundamentalist|work=[[दि इकॉनॉमिस्ट]]|4=|date=5 जून 2008|accessdate=5 जून 2008|quote=Jimmy Wales changed the world with Wikipedia, the hugely popular online encyclopedia that anyone can edit. What will he do next? [leader].|archive-url=https://web.archive.org/web/20080609025305/http://www.economist.com/science/tq/displaystory.cfm?story_id=11484062|archive-date=9 जून 2008|url-status=live}} * {{cite news|url=http://www.metrobostonnews.com/us/article/2009/01/28/03/4644-72/index.xml|title=Hoaxers force Wiki to weigh pre-checks Wikipedia|work=[[Metro International|Metro]] Boston edition|date=28 जनवरी 2009|access-date=11 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20171023132053/http://www.metrobostonnews.com/us/article/2009/01/28/03/4644-72/index.xml|archive-date=23 अक्तूबर 2017|url-status=dead}} * [https://web.archive.org/web/20090331223832/http://www.independent.co.uk/life-style/gadgets-and-tech/features/is-wikipedia-cracking-up-1543527.html इस विकिपीडिया क्रेकिंग अप? द इंडीपेनडेंट, 3 फ़रवरी 2009] * [http://technology.timesonline.co.uk/tol/news/tech_and_web/the_web/article5682896.ece द विकी-स्नोब्स आर टेकिंग ओवर, द सन्डे टाईम्स, timesonline.co.uk, 8 फ़रवरी 2009] {{Dead link|date=मई 2009}} * {{cite news|first=David|last=Runciman|url=http://www.lrb.co.uk/v31/n10/runc01_.html|title=Like Boiling a Frog|date=28 मई 2009|work=London Review of Books|accessdate=3 जून 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090527013530/http://www.lrb.co.uk/v31/n10/runc01_.html|archive-date=27 मई 2009|url-status=live}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{meta|विकिपीडिया की सूची}} * [https://web.archive.org/web/20010727112808/http://www.wikipedia.org/ विकिपीडिया] - बहुभाषी पोर्टल (परियोजना के सभी भाषा संस्करण के लिए संपर्क शामिल हैं) * [https://web.archive.org/web/20110829015926/http://mobile.wikipedia.org/ मोबाइल फोन के संस्करण]: - 15 भाषायें * [https://web.archive.org/web/20171123035729/https://www.youtube.com/watch?v=jHrGsxSpM5E क्या विकिपीडिया एक विश्वसनीय स्रोत है?] * [https://web.archive.org/web/20190428205944/https://www.youtube.com/watch?v=96Lzxglp5W4 हिंदी विकिपीडिया क्या है यूट्यूब] * [https://web.archive.org/web/20100123111505/http://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Press_coverage विकिपीडिया का प्रेस कवरेज] * [https://web.archive.org/web/20090719140708/http://www.stanford.edu/class/ee380/Abstracts/020116.html विकिपीडिया एंड वाई इट मेटर्स] -2002 में विकिपीडिया के बारे में [[स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय|स्टानफोर्ड यूनिवर्सिटी]] में लेरी सेंगर का संभाषण [https://web.archive.org/web/20121221140312/http://stanford-online.stanford.edu/courses/ee380/020116-ee380-100.asx (वीडियो संग्रह] और इस [[:मेटा: विकिपीडिया एंड वाई इट मॉटर्स|संभाषण की प्रतिलिपि]]) * [https://web.archive.org/web/20091203014943/http://www.dmoz.org/Computers/Open_Source/Open_Content/Encyclopedias/Wikipedia/ विकिपीडिया] [[ओपन डायरेकटरी प्रोजेक्ट|ओपन डायरेक्टरी प्रोजेक्ट]] पर * [https://web.archive.org/web/20070427004613/http://www.cbc.ca/news/background/tech/wikipedia.html CBC समाचार: I, संपादक] * [https://web.archive.org/web/20091225130611/http://www.wikihow.com/Contribute-to-Wikipedia संपादित करें विकिपीडिया की संपादन में सहायता ] - [[विकिहाउ|विकीहाउ]] लेख * [https://web.archive.org/web/20090822040015/http://www.neowin.net/news/main/07/11/02/class-assignment-write-an-original-wikipedia-article कक्षा कार्य: एक मूल विकिपीडिया लेख लिखें] * [irc://irc.freenode.net/Wikipedia #Wikipedia] [[फ्रीनोड]] ] पर * {{youtube|id=cqOHbihYbhE|title="Intelligence in Wikipedia" Google TechTalk}}विकिपीडिया के उपयोग एक खुफिया परियोजना का वर्णन और कैसे विकिपीडिया लेख स्वत: वेब विषय - वस्तु से उत्पन्न हो सकता है। * [https://web.archive.org/web/20091201111459/http://www.ted.com/index.php/talks/jimmy_wales_on_the_birth_of_wikipedia.html विकिपीडिया के जन्म पर जिमी वेल्स का वीडियो TED संभाषण] * [https://web.archive.org/web/20091125040136/http://www.econtalk.org/archives/2009/03/wales_on_wikipe.html जिमी वेल्स विकिपीडिया के बारे में सामान्य रूप से ] [[इकन टॉक|इकोंटॉक]] पॉडकास्ट पर ऑडियो का साक्षात्कार {{Template group |list = {{विकिपीडिया}} {{विकिमीडिया फाउंडेशन}} }} [[श्रेणी:प्रचलित विश्वकोश]] [[श्रेणी:विकिपीडिया]] [[श्रेणी:बहुभाषी विश्वकोश]] [[श्रेणी:विज्ञापन मुक्त वेबसाइटें]] [[श्रेणी:सहयोगात्मक परियोजनायें]] [[श्रेणी:मुफ्त विश्वकोश]] [[श्रेणी:इंटरनेट गुण 2001 में स्थापित]] [[श्रेणी:बहुभाषी वेबसाइट]] [[श्रेणी:ऑनलाइन ज्ञानकोश]] [[श्रेणी:ओपन प्रोजेक्ट परियोजनाएं]] [[श्रेणी:सामाजिक सूचना संसाधन]] [[श्रेणी:आभासी समुदाय]] [[श्रेणी:वेब 2.0]] [[श्रेणी:विकिमीडिया परियोजनाएँ]] [[श्रेणी:विकीज]] [[श्रेणी:इंटरनेट का इतिहास]] [[श्रेणी:हाइपरटेक्स्ट]] [[श्रेणी:मानव-कम्प्यूटर संपर्क]] [[श्रेणी:नया विश्वकोश]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] 9eaknschi4vyy069tu6asyfsfis0nqm आर्यभट्ट (उपग्रह) 0 248017 6541645 6235641 2026-04-17T16:48:17Z Nandanmwikipedia 917208 /* बाहरी कड़ियाँ */एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका के संपादकों की ओर से वेबसाइट सौजन्य और संदर्भ लिंक जोड़ा गया है। 6541645 wikitext text/x-wiki {{Infobox Spacecraft | Name = आर्यभट्ट | Image = [[चित्र:Aryabhata Satellite.jpg|270px]] | संगठन = [[भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन|इसरो]] | Mission_Type = खगोल भौतिकी | Satellite_Of = '''पृथ्वी''' | Launch = 19 अप्रैल 1975 | Carrier_Rocket = कॉसमॉस - ३एम | NSSDC_ID = 1975-033A | Webpage = | Mass = 360 किलोग्राम | Power = 46 वॉट सौर पटल से | Orbital_elements = Yes | Orbit_regime = पृथ्वी की निचली कक्षा | Orbital_Period = 96 मिनट | Apoapsis = {{km to mi|619|spell=commonwealth|wiki=yes}} | Periapsis = {{km to mi|563|spell=commonwealth|wiki=yes}} | Inclination = 50.7º |caption=आर्यभट्ट का मॉडल |Mission duration=नियोजित: 6 माह तक सक्रिय: 5 वर्ष, 11 माह तक}} आर्यभट्ट [[भारत]] का पहला [[उपग्रह]] है, जिसे इसी नाम के महान भारतीय [[खगोल विज्ञानी|खगोलशास्त्री]] के नाम पर नामित किया गया है। यह सोवियत संघ द्वारा 19 अप्रैल 1975 को कॉसमॉस-3एम प्रक्षेपण वाहन द्वारा कास्पुतिन यान से प्रक्षेपित किया गया था। यह [[भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन]] (इसरो) द्वारा निर्माण और अन्तरिक्ष में उपग्रह संचालन में अनुभव प्राप्त करने हेतु बनाया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/4-sheds-for-office-and-1-big-dream-how-india-s-1st-satellite-took-form-101618081166283.html|title=Four sheds in Bengaluru and one big dream: How India’s 1st satellite took form}}</ref> 96.3 मिनट कक्षा 50.7 की डिग्री के झुकाव पर 619 किमी की भू-दूरस्थ और 563 किमी की भू-समीपक कक्षा में स्थापित किया गया था। यह एक्स-रे, [[खगोल शास्त्र|खगोल विज्ञान]] और [[सौर भौतिकी]] में प्रयोगों के संचालन के लिये बनाया गया था। अंतरिक्ष यान 1.4 मीटर व्यास का एक छब्बीस तरफा बहुभुज था। सभी (ऊपर और नीचे) चेहरे सौर कोशिकाओं के साथ कवर हैं। एक भारतीय बनावट के ट्रांसफ़ार्मर कि विफलता की वजह से कक्षा में 4 दिनों के बाद प्रयोग रूक गए। अन्तरिक्ष यान से सभी संकेत आपरेशन के 5 दिनों के बाद खो गये थे। उपग्रह ने 11 फरवरी 1992 पर पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश किया। उपग्रह की छवि 1976 और 1997 के बीच भारतीय रुपया दो पैसों के पीछे पर दिखाई दिया।<ref>{{cite book|title=विश्व कागजी मुद्रा मानक कैटलॉग|edition=१०|volume=३|publisher = क्रौस प्रकाशन| editor = जॉर्ज कुहाज}}</ref> == विरासत == * यह नाम भारत के 5 वीं शताब्दी के खगोलशास्त्री और गणितज्ञ के नाम पर रखा गया था। *उपग्रह की छवि 1976 और 1997 (पिक कैटलॉग) के बीच भारतीय दो रुपये के बैंकनोट्स के उलट दिखाई दी। [[चित्र:1984 CPA 5493.jpg|अंगूठाकार|1984 [[भास्कर उपग्रह शृंखला|भास्कर-प्रथम]], [[भास्कर उपग्रह शृंखला|भास्कर]]<nowiki/>-2 और आर्यभट्ट [[उपग्रह|उपग्रहों]] की विशेषता वाले [[सोवियत संघ|यूएसएसआर]] स्टांप <br />]][[चित्र:2 Rupees (Reverse) Aryabhata.jpg|अंगूठाकार|पाठ=|2 [[रुपया|रुपए]] के नोट पर आर्यभट्ट [[अंतरिक्ष यान|अंतरिक्षयान]] का [[चित्रण]]]] * == इन्हें भी देखें == * [[भारतीय उपग्रहों की सूची]] *[[भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन|इसरो]] *[[रोहिणी (उपग्रह)|रोहिणी आर एस - १]] *[[उपग्रह]] *[[चन्द्रयान|चंद्रयान]] *[[मंगलयान]] *[[गगनयान]] == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://archive.today/20121205063643/http://heasarc.gsfc.nasa.gov/docs/heasarc/missions/aryabhata.html नासा हियासार्क पृष्ठ] * [https://web.archive.org/web/20111011074755/http://www.astronautix.com/craft/arybhata.htm एस्ट्रोनॉटिक्स पृष्ठ] * [https://web.archive.org/web/20091027104057/http://geocities.com/hari_ghk/arya.htm भारत अंतरिक्ष में] * [https://web.archive.org/web/20140801185202/http://nssdc.gsfc.nasa.gov/nmc/SpacecraftQuery.jsp एनएसएसडीसी मास्टर कैटलॉग खोज] *[https://web.archive.org/web/20191002232539/https://www.isro.gov.in/ https://isro.gov.in] * [https://www.britannica.com/science/satellite आर्यभट्ट भारतीय उपग्रह शासकीय ढंग से ब्रिटानिका] {{भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम}} [[श्रेणी:भारतीय उपग्रह]] hhpkri78qy0pwb003v99vrwlpkalw3y 6541689 6541645 2026-04-18T00:51:07Z अनुनाद सिंह 1634 6541689 wikitext text/x-wiki {{Infobox Spacecraft | Name = आर्यभट्ट | Image = [[चित्र:Aryabhata Satellite.jpg|270px]] | संगठन = [[भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन|इसरो]] | Mission_Type = खगोल भौतिकी | Satellite_Of = '''पृथ्वी''' | Launch = 19 अप्रैल 1975 | Carrier_Rocket = कॉसमॉस - ३एम | NSSDC_ID = 1975-033A | Webpage = | Mass = 360 किलोग्राम | Power = 46 वॉट सौर पटल से | Orbital_elements = Yes | Orbit_regime = पृथ्वी की निचली कक्षा | Orbital_Period = 96 मिनट | Apoapsis = {{km to mi|619|spell=commonwealth|wiki=yes}} | Periapsis = {{km to mi|563|spell=commonwealth|wiki=yes}} | Inclination = 50.7º |caption=आर्यभट्ट का मॉडल |Mission duration=नियोजित: 6 माह तक सक्रिय: 5 वर्ष, 11 माह तक}} '''आर्यभट्ट''' [[भारत]] का पहला कृत्रिम [[उपग्रह]] है, जिसका नाम महान भारतीय [[खगोल विज्ञानी|खगोलशास्त्री]] एवं गणितज्ञ [[आर्यभट्ट]] के नाम पर रखा गया है। यह [[सोवियत संघ]] द्वारा 19 अप्रैल 1975 को कॉसमॉस-3एम प्रक्षेपण वाहन द्वारा कास्पुतिन यान से प्रक्षेपित किया गया था। यह [[भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन]] (इसरो) द्वारा निर्माण और अन्तरिक्ष में उपग्रह संचालन में अनुभव प्राप्त करने हेतु बनाया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/4-sheds-for-office-and-1-big-dream-how-india-s-1st-satellite-took-form-101618081166283.html|title=Four sheds in Bengaluru and one big dream: How India’s 1st satellite took form}}</ref> 96.3 मिनट कक्षा 50.7 की डिग्री के झुकाव पर 619 किमी की भू-दूरस्थ और 563 किमी की भू-समीपक कक्षा में स्थापित किया गया था। यह एक्स-रे, [[खगोल शास्त्र|खगोल विज्ञान]] और [[सौर भौतिकी]] में प्रयोगों के संचालन के लिये बनाया गया था। अंतरिक्ष यान 1.4 मीटर व्यास का एक छब्बीस तरफा बहुभुज था। सभी (ऊपर और नीचे) चेहरे सौर कोशिकाओं के साथ कवर हैं। एक भारतीय बनावट के ट्रांसफ़ार्मर कि विफलता की वजह से कक्षा में 4 दिनों के बाद प्रयोग रूक गए। अन्तरिक्ष यान से सभी संकेत आपरेशन के 5 दिनों के बाद खो गये थे। उपग्रह ने 11 फरवरी 1992 पर पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश किया। उपग्रह की छवि 1976 और 1997 के बीच भारतीय रुपया दो पैसों के पीछे पर दिखाई दिया।<ref>{{cite book|title=विश्व कागजी मुद्रा मानक कैटलॉग|edition=१०|volume=३|publisher = क्रौस प्रकाशन| editor = जॉर्ज कुहाज}}</ref> == विरासत == * यह नाम भारत के 5 वीं शताब्दी के खगोलशास्त्री और गणितज्ञ के नाम पर रखा गया था। * उपग्रह की छवि 1976 और 1997 (पिक कैटलॉग) के बीच भारतीय दो रुपये के बैंकनोट्स के उलट दिखाई दी। [[चित्र:1984 CPA 5493.jpg|अंगूठाकार|1984 [[भास्कर उपग्रह शृंखला|भास्कर-प्रथम]], [[भास्कर उपग्रह शृंखला|भास्कर]]<nowiki/>-2 और आर्यभट्ट [[उपग्रह|उपग्रहों]] की विशेषता वाले [[सोवियत संघ|यूएसएसआर]] स्टांप <br />]][[चित्र:2 Rupees (Reverse) Aryabhata.jpg|अंगूठाकार|पाठ=|2 [[रुपया|रुपए]] के नोट पर आर्यभट्ट [[अंतरिक्ष यान|अंतरिक्षयान]] का [[चित्रण]]]] * == इन्हें भी देखें == * [[भारतीय उपग्रहों की सूची]] *[[भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन|इसरो]] *[[रोहिणी (उपग्रह)|रोहिणी आर एस - १]] *[[उपग्रह]] *[[चन्द्रयान|चंद्रयान]] *[[मंगलयान]] *[[गगनयान]] == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://archive.today/20121205063643/http://heasarc.gsfc.nasa.gov/docs/heasarc/missions/aryabhata.html नासा हियासार्क पृष्ठ] * [https://web.archive.org/web/20111011074755/http://www.astronautix.com/craft/arybhata.htm एस्ट्रोनॉटिक्स पृष्ठ] * [https://web.archive.org/web/20091027104057/http://geocities.com/hari_ghk/arya.htm भारत अंतरिक्ष में] * [https://web.archive.org/web/20140801185202/http://nssdc.gsfc.nasa.gov/nmc/SpacecraftQuery.jsp एनएसएसडीसी मास्टर कैटलॉग खोज] *[https://web.archive.org/web/20191002232539/https://www.isro.gov.in/ https://isro.gov.in] * [https://www.britannica.com/science/satellite आर्यभट्ट भारतीय उपग्रह शासकीय ढंग से ब्रिटानिका] {{भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम}} [[श्रेणी:भारतीय उपग्रह]] emwsktokjowbw79a0o7xknalp55hpwz असम साहित्य सभा 0 445389 6541602 6210618 2026-04-17T14:33:45Z দিব্য দত্ত 127141 6541602 wikitext text/x-wiki [[চিত্র:Asam Sahitya Sabha Logo.png|200px|right|thumb|'''असम साहित्य सभा''' का प्रतीक-चिह्न]] '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के अन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} exeema09reumyesktmg0cfj9hh2wjte 6541603 6541602 2026-04-17T14:34:11Z দিব্য দত্ত 127141 6541603 wikitext text/x-wiki [[File:Asam Sahitya Sabha Logo.png|200px|right|thumb|'''असम साहित्य सभा''' का प्रतीक-चिह्न]] '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के अन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} 85o1acu029y90rsk5ogzqcvtgre769s 6541618 6541603 2026-04-17T15:33:15Z अनुनाद सिंह 1634 6541618 wikitext text/x-wiki [[File:Asam Sahitya Sabha Logo.png|200px|right|thumb|'''असम साहित्य सभा''' का प्रतीक-चिह्न]] '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के अन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:80%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[http://www.asamsahityasabha.org/?president १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७ | [[पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर १९१८ [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर - १९१९ [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर - १९२० [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) [[तेजपुर]], - १९२३ [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) [[योरहाट]] - १९२४ [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) [[डिब्रुगढ़]] - १९२४ [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) [[गुवाहाटी]] - १९२५ [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) [[नगाँव]] - १९२६ [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) [[धुबुरी]] - १९२७ [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) [[गोवालपारा]] - १९२९ [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) [[योरहाट]] - १९३० [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) [[गोलाघाट]] - १९३१ [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) [[शिवसागर]] - १९३३ [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) [[उत्तर लखिमपुर]] - १९३४ [[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) [[मंगलदै]] - १९३६ [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) [[तेजपुर]] - १९३७ [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) [[गुवाहाटी]] - १९४० [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) [[योरहाट]] - १९४४ [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ) (१८८०-१९७८) [[शिवसागर]] - १९४७ [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ) (१८८०-१९७८) [[डिब्रुगढ़]] - १९५० [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) [[मार्घेरिटा]] - १९५३ [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) [[शिलांग]] - १९५४ [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) [[योरहाट]] - १९५५ [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) [[गुवाहाटी]] - १९५६ [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) [[धुबुरी]] - १९५८ [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) [[तिनसुखिया]] - १९५९ [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) [[नगाँव]] - १९६० [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) [[पलाशबाड़ी]] - १९६१ [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) [[गोवालपारा]] - १९६३ [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) [[नाजिरा]] - १९६४ [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) [[डिगबोई]] - १९६५ [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) [[नलबाड़ी]] - १९६६ [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) [[उत्तर लखिमपुर - १९६७ [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) [[डिब्रुगढ़]] - १९६८ [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी - १९६९ [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी - १९७० [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी - १९७१ [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन - १९७२ [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल - १९७३ [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन - १९७४ [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी - १९७५ [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन - १९७६ [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन - १९७७ [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन - १९७८ [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन - १९७९ [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन - १९८० [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन - १९८१ [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन - १९८२ [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन - १९८३ [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन - १९८५ [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन - १९८६ [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन - १९८७ [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन - १९८८ [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन - १९८९ [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) [[डुमडुमा]] - १९९० [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) [[विश्वनाथ चारिआलि]] - १९९१ [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) [[दुधनै]] - १९९२ [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) [[गोरेश्वर]] - १९९३ [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) [[शिवसागर]] - १९९४ [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) [[मरिगाँव]] - १९९५ [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) [[सर्थेबारी]] - १९९६ [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) [[बोकाखात]] - १९९७ [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) [[बिलासीपारा]] - १९९८ [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) [[हाओराघाट]] - १९९९ [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) [[हाजो]] - २००० [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) [[योरहाट]] - २००१ [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१) - २००२ [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) [[कलगाछिया]] - २००३ [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) [[उत्तर लखिमपुर]] - २००४ [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) [[होजाई]] - २००५ [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) [[छिपाझार]] - २००६ [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) [[बेलशर]] - २००७ [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) [[चापर]] - २००९ [[रंबं तेरां]] (१९३७-) [[धेमाजी]] - २०१० [[रंबं तेरां]] (१९३७-) [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११) - २०१३ [[इमराण शाह]] (१९३३-) [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} 76frfmfaldw8zjvb7kqn9hka3z6ia6z 6541620 6541618 2026-04-17T15:42:37Z अनुनाद सिंह 1634 /* असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण */ 6541620 wikitext text/x-wiki [[File:Asam Sahitya Sabha Logo.png|200px|right|thumb|'''असम साहित्य सभा''' का प्रतीक-चिह्न]] '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के अन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:80%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} ptq6miyd8wcxry9gsuvk91wi05lh9c0 6541621 6541620 2026-04-17T15:43:15Z अनुनाद सिंह 1634 /* बाहरी कड़ियाँ */ 6541621 wikitext text/x-wiki [[File:Asam Sahitya Sabha Logo.png|200px|right|thumb|'''असम साहित्य सभा''' का प्रतीक-चिह्न]] '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के अन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:80%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} kpee6rqlvbbdgfymnym926t2ckkq3wp 6541623 6541621 2026-04-17T15:46:26Z अनुनाद सिंह 1634 6541623 wikitext text/x-wiki [[File:Asam Sahitya Sabha Logo.png|200px|right|thumb|'''असम साहित्य सभा''' का प्रतीक-चिह्न]] '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के अन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है, साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:80%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} j01aoqdignmxq2ge1t93874rreyarvq 6541723 6541623 2026-04-18T02:58:05Z अनुनाद सिंह 1634 6541723 wikitext text/x-wiki {{Infobox organization | name =असम साहित्य सभा | full_name = | native_name = {{lang|as|অসম সাহিত্য সভা}} | native_name_lang = as | logo = Asam Sahitya Sabha Logo.png | logo_size = 150px | logo_alt = | logo_caption = असम साहित्य सभा का प्रतीक चिह्न | image = Asam Sahitya Sabha Jorhat Office.jpg | image_size = | image_alt = <!-- see [[WP:ALT]] --> | caption = असम साहित्य सभा का मुख्यालय (चन्द्रकान्त हांदिक भवन [[जोरहट]] | map = <!-- map image --> | map_size = <!-- defaults to 250px --> | map_alt = | map_caption = | map2 = <!-- 2nd map image, if required --> | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = | nickname = असम की साहित्यिक सभा | pronunciation = {{IPA|as|ɔxɔm xaɦittjɔ xɔbʱa|}} | pronounce_ref = | pronounce_comment = | named_after = | predecessor = [[असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा]] | merged_into = <!-- any other organization(s) which it was merged into --> | successor = | formation = {{start date and age|1917|12|26|df=y}} | founders = [[पद्मनाथ गोहैन बरुवा]], चन्द्रकान्त शर्मा, और [[शरत्चन्द्र गोस्वामी]] | founding_location = [[शिवसागर]], [[असम राज्य]], [[ब्रितानी भारत]] | dissolved = <!-- or |defunct = --><!-- use {{end date and age|YYYY|MM|DD}} --> | merger = <!-- other organizations (if any) merged with, to constitute the new organization --> | type = साहित्यिक संस्था | tax_id = <!-- or |vat_id = (for European organizations) --> | registration_id = <!-- for non-profits --> | status = भाषा नियंत्रक | purpose = [[असमिया]] भाषा, असमिया साहित्य और असमिया संस्कृति की उन्नति करना | professional_title = <!-- for professional associations --> | headquarters = चन्द्रकान्त हांदिक भवन | location = {{ubl | [[जोरहट]], [[असम]], भारत | [[सिंगापुर]], [[लन्दन]], [[फिनिक्स, अरिजोना]], और [[शिकागो]] }} | coordinates = {{coord|26.757891|94.209404|display=inline,title}} | origins = | region_served = [[असम]] | products = <!-- or |product = --> | services = | methods = <!-- or |method = --> | fields = <!-- or |field = --> | membership = <!-- number of members --> | num_members_year = <!-- year to which membership numbers/data apply --> | language = [[असमिया भाषा]] | owner = <!-- or |owners = --> | secretary_general = <!-- or |gen_sec for General Secretary --> | leader_title = अध्यक्ष | leader_name = बसन्त कुमार गोस्वामी | leader_title2 = उपाध्यक्ष | leader_name2 = पदुम राजखोवा | leader_title3 = | leader_name3 = | leader_title4 = | leader_name4 = | leader_title5 = | leader_name5 = | board_of_directors = | key_people = | main_organ = <!-- or |publication = --><!-- organization's principal body (assembly, committee, board, etc.) or publication --> | publication = [[असम साहित्य सभा पत्रिका]] | parent_organization = | subsidiaries = | secessions = | affiliations = | ror_id = <!-- unique ID in the Research Organization Registry --> | budget = | budget_year = | revenue = | revenue_year = | disbursements = | expenses = | expenses_year = | endowment = | endowment_year = | funding = | num_staff = | num_staff_year = | num_volunteers = | num_volunteers_year = | num_students = | num_students_year = | awards = | website = {{URL|asamsahityasabha.in}} | remarks = | former_name = <!-- or |former_name = --> | footnotes = | bodystyle = }} '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के उन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है, साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:80%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} tlps5lktshc56et6hn3phxm93sozom8 6541724 6541723 2026-04-18T02:59:47Z अनुनाद सिंह 1634 /* असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण */ 6541724 wikitext text/x-wiki {{Infobox organization | name =असम साहित्य सभा | full_name = | native_name = {{lang|as|অসম সাহিত্য সভা}} | native_name_lang = as | logo = Asam Sahitya Sabha Logo.png | logo_size = 150px | logo_alt = | logo_caption = असम साहित्य सभा का प्रतीक चिह्न | image = Asam Sahitya Sabha Jorhat Office.jpg | image_size = | image_alt = <!-- see [[WP:ALT]] --> | caption = असम साहित्य सभा का मुख्यालय (चन्द्रकान्त हांदिक भवन [[जोरहट]] | map = <!-- map image --> | map_size = <!-- defaults to 250px --> | map_alt = | map_caption = | map2 = <!-- 2nd map image, if required --> | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = | nickname = असम की साहित्यिक सभा | pronunciation = {{IPA|as|ɔxɔm xaɦittjɔ xɔbʱa|}} | pronounce_ref = | pronounce_comment = | named_after = | predecessor = [[असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा]] | merged_into = <!-- any other organization(s) which it was merged into --> | successor = | formation = {{start date and age|1917|12|26|df=y}} | founders = [[पद्मनाथ गोहैन बरुवा]], चन्द्रकान्त शर्मा, और [[शरत्चन्द्र गोस्वामी]] | founding_location = [[शिवसागर]], [[असम राज्य]], [[ब्रितानी भारत]] | dissolved = <!-- or |defunct = --><!-- use {{end date and age|YYYY|MM|DD}} --> | merger = <!-- other organizations (if any) merged with, to constitute the new organization --> | type = साहित्यिक संस्था | tax_id = <!-- or |vat_id = (for European organizations) --> | registration_id = <!-- for non-profits --> | status = भाषा नियंत्रक | purpose = [[असमिया]] भाषा, असमिया साहित्य और असमिया संस्कृति की उन्नति करना | professional_title = <!-- for professional associations --> | headquarters = चन्द्रकान्त हांदिक भवन | location = {{ubl | [[जोरहट]], [[असम]], भारत | [[सिंगापुर]], [[लन्दन]], [[फिनिक्स, अरिजोना]], और [[शिकागो]] }} | coordinates = {{coord|26.757891|94.209404|display=inline,title}} | origins = | region_served = [[असम]] | products = <!-- or |product = --> | services = | methods = <!-- or |method = --> | fields = <!-- or |field = --> | membership = <!-- number of members --> | num_members_year = <!-- year to which membership numbers/data apply --> | language = [[असमिया भाषा]] | owner = <!-- or |owners = --> | secretary_general = <!-- or |gen_sec for General Secretary --> | leader_title = अध्यक्ष | leader_name = बसन्त कुमार गोस्वामी | leader_title2 = उपाध्यक्ष | leader_name2 = पदुम राजखोवा | leader_title3 = | leader_name3 = | leader_title4 = | leader_name4 = | leader_title5 = | leader_name5 = | board_of_directors = | key_people = | main_organ = <!-- or |publication = --><!-- organization's principal body (assembly, committee, board, etc.) or publication --> | publication = [[असम साहित्य सभा पत्रिका]] | parent_organization = | subsidiaries = | secessions = | affiliations = | ror_id = <!-- unique ID in the Research Organization Registry --> | budget = | budget_year = | revenue = | revenue_year = | disbursements = | expenses = | expenses_year = | endowment = | endowment_year = | funding = | num_staff = | num_staff_year = | num_volunteers = | num_volunteers_year = | num_students = | num_students_year = | awards = | website = {{URL|asamsahityasabha.in}} | remarks = | former_name = <!-- or |former_name = --> | footnotes = | bodystyle = }} '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के उन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है, साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:70%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} 72x6x700otyv88t3h4v13se2ihcqc1g 6541725 6541724 2026-04-18T03:00:32Z अनुनाद सिंह 1634 /* असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण */ 6541725 wikitext text/x-wiki {{Infobox organization | name =असम साहित्य सभा | full_name = | native_name = {{lang|as|অসম সাহিত্য সভা}} | native_name_lang = as | logo = Asam Sahitya Sabha Logo.png | logo_size = 150px | logo_alt = | logo_caption = असम साहित्य सभा का प्रतीक चिह्न | image = Asam Sahitya Sabha Jorhat Office.jpg | image_size = | image_alt = <!-- see [[WP:ALT]] --> | caption = असम साहित्य सभा का मुख्यालय (चन्द्रकान्त हांदिक भवन [[जोरहट]] | map = <!-- map image --> | map_size = <!-- defaults to 250px --> | map_alt = | map_caption = | map2 = <!-- 2nd map image, if required --> | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = | nickname = असम की साहित्यिक सभा | pronunciation = {{IPA|as|ɔxɔm xaɦittjɔ xɔbʱa|}} | pronounce_ref = | pronounce_comment = | named_after = | predecessor = [[असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा]] | merged_into = <!-- any other organization(s) which it was merged into --> | successor = | formation = {{start date and age|1917|12|26|df=y}} | founders = [[पद्मनाथ गोहैन बरुवा]], चन्द्रकान्त शर्मा, और [[शरत्चन्द्र गोस्वामी]] | founding_location = [[शिवसागर]], [[असम राज्य]], [[ब्रितानी भारत]] | dissolved = <!-- or |defunct = --><!-- use {{end date and age|YYYY|MM|DD}} --> | merger = <!-- other organizations (if any) merged with, to constitute the new organization --> | type = साहित्यिक संस्था | tax_id = <!-- or |vat_id = (for European organizations) --> | registration_id = <!-- for non-profits --> | status = भाषा नियंत्रक | purpose = [[असमिया]] भाषा, असमिया साहित्य और असमिया संस्कृति की उन्नति करना | professional_title = <!-- for professional associations --> | headquarters = चन्द्रकान्त हांदिक भवन | location = {{ubl | [[जोरहट]], [[असम]], भारत | [[सिंगापुर]], [[लन्दन]], [[फिनिक्स, अरिजोना]], और [[शिकागो]] }} | coordinates = {{coord|26.757891|94.209404|display=inline,title}} | origins = | region_served = [[असम]] | products = <!-- or |product = --> | services = | methods = <!-- or |method = --> | fields = <!-- or |field = --> | membership = <!-- number of members --> | num_members_year = <!-- year to which membership numbers/data apply --> | language = [[असमिया भाषा]] | owner = <!-- or |owners = --> | secretary_general = <!-- or |gen_sec for General Secretary --> | leader_title = अध्यक्ष | leader_name = बसन्त कुमार गोस्वामी | leader_title2 = उपाध्यक्ष | leader_name2 = पदुम राजखोवा | leader_title3 = | leader_name3 = | leader_title4 = | leader_name4 = | leader_title5 = | leader_name5 = | board_of_directors = | key_people = | main_organ = <!-- or |publication = --><!-- organization's principal body (assembly, committee, board, etc.) or publication --> | publication = [[असम साहित्य सभा पत्रिका]] | parent_organization = | subsidiaries = | secessions = | affiliations = | ror_id = <!-- unique ID in the Research Organization Registry --> | budget = | budget_year = | revenue = | revenue_year = | disbursements = | expenses = | expenses_year = | endowment = | endowment_year = | funding = | num_staff = | num_staff_year = | num_volunteers = | num_volunteers_year = | num_students = | num_students_year = | awards = | website = {{URL|asamsahityasabha.in}} | remarks = | former_name = <!-- or |former_name = --> | footnotes = | bodystyle = }} '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के उन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है, साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:60%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] {{आधार}} 3m91tyetjl6c79x7ex7uo2j5chwokdz 6541727 6541725 2026-04-18T03:01:05Z अनुनाद सिंह 1634 /* सन्दर्भ */ 6541727 wikitext text/x-wiki {{Infobox organization | name =असम साहित्य सभा | full_name = | native_name = {{lang|as|অসম সাহিত্য সভা}} | native_name_lang = as | logo = Asam Sahitya Sabha Logo.png | logo_size = 150px | logo_alt = | logo_caption = असम साहित्य सभा का प्रतीक चिह्न | image = Asam Sahitya Sabha Jorhat Office.jpg | image_size = | image_alt = <!-- see [[WP:ALT]] --> | caption = असम साहित्य सभा का मुख्यालय (चन्द्रकान्त हांदिक भवन [[जोरहट]] | map = <!-- map image --> | map_size = <!-- defaults to 250px --> | map_alt = | map_caption = | map2 = <!-- 2nd map image, if required --> | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = | nickname = असम की साहित्यिक सभा | pronunciation = {{IPA|as|ɔxɔm xaɦittjɔ xɔbʱa|}} | pronounce_ref = | pronounce_comment = | named_after = | predecessor = [[असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा]] | merged_into = <!-- any other organization(s) which it was merged into --> | successor = | formation = {{start date and age|1917|12|26|df=y}} | founders = [[पद्मनाथ गोहैन बरुवा]], चन्द्रकान्त शर्मा, और [[शरत्चन्द्र गोस्वामी]] | founding_location = [[शिवसागर]], [[असम राज्य]], [[ब्रितानी भारत]] | dissolved = <!-- or |defunct = --><!-- use {{end date and age|YYYY|MM|DD}} --> | merger = <!-- other organizations (if any) merged with, to constitute the new organization --> | type = साहित्यिक संस्था | tax_id = <!-- or |vat_id = (for European organizations) --> | registration_id = <!-- for non-profits --> | status = भाषा नियंत्रक | purpose = [[असमिया]] भाषा, असमिया साहित्य और असमिया संस्कृति की उन्नति करना | professional_title = <!-- for professional associations --> | headquarters = चन्द्रकान्त हांदिक भवन | location = {{ubl | [[जोरहट]], [[असम]], भारत | [[सिंगापुर]], [[लन्दन]], [[फिनिक्स, अरिजोना]], और [[शिकागो]] }} | coordinates = {{coord|26.757891|94.209404|display=inline,title}} | origins = | region_served = [[असम]] | products = <!-- or |product = --> | services = | methods = <!-- or |method = --> | fields = <!-- or |field = --> | membership = <!-- number of members --> | num_members_year = <!-- year to which membership numbers/data apply --> | language = [[असमिया भाषा]] | owner = <!-- or |owners = --> | secretary_general = <!-- or |gen_sec for General Secretary --> | leader_title = अध्यक्ष | leader_name = बसन्त कुमार गोस्वामी | leader_title2 = उपाध्यक्ष | leader_name2 = पदुम राजखोवा | leader_title3 = | leader_name3 = | leader_title4 = | leader_name4 = | leader_title5 = | leader_name5 = | board_of_directors = | key_people = | main_organ = <!-- or |publication = --><!-- organization's principal body (assembly, committee, board, etc.) or publication --> | publication = [[असम साहित्य सभा पत्रिका]] | parent_organization = | subsidiaries = | secessions = | affiliations = | ror_id = <!-- unique ID in the Research Organization Registry --> | budget = | budget_year = | revenue = | revenue_year = | disbursements = | expenses = | expenses_year = | endowment = | endowment_year = | funding = | num_staff = | num_staff_year = | num_volunteers = | num_volunteers_year = | num_students = | num_students_year = | awards = | website = {{URL|asamsahityasabha.in}} | remarks = | former_name = <!-- or |former_name = --> | footnotes = | bodystyle = }} '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के उन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है, साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:60%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] dwzwpsv8p5pk9afnfswrtzemspeqem2 6541728 6541727 2026-04-18T03:07:42Z अनुनाद सिंह 1634 /* असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण */ 6541728 wikitext text/x-wiki {{Infobox organization | name =असम साहित्य सभा | full_name = | native_name = {{lang|as|অসম সাহিত্য সভা}} | native_name_lang = as | logo = Asam Sahitya Sabha Logo.png | logo_size = 150px | logo_alt = | logo_caption = असम साहित्य सभा का प्रतीक चिह्न | image = Asam Sahitya Sabha Jorhat Office.jpg | image_size = | image_alt = <!-- see [[WP:ALT]] --> | caption = असम साहित्य सभा का मुख्यालय (चन्द्रकान्त हांदिक भवन [[जोरहट]] | map = <!-- map image --> | map_size = <!-- defaults to 250px --> | map_alt = | map_caption = | map2 = <!-- 2nd map image, if required --> | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = | nickname = असम की साहित्यिक सभा | pronunciation = {{IPA|as|ɔxɔm xaɦittjɔ xɔbʱa|}} | pronounce_ref = | pronounce_comment = | named_after = | predecessor = [[असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा]] | merged_into = <!-- any other organization(s) which it was merged into --> | successor = | formation = {{start date and age|1917|12|26|df=y}} | founders = [[पद्मनाथ गोहैन बरुवा]], चन्द्रकान्त शर्मा, और [[शरत्चन्द्र गोस्वामी]] | founding_location = [[शिवसागर]], [[असम राज्य]], [[ब्रितानी भारत]] | dissolved = <!-- or |defunct = --><!-- use {{end date and age|YYYY|MM|DD}} --> | merger = <!-- other organizations (if any) merged with, to constitute the new organization --> | type = साहित्यिक संस्था | tax_id = <!-- or |vat_id = (for European organizations) --> | registration_id = <!-- for non-profits --> | status = भाषा नियंत्रक | purpose = [[असमिया]] भाषा, असमिया साहित्य और असमिया संस्कृति की उन्नति करना | professional_title = <!-- for professional associations --> | headquarters = चन्द्रकान्त हांदिक भवन | location = {{ubl | [[जोरहट]], [[असम]], भारत | [[सिंगापुर]], [[लन्दन]], [[फिनिक्स, अरिजोना]], और [[शिकागो]] }} | coordinates = {{coord|26.757891|94.209404|display=inline,title}} | origins = | region_served = [[असम]] | products = <!-- or |product = --> | services = | methods = <!-- or |method = --> | fields = <!-- or |field = --> | membership = <!-- number of members --> | num_members_year = <!-- year to which membership numbers/data apply --> | language = [[असमिया भाषा]] | owner = <!-- or |owners = --> | secretary_general = <!-- or |gen_sec for General Secretary --> | leader_title = अध्यक्ष | leader_name = बसन्त कुमार गोस्वामी | leader_title2 = उपाध्यक्ष | leader_name2 = पदुम राजखोवा | leader_title3 = | leader_name3 = | leader_title4 = | leader_name4 = | leader_title5 = | leader_name5 = | board_of_directors = | key_people = | main_organ = <!-- or |publication = --><!-- organization's principal body (assembly, committee, board, etc.) or publication --> | publication = [[असम साहित्य सभा पत्रिका]] | parent_organization = | subsidiaries = | secessions = | affiliations = | ror_id = <!-- unique ID in the Research Organization Registry --> | budget = | budget_year = | revenue = | revenue_year = | disbursements = | expenses = | expenses_year = | endowment = | endowment_year = | funding = | num_staff = | num_staff_year = | num_volunteers = | num_volunteers_year = | num_students = | num_students_year = | awards = | website = {{URL|asamsahityasabha.in}} | remarks = | former_name = <!-- or |former_name = --> | footnotes = | bodystyle = }} '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के उन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है, साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==साहित्य सभा का आदरणि-गीत== मूल : ''चिर चेनेही मोर भाषा जननी'' :चिर चेनेही मोर भाषा जननी। :धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ :प्रकृति परश रसे अमल कमल :चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल :कोमल चम्पार कलि :ढौवे ढौवे ढौवे तुलि :रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ :संसार गुरुभारे अवश पराण :हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान :कार निचुकनि शुना :शुनि बाणी ब्यथा पमा :चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ :जीवने मरणे रणे लहरी सुधार :रसना शिताने बहि सिँचा शतधार :हे मोर मधुरनना :मागिछोँ माधुरी कणा :दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:60%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाइ बरुवा|पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] 1dw75ewz7uy652ywxe7e67a1vdbvk2d 6541735 6541728 2026-04-18T03:31:52Z अनुनाद सिंह 1634 /* साहित्य सभा का आदरणि-गीत */ 6541735 wikitext text/x-wiki {{Infobox organization | name =असम साहित्य सभा | full_name = | native_name = {{lang|as|অসম সাহিত্য সভা}} | native_name_lang = as | logo = Asam Sahitya Sabha Logo.png | logo_size = 150px | logo_alt = | logo_caption = असम साहित्य सभा का प्रतीक चिह्न | image = Asam Sahitya Sabha Jorhat Office.jpg | image_size = | image_alt = <!-- see [[WP:ALT]] --> | caption = असम साहित्य सभा का मुख्यालय (चन्द्रकान्त हांदिक भवन [[जोरहट]] | map = <!-- map image --> | map_size = <!-- defaults to 250px --> | map_alt = | map_caption = | map2 = <!-- 2nd map image, if required --> | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = | nickname = असम की साहित्यिक सभा | pronunciation = {{IPA|as|ɔxɔm xaɦittjɔ xɔbʱa|}} | pronounce_ref = | pronounce_comment = | named_after = | predecessor = [[असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा]] | merged_into = <!-- any other organization(s) which it was merged into --> | successor = | formation = {{start date and age|1917|12|26|df=y}} | founders = [[पद्मनाथ गोहैन बरुवा]], चन्द्रकान्त शर्मा, और [[शरत्चन्द्र गोस्वामी]] | founding_location = [[शिवसागर]], [[असम राज्य]], [[ब्रितानी भारत]] | dissolved = <!-- or |defunct = --><!-- use {{end date and age|YYYY|MM|DD}} --> | merger = <!-- other organizations (if any) merged with, to constitute the new organization --> | type = साहित्यिक संस्था | tax_id = <!-- or |vat_id = (for European organizations) --> | registration_id = <!-- for non-profits --> | status = भाषा नियंत्रक | purpose = [[असमिया]] भाषा, असमिया साहित्य और असमिया संस्कृति की उन्नति करना | professional_title = <!-- for professional associations --> | headquarters = चन्द्रकान्त हांदिक भवन | location = {{ubl | [[जोरहट]], [[असम]], भारत | [[सिंगापुर]], [[लन्दन]], [[फिनिक्स, अरिजोना]], और [[शिकागो]] }} | coordinates = {{coord|26.757891|94.209404|display=inline,title}} | origins = | region_served = [[असम]] | products = <!-- or |product = --> | services = | methods = <!-- or |method = --> | fields = <!-- or |field = --> | membership = <!-- number of members --> | num_members_year = <!-- year to which membership numbers/data apply --> | language = [[असमिया भाषा]] | owner = <!-- or |owners = --> | secretary_general = <!-- or |gen_sec for General Secretary --> | leader_title = अध्यक्ष | leader_name = बसन्त कुमार गोस्वामी | leader_title2 = उपाध्यक्ष | leader_name2 = पदुम राजखोवा | leader_title3 = | leader_name3 = | leader_title4 = | leader_name4 = | leader_title5 = | leader_name5 = | board_of_directors = | key_people = | main_organ = <!-- or |publication = --><!-- organization's principal body (assembly, committee, board, etc.) or publication --> | publication = [[असम साहित्य सभा पत्रिका]] | parent_organization = | subsidiaries = | secessions = | affiliations = | ror_id = <!-- unique ID in the Research Organization Registry --> | budget = | budget_year = | revenue = | revenue_year = | disbursements = | expenses = | expenses_year = | endowment = | endowment_year = | funding = | num_staff = | num_staff_year = | num_volunteers = | num_volunteers_year = | num_students = | num_students_year = | awards = | website = {{URL|asamsahityasabha.in}} | remarks = | former_name = <!-- or |former_name = --> | footnotes = | bodystyle = }} '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के उन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है, साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==साहित्य सभा का आदरणि-गीत== {{मुख्य|चिर चेनेही मोर भाषा जननी}} :चिर चेनेही मोर भाषा जननी। :धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ :प्रकृति परश रसे अमल कमल :चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल :कोमल चम्पार कलि :ढौवे ढौवे ढौवे तुलि :रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ :संसार गुरुभारे अवश पराण :हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान :कार निचुकनि शुना :शुनि बाणी ब्यथा पमा :चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ :जीवने मरणे रणे लहरी सुधार :रसना शिताने बहि सिँचा शतधार :हे मोर मधुरनना :मागिछोँ माधुरी कणा :दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:60%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाइ बरुवा|पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] mtyj7fcthdojx40k6ach8czdcvedlj1 6541737 6541735 2026-04-18T03:34:30Z अनुनाद सिंह 1634 /* उद्देश्य */ 6541737 wikitext text/x-wiki {{Infobox organization | name =असम साहित्य सभा | full_name = | native_name = {{lang|as|অসম সাহিত্য সভা}} | native_name_lang = as | logo = Asam Sahitya Sabha Logo.png | logo_size = 150px | logo_alt = | logo_caption = असम साहित्य सभा का प्रतीक चिह्न | image = Asam Sahitya Sabha Jorhat Office.jpg | image_size = | image_alt = <!-- see [[WP:ALT]] --> | caption = असम साहित्य सभा का मुख्यालय (चन्द्रकान्त हांदिक भवन [[जोरहट]] | map = <!-- map image --> | map_size = <!-- defaults to 250px --> | map_alt = | map_caption = | map2 = <!-- 2nd map image, if required --> | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = | nickname = असम की साहित्यिक सभा | pronunciation = {{IPA|as|ɔxɔm xaɦittjɔ xɔbʱa|}} | pronounce_ref = | pronounce_comment = | named_after = | predecessor = [[असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा]] | merged_into = <!-- any other organization(s) which it was merged into --> | successor = | formation = {{start date and age|1917|12|26|df=y}} | founders = [[पद्मनाथ गोहैन बरुवा]], चन्द्रकान्त शर्मा, और [[शरत्चन्द्र गोस्वामी]] | founding_location = [[शिवसागर]], [[असम राज्य]], [[ब्रितानी भारत]] | dissolved = <!-- or |defunct = --><!-- use {{end date and age|YYYY|MM|DD}} --> | merger = <!-- other organizations (if any) merged with, to constitute the new organization --> | type = साहित्यिक संस्था | tax_id = <!-- or |vat_id = (for European organizations) --> | registration_id = <!-- for non-profits --> | status = भाषा नियंत्रक | purpose = [[असमिया]] भाषा, असमिया साहित्य और असमिया संस्कृति की उन्नति करना | professional_title = <!-- for professional associations --> | headquarters = चन्द्रकान्त हांदिक भवन | location = {{ubl | [[जोरहट]], [[असम]], भारत | [[सिंगापुर]], [[लन्दन]], [[फिनिक्स, अरिजोना]], और [[शिकागो]] }} | coordinates = {{coord|26.757891|94.209404|display=inline,title}} | origins = | region_served = [[असम]] | products = <!-- or |product = --> | services = | methods = <!-- or |method = --> | fields = <!-- or |field = --> | membership = <!-- number of members --> | num_members_year = <!-- year to which membership numbers/data apply --> | language = [[असमिया भाषा]] | owner = <!-- or |owners = --> | secretary_general = <!-- or |gen_sec for General Secretary --> | leader_title = अध्यक्ष | leader_name = बसन्त कुमार गोस्वामी | leader_title2 = उपाध्यक्ष | leader_name2 = पदुम राजखोवा | leader_title3 = | leader_name3 = | leader_title4 = | leader_name4 = | leader_title5 = | leader_name5 = | board_of_directors = | key_people = | main_organ = <!-- or |publication = --><!-- organization's principal body (assembly, committee, board, etc.) or publication --> | publication = [[असम साहित्य सभा पत्रिका]] | parent_organization = | subsidiaries = | secessions = | affiliations = | ror_id = <!-- unique ID in the Research Organization Registry --> | budget = | budget_year = | revenue = | revenue_year = | disbursements = | expenses = | expenses_year = | endowment = | endowment_year = | funding = | num_staff = | num_staff_year = | num_volunteers = | num_volunteers_year = | num_students = | num_students_year = | awards = | website = {{URL|asamsahityasabha.in}} | remarks = | former_name = <!-- or |former_name = --> | footnotes = | bodystyle = }} '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के उन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==साहित्य सभा का आदरणि-गीत== {{मुख्य|चिर चेनेही मोर भाषा जननी}} :चिर चेनेही मोर भाषा जननी। :धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ :प्रकृति परश रसे अमल कमल :चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल :कोमल चम्पार कलि :ढौवे ढौवे ढौवे तुलि :रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ :संसार गुरुभारे अवश पराण :हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान :कार निचुकनि शुना :शुनि बाणी ब्यथा पमा :चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ :जीवने मरणे रणे लहरी सुधार :रसना शिताने बहि सिँचा शतधार :हे मोर मधुरनना :मागिछोँ माधुरी कणा :दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:60%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाइ बरुवा|पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालीराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाला बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] 5glvypn9h22d0hwk62xc512lo90ugtj 6541755 6541737 2026-04-18T04:09:02Z अनुनाद सिंह 1634 /* असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण */ 6541755 wikitext text/x-wiki {{Infobox organization | name =असम साहित्य सभा | full_name = | native_name = {{lang|as|অসম সাহিত্য সভা}} | native_name_lang = as | logo = Asam Sahitya Sabha Logo.png | logo_size = 150px | logo_alt = | logo_caption = असम साहित्य सभा का प्रतीक चिह्न | image = Asam Sahitya Sabha Jorhat Office.jpg | image_size = | image_alt = <!-- see [[WP:ALT]] --> | caption = असम साहित्य सभा का मुख्यालय (चन्द्रकान्त हांदिक भवन [[जोरहट]] | map = <!-- map image --> | map_size = <!-- defaults to 250px --> | map_alt = | map_caption = | map2 = <!-- 2nd map image, if required --> | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = | nickname = असम की साहित्यिक सभा | pronunciation = {{IPA|as|ɔxɔm xaɦittjɔ xɔbʱa|}} | pronounce_ref = | pronounce_comment = | named_after = | predecessor = [[असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा]] | merged_into = <!-- any other organization(s) which it was merged into --> | successor = | formation = {{start date and age|1917|12|26|df=y}} | founders = [[पद्मनाथ गोहैन बरुवा]], चन्द्रकान्त शर्मा, और [[शरत्चन्द्र गोस्वामी]] | founding_location = [[शिवसागर]], [[असम राज्य]], [[ब्रितानी भारत]] | dissolved = <!-- or |defunct = --><!-- use {{end date and age|YYYY|MM|DD}} --> | merger = <!-- other organizations (if any) merged with, to constitute the new organization --> | type = साहित्यिक संस्था | tax_id = <!-- or |vat_id = (for European organizations) --> | registration_id = <!-- for non-profits --> | status = भाषा नियंत्रक | purpose = [[असमिया]] भाषा, असमिया साहित्य और असमिया संस्कृति की उन्नति करना | professional_title = <!-- for professional associations --> | headquarters = चन्द्रकान्त हांदिक भवन | location = {{ubl | [[जोरहट]], [[असम]], भारत | [[सिंगापुर]], [[लन्दन]], [[फिनिक्स, अरिजोना]], और [[शिकागो]] }} | coordinates = {{coord|26.757891|94.209404|display=inline,title}} | origins = | region_served = [[असम]] | products = <!-- or |product = --> | services = | methods = <!-- or |method = --> | fields = <!-- or |field = --> | membership = <!-- number of members --> | num_members_year = <!-- year to which membership numbers/data apply --> | language = [[असमिया भाषा]] | owner = <!-- or |owners = --> | secretary_general = <!-- or |gen_sec for General Secretary --> | leader_title = अध्यक्ष | leader_name = बसन्त कुमार गोस्वामी | leader_title2 = उपाध्यक्ष | leader_name2 = पदुम राजखोवा | leader_title3 = | leader_name3 = | leader_title4 = | leader_name4 = | leader_title5 = | leader_name5 = | board_of_directors = | key_people = | main_organ = <!-- or |publication = --><!-- organization's principal body (assembly, committee, board, etc.) or publication --> | publication = [[असम साहित्य सभा पत्रिका]] | parent_organization = | subsidiaries = | secessions = | affiliations = | ror_id = <!-- unique ID in the Research Organization Registry --> | budget = | budget_year = | revenue = | revenue_year = | disbursements = | expenses = | expenses_year = | endowment = | endowment_year = | funding = | num_staff = | num_staff_year = | num_volunteers = | num_volunteers_year = | num_students = | num_students_year = | awards = | website = {{URL|asamsahityasabha.in}} | remarks = | former_name = <!-- or |former_name = --> | footnotes = | bodystyle = }} '''असम साहित्य सभा''' की स्थापना [[भारत]] के [[असम]] में सन् १९१७ में [[असमिया भाषा और साहित्य|असमिया साहित्य]] एवं [[संस्कृति]] के उन्नयन के लिये की गयी थी। इस समय इसकी असम तथा अन्य राज्यों में एक हजार से भी अधिक शाखाएँ हैं। इसका मुख्यालय [[जोरहाट]] में है जो असम का ऐतिहासिक महत्त्व का नगर है। == उद्देश्य == असम साहित्य सभा के संविधान में उल्लेखित विवरण के अनुसार इसके उद्देश्य ये हैं— असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की सर्वांगीण उन्नति करना इस सभा का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही असम की स्थानीय भाषा-संस्कृति के विकास के लिए कार्य करना भी सभा के अन्यतम उद्देश्यों में से एक होगा। उस हेतु सभा निम्नलिखित रूप से कार्य करने के लिए प्रयत्नशील रहेगी: # शब्दकोश, व्याकरण और अन्य ग्रंथों का संकलन एवं प्रकाशन करना; # प्राचीन साहित्य और लोक-साहित्य का अन्वेषण, संग्रह, शोध और प्रकाशन करना; # असमिया साहित्य में जिन-जिन विषयों की पुस्तकों का अभाव है, उस अभाव को दूर करना; # प्रकाशित ग्रंथों में से उपयुक्त ग्रंथ के ग्रंथकार को पुरस्कृत करना और सामर्थ्यहीन साहित्यकारों को सहायता प्रदान करना; # संगीत, चित्रकला और वास्तुकला की उन्नति हेतु कार्य करना; # सभा का एक मुखपत्र और प्रचार-पत्रिका प्रकाशित करना; # भाषा और साहित्य की प्रचार-पुस्तिका आदि प्रकाशित करना; # भाषा-साहित्य-संस्कृति के शोध केंद्र की स्थापना करना; # साहित्य और संस्कृति संबंधी विनिमय योजनाओं को कार्यान्वित करना; # असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की उन्नति और विकास के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करना; # असमिया भाषा-साहित्य की उन्नति के निमित्त अन्य आवश्यक कार्य करना। ==साहित्य सभा का आदरणि-गीत== {{मुख्य|चिर चेनेही मोर भाषा जननी}} :चिर चेनेही मोर भाषा जननी। :धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ :प्रकृति परश रसे अमल कमल :चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल :कोमल चम्पार कलि :ढौवे ढौवे ढौवे तुलि :रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ :संसार गुरुभारे अवश पराण :हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान :कार निचुकनि शुना :शुनि बाणी ब्यथा पमा :चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ :जीवने मरणे रणे लहरी सुधार :रसना शिताने बहि सिँचा शतधार :हे मोर मधुरनना :मागिछोँ माधुरी कणा :दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ ==असम साहित्य सभा के अध्यक्षगण== {| class="sortable wikitable" style="width:60%; " |- ! वर्ष ! अध्यक्ष<ref>[[http://www.asamsahityasabha.org/?president](http://www.asamsahityasabha.org/?president) १९१७ से असम साहित्य सभा के अध्यक्षों की सूची] {{Webarchive|url=[https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president](https://web.archive.org/web/20150412055029/http://www.asamsahityasabha.org/?president) |date=2015-04-12 }} [[असम साहित्य सभा]] की वेबसाइट, प्राप्ति: ६ अप्रैल, २०१५</ref> ! अधिवेशन ! चित्र |- | १९१७  | [[पद्मनाथ गोहाइ बरुवा|पद्मनाथ गोहाञिबरुवा]] (१८७१-१९४६) | [[शिवसागर]], प्रथम सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९१८  | [[चन्द्रधर बरुवा]] (१८७४-१९६१) | [[गोवालपारा]], द्वितीय सम्मेलन, २७-२८-२९ दिसंबर |  |- |१९१९  | [[कालिराम मेधि]] (१८८०-१९५४) | [[बरपेटा]], तृतीय सम्मेलन, २६-२७ दिसंबर |  |- | १९२० | [[हेमचन्द्र गोस्वामी]] (१८७२-१९२८) | [[तेजपुर]], |  |- |१९२३ | [[अमृतभूषण देव अधिकारी]] (१८५८-१९४२) | [[योरहाट]] |  |- |१९२४ | [[कनकलाल बरुवा]] (१८७२-१९४०) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- | १९२४ | [[लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा]] (१८६४-१९३८) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९२५ | [[रजनीकान्त बरदलै]] (१८६७-१९४०) | [[नगाँव]] |  |- | १९२६ | [[बेणुधर राजखोवा]] (१८७२-१९५५) | [[धुबुरी]] |  |- | १९२७ | [[तरुणराम फुकन]] (१८७७-१९३९) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९२९ | [[कमलाकान्त भट्टाचार्य्य]] (१८५३-१९३६) | [[योरहाट]] |  |- | १९३० | [[मफिजुद्दीन अहमद हाजरिका]] (१८७०-१९५८) | [[गोलाघाट]] |  |- | १९३१ | [[नगेन्द्र नारायण चौधरी]] (१८८१-१९४७) | [[शिवसागर]] |  |- |१९३३ | [[ज्ञानदाभिराम बरुवा]] (१८८०-१९५५) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९३४  |[[आनन्द चन्द्र अगरवाला]] (१८७४-१९४०) | [[मंगलदै]] |  |- | १९३६  | [[रघुनाथ चौधारी]] (१८७९-१९६७) | [[तेजपुर]] |  |- |१९३७ | [[कृष्णकान्त सन्धिकै]] (१८९८-१९८२) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९४० | [[मयिदुल इसलाम बरा]] (१८९९-१९४४) | [[योरहाट]] |  |- |१९४४ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[शिवसागर]] |  |- |१९४७ | [[नीलमणि फुकन (जेष्ठ)|नीलमणि फुकन]] (१८८०-१९७८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९५० | [[अम्बिकागिरी रायचौधुरी]] (१८८५-१९६७) | [[मार्घेरिटा]] |  |- |१९५३  | [[सूर्य्यकुमार भुञा]] (१८९४-१९६४) | [[शिलांग]] |  |- |१९५४ | [[नलिनीबाला देवी]] (१८९८-१९७७) | [[योरहाट]] |  |- |१९५५ | [[यतीन्द्रनाथ दुवरा]] (१८९२-१९६४) | [[गुवाहाटी]] |  |- |१९५६ | [[बेणुधर शर्मा]] (१८९४-१९८१) | [[धुबुरी]] |  |- |१९५८ | [[पद्मधर चलिहा]] (१८९५-१९६९) | [[तिनसुखिया]] |  |- |१९५९ | [[अतुल चन्द्र हाजरिका]] (१९०३-१९८६) | [[नगाँव]] |  |- |१९६० | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[पलाशबाड़ी]] |  |- |१९६१ | [[त्रैलोक्यनाथ गोस्वामी]] (१९०६-१९८८) | [[गोवालपारा]] |  |- |१९६३ | [[रत्नकान्त बरकाकती]] (१८९७-१९६३) | [[नाजिरा]] |  |- |१९६४ | [[मित्रदेव महन्त]] (१८९४-१९८३) | [[डिगबोई]] |  |- |१९६५ | [[डिम्बेश्वर नेओग]] (१८९९-१९६६) | [[नलबाड़ी]] |  |- |१९६६ | [[बिनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०१-१९९४) | [[उत्तर लखिमपुर|उत्तर लखिमपुर]] |  |- |१९६७ | [[नकुलचन्द्र भुञा]] (१८९५-१९६८) | [[डिब्रुगढ़]] |  |- |१९६८ | [[ज्ञाननाथ बरा]] (१८९०-१९६८) | [[तेजपुर]], ३५वाँ सम्मेलन, २६-२७-२८ जनवरी |  |- |१९६९ | [[आनन्द चन्द्र बरुवा]] (१९०७-१९८३) | [[बरपेटा]], ३६वाँ सम्मेलन, ७-८-९ फरवरी |  |- |१९७० | [[उपेन्द्रचन्द्र लेखारु]] (१९०५-१९७९) | [[धिं]], ३७वाँ सम्मेलन, १३-१४-१५ फरवरी |  |- |१९७१ | [[तीर्थनाथ शर्मा]] (१९११-१९८६) | [[माकुम]], ३८वाँ सम्मेलन |  |- |१९७२ | [[हेम बरुवा]] (१९१५-१९७७) | [[धुबुरी]], ३९वाँ सम्मेलन, ७-८-९ अप्रैल |  |- |१९७३ | [[गिरिधर शर्मा]] (१९१२-१९७७) | [[रंगिया]], ४०वाँ सम्मेलन |  |- |१९७४ | [[महेश्वर नेओग]] (१९१५-१९९५) | [[मंगलदै]], ४१वाँ सम्मेलन, ७-८-९-१० फरवरी |  |- |१९७५ | [[सत्येन्द्रनाथ शर्मा]] (१९१७-१९९९) | [[तितबर]], ४२वाँ सम्मेलन |  |- |१९७६ | [[यज्ञेश्वर शर्मा]] (१९०६-१९९८) | [[टिहु]], ४३वाँ सम्मेलन |  |- |१९७७ | [[चैयद अब्दुल मालिक]] (१९१९-२०००) | [[अभयापुरी]], ४४वाँ सम्मेलन |  |- |१९७८ | [[प्रसन्नलाल चौधुरी]] (१८९८-१९८६) | [[गोलाघाट]], ४५वाँ सम्मेलन |  |- |१९७९ | [[अतुल चन्द्र बरुवा]] (१९१६-२००१) | [[शुवालकुची]], ४६वाँ सम्मेलन |  |- |१९८० | [[यतीन्द्रनाथ गोस्वामी]] (१९१८-२००५) | [[रहा]], ४७वाँ सम्मेलन |  |- |१९८१ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[तिनसुखिया]], ४८वाँ सम्मेलन |  |- |१९८२ | [[सीतानाथ ब्रह्मचौधुरी]] (१९०८-१९८२) | [[डिफु]], ४९वाँ सम्मेलन |  |- |१९८३ | [[बीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य]] (१९२४-१९९७) | [[बङाइगाँव]], ५०वाँ सम्मेलन |  |- |१९८५ | [[योगेश दास]] (१९२७-१९९९) | [[बिहपुरिया]], ५१वाँ सम्मेलन |  |- |१९८६  | [[बीरेण बरकटकी]] (१९२४-२००२) | [[कामपुर]], ५२वाँ सम्मेलन |  |- |१९८७ | [[महेन्द्र बरा]] (१९२९-१९९६) | [[पाठशाला]], ५३वाँ सम्मेलन |  |- |१९८८ | [[कीर्तिनाथ हाजरिका]] (१९२२-२००२) | [[हाइलाकांडी]], ५४वाँ सम्मेलन |  |- |१९८९ | [[महिम बरा]] (१९२४-२०१६) | [[डुमडुमा]] |  |- |१९९० | [[नबकान्त बरुवा]] (१९२६-२००२) | [[विश्वनाथ चारिआलि]] |  |- |१९९१ | [[निर्मलप्रभा बरदलै]] (१९३३-२००४) | [[दुधनै]] |  |- |१९९२ | [[लक्ष्यधर चौधुरी]] (१९१४-२०००) | [[गोरेश्वर]] |  |- |१९९३ | [[भूपेन हाजरिका]] (१९२६-२०११) | [[शिवसागर]] |  |- |१९९४ | [[लीला गगै]] (१९३०-१९९४) | [[मरिगाँव]] |  |- |१९९५ | [[हितेश डेका]] (१९२४-२०००) | [[सर्थेबारी]] |  |- |१९९६ | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[बोकाखात]] |  |- |१९९७ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[बिलासीपारा]] |  |- |१९९८ | [[नगेन शइकीया]] (१९३९-) | [[हाओराघाट]] |  |- |१९९९ | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[हाजो]] |  |- | २००० | [[चन्द्रप्रसाद शइकीया]] (१९२७-२००६) | [[योरहाट]] |  |- | २००१ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[असम साहित्य सभा का डिब्रुगढ़ अधिवेशन (२००१)|डिब्रुगढ़]] |  |- | २००२ | [[होमेन बरगोहाञि]] (१९३२-२०२१) | [[कलगाछिया]] |  |- | २००३ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[उत्तर लखिमपुर]] |  |- | २००४ | [[बीरेन्द्रनाथ दत्त]] (१९३५-२०२३) | [[होजाई]] |  |- |२००५ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[छिपाझार]] |  |- |२००६ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[बेलशर]] |  |- |२००७ | [[कनकसेन डेका]] (१९३३-) | [[चापर]] |  |- | २००९ | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[धेमाजी]] |  |- |२०१० | [[रंबं तेरां]] (१९३७-) | [[असम साहित्य सभा का देरगाँव अधिवेशन (२०११)|देरगाँव]] |  |- |२०१३ | [[इमराण शाह]] (१९३३-) | [[असम साहित्य सभा का बरपेटा रोड अधिवेशन (२०१३)|बरपेटा रोड]] | |- |२०१५ | [[ध्रुवज्योति बरा|डॉ. ध्रुवज्योति बरा]] (१९५५-) <ref name="आमार असम">{{cite news | url=[http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | title=असम साहित्य सभा के नए अध्यक्ष | date=१७ नवंबर, २०१४ | agency=जी एल पाब्लिकेशन | accessdate=17 नवंबर 2014 | pages=प्रथम पृष्ठ | archivedate=2016-03-04 | archiveurl=[https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930\&boxid=12305187](https://web.archive.org/web/20160304124501/http://amarasom.glpublications.in/Details.aspx?id=19930&boxid=12305187) | deadurl=yes }}</ref> | [[असम साहित्य सभा का कलियाबर अधिवेशन (२०१५)|कलियाबर]] | |- | २०१७  | [[लक्ष्मीनन्दन बरा]] (१९३२-२०२१) | [[शिवसागर]] (शताब्दी अधिवेशन) |  |- |२०१८ | [[परमानन्द राजबंशी]] (१९५९-) | [[बरडुमचा]] | |- | २०२० | [[कुल शइकीया]] (१९५९-) | [[असम साहित्य सभा का शुवालकुची अधिवेशन (२०२०)|शुवालकुची, कामरूप]] | |- | २०२२ | डॉ. [[सूर्यकान्त हाजरिका]] (१९५६-) <ref>{{Cite web|url= [https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha](https://www.pratidintime.com/latest-assam-news-breaking-news-assam/surjya-hazarika-president-asam-sahitya-sabha) |website=प्रतिदिन टाइम|title=Dr Surjya Hazarika Elected New President of Asam Sahitya Sabha|language=en|access-date=24 December 2022}}</ref> | नारायणपुर (२०२३) | |- | २०२४ | [[बसन्त कुमार गोस्वामी]] (१९४२-) <ref>{{cite web | url=[https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073](https://www.pratidintime.com/top-stories/asam-sahitya-sabha-poll-results-dr-basanta-goswami-elected-president-8576073) | title=Asam Sahitya Sabha Poll Results : Dr Basanta Goswami Elected President | publisher=Pratidin Times | work=Pratidin Times | date=29 December 2024 | accessdate=30 December 2024}}</ref> | [[पाठशाला]] (२०२५) | |} == इन्हें भी देखें == * [[असमिया भाषा और साहित्य]] * [[असमिया भाषा]] * [[असम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180628205222/http://asamsahityasabha.com/ असम साहित्य सभा का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20120211174015/http://www.sahityasabha.8k.com/main.html Digrugarh Convention Homepage] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम की संस्कृति]] [[श्रेणी:असमिया साहित्य]] [[श्रेणी:जोरहट]] [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] ok30waxeq6dtbmryfqkd4hk2aruua8z बिलायती बबूल 0 458824 6541815 6400360 2026-04-18T11:46:27Z ~2026-71097-7 920929 better image 6541815 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Prosopis juliflora, known as the Velvet Mesquite (10078437503).jpg|right|thumb|300px|बिलायती बबूल]] '''बिलायती बबूल''' या दक्खिनी ([[वानस्पतिक नाम]] : Prosopis juliflora / प्रोसोपीस् यूलीफ़्लोरा) झाड़ीदार छोटे आकार का वृक्ष है। <ref>{{Cite web|url=https://www.jhalkobikaner.com/2021/10/prosopis-juliflora.html|title=Prosopis juliflora (बिलायती बबूल) {{!}} कहानी बावळये की : लक्ष्मण बिश्नोई 'लक्ष्य'|website=Jhalko Bikaner|access-date=2021-10-31|archive-date=31 अक्तूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211031134223/https://www.jhalkobikaner.com/2021/10/prosopis-juliflora.html|url-status=dead}}</ref>इसका मूल स्थान [[मेक्सिको]], दक्षिण अमेरिका और कैरेबियन हैं। अब यह [[एशिया]], आस्ट्रेलिया एवं अन्य स्थानों पर एक अवांछित वृक्ष (weed) के रूप में पाया जाने लगा है। इसको पशुआहार, लकड़ी एवं पर्यावरण प्रबन्धन के लिये उपयोग में लाया जाता है। इसको 'अंग्रेजी बबूल तथा 'काबुली कीकर' भी कहते हैं। यह वृक्ष सामान्यत 2 मीटर से 8मीटर लम्बा होता है और इसके तने का व्यास 5 सेमी से 30 सेमी तक होता है। इसकी जड़ें इतनी गहराई तक पहुँचती हैं कि यह एक कीर्तिमान है। एरिजोना के पास एक खुली खान में पाया गया था कि इसकी जड़ें 53.3 मीटर गहराई तक प्रवेश कर गयीं थीं।यह ईधन की समस्या को नियंत्रित करने में बहुत मददगार साबित हुआ ग्रामीण क्षेत्रों में ईधन के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है इसके बीज को पंण्डित जवाहरलाल नेहरु जी के प्रधानमंत्री काल में हवाई जहाज से सम्पूर्ण भारत में नहरों के किनारे व ऊसर बंजर भूमि पर बिखरवाया गया था == सन्दर्भ == ==इन्हें भी देखें== *[[सुबबूल]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20160305015633/http://pib.nic.in/archieve/others/2011/dec/d2011110701.pdf बिलायती बबूल की फलियों से पशु आहार] * [http://bollywood6.bhaskar.com/article/RAJ-JAI-power-crisis-will-end-the-common-acacia-2529191.html बिजली संकट खत्म करेगा विलायती बबूल]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [https://web.archive.org/web/20160122004925/http://www.jagran.com/news/national-foreign-babul-ending-countrys-trees-and-plants-13457576.html देशी पेड़-पौधों को खत्म कर रहा विलायती बबूल] (दैनिक जागरण ; जनवरी, २०१६) [[श्रेणी:पादप]] {{आधार}} tknyylcjkdisnn4563j8874ex9t5cun सर्वनाम 0 478857 6541634 6347088 2026-04-17T16:20:29Z ~2026-23697-77 920834 /* पुरुषवाचक सर्वनाम */Submissive Sonia what's Sonia lasagna 6541634 wikitext text/x-wiki '''सर्वनाम''' '''(Pronoun) '''उन शब्दों को कहा जाता हैं, जिन शब्दों का प्रयोग [[संज्ञा]] अर्थात किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि, के नाम के स्थान पर करते हैं। इसके अंतर्गत मैं, तुम, तुम्हारा, आप, आपका, इस, उस, यह, वह, हम, हमारा, आदि शब्द आते हैं।<ref>{{cite web |title=सर्वनाम की परिभाषा भेद प्रकार और उदाहरण ( महत्वपूर्ण ज्ञान ) |url=https://www.hindivibhag.com/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%A6/ |website=Hindi vibhag |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> == परिभाषा == [[कामताप्रसाद गुरु|कामताप्रसाद गुरू]] के मतानुसार- ''' सर्वनाम उस विकारी शब्द को कहते हैं जो पूर्वापर संबंध से किसी भी संज्ञा के बदले में आता है, जैसे, मैं (बोलनेवाला), तू (सुननेवाला), यह (निकट-वर्ती वस्तु), वह (दूरवर्ती वस्तु) इत्यादि। ''' <ref name="हिन्दी विकिस्रोत">{{cite book |last1=कामताप्रसाद |first1=गुरु |title=हिंदी व्याकरण |date=१९८४ |publisher=इडियन प्रेस,लिमिटेड, प्रयाग |location=प्रयाग |url=https://mycoaching.in/hindi-grammar |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> [[वाक्य]] में जिस शब्द का प्रयोग संज्ञा के बदले में होता है, उसे सर्वनाम कहते हैं। सर्वनाम शब्द का अर्थ है- सब का नाम। संज्ञा जहाँ केवल उसी नाम का बोध कराती है, जिसका वह नाम है, वहाँ सर्वनाम से केवल एक के ही नाम का नहीं, सबके नाम का बोध होता है। जैसे – राधा कहने से केवल इस नामवाली लड़की का बोध होगा किन्तु सीता, गीता, राम, श्याम सभी अपने लिए मैं का प्रयोग करते हैं तो मैं इन सबका नाम होगा। इसी तरह बोलनेवाले अनेक नामों के बदले तुम या आप और सुननेवाले अनेक नामों के बदले वह या वे का प्रयोग होता है।<ref name="हिन्दी स्रोत">{{cite web |last1=आलोक |first1=शाक्य |title=हिन्दी सर्वनाम |date=2014 |publisher=इडियन प्रेस, लिमिटेड, दिल्ली |location=दिल्ली |url=https://mycoaching.in/sarvnaam-hindi-vyakaran |website=Gov India |accessdate=16 जून 2019}}</ref> '''सर्वनाम की उपयोगिता''' - सर्वनाम भाषा को सहज, सुंदर, और सुविधाजनक बनाते हैं। उदाहरण के लिए, सर्वनाम के बिना भाषा की स्तिथि देखिए - '' मोहिनी स्कूल गई है। स्कूल से आते ही मोहिनी मोहिनी की सखी के साथ घर जायेगी। फिर मोहिनी मोहिनी का और सखी सखी का काम करेगी। फिर मोहिनी और सखी खेलेंगी। तब मोहिनी घर लौटेगी। '' यहां वाक्य कितना अटपटा, अनगढ़ और अव्यवस्थित है। अब सर्वनाम से युक्त वाक्य देखिए - '' मोहिनी स्कूल गई है। ''' वहां ''' से आते ही ''' वह अपनी ''' सखी के साथ ''' उसके ''' घर जायेगी। फिर ''' दोनों अपना अपना ''' काम करेंगी। फिर ''' दोनों ''' खेलेंगी। तब मोहिनी घर लौटेगी। == सर्वनाम के भेद == प्रयोग की दृष्टि से सर्वनाम के छः भेद हैं- # पुरूषवाचक (Personal Pronoun) - '''मैं, तू, वह, हम, यह''' # निजवाचक (Reflexive Pronoun) - '''आपने, आप ''' # निश्चयवाचक (Demonstrative Pronoun) - '''यह, वह''' # अनिश्चयवाचक (Indefinite Pronoun) - '''कोई, कुछ''' # संबंधवाचक (Relative Pronoun) - '''जो, सो''' # प्रश्नवाचक (Interrogative Pronoun) - '''कौन, क्या''' == पुरुषवाचक सर्वनाम == पुरूषवाचक सर्वनाम, संज्ञा शब्दों के स्थान पर पुरुष (मानसिक या भौतिक) को सूचित करने के लिए प्रयुक्त सर्वनाम होते हैं। इनमें सबसे प्रमुख उदाहरण "वह" और "वे" होते हैं, जिनका उपयोग पुरूष के स्थान पर किया जाता है। इन सर्वनामों की मदद से हम किसी व्यक्ति की पहचान कर सकते हैं जब हम उनका नाम नहीं जानते हैं।<ref>{{cite book |last1=कामताप्रसाद |first1=गुरु |title=हिंदी व्याकरण |date=१९८४ |publisher=इडियन प्रेस,लिमिटेड, प्रयाग |location=प्रयाग |url=https://hi.wikisource.org/wiki/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80_%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> इसके अलावा, और भी पुरूष वाचक सर्वनाम होते हैं जैसे कि "मैं," "तुम," "आप," "उस," "हम," आदि। इन सर्वनामों का उपयोग विभिन्न संवादों और वाक्यों में किए जाते हैं जब हम व्यक्ति के संदेश को स्पष्ट करने के लिए उनकी ओर से देख रहे होते हैं। इस तरह, पुरूष वाचक सर्वनाम वाक्यों को संवाद करने और समझने में मदद करते हैं, और व्यक्तियों के साथ संवाद में सुचारूप रूप से उपयोग होते हैं। ===पुरुषवाचक सर्वनाम के भेद=== किसी भी प्रसंग में वक्ता के सामने तीन प्रकार के पुरुष (व्यक्ति) आते हैं। पहला - वह स्वयं, दूसरा - सुनने वाला, तीसरा - कोई अन्य व्यक्ति, जिनके बारे में बातचीत हो रही हो। अतः हिंदी में प्रचलित पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronouns) के तीन प्रमुख भेद होते हैं<ref name="गूगल बुक्स">{{cite book |last1=Minakshi |first1=Agarwal |title=Abhinav Hindi Vyakaran |date=2008 |publisher=Radhakrishna Prakashan |page=101 |url=https://books.google.co.in/books?redir_esc=y&id=d56m3-X9uA0C&q=%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE#v=onepage&q&f=false |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref>: 1. ''' उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम (First Person) ''': इसमें सर्वनाम व्यक्ति की ओर से होते हैं, जो बात कर रहा है। उदाहरण स्वरुप: "मैं","हम","हमारा","मेरा", आदि। 2. '''मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम (Second Person):''' इसमें सर्वनाम व्यक्ति के साथी या उन लोगों की ओर से होते हैं, जिनसे बात हो रही है। उदाहरण स्वरुप: "तू","तुम","तुम्हारा","आप","आपने", आदि। 3. ''' अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम (Third Person)''': इसमें सर्वनाम व्यक्ति के बाहर किसी अन्य व्यक्ति या वस्तु की ओर से होते हैं, जिनसे व्यक्ति या वस्तु का संदर्भ बनाया जा रहा है। तृतीय भेद के उदाहरण सर्वनाम हैं: "वह," "वे," "उसका," "उनके," आदि। इन तीन प्रमुख भेदों के अलावा, और भी कई सर्वनाम होते हैं, जो विशेष संदर्भों में उपयोग होते हैं, लेकिन ये तीन प्रमुख भेद हमारे वाक्यों में सबसे आम रूप से प्रयुक्त होते हैं। '''डॉ देवेंद्रनाथ शर्मा''' के अनुसार - “पुरुष के एकवचन रूप अपवर्जी और बहुवचन समावेशी होते हैं; जैसे - ‘मैं चला’, इस वाक्य में वक्ता के अतिरिक्त और किसी का बोध नहीं होता, किंतु 'हम चलें’ वक्ता श्रोता के अतिरिक्त वहां उपस्थित और लोग भी समाविष्ट हो जाते हैं। ‘तू चले’या ‘वह चले’से निर्दिष्ट व्यक्ति के अतिरिक्त और किसी का ग्रहण नहीं होता, किंतु ‘तुम चलो’ और ‘वे चलें’से श्रोता से अतिरिक्त और का भी ग्रहण होता है। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि पुरुष का एकवचन अपवर्जी होता है और बहुवचन समावेशी।” === पुरुषवाचक सर्वनाम के उदाहरण === ====उत्तम पुरुष (First Person)==== 1. आज मैं स्कूल जा रहा हूँ। (I am going to school today.) 2. हमने अपना काम पूरा किया। (We have completed our work.) 3. मैं कल दिल्ली जाऊँगाI (I will go to Delhi tomorrow.)<br> ====मध्यम पुरुष (Second Person)==== 1. आप क्या सोच रहे हो? (What are you thinking?) 2. तुम्हारा नाम क्या है? (What is your name?)<br> ==== अन्य पुरुष (Third Person) ==== 1. वह एक उच्च शिक्षा के बाद सीधे काम पर गया। (He went to work directly after higher education.) 2. उसने उस पुस्तक को पढ़ा। (She read that book.) 3. यह एक बड़ी गाड़ी है। (It is a big car.) ये उदाहरण दिखाते हैं कि पुरुषवाचक सर्वनाम किस तरह से व्यक्ति को सूचित करने के लिए उपयोग होते हैं, और वे वाक्यों को स्पष्ट और संवादात्मक बनाते हैं।<ref name=>{{cite book |last1=Harish |first1=Chandra |title=Naveen Hindi Vyakaran Avam Rachna ( Madhyamik ) Bhag - 6 |publisher=S. Chand Publishing |url=https://books.google.co.in/books?redir_esc=y&id=c9DiDwAAQBAJ&q=%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE#v=onepage&q&f=false |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> ''' टिप्पणी ''':- ''' आप ''' सर्वनाम का प्रयोग - हिंदी में 'आप' का प्रयोग या तो निजवाचक के रूप में (स्वयं के लिए) होता है; या आदरार्थक मध्यम पुरुष के लिए होता है। जैसे -'' आइए, आप यहां बैठिए। '' किंतु कहीं कहीं 'आप' का प्रयोग आदरार्थक अन्य पुरुष के लिए भी होता है। यथा -'' गांधीजी सच्चे स्वतंत्रता-सेनानी थे। आपका जन्म 2 अक्तूबर, 1869 को हुआ। '' प्यार और दुलार प्रकट करने के लिए होता है; या निरादर और हीनता दिखाने के लिए। जैसे - ★ '' हे भगवान ! तेरी माया भी निराली है।'' (समिप्ता) ★ '' मां '' ★ '' अरे नालायक ! तू इधर क्या कर रहा है।'' (अपमान)<ref>{{cite book |last1=Kavita |first1=Basu |last2=Dr. D.V. |first2=Singh |title=Naveen Hindi Vyakaran Avam Rachna ( Madhyamik ) Bhag - 6 |date=2017 |publisher=Goyal Brothers Prakashan |url=https://books.google.com/books/about/Naveen_Hindi_Vyavaharik_Vyakaran_Tatha_R.html?id=pCs8EAAAQBAJ#:~:text=818389383X%2C-,9788183893831,-Subjects |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> == निजवाचक सर्वनाम == इसके अंतर्गत वे सर्वनाम आते हैं, जिनका प्रयोग वक्ता या लेखक स्वयं अपने लिए करते हैं। इस प्रकार – ”वक्ता या लेखक जिन सर्वनाम शब्दों का बोध कराता है और अपने लिए जिनका प्रयोग करता है, उन्हें ‘निजवाचक सर्वनाम’ कहते हैं; जैसे: आप, अपने – आप, खुद, निज, स्वतः, स्वयं।<ref>{{cite book |last1=डॉ भोलानाथ |first1=तिवारी |title=हिन्दी भाषा का सरल व्याकरण |date=1958 |publisher=राजकमल प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड |location=दिल्ली |edition=प्रथम |url=https://acrobat.adobe.com/id/urn:aaid:sc:AP:852aedf2-989d-4403-9f10-d2ca4fd42462 |accessdate=27 अक्टूबर 2023 |ref=.pdf}}</ref> ===निजवाचक सर्वनाम के उदाहरण=== 1. आप कहाँ जा रहे है। इस वाक्य में आप वक्ता द्वारा श्रोता के लिए प्रयोग किया जा रहा है। अतः यह आदर सूचक मध्यम पुरुष माना जायेगा। 2. मैं ये काम अपने आप कर लूंगा। इस वाक्य में वक्ता आप शब्द को स्वयं के लिए कर रहा है। अतः यह निजवाचक सर्वनाम की श्रेणी में आएगा। 3. आप को कोई परेशानी तो नहीं है। ऊपर दिए वाक्य में ‘आप’ शब्द का प्रयोग वक्ता श्रोता के लिए कर रहा है अतः यह आदरसूचक मध्यमपुरुष माना जाएगा। 4. मैं बहुत समय से आप से मिलना चाहता था। दिए गए वाक्य में ‘आप’ शब्द वक्ता द्वारा श्रोता को संकेत देने के लिए किया गया है अतः यह शब्द आदरसूचक माध्यम पुरुष माना जाएगा।<ref>{{cite book |last1=डॉ भोलानाथ |first1=तिवारी |title=हिन्दी भाषा का सरल व्याकरण |date=1958 |publisher=राजकमल प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड |location=दिल्ली |page=64 |edition=प्रथम |url=https://archive.org/download/HindiBhashaKaSaralVyakaran-Dr.BholanathTiwari/Hindi%20Bhasha%20Ka%20Saral%20Vyakaran%20-%20Dr.%20Bholanath%20Tiwari.pdf |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> ====निजवाचक सर्वनाम ‘आप’ का प्रयोग निम्नलिखित अर्थों में होता है==== (क) निजवाचक ‘आप’ का प्रयोग किसी संज्ञा या सर्वनाम के अवधारण (निश्चय) के लिए होता है। जैसे- मैं ‘आप’ वहीं से आया हूँ; मैं ‘आप’ वही कार्य कर रहा हूँ। (ख) निजवाचक ‘आप’ का प्रयोग दूसरे व्यक्ति के निराकरण के लिए भी होता है। जैसे- उन्होंने मुझे रहने को कहा और ‘आप’ चलते बने; वह औरों को नहीं, ‘अपने’ को सुधार रहा है। (ग) सर्वसाधारण के अर्थ में भी ‘आप’ का प्रयोग होता है। जैसे- ‘आप’ भला तो जग भला; ‘अपने’ से बड़ों का आदर करना उचित है। (घ) अवधारण के अर्थ में कभी-कभी ‘आप’ के साथ ‘ही’ जोड़ा जाता है। जैसे- मैं ‘आप ही’ चला आता था; यह काम ‘आप ही’; मैं यह काम ‘आप ही’ कर लूँगा।।<ref>{{cite book |last1=डॉ भोलानाथ |first1=तिवारी |title=हिन्दी भाषा का सरल व्याकरण |date=1958 |publisher=राजकमल प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड |location=दिल्ली |page=64 |edition=प्रथम |url=https://archive.org/download/HindiBhashaKaSaralVyakaran-Dr.BholanathTiwari/Hindi%20Bhasha%20Ka%20Saral%20Vyakaran%20-%20Dr.%20Bholanath%20Tiwari.pdf |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> == निश्चयवाचक (संकेतवाचक) सर्वनाम == जिन सर्वनाम शब्दों से किसी निश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु की ओर निकटवर्ती अथवा दूरवर्ती संकेत का बोध होता है उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। निश्चयवाचक सर्वनाम के अंतर्गत यह, वह, इस, उस, ये, वे इत्यादि सर्वनाम शब्द आते हैं। === निश्चयवाचक सर्वनाम का प्रयोग === निश्चयवाचक सर्वनाम में ‘यह’ सर्वनाम का प्रयोग किसी निकटवर्ती व्यक्ति अथवा वस्तु की ओर निश्चित संकेत करने के लिए किया जाता है तथा ‘वह’ सर्वनाम का प्रयोग किसी दूरवर्ती व्यक्ति अथवा वस्तु की ओर निश्चित संकेत करने के लिए किया जाता है।<ref>{{cite web|url=https://www.pratiyogitatoday.com/2023/11/hindi-vyakaran-sarvnam.html|title=शब्द विचार - सर्वनाम|last1=Mahendra|first1=Kumar|website=Pratiyogita Today|archive-url=|archive-date=|accessdate=27 अक्टूबर 2023|url-status=}}</ref> जैसे:- यह सर्वनाम का प्रयोग संज्ञा अथवा संज्ञा वाक्यांश के स्थान पर निश्चय का बोध करवाने के लिए भी किया जाता है। जैसे:- इस उम्र में शादी करना, यह आपको शोभा नहीं देता। इस वाक्य में संज्ञा वाक्यांश के स्थान पर यह का प्रयोग किया गया है। === निश्चयवाचक सर्वनाम के वाक्य === #'''वह''' खाना खा रहा है। #'''यह''' फर्श गीला है। #'''ये''' मिठाइयांँ ख़राब हैं। #'''वे''' मिठाइयां ख़राब हैं। #'''यह''' भारत का नक्शा है। #'''वह''' भारत का मानचित्र है। #'''ये''' लकड़ियां गीली हैं।<ref>{{cite book |last1=Wren & |first1=Martin |title=High School English Grammar And Composition (English Hindi |publisher=S. Chand Publishing |isbn=9788121925129 |url=https://books.google.co.in/books?id=6uaPAQAACAAJ&q=%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE#v=onepage&q&f=false |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> === निश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण व्याख्या सहित === 1. यह किसका फ़ोन है?<br> उपरोक्त वाक्य में निकटवर्ती वस्तु की ओर संकेत करने के लिए ‘यह’ का प्रयोग किया गया है अतः यह वाक्य निश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण होगा। 2. वह किसका सामान है?<br> उपरोक्त वाक्य में दूरवर्ती वस्तु की ओर संकेत करने के लिए ‘वह’ सर्वनाम का प्रयोग किया गया है। अतः यह वाक्य निश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण होगा। 3. भीड़ ने एक बस में आग लगा दी; यह सब मैंने अपनी आंखों से देखा है।<br> उपरोक्त वाक्य में पहले कहे गए वाक्य के स्थान पर ‘यह’ का प्रयोग किया गया है। अतः यह सर्वनाम का प्रयोग पहले कहे गए वाक्य के स्थान पर भी किया जाता है। इसलिए यह वाक्य निश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण होगा। 4. अरविंद अब यह चाहता है कि मैं उससे माफी मांगू।<br> उपरोक्त वाक्य में बाद में कहे जाने वाले वाक्य के स्थान पर यह का प्रयोग किया गया है। अतः यह का प्रयोग बाद में कहीं जाने वाली बात के स्थान पर भी किया जाता है। 5. वह गाय है ।<br> उपरोक्त वाक्य में वह सर्वनाम का प्रयोग गाय की ओर संकेत करने के लिए हुआ है। इस वाक्य में वह का प्रयोग होने से यह समझ में आता है कि गाय वक्ता से कुछ दूरी पर मौजूद है। अतः यह वाक्य निश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण है। 1.यह मेरा बड़ा भाई है।<br> 2.यह पेंट मेरी नहीं है।<br> 3.ये गाय किशोर की है।<br> 4.यह खाना मैंने बनाया है।<br> 5.यह गंगाजल है।<br> उपरोक्त वाक्यों में किसी निकटवर्ती व्यक्ति अथवा वस्तु का बोध करवाने के लिए यह और ये का प्रयोग किया गया है। इन वाक्यों से पता लगता है कि यह का प्रयोग एकवचन में तथा ये का प्रयोग बहुवचन में किया जाता है। अतः उपरोक्त वाक्य निश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण हैं। 1.वह सुनील का सामान है।<br> 2.वह कुर्सी है।<br> 3.वे डॉक्टर हैं।<br> उपरोक्त वाक्यों में किसी दूरवर्ती व्यक्ति अथवा वस्तु का बोध करवाने के लिए वह और वे का प्रयोग किया गया है। इन वाक्यों से यह समझ में आता है कि वह का प्रयोग एकवचन में तथा वे का प्रयोग बहुवचन में किया जाता है। अतः उपरोक्त वाक्य निश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण हैं। 1.लोगों ने चोर को वह मारा कि बेचारा अधमरा हो गया।<br> 2.यह तो आप मुझे शर्मिंदा कर रहे हैं।<br> उपरोक्त वाक्यों में ‘यह’ और ‘वह’ का प्रयोग क्रिया विशेषण के समान किया गया है। अतः यह और वह का प्रयोग क्रिया विशेषण के समान भी होता है।<ref>{{cite web |last1=केवल कृष्ण घोड़ेला |first1=घोड़ेला |title=सर्वनाम – भेद,परिभाषा, उदाहरण |url=https://www.hindisahity.com/pronoun-sarvnaam/ |website=हिंदी साहित्य चैनल |accessdate=27 अक्टूबर 2023 |archive-date=30 मई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190530084036/https://www.hindisahity.com/pronoun-sarvnaam/ |url-status=dead }}</ref> == अनिश्चयवाचक सर्वनाम == ऐसे शब्द जिनमें स्थान, व्यक्ति, वस्तु आदि के द्वारा निश्चितता का बोध न होता हो अर्थात् वह शब्द जो वस्तु या पदार्थ के निश्चित होने का बोध नहीं करवाता हो, वे शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे कुछ, किसी, कोई, मैं, तू आदि।<ref>{{cite web |last1=व्यवस्थापन |title=सर्वनाम |url=https://m.bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE |website=भारत कोश |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref>। === अनिश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण === 1. कोई आया था और आपके लिए कुछ लाया था।<br> 2. हमारे घर कोई आया है।<br> उपर्युक्त वाक्य में हमें किसी के आने का बोध हो रहा है ना कि यह पता चल रहा है कि कौन आया है? अर्थात् हमें यह पूरी तरह से निश्चित नहीं है कि कौन आया है। यहां पर “कोई” संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है। लेकिन “कोई” शब्द से हमें किसी व्यक्ति या वस्तु के निश्चित नहीं होने का बोध हो रहा है। इसलिए “कोई” शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम है। 3. तुम्हारे लिए कोई रिश्ता आया है।<br> इस वाक्य में हमें यह ज्ञात होता है कि किसी व्यक्ति के लिए रिश्ता आया है। लेकिन रिश्ता किसका आया है, यह निश्चत नहीं है? चूँकि यहां पर इस वाक्य में “कोई” शब्द का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर हुआ है, जो व्यक्तिवाचक संज्ञा का एक उदाहरण है। इसलिए यह अनिश्चयवाचक सर्वनाम के अंतर्गत आता है। 4. कुछ लोगों से मिल लिए और कुछ से मिलना है।<br> यहां पर “कुछ” शब्द से सिर्फ अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ लोगों से मिल लिए है और कुछ से मिलना अभी बाकि है। हमें यह निश्चित नहीं पता है कि कितने लोगों से मिल लिए है और कितने लोगों से अभी मिलना बाकि है। बचे हुए लोग ज्यादा भी हो सकते हैं और कम भी। यहां पर “कुछ” संज्ञा के स्थान पर प्रयोग में लाया गया है, लेकिन इससे कोई निश्चित होने का बोध नहीं हो रहा है। इसलिए “कुछ” शब्द अनिश्चित सर्वनाम अंतर्गत आता है।<ref>{{cite web |last1=केवल कृष्ण घोड़ेला |first1=घोड़ेला |title=सर्वनाम – भेद,परिभाषा, उदाहरण |url=https://www.hindisahity.com/pronoun-sarvnaam/ |website=हिंदी साहित्य चैनल |accessdate=27 अक्टूबर 2023 |archive-date=30 मई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190530084036/https://www.hindisahity.com/pronoun-sarvnaam/ |url-status=dead }}</ref> == संबंधवाचक सर्वनाम == जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किसी वस्तु या व्यक्ति का सम्बन्ध बताने के लिए किया जाए, वे शब्द “सम्बन्धवाचक सर्वनाम” कहलाते हैं। सम्बन्धवाचक सर्वनाम का प्रयोग वाक्य में दो शब्दों को जोड़ने के लिए भी किया जाता है। जैसे- जैसे-जिसका, जो कि, जो-सो, जितना -उतना आदि। === संबंधवाचक सर्वनाम के उदाहरण === 1. मेरा वह गिफ्ट कही खो गया '''जो''' मुझे जन्मदिन पर मिला था।<br> ऊपर वाक्य में “गिफ्ट और जन्मदिन” में सम्बन्ध बताया गया है। 2.'''जो''' पढाई करेगा, '''वह''' पास हो जायेगा।<br> ऊपर वाक्य में “पढाई और पास” होने में सम्बन्ध बताया गया है। 3.'''जितना''' कर्म करोगे, '''उतना''' जल्दी लक्ष्य मिलेगा।<br> इस वाक्य में हम देख पा रहे हैं कि जितना-उतना शब्दों का प्रयोग करके कर्म और लक्ष्य में सम्बन्ध बताने का प्रयास किया जा रहा है कि जितना कर्म करोगे, उतना लक्ष्य जल्दी मिलेगा। अतः जितना-उतना सम्बन्धवाचक सर्वनाम के अंतर्गत में आते हैं। 4.'''जैसा''' काम करोगे, '''वैसा''' फल मिलेगा।<br> ऊपर दिए गए वाक्य में जैसा आप देख सकते हैं कि जैसा-वैसा का प्रयोग करके काम और फल में सम्बन्ध बताया जा रहा है कि जो जैसा काम करेगा, वैसा ही उसे फल मिलेगा। अतः जैसा-वैसा भी सम्बन्धवाचक सर्वनाम की श्रेणी में आयेंगे।<ref>{{cite book |last1=Wren & |first1=Martin |title=High School English Grammar And Composition (English Hindi |publisher=S. Chand Publishing |isbn=9788121925129 |url=https://books.google.co.in/books?id=6uaPAQAACAAJ&q=%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE#v=onepage&q&f=false |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> == प्रश्नवाचक सर्वनाम == जिस सर्वनाम का उपयोग करके किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु इत्यादि के बारे में प्रश्न पूछा जाता है उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।<ref>{{cite web |last1=Rama |first1=Krishna |title="CBSE Class 6 Hindi Grammar सर्वनाम |url=https://www.learncbse.in/cbse-class-6-hindi-grammar-sarvanaam/#:~:text=CBSE%20Class%206%20Hindi%20Grammar%20%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE,-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%20%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6%20%E0%A4%A6%E0%A5%8B%20%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B2 |website=Learn CBSE |publisher=2019 |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> === प्रश्नवाचक सर्वनाम के वाक्य === ''कौन, किसका, क्या, किसने, कैसे, कब, क्यों, कहां, किस लिए'' आदि। <br>'''नोट:-''' जिस वाक्य में प्रश्नवाचक सर्वनाम का उपयोग प्रश्न पूछने के अर्थ में किया जाता है उस वाक्य के अंत में प्रश्नवाचक चिन्ह (?) का उपयोग किया जाता है। === प्रश्नवाचक सर्वनाम के उदाहरण === 1.कौन जा रहा है?<br> ऊपर दिए गए वाक्य में किसी व्यक्ति या वस्तु के बारे में प्रश्न पूछा जा रहा है जिसमें प्रश्नवाचक सर्वनाम शब्द का उपयोग किया गया है। 2.क्या हुआ?<br> ऊपर वाक्य में भी प्रश्न ही पूछा जा रहा है अर्थात उसमें भी प्रश्नवाचक सर्वनाम शब्द का उपयोग किया गया है।<ref>{{cite book |last1=Wren & |first1=Martin |title=High School English Grammar And Composition (English Hindi |publisher=S. Chand Publishing |isbn=9788121925129 |url=https://books.google.co.in/books?id=6uaPAQAACAAJ&q=%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE#v=onepage&q&f=false |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> ==== प्रश्नवाचक सर्वनाम के अन्य उदाहरण ==== #तुम कौन हो? #तुम क्या चाहते हो? #तुम्हारा घर कहां है? #तुम किसे ढूंढ रहे हो? #तुम कहां जा रहे थे? #तुम क्या बोल रहे हो? #तुमने मुझे किस लिए बुलाया? #तुम किस कारण से रो रहे हो? #यहां कौन आया था? #तुम यहां क्यों आए? #रात में अंधेरा कैसे हो जाता है? #क्या तुमने घड़ी पहनी है? #तुम्हारा भाई कौन है? #तुमसे यह किसने कहा? #क्या तुम जानते हो कि तुम क्या कह रहे हो?<ref>{{cite web |last1=केवल कृष्ण घोड़ेला |first1=घोड़ेला |title=सर्वनाम – भेद,परिभाषा, उदाहरण |url=https://www.hindisahity.com/pronoun-sarvnaam/ |website=हिंदी साहित्य चैनल |accessdate=27 अक्टूबर 2023 |archive-date=30 मई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190530084036/https://www.hindisahity.com/pronoun-sarvnaam/ |url-status=dead }}</ref> == अन्य भाषाओं में सर्वनाम == हिंदी भाषा में सर्वनाम के छः प्रकार है, परंतु अंग्रेजी भाषा में सर्वनाम के दस प्रकार हैं। अंग्रेजी भाषा के दस सर्वनाम - # Personal Pronouns(पुरुषवाचक सर्वनाम):I,me,we,us,you,he,she,him,her,it,they,them # Possessive Pronouns (अधिकारवाचक सर्वनाम):Mine, ours, yours, his, hers,theirs # Demonstrative Pronouns (संकेत वाचक सर्वनाम): This, that, these, those, Such, The same. # Distributive Pronouns (व्यष्टि वाचक सर्वनाम): Each, either, neither. # Reciprocal Pronouns (पारस्परिक संबंध वाचक सर्वनाम): each other, one another. # Reflexive Pronouns (निजवाचक सर्वनाम): Myself, ourselves, yourself, himself, herself, itself, themselves, oneself. # Emphatic Pronouns or Emphasizing Pronouns (दबावसुचक सर्वनाम): इन सर्वनामों का प्रयोग subject (कर्त्ता) को emphasis (दबाव या जोर) देने के लिए किया जाता है, अर्थात Emphatic Pronouns का प्रयोग सामान्यतः subject (कर्त्ता) के तुरंत बाद होता है। जैसे - He himself comes here. # Indefinite Pronouns (अनिश्चयवाचक सर्वनाम): Everybody, somebody, nobody, anybody everyone, someone, noone, anyone, everything, something, nothing, all, any, both, much, few. # Relative Pronouns (संबंधवाचक सर्वनाम): who, whom, whose, which, that. # Interrogative Pronouns (प्रश्नवाचक सर्वनाम): who, whom whose, which, what.<ref>{{cite web |title=10 Kinds of Pronouns in English |url=https://www.learnesl.net/10-kinds-of-pronouns-in-english/ |website=LEARN ESL |accessdate=27 अक्टूबर 2023}}</ref> अतः हिंदी भाषा के छः सर्वनाम के अलावा अंग्रेजी भाषा में चार और सर्वनाम है। इन सर्वनाम का वर्गीकरण वचन और लिंग के आधार पर भी किया गया है। ==इन्हें भी देखें== * [[हिन्दी व्याकरण|हिन्दी]] ==बाहरी&nbsp;कड़ियाँ== {{हिन्दी व्याकरण}} * [https://hindimine.in/vachan-kise-kahate-hain/ वचन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230825015213/https://hindimine.in/vachan-kise-kahate-hain/ |date=25 अगस्त 2023 }} * [https://hindimine.in/%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82/ लिंग] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230906064406/https://hindimine.in/%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82/ |date=6 सितंबर 2023 }} == सन्दर्भ == [[श्रेणी:व्याकरण]] [[श्रेणी:T500 2022]] [[श्रेणी:सर्वनाम]] oikyevlnu82hmmvg588vpmkd5w1t2s8 गबडलय अखटऊ 0 501938 6541763 6000774 2026-04-18T05:25:12Z CommonsDelinker 743 "G._Akhatov.jpg" को हटाया। इसे कॉमन्स से [[commons:User:Krd|Krd]] ने हटा दिया है। कारण: No license since 10 April 2026 6541763 wikitext text/x-wiki '''गबडलय अखटऊ''' ([[अंग्रेज़ी भाषा]] Gabdulkhay Akhatov; [[रूसी भाषा]] Габдулхай Хурамович Ахатов ([[१९२७|1927]] - [[१९८६|1986]], सोवियत संघ, रूस, तातारस्तान) - एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक और भाषाविद्. [[प्रोफ़ेसर|प्रोफेसर]] ([[१९७०|1970]]). बहुभाषाविद. वह राज्य कज़ान शैक्षणिक संस्थान (कज़ान विश्वविद्यालय) से स्नातक की उपाधि (1954). अनुसंधान के क्षेत्र: भाषाविज्ञान, भाषाशास्त्र, तातार भाषा, नृवंशविज्ञान. वैज्ञानिक 200 से अधिक किताबें और लेख के लेखक है। == इन्हें भी देखें == * [[भाषाविज्ञान|भाषाशास्त्र]] * [[तातार भाषा]] * [[नृवंशविज्ञान]] == सन्दर्भ == * {{commonscat|Gabdulkhay Akhatov}} * [https://web.archive.org/web/20180323001315/http://akhatov.org/ गबडलय अखटऊ] {{ru icon}} / {{in lang|en}} * [http://explore.bl.uk/primo_library/libweb/action/search.do?dscnt=0&vl(174399379UI0)=any&frbg=&scp.scps=scope%3A%28BLCONTENT%29&tab=local_tab&dstmp=1348411909183&srt=rank&ct=search&mode=Basic&dum=true&tb=t&indx=1&vl(freeText0)=Gabdulkhaĭ+Khuramovich+Akhatov&vid=BLVU1&fn=search British Library : Works by Professor G. Kh. Akhatov] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210218043009/https://ws.sharethis.com/button/async-buttons.js |date=18 फ़रवरी 2021 }} {{in lang|en}} * {{cite web|url=http://id.loc.gov/authorities/names/n78053584.html|title=Library of Congress of United States of America : Works by Professor G. Kh. Akhatov|access-date=22 नवंबर 2012|archive-url=https://www.webcitation.org/6CKCH2A1V?url=http://id.loc.gov/authorities/names/n78053584.html|archive-date=20 नवंबर 2012|url-status=live}} {{in lang|en}} * [http://mirlyn.lib.umich.edu/Search/Home?checkspelling=true&inst=all&lookfor=Akhatov&type=all&submit=Find&showsearchonly=false&oft=false Work by Professor G. Akhatov in University of Michigan (U.S.A.)] {{in lang|en}} * [https://web.archive.org/web/20121018094534/http://famous-scientists.ru/12084/ Professor Gabdulkhay Akhatov is the famous Russian scientist ] {{ru icon}} * [https://web.archive.org/web/20130928121822/http://viaf.org/viaf/114024654/ VIAF / ''Works by Professor G. Kh. Akhatov''] * [https://web.archive.org/web/20130927215956/http://www.worldcat.org/identities/lccn-n78-53584 WorldCat / ''Works by Professor G. Kh. Akhatov''] [[श्रेणी:भाषा-विज्ञान]] p7tvcplyqbhoyjtunpjcwzo74dliw40 कबीर पंथ 0 515955 6541768 6515862 2026-04-18T05:31:01Z Jitendra pl 920251 सामग्री को "* [[श्रेणी:संत मत]] [[श्रेणी:कबीर]]" में बदला 6541768 wikitext text/x-wiki * [[श्रेणी:संत मत]] [[श्रेणी:कबीर]] 955j8s5hcev28dre5kg5alv0n0j3869 6541769 6541768 2026-04-18T05:32:35Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/GRV2009|GRV2009]] ([[सदस्य वार्ता:GRV2009|वार्ता]]) के अवतरण 6515862 पर पुनर्स्थापित : पूर्ववत किया 6541769 wikitext text/x-wiki '''कबीर पंथ''' (कबीर का पथ) [[कबीर]] साहेब के [[तत्त्वमीमांसा|तत्वज्ञान]] पर आधारित एक [[आध्यात्मिक]] सत [[भक्ति मार्ग]] है।  यह [[मुक्ति]] के साधन के रूप में सच्चे सतगुरु के रूप में उनकी भक्ति पर आधारित है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=M7c8AAAAMAAJ&q=%22Dissent,+protest,+and+reform+in+Indian+civilization%22&dq=%22Dissent,+protest,+and+reform+in+Indian+civilization%22&hl=en&ei=YJp7TrWwN47K0AGr9N3SAg&sa=X&oi=book_result&ct=result&redir_esc=y|title=Dissent, Protest, and Reform in Indian Civilization|last=Malik|first=Subhash Chandra|date=1977|publisher=Indian Institute of Advanced Study|isbn=978-0-8364-0104-2|language=en}}</ref>  इसके अनुयायी कई धार्मिक पृष्ठभूमि से हैं क्योंकि कबीर ने कभी भी धर्म परिवर्तन की वकालत नहीं की बल्कि उनकी सीमाओं पर प्रकाश डाला। कबीर के संबंध में, उनके अनुयायी उनका प्रकट उत्सव मनाते हैं।<ref>[http://books.google.com/books?id=M7c8AAAAMAAJ&q=%22Dissent,+protest,+and+reform+in+Indian+civilization%22&dq=%22Dissent,+protest,+and+reform+in+Indian+civilization%22&hl=en&ei=YJp7TrWwN47K0AGr9N3SAg&sa=X&oi=book_result&ct=result&resnum=1&ved=0CC0Q6AEwAA Dissent, protest, and reform in Indian civilization] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131012233621/http://books.google.com/books?id=M7c8AAAAMAAJ&q=%22Dissent,+protest,+and+reform+in+Indian+civilization%22&dq=%22Dissent,+protest,+and+reform+in+Indian+civilization%22&hl=en&ei=YJp7TrWwN47K0AGr9N3SAg&sa=X&oi=book_result&ct=result&resnum=1&ved=0CC0Q6AEwAA |date=12 अक्तूबर 2013 }}. Indian Institute of Advanced Study, 1977</ref> पवित्र [[वेदों]] में लिखा है कि हर युग में पूर्ण परमात्मा जिसके एक रोम कूप में करोड़ सूर्य तथा करोड़ चंद्रमा की मिली जुली रोशनी से भी अधिक प्रकाश है, अपने निजधाम सतलोक से स:शरीर आते हैं और आकर अच्छी आत्माओ को मिलते हैं। आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी किन किन आत्माओं को आकर मिले और फिर उन्होंने अपनी वाणियों में कैसे परमात्मा की गवाही दी। जिन-जिन पुण्यात्माओं ने परमात्मा को प्राप्त किया है उन्होंने बताया कि कुल का मालिक एक है। परमेश्वर का वास्तविक नाम अपनी-अपनी भाषाओं में कवि र्देव ([[वेदों]] में [[संस्कृत भाषा]] में) तथा हक्का कबीर (श्री [[गुरु ग्रन्थ साहिब|गुरु ग्रन्थ साहेब]] में पृष्ठ 721 पर) तथा सत् कबीर (श्री [[धरमदास|धर्मदास]] जी की वाणी में क्षेत्रीय भाषा में) तथा बन्दी छोड़ कबीर (सन्त [[गरीब दास|गरीबदास]] जी के सद्ग्रन्थ में क्षेत्रीय भाषा में) कबीरा, कबीरन, खबीरा या खबीरन् (श्री कुरान शरीफ़ सूरत फुरकानी 25, आयत 19, 21, 52, 58, 59 में [[अरबी भाषा]] में) बताया गया है। गरीब जिसकुं कहत कबीर जुलाहा। सब गति पूर्ण अगम अगाहा ।। कबीर साहेब जी का पंथ अर्थात् मार्ग या रास्ता । जो मार्ग कबीर साहेब ने बताया उस पर चलने वाले को कबीरपंथी कहते हैं।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/knowledge/all-that-you-need-to-know-about-kabirpanth-1430739.html|title=क्या है कबीर पंथ और कैसे हुई इसकी शुरुआत|website=News18 Hindi|language=hi-IN|access-date=2021-11-06}}</ref> बारह पंथ काल के माने जाते है। बारह पंथों का विवरण अनुराग सागर व कबीर चरित्र बोध पृष्ठ नं. 1870  से:- 1.नारायण दास जी का पंथ ( मृत्यु अंधा दुत)। 2. यागौदास (जागू) पंथ 3. सूरत गोपाल पंथ (काशी कबीर चौरा के पारखी सिद्धांत) 4. मूल निरंजन पंथ 5. टकसार पंथ 6. [[भगवान दास]] (ब्रह्म) पंथ 7. सत्यनामी पंथ 8. कमाली (कमाल का) पंथ 9. राम कबीर पंथ 10. प्रेम धाम (परम धाम) की वाणी पंथ 11. जीवा पंथ 12. [[गरीब दास|गरीबदास]] पंथ कबीर साहेब के परम शिष्य थे सेठ धनी [[धरमदास|धर्मदास]] जी लेकिन धर्मदास जी का ज्येष्ठ पुत्र नारायण दास काल का भेजा हुआ दूत था। बार-बार समझाने पर भी नारायण दास ने परमेश्वर कबीर साहेब जी से उपदेश नहीं लिया। पुत्र प्रेम में व्याकुल धर्मदास जी को परमेश्वर कबीर साहेब जी ने नारायण दास जी का वास्तविक स्वरूप दर्शाया। संत धर्मदास जी ने कहा कि हे प्रभु ! मेरा वंश नारायण दास तो काल का वंश है। परमेश्वर कबीर साहेब जी ने कहा कि धर्मदास वंश की चिंता मत कर। मानव कल्याण के लिए अलग से तेरा बयालीस पीढ़ी तक वंश चलेगा। तब धर्मदास जी ने पूछा कि हे दीन दयाल! मेरा तो इकलौता पुत्र नारायण दास ही है। तब परमेश्वर ने कहा कि आपको एक शुभ संतान पुत्र रूप में मेरे आदेश से प्राप्त होगी। उससे तेरा ब्यालिस वंश चलेगा। उसमें प्रथम पुत्र का नाम चूड़ामणी रखना। कुछ समय पश्चात् भक्तमति आमिनी देवी को संतान रूप में पुत्र प्राप्त हुआ उसका नाम श्री चूड़ामणी जी रखा गया। बड़ा पुत्र नारायण दास अपने छोटे भाई चूड़ामणी जी से द्वेष करने लगा। जिस कारण से श्री चूड़ामणी जी बांधवगढ़ त्याग कर कुदुर्माल नामक शहर (मध्य प्रदेश) में रहने लगे।<ref name=":0" /><ref name=":1" /> [[चित्र:Saint Kabir with Namdeva, Raidas and Pipaji. Jaipur, early 19century, National Museum New Delhi (2).jpg|अंगूठाकार]] == चूड़ामणी को कबीर साहेब का नाम उपदेश == कबीर परमेश्वर ने संत धर्मदास जी से कहा था कि अपने पुत्र चूड़ामणी को शिक्षा - दीक्षा देना जिससे इनमें धार्मिकता बनी रहेगी तथा वंश ब्यालिस चलता रहेगा। कबीर साहेब ने धर्मदास से कहा था कि आपकी सातवीं, ग्यारहवीं, तेरहवीं और सत्रहवीं वंश को काल फंसाने का प्रयास करेगा, उस वक्त चुड़ामनि शाखा के अन्य उपशाखा वाले संत महंत के द्वारा मानव का कल्याण होगा, उसका दस हज़ार शाखा होंगे और वह सभी सत पुरुष के अंश कहलायेंगे, लेकिन काल के दुत सब अपने मनगढ़ंत बुद्धि के द्वारा लोगों को कहेंगे कि वंश ४२ का नाश हो गया वंश ४२ समाप्त हो गया, लेकिन ऐसा नहीं है वंश ४२ चलता हि रहेगा। प्रमाण कबीर साहेब की लिखी वाणी से मिलता है।<blockquote>सुन धर्मनि जो वंश नशाई, जिनकी कथा कहूँ समझाई। काल चपेटा देवै आई, मम सिर नहीं दोष कछु भाई।। सप्त, एकादश, त्रयोदस अंशा, अरु सत्रह ये चारों वंशा।। इनको काल छलेगा भाई, मिथ्या वचन हमारा न जाई।। जब-2 वंश हानि होई जाई, शाखा वंश करै गुरुवाई।। दस हजार शाखा होई है, पुरुष अंश वो ही कहलाही है।। वंश भेद यही है सारा, मूढ जीव पावै नहीं पारा।।99।। भटकत फिरि हैं दोरहि दौरा, वंश बिलाय गये केही ठौरा।। सब अपनी बुद्धि कहै भाई, अंश वंश सब गए नसाई।।</blockquote>उपरोक्त वाणी से स्पष्ट है ०७वां, ११वां, १३वां और १७वां वंश के समय में चुड़ामनि साहेब के जो दस हज़ार उपशाखा होंगे उसके द्वारा जीव पार होंगे और वंश ब्यालिस भी चलता रहेगा। <ref name=":1" />।<ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/religion/photo/social-reformer-kabirdas-life-history-and-interersting-facts-tpra-584853-2018-06-28|title=कबीर हिंदू थे या मुसलमान? जानें उनके जीवन से जुड़ीं बड़ी बातें|website=आज तक|language=hi|access-date=2021-11-06}}</ref> == काल के बारह पंथ == कबीर सागर में कबीर वाणी नामक अध्याय में पृष्ठ 135-137 पर जो बारह पंथों का विवरण देते हुए वानी लिखी है वो मिलावटी व अधुरा है :- <blockquote>सम्वत् सत्रासै पचहत्तर होई, तादिन प्रेम प्रकटें जग सोई। साखी हमारी ले जीव समझावै, असंख्य जन्म ठौर नहीं पावै। बारवें पंथ प्रगट ह्नै बानी, शब्द हमारे की निर्णय ठानी। अस्थिर घर का मरम न पावैं, ये बारा पंथ हमही को ध्यावैं। बारवें पंथ हम ही चलि आवैं, सब पंथ मेटि एक ही पंथ चलावें।</blockquote>उपरोक्त बारहवां पंथ जो गरीबदास जी का चलेगा यह पंथ हमारी साखी लेकर जीव को समझाएगें। परन्तु वास्तविक मंत्र से अपरिचित होने के कारण साधक असंख्य जन्म तक सतलोक नहीं जा सकते। उपरोक्त बारह पंथ हमको ही प्रमाण करके भक्ति करेंगे परन्तु स्थाई स्थान (सतलोक) प्राप्त नहीं कर सकते। बारहवें पंथ (गरीबदास वाले पंथ) में काल निरंजन ने कहा है कि बारहवें पंथ में हम ही आगे चलकर आएंगे ,सब पंथों को मिटाकर एक ही पंथ चलाऊंगा। संत रामपाल जी महाराज ही तेरहवें पंथ के प्रवर्तक हैं जो सकल अँधियारा मिटा रहे हैं। तेरहवाँ पंथ ही वास्तविक मंत्रों की दीक्षा दे रहा है इसलिए संत रामपाल जी महाराज ही वास्तविक तत्वदर्शी संत हैं जिनके पास वास्तविक सार शब्द है, और संत रामपाल जी ही वास्तविक कबीरपंथि गुरु हैं । बारह पंथों का विवरण कबीर चरित्र बोध (बोध सागर) पृृष्ठ नं. 1870 पर भी है जिसमें बारहवां पंथ गरीबदास लिखा है।<ref name=":1" /><ref name=":0" /> जिसमे परमात्मा कबीर साहेब जी की वाणी प्रकट हुई, लेकिन वाणी का सही अर्थ नहीं समझ सके।जब तक कि तेरहवें वंश में परमात्मा नहीं आये थे। == निरंजन का तेरहवें वंश के बारे कथन == कबीर साहेब ने कबीर सागर में कबीर वाणी पृष्ठ 134 पर लिखा है:- “बारहवें वंश प्रकट होय उजियारा, तेरहवें वंश मिटे सकल अंधियारा” भावार्थ:- ।<ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.jagran.com/sahitya/literary-works-3141.html|title=यहां मौजूद हैं कबीर के बीजक|website=Dainik Jagran|language=hi|access-date=2021-11-06}}</ref><ref name=":1" /><ref name=":0" /> == वर्तमान में तेरहवें पंथ के संचालनकर्ता संत रामपाल जी महाराज == कबीर साहेब ने अपने पंथ में होने वाली मिलावट के बारे में पहले ही बताया था। इसी क्रम में 12 पंथ तक पूर्ण मोक्ष के मार्ग के उजागर नही होने की बात कही थी और बताया था कि 12वे पंथ में खुद आएंगे। कबीर साहेब ने कहा था कि 12वें पंथ में वे सत्य आध्यात्मिक ज्ञान को पुनः प्रकट करेंगे लेकिन 12 पंथ तक के अनुयायी इन वाणियों का भेद नहीं समझ सकेंगे। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज ने वाणियों का भेद समझाकर तेरहवां पंथ चलाया है जो फैलकर सम्पूर्ण विश्व भर में जायेगा।<ref name=":1" /> कबीर परमात्मा ने स्वसमवेद बोध पृष्ठ 171 (1515) पर एक दोहे में इसका वर्णन किया है, जो इस प्रकार है:-<blockquote>पाँच हजार अरू पाँच सौ पाँच जब कलयुग बीत जाय। महापुरूष फरमान तब, जग तारन कूं आय। हिन्दु तुर्क आदि सबै, जेते जीव जहान। सत्य नाम की साख गही, पावैं पद निर्वान। सबही नारी-नर शुद्ध तब, जब ठीक का दिन आवंत। कपट चातुरी छोडी के, शरण कबीर गहंत। एक अनेक ह्नै गए, पुनः अनेक हों एक। हंस चलै सतलोक सब, सत्यनाम की टेक।<ref name=":3" /></blockquote> ''<ref>... </ref>'' द्विवेदी कबीर पंथ की स्थापना की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए लिखते हैं कि, ''" कि सबसे पहले संतों में [[गुरु नानक|नानक]] ने ही पंथ रचना का सूत्रपात किया था और उन्होंने उसके कुछ नियम भी बनाये थे। संभवतः नानकदेव (संवत १५९५) के अनंतर ही कबीर पंथ की स्थापना हुई होगी।...दादूपंथी राघवदास ने अपने हस्तलिखित ग्रंथ भक्तमाल (१७१७) में धर्मदास को कबीर का शिष्य कहा है। छत्तीसगढ़ी शाखा का इतिहास प्रस्तुत करते समय आगे चलकर धर्मदास के आविर्भाव की तिथि सत्रहवीं शताब्दी के प्रथम चरण के लगभग सिद्ध करने का प्रयास किया गया है। संभवतः धर्मदास ने ही पंथ को व्यापक बनाने के लिए सर्वप्रथम ठोस कदम उठाया था।"''<ref>कबीर और कबीर पंथ, डॉ॰ केदार नाथ द्विवेदी, [[अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन|हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग]], प्रथम संस्करण, १९६५, पृष्ठ- १६२</ref> == प्रमुख शाखाएँ== भारत में कबीर पंथ की कई शाखाएं है लेकिन कबीर सागर एवं गरीब दास जी की वाणियों के अनुसार के अनुसार यथार्थ कबीर पंथ जो कि तेरहवाँ पंथ होगा, दिल्ली मण्डल के निकट स्थित होगा। वर्तमान में यथार्थ कबीर पंथ धनाना धाम जिला सोनीपत में स्थित है। हरियाणा प्रांत के बनने से पूर्व जिला सोनीपत दिल्ली मण्डल के अंतर्गत आता था जिससे कबीर साहेब एवं गरीब दास जी महाराज जी की वाणियां प्रमाणित होती है। ===मुख्य केंद्र=== * करुणावत्सल सद्गुरु कबीर आश्रम सोजत राजस्थान * कबीर लहरतारा धाम काशी (वाराणसी) * सतलोक आश्रम पीपली ( चिड़ियाघर के पास ) कुरुक्षेत्र * * सतलोक आश्रम कालूवास भिवानी * * सतलोक आश्रम शामली उत्तरप्रदेश * सतलोक आश्रम बैतूल मध्यप्रदेश * सतलोक आश्रम पाली सोजत राजस्थान * सतलोक आश्रम मुंडका दिल्ली * सतलोक आश्रम धुरी पंजाब * सतलोक आश्रम खमानो पंजाब * सतलोक आश्रम नेपाल * सतलोक आश्रम बरवाला हिसार हरियाणा * सतलोक आश्रम करौंथा झज्जर हरियाणा * == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20130815073859/http://www.ignca.nic.in/coilnet/kabir026.htm#007 कबीर पंथ से संबंधित जानकारियाँ] [[इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र|इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र]] के आधिकारिक जालघर से साभार। * [https://web.archive.org/web/20180701140231/https://hindi.news18.com/news/knowledge/all-that-you-need-to-know-about-kabirpanth-1430739.html क्या है कबीर पंथ और कैसे हुई इसकी शुरुआत] * [https://web.archive.org/web/20200706075909/https://www.prabhasakshi.com/personality/kabir-das-jayanti-2020 ग्रंथ और पंथ से मुक्त थे कबीरदास, अध्यात्म की सुदृढ़ परम्परा को किया मजबूत] [[श्रेणी:संत मत]] [[श्रेणी:कबीर]] aqj2jjtk4yl60ghs9or6ztxhilcv9iv 6541771 6541769 2026-04-18T05:38:13Z Jitendra pl 920251 "[[:en:Special:Redirect/revision/1349588215|Kabir panth]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541771 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक समूह|group=Kabir Panth|image=Painting of bhagat (saint) Kabir (left) with a disciple (right), Mughal school of art.jpg|image_caption=Painting of Kabir (left) with a disciple (right), Mughal school of art|founder=[[Kabir Saheb ]]|regions=[[Indian subcontinent]] • [[Caribbean]] • [[Oceania]]|religions=[[कबीर पंथ ]]|scriptures=[[बीजक , अनुराग सागर , कबीर ग्रंथावली ]] among others}} '''[[कबीर]] पंथ''' 15वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि कबीर साहब की शिक्षाओं पर आधारित एक संत परंपरा है। यह एक निराकार ईश्वर के प्रति भक्ति, समानता और अनुष्ठान और सामाजिक विभाजन की अस्वीकृति पर जोर देता है। कबीर पंथ के अनुयायी पूरे भारत और विदेशों में फैले हुए हैं और उनकी आबादी आम तौर पर लाखों में मानी जाती है। <ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> '''[[कबीर]] पंथ''' ( कबीर का पथ) 15वीं शताब्दी के संत और कवि कबीर की शिक्षाओं पर आधारित एक [[संत मत]] संप्रदाय और दर्शन है।यह मोक्ष के साधन के रूप में एक [[गुरु]] के रूप में उनकी भक्ति पर आधारित है। कबीर पंथ के अनुयायी कई धार्मिक पृष्ठभूमि से हैं क्योंकि कबीर ने कभी भी धर्म परिवर्तन की वकालत नहीं की, बल्कि उनकी सीमाओं को उजागर किया। कुछ विद्वानों के अनुसार, यह परंपरा [[सूफ़ीवाद|सूफी]] और सार्वभौमिक झुकाव के साथ वैष्णव धर्म के [[हिन्दू धर्म|हिंदू]] संप्रदाय से संबंधित है।कबीर के सम्मान में उनके अनुयायी [[कबीर जयंती]] मनाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.millenniumpost.in/nation/kabirpanth-holds-deep-influence-on-chhattisgarhs-peace-loving-land-cm-vishnu-deo-sai-646567|title=Kabirpanth holds deep influence on Chhattisgarh’s peace-loving land: CM Vishnu Deo Sai|last=MPost|date=2026-02-02|website=www.millenniumpost.in|language=en|access-date=2026-04-18}}</ref> == इतिहास. == === उत्पत्ति === [[चित्र:Painting_of_bhagat_Kabir_(seated_near_the_centre_of_the_frame),_his_son_Kamal_(fly-whisk_attendant;_standing_to_the_right),_and_two_of_his_disciples_Surat_Gopal_(seated_left)_and_Dharam_Das_(seated_right).jpg|अंगूठाकार|भगत कबीर (फ्रेम के केंद्र के पास बैठे) का चित्र उनके शिष्य कमाल (मक्खी-मूंछ वाला परिचारक) दाएँ खड़े हैं और उनके दो शिष्य बाएँ घुटने टेक रहे हैं, जिनमें सूरत गोपाल (बाएँ घुटना टेकना) और [[धनी धर्मदास साहेब|धरम दास]] (दाएँ ) शामिल हैं। यह कलाकृति बनारस (वाराणसी) में कबीर चौरा में स्थित थी।]] कबीर को अपने जीवनकाल के दौरान कोई अलग संप्रदाय नहीं मिला, हालांकि उनकी मृत्यु के बाद, उनके दो शिष्यों, '''धनी धर्मदास साहब''' और सूरत गोपाल ने उनकी शिक्षाओं के प्रचार के लिए केंद्रों (मठ के रूप में जाना जाता है) की स्थापना की।<ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> इनमें से, धनी धर्मदास साहब से जुड़े वंश को कबीर पंथ की परंपराओं में से एक माना जाता है। पारंपरिक विवरणों के अनुसार, माना जाता है कि कबीर साहब ने धनी धर्मदास साहब को बयालीस पीढ़ियों (बयाली वंश) के माध्यम से वंश की निरंतरता का आशीर्वाद दिया था। यह वंश, जिसे आमतौर पर '''कबीर धर्मदास वंशावली''' के रूप में जाना जाता है, कबीर पंथ परंपरा के भीतर एक मुख्य गुरु सीट (गद्दी) से जुड़ा हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== कबीर धर्मनगर दमखेड़ा <ref>{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/hi/state/damakheda-will-now-be-known-as-kabir-dharma-nagar-damakheda-notification-issued-chhattisgarh-news-cts26020705550|title=दामाखेड़ा अब कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा हुआ: अधिसूचना जारी, कबीर पंथियों की आस्था को मिली आधिकारिक पहचान|last=Bharat|first=E. T. V.|date=2026-02-07|website=ETV Bharat News|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== इसकी प्रमुख शाखाओं में, धनी धर्मदास साहेब की वंशावली को सबसे प्रमुख माना जाता है। कबीर साहेब के मुख्य शिष्य धर्मदास ने कबीर पंथ परंपरा के आयोजन और प्रचार में केंद्रीय भूमिका निभाई। इस शाखा का नाम '''कबीर धर्मदास वंशावली''' है <ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> परंपरा के अनुसार, कबीर साहेब ने धनी धर्मदास साहेब को '''"बयालीस वंश'''" (अटल बयालिस वंश) की निरंतरता का '''आशीर्वाद''' दिया, जो धर्मदासी वंश प्रणाली का आधार बना।<ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> धनी धर्मदास के पुत्र '''चूडामणिनाम''' (मुक्तामणि नाम साहेब) को इस परंपरा के '''पहले वंश गुरु''' (वंशगुरु) के रूप में माना जाता है। कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा (वर्तमान छत्तीसगढ़ में दामाखेड़ा कबीर पंथ की '''कबीर धर्मदास वंशावली''' शाखा के केंद्र के रूप में कार्य करती है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अभिलेखों के अनुसार, धर्मदास वंश में 42 वंशावली और आचार्यों का एक संरचित उत्तराधिकार शामिल है, जिसमें '''मुक्तामणि नाम साहब''' से लेकर वर्तमान में आचार्यों जैसे '''पंथश्री''' '''प्रकाशमुनि नाम साहब''' और '''पंथश्री''' '''उदित मुनि नाम साहब''' तक आध्यात्मिक नेताओं को सूचीबद्ध किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> == कबीर धर्मदास वंशावली (दमाखेड़ा-वंशगुरु सूची) == # चूडामणि (मुक्तामणि नाम साहेब-प्रथम वंश गुरु) # सुदर्शन नाम साहेब # कुलपति नाम साहेब # प्रमोद गुरु (बालपीर नाम साहेब) # केवल नाम साहेब # अमोल नाम साहेब # सुरती सनेही नाम साहेब # हक्क नाम साहेब # पाक नाम साहेब # प्रगट नाम साहेब # धीरज नाम साहेब # उग्रनाम साहेब # दया नाम साहेब # पंथश्री गृन्धमुनि नाम साहेब # पंथश्री प्रकाशमुनी नाम साहब # पंथश्री उदितमुनि नाम साहब <ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir – Chhatisgarh – Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref>(वर्तमान वंशगुरु ) धर्मदास वंश के गुरु के दामाखेड़ा वंश गुरुगद्दी (जिसे ''माई'' के रूप में भी जाना जाता है जिसका अर्थ है "आधुनिक [[छत्तीसगढ़]] में स्थित मां"।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}</ref> इसने [[मध्य भारत एजेंसी|मध्य भारत]] में गतिविधियों का संचालन किया और रायपुर, बिलासपुर और छिंदवाड़ा में स्थित शाखाएँ थीं।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir – Chhatisgarh – Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== कबीर चौरा ==== सूरत गोपाल ने सबसे पहले [[कबीर चौरा]] मठ (जिसे बाप के रूप में भी जाना जाता है जिसका [[वाराणसी]] में अर्थ है "पिता") की स्थापना की।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> इसने [[गुजरात]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] में मिशनरी गतिविधियों का संचालन किया और मगहर में स्थित एक शाखा थी।<ref name=":0" /> == मान्यताएँ और व्यवहार == कबीरपंथ के अनुयायियों को बहुदेववाद का त्याग करना चाहिए, मदिरा के सेवन से दूर रहना चाहिए, प्रतिदिन स्नान करते हुए ईश्वर का स्मरण करना चाहिए तथा सख्त शाकाहारी आहार का पालन करना चाहिए। कबीरपंथी एक-दूसरे का '''अभिवादन''' '''" साहेब बंदगी"''' (अर्थ: आपके अंदर बैठे परमात्मा को बंदगी ) शब्द के माध्यम से करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/politics/national-do-you-know-that-why-pm-modi-says-saheb-bandgi-three-times-in-maghar-jagran-special-18134460.html|title=पीएम मोदी ने मगहर में तीन बार क्‍यों कहा 'साहेब बंदगी', इस बारे में कितना जानते हैं आप - Do you know that why PM Modi says Saheb Bandgi three times in Maghar jagran special|website=Jagran|language=hi|access-date=2026-04-18}}</ref> इसके अतिरिक्त, अनुयायियों को दुष्ट स्वभाव वाली महिलाओं की संगति से बचने, अपनी पत्नी को संपत्ति से वंचित न करने, कभी झूठ न बोलने, चोरी न करने, किसी के विरुद्ध झूठी गवाही न देने तथा दूसरों की निंदा या बुराई करने से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।हिंदू कबीरपंथी सत्य नाम का पाठ करते हैं जबकि मुस्लिम कबीरपंथी [[ख़ुदा|खुदा]] के नाम के रूप में खुदा नाम का इस्तेमाल करते हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> ले कबीरपंथियों का नेतृत्व एक महंत द्वारा किया जाता है।<ref name=":0" /> कबीरपंथी महंत को विशेष परिधानों में सजाया जाता है, जैसे कि एक शंक्वाकार टोपी, एक हार जिसे कांठी के रूप में जाना जाता है, ''तुलसी'' की माला (मीठी तुलसी) और सफेद या भूरे-लाल रंग के कपड़े।<ref name=":0" /> महंतो के पास वैष्णव परंपरा का ''[[तिलक]]'' (सामने का निशान) हो सकता है।<ref name=":0" /> सामने का निशान चंदन या ''गोपीचंदन'' पेस्ट का उपयोग करके उनकी नाक के किनारे पर एक लकीर भी हो सकता है।<ref name=":0" /> महंतो ब्रह्मचारी बने रहने के लिए बाध्य नहीं हैं और कुछ शादी करते हैं।<ref name=":0" /> कबीर पंथियों को परंपरा के अनुसार उस दिन के नैतिक और सामाजिक रीति-रिवाजों का पालन करने में कोई बाधा नहीं है। सामान्य व्यक्तियों का अंतिम संस्कार हिंदू कानून के अनुसार किया जा सकता है और पुजारियों को दफनाया या अंतिम संस्कार किया जा सकता हैं, जो कि उस परंपरा के आधार पर है जिसका कोई पालन करना चाहता है। [[कैरिबियाई क्षेत्र|कैरेबियन]] और पूरे [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिका]] में, कबीर पंथ जलाने या दफनाने का विकल्प चुन सकते हैं। कबीर पंथ के लोग अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में पवित्रता और शुद्धता का पालन करते हैं। उनके विश्वास और व्यवहार की नींव है * [[धर्म]], या "जीवन का प्राकृतिक नियम", * सत्य, या "आदिम और शाश्वत सत्य", * [[अहिंसा]], या "शब्द और कर्म के माध्यम से सभी प्राणियों के प्रति अहिंसा", * [[भक्ति]], या "ईश्वर के लिए भक्ति प्रेम और एक उच्च आध्यात्मिक वास्तविकता", * श्राद्ध, या "विश्वास और अटल निष्ठा", * [[अस्तेय|अस्तेया]], या "न तो जमाखोरी और न ही लालच", * क्षमा, या "क्षमा और धैर्य", * दया, या "करुणा, दया, और सभी प्राणियों के प्रति क्रूरता और असंवेदनशीलता की भावनाओं पर विजय प्राप्त करना", * [[शौच (नियम)|शौचा]] या "शरीर, मन और वाणी में शुद्धता", * अपरिग्रह, या "संपत्ति को आवश्यक तक सीमित करना और गैर-भौतिकवादी होना", * [[अनेकांतवाद|अनेकान्तवाद]], या "विभिन्न मान्यताओं की स्वीकृति और दृष्टिकोण की बहुलता", * विश्व बंधुत्व, या "सभी प्राणियों का सार्वभौमिक भाईचारा" और * आत्मज्ञान या "अपने सच्चे स्व की जागरूकता, जो एक सच्ची वास्तविकता से अलग नहीं है जो हर किसी में व्याप्त है, इस प्रकार हर किसी को एक और एकमात्र सच्ची वास्तविकता बनाती है।" दिशा-निर्देशों का ये बुनियादी सेट कबीर पंथ को प्रेम, विनम्रता, करुणा और एकता के लिए एक सर्वव्यापी सूत्र देता है। कबीर पंथी के सामान्य व्यक्ति को [[भक्ति|भक्त]] कहा जाता है [[गुरु|गुरु जी।]] को [[महंत|महांत]] की सम्मानजनक उपाधि से संबोधित किया जाता है। आध्यात्मिक नेताओं को [[आचार्य]] या गुरु कहा जाता है। जो भिक्षु प्रकृति में अधिक [[वैराग्यवाद|तपस्वी]] होते हैं, जो कभी एक स्थान पर नहीं रहते हुए विवाह नहीं करते हैं और अधिक गंभीर आध्यात्मिक कार्यों में संलग्न नहीं होते हैं, लगातार मठ से मठ में जाते हैं, उन्हें [[ब्रह्मचर्य|ब्रह्मचारी]] साधु कहा जाता है, जबकि जो भिक्षु विवाह करते हैं, बच्चे पैदा करते हैं और एक अधिक आराम से आध्यात्मिक जी[[गुरु|गुरु जी।]] हैं, वे ''गृहस्त'' साधु हैं। इसी तरह, जिन महिलाओं ने नन बनना चुना है, उन्हें साध्वी कहा जाता है। भगवान को अनंत नामों से बुलाया जाता है, लेकिन कुछ अधिक सामान्य नाम हैं "सत्य पुरुष", "सोहम सद्गुरु", "आदि गुरु परम सत्येश्वर" या बस "सद्गुरु कबीर साहेब"। अपने धार्मिक समारोहों के दौरान कबीर पंथियां झांझ, ढोल और अन्य भारतीय वाद्ययंत्रों के संगीत के लिए कबीर के गीत, ''[[भजन]]'' और सखियों को गाती हैं। गुरु विभिन्न प्रार्थनाओं और [[मन्त्र|मंत्र]] का पाठ करते हैं, जो सभी भक्तों को जो कुछ भी करते हैं उसमें भगवान को याद करने की याद दिलाते हैं। [[चित्र:Painting_of_a_Kabirpanthi_from_a_folio_of_a_manuscript_of_the_Silsilah-i-Jogiyan,_ca.1800.jpg|अंगूठाकार|''सिलसिला-ए-जोगियाँ'' की पांडुलिपि के एक फोलियो से कबीरपंथी का चित्र, ca.1800]] चिंतन और स्थूल और जटिल व्यवहार से बचने के द्वारा अपने मन और शरीर को शुद्ध रखना चाहिए। इस तरह के अभ्यास से व्यक्ति को जीवन जीते हुए मोक्ष प्राप्त करने में मदद मिलेगी, चाहे वह किसी भी धर्म या अन्य व्यक्तिगत प्रयास से जुड़ा हो। कबीर पंथ में दीक्षा का एक चिह्न कांठी माला के रूप में दिया गया है। यह [[विष्णु]] के लिए पवित्र [[तुलसी (पौधा)|तुलसी]] लकड़ी के मोतियों से बना एक हार है। यह [[शिव]] के लिए पवित्र [[रुद्राक्ष]] पत्थर के मोतियों से भी बना है। इसे केवल एक बड़ी तुलसी या रुद्राक्ष के मनका के साथ एक तार का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है। यह अपनी पसंद से पहना जाता है और आमतौर पर उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने वासना, क्रोध, लालच, खराब होने वाली चीजों के प्रति लगाव और अहंकार से बचने के लिए प्रतिबद्ध किया है। [[सहज योग]] में ''सत्यनाम'' दोहराकर भगवान का स्मरण करना शामिल है। कबीर पंथ के लोग जीवन की सादगी-साधारण भोजन, कपड़े और सामान में विश्वास करते हैं। जीविका के लिए जो आवश्यक हो, उसे ही प्राप्त करना चाहिए। कबीर पंथियां सख्ती से शाकाहारी होती हैं और शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों के उपयोग से बचती हैं। वर्षों से अलग-अलग संगठन बने हैं। भारत के बाहर कबीर पंथियों के सबसे बड़े समूहों में से एक [[त्रिनिदाद और टोबैगो]] में है। भारत के बाहर भी कई छोटे सक्रिय समूह मौजूद हैं, विशेष रूप से [[कनाडा]], [[फ़िजी|फिजी]], [[गयाना|गुयाना]], [[मॉरिशस|मॉरीशस]], [[नेपाल]], नीदरलैंड, [[सूरीनाम]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में। त्रिनिदाद और टोबैगो में कबीर पंथ एसोसिएशन दो प्राथमिक विद्यालयों का संचालन करता है और इस क्षेत्र में स्थापित पहले गैर-ईसाई धार्मिक संप्रदाय स्कूलों में से एक था। हाल ही में, त्रिनिदाद और टोबैगो में अन्य समूहों का गठन किया गया है [जैसे कबीर चौरा मठ, सत्य कबीर निधि], जिनमें से प्रत्येक कबीर की शिक्षाओं पर अपना जोर देता है और त्रिनिदाद एवं टोबैगों, भारत और दुनिया में अन्य जगहों पर अपनी संबद्धता के साथ। कबीर पंथ में सतलोक की अवधारणा शामिल है, जिसे स्वर्ग के बराबर माना जाता है। कहा जाता है कि अच्छे भक्त हमेशा के लिए सतलोक जा सकते हैं। सतलुख सतपुरुष का स्थान है। यह त्रिकुटी से परे स्थित है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ESL4DwAAQBAJ&dq=Satlok&pg=PA104|title=RAHAS|last=RANA|first=JAGENDRA|date=2020-08-18|publisher=Blue Rose Publishers|language=en}}</ref> ऐसा कहा जाता है कि केवल दीक्षा प्राप्त आत्माएं ही सतलोक तक पहुँच सकती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=6NFWAAAAMAAJ&q=Satlok|title=With the Three Masters: Being Extracts from the Private Diary of Rai Sahib Munshi Ram, M.A., P.C.S., Secretary to the Three Masters|last=Ram|first=Munshi|date=1967|publisher=Radhasoami Satsang|language=en}}</ref> सतलोक का अर्थ है लोक (सत्य का संसार) ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ALoUDAAAQBAJ&dq=Satlok&pg=PA333|title=Bodies of Song: Kabir Oral Traditions and Performative Worlds in North India|last=Hess|first=Linda|date=2015|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-937416-8|language=en}}</ref> == शास्त्रों ==   === अनुराग सागर और बिजक === कबीर पंथ संप्रदाय की सबसे पवित्र पुस्तकें अनुराग सागर और [[बीजक]] हैं, जिनमें से कई अंश [[गुरु ग्रन्थ साहिब|गुरु ग्रंथ साहिब]] और अनुराग सागर में प्रस्तुत किए गए हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> एक कुंद और असम्बद्ध शैली में, बिजक अपने पाठकों को सत्य के प्रत्यक्ष अनुभव के पक्ष में अपने भ्रम, ढोंग और रूढ़िवादिता को छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह पाखंड, लालच और हिंसा पर व्यंग्य करता है, विशेष रूप से धार्मिक लोगों के बीच। बिजक में तीन मुख्य खंड (जिन्हें ''रमैनी, शब्द'' और साक्षी कहा जाता है) और एक चौथा खंड जिसमें विविध लोकगीत शामिल हैं। कबीर की अधिकांश सामग्री को शब्द (या पद) के रूप में जाने जाने वाले गीत के माध्यम से और दो-पंक्ति की साक्षी (या दोह) के माध्यम से लोकप्रिय किया गया है जो पूरे उत्तर भारत में लोकप्रिय ज्ञान के वाहन के रूप में कार्य करता है। अनुराग सागर में, सृजन की कहानी धर्मदास (कबीर के शिष्यों में से एक) को बताई गई है और मान सरोवर कबीर पंथ की धर्मदासी शाखा से कबीर की शिक्षाओं का एक और संग्रह है। * अनुराग सागर * कबीर बानी * कबीर ग्रंथावली * सखी ग्रंथ * कबीर सागर * कबीर अमृत संदेश * संध्या पाठ * गुरु महिमा * Kabir Dharamnagar Damakheda seat at Baloda Bazar-Bhatapara district on [[रायपुर|Raipur]] - [[बिलासपुर, छत्तीसगढ़|Bilaspur, Chhattisgarh]] Highway (Dharamdas saheb ji lineage branch)<ref>{{Cite web|url=http://kabirdharmdasvanshavali.org/vansh-gadhi/about/|title=About: Vansh Gaddi|date=2015-05-05|website=Sadguru Kabir Dharamdas Vanshawali|access-date=2015-05-05}}</ref> * Kabir Chaura based in Varanasi with a branch at [[मगहर, भारत|Maghar]]; * Biddupur seat founded by Jagu Sahib   * Dhanuati (Chhapra, Bihar) founded by Bhagvan Sahib, the scribe of Bijak; * Chhattisgarh seat at Kudurmal, founded by Muktamani Sahib (Vikram Samvat 1570-1630). They belong to the line of Dharmadaas Saaheb; * Kabir Parakh Sansthan, Preetam Nagar, Allahabad, Uttar Pradesh. Founded by Sri Abhilash Das on 1978. * Shree Ram Kabir Bhakta Samaj of India, Shree Ramkabir Mandir Trust, and Shree Ramkabir Bhakta Samaj of USA. Founded many generations ago in Gujarat, this organization has grown to become a multi-national community with more than 12,000 members. == संदर्भ == <references /> [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के सामाजिक समुदाय]] [[श्रेणी:हिन्दू सम्प्रदाय]] [[श्रेणी:अरबी भाषा पाठ वाले लेख]] [[श्रेणी:कबीरपंथ]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] h5vdzgt31vsxmg24k845pxx8nbqmrlz 6541772 6541771 2026-04-18T05:42:10Z Jitendra pl 920251 6541772 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक समूह|group=Kabir Panth|image=Painting of bhagat (saint) Kabir (left) with a disciple (right), Mughal school of art.jpg|image_caption=Painting of Kabir (left) with a disciple (right), Mughal school of art|founder=[[Kabir Saheb ]]|regions=[[Indian subcontinent]] • [[Caribbean]] • [[Oceania]]|religions=[[कबीर पंथ ]]|scriptures=[[बीजक , अनुराग सागर , कबीर ग्रंथावली ]] among others}} '''[[कबीर]] पंथ''' 15वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि कबीर साहब की शिक्षाओं पर आधारित एक संत परंपरा है। यह एक निराकार ईश्वर के प्रति भक्ति, समानता और अनुष्ठान और सामाजिक विभाजन की अस्वीकृति पर जोर देता है। कबीर पंथ के अनुयायी पूरे भारत और विदेशों में फैले हुए हैं और उनकी आबादी आम तौर पर लाखों में मानी जाती है। <ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> '''[[कबीर]] पंथ''' ( कबीर का पथ) 15वीं शताब्दी के संत और कवि कबीर की शिक्षाओं पर आधारित एक [[संत मत]] संप्रदाय और दर्शन है।यह मोक्ष के साधन के रूप में एक [[गुरु]] के रूप में उनकी भक्ति पर आधारित है। कबीर पंथ के अनुयायी कई धार्मिक पृष्ठभूमि से हैं क्योंकि कबीर ने कभी भी धर्म परिवर्तन की वकालत नहीं की, बल्कि उनकी सीमाओं को उजागर किया। कुछ विद्वानों के अनुसार, यह परंपरा [[सूफ़ीवाद|सूफी]] और सार्वभौमिक झुकाव के साथ वैष्णव धर्म के [[हिन्दू धर्म|हिंदू]] संप्रदाय से संबंधित है।कबीर के सम्मान में उनके अनुयायी [[कबीर जयंती]] मनाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.millenniumpost.in/nation/kabirpanth-holds-deep-influence-on-chhattisgarhs-peace-loving-land-cm-vishnu-deo-sai-646567|title=Kabirpanth holds deep influence on Chhattisgarh’s peace-loving land: CM Vishnu Deo Sai|last=MPost|date=2026-02-02|website=www.millenniumpost.in|language=en|access-date=2026-04-18}}</ref> === उत्पत्ति === [[चित्र:Painting_of_bhagat_Kabir_(seated_near_the_centre_of_the_frame),_his_son_Kamal_(fly-whisk_attendant;_standing_to_the_right),_and_two_of_his_disciples_Surat_Gopal_(seated_left)_and_Dharam_Das_(seated_right).jpg|अंगूठाकार|भगत कबीर (फ्रेम के केंद्र के पास बैठे) का चित्र उनके शिष्य कमाल (मक्खी-मूंछ वाला परिचारक) दाएँ खड़े हैं और उनके दो शिष्य बाएँ घुटने टेक रहे हैं, जिनमें सूरत गोपाल (बाएँ घुटना टेकना) और [[धनी धर्मदास साहेब|धरम दास]] (दाएँ ) शामिल हैं। यह कलाकृति बनारस (वाराणसी) में कबीर चौरा में स्थित थी।]] कबीर को अपने जीवनकाल के दौरान कोई अलग संप्रदाय नहीं मिला, हालांकि उनकी मृत्यु के बाद, उनके दो शिष्यों, '''धनी धर्मदास साहब''' और सूरत गोपाल ने उनकी शिक्षाओं के प्रचार के लिए केंद्रों (मठ के रूप में जाना जाता है) की स्थापना की।<ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> इनमें से, धनी धर्मदास साहब से जुड़े वंश को कबीर पंथ की परंपराओं में से एक माना जाता है। पारंपरिक विवरणों के अनुसार, माना जाता है कि कबीर साहब ने धनी धर्मदास साहब को बयालीस पीढ़ियों (बयाली वंश) के माध्यम से वंश की निरंतरता का आशीर्वाद दिया था। यह वंश, जिसे आमतौर पर '''कबीर धर्मदास वंशावली''' के रूप में जाना जाता है, कबीर पंथ परंपरा के भीतर एक मुख्य गुरु सीट (गद्दी) से जुड़ा हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== कबीर धर्मनगर दमखेड़ा <ref>{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/hi/state/damakheda-will-now-be-known-as-kabir-dharma-nagar-damakheda-notification-issued-chhattisgarh-news-cts26020705550|title=दामाखेड़ा अब कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा हुआ: अधिसूचना जारी, कबीर पंथियों की आस्था को मिली आधिकारिक पहचान|last=Bharat|first=E. T. V.|date=2026-02-07|website=ETV Bharat News|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== इसकी प्रमुख शाखाओं में, धनी धर्मदास साहेब की वंशावली को सबसे प्रमुख माना जाता है। कबीर साहेब के मुख्य शिष्य धर्मदास ने कबीर पंथ परंपरा के आयोजन और प्रचार में केंद्रीय भूमिका निभाई। इस शाखा का नाम '''कबीर धर्मदास वंशावली''' है <ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> परंपरा के अनुसार, कबीर साहेब ने धनी धर्मदास साहेब को '''"बयालीस वंश'''" (अटल बयालिस वंश) की निरंतरता का '''आशीर्वाद''' दिया, जो धर्मदासी वंश प्रणाली का आधार बना।<ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> धनी धर्मदास के पुत्र '''चूडामणिनाम''' (मुक्तामणि नाम साहेब) को इस परंपरा के '''पहले वंश गुरु''' (वंशगुरु) के रूप में माना जाता है। कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा (वर्तमान छत्तीसगढ़ में दामाखेड़ा कबीर पंथ की '''कबीर धर्मदास वंशावली''' शाखा के केंद्र के रूप में कार्य करती है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अभिलेखों के अनुसार, धर्मदास वंश में 42 वंशावली और आचार्यों का एक संरचित उत्तराधिकार शामिल है, जिसमें '''मुक्तामणि नाम साहब''' से लेकर वर्तमान में आचार्यों जैसे '''पंथश्री''' '''प्रकाशमुनि नाम साहब''' और '''पंथश्री''' '''उदित मुनि नाम साहब''' तक आध्यात्मिक नेताओं को सूचीबद्ध किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> == कबीर धर्मदास वंशावली (दमाखेड़ा-वंशगुरु सूची) == # चूडामणि (मुक्तामणि नाम साहेब-प्रथम वंश गुरु) # सुदर्शन नाम साहेब # कुलपति नाम साहेब # प्रमोद गुरु (बालपीर नाम साहेब) # केवल नाम साहेब # अमोल नाम साहेब # सुरती सनेही नाम साहेब # हक्क नाम साहेब # पाक नाम साहेब # प्रगट नाम साहेब # धीरज नाम साहेब # उग्रनाम साहेब # दया नाम साहेब # पंथश्री गृन्धमुनि नाम साहेब # पंथश्री प्रकाशमुनी नाम साहब # पंथश्री उदितमुनि नाम साहब <ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir – Chhatisgarh – Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref>(वर्तमान वंशगुरु ) धर्मदास वंश के गुरु के दामाखेड़ा वंश गुरुगद्दी (जिसे ''माई'' के रूप में भी जाना जाता है जिसका अर्थ है "आधुनिक [[छत्तीसगढ़]] में स्थित मां"।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}</ref> इसने [[मध्य भारत एजेंसी|मध्य भारत]] में गतिविधियों का संचालन किया और रायपुर, बिलासपुर और छिंदवाड़ा में स्थित शाखाएँ थीं।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir – Chhatisgarh – Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== कबीर चौरा ==== सूरत गोपाल ने सबसे पहले [[कबीर चौरा]] मठ (जिसे बाप के रूप में भी जाना जाता है जिसका [[वाराणसी]] में अर्थ है "पिता") की स्थापना की।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> इसने [[गुजरात]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] में मिशनरी गतिविधियों का संचालन किया और मगहर में स्थित एक शाखा थी।<ref name=":0" /> == मान्यताएँ और व्यवहार == कबीरपंथ के अनुयायियों को बहुदेववाद का त्याग करना चाहिए, मदिरा के सेवन से दूर रहना चाहिए, प्रतिदिन स्नान करते हुए ईश्वर का स्मरण करना चाहिए तथा सख्त शाकाहारी आहार का पालन करना चाहिए। कबीरपंथी एक-दूसरे का '''अभिवादन''' '''" साहेब बंदगी"''' (अर्थ: आपके अंदर बैठे परमात्मा को बंदगी ) शब्द के माध्यम से करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/politics/national-do-you-know-that-why-pm-modi-says-saheb-bandgi-three-times-in-maghar-jagran-special-18134460.html|title=पीएम मोदी ने मगहर में तीन बार क्‍यों कहा 'साहेब बंदगी', इस बारे में कितना जानते हैं आप - Do you know that why PM Modi says Saheb Bandgi three times in Maghar jagran special|website=Jagran|language=hi|access-date=2026-04-18}}</ref> इसके अतिरिक्त, अनुयायियों को दुष्ट स्वभाव वाली महिलाओं की संगति से बचने, अपनी पत्नी को संपत्ति से वंचित न करने, कभी झूठ न बोलने, चोरी न करने, किसी के विरुद्ध झूठी गवाही न देने तथा दूसरों की निंदा या बुराई करने से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।हिंदू कबीरपंथी सत्य नाम का पाठ करते हैं जबकि मुस्लिम कबीरपंथी [[ख़ुदा|खुदा]] के नाम के रूप में खुदा नाम का इस्तेमाल करते हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> ले कबीरपंथियों का नेतृत्व एक महंत द्वारा किया जाता है।<ref name=":0" /> कबीरपंथी महंत को विशेष परिधानों में सजाया जाता है, जैसे कि एक शंक्वाकार टोपी, एक हार जिसे कांठी के रूप में जाना जाता है, ''तुलसी'' की माला (मीठी तुलसी) और सफेद या भूरे-लाल रंग के कपड़े।<ref name=":0" /> महंतो के पास वैष्णव परंपरा का ''[[तिलक]]'' (सामने का निशान) हो सकता है।<ref name=":0" /> सामने का निशान चंदन या ''गोपीचंदन'' पेस्ट का उपयोग करके उनकी नाक के किनारे पर एक लकीर भी हो सकता है।<ref name=":0" /> महंतो ब्रह्मचारी बने रहने के लिए बाध्य नहीं हैं और कुछ शादी करते हैं।<ref name=":0" /> कबीर पंथियों को परंपरा के अनुसार उस दिन के नैतिक और सामाजिक रीति-रिवाजों का पालन करने में कोई बाधा नहीं है। सामान्य व्यक्तियों का अंतिम संस्कार हिंदू कानून के अनुसार किया जा सकता है और पुजारियों को दफनाया या अंतिम संस्कार किया जा सकता हैं, जो कि उस परंपरा के आधार पर है जिसका कोई पालन करना चाहता है। [[कैरिबियाई क्षेत्र|कैरेबियन]] और पूरे [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिका]] में, कबीर पंथ जलाने या दफनाने का विकल्प चुन सकते हैं। कबीर पंथ के लोग अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में पवित्रता और शुद्धता का पालन करते हैं। उनके विश्वास और व्यवहार की नींव है * [[धर्म]], या "जीवन का प्राकृतिक नियम", * सत्य, या "आदिम और शाश्वत सत्य", * [[अहिंसा]], या "शब्द और कर्म के माध्यम से सभी प्राणियों के प्रति अहिंसा", * [[भक्ति]], या "ईश्वर के लिए भक्ति प्रेम और एक उच्च आध्यात्मिक वास्तविकता", * श्राद्ध, या "विश्वास और अटल निष्ठा", * [[अस्तेय|अस्तेया]], या "न तो जमाखोरी और न ही लालच", * क्षमा, या "क्षमा और धैर्य", * दया, या "करुणा, दया, और सभी प्राणियों के प्रति क्रूरता और असंवेदनशीलता की भावनाओं पर विजय प्राप्त करना", * [[शौच (नियम)|शौचा]] या "शरीर, मन और वाणी में शुद्धता", * अपरिग्रह, या "संपत्ति को आवश्यक तक सीमित करना और गैर-भौतिकवादी होना", * [[अनेकांतवाद|अनेकान्तवाद]], या "विभिन्न मान्यताओं की स्वीकृति और दृष्टिकोण की बहुलता", * विश्व बंधुत्व, या "सभी प्राणियों का सार्वभौमिक भाईचारा" और * आत्मज्ञान या "अपने सच्चे स्व की जागरूकता, जो एक सच्ची वास्तविकता से अलग नहीं है जो हर किसी में व्याप्त है, इस प्रकार हर किसी को एक और एकमात्र सच्ची वास्तविकता बनाती है।" दिशा-निर्देशों का ये बुनियादी सेट कबीर पंथ को प्रेम, विनम्रता, करुणा और एकता के लिए एक सर्वव्यापी सूत्र देता है। कबीर पंथी के सामान्य व्यक्ति को [[भक्ति|भक्त]] कहा जाता है [[गुरु|गुरु जी।]] को [[महंत|महांत]] की सम्मानजनक उपाधि से संबोधित किया जाता है। आध्यात्मिक नेताओं को [[आचार्य]] या गुरु कहा जाता है। जो भिक्षु प्रकृति में अधिक [[वैराग्यवाद|तपस्वी]] होते हैं, जो कभी एक स्थान पर नहीं रहते हुए विवाह नहीं करते हैं और अधिक गंभीर आध्यात्मिक कार्यों में संलग्न नहीं होते हैं, लगातार मठ से मठ में जाते हैं, उन्हें [[ब्रह्मचर्य|ब्रह्मचारी]] साधु कहा जाता है, जबकि जो भिक्षु विवाह करते हैं, बच्चे पैदा करते हैं और एक अधिक आराम से आध्यात्मिक जी[[गुरु|गुरु जी।]] हैं, वे ''गृहस्त'' साधु हैं। इसी तरह, जिन महिलाओं ने नन बनना चुना है, उन्हें साध्वी कहा जाता है। भगवान को अनंत नामों से बुलाया जाता है, लेकिन कुछ अधिक सामान्य नाम हैं "सत्य पुरुष", "सोहम सद्गुरु", "आदि गुरु परम सत्येश्वर" या बस "सद्गुरु कबीर साहेब"। अपने धार्मिक समारोहों के दौरान कबीर पंथियां झांझ, ढोल और अन्य भारतीय वाद्ययंत्रों के संगीत के लिए कबीर के गीत, ''[[भजन]]'' और सखियों को गाती हैं। गुरु विभिन्न प्रार्थनाओं और [[मन्त्र|मंत्र]] का पाठ करते हैं, जो सभी भक्तों को जो कुछ भी करते हैं उसमें भगवान को याद करने की याद दिलाते हैं। [[चित्र:Painting_of_a_Kabirpanthi_from_a_folio_of_a_manuscript_of_the_Silsilah-i-Jogiyan,_ca.1800.jpg|अंगूठाकार|''सिलसिला-ए-जोगियाँ'' की पांडुलिपि के एक फोलियो से कबीरपंथी का चित्र, ca.1800]] चिंतन और स्थूल और जटिल व्यवहार से बचने के द्वारा अपने मन और शरीर को शुद्ध रखना चाहिए। इस तरह के अभ्यास से व्यक्ति को जीवन जीते हुए मोक्ष प्राप्त करने में मदद मिलेगी, चाहे वह किसी भी धर्म या अन्य व्यक्तिगत प्रयास से जुड़ा हो। कबीर पंथ में दीक्षा का एक चिह्न कांठी माला के रूप में दिया गया है। यह [[विष्णु]] के लिए पवित्र [[तुलसी (पौधा)|तुलसी]] लकड़ी के मोतियों से बना एक हार है। यह [[शिव]] के लिए पवित्र [[रुद्राक्ष]] पत्थर के मोतियों से भी बना है। इसे केवल एक बड़ी तुलसी या रुद्राक्ष के मनका के साथ एक तार का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है। यह अपनी पसंद से पहना जाता है और आमतौर पर उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने वासना, क्रोध, लालच, खराब होने वाली चीजों के प्रति लगाव और अहंकार से बचने के लिए प्रतिबद्ध किया है। [[सहज योग]] में ''सत्यनाम'' दोहराकर भगवान का स्मरण करना शामिल है। कबीर पंथ के लोग जीवन की सादगी-साधारण भोजन, कपड़े और सामान में विश्वास करते हैं। जीविका के लिए जो आवश्यक हो, उसे ही प्राप्त करना चाहिए। कबीर पंथियां सख्ती से शाकाहारी होती हैं और शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों के उपयोग से बचती हैं। वर्षों से अलग-अलग संगठन बने हैं। भारत के बाहर कबीर पंथियों के सबसे बड़े समूहों में से एक [[त्रिनिदाद और टोबैगो]] में है। भारत के बाहर भी कई छोटे सक्रिय समूह मौजूद हैं, विशेष रूप से [[कनाडा]], [[फ़िजी|फिजी]], [[गयाना|गुयाना]], [[मॉरिशस|मॉरीशस]], [[नेपाल]], नीदरलैंड, [[सूरीनाम]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में। त्रिनिदाद और टोबैगो में कबीर पंथ एसोसिएशन दो प्राथमिक विद्यालयों का संचालन करता है और इस क्षेत्र में स्थापित पहले गैर-ईसाई धार्मिक संप्रदाय स्कूलों में से एक था। हाल ही में, त्रिनिदाद और टोबैगो में अन्य समूहों का गठन किया गया है [जैसे कबीर चौरा मठ, सत्य कबीर निधि], जिनमें से प्रत्येक कबीर की शिक्षाओं पर अपना जोर देता है और त्रिनिदाद एवं टोबैगों, भारत और दुनिया में अन्य जगहों पर अपनी संबद्धता के साथ। कबीर पंथ में सतलोक की अवधारणा शामिल है, जिसे स्वर्ग के बराबर माना जाता है। कहा जाता है कि अच्छे भक्त हमेशा के लिए सतलोक जा सकते हैं। सतलुख सतपुरुष का स्थान है। यह त्रिकुटी से परे स्थित है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ESL4DwAAQBAJ&dq=Satlok&pg=PA104|title=RAHAS|last=RANA|first=JAGENDRA|date=2020-08-18|publisher=Blue Rose Publishers|language=en}}</ref> ऐसा कहा जाता है कि केवल दीक्षा प्राप्त आत्माएं ही सतलोक तक पहुँच सकती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=6NFWAAAAMAAJ&q=Satlok|title=With the Three Masters: Being Extracts from the Private Diary of Rai Sahib Munshi Ram, M.A., P.C.S., Secretary to the Three Masters|last=Ram|first=Munshi|date=1967|publisher=Radhasoami Satsang|language=en}}</ref> सतलोक का अर्थ है लोक (सत्य का संसार) ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ALoUDAAAQBAJ&dq=Satlok&pg=PA333|title=Bodies of Song: Kabir Oral Traditions and Performative Worlds in North India|last=Hess|first=Linda|date=2015|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-937416-8|language=en}}</ref> == शास्त्रों ==   === अनुराग सागर और बिजक === कबीर पंथ संप्रदाय की सबसे पवित्र पुस्तकें अनुराग सागर और [[बीजक]] हैं, जिनमें से कई अंश [[गुरु ग्रन्थ साहिब|गुरु ग्रंथ साहिब]] और अनुराग सागर में प्रस्तुत किए गए हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> एक कुंद और असम्बद्ध शैली में, बिजक अपने पाठकों को सत्य के प्रत्यक्ष अनुभव के पक्ष में अपने भ्रम, ढोंग और रूढ़िवादिता को छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह पाखंड, लालच और हिंसा पर व्यंग्य करता है, विशेष रूप से धार्मिक लोगों के बीच। बिजक में तीन मुख्य खंड (जिन्हें ''रमैनी, शब्द'' और साक्षी कहा जाता है) और एक चौथा खंड जिसमें विविध लोकगीत शामिल हैं। कबीर की अधिकांश सामग्री को शब्द (या पद) के रूप में जाने जाने वाले गीत के माध्यम से और दो-पंक्ति की साक्षी (या दोह) के माध्यम से लोकप्रिय किया गया है जो पूरे उत्तर भारत में लोकप्रिय ज्ञान के वाहन के रूप में कार्य करता है। अनुराग सागर में, सृजन की कहानी धर्मदास (कबीर के शिष्यों में से एक) को बताई गई है और मान सरोवर कबीर पंथ की धर्मदासी शाखा से कबीर की शिक्षाओं का एक और संग्रह है। * अनुराग सागर * कबीर बानी * कबीर ग्रंथावली * सखी ग्रंथ * कबीर सागर * कबीर अमृत संदेश * संध्या पाठ * गुरु महिमा * Kabir Dharamnagar Damakheda seat at Baloda Bazar-Bhatapara district on [[रायपुर|Raipur]] - [[बिलासपुर, छत्तीसगढ़|Bilaspur, Chhattisgarh]] Highway (Dharamdas saheb ji lineage branch)<ref>{{Cite web|url=http://kabirdharmdasvanshavali.org/vansh-gadhi/about/|title=About: Vansh Gaddi|date=2015-05-05|website=Sadguru Kabir Dharamdas Vanshawali|access-date=2015-05-05}}</ref> * Kabir Chaura based in Varanasi with a branch at [[मगहर, भारत|Maghar]]; * Biddupur seat founded by Jagu Sahib   * Dhanuati (Chhapra, Bihar) founded by Bhagvan Sahib, the scribe of Bijak; * Chhattisgarh seat at Kudurmal, founded by Muktamani Sahib (Vikram Samvat 1570-1630). They belong to the line of Dharmadaas Saaheb; * Kabir Parakh Sansthan, Preetam Nagar, Allahabad, Uttar Pradesh. Founded by Sri Abhilash Das on 1978. * Shree Ram Kabir Bhakta Samaj of India, Shree Ramkabir Mandir Trust, and Shree Ramkabir Bhakta Samaj of USA. Founded many generations ago in Gujarat, this organization has grown to become a multi-national community with more than 12,000 members. == संदर्भ == <references /> [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के सामाजिक समुदाय]] [[श्रेणी:हिन्दू सम्प्रदाय]] [[श्रेणी:अरबी भाषा पाठ वाले लेख]] [[श्रेणी:कबीरपंथ]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] e9e4djafnb0yss0sg5uczc8cob1rdpg 6541773 6541772 2026-04-18T05:43:05Z Jitendra pl 920251 /* कबीर धर्मनगर दमखेड़ा [6] */ 6541773 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक समूह|group=Kabir Panth|image=Painting of bhagat (saint) Kabir (left) with a disciple (right), Mughal school of art.jpg|image_caption=Painting of Kabir (left) with a disciple (right), Mughal school of art|founder=[[Kabir Saheb ]]|regions=[[Indian subcontinent]] • [[Caribbean]] • [[Oceania]]|religions=[[कबीर पंथ ]]|scriptures=[[बीजक , अनुराग सागर , कबीर ग्रंथावली ]] among others}} '''[[कबीर]] पंथ''' 15वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि कबीर साहब की शिक्षाओं पर आधारित एक संत परंपरा है। यह एक निराकार ईश्वर के प्रति भक्ति, समानता और अनुष्ठान और सामाजिक विभाजन की अस्वीकृति पर जोर देता है। कबीर पंथ के अनुयायी पूरे भारत और विदेशों में फैले हुए हैं और उनकी आबादी आम तौर पर लाखों में मानी जाती है। <ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> '''[[कबीर]] पंथ''' ( कबीर का पथ) 15वीं शताब्दी के संत और कवि कबीर की शिक्षाओं पर आधारित एक [[संत मत]] संप्रदाय और दर्शन है।यह मोक्ष के साधन के रूप में एक [[गुरु]] के रूप में उनकी भक्ति पर आधारित है। कबीर पंथ के अनुयायी कई धार्मिक पृष्ठभूमि से हैं क्योंकि कबीर ने कभी भी धर्म परिवर्तन की वकालत नहीं की, बल्कि उनकी सीमाओं को उजागर किया। कुछ विद्वानों के अनुसार, यह परंपरा [[सूफ़ीवाद|सूफी]] और सार्वभौमिक झुकाव के साथ वैष्णव धर्म के [[हिन्दू धर्म|हिंदू]] संप्रदाय से संबंधित है।कबीर के सम्मान में उनके अनुयायी [[कबीर जयंती]] मनाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.millenniumpost.in/nation/kabirpanth-holds-deep-influence-on-chhattisgarhs-peace-loving-land-cm-vishnu-deo-sai-646567|title=Kabirpanth holds deep influence on Chhattisgarh’s peace-loving land: CM Vishnu Deo Sai|last=MPost|date=2026-02-02|website=www.millenniumpost.in|language=en|access-date=2026-04-18}}</ref> === उत्पत्ति === [[चित्र:Painting_of_bhagat_Kabir_(seated_near_the_centre_of_the_frame),_his_son_Kamal_(fly-whisk_attendant;_standing_to_the_right),_and_two_of_his_disciples_Surat_Gopal_(seated_left)_and_Dharam_Das_(seated_right).jpg|अंगूठाकार|भगत कबीर (फ्रेम के केंद्र के पास बैठे) का चित्र उनके शिष्य कमाल (मक्खी-मूंछ वाला परिचारक) दाएँ खड़े हैं और उनके दो शिष्य बाएँ घुटने टेक रहे हैं, जिनमें सूरत गोपाल (बाएँ घुटना टेकना) और [[धनी धर्मदास साहेब|धरम दास]] (दाएँ ) शामिल हैं। यह कलाकृति बनारस (वाराणसी) में कबीर चौरा में स्थित थी।]] कबीर को अपने जीवनकाल के दौरान कोई अलग संप्रदाय नहीं मिला, हालांकि उनकी मृत्यु के बाद, उनके दो शिष्यों, '''धनी धर्मदास साहब''' और सूरत गोपाल ने उनकी शिक्षाओं के प्रचार के लिए केंद्रों (मठ के रूप में जाना जाता है) की स्थापना की।<ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> इनमें से, धनी धर्मदास साहब से जुड़े वंश को कबीर पंथ की परंपराओं में से एक माना जाता है। पारंपरिक विवरणों के अनुसार, माना जाता है कि कबीर साहब ने धनी धर्मदास साहब को बयालीस पीढ़ियों (बयाली वंश) के माध्यम से वंश की निरंतरता का आशीर्वाद दिया था। यह वंश, जिसे आमतौर पर '''कबीर धर्मदास वंशावली''' के रूप में जाना जाता है, कबीर पंथ परंपरा के भीतर एक मुख्य गुरु सीट (गद्दी) से जुड़ा हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा <ref>{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/hi/state/damakheda-will-now-be-known-as-kabir-dharma-nagar-damakheda-notification-issued-chhattisgarh-news-cts26020705550|title=दामाखेड़ा अब कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा हुआ: अधिसूचना जारी, कबीर पंथियों की आस्था को मिली आधिकारिक पहचान|last=Bharat|first=E. T. V.|date=2026-02-07|website=ETV Bharat News|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== इसकी प्रमुख शाखाओं में, धनी धर्मदास साहेब की वंशावली को सबसे प्रमुख माना जाता है। कबीर साहेब के मुख्य शिष्य धर्मदास ने कबीर पंथ परंपरा के आयोजन और प्रचार में केंद्रीय भूमिका निभाई। इस शाखा का नाम '''कबीर धर्मदास वंशावली''' है <ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> परंपरा के अनुसार, कबीर साहेब ने धनी धर्मदास साहेब को '''"बयालीस वंश'''" (अटल बयालिस वंश) की निरंतरता का '''आशीर्वाद''' दिया, जो धर्मदासी वंश प्रणाली का आधार बना।<ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> धनी धर्मदास के पुत्र '''चूडामणिनाम''' (मुक्तामणि नाम साहेब) को इस परंपरा के '''पहले वंश गुरु''' (वंशगुरु) के रूप में माना जाता है। कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा (वर्तमान छत्तीसगढ़ में दामाखेड़ा कबीर पंथ की '''कबीर धर्मदास वंशावली''' शाखा के केंद्र के रूप में कार्य करती है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अभिलेखों के अनुसार, धर्मदास वंश में 42 वंशावली और आचार्यों का एक संरचित उत्तराधिकार शामिल है, जिसमें '''मुक्तामणि नाम साहब''' से लेकर वर्तमान में आचार्यों जैसे '''पंथश्री''' '''प्रकाशमुनि नाम साहब''' और '''पंथश्री''' '''उदित मुनि नाम साहब''' तक आध्यात्मिक नेताओं को सूचीबद्ध किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> == कबीर धर्मदास वंशावली (दमाखेड़ा-वंशगुरु सूची) == # चूडामणि (मुक्तामणि नाम साहेब-प्रथम वंश गुरु) # सुदर्शन नाम साहेब # कुलपति नाम साहेब # प्रमोद गुरु (बालपीर नाम साहेब) # केवल नाम साहेब # अमोल नाम साहेब # सुरती सनेही नाम साहेब # हक्क नाम साहेब # पाक नाम साहेब # प्रगट नाम साहेब # धीरज नाम साहेब # उग्रनाम साहेब # दया नाम साहेब # पंथश्री गृन्धमुनि नाम साहेब # पंथश्री प्रकाशमुनी नाम साहब # पंथश्री उदितमुनि नाम साहब <ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir – Chhatisgarh – Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref>(वर्तमान वंशगुरु ) धर्मदास वंश के गुरु के दामाखेड़ा वंश गुरुगद्दी (जिसे ''माई'' के रूप में भी जाना जाता है जिसका अर्थ है "आधुनिक [[छत्तीसगढ़]] में स्थित मां"।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}</ref> इसने [[मध्य भारत एजेंसी|मध्य भारत]] में गतिविधियों का संचालन किया और रायपुर, बिलासपुर और छिंदवाड़ा में स्थित शाखाएँ थीं।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir – Chhatisgarh – Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== कबीर चौरा ==== सूरत गोपाल ने सबसे पहले [[कबीर चौरा]] मठ (जिसे बाप के रूप में भी जाना जाता है जिसका [[वाराणसी]] में अर्थ है "पिता") की स्थापना की।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> इसने [[गुजरात]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] में मिशनरी गतिविधियों का संचालन किया और मगहर में स्थित एक शाखा थी।<ref name=":0" /> == मान्यताएँ और व्यवहार == कबीरपंथ के अनुयायियों को बहुदेववाद का त्याग करना चाहिए, मदिरा के सेवन से दूर रहना चाहिए, प्रतिदिन स्नान करते हुए ईश्वर का स्मरण करना चाहिए तथा सख्त शाकाहारी आहार का पालन करना चाहिए। कबीरपंथी एक-दूसरे का '''अभिवादन''' '''" साहेब बंदगी"''' (अर्थ: आपके अंदर बैठे परमात्मा को बंदगी ) शब्द के माध्यम से करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/politics/national-do-you-know-that-why-pm-modi-says-saheb-bandgi-three-times-in-maghar-jagran-special-18134460.html|title=पीएम मोदी ने मगहर में तीन बार क्‍यों कहा 'साहेब बंदगी', इस बारे में कितना जानते हैं आप - Do you know that why PM Modi says Saheb Bandgi three times in Maghar jagran special|website=Jagran|language=hi|access-date=2026-04-18}}</ref> इसके अतिरिक्त, अनुयायियों को दुष्ट स्वभाव वाली महिलाओं की संगति से बचने, अपनी पत्नी को संपत्ति से वंचित न करने, कभी झूठ न बोलने, चोरी न करने, किसी के विरुद्ध झूठी गवाही न देने तथा दूसरों की निंदा या बुराई करने से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।हिंदू कबीरपंथी सत्य नाम का पाठ करते हैं जबकि मुस्लिम कबीरपंथी [[ख़ुदा|खुदा]] के नाम के रूप में खुदा नाम का इस्तेमाल करते हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> ले कबीरपंथियों का नेतृत्व एक महंत द्वारा किया जाता है।<ref name=":0" /> कबीरपंथी महंत को विशेष परिधानों में सजाया जाता है, जैसे कि एक शंक्वाकार टोपी, एक हार जिसे कांठी के रूप में जाना जाता है, ''तुलसी'' की माला (मीठी तुलसी) और सफेद या भूरे-लाल रंग के कपड़े।<ref name=":0" /> महंतो के पास वैष्णव परंपरा का ''[[तिलक]]'' (सामने का निशान) हो सकता है।<ref name=":0" /> सामने का निशान चंदन या ''गोपीचंदन'' पेस्ट का उपयोग करके उनकी नाक के किनारे पर एक लकीर भी हो सकता है।<ref name=":0" /> महंतो ब्रह्मचारी बने रहने के लिए बाध्य नहीं हैं और कुछ शादी करते हैं।<ref name=":0" /> कबीर पंथियों को परंपरा के अनुसार उस दिन के नैतिक और सामाजिक रीति-रिवाजों का पालन करने में कोई बाधा नहीं है। सामान्य व्यक्तियों का अंतिम संस्कार हिंदू कानून के अनुसार किया जा सकता है और पुजारियों को दफनाया या अंतिम संस्कार किया जा सकता हैं, जो कि उस परंपरा के आधार पर है जिसका कोई पालन करना चाहता है। [[कैरिबियाई क्षेत्र|कैरेबियन]] और पूरे [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिका]] में, कबीर पंथ जलाने या दफनाने का विकल्प चुन सकते हैं। कबीर पंथ के लोग अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में पवित्रता और शुद्धता का पालन करते हैं। उनके विश्वास और व्यवहार की नींव है * [[धर्म]], या "जीवन का प्राकृतिक नियम", * सत्य, या "आदिम और शाश्वत सत्य", * [[अहिंसा]], या "शब्द और कर्म के माध्यम से सभी प्राणियों के प्रति अहिंसा", * [[भक्ति]], या "ईश्वर के लिए भक्ति प्रेम और एक उच्च आध्यात्मिक वास्तविकता", * श्राद्ध, या "विश्वास और अटल निष्ठा", * [[अस्तेय|अस्तेया]], या "न तो जमाखोरी और न ही लालच", * क्षमा, या "क्षमा और धैर्य", * दया, या "करुणा, दया, और सभी प्राणियों के प्रति क्रूरता और असंवेदनशीलता की भावनाओं पर विजय प्राप्त करना", * [[शौच (नियम)|शौचा]] या "शरीर, मन और वाणी में शुद्धता", * अपरिग्रह, या "संपत्ति को आवश्यक तक सीमित करना और गैर-भौतिकवादी होना", * [[अनेकांतवाद|अनेकान्तवाद]], या "विभिन्न मान्यताओं की स्वीकृति और दृष्टिकोण की बहुलता", * विश्व बंधुत्व, या "सभी प्राणियों का सार्वभौमिक भाईचारा" और * आत्मज्ञान या "अपने सच्चे स्व की जागरूकता, जो एक सच्ची वास्तविकता से अलग नहीं है जो हर किसी में व्याप्त है, इस प्रकार हर किसी को एक और एकमात्र सच्ची वास्तविकता बनाती है।" दिशा-निर्देशों का ये बुनियादी सेट कबीर पंथ को प्रेम, विनम्रता, करुणा और एकता के लिए एक सर्वव्यापी सूत्र देता है। कबीर पंथी के सामान्य व्यक्ति को [[भक्ति|भक्त]] कहा जाता है [[गुरु|गुरु जी।]] को [[महंत|महांत]] की सम्मानजनक उपाधि से संबोधित किया जाता है। आध्यात्मिक नेताओं को [[आचार्य]] या गुरु कहा जाता है। जो भिक्षु प्रकृति में अधिक [[वैराग्यवाद|तपस्वी]] होते हैं, जो कभी एक स्थान पर नहीं रहते हुए विवाह नहीं करते हैं और अधिक गंभीर आध्यात्मिक कार्यों में संलग्न नहीं होते हैं, लगातार मठ से मठ में जाते हैं, उन्हें [[ब्रह्मचर्य|ब्रह्मचारी]] साधु कहा जाता है, जबकि जो भिक्षु विवाह करते हैं, बच्चे पैदा करते हैं और एक अधिक आराम से आध्यात्मिक जी[[गुरु|गुरु जी।]] हैं, वे ''गृहस्त'' साधु हैं। इसी तरह, जिन महिलाओं ने नन बनना चुना है, उन्हें साध्वी कहा जाता है। भगवान को अनंत नामों से बुलाया जाता है, लेकिन कुछ अधिक सामान्य नाम हैं "सत्य पुरुष", "सोहम सद्गुरु", "आदि गुरु परम सत्येश्वर" या बस "सद्गुरु कबीर साहेब"। अपने धार्मिक समारोहों के दौरान कबीर पंथियां झांझ, ढोल और अन्य भारतीय वाद्ययंत्रों के संगीत के लिए कबीर के गीत, ''[[भजन]]'' और सखियों को गाती हैं। गुरु विभिन्न प्रार्थनाओं और [[मन्त्र|मंत्र]] का पाठ करते हैं, जो सभी भक्तों को जो कुछ भी करते हैं उसमें भगवान को याद करने की याद दिलाते हैं। [[चित्र:Painting_of_a_Kabirpanthi_from_a_folio_of_a_manuscript_of_the_Silsilah-i-Jogiyan,_ca.1800.jpg|अंगूठाकार|''सिलसिला-ए-जोगियाँ'' की पांडुलिपि के एक फोलियो से कबीरपंथी का चित्र, ca.1800]] चिंतन और स्थूल और जटिल व्यवहार से बचने के द्वारा अपने मन और शरीर को शुद्ध रखना चाहिए। इस तरह के अभ्यास से व्यक्ति को जीवन जीते हुए मोक्ष प्राप्त करने में मदद मिलेगी, चाहे वह किसी भी धर्म या अन्य व्यक्तिगत प्रयास से जुड़ा हो। कबीर पंथ में दीक्षा का एक चिह्न कांठी माला के रूप में दिया गया है। यह [[विष्णु]] के लिए पवित्र [[तुलसी (पौधा)|तुलसी]] लकड़ी के मोतियों से बना एक हार है। यह [[शिव]] के लिए पवित्र [[रुद्राक्ष]] पत्थर के मोतियों से भी बना है। इसे केवल एक बड़ी तुलसी या रुद्राक्ष के मनका के साथ एक तार का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है। यह अपनी पसंद से पहना जाता है और आमतौर पर उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने वासना, क्रोध, लालच, खराब होने वाली चीजों के प्रति लगाव और अहंकार से बचने के लिए प्रतिबद्ध किया है। [[सहज योग]] में ''सत्यनाम'' दोहराकर भगवान का स्मरण करना शामिल है। कबीर पंथ के लोग जीवन की सादगी-साधारण भोजन, कपड़े और सामान में विश्वास करते हैं। जीविका के लिए जो आवश्यक हो, उसे ही प्राप्त करना चाहिए। कबीर पंथियां सख्ती से शाकाहारी होती हैं और शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों के उपयोग से बचती हैं। वर्षों से अलग-अलग संगठन बने हैं। भारत के बाहर कबीर पंथियों के सबसे बड़े समूहों में से एक [[त्रिनिदाद और टोबैगो]] में है। भारत के बाहर भी कई छोटे सक्रिय समूह मौजूद हैं, विशेष रूप से [[कनाडा]], [[फ़िजी|फिजी]], [[गयाना|गुयाना]], [[मॉरिशस|मॉरीशस]], [[नेपाल]], नीदरलैंड, [[सूरीनाम]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में। त्रिनिदाद और टोबैगो में कबीर पंथ एसोसिएशन दो प्राथमिक विद्यालयों का संचालन करता है और इस क्षेत्र में स्थापित पहले गैर-ईसाई धार्मिक संप्रदाय स्कूलों में से एक था। हाल ही में, त्रिनिदाद और टोबैगो में अन्य समूहों का गठन किया गया है [जैसे कबीर चौरा मठ, सत्य कबीर निधि], जिनमें से प्रत्येक कबीर की शिक्षाओं पर अपना जोर देता है और त्रिनिदाद एवं टोबैगों, भारत और दुनिया में अन्य जगहों पर अपनी संबद्धता के साथ। कबीर पंथ में सतलोक की अवधारणा शामिल है, जिसे स्वर्ग के बराबर माना जाता है। कहा जाता है कि अच्छे भक्त हमेशा के लिए सतलोक जा सकते हैं। सतलुख सतपुरुष का स्थान है। यह त्रिकुटी से परे स्थित है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ESL4DwAAQBAJ&dq=Satlok&pg=PA104|title=RAHAS|last=RANA|first=JAGENDRA|date=2020-08-18|publisher=Blue Rose Publishers|language=en}}</ref> ऐसा कहा जाता है कि केवल दीक्षा प्राप्त आत्माएं ही सतलोक तक पहुँच सकती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=6NFWAAAAMAAJ&q=Satlok|title=With the Three Masters: Being Extracts from the Private Diary of Rai Sahib Munshi Ram, M.A., P.C.S., Secretary to the Three Masters|last=Ram|first=Munshi|date=1967|publisher=Radhasoami Satsang|language=en}}</ref> सतलोक का अर्थ है लोक (सत्य का संसार) ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ALoUDAAAQBAJ&dq=Satlok&pg=PA333|title=Bodies of Song: Kabir Oral Traditions and Performative Worlds in North India|last=Hess|first=Linda|date=2015|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-937416-8|language=en}}</ref> == शास्त्रों ==   === अनुराग सागर और बिजक === कबीर पंथ संप्रदाय की सबसे पवित्र पुस्तकें अनुराग सागर और [[बीजक]] हैं, जिनमें से कई अंश [[गुरु ग्रन्थ साहिब|गुरु ग्रंथ साहिब]] और अनुराग सागर में प्रस्तुत किए गए हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> एक कुंद और असम्बद्ध शैली में, बिजक अपने पाठकों को सत्य के प्रत्यक्ष अनुभव के पक्ष में अपने भ्रम, ढोंग और रूढ़िवादिता को छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह पाखंड, लालच और हिंसा पर व्यंग्य करता है, विशेष रूप से धार्मिक लोगों के बीच। बिजक में तीन मुख्य खंड (जिन्हें ''रमैनी, शब्द'' और साक्षी कहा जाता है) और एक चौथा खंड जिसमें विविध लोकगीत शामिल हैं। कबीर की अधिकांश सामग्री को शब्द (या पद) के रूप में जाने जाने वाले गीत के माध्यम से और दो-पंक्ति की साक्षी (या दोह) के माध्यम से लोकप्रिय किया गया है जो पूरे उत्तर भारत में लोकप्रिय ज्ञान के वाहन के रूप में कार्य करता है। अनुराग सागर में, सृजन की कहानी धर्मदास (कबीर के शिष्यों में से एक) को बताई गई है और मान सरोवर कबीर पंथ की धर्मदासी शाखा से कबीर की शिक्षाओं का एक और संग्रह है। * अनुराग सागर * कबीर बानी * कबीर ग्रंथावली * सखी ग्रंथ * कबीर सागर * कबीर अमृत संदेश * संध्या पाठ * गुरु महिमा * Kabir Dharamnagar Damakheda seat at Baloda Bazar-Bhatapara district on [[रायपुर|Raipur]] - [[बिलासपुर, छत्तीसगढ़|Bilaspur, Chhattisgarh]] Highway (Dharamdas saheb ji lineage branch)<ref>{{Cite web|url=http://kabirdharmdasvanshavali.org/vansh-gadhi/about/|title=About: Vansh Gaddi|date=2015-05-05|website=Sadguru Kabir Dharamdas Vanshawali|access-date=2015-05-05}}</ref> * Kabir Chaura based in Varanasi with a branch at [[मगहर, भारत|Maghar]]; * Biddupur seat founded by Jagu Sahib   * Dhanuati (Chhapra, Bihar) founded by Bhagvan Sahib, the scribe of Bijak; * Chhattisgarh seat at Kudurmal, founded by Muktamani Sahib (Vikram Samvat 1570-1630). They belong to the line of Dharmadaas Saaheb; * Kabir Parakh Sansthan, Preetam Nagar, Allahabad, Uttar Pradesh. Founded by Sri Abhilash Das on 1978. * Shree Ram Kabir Bhakta Samaj of India, Shree Ramkabir Mandir Trust, and Shree Ramkabir Bhakta Samaj of USA. Founded many generations ago in Gujarat, this organization has grown to become a multi-national community with more than 12,000 members. == संदर्भ == <references /> [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के सामाजिक समुदाय]] [[श्रेणी:हिन्दू सम्प्रदाय]] [[श्रेणी:अरबी भाषा पाठ वाले लेख]] [[श्रेणी:कबीरपंथ]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] 7frpm96ha9o9a4dyzd72smkmfardqhn 6541780 6541773 2026-04-18T05:56:06Z AMAN KUMAR 911487 टैग {{[[साँचा:सफाई|सफाई]]}} लेख में जोड़ा जा रहा ([[वि:ट्विंकल|ट्विंकल]]) 6541780 wikitext text/x-wiki {{सफाई|reason=खराब मशीनी अनुवाद, वाक्यों का गलत गठन और संदर्भों में टूटे हुए HTML कोड।|date=अप्रैल 2026}} {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक समूह|group=Kabir Panth|image=Painting of bhagat (saint) Kabir (left) with a disciple (right), Mughal school of art.jpg|image_caption=Painting of Kabir (left) with a disciple (right), Mughal school of art|founder=[[Kabir Saheb ]]|regions=[[Indian subcontinent]] • [[Caribbean]] • [[Oceania]]|religions=[[कबीर पंथ ]]|scriptures=[[बीजक , अनुराग सागर , कबीर ग्रंथावली ]] among others}} '''[[कबीर]] पंथ''' 15वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि कबीर साहब की शिक्षाओं पर आधारित एक संत परंपरा है। यह एक निराकार ईश्वर के प्रति भक्ति, समानता और अनुष्ठान और सामाजिक विभाजन की अस्वीकृति पर जोर देता है। कबीर पंथ के अनुयायी पूरे भारत और विदेशों में फैले हुए हैं और उनकी आबादी आम तौर पर लाखों में मानी जाती है। <ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> '''[[कबीर]] पंथ''' ( कबीर का पथ) 15वीं शताब्दी के संत और कवि कबीर की शिक्षाओं पर आधारित एक [[संत मत]] संप्रदाय और दर्शन है।यह मोक्ष के साधन के रूप में एक [[गुरु]] के रूप में उनकी भक्ति पर आधारित है। कबीर पंथ के अनुयायी कई धार्मिक पृष्ठभूमि से हैं क्योंकि कबीर ने कभी भी धर्म परिवर्तन की वकालत नहीं की, बल्कि उनकी सीमाओं को उजागर किया। कुछ विद्वानों के अनुसार, यह परंपरा [[सूफ़ीवाद|सूफी]] और सार्वभौमिक झुकाव के साथ वैष्णव धर्म के [[हिन्दू धर्म|हिंदू]] संप्रदाय से संबंधित है।कबीर के सम्मान में उनके अनुयायी [[कबीर जयंती]] मनाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.millenniumpost.in/nation/kabirpanth-holds-deep-influence-on-chhattisgarhs-peace-loving-land-cm-vishnu-deo-sai-646567|title=Kabirpanth holds deep influence on Chhattisgarh’s peace-loving land: CM Vishnu Deo Sai|last=MPost|date=2026-02-02|website=www.millenniumpost.in|language=en|access-date=2026-04-18}}</ref> === उत्पत्ति === [[चित्र:Painting_of_bhagat_Kabir_(seated_near_the_centre_of_the_frame),_his_son_Kamal_(fly-whisk_attendant;_standing_to_the_right),_and_two_of_his_disciples_Surat_Gopal_(seated_left)_and_Dharam_Das_(seated_right).jpg|अंगूठाकार|भगत कबीर (फ्रेम के केंद्र के पास बैठे) का चित्र उनके शिष्य कमाल (मक्खी-मूंछ वाला परिचारक) दाएँ खड़े हैं और उनके दो शिष्य बाएँ घुटने टेक रहे हैं, जिनमें सूरत गोपाल (बाएँ घुटना टेकना) और [[धनी धर्मदास साहेब|धरम दास]] (दाएँ ) शामिल हैं। यह कलाकृति बनारस (वाराणसी) में कबीर चौरा में स्थित थी।]] कबीर को अपने जीवनकाल के दौरान कोई अलग संप्रदाय नहीं मिला, हालांकि उनकी मृत्यु के बाद, उनके दो शिष्यों, '''धनी धर्मदास साहब''' और सूरत गोपाल ने उनकी शिक्षाओं के प्रचार के लिए केंद्रों (मठ के रूप में जाना जाता है) की स्थापना की।<ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> इनमें से, धनी धर्मदास साहब से जुड़े वंश को कबीर पंथ की परंपराओं में से एक माना जाता है। पारंपरिक विवरणों के अनुसार, माना जाता है कि कबीर साहब ने धनी धर्मदास साहब को बयालीस पीढ़ियों (बयाली वंश) के माध्यम से वंश की निरंतरता का आशीर्वाद दिया था। यह वंश, जिसे आमतौर पर '''कबीर धर्मदास वंशावली''' के रूप में जाना जाता है, कबीर पंथ परंपरा के भीतर एक मुख्य गुरु सीट (गद्दी) से जुड़ा हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा <ref>{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/hi/state/damakheda-will-now-be-known-as-kabir-dharma-nagar-damakheda-notification-issued-chhattisgarh-news-cts26020705550|title=दामाखेड़ा अब कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा हुआ: अधिसूचना जारी, कबीर पंथियों की आस्था को मिली आधिकारिक पहचान|last=Bharat|first=E. T. V.|date=2026-02-07|website=ETV Bharat News|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== इसकी प्रमुख शाखाओं में, धनी धर्मदास साहेब की वंशावली को सबसे प्रमुख माना जाता है। कबीर साहेब के मुख्य शिष्य धर्मदास ने कबीर पंथ परंपरा के आयोजन और प्रचार में केंद्रीय भूमिका निभाई। इस शाखा का नाम '''कबीर धर्मदास वंशावली''' है <ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref> परंपरा के अनुसार, कबीर साहेब ने धनी धर्मदास साहेब को '''"बयालीस वंश'''" (अटल बयालिस वंश) की निरंतरता का '''आशीर्वाद''' दिया, जो धर्मदासी वंश प्रणाली का आधार बना।<ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> धनी धर्मदास के पुत्र '''चूडामणिनाम''' (मुक्तामणि नाम साहेब) को इस परंपरा के '''पहले वंश गुरु''' (वंशगुरु) के रूप में माना जाता है। कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा (वर्तमान छत्तीसगढ़ में दामाखेड़ा कबीर पंथ की '''कबीर धर्मदास वंशावली''' शाखा के केंद्र के रूप में कार्य करती है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अभिलेखों के अनुसार, धर्मदास वंश में 42 वंशावली और आचार्यों का एक संरचित उत्तराधिकार शामिल है, जिसमें '''मुक्तामणि नाम साहब''' से लेकर वर्तमान में आचार्यों जैसे '''पंथश्री''' '''प्रकाशमुनि नाम साहब''' और '''पंथश्री''' '''उदित मुनि नाम साहब''' तक आध्यात्मिक नेताओं को सूचीबद्ध किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/damakheda-is-a-religious-and-center-place-of-kabirpanth|title=रायपुर के पास है कबीर पंथियों की तीर्थ स्थल दामाखेड़ा|website=Prabhasakshi|language=hi|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir - Chhatisgarh - Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> == कबीर धर्मदास वंशावली (दमाखेड़ा-वंशगुरु सूची) == # चूडामणि (मुक्तामणि नाम साहेब-प्रथम वंश गुरु) # सुदर्शन नाम साहेब # कुलपति नाम साहेब # प्रमोद गुरु (बालपीर नाम साहेब) # केवल नाम साहेब # अमोल नाम साहेब # सुरती सनेही नाम साहेब # हक्क नाम साहेब # पाक नाम साहेब # प्रगट नाम साहेब # धीरज नाम साहेब # उग्रनाम साहेब # दया नाम साहेब # पंथश्री गृन्धमुनि नाम साहेब # पंथश्री प्रकाशमुनी नाम साहब # पंथश्री उदितमुनि नाम साहब <ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir – Chhatisgarh – Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sadgurukabirfederation.org/vansh-guru/|title=FOUNDATION OF AKHAND VANSH BAYALISH – Sadguru Kabir Federation|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref>(वर्तमान वंशगुरु ) धर्मदास वंश के गुरु के दामाखेड़ा वंश गुरुगद्दी (जिसे ''माई'' के रूप में भी जाना जाता है जिसका अर्थ है "आधुनिक [[छत्तीसगढ़]] में स्थित मां"।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}</ref> इसने [[मध्य भारत एजेंसी|मध्य भारत]] में गतिविधियों का संचालन किया और रायपुर, बिलासपुर और छिंदवाड़ा में स्थित शाखाएँ थीं।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://ignca.gov.in/coilnet/kabir026.htm#10f|title=Kabir – Chhatisgarh – Parishisht|website=ignca.gov.in|access-date=2026-04-16}}</ref> ==== कबीर चौरा ==== सूरत गोपाल ने सबसे पहले [[कबीर चौरा]] मठ (जिसे बाप के रूप में भी जाना जाता है जिसका [[वाराणसी]] में अर्थ है "पिता") की स्थापना की।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> इसने [[गुजरात]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] में मिशनरी गतिविधियों का संचालन किया और मगहर में स्थित एक शाखा थी।<ref name=":0" /> == मान्यताएँ और व्यवहार == कबीरपंथ के अनुयायियों को बहुदेववाद का त्याग करना चाहिए, मदिरा के सेवन से दूर रहना चाहिए, प्रतिदिन स्नान करते हुए ईश्वर का स्मरण करना चाहिए तथा सख्त शाकाहारी आहार का पालन करना चाहिए। कबीरपंथी एक-दूसरे का '''अभिवादन''' '''" साहेब बंदगी"''' (अर्थ: आपके अंदर बैठे परमात्मा को बंदगी ) शब्द के माध्यम से करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/politics/national-do-you-know-that-why-pm-modi-says-saheb-bandgi-three-times-in-maghar-jagran-special-18134460.html|title=पीएम मोदी ने मगहर में तीन बार क्‍यों कहा 'साहेब बंदगी', इस बारे में कितना जानते हैं आप - Do you know that why PM Modi says Saheb Bandgi three times in Maghar jagran special|website=Jagran|language=hi|access-date=2026-04-18}}</ref> इसके अतिरिक्त, अनुयायियों को दुष्ट स्वभाव वाली महिलाओं की संगति से बचने, अपनी पत्नी को संपत्ति से वंचित न करने, कभी झूठ न बोलने, चोरी न करने, किसी के विरुद्ध झूठी गवाही न देने तथा दूसरों की निंदा या बुराई करने से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।हिंदू कबीरपंथी सत्य नाम का पाठ करते हैं जबकि मुस्लिम कबीरपंथी [[ख़ुदा|खुदा]] के नाम के रूप में खुदा नाम का इस्तेमाल करते हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> ले कबीरपंथियों का नेतृत्व एक महंत द्वारा किया जाता है।<ref name=":0" /> कबीरपंथी महंत को विशेष परिधानों में सजाया जाता है, जैसे कि एक शंक्वाकार टोपी, एक हार जिसे कांठी के रूप में जाना जाता है, ''तुलसी'' की माला (मीठी तुलसी) और सफेद या भूरे-लाल रंग के कपड़े।<ref name=":0" /> महंतो के पास वैष्णव परंपरा का ''[[तिलक]]'' (सामने का निशान) हो सकता है।<ref name=":0" /> सामने का निशान चंदन या ''गोपीचंदन'' पेस्ट का उपयोग करके उनकी नाक के किनारे पर एक लकीर भी हो सकता है।<ref name=":0" /> महंतो ब्रह्मचारी बने रहने के लिए बाध्य नहीं हैं और कुछ शादी करते हैं।<ref name=":0" /> कबीर पंथियों को परंपरा के अनुसार उस दिन के नैतिक और सामाजिक रीति-रिवाजों का पालन करने में कोई बाधा नहीं है। सामान्य व्यक्तियों का अंतिम संस्कार हिंदू कानून के अनुसार किया जा सकता है और पुजारियों को दफनाया या अंतिम संस्कार किया जा सकता हैं, जो कि उस परंपरा के आधार पर है जिसका कोई पालन करना चाहता है। [[कैरिबियाई क्षेत्र|कैरेबियन]] और पूरे [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिका]] में, कबीर पंथ जलाने या दफनाने का विकल्प चुन सकते हैं। कबीर पंथ के लोग अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में पवित्रता और शुद्धता का पालन करते हैं। उनके विश्वास और व्यवहार की नींव है * [[धर्म]], या "जीवन का प्राकृतिक नियम", * सत्य, या "आदिम और शाश्वत सत्य", * [[अहिंसा]], या "शब्द और कर्म के माध्यम से सभी प्राणियों के प्रति अहिंसा", * [[भक्ति]], या "ईश्वर के लिए भक्ति प्रेम और एक उच्च आध्यात्मिक वास्तविकता", * श्राद्ध, या "विश्वास और अटल निष्ठा", * [[अस्तेय|अस्तेया]], या "न तो जमाखोरी और न ही लालच", * क्षमा, या "क्षमा और धैर्य", * दया, या "करुणा, दया, और सभी प्राणियों के प्रति क्रूरता और असंवेदनशीलता की भावनाओं पर विजय प्राप्त करना", * [[शौच (नियम)|शौचा]] या "शरीर, मन और वाणी में शुद्धता", * अपरिग्रह, या "संपत्ति को आवश्यक तक सीमित करना और गैर-भौतिकवादी होना", * [[अनेकांतवाद|अनेकान्तवाद]], या "विभिन्न मान्यताओं की स्वीकृति और दृष्टिकोण की बहुलता", * विश्व बंधुत्व, या "सभी प्राणियों का सार्वभौमिक भाईचारा" और * आत्मज्ञान या "अपने सच्चे स्व की जागरूकता, जो एक सच्ची वास्तविकता से अलग नहीं है जो हर किसी में व्याप्त है, इस प्रकार हर किसी को एक और एकमात्र सच्ची वास्तविकता बनाती है।" दिशा-निर्देशों का ये बुनियादी सेट कबीर पंथ को प्रेम, विनम्रता, करुणा और एकता के लिए एक सर्वव्यापी सूत्र देता है। कबीर पंथी के सामान्य व्यक्ति को [[भक्ति|भक्त]] कहा जाता है [[गुरु|गुरु जी।]] को [[महंत|महांत]] की सम्मानजनक उपाधि से संबोधित किया जाता है। आध्यात्मिक नेताओं को [[आचार्य]] या गुरु कहा जाता है। जो भिक्षु प्रकृति में अधिक [[वैराग्यवाद|तपस्वी]] होते हैं, जो कभी एक स्थान पर नहीं रहते हुए विवाह नहीं करते हैं और अधिक गंभीर आध्यात्मिक कार्यों में संलग्न नहीं होते हैं, लगातार मठ से मठ में जाते हैं, उन्हें [[ब्रह्मचर्य|ब्रह्मचारी]] साधु कहा जाता है, जबकि जो भिक्षु विवाह करते हैं, बच्चे पैदा करते हैं और एक अधिक आराम से आध्यात्मिक जी[[गुरु|गुरु जी।]] हैं, वे ''गृहस्त'' साधु हैं। इसी तरह, जिन महिलाओं ने नन बनना चुना है, उन्हें साध्वी कहा जाता है। भगवान को अनंत नामों से बुलाया जाता है, लेकिन कुछ अधिक सामान्य नाम हैं "सत्य पुरुष", "सोहम सद्गुरु", "आदि गुरु परम सत्येश्वर" या बस "सद्गुरु कबीर साहेब"। अपने धार्मिक समारोहों के दौरान कबीर पंथियां झांझ, ढोल और अन्य भारतीय वाद्ययंत्रों के संगीत के लिए कबीर के गीत, ''[[भजन]]'' और सखियों को गाती हैं। गुरु विभिन्न प्रार्थनाओं और [[मन्त्र|मंत्र]] का पाठ करते हैं, जो सभी भक्तों को जो कुछ भी करते हैं उसमें भगवान को याद करने की याद दिलाते हैं। [[चित्र:Painting_of_a_Kabirpanthi_from_a_folio_of_a_manuscript_of_the_Silsilah-i-Jogiyan,_ca.1800.jpg|अंगूठाकार|''सिलसिला-ए-जोगियाँ'' की पांडुलिपि के एक फोलियो से कबीरपंथी का चित्र, ca.1800]] चिंतन और स्थूल और जटिल व्यवहार से बचने के द्वारा अपने मन और शरीर को शुद्ध रखना चाहिए। इस तरह के अभ्यास से व्यक्ति को जीवन जीते हुए मोक्ष प्राप्त करने में मदद मिलेगी, चाहे वह किसी भी धर्म या अन्य व्यक्तिगत प्रयास से जुड़ा हो। कबीर पंथ में दीक्षा का एक चिह्न कांठी माला के रूप में दिया गया है। यह [[विष्णु]] के लिए पवित्र [[तुलसी (पौधा)|तुलसी]] लकड़ी के मोतियों से बना एक हार है। यह [[शिव]] के लिए पवित्र [[रुद्राक्ष]] पत्थर के मोतियों से भी बना है। इसे केवल एक बड़ी तुलसी या रुद्राक्ष के मनका के साथ एक तार का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है। यह अपनी पसंद से पहना जाता है और आमतौर पर उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने वासना, क्रोध, लालच, खराब होने वाली चीजों के प्रति लगाव और अहंकार से बचने के लिए प्रतिबद्ध किया है। [[सहज योग]] में ''सत्यनाम'' दोहराकर भगवान का स्मरण करना शामिल है। कबीर पंथ के लोग जीवन की सादगी-साधारण भोजन, कपड़े और सामान में विश्वास करते हैं। जीविका के लिए जो आवश्यक हो, उसे ही प्राप्त करना चाहिए। कबीर पंथियां सख्ती से शाकाहारी होती हैं और शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों के उपयोग से बचती हैं। वर्षों से अलग-अलग संगठन बने हैं। भारत के बाहर कबीर पंथियों के सबसे बड़े समूहों में से एक [[त्रिनिदाद और टोबैगो]] में है। भारत के बाहर भी कई छोटे सक्रिय समूह मौजूद हैं, विशेष रूप से [[कनाडा]], [[फ़िजी|फिजी]], [[गयाना|गुयाना]], [[मॉरिशस|मॉरीशस]], [[नेपाल]], नीदरलैंड, [[सूरीनाम]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में। त्रिनिदाद और टोबैगो में कबीर पंथ एसोसिएशन दो प्राथमिक विद्यालयों का संचालन करता है और इस क्षेत्र में स्थापित पहले गैर-ईसाई धार्मिक संप्रदाय स्कूलों में से एक था। हाल ही में, त्रिनिदाद और टोबैगो में अन्य समूहों का गठन किया गया है [जैसे कबीर चौरा मठ, सत्य कबीर निधि], जिनमें से प्रत्येक कबीर की शिक्षाओं पर अपना जोर देता है और त्रिनिदाद एवं टोबैगों, भारत और दुनिया में अन्य जगहों पर अपनी संबद्धता के साथ। कबीर पंथ में सतलोक की अवधारणा शामिल है, जिसे स्वर्ग के बराबर माना जाता है। कहा जाता है कि अच्छे भक्त हमेशा के लिए सतलोक जा सकते हैं। सतलुख सतपुरुष का स्थान है। यह त्रिकुटी से परे स्थित है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ESL4DwAAQBAJ&dq=Satlok&pg=PA104|title=RAHAS|last=RANA|first=JAGENDRA|date=2020-08-18|publisher=Blue Rose Publishers|language=en}}</ref> ऐसा कहा जाता है कि केवल दीक्षा प्राप्त आत्माएं ही सतलोक तक पहुँच सकती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=6NFWAAAAMAAJ&q=Satlok|title=With the Three Masters: Being Extracts from the Private Diary of Rai Sahib Munshi Ram, M.A., P.C.S., Secretary to the Three Masters|last=Ram|first=Munshi|date=1967|publisher=Radhasoami Satsang|language=en}}</ref> सतलोक का अर्थ है लोक (सत्य का संसार) ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ALoUDAAAQBAJ&dq=Satlok&pg=PA333|title=Bodies of Song: Kabir Oral Traditions and Performative Worlds in North India|last=Hess|first=Linda|date=2015|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-937416-8|language=en}}</ref> == शास्त्रों ==   === अनुराग सागर और बिजक === कबीर पंथ संप्रदाय की सबसे पवित्र पुस्तकें अनुराग सागर और [[बीजक]] हैं, जिनमें से कई अंश [[गुरु ग्रन्थ साहिब|गुरु ग्रंथ साहिब]] और अनुराग सागर में प्रस्तुत किए गए हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=Singh|first=Harbans|publisher=Punjabi University, Patiala|year=2011|edition=3rd|volume=2: E-L|pages=405–406}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-long-vol" data-ve-ignore="" id="CITEREFSingh2011">Singh, Harbans (2011). ''The Encyclopedia of Sikhism''. Vol.&nbsp;2: E-L (3rd&nbsp;ed.). Punjabi University, Patiala. pp.&nbsp;<span class="nowrap">405–</span>406.</cite> [[Category:CS1: long volume value]]</ref> एक कुंद और असम्बद्ध शैली में, बिजक अपने पाठकों को सत्य के प्रत्यक्ष अनुभव के पक्ष में अपने भ्रम, ढोंग और रूढ़िवादिता को छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह पाखंड, लालच और हिंसा पर व्यंग्य करता है, विशेष रूप से धार्मिक लोगों के बीच। बिजक में तीन मुख्य खंड (जिन्हें ''रमैनी, शब्द'' और साक्षी कहा जाता है) और एक चौथा खंड जिसमें विविध लोकगीत शामिल हैं। कबीर की अधिकांश सामग्री को शब्द (या पद) के रूप में जाने जाने वाले गीत के माध्यम से और दो-पंक्ति की साक्षी (या दोह) के माध्यम से लोकप्रिय किया गया है जो पूरे उत्तर भारत में लोकप्रिय ज्ञान के वाहन के रूप में कार्य करता है। अनुराग सागर में, सृजन की कहानी धर्मदास (कबीर के शिष्यों में से एक) को बताई गई है और मान सरोवर कबीर पंथ की धर्मदासी शाखा से कबीर की शिक्षाओं का एक और संग्रह है। * अनुराग सागर * कबीर बानी * कबीर ग्रंथावली * सखी ग्रंथ * कबीर सागर * कबीर अमृत संदेश * संध्या पाठ * गुरु महिमा * Kabir Dharamnagar Damakheda seat at Baloda Bazar-Bhatapara district on [[रायपुर|Raipur]] - [[बिलासपुर, छत्तीसगढ़|Bilaspur, Chhattisgarh]] Highway (Dharamdas saheb ji lineage branch)<ref>{{Cite web|url=http://kabirdharmdasvanshavali.org/vansh-gadhi/about/|title=About: Vansh Gaddi|date=2015-05-05|website=Sadguru Kabir Dharamdas Vanshawali|access-date=2015-05-05}}</ref> * Kabir Chaura based in Varanasi with a branch at [[मगहर, भारत|Maghar]]; * Biddupur seat founded by Jagu Sahib   * Dhanuati (Chhapra, Bihar) founded by Bhagvan Sahib, the scribe of Bijak; * Chhattisgarh seat at Kudurmal, founded by Muktamani Sahib (Vikram Samvat 1570-1630). They belong to the line of Dharmadaas Saaheb; * Kabir Parakh Sansthan, Preetam Nagar, Allahabad, Uttar Pradesh. Founded by Sri Abhilash Das on 1978. * Shree Ram Kabir Bhakta Samaj of India, Shree Ramkabir Mandir Trust, and Shree Ramkabir Bhakta Samaj of USA. Founded many generations ago in Gujarat, this organization has grown to become a multi-national community with more than 12,000 members. == संदर्भ == <references /> [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के सामाजिक समुदाय]] [[श्रेणी:हिन्दू सम्प्रदाय]] [[श्रेणी:अरबी भाषा पाठ वाले लेख]] [[श्रेणी:कबीरपंथ]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] bngfl50utdalg3e3a29tnq1wnf4mje6 ५जी 0 538837 6541774 6517979 2026-04-18T05:47:14Z ~2026-23766-99 920895 /* नेटवर्क */ 6541774 wikitext text/x-wiki '''५जी''' या '''पाँच जी॰''' बेतार मोबाइल फ़ोन सेवा की पाँचवीं पीढ़ी है। इससे पिछली [[२जी|२॰जी॰]], [[३जी|३जी]] और [[४जी|४जी]] पीढ़ियां थीं। ५॰जी॰ की रफ़्तार कम-अज़-कम ४-५ गीगाबाइट प्रति [[सेकेंड|सैकंड]] होगी। 5॰जी॰ टेक्नोलॉजी के बाद इंटरनेट के उपयोगकर्ताओं को डाटा की हाई डेन्सिटी मिलने लगेगी। बेहतर कवरेज मिलेगा और मोबाइल उपकरणों की [[विद्युत कोष|बैटरी]] भी कम खर्च होगी। मई 2013 से ही इस टेक्नोलॉजी पर काम शुरू हो गया था। टेक्नोलॉजी हमारे वर्तमान ४॰जी॰ नेटवर्क की तुलना में तेज़ रफ़्तार, तुच्छ विलंबता (अंतराल), बेहतर विश्वसनीयता, बड़े पैमाने पर नेटवर्क क्षमता, बढ़ी हुई उपलब्धता और वर्तमान 4॰जी॰ नेटवर्क से बेहतर अनुभव प्रदान करने का वादा करती है। == नेटवर्क == ५॰जी॰ जिस तरह से तैयार किया जा रहा है उसके अनुसार यह वर्तमान एल॰टी॰ई॰ नेटवर्क पर काम कर सकेगा। इसके अधिकतर फ़ीचर एल॰टी॰ई॰ एडवांस मानकों पर काम कर सकेंगे। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2025 तक दुनिया की एक-तिहाई आबादी को 5॰जी॰ नेटवर्क से कवरेज मिलेगा। 5॰जी॰ नेटवर्क में एक बिलकुल ही नए रेडियो स्पेक्ट्रम बैंड पर काम करता है, 5॰जी॰ मिलीमीटर वेव्स इस्तेमाल करता है, इसके बाद एक फ़्रीक्वेंसी को ब्रॉडकास्ट करता है, जो 30 से 300 गीगाहर्ट्ज़ पर काम करता है, इसके पहले यह 6 गीगाहर्ट्ज़ पर काम करता है। अभी तक इस तकनीक को सेटलाइट और राडार सिस्टम के बीच में संपर्क के लिए इस्तेमाल किया जाता था,  हालाँकि मिलीमीटर वेव्स किसी भी <bdi>इमारत</bdi> या अन्य किसी ठोस वस्तु के बीच में से आसानी से पार नहीं जा सकती हैं, इसके कारण ही 5॰जी॰ को स्मॉल सेल्स का भी लाभ मिलता है।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.oneindia.com/news/india/know-about-5g-internet-387038.html|title=जानिए क्या है 5G इंटरनेट, 4G से 20 गुना ज्यादा है इसकी स्पीड|last=Singh|first=Rajeevkumar|date=2016-10-06|website=https://hindi.oneindia.com|language=hi|access-date=2019-11-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20190314184958/https://hindi.oneindia.com/news/india/know-about-5g-internet-387038.html|archive-date=14 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref> वर्तमान 4॰जी॰ नेटवर्क की तुलना में 100 गुना बेहतर प्रदान करने के लिए है। दुनिया की की ज़रूरतों में काफ़ी बदलाव आ रहा है । 5जी की आवश्यकता को माइक्रोवेव अवन 3.3 गीगाहर्ट्ज़-4.2 गीगाहर्ट्ज़ में नए स्पेक्ट्रम द्वारा पूरा किए जाने की उम्मीद है, और एम॰एम॰-वेव बैंड में उपलब्ध बड़े बैंडविड्थ का उपयोग करना, बड़े एंटीना सरणी और 3-डी॰एम॰ओ॰, नेटवर्क डेन्सिफ़िकेशन, और नए तरंग रूपों के माध्यम से स्वतंत्रता की स्थानिक डिग्री में वृद्धि, और नए तरंग रूप जो 5जी सेवाओं की अलग-अलग मांगों को पूरा करने के लिए स्केलेबिलिटी और लचीलापन प्रदान करते हैं। == 5॰जी॰ फ़ॉरम == ५॰जी॰ टेक्नोलॉजी के विकास के लिए ५॰जी॰ फ़ॉरम बड़े स्तर पर काम कर रही है। इन फ़ॉरम पर सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, वायरलेस कम्युनिकेशन एक्सपर्ट, मोबाइल हैंडसेट कम्पनियाँ, मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कम्पनियाँ, विभिन्न देशों क सरकारें आपसी समन्वय और सहयोग से काम कर रहे हैं। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:दूरसंचार]] [[श्रेणी:अंतरजाल]] tlamnmbcof529e58u95jahe0ytysogj किम जोंग उन 0 551911 6541807 6541362 2026-04-18T09:31:53Z Shishiop 920914 6541807 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder |name = किम जोंग उन |native_name = {{nobold|김정은}} |native_name_lang = ko |image = File:Kim Jong un 2018-4-27.jpg |caption = किम जोंग उन का चित्र |imagesize = |office = सर्वोच्च नेता <!-- DO NOT REPLACE TOP OFFICE WITH SEPARATE "SUPREME LEADER OF NORTH KOREA" AS THE CONSTITUTION FORMALLY DESIGNATES THE FIRST CHAIRMAN WITH THE TITLE "SUPREME LEADER" --> |deputy = किम योंग-चुन<br/>रि योंग-मू<br/>ओ रुक-र्योल |term_start = 13 अप्रैल 2012 |term_end = |predecessor = [[किम जोंग-इल|किम जोंग इल]] {{smaller|(अध्यक्ष)}} |successor = |office1 = कोरिया के कार्यकर्ताओं का प्रथम सचिव |deputy1 = किम योंग-नम<br/>चाए योंग-रिम<br/>चोए र्योंग-हाए<br/> रि योंग-हो |term_start1 = 11 April 2011 |term_end1 = |predecessor1 = [[किम जोंग-इल|किम जोंग इल]] {{smaller|(महासचिव)}} |successor1 = |office2 = कोइरियाई सेना के सर्वोच्च नेता |term_start2 = 30 दिसम्बर 2011 |term_end2 = |predecessor2 = [[किम जोंग-इल|किम जोंग इल]] |successor2 = |office3 = अध्यक्ष |deputy3 = चोए र्योंग-हाए<br/> रि योंग-हो |term_start3 = 11 अप्रैल 2012<br/>{{small|सक्रिय : 17 दिसम्बर 2011&nbsp;– 11 अप्रैल 2012}} |term_end3 = |predecessor3 = [[किम जोंग-इल|किम जोंग इल]] |successor3 = |office4 = 13वां सर्वोच्च नेता |constituency4 = 111वां पाएक्तुसन |term_start4 = 9 अप्रैल 2014 |term_end4 = |office5 = केन्द्रीय सेना का उपाध्यक्ष |leader5 = [[किम जोंग-इल|किम जोंग इल]] |alongside5 = रि योंग-हो |term_start5 = 28 सितम्बर 2010 |term_end5 = 11 अप्रैल 2012 |predecessor5 = ''स्थान तय'' |successor5 = चोए र्योंग-हाए<br/> रि योंग-हो |birth_date = 8 जनवरी 1984 {{nowrap|(उम्र {{age|1984|1|8}})}} |birth_place = प्योंगयांग, उत्तर कोरिया |death_date = |death_place = |nationality = |party = कोरिया का क्रमचारी |spouse = रि सोल-जु |children = किम जुअए |alma_mater = किम सुन विश्वविद्यालय<br/> |allegiance = {{flag|North Korea|name=डीपीआर कोरिया|size=23px}} |serviceyears = 2010 - वर्तमान |rank = [[File:Marshal of the DPRK rank insignia.svg|30px]] |commands = सर्वोच्च नेता |signature = KimJongUnSign.png }} '''किम जोंग उन''' ({{Lang-ko|김정은}}, {{IPA-ko|kim.dzɔŋ.ɯn}}; जन्म 8 जनवरी 1984) [[उत्तर कोरिया|उत्तरी कोरिया]] के सर्वोच्च नेता हैं। वे [[किम जोंग-इल|किम जोंग इल]] (1941–2011) के पुत्र हैं। और किम सुंग (1912–1994) के पोते है। इसने 28 दिसम्बर 2011 को अपने आपको तानाशाह बना लिया और उसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी। ==प्रारंभिक जीवन और शिक्षा== किम के प्रारंभिक जीवन से जुड़ी सभी जानकारी केवल उत्तर कोरिया के तानाशाह द्वारा या फिर उन लोगों के द्वारा ही मिली है, जिन्होंने उसे विदेशों में देखा हैं। जैसे कि स्विट्ज़रलैंड के विद्यालय में किम के द्वारा पढ़ने की घटना। उत्तर कोरिया के विभाग वाले किम के जन्म की तारीख 8 जनवरी 1982 है, बताते हैं। जबकि दक्षिण कोरिया का आधिकारिक विभाग इसे और बाद में है बोलता है। डेनिस रॉडमन ने कहा कि उसका जन्म 8 जनवरी 1984 को हुआ था और वे किम से सितम्बर 2013 को मिले थे। यह अपने तीन भाइयों में से दूसरा है।<ref name="Lee2012">{{cite news |title=Kim Jong-un’s sister is having a ball |url=http://koreajoongangdaily.joins.com/news/article/article.aspx?aid=2957573 |archive-date=16 अक्तूबर 2015 |work=Korea JoongAng Daily |date=8 August 2012 |last1=Lee |first1=Young-jong |last2=Kim |first2=Hee-jin |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20151016211015/http://koreajoongangdaily.joins.com/news/article/article.aspx?aid=2957573 |access-date=2 अप्रैल 2016 }}</ref> जापानी समाचार-पत्र में सबसे पहले प्रकाशित हुए एक सूचना के अनुसार किम ने स्विट्ज़रलैंड के ही एक विद्यालय में पढ़ाई की थी। वह उस विद्यालय में "चोल-पक" या "पक-चोल" नाम से 1993 से लेकर 1998 तक था।<ref>{{cite news |url=http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2009/06/01/AR2009060103750.html |work=The Washington Post |author=Blaine Harden |title=Son Named Heir to North Korea's Kim Studied in Switzerland, Reportedly Loves NBA |date=3 June 2009 |access-date=2 अप्रैल 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171224014448/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2009/06/01/AR2009060103750.html |archive-date=24 दिसंबर 2017 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/asia/northkorea/7810203/Rare-photos-of-Kim-Jong-ils-youngest-son-Kim-Jong-un-released.html |location=London |work=The Daily Telegraph |author=Peter Foster |title=Rare photos of Kim Jong-il's youngest son, Kim Jong-un, released |date=8 June 2010 |access-date=2 अप्रैल 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100611052037/http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/asia/northkorea/7810203/Rare-photos-of-Kim-Jong-ils-youngest-son-Kim-Jong-un-released.html |archive-date=11 जून 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=http://www.thesun.co.uk/sol/homepage/features/3245311/School-days-struggles-of-the-dictators-son-Kim-Jong-un.html |location=London |work=The Sun |first1=Allan |last1=Hall |title=Dim JongUn |date=25 November 2010 |access-date=2 अप्रैल 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101202063836/http://www.thesun.co.uk/sol/homepage/features/3245311/School-days-struggles-of-the-dictators-son-Kim-Jong-un.html |archive-date=2 दिसंबर 2010 |url-status=live }}</ref> जो एक शर्मीले लड़के व बास्केटबाल प्रेमी के रूप में वहाँ पढ़ाई कर रहा था।<ref name="Guardian2009">{{cite news |url=http://www.theguardian.com/world/2009/jun/02/kim-jong-il-names-son-successor |title=North Korean leader Kim Jong‑il ‘names youngest son as successor’ |agency=Associated Press |work=The Guardian |location=London |issn=0261-3077 |date=2 June 2009 |archive-date=16 अक्तूबर 2015 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20151016211014/http://www.theguardian.com/world/2009/jun/02/kim-jong-il-names-son-successor |access-date=2 अप्रैल 2016 }}</ref><ref name="Henckel2009">{{cite news |url=http://www.welt.de/welt_print/article3985896/Kim-Jong-un-und-sein-Unterricht-bei-den-Schweizern.html |title=Kim Jong-un und sein Unterricht bei den Schweizern |work=Die Welt |issn=0173-8437 |location=Berlin |first=Elisalex |last=Henckel |date=24 June 2009 |language=de |archive-date=27 जुलाई 2015 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150727053343/http://www.welt.de/welt_print/article3985896/Kim-Jong-un-und-sein-Unterricht-bei-den-Schweizern.html |access-date=2 अप्रैल 2016 }}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ<ref>{{Cite web|url=https://www.thewhyculture.com/people/kim-jong-un|title=Biography About Kim Jong-un|last=|first=|date=|website=|archive-url=https://web.archive.org/web/20190513190059/https://www.thewhyculture.com/people/kim-jong-un|archive-date=13 मई 2019|dead-url=|access-date=|url-status=dead}}</ref>== [[श्रेणी:उत्तरी कोरिया के राजनेता]] [[श्रेणी:1983 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:तानाशाह]] <references />[[No one can edit this except me|https://www.google.com/imgres?imgurl=https%3A%2F%2Fi.pinimg.com%2F736x%2F52%2Fb6%2Fc1%2F52b6c18a10128ea47c06c8adb8213157.jpg&tbnid=QIQfBHmjL40IrM&vet=1&imgrefurl=https%3A%2F%2Fwww.pinterest.com%2Fbelleclambert%2Fkim-jong-un-memes%2F&docid=w78Y5o4ibYU5_M&w=512&h=768&hl=en-IN&source=sh%2Fx%2Fim%2Fm1%2F4&kgs=ff23645875b9646d]]<hiero> https://www.google.com/imgres?imgurl=https%3A%2F%2Fi.pinimg.com%2F736x%2F52%2Fb6%2Fc1%2F52b6c18a10128ea47c06c8adb8213157.jpg&tbnid=QIQfBHmjL40IrM&vet=1&imgrefurl=https%3A%2F%2Fwww.pinterest.com%2Fbelleclambert%2Fkim-jong-un-memes%2F&docid=w78Y5o4ibYU5_M&w=512&h=768&hl=en-IN&source=sh%2Fx%2Fim%2Fm1%2F4&kgs=ff23645875b9646d </hiero> [[श्रेणी:उत्तरी कोरिया के लोग]] 3qnuvnbj7wv4pd8pmeqwt41fwslibd1 6541809 6541807 2026-04-18T09:43:53Z Shishiop 920914 सामग्री को " {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:उत्तरी कोरिया के राजनेता]] [[श्रेणी:1983 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:तानाशाह]] <references /> [[श्रेणी:उत्तरी कोरिया के लोग]]" में बदला 6541809 wikitext text/x-wiki {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:उत्तरी कोरिया के राजनेता]] [[श्रेणी:1983 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:तानाशाह]] <references /> [[श्रेणी:उत्तरी कोरिया के लोग]] duc1lrfut9mjgkarie2lx11g96sre4c 6541810 6541809 2026-04-18T09:44:49Z Shishiop 920914 6541810 wikitext text/x-wiki {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:उत्तरी कोरिया के राजनेता]] [[श्रेणी:1983 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:तानाशाह]] [[श्रेणी:उत्तरी कोरिया के लोग]] be4bje5bd116p0nincfbf3xa8kjdr9g क्रिएटिव कॉमन्स 0 558383 6541608 6205617 2026-04-17T15:08:35Z ~2026-23693-03 920825 6541608 wikitext text/x-wiki <ref>#</ref>[[चित्र:CreativeCommons logo trademark.svg|right|200px|thumb|क्रिएटिव कॉमन्स का प्रतीक चिह्न]] '''क्रिएटिव कॉमन्स''' (Creative Commons (CC)) एक [[लाभ निरपेक्ष संस्था|लाभनिरपेक्ष संस्था]] (non-profit) है जो ऐसे सर्जनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने का कार्य करती है जिनका उपयोग करते हुए दूसरे लोग नियमपूर्वक उसे आगे बढ़ा सकें। इसका मुख्यालय [[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया]] के माउण्टेन व्यू में स्थित है। इस संस्था ने जनता के निःशुल्क उपयोग के लिए 'क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स' नामक बहुत से कापीराइट लाइसेंस जारी किए हैं। == बाहरी कड़ियाँ== *[https://web.archive.org/web/20110222171212/http://creativecommons.org/ '''क्रिएटिव कॉमन्स''' का आधिकारिक जालस्थल] *[https://web.archive.org/web/20151029235710/https://wiki.creativecommons.org/ क्रिएटिव कॉमन्स विकि] (अंग्रेजी, रूसी, जर्मन आदि कई भाषाओं में) {{Authority control}} [[श्रेणी:लाभ निरपेक्ष संगठन]] {{आधार}} 2dqrnqe7q2qcvg3eifsdovo6lnfsnby 6541609 6541608 2026-04-17T15:10:16Z AMAN KUMAR 911487 [[Special:Contributions/~2026-23693-03|~2026-23693-03]] ([[User talk:~2026-23693-03|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6541608|6541608]] को पूर्ववत किया गया 6541609 wikitext text/x-wiki [[wikt:|wikt:]][[चित्र:CreativeCommons logo trademark.svg|right|200px|thumb|क्रिएटिव कॉमन्स का प्रतीक चिह्न]] '''क्रिएटिव कॉमन्स''' (Creative Commons (CC)) एक [[लाभ निरपेक्ष संस्था|लाभनिरपेक्ष संस्था]] (non-profit) है जो ऐसे सर्जनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने का कार्य करती है जिनका उपयोग करते हुए दूसरे लोग नियमपूर्वक उसे आगे बढ़ा सकें। इसका मुख्यालय [[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया]] के माउण्टेन व्यू में स्थित है। इस संस्था ने जनता के निःशुल्क उपयोग के लिए 'क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स' नामक बहुत से कापीराइट लाइसेंस जारी किए हैं। == बाहरी कड़ियाँ== *[https://web.archive.org/web/20110222171212/http://creativecommons.org/ '''क्रिएटिव कॉमन्स''' का आधिकारिक जालस्थल] *[https://web.archive.org/web/20151029235710/https://wiki.creativecommons.org/ क्रिएटिव कॉमन्स विकि] (अंग्रेजी, रूसी, जर्मन आदि कई भाषाओं में) {{Authority control}} [[श्रेणी:लाभ निरपेक्ष संगठन]] {{आधार}} 3s7o2o3dmnjjkmqbfpyckqecw717454 6541610 6541609 2026-04-17T15:11:50Z AMAN KUMAR 911487 अतिरिक्त [[wikt:|wikt:]] 6541610 wikitext text/x-wiki [[चित्र:CreativeCommons logo trademark.svg|right|200px|thumb|क्रिएटिव कॉमन्स का प्रतीक चिह्न]] '''क्रिएटिव कॉमन्स''' (Creative Commons (CC)) एक [[लाभ निरपेक्ष संस्था|लाभनिरपेक्ष संस्था]] (non-profit) है जो ऐसे सर्जनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने का कार्य करती है जिनका उपयोग करते हुए दूसरे लोग नियमपूर्वक उसे आगे बढ़ा सकें। इसका मुख्यालय [[कैलिफ़ोर्निया|कैलिफोर्निया]] के माउण्टेन व्यू में स्थित है। इस संस्था ने जनता के निःशुल्क उपयोग के लिए 'क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स' नामक बहुत से कापीराइट लाइसेंस जारी किए हैं। == बाहरी कड़ियाँ== *[https://web.archive.org/web/20110222171212/http://creativecommons.org/ '''क्रिएटिव कॉमन्स''' का आधिकारिक जालस्थल] *[https://web.archive.org/web/20151029235710/https://wiki.creativecommons.org/ क्रिएटिव कॉमन्स विकि] (अंग्रेजी, रूसी, जर्मन आदि कई भाषाओं में) {{Authority control}} [[श्रेणी:लाभ निरपेक्ष संगठन]] {{आधार}} 9bnunfk29jrsjkzdhxish5svtwtrgp2 कीर्तिवर्धन सिंह 0 594190 6541614 6541573 2026-04-17T15:24:50Z अनुनाद सिंह 1634 6541614 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = श्री कीर्तिवर्धन सिंह (राजा भैया) | image = Kirtivardhan Singh assuming charge as the Minister of State of Environment, Forest and Climate Change.jpg | caption = | office = सांसद - [[गोंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|गोंडा]], [[उत्तर प्रदेश]] | predecessor = | successor = | term = 2024 | order1 = | office1 = केंद्रीय मंत्रिमंडल में वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन व विदेश राज्यमंत्री | predecessor1 = | successor1 = | term1 = | birth_place = लखनऊ | birth_date = 01 मार्च 1966 (58 वर्ष) | death_date = | alma_mater = लखनऊ विश्वविद्यालय | nationality = भारतीय | religion = हिंदू | राजनीतिक दल- = भारतीय जनता पार्टी (2014-वर्तमान) | अन्य राजनीतिक संबद्धताएं- = समाजवादी पार्टी (1998-2009,2012-2014) बहुजन समाज पार्टी (2009-2012) }} '''कीर्तिवर्धन सिंह''' (जन्म : ) [[भारत]] की [[सोलहवीं लोक सभा|सोलहवीं लोकसभा]], [[सत्रहवीं लोक सभा|सत्रहवीं लोकसभा]] व [[भारतीय आम चुनाव, 2024|अट्ठारहवीं लोकसभा]] के लगातार तीसरी बार [[१७वीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|सांसद]] हैं। [[भारतीय आम चुनाव, 2024|2024 के चुनावों]] में वे उत्तर प्रदेश की [[गोंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|गोंडा]] सीट से [[भारतीय जनता पार्टी]] के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.oneindia.com/gonda-lok-sabha-election-result-475/|title=गोंडा लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 लाइव: गोंडा सांसद, निर्वाचन क्षेत्र का विवरण, उम्मीदवारों की सूची - Oneindia Hindi|website=hindi.oneindia.com|language=hi|access-date=24 January 2021}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://khabar.ndtv.com/elections/lok-sabha-election-candidates-list-2019/kirti-vardhan-singh-alias-raja-bhaiya-24059-1|title=Kirti Vardhan Singh Alias Raja Bhaiya News: जानिए कीर्ति वर्धन सिंह उर्फ राजा भैया के लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के बारे मैं - NDTV India|website=khabar.ndtv.com|access-date=24 January 2021}}</ref> कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान [[नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्रित्व|एनडीए]] (मोदी 3.0) में [https://igod.gov.in/organization/H84zv3QBGZk0jujBKgGW केंद्रीय राज्यमंत्री वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन] व [[विदेश राज्यमंत्री, भारत सरकार|केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं। वे १२वीं लोकसभा (1998-1999) तथा १४वीं लोकसभा (2004-2009) के भी सदस्य रहे। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} {{आधार}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20141006112328/http://india.gov.in/hi/my-government/indian-parliament/lok-sabha भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर सांसदों के बारे में संक्षिप्त जानकारी] [[श्रेणी:१७वीं लोक सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के सांसद]] [[श्रेणी:भारतीय जनता पार्टी के सांसद]] [[श्रेणी:1966 में जन्मे लोग]] hrup1vgazmah6gim04bth4ebzwakdnk 6541624 6541614 2026-04-17T15:48:29Z Hindustanilanguage 39545 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य]] जोड़ी 6541624 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = श्री कीर्तिवर्धन सिंह (राजा भैया) | image = Kirtivardhan Singh assuming charge as the Minister of State of Environment, Forest and Climate Change.jpg | caption = | office = सांसद - [[गोंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|गोंडा]], [[उत्तर प्रदेश]] | predecessor = | successor = | term = 2024 | order1 = | office1 = केंद्रीय मंत्रिमंडल में वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन व विदेश राज्यमंत्री | predecessor1 = | successor1 = | term1 = | birth_place = लखनऊ | birth_date = 01 मार्च 1966 (58 वर्ष) | death_date = | alma_mater = लखनऊ विश्वविद्यालय | nationality = भारतीय | religion = हिंदू | राजनीतिक दल- = भारतीय जनता पार्टी (2014-वर्तमान) | अन्य राजनीतिक संबद्धताएं- = समाजवादी पार्टी (1998-2009,2012-2014) बहुजन समाज पार्टी (2009-2012) }} '''कीर्तिवर्धन सिंह''' (जन्म : ) [[भारत]] की [[सोलहवीं लोक सभा|सोलहवीं लोकसभा]], [[सत्रहवीं लोक सभा|सत्रहवीं लोकसभा]] व [[भारतीय आम चुनाव, 2024|अट्ठारहवीं लोकसभा]] के लगातार तीसरी बार [[१७वीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|सांसद]] हैं। [[भारतीय आम चुनाव, 2024|2024 के चुनावों]] में वे उत्तर प्रदेश की [[गोंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|गोंडा]] सीट से [[भारतीय जनता पार्टी]] के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.oneindia.com/gonda-lok-sabha-election-result-475/|title=गोंडा लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 लाइव: गोंडा सांसद, निर्वाचन क्षेत्र का विवरण, उम्मीदवारों की सूची - Oneindia Hindi|website=hindi.oneindia.com|language=hi|access-date=24 January 2021}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://khabar.ndtv.com/elections/lok-sabha-election-candidates-list-2019/kirti-vardhan-singh-alias-raja-bhaiya-24059-1|title=Kirti Vardhan Singh Alias Raja Bhaiya News: जानिए कीर्ति वर्धन सिंह उर्फ राजा भैया के लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के बारे मैं - NDTV India|website=khabar.ndtv.com|access-date=24 January 2021}}</ref> कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान [[नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्रित्व|एनडीए]] (मोदी 3.0) में [https://igod.gov.in/organization/H84zv3QBGZk0jujBKgGW केंद्रीय राज्यमंत्री वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन] व [[विदेश राज्यमंत्री, भारत सरकार|केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं। वे १२वीं लोकसभा (1998-1999) तथा १४वीं लोकसभा (2004-2009) के भी सदस्य रहे। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} {{आधार}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20141006112328/http://india.gov.in/hi/my-government/indian-parliament/lok-sabha भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर सांसदों के बारे में संक्षिप्त जानकारी] [[श्रेणी:१७वीं लोक सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के सांसद]] [[श्रेणी:भारतीय जनता पार्टी के सांसद]] [[श्रेणी:1966 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य]] 6o6kz1oh9heuw3byg8p7o4gj581jbd4 6541625 6541624 2026-04-17T15:48:52Z Hindustanilanguage 39545 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:१८वीं लोक सभा के सदस्य]] जोड़ी 6541625 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = श्री कीर्तिवर्धन सिंह (राजा भैया) | image = Kirtivardhan Singh assuming charge as the Minister of State of Environment, Forest and Climate Change.jpg | caption = | office = सांसद - [[गोंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|गोंडा]], [[उत्तर प्रदेश]] | predecessor = | successor = | term = 2024 | order1 = | office1 = केंद्रीय मंत्रिमंडल में वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन व विदेश राज्यमंत्री | predecessor1 = | successor1 = | term1 = | birth_place = लखनऊ | birth_date = 01 मार्च 1966 (58 वर्ष) | death_date = | alma_mater = लखनऊ विश्वविद्यालय | nationality = भारतीय | religion = हिंदू | राजनीतिक दल- = भारतीय जनता पार्टी (2014-वर्तमान) | अन्य राजनीतिक संबद्धताएं- = समाजवादी पार्टी (1998-2009,2012-2014) बहुजन समाज पार्टी (2009-2012) }} '''कीर्तिवर्धन सिंह''' (जन्म : ) [[भारत]] की [[सोलहवीं लोक सभा|सोलहवीं लोकसभा]], [[सत्रहवीं लोक सभा|सत्रहवीं लोकसभा]] व [[भारतीय आम चुनाव, 2024|अट्ठारहवीं लोकसभा]] के लगातार तीसरी बार [[१७वीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|सांसद]] हैं। [[भारतीय आम चुनाव, 2024|2024 के चुनावों]] में वे उत्तर प्रदेश की [[गोंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|गोंडा]] सीट से [[भारतीय जनता पार्टी]] के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.oneindia.com/gonda-lok-sabha-election-result-475/|title=गोंडा लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 लाइव: गोंडा सांसद, निर्वाचन क्षेत्र का विवरण, उम्मीदवारों की सूची - Oneindia Hindi|website=hindi.oneindia.com|language=hi|access-date=24 January 2021}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://khabar.ndtv.com/elections/lok-sabha-election-candidates-list-2019/kirti-vardhan-singh-alias-raja-bhaiya-24059-1|title=Kirti Vardhan Singh Alias Raja Bhaiya News: जानिए कीर्ति वर्धन सिंह उर्फ राजा भैया के लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के बारे मैं - NDTV India|website=khabar.ndtv.com|access-date=24 January 2021}}</ref> कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान [[नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्रित्व|एनडीए]] (मोदी 3.0) में [https://igod.gov.in/organization/H84zv3QBGZk0jujBKgGW केंद्रीय राज्यमंत्री वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन] व [[विदेश राज्यमंत्री, भारत सरकार|केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं। वे १२वीं लोकसभा (1998-1999) तथा १४वीं लोकसभा (2004-2009) के भी सदस्य रहे। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} {{आधार}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20141006112328/http://india.gov.in/hi/my-government/indian-parliament/lok-sabha भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर सांसदों के बारे में संक्षिप्त जानकारी] [[श्रेणी:१७वीं लोक सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के सांसद]] [[श्रेणी:भारतीय जनता पार्टी के सांसद]] [[श्रेणी:1966 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:१८वीं लोक सभा के सदस्य]] pnk2p6bed3cg1e3i7ctxa00es8xcqqh 6541626 6541625 2026-04-17T15:50:04Z Hindustanilanguage 39545 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:लखनऊ के लोग]] जोड़ी 6541626 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = श्री कीर्तिवर्धन सिंह (राजा भैया) | image = Kirtivardhan Singh assuming charge as the Minister of State of Environment, Forest and Climate Change.jpg | caption = | office = सांसद - [[गोंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|गोंडा]], [[उत्तर प्रदेश]] | predecessor = | successor = | term = 2024 | order1 = | office1 = केंद्रीय मंत्रिमंडल में वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन व विदेश राज्यमंत्री | predecessor1 = | successor1 = | term1 = | birth_place = लखनऊ | birth_date = 01 मार्च 1966 (58 वर्ष) | death_date = | alma_mater = लखनऊ विश्वविद्यालय | nationality = भारतीय | religion = हिंदू | राजनीतिक दल- = भारतीय जनता पार्टी (2014-वर्तमान) | अन्य राजनीतिक संबद्धताएं- = समाजवादी पार्टी (1998-2009,2012-2014) बहुजन समाज पार्टी (2009-2012) }} '''कीर्तिवर्धन सिंह''' (जन्म : ) [[भारत]] की [[सोलहवीं लोक सभा|सोलहवीं लोकसभा]], [[सत्रहवीं लोक सभा|सत्रहवीं लोकसभा]] व [[भारतीय आम चुनाव, 2024|अट्ठारहवीं लोकसभा]] के लगातार तीसरी बार [[१७वीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|सांसद]] हैं। [[भारतीय आम चुनाव, 2024|2024 के चुनावों]] में वे उत्तर प्रदेश की [[गोंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|गोंडा]] सीट से [[भारतीय जनता पार्टी]] के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.oneindia.com/gonda-lok-sabha-election-result-475/|title=गोंडा लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 लाइव: गोंडा सांसद, निर्वाचन क्षेत्र का विवरण, उम्मीदवारों की सूची - Oneindia Hindi|website=hindi.oneindia.com|language=hi|access-date=24 January 2021}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://khabar.ndtv.com/elections/lok-sabha-election-candidates-list-2019/kirti-vardhan-singh-alias-raja-bhaiya-24059-1|title=Kirti Vardhan Singh Alias Raja Bhaiya News: जानिए कीर्ति वर्धन सिंह उर्फ राजा भैया के लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के बारे मैं - NDTV India|website=khabar.ndtv.com|access-date=24 January 2021}}</ref> कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान [[नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्रित्व|एनडीए]] (मोदी 3.0) में [https://igod.gov.in/organization/H84zv3QBGZk0jujBKgGW केंद्रीय राज्यमंत्री वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन] व [[विदेश राज्यमंत्री, भारत सरकार|केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं। वे १२वीं लोकसभा (1998-1999) तथा १४वीं लोकसभा (2004-2009) के भी सदस्य रहे। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} {{आधार}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20141006112328/http://india.gov.in/hi/my-government/indian-parliament/lok-sabha भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर सांसदों के बारे में संक्षिप्त जानकारी] [[श्रेणी:१७वीं लोक सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के सांसद]] [[श्रेणी:भारतीय जनता पार्टी के सांसद]] [[श्रेणी:1966 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:१८वीं लोक सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:लखनऊ के लोग]] r0q2m1r5dniju6igk3zuyvt3kvtvst7 रामपाल (हरियाणा) 0 722232 6541760 6537900 2026-04-18T04:57:40Z ~2026-23800-93 920889 नाम को विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार ‘संत रामपाल जी महाराज’ में संशोधित किया गया है।” 6541760 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = रामपाल | birth_name = रामपाल सिंह जाटयान | other_names = रामपाल दास | image = Spiritual Leader Jagatguru Saint Rampal Ji Maharaj.jpg | alt = | caption = रामपाल | birth_date = {{birth date and age|1951|09|08}} | birth_place = [[धनाना]], [[सोनीपत ज़िला|सोनीपत]], [[हरियाणा]], भारत | nationality = भारतीय | occupation = धार्मिक नेता, [[सतलोक आश्रम]] के संस्थापक | known_for = [[कबीर पंथ]] से प्रेरित संप्रदाय की स्थापना | website = }} '''संत रामपाल जी महाराज''' (जन्म: 8 सितंबर 1951), जिन्हें '''रामपाल दास''' के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय धार्मिक नेता और [[कबीर पंथ]] से प्रेरित एक संप्रदाय के संस्थापक हैं। वे [[हरियाणा]] के [[हिसार ज़िला|हिसार]] क्षेत्र में स्थित [[सतलोक आश्रम]] के संस्थापक हैं। रामपाल कबीर को सर्वोच्च ईश्वर (परमात्मा) मानते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-30110868|title=Rampal: How did an engineer become a revered guru?|date=2014-11-19|work=BBC News|access-date=2026-04-09|language=en-GB}}</ref> नवंबर 2014 में पुलिस के साथ एक हिंसक गतिरोध के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और 2018 में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अप्रैल 2026 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से उन्हें कुछ मामलों में जमानत और सजा से राहत मिली है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/controversial-self-styled-godman-rampal-gets-bail-in-sedition-case-to-be-released-after-over-a-decade-10625318/|title=Controversial self-styled godman Rampal gets bail in sedition case; to be released after over a decade|date=2026-04-08|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> == प्रारंभिक जीवन == रामपाल का जन्म 8 सितंबर 1951 को [[हरियाणा]] के [[सोनीपत ज़िला|सोनीपत]] जिले के [[धनाना]] गाँव में हुआ था। शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात वे [[हरियाणा सरकार]] के सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता (Junior Engineer) के पद पर कार्यरत हुए।<ref>{{Cite news|url=https://www.ndtv.com/india-news/from-junior-engineer-to-godman-the-rise-arrest-and-fall-of-rampal-1930510|title=From Junior Engineer To Godman: The Rise, Arrest And Fall Of Rampal|work=www.ndtv.com|access-date=2026-04-09|language=en}}</ref> वे बचपन से ही हिंदू देवी-देवताओं के उपासक थे। 1988 में उनकी मुलाकात एक गरीबदासीय कबीर पंथी गुरु, स्वामी रामदेवानंद से हुई। रामदेवानंद ने उन्हें समझाया कि पारंपरिक हिंदू धार्मिक अभ्यास [[श्रीमद्भगवद्गीता]] और अन्य धर्मग्रंथों के अनुकूल नहीं हैं। इसके बाद 17 फरवरी 1988 को रामपाल ने स्वामी रामदेवानंद से दीक्षा ली। 1994 में रामदेवानंद ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया।<ref>{{Cite news|url=https://hindi.news18.com/news/haryana/hisar-sant-rampal-story-is-just-like-a-character-of-bollywood-file-spl-hrrm-1544459.html|title=कभी जूनियर इंजीनियर था रामपाल, खुद को बताता था संत कबीर का अवतार|work=News18 हिंदी|access-date=2026-04-09|language=hi-IN}}</ref> 1995 में रामपाल ने अपने अभियंता पद से इस्तीफा दे दिया (जो 2000 में स्वीकृत हुआ) और [[करौथा]] (रोहतक) में 'सतलोक आश्रम' की स्थापना की। == शिक्षा और नियम == रामपाल अपने अनुयायियों को [[कबीर]] को सर्वोच्च परमात्मा मानकर उनकी पूजा करने का उपदेश देते हैं। उन्होंने अपने अनुयायियों के लिए कुछ सख्त नियम (भक्ति मर्यादा) निर्धारित किए हैं, जिनमें मुख्य हैं:<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/news/national-rampals-rules-for-his-blessings-11797486.html|title=गुरु दीक्षा के नाम पर रामपाल के थे 11 अजीबो गरीब नियम - Rampal's rules for his 'blessings'|website=Jagran|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> * किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ (बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, शराब, गांजा) का सेवन न करना। * मांस और अंडे का सेवन वर्जित है। * जुआ खेलना, चोरी और ठगी न करना। * [[मृत्युभोज]], [[दहेज प्रथा]], दिखावा, मुंडन, और [[मूर्तिपूजा]] का निषेध। * केवल एक कबीर परमात्मा की पूजा करना, हालांकि अन्य सभी देवताओं का सम्मान करना। रामपाल ने अपने धार्मिक विचारों को फैलाने के लिए कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें ''ज्ञान गंगा'', ''जीने की राह'', और ''गीता तेरा ज्ञान अमृत'' प्रमुख हैं। == विवाद और कानूनी मामले == '''करौथा आश्रम विवाद (2006)''' सन् 2006 में रामपाल ने [[आर्य समाज]] के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा रचित पुस्तक [[सत्यार्थ प्रकाश]] के कुछ भागों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की थी। इसके विरोध में 12 जुलाई 2006 को आर्य समाज के समर्थकों ने करौथा के सतलोक आश्रम का घेराव किया।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rohtak-clash-sant-rampal-triggered-it/articleshow/20021686.cms|title=Rohtak clash: Sant Rampal triggered it|date=2013-05-13|work=The Times of India|access-date=2026-04-09|issn=0971-8257}}</ref> दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इस मामले में रामपाल पर हत्या का मामला दर्ज हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2008 में उन्हें जमानत मिल गई। 20 दिसंबर 2022 को रोहतक की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में रामपाल सहित 23 आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/india/news/story/satlok-ashram-saint-rampal-acquitted-of-the-case-rohtak-haryana-lclg-1598780-2022-12-20|title=सतलोक आश्रम हिंसा केस: संत रामपाल सहित 23 आरोपी हुए बरी, भाई महेंद्र दास पर चलेगा मामला|date=2022-12-20|website=AajTak|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> '''बरवाला आश्रम गतिरोध (2014)''' नवंबर 2014 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अवमानना के एक मामले में रामपाल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने [[बरवाला, हिसार|बरवाला]] स्थित सतलोक आश्रम पहुँची, तो उनके हजारों समर्थकों ने आश्रम को घेर लिया और पुलिस के साथ हिंसक गतिरोध हुआ। इस घटना में पांच महिलाओं और एक बच्चे की मृत्यु हो गई। 19 नवंबर 2014 को रामपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-30110369|title=Indian Guru Rampal arrested after deadly ashram clashes|date=2014-11-19|work=BBC News|access-date=2026-04-09|language=en-GB}}</ref> '''न्यायालयीन फैसले''' * '''अगस्त 2017:''' हिसार न्यायालय ने रामपाल को बंधक बनाने के दो आपराधिक मामलों (एफआईआर 426 और 427) में बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.india.com/news/india/self-styled-godman-rampal-acquitted-in-two-criminal-cases-2433988/|title=Self-styled Godman Rampal Acquitted in Two Criminal Cases {{!}} India.com|website=www.india.com|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अक्टूबर 2018:''' हिसार कोर्ट ने रामपाल और उनके अनुयायियों को बरवाला आश्रम हिंसा मामले (एफआईआर 429 और 430) में हत्या का दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/sant-rampal-14-others-sentenced-to-life-for-murder-of-four-women/article61523278.ece|title=Sant Rampal, 14 others sentenced to life for murder of four women|last=Kumar|first=Ashok|date=2018-10-16|work=The Hindu|access-date=2026-04-09|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> * '''जुलाई 2021:''' ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में अदालत ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/india/haryana/story/satlok-ashram-rampal-case-updates-hisar-court-aquitted-rampal-and-4-others-in-drugs-and-cosmetics-case-ntc-1298232-2021-07-27|title=हरियाणाः हिसार कोर्ट ने इस मामले में रामपाल समेत 5 को बरी किया, 7 साल पहले हुए थे गिरफ्तार|date=2021-07-27|website=AajTak|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अगस्त 2025:''' पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि रामपाल लगभग 10 वर्ष जेल में बिता चुके हैं और साक्ष्यों में संदेह है, उनकी उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/hc-suspends-death-penalty-of-rampal-in-2014-violence-case-101757013339754.html|title=HC suspends death penalty of Rampal in 2014 violence case|date=2025-09-05|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अप्रैल 2026:''' देशद्रोह के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी, जिससे उनकी जेल से रिहाई का मार्ग प्रशस्त हुआ। == सामाजिक कार्य == रामपाल और उनके अनुयायियों द्वारा 'अन्नपूर्णा मुहिम' नामक एक राहत अभियान चलाया जाता है, जिसके तहत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं वितरित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में आई बाढ़ के दौरान उनके संगठन ने बाढ़ राहत कार्यों में हिस्सा लिया, जिसमें जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप और पाइपलाइन उपलब्ध कराना शामिल था। इन राहत और सेवा कार्यों के लिए उन्हें कई स्थानीय ग्राम पंचायतों, खाप और किसान संगठनों द्वारा सम्मानित किया गया है। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1951 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:हरियाणा के लोग]] nz38tt85m76bpzhwe29t7tl882r8qaw 6541761 6541760 2026-04-18T05:13:39Z ~2026-23736-45 920891 नाम को विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार ‘संत रामपाल जी महाराज’ में संशोधित किया गया है।” 6541761 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = संत रामपाल जी | birth_name = रामपाल सिंह जाटयान | other_names = रामपाल दास | image = Spiritual Leader Jagatguru Saint Rampal Ji Maharaj.jpg | alt = | caption = संत रामपाल | birth_date = {{birth date and age|1951|09|08}} | birth_place = [[धनाना]], [[सोनीपत ज़िला|सोनीपत]], [[हरियाणा]], भारत | nationality = भारतीय | occupation = धार्मिक नेता, [[सतलोक आश्रम]] के संस्थापक | known_for = [[कबीर पंथ]] से प्रेरित संप्रदाय की स्थापना | website =Jagatgururampalji.org }} '''संत रामपाल जी महाराज''' (जन्म: 8 सितंबर 1951), जिन्हें '''रामपाल दास''' के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय धार्मिक नेता और [[कबीर पंथ]] से प्रेरित एक संप्रदाय के संस्थापक हैं। वे [[हरियाणा]] के [[हिसार ज़िला|हिसार]] क्षेत्र में स्थित [[सतलोक आश्रम]] के संस्थापक हैं। रामपाल कबीर को सर्वोच्च ईश्वर (परमात्मा) मानते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-30110868|title=Rampal: How did an engineer become a revered guru?|date=2014-11-19|work=BBC News|access-date=2026-04-09|language=en-GB}}</ref> नवंबर 2014 में पुलिस के साथ एक हिंसक गतिरोध के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और 2018 में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अप्रैल 2026 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से उन्हें कुछ मामलों में जमानत और सजा से राहत मिली है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/controversial-self-styled-godman-rampal-gets-bail-in-sedition-case-to-be-released-after-over-a-decade-10625318/|title=Controversial self-styled godman Rampal gets bail in sedition case; to be released after over a decade|date=2026-04-08|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> == प्रारंभिक जीवन == रामपाल का जन्म 8 सितंबर 1951 को [[हरियाणा]] के [[सोनीपत ज़िला|सोनीपत]] जिले के [[धनाना]] गाँव में हुआ था। शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात वे [[हरियाणा सरकार]] के सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता (Junior Engineer) के पद पर कार्यरत हुए।<ref>{{Cite news|url=https://www.ndtv.com/india-news/from-junior-engineer-to-godman-the-rise-arrest-and-fall-of-rampal-1930510|title=From Junior Engineer To Godman: The Rise, Arrest And Fall Of Rampal|work=www.ndtv.com|access-date=2026-04-09|language=en}}</ref> वे बचपन से ही हिंदू देवी-देवताओं के उपासक थे। 1988 में उनकी मुलाकात एक गरीबदासीय कबीर पंथी गुरु, स्वामी रामदेवानंद से हुई। रामदेवानंद ने उन्हें समझाया कि पारंपरिक हिंदू धार्मिक अभ्यास [[श्रीमद्भगवद्गीता]] और अन्य धर्मग्रंथों के अनुकूल नहीं हैं। इसके बाद 17 फरवरी 1988 को रामपाल ने स्वामी रामदेवानंद से दीक्षा ली। 1994 में रामदेवानंद ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया।<ref>{{Cite news|url=https://hindi.news18.com/news/haryana/hisar-sant-rampal-story-is-just-like-a-character-of-bollywood-file-spl-hrrm-1544459.html|title=कभी जूनियर इंजीनियर था रामपाल, खुद को बताता था संत कबीर का अवतार|work=News18 हिंदी|access-date=2026-04-09|language=hi-IN}}</ref> 1995 में रामपाल ने अपने अभियंता पद से इस्तीफा दे दिया (जो 2000 में स्वीकृत हुआ) और [[करौथा]] (रोहतक) में 'सतलोक आश्रम' की स्थापना की। == शिक्षा और नियम == रामपाल अपने अनुयायियों को [[कबीर]] को सर्वोच्च परमात्मा मानकर उनकी पूजा करने का उपदेश देते हैं। उन्होंने अपने अनुयायियों के लिए कुछ सख्त नियम (भक्ति मर्यादा) निर्धारित किए हैं, जिनमें मुख्य हैं:<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/news/national-rampals-rules-for-his-blessings-11797486.html|title=गुरु दीक्षा के नाम पर रामपाल के थे 11 अजीबो गरीब नियम - Rampal's rules for his 'blessings'|website=Jagran|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> * किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ (बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, शराब, गांजा) का सेवन न करना। * मांस और अंडे का सेवन वर्जित है। * जुआ खेलना, चोरी और ठगी न करना। * [[मृत्युभोज]], [[दहेज प्रथा]], दिखावा, मुंडन, और [[मूर्तिपूजा]] का निषेध। * केवल एक कबीर परमात्मा की पूजा करना, हालांकि अन्य सभी देवताओं का सम्मान करना। रामपाल ने अपने धार्मिक विचारों को फैलाने के लिए कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें ''ज्ञान गंगा'', ''जीने की राह'', और ''गीता तेरा ज्ञान अमृत'' प्रमुख हैं। == विवाद और कानूनी मामले == '''करौथा आश्रम विवाद (2006)''' सन् 2006 में रामपाल ने [[आर्य समाज]] के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा रचित पुस्तक [[सत्यार्थ प्रकाश]] के कुछ भागों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की थी। इसके विरोध में 12 जुलाई 2006 को आर्य समाज के समर्थकों ने करौथा के सतलोक आश्रम का घेराव किया।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rohtak-clash-sant-rampal-triggered-it/articleshow/20021686.cms|title=Rohtak clash: Sant Rampal triggered it|date=2013-05-13|work=The Times of India|access-date=2026-04-09|issn=0971-8257}}</ref> दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इस मामले में रामपाल पर हत्या का मामला दर्ज हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2008 में उन्हें जमानत मिल गई। 20 दिसंबर 2022 को रोहतक की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में रामपाल सहित 23 आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/india/news/story/satlok-ashram-saint-rampal-acquitted-of-the-case-rohtak-haryana-lclg-1598780-2022-12-20|title=सतलोक आश्रम हिंसा केस: संत रामपाल सहित 23 आरोपी हुए बरी, भाई महेंद्र दास पर चलेगा मामला|date=2022-12-20|website=AajTak|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> '''बरवाला आश्रम गतिरोध (2014)''' नवंबर 2014 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अवमानना के एक मामले में रामपाल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने [[बरवाला, हिसार|बरवाला]] स्थित सतलोक आश्रम पहुँची, तो उनके हजारों समर्थकों ने आश्रम को घेर लिया और पुलिस के साथ हिंसक गतिरोध हुआ। इस घटना में पांच महिलाओं और एक बच्चे की मृत्यु हो गई। 19 नवंबर 2014 को रामपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-30110369|title=Indian Guru Rampal arrested after deadly ashram clashes|date=2014-11-19|work=BBC News|access-date=2026-04-09|language=en-GB}}</ref> '''न्यायालयीन फैसले''' * '''अगस्त 2017:''' हिसार न्यायालय ने रामपाल को बंधक बनाने के दो आपराधिक मामलों (एफआईआर 426 और 427) में बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.india.com/news/india/self-styled-godman-rampal-acquitted-in-two-criminal-cases-2433988/|title=Self-styled Godman Rampal Acquitted in Two Criminal Cases {{!}} India.com|website=www.india.com|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अक्टूबर 2018:''' हिसार कोर्ट ने रामपाल और उनके अनुयायियों को बरवाला आश्रम हिंसा मामले (एफआईआर 429 और 430) में हत्या का दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/sant-rampal-14-others-sentenced-to-life-for-murder-of-four-women/article61523278.ece|title=Sant Rampal, 14 others sentenced to life for murder of four women|last=Kumar|first=Ashok|date=2018-10-16|work=The Hindu|access-date=2026-04-09|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> * '''जुलाई 2021:''' ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में अदालत ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/india/haryana/story/satlok-ashram-rampal-case-updates-hisar-court-aquitted-rampal-and-4-others-in-drugs-and-cosmetics-case-ntc-1298232-2021-07-27|title=हरियाणाः हिसार कोर्ट ने इस मामले में रामपाल समेत 5 को बरी किया, 7 साल पहले हुए थे गिरफ्तार|date=2021-07-27|website=AajTak|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अगस्त 2025:''' पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि रामपाल लगभग 10 वर्ष जेल में बिता चुके हैं और साक्ष्यों में संदेह है, उनकी उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/hc-suspends-death-penalty-of-rampal-in-2014-violence-case-101757013339754.html|title=HC suspends death penalty of Rampal in 2014 violence case|date=2025-09-05|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अप्रैल 2026:''' देशद्रोह के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी, जिससे उनकी जेल से रिहाई का मार्ग प्रशस्त हुआ। == सामाजिक कार्य == रामपाल और उनके अनुयायियों द्वारा 'अन्नपूर्णा मुहिम' नामक एक राहत अभियान चलाया जाता है, जिसके तहत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं वितरित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में आई बाढ़ के दौरान उनके संगठन ने बाढ़ राहत कार्यों में हिस्सा लिया, जिसमें जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप और पाइपलाइन उपलब्ध कराना शामिल था। इन राहत और सेवा कार्यों के लिए उन्हें कई स्थानीय ग्राम पंचायतों, खाप और किसान संगठनों द्वारा सम्मानित किया गया है। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1951 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:हरियाणा के लोग]] o4w9p7balfxyvkd89sro37fa9s0czy8 6541762 6541761 2026-04-18T05:24:40Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] ([[सदस्य वार्ता:AMAN KUMAR|वार्ता]]) के अवतरण 6537900 पर पुनर्स्थापित : प्रचार 6541762 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = रामपाल | birth_name = रामपाल सिंह जाटयान | other_names = रामपाल दास | image = Spiritual Leader Jagatguru Saint Rampal Ji Maharaj.jpg | alt = | caption = रामपाल | birth_date = {{birth date and age|1951|09|08}} | birth_place = [[धनाना]], [[सोनीपत ज़िला|सोनीपत]], [[हरियाणा]], भारत | nationality = भारतीय | occupation = धार्मिक नेता, [[सतलोक आश्रम]] के संस्थापक | known_for = [[कबीर पंथ]] से प्रेरित संप्रदाय की स्थापना | website = }} '''रामपाल''' (जन्म: 8 सितंबर 1951), जिन्हें '''रामपाल दास''' के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय धार्मिक नेता और [[कबीर पंथ]] से प्रेरित एक संप्रदाय के संस्थापक हैं। वे [[हरियाणा]] के [[हिसार ज़िला|हिसार]] क्षेत्र में स्थित [[सतलोक आश्रम]] के संस्थापक हैं। रामपाल कबीर को सर्वोच्च ईश्वर (परमात्मा) मानते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-30110868|title=Rampal: How did an engineer become a revered guru?|date=2014-11-19|work=BBC News|access-date=2026-04-09|language=en-GB}}</ref> नवंबर 2014 में पुलिस के साथ एक हिंसक गतिरोध के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और 2018 में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अप्रैल 2026 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से उन्हें कुछ मामलों में जमानत और सजा से राहत मिली है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/controversial-self-styled-godman-rampal-gets-bail-in-sedition-case-to-be-released-after-over-a-decade-10625318/|title=Controversial self-styled godman Rampal gets bail in sedition case; to be released after over a decade|date=2026-04-08|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> == प्रारंभिक जीवन == रामपाल का जन्म 8 सितंबर 1951 को [[हरियाणा]] के [[सोनीपत ज़िला|सोनीपत]] जिले के [[धनाना]] गाँव में हुआ था। शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात वे [[हरियाणा सरकार]] के सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता (Junior Engineer) के पद पर कार्यरत हुए।<ref>{{Cite news|url=https://www.ndtv.com/india-news/from-junior-engineer-to-godman-the-rise-arrest-and-fall-of-rampal-1930510|title=From Junior Engineer To Godman: The Rise, Arrest And Fall Of Rampal|work=www.ndtv.com|access-date=2026-04-09|language=en}}</ref> वे बचपन से ही हिंदू देवी-देवताओं के उपासक थे। 1988 में उनकी मुलाकात एक गरीबदासीय कबीर पंथी गुरु, स्वामी रामदेवानंद से हुई। रामदेवानंद ने उन्हें समझाया कि पारंपरिक हिंदू धार्मिक अभ्यास [[श्रीमद्भगवद्गीता]] और अन्य धर्मग्रंथों के अनुकूल नहीं हैं। इसके बाद 17 फरवरी 1988 को रामपाल ने स्वामी रामदेवानंद से दीक्षा ली। 1994 में रामदेवानंद ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया।<ref>{{Cite news|url=https://hindi.news18.com/news/haryana/hisar-sant-rampal-story-is-just-like-a-character-of-bollywood-file-spl-hrrm-1544459.html|title=कभी जूनियर इंजीनियर था रामपाल, खुद को बताता था संत कबीर का अवतार|work=News18 हिंदी|access-date=2026-04-09|language=hi-IN}}</ref> 1995 में रामपाल ने अपने अभियंता पद से इस्तीफा दे दिया (जो 2000 में स्वीकृत हुआ) और [[करौथा]] (रोहतक) में 'सतलोक आश्रम' की स्थापना की। == शिक्षा और नियम == रामपाल अपने अनुयायियों को [[कबीर]] को सर्वोच्च परमात्मा मानकर उनकी पूजा करने का उपदेश देते हैं। उन्होंने अपने अनुयायियों के लिए कुछ सख्त नियम (भक्ति मर्यादा) निर्धारित किए हैं, जिनमें मुख्य हैं:<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/news/national-rampals-rules-for-his-blessings-11797486.html|title=गुरु दीक्षा के नाम पर रामपाल के थे 11 अजीबो गरीब नियम - Rampal's rules for his 'blessings'|website=Jagran|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> * किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ (बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, शराब, गांजा) का सेवन न करना। * मांस और अंडे का सेवन वर्जित है। * जुआ खेलना, चोरी और ठगी न करना। * [[मृत्युभोज]], [[दहेज प्रथा]], दिखावा, मुंडन, और [[मूर्तिपूजा]] का निषेध। * केवल एक कबीर परमात्मा की पूजा करना, हालांकि अन्य सभी देवताओं का सम्मान करना। रामपाल ने अपने धार्मिक विचारों को फैलाने के लिए कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें ''ज्ञान गंगा'', ''जीने की राह'', और ''गीता तेरा ज्ञान अमृत'' प्रमुख हैं। == विवाद और कानूनी मामले == '''करौथा आश्रम विवाद (2006)''' सन् 2006 में रामपाल ने [[आर्य समाज]] के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा रचित पुस्तक [[सत्यार्थ प्रकाश]] के कुछ भागों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की थी। इसके विरोध में 12 जुलाई 2006 को आर्य समाज के समर्थकों ने करौथा के सतलोक आश्रम का घेराव किया।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/rohtak-clash-sant-rampal-triggered-it/articleshow/20021686.cms|title=Rohtak clash: Sant Rampal triggered it|date=2013-05-13|work=The Times of India|access-date=2026-04-09|issn=0971-8257}}</ref> दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इस मामले में रामपाल पर हत्या का मामला दर्ज हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2008 में उन्हें जमानत मिल गई। 20 दिसंबर 2022 को रोहतक की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में रामपाल सहित 23 आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/india/news/story/satlok-ashram-saint-rampal-acquitted-of-the-case-rohtak-haryana-lclg-1598780-2022-12-20|title=सतलोक आश्रम हिंसा केस: संत रामपाल सहित 23 आरोपी हुए बरी, भाई महेंद्र दास पर चलेगा मामला|date=2022-12-20|website=AajTak|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> '''बरवाला आश्रम गतिरोध (2014)''' नवंबर 2014 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अवमानना के एक मामले में रामपाल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने [[बरवाला, हिसार|बरवाला]] स्थित सतलोक आश्रम पहुँची, तो उनके हजारों समर्थकों ने आश्रम को घेर लिया और पुलिस के साथ हिंसक गतिरोध हुआ। इस घटना में पांच महिलाओं और एक बच्चे की मृत्यु हो गई। 19 नवंबर 2014 को रामपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-30110369|title=Indian Guru Rampal arrested after deadly ashram clashes|date=2014-11-19|work=BBC News|access-date=2026-04-09|language=en-GB}}</ref> '''न्यायालयीन फैसले''' * '''अगस्त 2017:''' हिसार न्यायालय ने रामपाल को बंधक बनाने के दो आपराधिक मामलों (एफआईआर 426 और 427) में बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.india.com/news/india/self-styled-godman-rampal-acquitted-in-two-criminal-cases-2433988/|title=Self-styled Godman Rampal Acquitted in Two Criminal Cases {{!}} India.com|website=www.india.com|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अक्टूबर 2018:''' हिसार कोर्ट ने रामपाल और उनके अनुयायियों को बरवाला आश्रम हिंसा मामले (एफआईआर 429 और 430) में हत्या का दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/sant-rampal-14-others-sentenced-to-life-for-murder-of-four-women/article61523278.ece|title=Sant Rampal, 14 others sentenced to life for murder of four women|last=Kumar|first=Ashok|date=2018-10-16|work=The Hindu|access-date=2026-04-09|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> * '''जुलाई 2021:''' ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में अदालत ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/india/haryana/story/satlok-ashram-rampal-case-updates-hisar-court-aquitted-rampal-and-4-others-in-drugs-and-cosmetics-case-ntc-1298232-2021-07-27|title=हरियाणाः हिसार कोर्ट ने इस मामले में रामपाल समेत 5 को बरी किया, 7 साल पहले हुए थे गिरफ्तार|date=2021-07-27|website=AajTak|language=hi|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अगस्त 2025:''' पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि रामपाल लगभग 10 वर्ष जेल में बिता चुके हैं और साक्ष्यों में संदेह है, उनकी उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/hc-suspends-death-penalty-of-rampal-in-2014-violence-case-101757013339754.html|title=HC suspends death penalty of Rampal in 2014 violence case|date=2025-09-05|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-04-09}}</ref> * '''अप्रैल 2026:''' देशद्रोह के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी, जिससे उनकी जेल से रिहाई का मार्ग प्रशस्त हुआ। == सामाजिक कार्य == रामपाल और उनके अनुयायियों द्वारा 'अन्नपूर्णा मुहिम' नामक एक राहत अभियान चलाया जाता है, जिसके तहत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं वितरित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में आई बाढ़ के दौरान उनके संगठन ने बाढ़ राहत कार्यों में हिस्सा लिया, जिसमें जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप और पाइपलाइन उपलब्ध कराना शामिल था। इन राहत और सेवा कार्यों के लिए उन्हें कई स्थानीय ग्राम पंचायतों, खाप और किसान संगठनों द्वारा सम्मानित किया गया है। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1951 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:हरियाणा के लोग]] 0qhpk2sojvres2i390474pzmqnysm0u गिरीश चन्‍द्र 0 747451 6541672 6130967 2026-04-17T20:50:13Z ~2026-23707-57 920864 6541672 wikitext text/x-wiki {{Multiple issues| {{उल्लेखनीयता|date=जनवरी 2017}} {{जीवनी स्रोत कम|date=जनवरी 2017}} {{प्रसंग|date=जनवरी 2017}} {{प्राथमिक स्रोत|date=जनवरी 2017}} }} {{Infobox officeholder | name =गिरीश चन्‍द्र | image = | caption = | birth_place = | birth_date = | office = [[सांसद]], [[लोक सभा]] | termstart = 23 मई 2019 |termend= 4 जून 2024 | constituency = [[नगीना लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नगीना]] | predecessor = [[यशवंत सिंह]] | office2 = विधायक - [[चन्‍दौसी(अ0जा0) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र]], [[उत्तर प्रदेश]] | successor = [[चंद्रशेखर आज़ाद रावण|चंद्रशेखर आजाद]] | predecessor2 = | successor2 = | term2 = 2007 से 2012 | alma_mater = | nationality = [[भारतीय]] | religion = }} '''गिरीश चन्‍द्र''' एक [[भारतीय]] राजनीतिज्ञ तथा पूर्व में [[उत्तर प्रदेश]] की [[नगीना लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|नगीना]] से लोकसभा [[सांसद]] रहे हैं। वे [[भारत]] के उत्तर प्रदेश की [[उत्तर प्रदेश की पंद्रहवी विधान सभा|पंद्रहवी विधानसभा सभा]] में विधायक रहे। 1995 में समाजवादी पार्टी के बैनर तले सभासद का चुनाव लड़ा ओर जीत दर्ज की उसके बाद बहुजन समाज पार्टी में जुड़े ओर आजतक वही है बसपा के कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे व दो बार मुरादाबाद जिले के जिला अध्यक्षभी रहे उसके बाद [[2007 उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव]] में इन्होंने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के [[चन्‍दौसी(अ0जा0) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र]] से [[बसपा]] की ओर से चुनाव में भाग लिया। <ref>{{Cite web |url=http://uplegisassembly.gov.in/ |title=उत्तर प्रदेश विधान सभा |access-date=14 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190810002935/http://uplegisassembly.gov.in/ |archive-date=10 अगस्त 2019 |url-status=live }}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:१७वीं लोक सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:बहुजन समाज पार्टी के राजनीतिज्ञ]] [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश 15वीं विधान सभा के सदस्य]] [[श्रेणी:चन्‍दौसी(अ0जा0) के विधायक]] {{आधार}} nuva7lla99c98soznra083nl9zlt3np पुत्ताण्डु 0 817057 6541693 6541433 2026-04-18T01:03:37Z QuestForTrueTruth 852879 उद्गभव और महत्व में पुत्ताण्डु के विषय में जानकारी जोड़ी गयी है। 6541693 wikitext text/x-wiki {{Infobox Holiday |holiday_name = पुत्ताण्डु<br>तमिल नव वर्ष |image = A colorful Puthandu welcome to Sinhala and Tamil New Year in Sri Lanka.jpg |caption = पुत्ताण्डु के लिए तमिल नव वर्ष की सजावट |observedby = तमिल लोग|[[भारत]], श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर में तमिल हिन्दू<ref name="Melton2011p633"/> |date = तमिल कालदर्शक में चित्तेराय का पहला दिन |celebrations = दावत देना, उपहार भेजना, दूसरों के घरों और मंदिरों में जाना |longtype = धार्मिक, सामाजिक |type = हिन्दू |significance = तमिल नव वर्ष |date2017 = शुक्रवार, 14 अप्रैल<ref>[http://www.tn.gov.in/holiday/2017 Holiday Calendar 2017] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170702205251/http://www.tn.gov.in/holiday/2017 |date=2 जुलाई 2017 }}, Government of Tamil Nadu</ref> |relatedto = Vaisakhi, Vishu (Kerala), Thingyan|Burmese New Year, Cambodian New Year, Songkran (Lao)|Lao New Year, Vishu|Malayali New Year, Pana Sankranti|Odia New Year, Sinhalese New Year|Sri Lankan New Year, Songkran (Thailand)|Thai New Year }} '''पुत्ताण्डु''' (तमिल: புத்தாண்டு), जिसे पुथुरूषम या तमिल नव वर्ष भी कहा जाता है, [[तमिल]] कैलेंडर पर वर्ष का पहला दिन है। <ref name="Melton2011p633"/> तमिल तारीख को तमिल महीने चिधिराई के पहले दिन के रूप में, लन्नीसरोल हिंदू कैलेंडर के सौर चक्र के साथ स्थापित किया गया है। इसलिए यह हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस पास ही मनाया जाता हैं। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन हिंदुओं के द्वारा पारंपरिक तौर पर नए साल के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसके नाम अलग अलग होते हैं जिसे केरल में विशु एवं मध्य और उत्तर भारत में वैसाखी जैसे अन्य नामों से जाना जाता है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन, तमिल लोग "पुट्टू वतुत्काका!" कहकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं जो हिंदी के "नया साल मुबारक हो" के बराबर है। <ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide|url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331125215/https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं एवं लोग अपने घर-द्वार की साफ सफाई करते हैं। एक थाली भी सजाते हैं जिसमे [[फल]]ों, [[पुष्प|फूलों]] और अन्य शुभ वस्तुएं राखी जाती हैं। पुत्ताण्डु तमिलनाडु और पोंडिचेरी के बाहर रहने वाले तमिल हिंदुओं के द्वारा भी मनाया जाता है, जैसे श्रीलंका, [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], रीयूनियन, [[मॉरिशस|मॉरीशस]] और अन्य देशों में भी जहाँ तमिल लोग प्रवासी के तौर पर रहते हैं। <ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations|url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331123838/https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन, तमिल लोग एक-दूसरे को "Puttāṇṭu vāḻttukaḷ!" ({{lang|ta| புத்தாண்டு வாழ்த்துகள்}}) या "Iṉiya puttāṇṭu nalvāḻttukaḷ!" ({{lang|ta|இனிய புத்தாண்டு நல்வாழ்த்துகள்}}) कहकर अभिवादन करते हैं, जिसका अर्थ "नव वर्ष की शुभकामनाएं" के समान है।<ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide |url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220 |year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220}}</ref> यह दिन पारिवारिक समय के रूप में मनाया जाता है। घरों में लोग घर की सफाई करते हैं, फलों, फूलों और शुभ वस्तुओं के साथ एक थाली तैयार करते हैं, परिवार के [[Puja (Hinduism)|पूजा]] वेदी को प्रज्वलित करते हैं और अपने स्थानीय मंदिरों में जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और बच्चे बड़ों के पास जाकर उनका सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर परिवार एक साथ बैठकर शाकाहारी भोजन करता है।<ref>{{cite book|author=Samuel S. Dhoraisingam|title=Peranakan Indians of Singapore and Melaka |url=https://books.google.com/books?id=QHwcAgAAQBAJ |year=2006|publisher=Institute of Southeast Asian Studies|isbn=978-981-230-346-2|page=38}}</ref><math display="block"></math> पुत्ताण्डु [[तमिल लोग]] द्वारा [[तमिलनाडु]] और [[पुदुचेरी]] में, तथा [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], [[मॉरीशस]] और [[रियूनियन]] में मनाया जाता है। तमिल प्रवासी समुदाय<ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations |url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633}}</ref><ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ |year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> इसे [[म्यांमार]], [[दक्षिण अफ्रीका]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] जैसे देशों में भी मनाता है। ==उद्गभव और महत्व== [[File:A food treats arrangement for Puthandu (Vaisakhi) Tamil New Year.jpg|thumb|left|पुत्ताण्डु के लिए पारंपरिक उत्सव व्यंजनों की सजावट।]] तमिल नव वर्ष वसंत विषुव के बाद होता है एवं आम तौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के 14 अप्रैल को होता है। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन पारंपरिक तौर पर तमिल कैलेंडर के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है और तमिलनाडु और श्रीलंका दोनों जगहों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इसी दिन [[असम]], पश्चिम बंगाल, केरल, [[मणिपुर]], त्रिपुरा, [[बिहार]], ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, [[राजस्थान]] में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश। श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में उसी दिन भी मनाता हैं,<ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520031624/https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/Hindu New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> प्रारंभिक तमिल साहित्य में अप्रैल नववर्ष के कई संदर्भ मिलते हैं। नक्कीरर, [[संगम काल]] के लेखक और ''[[नेडुनलवाडई]]'' के रचयिता, ने लिखा कि सूर्य मेष/चित्रई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक चिन्हों से गुजरता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 – Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai</ref><ref>Kamil Zvelabil dates the Neṭunalvāṭai to between the 2nd and 4th century CE – Kamil Zvelebil: The Smile of Murugan on Tamil Literature of South India. E.J. Brill, Leiden, Netherlands, 1973 – page 41-42</ref> कूडलूर किऴार [[पुऱनानूरु]] में मेष राशि/चित्तिरै को वर्ष के प्रारंभ के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai: 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pages 35, 151</ref>ref>George L. Hart and Hank Heifetz: The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil: The Purananuru, Columbia University Press, New York, 1999 – Poem 229 in pages 142 to 143. – "At midnight crowded with darkness in the first quarter of the night when the constellation of Fire was linked with The Goat and from the moment the First Constellation arose...during the first half of the month of Pankuni, when the Constellation of the Far North was descending...". George Hart in turn dates the Purananuru to between the first and third centuries CE. See page xv – xvii</ref>टोल्काप्पियम तमिल की सबसे प्राचीन उपलब्ध व्याकरण है जो वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित करती है, जहाँ चित्तिरै इलवेनिल ऋतु या ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत को चिह्नित करता है।<ref>V. Murugan, G. John Samuel: Tolkāppiyam in English: Translation, with the Tamil text, Transliteration in the Roman Script, Introduction, Glossary, and Illustrations, Institute of Asian Studies, Madras, India, 2001</ref> ==समारोह== तमिल लोग पुत्ताण्डु को पारंपरिक हिंदू नया साल के रूप में मनाते हैं, जिसे पुथुरूषम भी कहा जाता है,। यह तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चित्राई का महीना है और पुत्ताण्डु आमतौर पर 14 अप्रैल को ही पड़ता है। दक्षिणी [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, त्योहार को चित्तारीय विशु कहा जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर इस दिन सभी लोग बहुत ही आकर्षक [[रंगोली]] बनाकर नए वर्ष का स्वागत करते है। ==विवाद== जब २००८ में जब द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (द्रमुक) की तमिलनाडु में सरकार थी तब उन्होंने घोषित किया था कि तमिल नए साल को तमिल थाई महीने के पहले दिन ((14 जनवरी) [[पोंगल]] के फसल त्योहार के साथ मनाया जाएगा। 29 जनवरी 2008 को डीएमके विधानसभा सदस्यों और तमिलनाडु सरकार द्वारा तमिलनाडु नया साल (घोषणा बिल 2008) राज्य कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था। <ref>{{cite web |url=http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |title=Bill on new Tamil New Year Day is passed unanimously |publisher=Tn.gov.in |accessdate=18 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111028094334/http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |archive-date=28 अक्तूबर 2011 |url-status=live }}</ref> डीएमके की बहुमत वाली सरकार का यह कानून बाद में 23 अगस्त 2011 को एआईएडीएमके की बहुमत वाली सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में एक अलग कानून बनाकर रद्द कर दिया गया। हालाकि तमिलनाडु के कई लोगों ने DMK सरकार के कानून को नजरअंदाज कर दिया था जो त्योहार की तारीख को बदलने से सम्बंधित था, और अप्रैल के मध्य में ही अपने पारंपरिक पुत्ताण्डु नए साल के त्यौहार को मनाते रहे। ==संबंधित त्यौहार== पुत्ताण्डु का त्यौहार अन्य जगहों पर मनाया जाता है लेकिन इनके नाम अलग है जो हैं: #[[केरल]] में [[विषु|विशु]] #[[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]] एवं तेलंगाना में उगाडी #मध्य और [[उत्तर भारत|उत्तरी भारत]] में वैसाखी #[[ओडिशा]] में [[विष्णु]] संक्रांति #[[असम]] में रोंगली बीहु == इन्हें भी देखें == *[[तमिल]] ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:त्योहार]] [[श्रेणी:तमिल]] 10ffg26tgcj2rxdh6vv99kvf2yks23c 6541694 6541693 2026-04-18T01:05:18Z QuestForTrueTruth 852879 6541694 wikitext text/x-wiki {{Infobox Holiday |holiday_name = पुत्ताण्डु<br>तमिल नव वर्ष |image = A colorful Puthandu welcome to Sinhala and Tamil New Year in Sri Lanka.jpg |caption = पुत्ताण्डु के लिए तमिल नव वर्ष की सजावट |observedby = तमिल लोग|[[भारत]], श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर में तमिल हिन्दू<ref name="Melton2011p633"/> |date = तमिल कालदर्शक में चित्तेराय का पहला दिन |celebrations = दावत देना, उपहार भेजना, दूसरों के घरों और मंदिरों में जाना |longtype = धार्मिक, सामाजिक |type = हिन्दू |significance = तमिल नव वर्ष |date2017 = शुक्रवार, 14 अप्रैल<ref>[http://www.tn.gov.in/holiday/2017 Holiday Calendar 2017] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170702205251/http://www.tn.gov.in/holiday/2017 |date=2 जुलाई 2017 }}, Government of Tamil Nadu</ref> |relatedto = Vaisakhi, Vishu (Kerala), Thingyan|Burmese New Year, Cambodian New Year, Songkran (Lao)|Lao New Year, Vishu|Malayali New Year, Pana Sankranti|Odia New Year, Sinhalese New Year|Sri Lankan New Year, Songkran (Thailand)|Thai New Year }} '''पुत्ताण्डु''' (तमिल: புத்தாண்டு), जिसे पुथुरूषम या तमिल नव वर्ष भी कहा जाता है, [[तमिल]] कैलेंडर पर वर्ष का पहला दिन है। <ref name="Melton2011p633"/> तमिल तारीख को तमिल महीने चिधिराई के पहले दिन के रूप में, लन्नीसरोल हिंदू कैलेंडर के सौर चक्र के साथ स्थापित किया गया है। इसलिए यह हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस पास ही मनाया जाता हैं। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन हिंदुओं के द्वारा पारंपरिक तौर पर नए साल के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसके नाम अलग अलग होते हैं जिसे केरल में विशु एवं मध्य और उत्तर भारत में वैसाखी जैसे अन्य नामों से जाना जाता है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन, तमिल लोग "पुट्टू वतुत्काका!" कहकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं जो हिंदी के "नया साल मुबारक हो" के बराबर है। <ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide|url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331125215/https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं एवं लोग अपने घर-द्वार की साफ सफाई करते हैं। एक थाली भी सजाते हैं जिसमे [[फल]]ों, [[पुष्प|फूलों]] और अन्य शुभ वस्तुएं राखी जाती हैं। पुत्ताण्डु तमिलनाडु और पोंडिचेरी के बाहर रहने वाले तमिल हिंदुओं के द्वारा भी मनाया जाता है, जैसे श्रीलंका, [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], रीयूनियन, [[मॉरिशस|मॉरीशस]] और अन्य देशों में भी जहाँ तमिल लोग प्रवासी के तौर पर रहते हैं। <ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations|url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331123838/https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन, तमिल लोग एक-दूसरे को "Puttāṇṭu vāḻttukaḷ!" ({{lang|ta| புத்தாண்டு வாழ்த்துகள்}}) या "Iṉiya puttāṇṭu nalvāḻttukaḷ!" ({{lang|ta|இனிய புத்தாண்டு நல்வாழ்த்துகள்}}) कहकर अभिवादन करते हैं, जिसका अर्थ "नव वर्ष की शुभकामनाएं" के समान है।<ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide |url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220 |year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220}}</ref> यह दिन पारिवारिक समय के रूप में मनाया जाता है। घरों में लोग घर की सफाई करते हैं, फलों, फूलों और शुभ वस्तुओं के साथ एक थाली तैयार करते हैं, परिवार के [[Puja (Hinduism)|पूजा]] वेदी को प्रज्वलित करते हैं और अपने स्थानीय मंदिरों में जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और बच्चे बड़ों के पास जाकर उनका सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर परिवार एक साथ बैठकर शाकाहारी भोजन करता है।<ref>{{cite book|author=Samuel S. Dhoraisingam|title=Peranakan Indians of Singapore and Melaka |url=https://books.google.com/books?id=QHwcAgAAQBAJ |year=2006|publisher=Institute of Southeast Asian Studies|isbn=978-981-230-346-2|page=38}}</ref><math display="block"></math> पुत्ताण्डु [[तमिल लोग]] द्वारा [[तमिलनाडु]] और [[पुदुचेरी]] में, तथा [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], [[मॉरीशस]] और [[रियूनियन]] में मनाया जाता है। तमिल प्रवासी समुदाय<ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations |url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633}}</ref><ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ |year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> इसे [[म्यांमार]], [[दक्षिण अफ्रीका]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] जैसे देशों में भी मनाता है। ==उद्गभव और महत्व== [[File:A food treats arrangement for Puthandu (Vaisakhi) Tamil New Year.jpg|thumb|left|पुत्ताण्डु के लिए पारंपरिक उत्सव व्यंजनों की सजावट।]] तमिल नव वर्ष वसंत विषुव के बाद होता है एवं आम तौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के 14 अप्रैल को होता है। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन पारंपरिक तौर पर तमिल कैलेंडर के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है और तमिलनाडु और श्रीलंका दोनों जगहों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इसी दिन [[असम]], पश्चिम बंगाल, केरल, [[मणिपुर]], त्रिपुरा, [[बिहार]], ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, [[राजस्थान]] में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश। श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में उसी दिन भी मनाता हैं,<ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520031624/https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/Hindu New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> प्रारंभिक तमिल साहित्य में अप्रैल नववर्ष के कई संदर्भ मिलते हैं। नक्कीरर, [[संगम काल]] के लेखक और ''[[नेडुनलवाडई]]'' के रचयिता, ने लिखा कि सूर्य मेष/चित्रई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक चिन्हों से गुजरता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 – Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai</ref><ref>Kamil Zvelabil dates the Neṭunalvāṭai to between the 2nd and 4th century CE – Kamil Zvelebil: The Smile of Murugan on Tamil Literature of South India. E.J. Brill, Leiden, Netherlands, 1973 – page 41-42</ref> कूडलूर किऴार [[पुऱनानूरु]] में मेष राशि/चित्तिरै को वर्ष के प्रारंभ के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai: 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pages 35, 151</ref><ref>George L. Hart and Hank Heifetz: The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil: The Purananuru, Columbia University Press, New York, 1999 – Poem 229 in pages 142 to 143. – "At midnight crowded with darkness in the first quarter of the night when the constellation of Fire was linked with The Goat and from the moment the First Constellation arose...during the first half of the month of Pankuni, when the Constellation of the Far North was descending...". George Hart in turn dates the Purananuru to between the first and third centuries CE. See page xv – xvii</ref>टोल्काप्पियम तमिल की सबसे प्राचीन उपलब्ध व्याकरण है जो वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित करती है, जहाँ चित्तिरै इलवेनिल ऋतु या ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत को चिह्नित करता है।<ref>V. Murugan, G. John Samuel: Tolkāppiyam in English: Translation, with the Tamil text, Transliteration in the Roman Script, Introduction, Glossary, and Illustrations, Institute of Asian Studies, Madras, India, 2001</ref> ==समारोह== तमिल लोग पुत्ताण्डु को पारंपरिक हिंदू नया साल के रूप में मनाते हैं, जिसे पुथुरूषम भी कहा जाता है,। यह तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चित्राई का महीना है और पुत्ताण्डु आमतौर पर 14 अप्रैल को ही पड़ता है। दक्षिणी [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, त्योहार को चित्तारीय विशु कहा जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर इस दिन सभी लोग बहुत ही आकर्षक [[रंगोली]] बनाकर नए वर्ष का स्वागत करते है। ==विवाद== जब २००८ में जब द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (द्रमुक) की तमिलनाडु में सरकार थी तब उन्होंने घोषित किया था कि तमिल नए साल को तमिल थाई महीने के पहले दिन ((14 जनवरी) [[पोंगल]] के फसल त्योहार के साथ मनाया जाएगा। 29 जनवरी 2008 को डीएमके विधानसभा सदस्यों और तमिलनाडु सरकार द्वारा तमिलनाडु नया साल (घोषणा बिल 2008) राज्य कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था। <ref>{{cite web |url=http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |title=Bill on new Tamil New Year Day is passed unanimously |publisher=Tn.gov.in |accessdate=18 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111028094334/http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |archive-date=28 अक्तूबर 2011 |url-status=live }}</ref> डीएमके की बहुमत वाली सरकार का यह कानून बाद में 23 अगस्त 2011 को एआईएडीएमके की बहुमत वाली सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में एक अलग कानून बनाकर रद्द कर दिया गया। हालाकि तमिलनाडु के कई लोगों ने DMK सरकार के कानून को नजरअंदाज कर दिया था जो त्योहार की तारीख को बदलने से सम्बंधित था, और अप्रैल के मध्य में ही अपने पारंपरिक पुत्ताण्डु नए साल के त्यौहार को मनाते रहे। ==संबंधित त्यौहार== पुत्ताण्डु का त्यौहार अन्य जगहों पर मनाया जाता है लेकिन इनके नाम अलग है जो हैं: #[[केरल]] में [[विषु|विशु]] #[[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]] एवं तेलंगाना में उगाडी #मध्य और [[उत्तर भारत|उत्तरी भारत]] में वैसाखी #[[ओडिशा]] में [[विष्णु]] संक्रांति #[[असम]] में रोंगली बीहु == इन्हें भी देखें == *[[तमिल]] ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:त्योहार]] [[श्रेणी:तमिल]] 4vppbemu920j4nnats3um9mwlv6d0mh 6541704 6541694 2026-04-18T01:21:51Z अनुनाद सिंह 1634 6541704 wikitext text/x-wiki {{Infobox Holiday |holiday_name = पुत्ताण्डु<br>तमिल नव वर्ष |image = A colorful Puthandu welcome to Sinhala and Tamil New Year in Sri Lanka.jpg |caption = पुत्ताण्डु के लिए तमिल नव वर्ष की सजावट |observedby = तमिल लोग|[[भारत]], श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर में तमिल हिन्दू<ref name="Melton2011p633"/> |date = तमिल कालदर्शक के चित्तेराय मास का पहला दिन |celebrations = दावत देना, उपहार भेजना, दूसरों के घरों और मंदिरों में जाना |longtype = धार्मिक, सामाजिक |type = हिन्दू |significance = तमिल नव वर्ष |date2017 = शुक्रवार, 14 अप्रैल<ref>[http://www.tn.gov.in/holiday/2017 Holiday Calendar 2017] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170702205251/http://www.tn.gov.in/holiday/2017 |date=2 जुलाई 2017 }}, Government of Tamil Nadu</ref> |relatedto = Vaisakhi, Vishu (Kerala), Thingyan|Burmese New Year, Cambodian New Year, Songkran (Lao)|Lao New Year, Vishu|Malayali New Year, Pana Sankranti|Odia New Year, Sinhalese New Year|Sri Lankan New Year, Songkran (Thailand)|Thai New Year }} '''पुत्ताण्डु''' (तमिल: புத்தாண்டு) [[तमिल]] कालगणना में वर्ष के प्रथम दिन का नाम है। इसे '''पुथुरूषम''' भी कहा जाता है, <ref name="Melton2011p633"/> तमिल तारीख को तमिल महीने चिधिराई के पहले दिन के रूप में, लन्नीसरोल हिंदू कैलेंडर के सौर चक्र के साथ स्थापित किया गया है। इसलिए यह हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस-पास ही पड़ता है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन को भारत के विभिन्न भागों में वर्ष के आरम्भिक दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसके नाम अलग अलग होते हैं। केरल में इस दिन को 'विशु' तथा मध्य भारत एवं उत्तर भारत में [[वैसाखी]] कहते है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन, तमिल लोग "पुट्टू वतुत्काका" कहकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं जो हिंदी के "नया वर्ष शुभ हो" के तुल्य है। <ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide|url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331125215/https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं एवं लोग अपने घर-द्वार की साफ सफाई करते हैं। एक थाली भी सजाते हैं जिसमे [[फल]]ों, [[पुष्प|फूलों]] और अन्य शुभ वस्तुएं राखी जाती हैं। पुत्ताण्डु तमिलनाडु और [[पुत्तुचेरी]] के बाहर रहने वाले तमिल हिंदुओं के द्वारा भी मनाया जाता है, जैसे श्रीलंका, [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], रीयूनियन, [[मॉरिशस|मॉरीशस]] और अन्य देशों में भी जहाँ तमिल लोग प्रवासी के तौर पर रहते हैं। <ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations|url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331123838/https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन, तमिल लोग एक-दूसरे को "पुत्ताण्टु वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta| புத்தாண்டு வாழ்த்துகள்}}) या "इऩिय पुत्ताण्टु नल्वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta|இனிய புத்தாண்டு நல்வாழ்த்துகள்}}) कहकर अभिवादन करते हैं, जिसका अर्थ "नव वर्ष की शुभकामनाएं" के समान है।<ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide |url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220 |year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220}}</ref> यह दिन पारिवारिक समय के रूप में मनाया जाता है। घरों में लोग घर की सफाई करते हैं, फलों, फूलों और शुभ वस्तुओं के साथ एक थाली तैयार करते हैं, परिवार के [[Puja (Hinduism)|पूजा]] वेदी को प्रज्वलित करते हैं और अपने स्थानीय मंदिरों में जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और बच्चे बड़ों के पास जाकर उनका सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर परिवार एक साथ बैठकर शाकाहारी भोजन करता है।<ref>{{cite book|author=Samuel S. Dhoraisingam|title=Peranakan Indians of Singapore and Melaka |url=https://books.google.com/books?id=QHwcAgAAQBAJ |year=2006|publisher=Institute of Southeast Asian Studies|isbn=978-981-230-346-2|page=38}}</ref><math display="block"></math> पुत्ताण्डु [[तमिल लोग]] द्वारा [[तमिलनाडु]] और [[पुदुचेरी]] में, तथा [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], [[मॉरीशस]] और [[रियूनियन]] में मनाया जाता है। तमिल प्रवासी समुदाय<ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations |url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633}}</ref><ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ |year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> इसे [[म्यांमार]], [[दक्षिण अफ्रीका]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] जैसे देशों में भी मनाता है। ==उद्गभव और महत्व== [[File:A food treats arrangement for Puthandu (Vaisakhi) Tamil New Year.jpg|thumb|left|पुत्ताण्डु के लिए पारंपरिक उत्सव व्यंजनों की सजावट।]] तमिल नव वर्ष वसंत विषुव के बाद होता है एवं आम तौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के 14 अप्रैल को होता है। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन पारंपरिक तौर पर तमिल कैलेंडर के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है और तमिलनाडु और श्रीलंका दोनों जगहों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इसी दिन [[असम]], पश्चिम बंगाल, केरल, [[मणिपुर]], त्रिपुरा, [[बिहार]], ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, [[राजस्थान]] में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश। श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में उसी दिन भी मनाता हैं,<ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520031624/https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/Hindu New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> प्रारंभिक तमिल साहित्य में अप्रैल नववर्ष के कई संदर्भ मिलते हैं। नक्कीरर, [[संगम काल]] के लेखक और ''[[नेडुनलवाडई]]'' के रचयिता, ने लिखा कि सूर्य मेष/चित्रई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक चिन्हों से गुजरता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 – Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai</ref><ref>Kamil Zvelabil dates the Neṭunalvāṭai to between the 2nd and 4th century CE – Kamil Zvelebil: The Smile of Murugan on Tamil Literature of South India. E.J. Brill, Leiden, Netherlands, 1973 – page 41-42</ref> कूडलूर किऴार [[पुऱनानूरु]] में मेष राशि/चित्तिरै को वर्ष के प्रारंभ के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai: 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pages 35, 151</ref><ref>George L. Hart and Hank Heifetz: The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil: The Purananuru, Columbia University Press, New York, 1999 – Poem 229 in pages 142 to 143. – "At midnight crowded with darkness in the first quarter of the night when the constellation of Fire was linked with The Goat and from the moment the First Constellation arose...during the first half of the month of Pankuni, when the Constellation of the Far North was descending...". George Hart in turn dates the Purananuru to between the first and third centuries CE. See page xv – xvii</ref>टोल्काप्पियम तमिल की सबसे प्राचीन उपलब्ध व्याकरण है जो वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित करती है, जहाँ चित्तिरै इलवेनिल ऋतु या ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत को चिह्नित करता है।<ref>V. Murugan, G. John Samuel: Tolkāppiyam in English: Translation, with the Tamil text, Transliteration in the Roman Script, Introduction, Glossary, and Illustrations, Institute of Asian Studies, Madras, India, 2001</ref> ==समारोह== तमिल लोग पुत्ताण्डु को पारंपरिक हिंदू नया साल के रूप में मनाते हैं, जिसे पुथुरूषम भी कहा जाता है,। यह तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चित्राई का महीना है और पुत्ताण्डु आमतौर पर 14 अप्रैल को ही पड़ता है। दक्षिणी [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, त्योहार को चित्तारीय विशु कहा जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर इस दिन सभी लोग बहुत ही आकर्षक [[रंगोली]] बनाकर नए वर्ष का स्वागत करते है। ==विवाद== जब २००८ में जब द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (द्रमुक) की तमिलनाडु में सरकार थी तब उन्होंने घोषित किया था कि तमिल नए साल को तमिल थाई महीने के पहले दिन ((14 जनवरी) [[पोंगल]] के फसल त्योहार के साथ मनाया जाएगा। 29 जनवरी 2008 को डीएमके विधानसभा सदस्यों और तमिलनाडु सरकार द्वारा तमिलनाडु नया साल (घोषणा बिल 2008) राज्य कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था। <ref>{{cite web |url=http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |title=Bill on new Tamil New Year Day is passed unanimously |publisher=Tn.gov.in |accessdate=18 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111028094334/http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |archive-date=28 अक्तूबर 2011 |url-status=live }}</ref> डीएमके की बहुमत वाली सरकार का यह कानून बाद में 23 अगस्त 2011 को एआईएडीएमके की बहुमत वाली सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में एक अलग कानून बनाकर रद्द कर दिया गया। हालाकि तमिलनाडु के कई लोगों ने DMK सरकार के कानून को नजरअंदाज कर दिया था जो त्योहार की तारीख को बदलने से सम्बंधित था, और अप्रैल के मध्य में ही अपने पारंपरिक पुत्ताण्डु नए साल के त्यौहार को मनाते रहे। ==संबंधित त्यौहार== पुत्ताण्डु का त्यौहार अन्य जगहों पर मनाया जाता है लेकिन इनके नाम अलग है जो हैं: #[[केरल]] में [[विषु|विशु]] #[[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]] एवं तेलंगाना में उगाडी #मध्य और [[उत्तर भारत|उत्तरी भारत]] में वैसाखी #[[ओडिशा]] में [[विष्णु]] संक्रांति #[[असम]] में रोंगली बीहु == इन्हें भी देखें == *[[तमिल]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:त्योहार]] [[श्रेणी:तमिल]] cx9t1pbixj97rl1fobsi5l8nyl1slo8 6541711 6541704 2026-04-18T01:28:31Z अनुनाद सिंह 1634 6541711 wikitext text/x-wiki {{Infobox Holiday |holiday_name = पुत्ताण्डु<br>तमिल नव वर्ष |image = A colorful Puthandu welcome to Sinhala and Tamil New Year in Sri Lanka.jpg |caption = पुत्ताण्डु के लिए तमिल नव वर्ष की सजावट |observedby = तमिल लोग|[[भारत]], श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर में तमिल हिन्दू<ref name="Melton2011p633"/> |date = तमिल कालदर्शक के चित्तेराय मास का पहला दिन |celebrations = दावत देना, उपहार भेजना, दूसरों के घरों और मंदिरों में जाना |longtype = धार्मिक, सामाजिक |type = हिन्दू |significance = तमिल नव वर्ष |date2017 = शुक्रवार, 14 अप्रैल<ref>[http://www.tn.gov.in/holiday/2017 Holiday Calendar 2017] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170702205251/http://www.tn.gov.in/holiday/2017 |date=2 जुलाई 2017 }}, Government of Tamil Nadu</ref> |relatedto = वैसाखी, विशु (केरल), थिङ्यान|म्यांमार का नव वर्ष, कम्बोडिया का नववर्ष, सोङ्क्रान (लाओ)|लाओ का नव वर्ष, विशु|मलयाली नववर्ष, पन संक्रान्ति|ओड़िया नव वर्ष, सिंहली नव वर्ष|श्री लंका का नव वर्ष, सोङ्करन (थाईलैण्ड)|थाई नव वर्ष }} '''पुत्ताण्डु''' (तमिल: புத்தாண்டு) [[तमिल]] कालगणना में वर्ष के प्रथम दिन का नाम है। इसे '''पुथुरूषम''' भी कहा जाता है, <ref name="Melton2011p633"/> तमिल तारीख को तमिल महीने चिधिराई के पहले दिन के रूप में, लन्नीसरोल हिंदू कैलेंडर के सौर चक्र के साथ स्थापित किया गया है। इसलिए यह हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस-पास ही पड़ता है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन को भारत के विभिन्न भागों में वर्ष के आरम्भिक दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसके नाम अलग अलग होते हैं। केरल में इस दिन को 'विशु' तथा मध्य भारत एवं उत्तर भारत में [[वैसाखी]] कहते है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन, तमिल लोग "पुट्टू वतुत्काका" कहकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं जो हिंदी के "नया वर्ष शुभ हो" के तुल्य है। <ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide|url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331125215/https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं एवं लोग अपने घर-द्वार की साफ सफाई करते हैं। एक थाली भी सजाते हैं जिसमे [[फल]]ों, [[पुष्प|फूलों]] और अन्य शुभ वस्तुएं राखी जाती हैं। पुत्ताण्डु तमिलनाडु और [[पुत्तुचेरी]] के बाहर रहने वाले तमिल हिंदुओं के द्वारा भी मनाया जाता है, जैसे श्रीलंका, [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], रीयूनियन, [[मॉरिशस|मॉरीशस]] और अन्य देशों में भी जहाँ तमिल लोग प्रवासी के तौर पर रहते हैं। <ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations|url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331123838/https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन, तमिल लोग एक-दूसरे को "पुत्ताण्टु वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta| புத்தாண்டு வாழ்த்துகள்}}) या "इऩिय पुत्ताण्टु नल्वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta|இனிய புத்தாண்டு நல்வாழ்த்துகள்}}) कहकर अभिवादन करते हैं, जिसका अर्थ "नव वर्ष की शुभकामनाएं" के समान है।<ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide |url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220 |year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220}}</ref> यह दिन पारिवारिक समय के रूप में मनाया जाता है। घरों में लोग घर की सफाई करते हैं, फलों, फूलों और शुभ वस्तुओं के साथ एक थाली तैयार करते हैं, परिवार के [[Puja (Hinduism)|पूजा]] वेदी को प्रज्वलित करते हैं और अपने स्थानीय मंदिरों में जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और बच्चे बड़ों के पास जाकर उनका सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर परिवार एक साथ बैठकर शाकाहारी भोजन करता है।<ref>{{cite book|author=Samuel S. Dhoraisingam|title=Peranakan Indians of Singapore and Melaka |url=https://books.google.com/books?id=QHwcAgAAQBAJ |year=2006|publisher=Institute of Southeast Asian Studies|isbn=978-981-230-346-2|page=38}}</ref><math display="block"></math> पुत्ताण्डु [[तमिल लोग]] द्वारा [[तमिलनाडु]] और [[पुदुचेरी]] में, तथा [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], [[मॉरीशस]] और [[रियूनियन]] में मनाया जाता है। तमिल प्रवासी समुदाय<ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations |url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633}}</ref><ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ |year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> इसे [[म्यांमार]], [[दक्षिण अफ्रीका]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] जैसे देशों में भी मनाता है। ==उद्गभव और महत्व== [[File:A food treats arrangement for Puthandu (Vaisakhi) Tamil New Year.jpg|thumb|left|पुत्ताण्डु के लिए पारंपरिक उत्सव व्यंजनों की सजावट।]] तमिल नव वर्ष वसंत विषुव के बाद होता है एवं आम तौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के 14 अप्रैल को होता है। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन पारंपरिक तौर पर तमिल कैलेंडर के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है और तमिलनाडु और श्रीलंका दोनों जगहों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इसी दिन [[असम]], पश्चिम बंगाल, केरल, [[मणिपुर]], त्रिपुरा, [[बिहार]], ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, [[राजस्थान]] में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश। श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में उसी दिन भी मनाता हैं,<ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520031624/https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/Hindu New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> प्रारंभिक तमिल साहित्य में अप्रैल नववर्ष के कई संदर्भ मिलते हैं। नक्कीरर, [[संगम काल]] के लेखक और ''[[नेडुनलवाडई]]'' के रचयिता, ने लिखा कि सूर्य मेष/चित्रई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक चिन्हों से गुजरता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 – Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai</ref><ref>Kamil Zvelabil dates the Neṭunalvāṭai to between the 2nd and 4th century CE – Kamil Zvelebil: The Smile of Murugan on Tamil Literature of South India. E.J. Brill, Leiden, Netherlands, 1973 – page 41-42</ref> कूडलूर किऴार [[पुऱनानूरु]] में मेष राशि/चित्तिरै को वर्ष के प्रारंभ के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai: 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pages 35, 151</ref><ref>George L. Hart and Hank Heifetz: The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil: The Purananuru, Columbia University Press, New York, 1999 – Poem 229 in pages 142 to 143. – "At midnight crowded with darkness in the first quarter of the night when the constellation of Fire was linked with The Goat and from the moment the First Constellation arose...during the first half of the month of Pankuni, when the Constellation of the Far North was descending...". George Hart in turn dates the Purananuru to between the first and third centuries CE. See page xv – xvii</ref>टोल्काप्पियम तमिल की सबसे प्राचीन उपलब्ध व्याकरण है जो वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित करती है, जहाँ चित्तिरै इलवेनिल ऋतु या ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत को चिह्नित करता है।<ref>V. Murugan, G. John Samuel: Tolkāppiyam in English: Translation, with the Tamil text, Transliteration in the Roman Script, Introduction, Glossary, and Illustrations, Institute of Asian Studies, Madras, India, 2001</ref> ==समारोह== तमिल लोग पुत्ताण्डु को पारंपरिक हिंदू नया साल के रूप में मनाते हैं, जिसे पुथुरूषम भी कहा जाता है,। यह तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चित्राई का महीना है और पुत्ताण्डु आमतौर पर 14 अप्रैल को ही पड़ता है। दक्षिणी [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, त्योहार को चित्तारीय विशु कहा जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर इस दिन सभी लोग बहुत ही आकर्षक [[रंगोली]] बनाकर नए वर्ष का स्वागत करते है। ==विवाद== जब २००८ में जब द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (द्रमुक) की तमिलनाडु में सरकार थी तब उन्होंने घोषित किया था कि तमिल नए साल को तमिल थाई महीने के पहले दिन ((14 जनवरी) [[पोंगल]] के फसल त्योहार के साथ मनाया जाएगा। 29 जनवरी 2008 को डीएमके विधानसभा सदस्यों और तमिलनाडु सरकार द्वारा तमिलनाडु नया साल (घोषणा बिल 2008) राज्य कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था। <ref>{{cite web |url=http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |title=Bill on new Tamil New Year Day is passed unanimously |publisher=Tn.gov.in |accessdate=18 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111028094334/http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |archive-date=28 अक्तूबर 2011 |url-status=live }}</ref> डीएमके की बहुमत वाली सरकार का यह कानून बाद में 23 अगस्त 2011 को एआईएडीएमके की बहुमत वाली सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में एक अलग कानून बनाकर रद्द कर दिया गया। हालाकि तमिलनाडु के कई लोगों ने DMK सरकार के कानून को नजरअंदाज कर दिया था जो त्योहार की तारीख को बदलने से सम्बंधित था, और अप्रैल के मध्य में ही अपने पारंपरिक पुत्ताण्डु नए साल के त्यौहार को मनाते रहे। ==संबंधित त्यौहार== पुत्ताण्डु का त्यौहार अन्य जगहों पर मनाया जाता है लेकिन इनके नाम अलग है जो हैं: #[[केरल]] में [[विषु|विशु]] #[[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]] एवं तेलंगाना में उगाडी #मध्य और [[उत्तर भारत|उत्तरी भारत]] में वैसाखी #[[ओडिशा]] में [[विष्णु]] संक्रांति #[[असम]] में रोंगली बीहु == इन्हें भी देखें == *[[तमिल]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:त्योहार]] [[श्रेणी:तमिल]] 740d7jcb0c2hwibzr122zhsgortbzra 6541713 6541711 2026-04-18T01:35:12Z अनुनाद सिंह 1634 6541713 wikitext text/x-wiki {{Infobox Holiday |holiday_name = पुत्ताण्डु<br>तमिल नव वर्ष |image = A colorful Puthandu welcome to Sinhala and Tamil New Year in Sri Lanka.jpg |caption = पुत्ताण्डु के लिए तमिल नव वर्ष की सजावट |observedby = तमिल लोग|[[भारत]], श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर में तमिल हिन्दू<ref name="Melton2011p633"/> |date = तमिल कालदर्शक के चित्तेराय मास का पहला दिन |celebrations = दावत देना, उपहार भेजना, दूसरों के घरों और मंदिरों में जाना |longtype = धार्मिक, सामाजिक |type = हिन्दू |significance = तमिल नव वर्ष |date2017 = शुक्रवार, 14 अप्रैल<ref>[http://www.tn.gov.in/holiday/2017 Holiday Calendar 2017] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170702205251/http://www.tn.gov.in/holiday/2017 |date=2 जुलाई 2017 }}, Government of Tamil Nadu</ref> |relatedto = वैसाखी, विशु (केरल), थिङ्यान|म्यांमार का नव वर्ष, कम्बोडिया का नववर्ष, सोङ्क्रान (लाओ)|लाओ का नव वर्ष, विशु|मलयाली नववर्ष, पन संक्रान्ति|ओड़िया नव वर्ष, सिंहली नव वर्ष|श्री लंका का नव वर्ष, सोङ्करन (थाईलैण्ड)|थाई नव वर्ष }} '''पुत्ताण्डु''' (तमिल: புத்தாண்டு) [[तमिल]] कालगणना में वर्ष के प्रथम दिन का नाम है। इसे '''वरुटप्पिऱप्पु''' भी कहा जाता है, <ref name="Melton2011p633"/> यह तमिल मास चित्तिरै का प्रथम दिवस है। यह प्रतिवर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस-पास ही पड़ता है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन को [[भारत]] के विभिन्न भागों में वर्ष के आरम्भिक दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसके नाम अलग अलग होते हैं। केरल में इस दिन को 'विशु' तथा मध्य भारत एवं उत्तर भारत में [[वैसाखी]] कहते है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन, तमिल लोग "पुट्टू वतुत्काका" कहकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं जो हिंदी के "नया वर्ष शुभ हो" के तुल्य है। <ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide|url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331125215/https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं एवं लोग अपने घर-द्वार की साफ सफाई करते हैं। एक थाली भी सजाते हैं जिसमे [[फल]]ों, [[पुष्प|फूलों]] और अन्य शुभ वस्तुएं राखी जाती हैं। पुत्ताण्डु तमिलनाडु और [[पुत्तुचेरी]] के बाहर रहने वाले तमिल हिंदुओं के द्वारा भी मनाया जाता है, जैसे श्रीलंका, [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], रीयूनियन, [[मॉरिशस|मॉरीशस]] और अन्य देशों में भी जहाँ तमिल लोग प्रवासी के तौर पर रहते हैं। <ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations|url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331123838/https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन, तमिल लोग एक-दूसरे को "पुत्ताण्टु वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta| புத்தாண்டு வாழ்த்துகள்}}) या "इऩिय पुत्ताण्टु नल्वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta|இனிய புத்தாண்டு நல்வாழ்த்துகள்}}) कहकर अभिवादन करते हैं, जिसका अर्थ "नव वर्ष की शुभकामनाएं" के समान है।<ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide |url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220 |year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220}}</ref> यह दिन पारिवारिक समय के रूप में मनाया जाता है। घरों में लोग घर की सफाई करते हैं, फलों, फूलों और शुभ वस्तुओं के साथ एक थाली तैयार करते हैं, परिवार के [[Puja (Hinduism)|पूजा]] वेदी को प्रज्वलित करते हैं और अपने स्थानीय मंदिरों में जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और बच्चे बड़ों के पास जाकर उनका सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर परिवार एक साथ बैठकर शाकाहारी भोजन करता है।<ref>{{cite book|author=Samuel S. Dhoraisingam|title=Peranakan Indians of Singapore and Melaka |url=https://books.google.com/books?id=QHwcAgAAQBAJ |year=2006|publisher=Institute of Southeast Asian Studies|isbn=978-981-230-346-2|page=38}}</ref><math display="block"></math> पुत्ताण्डु [[तमिल लोग]] द्वारा [[तमिलनाडु]] और [[पुदुचेरी]] में, तथा [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], [[मॉरीशस]] और [[रियूनियन]] में मनाया जाता है। तमिल प्रवासी समुदाय<ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations |url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633}}</ref><ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ |year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> इसे [[म्यांमार]], [[दक्षिण अफ्रीका]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] जैसे देशों में भी मनाता है। ==उद्गभव और महत्व== [[File:A food treats arrangement for Puthandu (Vaisakhi) Tamil New Year.jpg|thumb|left|पुत्ताण्डु के लिए पारंपरिक उत्सव व्यंजनों की सजावट।]] तमिल नव वर्ष वसंत विषुव के बाद होता है एवं आम तौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के 14 अप्रैल को होता है। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन पारंपरिक तौर पर तमिल कैलेंडर के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है और तमिलनाडु और श्रीलंका दोनों जगहों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इसी दिन [[असम]], पश्चिम बंगाल, केरल, [[मणिपुर]], त्रिपुरा, [[बिहार]], ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, [[राजस्थान]] में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश। श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में उसी दिन भी मनाता हैं,<ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520031624/https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/Hindu New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> प्रारंभिक तमिल साहित्य में अप्रैल नववर्ष के कई संदर्भ मिलते हैं। नक्कीरर, [[संगम काल]] के लेखक और ''[[नेडुनलवाडई]]'' के रचयिता, ने लिखा कि सूर्य मेष/चित्रई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक चिन्हों से गुजरता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 – Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai</ref><ref>Kamil Zvelabil dates the Neṭunalvāṭai to between the 2nd and 4th century CE – Kamil Zvelebil: The Smile of Murugan on Tamil Literature of South India. E.J. Brill, Leiden, Netherlands, 1973 – page 41-42</ref> कूडलूर किऴार [[पुऱनानूरु]] में मेष राशि/चित्तिरै को वर्ष के प्रारंभ के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai: 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pages 35, 151</ref><ref>George L. Hart and Hank Heifetz: The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil: The Purananuru, Columbia University Press, New York, 1999 – Poem 229 in pages 142 to 143. – "At midnight crowded with darkness in the first quarter of the night when the constellation of Fire was linked with The Goat and from the moment the First Constellation arose...during the first half of the month of Pankuni, when the Constellation of the Far North was descending...". George Hart in turn dates the Purananuru to between the first and third centuries CE. See page xv – xvii</ref>टोल्काप्पियम तमिल की सबसे प्राचीन उपलब्ध व्याकरण है जो वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित करती है, जहाँ चित्तिरै इलवेनिल ऋतु या ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत को चिह्नित करता है।<ref>V. Murugan, G. John Samuel: Tolkāppiyam in English: Translation, with the Tamil text, Transliteration in the Roman Script, Introduction, Glossary, and Illustrations, Institute of Asian Studies, Madras, India, 2001</ref> ==समारोह== तमिल लोग पुत्ताण्डु को पारंपरिक हिंदू नया साल के रूप में मनाते हैं, जिसे पुथुरूषम भी कहा जाता है,। यह तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चित्राई का महीना है और पुत्ताण्डु आमतौर पर 14 अप्रैल को ही पड़ता है। दक्षिणी [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, त्योहार को चित्तारीय विशु कहा जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर इस दिन सभी लोग बहुत ही आकर्षक [[रंगोली]] बनाकर नए वर्ष का स्वागत करते है। ==विवाद== जब २००८ में जब द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (द्रमुक) की तमिलनाडु में सरकार थी तब उन्होंने घोषित किया था कि तमिल नए साल को तमिल थाई महीने के पहले दिन ((14 जनवरी) [[पोंगल]] के फसल त्योहार के साथ मनाया जाएगा। 29 जनवरी 2008 को डीएमके विधानसभा सदस्यों और तमिलनाडु सरकार द्वारा तमिलनाडु नया साल (घोषणा बिल 2008) राज्य कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था। <ref>{{cite web |url=http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |title=Bill on new Tamil New Year Day is passed unanimously |publisher=Tn.gov.in |accessdate=18 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111028094334/http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |archive-date=28 अक्तूबर 2011 |url-status=live }}</ref> डीएमके की बहुमत वाली सरकार का यह कानून बाद में 23 अगस्त 2011 को एआईएडीएमके की बहुमत वाली सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में एक अलग कानून बनाकर रद्द कर दिया गया। हालाकि तमिलनाडु के कई लोगों ने DMK सरकार के कानून को नजरअंदाज कर दिया था जो त्योहार की तारीख को बदलने से सम्बंधित था, और अप्रैल के मध्य में ही अपने पारंपरिक पुत्ताण्डु नए साल के त्यौहार को मनाते रहे। ==संबंधित त्यौहार== पुत्ताण्डु का त्यौहार अन्य जगहों पर मनाया जाता है लेकिन इनके नाम अलग है जो हैं: #[[केरल]] में [[विषु|विशु]] #[[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]] एवं तेलंगाना में उगाडी #मध्य और [[उत्तर भारत|उत्तरी भारत]] में वैसाखी #[[ओडिशा]] में [[विष्णु]] संक्रांति #[[असम]] में रोंगली बीहु == इन्हें भी देखें == *[[तमिल]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:त्योहार]] [[श्रेणी:तमिल]] py7h8qz0cmg3fzchr2ie69rv7jwlluu सरवनी 0 859247 6541646 5884444 2026-04-17T16:51:53Z ~2026-23716-02 920839 गांव में सरपंच परिवर्तित हो चुके है,गांव में कुछ छोटे छोटे परिवर्तन हुए है, जिनकी जानकारी अपडेट की गई है। 6541646 wikitext text/x-wiki ध्रुवीय निर्देशांक: 23°10'35"N 75°1'30"E मंदिर: श्री राधेकृष्णमंदिर,श्रीरामदेव मंदिर,तेजाजी मंदिर,माँ झांगरदेवी मंदिर पंचायत: सरवनी जागीर सगा गांव: सरवनी बंट पोस्ट: मूंदड़ी विकासखंड: रतलाम तहसील: रतलाम जिला: रतलाम संभाग: उज्जैन प्रान्त: मध्यप्रदेश देश: भारत जातियां: भील,पाटीदार, तेली,वैश्य,चमार,बलाई जनसंख्या 913 पुरुष 463 महिला 450 बच्चे(0-6) 132 लड़के 78 लड़की 54 कुल परिवार 275 सामान्य 04 अन्य पिछड़ा वर्ग 80 अनुसूचित जाति 21 अनुसूचित जनजाति 170 साक्षरता 61.08% पुरुष 72.99 महिला 49.49% पड़ोसी गांव उत्तर में मुन्दडी,धतुरिया ,उत्तर पूर्व में भाटीबड़ोदिया ,पूर्व में धोलका, बडछापरा,दक्षिण पश्चिम में ऊनी ग्राम पंचायत वर्तमान सरपंच नंदीबाई वर्तमान उप सरपंच सचिव नंदराम cmsepee9nkwdmov12hr5mz0u7pv1kmr 6541695 6541646 2026-04-18T01:07:10Z AMAN KUMAR 911487 लेख विस्तार किया तथा 2 संदर्भ भी जोड़े 6541695 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement | name = सरवनी जागीर | native_name = | settlement_type = [[भारत के गाँव|गाँव]] | subdivision_type = देश | subdivision_name = [[भारत]] | subdivision_type1 = प्रान्त | subdivision_name1 = [[मध्य प्रदेश]] | subdivision_type2 = संभाग | subdivision_name2 = [[उज्जैन संभाग|उज्जैन]] | subdivision_type3 = ज़िला | subdivision_name3 = [[रतलाम ज़िला|रतलाम]] | subdivision_type4 = तहसील | subdivision_name4 = रतलाम | coordinates = {{coord|23|10|35|N|75|1|30|E|display=inline,title}} | population_total = 913 | population_as_of = 2011 | postal_code_type = पोस्ट ऑफिस | postal_code = मूंदड़ी }} '''सरवनी जागीर''' [[भारत]] के [[मध्य प्रदेश]] राज्य के [[रतलाम ज़िला|रतलाम ज़िले]] की रतलाम तहसील में स्थित एक गाँव है। यह सरवनी जागीर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है।<ref>{{Cite web|url=https://ratlam.nic.in/|title=रतलाम ज़िला आधिकारिक वेबसाइट|website=रतलाम ज़िला प्रशासन|language=hi}}</ref> == भूगोल == यह गाँव प्रशासनिक रूप से उज्जैन संभाग के अंतर्गत आता है। इसके आस-पास के गाँवों में मुन्दडी, धतुरिया, भाटीबड़ोदिया और ऊनी शामिल हैं। == जनसांख्यिकी == [[भारत की जनगणना २०११|भारत की 2011 की जनगणना]] के अनुसार, सरवनी जागीर गाँव की कुल जनसंख्या 913 है, जिसमें 463 पुरुष और 450 महिलाएँ हैं। गाँव में 0-6 आयु वर्ग के 132 बच्चे हैं। यहाँ कुल 275 परिवार निवास करते हैं। गाँव की कुल साक्षरता दर 61.08% है, जिसमें पुरुष साक्षरता 72.99% और महिला साक्षरता 49.49% है। यहाँ विभिन्न समुदायों के लोग रहते हैं, जिनमें भील, पाटीदार, तेली, वैश्य, चमार और बलाई जातियाँ मुख्य रूप से शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.census2011.co.in/data/village/471018-sarwani-jagir-madhya-pradesh.html|title=Sarwani Jagir Village Population - Ratlam - Ratlam, Madhya Pradesh|website=www.census2011.co.in|access-date=2026-04-18}}</ref> == प्रशासन == यह गाँव सरवनी जागीर ग्राम पंचायत द्वारा प्रशासित होता है और इसका स्थानीय पोस्ट ऑफिस मूंदड़ी है। == इन्हें भी देखें == * [[रतलाम ज़िला]] * [[मध्य प्रदेश]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} {{आधार}} [[श्रेणी:रतलाम ज़िले के गाँव]] [[श्रेणी:मध्य प्रदेश के गाँव]] dsv04hkjbfpxfsidbtflpqqvi0hxk6f अंतराल (गणित) 0 913330 6541790 4813032 2026-04-18T07:01:40Z Д.Ильин 641263 6541790 wikitext text/x-wiki [[File:Interval0.svg|400px|thumb|[[संख्या रेखा]] पर ''x'' + ''a''। ''x'' से अधिक और ''x'' + ''a'' से कम सभी [[वास्तविक संख्या|संख्याएँ]] इस अंतराल में सम्मिलित हैं।]] [[गणित]] में '''अंतराल''' (interval) [[वास्तविक संख्या]]ओं का ऐसा [[समुच्चय (गणित)|समुच्चय]] होता है जिसमें यह नियम लागू हो कि समुच्चय के किन्हीं दो सदस्य संख्याओं के बीच की सभी संख्याएँ भी उस समुच्चय की सदस्य होती हैं। उदाहरण के लिए, x द्वारा अंकित वह सभी संख्याएँ जो 0 ≤ x ≤ 1 को संतुष्ट करती हैं, उनका समुच्चय एक अंतराल है। इसमें 0.00001, 0.99, 0.0567 और 0 से 1 के बीच सभी वास्तविक संख्याएँ अंतराल की सदस्य हैं।<ref>[https://books.google.com/books?id=Vtqk6WgttzcC Complex interval arithmetic and its applications] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190130174917/https://books.google.com/books?id=Vtqk6WgttzcC |date=30 जनवरी 2019 }}, Miodrag Petković, Ljiljana Petković, Wiley-VCH, 1998, {{ISBN|978-3-527-40134-5}}</ref><ref>Rudin, Walter (1976). Principles of Mathematical Analysis. New York: McGraw-Hill. p. 31. ISBN 0-07-054235-X.</ref> == इन्हें भी देखें == * [[समुच्चय (गणित)]] * [[वास्तविक संख्या]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:वास्तविक संख्याओं का समुच्चय]] [[श्रेणी:अनुक्रमण सिद्धांत]] [[श्रेणी:संस्थिति]] nb92yhn7krcbdibk59i0f1u491zi0ut पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो) 0 923923 6541639 6535960 2026-04-17T16:35:46Z Ankit231132 874432 /* स्टेशन */ 6541639 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Delhi Metro|Pink}} | box_width = | name = पिंक लाइन<br> (लाइन 7) | image = The rear of a Hyundai-Rotem coach of Delhi Metro's Pink Line at Anand Vihar metro station.jpg | caption = आनंद विहार [रेलवे] स्टेशन के निकट पिंक लाइन | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[दिल्ली मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[दिल्ली]] | start = [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] | end = [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] | stations = [[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|38]] | daily_ridership = | open = *14 मार्च 2018 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]]) *6 अगस्त 2018 ([[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] – [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]]) *31 अक्टूबर 2018 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]]) *31 दिसंबर 2018 ([[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) *6 अगस्त 2021 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) | close = | owner = [[दिल्ली मेट्रो]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = भूमिगत व उभरा हुआ | stock = ह्युंडाई-रोटेम | linelength = {{convert|59.24|km|mi|abbr=on }} | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed }} '''पिंक लाइन''' [[दिल्ली मेट्रो]] रेल सेवा, [[त्वरित परिवहन|रैपिड ट्रांजिट]] प्रणाली की एक रेल लाइन है। यह दिल्ली मेट्रो के तृतीय चरण के तहत आती है और अभी निमाणाधीन है। यह [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] से [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] तक ३८ मेट्रो स्टेशन्स को जोड़ती है और जिसकी कुल लंबाई {{Convert|58.59|km|mi}} है। यह लगभग पूरे मार्ग पर उपरिगामी सेतु पर बनी है और अंग्रेज़ी के यू अक्षर के आकार की है। इस पिंक लाइन को रिंग रोड लाइन भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश स्टेशन व लाइन मुख्य रिंग मार के साथ साथ ही बने हैं। इस तरह ये दिल्ली व्यस्त्ततम मार्ग रिंग रोड को कुछ राहत देगी। == स्टेशन == {{main|दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची}} पिंक लाइन के स्टेशं इस प्रकार हैं:<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMR) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |4 |8 मार्च 2026 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}''' |'''Yamuna Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}''' |'''Bhajanpura''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}''' |'''Khajuri Khas''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |5 |'''{{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}''' |'''Nanaksar Sonia Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |6 |'''{{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}''' |'''Soorghat''' |4 |2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |7 |'''{{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}''' |'''Jagatpur - Wazirabad''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |8 |'''{{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}''' |'''Jharoda Majra''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |9 |'''{{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}''' |'''Burari''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |10 |'''{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}''' |'''Majlis Park''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} |उभरा हुआ |साइड |मुकुंदपुर डिपो |भू-स्तरीय |- |11 |'''{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}''' |'''Azadpur''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} <br/>{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} <br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |12 |'''{{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}''' |'''Shalimar Bagh''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |13 |'''{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}''' |'''Netaji Subhash Place''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |भूमिगत |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |14 |'''{{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}''' |'''Shakurpur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |15 |'''{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}''' |'''Punjabi Bagh West''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Green|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |16 |'''{{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}''' |'''ESI - Basaidarapur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |17 |'''{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}''' |'''Rajouri Garden''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |18 |'''{{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}''' |'''Mayapuri''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |19 |'''{{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}''' |'''Naraina Vihar''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |20 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}''' |'''Delhi Cantonment''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |21 |'''{{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}''' |'''Durgabai Deshmukh South Campus''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}<br>({{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} से बदलाव) |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |22 |'''{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}}''' |'''Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |23 |'''{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}}''' |'''Bhikaji Cama Place''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |24 |'''{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}}''' |'''Sarojini Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |25 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}''' |'''Dilli Haat - INA''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |26 |'''{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}}''' |'''South Extension''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |27 |'''{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}''' |'''Lajpat Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}<br/>{{rcb|Delhi Metro|Golden|croute}}<br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |28 |'''{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}}''' |'''Vinobapuri''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |29 |'''{{stl|Delhi Metro|आश्रम}}''' |'''Ashram''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |30 |'''{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}''' |'''Sarai Kale Khan - Nizamuddin''' |3 |31 दिसंबर 2018 | '''[[File:NCRTC logo.png|25px]] {{stl|RapidX|सराय काले खाँ}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]] [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]''' <br/>'''[[वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा, दिल्ली|सराय काले खाँ आईएसबीटी]]''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |31 |'''{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}''' |'''Mayur Vihar-I''' |3 |31 दिसंबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |32 |'''{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}}''' |'''Shri Ram Mandir Mayur Vihar''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |33 |'''{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}}''' |'''Trilokpuri Sanjay Lake''' |3 |31 अक्टूबर 2018||कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |34 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}}''' |'''East Vinod Nagar - Mayur Vihar-II''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |35 |'''{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}}''' |'''Mandawali - West Vinod Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |36 |'''{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}}''' |'''IP Extension''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |विनोद नगर - गाज़िपुर डिपो |भू-स्तरीय<br>उभरा हुआ |- |37 |'''{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}''' |'''Anand Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <br/>''' [[File:NCRTC logo.png|25px]] [[File:A02 Anand Vihar RRTS station (capsule).svg|25px]] {{stl|RapidX|आनंद विहार}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]][[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन]]'''<br/>'''[[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनंद विहार आईएसबीटी]]''' |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |38 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}''' |'''Karkarduma''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |39 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}}''' |'''Karkarduma Court''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |40 |'''{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}}''' |'''Krishna Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |41 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}}''' |'''East Azad Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |42 |'''{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}''' |'''वेलकम''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |43 |'''{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}}''' |'''Jaffarabad''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |44 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babadpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line (Branch)</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babadpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}}''' |'''Gokulpuri''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}}''' |'''Johri Enclave''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}}''' |'''Shiv Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} == रेल जानकारी == {| class="wikitable" style="text-align: center" ! style="background: #{{rail color|Delhi Metro|pink}};" colspan="3" |<span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- !रेल प्रकार |ह्युंडाई रोटेम |एल्स्टम मेट्रोपोलिस |- !रेल गेज | colspan="2" |4&nbsp;ft {{frac|8|1|2}} in (1,435&nbsp;mm) [[मानक गेज]] |- !विद्युतीकरण | colspan="2" |ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV, 50&nbsp;Hz [[प्रत्यावर्ती धारा|ए.सी]] |- !अधिकतम गति | colspan="2" |100&nbsp;km/h |- !संचालक | colspan="2" |[[दिल्ली मेट्रो]] |} == संदर्भ == {{reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड. (आधिकारिक साइट)]* [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो की वार्षिक रिपोर्ट] * {{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|title=Station Information|website=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|archive-date=19 June 2010|url-status=dead}} {{Delhi Metro}} {{Delhi & NCR Metro stations|pink line=yes}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] [[श्रेणी:दिल्ली में यातायात]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो लाइनें]] agfv6rq20cf0jk3egy25vohjjtmcf6h 6541640 6541639 2026-04-17T16:37:21Z Ankit231132 874432 6541640 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Delhi Metro|Pink}} | box_width = | name = पिंक लाइन<br> (लाइन 7) | image = The rear of a Hyundai-Rotem coach of Delhi Metro's Pink Line at Anand Vihar metro station.jpg | caption = आनंद विहार [रेलवे] स्टेशन के निकट पिंक लाइन | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[दिल्ली मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[दिल्ली]] | start = [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] | end = [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] | stations = [[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|38]] | daily_ridership = | open = *14 मार्च 2018 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]]) *6 अगस्त 2018 ([[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] – [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]]) *31 अक्टूबर 2018 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]]) *31 दिसंबर 2018 ([[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) *6 अगस्त 2021 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) | close = | owner = [[दिल्ली मेट्रो]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = भूमिगत व उभरा हुआ | stock = ह्युंडाई-रोटेम | linelength = {{convert|59.24|km|mi|abbr=on }} | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed }} '''पिंक लाइन''' [[दिल्ली मेट्रो]] रेल सेवा, [[त्वरित परिवहन|रैपिड ट्रांजिट]] प्रणाली की एक रेल लाइन है। यह दिल्ली मेट्रो के तृतीय चरण के तहत आती है और अभी निमाणाधीन है। यह [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] से [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] तक ३८ मेट्रो स्टेशन्स को जोड़ती है और जिसकी कुल लंबाई {{Convert|58.59|km|mi}} है। यह लगभग पूरे मार्ग पर उपरिगामी सेतु पर बनी है और अंग्रेज़ी के यू अक्षर के आकार की है। इस पिंक लाइन को रिंग रोड लाइन भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश स्टेशन व लाइन मुख्य रिंग मार के साथ साथ ही बने हैं। इस तरह ये दिल्ली व्यस्त्ततम मार्ग रिंग रोड को कुछ राहत देगी। == स्टेशन == {{main|दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची}} पिंक लाइन के स्टेशं इस प्रकार हैं:<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMR) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |4 |8 मार्च 2026 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}''' |'''Yamuna Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}''' |'''Bhajanpura''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}''' |'''Khajuri Khas''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |5 |'''{{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}''' |'''Nanaksar Sonia Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |6 |'''{{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}''' |'''Soorghat''' |4 |2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |7 |'''{{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}''' |'''Jagatpur - Wazirabad''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |8 |'''{{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}''' |'''Jharoda Majra''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |9 |'''{{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}''' |'''Burari''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |10 |'''{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}''' |'''Majlis Park''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} |उभरा हुआ |साइड |मुकुंदपुर डिपो |भू-स्तरीय |- |11 |'''{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}''' |'''Azadpur''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} <br/>{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} <br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |12 |'''{{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}''' |'''Shalimar Bagh''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |13 |'''{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}''' |'''Netaji Subhash Place''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |भूमिगत |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |14 |'''{{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}''' |'''Shakurpur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |15 |'''{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}''' |'''Punjabi Bagh West''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Green|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |16 |'''{{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}''' |'''ESI - Basaidarapur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |17 |'''{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}''' |'''Rajouri Garden''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |18 |'''{{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}''' |'''Mayapuri''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |19 |'''{{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}''' |'''Naraina Vihar''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |20 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}''' |'''Delhi Cantonment''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |21 |'''{{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}''' |'''Durgabai Deshmukh South Campus''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}<br>({{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} से बदलाव) |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |22 |'''{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}}''' |'''Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |23 |'''{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}}''' |'''Bhikaji Cama Place''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |24 |'''{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}}''' |'''Sarojini Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |25 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}''' |'''Dilli Haat - INA''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |26 |'''{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}}''' |'''South Extension''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |27 |'''{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}''' |'''Lajpat Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}<br/>{{rcb|Delhi Metro|Golden|croute}}<br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |28 |'''{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}}''' |'''Vinobapuri''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |29 |'''{{stl|Delhi Metro|आश्रम}}''' |'''Ashram''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |30 |'''{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}''' |'''Sarai Kale Khan - Nizamuddin''' |3 |31 दिसंबर 2018 | '''[[File:NCRTC logo.png|25px]] {{stl|RapidX|सराय काले खाँ}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]] [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]''' <br/>'''[[वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा, दिल्ली|सराय काले खाँ आईएसबीटी]]''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |31 |'''{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}''' |'''Mayur Vihar-I''' |3 |31 दिसंबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |32 |'''{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}}''' |'''Shri Ram Mandir Mayur Vihar''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |33 |'''{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}}''' |'''Trilokpuri Sanjay Lake''' |3 |31 अक्टूबर 2018||कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |34 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}}''' |'''East Vinod Nagar - Mayur Vihar-II''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |35 |'''{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}}''' |'''Mandawali - West Vinod Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |36 |'''{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}}''' |'''IP Extension''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |विनोद नगर - गाज़िपुर डिपो |भू-स्तरीय<br>उभरा हुआ |- |37 |'''{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}''' |'''Anand Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <br/>''' [[File:NCRTC logo.png|25px]] [[File:A02 Anand Vihar RRTS station (capsule).svg|25px]] {{stl|RapidX|आनंद विहार}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]][[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन]]'''<br/>'''[[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनंद विहार आईएसबीटी]]''' |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |38 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}''' |'''Karkarduma''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |39 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}}''' |'''Karkarduma Court''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |40 |'''{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}}''' |'''Krishna Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |41 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}}''' |'''East Azad Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |42 |'''{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}''' |'''वेलकम''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |43 |'''{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}}''' |'''Jaffarabad''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |44 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line (Branch)</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}}''' |'''Gokulpuri''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}}''' |'''Johri Enclave''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}}''' |'''Shiv Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} == रेल जानकारी == {| class="wikitable" style="text-align: center" ! style="background: #{{rail color|Delhi Metro|pink}};" colspan="3" |<span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- !रेल प्रकार |ह्युंडाई रोटेम |एल्स्टम मेट्रोपोलिस |- !रेल गेज | colspan="2" |4&nbsp;ft {{frac|8|1|2}} in (1,435&nbsp;mm) [[मानक गेज]] |- !विद्युतीकरण | colspan="2" |ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV, 50&nbsp;Hz [[प्रत्यावर्ती धारा|ए.सी]] |- !अधिकतम गति | colspan="2" |100&nbsp;km/h |- !संचालक | colspan="2" |[[दिल्ली मेट्रो]] |} == संदर्भ == {{reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड. (आधिकारिक साइट)]* [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो की वार्षिक रिपोर्ट] * {{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|title=Station Information|website=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|archive-date=19 June 2010|url-status=dead}} {{Delhi Metro}} {{Delhi & NCR Metro stations|pink line=yes}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] [[श्रेणी:दिल्ली में यातायात]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो लाइनें]] lvwri1ipwd7p2thtt0592ow7d0plzfj 6541648 6541640 2026-04-17T17:22:46Z Ankit231132 874432 6541648 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Delhi Metro|Pink}} | box_width = | name = पिंक लाइन<br> (लाइन 7) | image = The rear of a Hyundai-Rotem coach of Delhi Metro's Pink Line at Anand Vihar metro station.jpg | caption = आनंद विहार [रेलवे] स्टेशन के निकट पिंक लाइन | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[दिल्ली मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[दिल्ली]] | start = [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] | end = [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] | stations = [[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|38]] | daily_ridership = | open = *14 मार्च 2018 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]]) *6 अगस्त 2018 ([[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] – [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]]) *31 अक्टूबर 2018 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]]) *31 दिसंबर 2018 ([[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) *6 अगस्त 2021 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन|श्री राम मंदिर मयूर विहार]]) *8 मार्च 2026 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] - [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]]) | close = | owner = [[दिल्ली मेट्रो]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = भूमिगत व उभरा हुआ | stock = ह्युंडाई-रोटेम | linelength = {{convert|59.24|km|mi|abbr=on }} | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed }} '''पिंक लाइन''' [[दिल्ली मेट्रो]] रेल सेवा, [[त्वरित परिवहन|रैपिड ट्रांजिट]] प्रणाली की एक रेल लाइन है। यह दिल्ली मेट्रो के तृतीय चरण के तहत आती है और अभी निमाणाधीन है। यह [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] से [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] तक ३८ मेट्रो स्टेशन्स को जोड़ती है और जिसकी कुल लंबाई {{Convert|58.59|km|mi}} है। यह लगभग पूरे मार्ग पर उपरिगामी सेतु पर बनी है और अंग्रेज़ी के यू अक्षर के आकार की है। इस पिंक लाइन को रिंग रोड लाइन भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश स्टेशन व लाइन मुख्य रिंग मार के साथ साथ ही बने हैं। इस तरह ये दिल्ली व्यस्त्ततम मार्ग रिंग रोड को कुछ राहत देगी। == स्टेशन == {{main|दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची}} पिंक लाइन के स्टेशं इस प्रकार हैं:<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMR) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |4 |8 मार्च 2026 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}''' |'''Yamuna Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}''' |'''Bhajanpura''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}''' |'''Khajuri Khas''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |5 |'''{{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}''' |'''Nanaksar Sonia Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |6 |'''{{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}''' |'''Soorghat''' |4 |2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |7 |'''{{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}''' |'''Jagatpur - Wazirabad''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |8 |'''{{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}''' |'''Jharoda Majra''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |9 |'''{{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}''' |'''Burari''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |10 |'''{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}''' |'''Majlis Park''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} |उभरा हुआ |साइड |मुकुंदपुर डिपो |भू-स्तरीय |- |11 |'''{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}''' |'''Azadpur''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} <br/>{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} <br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |12 |'''{{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}''' |'''Shalimar Bagh''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |13 |'''{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}''' |'''Netaji Subhash Place''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |भूमिगत |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |14 |'''{{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}''' |'''Shakurpur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |15 |'''{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}''' |'''Punjabi Bagh West''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Green|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |16 |'''{{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}''' |'''ESI - Basaidarapur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |17 |'''{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}''' |'''Rajouri Garden''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |18 |'''{{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}''' |'''Mayapuri''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |19 |'''{{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}''' |'''Naraina Vihar''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |20 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}''' |'''Delhi Cantonment''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |21 |'''{{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}''' |'''Durgabai Deshmukh South Campus''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}<br>({{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} से बदलाव) |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |22 |'''{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}}''' |'''Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |23 |'''{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}}''' |'''Bhikaji Cama Place''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |24 |'''{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}}''' |'''Sarojini Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |25 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}''' |'''Dilli Haat - INA''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |26 |'''{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}}''' |'''South Extension''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |27 |'''{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}''' |'''Lajpat Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}<br/>{{rcb|Delhi Metro|Golden|croute}}<br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |28 |'''{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}}''' |'''Vinobapuri''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |29 |'''{{stl|Delhi Metro|आश्रम}}''' |'''Ashram''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |30 |'''{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}''' |'''Sarai Kale Khan - Nizamuddin''' |3 |31 दिसंबर 2018 | '''[[File:NCRTC logo.png|25px]] {{stl|RapidX|सराय काले खाँ}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]] [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]''' <br/>'''[[वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा, दिल्ली|सराय काले खाँ आईएसबीटी]]''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |31 |'''{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}''' |'''Mayur Vihar-I''' |3 |31 दिसंबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |32 |'''{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}}''' |'''Shri Ram Mandir Mayur Vihar''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |33 |'''{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}}''' |'''Trilokpuri Sanjay Lake''' |3 |31 अक्टूबर 2018||कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |34 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}}''' |'''East Vinod Nagar - Mayur Vihar-II''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |35 |'''{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}}''' |'''Mandawali - West Vinod Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |36 |'''{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}}''' |'''IP Extension''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |विनोद नगर - गाज़िपुर डिपो |भू-स्तरीय<br>उभरा हुआ |- |37 |'''{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}''' |'''Anand Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <br/>''' [[File:NCRTC logo.png|25px]] [[File:A02 Anand Vihar RRTS station (capsule).svg|25px]] {{stl|RapidX|आनंद विहार}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]][[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन]]'''<br/>'''[[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनंद विहार आईएसबीटी]]''' |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |38 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}''' |'''Karkarduma''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |39 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}}''' |'''Karkarduma Court''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |40 |'''{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}}''' |'''Krishna Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |41 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}}''' |'''East Azad Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |42 |'''{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}''' |'''वेलकम''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |43 |'''{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}}''' |'''Jaffarabad''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |44 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line (Branch)</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}}''' |'''Gokulpuri''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}}''' |'''Johri Enclave''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}}''' |'''Shiv Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} == रेल जानकारी == {| class="wikitable" style="text-align: center" ! style="background: #{{rail color|Delhi Metro|pink}};" colspan="3" |<span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- !रेल प्रकार |ह्युंडाई रोटेम |एल्स्टम मेट्रोपोलिस |- !रेल गेज | colspan="2" |4&nbsp;ft {{frac|8|1|2}} in (1,435&nbsp;mm) [[मानक गेज]] |- !विद्युतीकरण | colspan="2" |ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV, 50&nbsp;Hz [[प्रत्यावर्ती धारा|ए.सी]] |- !अधिकतम गति | colspan="2" |100&nbsp;km/h |- !संचालक | colspan="2" |[[दिल्ली मेट्रो]] |} == संदर्भ == {{reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड. (आधिकारिक साइट)]* [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो की वार्षिक रिपोर्ट] * {{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|title=Station Information|website=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|archive-date=19 June 2010|url-status=dead}} {{Delhi Metro}} {{Delhi & NCR Metro stations|pink line=yes}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] [[श्रेणी:दिल्ली में यातायात]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो लाइनें]] rrp4gcxjezakn52mkizdxd54g99v231 6541649 6541648 2026-04-17T17:23:50Z Ankit231132 874432 6541649 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Delhi Metro|Pink}} | box_width = | name = पिंक लाइन<br> (लाइन 7) | image = The rear of a Hyundai-Rotem coach of Delhi Metro's Pink Line at Anand Vihar metro station.jpg | caption = आनंद विहार [रेलवे] स्टेशन के निकट पिंक लाइन | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[दिल्ली मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[दिल्ली]] | start = [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] | end = [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] | stations = [[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|38]] | daily_ridership = | open = *14 मार्च 2018 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]]) *6 अगस्त 2018 ([[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] – [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]]) *31 अक्टूबर 2018 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]]) *31 दिसंबर 2018 ([[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) *6 अगस्त 2021 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन|श्री राम मंदिर मयूर विहार]]) *8 मार्च 2026 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]]) | close = | owner = [[दिल्ली मेट्रो]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = भूमिगत व उभरा हुआ | stock = ह्युंडाई-रोटेम | linelength = {{convert|59.24|km|mi|abbr=on }} | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed }} '''पिंक लाइन''' [[दिल्ली मेट्रो]] रेल सेवा, [[त्वरित परिवहन|रैपिड ट्रांजिट]] प्रणाली की एक रेल लाइन है। यह दिल्ली मेट्रो के तृतीय चरण के तहत आती है और अभी निमाणाधीन है। यह [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] से [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] तक ३८ मेट्रो स्टेशन्स को जोड़ती है और जिसकी कुल लंबाई {{Convert|58.59|km|mi}} है। यह लगभग पूरे मार्ग पर उपरिगामी सेतु पर बनी है और अंग्रेज़ी के यू अक्षर के आकार की है। इस पिंक लाइन को रिंग रोड लाइन भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश स्टेशन व लाइन मुख्य रिंग मार के साथ साथ ही बने हैं। इस तरह ये दिल्ली व्यस्त्ततम मार्ग रिंग रोड को कुछ राहत देगी। == स्टेशन == {{main|दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची}} पिंक लाइन के स्टेशं इस प्रकार हैं:<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMR) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |4 |8 मार्च 2026 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}''' |'''Yamuna Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}''' |'''Bhajanpura''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}''' |'''Khajuri Khas''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |5 |'''{{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}''' |'''Nanaksar Sonia Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |6 |'''{{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}''' |'''Soorghat''' |4 |2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |7 |'''{{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}''' |'''Jagatpur - Wazirabad''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |8 |'''{{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}''' |'''Jharoda Majra''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |9 |'''{{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}''' |'''Burari''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |10 |'''{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}''' |'''Majlis Park''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} |उभरा हुआ |साइड |मुकुंदपुर डिपो |भू-स्तरीय |- |11 |'''{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}''' |'''Azadpur''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} <br/>{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} <br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |12 |'''{{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}''' |'''Shalimar Bagh''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |13 |'''{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}''' |'''Netaji Subhash Place''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |भूमिगत |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |14 |'''{{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}''' |'''Shakurpur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |15 |'''{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}''' |'''Punjabi Bagh West''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Green|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |16 |'''{{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}''' |'''ESI - Basaidarapur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |17 |'''{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}''' |'''Rajouri Garden''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |18 |'''{{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}''' |'''Mayapuri''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |19 |'''{{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}''' |'''Naraina Vihar''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |20 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}''' |'''Delhi Cantonment''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |21 |'''{{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}''' |'''Durgabai Deshmukh South Campus''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}<br>({{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} से बदलाव) |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |22 |'''{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}}''' |'''Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |23 |'''{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}}''' |'''Bhikaji Cama Place''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |24 |'''{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}}''' |'''Sarojini Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |25 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}''' |'''Dilli Haat - INA''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |26 |'''{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}}''' |'''South Extension''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |27 |'''{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}''' |'''Lajpat Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}<br/>{{rcb|Delhi Metro|Golden|croute}}<br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |28 |'''{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}}''' |'''Vinobapuri''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |29 |'''{{stl|Delhi Metro|आश्रम}}''' |'''Ashram''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |30 |'''{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}''' |'''Sarai Kale Khan - Nizamuddin''' |3 |31 दिसंबर 2018 | '''[[File:NCRTC logo.png|25px]] {{stl|RapidX|सराय काले खाँ}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]] [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]''' <br/>'''[[वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा, दिल्ली|सराय काले खाँ आईएसबीटी]]''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |31 |'''{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}''' |'''Mayur Vihar-I''' |3 |31 दिसंबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |32 |'''{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}}''' |'''Shri Ram Mandir Mayur Vihar''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |33 |'''{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}}''' |'''Trilokpuri Sanjay Lake''' |3 |31 अक्टूबर 2018||कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |34 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}}''' |'''East Vinod Nagar - Mayur Vihar-II''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |35 |'''{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}}''' |'''Mandawali - West Vinod Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |36 |'''{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}}''' |'''IP Extension''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |विनोद नगर - गाज़िपुर डिपो |भू-स्तरीय<br>उभरा हुआ |- |37 |'''{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}''' |'''Anand Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <br/>''' [[File:NCRTC logo.png|25px]] [[File:A02 Anand Vihar RRTS station (capsule).svg|25px]] {{stl|RapidX|आनंद विहार}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]][[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन]]'''<br/>'''[[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनंद विहार आईएसबीटी]]''' |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |38 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}''' |'''Karkarduma''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |39 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}}''' |'''Karkarduma Court''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |40 |'''{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}}''' |'''Krishna Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |41 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}}''' |'''East Azad Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |42 |'''{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}''' |'''वेलकम''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |43 |'''{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}}''' |'''Jaffarabad''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |44 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line (Branch)</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}}''' |'''Gokulpuri''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}}''' |'''Johri Enclave''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}}''' |'''Shiv Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} == रेल जानकारी == {| class="wikitable" style="text-align: center" ! style="background: #{{rail color|Delhi Metro|pink}};" colspan="3" |<span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- !रेल प्रकार |ह्युंडाई रोटेम |एल्स्टम मेट्रोपोलिस |- !रेल गेज | colspan="2" |4&nbsp;ft {{frac|8|1|2}} in (1,435&nbsp;mm) [[मानक गेज]] |- !विद्युतीकरण | colspan="2" |ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV, 50&nbsp;Hz [[प्रत्यावर्ती धारा|ए.सी]] |- !अधिकतम गति | colspan="2" |100&nbsp;km/h |- !संचालक | colspan="2" |[[दिल्ली मेट्रो]] |} == संदर्भ == {{reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड. (आधिकारिक साइट)]* [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो की वार्षिक रिपोर्ट] * {{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|title=Station Information|website=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|archive-date=19 June 2010|url-status=dead}} {{Delhi Metro}} {{Delhi & NCR Metro stations|pink line=yes}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] [[श्रेणी:दिल्ली में यातायात]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो लाइनें]] it1h0bugn2d4ddwb7j8zd2ginyhwosc 6541650 6541649 2026-04-17T17:32:19Z Ankit231132 874432 6541650 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Delhi Metro|Pink}} | box_width = | name = पिंक लाइन<br> (लाइन 7) | image = The rear of a Hyundai-Rotem coach of Delhi Metro's Pink Line at Anand Vihar metro station.jpg | caption = आनंद विहार [रेलवे] स्टेशन के निकट पिंक लाइन | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[दिल्ली मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[दिल्ली]] | start = [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] | end = [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] | stations = [[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|38]] | daily_ridership = | open = *14 मार्च 2018 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]]) *6 अगस्त 2018 ([[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] – [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]]) *31 अक्टूबर 2018 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]]) *31 दिसंबर 2018 ([[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) *6 अगस्त 2021 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन|श्री राम मंदिर मयूर विहार]]) *8 मार्च 2026 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]]) | close = | owner = [[दिल्ली मेट्रो]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = भूमिगत व उभरा हुआ | stock = ह्युंडाई-रोटेम | linelength = {{convert|59.24|km|mi|abbr=on }} | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed }} '''पिंक लाइन (लाइन 7)''' या '''पिंक सर्कुलर लाइन''' [[दिल्ली मेट्रो]] रेल सेवा, [[त्वरित परिवहन|रैपिड ट्रांजिट]] प्रणाली की एक रेल लाइन है। यह दिल्ली मेट्रो के तृतीय चरण के तहत आती है। यह [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]] से [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] तक [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] होते हुए ४६ मेट्रो स्टेशन्स को जोड़ती है और जिसकी कुल लंबाई {{Convert|73.49|km|mi}} है। यह दिल्ली मेट्रो — और पूरे भारत — की सबसे लंबी मेट्रो लाइन है। यह लगभग पूरे मार्ग पर उपरिगामी सेतु पर बनी है और अंग्रेज़ी के ओ अक्षर के आकार की है। इस पिंक लाइन को रिंग रोड लाइन भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश स्टेशन व लाइन मुख्य रिंग मार के साथ साथ ही बने हैं। इस तरह ये दिल्ली व्यस्त्ततम मार्ग रिंग रोड को कुछ राहत देगी। == स्टेशन == {{main|दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची}} पिंक लाइन के स्टेशं इस प्रकार हैं:<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMR) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |4 |8 मार्च 2026 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}''' |'''Yamuna Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}''' |'''Bhajanpura''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}''' |'''Khajuri Khas''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |5 |'''{{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}''' |'''Nanaksar Sonia Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |6 |'''{{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}''' |'''Soorghat''' |4 |2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |7 |'''{{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}''' |'''Jagatpur - Wazirabad''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |8 |'''{{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}''' |'''Jharoda Majra''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |9 |'''{{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}''' |'''Burari''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |10 |'''{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}''' |'''Majlis Park''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} |उभरा हुआ |साइड |मुकुंदपुर डिपो |भू-स्तरीय |- |11 |'''{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}''' |'''Azadpur''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} <br/>{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} <br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |12 |'''{{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}''' |'''Shalimar Bagh''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |13 |'''{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}''' |'''Netaji Subhash Place''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |भूमिगत |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |14 |'''{{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}''' |'''Shakurpur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |15 |'''{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}''' |'''Punjabi Bagh West''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Green|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |16 |'''{{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}''' |'''ESI - Basaidarapur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |17 |'''{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}''' |'''Rajouri Garden''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |18 |'''{{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}''' |'''Mayapuri''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |19 |'''{{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}''' |'''Naraina Vihar''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |20 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}''' |'''Delhi Cantonment''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |21 |'''{{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}''' |'''Durgabai Deshmukh South Campus''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}<br>({{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} से बदलाव) |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |22 |'''{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}}''' |'''Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |23 |'''{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}}''' |'''Bhikaji Cama Place''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |24 |'''{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}}''' |'''Sarojini Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |25 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}''' |'''Dilli Haat - INA''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |26 |'''{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}}''' |'''South Extension''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |27 |'''{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}''' |'''Lajpat Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}<br/>{{rcb|Delhi Metro|Golden|croute}}<br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |28 |'''{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}}''' |'''Vinobapuri''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |29 |'''{{stl|Delhi Metro|आश्रम}}''' |'''Ashram''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |30 |'''{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}''' |'''Sarai Kale Khan - Nizamuddin''' |3 |31 दिसंबर 2018 | '''[[File:NCRTC logo.png|25px]] {{stl|RapidX|सराय काले खाँ}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]] [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]''' <br/>'''[[वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा, दिल्ली|सराय काले खाँ आईएसबीटी]]''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |31 |'''{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}''' |'''Mayur Vihar-I''' |3 |31 दिसंबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |32 |'''{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}}''' |'''Shri Ram Mandir Mayur Vihar''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |33 |'''{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}}''' |'''Trilokpuri Sanjay Lake''' |3 |31 अक्टूबर 2018||कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |34 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}}''' |'''East Vinod Nagar - Mayur Vihar-II''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |35 |'''{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}}''' |'''Mandawali - West Vinod Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |36 |'''{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}}''' |'''IP Extension''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |विनोद नगर - गाज़िपुर डिपो |भू-स्तरीय<br>उभरा हुआ |- |37 |'''{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}''' |'''Anand Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <br/>''' [[File:NCRTC logo.png|25px]] [[File:A02 Anand Vihar RRTS station (capsule).svg|25px]] {{stl|RapidX|आनंद विहार}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]][[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन]]'''<br/>'''[[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनंद विहार आईएसबीटी]]''' |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |38 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}''' |'''Karkarduma''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |39 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}}''' |'''Karkarduma Court''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |40 |'''{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}}''' |'''Krishna Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |41 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}}''' |'''East Azad Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |42 |'''{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}''' |'''वेलकम''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |43 |'''{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}}''' |'''Jaffarabad''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |44 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line (Branch)</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}}''' |'''Gokulpuri''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}}''' |'''Johri Enclave''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}}''' |'''Shiv Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} == रेल जानकारी == {| class="wikitable" style="text-align: center" ! style="background: #{{rail color|Delhi Metro|pink}};" colspan="3" |<span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- !रेल प्रकार |ह्युंडाई रोटेम |एल्स्टम मेट्रोपोलिस |- !रेल गेज | colspan="2" |4&nbsp;ft {{frac|8|1|2}} in (1,435&nbsp;mm) [[मानक गेज]] |- !विद्युतीकरण | colspan="2" |ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV, 50&nbsp;Hz [[प्रत्यावर्ती धारा|ए.सी]] |- !अधिकतम गति | colspan="2" |100&nbsp;km/h |- !संचालक | colspan="2" |[[दिल्ली मेट्रो]] |} == संदर्भ == {{reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड. (आधिकारिक साइट)]* [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो की वार्षिक रिपोर्ट] * {{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|title=Station Information|website=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|archive-date=19 June 2010|url-status=dead}} {{Delhi Metro}} {{Delhi & NCR Metro stations|pink line=yes}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] [[श्रेणी:दिल्ली में यातायात]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो लाइनें]] ni1ddf6vg416hr3qq4bfj7jjuagdmzw 6541757 6541650 2026-04-18T04:14:10Z Ankit231132 874432 6541757 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Delhi Metro|Pink}} | box_width = | name = पिंक लाइन (लाइन 7)<br> <small>पिंक सर्कुलर लाइन</small> | image = The rear of a Hyundai-Rotem coach of Delhi Metro's Pink Line at Anand Vihar metro station.jpg | caption = आनंद विहार स्टेशन के निकट पिंक लाइन | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[दिल्ली मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[दिल्ली]] | start = '''(मुख्य लाइन):''' गोलाकार लाइन / सर्कुलर लाइन | end = '''(Branch):''' [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]] एवं [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] | stations = [[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|46]] | daily_ridership = | open = *14 मार्च 2018 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]]) *6 अगस्त 2018 ([[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] – [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]]) *31 अक्टूबर 2018 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]]) *31 दिसंबर 2018 ([[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) *6 अगस्त 2021 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन|श्री राम मंदिर मयूर विहार]]) *8 मार्च 2026 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]]) | close = | owner = [[दिल्ली मेट्रो]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = भूमिगत व उभरा हुआ | stock = ह्युंडाई-रोटेम | linelength = {{convert|73.49|km|mi|abbr=on }} | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed }} '''पिंक लाइन (लाइन 7)''' या '''पिंक सर्कुलर लाइन''' [[दिल्ली मेट्रो]] रेल सेवा, [[त्वरित परिवहन|रैपिड ट्रांजिट]] प्रणाली की एक रेल लाइन है। यह दिल्ली मेट्रो के तृतीय चरण के तहत आती है। यह [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]] से [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] तक [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] होते हुए ४६ मेट्रो स्टेशन्स को जोड़ती है और जिसकी कुल लंबाई {{Convert|73.49|km|mi}} है। यह दिल्ली मेट्रो — और पूरे भारत — की सबसे लंबी मेट्रो लाइन है। यह लगभग पूरे मार्ग पर उपरिगामी सेतु पर बनी है और अंग्रेज़ी के ओ अक्षर के आकार की है। इस पिंक लाइन को रिंग रोड लाइन भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश स्टेशन व लाइन मुख्य रिंग मार के साथ साथ ही बने हैं। इस तरह ये दिल्ली व्यस्त्ततम मार्ग रिंग रोड को कुछ राहत देगी। == स्टेशन == {{main|दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची}} पिंक लाइन के स्टेशं इस प्रकार हैं:<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMR) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |4 |8 मार्च 2026 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}''' |'''Yamuna Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}''' |'''Bhajanpura''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}''' |'''Khajuri Khas''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |5 |'''{{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}''' |'''Nanaksar Sonia Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |6 |'''{{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}''' |'''Soorghat''' |4 |2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |7 |'''{{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}''' |'''Jagatpur - Wazirabad''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |8 |'''{{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}''' |'''Jharoda Majra''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |9 |'''{{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}''' |'''Burari''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |10 |'''{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}''' |'''Majlis Park''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} |उभरा हुआ |साइड |मुकुंदपुर डिपो |भू-स्तरीय |- |11 |'''{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}''' |'''Azadpur''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} <br/>{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} <br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |12 |'''{{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}''' |'''Shalimar Bagh''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |13 |'''{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}''' |'''Netaji Subhash Place''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |भूमिगत |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |14 |'''{{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}''' |'''Shakurpur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |15 |'''{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}''' |'''Punjabi Bagh West''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Green|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |16 |'''{{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}''' |'''ESI - Basaidarapur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |17 |'''{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}''' |'''Rajouri Garden''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |18 |'''{{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}''' |'''Mayapuri''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |19 |'''{{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}''' |'''Naraina Vihar''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |20 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}''' |'''Delhi Cantonment''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |21 |'''{{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}''' |'''Durgabai Deshmukh South Campus''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}<br>({{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} से बदलाव) |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |22 |'''{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}}''' |'''Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |23 |'''{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}}''' |'''Bhikaji Cama Place''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |24 |'''{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}}''' |'''Sarojini Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |25 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}''' |'''Dilli Haat - INA''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |26 |'''{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}}''' |'''South Extension''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |27 |'''{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}''' |'''Lajpat Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}<br/>{{rcb|Delhi Metro|Golden|croute}}<br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |28 |'''{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}}''' |'''Vinobapuri''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |29 |'''{{stl|Delhi Metro|आश्रम}}''' |'''Ashram''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |30 |'''{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}''' |'''Sarai Kale Khan - Nizamuddin''' |3 |31 दिसंबर 2018 | '''[[File:NCRTC logo.png|25px]] {{stl|RapidX|सराय काले खाँ}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]] [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]''' <br/>'''[[वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा, दिल्ली|सराय काले खाँ आईएसबीटी]]''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |31 |'''{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}''' |'''Mayur Vihar-I''' |3 |31 दिसंबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |32 |'''{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}}''' |'''Shri Ram Mandir Mayur Vihar''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |33 |'''{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}}''' |'''Trilokpuri Sanjay Lake''' |3 |31 अक्टूबर 2018||कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |34 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}}''' |'''East Vinod Nagar - Mayur Vihar-II''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |35 |'''{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}}''' |'''Mandawali - West Vinod Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |36 |'''{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}}''' |'''IP Extension''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |विनोद नगर - गाज़िपुर डिपो |भू-स्तरीय<br>उभरा हुआ |- |37 |'''{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}''' |'''Anand Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <br/>''' [[File:NCRTC logo.png|25px]] [[File:A02 Anand Vihar RRTS station (capsule).svg|25px]] {{stl|RapidX|आनंद विहार}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]][[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन]]'''<br/>'''[[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनंद विहार आईएसबीटी]]''' |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |38 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}''' |'''Karkarduma''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |39 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}}''' |'''Karkarduma Court''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |40 |'''{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}}''' |'''Krishna Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |41 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}}''' |'''East Azad Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |42 |'''{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}''' |'''वेलकम''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |43 |'''{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}}''' |'''Jaffarabad''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |44 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line (Branch)</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}}''' |'''Gokulpuri''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}}''' |'''Johri Enclave''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}}''' |'''Shiv Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} == रेल जानकारी == {| class="wikitable" style="text-align: center" ! style="background: #{{rail color|Delhi Metro|pink}};" colspan="3" |<span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- !रेल प्रकार |ह्युंडाई रोटेम |एल्स्टम मेट्रोपोलिस |- !रेल गेज | colspan="2" |4&nbsp;ft {{frac|8|1|2}} in (1,435&nbsp;mm) [[मानक गेज]] |- !विद्युतीकरण | colspan="2" |ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV, 50&nbsp;Hz [[प्रत्यावर्ती धारा|ए.सी]] |- !अधिकतम गति | colspan="2" |100&nbsp;km/h |- !संचालक | colspan="2" |[[दिल्ली मेट्रो]] |} == संदर्भ == {{reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड. (आधिकारिक साइट)]* [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो की वार्षिक रिपोर्ट] * {{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|title=Station Information|website=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|archive-date=19 June 2010|url-status=dead}} {{Delhi Metro}} {{Delhi & NCR Metro stations|pink line=yes}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] [[श्रेणी:दिल्ली में यातायात]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो लाइनें]] 7ewzpr2bup1jr39oyiuam935sr74qaf 6541758 6541757 2026-04-18T04:15:15Z Ankit231132 874432 6541758 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Delhi Metro|Pink}} | box_width = | name = पिंक लाइन (लाइन 7)<br> <small>पिंक सर्कुलर लाइन</small> | image = The rear of a Hyundai-Rotem coach of Delhi Metro's Pink Line at Anand Vihar metro station.jpg | caption = आनंद विहार स्टेशन के निकट पिंक लाइन | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[दिल्ली मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[दिल्ली]] | start = '''(मुख्य लाइन):''' गोलाकार लाइन / सर्कुलर लाइन | end = '''(शाखा):''' [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]] एवं [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] | stations = [[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|46]] | daily_ridership = | open = *14 मार्च 2018 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]]) *6 अगस्त 2018 ([[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] – [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]]) *31 अक्टूबर 2018 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]]) *31 दिसंबर 2018 ([[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) *6 अगस्त 2021 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन|श्री राम मंदिर मयूर विहार]]) *8 मार्च 2026 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]]) | close = | owner = [[दिल्ली मेट्रो]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = भूमिगत व उभरा हुआ | stock = ह्युंडाई-रोटेम | linelength = {{convert|73.49|km|mi|abbr=on }} | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed }} '''पिंक लाइन (लाइन 7)''' या '''पिंक सर्कुलर लाइन''' [[दिल्ली मेट्रो]] रेल सेवा, [[त्वरित परिवहन|रैपिड ट्रांजिट]] प्रणाली की एक रेल लाइन है। यह दिल्ली मेट्रो के तृतीय चरण के तहत आती है। यह [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]] से [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] तक [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] होते हुए ४६ मेट्रो स्टेशन्स को जोड़ती है और जिसकी कुल लंबाई {{Convert|73.49|km|mi}} है। यह दिल्ली मेट्रो — और पूरे भारत — की सबसे लंबी मेट्रो लाइन है। यह लगभग पूरे मार्ग पर उपरिगामी सेतु पर बनी है और अंग्रेज़ी के ओ अक्षर के आकार की है। इस पिंक लाइन को रिंग रोड लाइन भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश स्टेशन व लाइन मुख्य रिंग मार के साथ साथ ही बने हैं। इस तरह ये दिल्ली व्यस्त्ततम मार्ग रिंग रोड को कुछ राहत देगी। == स्टेशन == {{main|दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची}} पिंक लाइन के स्टेशं इस प्रकार हैं:<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMR) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |4 |8 मार्च 2026 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}''' |'''Yamuna Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}''' |'''Bhajanpura''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}''' |'''Khajuri Khas''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |5 |'''{{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}''' |'''Nanaksar Sonia Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |6 |'''{{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}''' |'''Soorghat''' |4 |2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |7 |'''{{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}''' |'''Jagatpur - Wazirabad''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |8 |'''{{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}''' |'''Jharoda Majra''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |9 |'''{{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}''' |'''Burari''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |10 |'''{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}''' |'''Majlis Park''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} |उभरा हुआ |साइड |मुकुंदपुर डिपो |भू-स्तरीय |- |11 |'''{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}''' |'''Azadpur''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} <br/>{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} <br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |12 |'''{{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}''' |'''Shalimar Bagh''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |13 |'''{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}''' |'''Netaji Subhash Place''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |भूमिगत |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |14 |'''{{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}''' |'''Shakurpur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |15 |'''{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}''' |'''Punjabi Bagh West''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Green|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |16 |'''{{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}''' |'''ESI - Basaidarapur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |17 |'''{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}''' |'''Rajouri Garden''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |18 |'''{{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}''' |'''Mayapuri''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |19 |'''{{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}''' |'''Naraina Vihar''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |20 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}''' |'''Delhi Cantonment''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |21 |'''{{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}''' |'''Durgabai Deshmukh South Campus''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}<br>({{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} से बदलाव) |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |22 |'''{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}}''' |'''Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |23 |'''{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}}''' |'''Bhikaji Cama Place''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |24 |'''{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}}''' |'''Sarojini Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |25 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}''' |'''Dilli Haat - INA''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |26 |'''{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}}''' |'''South Extension''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |27 |'''{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}''' |'''Lajpat Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}<br/>{{rcb|Delhi Metro|Golden|croute}}<br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |28 |'''{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}}''' |'''Vinobapuri''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |29 |'''{{stl|Delhi Metro|आश्रम}}''' |'''Ashram''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |30 |'''{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}''' |'''Sarai Kale Khan - Nizamuddin''' |3 |31 दिसंबर 2018 | '''[[File:NCRTC logo.png|25px]] {{stl|RapidX|सराय काले खाँ}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]] [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]''' <br/>'''[[वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा, दिल्ली|सराय काले खाँ आईएसबीटी]]''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |31 |'''{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}''' |'''Mayur Vihar-I''' |3 |31 दिसंबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |32 |'''{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}}''' |'''Shri Ram Mandir Mayur Vihar''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |33 |'''{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}}''' |'''Trilokpuri Sanjay Lake''' |3 |31 अक्टूबर 2018||कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |34 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}}''' |'''East Vinod Nagar - Mayur Vihar-II''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |35 |'''{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}}''' |'''Mandawali - West Vinod Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |36 |'''{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}}''' |'''IP Extension''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |विनोद नगर - गाज़िपुर डिपो |भू-स्तरीय<br>उभरा हुआ |- |37 |'''{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}''' |'''Anand Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <br/>''' [[File:NCRTC logo.png|25px]] [[File:A02 Anand Vihar RRTS station (capsule).svg|25px]] {{stl|RapidX|आनंद विहार}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]][[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन]]'''<br/>'''[[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनंद विहार आईएसबीटी]]''' |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |38 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}''' |'''Karkarduma''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |39 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}}''' |'''Karkarduma Court''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |40 |'''{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}}''' |'''Krishna Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |41 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}}''' |'''East Azad Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |42 |'''{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}''' |'''वेलकम''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |43 |'''{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}}''' |'''Jaffarabad''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |44 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">Pink Line (Branch)</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}}''' |'''Gokulpuri''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}}''' |'''Johri Enclave''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}}''' |'''Shiv Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} == रेल जानकारी == {| class="wikitable" style="text-align: center" ! style="background: #{{rail color|Delhi Metro|pink}};" colspan="3" |<span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- !रेल प्रकार |ह्युंडाई रोटेम |एल्स्टम मेट्रोपोलिस |- !रेल गेज | colspan="2" |4&nbsp;ft {{frac|8|1|2}} in (1,435&nbsp;mm) [[मानक गेज]] |- !विद्युतीकरण | colspan="2" |ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV, 50&nbsp;Hz [[प्रत्यावर्ती धारा|ए.सी]] |- !अधिकतम गति | colspan="2" |100&nbsp;km/h |- !संचालक | colspan="2" |[[दिल्ली मेट्रो]] |} == संदर्भ == {{reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड. (आधिकारिक साइट)]* [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो की वार्षिक रिपोर्ट] * {{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|title=Station Information|website=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|archive-date=19 June 2010|url-status=dead}} {{Delhi Metro}} {{Delhi & NCR Metro stations|pink line=yes}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] [[श्रेणी:दिल्ली में यातायात]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो लाइनें]] iiahkpwyov2m5vkrch66wb0k7e9hybm 6541759 6541758 2026-04-18T04:17:25Z Ankit231132 874432 /* स्टेशन */ 6541759 wikitext text/x-wiki {{Infobox rail line | color = {{rail color|Delhi Metro|Pink}} | box_width = | name = पिंक लाइन (लाइन 7)<br> <small>पिंक सर्कुलर लाइन</small> | image = The rear of a Hyundai-Rotem coach of Delhi Metro's Pink Line at Anand Vihar metro station.jpg | caption = आनंद विहार स्टेशन के निकट पिंक लाइन | type = [[त्वरित परिवहन]] | system = [[दिल्ली मेट्रो]] | status = संचालित | locale = [[दिल्ली]] | start = '''(मुख्य लाइन):''' गोलाकार लाइन / सर्कुलर लाइन | end = '''(शाखा):''' [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]] एवं [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] | stations = [[दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची|46]] | daily_ridership = | open = *14 मार्च 2018 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]]) *6 अगस्त 2018 ([[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] – [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]]) *31 अक्टूबर 2018 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]]) *31 दिसंबर 2018 ([[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] – [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]]) *6 अगस्त 2021 ([[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] – [[श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन|श्री राम मंदिर मयूर विहार]]) *8 मार्च 2026 ([[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] – [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]]) | close = | owner = [[दिल्ली मेट्रो]] | operator = [[दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन]] | character = भूमिगत व उभरा हुआ | stock = ह्युंडाई-रोटेम | linelength = {{convert|73.49|km|mi|abbr=on }} | tracklength = | tracks = | gauge = {{track gauge|sg|allk=on}} | electrification = {{25 kV 50 Hz}} ओवरहेड लाइन | speed = | elevation = | map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed }} '''पिंक लाइन (लाइन 7)''' या '''पिंक सर्कुलर लाइन''' [[दिल्ली मेट्रो]] रेल सेवा, [[त्वरित परिवहन|रैपिड ट्रांजिट]] प्रणाली की एक रेल लाइन है। यह दिल्ली मेट्रो के तृतीय चरण के तहत आती है। यह [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]] से [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] तक [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] होते हुए ४६ मेट्रो स्टेशन्स को जोड़ती है और जिसकी कुल लंबाई {{Convert|73.49|km|mi}} है। यह दिल्ली मेट्रो — और पूरे भारत — की सबसे लंबी मेट्रो लाइन है। यह लगभग पूरे मार्ग पर उपरिगामी सेतु पर बनी है और अंग्रेज़ी के ओ अक्षर के आकार की है। इस पिंक लाइन को रिंग रोड लाइन भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश स्टेशन व लाइन मुख्य रिंग मार के साथ साथ ही बने हैं। इस तरह ये दिल्ली व्यस्त्ततम मार्ग रिंग रोड को कुछ राहत देगी। == स्टेशन == {{main|दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की सूची}} पिंक लाइन के स्टेशं इस प्रकार हैं:<ref>{{cite web |url=http://www.delhimetrorail.com/Phase-III_documetnt/pdf/61PH-III_DMRC_-Model.pdf |title=Metro Network Phase I, II, III & NCR |publisher=[[Delhi Metro Rail Corporation]] Ltd (DMR) |date=February 2015 |access-date=2015-06-28}}</ref> {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |4 |8 मार्च 2026 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}''' |'''Yamuna Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}''' |'''Bhajanpura''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}''' |'''Khajuri Khas''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |5 |'''{{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}''' |'''Nanaksar Sonia Vihar''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |6 |'''{{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}''' |'''Soorghat''' |4 |2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |7 |'''{{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}''' |'''Jagatpur - Wazirabad''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |8 |'''{{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}''' |'''Jharoda Majra''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |9 |'''{{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}''' |'''Burari''' |4 |8 मार्च 2026 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |10 |'''{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}''' |'''Majlis Park''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} |उभरा हुआ |साइड |मुकुंदपुर डिपो |भू-स्तरीय |- |11 |'''{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}''' |'''Azadpur''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} <br/>{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}} <br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |12 |'''{{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}''' |'''Shalimar Bagh''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |13 |'''{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}''' |'''Netaji Subhash Place''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |भूमिगत |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |14 |'''{{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}''' |'''Shakurpur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |15 |'''{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}''' |'''Punjabi Bagh West''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Green|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |16 |'''{{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}''' |'''ESI - Basaidarapur''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |17 |'''{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}''' |'''Rajouri Garden''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |18 |'''{{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}''' |'''Mayapuri''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |19 |'''{{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}''' |'''Naraina Vihar''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |20 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}''' |'''Delhi Cantonment''' |3 |14 मार्च 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |21 |'''{{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}''' |'''Durgabai Deshmukh South Campus''' |3 |14 मार्च 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}<br>({{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} से बदलाव) |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |22 |'''{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}}''' |'''Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ | Side |कोई नहीं |कोई नहीं |- |23 |'''{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}}''' |'''Bhikaji Cama Place''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |24 |'''{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}}''' |'''Sarojini Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |25 |'''{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}''' |'''Dilli Haat - INA''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |26 |'''{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}}''' |'''South Extension''' |3 |6 अगस्त 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |27 |'''{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}''' |'''Lajpat Nagar''' |3 |6 अगस्त 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}<br/>{{rcb|Delhi Metro|Golden|croute}}<br/>'''(चरण 4 - निर्माणाधीन)''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |28 |'''{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}}''' |'''Vinobapuri''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |29 |'''{{stl|Delhi Metro|आश्रम}}''' |'''Ashram''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |भूमिगत | Island |कोई नहीं |कोई नहीं |- |30 |'''{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}''' |'''Sarai Kale Khan - Nizamuddin''' |3 |31 दिसंबर 2018 | '''[[File:NCRTC logo.png|25px]] {{stl|RapidX|सराय काले खाँ}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]] [[हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन|हजरत निजामुद्दीन]]''' <br/>'''[[वीर हकीकत राय अन्तर्राज्यीय बस अड्डा, दिल्ली|सराय काले खाँ आईएसबीटी]]''' |भूमिगत |आइलैंड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |31 |'''{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}''' |'''Mayur Vihar-I''' |3 |31 दिसंबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |32 |'''{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}}''' |'''Shri Ram Mandir Mayur Vihar''' |3 |31 दिसंबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |33 |'''{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}}''' |'''Trilokpuri Sanjay Lake''' |3 |31 अक्टूबर 2018||कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |34 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}}''' |'''East Vinod Nagar - Mayur Vihar-II''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |35 |'''{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}}''' |'''Mandawali - West Vinod Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |36 |'''{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}}''' |'''IP Extension''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |विनोद नगर - गाज़िपुर डिपो |भू-स्तरीय<br>उभरा हुआ |- |37 |'''{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}''' |'''Anand Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <br/>''' [[File:NCRTC logo.png|25px]] [[File:A02 Anand Vihar RRTS station (capsule).svg|25px]] {{stl|RapidX|आनंद विहार}}'''<br/>'''[[File:Indian Railways Suburban Railway Logo.svg|20px]][[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन]]'''<br/>'''[[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनंद विहार आईएसबीटी]]''' |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |38 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}''' |'''Karkarduma''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |39 |'''{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}}''' |'''Karkarduma Court''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |40 |'''{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}}''' |'''Krishna Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |41 |'''{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}}''' |'''East Azad Nagar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |42 |'''{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}''' |'''वेलकम''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |43 |'''{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}}''' |'''Jaffarabad''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |44 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="100%" ! colspan="10" style="background:#{{rail color|Delhi Metro|Pink}};" | <span style="color:White;">पिंक लाइन (शाखा)</span> |- ! rowspan="2" |# ! colspan="2" |नाम ! rowspan="2" |चरण ! rowspan="2" |प्रारंभ ! rowspan="2" |बदलाव स्टेशन ! rowspan="2" |स्टेशन नक्शा ! rowspan="2" |प्लेटफॉर्म स्तर प्रकार ! rowspan="2" |डिपो जुड़ाव ! rowspan="2" |डिपो नक्शा |- !हिन्दी !अंग्रेज़ी |- |1 |'''{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}''' |'''Maujpur - Babarpur''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |2 |'''{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}}''' |'''Gokulpuri''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |3 |'''{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}}''' |'''Johri Enclave''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |- |4 |'''{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}}''' |'''Shiv Vihar''' |3 |31 अक्टूबर 2018 |कोई नहीं |उभरा हुआ |साइड |कोई नहीं |कोई नहीं |} == रेल जानकारी == {| class="wikitable" style="text-align: center" ! style="background: #{{rail color|Delhi Metro|pink}};" colspan="3" |<span style="color:White;">पिंक लाइन</span> |- !रेल प्रकार |ह्युंडाई रोटेम |एल्स्टम मेट्रोपोलिस |- !रेल गेज | colspan="2" |4&nbsp;ft {{frac|8|1|2}} in (1,435&nbsp;mm) [[मानक गेज]] |- !विद्युतीकरण | colspan="2" |ओवरहेड लाइन द्वारा 25 kV, 50&nbsp;Hz [[प्रत्यावर्ती धारा|ए.सी]] |- !अधिकतम गति | colspan="2" |100&nbsp;km/h |- !संचालक | colspan="2" |[[दिल्ली मेट्रो]] |} == संदर्भ == {{reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड. (आधिकारिक साइट)]* [https://web.archive.org/web/20180704212923/http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ दिल्ली मेट्रो की वार्षिक रिपोर्ट] * {{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|title=Station Information|website=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html|archive-date=19 June 2010|url-status=dead}} {{Delhi Metro}} {{Delhi & NCR Metro stations|pink line=yes}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] [[श्रेणी:दिल्ली में यातायात]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो लाइनें]] l3pc4jw6x9ox7lesfbsr52mjsc41243 मोतीबाग मेट्रो स्टेशन 0 924414 6541619 6157325 2026-04-17T15:37:02Z Ankit231132 874432 अनुप्रेषण का लक्ष्य [[सर विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन]] से [[सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन]] में बदला 6541619 wikitext text/x-wiki #redirect[[सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन]] n8d2zzn993gofft2kbae6fh6ioj5hkq ईशान खट्टर 0 925210 6541662 6303765 2026-04-17T18:52:31Z ~2026-23585-71 920854 गलत grammar और टूटे हुए वाक्य ठीक किए 6541662 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति |image=Premiere of ‘Beyond The Clouds’ at IFFI 2017 in Goa (cropped).jpg |caption=खट्टर 2017 में ''[[Beyond the Clouds (2017 film)|बियॉन्ड द क्लाउड्स]]'' के कार्यक्रम में |birth_date={{birth date and age|df=yes|1995|11|01}} |birth_place=[[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] |occupation=अभिनेता |parents=[[राजेश खट्टर]]<br>[[नीलिमा अज़ीम]] |relatives=[[शाहिद कपूर]] (सौतेले भाई) }} '''इशान खट्टर''' (जन्म 1 नवंबर 1995) एक भारतीय अभिनेता हैं, जो हिंदी फ़िल्मों में कार्य करते हैं। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में 2005 की फ़िल्म ''[[वाह! लाइफ हो तो ऐसी!]]'' से की, जिसमें उनके सौतेले भाई [[शाहिद कपूर]] मुख्य भूमिका में थे।<ref name="r1">{{Cite news |url=http://www.hindustantimes.com/bollywood/dhadak-karan-johar-shares-poster-for-jhanvi-kapoor-ishaan-khattar-s-bollywood-debut/story-OHmGQl3NNbyyJ0fWUIidoN.html |title=Dhadak: Janhvi Kapoor looks like mother Sridevi in debut film’s 3 posters with Ishaan Khattar |access-date=15 November 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171115230513/http://www.hindustantimes.com/bollywood/dhadak-karan-johar-shares-poster-for-jhanvi-kapoor-ishaan-khattar-s-bollywood-debut/story-OHmGQl3NNbyyJ0fWUIidoN.html |archive-date=15 November 2017 |url-status=live |publisher=Hindustan Times}}</ref> उन्होंने एक वयस्क अभिनेता के रूप में अपनी पहली प्रमुख भूमिका [[माजिद मजीदी]] द्वारा निर्देशित फ़िल्म ''[[Beyond the Clouds (2017 film)|बियॉन्ड द क्लाउड्स]]'' (2017) में निभाई, जिसमें उन्होंने एक नशीली दवाओं के व्यापारी की भूमिका अदा की।<ref name="r2">{{Cite news |url=http://m.indiatoday.in/story/jhanvi-kapoor-debut-ishaan-khatter-dhadak-sairat-remake/1/1090113.html |title=SEE: Karan Johar unveils poster of Janhvi Kapoor's debut film Dhadak opposite Ishaan Khatter |work=India Today |access-date=15 November 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171115170034/http://m.indiatoday.in/story/jhanvi-kapoor-debut-ishaan-khatter-dhadak-sairat-remake/1/1090113.html |archive-date=15 November 2017 |url-status=live}}</ref> == जीवन और कैरियर == ईशान खट्टर&nbsp; &nbsp;[[हिन्दी सिनेमा|बॉलीवुड]] अभिनेता [[नीलिमा अज़ीम]] और [[राजेश खट्टर]]&nbsp;का बेटा है और &nbsp;, [[शाहिद कपूर]]&nbsp;उसके भाई जो&nbsp;&nbsp;अज़ीम के बेटे जी और उनके पहले पति [[पंकज कपूर]] जी की संतान है खट्टर&nbsp;&nbsp;खुद सभी&nbsp; को गर्व के साथ&nbsp; बताते है कि उन्हें अपने मध्यम वर्ग के मूल्यों पर गर्व है . वह बताते हैं कि वह ऐसे घर में बड़े हुए जो&nbsp; संस्कृति, सिनेमा, और कला प्रदर्शन से समृद्ध था , और&nbsp; उन्होंने&nbsp; भी&nbsp; &nbsp;खुद को एक कलाकार बनाने में मेहनत की&nbsp; है&nbsp; । <ref name="r4">[http://www.dnaindia.com/bollywood/interview-i-m-proud-of-my-middle-class-background-says-ishaan-khatter-2601754 I’m proud of my middle-class background, says Ishaan Khatter] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180408141516/http://www.dnaindia.com/bollywood/interview-i-m-proud-of-my-middle-class-background-says-ishaan-khatter-2601754 |date=8 अप्रैल 2018 }}, [//en.wikipedia.org/wiki/Daily_News_and_Analysis Daily News and Analysis], 7 April 2018.</ref>&nbsp;खट्टर ने&nbsp;&nbsp;[[जमनाबाई नरसी स्कूल|Jamnabai Narsee स्कूल]] और Billabong हाई इंटरनेशनल स्कूल, जुहू , मुंबई में&nbsp; अपनी शिक्षा ग्रहण की है&nbsp;<ref>{{Cite web|url=https://www.huffingtonpost.in/2018/04/07/ishaan-khatter-on-privilege-peculiar-family-dynamics-and-the-quest-for-acting-glory_a_23404819/|title='Ishaan Khatter On Privilege, Peculiar Family Dynamics And The Quest For Acting Glory'|access-date=10 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180705092325/https://www.huffingtonpost.in/2018/04/07/ishaan-khatter-on-privilege-peculiar-family-dynamics-and-the-quest-for-acting-glory_a_23404819/|archive-date=5 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref>&nbsp;इशान ने&nbsp; &nbsp;Shiamak Davar&nbsp;की&nbsp;&nbsp;अकादमी नृत्य की भी शिक्षा ली है .<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatvnews.com/entertainment/bollywood-shiamak-davar-proud-of-dhadak-star-ishaan-khattar-450997|title='Shiamak Davar proud of Dhadak star Ishaan Khattar'|access-date=10 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180705092313/https://www.indiatvnews.com/entertainment/bollywood-shiamak-davar-proud-of-dhadak-star-ishaan-khattar-450997|archive-date=5 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> &nbsp;अपनी पहली फिल्म&nbsp;&nbsp;''[[वाह! लाइफ हो तो ऐसी|Vaah!Life Ho Toh Aisi!]]'', (2005) जिसमे&nbsp; मुख्य अभिनेता शाहिद कपूर,&nbsp;थे में&nbsp; एक बच्चे&nbsp; का किरदार निभाने के बाद खट्टर ने&nbsp; निर्देशक [[अभिषेक चौबे]]&nbsp;के साथ&nbsp; फिल्म ''[[उड़ता पंजाब|Udta Punjab]]'' (2016) और Danish Renzu के साथ&nbsp; इतालवी फिल्म ''[[:it:Half Widow|आधा विधवा]] ''(2017) में सहायक निर्देशक के रूप में भी कम किया . खट्टर&nbsp;&nbsp;की पहली वयस्क और मुख्य अभिनय में&nbsp; Majid Majidi द्वारा निर्देशित,&nbsp;''बादलों के पार'' (2017), था जिसमें उन्हीने एक नशीली दवाओ के व्यापारी का चरित्र निभाया । इसे&nbsp;&nbsp;बीएफआई लंदन फिल्म महोत्सव के&nbsp; प्रीमियर में&nbsp;दिखाया&nbsp; &nbsp;गया तथा नाट्यरूप में 2018 में इसे जारी किया गया जिसके बाद&nbsp;&nbsp;''हॉलीवुड रिपोर्टर'', डेबोरा यंग ने फिल्म की&nbsp; समीक्षा करते हुए&nbsp; &nbsp;लिखा है कि खट्टर ने फिल्म में ध्यान देने योग्य अदाकारी तथा&nbsp; उनके अभिनय से अपने उज्ज्वल करियर का वादा किया है ."<ref>{{Cite news|url=https://www.hollywoodreporter.com/review/beyond-clouds-1077106|title='Beyond the Clouds' ('Ansooy-e Abrha'): Film Review|date=22 January 2018|work=[[द हॉलीवुड रिपोर्टर]]|access-date=15 February 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180207192531/https://www.hollywoodreporter.com/review/beyond-clouds-1077106|archive-date=7 February 2018|url-status=live}}</ref>&nbsp;इशान ने&nbsp;&nbsp;5 वीं अंतर्राष्ट्रीय Bosphorous फिल्म महोत्सव&nbsp;में&nbsp; अपने प्रदर्शन.के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी जीता&nbsp;<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/world-cinema/ishaan-khatter-wins-best-actor-award-at-turkish-film-fest-for-debut-film-beyond-the-clouds/story-yAdocS4jZTZXwHQWeRn7hO.html|title=Ishaan Khatter wins Best Actor award at Turkish film fest for debut film Beyond The Clouds|date=27 November 2017|work=Hindustan Times|access-date=15 May 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180514035653/https://www.hindustantimes.com/world-cinema/ishaan-khatter-wins-best-actor-award-at-turkish-film-fest-for-debut-film-beyond-the-clouds/story-yAdocS4jZTZXwHQWeRn7hO.html|archive-date=14 मई 2018|url-status=live}}</ref> खट्टर अब [[करण जौहर|करण जोहर]] द्वारा निर्मित एक प्यार भरी&nbsp; फिल्म DHADAK में जान्हवी कपूर के साथ मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे जो की एक मराठी फिल्म Sairat का हिंदी संस्करण है&nbsp; &nbsp;''[[धड़क|Dhadak]]'', &nbsp;फिल्म 20 जुलाई 2018 को रिलीज़ के लिए निर्धारित है.<ref>{{Cite news|url=https://www.firstpost.com/india/dhadak-release-date-of-janhvi-kapoor-ishaan-khatter-starrer-postponed-to-20-july-4311767.html|title=Dhadak: Release date of Janhvi Kapoor, Ishaan Khatter starrer postponed to 20 July|work=Firstpost|access-date=13 June 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180613064045/https://www.firstpost.com/india/dhadak-release-date-of-janhvi-kapoor-ishaan-khatter-starrer-postponed-to-20-july-4311767.html|archive-date=13 जून 2018|url-status=dead}}</ref> == फिल्मोग्राफी == {| class="wikitable sortable plainrowheaders" style="margin-bottom: 106px;" ! scope="col" |वर्ष ! scope="col" |फिल्म ! scope="col" |भूमिका ! class="unsortable" scope="col" |नोट |- |2005 ! scope="row" |''[[वाह! लाइफ हो तो ऐसी|Vaah! जीवन Ho Toh Aisi!]]'' |ईशान&nbsp; |- |2016 ! scope="row" |''[[उड़ता पंजाब|Udta पंजाब]]'' |बेनाम |कैमियो; भी सहायक निदेशक<ref>{{Cite web|url=https://businessofcinema.com/bollywood_news/photos-ishaan-khattar-on-the-set-of-udta-punjab/322757|title=Photos: Ishaan Khattar On The Set Of Udta Punjab|date=18 June 2016|publisher=Business of Cinema|access-date=14 June 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180614094431/https://businessofcinema.com/bollywood_news/photos-ishaan-khattar-on-the-set-of-udta-punjab/322757|archive-date=14 जून 2018|url-status=live}}</ref> |- |2017 ! scope="row" |''[[:it:Half Widow|आधा विधवा]]'' |— |सहायक निदेशक<ref>{{Cite news|url=https://www.mid-day.com/articles/ishaan-khatter-not-dyslexic-but-often-felt-like-ishaan-from-taare-zameen-par/19295182|title=Ishaan Khatter: Not Dyslexic, But Often Felt Like Ishaan From Taare Zameen Par|last=Dedhia|first=Sonal|date=8 April 2018|work=Mid Day|access-date=14 June 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180614121341/https://www.mid-day.com/articles/ishaan-khatter-not-dyslexic-but-often-felt-like-ishaan-from-taare-zameen-par/19295182|archive-date=14 जून 2018|url-status=live}}</ref> |- |2017 ! scope="row" |''बादलों के पार'' |आमिर |- |2018 ! scope="row" |''[[धड़क|Dhadak]]'' |मधुकर |पूरा<ref>{{Cite news|url=http://www.news18.com/news/movies/dhadak-karan-johar-announces-jahnvi-kapoor-ishaan-khatters-big-bollywood-debut-1578019.html|title=Dhadak: Karan Johar Announces Jahnvi Kapoor, Ishaan Khatter's Big Bollywood Debut|access-date=15 November 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171115212555/http://www.news18.com/news/movies/dhadak-karan-johar-announces-jahnvi-kapoor-ishaan-khatters-big-bollywood-debut-1578019.html|archive-date=15 November 2017|url-status=live|publisher=News 18}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.ndtv.com/entertainment/first-look-jhanvi-kapoor-and-ishaan-khattar-in-dhadak-finally-1775863|title=First Look: Jhanvi Kapoor And Ishaan Khattar In Dhadak. Finally|access-date=15 November 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171116000809/https://www.ndtv.com/entertainment/first-look-jhanvi-kapoor-and-ishaan-khattar-in-dhadak-finally-1775863|archive-date=16 November 2017|url-status=live|publisher=NDTV}}</ref> |} == वाहवाही == खट्टर ने&nbsp; &nbsp;5 वीं अंतर्राष्ट्रीय Bosphorous फिल्म महोत्सव&nbsp;में फिल्म&nbsp;बादलों के परे में अपने प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता है । <ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/world-cinema/ishaan-khatter-wins-best-actor-award-at-turkish-film-fest-for-debut-film-beyond-the-clouds/story-yAdocS4jZTZXwHQWeRn7hO.html|title=Ishaan Khatter wins Best Actor award at Turkish film fest for debut film Beyond The Clouds|date=27 November 2017|work=Hindustan Times|access-date=15 May 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180514035653/https://www.hindustantimes.com/world-cinema/ishaan-khatter-wins-best-actor-award-at-turkish-film-fest-for-debut-film-beyond-the-clouds/story-yAdocS4jZTZXwHQWeRn7hO.html|archive-date=14 मई 2018|url-status=live}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== * {{IMDb name|id=2020109}} [[श्रेणी:1995 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:अभिनेता]] 6grjqlm6cg8elf6xsjmppb96xj8h619 विकिपीडिया:प्रयोगस्थल 4 935970 6541664 6541289 2026-04-17T19:06:06Z Gourav Kumar Mahato 919830 6541664 wikitext text/x-wiki मैथिलीशरण गुप्त द्विवेदीयुगीन हिन्दी कविता (खड़ी बोली) के प्रतिनिधि कवि हैं। उन्होंने साहित्य सृजन के अतिरिक्त अनुवाद कार्य भी किया है। गुप्त जी ने अनुवाद के लिए बंगला एवं संस्कृत भाषा के साहित्य का चुनाव किया। उन्होंने माइकल मधुसूदन दत्त के तीन काव्य ग्रंथों - 'बिरहिणी ब्रजांगना', 'वीरांगना', एवं 'मेघनाद वध' ; कवि नवीनचन्द्र सेन की 'पलासी का युद्ध' तथा हेमचन्द्र बन्द्योपाध्याय के 'वृत्त संहार' का अनुवाद हिंदी (खड़ी बोली) में किया। मैथिलीशरण गुप्त की अनुवाद दृष्टि पर विचार हम उनके द्वारा बंगला भाषा से हिंदी में किए गए अनुवाद कार्य के आधार पर करेंगे। मैथिलीशरण गुप्त द्वारा किया गया अनुवाद अन्तरभाषिक अनुवाद है जहाँ स्रोत भाषा बंगला एवं लक्ष्य भाषा - हिंदी है। गुप्त जी ने अनुवाद के लिए अभिव्यक्तिपरक पाठ के अन्तर्गत कविता का चयन किया है।<ref name="मैथिलीशरण गुप्त ग्रंथावली(भाग - 10)">{{cite book |last1=कृष्णदत्त |first1=पालीवाल |title=मैथिलीशरण गुप्त ग्रंथावली(भाग - 10) |date=2008 |publisher=वाणी प्रकाशन |location=नई दिल्ली |isbn=8181437551 |page=415 |pages=415 |edition=प्रथम}}</ref> एक अनुवादक की अनुवाद दृष्टि का अध्ययन अनुवाद कर्म के कई बिन्दुओं के आधार पर किया जाता है: (क )अनुवाद के लिए चयनित पाठ एवं उसकी विषय वस्तु (ख )अनुवाद का उद्देश्य (ग)अनुवाद प्रविधि lb1t022xytoe2syzfmzi2xuw8p2ydwa 6541665 6541664 2026-04-17T19:08:03Z Gourav Kumar Mahato 919830 6541665 wikitext text/x-wiki == मैथिलीशरण गुप्त की अनुवाद दृष्टि == मैथिलीशरण गुप्त द्विवेदीयुगीन हिन्दी कविता (खड़ी बोली) के प्रतिनिधि कवि हैं। उन्होंने साहित्य सृजन के अतिरिक्त अनुवाद कार्य भी किया है। गुप्त जी ने अनुवाद के लिए बंगला एवं संस्कृत भाषा के साहित्य का चुनाव किया। उन्होंने माइकल मधुसूदन दत्त के तीन काव्य ग्रंथों - 'बिरहिणी ब्रजांगना', 'वीरांगना', एवं 'मेघनाद वध' ; कवि नवीनचन्द्र सेन की 'पलासी का युद्ध' तथा हेमचन्द्र बन्द्योपाध्याय के 'वृत्त संहार' का अनुवाद हिंदी (खड़ी बोली) में किया। मैथिलीशरण गुप्त की अनुवाद दृष्टि पर विचार हम उनके द्वारा बंगला भाषा से हिंदी में किए गए अनुवाद कार्य के आधार पर करेंगे। मैथिलीशरण गुप्त द्वारा किया गया अनुवाद अन्तरभाषिक अनुवाद है जहाँ स्रोत भाषा बंगला एवं लक्ष्य भाषा - हिंदी है। गुप्त जी ने अनुवाद के लिए अभिव्यक्तिपरक पाठ के अन्तर्गत कविता का चयन किया है।<ref name="मैथिलीशरण गुप्त ग्रंथावली(भाग - 10)">{{cite book |last1=कृष्णदत्त |first1=पालीवाल |title=मैथिलीशरण गुप्त ग्रंथावली(भाग - 10) |date=2008 |publisher=वाणी प्रकाशन |location=नई दिल्ली |isbn=8181437551 |page=415 |pages=415 |edition=प्रथम}}</ref> एक अनुवादक की अनुवाद दृष्टि का अध्ययन अनुवाद कर्म के कई बिन्दुओं के आधार पर किया जाता है: (क )अनुवाद के लिए चयनित पाठ एवं उसकी विषय वस्तु (ख )अनुवाद का उद्देश्य (ग)अनुवाद प्रविधि rjbv0evspwsjxnhz361wirbkj4hdmkq 6541726 6541665 2026-04-18T03:00:42Z Sanjeev bot 127039 बॉट: प्रयोगस्थल खाली किया। 6541726 wikitext text/x-wiki {{Please leave this line alone (sandbox heading)}}<!-- * Welcome to the sandbox! * * Please leave this part alone * * The page is cleared regularly * * Feel free to try your editing skills below * * अपने परीक्षण संपादन इस लाइन के नीचे करें * ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■--> nqyrael75jv4pl2ws5ryi3yf27rl3hh 6541817 6541726 2026-04-18T11:54:21Z Sugreev Roman 775113 सुग्रीव रोमन का परिचय और डिस्कोग्राफी 6541817 wikitext text/x-wiki {{Please leave this line alone (sandbox heading)}}<!-- * Welcome to the sandbox! * * Please leave this part alone * * The page is cleared regularly * * Feel free to try your editing skills below * * अपने परीक्षण संपादन इस लाइन के नीचे करें * ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■--> {{Userbox/संगीतकार}} == परिचय == नमस्ते! मैं '''सुग्रीव रोमन''' (Sugreev Roman) हूँ। मैं एक स्वतंत्र भारतीय संगीत कलाकार, गायक-गीतकार और संगीत वीडियो निर्देशक हूँ। मैं [[रुद्रपुर]] ([[उत्तराखंड]]) का निवासी हूँ और 'सुग्रीव रोमन ग्रुप (SRG)' का संस्थापक हूँ। == संगीत यात्रा == मेरा संगीत मुख्य रूप से हिप-हॉप, रैप और इंडी-पॉप शैलियों पर आधारित है। मैं अपने गीतों के माध्यम से भावनात्मक कहानियों (Emotional storytelling) को प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूँ। === प्रमुख रिलीज़ === * '''मेरी माँ मेरी दुआ''' (एकल) – दिसंबर 2025 * '''Almost Forever''' (एल्बम) – 1 फरवरी 2026 * '''Meri Viran Duniya''' (ईपी) – 15 मार्च 2026 * '''The Secret Behind the Face''' (एकल) – 1 अप्रैल 2026 == योगदान और रुचियाँ == मैं विकिपीडिया पर संगीत से संबंधित लेखों को सुधारने और अद्यतन करने में रुचि रखता हूँ। == आधिकारिक मीडिया == * [[:File:Sugreev Roman Musical Artist.jpg|आधिकारिक चित्र]] == आधिकारिक लिंक == * YouTube: [https://www.youtube.com/@SugreevRoman] * Instagram: [https://instagram.com/sugreev_roman_] * Spotify: [https://open.spotify.com/artist/1djy6PlYDDEb2I1RLA3gtd] * IMDb: [https://www.imdb.com/name/nm18200947] * AllMusic: [https://www.allmusic.com/artist/sugreev-roman-mn0004992577] pgfxeetdd3g4lxtcql8o0yln6xxbzed सदस्य वार्ता:R Jitendra kumar Gautam 3 1262858 6541651 5131208 2026-04-17T17:40:11Z ~2026-23789-81 920844 /* सामाजिक */ नया अनुभाग 6541651 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=R Jitendra kumar Gautam}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 03:55, 9 मार्च 2021 (UTC) == सामाजिक == जितेंद्र कुमार गौतम नगर पंचायत उसहैत के पूर्व बसपा नगर अध्यक्ष तथा डा भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति उसहैत के संस्थापक व अध्यक्ष हैं वो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं एवं युवाओं में अलग पैठ हैं और उसहैत में दलित राजनीति के एक अहम बिंदु हैं 2022 विधानसभा चुनाव में बसपा में उनका कार्य अपने क्षेत्र में सराहनीय था [[विशेष:योगदान/&#126;2026-23789-81|&#126;2026-23789-81]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-23789-81|वार्ता]]) 17:40, 17 अप्रैल 2026 (UTC) ql4bibkxywoz0j64m2ik6tic55c0n9a 6541699 6541651 2026-04-18T01:14:26Z AMAN KUMAR 911487 [[विशेष:योगदान/नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) के अवतरण 5131208 पर पुनर्स्थापित : प्रचार 6541699 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=R Jitendra kumar Gautam}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 03:55, 9 मार्च 2021 (UTC) kxu9rhcl7jgu4cc5tnibgt6dfnkxuyw सदस्य वार्ता:Harendra jakhar nagour 3 1293897 6541808 6535113 2026-04-18T09:43:10Z Harendra jakhar nagour 651561 /* शीघ्र हटाने पर चर्चा */ नया अनुभाग 6541808 wikitext text/x-wiki {{Harendra jakhar}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 11:56, 17 जुलाई 2021 (UTC) == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस पृष्ठ को साफ़ प्रचार होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:Harendra jakhar nagour|Harendra jakhar nagour]] ([[सदस्य वार्ता:Harendra jakhar nagour|वार्ता]]) 09:43, 18 अप्रैल 2026 (UTC) नमस्ते, यह लेख किसी व्यक्ति या संस्था का साफ़ प्रचार नहीं है। यह एक सामाजिक कार्यकर्ता के बारे में जानकारी देने के लिए बनाया गया है। मैं इसमें जल्द ही विश्वसनीय समाचार पत्रों और क्षेत्रीय मीडिया के संदर्भ (References) जोड़ने वाला हूँ जिससे इसकी सत्यता प्रमाणित हो सके। कृपया मुझे लेख में सुधार करने और इसे विकिपीडिया के मानकों के अनुरूप बनाने के लिए थोड़ा समय दें। धन्यवाद।" a0ny0h0wnemi9epsc4h2vtxkpdkn6mj साँचा:ऑस्ट्रेलिया महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 10 1335541 6541782 5487445 2026-04-18T06:01:15Z ~2026-20262-76 918393 6541782 wikitext text/x-wiki {{Navbox | titlestyle = background:gold; color:darkgreen; | groupstyle = background:darkgreen; color:gold; | abovestyle = background:darkgreen; color:gold; |name = ऑस्ट्रेलिया महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम |title = {{flagicon|AUS}} [[ऑस्ट्रेलिया महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम]] |listclass = hlist |group1 = खिलाड़ियों |list1 = * [[ऑस्ट्रेलिया महिला टेस्ट क्रिकेटरों की सूची|टेस्ट क्रिकेटर्स]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला वनडे क्रिकेटरों की सूची|वनडे क्रिकेटर्स]] * [[ऑस्ट्रेलिया की महिला ट्वेंटी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों की सूची|ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स]] |group3 = दौरे |list3 = * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1937|इंग्लैंड 1937]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1947-48|न्यूज़ीलैंड 1947–48]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1951|इंग्लैंड 1951]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1960-61|न्यूज़ीलैंड 1960–61]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1963|इंग्लैंड 1963]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1974-75|न्यूज़ीलैंड 1974–75]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का वेस्ट इंडीज दौरा 1975-76|वेस्ट इंडीज 1975–76]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1976|इंग्लैंड 1976]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1983-84|भारत 1983–84]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1985-86|न्यूज़ीलैंड 1985–86]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा 1987|आयरलैंड 1987]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1987|इंग्लैंड 1987]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1987-88|न्यूज़ीलैंड 1987–88]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1989-90|न्यूज़ीलैंड 1989–90]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1993-94|न्यूज़ीलैंड 1993–94]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1994-95|न्यूज़ीलैंड 1994–95]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1996-97|न्यूज़ीलैंड 1996–97]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा 1998|इंग्लैंड/आयरलैंड 1998]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1998-99|न्यूज़ीलैंड 1998–99]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा 2001|इंग्लैंड/आयरलैंड 2001]] * [[2001-02 रोज़ बाउल सीरीज|न्यूज़ीलैंड 2001–02]] * [[2003-04 रोज़ बाउल सीरीज|न्यूज़ीलैंड 2003–04]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2004-05|भारत 2004–05]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 2005|इंग्लैंड 2005]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2007-08|न्यूज़ीलैंड 2007–08]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2008-09|न्यूज़ीलैंड 2008–09]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 2009|इंग्लैंड 2009]] * [[2009-10 रोज़ बाउल सीरीज|न्यूज़ीलैंड 2009–10]] * [[2010-11 रोज़ बाउल सीरीज|न्यूज़ीलैंड 2011]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2011-12|भारत 2011–12]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 2013|इंग्लैंड 2013]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा 2015|इंग्लैंड/आयरलैंड 2015]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2015-16|न्यूज़ीलैंड 2015–16]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2016-17|न्यूज़ीलैंड 2016–17]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का श्रीलंका दौरा 2016-17|श्रीलंका 2016–17]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2017-18|भारत 2017–18]] * [[पाकिस्तान के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का मलेशिया दौरा 2018-19|मलेशिया 2018–19]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 2019|इंग्लैंड 2019]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का वेस्ट इंडीज दौरा 2019|वेस्ट इंडीज 2019–20]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का दक्षिण अफ्रीका दौरा 2019-20|दक्षिण अफ्रीका 2019–20]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूजीलैंड दौरा 2020–21|न्यूज़ीलैंड 2020–21]] |group4 = घरेलू श्रृंखला |list4 = * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1934-35|इंग्लैंड 1934–35]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1948-49|इंग्लैंड 1948–49]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1956-57|न्यूज़ीलैंड 1956–57]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1957-58|इंग्लैंड 1957–58]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1968-69|इंग्लैंड 1968–69]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1971-72|न्यूज़ीलैंड 1971–72]] * [[भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1976-77|भारत 1976–77]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1978-79|न्यूज़ीलैंड 1978–79]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1984-85|इंग्लैंड 1984–85]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1984-85|न्यूज़ीलैंड 1984–85]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1986-87|न्यूज़ीलैंड 1986–87]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1990-91|न्यूज़ीलैंड 1990–91]] * [[भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1990-91|भारत 1990–91]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1991-92|इंग्लैंड 1991–92]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1992-93|न्यूज़ीलैंड 1992–93]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1995-96|न्यूज़ीलैंड 1995–96]] * [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1996-97|पाकिस्तान 1996–97]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1997-98|न्यूज़ीलैंड 1997–98]] * [[दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1998-99|दक्षिण अफ्रीका 1998–99]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1999-2000|इंग्लैंड 1999–2000]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1999-2000|न्यूज़ीलैंड 1999–2000]] * [[2001-02 रोज़ बाउल सीरीज|न्यूज़ीलैंड 2001–02]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2002-03|इंग्लैंड 2002–03]] * [[2003-04 रोज़ बाउल सीरीज|न्यूज़ीलैंड 2003–04]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2004-05|न्यूज़ीलैंड 2004–05]] * [[भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 2005-06|भारत 2005–06]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2006-07|न्यूज़ीलैंड 2006–07]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2007|न्यूज़ीलैंड 2007]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 2007-08|इंग्लैंड 2007–08]] * [[भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2008-09|भारत 2008–09]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2008-09|न्यूज़ीलैंड 2008–09]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2009|न्यूज़ीलैंड 2009]] * [[2009-10 रोज़ बाउल सीरीज|न्यूज़ीलैंड 2009–10]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2010-11|इंग्लैंड 2010–11]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2011|न्यूज़ीलैंड 2011]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2011-12|न्यूज़ीलैंड 2011–12]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2012-13|न्यूज़ीलैंड 2012–13]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2013-14|इंग्लैंड 2013–14]] * [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2014|पाकिस्तान 2014]] * [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2014-15|वेस्ट इंडीज 2014–15]] * [[भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2015-16|भारत 2015–16]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2016-17|न्यूज़ीलैंड 2016–17]] * [[दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2016-17|दक्षिण अफ्रीका 2016–17]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2017-18|इंग्लैंड 2017–18]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2018-19|न्यूज़ीलैंड 2018–19]] * [[श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2019-20|श्रीलंका 2019–20]] * [[न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2020-21|न्यूज़ीलैंड 2020–21]] * [[भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2021-22|भारत 2021–22]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2021-22|इंग्लैंड 2021–22]] |group5 = प्रतियोगिताएं |list5 = {{Navbox|subgroup | groupstyle = background:gold; color:darkgreen; |group6 = [[द महिला एशेज|<span style=color:darkgreen>द एशेज</span>]] |list6 = * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1934-35|1934–35]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1937|1937]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1948-49|1948–49]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1951|1951]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1957-58|1957–58]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1963|1963]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1968-69|1968–69]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1976|1976]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1984-85|1984–85]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 1987|1987]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरा 1991-92|1991–92]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा 1998|1998]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा 2001|2001]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2002-03|2002–03]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 2005|2005]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2007-08|2007–08]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 2009|2009]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2010-11|2010–11]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 2013|2013]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2013-14|2013–14]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा 2015|2015]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2017-18|2017–18]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा 2019|2019]] * [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2021-22|2021–22]] |group7 = [[रोज़ बाउल सीरीज|<span style=color:#006600>रोज़ बाउल</span>]] |list7 = * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1984-85|1984–85]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1985-86|1985–86]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1986-87|1986–87]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1987-88|1987–88]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1989-90|1989–90]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1990-91|1990–91]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1992-93|1992–93]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1993-94|1993–94]] * [[1994-95 न्यूजीलैंड महिला शताब्दी टूर्नामेंट|1994–95]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1995-96|1995–96]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1996-97|1996–97]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1997-98|1997–98]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 1998-99|1998–99]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 1999-2000|1999–2000]] * [[2001-02 रोज़ बाउल सीरीज|2001–02]] * [[2002-03 महिला क्रिकेट विश्व सीरीज|2002–03]] * [[2003-04 रोज़ बाउल सीरीज|2003–04]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2004-05|2004–05]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2006-07|2006–07]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2007|2007]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2007-08|2007–08]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2008-09|2008–09]] * [[2009-10 रोज़ बाउल सीरीज|2009–10]] * [[2010-11 रोज़ बाउल सीरीज|2010–11]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2011-12|2011–12]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2012-13|2012–13]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2015-16|2015–16]] * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2016-17|2016–17]] * [[न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2018-19|2018–19]] * [[न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2020-21|2020–21]] |group8 = त्रिकोणी सीरीज |list8 = * [[1991-92 शैल त्रिकोणी सीरीज|1991–92]] * [[1994-95 न्यूजीलैंड महिला शताब्दी टूर्नामेंट|1994–95]] * [[2017-18 भारतीय महिला त्रिकोणी सीरीज|2017–18]] * [[2020 ऑस्ट्रेलिया महिला त्रिकोणी सीरीज|2020]] |group9 = चौकोनी सीरीज |list9 = * [[2002-03 महिला क्रिकेट विश्व सीरीज|2002–03]] * [[2006-07 आईसीसी महिला चौकोनी सीरीज|2006–07]] * [[2011 नेटवेस्ट महिला टी20आई चौकोनी सीरीज|2011 (टी20आई)]] * [[2011 नेटवेस्ट महिला चौकोनी सीरीज|2011 (वनडे)]] }} |group10 = मैचेस |list10= {{Navbox|subgroup | groupstyle = background:gold; color:darkgreen; |group1 = [[महिला क्रिकेट विश्व कप|<span style=color:darkgreen>विश्व कप फाइनल</span>]] |list1 = * [[1982 महिला क्रिकेट विश्व कप फाइनल|1982]] * [[1988 महिला क्रिकेट विश्व कप#फाइनल|1988]] * [[1997 महिला क्रिकेट विश्व कप#फाइनल|1997]] * [[2000 महिला क्रिकेट विश्व कप फाइनल|2000]] * [[2005 महिला क्रिकेट विश्व कप फाइनल|2005]] * [[2013 महिला क्रिकेट विश्व कप फाइनल|2013]] |group2 = [[आईसीसी महिला टी20 विश्व कप|<span style=color:darkgreen>टी20 वर्ल्ड कप फाइनल</span>]] |list2 = * [[2016 आईसीसी महिला विश्व ट्वेंटी20 फाइनल|2016]] * [[2018 आईसीसी महिला विश्व ट्वेंटी20 फाइनल|2018]] * [[2020 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप फाइनल|2020]] }} }}<noinclude> {{collapsible option}} [[श्रेणी:ऑस्ट्रेलिया महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम साँचे| ]] </noinclude> enmtumjur48poo916j07xyl4gwe2tvi सदस्य वार्ता:Ashvin Kaitabhya 3 1356428 6541734 6057394 2026-04-18T03:30:48Z अनिरुद्ध कुमार 18906 सूचना: [[:अंसतुंड प्रवर्ध]] को शीघ्र हटाने का नामांकन 6541734 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Ashvin Kaitabhya}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 09:01, 5 मार्च 2022 (UTC) == [[:Grindr|Grindr]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:Grindr|Grindr]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है। पुनर्प्रेषित पृष्ठ का शीर्षक हिन्दी विकिपीडिया [[विकिपीडिया:लेख का नाम कैसे रखें|नियम]] के अनुसार नहीं है। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं। [[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 20:44, 2 सितंबर 2023 (UTC) :जी, लैटिन लिपि वाला मुख्य लेख नहीं है। बहुत हिन्दीभाषी अंग्रेजी लिपि का ही ज़्यादा उपयोग करते हैं, उन्हें खोजने में आसानी होगी, आप लेख को वापस सही कर दे। [[सदस्य:Ashvin Kaitabhya|Ashvin Kaitabhya]] ([[सदस्य वार्ता:Ashvin Kaitabhya|वार्ता]]) 09:02, 3 सितंबर 2023 (UTC) == [[:GRINDR|GRINDR]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:GRINDR|GRINDR]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है। पुनर्प्रेषित पृष्ठ का शीर्षक हिन्दी विकिपीडिया [[विकिपीडिया:लेख का नाम कैसे रखें|नियम]] के अनुसार नहीं है। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं। [[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 20:46, 2 सितंबर 2023 (UTC) :जी, लैटिन लिपि वाला मुख्य लेख नहीं है। बहुत हिन्दीभाषी अंग्रेजी लिपि का ही ज़्यादा उपयोग करते हैं, उन्हें खोजने में आसानी होगी, आप लेख को वापस सही कर दे। [[सदस्य:Ashvin Kaitabhya|Ashvin Kaitabhya]] ([[सदस्य वार्ता:Ashvin Kaitabhya|वार्ता]]) 09:03, 3 सितंबर 2023 (UTC) == Thank you for being a medical contributors! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> {| style="background-color: #fdffe7; border: 1px solid #fceb92;" |rowspan="2" style="vertical-align: middle; padding: 5px;" | [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|130px]] |style="font-size: x-large; padding: 3px 3px 0 3px; height: 1.5em;" |'''The 2023 Cure Award''' |- | style="vertical-align: middle; padding: 3px;" |In 2023 you '''[https://mdwiki.org/wiki/WikiProjectMed:WikiProject_Medicine/Stats/Top_medical_editors_2023_(all) were one of the top medical editors in your language]'''. Thank you from [[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med]] for helping bring free, complete, accurate, up-to-date health information to the public. We really appreciate you and the vital work you do! Wiki Project Med Foundation is a [[meta:Wikimedia_thematic_organizations|thematic organization]] whose mission is to improve our health content. '''[https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdWfjVFbDO4ji-_qn2SsAgdCflhcOZychLnr1JUacsPaBr1eA/viewform Consider joining for 2024]''', there are no associated costs. Additionally one of our primary efforts revolves around translation of health content. We invite you to '''[https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php try our new workflow]''' if you have not already. Our dashboard automatically [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/leaderboard.php collects statistics] of your efforts and we are working on [https://mdwiki.toolforge.org/fixwikirefs.php tools to automatically improve formating]. |} Thanks again :-) -- [https://mdwiki.org/wiki/User:Doc_James <span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>] along with the rest of the team at '''[[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med Foundation]]''' 22:25, 3 फ़रवरी 2024 (UTC) </div> <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_Other_Language_Editors_2023&oldid=26173705 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Doc James@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश --> {{subst:db-csd-deleted-custom|1=अंसतुंड प्रवर्ध|2=badtrans}} [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 03:30, 18 अप्रैल 2026 (UTC) lbhgnekg5ww4e96ut3s7r02fjdfl45p सदस्य वार्ता:Renamed user d83097ef3700fa12d896f5a06f554f1f 3 1367357 6541802 5523294 2026-04-18T08:44:06Z Cabayi 135589 Cabayi ने अनुप्रेषण छोड़े बिना पृष्ठ [[सदस्य वार्ता:박서현07]] को [[सदस्य वार्ता:Renamed user d83097ef3700fa12d896f5a06f554f1f]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/박서현07|박서현07]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/Renamed user d83097ef3700fa12d896f5a06f554f1f|Renamed user d83097ef3700fa12d896f5a06f554f1f]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ 5523294 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=박서현07}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 04:43, 28 अप्रैल 2022 (UTC) mmnuwr9fpcl44fnmet95jisi7u98grd सहकार भारती 0 1372499 6541595 6541560 2026-04-17T13:40:17Z चाहर धर्मेंद्र 703114 सुधार 6541595 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=[[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सहकार भारती}}[[चित्र:Sahkar.jpg|अंगूठाकार| {| class="wikitable" !संक्षेपाक्षर |सहकार भारती |- !स्थापना |11 जनवरी 1978 ([[गणेश चतुर्थी]] |- !संस्थापक |[[लक्ष्मणराव इनामदार]] |- !प्रकार |स्वयंसेवी, निःस्वार्थ राष्ट्रभक्ति |- !वैधानिक स्थिति |सक्रिय |- !उद्देश्य |[[भारतीय राष्ट्रवाद]] |- !मुख्यालय |[[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] |- !आदर्श वाक्य |बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार |- !सेवित क्षेत्र |[[भारत]] |- !विधि |समूह चर्चा, बैठकों और अभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण |- !सदस्यता |10-15 लाख(739 जनपद) |- !आधिकारिक भाषा |[[संस्कृत भाषा|संस्कृत]], [[हिन्दी]] |- !अध्यक्ष |डॉ उदय जोशी |- !संगठन मंत्री |[https://sahakarbharati.org/2021/02/13/organising-secretary-shri-sanjay-pachpor/] [[संजय पाचपोर]] |- !संबद्धता |[[संघ परिवार]] |- ![[ध्येय वक्तव्य|ध्येय]] |"आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक स्वावलम्बन"<ref>{{cite web |title=सहकार भारती कार्यकर्ताओं से मिले राष्ट्रीय अधिकारी |url=https://www.livehindustan.com/jharkhand/lohardaga/story-national-officials-met-sahakar-bharati-workers-6306964.html |accessdate=20 अप्रैल 2022}}</ref><ref>{{cite web |title=लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही सहकारी भारती |url=https://www.amarujala.com/dehradun/sahakar-bharati-is-making-people-self-reliant-vikas-nagar-news-drn3674363189 |accessdate=12 जनवरी 2021}}</ref> |- !जालस्थल |https://sahakarbharati.org/ |} ]] '''सहकार भारती''' [[सहकार|सहकारिता]] के क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसे [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] का आनुषंगिक संगठन माना जाता है। यह एक पंजीकृत [[अशासकीय संस्था]] है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से समाज में आर्थिक सुदृढ़ता और जनकल्याण को बढ़ावा देना है। इस संस्था की स्थापना सन् 1978 में [[गणेश चतुर्थी]] के पावन अवसर पर [[पुणे]] में की गई थी।<ref>{{cite book |last1=संजीव |first1=उनियाल |title=RSS Ka Rahasya |publisher=बीएफसी प्रकाशन |url=https://www.google.co.in/books/edition/RSS_Ka_Rahasya/-r1PEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PA124&printsec=frontcover |accessdate=19 नवंबर 2021}}</ref> उसी वर्ष 11 जनवरी को [[मुम्बई]] में इसे औपचारिक रूप से एक सामाजिक संस्था के रूप में स्थापित किया गया, जिसका मूल उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को अधिक सशक्त, संगठित और जनहितकारी स्वरूप प्रदान करना था। सहकार भारती के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय [[माधवराव गोडबोले]] थे,<ref>{{cite web |title=स्वर्गीय श्री माधवराव उर्फ अन्नासाहेब गोडबोले |url=http://www.sahakarbharati.org/madhavraogodbole.htm |accessdate=9 नवंबर 2011 |archive-date=9 नवंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111109191446/http://www.sahakarbharati.org/madhavraogodbole.htm |url-status=bot: unknown }}</ref> जिन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने सन् 1935 में [[सांगली]] में जनता सहकारी बैंक की स्थापना कर इस क्षेत्र में एक सुदृढ़ आधार निर्मित किया। संस्था के संस्थापक सदस्यों में सतीश मराठे का भी महत्वपूर्ण स्थान है, जो सहकारिता के अध्ययन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष अनुसंधान संस्था के संस्थापक निदेशक के रूप में भी कार्यरत रहे हैं।<ref>{{cite web |title=श्री सतीश काशीनाथ मराठे |url=https://rbi.org.in/scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=3552 |accessdate=17 जून 2013}}</ref> सहकार भारती का मूल ध्येय उत्पादक, वितरक और उपभोक्ता के बीच संतुलित एवं समन्वित संबंध स्थापित करना है,<ref>{{cite book |last1=डॉ. हरिश्चंद्र |first1=बर्थवाल |title=R.S.S. Ek Parichay |publisher=सुरुचि प्रकाशन |url=https://www.google.co.in/books/edition/R_S_S_Ek_Parichay/Iis5DwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PA41&printsec=frontcover}}</ref> जिससे सहकारिता के माध्यम से आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके। यह संस्था न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करने का एक सशक्त प्रयास है। * सहकार भारती का मूलमंत्र - '''बिना संस्कार नहीं सहकार'''<ref>{{cite book |last1=महेश |first1=शर्मा दत्त |title=1000 Sangh Prashnottari |publisher=प्रभात प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड |url=https://www.google.co.in/books/edition/1000_Sangh_Prashnottari/xlVQDwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PT118&printsec=frontcover |accessdate=2 जनवरी 2020}}</ref> सहकार भारती वर्तमान में अपने सुदृढ़ संगठनात्मक ढाँचे और व्यापक कार्यक्षेत्र के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को निरंतर गति प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत 18 कार्यकर्ताओं का एक केंद्रीय दल सक्रिय है, जिसमें 5 पूर्णकालिक कार्यकर्ता सम्मिलित हैं। ये सभी कार्यकर्ता देशभर में प्रवास करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहकारिता के सिद्धांतों का प्रसार और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण का कार्य करते हैं। संस्था के वैचारिक और साहित्यिक प्रसार के लिए इसकी पाँच मासिक पत्रिकाएँ नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं। इनमें [[अहमदाबाद|अमदाबाद]] से ‘सहकार चेतना’, [[पुणे]] से ‘सहकार सुगंध’, तथा [[ग्वालियर]] से ‘सहकार श्री’ प्रकाशित होती हैं। इसके अतिरिक्त [[लखनऊ]] से ‘आर्थिक स्वावलंबन’ और ‘स्मारिका’ का प्रकाशन भी किया जाता है,<ref>{{cite web |title=लखनऊ में होगा सहकार भारती का राष्ट्रीय सम्मेलन, तैयारियां जारी |url=https://www.swadeshnews.in/state/uttar-pradesh/sahkar-bharti-national-meet-will-held-in-lucknow-765473 |accessdate=4 अगस्त 2021}}</ref> जो सहकारिता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वर्तमान समय में सहकार भारती देश के कुल 739 जनपदों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह व्यापक उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि संस्था ने सहकारिता के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समन्वय और आत्मनिर्भरता के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। [[चित्र:Sahkarbharti.jpg|अंगूठाकार|सहकर भारती का 7वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन]] == उद्देश्य == सहकार भारती का मुख्य उद्देश्य जनता की आर्थिक सेवा द्वारा समाज का आर्थिक उत्थान करने वाली सहकारिता को शुद्ध करना एवं मजबूत बनाना है<ref>{{cite web |title=सहकारिता के विकास में सहकार भारती का योगदान महत्वपूर्ण |url=https://legendnews.in/sahakar-bharti-has-an-important-contribution-in-the-development-of-cooperatives-uday-joshi/ |accessdate=3 मार्च 2021 |archive-date=3 मार्च 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210303104952/http://legendnews.in/sahakar-bharti-has-an-important-contribution-in-the-development-of-cooperatives-uday-joshi/ |url-status=dead }}</ref>- जैसे सहकारिता में आए हुए दोषों को दूर करना, सहकारी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित एवं संस्कारित करना, सहकारिता का जनसाधारण में प्रचार व प्रसार करना, परिसंवाद, परिचर्चा, सम्मेलन, प्रशिक्षण वर्ग इत्यादि कार्यक्रमों द्वारा जन प्रबोधन करना, सहकारिता का साहित्य छापना, सहकारिता की समस्याओं को सुलझाने हेतु मार्गदर्शन करना, आदर्श सहकारी संस्थाएं आरम्भ करना, चलाना एवं बढ़ाना, समाजसेवी आदर्श सहकारिता-कार्यकर्ताओं को सम्मानित व संगठित करना तथा सहकारिता को समाजोपयोगी बनाना इत्यादि सहकार भारती के अन्य उद्देश्य एवं कार्य हैं।<ref>{{cite web |title=सहकार भारती की गतिविधियाँ |url=https://sahakarbharati.org/2021/02/05/activities-of-sahakar-bharati/ |accessdate=5 फरवरी 2021 |archive-date=28 जनवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220128185513/https://sahakarbharati.org/2021/02/05/activities-of-sahakar-bharati/ |url-status=dead }}</ref> == पृठभूमि एवं इतिहास == [[भारत]] में [[सहकार]]िता १८९४ से आरम्भ हुई, ऐसा कहा जाता है। कारण तब [[वड़ोदरा|वडोदरा]] में प्रथम सहकारी संस्था गठित हुई। भारत के स्वाधीन होने के बाद भारत की सरकार ने सहकारिता को एक जनोपयोगी कार्य समझकर इसे बढ़ाने में पर्याप्त रुचि ली। आर्थिक मदद देकर इसे खूब प्रोत्साहित किया। परिणामस्वरूप सहकारिता का प्रचार गांव-गांव तक हो गया। आज देश में साढ़े छह लाख सहकारी संस्थाएं हैं, जिनसे इक्कीस करोड़ लोग जुड़े हैं। विश्व की सहकारिता का एक चौथाई भाग भारत में विभिन्न सहकारी संस्थाओं से जुड़ा हुआ है। सहकारिता की विभिन्न विधाएं भी देश में आरम्भ हो गईं। साख, गृह निर्माण, उपभोक्ता भंडार, यातायात, मुद्रण, मछुआरे, कर्मचारी, जुलाहे, क्रय-विक्रय, चीनी उद्योग, वस्त्र-उद्योग, बैंक इत्यादि सभी क्षेत्रों में सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं। सरकारी उत्साह एवं प्रोत्साहन के कारण धीरे-धीरे सहकारी संस्थाएं सरकार-निर्भर हो गईं। ग्रेवाल समिति ने अपनी रपट में कहा था कि भारत में सहकारिता आन्दोलन पूर्णतः असफल हो गया है। रपट में आगे कहा गया कि इस आन्दोलन को सफल जरूर बनाना चाहिए, क्योंकि सहकारिता द्वारा ही सामान्य व्यक्ति का आर्थिक उत्थान सम्भव है। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ कार्यकर्ताओं ने मिलकर सहकार भारती की स्थापना की। '''<big>राष्ट्रीय पदाधिकारी</big>''' {| class="wikitable" |संरक्षक |[https://sahakarbharati.org/2021/02/13/national-president-shri-ramesh-vaidya/ रमेश वैद्य] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220128185435/https://sahakarbharati.org/2021/02/13/national-president-shri-ramesh-vaidya/ |date=28 जनवरी 2022 }} |कर्नाटक |- |राष्ट्रीय अध्यक्ष |[[डॉ उदय वासुदेव जोशी]] |मुंबई |- |राष्ट्रीय महामंत्री |दीपक चौरसिया |विहार |- |राष्ट्रीय संगठन मंत्री |संजय पाचपोर |मुंबई |} {| class="wikitable" |राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष |सतीश मेढी |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय कार्यालय प्रमुख |लक्ष्मण पात्र |उत्तर प्रदेश |- |राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (मुंबई) |एडवोकेट गोविन्द झारीकर |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (दिल्ली) |हर्षद धर्माधिकारी |दिल्ली |- | | | |} '''<big>राष्ट्रीय उपाध्यक्ष</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |प्रशांत बजर बरुआ |आसम |- |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |केशव हरोदिया |झारखंड |- |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |कृष्णा रेड्डी |कर्नाटक |} '''<big>राष्ट्रीय मंत्री</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय मंत्री |एडवोकेट सुनील गुप्ता |दिल्ली |- |राष्ट्रीय मंत्री | | |- |राष्ट्रीय मंत्री |नन्दिनी राय |बंगाल |- |राष्ट्रीय मंत्री |अशोक तेकाम |मध्य प्रदेश |} '''<big>राष्ट्रीय संपर्क/आईटी प्रकोष्ठ/सोशल मीडिया प्रकोष्ठ</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख |दिलीप दादा पाटिल |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय आईटी प्रकोष्ठ प्रमुख | दिलीप टिकेन |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ |कुलदीप कृष्ण पाण्डेय |उत्तर प्रदेश |- |राष्ट्रीय सह प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ |अंकेश मिश्र |बिहार |} ==इन्हें भी देखें== *[[लक्ष्मणराव इनामदार]] -- सहकार भारती के संस्थापक *[[सहकारिता]] *[[सहकारिता का इतिहास]] *[[भारत में सहकारिता आन्दोलन]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.sahakarbharati.org/ अखिल भारतीय सहकार भारती] * [https://www.bhaskar.com/JHA-JAMS-OMC-MAT-latest-jamshedpur-news-023003-2787795-NOR.html/ सहकार भारती के सहयोग से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही सरकार- कृषि मंत्री] * [https://www.jagran.com/uttarakhand/chamoli-sahakar-bharati-will-create-selfemployment-opportunities-through-group-22559898.html समूह के जरिये स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा सहकार भारती] * [https://vskbharat.com/%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE/ भोपाल में सहकार भारती ने मनाया स्थापना दिवस] * [https://bachpanexpress.com/states/--810139 सहकार भारती की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक केरल स्थित त्रिश्शूर के भागवत ग्राम में रविवार को संपन्न हुई] {{संघ परिवार}} ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:भारत में सहकार]] r1efvl1gqx9ot1fj3npeixsw8s97998 6541596 6541595 2026-04-17T13:43:49Z चाहर धर्मेंद्र 703114 सुधार 6541596 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=[[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सहकार भारती}}[[चित्र:Sahkar.jpg|अंगूठाकार| {| class="wikitable" !संक्षेपाक्षर |सहकार भारती |- !स्थापना |11 जनवरी 1978 ([[गणेश चतुर्थी]] |- !संस्थापक |[[लक्ष्मणराव इनामदार]] |- !प्रकार |स्वयंसेवी, निःस्वार्थ राष्ट्रभक्ति |- !वैधानिक स्थिति |सक्रिय |- !उद्देश्य |[[भारतीय राष्ट्रवाद]] |- !मुख्यालय |[[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] |- !आदर्श वाक्य |बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार |- !सेवित क्षेत्र |[[भारत]] |- !विधि |समूह चर्चा, बैठकों और अभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण |- !सदस्यता |10-15 लाख(739 जनपद) |- !आधिकारिक भाषा |[[संस्कृत भाषा|संस्कृत]], [[हिन्दी]] |- !अध्यक्ष |डॉ उदय जोशी |- !संगठन मंत्री |[https://sahakarbharati.org/2021/02/13/organising-secretary-shri-sanjay-pachpor/] [[संजय पाचपोर]] |- !संबद्धता |[[संघ परिवार]] |- ![[ध्येय वक्तव्य|ध्येय]] |"आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक स्वावलम्बन"<ref>{{cite web |title=सहकार भारती कार्यकर्ताओं से मिले राष्ट्रीय अधिकारी |url=https://www.livehindustan.com/jharkhand/lohardaga/story-national-officials-met-sahakar-bharati-workers-6306964.html |accessdate=20 अप्रैल 2022}}</ref><ref>{{cite web |title=लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही सहकारी भारती |url=https://www.amarujala.com/dehradun/sahakar-bharati-is-making-people-self-reliant-vikas-nagar-news-drn3674363189 |accessdate=12 जनवरी 2021}}</ref> |- !जालस्थल |https://sahakarbharati.org/ |} ]] '''सहकार भारती''' [[सहकार|सहकारिता]] के क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसे [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] का आनुषंगिक संगठन माना जाता है। यह एक पंजीकृत [[अशासकीय संस्था]] है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से समाज में आर्थिक सुदृढ़ता और जनकल्याण को बढ़ावा देना है। इस संस्था की स्थापना सन् 1978 में [[गणेश चतुर्थी]] के पावन अवसर पर [[पुणे]] में की गई थी।<ref>{{cite book |last1=संजीव |first1=उनियाल |title=RSS Ka Rahasya |publisher=बीएफसी प्रकाशन |url=https://www.google.co.in/books/edition/RSS_Ka_Rahasya/-r1PEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PA124&printsec=frontcover |accessdate=19 नवंबर 2021}}</ref> उसी वर्ष 11 जनवरी को [[मुम्बई]] में इसे औपचारिक रूप से एक सामाजिक संस्था के रूप में स्थापित किया गया, जिसका मूल उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को अधिक सशक्त, संगठित और जनहितकारी स्वरूप प्रदान करना था। सहकार भारती के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय [[माधवराव गोडबोले]] थे,<ref>{{cite web |title=स्वर्गीय श्री माधवराव उर्फ अन्नासाहेब गोडबोले |url=http://www.sahakarbharati.org/madhavraogodbole.htm |accessdate=9 नवंबर 2011 |archive-date=9 नवंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111109191446/http://www.sahakarbharati.org/madhavraogodbole.htm |url-status=bot: unknown }}</ref> जिन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने सन् 1935 में [[सांगली]] में जनता सहकारी बैंक की स्थापना कर इस क्षेत्र में एक सुदृढ़ आधार निर्मित किया। संस्था के संस्थापक सदस्यों में सतीश मराठे का भी महत्वपूर्ण स्थान है, जो सहकारिता के अध्ययन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष अनुसंधान संस्था के संस्थापक निदेशक के रूप में भी कार्यरत रहे हैं।<ref>{{cite web |title=श्री सतीश काशीनाथ मराठे |url=https://rbi.org.in/scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=3552 |accessdate=17 जून 2013}}</ref> सहकार भारती का मूल ध्येय उत्पादक, वितरक और उपभोक्ता के बीच संतुलित एवं समन्वित संबंध स्थापित करना है,<ref>{{cite book |last1=डॉ. हरिश्चंद्र |first1=बर्थवाल |title=R.S.S. Ek Parichay |publisher=सुरुचि प्रकाशन |url=https://www.google.co.in/books/edition/R_S_S_Ek_Parichay/Iis5DwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PA41&printsec=frontcover}}</ref> जिससे सहकारिता के माध्यम से आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके। यह संस्था न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करने का एक सशक्त प्रयास है। * सहकार भारती का मूलमंत्र - '''बिना संस्कार नहीं सहकार'''<ref>{{cite book |last1=महेश |first1=शर्मा दत्त |title=1000 Sangh Prashnottari |publisher=प्रभात प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड |url=https://www.google.co.in/books/edition/1000_Sangh_Prashnottari/xlVQDwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PT118&printsec=frontcover |accessdate=2 जनवरी 2020}}</ref> सहकार भारती वर्तमान में अपने सुदृढ़ संगठनात्मक ढाँचे और व्यापक कार्यक्षेत्र के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को निरंतर गति प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत 18 कार्यकर्ताओं का एक केंद्रीय दल सक्रिय है, जिसमें 5 पूर्णकालिक कार्यकर्ता सम्मिलित हैं। ये सभी कार्यकर्ता देशभर में प्रवास करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहकारिता के सिद्धांतों का प्रसार और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण का कार्य करते हैं। संस्था के वैचारिक और साहित्यिक प्रसार के लिए इसकी पाँच मासिक पत्रिकाएँ नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं। इनमें [[अहमदाबाद|अमदाबाद]] से ‘सहकार चेतना’, [[पुणे]] से ‘सहकार सुगंध’, तथा [[ग्वालियर]] से ‘सहकार श्री’ प्रकाशित होती हैं। इसके अतिरिक्त [[लखनऊ]] से ‘आर्थिक स्वावलंबन’ और ‘स्मारिका’ का प्रकाशन भी किया जाता है,<ref>{{cite web |title=लखनऊ में होगा सहकार भारती का राष्ट्रीय सम्मेलन, तैयारियां जारी |url=https://www.swadeshnews.in/state/uttar-pradesh/sahkar-bharti-national-meet-will-held-in-lucknow-765473 |accessdate=4 अगस्त 2021}}</ref> जो सहकारिता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वर्तमान समय में सहकार भारती देश के कुल 739 जनपदों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह व्यापक उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि संस्था ने सहकारिता के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समन्वय और आत्मनिर्भरता के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। [[चित्र:Sahkarbharti.jpg|अंगूठाकार|सहकर भारती का 7वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन]] == उद्देश्य == सहकार भारती का मूल उद्देश्य सहकारिता को शुद्ध, सुदृढ़ और जनोपयोगी बनाकर जनता की आर्थिक सेवा के माध्यम से समाज का समग्र आर्थिक उत्थान करना है।<ref>{{cite web |title=सहकारिता के विकास में सहकार भारती का योगदान महत्वपूर्ण |url=https://legendnews.in/sahakar-bharti-has-an-important-contribution-in-the-development-of-cooperatives-uday-joshi/ |accessdate=3 मार्च 2021 |archive-date=3 मार्च 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210303104952/http://legendnews.in/sahakar-bharti-has-an-important-contribution-in-the-development-of-cooperatives-uday-joshi/ |url-status=dead }}</ref> यह संस्था सहकारिता व्यवस्था में उत्पन्न विकृतियों और दोषों को दूर करने के लिए सतत प्रयासरत रहती है, ताकि इस व्यवस्था की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता बनी रहे। सहकार भारती सहकारी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और उनके संस्कार निर्माण पर विशेष बल देती है, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक दक्षता और निष्ठा के साथ कर सकें। इसके साथ ही, संस्था सहकारिता के सिद्धांतों का जनसाधारण में व्यापक प्रचार-प्रसार करती है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस व्यवस्था से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हो सकें। संस्था विभिन्न परिसंवादों, परिचर्चाओं, सम्मेलनों और प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन कर जनजागरण का कार्य भी करती है, जिससे समाज में सहकारिता के प्रति जागरूकता और समझ विकसित हो। इसके अतिरिक्त, सहकारिता विषयक साहित्य का प्रकाशन कर ज्ञान के प्रसार को प्रोत्साहित किया जाता है तथा सहकारी संस्थाओं के समक्ष आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। सहकार भारती आदर्श सहकारी संस्थाओं की स्थापना, संचालन और उनके विस्तार में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। साथ ही, समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सहकारिता-कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर उन्हें संगठित करने का प्रयास करती है। इस प्रकार, संस्था सहकारिता को केवल एक आर्थिक व्यवस्था तक सीमित न रखकर उसे समाजोपयोगी, सशक्त और जनकल्याणकारी स्वरूप प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है।<ref>{{cite web |title=सहकार भारती की गतिविधियाँ |url=https://sahakarbharati.org/2021/02/05/activities-of-sahakar-bharati/ |accessdate=5 फरवरी 2021 |archive-date=28 जनवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220128185513/https://sahakarbharati.org/2021/02/05/activities-of-sahakar-bharati/ |url-status=dead }}</ref> == पृठभूमि एवं इतिहास == [[भारत]] में [[सहकार]]िता १८९४ से आरम्भ हुई, ऐसा कहा जाता है। कारण तब [[वड़ोदरा|वडोदरा]] में प्रथम सहकारी संस्था गठित हुई। भारत के स्वाधीन होने के बाद भारत की सरकार ने सहकारिता को एक जनोपयोगी कार्य समझकर इसे बढ़ाने में पर्याप्त रुचि ली। आर्थिक मदद देकर इसे खूब प्रोत्साहित किया। परिणामस्वरूप सहकारिता का प्रचार गांव-गांव तक हो गया। आज देश में साढ़े छह लाख सहकारी संस्थाएं हैं, जिनसे इक्कीस करोड़ लोग जुड़े हैं। विश्व की सहकारिता का एक चौथाई भाग भारत में विभिन्न सहकारी संस्थाओं से जुड़ा हुआ है। सहकारिता की विभिन्न विधाएं भी देश में आरम्भ हो गईं। साख, गृह निर्माण, उपभोक्ता भंडार, यातायात, मुद्रण, मछुआरे, कर्मचारी, जुलाहे, क्रय-विक्रय, चीनी उद्योग, वस्त्र-उद्योग, बैंक इत्यादि सभी क्षेत्रों में सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं। सरकारी उत्साह एवं प्रोत्साहन के कारण धीरे-धीरे सहकारी संस्थाएं सरकार-निर्भर हो गईं। ग्रेवाल समिति ने अपनी रपट में कहा था कि भारत में सहकारिता आन्दोलन पूर्णतः असफल हो गया है। रपट में आगे कहा गया कि इस आन्दोलन को सफल जरूर बनाना चाहिए, क्योंकि सहकारिता द्वारा ही सामान्य व्यक्ति का आर्थिक उत्थान सम्भव है। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ कार्यकर्ताओं ने मिलकर सहकार भारती की स्थापना की। '''<big>राष्ट्रीय पदाधिकारी</big>''' {| class="wikitable" |संरक्षक |[https://sahakarbharati.org/2021/02/13/national-president-shri-ramesh-vaidya/ रमेश वैद्य] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220128185435/https://sahakarbharati.org/2021/02/13/national-president-shri-ramesh-vaidya/ |date=28 जनवरी 2022 }} |कर्नाटक |- |राष्ट्रीय अध्यक्ष |[[डॉ उदय वासुदेव जोशी]] |मुंबई |- |राष्ट्रीय महामंत्री |दीपक चौरसिया |विहार |- |राष्ट्रीय संगठन मंत्री |संजय पाचपोर |मुंबई |} {| class="wikitable" |राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष |सतीश मेढी |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय कार्यालय प्रमुख |लक्ष्मण पात्र |उत्तर प्रदेश |- |राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (मुंबई) |एडवोकेट गोविन्द झारीकर |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (दिल्ली) |हर्षद धर्माधिकारी |दिल्ली |- | | | |} '''<big>राष्ट्रीय उपाध्यक्ष</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |प्रशांत बजर बरुआ |आसम |- |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |केशव हरोदिया |झारखंड |- |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |कृष्णा रेड्डी |कर्नाटक |} '''<big>राष्ट्रीय मंत्री</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय मंत्री |एडवोकेट सुनील गुप्ता |दिल्ली |- |राष्ट्रीय मंत्री | | |- |राष्ट्रीय मंत्री |नन्दिनी राय |बंगाल |- |राष्ट्रीय मंत्री |अशोक तेकाम |मध्य प्रदेश |} '''<big>राष्ट्रीय संपर्क/आईटी प्रकोष्ठ/सोशल मीडिया प्रकोष्ठ</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख |दिलीप दादा पाटिल |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय आईटी प्रकोष्ठ प्रमुख | दिलीप टिकेन |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ |कुलदीप कृष्ण पाण्डेय |उत्तर प्रदेश |- |राष्ट्रीय सह प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ |अंकेश मिश्र |बिहार |} ==इन्हें भी देखें== *[[लक्ष्मणराव इनामदार]] -- सहकार भारती के संस्थापक *[[सहकारिता]] *[[सहकारिता का इतिहास]] *[[भारत में सहकारिता आन्दोलन]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.sahakarbharati.org/ अखिल भारतीय सहकार भारती] * [https://www.bhaskar.com/JHA-JAMS-OMC-MAT-latest-jamshedpur-news-023003-2787795-NOR.html/ सहकार भारती के सहयोग से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही सरकार- कृषि मंत्री] * [https://www.jagran.com/uttarakhand/chamoli-sahakar-bharati-will-create-selfemployment-opportunities-through-group-22559898.html समूह के जरिये स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा सहकार भारती] * [https://vskbharat.com/%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE/ भोपाल में सहकार भारती ने मनाया स्थापना दिवस] * [https://bachpanexpress.com/states/--810139 सहकार भारती की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक केरल स्थित त्रिश्शूर के भागवत ग्राम में रविवार को संपन्न हुई] {{संघ परिवार}} ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:भारत में सहकार]] ml0eoeult2k4nau30y01um5zw8915ep 6541597 6541596 2026-04-17T13:47:19Z चाहर धर्मेंद्र 703114 सुधार 6541597 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=[[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सहकार भारती}}[[चित्र:Sahkar.jpg|अंगूठाकार| {| class="wikitable" !संक्षेपाक्षर |सहकार भारती |- !स्थापना |11 जनवरी 1978 ([[गणेश चतुर्थी]] |- !संस्थापक |[[लक्ष्मणराव इनामदार]] |- !प्रकार |स्वयंसेवी, निःस्वार्थ राष्ट्रभक्ति |- !वैधानिक स्थिति |सक्रिय |- !उद्देश्य |[[भारतीय राष्ट्रवाद]] |- !मुख्यालय |[[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] |- !आदर्श वाक्य |बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार |- !सेवित क्षेत्र |[[भारत]] |- !विधि |समूह चर्चा, बैठकों और अभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण |- !सदस्यता |10-15 लाख(739 जनपद) |- !आधिकारिक भाषा |[[संस्कृत भाषा|संस्कृत]], [[हिन्दी]] |- !अध्यक्ष |डॉ उदय जोशी |- !संगठन मंत्री |[https://sahakarbharati.org/2021/02/13/organising-secretary-shri-sanjay-pachpor/] [[संजय पाचपोर]] |- !संबद्धता |[[संघ परिवार]] |- ![[ध्येय वक्तव्य|ध्येय]] |"आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक स्वावलम्बन"<ref>{{cite web |title=सहकार भारती कार्यकर्ताओं से मिले राष्ट्रीय अधिकारी |url=https://www.livehindustan.com/jharkhand/lohardaga/story-national-officials-met-sahakar-bharati-workers-6306964.html |accessdate=20 अप्रैल 2022}}</ref><ref>{{cite web |title=लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही सहकारी भारती |url=https://www.amarujala.com/dehradun/sahakar-bharati-is-making-people-self-reliant-vikas-nagar-news-drn3674363189 |accessdate=12 जनवरी 2021}}</ref> |- !जालस्थल |https://sahakarbharati.org/ |} ]] '''सहकार भारती''' [[सहकार|सहकारिता]] के क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसे [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] का आनुषंगिक संगठन माना जाता है। यह एक पंजीकृत [[अशासकीय संस्था]] है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से समाज में आर्थिक सुदृढ़ता और जनकल्याण को बढ़ावा देना है। इस संस्था की स्थापना सन् 1978 में [[गणेश चतुर्थी]] के पावन अवसर पर [[पुणे]] में की गई थी।<ref>{{cite book |last1=संजीव |first1=उनियाल |title=RSS Ka Rahasya |publisher=बीएफसी प्रकाशन |url=https://www.google.co.in/books/edition/RSS_Ka_Rahasya/-r1PEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PA124&printsec=frontcover |accessdate=19 नवंबर 2021}}</ref> उसी वर्ष 11 जनवरी को [[मुम्बई]] में इसे औपचारिक रूप से एक सामाजिक संस्था के रूप में स्थापित किया गया, जिसका मूल उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को अधिक सशक्त, संगठित और जनहितकारी स्वरूप प्रदान करना था। सहकार भारती के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय [[माधवराव गोडबोले]] थे,<ref>{{cite web |title=स्वर्गीय श्री माधवराव उर्फ अन्नासाहेब गोडबोले |url=http://www.sahakarbharati.org/madhavraogodbole.htm |accessdate=9 नवंबर 2011 |archive-date=9 नवंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111109191446/http://www.sahakarbharati.org/madhavraogodbole.htm |url-status=bot: unknown }}</ref> जिन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने सन् 1935 में [[सांगली]] में जनता सहकारी बैंक की स्थापना कर इस क्षेत्र में एक सुदृढ़ आधार निर्मित किया। संस्था के संस्थापक सदस्यों में सतीश मराठे का भी महत्वपूर्ण स्थान है, जो सहकारिता के अध्ययन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष अनुसंधान संस्था के संस्थापक निदेशक के रूप में भी कार्यरत रहे हैं।<ref>{{cite web |title=श्री सतीश काशीनाथ मराठे |url=https://rbi.org.in/scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=3552 |accessdate=17 जून 2013}}</ref> सहकार भारती का मूल ध्येय उत्पादक, वितरक और उपभोक्ता के बीच संतुलित एवं समन्वित संबंध स्थापित करना है,<ref>{{cite book |last1=डॉ. हरिश्चंद्र |first1=बर्थवाल |title=R.S.S. Ek Parichay |publisher=सुरुचि प्रकाशन |url=https://www.google.co.in/books/edition/R_S_S_Ek_Parichay/Iis5DwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PA41&printsec=frontcover}}</ref> जिससे सहकारिता के माध्यम से आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके। यह संस्था न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करने का एक सशक्त प्रयास है। * सहकार भारती का मूलमंत्र - '''बिना संस्कार नहीं सहकार'''<ref>{{cite book |last1=महेश |first1=शर्मा दत्त |title=1000 Sangh Prashnottari |publisher=प्रभात प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड |url=https://www.google.co.in/books/edition/1000_Sangh_Prashnottari/xlVQDwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PT118&printsec=frontcover |accessdate=2 जनवरी 2020}}</ref> सहकार भारती वर्तमान में अपने सुदृढ़ संगठनात्मक ढाँचे और व्यापक कार्यक्षेत्र के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को निरंतर गति प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत 18 कार्यकर्ताओं का एक केंद्रीय दल सक्रिय है, जिसमें 5 पूर्णकालिक कार्यकर्ता सम्मिलित हैं। ये सभी कार्यकर्ता देशभर में प्रवास करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहकारिता के सिद्धांतों का प्रसार और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण का कार्य करते हैं। संस्था के वैचारिक और साहित्यिक प्रसार के लिए इसकी पाँच मासिक पत्रिकाएँ नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं। इनमें [[अहमदाबाद|अमदाबाद]] से ‘सहकार चेतना’, [[पुणे]] से ‘सहकार सुगंध’, तथा [[ग्वालियर]] से ‘सहकार श्री’ प्रकाशित होती हैं। इसके अतिरिक्त [[लखनऊ]] से ‘आर्थिक स्वावलंबन’ और ‘स्मारिका’ का प्रकाशन भी किया जाता है,<ref>{{cite web |title=लखनऊ में होगा सहकार भारती का राष्ट्रीय सम्मेलन, तैयारियां जारी |url=https://www.swadeshnews.in/state/uttar-pradesh/sahkar-bharti-national-meet-will-held-in-lucknow-765473 |accessdate=4 अगस्त 2021}}</ref> जो सहकारिता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वर्तमान समय में सहकार भारती देश के कुल 739 जनपदों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह व्यापक उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि संस्था ने सहकारिता के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समन्वय और आत्मनिर्भरता के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। [[चित्र:Sahkarbharti.jpg|अंगूठाकार|सहकर भारती का 7वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन]] == उद्देश्य == सहकार भारती का मूल उद्देश्य सहकारिता को शुद्ध, सुदृढ़ और जनोपयोगी बनाकर जनता की आर्थिक सेवा के माध्यम से समाज का समग्र आर्थिक उत्थान करना है।<ref>{{cite web |title=सहकारिता के विकास में सहकार भारती का योगदान महत्वपूर्ण |url=https://legendnews.in/sahakar-bharti-has-an-important-contribution-in-the-development-of-cooperatives-uday-joshi/ |accessdate=3 मार्च 2021 |archive-date=3 मार्च 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210303104952/http://legendnews.in/sahakar-bharti-has-an-important-contribution-in-the-development-of-cooperatives-uday-joshi/ |url-status=dead }}</ref> यह संस्था सहकारिता व्यवस्था में उत्पन्न विकृतियों और दोषों को दूर करने के लिए सतत प्रयासरत रहती है, ताकि इस व्यवस्था की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता बनी रहे। सहकार भारती सहकारी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और उनके संस्कार निर्माण पर विशेष बल देती है, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक दक्षता और निष्ठा के साथ कर सकें। इसके साथ ही, संस्था सहकारिता के सिद्धांतों का जनसाधारण में व्यापक प्रचार-प्रसार करती है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस व्यवस्था से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हो सकें। संस्था विभिन्न परिसंवादों, परिचर्चाओं, सम्मेलनों और प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन कर जनजागरण का कार्य भी करती है, जिससे समाज में सहकारिता के प्रति जागरूकता और समझ विकसित हो। इसके अतिरिक्त, सहकारिता विषयक साहित्य का प्रकाशन कर ज्ञान के प्रसार को प्रोत्साहित किया जाता है तथा सहकारी संस्थाओं के समक्ष आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। सहकार भारती आदर्श सहकारी संस्थाओं की स्थापना, संचालन और उनके विस्तार में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। साथ ही, समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सहकारिता-कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर उन्हें संगठित करने का प्रयास करती है। इस प्रकार, संस्था सहकारिता को केवल एक आर्थिक व्यवस्था तक सीमित न रखकर उसे समाजोपयोगी, सशक्त और जनकल्याणकारी स्वरूप प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है।<ref>{{cite web |title=सहकार भारती की गतिविधियाँ |url=https://sahakarbharati.org/2021/02/05/activities-of-sahakar-bharati/ |accessdate=5 फरवरी 2021 |archive-date=28 जनवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220128185513/https://sahakarbharati.org/2021/02/05/activities-of-sahakar-bharati/ |url-status=dead }}</ref> == पृठभूमि एवं इतिहास == भारत में सहकारिता का इतिहास उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम चरण से प्रारंभ होता है। प्रायः यह माना जाता है कि सन् 1894 में [[वड़ोदरा]] में प्रथम सहकारी संस्था के गठन के साथ इस विचारधारा का बीजारोपण हुआ। कालांतर में, विशेषतः स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात, India की सरकार ने सहकारिता को जनोपयोगी और लोककल्याणकारी व्यवस्था के रूप में स्वीकार करते हुए इसे व्यापक प्रोत्साहन प्रदान किया। आर्थिक सहयोग, नीतिगत समर्थन और संस्थागत संरचना के माध्यम से सहकारिता का विस्तार ग्राम-ग्राम तक हुआ, जिसके परिणामस्वरूप आज देश में लाखों सहकारी संस्थाएँ सक्रिय हैं और करोड़ों नागरिक उनसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भी भारत की सहकारिता व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्थान है, जहाँ विश्व की कुल सहकारिता गतिविधियों का एक बड़ा भाग संचालित होता है। समय के साथ सहकारिता की विविध शाखाएँ विकसित हुईं—साख, गृह-निर्माण, उपभोक्ता भंडार, परिवहन, मुद्रण, मत्स्य-व्यवसाय, कर्मचारी संगठन, जुलाहे, क्रय-विक्रय, चीनी तथा वस्त्र उद्योग, और बैंकिंग जैसे अनेक क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन संस्थाओं ने आर्थिक गतिविधियों को जनसहभागिता से जोड़ते हुए समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। किन्तु सरकारी प्रोत्साहन के साथ-साथ धीरे-धीरे सहकारी संस्थाओं में सरकारी निर्भरता भी बढ़ने लगी, जिससे उनकी स्वायत्तता और मूल भावना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसी संदर्भ में ग्रेवाल समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह टिप्पणी की कि भारत का सहकारिता आंदोलन अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर सका है। यद्यपि, समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आंदोलन को सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सामान्य जन के आर्थिक उत्थान का प्रभावी माध्यम सहकारिता ही हो सकती है। ऐसे संक्रमणकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ समर्पित कार्यकर्ताओं ने सहकारिता के मूल आदर्शों को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया और इसी प्रेरणा से सहकार भारती की स्थापना हुई, जिसने सहकारिता को पुनः स्वावलंबन, नैतिकता और जनकल्याण के पथ पर अग्रसर करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया। '''<big>राष्ट्रीय पदाधिकारी</big>''' {| class="wikitable" |संरक्षक |[https://sahakarbharati.org/2021/02/13/national-president-shri-ramesh-vaidya/ रमेश वैद्य] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220128185435/https://sahakarbharati.org/2021/02/13/national-president-shri-ramesh-vaidya/ |date=28 जनवरी 2022 }} |कर्नाटक |- |राष्ट्रीय अध्यक्ष |[[डॉ उदय वासुदेव जोशी]] |मुंबई |- |राष्ट्रीय महामंत्री |दीपक चौरसिया |विहार |- |राष्ट्रीय संगठन मंत्री |संजय पाचपोर |मुंबई |} {| class="wikitable" |राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष |सतीश मेढी |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय कार्यालय प्रमुख |लक्ष्मण पात्र |उत्तर प्रदेश |- |राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (मुंबई) |एडवोकेट गोविन्द झारीकर |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (दिल्ली) |हर्षद धर्माधिकारी |दिल्ली |- | | | |} '''<big>राष्ट्रीय उपाध्यक्ष</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |प्रशांत बजर बरुआ |आसम |- |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |केशव हरोदिया |झारखंड |- |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |कृष्णा रेड्डी |कर्नाटक |} '''<big>राष्ट्रीय मंत्री</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय मंत्री |एडवोकेट सुनील गुप्ता |दिल्ली |- |राष्ट्रीय मंत्री | | |- |राष्ट्रीय मंत्री |नन्दिनी राय |बंगाल |- |राष्ट्रीय मंत्री |अशोक तेकाम |मध्य प्रदेश |} '''<big>राष्ट्रीय संपर्क/आईटी प्रकोष्ठ/सोशल मीडिया प्रकोष्ठ</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख |दिलीप दादा पाटिल |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय आईटी प्रकोष्ठ प्रमुख | दिलीप टिकेन |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ |कुलदीप कृष्ण पाण्डेय |उत्तर प्रदेश |- |राष्ट्रीय सह प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ |अंकेश मिश्र |बिहार |} ==इन्हें भी देखें== *[[लक्ष्मणराव इनामदार]] -- सहकार भारती के संस्थापक *[[सहकारिता]] *[[सहकारिता का इतिहास]] *[[भारत में सहकारिता आन्दोलन]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.sahakarbharati.org/ अखिल भारतीय सहकार भारती] * [https://www.bhaskar.com/JHA-JAMS-OMC-MAT-latest-jamshedpur-news-023003-2787795-NOR.html/ सहकार भारती के सहयोग से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही सरकार- कृषि मंत्री] * [https://www.jagran.com/uttarakhand/chamoli-sahakar-bharati-will-create-selfemployment-opportunities-through-group-22559898.html समूह के जरिये स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा सहकार भारती] * [https://vskbharat.com/%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE/ भोपाल में सहकार भारती ने मनाया स्थापना दिवस] * [https://bachpanexpress.com/states/--810139 सहकार भारती की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक केरल स्थित त्रिश्शूर के भागवत ग्राम में रविवार को संपन्न हुई] {{संघ परिवार}} ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:भारत में सहकार]] iw9nr2157vy5lt6j5t3uajrxwywon8v 6541598 6541597 2026-04-17T13:56:37Z चाहर धर्मेंद्र 703114 सुधार 6541598 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=[[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सहकार भारती}}[[File:The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering at Sahkar Sammelan, on the occasion of birth centenary of Laxmanrao Inamdar, in New Delhi.jpg|अंगूठाकार|प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 21 सितंबर, 2017 को नई दिल्ली में लक्ष्मणराव इनामदार की जन्म शताब्दी के अवसर पर सहकार सम्मेलन में सभा को संबोधित करते हुए। {| class="wikitable" !संक्षेपाक्षर |सहकार भारती |- !स्थापना |11 जनवरी 1978 ([[गणेश चतुर्थी]] |- !संस्थापक |[[लक्ष्मणराव इनामदार]] |- !प्रकार |स्वयंसेवी, निःस्वार्थ राष्ट्रभक्ति |- !वैधानिक स्थिति |सक्रिय |- !उद्देश्य |[[भारतीय राष्ट्रवाद]] |- !मुख्यालय |[[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] |- !आदर्श वाक्य |बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार |- !सेवित क्षेत्र |[[भारत]] |- !विधि |समूह चर्चा, बैठकों और अभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण |- !सदस्यता |10-15 लाख(739 जनपद) |- !आधिकारिक भाषा |[[संस्कृत भाषा|संस्कृत]], [[हिन्दी]] |- !अध्यक्ष |डॉ उदय जोशी |- !संगठन मंत्री |[https://sahakarbharati.org/2021/02/13/organising-secretary-shri-sanjay-pachpor/] [[संजय पाचपोर]] |- !संबद्धता |[[संघ परिवार]] |- ![[ध्येय वक्तव्य|ध्येय]] |"आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक स्वावलम्बन"<ref>{{cite web |title=सहकार भारती कार्यकर्ताओं से मिले राष्ट्रीय अधिकारी |url=https://www.livehindustan.com/jharkhand/lohardaga/story-national-officials-met-sahakar-bharati-workers-6306964.html |accessdate=20 अप्रैल 2022}}</ref><ref>{{cite web |title=लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही सहकारी भारती |url=https://www.amarujala.com/dehradun/sahakar-bharati-is-making-people-self-reliant-vikas-nagar-news-drn3674363189 |accessdate=12 जनवरी 2021}}</ref> |- !जालस्थल |https://sahakarbharati.org/ |} ]] '''सहकार भारती''' [[सहकार|सहकारिता]] के क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसे [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] का आनुषंगिक संगठन माना जाता है। यह एक पंजीकृत [[अशासकीय संस्था]] है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से समाज में आर्थिक सुदृढ़ता और जनकल्याण को बढ़ावा देना है। इस संस्था की स्थापना सन् 1978 में [[गणेश चतुर्थी]] के पावन अवसर पर [[पुणे]] में की गई थी।<ref>{{cite book |last1=संजीव |first1=उनियाल |title=RSS Ka Rahasya |publisher=बीएफसी प्रकाशन |url=https://www.google.co.in/books/edition/RSS_Ka_Rahasya/-r1PEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PA124&printsec=frontcover |accessdate=19 नवंबर 2021}}</ref> उसी वर्ष 11 जनवरी को [[मुम्बई]] में इसे औपचारिक रूप से एक सामाजिक संस्था के रूप में स्थापित किया गया, जिसका मूल उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को अधिक सशक्त, संगठित और जनहितकारी स्वरूप प्रदान करना था। सहकार भारती के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय [[माधवराव गोडबोले]] थे,<ref>{{cite web |title=स्वर्गीय श्री माधवराव उर्फ अन्नासाहेब गोडबोले |url=http://www.sahakarbharati.org/madhavraogodbole.htm |accessdate=9 नवंबर 2011 |archive-date=9 नवंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111109191446/http://www.sahakarbharati.org/madhavraogodbole.htm |url-status=bot: unknown }}</ref> जिन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने सन् 1935 में [[सांगली]] में जनता सहकारी बैंक की स्थापना कर इस क्षेत्र में एक सुदृढ़ आधार निर्मित किया। संस्था के संस्थापक सदस्यों में सतीश मराठे का भी महत्वपूर्ण स्थान है, जो सहकारिता के अध्ययन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष अनुसंधान संस्था के संस्थापक निदेशक के रूप में भी कार्यरत रहे हैं।<ref>{{cite web |title=श्री सतीश काशीनाथ मराठे |url=https://rbi.org.in/scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=3552 |accessdate=17 जून 2013}}</ref> सहकार भारती का मूल ध्येय उत्पादक, वितरक और उपभोक्ता के बीच संतुलित एवं समन्वित संबंध स्थापित करना है,<ref>{{cite book |last1=डॉ. हरिश्चंद्र |first1=बर्थवाल |title=R.S.S. Ek Parichay |publisher=सुरुचि प्रकाशन |url=https://www.google.co.in/books/edition/R_S_S_Ek_Parichay/Iis5DwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PA41&printsec=frontcover}}</ref> जिससे सहकारिता के माध्यम से आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके। यह संस्था न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करने का एक सशक्त प्रयास है। * सहकार भारती का मूलमंत्र - '''बिना संस्कार नहीं सहकार'''<ref>{{cite book |last1=महेश |first1=शर्मा दत्त |title=1000 Sangh Prashnottari |publisher=प्रभात प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड |url=https://www.google.co.in/books/edition/1000_Sangh_Prashnottari/xlVQDwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&pg=PT118&printsec=frontcover |accessdate=2 जनवरी 2020}}</ref> सहकार भारती वर्तमान में अपने सुदृढ़ संगठनात्मक ढाँचे और व्यापक कार्यक्षेत्र के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को निरंतर गति प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत 18 कार्यकर्ताओं का एक केंद्रीय दल सक्रिय है, जिसमें 5 पूर्णकालिक कार्यकर्ता सम्मिलित हैं। ये सभी कार्यकर्ता देशभर में प्रवास करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहकारिता के सिद्धांतों का प्रसार और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण का कार्य करते हैं। संस्था के वैचारिक और साहित्यिक प्रसार के लिए इसकी पाँच मासिक पत्रिकाएँ नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं। इनमें [[अहमदाबाद|अमदाबाद]] से ‘सहकार चेतना’, [[पुणे]] से ‘सहकार सुगंध’, तथा [[ग्वालियर]] से ‘सहकार श्री’ प्रकाशित होती हैं। इसके अतिरिक्त [[लखनऊ]] से ‘आर्थिक स्वावलंबन’ और ‘स्मारिका’ का प्रकाशन भी किया जाता है,<ref>{{cite web |title=लखनऊ में होगा सहकार भारती का राष्ट्रीय सम्मेलन, तैयारियां जारी |url=https://www.swadeshnews.in/state/uttar-pradesh/sahkar-bharti-national-meet-will-held-in-lucknow-765473 |accessdate=4 अगस्त 2021}}</ref> जो सहकारिता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वर्तमान समय में सहकार भारती देश के कुल 739 जनपदों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह व्यापक उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि संस्था ने सहकारिता के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समन्वय और आत्मनिर्भरता के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। == उद्देश्य == सहकार भारती का मूल उद्देश्य सहकारिता को शुद्ध, सुदृढ़ और जनोपयोगी बनाकर जनता की आर्थिक सेवा के माध्यम से समाज का समग्र आर्थिक उत्थान करना है।<ref>{{cite web |title=सहकारिता के विकास में सहकार भारती का योगदान महत्वपूर्ण |url=https://legendnews.in/sahakar-bharti-has-an-important-contribution-in-the-development-of-cooperatives-uday-joshi/ |accessdate=3 मार्च 2021 |archive-date=3 मार्च 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210303104952/http://legendnews.in/sahakar-bharti-has-an-important-contribution-in-the-development-of-cooperatives-uday-joshi/ |url-status=dead }}</ref> यह संस्था सहकारिता व्यवस्था में उत्पन्न विकृतियों और दोषों को दूर करने के लिए सतत प्रयासरत रहती है, ताकि इस व्यवस्था की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता बनी रहे। सहकार भारती सहकारी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और उनके संस्कार निर्माण पर विशेष बल देती है, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक दक्षता और निष्ठा के साथ कर सकें। इसके साथ ही, संस्था सहकारिता के सिद्धांतों का जनसाधारण में व्यापक प्रचार-प्रसार करती है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस व्यवस्था से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हो सकें। संस्था विभिन्न परिसंवादों, परिचर्चाओं, सम्मेलनों और प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन कर जनजागरण का कार्य भी करती है, जिससे समाज में सहकारिता के प्रति जागरूकता और समझ विकसित हो। इसके अतिरिक्त, सहकारिता विषयक साहित्य का प्रकाशन कर ज्ञान के प्रसार को प्रोत्साहित किया जाता है तथा सहकारी संस्थाओं के समक्ष आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। सहकार भारती आदर्श सहकारी संस्थाओं की स्थापना, संचालन और उनके विस्तार में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। साथ ही, समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सहकारिता-कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर उन्हें संगठित करने का प्रयास करती है। इस प्रकार, संस्था सहकारिता को केवल एक आर्थिक व्यवस्था तक सीमित न रखकर उसे समाजोपयोगी, सशक्त और जनकल्याणकारी स्वरूप प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है।<ref>{{cite web |title=सहकार भारती की गतिविधियाँ |url=https://sahakarbharati.org/2021/02/05/activities-of-sahakar-bharati/ |accessdate=5 फरवरी 2021 |archive-date=28 जनवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220128185513/https://sahakarbharati.org/2021/02/05/activities-of-sahakar-bharati/ |url-status=dead }}</ref> == पृठभूमि एवं इतिहास == भारत में सहकारिता का इतिहास उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम चरण से प्रारंभ होता है। प्रायः यह माना जाता है कि सन् 1894 में [[वड़ोदरा]] में प्रथम सहकारी संस्था के गठन के साथ इस विचारधारा का बीजारोपण हुआ। कालांतर में, विशेषतः स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात, India की सरकार ने सहकारिता को जनोपयोगी और लोककल्याणकारी व्यवस्था के रूप में स्वीकार करते हुए इसे व्यापक प्रोत्साहन प्रदान किया। आर्थिक सहयोग, नीतिगत समर्थन और संस्थागत संरचना के माध्यम से सहकारिता का विस्तार ग्राम-ग्राम तक हुआ, जिसके परिणामस्वरूप आज देश में लाखों सहकारी संस्थाएँ सक्रिय हैं और करोड़ों नागरिक उनसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भी भारत की सहकारिता व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्थान है, जहाँ विश्व की कुल सहकारिता गतिविधियों का एक बड़ा भाग संचालित होता है। समय के साथ सहकारिता की विविध शाखाएँ विकसित हुईं—साख, गृह-निर्माण, उपभोक्ता भंडार, परिवहन, मुद्रण, मत्स्य-व्यवसाय, कर्मचारी संगठन, जुलाहे, क्रय-विक्रय, चीनी तथा वस्त्र उद्योग, और बैंकिंग जैसे अनेक क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन संस्थाओं ने आर्थिक गतिविधियों को जनसहभागिता से जोड़ते हुए समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। किन्तु सरकारी प्रोत्साहन के साथ-साथ धीरे-धीरे सहकारी संस्थाओं में सरकारी निर्भरता भी बढ़ने लगी, जिससे उनकी स्वायत्तता और मूल भावना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसी संदर्भ में ग्रेवाल समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह टिप्पणी की कि भारत का सहकारिता आंदोलन अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर सका है। यद्यपि, समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आंदोलन को सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सामान्य जन के आर्थिक उत्थान का प्रभावी माध्यम सहकारिता ही हो सकती है। ऐसे संक्रमणकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ समर्पित कार्यकर्ताओं ने सहकारिता के मूल आदर्शों को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया और इसी प्रेरणा से सहकार भारती की स्थापना हुई, जिसने सहकारिता को पुनः स्वावलंबन, नैतिकता और जनकल्याण के पथ पर अग्रसर करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया। '''<big>राष्ट्रीय पदाधिकारी</big>''' {| class="wikitable" |संरक्षक |[https://sahakarbharati.org/2021/02/13/national-president-shri-ramesh-vaidya/ रमेश वैद्य] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220128185435/https://sahakarbharati.org/2021/02/13/national-president-shri-ramesh-vaidya/ |date=28 जनवरी 2022 }} |कर्नाटक |- |राष्ट्रीय अध्यक्ष |[[डॉ उदय वासुदेव जोशी]] |मुंबई |- |राष्ट्रीय महामंत्री |दीपक चौरसिया |विहार |- |राष्ट्रीय संगठन मंत्री |संजय पाचपोर |मुंबई |} {| class="wikitable" |राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष |सतीश मेढी |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय कार्यालय प्रमुख |लक्ष्मण पात्र |उत्तर प्रदेश |- |राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (मुंबई) |एडवोकेट गोविन्द झारीकर |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (दिल्ली) |हर्षद धर्माधिकारी |दिल्ली |- | | | |} '''<big>राष्ट्रीय उपाध्यक्ष</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |प्रशांत बजर बरुआ |आसम |- |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |केशव हरोदिया |झारखंड |- |राष्ट्रीय उपाध्यक्ष |कृष्णा रेड्डी |कर्नाटक |} '''<big>राष्ट्रीय मंत्री</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय मंत्री |एडवोकेट सुनील गुप्ता |दिल्ली |- |राष्ट्रीय मंत्री | | |- |राष्ट्रीय मंत्री |नन्दिनी राय |बंगाल |- |राष्ट्रीय मंत्री |अशोक तेकाम |मध्य प्रदेश |} '''<big>राष्ट्रीय संपर्क/आईटी प्रकोष्ठ/सोशल मीडिया प्रकोष्ठ</big>''' {| class="wikitable" |राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख |दिलीप दादा पाटिल |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय आईटी प्रकोष्ठ प्रमुख | दिलीप टिकेन |महाराष्ट्र |- |राष्ट्रीय प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ |कुलदीप कृष्ण पाण्डेय |उत्तर प्रदेश |- |राष्ट्रीय सह प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ |अंकेश मिश्र |बिहार |} ==इन्हें भी देखें== *[[लक्ष्मणराव इनामदार]] -- सहकार भारती के संस्थापक *[[सहकारिता]] *[[सहकारिता का इतिहास]] *[[भारत में सहकारिता आन्दोलन]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.sahakarbharati.org/ अखिल भारतीय सहकार भारती] * [https://www.bhaskar.com/JHA-JAMS-OMC-MAT-latest-jamshedpur-news-023003-2787795-NOR.html/ सहकार भारती के सहयोग से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही सरकार- कृषि मंत्री] * [https://www.jagran.com/uttarakhand/chamoli-sahakar-bharati-will-create-selfemployment-opportunities-through-group-22559898.html समूह के जरिये स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा सहकार भारती] * [https://vskbharat.com/%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE/ भोपाल में सहकार भारती ने मनाया स्थापना दिवस] * [https://bachpanexpress.com/states/--810139 सहकार भारती की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक केरल स्थित त्रिश्शूर के भागवत ग्राम में रविवार को संपन्न हुई] {{संघ परिवार}} ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:भारत में सहकार]] 59dujiiycs5zep18681gjz6tuusnfgj विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सहकार भारती 4 1372503 6541599 6530781 2026-04-17T14:09:42Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* सहकार भारती */ उत्तर 6541599 wikitext text/x-wiki === [[:सहकार भारती]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=मई 2022}} :{{la|1=सहकार भारती}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|सहकार भारती -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:27, 21 मई 2022 (UTC) :(साफ़ प्रचार के तहत नामांकित और हटाया गया लेख जिसे दुबारा निर्मित किया गया) :: इसे नहीं हटाना चाहिये क्योंकि यह एक ऐसी संस्था के बारे में है जो निश्चित ही एक उल्लेखनीय संस्था है। यह पचासों वर्षों से अस्तित्व में है और पंजीकृत है। पूरा भारत इसका कार्यक्षेत्र है और इसका संगठन बहुत बड़ा है। इसका कार्य भी बहुत महत्वपूर्ण है - सहकारी संस्थानों और सहकारकों को बढ़ावा देना, और इस प्रकार भारत की आर्थिक उन्नति करना। यह संस्था कितनी उल्लेखनीय है, यह समाचारों में इसके नाम की खोज से भी पता चल जायेगा। :: दूसरी बात यह है कि यह लेख कम से कम सात-आठ वर्ष पहले लिखा गया था। उसके बाद किसी ने इसे 'साफ प्रचार' घोषित करते हुए इसे शीघ्र हटाने का नामांकन किया था। उस समय मैने इसका विरोध किया था। श्री अजित कुमार तिवारी ने इसे न हटाने के तर्क को स्वीकार करते हुए कुछ यों टिप्पणि की थी - 'अनावश्यक शीह' । शायद छः माह से कम समय में किसी अन्य सदस्य ने फिर से इस पर 'साफ प्रचार' का आरोप लगाते हुए शीघ्र हटाने का अनुरोध कर दिया और विद्वान प्रबन्धक ने आंख मूदकर इसे हटा दिया। जिस समय इसे हटाया गया उसी समय मैं इसे न हटाने का अपना तर्क लिख रहा था जो कुछ सेकेण्ड देरी से पूरा हुआ (इस पर शायद ही किसी को विश्वास हो।)। मेरे कहने का सार यह है कि यह एक उल्लेखनीय संस्था के बारे में है, साफ प्रचार भी नहीं है, अतः इसे न हटाया जाय। --- [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 13:57, 24 मई 2022 (UTC) ::: लेख में सन्दर्भ के साथ सुधार किया गया है। एक बार फिर से विचार करना चाहिए।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:35, 24 मई 2022 (UTC) ::बजाय इसे स्वघोषित रूप से निश्चित ही उल्लेखनीय मानने के और पचास साल पुरानी होने की अथवा लेख के लंबे समय से बने होने की दुहाई देने के इसे उल्लेखनीयत साबित करने के लिए दस बीस ऐसे सन्दर्भ दे देना बेहतर होता जहाँ विषय का सविस्तार विवरण-वर्णन जिनसे विकिपीडिया कि उल्लेखनीयता नीति इसे उल्लेखनीय साबित मान सकती। आँख मूँद कर हटा दिया और कुछ सेकेण्ड से चूक गए जैसी रससिक्त वाणी उद्गीरित करने की बजाय महान संपादक को नीति पढ़ एक बार पढ़ लेना अच्छा होता। ::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी आपके सुधार पूर्ण हो गए हैं? क्या लेख के विषय का सविस्तार वर्णन करने वाले स्रोत उपलप्ध हैं जिससे इस विषयकी उल्लेखनीयता सिद्ध हो रही, जिससे कि इस विषय पर अलग से लेख रखना उचित हो। मुझे तो इसे किसी अन्य संबंधित लेख में अनुभाग के रूप में एक पैराग्राफ लिखने भर की उल्लेखनीयता प्रतीत हो रही।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:14, 17 जून 2022 (UTC) :::नमस्कार [[सदस्य:SM7|SM7]] जी, मेरा काम पूरा हुआ। मेरी ही तरह कोई भी सदस्य जानकारी सन्दर्भ के साथ लिख सकता है। [https://www.google.com/search?q=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&sxsrf=ALiCzsYzj8y97c6kT5FN7x9oeyipfb0ofw:1655483979925&source=lnms&tbm=bks&sa=X&ved=2ahUKEwiE3be09rT4AhVw6XMBHW_MBvcQ_AUoAXoECAEQCw&biw=1920&bih=969&dpr=1 सहकार भारती] :::'''आर.एस.एस के संगठन''' नाम से नया लेख बना सकते है। उस में अनुभाग के रूप में एक पैराग्राफ लिख सकते है।[https://books.google.co.in/books?id=2_Xs_GqtovQC&newbks=0&printsec=frontcover&pg=PA46&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&hl=en&source=newbks_fb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false आर.एस.एस के संगठन]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:48, 17 जून 2022 (UTC) ::::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, इस हेतु [[संघ परिवार]] लेख पहले से मौजूद है, वहां भी एक पैराग्राफ के बाद ऐसे संगठनों की सूची ही उपलब्ध है। संगत अंग्रेजी लेख में भी ऐसा ही किया गया है, इसे सूचीबद्ध करके रखा गया है। एक बार अवलोकन करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:16, 17 जून 2022 (UTC) :::::नमस्कार [[सदस्य:SM7|SM7]] जी, संघ परिवार लेख पर अंग्रेजी लेख के संगठनों की सूची अनुसार सुधार किया गया है। एक बार आप भी अवलोकन करें। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:23, 26 जून 2022 (UTC) ::::::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, मेरे कहने का मतलब यह था कि संघ परिवार पर बने लेख में सहकार भारती वाले इस लेख की सामग्री नहीं रखना उचित प्रतीत हो रहा ताकि इस शीर्षक को वहाँ अनुप्रेषित किया जा सके। अगर वहाँ अन्य संगठनों के बारे में पैराग्राफ लिखे होते तो इसके बारे में भी एक पैरा जोड़ कर ऐसा किया जा सकता था। आपने उस लेख में सुधार किया इसके लिए आपका आभार। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:27, 26 जून 2022 (UTC) :::::::[[सदस्य:SM7|SM7]] जी! बिल्कुल, यदि सहकार भारती लेख की सामग्री संघ परिवार में डालते है तो फिर हमें अन्य संगठनों के साथ भी ऐसा करना होगा। जो जरूरी है, उस संगठन का लेख अलग ही रखे तो बेहतर होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:37, 26 जून 2022 (UTC) लेख प्रचार हेतु निर्मित किया गया है और इसे साफ़ प्रचार ही मानना चाहिए। इसमें भूमिका बिना किसी बदलाव के [https://sahakarbharati.org सहकार भारती डॉट ऑर्ग] से ज्यों कि त्यों प्रतिलिपि की गई है अतः इसे कॉपीराइट उल्लंघन में भी हटाया जा सकता है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 07:13, 16 जनवरी 2026 (UTC) '''हटाए''' मैं संजीव कुमार जी के तर्क से पूर्णतः सहमत हूँ। चूँकि इस लेख की सामग्री [https://sahakarbharati.org सहकार भारती डॉट ऑर्ग] वेबसाइट से ज्यों-की-त्यों कॉपी की गई है, यह स्पष्ट रूप से '''कॉपीराइट उल्लंघन''' और '''साफ़ प्रचार''' की श्रेणी में आता है। अतः इसे शीघ्र हटाया जाना चाहिए। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:52, 16 मार्च 2026 (UTC) :यह नामांकन लंबे समय से विचाराधीन है और इस विषय पर पर्याप्त चर्चा हो चुकी प्रतीत होती है। अतः अब इस लेख को बनाए रखना है अथवा हटाना है, इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:09, 17 अप्रैल 2026 (UTC) qdq63uodfdrezkkcra4tuzszc3wzd6n 6541600 6541599 2026-04-17T14:09:57Z चाहर धर्मेंद्र 703114 6541600 wikitext text/x-wiki === [[:सहकार भारती]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=मई 2022}} :{{la|1=सहकार भारती}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|सहकार भारती -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:27, 21 मई 2022 (UTC) :(साफ़ प्रचार के तहत नामांकित और हटाया गया लेख जिसे दुबारा निर्मित किया गया) :: इसे नहीं हटाना चाहिये क्योंकि यह एक ऐसी संस्था के बारे में है जो निश्चित ही एक उल्लेखनीय संस्था है। यह पचासों वर्षों से अस्तित्व में है और पंजीकृत है। पूरा भारत इसका कार्यक्षेत्र है और इसका संगठन बहुत बड़ा है। इसका कार्य भी बहुत महत्वपूर्ण है - सहकारी संस्थानों और सहकारकों को बढ़ावा देना, और इस प्रकार भारत की आर्थिक उन्नति करना। यह संस्था कितनी उल्लेखनीय है, यह समाचारों में इसके नाम की खोज से भी पता चल जायेगा। :: दूसरी बात यह है कि यह लेख कम से कम सात-आठ वर्ष पहले लिखा गया था। उसके बाद किसी ने इसे 'साफ प्रचार' घोषित करते हुए इसे शीघ्र हटाने का नामांकन किया था। उस समय मैने इसका विरोध किया था। श्री अजित कुमार तिवारी ने इसे न हटाने के तर्क को स्वीकार करते हुए कुछ यों टिप्पणि की थी - 'अनावश्यक शीह' । शायद छः माह से कम समय में किसी अन्य सदस्य ने फिर से इस पर 'साफ प्रचार' का आरोप लगाते हुए शीघ्र हटाने का अनुरोध कर दिया और विद्वान प्रबन्धक ने आंख मूदकर इसे हटा दिया। जिस समय इसे हटाया गया उसी समय मैं इसे न हटाने का अपना तर्क लिख रहा था जो कुछ सेकेण्ड देरी से पूरा हुआ (इस पर शायद ही किसी को विश्वास हो।)। मेरे कहने का सार यह है कि यह एक उल्लेखनीय संस्था के बारे में है, साफ प्रचार भी नहीं है, अतः इसे न हटाया जाय। --- [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 13:57, 24 मई 2022 (UTC) ::: लेख में सन्दर्भ के साथ सुधार किया गया है। एक बार फिर से विचार करना चाहिए।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:35, 24 मई 2022 (UTC) ::बजाय इसे स्वघोषित रूप से निश्चित ही उल्लेखनीय मानने के और पचास साल पुरानी होने की अथवा लेख के लंबे समय से बने होने की दुहाई देने के इसे उल्लेखनीयत साबित करने के लिए दस बीस ऐसे सन्दर्भ दे देना बेहतर होता जहाँ विषय का सविस्तार विवरण-वर्णन जिनसे विकिपीडिया कि उल्लेखनीयता नीति इसे उल्लेखनीय साबित मान सकती। आँख मूँद कर हटा दिया और कुछ सेकेण्ड से चूक गए जैसी रससिक्त वाणी उद्गीरित करने की बजाय महान संपादक को नीति पढ़ एक बार पढ़ लेना अच्छा होता। ::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी आपके सुधार पूर्ण हो गए हैं? क्या लेख के विषय का सविस्तार वर्णन करने वाले स्रोत उपलप्ध हैं जिससे इस विषयकी उल्लेखनीयता सिद्ध हो रही, जिससे कि इस विषय पर अलग से लेख रखना उचित हो। मुझे तो इसे किसी अन्य संबंधित लेख में अनुभाग के रूप में एक पैराग्राफ लिखने भर की उल्लेखनीयता प्रतीत हो रही।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:14, 17 जून 2022 (UTC) :::नमस्कार [[सदस्य:SM7|SM7]] जी, मेरा काम पूरा हुआ। मेरी ही तरह कोई भी सदस्य जानकारी सन्दर्भ के साथ लिख सकता है। [https://www.google.com/search?q=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&sxsrf=ALiCzsYzj8y97c6kT5FN7x9oeyipfb0ofw:1655483979925&source=lnms&tbm=bks&sa=X&ved=2ahUKEwiE3be09rT4AhVw6XMBHW_MBvcQ_AUoAXoECAEQCw&biw=1920&bih=969&dpr=1 सहकार भारती] :::'''आर.एस.एस के संगठन''' नाम से नया लेख बना सकते है। उस में अनुभाग के रूप में एक पैराग्राफ लिख सकते है।[https://books.google.co.in/books?id=2_Xs_GqtovQC&newbks=0&printsec=frontcover&pg=PA46&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&hl=en&source=newbks_fb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false आर.एस.एस के संगठन]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:48, 17 जून 2022 (UTC) ::::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, इस हेतु [[संघ परिवार]] लेख पहले से मौजूद है, वहां भी एक पैराग्राफ के बाद ऐसे संगठनों की सूची ही उपलब्ध है। संगत अंग्रेजी लेख में भी ऐसा ही किया गया है, इसे सूचीबद्ध करके रखा गया है। एक बार अवलोकन करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:16, 17 जून 2022 (UTC) :::::नमस्कार [[सदस्य:SM7|SM7]] जी, संघ परिवार लेख पर अंग्रेजी लेख के संगठनों की सूची अनुसार सुधार किया गया है। एक बार आप भी अवलोकन करें। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:23, 26 जून 2022 (UTC) ::::::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, मेरे कहने का मतलब यह था कि संघ परिवार पर बने लेख में सहकार भारती वाले इस लेख की सामग्री नहीं रखना उचित प्रतीत हो रहा ताकि इस शीर्षक को वहाँ अनुप्रेषित किया जा सके। अगर वहाँ अन्य संगठनों के बारे में पैराग्राफ लिखे होते तो इसके बारे में भी एक पैरा जोड़ कर ऐसा किया जा सकता था। आपने उस लेख में सुधार किया इसके लिए आपका आभार। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:27, 26 जून 2022 (UTC) :::::::[[सदस्य:SM7|SM7]] जी! बिल्कुल, यदि सहकार भारती लेख की सामग्री संघ परिवार में डालते है तो फिर हमें अन्य संगठनों के साथ भी ऐसा करना होगा। जो जरूरी है, उस संगठन का लेख अलग ही रखे तो बेहतर होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:37, 26 जून 2022 (UTC) लेख प्रचार हेतु निर्मित किया गया है और इसे साफ़ प्रचार ही मानना चाहिए। इसमें भूमिका बिना किसी बदलाव के [https://sahakarbharati.org सहकार भारती डॉट ऑर्ग] से ज्यों कि त्यों प्रतिलिपि की गई है अतः इसे कॉपीराइट उल्लंघन में भी हटाया जा सकता है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 07:13, 16 जनवरी 2026 (UTC) '''हटाए''' मैं संजीव कुमार जी के तर्क से पूर्णतः सहमत हूँ। चूँकि इस लेख की सामग्री [https://sahakarbharati.org सहकार भारती डॉट ऑर्ग] वेबसाइट से ज्यों-की-त्यों कॉपी की गई है, यह स्पष्ट रूप से '''कॉपीराइट उल्लंघन''' और '''साफ़ प्रचार''' की श्रेणी में आता है। अतः इसे शीघ्र हटाया जाना चाहिए। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:52, 16 मार्च 2026 (UTC) * यह नामांकन लंबे समय से विचाराधीन है और इस विषय पर पर्याप्त चर्चा हो चुकी प्रतीत होती है। अतः अब इस लेख को बनाए रखना है अथवा हटाना है, इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:09, 17 अप्रैल 2026 (UTC) lacn26vg6dsggaiqayjx55bsioq8oku 6541622 6541600 2026-04-17T15:46:19Z Hindustanilanguage 39545 /* सहकार भारती */ 6541622 wikitext text/x-wiki === [[:सहकार भारती]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=मई 2022}} :{{la|1=सहकार भारती}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|सहकार भारती -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:27, 21 मई 2022 (UTC) :(साफ़ प्रचार के तहत नामांकित और हटाया गया लेख जिसे दुबारा निर्मित किया गया) :: इसे नहीं हटाना चाहिये क्योंकि यह एक ऐसी संस्था के बारे में है जो निश्चित ही एक उल्लेखनीय संस्था है। यह पचासों वर्षों से अस्तित्व में है और पंजीकृत है। पूरा भारत इसका कार्यक्षेत्र है और इसका संगठन बहुत बड़ा है। इसका कार्य भी बहुत महत्वपूर्ण है - सहकारी संस्थानों और सहकारकों को बढ़ावा देना, और इस प्रकार भारत की आर्थिक उन्नति करना। यह संस्था कितनी उल्लेखनीय है, यह समाचारों में इसके नाम की खोज से भी पता चल जायेगा। :: दूसरी बात यह है कि यह लेख कम से कम सात-आठ वर्ष पहले लिखा गया था। उसके बाद किसी ने इसे 'साफ प्रचार' घोषित करते हुए इसे शीघ्र हटाने का नामांकन किया था। उस समय मैने इसका विरोध किया था। श्री अजित कुमार तिवारी ने इसे न हटाने के तर्क को स्वीकार करते हुए कुछ यों टिप्पणि की थी - 'अनावश्यक शीह' । शायद छः माह से कम समय में किसी अन्य सदस्य ने फिर से इस पर 'साफ प्रचार' का आरोप लगाते हुए शीघ्र हटाने का अनुरोध कर दिया और विद्वान प्रबन्धक ने आंख मूदकर इसे हटा दिया। जिस समय इसे हटाया गया उसी समय मैं इसे न हटाने का अपना तर्क लिख रहा था जो कुछ सेकेण्ड देरी से पूरा हुआ (इस पर शायद ही किसी को विश्वास हो।)। मेरे कहने का सार यह है कि यह एक उल्लेखनीय संस्था के बारे में है, साफ प्रचार भी नहीं है, अतः इसे न हटाया जाय। --- [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 13:57, 24 मई 2022 (UTC) ::: लेख में सन्दर्भ के साथ सुधार किया गया है। एक बार फिर से विचार करना चाहिए।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:35, 24 मई 2022 (UTC) ::बजाय इसे स्वघोषित रूप से निश्चित ही उल्लेखनीय मानने के और पचास साल पुरानी होने की अथवा लेख के लंबे समय से बने होने की दुहाई देने के इसे उल्लेखनीयत साबित करने के लिए दस बीस ऐसे सन्दर्भ दे देना बेहतर होता जहाँ विषय का सविस्तार विवरण-वर्णन जिनसे विकिपीडिया कि उल्लेखनीयता नीति इसे उल्लेखनीय साबित मान सकती। आँख मूँद कर हटा दिया और कुछ सेकेण्ड से चूक गए जैसी रससिक्त वाणी उद्गीरित करने की बजाय महान संपादक को नीति पढ़ एक बार पढ़ लेना अच्छा होता। ::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी आपके सुधार पूर्ण हो गए हैं? क्या लेख के विषय का सविस्तार वर्णन करने वाले स्रोत उपलप्ध हैं जिससे इस विषयकी उल्लेखनीयता सिद्ध हो रही, जिससे कि इस विषय पर अलग से लेख रखना उचित हो। मुझे तो इसे किसी अन्य संबंधित लेख में अनुभाग के रूप में एक पैराग्राफ लिखने भर की उल्लेखनीयता प्रतीत हो रही।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:14, 17 जून 2022 (UTC) :::नमस्कार [[सदस्य:SM7|SM7]] जी, मेरा काम पूरा हुआ। मेरी ही तरह कोई भी सदस्य जानकारी सन्दर्भ के साथ लिख सकता है। [https://www.google.com/search?q=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&sxsrf=ALiCzsYzj8y97c6kT5FN7x9oeyipfb0ofw:1655483979925&source=lnms&tbm=bks&sa=X&ved=2ahUKEwiE3be09rT4AhVw6XMBHW_MBvcQ_AUoAXoECAEQCw&biw=1920&bih=969&dpr=1 सहकार भारती] :::'''आर.एस.एस के संगठन''' नाम से नया लेख बना सकते है। उस में अनुभाग के रूप में एक पैराग्राफ लिख सकते है।[https://books.google.co.in/books?id=2_Xs_GqtovQC&newbks=0&printsec=frontcover&pg=PA46&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&hl=en&source=newbks_fb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false आर.एस.एस के संगठन]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:48, 17 जून 2022 (UTC) ::::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, इस हेतु [[संघ परिवार]] लेख पहले से मौजूद है, वहां भी एक पैराग्राफ के बाद ऐसे संगठनों की सूची ही उपलब्ध है। संगत अंग्रेजी लेख में भी ऐसा ही किया गया है, इसे सूचीबद्ध करके रखा गया है। एक बार अवलोकन करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:16, 17 जून 2022 (UTC) :::::नमस्कार [[सदस्य:SM7|SM7]] जी, संघ परिवार लेख पर अंग्रेजी लेख के संगठनों की सूची अनुसार सुधार किया गया है। एक बार आप भी अवलोकन करें। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:23, 26 जून 2022 (UTC) ::::::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, मेरे कहने का मतलब यह था कि संघ परिवार पर बने लेख में सहकार भारती वाले इस लेख की सामग्री नहीं रखना उचित प्रतीत हो रहा ताकि इस शीर्षक को वहाँ अनुप्रेषित किया जा सके। अगर वहाँ अन्य संगठनों के बारे में पैराग्राफ लिखे होते तो इसके बारे में भी एक पैरा जोड़ कर ऐसा किया जा सकता था। आपने उस लेख में सुधार किया इसके लिए आपका आभार। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:27, 26 जून 2022 (UTC) :::::::[[सदस्य:SM7|SM7]] जी! बिल्कुल, यदि सहकार भारती लेख की सामग्री संघ परिवार में डालते है तो फिर हमें अन्य संगठनों के साथ भी ऐसा करना होगा। जो जरूरी है, उस संगठन का लेख अलग ही रखे तो बेहतर होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:37, 26 जून 2022 (UTC) लेख प्रचार हेतु निर्मित किया गया है और इसे साफ़ प्रचार ही मानना चाहिए। इसमें भूमिका बिना किसी बदलाव के [https://sahakarbharati.org सहकार भारती डॉट ऑर्ग] से ज्यों कि त्यों प्रतिलिपि की गई है अतः इसे कॉपीराइट उल्लंघन में भी हटाया जा सकता है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 07:13, 16 जनवरी 2026 (UTC) '''हटाए''' मैं संजीव कुमार जी के तर्क से पूर्णतः सहमत हूँ। चूँकि इस लेख की सामग्री [https://sahakarbharati.org सहकार भारती डॉट ऑर्ग] वेबसाइट से ज्यों-की-त्यों कॉपी की गई है, यह स्पष्ट रूप से '''कॉपीराइट उल्लंघन''' और '''साफ़ प्रचार''' की श्रेणी में आता है। अतः इसे शीघ्र हटाया जाना चाहिए। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:52, 16 मार्च 2026 (UTC) * यह नामांकन लंबे समय से विचाराधीन है और इस विषय पर पर्याप्त चर्चा हो चुकी प्रतीत होती है। अतः अब इस लेख को बनाए रखना है अथवा हटाना है, इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:09, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * '''हटाएँ''', जैसाकि नामांकन है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 15:46, 17 अप्रैल 2026 (UTC) h25umf7fzwddgbhba345ctvfh5trhdo 6541629 6541622 2026-04-17T15:59:08Z अनुनाद सिंह 1634 /* सहकार भारती */ 6541629 wikitext text/x-wiki === [[:सहकार भारती]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=मई 2022}} :{{la|1=सहकार भारती}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|सहकार भारती -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:27, 21 मई 2022 (UTC) :(साफ़ प्रचार के तहत नामांकित और हटाया गया लेख जिसे दुबारा निर्मित किया गया) :: इसे नहीं हटाना चाहिये क्योंकि यह एक ऐसी संस्था के बारे में है जो निश्चित ही एक उल्लेखनीय संस्था है। यह पचासों वर्षों से अस्तित्व में है और पंजीकृत है। पूरा भारत इसका कार्यक्षेत्र है और इसका संगठन बहुत बड़ा है। इसका कार्य भी बहुत महत्वपूर्ण है - सहकारी संस्थानों और सहकारकों को बढ़ावा देना, और इस प्रकार भारत की आर्थिक उन्नति करना। यह संस्था कितनी उल्लेखनीय है, यह समाचारों में इसके नाम की खोज से भी पता चल जायेगा। :: दूसरी बात यह है कि यह लेख कम से कम सात-आठ वर्ष पहले लिखा गया था। उसके बाद किसी ने इसे 'साफ प्रचार' घोषित करते हुए इसे शीघ्र हटाने का नामांकन किया था। उस समय मैने इसका विरोध किया था। श्री अजित कुमार तिवारी ने इसे न हटाने के तर्क को स्वीकार करते हुए कुछ यों टिप्पणि की थी - 'अनावश्यक शीह' । शायद छः माह से कम समय में किसी अन्य सदस्य ने फिर से इस पर 'साफ प्रचार' का आरोप लगाते हुए शीघ्र हटाने का अनुरोध कर दिया और विद्वान प्रबन्धक ने आंख मूदकर इसे हटा दिया। जिस समय इसे हटाया गया उसी समय मैं इसे न हटाने का अपना तर्क लिख रहा था जो कुछ सेकेण्ड देरी से पूरा हुआ (इस पर शायद ही किसी को विश्वास हो।)। मेरे कहने का सार यह है कि यह एक उल्लेखनीय संस्था के बारे में है, साफ प्रचार भी नहीं है, अतः इसे न हटाया जाय। --- [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 13:57, 24 मई 2022 (UTC) ::: लेख में सन्दर्भ के साथ सुधार किया गया है। एक बार फिर से विचार करना चाहिए।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:35, 24 मई 2022 (UTC) ::बजाय इसे स्वघोषित रूप से निश्चित ही उल्लेखनीय मानने के और पचास साल पुरानी होने की अथवा लेख के लंबे समय से बने होने की दुहाई देने के इसे उल्लेखनीयत साबित करने के लिए दस बीस ऐसे सन्दर्भ दे देना बेहतर होता जहाँ विषय का सविस्तार विवरण-वर्णन जिनसे विकिपीडिया कि उल्लेखनीयता नीति इसे उल्लेखनीय साबित मान सकती। आँख मूँद कर हटा दिया और कुछ सेकेण्ड से चूक गए जैसी रससिक्त वाणी उद्गीरित करने की बजाय महान संपादक को नीति पढ़ एक बार पढ़ लेना अच्छा होता। ::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी आपके सुधार पूर्ण हो गए हैं? क्या लेख के विषय का सविस्तार वर्णन करने वाले स्रोत उपलप्ध हैं जिससे इस विषयकी उल्लेखनीयता सिद्ध हो रही, जिससे कि इस विषय पर अलग से लेख रखना उचित हो। मुझे तो इसे किसी अन्य संबंधित लेख में अनुभाग के रूप में एक पैराग्राफ लिखने भर की उल्लेखनीयता प्रतीत हो रही।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:14, 17 जून 2022 (UTC) :::नमस्कार [[सदस्य:SM7|SM7]] जी, मेरा काम पूरा हुआ। मेरी ही तरह कोई भी सदस्य जानकारी सन्दर्भ के साथ लिख सकता है। [https://www.google.com/search?q=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&sxsrf=ALiCzsYzj8y97c6kT5FN7x9oeyipfb0ofw:1655483979925&source=lnms&tbm=bks&sa=X&ved=2ahUKEwiE3be09rT4AhVw6XMBHW_MBvcQ_AUoAXoECAEQCw&biw=1920&bih=969&dpr=1 सहकार भारती] :::'''आर.एस.एस के संगठन''' नाम से नया लेख बना सकते है। उस में अनुभाग के रूप में एक पैराग्राफ लिख सकते है।[https://books.google.co.in/books?id=2_Xs_GqtovQC&newbks=0&printsec=frontcover&pg=PA46&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80&hl=en&source=newbks_fb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false आर.एस.एस के संगठन]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:48, 17 जून 2022 (UTC) ::::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, इस हेतु [[संघ परिवार]] लेख पहले से मौजूद है, वहां भी एक पैराग्राफ के बाद ऐसे संगठनों की सूची ही उपलब्ध है। संगत अंग्रेजी लेख में भी ऐसा ही किया गया है, इसे सूचीबद्ध करके रखा गया है। एक बार अवलोकन करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 18:16, 17 जून 2022 (UTC) :::::नमस्कार [[सदस्य:SM7|SM7]] जी, संघ परिवार लेख पर अंग्रेजी लेख के संगठनों की सूची अनुसार सुधार किया गया है। एक बार आप भी अवलोकन करें। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:23, 26 जून 2022 (UTC) ::::::{{ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, मेरे कहने का मतलब यह था कि संघ परिवार पर बने लेख में सहकार भारती वाले इस लेख की सामग्री नहीं रखना उचित प्रतीत हो रहा ताकि इस शीर्षक को वहाँ अनुप्रेषित किया जा सके। अगर वहाँ अन्य संगठनों के बारे में पैराग्राफ लिखे होते तो इसके बारे में भी एक पैरा जोड़ कर ऐसा किया जा सकता था। आपने उस लेख में सुधार किया इसके लिए आपका आभार। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:27, 26 जून 2022 (UTC) :::::::[[सदस्य:SM7|SM7]] जी! बिल्कुल, यदि सहकार भारती लेख की सामग्री संघ परिवार में डालते है तो फिर हमें अन्य संगठनों के साथ भी ऐसा करना होगा। जो जरूरी है, उस संगठन का लेख अलग ही रखे तो बेहतर होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:37, 26 जून 2022 (UTC) लेख प्रचार हेतु निर्मित किया गया है और इसे साफ़ प्रचार ही मानना चाहिए। इसमें भूमिका बिना किसी बदलाव के [https://sahakarbharati.org सहकार भारती डॉट ऑर्ग] से ज्यों कि त्यों प्रतिलिपि की गई है अतः इसे कॉपीराइट उल्लंघन में भी हटाया जा सकता है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 07:13, 16 जनवरी 2026 (UTC) '''हटाए''' मैं संजीव कुमार जी के तर्क से पूर्णतः सहमत हूँ। चूँकि इस लेख की सामग्री [https://sahakarbharati.org सहकार भारती डॉट ऑर्ग] वेबसाइट से ज्यों-की-त्यों कॉपी की गई है, यह स्पष्ट रूप से '''कॉपीराइट उल्लंघन''' और '''साफ़ प्रचार''' की श्रेणी में आता है। अतः इसे शीघ्र हटाया जाना चाहिए। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:52, 16 मार्च 2026 (UTC) * यह नामांकन लंबे समय से विचाराधीन है और इस विषय पर पर्याप्त चर्चा हो चुकी प्रतीत होती है। अतः अब इस लेख को बनाए रखना है अथवा हटाना है, इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:09, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * '''हटाएँ''', जैसाकि नामांकन है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 15:46, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * इसे नहीं हटाना चाहिये क्योंकि सहकार भारती अत्यन्त उल्लेखनीय संस्था है। यह भारत के सबसे बड़े गैर-सरकारी सहकारी संगठनों में से एक है। यह भारत के लगभग सभी राज्यों और अधिकांश जिलों में सक्रिय है। इसके अलावा, यह केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि सहकारी बैंक, दुग्ध समितियाँ, क्रेडिट सोसायटियाँ, महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) और मत्स्य पालन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करता है।--[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 15:59, 17 अप्रैल 2026 (UTC) 7svocpvyzwl0w73mgihr0qfp6z6hwel सदस्य:Deepnarayan Kumar Dubey 2 1424511 6541635 6326287 2026-04-17T16:24:03Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541635 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' {{Short description|Indian playback singer and actor (born 1986)}} {{otherpeople}} {{Multiple issues|{{Copy edit|date=September 2025}} {{BLP sources|date=September 2025}} {{Peacock|date=September 2025}}}} {{Use Indian English|date=September 2025}} {{Use dmy dates|date=September 2025}} <!-- Times of India is not always a reliable source. --> {{Infobox person | name = Power Star | image = Pawan Singh in a concert.jpg | caption = Pawan Singh in 2023 | image_upright = yes | native_name = Pawan Singh | birth_date = {{birth date and age|df=yes|1986|01|05}} | birth_place = [[Arrah]], [[Bihar]], [[India]]<ref name="Jagran1" /> | alma_mater = | occupation = {{hlist|Playback singer|Actor|Composer|Politician}} | works = | years_active = 1992–present | father = Ramashankar Singh | mother = Pratima Devi | spouse = {{Plainlist| * Neelam Singh (m. 2014; died 2015) * Jyoti Singh (m. 2018–present) }} | children = | relatives = Ranu Singh,Mala Singh | honours = | awards = *Dadasaheb Phalke Film Foundation Award (2017) International Bhojpuri Film Awards *Best Male Singer in 2016 *Best Actor in 2017 *Best Male Singer in 2017 *Best Actor Award for the film "Maa Tujhe Salaam" in 2019 | module = {{Infobox musical artist | embed = yes | label = {{flatlist| * [[T-Series (company)|T-Series]] * Wave Music * [[Zee Music Company]] * Worldwide Records Bhojpuri }} | genre = {{flatlist| * [[Bhojpuri music]] * [[Filmi]] * [[Folk music|Folk]] * [[Indian classical music|Classical]]}} }} o0c5d37vqi3vnivbkoji3swsx1xalo6 6541636 6541635 2026-04-17T16:27:02Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 सामग्री को "'''Deepnarayan Dubey''' [[File:Deepnarayan Dubey DD.jpg|thumb|Deepnarayan Dubey]]" में बदला 6541636 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' [[File:Deepnarayan Dubey DD.jpg|thumb|Deepnarayan Dubey]] brs87c3yekly959tjsvzo5d9n5pxdc2 6541637 6541636 2026-04-17T16:31:53Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541637 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' Deepnarayan Kumar Dubey (born 13 November 2006) popularly known and called as the Deepnarayan Dubey.He is an actor, singer, and Indian television personality. He gained recognition on YouTube, through his comedy skits, vlogs, and social commentary. [[File:Deepnarayan Dubey DD.jpg|thumb|Deepnarayan Dubey]] 20wk591djowqnwsbfwdtgxt5elakps8 6541638 6541637 2026-04-17T16:32:28Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541638 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' Deepnarayan Kumar Dubey (born 13 November 2006) popularly known and called as the Deepnarayan Dubey.He is an actor, singer, and Social Media Influencer. He gained recognition on YouTube, through his comedy skits, vlogs, and social commentary. [[File:Deepnarayan Dubey DD.jpg|thumb|Deepnarayan Dubey]] 2k6qe7crccxpch5labiz7uf2dht5g3v 6541736 6541638 2026-04-18T03:32:55Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541736 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' {{Short description|Indian film actor (born 1985)}} {{Use dmy dates|date=February 2021}} {{Use Indian English|date=February 2021}} {{Infobox person |name = Yash Kumarr<ref>{{cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/topic/Yash-Kumar|title=Yash Kumar|agency=Times News Network|work=[[The Times of India]]|date=2 February 2021|accessdate=10 February 2021}}</ref> |image = Yash Kumarr during his movie shoot.jpg |caption = Yash Kumarr during shoot of bhojpuri movie "Shool" | birth_name = Sachin Mishra |birth_date = {{Birth date and age|1985|02|12|df=yes}} |birth_place = [[Ballia]], [[Uttar Pradesh]], India |other_names = Yash Kumar, Yash Mishra, Yash Kumar Mishra | spouse = {{marriage|[[Anjana Singh]]|2013|2018|end=divorced}}<ref>{{cite web|url=https://www.timesnowhindi.com/bhojpuri/article/bhojpuri-actor-yash-kumar-personal-life-story-to-anjana-singh-divorce-and-nidhi-jha-marriage/437673|title=Yash Kumar Story: अंजना से शादी और तलाक के बाद निधि से दोबारा शादी तक, जानें भोजपुरी स्टार यश कुमार की कहानी|access-date=}}</ref><br />{{marriage|[[Nidhi Jha]]<br />|2022}} |alma_mater = |occupation = {{hlist|Actor|Film Producer|Singer|Writer}} |years_active = 2010–present<ref>{{cite news |date=20 July 2021 |title=जब Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah में नजर आए थे भोजपुरी स्टार Yash Kumar, जेठालाल को किया था टॉर्चर! |url=https://hindi.news18.com/photogallery/entertainment/bhojpuri-actor-yash-kumar-worked-as-pakistani-officer-in-tarak-mehta-ka-ooltah-chashmah-photo-ashas-3662411.html |access-date=12 September 2022 |website=News18 हिंदी |language=hi}}</ref> |website = {{URL|yashkumarr.com}} }} Deepnarayan Kumar Dubey (born 13 November 2006) popularly known and called as the Deepnarayan Dubey.He is an actor, singer, and Social Media Influencer. He gained recognition on YouTube, through his comedy skits, vlogs, and social commentary. [[File:Deepnarayan Dubey DD.jpg|thumb|Deepnarayan Dubey]] qvn5eqbvga5mhniw177sc2zb4hkq08c 6541739 6541736 2026-04-18T03:35:46Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541739 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' {{Short description|Indian film actor (born 1985)}} {{Use dmy dates|date=February 2021}} {{Use Indian English|date=February 2021}} {{Infobox person |name = Deepnarayan Dubey |image = Deepnarayan Dubey DD.JPG |caption = Deepnarayan Dubey in 2025 | birth_name = Deepnarayan Kumar Dubey |birth_date = {{Birth date and age|2006|11|13|df=yes}} |birth_place = [[Motihari]], [[Bihar]], India |other_names = Deepnarayan | spouse = |alma_mater = |occupation = {{hlist|Social Media Influencer}} |years_active = 2025–present |website = }} Deepnarayan Kumar Dubey (born 13 November 2006) popularly known and called as the Deepnarayan Dubey.He is an actor, singer, and Social Media Influencer. He gained recognition on YouTube, through his comedy skits, vlogs, and social commentary. [[File:Deepnarayan Dubey DD.jpg|thumb|Deepnarayan Dubey]] isji30pe9tm77o8fkabxy3ze815lh56 6541741 6541739 2026-04-18T03:37:17Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541741 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' {{Short description|Indian film actor (born 1985)}} {{Use dmy dates|date=February 2021}} {{Use Indian English|date=February 2021}} {{Infobox person |name = Deepnarayan Dubey |image = Deepnarayan Dubey DD.jpg |caption = Deepnarayan Dubey in 2025 | birth_name = Deepnarayan Kumar Dubey |birth_date = {{Birth date and age|2006|11|13|df=yes}} |birth_place = [[Motihari]], [[Bihar]], India |other_names = Deepnarayan | spouse = |alma_mater = |occupation = {{hlist|Social Media Influencer}} |years_active = 2025–present |website = }} 1et0swg1n6tvbqp7gec3d6aauh8ft4a 6541742 6541741 2026-04-18T03:37:26Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541742 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' Deepnarayan Kumar Dubey (born 13 November 2006) popularly known and called as the Deepnarayan Dubey.He is an actor, singer, and Social Media Influencer. He gained recognition on YouTube, through his comedy skits, vlogs, and social commentary. {{Short description|Indian film actor (born 1985)}} {{Use dmy dates|date=February 2021}} {{Use Indian English|date=February 2021}} {{Infobox person |name = Deepnarayan Dubey |image = Deepnarayan Dubey DD.jpg |caption = Deepnarayan Dubey in 2025 | birth_name = Deepnarayan Kumar Dubey |birth_date = {{Birth date and age|2006|11|13|df=yes}} |birth_place = [[Motihari]], [[Bihar]], India |other_names = Deepnarayan | spouse = |alma_mater = |occupation = {{hlist|Social Media Influencer}} |years_active = 2025–present |website = }} b2qok9gu9b4pu650e8hibsswkv8b7da 6541743 6541742 2026-04-18T03:39:38Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541743 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' Deepnarayan Kumar Dubey (born 13 November 2006) popularly known and called as the Deepnarayan Dubey.He is an actor, singer, and Social Media Influencer. He gained recognition on YouTube, through his comedy skits, vlogs, and social commentary. {{Short description|Indian film actor (born 1985)}} {{Use dmy dates|date=February 2021}} {{Use Indian English|date=February 2021}} {{Infobox person |name = Deepnarayan Dubey |image = Deepnarayan Dubey DD.jpg |caption = Deepnarayan Dubey in 2025 | birth_name = Deepnarayan Kumar Dubey |birth_date = {{Birth date and age|2006|11|13|df=yes}} |birth_place = Chitahan,East Champaran, [[Bihar]], India |other_names = Deepnarayan | spouse = |alma_mater = |occupation = {{hlist|Social Media Influencer}} |years_active = 2025–present |website = }} ec24qyn5zeaj0jcwlirp3fwzhcqqj58 6541747 6541743 2026-04-18T03:45:34Z Deepnarayan Kumar Dubey 740185 6541747 wikitext text/x-wiki '''Deepnarayan Dubey''' Deepnarayan Kumar Dubey (born 13 November 2006) popularly known and called as the Deepnarayan Dubey.He is an actor, singer, and Social Media Influencer. He gained recognition on YouTube, through his comedy skits, vlogs, and social commentary. {{Short description|Indian film actor (born 1985)}} {{Use dmy dates|date=February 2021}} {{Use Indian English|date=February 2021}} {{Infobox person |name = Deepnarayan Dubey |image = Deepnarayan Dubey DD.jpg |caption = Deepnarayan Dubey in 2025 | birth_name = Deepnarayan Kumar Dubey |birth_date = {{Birth date and age|2006|11|13|df=yes}} |birth_place = Chitahan,East Champaran, [[Bihar]], India |other_names = Deepnarayan | spouse = |alma_mater = |occupation = {{hlist|Social Media Influencer}} |years_active = 2025–present |website = |Education=L.N.D. College Motihari}} stnea74ppf5z7xzibg061wnivbfh11b भगवा लव ट्रैप 0 1462794 6541590 6540844 2026-04-17T12:17:50Z Manish Khouriwal 759915 source 6541590 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख|कारण=पर्याप्त [[वि:उल्लेखनीय|उल्लेखनीय-नहीं]]। अलग से लेख की आवश्यकता नहीं प्रतीत हो रही और लेख [[वि:मूल शोध|मूल शोध]] की तरह लिखा गया है।|चर्चा_पृष्ठ=विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/भगवा लव ट्रैप}} '''भगवा लव ट्रैप''' (अंग्रेज़ी: ''Saffron Love Trap'') एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग भारत में कुछ मीडिया रिपोर्टों और ऑनलाइन विमर्श में किया गया है। इसे प्रायः एक कथित षड्यंत्र सिद्धांत के रूप में वर्णित किया जाता है, जिसमें यह दावा किया जाता है कि कुछ मामलों में हिंदू पुरुषों द्वारा मुस्लिम महिलाओं को संबंधों के माध्यम से प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं।<ref name="quint">{{Cite web|url=https://www.thequint.com/news/india/muslim-woman-harassed-doxed-by-muslim-men-bhagwa-love-trap|title=Muslim Women Seen with Hindu Men Harassed, Doxed - All In the Name of 'Bhagwa Love Trap'|website=The Quint|access-date=2026-04-15}}</ref><ref>{{Cite journal|last=Singh|first=Sudha|date=2023-07-15|title=Status of Muslim Women in India: A Critical Study|url=https://doi.org/10.31305/rrijm.2023.v08.n07.009|journal=RESEARCH REVIEW International Journal of Multidisciplinary|volume=8|issue=7|pages=65–71|doi=10.31305/rrijm.2023.v08.n07.009|issn=2455-3085}}</ref> कुछ स्रोतों में इस शब्द को "[[लव जिहाद षडयंत्र सिद्धांत|लव जिहाद]]" से जुड़े व्यापक विमर्श के संदर्भ में उल्लेखित किया गया है, न कि एक स्वतंत्र रूप से स्थापित अवधारणा के रूप में।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/why-kajal-hindusthanis-arrest-is-a-message-against-hate-speech-in-bjp-ruled-gujarat-2358617-2023-04-11|title=Why Kajal Hindusthani's arrest is a message against hate speech in BJP-ruled Gujarat|website=India Today|access-date=2026-04-15}}</ref> == पृष्ठभूमि == मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह शब्द मुख्यतः सोशल मीडिया और कुछ समाचार कवरेज में सामने आया, जहाँ अंतरधार्मिक संबंधों और उनसे जुड़े विवादों के संदर्भ में इसका उपयोग किया गया।<ref name="quint" /> == विश्लेषण == कुछ विश्लेषणों में इस शब्द को एक ऑनलाइन आख्यान (narrative) या प्रतिक्रिया के रूप में देखा गया है, जो पहले से मौजूद "लव जिहाद" से संबंधित दावों के समानांतर उभरा। हालांकि, उपलब्ध स्रोतों में इसे व्यापक रूप से स्वतंत्र सामाजिक या राजनीतिक घटना के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thequint.com/news/india/muslim-woman-harassed-doxed-by-muslim-men-bhagwa-love-trap|title=Muslim Women Seen with Hindu Men Harassed, Doxed - All In the Name of 'Bhagwa Love Trap'|website=The Quint}}</ref> == प्रतिक्रियाएँ == कुछ समाचार रिपोर्टों में ऐसे मामलों का उल्लेख किया गया है जहाँ इस शब्द के संदर्भ में अंतरधार्मिक संबंधों को लेकर सामाजिक तनाव और नैतिक निगरानी (moral policing) की घटनाएँ सामने आईं।<ref>{{Cite web|url=https://thewirehindi.com/249982/bhagwa-love-trap-muslim-women-seen-with-hindu-men-harassed-attacked-love-jihad/|title=क्या 'भगवा लव ट्रैप' के नाम पर हो रहा है मुस्लिम युवतियों का उत्पीड़न?|website=The Wire Hindi|access-date=2026-04-15}}</ref> विश्लेषकों के अनुसार, ऐसे विमर्शों का प्रभाव महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अंतरधार्मिक संबंधों पर पड़ सकता है, विशेष रूप से जब इन्हें सामाजिक या राजनीतिक संदर्भों में देखा जाता है।<ref name="quint" /> == यह भी देखें == * [[लव जिहाद षडयंत्र सिद्धांत|लव जिहाद]] * [[भारत में साम्प्रदायिक हिंसा]] == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:भारत में सामाजिक मुद्दे]] [[श्रेणी:षड्यंत्र सिद्धांत]] [[श्रेणी:भारतीय समाज]] kfozq9dj7f0m0h1eygac5u35ogs3tot तमिल कैलेंडर 0 1465601 6541716 5898328 2026-04-18T01:44:03Z अनुनाद सिंह 1634 6541716 wikitext text/x-wiki [[File:TamilMonths-SanskritMonths-English.png|thumb|260x260px|तमिल वर्ष के मास तथा उनके संगत संस्कृत सौर वर्ष के मास]] '''तमिल कैलेंडर''' एक [[सौर कैलेंडर]] है, जो [[नाक्षत्र समय]] पर आधारित है। इसका उपयोग मूल रूप से [[भारतीय उपमहाद्वीप]] पर रहने वालें [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा किया जाता है। इस कैलेंडर का व्यापक प्रयोग [[भारत]] के [[पुदुचेरी (नगर)|पुदुचेरी]] शहर में देखा गया है। [[भारत]] के बाहर यह [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]] और [[मॉरिशस]] जैसे देशों में रह रहे [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा भी उपयोग में लाया जाता है।<ref>S.K. Chatterjee, Indian Calendric System, Publications Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India, 1998</ref><ref>Sewell, Robert and Dikshit, Sankara B.: The Indian Calendar – with tables for the conversion of Hindu and Muhammadan into a.d. dates, and vice versa. Motilal Banarsidass Publ., Delhi, India (1995). Originally published in 1896</ref> [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा इस कैलेंडर का उपयोग सांस्कृतिक, धार्मिक और कृषि सम्बन्धी उत्सवों की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है, हालांकि वर्तमान समय में [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] का प्रचार-प्रसार [[भारत]] के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर अधिकाधिक होने के कारण तमिल कैलेंडर के उपयोग में गिरावट आई है। यह कैलेंडर शास्त्रीय [[हिन्दू पंचांग|हिंदू सौर कैलेंडर]] से प्रेरित है, जिस कारण [[असम]], [[पश्चिम बंगाल]], [[केरल]], [[मणिपुर]], [[नेपाल]], [[ओडिशा]], [[राजस्थान]] और [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] में रह रहे लोगों के द्वारा भी इसे उपयोग में लाते देखा गया है।<ref>Indian Epigraphy, D.C. Sircar, TamilNet, Tamil New Year, 13 April 2008</ref><ref>S.K. Chatterjee, Indian Calendric System, Publications Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India, 1998.</ref> ==विस्तृत जानकारी== तमिल कैलेंडर 60 साल के चक्र प्रणाली का अनुसरण करता है। यह एक अति प्राचीन प्रणाली है। [[भारत]] और [[चीन]] के अधिकांश पारंपरिक कैलेंडरों में इसी प्रणाली का प्रयोग देखा जाता है। यह प्रणाली [[सूर्य]] के चारों ओर परिक्रमण करते [[बृहस्पति]] के 12-वर्षीय परिक्रमा से संबंधित है। इसमें [[बृहस्पति]] के पाँच परिक्रमाओं को आधार बनाया जाता है, जो [[पृथ्वी]] के 60 वर्षों के समान है। [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] के आधार पर तमिल नववर्ष 14 अप्रैल को आता है। [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] के 2023वें साल में तमिल कैलेंडर में [[कलियुग]] का 5125वां वर्ष शुरू हो गया है। प्रारंभिक [[तमिल साहित्य]] में तमिल कैलेंडर के नए साल के कई संदर्भ देखने को मिलते हैं। [[नेतुनलवताई]] के [[संगम काल]] के लेखक '''नक्किरर''' ने तीसरी शताब्दी ईस्वी में लिखा था कि [[सूर्य]] हर साल [[अप्रैल]] के मध्य में मेशा/चित्तिराई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक राशियों के मध्य में यात्रा करता है। इस तरह [[सूर्य]] की एक यात्रा वापस [[अप्रैल]] महीने पर आकर समाप्त होती है, जिस कारण तमिल कैलेंडर में नव वर्ष की शुरुआत [[अप्रैल]] महीने में होती है। प्राचीन ग्रंथ ''कुदालूर किरार पुन्नानुसु'' भी वर्ष की शुरुआत के रूप में मेशा रासी/चित्तिराई यानी मध्य अप्रैल को ही संदर्भित करता है। सबसे पुराने जीवित तमिल व्याकरण पाठों में से एक ''टोलकाप्पियम'' वर्ष को छह मौसमों में विभाजित करता है, जिसमें ''चित्तिराई'' यानी मध्य [[अप्रैल]] इलावेनिल मौसम/ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। 5वीं शताब्दी की रचना ''सिलप्पाधिगारम'' में 12 राशियों का उल्लेख है, जो अप्रैल के मध्य में मेशा/चित्तिराई से शुरू होने वाले तमिल महीनों के अनुरूप हैं। मध्ययुगीन टिप्पणीकार [[आदियारकुनालार]] ने तमिल कैलेंडर के बारह महीनों का उल्लेख करते हुए इसकी शुरुआत चित्तिराई यानी मध्य अप्रैल से मानी है। इसके बाद [[म्यान्मार]] के बुतपरस्त और [[थाईलैण्ड]] के सुखोथाई में 11वीं शताब्दी ई॰पू॰ और 14वीं शताब्दी ई॰पू॰ के दक्षिण भारतीय वैष्णव दरबारियों के शिलालेख मिले हैं, जो अप्रैल के मध्य में शुरू होने वाले एक पारंपरिक कैलेंडर को परिभाषित करते हैं। तमिल नव वर्ष जिसे '''निरयनम''' भी कहा जाता है, [[वसंत विषुव]] के बाद आता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर में यह दिन 14 अप्रैल को पड़ता है। इस दिन [[तमिल नाडु]], [[श्रीलंका]] और [[मॉरिशस]] में सार्वजनिक अवकाश होता है। उष्णकटिबंधीय [[वसंत विषुव]] आमतौर पर 22 मार्च के आसपास आता है और इसमें 23 डिग्री दोलन जोड़ने पर हिंदू नाक्षत्र या निरयण मेष संक्रांति देखने को मिलता है। तमिल कैलेंडर के नववर्ष के दिन ही [[भारत]] के [[असम]], [[पश्चिम बंगाल]], [[केरल]], [[ओडिशा]], [[मणिपुर]], [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] आदि राज्यों में भी नया साल मनाया जाता है। इतना ही नहीं [[म्यान्मार]], [[कम्बोडिया]], [[लाओस]], [[श्रीलंका]], [[बांग्लादेश]], [[नेपाल]] और [[थाईलैण्ड]] में भी इसी दिन पारंपरिक रूप से नए साल को मनाया जाता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 -Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai.</ref><ref>The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil, The Purananuru. Columbia University Press. 13 August 2013 – Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai, 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pp. 35, 151</ref><ref>Tolkappiyam Porulatikaram, Peraciriyam. Ed. by R.P.C Pavanantam Pillai. 2 Vols, Longmans,Creen and Co, Madras/Bombay/Calcutta. 1917</ref><ref>R. Parthasarathy, The Tale of an Anklet: An Epic of South India: The Cilappatikāram of Iḷaṅko Aṭikaḷ. New York: Columbia University Press – Canto 26. Canto 5 also describes the foremost festival in the Chola country – the Indra Vizha celebrated in Chitterai</ref><ref>Lakshmi Holmstrom, Silappadikaram, Manimekalai, Orient Longman Ltd, Madras 1996.</ref><ref>G.H. Luce, Old Burma – Early Pagan, Locust Valley, New York, p. 68, and A.B. Griswold, 'Towards a History of Sukhodaya Art, Bangkok 1967, pages 12–32</ref><ref>Dershowitz, Nachum and Reingold, Edward M.: Calendrical Calculations. Third edition, Cambridge University Press (2008).</ref><ref>Underhill, Muriel M.: The Hindu Religious Year. Association Press, Kolkata, India (1921).</ref> ==इन्हें भी देखें== *[[हिन्दू पंचांग]] *[[ग्रेगोरी कैलेंडर]] *[[नाक्षत्र समय]] ==सन्दर्भ== {{Reflist}} [[श्रेणी:कैलंडर]] 5vj7jg4hz7q4mmhr58h5192b5jct0t2 6541721 6541716 2026-04-18T02:12:59Z अनुनाद सिंह 1634 /* विस्तृत जानकारी */ 6541721 wikitext text/x-wiki [[File:TamilMonths-SanskritMonths-English.png|thumb|260x260px|तमिल वर्ष के मास तथा उनके संगत संस्कृत सौर वर्ष के मास]] '''तमिल कैलेंडर''' एक [[सौर कैलेंडर]] है, जो [[नाक्षत्र समय]] पर आधारित है। इसका उपयोग मूल रूप से [[भारतीय उपमहाद्वीप]] पर रहने वालें [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा किया जाता है। इस कैलेंडर का व्यापक प्रयोग [[भारत]] के [[पुदुचेरी (नगर)|पुदुचेरी]] शहर में देखा गया है। [[भारत]] के बाहर यह [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]] और [[मॉरिशस]] जैसे देशों में रह रहे [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा भी उपयोग में लाया जाता है।<ref>S.K. Chatterjee, Indian Calendric System, Publications Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India, 1998</ref><ref>Sewell, Robert and Dikshit, Sankara B.: The Indian Calendar – with tables for the conversion of Hindu and Muhammadan into a.d. dates, and vice versa. Motilal Banarsidass Publ., Delhi, India (1995). Originally published in 1896</ref> [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा इस कैलेंडर का उपयोग सांस्कृतिक, धार्मिक और कृषि सम्बन्धी उत्सवों की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है, हालांकि वर्तमान समय में [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] का प्रचार-प्रसार [[भारत]] के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर अधिकाधिक होने के कारण तमिल कैलेंडर के उपयोग में गिरावट आई है। यह कैलेंडर शास्त्रीय [[हिन्दू पंचांग|हिंदू सौर कैलेंडर]] से प्रेरित है, जिस कारण [[असम]], [[पश्चिम बंगाल]], [[केरल]], [[मणिपुर]], [[नेपाल]], [[ओडिशा]], [[राजस्थान]] और [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] में रह रहे लोगों के द्वारा भी इसे उपयोग में लाते देखा गया है।<ref>Indian Epigraphy, D.C. Sircar, TamilNet, Tamil New Year, 13 April 2008</ref><ref>S.K. Chatterjee, Indian Calendric System, Publications Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India, 1998.</ref> ==विस्तृत जानकारी== तमिल कैलेंडर 60 साल के चक्र प्रणाली का अनुसरण करता है। यह एक अति प्राचीन प्रणाली है। [[भारत]] और [[चीन]] के अधिकांश पारंपरिक कैलेंडरों में इसी प्रणाली का प्रयोग देखा जाता है। यह प्रणाली [[सूर्य]] के चारों ओर परिक्रमण करते [[बृहस्पति]] के 12-वर्षीय परिक्रमा से संबंधित है। इसमें [[बृहस्पति]] के पाँच परिक्रमाओं को आधार बनाया जाता है, जो [[पृथ्वी]] के 60 वर्षों के समान है। [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] के आधार पर तमिल नववर्ष 14 अप्रैल को आता है। [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] के 2023वें साल में तमिल कैलेंडर में [[कलियुग]] का 5125वां वर्ष शुरू हो गया है। प्रारंभिक [[तमिल साहित्य]] में तमिल कैलेंडर के नए साल के कई संदर्भ देखने को मिलते हैं। [[नेतुनलवताई]] के [[संगम काल]] के लेखक '''नक्किरर''' ने तीसरी शताब्दी ईस्वी में लिखा था कि [[सूर्य]] हर साल [[अप्रैल]] के मध्य में मेशा/चित्तिराई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक राशियों के मध्य में यात्रा करता है। इस तरह [[सूर्य]] की एक यात्रा वापस [[अप्रैल]] महीने पर आकर समाप्त होती है, जिस कारण तमिल कैलेंडर में नव वर्ष की शुरुआत [[अप्रैल]] महीने में होती है। प्राचीन ग्रंथ ''कुदालूर किरार पुन्नानुसु'' भी वर्ष की शुरुआत के रूप में मेशा रासी/चित्तिराई यानी मध्य अप्रैल को ही संदर्भित करता है। सबसे पुराने जीवित तमिल व्याकरण पाठों में से एक ''टोलकाप्पियम'' वर्ष को छह मौसमों में विभाजित करता है, जिसमें ''चित्तिराई'' यानी मध्य [[अप्रैल]] इलावेनिल मौसम/ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। 5वीं शताब्दी की रचना ''सिलप्पाधिगारम'' में 12 राशियों का उल्लेख है, जो अप्रैल के मध्य में मेशा/चित्तिराई से शुरू होने वाले तमिल महीनों के अनुरूप हैं। मध्ययुगीन टिप्पणीकार [[आदियारकुनालार]] ने तमिल कैलेंडर के बारह महीनों का उल्लेख करते हुए इसकी शुरुआत चित्तिराई यानी मध्य अप्रैल से मानी है। इसके बाद [[म्यान्मार]] के बुतपरस्त और [[थाईलैण्ड]] के सुखोथाई में 11वीं शताब्दी ई॰पू॰ और 14वीं शताब्दी ई॰पू॰ के दक्षिण भारतीय वैष्णव दरबारियों के शिलालेख मिले हैं, जो अप्रैल के मध्य में शुरू होने वाले एक पारंपरिक कैलेंडर को परिभाषित करते हैं। तमिल नव वर्ष जिसे '''निरयनम''' भी कहा जाता है, [[वसंत विषुव]] के बाद आता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर में यह दिन 14 अप्रैल को पड़ता है। इस दिन [[तमिल नाडु]], [[श्रीलंका]] और [[मॉरिशस]] में सार्वजनिक अवकाश होता है। उष्णकटिबंधीय [[वसंत विषुव]] आमतौर पर 22 मार्च के आसपास आता है और इसमें 23 डिग्री दोलन जोड़ने पर हिंदू नाक्षत्र या निरयण मेष संक्रांति देखने को मिलता है। तमिल कैलेंडर के नववर्ष के दिन ही [[भारत]] के [[असम]], [[पश्चिम बंगाल]], [[केरल]], [[ओडिशा]], [[मणिपुर]], [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] आदि राज्यों में भी नया साल मनाया जाता है। इतना ही नहीं [[म्यान्मार]], [[कम्बोडिया]], [[लाओस]], [[श्रीलंका]], [[बांग्लादेश]], [[नेपाल]] और [[थाईलैण्ड]] में भी इसी दिन पारंपरिक रूप से नए साल को मनाया जाता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 -Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai.</ref><ref>The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil, The Purananuru. Columbia University Press. 13 August 2013 – Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai, 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pp. 35, 151</ref><ref>Tolkappiyam Porulatikaram, Peraciriyam. Ed. by R.P.C Pavanantam Pillai. 2 Vols, Longmans,Creen and Co, Madras/Bombay/Calcutta. 1917</ref><ref>R. Parthasarathy, The Tale of an Anklet: An Epic of South India: The Cilappatikāram of Iḷaṅko Aṭikaḷ. New York: Columbia University Press – Canto 26. Canto 5 also describes the foremost festival in the Chola country – the Indra Vizha celebrated in Chitterai</ref><ref>Lakshmi Holmstrom, Silappadikaram, Manimekalai, Orient Longman Ltd, Madras 1996.</ref><ref>G.H. Luce, Old Burma – Early Pagan, Locust Valley, New York, p. 68, and A.B. Griswold, 'Towards a History of Sukhodaya Art, Bangkok 1967, pages 12–32</ref><ref>Dershowitz, Nachum and Reingold, Edward M.: Calendrical Calculations. Third edition, Cambridge University Press (2008).</ref><ref>Underhill, Muriel M.: The Hindu Religious Year. Association Press, Kolkata, India (1921).</ref> == तमिल मास == एक तमिल मास में 29 से लेकर 33 दिन होते हैं। तमिल वर्ष के मासों के नाम तथा उनके संगत संस्कृत नाम नीचे की तालिका में दिये हुए हैं। संस्कृत के महीने तमिल महीनों से कुछ सप्ताह पहले शुरू होते हैं, क्योंकि तमिल कैलेंडर [[सौर कैलेंडर|सौर]] कैलेंडर है, जबकि संस्कृत कैलेंडर एक [[चन्द्र-सौर कैलेंडर|चन्द्र-सौर]] कैलेंडर है।<ref>Kielhorn, Franz: Festal Days of the Hindu Lunar Calendar. The Indian Anti- quary XXVI, 177–187 (1897).</ref> {| class="wikitable" ! style="width:88px" |तमिल लिपि में ! style="width:100px" | देवनागरी में ! style="width:120px" | संस्कृत नाम ! style="width:200px" | ग्रेगोरी के कैलेंडर के समकक्ष |- | சித்திரை | ''चित्तिरै'' | ''चैत्र'' | मध्य अप्रैल से मध्य मई |- | வைகாசி | ''वैकासि'' | ''वैशाख'' | मध्य मई से मध्य जून |- | ஆனி | ''आनि'' | ''ज्येष्ठ'' | मध्य जून से मध्य जुलाई |- | ஆடி | ''आदि'' | ''आषाढ'' | मध्य जुलाई से मध्य अगस्त |- | ஆவணி | ''आवणि'' | ''श्रावण'' | मध्य अगस्त से मध्य सितंबर |- | புரட்டாசி | ''पुरट्टासि'' | ''भाद्रपद'' | मध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर |- | ஐப்பசி | ''ऐप्पसि'' | ''अश्विन'' | मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर |- | கார்த்திகை | ''कार्तिकै'' | ''कार्थिक'' | मध्य नवंबर से मध्य दिसंबर |- | மார்கழி | ''मार्गळि'' | ''मार्गशीर्ष'' | मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी |- | தை | ''थै'' | ''पौष / तैष्य'' | मध्य जनवरी से मध्य फरवरी |- | மாசி | ''मासि'' | ''माघ'' | मध्य फरवरी से मध्य मार्च |- | பங்குனி | ''पंगुनि'' | ''फाल्गुन'' | मध्य मार्च से मध्य अप्रैल |} ==इन्हें भी देखें== *[[हिन्दू पंचांग]] *[[ग्रेगोरी कैलेंडर]] *[[नाक्षत्र समय]] ==सन्दर्भ== {{Reflist}} [[श्रेणी:कैलंडर]] 6e337kg9mmcs7k0pyaaxmurpcto7hah 6541722 6541721 2026-04-18T02:17:25Z अनुनाद सिंह 1634 /* तमिल मास */ 6541722 wikitext text/x-wiki [[File:TamilMonths-SanskritMonths-English.png|thumb|260x260px|तमिल वर्ष के मास तथा उनके संगत संस्कृत सौर वर्ष के मास]] '''तमिल कैलेंडर''' एक [[सौर कैलेंडर]] है, जो [[नाक्षत्र समय]] पर आधारित है। इसका उपयोग मूल रूप से [[भारतीय उपमहाद्वीप]] पर रहने वालें [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा किया जाता है। इस कैलेंडर का व्यापक प्रयोग [[भारत]] के [[पुदुचेरी (नगर)|पुदुचेरी]] शहर में देखा गया है। [[भारत]] के बाहर यह [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]] और [[मॉरिशस]] जैसे देशों में रह रहे [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा भी उपयोग में लाया जाता है।<ref>S.K. Chatterjee, Indian Calendric System, Publications Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India, 1998</ref><ref>Sewell, Robert and Dikshit, Sankara B.: The Indian Calendar – with tables for the conversion of Hindu and Muhammadan into a.d. dates, and vice versa. Motilal Banarsidass Publ., Delhi, India (1995). Originally published in 1896</ref> [[तमिल|तमिल भाषी]] लोगों के द्वारा इस कैलेंडर का उपयोग सांस्कृतिक, धार्मिक और कृषि सम्बन्धी उत्सवों की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है, हालांकि वर्तमान समय में [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] का प्रचार-प्रसार [[भारत]] के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर अधिकाधिक होने के कारण तमिल कैलेंडर के उपयोग में गिरावट आई है। यह कैलेंडर शास्त्रीय [[हिन्दू पंचांग|हिंदू सौर कैलेंडर]] से प्रेरित है, जिस कारण [[असम]], [[पश्चिम बंगाल]], [[केरल]], [[मणिपुर]], [[नेपाल]], [[ओडिशा]], [[राजस्थान]] और [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] में रह रहे लोगों के द्वारा भी इसे उपयोग में लाते देखा गया है।<ref>Indian Epigraphy, D.C. Sircar, TamilNet, Tamil New Year, 13 April 2008</ref><ref>S.K. Chatterjee, Indian Calendric System, Publications Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India, 1998.</ref> ==विस्तृत जानकारी== तमिल कैलेंडर 60 साल के चक्र प्रणाली का अनुसरण करता है। यह एक अति प्राचीन प्रणाली है। [[भारत]] और [[चीन]] के अधिकांश पारंपरिक कैलेंडरों में इसी प्रणाली का प्रयोग देखा जाता है। यह प्रणाली [[सूर्य]] के चारों ओर परिक्रमण करते [[बृहस्पति]] के 12-वर्षीय परिक्रमा से संबंधित है। इसमें [[बृहस्पति]] के पाँच परिक्रमाओं को आधार बनाया जाता है, जो [[पृथ्वी]] के 60 वर्षों के समान है। [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] के आधार पर तमिल नववर्ष 14 अप्रैल को आता है। [[ग्रेगोरी कैलेंडर]] के 2023वें साल में तमिल कैलेंडर में [[कलियुग]] का 5125वां वर्ष शुरू हो गया है। प्रारंभिक [[तमिल साहित्य]] में तमिल कैलेंडर के नए साल के कई संदर्भ देखने को मिलते हैं। [[नेतुनलवताई]] के [[संगम काल]] के लेखक '''नक्किरर''' ने तीसरी शताब्दी ईस्वी में लिखा था कि [[सूर्य]] हर साल [[अप्रैल]] के मध्य में मेशा/चित्तिराई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक राशियों के मध्य में यात्रा करता है। इस तरह [[सूर्य]] की एक यात्रा वापस [[अप्रैल]] महीने पर आकर समाप्त होती है, जिस कारण तमिल कैलेंडर में नव वर्ष की शुरुआत [[अप्रैल]] महीने में होती है। प्राचीन ग्रंथ ''कुदालूर किरार पुन्नानुसु'' भी वर्ष की शुरुआत के रूप में मेशा रासी/चित्तिराई यानी मध्य अप्रैल को ही संदर्भित करता है। सबसे पुराने जीवित तमिल व्याकरण पाठों में से एक ''टोलकाप्पियम'' वर्ष को छह मौसमों में विभाजित करता है, जिसमें ''चित्तिराई'' यानी मध्य [[अप्रैल]] इलावेनिल मौसम/ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। 5वीं शताब्दी की रचना ''सिलप्पाधिगारम'' में 12 राशियों का उल्लेख है, जो अप्रैल के मध्य में मेशा/चित्तिराई से शुरू होने वाले तमिल महीनों के अनुरूप हैं। मध्ययुगीन टिप्पणीकार [[आदियारकुनालार]] ने तमिल कैलेंडर के बारह महीनों का उल्लेख करते हुए इसकी शुरुआत चित्तिराई यानी मध्य अप्रैल से मानी है। इसके बाद [[म्यान्मार]] के बुतपरस्त और [[थाईलैण्ड]] के सुखोथाई में 11वीं शताब्दी ई॰पू॰ और 14वीं शताब्दी ई॰पू॰ के दक्षिण भारतीय वैष्णव दरबारियों के शिलालेख मिले हैं, जो अप्रैल के मध्य में शुरू होने वाले एक पारंपरिक कैलेंडर को परिभाषित करते हैं। तमिल नव वर्ष जिसे '''निरयनम''' भी कहा जाता है, [[वसंत विषुव]] के बाद आता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर में यह दिन 14 अप्रैल को पड़ता है। इस दिन [[तमिल नाडु]], [[श्रीलंका]] और [[मॉरिशस]] में सार्वजनिक अवकाश होता है। उष्णकटिबंधीय [[वसंत विषुव]] आमतौर पर 22 मार्च के आसपास आता है और इसमें 23 डिग्री दोलन जोड़ने पर हिंदू नाक्षत्र या निरयण मेष संक्रांति देखने को मिलता है। तमिल कैलेंडर के नववर्ष के दिन ही [[भारत]] के [[असम]], [[पश्चिम बंगाल]], [[केरल]], [[ओडिशा]], [[मणिपुर]], [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] आदि राज्यों में भी नया साल मनाया जाता है। इतना ही नहीं [[म्यान्मार]], [[कम्बोडिया]], [[लाओस]], [[श्रीलंका]], [[बांग्लादेश]], [[नेपाल]] और [[थाईलैण्ड]] में भी इसी दिन पारंपरिक रूप से नए साल को मनाया जाता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 -Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai.</ref><ref>The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil, The Purananuru. Columbia University Press. 13 August 2013 – Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai, 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pp. 35, 151</ref><ref>Tolkappiyam Porulatikaram, Peraciriyam. Ed. by R.P.C Pavanantam Pillai. 2 Vols, Longmans,Creen and Co, Madras/Bombay/Calcutta. 1917</ref><ref>R. Parthasarathy, The Tale of an Anklet: An Epic of South India: The Cilappatikāram of Iḷaṅko Aṭikaḷ. New York: Columbia University Press – Canto 26. Canto 5 also describes the foremost festival in the Chola country – the Indra Vizha celebrated in Chitterai</ref><ref>Lakshmi Holmstrom, Silappadikaram, Manimekalai, Orient Longman Ltd, Madras 1996.</ref><ref>G.H. Luce, Old Burma – Early Pagan, Locust Valley, New York, p. 68, and A.B. Griswold, 'Towards a History of Sukhodaya Art, Bangkok 1967, pages 12–32</ref><ref>Dershowitz, Nachum and Reingold, Edward M.: Calendrical Calculations. Third edition, Cambridge University Press (2008).</ref><ref>Underhill, Muriel M.: The Hindu Religious Year. Association Press, Kolkata, India (1921).</ref> == तमिल मास == एक तमिल मास में 29 से लेकर 33 दिन होते हैं। तमिल वर्ष के मासों के नाम तथा उनके संगत संस्कृत नाम नीचे की तालिका में दिये हुए हैं। संस्कृत के महीने तमिल महीनों से कुछ सप्ताह पहले शुरू होते हैं, क्योंकि तमिल कैलेंडर [[सौर कैलेंडर|सौर]] कैलेंडर है, जबकि संस्कृत कैलेंडर एक [[चन्द्र-सौर कैलेंडर|चन्द्र-सौर]] कैलेंडर है।<ref>Kielhorn, Franz: Festal Days of the Hindu Lunar Calendar. The Indian Anti- quary XXVI, 177–187 (1897).</ref> {| class="wikitable" ! style="width:20px" |क्रमांक ! style="width:88px" |तमिल लिपि में ! style="width:100px" | देवनागरी में ! style="width:120px" | संस्कृत नाम ! style="width:200px" | ग्रेगोरी के कैलेंडर के समकक्ष |- | १ | சித்திரை | ''चित्तिरै'' | ''चैत्र'' | मध्य अप्रैल से मध्य मई |- | २ | வைகாசி | ''वैकासि'' | ''वैशाख'' | मध्य मई से मध्य जून |- | ३ | ஆனி | ''आनि'' | ''ज्येष्ठ'' | मध्य जून से मध्य जुलाई |- | ४ | ஆடி | ''आदि'' | ''आषाढ'' | मध्य जुलाई से मध्य अगस्त |- | ५ | ஆவணி | ''आवणि'' | ''श्रावण'' | मध्य अगस्त से मध्य सितंबर |- | ६ | புரட்டாசி | ''पुरट्टासि'' | ''भाद्रपद'' | मध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर |- | ७ | ஐப்பசி | ''ऐप्पसि'' | ''अश्विन'' | मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर |- | ८ | கார்த்திகை | ''कार्तिकै'' | ''कार्तिक'' | मध्य नवंबर से मध्य दिसंबर |- | ९ | மார்கழி | ''मार्गळि'' | ''मार्गशीर्ष'' | मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी |- | १० | தை | ''थै'' | ''पौष / तैष्य'' | मध्य जनवरी से मध्य फरवरी |- | ११ | மாசி | ''मासि'' | ''माघ'' | मध्य फरवरी से मध्य मार्च |- | १२ | பங்குனி | ''पंगुनि'' | ''फाल्गुन'' | मध्य मार्च से मध्य अप्रैल |} ==इन्हें भी देखें== *[[हिन्दू पंचांग]] *[[ग्रेगोरी कैलेंडर]] *[[नाक्षत्र समय]] ==सन्दर्भ== {{Reflist}} [[श्रेणी:कैलंडर]] ohwbzp1gp2seyfmwquwizay8z9tv1mu सदस्य वार्ता:ProfessorVJ 3 1493872 6541783 6241787 2026-04-18T06:01:37Z AMAN KUMAR 911487 सावधानी बरतें: {{हहेच}} साँचे हटाना [[:भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण]] पर. 6541783 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=ProfessorVJ}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 12:32, 5 नवम्बर 2023 (UTC) == [[:राजस्थान का एकीकरण (1948–1956)|राजस्थान का एकीकरण (1948–1956)]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[Image:Desc-i.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:राजस्थान का एकीकरण (1948–1956)|राजस्थान का एकीकरण (1948–1956)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|मापदंड व2]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व2|व2]]{{*}} परीक्षण पृष्ठ'''</center> इसमें वे पृष्ठ आते हैं जिन्हें परीक्षण के लिये बनाया गया है। यदि आपने यह पृष्ठ परीक्षण के लिये बनाया था तो उसके लिये [[वि:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। यदि आप विकिपीडिया पर हिन्दी टाइप करना सीखना चाहते हैं तो [[विकिपीडिया:देवनागरी में कैसे टंकण करें?|देवनागरी में कैसे टाइप करें]] पृष्ठ देखें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:44, 23 अगस्त 2024 (UTC) == अप्रैल 2026 == [[Image:Information.svg|25px|alt=|link=]] कृपया लेखों से [[साँचा:हहेच लेख|हटाने हेतु नामांकन की सूचना]] व [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा पृष्ठ]] से अन्य सदस्यों की टिप्पणियाँ न हटायें, जैसा कि आपने [[:भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण]] पर किया। ऐसा करने से चर्चा बंद नहीं होगी। आपका चर्चा पृष्ठ पर प्रस्तावित विलोपन के बारे में टिप्पणी करने के लिए स्वागत है। धन्यवाद।<!-- Template:uw-afd2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 06:01, 18 अप्रैल 2026 (UTC) s5h9p8igdl59u7uok2lxznxpiii9n9l महेन्द्रजीत सिंह मालवीय 0 1501172 6541657 6498443 2026-04-17T18:19:56Z ~2026-23892-25 920851 Unhone BJP chod di congress me wapisi ho giye hai 6541657 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=दिसम्बर 2024}} {{Infobox officeholder | name = महेन्द्रजीत सिंह मालवीय | image = | birth_date = {{birth date and age|1960|12|2|df=y}} | birth_place = | office = जन संसाधन विभाग, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, [[राजस्थान सरकार]] | term_start = 21 नवम्बर 2021 | term_end = 15 दिसम्बर 2023 | predecessor = | office1 = ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, जनजातीय क्षेत्र विकास, तकनीकी शिक्षा विभाग, [[राजस्थान सरकार]] | term_start1 = 13 दिसम्बर 2008 | term_end1 = 13 दिसम्बर 2013 | predecessor1 = | office2 = [[सांसद]], [[लोक सभा]] | term_start2 = 1998 | term_end2 = 1999 | constituency2 = [[बांसवाड़ा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|बांसवाड़ा]] | predecessor2 = | successor2 = | office3 = [[विधायक]], [[राजस्थान विधानसभा]] | term_start3 = 2008 | term_end3 = | constituency3 = [[बागीदोरा विधानसभा क्षेत्र (राजस्थान)|बागीदोरा]] | predecessor3 = | spouse = | father = | mother = | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] }} '''महेन्द्रजीत सिंह मालवीय''' एक [[भारतीय]] राजनीतिज्ञ तथा पूर्व [[राजस्थान सरकार]] के कैबिनेट मंत्री हैं। वे [[राजस्थान विधानसभा]] में [[बागीदोरा विधानसभा क्षेत्र (राजस्थान)|बागीदोरा]] विधानसभा से [[विधायक]] हैं। ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:राजस्थान विधानसभा के विधायक]] [[श्रेणी:राजस्थान विधायक 2023–2028]] cosvwz7rx57eo63gii1i0j28an5aopp विकिपीडिया:भारतीय संविधान संपादनोत्सव/लेख सूची 4 1522363 6541631 6541446 2026-04-17T16:13:41Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* 4 */ 6541631 wikitext text/x-wiki __NOTOC__ <div style="width: 99%; color: #111; {{box-shadow|0|0|6px|rgba(0, 0, 0, 0.55)}} {{border-radius|2px}}"> <div style="overflow:hidden; height:auto; background: #ADD8E6; width: 100%; padding-bottom:18px;"> <div style="font-size: 36px; margin-top: 24px;margin-left: 16px; margin-right:10px; font-family: 'Linux Libertine',Georgia,Times,serif; line-height: 1.2em;"> <center>भारतीय संविधान संपादनोत्सव<span style="color: #666"></span></center></div> <div style="font-size: 24px; padding-top: 0px; margin-left: 16px; margin-right:10px; font-family: 'Linux Libertine',Georgia,Times,serif; line-height:1.2em; color: #666; "> {{/Navbar}} '''भारतीय संविधान संपादनोत्सव''' (14 अप्रैल से 21 अप्रैल 2024) में बनाए जाने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेदों संबंधित लेखों की सूची निम्नलिखित है। [[श्रेणी:भारतीय संविधान संपादनोत्सव]]</div></div> </noinclude> == निर्देश == इस सूची को संपादन सुविधा के लिए कई अनुभागों में बाँटा गया है। लेख चुनने के लिए संबंधित अनुभाग को संपादित करना बेहतर होगा ताकि संपादन अंतर्विरोध की संभावना कम हो। आप किसी भी अनुभाग के कोई भी लेख बनाने के लिए चुन सकते हैं केवल उन्हें छोड़कर जो दूसरों द्वारा चुन लिए गए हों। {{center|<big>'''अनुभाग सूची''':<br>[[#1|1]] • [[#2|2]] • [[#3|3]] • [[#4|4]] • [[#5|5]] • [[#6|6]] • [[#7|7]] • [[#8|8]] • [[#9|9]] • [[#10|10]]</big>}} :सुझाए लेखों को चुनने संबंधित ध्यान देने योग्य बातें: # इस सूची में से आप जो लेख बनाना चाहते हैं उसके आगे चार टिल्ड <nowiki> (~~~~)</nowiki> लगाकर हस्ताक्षर करें। # किसी के हस्ताक्षर किए हुए लेख पर कार्य न करें। लेख के नाम में परिवर्तन न करें। # प्रतिभागी एक दिन या एक बार में अधिकतम पाँच लेख चुनें। लेख की शब्द संख्या जानने के लिए 'गद्य आकार' उपकरण के 'पाठ मात्र' के आँकड़े देखें। 'गद्य आकार' के अंतर्गत न गिने जाने सकने वाले पाठ या उद्धरण आदि के आकार की गणना निर्णायक करेंगे। # प्रतियोगिता के दौरान किसी अन्य प्रतिभागी के द्वारा बनाए लेख पर कार्य न करें। # लेख बना लेने के बाद उसे [https://fountain.toolforge.org/editathons/bssapril24 फाउंटेन टूल] पर भी जमा करें। एक दिन में '''अधिकतम 5 लेख''' ही जमा करें। # फाउंटेन टूल पर जमा करने के तुरंत बाद उसका मूल्यांकन प्रारंभ किया जा सकता है। # लेख निर्माण में सुविधा तथा एकरूपता के लिए स्वतः निर्मित होने वाले साँचे की व्यवस्था है। आप उसमें संबंधित सही जानकारी भरकर आसानी से लेख बना सकते हैं। लेख के स्वरूप को आप प्रारूप लेख [[अनुच्छेद 1 (भारत का संविधान)]] के जरिए समझ सकते हैं। </noinclude> [https://hi.wikisource.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%AF%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A5%80:%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%95%E0%A4%BE_%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8_(%E0%A5%A7%E0%A5%AF%E0%A5%AB%E0%A5%AD).djvu '''विकिस्रोत की कड़ी'''] == 1 == * [[अनुच्छेद 1 (भारत का संविधान)]] * [[अनुच्छेद 2 (भारत का संविधान)]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 07:45, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 3 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_3_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 3 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 12:08, 14 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 4 (भारत का संविधान)]] [[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 10:20, 16 अप्रैल 2024 (UTC)• [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_4_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 4 बनायें] * [[अनुच्छेद 5 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_5_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 5 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 14:00, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 6 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_6_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 6 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 14:28, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 7 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_7_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 7 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 14:28, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 8 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_8_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 8 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 14:28, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 9 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_9_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 9 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:48, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 10 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 04:17, 15 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 11 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 04:17, 15 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 12 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 07:30, 15 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 13 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_13_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 13 बनायें] <span style="color:green;">&#9997;</span>[[u:शीतल सिन्हा|<u><span style="color:Magenta;">शीतल </span></u>]] ([[User talk:शीतल सिन्हा|<span style="color:blue;">talk</span>]]) 08:16, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 14 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 03:02, 14 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 15 (भारत का संविधान)]] * [[अनुच्छेद 16 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_16_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 16 बनायें] * [[अनुच्छेद 17 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_17_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 17 बनायें] <span style="color:green;">&#9997;</span>[[u:शीतल सिन्हा|<u><span style="color:Magenta;">शीतल </span></u>]] ([[User talk:शीतल सिन्हा|<span style="color:blue;">talk</span>]]) 12:00, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 18 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_18_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 18 बनायें] --[[सदस्य:SomnathHealth|SomnathHealth]] ([[सदस्य वार्ता:SomnathHealth|वार्ता]]) 09:00, 15 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 19 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_19_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 19 बनायें] ----[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:48, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 20 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_20_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 20 बनायें] ----[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:52, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 21 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_21_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 21 बनायें] ----[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:52, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 22 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_22_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 22 बनायें] ----[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:52, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 23 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_23_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 23 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 21:09, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 07:30, 15 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 25 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_25_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 25 बनायें] ----[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:52, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_26_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 26 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:58, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 27 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_27_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 27 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 07:59, 19 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 28 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_28_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 28 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:09, 19 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 29 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_29_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 29 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:17, 19 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 30 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_30_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 30 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 03:54, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 31 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_31_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 31 बनायें] * [[अनुच्छेद 32 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_32_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 32 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 04:24, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 33 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_33_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 33 बनायें] * [[अनुच्छेद 34 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_34_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 34 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:28, 19 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 35 (भारत का संविधान)]] * [[अनुच्छेद 36 (भारत का संविधान)]] • --[[सदस्य:सौरभ तिवारी 05|सौरभ तिवारी 05]] ([[सदस्य वार्ता:सौरभ तिवारी 05|वार्ता]]) 03:46, 14 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 37 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_37_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 37 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 08:37, 19 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 38 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_38_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 38 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 13:13, 19 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 39 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_39_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 39 बनायें] * [[अनुच्छेद 40 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_40_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 40 बनायें] == 2 == * [[अनुच्छेद 41 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_41_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 41 बनायें] * [[अनुच्छेद 42 (भारत का संविधान)]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 08:12, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 43 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_43_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 43 बनायें] - [[सदस्य:आदेश यादव|आदेश यादव]] ([[सदस्य वार्ता:आदेश यादव|वार्ता]]) 07:42, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 44 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_44_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 44 बनायें] * [[अनुच्छेद 45 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_45_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 45 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 11:52, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 46 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_46_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 46 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 07:01, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 47 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 03:02, 14 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 48 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 03:02, 14 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 49 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_49_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 49 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 07:16, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 50 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_50_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 50 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 07:27, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 51 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_51_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 51 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 09:22, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 52 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 09:03, 14 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 53 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_53_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 53 बनायें] * [[अनुच्छेद 54 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_54_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 54 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 10:10, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 55 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_55_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 55 बनायें] * [[अनुच्छेद 56 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_56_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 56 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 10:14, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 57 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_57_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 57 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 09:38, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 58 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_58_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 58 बनायें] * [[अनुच्छेद 59 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_59_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 59 बनायें] * [[अनुच्छेद 60 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_60_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 60 बनायें] * [[अनुच्छेद 61 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_61_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 61 बनायें] * [[अनुच्छेद 62 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_62_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 62 बनायें] * [[अनुच्छेद 63 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_63_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 63 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 10:01, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 64 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_64_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 64 बनायें] * [[अनुच्छेद 65 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_65_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 65 बनायें] * [[अनुच्छेद 66 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_66_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 66 बनायें] * [[अनुच्छेद 67 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_67_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 67 बनायें] * [[अनुच्छेद 68 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_68_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 68 बनायें] * [[अनुच्छेद 69 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_69_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 69 बनायें] * [[अनुच्छेद 70 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_70_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 70 बनायें] * [[अनुच्छेद 71 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_71_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 71 बनायें] * [[अनुच्छेद 72 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_72_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 72 बनायें] * [[अनुच्छेद 73 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_73_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 73 बनायें] - [[सदस्य:आदेश यादव|आदेश यादव]] ([[सदस्य वार्ता:आदेश यादव|वार्ता]]) 10:26, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 74 (भारत का संविधान)]] • --[[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 01:54, 15 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 75 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_75_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 75 बनायें] * [[अनुच्छेद 76 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_76_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 76 बनायें] - [[सदस्य:आदेश यादव|आदेश यादव]] ([[सदस्य वार्ता:आदेश यादव|वार्ता]]) 11:30, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 77 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_77_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 77 बनायें] - [[सदस्य:आदेश यादव|आदेश यादव]] ([[सदस्य वार्ता:आदेश यादव|वार्ता]]) 11:30, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 78 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_78_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 78 बनायें] - [[सदस्य:आदेश यादव|आदेश यादव]] ([[सदस्य वार्ता:आदेश यादव|वार्ता]]) 11:30, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 79 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_79_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 79 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 10:18, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 80 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_80_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 80 बनायें] - [[सदस्य:आदेश यादव|आदेश यादव]] ([[सदस्य वार्ता:आदेश यादव|वार्ता]]) 11:30, 14 अप्रैल 2026 (UTC) == 3 == * [[अनुच्छेद 81 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_81_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 81 बनाये] -[[सदस्य:MuskanChaudhary121|MuskanChaudhary121]] ([[सदस्य वार्ता:MuskanChaudhary121|वार्ता]]) 08:23, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 82 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_82_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 82 बनायें] * [[अनुच्छेद 83 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_83_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 83 बनायें] * [[अनुच्छेद 84 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_84_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 84 बनायें] * [[अनुच्छेद 85 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_85_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 85 बनायें] -[[सदस्य:MuskanChaudhary121|MuskanChaudhary121]] ([[सदस्य वार्ता:MuskanChaudhary121|वार्ता]]) 12:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 86 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_86_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 86 बनायें] -[[सदस्य:MuskanChaudhary121|MuskanChaudhary121]] ([[सदस्य वार्ता:MuskanChaudhary121|वार्ता]]) 14:05, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 87 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_87_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 87 बनायें] -[[सदस्य:MuskanChaudhary121|MuskanChaudhary121]] ([[सदस्य वार्ता:MuskanChaudhary121|वार्ता]]) 15:36, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 88 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_88_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 88 बनायें] -[[सदस्य:MuskanChaudhary121|MuskanChaudhary121]] ([[सदस्य वार्ता:MuskanChaudhary121|वार्ता]]) 05:32, 15 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 89 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php title=अनुच्छेद_89_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 89 बनायें] * [[अनुच्छेद 90 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_90_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 90 बनायें] * [[अनुच्छेद 91 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_91_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 91 बनायें] * [[अनुच्छेद 92 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_92_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 92 बनायें] * [[अनुच्छेद 93 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_93_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 93 बनायें] * [[अनुच्छेद 94 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_94_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 94 बनायें] * [[अनुच्छेद 95 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_95_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 95 बनायें] * [[अनुच्छेद 96 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_96_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 96 बनायें] * [[अनुच्छेद 97 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_97_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 97 बनायें] * [[अनुच्छेद 98 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_98_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 98 बनायें] * [[अनुच्छेद 99 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_99_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 99 बनायें] * [[अनुच्छेद 100 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_100_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 100 बनायें] * [[अनुच्छेद 101 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_101_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 101 बनायें] * [[अनुच्छेद 102 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_102_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 102 बनायें] * [[अनुच्छेद 103 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_103_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 103 बनायें] * [[अनुच्छेद 104 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_104_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 104 बनायें] * [[अनुच्छेद 105 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_105_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 105 बनायें] * [[अनुच्छेद 106 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_106_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 106 बनायें] * [[अनुच्छेद 107 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_107_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 107 बनायें] * [[अनुच्छेद 108 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_108_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 108 बनायें] * [[अनुच्छेद 109 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_109_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 109 बनायें] * [[अनुच्छेद 110 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_110_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 110 बनायें] * [[अनुच्छेद 111 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_111_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 111 बनायें] * [[अनुच्छेद 112 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_112_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 112 बनायें] * [[अनुच्छेद 113 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_113_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 113 बनायें] * [[अनुच्छेद 114 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_114_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 114 बनायें] * [[अनुच्छेद 115 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_115_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 115 बनायें] * [[अनुच्छेद 116 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_116_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 116 बनायें] * [[अनुच्छेद 117 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_117_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 117 बनायें] * [[अनुच्छेद 118 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_118_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 118 बनायें] * [[अनुच्छेद 119 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_119_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 119 बनायें] * [[अनुच्छेद 120 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_120_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 120 बनायें] == 4 == * [[अनुच्छेद 121 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_121_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 121 बनायें] --<span style="color:green;">&#9997;</span>[[u:शीतल सिन्हा|<u><span style="color:Magenta;">शीतल </span></u>]] ([[User talk:शीतल सिन्हा|<span style="color:blue;">talk</span>]]) 08:12, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 122 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_122_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 122 बनायें]--<span style="color:green;">&#9997;</span>[[u:शीतल सिन्हा|<u><span style="color:Magenta;">शीतल </span></u>]] ([[User talk:शीतल सिन्हा|<span style="color:blue;">talk</span>]]) 11:43, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 123 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_123_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 123 बनायें] * [[अनुच्छेद 124 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_124_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 124 बनायें] * [[अनुच्छेद 125 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_125_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 125 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:39, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 126 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_126_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 126 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:40, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 127 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_127_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 127 बनायें] * [[अनुच्छेद 128 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_128_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 128 बनायें] * [[अनुच्छेद 129 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_129_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 129 बनायें] * [[अनुच्छेद 130 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_130_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 130 बनायें] * [[अनुच्छेद 131 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_131_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 131 बनायें] * [[अनुच्छेद 132 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_132_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 132 बनायें] * [[अनुच्छेद 133 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_133_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 133 बनायें] * [[अनुच्छेद 134 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_134_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 134 बनायें] * [[अनुच्छेद 135 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_135_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 135 बनायें] * [[अनुच्छेद 136 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_136_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 136 बनायें] * [[अनुच्छेद 137 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_137_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 137 बनायें] * [[अनुच्छेद 138 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_138_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 138 बनायें] * [[अनुच्छेद 139 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_139_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 139 बनायें]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:11, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 140 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_140_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 140 बनायें]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:36, 16 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 141 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_141_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 141 बनायें]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:36, 15 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 142 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_142_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 142 बनायें]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:36, 15 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 143 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_143_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 143 बनायें]<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 15:49, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 144 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_144_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 144 बनायें] * [[अनुच्छेद 145 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_145_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 145 बनायें]--[[सदस्य:RiteshRaj25|RiteshRaj25]] ([[सदस्य वार्ता:RiteshRaj25|वार्ता]]) 11:42, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 146 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_146_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 146 बनायें] * [[अनुच्छेद 147 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_147_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 147 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 05:11, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 148 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_148_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 148 बनायें] * [[अनुच्छेद 149 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_149_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 149 बनायें] * [[अनुच्छेद 150 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_150_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 150 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 04:56, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 151 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_151_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 151 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 06:21, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 152 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_152_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 152 बनायें] * [[अनुच्छेद 153 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_153_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 153 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:39, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 154 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_154_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 154 बनायें] * [[अनुच्छेद 155 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_155_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 155 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:52, 17 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 156 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_156_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 156 बनायें] * [[अनुच्छेद 157 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_157_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 157 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 14:40, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 158 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_158_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 158 बनायें] * [[अनुच्छेद 159 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_159_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 159 बनायें] * [[अनुच्छेद 160 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_160_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 160 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 06:31, 18 अप्रैल 2024 (UTC) == 5 == * [[अनुच्छेद 161 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_161_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 161 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 07:15, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 162 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_162_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 162 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 07:43, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 163 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_163_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 163 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 07:51, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 164 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_164_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 164 बनायें] * [[अनुच्छेद 165 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_165_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 165 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 08:02, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 166 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_166_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 166 बनायें] * [[अनुच्छेद 167 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_167_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 167 बनायें] * [[अनुच्छेद 168 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_168_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 168 बनायें] * [[अनुच्छेद 169 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_169_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 169 बनायें] * [[अनुच्छेद 170 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_170_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 170 बनायें] * [[अनुच्छेद 171 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_171_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 171 बनायें] * [[अनुच्छेद 172 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_172_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 172 बनायें] * [[अनुच्छेद 173 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_173_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 173 बनायें] * [[अनुच्छेद 174 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_174_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 174 बनायें] * [[अनुच्छेद 175 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_175_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 175 बनायें] * [[अनुच्छेद 176 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_176_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 176 बनायें] * [[अनुच्छेद 177 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_177_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 177 बनायें] * [[अनुच्छेद 178 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_178_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 178 बनायें] * [[अनुच्छेद 179 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_179_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 179 बनायें] * [[अनुच्छेद 180 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_180_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 180 बनायें] * [[अनुच्छेद 181 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_181_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 181 बनायें] * [[अनुच्छेद 182 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_182_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 182 बनायें] * [[अनुच्छेद 183 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_183_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 183 बनायें] * [[अनुच्छेद 184 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_184_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 184 बनायें] * [[अनुच्छेद 185 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_185_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 185 बनायें] * [[अनुच्छेद 186 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_186_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 186 बनायें] * [[अनुच्छेद 187 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_187_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 187 बनायें] * [[अनुच्छेद 188 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_188_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 188 बनायें] * [[अनुच्छेद 189 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_189_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 189 बनायें] * [[अनुच्छेद 190 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_190_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 190 बनायें] * [[अनुच्छेद 191 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_191_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 191 बनायें] * [[अनुच्छेद 192 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_192_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 192 बनायें] * [[अनुच्छेद 193 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_193_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 193 बनायें] * [[अनुच्छेद 194 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_194_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 194 बनायें] * [[अनुच्छेद 195 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_195_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 195 बनायें] * [[अनुच्छेद 196 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_196_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 196 बनायें] * [[अनुच्छेद 197 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_197_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 197 बनायें] * [[अनुच्छेद 198 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_198_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 198 बनायें] * [[अनुच्छेद 199 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_199_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 199 बनायें] == 6 == * [[अनुच्छेद 200 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_200_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 200 बनायें] * [[अनुच्छेद 201 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_201_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 201 बनायें]--[[सदस्य:सीमा1|सीमा1]] ([[सदस्य वार्ता:सीमा1|वार्ता]]) 08:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * [[अनुच्छेद 202 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_202_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 202 बनायें] * [[अनुच्छेद 203 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_203_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 203 बनायें] * [[अनुच्छेद 204 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_204_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 204 बनायें] * [[अनुच्छेद 205 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_205_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 205 बनायें] * [[अनुच्छेद 206 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_206_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 206 बनायें] * [[अनुच्छेद 207 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_207_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 207 बनायें] * [[अनुच्छेद 208 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_208_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 208 बनायें] * [[अनुच्छेद 209 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_209_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 209 बनायें] * [[अनुच्छेद 210 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_210_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 210 बनायें] * [[अनुच्छेद 211 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_211_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 211 बनायें] * [[अनुच्छेद 212 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_212_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 212 बनायें] * [[अनुच्छेद 213 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_213_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 213 बनायें] * [[अनुच्छेद 214 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_214_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 214 बनायें] * [[अनुच्छेद 215 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_215_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 215 बनायें] * [[अनुच्छेद 216 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_216_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 216 बनायें] * [[अनुच्छेद 217 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_217_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 217 बनायें] * [[अनुच्छेद 218 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_218_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 218 बनायें] * [[अनुच्छेद 219 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_219_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 219 बनायें] * [[अनुच्छेद 220 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_220_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 220 बनायें] * [[अनुच्छेद 221 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_221_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 221 बनायें] * [[अनुच्छेद 222 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_222_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 222 बनायें] * [[अनुच्छेद 223 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_223_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 223 बनायें] * [[अनुच्छेद 224 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_224_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 224 बनायें] * [[अनुच्छेद 225 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_225_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 225 बनायें] * [[अनुच्छेद 226 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_226_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 226 बनायें] * [[अनुच्छेद 227 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_227_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 227 बनायें] * [[अनुच्छेद 228 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_228_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 228 बनायें] * [[अनुच्छेद 229 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_229_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 229 बनायें] * [[अनुच्छेद 230 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_230_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 230 बनायें] * [[अनुच्छेद 231 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_231_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 231 बनायें] * [[अनुच्छेद 232 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_232_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 232 बनायें] * [[अनुच्छेद 233 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_233_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 233 बनायें] * [[अनुच्छेद 234 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_234_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 234 बनायें] * [[अनुच्छेद 235 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_235_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 235 बनायें] * [[अनुच्छेद 236 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_236_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 236 बनायें] * [[अनुच्छेद 237 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_237_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 237 बनायें] * [[अनुच्छेद 238 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_238_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 238 बनायें] * [[अनुच्छेद 239 (भारत का संविधान)]] • — [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 04:05, 14 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 240 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_240_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 240 बनायें] == 7 == * [[अनुच्छेद 241 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_241_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 241 बनायें] * [[अनुच्छेद 242 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_242_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 242 बनायें] * [[अनुच्छेद 243 (भारत का संविधान)]] • [[सदस्य:Manikantkmr|Manikantkmr]] ([[सदस्य वार्ता:Manikantkmr|वार्ता]]) 09:59, 16 अप्रैल 2024 (UTC)[https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_243_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 243 बनायें] * [[अनुच्छेद 244 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_244_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 244 बनायें] * [[अनुच्छेद 245 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_245_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 245 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 08:58, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 246 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_246_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 246 बनायें] * [[अनुच्छेद 247 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_247_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 247 बनायें] * [[अनुच्छेद 248 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_248_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 248 बनायें] * [[अनुच्छेद 249 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_249_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 249 बनायें] * [[अनुच्छेद 250 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_250_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 250 बनायें] * [[अनुच्छेद 251 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_251_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 251 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 16:24, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 252 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_252_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 252 बनायें] * [[अनुच्छेद 253 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_253_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 253 बनायें] * [[अनुच्छेद 254 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_254_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 254 बनायें] * [[अनुच्छेद 255 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_255_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 255 बनायें] * [[अनुच्छेद 256 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_256_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 256 बनायें] * [[अनुच्छेद 257 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_257_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 257 बनायें] * [[अनुच्छेद 258 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_258_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 258 बनायें] * [[अनुच्छेद 259 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_259_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 259 बनायें] * [[अनुच्छेद 260 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_260_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 260 बनायें] * [[अनुच्छेद 261 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_261_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 261 बनायें] * [[अनुच्छेद 262 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_262_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 262 बनायें] * [[अनुच्छेद 263 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_263_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 263 बनायें] * [[अनुच्छेद 264 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_264_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 264 बनायें] * [[अनुच्छेद 265 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_265_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 265 बनायें] * [[अनुच्छेद 266 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_266_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 266 बनायें] * [[अनुच्छेद 267 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_267_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 267 बनायें] * [[अनुच्छेद 268 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_268_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 268 बनायें] * [[अनुच्छेद 269 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_269_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 269 बनायें] * [[अनुच्छेद 270 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_270_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 270 बनायें] * [[अनुच्छेद 271 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_271_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 271 बनायें] * [[अनुच्छेद 272 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_272_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 272 बनायें] * [[अनुच्छेद 273 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_273_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 273 बनायें] * [[अनुच्छेद 274 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_274_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 274 बनायें] * [[अनुच्छेद 275 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_275_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 275 बनायें] * [[अनुच्छेद 276 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_276_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 276 बनायें] * [[अनुच्छेद 277 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_277_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 277 बनायें] * [[अनुच्छेद 278 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_278_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 278 बनायें] * [[अनुच्छेद 279 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_279_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 279 बनायें] * [[अनुच्छेद 280 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_280_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 280 बनायें] == 8 == * [[अनुच्छेद 281 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_281_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 281 बनायें] * [[अनुच्छेद 282 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_282_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 282 बनायें] * [[अनुच्छेद 283 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_283_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 283 बनायें] * [[अनुच्छेद 284 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_284_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 284 बनायें] * [[अनुच्छेद 285 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_285_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 285 बनायें] * [[अनुच्छेद 286 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_286_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 286 बनायें] * [[अनुच्छेद 287 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_287_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 287 बनायें] * [[अनुच्छेद 288 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_288_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 288 बनायें] * [[अनुच्छेद 289 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_289_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 289 बनायें] * [[अनुच्छेद 290 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_290_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 290 बनायें] * [[अनुच्छेद 291 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_291_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 291 बनायें] * [[अनुच्छेद 292 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_292_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 292 बनायें] * [[अनुच्छेद 293 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_293_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 293 बनायें] * [[अनुच्छेद 294 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_294_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 294 बनायें] * [[अनुच्छेद 295 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_295_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 295 बनायें] * [[अनुच्छेद 296 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_296_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 296 बनायें] * [[अनुच्छेद 297 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_297_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 297 बनायें] * [[अनुच्छेद 298 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_298_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 298 बनायें] * [[अनुच्छेद 299 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_299_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 299 बनायें] * [[अनुच्छेद 300 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_300_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 300 बनायें] * [[अनुच्छेद 301 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_301_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 301 बनायें] * [[अनुच्छेद 302 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_302_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 302 बनायें] * [[अनुच्छेद 303 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_303_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 303 बनायें] * [[अनुच्छेद 304 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_304_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 304 बनायें] * [[अनुच्छेद 305 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_305_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 305 बनायें] * [[अनुच्छेद 306 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_306_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 306 बनायें] * [[अनुच्छेद 307 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_307_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 307 बनायें] * [[अनुच्छेद 308 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_308_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 308 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 19:20, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 309 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_309_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 309 बनायें] * [[अनुच्छेद 310 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_310_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 310 बनायें] * [[अनुच्छेद 311 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_311_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 311 बनायें] * [[अनुच्छेद 312 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_312_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 312 बनायें] * [[अनुच्छेद 313 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_313_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 313 बनायें] * [[अनुच्छेद 314 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_314_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 314 बनायें] * [[अनुच्छेद 315 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_315_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 315 बनायें] * [[अनुच्छेद 316 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_316_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 316 बनायें] * [[अनुच्छेद 317 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_317_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 317 बनायें] * [[अनुच्छेद 318 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_318_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 318 बनायें] * [[अनुच्छेद 319 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_319_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 319 बनायें] * [[अनुच्छेद 320 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_320_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 320 बनायें] == 9 == * [[अनुच्छेद 321 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_321_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 321 बनायें] * [[अनुच्छेद 322 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_322_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 322 बनायें] * [[अनुच्छेद 323 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_323_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 323 बनायें] * [[अनुच्छेद 324 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_324_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 324 बनायें][[सदस्य:Manikantkmr|Manikantkmr]] ([[सदस्य वार्ता:Manikantkmr|वार्ता]]) 09:23, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 325 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_325_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 325 बनायें][[सदस्य:Manikantkmr|Manikantkmr]] ([[सदस्य वार्ता:Manikantkmr|वार्ता]]) 09:56, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 326 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_326_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 326 बनायें] * [[अनुच्छेद 327 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_327_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 327 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 21:27, 19 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 328 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_328_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 328 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 22:50, 20 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 329 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_329_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 329 बनायें] * [[अनुच्छेद 330 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_330_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 330 बनायें] * [[अनुच्छेद 331 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_331_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 331 बनायें] * [[अनुच्छेद 332 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_332_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 332 बनायें] * [[अनुच्छेद 333 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_333_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 333 बनायें] * [[अनुच्छेद 334 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_334_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 334 बनायें] * [[अनुच्छेद 335 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_335_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 335 बनायें] * [[अनुच्छेद 336 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_336_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 336 बनायें] * [[अनुच्छेद 337 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_337_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 337 बनायें] * [[अनुच्छेद 338 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_338_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 338 बनायें] * [[अनुच्छेद 339 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_339_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 339 बनायें] * [[अनुच्छेद 340 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_340_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 340 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 09:58, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 341 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_341_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 341 बनायें] * [[अनुच्छेद 342 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_342_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 342 बनायें] * [[अनुच्छेद 343 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_343_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 343 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 10:35, 15 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 344 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_344_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 344 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 09:42, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 345 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_345_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 345 बनायें] * [[अनुच्छेद 346 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_346_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 346 बनायें][[सदस्य:Bhartiya00|Bhartiya00]] ([[सदस्य वार्ता:Bhartiya00|वार्ता]]) 09:32, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 347 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_347_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 347 बनायें] * [[अनुच्छेद 348 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_348_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 348 बनायें] * [[अनुच्छेद 349 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_349_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 349 बनायें] * [[अनुच्छेद 350 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_350_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 350 बनायें] * [[अनुच्छेद 351 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_351_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 351 बनायें]--[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]]<sup>[[User talk:रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''बातचीत'''</span>]]</sup> 06:53, 18 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 352 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_352_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 352 बनायें] * [[अनुच्छेद 353 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_353_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 353 बनायें] * [[अनुच्छेद 354 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_354_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 354 बनायें] * [[अनुच्छेद 355 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_355_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 355 बनायें] * [[अनुच्छेद 356 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_356_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 356 बनायें] * [[अनुच्छेद 357 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_357_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 357 बनायें] * [[अनुच्छेद 358 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_358_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 358 बनायें] * [[अनुच्छेद 359 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_359_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 359 बनायें] * [[अनुच्छेद 360 (भारत का संविधान)]] == 10 == * [[अनुच्छेद 361 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_361_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 361 बनायें] * [[अनुच्छेद 362 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_362_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 362 बनायें] * [[अनुच्छेद 363 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_363_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 363 बनायें] * [[अनुच्छेद 364 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_364_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 364 बनायें] * [[अनुच्छेद 365 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_365_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 365 बनायें] * [[अनुच्छेद 366 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_366_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 366 बनायें] * [[अनुच्छेद 367 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_367_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 367 बनायें] * [[अनुच्छेद 368 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_368_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 368 बनायें] * [[अनुच्छेद 369 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_369_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 369 बनायें] * [[अनुच्छेद 370 (भारत का संविधान)]][[सदस्य:Manikantkmr|Manikantkmr]] ([[सदस्य वार्ता:Manikantkmr|वार्ता]]) 09:58, 16 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 371 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_371_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 371 बनायें]--[[सदस्य:SomnathHealth|SomnathHealth]] ([[सदस्य वार्ता:SomnathHealth|वार्ता]]) 08:59, 15 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 372 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_372_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 372 बनायें] * [[अनुच्छेद 373 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_373_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 373 बनायें] * [[अनुच्छेद 374 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_374_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 374 बनायें] * [[अनुच्छेद 375 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_375_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 375 बनायें] * [[अनुच्छेद 376 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_376_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 376 बनायें] * [[अनुच्छेद 377 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_377_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 377 बनायें][[सदस्य:Sejalpanwar22|Sejalpanwar22]] ([[सदस्य वार्ता:Sejalpanwar22|वार्ता]]) 09:10, 21 अप्रैल 2024 (UTC) * [[अनुच्छेद 378 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_378_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 378 बनायें] * [[अनुच्छेद 379 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_379_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 379 बनायें] * [[अनुच्छेद 380 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_380_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 380 बनायें] * [[अनुच्छेद 381 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_381_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 381 बनायें] * [[अनुच्छेद 382 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_382_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 382 बनायें] * [[अनुच्छेद 383 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_383_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 383 बनायें] * [[अनुच्छेद 384 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_384_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 384 बनायें] * [[अनुच्छेद 385 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_385_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 385 बनायें] * [[अनुच्छेद 386 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_386_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 386 बनायें] * [[अनुच्छेद 387 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_387_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 387 बनायें] * [[अनुच्छेद 388 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_388_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 388 बनायें] * [[अनुच्छेद 389 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_389_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 389 बनायें] * [[अनुच्छेद 390 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_390_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 390 बनायें] * [[अनुच्छेद 391 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_391_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 391 बनायें] * [[अनुच्छेद 392 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_392_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 392 बनायें] * [[अनुच्छेद 393 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_393_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 393 बनायें] * [[अनुच्छेद 394 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_394_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 394 बनायें] * [[अनुच्छेद 395 (भारत का संविधान)]] • [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=अनुच्छेद_395_(भारत_का_संविधान)&action=edit&redlink=1&preload=सदस्य:SM7/sandbox अनुच्छेद 395 बनायें] hau6uxlddxml2x4o0tmmgdf8fpmgd7k मॉड्यूल:आसन्न स्टेशन/दिल्ली मेट्रो 828 1537866 6541806 6403079 2026-04-18T09:11:30Z Ankit231132 874432 6541806 Scribunto text/plain local delhi = "%1 मेट्रो स्टेशन (दिल्ली)" local p = { ["system title"] = "[[दिल्ली मेट्रो]]", ["system icon"] = "[[File:Delhi Metro logo.svg|12px|link=दिल्ली मेट्रो|alt=दिल्ली मेट्रो का चिन्ह]]", ["color box format"] = "title", ["system color"] = "000080", ["name format"] = "font-size: 150%; font-family:Arial, sans; font-weight: bold; line-height: 100%; color: #000080;", ["station format"] = { "%1 मेट्रो स्टेशन", ["चाँदनी चौक"] = delhi, ["सिविल लाइंस"] = delhi, ["कृष्णा नगर"] = delhi, ["महात्मा गांधी रोड"] = delhi, ["सुभाष नगर"] = delhi, ["डिपो स्टेशन"] = delhi, ["एयरपोर्ट"] = "[[आई.जी.आई एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन|दिल्ली एयरपोर्ट]]", }, ["lines"] = { ["_default"] = { ["title"] = "[[%1 लाइन (दिल्ली मेट्रो)|%1 लाइन]]", ["color"] = "000080", ["text color"] = "FFF", }, ["रेड"] = { ["color"] = "FF4040", ["left terminus"] = "रिठाला", ["right terminus"] = "शहीद स्थल", }, ["ब्लू"] = { ["color"] = "4169E1", ["left terminus"] = "द्वारका सेक्टर 21", ["right terminus"] = {"नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी", "वैशाली"}, ["types"] = { ["main"] = { ["title"] = "", ["right terminus"] = "नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी" }, ["branch"] = { ["title"] = "", ["right terminus"] = "वैशाली" } } }, ["ग्रीन"] = { ["color"] = "20B2AA", ["left terminus"] = "ब्रिगेडियर होशियार सिंह ", ["right terminus"] = {"इंद्रलोक", "कीर्ति नगर"}, ["types"] = { ["main"] = { ["title"] = "", ["right terminus"] = "इंद्रलोक" }, ["branch"] = { ["title"] = "", ["right terminus"] = "कीर्ति नगर" } } }, ["येलो"] = { ["color"] = "FFDF00", ["text color"] = "000", ["left terminus"] = "समयपुर बादली", ["right terminus"] = "मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम ", }, ["बैंगनी"] = { ["color"] = "553592", ["left terminus"] = "कश्मीरी गेट", ["right terminus"] = "राजा नहर सिंह", }, ["एयरपोर्ट एक्सप्रेस"] = { ["color"] = "FF8C00", ["text color"] = "000", ["title"] = "[[एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (दिल्ली मेट्रो)|एयरपोर्ट एक्सप्रेस]]", ["left terminus"] = "द्वारका सेक्टर 21", ["right terminus"] = "नई दिल्ली", }, ["ग्रे"] = { ["color"] = "838996", ["left terminus"] = "ढाँसा बस स्टैंड", ["right terminus"] = "द्वारका", }, ["पिंक"] = { ["color"] = "FC8EAC", ["left terminus"] = "मजलिस पार्क", ["right terminus"] = "शिव विहार", }, ["मजेंटा"] = { ["color"] = "CC338B", ["left terminus"] = "जनकपुरी पश्चिम", ["right terminus"] = "बोटैनिकल गार्डन", }, ["गोल्डन"] = { ["color"] = "C9A969", ["text color"] = "000", ["left terminus"] = "दिल्ली एरोसिटी", ["right terminus"] = "तुग़लकाबाद स्टेशन", } }, ["aliases"] = { ["red"] = "रेड", ["Line 1"] = "रेड", ["line 1"] = "रेड", ["लाल"] = "रेड", ["yellow"] = "येलो", ["Line 2"] = "येलो", ["line 2"] = "येलो", ["पीली"] = "येलो", ["blue"] = "ब्लू", ["Line 3"] = "ब्लू", ["line 3"] = "ब्लू", ["Line 4"] = "ब्लू", ["line 4"] = "ब्लू", ["नीली"] = "ब्लू", ["green"] = "ग्रीन", ["Line 5"] = "ग्रीन", ["line 5"] = "ग्रीन", ["हरी"] = "ग्रीन", ["violet"] = "बैंगनी", ["Line 6"] = "बैंगनी", ["line 6"] = "बैंगनी", ["वायलेट"] = "बैंगनी", ["Orange"] = "एयरपोर्ट एक्सप्रेस", ["orange"] = "एयरपोर्ट एक्सप्रेस", ["airport express"] = "एयरपोर्ट एक्सप्रेस", ["airport"] = "एयरपोर्ट एक्सप्रेस", ["pink"] = "पिंक", ["Line 7"] = "पिंक", ["line 7"] = "पिंक", ["गुलाबी"] = "पिंक", ["magenta"] = "मजेंटा", ["Line 8"] = "मजेंटा", ["line 8"] = "मजेंटा", ["रानी"] = "मजेंटा", ["grey"] = "ग्रे", ["Line 9"] = "ग्रे", ["line 9"] = "ग्रे", ["स्लेटी"] = "ग्रे", ["pink"] = "पिंक", ["red"] = "रेड", ["Golden"] = "गोल्डन", ["golden"] = "गोल्डन", ["सुनहरी"] = "गोल्डन", ["Line 10"] = "गोल्डन", ["line 10"] = "गोल्डन", ["Line 11"] = "गोल्डन", ["line 11"] = "गोल्डन", ["Silver"] = "गोल्डन", ["silver"] = "गोल्डन", -- पूर्वभूत नाम ["चाँदी"] = "गोल्डन", ["Brown"] = "गोल्डन", ["brown"] = "गोल्डन", ["भूरी"] = "गोल्डन" } } return p mboj6ls4x6icohlc58ayteahx5jl7xa 6541816 6541806 2026-04-18T11:51:22Z Ankit231132 874432 6541816 Scribunto text/plain local delhi = "%1 मेट्रो स्टेशन (दिल्ली)" local p = { ["system title"] = "[[दिल्ली मेट्रो]]", ["system icon"] = "[[File:Delhi Metro logo.svg|12px|link=दिल्ली मेट्रो|alt=दिल्ली मेट्रो का चिन्ह]]", ["color box format"] = "title", ["system color"] = "000080", ["name format"] = "font-size: 150%; font-family:Arial, sans; font-weight: bold; line-height: 100%; color: #000080;", ["station format"] = { "%1 मेट्रो स्टेशन", ["चाँदनी चौक"] = delhi, ["सिविल लाइंस"] = delhi, ["कृष्णा नगर"] = delhi, ["महात्मा गांधी रोड"] = delhi, ["सुभाष नगर"] = delhi, ["डिपो स्टेशन"] = delhi, ["एयरपोर्ट"] = "[[आई.जी.आई एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन|दिल्ली एयरपोर्ट]]", }, ["lines"] = { ["_default"] = { ["title"] = "[[%1 लाइन (दिल्ली मेट्रो)|%1 लाइन]]", ["color"] = "000080", ["text color"] = "FFF", }, ["रेड"] = { ["color"] = "FF4040", ["left terminus"] = "रिठाला", ["right terminus"] = "शहीद स्थल", }, ["ब्लू"] = { ["color"] = "4169E1", ["left terminus"] = "द्वारका सेक्टर 21", ["right terminus"] = {"नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी", "वैशाली"}, ["types"] = { ["main"] = { ["title"] = "", ["right terminus"] = "नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी" }, ["branch"] = { ["title"] = "", ["right terminus"] = "वैशाली" } } }, ["ग्रीन"] = { ["color"] = "20B2AA", ["left terminus"] = "ब्रिगेडियर होशियार सिंह ", ["right terminus"] = {"इंद्रलोक", "कीर्ति नगर"}, ["types"] = { ["main"] = { ["title"] = "", ["right terminus"] = "इंद्रलोक" }, ["branch"] = { ["title"] = "", ["right terminus"] = "कीर्ति नगर" } } }, ["येलो"] = { ["color"] = "FFDF00", ["text color"] = "000", ["left terminus"] = "समयपुर बादली", ["right terminus"] = "मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम ", }, ["बैंगनी"] = { ["color"] = "553592", ["left terminus"] = "कश्मीरी गेट", ["right terminus"] = "राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़)", }, ["एयरपोर्ट एक्सप्रेस"] = { ["color"] = "FF8C00", ["text color"] = "000", ["title"] = "[[एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (दिल्ली मेट्रो)|एयरपोर्ट एक्सप्रेस]]", ["left terminus"] = "द्वारका सेक्टर 21", ["right terminus"] = "नई दिल्ली", }, ["ग्रे"] = { ["color"] = "838996", ["left terminus"] = "ढाँसा बस स्टैंड", ["right terminus"] = "द्वारका", }, ["पिंक"] = { ["color"] = "FC8EAC", ["left terminus"] = "मजलिस पार्क", ["right terminus"] = "शिव विहार", }, ["मजेंटा"] = { ["color"] = "CC338B", ["left terminus"] = "इंद्रलोक", ["right terminus"] = "बोटैनिकल गार्डन", }, ["गोल्डन"] = { ["color"] = "C9A969", ["text color"] = "000", ["left terminus"] = "दिल्ली एरोसिटी", ["right terminus"] = "तुग़लकाबाद स्टेशन", } }, ["aliases"] = { ["red"] = "रेड", ["Line 1"] = "रेड", ["line 1"] = "रेड", ["लाल"] = "रेड", ["yellow"] = "येलो", ["Line 2"] = "येलो", ["line 2"] = "येलो", ["पीली"] = "येलो", ["blue"] = "ब्लू", ["Line 3"] = "ब्लू", ["line 3"] = "ब्लू", ["Line 4"] = "ब्लू", ["line 4"] = "ब्लू", ["नीली"] = "ब्लू", ["green"] = "ग्रीन", ["Line 5"] = "ग्रीन", ["line 5"] = "ग्रीन", ["हरी"] = "ग्रीन", ["violet"] = "बैंगनी", ["Line 6"] = "बैंगनी", ["line 6"] = "बैंगनी", ["वायलेट"] = "बैंगनी", ["Orange"] = "एयरपोर्ट एक्सप्रेस", ["orange"] = "एयरपोर्ट एक्सप्रेस", ["airport express"] = "एयरपोर्ट एक्सप्रेस", ["airport"] = "एयरपोर्ट एक्सप्रेस", ["pink"] = "पिंक", ["Line 7"] = "पिंक", ["line 7"] = "पिंक", ["गुलाबी"] = "पिंक", ["magenta"] = "मजेंटा", ["Line 8"] = "मजेंटा", ["line 8"] = "मजेंटा", ["रानी"] = "मजेंटा", ["grey"] = "ग्रे", ["Line 9"] = "ग्रे", ["line 9"] = "ग्रे", ["स्लेटी"] = "ग्रे", ["pink"] = "पिंक", ["red"] = "रेड", ["Golden"] = "गोल्डन", ["golden"] = "गोल्डन", ["सुनहरी"] = "गोल्डन", ["Line 10"] = "गोल्डन", ["line 10"] = "गोल्डन", ["Line 11"] = "गोल्डन", ["line 11"] = "गोल्डन", ["Silver"] = "गोल्डन", ["silver"] = "गोल्डन", -- पूर्वभूत नाम ["चाँदी"] = "गोल्डन", ["Brown"] = "गोल्डन", ["brown"] = "गोल्डन", ["भूरी"] = "गोल्डन" } } return p 0a13p7lf51yrd90u0ekpj7741xskt23 मॉड्यूल:आसन्न स्टेशन/दिल्ली मेट्रो/doc 828 1537868 6541805 6157410 2026-04-18T09:05:44Z Ankit231132 874432 6541805 wikitext text/x-wiki {{Adjacent stations doc}} {{Rail template doc}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Red|red|Line 1|line 1}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Yellow|yellow|Line 2|line 2}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Blue|blue|Line 3|line 3|Line 4|line 4}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Green|green|Line 5|line 5}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Violet|violet|Line 6|line 6}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Airport Express|Orange|Airport|orange|airport|airport express}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Pink|pink|Line 7|line 7}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Magenta|magenta|Line 8|line 8}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Grey|grey|Line 9|line 9}} {{Rail template doc|Delhi Metro|Golden|Golden|Line 10|line 10|Line 11|line 11}} {{Rail template doc||end}} <includeonly>{{Sandbox other|| [[Category:India rail succession modules|Delhi Metro]] }}</includeonly> forvcjzhkm8aki8dbfmvdk7jpqlbrsi साँचा:दिल्ली मेट्रो पिंक लाइन रूट 10 1540105 6541615 6536312 2026-04-17T15:28:05Z Ankit231132 874432 6541615 wikitext text/x-wiki {{Routemap |navbar = दिल्ली मेट्रो पिंक लाइन रूट |title-color = white |title = दिल्ली मेट्रो पिंक लाइन<br/><small>गोलाकार लाइन</small> |title-bg = #{{rail color|Delhi Metro|Pink}} |inline = <includeonly>1</includeonly> |map = \\\\\hKBHFa pink\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|शिव विहार}} \\\\\hBHF pink\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|जौहरी एनक्लेव}} \\\\\hSTR_pink+GRZq\~~ ~~ ~~{{BSsplit|[[उत्तर प्रदेश]]|[[दिल्ली]]|line=-}} सीमा \\\\\hBHF pink\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|गोकुलपुरी}} {{stl|Delhi Metro|यमुना विहार}}~~ ~~! !hkSTRc2 pink\hkSTR3+l pink\hBHFq pink\hkSTR2+r pink\hkSTRc3 pink!~hSTRc2\hSTR3 pink\ {{stl|Delhi Metro|भजनपुरा}}~~! !\hkBHF+1 pink\hkSTR-c4\\hkSTR-c1\hkSTR+4 pink!~hSTR+1 pink!~KINTa pink\hSTRc4\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|मौजपुर - बाबरपुर}}~~ ~~{{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} {{stl|Delhi Metro|खजूरी खास}}! !hBHF pink\\\\hBHF pink\\~~{{stl|Delhi Metro|जाफराबाद}} {{stl|Delhi Metro|नानकसर सोनिया विहार}}! !hBHF pink\\\RP4q\hSKRZ-G4 pink\RP4q\~~ ~~<small>''ग्रांड ट्रंक रोड''</small> <small>[[यमुना]] नदी</small>~~! !WASSERq\hKRZW pink\WASSERq\\hCONTgq red\hBHFq red!~hINT pink\hCONTfq red\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|वेलकम}}~~ ~~{{rcb|Delhi Metro|Red|croute}} {{stl|Delhi Metro|सूरघाट}}! !ehpBHF pink\\\\hBHF pink\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|पूर्व आज़ाद नगर}} {{stl|Delhi Metro|जगतपुर - वज़ीराबाद}}! !hBHF pink\\\\hBHF pink\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|कृष्णा नगर}} {{stl|Delhi Metro|झड़ौदा माजरा}}! !hBHF pink\\\\hBHF pink\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा कोर्ट}} {{stl|Delhi Metro|बुराड़ी}}! !hBHF pink\\\hCONTgq blue\hBHFq blue!~hINT pink\hSTR+r blue\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|कड़कड़डूमा}}~~ ~~{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} <small>''बाहरी रिंग रोड''</small>! !RP4q\hSKRZ-G4 pink\RP4q\\CONTgq\hKRZ!~hSTR pink\hKRZ!~hSTR blue!~HUBc2\BHFq!~HUB3\CONTfq~~ ~~<small>''[[आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन|आनंद विहार रेलवे स्टेशन]]''</small> <small>मुकुंदपुर डिपो</small>~~! !hCONTgq fuchsia\hSTR+r fuchsia\hABZg+l pink\KDSTeq pink!~lhSTRe@gq\\tCONTgq\tSTRq!~hINT-L pink!~HUBaq\tSTRq!~hINT-R blue!~HUBr+1\tCONTfq!~HUBc4\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|आनंद विहार}}~~ ~~[[File:NCRTC logo.svg|20px|link=Delhi–Meerut Regional Rapid Transit System]]{{rint|rail|link=आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन}} {{rint|bus|link=स्वामी विवेकानंद अंतराज्य बस टर्मिनस}} {{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} {{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}}~~ ~~{{stl|Delhi Metro|मजलिस पार्क}}~~! !hKINTxe-L fuchsia\hINT-R pink!~hPORTALf\\\\hBHF pink\hCONTf blue\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|आई.पी एक्सटेंशन}} <small>''रिंग रोड''</small>! !RP4q!~exhSTR fuchsia\tSTR pink!~RP4q\\\\hABZgl pink\KDSTeq pink!~lhSTRe@gq\\~~ ~~ ~~<small>विनोद नगर डिपो</small> ! !hCONTgq yellow\hKRZho!~exhSTR fuchsia\tSTR pink!~hSTRq yellow!~lINT-Rq\hCONTfq yellow\\\hBHF pink\\\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर}} {{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}}{{rcb|Delhi Metro|Magenta|croute}}~~ ~~{{stl|Delhi Metro|आज़ादपुर}}~~! !exhSTRl fuchsia\tSTR pink!~exhSTRq fuchsia!~lINT-Lq\exhCONTfq fuchsia\\\hBHF pink\\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2}} <small>''[[भारतीय रेल]]''</small>~~! !CONTgq\tSTR pink!~STRq\CONTfq\\\hBHF pink\\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|त्रिलोकपुरी संजय झील}} {{stl|Delhi Metro|शालीमार बाग}}! !tBHF pink\\\\hBHF pink\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|श्री राम मंदिर मयूर विहार}} {{rcb|Delhi Metro|Red|croute}}~~ ~~{{stl|Delhi Metro|नेताजी सुभाष प्लेस}}~~! !hCONTgq red\tINT pink!~hINTq red\hCONTfq red\\hCONTgq blue\hBHFq blue!~hINT pink\hCONTfq blue\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|मयूर विहार 1}}~~ ~~{{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}} {{stl|Delhi Metro|शकूरपुर}}! !hBHF pink!~hPORTALg\\\WASSERq\hKRZW pink!~hPORTALf\WASSERq\~~ ~~ ~~<small>[[यमुना]] नदी</small> <small>''रोहतक रोड''</small>! !dRP4q\hSKRZ-G4 pink\dRP4q\\\dRP4q\extSKRZ-G4\dRP4q\\~~ ~~ ~~<small>''रिंग रोड''</small> {{rcb|Delhi Metro|Green|croute}}~~ ~~{{stl|Delhi Metro|पंजाबी बाग पश्चिम}}~~! !hCONTgq teal\hBHFq teal!~hINT pink\hCONTfq teal\\CONT4+f\tSTR pink\\\ <small>[[साहिबी नदी]]</small>~~! !WASSERq\hKRZW pink\WASSERq\\BHF!~HUBaq\tBHF pink!~HUBq\hKBHFa!~HUBeq\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन}}~~ ~~{{rint|rail|link=हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन}} {{rint|bus|link=सराय काले खाँ अंतराज्य बस टर्मिनस}}{{rcb|RapidX|Delhi-Meerut|croute}} {{stl|Delhi Metro|ई.एस.आई - बसईदारापुर}}~~! !hBHF pink\\\STR\tSTR pink\hSTRl\hCONTfq {{rcb|Delhi Metro|Blue|croute}}~~ ~~{{stl|Delhi Metro|राजौरी गार्डन}}~~! !hCONTgq blue\hBHFq blue!~hINT pink\hCONTfq blue\\kSTR2\tBHF pink\\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|आश्रम}} <small>''नजफ़गढ़ रोड''</small>~~! !RP4q\hSKRZ-G4 pink\RP4q\\kSTRc1\tSTR pink!~kSTRl+4\CONTfq\\~~ ~~<small>''[[भारतीय रेल]]''</small> {{stl|Delhi Metro|मायापुरी}}~~! !hBHF pink\\\\tBHF pink\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|विनोबापुरी}} <small>''[[भारतीय रेल]]''</small>~~! !CONTgq\hKRZ!~hSTR pink!~hPORTALf\CONTfq\\hCONTgq violet\tSTR pink!~hKINT2 golden!~hINTq violet\hCONTfq violet!~hSTRc3 yellow\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|लाजपत नगर}}~~ ~~{{rcb|Delhi Metro|Violet|croute}}{{rcb|Delhi Metro|golden|croute}} {{stl|Delhi Metro|नारायणा विहार}}~~! !tBHF pink\\\\hSTRc1 yellow!~tSTR pink\hSTRl+4 golden\hCONTfq golden {{stl|Delhi Metro|दिल्ली छावनी}}! !hBHF pink!~hPORTALg\\\\tBHF pink\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|साउथ एक्सटेंशन}} ''[[दिल्ली गुड़गाँव एक्सप्रेसवे]]''! !RP4q\hSKRZ-G4 pink\RP4q\\tCONTgq yellow\tSTRq yellow!~tINT pink\tCONTfq yellow\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|दिल्ली हाट - आई.एन.ए}}~~ ~~{{rcb|Delhi Metro|Yellow|croute}} {{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}}~~ ~~{{resize|{{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}}}}~~! !hCONTgq orange\KBL2!~hINTq orange\uhKRZho!~BLc3!~hSTR pink\hCONTfq orange\\\tBHF pink\\\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|सरोजिनी नगर}} {{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}}! !BLc1\KBL4!~hINT pink\\\\tBHF pink\\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}} hkSTR2 pink\hkSTR-c3\\hkSTR-c2\hkSTR3 pink!~hPORTALg\\ hkSTRc1 pink\hkSTRl+4 pink\hBHFq pink\hkSTRr+1 pink\hkSTRc4 pink\\~~ ~~{{stl|Delhi Metro|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग}} }}<noinclude> {{railway-routemap|IN|पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)|type=रैपिड ट्रांसिट|x|cat=no}} {{collapsible option}} [[Category:Delhi Metro route diagram templates]] [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] </noinclude> r5a15gyve492yuk5olrc39xyqamaf9h सर विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन 0 1540345 6541616 6310469 2026-04-17T15:30:39Z Ankit231132 874432 [[सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन]] को अनुप्रेषित 6541616 wikitext text/x-wiki #redirect[[सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन]] n8d2zzn993gofft2kbae6fh6ioj5hkq सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन 0 1540347 6541617 6157321 2026-04-17T15:30:45Z Ankit231132 874432 [[सर विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन]] तक का अनुप्रेषण हटाया 6541617 wikitext text/x-wiki {{Infobox station | name = [[File:Delhi Metro logo.svg|50px]]<br />सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन | type = {{Delhi Metro Infobox station line|line=Pink}} | image = Sir M Vishweshwaraiah Moti Bagh metro station (Delhi).jpg | style = दिल्ली मेट्रो | address = राव तुला राम मार्ग, ब्लॉक ए, साउथ मोती बाग, नई दिल्ली, 110021 | coordinates = {{WikidataCoord|display=inline,title}} | line = {{rcb|Delhi Metro|Pink|croute}} | other = | structure = उभर हुआ, डबल ट्रैक | platform = साइड प्लेटफॉर्म<br />प्लेटफॉर्म-1 → {{ltl|Delhi Metro|Pink|R}}<br />प्लेटफॉर्म-2 → {{ltl|Delhi Metro|Pink|L}} | depth = | levels = 2 | tracks = 2 | parking = | bicycle = | opened = {{start date and age|2018|8|6|df=y}} | closed = | rebuilt = | electrified = ओवरहेड लाइन द्वारा | ADA = हाँ {{access icon}} | architect = | architectural_style = | code = {{#property:P296}} | status = कर्मचारी-वृत, संचालित | owned = दिल्ली मेट्रो | operator = डीएमआरसी | zone = | smartcardname = | smartcardstatus = | former = | passengers = | pass_year = | pass_rank = | pass_percent = | pass_system = | mpassengers = | services = {{Adjacent stations|system=दिल्ली मेट्रो|line=Pink|left=दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस|right=भीकाजी कामा प्लेस}} | route_map = {{Delhi Metro Pink Line Route}} | map_state = collapsed | mapframe = yes | mapframe-marker = rail | mapframe-marker-color = #{{rail color|Delhi Metro|Pink}} | mapframe-zoom = 14 }} सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन पर स्थित है।<ref>{{cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/Show_corridor_details.aspx?id=1|title=DMRC – Majlis Park – Shiv Vihar|access-date=16 February 2017}}</ref> स्टेशन 6 अगस्त 2018 को खोला गया था। मोती बाग मेट्रो रिंग रोड पर स्थित है। [[File:Vishveshvarayya in his 30's.jpg|216x216px|thumb|सर विश्वेश्वरैया, जिनके नाम पर स्टेशन का नाम रखा गया है]] ==स्टेशन नक्शा== {|table border=0 cellspacing=0 cellpadding=3 |style="border-top:solid 1px grey;border-bottom:solid 1px grey;" width=50 rowspan=4 valign=top|'''L2''' |style="border-top:solid 1px grey;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 2px black;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |style="border-bottom:solid 1px grey;" width=100|<span style=color:#{{rcr|Delhi Metro|Pink}}>'''प्लेटफॉर्म 1'''<br/>'''उत्तर-पूर्वी बाध्य'''</span> |style="border-bottom:solid 1px grey;" width=500|की ओर → {{ltl|Delhi Metro|Pink|R}} <small>अगला स्टेशन {{stl|Delhi Metro|भीकाजी कामा प्लेस}} है</small> |- |<span style=color:#{{rcr|Delhi Metro|Pink}}>'''प्लेटफॉर्म 2'''<br/>'''उत्तर-पश्चिमी बाध्य'''</span> |<span style=color:white></span>की ओर ← {{ltl|Delhi Metro|Pink|L}} <small>अगला स्टेशन {{stl|Delhi Metro|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस}} है</small> <small>'''''अगले स्टेशन पर {{rcb|Delhi Metro|Airport Express|croute}} के {{stl|Delhi Metro|धौला कुआँ}} मेट्रो स्टेशन के लिए बदलें'''''</small> |- |style="border-top:solid 2px black;border-right:solid 2px black;border-left:solid 2px black;border-bottom:solid 1px grey;text-align:center;" colspan=2|<small>साइड प्लेटफॉर्म | द्वार बाएँ ओर खुलेंगे {{access icon}}</small> |- |valign=top|'''L1''' |valign=top|स्तर |valign=top|किराया नियंत्रण, स्टेशन एजेंट, मेट्रो कार्ड वेंडिंग मशीन, क्रॉसओवर |- |style="border-bottom:solid 1px grey;border-top:solid 1px grey;" width=50 valign=top|'''G''' |style="border-top:solid 1px grey;border-bottom:solid 1px grey;" width=100 valign=top|भू-स्तर |style="border-top:solid 1px grey;border-bottom:solid 1px grey;" width=500 valign=top|प्रवेश/निकास |} ==प्रवेश/निकास== {|class="wikitable" style="text-align: center;" width="65%" |- ! align="center" colspan="5" style="background:#{{rcr|Delhi Metro|Pink}};"| <span style="color:WHITE;">Sir M. Vishweshwaraiah Moti Bagh metro station Entry/exits</span> |- ! style="width:15%;"|गेट नं-1 {{access icon}} ! style="width:15%;"|गेट नं-2 |- |सेक्टर-12 आर.के. पुरम ||दक्षिण मोती बाग |- |सेक्टर-9 आर.के. पुरम ||शांति निकेतन |- |के.डी. कालोनी || |- |उत्तर मोती बाग || |- |आराधना एंक्लेव || |} ==परिवहन जुड़ाव== दिल्ली परिवहन निगम और दिल्ली ट्रांजिट (क्लस्टर बसें) बस रूट संख्या 392, 392B, 398, 448EXT, 479, 479CL, 529SPL, 543A, 567, 567A, 568, 568A, 569, 588, 611A, 711, 724, 724C, 724EXT, 780, 794, 794A, 864, 874, 984A, AC-479, AC-711, AC-724, AC-724A, TMS (-), TMS-आजादपुर-लाजपत, TMS-लाजपतनगर, TMS-पंजाबी बाग के लिए सेवा प्रदान करती है जो पास के उत्तर मोती बाग बस स्टॉप से ​​स्टेशन की सेवा करती है।<ref>{{cite web |url=http://delhi.gov.in/wps/wcm/connect/DOIT_DTC/dtc/home |title=Delhi Transport Corporation |website=delhi.gov.in |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20091002134451/http://www.delhi.gov.in/wps/wcm/connect/DOIT_DTC/dtc/home |archive-date=2009-10-02}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[दिल्ली मेट्रो]] == सन्दर्भ == {{reflist|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{Commons|Delhi Metro}} {{Wikivoyage|Delhi}} * [http://www.delhimetrorail.com/ Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (Official site)] * [http://www.delhimetrorail.com/annual_report.aspx/ Delhi Metro Annual Reports] * {{cite web|title=Station Information |work=Delhi Metro Rail Corporation Ltd. (DMRC) |url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/station_information.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100619035828/http://delhimetrorail.com/commuters/station_information.html |archive-date=19 June 2010 |df=dmy }} * [http://www.urbanrail.net ''UrbanRail.Net''] – descriptions of all metro systems in the world, each with a schematic map showing all stations. *{{Google maps|url=https://www.google.co.in/maps/place/Moti+Bagh+Metro+Station/@28.578551,77.175699,317m/data=!3m1!1e3!4m12!1m6!3m5!1s0x390d1d746d617719:0x5bc925c8063fefe0!2sMoti+Bagh+Metro+Station!8m2!3d28.5785135!4d77.175727!3m4!1s0x390d1d746d617719:0x5bc925c8063fefe0!8m2!3d28.5785135!4d77.175727|title= Moti Bagh metro station}} {{पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)}} [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो) स्टेशन]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] nopx0tovtedykltu978dggxti6c06bo साँचा:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो) 10 1563137 6541628 6472566 2026-04-17T15:54:44Z Ankit231132 874432 6541628 wikitext text/x-wiki {{Navbox | name = पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो) | state = | title = [[चित्र:Delhi Metro logo.svg|20px|link=दिल्ली मेट्रो]] [[पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)|पिंक लाइन]] | titlestyle = background:transparent; border-left:3em solid #{{rcr|Delhi Metro|Pink}}; border-right:3em solid #{{rcr|Delhi Metro|Pink}}; | list1 = [[मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन|मजलिस पार्क]] - [[आज़ादपुर मेट्रो स्टेशन|आज़ादपुर]] - [[शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन|शालीमार बाग]] - [[नेताजी सुभाष प्लेस मेट्रो स्टेशन|नेताजी सुभाष प्लेस]] - [[शकूरपुर मेट्रो स्टेशन|शकूरपुर]] - [[पंजाबी बाग पश्चिम मेट्रो स्टेशन|पंजाबी बाग पश्चिम]] - [[ई.एस.आई - बसईदारापुर मेट्रो स्टेशन|ई.एस.आई - बसईदारापुर]] - [[राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन|राजौरी गार्डन]] - [[मायापुरी मेट्रो स्टेशन|मायापुरी]] - [[नारायणा विहार मेट्रो स्टेशन|नारायणा विहार]] - [[दिल्ली छावनी मेट्रो स्टेशन|दिल्ली छावनी]] - [[दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन|दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस]] - [[सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग मेट्रो स्टेशन|सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग]] - [[भीकाजी कामा प्लेस मेट्रो स्टेशन|भीकाजी कामा प्लेस]] - [[सरोजिनी नगर मेट्रो स्टेशन|सरोजिनी नगर]] - [[दिल्ली हाट - आई.एन.ए मेट्रो स्टेशन|दिल्ली हाट - आई.एन.ए]] - [[साउथ एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन|साउथ एक्सटेंशन]] - [[लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन|लाजपत नगर]] - [[विनोबापुरी मेट्रो स्टेशन|विनोबापुरी]] - [[आश्रम मेट्रो स्टेशन|आश्रम]] - [[सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन मेट्रो स्टेशन|सराय काले खाँ - निज़ामुद्दीन]] - [[मयूर विहार 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार 1]] - [[मयूर विहार पॉकेट 1 मेट्रो स्टेशन|मयूर विहार पॉकेट 1]] - [[त्रिलोकपुरी संजय झील मेट्रो स्टेशन|त्रिलोकपुरी संजय झील]] - [[पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2 मेट्रो स्टेशन|पूर्व विनोद नगर - मयूर विहार 2]] - [[मंडावली - पश्चिम विनोद नगर मेट्रो स्टेशन|मंडावली - पश्चिम विनोद नगर]] - [[आई.पी एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन|आई.पी एक्सटेंशन]] - [[आनंद विहार मेट्रो स्टेशन|आनंद विहार]] - [[कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन|कड़कड़डूमा]] - [[कड़कड़डूमा कोर्ट मेट्रो स्टेशन|कड़कड़डूमा कोर्ट]] - [[कृष्णा नगर मेट्रो स्टेशन (दिल्ली)|कृष्णा नगर]] - [[पूर्व आज़ाद नगर मेट्रो स्टेशन|पूर्व आज़ाद नगर]] - [[वेलकम मेट्रो स्टेशन|वेलकम]] - [[जाफ़राबाद मेट्रो स्टेशन|जाफ़राबाद]] - [[मौजपुर - बाबरपुर मेट्रो स्टेशन|मौजपुर - बाबरपुर]] - [[गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन|गोकुलपुरी]] - [[जौहरी एनक्लेव मेट्रो स्टेशन|जौहरी एनक्लेव]] - [[शिव विहार मेट्रो स्टेशन|शिव विहार]] }} <noinclude> [[श्रेणी:पिंक लाइन (दिल्ली मेट्रो)]] [[श्रेणी:दिल्ली मेट्रो]] </noinclude> n8cqd9k6joyc23y05mcq1n3hv9blrxx सदस्य वार्ता:Adsmalhotra 3 1576986 6541799 6539158 2026-04-18T08:15:42Z Adsmalhotra 861967 Adsmalhotra 6541799 wikitext text/x-wiki {{Userbox | name = Aadarsh Kumar | other_name = Aadarsh Malhotra (adsmalhotra) | dob = 10 October 2003 | birthplace = Saran, Bihar, India | parents = Shri Chhathu Kumar Bhatt (Father) <br> Smt. Sunita Devi (Mother) | siblings = Aadesh Kumar (Elder Brother) | height = 5'5" | occupation = Teacher, Cricketer, Content Creator | inspiration = Mahendra Singh Dhoni (MSD) | known_for = Cricket Content Creation & Education }} == About Me == Hello! My name is '''Aadarsh Kumar''', popularly known as '''Aadarsh Malhotra''' (or '''adsmalhotra'''). I am a young individual from the Saran district of Bihar, driven by a passion for teaching and a deep love for sports. == Family Background == * '''Father:''' Shri Chhathu Kumar Bhatt * '''Mother:''' Smt. Sunita Devi * '''Elder Brother:''' Aadesh Kumar == Physical Attributes & Birth Details == * '''Date of Birth:''' October 10, 2003 * '''Age:''' 22 Years * '''Height:''' 5'5" == Professional Life == * '''Educator:''' I am a Teacher by profession. I believe in the power of education and aim to contribute positively to society by sharing knowledge. == Passion & Interests == * '''Cricketer:''' Beyond the classroom, I am a dedicated Cricketer. The pitch is where I find my true energy. * '''Content Creator:''' I run a YouTube channel where I focus on creating high-quality Cricket content. * '''Inspiration:''' I am a huge fan of Mahendra Singh Dhoni (MSD). I try to bring his legendary "Captain Cool" composure into my own life and game. == The Spirit of Bihar & My Cricket Passion == "Hailing from the historic land of Saran, Bihar, my journey is a reflection of the grit and 'never-give-up' attitude that our soil represents. For me, Cricket isn't just a sport; it’s an emotion that connects millions. Whether I am on the field hitting boundaries or analyzing the game for my YouTube community, my focus is always on excellence—inspired by the legendary composure of MS Dhoni. As a Teacher, I believe in building a strong foundation, and through my cricket content, I aim to represent the rising talent of Bihar. From the dusty grounds of my hometown to the digital screens of YouTube, my mission is to stay rooted, play hard, and inspire every youngster who dreams big despite the odds. Bihar se hoon, aur Cricket meri jaan hai!" == About Me == Hello! My name is '''Aadarsh Kumar''', professionally known as '''Aadarsh Malhotra'''. I hail from the Saran district of Bihar. I am the son of '''Shri Chhathu Kumar Bhatt''' and '''Smt. Sunita Devi'''. I have a brother named '''Aadesh Kumar'''. I am a '''Teacher''' by profession. I believe in the power of education and aim to contribute positively to society by sharing knowledge. == My Roots: Bihar == I am extremely proud of my identity as a Bihari. Bihar has been a land of great scholars and historical significance, and I want to showcase the positive side of my state to the world through Wikipedia. == Interests & Hobbies == * '''Cricket:''' I am a massive cricket fan and a dedicated supporter of the Indian Cricket Team. * '''Technology:''' I have a deep interest in Computers, Internet trends, and new Tech innovations. == Objective == My goal on Wikipedia is to help improve Hindi and English content related to Bihar and Education so that students can find reliable information easily. --- ''"Education is the most powerful weapon which you can use to change the world."'' 4s9y870vkn29ent2yhp61i9qjdkq14u महाराजा कामदेव मिश्र सकरवार 0 1593170 6541673 6459925 2026-04-17T22:25:02Z Suyash.dwivedi 164531 ज्ञानसन्दूक जोड़ा 6541673 wikitext text/x-wiki {{Infobox royalty | name = महाराजा कामदेव मिसिर | title = [[महाराजा|राजा|राव]] | image = | alt = | caption = | reign = 1462-1527 ([[पहाड़गढ़ रियासत]] के [[महाराजा|राव]])<br />1527-1530 ([[फतेहपुर, उत्तर प्रदेश|फतेहाबाद]] के [[राजा]])<br />1530-1532 ([[बीरपुर, गाज़ीपुर|बीरपुर]] रियासत के शासक) | coronation = | predecessor = महाराजा जयराजदेव मिसिर | successor = राजा धामदेव मिसिर | birth_name = | birth_date = 1438 ईस्वी | birth_place = [[फतेहपुर सीकरी|विजयपुर सीकरी]], [[भारत]] | death_date = 1532 (आयु 94 वर्ष) | death_place = [[रेवतीपुर]], [[गाज़ीपुर]], [[भारत]] | spouse = दो पत्नियाँ | issue = *अचल मिसिर (जन्म 1456) *विचल मिसिर (जन्म 1458) *सारंग मिसिर (जन्म 1461) *रोहित मिसिर (जन्म 1465) *(दूसरी पत्नी की संतान ज्ञात नहीं) | full name = महाराजा कामदेव मिसिर | house = [[सकरवार वंश]] | father = महाराजा जयराजदेव मिसिर | religion = हिन्दू धर्म }} '''महाराजा कामदेव मिश्र''' (१४३८ - १५३२) भारत के एक राजा थे जिन्होंने [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर]] सीकरी और फतेहपुर के पास [[फतेहाबाद|फतुहाबाद]] के क्षेत्र पर शासन किया।<ref name="Ansari">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=dxDWbsztdVQC&q=Kanyakubja+Bhumihar+Rajput+Pathan|title=Evolution and Spatial Organization of Clan Settlements: A Case Study of Middle Ganga Valley|last=Ansari|first=Saiyad Hasan|date=1986|publisher=Concept Publishing Company|language=en}}</ref><ref>{{Cite journal|title=Rural Insurgency During the Indian Revolt of 1857-59: Meghar Singh and the Uprising of the Sakarwars|url=https://journals.sagepub.com/doi/pdf/10.1177/026272800202200202|journal=South Asia Research|publisher=SAGE Publications|doi=10.1177/026272800202200202|url-access=subscription|access-date=April 27, 2025}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/rDlx_kanya-kubja-vanshavali-devanagari-by-sri-pt.-lalmani-dharma-shastri-ji-shri-janta-book-stall-ka|title=Kanya Kubja Vanshavali (Devanagari)|last=Sri Pt. Lalmani Dharma Shastri Ji|access-date=2025-04-28}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=zVmaEAAAQBAJ&dq=tekari+raj&pg=PT76|title=Brahmins Who Refused to Beg: Brief History of Bhumihars, "Ayachak" Brahmins of East India)|last=Sharma|first=Anurag|date=2022-11-12|publisher=Notion Press|isbn=979-8-88833-371-6|language=en}}</ref> कामदेव एक [[कान्यकुब्ज ब्राह्मण|कन्याकुब्ज ब्राह्मण]] राजा थे जो संकृत गोत्र से संबंधित है। वह पहाड़गढ़ राज्य के शासक थे, जिसमें मुख्य रूप से वर्तमान समय के मुरैना, [[ग्वालियर]], [[झाँसी|झांसी]] और [[शिवपुरी]] शहर शामिल हैं। महाराजा कामदेव महाराजा जयराज देव मिश्र के पुत्र थे जो विजयपुर सीकरी ([[फ़तेहपुर सीकरी|फतेहपुर सीकरी]]) राज्य के शासक थे। राव धामदेव [[राणा सांगा]] के सहयोगी थे।<ref name=":0">{{Cite book|title=Dhamadeva Pradipika|last=Rao|first=Janardan|date=1999|publisher=Jauhari Printers|page=4,5,9,848,850|language=hi}}</ref><ref name=":2">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=THoNAAAAQAAJ&pg=PA173|title=Historical and Statistical Memoir of the Ghazeepoor District|last=Oldham|first=Wilton|date=1870|publisher=Printed at the Government Press, North-western provinces|language=en}}</ref><ref name=":3">{{Cite web|url=https://dspace.gipe.ac.in/xmlui/handle/10973/37271|title=Ghazipur: A Gazetteer being Vol. XXIX of the District Gazetteers of the United Provinces of Agra and Oudh|date=2022-12-01|website=web.archive.org|archive-url=https://web.archive.org/web/20221201224151/https://dspace.gipe.ac.in/xmlui/handle/10973/37271|archive-date=1 दिसंबर 2022|access-date=2024-12-28|url-status=live}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=zVmaEAAAQBAJ&dq=Battle+of+Madarpur&pg=PT46|title=Brahmins Who Refused To Beg: Brief History Of Bhumihars, "Ayachak" Brahmins Of East India|last=Sharma|first=Anurag|date=2022-11-12|publisher=Notion Press|isbn=979-8-88833-371-6|language=en}}</ref><ref name="Oldham 1870">{{Cite book|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.53598|title=Memoir Of The Ghazeepoor District Pt.1|last=Oldham|first=Wilton|date=1870}}</ref> कामदेव के वंशज गाजीपुर के आसपास के क्षेत्रों में बसे, जबकि उनके भाई धामदेव राव के वंशज मुरैना में रहे।<ref name="Ansari"/> == जीवनी == महाराजा कामदेव मिश्र का जन्म 1438 ई० में विजयपुर सीकरी में हुआ था।{{उद्धरण आवश्यक|date=May 2025}} वे महाराजा जयराज देव मिश्र के पुत्र थे जो विजयपुर सीकरी राज्य के शासक थे। कामदेव के दो छोटे भाई थे - धामदेव मिश्र तथा विक्रम प्रताप देव मिश्र। उन्के पिता ने पहाड़गढ़ राज्य के कुछ भाग का सासन उनको सौंप दिया। [[File:Pahargarh_Fort.jpeg|पाठ=|अंगूठाकार|महाराजा कामदेव मिश्र अन्नों के परदादा राव अनूप देव मिश्र (१४४६) द्वारा निर्मित पहाड़गढ़ किले का एक दृश्य।]] ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://awapcos.blogspot.com/2017/09/blog-post.html संकरवार वंश]{{Dead link|date=जुलाई 2025 |bot=InternetArchiveBot }} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} lzxa3e9acmvz7mobza3xo59cgi6uvcc 6541674 6541673 2026-04-17T22:26:45Z Suyash.dwivedi 164531 6541674 wikitext text/x-wiki {{Infobox royalty | name = महाराजा कामदेव मिसिर | title = [[महाराजा|राजा|राव]] | image = | alt = | caption = | reign = 1462-1527 ([[पहाड़गढ़ रियासत]] के [[महाराजा|राव]])<br />1527-1530 ([[फतेहपुर, उत्तर प्रदेश|फतेहाबाद]] के [[राजा]])<br />1530-1532 ([[बीरपुर, गाज़ीपुर|बीरपुर]] रियासत के शासक) | coronation = | predecessor = महाराजा जयराजदेव मिसिर | successor = राजा धामदेव मिसिर | birth_name = | birth_date = 1438 ईस्वी | birth_place = [[फतेहपुर सीकरी|विजयपुर सीकरी]], [[भारत]] | death_date = 1532 (आयु 94 वर्ष) | death_place = [[रेवतीपुर]], [[गाज़ीपुर]], [[भारत]] | spouse = दो पत्नियाँ | issue = *अचल मिसिर (जन्म 1456) *विचल मिसिर (जन्म 1458) *सारंग मिसिर (जन्म 1461) *रोहित मिसिर (जन्म 1465) *(दूसरी पत्नी की संतान ज्ञात नहीं) | full name = महाराजा कामदेव मिसिर | house = [[सकरवार वंश]] | father = महाराजा जयराजदेव मिसिर | religion = हिन्दू धर्म }} '''महाराजा कामदेव मिश्र''' (१४३८ - १५३२) भारत के एक राजा थे जिन्होंने [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर]] सीकरी और फतेहपुर के पास [[फतेहाबाद|फतुहाबाद]] के क्षेत्र पर शासन किया।<ref name="Ansari">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=dxDWbsztdVQC&q=Kanyakubja+Bhumihar+Rajput+Pathan|title=Evolution and Spatial Organization of Clan Settlements: A Case Study of Middle Ganga Valley|last=Ansari|first=Saiyad Hasan|date=1986|publisher=Concept Publishing Company|language=en}}</ref><ref>{{Cite journal|title=Rural Insurgency During the Indian Revolt of 1857-59: Meghar Singh and the Uprising of the Sakarwars|url=https://journals.sagepub.com/doi/pdf/10.1177/026272800202200202|journal=South Asia Research|publisher=SAGE Publications|doi=10.1177/026272800202200202|url-access=subscription|access-date=April 27, 2025}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/rDlx_kanya-kubja-vanshavali-devanagari-by-sri-pt.-lalmani-dharma-shastri-ji-shri-janta-book-stall-ka|title=Kanya Kubja Vanshavali (Devanagari)|last=Sri Pt. Lalmani Dharma Shastri Ji|access-date=2025-04-28}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=zVmaEAAAQBAJ&dq=tekari+raj&pg=PT76|title=Brahmins Who Refused to Beg: Brief History of Bhumihars, "Ayachak" Brahmins of East India)|last=Sharma|first=Anurag|date=2022-11-12|publisher=Notion Press|isbn=979-8-88833-371-6|language=en}}</ref> कामदेव एक [[कान्यकुब्ज ब्राह्मण|कन्याकुब्ज ब्राह्मण]] राजा थे जो संकृत गोत्र से संबंधित है। वह पहाड़गढ़ राज्य के शासक थे, जिसमें मुख्य रूप से वर्तमान समय के मुरैना, [[ग्वालियर]], [[झाँसी|झांसी]] और [[शिवपुरी]] शहर शामिल हैं। महाराजा कामदेव महाराजा जयराज देव मिश्र के पुत्र थे जो विजयपुर सीकरी ([[फ़तेहपुर सीकरी|फतेहपुर सीकरी]]) राज्य के शासक थे। राव धामदेव [[राणा सांगा]] के सहयोगी थे।<ref name=":0">{{Cite book|title=Dhamadeva Pradipika|last=Rao|first=Janardan|date=1999|publisher=Jauhari Printers|page=4,5,9,848,850|language=hi}}</ref><ref name=":2">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=THoNAAAAQAAJ&pg=PA173|title=Historical and Statistical Memoir of the Ghazeepoor District|last=Oldham|first=Wilton|date=1870|publisher=Printed at the Government Press, North-western provinces|language=en}}</ref><ref name=":3">{{Cite web|url=https://dspace.gipe.ac.in/xmlui/handle/10973/37271|title=Ghazipur: A Gazetteer being Vol. XXIX of the District Gazetteers of the United Provinces of Agra and Oudh|date=2022-12-01|website=web.archive.org|archive-url=https://web.archive.org/web/20221201224151/https://dspace.gipe.ac.in/xmlui/handle/10973/37271|archive-date=1 दिसंबर 2022|access-date=2024-12-28|url-status=live}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=zVmaEAAAQBAJ&dq=Battle+of+Madarpur&pg=PT46|title=Brahmins Who Refused To Beg: Brief History Of Bhumihars, "Ayachak" Brahmins Of East India|last=Sharma|first=Anurag|date=2022-11-12|publisher=Notion Press|isbn=979-8-88833-371-6|language=en}}</ref><ref name="Oldham 1870">{{Cite book|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.53598|title=Memoir Of The Ghazeepoor District Pt.1|last=Oldham|first=Wilton|date=1870}}</ref> कामदेव के वंशज गाजीपुर के आसपास के क्षेत्रों में बसे, जबकि उनके भाई धामदेव राव के वंशज मुरैना में रहे।<ref name="Ansari"/> == जीवनी == महाराजा कामदेव मिश्र का जन्म 1438 ई० में विजयपुर सीकरी में हुआ था।{{उद्धरण आवश्यक|date=May 2025}} वे महाराजा जयराज देव मिश्र के पुत्र थे जो विजयपुर सीकरी राज्य के शासक थे। कामदेव के दो छोटे भाई थे - धामदेव मिश्र तथा विक्रम प्रताप देव मिश्र। उन्के पिता ने पहाड़गढ़ राज्य के कुछ भाग का सासन उनको सौंप दिया। [[File:Sabalgarh-Fort-Top-View.jpg|thumb|महाराजा कामदेव मिश्र अन्नों के परदादा राव अनूप देव मिश्र (१४४६) द्वारा निर्मित पहाड़गढ़ किले का एक दृश्य]] ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://awapcos.blogspot.com/2017/09/blog-post.html संकरवार वंश]{{Dead link|date=जुलाई 2025 |bot=InternetArchiveBot }} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} tkq2dojou235e3r9s1zbxmazpuu0eyz भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण 0 1605479 6541777 6526314 2026-04-18T05:51:42Z ProfessorVJ 801534 सुधार किया 6541777 wikitext text/x-wiki '''[[भारत]] में [[अल्पसंख्यक]] [[तुष्टीकरण]]''' का मतलब है, राजनीतिक लाभ के लिए [[भारत]] में अल्पसंख्यकों को (मुख्यतः [[मुसलमानों]] को) खुश करना। [[ए के एंटोनी|ए. के. एंटनी]] का दावा है कि इससे भारत में सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ने में मदद मिली है।<ref name="x968" /> एंटनी ने लोकतंत्र के अंदर एक अहम मुद्दे पर ज़ोर दिया, यह बताते हुए कि अल्पसंख्यक समूहों के लिए तुष्टीकरण की नीतियां, हालांकि मदद करने के इरादे से बनाई गई थीं, लेकिन आम लोगों को फायदा पहुंचाने में नाकाम रही हैं। इन समूहों के नेताओं ने अपने लिए अधिकारों और फायदों पर कब्ज़ा कर लिया है, जिसके कारण समुदायों, खासकर मुसलमानों को लगातार शैक्षिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट से पता चलता है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं, जैसे हज सब्सिडी, का भी समुदाय के नेताओं ने निजी फायदे के लिए गलत इस्तेमाल किया है। दलितों और ईसाई अल्पसंख्यकों के लिए बनाए गए फायदे भी मुख्य रूप से उनके नेताओं को ही मिले हैं, जिससे संस्थाएं आम लोगों की मदद करने के बजाय मुनाफे का धंधा बन गई हैं।<ref name="x968" /> [[:en:Centre for the study of developing societies|सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज़]] के हिलाल अहमद कहते हैं कि मुस्लिम तुष्टीकरण में ये चीज़ें शामिल हैं: * अनुचित राजनीतिक हथकंडे (सिर्फ़ अल्पसंख्यकों को रियायतें देना), और * पक्षपातपूर्ण संस्थागत भौतिक और संगठनात्मक संरचनाएं और सुविधाएं (अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण के ज़रिए)।<ref name="k276" /> धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों को समस्याग्रस्त और अनुचित माना जाता है क्योंकि वे इस्लामिक बंदोबस्ती जैसे स्वायत्त संस्थाओं, जिन्हें [[वक्फ़]] कहा जाता है, [[भारत में मुसलमानी व्यक्तिगत कानून|मुस्लिम पर्सनल लॉ (कानून)]], और [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय|अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी]] जैसे शैक्षणिक संस्थानों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं। कहा जाता है कि अल्पसंख्यक अधिकार कानून के शासन और धार्मिक समानता पर आधारित धर्मनिरपेक्षता के साथ असंगत हैं।<ref name="k276">{{cite web | last=Ahmed | first=Hilal | title=From Rajiv Gandhi to Modi, nobody defines ‘Muslim appeasement’ but all use it for votes | website=ThePrint | date=2018-11-14 | url=https://theprint.in/opinion/from-rajiv-gandhi-to-modi-nobody-defines-muslim-appeasement-but-all-use-it-for-votes/148566/ | access-date=2025-11-19}}</ref> 'वक्फ' को किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी चल या अचल संपत्ति को मुस्लिम कानून द्वारा पवित्र, धार्मिक या धर्मार्थ माने जाने वाले किसी भी उद्देश्य के लिए स्थायी रूप से समर्पित करना बताया गया है। भारत आज़ादी के बाद से वक्फ संपत्तियों के नियमन और संरक्षण को सक्रिय रूप से बढ़ा रहा है, जो उनकी धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक भूमिकाओं के लिए ज़रूरी है। 1954 के वक्फ अधिनियम ने एक प्रबंधन ढांचा स्थापित किया, जो पारदर्शिता और प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 जैसे कानूनों के साथ विकसित हुआ है। वर्तमान में, 1995 का वक्फ अधिनियम इन संपत्तियों को नियंत्रित करता है, जिसमें केंद्रीय वक्फ परिषद नीतियों पर सलाह देती है, राज्य वक्फ बोर्ड राज्य की संपत्तियों का प्रबंधन करते हैं, और वक्फ न्यायाधिकरण विवादों को सुलझाते हैं, जिससे बेहतर शासन और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।<ref name="o044">{{cite web | title=Waqf Amendment Bill, 2025: The History of Waqf in India | website=Press Information Bureau | date=2025-03-14 | url=https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2118415&reg=3&lang=2 | ref={{sfnref| Press Information Bureau |2025}} | access-date=2026-01-13}}</ref> भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करता है। यह गारंटी देता है कि किसी भी धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित किसी भी नागरिक को केवल धर्म, भाषा आदि के आधार पर राज्य द्वारा चलाए जा रहे किसी भी शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन लेने या सरकारी फंड से मदद लेने से मना नहीं किया जाएगा। अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यक समूहों को अपने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और चलाने का अधिकार देता है। अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को संरक्षित करने का अधिकार होगा। यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है।<ref name="x238">{{cite web | title=THE CONSTITUTION OF INDIA | url=https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/19151/1/constitution_of_india.pdf | access-date=2026-01-06}}</ref> शाह बानो, एक ऐसी महिला थी जिसे उसके पति ने गलत तरीके से तलाक दे दिया था। उसने सुप्रीम कोर्ट में, अपने पति के खिलाफ़ केस जीत लिया जो फैसला सुनाया कि उसे अपने पति से [[भरणपोषण|गुजारा भत्ता]] मांगने का अधिकार है, लेकिन नाराज [[मुसलमान|मुस्लिम]] पुरुषों को खुश करने के लिए, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] सरकार ने कानून में संशोधन कर दिया।<ref name="u822">{{cite journal | last=van der Veer | first=Peter | title=Minority Rights and Hindu Nationalism in India | journal=Asian Journal of Law and Society | publisher=Cambridge University Press (CUP) | volume=8 | issue=1 | year=2021 | issn=2052-9015 | doi=10.1017/als.2020.51 | pages=44–55}}</ref> [[शाहबानो प्रकरण|शाह बानो केस]], भारत में एक विवादास्पद गुजारा भत्ता विवाद था, जिसमें [[भारतीय सुप्रीम कोर्ट]] ने एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला को गुजारा भत्ता देने के पक्ष में फैसला सुनाया। सरकार द्वारा पारित कानून का सबसे विवादास्पद हिस्सा यह था कि तलाक के बाद केवल [[इद्दत]] की अवधि के दौरान ही गुजारा भत्ता मिलेगा और उसके बाद गुजारा भत्ता देने की जिम्मेदारी महिला के परिवार या [[केन्द्रीय वक्फ परिषद|वक्फ बोर्ड]] को सौंप दिया जाएगा। इस से [[इस्लाम में स्त्री|मुस्लिम महिलाएं]], [[:en:Secularism_in_India#Law|धर्मनिरपेक्ष कानून]] के तहत बुनियादी गुजारा भत्ता के अधिकार से वंचित हो गए, इसलिए इस कानून को भेदभावपूर्ण माना गया।<ref name="hindu2003">{{cite web |date=10 August 2003 |title=The Shah Bano legacy |url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/the-shah-bano-legacy/article27789644.ece |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240216130523/https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/the-shah-bano-legacy/article27789644.ece |archive-date=16 February 2024 |access-date= |work=[[The Hindu]]}}</ref> मुस्लिम पुरुषों को एक साथ, चार पत्नियां रखने की अनुमती है।<ref>{{cite web |last1=Mishra |first1=Arvind |title=How uniform is Goa's civil code? {{!}} Explained |url=https://www.indiatoday.in/law/story/goa-uniform-civil-code-marriage-polygamy-adoption-divorce-property-children-2400680-2023-07-02 |website=India Today |access-date=17 January 2025 |language=en |date=2 July 2023}}</ref> तलाक़-ए-बिद्दत गैर कानूनी करार दिया गया है पर तलाक़-ए-अहसन और तलाक़-ए-हसन कानूनी हैं। तलाक़-ए-हसन में, पति आमतौर पर जब पत्नी को पीरियड्स नहीं हो रहे होते हैं, तब महीने में सिर्फ़ एक बार "तलाक़" कहता है। इसके बाद पति-पत्नी पहली घोषणा के बाद एक महीने तक इंतज़ार करते है। शादी बरकरार रहती है। अगर पति अगले महीने उस शब्द को नहीं दोहराता है तो पति-पत्नी दोबारा सोच-विचार कर सकते है और सुलह कर सकते है। अगर पति तीसरे महीने में तीन बार यह शब्द कहता है तो तलाक़ आधिकारिक हो जाता है।<ref name="e605">{{cite web | title=Talaq-e-Hasan under SC lens: How it is different from Talaq-e-Biddat in islam | website=Business Standard | date=2025-11-20 | url=https://www.business-standard.com/india-news/talaq-e-hasan-under-sc-lens-how-it-is-different-from-talaq-e-biddat-125112000423_1.html | access-date=2025-11-22}}</ref><ref name="j045">{{cite web | last=Jain | first=Akshat | title=Talaq-e-Hasan under SC lens: A look at Muslim divorce practices & how courts have ruled before | website=ThePrint | date=2025-11-20 | url=https://theprint.in/theprint-essential/talaq-e-hasan-under-sc-lens-a-look-at-muslim-divorce-practices-how-courts-have-ruled-before/2788287/ | access-date=2025-11-22}}</ref> तलाक़-ए-अहसन में, पति एक बार "तलाक़" कहता है और तीन महीने के इद्दत, या इंतज़ार की अवधि समाप्त होने का इंतज़ार करता है। अगर पति-पत्नी तीन महीने पूरे होने से पहले फिर से साथ आ जाते हैं और साथ रहने लगते हैं तो तलाक़ रद्द माना जाता है। अगर इस इंतज़ार की अवधि के दौरान सुलह नहीं होती है, तो यह आधिकारिक हो जाता है।<ref name="j045" /> [[:en:The Satanic verses|द सैटेनिक वर्सेज]] पर बैन<ref name="d323">{{cite web | last=Suroor | first=Hasan | title=You can't read this book | website=The Hindu | date=2012-03-03 | url=https://www.thehindu.com/books/you-cant-read-this-book/article2953626.ece | access-date=2026-01-11}}</ref> व सात भारतीय राज्यों में "[[:en:The Da Vinci code (movie)|द दा विंची कोड]]" फिल्म पर बैन भी अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए किया गया था।<ref name="c771">{{cite web | last=Danino | first=Michel | title=In India, is it Secularism or minorityism? | website=The New Indian Express | date=2018-04-17 | url=https://www.newindianexpress.com/opinions/2018/Apr/17/in-india-is-it-secularism-or-minorityism-1802451.html | access-date=2025-11-21}}</ref> [[केरल]] के मुसलमानों को खुश करने के लिए, केरल में [[मलप्पुरम]] नाम का नया ज़िला बनाया गया (ताकि मुस्लिम बहुमत वाला ज़िला बनाया जा सके)।<ref name="x968">{{cite web | last=George | first=TJS | title=Minority Appeasement, a Game That Helps No Minority. But It Can Cut Up the Country Into Communal Bits | website=[[The New Indian Express]] | date=2014-07-06 | url=https://www.newindianexpress.com/opinions/columns/t-j-s-george/2014/Jul/06/minority-appeasement-a-game-that-helps-no-minority.-but-it-can-cut-up-the-country-into-communal-bits-632314.html | access-date=2025-11-19}}</ref> भारत में वोट बैंक की राजनीति "अल्पसंख्यक तुष्टीकरण" से जुड़ी है, जिसका मतलब है कि राजनीतिक पार्टियां "सभी नागरिकों की समानता के सिद्धांतों की अनदेखी करती हैं और एक अल्पसंख्यक समूह के हितों को प्राथमिकता देती हैं," यह बात 11वीं क्लास की [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद|नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT)]] की किताबों में छापा गया है।<ref name="j993">{{cite web | last=Harigovind | first=Abhinaya | title=New NCERT Class 11 Textbook: Vote bank politics associated with ‘minority appeasement’, disregards ‘equality’ | website=[[The Indian Express]] | date=2024-06-18 | url=https://indianexpress.com/article/education/new-ncert-class-11-textbook-vote-bank-politics-minority-appeasement-9396663/ | access-date=2025-11-19}}</ref> सितंबर 2023 में [[मध्य प्रदेश]] में चुनाव से ठीक पहले, [[भारत के गृह मंत्री|गृह मंत्री]] [[अमित शाह]] ने कहा कि जनता को ऐसी विचारधारा के बीच फैसला करना होगा जो आदिवासी समुदायों, पिछड़ी जातियों, [[दलित|दलितों]] और गरीबों को फायदा पहुंचाती है और दूसरी जो अल्पसंख्यकों को खुश करती है।<ref name="x272">{{cite web | last=Sikdar | first=Shubhomoy | title=Congress focuses on minority appeasement, Modi on welfare of tribals, Dalits and poor: Shah in M.P. | website=[[The Hindu]] | date=2023-09-05 | url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-focuses-on-minority-appeasement-modi-on-welfare-of-tribals-dalits-and-poor-shah-in-mp/article67273770.ece | access-date=2025-11-19}}</ref><ref name="v112">{{cite web | title=Cong focuses on minority appeasement, Modi govt on welfare of tribals: Shah | date=2023-09-05 | url=https://www.business-standard.com/politics/cong-focuses-on-minority-appeasement-modi-govt-on-welfare-of-tribals-shah-123090500600_1.html | access-date=2025-11-19}}</ref> प्रधानमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] ने कहा है कि [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी]] का मानना है कि "देश के संसाधनों पर [[मुसलमान|मुसलमानों]] का पहला हक है।" इसके अलावा, [[भारतीय जनता पार्टी]] (बीजेपी) ने 2006 के टेप जारी किए हैं जिसमें [[मनमोहन सिंह]] ने इस विचार पर चर्चा की थी कि देश की दौलत पर सबसे पहले मुसलमानों का हक होना चाहिए।<ref name="z038">{{cite web | title=Amid row over 'infiltrators' remark, instances of minority appeasement by Congress govts surface | website=Daijiworld.com | date=2024-04-22 | url=https://www.daijiworld.com/news/newsDisplay?newsID=1185615 | access-date=2025-11-19}}</ref> [[भारतीय जनता पार्टी|बीजेपी]] ने नवंबर 2025 के [[बिहार]] विधानसभा चुनावों में अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के लिए बिहार की विपक्षी पार्टियों की आलोचना की।<ref name="m835">{{cite web | title=Bihar Fallout: BJP Slams 'Appeasement' Politics, RJD's Rohini Acharya 'Quits' Politics. | website=India Today | date=2025-11-15 | url=https://www.indiatoday.in/india/video/bihar-fallout-bjp-slams-appeasement-politics-rjds-rohini-acharya-quits-politics-ytvd-2820469-2025-11-15 | access-date=2025-11-19}}</ref> [[सच्चर कमिटी]] रिपोर्ट में दी गई 76 सिफारिशों में से कुछ ऐसी सिफ़ारिश निम्नलिखित है जिन्हें भारत सरकार ने मंज़ूरी दी है:- * सांप्रदायिक हिंसा (रोकथाम, नियंत्रण और पीड़ितों का पुनर्वास) बिल, 2005, * मुसलमानों के लिए आरक्षण और अनुदान, * मुसलमानों को ब्याज़ मुक्त लोन, * मुस्लिम शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी, * सरकारी खर्च पर स्वास्थ्य और पुलिस कर्मी, * मुसलमानों के लिए आवास, * स्थानीय निकायों में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व, * उपलब्ध योजनाओं का उर्दू में वितरण, और इसी तरह की और तुष्टीकरण।<ref>{{cite web | title=Implementation of Recommendations of Sachar Committee | website= Press Information Bureau | url=https://pib.gov.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=104086 | ref={{sfnref | Press Information Bureau }} | access-date=7 May 2024}}</ref> भारत सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए मदरसों में शिक्षा देने के लिए एक राष्ट्रीय योजना शुरू की है।<ref name="Mad">{{cite web | title=Scheme for providing education in madrasas/minorities (spemm) | url=https://www.education.gov.in/sites/upload_files/mhrd/files/upload_document/spemm_guidelines.pdf | access-date=2025-11-19}}</ref> केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की है।<ref>{{cite web | title=अल्पसंख्यकों के लिए राष्ट्रीय आयोग | url=https://www.minorityaffairs.gov.in/show_content.php?lang=2&level=0&ls_id=216&lid=221 | access-date=2025-11-19}}</ref> एनएमडीएफसी की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) – कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के अंतर्गत, मुस्लिम महिलाएँ यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत कर सकती हैं। अल्पसंख्यक विकास के लिए एक राष्ट्रीय योजना शुरू है।<ref name="m719">{{cite web | title=राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम की आधिकारिक वेबसाइट, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार | website=राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम की आधिकारिक वेबसाइट, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार | date=2026-01-06 | url=https://www.nmdfc.org/ | access-date=2026-01-08}}</ref> 2016 से शुरू होकर, 5 सालों के दौरान, सेंट्रल वक्फ काउंसिल ने अलग-अलग वक्फ संस्थानों/वक्फ बोर्डों को कमर्शियल और रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, ऑडिटोरियम, हॉस्पिटल, वेडिंग हॉल (शादी महल), कोल्ड स्टोरेज वगैरह जैसे अलग-अलग परियोजना के विकास के लिए {{INRConvert|176190000}} की रकम बिना ब्याज वाले लोन के तौर पर दी।<ref name="p851">{{cite web | title=Funds Released to Various Wakf Institutions | website= Press Information Bureau | url=https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1780947 | ref={{sfnref| Press Information Bureau }} | access-date=2025-11-19}}</ref> अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, रोजगार और कौशल में अवसरों की सुविधा प्रदान करता है।<ref name="m824">{{cite web | title=Pradhan Mantri Virasat ka Samvardhan | website= PM VIKAS - Ministry of Minority Affairs | date=2026-01-07 | url=https://pmvikas.minorityaffairs.gov.in/ | language=es | ref={{sfnref| PM VIKAS - Ministry of Minority Affairs|2026}} | access-date=2026-01-08}}</ref> [[२००५ राम जन्मभूमि हमला|2005 के राम जन्मभूमि आतंकवादी हमले]] के बाद, पूरे भारत में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए गए, खासकर उन जगहों पर जहां जवाबी हत्याओं की आशंका थी।<ref name="t304">{{cite web | title=Terrorists attack Ayodhya temple, 6 killed | website=Business Standard | date=2005-07-06 | url=https://www.business-standard.com/article/economy-policy/terrorists-attack-ayodhya-temple-6-killed-105070601017_1.html | access-date=2025-11-24}}</ref> [[आम आदमी पार्टी]] के नेतृत्व वाली [[पंजाब]] सरकार के 2025-26 के बजट में "सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग" के तहत योजनाओं के लिए धन राशि का आवंटन शामिल था।<ref name="i475">{{cite web | title=Punjab Budget Analysis 2025-26 | url=https://prsindia.org/files/budget/budget_state/punjab/2025/Punjab_Budget_Analysis_2025-26.pdf | access-date=2025-11-19}}</ref> पंजाब सरकार की अल्पसंख्यक मामलों की पंजाब राज्य समिति ने पंजाब में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Punjab State committee for Minorities. | url=https://www.punjabsmc.com/other_related_link.php | access-date=2025-11-19}}</ref> [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] के नेतृत्व वाली [[तेलंगाना]] सरकार ने 2024-2025 वित्तीय वर्ष के लिए अल्पसंख्यक कल्याण के लिए तीन हजार तीन करोड रुपये आवंटित किए हैं। FY-2023-2024 में यह दो हजार एक सौ पचानवे करोड रुपये था। इस साल, धन राशि में 36% की बढ़ोतरी हुई है। वित्त मंत्री को हवाला दिया गया बजट भाषण की प्रतिलिपि के अनुसार, मुस्लिम छात्रों को अगर वे स्थानीय हैं तो रु.2500 और अगर वे स्थानीय नहीं हैं तो रु.5000 का वजीफा मिलेगा। वित्त मंत्री ने आगे बताया कि तेलंगाना सरकार ने हज यात्रियों की सुविधाओं के लिए चार सौ तेआलीस करोड रुपये और जनवरी 2024 में तब्लीगी जमात इज्तेमा (सम्मेलन) के लिए दो करोड चालीसा लाख रुपये दिए हैं। उनके अनुसार, तेलंगाना सरकार ने 'आशूरखानों' (शिया मुस्लिम शोक और धार्मिक अनुष्ठानों के केंद्र) के रखरखाव और मरम्मत पर पचास लाख रुपये और रमजान समारोहों पर तीन करोड तीस लाख रुपये खर्च किए हैं।<ref name="c998">{{cite web | last=Mohammed | first=Syed | title=Telangana Budget: Minority Welfare budgetary allocation is ₹3,003 crore | website=The Hindu | date=2024-07-25 | url=https://www.thehindu.com/news/national/telangana/telangana-budget-minority-welfare-budgetary-allocation-is-3003-crore/article68444606.ece | access-date=2025-11-19}}</ref> धर्म परिवर्तन में लिप्त [[तबलीग़ी जमात]] को तेलंगाना राज्य सरकार से तीन करोड रुपये का दान मिला है।<ref>{{cite web |title=Why is Telangana govt giving Rs 3 crore to Tablighi Jamaat, asks BJP leader |website=The New Indian Express |date=2023-12-21 |url=https://www.newindianexpress.com/states/telangana/2023/Dec/21/why-is-telangana-govt-giving-rs-3-crore-to-tablighi-jamaat-asks-bjp-leader-2643459.html |access-date=2025-11-19}}</ref> तेलंगाना सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Minorities welfare, Government of Telangana. | url=https://www.telangana.gov.in/departments/minorities-welfare/ | access-date=2025-11-19}}</ref> तेलंगाना सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए एजुकेशनल रियायतें, अल्पसंख्यकों के लिए ट्रेनिंग और रोज़गार के मौके भी शुरू किए हैं। इसने सरकारी खर्च पर [[काज़ी]] भी नियुक्त किए।<ref name="c510">{{cite web | title=Minorities Welfare | website=Telangana State Portal | date=2025-11-05 | url=https://www.telangana.gov.in/departments/minorities-welfare/ | access-date=2026-01-10}}</ref> इसने शादी मुबारक योजना भी शुरू की, जिसके तहत मुस्लिम लड़कियों को शादी पर ₹51,000 की फाइनेंशियल मदद दी जाती है, जिसमें उनके माता-पिता के लिए इनकम का क्राइटेरिया है।<ref name="m407">{{cite web | title=Kalyana Lakshmi | website=telanganaepass.cgg.gov.in | url=https://telanganaepass.cgg.gov.in/KalyanaLakshmiLinks.do | access-date=2026-01-13 | archive-date=18 जून 2022 | archive-url=https://web.archive.org/web/20220618102357/https://telanganaepass.cgg.gov.in/KalyanaLakshmiLinks.do | url-status=dead }}</ref> इसने मुख्यमंत्री ओवरसीज स्कॉलरशिप प्रोग्राम भी शुरू किया, जो अल्पसंख्यक छात्रों को सपोर्ट करता है।<ref name="v756">{{cite web | title=Overseas Scholarship Selection for SC, ST , BC and MINORITY Services | website=telanganaepass.cgg.gov.in | url=https://telanganaepass.cgg.gov.in/OverseasLinks.do | access-date=2026-01-13}}</ref> इसने राजीव युवा विकासम योजना भी शुरू की, जो अल्पसंख्यक युवाओं को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए गाइडेंस और ₹300,000 तक का लोन देती है।<ref name="j598">{{cite web | title=రాజీవ్ యువ వికాస్ పథకం | website=Rajiv Yuva Vikasam | date=2025-07-05 | url=https://rajivyuvavikasam.in/ | access-date=2026-01-13}}</ref> इसने इंदिराम्मा माइनॉरिटी महिला योजना भी शुरू की, जो अल्पसंख्यक महिलाओं (विधवाओं, तलाकशुदा, आदि) को छोटे बिज़नेस शुरू करने के लिए ₹50,000 देती है।<ref name="r846">{{cite web | title=Indiramma Minority Mahila Yojana | website=SURYAPET DISTRICT, GOVERNMENT OF TELANGANA | date=2019-07-20 | url=https://suryapet.telangana.gov.in/scheme/indiramma-minority-mahila-yojana/ | access-date=2026-01-13}}</ref> [[पश्चिम बंगाल]] विधानसभा के राज्य बजट में वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए अल्पसंख्यक मामलों के विभाग को पाँच हज़ार पाँच सौ तीस करोड़ पैंसठ लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।<ref name="y063">{{cite web | title=Budget allocation for minority affairs & madrasah education goes up | website=The Statesman | date=2024-02-09 | url=https://www.thestatesman.com/bengal/budget-allocation-for-minority-affairs-madrasah-education-goes-up-1503268027.html | access-date=2025-11-19}}</ref> पश्चिम बंगाल राज्य बजट में 2025-2026 के लिए अल्पसंख्यकों को दो सौ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।<ref>{{cite web | title=Minority group urges CM to act on Budget allocation | website=The Statesman | date=2025-05-07 | url=https://www.thestatesman.com/cities/siliguri/minority-group-urges-cm-to-act-on-budget-allocation-1503429260.html | access-date=2025-12-07}}</ref> पश्चिम बंगाल सरकार के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref name="j179">{{cite web | title=Minority Affairs and Madrasah Education | website=wb.gov.in | url=https://wb.gov.in/departments-details.aspx?id=D171018171340413&page=Minority-Affairs-and-Madrasah-Education | access-date=2025-11-19}}</ref> 2025 के तमिलनाडु बजट में ऐतिहासिक मस्जिदों और दरगाहों के रखरखाव और मरम्मत के लिए दस करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि ऐतिहासिक चर्चों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए अतिरिक्त दस करोड़ रुपये रखे गए हैं।<ref name="o225">{{cite web | title=TN Budget 2025: Key schemes for women, trans persons, SC/ST communities | website=The News Minute | date=2025-03-14 | url=https://www.thenewsminute.com/tamil-nadu/tn-budget-2025-schemes-for-women-trans-persons-scst-communities | access-date=2025-11-19}}</ref> तमिलनाडु सरकार के पिछड़ा समुदाय, अति पिछड़ा समुदाय और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तमिलनाडु में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=BC, MBC & Minorities Welfare Department | url=https://www.tn.gov.in/dept_profile.php?dep_id=NA== | access-date=2025-11-19}}</ref> केरल सरकार ने अल्पसंख्यक समूहों और अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप के लिए तीन हज़ार बयासी करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। केरल सरकार ने अपने "मार्ग दीपम" प्रोजेक्ट2 के तहत क्लास 1 से 8 तक के अल्पसंख्यक बच्चों को स्कॉलरशिप देने के लिए दो सौ करोड़ रुपये अलग रखे हैं, क्योंकि केंद्र सरकार ने इन्हें देना बंद कर दिया है। कल्याण पेंशन की कुल राशि पाँच लाख करोड़ रुपये होगी।<ref name="p473">{{cite web | last1=Shwenk | first1=Martin | last2=Murthy | first2=Narayana | last3=Poonawalla | first3=Adar | last4=Jain | first4=Manu | last5=Kamath | first5=Nitin | title=Kerala Budget 2025 Highlights: High-speed rail corridor, metro projects, and IT park in Kannur, check all key announcements | website=The Economic Times | date=2025-02-07 | url=https://economictimes.indiatimes.com/news/india/kerala-budget-2025-highlights-high-speed-rail-corridor-metro-projects-and-it-park-in-kannur-check-all-key-announcements/articleshow/118004880.cms?from=mdr | access-date=2025-11-19}}</ref> केरल सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने केरल में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Directorate of Minority welfare, Government of Kerala. | url=https://minoritywelfare.kerala.gov.in/ | access-date=2025-11-19 | archive-date=3 अप्रैल 2025 | archive-url=https://web.archive.org/web/20250403102034/https://minoritywelfare.kerala.gov.in/ | url-status=dead }}</ref> कांग्रेस के नेतृत्व वाली [[कर्नाटक]] सरकार ने 2024 के बजट में वक्फ संपत्तियों के निर्माण के लिए सौ करोड़ रुपये अलग रखे, अल्पसंख्यक छात्रों की फीस वापसी के लिए नकद पैसे दिए, और सभी अधिकारियों, दुकानों और कमर्शियल संस्थानों के लिए 60% कन्नड़ भाषा का इस्तेमाल करना आवश्यक बनाया, साथ ही और भी कई काम किए।<ref name="f811">{{cite web | last=Dwarakanath | first=Nagarjun | title=Karnataka Budget: Rs 100 crore for Waqf properties, 60% Kannada use mandatory | website=India Today | date=2024-02-16 | url=https://www.indiatoday.in/india/karnataka/story/karnataka-budget-2024-allocation-siddaramaiah-waqf-properties-minority-students-kannada-mandatory-hindu-pilgrims-2502928-2024-02-16 | access-date=2025-11-19}}</ref> बेंगलुरु में हज भवन सरकारी कोश से बनाया गया है।<ref name="w285">{{cite web | title=State-of-the-art Haj Bhavan opens in Bengaluru | website=Deccan Herald | date=2016-08-28 | url=https://www.deccanherald.com/india/karnataka/bengaluru/state-art-haj-bhavan-opens-2083837 | access-date=2025-11-25}}</ref> कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक में अल्पसंख्यक आवास कार्यक्रम में आरक्षण 10% से बढ़ाकर 15% करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी।<ref name="h009">{{cite web | last=Raj | first=Sagay | title=Karnataka Cabinet approves 15% housing quota for Muslims across state | website=India Today | date=2025-06-20 | url=https://www.indiatoday.in/india/karnataka/story/karnataka-approves-15-percent-housing-reservation-for-muslims-minorities-minister-zameer-ahmed-khan-pushes-plan-in-cabinet-2743121-2025-06-19 | access-date=2025-11-24}}</ref> कर्नाटक सरकार के अल्पसंख्यक निदेशालय ने कर्नाटक में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/en | access-date=2025-11-19 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार का अल्पसंख्यक निदेशालय अल्पसंख्यकों के लिए इंटीग्रेटेड डिग्री और [[संघ लोक सेवा आयोग|UPSC]]/[[:en:Karnataka Administrative Service|KAS]] रेजिडेंशियल ट्रेनिंग, पुलिस सब इंस्पेक्टर (PSI) रेजिडेंशियल ट्रेनिंग, [[:en:Secondary School Leaving Certificate|SSLC]] पास छात्रों के लिए होटल मैनेजमेंट ट्रेनिंग, [[:en:Karnataka Public Service Commission|KPSC]] ग्रुप C रेजिडेंशियल ट्रेनिंग और [[रेलवे भर्ती बोर्ड|RRB]] और [[:en:Secondary_School_Certificate#India|SSC]] प्री-एग्जामिनेशन ट्रेनिंग देता है।<ref>{{cite web | title=Coaching - Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/237/Coaching/en | access-date=2025-12-05 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक के अल्पसंख्यक समुदायों की गरीब महिलाओं/तलाकशुदा और विधवाओं को उनकी शादी के मकसद से वित्तीय सहायता देने के लिए "बिदाई" योजना शुरू की है।<ref>{{cite web | title=Bidaai (Shaadi Scheme) - Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/227/Bidaai_%28Shaadi_Scheme%29/en | access-date=2025-12-05 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यकों वाले शहरी इलाकों की पिछड़ी कॉलोनियों को मॉडल कॉलोनियों में बदलने के लिए 22 चुनी हुई विधानसभा सीटों में 398 करोड़ रुपये दिए हैं।<ref name="o180">{{cite web | title=Cabinet approves slew of irrigation, health funds | website=SALAR NEWS | date=2025-09-04 | url=https://salarnews.in/city-news/details/45400/cabinet-approves-slew-of-irrigation-health-funds | access-date=2025-12-22}}</ref> == इनकार और शिकायतें == जब बीजेपी कर्नाटक राज्य के अध्यक्ष ने सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में अल्पसंख्यकों के लिए 4% कोटा बनाने पर आपत्ति जताई, तो कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में मुसलमानों को आरक्षण देने का ज़ोरदार बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार का कर्तव्य है कि वह अल्पसंख्यकों का कल्याण सुनिश्चित करे और इस दिशा में किसी भी कदम को तुष्टीकरण नहीं माना जा सकता।<ref name="w337">{{cite web | author=The Hindu Bureau | title=Minorities’ welfare is not appeasement, says DCM | website=[[The Hindu]] | date=2025-03-16 | url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/minorities-welfare-is-not-appeasement-says-dcm/article69336828.ece | access-date=2025-11-19}}</ref> [[:en:Scroll.in|स्क्रोल]] के अनुसार, [[:en:United Progressive Alliance|UPA]] सरकार ने निधी आवंटित किए और प्लान बनाए, लेकिन खर्च बहुत कम किया और धनराशि तो और भी कम दिया। उदाहरण के लिए, सरकार ने 2012-13 में [[:en:Maulana Azad Education Foundation|मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन]] को सौ करोड़ रुपये निधी आवंटित किए, लेकिन सिर्फ़ एक लाख रुपये ही बांटे गए। उस साल उसने [[:en:Ministry_of_Minority_Affairs#Schemes_&_Scholarship_Programmes|अल्पसंख्यकों के लिए स्किल डेवलपमेंट इनिशिएटिव]] के लिए घनराशि आवंटित किए गए अठारह करोड़ रुपये में से सिर्फ़ चार लाख रुपये ही निधि जारी किए। मार्च 2011 तक, 2007 में शुरू किए गए माइनॉरिटी कंसंट्रेशन डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम के लिए आवंटित किए गए पैसे का सिर्फ़ 23% ही ज़िला दफ़्तरों तक पहुंचा था। इस तरह, ज़्यादा अल्पसंख्यक आबादी वाले इलाके राष्ट्रीय औसत से पीछे ही रहे। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने 2012-13 में कुल दो हज़ार दो सौ बीस करोड़ रुपये खर्च किए। अगर तुलना करें तो सरदार पटेल के [[एकता की मूर्ति]] का बजट दो हज़ार दो सौ पचास करोड़ रुपये था। प्रोग्राम भी ठीक से नहीं बनाए गए थे और उनका ध्येय असल नतीजों के बजाय राजनीतिक असर हासिल करने पर ज़्यादा था। उदाहरण के लिए, मदरसों को मॉडर्न (आधुनिक) बनाना पिछली कांग्रेस सरकार का एक बड़ा लक्ष्य था, पर आंकड़े बताते हैं कि 5% से भी कम मुस्लिम बच्चे सच में मदरसों में जाते हैं; इसके बजाय, वे रेगुलर स्कूलों (पाठशालाओं) में जाना पसंद करते हैं। इसके अलावा, अल्पसंख्यकों को खुश करने का मुसलमानों की असल भलाई पर ऐतिहासिक रूप से बहुत कम असर पड़ा है, कांग्रेस सरकार ने अपने दो कार्यकाल में इसे सुधारने के लिए बहुत कम किया। अल्पसंख्यकों को ऊपर उठाने की उसकी सारी बातें सिर्फ़ बातें ही थीं।<ref name="y827">{{cite web | last=Daniyal | first=Shoaib | title=Congress appeasement has never helped minorities | website=Scroll.in | date=2014-07-04 | url=https://scroll.in/article/668775/congress-appeasement-has-never-helped-minorities | access-date=2025-12-08}}</ref> == References == {{Reflist}} b89gtte125pamdci3pq8kubfukl6vsi 6541779 6541777 2026-04-18T05:55:04Z ProfessorVJ 801534 /* References */ कड़ियाँ लगाई 6541779 wikitext text/x-wiki '''[[भारत]] में [[अल्पसंख्यक]] [[तुष्टीकरण]]''' का मतलब है, राजनीतिक लाभ के लिए [[भारत]] में अल्पसंख्यकों को (मुख्यतः [[मुसलमानों]] को) खुश करना। [[ए के एंटोनी|ए. के. एंटनी]] का दावा है कि इससे भारत में सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ने में मदद मिली है।<ref name="x968" /> एंटनी ने लोकतंत्र के अंदर एक अहम मुद्दे पर ज़ोर दिया, यह बताते हुए कि अल्पसंख्यक समूहों के लिए तुष्टीकरण की नीतियां, हालांकि मदद करने के इरादे से बनाई गई थीं, लेकिन आम लोगों को फायदा पहुंचाने में नाकाम रही हैं। इन समूहों के नेताओं ने अपने लिए अधिकारों और फायदों पर कब्ज़ा कर लिया है, जिसके कारण समुदायों, खासकर मुसलमानों को लगातार शैक्षिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट से पता चलता है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं, जैसे हज सब्सिडी, का भी समुदाय के नेताओं ने निजी फायदे के लिए गलत इस्तेमाल किया है। दलितों और ईसाई अल्पसंख्यकों के लिए बनाए गए फायदे भी मुख्य रूप से उनके नेताओं को ही मिले हैं, जिससे संस्थाएं आम लोगों की मदद करने के बजाय मुनाफे का धंधा बन गई हैं।<ref name="x968" /> [[:en:Centre for the study of developing societies|सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज़]] के हिलाल अहमद कहते हैं कि मुस्लिम तुष्टीकरण में ये चीज़ें शामिल हैं: * अनुचित राजनीतिक हथकंडे (सिर्फ़ अल्पसंख्यकों को रियायतें देना), और * पक्षपातपूर्ण संस्थागत भौतिक और संगठनात्मक संरचनाएं और सुविधाएं (अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण के ज़रिए)।<ref name="k276" /> धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों को समस्याग्रस्त और अनुचित माना जाता है क्योंकि वे इस्लामिक बंदोबस्ती जैसे स्वायत्त संस्थाओं, जिन्हें [[वक्फ़]] कहा जाता है, [[भारत में मुसलमानी व्यक्तिगत कानून|मुस्लिम पर्सनल लॉ (कानून)]], और [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय|अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी]] जैसे शैक्षणिक संस्थानों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं। कहा जाता है कि अल्पसंख्यक अधिकार कानून के शासन और धार्मिक समानता पर आधारित धर्मनिरपेक्षता के साथ असंगत हैं।<ref name="k276">{{cite web | last=Ahmed | first=Hilal | title=From Rajiv Gandhi to Modi, nobody defines ‘Muslim appeasement’ but all use it for votes | website=ThePrint | date=2018-11-14 | url=https://theprint.in/opinion/from-rajiv-gandhi-to-modi-nobody-defines-muslim-appeasement-but-all-use-it-for-votes/148566/ | access-date=2025-11-19}}</ref> 'वक्फ' को किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी चल या अचल संपत्ति को मुस्लिम कानून द्वारा पवित्र, धार्मिक या धर्मार्थ माने जाने वाले किसी भी उद्देश्य के लिए स्थायी रूप से समर्पित करना बताया गया है। भारत आज़ादी के बाद से वक्फ संपत्तियों के नियमन और संरक्षण को सक्रिय रूप से बढ़ा रहा है, जो उनकी धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक भूमिकाओं के लिए ज़रूरी है। 1954 के वक्फ अधिनियम ने एक प्रबंधन ढांचा स्थापित किया, जो पारदर्शिता और प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 जैसे कानूनों के साथ विकसित हुआ है। वर्तमान में, 1995 का वक्फ अधिनियम इन संपत्तियों को नियंत्रित करता है, जिसमें केंद्रीय वक्फ परिषद नीतियों पर सलाह देती है, राज्य वक्फ बोर्ड राज्य की संपत्तियों का प्रबंधन करते हैं, और वक्फ न्यायाधिकरण विवादों को सुलझाते हैं, जिससे बेहतर शासन और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।<ref name="o044">{{cite web | title=Waqf Amendment Bill, 2025: The History of Waqf in India | website=Press Information Bureau | date=2025-03-14 | url=https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2118415&reg=3&lang=2 | ref={{sfnref| Press Information Bureau |2025}} | access-date=2026-01-13}}</ref> भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करता है। यह गारंटी देता है कि किसी भी धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित किसी भी नागरिक को केवल धर्म, भाषा आदि के आधार पर राज्य द्वारा चलाए जा रहे किसी भी शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन लेने या सरकारी फंड से मदद लेने से मना नहीं किया जाएगा। अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यक समूहों को अपने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और चलाने का अधिकार देता है। अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को संरक्षित करने का अधिकार होगा। यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है।<ref name="x238">{{cite web | title=THE CONSTITUTION OF INDIA | url=https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/19151/1/constitution_of_india.pdf | access-date=2026-01-06}}</ref> शाह बानो, एक ऐसी महिला थी जिसे उसके पति ने गलत तरीके से तलाक दे दिया था। उसने सुप्रीम कोर्ट में, अपने पति के खिलाफ़ केस जीत लिया जो फैसला सुनाया कि उसे अपने पति से [[भरणपोषण|गुजारा भत्ता]] मांगने का अधिकार है, लेकिन नाराज [[मुसलमान|मुस्लिम]] पुरुषों को खुश करने के लिए, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] सरकार ने कानून में संशोधन कर दिया।<ref name="u822">{{cite journal | last=van der Veer | first=Peter | title=Minority Rights and Hindu Nationalism in India | journal=Asian Journal of Law and Society | publisher=Cambridge University Press (CUP) | volume=8 | issue=1 | year=2021 | issn=2052-9015 | doi=10.1017/als.2020.51 | pages=44–55}}</ref> [[शाहबानो प्रकरण|शाह बानो केस]], भारत में एक विवादास्पद गुजारा भत्ता विवाद था, जिसमें [[भारतीय सुप्रीम कोर्ट]] ने एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला को गुजारा भत्ता देने के पक्ष में फैसला सुनाया। सरकार द्वारा पारित कानून का सबसे विवादास्पद हिस्सा यह था कि तलाक के बाद केवल [[इद्दत]] की अवधि के दौरान ही गुजारा भत्ता मिलेगा और उसके बाद गुजारा भत्ता देने की जिम्मेदारी महिला के परिवार या [[केन्द्रीय वक्फ परिषद|वक्फ बोर्ड]] को सौंप दिया जाएगा। इस से [[इस्लाम में स्त्री|मुस्लिम महिलाएं]], [[:en:Secularism_in_India#Law|धर्मनिरपेक्ष कानून]] के तहत बुनियादी गुजारा भत्ता के अधिकार से वंचित हो गए, इसलिए इस कानून को भेदभावपूर्ण माना गया।<ref name="hindu2003">{{cite web |date=10 August 2003 |title=The Shah Bano legacy |url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/the-shah-bano-legacy/article27789644.ece |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240216130523/https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/the-shah-bano-legacy/article27789644.ece |archive-date=16 February 2024 |access-date= |work=[[The Hindu]]}}</ref> मुस्लिम पुरुषों को एक साथ, चार पत्नियां रखने की अनुमती है।<ref>{{cite web |last1=Mishra |first1=Arvind |title=How uniform is Goa's civil code? {{!}} Explained |url=https://www.indiatoday.in/law/story/goa-uniform-civil-code-marriage-polygamy-adoption-divorce-property-children-2400680-2023-07-02 |website=India Today |access-date=17 January 2025 |language=en |date=2 July 2023}}</ref> तलाक़-ए-बिद्दत गैर कानूनी करार दिया गया है पर तलाक़-ए-अहसन और तलाक़-ए-हसन कानूनी हैं। तलाक़-ए-हसन में, पति आमतौर पर जब पत्नी को पीरियड्स नहीं हो रहे होते हैं, तब महीने में सिर्फ़ एक बार "तलाक़" कहता है। इसके बाद पति-पत्नी पहली घोषणा के बाद एक महीने तक इंतज़ार करते है। शादी बरकरार रहती है। अगर पति अगले महीने उस शब्द को नहीं दोहराता है तो पति-पत्नी दोबारा सोच-विचार कर सकते है और सुलह कर सकते है। अगर पति तीसरे महीने में तीन बार यह शब्द कहता है तो तलाक़ आधिकारिक हो जाता है।<ref name="e605">{{cite web | title=Talaq-e-Hasan under SC lens: How it is different from Talaq-e-Biddat in islam | website=Business Standard | date=2025-11-20 | url=https://www.business-standard.com/india-news/talaq-e-hasan-under-sc-lens-how-it-is-different-from-talaq-e-biddat-125112000423_1.html | access-date=2025-11-22}}</ref><ref name="j045">{{cite web | last=Jain | first=Akshat | title=Talaq-e-Hasan under SC lens: A look at Muslim divorce practices & how courts have ruled before | website=ThePrint | date=2025-11-20 | url=https://theprint.in/theprint-essential/talaq-e-hasan-under-sc-lens-a-look-at-muslim-divorce-practices-how-courts-have-ruled-before/2788287/ | access-date=2025-11-22}}</ref> तलाक़-ए-अहसन में, पति एक बार "तलाक़" कहता है और तीन महीने के इद्दत, या इंतज़ार की अवधि समाप्त होने का इंतज़ार करता है। अगर पति-पत्नी तीन महीने पूरे होने से पहले फिर से साथ आ जाते हैं और साथ रहने लगते हैं तो तलाक़ रद्द माना जाता है। अगर इस इंतज़ार की अवधि के दौरान सुलह नहीं होती है, तो यह आधिकारिक हो जाता है।<ref name="j045" /> [[:en:The Satanic verses|द सैटेनिक वर्सेज]] पर बैन<ref name="d323">{{cite web | last=Suroor | first=Hasan | title=You can't read this book | website=The Hindu | date=2012-03-03 | url=https://www.thehindu.com/books/you-cant-read-this-book/article2953626.ece | access-date=2026-01-11}}</ref> व सात भारतीय राज्यों में "[[:en:The Da Vinci code (movie)|द दा विंची कोड]]" फिल्म पर बैन भी अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए किया गया था।<ref name="c771">{{cite web | last=Danino | first=Michel | title=In India, is it Secularism or minorityism? | website=The New Indian Express | date=2018-04-17 | url=https://www.newindianexpress.com/opinions/2018/Apr/17/in-india-is-it-secularism-or-minorityism-1802451.html | access-date=2025-11-21}}</ref> [[केरल]] के मुसलमानों को खुश करने के लिए, केरल में [[मलप्पुरम]] नाम का नया ज़िला बनाया गया (ताकि मुस्लिम बहुमत वाला ज़िला बनाया जा सके)।<ref name="x968">{{cite web | last=George | first=TJS | title=Minority Appeasement, a Game That Helps No Minority. But It Can Cut Up the Country Into Communal Bits | website=[[The New Indian Express]] | date=2014-07-06 | url=https://www.newindianexpress.com/opinions/columns/t-j-s-george/2014/Jul/06/minority-appeasement-a-game-that-helps-no-minority.-but-it-can-cut-up-the-country-into-communal-bits-632314.html | access-date=2025-11-19}}</ref> भारत में वोट बैंक की राजनीति "अल्पसंख्यक तुष्टीकरण" से जुड़ी है, जिसका मतलब है कि राजनीतिक पार्टियां "सभी नागरिकों की समानता के सिद्धांतों की अनदेखी करती हैं और एक अल्पसंख्यक समूह के हितों को प्राथमिकता देती हैं," यह बात 11वीं क्लास की [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद|नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT)]] की किताबों में छापा गया है।<ref name="j993">{{cite web | last=Harigovind | first=Abhinaya | title=New NCERT Class 11 Textbook: Vote bank politics associated with ‘minority appeasement’, disregards ‘equality’ | website=[[The Indian Express]] | date=2024-06-18 | url=https://indianexpress.com/article/education/new-ncert-class-11-textbook-vote-bank-politics-minority-appeasement-9396663/ | access-date=2025-11-19}}</ref> सितंबर 2023 में [[मध्य प्रदेश]] में चुनाव से ठीक पहले, [[भारत के गृह मंत्री|गृह मंत्री]] [[अमित शाह]] ने कहा कि जनता को ऐसी विचारधारा के बीच फैसला करना होगा जो आदिवासी समुदायों, पिछड़ी जातियों, [[दलित|दलितों]] और गरीबों को फायदा पहुंचाती है और दूसरी जो अल्पसंख्यकों को खुश करती है।<ref name="x272">{{cite web | last=Sikdar | first=Shubhomoy | title=Congress focuses on minority appeasement, Modi on welfare of tribals, Dalits and poor: Shah in M.P. | website=[[The Hindu]] | date=2023-09-05 | url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-focuses-on-minority-appeasement-modi-on-welfare-of-tribals-dalits-and-poor-shah-in-mp/article67273770.ece | access-date=2025-11-19}}</ref><ref name="v112">{{cite web | title=Cong focuses on minority appeasement, Modi govt on welfare of tribals: Shah | date=2023-09-05 | url=https://www.business-standard.com/politics/cong-focuses-on-minority-appeasement-modi-govt-on-welfare-of-tribals-shah-123090500600_1.html | access-date=2025-11-19}}</ref> प्रधानमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] ने कहा है कि [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी]] का मानना है कि "देश के संसाधनों पर [[मुसलमान|मुसलमानों]] का पहला हक है।" इसके अलावा, [[भारतीय जनता पार्टी]] (बीजेपी) ने 2006 के टेप जारी किए हैं जिसमें [[मनमोहन सिंह]] ने इस विचार पर चर्चा की थी कि देश की दौलत पर सबसे पहले मुसलमानों का हक होना चाहिए।<ref name="z038">{{cite web | title=Amid row over 'infiltrators' remark, instances of minority appeasement by Congress govts surface | website=Daijiworld.com | date=2024-04-22 | url=https://www.daijiworld.com/news/newsDisplay?newsID=1185615 | access-date=2025-11-19}}</ref> [[भारतीय जनता पार्टी|बीजेपी]] ने नवंबर 2025 के [[बिहार]] विधानसभा चुनावों में अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के लिए बिहार की विपक्षी पार्टियों की आलोचना की।<ref name="m835">{{cite web | title=Bihar Fallout: BJP Slams 'Appeasement' Politics, RJD's Rohini Acharya 'Quits' Politics. | website=India Today | date=2025-11-15 | url=https://www.indiatoday.in/india/video/bihar-fallout-bjp-slams-appeasement-politics-rjds-rohini-acharya-quits-politics-ytvd-2820469-2025-11-15 | access-date=2025-11-19}}</ref> [[सच्चर कमिटी]] रिपोर्ट में दी गई 76 सिफारिशों में से कुछ ऐसी सिफ़ारिश निम्नलिखित है जिन्हें भारत सरकार ने मंज़ूरी दी है:- * सांप्रदायिक हिंसा (रोकथाम, नियंत्रण और पीड़ितों का पुनर्वास) बिल, 2005, * मुसलमानों के लिए आरक्षण और अनुदान, * मुसलमानों को ब्याज़ मुक्त लोन, * मुस्लिम शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी, * सरकारी खर्च पर स्वास्थ्य और पुलिस कर्मी, * मुसलमानों के लिए आवास, * स्थानीय निकायों में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व, * उपलब्ध योजनाओं का उर्दू में वितरण, और इसी तरह की और तुष्टीकरण।<ref>{{cite web | title=Implementation of Recommendations of Sachar Committee | website= Press Information Bureau | url=https://pib.gov.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=104086 | ref={{sfnref | Press Information Bureau }} | access-date=7 May 2024}}</ref> भारत सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए मदरसों में शिक्षा देने के लिए एक राष्ट्रीय योजना शुरू की है।<ref name="Mad">{{cite web | title=Scheme for providing education in madrasas/minorities (spemm) | url=https://www.education.gov.in/sites/upload_files/mhrd/files/upload_document/spemm_guidelines.pdf | access-date=2025-11-19}}</ref> केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की है।<ref>{{cite web | title=अल्पसंख्यकों के लिए राष्ट्रीय आयोग | url=https://www.minorityaffairs.gov.in/show_content.php?lang=2&level=0&ls_id=216&lid=221 | access-date=2025-11-19}}</ref> एनएमडीएफसी की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) – कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के अंतर्गत, मुस्लिम महिलाएँ यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत कर सकती हैं। अल्पसंख्यक विकास के लिए एक राष्ट्रीय योजना शुरू है।<ref name="m719">{{cite web | title=राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम की आधिकारिक वेबसाइट, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार | website=राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम की आधिकारिक वेबसाइट, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार | date=2026-01-06 | url=https://www.nmdfc.org/ | access-date=2026-01-08}}</ref> 2016 से शुरू होकर, 5 सालों के दौरान, सेंट्रल वक्फ काउंसिल ने अलग-अलग वक्फ संस्थानों/वक्फ बोर्डों को कमर्शियल और रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, ऑडिटोरियम, हॉस्पिटल, वेडिंग हॉल (शादी महल), कोल्ड स्टोरेज वगैरह जैसे अलग-अलग परियोजना के विकास के लिए {{INRConvert|176190000}} की रकम बिना ब्याज वाले लोन के तौर पर दी।<ref name="p851">{{cite web | title=Funds Released to Various Wakf Institutions | website= Press Information Bureau | url=https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1780947 | ref={{sfnref| Press Information Bureau }} | access-date=2025-11-19}}</ref> अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, रोजगार और कौशल में अवसरों की सुविधा प्रदान करता है।<ref name="m824">{{cite web | title=Pradhan Mantri Virasat ka Samvardhan | website= PM VIKAS - Ministry of Minority Affairs | date=2026-01-07 | url=https://pmvikas.minorityaffairs.gov.in/ | language=es | ref={{sfnref| PM VIKAS - Ministry of Minority Affairs|2026}} | access-date=2026-01-08}}</ref> [[२००५ राम जन्मभूमि हमला|2005 के राम जन्मभूमि आतंकवादी हमले]] के बाद, पूरे भारत में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए गए, खासकर उन जगहों पर जहां जवाबी हत्याओं की आशंका थी।<ref name="t304">{{cite web | title=Terrorists attack Ayodhya temple, 6 killed | website=Business Standard | date=2005-07-06 | url=https://www.business-standard.com/article/economy-policy/terrorists-attack-ayodhya-temple-6-killed-105070601017_1.html | access-date=2025-11-24}}</ref> [[आम आदमी पार्टी]] के नेतृत्व वाली [[पंजाब]] सरकार के 2025-26 के बजट में "सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग" के तहत योजनाओं के लिए धन राशि का आवंटन शामिल था।<ref name="i475">{{cite web | title=Punjab Budget Analysis 2025-26 | url=https://prsindia.org/files/budget/budget_state/punjab/2025/Punjab_Budget_Analysis_2025-26.pdf | access-date=2025-11-19}}</ref> पंजाब सरकार की अल्पसंख्यक मामलों की पंजाब राज्य समिति ने पंजाब में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Punjab State committee for Minorities. | url=https://www.punjabsmc.com/other_related_link.php | access-date=2025-11-19}}</ref> [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] के नेतृत्व वाली [[तेलंगाना]] सरकार ने 2024-2025 वित्तीय वर्ष के लिए अल्पसंख्यक कल्याण के लिए तीन हजार तीन करोड रुपये आवंटित किए हैं। FY-2023-2024 में यह दो हजार एक सौ पचानवे करोड रुपये था। इस साल, धन राशि में 36% की बढ़ोतरी हुई है। वित्त मंत्री को हवाला दिया गया बजट भाषण की प्रतिलिपि के अनुसार, मुस्लिम छात्रों को अगर वे स्थानीय हैं तो रु.2500 और अगर वे स्थानीय नहीं हैं तो रु.5000 का वजीफा मिलेगा। वित्त मंत्री ने आगे बताया कि तेलंगाना सरकार ने हज यात्रियों की सुविधाओं के लिए चार सौ तेआलीस करोड रुपये और जनवरी 2024 में तब्लीगी जमात इज्तेमा (सम्मेलन) के लिए दो करोड चालीसा लाख रुपये दिए हैं। उनके अनुसार, तेलंगाना सरकार ने 'आशूरखानों' (शिया मुस्लिम शोक और धार्मिक अनुष्ठानों के केंद्र) के रखरखाव और मरम्मत पर पचास लाख रुपये और रमजान समारोहों पर तीन करोड तीस लाख रुपये खर्च किए हैं।<ref name="c998">{{cite web | last=Mohammed | first=Syed | title=Telangana Budget: Minority Welfare budgetary allocation is ₹3,003 crore | website=The Hindu | date=2024-07-25 | url=https://www.thehindu.com/news/national/telangana/telangana-budget-minority-welfare-budgetary-allocation-is-3003-crore/article68444606.ece | access-date=2025-11-19}}</ref> धर्म परिवर्तन में लिप्त [[तबलीग़ी जमात]] को तेलंगाना राज्य सरकार से तीन करोड रुपये का दान मिला है।<ref>{{cite web |title=Why is Telangana govt giving Rs 3 crore to Tablighi Jamaat, asks BJP leader |website=The New Indian Express |date=2023-12-21 |url=https://www.newindianexpress.com/states/telangana/2023/Dec/21/why-is-telangana-govt-giving-rs-3-crore-to-tablighi-jamaat-asks-bjp-leader-2643459.html |access-date=2025-11-19}}</ref> तेलंगाना सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Minorities welfare, Government of Telangana. | url=https://www.telangana.gov.in/departments/minorities-welfare/ | access-date=2025-11-19}}</ref> तेलंगाना सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए एजुकेशनल रियायतें, अल्पसंख्यकों के लिए ट्रेनिंग और रोज़गार के मौके भी शुरू किए हैं। इसने सरकारी खर्च पर [[काज़ी]] भी नियुक्त किए।<ref name="c510">{{cite web | title=Minorities Welfare | website=Telangana State Portal | date=2025-11-05 | url=https://www.telangana.gov.in/departments/minorities-welfare/ | access-date=2026-01-10}}</ref> इसने शादी मुबारक योजना भी शुरू की, जिसके तहत मुस्लिम लड़कियों को शादी पर ₹51,000 की फाइनेंशियल मदद दी जाती है, जिसमें उनके माता-पिता के लिए इनकम का क्राइटेरिया है।<ref name="m407">{{cite web | title=Kalyana Lakshmi | website=telanganaepass.cgg.gov.in | url=https://telanganaepass.cgg.gov.in/KalyanaLakshmiLinks.do | access-date=2026-01-13 | archive-date=18 जून 2022 | archive-url=https://web.archive.org/web/20220618102357/https://telanganaepass.cgg.gov.in/KalyanaLakshmiLinks.do | url-status=dead }}</ref> इसने मुख्यमंत्री ओवरसीज स्कॉलरशिप प्रोग्राम भी शुरू किया, जो अल्पसंख्यक छात्रों को सपोर्ट करता है।<ref name="v756">{{cite web | title=Overseas Scholarship Selection for SC, ST , BC and MINORITY Services | website=telanganaepass.cgg.gov.in | url=https://telanganaepass.cgg.gov.in/OverseasLinks.do | access-date=2026-01-13}}</ref> इसने राजीव युवा विकासम योजना भी शुरू की, जो अल्पसंख्यक युवाओं को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए गाइडेंस और ₹300,000 तक का लोन देती है।<ref name="j598">{{cite web | title=రాజీవ్ యువ వికాస్ పథకం | website=Rajiv Yuva Vikasam | date=2025-07-05 | url=https://rajivyuvavikasam.in/ | access-date=2026-01-13}}</ref> इसने इंदिराम्मा माइनॉरिटी महिला योजना भी शुरू की, जो अल्पसंख्यक महिलाओं (विधवाओं, तलाकशुदा, आदि) को छोटे बिज़नेस शुरू करने के लिए ₹50,000 देती है।<ref name="r846">{{cite web | title=Indiramma Minority Mahila Yojana | website=SURYAPET DISTRICT, GOVERNMENT OF TELANGANA | date=2019-07-20 | url=https://suryapet.telangana.gov.in/scheme/indiramma-minority-mahila-yojana/ | access-date=2026-01-13}}</ref> [[पश्चिम बंगाल]] विधानसभा के राज्य बजट में वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए अल्पसंख्यक मामलों के विभाग को पाँच हज़ार पाँच सौ तीस करोड़ पैंसठ लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।<ref name="y063">{{cite web | title=Budget allocation for minority affairs & madrasah education goes up | website=The Statesman | date=2024-02-09 | url=https://www.thestatesman.com/bengal/budget-allocation-for-minority-affairs-madrasah-education-goes-up-1503268027.html | access-date=2025-11-19}}</ref> पश्चिम बंगाल राज्य बजट में 2025-2026 के लिए अल्पसंख्यकों को दो सौ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।<ref>{{cite web | title=Minority group urges CM to act on Budget allocation | website=The Statesman | date=2025-05-07 | url=https://www.thestatesman.com/cities/siliguri/minority-group-urges-cm-to-act-on-budget-allocation-1503429260.html | access-date=2025-12-07}}</ref> पश्चिम बंगाल सरकार के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref name="j179">{{cite web | title=Minority Affairs and Madrasah Education | website=wb.gov.in | url=https://wb.gov.in/departments-details.aspx?id=D171018171340413&page=Minority-Affairs-and-Madrasah-Education | access-date=2025-11-19}}</ref> 2025 के तमिलनाडु बजट में ऐतिहासिक मस्जिदों और दरगाहों के रखरखाव और मरम्मत के लिए दस करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि ऐतिहासिक चर्चों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए अतिरिक्त दस करोड़ रुपये रखे गए हैं।<ref name="o225">{{cite web | title=TN Budget 2025: Key schemes for women, trans persons, SC/ST communities | website=The News Minute | date=2025-03-14 | url=https://www.thenewsminute.com/tamil-nadu/tn-budget-2025-schemes-for-women-trans-persons-scst-communities | access-date=2025-11-19}}</ref> तमिलनाडु सरकार के पिछड़ा समुदाय, अति पिछड़ा समुदाय और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तमिलनाडु में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=BC, MBC & Minorities Welfare Department | url=https://www.tn.gov.in/dept_profile.php?dep_id=NA== | access-date=2025-11-19}}</ref> केरल सरकार ने अल्पसंख्यक समूहों और अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप के लिए तीन हज़ार बयासी करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। केरल सरकार ने अपने "मार्ग दीपम" प्रोजेक्ट2 के तहत क्लास 1 से 8 तक के अल्पसंख्यक बच्चों को स्कॉलरशिप देने के लिए दो सौ करोड़ रुपये अलग रखे हैं, क्योंकि केंद्र सरकार ने इन्हें देना बंद कर दिया है। कल्याण पेंशन की कुल राशि पाँच लाख करोड़ रुपये होगी।<ref name="p473">{{cite web | last1=Shwenk | first1=Martin | last2=Murthy | first2=Narayana | last3=Poonawalla | first3=Adar | last4=Jain | first4=Manu | last5=Kamath | first5=Nitin | title=Kerala Budget 2025 Highlights: High-speed rail corridor, metro projects, and IT park in Kannur, check all key announcements | website=The Economic Times | date=2025-02-07 | url=https://economictimes.indiatimes.com/news/india/kerala-budget-2025-highlights-high-speed-rail-corridor-metro-projects-and-it-park-in-kannur-check-all-key-announcements/articleshow/118004880.cms?from=mdr | access-date=2025-11-19}}</ref> केरल सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने केरल में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Directorate of Minority welfare, Government of Kerala. | url=https://minoritywelfare.kerala.gov.in/ | access-date=2025-11-19 | archive-date=3 अप्रैल 2025 | archive-url=https://web.archive.org/web/20250403102034/https://minoritywelfare.kerala.gov.in/ | url-status=dead }}</ref> कांग्रेस के नेतृत्व वाली [[कर्नाटक]] सरकार ने 2024 के बजट में वक्फ संपत्तियों के निर्माण के लिए सौ करोड़ रुपये अलग रखे, अल्पसंख्यक छात्रों की फीस वापसी के लिए नकद पैसे दिए, और सभी अधिकारियों, दुकानों और कमर्शियल संस्थानों के लिए 60% कन्नड़ भाषा का इस्तेमाल करना आवश्यक बनाया, साथ ही और भी कई काम किए।<ref name="f811">{{cite web | last=Dwarakanath | first=Nagarjun | title=Karnataka Budget: Rs 100 crore for Waqf properties, 60% Kannada use mandatory | website=India Today | date=2024-02-16 | url=https://www.indiatoday.in/india/karnataka/story/karnataka-budget-2024-allocation-siddaramaiah-waqf-properties-minority-students-kannada-mandatory-hindu-pilgrims-2502928-2024-02-16 | access-date=2025-11-19}}</ref> बेंगलुरु में हज भवन सरकारी कोश से बनाया गया है।<ref name="w285">{{cite web | title=State-of-the-art Haj Bhavan opens in Bengaluru | website=Deccan Herald | date=2016-08-28 | url=https://www.deccanherald.com/india/karnataka/bengaluru/state-art-haj-bhavan-opens-2083837 | access-date=2025-11-25}}</ref> कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक में अल्पसंख्यक आवास कार्यक्रम में आरक्षण 10% से बढ़ाकर 15% करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी।<ref name="h009">{{cite web | last=Raj | first=Sagay | title=Karnataka Cabinet approves 15% housing quota for Muslims across state | website=India Today | date=2025-06-20 | url=https://www.indiatoday.in/india/karnataka/story/karnataka-approves-15-percent-housing-reservation-for-muslims-minorities-minister-zameer-ahmed-khan-pushes-plan-in-cabinet-2743121-2025-06-19 | access-date=2025-11-24}}</ref> कर्नाटक सरकार के अल्पसंख्यक निदेशालय ने कर्नाटक में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/en | access-date=2025-11-19 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार का अल्पसंख्यक निदेशालय अल्पसंख्यकों के लिए इंटीग्रेटेड डिग्री और [[संघ लोक सेवा आयोग|UPSC]]/[[:en:Karnataka Administrative Service|KAS]] रेजिडेंशियल ट्रेनिंग, पुलिस सब इंस्पेक्टर (PSI) रेजिडेंशियल ट्रेनिंग, [[:en:Secondary School Leaving Certificate|SSLC]] पास छात्रों के लिए होटल मैनेजमेंट ट्रेनिंग, [[:en:Karnataka Public Service Commission|KPSC]] ग्रुप C रेजिडेंशियल ट्रेनिंग और [[रेलवे भर्ती बोर्ड|RRB]] और [[:en:Secondary_School_Certificate#India|SSC]] प्री-एग्जामिनेशन ट्रेनिंग देता है।<ref>{{cite web | title=Coaching - Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/237/Coaching/en | access-date=2025-12-05 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक के अल्पसंख्यक समुदायों की गरीब महिलाओं/तलाकशुदा और विधवाओं को उनकी शादी के मकसद से वित्तीय सहायता देने के लिए "बिदाई" योजना शुरू की है।<ref>{{cite web | title=Bidaai (Shaadi Scheme) - Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/227/Bidaai_%28Shaadi_Scheme%29/en | access-date=2025-12-05 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यकों वाले शहरी इलाकों की पिछड़ी कॉलोनियों को मॉडल कॉलोनियों में बदलने के लिए 22 चुनी हुई विधानसभा सीटों में 398 करोड़ रुपये दिए हैं।<ref name="o180">{{cite web | title=Cabinet approves slew of irrigation, health funds | website=SALAR NEWS | date=2025-09-04 | url=https://salarnews.in/city-news/details/45400/cabinet-approves-slew-of-irrigation-health-funds | access-date=2025-12-22}}</ref> == इनकार और शिकायतें == जब बीजेपी कर्नाटक राज्य के अध्यक्ष ने सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में अल्पसंख्यकों के लिए 4% कोटा बनाने पर आपत्ति जताई, तो कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में मुसलमानों को आरक्षण देने का ज़ोरदार बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार का कर्तव्य है कि वह अल्पसंख्यकों का कल्याण सुनिश्चित करे और इस दिशा में किसी भी कदम को तुष्टीकरण नहीं माना जा सकता।<ref name="w337">{{cite web | author=The Hindu Bureau | title=Minorities’ welfare is not appeasement, says DCM | website=[[The Hindu]] | date=2025-03-16 | url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/minorities-welfare-is-not-appeasement-says-dcm/article69336828.ece | access-date=2025-11-19}}</ref> [[:en:Scroll.in|स्क्रोल]] के अनुसार, [[:en:United Progressive Alliance|UPA]] सरकार ने निधी आवंटित किए और प्लान बनाए, लेकिन खर्च बहुत कम किया और धनराशि तो और भी कम दिया। उदाहरण के लिए, सरकार ने 2012-13 में [[:en:Maulana Azad Education Foundation|मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन]] को सौ करोड़ रुपये निधी आवंटित किए, लेकिन सिर्फ़ एक लाख रुपये ही बांटे गए। उस साल उसने [[:en:Ministry_of_Minority_Affairs#Schemes_&_Scholarship_Programmes|अल्पसंख्यकों के लिए स्किल डेवलपमेंट इनिशिएटिव]] के लिए घनराशि आवंटित किए गए अठारह करोड़ रुपये में से सिर्फ़ चार लाख रुपये ही निधि जारी किए। मार्च 2011 तक, 2007 में शुरू किए गए माइनॉरिटी कंसंट्रेशन डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम के लिए आवंटित किए गए पैसे का सिर्फ़ 23% ही ज़िला दफ़्तरों तक पहुंचा था। इस तरह, ज़्यादा अल्पसंख्यक आबादी वाले इलाके राष्ट्रीय औसत से पीछे ही रहे। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने 2012-13 में कुल दो हज़ार दो सौ बीस करोड़ रुपये खर्च किए। अगर तुलना करें तो सरदार पटेल के [[एकता की मूर्ति]] का बजट दो हज़ार दो सौ पचास करोड़ रुपये था। प्रोग्राम भी ठीक से नहीं बनाए गए थे और उनका ध्येय असल नतीजों के बजाय राजनीतिक असर हासिल करने पर ज़्यादा था। उदाहरण के लिए, मदरसों को मॉडर्न (आधुनिक) बनाना पिछली कांग्रेस सरकार का एक बड़ा लक्ष्य था, पर आंकड़े बताते हैं कि 5% से भी कम मुस्लिम बच्चे सच में मदरसों में जाते हैं; इसके बजाय, वे रेगुलर स्कूलों (पाठशालाओं) में जाना पसंद करते हैं। इसके अलावा, अल्पसंख्यकों को खुश करने का मुसलमानों की असल भलाई पर ऐतिहासिक रूप से बहुत कम असर पड़ा है, कांग्रेस सरकार ने अपने दो कार्यकाल में इसे सुधारने के लिए बहुत कम किया। अल्पसंख्यकों को ऊपर उठाने की उसकी सारी बातें सिर्फ़ बातें ही थीं।<ref name="y827">{{cite web | last=Daniyal | first=Shoaib | title=Congress appeasement has never helped minorities | website=Scroll.in | date=2014-07-04 | url=https://scroll.in/article/668775/congress-appeasement-has-never-helped-minorities | access-date=2025-12-08}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[भारत की राजनीति]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} == टिप्पणी सूची == {{notelist}} == बाहरी कड़ियाँ == ivvlxwoakzfvfizpv3owcspqh8fs9we 6541781 6541779 2026-04-18T06:00:11Z AMAN KUMAR 911487 हहेच सांचा जोड़ा जो संपादक ने हटा दिया था 6541781 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=लेख [[वि:OR|मूल शोध]] होने के साथ-साथ ग़ैर-तटस्थ नज़रिये से निर्मित है। लेखक का योगदान मात्र इसी लेख में है और अन्य विकियों पर भी केवल यही लेख बनाने के लिये इस खाते का उपयोग हुआ है। ऐसे में स्पष्ट प्रतीत हो रहा कि यह ज्ञानकोश के संवर्धन के उद्देश्य से नहीं अपितु किसी ख़ास दृष्टिकोण को प्रचारित करने या उसे प्रश्रय देने के उद्देश्य से विकिपीडिया को प्लेटफ़ॉर्म के रूप में इस्तेमाल करने की नीयत से निर्मित है।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण}} '''[[भारत]] में [[अल्पसंख्यक]] [[तुष्टीकरण]]''' का मतलब है, राजनीतिक लाभ के लिए [[भारत]] में अल्पसंख्यकों को (मुख्यतः [[मुसलमानों]] को) खुश करना। [[ए के एंटोनी|ए. के. एंटनी]] का दावा है कि इससे भारत में सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ने में मदद मिली है।<ref name="x968" /> एंटनी ने लोकतंत्र के अंदर एक अहम मुद्दे पर ज़ोर दिया, यह बताते हुए कि अल्पसंख्यक समूहों के लिए तुष्टीकरण की नीतियां, हालांकि मदद करने के इरादे से बनाई गई थीं, लेकिन आम लोगों को फायदा पहुंचाने में नाकाम रही हैं। इन समूहों के नेताओं ने अपने लिए अधिकारों और फायदों पर कब्ज़ा कर लिया है, जिसके कारण समुदायों, खासकर मुसलमानों को लगातार शैक्षिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट से पता चलता है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं, जैसे हज सब्सिडी, का भी समुदाय के नेताओं ने निजी फायदे के लिए गलत इस्तेमाल किया है। दलितों और ईसाई अल्पसंख्यकों के लिए बनाए गए फायदे भी मुख्य रूप से उनके नेताओं को ही मिले हैं, जिससे संस्थाएं आम लोगों की मदद करने के बजाय मुनाफे का धंधा बन गई हैं।<ref name="x968" /> [[:en:Centre for the study of developing societies|सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज़]] के हिलाल अहमद कहते हैं कि मुस्लिम तुष्टीकरण में ये चीज़ें शामिल हैं: * अनुचित राजनीतिक हथकंडे (सिर्फ़ अल्पसंख्यकों को रियायतें देना), और * पक्षपातपूर्ण संस्थागत भौतिक और संगठनात्मक संरचनाएं और सुविधाएं (अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण के ज़रिए)।<ref name="k276" /> धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों को समस्याग्रस्त और अनुचित माना जाता है क्योंकि वे इस्लामिक बंदोबस्ती जैसे स्वायत्त संस्थाओं, जिन्हें [[वक्फ़]] कहा जाता है, [[भारत में मुसलमानी व्यक्तिगत कानून|मुस्लिम पर्सनल लॉ (कानून)]], और [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय|अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी]] जैसे शैक्षणिक संस्थानों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं। कहा जाता है कि अल्पसंख्यक अधिकार कानून के शासन और धार्मिक समानता पर आधारित धर्मनिरपेक्षता के साथ असंगत हैं।<ref name="k276">{{cite web | last=Ahmed | first=Hilal | title=From Rajiv Gandhi to Modi, nobody defines ‘Muslim appeasement’ but all use it for votes | website=ThePrint | date=2018-11-14 | url=https://theprint.in/opinion/from-rajiv-gandhi-to-modi-nobody-defines-muslim-appeasement-but-all-use-it-for-votes/148566/ | access-date=2025-11-19}}</ref> 'वक्फ' को किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी चल या अचल संपत्ति को मुस्लिम कानून द्वारा पवित्र, धार्मिक या धर्मार्थ माने जाने वाले किसी भी उद्देश्य के लिए स्थायी रूप से समर्पित करना बताया गया है। भारत आज़ादी के बाद से वक्फ संपत्तियों के नियमन और संरक्षण को सक्रिय रूप से बढ़ा रहा है, जो उनकी धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक भूमिकाओं के लिए ज़रूरी है। 1954 के वक्फ अधिनियम ने एक प्रबंधन ढांचा स्थापित किया, जो पारदर्शिता और प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 जैसे कानूनों के साथ विकसित हुआ है। वर्तमान में, 1995 का वक्फ अधिनियम इन संपत्तियों को नियंत्रित करता है, जिसमें केंद्रीय वक्फ परिषद नीतियों पर सलाह देती है, राज्य वक्फ बोर्ड राज्य की संपत्तियों का प्रबंधन करते हैं, और वक्फ न्यायाधिकरण विवादों को सुलझाते हैं, जिससे बेहतर शासन और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।<ref name="o044">{{cite web | title=Waqf Amendment Bill, 2025: The History of Waqf in India | website=Press Information Bureau | date=2025-03-14 | url=https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2118415&reg=3&lang=2 | ref={{sfnref| Press Information Bureau |2025}} | access-date=2026-01-13}}</ref> भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करता है। यह गारंटी देता है कि किसी भी धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित किसी भी नागरिक को केवल धर्म, भाषा आदि के आधार पर राज्य द्वारा चलाए जा रहे किसी भी शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन लेने या सरकारी फंड से मदद लेने से मना नहीं किया जाएगा। अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यक समूहों को अपने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और चलाने का अधिकार देता है। अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को संरक्षित करने का अधिकार होगा। यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है।<ref name="x238">{{cite web | title=THE CONSTITUTION OF INDIA | url=https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/19151/1/constitution_of_india.pdf | access-date=2026-01-06}}</ref> शाह बानो, एक ऐसी महिला थी जिसे उसके पति ने गलत तरीके से तलाक दे दिया था। उसने सुप्रीम कोर्ट में, अपने पति के खिलाफ़ केस जीत लिया जो फैसला सुनाया कि उसे अपने पति से [[भरणपोषण|गुजारा भत्ता]] मांगने का अधिकार है, लेकिन नाराज [[मुसलमान|मुस्लिम]] पुरुषों को खुश करने के लिए, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] सरकार ने कानून में संशोधन कर दिया।<ref name="u822">{{cite journal | last=van der Veer | first=Peter | title=Minority Rights and Hindu Nationalism in India | journal=Asian Journal of Law and Society | publisher=Cambridge University Press (CUP) | volume=8 | issue=1 | year=2021 | issn=2052-9015 | doi=10.1017/als.2020.51 | pages=44–55}}</ref> [[शाहबानो प्रकरण|शाह बानो केस]], भारत में एक विवादास्पद गुजारा भत्ता विवाद था, जिसमें [[भारतीय सुप्रीम कोर्ट]] ने एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला को गुजारा भत्ता देने के पक्ष में फैसला सुनाया। सरकार द्वारा पारित कानून का सबसे विवादास्पद हिस्सा यह था कि तलाक के बाद केवल [[इद्दत]] की अवधि के दौरान ही गुजारा भत्ता मिलेगा और उसके बाद गुजारा भत्ता देने की जिम्मेदारी महिला के परिवार या [[केन्द्रीय वक्फ परिषद|वक्फ बोर्ड]] को सौंप दिया जाएगा। इस से [[इस्लाम में स्त्री|मुस्लिम महिलाएं]], [[:en:Secularism_in_India#Law|धर्मनिरपेक्ष कानून]] के तहत बुनियादी गुजारा भत्ता के अधिकार से वंचित हो गए, इसलिए इस कानून को भेदभावपूर्ण माना गया।<ref name="hindu2003">{{cite web |date=10 August 2003 |title=The Shah Bano legacy |url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/the-shah-bano-legacy/article27789644.ece |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240216130523/https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/the-shah-bano-legacy/article27789644.ece |archive-date=16 February 2024 |access-date= |work=[[The Hindu]]}}</ref> मुस्लिम पुरुषों को एक साथ, चार पत्नियां रखने की अनुमती है।<ref>{{cite web |last1=Mishra |first1=Arvind |title=How uniform is Goa's civil code? {{!}} Explained |url=https://www.indiatoday.in/law/story/goa-uniform-civil-code-marriage-polygamy-adoption-divorce-property-children-2400680-2023-07-02 |website=India Today |access-date=17 January 2025 |language=en |date=2 July 2023}}</ref> तलाक़-ए-बिद्दत गैर कानूनी करार दिया गया है पर तलाक़-ए-अहसन और तलाक़-ए-हसन कानूनी हैं। तलाक़-ए-हसन में, पति आमतौर पर जब पत्नी को पीरियड्स नहीं हो रहे होते हैं, तब महीने में सिर्फ़ एक बार "तलाक़" कहता है। इसके बाद पति-पत्नी पहली घोषणा के बाद एक महीने तक इंतज़ार करते है। शादी बरकरार रहती है। अगर पति अगले महीने उस शब्द को नहीं दोहराता है तो पति-पत्नी दोबारा सोच-विचार कर सकते है और सुलह कर सकते है। अगर पति तीसरे महीने में तीन बार यह शब्द कहता है तो तलाक़ आधिकारिक हो जाता है।<ref name="e605">{{cite web | title=Talaq-e-Hasan under SC lens: How it is different from Talaq-e-Biddat in islam | website=Business Standard | date=2025-11-20 | url=https://www.business-standard.com/india-news/talaq-e-hasan-under-sc-lens-how-it-is-different-from-talaq-e-biddat-125112000423_1.html | access-date=2025-11-22}}</ref><ref name="j045">{{cite web | last=Jain | first=Akshat | title=Talaq-e-Hasan under SC lens: A look at Muslim divorce practices & how courts have ruled before | website=ThePrint | date=2025-11-20 | url=https://theprint.in/theprint-essential/talaq-e-hasan-under-sc-lens-a-look-at-muslim-divorce-practices-how-courts-have-ruled-before/2788287/ | access-date=2025-11-22}}</ref> तलाक़-ए-अहसन में, पति एक बार "तलाक़" कहता है और तीन महीने के इद्दत, या इंतज़ार की अवधि समाप्त होने का इंतज़ार करता है। अगर पति-पत्नी तीन महीने पूरे होने से पहले फिर से साथ आ जाते हैं और साथ रहने लगते हैं तो तलाक़ रद्द माना जाता है। अगर इस इंतज़ार की अवधि के दौरान सुलह नहीं होती है, तो यह आधिकारिक हो जाता है।<ref name="j045" /> [[:en:The Satanic verses|द सैटेनिक वर्सेज]] पर बैन<ref name="d323">{{cite web | last=Suroor | first=Hasan | title=You can't read this book | website=The Hindu | date=2012-03-03 | url=https://www.thehindu.com/books/you-cant-read-this-book/article2953626.ece | access-date=2026-01-11}}</ref> व सात भारतीय राज्यों में "[[:en:The Da Vinci code (movie)|द दा विंची कोड]]" फिल्म पर बैन भी अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए किया गया था।<ref name="c771">{{cite web | last=Danino | first=Michel | title=In India, is it Secularism or minorityism? | website=The New Indian Express | date=2018-04-17 | url=https://www.newindianexpress.com/opinions/2018/Apr/17/in-india-is-it-secularism-or-minorityism-1802451.html | access-date=2025-11-21}}</ref> [[केरल]] के मुसलमानों को खुश करने के लिए, केरल में [[मलप्पुरम]] नाम का नया ज़िला बनाया गया (ताकि मुस्लिम बहुमत वाला ज़िला बनाया जा सके)।<ref name="x968">{{cite web | last=George | first=TJS | title=Minority Appeasement, a Game That Helps No Minority. But It Can Cut Up the Country Into Communal Bits | website=[[The New Indian Express]] | date=2014-07-06 | url=https://www.newindianexpress.com/opinions/columns/t-j-s-george/2014/Jul/06/minority-appeasement-a-game-that-helps-no-minority.-but-it-can-cut-up-the-country-into-communal-bits-632314.html | access-date=2025-11-19}}</ref> भारत में वोट बैंक की राजनीति "अल्पसंख्यक तुष्टीकरण" से जुड़ी है, जिसका मतलब है कि राजनीतिक पार्टियां "सभी नागरिकों की समानता के सिद्धांतों की अनदेखी करती हैं और एक अल्पसंख्यक समूह के हितों को प्राथमिकता देती हैं," यह बात 11वीं क्लास की [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद|नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT)]] की किताबों में छापा गया है।<ref name="j993">{{cite web | last=Harigovind | first=Abhinaya | title=New NCERT Class 11 Textbook: Vote bank politics associated with ‘minority appeasement’, disregards ‘equality’ | website=[[The Indian Express]] | date=2024-06-18 | url=https://indianexpress.com/article/education/new-ncert-class-11-textbook-vote-bank-politics-minority-appeasement-9396663/ | access-date=2025-11-19}}</ref> सितंबर 2023 में [[मध्य प्रदेश]] में चुनाव से ठीक पहले, [[भारत के गृह मंत्री|गृह मंत्री]] [[अमित शाह]] ने कहा कि जनता को ऐसी विचारधारा के बीच फैसला करना होगा जो आदिवासी समुदायों, पिछड़ी जातियों, [[दलित|दलितों]] और गरीबों को फायदा पहुंचाती है और दूसरी जो अल्पसंख्यकों को खुश करती है।<ref name="x272">{{cite web | last=Sikdar | first=Shubhomoy | title=Congress focuses on minority appeasement, Modi on welfare of tribals, Dalits and poor: Shah in M.P. | website=[[The Hindu]] | date=2023-09-05 | url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/congress-focuses-on-minority-appeasement-modi-on-welfare-of-tribals-dalits-and-poor-shah-in-mp/article67273770.ece | access-date=2025-11-19}}</ref><ref name="v112">{{cite web | title=Cong focuses on minority appeasement, Modi govt on welfare of tribals: Shah | date=2023-09-05 | url=https://www.business-standard.com/politics/cong-focuses-on-minority-appeasement-modi-govt-on-welfare-of-tribals-shah-123090500600_1.html | access-date=2025-11-19}}</ref> प्रधानमंत्री [[नरेंद्र मोदी]] ने कहा है कि [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी]] का मानना है कि "देश के संसाधनों पर [[मुसलमान|मुसलमानों]] का पहला हक है।" इसके अलावा, [[भारतीय जनता पार्टी]] (बीजेपी) ने 2006 के टेप जारी किए हैं जिसमें [[मनमोहन सिंह]] ने इस विचार पर चर्चा की थी कि देश की दौलत पर सबसे पहले मुसलमानों का हक होना चाहिए।<ref name="z038">{{cite web | title=Amid row over 'infiltrators' remark, instances of minority appeasement by Congress govts surface | website=Daijiworld.com | date=2024-04-22 | url=https://www.daijiworld.com/news/newsDisplay?newsID=1185615 | access-date=2025-11-19}}</ref> [[भारतीय जनता पार्टी|बीजेपी]] ने नवंबर 2025 के [[बिहार]] विधानसभा चुनावों में अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के लिए बिहार की विपक्षी पार्टियों की आलोचना की।<ref name="m835">{{cite web | title=Bihar Fallout: BJP Slams 'Appeasement' Politics, RJD's Rohini Acharya 'Quits' Politics. | website=India Today | date=2025-11-15 | url=https://www.indiatoday.in/india/video/bihar-fallout-bjp-slams-appeasement-politics-rjds-rohini-acharya-quits-politics-ytvd-2820469-2025-11-15 | access-date=2025-11-19}}</ref> [[सच्चर कमिटी]] रिपोर्ट में दी गई 76 सिफारिशों में से कुछ ऐसी सिफ़ारिश निम्नलिखित है जिन्हें भारत सरकार ने मंज़ूरी दी है:- * सांप्रदायिक हिंसा (रोकथाम, नियंत्रण और पीड़ितों का पुनर्वास) बिल, 2005, * मुसलमानों के लिए आरक्षण और अनुदान, * मुसलमानों को ब्याज़ मुक्त लोन, * मुस्लिम शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी, * सरकारी खर्च पर स्वास्थ्य और पुलिस कर्मी, * मुसलमानों के लिए आवास, * स्थानीय निकायों में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व, * उपलब्ध योजनाओं का उर्दू में वितरण, और इसी तरह की और तुष्टीकरण।<ref>{{cite web | title=Implementation of Recommendations of Sachar Committee | website= Press Information Bureau | url=https://pib.gov.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=104086 | ref={{sfnref | Press Information Bureau }} | access-date=7 May 2024}}</ref> भारत सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए मदरसों में शिक्षा देने के लिए एक राष्ट्रीय योजना शुरू की है।<ref name="Mad">{{cite web | title=Scheme for providing education in madrasas/minorities (spemm) | url=https://www.education.gov.in/sites/upload_files/mhrd/files/upload_document/spemm_guidelines.pdf | access-date=2025-11-19}}</ref> केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की है।<ref>{{cite web | title=अल्पसंख्यकों के लिए राष्ट्रीय आयोग | url=https://www.minorityaffairs.gov.in/show_content.php?lang=2&level=0&ls_id=216&lid=221 | access-date=2025-11-19}}</ref> एनएमडीएफसी की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) – कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के अंतर्गत, मुस्लिम महिलाएँ यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत कर सकती हैं। अल्पसंख्यक विकास के लिए एक राष्ट्रीय योजना शुरू है।<ref name="m719">{{cite web | title=राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम की आधिकारिक वेबसाइट, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार | website=राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम की आधिकारिक वेबसाइट, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार | date=2026-01-06 | url=https://www.nmdfc.org/ | access-date=2026-01-08}}</ref> 2016 से शुरू होकर, 5 सालों के दौरान, सेंट्रल वक्फ काउंसिल ने अलग-अलग वक्फ संस्थानों/वक्फ बोर्डों को कमर्शियल और रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, ऑडिटोरियम, हॉस्पिटल, वेडिंग हॉल (शादी महल), कोल्ड स्टोरेज वगैरह जैसे अलग-अलग परियोजना के विकास के लिए {{INRConvert|176190000}} की रकम बिना ब्याज वाले लोन के तौर पर दी।<ref name="p851">{{cite web | title=Funds Released to Various Wakf Institutions | website= Press Information Bureau | url=https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1780947 | ref={{sfnref| Press Information Bureau }} | access-date=2025-11-19}}</ref> अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, रोजगार और कौशल में अवसरों की सुविधा प्रदान करता है।<ref name="m824">{{cite web | title=Pradhan Mantri Virasat ka Samvardhan | website= PM VIKAS - Ministry of Minority Affairs | date=2026-01-07 | url=https://pmvikas.minorityaffairs.gov.in/ | language=es | ref={{sfnref| PM VIKAS - Ministry of Minority Affairs|2026}} | access-date=2026-01-08}}</ref> [[२००५ राम जन्मभूमि हमला|2005 के राम जन्मभूमि आतंकवादी हमले]] के बाद, पूरे भारत में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए गए, खासकर उन जगहों पर जहां जवाबी हत्याओं की आशंका थी।<ref name="t304">{{cite web | title=Terrorists attack Ayodhya temple, 6 killed | website=Business Standard | date=2005-07-06 | url=https://www.business-standard.com/article/economy-policy/terrorists-attack-ayodhya-temple-6-killed-105070601017_1.html | access-date=2025-11-24}}</ref> [[आम आदमी पार्टी]] के नेतृत्व वाली [[पंजाब]] सरकार के 2025-26 के बजट में "सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग" के तहत योजनाओं के लिए धन राशि का आवंटन शामिल था।<ref name="i475">{{cite web | title=Punjab Budget Analysis 2025-26 | url=https://prsindia.org/files/budget/budget_state/punjab/2025/Punjab_Budget_Analysis_2025-26.pdf | access-date=2025-11-19}}</ref> पंजाब सरकार की अल्पसंख्यक मामलों की पंजाब राज्य समिति ने पंजाब में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Punjab State committee for Minorities. | url=https://www.punjabsmc.com/other_related_link.php | access-date=2025-11-19}}</ref> [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] के नेतृत्व वाली [[तेलंगाना]] सरकार ने 2024-2025 वित्तीय वर्ष के लिए अल्पसंख्यक कल्याण के लिए तीन हजार तीन करोड रुपये आवंटित किए हैं। FY-2023-2024 में यह दो हजार एक सौ पचानवे करोड रुपये था। इस साल, धन राशि में 36% की बढ़ोतरी हुई है। वित्त मंत्री को हवाला दिया गया बजट भाषण की प्रतिलिपि के अनुसार, मुस्लिम छात्रों को अगर वे स्थानीय हैं तो रु.2500 और अगर वे स्थानीय नहीं हैं तो रु.5000 का वजीफा मिलेगा। वित्त मंत्री ने आगे बताया कि तेलंगाना सरकार ने हज यात्रियों की सुविधाओं के लिए चार सौ तेआलीस करोड रुपये और जनवरी 2024 में तब्लीगी जमात इज्तेमा (सम्मेलन) के लिए दो करोड चालीसा लाख रुपये दिए हैं। उनके अनुसार, तेलंगाना सरकार ने 'आशूरखानों' (शिया मुस्लिम शोक और धार्मिक अनुष्ठानों के केंद्र) के रखरखाव और मरम्मत पर पचास लाख रुपये और रमजान समारोहों पर तीन करोड तीस लाख रुपये खर्च किए हैं।<ref name="c998">{{cite web | last=Mohammed | first=Syed | title=Telangana Budget: Minority Welfare budgetary allocation is ₹3,003 crore | website=The Hindu | date=2024-07-25 | url=https://www.thehindu.com/news/national/telangana/telangana-budget-minority-welfare-budgetary-allocation-is-3003-crore/article68444606.ece | access-date=2025-11-19}}</ref> धर्म परिवर्तन में लिप्त [[तबलीग़ी जमात]] को तेलंगाना राज्य सरकार से तीन करोड रुपये का दान मिला है।<ref>{{cite web |title=Why is Telangana govt giving Rs 3 crore to Tablighi Jamaat, asks BJP leader |website=The New Indian Express |date=2023-12-21 |url=https://www.newindianexpress.com/states/telangana/2023/Dec/21/why-is-telangana-govt-giving-rs-3-crore-to-tablighi-jamaat-asks-bjp-leader-2643459.html |access-date=2025-11-19}}</ref> तेलंगाना सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Minorities welfare, Government of Telangana. | url=https://www.telangana.gov.in/departments/minorities-welfare/ | access-date=2025-11-19}}</ref> तेलंगाना सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए एजुकेशनल रियायतें, अल्पसंख्यकों के लिए ट्रेनिंग और रोज़गार के मौके भी शुरू किए हैं। इसने सरकारी खर्च पर [[काज़ी]] भी नियुक्त किए।<ref name="c510">{{cite web | title=Minorities Welfare | website=Telangana State Portal | date=2025-11-05 | url=https://www.telangana.gov.in/departments/minorities-welfare/ | access-date=2026-01-10}}</ref> इसने शादी मुबारक योजना भी शुरू की, जिसके तहत मुस्लिम लड़कियों को शादी पर ₹51,000 की फाइनेंशियल मदद दी जाती है, जिसमें उनके माता-पिता के लिए इनकम का क्राइटेरिया है।<ref name="m407">{{cite web | title=Kalyana Lakshmi | website=telanganaepass.cgg.gov.in | url=https://telanganaepass.cgg.gov.in/KalyanaLakshmiLinks.do | access-date=2026-01-13 | archive-date=18 जून 2022 | archive-url=https://web.archive.org/web/20220618102357/https://telanganaepass.cgg.gov.in/KalyanaLakshmiLinks.do | url-status=dead }}</ref> इसने मुख्यमंत्री ओवरसीज स्कॉलरशिप प्रोग्राम भी शुरू किया, जो अल्पसंख्यक छात्रों को सपोर्ट करता है।<ref name="v756">{{cite web | title=Overseas Scholarship Selection for SC, ST , BC and MINORITY Services | website=telanganaepass.cgg.gov.in | url=https://telanganaepass.cgg.gov.in/OverseasLinks.do | access-date=2026-01-13}}</ref> इसने राजीव युवा विकासम योजना भी शुरू की, जो अल्पसंख्यक युवाओं को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए गाइडेंस और ₹300,000 तक का लोन देती है।<ref name="j598">{{cite web | title=రాజీవ్ యువ వికాస్ పథకం | website=Rajiv Yuva Vikasam | date=2025-07-05 | url=https://rajivyuvavikasam.in/ | access-date=2026-01-13}}</ref> इसने इंदिराम्मा माइनॉरिटी महिला योजना भी शुरू की, जो अल्पसंख्यक महिलाओं (विधवाओं, तलाकशुदा, आदि) को छोटे बिज़नेस शुरू करने के लिए ₹50,000 देती है।<ref name="r846">{{cite web | title=Indiramma Minority Mahila Yojana | website=SURYAPET DISTRICT, GOVERNMENT OF TELANGANA | date=2019-07-20 | url=https://suryapet.telangana.gov.in/scheme/indiramma-minority-mahila-yojana/ | access-date=2026-01-13}}</ref> [[पश्चिम बंगाल]] विधानसभा के राज्य बजट में वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए अल्पसंख्यक मामलों के विभाग को पाँच हज़ार पाँच सौ तीस करोड़ पैंसठ लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।<ref name="y063">{{cite web | title=Budget allocation for minority affairs & madrasah education goes up | website=The Statesman | date=2024-02-09 | url=https://www.thestatesman.com/bengal/budget-allocation-for-minority-affairs-madrasah-education-goes-up-1503268027.html | access-date=2025-11-19}}</ref> पश्चिम बंगाल राज्य बजट में 2025-2026 के लिए अल्पसंख्यकों को दो सौ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।<ref>{{cite web | title=Minority group urges CM to act on Budget allocation | website=The Statesman | date=2025-05-07 | url=https://www.thestatesman.com/cities/siliguri/minority-group-urges-cm-to-act-on-budget-allocation-1503429260.html | access-date=2025-12-07}}</ref> पश्चिम बंगाल सरकार के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref name="j179">{{cite web | title=Minority Affairs and Madrasah Education | website=wb.gov.in | url=https://wb.gov.in/departments-details.aspx?id=D171018171340413&page=Minority-Affairs-and-Madrasah-Education | access-date=2025-11-19}}</ref> 2025 के तमिलनाडु बजट में ऐतिहासिक मस्जिदों और दरगाहों के रखरखाव और मरम्मत के लिए दस करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि ऐतिहासिक चर्चों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए अतिरिक्त दस करोड़ रुपये रखे गए हैं।<ref name="o225">{{cite web | title=TN Budget 2025: Key schemes for women, trans persons, SC/ST communities | website=The News Minute | date=2025-03-14 | url=https://www.thenewsminute.com/tamil-nadu/tn-budget-2025-schemes-for-women-trans-persons-scst-communities | access-date=2025-11-19}}</ref> तमिलनाडु सरकार के पिछड़ा समुदाय, अति पिछड़ा समुदाय और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तमिलनाडु में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=BC, MBC & Minorities Welfare Department | url=https://www.tn.gov.in/dept_profile.php?dep_id=NA== | access-date=2025-11-19}}</ref> केरल सरकार ने अल्पसंख्यक समूहों और अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप के लिए तीन हज़ार बयासी करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। केरल सरकार ने अपने "मार्ग दीपम" प्रोजेक्ट2 के तहत क्लास 1 से 8 तक के अल्पसंख्यक बच्चों को स्कॉलरशिप देने के लिए दो सौ करोड़ रुपये अलग रखे हैं, क्योंकि केंद्र सरकार ने इन्हें देना बंद कर दिया है। कल्याण पेंशन की कुल राशि पाँच लाख करोड़ रुपये होगी।<ref name="p473">{{cite web | last1=Shwenk | first1=Martin | last2=Murthy | first2=Narayana | last3=Poonawalla | first3=Adar | last4=Jain | first4=Manu | last5=Kamath | first5=Nitin | title=Kerala Budget 2025 Highlights: High-speed rail corridor, metro projects, and IT park in Kannur, check all key announcements | website=The Economic Times | date=2025-02-07 | url=https://economictimes.indiatimes.com/news/india/kerala-budget-2025-highlights-high-speed-rail-corridor-metro-projects-and-it-park-in-kannur-check-all-key-announcements/articleshow/118004880.cms?from=mdr | access-date=2025-11-19}}</ref> केरल सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने केरल में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Directorate of Minority welfare, Government of Kerala. | url=https://minoritywelfare.kerala.gov.in/ | access-date=2025-11-19 | archive-date=3 अप्रैल 2025 | archive-url=https://web.archive.org/web/20250403102034/https://minoritywelfare.kerala.gov.in/ | url-status=dead }}</ref> कांग्रेस के नेतृत्व वाली [[कर्नाटक]] सरकार ने 2024 के बजट में वक्फ संपत्तियों के निर्माण के लिए सौ करोड़ रुपये अलग रखे, अल्पसंख्यक छात्रों की फीस वापसी के लिए नकद पैसे दिए, और सभी अधिकारियों, दुकानों और कमर्शियल संस्थानों के लिए 60% कन्नड़ भाषा का इस्तेमाल करना आवश्यक बनाया, साथ ही और भी कई काम किए।<ref name="f811">{{cite web | last=Dwarakanath | first=Nagarjun | title=Karnataka Budget: Rs 100 crore for Waqf properties, 60% Kannada use mandatory | website=India Today | date=2024-02-16 | url=https://www.indiatoday.in/india/karnataka/story/karnataka-budget-2024-allocation-siddaramaiah-waqf-properties-minority-students-kannada-mandatory-hindu-pilgrims-2502928-2024-02-16 | access-date=2025-11-19}}</ref> बेंगलुरु में हज भवन सरकारी कोश से बनाया गया है।<ref name="w285">{{cite web | title=State-of-the-art Haj Bhavan opens in Bengaluru | website=Deccan Herald | date=2016-08-28 | url=https://www.deccanherald.com/india/karnataka/bengaluru/state-art-haj-bhavan-opens-2083837 | access-date=2025-11-25}}</ref> कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक में अल्पसंख्यक आवास कार्यक्रम में आरक्षण 10% से बढ़ाकर 15% करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी।<ref name="h009">{{cite web | last=Raj | first=Sagay | title=Karnataka Cabinet approves 15% housing quota for Muslims across state | website=India Today | date=2025-06-20 | url=https://www.indiatoday.in/india/karnataka/story/karnataka-approves-15-percent-housing-reservation-for-muslims-minorities-minister-zameer-ahmed-khan-pushes-plan-in-cabinet-2743121-2025-06-19 | access-date=2025-11-24}}</ref> कर्नाटक सरकार के अल्पसंख्यक निदेशालय ने कर्नाटक में अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।<ref>{{cite web | title=Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/en | access-date=2025-11-19 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार का अल्पसंख्यक निदेशालय अल्पसंख्यकों के लिए इंटीग्रेटेड डिग्री और [[संघ लोक सेवा आयोग|UPSC]]/[[:en:Karnataka Administrative Service|KAS]] रेजिडेंशियल ट्रेनिंग, पुलिस सब इंस्पेक्टर (PSI) रेजिडेंशियल ट्रेनिंग, [[:en:Secondary School Leaving Certificate|SSLC]] पास छात्रों के लिए होटल मैनेजमेंट ट्रेनिंग, [[:en:Karnataka Public Service Commission|KPSC]] ग्रुप C रेजिडेंशियल ट्रेनिंग और [[रेलवे भर्ती बोर्ड|RRB]] और [[:en:Secondary_School_Certificate#India|SSC]] प्री-एग्जामिनेशन ट्रेनिंग देता है।<ref>{{cite web | title=Coaching - Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/237/Coaching/en | access-date=2025-12-05 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक के अल्पसंख्यक समुदायों की गरीब महिलाओं/तलाकशुदा और विधवाओं को उनकी शादी के मकसद से वित्तीय सहायता देने के लिए "बिदाई" योजना शुरू की है।<ref>{{cite web | title=Bidaai (Shaadi Scheme) - Directorate of Minorities, Government of Karnataka. | url=https://dom.karnataka.gov.in/227/Bidaai_%28Shaadi_Scheme%29/en | access-date=2025-12-05 }}{{Dead link|date=फ़रवरी 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यकों वाले शहरी इलाकों की पिछड़ी कॉलोनियों को मॉडल कॉलोनियों में बदलने के लिए 22 चुनी हुई विधानसभा सीटों में 398 करोड़ रुपये दिए हैं।<ref name="o180">{{cite web | title=Cabinet approves slew of irrigation, health funds | website=SALAR NEWS | date=2025-09-04 | url=https://salarnews.in/city-news/details/45400/cabinet-approves-slew-of-irrigation-health-funds | access-date=2025-12-22}}</ref> == इनकार और शिकायतें == जब बीजेपी कर्नाटक राज्य के अध्यक्ष ने सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में अल्पसंख्यकों के लिए 4% कोटा बनाने पर आपत्ति जताई, तो कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में मुसलमानों को आरक्षण देने का ज़ोरदार बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार का कर्तव्य है कि वह अल्पसंख्यकों का कल्याण सुनिश्चित करे और इस दिशा में किसी भी कदम को तुष्टीकरण नहीं माना जा सकता।<ref name="w337">{{cite web | author=The Hindu Bureau | title=Minorities’ welfare is not appeasement, says DCM | website=[[The Hindu]] | date=2025-03-16 | url=https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/minorities-welfare-is-not-appeasement-says-dcm/article69336828.ece | access-date=2025-11-19}}</ref> [[:en:Scroll.in|स्क्रोल]] के अनुसार, [[:en:United Progressive Alliance|UPA]] सरकार ने निधी आवंटित किए और प्लान बनाए, लेकिन खर्च बहुत कम किया और धनराशि तो और भी कम दिया। उदाहरण के लिए, सरकार ने 2012-13 में [[:en:Maulana Azad Education Foundation|मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन]] को सौ करोड़ रुपये निधी आवंटित किए, लेकिन सिर्फ़ एक लाख रुपये ही बांटे गए। उस साल उसने [[:en:Ministry_of_Minority_Affairs#Schemes_&_Scholarship_Programmes|अल्पसंख्यकों के लिए स्किल डेवलपमेंट इनिशिएटिव]] के लिए घनराशि आवंटित किए गए अठारह करोड़ रुपये में से सिर्फ़ चार लाख रुपये ही निधि जारी किए। मार्च 2011 तक, 2007 में शुरू किए गए माइनॉरिटी कंसंट्रेशन डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम के लिए आवंटित किए गए पैसे का सिर्फ़ 23% ही ज़िला दफ़्तरों तक पहुंचा था। इस तरह, ज़्यादा अल्पसंख्यक आबादी वाले इलाके राष्ट्रीय औसत से पीछे ही रहे। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने 2012-13 में कुल दो हज़ार दो सौ बीस करोड़ रुपये खर्च किए। अगर तुलना करें तो सरदार पटेल के [[एकता की मूर्ति]] का बजट दो हज़ार दो सौ पचास करोड़ रुपये था। प्रोग्राम भी ठीक से नहीं बनाए गए थे और उनका ध्येय असल नतीजों के बजाय राजनीतिक असर हासिल करने पर ज़्यादा था। उदाहरण के लिए, मदरसों को मॉडर्न (आधुनिक) बनाना पिछली कांग्रेस सरकार का एक बड़ा लक्ष्य था, पर आंकड़े बताते हैं कि 5% से भी कम मुस्लिम बच्चे सच में मदरसों में जाते हैं; इसके बजाय, वे रेगुलर स्कूलों (पाठशालाओं) में जाना पसंद करते हैं। इसके अलावा, अल्पसंख्यकों को खुश करने का मुसलमानों की असल भलाई पर ऐतिहासिक रूप से बहुत कम असर पड़ा है, कांग्रेस सरकार ने अपने दो कार्यकाल में इसे सुधारने के लिए बहुत कम किया। अल्पसंख्यकों को ऊपर उठाने की उसकी सारी बातें सिर्फ़ बातें ही थीं।<ref name="y827">{{cite web | last=Daniyal | first=Shoaib | title=Congress appeasement has never helped minorities | website=Scroll.in | date=2014-07-04 | url=https://scroll.in/article/668775/congress-appeasement-has-never-helped-minorities | access-date=2025-12-08}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[भारत की राजनीति]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} == टिप्पणी सूची == {{notelist}} == बाहरी कड़ियाँ == rybjnk7nzw0mo0t5zf20bbqvw5kgarf प्रवेशद्वार:नरेन्द्र मोदी/चयनित लेख/1 100 1608235 6541775 6521971 2026-04-18T05:50:47Z ~2026-23807-63 920896 989220681542 6541775 wikitext text/x-wiki {{Transclude random excerpt | 1 = स्वच्छ भारत अ989220681542भियान | 2 = जन धन योजना | 3 = मेक इन इंडिया | 4 = मन की बात | 5 = स्टैच्यू ऑफ यूनिटी | paragraphs = 1-2 | files = 1 | fileargs = left | more = | errors = }} gn8uv2k8fuviw693y0h5ontxvuouygs 6541776 6541775 2026-04-18T05:51:11Z Crushcrushcrush1 891195 [[Special:Contributions/~2026-23807-63|~2026-23807-63]] ([[User talk:~2026-23807-63|वार्ता]]) द्वारा किए बदलाव को स्वर्ण के बदलाव से पूर्ववत किया 6541776 wikitext text/x-wiki {{Transclude random excerpt | 1 = स्वच्छ भारत अभियान | 2 = जन धन योजना | 3 = मेक इन इंडिया | 4 = मन की बात | 5 = स्टैच्यू ऑफ यूनिटी | paragraphs = 1-2 | files = 1 | fileargs = left | more = | errors = }} djdnls4x1rhej199gqi13ncttrbdwo7 हेलवान (कब्रिस्तान) 0 1609449 6541604 6534282 2026-04-17T14:34:51Z चाहर धर्मेंद्र 703114 कुछ स्रोत 6541604 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीय नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/हेलवान (कब्रिस्तान)}}{{Infobox settlement | name = हेलवान | other_name = | native_name = {{lang|ar|حلوان}} <small>{{in lang|ar}}</small> | settlement_type = पुरातात्विक स्थल | motto = | image_skyline = | imagesize = | image_caption = | image_flag = | flag_size = | image_seal = | seal_size = | image_shield = | shield_size = | image_map = | mapsize = | map_caption = | pushpin_map = Egypt | pushpin_label_position = bottom | pushpin_mapsize = | pushpin_map_caption = मिस्र में स्थान | subdivision_type = देश | subdivision_name = {{flag|Egypt}} | subdivision_type1 = [[मिस्र के मुहाफ़ज़ात#तालिका|प्रशासनिक]] | subdivision_name1 = [[क़ाहिरा मुहाफ़ज़ाह|काहिरा]] | subdivision_type2 = | subdivision_name2 = | subdivision_type3 = | subdivision_name3 = | government_footnotes = | government_type = | leader_title = | leader_name = | leader_title1 = | leader_name1 = | established_title = | established_date = | area_magnitude = | unit_pref = Imperial | area_footnotes = | area_total_km2 = | area_land_km2 = | population_as_of = | population_footnotes = | population_note = | population_total = | population_density_km2 = | population_density_sq_mi = | population_metro = | population_density_metro_km2 = | population_density_metro_sq_mi = | population_blank1_title = | population_blank1 = | population_density_blank1_km2 = | population_density_blank1_sq_mi = | timezone = मिस्र मानक समय | utc_offset = +2 | timezone_DST = | utc_offset_DST = | coordinates = {{coord|29|51|N|31|20|E|region:EG|display=inline}} | elevation_footnotes = | elevation_m = | elevation_ft = | postal_code_type = | postal_code = | area_code = | blank_name = | blank_info = | blank1_name = | blank1_info = | website = | footnotes = }} आधुनिक [[काहिरा]] के दक्षिण में स्थित हेलवान में एक विशाल [[प्राचीन मिस्र]] के कब्रिस्तान की खुदाई की गई है, जिसमें 10,000 से अधिक कब्रें हैं। इस कब्रिस्तान का उपयोग लगभग 3200 ईसा पूर्व के नकादा काल से चौथे राजवंश तक, और फिर मध्य साम्राज्य की शुरुआत से लेकर रोमन काल और उसके बाद तक किया गया था। इस दफन भूमि की खोज और उत्खनन 1942 से 1954 के बीच जकी साद द्वारा किया गया था। 1997 में एक ऑस्ट्रेलियाई अभियान द्वारा यहाँ फिर से खुदाई शुरू की गई।<ref>E. Christiana Köhler, Jana Jones: ''Helwan II, The Early Dynastic and Old Kingdom Funerary Relief Slabs'', Studien zur Archäologie und Geschichte Altägyptens, Band 25, Rahden 2009, {{ISBN|978-3-86757-971-1}}, p. 1</ref> जकी साद के उत्खनन कभी पूरी तरह से प्रकाशित नहीं हुए, केवल कई प्रारंभिक रिपोर्टें ही सामने आईं। हेलवान संभवतः प्रारंभिक राजवंशों के दौरान मेम्फिस का मुख्य कब्रिस्तान था। यहाँ की कब्रें छोटे गड्ढों से लेकर बड़ी विस्तृत मस्तबा तक हैं। इन कब्रों के भूमिगत हिस्सों के संबंध में, दो प्रकार प्रमाणित हैं। एक तरफ तल पर दफन के साथ गड्ढे हैं और दूसरी तरफ भूमिगत कक्ष हैं, जहाँ एक गड्ढे या सीढ़ियों के माध्यम से पहुँचा जाता है। अधिकांश कब्रें एक ही मृतक के लिए हैं। बहु-दफन के भी कुछ उदाहरण मिलते हैं। मृतकों को ज्यादातर सरकंडे की चटाई या विभिन्न सामग्रियों के ताबूतों में रखा जाता था। अधिकांश शरीर मुड़ी हुई स्थिति में पाए गए थे। अधिकांश कब्रें मिट्टी की ईंटों से बनी थीं। छतें अक्सर लकड़ी से बनी होती थीं। भूमिगत कक्षों की कुछ दीवारें प्लास्टर से ढकी हुई थीं। कई कब्रों में पत्थर पाए गए, जिनका उपयोग कब्र कक्ष की छत बनाने, प्रवेश द्वार को बंद करने और दुर्लभ मामलों में दीवारों के फर्श बनाने के लिए किया गया था। कुछ अधिक विस्तृत कब्रों में कई भूमिगत कक्ष थे, जहाँ अक्सर सीढ़ियों के माध्यम से पहुँचा जाता था।<ref>E. Christiana Köhler: ''The Helwan Cemetery'', in: ''Archeo-Nil'', 18 (2008), pp. 114-122</ref> यहाँ दफन लोग समाज के सभी स्तरों से संबंधित थे, हालांकि उच्चतम अधिकारी सक्कारा में दफन किए गए थे। समाज के ऊपरी स्तरों से संबंधित 40 से अधिक शिलालेख (स्टेले) पाए गए हैं। वे मिस्र में प्रारंभिक लेखन के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। मेरीती नामक व्यक्ति के शिलालेख पर कई उपाधियाँ अंकित हैं और यह संभवतः प्रथम राजवंश का है। कुछ शिलालेख शाही परिवार के सदस्यों के भी हैं, जैसे 'राजा की पुत्री' सतखनुम, 'राजा की पुत्री' खन्मेतप्ताह और 'राजा का पुत्र' निसुहेकेत। ये शिलालेख लगभग प्रथम राजवंश के मध्य से प्रारंभिक चौथे राजवंश के काल के हैं।<ref>E. Christiana Köhler, Jana Jones: ''Helwan II, The Early Dynastic and Old Kingdom Funerary Relief Slabs'', Studien zur Archäologie und Geschichte Altägyptens, Band 25, Rahden 2009, {{ISBN|978-3-86757-971-1}}, pp. 79-83</ref> == संदर्भ == <references /> ijeviby30gbgo2hhcv4rxvwvo4idury सदस्य:AMAN KUMAR/शीह लॉग 2 1609848 6541706 6541576 2026-04-18T01:22:10Z AMAN KUMAR 911487 शीह नामांकन का लॉग बनाया जा रहा of [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]. 6541706 wikitext text/x-wiki This is a log of all [[वि:शीह|speedy deletion]] nominations made by this user using [[WP:TW|Twinkle]]'s CSD module. If you no longer wish to keep this log, you can turn it off using the [[Wikipedia:Twinkle/Preferences|preferences panel]], and nominate this page for speedy deletion under [[वि:शीह#U1|CSD U1]]. === मार्च 2026 === # [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC) # [[:साँचा:Fper]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 19 मार्च 2026 (UTC) # [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC) === अप्रैल 2026 === # [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:Protection]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:विक्रम सिंह मीना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 01:25, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:वार्ता:डिबेटसिলেটবিডি]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: उचित पृष्ठ नहीं}; सदस्य {{user|1=Spacebangla}} को सूचित किया गया 13:30, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:रोहित गिल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:00, 10 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:कुश सोगुण]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 14:06, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Govind Bhana Artist]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 14:38, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Chandan roy Bhirha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:42, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:पूर्ति आर्या]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 03:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Article wizard/button wizard/sandbox]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 20:33, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:The7unity]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 18:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साउथ सिटी इंटर्नैशनल स्कूल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: इसमें उल्लेखनीयता का स्पष्ट अभाव है और कोई भी विश्वसनीय स्रोत नहीं है।}; सदस्य {{user|1=Ahari123}} को सूचित किया गया 19:08, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:14, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:ऑस्ट्रेलिया के लिए CDR]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:44, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Infobox news organization]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:04, 16 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:गुंजन तिवारी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 07:22, 16 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:अनुच्छेद 329 (भारत का संविधान)]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: अन्य भाषा }; सदस्य {{user|1=Yug Sumhadih}} को सूचित किया गया 02:28, 17 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:डॉ इन्दु शेखर उपाध्याय]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 10:52, 17 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Ajaysingh Mer Rajput]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:19, 17 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 01:22, 18 अप्रैल 2026 (UTC) kiogh2ivc2mik7ap6qlerud2cjk9sgf 6541767 6541706 2026-04-18T05:27:57Z AMAN KUMAR 911487 नामांकन वापस लिया 6541767 wikitext text/x-wiki This is a log of all [[वि:शीह|speedy deletion]] nominations made by this user using [[WP:TW|Twinkle]]'s CSD module. If you no longer wish to keep this log, you can turn it off using the [[Wikipedia:Twinkle/Preferences|preferences panel]], and nominate this page for speedy deletion under [[वि:शीह#U1|CSD U1]]. === मार्च 2026 === # [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC) # [[:साँचा:Fper]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 19 मार्च 2026 (UTC) # [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC) === अप्रैल 2026 === # [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:Protection]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 2 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:विक्रम सिंह मीना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 01:25, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:वार्ता:डिबेटसिলেটবিডি]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: उचित पृष्ठ नहीं}; सदस्य {{user|1=Spacebangla}} को सूचित किया गया 13:30, 7 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:रोहित गिल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:00, 10 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:कुश सोगुण]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 14:06, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Govind Bhana Artist]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 14:38, 12 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Chandan roy Bhirha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:42, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:पूर्ति आर्या]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 03:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Article wizard/button wizard/sandbox]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 20:33, 13 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:The7unity]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 18:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साउथ सिटी इंटर्नैशनल स्कूल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: इसमें उल्लेखनीयता का स्पष्ट अभाव है और कोई भी विश्वसनीय स्रोत नहीं है।}; सदस्य {{user|1=Ahari123}} को सूचित किया गया 19:08, 14 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:14, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:ऑस्ट्रेलिया के लिए CDR]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:44, 15 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:साँचा:Infobox news organization]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:04, 16 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:गुंजन तिवारी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 07:22, 16 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:डॉ इन्दु शेखर उपाध्याय]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 10:52, 17 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य वार्ता:Ajaysingh Mer Rajput]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:19, 17 अप्रैल 2026 (UTC) # [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 01:22, 18 अप्रैल 2026 (UTC) gor1g00ejrz8t84ajy0lrf61ywik0uq अकबर हैदरी 0 1610222 6541738 6532604 2026-04-18T03:35:29Z अनिरुद्ध कुमार 18906 /* करियर */ 6541738 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = सर अकबर हैदरी | image = Akbar_Hydari.jpg | birth_date = {{Birth date|1869|11|8|df=yes}} | birth_place = [[बॉम्बे]], बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत | death_date = {{Death year and age|1941|1869|11}} | office = [[हैदराबाद के प्रधानमंत्रियों की सूची|हैदराबाद के प्रधानमंत्री]] | term_start = 18 मार्च 1937 | term_end = सितंबर 1941 | predecessor = [[महाराजा सर किशन प्रसाद]] | successor = [[मुहम्मद अहमद सईद खान छतारी]] | occupation = राजनीतिज्ञ | spouse = [[अमीना हैदरी]] | children = [[मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी]] | relatives = [[त्यबजी परिवार]] (पत्नी के माध्यम से) }} '''सर मुहम्मद अकबर नज़र अली हैदरी''', 'सद्र उल-महाम', (1869-1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 18 मार्च 1937 से सितंबर 1941 तक हैदराबाद राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। == प्रारंभिक जीवन और शिक्षा == हैदरी का जन्म 8 नवंबर 1869 को [[मुसलमानों]] के एक सुलैमानी बोहरा परिवार में हुआ था। उनके पिता सेठ नज़र अली हैदरी, [[बॉम्बे]] में स्थित एक व्यवसायी थे। हैदरी की शिक्षा बॉम्बे के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई और 1888 से उन्होंने ब्रिटिश भारत की सिविल सेवा में काम किया। 1905 में, उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम की सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्कूल प्रणाली के विस्तार और राज्य के वित्त सुधार की देखरेख की। हैदरी ने [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] की स्थापना की योजना बनाई थी। == व्यावसायिक जीवन == हैदरी ने हैदराबाद राज्य में जाने से पहले भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में कार्य किया, जहाँ वे वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने। 1920 में, उन्होंने बॉम्बे में मुख्य लेखाकार के रूप में ब्रिटिश भारत में एक छोटी अवधि बिताई। हैदराबाद लौटने के बाद, उन्होंने पुलिस, न्याय और सामान्य मामलों के विभाग का नेतृत्व किया। 1921 में, वे वित्त विभाग के प्रमुख बने। हैदरी ने राज्य रेलवे कंपनी और हैदराबाद (दक्कन) कंपनी का भी नेतृत्व किया। 1930 से 1931 तक, उन्होंने लंदन में भारत के भविष्य पर आयोजित [[गोलमेज सम्मेलन (भारत)|प्रथम गोलमेज सम्मेलन]] में हैदराबाद के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 18 मार्च 1937 को, हैदरी को [[किशन प्रसाद]] के उत्तराधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री और कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया। जुलाई 1941 में, उन्हें वायसराय की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे नई दिल्ली चले गए और छतारी के नवाब सैय्यद हाफिज मोहम्मद अहमद उनके उत्तराधिकारी बने। हैदरी की पुरातत्व में भी रुचि थी और वे हैदराबाद में पुरातत्व विभाग की स्थापना में शामिल थे। उनके द्वारा अधिग्रहित लघु चित्रों का संग्रह बॉम्बे के डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय और हैदराबाद के राज्य पुरातत्व संग्रहालय को वसीयत में दिया गया था। हैदरी ने द दून स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के चार मूल सदनों में से 'हैदराबाद हाउस' का नाम अकबर हैदरी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने [[हैदराबाद के निज़ाम]] की सरकार से इसके लिए योगदान प्राप्त किया था। वे एक 'फ्रीमेसन' थे और अजंता की गुफाओं के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार थे। == परिवार == वे अपनी पत्नी अमीना हैदरी (जो त्यबजी परिवार से थीं) के माध्यम से मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी के पिता थे। उनकी पोती हबीबा हैदरी ने गोवा के चित्रकार [[मारियो मिरांडा]] से विवाह किया। उनकी परपोती अभिनेत्री [[अदिति राव हैदरी]] हैं। === सम्मान === हैदरी को ब्रिटिश सरकार द्वारा 1928 में नाइट की उपाधि दी गई थी। हैदरी के पास कई मानद उपाधियाँ थीं और उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें 'नवाब हैदर जंग बहादुर' की उपाधि दी गई थी। 1928 में, हैदरी ने 'नाइट बैचलर' के रूप में ब्रिटिश नाइटहुड प्राप्त किया। जनवरी 1936 में, उन्हें [[यूनाइटेड किंगडम की प्रिवी काउंसिल]] का सदस्य नियुक्त किया गया। हैदरी [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] और [[मद्रास विश्वविद्यालय]] के मानद डॉक्टर थे। == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://books.google.com/books?id=b2NPAAAAMAAJ&q=Muhammad+Akbar+Nazar+Ali+Hydari%2C&pg=PA687 द इंडिया लिस्ट एंड इंडिया ऑफिस लिस्ट] 6nkb3hw61qr5owg1962cnn1g1ak242m 6541740 6541738 2026-04-18T03:35:58Z अनिरुद्ध कुमार 18906 /* प्रारंभिक जीवन और शिक्षा */ 6541740 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = सर अकबर हैदरी | image = Akbar_Hydari.jpg | birth_date = {{Birth date|1869|11|8|df=yes}} | birth_place = [[बॉम्बे]], बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत | death_date = {{Death year and age|1941|1869|11}} | office = [[हैदराबाद के प्रधानमंत्रियों की सूची|हैदराबाद के प्रधानमंत्री]] | term_start = 18 मार्च 1937 | term_end = सितंबर 1941 | predecessor = [[महाराजा सर किशन प्रसाद]] | successor = [[मुहम्मद अहमद सईद खान छतारी]] | occupation = राजनीतिज्ञ | spouse = [[अमीना हैदरी]] | children = [[मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी]] | relatives = [[त्यबजी परिवार]] (पत्नी के माध्यम से) }} '''सर मुहम्मद अकबर नज़र अली हैदरी''', 'सद्र उल-महाम', (1869-1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 18 मार्च 1937 से सितंबर 1941 तक हैदराबाद राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। == प्रारंभिक जीवन == हैदरी का जन्म 8 नवंबर 1869 को [[मुसलमानों]] के एक सुलैमानी बोहरा परिवार में हुआ था। उनके पिता सेठ नज़र अली हैदरी, [[बॉम्बे]] में स्थित एक व्यवसायी थे। हैदरी की शिक्षा बॉम्बे के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई और 1888 से उन्होंने ब्रिटिश भारत की सिविल सेवा में काम किया। 1905 में, उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम की सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्कूल प्रणाली के विस्तार और राज्य के वित्त सुधार की देखरेख की। हैदरी ने [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] की स्थापना की योजना बनाई थी। == व्यावसायिक जीवन == हैदरी ने हैदराबाद राज्य में जाने से पहले भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में कार्य किया, जहाँ वे वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने। 1920 में, उन्होंने बॉम्बे में मुख्य लेखाकार के रूप में ब्रिटिश भारत में एक छोटी अवधि बिताई। हैदराबाद लौटने के बाद, उन्होंने पुलिस, न्याय और सामान्य मामलों के विभाग का नेतृत्व किया। 1921 में, वे वित्त विभाग के प्रमुख बने। हैदरी ने राज्य रेलवे कंपनी और हैदराबाद (दक्कन) कंपनी का भी नेतृत्व किया। 1930 से 1931 तक, उन्होंने लंदन में भारत के भविष्य पर आयोजित [[गोलमेज सम्मेलन (भारत)|प्रथम गोलमेज सम्मेलन]] में हैदराबाद के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 18 मार्च 1937 को, हैदरी को [[किशन प्रसाद]] के उत्तराधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री और कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया। जुलाई 1941 में, उन्हें वायसराय की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे नई दिल्ली चले गए और छतारी के नवाब सैय्यद हाफिज मोहम्मद अहमद उनके उत्तराधिकारी बने। हैदरी की पुरातत्व में भी रुचि थी और वे हैदराबाद में पुरातत्व विभाग की स्थापना में शामिल थे। उनके द्वारा अधिग्रहित लघु चित्रों का संग्रह बॉम्बे के डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय और हैदराबाद के राज्य पुरातत्व संग्रहालय को वसीयत में दिया गया था। हैदरी ने द दून स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के चार मूल सदनों में से 'हैदराबाद हाउस' का नाम अकबर हैदरी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने [[हैदराबाद के निज़ाम]] की सरकार से इसके लिए योगदान प्राप्त किया था। वे एक 'फ्रीमेसन' थे और अजंता की गुफाओं के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार थे। == परिवार == वे अपनी पत्नी अमीना हैदरी (जो त्यबजी परिवार से थीं) के माध्यम से मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी के पिता थे। उनकी पोती हबीबा हैदरी ने गोवा के चित्रकार [[मारियो मिरांडा]] से विवाह किया। उनकी परपोती अभिनेत्री [[अदिति राव हैदरी]] हैं। === सम्मान === हैदरी को ब्रिटिश सरकार द्वारा 1928 में नाइट की उपाधि दी गई थी। हैदरी के पास कई मानद उपाधियाँ थीं और उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें 'नवाब हैदर जंग बहादुर' की उपाधि दी गई थी। 1928 में, हैदरी ने 'नाइट बैचलर' के रूप में ब्रिटिश नाइटहुड प्राप्त किया। जनवरी 1936 में, उन्हें [[यूनाइटेड किंगडम की प्रिवी काउंसिल]] का सदस्य नियुक्त किया गया। हैदरी [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] और [[मद्रास विश्वविद्यालय]] के मानद डॉक्टर थे। == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://books.google.com/books?id=b2NPAAAAMAAJ&q=Muhammad+Akbar+Nazar+Ali+Hydari%2C&pg=PA687 द इंडिया लिस्ट एंड इंडिया ऑफिस लिस्ट] 9bvuuyhy4s1isp091lbemau4681h8yy 6541744 6541740 2026-04-18T03:40:05Z अनिरुद्ध कुमार 18906 /* परिवार */ 6541744 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = सर अकबर हैदरी | image = Akbar_Hydari.jpg | birth_date = {{Birth date|1869|11|8|df=yes}} | birth_place = [[बॉम्बे]], बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत | death_date = {{Death year and age|1941|1869|11}} | office = [[हैदराबाद के प्रधानमंत्रियों की सूची|हैदराबाद के प्रधानमंत्री]] | term_start = 18 मार्च 1937 | term_end = सितंबर 1941 | predecessor = [[महाराजा सर किशन प्रसाद]] | successor = [[मुहम्मद अहमद सईद खान छतारी]] | occupation = राजनीतिज्ञ | spouse = [[अमीना हैदरी]] | children = [[मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी]] | relatives = [[त्यबजी परिवार]] (पत्नी के माध्यम से) }} '''सर मुहम्मद अकबर नज़र अली हैदरी''', 'सद्र उल-महाम', (1869-1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 18 मार्च 1937 से सितंबर 1941 तक हैदराबाद राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। == प्रारंभिक जीवन == हैदरी का जन्म 8 नवंबर 1869 को [[मुसलमानों]] के एक सुलैमानी बोहरा परिवार में हुआ था। उनके पिता सेठ नज़र अली हैदरी, [[बॉम्बे]] में स्थित एक व्यवसायी थे। हैदरी की शिक्षा बॉम्बे के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई और 1888 से उन्होंने ब्रिटिश भारत की सिविल सेवा में काम किया। 1905 में, उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम की सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्कूल प्रणाली के विस्तार और राज्य के वित्त सुधार की देखरेख की। हैदरी ने [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] की स्थापना की योजना बनाई थी। == व्यावसायिक जीवन == हैदरी ने हैदराबाद राज्य में जाने से पहले भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में कार्य किया, जहाँ वे वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने। 1920 में, उन्होंने बॉम्बे में मुख्य लेखाकार के रूप में ब्रिटिश भारत में एक छोटी अवधि बिताई। हैदराबाद लौटने के बाद, उन्होंने पुलिस, न्याय और सामान्य मामलों के विभाग का नेतृत्व किया। 1921 में, वे वित्त विभाग के प्रमुख बने। हैदरी ने राज्य रेलवे कंपनी और हैदराबाद (दक्कन) कंपनी का भी नेतृत्व किया। 1930 से 1931 तक, उन्होंने लंदन में भारत के भविष्य पर आयोजित [[गोलमेज सम्मेलन (भारत)|प्रथम गोलमेज सम्मेलन]] में हैदराबाद के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 18 मार्च 1937 को, हैदरी को [[किशन प्रसाद]] के उत्तराधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री और कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया। जुलाई 1941 में, उन्हें वायसराय की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे नई दिल्ली चले गए और छतारी के नवाब सैय्यद हाफिज मोहम्मद अहमद उनके उत्तराधिकारी बने। हैदरी की पुरातत्व में भी रुचि थी और वे हैदराबाद में पुरातत्व विभाग की स्थापना में शामिल थे। उनके द्वारा अधिग्रहित लघु चित्रों का संग्रह बॉम्बे के डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय और हैदराबाद के राज्य पुरातत्व संग्रहालय को वसीयत में दिया गया था। हैदरी ने द दून स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के चार मूल सदनों में से 'हैदराबाद हाउस' का नाम अकबर हैदरी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने [[हैदराबाद के निज़ाम]] की सरकार से इसके लिए योगदान प्राप्त किया था। वे एक 'फ्रीमेसन' थे और अजंता की गुफाओं के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार थे। == परिवार == उनकी पत्नी त्यबजी परिवार की अमीना हैदरी थीं। उनके पुत्र मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी थे। उनकी पोती हबीबा हैदरी थी जिन्होंने गोवा के चित्रकार [[मारियो मिरांडा]] से विवाह किया। उनकी परपोती अभिनेत्री [[अदिति राव हैदरी]] हैं। == सम्मान == हैदरी को ब्रिटिश सरकार द्वारा 1928 में नाइट की उपाधि दी गई थी। हैदरी के पास कई मानद उपाधियाँ थीं और उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें 'नवाब हैदर जंग बहादुर' की उपाधि दी गई थी। 1928 में, हैदरी ने 'नाइट बैचलर' के रूप में ब्रिटिश नाइटहुड प्राप्त किया। जनवरी 1936 में, उन्हें [[यूनाइटेड किंगडम की प्रिवी काउंसिल]] का सदस्य नियुक्त किया गया। हैदरी [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] और [[मद्रास विश्वविद्यालय]] के मानद डॉक्टर थे। == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://books.google.com/books?id=b2NPAAAAMAAJ&q=Muhammad+Akbar+Nazar+Ali+Hydari%2C&pg=PA687 द इंडिया लिस्ट एंड इंडिया ऑफिस लिस्ट] rs9qudkl2oz7k3unlxi1236ho1r0c2z 6541745 6541744 2026-04-18T03:42:07Z अनिरुद्ध कुमार 18906 /* सम्मान */ 6541745 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = सर अकबर हैदरी | image = Akbar_Hydari.jpg | birth_date = {{Birth date|1869|11|8|df=yes}} | birth_place = [[बॉम्बे]], बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत | death_date = {{Death year and age|1941|1869|11}} | office = [[हैदराबाद के प्रधानमंत्रियों की सूची|हैदराबाद के प्रधानमंत्री]] | term_start = 18 मार्च 1937 | term_end = सितंबर 1941 | predecessor = [[महाराजा सर किशन प्रसाद]] | successor = [[मुहम्मद अहमद सईद खान छतारी]] | occupation = राजनीतिज्ञ | spouse = [[अमीना हैदरी]] | children = [[मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी]] | relatives = [[त्यबजी परिवार]] (पत्नी के माध्यम से) }} '''सर मुहम्मद अकबर नज़र अली हैदरी''', 'सद्र उल-महाम', (1869-1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 18 मार्च 1937 से सितंबर 1941 तक हैदराबाद राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। == प्रारंभिक जीवन == हैदरी का जन्म 8 नवंबर 1869 को [[मुसलमानों]] के एक सुलैमानी बोहरा परिवार में हुआ था। उनके पिता सेठ नज़र अली हैदरी, [[बॉम्बे]] में स्थित एक व्यवसायी थे। हैदरी की शिक्षा बॉम्बे के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई और 1888 से उन्होंने ब्रिटिश भारत की सिविल सेवा में काम किया। 1905 में, उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम की सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्कूल प्रणाली के विस्तार और राज्य के वित्त सुधार की देखरेख की। हैदरी ने [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] की स्थापना की योजना बनाई थी। == व्यावसायिक जीवन == हैदरी ने हैदराबाद राज्य में जाने से पहले भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में कार्य किया, जहाँ वे वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने। 1920 में, उन्होंने बॉम्बे में मुख्य लेखाकार के रूप में ब्रिटिश भारत में एक छोटी अवधि बिताई। हैदराबाद लौटने के बाद, उन्होंने पुलिस, न्याय और सामान्य मामलों के विभाग का नेतृत्व किया। 1921 में, वे वित्त विभाग के प्रमुख बने। हैदरी ने राज्य रेलवे कंपनी और हैदराबाद (दक्कन) कंपनी का भी नेतृत्व किया। 1930 से 1931 तक, उन्होंने लंदन में भारत के भविष्य पर आयोजित [[गोलमेज सम्मेलन (भारत)|प्रथम गोलमेज सम्मेलन]] में हैदराबाद के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 18 मार्च 1937 को, हैदरी को [[किशन प्रसाद]] के उत्तराधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री और कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया। जुलाई 1941 में, उन्हें वायसराय की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे नई दिल्ली चले गए और छतारी के नवाब सैय्यद हाफिज मोहम्मद अहमद उनके उत्तराधिकारी बने। हैदरी की पुरातत्व में भी रुचि थी और वे हैदराबाद में पुरातत्व विभाग की स्थापना में शामिल थे। उनके द्वारा अधिग्रहित लघु चित्रों का संग्रह बॉम्बे के डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय और हैदराबाद के राज्य पुरातत्व संग्रहालय को वसीयत में दिया गया था। हैदरी ने द दून स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के चार मूल सदनों में से 'हैदराबाद हाउस' का नाम अकबर हैदरी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने [[हैदराबाद के निज़ाम]] की सरकार से इसके लिए योगदान प्राप्त किया था। वे एक 'फ्रीमेसन' थे और अजंता की गुफाओं के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार थे। == परिवार == उनकी पत्नी त्यबजी परिवार की अमीना हैदरी थीं। उनके पुत्र मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी थे। उनकी पोती हबीबा हैदरी थी जिन्होंने गोवा के चित्रकार [[मारियो मिरांडा]] से विवाह किया। उनकी परपोती अभिनेत्री [[अदिति राव हैदरी]] हैं। == सम्मान == हैदरी को ब्रिटिश सरकार द्वारा 1928 में नाइट की उपाधि दी गई थी। उन्हें 'नवाब हैदर जंग बहादुर' की उपाधि दी गई थी। 1928 में, हैदरी ने 'नाइट बैचलर' के रूप में ब्रिटिश नाइटहुड प्राप्त किया। जनवरी 1936 में, उन्हें [[यूनाइटेड किंगडम की प्रिवी काउंसिल]] का सदस्य नियुक्त किया गया। हैदरी [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] और [[मद्रास विश्वविद्यालय]] के मानद डॉक्टर थे। == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://books.google.com/books?id=b2NPAAAAMAAJ&q=Muhammad+Akbar+Nazar+Ali+Hydari%2C&pg=PA687 द इंडिया लिस्ट एंड इंडिया ऑफिस लिस्ट] 6fkfohmwzxvhrskey4x78rhu56opd1g 6541746 6541745 2026-04-18T03:44:51Z अनिरुद्ध कुमार 18906 टैग {{[[साँचा:स्रोतहीन|स्रोतहीन]]}} लेख में जोड़ा जा रहा ([[वि:ट्विंकल|ट्विंकल]]) 6541746 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=अप्रैल 2026}} {{Infobox officeholder | name = सर अकबर हैदरी | image = Akbar_Hydari.jpg | birth_date = {{Birth date|1869|11|8|df=yes}} | birth_place = [[बॉम्बे]], बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत | death_date = {{Death year and age|1941|1869|11}} | office = [[हैदराबाद के प्रधानमंत्रियों की सूची|हैदराबाद के प्रधानमंत्री]] | term_start = 18 मार्च 1937 | term_end = सितंबर 1941 | predecessor = [[महाराजा सर किशन प्रसाद]] | successor = [[मुहम्मद अहमद सईद खान छतारी]] | occupation = राजनीतिज्ञ | spouse = [[अमीना हैदरी]] | children = [[मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी]] | relatives = [[त्यबजी परिवार]] (पत्नी के माध्यम से) }} '''सर मुहम्मद अकबर नज़र अली हैदरी''', 'सद्र उल-महाम', (1869-1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 18 मार्च 1937 से सितंबर 1941 तक हैदराबाद राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। == प्रारंभिक जीवन == हैदरी का जन्म 8 नवंबर 1869 को [[मुसलमानों]] के एक सुलैमानी बोहरा परिवार में हुआ था। उनके पिता सेठ नज़र अली हैदरी, [[बॉम्बे]] में स्थित एक व्यवसायी थे। हैदरी की शिक्षा बॉम्बे के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई और 1888 से उन्होंने ब्रिटिश भारत की सिविल सेवा में काम किया। 1905 में, उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम की सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्कूल प्रणाली के विस्तार और राज्य के वित्त सुधार की देखरेख की। हैदरी ने [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] की स्थापना की योजना बनाई थी। == व्यावसायिक जीवन == हैदरी ने हैदराबाद राज्य में जाने से पहले भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में कार्य किया, जहाँ वे वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने। 1920 में, उन्होंने बॉम्बे में मुख्य लेखाकार के रूप में ब्रिटिश भारत में एक छोटी अवधि बिताई। हैदराबाद लौटने के बाद, उन्होंने पुलिस, न्याय और सामान्य मामलों के विभाग का नेतृत्व किया। 1921 में, वे वित्त विभाग के प्रमुख बने। हैदरी ने राज्य रेलवे कंपनी और हैदराबाद (दक्कन) कंपनी का भी नेतृत्व किया। 1930 से 1931 तक, उन्होंने लंदन में भारत के भविष्य पर आयोजित [[गोलमेज सम्मेलन (भारत)|प्रथम गोलमेज सम्मेलन]] में हैदराबाद के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 18 मार्च 1937 को, हैदरी को [[किशन प्रसाद]] के उत्तराधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री और कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया। जुलाई 1941 में, उन्हें वायसराय की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे नई दिल्ली चले गए और छतारी के नवाब सैय्यद हाफिज मोहम्मद अहमद उनके उत्तराधिकारी बने। हैदरी की पुरातत्व में भी रुचि थी और वे हैदराबाद में पुरातत्व विभाग की स्थापना में शामिल थे। उनके द्वारा अधिग्रहित लघु चित्रों का संग्रह बॉम्बे के डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय और हैदराबाद के राज्य पुरातत्व संग्रहालय को वसीयत में दिया गया था। हैदरी ने द दून स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के चार मूल सदनों में से 'हैदराबाद हाउस' का नाम अकबर हैदरी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने [[हैदराबाद के निज़ाम]] की सरकार से इसके लिए योगदान प्राप्त किया था। वे एक 'फ्रीमेसन' थे और अजंता की गुफाओं के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार थे। == परिवार == उनकी पत्नी त्यबजी परिवार की अमीना हैदरी थीं। उनके पुत्र मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी थे। उनकी पोती हबीबा हैदरी थी जिन्होंने गोवा के चित्रकार [[मारियो मिरांडा]] से विवाह किया। उनकी परपोती अभिनेत्री [[अदिति राव हैदरी]] हैं। == सम्मान == हैदरी को ब्रिटिश सरकार द्वारा 1928 में नाइट की उपाधि दी गई थी। उन्हें 'नवाब हैदर जंग बहादुर' की उपाधि दी गई थी। 1928 में, हैदरी ने 'नाइट बैचलर' के रूप में ब्रिटिश नाइटहुड प्राप्त किया। जनवरी 1936 में, उन्हें [[यूनाइटेड किंगडम की प्रिवी काउंसिल]] का सदस्य नियुक्त किया गया। हैदरी [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] और [[मद्रास विश्वविद्यालय]] के मानद डॉक्टर थे। == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://books.google.com/books?id=b2NPAAAAMAAJ&q=Muhammad+Akbar+Nazar+Ali+Hydari%2C&pg=PA687 द इंडिया लिस्ट एंड इंडिया ऑफिस लिस्ट] bkkus9ix0yctn1229dx9roph0rgsgh0 6541748 6541746 2026-04-18T03:47:16Z अनिरुद्ध कुमार 18906 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:1869 में जन्मे लोग]] जोड़ी 6541748 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=अप्रैल 2026}} {{Infobox officeholder | name = सर अकबर हैदरी | image = Akbar_Hydari.jpg | birth_date = {{Birth date|1869|11|8|df=yes}} | birth_place = [[बॉम्बे]], बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत | death_date = {{Death year and age|1941|1869|11}} | office = [[हैदराबाद के प्रधानमंत्रियों की सूची|हैदराबाद के प्रधानमंत्री]] | term_start = 18 मार्च 1937 | term_end = सितंबर 1941 | predecessor = [[महाराजा सर किशन प्रसाद]] | successor = [[मुहम्मद अहमद सईद खान छतारी]] | occupation = राजनीतिज्ञ | spouse = [[अमीना हैदरी]] | children = [[मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी]] | relatives = [[त्यबजी परिवार]] (पत्नी के माध्यम से) }} '''सर मुहम्मद अकबर नज़र अली हैदरी''', 'सद्र उल-महाम', (1869-1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 18 मार्च 1937 से सितंबर 1941 तक हैदराबाद राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। == प्रारंभिक जीवन == हैदरी का जन्म 8 नवंबर 1869 को [[मुसलमानों]] के एक सुलैमानी बोहरा परिवार में हुआ था। उनके पिता सेठ नज़र अली हैदरी, [[बॉम्बे]] में स्थित एक व्यवसायी थे। हैदरी की शिक्षा बॉम्बे के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई और 1888 से उन्होंने ब्रिटिश भारत की सिविल सेवा में काम किया। 1905 में, उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम की सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्कूल प्रणाली के विस्तार और राज्य के वित्त सुधार की देखरेख की। हैदरी ने [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] की स्थापना की योजना बनाई थी। == व्यावसायिक जीवन == हैदरी ने हैदराबाद राज्य में जाने से पहले भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में कार्य किया, जहाँ वे वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने। 1920 में, उन्होंने बॉम्बे में मुख्य लेखाकार के रूप में ब्रिटिश भारत में एक छोटी अवधि बिताई। हैदराबाद लौटने के बाद, उन्होंने पुलिस, न्याय और सामान्य मामलों के विभाग का नेतृत्व किया। 1921 में, वे वित्त विभाग के प्रमुख बने। हैदरी ने राज्य रेलवे कंपनी और हैदराबाद (दक्कन) कंपनी का भी नेतृत्व किया। 1930 से 1931 तक, उन्होंने लंदन में भारत के भविष्य पर आयोजित [[गोलमेज सम्मेलन (भारत)|प्रथम गोलमेज सम्मेलन]] में हैदराबाद के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 18 मार्च 1937 को, हैदरी को [[किशन प्रसाद]] के उत्तराधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री और कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया। जुलाई 1941 में, उन्हें वायसराय की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे नई दिल्ली चले गए और छतारी के नवाब सैय्यद हाफिज मोहम्मद अहमद उनके उत्तराधिकारी बने। हैदरी की पुरातत्व में भी रुचि थी और वे हैदराबाद में पुरातत्व विभाग की स्थापना में शामिल थे। उनके द्वारा अधिग्रहित लघु चित्रों का संग्रह बॉम्बे के डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय और हैदराबाद के राज्य पुरातत्व संग्रहालय को वसीयत में दिया गया था। हैदरी ने द दून स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के चार मूल सदनों में से 'हैदराबाद हाउस' का नाम अकबर हैदरी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने [[हैदराबाद के निज़ाम]] की सरकार से इसके लिए योगदान प्राप्त किया था। वे एक 'फ्रीमेसन' थे और अजंता की गुफाओं के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार थे। == परिवार == उनकी पत्नी त्यबजी परिवार की अमीना हैदरी थीं। उनके पुत्र मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी थे। उनकी पोती हबीबा हैदरी थी जिन्होंने गोवा के चित्रकार [[मारियो मिरांडा]] से विवाह किया। उनकी परपोती अभिनेत्री [[अदिति राव हैदरी]] हैं। == सम्मान == हैदरी को ब्रिटिश सरकार द्वारा 1928 में नाइट की उपाधि दी गई थी। उन्हें 'नवाब हैदर जंग बहादुर' की उपाधि दी गई थी। 1928 में, हैदरी ने 'नाइट बैचलर' के रूप में ब्रिटिश नाइटहुड प्राप्त किया। जनवरी 1936 में, उन्हें [[यूनाइटेड किंगडम की प्रिवी काउंसिल]] का सदस्य नियुक्त किया गया। हैदरी [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] और [[मद्रास विश्वविद्यालय]] के मानद डॉक्टर थे। == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://books.google.com/books?id=b2NPAAAAMAAJ&q=Muhammad+Akbar+Nazar+Ali+Hydari%2C&pg=PA687 द इंडिया लिस्ट एंड इंडिया ऑफिस लिस्ट] [[श्रेणी:1869 में जन्मे लोग]] 12okwm6a69zq952iw5l9mrofjtxtw2l 6541749 6541748 2026-04-18T03:48:03Z अनिरुद्ध कुमार 18906 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:१९४१ में निधन]] जोड़ी 6541749 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=अप्रैल 2026}} {{Infobox officeholder | name = सर अकबर हैदरी | image = Akbar_Hydari.jpg | birth_date = {{Birth date|1869|11|8|df=yes}} | birth_place = [[बॉम्बे]], बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत | death_date = {{Death year and age|1941|1869|11}} | office = [[हैदराबाद के प्रधानमंत्रियों की सूची|हैदराबाद के प्रधानमंत्री]] | term_start = 18 मार्च 1937 | term_end = सितंबर 1941 | predecessor = [[महाराजा सर किशन प्रसाद]] | successor = [[मुहम्मद अहमद सईद खान छतारी]] | occupation = राजनीतिज्ञ | spouse = [[अमीना हैदरी]] | children = [[मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी]] | relatives = [[त्यबजी परिवार]] (पत्नी के माध्यम से) }} '''सर मुहम्मद अकबर नज़र अली हैदरी''', 'सद्र उल-महाम', (1869-1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 18 मार्च 1937 से सितंबर 1941 तक हैदराबाद राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। == प्रारंभिक जीवन == हैदरी का जन्म 8 नवंबर 1869 को [[मुसलमानों]] के एक सुलैमानी बोहरा परिवार में हुआ था। उनके पिता सेठ नज़र अली हैदरी, [[बॉम्बे]] में स्थित एक व्यवसायी थे। हैदरी की शिक्षा बॉम्बे के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई और 1888 से उन्होंने ब्रिटिश भारत की सिविल सेवा में काम किया। 1905 में, उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम की सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्कूल प्रणाली के विस्तार और राज्य के वित्त सुधार की देखरेख की। हैदरी ने [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] की स्थापना की योजना बनाई थी। == व्यावसायिक जीवन == हैदरी ने हैदराबाद राज्य में जाने से पहले भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में कार्य किया, जहाँ वे वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने। 1920 में, उन्होंने बॉम्बे में मुख्य लेखाकार के रूप में ब्रिटिश भारत में एक छोटी अवधि बिताई। हैदराबाद लौटने के बाद, उन्होंने पुलिस, न्याय और सामान्य मामलों के विभाग का नेतृत्व किया। 1921 में, वे वित्त विभाग के प्रमुख बने। हैदरी ने राज्य रेलवे कंपनी और हैदराबाद (दक्कन) कंपनी का भी नेतृत्व किया। 1930 से 1931 तक, उन्होंने लंदन में भारत के भविष्य पर आयोजित [[गोलमेज सम्मेलन (भारत)|प्रथम गोलमेज सम्मेलन]] में हैदराबाद के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 18 मार्च 1937 को, हैदरी को [[किशन प्रसाद]] के उत्तराधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री और कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया। जुलाई 1941 में, उन्हें वायसराय की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे नई दिल्ली चले गए और छतारी के नवाब सैय्यद हाफिज मोहम्मद अहमद उनके उत्तराधिकारी बने। हैदरी की पुरातत्व में भी रुचि थी और वे हैदराबाद में पुरातत्व विभाग की स्थापना में शामिल थे। उनके द्वारा अधिग्रहित लघु चित्रों का संग्रह बॉम्बे के डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय और हैदराबाद के राज्य पुरातत्व संग्रहालय को वसीयत में दिया गया था। हैदरी ने द दून स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के चार मूल सदनों में से 'हैदराबाद हाउस' का नाम अकबर हैदरी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने [[हैदराबाद के निज़ाम]] की सरकार से इसके लिए योगदान प्राप्त किया था। वे एक 'फ्रीमेसन' थे और अजंता की गुफाओं के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार थे। == परिवार == उनकी पत्नी त्यबजी परिवार की अमीना हैदरी थीं। उनके पुत्र मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी थे। उनकी पोती हबीबा हैदरी थी जिन्होंने गोवा के चित्रकार [[मारियो मिरांडा]] से विवाह किया। उनकी परपोती अभिनेत्री [[अदिति राव हैदरी]] हैं। == सम्मान == हैदरी को ब्रिटिश सरकार द्वारा 1928 में नाइट की उपाधि दी गई थी। उन्हें 'नवाब हैदर जंग बहादुर' की उपाधि दी गई थी। 1928 में, हैदरी ने 'नाइट बैचलर' के रूप में ब्रिटिश नाइटहुड प्राप्त किया। जनवरी 1936 में, उन्हें [[यूनाइटेड किंगडम की प्रिवी काउंसिल]] का सदस्य नियुक्त किया गया। हैदरी [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] और [[मद्रास विश्वविद्यालय]] के मानद डॉक्टर थे। == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://books.google.com/books?id=b2NPAAAAMAAJ&q=Muhammad+Akbar+Nazar+Ali+Hydari%2C&pg=PA687 द इंडिया लिस्ट एंड इंडिया ऑफिस लिस्ट] [[श्रेणी:1869 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९४१ में निधन]] q6bqymxs3094vuwgvki9zht9trnb224 6541750 6541749 2026-04-18T03:49:21Z अनिरुद्ध कुमार 18906 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:हैदराबाद राज्य]] जोड़ी 6541750 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=अप्रैल 2026}} {{Infobox officeholder | name = सर अकबर हैदरी | image = Akbar_Hydari.jpg | birth_date = {{Birth date|1869|11|8|df=yes}} | birth_place = [[बॉम्बे]], बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत | death_date = {{Death year and age|1941|1869|11}} | office = [[हैदराबाद के प्रधानमंत्रियों की सूची|हैदराबाद के प्रधानमंत्री]] | term_start = 18 मार्च 1937 | term_end = सितंबर 1941 | predecessor = [[महाराजा सर किशन प्रसाद]] | successor = [[मुहम्मद अहमद सईद खान छतारी]] | occupation = राजनीतिज्ञ | spouse = [[अमीना हैदरी]] | children = [[मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी]] | relatives = [[त्यबजी परिवार]] (पत्नी के माध्यम से) }} '''सर मुहम्मद अकबर नज़र अली हैदरी''', 'सद्र उल-महाम', (1869-1941) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 18 मार्च 1937 से सितंबर 1941 तक हैदराबाद राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। == प्रारंभिक जीवन == हैदरी का जन्म 8 नवंबर 1869 को [[मुसलमानों]] के एक सुलैमानी बोहरा परिवार में हुआ था। उनके पिता सेठ नज़र अली हैदरी, [[बॉम्बे]] में स्थित एक व्यवसायी थे। हैदरी की शिक्षा बॉम्बे के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुई और 1888 से उन्होंने ब्रिटिश भारत की सिविल सेवा में काम किया। 1905 में, उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम की सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्कूल प्रणाली के विस्तार और राज्य के वित्त सुधार की देखरेख की। हैदरी ने [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] की स्थापना की योजना बनाई थी। == व्यावसायिक जीवन == हैदरी ने हैदराबाद राज्य में जाने से पहले भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में कार्य किया, जहाँ वे वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने। 1920 में, उन्होंने बॉम्बे में मुख्य लेखाकार के रूप में ब्रिटिश भारत में एक छोटी अवधि बिताई। हैदराबाद लौटने के बाद, उन्होंने पुलिस, न्याय और सामान्य मामलों के विभाग का नेतृत्व किया। 1921 में, वे वित्त विभाग के प्रमुख बने। हैदरी ने राज्य रेलवे कंपनी और हैदराबाद (दक्कन) कंपनी का भी नेतृत्व किया। 1930 से 1931 तक, उन्होंने लंदन में भारत के भविष्य पर आयोजित [[गोलमेज सम्मेलन (भारत)|प्रथम गोलमेज सम्मेलन]] में हैदराबाद के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 18 मार्च 1937 को, हैदरी को [[किशन प्रसाद]] के उत्तराधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री और कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया। जुलाई 1941 में, उन्हें वायसराय की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे नई दिल्ली चले गए और छतारी के नवाब सैय्यद हाफिज मोहम्मद अहमद उनके उत्तराधिकारी बने। हैदरी की पुरातत्व में भी रुचि थी और वे हैदराबाद में पुरातत्व विभाग की स्थापना में शामिल थे। उनके द्वारा अधिग्रहित लघु चित्रों का संग्रह बॉम्बे के डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय और हैदराबाद के राज्य पुरातत्व संग्रहालय को वसीयत में दिया गया था। हैदरी ने द दून स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के चार मूल सदनों में से 'हैदराबाद हाउस' का नाम अकबर हैदरी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने [[हैदराबाद के निज़ाम]] की सरकार से इसके लिए योगदान प्राप्त किया था। वे एक 'फ्रीमेसन' थे और अजंता की गुफाओं के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार थे। == परिवार == उनकी पत्नी त्यबजी परिवार की अमीना हैदरी थीं। उनके पुत्र मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी थे। उनकी पोती हबीबा हैदरी थी जिन्होंने गोवा के चित्रकार [[मारियो मिरांडा]] से विवाह किया। उनकी परपोती अभिनेत्री [[अदिति राव हैदरी]] हैं। == सम्मान == हैदरी को ब्रिटिश सरकार द्वारा 1928 में नाइट की उपाधि दी गई थी। उन्हें 'नवाब हैदर जंग बहादुर' की उपाधि दी गई थी। 1928 में, हैदरी ने 'नाइट बैचलर' के रूप में ब्रिटिश नाइटहुड प्राप्त किया। जनवरी 1936 में, उन्हें [[यूनाइटेड किंगडम की प्रिवी काउंसिल]] का सदस्य नियुक्त किया गया। हैदरी [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] और [[मद्रास विश्वविद्यालय]] के मानद डॉक्टर थे। == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://books.google.com/books?id=b2NPAAAAMAAJ&q=Muhammad+Akbar+Nazar+Ali+Hydari%2C&pg=PA687 द इंडिया लिस्ट एंड इंडिया ऑफिस लिस्ट] [[श्रेणी:1869 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९४१ में निधन]] [[श्रेणी:हैदराबाद राज्य]] h79d085o8stvz4kfl5t08qk4tktwzk2 विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/हेलवान (कब्रिस्तान) 4 1610595 6541605 6534498 2026-04-17T14:41:18Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* हेलवान (कब्रिस्तान) */ उत्तर 6541605 wikitext text/x-wiki === [[:हेलवान (कब्रिस्तान)]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=मार्च 2026}} :{{la|1=हेलवान (कब्रिस्तान)}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|हेलवान (कब्रिस्तान) -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: उल्लेखनीय नहीं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:20, 29 मार्च 2026 (UTC) * '''हटाए''' नामांकन अनुसार [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:29, 30 मार्च 2026 (UTC) *:लेख में अंग्रेज़ी विकिपीडिया लेख से संदर्भ जोड़े गए हैं, तथापि स्वतंत्र रूप से खोज करने पर विषय से संबंधित पर्याप्त एवं सत्यापन योग्य जानकारी प्राप्त नहीं हुई। इस कारण यह लेख उल्लेखनीयता के मानदंडों को पूर्ण करता हुआ प्रतीत नहीं होता। अतः मेरे मत में इसे हटाया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:41, 17 अप्रैल 2026 (UTC) r72oxdbdlr447xd1a86mb2kgs0ty459 6541606 6541605 2026-04-17T14:41:31Z चाहर धर्मेंद्र 703114 6541606 wikitext text/x-wiki === [[:हेलवान (कब्रिस्तान)]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=मार्च 2026}} :{{la|1=हेलवान (कब्रिस्तान)}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|हेलवान (कब्रिस्तान) -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: उल्लेखनीय नहीं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:20, 29 मार्च 2026 (UTC) * '''हटाए''' नामांकन अनुसार [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:29, 30 मार्च 2026 (UTC) * लेख में अंग्रेज़ी विकिपीडिया लेख से संदर्भ जोड़े गए हैं, तथापि स्वतंत्र रूप से खोज करने पर विषय से संबंधित पर्याप्त एवं सत्यापन योग्य जानकारी प्राप्त नहीं हुई। इस कारण यह लेख उल्लेखनीयता के मानदंडों को पूर्ण करता हुआ प्रतीत नहीं होता। अतः मेरे मत में इसे हटाया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:41, 17 अप्रैल 2026 (UTC) kiuubjvs6g9tjvawne6hva859yuzcxf विकिपीडिया:आँकड़े/2026/अप्रैल 4 1610671 6541589 6541250 2026-04-17T12:14:18Z NeechalBOT 98381 statistics 6541589 wikitext text/x-wiki <!--- stats starts--->{{सदस्य:Neechalkaran/statnotice}}{| class="wikitable sortable" style="width:90%" |- ! Date(Time) ! Pages ! Articles ! Edits ! Users ! Files ! Activeusers {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =1-4-2026 6:14 |Pages = 1386987 |dPages = -1 |Articles = 168842 |dArticles = 20 |Edits = 6521355 |dEdits = 305 |Files = 4663 |dFiles = -1 |Users = 898113 |dUsers = 186 |Ausers = 970 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =2-4-2026 6:14 |Pages = 1387020 |dPages = 33 |Articles = 168862 |dArticles = 20 |Edits = 6521679 |dEdits = 324 |Files = 4663 |dFiles = 0 |Users = 898323 |dUsers = 210 |Ausers = 970 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =3-4-2026 6:14 |Pages = 1387050 |dPages = 30 |Articles = 168873 |dArticles = 11 |Edits = 6522057 |dEdits = 378 |Files = 4663 |dFiles = 0 |Users = 898538 |dUsers = 215 |Ausers = 970 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =4-4-2026 6:14 |Pages = 1387101 |dPages = 51 |Articles = 168895 |dArticles = 22 |Edits = 6522480 |dEdits = 423 |Files = 4663 |dFiles = 0 |Users = 898714 |dUsers = 176 |Ausers = 989 |dAusers = 19 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =5-4-2026 6:14 |Pages = 1387117 |dPages = 16 |Articles = 168902 |dArticles = 7 |Edits = 6522796 |dEdits = 316 |Files = 4663 |dFiles = 0 |Users = 898890 |dUsers = 176 |Ausers = 989 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =6-4-2026 6:14 |Pages = 1387148 |dPages = 31 |Articles = 168916 |dArticles = 14 |Edits = 6523186 |dEdits = 390 |Files = 4664 |dFiles = 1 |Users = 899050 |dUsers = 160 |Ausers = 989 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =7-4-2026 6:14 |Pages = 1387181 |dPages = 33 |Articles = 168934 |dArticles = 18 |Edits = 6523614 |dEdits = 428 |Files = 4664 |dFiles = 0 |Users = 899201 |dUsers = 151 |Ausers = 1010 |dAusers = 21 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =8-4-2026 6:14 |Pages = 1387197 |dPages = 16 |Articles = 168940 |dArticles = 6 |Edits = 6523862 |dEdits = 248 |Files = 4664 |dFiles = 0 |Users = 899354 |dUsers = 153 |Ausers = 1010 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =9-4-2026 6:14 |Pages = 1387229 |dPages = 32 |Articles = 168959 |dArticles = 19 |Edits = 6524300 |dEdits = 438 |Files = 4664 |dFiles = 0 |Users = 899516 |dUsers = 162 |Ausers = 1010 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =10-4-2026 6:14 |Pages = 1387259 |dPages = 30 |Articles = 168970 |dArticles = 11 |Edits = 6524620 |dEdits = 320 |Files = 4665 |dFiles = 1 |Users = 899670 |dUsers = 154 |Ausers = 1010 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =11-4-2026 6:14 |Pages = 1387307 |dPages = 48 |Articles = 168993 |dArticles = 23 |Edits = 6525065 |dEdits = 445 |Files = 4666 |dFiles = 1 |Users = 899822 |dUsers = 152 |Ausers = 1023 |dAusers = 13 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =12-4-2026 6:14 |Pages = 1387325 |dPages = 18 |Articles = 169000 |dArticles = 7 |Edits = 6525487 |dEdits = 422 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 899967 |dUsers = 145 |Ausers = 1023 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =13-4-2026 6:14 |Pages = 1387369 |dPages = 44 |Articles = 169021 |dArticles = 21 |Edits = 6525834 |dEdits = 347 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 900122 |dUsers = 155 |Ausers = 1023 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =14-4-2026 6:14 |Pages = 1387429 |dPages = 60 |Articles = 169056 |dArticles = 35 |Edits = 6526601 |dEdits = 767 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 900268 |dUsers = 146 |Ausers = 1013 |dAusers = -10 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =15-4-2026 6:14 |Pages = 1387467 |dPages = 38 |Articles = 169071 |dArticles = 15 |Edits = 6527158 |dEdits = 557 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 900419 |dUsers = 151 |Ausers = 1013 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =16-4-2026 6:14 |Pages = 1387476 |dPages = 9 |Articles = 169071 |dArticles = 0 |Edits = 6527486 |dEdits = 328 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 900578 |dUsers = 159 |Ausers = 1013 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =17-4-2026 6:14 |Pages = 1387522 |dPages = 46 |Articles = 169088 |dArticles = 17 |Edits = 6527827 |dEdits = 341 |Files = 4666 |dFiles = 0 |Users = 900694 |dUsers = 116 |Ausers = 1033 |dAusers = 20 }} <!---Place new stats here---> |} <!--- stats ends---> 2jy52e5wl9rnik062hwsl6xtlondwby सिंक्रो 0 1610778 6541687 6539282 2026-04-18T00:42:44Z अनुनाद सिंह 1634 6541687 wikitext text/x-wiki {{शीह-ल5|बॉट=sanjeev bot}} '''सिन्क्रो''' (synchro) एक विद्युत-युक्ति है जिसका उपयोग घूर्णी मशीनों (rotary machines) के रोटर के कोण को मापने के लिये किया जाता है। [[चित्र:Synchro.JPG|दाएँ|फ्रेम|सिन्क्रो ट्रांसड्यूसर का योजनात्मक चित्र। पूर्ण वृत्त रोटर को निरुपित कर रहा है। ठोस पट्टियाँ अपने बगल के घुमावदार कोर को निरुपित कर रहीं हैं। रोटर की विद्युत स्लिप रिंग्स और ब्रश द्वारा जुड़ी होती है, जिसे रोटर वाइंडिंग के सिरों पर वृत्तों द्वारा दर्शाया जाता है। जैसा कि दिखाया गया है, रोटर 120° और 240° वाइंडिंग में समान वोल्टेज उत्पन्न करता है, और 0° वाइंडिग में कोई वोल्टेज नहीं होता है। [वेक्स] को स्टेटर स्टार वाइंडिंग के सामान्य लीड से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है। ]] छोटे आकार के सिंक्रो का उपयोग अभी भी इंडिकेटर गेज को दूर से संचालित करने और विमान नियंत्रण सतहों के लिए रोटरी पोजीशन सेंसर के रूप में किया जाता है, जहां इन मजबूत उपकरणों की विश्वसनीयता आवश्यक होती है। [[रोटरी एनकोडर]] के विकास होने के कारण अधिकांश कार्यों के लिये सिंक्रो के स्थान पर रोटरी का ही उपयोग किया जाता है। [[चित्र:Synchro-standing.jpg|right|thumb|300px|सिन्क्रो ट्रान्समीटर का चित्र]] [[चित्र:Synchro-connections.jpg|right|thumb|300px|सिन्क्रो ट्रान्समीटर के जोड़ने के लिये चित्र]] == उपयोग == सिन्क्रो युक्तियों का सबसे पहला उपयोग १९०० के दशक में [[पैनामा नहर]] के नियंत्रण प्रणाली में किया गया था। वहाँ लॉक-गेट एवं वाल्व के स्टेम की स्थिति आदि को कन्ट्रोल रूम तक पहुँचने के लिये सिन्क्रो का उपयोग किया गया। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:ट्रांसड्यूसर]] f0jpp5uwik938e2pjcmyed0bb4xlbv4 6541688 6541687 2026-04-18T00:43:53Z अनुनाद सिंह 1634 6541688 wikitext text/x-wiki '''सिन्क्रो''' (synchro) एक विद्युत-युक्ति है जिसका उपयोग घूर्णी मशीनों (rotary machines) के रोटर के कोण को मापने के लिये किया जाता है। [[चित्र:Synchro.JPG|दाएँ|फ्रेम|सिन्क्रो ट्रांसड्यूसर का योजनात्मक चित्र। पूर्ण वृत्त रोटर को निरुपित कर रहा है। ठोस पट्टियाँ अपने बगल के घुमावदार कोर को निरुपित कर रहीं हैं। रोटर की विद्युत स्लिप रिंग्स और ब्रश द्वारा जुड़ी होती है, जिसे रोटर वाइंडिंग के सिरों पर वृत्तों द्वारा दर्शाया जाता है। जैसा कि दिखाया गया है, रोटर 120° और 240° वाइंडिंग में समान वोल्टेज उत्पन्न करता है, और 0° वाइंडिग में कोई वोल्टेज नहीं होता है। [वेक्स] को स्टेटर स्टार वाइंडिंग के सामान्य लीड से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है। ]] छोटे आकार के सिंक्रो का उपयोग अभी भी इंडिकेटर गेज को दूर से संचालित करने और विमान नियंत्रण सतहों के लिए रोटरी पोजीशन सेंसर के रूप में किया जाता है, जहां इन मजबूत उपकरणों की विश्वसनीयता आवश्यक होती है। [[रोटरी एनकोडर]] के विकास होने के कारण अधिकांश कार्यों के लिये सिंक्रो के स्थान पर रोटरी का ही उपयोग किया जाता है। [[चित्र:Synchro-standing.jpg|right|thumb|300px|सिन्क्रो ट्रान्समीटर का चित्र]] [[चित्र:Synchro-connections.jpg|right|thumb|300px|सिन्क्रो ट्रान्समीटर के जोड़ने के लिये चित्र]] == उपयोग == सिन्क्रो युक्तियों का सबसे पहला उपयोग १९०० के दशक में [[पैनामा नहर]] के नियंत्रण प्रणाली में किया गया था। वहाँ लॉक-गेट एवं वाल्व के स्टेम की स्थिति आदि को कन्ट्रोल रूम तक पहुँचने के लिये सिन्क्रो का उपयोग किया गया। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:ट्रांसड्यूसर]] rxmytob7npllvkp9qaotj10mduyibad विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/प्रबोध कुमार गोविल 4 1611028 6541613 6541568 2026-04-17T15:20:10Z संजीव कुमार 78022 +{{अहस्ताक्षरित}} 6541613 wikitext text/x-wiki === [[:प्रबोध कुमार गोविल]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=अप्रैल 2026}} :{{la|1=प्रबोध कुमार गोविल}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|प्रबोध कुमार गोविल -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: उल्लेखनीय नहीं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 07:02, 11 अप्रैल 2026 (UTC) * यह विषय उल्लेखनीयता के मानदंडों को पूर्ण नहीं करता है, क्योंकि इसके समर्थन में पर्याप्त स्वतंत्र एवं विश्वसनीय स्रोत उपलब्ध नहीं हैं। अतः इसे हटाया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 09:12, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * उल्लेखनीयता के लिए जरूरी स्वतंत्र, भरोसेमंद स्रोत नहीं मिलते। इसलिए लेख हटाना ठीक रहेगा।<small>— इस [[विकिपीडिया:हस्ताक्षर|अहस्ताक्षरित]] संदेश के लेखक हैं -[[सदस्य:Manish Khouriwal|Manish Khouriwal]] ([[सदस्य वार्ता:Manish Khouriwal|वार्ता]] • [[विशेष:Contributions/Manish Khouriwal|योगदान]]){{#if:10:59, 17 अप्रैल 2026 (UTC)|&#32;10:59, 17 अप्रैल 2026 (UTC)|}}</small><!-- साँचा:अहस्ताक्षरित --> 1pow1n7a1ykl7sgpvocd871d9upovby वार्ता:सिंक्रो 1 1611086 6541686 6541102 2026-04-18T00:37:42Z अनुनाद सिंह 1634 /* शीघ्र हटाने पर चर्चा */ नया अनुभाग 6541686 wikitext text/x-wiki == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस लेख को खराब मशीनी अनुवाद होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 13:32, 12 अप्रैल 2026 (UTC) :: इसे न हटाएँ क्योंकि इसकी भाषा को मैने ठीक कर दिया है।--[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 13:32, 12 अप्रैल 2026 (UTC) == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस लेख को खराब मशीनी अनुवाद होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 05:52, 16 अप्रैल 2026 (UTC) == इसे न हटाएँ == इसकी भाषा सरल कर दी गयी है।--[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 05:52, 16 अप्रैल 2026 (UTC) == शीघ्र हटाने पर चर्चा == इस लेख को खराब मशीनी अनुवाद होने के कारण नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यहाँ अपना कारण बताएँ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 00:37, 18 अप्रैल 2026 (UTC) == इसे न हटाएँ == भाषा ठीक कर दिया है। चित्र भी जोड़ दिया है। न हटाएँ।--[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 00:37, 18 अप्रैल 2026 (UTC) h6mk5s5lzgswv3cvxfzykbmlynwxh6f से चीज़ 0 1611110 6541661 6540737 2026-04-17T18:51:01Z ~2026-23585-71 920854 /* विषय */जीवन में परिवर्तन with reference. 6541661 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीय नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/से चीज़}} {{Infobox film | name = से चीज़ | native_name = Say Cheese | director = इशानी के. दत्ता | producer = इशानी के. दत्ता | starring = शेरू | released = 2018 | country = भारत | language = हिन्दी }} '''से चीज़''' (''Say Cheese'') वर्ष 2018 की एक भारतीय [[वृत्त चित्र|वृत्तचित्र फ़िल्म]] है, जिसका निर्देशन इशानी के. दत्ता ने किया है। यह फ़िल्म [[दिल्ली]] में रहने वाले एक किशोर शेरू के जीवन पर आधारित है, जो सड़क पर पला-बढ़ा है और बाद में फ़ोटोग्राफ़ी के माध्यम से अपनी पहचान बनाने की कोशिश करता है।<ref name="patriot">{{Cite web |last=Chakraborty |first=Proma |date=2018-11-29 |title=Close-up and personal |url=https://thepatriot.in/culture/close-up-and-personal-5185 |website=The Patriot |access-date=15 April 2026}}</ref> == कथानक == फ़िल्म में शेरू के दैनिक जीवन, संघर्षों और व्यक्तिगत अनुभवों को दर्शाया गया है। कम उम्र में परिवार से अलग होने के बाद वह दिल्ली की सड़कों पर विभिन्न कार्य करता है। कथानक में यह भी दिखाया गया है कि एक कार्यशाला के माध्यम से उसका परिचय [[फ़ोटोग्राफ़ी]] से होता है, जिससे उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।<ref name="cine">{{Cite web |last=Rawat |first=Prateek |title=Meeting people like Sheru has been a humbling experience |url=https://web.archive.org/web/20190818220321/https://www.cinestaan.com/articles/2018/nov/28/17081 |website=Cinestaan |access-date=15 April 2026}}</ref> == विषय == फ़िल्म में शहरी जीवन, बेघर बच्चों की परिस्थितियाँ, बाल श्रम तथा रचनात्मक माध्यमों के माध्यम से जीवन में परिवर्तन की संभावनाओं को दर्शाया गया है। यह कथा दिल्ली के सामाजिक यथार्थ और वंचित वर्गों के संघर्ष को उजागर करती है।<ref name="cine">{{cite web |url=https://www.timesofmalwa.in/2024/11/say-cheese-capturing-unseen-reality-of-delhi-street-life.html |title=Say Cheese: Capturing Unseen Reality of Delhi Street Life |publisher=Times of Malwa |language=en}}</ref> == निर्माण == फ़िल्म का निर्देशन और निर्माण इशानी के. दत्ता द्वारा किया गया है।<ref>{{Cite news |title=Reality show |url=https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/spotlight/reality-show/articleshow/5962554.cms |work=The Times of India |access-date=15 April 2026}}</ref> == प्रदर्शन == इस फ़िल्म का प्रदर्शन 2018 में वुडपेकर अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (दिल्ली) में किया गया था, जो भारत का एक प्रमुख डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म महोत्सव है।<ref name="patriot" /> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * {{YouTube|RXX2E6W8k7A|Say Cheese (डॉक्यूमेंट्री)}} [[श्रेणी:भारतीय वृत्तचित्र फ़िल्में]] [[श्रेणी:2018 की फ़िल्में]] [[श्रेणी:दिल्ली पर आधारित फ़िल्में]] njco3ag7akmesqrn8bx1x8j6rr8176k 6541669 6541661 2026-04-17T19:20:09Z ~2026-23585-71 920854 Updated Section (with IMDb link) 6541669 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीय नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/से चीज़}} {{Infobox film | name = से चीज़ | native_name = Say Cheese | director = इशानी के. दत्ता | producer = इशानी के. दत्ता | starring = शेरू | released = 2018 | country = भारत | language = हिन्दी }} '''से चीज़''' (''Say Cheese'') वर्ष 2018 की एक भारतीय [[वृत्त चित्र|वृत्तचित्र फ़िल्म]] है, जिसका निर्देशन इशानी के. दत्ता ने किया है। यह फ़िल्म [[दिल्ली]] में रहने वाले एक किशोर शेरू के जीवन पर आधारित है, जो सड़क पर पला-बढ़ा है और बाद में फ़ोटोग्राफ़ी के माध्यम से अपनी पहचान बनाने की कोशिश करता है।<ref name="patriot">{{Cite web |last=Chakraborty |first=Proma |date=2018-11-29 |title=Close-up and personal |url=https://thepatriot.in/culture/close-up-and-personal-5185 |website=The Patriot |access-date=15 April 2026}}</ref> == कथानक == फ़िल्म में शेरू के दैनिक जीवन, संघर्षों और व्यक्तिगत अनुभवों को दर्शाया गया है। कम उम्र में परिवार से अलग होने के बाद वह दिल्ली की सड़कों पर विभिन्न कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.timesofmalwa.in/2024/11/say-cheese-capturing-unseen-reality-of-delhi-street-life.html|title=Delhi की सड़कों पर एक नायक की कहानी|website=Hindi News Times Of Malwa|language=en|access-date=2026-04-17}}</ref> कथानक में यह भी दिखाया गया है कि एक कार्यशाला के माध्यम से उसका परिचय [[फ़ोटोग्राफ़ी]] से होता है, जिससे उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।<ref name="cine">{{Cite web |last=Rawat |first=Prateek |title=Meeting people like Sheru has been a humbling experience |url=https://web.archive.org/web/20190818220321/https://www.cinestaan.com/articles/2018/nov/28/17081 |website=Cinestaan |access-date=15 April 2026}}</ref> == विषय == फ़िल्म में शहरी जीवन, बेघर बच्चों की परिस्थितियाँ, बाल श्रम तथा रचनात्मक माध्यमों के माध्यम से जीवन में परिवर्तन की संभावनाओं को दर्शाया गया है। यह कथा दिल्ली के सामाजिक यथार्थ और वंचित वर्गों के संघर्ष को उजागर करती है।<ref name="cine">{{cite web |url=https://www.timesofmalwa.in/2024/11/say-cheese-capturing-unseen-reality-of-delhi-street-life.html |title=Say Cheese: Capturing Unseen Reality of Delhi Street Life |publisher=Times of Malwa |language=en}}</ref> == निर्माण == फ़िल्म का निर्देशन और निर्माण इशानी के. दत्ता द्वारा किया गया है।<ref>{{Cite news |title=Reality show |url=https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/spotlight/reality-show/articleshow/5962554.cms |work=The Times of India |access-date=15 April 2026}}</ref> == प्रदर्शन == इस फ़िल्म का प्रदर्शन 2018 में वुडपेकर अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (दिल्ली) में किया गया था, जो भारत का एक प्रमुख डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म महोत्सव है।<ref name="patriot" /> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * {{YouTube|RXX2E6W8k7A|Say Cheese (डॉक्यूमेंट्री)}} * {{IMDb title|26597440|Say Cheese}} [[श्रेणी:भारतीय वृत्तचित्र फ़िल्में]] [[श्रेणी:2018 की फ़िल्में]] [[श्रेणी:दिल्ली पर आधारित फ़िल्में]] 94pt83ntljgayxclkb3qppd7s1txxau अनुच्छेद 22 (भारत का संविधान) 0 1611186 6541785 6540496 2026-04-18T06:27:35Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541785 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 23 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 21 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} '''अनुच्छेद 22''' भारतीय संविधान का अनुच्छेद 22 (Article 22) व्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिकारों के संरक्षण से संबंधित है, विशेषकर गिरफ्तारी और हिरासत (Detention) के मामलों में। यह मौलिक अधिकारों के 'स्वतंत्रता के अधिकार' का हिस्सा है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) कोई व्यक्ति, जो बन्दी किया गया है, ऐसे बन्दीकरण के कारणों से यथाशक्य शीघ्र अवगत कराये गये बिना हवालात में निरुद्ध नहीं किया जायेगा और न अपनी रुचि के विधि-व्यवसायी से परामर्श करने तथा प्रतिरक्षा कराने के अधिकार से वंचित रखा जायेगा। (२) प्रत्येक व्यक्ति, जो बन्दी किया गया है और हवालात में निरुद्ध किया गया है, बन्दीकरण के स्थान से दण्डाधिकारी के न्यायालय तक यात्रा के लिये आवश्यक समय को छोड़ कर ऐसे बन्दीकरण से चौबीस घंटे की कालावधि में निकटतम दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया जायेगा, तथा ऐसा कोई व्यक्ति उक्त कालावधि से आगे दंडाधिकारी के प्राधिकार के बिना हवालात में निरुद्ध नहीं रखा जायेगा। (३) खंड (१) और (२) में की कोई बात— (क) जो व्यक्ति तत्समय शत्रु अन्यदेशीय है उसको, अथवा (ख) जो व्यक्ति निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन बन्दी या निरुद्ध किया गया है उसको, लागू न होगी। (४) निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली कोई विधि किसी व्यक्ति को तीन महीने से अधिक कालावधि के लिये निरुद्ध किया जाना प्राधिकृत तब तक न करेगी जब तक कि— (क) ऐसे व्यक्तियों से, जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं, रह चुके अंर्हता रखते हैं, मिल कर बनी की उक्त कालावधि की समाप्ति कि ऐसे निरोध के लिये उसकी हैं अथवा नियुक्त होने की मंत्रणा मंडली ने तीन महीने के पूर्व प्रतिवेदित नहीं किया है राय में पर्याप्त कारण हैं : ⁠परन्तु इस उपखंड की कोई बात किसी व्यक्ति के, उस अधिकतम कालावधि से आगे, निरोध को प्राधिकृत न करेगी जो खंड (७) के उपखंड (ख) के अधीन संसद्-निर्मित किसी विधि द्वारा विहित की गई है; अथवा (ख) ऐसा व्यक्ति खंड (७) के उपखंड (क) संसद्-निर्मित किसी विधि के उपबन्धों के और (ख) के अधीन अनुसार निरुद्ध नहीं है। (५) निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन दिये गये आदेश के अनुसरण में जब कोई व्यक्ति निरुद्ध किया जाता है तब आदेश देने वाला प्राधिकारी यथाशक्य शीघ्र उस व्यक्ति को जिन आधारों पर वह आदेश दिया गया है उन को बतायेगा तथा उस आदेश के विरुद्ध अभ्यावेदन करने के लिये उसे शीघ्रातिशीघ्र अवसर देगा। (६) खंड (५) की किसी बात से ऐसा आदेश, जैसा कि उस खंड में निर्दिष्ट है, देने वाले प्राधिकारी के लिये ऐसे तथ्यों को प्रकट करना आवश्यक नहीं होगा जिन का कि प्रकट करना ऐसा प्राधिकारी लोकहित के विरुद्ध समझता है। [१](७) संसद् विधि द्वारा विहित कर सकेगी कि— (क) किन परिस्थितियों के अधीन तथा किस प्रकार या प्रकारों के मामलों में किसी व्यक्ति को निवारक निरोध को उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन तीन महीने से अधिक कालावधि के लिये खंड (४) के उपखंड (क) के उपबन्धों के अनुसार मंत्रणा-मंडली की राय प्राप्त किये बिना निरुद्ध किया जा सकेगा;(ख) किस प्रकार या प्रकारों के मामलों में कितनी अधिकतम कालावधि के लिये कोई व्यक्ति निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन निरुद्ध किया जा सकेगा; तथा (ग) खंड (४) के उपखंड (क) के अधीन की जाने वाली जांच में मंत्रणामंडली द्वारा अनुसरणीय प्रक्रिया क्या होगी।।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} यहाँ इसके मुख्य प्रावधान और अधिकारों का विवरण दिया गया है: '''1 गिरफ्तारी के विरुद्ध अधिकार (सामान्य कानून के तहत)''' जब किसी व्यक्ति को सामान्य दंड कानून के तहत गिरफ्तार किया जाता है, तो अनुच्छेद 22 उसे निम्नलिखित अधिकार प्रदान करता है: * '''कारण जानने का अधिकार''': किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताए बिना हिरासत में नहीं रखा जा सकता। * '''कानूनी सलाहकार का अधिकार:''' गिरफ्तार व्यक्ति को अपनी पसंद के वकील (Legal Practitioner) से परामर्श करने और अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है। * '''24 घंटे के भीतर पेशी:'''''' गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को यात्रा के समय को छोड़कर 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है। * ''' रिहाई का अधिकार:''' यदि मजिस्ट्रेट अगले 24 घंटों से अधिक हिरासत की अनुमति नहीं देता, तो व्यक्ति को रिहा करना होगा। '''2 निवारक निरोध (Preventive Detention)''' अनुच्छेद 22 का दूसरा भाग 'निवारक निरोध' से संबंधित है। इसका अर्थ है किसी व्यक्ति को अपराध करने से रोकने के लिए हिरासत में लेना (अपराध करने के बाद सजा देने के लिए नहीं)। * '''अवधि:''' निवारक निरोध के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 3 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है। इससे अधिक समय के लिए एक सलाहकार बोर्ड (Advisory Board) की अनुमति आवश्यक है। * '''आधार:''' हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उसके निरोध के आधार बताए जाने चाहिए (जब तक कि वे सार्वजनिक हित के विरुद्ध न हों)। * '''अभ्यावेदन (Representation):''' व्यक्ति को निरोध आदेश के विरुद्ध जल्द से जल्द अपील करने का अवसर दिया जाना चाहिए। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://legislative.gov.in/constitution-of-india/ भारत का संविधान - आधिकारिक वेबसाइट] [[श्रेणी:भारत का संविधान]] [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:संवैधानिक कानून]] [[श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद]] b6u14v34o83s3orkmjkv2fiit3k3ln9 6541786 6541785 2026-04-18T06:46:00Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541786 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 23 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 21 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} '''अनुच्छेद 22''' भारतीय संविधान का अनुच्छेद 22 (Article 22) व्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिकारों के संरक्षण से संबंधित है, विशेषकर गिरफ्तारी और हिरासत (Detention) के मामलों में। यह मौलिक अधिकारों के 'स्वतंत्रता के अधिकार' का हिस्सा है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) कोई व्यक्ति, जो बन्दी किया गया है, ऐसे बन्दीकरण के कारणों से यथाशक्य शीघ्र अवगत कराये गये बिना हवालात में निरुद्ध नहीं किया जायेगा और न अपनी रुचि के विधि-व्यवसायी से परामर्श करने तथा प्रतिरक्षा कराने के अधिकार से वंचित रखा जायेगा। (२) प्रत्येक व्यक्ति, जो बन्दी किया गया है और हवालात में निरुद्ध किया गया है, बन्दीकरण के स्थान से दण्डाधिकारी के न्यायालय तक यात्रा के लिये आवश्यक समय को छोड़ कर ऐसे बन्दीकरण से चौबीस घंटे की कालावधि में निकटतम दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया जायेगा, तथा ऐसा कोई व्यक्ति उक्त कालावधि से आगे दंडाधिकारी के प्राधिकार के बिना हवालात में निरुद्ध नहीं रखा जायेगा। (३) खंड (१) और (२) में की कोई बात— (क) जो व्यक्ति तत्समय शत्रु अन्यदेशीय है उसको, अथवा (ख) जो व्यक्ति निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन बन्दी या निरुद्ध किया गया है उसको, लागू न होगी। (४) निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली कोई विधि किसी व्यक्ति को तीन महीने से अधिक कालावधि के लिये निरुद्ध किया जाना प्राधिकृत तब तक न करेगी जब तक कि— (क) ऐसे व्यक्तियों से, जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं, रह चुके अंर्हता रखते हैं, मिल कर बनी की उक्त कालावधि की समाप्ति कि ऐसे निरोध के लिये उसकी हैं अथवा नियुक्त होने की मंत्रणा मंडली ने तीन महीने के पूर्व प्रतिवेदित नहीं किया है राय में पर्याप्त कारण हैं : ⁠परन्तु इस उपखंड की कोई बात किसी व्यक्ति के, उस अधिकतम कालावधि से आगे, निरोध को प्राधिकृत न करेगी जो खंड (७) के उपखंड (ख) के अधीन संसद्-निर्मित किसी विधि द्वारा विहित की गई है; अथवा (ख) ऐसा व्यक्ति खंड (७) के उपखंड (क) संसद्-निर्मित किसी विधि के उपबन्धों के और (ख) के अधीन अनुसार निरुद्ध नहीं है। (५) निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन दिये गये आदेश के अनुसरण में जब कोई व्यक्ति निरुद्ध किया जाता है तब आदेश देने वाला प्राधिकारी यथाशक्य शीघ्र उस व्यक्ति को जिन आधारों पर वह आदेश दिया गया है उन को बतायेगा तथा उस आदेश के विरुद्ध अभ्यावेदन करने के लिये उसे शीघ्रातिशीघ्र अवसर देगा। (६) खंड (५) की किसी बात से ऐसा आदेश, जैसा कि उस खंड में निर्दिष्ट है, देने वाले प्राधिकारी के लिये ऐसे तथ्यों को प्रकट करना आवश्यक नहीं होगा जिन का कि प्रकट करना ऐसा प्राधिकारी लोकहित के विरुद्ध समझता है। (७) संसद् विधि द्वारा विहित कर सकेगी कि— (क) किन परिस्थितियों के अधीन तथा किस प्रकार या प्रकारों के मामलों में किसी व्यक्ति को निवारक निरोध को उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन तीन महीने से अधिक कालावधि के लिये खंड (४) के उपखंड (क) के उपबन्धों के अनुसार मंत्रणा-मंडली की राय प्राप्त किये बिना निरुद्ध किया जा सकेगा; (ख) किस प्रकार या प्रकारों के मामलों में कितनी अधिकतम कालावधि के लिये कोई व्यक्ति निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन निरुद्ध किया जा सकेगा; तथा (ग) खंड (४) के उपखंड (क) के अधीन की जाने वाली जांच में मंत्रणामंडली द्वारा अनुसरणीय प्रक्रिया क्या होगी।।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} यहाँ इसके मुख्य प्रावधान और अधिकारों का विवरण दिया गया है: '''1 गिरफ्तारी के विरुद्ध अधिकार (सामान्य कानून के तहत)''' जब किसी व्यक्ति को सामान्य दंड कानून के तहत गिरफ्तार किया जाता है, तो अनुच्छेद 22 उसे निम्नलिखित अधिकार प्रदान करता है: * '''कारण जानने का अधिकार''': किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताए बिना हिरासत में नहीं रखा जा सकता। * '''कानूनी सलाहकार का अधिकार:''' गिरफ्तार व्यक्ति को अपनी पसंद के वकील (Legal Practitioner) से परामर्श करने और अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है। * '''24 घंटे के भीतर पेशी:'''''' गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को यात्रा के समय को छोड़कर 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है। * ''' रिहाई का अधिकार:''' यदि मजिस्ट्रेट अगले 24 घंटों से अधिक हिरासत की अनुमति नहीं देता, तो व्यक्ति को रिहा करना होगा। '''2 निवारक निरोध (Preventive Detention)''' अनुच्छेद 22 का दूसरा भाग 'निवारक निरोध' से संबंधित है। इसका अर्थ है किसी व्यक्ति को अपराध करने से रोकने के लिए हिरासत में लेना (अपराध करने के बाद सजा देने के लिए नहीं)। * '''अवधि:''' निवारक निरोध के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 3 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है। इससे अधिक समय के लिए एक सलाहकार बोर्ड (Advisory Board) की अनुमति आवश्यक है। * '''आधार:''' हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उसके निरोध के आधार बताए जाने चाहिए (जब तक कि वे सार्वजनिक हित के विरुद्ध न हों)। * '''अभ्यावेदन (Representation):''' व्यक्ति को निरोध आदेश के विरुद्ध जल्द से जल्द अपील करने का अवसर दिया जाना चाहिए। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://legislative.gov.in/constitution-of-india/ भारत का संविधान - आधिकारिक वेबसाइट] [[श्रेणी:भारत का संविधान]] [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:संवैधानिक कानून]] [[श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद]] 81j58o0tjp2s7gkcjrxf0rtq09ntiga 6541787 6541786 2026-04-18T06:48:03Z Kumari Arpana Sinha 531620 /* मूल पाठ */ 6541787 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 23 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 21 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} '''अनुच्छेद 22''' भारतीय संविधान का अनुच्छेद 22 (Article 22) व्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिकारों के संरक्षण से संबंधित है, विशेषकर गिरफ्तारी और हिरासत (Detention) के मामलों में। यह मौलिक अधिकारों के 'स्वतंत्रता के अधिकार' का हिस्सा है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) कोई व्यक्ति, जो बन्दी किया गया है, ऐसे बन्दीकरण के कारणों से यथाशक्य शीघ्र अवगत कराये गये बिना हवालात में निरुद्ध नहीं किया जायेगा और न अपनी रुचि के विधि-व्यवसायी से परामर्श करने तथा प्रतिरक्षा कराने के अधिकार से वंचित रखा जायेगा। (२) प्रत्येक व्यक्ति, जो बन्दी किया गया है और हवालात में निरुद्ध किया गया है, बन्दीकरण के स्थान से दण्डाधिकारी के न्यायालय तक यात्रा के लिये आवश्यक समय को छोड़ कर ऐसे बन्दीकरण से चौबीस घंटे की कालावधि में निकटतम दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया जायेगा, तथा ऐसा कोई व्यक्ति उक्त कालावधि से आगे दंडाधिकारी के प्राधिकार के बिना हवालात में निरुद्ध नहीं रखा जायेगा। (३) खंड (१) और (२) में की कोई बात— (क) जो व्यक्ति तत्समय शत्रु अन्यदेशीय है उसको, अथवा (ख) जो व्यक्ति निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन बन्दी या निरुद्ध किया गया है उसको, लागू न होगी। (४) निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली कोई विधि किसी व्यक्ति को तीन महीने से अधिक कालावधि के लिये निरुद्ध किया जाना प्राधिकृत तब तक न करेगी जब तक कि— (क) ऐसे व्यक्तियों से, जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं, रह चुके अंर्हता रखते हैं, मिल कर बनी की उक्त कालावधि की समाप्ति कि ऐसे निरोध के लिये उसकी हैं अथवा नियुक्त होने की मंत्रणा मंडली ने तीन महीने के पूर्व प्रतिवेदित नहीं किया है राय में पर्याप्त कारण हैं : ⁠परन्तु इस उपखंड की कोई बात किसी व्यक्ति के, उस अधिकतम कालावधि से आगे, निरोध को प्राधिकृत न करेगी जो खंड (७) के उपखंड (ख) के अधीन संसद्-निर्मित किसी विधि द्वारा विहित की गई है; अथवा (ख) ऐसा व्यक्ति खंड (७) के उपखंड (क) संसद्-निर्मित किसी विधि के उपबन्धों के और (ख) के अधीन अनुसार निरुद्ध नहीं है। (५) निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन दिये गये आदेश के अनुसरण में जब कोई व्यक्ति निरुद्ध किया जाता है तब आदेश देने वाला प्राधिकारी यथाशक्य शीघ्र उस व्यक्ति को जिन आधारों पर वह आदेश दिया गया है उन को बतायेगा तथा उस आदेश के विरुद्ध अभ्यावेदन करने के लिये उसे शीघ्रातिशीघ्र अवसर देगा। (६) खंड (५) की किसी बात से ऐसा आदेश, जैसा कि उस खंड में निर्दिष्ट है, देने वाले प्राधिकारी के लिये ऐसे तथ्यों को प्रकट करना आवश्यक नहीं होगा जिन का कि प्रकट करना ऐसा प्राधिकारी लोकहित के विरुद्ध समझता है। (७) संसद् विधि द्वारा विहित कर सकेगी कि— (क) किन परिस्थितियों के अधीन तथा किस प्रकार या प्रकारों के मामलों में किसी व्यक्ति को निवारक निरोध को उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन तीन महीने से अधिक कालावधि के लिये खंड (४) के उपखंड (क) के उपबन्धों के अनुसार मंत्रणा-मंडली की राय प्राप्त किये बिना निरुद्ध किया जा सकेगा; (ख) किस प्रकार या प्रकारों के मामलों में कितनी अधिकतम कालावधि के लिये कोई व्यक्ति निवारक निरोध उपबन्धित करने वाली किसी विधि के अधीन निरुद्ध किया जा सकेगा; तथा (ग) खंड (४) के उपखंड (क) के अधीन की जाने वाली जांच में मंत्रणामंडली द्वारा अनुसरणीय प्रक्रिया क्या होगी।।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} ==मुख्य प्रावधान== यहाँ इसके मुख्य प्रावधान और अधिकारों का विवरण दिया गया है: '''1 गिरफ्तारी के विरुद्ध अधिकार (सामान्य कानून के तहत)''' जब किसी व्यक्ति को सामान्य दंड कानून के तहत गिरफ्तार किया जाता है, तो अनुच्छेद 22 उसे निम्नलिखित अधिकार प्रदान करता है: * '''कारण जानने का अधिकार''': किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताए बिना हिरासत में नहीं रखा जा सकता। * '''कानूनी सलाहकार का अधिकार:''' गिरफ्तार व्यक्ति को अपनी पसंद के वकील (Legal Practitioner) से परामर्श करने और अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है। * '''24 घंटे के भीतर पेशी:'''''' गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को यात्रा के समय को छोड़कर 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है। * ''' रिहाई का अधिकार:''' यदि मजिस्ट्रेट अगले 24 घंटों से अधिक हिरासत की अनुमति नहीं देता, तो व्यक्ति को रिहा करना होगा। '''2 निवारक निरोध (Preventive Detention)''' अनुच्छेद 22 का दूसरा भाग 'निवारक निरोध' से संबंधित है। इसका अर्थ है किसी व्यक्ति को अपराध करने से रोकने के लिए हिरासत में लेना (अपराध करने के बाद सजा देने के लिए नहीं)। * '''अवधि:''' निवारक निरोध के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 3 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है। इससे अधिक समय के लिए एक सलाहकार बोर्ड (Advisory Board) की अनुमति आवश्यक है। * '''आधार:''' हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उसके निरोध के आधार बताए जाने चाहिए (जब तक कि वे सार्वजनिक हित के विरुद्ध न हों)। * '''अभ्यावेदन (Representation):''' व्यक्ति को निरोध आदेश के विरुद्ध जल्द से जल्द अपील करने का अवसर दिया जाना चाहिए। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://legislative.gov.in/constitution-of-india/ भारत का संविधान - आधिकारिक वेबसाइट] [[श्रेणी:भारत का संविधान]] [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:संवैधानिक कानून]] [[श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद]] ph0zpp5mwjdv24xgl1chmcxp833vov3 विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शेरू (फ़ोटोग्राफ़र) 4 1611197 6541584 6541561 2026-04-17T12:00:36Z Manish Khouriwal 759915 /* शेरू (फ़ोटोग्राफ़र) */ ~~~~ 6541584 wikitext text/x-wiki === [[:शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=अप्रैल 2026}} :{{la|1=शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|शेरू (फ़ोटोग्राफ़र) -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: यह लेख 'पेड पीआर' है। उल्लेखनीयता सिद्ध करने के लिए इसमें प्रायोजित संदर्भों का उपयोग किया गया है। यह विषय स्वतंत्र रूप से उल्लेखनीय नहीं है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:57, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्ते, :नामांकन के लिए धन्यवाद। :इस लेख में प्रयुक्त स्रोत स्वतंत्र एवं विश्वसनीय मीडिया प्रकाशनों से लिए गए हैं, जैसे ''The Patriot'', ''Inter Press Service (IPS)'', ''The Hans India'' और ''Punjab Kesari''। ये स्रोत विषय के जीवन और कार्य से संबंधित सामग्री प्रकाशित करते हैं, जिससे इसका स्वतंत्र उल्लेख स्थापित होता है। :लेख को तटस्थ दृष्टिकोण (Neutral Point of View) में लिखा गया है तथा इसमें किसी प्रकार की प्रचारात्मक भाषा का उपयोग नहीं किया गया है। यदि किसी स्रोत की विश्वसनीयता या प्रासंगिकता पर विशेष आपत्ति हो, तो कृपया उसे इंगित करें, ताकि आवश्यक सुधार किया जा सके। :लेख में सुधार की गुंजाइश हो सकती है, परंतु उपलब्ध स्रोतों के आधार पर विषय को पूर्णतः अनुपयुक्त या हटाने योग्य नहीं माना जाना चाहिए। अतः इसे हटाने के बजाय सुधार के साथ बनाए रखना अधिक उचित होगा। :धन्यवाद। [[सदस्य:Bhashaji|Bhashaji]] ([[सदस्य वार्ता:Bhashaji|वार्ता]]) 18:59, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * {{support}} नमस्कार, लेख को "पेड पीआर" बताने का कोई स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। लेख में प्रयुक्त प्रमुख स्रोत जैसे [[हंस इंडिया]], [[पंजाब केसरी]] ''The Patriot'' तथा ''[[इंटर प्रेस सर्विस]] '' स्वतंत्र एवं संपादकीय रूप से नियंत्रित प्रकाशन हैं, जिन्हें सामान्यतः प्रायोजित सामग्री की श्रेणी में नहीं रखा जाता। इन स्रोतों में विषय का उल्लेख और कवरेज उपलब्ध है, विशेष रूप से [[इंटर प्रेस सर्विस]] में "emerging visual storytellers" के संदर्भ में, जो न्यूनतम उल्लेखनीयता का संकेत देता है। अतः विषय को पूर्णतः "पेड पीआर" कहना उचित नहीं प्रतीत होता। लेख को तटस्थ दृष्टिकोण में लिखा गया है और इसमें प्रत्यक्ष प्रचारात्मक भाषा नहीं है। यह स्वीकार किया जा सकता है कि कुछ स्रोतों को और बेहतर किया जा सकता है, परंतु यह सुधार का विषय है, न कि हटाने का। अतः लेख को हटाने के बजाय सुधार के साथ बनाए रखना अधिक उपयुक्त होगा। धन्यवाद। [[सदस्य:Manish Khouriwal|Manish Khouriwal]] ([[सदस्य वार्ता:Manish Khouriwal|वार्ता]]) 12:00, 17 अप्रैल 2026 (UTC) --[[सदस्य:Khushi200|Khushi200]] ([[सदस्य वार्ता:Khushi200|वार्ता]]) 09:42, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * लेख में प्रयुक्त संदर्भ मुख्यतः गैर-स्वतंत्र प्रतीत होते हैं, जो विषय की उल्लेखनीयता स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उपलब्ध सामग्री स्वतंत्र एवं विश्वसनीय स्रोतों द्वारा समर्थित नहीं है। :अतः यह विषय स्वतंत्र रूप से उल्लेखनीय नहीं है और लेख को हटाया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 10:33, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * {{support}} [[पंजाब केसरी]], [[हंस इंडिया]], '''Cinestaan''' संदर्भ देखने से ऐसा लग रहा की "पेड पीआर" दावा बिना प्रमाण के है। मुख्य स्रोत संपादकीय रूप से सामग्री स्वतंत्र एवं विश्वसनीय स्रोतों हैं लेख का टोन न्यूट्रल है। कमियों को सुधार से ठीक किया जा सकता है। लेख रखा जाना चाहिए। [[सदस्य:Manish Khouriwal|Manish Khouriwal]] ([[सदस्य वार्ता:Manish Khouriwal|वार्ता]]) 12:00, 17 अप्रैल 2026 (UTC) fglfedt4wc3cqwq52erorymf8rkmrcs 6541585 6541584 2026-04-17T12:02:23Z Manish Khouriwal 759915 /* शेरू (फ़ोटोग्राफ़र) */ 6541585 wikitext text/x-wiki === [[:शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=अप्रैल 2026}} :{{la|1=शेरू (फ़ोटोग्राफ़र)}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|शेरू (फ़ोटोग्राफ़र) -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: यह लेख 'पेड पीआर' है। उल्लेखनीयता सिद्ध करने के लिए इसमें प्रायोजित संदर्भों का उपयोग किया गया है। यह विषय स्वतंत्र रूप से उल्लेखनीय नहीं है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:57, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्ते, :नामांकन के लिए धन्यवाद। :इस लेख में प्रयुक्त स्रोत स्वतंत्र एवं विश्वसनीय मीडिया प्रकाशनों से लिए गए हैं, जैसे ''The Patriot'', ''Inter Press Service (IPS)'', ''The Hans India'' और ''Punjab Kesari''। ये स्रोत विषय के जीवन और कार्य से संबंधित सामग्री प्रकाशित करते हैं, जिससे इसका स्वतंत्र उल्लेख स्थापित होता है। :लेख को तटस्थ दृष्टिकोण (Neutral Point of View) में लिखा गया है तथा इसमें किसी प्रकार की प्रचारात्मक भाषा का उपयोग नहीं किया गया है। यदि किसी स्रोत की विश्वसनीयता या प्रासंगिकता पर विशेष आपत्ति हो, तो कृपया उसे इंगित करें, ताकि आवश्यक सुधार किया जा सके। :लेख में सुधार की गुंजाइश हो सकती है, परंतु उपलब्ध स्रोतों के आधार पर विषय को पूर्णतः अनुपयुक्त या हटाने योग्य नहीं माना जाना चाहिए। अतः इसे हटाने के बजाय सुधार के साथ बनाए रखना अधिक उचित होगा। :धन्यवाद। [[सदस्य:Bhashaji|Bhashaji]] ([[सदस्य वार्ता:Bhashaji|वार्ता]]) 18:59, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * {{support}} नमस्कार, लेख को "पेड पीआर" बताने का कोई स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। लेख में प्रयुक्त प्रमुख स्रोत जैसे [[हंस इंडिया]], [[पंजाब केसरी]] ''The Patriot'' तथा ''[[इंटर प्रेस सर्विस]] '' स्वतंत्र एवं संपादकीय रूप से नियंत्रित प्रकाशन हैं, जिन्हें सामान्यतः प्रायोजित सामग्री की श्रेणी में नहीं रखा जाता। इन स्रोतों में विषय का उल्लेख और कवरेज उपलब्ध है, विशेष रूप से [[इंटर प्रेस सर्विस]] में "emerging visual storytellers" के संदर्भ में, जो न्यूनतम उल्लेखनीयता का संकेत देता है। अतः विषय को पूर्णतः "पेड पीआर" कहना उचित नहीं प्रतीत होता। लेख को तटस्थ दृष्टिकोण में लिखा गया है और इसमें प्रत्यक्ष प्रचारात्मक भाषा नहीं है। यह स्वीकार किया जा सकता है कि कुछ स्रोतों को और बेहतर किया जा सकता है, परंतु यह सुधार का विषय है, न कि हटाने का। अतः लेख को हटाने के बजाय सुधार के साथ बनाए रखना अधिक उपयुक्त होगा। धन्यवाद। --[[सदस्य:Khushi200|Khushi200]] ([[सदस्य वार्ता:Khushi200|वार्ता]]) 09:42, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * लेख में प्रयुक्त संदर्भ मुख्यतः गैर-स्वतंत्र प्रतीत होते हैं, जो विषय की उल्लेखनीयता स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उपलब्ध सामग्री स्वतंत्र एवं विश्वसनीय स्रोतों द्वारा समर्थित नहीं है। :अतः यह विषय स्वतंत्र रूप से उल्लेखनीय नहीं है और लेख को हटाया जाना उचित होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 10:33, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * {{support}} [[पंजाब केसरी]], [[हंस इंडिया]], '''Cinestaan''' संदर्भ देखने से ऐसा लग रहा की "पेड पीआर" दावा बिना प्रमाण के है। मुख्य स्रोत संपादकीय रूप से सामग्री स्वतंत्र एवं विश्वसनीय स्रोतों हैं लेख का टोन न्यूट्रल है। कमियों को सुधार से ठीक किया जा सकता है। लेख रखा जाना चाहिए। [[सदस्य:Manish Khouriwal|Manish Khouriwal]] ([[सदस्य वार्ता:Manish Khouriwal|वार्ता]]) 12:00, 17 अप्रैल 2026 (UTC) l4kew6ybt4h5qizt4dhb0i5uwetn0in विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/से चीज़ 4 1611203 6541601 6540749 2026-04-17T14:14:49Z चाहर धर्मेंद्र 703114 /* से चीज़ */ उत्तर 6541601 wikitext text/x-wiki === [[:से चीज़]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=अप्रैल 2026}} :{{la|1=से चीज़}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|से चीज़ -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: उल्लेखनीय नहीं। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:22, 14 अप्रैल 2026 (UTC) :* लेख को हटाने की जगह [https://en.wikipedia.org/wiki/Say_cheese Say cheese] लेख की सामग्री से बदला जा सकता है। :<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:23, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * '''हटाए''' - नामांकन अनुसार तथा चाहर धर्मेंद्र महोदय मैने [[से चीज़ (वाक्यांश)]] बना दिया है|[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:26, 14 अप्रैल 2026 (UTC) *:@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, [[से चीज़ (वाक्यांश)]] बनाने के लिए आपका धन्यवाद। *:* लेख सीमित स्रोतों पर आधारित है तथा इसमें मूल शोध के तत्व परिलक्षित होते हैं। उपलब्ध संदर्भ विषय की उल्लेखनीयता स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अतः यह लेख विकिपीडिया के मानकों को पूर्ण नहीं करता और इसे हटाया जाना उचित होगा। *:<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 14:14, 17 अप्रैल 2026 (UTC) * '''रखें''' — "से चीज़" मूलतः एक वृत्तचित्र फ़िल्म से संबंधित विषय था, जिसे बाद में वाक्यांश में परिवर्तित कर दिया गया है। मैं पूर्व में @[[User:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी से इसे "से चीज़ (फ़िल्म)" में स्थानांतरित करने का अनुरोध कर चुका हूँ, हालांकि अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। अतः हटाने के बजाय विषयों को अलग (split) कर फ़िल्म के लिए स्वतंत्र लेख बनाया जाना अधिक उपयुक्त होगा। * '''रखें''' — यह विषय एक विशिष्ट भारतीय वृत्तचित्र फ़िल्म से संबंधित है, जिसे स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों जैसे The Patriot और Cinestaan में कवर किया गया है, जिससे इसकी उल्लेखनीयता स्थापित होती है। इसके अतिरिक्त, फ़िल्म का प्रदर्शन Woodpecker International Film Festival जैसे प्रतिष्ठित मंच पर किया गया है, जो इसकी प्रासंगिकता को और सुदृढ़ करता है। वर्तमान में "से चीज़" शीर्षक के अंतर्गत वाक्यांश और फ़िल्म दोनों विषयों का मिश्रण हो गया है। ऐसे मामलों में हटाने के बजाय विषयों को अलग (split) करना अधिक उपयुक्त होता है। अतः फ़िल्म के लिए "[[से चीज़ (फ़िल्म)]]" शीर्षक से स्वतंत्र लेख बनाया जाना चाहिए। इसलिए लेख को हटाने के बजाय विभाजन और सुधार का विकल्प अपनाया जाना चाहिए। — [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 18:42, 14 अप्रैल 2026 (UTC) * '''रखें''' — "[[से चीज़]]" एक सामान्य एवं व्यापक रूप से प्रयुक्त वाक्यांश है, जिसका स्वतंत्र महत्व है। इसे केवल उल्लेखनीयता के अभाव में हटाना उचित नहीं होगा। यदि इस शीर्षक के अंतर्गत किसी फ़िल्म का भी संबंध है, तो उसे अलग शीर्षक "[[से चीज़]] (फ़िल्म)" के अंतर्गत स्थानांतरित किया जाना चाहिए, न कि मौजूदा लेख को हटाया जाए। — [[सदस्य:Bhashaji|Bhashaji]] ([[सदस्य वार्ता:Bhashaji|वार्ता]]) mpclrho80o3bicz41eamtjeqo3le25b नारी शक्ति वन्दन अधिनियम 0 1611245 6541627 6541101 2026-04-17T15:54:31Z आदेश यादव 640970 6541627 wikitext text/x-wiki {{Infobox legislation|short_title=नारी शक्ति वन्दन अधिनियम<ref>{{cite web |title=The Constitution (One Hundred and Sixth Amendment) Act, 2023 |url=https://egazette.gov.in/WriteReadData/2023/249053.pdf |website=The Gazette of India |access-date=10 October 2023 |date=28 September 2023}}</ref>|legislature=[[भारतीय संसद]]|imagesize=150|long_title=An Act further to amend the Constitution of India.|territorial_extent=भारत|enacted_by=[[लोकसभा]]|date_enacted=20 सुतम्बर 2023|enacted_by2=[[राज्यसभा]]|date_enacted2=21 सितम्बर 2023|date_assented=28 सितम्बर 2023|date_of_expiry=लागू होने के १५ वर्ष बाद|bill=संविधान का १२८वाँ संशोधन विधेयक, 2023<ref name="bill pdf">{{cite web|title=Constitution (128th Amendment) Bill 2023|url=https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2023/Constitution_(128th_Amendment)_Bill_2023.pdf}}</ref>|introduced_by=[[अर्जुन राम मेघवाल]], विधि एवं न्याय मन्त्री|bill2=The Constitution (One Hundred and Twenty-Eighth Amendment) Bill, 2023<ref name ="bill pdf" />|summary=To reserve, as nearly as maybe, 33 percent of seats for women in Lok Sabha and state assemblies.|keywords=महिला आरक्षण, ३३ प्रतिशत आरक्षण|status=लागू}} '''नारी शक्ति वंदन अधिनियम''' 19 सितंबर 2023 को भारतीय संसद के विशेष सत्र के दौरान [[लोक सभा|लोकसभा]] में पेश किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/womens-reservation-bill-imperfect-but-important-8949050/|title=Women's reservation Bill – imperfect but important|date=21 September 2023}}</ref> यह कानून सीधे निर्वाचित [[लोक सभा|लोकसभा]], राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।{{Efn|A specific provision of the bill includes women reservation in Delhi, despite it not being an Indian State as per the Constitution.<ref>{{Cite web |last=PTI |title=Parliament passes bills to extend women's reservation to Puducherry, J&K assemblies |url=https://www.deccanherald.com/india/parliament-passes-bills-to-extend-womens-reservation-to-puducherry-jk-assemblies-2815662 |access-date=2024-04-14 |website=Deccan Herald |language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/womens-reservation-bill-to-be-tabled-in-lok-sabha-at-3-pm-today-101695109480855.html|title='God has given me the opportunity', says PM Modi as women quota bill tabled in LS|date=19 September 2023|work=Hindustan Times|language=en}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==टिप्पणी== {{reflist|group=lower-alpha}} [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:भारत के संविधान के संशोधन]] kok0nncaajrwxkwhwqtj3uli5i5uoe6 6541718 6541627 2026-04-18T01:50:34Z ~2026-23782-13 920872 हिंदी की वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धि थी। 6541718 wikitext text/x-wiki {{Infobox legislation|short_title=नारी शक्ति वन्दन अधिनियम<ref>{{cite web |title=The Constitution (One Hundred and Sixth Amendment) Act, 2023 |url=https://egazette.gov.in/WriteReadData/2023/249053.pdf |website=The Gazette of India |access-date=10 October 2023 |date=28 September 2023}}</ref>|legislature=[[भारतीय संसद]]|imagesize=150|long_title=An Act further to amend the Constitution of India.|territorial_extent=भारत|enacted_by=[[लोकसभा]]|date_enacted=20 सितम्बर 2023|enacted_by2=[[राज्यसभा]]|date_enacted2=21 सितम्बर 2023|date_assented=28 सितम्बर 2023|date_of_expiry=लागू होने के १५ वर्ष बाद|bill=संविधान का १२८वाँ संशोधन विधेयक, 2023<ref name="bill pdf">{{cite web|title=Constitution (128th Amendment) Bill 2023|url=https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2023/Constitution_(128th_Amendment)_Bill_2023.pdf}}</ref>|introduced_by=[[अर्जुन राम मेघवाल]], विधि एवं न्याय मन्त्री|bill2=The Constitution (One Hundred and Twenty-Eighth Amendment) Bill, 2023<ref name ="bill pdf" />|summary=To reserve, as nearly as maybe, 33 percent of seats for women in Lok Sabha and state assemblies.|keywords=महिला आरक्षण, ३३ प्रतिशत आरक्षण|status=लागू}} '''नारी शक्ति वंदन अधिनियम''' 19 सितंबर 2023 को भारतीय संसद के विशेष सत्र के दौरान [[लोक सभा|लोकसभा]] में पेश किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/opinion/columns/womens-reservation-bill-imperfect-but-important-8949050/|title=Women's reservation Bill – imperfect but important|date=21 September 2023}}</ref> यह कानून सीधे निर्वाचित [[लोक सभा|लोकसभा]], राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।{{Efn|A specific provision of the bill includes women reservation in Delhi, despite it not being an Indian State as per the Constitution.<ref>{{Cite web |last=PTI |title=Parliament passes bills to extend women's reservation to Puducherry, J&K assemblies |url=https://www.deccanherald.com/india/parliament-passes-bills-to-extend-womens-reservation-to-puducherry-jk-assemblies-2815662 |access-date=2024-04-14 |website=Deccan Herald |language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/womens-reservation-bill-to-be-tabled-in-lok-sabha-at-3-pm-today-101695109480855.html|title='God has given me the opportunity', says PM Modi as women quota bill tabled in LS|date=19 September 2023|work=Hindustan Times|language=en}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==टिप्पणी== {{reflist|group=lower-alpha}} [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:भारत के संविधान के संशोधन]] p2p8ra1thgxmxsl0ryf4zax92vvj1hk स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी 0 1611262 6541670 6541256 2026-04-17T19:21:07Z ~2026-23585-71 920854 6541670 wikitext text/x-wiki {{Short description|सार्वजनिक स्थानों पर दैनिक जीवन को दर्शाने वाली फ़ोटोग्राफ़ी शैली}} '''स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Street photography'') [[फ़ोटोग्राफ़ी]] की एक शैली है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के दैनिक जीवन, गतिविधियों और क्षणों को स्वाभाविक रूप में कैद किया जाता है।<ref name=":0">{{Cite web |title=Street photography |url=https://www.britannica.com/art/street-photography |website=Encyclopaedia Britannica}}</ref> यह शैली आमतौर पर बिना पूर्व योजना के, वास्तविक परिस्थितियों में ली गई तस्वीरों पर आधारित होती है और इसमें कृत्रिम प्रकाश या मंचन (staging) का प्रयोग कम किया जाता है।<ref name=":1">{{Cite web|url=https://18.118.76.217/street-photography/|title=Street Photography - Everything You Need to Know|last=Team|first=N. F. I.|date=2021-11-11|website=NFI|language=en-US|access-date=2026-04-16}}</ref> == इतिहास == स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी का विकास 19वीं शताब्दी के अंत और 20वीं शताब्दी की शुरुआत में हुआ, जब पोर्टेबल कैमरों का उपयोग बढ़ा। 20वीं शताब्दी में यह शैली और लोकप्रिय हुई, विशेष रूप से शहरी जीवन के [[दस्तावेज़ीकरण|दस्तावेजीकरण]] के रूप में।<ref name=":0" /> == विशेषताएँ == स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी की कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्न हैं: * स्वाभाविक (candid) क्षणों को कैद करना * सार्वजनिक स्थानों पर चित्र लेना * दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार को दर्शाना * प्रकाश, छाया और संरचना (composition) का उपयोग == प्रकार == स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी के अंतर्गत विभिन्न उप-शैलियाँ शामिल हैं: * [[डॉक्युमेंटरी फोटोग्राफी|डॉक्यूमेंट्री फ़ोटोग्राफ़ी]] * [[फोटो जर्नलिज़्म]] * शहरी जीवन फ़ोटोग्राफ़ी * कैंडिड फ़ोटोग्राफ़ी == महत्व == स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी समाज और संस्कृति के दस्तावेजीकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह समय, स्थान और सामाजिक परिवर्तनों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करती है और इतिहास के अध्ययन में सहायक होती है।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web|url=https://www.the-independent.com/arts-entertainment/art/reviews/london-street-photography-museum-of-london-2238534.html|title=London Street Photography, Museum of London|date=2011-03-11|website=The Independent|language=en|access-date=2026-04-16}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[फ़ोटोग्राफ़ी]] * [[फोटो जर्नलिज़्म]] * [[डॉक्यूमेंट्री फ़ोटोग्राफ़ी]] == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:फ़ोटोग्राफ़ी]] [[श्रेणी:फ़ोटोग्राफ़ी की विधाएँ]] d5piibp49y3on5vystjyytgyuzj8j5t अनुच्छेद 329 (भारत का संविधान) 0 1611295 6541766 6541455 2026-04-18T05:27:05Z AMAN KUMAR 911487 सुधार के पश्चात् नामांकन वापस लिया 6541766 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 15 (भारत का संविधान)|भाग 15]] | subject = निर्वाचन | followed_by = [[अनुच्छेद 330 (भारत का संविधान)]] | preceded_by =[[अनुच्छेद 328 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} '''[[भारत का संविधान|भारत के संविधान]]''' का अनुच्छेद 329 लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता, निरंतरता और स्थिरता को सुनिश्चित करने वाला एक महत्त्वपूर्ण प्रावधान है। यह अनुच्छेद विशेष रूप से निर्वाचन प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाओं को निर्धारित करता है,<ref>{{cite web |title=भारतीय निर्वाचन आयोग |url=https://www.nextias.com/blog/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97/ |website=nextias.com |accessdate=21 अप्रैल 2024}}</ref> ताकि चुनावों का संचालन बिना अनावश्यक बाधाओं के सुचारु रूप से संपन्न हो सके।<ref name=":1">{{Cite web |title=Bar to interference by courts in electoral matters |url=https://www.constitutionofindia.net/articles/article-329-bar-to-interference-by-courts-in-electoral-matters/|access-date=2025-12-16 |website=भारत का संविधान |language=en-US}}</ref> इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न विवादों का समाधान न कि तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप के माध्यम से बल्कि एक निर्धारित विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत ही हो।<ref>{{Cite news|last=सचिव, भारत सरकार|first=डॉ. जी. नारायण राजू|title=भारत का संविधान|url=https://surveyofindia.gov.in/documents/coi-hindi.pdf|access-date=9 नवम्बर 2015|work=भारत सरकार विधि और न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग) राजभाषा खण्ड|page=227}}</ref> ==पृष्ठभूमि== संविधान-निर्माताओं के समक्ष यह चुनौती थी कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को कैसे सुनिश्चित किया जाए, साथ ही यह भी कि न्यायिक हस्तक्षेप के कारण चुनाव प्रक्रिया बाधित न हो। यदि प्रत्येक चरण पर न्यायालयों में चुनौती दी जाती, तो चुनावों का समयबद्ध आयोजन कठिन हो सकता था। इसी कारण अनुच्छेद 329 को संविधान में सम्मिलित किया गया, ताकि चुनावों से संबंधित विवादों को एक विशिष्ट और पृथक विधिक तंत्र के अंतर्गत निपटाया जा सके। इस प्रावधान का उद्देश्य यह था कि चुनाव प्रक्रिया एक बार प्रारंभ हो जाने के बाद उसे बिना व्यवधान के पूर्ण किया जाए, और उसके पश्चात ही विवादों का समाधान न्यायालयों में किया जाए।<ref>{{Cite news |last=मिश्रा|first=हिमांशु|title=चुनावी मामलों में अदालतों के हस्तक्षेप पर रोक: संविधान का अनुच्छेद 329 |url=https://hindi.livelaw.in/know-the-law/prohibition-of-interference-of-courts-in-electoral-matters-article-329-of-the-constitution-253545|access-date=27 मार्च 2024 |work=livelaw.in}}</ref> अनुच्छेद 329 को संविधान के अन्य निर्वाचन संबंधी प्रावधानों, विशेषतः अनुच्छेद 324 (निर्वाचन आयोग की शक्तियाँ) और जनप्रतिनिधित्व से संबंधित विधियों के साथ जोड़कर देखा जाता है। यह स्पष्ट करता है कि चुनावों की निगरानी और संचालन का दायित्व निर्वाचन आयोग पर है, जबकि चुनाव परिणामों को चुनौती देने का एकमात्र माध्यम निर्वाचन याचिका है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(क) किसी निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन या उस हेतु सीटों के आवंटन से संबंधित किसी विधि की वैधता को किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जाएगा; (ख) संसद या राज्य विधानमंडल के किसी सदन के लिए किसी निर्वाचन को केवल ऐसे निर्वाचन याचिका के माध्यम से ही प्रश्नगत किया जा सकेगा, जैसा कि संबंधित विधि द्वारा विनिर्दिष्ट किया गया है।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र|date= 1957|publisher= |location= |page=52|scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/२८७}}</ref><ref>{{Cite news|last=सचिव, भारत सरकार|first=डॉ० रीटा वशिष्ट|title=भारत का संविधान|url=https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s380537a945c7aaa788ccfcdf1b99b5d8f/uploads/2023/05/2023050186.pdf|access-date=26 नवम्बर 2021|work=भारत सरकार विधि और न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग)|page=188}}</ref>}} {{pull quote|(a) the validity of any law relating to the delimitation of constituencies or the allotment of seats to such constituencies, made or purporting to be made under article 327 or article 328, shall not be called in question in any court; (b) no election to either House of Parliament or to the House or either House of the Legislature of a State shall be called in question except by an election petition presented to such authority and in such manner as may be provided for by or under any law made by the appropriate Legislature.<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र|date= 1957|publisher= |location= |page=52|scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/२८६}}</ref>}} == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} ==टिप्पणी== अनुच्छेद 329 भारतीय लोकतंत्र की स्थिरता और विश्वसनीयता का एक सुदृढ़ स्तंभ है। यह सुनिश्चित करता है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक न्यायिक हस्तक्षेप से बचा जाए, जिससे चुनाव समय पर और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें। साथ ही, यह विवादों के समाधान के लिए एक स्पष्ट और सुव्यवस्थित विधिक मार्ग प्रदान करता है।<ref>{{Cite book | title=भारत का संविधान (25 मार्च, 2014 को यथाविद्यमान) |url=https://www.google.co.th/books/edition/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%95%E0%A4%BE_%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE/acGM0AYUDwAC|publisher =भारत सरकार, विधि और न्याय मंत्रालय, विद्या विभाग| date= 2014}}</ref> हालाँकि, यह प्रावधान न्यायिक समीक्षा को पूर्णतः समाप्त नहीं करता, बल्कि उसे उचित समय और विधि तक सीमित करता है। इस प्रकार अनुच्छेद 329 लोकतांत्रिक प्रक्रिया और न्यायिक संतुलन के बीच एक समुचित समन्वय स्थापित करता है, जो भारतीय चुनाव प्रणाली को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ==बाहरी कड़ियाँ== {{Wikisource|1=भारत का संविधान}} [[श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद]] 2qqscjmw5qfzef5mx9qucxi4zhxhmvo वोलियन भाषा 0 1611311 6541644 6541551 2026-04-17T16:46:19Z Hindustanilanguage 39545 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:गंभीर रूप से विलुप्तप्राय]] जोड़ी 6541644 wikitext text/x-wiki {{Infobox language|name=वोलियन|states=[[माइक्रोनेशिया के संघीय राज्य]]|region=वोलीआई|speakers=|date=|ref=१,६०० (१९८७) <ref>e18</ref>|familycolor=Austronesian|fam2=[[मलय-पोलेनीशियाई भाषाएँ|मलय-पोलेनीशियाई]]|fam3=[[ओशियानी भाषाएँ|ओशियानी]]|fam4=[[माइक्रोनेशियाई भाषाएँ|माइक्रोनेशियाई]]|fam5=चूकिक|fam6=उलीथन-वोलियन|fam7=|nation=[[माइक्रोनेशिया के संघीय राज्य]]|script=[[रोमन लिपि|लैटिन]], [[वोलियन लिपि|वोलियन]]|iso3=woe|glotto=wole1240|glottorefname=वोलियन|notice=|map=Lang Status 40-SE.svg|mapcaption={{center|वोलियन को [[यूनेस्को]] के ''[[विश्व के संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस]]'' द्वारा 'गंभीर रूप से संकटग्रस्त' के रूप में वर्गीकृत किया गया है।}}}} '''वोलियन''', [[संघीकृत राज्य माइक्रोनेशिया|माइक्रोनेशिया के संघीय राज्य]] के याप राज्य में वोलई द्वीप और आसपास के छोटे द्वीपों की मुख्य भाषा है। वोलियन एक चुकिक भाषा है। उस परिवार के भीतर, इसका सबसे करीबी रिश्तेदार सतावली है, जिसके साथ यह काफी हद तक पारस्परिक रूप से समझदार है। लगभग १,७०० लोग वोलियन बोलते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://globalrecordings.net/en/language/18321|title=Woleaian language}}</ref> वोलियन की अपनी एक लेखन प्रणाली है, जो लैटिन वर्णमाला पर आधारित एक पाठ्यक्रम है। == सन्दर्भ == <references /> === ग्रंथ सूची === * {{cite book|title=वोलियन सन्दर्भ व्याकरण|last=सोहन|first=हो-मिन|date=१९७५|publisher=हवाई विश्वविद्यालय मुद्रणालय|isbn=0-8248-0356-6}} * {{citation|last=कैनेडी|first=रोबर्ट|title=वोलियन पुनरावृत्ति में बलाघात और रूपभेद|date=२००२|url=https://tls.ling.utexas.edu/2002/Robert_Kennedy.pdf|language=en}} * {{cite book|url=https://izumi-syuppan.co.jp/LLO_PDF/vol_02/10Tsui.pdf|title=वोलियन भाषा में जापानी ऋणशब्द|last=त्सुई|first=त्साज़हिम|publisher=हवाई विश्वविद्यालय|location=होनोलुलु|language=en}} [[श्रेणी:माइक्रोनेशियाई भाषाएँ]] [[श्रेणी:ओशियानी भाषाएँ]] [[श्रेणी:ऑस्ट्रोनीशियाई भाषाएँ]] [[श्रेणी:गंभीर रूप से विलुप्तप्राय]] je9th74cx2jmo2ak5xx0sb08xsg03rb सदस्य:Manish Khouriwal 2 1611313 6541587 2026-04-17T12:11:34Z Manish Khouriwal 759915 सदस्य 6541587 wikitext text/x-wiki {{Userbox | border-c = #1a73e8 | id = 👤 | info = यह सदस्य विकिपीडिया पर सक्रिय योगदानकर्ता है। }} {{Userbox | border-c = #34a853 | id = ✍️ | info = लेख निर्माण और संपादन में रुचि रखते हैं। }} {{Userbox | border-c = #fbbc05 | id = 📚 | info = विश्वसनीय स्रोत जोड़ने और सामग्री सुधार में रुचि। }} == परिचय == नमस्कार! मैं '''Manish Khouriwal''' हूँ और [[विकिपीडिया]] पर एक सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में कार्य करता हूँ। मेरा उद्देश्य विकिपीडिया पर तटस्थ, सत्यापन योग्य और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने में योगदान देना है। == कार्यक्षेत्र == * नए लेखों का निर्माण * मौजूदा लेखों में सुधार * संदर्भ (References) जोड़ना * विकिपीडिया नीतियों के अनुसार सामग्री को व्यवस्थित करना == रुचियाँ == * डिजिटल मीडिया * सामाजिक विषय * इतिहास एवं समसामयिक विषय == योगदान == मैं विकिपीडिया पर गुणवत्ता पूर्ण और निष्पक्ष सामग्री जोड़ने का प्रयास करता हूँ, ताकि पाठकों को सही और विश्वसनीय जानकारी मिल सके। == संपर्क == किसी भी प्रकार की चर्चा या सुझाव के लिए कृपया मेरे [[सदस्य वार्ता:Manish Khouriwal|वार्ता पृष्ठ]] का उपयोग करें। ---- ''यह सदस्य पृष्ठ है; यहाँ व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं।'' 0t2y7jl0xdlhxtchsqxhu312suqqbia 6541588 6541587 2026-04-17T12:13:47Z Manish Khouriwal 759915 link 6541588 wikitext text/x-wiki {{Userbox | border-c = #1a73e8 | id = 👤 | info = यह सदस्य विकिपीडिया पर सक्रिय योगदानकर्ता है। }} {{Userbox | border-c = #34a853 | id = ✍️ | info = लेख निर्माण और संपादन में रुचि रखते हैं। }} {{Userbox | border-c = #fbbc05 | id = 📚 | info = विश्वसनीय स्रोत जोड़ने और सामग्री सुधार में रुचि। }} == परिचय == नमस्कार! मैं '''Manish Khouriwal''' हूँ और [[विकिपीडिया]] पर एक सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में कार्य करता हूँ। मेरा उद्देश्य विकिपीडिया पर तटस्थ, सत्यापन योग्य और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने में योगदान देना है। == कार्यक्षेत्र == * नए लेखों का निर्माण * मौजूदा लेखों में सुधार * संदर्भ (References) जोड़ना * [[विकिपीडिया|विकिपीडिया नीतियों]] के अनुसार सामग्री को व्यवस्थित करना == रुचियाँ == * [[डिजिटल मीडिया]] * [[सामाजिक विज्ञान|सामाजिक विषय]] * [[इतिहास|इतिहास एवं समसामयिक विषय]] == योगदान == मैं विकिपीडिया पर गुणवत्ता पूर्ण और निष्पक्ष सामग्री जोड़ने का प्रयास करता हूँ, ताकि पाठकों को सही और विश्वसनीय जानकारी मिल सके। == संपर्क == किसी भी प्रकार की चर्चा या सुझाव के लिए कृपया मेरे [[सदस्य वार्ता:Manish Khouriwal|वार्ता पृष्ठ]] का उपयोग करें। ---- ''यह सदस्य पृष्ठ है; यहाँ व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं।'' o1asx2rgwz624kaqx8w6n32ff9wfhqu अनुच्छेद 139 (भारत का संविधान) 0 1611314 6541630 2026-04-17T16:11:53Z चाहर धर्मेंद्र 703114 अनुच्छेद 139 (भारत का संविधान) 6541630 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 5 (भारत का संविधान)|भाग 5]] | subject = संघ न्यायपालिका | followed_by = [[अनुच्छेद 140 (भारत का संविधान)]] | preceded_by =[[अनुच्छेद 138 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} '''[[भारत का संविधान|भारत के संविधान]]''' का अनुच्छेद 139 सर्वोच्च न्यायालय की अधिकारिता के विस्तार से संबंधित एक महत्त्वपूर्ण प्रावधान है, जो यह सुनिश्चित करता है कि न्यायालय मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। यह अनुच्छेद संसद को यह अधिकार प्रदान करता है कि वह विधि द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को ऐसे अतिरिक्त अधिकार दे सके, जिनके माध्यम से वह कुछ विशिष्ट प्रकार के रिट (परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा आदि) जारी कर सके।<ref name=":1">{{Cite web |title=Conferment on the Supreme Court of powers to issue certain writs |url=https://www.constitutionofindia.net/articles/article-139-conferment-on-the-supreme-court-of-powers-to-issue-certain-writs/ |website=भारत का संविधान |language=en-US}}</ref> ==पृष्ठभूमि== संविधान-निर्माण के समय यह स्पष्ट था कि सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के संरक्षण का प्रमुख दायित्व सौंपा जाएगा। यद्यपि अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय को रिट जारी करने की शक्ति पहले से ही प्रदान की गई थी, फिर भी यह अनुभव किया गया कि समय के साथ ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जहाँ न्यायालय की अधिकारिता को और विस्तृत करने की आवश्यकता हो।<ref>{{Cite news|last=सचिव, भारत सरकार|first=डॉ. जी. नारायण राजू|title=भारत का संविधान|url=https://surveyofindia.gov.in/documents/coi-hindi.pdf|access-date=9 नवम्बर 2015|work=भारत सरकार विधि और न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग) राजभाषा खण्ड|page=78}}</ref> इसी उद्देश्य से अनुच्छेद 139 को संविधान में सम्मिलित किया गया, ताकि संसद को यह लचीलापन प्राप्त हो सके कि वह आवश्यकतानुसार सर्वोच्च न्यायालय को अतिरिक्त रिट अधिकार प्रदान कर सके। यह प्रावधान न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ और परिस्थितिनुकूल बनाए रखने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम था। अनुच्छेद 139 को अनुच्छेद 32 (मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु रिट अधिकार) तथा अनुच्छेद 226 (उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता) के साथ जोड़कर समझा जाता है।<ref>{{Cite book | title=Bharata Ka SamĐvidhana |url=https://www.google.co.th/books/edition/Bharata_Ka_Sam%C4%90vidhana/-L2bAAAAMAAJ|publisher =विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार| date= 2005}}</ref> यह प्रावधान इस बात को रेखांकित करता है कि जहाँ अनुच्छेद 32 सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के संरक्षण हेतु शक्ति देता है, वहीं अनुच्छेद 139 संसद को यह क्षमता प्रदान करता है कि वह इस अधिकारिता का विस्तार अन्य उद्देश्यों तक कर सके। ==मूल पाठ== {{pull quote|संसद विधि द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को यह अधिकार प्रदान कर सकेगी कि वह ऐसे किसी भी प्रयोजन के लिए, जो अनुच्छेद 32 के खंड (2) में निर्दिष्ट प्रयोजनों से भिन्न हो, निर्देश, आदेश या रिट जारी कर सके।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र|date= 1957|publisher= |location= |page=52|scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/१४७}}</ref><ref>{{Cite news|last=सचिव, भारत सरकार|first=डॉ० रीटा वशिष्ट|title=भारत का संविधान|url=https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s380537a945c7aaa788ccfcdf1b99b5d8f/uploads/2023/05/2023050186.pdf|access-date=26 नवम्बर 2021|work=भारत सरकार विधि और न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग)|page=64}}</ref>}} {{pull quote|Parliament may by law confer on the Supreme Court power to issue directions, orders or writs, including writs in the nature of habeas corpus, mandamus, prohibition, quo warranto and certiorari, or any of them, for any purposes other than those mentioned in clause (2) of article 32.<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र|date= 1957|publisher= |location= |page=52|scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/१४६}}</ref>}} == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} ==टिप्पणी== अनुच्छेद 139 भारतीय संविधान की लचीली और प्रगतिशील प्रकृति का परिचायक है। यह न्यायपालिका को समयानुकूल सशक्त बनाने के लिए विधायिका को आवश्यक साधन प्रदान करता है। यद्यपि इस अनुच्छेद के अंतर्गत शक्ति सीधे सर्वोच्च न्यायालय को नहीं, बल्कि संसद को दी गई है, फिर भी इसका अंतिम उद्देश्य न्यायालय की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाना ही है।<ref>{{Cite book | title=भारत का संविधान (25 मार्च, 2014 को यथाविद्यमान) |url=https://www.google.co.th/books/edition/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%95%E0%A4%BE_%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE/acGM0AYUDwAC|publisher =भारत सरकार, विधि और न्याय मंत्रालय, विद्या विभाग| date= 2014}}</ref> इस प्रकार, अनुच्छेद 139 न्यायिक प्रणाली को अधिक व्यापक, सक्षम और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण संवैधानिक साधन के रूप में स्थापित होता है। ==बाहरी कड़ियाँ== {{Wikisource|1=भारत का संविधान}} [[श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद]] e7r4xpxa3ks1wlrl4b3ztnvq4w305qo स्पाइडर-मैन अनलिमिटेड (वीडियो गेम) 0 1611315 6541647 2026-04-17T17:08:52Z आयुष दास 912224 "[[:en:Special:Redirect/revision/1345879019|Spider-Man Unlimited (video game)]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541647 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक विडियो गेम | title = स्पाइडर-मैन अनलिमिटेड | developer = [[Gameloft Barcelona]] | publisher = [[Gameloft]] | platforms = [[Android (operating system)|एंड्रॉयड]], [[आइओएस]], [[विंडोज़ फोन]] | released = {{Video game release|WW|सितंबर 10, 2014}} | genre = [[एंडलेस रनर]] | modes = [[Single-player video game|एकल-खिलाड़ी]] | image = [[File:Spider-Man Unlimited.png|Spider-Man_Unlimited]] }}'''''[[स्पाइडर-मैन]] अनलिमिटेड''''' एक एंडलेस रनर गेम है जिसे Gameloft Barcelona के ज़रिये तैयार किया गया है और Gameloft के ज़रिये जारी किया गया है। यह [[मार्वल कॉमिक्स]] के [[सुपर हीरो|सुपरहीरो]] स्पाइडर-मैन पर आधारित है। प्लेयर सिनिस्टर सिक्स के सदस्यों और उनके मल्टीवर्स समकक्षों के विरुद्ध अपनी लड़ाई के दौरान टाइटल पर ज़िकर किए गए किरदार और उसके वैकल्पिक वर्ज़न को क़ाबू करता है। गेम के मुख्य मोड में जहां तक मुमकिन हो दौड़ने के रिवायती मक़सद के विपरीत निश्चित हदफ़ होते हैं। यह गेम रेगुलर, विशेष, समय-सीमित, सामुदायिक ईवेंट के लिए भी जाना जाता था। जून 2014 में ऐलान, ''स्पाइडर-मैन अनलिमिटेड'' को 10 सितंबर 2014 को एंड्रॉइड, [[आईओएस]] और [[विंडोज़ फोन|विंडोज फोन]] के लिए जारी किया गया था। अक्टूबर 2014 में शुरू करते हुए, गेमलोफ्ट ने कई अपडेट रिलीज़ किए, जिसमें कहानी मोड, स्पाइडर-मेन और स्पाइडर-वुमन, दुश्मनों, ईवेंट और चरणों में अध्याय जोड़े गए। मार्च 2019 में इस गेम को बंद कर दिया गया था। इसे 30 मिलियन बार डाउनलोड किया गया है और गेमिंग आलोचकों के ज़रिये अच्छी जनाज़ा हासिल किया। समीक्षकों ने गेम के कंट्रोल, आवाज़, एनिमेशन और किरदारों की विविधता की तारीफ़ की, जबकि इसकी ऊर्जा के निज़ाम की तनक़ीद की, जिसे वे इसकी खेलने की क़ाबिलियत की हद मानते थे। == प्लॉट == स्पाइडर-मैन के ज़रिये गोल्ड गोब्लिन के तौर पर जानी जाने वाली एक आकृति को हराने के बाद, निक फ्यूरी उसे बताता है कि ग्रीन गोब्लिन ने एक मल्टीवर्स सिनिस्टर सिक्स को इकट्ठा करने के लिए एक पोर्टल का इस्तेमाल किया है और स्पाइडर -मैन के आयाम को लेने का इरादा बना रहा है। S.H.I.E.L.D. ने जंग में सहायता के लिए स्पाइडर-मैन और स्पाइडर-गर्ल, स्पाइडर-हैम और स्पाइडर-मैन 2099 जैसे दूसरे स्पाइडर-संचालित हीरो के वैकल्पिक वर्ज़न को इकट्ठा करने के लिए पोर्टल का इस्तेमाल किया। स्पाइडर-मैन ग्रीन गोब्लिन और उसके वैकल्पिक वर्ज़न का पीछा करता है। वैकल्पिक गोब्लिंस को हराने के बाद, स्पाइडर-मैन गिद्ध, इलेक्ट्रो, सैंडमैन, डॉक्टर ऑक्टोपस और मिस्टीरियो के विभिन्न वर्ज़न के साथ-साथ मल्टीवर्स सिनिस्टर सिक्स के लिए काम करने वाले सिनिस्टर सोल्जर्स-आरमर्ड फ़ौजियों से लड़ता है। [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] bvzcv4ha3tynjkpk3on4xq97tzf0ziu 6541698 6541647 2026-04-18T01:13:46Z AMAN KUMAR 911487 टैग {{[[साँचा:सफाई|सफाई]]}} लेख में जोड़ा जा रहा ([[वि:ट्विंकल|ट्विंकल]]) 6541698 wikitext text/x-wiki {{सफाई|reason=अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद। इसमें 'जनाज़ा', 'तनक़ीद' जैसे अनुचित शब्दों का प्रयोग हुआ है, जिसे मानक हिंदी में सुधारने की आवश्यकता है।|date=अप्रैल 2026}} {{ज्ञानसन्दूक विडियो गेम | title = स्पाइडर-मैन अनलिमिटेड | developer = [[Gameloft Barcelona]] | publisher = [[Gameloft]] | platforms = [[Android (operating system)|एंड्रॉयड]], [[आइओएस]], [[विंडोज़ फोन]] | released = {{Video game release|WW|सितंबर 10, 2014}} | genre = [[एंडलेस रनर]] | modes = [[Single-player video game|एकल-खिलाड़ी]] | image = [[File:Spider-Man Unlimited.png|Spider-Man_Unlimited]] }}'''''[[स्पाइडर-मैन]] अनलिमिटेड''''' एक एंडलेस रनर गेम है जिसे Gameloft Barcelona के ज़रिये तैयार किया गया है और Gameloft के ज़रिये जारी किया गया है। यह [[मार्वल कॉमिक्स]] के [[सुपर हीरो|सुपरहीरो]] स्पाइडर-मैन पर आधारित है। प्लेयर सिनिस्टर सिक्स के सदस्यों और उनके मल्टीवर्स समकक्षों के विरुद्ध अपनी लड़ाई के दौरान टाइटल पर ज़िकर किए गए किरदार और उसके वैकल्पिक वर्ज़न को क़ाबू करता है। गेम के मुख्य मोड में जहां तक मुमकिन हो दौड़ने के रिवायती मक़सद के विपरीत निश्चित हदफ़ होते हैं। यह गेम रेगुलर, विशेष, समय-सीमित, सामुदायिक ईवेंट के लिए भी जाना जाता था। जून 2014 में ऐलान, ''स्पाइडर-मैन अनलिमिटेड'' को 10 सितंबर 2014 को एंड्रॉइड, [[आईओएस]] और [[विंडोज़ फोन|विंडोज फोन]] के लिए जारी किया गया था। अक्टूबर 2014 में शुरू करते हुए, गेमलोफ्ट ने कई अपडेट रिलीज़ किए, जिसमें कहानी मोड, स्पाइडर-मेन और स्पाइडर-वुमन, दुश्मनों, ईवेंट और चरणों में अध्याय जोड़े गए। मार्च 2019 में इस गेम को बंद कर दिया गया था। इसे 30 मिलियन बार डाउनलोड किया गया है और गेमिंग आलोचकों के ज़रिये अच्छी जनाज़ा हासिल किया। समीक्षकों ने गेम के कंट्रोल, आवाज़, एनिमेशन और किरदारों की विविधता की तारीफ़ की, जबकि इसकी ऊर्जा के निज़ाम की तनक़ीद की, जिसे वे इसकी खेलने की क़ाबिलियत की हद मानते थे। == प्लॉट == स्पाइडर-मैन के ज़रिये गोल्ड गोब्लिन के तौर पर जानी जाने वाली एक आकृति को हराने के बाद, निक फ्यूरी उसे बताता है कि ग्रीन गोब्लिन ने एक मल्टीवर्स सिनिस्टर सिक्स को इकट्ठा करने के लिए एक पोर्टल का इस्तेमाल किया है और स्पाइडर -मैन के आयाम को लेने का इरादा बना रहा है। S.H.I.E.L.D. ने जंग में सहायता के लिए स्पाइडर-मैन और स्पाइडर-गर्ल, स्पाइडर-हैम और स्पाइडर-मैन 2099 जैसे दूसरे स्पाइडर-संचालित हीरो के वैकल्पिक वर्ज़न को इकट्ठा करने के लिए पोर्टल का इस्तेमाल किया। स्पाइडर-मैन ग्रीन गोब्लिन और उसके वैकल्पिक वर्ज़न का पीछा करता है। वैकल्पिक गोब्लिंस को हराने के बाद, स्पाइडर-मैन गिद्ध, इलेक्ट्रो, सैंडमैन, डॉक्टर ऑक्टोपस और मिस्टीरियो के विभिन्न वर्ज़न के साथ-साथ मल्टीवर्स सिनिस्टर सिक्स के लिए काम करने वाले सिनिस्टर सोल्जर्स-आरमर्ड फ़ौजियों से लड़ता है। [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] 7y62gxyf3nd654303qs2s336s8jlraf सुबोतित्सा आराधनालय 0 1611316 6541653 2026-04-17T18:06:43Z The Sorter 845290 Created by translating the opening section from the page "[[:en:Special:Redirect/revision/1319288281|Subotica Synagogue]]" 6541653 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत|building_name=सुबोतित्सा आराधनालय|native_name=Jakab és Komor téri zsinagóga|native_name_lang=hu|religious_affiliation=[[यहूदी धर्म]] {{small|(पूर्व)}}|image=Synagogue in Subotica.jpg|image_upright=1.4|alt=|caption=नवीकरण के बाद आराधनालय, 2020|map_type=Serbia|coordinates={{coord|46|06|13|N|19|40|04|E|type:landmark_source:kolossus-frwiki|display=title,inline}}|map_size=250|map_relief=1|map_caption=सर्बिया में पूर्व आराधनालय की अवस्थिति|location=याकाब और कोमोर चौक, [[सुबोतित्सा]]|rite=[[नुसाख़ अश्केनाज़]]|cercle=|sector=|municipality=|district=|territory=|prefecture=|state=|province=|region=|country={{SRB}}|consecration_year=|status=[[आराधनालय]] {{small|(1903&ndash;1976)}}|functional_status=बंद|heritage_designation=|leadership=|website=|architect={{ubl|मार्त्सेल कोमोर|[[देझ़ो याकाब]]}}|architecture_type=[[आराधनालय वास्तुकला]]|architecture_style=[[आर नूवो]]|general_contractor=|established={{circa|दशक 1890}}|groundbreaking=|year_completed=1903|construction_cost=|facade_direction=|capacity=|length=|width=|width_nave=|height_max={{cvt|40|m|ft}}|dome_quantity=1|dome_height_outer={{cvt|40|m|ft}}|dome_height_inner={{cvt|23|m|ft}}|dome_dia_outer={{cvt|12.6|m|ft}}|dome_dia_inner=|spire_quantity=|spire_height=|materials=|nrhp=|module={{Infobox historic site | embed = yes | designation1 = सर्बियाई | designation1_offname = | designation1_type = [[विशेष महत्तव के सांस्कृतिक स्मारक|विशेष महत्तव का सांस्कृतिक स्मारक]] | designation1_criteria = | designation1_date = 1975 | delisted1_date = | designation1_partof = | designation1_number = [http://spomenicikulture.mi.sanu.ac.rs/spomenik.php?id=680 СК 1035] | designation1_free1name = | designation1_free1value = | designation1_free2name = | designation1_free2value = | designation1_free3name = | designation1_free3value = }}|added=|refnum=|footnotes=<ref name=WMF>{{cite web |url=https://www.wmf.org/project/subotica-synagogue |title=Subotica Synagogue |work=World Monuments Watch |publisher=[[World Monuments Fund]] |date=May 2021 |access-date=23 March 2024 }}</ref><ref name="Subotica">{{Cite web |title=Subotica Synagogue |url=https://srbija-projektieu.rs/en/subotica-synagogue/ |access-date=25 November 2023 |website=srbija-projektieu.rs |date= }}</ref>}} <references /> '''सुबोतित्सा आराधनालय''', आधिकारिक नाम '''याकाब और कोमोर चौक आराधनालय सुबोतित्सा''' ({{langx|sr-Cyrl|Синагога на тргу Јакаба и Комора, Суботица}}, {{langx|hu|Jakab és Komor téri zsinagóga, Szabadka|italic=no}}), [[सर्बिया]] के [[सुबोतित्सा]] शहर में स्थित एक [[नेओलोग यहूदी धर्म|नेओलोग]] [[आराधनालय]] है। 1903 को हंगेरियाई [[आर नूवो]] शैली में निर्मित, यह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा आराधनालय है।<ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}{{Cite web|url=https://www.blic.rs/vesti/vojvodina/druga-najveca-sinagoga-u-evropi-nalazi-se-u-srbiji-i-konacno-ce-biti-obnovljena/vt80ryv|title=Druga najveća sinagoga u Evropi nalazi se u Srbiji i KONAČNO će biti obnovljena|date=9 March 2017|lang=sr}}</ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}<sup class="noprint Inline-Template " style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:Reliable sources|<span title="The material near this tag may rely on an unreliable source. (April 2025)">unreliable source?</span>]]''&#x5D;</sup><ref name="Subotić">{{cite book|url=|title=Yellow Star, Red Star: Holocaust Remembrance after Communism|author=Subotić, Jelena|date=2019|publisher=[[Cornell University Press]]|isbn=978-1-5017-4240-8|location=[[Ithaca, NY]] & [[London]]|page=222|author-link=Jelena Subotić}}</ref> आराधनालय को [[हंगरी राज्य]] के शासनकाल के समय मार्त्सेल कोमोर और [[देझ़ो याकाब]] द्वारा अभिकल्पित किया गया था, और यह किसी छोटे आराधनालय की जगह ली। यह आर नूवो शैली की श्रेष्ठ धार्मिक रचनाओं में से एक है।<ref>{{cite web|url=http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|title=Subotica|date=|publisher=[[Duke University]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20080514013503/http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|archive-date=2008-05-14|access-date=2008-05-14}}</ref> इसे 1974 को "संस्कृति का स्मारक" की उपाधि दी गई थी; 1990 को इसे विशेष महत्तव की संस्कृति का स्मारक नामित किया गया था, और यह सर्बिया द्वारा संरक्षित है। लंबे समय की उपेक्षा के बाद, पूर्व आराधनालय को 2018 में नवीकृत करके स्थल के तौर से खोला गया था। 6ec6xc32m7p1ovx2o952h46cr0dq2q4 6541654 6541653 2026-04-17T18:07:34Z The Sorter 845290 6541654 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत|building_name=सुबोतित्सा आराधनालय|native_name=Jakab és Komor téri zsinagóga|native_name_lang=hu|religious_affiliation=[[यहूदी धर्म]] {{small|(पूर्व)}}|image=Synagogue in Subotica.jpg|image_upright=1.4|alt=|caption=नवीकरण के बाद आराधनालय, 2020|map_type=Serbia|coordinates={{coord|46|06|13|N|19|40|04|E|type:landmark_source:kolossus-frwiki|display=title,inline}}|map_size=250|map_relief=1|map_caption=सर्बिया में पूर्व आराधनालय की अवस्थिति|location=याकाब और कोमोर चौक, [[सुबोतित्सा]]|rite=[[नुसाख़ अश्केनाज़]]|cercle=|sector=|municipality=|district=|territory=|prefecture=|state=|province=|region=|country={{SRB}}|consecration_year=|status=[[आराधनालय]] {{small|(1903&ndash;1976)}}|functional_status=बंद|heritage_designation=|leadership=|website=|architect={{ubl|मार्त्सेल कोमोर|[[देझ़ो याकाब]]}}|architecture_type=[[आराधनालय वास्तुकला]]|architecture_style=[[आर नूवो]]|general_contractor=|established={{circa|दशक 1890}}|groundbreaking=|year_completed=1903|construction_cost=|facade_direction=|capacity=|length=|width=|width_nave=|height_max={{cvt|40|m|ft}}|dome_quantity=1|dome_height_outer={{cvt|40|m|ft}}|dome_height_inner={{cvt|23|m|ft}}|dome_dia_outer={{cvt|12.6|m|ft}}|dome_dia_inner=|spire_quantity=|spire_height=|materials=|nrhp=|module={{Infobox historic site | embed = yes | designation1 = सर्बियाई | designation1_offname = | designation1_type = [[विशेष महत्तव के सांस्कृतिक स्मारक|विशेष महत्तव का सांस्कृतिक स्मारक]] | designation1_criteria = | designation1_date = 1975 | delisted1_date = | designation1_partof = | designation1_number = [http://spomenicikulture.mi.sanu.ac.rs/spomenik.php?id=680 СК 1035] | designation1_free1name = | designation1_free1value = | designation1_free2name = | designation1_free2value = | designation1_free3name = | designation1_free3value = }}|added=|refnum=|footnotes=<ref name=WMF>{{cite web |url=https://www.wmf.org/project/subotica-synagogue |title=Subotica Synagogue |work=World Monuments Watch |publisher=[[World Monuments Fund]] |date=May 2021 |access-date=23 March 2024 }}</ref><ref name="Subotica">{{Cite web |title=Subotica Synagogue |url=https://srbija-projektieu.rs/en/subotica-synagogue/ |access-date=25 November 2023 |website=srbija-projektieu.rs |date= }}</ref>}} '''सुबोतित्सा आराधनालय''', आधिकारिक नाम '''याकाब और कोमोर चौक आराधनालय सुबोतित्सा''' ({{langx|sr-Cyrl|Синагога на тргу Јакаба и Комора, Суботица}}, {{langx|hu|Jakab és Komor téri zsinagóga, Szabadka|italic=no}}), [[सर्बिया]] के [[सुबोतित्सा]] शहर में स्थित एक [[नेओलोग यहूदी धर्म|नेओलोग]] [[आराधनालय]] है। 1903 को हंगेरियाई [[आर नूवो]] शैली में निर्मित, यह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा आराधनालय है।<ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}{{Cite web|url=https://www.blic.rs/vesti/vojvodina/druga-najveca-sinagoga-u-evropi-nalazi-se-u-srbiji-i-konacno-ce-biti-obnovljena/vt80ryv|title=Druga najveća sinagoga u Evropi nalazi se u Srbiji i KONAČNO će biti obnovljena|date=9 March 2017|lang=sr}}</ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}<sup class="noprint Inline-Template " style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:Reliable sources|<span title="The material near this tag may rely on an unreliable source. (April 2025)">unreliable source?</span>]]''&#x5D;</sup><ref name="Subotić">{{cite book|url=|title=Yellow Star, Red Star: Holocaust Remembrance after Communism|author=Subotić, Jelena|date=2019|publisher=[[Cornell University Press]]|isbn=978-1-5017-4240-8|location=[[Ithaca, NY]] & [[London]]|page=222|author-link=Jelena Subotić}}</ref> आराधनालय को [[हंगरी राज्य]] के शासनकाल के समय मार्त्सेल कोमोर और [[देझ़ो याकाब]] द्वारा अभिकल्पित किया गया था, और यह किसी छोटे आराधनालय की जगह ली। यह आर नूवो शैली की श्रेष्ठ धार्मिक रचनाओं में से एक है।<ref>{{cite web|url=http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|title=Subotica|date=|publisher=[[Duke University]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20080514013503/http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|archive-date=2008-05-14|access-date=2008-05-14}}</ref> इसे 1974 को "संस्कृति का स्मारक" की उपाधि दी गई थी; 1990 को इसे विशेष महत्तव की संस्कृति का स्मारक नामित किया गया था, और यह सर्बिया द्वारा संरक्षित है। लंबे समय की उपेक्षा के बाद, पूर्व आराधनालय को 2018 में नवीकृत करके स्थल के तौर से खोला गया था। r4stxr30tpv5ppbv7twyn634zknpvy4 6541800 6541654 2026-04-18T08:42:55Z The Sorter 845290 गैलरी डाला 6541800 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत|building_name=सुबोतित्सा आराधनालय|native_name=Jakab és Komor téri zsinagóga|native_name_lang=hu|religious_affiliation=[[यहूदी धर्म]] {{small|(पूर्व)}}|image=Synagogue in Subotica.jpg|image_upright=1.4|alt=|caption=नवीकरण के बाद आराधनालय, 2020|map_type=Serbia|coordinates={{coord|46|06|13|N|19|40|04|E|type:landmark_source:kolossus-frwiki|display=title,inline}}|map_size=250|map_relief=1|map_caption=सर्बिया में पूर्व आराधनालय की अवस्थिति|location=याकाब और कोमोर चौक, [[सुबोतित्सा]]|rite=[[नुसाख़ अश्केनाज़]]|cercle=|sector=|municipality=|district=|territory=|prefecture=|state=|province=|region=|country={{SRB}}|consecration_year=|status=[[आराधनालय]] {{small|(1903&ndash;1976)}}|functional_status=बंद|heritage_designation=|leadership=|website=|architect={{ubl|मार्त्सेल कोमोर|[[देझ़ो याकाब]]}}|architecture_type=[[आराधनालय वास्तुकला]]|architecture_style=[[आर नूवो]]|general_contractor=|established={{circa|दशक 1890}}|groundbreaking=|year_completed=1903|construction_cost=|facade_direction=|capacity=|length=|width=|width_nave=|height_max={{cvt|40|m|ft}}|dome_quantity=1|dome_height_outer={{cvt|40|m|ft}}|dome_height_inner={{cvt|23|m|ft}}|dome_dia_outer={{cvt|12.6|m|ft}}|dome_dia_inner=|spire_quantity=|spire_height=|materials=|nrhp=|module={{Infobox historic site | embed = yes | designation1 = सर्बियाई | designation1_offname = | designation1_type = [[विशेष महत्तव के सांस्कृतिक स्मारक|विशेष महत्तव का सांस्कृतिक स्मारक]] | designation1_criteria = | designation1_date = 1975 | delisted1_date = | designation1_partof = | designation1_number = [http://spomenicikulture.mi.sanu.ac.rs/spomenik.php?id=680 СК 1035] | designation1_free1name = | designation1_free1value = | designation1_free2name = | designation1_free2value = | designation1_free3name = | designation1_free3value = }}|added=|refnum=|footnotes=<ref name=WMF>{{cite web |url=https://www.wmf.org/project/subotica-synagogue |title=Subotica Synagogue |work=World Monuments Watch |publisher=[[World Monuments Fund]] |date=May 2021 |access-date=23 March 2024 }}</ref><ref name="Subotica">{{Cite web |title=Subotica Synagogue |url=https://srbija-projektieu.rs/en/subotica-synagogue/ |access-date=25 November 2023 |website=srbija-projektieu.rs |date= }}</ref>}} '''सुबोतित्सा आराधनालय''', आधिकारिक नाम '''याकाब और कोमोर चौक आराधनालय सुबोतित्सा''' ({{langx|sr-Cyrl|Синагога на тргу Јакаба и Комора, Суботица}}, {{langx|hu|Jakab és Komor téri zsinagóga, Szabadka|italic=no}}), [[सर्बिया]] के [[सुबोतित्सा]] शहर में स्थित एक [[नेओलोग यहूदी धर्म|नेओलोग]] [[आराधनालय]] है। 1903 को हंगेरियाई [[आर नूवो]] शैली में निर्मित, यह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा आराधनालय है।<ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}{{Cite web|url=https://www.blic.rs/vesti/vojvodina/druga-najveca-sinagoga-u-evropi-nalazi-se-u-srbiji-i-konacno-ce-biti-obnovljena/vt80ryv|title=Druga najveća sinagoga u Evropi nalazi se u Srbiji i KONAČNO će biti obnovljena|date=9 March 2017|lang=sr}}</ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}<sup class="noprint Inline-Template " style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:Reliable sources|<span title="The material near this tag may rely on an unreliable source. (April 2025)">unreliable source?</span>]]''&#x5D;</sup><ref name="Subotić">{{cite book|url=|title=Yellow Star, Red Star: Holocaust Remembrance after Communism|author=Subotić, Jelena|date=2019|publisher=[[Cornell University Press]]|isbn=978-1-5017-4240-8|location=[[Ithaca, NY]] & [[London]]|page=222|author-link=Jelena Subotić}}</ref> आराधनालय को [[हंगरी राज्य]] के शासनकाल के समय मार्त्सेल कोमोर और [[देझ़ो याकाब]] द्वारा अभिकल्पित किया गया था, और यह किसी छोटे आराधनालय की जगह ली। यह आर नूवो शैली की श्रेष्ठ धार्मिक रचनाओं में से एक है।<ref>{{cite web|url=http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|title=Subotica|date=|publisher=[[Duke University]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20080514013503/http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|archive-date=2008-05-14|access-date=2008-05-14}}</ref> इसे 1974 को "संस्कृति का स्मारक" की उपाधि दी गई थी; 1990 को इसे विशेष महत्तव की संस्कृति का स्मारक नामित किया गया था, और यह सर्बिया द्वारा संरक्षित है। लंबे समय की उपेक्षा के बाद, पूर्व आराधनालय को 2018 में नवीकृत करके स्थल के तौर से खोला गया था। == गैलरी == <gallery> चित्र:Sinagoga-Subotica.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga-Subotica.JPG|आराधनालय की चित्रकला, प्रारंभिक 20वीं शताब्दी चित्र:Sinagoga u Subotici, opšti izgled.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga_u_Subotici,_op%C5%A1ti_izgled.jpg|आराधनालय की चित्रकला, प्रारंभिक 20वीं शताब्दी चित्र:Sinagoga u Subotici, 00.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga_u_Subotici,_00.JPG|नवीकरण से पहले चित्र:SuboticaSynagogue.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:SuboticaSynagogue.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2003 चित्र:Јеврејска синагога у Суботици - април 2008.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%88%D0%B5%D0%B2%D1%80%D0%B5%D1%98%D1%81%D0%BA%D0%B0_%D1%81%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_-_%D0%B0%D0%BF%D1%80%D0%B8%D0%BB_2008.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2008 चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 03.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_03.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2020 चित्र:Синагога у Суботици , детаљ.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_,_%D0%B4%D0%B5%D1%82%D0%B0%D1%99.JPG|गुंबद चित्र:Суботичка синагога 12.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%87%D0%BA%D0%B0_%D1%81%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_12.jpg|गुंबद का आंतरिक भाग चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 22.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_22.jpg|मुख्य प्रेवेश चित्र:Subotica Synagogue, interior.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Subotica_Synagogue,_interior.jpg|नवीकरण के समय आराधनालय का आंतरिक भाग चित्र:Синагога у Суботици (витраж).jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_(%D0%B2%D0%B8%D1%82%D1%80%D0%B0%D0%B6).jpg|रंगीले काँच की खिड़की चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 16.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_16.jpg|रंगीले काँच की खिड़की चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4727 03.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4727_03.jpg|मनोरा दीवट चित्र:Pogled na Subotičku sinagogu iz dvorišta.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Pogled_na_Suboti%C4%8Dku_sinagogu_iz_dvori%C5%A1ta.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग </gallery> == संदर्भ == {{Reflist}} gbicese9l98bfcpi3ngxcnn1pweouq7 6541801 6541800 2026-04-18T08:43:35Z The Sorter 845290 6541801 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत|building_name=सुबोतित्सा आराधनालय|native_name=Jakab és Komor téri zsinagóga|native_name_lang=hu|religious_affiliation=[[यहूदी धर्म]] {{small|(पूर्व)}}|image=Synagogue in Subotica.jpg|image_upright=1.4|alt=|caption=नवीकरण के बाद आराधनालय, 2020|map_type=Serbia|coordinates={{coord|46|06|13|N|19|40|04|E|type:landmark_source:kolossus-frwiki|display=title,inline}}|map_size=250|map_relief=1|map_caption=सर्बिया में पूर्व आराधनालय की अवस्थिति|location=याकाब और कोमोर चौक, [[सुबोतित्सा]]|rite=[[नुसाख़ अश्केनाज़]]|cercle=|sector=|municipality=|district=|territory=|prefecture=|state=|province=|region=|country={{SRB}}|consecration_year=|status=[[आराधनालय]] {{small|(1903&ndash;1976)}}|functional_status=बंद|heritage_designation=|leadership=|website=|architect={{ubl|मार्त्सेल कोमोर|[[देझ़ो याकाब]]}}|architecture_type=[[आराधनालय वास्तुकला]]|architecture_style=[[आर नूवो]]|general_contractor=|established={{circa|दशक 1890}}|groundbreaking=|year_completed=1903|construction_cost=|facade_direction=|capacity=|length=|width=|width_nave=|height_max={{cvt|40|m|ft}}|dome_quantity=1|dome_height_outer={{cvt|40|m|ft}}|dome_height_inner={{cvt|23|m|ft}}|dome_dia_outer={{cvt|12.6|m|ft}}|dome_dia_inner=|spire_quantity=|spire_height=|materials=|nrhp=|module={{Infobox historic site | embed = yes | designation1 = सर्बियाई | designation1_offname = | designation1_type = [[विशेष महत्तव के सांस्कृतिक स्मारक|विशेष महत्तव का सांस्कृतिक स्मारक]] | designation1_criteria = | designation1_date = 1975 | delisted1_date = | designation1_partof = | designation1_number = [http://spomenicikulture.mi.sanu.ac.rs/spomenik.php?id=680 СК 1035] | designation1_free1name = | designation1_free1value = | designation1_free2name = | designation1_free2value = | designation1_free3name = | designation1_free3value = }}|added=|refnum=|footnotes=<ref name=WMF>{{cite web |url=https://www.wmf.org/project/subotica-synagogue |title=Subotica Synagogue |work=World Monuments Watch |publisher=[[World Monuments Fund]] |date=May 2021 |access-date=23 March 2024 }}</ref><ref name="Subotica">{{Cite web |title=Subotica Synagogue |url=https://srbija-projektieu.rs/en/subotica-synagogue/ |access-date=25 November 2023 |website=srbija-projektieu.rs |date= }}</ref>}} '''सुबोतित्सा आराधनालय''', आधिकारिक नाम '''याकाब और कोमोर चौक आराधनालय सुबोतित्सा''' ({{langx|sr-Cyrl|Синагога на тргу Јакаба и Комора, Суботица}}, {{langx|hu|Jakab és Komor téri zsinagóga, Szabadka|italic=no}}), [[सर्बिया]] के [[सुबोतित्सा]] शहर में स्थित एक [[नेओलोग यहूदी धर्म|नेओलोग]] [[आराधनालय]] है। 1903 को हंगेरियाई [[आर नूवो]] शैली में निर्मित, यह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा आराधनालय है।<ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}{{Cite web|url=https://www.blic.rs/vesti/vojvodina/druga-najveca-sinagoga-u-evropi-nalazi-se-u-srbiji-i-konacno-ce-biti-obnovljena/vt80ryv|title=Druga najveća sinagoga u Evropi nalazi se u Srbiji i KONAČNO će biti obnovljena|date=9 March 2017|lang=sr}}</ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}<sup class="noprint Inline-Template " style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:Reliable sources|<span title="The material near this tag may rely on an unreliable source. (April 2025)">unreliable source?</span>]]''&#x5D;</sup><ref name="Subotić">{{cite book|url=|title=Yellow Star, Red Star: Holocaust Remembrance after Communism|author=Subotić, Jelena|date=2019|publisher=[[Cornell University Press]]|isbn=978-1-5017-4240-8|location=[[Ithaca, NY]] & [[London]]|page=222|author-link=Jelena Subotić}}</ref> आराधनालय को [[हंगरी राज्य]] के शासनकाल के समय मार्त्सेल कोमोर और [[देझ़ो याकाब]] द्वारा अभिकल्पित किया गया था, और यह किसी छोटे आराधनालय की जगह ली। यह आर नूवो शैली की श्रेष्ठ धार्मिक रचनाओं में से एक है।<ref>{{cite web|url=http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|title=Subotica|date=|publisher=[[Duke University]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20080514013503/http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|archive-date=2008-05-14|access-date=2008-05-14}}</ref> इसे 1974 को "संस्कृति का स्मारक" की उपाधि दी गई थी; 1990 को इसे विशेष महत्तव की संस्कृति का स्मारक नामित किया गया था, और यह सर्बिया द्वारा संरक्षित है। लंबे समय की उपेक्षा के बाद, पूर्व आराधनालय को 2018 में नवीकृत करके स्थल के तौर से खोला गया था। == गैलरी == <gallery> चित्र:Sinagoga-Subotica.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga-Subotica.JPG|आराधनालय की चित्रकला, प्रारंभिक 20वीं शताब्दी चित्र:Sinagoga u Subotici, opšti izgled.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga_u_Subotici,_op%C5%A1ti_izgled.jpg|आराधनालय की चित्रकला, प्रारंभिक 20वीं शताब्दी चित्र:Sinagoga u Subotici, 00.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga_u_Subotici,_00.JPG|नवीकरण से पहले चित्र:SuboticaSynagogue.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:SuboticaSynagogue.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2003 चित्र:Јеврејска синагога у Суботици - април 2008.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%88%D0%B5%D0%B2%D1%80%D0%B5%D1%98%D1%81%D0%BA%D0%B0_%D1%81%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_-_%D0%B0%D0%BF%D1%80%D0%B8%D0%BB_2008.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2008 चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 03.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_03.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2020 चित्र:Синагога у Суботици , детаљ.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_,_%D0%B4%D0%B5%D1%82%D0%B0%D1%99.JPG|गुंबद चित्र:Суботичка синагога 12.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%87%D0%BA%D0%B0_%D1%81%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_12.jpg|गुंबद का आंतरिक भाग चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 22.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_22.jpg|मुख्य प्रेवेश चित्र:Subotica Synagogue, interior.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Subotica_Synagogue,_interior.jpg|नवीकरण के समय आराधनालय का आंतरिक भाग चित्र:Синагога у Суботици (витраж).jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_(%D0%B2%D0%B8%D1%82%D1%80%D0%B0%D0%B6).jpg|रंगीले काँच की खिड़की चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 16.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_16.jpg|रंगीले काँच की खिड़की चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4727 03.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4727_03.jpg|मनोरा दीवट चित्र:Pogled na Subotičku sinagogu iz dvorišta.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Pogled_na_Suboti%C4%8Dku_sinagogu_iz_dvori%C5%A1ta.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग </gallery> == संदर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{cite web|url=http://www.bh.org.il/swj/general.php?places=31&language=1|title=An Audience With Her Majesty|date=n.d.|editor=Steinberg, Connie|work=Synagogues with Jews|archive-url=https://web.archive.org/web/20071028030928/http://www.bh.org.il/swj/general.php?places=31&language=1|archive-date=2007-10-28}} 0sx0ae5d53gmcchgamtrewwvi46u819 6541803 6541801 2026-04-18T08:59:57Z The Sorter 845290 6541803 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत|building_name=सुबोतित्सा आराधनालय|native_name=Jakab és Komor téri zsinagóga|native_name_lang=hu|religious_affiliation=[[यहूदी धर्म]] {{small|(पूर्व)}}|image=Synagogue in Subotica.jpg|image_upright=1.4|alt=|caption=नवीकरण के बाद आराधनालय, 2020|map_type=Serbia|coordinates={{coord|46|06|13|N|19|40|04|E|type:landmark_source:kolossus-frwiki|display=title,inline}}|map_size=250|map_relief=1|map_caption=सर्बिया में पूर्व आराधनालय की अवस्थिति|location=याकाब और कोमोर चौक, [[सुबोतित्सा]]|rite=[[नुसाख़ अश्केनाज़]]|cercle=|sector=|municipality=|district=|territory=|prefecture=|state=|province=|region=|country={{SRB}}|consecration_year=|status=[[आराधनालय]] {{small|(1903&ndash;1976)}}|functional_status=बंद|heritage_designation=|leadership=|website=|architect={{ubl|मार्त्सेल कोमोर|[[देझ़ो याकाब]]}}|architecture_type=[[आराधनालय वास्तुकला]]|architecture_style=[[आर नूवो]]|general_contractor=|established={{circa|दशक 1890}}|groundbreaking=|year_completed=1903|construction_cost=|facade_direction=|capacity=|length=|width=|width_nave=|height_max={{cvt|40|m|ft}}|dome_quantity=1|dome_height_outer={{cvt|40|m|ft}}|dome_height_inner={{cvt|23|m|ft}}|dome_dia_outer={{cvt|12.6|m|ft}}|dome_dia_inner=|spire_quantity=|spire_height=|materials=|nrhp=|module={{Infobox historic site | embed = yes | designation1 = सर्बियाई | designation1_offname = | designation1_type = [[विशेष महत्तव के सांस्कृतिक स्मारक|विशेष महत्तव का सांस्कृतिक स्मारक]] | designation1_criteria = | designation1_date = 1975 | delisted1_date = | designation1_partof = | designation1_number = [http://spomenicikulture.mi.sanu.ac.rs/spomenik.php?id=680 СК 1035] | designation1_free1name = | designation1_free1value = | designation1_free2name = | designation1_free2value = | designation1_free3name = | designation1_free3value = }}|added=|refnum=|footnotes=<ref name=WMF>{{cite web |url=https://www.wmf.org/project/subotica-synagogue |title=Subotica Synagogue |work=World Monuments Watch |publisher=[[World Monuments Fund]] |date=May 2021 |access-date=23 March 2024 }}</ref><ref name="Subotica">{{Cite web |title=Subotica Synagogue |url=https://srbija-projektieu.rs/en/subotica-synagogue/ |access-date=25 November 2023 |website=srbija-projektieu.rs |date= }}</ref>}} '''सुबोतित्सा आराधनालय''', आधिकारिक नाम '''याकाब और कोमोर चौक आराधनालय सुबोतित्सा''' ({{langx|sr-Cyrl|Синагога на тргу Јакаба и Комора, Суботица}}, {{langx|hu|Jakab és Komor téri zsinagóga, Szabadka|italic=no}}), [[सर्बिया]] के [[सुबोतित्सा]] शहर में स्थित एक [[नेओलोग यहूदी धर्म|नेओलोग]] [[आराधनालय]] है। 1903 को हंगेरियाई [[आर नूवो]] शैली में निर्मित, यह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा आराधनालय है।<ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}{{Cite web|url=https://www.blic.rs/vesti/vojvodina/druga-najveca-sinagoga-u-evropi-nalazi-se-u-srbiji-i-konacno-ce-biti-obnovljena/vt80ryv|title=Druga najveća sinagoga u Evropi nalazi se u Srbiji i KONAČNO će biti obnovljena|date=9 March 2017|lang=sr}}</ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}<sup class="noprint Inline-Template " style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:Reliable sources|<span title="The material near this tag may rely on an unreliable source. (April 2025)">unreliable source?</span>]]''&#x5D;</sup><ref name="Subotić">{{cite book|url=|title=Yellow Star, Red Star: Holocaust Remembrance after Communism|author=Subotić, Jelena|date=2019|publisher=[[Cornell University Press]]|isbn=978-1-5017-4240-8|location=[[Ithaca, NY]] & [[London]]|page=222|author-link=Jelena Subotić}}</ref> आराधनालय को [[हंगरी राज्य]] के शासनकाल के समय मार्त्सेल कोमोर और [[देझ़ो याकाब]] द्वारा अभिकल्पित किया गया था, और यह किसी छोटे आराधनालय की जगह ली। यह आर नूवो शैली की श्रेष्ठ धार्मिक रचनाओं में से एक है।<ref>{{cite web|url=http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|title=Subotica|date=|publisher=[[Duke University]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20080514013503/http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|archive-date=2008-05-14|access-date=2008-05-14}}</ref> इसे 1974 को "संस्कृति का स्मारक" की उपाधि दी गई थी; 1990 को इसे विशेष महत्तव की संस्कृति का स्मारक नामित किया गया था, और यह सर्बिया द्वारा संरक्षित है। लंबे समय की उपेक्षा के बाद, पूर्व आराधनालय को 2018 में नवीकृत करके स्थल के तौर से खोला गया था। == गैलरी == <gallery> चित्र:Sinagoga-Subotica.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga-Subotica.JPG|आराधनालय की चित्रकला, प्रारंभिक 20वीं शताब्दी चित्र:Sinagoga u Subotici, opšti izgled.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga_u_Subotici,_op%C5%A1ti_izgled.jpg|आराधनालय की चित्रकला, प्रारंभिक 20वीं शताब्दी चित्र:Sinagoga u Subotici, 00.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga_u_Subotici,_00.JPG|नवीकरण से पहले चित्र:SuboticaSynagogue.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:SuboticaSynagogue.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2003 चित्र:Јеврејска синагога у Суботици - април 2008.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%88%D0%B5%D0%B2%D1%80%D0%B5%D1%98%D1%81%D0%BA%D0%B0_%D1%81%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_-_%D0%B0%D0%BF%D1%80%D0%B8%D0%BB_2008.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2008 चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 03.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_03.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2020 चित्र:Синагога у Суботици , детаљ.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_,_%D0%B4%D0%B5%D1%82%D0%B0%D1%99.JPG|गुंबद चित्र:Суботичка синагога 12.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%87%D0%BA%D0%B0_%D1%81%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_12.jpg|गुंबद का आंतरिक भाग चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 22.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_22.jpg|मुख्य प्रेवेश चित्र:Subotica Synagogue, interior.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Subotica_Synagogue,_interior.jpg|नवीकरण के समय आराधनालय का आंतरिक भाग चित्र:Синагога у Суботици (витраж).jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_(%D0%B2%D0%B8%D1%82%D1%80%D0%B0%D0%B6).jpg|रंगीले काँच की खिड़की चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 16.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_16.jpg|रंगीले काँच की खिड़की चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4727 03.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4727_03.jpg|मनोरा दीवट चित्र:Pogled na Subotičku sinagogu iz dvorišta.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Pogled_na_Suboti%C4%8Dku_sinagogu_iz_dvori%C5%A1ta.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग </gallery> == संदर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{cite web|url=http://www.bh.org.il/swj/general.php?places=31&language=1|title=An Audience With Her Majesty|date=n.d.|editor=Steinberg, Connie|work=Synagogues with Jews|archive-url=https://web.archive.org/web/20071028030928/http://www.bh.org.il/swj/general.php?places=31&language=1|archive-date=2007-10-28}} [[श्रेणी:अशकेनाज़ी आराधनालय]] q0i4hbnfdwxo88sws51hql4dl7zg1ew 6541804 6541803 2026-04-18T09:04:11Z The Sorter 845290 6541804 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक धार्मिक इमारत|building_name=सुबोतित्सा आराधनालय|native_name=Jakab és Komor téri zsinagóga|native_name_lang=hu|religious_affiliation=[[यहूदी धर्म]] {{small|(पूर्व)}}|image=Synagogue in Subotica.jpg|image_upright=1.4|alt=|caption=नवीकरण के बाद आराधनालय, 2020|map_type=Serbia|coordinates={{coord|46|06|13|N|19|40|04|E|type:landmark_source:kolossus-frwiki|display=title,inline}}|map_size=250|map_relief=1|map_caption=सर्बिया में पूर्व आराधनालय की अवस्थिति|location=याकाब और कोमोर चौक, [[सुबोतित्सा]]|rite=[[नुसाख़ अश्केनाज़]]|cercle=|sector=|municipality=|district=|territory=|prefecture=|state=|province=|region=|country={{SRB}}|consecration_year=|status=[[आराधनालय]] {{small|(1903&ndash;1976)}}|functional_status=बंद|heritage_designation=|leadership=|website=|architect={{ubl|मार्त्सेल कोमोर|[[देझ़ो याकाब]]}}|architecture_type=[[आराधनालय वास्तुकला]]|architecture_style=[[आर नूवो]]|general_contractor=|established={{circa|दशक 1890}}|groundbreaking=|year_completed=1903|construction_cost=|facade_direction=|capacity=|length=|width=|width_nave=|height_max={{cvt|40|m|ft}}|dome_quantity=1|dome_height_outer={{cvt|40|m|ft}}|dome_height_inner={{cvt|23|m|ft}}|dome_dia_outer={{cvt|12.6|m|ft}}|dome_dia_inner=|spire_quantity=|spire_height=|materials=|nrhp=|module={{Infobox historic site | embed = yes | designation1 = सर्बियाई | designation1_offname = | designation1_type = [[विशेष महत्तव के सांस्कृतिक स्मारक|विशेष महत्तव का सांस्कृतिक स्मारक]] | designation1_criteria = | designation1_date = 1975 | delisted1_date = | designation1_partof = | designation1_number = [http://spomenicikulture.mi.sanu.ac.rs/spomenik.php?id=680 СК 1035] | designation1_free1name = | designation1_free1value = | designation1_free2name = | designation1_free2value = | designation1_free3name = | designation1_free3value = }}|added=|refnum=|footnotes=<ref name=WMF>{{cite web |url=https://www.wmf.org/project/subotica-synagogue |title=Subotica Synagogue |work=World Monuments Watch |publisher=[[World Monuments Fund]] |date=May 2021 |access-date=23 March 2024 }}</ref><ref name="Subotica">{{Cite web |title=Subotica Synagogue |url=https://srbija-projektieu.rs/en/subotica-synagogue/ |access-date=25 November 2023 |website=srbija-projektieu.rs |date= }}</ref>}} '''सुबोतित्सा आराधनालय''', आधिकारिक नाम '''याकाब और कोमोर चौक आराधनालय सुबोतित्सा''' ({{langx|sr-Cyrl|Синагога на тргу Јакаба и Комора, Суботица}}, {{langx|hu|Jakab és Komor téri zsinagóga, Szabadka|italic=no}}), [[सर्बिया]] के [[सुबोतित्सा]] शहर में स्थित एक [[नेओलोग यहूदी धर्म|नेओलोग]] [[आराधनालय]] है। 1903 को हंगेरियाई [[आर नूवो]] शैली में निर्मित, यह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा आराधनालय है।<ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}{{Cite web|url=https://www.blic.rs/vesti/vojvodina/druga-najveca-sinagoga-u-evropi-nalazi-se-u-srbiji-i-konacno-ce-biti-obnovljena/vt80ryv|title=Druga najveća sinagoga u Evropi nalazi se u Srbiji i KONAČNO će biti obnovljena|date=9 March 2017|lang=sr}}</ref>{{Verify credibility|date=April 2025}}<sup class="noprint Inline-Template " style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:Reliable sources|<span title="The material near this tag may rely on an unreliable source. (April 2025)">unreliable source?</span>]]''&#x5D;</sup><ref name="Subotić">{{cite book|url=|title=Yellow Star, Red Star: Holocaust Remembrance after Communism|author=Subotić, Jelena|date=2019|publisher=[[Cornell University Press]]|isbn=978-1-5017-4240-8|location=[[Ithaca, NY]] & [[London]]|page=222|author-link=Jelena Subotić}}</ref> आराधनालय को [[हंगरी राज्य]] के शासनकाल के समय मार्त्सेल कोमोर और [[देझ़ो याकाब]] द्वारा अभिकल्पित किया गया था, और यह किसी छोटे आराधनालय की जगह ली। यह आर नूवो शैली की श्रेष्ठ धार्मिक रचनाओं में से एक है।<ref>{{cite web|url=http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|title=Subotica|date=|publisher=[[Duke University]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20080514013503/http://www.duke.edu/religion/graphic/subotica.html|archive-date=2008-05-14|access-date=2008-05-14}}</ref> इसे 1974 को "संस्कृति का स्मारक" की उपाधि दी गई थी; 1990 को इसे विशेष महत्तव की संस्कृति का स्मारक नामित किया गया था, और यह सर्बिया द्वारा संरक्षित है। लंबे समय की उपेक्षा के बाद, पूर्व आराधनालय को 2018 में नवीकृत करके स्थल के तौर से खोला गया था। == गैलरी == <gallery> चित्र:Sinagoga-Subotica.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga-Subotica.JPG|आराधनालय की चित्रकला, प्रारंभिक 20वीं शताब्दी चित्र:Sinagoga u Subotici, opšti izgled.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga_u_Subotici,_op%C5%A1ti_izgled.jpg|आराधनालय की चित्रकला, प्रारंभिक 20वीं शताब्दी चित्र:Sinagoga u Subotici, 00.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Sinagoga_u_Subotici,_00.JPG|नवीकरण से पहले चित्र:SuboticaSynagogue.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:SuboticaSynagogue.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2003 चित्र:Јеврејска синагога у Суботици - април 2008.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%88%D0%B5%D0%B2%D1%80%D0%B5%D1%98%D1%81%D0%BA%D0%B0_%D1%81%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_-_%D0%B0%D0%BF%D1%80%D0%B8%D0%BB_2008.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2008 चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 03.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_03.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग, 2020 चित्र:Синагога у Суботици , детаљ.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_,_%D0%B4%D0%B5%D1%82%D0%B0%D1%99.JPG|गुंबद चित्र:Суботичка синагога 12.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%87%D0%BA%D0%B0_%D1%81%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_12.jpg|गुंबद का आंतरिक भाग चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 22.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_22.jpg|मुख्य प्रेवेश चित्र:Subotica Synagogue, interior.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Subotica_Synagogue,_interior.jpg|नवीकरण के समय आराधनालय का आंतरिक भाग चित्र:Синагога у Суботици (витраж).jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:%D0%A1%D0%B8%D0%BD%D0%B0%D0%B3%D0%BE%D0%B3%D0%B0_%D1%83_%D0%A1%D1%83%D0%B1%D0%BE%D1%82%D0%B8%D1%86%D0%B8_(%D0%B2%D0%B8%D1%82%D1%80%D0%B0%D0%B6).jpg|रंगीले काँच की खिड़की चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4599 16.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4599_16.jpg|रंगीले काँच की खिड़की चित्र:Wiki.Vojvodina VII Subotica 4727 03.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Wiki.Vojvodina_VII_Subotica_4727_03.jpg|मनोरा दीवट चित्र:Pogled na Subotičku sinagogu iz dvorišta.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Pogled_na_Suboti%C4%8Dku_sinagogu_iz_dvori%C5%A1ta.jpg|आराधनालय का बाहरी भाग </gallery> == संदर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{cite web|url=http://www.bh.org.il/swj/general.php?places=31&language=1|title=An Audience With Her Majesty|date=n.d.|editor=Steinberg, Connie|work=Synagogues with Jews|archive-url=https://web.archive.org/web/20071028030928/http://www.bh.org.il/swj/general.php?places=31&language=1|archive-date=2007-10-28}} [[श्रेणी:अशकेनाज़ी आराधनालय]] [[श्रेणी:सर्बिया में वास्तुकला]] [[श्रेणी:यहूदी सर्बियाई इतिहास]] [[श्रेणी:गुंबद वाले आराधनालय]] [[श्रेणी:विशेष महत्तव के सांस्कृतिक स्मारक (सर्बिया)]] [[श्रेणी:आर नूवो आराधनालय]] n13iy7y1khdyt9dx5xblz778z7l2jug सदस्य:Harendra jakhar nagour 2 1611317 6541659 2026-04-17T18:47:28Z Harendra jakhar nagour 651561 नया जीवनी लेख: हरेंद्र जाखड़ 6541659 wikitext text/x-wiki {{Infobox person|name=हरेंद्र जाखड़|image=|caption=राजस्थान प्रदेश महासचिव, राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना|birth_date={{Birth date and age|2001|6|9}}|birth_place=मिठारिया, नागौर, राजस्थान|nationality=भारतीय|occupation=सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीति|organization=राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी|residence=गुणसाली (किरोदा), डेगाना, राजस्थान|parents=श्री रामकरण जाखड़ (पिता)}} '''हरेंद्र जाखड़''' (जन्म 9 जून 2001) राजस्थान के एक प्रमुख युवा सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक व्यक्तित्व हैं। वर्तमान में वे '''राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना''' के राजस्थान प्रदेश महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। वे [[राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी]] (RLP) से भी जुड़े हुए हैं और डेगाना क्षेत्र में युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। == प्रारंभिक जीवन == हरेंद्र जाखड़ का जन्म नागौर जिले की डेगाना तहसील के मिठारिया गाँव में श्री रामकरण जाखड़ के परिवार में हुआ। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। == सामाजिक और राजनीतिक करियर == जाखड़ ने अपने करियर की शुरुआत छात्र राजनीति और सामाजिक आंदोलनों से की। * '''संगठनात्मक पद:''' उन्हें राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना की राजस्थान युवा इकाई में 'प्रदेश महासचिव' नियुक्त किया गया। * '''जनसेवा:''' उन्होंने डेगाना क्षेत्र में युवाओं में फैलती नशे की लत के खिलाफ मुहिम चलाई है। इस संदर्भ में उन्होंने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाकात कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु ज्ञापन सौंपा। == संदर्भ == * दैनिक भास्कर, समाचार रिपोर्ट: "डेगाना क्षेत्र के लोगों ने सांसद बेनीवाल से की मुलाकात" * गुरुज्योति पत्रिका, नागौर: "जाखड़ महासचिव पद पर नियुक्त" 53xe9ayz4q7f7yp4akn4yggwor4c93o 6541663 6541659 2026-04-17T19:02:17Z Harendra jakhar nagour 651561 फोटो जोड़ी गई 6541663 wikitext text/x-wiki | image         = हरेन्द्र.jpg{{Infobox person|name=हरेंद्र जाखड़|image=|caption=राजस्थान प्रदेश महासचिव, राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना|birth_date={{Birth date and age|2001|6|9}}|birth_place=मिठारिया, नागौर, राजस्थान|nationality=भारतीय|occupation=सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीति|organization=राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी|residence=गुणसाली (किरोदा), डेगाना, राजस्थान|parents=श्री रामकरण जाखड़ (पिता)}} '''हरेंद्र जाखड़''' (जन्म 9 जून 2001) राजस्थान के एक प्रमुख युवा सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक व्यक्तित्व हैं। वर्तमान में वे '''राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना''' के राजस्थान प्रदेश महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। वे [[राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी]] (RLP) से भी जुड़े हुए हैं और डेगाना क्षेत्र में युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। == प्रारंभिक जीवन == हरेंद्र जाखड़ का जन्म नागौर जिले की डेगाना तहसील के मिठारिया गाँव में श्री रामकरण जाखड़ के परिवार में हुआ। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। == सामाजिक और राजनीतिक करियर == जाखड़ ने अपने करियर की शुरुआत छात्र राजनीति और सामाजिक आंदोलनों से की। * '''संगठनात्मक पद:''' उन्हें राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना की राजस्थान युवा इकाई में 'प्रदेश महासचिव' नियुक्त किया गया। * '''जनसेवा:''' उन्होंने डेगाना क्षेत्र में युवाओं में फैलती नशे की लत के खिलाफ मुहिम चलाई है। इस संदर्भ में उन्होंने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाकात कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु ज्ञापन सौंपा। == संदर्भ == * दैनिक भास्कर, समाचार रिपोर्ट: "डेगाना क्षेत्र के लोगों ने सांसद बेनीवाल से की मुलाकात" * गुरुज्योति पत्रिका, नागौर: "जाखड़ महासचिव पद पर नियुक्त" 2bnxgm58x9kyqi2q4m2vkkylzdpgrtl 6541668 6541663 2026-04-17T19:11:19Z Harendra jakhar nagour 651561 फोटो और व्यक्तिगत जानकारी जोड़ी 6541668 wikitext text/x-wiki {{Infobox person|name=हरेंद्र जाखड़|image=हरेन्द्र.jpg|caption=प्रदेश महासचिव, राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना|birth_date={{Birth date and age|2001|6|9}}|birth_place=मिठारिया, नागौर, राजस्थान|nationality=भारतीय|occupation=सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीति|organization=[[राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी]], राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना|residence=गुणसाली (किरोदा), डेगाना, राजस्थान|parents=श्री रामकरण जाखड़ (पिता)}} '''हरेंद्र जाखड़''' (जन्म 9 जून 2001) राजस्थान के एक प्रमुख युवा सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक व्यक्तित्व हैं। वर्तमान में वे '''राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना''' के राजस्थान प्रदेश महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। वे [[राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी]] (RLP) के एक सक्रिय युवा नेता हैं और नागौर क्षेत्र में युवाओं व किसानों के मुद्दों पर प्रखरता से आवाज उठाते हैं। == प्रारंभिक जीवन और शिक्षा == हरेंद्र जाखड़ का जन्म नागौर जिले की डेगाना तहसील के मिठारिया गाँव में हुआ। उनके पिता श्री रामकरण जाखड़ एक कृषक हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों से प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के कार्यों में रुचि रखने लगे थे। == सामाजिक और राजनीतिक करियर == जाखड़ ने बहुत कम उम्र में ही क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक आंदोलनों में अपनी पहचान बनाई है। * '''पद और जिम्मेदारी:''' सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना की राजस्थान युवा इकाई का 'प्रदेश महासचिव' नियुक्त किया गया। * '''नशा मुक्ति अभियान:''' उन्होंने डेगाना और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया है। * '''सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाकात:''' क्षेत्र की जनसमस्याओं और युवाओं के भविष्य को लेकर उन्होंने नागौर सांसद [[हनुमान बेनीवाल]] से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की। == व्यक्तिगत जीवन == वर्तमान में वे नागौर के गुणसाली (किरोदा) में निवास करते हैं और डिजिटल माध्यमों व जमीनी स्तर पर जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। == संदर्भ == <references><ref name="Bhaskar_News">दैनिक भास्कर, "डेगाना क्षेत्र के लोगों ने सांसद बेनीवाल से की मुलाकात," समाचार रिपोर्ट।</ref> <ref name="Patrika_Appoint">गुरुज्योति पत्रिका, "जाखड़ प्रदेश महासचिव पद पर मनोनीत," नागौर संस्करण।</ref></references> 23dpzbxuwiijtkfvwzdywnmk5v92824 6541705 6541668 2026-04-18T01:22:09Z AMAN KUMAR 911487 शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#व7|शीह व7]]) 6541705 wikitext text/x-wiki {{db-spam}} {{Infobox person|name=हरेंद्र जाखड़|image=हरेन्द्र.jpg|caption=प्रदेश महासचिव, राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना|birth_date={{Birth date and age|2001|6|9}}|birth_place=मिठारिया, नागौर, राजस्थान|nationality=भारतीय|occupation=सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीति|organization=[[राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी]], राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना|residence=गुणसाली (किरोदा), डेगाना, राजस्थान|parents=श्री रामकरण जाखड़ (पिता)}} '''हरेंद्र जाखड़''' (जन्म 9 जून 2001) राजस्थान के एक प्रमुख युवा सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक व्यक्तित्व हैं। वर्तमान में वे '''राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना''' के राजस्थान प्रदेश महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। वे [[राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी]] (RLP) के एक सक्रिय युवा नेता हैं और नागौर क्षेत्र में युवाओं व किसानों के मुद्दों पर प्रखरता से आवाज उठाते हैं। == प्रारंभिक जीवन और शिक्षा == हरेंद्र जाखड़ का जन्म नागौर जिले की डेगाना तहसील के मिठारिया गाँव में हुआ। उनके पिता श्री रामकरण जाखड़ एक कृषक हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों से प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के कार्यों में रुचि रखने लगे थे। == सामाजिक और राजनीतिक करियर == जाखड़ ने बहुत कम उम्र में ही क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक आंदोलनों में अपनी पहचान बनाई है। * '''पद और जिम्मेदारी:''' सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना की राजस्थान युवा इकाई का 'प्रदेश महासचिव' नियुक्त किया गया। * '''नशा मुक्ति अभियान:''' उन्होंने डेगाना और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया है। * '''सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाकात:''' क्षेत्र की जनसमस्याओं और युवाओं के भविष्य को लेकर उन्होंने नागौर सांसद [[हनुमान बेनीवाल]] से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की। == व्यक्तिगत जीवन == वर्तमान में वे नागौर के गुणसाली (किरोदा) में निवास करते हैं और डिजिटल माध्यमों व जमीनी स्तर पर जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। == संदर्भ == <references><ref name="Bhaskar_News">दैनिक भास्कर, "डेगाना क्षेत्र के लोगों ने सांसद बेनीवाल से की मुलाकात," समाचार रिपोर्ट।</ref> <ref name="Patrika_Appoint">गुरुज्योति पत्रिका, "जाखड़ प्रदेश महासचिव पद पर मनोनीत," नागौर संस्करण।</ref></references> ly4tp9kqi15xua2hcidmpqccbe7kx71 कवि पंडित चतुर्भुज 0 1611318 6541660 2026-04-17T18:48:19Z Vishal1518 920566 ये सभी जानकारी श्री चतुर्भुज जी व उनके शिष्यों द्वारा रचित मूल कृतियों को पढ़कर उनके आधार पर सही एवं सटीक दी गई है 6541660 wikitext text/x-wiki कवि पंडित चतुर्भुज जी हरियाणा के पलवल जिले के बनचारी गांव के एक प्रसिद्ध भारतीय कवि और संगीतकार थे। कवि चतुर्भुज को उनके मधुर और हृदयस्पर्शी भक्तिमय भजनों तथा उत्कृष्ट काव्य रचनाओं के लिए याद किया जाता है, जो आज भी जनमानस में गूंजते हैं।<ref name=":0">पंडित चतुर्भुज व उनके शिष्यों द्वारा रचित मूल कृतियों से ली गई है v</ref> कवि पंडित चतुर्भुज जी का जन्म 1867-68 के आस पास गांव बनचारी के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था उनके पिता जी का नाम पंडित बल्ला था । कवि पंडित चतुर्भुज जी के बड़े भाई भी थे जिनका नाम पंडित नत्थन था जिन्होंने चतुर्भुज जी को कवि बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और परिवार की जिम्मेदारी का बोझ अपने ऊपर रखा और चतुर्भुज जी को केवल गायन वादन की ओर प्रेरित किया। चतुर्भुज जी ने 6 वर्ष की उम्र से गायन वादन शुरू कर दिया था वे प्रतिभा के बहुत धनी थे और 12 वर्ष की उम्र तक बहुत ख्याति प्राप्त कर ली थी । <ref name=":0" /> श्री दाऊ जी महाराज की नगरी में रहने के कारण उनके अनन्य भक्त थे और माता सरस्वती की उन पर विशेष कृपा थी। एक बार तत्कालीन वायसराय ने उनकी ख्याति के चर्चे सुनकर उन्हें गायन वादन के कार्यक्रम के लिए दिल्ली सरकारी खर्च पर बुलाया और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सम्मान सहित वापस बनचारी छोड़ कर गए । चतुर्भुज जी ख्याति उस समय हरियाणा दिल्ली उत्तरप्रदेश व राजस्थान तक फैली हुई थी । आज भी ब्रज क्षेत्र में उनके भजन गाए जाते हैं कवि चतुर्भुज जी के साथ , श्री तुलाराम भगत जी , श्री हीरालाल जी भी गायन वादन करते थे जो उनसे उम्र तो छोटे थे परंतु उनके परम मित्र भी थे और उनके पास ही बैठकर रचनाएं करते थे तथा साथ कार्यक्रमों में जाते थे । उन्होंने लगभग 108 से अधिक जिकरी इतिहास व हजारों भजन , पटका , छंद व लड़ी आदि की रचनाएं की। उन्होंने सबसे पहले हारमोनियम संगीत पर गायन की शुरुआत की इससे पहले सारंगी पर गायन होता था इस तरह पंडित चतुर्भुज जी ने पंडित टीका स्वामी जी , पंडित यादराम जी व अन्य कई अपने परम शिष्य भी बनाए जिन्होंने इस परम्परा को आगे जीवित रखा और क्षेत्र में गायन वादन की कला को आधुनिकता की ओर बढ़ाया व नई पहचान दी । गांव बनचारी में आज भी लोग उनकी परम्परा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं और आज भी पंडित चतुर्भुज जी के नाम पर एक अखाड़ा चलता है उनकी आगे की पीढ़ी में उनके दो पुत्र पंडित केवल व पंडित लेखराम थे और पंडित लेखराम जी के तीन पुत्र श्री गोविंदराम , श्री भूपराम व श्री राधेश्याम हुए उनके जीवन में घटी एक चोरी की घटना से उन्हें बहुत बड़ी ठेस पहुंची जिसके बाद धीरे धीरे उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और 4 मार्च 1923 को धुलेंडी पर्व के दिन बैकुंठ धाम को प्रस्थान किया ohs55f1gkqa8ir62cm4c9ju5q6p4547 6541707 6541660 2026-04-18T01:25:37Z AMAN KUMAR 911487 हटाने हेतु नामांकित; देखें [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज]] 6541707 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीय नहीं| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज}}कवि पंडित चतुर्भुज जी हरियाणा के पलवल जिले के बनचारी गांव के एक प्रसिद्ध भारतीय कवि और संगीतकार थे। कवि चतुर्भुज को उनके मधुर और हृदयस्पर्शी भक्तिमय भजनों तथा उत्कृष्ट काव्य रचनाओं के लिए याद किया जाता है, जो आज भी जनमानस में गूंजते हैं।<ref name=":0">पंडित चतुर्भुज व उनके शिष्यों द्वारा रचित मूल कृतियों से ली गई है v</ref> कवि पंडित चतुर्भुज जी का जन्म 1867-68 के आस पास गांव बनचारी के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था उनके पिता जी का नाम पंडित बल्ला था । कवि पंडित चतुर्भुज जी के बड़े भाई भी थे जिनका नाम पंडित नत्थन था जिन्होंने चतुर्भुज जी को कवि बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और परिवार की जिम्मेदारी का बोझ अपने ऊपर रखा और चतुर्भुज जी को केवल गायन वादन की ओर प्रेरित किया। चतुर्भुज जी ने 6 वर्ष की उम्र से गायन वादन शुरू कर दिया था वे प्रतिभा के बहुत धनी थे और 12 वर्ष की उम्र तक बहुत ख्याति प्राप्त कर ली थी । <ref name=":0" /> श्री दाऊ जी महाराज की नगरी में रहने के कारण उनके अनन्य भक्त थे और माता सरस्वती की उन पर विशेष कृपा थी। एक बार तत्कालीन वायसराय ने उनकी ख्याति के चर्चे सुनकर उन्हें गायन वादन के कार्यक्रम के लिए दिल्ली सरकारी खर्च पर बुलाया और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सम्मान सहित वापस बनचारी छोड़ कर गए । चतुर्भुज जी ख्याति उस समय हरियाणा दिल्ली उत्तरप्रदेश व राजस्थान तक फैली हुई थी । आज भी ब्रज क्षेत्र में उनके भजन गाए जाते हैं कवि चतुर्भुज जी के साथ , श्री तुलाराम भगत जी , श्री हीरालाल जी भी गायन वादन करते थे जो उनसे उम्र तो छोटे थे परंतु उनके परम मित्र भी थे और उनके पास ही बैठकर रचनाएं करते थे तथा साथ कार्यक्रमों में जाते थे । उन्होंने लगभग 108 से अधिक जिकरी इतिहास व हजारों भजन , पटका , छंद व लड़ी आदि की रचनाएं की। उन्होंने सबसे पहले हारमोनियम संगीत पर गायन की शुरुआत की इससे पहले सारंगी पर गायन होता था इस तरह पंडित चतुर्भुज जी ने पंडित टीका स्वामी जी , पंडित यादराम जी व अन्य कई अपने परम शिष्य भी बनाए जिन्होंने इस परम्परा को आगे जीवित रखा और क्षेत्र में गायन वादन की कला को आधुनिकता की ओर बढ़ाया व नई पहचान दी । गांव बनचारी में आज भी लोग उनकी परम्परा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं और आज भी पंडित चतुर्भुज जी के नाम पर एक अखाड़ा चलता है उनकी आगे की पीढ़ी में उनके दो पुत्र पंडित केवल व पंडित लेखराम थे और पंडित लेखराम जी के तीन पुत्र श्री गोविंदराम , श्री भूपराम व श्री राधेश्याम हुए उनके जीवन में घटी एक चोरी की घटना से उन्हें बहुत बड़ी ठेस पहुंची जिसके बाद धीरे धीरे उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और 4 मार्च 1923 को धुलेंडी पर्व के दिन बैकुंठ धाम को प्रस्थान किया 4pxfvzm7tvw91yub4mj16aoa4mopyce 6541714 6541707 2026-04-18T01:37:54Z Vishal1518 920566 6541714 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीय नहीं| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज}}कवि पंडित चतुर्भुज जी हरियाणा के पलवल जिले के बनचारी गांव के एक प्रसिद्ध भारतीय कवि और संगीतकार थे। कवि चतुर्भुज को उनके मधुर और हृदयस्पर्शी भक्तिमय भजनों तथा उत्कृष्ट काव्य रचनाओं के लिए याद किया जाता है, जो आज भी जनमानस में गूंजते हैं।<ref name=":0">पंडित चतुर्भुज व उनके शिष्यों द्वारा रचित मूल कृतियों से ली गई है v</ref> कवि पंडित चतुर्भुज जी का जन्म 1867-68 के आस पास गांव बनचारी के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था उनके पिता जी का नाम पंडित बल्ला था । कवि पंडित चतुर्भुज जी के बड़े भाई भी थे जिनका नाम पंडित नत्थन था जिन्होंने चतुर्भुज जी को कवि बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और परिवार की जिम्मेदारी का बोझ अपने ऊपर रखा और चतुर्भुज जी को केवल गायन वादन की ओर प्रेरित किया। चतुर्भुज जी ने 6 वर्ष की उम्र से गायन वादन शुरू कर दिया था वे प्रतिभा के बहुत धनी थे और 12 वर्ष की उम्र तक बहुत ख्याति प्राप्त कर ली थी । <ref name=":0" /> श्री दाऊ जी महाराज की नगरी में रहने के कारण उनके अनन्य भक्त थे और माता सरस्वती की उन पर विशेष कृपा थी। एक बार तत्कालीन वायसराय ने उनकी ख्याति के चर्चे सुनकर उन्हें गायन वादन के कार्यक्रम के लिए दिल्ली सरकारी खर्च पर बुलाया और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सम्मान सहित वापस बनचारी छोड़ कर गए । चतुर्भुज जी की ख्याति उस समय हरियाणा दिल्ली उत्तरप्रदेश व राजस्थान तक फैली हुई थी । आज भी ब्रज क्षेत्र में उनके भजन गाए जाते हैं कवि चतुर्भुज जी के साथ , श्री तुलाराम भगत जी , श्री हीरालाल जी भी गायन वादन करते थे जो उनसे उम्र तो छोटे थे परंतु उनके परम मित्र भी थे और उनके पास ही बैठकर रचनाएं करते थे तथा साथ कार्यक्रमों में जाते थे । उन्होंने लगभग 108 से अधिक जिकरी इतिहास व हजारों भजन , पटका , छंद व लड़ी आदि की रचनाएं की। उन्होंने सबसे पहले हारमोनियम संगीत पर गायन की शुरुआत की इससे पहले सारंगी पर गायन होता था इस तरह पंडित चतुर्भुज जी ने पंडित टीका स्वामी जी , पंडित यादराम जी व अन्य कई अपने परम शिष्य भी बनाए जिन्होंने इस परम्परा को आगे जीवित रखा और क्षेत्र में गायन वादन की कला को आधुनिकता की ओर बढ़ाया व नई पहचान दी । गांव बनचारी में आज भी लोग उनकी परम्परा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं और आज भी पंडित चतुर्भुज जी के नाम पर एक अखाड़ा चलता है उनकी आगे की पीढ़ी में उनके दो पुत्र पंडित केवल व पंडित लेखराम थे और पंडित लेखराम जी के तीन पुत्र श्री गोविंदराम , श्री भूपराम व श्री राधेश्याम हुए उनके जीवन में घटी एक चोरी की घटना से उन्हें बहुत बड़ी ठेस पहुंची जिसके बाद धीरे धीरे उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और 4 मार्च 1923 को धुलेंडी पर्व के दिन बैकुंठ धाम को प्रस्थान किया t8i5u2w1b9lt8k2ev5ocw1jbe0mbfye मैथिलीशरण गुप्त की अनुवाद दृष्टि 0 1611319 6541666 2026-04-17T19:10:50Z Gourav Kumar Mahato 919830 नया पृष्ठ: == मैथिलीशरण गुप्त की अनुवाद दृष्टि == 6541666 wikitext text/x-wiki == मैथिलीशरण गुप्त की अनुवाद दृष्टि == bakjrhggl7uutgd662yy8a84adjkzgv 6541667 6541666 2026-04-17T19:11:01Z Quinlan83 637675 शीघ्र हटाने का नामांकन 6541667 wikitext text/x-wiki {{शीह-परीक्षण}}== मैथिलीशरण गुप्त की अनुवाद दृष्टि == 3wpenrtku8z9i8ucbilcn803gky9ovs वार्ता:सयानी घोष 1 1611320 6541671 2026-04-17T19:49:51Z ~2026-23651-66 920859 /* इनका क्वालिफिकेशन क्या है...? */ नया अनुभाग 6541671 wikitext text/x-wiki == इनका क्वालिफिकेशन क्या है...? == इनका क्वालिफिकेशन क्या है...? [[विशेष:योगदान/&#126;2026-23651-66|&#126;2026-23651-66]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-23651-66|वार्ता]]) 19:49, 17 अप्रैल 2026 (UTC) rhzp0s20gv1jz0efi4z3xxksvakf1jm सदस्य वार्ता:User7778 3 1611321 6541681 2026-04-18T00:00:13Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6541681 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=User7778}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 18 अप्रैल 2026 (UTC) p0km6h8p3a4slooy83o6o25qy54m5ih सदस्य वार्ता:P Nayan P 3 1611322 6541682 2026-04-18T00:00:23Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6541682 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=P Nayan P}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 18 अप्रैल 2026 (UTC) ph5edqvj6f9166nrc66ynfa53pnlrjh सदस्य वार्ता:Asimali2003 3 1611323 6541683 2026-04-18T00:00:33Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6541683 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Asimali2003}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 3we2vorxdlsbijqda9h15lbp2940pcg सदस्य वार्ता:एस. विनायक मिश्रा 3 1611324 6541684 2026-04-18T00:00:43Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6541684 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=एस. विनायक मिश्रा}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 04h96jlfe9ml1pyn1l92lrbmq6zwio9 6541702 6541684 2026-04-18T01:17:50Z AMAN KUMAR 911487 सावधानी बरतें: मानहानिकार सामग्री जोड़ना [[:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] पर. 6541702 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=एस. विनायक मिश्रा}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 18 अप्रैल 2026 (UTC) == अप्रैल 2026 == [[Image:Information orange.svg|25px|alt=|link=]] कृपया विकिपीडिया पर [[:en:Wikipedia:Libel|अपमानजनक]] सामग्री न जोड़ें, विशेषतः तब जब वह [[:en:Wikipedia:Biographies of living persons|जीवित व्यक्तियों]] से संबंधित हो, जैसा कि आपने [[:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] पर किया। धन्यवाद। <!-- Template:uw-defamatory2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:17, 18 अप्रैल 2026 (UTC) as6k0xwjn5i3uwnvthyayh8t4f3abj6 सदस्य वार्ता:Mr.padhaiwala 3 1611325 6541685 2026-04-18T00:00:53Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6541685 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Mr.padhaiwala}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 18 अप्रैल 2026 (UTC) r2od18pyhusbapmjwxtbamw3muh3731 6541703 6541685 2026-04-18T01:18:19Z AMAN KUMAR 911487 सावधानी बरतें: मानहानिकार सामग्री जोड़ना [[:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] पर. 6541703 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Mr.padhaiwala}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 18 अप्रैल 2026 (UTC) == अप्रैल 2026 == [[Image:Information orange.svg|25px|alt=|link=]] कृपया विकिपीडिया पर [[:en:Wikipedia:Libel|अपमानजनक]] सामग्री न जोड़ें, विशेषतः तब जब वह [[:en:Wikipedia:Biographies of living persons|जीवित व्यक्तियों]] से संबंधित हो, जैसा कि आपने [[:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] पर किया। धन्यवाद। <!-- Template:uw-defamatory2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:18, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 80gxepsr8zcu9nb6195enogkpkobswx सदस्य वार्ता:~2026-23325-55 3 1611326 6541691 2026-04-18T00:53:26Z AMAN KUMAR 911487 चेतावनी: सामग्री हटाना, खाली करना [[:मिर्ज़ापुर जिला]] पर. 6541691 wikitext text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[File:Nuvola apps important.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:विघटनकारी सम्पादन|विघटनकारी संपादन]] करना बंद करें। अगर आप विकिपीडिया पृष्ठों से पाठ, साँचे अथवा अन्य सामग्री हटाना अथवा पृष्ठों को रिक्त करना जारी रखते हैं, जैसा कि आपने [[:मिर्ज़ापुर जिला]] पर किया है, तो आपको [[विकिपीडिया:निषेध नियमावली|संपादन करने से अवरोधित]] किया जा सकता है। <!-- Template:uw-delete3 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 00:53, 18 अप्रैल 2026 (UTC) ldo9dgdvcmvshs4412py78d2slsvx9l वार्ता:सरवनी 1 1611327 6541696 2026-04-18T01:08:31Z AMAN KUMAR 911487 लेख का नाम बदल कर [[:सरवनी जागीर]] करने हेतु अनुरोध 6541696 wikitext text/x-wiki == स्थानान्तरण अनुरोध 18 अप्रैल 2026 == {{नाम बदलें/dated|सरवनी जागीर}} [[:सरवनी]] → {{no redirect|सरवनी जागीर}} – संदर्भ https://www.census2011.co.in/data/village/471018-sarwani-jagir-madhya-pradesh.html [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:08, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 21e0exl9s8czinq4eixom98ktlaum4r सदस्य:AMAN KUMAR/हहेच लॉग 2 1611328 6541697 2026-04-18T01:08:32Z AMAN KUMAR 911487 Logging RM nomination of [[:सरवनी]]. 6541697 wikitext text/x-wiki This is a log of all [[WP:XFD|deletion discussion]] nominations made by this user using [[WP:TW|Twinkle]]'s XfD module. If you no longer wish to keep this log, you can turn it off using the [[विकिपीडिया:Twinkle/Preferences|preferences panel]], and nominate this page for speedy deletion under [[WP:CSD#U1|CSD U1]]. === अप्रैल 2026 === # [[:सरवनी]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:सरवनी जागीर]] 01:08, 18 अप्रैल 2026 (UTC) #* '''कारण''': संदर्भ https://www.census2011.co.in/data/village/471018-sarwani-jagir-madhya-pradesh.html tougcg38jkhqgqxonlzilzg9f8dth8n 6541710 6541697 2026-04-18T01:25:39Z AMAN KUMAR 911487 Logging AfD nomination of [[:कवि पंडित चतुर्भुज]]. 6541710 wikitext text/x-wiki This is a log of all [[WP:XFD|deletion discussion]] nominations made by this user using [[WP:TW|Twinkle]]'s XfD module. If you no longer wish to keep this log, you can turn it off using the [[विकिपीडिया:Twinkle/Preferences|preferences panel]], and nominate this page for speedy deletion under [[WP:CSD#U1|CSD U1]]. === अप्रैल 2026 === # [[:सरवनी]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:सरवनी जागीर]] 01:08, 18 अप्रैल 2026 (UTC) #* '''कारण''': संदर्भ https://www.census2011.co.in/data/village/471018-sarwani-jagir-madhya-pradesh.html # [[:कवि पंडित चतुर्भुज]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=Vishal1518}} को सूचित किया 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) #* '''कारण''': उल्लेखनीय नहीं 5frn7x9fr6aip5b91it488sknysagaj सदस्य वार्ता:~2026-23789-81 3 1611329 6541700 2026-04-18T01:14:59Z AMAN KUMAR 911487 चेतावनी: विकिपीडिया का प्रोमोशन अथवा प्रचार के लिए प्रयोग करना [[:सदस्य वार्ता:R Jitendra kumar Gautam]] पर. 6541700 wikitext text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[File:Nuvola apps important.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:विघटनकारी सम्पादन|विघटनकारी संपादन]] करना बंद करें। अगर आप विकिपीडिया पर [[विकिपीडिया:विकिपीडिया क्या नहीं है#विकिपीडिया भाषण देने या प्रचार करने का मंच नहीं है|भाषण देना, विज्ञापन या प्रचार सामग्री जोड़ना]] जारी रखते हैं, जैसा कि आपने [[:सदस्य वार्ता:R Jitendra kumar Gautam]] पर किया है, तो आपको [[विकिपीडिया:निषेध नियमावली|संपादन करने से अवरोधित]] किया जा सकता है। [[श्रेणी:सदस्य वार्ता पन्नें जिनपर Uw-advert3 सूचना है|{{PAGENAME}}]]<!-- Template:Uw-advert3 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:14, 18 अप्रैल 2026 (UTC) exeadgcf3e6sxv37dydlor3q41y8i9b विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज 4 1611330 6541708 2026-04-18T01:25:37Z AMAN KUMAR 911487 [[:कवि पंडित चतुर्भुज]] को हटाने हेतु चर्चा पृष्ठ बनाया जा रहा 6541708 wikitext text/x-wiki === [[:कवि पंडित चतुर्भुज]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=अप्रैल 2026}} :{{la|1=कवि पंडित चतुर्भुज}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|कवि पंडित चतुर्भुज -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: उल्लेखनीय नहीं [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 66zf05wznxoj0dnnjvnurk6x1q3e5jy सदस्य वार्ता:Vishal1518 3 1611331 6541709 2026-04-18T01:25:38Z AMAN KUMAR 911487 सूचना: [[:कवि पंडित चतुर्भुज]] को [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु]] नामांकन, [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|चर्चा पृष्ठ देखें]] 6541709 wikitext text/x-wiki == [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीय नहीं</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) t6olvfgxrx3ti31vtbiplkti9j7fsop 6541712 6541709 2026-04-18T01:33:03Z Vishal1518 920566 /* कवि पंडित चतुर्भुज पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन */ उत्तर 6541712 wikitext text/x-wiki == [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीय नहीं</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार जी , कृपया करके हटाने का कारण बताएं या जी भी अहर्ताएं होती हैं किसी भी पृष्ठ के लिए वो बताएं या आप कहें तो में सबूत के तौर पर उनकी रचनाओं के फोटो भी आपको दे सकता हूं । और जो भी प्रूफ चाहिए वो भी दे सकता हूं ये भारत के वो गुमनाम चेहरे हैं जो अंग्रेजों के राज में छिपे रह गए और जो भी आदेश होगा में मानने के लिए तैयार हूं धन्यवाद। प्रणाम [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 5iguaffvqpoz44wpuufnl9cenonohhm 6541715 6541712 2026-04-18T01:39:06Z AMAN KUMAR 911487 /* कवि पंडित चतुर्भुज पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन */ उत्तर 6541715 wikitext text/x-wiki == [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीय नहीं</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार जी , कृपया करके हटाने का कारण बताएं या जी भी अहर्ताएं होती हैं किसी भी पृष्ठ के लिए वो बताएं या आप कहें तो में सबूत के तौर पर उनकी रचनाओं के फोटो भी आपको दे सकता हूं । और जो भी प्रूफ चाहिए वो भी दे सकता हूं ये भारत के वो गुमनाम चेहरे हैं जो अंग्रेजों के राज में छिपे रह गए और जो भी आदेश होगा में मानने के लिए तैयार हूं धन्यवाद। प्रणाम [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] महोदय, आपका प्रयास सराहनीय है, लेकिन विकिपीडिया पर रचनाओं के फोटो या हस्तलिखित दस्तावेज 'मूल शोध' माने जाते हैं, जो यहाँ प्रमाण के रूप में मान्य नहीं हैं। ::किसी भी व्यक्ति को यहाँ उल्लेखनीय सिद्ध करने के लिए स्वतंत्र और प्रकाशित स्रोतों की आवश्यकता होती है। यदि पंडित चतुर्भुज जी के बारे में किसी इतिहास की प्रकाशित पुस्तक, प्रतिष्ठित समाचार पत्र या शोध पत्र में विस्तार से लिखा गया है, तो कृपया उन पुस्तकों के नाम या लिंक चर्चा पृष्ठ पर साझा करें। ::यदि आप ऐसे प्रामाणिक स्रोत उपलब्ध करा देते हैं, तो इस लेख को खुशी-खुशी रख लिया जाएगा। धन्यवाद! --[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:39, 18 अप्रैल 2026 (UTC) f344aqpi00pv71mddj4qw8jg15aqn5u 6541717 6541715 2026-04-18T01:44:30Z Vishal1518 920566 /* कवि पंडित चतुर्भुज पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन */ उत्तर 6541717 wikitext text/x-wiki == [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीय नहीं</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार जी , कृपया करके हटाने का कारण बताएं या जी भी अहर्ताएं होती हैं किसी भी पृष्ठ के लिए वो बताएं या आप कहें तो में सबूत के तौर पर उनकी रचनाओं के फोटो भी आपको दे सकता हूं । और जो भी प्रूफ चाहिए वो भी दे सकता हूं ये भारत के वो गुमनाम चेहरे हैं जो अंग्रेजों के राज में छिपे रह गए और जो भी आदेश होगा में मानने के लिए तैयार हूं धन्यवाद। प्रणाम [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] महोदय, आपका प्रयास सराहनीय है, लेकिन विकिपीडिया पर रचनाओं के फोटो या हस्तलिखित दस्तावेज 'मूल शोध' माने जाते हैं, जो यहाँ प्रमाण के रूप में मान्य नहीं हैं। ::किसी भी व्यक्ति को यहाँ उल्लेखनीय सिद्ध करने के लिए स्वतंत्र और प्रकाशित स्रोतों की आवश्यकता होती है। यदि पंडित चतुर्भुज जी के बारे में किसी इतिहास की प्रकाशित पुस्तक, प्रतिष्ठित समाचार पत्र या शोध पत्र में विस्तार से लिखा गया है, तो कृपया उन पुस्तकों के नाम या लिंक चर्चा पृष्ठ पर साझा करें। ::यदि आप ऐसे प्रामाणिक स्रोत उपलब्ध करा देते हैं, तो इस लेख को खुशी-खुशी रख लिया जाएगा। धन्यवाद! --[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:39, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी बिल्कुल साझा करूंगा ये ये ही में आपसे पूछना चाह रहा था कि मुझे प्रमाण के तौर पर क्या साझा करना है क्योंकि मुझे इसके बारे में ज्यादा अनुभव नहीं है। परन्तु प्रमाण उपलब्ध हैं वो में आपको साझा कर दूंगा जिसमें प्रकाशित पुस्तक भी उपलब्ध है और शोध पत्र भी उपलब्ध है तथा और भी अन्य प्रमाणिक स्रोत उपलब्ध हैं जो में आपको बहुत जल्द उपलब्ध करा दूंगा परन्तु कैसे कराने हैं whatsapp पर या किसी और तरीके से वो भी बताएं कृपया [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:44, 18 अप्रैल 2026 (UTC) f1sj40145ac7lj0fy92ujyeabi5vi5o 6541719 6541717 2026-04-18T01:53:26Z AMAN KUMAR 911487 /* कवि पंडित चतुर्भुज पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन */ उत्तर 6541719 wikitext text/x-wiki == [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीय नहीं</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार जी , कृपया करके हटाने का कारण बताएं या जी भी अहर्ताएं होती हैं किसी भी पृष्ठ के लिए वो बताएं या आप कहें तो में सबूत के तौर पर उनकी रचनाओं के फोटो भी आपको दे सकता हूं । और जो भी प्रूफ चाहिए वो भी दे सकता हूं ये भारत के वो गुमनाम चेहरे हैं जो अंग्रेजों के राज में छिपे रह गए और जो भी आदेश होगा में मानने के लिए तैयार हूं धन्यवाद। प्रणाम [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] महोदय, आपका प्रयास सराहनीय है, लेकिन विकिपीडिया पर रचनाओं के फोटो या हस्तलिखित दस्तावेज 'मूल शोध' माने जाते हैं, जो यहाँ प्रमाण के रूप में मान्य नहीं हैं। ::किसी भी व्यक्ति को यहाँ उल्लेखनीय सिद्ध करने के लिए स्वतंत्र और प्रकाशित स्रोतों की आवश्यकता होती है। यदि पंडित चतुर्भुज जी के बारे में किसी इतिहास की प्रकाशित पुस्तक, प्रतिष्ठित समाचार पत्र या शोध पत्र में विस्तार से लिखा गया है, तो कृपया उन पुस्तकों के नाम या लिंक चर्चा पृष्ठ पर साझा करें। ::यदि आप ऐसे प्रामाणिक स्रोत उपलब्ध करा देते हैं, तो इस लेख को खुशी-खुशी रख लिया जाएगा। धन्यवाद! --[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:39, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी बिल्कुल साझा करूंगा ये ये ही में आपसे पूछना चाह रहा था कि मुझे प्रमाण के तौर पर क्या साझा करना है क्योंकि मुझे इसके बारे में ज्यादा अनुभव नहीं है। परन्तु प्रमाण उपलब्ध हैं वो में आपको साझा कर दूंगा जिसमें प्रकाशित पुस्तक भी उपलब्ध है और शोध पत्र भी उपलब्ध है तथा और भी अन्य प्रमाणिक स्रोत उपलब्ध हैं जो में आपको बहुत जल्द उपलब्ध करा दूंगा परन्तु कैसे कराने हैं whatsapp पर या किसी और तरीके से वो भी बताएं कृपया [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:44, 18 अप्रैल 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] महोदय, विकिपीडिया पर प्रमाण साझा करने के लिए WhatsApp की आवश्यकता नहीं है; यहाँ सब कुछ सार्वजनिक होता है। ::::'आप बस यहीं इस चर्चा पृष्ठ पर '''पुस्तक/शोध पत्र का नाम, लेखक का नाम, प्रकाशक, प्रकाशन वर्ष और पृष्ठ संख्या''' (या कोई इंटरनेट लिंक हो तो वह) लिखकर बता दें। ::::आप केवल यह जानकारी यहाँ दे दें, मैं उसे लेख में सही तरीके से जोड़ने में आपकी मदद कर दूँगा। धन्यवाद --[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:53, 18 अप्रैल 2026 (UTC) oyzvverunfoskyu73eq8awtf26jq4ne 6541720 6541719 2026-04-18T01:55:54Z Vishal1518 920566 /* कवि पंडित चतुर्भुज पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन */ उत्तर 6541720 wikitext text/x-wiki == [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:कवि पंडित चतुर्भुज|कवि पंडित चतुर्भुज]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीय नहीं</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :नमस्कार जी , कृपया करके हटाने का कारण बताएं या जी भी अहर्ताएं होती हैं किसी भी पृष्ठ के लिए वो बताएं या आप कहें तो में सबूत के तौर पर उनकी रचनाओं के फोटो भी आपको दे सकता हूं । और जो भी प्रूफ चाहिए वो भी दे सकता हूं ये भारत के वो गुमनाम चेहरे हैं जो अंग्रेजों के राज में छिपे रह गए और जो भी आदेश होगा में मानने के लिए तैयार हूं धन्यवाद। प्रणाम [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] महोदय, आपका प्रयास सराहनीय है, लेकिन विकिपीडिया पर रचनाओं के फोटो या हस्तलिखित दस्तावेज 'मूल शोध' माने जाते हैं, जो यहाँ प्रमाण के रूप में मान्य नहीं हैं। ::किसी भी व्यक्ति को यहाँ उल्लेखनीय सिद्ध करने के लिए स्वतंत्र और प्रकाशित स्रोतों की आवश्यकता होती है। यदि पंडित चतुर्भुज जी के बारे में किसी इतिहास की प्रकाशित पुस्तक, प्रतिष्ठित समाचार पत्र या शोध पत्र में विस्तार से लिखा गया है, तो कृपया उन पुस्तकों के नाम या लिंक चर्चा पृष्ठ पर साझा करें। ::यदि आप ऐसे प्रामाणिक स्रोत उपलब्ध करा देते हैं, तो इस लेख को खुशी-खुशी रख लिया जाएगा। धन्यवाद! --[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:39, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :::जी बिल्कुल साझा करूंगा ये ये ही में आपसे पूछना चाह रहा था कि मुझे प्रमाण के तौर पर क्या साझा करना है क्योंकि मुझे इसके बारे में ज्यादा अनुभव नहीं है। परन्तु प्रमाण उपलब्ध हैं वो में आपको साझा कर दूंगा जिसमें प्रकाशित पुस्तक भी उपलब्ध है और शोध पत्र भी उपलब्ध है तथा और भी अन्य प्रमाणिक स्रोत उपलब्ध हैं जो में आपको बहुत जल्द उपलब्ध करा दूंगा परन्तु कैसे कराने हैं whatsapp पर या किसी और तरीके से वो भी बताएं कृपया [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:44, 18 अप्रैल 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] महोदय, विकिपीडिया पर प्रमाण साझा करने के लिए WhatsApp की आवश्यकता नहीं है; यहाँ सब कुछ सार्वजनिक होता है। ::::'आप बस यहीं इस चर्चा पृष्ठ पर '''पुस्तक/शोध पत्र का नाम, लेखक का नाम, प्रकाशक, प्रकाशन वर्ष और पृष्ठ संख्या''' (या कोई इंटरनेट लिंक हो तो वह) लिखकर बता दें। ::::आप केवल यह जानकारी यहाँ दे दें, मैं उसे लेख में सही तरीके से जोड़ने में आपकी मदद कर दूँगा। धन्यवाद --[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:53, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :::::ठीक है जी बिल्कुल साझा करता हूं [[सदस्य:Vishal1518|Vishal1518]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal1518|वार्ता]]) 01:55, 18 अप्रैल 2026 (UTC) fmebcvuszlgnfrj0283apx16yvfsl3g चिर चेनेही मोर भाषा जननी 0 1611332 6541729 2026-04-18T03:17:01Z अनुनाद सिंह 1634 "[[:as:Special:Redirect/revision/430457|চিৰ চেনেহী মোৰ ভাষা জননী]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541729 wikitext text/x-wiki '''''चिर चेनेही मोर भाषा जननी''''' असम साहित्य सभा का स्वागत गीत है। <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> इसकी रचना [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] विजेता मित्रदेव महंत ने की थी। इस गीत को [[जोरहाट]] के स्वर्गीय इंद्रेश्वर शर्मा ने स्वरबद्ध किया था। यह गीत असम साहित्य सभा के सभी सत्रों के आरम्भ पर गाया जाता है। इस गीत को सभाओं के अलावा अन्य कार्यक्रमों में गाने की अनुमति नहीं है। <ref name="sabha" /> <ref>{{Cite web|url=http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|title=Information About Asom Sahitya Sobha song - Assam|date=|publisher=Assamspider.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20121102130339/http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|archive-date=2012-11-02|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == गीत का सम्पूर्ण पाठ <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == <poem><center> চিৰ চেনেহী মোৰ ভাষা জননী। ধন্যে পুণ্যে হৃত-পাৱনী, আই॥ প্ৰকৃতি পৰশ-ৰসে অমল কমল চঞ্চল হৃদি জলে ঢালে পৰিমল কোমল চম্পাৰ কলি ঢৌৱে ঢৌৱে ঢৌৱে তুলি ৰিণিকি ৰিণিকি কোনে তোলে ৰাগিণী॥ সংসাৰ গুৰুভাৰে অৱশ পৰাণ হিয়াত বিলীন হয় হিয়াভৰা গান কাৰ নিচুকনি সনা শুনি বাণী ব্যথা পমা চকুতে চকুৰ নীৰে লয় জিৰণি॥ জীৱনে মৰণে ৰণে লহৰী সুধাৰ বসনা শিতানে বহি সিঁচা শতধাৰ হে' মোৰ মধুৰাননা মাগিছোঁ মাধুৰী কণা, দিয়া দিয়া দিয়া আই, মধু-ভাষিণী॥ </center></poem>''चिर चेनेही मोर भाषा जननी'' : चिर चेनेही मोर भाषा जननी। : धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ : प्रकृति परश रसे अमल कमल : चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल : कोमल चम्पार कलि : ढौवे ढौवे ढौवे तुलि : रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ : संसार गुरुभारे अवश पराण : हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान : कार निचुकनि शुना : शुनि बाणी ब्यथा पमा : चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ : जीवने मरणे रणे लहरी सुधार : रसना शिताने बहि सिँचा शतधार : हे मोर मधुरनना : मागिछोँ माधुरी कणा : दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ [[श्रेणी:असोम साहित्य सभा]] 2xon3ivo3gu0jv1xll6u9edcm0nc2l4 6541730 6541729 2026-04-18T03:20:38Z अनुनाद सिंह 1634 6541730 wikitext text/x-wiki '''''चिर चेनेही मोर भाषा जननी''''' [[असम साहित्य सभा]] का स्वागत गीत है। <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> इसकी रचना [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] विजेता [[मित्रदेव महंत]] ने की थी। इस गीत को [[जोरहाट]] के स्वर्गीय [[इंद्रेश्वर शर्मा]] ने स्वरबद्ध किया था। यह गीत असम साहित्य सभा के सभी सत्रों के आरम्भ पर गाया जाता है। इस गीत को सभाओं के अलावा अन्य कार्यक्रमों में गाने की अनुमति नहीं है। <ref name="sabha" /> <ref>{{Cite web|url=http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|title=Information About Asom Sahitya Sobha song - Assam|date=|publisher=Assamspider.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20121102130339/http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|archive-date=2012-11-02|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == गीत का सम्पूर्ण पाठ <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == {{class='wikitable' <poem> চিৰ চেনেহী মোৰ ভাষা জননী। ধন্যে পুণ্যে হৃত-পাৱনী, আই॥ প্ৰকৃতি পৰশ-ৰসে অমল কমল চঞ্চল হৃদি জলে ঢালে পৰিমল কোমল চম্পাৰ কলি ঢৌৱে ঢৌৱে ঢৌৱে তুলি ৰিণিকি ৰিণিকি কোনে তোলে ৰাগিণী॥ সংসাৰ গুৰুভাৰে অৱশ পৰাণ হিয়াত বিলীন হয় হিয়াভৰা গান কাৰ নিচুকনি সনা শুনি বাণী ব্যথা পমা চকুতে চকুৰ নীৰে লয় জিৰণি॥ জীৱনে মৰণে ৰণে লহৰী সুধাৰ বসনা শিতানে বহি সিঁচা শতধাৰ হে' মোৰ মধুৰাননা মাগিছোঁ মাধুৰী কণা, দিয়া দিয়া দিয়া আই, মধু-ভাষিণী॥ </poem> | : चिर चेनेही मोर भाषा जननी : चिर चेनेही मोर भाषा जननी। : धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ : प्रकृति परश रसे अमल कमल : चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल : कोमल चम्पार कलि : ढौवे ढौवे ढौवे तुलि : रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ : संसार गुरुभारे अवश पराण : हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान : कार निचुकनि शुना : शुनि बाणी ब्यथा पमा : चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ : जीवने मरणे रणे लहरी सुधार : रसना शिताने बहि सिँचा शतधार : हे मोर मधुरनना : मागिछोँ माधुरी कणा : दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ </poem> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असमिया भाषा]] 3nmvf1kt5fljh5u19jyqm1ueupdpk2d 6541731 6541730 2026-04-18T03:20:59Z अनुनाद सिंह 1634 /* गीत का सम्पूर्ण पाठ {{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}} */ 6541731 wikitext text/x-wiki '''''चिर चेनेही मोर भाषा जननी''''' [[असम साहित्य सभा]] का स्वागत गीत है। <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> इसकी रचना [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] विजेता [[मित्रदेव महंत]] ने की थी। इस गीत को [[जोरहाट]] के स्वर्गीय [[इंद्रेश्वर शर्मा]] ने स्वरबद्ध किया था। यह गीत असम साहित्य सभा के सभी सत्रों के आरम्भ पर गाया जाता है। इस गीत को सभाओं के अलावा अन्य कार्यक्रमों में गाने की अनुमति नहीं है। <ref name="sabha" /> <ref>{{Cite web|url=http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|title=Information About Asom Sahitya Sobha song - Assam|date=|publisher=Assamspider.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20121102130339/http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|archive-date=2012-11-02|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == गीत का सम्पूर्ण पाठ <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == {{class='wikitable' <poem> চিৰ চেনেহী মোৰ ভাষা জননী। ধন্যে পুণ্যে হৃত-পাৱনী, আই॥ প্ৰকৃতি পৰশ-ৰসে অমল কমল চঞ্চল হৃদি জলে ঢালে পৰিমল কোমল চম্পাৰ কলি ঢৌৱে ঢৌৱে ঢৌৱে তুলি ৰিণিকি ৰিণিকি কোনে তোলে ৰাগিণী॥ সংসাৰ গুৰুভাৰে অৱশ পৰাণ হিয়াত বিলীন হয় হিয়াভৰা গান কাৰ নিচুকনি সনা শুনি বাণী ব্যথা পমা চকুতে চকুৰ নীৰে লয় জিৰণি॥ জীৱনে মৰণে ৰণে লহৰী সুধাৰ বসনা শিতানে বহি সিঁচা শতধাৰ হে' মোৰ মধুৰাননা মাগিছোঁ মাধুৰী কণা, দিয়া দিয়া দিয়া আই, মধু-ভাষিণী॥ </poem> | : चिर चेनेही मोर भाषा जननी : चिर चेनेही मोर भाषा जननी। : धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ : प्रकृति परश रसे अमल कमल : चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल : कोमल चम्पार कलि : ढौवे ढौवे ढौवे तुलि : रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ : संसार गुरुभारे अवश पराण : हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान : कार निचुकनि शुना : शुनि बाणी ब्यथा पमा : चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ : जीवने मरणे रणे लहरी सुधार : रसना शिताने बहि सिँचा शतधार : हे मोर मधुरनना : मागिछोँ माधुरी कणा : दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ </poem> |} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असमिया भाषा]] 7h374lg3ytz62igsyni6guwx1yfbra6 6541732 6541731 2026-04-18T03:21:27Z अनुनाद सिंह 1634 /* गीत का सम्पूर्ण पाठ {{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}} */ 6541732 wikitext text/x-wiki '''''चिर चेनेही मोर भाषा जननी''''' [[असम साहित्य सभा]] का स्वागत गीत है। <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> इसकी रचना [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] विजेता [[मित्रदेव महंत]] ने की थी। इस गीत को [[जोरहाट]] के स्वर्गीय [[इंद्रेश्वर शर्मा]] ने स्वरबद्ध किया था। यह गीत असम साहित्य सभा के सभी सत्रों के आरम्भ पर गाया जाता है। इस गीत को सभाओं के अलावा अन्य कार्यक्रमों में गाने की अनुमति नहीं है। <ref name="sabha" /> <ref>{{Cite web|url=http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|title=Information About Asom Sahitya Sobha song - Assam|date=|publisher=Assamspider.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20121102130339/http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|archive-date=2012-11-02|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == गीत का सम्पूर्ण पाठ <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == {|class='wikitable' <poem> চিৰ চেনেহী মোৰ ভাষা জননী। ধন্যে পুণ্যে হৃত-পাৱনী, আই॥ প্ৰকৃতি পৰশ-ৰসে অমল কমল চঞ্চল হৃদি জলে ঢালে পৰিমল কোমল চম্পাৰ কলি ঢৌৱে ঢৌৱে ঢৌৱে তুলি ৰিণিকি ৰিণিকি কোনে তোলে ৰাগিণী॥ সংসাৰ গুৰুভাৰে অৱশ পৰাণ হিয়াত বিলীন হয় হিয়াভৰা গান কাৰ নিচুকনি সনা শুনি বাণী ব্যথা পমা চকুতে চকুৰ নীৰে লয় জিৰণি॥ জীৱনে মৰণে ৰণে লহৰী সুধাৰ বসনা শিতানে বহি সিঁচা শতধাৰ হে' মোৰ মধুৰাননা মাগিছোঁ মাধুৰী কণা, দিয়া দিয়া দিয়া আই, মধু-ভাষিণী॥ </poem> | : चिर चेनेही मोर भाषा जननी : चिर चेनेही मोर भाषा जननी। : धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ : प्रकृति परश रसे अमल कमल : चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल : कोमल चम्पार कलि : ढौवे ढौवे ढौवे तुलि : रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ : संसार गुरुभारे अवश पराण : हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान : कार निचुकनि शुना : शुनि बाणी ब्यथा पमा : चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ : जीवने मरणे रणे लहरी सुधार : रसना शिताने बहि सिँचा शतधार : हे मोर मधुरनना : मागिछोँ माधुरी कणा : दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ </poem> |} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असमिया भाषा]] a28a5w0cx7qjo8niflsk31yhzwfu9fr 6541733 6541732 2026-04-18T03:29:31Z अनुनाद सिंह 1634 /* गीत का सम्पूर्ण पाठ {{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}} */ 6541733 wikitext text/x-wiki '''''चिर चेनेही मोर भाषा जननी''''' [[असम साहित्य सभा]] का स्वागत गीत है। <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> इसकी रचना [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] विजेता [[मित्रदेव महंत]] ने की थी। इस गीत को [[जोरहाट]] के स्वर्गीय [[इंद्रेश्वर शर्मा]] ने स्वरबद्ध किया था। यह गीत असम साहित्य सभा के सभी सत्रों के आरम्भ पर गाया जाता है। इस गीत को सभाओं के अलावा अन्य कार्यक्रमों में गाने की अनुमति नहीं है। <ref name="sabha" /> <ref>{{Cite web|url=http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|title=Information About Asom Sahitya Sobha song - Assam|date=|publisher=Assamspider.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20121102130339/http://www.assamspider.com/resources/3239-Information-About-Asom-Sahitya-Sobha-song.aspx|archive-date=2012-11-02|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == गीत का सम्पूर्ण पाठ <ref name="sabha">{{Cite web|url=http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|title=Anthem of Asam Sahitya Sabha|date=|publisher=Asamsahityasabha.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20130123235016/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=50&Itemid=61|archive-date=2013-01-23|dead-url=yes|access-date=2012-12-19}}</ref> == {|class='wikitable' |- ! असमिया लिपि में !! देवनागरी लिपि में |- | <poem> চিৰ চেনেহী মোৰ ভাষা জননী। ধন্যে পুণ্যে হৃত-পাৱনী, আই॥ প্ৰকৃতি পৰশ-ৰসে অমল কমল চঞ্চল হৃদি জলে ঢালে পৰিমল কোমল চম্পাৰ কলি ঢৌৱে ঢৌৱে ঢৌৱে তুলি ৰিণিকি ৰিণিকি কোনে তোলে ৰাগিণী॥ সংসাৰ গুৰুভাৰে অৱশ পৰাণ হিয়াত বিলীন হয় হিয়াভৰা গান কাৰ নিচুকনি সনা শুনি বাণী ব্যথা পমা চকুতে চকুৰ নীৰে লয় জিৰণি॥ জীৱনে মৰণে ৰণে লহৰী সুধাৰ বসনা শিতানে বহি সিঁচা শতধাৰ হে' মোৰ মধুৰাননা মাগিছোঁ মাধুৰী কণা, দিয়া দিয়া দিয়া আই, মধু-ভাষিণী॥ </poem> | <poem> चिर चेनेही मोर भाषा जननी धन्ये पुण्ये हृत पावनी, आइ॥ प्रकृति परश रसे अमल कमल चञ्चल हृदि जले ढाले परिमल कोमल चम्पार कलि ढौवे ढौवे ढौवे तुलि रिणिकि रिणिकि कोने तोले रागिणी॥ संसार गुरुभारे अवश पराण हिय़ात बिलीन हय़ हिय़ाभरा गान कार निचुकनि शुना शुनि बाणी ब्यथा पमा चकुते चकुर नीरे लय़ जिरणि॥ जीवने मरणे रणे लहरी सुधार रसना शिताने बहि सिँचा शतधार हे मोर मधुरनना मागिछोँ माधुरी कणा दिय़ा दिय़ा दिय़ा आइ मधु भाषिणी॥ </poem> |} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असमिया भाषा]] k4xzk3xvvnyw72ci7mb8u0o5jraynfx चन्द्रधर बरुवा 0 1611333 6541751 2026-04-18T03:57:47Z अनुनाद सिंह 1634 "[[:as:Special:Redirect/revision/411162|চন্দ্ৰধৰ বৰুৱা]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541751 wikitext text/x-wiki {{Infobox Writer | name = चन्द्रधर बरुवा | image = Chandradhar Barua.jpg | image_size = 200px | alt = | caption = | pseudonym = | birth_name = | birth_date = ১৫ অক্টোবৰ, ১৮৭৪ | birth_place = [[जोरहाट]], [[असम]] | death_date = ২৬ অক্টোবৰ ১৯৬১ | death_place = | occupation = [[अधिवक्ता]], [[नाट्यकार]], [[गीतकार]],[[कवि]] | nationality = [[भारतीय]] | citizenship = भारतीय | language = [[असमिया भाषा]] | education = स्नातक | alma_mater = | period = | genre = | subject = | movement = | notable_works = | spouse = | partner = | children = | relatives = | awards = সাহিত্য ৰত্ন উপাধি, ১৯২৯ | signature = | signature_alt = | website = }} '''चंद्रधर बरुआ''' ( 1874-1961) असमिया भाषा के नाटककार, कवि और गीतकार थे। <ref name="Asamiya Jivani Abhidhan">{{Cite web|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.451337/page/n87/mode/2up|title=অসমীয়া জীৱনী অভিধান|last=[[শিৱনাথ বৰ্মন]]|date=১৯৯২|publisher=চ’ফিয়া প্ৰেছ এণ্ড পাব্লিচাৰ্ছ প্ৰাইভেট লিমিটেড|pages=৮৭-৮৮|access-date=15 May 2023}}</ref> उनका जन्म 15 अक्टूबर 1874 को [[जोरहाट|जोरहाट में]] हुआ था। 1930 में, उन्होंने भारत की स्वतंत्रता पर चर्चा करने के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] में ''आयोजित गोलमेज सम्मेलन'' में असम का प्रतिनिधित्व किया <ref>[http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=46&Itemid=56 ১৯১৭ চনৰ পৰা অসম সাহিত্য সভাৰ সভাপতিসকলৰ তালিকা] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130129233721/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=46&Itemid=56|date=2013-01-29}} [[असम साहित्य सभा|অসম সাহিত্য সভা]]<nowiki/>ৰ ৱেবছাইট, আহৰণ: ১৮ নৱেম্বৰ, ২০১২।</ref> वे [[असम साहित्य सभा|असम साहित्य सभा के]] अध्यक्ष बने। वे असम साहित्य सभा पत्रिका के संस्थापक संपादक थे। १९२९ में उन्हें साहित्यरत्न से सम्मानित किया गया <ref name="চন্দ্ৰধৰ বৰুৱা">{{Cite book|title=পদ্মনাথ গোহাঞি বৰুৱাৰ পৰা ৰংবং তেৰাঙলৈ|last=ত্ৰিদিপ গোস্বামী|publisher=অনন্ত হাজৰিকা, বনলতা,পানবজাৰ|pages=১৯, ২০, ২১}}</ref> == नाट्यसंग्रह == # मेघनाद बध नाट (1904), # भाग्य परीक्षा (1915), # तिलोत्तमा संभव (1924), # राजर्षि (1937), # पुनर्जन्म, # मुगल विजय, # आहोम संध्या # रत्नकोष (खंडबाक्य कोष, 1962), # मुक्तावली (अनुवाद) === काव्य === # रंजन (हास्य कविताओं की पुस्तक, 1927) # कामरूप जियावी, # विद्युत्विकाश <ref name="চন্দ্ৰধৰ বৰুৱা">{{Cite book|title=পদ্মনাথ গোহাঞি বৰুৱাৰ পৰা ৰংবং তেৰাঙলৈ|last=ত্ৰিদিপ গোস্বামী|publisher=অনন্ত হাজৰিকা, বনলতা,পানবজাৰ|pages=১৯, ২০, ২১}}</ref> === उपन्यास === # शांति == पुरस्कार एवं सम्मान == साहित्य रत्न की उपाधि, (1929) == सन्दर्भ == [[श्रेणी:असम के लोग]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] 5tc0fo2od0tkszxj2bhx64vi2atsoe2 6541752 6541751 2026-04-18T04:01:46Z अनुनाद सिंह 1634 6541752 wikitext text/x-wiki {{Infobox Writer | name = चन्द्रधर बरुवा | image = Chandradhar Barua.jpg | image_size = 200px | alt = | caption = | pseudonym = | birth_name = | birth_date = १५ अक्टूबर, १८७४ | birth_place = [[जोरहाट]], [[असम]] | death_date = २६ अक्टूबर १९६१ | death_place = | occupation = [[अधिवक्ता]], [[नाट्यकार]], [[गीतकार]], [[कवि]] | nationality = [[भारतीय]] | citizenship = भारतीय | language = [[असमिया भाषा]] | education = स्नातक | alma_mater = | period = | genre = | subject = | movement = | notable_works = | spouse = | partner = | children = | relatives = | awards = साहित्यरत्न की उपाधि (१९२९ में) | signature = | signature_alt = | website = }} '''चंद्रधर बरुआ''' ( 1874-1961) असमिया भाषा के नाटककार, कवि और गीतकार थे। <ref name="Asamiya Jivani Abhidhan">{{Cite web|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.451337/page/n87/mode/2up|title=অসমীয়া জীৱনী অভিধান|last=[[শিৱনাথ বৰ্মন]]|date=১৯৯২|publisher=চ’ফিয়া প্ৰেছ এণ্ড পাব্লিচাৰ্ছ প্ৰাইভেট লিমিটেড|pages=৮৭-৮৮|access-date=15 May 2023}}</ref> उनका जन्म 15 अक्टूबर 1874 को [[जोरहाट|जोरहाट में]] हुआ था। 1930 में, उन्होंने भारत की स्वतंत्रता पर चर्चा करने के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] में ''आयोजित गोलमेज सम्मेलन'' में असम का प्रतिनिधित्व किया <ref>[http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=46&Itemid=56 ১৯১৭ চনৰ পৰা অসম সাহিত্য সভাৰ সভাপতিসকলৰ তালিকা] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130129233721/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=46&Itemid=56|date=2013-01-29}} [[असम साहित्य सभा|অসম সাহিত্য সভা]]<nowiki/>ৰ ৱেবছাইট, আহৰণ: ১৮ নৱেম্বৰ, ২০১২।</ref> वे [[असम साहित्य सभा|असम साहित्य सभा के]] अध्यक्ष बने। वे असम साहित्य सभा पत्रिका के संस्थापक संपादक थे। १९२९ में उन्हें 'साहित्यरत्न' की उपाधि से सम्मानित किया गया <ref name="চন্দ্ৰধৰ বৰুৱা">{{Cite book|title=পদ্মনাথ গোহাঞি বৰুৱাৰ পৰা ৰংবং তেৰাঙলৈ|last=ত্ৰিদিপ গোস্বামী|publisher=অনন্ত হাজৰিকা, বনলতা,পানবজাৰ|pages=১৯, ২০, ২১}}</ref> == कृतियाँ == === नाटक = == # मेघनाद बध नाट (1904), # भाग्य परीक्षा (1915), # तिलोत्तमा संभव (1924), # राजर्षि (1937), # पुनर्जन्म, # मुगल विजय, # आहोम संध्या # रत्नकोष (खंडबाक्य कोष, 1962), # मुक्तावली (अनुवाद) === काव्य === # रंजन (हास्य कविताओं की पुस्तक, 1927) # कामरूप जियावी, # विद्युत्विकाश <ref name="চন্দ্ৰধৰ বৰুৱা">{{Cite book|title=পদ্মনাথ গোহাঞি বৰুৱাৰ পৰা ৰংবং তেৰাঙলৈ|last=ত্ৰিদিপ গোস্বামী|publisher=অনন্ত হাজৰিকা, বনলতা,পানবজাৰ|pages=১৯, ২০, ২১}}</ref> === उपन्यास === # शांति == पुरस्कार एवं सम्मान == साहित्य रत्न की उपाधि, (1929) ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम के लोग]] [[श्रेणी:असमिया साहित्यकार]] 964mhc9j65o4qozbcqp8cvkjhod67bn 6541753 6541752 2026-04-18T04:02:40Z अनुनाद सिंह 1634 /* = नाटक = */ 6541753 wikitext text/x-wiki {{Infobox Writer | name = चन्द्रधर बरुवा | image = Chandradhar Barua.jpg | image_size = 200px | alt = | caption = | pseudonym = | birth_name = | birth_date = १५ अक्टूबर, १८७४ | birth_place = [[जोरहाट]], [[असम]] | death_date = २६ अक्टूबर १९६१ | death_place = | occupation = [[अधिवक्ता]], [[नाट्यकार]], [[गीतकार]], [[कवि]] | nationality = [[भारतीय]] | citizenship = भारतीय | language = [[असमिया भाषा]] | education = स्नातक | alma_mater = | period = | genre = | subject = | movement = | notable_works = | spouse = | partner = | children = | relatives = | awards = साहित्यरत्न की उपाधि (१९२९ में) | signature = | signature_alt = | website = }} '''चंद्रधर बरुआ''' ( 1874-1961) असमिया भाषा के नाटककार, कवि और गीतकार थे। <ref name="Asamiya Jivani Abhidhan">{{Cite web|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.451337/page/n87/mode/2up|title=অসমীয়া জীৱনী অভিধান|last=[[শিৱনাথ বৰ্মন]]|date=১৯৯২|publisher=চ’ফিয়া প্ৰেছ এণ্ড পাব্লিচাৰ্ছ প্ৰাইভেট লিমিটেড|pages=৮৭-৮৮|access-date=15 May 2023}}</ref> उनका जन्म 15 अक्टूबर 1874 को [[जोरहाट|जोरहाट में]] हुआ था। 1930 में, उन्होंने भारत की स्वतंत्रता पर चर्चा करने के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] में ''आयोजित गोलमेज सम्मेलन'' में असम का प्रतिनिधित्व किया <ref>[http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=46&Itemid=56 ১৯১৭ চনৰ পৰা অসম সাহিত্য সভাৰ সভাপতিসকলৰ তালিকা] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130129233721/http://www.asamsahityasabha.com/index.php?option=com_content&view=article&id=46&Itemid=56|date=2013-01-29}} [[असम साहित्य सभा|অসম সাহিত্য সভা]]<nowiki/>ৰ ৱেবছাইট, আহৰণ: ১৮ নৱেম্বৰ, ২০১২।</ref> वे [[असम साहित्य सभा|असम साहित्य सभा के]] अध्यक्ष बने। वे असम साहित्य सभा पत्रिका के संस्थापक संपादक थे। १९२९ में उन्हें 'साहित्यरत्न' की उपाधि से सम्मानित किया गया <ref name="চন্দ্ৰধৰ বৰুৱা">{{Cite book|title=পদ্মনাথ গোহাঞি বৰুৱাৰ পৰা ৰংবং তেৰাঙলৈ|last=ত্ৰিদিপ গোস্বামী|publisher=অনন্ত হাজৰিকা, বনলতা,পানবজাৰ|pages=১৯, ২০, ২১}}</ref> == कृतियाँ == === नाटक === # मेघनाद बध नाट (1904), # भाग्य परीक्षा (1915), # तिलोत्तमा संभव (1924), # राजर्षि (1937), # पुनर्जन्म, # मुगल विजय, # आहोम संध्या # रत्नकोष (खंडबाक्य कोष, 1962), # मुक्तावली (अनुवाद) === काव्य === # रंजन (हास्य कविताओं की पुस्तक, 1927) # कामरूप जियावी, # विद्युत्विकाश <ref name="চন্দ্ৰধৰ বৰুৱা">{{Cite book|title=পদ্মনাথ গোহাঞি বৰুৱাৰ পৰা ৰংবং তেৰাঙলৈ|last=ত্ৰিদিপ গোস্বামী|publisher=অনন্ত হাজৰিকা, বনলতা,পানবজাৰ|pages=১৯, ২০, ২১}}</ref> === उपन्यास === # शांति == पुरस्कार एवं सम्मान == साहित्य रत्न की उपाधि, (1929) ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:असम के लोग]] [[श्रेणी:असमिया साहित्यकार]] h6atu5dc273wtqebytkhqylxhk3eyid धनी धर्मदास साहेब 0 1611334 6541754 2026-04-18T04:04:38Z Jitendra pl 920251 "[[:en:Special:Redirect/revision/1348929767|Dharamdas]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6541754 wikitext text/x-wiki {{धार्मिक जीवनी ज्ञानसन्दूक|religion=Kabirpanth|birth_place=Bandhavgarh, Rewa State (present-day Madhya Pradesh, India) birth year Vikram Samvat 1452 (c. 1395 CE).|father=Manmahesh|guru=Kabir Saheb|name=Dhani Dharamdas|image=Dharmdas sahab 24x30'.jpg|caption=Dhani Dharamdas Saheb, the chief disciple of Kabir Saheb and the founder of the Kabir Panth.}} [[चित्र:Painting_of_bhagat_Kabir_(seated_near_the_centre_of_the_frame),_his_son_Kamal_(fly-whisk_attendant;_standing_to_the_right),_and_two_of_his_disciples_Surat_Gopal_(seated_left)_and_Dharam_Das_(seated_right).jpg|अंगूठाकार|कबीर साहब (फ्रेम के केंद्र के पास बैठे), उनके शिष्य कमल (मक्खी-मूंछ वाले परिचारक), दाएँ खड़े, और उनके दो धर्म दास (दाएँ बैठे) और शिष्य सूरत गोपाल (बाएँ बैठे) का चित्र]] '''धनी धर्मदास''' एक भारतीय संत थे, जिन्हें 'आदि कवि' (छत्तीसगढ़ के पहले कवि) और [[कबीर]] साहब के एक प्रमुख शिष्य के रूप में सम्मानित किया जाता था।<ref>{{Cite journal|last=गोस्वामी|first=सोनिया|date=2015-06-28|title=छत्तीसगढ़ के प्रथम संत कविः धनी धर्मदास|url=https://ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2015-3-2-2|journal=International Journal of Advances in Social Sciences|language=English|volume=3|issue=2|pages=58–60}}</ref><ref>{{Cite book|title=Bhojpuri Lok Sahitya Ka Adhyayan|last=Upadhyaya|first=Krishnadev|year=1960|pages=51}}</ref><ref>{{Cite book|title=Essays in Indian Folklore: Papers Presented to the Centenary Festival of Rai Bahadur S. C. Roy|publisher=Indian Publications|year=1973|pages=36}}</ref><ref>{{Cite book|title=People of India: Uttar Pradesh (3 pts.)|last=Singh|first=Suresh Kumar|publisher=Anthropological Survey of India|year=2005|isbn=9788185579092|pages=23}}</ref> ऐसा कहा जाता है कि कबीर के शिष्य बनने के बाद उन्होंने अपनी सारी समृद्ध संपत्ति दे दी।<ref>{{Cite book|title=Indian Literature|publisher=Prabhat Prakashan|year=1988|pages=611}}</ref> धरमदास के अनुयायियों को [[कबीर पंथ|कबीरपंथी]] के नाम से जाना जाता है।<ref name=":1">{{Cite book|title=Radhasoami Reality: The Logic of a Modern Faith|last=Juergensmeyer|first=Mark|publisher=Princeton University Press|year=1991|isbn=9780691010922|edition=illustrated, reprint|pages=28}}</ref>उनसे जुड़ी 42 वंशों की परंपरा आज भी विद्यमान है, जिसका केंद्र कबीर धर्मदास वंशावली गद्दी के रूप में कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा में स्थापित है। धनी धर्मदास [[कबीर]] की ''निर्गुण'' परंपरा के एक प्रमुख संत थे और उन्होंने [[कबीर पंथ]] के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें कबीर साहब के मुख्य शिष्य और कबीर पंथ के प्राथमिक संस्थापक के रूप में सम्मानित किया जाता है। डॉ. राम रतन भटनागर के अनुसार, "धर्मदास कबीर पंथ के संस्थापक हैं।<ref>{{Cite journal|last=Goswami|first=Sonia|date=April–June 2015|title=छत्तीसगढ़ के प्रथम संत कविः धनी धर्मदास|url=https://ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2015-3-2-2|journal=International Journal of Advances in Social Studies|volume=3|issue=2|pages=58–60}}</ref> धनी धर्मदास का जन्म संवत 1452 (विक्रम संवत) में बांधवगढ़ में एक समृद्ध [[वैश्य]] परिवार में हुआ था, जो उस समय रीवा राज्य (वर्तमान उमरिया जिला, मध्य प्रदेश) का हिस्सा था। उनका विवाह संवत 1480 (विक्रम संवत)में पाथरहाट की सुलक्षणावती से हुआ था, जिन्हें [[कबीर]] पंथ परंपरा में '<nowiki/>'''आमीन माता'''<nowiki/>' के नाम से जाना जाता है। संवत 1520 में, बांधवगढ़ में, उन्हें और उनकी पत्नी को एक विशाल सभा की उपस्थिति में सद्गुरु कबीर साहब से ''दीक्षा'' प्राप्त हुई। उनकी अपार भक्ति से प्रसन्न होकर, '''कबीर साहब''' ने उन्हें अपना प्राथमिक उत्तराधिकारी नियुक्त किया और '<nowiki/>'''अटल बायलिस वंश'''' (शाश्वत बयालीस वंश) के लिए उनके मार्गदर्शन में जारी रखने के लिए कबीर पंथ की वंशावली को आशीर्वाद दिया।<ref>{{Cite web|url=https://kabirdharmdasvanshavali.org/About/Info/?title=%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6+%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81+%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=Kabir Panthi|website=kabirdharmdasvanshavali.org|access-date=2026-04-14}}</ref><ref>{{Cite journal|last=गोस्वामी|first=सोनिया|date=2015-06-28|title=छत्तीसगढ़ के प्रथम संत कविः धनी धर्मदास|url=https://ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2015-3-2-2|journal=International Journal of Advances in Social Sciences|language=English|volume=3|issue=2|pages=58–60}}</ref> ऐसा कहा जाता है कि कबीर साहब के शिष्य बनने के बाद उन्होंने अपनी सारी समृद्ध संपत्ति दान कर दी।<ref>{{Cite book|title=Christian Identity and Dalit Religion in Hindu India, 1868-1947|last=Bauman|first=Chad M.|publisher=Wm. B. Eerdmans Publishing|year=2008|isbn=9780802862761|pages=49}}</ref> धर्मदास ने अपने जीवन में दो गुरु बनाएः पहले गुरु रूपदास थे और दूसरे गुरु कबीर साहब थे।<ref>{{Cite journal|last=Ranjan|first=Purnendu|date=2007|title=Historical Evidence for the Study of Kabirpanth|url=https://www.jstor.org/stable/44147909|journal=Proceedings of the Indian History Congress|volume=68|pages=1041–1047|issn=2249-1937|jstor=44147909}}</ref> उनके दो पुत्र थे, पहला पुत्र नारायण दास था जिसने कबीर के ज्ञान का विरोध किया और दूसरे पुत्र '''चूडामणि नाम (मुक्तामणि)''' थे। जो [[कबीर पंथ|कबीरपंथ]] कबीर धर्मदास 42 वंश परंपरा के प्रथम वंशगुरु थे। वर्तमान मे '''[https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%2C%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931%2D%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%2C2%2D%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4 कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा]''' छत्तीसगढ़ मे पंथ श्री '''प्रकाश मुनि नाम साहब''' पन्द्रहवे वंशगुरु के रूप मे, ओर '''सोलहवे''' वंशाचार्य के रूप मे पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब विराजमान हैं । <ref>{{Cite web|url=https://www.dakshinkosaltoday.com/download/kabrapathaya-ka-aasatha-ka-kanathara-thamakha#:~:text=%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF,%20%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%20%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A5%A4&text=%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2%20%E0%A4%B9%E0%A5%88,%E2%80%931-%20%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE,2-%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%A4|title=कबीरपंथियों के आस्था का केन्द्र दामाखेड़ा|website=www.dakshinkosaltoday.com|access-date=2026-04-18}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://balodabazar.gov.in/en/tourist-place/damakheda-kabeer-panth-aashram/|title=Damakheda - Kabeer Panth Aashram {{!}} District Balodabazar - Bhatapara {{!}} India|language=en-US|access-date=2026-04-18}}</ref> === आध्यात्मिक यात्रा === वे बचपन से ही बहुत धार्मिक थे। उन्हें सतसंग, पूजा, तीर्थयात्रा आदि में जाना पसंद था। पहले वे मूर्तियों की पूजा करते थे। एक दिन वह [[कबीर]] साहब से मिले।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=l-onAAAAYAAJ&q=dharamdas+Kabir+Ji|title=Sants, Sadhs, Mahatmas, and Devotees of the Past: Their Short Biographical Sketches|last=Maheshwari|first=S. D.|date=1980|publisher=Radhasoami Satsang|language=en}}</ref>। पहली मुलाकात में उन्होंने कबीर साहब द्वारा दिए गए आध्यात्मिक ज्ञान को स्वीकार नहीं किया। लेकिन कबीर साहब से आध्यात्मिक ज्ञान को प्राप्त होने के बाद उनके हृदय मे भक्ति जागी ।<ref>{{Cite web|url=https://www.44books.com/dharmdas-ji-ka-jivan-charitra.html|title=धर्मदास जी का जीवन-चरित्र : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - धार्मिक {{!}} Dharmdas Ji Ka Jivan Charitra : Hindi PDF Book - Religious (Dharmik)|date=2019-05-28|website=44Books|language=en-US|access-date=2021-05-29}}</ref> विसं 1420 में कबीर साहेब [[बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान|बाँधवगढ़]] आए और धर्मदास जी को दीक्षा दी, और धर्मदास जी के साथ 18 वर्षों वहां तक रहे, उन्होंने कबीर सागर, कबीर बीजक और कबीर साखी और बहुत ग्रंथों को लिखा जिन्हें कबीर साहब ने सुनाया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.naidunia.com/madhya-pradesh/umaria-the-main-text-of-kabir-literature-has-been-composed-in-bandhavgarh-itself-7596809|title=बांधवगढ़ में ही हुई है कबीर साहित्य के प्रमुख ग्रंथ की रचना|date=2022-06-15|website=Nai Dunia|language=hi|access-date=2026-04-18}}</ref> * [[कबीर पंथ|कबीरपंथ]] {{Reflist}} [[श्रेणी:भारतीय कवि]] [[श्रेणी:सन्त]] [[श्रेणी:कबीरपंथ]] 6epzrghxm8nk9125bbmhtdoct4oxwrj सदस्य वार्ता:~2026-23736-45 3 1611335 6541764 2026-04-18T05:25:20Z AMAN KUMAR 911487 चेतावनी: विकिपीडिया का प्रोमोशन अथवा प्रचार के लिए प्रयोग करना [[:रामपाल (हरियाणा)]] पर. 6541764 wikitext text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[File:Nuvola apps important.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:विघटनकारी सम्पादन|विघटनकारी संपादन]] करना बंद करें। अगर आप विकिपीडिया पर [[विकिपीडिया:विकिपीडिया क्या नहीं है#विकिपीडिया भाषण देने या प्रचार करने का मंच नहीं है|भाषण देना, विज्ञापन या प्रचार सामग्री जोड़ना]] जारी रखते हैं, जैसा कि आपने [[:रामपाल (हरियाणा)]] पर किया है, तो आपको [[विकिपीडिया:निषेध नियमावली|संपादन करने से अवरोधित]] किया जा सकता है। [[श्रेणी:सदस्य वार्ता पन्नें जिनपर Uw-advert3 सूचना है|{{PAGENAME}}]]<!-- Template:Uw-advert3 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 7r0dbwb33p0sjv3aia9ydlc30icc79c सदस्य वार्ता:~2026-23800-93 3 1611336 6541765 2026-04-18T05:25:52Z AMAN KUMAR 911487 चेतावनी: विकिपीडिया का प्रोमोशन अथवा प्रचार के लिए प्रयोग करना [[:रामपाल (हरियाणा)]] पर. 6541765 wikitext text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[File:Nuvola apps important.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:विघटनकारी सम्पादन|विघटनकारी संपादन]] करना बंद करें। अगर आप विकिपीडिया पर [[विकिपीडिया:विकिपीडिया क्या नहीं है#विकिपीडिया भाषण देने या प्रचार करने का मंच नहीं है|भाषण देना, विज्ञापन या प्रचार सामग्री जोड़ना]] जारी रखते हैं, जैसा कि आपने [[:रामपाल (हरियाणा)]] पर किया है, तो आपको [[विकिपीडिया:निषेध नियमावली|संपादन करने से अवरोधित]] किया जा सकता है। [[श्रेणी:सदस्य वार्ता पन्नें जिनपर Uw-advert3 सूचना है|{{PAGENAME}}]]<!-- Template:Uw-advert3 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 7r0dbwb33p0sjv3aia9ydlc30icc79c सदस्य वार्ता:Jitendra pl 3 1611337 6541770 2026-04-18T05:33:24Z AMAN KUMAR 911487 सावधानी बरतें: सामग्री हटाना, खाली करना [[:कबीर पंथ]] पर. 6541770 wikitext text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[Image:Information.svg|25px|alt=|link=]] कृपया विकिपीडिया पृष्ठों से सामग्री अथवा साँचे [[विकिपीडिया:स्वशिक्षा/सम्पादन#संपादन_का_सारांश|सम्पादन सारांश]] में उपयुक्त कारण दिए बिना ना हटायें, जैसा कि आपने [[:कबीर पंथ]] पर किया। आपके द्वारा सामग्री हटाया जाना सकारात्मक प्रतीत नहीं होता है, और उसे [[सहायता:प्रत्यावर्तन|पूर्ववत]] कर दिया गया है। सम्पादन प्रयोग करने के लिए कृपया [[विकिपीडिया:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। धन्यवाद।<!-- Template:uw-delete2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 4l43yxtbl8pgwbo2469yvhmwcqt0z55 6541778 6541770 2026-04-18T05:52:31Z AMAN KUMAR 911487 /* अप्रैल 2026 */ उत्तर 6541778 wikitext text/x-wiki == अप्रैल 2026 == [[Image:Information.svg|25px|alt=|link=]] कृपया विकिपीडिया पृष्ठों से सामग्री अथवा साँचे [[विकिपीडिया:स्वशिक्षा/सम्पादन#संपादन_का_सारांश|सम्पादन सारांश]] में उपयुक्त कारण दिए बिना ना हटायें, जैसा कि आपने [[:कबीर पंथ]] पर किया। आपके द्वारा सामग्री हटाया जाना सकारात्मक प्रतीत नहीं होता है, और उसे [[सहायता:प्रत्यावर्तन|पूर्ववत]] कर दिया गया है। सम्पादन प्रयोग करने के लिए कृपया [[विकिपीडिया:प्रयोगस्थल|प्रयोगस्थल]] का उपयोग करें। धन्यवाद।<!-- Template:uw-delete2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Jitendra pl|Jitendra pl]] महोदय , नमस्ते आपने पहले पृष्ठ से पूरा लेख हटा दिया था और अनुवादित लेख उसके बाद जोड़ा था। इसी कारण गश्त के दौरान अचानक सारा टेक्स्ट हटता देखकर मुझे गलतफहमी हुई और मैंने आपको चेतावनी दे दी। आपके इस सकारात्मक योगदान के लिए धन्यवाद और उस गलत चेतावनी के लिए खेद है! --[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:52, 18 अप्रैल 2026 (UTC) 71tyqk7mcch3q3zhm83id9f6k0b1wmr अनुच्छेद 25 (भारत का संविधान) 0 1611338 6541788 2026-04-18T06:55:19Z Kumari Arpana Sinha 531620 नया पृष्ठ: {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translato... 6541788 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} 05nte1eunbb841o80hew1k10w38a3e8 6541789 6541788 2026-04-18T06:57:19Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541789 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} भारतीय संविधान का '''अनुच्छेद 25''' धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। jb07g8v9cuahhh4if4hr6acky95x7b3 6541791 6541789 2026-04-18T07:05:03Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541791 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} भारतीय संविधान का '''अनुच्छेद 25''' धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के दूसरे उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सब व्यक्तियों की, अन्तःकरण की स्वतंत्रता का तथा धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक्क होगा। (२) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी वर्तमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव, अथवा राज्य के लिये किसी ऐसी विधि के बनाने में रुकावट, न डालेगी जो— (क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक अथवा अन्य किसी प्रकार की लौकिक क्रियाओं का विनियमन अथवा निर्बन्धन करती हो; (ख) सामाजिक कल्याण और सुधार उपबन्धित करती हो, अथवा हिन्दुओं की सार्वजनिक प्रकार की धर्म-संस्थाओं को हिन्दुओं के सब वर्गों और विभागों के लिये खोलती हो। '''व्याख्या १'''.—कृपाण धारण करना तथा लेकर चलना सिक्ख धर्म के मानने का अंग समझा जायेगा। '''व्याख्या २'''.—खंड (२) के उपखंड (ख) में हिन्दुओं के प्रति निर्देश में सिक्ख, जैन या बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्तियों का भी निर्देश अन्तर्गत है तथा हिन्दू धर्म-संस्थाओं के प्रति निर्देश का अर्थ भी तदनुकूल ही किया जायेगा। ।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} 8d4cz2mjcqufcj6rsvonhprzll93yxc 6541792 6541791 2026-04-18T07:05:48Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541792 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} भारतीय संविधान का '''अनुच्छेद 25''' धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के दूसरे उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सब व्यक्तियों की, अन्तःकरण की स्वतंत्रता का तथा धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक्क होगा। (२) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी वर्तमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव, अथवा राज्य के लिये किसी ऐसी विधि के बनाने में रुकावट, न डालेगी जो— (क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक अथवा अन्य किसी प्रकार की लौकिक क्रियाओं का विनियमन अथवा निर्बन्धन करती हो; (ख) सामाजिक कल्याण और सुधार उपबन्धित करती हो, अथवा हिन्दुओं की सार्वजनिक प्रकार की धर्म-संस्थाओं को हिन्दुओं के सब वर्गों और विभागों के लिये खोलती हो। '''व्याख्या १'''.—कृपाण धारण करना तथा लेकर चलना सिक्ख धर्म के मानने का अंग समझा जायेगा। '''व्याख्या २'''.—खंड (२) के उपखंड (ख) में हिन्दुओं के प्रति निर्देश में सिक्ख, जैन या बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्तियों का भी निर्देश अन्तर्गत है तथा हिन्दू धर्म-संस्थाओं के प्रति निर्देश का अर्थ भी तदनुकूल ही किया जायेगा। ।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} i2yrdlcqz8az20m6i1sl985y6zo6469 6541793 6541792 2026-04-18T07:13:20Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541793 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} भारतीय संविधान का '''अनुच्छेद 25''' धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के दूसरे उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सब व्यक्तियों की, अन्तःकरण की स्वतंत्रता का तथा धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक्क होगा। (२) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी वर्तमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव, अथवा राज्य के लिये किसी ऐसी विधि के बनाने में रुकावट, न डालेगी जो— (क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक अथवा अन्य किसी प्रकार की लौकिक क्रियाओं का विनियमन अथवा निर्बन्धन करती हो; (ख) सामाजिक कल्याण और सुधार उपबन्धित करती हो, अथवा हिन्दुओं की सार्वजनिक प्रकार की धर्म-संस्थाओं को हिन्दुओं के सब वर्गों और विभागों के लिये खोलती हो। '''व्याख्या १'''.—कृपाण धारण करना तथा लेकर चलना सिक्ख धर्म के मानने का अंग समझा जायेगा। '''व्याख्या २'''.—खंड (२) के उपखंड (ख) में हिन्दुओं के प्रति निर्देश में सिक्ख, जैन या बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्तियों का भी निर्देश अन्तर्गत है तथा हिन्दू धर्म-संस्थाओं के प्रति निर्देश का अर्थ भी तदनुकूल ही किया जायेगा। ।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} ==मुख्य प्रावधान== '''1. अंतःकरण की स्वतंत्रता''' किसी भी व्यक्ति को अपने ईश्वर या अपने विश्वास के साथ अपने संबंधों को अपनी इच्छानुसार ढालने की पूरी आंतरिक स्वतंत्रता है। '''2. धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार मानने का अधिकार:''' '''मानने का अधिकार:'''सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक विश्वास और आस्था की घोषणा करना। ''' आचरण का अधिकार:''' धार्मिक पूजा, परंपराएं, समारोह और अनुष्ठान करने की स्वतंत्रता। '''प्रचार का अधिकार:''' अपने धार्मिक सिद्धांतों को दूसरों को बताना। (नोट: इसमें जबरन धर्म परिवर्तन शामिल नहीं है।) '''3. प्रमुख स्पष्टीकरण''' संविधान ने इस अनुच्छेद में दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं: कृपाण धारण करना: सिख धर्म के अनुयायियों द्वारा 'कृपाण' धारण करना और उसे लेकर चलना उनके धर्म का हिस्सा माना गया है। 'हिंदू' शब्द की व्याख्या: इस अनुच्छेद के संदर्भ में, 'हिंदू' शब्द के अंतर्गत सिख, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं। l7mdue8yjbe4m1p7q6gzzs4wv21e2t3 6541794 6541793 2026-04-18T07:15:50Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541794 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} भारतीय संविधान का '''अनुच्छेद 25''' धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के दूसरे उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सब व्यक्तियों की, अन्तःकरण की स्वतंत्रता का तथा धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक्क होगा। (२) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी वर्तमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव, अथवा राज्य के लिये किसी ऐसी विधि के बनाने में रुकावट, न डालेगी जो— (क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक अथवा अन्य किसी प्रकार की लौकिक क्रियाओं का विनियमन अथवा निर्बन्धन करती हो; (ख) सामाजिक कल्याण और सुधार उपबन्धित करती हो, अथवा हिन्दुओं की सार्वजनिक प्रकार की धर्म-संस्थाओं को हिन्दुओं के सब वर्गों और विभागों के लिये खोलती हो। '''व्याख्या १'''.—कृपाण धारण करना तथा लेकर चलना सिक्ख धर्म के मानने का अंग समझा जायेगा। '''व्याख्या २'''.—खंड (२) के उपखंड (ख) में हिन्दुओं के प्रति निर्देश में सिक्ख, जैन या बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्तियों का भी निर्देश अन्तर्गत है तथा हिन्दू धर्म-संस्थाओं के प्रति निर्देश का अर्थ भी तदनुकूल ही किया जायेगा। ।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} ==मुख्य प्रावधान== '''1. अंतःकरण की स्वतंत्रता''' किसी भी व्यक्ति को अपने ईश्वर या अपने विश्वास के साथ अपने संबंधों को अपनी इच्छानुसार ढालने की पूरी आंतरिक स्वतंत्रता है। '''2. धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार मानने का अधिकार:''' '''मानने का अधिकार:'''सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक विश्वास और आस्था की घोषणा करना। '''आचरण का अधिकार:''' धार्मिक पूजा, परंपराएं, समारोह और अनुष्ठान करने की स्वतंत्रता। '''प्रचार का अधिकार:''' अपने धार्मिक सिद्धांतों को दूसरों को बताना। (नोट: इसमें जबरन धर्म परिवर्तन शामिल नहीं है।) '''3. प्रमुख स्पष्टीकरण''' संविधान ने इस अनुच्छेद में दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं: कृपाण धारण करना: सिख धर्म के अनुयायियों द्वारा 'कृपाण' धारण करना और उसे लेकर चलना उनके धर्म का हिस्सा माना गया है। 'हिंदू' शब्द की व्याख्या: इस अनुच्छेद के संदर्भ में, 'हिंदू' शब्द के अंतर्गत सिख, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं। bwchpio0biv84v8rjutdxrso7fn5uyo 6541795 6541794 2026-04-18T07:16:40Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541795 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} भारतीय संविधान का '''अनुच्छेद 25''' धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के दूसरे उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सब व्यक्तियों की, अन्तःकरण की स्वतंत्रता का तथा धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक्क होगा। (२) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी वर्तमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव, अथवा राज्य के लिये किसी ऐसी विधि के बनाने में रुकावट, न डालेगी जो— (क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक अथवा अन्य किसी प्रकार की लौकिक क्रियाओं का विनियमन अथवा निर्बन्धन करती हो; (ख) सामाजिक कल्याण और सुधार उपबन्धित करती हो, अथवा हिन्दुओं की सार्वजनिक प्रकार की धर्म-संस्थाओं को हिन्दुओं के सब वर्गों और विभागों के लिये खोलती हो। '''व्याख्या १'''.—कृपाण धारण करना तथा लेकर चलना सिक्ख धर्म के मानने का अंग समझा जायेगा। '''व्याख्या २'''.—खंड (२) के उपखंड (ख) में हिन्दुओं के प्रति निर्देश में सिक्ख, जैन या बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्तियों का भी निर्देश अन्तर्गत है तथा हिन्दू धर्म-संस्थाओं के प्रति निर्देश का अर्थ भी तदनुकूल ही किया जायेगा। ।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} ==मुख्य प्रावधान== '''1. अंतःकरण की स्वतंत्रता''' किसी भी व्यक्ति को अपने ईश्वर या अपने विश्वास के साथ अपने संबंधों को अपनी इच्छानुसार ढालने की पूरी आंतरिक स्वतंत्रता है। '''2. धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार मानने का अधिकार:''' * '''मानने का अधिकार:'''सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक विश्वास और आस्था की घोषणा करना। * '''आचरण का अधिकार:''' धार्मिक पूजा, परंपराएं, समारोह और अनुष्ठान करने की स्वतंत्रता। * '''प्रचार का अधिकार:''' अपने धार्मिक सिद्धांतों को दूसरों को बताना। (नोट: इसमें जबरन धर्म परिवर्तन शामिल नहीं है।) * '''3. प्रमुख स्पष्टीकरण''' संविधान ने इस अनुच्छेद में दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं: कृपाण धारण करना: सिख धर्म के अनुयायियों द्वारा 'कृपाण' धारण करना और उसे लेकर चलना उनके धर्म का हिस्सा माना गया है। 'हिंदू' शब्द की व्याख्या: इस अनुच्छेद के संदर्भ में, 'हिंदू' शब्द के अंतर्गत सिख, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं। 87t8r6aor4s3gx2x2fgjksx8lrhtczs 6541796 6541795 2026-04-18T07:19:24Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541796 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} भारतीय संविधान का '''अनुच्छेद 25''' धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के दूसरे उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सब व्यक्तियों की, अन्तःकरण की स्वतंत्रता का तथा धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक्क होगा। (२) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी वर्तमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव, अथवा राज्य के लिये किसी ऐसी विधि के बनाने में रुकावट, न डालेगी जो— (क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक अथवा अन्य किसी प्रकार की लौकिक क्रियाओं का विनियमन अथवा निर्बन्धन करती हो; (ख) सामाजिक कल्याण और सुधार उपबन्धित करती हो, अथवा हिन्दुओं की सार्वजनिक प्रकार की धर्म-संस्थाओं को हिन्दुओं के सब वर्गों और विभागों के लिये खोलती हो। '''व्याख्या १'''.—कृपाण धारण करना तथा लेकर चलना सिक्ख धर्म के मानने का अंग समझा जायेगा। '''व्याख्या २'''.—खंड (२) के उपखंड (ख) में हिन्दुओं के प्रति निर्देश में सिक्ख, जैन या बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्तियों का भी निर्देश अन्तर्गत है तथा हिन्दू धर्म-संस्थाओं के प्रति निर्देश का अर्थ भी तदनुकूल ही किया जायेगा। ।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=१० |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६३}}</ref>}} ==मुख्य प्रावधान== '''1. अंतःकरण की स्वतंत्रता''' किसी भी व्यक्ति को अपने ईश्वर या अपने विश्वास के साथ अपने संबंधों को अपनी इच्छानुसार ढालने की पूरी आंतरिक स्वतंत्रता है। '''2. धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार मानने का अधिकार:''' * '''मानने का अधिकार:'''सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक विश्वास और आस्था की घोषणा करना। * '''आचरण का अधिकार:''' धार्मिक पूजा, परंपराएं, समारोह और अनुष्ठान करने की स्वतंत्रता। * '''प्रचार का अधिकार:''' अपने धार्मिक सिद्धांतों को दूसरों को बताना। (नोट: इसमें जबरन धर्म परिवर्तन शामिल नहीं है।) * '''3. प्रमुख स्पष्टीकरण''' संविधान ने इस अनुच्छेद में दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं: कृपाण धारण करना: सिख धर्म के अनुयायियों द्वारा 'कृपाण' धारण करना और उसे लेकर चलना उनके धर्म का हिस्सा माना गया है। 'हिंदू' शब्द की व्याख्या: इस अनुच्छेद के संदर्भ में, 'हिंदू' शब्द के अंतर्गत सिख, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://legislative.gov.in/constitution-of-india/ भारत का संविधान - आधिकारिक वेबसाइट] [[श्रेणी:भारत का संविधान]] [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:संवैधानिक कानून]] [[श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद]] digf3l7edlno6alhg2ygxc60bcyxwwd 6541797 6541796 2026-04-18T07:23:28Z Kumari Arpana Sinha 531620 6541797 wikitext text/x-wiki {{भारत का संविधान}} {{ज्ञानसन्दूक संविधान | title_orig = भारत का संविधान | part = [[भाग 3 (भारत का संविधान)|भाग 3]] | subject = | followed_by = [[अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान)]] |preceded_by = [[अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान)]] | translator = | image = | author = [[भारतीय संविधान सभा]] | country = [[भारत]] | language = [[हिन्दी|हिंदी]] | genre = [[:श्रेणी:संविधान]] | publisher = | release_date = 1949 | media_type = प्रकाशित | pages = }} भारतीय संविधान का '''अनुच्छेद 25''' धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। ==मूल पाठ== {{pull quote|(१) सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के दूसरे उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सब व्यक्तियों की, अन्तःकरण की स्वतंत्रता का तथा धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक्क होगा। (२) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी वर्तमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव, अथवा राज्य के लिये किसी ऐसी विधि के बनाने में रुकावट, न डालेगी जो— (क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक अथवा अन्य किसी प्रकार की लौकिक क्रियाओं का विनियमन अथवा निर्बन्धन करती हो; (ख) सामाजिक कल्याण और सुधार उपबन्धित करती हो, अथवा हिन्दुओं की सार्वजनिक प्रकार की धर्म-संस्थाओं को हिन्दुओं के सब वर्गों और विभागों के लिये खोलती हो। '''व्याख्या १'''.—कृपाण धारण करना तथा लेकर चलना सिक्ख धर्म के मानने का अंग समझा जायेगा। '''व्याख्या २'''.—खंड (२) के उपखंड (ख) में हिन्दुओं के प्रति निर्देश में सिक्ख, जैन या बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्तियों का भी निर्देश अन्तर्गत है तथा हिन्दू धर्म-संस्थाओं के प्रति निर्देश का अर्थ भी तदनुकूल ही किया जायेगा। ।<ref>{{cite wikisource |title=भारत का संविधान|wslink= भारत का संविधान|last= (संपा॰) प्रसाद|first=राजेन्द्र |authorlink= लेखक:राजेन्द्र प्रसाद|date= 1957|publisher= |location= |page=११ |scan=पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६५}}</ref>}} ==मुख्य प्रावधान== '''1. अंतःकरण की स्वतंत्रता''' किसी भी व्यक्ति को अपने ईश्वर या अपने विश्वास के साथ अपने संबंधों को अपनी इच्छानुसार ढालने की पूरी आंतरिक स्वतंत्रता है। '''2. धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार मानने का अधिकार:''' * '''मानने का अधिकार:'''सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक विश्वास और आस्था की घोषणा करना। * '''आचरण का अधिकार:''' धार्मिक पूजा, परंपराएं, समारोह और अनुष्ठान करने की स्वतंत्रता। * '''प्रचार का अधिकार:''' अपने धार्मिक सिद्धांतों को दूसरों को बताना। (नोट: इसमें जबरन धर्म परिवर्तन शामिल नहीं है।) * '''3. प्रमुख स्पष्टीकरण''' संविधान ने इस अनुच्छेद में दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं: कृपाण धारण करना: सिख धर्म के अनुयायियों द्वारा 'कृपाण' धारण करना और उसे लेकर चलना उनके धर्म का हिस्सा माना गया है। 'हिंदू' शब्द की व्याख्या: इस अनुच्छेद के संदर्भ में, 'हिंदू' शब्द के अंतर्गत सिख, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://legislative.gov.in/constitution-of-india/ भारत का संविधान - आधिकारिक वेबसाइट] [[श्रेणी:भारत का संविधान]] [[श्रेणी:भारतीय राजनीति]] [[श्रेणी:संवैधानिक कानून]] [[श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद]] hid4ymt7shad5fdynxx9cvoetwke7v2